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पुरानी पेंशन बहाली: UP में शिक्षकों ने उठाई आवाज, लखनऊ में 18 दिसंबर को करेंगे विरोध प्रदर्शन

मैनपुरी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को क्रिश्चियन इंटर कॉलेज परिसर में हुई। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसके साथ ही निर्णय लिया कि 18 दिसंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन में अपनी आवाज उठाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णानंद दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है। कुछ राज्यों ने इसके पक्ष में निर्णय लेकर कर्मचारियों को लाभांवित किया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनमानी पर उताऊ है। 18 दिसंबर को लखनऊ में होगा प्रदर्शन प्रदेश सरकार की उपेक्षात्मक नीतियों से हर कर्मचारी परेशान हो चुका है। हम अपनी पुरानी पेंशन के अधिकार को हर हाल में लेकर रहेंगे। 18 दिसंबर को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत लखनऊ में धरना दिया जाएगा।   आगरा में भी होगा संगठन का सम्मेलन जिला मंत्री विजय कुमार पीटर ने कहा कि इस विरोध के बाद सात से नौ जनवरी 2025 में आगरा के मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज में संगठन का प्रदेश सम्मेलन होगा। इससे पूर्व संगठन से जुड़े प्रत्येक शिक्षक को लखनऊ पहुंचकर पुरानी पेंशन के लिए अपनी आवाज मुखर करनी होगी। बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक यादव, प्रदीप चतुर्वेदी, मुकेश चौहान, एके सिंह चौहान, ओमकांत दुबे, स्वतंत्र कुमार सिंह, प्रदीप यादव, गौरव दुबे, धर्मेंद्र सिंह, बृजलाल, शिवभवन, विनय त्रिपाठी, जलालुद्दीन आदि शिक्षक मौजूद रहे। पुरानी पेंशन योजना/ओल्ड पेंशन योजना ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) में रिटायरमेंट सरकारी कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत मासिक पेंशन के रूप में मिलता था। डीए दरों में वृद्धि के साथ राशि बढ़ती रहती है। कर्मचारी रिटायरमेंट पर अधिकतम 20 लाख रुपये के ग्रेच्युटी भुगतान के हकदार थे। यदि किसी रिटायर्रड कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को निरंतर पेंशन लाभ मिलता है। इसके अलावा, एनपीएस के विपरीत ओपीएस के तहत पेंशन योगदान के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्य पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पर वापस आ गए हैं।

पीएम खजुराहो में केन बेतवा लिंक परियोजना का करेंगे शिलान्यास, बुंदेलखंड में रुकेगा पलायन

खजुराहो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश दौरे पर रहेंगे। पीएम खजुराहो में केन बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। 1 घंटे 40 मिनट का पूरा कार्यक्रम होगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल भी शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर है। इस कड़ी में आज भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा खुद मौके पर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। वीडी शर्मा ने खजुराहो नगरपरिषद हॉल में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के साथ पन्ना, छतरपुर विधायक और कलेक्टर, एसपी के साथ बैठक की। जहां पीएम के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा पर चर्चा की गई। ऐसा होगा पीएम के दौरे का कार्यक्रम 25 दिसंबर को पीएम के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई, कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री का विमान खजुराहो एयरपोर्ट में लैंड होगा। जिसके बाद खजुराहो मेला ग्राउंड में पीएम का स्वागत किया जाएगा। जहां वे केन बेतवा लिंक परियोजना मॉडल का अनावरण करेंगे। उसके बाद योजना से सम्बंधित एक शार्ट फिल्म का प्रसारण किया जाएगा। लिंक परियोजना का पूरा कार्यक्रम 1 घंटे 40 मिनट तक का होगा।  44 हजार 605 करोड़ की नहीं बल्कि 80-90 हजार करोड़ की होगी केन बेतवा लिंक परियोजना पीएम के दौरे से पहले वीडी शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की सागर संभाग के विधायकों के साथ मिलकर एक कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस दौरान सभी विधायकों को पीएम मोदी का बुंदेलखंड की धरती पर ऐतिहासिक स्वागत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 44 हजार 605 करोड़ तो सिर्फ बजट में ही आ गया है। बल्कि 80-90 हजार करोड़ की केन बेतवा लिंक परियोजना होगी। इस योजना के आने से बुंदेलखंड में पलायन की रुकेगा, यह एक सामान्य घटना नहीं बल्कि एक विशेष घटना है।

कांग्रेस को दी उमर अब्दुल्ला ने नसीहत- ‘यह नहीं कह सकते EVM पर भरोसा नहीं, हार करें स्वीकार ‘

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दु्ल्ला ने ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया। सीएम अब्दुल्ला ने नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को ईवीएम पर रोना बंद कर देना चाहिए और अपनी हार को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आप जीतते हैं तो ईवीएम ठीक है, लेकिन जब आप हारते हैं तो ईवीएम का रोना रोने लगते हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब उसी ईवीएम से सौ से अधिक सांसद चुनकर आते हैं तब आप उस जीत को सेलिब्रेट करते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद आप यह नहीं कह सकते कि ईवीएम सही परिणाम नहीं दे रहा है। क्योंकि, अब चुनाव नतीजे उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं। ‘जो सही है, वो सही है’ सीएम उमर अब्दुल्ला का यह बयान बीजेपी से बिल्कुल मैच कर रहा है। बीजेपी भी यही कहती है कि विपक्षी पार्टी जब जीतती है तो ईवीएम ठीक है और जब हारती है तो ईवीएम को भला बुरा कहती है। हालांकि, जब उनसे कहा कि आप भाजपा प्रवक्ता की तरह लग रहे हैं, तो उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान न करे! उन्होंने आगे कहा कि कि नहीं, यह बस इतना ही है, जो सही है वह सही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले – एक भारत-श्रेष्ठ भारत और सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल वर्तमान भारत के शिल्पी थे। उनका पूरा जीवन राष्ट्र व भारत मां के चरणों में समर्पित था। 1946 में देश के संविधान सभा का गठन हुआ। उसके प्रमुख सदस्य और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने न केवल देश के एकीकरण के वर्तमान अभियान को नई ऊंचाइयां प्रदान की, बल्कि 563 से अधिक रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। आज जो भारत देख रहे हैं, यह सरदार पटेल की सूझबूझ का परिणाम है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत, सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम है। मुख्यमंत्री ने रविवार को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर देश की आजादी के आंदोलन को नई दिशा देने के लिए तत्कालीन नेतृत्व के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। गुजरात के आणंद के पास छोटे गांव में सामान्य किसान परिवार में उनका जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा भी मां के सानिध्य में घर पर संपन्न हुई। इंग्लैंड से लॉ की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे भारत आए। सरदार पटेल का देहावसान 15 दिसंबर 1950 को हो गया। उनके नेतृत्व में भारत नई ऊंचाइयों को छूता। उनकी संकल्पनाओं को मूर्त रूप देने के लिए जो अभियान चल रहा है, वह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की पीएम मोदी की परिकल्पना को साकार करेगा। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने चंपारण आंदोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन समेत आजादी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण आंदोलनों में भाग लिया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें जेल की यातना भी झेलनी पड़ी थी। सरदार पटेल ने अन्नदाता किसानों की समृद्धि व उत्थान के लिए जनजागरण के अनेक अभियान भी चलाए। गुजरात में सहकारिता के मजबूत आंदोलन की पृष्ठभूमि में भी सरदार पटेल का विजन है। उन्होंने हर अन्नदाता किसान को समृद्धि की नई ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत मां के इस महान सपूत ने देश के एकीकरण के लिए अभियान को आगे बढ़ाया तो दूसरी तरफ गुलामी के कालखंड में जिन मान बिंदुओं का अपमान हुआ था, उनकी पुनर्स्थापना का भी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न कराया। सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार को हाथों में लेकर सांस्कृतिक भारत की स्थापना का जो अभियान चलाया था, उसी का परिणाम है कि सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल होते तो कश्मीर में धारा-370 कभी लागू नहीं हो पाती। छद्म रूप से जिन लोगों ने धारा-370 को डालकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मार्ग में बैरियर खड़ा किया, उसे पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2019 को हटाकर आतंकवाद की नींव को समाप्त कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर भी नए सांस्कृतिक भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसका शुभारंभ 1948 में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर से किया था।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार की रिश्वत लेते आरक्षक को रंगे हाथों दबोचा, इस मामले में ले रहा था घूस

Big action by Lokayukta: Constable caught red handed while taking bribe of Rs 15 thousand, was taking bribe in this case मंदसौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदेश में आए दिन अलग-अलग विभागों में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। अब मंदसौर में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार की रिश्वत लेते एक पुलिस कांस्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक जिले के भानपुरा थाना में लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान को रंगे हाथों दबोचा है। फरियादी पप्पू सिंह के अनुसार उसके भाई की जमानत की लिखापढ़ी के एवज में आरक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। उज्जैन लोकायुक्त टीम ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पप्पू सिंह सौंधिया पिता मानसिंह सौंधिया निवासी ग्राम मानपुरा ने लोकायुक्त में बताया था कि उसके भाई ईश्वर सिंह, अन्य व्यक्ति तूफान सिंह और बंशीलाल के खिलाफ भानपुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। उसमें जमानत देने की लिखापढ़ी के एवज में प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने 15 हजार रुपए मांगे थे। शिकायत का सत्यापन प्रभारी एसपी राजेश पाठक ने डीएसपी सुनील तालान से कराया, तो शिकायत सही पाई गई। इस पर से 16 दिसंबर को टीम ने छापा मारा। रुपए देते समय टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कोच्चि पहुंचेगा 16 दिसंबर को वियतनाम तटरक्षक जहाज

कोच्चि. वियतनाम तटरक्षक जहाज सीएसबी 8005 भारत में चल रही विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में 16 दिसंबर को कोच्चि पहुंचने वाला है, जिसका उद्देश्य दोनों बलों के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार चार दिवसीय यात्रा के दौरान वीसीजी जहाज का चालक दल समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (एमपीआर), समुद्री खोज एवं बचाव (एम-एसएआर), और समुद्री कानून प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेशेवर बातचीत में शामिल होगा। वहीं, गतिविधियों में क्रॉस-डेक प्रशिक्षण, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान, सामाजिक संपर्क, मार्ग अभ्यास (पीएएसएसईएक्स), प्रमुख अग्निशमन अभ्यास, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस), काउंटर ड्रग्स इंटरडिक्शन और भारतीय तटरक्षक के साथ तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया प्रदर्शन शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल वियतनाम तटरक्षक और भारतीय तटरक्षक के बीच संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि जहाज निर्माण में भारत की तकनीकी उन्नति को प्रदर्शित करना भी है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा का समर्थन करता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय तटरक्षक और वियतनाम तटरक्षक के बीच एक मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) है, जिसने दो समुद्री एजेंसियों के बीच सहकारी जुड़ाव को संस्थागत रूप दिया है। वीसीजी जहाज का यह दौरा एमओयू के प्रावधानों के अनुरूप है और इसलिए, यह विदेशी मित्र देशों (एफएफसी) के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय तटरक्षक की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वीसीजी जहाज की यात्रा प्रमुख समुद्री साझेदारों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है, जो समकालीन समुद्री चुनौतियों का समाधान करते हुए क्षेत्र में समुद्रों की सुरक्षा, संरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। समुद्री सुरक्षा पहलू पर आईसीजी का बढ़ता फोकस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ (सागर) के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की वैश्विक नेतृत्व स्थिति को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर, अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी: मौसम विभाग

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड जमा देने वाला एहसास करा रही है। एमपी के रायसेन, राजगढ़, खंडवा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, सिवनी, नौगांव (छतरपुर), अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, सिंगरौली, पंचमढ़ी में शीत लहर चली। आलम यह है कि सूबे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 1°C कल्याणपुर (शहडोल) / पंचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 16 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के शाजापुर, उमरया, रायसेन, सीहोर, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, भोपाल, जबलपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। इन जिलों में यलो अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, मंदसौर, अशोकनगर, शिवपुरी, दितया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सतना, डिंडोरी, कटनी, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, मैहर, पांढुणा, विदिशा, हरदा, बड़वानी, नीमच, मऊगंज, राजगढ़, आगर, छतरपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। 17 दिसंबर को शीत लहर की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, नरिसंहपुर, छिंदवाड़ा जिलों में शीतल दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो सूबे में उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने 17 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, बड़वानी, नीमच, सिंगरौली, उमरिया, मंडला, राजगढ़, रतलाम, सिवनी और गुना जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर देखी गई। एमपी से सटे राजस्थान में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान कई दिनों से जीरो डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। चुरू में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री, भीलवाड़ा में 2.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को, जानें शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति साल का पहला और हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक विशेष त्योहार है. मकर संक्रांति हर साल कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को मनाई जाती है. भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मकर संक्रांति मनाई जाती है. आइए हिंदू पंचांग के मताबिक जानते हैं कि साल 2025 में मकर संक्रांति कब है और इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय कब रहेगा. साल 2025 में 14 जनवरी को है मकर संक्रांति वैदिक हिंदू पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन मंगलार पड़ रहा है. इस दिन भगवान सूर्य का सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर मकर राशि पर प्रवेश होगा. इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और शाम के 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त पर गंगा स्नान और दान करना लाभकारी होगा. ये पूण्य काल 8 घंटे 42 मिनट का होगा. ये है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त मकर संक्रांति के महा पुण्य काल की बात करें तो वो सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और 10 बजकर 48 मिनट के बाद समाप्त हो जाएगा. ये महा पुण्य काल 1 घंटा 45 मिनट का होगा. ज्योतिष के मुताबिक, इन दोनों ही समय में स्नान और दान करना बहुत शुभ होगा. जो भी मकर संक्रांति पर पुण्य काल और महा पुण्य काल पर स्नान और दान करेगा उसे विशेष फल की प्राप्ति होगी. मकर संक्रांति क्यों है महत्वपूर्ण मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य के पूजा की मान्यता है. इस दिन भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव के मकर राशि में जाने के साथ दिन बड़े होने लगते हैं और ठंड का प्रकोप धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगता है. मकर संक्रांति नई फसल के आने का भी प्रतीक है. इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर भी चलना शुरू कर देते हैं. मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना समेत दूसरी पवित्र नदियों में स्नान करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है.

पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लाभांवित गांवों में 17 दिसंबर को जिला स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा

उज्जैन. उज्जैन सहित प्रदेश के 12 जिलों में संशोधित पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक परियोजना के संभावित लाभांवित गांवों में उक्त परियोजना के अंतर्गत सिंचाई, पेयजल एवं उद्योगों के लिए जल उपलब्धता तथा इससे इन ग्रामों के आर्थिक तथा सामाजिक विकास का आधार बनने पर केन्द्रित जन जागरण के कार्यक्रम आगामी 25 दिसंबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के सचिव के द्वारा सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर्स को कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अनुसार प्रत्येक संभावित लाभान्वित ग्राम में गांव के मुख्य मार्गों पर राम जल सेतु कलश यात्रा और प्रभात फेरियां निकाली जाएं जिसमें अधिक से अधिक संख्या में ग्रामवासियों की सहभागिता रहे। यात्रा के समापन स्थल पर संशोधित पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक परियोजना के महत्व को वर्णित किया जाए। समस्त संभावित लाभांवित ग्रामों में संशोधित पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक राष्ट्रीय परियोजना के महत्व तथा जल की आवश्यकता पर केन्द्रित नुक्कड नाटकों, भजन मण्डलियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन ग्राम के चबूतरों, सार्वजनिक स्थलों एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर किया जाए तथा भजन मण्डलियों के माध्यम से विशेष रूप से संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के महत्व को जन-जन तक पहुँचाया जाए। समस्त संभावित लाभान्वित ग्रामों के विद्यालयों में जल पर केन्द्रित चित्रकला प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए। सभी विद्यालयों में एक विशेष कक्षा का सत्र संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के महत्व पर रखा जाए एवं इससे होने वाले सकारात्मक प्रभावों को वर्णित किया जाए। इसके अलावा जिला मुख्यालयों पर 17 दिसंबर को किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाए जिसमें जन प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया जाए। सभा स्थल पर आम जन के अवलोकन हेतु प्रदर्शनी भी लगाई जाए। उल्लेखनीय है कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का आगामी 17 दिसंबर को भूमि पूजन माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा किया जाएगा जिसका सीधा प्रसारण प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।

भोपाल में एक बार फिर बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी, मेंडोरा रोड 13 गेट के पास मूवमेंट दिखा, वन विभाग सचेत

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी है। राजधानी में बाघ का मूवमेंट दिखा है। अपने तीन शावकों के साथ बाघिन नजर आई है। बाघ का मूवमेंट कैमरे में कैद हो गया है। दरअसल रात करीब 1.40 बजे बाघिन नजर आई है। मेंडोरा रोड 13 गेट के पास मूवमेंट दिखा है। बाघ के मूवमेंट की खबर पर वन विभाग की टीम नजर बनाए हुए हैं। इसके पहले भी कई बार सड़कों पर बाघ की चहलकदमी हो चुकी है। वहीं बाघ दिखने से लोगों में भय का माहौल है। लोग रात को घरों से नहीं निकल रहे है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

‘ब्रेन डेड’ युवक के अंगों से छह लोगों को मिलेगा जीवनदान, युवक के महत्वपूर्ण अंगों को हेलीकॉप्टर के जरिए जयपुर लाया गया

जयपुर राजस्थान में एक ‘ब्रेन डेड’ युवक के विभिन्न अंगों से कम से कम छह लोगों को नया जीवन मिलने जा रहा है। युवक के महत्वपूर्ण अंगों को झालावाड़ से हेलीकॉप्टर के जरिए जोधपुर और जयपुर लाया गया। राज्य में शायद यह पहली बार है जब जयपुर और जोधपुर में प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए अंगों को हेलीकॉप्टर से लाया गया। झालावाड़ जिले के मानपुरा पीपाजी निवासी विष्णु प्रसाद (33) 10 दिसंबर को हाथापाई में घायल हो गए थे। चिकित्सकों की एक टीम ने 12 दिसंबर को उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया, जिसके बाद उनके परिजनों द्वारा दान किए गए अंगों को जोधपुर और जयपुर लाया गया। सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के अधीक्षक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने कहा, ‘‘एसएमएस अस्पताल में आज अंग प्राप्त हुए हैं और प्रत्यारोपण सर्जरी की जा रही है। एक किडनी, दो फेफड़े और हृदय जयपुर में जरूरतमंद मरीज को प्रत्यारोपित किए जाएंगे, जबकि एक किडनी और लिवर जोधपुर में प्रत्यारोपित किए जाएंगे।’’ झालावाड़ से अंगों को लेकर एक हेलीकॉप्टर जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ‘ऑर्गन बॉक्स’ को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टर में ईंधन भरा गया और बाद में जोधपुर के लिए उड़ान भरी। अंगों को प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया जाएगा। झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने संवाददाताओं को बताया कि विष्णु प्रसाद को घायल अवस्था में उपचार के लिए 11 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान युवक के दिमाग ने काम करना बंद (ब्रेन डेड) कर दिया। इसके बाद एक कमेटी बनाई गई, जिसमें युवक को ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया गया। झालावाड़ जिलाधिकारी अजय सिंह राठौड़ और अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी में मृतक के पिता तथा उसकी पत्नी अनीता की समझाइश की गई। वे अंगदान पर सहमत हो गए।  

वंदे भारत एक्सप्रेस को छत्तीसगढ़ में नहीं मिल रहे यात्री, 16 से काम कर किए 8 कोच

रायपुर दुर्ग-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में 16 कोच हैं, जो पूरी तरह नहीं भर पा रही है। केवल 30 से 35 प्रतिशत ही यात्री इसमें सफर कर रहे हैं। लिहाजा रेलवे ने कोच की संख्या कम करने का विचार किया है। यही स्थिति नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस की थी, जिसके कारण रेलवे को कोच कम करना पड़ रहा है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि आठ कोच कम होने से वंदे भारत एक्सप्रेस को पर्याप्त संख्या में यात्री मिलने लगेंगे।     कोच कम करने के लिए मुख्यालय को पत्र भी भेजा गया है। वंदे भारत ट्रेनों में रूट और अपेक्षित यात्रियों की संख्या के आधार पर आठ, 16 या 20 कोच हो सकते हैं। आठ कोच वाली रेक बेहतर हो सकती है।     इस ट्रेन में दो एग्जीक्यूटिव क्लास कोच और 14 चेयर कार कोच हैं। इसमें 1,128 यात्रियों के बैठने की क्षमता हैं। टिकट महंगा होने के कारण ही ट्रेन को लेकर यात्रियों में उत्साह नहीं है।     इसी के कारण कम यात्री मिलने से रेलवे को नुकसान उठाना पड़ रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम वंदे भारत ट्रेन को लेकर यात्रियों में कोई खास उत्साह नहीं है। इसके चलते दोनों तरफ से वंदे भारत पूरी तरह से भर नहीं पा रही है। इन्हीं रूट पर एक्सप्रेस ट्रेनों में वेटिंग रायपुर स्टेशन से विशाखापट्टनम के लिए एक दिन में वंदे भारत सहित आधा दर्जन से अधिक नियमित एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं। इनमें समता एक्सप्रेस में एसी व स्लीपर में वेटिंग है, जबकि रायपुर-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस एसी थर्ड में सीट उपलब्ध है। यहीं स्थिति अन्य ट्रेनों की भी है। जनवरी के बाद कोच कम करने का फैसला रेलवे जोन के सूत्रों ने बताया कि रायपुर-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस सीटें लगातार खाली होने की समीक्षा की जा रही है। जनवरी तक इसे देखने के बाद रेलवे बोर्ड कोच कम करने के बारे में फैसला ले सकता है। वंदे भारत की टिकट की यह कीमत     एग्जीक्यूटिव क्लास में ब्रेकफास्ट, चाय और लंच के साथ किराया: 2,825 रुपये     एग्जीक्यूटिव क्लास में बिना नाश्ते के किराया: 2,410 रुपये     चेयर कार में ब्रेकफास्ट, चाय और लंच के साथ किराया: 1,565 रुपये     चेयर कार में बिना नाश्ते और पानी के किराया: 1,205 रुपये  

अंधेरी रात के बाद का उजला सवेरा, सहरिया परिवारों का बदला जीवन

भोपाल ‘उसने अपनी जिंदगी में कभी ऐसे दिन भी देखे, जब उसके उदर में अन्न का दाना तक न था, सर छुपाने को कोई ठिकाना न था, उदासी थी, मायूसी थी और बस न-उम्मीदों का एक डरावना सा ताना-बाना था। पर दिन सबके बदलते हैं, उसके भी बदल गये। जिंदगी से अबतक जो दर्द मिले थे, वो सर्द हवाओं की तरह फिज़ाओं में फ़ना हो गये।’ बदलाव की यह कहानी शिवपुरी जिले की है। यहां के हातोद ब्लॉक में रहने वाली श्रीमती शांति सहरिया एक समय अपनी झोपड़ी में कठिनाइयों भरा जीवन जीती थीं। उनके परिवार के लिए रोजमर्रा की जरूरतें भी संघर्ष का विषय था। दिहाड़ी मजदूरी से जो कुछ थोड़ी सी कमाई होती, वो उदर पोषण में ही चली जाती। बरसात में उनकी झोपड़ी टपकती और रातें जागते हुए कटती थीं। पढ़ाई-लिखाई और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उनके लिए सपना थीं। लेकिन आज शांति सहरिया और उनका परिवार एक सुखद बदलाव का अनुभव कर रहा है। शांति बताती हैं “पहले हमारा जीवन बहुत कठिन था। खाने-पीने का कोई ठिकाना ही न था। न पक्का घर था, न कोई स्थायी रोजगार। पानी के लिए कुएं तक जाना पड़ता था और बच्चों को स्कूल भेजना तो बड़ा ही मुश्किल काम था।” इस बदलाव की शुरुआत हुई सरकार की योजनाओं से। पीएम आवास योजना के तहत शांति के परिवार को एक पक्की कुटीर मिली। इससे उनका जीवन सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ। अब उनका परिवार पूरी कॉलोनी में पक्के मकान के साथ एक सम्मानजनक जीवन जी रहा है। शांति खुशी-खुशी बताती हैं – “अब हमारे पास अपना घर है, जो बरसात में भी सुरक्षित रहता है। पक्की सड़कों से हम शहर तक आसानी से जा पाते हैं। घर-घर तक नल से जल आने से पीने के पानी की समस्या भी खत्म हो गई है।” इसके अलावा आय का जरिया विकसित करने के लिए शांति ने बकरियां पालना शुरू किया। पीएम उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर ने उनके परिवार को चूल्हे के धुएं से स्थायी राहत दे दी। आयुष्मान भारत (निरामयम) योजना से अब उनका परिवार स्वास्थ्य उपचार सेवाओं का मुफ्त लाभ ले सकता है। “हम हर महीने पोषण आहार की राशि प्राप्त करते हैं, जिससे हमारे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। अब मुझे विश्वास है कि मेरे बच्चे पढ़-लिखकर एक अच्छा जीवन जी सकेंगे।” शांति गर्व के साथ कहती हैं। आज शांति और उनका परिवार अपने नए जीवन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिल से धन्यवाद देते हैं। शांति की कहानी एक जीवंत उदाहरण है कि सामूहिक प्रयासों से समाज और गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।  

चंद्र अभियान की बनी योजना, 108 देशों की कक्षा 8 और 9 की लड़कियां भाग लेंगी

चेन्नई चंद्रयान की सफलता के बाद देश के बच्चों में भी उसके बारे में और अधिक जाने की उत्सकता बढ़ गई है इसको देखते हुए चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप कंपनी ने सितंबर 2026 तक महिलाओं द्वारा संचालित वैज्ञानिक चंद्र अभियान की योजना बनाई है। इस अभियान में 108 देशों की कक्षा 8 और 9 की लड़कियां भाग लेंगी। यह अभियान तकनीकी रूप से महत्वाकांक्षी है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। स्पेस किड्ज इंडिया चांद की सतह पर 80 किलोग्राम के भार वाला एक यान क्रैश लैंड कराने की योजना बना रहा है। इस यान में एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक प्रोपल्सन मॉड्यूल शामिल किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य केवल चांद पर यान पहुंचाना नहीं, बल्कि 108 देशों की लड़कियों को सैटेलाइट तकनीक में प्रशिक्षित करना और उन्हें इस मिशन का हिस्सा बनाना है। अभियान के तहत जनवरी 2025 से 12 हजार लड़कियों को सैटेलाइट तकनीक का प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया जाएगा। सितंबर 2025 तक हर देश से एक लड़की को चुनकर भारत लाया जाएगा। यहां वह स्पेस किड्ज इंडिया की टीम के साथ मिलकर चंद्रयान के निर्माण का हिस्सा बनेंगी। स्पेस किड्ज इंडिया ने इससे पहले भी फरवरी 2023 में आजादीसैट नामक सैटेलाइट मिशन का नेतृत्व किया था, जिसे भारत के 750 सरकारी स्कूलों की छात्राओं ने बनाया था। इसे इसरो के एसएसएलवी-डी2 रॉकेट से लॉन्च किया था। स्पेस किड्ज इंडिया का यह मिशन वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को बढ़ावा देगा। अभियान पूरी तरह से लड़कियों द्वारा संचालित किया जाएगा। इस मिशन के लिए पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस मिशन पर अनुमानित खर्च 80 लाख से 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर आएगा। यह मुख्य रूप से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंडिंग से संचालित होगा। स्पेस किड्ज इंडिया इसरो और अन्य वैश्विक एजेंसियों के साथ साझेदारी कर रही है ताकि बच्चों को प्रशिक्षित किया जा सके और मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। अगर यह अभियान सफल होता है, तो यह भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह मिशन न केवल विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की शक्ति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि दुनिया भर में लड़कियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा। चेन्नई की यह स्पेस कंपनी अंतरिक्ष क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के साथ विज्ञान के क्षेत्र में भारत को ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में काम कर रही है।  

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