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आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का लूसी हैमिल्टन को कप्तान बनाया गया

सिडनी तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को 18 जनवरी से मलेशिया में शुरू होने वाले आगामी आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनाया गया है। लेग स्पिनर हसरत गिल को 16 टीमों के इस टूर्नामेंट के लिए उप-कप्तान नियुक्त किया गया है। साल 2023 में लूसी 16 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप में हिस्सा ले चुकी हैं। वह लगातार दूसरी बार अंडर-19 विश्व कप में खेलेंगी। इस ऑलराउंडर ने 2022 में क्वींसलैंड फायर के लिए 15 साल की उम्र में अपना पहला मैच खेला था, जिससे वह राज्य की दूसरी सबसे कम उम्र की डेब्यू खिलाड़ी बन गई थीं, जबकि उन्होंने 16 साल की उम्र में डब्ल्यूबीबीएल में डेब्यू किया था। बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाली लूसी डब्ल्यूबीबीएल के इतिहास में पांच विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की क्रिकेटर बनी, जब उन्होंने पिछले साल नवंबर में ड्रमॉयन ओवल में मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ ब्रिस्बेन हीट के लिए चार ओवर में 5-8 विकेट लिए थे। कप्तान बनाए जाने पर तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा, “अंडर 19 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनाया जाना एक बहुत बड़ा सम्मान है, मैं अपनी टीम का नेतृत्व करने के अवसर के लिए अविश्वसनीय रूप से आभारी हूं।” क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा जारी एक बयान में लूसी ने कहा, “मैं ऑस्ट्रेलिया के लिए फिर से खेलने को लेकर रोमांचित हूं, विश्व कप युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा उत्सव है और एक टीम के रूप में हम अपने सामने मौजूद अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हैं। इस ऑलराउंडर ने इस सीजन में डब्ल्यूबीबीएल में 12 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सातवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी का स्थान हासिल किया। लूसी में वह प्रतिभा है जिसके दम पर उन्होंने विश्व कप में अपने देश का नेतृत्व करने का मौका पूरी तरह से अर्जित किया है।” ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 कोच क्रिस्टन बीम्स ने कहा, विश्व मंच पर वह इससे पहले प्रदर्शन और अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं और हम इस बात को लेकर उत्साहित हैं। लूसी हमारी टीम की कप्तान होंगी और उन्हें पूरी टीम का सपोर्ट हासिल है। ऑस्ट्रेलिया टीम: लूसी हैमिल्टन (कप्तान), क्लो ऐंसवर्थ, लिली बैसिंगथवेट, काओइम ब्रे, एला ब्रिस्को, मैगी क्लार्क, हसरत गिल (उपकप्तान), एमी हंटर, सारा कैनेडी, एलेनोर लारोसा, ग्रेस लियोन्स, इनेस मैककॉन, जूलियट मॉर्टन, केट पेले और टेगन विलियमसन।  

आउट होकर पवेलियन लौटते समय घटना, राजस्थान-जोधपुर में क्रिकेटर की हार्ट अटैक से मौत

जोधपुर। इन दिनों हार्ट अटैक की घटना तेजी देखी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले एक पुलिस अधिकारी को मॉर्निंग वॉक करते हुए हार्ट अटैक आया तो जोधपुर में गोशाल मैदान में क्रिकेट खेलते हुए एक क्रिकेट खिलाड़ी को भी हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। युवक आउट होकर जब पवेलियन की ओर जा रहा था, अचानक उसके सीने में दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठा। इसी दौरान उसे हार्ट अटैक आया। दोस्तों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही क्रिकेटर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के गोशाला क्रिकेट संगम मैदान में अरोड़ा खत्री सुपर लीग मैच चल रहे हैं। इसी मैच के दौरान इस क्रिकेटर को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। मौत के बाद इस लीग मैच को रद्द कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस क्रिकेटर का नाम नीरज अरोड़ा है और मकराना मोहले जोधपुर में रहता था। एमपीसी क्लब की ओर से यह खेलता था। मैच के दौरान घटना के बाद क्रिकेटर की मौत हुई थी। वहीं, दूरभाष पर हुई बात पर उनके दोस्तों ने बताया कि नीरज को एक साल पहले भी हार्ट अटैक आया था। इसलिए दोस्त तुरंत कार में बैठाकर मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर गए। लेकिन दो मिनट बाद ही रास्ते में नीरज को उल्टी हुई और दोस्तों ने यहां तक की सीपीआर भी दी, लेकिन नीरज को बचा नहीं पाए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि दो जनवरी को मॉर्निंग वॉक करते हुए सब इंस्पेक्टर को भी हार्ट अटैक आया था। वह भी अचेत होकर नीचे गिरे थे और उन्हें भी अस्पताल ले जाते-जाते उन्होंने भी दम तोड़ दिया था। वहीं, डॉक्टर से हुई दूरभाष की बातचीत में उन्होंने बताया कि अचानक सीने मे दर्द होना और रुक-रुक कर चक्कर आना पुरुषों के सीने में तेज दर्द होना तेज पसीना आना, इस तरह की घटना हो तो तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचना चाहिए, जिससे की हार्ट अटैक से बचाया जा सके।

मुख्यमंत्री साय का गरियाबंद दौरा, 338 करोड़ रुपए से अधिक के 193 विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

गरियाबंद  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद दौरे के दौरान 338 करोड़ रुपए से अधिक के 193 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया. इनमें 219.03 करोड़ रुपए के 149 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 119.77 करोड़ रुपए के 44 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं. इसके साथ ही विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया. मुख्यमंत्री साय ने जिन मुख्य कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें देवभोग – अमलीपदर – उरमाल मार्ग लम्बाई 23 किलोमीटर का 36 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य. राजिम – पोखरा मार्ग (लम्बाई 20 किलोमीटर) का 24 करोड़ 5 लाख रुपए की लागत से उन्नयन कार्य शामिल है. इसके अलावा गरियाबंद जिले के बारदुला-नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर मार्ग 47.60 किलोमीटर का 18 करोड़ 9 लाख रुपए की लागत से उन्नयन कार्य, नगर पंचायत राजिम अंतर्गत 14 करोड़ रुपए की लागत से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना एवं मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम उरमाल में 2 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से बने 33/11 के.व्ही उपकेन्द्र शामिल है. इसके साथ ही जिन मुख्य कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 70 करोड़ की लागत से कोपरा – पोखरा 25 किलोमीटर मार्ग का उन्नयन कार्य, 4 करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत कोमा से ग्राम पीपरछेड़ी तक पहुंच मार्ग का निर्माण, 10 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से गरियाबंद जिले के सिकासार जलाशय का जीर्णोद्धार शामिल है. इसके अलावा 4 करोड़ 65 लाख रूपये की लागत से गरियाबंद विकासखंड के जड़जड़ा तटबंध निर्माण, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ग्राम धवलपुर, जिडार, जुगाड़ एवं पीपरछेड़ी में विशेष पिछड़ी जनजाति विद्यार्थियों के लिए 10 करोड़ की लागत से छात्रावास का निर्माण और शासकीय कन्या महाविद्यालय गरियाबंद में 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से भवन निर्माण शामिल है.

भाई बोला- दो लोग करते थे तंग, एमपी-दतिया में BJP नेता ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी

दतिया. ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थ।

जसप्रीत बुमराह ने कहा- सीरीज में गेंदबाजों के सबसे मददगार विकेट पर बॉलिंग को मिस किया

सिडनी जसप्रीत बुमराह को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 32 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया है। बुमराह सीरीज के पहले और अंतिम टेस्ट में बतौर कप्तान खेलने के लिए उतरे थे। हालांकि अंतिम टेस्ट मैच में वह फिटनेस के कारण गेंदबाजी नहीं कर पाए और इस पर उन्होंने निराशा व्यक्त की है। भारत ने यह सीरीज 1-3 से गंवा दी। सिडनी टेस्ट में मिली हार के बाद बुमराह ने कहा कि वह तीसरे दिन गेंदबाजी न कर पाने से थोड़े निराश थे। उन्होंने उस दिन की पिच को सीरीज की सबसे चुनौतीपूर्ण पिच बताया। हालांकि बुमराह ने यह भी कहा कि शरीर का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर जब उन्हें दूसरे दिन पीठ में तकलीफ महसूस हुई और स्कैन करना पड़ा। उनकी गैरमौजूदगी में भारत को 162 रन बचाने का मौका गंवाना पड़ा, और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से मैच जीतकर ट्रॉफी 3-1 से अपने नाम कर ली। बुमराह ने मैच के बाद कहा, “थोड़ा निराश हूं, लेकिन कभी-कभी शरीर की बात माननी पड़ती है। उससे लड़ नहीं सकते। मुझे सीरीज की सबसे चुनौतीपूर्ण पिच पर गेंदबाजी करना अच्छा लगता, लेकिन पहली पारी के बाद पीठ में थोड़ी तकलीफ थी।” तीसरे दिन टीम के मूड पर बुमराह ने कहा, “टीम में बातचीत विश्वास को लेकर थी। बाकी गेंदबाजों ने पहली पारी में भी शानदार प्रदर्शन किया। सुबह भी हमने एक-दूसरे को विश्वास दिलाया। पूरी सीरीज कड़ी टक्कर वाली रही। आज भी हम मैच में थे, ऐसा नहीं कि सब कुछ एकतरफा था। जो टीम अंत तक धैर्य रखती और एकजुट रहती है, वही जीतती है। यह एक शानदार सीरीज थी।” सीरीज से सीखे गए सबक पर बुमराह ने कहा, “लंबे समय तक खेल में टिके रहना, दबाव बनाना और सहना, और परिस्थिति के हिसाब से खेलना जरूरी है। टेस्ट क्रिकेट में आपको इन चीजों को अपनाना पड़ता है, और ये अनुभव भविष्य में हमारे काम आएंगे। कई युवा खिलाड़ी टीम में आए हैं, उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और आगे और मजबूत बनेंगे। ये सबक हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, और हम इन्हें आगे ले जाना चाहेंगे। यह एक बेहतरीन सीरीज थी। ऑस्ट्रेलिया को बधाई। हम फिर से एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।”  

3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है, हमें इस उपलब्धि पर गर्व

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने 2024/25 सीजन में पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती। इससे पहले उन्होंने कभी यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस जीत से उन्होंने और उनकी टीम ने एक दशक बाद सीरीज अपने नाम की। सिडनी में भारत को छह विकेट से हराने के बाद 3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है। उन्होंने कहा, “यह अविश्वसनीय है। यह वो ट्रॉफी थी जो कुछ खिलाड़ियों के पास नहीं थी। सबकी नजर इस पर थी और इसने उम्मीदों पर खरा उतरा। हमने अपनी योजनाओं को साफ रखा। हमारा मकसद रन रोकना था। हमें पता था कि पिच चुनौतीपूर्ण होगी। बल्लेबाजों ने अच्छी रणनीति अपनाई और आखिर में सब सही रहा।” कमिंस ने अपनी टीम पर गर्व जताते हुए कहा, “हमने एक ग्रुप के रूप में बहुत समय बिताया। पर्थ का अनुभव उतना बुरा नहीं था जितना लगा। इस सफर में हमें मजा भी आया और सफलता भी मिली। जो हमने हासिल किया, उस पर हमें गर्व है। यह हमारे जीवन का सबसे खास समय है, और हमें खुशी है कि इसे एक साथ जी रहे हैं।” उन्होंने इस सीरीज को अपने टेस्ट करियर की सबसे पसंदीदा सीरीज बताया। खासकर तब जब पांच मैचों में कुल 8,37,879 दर्शकों ने मैच देखे। कमिंस ने कहा, “यह मेरी सबसे पसंदीदा सीरीज में से एक रहेगी। रोहित और जसप्रीत को धन्यवाद। फैंस ने इसे खास बना दिया। यह दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट सबसे बेहतरीन फॉर्मेट क्यों है। हर मैदान का माहौल शानदार था। एमसीजी बेहतरीन था, और सिडनी में तीन बार स्टेडियम खचाखच भरा। पिंक टेस्ट कैलेंडर में खास जगह रखता है। यह वो है, जिसके साथ मैं बड़ा हुआ हूं। हम एक महान उद्देश्य का जश्न मना रहे हैं।” कमिंस ने सीरीज में डेब्यू करने वाले नाथन मैकस्वीनी, सैम कोंस्टास और ब्यू वेबस्टर की तारीफ की। साथ ही ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाजों को भी सराहा। उन्होंने कहा, “इस सीरीज में तीन खिलाड़ियों ने डेब्यू किया और सभी ने शानदार योगदान दिया। आज ब्यू वेबस्टर ने बेहतरीन खेल दिखाया।” कमिंस ने अपनी परफॉरमेंस पर बात करते हुए कहा, “मैं सीरीज में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। कुछ अहम मौकों पर हमारे मुख्य खिलाड़ी आगे आए और टीम के लिए बड़ी भूमिका निभाई। भारत जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए यही जरूरी है।” इस मैच के हीरो स्कॉट बोलैंड, जिन्हें 10-76 के आंकड़े के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने इस जीत को खास बताया। उन्होंने कहा, “यह शानदार अनुभव है। पिछले कुछ महीनों का सफर बहुत मजेदार रहा। मुझे नहीं लगा था कि मैं इस सीरीज में ज्यादा भूमिका निभा पाऊंगा। लेकिन मैंने अपनी तैयारी की और सही समय पर योगदान दिया। 3-1 से भारत के खिलाफ जीतना एक बड़ा पल है। मैं खुश हूं कि टीम की सफलता में अपनी भूमिका निभा सका।”  

शंकराचार्य नर्सिंग कॉलेज की कुसुमावती गौड़ा का भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में बनी लेफ्टिनेंट

रायपुर जगदगुरु शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग की 2023 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा कुसुमावती गौड़ा का भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है. कुसुमावती की यह शानदार उपलब्धि एक वर्ष की कठिन तैयारी के बाद 2024 में सफलता के रूप में सामने आई है. कुसुमावती केवल अकादमिक में ही नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट रही हैं. उनकी बहुआयामी क्षमताओं ने उन्हें अन्य छात्रों के लिए आदर्श बना दिया और कॉलेज के लिए गर्व का कारण बना. जगदगुरु शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग की निदेशक सुमन त्रिपाठी कहती हैं कि कुसुमावती हमेशा एक असाधारण छात्रा रही हैं, जिन्होंने हर काम में दृढ़ नायकता और जुनून दिखाया. उनकी सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और उनके परिवार और कॉलेज की ओर से मिले प्रोत्साहन का परिणाम है. कुसुमावती की यात्रा चुनौतियों से मुक्त नहीं थी. आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उनके परिवार ने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया, जिससे वह अपने सपनों को साकार कर सकीं. उनकी सफलता की कहानी संकल्प, महत्वाकांक्षा और लक्ष्य की प्राप्ति में एक सहायक वातावरण के महत्व को साबित करती है. अपना बीएससी नर्सिंग पूरा करने के बाद कुसुमावती ने MNS परीक्षा की तैयारी के लिए एक वर्ष का कोचिंग लिया. उनका दृढ़ संकल्प तब रंग लाया, जब उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की और भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में लेफ्टिनेंट के रूप में स्थान हासिल किया. उनके कॉलेज और परिवार ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया. श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि कुसुमावती की सफलता कॉलेज के सभी नर्सिंग छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनकी सफलता ने पूरे कॉलेज समुदाय में उम्मीद और संकल्प का संचार किया है. कुसुमावती का चयन उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत है, जब वह भारतीय सशस्त्र बलों में एक प्रतिष्ठित और सार्थक मार्ग पर चलने जा रही हैं, और देश की सेवा में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और कौशल का योगदान देंगी.

अबूझमाड़ में चार नक्सलियों की मौत पर सीएम साय का बयान, कहा- नक्सलियों का अंतिम समय नजदीक

रायपुर अबूझमाड़ में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों के साहस को नमन करते हुए कहा कि पिछले एक साल से नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बल के जवान मजबूती के साथ लड़ रहे हैं. लड़ाई अब भी जारी है, हमारे एक जवान भी शहीद हुए है. निश्चित रूप से हम लोगों को सफलता मिलेगी. अब नक्सलियों का अंतिम समय आ रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में कहा कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा. एसआईटी टीम का गठन किया गया है, तीन अपराधी पकड़े भी गए हैं. ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई हुई है, उसके सारे अकाउंट सील कर दिए हैं. इसके साथ ही अवैध कब्जे को हटाया गया है. मामले को लेकर सरकार मुस्तैद है. कोई भी आरोपी इस पर बक्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वहीं आज गरियाबंद जिले के दौरे को लेकर कहा कि लगातार कई जिलों का दौरा जारी है. सैकड़ों कार्यों का लोकार्पण किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज गरियाबंद में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास होगा. साथ ही बीजेपी के जिला कार्यालय का भी लोकार्पण करेंगे.

भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मेरे क्रिकेट करियर के सबसे कठिन गेंदबाज हैं: उस्मान ख्वाजा

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के ओपनर उस्मान ख्वाजा ने कहा कि भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह उनके क्रिकेट करियर के सबसे कठिन गेंदबाज हैं, जिनका सामना उन्होंने किया है। बुमराह ने इस सीरीज में 5 मैचों में 32 विकेट लिए, जिसमें उन्होंने 13.06 की औसत और 28.37 के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजी की। उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड जीता, हालांकि भारत 3-1 से सीरीज हार गया। ख्वाजा ने एबीसी स्पोर्ट से कहा, “मुझे बस बुमराह का सामना करना पड़ रहा था। अफसोस है कि वह चोटिल हो गए, लेकिन हमारे लिए यह राहत की बात थी। आज के विकेट पर उनका सामना करना बुरा सपना होता। जब हमने देखा कि वह मैदान पर नहीं हैं, तो हमें लगा कि अब हमारे पास मौका है। वह सबसे कठिन गेंदबाज हैं जिनका मैंने सामना किया है।” उन्होंने युवा बल्लेबाज सैम कोंस्टास के साथ बल्लेबाजी का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा, “मैंने कभी किसी को इतना आत्मविश्वासी नहीं पाया। वह एक ऐसा इंसान है जो अपनी बात मुस्कान के साथ कहता है, और यह काफी आकर्षक लगता है।” बुमराह के पीठ की समस्या के कारण तीसरे दिन गेंदबाजी नहीं करने पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी राहत मिली। बाएं हाथ के बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने प्रसारकों से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि 15 लोग खुश थे कि बुमराह ने आज गेंदबाजी नहीं की। वह शानदार खिलाड़ी हैं और उनका प्रदर्शन अद्भुत था।” हेड ने अपनी 34 रनों की नाबाद पारी और उस्मान ख्वाजा के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी के बारे में कहा, “इस साझेदारी से मुझे भरोसा हो गया कि हम लक्ष्य तक आसानी से पहुंच जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं परिणामों की ज्यादा चिंता नहीं करता। बस अच्छा योगदान देना चाहता था। यह सीरीज काफी कठिन थी। पांच टेस्ट खेलना बड़ा मुश्किल भरा रहा। जो खिलाड़ी सभी पांच टेस्ट खेले, वे अब आराम का इंतजार कर रहे होंगे।” ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर, जिन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू पर शानदार प्रदर्शन किया, ने कहा, “यह मैच अविस्मरणीय था। बेहतरीन भीड़ और शानदार माहौल। जब चार रन बाकी थे, तो मैं इसे खत्म करने का प्रयास करना चाहता था। पूरी सीरीज में जबरदस्त समर्थन मिला। यह एक शानदार अनुभव था।” वहीं, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एबीसी स्पोर्ट से कहा कि वह पीठ की चोट के कारण काफी थके हुए हैं और श्रीलंका दौरे की तैयारी के लिए छह दिन का ब्रेक लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वह 12 जनवरी से शुरू होने वाली महिला एशेज सीरीज में कमेंट्री करेंगे, जिसमें उनकी पत्नी एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करेंगी। स्टार्क ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में यही होता है, हमें अपनी सीमा तक जाना पड़ता है। मैंने अपनी क्षमता से थोड़ा ज्यादा जोर लगा दिया।”  

गंभीर ने कहा, मैं किसी खिलाड़ी के भविष्य पर बात नहीं कर सकता, रोहित, कोहली जो भी फैसला करेंगे, वह हित में ही होगा

सिडनी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट करियर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि ये दोनों खिलाड़ी जो भी फैसला करेंगे, वह भारतीय क्रिकेट के हित में ही होगा। इस सीरीज में विराट कोहली ने 5 टेस्ट मैचों में सिर्फ 190 रन बनाए और 8 बार ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंद पर आउट हुए। वहीं, रोहित शर्मा ने अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण पर्थ टेस्ट नहीं खेला। इसके बाद उन्होंने 3 टेस्ट में सिर्फ 31 रन बनाए और खराब फॉर्म के कारण सिडनी टेस्ट से खुद को अलग कर लिया। सिडनी टेस्ट में भारत 6 विकेट से हारा और इसके साथ ही 2025 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। गंभीर ने कहा, “मैं किसी खिलाड़ी के भविष्य पर बात नहीं कर सकता। ये उनका फैसला है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि उनके अंदर अभी भी खेल के प्रति जुनून और भूख है। मुझे भरोसा है कि वे भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे। और जो भी वे तय करेंगे, वह भारतीय क्रिकेट के लिए सही होगा।” गंभीर ने रोहित के सिडनी टेस्ट से हटने के फैसले की तारीफ की और इसे टीम के हित में बताया। रोहित ने खराब फॉर्म को देखते हुए खुद ही टीम के लिए यह फैसला लिया। गंभीर ने कहा, “ड्रेसिंग रूम में मतभेद की जो बातें की जा रही थीं, वे बेबुनियाद हैं। हमको इस तरह की चीजों में और समझदार होना होगा। अगर एक कप्तान या लीडर टीम के हित में खुद को पीछे हटाता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। इसके बारे में बहुत कुछ कहा गया। टीम और देश से ऊपर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।” गंभीर ने आगे कहा, “हम सबको, चाहे वह मैं हूं या कोई और खिलाड़ी, टीम को हमेशा अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं से ऊपर रखना चाहिए और रोहित ने यह दिखाया है। जवाबदेही सबसे ऊपर होती है, और रोहित ने इसे सिडनी टेस्ट में दिखाया।” अब भारत का अगला अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड के खिलाफ 22 जनवरी से कोलकाता में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज है। वहीं, जो खिलाड़ी इस फॉर्मेट का हिस्सा नहीं हैं, उनके पास रणजी ट्रॉफी के अंतिम दो लीग मैचों में खेलने का मौका होगा। रोहित और कोहली ने 2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद टी20 अंतर्राष्ट्रीय से संन्यास ले लिया, जबकि केएल राहुल जैसे खिलाड़ी दो साल से टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। गंभीर ने आगे कहा, “मैं हमेशा चाहता हूं कि हर कोई घरेलू क्रिकेट खेले। घरेलू क्रिकेट को कितना महत्व दिया जाना चाहिए, यह इस बात से पता चलता है, न कि केवल एक खेल से। अगर खिलाड़ी उपलब्ध हैं, और उनके पास रेड बॉल क्रिकेट खेलने की प्रतिबद्धता है, तो सभी को घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। यदि आप घरेलू क्रिकेट को महत्व नहीं देते हैं, तो आपको कभी भी टेस्ट क्रिकेट में बढ़िया खिलाड़ी नहीं मिलेंगे।” ऑस्ट्रेलिया में सीरीज की हार से पहले भारत घर पर न्यूजीलैंड से भी 0-3 से हारा था। माना जा रहा है कि टीम में लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव अब जरूरी हो गया है। गंभीर ने इस मामले पर कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज अभी-अभी खत्म हुई है, इसलिए बदलाव के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। गंभीर ने कहा, “इसके बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। सीरीज अभी-अभी खत्म हुई है। मुझे लगता है कि हमारे पास अभी भी पांच महीने का समय है कि हम योजना बना सकें कि हम कहां जाना चाहते हैं। लेकिन यह मेरे लिए इसके बारे में बात करने का सही समय नहीं है। पांच महीने के बाद हम कहां होंगे? खेल में बहुत कुछ बदल जाता है। फॉर्म, लोग और रवैया बदलता है; खेल में सब कुछ बदल जाता है। हम सभी जानते हैं कि पांच महीने लंबा समय है। तो इंग्लैंड सीरीज से पहले देखते हैं कि क्या होने वाला है। लेकिन जो भी होगा, वह भारतीय क्रिकेट के सर्वोत्तम हित में होगा।”  

उत्तर प्रदेश में देर रात दो आईपीएस अफसरों का किया तबादला, DIG वैभव कृष्ण को मिली महाकुंभ जिम्मेदारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में देर रात दो आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया है। आजमगढ़ मंडल के DIG वैभव कृष्ण को महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें महाकुंभ का डीआईजी बनाया गया है। वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील सिंह को वैभव कृष्ण की जगह आजमगढ़ मंडल का DIG नियुक्त किया गया है। बता दें कि वैभव कृष्ण को जून 2024 में डीआईजी बनाया गया था। अपराधियों में वैभव कृष्ण के नाम का खौफ डीआईजी वैभव कृष्ण पूरे प्रदेश में अपने काम के लिए मशहूर है। 6 महीने तक उन्होंने आजमगढ़ के माफियाओं के नाक में दम करके रख दिया था। बदमाश उनके नाम से खौफ खाने लगे थे। महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ उन्होंने कड़ी कार्रवाई की। साथ ही बदमाशों की संपत्ती कुर्क करने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। क्षेत्र की कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने के लिए उन्होंने समय-समय पर कई अभियान भी चलाए। जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी। DIG वैभव कृष्ण को महाकुंभ की जिम्मेदारी अब IPS वैभव कृष्ण को महाकुंभ की जिम्मेदारी मिली है। महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में मेला क्षेत्र की कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने के लिए उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इधर, महाकुंभ पर अराजक तत्वों की नजर है। इन सब समस्याओं से निपटने के लिए आईपीएस वैभव कृष्ण, क्या योजना बनाएंगे ये देखना दिलचस्प होगा।

पाकिस्तान 551 रनों से पीछे है और अपनी पहली पारी में 64/3 का स्कोर बना लिया, फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा

केपटाउन साउथ अफ्रीका ने न्यूलैंड्स में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना दबदबा बना लिया है। पहली पारी में 615 रनों का विशाल स्कोर बनाया और दूसरे दिन स्टंप तक मेहमान टीम के तीन विकेट झटक लिए हैं। पाकिस्तान 551 रनों से पीछे है और अपनी पहली पारी में 64/3 का स्कोर बना लिया है। मेहमान टीम पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है। रयान रिकेल्टन दिन के स्टार रहे, जो न्यूलैंड्स में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर से चूक गए। रिकेल्टन ने 259 रन की शानदार पारी खेली। काइल वेरिन ने अपना चौथा टेस्ट शतक बनाया, लेकिन 105 रन बनाकर आउट हो गए। मार्को यानसन ने भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंद पर तूफानी अर्धशतक जड़ा। छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से यानसन ने 62 रन बनाए। कगिसो रबाडा ने 35 गेंद पर चार चौके और दो छक्कों की मदद से 40 रन की पारी खेली। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने कड़ी मेहनत की, लेकिन सपाट पिच और जमे हुए बल्लेबाजों ने उनके प्रयासों को बेकार कर दिया। मोहम्मद अब्बास ने एक बार फिर गेंद से कमाल दिखाया और तीन विकेट चटकाए और पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट पूरे किए। पाकिस्तान पर फॉलोऑन का खतरा मेहमान टीम की मुश्किलें बल्ले से भी जारी रहीं। सैम अयूब के चोटिल होने के कारण पहले से ही एक खिलाड़ी की कमी से जूझ रही शान मसूद की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। यानसन ने अब्दुल्ला शफीक और मुहम्मद गुलाम को जल्दी-जल्दी आउट किया, जबकि कगिसो रबाडा ने सऊद शकील को शून्य पर आउट किया। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने से पाकिस्तान का स्कोर 20/3 हो गया। बाबर और रिजवान पर जिम्मेदारी टेस्ट क्रिकेट में पहली बार ओपनिंग कर रहे बाबर आजम ने स्टंप्स से पहले मोहम्मद रिजवान के साथ मिलकर टीम को संभालने की जिम्मेदारी उठाई है। बाबर आजम 31 और रिजवान 9 रन बनाकर नाबाद लौटे। हालांकि, साउथ अफ्रीका गेंदबाजों की लय में होने के कारण पाकिस्तान पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है।  

न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली

वेलिंगटन मैट हेनरी (चार विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विल यंग (नाबाद 90) रनों की बेहतरीन पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने रविवार को पहले एकदिवसीय मैच में श्रीलंका को 142 गेंदे शेष रहते नौ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। 19 रन देकर चार विकेट झटकने वाले न्यूजीलैंड के मैट हेनरी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से नवाजा गया। श्रीलंका के 178 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की विल यंग और रचिन रविंद्र की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े। 13वें ओवर में चामिंदु विक्रमासिंघे ने रचिन रविंद्र को हसरंगा के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। रचिन रविंद्र ने 36 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (45) रनों की पारी खेली। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये मार्क चैपमैन ने विल यंग के साथ शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरात हुए दूसरे विकेट लिए अविजित 87 जोड़कर अपनी टीम को महज 26.2 ओवरों में 180 रन बनाकर नौ विकेट से जीत दिला दी। विल यंग ने 86 गेंदों में (90) और मार्क चैपमैन 36 गेंदों में (29) रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से एकमात्र विकेट चामिंदु विक्रमासिंघे को मिला। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 23 के स्कोर पर अपने चार विकेट गवां दिये। पथुम निसंका (नौ), कुसल मेंडिस (दो) , कामिंडु मेंडिस (तीन) और कप्तान चरित असलंका (शून्य) पर आउट हुये। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये जनित लियानगे ने अविष्का फर्नांडो के साथ पारी को संभाला। 26वें ओवर में मिचेल सैंटनर ने लियागने (36) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद स्मिथ ने अविष्का फर्नांडो 63 गेंदों में 56 रन को आउटकर पवेलियन भेज दिया। चामिंदु विक्रमासिंघे (22), वानिंदु हसरंगा (35), एहसान मलिंगा (चार) और असिता फर्नांडो (दो) रन बनाकर आउट हुये। न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण के आगे श्रीलंका की पूरी टीम 42.4 ओवर में 178 के स्कोर पर सिमट गई। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने चार विकेट लिये। जेकब डफी और नेथन स्मिथ को दो-दो विकेट मिले। मिचेल सैंटनर ने एक बल्लेबाज को आउट किया।  

दबंगों ने गुना जिले में एक सहरिया परिवार पर किया हमला, झोपड़ी की तहस-नहस

गुना गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के ग्राम करीली में बीती रात दबंगों ने एक सहरिया परिवार पर कहर ढा दिया। सर्द में रात करीब दो बजे दो ट्रैक्टरों से पहुंचे 15-20 लोगों ने गहरी नींद में सो रहे सहरिया परिवार की झोपड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिए। अचानक हुए हमले से परिवार उठकर अपनी जान बचाते हुए भागा, तो दबंगों ने उन्हें घेर लिया और दो घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की। प्रेमबाई पत्नी हरिसिंह सहरिया ने बताया कि बरखेड़ा नहर के पास हमारी जमीन पर बनी झोपड़ी में मेरे अलावा पति हरि सिंह, बेटा सोनू, देवर ज्ञानी सिंह, भतीजा राजू, देवरानी विद्दी बाई सो रहे थे। इसी बीच रात दो बजे गांव के पूर्व सरपंच, उसके दो बेटे और 15-20 रिश्तेदार दो ट्रैक्टरों से आए। उन्होंने ट्रैक्टरों से हमारी 10 बीघा गेहूं की फसल को उजाड़ दिया। झोपड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। बिजली करंट से हमें मारने के लिए डीपी के पास ले गए, लेकिन बिजली चली जाने से उनके मंसूबे पूरे नहीं हुए। इसके बाद एक दबंग ने हमारे मुंह पर कथित पेशाब की। रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी दी। सुबह पुलिस आई इसके बाद हरि सिंह, ज्ञानी सिंह और राजू को थाने ले गई। दर्द से कराह रही महिला ने बताया कि दबंगों ने हमें घेरकर रातभर मारा। हम लोग खेत में ही पड़े रहे।

मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय से और समय देने का अनुरोध करने का निर्णय लिया

भोपाल  यूनियन कार्बाइड (यूका) के रासायनिक कचरे का निष्पादन धार जिले के पीथमपुर में करने को लेकर उठे विवाद के बीच सरकार ने तय किया है कि हाईकोर्ट से इसके लिए समय मांगा जाएगा। सोमवार को मुख्य सचिव की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें जनभावनाओं का हवाला दिया जाएगा। कहा जाएगा कि पहले लोगों को समझाया जाएगा और सहमति बनाकर ही कचरा जलाने का काम किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा को लोगों से संवाद करने का दायित्व दिया गया है। प्रशासन भी भ्रांतियों को दूर करने का काम कर रहा है। भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर पूरी कार्रवाई हो रही है। इसको लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें पहले दूर किया जाएगा और इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जब त्वचा रोग, पानी की गुणवत्ता और फसल खराब होने की जानकारी आई तो केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड और एम्स का दल भेजकर 12 गांवों में जांच कराई गई। यहां कहीं भी मापदंड से अधिक मात्रा में कोई चीज नहीं पाई गई। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट भी ऐसी ही हैं। हर राज्य में रासायनिक कचरे के निष्पादन के लिए एक स्थान नियत है। कचरा मानकों के अनुसार पीथमपुर भेजा गया पीथमपुर में यह काम हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट में जब यूनियन कार्बाइड के कचरे का मामला गया तो चार मार्च 2013 को निर्देश दिए गए कि 10 टन हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि से रासायनिक कचरे के निष्पादन का काम प्रायोगिक तौर पर पीथमपुर में किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 2013 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया। हाईकोर्ट जबलपुर ने तीन दिसंबर 2024 को राज्य शासन एवं राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को रासायनिक कचरा यूनियन कार्बाइड स्थल से पीथमपुर चार सप्ताह के भीतर सुरक्षित परिवहन करने के निर्देश दिए थे। इसके पालन में कचरा मानकों के अनुरूप भेजा गया। जलाया जा चुका है 10 टन कचरा मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि के कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल 2014 को निर्देश दिए कि यूनियन कार्बाइड का 10 टन कचरा का पीथमपुर में ट्रायल रन किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2015 में सफलतापूर्वक ट्रायल रन किया। बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की सभी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। इसमें यह सामने आया कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण कोई नुकसान होना स्पष्ट नहीं हुआ है। उसके बाद ही न्यायालय ने आगे बढ़ने और कचरे को नष्ट करने के निर्देश दिए। इसके परिपालन में कचरे का परिवहन किया जा चुका है। अब इसे जलाने के लिए परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जाएगा। कचरे में 60 प्रतिशत मिट्टी है यूनियन कार्बाइड का 358 टन कचरा निकला है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक तो स्थानीय मिट्टी है। 40 प्रतिशत सेवन नेपथाल, रिएक्टररेसीड्यूस और प्रोसेस पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। सेवन नेपथाल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। इसका जहरीलापन 25 साल में लगभग पूरी तरह समाप्त हो जाता है। कचरे की निपटान की प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया गया होगा। पीथमपुर में कचरे के निष्पादन की पूरी वीडियोग्राफी कराया जाएगी। निष्कर्ष को शपथ-पत्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। कोई भ्रमित न हो, वैज्ञानिकों की देखरेख में होगी प्रक्रिया मुख्य सचिव ने बताया कि किसी को भ्रमित नहीं होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर वैज्ञानिकों की देखरेख में सारा काम हो रहा है। यूनियन कार्बाइड का कचरा पहले निष्पादित किया जा चुका है, यह जानकारी कम ही लोगों को थी। जब तथ्य सामने आए तो जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया। अधिकारियों के साथ भी वर्चुअली संवाद कर उन्हें भी तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी ताकि वे भी आमजन को वास्तविकता से अवगत करा सकें। सामाजिक संगठनों को भी विश्वास में लिया जाएगा ताकि कहीं कोई भ्रम की स्थिति न रहे। कचरा निष्पादन में लगेंगे छह महीने मुख्य सचिव के अनुसार, कचरा निष्पादन में छह माह का समय लगेगा। इसकी प्रक्रिया निर्धारित है। 800 से 1000 डिग्री पर कचरा जलाया जाता है। जो भी गैस निकलेगी, वो विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार मानकों के अनुरूप होगी। कचरा जलने के बाद जो राख बनेगी, उसे कैप्सूल में रखा जाएगा। इसकी भी प्रक्रिया निर्धारित है। इतना विरोध होगा अंदाजा नहीं था सूत्रों के अनुसार, सरकार को यह अंदाजा नहीं था कि कचरा जलाने को लेकर इतना विरोध होगा। यह बताया गया था कि लोगों को इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है पर जनभावनाओं का आकलन करने में चूक हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, स्थानीय विधायक नीना वर्मा, महाधिवक्ता, प्रमुख सचिव विधि, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। यूका की भूमि के उपयोग पर फिलहाल विचार नहीं मुख्य सचिव ने बताया कि फिलहाल यूका की भूमि के उपयोग को लेकर कोई विचार नहीं किया गया है। वहां स्मारक बनाया जाए या फिर ग्रीन एरिया विकसित करें या फिर अन्य उपयोग, सभी से विचार-विमर्श करके उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। दो बार कचरे का हो चुका निष्तारण, पैरामीटर मानक सीमा में  मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि 2014 में रामकी प्लांट में कचरे के निष्तारण का ट्रायल रन हो चुका है। इस पर  नीरी, आईसीटी और सीपीसीबी ने अध्ययन भी किया था। इस ट्रायल रन के लिए कोच्चि के हिन्दुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड से 10 मीट्रिक टन कचरा मंगाया गया था। वो कचरा भी  यूनियन कार्बाइड के कचरे की तरह था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। इसके बाद 2015 में भोपाल यूनियन कार्बाइड का 10 मीट्रिक टन कचरा जलाकर उसका निष्तारण किया गया था। इस पर सीपीसीबी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया कि कचरे के निपटान का वातावरण पर कोई नुकसान नहीं हुआ।  आसपास के 12 गांवों के लोगों का स्वास्थ्य … Read more

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