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कांग्रेस के विधायक दल की बैठक, भूपेश बघेल कहीं नजर नहीं आए

रायपुर रविवार को कांग्रेस के विधायक दल की बैठक रायपुर के एक होटल में हुई। कांग्रेस के सभी विधायक पहुंचे लेकिन भूपेश बघेल कहीं नजर नहीं आए। थोड़ी ही देर में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सत्र से ठीक 1 दिन पहले बैठक में सदन के भीतर कांग्रेस का रुख क्या रहेगा? इसकी रणनीति नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री TS सिंहदेव ने मिलकर तैयार की। सभी को इंतजार था कि भूपेश बघेल भी आएंगे। लेकिन करीब 2 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं आए। बंद कमरे में कांग्रेसी विधायकों की बैठक चलती रही। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, TS सिंहदेव और दीपक बैज बैठक को लीड कर रहे थे। जब कुछ घंटे बीत जाने के बाद भी भूपेश बघेल नहीं आए तो खबर आई की बघेल की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। बैठक खत्म होने के बाद जब चरण दास महंत मीडिया के सामने आए, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इससे पहले आप मुझसे पूछे मैं आपको बता देना चाहता हूं कि भूपेश बघेल जी की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें सर्दी जुकाम होने की वजह से वह घर पर आराम कर रहे हैं। लेकिन पूरी मुस्तैदी के साथ सदन में नजर आएंगे और सरकार से जनहित के सवाल करते हुए सभी नेता सदन में दिखाई देंगे । स्थगन और ध्यानाकर्षण लेकर आएगी कांग्रेस करीब 4 दिन की विधानसभा की कार्रवाई में कांग्रेस स्थगन और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आएगी। 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाले सदन में कांग्रेस अनुपूरक बजट पर भी चर्चा करेगी। कांग्रेस विधायक इस कोशिश में हैं कि उनके इलाकों में अटके जनता के कामों को लेकर भी बात सदन में उठाई जाए। पूर्व मंत्री-विधायक बुलाए गए कांग्रेस ने नया प्रयोग करते हुए पहली बार विधायक दल की बैठक में पूर्व विधायक और पूर्व मंत्रियों को बुलवाया। सीनियर नेताओं से उनके अनुभव जाने गए। यह भी पूछा गया कि बताइए सरकार को सदन में कैसे घेरें। महंत ने कहा- पूरा प्रदेश आक्रोश में है। धान खरीदी, शराब बेचने का मुद्दा सदन में उठाएंगे। छत्तीसगढ़ को 1 साल में इस सरकार ने बदहाली की हालत में ले जाने का काम किया है। हम विधानसभा के हर एक मिनट का उपयोग करके जनता के हित के विषय लेकर आएंगे। भाजपा के लोग जो सुशासन कहते हैं, इनका तो ये सुशासन कुशासन से भी बढ़कर है। एक महीने सत्र चले मुद्दों की कमी नहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिसमें कांग्रेस के पास मुद्दा न होने की बात आती है। बैज ने कहा- ये तो चार दिन का सत्र लेकर आए हैं। अगर एक महीने भी सत्र चले तो भी हमारे पास मुद्दों की कमी नहीं है। इस समय कांग्रेस पार्टी सदन के अंदर और सदन के बाहर दोनों तरह से जनता की लड़ाई लड़ रही है। महिलाओं पर अत्याचार हुआ है, बच्चों की टॉयलेट में पढ़ाई चल रही है। सदन में हंगामे की वजह से कार्रवाई के प्रभावित होने को लेकर बैज ने कहा- हमारा विधायक दल चाहता है चर्चा हो। लेकिन सरकार यदि चर्चा से भागेगी तो, कैसे चलेगा। हंगामा करना हमारा मकसद नहीं है चर्चा करना कांग्रेस का मकसद है।​​​​ शाह के दावे पर सिंहदेव की चिंता रविवार को रायपुर में अमित शाह ने फिर से कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म कर देंगे। इसे लेकर सिंहदेव ने कहा- इस तरह की डेडलाइन को प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ के एक भी निर्दोष व्यक्ति की फर्जी एनकाउंटर में मृत्यु की बात सामने नहीं आनी चाहिए। जब आप ऐसी डेडलाइन रखते हैं तभी इस प्रकार की स्थितियां बनती हैं। इस उतावलेपन को कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। सरगुजा से नक्सलवाद खत्म करने के भाजपा के दावे को लेकर सिंहदेव ने कहा कि यह पार्टी की बात नहीं है। ये लॉ एंड आर्डर का विषय है।  

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया

स्व. भैयालाल जी शुक्ल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया शुभारंभ खेल एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं – उप मुख्यमंत्री  उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि खेल एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। मेरे स्वर्गीय पिताजी की स्मृति में आयोजित किये जा रहे टूर्नामेंट के आयोजक साधुवाद के पात्र हैं, जो पिताजी के प्रति श्रद्धा भाव रखकर प्रतिवर्ष इस टूर्नामेंट का आयोजन कर रहे हैं। शुक्ल ने राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस टूर्नामेंट की ख्याति दूर-दूर तक हो रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलते हुए हार-जीत की चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि खेल ही वह विधा है, जिसमें जीतने व हारने वाले एक-दूसरे को बधाई देते हैं और जो हारते हैं वह अगली बार पूरे दमखम के साथ खेल में भाग लेते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि हार-जीत को एक तरफ रखते हुए खेल भावना के साथ खेलना चाहिए और खेल की तरह अन्य प्रतिस्पर्धा में भी सहयोमात्मक भाव से शामिल होना चाहिए। उन्होंने खेल प्रतियोगिता के आयोजकों को सफल आयोजन की शुभकामना दी। उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय ने किया। उप मुख्यमंत्री ने पूज्य पिताजी को श्रृद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शैलेन्द्र शुक्ल, विवेक दुबे, के.के. गर्ग सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, खेल प्रेमीजन तथा प्रतिभागी टीम के खिलाड़ी उपस्थित रहे।  

मंत्री सारंग ने कोसमघाट में वाटर स्‍पोर्ट के लिए किया स्‍थल निरीक्षण

 जबलपुर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को जबलपुर में गौर नदी के पास स्थित कोसमघाट में वॉटर स्‍पोर्ट के लिए स्‍थल निरीक्षण किया। इस अवसर पर मंत्री सारंग ने बताया कि भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2015 से इस क्षेत्र में रोइंग वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी का संचालन किया जा रहा है। राज्य शासन और सेना द्वारा संयुक्त रूप से इस क्षेत्र को वॉटर स्पोर्ट्स का हब बनाने के लिए संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न को साकार करने राज्य शासन द्वारा खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान को विकसित करने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री सारंग ने प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ होने की जानकारी भी दी। इस दौरान विधायक सर्वअजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, कमलेश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एवं सेना के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।  

Forex मार्केट में 4.85 करोड़ की धोखाधड़ी, क्राइम ब्रांच ने गैंग के 5वें सदस्य को किया गिरफ्तार

Forex मार्केट में 4.85 करोड़ की धोखाधड़ी, क्राइम ब्रांच ने गैंग के 5वें सदस्य को किया गिरफ्तार गैंग के अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार भोपाल क्राइम ब्रांच इंदौर ने फॉरेक्स मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली अंतर्राज्यीय गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में गैंग के कुल 5 आरोपी नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर (छत्तीसगढ़), सूरत और भरूच (गुजरात) से गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हाल ही में पकड़ा गया आरोपी हीरेन पटेल (37) गैंग का सक्रिय सदस्य है, जो फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम दुबई में गैंग के सरगनाओं तक पहुंचाता था। धोखाधड़ी का तरीका और घटना का विवरण फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां गैंग के सदस्यों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया। आरोपी ने फरियादी को Mstock Max नामक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया, जिसमें फर्जी प्रॉफिट दिखाया गया। शुरुआत में 10,000 रुपये के निवेश पर 40,000 रुपये का फर्जी प्रॉफिट दिखाकर उन्हें लालच दिया गया। इसके बाद फरियादी ने गैंग के बताए बैंक खातों में 4.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। सॉफ्टवेयर में 16 करोड़ रुपये का फर्जी प्रॉफिट दिखाने के बाद जब फरियादी ने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो राशि विड्रॉल नहीं हुई और गैंग ने उनसे संपर्क तोड़ दिया। अब तक की पुलिस कार्रवाई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में पांचवें आरोपी हीरेन पटेल को गुजरात के भरूच जिले से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने मानव इंटरप्राइजेज नामक फर्जी कंपनी बनाकर 50 लाख रुपये गैंग के खातों में ट्रांसफर किए। इनमें से 30 लाख रुपये दुबई भेजे गए थे। रिकवरी और जांच की स्थिति क्राइम ब्रांच ने अब तक फरियादी के 75 लाख रुपये वापस दिलवाए हैं, और 70 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवाए हैं, जिन्हें कोर्ट की प्रक्रिया के बाद वापस किया जाएगा। गैंग के अन्य साथियों और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए आरोपी से पूछताछ जारी है। साइबर एडवाइजरी 1. मुनाफे के लालच में किसी भी निवेश योजना पर आंख बंद कर भरोसा न करें। 2. किसी सॉफ्टवेयर या एप्लिकेशन को बिना जांच-पड़ताल के डाउनलोड न करें। 3. अपने ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी साझा करने से बचें। 4. फ्रॉड होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने, Ncrp पोर्टल/1930 या क्राइम ब्रांच की साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।  

भोपाल की सर्द हवाओं में रिश्तों की मिठास से भरी एक यादगार शाम

भोपाल की सर्द हवाओं में रिश्तों की मिठास से भरी एक यादगार शाम भोपाल  सर्द रात की हल्की फुहारें और रोशनी से जगमगाते खुले मैदान का भव्य नजारा, ऐसा लग रहा था जैसे भोपाल किसी उत्सव की गोद में बसा हो। इस मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसने न केवल अपनी भव्यता से सबका दिल जीता, बल्कि शहर की दो प्रमुख शख्सियतों—भोपाल के लोकप्रिय सांसद आलोक शर्मा और प्रतिष्ठित व्यवसायी अनिल अग्रवाल की आत्मीयता और गरिमा से खास बन गया। कार्यक्रम स्थल पर सजावट की बारीकियों से लेकर, रंग-बिरंगी रोशनी और खुशबू बिखेरते फूलों ने ऐसा समां बांधा कि हर चेहरा मुस्कान से खिला हुआ नजर आया। यहां सिर्फ सुंदरता ही नहीं, बल्कि मानवीय रिश्तों की गर्माहट भी फिजा में घुली हुई थी। इस आयोजन का केंद्र तब बना, जब शहर के हरदिलअजीज सांसद आलोक शर्मा और प्रसिद्ध व्यवसायी अनिल अग्रवाल ने अपनी आत्मीय मौजूदगी से इस शाम को और खास बना दिया।  आलोक शर्मा: सादगी और जनप्रियता का प्रतीक आलोक शर्मा अपनी विनम्रता और जनता के प्रति अपनी निष्ठा के लिए पूरे भोपाल में जाने जाते हैं। राजनीति के ऊंचे मुकाम पर पहुंचने के बावजूद उनकी सादगी और सरल स्वभाव ने हमेशा उन्हें जनता से जोड़े रखा है। इस आयोजन में उनकी उपस्थिति ने लोगों का दिल जीत लिया। आलोक शर्मा न केवल एक राजनेता हैं, बल्कि अपने मधुर स्वभाव के कारण वे हर वर्ग के लोगों के प्रिय हैं।  अनिल अग्रवाल: व्यापारिक सफलता और सामाजिक उदारता का संगम दूसरी ओर, अनिल अग्रवाल ने शहर के व्यवसायिक क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है, वह उनकी दूरदर्शिता और मेहनत का नतीजा है। लेकिन व्यवसाय के साथ-साथ उनकी सामाजिक छवि भी बेहद मजबूत है। अनिल अग्रवाल की गिनती भोपाल के उन व्यक्तियों में होती है, जो हर मौके पर अपनी उदारता और आत्मीयता का परिचय देते हैं।  कार्यक्रम की आत्मीय झलक शाम का सबसे खास क्षण तब आया, जब आलोक शर्मा और अनिल अग्रवाल कार्यक्रम में साथ खड़े नजर आए। दोनों के चेहरों की मुस्कान और आपसी बातचीत ने यह जता दिया कि यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि गहरी दोस्ती और आपसी सम्मान का प्रतीक थी। इस आत्मीय माहौल में अनिल अग्रवाल ने बड़े प्रेम से आलोक शर्मा का स्वागत किया और उन्हें मिठाई की थाली भेंट की। इस पर आलोक शर्मा ने मुस्कराते हुए मिठाई का एक टुकड़ा उठाया और मजाकिया लहजे में बोले, “इस मिठाई से तो भोपाल की सारी खुशबू आती है। लगता है यह भी अनिल भाई की खास व्यवस्था है!” उनके इस मजाक ने वहां मौजूद सभी लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया। यह पल न केवल समारोह की भव्यता बढ़ा रहा था, बल्कि यह दिखा रहा था कि किस तरह आत्मीयता और सम्मान से समाज की नींव मजबूत होती है।  दोस्ती की मिसाल इसके बाद अनिल अग्रवाल ने कहा, “साहब, आपका आना ही हमारे लिए सबसे बड़ी मिठास है। भोपाल के हर आयोजन की शान आप ही होते हैं।” इस पर आलोक शर्मा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “बस, आप जैसे दोस्तों का प्यार ही मेरी असली ताकत है।” यह संवाद वहां मौजूद सभी लोगों के दिलों को छू गया। एक तरफ यह भोपाल के दो प्रमुख व्यक्तित्वों की दोस्ती और आत्मीयता को दिखा रहा था, तो दूसरी तरफ इसने आयोजन को और खास बना दिया।  तस्वीरों में कैद हुआ अपनत्व शाम ढलते-ढलते जब इन दोनों हस्तियों की तस्वीर खिंची, तो वह महज एक फोटो नहीं थी, बल्कि यह भरोसे, सम्मान और गहरे रिश्तों का प्रतीक बन गई। यह तस्वीर शहर के लोगों को यह एहसास दिला गई कि जब बड़े लोग भी सहजता और प्रेम से एक साथ आते हैं, तो वह समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम करते हैं।  भोपाल के लिए एक यादगार शाम यह आयोजन केवल एक सामाजिक समारोह नहीं था, बल्कि यह भोपाल के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का एक उदाहरण बन गया। सांसद और व्यवसायी की जोड़ी ने यह साबित कर दिया कि जब सम्मान और अपनत्व साथ हो, तो हर आयोजन अपने आप यादगार बन जाता है। भोपाल की इस खास शाम ने न केवल रिश्तों की मिठास बढ़ाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सादगी और आत्मीयता से ही समाज का विकास संभव है।

ओरछा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वास्तुकला का एक अद्वितीय केंद्र है – राज्यपाल पटेल

निवाड़ी प्रदेश के माननीय राज्यपाल महोदय मंगुभाई पटेल आज अपने एक दिवसीय प्रवास पर ओरछा पहुंचे। ओरछा प्रवास के दौरान उन्होंने सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया और वहां की अनूठी परंपराओं से रूबरू हुए। राज्यपाल पटेल ने अपने दौरे की शुरुआत रामराजा मंदिर में भगवान रामराजा के दर्शन कर की। यहां उन्होंने भगवान की पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और तरक्की की कामना की। मंदिर परिसर में उन्होंने स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत की। मंदिर दर्शन के बाद जहांगीर महल पहुंचे। जहां उन्होंने महल के अद्वितीय स्थापत्य कला और नक्काशी को देखकर इसकी प्रशंसा की। इसके बाद वह सातार घाट स्थित चंद्रशेखर आजाद स्मृति स्थल पहुंचे और चंद्रशेखर आजाद को नमन किया। प्रवास के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यहां उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को होमस्टे की विशेषताओं और पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने की जरूरत बताई। इस अवसर पर उन्होंने बुंदेली व्यंजनों का स्वाद लिया और उसकी जमकर तारीफ की। इस अवसर पर बच्चों ने महामहिम राज्यपाल को उनका प्रतीकात्मक चित्र और बुंदेली पेंटिंग भेंट की। इस अवसर पर निवाड़ी विधायक अनिल जैन, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एडीसी शशांक, पुलिस अधीक्षक डॉ. रायसिंह नरवरिया, एसडीएम निवाड़ी अनुराग निंगवाल, तहसीलदार ओरछा सुमित गुर्जर ओएसडी अरविंद पुरोहित, अखिलेश अयाची सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

आब्जर्वर ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण

आब्जर्वर ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण राज्य पात्रता परीक्षा में 2850 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा शहडोल  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग रेसीडेन्सी एरिया इंदौर के द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा सेट 2024 आज दोपहर 12:00 बजे से 03:00 बजे तक एक सत्र में जिला मुख्यालय में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई। आयोजित की गई राज्य पात्रता परीक्षा का निरीक्षण ऑब्जर्वर श्री देवेंद्र सिंह मरकाम एवं कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने किया तथा परीक्षा केंद्रों में आयोजित परीक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग रेसीडेन्सी एरिया इंदौर के द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा सेट 2024 हेतु जिला मुख्यालय में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों में कुल 2850 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।

नेशनल लोक अदालत का हुआ सफल आयोजन

अनूपपुर म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पी.सी. गुप्ता के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय अनूपपुर एवं तहसील सिविल न्यायालय कोतमा/राजेन्द्रग्राम में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर 06 खण्डपीठ, तहसील सिविल न्यायालय कोतमा हेतु 05 खण्डपीठ एवं राजेन्द्रग्राम हेतु 03 खण्डपीठ का गठन किया गया था। इस प्रकार जिले में कुल 14 खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिसमें प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में 452 प्रकरण रखें गए, जिसमें 250 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 29,26,377 रूपयें की राशि अवॉडिड की गई। इसी तरह न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में 793 प्रकरण रखे गए, जिसमें 678 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 2,39,21,953 रूपयें की राशि अवॉडिड की गई। जिला न्यायालय अनूपपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ मॉ सरस्वती जी के चित्र में पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मनोज कुमार लढ़िया, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री नरेन्द्र पटेल, जिला न्यायाधीश श्रीमती मोनिका आध्या, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री पंकज जायसवाल, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्रीमती चैनवती ताराम, न्यायिक मजिस्‍ट्रेट सुश्री अंजली शाह, न्यायिक मजिस्‍ट्रेट श्रीमती पारूल जैन, न्यायिक मजिस्‍ट्रेट सुश्री सृष्टि साहू, जिला अधिवक्ता बार संघ के अध्यक्ष श्री संतोष सिंह परिहार, सचिव श्री राम कुमार राठौर, शासकीय अभिभाषक श्री पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री रामकृष्ण सोनी एवं जिला अधिवक्ता संघ के समस्त अधिवक्तागण तथा जिला न्यायालय अनूपपुर के समस्त अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।   सामाजिक कुरीति से अलग हुए दम्पत्ति, दोबारा मिले उषा बनाम मधूर(परिवर्तित नाम) वर्ष 2018 में उक्त दम्पत्ति का विवाह हुआ जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें दो पुत्री प्राप्त हुई, परन्तु सामाजिक कुरीति दहेज उनके बीच विवाद का कारण बन गया और पति ने अपनी पत्नी को घर से निकाल दिया। जिसके बाद शनिवार को जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.सी. गुप्ता एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मनोज कुमार लढ़िया द्वारा दम्पत्ति को समझाईश दी गई और उन्हें एक साथ जीवनयापन करने की सलाह दी गई। जिस पर दोनों पक्षकार सहमत हुए और राजीनामा के आधार पर राजी-खुशी एक साथ अपने घर गए। इस दौरान अधिवक्ता श्री अजित नापित और अधिवक्ता श्री तेजबली राठौर उपस्थित थे। 65 वर्ष की आयु में एक हुए दम्पत्ति रमेश बनाम रश्मी(परिवर्तित नाम) वर्ष 2018 में हिन्दु रीति-रिवाज से दम्पत्ति का विवाह हुआ एवं वर्ष 2020 में पति का पत्नी पर शक करने की वजह से दोनों में विवाद शुरू हुआ एवं विवाद विवाह विच्छेद तक पहुंच गया। शनिवार को जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पी.सी. गुप्ता एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मनोज कुमार लढ़िया द्वारा दम्पत्ति को समझाईश दी गई और दोनों राजी-खुशी अपने घर गए। इस दौरान पक्षकार के अधिवक्ता श्री विवेक कुमार सोनी उपस्थित थे। शराब की लत ने किया अलग, लोक अदालत में हुआ मिलन राकेश बनाम हेमलता(परिवर्तित नाम) वर्ष 2013 में हिन्दु रीति रिवाज से दम्पत्ति का विवाह हुआ। जिसके परिणाम स्वरूप दम्पत्ति के घर तीन पुत्रियों का जन्म हुआ, परन्तु शराब के नशे ने दम्पत्ति को अलग कर दिया, 6 माह अलग रहने के पश्चात शनिवार को जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मनोज कुमार लढ़िया द्वारा दम्पत्ति को समझाईश दी गई एवं पति को नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। जिस पर दोनों राजी-खुशी तैयार हुए और अपने घर साथ गए। इस दौरान पक्षकार की अधिवक्ता श्रीमती रेणु सोनी उपस्थित थीं। नेशनल लोक अदालत ने दिलाया मुआवजा राशि प्रेमलता बनाम बीमा कंपनी (परिवर्तित नाम) मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण में चल रहे मामले का शनिवार को जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में निराकरण हुआ। पति की मृत्यु वाहन दुर्घटना में हो जाने से बेसहारा विधवा महिला को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्याय स्वरूप 40 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पी.सी. गुप्ता एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पंकज जायसवाल के प्रयासों से महिला को नेशनल लोक अदालत में अनावेदक बीमा कंपनी के माध्यम से 40 लाख रूपये की राशि प्रदाय की गई।

जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज हो रहा है साकार : उप राष्ट्रपति धनखड़ जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया उप राष्ट्रपति ने जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का किया अनावरण ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सिंधिया परिवार का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। मैंने आज उन महापुरूष की मूर्ति का अनावरण किया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्र में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही शिक्षा को गति देने का कार्य भी किया है। शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर भाव आता है और मानव का निर्माण होता है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनशील दुनिया है, बदलाव होते रहेंगे लेकिन शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। तकनीक में हमारा देश काफी आगे निकल चुका है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान भी नई-नई तकनीकों को लायेगा, ऐसी उम्मीद है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ उपस्थित थीं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंधिया परिवार का संसद में हमेशा योगदान रहा है। स्व. माधवराव सिंधिया ने अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। उन्हें जो भी मंत्रालय मिला है, उसमें उन्होंने अपना श्रेष्ठ कार्य किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है। ग्वालियर के लिये आज का दिन रहेगा यादगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज का दिन यादगार रहेगा। आज ग्वालियर में दो बड़े कार्यों का शुभारंभ हुआ है। जियो साइंस म्यूजियम के माध्यम से पृत्वी की उत्पत्ति, उसकी रचना, भू-गर्भिक घटनाओं की जानकारी का संकलन प्राप्त होगा। साथ ही ज्ञान, विज्ञान के समावेश से युवाओं नई जानकारियां प्राप्त होंगीं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण भी किया गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय ने न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि सम्पूर्ण देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति करते हुए देश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और सशक्त बनाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत, शिक्षा और अपनी ऐतिहासिकता के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से ही विनम्रता प्राप्त होती है और विनम्रता से ही पात्रता प्राप्त होती है। जीवाजी विश्वविद्यालय 250 एकड़ में स्थापित है, जिसे मेरी दादी माँ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा प्रारंभ किया गया था। जीवाजी विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने जो बीज बोया था वह आज वट वृक्ष की तरह खड़ा हो गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान आधुनिकता की ओर अग्रसर है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने इस मौके पर जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदर्शनी में दर्शाए गए जीवाजी विश्वविद्यालय के इतिहास व उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उप राष्ट्रपति धनखड़ एवं अतिथियों ने इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण भी किया।  

प्रदेश के नगरीय निकायों में चलाया गया स्वच्छ कॉलोनी अभियान

प्रदेश के नगरीय निकायों में चलाया गया स्वच्छ कॉलोनी अभियान ऑनलाइन रविवारीय वैचारिक सत्र का 17वाँ आयोजन भोपाल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत 413 नगरीय निकायों में स्वच्छ कॉलोनी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगरीय निकाय के वार्डों में रहवासियों एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। चर्चा के दौरान घर से निकलने वाले गीले अपशिष्ट को घर पर ही कम्पोस्टिंग विधि से खाद तैयार करने की जानकारी दी गई। रहवासियों को होम कम्पोस्ट खाद के पैकेट वितरित किये गये। राष्ट्रीय स्तर पर हो रही प्रतिस्पर्धा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2024’ में देश भर के नगरीय निकायों द्वारा प्रतिभागिता की जा रही है। स्वच्छ सर्वेक्षण में जीएफसी स्टार रेटिंग, कचरा मुक्त शहरों की श्रेणी, ओडीएफ एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों के अनुरूप तैयारियाँ अंतिम दौर में है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा नगरीय निकायों को अधिक से अधिक जन-भागीदारी किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। गीले कचरे के समाधान में नगारिकों की भूमिका पर कार्यशाला स्वच्छ भारत मिशन में आज गीले कचरे के समाधान में नागरिकों की भूमिका पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। कार्यशाला में प्रदेश भर में नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किये। विषय-विशेषज्ञों ने मटका खाद और पिट के माध्यम से तैयार की जाने वाली कम्पोस्ट खाद की विधि बताई। प्रदेश में अब तक शहरी स्वच्छता से जुड़े रविवारीय संवाद के 17 सत्र विभिन्न विषयों को लेकर हो चुके हैं। इन सत्रों में नागरिकों, स्व-सहायता समूह, ब्रॉण्ड एम्बेसडर, नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।  

विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तानसेन संगीत समारोह भारतीय संगीत की विरासत को जीवंत करने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में बना हिन्दुस्तानी क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुई 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों पर दी गई वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया तानसेन संगीत समारोह 2024 का शुभारंभ ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तानसेन संगीत समारोह 2024 के शुभारंभ और वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति में हिन्दुस्तानी क्लासिकल बैंड द्वारा बनाए गए गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में सहभागी कलाकारों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तानसेन संगीत समारोह और विश्व रिकार्ड की यह उपलब्धि संगीत सम्राट तानसेन, महारानी लक्ष्मी बाई, महादजी सिंधिया, स्व. राजमाता सिंधिया और जैन तीर्थंकर सहित भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत को जीवंत करने का माध्यम है। उल्लेखनीय है कि 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से हिन्दुस्तान क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड बनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित तानसेन संगीत समारोह 2024 एवं वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का रहा उद्गम स्थल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का उद्गम स्थल रहा है। राजा मानसिंह तोमर से लेकर सिंधिया घराने तक संगीत की विरासत को सहजने के यहां हर संभव प्रयास हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगीत सग्राट तानसेन के 100वें उत्सव के अवसर पर 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति के लिए कलाकारों का अभिवादन किया। विश्व का कोई भी वाद्य, भारतीय शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस चराचर जगत के रोम-रोम में संगीत है। महार्षि पतंजलि द्वारा 5 मुख्य प्राण, 5 सहायक प्राण के साथ ही उप प्राणों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें एक उपप्राण संवेदना (सैंसेशन) है, जो संगीत से हमें जोड़ता है। रोम-रोम से संगीत की अनुभूति और जीवंतता की पहचान होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा धनुधारी वीर अर्जुन को दिखाए गए विराट स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि रोम-रोम के माध्यम से जीवन की चेतना आती है। शास्त्रीय संगीत की साधना व्यक्ति के रोम-रोम को पुल्कित करती है। भारतीय संस्कृति में शास्त्रीय वाद्यों के आधार पर प्रकृति से तालमेल बनाने की परम्परा आरंभ की गई। विश्व का कोई भी वाद्य, शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता, यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषता है। भारतीय संगीत परम्परा सभी से तालमेल कर आनंद की यात्रा को आगे बढ़ाने में हमें सक्षम बनाती है। महादेव के लिए डमरू और भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी आनंद का स्रोत रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है। विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है। तालाब या नदी में पहली बार पड़ने वाली पानी की बूंद की ध्वनि डमरू की ध्वनि से जुड़ती है। इसी का परिणाम है कि डमरू विश्व का पहला वाद्य यंत्र है जो भगवान शिव से जुड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी, आनंद का स्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तथा ग्वालियर के प्रभारी तुलसीराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। सुरों की साधना को समर्पित 9 मिनट तक शास्त्रीय वाद्यों का वादन सुरों की साधना को समर्पित समवेत प्रस्तुति में देश और प्रदेश के 546 कलाकारों ने 9 शास्त्रीय वाद्य यंत्रों का वादन एक साथ किया। समवेत प्रस्तुति के माध्यम से स्वर सम्राट तानसेन को स्वरांजली अर्पित की गई। यह प्रस्तुति तानसेन रचित तीन राग जिनमें मल्हार, मियां की तोड़ी एवं दरबारी कान्हड़ा में निबद्ध थी। इस प्रस्तुति का संयोजन सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने किया। समवेत प्रस्तुति में वाद्य यंत्रों के साथ ही गायन भी शामिल था। निरन्तर 9 मिनट तक वाद्यों का वादन करने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रचा गया। विगत वर्ष ताल दरबार से रचा था इतिहास विगत वर्ष संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में अपराजेय भारतीयता के विश्व गान राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की धुन पर “ताल दरबार” ने मध्यप्रदेश के संगीत को एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए 1500 से अधिक संगीत साधकों ने प्रदेश की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिकता और संगीत की त्रिवेणी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए किया आमंत्रित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ 2025 के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट कर गंगा जल का कलश और प्रयागराज महाकुंभ-2025 का निमंत्रण-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस वृहद आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संगीतधानी ग्वालियर की उत्सवधर्मिता की देश भर में विशेष पहचान है। साथ ही संगीत और कलाओं का प्रोत्साहन एवं कलाकारों का मान-सम्मान बढ़ाने की यहाँ की रिवायत भी अद्वितीय है। इस धरा पर जन्मे तानसेन और बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को वर्तमान संगीत साधक भगवान की तरह पूजते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हो रहे 100वें “तानसेन संगीत समारोह” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगीत शिरोमणि तानसेन की स्मृति में आयोजित हो रहे शताब्दी आयोजन में शामिल होकर मुझे विशेष खुशी की अनुभूति हुई है। रविवार की सांध्य बेला में तानसेन समाधि परिसर में महेश्वर के ऐतिहासिक किला की थीम पर बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” का केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ सुर सम्राट तानसेन की समाधि पर पहुँचकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन समारोह के शताब्दी आयोजन में अपने देश के संगीत के शीर्षस्थ साधकों के साथ चार अन्य देशों के संगीत कलाकार सुर सम्राट तानसेन को स्वरांजलि देने आए हैं। मध्यप्रदेश सरकार देश और विदेश के सभी कलाकारों का अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर संगीत एवं कला की अद्भुत नगरी है। मेरा सौभाग्य है कि यहाँ महान संगीतज्ञ तानसेन की याद में आयोजित होने वाले संगीत समारोह में दो बार आने का मुझे मौका मिला। पिछली बार जब मैं आया था तब ग्वालियर दुर्ग पर ताल दरबार के वृहद आयोजन से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था। इसी तरह इस बार कला साधकों ने वाद्य यंत्रों का समवेत वादन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकार कलाकारों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर पैदल चलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे थे। उन्होंने कलाकारों के मान-सम्मान की जो प्रेरणादायी परंपरा कायम की है, प्रदेश सरकार उसका पूरा ध्यान रख रही है। प्रकृति से तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है संगीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के राग प्रकृति से तालमेल बिठा लेते हैं। साथ ही संसार के सभी प्राणियों से संगीत संवाद स्थापित करने में सक्षम होता है। भगवान श्रीकृष्ण के बांसुरी वादन से सम्पूर्ण गौधन का एकत्रित हो जाना इस बात का प्रमाण है। इसी तरह संगीत सम्राट तानसेन ने राग मल्हार के जरिए बरसात कराकर साबित किया कि राग प्रकृति से तालमेल बिठाने में सक्षम है। ग्वालियर को संगीत हब बनाने के लिये हर संभव प्रयास किए जायेंगे – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर के लिये यह वर्ष अलौकिक वर्ष है। वर्ष 1924 में सिंधिया राज्यकाल में शुरू हुए तानसेन समारोह का इस साल शताब्दी वर्ष है। यह वर्ष ग्वालियर के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की पहचान संगीत के शहर के रूप में होती है। ग्वालियर को संगीत का हब बनाने का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से हम सब लोगों द्वारा मिलजुलकर किया जायेगा। सिंधिया ने तानसेन समारोह की तर्ज पर बैजू बावरा की स्मृति में चंदेरी संगीत महोत्सव को भव्य बनाने का आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किया। प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक अभ्युदय के प्रयास सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खुशी की बात है राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक अभ्युदय का काम समूचे प्रदेश में किया जा रहा है। ग्वालियर में तानसेन समारोह के विस्तार के रूप में पिछले साल ताल दरबार और इस साल वृहद शास्त्रीय बैंड की समवेत प्रस्तुति का आयोजन इसका उदाहरण है। इन दोनों आयोजनों से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है, जिससे ग्वालियर की ख्याति संगीत के क्षेत्र में दुनियाभर में और बढ़ी है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री एवं संस्कृति विभाग के प्रति ग्वालियरवासियों की ओर से आभार जताया। साथ ही कहा कि महाराजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में संगीत और कलाओं को आश्रय देने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसे महादजी सिंधिया से लेकर सम्पूर्ण सिंधिया राज्यकाल में पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में प्रदेश सरकार भी संगीत एवं कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटी है। 100वें तानसेन समारोह के उपलक्ष्य में डाक टिकिट का विमोचन तानसेन समारोह के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डाक विभाग द्वारा पाँच रूपए का डाक टिकिट जारी किया गया है। तानसेन समारोह के उदघाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने इस डाक टिकिट का विमोचन किया। तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और स्मारिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और इस साल के आयोजन पर तैयार की गई स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा संवाद और पुलिस बैण्ड प्रस्तुति में होंगे शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जन-कल्याण पर्व के अवसर पर 16 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित “युवा संवाद’’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार प्रांगण में पुलिस बैण्ड की प्रस्तुति में भी शामिल होंगे। प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस बैण्ड द्वारा एक साथ प्रदर्शन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जन-कल्याण पर्व के दौरान पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  

BCCI ने सीरीज के बीच यश दयाल, मुकेश और नवदीप को रिलीज करने का लिया फैसला

ब्रिसबेन. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गाबा में जारी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट की बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम ने अपने तीन प्लेयर्स को वापस स्वदेश भेजने का फैसला लिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिन तीन खिलाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है, वो सारे तेज गेंदबाज हैं। चलिए अब आपको सीधा उन प्लेयर्स का नाम बताते हैं और ये जानते हैं कि आखिर उन्हें क्यों सीरीज के बीच में वापस भेजा जा रहा है। किन तीन प्लेयर्स की रिलीज किया गया? भारतीय क्रिकेट टीम ने ट्रेवल रिजर्व यश दयाल, मुकेश कुमार और नवदीप सैनी को रिलीज करने का फैसला किया है और इन तीनों के 21 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल होने की संभावना है। तीनों तेज गेंदबाज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने के पहले से ही टीम के साथ हैं। मगर टीम मैनेजमेंट ने महसूस किया कि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में मैदान से बाहर बैठकर सीट गर्म करने से बेहतर उन्हें भारत में जाकर क्रिकेट खेलना बेहतर होगा। क्योंकि ब्रिसबेन मैच के बाद केवल दो टेस्ट बचे हैं। घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेंगे प्लेयर्स लंबी गर्मियों के बाद स्वदेश लौटने से पहले भारत अपना अगला मैच मेलबर्न और फिर आखिरी मैच तीन जनवरी से सिडनी में खेलेगा। नवदीप सैनी और मुकेश कुमार को अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सीनियर मेंस सिलेक्श कमिटी ने बतौर रिजर्व प्लेयर शामिल किया था। बाद में यश दयाल को खलील अहमद के रिप्लेसमेंट के तौर पर भेजा गया था, जो पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान नेट्स में इंजर्ड हो गए थे। मुकेश लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में हैं, क्योंकि वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भारत ए के दो प्रैक्टिस मैच का भी हिस्सा थे। माना जा रहा है कि वह बंगाल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए तैयार हैं, जो एक सप्ताह में शुरू होगी। नवदीप सैनी और यश दयाल का भी यही प्लान है।

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