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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु की घटना पर उच्च स्तरीय दल उमरिया भेजने के दिए निर्देश वन राज्य मंत्री सहित तीन सदस्यीय दल लेगा घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में हाल ही में हाथियों की मृत्यु के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आज रात्रि मुख्यमंत्री निवास में आपातकालीन बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय दल तत्काल घटना स्थल पर रवाना हो। सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर 24 घंटे में विस्तृत प्रतिवेदन दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वनों की रक्षा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसा बताया गया है कि हाथियों की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम में हाथियों के पेट में बड़ी मात्रा में कोदो पाए जाने की जानकारी मिली है। जो सैंपल हाथियों के पेट से लिए गए हैं, उनकी वैज्ञानिक जाँच की जायेगी। उसमें यह स्पष्ट होगा कि किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि जाँच रिपोर्ट आने में चार दिन की अवधि संभावित है, इसके पूर्व वरिष्ठ स्तर से घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव दल में शामिल रहेंगे। दल के सदस्य शनिवार को उमरिया पहुंचकर घटना के बारे में समस्त विवरण प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं फिर न हो, इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और सभी पक्ष सजग और संवदेनशील रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने और उपचार एवं अन्य प्रबंधन में विलंब की बात सिद्ध होने पर दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथियों की मृत्यु के संबंध में निर्देश          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की संपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय दल उमरिया जाए।          जांच की रिपोर्ट आने के पूर्व इस अवधि में घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जो कार्रवाई जारी है, उसमें विलंब न हो।          वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और दो वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जाएं।          उमरिया के दौरे की रिपोर्ट 24 घंटे में सौंपी जाए।          दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।  

69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  टूरिज्म के नए टीवीसी “मोह लिया रे” को किया लॉन्च अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से बनाया जीवंत 69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. के 69वें स्थापना दिवस के खास अवसर पर एम.पी. टूरिज्म द्वारा निर्मित नवीन टीवी कमर्शियल (टी.वी.सी.) “मोह लिया रे” को लॉन्च किया। मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को नए रंग-रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से टीवीसी का निर्माण करवाया है। प्रख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से इसे जीवंत बनाया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एम.पी. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश विश्व में अपने मनोहारी स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हमारा प्रयास हमेशा रहा है कि राज्य के आकर्षक पर्यटन स्थलों को न केवल देश में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई जाए। नवीन टीवीसी “मोह लिया रे” अत्यंत रोचक, रंगीन और जीवंत है। यह पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। “मोह लिया रे” – एक नया नजरिया “मोह लिया रे” टीवीसी में उज्जैन, ओरछा, ग्वालियर, खजुराहो सहित मध्यप्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध वन्य जीवन को दर्शाया गया है। यह पर्यटकों के मन को मोहते हुए उन्हें मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित कर रहे है। गीतकार इरशाद कामिल के खूबसूरत बोलों को अभिषेक अरोड़ा के संगीत ने संगीतमय अभिव्यक्ति दी है। इस विशेष टीवीसी में मशहूर गायक दिव्य कुमार ने अपनी आवाज दी है। इस टीवीसी के जरिए एक बार फिर दर्शकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मध्यप्रदेश ने मोह लिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लॉन्च किये यह “जो आया वो वापस आया, ये एम पी की माया” टीवीसी को खासी लोकप्रियता प्राप्त हुई है। इसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ 97 लाख और 71 हजार से अधिक बार देखे जा चुका है। इंस्टाग्राम पर 92 लाख 62 हजार 161, फेसबुक पर 1 करोड़ 26 लाख 37 हजार 120, यूट्यूब पर 63 लाख 65 हजार 305 और ट्वीटर पर 15 लाख 07 हजार व्यू प्राप्त हुए है। प्रदेश के आकर्षक टीवीसी का सफर में 2023- एमपी की माया, 2018-तक तक, 2016- एमपी में दिल हुआ बच्चे सा, 2013- रंग है मलंग है, 2010- एमपी अजब है सबसे गजब है, 2008- हिंदुस्तान का दिल देखा और, 2006- तिल देखो ताड़ देखो, हिंदुस्तान का दिल देखो शामिल है  

हरिसिंह का स्व-रोजगार का सपना हुआ साकार, समाधान ऑनलाइन में आया था प्रकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अलीराजपुर जिले के ग्राम अमझिरी निवासी हरिसिंह कलेश को दीपावली पर्व पर बोलेरो वाहन मिला। आवेदक हरिसिंह ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में बोलेरो गाड़ी के लिये आवेदन भरा था, जिसे संबंधित बैंक द्वारा अव्यवहारिक मानकर अस्वीकृत कर किराने की दुकान के लिये लोन स्वीकृत कर दिया था। आवेदक ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 28 अक्टूबर को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में आवेदक हरिसिंह की सुनवाई की। आवेदक ने बताया कि बैंक ने तत्समय बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये लोन न देते हुए किराने की दुकान के लिये 3 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “आवेदक ने जब बोलेरो वाहन के लिये लोन माँगा है, तो उसे बोलेरो गाड़ी ही स्वीकृत होना चाहिये।’’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर समाधान ऑनलाइन के दो दिन बाद 30 अक्टूबर को कलेक्टर अलीराजपुर ने अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम से चर्चा कर हरिसिंह को ‘भगवान बिरसा मुंडा योजना’ में बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये वाहन लोन स्वीकृत करवाया। ‘धन्यवाद मुख्यमंत्री जी’ आवेदक हरिसिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं के रोजगार के सपने को बेहतर तरीके से साकार कर सकेंगे।  

प्रदेश में धार्मिक स्थलों में खुलेंगे वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुजुर्गों संग मनाई दिवाली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दीपावली के पावन पर्व पर राजधानी के शिवाजी नगर में स्थित सेवा भारती आनंद धाम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव का जश्न मनाया। सीएम ने बुजुर्गों को दीपावली की बधाई दी और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने बुजुर्गों के साथ फुलझड़ी भी जलाई और उन्हें मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीप-पर्व की खुशियां बांटी। इस अवसर पर अनेक बच्चों के साथ-साथ अनेक समाजसेवी भी उपस्थित थे। इस दौरान बुजुर्गों ने सुरीले भजन भी गाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता का स्थान होता है। हमारी प्राचीन संस्कृति श्रवण कुमार वाली संस्कृति है। मेरे माता-पिता देवलोक गमन कर चुके हैं। लेकिन आज आनंद धाम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने माता-पिता के बीच में आया हूं। मध्य प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एमपी में डबल इंजन की सरकार है। बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगी सरकार इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व के स्थान पर इस तरह के धाम और आश्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे बुजुर्गजन इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही वृद्धजन की सहायता और उपचार में मदद के लिए विशेष पहल की जाएगी। जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में नौकरी कर रहे, उन्हें यहां आनंद धाम या वृद्धाश्रम में रहने पर यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को अस्पताल में दाखिल करवाया जा सके, इसके लिए अस्पताल में बेड भी आरक्षित किए जाएंगे। इन जगहों पर खुलेंगे वृद्धाश्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के आयुक्त को उज्जैन, ओरछा, ओंकारेश्वर एवं चित्रकूट में वृद्धजन के लिये वृद्धश्रम संचालित करने तथा उनमें वृद्धजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। 80 से ज्यादा वृद्धाश्रम चला रहा विभाग यहां पर यह बता दें कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रदेश में 83 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन वृद्धाश्रमों में वृद्धजन को आवास, भरण-पोषण, मनोरंजन, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वृद्धजन के लिये प्रदेश में 11 नवीन 50 सीटर वृद्धाश्रम भवन बैतूल, गुना, झाबुआ, मुरैना, सिंगरौली, उमरिया, सतना, जबलपुर, खरगौन, टीकमगढ़ एवं सीधी में संचालित हैं। उज्जैन के कुष्ठ धाम भी पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृहनगर उज्जैन में कुष्ठ धाममें आयोजित दीपावली उत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और दीपोत्सव मनाया। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। वृद्धजनों की मुस्कराहट और उनके आशीर्वाद ने आज दीपोत्सव के पावन पर्व दीपावली का आनंद दोगुना कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश दुकानदारों नागरिकों को दिया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ दीपावली की खुशियां मनाई। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दीपावली की मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके कुशल क्षेम पूछी। उनके साथ फोटो खिंचवाये। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों तथा नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उज्जैन शहर के नागरिक भी मुख्यमंत्री से आत्मीयता के साथ मिले मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी खुशी देखते ही बनती थी। नागरिक आत्मीयता की उष्मा से सरोबार थे। कई स्थानों पर नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कई दुकानों के अंदर जाकर दुकान संचालकों से मुलाकात की। दुकानदारों के परिजनों से भी चर्चा की। इस दौरान फ्रीगंज में प्रकटेश्वर महादेव मंदिर तथा राम लक्ष्मण मंदिर में दर्शन किए , पूजा अर्चना की सबको दीपावली की शुभकामनाएं दी। उज्जैन के फ्रीगंज में राह में चलते हुए मुख्यमंत्री को देखकर दिव्यांग दंपत्ति परमानंद तथा रेखा प्रजापत ने मुख्यमंत्री से कार्तिक मेला क्षेत्र में अपने स्वरोजगार के लिए एक दुकान उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को बुलवाया और दिव्यांग दंपति को उनकी मांग के अनुसार दुकान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। दिव्यांग दंपति प्रसन्नचित् होकर अपने घर को रवाना हुए। फ्रीगंज क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने गन्ने की चरखी चलाने वाले ललित पाटिल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्वयं चरखी पर गन्ने का रस निकाल कर उपस्थित जनों को पिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहजता सरलता देखकर नागरिक अभिभूत थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास पर दीपावली के अवसर पर पूजा अर्चना की। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे  

राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित

शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं : राज्यपाल पटेल संस्कार आधारित शिक्षा पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का रहा है विशेष महत्व राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित 54 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए सिंगल क्लिक से किए 324 करोड़ रुपये अंतरित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों किया गया सम्मानित नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एज्यूकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षक हुए सम्मानित राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक सम्मान तथा गणवेश वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं। उनकी महत्ता इस बात से ही समझी जा सकती है कि माता-पिता, बच्चों को जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ आदर्श नागरिक बनाते हैं। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी है। यह समाज में समानता, स्वावलम्बन और स्वाभिमान के गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में देश प्रेम के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद के गुणों को विकसित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, अपना काम यह मानकर करें कि वे न सिर्फ बच्चों को विद्यादान कर रहे हैं बल्कि विकसित और विश्वगुरू भारत के निर्माण में योगदान भी दे रहे हैं। राज्यपाल पटेल प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा गणवेश राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आम का पौधा रोपा। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित 14 शिक्षकों, वर्ष-2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दो शिक्षकों और राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में तीन विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश के लिए 324 करोड रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। सीएम राइज़ स्कूल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ स्व-रोजगार और स्वावलम्बन के लिए तैयार करें। उन्हें आज के प्रतियोगी युग में जुझारू और सफल बनने का हुनर सिखाएं। शिक्षक, बच्चों में शेयर एण्ड केयर, नैतिकता, दया, सहयोग आदि नैतिक गुणों को रोपें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। इसी क्रम में सीएम राइज स्कूल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की विशेष पहल है। यह परियोजना बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बेहतरी में सफल होगी। तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है श्रीमद् भगवद् गीता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से पाठ्यक्रम में संस्कार आधारित शिक्षा के समावेश और क्रियान्वयन के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में ऐतिहासिक रूप से गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय समाज ने हर काल परिस्थिति में देश के सामने आने वाली चुनौती में प्रभावी तरीके से महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हर चुनौती पूर्ण स्थिति में देश की शैक्षणिक संस्थाएं अपने दायित्व निर्वहन में सक्रिय और सजग रही हैं। भगवान श्रीराम के काल में शिष्य के रूप में प्रशिक्षित हो रहे श्रीराम और लक्ष्मण ने भी दृढ़ता पूर्वक तत्कालीन चुनौतियों का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम आकर 64 कला, 14 विद्या, 18 पुराण, चारों वेद और शस्त्र और शास्त्र के बीच तालमेल में निपुण हुए। घनघोर युद्ध में उनके मुखारविंद से निकली वाणी, श्रीमद् भगवद् गीता के स्वरूप में विश्व के सामने आई है। यह तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य का प्रमाण और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है। चंद्रगुप्त और चाणक्य के रूप में भी परंपरा की इस निरंतरता के दर्शन होते हैं। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य ने भी आक्रांताओं को परास्त कर व्यवस्था स्थापित की। लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव किए प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की सभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ आधार की निरंतरता स्पष्टतः परिलक्षित होती है। इसी का परिणाम है कि शक्ति और सामर्थ्य का आधार हमारी शैक्षणिक और बौद्धिक संस्थाएं, शत्रु के आक्रमण का सदैव निशाना बनी और आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला और नालंदा को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारत के गौरवशाली अतीत पर केंद्रित पाठ्यक्रम का समावेश किया है। भारत, संपन्न और शक्तिशाली बनने के साथ ही विश्व गुरु बनने के मार्ग पर निरंतर अग्रसर है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन:- सर्वे सन्तु निरामय: के उद्दात भाव से संपूर्ण विश्व में मानव मूल्यों को स्थापित करने के पथ पर अग्रसर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण, बेहतर परिवेश, बेहतर व्यवस्था, बेहतर संसाधन और बेहतर परिणाम के लिए विभाग निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष 74 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों … Read more

राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को नई सौगातें देने पर प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार CM यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के ग्यारसपुर से राहतगढ़ खंड को 4-लेन में अपग्रेड एवं विकास करने के लिए 903.44 करोड़ रुपए की मंजूरी निश्चित ही इस क्षेत्र के साथ प्रदेश की प्रगति में नया अध्याय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय अभिनंदनीय है। पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार से 8 हजार रुपए प्रतिमाह किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र कैबिनेट द्वारा आज जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए प्रतिमाह देने निर्णय से मध्यप्रदेश सरकार का एक और संकल्प पूर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पेसा मोबिलाइजर्स को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहाकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिएपूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं। अंतरिक्ष के लिए उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा IN-SPACe के अंतर्गत अंतरिक्ष के लिए एक हजार करोड़ के उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान करने के निर्णय का भी स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कोष अंतरिक्ष क्षेत्र में कार्यरत लगभग 40 स्टार्टअप को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित यह निर्णय भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निजी क्षेत्र के निवेश की भागीदारी बढ़ाते हुए इसकी प्रगति भी सुनिश्चित करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज़ स्कूल रतलाम को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की श्रेणी में रतलाम के विनोबा भावे सीएम राइज़ स्कूल को लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार-2024 से सम्मानित किए जाने पर देश व प्रदेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीएम राइज़ स्कूल ने विश्व में भारतीय शिक्षा की पताका फहराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश सरकार सदैव विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रचने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उल्लेखनीय है कि लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ये पुरस्कार उन स्कूलों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामुदायिक प्रभाव का प्रदर्शन किया है। लंदन की संस्था T-4 एजुकेशन ने गुरुवार को वर्चुअल कार्यक्रम में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल की घोषणा की।  

भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल और मुख्यमंत्री 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में सीधे अंतरित होगी 324 करोड़ रूपये की गणवेश राशि भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुशिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें श्रीमती सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।  

ब्रिटानिया वेफर बिस्किट बनाने वाली उत्तर भारत की पहली यूनिट बनेगी ग्वालियर की यह इकाई

 ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में ग्वालियर में गत अगस्त माह में हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में किए गए वायदे के अनुरूप जेबी मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ग्वालियर में निवेश बढ़ाने जा रही है। इस सिलसिले में जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से मुलाकात कर उन्हें निवेश के बारे में जानकारी दी। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का हिस्सा बन चुकी मंघाराम कंपनी के प्रबंधन ने जानकारी दी कि ब्रिटानिया उत्तर भारत में ग्वालियर स्थित अपनी इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है। ब्रिटानिया इस बिस्किट का निर्माण अभी केवल दक्षिण भारत में करती है। वेफर बिस्किट बच्चों के सबसे पसंदीदा बिस्किट में शामिल हैं। मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्वालियर इकाई में होने जा रहा नया निवेश महिलाओं के लिये समर्पित रहेगा। इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण का काम पूरी तरह महिला विंग करेगी। इससे ग्वालियर अंचल की महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण होगा। साथ ही उनके परिवारों में भी खुशहाली आयेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन को आश्वस्त किया कि राज्य शासन व जिला प्रशासन से उन्हें फैक्ट्री के विस्तार में हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। आउटसोर्स कर्मचारियों का भी बीमा करायेगी जेबी मंघाराम फैक्ट्री ग्वालियर में निवेश बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा के लिये कलेक्ट्रेट पहुँचे जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य बीमा सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया और कहा कि फैक्ट्री में आउटसोर्स से लगभग 700 से 800 कर्मचारी काम करते हैं। इन सभी के स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कंपनी भरेगी, जिससे सभी का बीमा हो सके।  

देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है

साधु-संतों ने उज्जैन में भी स्थायी आश्रम बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय को सराहा स्वामी अवधेशानंद जी ने संतों के प्रति संवेदनशीलता के लिए मुख्यमंत्री को दिया साधुवाद देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है अखाड़ा परिषद ने निर्णय को बताया विकासोन्मुखी भोपाल उज्जैन में वर्ष 2008 में होने वाले वैश्विक सिंहस्थ की तैयारियां राज्य शासन ने अभी से शुरू कर दी है। सिंहस्थ में पूरे देश से आने वाले साधु-संतों से भी उज्जैन की पहचान सदैव से रही है। साधु-संतों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्थायी आश्रम निर्माण के लिए की गई घोषणा को पूरे देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई इस महत्वपूर्ण पहल का उज्जैन से लेकर हरिद्वार तक संत समाज ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय को अत्यंत ही महत्वपूर्ण बताते हुए विकास के लिये नये आयाम स्थापित करने वाला बताया है। महांमडलेश्वर और अखाड़ों के प्रमुखों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में चिरकाल से अंतर्निहित “सर्वं खल्विदं ब्रह्म नेह नानास्ति किंचन” व “आत्मवत सर्व भूतेषु” जैसे दिव्य भावों के संपोषक, लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा पारमार्थिक प्रवृत्तियों के प्रसारक संत सत्पुरुष ही हैं। स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार उज्जैन में हरिद्वार की भाँति साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर इत्यादि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाना, अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उज्जैन तीर्थ विकास एवं संतों के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता के लिये मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर 1008 आनंद विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने कहा कि संतों में बड़ा उल्लास और खुशी है। सिंहस्थ क्षेत्र उज्जैन में जो अखाड़ों की जगह है, संतों की जमीन है, उसमें पर्यावरण को बचाते हुए स्थायी निर्माण के लिए सभी संत समाज के लोग उनका स्वागत करते हैं। इससे हरिद्वार जैसा विकास उज्जैन का भी हो जाएगा, जब सभी संत महापुरुषों का वहां आश्रम बनेगा। राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सूझबूझ और विवेक से अभुतपूर्व और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कुंभ मेला भारत के चार पवित्र स्थानो पर लगता है उसमें एक अवंतिका पुरी उज्जैन भी है। प्रसन्नता की बात है कि कुंभ, अवंतिका और मध्यप्रदेश के शासनकाल के इतिहास में डॉ. यादव के निर्णय से कुंभ-2028 में देश के उच्च कोटि के महात्मा तंबूओ में न रहकर पक्के आश्रम में रहेंगे। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्णय इस लिये लिया है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। डॉ. यादव ने संकल्प लिया है कि 2028 में जो कुंभ आएगा उसमें हम देश के जितने भी निर्धारित अखाड़े हैं, उन सभी अखाड़ों का स्थायी निर्माण करके दिया जाएगा। उसके लिए एक हेक्टेयर के भू-खंड पर 25 प्रतिशत पर भवन निर्माण किया जा सकेगा। शेष भू-खंड अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिये खुला रहेगा। उन्होंने सन्यासी होने के नाते देश के तमाम साधु-संतों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद दिया। आचार्य महामंडलेश्वर श्रीपंचदशनाम आव्हान अखाडा हरिद्वार के अरुण गिरी जी महाराज (अवधूत बाबा), बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम, (राज्यसभा सांसद), महंत रामेश्वर गिरी महाराज, सचिव श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, अध्यक्ष, शैव मंडल उज्जैन, पीर रामनाथ जी महाराज, गादीपति, भर्तहरि गुफा, उज्जैन एवं महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज अध्यक्ष रामादल अखाड़ा परिषद उज्जैन ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है।  

देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है। उद्योग और निवेश गतिविधियों को विस्तार देने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में विद्यमान हैं। प्रदेश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के लिए प्रस्थान करने से पहले निवास पर अपने संदेश में यह बात कही। प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए उद्योगपति रूचि प्रकट कर रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 3 लाख 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सॄजित करने में मदद मिली और लगभग 2 लाख 45 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव भी तैयार हैं। प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत निवेशक और उद्योगपति अपनी गतिविधियों के विस्तार में रुचि प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर कार्य करने का अवसर मिले, ब्रेन ड्रेन रुके, इस उद्देश्य से भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। साथ ही प्रदेश में विभिन्न विभागों में 1 लाख से अधिक नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ हो रही है।  

5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का M मोहन ने किया शुभारंभ करेंगे, झोली भरकर विंध्य आये खास मेहमान

रीवा  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज रीवा में है, जो सबसे ज्यादा सफल होगी। अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला… तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले। रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिलेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्य प्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रही है। खासकर के हमारे आईटी का सेक्टर हो या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश के अंदर उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हम रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए मुंबई, कोयंबतूर, बेंगलुरु और कोलकाता इत्यादि स्थानों पर रोड शो करके भी आए हैं, जिसके सुखद परिणाम भी मिले हैं। डॉक्टर यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल हैं जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा। निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री विन्ध्य क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री शाम 6 बजे एयरपोर्ट रीवा से वायुयान से प्रस्थान कर शाम 6.50 बजे एयरपोर्ट भोपाल पहुंचेगे। विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं: उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पावर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी। मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना रीवा संभाग रीवा संभाग, जो मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, आज तेजी से एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीनता, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और खनिज भंडारों के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अनगिनत अवसर प्रस्तुत करता है। यहां न सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, बल्कि इसके पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व ने भी इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। रीवा संभाग के औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा, गुढ़, बाईपास, और त्योथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, कृषि आधारित उद्योग, धातु उद्योग, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योग प्रमुखता से उभर रहे हैं। रीवा का हवाई संपर्क जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार और भी बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को माल की ढुलाई और उत्पादों की आपूर्ति में आसानी हो रही है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर रीवा संभाग का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे पर्यटन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां स्थित रीवा किला, गोविंदगढ़ का किला, और मुक्ति धाम जैसे स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, रीवा के साथ जुड़ी बघेलखण्ड की संस्कृति ने भी इस क्षेत्र को एक विशिष्ट पहचान दी है। खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता रीवा संभाग खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर, डोलोमाइट, और बॉक्साइट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन खनिज संसाधनों का दोहन स्थानीय उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलता है। पर्यटन और पौराणिक महत्व रीवा संभाग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। केऊटी जलप्रपात, चित्रकूट और सिद्ध बाबा जैसे स्थानों का पर्यटन महत्व है, जो न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र … Read more

वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक केन्द्र के रूप में करेंगे स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज 23 अक्टूबर को रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक अवसरों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया गया है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में हुई आरआईसी को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रीवा स्थित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाली कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 50 से अधिक प्रमुख निवेशक और 3 हजार से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस राज्य के प्रमुख क्षेत्रों— ऊर्जा, खनन, कृषि, डेयरी, खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन एवं हस्तशिल्प में निवेश को प्रोत्साहित करने पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल का उद्देश्य राज्य में निवेशकों और उद्यमियों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करना है, जिससे औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। प्रेजेन्टेशन के साथ राउंडटेबल और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विभिन्न विभाग औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, आईटी, खनन, ऊर्जा और पर्यटन विभागों द्वारा प्रमुख प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंडटेबल-सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग के उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। चार सेक्टोरल-सत्र भी होंगे, जो एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन एवं खनिज, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में निवेश अवसरों पर केंद्रित होंगे। वन-टू-वन बैठकें और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव से 20 से अधिक निवेशक वन-टू-वन बैठक करेंगे, जिससे सरकार और निवेशकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रीवा आईटी पार्क और चुरहटा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र सहित 20 से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों का वर्चुअल भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 80 से अधिक निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को और सरल बनाएंगे। ओडीओपी और जी-2-सी प्रदर्शनी स्टॉल कॉन्क्लेव में ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और जी-2-सी (सरकार से नागरिक) स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड, कस्टम विभाग, ईसीजीसी लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट और हस्तशिल्प विकास निगम सहित 16 से अधिक विभाग और संस्थान शामिल होंगे। यह प्रदर्शनी उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने व्यावसायिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से ले सकेंगे। व्यापारिक प्रोत्साहन और अवसर कॉन्क्लेव का उद्देश्य न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है, बल्कि निवेशकों और उद्यमियों के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बनाना है। बिज़नेस प्रमोशन सेंटर के अंतर्गत, विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नवीनतम नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। नवकरणीय ऊर्जा पर राउंड टेबल सत्र और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंड टेबल-सत्र होगा, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ पर्यावरणीय संतुलन और औद्योगिक विकास पर चर्चा करेंगे। साथ ही, चार थीमेटिक-सत्रों के माध्यम से एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। वाइब्रेंट विंध्य: औद्योगिक विकास की नई दिशा रीवा में होने वाली कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण के साथ, यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। वाइब्रेंट विंध्य का यह आयोजन न केवल विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व में प्रदेश सरकार के समर्पण और प्रयासों से राज्य जल्द ही एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की राह पर अग्रसर है।  

25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले, तहसील, विकासखंड और संभागों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-प्रतिनिधि और आमजन से आमंत्रित हैं सुझाव विभागों में लगभग एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां 11 विभाग समन्वित रूप से चलाएंगे रोजगार के लिए अभियान 25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़कों के लिए प्रदेश को लगभग 30 हजार करोड़ की सौगात देने केन्द्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार माईनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्राप्त हुए 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर गौ-शालाओं में होंगे कार्यक्रम गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत मंत्रीगण गृह जिलों के कार्यक्रमों में होंगे शामिल शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को 28 अक्टूबर को मिलेगा वेतन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। आमजन और जन-प्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदनों पर विचार के बाद अनुशंसाएं पुनर्गठन आयोग द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभागों में अपने दौरे प्रारंभ करेगा, आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। जन-सुविधा की दृष्टि से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे लोग सरलता से अपने सुझाव आयोग को पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध होगी स्किल्ड लेबर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सृजन, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों के सृजन के लिए 11 विभाग समन्वित रूप से प्रयास कर रहे हैं। उद्योग, एमएसएमई, कृषि -उद्यानिकी आदि विभागों के साथ तालमेल करते हुए अगले 4 साल में रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। प्रदेश में जारी इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के परिणाम स्वरुप स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों के लिए स्किल्ड लेबर उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी मिले इस उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। सभी विभागों में लगभग 1 लाख तक भर्तियां होंगी, जिसकी प्रक्रिया अभियान के रूप में आरंभ की जा रही हैं। सुखद है आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रीवा में प्रदेश के छठवें विमानतल का लोकार्पण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बघेलखंड, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे जन-सुविधा प्राप्त होने के साथ विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना सुखद है। इंदौर से उज्जैन के बीच भी 1500 रुपए में विमान यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधियों से प्रदेश में विमान सेवा को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जन-सामान्य को विमान यात्रा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा। 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, अब तक 3 लाख 44 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन करवा लिया गया है। किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर सोयाबीन का उपार्जन 1400 से अधिक केन्द्रों पर आरंभ हो रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण को उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दीपावली के दृष्टिगत प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरण 28 अक्टूबर को कर दिया जाएगा। खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना को किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में 19 अक्टूबर को भोपाल में इंडियन रोड कांग्रेस का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश को 7 सड़कों के लिए 9390 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई। साथ ही 27 सड़कों के लिए 20 हजार 403 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां केन्द्र सरकार से शीघ्र ही प्राप्त होने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में खनन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने और खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना पर भी कॉन्क्लेव में विचार-विमर्श हुआ। दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय तथा अनुदान प्राप्त गौ-शालाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिलों की गौ-शालाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों में गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों और विकास एवं जन-कल्याण के कार्यक्रमों तथा योजनाओं की जानकारी जन-सामान्य को प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आश्रमों और साधु-संतों के अखाड़ों के लिए की जा रही नवीन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी।  

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