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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती है। संवेदनशील अधिकारी, समाज और राष्ट्र के सच्चें सेवक होते है। वे अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को बहुत कुछ दे सकते है। इसीलिए अपने कार्य व्यवहार में अधिकारियों को संवेदनशीलता के भाव को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्रीमती सोनाली मिश्रा मौजूद थी। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि इस पद तक पहुँचाने में आपके माता-पिता और गुरुजनों की विशेष भूमिका है। समाज के हर व्यक्ति का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान है। उन सबके प्रति कृतज्ञता के भाव को जीवन में हमेशा याद रखे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सभी युवा अधिकारी, विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। विकसित भारत के लिए ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की पहल करे, जिसमें जनता कानून लागू करने वालों से नहीं डरे, बल्कि कानून का सम्मान करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आम आदमी आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून व्यवस्था के संरक्षक और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी मानते है। उनके विश्वास पर खरा उतरना ही आपके कार्य की सफलता की कसौटी होगी। अपनी शक्तियों का उपयोग, समाज के अंतिम पंक्ति और कमजोर व्यक्ति को सशक्त बनाने में करे। साइबर क्राइम के बदलते स्वरूपों के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील और पेशेवर पहचान बनाने में आपकी मेधा और ज्ञान महत्वपूर्ण है। बिना भय, विलम्ब और पक्षपात के कार्य कर स्वयं के उदाहरण से पुलिस बल को प्रेरित करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौती, साइबर क्राईम और इसके बदलते स्वरूपों के प्रति जागरूकता और नवाचार बहुत जरुरी है। आमजनों और विशेष कर वंचित वर्गों को नवीनतम साईबर खतरों जैसे- डिजिटल अरेस्ट आदि विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाचारों के साथ प्रयास करे। राज्यपाल पटेल का स्वागत, प्रशिक्षु अधिकारी सुउर्वशी ने किया। राज्यपाल पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक, श्रीमती मिश्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2022 और 2023 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के कुल 11 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल है। आभार प्रदर्शन अकादमी के उपनिदेशक मलय जैन ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अन्य अधिकारी और संबंधित उपस्थित थे।  

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया भोपाल प्रदेश स्थापना दिवस सहित 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस 1 नवंबर पर आज राजभवन में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु राज्यों और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और पुडुचेरी केंद्र शासित क्षेत्रों का स्थापना दिवस, समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक वैभव को दिखाने वाली लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर राजभवन मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस समारोह “अखंडता का उत्सव” का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में राज भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के रहवासी छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा,दिल्ली कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मूल निवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उनके राज्यों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव का विवरण दिया। राज्यपाल के प्रति राज्यों के स्थापना दिवस आयोजन के लिए आभार ज्ञापित किया। पारस्परिक रूप से राज्यों के स्थापना दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने विभिन्न राज्यों के मूल निवासियों का स्वागत करते हुए सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्नताओं में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता है। प्रत्येक देशवासी की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए हम सब देशवासी एकमत और एकजुट होकर कार्य करें। यही आयोजन की मंशा है। उन्होंने राज्यपाल की ओर से अन्य राज्यों के कार्यक्रम में सम्मिलित मूल निवासियों को मध्यप्रदेश की जनजातीय कला के चित्र स्मृति प्रतीक के रूप में भेंट किये। कार्यक्रम के अंत में  सहभोज का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया। आभार प्रदर्शन लाइब्रेरियन अमित दीक्षित ने किया।  

राज्यपाल पटेल को रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में किया आमंत्रित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल इस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज जो मध्यप्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है, इस वर्ष अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती समारोह मना रहा है। 1964 में स्थापित, रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज ने विंध्य क्षेत्र के तकनीकी शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कॉलेज के पूर्व छात्र आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें रक्षा क्षेत्र (सेना, वायुसेना, नौसेना और डीआरडीओ), तेल और गैस क्षेत्र (ओएनजीसी, आईओसी आदि), परमाणु ऊर्जा (बार्क, एनपीसीआईएल), विद्युत क्षेत्र (एनटीपीसी, एनएचपीसी), निर्माण क्षेत्र (भेल, सेल), और शासकीय सेवाओं (आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईईएस) सहित निजी क्षेत्रों के प्रतिष्ठान शामिल हैं। हीरक जयंती समारोह का मुख्य कार्यक्रम 8 से 10 नवंबर 2024 तक आयोजित होगा। यह समारोह कॉलेज के 60 वर्षों की समृद्ध यात्रा और उपलब्धियों का उत्सव होगा, जिसमें अनेक पूर्व छात्र और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।  

राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत

आयुर्वेद को आगे बढ़ाना, भारतीय संस्कृति का प्रचार : राज्यपाल पटेल  हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। । प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया

श्रमिकों के सम्पूर्ण कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध- श्रम मंत्री पटेल प्रदेश में श्रम विभाग ने प्राप्त की विशेष उपलब्धियाँ – श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रम विभाग की उलब्धियों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल द्वारा प्रदेश में उज्जैन, पीथमपुर, भोपाल, जबलपुर एवं सतना में 05 आदर्श श्रम केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया गया है। श्रमोदय आदर्श आई टी आई-मुगालिया छाप में संचालित ट्रेड सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट, टैकनीशियन मैकाट्रोनिक्स, एडवांस सीएनसी मशीनिंग टेक्नीशियन केवल प्रदेश में श्रमोदय आईटीआई में ही संचालित है, यह विशेष उपलब्धि है। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रम मण्डल की “अंतिम संस्कार सहायता योजना” का लाभ केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही मण्डल की “अनुग्रह सहायता योजना” (अध्यक्ष का विवेकाधीन कोटा) का लाभ पहले केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है, इस वर्ष 50 श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय किये जायेगें। मंत्री पटेल ने बताया कि मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नियोजक का अभिदाय 30 रु. के स्थान पर 50 रु. प्रति छः माह एवं नियोजक का न्यनतम् अभिदाय 1500 के स्थान पर 2500 रु. प्रति छः माह वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। मण्डल दुद्वारा वर्तमान में संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इन्दौर की प्रतियोगिता 08 अक्टूबर को संपन्न हो चुकी है एवं 18 अक्टूबर को उज्जैन में प्रतियोगिता संपन्न हो रही है। शेष संभागों में भी निर्धारित तिथि पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेंगी। मंत्री पटेल ने कहा कि मण्डल की योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से करना होते है। अब लोक सेवा केन्द्र के साथ मण्डल द्वारा संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों पर भी श्रमिक अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकेगें। मण्डल को 95% अभिदाय ऑनलाईन प्राप्त हो रहा है। मण्डल में भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन अभिदाय का भुगतान प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियोजकों को अभियोजन की कार्यवाही से निजात दिलाने हेतु प्रशमन का प्रावधान किया गया है, जिससे नियोजकों को अभियोजन प्रक्रिया से राहत मिली है। हितग्राहियों को हितलाभ का भुगतान उनके आधार बेस, बैंक अकाउंट में ही किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की उपलब्धियों के बारे में मंत्री पटेल ने जानकारी देते हुए बताया किमध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों की संतानों हेतु स्कूल छात्रवृत्ति योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत कक्षा 01 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को 2300 रूपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति का लाभ प्रदाय किया जायेगा।उन्होंने कहाई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर क्रय करने पर 40,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “दिव्यांग सहायता अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा दिव्यांगजन हेतु उपकरण क्रय करने पर 35,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। मंत्री पटेल ने बताया कि श्रमिक ग्रामीण आवास हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिन्हें “प्रधानमंत्री आवास योजना” (ग्रामीण) अंतर्गत आवास आवंटित होगा, उन्हें मंडल की ओर से 50,000 रूपये की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। “औजार/उपकरण खरीदी हेतु अनुदान योजना” 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा औजार/उपकरण की खरीदी करने पर मंडल की ओर से 10,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जायेगा। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के समस्त 16 नगर निगमों में पी.आई.यू. के माध्यम से 100 बिस्तर के श्रमिक विश्राम गृह का निर्माण किया जा रहा है। प्रति श्रमिक विश्राम गृह की लागत 6.10 करोड़ रूपये होगी। इनमें निःशुल्क ठहरने एवं रियायती दरों पर भोजन की व्यवस्था होगी। इनका संचालन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति द्वारा किया जायेगा। प्रदेश में 05 नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय सागर, रीवा, उज्जैन, शहडोल एवं बालाघाट में शुरू किये जावेगें। इन 05 नवीन श्रमोदय विद्यालयों की कुल निर्माण लागत 310 करोड़ रूपये एवं प्रति वर्ष कुल संचालन व्यय 50 करोड़ रूपये होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में अनुग्रह सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित किये गये हितग्राहियों का सोशल ऑडिट करवाया जा रहा है। मंडल की सभी योजनाओं में आधार आधारित भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें हितग्राही को उसके आधार से लिंक बैंक खातें में राशि डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त होती है।  

राज्यपाल पटेल केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्पर्धा के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रतियोगिता में भाग लेने से नया जोश और मनोबल तो मिलता ही है, साथ ही अपने और दूसरों के प्रदर्शन के अनुभव से कौशल का नया स्तर प्राप्त होता है। प्रतियोगिता में ज्ञान और कौशल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हार-जीत से कही अधिक महत्वपूर्ण हमारी संस्कृति, सुसंस्कृत जीवनशैली की गरिमा और गौरव का सम्मान है। राज्यपाल पटेल आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्पर्धा, युवा महोत्सव 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विशिष्ट ग्रंथों, “सर्वसमावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानन्द सरस्वती” और “भारतीय ज्ञान परम्परा शिक्षक शिक्षा” का लोकार्पण किया। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, युव संसद जयपुर के संस्थापक आशुतोष जोशी मंचासीन थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आधुनिक मानव जीवन से जुड़े क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी जीवन आदि कई विषयों में संस्कृत ज्ञान निधि की प्रासंगिकता आज बढ़ रही है।दुनिया में संस्कृत भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रमुख ज़रिया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिसमें संस्कृत के ज्ञान को आधुनिक और शोध परक दृष्टि से देखा जाए और ज्ञान के नए स्वरूप को प्रकाशित किए जाए। समय की आवश्यकता है कि हमारे पास ऐसे युवा हो, जिनमें संस्कृत के साथ कम्प्यूटर कोडिंग की तकनीक और अनुसंधान का सामर्थ्य हो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण प्रयासों के लिए जड़ों से जुड़ें वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम युवाओं का निर्माण समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा की भारतीय ज्ञान परम्परा को भविष्य की दृष्टि से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय से भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी लेना होगी। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र, सर्वांगीण विकास में ऐसे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल स्पर्धाओं के आयोजन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होते है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से प्रारम्भ होकर 55वीं वर्ष गांठ के अवसर तक विश्व में संस्कृत का पर्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मल्टी डिसिप्लिनरी, बहुपरिसरीय विश्वविद्यालय है, जिसमें 12 परिसर, 28 महाविद्यालय और 105 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय विधिशात्र, नाट्य शास्त्र के पाठ्यक्रम के साथ ही बी.ए. ऑनर्स, संस्कृत, सिविल सर्विसेज, शुरू किया गया है, जिसमें संस्कृत एवं सिविल सर्विसेज के पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के 5 में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर की एक वर्षीय उपाधि भी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को नेक द्वारा A++ की ग्रेडिंग प्राप्त है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विगत 2 वर्षों से सफलता पूर्वक क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश के 12 प्रांतों में प्रस्तारित है। आयोजित, प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय स्पर्धा के विजेता शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए विषय विशेषज्ञ विद्वान शामिल है। धन्यवाद ज्ञापन भोपाल परिसर के सहायक निदेशक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन कर पूजन किया। परिसर के छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं नाट्य अनुसंधान विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, शंख और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।  

मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं

श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों के हित साझा हैं : श्रम मंत्री पटेल  तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं : श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं संबल बोर्ड, श्रम कल्याण और भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक सम्पन्न भोपाल श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में श्रम विभाग के तीनों मंडलों के संचालक मंडल की बैठक ली। बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों के हित साझा हैं। उन्होंने कहा कि तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने ऐसी नीतियाँ बनाई हैं जिससे गरीब मजदूरों को आर्थिक मदद एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिजन विकास की मुख्य धारा से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में सहभागी बनते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि तीनों मण्डल इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई श्रमिक परिवार सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। श्रम कल्याण मंडल की बैठक में संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये संचालित अंतिम संस्कार सहायता एवं अनुग्रह सहायता योजना का लाभ पात्र श्रमिक के परिवारजनों को भी दिये जाने का निर्णय लिया गया। परिवार के सदस्यों में पति-पत्नी और बच्चों के अलावा माता-पिता को भी शामिल करने का मण्डल के सभी सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत आने वाले दिव्यांग श्रमिकों को ई-ट्राईसाइकिल दिये जाने जाने का निर्णय लिया गया। देय श्रमिकों के अभिदाय दरों में वृद्धि पर मण्डल सदस्यों ने सहमति दी। संबल बोर्ड की बैठक में मंत्री पटेल द्वारा अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत हितलाभ वितरण को परिवार का संबल बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार की मंशा है कि श्रमिक परिवार को सरकार की सभी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिले। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में उद्योगपति और श्रमिक दोनों के बीच बेहतर समन्वय है। जो प्रदेश के आर्थिक विकास की नींव है। बैठक में संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों एवं निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिये कई नई योजनाओं के संचालन का निर्णय लिया। बैठक में 5 नये स्थानों सागर, रीवा, शहडोल, उज्जैन और बालाघाट में श्रमोदय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। माइग्रेंट श्रमिकों के निवास के लिये 16 नगर निगम में सर्वसुविधायुक्त श्रमिक विश्राम गृह खोलने के निर्णय पर भी सहमति हुई। निर्माण श्रमिकों का अब निशुल्क पंजीयन होगा। साथ ही श्रमिक पोर्टल के माध्यम से पंजीयन का नवीनीकरण ऑनलाइन करा सकेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव श्रम उमाकांत उमराव, श्रम आयुक्त धनराजू एस एवं तीनों मंडलों के सचिव रत्नाकर झा सहित बोर्ड मेंबर उपस्थित थे।  

राज्यपाल से राजभवन में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकसेवा पात्र, जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा करने का सुअवसर है। उन्होंने डिप्टी कलेक्टरों से कहा कि “लोकसेवा” शब्द का अर्थ गहराई से समझें। जनता की सेवा के भाव को अपने मन में सदैव सबसे ऊपर रखें।  सेवाकाल में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने में ही जीवन की सार्थकता है। राज्यपाल पटेल नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय एकेडमी भोपाल में प्रशिक्षणाधीन राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के ग़रीब कल्याण कार्यक्रमों को सफल बनाना लोक सेवकों की ज़िम्मेदारी है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनका मूल कर्तव्य है। अपने सेवाकाल में हमेशा बड़े-बुजुर्गों, दिव्यांगों और वंचितों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राज्य की सेवा करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का अंग बनने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण से जुड़ी बातें, नियमों और अधिनियमों को बारीकी से सीखें। प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक, चुनौतियों के अनुरूप समाधान का दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने प्रशासनिक अकादमी भोपाल द्वारा अधिकारियों को स्वच्छ और संवेदनशील लोक-सेवक बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई भी दी। जनजाति समुदाय के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनजाति वर्ग का विकास बहुत जरूरी है। प्रशिक्षु अधिकारी जनजाति समुदाय के प्रति हमेशा सरल, संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उनके साथ आत्मीय, सीधा और जीवंत सम्पर्क बनाए। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में अपना  योगदान दें। महानिदेशक नरोन्हा एकेडमी, भोपाल जे.एन. कंसोटिया ने स्वागत उद्बोधन में राज्यपाल पटेल को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल पटेल का संचालक प्रशासनिक अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रशिक्षु अधिकारी सुप्रियंका भलावी और आशुतोष महादेवसिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। विधि भारद्वाज ने आभार माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।  

नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व -राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भगवान राम दानवों का वध कर विजयादशमी पर आए थे। उसी तरह नवरात्रि का महोत्सव माँ अम्बे की नौ दिवस की आराधना से प्राप्त शक्ति से अपने अंदर की बुराईयों को समाप्त करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि गुजराती समाज खूब प्रगति करे क्योंकि समाज की उन्नति से प्रदेश की और प्रदेश की उन्नति से देश की प्रगति होती है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को गुजराती समाज भोपाल के द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत छोटे बच्चों को पौधे वितरित किए। सरदार पटेल भवन के भूतल हॉल का उद्घाटन किया। माँ अम्बे के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले गरबे का अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजराती समाज के सदस्य और नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने इंदौर के गरबा उत्सव में शामिल होने और वहां पर 1100 गरबा आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल में भी माँ अम्बे की झाकियां, गरबे देखे है। पटेल ने कहा कि पिछले 3 साल से वह गुजराती समाज के गरबा महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजराती समुदाय को नवरात्रि के प्रथम दिवस पर राजभवन में गरबे के लिए आमंत्रित करते है। समुदाय के अष्टमी के आयोजन में आकर शामिल होते है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के बच्चों और युवाओं को माँ अम्बे की आराधना और जीवन के नैतिक मूल्यों के संस्कारों से संस्कारित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय पहल है। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल पटेल ने माँ अम्बे की आरती की गुजराती समाज भोपाल के अध्यक्ष संजय पटेल सहित समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत अभिनंदन किया।                   

राज्यपाल ने गांधी जयंती पर स्वच्छता सेवियों का किया सम्मान

राज्यपाल मंगुभाई पटेल भजन संध्या संत वाणी कार्यक्रम में हुए शामिल बंदिश, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे भजनों की राजभवन में हुई प्रस्तुति राज्यपाल ने गांधी जयंती पर स्वच्छता सेवियों का किया सम्मान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल गांधी जयंती पर आयोजित भजन संध्या संत वाणी में शामिल हुए। राजभवन के उत्कृष्ट सफाई मित्रों और भोपाल के स्वच्छता सेवियों को सम्मानित किया। राजभवन के सांदीपनि सभागार आयोजित भजन संध्या में गायन की बंदिश, भाषा के बंधन और भौगोलिक सीमाओं से परे भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर संस्कृति राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेद्र सिंह लोधी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द गुप्ता, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या मे भक्त श्रोतागण उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजभवन की हेड जमादार श्रीमती रूमा बाई, सफाई कर्मचारी मूलचंद बसोड़ और एजेन्सी सफाई कर्मचारी महेश बिछौले को पदक, प्रमाण पत्र और स्वच्छता किट प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर भोपाल नगर के स्वच्छता सहयोगी अशासकीय संस्थाओं के संस्थापकों को भी सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में स्वच्छता किटी ग्रुप भोपाल की को-फाउंडर सुरूचिका सचदेव और सकारात्मक सोच स्वच्छ भारत संगठन की को-फाउंडर सुअनिता शर्मा शामिल हैं। संत वाणी कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मुख्य गायक कलाकार राजीव सिंह ने अमन मलक एवं रोहित कुमार वानखेड़े के साथ अपनी उत्सव प्रधान गायकी की विशिष्ट शैली में भजनों का गायन किया। संत साहित्य से आई हुई संगीत की पारंपरिक विधा के निर्गुण भजन, सूफी कलाम और कृष्ण भक्ति के भजनों और गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने सबसे पहले राजस्थानी शैली में इंग्लिश नरेशन के साथ “वंदे मातरम्” गीत की अनूठी प्रस्तुति दी। उत्सवी उल्लास के साथ कृष्ण भजन “सांसों की माला तोहरे नाम” से श्रोताओं को भक्ति के उल्लास में तरंगित कर दिया। संत कबीर के भजन “कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर, ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर” को जोशीले अंदाज में प्रस्तुत किया। पद्मविभूषण सम्मानित भूपेन हजारिका के गीत “गंगा बहती क्यों हो” के द्वारा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सभागार में दक्षिण भारत के कृष्ण भक्त नवाब सादिक की रचना “कन्हैया याद है, कुछ भी हमारी” की सुरीली स्वर लहरी से भक्ति की बयार बहा दी। प्रसिद्ध शायर नज़ीर अकबराबादी की नज्म आदमीनामा के चुनिंदा शेरों को अपनी विशिष्ट गायन शैली में प्रस्तुत किया। अमृतसर के कृष्ण भक्त अथोनी के पंजाबी भजन “कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नही नाचदा, धरती चन सितारे नाच्दे, सारे भगत प्यारे नाच्दे” के द्वारा भजन संध्या के श्रोताओं को कृष्ण भक्ति में मगन कर दिया। संत वाणी की अंतिम प्रस्तुति में राजीव सिंह ने अमीर खुसरो के कलाम “काहे को ब्याहे बिदेस, अरे, लखिय बाबुल मोरे” की सुमधुर प्रस्तुति से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। भजन संध्या संत वाणी के प्रथम सत्र में रूपाली चटर्जी, तलत हसन, शिखा यादव, शिखा बामने, मौसमी साहा, गीतिका लाहोट और अंजना भाटिया महिला समूह द्वारा भजनों का गायन किया गया। भजन संध्या का आरंभ महिला समूह की प्रस्तुति “वैष्णव जन तेने कहिए” भजन से हुआ। इसके बाद फिल्म जागृति के गीत “दे दी हमें आज़ादी हमें बिना खड़ग बिना ढाल साबर मति के संत तूने कर दिया कमाल” का सामूहिक गायन किया। समूह की तीसरी और अंतिम प्रस्तुति संत कबीर के प्रसिद्ध भजन “चदरिया झीनी-झीनी” सहित गीतों की प्रस्तुतियों ने संत वाणी कार्यक्रम को भक्ति भावों में भिगो दिया। भजन संध्या में गायक कलाकारों का वाद्ययंत्रों से संगत करने वालों में हनीफ हुसैन सारंगी, आरिफ खाँ बैंजो, आमिर खाँ तबले, प्रशांत श्रीवास्तव ढोलक, इकबाल खाँ ऑक्टोपैड और सुआरती ढोलक पर शामिल थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति विभाग एन.पी. नामदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।  

सामूहिक स्वच्छता कार्यक्रम राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में हुआ आयोजित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित सामूहिक स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में झाड़ू लगाकर कचरा साफ किया। परिसर के रहवासियों को स्वच्छता को अपने व्यवहार में आत्मसात करने के लिये प्रेरित किया। सफाई कर्मचारियों के साथ चर्चा की। राज्यपाल पटेल , गांधी जयंती के अवसर पर आज प्रात: राजभवन कर्मचारी आवास परिसर में आयोजित सफाई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मिलकर राजभवन के कर्मचारी आवास परिसर में सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

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