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अमृतसर में पुलिस स्टेशन के पास धमाके पर बोले पुलिस कमिश्नर, ‘गिरफ्तार युवकों के साथियों ने किया विस्फोट’

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन के पास तेज धमाके की आवाज से इलाके में सनसनी फैल गई। धमाके की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुल गई। धमाके के समय पुलिस थाने में भी कई पुलिस कर्मी मौजूद थे। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। धमाके की खबर मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जांच टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस का आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच कर जायजा ले रहे हैं। अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि थाने के बाहर आवाज आई। हम अभी जांच कर कर रहे है। हमने कुछ दिन पहले ही एक मामले में कुछ युवक गिरफ्तार किए थे कि और कुछ युवकों की गिरफ्तारी होनी बाकी है, क्योंकि इस मामले में काफी युवक गिरफ्तार हुए थे तो वह अपनी मौजूदगी एहसास करवाने के लिए कुछ कर रहे है। जो युवक फरार हैं, उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा । एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमाके की खबर मिलते ही हम लोग मौके पर पहुंचे हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हम जल्दी ही निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे। स्थानीय निवासी पवन कुमार ने बताया कि रात में करीब 3.15 बजे बड़े ही तेज धमाके की आवाज आई। धमाका इतनी तेज था कि इसे सुनकर सारे लोग घबरा गए। धमाका जबरदस्त था। लेकिन शुरुआत में यह नहीं पता चल सका कि यह बम जैसी आवाज कहां से आई। उसके बाद लोग अपने-अपने घर चले गए। लेकिन, लोगों में जबरदस्त दहशत फैल गई। इसके बाद किसी व्यक्ति ने कहा कि इस्लामाबाद थाने में हमला हो रहा है। तो हम लोगों ने कहा कि यह हमला जैसा तो नहीं लग रहा है क्योंकि आवाज कुछ समय के लिए आई, फिर बंद हो गई। फिर हम लोगों को लगा कि कहीं बम तो नहीं फटा है। हम लोगों को अभी तक नहीं पता है कि यह हमला क्यों हुआ है।

सांसद आलोक शर्मा ने लोकसभा में उठाया भोपाल का गौरवशाली इतिहास

राजा भोज शोध संस्थान बने, लोगों को उस दौर की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और परंपरा की जानकारी हो भोपाल सांसद आलोक शर्मा एक बार फिर भोपाल शहर को लेकर संसद में मुखर हुए। सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उन्होंने भोपाल में राजा भोज शोध संस्थान बनाए जाने का मामला प्रमुखता से उठाया। सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल का एक हजार साल का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और परंपराएं अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर के माध्यम से संस्कृति मंत्री से पूछा कि सरकार की राष्ट्रीय संस्कृति निधि के अंतर्गत भोपाल में राजभोज के नाम पर शोध संस्थान बनाने का विचार है? यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है? और यदि नहीं, तो राजा भोज के नाम पर कब तक भोपाल में शोध संस्थान स्थापित किया जाएगा। सांसद शर्मा ने लोकसभा स्पीकर से निवेदन किया कि भोपाल की गौरवशाली संस्कृति है। हमारा भोपाल राजा भोज का भोपाल है। हमारा भोपाल सम्राट अशोक का भोपाल है। हमारा भोपाल चंद्रगुप्त मौर्य का भोपाल है। हमारा भोपाल प्रत्यारवंशों का भोपाल है। हमारा भोपाल रानी कमलापति, गोंडों का भोपाल है भोपाल की वास्तविक विरासत को विश्व पटेल पर लाने हेतु सरकार की कोई कार्य योजना है कृपया बताने की कृपा करें। उल्लेखनीय है कि सांसद आलोक शर्मा पूर्व में भी विभिन्न मंचों से भोपाल की विरासत को संरक्षित करने और राजा भोज व रानी कमलापति के कालखंड के समृद्ध इतिहास को लेकर मामला उठाते रहे हैं। राजा भोज द्वारा बनवाया गया बड़ा तालाब शहर की जीवन रेखा है। तालाबों का संरक्षण हो। यहां राजा भोज की विशाल प्रतिमा लगाई गई है। वहीं जिस स्थान पर रानी कमलापति ने अपनी अस्मिता और सम्मान की रक्षा के लिए जौहर किया था। छोटे तालाब के उस स्थान पर आलोक शर्मा ने भोपाल महापौर रहते ही रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा की स्थापना के साथ खूबसूरत आर्च ब्रिज का निर्माण कराया था। संभावनाओं की राजधानी भोपाल राजा भोज और रानी कमलापति का शहर है। इसकी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान है। यह शहर विरासतों को संरक्षित करते हुए नवाचार, प्रगति और अवसरों का केंद्र बनने का सपना देखता है। यह शहर की सांस्कृतिक समृद्धि और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे वैश्विक पहचान दिलाने की संभावनाओं को उजागर करता है।

शवयात्रा को लेकर स्टालिन सरकार-भाजपा में तनातनी, तमिलनाडु-कोयंबटूर बम धमाकों के मास्टरमाइंड बाशा की मौत

कोयंबटूर। कोयंबटूर में 1998 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मास्टर माइंड एसए बाशा की सोमवार शाम को मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एसए बाशा को उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक बाशा के परिजन उसकी शवयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इसे लेकर स्टालिन सरकार और भाजपा में तनातनी हो गई है। भाजपा ने एक अपराधी और आतंकी की शवयात्रा निकालने की अनुमति देने का विरोध किया है। एसए बाशा प्रतिबंधित संगठन अल-उम्मा का संस्थापक-अध्यक्ष था। उसने 14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों की योजना बनाई थी। इसमें 58 लोगों की जान चली गई थी। जबकि 231 लोग घायल हुए थे। मई 1999 में अपराध शाखा सीआईडी की विशेष जांच टीम ने बाशा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। उस पर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया। बाशा और उसके संगठन के 16 अन्य लोगों को 1998 के बम धमाकों के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने उसे पैरोल दी थी। पुलिस ने बताया कि वह पैरोल पर था और पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और 35 साल जेल में रहने के बाद सोमवार शाम को उसकी मौत हो गई। बाशा के परिजन दक्षिण उक्कदम से फ्लावर मार्केट स्थित हैदर अली टीपू सुल्तान सुन्नत जमात मस्जिद तक उसकी शवयात्रा निकालने की योजना बना रहे हैं। इसलिए पुलिस बल तैनात किया गया है। भाजपा ने किया विरोध भाजपा तमिलनाडु के उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने कहा कि पुलिस को शवयात्रा निकालने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। अगर किसी अपराधी, आतंकी, हत्यारे को शहीद घोषित किया गया तो इससे समाज में एक गलत मिसाल कायम होगी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि किसी भी निर्मम हत्यारे के अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। यह बड़े सम्मान के साथ नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि वे इसके हकदार नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी विचार, हिंसा और सांप्रदायिक समस्याएं 1998 के कोयंबटूर बम विस्फोटों से शुरू हुईं और बाशा इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार था। आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों और आंदोलनों में ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो प्रतिबंधित अल-उम्मा के सदस्य रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि उसकी शवयात्रा 1998 की भूली-बिसरी यादें ताजा कर सकती है। इससे भविष्य में सांप्रदायिक मुद्दे बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन यह तय करें कि उसका जुलूस न निकले और मारे गए आतंकी बाशा का अंतिम संस्कार सिर्फ उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही किया जाए।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

लगाए थे गंभीर आरोप, ट्रंप सरकार में हरमीत ढिल्लन को अहम पद मिलने से क्या बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें?

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपनी सरकार में हरमीत ढिल्लन को नागरिक अधिकारों के मामले में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था। ढिल्लन की ये नियुक्ति भारत की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। दरअसल हरमीत ढिल्लन ने बीते दिनों भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। हरमीत ढिल्लन ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने के मामले में भारत पर अमेरिका में सिखों की हत्या के लिए मौत के दस्ते भेजने का आरोप लगाया था। अमेरिका में पन्नू मामले में अदालती सुनवाई चल रही है, ऐसे में अमेरिकी न्याय विभाग में हरमीत ढिल्लन की नियुक्ति भारत की परेशानी बढ़ा सकती है। हरमीत ढिल्लन (54 वर्षीय) ने बीते दिनों भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ढिल्लन ने कहा था कि भारत अमेरिका में मौत के दस्ते भेज रहा है, जो उत्तरी अमेरिका में सिखों को निशाना बना रहे हैं। ढिल्लन की यह टिप्पणी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश के खुलासे के बाद आई थी। हरमीत ढिल्लन ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा था कि ‘जैसा कि मैने कहा, भारत उत्तर अमेरिका के ऐसे सिखों को निशाना बनाने के लिए मौत के दस्ते भेज रहा है, पंजाब, कनाडा और अब अमेरिका में मानवाधिकारों की स्थिति पर मुखर रहे हैं। क्या हमारी सरकार इस बारे में कुछ करेगी? लोगों का जीवन खतरे में है।’ हरमीत ढिल्लन ने इस साल जुलाई में हुए रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के दौरान अरदास का पाठ किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कई नस्लवादी टिप्पणियां की गईं थी। हरमीत ढिल्लन ने रिपब्लिकन पार्टी की नेशनल कमेटी के अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें उसमें हार का सामना करना पड़ा था।  ट्रंप ने की थी तारीफ हरमीत ढिल्लन के नाम का एलान करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘हरमीत ढिल्लन को अमेरिकी न्याय विभाग में नागरिक अधिकार मामलों का असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल नियुक्त करते हुए बहुत खुशी हो रही है। अपने करियर के दौरान हरमीत लगातार नागरिक अधिकारों की स्वतंत्रतता की सुरक्षा के लिए खड़ी रही हैं। उन्होंने बोलने की आजादी पर बड़ी तकनीकी कंपनियों की सेंसरशिप के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी। हरमीत सिख समुदाय की सम्मानित सदस्य हैं। अपनी नई भूमिका में हरमीत हमारे संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करेंगी।’

महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके बोधगया पहुंचे

गया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने मंगलवार को बोधगया में विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की। इस दौरान बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के बोधगया पहुंचने पर महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा खादा भेंट कर स्वागत किया गया। उसके बाद राष्ट्रपति महाबोधि मंदिर के गर्भगृह गए जहां उन्होंने भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की। इसके बाद वह पवित्र बोधिवृक्ष के पास गए। मान्यता है कि इसी महाबोधि वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। श्रीलंकाई राष्ट्रपति मंदिर परिसर स्थित भगवान बुद्ध से जुड़े सात स्थलों का भी दर्शन करेंगे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर आम श्रद्धालुओं के महाबोधि मंदिर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। राष्ट्रपति के जाने के बाद आम श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके गया अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे, जहां इनका जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रपति का बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री संतोष कुमार सुमन, ज़िला पदाधिकारी त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने उनका ज्ञान की भूमि में स्वागत किया। राष्ट्रपति गया हवाई अड्डे से सीधे महाबोधि मंदिर पहुंचे और भगवान बुद्ध का दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। बोधगया बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। प्रतिवर्ष यहां लाखों की संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी पहुंचते हैं। उनके साथ श्रीलंका के विदेश मंत्री विजीथा हेराथ और उप वित्त मंत्री अनिल जयंता और अन्य अधिकारियों का एक दल भी आया है। श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके के आगमन को लेकर गया जिला पुलिस अलर्ट पर है और सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर बोधगया सड़क मार्ग को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस क्रम में दोनों देशों के बीच कई समझौते पर सहमति बनी है।

फलस्तीन लिखा बैग लेकर संसद पहुंचने पर दिया बयान, पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने की प्रियंका की तारीफ

इस्लामाबाद। कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के फलस्तीन लिखा बैग लेकर संसद पहुंचने के कदम की पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने तारीफ की है। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद हसन चौधरी ने एक्स पर प्रियंका गांधी के बैग के साथ तस्वीर साझा की है। उन्होंने लिखा कि जवाहर लाल नेहरू जैसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पोती से क्या उम्मीद की जा सकती है? प्रियंका बौने लोगों के बीच तनकर खड़ी हुईं हैं। यह बेहद शर्मनाक है कि किसी पाकिस्तानी सांसद ने आज तक ऐसा साहस नहीं दिखाया।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार को संसद में एक बैग लेकर पहुंचीं थी, जिस पर ‘फलस्तीन’ लिखा हुआ था, जो संघर्ष प्रभावित क्षेत्र के लोगों के समर्थन में एक इशारा था। प्रियंका गांधी वाड्रा के हैंडबैग पर ‘फलस्तीन’ शब्द और फलस्तीनी प्रतीक दिखाई दिए, जिसमें एक तरबूज की भी तस्वीर दिखी – जिसे फलस्तीनी एकजुटता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं प्रियंका प्रियंका गांधी वाड्रा गाजा पर इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठा रही हैं और उन्होंने फलस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। इससे पहले जून महीने में, प्रियंका गांधी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की थी, क्योंकि उन्होंने कहा था कि इस्राइल सरकार गाजा में ‘नरसंहारकारी कार्रवाई’ कर रही है, और उन्होंने उन पर और उनकी सरकार पर ‘बर्बरता’ का आरोप लगाया था। भाजपा ने उठाए थे सवाल भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने ‘फलस्तीन समर्थक इशारे’ को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा था कि जहां तक गांधी परिवार के सदस्यों का सवाल है, यह कोई नई बात नहीं है। नेहरू से लेकर प्रियंका वाड्रा तक, गांधी परिवार के सदस्य तुष्टिकरण का बैग लेकर घूमते हैं। उन्होंने कभी भी अपने कंधों पर देशभक्ति का बैग नहीं लटकाया। यह बैग उनकी हार का कारण है। What else could we expect from a granddaughter of a towering freedom fighter like Jawaharlal Nehru? Priyanka Gandhi has stood tall amidst pigmies, such shame that to date, no Pakistani member of Parliament has demonstrated such courage.#ThankYou pic.twitter.com/vV3jfOXLQq     — Ch Fawad Hussain (@fawadchaudhry) December 16, 2024

मध्यप्रदेश वासियों के लिए खुशखबरी, फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मिली मुक्ति , अब प्रदेश में लगेंगे ई ऑफिस

Good news for the people of Madhya Pradesh, freedom from piles of files and the affairs of babus, now e-offices will be set up. भोपाल ! मध्यप्रदेश में सरकारी कामकाज में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में अब सभी काम ऑनलाइन होंगे। ऑफिसों में फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मुक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में ई ऑफिस लगाने की कवायद की है जिसका काम शुरु भी हो गया है। नए साल से मंत्रालय वल्लभ भवन में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें निपटाई जाएंगी। इससे फाइलों की मॉनिटरिंग में भी आसानी होगी। ई-ऑफिस के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। कामकाज में तेजी और फाइलों की स्थिति की ट्रैकिंग के लिए ई-ऑफिस के संचालन की कवायद की जा रही है। राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के सभी विभागों में 1 जनवरी 2025 से ई-ऑफिस संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में करीब डेढ़ दर्जन विभागों में ई-ऑफिस शुरु भी हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से टेबल पर से फाइलों का ढेर हट जाएगा। मंत्रालय में 39 विभागों में ई-ऑफिस चालू होगा जिनमें से 17 में ई- फाइल सिस्टम प्रारंभ भी हो चुका है। बाकी 22 विभागों में भी 1 जनवरी से ई-ऑफिस लगने लगेंगे।राजधानी के सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों यानि संचालनालयों को भी ई-ऑफिस से जोड़ दिया गया है। राज्य के सभी संभागों और जिलों में भी जल्द ही ई-ऑफिस चालू कराए जाएंगे। कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के विभागों में अब ई- फाइलें ही बनेंगी। यहां तक कि कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन तैयार किया जाएगा। कैसा होगा ई-ऑफिस ई-ऑफिस में सभी काम ऑनलाइन होंगे। अधिकारी कर्मचारी कंप्यूटर पर फाइलें निपटाएंगे। सरकारी कामकाज ई- फाइलों से ही होंगे। मैन्युअल फाइलिंग बंद हो जाएगी। पुरानी नस्तियों को भी ई- फाइलों में रखा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के लिए मैन्युअल फाइलें ही चलेंगी।

राजस्थान की मरुधरा को देंगे 46, 300 करोड़ रुपये की सौगात, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे जयपुर

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे। मरुधरा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वे 46, 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी करीब 3 घंटे तक जयपुर में रहेंगे। इस दौरान वह वाटिका रोड पर आयोजित एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष कार्यक्रम में शामिल होंगे और वहां से बिजली, पानी, सड़क, रेलवे से जुड़ी 46300 करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी पार्वती-कालीसिंध-चंबल पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का उद्घाटन भी करेंगे। 11 नदियों को इस परियोजना के तहत जोड़ा जाएगा, इससे प्रदेश के 21 जिलों में पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। पीकेसी-ईआरसीपी में चंबल और इसकी सहायक नदियां पार्वती, कालीसिंध, कुनो, बनास, बाणगंगा, रूपरेल, गंभीरी और मेज शामिल हैं। नवनेरा बैराज से पानी गलवा बांध तक लाया जाएगा। यहां दो हिस्सों में ईसरदा बांध और बीसलपुर बांध तक पानी पहुंचेगा। नवनेरा से चंबल नदी पर जल सेतु बनाकर पानी मेज नदी तक आएगा। इससे राजस्थान की 2.80 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई करने के लिए पानी मिलेगा। पहले प्रदेश की सिर्फ 80 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती थी। लेकिन, अब 2 लाख नया क्षेत्र जोड़ा जाएगा और इसका लाभ 25 लाख किसान परिवारों को होगा। इससे प्रदेश की 40 फीसदी आबादी तक साफ पानी पहुंचेगा। पीकेसी-ईआरसीपी से राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली-बहरोड़, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, टोंक, दूदू जिले की जनता को पीने के पानी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। यहां से पंपिंग कर पहले बने गलवा बांध तक जाएगा, गलवा से 31 किलोमीटर दूर ईसरदा तक पानी पहुंचेगा। अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दो बैराज का भी शिलान्यास करेंगे। बता दें कि कूल नदी पर रामगढ़ बैराज और पार्वती नदी पर महलपुर बैराज का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, ‘विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए विकसित राजस्थान भी जरूरी है। इसी कड़ी में आज दोपहर 12 बजे जयपुर में राज्य सरकार के ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम का हिस्सा बनूंगा, इसमें रेल-सड़क सहित कई परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का भी सौभाग्य मिलेगा।’

स्कूल में गोलीबारी पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन, ‘छात्रों को पढ़ना-लिखना सीखना चाहिए न कि हिंसा’

वॉशिंगटन। अमेरिका के विस्कोंसिन में एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने चिंता जाहिर की। बाइडन ने कहा कि स्कूल में बच्चों को पढ़ना-लिखना सीखना चाहिए न कि बंदूक चलाना और हिंसा करना। बाइडन ने देश में बढ़ रही बंदूक संस्कृति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि देश की संसद को इस बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है। स्कूल में गोलीबारी की घटना पर हैरानी और दुख जताते हुए बाइडन ने कहा कि ऐसी घटनाएं बिल्कुल अस्वीकार्य हैं और हम अपने बच्चों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं।’ व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया कि ‘आज विस्कोंसिन के मेडिसन के परिवार अपनों को खोने के दुख में हैं। हम चाहते हैं कि संसद इस पर तुरंत कोई कदम उठाए।’ बयान में कहा गया कि ‘न्यूटन से लेकर उवाल्डे, पार्कलैंड और मेडिसन तक स्कूलों में गोलीबारी की कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। हम इसे सामान्य नहीं मान सकते। हर बच्चे का अधिकार है कि उसे स्कूल में पूरी सुरक्षा मिले। स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को पढ़ना-लिखना सीखना चाहिए न कि हिंसा और गोलीबारी करना।’ विस्कोंसिन के स्कूल में हुई गोलीबारी में पांच की मौत गौरतलब है कि सोमवार को मैडिसन के एबंडैंट लाइफ क्रिश्चियन स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी में संदिग्ध हमलावर सहित पांच लोग मारे गए। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। गोलीबारी में पांच लोग घायल भी हुए हैं। हमलावर एक किशोर को बताया जा रहा है, जो स्कूल में मृत पाया गया। अभी गोलीबारी के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। बाइडन ने कहा कि ‘मेरी सरकार ने बंदूक हिंसा के खिलाफ काफी काम किया। हमने गन सेफ्टी कानून पारित कराया और अन्य राष्ट्रपतियों की तुलना में बंदूक हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। हालांकि अभी इसे रोकने के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है। खतरनाक हथियारों पर रोक लगनी चाहिए।’

हर साल प्रदेश में बंद पड़ी खदानों में डूबने से हो जाती है 50 लोगो की मौतें

रायपुर जिले में छह वर्षों में 300 से अधिक लोगों की मौत बंद पड़ी खदानों में डूबने से हुई है। ये आंकड़े जिला आपदा प्रबंधन से मिले हैं। खदान में डूबने से हर साल औसतन 50 से अधिक लोगों की जान चली जाती है। इसी तरह आगजनी और सर्पदंश से मौतों का आंकड़ा दूसरे नंबर पर है। जिले में आगजनी और सर्पदंश से भी हर वर्ष औसतन 20 से 25 लोगों की मौत हो जाती है। पिछले 11 महीनों में प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के 191 प्रकरण हैं, जिनमें मृतक के स्वजनों को सात करोड़ 52 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। साल 2014 से 2024 तक लंबित प्रकरणों में भी मृतकों के स्वजनों को सहायता राशि दी गई है। चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राकृति आपदा से मृत्यु होने पर मृतकों के स्वजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। इस राशि से मृतक के स्वजनों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने में बड़ी मदद मिलती है। इसमें पानी में डूबने के अलावा बिच्छूदंश, आकाशीय बिजली गिरने, भारी बारिश होने से पेड़ व मकान गिरने, खदान धसकने जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। हालांकि, ऐसी घटनाओं से मौतों की संख्या बंद खदानों में डूबने, आगजनी और सर्पदंश से मृत्यु की तुलना में बहुत कम हैं। आर्थिक सहायता से होगा लाभ प्राकृतिक आपदा से जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ऐसे कई ऐसे थे जिनकी आय से ही परिवार का जीवन-यापन निर्भर था। ऐसे में उनकी मृत्यु से परिवार में आय के साधन भी बंद हो गए थे। इस सहायता राशि से मृतक के परिवार अब कोई व्यवसाय या अन्य किसी काम में लगा पाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इनका कहना प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के 191 प्रकरणों में सहायता राशि की स्वीकृति दी गई है। मृतकों के स्वजनों को सात करोड़ 52 लाख रुपये बांटे गए हैं। ऐसे प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. गौरव सिंह, कलेक्टर, रायपुर

आज पेश हो सकता है ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल, लोकसभा की कार्यवाही शुरू

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत हुई। देशभर की निगाहें आज संसद पर टिकी हुई हैं, क्योंकि केंद्र सरकार आज ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पेश कर सकती है। यह बिल देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल को लेकर देश में चल रही सियासत के बीच भाजपा ने अपने लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। बता दें कि 20 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र है। इससे पहले यह चर्चा चली थी कि सोमवार को लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पेश हो सकता है। हालांकि, सोमवार को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पेश नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल को मंजूरी दे दी गई थी। कैबिनेट ने दो ड्रॉफ्ट कानूनों को मंजूरी दी थी, इसमें से एक संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा विधेयक विधानसभाओं वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के एक साथ चुनाव कराने के संबंध में हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बिल पर आम लोगों की राय भी लेने की योजना है। विचार-विमर्श के दौरान बिल के प्रमुख पहलुओं, इसके फायदे और पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली और चुनावी प्रबंधन पर बातचीत की जाएगी। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से बातचीत की जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल और किरेन रिजिजू को नियुक्त किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय वन मेला: ‘लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण पर आधारित होगा वन मेला’, आज से 23 दिसम्बर तक

भोपाल वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन मेले का आयोजन अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। उन्होंने कहा कि वन मेला “लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण” पर आधारित होगा। लघु वनोपज प्रबंधन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में लघु वनोपज संग्रहण कार्य में लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। मेले में प्रदेशवासियों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को इस मेले का इंतजार रहता है। उन्होंने बताया कि 10वाँ अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक लाल परेड मैदान, भोपाल आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि मेले में लघु वनोपज, औषधि पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने के लिये इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये एक व्यापक मंच उपलब्ध करायेगा। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि वन मेले में 300 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। जिसमें प्रदेश के जिला यूनियन, वन धन केन्द्र, जड़ी संग्राहक, उत्पादक, कृषक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता और विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। मेले में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई जायेगी। श्री अहिरवार ने कहा कि “लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण” पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला 19-20 दिसम्बर को मेला स्थल पर होगी। कार्यशाला में श्रीलंका, नेपाल और आस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि वन मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 21 दिसम्बर को होगा। जिसमें उच्च गुणवत्ता युक्त लघु वनोपजों, जड़ी-बूटियों और एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक औषधियों के क्रय-विक्रय के लिये अनुबंध किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में ओपीडी का संचालन होगा, जिसमें प्रतिदिन आयुर्वेद चिकित्सकों, उपचार करने वाले विशेषज्ञों के द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसमें 25 हजार लोगों द्वारा उपचार कराने की संभावना है। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि वन मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। जिसमें आर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोकनृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये गायन, चित्रकला, फैन्सी और ड्रेस का कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि ख्याति प्राप्त लोक गायिका श्रीमती मालिनी अवस्थी 18 दिसम्बर को, हास्य कलाकार श्री एहसान कुरैशी 19 दिसम्बर को, सूफी बैण्ड 20 दिसम्बर, फिडली क्राफ्ट 21 दिसम्बर और “एक शाम वन विभाग के नाम” 22 दिसम्बर वन मेले में आयोजित होंगे और 23 दिसम्बर को समापन कार्यक्रम होगा। वन राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का उदघाटन समारोह 17 दिसम्बर को राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में शाम 5 बजे लाल परेड मैदान पर किया जायेगा। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने वन मेले में ज्यादा से ज्यादा लोगों को भागीदारी करने की अपील की है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं प्रशासन, म.प्र. लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक म.प्र. लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित श्री विभाष ठाकुर और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

गुकेश की जीत के मिलेंगे ₹11 करोड़, देना होगा ₹4.67 करोड़ का टैक्स

नई दिल्ली हाल ही में, भारत के युवा ग्रैंडमास्टर D Gukesh ने शतरंज की दुनिया में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया। महज 18 साल की उम्र में, उन्होंने चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व शतरंज चैंपियन का खिताब जीता। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही उन्हें ₹11 करोड़ की इनामी राशि मिली, जो किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए एक सपना होती है। लेकिन इस बड़ी राशि के साथ एक और बड़ी चुनौती भी सामने आई है आयकर की भारी रकम। दरअसल, D Gukesh को अपनी इनामी राशि ₹11 करोड़ पर ₹4.67 करोड़ का भारी-भरकम इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा, जो लगभग 42.5% है। इस टैक्स प्राइज ने सोशल मीडिया पर गर्मागरम बहस छेड़ दी है। ₹4.67 करोड़ का लिया जाएगा टैक्स भारत में पुरस्कार पर लगने वाला इनकम टैक्स काफी ज्यादा होता है, खासकर जब इनाम की राशि एक तय सीमा से ऊपर हो। D Gukesh को मिले ₹11 करोड़ के इनाम में से ₹4.67 करोड़ टैक्स के रूप में कटेगा। यह उनके कुल इनाम का एक बड़ा हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम पर देश के सबसे ऊंचे टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगाया जाएगा। यह बताता है कि भारत में किसी भी चैंपियनशिप के जीतने के बाद मिलने वाले प्राइज मनी पर टैक्स दरें कितनी कड़ी होती हैं। खासकर जब किसी को बड़ी रकम मिलती है, तो उस पर भारी टैक्स देना पड़ता है। इस मामले ने इनाम पर टैक्स व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर आ रहीं प्रतिक्रिया गुकेश की जीत के बाद सोशल मीडिया पर इस टैक्स प्राइज को लेकर अगल-अगल प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग इसे एक सही टैक्स व्यवस्था मानते हुए कहते हैं कि यह देश की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम पर इतना भारी टैक्स प्राइज एक युवा खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी चुनौती हो सकती है। D Gukesh ने अभी तक इस कर मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनकी जीत ने ना सिर्फ शतरंज के क्षेत्र में एक नया मुकाम स्थापित किया है, बल्कि इसने भारत की टैक्स व्यवस्था और अवॉर्ड प्राइज पर भी एक नई बहस को जन्म दिया है।

योगी सरकार ने पेश किया 17,865 करोड़ का अनुपूरक बजट, ऊर्जा विभाग को मिले सबसे अधिक 8587 करोड़

Yogi government presented supplementary budget of Rs 17,865 crore, Energy Department got maximum Rs 8587 crore योगी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। 17,865.72 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव सम्मिलित किए गए हैं। यह योगी सरकार का इस वित्तीय वर्ष का द्वितीय अनुपूरक बजट है, जो मूल बजट (7 लाख 36 हजार 437.71 करोड़ रुपए) का 2.42 प्रतिशत है। इससे पूर्व योगी सरकार 12,209.93 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत कर चुकी है। दोनों अनुपूरक बजट को मिलाकर योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2024-25 का कुल बजट अब 7 लाख 66 हजार 513.36 करोड़ रुपए का हो गया है। केंद्रीय योजनाओं के साथ ही आकस्मिक खर्चों का भी प्रस्ताव शामिल योगी सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि द्वितीय अनुपूरक बजट का आकार 17,865.72 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि यह सरकार विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार है और जब भी आवश्यकता होती है तब संवैधानिक तरीके से सदन के माध्यम से अनुपूरक बजट लाने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव सम्मिलित किए गए हैं। साथ ही इसमें केंद्रीय योजनाओं में 422.56 करोड़ रुपए के केंद्रांश की राशि भी अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, कंटिजेंसी से जो 30 करोड़ 48 लाख रुपए का पैसा लिया गया था, उसकी भी प्रतिपूर्ति का भी प्रस्ताव इसमें शामिल है। विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं की होगी पूर्ति वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अनुपूरक बजट में विभिन्न विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप बजट जारी किया जाएगा। इसमें ऊर्जा विभाग को 8587.27 करोड़ रुपए, वित्त विभाग को 2438.63 करोड़ रुपए, परिवार कल्याण विभाग को 1592.28 करोड़ रुपए, पशुधन विभाग के लिए 1001 करोड़ रुपए, लोकनिर्माण विभाग के लिए 805 करोड़ रुपए, प्राथमिक शिक्षा विभाग के लिए 515 करोड़ रुपए, सूचना विभाग के लिए 505 करोड़ रुपए, पंचायती राज विभाग के लिए 454.01 करोड़ रुपए और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के लिए 354.54 करोड़ रुपए का बजट प्राविधानित किया गया है।30 जुलाई को प्रस्तुत किया गया था पहला अनुपूरक बजटयोगी सरकार ने इसी वर्ष फरवरी महीने में मूल बजट किया था, जो 7.36 लाख करोड़ रुपए से अधिक का था। इसके बाद योगी सरकार ने 30 जुलाई को 12,209.93 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसके 5 माह के बाद एक बार फिर योगी सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यकता के अनुरूप द्वितीय अनुपूरक बजट लेकर आई है। इस बजट को मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत कर लिया गया। इसलिए प्रस्तुत किया जाता है अनुपूरक बजट अनुपूरक बजट एक ऐसा वित्तीय दस्तावेज है जिसे सरकार किसी वित्तीय वर्ष के दौरान तब प्रस्तुत करती है. जब उसे अपने पहले से स्वीकृत बजट में अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होती है। यह बजट उन खर्चों को कवर करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है, जिनको अनुमानित बजट में शामिल नहीं किया गया था, या जो नई परिस्थितियों के कारण आवश्यक हो गए हैं। यह बजट वित्त वर्ष के बीच में किसी विभाग या मंत्रालय की किसी योजना में अतिरिक्त राशि खर्च करने के लिए लाया जाता है। यह खर्च के अनुमान के साथ पेश किया जाता है।

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