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भड़काऊ बयान पर आईजी ने दिए कार्रवाई के निर्देश, राजस्थान-जोधपुर विधायक अभिमन्यु पूनिया पर मुकदमा दर्ज

जोधपुर. एनएसयूआई के “नशा नहीं, नौकरी दो” कार्यक्रम के दौरान बाड़मेर से विधायक अभिमन्यु पूनिया द्वारा दिए गए विवादित बयान पर पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाड़मेर एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए। गौरतलब है कि विधायक अभिमन्यु पूनिया ने अपने भाषण में कहा था, “बाड़मेर के युवा जवान हैं और अगर कोई अधिकारी काम नहीं करता है तो ठोंक दिया करो।” सार्वजनिक मंच से दिए गए इस बयान ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो दिए थे। आईजी विकास कुमार ने इस बयान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। शिकायतों के लिए संवैधानिक प्रक्रियाएं और मंच मौजूद हैं। इस तरह के भड़काऊ बयान अस्वीकार्य हैं। मामले में बाड़मेर एसपी को आईजी द्वारा मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने विधायक पर युवाओं को भड़काने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की है। इस पूरे मामले में विधायक अभिमन्यु पूनिया का अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।आईजी विकास कुमार ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन सभी के लिए समान है और किसी को भी भड़काऊ बयान देकर अशांति फैलाने का अधिकार नहीं है।

राज्यपाल पटेल भोपाल गैस त्रासदी श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल, त्रासदी में दिवंगतों को दी मौन श्रद्धांजलि

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगलवार को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों की स्मृति में सेंट्रल लाइब्रेरी बरकतउल्ला भवन में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सर्वधर्म सभा में शामिल हुए। सभा में दिवंगतों की स्मृति में विभिन्न धर्माचार्यों द्वारा पाठ किया गया। राज्यपाल पटेल और उपस्थितजनों ने सभा में दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी। श्रद्धांजलि सभा में जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव संदीप यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहें।  

‘धान भीगा तो केंद्र प्रभारी होगा जिम्मेदार’, छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार कलेक्टर की दो टूक

बलौदा बाजार. मौसम में नमी एवं संभावित बारिश को देखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने पत्र जारी कर सभी धान खरीदी केंद्र के प्रभारी को धान को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत सभी केंद्रों में कवर कैंप रखने कहा गया है. उन्होंने दो टूक कहा है कि बारिश से धान भीगा तो सीधा कार्रवाई खरीदी केंद्र प्रभारी पर होगा। इसके लिए जिम्मेदार स्वयं होगा। कलेक्टर ने कहा है कि किसान सुबह सुबह धान बेचने आते है तो उनके लिए अलाव जलाने की व्यवस्था भी करनी चाहिए। अभी एकाएक तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है जिससे जिले में ठंड बढ़ गयी है। इसके साथ ही सभी एसडीएम,नायब तहसीलदार, तहसीलदार,जनपद सीईओ,सहकारिता, बैंक,खाद्य विभाग के अधिकारियों को फील्ड में जाकर निरीक्षण कर कार्यालय को प्रतिवेदन जमा करने के निर्देश दिए हैं।

उर्फी ने डिसोल्व करवाया चिन फिलर

मुंबई बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक कई ऐसी एक्ट्रेस हैं जो अपने कई बॉडी पार्ट्स में फिलर लेती हैं। वैसे तो आमतौर पर फिलर्स शरीर के अंगों की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन कभी-कभी एक्ट्रेस इन्हें हटा भी देती हैं। अब जैसे उर्फी जावेद को ही देख लीजिए, 8-9 साल से चिन फिलर करवा रहीं उर्फी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई है, जिसमें उन्होंने बीफोर और आफ्टर की फोटो शेयर की हैं। आइए पहले ये जानते हैं कि चिन फिलर होता क्या है। कुछ ही घंटे पहले उर्फी जावेद ने अपने इंस्टाग्राम पर खुद से जुड़ी अपडेट स्टोरी पर शेयर करते हुए दो स्टोरी शेयर की है। एक में उन्होंने चिन फिलर वाली फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि ‘तो मैंने अपने सारे चिन फिलर्स को डीसोल्व करने का फैसला लिया है।’ उर्फी ने शेयर कि बिफोर आफ्टर फोटो इसी के साथ उर्फी ने दूसरी स्टोरी भी शेयर की है, जिसमें उन्होंने चिन फिलर हटाने के बाद की फोटो लगाई है और साथ ही लिखा है कि ‘कोई चिन फिलर नहीं!! मुझे अपना चेहरा इस तरह देखने की आदत नहीं है! मैं पिछले 8-9 वर्षों से चिन फिलर्स ले रहा हूं।’ खैर उर्फी ने 8-9 साल पहले चिन फिलर करवाना शुरू किया था और अब छोड़ दिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं चिन फिलर क्या होता है? क्या होता है चिन फिलर? आपको बता दें कि चिन फिल को फेस की अपीयरेंस को बेहतर बनाने के लिए क्या जाता है और ये फेस टेक्सचर को बैलेंस करता है। विस्तार से समझें तो चिन फिलर्स एक नोन सर्जिकल प्रोसेस हैं जिसमें इंजेक्शन की मदद से डर्मल फिलर्स का इस्तेमाल किया जाता है और चिन और जॉलाइन को शेप दी जाती है। ये पर्मानेंट नहीं होते हैं इसलिए कि उर्फी जावेद ने भी उनका मन न होने पर इन्हें लेना छोड़ दिया है।

ट्रेलर चालक के पैर टूटने पर डंपर ड्राइवर पर केस दर्ज, राजस्थान-हनुमानगढ़ में भिड़ा ट्रेलर और डंपर

हनुमानगढ़. पल्लू थाना क्षेत्र के केलनिया गांव में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रेलर और डंपर की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें ट्रेलर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में चालक कालूराम बलाई के दोनों पैर टूट गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे जयपुर रैफर किया गया है। जानकारी के अनुसार ट्रेलर चालक कालूराम बलाई 25 अक्टूबर की रात रतनगढ़ से नोहर की ओर खाली ट्रेलर लेकर जा रहा था, इसी दौरान रावतसर तहसील के केलनिया गांव के पास सामने से आ रहे डंपर के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में घायल कालूराम को पहले पल्लू के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जयपुर रैफर कर दिया गया। घटना के संबंध में गजानंद चौधरी ने पल्लू पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके आधार पर डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई राजवीर सिंह को सौंपी गई है।

भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।  

संपन्न परिवार भी आते हैं डिलीवरी कराने, छत्तीसगढ़-गरियाबंद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महीने भर में 102 प्रसव

गरियाबंद। नवंबर माह में जिले में सबसे ज्यादा 249 संस्थागत प्रसव मैनपुर ब्लॉक में हुए, जिसमें अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने 102 के दिखाया. अस्पताल में काम करने वाले स्टॉफ और डॉक्टरों के व्यवहार से संपन्न परिवार के लोग डिलीवरी के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं. नवम्बर माह में मैनपुर ब्लॉक के उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने 102 संस्थागत सामान्य प्रसव करने का रिकॉर्ड बनाया है. पिछले तीन साल से यह संस्था सर्वाधिक प्रसव कराने वाली संस्था के नाम से चिन्हांकित है. पुराने भवन व सीमित संसाधन के बीच अनुभवी स्टाफ व प्रभारी इसकी प्रमुख वजह है. खास बात यह है कि उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 20 गांव लगभग आते हैं, लेकिन यहां देवभोग ब्लॉक, पड़ोसी राज्य ओडिसा से भी हितग्राही प्रसव कराने पहुंचते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सक सनत कुंभकार ने बताया कि उरमाल के सरकारी अस्पताल के प्रति ऐसा विश्वास जमा है कि सुरक्षित प्रसव के आस में हितग्राही आते हैं और हम यह कर दिखाते हैं. इसका श्रेय पूरा स्टाफ को जाता है. अनुभवी स्टाफ नर्स तेजस्विनी साहू, भानुमति ध्रुव, एएनएम प्रेम कुमारी दीवान, आया बसंती साहू समेत अन्य सभी स्टाफ का विशेष योगदान रहता है. संस्था प्रभारी ने कहा कि समय समय पर सीएमएचओ व बीएमओ के द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन व आवश्यकता की समय पर पूर्ति भी हमारी सफलता में सहायक है. नवम्बर में 100 से ज्यादा कराया प्रसव माह नवंबर की बात करें तो पूरे जिले में मैनपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा 249 प्रसव कराने वाली ब्लॉक है. लेकिन कुल 14 संस्थान वाली इस ब्लॉक में अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 102 प्रसव हुआ है. ग्रामीण क्षेत्र में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के किसी भी संस्थान में एक माह में प्रसव कराने का यह सर्वोच्च आंकड़ा है. दूसरी बार भी पहुंचती हैं प्रसूता उरमाल की प्रसूता ललिता देवी, जलेंद्री बाई, गोलमाल की ममता, धौराकोट की अनिता समेत 50 से ज्यादा ऐसी हितग्राही हैं, जो दूसरी बार भी प्रसव कराने पहुंचे. हितग्राहियों ने बताया कि इस संस्था में परम्परागत तरीके से प्रसव के लिए पर्याप्त समय का इंतजार किया जाता है. स्टाफ अनुभवी है, ऐसे में समय पर सटीक जानकारी मिलती है. हितग्राही व परिजन के प्रति अच्छा व्यवहार मिलता है. यही वजह है कि नगर व आसपास के संभ्रांत व सम्पन्न परिवार के लोग भी बड़े निजी अस्पताल की बजाए उरमाल में प्रसव कराना पसंद करते हैं.

नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं, इस बीच एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती

मुंबई महाराष्ट्र में सियासी गहमागहमी के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ गई है। खबर है कि उन्हें ठाणे स्थित जुपिटर अस्पताल पहुंचाया गया है। रविवार को ही शिंदे अपने पैतृक गांव से लौटे हैं। खबरें थीं कि वह स्वास्थ्य खराब होने के चलते आराम करने के लिए गांव गए थे। खास बात है कि शिंदे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने जानकारी दी है कि स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के बाद शिंदे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर ने उनकी पूरी जांच की सलाह दी है। कहा जा रहा है कि उन्हें जांच के लिए कुछ समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है। खबरें थीं कि शिंदे शुक्रवार को भी तेज बुखार के बाद सतारा चले गए थे। उन्होंने लौटने पर बताया था कि वह अब ठीक हैं और आराम के लिए गांव गए थे। महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह संभावनाएं जताई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम शपथ ले सकते हैं। शिंदे के भी शपथ लेने के आसार जताए जा रहे हैं। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता का ऐलान कर सकती है। श्रीकांत शिंदे डिप्टी सीएम की रेस से बाहर शिंदे के बेटे एवं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में आयी उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि वह राज्य में उपमुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री पद की दौड़ में हैं। एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, ‘चुनाव परिणामों के बाद सरकार के गठन में थोड़ी देरी हुई है और इसीलिए बहुत सारी अफवाहें उड़ रही हैं और उनमें से एक यह है कि मैं नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने जा रहा हूं। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि यह पूरी तरह से निराधार और झूठ है, इसमें कोई तथ्य नहीं है। मुझे पहले ही लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने का मौका मिला था, लेकिन मैंने अपनी पार्टी के संगठन के लिए काम करना चुना और यह अभी भी वैसा ही है। मुझे सत्ता के पद की कोई इच्छा नहीं है।’

हत्या-लूट-डकैती-फायरिंग में तीन साल से फरार, राजस्थान-करौली में इनामी बदमाश गिरफ्तार

करौली. जिला स्पेशल पुलिस टीम (डीएसटी) ने पिछले तीन साल से हत्या, लूट, डकैती, फायरिंग जैसे मामलों में फरार चल रहे 35 हजार रुपये के इनामी बदमाश तिमनसिंह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर आरेनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। करौली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि जिला पुलिस अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत डीएसटी टीम ने तिमन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भरतपुर जिले में पांच मामले दर्ज हैं और उस पर करौली एसपी द्वारा 25 हजार रुपये तथा भरतपुर एसपी द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित है। 3 दिन पूर्वी ही आरोपी के एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस तिमन सिंह से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके अन्य आपराधिक मामलों और गैंग के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रूसी एक्ट्रेस आराम से बैठकर योग कर रही थी और वो पानी में बह गई

 थाईलैंड रूसी एक्ट्रेस का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद किसी का भी दिल दहल जाएगा। रूसी एक्ट्रेस आराम से बैठकर योग कर रही थी और वो पानी में बह गई। ये वीडियो सामने आते ही पूरी दुनिया में वायरल हो चुका है। कामिला बेल्यात्सकाया नाम की एक्ट्रेस थाईलैंड ट्रिप के दौरान कोह समुई की चट्टानों पर योग करते समय एक लहर की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। वह 24 साल की थीं। एक्ट्रेस के एक वीडियो में उन्हें गिरकर फिसलते हुए दिखाया गया है। उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर जगह की खूबसूरती को दिखाते हुए पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘मुझे सामुई बहुत पसंद है। लेकिन यह जगह, यह चट्टानी समुद्र तट सबसे अच्छी चीज है जो मैंने अपने जीवन में देखी है।’ रूसी एक्ट्रेस की पानी में बहकर मौत रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी एक्ट्रेस कामिला बेल्यात्स्काया की 24 साल की उम्र में दुखद मौत हो गई जब वह थाईलैंड के कोह समुई में योग कर रही थीं। एक वीडियो में उस पल को कैद किया गया जब वह चट्टानी सतह की लहर की चपेट में आकर समंदर में जा गिरीं। घटना से पहले, कामिला ने इस जगह को लुभावनी बताते हुए सोशल मीडिया पर ढेर सारी तारीफ की थी। कौन हैं कामिला बेल्यात्स्काया? कामिला बेल्यात्सकाया नोवोसिबिर्स्क, रूस की 24 वर्षीय एक्ट्रेस थीं। वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ थाईलैंड घूमने गई थीं। यह दुखद दुर्घटना तब घटी जब वह एक चट्टान पर मैट डालकर योग कर रही थीं। भयावह घटना कब-कैसे हुई? यह घटना शुक्रवार दोपहर को सामने आई जब कामिला ध्यान लगा रही थीं। दुर्घटना को देख रहे एक दर्शक ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगाई लेकिन असफल रहा। बचा नहीं पाई सुरक्षा टीम आपातकालीन टीमें तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं लेकिन उन्हें बचाने में असमर्थ रहीं। बाद में उनका शव उस स्थान से लगभग दो-तिहाई मील दूर पाया गया जहां घटना घटी थी। स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में उनके बॉयफ्रेंड और दोस्तों से बात की।

मुख्यमंत्री साय ने फिर जताया जनता का आभार, छत्तीसगढ़-भाजपा को जनादेश मिले एक साल पूरा

रायपुर। भाजपा को चुनाव में जनादेश मिले एक साल पूरा हो गया है. पिछले साल 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव की काउंटिंग हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज के दिन को जनादेश दिवस बताते हुए एक बार फिर छत्तीसगढ़ की जनता का आभार जताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में लिखा है कि आज ही के दिन पिछले वर्ष 3 दिसम्बर का वह स्वर्णिम दिन था, जब आपने छत्तीसगढ़ के विकास, सुशासन और समृद्धि के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारतीय जनता पार्टी को आपने प्रचंड जनादेश दिया था. वह जीत वास्तव में आपके विश्वास की ही थी, सपनों और उम्मीदों की थी. उस प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद के लिए हम आप सभी के आभारी हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने एक वर्ष में सरकार के किए काम का हवाला देते हुए कहा कि आपके विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रदेश में प्रगति के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं. हमने ‘मोदी की गारंटी’ के सभी प्रमुख वादे प्राथमिकता से पूरे किये हैं. इससे हर वर्ग का विकास हुआ है, प्रदेश में खुशहाली आई है. हमारी सरकार इसी निरंतरता को बनाए रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है. इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि हमारी सुशासन की सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करेगी और प्रगति के सर्वोच्च प्रतिमान स्थापित करेगी. आभार छत्तीसगढ़… एक साल साथ का, भरोसे का, विश्वास का मैं आप सभी को पूर्ण विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सुशासन की सरकार “विकसित छत्तीसगढ़” के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करेगी और प्रगति के सर्वोच्च प्रतिमान स्थापित करेगी। जय छत्तीसगढ़ महतारी!#जनादेश_दिवस     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai)

आठ महीनों से एडहॉक के जिम्मे कामकाज: चांदना, राजस्थान-जयपुर में कौन करवाएगा आईपीएल मैच?

जयपुर. राजस्थान में इस बार होने वाले आईपीएल मैचों का आयोजन क्रिकेट संघ करवाएगा या सरकार? यह एक बड़ा सवाल है, जिसका फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि क्रिकेट एसोसिएशन में होने वाले चुनाव को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीते 8 महीनों से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का संचालन सरकार की बनाई गई एडहॉक कमेटी ही कर रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से वैभव गहलोत को हटाने के बाद एसोसिएशन में नागौर जिला क्रिकेट संघ से ताल्लुक रखने वाले और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह खींवसर को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर एडहॉक कमेटी बना दी, जो फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को संचालित कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर राजस्थान में आयोजित होने वाले आईपीएल के मुकाबले सरकार की ओर से ही आयोजित किए जाएंगे, मामले को लेकर पूर्व खेलमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि भाजपा सरकार चुनाव में विश्वास नहीं रखती, उन्होंने कहा कि जब वैभव गहलोत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुने हुए अध्यक्ष थे तो उन्हें बिना चुनाव करवाए क्यों हटाया गया? यदि सरकार को राजस्थान के क्रिकेट चलानी थी तो चुनाव करवाने चाहिए थे। चांदना ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में राजस्थान में खेलों के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में कार्यकारिणी नहीं बनने से खिलाड़ियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई थी एडहॉक सरकार ने 28 मार्च 2024 में राजस्थान क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी को भंग करके एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया था, उस समय यह कमेटी सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई गई थी और इसका काम राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव करवाना था लेकिन सरकार ने इस कमेटी को दो बार एक्सटेंशन दे दिया यानी बीते 8 महीने से राजस्थान में क्रिकेट का संचालन एडहॉक कमेटी द्वारा किया जा रहा है। राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एडहॉक कमेटी ने इतने लंबे समय तक राजस्थान के क्रिकेट को चलाया है। मौजूदा कमेटी का कार्यकाल 28 दिसंबर को खत्म होगा लेकिन माना जा रहा है कि सरकार एक बार फिर कमेटी को एक्सटेंशन देने की तैयारी कर रही है, फिलहाल बीजेपी से विधायक जयदीप बिहानी को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। फंड की कमी से जूझ रहे हैं एडहॉक कमेटी के गठन के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के वित्तीय हालत लगातार बिगड़ने लगे हैं। फंड की उपलब्धता नहीं होने के कारण राज्य स्तरीय टूर्नामेंट समय पर आयोजित नहीं हो पाए, ऐसे में कमेटी के सदस्य जब बीसीसीआई के पदाधिकारी से मिले तब कुछ फंड उपलब्ध करवाया गया। इतना ही नहीं दिवाली के मौके पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कर्मचारियों को 4 महीने बाद तनख्वाह दी गई। मौजूदा समय में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के हालात जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की तरह हो गए हैं क्योंकि जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन में भी पिछले 3 सालों से एडहॉक कमेटी काम कर रही है और अभी तक इसके चुनाव नहीं हो पाए हैं। सदस्यों पर सवाल उठे इस दौरान एडहॉक कमेटी पर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। गंगानगर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी ने कमेटी के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन में भेदभाव किया जा रहा है। सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कमेटी के सदस्य हैं। साथ ही कोच के सिलेक्शन के समय भी कमेटी पर कई तरह के सवाल उठाए गए थे।

‘बिग बॉस 18’ में टाइम गॉड टास्क के लिए दिग्विजय और रजत के बीच हाथापाई

मुंबई ‘बिग बॉस 18’ का आगामी एपिसोड हाई-ऑक्टेन ड्रामा से भरा रहने वाला है क्योंकि टाइम गॉड टास्क के दौरान दिग्विजय राठी और रजत दलाल के बीच लड़ाई हो जाती है। हाल ही में जारी प्रोमो में उनके बीच के टकराव को दिखाया गया है, जिससे दर्शकों के बीच प्रत्याशा बढ़ गई है। इस टास्क में कंटेस्टेंट्स को टाइम गॉड चुनते देखा गया और टास्क में वे काफी अक्रामक हो गए। टास्क के दौरान, रजत गलती से दिग्विजय के डोमिनोज सेटअप को बिगाड़ देते हैं, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ जाता है। निराश होकर, दिग्विजय ने रजत से कहा, ‘तुम मुझे क्यों मार रहे हो? पागल हो गया है क्या?’ मामला तब और बढ़ गया जब दिग्विजय ने रजत को उन्हें धक्का नहीं देने के लिए कहा। चेतावनी के बावजूद रजत ने दिग्विजय को धक्का दे दिया, जिससे तीखी नोकझोंक हुई। यह झगड़ा घर के भीतर बढ़ते तनाव और तगड़े कॉम्पटिशन को दिखा रहा है। रजत और दिग्विजय की लड़ाई इस लड़ाई के अलावा एपिसोड में नॉमिनेशन से जुड़ा टास्क भी आया। शिल्पा शिरोडकर को झटका तब लगा जब ईशा सिंह ने उन्हें नॉमिनेट होने से बचाने से इनकार कर दिया। इस फैसले से कई लोगों को झटका लगा, खासकर तब जब शिल्पा ने पहले ईशा को टाइम गॉड बनने में मदद की थी। करणवीर ने शिल्पा को दी सलाह शिल्पा के करीबी करणवीर मेहरा ने उनसे बात भी की। वह उन्हें सोच-समझकर कुछ भी करने की सलाह देते हैं और कहते हैं, ‘आप बेटी-बेटी बोलके सर खाएंगे। तुम्हें क्या लग रहा है यहां गधे आए हुए हैं सब? जागो! कब जागोगे भाई? वो लोग किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं अपने दोस्त को बचाने के लिए। तुम्हें फेयर होना है एक सेकेंड के लिए।’ घर में बढ़ रहा तनाव जैसे-जैसे घर में तनाव बढ़ रहा है, हर किसी के असली चेहरे सामने आ रहे हैं। दिग्विजय और रजत के बीच झड़प और घर में नॉमिनेशन के साथ, बिग बॉस 18 एक और मजेदार एपिसोड देने के लिए तैयार है, जो फैंस को उनकी सीटों से जोड़े रखेगा।

मध्य प्रदेश में आज से धान खरीदी शुरू, किसानों को मिलेगा उपज का इतना दाम

भोपाल मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिए धान की खरीदी 2 दिसंबर से शुरू हो जाएगी. धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल है. किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर खरीदी की जाएगी. धान की खरीदी 3  दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक किया जाएगा. उपार्जन सोमवार से शुक्रवार तक होगा. 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित मात्रा के अनुसार, समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन की जाएगी. गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जाएगा. वहीं परिवहनकर्ता की ओर से उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जाएगी. कब तक होगी धान की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार धान की खरीदी 2 दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक करेगी. वहीं किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकते हैं. अवैध बिक्री रोकने के लिए कलेक्टर को दिए गए निर्देश समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं. ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सामान्य किस्म की धान 2,300 और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। गुणवत्तायुक्त उपज का ही उपार्जन हो, इसके लिए ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। उपज में कचरा मिला तो उसे लौटा देंगे राज्य और जिला स्तर पर उपार्जन पोर्टल पर दर्ज होने वाली उपज संबंधी जानकारी के आधार पर आकलन किया जाएगा। यदि उपज में कचरा, टूटन या नमी अधिक होती है तो उसे लौटा दिया जाएगा। जब किसान उपज ठीक कराकर निर्धारित मापदंड के अनुसार लाएगा, तब ही उसे स्वीकार किया जाएगा। दरअसल, धान किसान से लेने के बाद उसे चावल बनाने के लिए मिलर्स को दी जाती है। उस समय कई बार नमी, कचरा और टूटन अधिक होने की शिकायत सामने आती है। ऐसी उपज मिलर्स नहीं लेते हैं क्योंकि प्रति क्विंटल धान से 67 किलोग्राम चावल लिया जाता है। जब यह मात्रा नहीं मिलती है तो मिलर्स को नुकसान होता है। यही कारण है कि इस बार गुणवत्तायुक्त उपज की खरीदी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी उपार्जन केंद्रों पर नमी की जांच करने के लिए नमी मापक यंत्र (मायश्चर मीटर) रखे जाएंगे। मिलिंग भी समय पर होगी नमी जांचने के बाद धान लेकर सीधे उपार्जन केंद्र से ही मिलिंग के लिए मिर्लस को दी जाएगी। इससे परिवहन और भंडारण व्यय में कमी आने के साथ मिलिंग भी समय पर होगी। भारतीय खाद्य निगम ने मिलिंग के लिए अंतिम सीमा जून रखी है। मंत्री, प्रमुख सचिव और आयुक्त करेंगे औचक निरीक्षण उपार्जन के दौरन या उसके बाद होने उपार्जन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी और आयुक्त सिबि चक्रवर्ती औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उड़नदस्ते भी जिला स्तर पर गठित होंगे, जो उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसानों को समाधान के लिए किए गए ये व्यवस्था पंजीयन और उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण और उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी. इसके अलावा राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है. अगर आप किसी भी जानकारी के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क करना चाहते हैं इस नंबर 0755-2551471 पर कॉल कर हैं. ये उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा.

सीएम का पहला संकल्प है सोलर एनर्जी, राजस्थान-जयपुर समिट में रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस

जयपुर. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट में राजस्थान सरकार का सबसे ज्यादा फोकस रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर है। अब तक ऊर्जा सेक्टर की 30 कंपनियों के साथ 6.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू साइन किए हैं। इनमें सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, हाइब्रिड, पंप भंडारण, बैटरी भंडारण और हरित अमोनिया परियोजनाएं शामिल हैं। ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों में जुटे मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा है कि वे समिट शुरू होने तक 10 बड़े संकल्प लेंगे। उनका पहला संकल्प सौर ऊर्जा से जुड़ा है। भजनलाल ऐलान कर चुके हैं कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट सौर ऊर्जा से चलेगी। सौर ऊर्जा पर फोकस इसलिए इसी साल गुजरात के गांधीनगर में आयोजित हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इंवेस्टर्स मीट एंड एक्सपो में राजस्थान को सौर ऊर्जा क्षमता में देश पहला स्थान मिला। इसके साथ ही राजस्थान को ओवर ऑल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में देश में दूसरा स्थान मिला है। राज्य में 28 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं से लगभग 470 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादित हो रही है और 32 गीगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क हमारे यहां राजस्थान 22860.73 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश कुसुम योजना में पहले पायदान पर है, यहां इस योजना में 121 मेगावाट क्षमता के 92 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। जोधपुर के भड़ला में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 2245 मेगावाट है। इनके अलावा फलौदी-पोकरण सोलर पार्क-750 मेगावाट, फतेहगढ़ फेज-1 बी : 1500 मेगावाट, नोखा सोलर पार्क(जैसलमेर)- 925 मेगावाट व  पूगल सोलर पार्क (बीकानेर) -2450 मेगावाट जैसी बड़ी परियोजनाएं भी यहां चल रही हैं। 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य सीएम भजनलाल ने अपने पहले संकल्प पर कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी की नई नीति होगी लॉन्च ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट में राजस्थान सरकार अक्षय ऊर्जा क्षमता को 125 गीगावाट तक बढ़ाने के लिए राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 भी जारी करेगी। कैबिनेट की बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी मिल चुकी है। नई नीति में 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता को 125 गीगावाट तक बढ़ाने, फ्लोटिंग, रिजर्वायर टॉप और कैनाल टॉप सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने, पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट सहित बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं और 8 मार्च 2019 के बाद शुरू हुई छोटी जल विद्युत परियोजनाओं को शामिल करने और नेट मीटरिंग व्यवस्था में 80 प्रतिशत ट्रांसफार्मर क्षमता तक सोलर रूफटॉप लगाने की अनुमति दी गई है। सभी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और पार्कों को राजकीय भूमि आवंटन, वर्चुअल पीपीए आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाओं, कार्बन ट्रेडिंग, ऊर्जा दक्षता तथा नेट जीरो बिल्डिंग को बढ़ावा देने के प्रावधान भी नई नीति में हैं। राजस्थान एक नजर में – 1:  राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान लगभग 20.3% है, तथा शेष 78.79% पारंपरिक स्रोतों से प्राप्त होता है। 2:  राजस्थान 22860.73 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा में प्रथम स्थान पर है, तथा यहां वर्ष में 325 से अधिक दिन साफ धूप वाले होते हैं। 3:  5195.82 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ राजस्थान पवन ऊर्जा में तीसरे स्थान पर है। सभी प्रमुख राज्यों में राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि (18.63%) दर्ज की है। 4: 2023 में ग्रिड से जुड़ी अक्षय ऊर्जा की सबसे अधिक स्थापित क्षमता राजस्थान (22,398 मेगावाट) में थी, जिसके बाद गुजरात (19,436 मेगावाट) का स्थान था, जो मुख्य रूप से पवन और सौर ऊर्जा के कारण था। 5:  साल  2024 की शुरुआत तक राज्य ने 18 गीगावाट की स्थापित सौर क्षमता को पार कर लिया, जिससे यह सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में भारत में अग्रणी राज्य बन गया।

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