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भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital

Senior BJP leader Prabhat Jha passes away, breathed his last in Delhi hospital प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रभात झा का दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें करीब 26 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार दिमागी बुखार के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद प्रभात झा को एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह झा लंबे संघर्ष के बाद अनंत यात्रा पर निकल गए। उनका अंतिम संस्कार बिहार में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। झा मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी। सीएम और पूर्व सीएम पहुंचे थे मिलनेप्रभात झा का दिमागी बुखार के चलते न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ रही थी। जिसके चलते उनको कुछ दिन पहले भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे थे। जिसके बाद उनको एयरलिफ्ट कर दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां उनको रूटिन इलाज चल रहा था। बिहार के रहने वाले थे प्रभात झाप्रभात झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा के हरिहरपुर गांव रहने वाले थे। उनका जन्म 4 जून 1957 को बिहार में हुआ था। वह बिहार से मध्य प्रदेश के ग्वालियर आ गए थे। यहां पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने ग्वालियर के पीजीवी कॉलेज से बीएससी, माध्व कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एमए और एमएलबी कॉलेज से एलएलबी की। प्रभात झा के परिवार में पत्नी रंजना झा और दो बेटे है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। फिर वह राजनीति में आए और भाजपा के सदस्य बन गए। पूर्व राज्यसभा सांसद भी रहे हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुखभाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रभात झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि प्रझात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।

Kargil Vijay Diwas: रिमझिम फुहारों के बीच शौर्य स्‍मारक पहुंचे सीएम मोहन यादव

Kargil Vijay Diwas: CM Mohan Yadav reached Shaurya Memorial amid drizzle

Kargil Vijay Diwas: CM Mohan Yadav reached Shaurya Memorial amid drizzle भोपाल। देश में आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह विशेष दिवस भारतीय सेना के उन जांबाजों को समर्पित है, जिन्‍होंने बेहद बिषम परिस्थितियों में तमाम चुनौतियों को पार करते हुए 26 जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल से खदेड़कर दुर्गम चोटियों पर पुन: भारत का तिरंगा फहराया था। शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के इस खास मौके पर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी में रिमझिम फुहारों के बीच अरेरा हिल्‍स पर स्‍थित शौर्य स्‍मारक पहुंचे और पुष्‍पचक्र अर्पित कर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी एवं उनके पराक्रम को याद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शौर्य स्मारक को भारतीय थल सेना के सौजन्य से वॉर ट्रॉफी के रूप में प्राप्त दो टी-55 टैंक का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी एवं सेना की सुदर्शन चक्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग प्रीतपाल सिंह भी उपस्थित रहे।

खजरी खिरिया में भड़की आग, रखी थी ज्वलनशील सामग्री; दो माह पहले फटा था बम

Fire broke out in Khajri Khiriya, inflammable material was kept; The bomb exploded two months ago

Fire broke out in Khajri Khiriya, inflammable material was kept; The bomb exploded two months ago जबलपुर (Jabalpur News)। एमपी के जबलपुर में जहां एक ओर बारिश लगातार हो रही है वहीं दूसरी ओर अमखेरा खजरी-खिरिया बाइपास रोड पर स्थित एक बोरी के गाेदाम में आग गई। आग लगने से हड़कंप मचा रहा। गोदाम में खाली बोरियां और पालीथिन के बैग भी रखे थे जिससे आग तेजी से भड़क उठी। आग भड़कती देख आस-पास रहने वालों भी सकते में आ गए। सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन, एक टैंकर भेजालोगों ने आनन-फानन में नगर निगम के दमकल विभाग काे सूचना दी। सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन रवाना किए गए बाद में एक टैंकर भी भेजा गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। बोरियां, पालीथिन बैग व ज्वलनशील सामग्री रखी थीनगर निगम के दमकल शाखा के मुताबिक शुक्रवार की अपरान्ह 11:50 बजे अमखेरा खजरी खिरिया के पास गोदाम में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत ही पहले दो दमकल वाहन और फिर एक टैंकर रवाना किया गया। गोदाम में बोरियां, पालीथिन बैग सहित अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी थी जिससे आग तेजी से भड़क रही थी। धुंए का गुबार, रिमझिम बारिश के चलते आग फैली नहींआसमान पर धुंए का गुबार छाया रहा हालांकि रिमझिम बारिश के चलते आग फैली नहीं फिर भी करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा दी गई। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। बता दें कुछ दूरी पर शमीम कबाड़ी का गोदाम है, जहां करीब दो माह पहले बम ब्‍लास्‍ट हुआ था। हादसे में मजदूर जान गई थी।

कोयम्बटूर में “इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटिज इन मध्यप्रदेश” की उपलब्धियां

Achievements of “Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh” in Coimbatore

Achievements of “Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh” in Coimbatore भोपाल ! सेशन में 20 से अधिक स्थानीय औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिसमें त्रिपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (TEA), द सदर्न इंडियन मिल्स एसोसिएशन (SIMA), द साउथ इंडिया स्पिनर्स एसोसिएशन (SISPA), इण्डियन कॉटन फेडरेशन, द सदर्न इंडिया इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (SIEMA), अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल, इण्डियन टेक्सप्रेनर्स फेडरेशन प्रमुख हैं। सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन (DIPIP), पर्यटन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं पर प्रेजेन्टेशन दिए गए।सेशन में केपीआर ग्रुप, शक्ति ग्रुप, केजी डेनिम, लक्स इंडस्ट्रीज़, बॉश्च सॉफ्टवेर, वंडरला हॉलीडेज़, शंकरा आई हॉस्पिटल्स, त्रिवित्रोन सहित 30 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की गई।प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों के लिये कुल 2500 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए । एमओयू

पन्ना के किशनगढ़ बफर में मिश्रित वृक्षारोपण के पहले ही वर्ष गायब होने लगे पौधे

Plants started disappearing in the very first year of mixed plantation in Panna's Kishangarh buffer.

Plants started disappearing in the very first year of mixed plantation in Panna’s Kishangarh buffer. भोपाल। पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन की किशनगढ़ रेंज के तहत 50 हैक्टेयर रकबा में 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इस पौध रोपण पर प्रति एकड़ करीब 2 लाख रुपए खर्च किए जा रहा हैं। इसमें पहले साल के लिए स्वीकृत राशि खर्च कर दी गई है। इसके बावजूद रोपे गए ज्यादातर पौधे एक साल में ही गायब हो गए हैं।बफर जोन की किशनगढ़ रेंज के तहत राईपुरा बीट के कक्ष क्रमांक पी- 454 के तहत 50 हैक्टेयर में पौधरोपण किया जा रहा है। मि​श्रित वृ​क्षारोपण योजना के तहत वर्ष 2023-24 में गड्‌ढा करके 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। स्वीकृत परियोजना के तहत इन पौधों के रखरखाव के नाम पर 10 सालों तक राशि खर्च की जाना है, लेकिन इनमें से ज्यादातर पौधे पहले साल में ही खराब हो गए हैं। तार फेंसिंग निकालकर खकरी बनाने के नाम पर राशि का दुरुपयोग :जिस स्थान पर प्लांटेशन को मंजूर किया गया है। उस स्थान पर विभाग ने अन्य प्रोजेक्ट के तहत तार फेंसिंग करके राशि को खर्च किया। इसके बाद उसी स्थान पर अब पत्थरों की नई खकरी बना दी गई है। इस कारण तार फेंसिंग को निकालकर फेंक दिया गया है अब भी तार मौके पर पड़े हुए हैं। 600 मीटर लंबाई में खकरी बनाकर राशि को बर्बाद किया गया है। इनका कहना 25000 गड्‌ढों की गिनती करने के बाद पौधों का रोपण किया गया है। परियोजना में तार फेंसिंग और पत्थरों की खकरी दोनों स्वीकृत हैं। इसी कारण पुरानी तार फेंसिंग को हटाकर पत्थरों की खकरी को बनाया गया है।प्रतीक अग्रवाल, रेंजर बफर जोन किशनगढ़ रेंज राईपुरा बीट की परियोजना 10 साल के लिए स्वीकृत है। पहले साल में 20 फीसदी पौध सूख सकते हैं। इसके लिए दूसरे साल में बजट रखा गया है। पौधों की गिनती कराई जाएगी। इसमें बड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।अंजना सुचिता तिर्की, फील्ड डायरेक्टर, पन्ना टाइगर रिजर्व

धसान नदी उफान पर, छतरपुर और टीकमगढ़ से टूटा संपर्क, पुल पर 4 फीट ऊपर पानी

Dhasan river is in spate, contact with Chhatarpur and Tikamgarh lost

Dhasan river is in spate, contact with Chhatarpur and Tikamgarh lost, water 4 feet above the bridge. छतरपुर। छतरपुर-टीकमगढ़ मुख्य मार्ग पर धसान नदी उफान पर आ गई। जिससे पुल पर लगभग 4 फीट पानी आ गया। पहले तो थोड़ा बहन होने के कारण लोगों का आगमन अब आगमन जारी था लेकिन जैसे ही पानी का जलस्तर और बढ़ा तो मौके पर मौजूद सुरक्षा बल और पुलिसकर्मियों ने आवागमन बंद कर दिया है और बैरिकेड लगा दिए गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची। जहां पर बड़ामलहरा एसडीएम प्रशांत अग्रवाल ने बताया है कि मौके पर पुलिस बल मौजूद है। वहीं नदी के आसपास के बसे गांवों के लोगों को जानकारी दी गई है कि नदी के आसपास न जाएं। क्योंकि अचानक धसान नदी पुल पर पानी बढ़ सकता है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर टीकमगढ़ जिले की सीमा धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध से गेट खोलकर पानी छोडा गया है। जिसके चलते छतरपुर टीकमगढ़ खरीला पुल पर 4 फीट पानी आ गया है। बताया जाता है कि आवागमन अब चालू कर दिया गया है।

वकील को धमकी देते हुए SDM बोले- ‘जो उखाड़ना है, उखाड़ लेना’, आखिर क्या है ?

Threatening the lawyer, SDM said - 'Whatever has to be uprooted, uprooted', what is it?

Threatening the lawyer, SDM said – ‘Whatever has to be uprooted, uprooted’, what is it? रीवा ! एसडीएम और वकील के बीच सिविल केस के एक मामले को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एसडीएम ने एडवोकेट को यह धमकी दे डाली, “यह मेरा न्यायालय है, आपको जो उखाड़ना है वह उखाड़ लेना”. इस पूरे विवाद को लेकर अभिभाषकों ने संभाग आयुक्त और कलेक्टर एसडीएम के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा है. यह पूरा घटनाक्रम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि पवन कुमार और जितेंद्र कुमार के बीच जमीन विवाद चल रहा है, जिसकी पेशी अनुविभागीय अधिकारी त्योंथर के यहां चल रही है. पेशी के दौरान जब वकील राजेंद्र गौतम दोपहर 2 बजे एसडीएम कार्यालय में पहुंचे तो विवाद शुरू हो गया. निर्धारित समय से लेट आने पर हुआ विवाददरअसल, एसडीएम संजय कुमार जैन का कहना था कि वे दोपहर 12:00 बजे से बैठे हुए हैं जबकि वकील का कहना था कि उनकी पेशी का समय 2.00 बजे निर्धारित किया गया था, इसलिए वे 2.00 बजे पहुंचे. इसी बात को लेकर विवाद धीरे-धीरे बढ़ता चला गया. इस दौरान एसडीएम की ओर से वीडियो भी बनाया गया, जबकि एसडीएम कोर्ट में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस विवाद के दौरान अन्य एडवोकेट भी राजेंद्र गौतम के समर्थन में एसडीएम कोर्ट में आ गए, तब हंगामा और भी बढ़ गया. प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायतइस पूरे विवाद को लेकर वकीलों ने त्योंथर एसडीएम संजय कुमार जैन की शिकायत संभाग आयुक्त और कलेक्टर से की है. आरोप है कि एसडीएम वकीलों पर दबाव बनाने के लिए अभद्र भाषा का भी उपयोग कर देते हैं. एसडीएम के खिलाफ वकीलों ने कार्रवाई की मांग की है. तारीख बढ़ाने पर शुरू हुआ विवादएसडीएम और वकील के बीच विवाद की शुरुआत उसे समय हो गई. जब एसडीएम ने वकील को समय पर कोर्ट में मौजूद नहीं होने पर तारीख बढ़ा दी. दूसरी तरफ एडवोकेट राजेंद्र गौतम का कहना था कि उन्हें 2 बजे का वक्त दिया गया था, इसलिए 2 बजे कोर्ट में पहुंचे मगर एसडीएम पहले से ही तारीख आगे बढ़ा दी. एडवोकेट का कहना है कि न्याय में देरी भी अन्याय की श्रेणी में आता है इसलिए बार-बार तारीख बढ़ने से उनके क्लाइंट को परेशानी उठाना पड़ रही थी.

एसपी ऑफिस के सामने कार में डिप्टी कमिश्नर की लाश मिलने से हड़कंप

Panic after the dead body of Deputy Commissioner was found in the car in front of SP office

Panic after the dead body of Deputy Commissioner was found in the car in front of SP office ग्वालियर ! एसपी ऑफिस के सामने कार में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। कार में जो लाश मिली है वो स्टेट जीएसटी डिप्टी कमिश्नर की है। जैसे ही कार में डिप्टी कमिश्नर की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली तो हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिसकर्मियों ने सीपीआर दिया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। एसपी ऑफिस के सामने कार में मिली लाशग्वालियर में एसपी ऑफिस के ठीक सामने कार में स्टेट टैक्स जीएसटी डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। संदिग्ध परिस्थितियों में कार में जैसे ही पुलिसकर्मियों ने डिप्टी कमिश्नर को देखा तो तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देने की कोशिश भी की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डिप्टी कमिश्नर की लाश मिलने की सूचना मिलते ही परिजन व जीएसटी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्हें हॉस्पिटल ले गए जहां डॉक्टरों ने डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल को मृत घोषित कर दिया। आखिर कैसे हुई मौत ?जीएसटी डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल की मौत कैसे हुई है फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। क्या उसकी हत्या हुई या फिर मौत की वजह कुछ और है इन सभी सवालों के जवाब पुलिस तलाश करने में जुट गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकता है।

राजस्व मंडल में नहीं हुई अध्यक्ष व सदस्यों कि नियुक्तियां हजारों मामले लंबित

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending मध्य प्रदेश के राजस्व मंडल (Revenue Board) में अजब गजब हाल है. दस्तावेज में भले ही नाम चले, लेकिन हकीकत में राजस्व मंडल ग्वालियर ठप पड़ा हुआ है. पिछले 2021 से यहां न कोई केस सुना गया, न ही निराकरण हुआ. यहां दूर-दूर से लोग अपनी जमीन के प्रकरण के निपटारे के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है. क्योंकि राजस्व मंडल में कोरम पूरा न होने के कारण सुनवाई नहीं हो रही है. भोपाल । मध्य प्रदेश का राजस्व मंडल बेकाम साबित हो रहा है। यहां पर बीते डेढ़ माह से सुनवाई के नाम पर लोगों को सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है। दरअसल विभाग में न अध्यक्ष है और न ही सदस्य, ऐसे में सुनवाई के लिए जरुरी कोरम ही पूरा नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सुशासन ऐसा है कि शासन भी इस अपने संस्थान में नए अध्यक्ष व सदस्य की नियुक्ति में रुचि नहीं ले रहा है। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान होकर वापस लौटने का मजबूर बने हुए हैं। मंडल के अध्यक्ष आईएएस अश्विनी राय 31 मई को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी जगह किसी नए अफसर की पदस्थापना नहीं की गई है। इसकी वजह से तभी से सुनवाई का काम ठप पड़ा हुआ है। दरअसल नियमानुसार अध्यक्ष के अलावा कम से कम दो सदस्यों के रहते सुनवाई की जा सकती है। इसी तरह से एक सदस्य पूर्व एडीजे वीआर पाटिल का भी मंगलवार को कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस वजह से अब मंडल में बतौर सदस्य आईएएस उमाकांत उमराव ही बचे हैं। मंडल में सचिव सपना निगम, अवर सचिव अंशु सोनी व रजिस्ट्रार प्रदीप शर्मा हैं। उनके अलावा अन्य कक्षों में ताले लटके रहते हैं। काम नहीं होने की वजह से स्टेनोग्राफर कक्ष में पीए और अन्य कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे आराम करते रहते हैं। सुनवाई नहीं होने की वजह से सदस्य उमाकांत उमराव एवं सचिव सपना निगम के कक्ष भी अधिकांश समय बंद ही रहते हैं। अभिभाषक भी परेशान राजस्व के प्रकरणों में अपने हितग्राहियों की तरफ से पक्ष रखने के लिए जरुर बड़ी संख्या अभिभाषकों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन वे भी तारीख बढ़ने की वजह से अधिकांश समय खाली ही रहते हैं। यहां पर मौजूद एक वरिष्ठ अभिभाषक का कहना है कि अश्विनी राय की सेवानिवृत्ति के बाद से सुनवाई बंद है। इससे सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं, क्योंकि वह न्यायालय जाने के लिए सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे भी सरकार ने वर्ष 2018 में नियमों में संशोधन कर राजस्व मंडल को अधिकार विहीन कर दिया है, क्योंकि अब यहां आयुक्त के खिलाफ पुनरीक्षण वर्जित किया जा चुका है। एसडीएम के बाद न्यायालय जाना पड़ता है। इसी तरह एक अन्य वकील भी नई व्यवस्था से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से बीते डेढ़ माह से सुनवाई बंद है। अश्विनी राय ने करीब 500 प्रकरणों में सुनवाई तो की, लेकिन वे इन मामलों में निर्णय नहीं द गए, जिसकी वजह से यह मामले भी अटके हुए हैं। मंडल का कोरम अधूरा तो नहीं होता कोई कार्य अध्यक्ष और सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने पर राजस्व मंडल कार्य नहीं करता है। पिछले डेढ़ माह से यही स्थिति है। यहां आने वाले मामलों में लिपिक तारीख बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसलिए न्याय के लिए उम्मीद लगाए बैठे मुवक्किल परेशान हैं। इस सिलसिले में विधानसभा में भी सवाल उठ चुके, लेकिन फिर भी कोरम पूरा करने के लिए नियुक्ति नहीं की गई है। अध्यक्ष का पद अतिरिक्त मुख्य सचिव और सदस्य प्रमुख सचिव स्तर का होता है। ऐसा नही है कि यहां पर पहली बार इस तरह की स्थिति बनी है, बल्कि पूर्व में भी ऐसा ही हाल कई बार रह चुका है। अश्विनी कुमार राय के समय मनु श्रीवास्तव सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य की कमी के कारण कोरम अधूरा रहने पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसी तरह से दिसंबर 2021 तक राजेश बहुगुणा सदस्य पद पर थे उनके बाद से यह पद खाली रहा। जिससे द्वितीय अपील में आने वाले बंटवारे नामांतरण के प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हुई और तारीख आगे बढ़ती रही। गठन का उद्देश्य ही नहीं हो पा रहा पूरा मध्य भारत राजस्व मंडल अध्यादेश 1948 के अधीन राजस्व मंडल का गठन किया गया था। मंडल का गठन मप्र भू राजस्व संहिता 1959 के अन्तर्गत किया गया है। राजस्व मंडल प्रदेश में भू-राजस्व संहिता के अन्तर्गत राजस्व प्रकरणों की अपीलें-निगरानी सुनने की उच्चतम संस्था है। राज्य शासन द्वारा ग्वालियर को मंडल का प्रधान स्थान नियत किया गया है। राजस्व मंडल में द्वितीय अपील आती है। वर्ष 2018 में राज्य शासन ने राजस्व मंडल की समीक्षा करने की शक्ति को खत्म कर दिया था, इसलिए रिवीजन के पुराने मामले ही चल रहे हैं। अब राजस्व मंडल बंटवारे-नामांतरण की द्वितीय अपील सुनता है। सीमांकन तक के मामले यहां नहीं आते हैं, वे सीधे एसडीएम के बाद न्यायालय में ले जाना पड़ते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अग्रदूत पोर्टल” लांच किया

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal”

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शिता के साथ नागरिकों तक पहुंच बनाने एवं लाभार्थियों को योजनाओं संबंधी जानकारी भेजने के लिए संचार क्रांति का बेहतर उपयोग कर रही है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए “अग्रदूत पोर्टल” को लाँच किया है। “सूचना ही शक्ति है” के मंत्र को सार्थक करने वाला अग्रदूत पोर्टल अपने आप में अद्भूत पहल है। किसी भी राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा एवं त्वरित सूचनाओं के लिए इस तरह की अभिनव पहल पहली बार की गई है। लांचिग के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहला मैसेज लाडली बहनों को भेजा। यह मैसेज सावन में रक्षाबंधन के शगुन स्वरूप 1 अगस्त को लाडली बहनों के खातों में ₹250 अंतरित करने संबंधी है । क्या है अग्रदूत पोर्टल मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया अग्रदूत पोर्टल सूचना ही शक्ति है की पहल पर काम करेगा। यह लक्षित समूह तक सिंगल क्लिक में सूचनाएं प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग की अभिनव पहल है। अग्रदूत पोर्टल द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के टारगेट ऑडियंस तक सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। पोर्टल के माध्यम से त्रि-स्तरीय रिव्यू के बाद संदेश लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप – व्हाट्सअप पर शेयर किया जाएगा एवं इसके माध्यम से एक साथ मल्टी मीडिया मैसेज ( ग्राफिक्स, टैक्स्ट, लिंक, वीडियो) भी शेयर किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से नागरिकों तक आसानी से सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। अग्रदूत पोर्टल की विशेषताएँ अग्रदूत पोर्टल सूचना क्रांति के क्षेत्र में अभिनव पहल है। इससे कम समय में लक्षित नागरिकों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। सूचना प्रसार, व्यापक संचार, समग्र डेटाबेस का उपयोग, WhatsApp के माध्यम से सूचना का प्रसार, सिंगल क्लिक आधारित, यूजर फ्रेंडली, त्रि-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया कम समय में संपन्न होगी। श्रेणी अनुसार कर सकेंगे जानकारियाँ अलग-अलग अग्रदूत पोर्टल से प्रदेश के नागरिकों द्वारा चाही गई जानकारियाँ फ़िल्टर की जा सकती हैं। उन्हें श्रेणी अनुसार विभाजित कर मैसेज या सूचनाएं भेजी जा सकेंगी, जैसे उम्र, लिंग, जाति, धर्म, व्यवसाय, विकलांगता, जिला/ स्थानीय निकाय/ क्षेत्र के अनुरूप चयनित कर जानकारी भेज सकेंगे।

कांग्रेस विधायक के बंगले पर ईडी का छापा, 60 करोड़ के मामले की चल रही पूछताछ

ED raids Congress MLA's bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing

ED raids Congress MLA’s bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing टीकमगढ़ ! टीकमगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा। ईडी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई ईडी ने विधायक और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के निवास लाल दरवाजा पर बुधवार तड़के 5 बजे शुरू की थी। अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मामला करीब 60 करोड़ के फ्रॉड का बताया जा रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भी असम पुलिस ने ऐसी ही दबिश दी थी। इस समय यादवेंद्र सिंह बुंदेला से पूछताछ किए जाने की जानकारी मिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही हैं। मकान के बाहर सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं, जो किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी। जानें कौन हैं यादवेंद्र सिंह बुंदेला यादवेंद्र सिंह बुंदेला स्टूडेंट लाइफ से ही कांग्रेस में एक्टिव रहे हैं। 1983 के उपचुनाव में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2023 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। यादवेंद्र सिंह बुंदेला कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वे पांचवीं बार टीकमगढ़ विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। 1995 से 1998 तक दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। उमा भारती को दे चुके हैं चुनावी मात यादवेंद्र सिंह बुंदेला 2008 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे। तब विधानसभा चुनाव में उमा भारती अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव में उतरी थीं। जहां उन्होंने खुद अपने गृहनगर टीकमगढ़ से चुनाव लड़ा था। लेकिन यहां उन्हें यादवेंद्र सिंह बुंदेला से हार का सामना करना पड़ा था।

कटनी के झिन्ना की खदान का वन भूमि प्रकरण में कंसोटिया के आदेश को वर्णवाल ने बदला

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni. भोपाल। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने पूर्व एसीएस वन जेएन कंसोटिया के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम झिन्ना की खदान के मामले में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने का आदेश दिया था। अपने आदेश को तत्काल अमल में लाने के लिए कंसोटिया ने बाकायदा डीएफओ कटनी को कारण बताओं नोटिस की तलब किया था। यहां यह भी तथ्य उल्लेखनीय है कि जब वर्णवाल प्रमुख सचिव वन थे तब उन्होंने भी एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। अब वही बता सकते है कि वे तब सही थे या फिर अब..? गत दिवस वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने वन मुख्यालय को निर्देश दिये हैं कि यदि यह केस अब तक वापस नहीं लिया गया है तो केस वापस लेने की कार्रवाई आगामी आदेश तक रोक दी जाये। वर्णवाल के आदेश के बाद जंगल महकमे में लाख टके का सवाल उठ रहा है कि आखिर किस अदृश्य शक्ति के दबाव में आकर पूर्व एसीएस कंसोटिया ने एसएलपी वापस लेने का आदेश जारी किया था। एसएलपी वापस लेने संबंधित आदेश जारी करने के पूर्व 13 अक्टूबर 23 को अपर मुख्य सचिव वन कंसोटिया की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक में अतुल कुमार मिश्रा सचिव वन, अशोक कुमार पदेन सचिव, आरके गुप्ता तत्कालीन वन बल प्रमुख, अतुल कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन पीसीसीएफ वर्किंग प्लान और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भू अभिलेख डॉ वीएस अन्नागिरी भी उपस्थित थे। यह बैठक में ग्राम झिन्ना एवं हरैया तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी में स्वीकृत खनिज पट्टे विवाह के निराकरण के लिए बुलाई गई थी। उल्लेखनीय है कि उक्त खदान के वन भूमि में आने के कारण इस पर रोक लगाई गई थी परन्तु खदान स्वामी हाईकोर्ट से जीत गया था जिस पर वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट में 2017 से लंबित है मामला क्या है मामला-शिकायती पत्र के मुताबिक, कटनी के खनन कारोबारी आनंद गोयनका मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका को मध्य प्रदेश की तत्कालीन दिग्विजय सरकार के कार्यकाल में 1994 से 2014 तक की अवधि के लिए 48.562 हेक्टेयर भूमि पर खनिज करने का पट्टा मिला था। खनिज पट्टा आवंटित होने की पीछे भी बहुत कुछ छिपा है। दरअसल मध्य प्रदेश शासन ने ग्राम झिन्ना तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी के वन क्षेत्र की 48.562 हेक्टेयर भूमि पुराना खसरा नम्बर 310, 311, 313, 314/1, 314/2, 315, 316, 317, 318, 265, 320 में खनिज के लिए एक अप्रैल 1991 में 1994 से लेकर 2014 तक की अवधि के लिए निमेष बजाज के पक्ष में खनिज पट्टा स्वीकृत किया था। जिसे वर्ष 1999 में मध्य प्रदेश शासन के खनिज विभाग के आदेश से 13 जनवरी 1999 को उक्त खनिज पट्टा मेसर्स सुखदेव प्रसाद गोयनका प्रोप्राइटर आनंद गोयनका के पक्ष में हस्तांतरित किया गया। लेकिन साल 2000 में वन मंडल अधिकारी कटनी के पत्र के आधार पर कलेक्टर कटनी ने आदेश पारित कर लेटेराइट फायर क्ले और अन्य खनिज के खनन पर रोक लगा दी थी। वन भूमि का इतिहास-ग्राम झिन्ना की भूमि जमींदारी उन्मूलन के बाद वन विभाग को वर्ष 1955 में 774.05 एकड़ भूमि प्रबंधन में मिली थी। जो वर्ष 1908-09 से 1948-49 तक जमींदार रायबहादुर खजांची, बिहारी लाल व अन्य के नाम दर्ज थी जिसे 10 जुलाई 1958 की सूचना और एक अगस्त 1958 की प्रकाशन तिथि से संरक्षित वन घोषित किया गया। इसके बाद भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 की अधिसूचना क्रमांक डी-3390-3415-07-दस-3 दिनांक 24 सितम्बर 2007 प्रकाशन दिनांक 14 दिसम्बर 2007 से वनमंडल झिन्ना के अंतर्गत ग्राम झिन्ना के खसरा नम्बर 304, 333, 320 में कुल रकबा 153.60 एकड़ क्षेत्र अधिसूचित कर एसडीएम ढीमरखेड़ा को वन व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया गया जो कि वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। वर्ष 2019-19 में एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक /01अ-19(4)/2018-19 में पारित आदेश दिनांक 18-9-2019 के अंतर्गत उल्लेख किया गया कि वादग्रस्त भूमि खसरा नम्बर 320 वर्ष 1906 से 1951 तक मालगुजारी की जमीन नहीं थी। एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा पारित आदेश दिनांक 18-07-2008, 18-10-2011 और 18-09-2019 को पारित प्रत्येक आदेश में उक्त भूमि को वन भूमि मानने से इंकार किया। जिसे कलेक्टर कटनी द्वारा अपने आदेश दिनांक 4-मार्च 2010, 19-मार्च -2013 और 19-दिसम्बर -2019 के माध्यम से एसडीएम ढीमरखेड़ा (वन व्यवस्थापन अधिकारी) द्वारा पारित आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है।

आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत, एक दर्जन मवेशियों ने भी तोड़ा दम

One young man died due to lightning, a dozen cattle also died

One young man died due to lightning, a dozen cattle also died शहडोल ! आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे एक युवक की मौत हो गई। वहीं, जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से चपेट में आए एक दर्जन से अधिक जानवरों ने भी दम तोड़ दिया। सीधी थाना क्षेत्र के बनसुकली गांव में खेत में धान की रोपाई करते समय आकाशीय बिजली गिरने से 23 वर्षीय युवक की मौके पर मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि गनपत अपने अन्य साथियों के साथ खेत में रोपाई का काम कर रहा था, इस दौरान उसके पास आकाशीय बिजली गिर गई। जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान तेज गर्जना होने पर गनपत के अन्य साथी सुरक्षित स्थान में चले गए, जिससे वह इसकी चपेट में आने से बच गए। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। इधर, ब्यौहारी थाना क्षेत्र के साखी गांव के जंगल में एक दर्जन से अधिक मवेशी चर रहे थे, इस दौरान तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली जंगल में स्थित एक पेड़ में गिरी, जिसके नीचे पानी से बचने के लिए खड़े एक दर्जन से अधिक गाय और बकरी की मौत हो गई।सूचना पर पहुंची डायल हंड्रेड पुलिस की टीम मवेशियों के मालिक का पता लग रही है। पुलिस का कहना कि ग्रामीणों ने जंगल में मवेशी छोड़ दिए थे, इस दौरान तेज बारिश के साथ गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

चार पुलिसकर्मियों द्वारा दलित की बेरहमी से पिटाई : कसूर सिर्फ पुलिस वाहन को ओवरटेक करने पर

Dalit brutally beaten by four policemen: Guilty only for overtaking police vehicle

Dalit brutally beaten by four policemen: Guilty only for overtaking police vehicle छतरपुर में चार पुलिसकर्मियों द्वारा दलित की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। बताया गया कि पीड़ित ने पुलिसकर्मियों के वाहन के आगे से अपनी बुलेट निकाली थी, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसे थाने ले आए और यहां उसकी जमकर पिटाई की। एसपी ने मामले की जांच करवाई और पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। छतरपुर। छतरपुर जिले के खजुराहो में एक दलित व्यक्ति को पुलिस के वाहन से आगे से अपनी बुलेट निकालना महंगा पड़ गया। पुलिस ने युवक को पकड़कर गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाकर पीटा। बताया गया कि इस मामले को लेकर वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच कराई और दोषी पाए जाने पर एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। छतरपुर एसपी आगम जैन ने बताया कि मामले को संज्ञान में आते ही कार्रवाई की गई। ये है मामलामामला खजुराहो के वार्ड क्रमांक सात का है। जहां पिछले सप्ताह नगर परिषद में सफाई का काम करने वाले रोहित ने पुलिसकर्मियों के वाहन के आगे से बुलेट निकाली थी। रोहित और उसके परिजनों के अनुसार, इस घटना के बाद पुलिस ने उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठाया जिसका वीडियो उसी के परिवार के लोगों ने बनाया था। रोहित के घर के लोग छोड़ने के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस रोहित को पकड़कर थाने ले गई और यहां रोहित की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसके शरीर में जगह-जगह गंभीर चोट के निशान बन गए। यह बोले जांच अधिकारीइस मामले को लेकर खजुराहो एसडीओपी सलिल शर्मा ने जांच की उनकी जांच में पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया। इसके बाद एसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया।

प्रदेश के टीकमगढ़ में कपड़ा दुकान में भीषण आग, अंदर फंसे दो लोग

Massive fire in textile shop in Tikamgarh of the state, two people trapped inside

Massive fire in textile shop in Tikamgarh of the state, two people trapped inside टीकमगढ़। शहर में एक कपड़ा दुकान में भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि अंदर दो लोग फंसे हुए हैं। इन्‍हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शहर में अस्तोन एम्पोरियम (कपड़ा दुकान) की बिल्डिंग में यूनियन बैंक संचालित होती है। यहां आग लगी। आगजनी के बाद बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, पर वह नुकसान के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी अभी नहीं दे रहे हैं, हालांकि बैंक में काफी धुंआ भरने की बात जरूर कही गई। पता चला है कि अस्तोन एंपोरियम संचालक मनोज जैन, उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे सकुशल हैं ,जबकि उनके चाचा व चाची अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। इनकी कुशलता को लेकर परिजन आशंकित हैं। दोनों का रेस्क्यू जारी है। अग्नि शमन दल आग पर पूरी तरह काबू पाने का प्रयास कर रहा है। यह दुकान कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर भवन के सामने स्थित है। बताया जाता है कि आग दुकान में अचानक भड़की। आसपास के मकानों में भी आग फैलने का खतरा है। आग कैसे लगी अभी यह पता नहीं चल सका है। टीकमगढ़ सहित आसपास के तहसील क्षेत्रों से फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने के लिए बुलाया गया है।

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