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UN की बैठक में तालिबान प्रतिनिधिमंडल को बड़ा झटका, तालिबान सरकार को मान्यता नहीं

दोहा अफगानिस्तान के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाली संयुक्त राष्ट्र और तालिबान के बीच एक मीटिंग कतर में हुई। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने साफ कह दिया है कि यह मीटिंग सरकार को मान्यता के रूप में तब्दील नहीं होती है। कतर की राजधानी दोहा में रविवार और सोमवार को पहली तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित बैठक में भाग लिया। इसमें लगभग दो दर्जन देशों के दूत मौजूद थे। तालिबान को पहली बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि फरवरी में दूसरी बैठक में भाग लेने के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखी गई थीं। तालिबान ने मांग की थी कि अफगान सिविल सोसायटी के लोगों को बातचीत से बाहर रखा जाए और तालिबान के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए, जैसा एक वैध देश के साथ होता है। दोहा में मीटिंग के दौरान अफगान महिलाओं के प्रतिनिधियों को हिस्सा लेने से बाहर रखा गया, जिससे तालिबान के लिए अपना दूत भेजने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि आयोजकों ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी। तालिबान को मान्यता नहीं राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र अधिकारी रोजमेरी ए डिकार्लो ने सोमवार को कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि इस बैठक और जुड़ाव की इस प्रक्रिया का मतलब सामान्यीकरण या मान्यता नहीं है।’ उन्होंने कहा मेरी आशा है कि पिछले दो दिनों में विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक आदान-प्रदान हमें कुछ समस्याओं के समाधान के करीब ले आया है, जिनका अफगान लोगों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। दोहा में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि सभा के मौके पर उनके लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर था। क्या बोला तालिबान उन्होंने कहा कि तालिबान का संदेश बैठक में भाग लेने वाले सभी देशों तक पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को निजी क्षेत्र और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की जरूरत है। ज्यादातर देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की है। 2021 में अमेरिका और नाटो की सेनाएं दो दशक के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से वापस हो गई थीं। अगस्त 2021 में तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। लेकिन कोई भी देश आधिकारिक तौर पर तालिबान को मान्यता नहीं देता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि महिला शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध जारी रहने तक मान्यता व्यावहारिक रूप से असंभव है।

गिरफ्तारी और रिमांड को दी गई चुनौती पर सीबीआई से जवाब मांगा, मामले की अगली सुनवाई अब 17 जुलाई को होगी

नई दिल्ली कथित शराब घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से गिरफ्तार करके तीन दिन तक रिमांड पर रखे गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। आम आदमी पार्टी के प्रमुख की ओर से गिरफ्तारी और रिमांड को दी गई चुनौती पर सीबीआई से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 जुलाई को होगी। केजरीवाल की याचिका पर जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने सुनवाई की। केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एफआईआर 2022 में ही दर्ज की गई थी। उन्हें अप्रैल 2023 में समन किया गया था और 9 घंटे पूछताछ की गई। उसके बाद से कुछ नहीं किया गया और अब गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी मेमो में कुछ कारण बताए जाने की आवश्यकता होती है। सिंघवी से कोर्ट ने कहा कि आप गिरफ्तारी को रद्द करके उन्हें हिरासत से छोड़ने की मांग कर रहे हैं? सिंघवी ने इसका जवाब हां में दिया तो कोर्ट ने पूछा, ‘क्या आपने जमानत याचिका दायर की है?’ सिंघवी ने जवाब दिया कि अभी ऐसा नहीं किया है, लेकिन ऐसा करने जा रहे हैं। कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी करके अपना जवाब दाखिल करने को कहा। जज ने मामले को शनिवार को सूचीबद्ध करने को कहा। केजरीवाल को सीबीआई ने 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। वह ईडी की ओर से दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस में न्यायिक हिरासत में थे। गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत ने केजरीवाल को तीन दिन की सीबीआई रिमांड में भेज दिया था। रिमांड खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। केजरीवाल ने विशेष अदालत के 26 जून के आदेश को भी चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें तीन दिन के लिए सीबीआई की रिमांड पर भेजा गया था। उन्होंन आरोप लगाया कि सीबीआई ने गिरफ्तारी के लिए झूठा आधार बनाया। गिरफ्तारी के लिए कोई तर्क नहीं दिया गया। याचिका में कहा गया कि उनकी गिरफ्तारी कथित तौर पर 4 जून से पहले सीबीआई के कब्जे में मौजूद सामग्री के आधार पर की गई थी। पहले से उपलब्ध सामग्री के आधार पर गिरफ्तारी अवैध है, इसमें पुनर्मूल्यांकन शामिल है, जिसकी कानूनन अनुमति नहीं है।  

हार्ट अटैक आने से बैडम‍िंटन खेल रहे 17 साल की उम्र में एक ख‍िलाड़ी की मौत, पीवी सिंधु भी हुई शोक्ड

नई दिल्ली बैडम‍िंटन खेल रहे 17 साल की उम्र में एक ख‍िलाड़ी की मौत हो गई। खिलाड़ी का नाम झांग झिजी है जिसकी बैडम‍िंटन कोर्ट में हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वहीं इस घटना पर भारतीय बैडम‍िंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुखी नजर आई। बता दें कि चीन के 17 साल के बैडम‍िंटन ख‍िलाड़ी झांग झिजी की कोर्ट में हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह घटना रव‍िवार देर रात की है। झांग झिजी ने किंडरगार्टन में बैडमिंटन खेलना शुरू किया और पिछले साल चीन की नेशनल यूथ टीम में शामिल किया गया। इंडोनेशिया (जकार्ता) में एक टूर्नामेंट के दौरान कोर्ट पर चीनी बैडमिंटन खिलाड़ी पहले बेहोश हुआ और फिर उसे हार्ट अटैक आया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद इस युवा ख‍िलाड़ी को वेन्यू पर ही इलाज दिया गया लेकिन हलचल न दिखते हुए फिर उनको एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रात में उनकी मौत हो गई। इस ख‍िलाड़ी की मौत के बाद भारतीय बैडम‍िंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक पोस्ट ल‍िखा है। स‍िंधू ने X पर ल‍िखा- जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप से युवा बैडमिंटन खिलाड़ी झांग झ‍िजी के निधन की खबर बेहद दुख है, मैं इस दुखद समय में झांग के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। आज दुनिया ने एक असाधारण प्रतिभा खो दी है।

मुस्लिम युवक ने पहचान छुपाते हुए हिंदू युवती से की दोस्ती, दुष्‍कर्म किया, अब इस्‍लाम अपनाने का दबाव बनाया

Horrific accident: Ambulance explodes due to collision with bus, driver dies

इंदौर इंदौर में लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है। ताजा मामले में मुस्लिम युवक ने खुद की पहचान छुपाते हुए हिंदू युवती से जान-पहचान बढ़ाई। उससे दुष्‍कर्म किया। इसके बाद उस पर इस्‍लाम को अपनाने का दबाव बनाया। खजराना पुलिस ने हिंदू युवती की शिकायत पर समीर उर्फ आशू खान के विरुद्ध दुष्कर्म,मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपित ने पीड़िता से क्लब में दोस्ती की थी। घर आना जाना शुरू हुआ और शादी का बोलकर शारीरिक संबंध बना लिए। खजराना पुलिस के मुताबिक रामकृष्ण बाग कालोनी निवासी 24 वर्षीय युवती पति से अलग रह रही थी। पीड़िता हिंदू संगठन के पदाधिकारियों के साथ थाने आई और बताया कि समीर खान उर्फ आशू पटेल निवासी खजराना से करीब एक वर्ष पूर्व लाइट हाऊस क्लब में दोस्ती हुई थी। दोनों फोन पर बात करते थे। आरोपित बहाने से घर आने लगा और नजदीकी बढ़ा ली। उस वक्त तक समीर ने खुद को हिंदू बताया था। आशू ने शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बना लिए। कई बार शादी का बोलने के बाद भी वह टालता रहा। उसने कहा कि मैं मुसलमान हूं और मेरा असली नाम समीर पटेल है। उसने पीड़िता से कहा कि शादी के पहले तुम्हें भी मुस्लिम धर्म स्वीकारना पड़ेगा। आरोपित ने पीड़िता के इनकार करने पर धमकाया। 29 जून को समीर पुन:घर आया और डराने लगा। पीड़िता ने हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को घटना बताई और मंगलवार को केस दर्ज करवाया। पीड़िता का आरोप है कि समीर अनैतिक काम में भी लिप्त है।

भाजपाइयों ने फूंका राहुल गांधी का पुतला

अमेठी सिटी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सदन में हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। मंगलवार को भाजपा जिला सचिव के नेतृत्व में मुसाफिरखाना तहसील गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंका। ये लोग बयान को लेकर राहुल गांधी से माफी मांगे जाने की मांग रहे थे। दरअसल कांग्रेस नेता व रायबरेली के सांसद राहुल गांधी ने हिंदू समाज को लेकर भाजपा पर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर जिले के भाजपा जिलामंत्री अतुल सिंह के नेतृत्व में लोग मुसाफिरखाना तहसील गेट पहुंचे। जहां राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की साथ ही उनका पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राहुल गांधी अपने बयान को लेकर माफी मांगे। भाजपा जिलामंत्री ने कहा कि कल सदन में राहुल गांधी के हिंदू समाज को लेकर दिए गए बयान से समस्त हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इस मौके पर राहुल कौशल विद्यार्थी, हर्षित जायसवाल, उदय सिंह, मुरली धर मिश्र, जगन्नाथ मिश्रा, बजरंग यादव, नीरज शर्मा आदि उपस्थित रहे।

Agniveer के परिवार ने खोली राहुल गांधी के झूठ की पोल, बताया सरकार से 1.08 करोड़ रुपए की मदद मिली

नई दिल्ली अग्निवीर को लेकर लोकसभा में किया गया राहुल गांधी का दावा गलत साबित हुआ है। जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार ने कहा है कि उन्हें सरकार से 1.08 करोड़ रुपए की मदद मिली थी। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि अग्निवीर यूज एंड थ्रो लेबर हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सीमा पर जान गंवाने वाले अग्निवीरों की सरकार सुधि नहीं ले रही है। उस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात का विरोध किया था और कहा था कि यह बात पूरी तरह से गलत है। बताया पूरा सच अग्निवीर अक्षय गावत के परिजन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में पिंपलगांव सराय में रहते हैं। अक्षय गावत सियाचिन में ड्यूटी करते हुए एक अक्टूबर 2023 को अपनी जान गंवा बैठे थे। सोमवार को रिपोटर्स से बात करते हुए अक्षय के पिता लक्ष्मण गावते ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अक्षय की मौत पर परिवार को उसके इंश्योरेंस के 48 लाख रुपए मिले थे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने 50 लाख रुपए और प्रदेश सरकार की तरफ से 10 लाख रुपए मिले थे। इस दौरान उन्होंने अक्षय की बहन के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग की। 14 जून 2022 को आई थी योजना गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। इसमें 17 से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को केवल चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था, जिनमें से 25 प्रतिशत को आगे 15 और वर्षों के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। सरकार ने बाद में ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया।

एलआईयू ने कहा- सत्संग में हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया, हालांकि इसके बारे में अफसरों को पहले ही चेताया गया था

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason

हाथरस हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में मंगलवार को हुए हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है। हालांकि इसके बारे में अफसरों को पहले ही चेताया गया था। इसके बाद भी कोई एक्शन न लिया गया और इतना बड़ा हादसा हो गया। सत्संग में जरूरत से ज्यादा पहुंची भीड़ को देखकर एलआईयू ने अफसरों को सौंपी रिपोर्ट में किसी बड़ी घटना होने का अंदेशा जता दिया था, लेकिन इसके बाद भी अफसर मौन साधे बैठे रहे और श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई, जिसमें 107 श्रद्धालुओं की जान चली गई। हादसे के बाद अफसर चेते और मौके लिए रवाना हो गए। वहीं सीएम योगी ने भी घटना को संज्ञान में लेते हुए अफसरों से रिपोर्ट तलब कर ली है। मंगलवार को सिंकरामऊ कोतवाली क्षेत्र के फुलराई गांव में भोले बाबा साकार हरि के सत्संग का आयोजन किया गया था। हालांकि इस सत्संग के आयोजन की जानकारी प्रशासन को थी, लेकिन सत्संग में पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या कुछ और बताई गई थी। लेकिन सत्संग में जरूरत ज्यादा करीब सवा लाख श्रद्धालु पहुंच गए। सत्संग में पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या को देखकर एलआईयू ने किसी बड़ी घटना का अंदेशा जताया और इसकी रिपोर्ट बनाकर अफसरों को सौंप दी। इसके बाद भी अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। इस बीच भीषण गर्मी के चलते सत्संग में पहुंचे श्रद्धालुओं की धीरे-धीरे तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। तीन घंटे तक चले इस सत्संग में देखते ही देखते कई श्रद्धालु बेहोश होकर गिर गए। जैसे ही सत्संग खत्म हुआ तो श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। भगदड़़ में महिलाओं, बच्चों समेत कई लोग दब गए। श्रद्धालुओं के पैरों के नीचे दबकर 107 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जैसे ही भगदड़ और श्रद्धालुओं की इतनी तादाद में मरने की खबर अफसरों को लगी तो फौरन मौके की तरफ दौड़ पड़े। सीएम योगी ने हाथरस हादसे को संज्ञान में लेते हुए तुरंत अफसरों को मौके पर पहुचंने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम योगी ने एडीजी आगरा जोन और अलीगढ़ की कमिश्नर को हादसे की संयुक्त जांच की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। सीएम का आदेश पाते ही चीफ सेक्रेटरी से लेकर एडीजी, कमिश्नर मौके लिए रवाना हो गए।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया, अब तक 107 की मौत

नई दिल्ली यूपी के भोले बाबा के सत्संग के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 107 लोगों की मौत की खबर है। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। सौ से ज्यादा लोग गंभीर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है साथ ही घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एडीजी आगरा जोन व कमिश्नर अलीगढ़ को घटना  की जांच का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है।  चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार हाथरस रवाना हो गए हैं। बताया जाता है कि हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव फुलराई में भोले बाबा का प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान उम्मीद से ज्यादा भीड़ आ गई थी। एक अनुमान के अनुसार सवा लाख लोग पहुंच गए थे। इसी दौरान लोग भीड़ के कारण परेशान होने लगे। भीड़ और गर्मी के कारण लोग बेहोश होने लगे तो भगदड़ मच गई। इसमें लोग जमीन पर गिरे तो उन्हें कुचलते हुए अन्य लोग निकलने लगे। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने सैकड़ों गंभीर लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया है। सीएम योगी ने हाथरस हादसे को संज्ञान में लेते हुए तुरंत अफसरों को मौके पर पहुचंने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएम योगी ने एडीजी आगरा जोन और अलीगढ़ की कमिश्नर को हादसे की संयुक्त जांच की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीएम का आदेश पाते ही लखनऊ से चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के साथ ही एडीजी, कमिश्नर मौके लिए रवाना हो गए हैं। सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़ बताया जाता है कि तीन घंटे तक चले सत्संग के खत्म होने पर भगद़ मची है। लोग बाहर जाने के लिए निकलने लगे तो गेट छोटा होने से कई लोग दम घुटने के कारण बेहोश होने लगे। इसी के बाद भगदड़ मच गई।भगदड़ में महिलाओं, बच्चों समेत कई लोग दब गए। श्रद्धालुओं के पैरों के नीचे दबकर ही लोगों की मौत हुई है। हादसे के आधे घंटे बाद तक कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा था। सरकारी नौकरी छोड़कर भोले बाबा बने नारायण साकार को सुनने पहुंचे थे लोग हाथरस में लोग जिस भोले बाबा के सत्संग में पहुंचे थे वह पहले सरकारी नौकरी करते थे। भोले बाबा का असली नाम नारायण साकार हरि है। बाताया जाता है कि वह एटा जिले की पटयाली तहसील के गांव बहादुर नगरी के रहने वाले हैं। उन्होंने 26 साल पहले सरकारी नौकरी छोड़कर प्रवचन शुरू किया था। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया था कि वे गुप्तचर ब्यूरो में नौकरी करते थे। करीब सवा लाख लोग पहुंचे थे सिंकरामऊ कोतवाली क्षेत्र के फुलराई गांव में भोले बाबा का सत्संग का आयोजन था। इस सत्संग में शामिल होने वालों की सही सख्या प्रशासन को नहीं पता थी। बताया जाता है कि सत्संग में करीब सवा लाख श्रद्धालु पहुंच गए थे। इसी भीड़ को देख एलआईयू ने प्रशासन को रिपोर्ट दी थी।  

स्पीड ट्रायल में पांच मिनट में पातालपानी से महू पहुंचा ट्रेन का इंजन

 महू महू तहसील में पातालपानी से प्राकृतिक सौंदर्य की यात्रा कराने वाली हैरिटेज ट्रेन शुरू होने वाली है, लेकिन पातालपानी जाने के लिए कोई साधन नहीं है। इसके लिए महू से पातालपानी तक मीटरगेज लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का कार्य किया जा रहा है। महू से पातालपानी स्टेशन पर बनने वाले प्लेटफार्म के पहले तक ट्रैक डालने का कार्य पूरा हो चुका है। इस हिस्से में रविवार को रेलवे अधिकारियों द्वारा पातालपानी से डॉ. आंबेडकर नगर स्टेशन तक पांच किलोमीटर के ट्रैक पर 110 किमी की गति से डीजल लोको इंजन चलाकर स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल में डीजल लोको ने पांच मिनट में पातालपानी के करीब से महू स्टेशन तक की दूरी तय की। अब ट्रैक पर रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद महू-पातालपानी के बीच ब्रॉडगेज ट्रैक पर ट्रेन चलाई जाएगी। डॉ. आंबेडकर नगर से सनावद तक गेज कन्वर्जन का कार्य किया जा रहा है। इसमें डॉ. आंबेडकर नगर से पातालपानी रेलवे स्टेशन भी ब्रॉडगेज ट्रैक डाला गया है। इसका कार्य अभी शत प्रतिशत पूरा नहीं हुआ है। रेलवे ने ट्रेन के स्पीड ट्रायल की ड्रोन कैमरों से की वीडियोग्राफी पातालपानी में ब्रॉडगेज लाइन पर ट्रेन के स्टापेज के लिए प्लेटफार्म तो तैयार कर लिया गया है, परंतु प्लेटफार्म तक ट्रैक पूरी तरह नहीं लगाया गया है। रविवार को पश्चिम रेलवे मंडल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विनीत गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने ट्रैक पर 110 किमी रफ्तार से डीजल लोको चलाकर ट्रैक का निरीक्षण किया। इसके लिए पातालपानी स्टेशन के पास चौरड़िया की ओर से रविवार शाम 5.09 बजे डीजल लोको रवाना हुआ। यह 110 किमी की रफ्तार से शाम 5.14 बजे यानी पांच मिनट में महू पहुंचा। रेलवे द्वारा किए गए स्पीड ट्रायल की तीन ड्रोन कैमरों से वीडियोग्राफी भी की गई है। पातालपानी स्टेशन पहुंचने का मिलेगा साधन मानसून में महू के पातालपानी रेलवे स्टेशन से कालाकुंड तक हैरिटेज ट्रेन का संचालन किया जाता है जिसमें यात्रियों को पहाड़, घाट, नदी और कई तरह के सुंदर प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलते हैं। पहले यह हैरिटेज ट्रेन महू से संचालित की जाती थी। गेज कन्वर्जन कार्य के कारण इसका संचालन पातालपानी रेलवे स्टेशन से किया जाता है। हैरिटेज में यात्रा करने वाले यात्रियों को इसके लिए पहले महू आना पड़ता है, परंतु महू से पातालपानी क जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलता। इस कारण यात्रियों को ज्यादा रुपये देकर ऑटो रिक्शा से स्टेशन जाना पड़ता था। अब महू से पातालपानी तक ब्रॉडगेज का कार्य पूरा होने पर इस हिस्से में ट्रेन चलाई जाएगी। इससे हैरिटेज के लिए यात्री सीधे पातालपानी स्टेशन पहुंच सकेंगे। महू से पातालपानी के बीच के पांच किमी के हिस्से में कुल छह छोटी-बड़ी पुलियाएं हैं। इसमें सबसे बड़ा पुल नेऊगुराड़िया में है।

गौरक्षकों ने गौतस्कर समझकर दोनों का पीछा किया और पकड़ते ही टूट पड़े, बाद में चेक किया ट्रक तो नींबू देख भागे

When BJP leader threatened to remove his uniform, ASI got angry and tore his uniform.

जयपुर हरियाणा के दो नींबू व्यापारियों को राजस्थान में पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया। स्वंभू गौरक्षकों ने गौतस्कर समझकर दोनों का पीछा किया और पकड़ते ही टूट पड़े। बर्बरता से दोनों को पीटने के बाद उन्होंने गाड़ी की तलाशी ली और तला चला कि इसमें सिर्फ नींबू भरा हुआ था। पुलिस कुछ आरोपियों को पकड़ चुकी है और अन्य की तलाश चल रही है। राजगढ़ सर्कल के डीएसपी प्रशांत किरण ने कहा, ‘घटना तब प्रकाश में आई जब इसका वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर आया। इसके बाद सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। पीड़ितों को हरियाणा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।’ पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ितों की पहचान सोनू बंसीराम (29) और सुंदर सिंह (35) के रूप में हुई जो हरियाणा के फतेहाबाद के रहने वाले हैं। दोनों कुछ दिन पहले राजस्थान आए थे। वे ट्रक भरे नींबू लेकर पंजाब के भटिंडा जा रहे थे। डीएसपी ने बताया, ‘शनिवार रात बारिश की वजह से जब उन्होंने अपने वाहन को रोका तो किसी ने स्थानीय कथित गौरक्षकों को सूचना दी कि ट्रक में पशु भरे हुए हैं जिन्हें हरियाणा ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर करीब 20 लोगों ने निजी वाहनों में हाईवे 52 पर उस ट्रक का पीछा शुरू कर दिया। भीड़ को देखकर दोनों डर गए और गाड़ी लेकर भागने लगे। इससे आरोपियों का शक बढ़ गया।’   अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें लासेडी गांव के पास एक टोल प्लाजा के नजदीक पकड़ लिया। दोनों को ट्रक से निकाला और बिना वाहन की जांच किए उन्हें बर्बरात से पीटना शुरू कर दिया। डीएसपी ने कहा, ‘घंटों प्रताड़ित करने के बाद उनमें से एक ने ट्रक का पिछला हिस्सा खोला तो पाया कि उसमें नींबू भरा हुआ है।’ इसके बाद सभी वहां से भाग गए। अधिकारी ने बताया कि मारपीट में दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए। सोनू के हाथ और पैर में कई फ्रैक्चर हैं। सुंदर के हाथों और खोपड़ी में काफी चोट है। स्थानीय लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से दोनों को बेहतर इलाज के लिए हरियाणा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर रविवार रात वीडियो वायरल होने के बाद तुरंत ऐक्शन लिया गया और पीड़ितों से बात करके एफआईआर दर्ज की गई।’ किरण ने कहा कि 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। तीन-चार और रडार पर हैं। पुलिस को शक है कि कुछ लोगों ने मौके पर रहकर उन्हें और उकसाया।  

स्वामी प्रसाद मौर्य की खाली हुई सीट पर भाजपा की तरफ से बहोरन लाल मौर्य ने नामांकन दाखिल किया

लखनऊ स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद की एक सीट के लिए भाजपा की तरफ से बहोरन लाल मौर्य ने बतौर उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता मंत्री जीपीएस राठौर सहित कई मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी बहोरन लाल ने कहा कि भाजपा ने साधारण कार्यकर्ता को इतना बड़ा अवसर दिया है। भाजपा में कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़े समाज की सच्ची हितैषी है।

स्वास्थ्य में बस्तर को और बेहतर बनाना है: किरण देव, छत्तीसगढ़-जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज में मनाया डॉक्टर्स डे

जगदलपुर. जगदलपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में डॉक्टर्स डे के अवसर पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित किया। शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के ऑडिटोरियम में आयोजित डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव शामिल हुए। डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में चित्रकूट विधायक विनायक गोयल भी साथ उपस्थित रहे, कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई, ऑडिटोरियम में आयोजित डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव ने डॉक्टर्स डे की सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि डॉक्टरों  का हमारे समाज में एक अलग स्थान होता है, डॉक्टर अपने ड्यूटी दिन-रात करते हुए मरीजों की जान बचाते हैं, डॉक्टरों का जीवन संघर्षशील होता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमें अपने बस्तर को और बेहतर ढंग से आगे ले जाना है, जिसमें आप सभी डॉक्टरों का योगदान जरूरी है, वही चित्रकूट विधायक विनायक गोयल ने संबोधित करते हुए डॉक्टर्स डे की सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दिया, और कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जितना भी बेहतर हो सकता है उतना बेहतर हम सब मिलकर करेंगे।

4 पिस्टल-6 मैग्जीन और जिंदा कारतूस पकड़े, राजस्थान-दौसा में पंजाब की गैंग का बदमाश गिरफ्तार

दौसा. मेहंदीपुर बालाजी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पंजाब से आए जशनप्रीत सिंह को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। बदमाश पंजाब की जग्गू मगवानपुरिया गैंग का सदस्य बताया जा रहा है और किसी वारदात की फिराक में यहां आया था। दौसा पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा ने बताया कि 30 जून को सूचना मिली थी कि जग्गू मगवानपुरिया गैंग का एक आदमी हथियारों के साथ आया हुआ है। जग्गू गैंग का आदमी किसी वारदात की फिराक में मेहन्दीपुर बालाजी आया है। इस पर थानाधिकारी गौरव प्रधान की अगुवाई में विशेष टीम में एएसआई शीशराम को एक व्यक्ति हैलीपैड वाले रास्ते में खड़ा दिखाई दिया, जिसके हाथ में एक कैरी बैग था। युवक पुलिस को देखकर भागने लग गया लेकिन पुलिस ने उस युवक को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम जशनप्रीत सिंह पुत्र सरदूल सिंह निवासी अमृतसर, पंजाब बताया। युवक का सामान चेक करने के दौरान पुलिस को उसके पास से 4 अवैध पिस्टल, 6 मैग्जीन के साथ 18 जिन्दा कारतूस बरामद हुए। फिलहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है।

सत्संग में 107 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के हाथरस में मची भगदड़ को लेकर दुख जाहिर किया है। उन्होंने लोकसभा में कहा, ”मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना करता हूं, प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी यूपी सरकार से संपर्क में हैं।” बता दें कि हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी, जिसमें कम से कम 107 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना पुलराई गांव में सत्संग में हुई, जिसमें शामिल होने के लिये बड़ी संख्या में लोग आए थे।  उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एटा अस्पताल में 27 शव लाए गए हैं। मरने वालों में 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं।” सिकंदराराऊ थाने के एसएचओ आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ वस्तुत: अत्यधिक भीड़ होने की वजह से हुई। सत्संग में शामिल होने के लिये अपने परिवार के साथ जयपुर से आयी एक महिला ने बताया कि सत्संग के समापन के बाद लोग एकदम से बाहर निकलने लगे, जिससे भगदड़ मच गयी। सिकंदराराऊ के विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक दिवसीय सत्संग सुबह मंगलवार से शुरू हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने भी जाहिर किया दुख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। योगी ने अपर पुलिस महानिदेशक (आगरा) और आयुक्त (अलीगढ़) के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। पड़ोसी एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भगदड़ में मारे गये 27 लोगों के शव एटा के पोस्टमॉर्टम हाउस भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बाद में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर अपने संदेश में कहा, “जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए गए हैं।” योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तथा प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिये गये हैं।” उन्होंने कहा “आगरा के अपर पुलिस महानिदेशक और अलीगढ़ के आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।” उन्होंने कहा, “प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”  

देवबंद में मुस्लिम डॉक्टर ने नाम बदल हिंदू महिला से रचाई शादी, फिर जबरन कराया धर्म परिवर्तन, FIR दर्ज

देवबंद यूपी के देवबंद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम डॉक्टर ने धर्म छुपाकर हिंदू महिला से शादी कर ली. जब महिला को उसके बारे में पता चला तो डॉक्टर ने जबरन उसका धर्म परिवर्तन करा दिया फिर दोबारा उसके साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कर लिया. जबकि, पहले उसने नाम बदलकर और प्रेम जाल में फंसाकर हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था. पीड़ित महिला बंगाल की रहने वाली है. उसके मुताबिक देवबंद के मुस्लिम डॉक्टर अबार ने अपना नाम अमन दीक्षित बताकर उसके साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की थी. इसके बाद देवबंद लाकर जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराया फिर निकाह पढ़ा. महिला का आरोप है डॉक्टर अबार अब तक पांच शादियां कर चुका है, जिनमें चार मुस्लिम और एक हिंदू महिला शामिल है. विरोध करने पर टॉर्चर करता है.   सोमवार को महिला ने हिंदू संगठनों के माध्यम से मीडिया को आपबीती सुनाई तो बवाल मच गया. महिला की तहरीर पर थाना देवबंद में आरोपी डॉक्टर अबार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है. बयान दर्ज कराने के साथ ही सबूत जुटाए जा रहे हैं. अधिकारी का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे उस हिसाब से विधिक एक्शन लिया जाएगा. दुष्कर्म और टॉर्चर का आरोप वहीं, महिला ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर अबार उसे बंद कमरे में रखता था, जहां वह कैमरे की निगरानी में रहती थी. कैमरे का रिमोट डॉक्टर अपने पास रखता था, ताकि उसपर पल-पल नजर रखी जा सके. दोस्तों को बुलाकर दुष्कर्म भी करवाता था. विरोध करने पर टॉर्चर करता था.   इस बीच आरोपी डॉक्टर की पहली पत्नी फौजिया भी कैमरे के सामने आई. उसने भी डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. फौजिया ने कहा कि अबार पांच शादी कर चुका है. महिलाओं की इज्जत से खेलना उसकी आदत हो चुकी है. एक मामले में वो जेल भी जा चुका है. फिलहाल, दोनों महिलाओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपी डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है.   मामले को लेकर एसपी देहात सागर जैन ने कहा कि थाना देवबंद पर एक महिला जो कि मूल रूप से बंगाल की रहने वाली है उन्होंने तहरीर दी है. जिसमें उन्होंने एक चिकित्सक जो कि कस्बा देवबंद के ही रहने वाले हैं उसपर आरोप लगाया है कि उसने खुद को हिंदू बताकर उसके साथ शादी की फिर जबरन धर्म बदलवाया. दुष्कर्म और मारपीट का भी आरोप लगाया गया है. फिलहाल, एफआईआर दर्ज कर जांच-पड़ताल की जा रही है. पहली पत्नी ने क्या कहा? फौजिया ने कहा कि मेरी शादी डॉक्टर अबार से हुई थी. उसने 4 साल पहले मुझे छोड़ दिया. मेरी दो बेटियां हैं. उसने दोबारा पलटकर मुझसे बात नहीं की. कहा था कि जल्द लेने आऊंगा लेकिन आज तक नहीं आया. मैं इंतजार करती रही. 13 साल पहले उससे शादी हुई थी. मैं अपने बच्चों के लिए और अपने लिए इंसाफ चाहती हूं. अब उसने हिंदू लड़की से शादी कर ली है, जो कोलकाता की रहने वाली है.    

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