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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान व अंग दान को प्रोत्साहित करने लिये ऐतिहासिक निर्णय

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देह दान एवं अंग दान को प्रोत्साहन देने और देह दान करने वाले नागरिकों का सम्मान करने के लिये ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करते हुए आभार माना है। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए प्रेरणादायक कदम है। उन्होंने कहा कि देह दान और अंग दान जीवन का सबसे महान दान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह निर्णय निश्चित ही अधिक से अधिक लोगों को अंग दान और देह दान के लिए प्रेरित करेगा। इससे अनेक लोगों को नया जीवन प्राप्त होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह पहल चिकित्सा सेवा क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेगी, साथ ही समाज में मानवता एवं सेवा के मूल्यों को भी प्रोत्साहित करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उन सभी व्यक्तियों और परिजन का अभिनंदन किया है जिन्होंने अंग दान और देह दान के लिए स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान करने वाले व्यक्तियों का राजकीय सम्मान करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में अंग प्रत्यारोपण से संबंधित एक राज्यस्तरीय संस्थान की स्थापना की जाएगी। अंग दान करने वाले व्यक्तियों के परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान करने और राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित करने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण की सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।  

आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला। औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।  

ट्रैफिक व्यवस्था पर भड़के सांसद, कहा-दूल्हा अपनी बारात को लेकर शादी तक नहीं पहुंच पा रहा है,

प्रयागराज प्रयागराज और आसपास के जिलों में ट्रैफिक जाम की स्थिति को लेकर कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रयागराज के जाम से ना सिर्फ बाहर से आए लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता को भी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि दूल्हा अपनी बारात को लेकर शादी स्थल तक नहीं पहुंच पा रहा. श्रद्धालु घाट तक नहीं पहुंच पा रहे. शहर से लेकर गांव तक की पब्लिक को जद्दोजहद करनी पड़ रही है और सरकार फेल होती दिख रही है. दिल्ली में संसद भवन के बाहर बात करते हुए प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने दावा किया था कि महाकुंभ से पहले गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हो जाएगा, शहर में मेट्रो भी चालू कर देंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. सिक्स लेन ब्रिज आधे-अधूरे पड़े हैं, फाफामऊ के पास. लखनऊ-रायबरेली-प्रयागराज हाइवे पर जगह-जगह निर्माण कार्य चल रहा है. इनर रिंग रोड का कोई अता-पता नहीं. अगर ये सब काम हो गए होते तो प्रयागराज आज अच्छी स्थिति में होता. भारी भीड़ का दबाव झेल लेता. सांसद उज्ज्वल रमण ने मांग की महाकुंभ के बजट में जो पैसा खर्च हुआ है उसके लिए सरकार को व्हाइट पेपर लाना चाहिए. ताकि, पता चल सके कि पैसा कहां-कहां खर्च हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे की बर्बादी हुई है. ना ढंग की सड़कें बनी, ना ढंग का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हुआ, प्रयागराजवासी आज भी उसी हाल में हैं. इससे पहले संसद में बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा था- “मुझे एक बार भी महाकुंभ की किसी आधिकारिक योजना बैठक में नहीं बुलाया गया, जहां मैं अपनी राय साझा कर सकता था. सब कुछ अंतिम क्षण के लिए छोड़ दिया गया, जिससे अव्यवस्थित और विनाशकारी क्रियान्वयन हुआ.” महाकुंभ भगदड़ पर बोलते हुए उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने पहले से ही चेतावनियों पर ध्यान दिया होता, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी. उन्होंने दावा किया कि वे एक साल से अधिक समय से अधिकारियों को आगाह कर रहे थे और मीडिया के माध्यम से अपर्याप्त तैयारियों के बारे में चेतावनी दे रहे थे, लेकिन कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई.

प्रयागराज महाकुंभ 2025 : मध्यप्रदेश से प्रयागराज का रूट क्लियर, जबलपुर से आगे बढ़ रही है श्रद्धालुओं की गाड़ियां

जबलपुर मध्यप्रदेश से होते हुए प्रयागराज महाकुंभ 2025 जाने के लिए रास्ता क्लीयर हो गया है। बिना किसी रोक-टोक के श्रद्धालुओं की गाड़ियां जबलपुर से आगे बढ़ रही है। प्रयागराज का रूट क्लीयर होते ही जबलपुर से कटनी की ओर श्रद्धालुओं का काफिला बढ़ रहा है। बता दें कि नरसिंहपुर, सिवनी और राजस्थान से आने वाली गाड़ियों को कल रात में रोकने के निर्देश थे। महाकुंभ के महाजाम के चलते श्रद्धालुओं को परेशानियां उठानी पड़ी है। सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर वहीं खाना बनाते श्रद्धालु नजर आए थे।कटनी बॉर्डर पर खड़ी गाड़ियों को आज आगे बढ़ने के निर्देश मिले है। रूट में प्रयागराज के रूट में परेशानियों से निपटने के लिए जबलपुर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जबलपुर में 4 जगह पर रोक कर श्रद्धालुओं को प्रयागराज रूट के लिए अपडेट किया गया था।

उमंग सिंघार ने CM मोहन के कांग्रेस नेताओं के कुंभ नहीं जाने वाले बयान पर किया पलटवार, धर्म संसद पर कही ये बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कांग्रेस नेताओं के कुंभ नहीं जाने पर दिए बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेता कुंभ स्नान करने गए, आज कर्नाटक के डिप्टी सीएम भी गए थे। कांग्रेस के कई सांसद, विधायक और नेता कुंभ स्नान कर चुके हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जो आरोप लगाए वो बेबुनियाद है। सीएम डॉ. यादव ने कुंभ स्नान में न जाने पर कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा और कहा उन लोगों को कुंभ नहाने में शर्म आती है, क्योंकि महाकुंभ में स्नान करना उनके भाग्य में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री किस वर्ग की बात कर रहे हैं वह स्पष्ट करें। एमपी में कांग्रेस को 40 फीसदी वोट मिलता है, यानी उसके साथ सभी वर्ग के लोग हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ध्रुवीकरण की राजनीति न करें।सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के नेता जब कुंभ जाते हैं तो कैमरे लेकर जाते हैं, कैमरे की राजनीति न करें जनता की राजनीति करें। धर्म संसद पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान धर्म संसद पर सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। हम सभी शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं। पर मैं यह भी मानता हूं कि शंकराचार्य को तब भी सवाल खड़े करने चाहिए थे, जब देश के प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम ने शंकराचार्य की बात को दरकिनार करते हुए राम मंदिर का शुभारंभ किया था।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सहयोग कर प्रदेश को फाईलेरिया मुक्त बनायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्वालियर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन अभियान (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं अन्य विभागों के मैदानी कर्मचारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक 9 जिलों के 23 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के द्वारा फाईलेरिया रोधी दवा का सेवन निःशुल्क कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के निर्देशानुसार डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाओं का सेवन अवश्य करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय का दवा सेवन करें सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और पूर्ण मनोयोग एवं समर्पण से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही यह सफल हो सकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे समर्पण के साथ कार्य करें और शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय द्वारा दवा सेवन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं, ताकि वर्ष-2030 तक प्रदेश को फायलेरिया से मुक्त बनायें। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 9 जिलों – मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, दतिया, कटनी, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं शहडोल के 23 विकासखंडों में दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का संचालन किया जाएगा। एमडीए अभियान के अंतर्गत 23 चिन्हित ब्लॉकों की 58,08,577 की आबादी में से 52,85,805 लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान 10 फरवरी एवं 14 फरवरी को बूथ-डे गतिविधि आयोजित की जाएगी, जहां लक्षित जनसमुदाय को दवा सेवन कराया जाएगा। 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा वितरित करेंगे और समक्ष में दवा सेवन कराएंगे। जो व्यक्ति इन तिथियों में दवा सेवन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 फरवरी से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड का संचालन होगा। अभियान के तहत 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों एवं वयस्कों को डीईसी 100 मिग्रा. (उम्र अनुसार 1 से 3 टैबलेट) एवं एल्बेंडाजोल 400 मिग्रा. (1 टैबलेट) की दवा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा समक्ष में सेवन कराई जाएगी। मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, कटनी और टीकमगढ़ जिलों में लक्षित जनसमुदाय को ऊंचाई के अनुसार आइवरमेक्टिन दवा भी दी जाएगी। 90 सेमी से अधिक ऊंचाई वाले व्यक्तियों को 1 से 4 टैबलेट दी जाएंगी। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों एवं धात्री माताओं (जिनका हाल ही में प्रसव हुआ है) को दवा का सेवन नहीं कराया जाएगा। अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहायता से लोगों को फायलेरिया रोग के लक्षण एवं रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय बोले – परीक्षा पे चर्चा युवाओं और अभिभावकों को संबल देने वाली पहल

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल देश की प्रगति की चिंता ही नहीं करते, बल्कि वे युवाओं से विशेष जुड़ाव रखते हैं। उनका यह प्रयास है कि भावी पीढ़ी सही निर्णय ले, जीवन की परीक्षाओं को आत्मविश्वास के साथ दे और देशहित में अपनी ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग करे। प्रधानमंत्री की यह सोच “परीक्षा पे चर्चा” के माध्यम से मूर्त रूप लेती है, जो देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को संबल प्रदान करने वाली पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम शामिल होकर छात्र-छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता “परीक्षा पे चर्चा” को सुना। इसके उपरांत विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी भयमुक्त और तनावरहित वातावरण में करने के लिए छात्र छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पिछले आठ वर्षों से लगातार परीक्षा के समय देश के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें मूल्यवान टिप्स दे रहे हैं। सालभर की मेहनत के बावजूद परीक्षा के समय तनाव और दबाव का अनुभव होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रधानमंत्री की यह पहल इस समस्या को दूर करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। प्रधानमंत्री न केवल छात्रों से संवाद करते हैं, बल्कि अपने अनुभवों के माध्यम से सफलता का मंत्र भी देते हैं। यह संवाद न केवल बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों को भी बहुत कुछ सिखाता है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि परीक्षा के समय उनका मनोबल बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा बच्चों को छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने, संतुलित आहार लेने, भरपूर नींद लेने और मानसिक शांति बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस वर्ष उन्होंने “सूर्य स्नान” के महत्व पर भी चर्चा की, जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई प्रेरणा भी देते हैं। मुख्यमंत्री ने साझा किए छात्र जीवन से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने छात्र जीवन से जुड़े प्रेरक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि गांव में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई और वे पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे। लेकिन बचपन में ही पिता के निधन ने जीवन में कई चुनौतियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उन्होंने आगे बताया कि उनकी हैंडराइटिंग बहुत अच्छी थी और शिक्षक उसे अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तनाव तो स्वाभाविक है, लेकिन जब हमें अपनी तैयारी पर भरोसा होता है, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान रायपुर के मयाराम सुरजन शासकीय स्कूल की छात्रा युक्तामुखी साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिला, जो उनके लिए अविस्मरणीय क्षण था। युक्तामुखी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके प्रश्न का उत्तर देते हुए सकारात्मक रहने और छोटी-छोटी खुशियों में आनंद खोजने का मंत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश से 20 लाख से अधिक छात्र छात्राओं ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछने के लिए आवेदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि यह युवाओं के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली एक सशक्त पहल है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को, बल्कि अभिभावकों को भी उनके मार्गदर्शन और सहयोग की दिशा में नई दृष्टि प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव कुमार झा, संचालक शिक्षा श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

कुंभ में लगे ट्रैफिक से प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे: अखिलेश

प्रयागराज कुंभ में लगे ट्रैफिक के लंबे जाम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने कहा कि सरकार को सारे इंतजाम करने चाहिए थे. अगर ऐसा हुआ होता तो जनता को परेशानी नहीं होती. अखिलेश ने कहा, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमने 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया है. लोग गाड़ियों में हैं, बसों में हैं, जाम में हैं. व्यवस्थाएं जो बनानी चाहिए थी वह इस सरकार ने बिगाड़ दी. मुख्यमंत्री ने खुद बिगाड़ी है, क्योंकि मुख्यमंत्री जी खुद इंजीनियर बन जाते हैं. मुख्यमंत्री खुद पुलिस अफसर बन जाते हैं. खुद डॉक्टर बन जाते हैं. खुद ट्रैफिक ऑफिसर बन जाते हैं. जब जिम्मेदार अधिकारियों को मौका नहीं देंगे तो यही परिस्थितियां होंगी. ‘आंदोलन रोकना हो तो पुलिस फोर्स है’ अखिलेश ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ना IAS की कमी है, ना IPS की कमी है, ना अच्छे अधिकारियों की कमी है, आखिर वह अधिकारी कर क्या रहे हैं? आपको मस्जिद गिरानी हो, आपको किसी विपक्षी नेता के खिलाफ कार्रवाई करनी हो, विपक्ष के लोगों का आंदोलन रोकना हो इनके पास पुलिस फोर्स है. इन्होंने अभी मिल्कीपुर फोर्स और अधिकारियों के दम पर लूट लिया. अगर इतनी ही बुद्धिमानी आप कुंभ में दिखाएंगे तो जो लोग आए उनको सुविधा मिलेगी. वो स्नान करके पुण्य कमाकर जाएंगे. आज तक खोने वालों की सूची, मरने वालों की सूची, रास्ते में जो लोग मर गए उनकी सूची जारी नहीं की गई. ‘डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि आप डिजिटल की बात कर रहे हैं तो वह डिजिटल कहां है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? वहां ना पानी है, ना खाना है ना सुविधा दे पा रहे हैं. अब तो सुनने में आ रहा है कि डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है, यह तो आने वालों की तकलीफ है. प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. हमने कई तरह के कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन प्रयागराज के लोग पहली बार ऐसे कार्यक्रम में हाउस अरेस्ट हो रहे हैं. यह सरकार अपने आप को चमका रही है, यह सरकार खुद को चमकाने के चक्कर में सबको डूबाना चाहती है. ‘भारतीय जनता पार्टी लूटती है’ अखिलेश ने मिल्कीपुर चुनाव पर कहा, एक केस स्टडी है, कैसे भारतीय जनता पार्टी लूटती है, कैसे मैनेजमेंट करती है. यह लोकतंत्र के जांबाज लोग हैं, इनको लोकतंत्र के जांबाज का अवार्ड मिलना चाहिए. पुलिस वाले, पीठासीन अधिकारी, शिक्षा विभाग के दो अधिकारी, इनको लोकतंत्र का जांबाज वाला अवार्ड मिलना चाहिए. सरकार उनके अवार्ड की व्यवस्था करें, क्योंकि लोकतंत्र में किसी भी दल के लिए इतना बेहतरीन मैनेजमेंट नहीं किया जा सकता. यह मैनेजमेंट दूसरे दल के लोगों के लिए सीखने का है. दिल्ली के चुनाव नतीजे पर अखिलेश ने कहा कि यह चुनाव में होता है. हार जीत होती है, हमें उम्मीद है आप पार्टी भविष्य में अच्छा करेगी

भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में वापसी करते हुए 70 रन की पारी खेली

कोलकाता भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में वापसी करते हुए 70 रन की पारी खेली और कप्तान अजिंक्य रहाणे (नाबाद 88) के साथ 139 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिससे गत चैंपियन मुंबई ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल के तीसरे दिन सोमवार को यहां हरियाणा पर शिकंजा कस दिया। तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर (58 रन देकर पांच विकेट) की शानदार गेंदबाजी की मदद से मुंबई ने हरियाणा को पहली पारी में 301 रन पर आउट करके 14 रन की बढ़त हासिल की। पहली पारी में 315 रन बनाने वाले 42 बार के चैंपियन मुंबई तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में 67 ओवर में चार विकेट पर 278 रन बनाए हैं और इस तरह से उसकी कुल बढ़त 292 रन की हो गई है। रहाणे ने हमेशा की तरह धैर्य पूर्ण बल्लेबाजी की। उन्होंने अभी तक 142 गेंद का सामना करके 10 चौके लगाए हैं। पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे सूर्यकुमार ने 86 गेंद की अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए हैं। इन दोनों ने ऐसे समय में शतकीय साझेदारी निभाई जब मुंबई के तीन विकेट 100 रन पर निकल गए थे। मुंबई ने सलामी बल्लेबाज आकाश आनंद (10), आयुष म्हात्रे (31) और सिद्धेश लाड (43) के विकेट जल्दी गवा दिए थे। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय रहाणे के साथ ऑलराउंडर शिवम दुबे 30 रन बनाकर खेल रहे थे। इससे पहले हरियाणा ने अपनी पहली पारी सुबह पांच विकेट पर 263 रन से आगे बढ़ाई और केवल 38 रन के अंदर अपने बाकी बचे पांच विकेट गंवा दिए। मुंबई की तरफ से शार्दुल के अलावा शम्स मुलानी और तनुष कोटियान ने दो-दो विकेट लिए। सभी की निगाहें हालांकि सूर्यकुमार पर टिकी थी जो इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला में केवल 28 रन बना पाए थे। उन्होंने सुमित कुमार पर तीन चौके लगाकर अपने इरादे जतलाए और फिर अर्धशतक पूरा करने में देर नहीं लगाई। सूर्य कुमार ने इस तरह से सभी तरह की क्रिकेट में 14 पारियों के बाद अर्धशतक लगाया। इससे पहले पिछली 10 पारियों में उनका उच्चतम स्कोर 20 रन था। उन्होंने अनुज ठकराल की गेंद को हुक करके मिडऑन पर कैच थमाया।

इंजीनियर राशिद को हाईकोर्ट ने 11 और 13 फरवरी के लिए कस्टडी पैरोल मिला, बजट सत्र में होंगे शामिल

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के बारामुला से सांसद इंजीनियर राशिद को संसद सत्र में शामिल होने की इजाजत मिल गई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर फैसला सुनाया है, जिसमें उनकी मांग को स्वीकार किया गया है. कोर्ट से उन्होंने बजट सत्र में शामिल होने के लिए रियायत की मांग की थी. जेल प्रशासन द्वारा मांगें पूरी नहीं किए जाने के बाद वह भूख हड़ताल पर चले गए थे, जहां वह बीमार पड़ गए और अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा. लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को हाईकोर्ट ने 11 और 13 फरवरी के लिए कस्टडी पैरोल दिया है. इसका मतलब है कि वह हिरासत में रहते हुए संसद का सत्र अटेंड कर पाएंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने शर्त लगाई है कि कस्टडी पैरोल के दौरान राशिद मीडिया से बातचीत नहीं कर पाएंगे. इनके किसी भी सूरत में मीडिया से संपर्क करने पर पांबदी रहेगी. राशिद मोबाइल फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हाईकोर्ट ने पैरोल पर लगाई ये शर्तें! इंजीनियर राशिद सांसदों के अलावा किसी अन्य लोगों से गैर जरूरी बातें नहीं करेंगे. इस दौरान वह मीडिया से भी बातचीत नहीं करेंगे. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इंजीनियर राशिद के साथ सुरक्षा टीम भी उनके साथ होगी. इसका प्रबंध लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल से बातचीत के बाद किया जा सकेगा. सत्र अटेंड करने के दौरान वह पुलिस टीम की सुरक्षा उनके साथ होगी. इंजीनियर राशिद एनआईए की हिरासत में हैं! इंजीनियर राशिद ने दिल्ली हाईकोर्ट से संसद सत्र अटेंड करने की मांग के साथ एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में उन्होंने कहा था कि बतौर सांसद संसद सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है. चूंकि वह टेरर फंडिंग के आरोपों में जेल में बंद हैं, वह एनआईए की हिरासत में हैं. इंजीनियर राशिद की सत्र में शामिल होने के लिए मोहलत की मांग का विरोध किया था. एजेंसी ने कोर्ट में कहा था कि इंजीनियर राशिद के पास हिरासत में रहते हुए इस तरह का कोई अधिकार नहीं है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

मुख्यमंत्री साय बोले – संकल्प, संघर्ष और सफलता की प्रतीक बनी छत्तीसगढ़ की बेटी

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की बेटी और पर्वतारोही निशा यादव को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी किलिमंजारो (5895 मीटर) पर भारत का तिरंगा लहराने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि निशा की यह उपलब्धि दृढ़ संकल्प, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है। निशा की सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प और समर्पण से कोई भी शिखर असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ की बेटी निशा की सफलता संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवशाली उपलब्धि है। निशा ने अपने परिश्रम और साहस से प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि कुछ महीने पहले बिलासपुर में निशा से मुलाकात हुई थी, जहाँ उन्होंने उसके संकल्प को देखकर उसे 3.45 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की थी, ताकि वह अपने लक्ष्य को पूरा कर सके। आज जब निशा ने किलिमंजारो पर विजय प्राप्त कर तिरंगा फहराया है, तो यह साबित हो गया कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। कठिनाइयों के बावजूद नहीं छोड़ा सपना, सरकार ने दिया समर्थन निशा यादव का सफर आसान नहीं था। बिलासपुर जिले के एक ऑटो चालक की बेटी होने के बावजूद उन्होंने अपने सपने को साकार करने का साहस दिखाया। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने कभी अपने हौसले को कमजोर नहीं होने दिया और पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निशा की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह संदेश देती है कि अगर आपमें जज़्बा और समर्पण है, तो कोई भी कठिनाई आपको अपने लक्ष्य तक पहुँचने से रोक नहीं सकती। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश की बेटियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को बताए तनाव मुक्त रहने के टिप्स

           टीकमगढ़ आज जिले के स्कूलों में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित हुआ। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत की मुख्य उपस्थिति में छात्र- छात्राओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को गर्ल्स हाई सेकेंडरी स्कूल ढ़ोगा पर सुना गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्र छात्रों को तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने को कहा, उन्होंने कहा कि पढ़ाई का व्यक्ति पर मानसिक और शारीरिक तनाव नहीं रहना चाहिए , बच्चों की स्किल बेस्ड शिक्षा पर हमें विशेष ध्यान देना है। माता – पिता को भी अपने बच्चों का उत्साह वर्धन करना चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने स्कूली छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा कोई अंतिम कड़ी नहीं है इसलिए परिणाम आने पर कोई हताश न हो बल्की उत्साह पूर्वक दुबारा लगन मेहनत करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूल की छात्र- छात्राएं, शिक्षा विभाग से पाराशर सर, स्कूल स्टाफ, भाजपा महामंत्री आशुतोष भट्ट, मंडल अध्यक्ष नरेश तिवारी, पूनम अग्रवाल, सुशीला राजपूत, रिंकी भदौरा मीरा खरे, रीना श्रीवास्तव, अभिषेक सोनी,हनी आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चाकघाट में श्रद्धालुओं की व्यवस्था का जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन रीवा के लिए रवाना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रीवा के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि चाकघाट में मौजूद महाकुंभ के श्रद्धालुओं की व्यवस्था का जायजा लेंगे। बता दें कि महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं को संगम नगरी में जगह न होने की वजह से रोक दिया गया है। जिसके बाद सभी चाकघाट में अटके हुए हैं। सीएम ने कल देर रात उनकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अफसरों को दिए थे।

शहीद नरेश ध्रुव को नमन करते हुए राजस्व मंत्री ने बोले उनकी कुर्बानी को याद रखेगा देश

बलौदाबाजार नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए नरेश कुमार ध्रुव का उनके गृह ग्राम गुर्रा में लोगों ने डबडबाई आंखों के साथ अंतिम विदाई दी. इसके पहले बलौदाबाजार में शहीद के पार्थिव शरीर को कलेक्टर-एसपी के साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कंधा दिया. इस दौरान शहीद नरेश ध्रुव को नमन करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि उनकी कुर्बानी को देश याद रखेगा. इसके पहले बीजापुर जिले के नेशनल पार्क के जंगल में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए प्रधान आरक्षक नरेश कुमार ध्रुव का पार्थिव शरीर आज बलौदाबाजार लाया गया. सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए शहीद का पार्थिव शरीर चक्रपाणि हाईस्कूल मैदान में बने हेलीपैड पर पहुंचा. हेलीकॉप्टर से उतारते ही शहीद के पार्थिव शरीर को राजस्व मंत्री टकराम वर्मा, कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी विजय अग्रवाल ने कंधा देते हुए श्रद्धांजलि सभा तक लाए. आसमान में गूंजते ‘शहीद नरेश ध्रुव अमर रहे’ नारे के बीच शहीद के माता-पिता, पत्नी-बच्चे और परिजनों के साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, भाटापारा विधायक इंद्र साव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष प्रत्याशी सुरेंद्र जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इसके बाद पुलिस बल ने शोक शस्त्र कर अपने साथी जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की. शहीद के पिता महेश ध्रुव ने भरे गले से कहा कि देश व अपने छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा के लिए उनका बेटा शहीद हुआ है, यह गौरव की बात है. सबसे मार्मिक पल तब आया जब शहीद की बेटी विभूति ध्रुव ने अपने पिता को अंतिम विदाई देते हुए कहा कि वह बड़ी होकर अपने पिता से भी ऊंचे पद पर पहुंचकर देश की सेवा करेगी. उसके पापा चाहते थे कि उससे भी बड़ा आफिसर बने तो वह उसे पूरा करेगी. उसकी इस बात ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं. मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारे जिले के नरेश कुमार ध्रुव नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हैं. हम सब जिलावासी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. उनका यह समर्पण व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारा जो वीर भाई है, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा करते हुए शहीद हो गया. छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए संकल्पित है. कुछ दिन बाद यहां से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बीजापुर नक्सली हमले में शहीद जवान के पार्थिव शरीर को चॉपर के माध्यम से जिला मुख्यालय लाया गया, यहां उनको श्रद्धांजलि दी गई. उनके गृह ग्राम गुर्रा में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी. प्रशासन ने इसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली है. गृह ग्राम के लिए रवाना हुआ पार्थिव शरीर श्रद्धांजलि सभा के बाद पुलिस पायलटिंग वाहन के जरिए शहीद के पार्थिव शरीर को भाटापारा ब्लॉक स्थित उनके गृह ग्राम गुर्रा के लिए रवाना किया गया. वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे. पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है, लेकिन शहीद की शौर्यगाथा ने हर किसी के हृदय में देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर दिया है.

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।  

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