प्रधानमंत्री मोदी 6 जून को करेंगे जम्मू-कश्मीर का दौरा, चिनाब ब्रिज का करेंगे उद्घाटन, चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षाबलों की नजर
जम्मू जम्मू-कश्मीर में आर्थिक-सामाजिक विकास के इंजन को गति देने के लिए प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार छह जून को प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क को ही सुनिश्चित नहीं बनाएगा बल्कि जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। कटड़ा से श्रीनगर वंदेभारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने सहित प्रधानमंत्री कुल 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने वाले हैं। साथ ही कटड़ा में 350 करोड़ की लागत वाले श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की आधारशिला भी रखेंगे। बता दें कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क की राह में कटड़ा-बनिहाल रेल लिंक ही अवरोधक थी। जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरा देश इस रेल लिंक पर ट्रेन परिचालन का इंतजार कर रहा था। ट्रैक का निर्माण दिसंबर 2024 में पूरा कर लिया गया था और उसके बाद तकनीकी ट्रायल जारी थे। चिनाब और अंजी रेल पुल नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा. पुल पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के जरिए कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में सिर्फ 3 घंटे लगेंगे, जिससे मौजूदा यात्रा समय में 2-3 घंटे कम हो जाएंगे. वहीं अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है जो चुनौतीपूर्ण इलाके में देश की सेवा करेगा. पीएम मोदी 6 जून को करेंगे जम्मू-कश्मीर का दौरा, चिनाब ब्रिज का करेंगे उद्घाटन नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा. चिनाब और अंजी रेल पुल नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस पुल का एक प्रमुख काम जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा. पुल पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के जरिए कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में सिर्फ 3 घंटे लगेंगे, जिससे मौजूदा यात्रा समय में 2-3 घंटे कम हो जाएंगे. वहीं अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है जो चुनौतीपूर्ण इलाके में देश की सेवा करेगा. कनेक्टिविटी परियोजनाएं और अन्य विकास कार्य प्रधानमंत्री उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. 272 किलोमीटर लंबी USBRL परियोजना, जिसका निर्माण लगभग 43,780 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, में 36 सुरंगें (119 किलोमीटर तक फैली हुई) और 943 पुल शामिल हैं. यह परियोजना कश्मीर घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच सभी मौसमों में निर्बाध रेल संपर्क स्थापित करती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय गतिशीलता को बदलना और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री मोदी माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर और वापस जाने वाली दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. ये ट्रेनें निवासियों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों के लिए एक तेज, आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा का ऑप्शन देंगी. पीएम मोदी विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में अंतिम मील तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. वह राष्ट्रीय राजमार्ग-701 पर राफियाबाद से कुपवाड़ा तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना और एनएच-444 पर शोपियां बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 1,952 करोड़ रुपये से अधिक होगी. वह श्रीनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर संग्राम जंक्शन और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बेमिना जंक्शन पर दो फ्लाईओवर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इन परियोजनाओं से यातायात की भीड़ कम होगी और यात्रियों के लिए यातायात प्रवाह में सुधार होगा. इसके साथ ही वह कटरा में 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की आधारशिला भी रखेंगे. यह रियासी जिले का पहला मेडिकल कॉलेज होगा जो इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान देगा. अप्रैल में भी उद्घाटन तय था पर मौसम के कारण यह कार्यक्रम टल गया। उसके बाद पहलगाम हमले के बाद लोकार्पण नहीं हो सकता था। अब यह इंतजार समाप्त हो रहा है, प्रधानमंत्री छह जून को कटड़ा पहुंच ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां रेल-परिचालन शुरू होने से बाद जम्मू से श्रीनगर के बीच सदाबहार संपर्क बरकरार रहेगा और भूस्खलन और मौसम के कारण राजमार्ग प्रभावित होने के बाद ट्रेन के माध्यम से आवागमन संभव हो सकेगा। जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनरोद्धार के चलते कश्मीर से दिल्ली या देश के अन्य हिस्सों में जाने वाले यात्रियों को कटड़ा से ट्रेन बदलनी होगी। फिलहाल विशेष तौर पर डिजाइन की गई वंदेभारत को इस ट्रैक पर चलाया जा रहा है। भविष्य में और भी ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। सात जून से कटड़ा-श्रीनगर के बीच नियमित परिचालन होगा। एक दिन दो वंदे भारत कटड़ा से श्रीनगर और दो श्रीनगर से कटड़ा आएंगी। वीरवार सुबह दस बजे के करीब शुरू होने वाले ड्राई रन के दौरान काफिले में सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी हर उस जगह तय समय पर पहुंचेंगे यहां पर पी छह जून को पीमए को जाना है। इस दौरान दौरे को लेकर हर प्रकार की चुनौती का बारीकी से आंकलन कर उसका समाधान तलाशा जाएगा। दिल्ली से उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन में पहुंचने के बाद पीएम सभी जगहों पर हेलीकॉप्टर से पहुंचेगे। लेकिन इसके बाद ही टीमें सड़क यात्रा को लेकर रिहर्सल करेंगी। च्च पदस्थ के अनुसार बुधवार को एसपीजी, जम्मू कश्मीर पुलिस, सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने पीएम दौरे की सुरक्षा के हर पहलू पर बारीकी से गौर किया। दौरे की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उनका सामना करने के लिए आकास्मिक योजना भी बनाई गई है। प्रधानमंत्री के दौरे … Read more