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कलेक्टर अजय श्रीवास्तव बने नेत्रहीन दंपत्ति के ष्श्रवणष्.

Ajay Shrivastava; Mauganj; Collector; Sahara Samachaar;

Collector Ajay Shrivastav became the guardian of the visually impaired couple yesterday. 7 वर्ष पूर्व अपनों से बिछड़े बालक लवकुश को बिहार से ढूढ़ निकाला उदित नारायणमऊगंज। किसी नहीं सही कहा है कि ष्जहाँ चाहए वहाँ राहष् होती है तो रास्ता खुद ब खुद निकल आता है। यह पंक्ति नवगठित जिला मऊगंज के पहले कलेक्टर अजय श्रीवास्तव पर सटीक बैठती है। रीवा से अलग होकर नवगठित जिला मऊगंज में पहले बतौर कलेक्टर अजय श्रीवास्तव के प्रयासों ने एक नेत्रहीन दंपत्ति माता.पिता की नाउम्मीद को आशा में बदल दिया। उनकी एक पहल से 7 वर्ष से कुंभ से लापता हुआ बेटा वापस अपने घर आ गया। वह सात वर्ष से बिहार में बंधक था। जिसे कलेक्टर ने अपने कुशल अनुभव और सूझबूझ के चलते ढूढ निकाला है। कलेक्टर की संवेदनशीलता से नेत्रहीन माता.पिता का लवकुश अब अनाथ नहीं रहेगाए बल्िक उनके जीवन का सहारा बनेगा। उनके इन प्रयासों को जिले में खूब सराहा जा रहा है। लोग कह भी रहे हैं कि अफसर सिर्फ हुकुमरान नहीं होते हैं, बल्कि वे हम सबके मददगार होते हैं। बता देंए जब से कलेक्टर श्रीवास्तव यहां पदस्थ हुए हैंए तभी से वे जनसरोकार और नवाचार वाले प्रयासों से जनमानस में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सर्च अभियान को किया सक्रियकलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने चर्चा में बताया कि नेत्रहीन कमला साकेत पिता प्रहलादी साकेत मऊगंज जिले के ग्राम बराती के निवासी है। वे भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते हैं। सात साल पूर्व कुंभ के मेले से उनका 8 वर्षीय बेटा लवकुश अचानक लापता हो गया था। जिसे अज्ञात लोग पकड़कर बिहार के सहरसा जिला के गांव तासिमपुर थाना सलखुआ ले गए थे। जिसको 7 वर्ष तक बंधक बनाकर रखा और घर का पूरा काम करवाता था। नेत्रहीन कमला बीते दिनों कलेक्टर ऑफिस आए और अपनी आपबीती सुनाई जिस पर मैंने त्वरित प्रयास किए और एक टीम का गठन किया और ष्सर्च अभियानष् के लिए सक्रिय कर दिया। आखिरकार कुछ दिनों के सर्च अभियान के बाद गुमशुदा लवकुश वापस अपने मां-बाप के पास आ गया। यह तो जनता के प्रति हमारा दायित्व है। मुझे लगता है कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर किसी को आगे आना चाहिए। बासी रोटी खाकर करता था घर का पूरा कामबेटा लवकुश ने बताया कि कोई अनजान व्यक्ति मेले से मुझे उठाकर अपने साथ ले गया था और अपने घर में रखकर घर का सारा काम करवाता था। यहां से मैं छूटा तो फिर मुझे कोई बिहार के जिला सहरसा के थाना सलखुआ के ग्राम तासिमपुर ले गया। यहां भी मुझसे घर का काम करवाया जा रहा था। बदले में सिर्फ मुझे घर की रोटियां और जूठन खाने को मिलती थी। अब मैं कलेक्टर अजय श्रीवास्तव के सराहनीय प्रयासों से अपने घर आ गया हूँ। अब मैं अपने जीवन को अपने माँ बाप के साथ रहकर गुजरूंगा। इसके लिए मैं कलेक्टर अजय श्रीवास्तव का आभारी हूँ। कलेक्टर की पहल पर नेतृहीन दंपत्ति को मिला सहारानेत्रहीन दंपत्ति कमला साकेत ने बताया कि बेटा लवकुष की तलाष में सात साल गुजर गए, अब जाकर कलेक्टर अजय श्रीवास्तव के प्रयासों से मेरा बेटा घर वापस आ गया। इससे बडी मेरे लिए और कोई खुषी नहीं हो सकती है। बताया जाता है कि बेटा जब सामने आया तो नेतृहीन दम्पत्ति की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनके आंशु रोके नहीं रुके। उनके श्रीमुख से एक ही लफ्ज निकला की कलेक्टर हो तो अजय श्रीवास्तव जैसा। जो अच्छे हुकुमरान तो है ही इसके साथ ही जनसरोकारों से किसी के रूधे हुए जीवन को खुशियाँ भी देते हैं।

विदिशा जिले की ये मंडी ए ग्रेड मंडी में शुमार पर व्यवस्थाओ के नाम पर सिफर.

Vidisha; Ganjbasoda; Wheat Market; Sahara Samachaar;

Ganjbasoda in Vidisha district is considered an “A-grade” market but falls short in terms of facilities. विदिशा विशेष संवाददाता विदिशा, जिले की गंजबासौदा तहसील में स्थित कृषि उपज मंडी में किसान व्यवस्थाओं के अभाव में अपनी उपज बेचने में जद्दो जहद करते हैं. गंजबासौदा मंडी ए ग्रेड की मंडियों में शामिल है, लेकिन आज भी कृषि मंडी व्यवस्थाओं का जाल है. किसान परेशान होकर मंडी व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं और मंडी के सचिव किसानो के आरोपों से अपने आप को पाक साफ़ बता कर मंडी सिस्टम का हवाला दे रहे है. गंजबासोड़ा मंडी का ए ग्रेड की मंडियों में शुमार है पर मंडी में किसानो के लिए भोजन का कोई इंतज़ाम तक नहीं है. मंडी में किसानो को बैठने की व्यवस्था के भी आभाव है. कई माह से कैंटीन बंद है. मंडी में नहीं है भोजन का इंतजाम परिसर में मवेशी घूमते नजर आते हैं. किसानों के अनुसार, वे अपनी फसल बेचने के इंतज़ार की दिनों से कर रहे है तुलाई की ख़ास व्यवस्था के आभाव है. मंडी में सड़को की हालत दयनीय है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज विशाल रेली, दाखिल करेंगे नामांकन।

Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath will submit his nomination today for a large rally. संतोष सिंह तोमर भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ आज दोपहर को विशाल रेली निकालकर सैकड़ों समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कमलनाथ अपने राजनैतिक कैरियर में अभी तक दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही उपचुनाव लड़ा था और बीजेपी के कैंडिडेट विवेक बंटी साहू को करीब 25 हजार वोटों से हराया था। जबकी 2019 के पहले तक कमलनाथ लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस बार फिर कमलनाथ दोबारा छिंदवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे है। कमलनाथ की नामांकन रैली उनके निवास शिकारपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी जो छिंदवाड़ा नगर के श्री बड़ी माता मंदिर पहुंचेगी, यहां पर कमलनाथ पूजा अर्चना करेंगे, इसके बाद वे श्याम टॉकीज के प्राचीन राम मंदिर पहुंचेंगे जहां पर पूजा अर्चना कर एक रथ पर सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकलेंगे। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर उनकी रैली शुरू होगी, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उनकी रैली 2 बजे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी जहां पर वे समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मानसरोवर कांपलेक्स में होगी पहली सभा कमलनाथ की नामांकन रैली को लेकर विशेष तैयारियां कांग्रेस के द्वारा की गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे अपनी पहली चुनावी आमसभा मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में लेंगे, इस दौरान उनके साथ सांसद नकुलनाथ और तमाम कांग्रेस के नेता मौजूद रहेंगे। कमलनाथ की नामांकन रैली में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ेंगी इसको लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है।

पुलिस ने पांच किलो सात सौ ग्राम गांजा के साथ पकड़ कर युवक को किया गिरफतार।

MP Police; #Balaghaat; Crime;

Police arrested a youth with five kilograms and seven hundred grams of Ganja. बालाघाट संवाददाता बालाघाट, अधीक्षक बालाघाट श्री समीर सौरभ के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालाघाट विजय डाबर के सक्रिय मार्गदर्शन में बालाघाट पुलिस द्वारा निरंतर नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है जिसके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुभाग कटंगी श्री माणकमणि कुमावत के नेतृत्व में दिनांक 24/10/2023 को थाना तिरोड़ी की टीम द्वारा कुड़वा डैम के पास कुड़वा नाका तिरोड़ी से मुखबिर सूचना पर आरोपी शाहिद अख्तर पिता अब्दुल कादिर, आयु 41 वर्ष निवासी इस्माइल पूरा नया गोदाम कामठी थाना कामठी जिला नागपुर महाराष्ट्र के कब्जे से 5 किलो 700 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गंजा जब्त कर मौके पर वैधानिक कार्यवाही कर धारा 8/20 एन डी पी एस एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, 3 जनरल कोच पूरी तरह जले.

Pataalkot Express; Fire Broke; Indian Railways; Sahara Samachaar;

Fire broke out in the Patalkot Express, completely burning three general coaches. मनीष त्रिवेदीभांडई, पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, घटना उत्तरप्रदेश के भांडई स्टेशन की घटना, पातालकोट एक्सप्रेस आगरा की ओर जा रही थी, चलते चलते सामान्य श्रेणी के कोच में आग भड़क गयी. आग की चपेट में पातालकोट एक्सप्रेस के तीन कोच आ गए. 3 जनरल कोच पूरी तरह जल गए। घटना को देखते हुए झांसी से दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक दोनों ट्रेक पर किया बंद. मौके पर रेलवे के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गए. इस घटना में 13 लोग घायल हुए, 7 लोगों को एस ऐन मेडिकल कॉलेज में, जबकि 6 यात्री सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. आग लगने के बाद कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई।

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के ममाले में सागर ज़िले के राहतगढ़ थाने में दर्ज़ हुई FIR.

Govind Singh Rajput; Sagar; Rahatgarh; FIR; Code of Conduct; BJP;

FIR filed against Madhya Pradesh’s Transport and Revenue Minister Govind Singh Rajput

हरदा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया.

Harda; MP Elections; Kamal Patel; BJP; Surendra Jain;

The former president of Harda Municipal Council has resigned from the BJP’s state executive and primary membership of the BJP. हरदा, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल के बचपन के मित्र  सुरेंद्र जैन ने आज मप्र भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। कमल पटेल और सुरेन्द्र जैन ने साथ साथ राजनीति शुरु की। दोनों मित्र होने के साथ साथ एक दूसरे के गहरे राजदार भी हैं। कमल पटेल को विधायक व मंत्री बनाने सुरेन्द्र जैन ने दिन रात एक किया है। सुरेन्द्र जैन और उनकी पत्नि को अनेक बार नगर पालिका अध्यक्ष बनवाने में कमल पटेल ने हरसंभव मदद की है। हरदा की राजनीति में यह दोनों नेता दो शरीर एक जान माने जाते थे। दोनों सगे भाइयों से ज्यादा खास बनकर रहने वाले यह दोनों नेता अब एक दूसरे की शक्ल भी देखना पसंद नहीं कर रहे हैं। दरअसल इस झगड़े की शुरुआत कमल पटेल के बेटे की सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। सुरेन्द्र जैन ने हरदा से विधानसभा टिकट की दावेदारी की तो कमल पटेल के बेटे ने उन्हें गद्दार और उनके खून में गद्दारी जैसे शब्द लिख दिए। यह बात सुरेन्द्र जैन से ज्यादा उनके बेटे को चुभ गई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। मेरी जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र जैन ने बड़ा दिल रखकर प्रयास किया कि टिकट मिलने के बाद कमल पटेल फोन करेंगे तो वे सभी शिकवे शिकायत भुलाकर हमेशा की तरह उन्हें जिताने में जुट जाएंगे। लेकिन कमल पटेल ने न तो फोन किया और न ही किसी माध्यम के जरिए संपर्क किया। बल्कि संदेश आते रहे कि सुरेन्द्र जैन के बिना चुनाव जीतकर दिखाऊंगा। सुरेन्द्र जैन ने अपने स्वाभिमान के खातिर आखिर भारी मन से भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मुझे लगता है कि सुरेन्द्र जैन का भाजपा छोड़ना कमल पटेल को भारी पड़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

भारत की बेटी ने किया नाम रोशन, पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने जीता कांस्य पदक

पैरा एशियन गेम्स में अरुणा सिंह तंवर ने ताइक्वांडो में दिलाया कांस्य पदक प्रवेश सिंह, हांगझोऊ,(पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) पैरा ताइक्वांडो एथलीट अरुणा सिंह ने हांगझोऊ में हो रहे पैरा एशियन गेम्स में हर भारतवासी का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया जिसने भी यह खबर सुनी वो खुशी से झूम उठा उन्हे पैरा एशियन गेम्स में भारत पैरा ताइक्वांडो में कांस्य पदक प्राप्त हुआ गौरतलब हो की अरुणा सिंह भारत की पहली महिला पैरा ताइक्वांडो एथलीट है और टोक्यो 2020 पैरालंपिक गेम्स में शिरकत कर चुकी है हालांकि उन्हें उस समय गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था । अरुणा सिंह k – 49 किलोग्राम में वर्ल्ड रैंक 4 पर आती है ।

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