LATEST NEWS

दिग्विजय सिंह और कमलनाथ दोनों नेता अपनी गृह क्षेत्र में पराजय का सामना करना पड़ा- : वीडी शर्मा

भोपाल  मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रमुख वी.डी. शर्मा ने शुक्रवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने दोनों कांग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों नेता राजनीतिक जमीन खो चुके हैं। उन्होंने कहा,”दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन खो दी है और लोकसभा चुनाव परिणाम ने यह साबित कर दिया है। कांग्रेस उन्हें बड़े नेताओं के रूप में मानती है, लेकिन लोगों ने पार्टी को वास्तविकता का परीक्षण कर दिया है। ये दोनों नेताओं को अपनी गृह क्षेत्र में पराजय का सामना करना पड़ा।” खजुराहो लोकसभा सीट के एक विधानसभा क्षेत्र कटनी में वी.डी. शर्मा पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। वीडी शर्मा ने कहा कि जो कांग्रेस नेता लोकसभा चुनाव में अपने गृह क्षेत्र में नहीं जीत सके, वे एनडीए सरकार को गिराने का सपना देख रहे हैं। राहुल गांधी ने हिंदू धर्म पर हमला किया: बीजेपी  उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हिंदू पर उनकी टिप्पणी के लिए भी हमला किया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में हार से निराश कांग्रेस नेता “हिंदू धर्म” पर हमला कर रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जिन्होंने अपने गृह जिले राजगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, भाजपा के मौजूदा सांसद रोडमल नागर से हार गए थे। लोकसभा में नौ बार छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व करने वाले कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ इस सीट से भाजपा के विवेक साहू बंटी से हार गए। बता दें कि भाजपा 29 में से 29 लोकसभा सीटें जीतने में कामयाब रही है। 

भारत की राह हरारे में आसान नहीं रही है, जिम्बाब्वे कर चुका है दो बार उलटफेर; कप्तान शुभमन गिल को रहना होगा सावधान

हरारे भारत और जिम्बाब्वे के बीच 6 जुलाई से हरारे में पांच मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है। रिकॉर्ड में देखें तो दोनों टीमों के बीच कोई तुलना नहीं नजर आती है। भारतीय टीम मौजूदा टी20 विश्व कप चैम्पियन भी है तो वहीं जिम्बाब्वे इस बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई तक नहीं कर पाया था। हेड टू हेड रिकॉर्ड की बात करें तो जिम्बाब्वे ने भारत के खिलाफ 8 टी20 मैचों में 6 मुकाबले हारे हैं, हालांकि इस अफ्रीकी टीम ने दो बार भारत को हराया भी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर ‘यंग इंडिया’ नजर आएगी. हरारे में खेले जाने वाले इस मैच से अभिषेक शर्मा और रियान पराग अपने करियर का आगाज करेंगे. ध्रुव जुरेल, तुषार देशपांडे और हर्षित राण भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. अब देखना है कि इनमें से किसे डेब्यू का मौका मिलता है कि नहीं. बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है. इसी कारण भारत-जिम्बाब्वे के मुकाबले में एक ऐसा क्रिकेटर नहीं उतरेगा, जो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का सदस्य था. बीसीसीआई के यंग टीम उतारने से कई खिलाड़ियों को अपना इंटरनेशनल करियर शुरू करने का मौका मिल गया है. इनमें अभिषेक शर्मा और रियान पराग शामिल हैं. इस सीरीज में 5 मैच खेले जाएंगे. 2024 में भी जिम्बाब्वे का टी20 प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। ऐसे में भारत को ये सीरीज एकतरफा तरीके से जीतनी चाहिए लेकिन टीम इंडिया के लिए ये सब बहुत आसान नहीं होने जा रहा है क्योंकि एक तो ये टी20 प्रारूप है जहां विश्व कप 2024 में छोटी टीमों द्वारा कई बड़े उलटफेर देखने के लिए मिले हैं तो दूसरी ओर जिम्बाब्वे की टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी मौजूद हैं जिन्हें हल्के में लेने की भूल भारत नहीं करेगा। जिम्बाब्वे के पास अनुभवी टीम, भारतीय के लिए कई करेंगे डेब्यू जिम्बाब्वे को अपनी घरेलू परिस्थितियों में खेलने का लाभ भी मिलेगा जिससे युवा और अनुभवहीन टीम इंडिया के होनहार खिलाड़ियों के लिए ये सीरीज दिलचस्प साबित होगी। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा अपनी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी होंगे जिनको 86 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अनुभव शामिल है। रजा मध्यक्रम के शानदार बल्लेबाज हैं और अच्छी स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं। जिम्बाब्वे के पास कई मैच विनर, पिच भी बड़ी फैक्टर उनके अलावा ल्यूक जोंग्वे एक और अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2014 में डेब्यू किया था। इनके पास अनुभव है और ये जिम्बाब्वे के घरेलू क्रिकेट में एक बड़े बल्लेबाज हैं। इसके अलावा ल्यूक जोंग्वे नियमित तौर पर जिम्बाब्वे की सफेद गेंद क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं। स्विंग और पेस से गेम का होगा फैसला ब्लेसिंग मुजरबानी इस समय जिम्बाब्वे के शानदार तेज गेंदबाज हैं। उनकी लंबाई के चलते मिलने वाला अतिरिक्त उछाल भी उनको टी20 क्रिकेट में एक उम्दा बॉलर बना देता है। इस बॉलर की प्रतिभा को देखते हुए लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम ने उन्हें 2022 सीजन में लिया था। इसके अलावा तेंदई चतारा भी जिम्बाब्वे के एक तेज गेंदबाज हैं जो नई पिच पर गेंद को स्विंग करा सकते हैं। उनका एक्शन भी थोड़ा हटकर है और वे डेथ ओवर में यॉर्कर का बढ़िया इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय टीम इसलिए रहेगी सतर्कभारतीय टीम इन दोनों से सचेत रहना चाहेगी। जिम्बाब्वे को भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना है तो बढ़िया शुरुआत की भी सख्त दरकार होगी जिसके लिए टीम अपने ओपनर इनोसेंट काइया पर काफी निर्भर करेगी। ये खिलाड़ी 2022 में वनडे डेब्यू के बाद से लगातार राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहा है। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ पदार्पण सीरीज में अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी और बांग्लादेश के खिलाफ शानदार शतक लगातार अपनी टीम को 300 प्लस रन चेज करने में भूमिका निभाई थी। हालांकि टी20 क्रिकेट में इस खिलाड़ी को खुद को साबित करना अभी बाकी है लेकिन उनके पास अनुभव है और वे आने वाली सीरीज में भारतीय गेंदबाजी का अच्छा टेस्ट ले सकते हैं।  

राजस्थान-अलवर में सड़क धंसने से महिला घायल, सड़क की सीवरेज लाइन में लीकेज से हादसा

अलवर. भारत टॉकीज पुलिया के समीप निर्वाणा होटल के बाहर की सड़क अचानक तीन-चार फीट धंस गई। जिसमें एक महिला गंभीर घायल हो गई और एक टेम्पो क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क धंसने पर यातायात डायवर्ट किया गया। सड़क धंसने की सूचना के बाद मौके पर नगर विकास न्यास अधिकारी पहुंचे और गड्ढे में जेसीबी से मिट्टी रोड़ी डालकर सड़क को सही कराया गया। जिस जगह सड़क धंसी, उसके नीचे से सीवरेज की लाइन जा रही है। सीवरेज लाइन में अंदर से लीकेज होने के कारण पानी सड़क के नीचे भरता गया और अचानक सड़क पोली होकर जमीन में धंस गई। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और टेम्पो क्षतिग्रस्त हो गया। नगर विकास न्यास के एक्सईएन योगेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क धंसने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और मौके पर ही मिट्टी रोड़ी से सड़क को सही करने का कार्य शुरू कराया गया। उन्होंने बताया कि सड़क काफी पुरानी है और सड़क के नीचे से सीवरेज लाइन होकर निकल रही है जिसमें लीकेज के कारण सड़क पोली होती चले गई और अचानक जमीन में धंस गई। उन्होंने बताया कि अभी बारिश का मौसम है इसलिए मिट्टी और रोड़ी डालकर सड़क को दुरुस्त कराया जा रहा है। बाद में बारिश बंद होने पर भगतसिंह सर्किल से लेकर भारत टॉकीज ओवर ब्रिज पुलिया तक सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

सागर में एक ही गांव के 250 लोगों को उल्टी-दस्त, एक की मौत, 15 गंभीर

सागर सागर के झांसी-सागर रोड पर स्थित नरयावली विधानसभा क्षेत्र के मैहर ग्राम में दूषित पानी पीने से करीब 250 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उनको उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर मरीजों को बीएमसी और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजी गई है। टीम गुरुवार की देर रात तक गांव में मरीजों का उपचार करती रही। वहीं, पीएचई विभाग की टीम ने पानी के सैंपल लिए हैं, जो जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक प्रदीप लारिया ने कलेक्टर से चर्चा की और इलाज के समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेकटर दीपक आर्य मेहर ग्राम में पहुंचे और बीएमसी में मरीजों का हालचाल जाना। इसमें ललन बंसल नामक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई है। कलेक्टर पहुंचे ग्राम में और अस्पताल में देखा मरीजों को कलेक्टर दीपक आर्य नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मैहर पहुंचे। जहां उन्होंने गत रात्रि उल्टी दस्त प्रभावित परिवारों से चर्चा की एवं आवश्यक अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम विजय डेहरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे, पीएचई के अधिकारी हेमंत कश्यप सहित अन्य अधिकारी, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद था। नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेहर में हुए हैजा के प्रकोप से प्रभावित मरीजों को तत्काल और अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सके। इस हेतु नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल से चर्चा कर जांच हेतु एक विषेष टीम भेजने का अनुरोध किया। विधायक लारिया के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने शीघ्र विशेष टीम भेजने की सहमति प्रदान की। अस्थाई अस्पताल की गई तैयार ग्राम मेहर में उल्टी दस्त से प्रभावित व्यक्तियों का हर संभव इलाज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे द्वारा कार्रवाई करते हुए ग्राम मेहर में अस्थाई अस्पताल तैयार की गई एवं डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम मेहर में सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकिता राय ने ग्राम मेहर में उल्टी दस्त फैलने की सूचना दी गई। उसके बाद तत्काल ग्राम मेहर में कामवेट टीम को भेजा गया, जिसमें सीबीएमओ डॉ. विकेश फुसकेले, डॉ. अंकिता राय द्वारा ग्राम का भ्रमण किया गया एवं ट्यूबवेल का पानी दूषित होने से ग्राम वासियो में उल्टी दस्त की बीमारी होना पाया गया। 251 मरीजों का हुआ इलाज अब तक 251 उल्टी दस्त के मरीजों का इलाज किया गया। इसमें से 42 मरीजों को ग्राम मेहर के अस्थाई अस्पताल में ही आई फ्लूड लगाकर इलाज किया गया एवं 63 गंभीर मरीजों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय एव बीएमसी भेजा गया, जिसमें 42 मरीजों को जिला चिकित्सालय में 14 मरीजो को बीएमसी में एवं सात मरीज भाग्योदय अस्पताल में भर्ती है। डॉ. ममता तिमोरे सीएमएचओ ने बताया कि कामवेट टीम को उचित इलाज एवं बीमारी की रोकथाम हेतु निदेर्शित किया गया। उल्टी दस्त के मरीजों के इलाज हेतु कामवेट टीम जो कि अस्थाई अस्पताल में सीबीएमओ के निदेशन में मरीजों का इलाज निरंतर जारी है। दूषित ट्यूबवेल के पानी का उपयोग ग्रामवासियों को न करने की सलाह दी गई है। ग्रामवासियों को उबला पानी पीने की सलाह दी गई है एवं ग्राम में मरीजों के इलाज हेतु अस्थाई अस्पताल बनाई गई है। बीमारी की रोकथाम तक कामवेट टीम को गांव में ही चिकित्सा सेवा देने हेतु आदेशित किया गया है। आशा एवं एएनएम द्वारा बीमारी की रोकथाम हेतु ओआरएस पैकेट का वितरण किया जा रहा है। ग्राम मेहर की अस्थाई अस्पताल में डॉ. अंकिता राय SMO नरयावली, डॉ. तपस्या रानी कबीरपंथी AMO नरयावली, डॉ. भूपेन्द्र अहिरवार AMO SHC मेहर, डॉ. पायल CAMO अलग-अलग समय पर डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

शुरू हुई स्मार्ट शहर की प्लानिंगः सुंदर चौड़ी सड़कें, चकाचक स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई बढ़ाने पर फोकस

रायपुर  स्मार्ट शहर की प्लानिंग के महारथी माने जाने वाले पूर्व मंत्री तथा दिग्गज भाजपा विधायक राजेश मूणत रायपुर पश्चिम विधानसभा के साथ-साथ रायपुर शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने की प्लानिंग में जुट गए हैं। राजेश मूणत ने रायपुर में सभी दलों के नेताओं और अफसरों के साथ स्मार्ट शहर की प्लानिंग के लिए बुधवार को दीनदयाल आडिटोरियम में बड़ी बैठक कर डाली। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें शहर के सभी नेताओं और कमिश्नर समेत निगम-स्मार्ट सिटी के आला अफसरों से लेकर इंजीनियर तक जुटे हैं। बैठक में मूणत ने रायपुर के बेहद आकर्षक और महानगर का लुक देने के लिए कई प्वाइंट रखे। उन्होंने कहा कि रायपुर को राजधानी का लुक देने के लिए बेजा कब्जों को पूरी तरह हटवाना होगा। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर सौंदर्यीकरण इस तरह किया जाना चाहिए कि बाहर से आने वाले को रायपुर बेहद खूबसूरत नजर आए। इसके साथ बिजली के चकाचक इंतजाम और नदी का मीठा पानी ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने का प्लान बनाना चाहिए। विकास के मुद्दों पर हुई इस बड़ी बैठक में राजेश मूणत के साथ मेयर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे के साथ-साथ अधिकांश एमआईसी मेंबर और निगम कमिश्नर आईएएस अबिनाश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में नेता और अफसर मौजूद थे। स्मार्ट शहर की प्लानिंग के महारथी माने जाने वाले पूर्व मंत्री तथा दिग्गज भाजपा विधायक राजेश मूणत रायपुर पश्चिम विधानसभा के साथ-साथ रायपुर शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने की प्लानिंग में जुट गए हैं। राजेश मूणत ने रायपुर में सभी दलों के नेताओं और अफसरों के साथ स्मार्ट शहर की प्लानिंग के लिए बुधवार को दीनदयाल आडिटोरियम में बड़ी बैठक कर डाली। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग माना जा रहा है, जिसमें शहर के सभी नेताओं और कमिश्नर समेत निगम-स्मार्ट सिटी के आला अफसरों से लेकर इंजीनियर तक जुटे हैं। बैठक में मूणत ने रायपुर के बेहद आकर्षक और महानगर का लुक देने के लिए कई प्वाइंट रखे। उन्होंने कहा कि रायपुर को राजधानी का लुक देने के लिए बेजा कब्जों को पूरी तरह हटवाना होगा। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर सौंदर्यीकरण इस तरह किया जाना चाहिए कि बाहर से आने वाले को रायपुर बेहद खूबसूरत नजर आए। इसके साथ बिजली के चकाचक इंतजाम और नदी का मीठा पानी ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने का प्लान बनाना चाहिए। विकास के मुद्दों पर हुई इस बड़ी बैठक में राजेश मूणत के साथ मेयर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे के साथ-साथ अधिकांश एमआईसी मेंबर और निगम कमिश्नर आईएएस अबिनाश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में नेता और अफसर मौजूद थे। पश्चिम का विकास पूर्व मंत्री मूणत का सरोकार राजेश मूणत ने रायपुर पश्चिम विधानसभा में आम लोगों की सुविधा, भव्य निर्माण और सौंदर्यीकरण के कुछ प्रोजेक्ट रखे। उन्होंने कहा कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सफाई, पीने के पानी और स्ट्रीट लाइट पर तत्काल फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि डीपीआर बनाया जाना चाहिए कि निजी कालोनियों में भी टंकियां बनवाकर वहां नदी का पानी सप्लाई किया जा सके। शहरी नियोजन के माहिर पूर्व मंत्री मूणत ने ठेले-गुमटियों को जगह-जगह लगाने से रोकने तथा सभी छोटे कारोबारियों का अलग-अलग जगह सुंदर प्रोजेक्ट बनाकर उन्हें व्यवस्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। मूणत ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के दूसरे शहरों से रायपुर आने वालों को लगना चाहिए कि सीएम विष्णुदेव साय की सरकार ने वास्तव में रायपुर को राजधानी के रूप में डेवलप किया है। मेयर ने मूणत को शुक्रवार की बैठक में बुलाया पूर्व मंत्री मूणत ने अफसरों को निर्देश दिए कि सीएम साय भी चाहते हैं और रायपुर की पहली जरूरत यही है कि कब्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। डिप्टी सीएम अरुण साव के मार्गदर्शन में योजनाएं बननी चाहिए। मूणत ने बैठक में मौजूद पार्षदों से कहा कि सुबह सफाई व्यवस्था का निरीक्षण रोज करना जरूरी है। उन्होने रामकुंड क्षेत्र में पट्टों के वितरण तथा गुढियारी क्षेत्र में पेयजल की समुचित व्यवस्था पर जोर दिया। बैठक में मेयर ढेबर ने सुझाव दिया कि अमृत मिशन योजना, डोर टू डोर कचरा कलेक्षन कार्य , स्ट्रीट लाईट प्रबंधन कार्य योजनाओं का राजधानी शहर में सफल क्रियान्वयन करने प्रभावी कार्य होना चाहिए। मेयर ढेबर ने कल 5 जुलाई, शुक्रवार को जोन 5 में होने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण बैठक में मार्गदर्शन देने के लिए पूर्व मंत्री राजेश मूणत को भी आमंत्रित किया है। बैठक में निगम कमिश्नर अबिनाश मिश्रा ने नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी की योजनाओं पर प्रजेंटेशन भी दिया। गुरुवार को रात तक चली बैठक में एमआईसी ज्ञानेश शर्मा, श्रीकुमार मेनन, सुन्दर लाल जोगी और रितेश त्रिपाठी, जोन अध्यक्ष मनीराम साहू, विनोद अग्रवाल तथा पार्षद सुनील चंद्राकर, अमर बंसल, भोला साहू, दीपक जायसवाल, कुंवर रजयंत ध्रुव, प्रकाश जगत, विरेन्द्र देवांगन, कामिनी पुरूषोत्तम देवांगन, दिलेश्वरी अन्नू राम साहू, गोदावरी गज्जू साहू तथा रायपुर स्मार्ट सिटी के सीओओ उज्जवल पोरवाल, भी उपस्थित थे।  

जांजगीर में पांच तो कोरबा में कुएं में उतरने से चार की गई जान, छत्तीसगढ़ में कुएं बने नौ लोगों के काल

जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ में कुआं काल बना हुआ है। शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग दो जिलों में कुएं में उतरने से नौ लोगों की मौत हो गई है। जांजगीर-चांपा में पिता और दो बेटे समेत पांच, तो कोरबा जिले में पिता-पुत्री समेत चार लोगों की मौत हुई है। इस हादसे के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है। दरअसल, बरसात के दिन आने पर कुएं की साफ-सफाई करने के लिए उतरे हुए थे। कुएं में गैस रिसाव के चलते उनकी मौत हो गई, इन्हें बचाने के लिए एक-एक कर उतरे नौ लोगों की मौत हो गई है। कुएं में जहरीली गैस की वजह से सभी का दम घुटने लगा, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में उस वक्त मातम छह गया, जब गांव के ही कुएं में पांच लोगों की मौत हो गई। दरअसल, कुएं में गिरी लकड़ी को निकालने के लिए एक व्यक्ति कुएं में उतर गया। कुएं से निकल रही जहरीली गैस से उसकी मौत हो गई। उसे बचाने के लिए पड़ोस में रह रहे चार लोग एक-एक कर उतरे। वहां जहरीली गैस की वजह से उनकी भी मौत हो गई। मृतकों का नाम रामचंद्र जायसवाल 60 वर्ष, पड़ोसी रमेश पटेल 50 वर्ष, रमेश पटेल के दो बेटे जितेंद्र पटेल 25 वर्ष, राजेंद्र पटेल 20 वर्ष, एक और पड़ोसी टिकेश्वर चंद्रा 25 वर्ष बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि टिकेश चंद्रा की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। रमेश पटेल खेती किसानी का काम करता था, उसके पुत्र जितेंद्र पटेल की दो साल पहले शादी हुआ था, उसका 5 माह का बच्चा है। वहीं राजेंद्र पटेल ने अपनी 10वहीं तक की पढ़ाई की है, जिसके बाद अपने पिता के साथ खेती किसानी में हाथ बटाया करता था। दूसरी ओर कोरबा जिले के कटघोरा थानांतर्गत ग्राम जुराली के डिपरा पारा में चार लोगों की कुआं में डूबने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कुंआ में ग्रामीण के गिरने के बाद उसे बचाने के लिए बेटी कुंआ में कूद गयी। इसके बाद परिवार के ही दो अन्य लोग कुआं में नीचे उतरे, लेकिन सभी की मौत हो गई। जुराली निवासी शिवचरण पटेल कुएं की सफाई कर रहा था इस दौरान वह नीचे गिर गया। उसे देखकर उसकी बेटी सपीना नीचे उतरी, जहां उसकी भी मौत हो गई। दोनों को कुएं में गिरा हुआ देख मनबोध पटेल, जरूर पटेल नीचे उतरे। थोड़ी देर बाद उनकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुएं में गैस रिसाव के चलते चारों की मौत हुई है। 

विधायक ने लोन पर ली 50 लाख की जमीन और दान कर दी, खुद रहते हैं 2 कमरों के घर मे…

सिहोरा मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानने के बाद लोगों की अपने विधायकों व सांसदों से उम्मीदें काफी बढ़ जाएंगी। दरअसल यहां के एक विधायक से जब इलाके के गरीबों की दुख-तकलीफें नहीं देखी गईं तो उन्होंने खुद लोन लेकर जमीन खरीदी और फिर अस्पताल बनाने के लिए उसे दान भी दे दिया। खास बात यह है कि यह जमीन लाख-दो लाख रुपए की नहीं बल्कि पूरे 50 लाख रूपए की है, और विधायक इस रकम को अपने वेतन से चुकाने की बात कह रहे हैं। इस कारनामे को करने वाले विधायक का नाम संतोष बरकड़े है,जो कि यहां कि सिहोरा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। इस मामले में जानकारी देते हुए बरकड़े ने बताया कि कुण्डम इलाका मुख्यतः आदिवासी इलाका है, जिसकी आबादी करीब 60 हजार है। इनमें भी ज्यादातर लोग गरीब हैं, ऐसे में यहां स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से इन लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। किसी भी तरह की बीमारी होने पर जबलपुर भागना पड़ता था, ऐसे में समय पर इलाज नहीं मिलने के चलते कई बार तो लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती थी। खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। आगे उन्होंने बताया, ‘जब मैं विधायक बना तो मुझे पता चला कि इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इलाके में ज्यादातर जमीन निजी होने के चलते अस्पताल बनाने के लिए सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है, ऐसे में मुझे इस राशि के लैप्स होने का डर सताया। यदि एक बार पैसा वापस लौट जाता तो दोबारा स्वीकृत कराने में बहुत सी मुश्किलें आती। जिसके चलते मैंने अपने करीबियों से सलाह लेकर इस समस्या के समाधान के बारे में सोचा और आखिरकार एक एकड़ जमीन खरीदकर अस्पताल के लिए दे दी।’ बता दें कि बरकड़े खुद मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं और खेती-किसानी व एक छोटी सी दुकान से उनका घर चलता है। वे खुद दो कमरों के मकान में रहते हैं, लेकिन लोगों की तकलीफ को दूर करने के लिए जिस तरह से उन्होंने बैंक लोन लेकर 50 लाख की जमीन अपने क्षेत्र के लोगों के लिए दान कर दी, ऐसे में उनकी इस दरियादिली को देखकर हर कोई हैरान है और उनकी इस सहृदयता को सलाम कर रहा है। इस अस्पताल के बनने का काम भी शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि इस अस्पताल के बनने से आसपास के 60 गांवों के लोगों को इलाज का फायदा होगा और उन्हें यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा।  

जल्द MP पुलिस दो दर्जन बम-शूट खरीदेगी, 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अपने सुरक्षा दस्ते को और मजबूत करने जा रही है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी है। उज्जैन की सड़कों को चौड़ी करने और संवारने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के बजट में 500 करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं सुरक्षा चाकचौबंद रखने के लिए दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय खरीद रहा है। एक बम-शूट की वर्तमान कीमत करीब 18 लाख बताई जा रही है। खरीदी का आर्डर देने से पहले शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय में इंटेलीजेंस यूनिट ने बम शूट को पहनाकर बम डिस्पोजल दस्ते से ट्रायल किया है। आने वाले महीनों में सभी दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय को डिलीवर कर दिए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय की इंटेलीजेंस यूनिट वर्ष 2016 में उज्जैन में हुए सिंहस्थ के लिए 17 बम शूट खरीदे थे। उनके अलावा दो दर्जन फिर से खरीदे जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ने बूम-शूट बनाने वाली कंपनियों से ट्रायल करने के बाद खरीदी को अंतिम रूप देने जा रहा है। जिस कंपनी से पुलिस मुख्यालय खरीदी करने जा रहा है, वह सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के बम डिस्पोजल दस्ते को बम-शूट की सप्लाई कर चुकी है। पीएम की सुरक्षा में एनएसजी कमांडो यही शूट पहनते हैं पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री और अति वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कमांडो यही बम-शूट पहनते हैं, जिसकी खरीदी पुलिस मुख्यालय करने जा रहा है। करीब 50 किलोग्राम वजनी बम-शूट में जहरीली गैस रोकने से लेकर हर उच्च तकनीक से लैस है। बम-शूट में हेलमेट के ऊपर पंखा, कैमरा, ऑक्सीजन, पाईप लगी है। यह बम-शूट पुलिस के वॉकी-टॉकी से भी कनेक्ट रहेगा, जिससे बिना हाथ का इस्तेमाल किए बम-शूट पहनने वाले सुरक्षा दस्ते पुलिस अधिकारियों से संपर्क में रहें। कितना विस्फोटक कर सकते हैं डिफ्यूट पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय जिस बम-शूट की खरीदी करने जा रहा है, वह लगभग 5 से 10 किलोग्राम आरडीएम्स को डिफ्यूट करने की दृष्टि से बनाया गया है। इस बम-शूट को पहनकर सुरक्षा बल पांच से दस किलोग्राम आरडीएक्स को डिफ्यूज कर सकते हैं।

जटाशंकर और शिवपुरी में भदैया कुंड झरना फूटा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

श्योपुर श्योपुर सहित असापास के क्षेत्रों में बारिश की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। शुक्रवार रात को हुई बारिश से बड़ोदा कस्बा टापू बन गया है और बाजारों में पानी भर गया है। बड़ोदा कस्बे का संपर्क जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों से कट गया है। साथ ही मानपुर के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है। मानपुर कस्बे में सीप नदी का पानी आने से अस्पताल में पानी भर गया। जिससे अस्पताल के मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला गया। श्योपुर शहर में कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर डूब गया है। मंदिर में फंसे महंत को रेस्क्यू कर निकाला गया है। अंचल में मानसून सक्रिय है। श्योपुर व शिवपुरी के क्षेत्रों में रात से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से श्योपुर का कस्बाई क्षेत्र बड़ोदा टापू में बदल गया है। बाजार से लेकर हर जगह पानी भर गया है और कस्बे में आने जाने के लिए भी लोगों को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही जिले का मानपुर कस्बे में सीप नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क टूट गया है। सीप नदी का पानी अस्पताल में भरने से मरीजों के लिए खतरा पैदा हो गया। बाद में प्रशासन की टीम ने मरीजों को अस्पताल से रेस्क्यू किया। इसके साथ ही श्योपुर शहर में भी कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर पानी से घिर गया। इस वजह से मंदिर में महंत फंस गए। इन्हें भी टीम ने रेस्क्यू किया है। प्रशासन ने छात्रों को रेस्क्यू टीम के माध्यम से पहुंचाया श्योपुर कॉलेज बड़ोदा में कॉलेज में भी पानी भर गया। यहां पर आज बीए का पेपर था। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की मांग पर कलेक्टर ने रेस्क्यू टीम को बड़ोदा भेजा। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम सभी छात्रों को बड़ोदा से निकालकर श्योपुर महाविद्यालय में परीक्षा के लिए ले गई। लेकिन फिर भी कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। श्योपुर कोटा मार्ग भी बंद, पार्वती नदी उफनी श्योपुर कोटा मार्ग पर पड़ने वाली पार्वती नदी उफान पर है। खातौली पुल पर करीब दो फीट पानी आ गया है। इसलिए सुरक्षा की द्ष्टि से पुलिस ने कोटा मार्ग पर ट्रैफिक को बंद करा दिया है। साथ ही अमराल नदी रपटे पर 10 फीट पानी आने से 15 गावों का सोईकलां से सम्पर्क कट गया है। ग्वालियर में शुक्रवार रात से बारिश हो रही है। शहर के लोहा मंडी कोटा वाला मोहल्ले में आज सुबह एक खाली मकान की ऊपरी मंजिल गिर गई। मकान मनोज माठे के नाम पर है। शिवपुरी में भदैया कुंड का झरना फूट गया है। शनिवार को ग्वालियर-चंबल में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश के बाकी जिलों में भी पानी गिरेगा। IMD, भोपाल के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि दो ट्रफ और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में देखने को मिल रही है। इस वजह से प्रदेशभर में आंधी और बारिश का मौसम है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 7 जुलाई को सिस्टम फिर से स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई से भारी बारिश हो सकती है।    

विवाद के बीच NEET-UG काउंसलिंग स्थगित, नई तारीख का जल्द होगा ऐलान

नई दिल्ली NEET परीक्षा शुरुआत से ही विवादों में घिरी हुई है. बड़ी संख्या में टॉपर्स और ग्रेस मार्क्स के बाद ये मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. NTA ने 23 जून को इसका री एग्जाम करवाया था. 6 जुलाई यानी कि आज से नीट-यूजी की काउंसलिंग होनी थी. लेकिन काउंसलिंग को अब स्थगित कर दिया गया है. अब जल्द ही नई तारीख का ऐलान किया जाएगा. अगले आदेश तक काउंसलिंग को स्थगित कर दिया गया है. पहले 6 जुलाई को काउंसलिंग होने की उम्मीद जताई जा रही थी. NTA की तरफ से करवाए गए नीट एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद से ही लगातार विवाद चल रहा है. 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे, जिसके बाद धांधली का  मामला उठने लगा. सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून को री एग्जाम करवाया था. 1563 स्टूडेंट्स में से सिर्फ 813 स्टूडेंट्स ने ही फिर से परीक्षा दी थी. जिन स्टूडेंट्स ने री-एग्जाम पास कर लिया है उनकी काउंसलिंग होनी है. लेकिन आज होने वाली काउंसलिंग स्थगित हो गई है. NEET एग्जाम के कितने टॉपर? बता दें कि इस साल नीट एग्जाम में 67 उम्मीदवारों ने टॉप किया था.जबकि पिछले साल टॉपर्स सिर्फ 2 थे. वहीं NTA ने समय की बर्बादी की बात कहते हुए 1500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स भी दिए थे. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून को दोबारा परीक्षा करवाए जाने का विकल्प दिया था. क्या है NEET परीक्षा विवाद? मेडिकल के लिए प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (Medical entrance exam NEET-UG) में कई गड़बड़ियों की बात सामने आई है. 24 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था. जिसमें छात्रों को ज्यादा नंबर दिए जाने का आरोप लगा था. आरोप ये भी लगा कि कई उम्मीदवारों के नंबरों को गलत तरीके से घटाया और बढ़ाया गया, जिससे उनकी रैंक प्रभावित हुई. र पड़ा है. वहीं छह केंद्रों पर परीक्षा में होने वाली देरी की वजह से समय की बर्बादी की भरपाई के लिए 1,500 से ज्यादा छात्रों को  ग्रेस मार्क्स भी दिए गए थे. जिसके बाद बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन भी हुए.

शहडोल में ट्रक और ऑटो की जोरदार टक्कर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

 शहडोल  शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात लगभग 10:00 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई है। ऑटो की ट्रेलर से भिड़त हो गई ,जिसके कारण चार लोगों की मौत हो गई है, दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार अनूपपुर से शहडोल की ओर ट्रेलर ट्रक आ रहा था और शहडोल से ओपीएम की ओर ऑटो जा रही थी, जिसमें आमने-सामने भिड़ंत हो गई है। ऑटो में कुल 6 लोग सावर थे, जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई एवं दो महिलाओं की मेडिकल कालेज शहडोल में मौत हुई है। घटना की जानकारी लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल कालेज 108 एंबुलेंस के सहारे भेजा गया है। आमने-सामने हुई भिड़ंत बुढार थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया कि ऑटो और ट्रेलर में आमने-सामने भिड़ंत हुई है। घटना एनएच 43 के रुंगटा – पकरिया गांव के बीच की है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। दो ने मौके पर तोड़ा दम थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर ही दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया था और चार घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जिसमें दो अन्य महिलाओं ने भी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया है। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार ट्रेलर में गिट्टी लोड है। घटना के बाद एनएच 43 में कुछ देर के लिए जाम लग गया था। पुलिस मौके पर पहुंची और जाम को खुलवाया है। थाना प्रभारी ने बताया रिया ,ममता, रोशनी, की मौत हो गई है‌। ऑटो चालक कुंज बिहारी व नेम चंद्र गंभीर रूप से घायल है। गाय को बचाने के चक्कर पलटी आटो को विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने कुचला है। परिवार में हुए डिलेवरी के दौरान आए नए मेहमान को देखने एक ही परिवार के 6 लोग सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। 4 की मौत, 2 गंभीर है। घटना के बाद ट्रेलर छोड़कर ट्रेलर चालक फरार हो गया है। ट्रेलर चालक के पर 30 हजार का इनाम बुढार थाना क्षेत्र के नेशनल हाइवे मिश्रा क्रेसर के पास की घटना है। ट्रेलर चालक के गिरफ्तारी के लिए ADGP डीसी सागर ने 30 हजार के इनाम की घोषणा की है। ADGP मामले की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे हैं। ADGP डीसी सागर व शहडोल एसपी कुमार प्रतीक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। घायलों से मिलने मेडिकल कॉलेज भी ADGP व SP पहुंचे हैं।

योगी सरकार के मंत्री का बड़ा बयान, कहा – हिन्दू देवी-देवताओं के नाम पर मुस्लिम दुकान पर न लिखें

मुजफ्फरनगर सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इस यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं. कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर में कांवड़ शिविर संचालकों के साथ बैठक की.  इस बैठक के बाद कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कांवड़ मेले में जो मुस्लिम लोग हिंदू देवी देवताओं के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं वो ऐसा ना करें. कपिल देव अग्रवाल ने कहा, ‘कांवड़ मेले में मुस्लिम लोग हिंदू देवी देवताओं के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं. वह अपनी दुकान चलाएं हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वह हिंदू देवी देवताओं के नाम पर दुकान का नाम ना रखें क्योंकि बाहर से आने वाले कावड़िये वहां पर बैठकर चाय पानी पीते हैं और जब उन्हें पता चलता है तो उसमें विवाद का कारण बनता है. इसलिए इस मामले में पारदर्शिता होनी जरूरी है. जिससे बाद में कोई विवाद का कारण ना बन सके.’ सरकार ने दिए ये दिशा-निर्देश आपको बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने आगामी कांवड़ यात्रा और मुहर्रम के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक की और उन्हें अलग-अलग दिशा- निर्देश दिए. कांवड़ यात्रा व मुहर्रम के जुलूस मार्गों को लेकर उन्होंने कहा कि डिजिटल वॉलिंटियर्स और सिविल डिफेंस का सहयोग लेकर सुरक्षा प्लान बनाया जाए. डीजीपी ने कहा कि किसी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए और कावड़ यात्रा के मार्गों की पहली से जांच कर लें. इसके अलावा उन्होंने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और हॉटस्पॉट पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती का आदेश दिया. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और संवेदनशील जगहों पर अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए. संवेदनशील जगहों पर बढ़ेगी सुरक्षा इसके अलावा अधिकारियों को आदेश दिया कि जुलूस मार्गों पर लगे सीसीटीवी को एक्टिव रखा जाए और रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डे पर सुरक्षा बढ़ाई जाए. अधिकारियोंसे कहा गया कि जोन सेक्टर स्कीम लागू कर अति संवेदनशील स्थलों पर चेकिंग को बढ़ाई जाए. डीजीपी ने इंटरनेट मीडिया की 24 घंटे निगरानी करने का भी निर्देश दिया जाए. सभी मार्गो के सर्वे का काम पूरा हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों-करोड़ों की तादात में शिव भक्त मुजफ्फरनगर होते हुए हरियाणा, राजस्थान ,दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की ओर प्रस्थान करते हैं, जिसे लेकर मुजफ्फरनगर जनपद कावड़ मेले के दौरान एक मुख्य बिंदु बन जाता है। इस बार के कावड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने भी सभी कावड़ मार्गों का सर्वे पूरा कर लिया है, जिसके बारे में जानकारी देते हुए मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि हरिद्वार के बाद मुजफ्फरनगर में 219 किलोमीटर का कावड़ मार्ग है, जिसके चलते इस बार हर 2 किलोमीटर पर एक सिपाही की तैनाती की जाएगी और तकरीबन 2000 सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में इस कावड़ मेल को संपन्न कराया जाएगा। सुरक्षा को देखते हुए लगाए गए सीसीटीवी मुज़फ्फरनगर एसएसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि कावड़ शिविर संचालक और भंडारा संचालकों के साथ बैठक हुई है। बैठक में इस बात पर ज्यादा जोर दिया गया है जो कावड़ संचालक है, अपने यहां पर खास तौर पर फायर के बारे में काफी ध्यान रखें। अपने कावड़ शिविरों को इस प्रकार लगाएं कि सड़क पर जाम की स्थिति न बने। इसके साथ किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि यहां इस समय 8 कावड़ मार्ग है, जिनका सर्वे किया जा चुका है, इन क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। गंग नहर पटरी मार्ग पर हर 2 किलोमीटर पर एक सिपाही की तैनाती है होगी। 219 किलोमीटर के मार्ग पर तकरीबन 1800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो कावड़ यात्री आ रहे हैं, जो वाहनों पर डीजे लगाए हैं और उनकी हाइट 20-20 फिट है, उन्हें बाईपास से निकाला जाएगा। उन्होंने अनुरोध कि वाहनों पर बनाए गए पंडाल को लिमिटेड साइज में बनाएं, ताकि किसी प्रकार की कोई भी दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि कानून को पालन सभी को करना होगा।    

पति की हत्या के आरोप में 12 साल से जेल में बंद पत्नी को ओडिशा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया

भुवनेश्वर  पति की हत्या के आरोप में 12 साल से जेल में बंद पत्नी को ओडिशा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। महिला को निचली अदालत ने पति की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसलो को न्याय का दुरुपयोग बताते हुए फैसला पलटा दिया है। हाईकोर्ट ने 64 साल की हो चुकी महिला को बरी कर दिया है। साथ ही निचली अदालत को उसले फैसले पर फटकार भी लगाई है। बता दें कि सुनिता मुंडारी नामक यह महिला 64 साल की हो चुकी हैं। आरोपी पक्ष के अनुसार 28 नवंबर, 2011 को सुंदरगढ़ के झिरपानी गांव में सुनीता ने अपने पति मंगल पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। राउरकेला की एक सत्र अदालत ने 20 दिसंबर, 2014 को उसे दोषी ठहराया था। सुनीता ने उसी साल हाईकोरट में में अपील की थी। गुरुवार को जस्टिस एस के साहू और चित्तरंजन दास की HC बेंच ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी सुनीता के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत को लगाई फटकार बेंच ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद हालात यह निष्कर्ष निकालने के लिए पूरी कड़ी नहीं जोड़ते कि महिला ने ही अपराध किया था। बेंच ने कहा कि निचली अदालत के फैसले जायज़ नहीं हैं। अपीलकर्ता के पक्ष में मौजूद बातों को नरअंदाज किया गया है और इस तरह यह न्याय का दुरुपयोग है। महिला की रिहाई के आदेश दिए हाईकोर्ट ने IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत निचली अदालत द्वारा सुनीता को दी गई सज़ा को रद्द करते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया। बेंच ने कहा कि निचली अदालत बिना किसी सीधे सबूत के इस नतीजे पर पहुंच गई थी कि सुनीता ने हत्या की है। बेंच ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामलों में हमेशा यह खतरा बना रहता है कि अनुमान या संदेह कानूनी सबूत की जगह ले सकते हैं।

कंचन नदी तट पर त्रिवेणी उत्सव के साथ हरियाली महोत्सव का हुआ शुभारंभ

सिंगरौली ग्राम गडहरा पर स्थित कंचन नदी के पास वृक्षारोपण कर हरियाली महोत्सव का जिला कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला द्वारा शुभारंभ किया गया। हरियाली महोत्सव पूरे प्रदेश में मनाया जाना है जिसके तहत वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत जिला सिंगरौली के ग्रामों एवं नगरी इकाईयो में 32 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।       त्रिवेणी उत्सव मैं आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी बढ़–चढ़ कर हिस्सा लिया । उत्सव की शुरुआत भूमि पूजन के साथ हुई जिसके उपरांत त्रिवेणी वृक्षों  का कलेक्टर द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में अधिकारी गण,आम जनों के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी पौधे लगाए।     उत्सव के द्वारान जिला कलेक्टर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे भविष्य की पीढ़ी हैं इन्हे वृक्षों की महत्वता के प्रति जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने बच्चों को वृक्षों का जीवन में महत्व बताया और कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन, फल ,छाया देने के साथ साथ वर्षाजल संचय करने में हमारी मदद करते हैं। उन्होंने बच्चों को पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कीटनाशक एवं शाकनाशक के अनियंत्रित प्रयोग की वजह से कृषि उपज  दूषित हो रहे हैं। अतः हमें जैविक कृषि को भी प्राथमिकता देनी होगी जिसके तहत हर जनपद पंचायत में 10 ग्राम को चिन्हित कर उन्हें जैविक ग्रामों की तर्ज पर विकसित किया जायेगा । कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  गजेंद्र नागेश ,अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, कृषि विशेषज्ञ जय सिंह ,सरपंच, जनपद अधिकारी कर्मचारी के साथ समस्त अधिकारी गण मौजूद रहे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet