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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए नया वित्तीय वर्ष दोहरी खुशियां लाया, अब 7वें वेतनमान के हिसाब से DA

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की झोली खुशियों से भर दी है. 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने का आदेश जारी हुआ तो वहीं 9 साल से चली आ रही डिमांड भी पूरी हो गई. बता दें कि कर्मचारियों के प्रमोशन पर बीते 9 साल से रोक लगी थी. इस रोक को सरकार ने हटा दिया है. अब कर्मचारियों के धड़ाधड़ प्रमोशन होंगे. डीए बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई. सातवें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा डीए बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों छठे वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिल रहा था. वहीं, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देना शुरू कर दिया था. इससे मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा था. कर्मचारियों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है. कुछ दिनों पहले हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अब अप्रैल माह की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी. कर्मचारियों के अब होंगे धड़ाधड़ प्रमोशन ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में साल 2016 से सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी. इस दौरान 9 साल बीत गए. कर्मचारियों ने इस रोक को हटाने के लिए कई बार आंदोलन किए. लेकिन सरकार ने रोक नहीं हटाई. सैकड़ों कर्मचारी प्रमोशन की बाट जोहते-जोहते रिटायर्ड हो चुके हैं. कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए अब प्रमोशन पर रोक हटा ली गई है. कुछ दिन पहले हुए कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया. इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है. केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है “कर्मचारियों को ₹200 वाहन भत्ता पिछले 13 साल से मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता, अब 55% महंगाई भत्ते के साथ 2790 प्राप्त होंगे. 3 साल बाद मिले भत्ते भी बहुत कम हैं. बढ़े हुए मकान भाड़ा भत्ते में झुग्गी भी नहीं मिलेगी किराए पर. खुशी तो हुई है लेकिन कटौती स्वीकार्य नहीं.” खुशी तो है लेकिन अभी कसक बकाया है केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति के महासचिव यशवंत पुरोहित ने कहा “केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की है. इसके लिए हम सरकार का स्वागत करते हैं. लेकिन सरकार कर्मचारियों के महंगाई राहत भत्ते में निरंतर कटौती कर रही है. इसके पहले भी 4 प्रतिशत देने के बजाय सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का केवल 3 प्रतिशत डीए और डीआर बढ़ाया था. अब एक बार फिर कर्मचारी और पेंशनर को निराशा हाथ लगी है.”

सड़क परियोजनाओं से औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को सड़क अधोसंरचना निर्माण और क्षेत्रीय विकास में एक बड़ी सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि ये सड़कें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के लिए 4 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4302.93 करोड़ रुपये है। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर मध्यप्रदेश को मंजूर की गई इन परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। केन्द्र सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सहज एवं सुगम बनाने के साथ आर्थिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में सड़क अधोसंरचना नेटवर्क को दिनों-दिन मजबूत किया जा रहा है और मध्यप्रदेश को भी इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत की गईं सड़क परियोजनाएं          भोपाल जिले में संदलपुर से नसरुल्लागंज बायपास तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146बी) के 43.200 किमी खंड को 4-लेन में बदलने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।          विदिशा और सागर जिले में राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146) के 10.079 किमी हिस्से को 4 लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये मंजूरी दी गई है।          सागर जिले में लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146 से राष्ट्रीय राजमार्ग-44) ग्रीनफील्ड 4-लेन सागर पश्चिमी बायपास (20.193 किमी) के निर्माण के लिए 688.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।          ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बायपास के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी ऑपरेशन की सफलता पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती को नक्सल गतिविधियों से मुक्त करने के लिए राज्य पुलिस बल का अभियान तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में नक्सली कार्यों में संलिप्तों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में हमारे हॉकफोर्स के जवानों ने 14-14 लाख रुपए की इनामी 2 महिला नक्सली को मार गिराया है। मृतक नक्सली की शिनाख्त प्रतिमा और ममता नाम से हुई है। इनके कब्जे से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी जब्त किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को दिये संदेश में नक्सलवाद के खात्मे पर पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिंसक गतिविधियों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से सफाये के लिए चलाए जा रहे अभियान में हमारे जवान पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की पावन धरा में नक्सलियों के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में मध्यप्रदेश में 10 से ज्यादा नक्सलवारी मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की एक और घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रतलाम जिले में स्पेशल पुलिस फोर्स द्वारा फिरोज नामक एक वांछित आतंकी की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है।  

प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अगले तीन वर्ष में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ा जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला स्तर पर सर्वे कराकर विकसित करें कार्य योजना, जनप्रतिनिधियों का भी लें अभिमत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़कों के संधारण और उन्नयन में भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य में विकसित ई-मार्ग पोर्टल भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया लागू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए। सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सड़कों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि

दूर कर दी हैं, हमने सारी बाधाएं आप उद्योग लगाएं, सरकार करेगी मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरी उतरी प्रदेश सरकार जीआईएस में मिले 30 लाख करोड़ के निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि भेजना, अब जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की होगी शुरुआत, 27 अप्रैल को इंदौर में पहली आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश एक नई उड़ान पर है। सरकार की रीति-नीति से निवेशकों में विश्वास का माहौल बना है। प्रदेश में उद्यमी, उद्योगपति, व्यापारी, व्यवसायी सब उत्साहित हैं। हम उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए एक नई धारा, एक नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में बिजनेस को सहज बनाने के लिए हमने सारी बाधाएं, सारी रूकावटें दूर कर दी हैं। आप बस उद्योग लगाएं, हमारी सरकार उद्योग लगाने से लेकर इसे संचालित करने तक आपकी हर जरूरी मदद करेगी, प्रोत्साहन इन्सेटिव देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से एक निजी होटल में आयोजित उद्योग निवेश सब्सिडी के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में स्थापित करीब 2500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ और छोटे-बड़े (वृहद श्रेणी के) उद्योगों को करीब 703 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 1778 करोड़ रुपए की उद्योग निवेश सब्सिडी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट दबाकर सिंगल क्लिक से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिड़ी राशि उद्यमियों (निवेशकों) के बैंक खाते में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों का बढ़ता हौसला ही हमारी पूंजी है। जीआईएस से हमें बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला है। मध्यप्रदेश में हर निवेशक का स्वागत है, सम्मान है। हमने छोटे-बड़े सभी उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है, नए वित्त वर्ष के सालाना राज्य बजट में भी हमने सबका ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए ही निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने नवीन औद्योगिक नीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 30 लाख 77 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रारंभ कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करना, जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पहली बार निवेश की संभावनाओं को तलाशा और संभागीय स्तर पर आयोजित की गई 7 रीजनल इन्वेस्टर्स समिट ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। प्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के विकास में देश-दुनिया के उद्योगपतियों ने उत्साह दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस के उद्घाटन-सत्र में उद्योगपतियों और व्यापारियों को निवेश के मंत्र दिए। उन्होंने कहा था कि अपार संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय सही है। जीआईएस के सफल आयोजन पर उद्योग विभाग और निवेशकों का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में प्राप्त निवेश का आंकड़ा देखा जाए तो राज्य सरकार और निवेशक दोनों ही प्रधानमंत्री मोदी के विश्वास पर खरे उतरे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए डीबीटी से राशि भेजी जा रही है। सरकार छोटे-बड़े निवेशक और उद्योगपतियों में भेदभाव नहीं करती है। सरकार हर एक को उद्योग प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार ने भी 5 साल में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। इसमें औद्योगिक विकास के लिए बजट राशि में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया है। पूरे साल औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रदेशभर में संचालित की जाएंगी। 27 अप्रैल को इंदौर में होगी आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस और आरआईसी के सफल आयोजन के बाद अब प्रदेशभर में जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की जा रही है। ऐसी पहली आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश के अंदर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करेगी, साथ ही रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के बाहर से भी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मध्यप्रदेश के सभी 10 संभागों में उद्योगों के लोकार्पण और भूमि-पूजन की शुरुआत चंबल के भिंड से हो चुकी है। इसके बाद उज्जैन में 27 इकाइयों का दूसरा भूमि-पूजन कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार उद्योग-व्यापार को नई दिशा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंसल्टेंट समेत क्षेत्र के विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। सबका साथ सबका विकास ही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना: मंत्री सारंग खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है। प्रदेश हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम को छूने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। राष्ट्र के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है। सबका साथ-सबका विकास और राष्ट्र निर्माण का संकल्प यही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन से मध्यप्रदेश के विकास का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्योग स्थापित करने और उन्हें बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमारी सरकार पूरी मदद दे रही है। 31 मार्च 2025 तक … Read more

छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित

“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई। म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे। वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग ‌द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा। “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे (1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों। (2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना। (3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना । (4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना। (5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पोट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने 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वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल

मध्यप्रदेश है उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाला प्रथम राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल राज्य में औद्योगिक इकाइयों का कोई भुगतान लंबित नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने वाला ऐसा राज्य है जहां औद्योगिक इकाइयों को राशि के भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ऐसा कोई भी भुगतान लंबित नहीं है जो औद्योगिक इकाइयों को देय था। ऐसा कार्य करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के पहले मंत्रिगण को दिए संबोधन में राज्य शासन की प्राथमिकताओं और गतिविधियों से अवगत करवाया। औद्योगिक इकाइयों को राशि का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां वृहद और लघु सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों के समस्त देयकों का भुगतान पूर्ण हो चुका है। राज्य शासन औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वृहद औद्योगिक इकाइयों को वर्ष 2024-25 में कुल 3100 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। औद्योगिक विभाग के अंतर्गत वृहद औद्योगिक इकाइयों को आज 702 करोड़ रुपये के इन्सेन्टिव का भुगतान करने का कार्य किया गया। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ रुपये के लम्बित इन्सेन्टिव का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को कुल 2162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह आज राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से एमएसएमई और वृहद इकाइयों के लिए 1777 करोड़ रुपये की देय इन्सेन्टिव राशि का भुगतान कर रही है। इससे 2500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए मंत्री परिषद सदस्यों को बधाई भी दी। विक्रम संवत-2082 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सभी मंत्रियों को भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत-2082 प्रारंभ होने की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा का अपना महत्व है। प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस आयोजन का वेबकास्ट भी किया गया। यह सौभाग्य की बात है कि सम्राट विक्रमादित्य मध्यप्रदेश से हैं। विक्रम संवत शुभारंभ पर महत्वपूर्ण प्रकल्प प्रदेश में प्रारंभ हुए हैं। स्कूल चलें हम अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस अभियान के तहत चार दिवसीय विशेष गतिविधियां हो रही हैं। मंत्रीगण अपने प्रभार के जिले में एक से चार अप्रैल तक प्रवेश उत्सव को सफल बनाने का प्रयास करें। राज्य में लगभग 85 लाख विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय लिया गया। प्रवेशोत्सव में इसी माह स्कूल की किताबें बांटी जानी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद और विशेष भोज के आयोजन करना भी नियत किया गया है। कैलेंडर तैयार कर गतिविधियों का क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवगत करवाया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन समस्त सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। इंदौर में आईटी एंक्लेव 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। सूचना प्रौद्योगिकी की दृष्टि से मध्यप्रदेश में इंदौर संभावना से भरा क्षेत्र है। यहां देश-विदेश की लगभग 200 कंपनियों की भागीदारी रहेगी। उद्योगों में कार्यरत बहनों को रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता से प्रदेश की औद्योगिक कामकाजी बहनों की रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ रुपए की राशि 5120 महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा के लिए स्वीकृत की गई है। ये हॉस्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम् में स्वीकृत किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस महती योजना के स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्यप्रदेश सरकार आभार व्यक्त करती है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मार्च से यह अभियान प्रारंभ किया है। अभियान आगामी 30 जून तक चलना है। प्रदेश में 90 दिन से अधिक चलने वाले इस अभियान के निश्चित ही अच्छे परिणाम आएंगे। ऐसा विश्वास है कि इस अभियान को सरकार और समाज द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर सफल बनाया जाएगा। गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की जा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि तोल कांटे आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इस कार्य के सुचारू संचालन में सहयोग करें। प्रदेश में 14.76 लाख किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन लगभग 1 लाख किसानों से किया जा चुका है। इस माह अर्थात अप्रैल में उपार्जन कार्य में गति आएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि “सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया. मध्यप्रदेश के स्कूलों में आज एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान- 2025 का आगाज होने जा रहा है। ऐसे में भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” शुभारंभ समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” अंतर्गत स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोपाल से “स्कूल चले हम अभियान” का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में सीएम के अलावा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी। पहली बार राज्यभर में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांटी गई कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 1 अप्रैल से, जब छात्र अपने विद्यालय में प्रवेश करेंगे, तो शासन द्वारा दी जाने वाली किताबें उनके बैग में पहले से उपलब्ध होंगी। यह पहली बार हुआ है कि पूरे राज्य के प्रत्येक जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। जुलाई से बेटियों को मिलेगी साइकिल मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया की कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई दी कि इस बार 1 अप्रैल से ही सभी विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। इन समिट्स के माध्यम से 60% से अधिक निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत कार्यक्रम में सबसे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होंगे बच्चे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 में सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर ‘स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम’ प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। सभी जिलों में भी हुआ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम चयनित शालाओं में हुआ। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नए शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिह्नित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। स्कूल छोड़ने वालों को 4 अप्रैल से फिर से मिलेगा प्रवेश सीएम ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि वहां भी छात्र उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों के समन्वय के लिए एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है, उन्हें 4 अप्रैल को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

भाजपा का हर कार्यकर्ता तीन दिन तक गांव चलो-बस्ती चलो अभियान के तहत सेवा कार्य करेंगे -विष्णुदत्त शर्मा

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक को संबोधित किया ———————————————— -सामाजिक समरसता व नागरिक कर्तव्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य करें कार्यकर्ता -सुचिता के साथ संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएं कार्यकर्ता -शिवप्रकाश जी -विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता -प्रदेश के हर जिले में विकास समितियों का गठन होगा, सुझावों पर सरकार अमल करेगी -डॉ. मोहन यादव -6 अप्रैल को प्रदेश के 65 हजार 14 बूथों पर सम्मेलन आयोजित कर मनाएंगे स्थापना दिवस -भाजपा का हर कार्यकर्ता तीन दिन तक गांव चलो-बस्ती चलो अभियान के तहत सेवा कार्य करेंगे -विष्णुदत्त शर्मा -प्रधानमंत्री जी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, आप भी पार्टी कार्यों को शिखर तक पहुंचाएं -कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़, जनसेवा के साथ पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाएं -डॉ. महेन्द्र सिंह -श्रद्वेय अटलजी की स्मृतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें कार्यकर्ता -संगठन की समितियों में महिलाओं की भागदारी बढ़ाएं -हितानंद जी भोपाल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक को संबोधित किया। पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सामाजिक समरसता व नागरिक कर्तव्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य करें। पार्टी कार्यकर्ता सुचिता के साथ संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएं और पार्टी गतिविधियों को संपन्न करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने विकास की कई योजनाएं चलाई हैं, जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। प्रदेश के हर जिलों में विकास समितियों का गठन किया जाएगा और समितियों के पास आये सुझावों पर सरकार अमल करेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी 65 हजार 14 बूथों पर प्राथमिक सदस्यों का सम्मेलन आयोजित कर पार्टी का स्थापना दिवस मनाएगी। 7 से 12 अप्रैल तक गांव चलो बस्ती चलो अभियान में कार्यकर्ता तीन दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे गांव व बस्ती में सेवा कार्यों में सहभागिता करेंगे। 14 अप्रैल को प्रदेशभर में डॉ. अंबेडकर जी की जयंती मनाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपने कार्यों से दुनियाभर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चांद पर तिरंगा फहराया। आप सभी पार्टी कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़ की हड्डी इसलिए जनता की सेवा के साथ पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाएं। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष समारोह मना रही है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता अटलजी के पत्र, फोटो आदि का संग्रह करें और स्मृतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनें और मंडल समितियों में महिलाओं की भागदारी बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दें। भाजपा कार्यकर्ता अच्छे कार्यों के लिए समाज में जागरूकता लाने का कार्य करें- शिवप्रकाश जी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ समाज को सशक्त बनाकर उसे आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। आप सभी भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ देश और समाज की सेवा का कार्य कर रहे हैं। समाज के सामने कभी-कभी ऐसे विषय आ जाते हैं, जिसको लेकर समाज में कुछ लोग भ्रम उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। चूंकि आप सभी भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम का भाव लेकर कार्य कर रहे हैं, इसलिए आप सभी की यह जिम्मेदारी बनती है कि समाज को सही दिशा दें। इसके लिए आप सभी को समय-समय पर अलग-अलग विषयों को लेकर जागरूकता लाने का कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वन नेशन वन इलेक्शन का बिल हो या वक्फ का विधेयक, यह सभी जनता के और समाज के हितों को देखते हुए ही लाए जा रहे हैं। कार्यकर्ता बैठकों में अपने आसपास, मोहल्ले, समाज और देश के मुद्दों पर चर्चा करें और जनता को भी वास्तविकता से अवगत कराएं, ताकि देश और समाज को तोड़ने वाले अपने मंसूबों में सफल न होने पाएं। आप सभी पार्टी कार्यकर्ता संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए अपने जिले, संभाग व प्रदेश के पार्टी संगठन को देश के एक आदर्श संगठन के रूप में प्रस्तुत करने का कार्य करें। पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं -डॉ. मोहन यादव बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रतिभागियों को विक्रम संवत 2082 की शुभकामनाएं दीं और संवत्सर की गणना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे सभी पर्व व्रत-उपासना के लिए होते हैं, जबकि सभी त्योहार खुशियां मनाने के लिए होते हैं। बीते 20 सालों में भाजपा की सरकारों ने महाराज विक्रमादित्य की स्मृतियों को संजोने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जो भी अच्छे कार्यक्रम हों, उनमें पुलिस बैंड की सेवाएं लें। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में विकास समितियों के गठन का निर्णय लिया है, जो विकास को लेकर अपने सुझाव और अनुशंसा देंगी। प्रदेश सरकार ने 30 मार्च से अगले तीन महीनों के लिए जल गंगा संरक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों की सफाई, उनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा वाटर रिचार्ज के काम भी किए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में भाग लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विकास की अनेक योजनाएं लागू की हैं, पार्टी कार्यकर्ता विकास के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश देगा अहम योगदान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जब 1956 में बना था तब गेंहूं की खरीदी 96 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होती … Read more

MP में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजभवन में आयोजित ‘कर्मयोगी बनें’ कार्यशाला में की. इस कार्यशाला में सीएम के साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के साथ विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि “हमारे यहां विद्यार्थियों को केवल हिंदी ही नहीं तमिल-तेलुगू जैसी भाषा में भी पढ़ाने के लिए हम प्रेरित करेंगे. जो बच्चे इसमें जाएंगे उनको विशेष अंक देकर प्रोत्साहन देंगे. ये भाषाओं का गुलदस्ता हमारा है, हमें इस पर गर्व होना चाहिए.” ‘हर व्यक्ति अपने कर्मों से बंधा’ सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि “भगवत गीता में कर्म, अकर्म और विकर्म को समझााने का प्रयास किया गया है. जिसने जन्म लिया है, उसे सांस लेना, सोना और खाना भी कर्म है. हर व्यक्ति अपने कर्मो से बंधा हुआ है. हम जो भी कार्य करें, उसका दोष भगवान को न दें. हमने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. लेकिन वर्तमान में जिनको जैसी बातें करनी है, वो राजनीतिक दृष्टि से करते होंगे. हम तो राष्ट्रनीति के आधार पर सोचते हैं. हम अपने कर्मो के आधार पर जिस जगह भी पहुंचते हैं, वहां पूरी निष्ठा, उर्जा और आनंद के साथ काम करना चाहिए.” हम मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण कर रहे राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की होगी. इतिहास साक्षी है, जापान, जर्मनी, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया 4 से 5 दशक पहले ऐसे ही मोड़ पर थे. जहां से एकजुट होकर उन्होंने अपने राष्ट्र के विकास की नई इबारत लिखी. आज भारत भी उसी दौर से गुजर रहा है और हम मिलकर विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं.” राज्यपाल ने कर्मयोगी की परिभाषा बताते हुए कहा कि “व्यक्तिगत लाभ, सफलता-असफलता की चिंता किए बगैर निरंतर कार्य करने वाला ही सच्चा कर्मयोगी है.”

प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम होगा, मुख्यमंत्री यादव स्कूल चलें हम अभियान-2025 का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रात: 9 बजे “स्कूल चलें हम” अभियान – 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी होगा। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का होगा स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 इस वर्ष एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से समस्त शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर “स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिलों में भी होगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एक अप्रैल को शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक-सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

मंत्रि-परिषद से अनुमोदन उपरांत अमल में लाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण, शहरी और इंटरसिटी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सबके साथ विस्तृत विचार-विमर्श, सुझाव एवं सहमति के बाद शीघ्र ही इस योजना प्रस्ताव को अनुमोदन के लिये मंत्रि-परिषद की बैठक में लाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नवीन परिवहन सेवा (मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा) के संबंध में प्रारंभिक चर्चा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। समत्व में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं प्रशासन संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सिबी चक्रवर्ती एवं संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की यात्री परिवहन संबंधी भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस नवीन योजना के सभी पक्षों पर गहनता से अध्ययन करें, जिससे यात्रियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। सचिव परिवहन मनीष सिंह ने नवीन परिवहन सेवा योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी। बताया गया कि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नवीन योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। इन बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा। नवीन योजना में यात्रियों एवं बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा नवीन परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराये जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बताया गया की नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें कन्टीन्यू बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में की गई है, जिससे आपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हो और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी गणगौर पर्व की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखंड सौभाग्य, सुख, समृद्धि के पावन पर्व गणगौर की सभी को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने संदेश में बाबा महादेव एवं मां पार्वती से प्रार्थना की है कि गणगौर सबके जीवन में संपन्नता, शुभत्व और मंगल की उत्तरोत्तर वृद्धि लेकर आए। उन्होंने गणगौर पर कामना की है कि माता-बहनों और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया

सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर लिखा गया एक और नया अध्याय : राज्यपाल पटेल सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज करेगा इतिहास जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज का हुआ लोकार्पण उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंदीय विधि और न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को उज्जैन में विक्रमादित्य द हैरिटेज का लोकार्पण किया। राज्यपाल पटेल ने सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज के शुभारंभ एवं विक्रम संवत 2080 की शुरूआत पर शुभकामना देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर नया अध्याय लिखा गया है। जहां महाकाल स्वयं विराजते है, जहां कालिदास की अमर रचना जन्मी है और जहां विक्रमादित्य ने न्याय की सम्पूर्ण आधार-शिला रखी है। इस पुण्य-भूमि पर ‘सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज’ का शुभारंभ कर आज एक और इतिहास रचा गया है। उन्होंने कहा कि महाराजवाड़ा के इस प्राचीन भवन को केवल पुनजीवित करना एवं निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को संवारने का संकल्प है। यह हेरिटेज आधुनिकता और परंपरा का अद्वितीय संगम है। यहां पर्यटकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं मिलेगी। एक–एक कक्ष को आकर्षकनाम भी दिया गया है। उज्जैन का यह हैरिटेज पर्यटन के साथ भगवान महाकाल के भक्तों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्यटकों के लिए यहां आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी अनेक सुविधाओं की भी व्यवस्थाए की गई है। उन्होनें हैरिटेज के निर्माण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विरासत से विकास की ओर अगसर है। आज से नये युग का प्रादुर्भाव हो रहा है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का काल रामराज्य की तरह रहा है। उन्होनें कहा कि सनातन संस्कृति से श्रेष्ठ परमंपराओं को पुन: जीवित किया जाना चाहिए। आज उज्जैन का गौरव दिवस है, हमें अतीत से वर्तमान तक व्यवस्थाओं पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1235 में इलतुत्मिश ने उज्जैन नगर सहित उत्तर भारत के राज्यों को भी तहस-नहस किया था। उज्जैन में शिवाजी महाराज एवं महाराज सिंधिया के काल में अनेक इमारतों का निर्माण हुआ है। उज्जैन में प्राचीन गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाई देती है। ऐतिहासिक इमारतें, जिनका पहले शासकीय कार्यालयों के तौर पर उपयोग होता रहा, उन्हें विरासत के रूप मे संजोने का काम किया जा रहा है। आज ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल’ का निर्माण महाराजवाड़ा के पुराने भवन का जीर्णोद्धार कर किया गया है। यहां पूर्व में विद्यालय संचालित होता था। इसके निर्माण से इतिहास जीवंत हो रहा है, यहां आने वाले पर्यटकों को आनंद महसूस होगा। पर्यटकों के लिए हैरिटेज होटल में एआई का इस्तेमाल कर अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। महाकाल प्रांगण में बने इस हैरिटेज होटल से श्रद्धालुओं को सुविधा जनक तरीके से महाकाल के दर्शन भी होंगे। केन्द्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि राजस्थान के बीकानेर जिले के भीकमपुर में भी एक बड़ा महल है। यह भी विक्रमादित्य कालीन प्रतीत होता है, यह शोध का विषय है। उन्होंने कहा कि वे न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की नगरी में सीखने के लिए आए हैं। विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने सम्राट विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण, परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ फीता खोल कर किया। सभी अतिथियों ने हेरिटेज के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, शिवप्रकाश, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ल सहित गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और केन्‍द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने वीर भारत संग्रहालय का भूमि‍-पूजन किया

उज्‍जैन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में कोठी महल पर युगयुगीन भारत के कालजयी महानायकों की तेजस्विता की महागाथा का वर्णन करने वाले “वीर भारत संग्रहालय” का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी कार्यक्रम में सम्‍मिलित हुए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्‍जैन का इतिहास अत्‍यंत प्राचीन है। हर कल्‍प में उज्‍जयिनी का अपना इतिहास रहा है। प्राचीन भारत के वीर महापुरूषों की गौरव गाथा की जानकारी इस संग्रहालय में प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण भव्‍य स्‍तर पर किया जाएगा। प्राचीन काल की सभी प्रमुख घटनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त आवश्‍यकता पडने पर और धन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करने का एक और अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से संग्रहालय के निर्माण हेतु शुभकामनाँ दी।    कार्यक्रम में बतौर विशिष्‍ट अतिथि सांसद उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र अनिल फिरोजिया, सांसद राज्यसभा बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक उज्जैन-उत्तर अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल,  महापौर  नगर पालिक निगम मुकेश टटवाल  निगम अध्यक्ष नगर पालिक निगम श्रीमती कलावती यादव और संस्‍कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्‍ला‍शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम पंडित चंदन व्‍यास एवं उनके दल के द्वारा स्‍वस्ति वाचन किया गया। वीर भारत न्‍यास के न्‍यासी सचिव श्रीराम तिवारी के द्वारा पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर अतिथितियों का स्‍वागत किया गया। श्रीराम तिवारी ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य देते हुए कहा कि भारतवर्ष के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से परिचय तथा प्रेरणा हमारे समय की अपरिहार्य आवश्यकता है। यह एक राष्ट्रव्यापी, महत्वाकांक्षी स्वप्न है, जिसे चरितार्थ करने के लिए वीर भारत संग्रहालय में भारत की तेजस्विता और पराक्रम के विभिन्न आयामों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किये जाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है। तेजस्विता और शौर्य हमारे जीवन, परंपरा, चित्त-वृत्ति, चिंतन-प्रकृति, दर्शन, जीवन मूल्य, आस्था और विश्वासों का स्वर है। हमारा प्रयास है कि वीर भारत संग्रहालय में राष्ट्र की सभी मंगलकारी दृष्टियों का प्रतिबिंबन हो। भारत वर्ष का प्रागैतिहास-पुरापाषाण काल, पूर्व वैदिक, वैदिक/उपनिषद, सरस्वती सिंधु घाटी सभ्यता, उत्तर वैदिक, श्रीराम के पूर्वज, श्रीकृष्ण के पूर्वज, रामायण काल, महाभारत काल, प्राचीन भारत की जनजातियों, महाजनपद काल, गौतम बुद्ध, महावीर, आदि शंकराचार्य, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट विक्रमादित्य काल, सातवाहन, गुप्त साम्राज्य, चोल, पल्लव, भोजदेव, मध्ययुग, भक्ति काल, भारत के शूरवीर, पराधीनता के विरूद्ध सिंहनाद करते हुए भारत की सुदीर्घ परंपरा में तेजस्वी नायकों, चिंतकों, दार्शनिकों, मंत्रद्रष्टा, ऋषियों, संतों, मनीषियों, कवियों, लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों के अनुपम योगदान को रेखांकित किया जायेगा। उल्‍लेखनीय है कि वीरभारत संग्रहालय युगयुगीन भारत के महानायकों की महागाथा का अनूठा केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि यह उज्जैन में स्थापित होने जा रहा है। सनातन परंपरा से ही, सृष्टि के आरंभ से ही बाबा महाकाल और उनकी प्रिय उज्जयिनी विराजित है। भारत वर्ष प्रागैतिहासिक-पुरापुरापाषाण काल से ही मानव सभ्यता और संस्कृति के विकास की कर्मभूमि रहा है। वीर भारत संग्रहालय में चाहे वैदिक काल हो, उपनिषद काल हो, रामायण महाभारत काल हो, हमारे ऋषि वैज्ञानिक हों, हमारे राष्ट्र के महानायक हों या फिर वे राजा महाराजा रहे हों, वैज्ञानिक रहे हों, साहित्यकार, इतिहासकार, खगोलविद हों, योद्धा हों, संन्यासी हों, उद्यमी रहे हो, ऐसे सभी प्रेरक चरित्रों को यादगार बनाने की कोशिश की जायेगी जिन्होंने भारत को तेजस्वी भारत बनाने का काम किया हो। मैंने निर्देश दिए हैं कि इस संग्रहालय जो दुनिया में अपनी तरह का सबसे अकेला होगा, इसे समय सीमा में पूरा किया जाए, सिंहस्थ के पहले पूरा किया जाये।  भारत वर्ष में विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं, और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है। कार्यक्रम में वीर भारत संग्रहालय की रुप रेखा पर आधारित फिल्‍म का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथीयों द्वारा इस दौरान कोठीमहल का अवलोकन भी किया गया।  

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