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पिता-पुत्र को 10 साल का सश्रम कारावास, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में करंट से बच्चे की मौत

रायगढ़. खरसिया विधानसभा में बकरी चराने जा रहे आठ साल के मासूम बच्चे की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। मामले में विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के विद्वान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र को 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अगस्त की सुबह नौ बजे खरसिया क्षेत्र की रहने वाली ननकी खडिया अपने बड़े बेटे श्रवण कुमार व नाती शिव खडिया के साथ बकरी चराने गांव के नाला तरफ जा रहे थे। इस दौरान एक बकरी परदेशी सिदार के घर की तरफ चला गया था, जिसे लेने के लिये श्रवण खडिया और शिव खडिया गए थे। इस दौरान परदेशी खडिया के घर में लोहे के सेंट्रिंग में जेआई तार से अपने घर की तरफ करंट लगाकर रखा गया था। जिसकी चपेट में आकर शिव खडिया की मौत हो गई। करंट की चपेट में आकर आठ साल के मासूम की मौत हो जाने के बाद ननकी नोनी खडिया ने खरसिया थाने में मामले की शिकायत की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मर्ग पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए मौके से लोहे का सेंट्रिंग स्पान दो, बिजली वायर 10 मीटर जब्त किया गया। खरसिया पुलिस ने परदेशी सिंह सिदार 75 साल एवं उसके पुत्र उपेन्द्र सिदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पिता पुत्र के खिलाफ 135 विद्युत अधिनियम 2003 एवं धारा 304 सहपठित धारा 34 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में दोषसिद्ध पाये जाने के बाद विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के विद्वान न्यायाधीश जगदीश राम ने दोनों पिता पुत्र को सजा सुनाते हुए धारा 135 विद्युत अधिनियम 2003 की धारा के तहत तीन माह का सश्रम कारावास के अलावा पांच सौ रूपये का अर्थदण्ड, धारा 304, 34 की धारा में दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच सौ रूपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की राशि नही पटाये जाने पर अतिरिक्त कारावास भुगताने की बात कही गई है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक योगेश कुमार प्रधान ने पैरवी की।

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बौद्धिक एवं शारीरिक सामर्थ्य को अभिवर्धित कर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवाभाव, सहनशीलता, समर्पण और त्याग की भावना जागृत कराने वाला भारत स्काउट्स गाइड्स संगठन, राष्ट्रीय व मानवीय मूल्यों को संचारित कर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लक्ष्य को समर्पित है। संगठन का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है।  

ए एम गजनफर छह विकेट के शानदार प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बंगलादेश को 92 रनों से हराया

शारजाह मोहम्मद नबी (84), कप्तान हशमतउल्लाह शहीदी (52) की अर्धशतकीय पारियों के बाद ए एम गजनफर (छह विकेट) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने पहले एकदिवसीय मुकाबले में बंगलादेश को 92 रनों से हरा दिया है। मैच में छह विकेट लेने वाले ए एम गजनफर को प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया। अफगानिस्तान के 235 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश की शुरुआत खराब रही उसने चौथे ही ओवर में तंजिद हसन (तीन) का विकेट गवां दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये कप्तान नजमुल शान्तो ने सौम्य सरकार के साथ पारी को संभाला। 12वें ओवर मेें अजमतउल्लाह ओमरजई ने सौम्य सरकार (33) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। 26वें ओवर में मोहम्मद नबी ने नजमुल शान्तो (47) को आउट कर बंगलादेश को बड़ा झटका दिया। मेहदी हसन मिराज (28) रन बनाकर पवेलियन लौट गये। इसके बाद बंगलादेश का कोई भी बल्लेबाज गजनफर और राशिद खान के आगे नहीं टिक सका और पूरी टीम 34.3 ओवर में 143 के स्कोर पर पर सिमट गई। इसके साथ बंगलादेश को अफगानिस्तान के हाथों 92 रनों से हार झेलनी पड़ी। अफगानिस्तान के लिए ए एम गजनफर ने 6.3 ओवर में 26 रन देकर छह विकेट लिये। राशिद खान को दो विकेट मिले। मोहम्मद नबी और ए ओमरजई ने एक-एक बल्लेबाज के आउट किया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान ने मोहम्मद नबी (84), हशमतउल्लाह शहीदी (52) की शानदार अर्धशतकीय पारियों के दम पर 49.4 ओवर में 235 रन का स्कोर खड़ा किया था। सेदिकुल्लाह अटल (22), गुलबदीन नईब (22), राशिद खान (10) रन बनाकर आउट हुये। नांगेलिया खरोटे ने (नाबाद 27) रनों की पारी खेली। अफगानिस्तान के पांच बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। बंगलादेश की ओर से तसकीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान ने चार-चार विकेट लिये। शोरिफुल इस्लाम ने एक बल्लेबाज को आउट किया।    

छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान सूर्य की उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व “छठ पूजा” की समस्त प्रदेश व देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगल कामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि छठ पूजा का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि बहनें छठ पर्व पर अपने सुहाग की दीर्घ आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और आनंद की कामना के साथ भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पण कर अल्पाहार ग्रहण करती हैं। बहनें अपने जीवन को कष्ट में डालकर अपने पति की दीर्घायु के लिए कठिन साधना करती हैं, यह सनातन संस्कृति का वैशिष्ट्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन तालाब, नदी, पोखर आदि के किनारे छठ मैया की पूजा होती है, वहां उपयुक्त साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।  

जवानों ने किया डिफ्यूज, छत्तीसगढ़-बीजापुर के नम्बी कैंप के पास मिले दो आईईडी

बीजापुर. नक्सलियों ने सुरक्षाबल के जवानों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी प्लांट किये थे। प्लांट किये गए दो आईईडी जवानों ने बरामद कर उसे वहीं डिफ्यूज कर दिया। पुलिस के मुताबिक, उसूर ब्लॉक के सुरक्षा कैंप नम्बी से कोबरा 205, सीआरपीएफ 196 बटालियन व बस्तरिया बटालियन की संयुक्त टीम डिमाइनिंग तथा एरिया डॉमिनेशन पर उसूर थाना क्षेत्र के भुसापुर की ओर निकली थी। डिमाइनिंग के दौरान कोबरा 205 की बीडीएस टीम ने घने जंगली इलाके नम्बी कैम्प से करीब ढाई किलोमीटर दूर से अलग-अलग जगहों एक 3 किलो व एक 1.5 किलो के दो आईईडी बरामद किया गया। कोबरा बीडीएस की टीम द्वारा सुरक्षित तरीके से उसे वही निष्क्रिय कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि नक्सलियों ने प्रेशर आईईडी को स्विच सिस्टम से लगा रखा था। नक्सलियों ने यह आईईडी सुरक्षाबलो के जवानों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लगाया था।

बागी होने पर लिया एक्शन, राजस्थान-जयपुर की देवली-उनियारा के निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा कांग्रेस से निलंबित

जयपुर. कांग्रेस ने गुरुवार को बड़ा एक्शन लेते हुए नरेश मीणा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। नरेश मीणा देवली-उनियारा से कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। हाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि यदि देवली-उनियारा से नरेश के खिलाफ प्रस्ताव आता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के आदेश में नरेश पर पार्टी विरोधी कार्यशैली के आरोप लगाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने निलंबन का आदेश जारी किया है। हरीश मीणा के सांसद बनने के बाद खाली हुई देवली सीट से कांग्रेस ने कस्तूर मीणा को मैदान में उतारा है। नरेश मीणा यहीं से टिकट मांग रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। अब नरेश मीणा यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

गर्भवती कर छोड़ने पर 10 साल का सश्रम कारावास, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में अविवाहित बनकर युवती से दुष्कर्म

रायगढ़. रायगढ़ जिले में खुद को अविवाहित बताकर युवती से शारीरिक संबंध बनाकर उसे गर्भवती करने के बाद शादी से मुकर जाने वाले आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 10 साल सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता 2019 में हंडी चैक में स्थित डेंटल क्लीनिक में काम करती थी। उस वक्त क्लीनिक में लाइट बनाने का काम चल रहा था। लाइट बनाने का काम अभियुक्त भुनेश्वर साहू निवासी छातामुडा के द्वारा लिया गया था। इस दौरान भुनेश्वर ने पीड़िता से उसका मोबाइल नंबर लिया और बात करने लगा। भुनेश्वर अपने आपको कुंवारा बताकर पढ़ाई करना बताया गया और पीड़िता को पसंद करता हूं शादी करूंगा बोला गया। इस दौरान पीड़िता उसे अपने घर मिलवाने ले गई थी। मई 2019 में भुनेश्वर उसे रायगढ़ कोर्ट ले जाकर नोटरी में लिखवा कर शादी किया और बैकुंठपुर में किराये के मकान में डेढ माह तक रखकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता की तबीयत खराब हुई तो भुनेश्वर ने उससे कहा कि घर चली जाओ मैंने अपने घर बात कर ली है। समाज में बात कर अपने घर ले जाउंगा। इसके बाद अपने घर ले जाने के लिये वह टाल मटोल करता रहा। इस दौरान बीच-बीच में पीडिता से मिलने जाता और शारीरिक संबंध बनाता था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। 22 जून 2020 को भुनेश्वर की पत्नी ने पीड़िता को फोन करके बताया कि भुनेश्वर की पत्नी है और उनके दो बच्चे हैं। इसके बाद पीड़िता ने भुनेश्वर से इस संबंध में पूछा और दोनों के बीच लड़ाई हुई। इसके बाद भुनेश्वर ने पीड़िता को रखने से साफ इंकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उपार्पण पश्चात माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ के न्यायलय में उपार्पित पश्चात दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अभियुक्त भुनेश्वर साहू को पीडिता को शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में भादवि की धारा 376 (के) (एन) का दोषी पाया गया। जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी रायगढ़ के विद्वान न्यायाधीश जगदीश राम ने आरोपी भुनेश्वर साहू को 376 (के) (एन) के अपराध में दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड न पटाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगताने का भी प्रावधान रखा गया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक हरिलाल पटेल ने पैरवी की।

SC ने कहा नौकरियों में भर्ती के नियमों को सेलेक्शन प्रोसेस के बीच में नहीं बदला जा सकता

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकारी नौकरियों में सेलेक्शन को कंट्रोल करने वाले नियमों को भर्ती प्रक्रिया के बीच में या उसके शुरू होने के बाद नहीं बदला जा सकता. यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया जिसमें जस्टिस ऋषिकेश रॉय, पीएस नरसिम्हा, पंकज मिथल और मनोज मिश्रा शामिल थे. पीठ ने कहा कि भर्ती के लिए रूल्स ऑफ द गेम को चयन प्रक्रिया के बीच में नहीं बदला जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती करने वाली संस्था अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग मानक तय कर सकती है, लेकिन वह चरण के खत्म होने के बाद मानदंडों को बदल नहीं सकती. पीठ ने कहा कि आवेदन आमंत्रित करने और रिक्तियों को भरने के लिए विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी. अगर मौजूदा नियमों या विज्ञापन के तहत कोई बदलाव स्वीकार्य है, तो उस बदलाव को संविधान के अनुच्छेद 14 की आवश्यकता को पूरा करना होगा और गैर-मनमानापन की कसौटी पर खरा उतरना होगा. ‘प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और गैर-मनमानी होनी चाहिए’ पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा नियमों के अधीन भर्ती निकाय भर्ती प्रक्रिया को तार्किक निष्कर्ष पर लाने के लिए उचित प्रक्रिया तैयार कर सकते हैं. पीठ ने कहा कि प्रक्रिया के लिए अपनाई गई प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और गैर-मनमानी होनी चाहिए. विस्तृत निर्णय बाद में अपलोड किया जाएगा. पांच न्यायाधीशों की पीठ को सौंपा था केस इससे पहले तेज प्रकाश पाठक और अन्य बनाम राजस्थान हाई कोर्ट और अन्य (2013) मामले में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने इस मुद्दे को पांच न्यायाधीशों की पीठ को सौंप दिया था. तेज प्रकाश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने के मंजूश्री बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और अन्य (2008) के पहले के फैसले की सत्यता पर संदेह जताया था. 2008 के फैसले में कोर्ट ने कहा था कि चयन मानदंड को प्रक्रिया के दौरान बीच में नहीं बदला जा सकता. यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है.

क्रूरता मानकर पति का तलाक मंजूर, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में पत्नी से झगडे में रेलवे को तीन करोड़ का नुकसान

बिलासपुर. बिलासपुर में पत्नी के दुर्व्यवहार से रेलवे स्टेशन मास्टर को नौकरी में निलंबन झेलना पड़ा। पत्नी के इस तरह के व्यवहार से क्षुब्ध होकर पति ने तलाक के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने पत्नी के इस व्यवहार को क्रूरता माना एवं पति के तलाक की याचिका को स्वीकार किया है। मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे एवं जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता विशाखापत्तनम निवासी स्टेशन मास्टर की 12 अक्तूबर 2011 को भिलाई के चरोदा निवासी युवती से हिन्दू रीति रिवाज से शादी हुई। 14 अक्तूबर 2011 को पति ने विशाखापटनम में रिसेप्शन अयोजित किया। इसमें पत्नी खुश नहीं थी। रात में उसने पति को बताया, कि उसका इंजीनियरिंग कॉलेज के ग्रंथपाल के साथ प्रेम सम्बन्ध है उसने प्रेमी के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाया है। पति ने इस बात की जानकारी उसके पिता को दी। पिता ने अपनी बेटी को समझाया, और भविष्य में ऐसा न करने की गारंटी ली। जिस पर दोनों साथ रह रहे थे। एक रात पति ड्यूटी में था तब पत्नी फोन कर झगड़ा करने लगी। पति ने उसे घर आकर बात करेंगे कहा और अंतिम शब्द ओके कहा। माइक में ओके शब्द सुनकर साथ में काम कर रहे दूसरे स्टेशन मास्टर ने रेलगाड़ी को रवाना करने का सिग्नल दे दिया। नक्सल क्षेत्र होने के कारण उस खंड में रात 10 से सुबह 6 बजे तक रेल यातायात निषेधित है। इसके कारण रेलवे को तीन करोड़ का नुकसान हुआ और पति को निलंबित कर दिया गया। लगातार पत्नी द्वारा प्रताड़ित किये जाने पर उसने तलाक के लिए विशाखापटनम परिवार न्यायालय में आवेदन दिया, तो पत्नी ने 498 के तहत पति, उसके 70 वर्षीय पिता, शासकीय सेवक बड़े भाई, भाभी व मौसेरा भाई बहन के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पति के आवेदन को दुर्ग न्यायालय ट्रांसफर किया गया। दुर्ग परिवार न्यायालय से आवेदन खारिज होने पर पति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने सुनवाई में पाया कि पत्नी ने पति पर भाभी के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया था, जबकि याचिकाकर्ता की माँ का 2004 में निधन हो गया है। उसकी शादी में भाभी ने मां की सभी रस्म की है। इसके अलावा पति व उसके शासकीय सेवक बड़े भाई, भाभी व अन्य रिश्तेदार जो अलग रहते हैं उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना की झूठी रिपोर्ट लिखाई। दहेज में कब और कैसे नकद रकम दिया गया, यह नहीं बताया गया। कोर्ट ने कहा कि पति से फोन पर झगड़ा करने और इसके कारण माइक में ओके बोलने पर सहकर्मी ने प्रतिषेधित क्षेत्र के लिए रेलगाड़ी को सिग्नल दिया। जिसके लिए पति को निलंबित किया गया। पति के परिवारवालों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखाई और भाभी पर अवैध संबंध होने की बात कही, यह सब पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। हाईकोर्ट ने परिवार न्यायालय के निर्णय को रद्द कर पति के तलाक की याचिका को स्वीकार किया है।

प्रदेश में वनाधिकार और पेसा कानून सटीक और प्रभावी तरीके से लागू होंगे, टॉस्क फोर्स गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है।        गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत को उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को पदेन सचिव और प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य को पदेन सह सचिव नियुक्त किया गया है।        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी गठित की गई है। इसमें मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वन और अपर आयुक्त जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया है। डॉ. मिलिंद दांडेकर (विधि विशेषज्ञ), डॉ. शरद लेले (विषय विशेषज्ञ), श्री मिलिंद थत्ते (विषय विशेषज्ञ), श्री भगत सिंह नेताम पूर्व विधायक, श्री राम डांगोरे पूर्व विधायक, डॉ. रूपनारायण मांडवे और श्री कालू सिंह मुजाल्दा जनजातीय मंत्रणा परिषद मध्यप्रदेश को सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग समिति के पदेन सदस्य सचिव होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वर्ष में 2 बार शीर्ष समिति की बैठक होगी और कार्यकारी समिति की बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाई जा सकेगी। समिति के प्रमुख दायित्व- टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा। *समिति के प्रमुख दायित्व* टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा।  

मां के उकसाने पर बेटों ने की थी उप प्रधानाचार्य की हत्या

  मुरादाबाद मुरादाबाद के थाना मझोला इलाके के लाकड़ी फाजलपुर में मंगलवार को दिनदहाड़े 2 बाइक सवारों ने काम पर जा रहे एक स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को गोली मार दी थी. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना के बाद क्षेत्र में खलबली मच गई और मौके पर पहुंची पुलिस पड़ताल में जुट गई. टीम गठित करके आरोपियों की तलाश की गई जिसके बाद 24 घंटे के अंदर पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है. इस खूनी खेल के पीछे एक महिला और उसके दो बेटे शामिल थे और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया आरोपी महिला के 14 साल के बेटे प्रिंस ने 15 फरवरी 2024 को आत्महत्या कर ली थी. प्रिंस लाकड़ी मोहल्ले में स्थित श्री साईं विद्या मंदिर में 8वीं में पढ़ता था. शबाबुल हसन भी इसी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल था,मां कविता राघव उर्फ वंदना को शक था कि शबाबुल ने प्रिंस को स्कूल में प्रताड़ित किया था जिसके चलते उसने आत्महत्या की थी. तभी से वह अपने छोटे बेटे की मौत का बदला लेने की कोशिशों में लगी थी। वह शबाबुल को व्हाट्सएप पर आए दिन धमकी भी देती थी. जिसके बाद उसने बेटे शिवम और आदित्य को शबाबुल की हत्या के लिए उकसाया और वाइस प्रिंसिपल को मार डाला. पुलिस ने आरोपी मां उसके दोनों बेटे को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है. एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपी आदित्य और शिवम ने छोटे भाई प्रिंस की मौत का बदला लेने के लिए श्री साईं विद्या मंदिर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल शबाबुल आलम को गोली से मारा है . इनका आरोप था कि वाइस प्रिंसिपल ने उनके भाई को प्रताड़ित किया था जिसके चलते उसने सुसाइड कर लिया.    

बेरमा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट, छह घायलों की हालत गंभीर, रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर

मैहर/सतना मध्‍य प्रदेश में मैहर के बेरमा गांव में दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि जान पर बन आई। कई घायल हुए, जिन्‍हें अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। विवाद में के बाद पूरे गांव व आसपास के क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बना है। सभी घायलों को मैहर के जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया जमीनी विवाद में मारापीटी के दौरान दोनों पक्षों के लोग लाठी लेकर बाहर निकल आए और एक-दूसरे पर प्रहार करने लगे। मारापीटी में करीब छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मैहर के जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर रीवा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जिला अस्‍पताल के डाक्‍टरों ने प्राथमिकी उपचार करके जांच करने के दौरान बताया कि पांच लोगों की हालत तो स्थिर है, लेकिन युवक की स्थिति ज्‍यादा ही गंभीर है। ऐसा कहते हुए रीवा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। रीवा मेडिकल के चिकित्‍सक बोले-छह घायलों में एक की हालत नाजुक रीवा मेडिकल कालेज में स्थिति देखकर वहां के डाक्‍टरों ने गहन जांच करते हुए बोले- कि छह घायलों में एक की हालत नाजुक प्रतीत होती है। ऐसा कहकर जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कालेज अस्‍पताल रेफर कर दिया। युवक ने जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कालेज अस्‍पतालमें दम तोड़ दिया स्‍वजन तत्‍काल जबलपुर युवक को लेकर रवाना हुए, लेकिन जिंदगी नहीं बचा सके। युवक ने जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कालेज अस्‍पतालमें दम तोड़ दिया। जमीन को लेकर विवाद का वीडियो भी वायरल हुआ था दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद का वीडियो भी वायरल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है. घटना से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस अधीक्षक ने कहा-आरोपियों की तलाश की जा रही है मैहर के पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश थी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल इस पुरे मामले में पुलिस जांच में जुट गई है।  

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा लम्बे समय से फरार चल रहे चार ईनामी स्थाई वारण्टी गिरफ्तार

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के निर्देशन में बुधवार की रात्रि कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा लम्बे समय से फरार चल रहे चार स्थाई गिरफ्तारी वारण्टी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, राजेश कंवर, महेन्द्र राठौर, रीतेश सिहं, शिवशंकर प्रजापति, आरक्षक संजय सिहं की टीम के द्वारा विगत 06 साल से फरार चल रहे राजू उर्फ राजकुमार कोल पिता सुखीराम कोल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कोड़ा अनूपपुर के विरूद्ध माननीय न्यायालय शिवानी असाटी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिला अनूपपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 687/18 धारा 279,337 भा.द.वि. में स्थाई गिरफ्तारी वारण्ट जारी किये जाने से गिरफ्तार किया गया। विगत 02 सालो से फरार चल रहे श्यामजी पटेल पिता रामप्रसाद पटेल उम्र करीब 32 साल निवासी ग्राम पिपरिया अनूपपुर के विरूद्ध माननीय न्यायालय पारूल जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनूपपुर के द्वारा प्रकरण क्रमांक 165/22 धारा 498ए, 427,323,294,506,34 भा.द.वि. में स्थाई गिरफ्तारी वारण्ट जारी किये जाने से गिरफ्तार किया गया।                  विगत 03 साल से फरार चल रहे सन्तू राठौर पिता बुधईया राठौर उम्र 45 साल निवासी ग्राम हरी अनूपपुर के विरूद्ध माननीय न्यायालय श्रीमती गीता सोलंकी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अनूपपुर के द्वारा वसूली / गिरफ्तारी वारण्ट जारी किये जाने से से गिरफ्तार किया गया। इसी तरह विगत 01 वर्ष से फरार चल रहे सुरेश राठौर पिता शिवप्रसाद राठौर उम्र 32 साल निवासी ग्राम भगतबांध के विरूद्ध मानीय न्यायालय श्रीमती गीता सोलंकी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अनूपपुर के द्वारा विसूली/ गिरफ्तारी वारण्ट जारी किये जाने से गिरफ्तार किया गया है।                       पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा उक्त फरार चल रहे स्थाई वारण्टियों की गिरफ्तारी पर ईनाम उदघोषणा भी जारी किया गया था।

दौड़ती बस में ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, कंडक्टर ने दिखाई सूझबूझ, चालक को नहीं बचा पाया लेकिन बचाई कई जान

बेंगलुरु कर्नाटक के बेंगलुरु में बीएमटीसी के बस ड्राइवर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को करीब 11 बजे ये घटना घटी। ड्राइवर अपने आखिरी रूट पर नेलमंगला से दसनपुरा जा रहा था। 40 वर्षीय ड्राइवर का नाम किरण कुमार था। ये घटना बस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुमार अचानक आगे की ओर झुके और दिल का दौरा पड़ने से गिर गए। बस का नियंत्रण खो गया और एक और बीएमटीसी बस से टकरा गई। चालक ने बचाई कई यात्रियों की जान बस कंडक्टर ओबलेश ने तुरंत बस पर कंट्रोल कर लिया। उसने बस को सुरक्षित रूप से रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। ओबलेश ने कुमार को पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बस सड़क के एक तरफ झुकी हुई थी। टक्कर की चपेट में एक अन्य BMTC बस भी आ गई। ओबलेश ने किसी बड़ी दुर्घटना से पहले बस को तुरंत रोक दिया। बस कंडक्टर की समय की समझ के कारण एक बड़ी दुर्घटना से बच गई। बीएमटीसी ने कही ये बात बीएमटीसी ने एक बयान में कहा कि हमें बहुत दुख है कि 6 नवंबर को डिपो 40 के ड्राइवर किरण कुमार का अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बीएमटीसी किरण कुमार के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। निगम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ बीएमटीसी अधिकारियों ने कुमार के परिवार से मुलाकात की और उन्हें समर्थन और मुआवजे का आश्वासन दिया। यह घटना दुखद है और बीएमटीसी परिवार के साथ खड़ा है।

1 दिसंबर से भोपाल से गोवा के लिए अब रोजाना सीधी फ्लाइट

भोपाल इंडिगो एयरलाइंस एक साल बाद फिर से भोपाल से गोवा का हवाई संपर्क जोड़ने जा रही है। कंपनी ने एक दिसंबर से भोपाल-गोवा उड़ान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस रूट पर 180 सीटों वाला बोइंग विमान चलाया जाएगा। भोपाल से गोवा तक का सफर एक घंटा 50 मिनट में पूरा होगा। गौरतलब है कि इंडिगो ने मई 2023 में पहली बार भोपाल से गोवा तक सीधी उड़ान शुरू की थी, लेकिन करीब छह माह बाद ही इसे बंद कर दिया गया। सीधी उड़ान बंद होने से यात्रियों को वाया मुंबई जाना पड़ रहा था। एक दिसंबर से गोवा का हवाई कनेक्शन फिर से जुड़ जाएगा। प्रस्तावित उड़ान शनिवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी छह दिन चलेगी। इसका शेड्यूल भी पैसेंजर फ्रेंडली है। नई उड़ान गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट से संचालित होगी। कंपनी ने शुरुआती किराया पांच से साढ़े पांच हजार रुपये तय किया है। इंडिगो ने विंटर शेड्यूल में गोवा के अलावा कोलकाता उड़ान के लिए भी स्लॉट लिया था, लेकिन इसकी बुकिंग शुरू नहीं हुई है। बता दें​ कि राजधानी के यात्रियों के लिए अब एक नई सुविधा शुरू होने वाली है। भोपाल से गोवा की डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने जा रही है। ये फ्लाइट 4 दिसंबर से शुरू होगी। इंडिगो एयरलाइंस भोपाल से गोवा के लिए उड़ान भरेगी। जानकारी के लिए बता दें कि इंडिगो ने कुछ समय पहले कोलकाता और गोवा के लिए अपनी उड़ान सेवा बंद कर दी थी। राजा भोज से दिन के 3:20 और गोवा से दिन के 1:00 पर उड़ान भरेगी। अगर डिस्टेंस की बात करें तो ये सफर सिर्फ 1.50 घंटे का होगा। बेंगलुरु, हैदराबाद तक बढ़ेंगी उड़ानें एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी भोपाल से उड़ानें शुरू करने की तैयारी की है। कंपनी बेंगलुरु एवं हैदराबाद उड़ान के साथ ही इसकी शुरुआत कर सकती है। कंपनी ने दिल्ली एवं मुंबई के लिए भी स्लॉट लिया है। यह उड़ानें शुरू हुईं तो यात्रियों को कम किराये में सीटें मिल सकती हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार एआई एक्सप्रेस को कार्यालय के लिए जगह आवंटित कर दी गई हैं। उड़ान संख्या 6-ई 366 एवं 367 का प्रस्तावित शेड्यूल गोवा से प्रस्थान : दोपहर 01.00 बजे भोपाल आगमन : दोपहर 02.50 बजे भोपाल से प्रस्थान : दोपहर 03.20 बजे गोवा आगमन : शाम 05.10 बजे  

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