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सिंगापुर वालों ने खरीदी हल्दीराम में 9% हिस्सेदारी, पता चली कंपनी की सही कीमत

नागपुर भारत के मशहूर नमकीन और स्नैक्स ब्रांड हल्दीराम (Haldiram’s) के साथ सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक (Temasek) ने एक बड़ा करार की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि टेमासेक ने हल्दीराम के स्नैक्स बिजनेस में लगभग 9 फीसदी हिस्सेदारी 8,000 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है. इस सौदे के बाद हल्दीराम की कुल वैल्यूएशन लगभग 90,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. लंबी चर्चा और कई महीनों की बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है. टेमासेक ने हल्दीराम को एक “मूल्यवान संपत्ति” माना है, जो भारत के उपभोक्ता क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगी. इससे पहले, प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन ने हल्दीराम में निवेश करने से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें कंपनी के मूल्यांकन को लेकर चिंता थी. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दीराम स्नैक्स 9 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी अन्य निवेशकों को बेचने पर भी विचार कर रहा है. पहले की खबरों के मुताबिक, हल्दीराम अपनी कंपनी में 20 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकता है. 1937 में राजस्थान के बीकानेर में स्थापित हल्दीराम आज भारत के स्नैक्स बाजार में एक बड़ा नाम है. यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के अनुसार, हल्दीराम भारत के 6.2 अरब डॉलर के स्नैक्स बाजार में लगभग 13 फीसदी हिस्सेदारी रखता है. इसकी सबसे प्रसिद्ध उत्पाद “भुजिया” है, जो आटे, जड़ी-बूटियों और मसालों से बनी एक कुरकुरी नमकीन है. यह छोटे दुकानों पर सिर्फ 10 रुपये में उपलब्ध है. टेमासेक ने पहले कहां-कहां किया है निवेश टेमासेक ने पहले भी भारत में मणिपाल हॉस्पिटल्स और देवयानी इंटरनेशनल (केएफसी और पिज़्ज़ा हट के ऑपरेटर) जैसी कंपनियों में निवेश किया है. हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदकर टेमासेक अब भारत के पैकेज्ड स्नैक्स इंडस्ट्री पर दांव लगा रहा है. हल्दीराम ग्रुप ने हाल ही में अपने एफएमसीजी बिजनेस का बंटवारा किया है. इसके तहत हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड (एचएसपीएल या हल्दीराम दिल्ली ग्रुप) और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (एचएफआईपीएल या हल्दीराम नागपुर ग्रुप) को एक नई कंपनी हल्दीराम स्नैक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (एचएसएफपीएल) में शामिल किया गया है. इसमें एचएसपीएल और एचएफआईपीएल के मौजूदा शेयरधारकों को क्रमशः 56 फीसदी और 44 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी. क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, हल्दीराम ग्रुप का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी विविध है, जिसमें स्नैक्स, नमकीन, मिठाई, रेडी-टू-ईट/प्री-मिक्स फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, नॉन-कार्बोनेटेड ड्रिंक, पास्ता आदि शामिल हैं. ग्रुप का भारत में व्यापक प्रभाव है और यह अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों में निर्यात करता है.

स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक बिंदु को ठोस तरीके से लागू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का किस प्रकार से योगदान हो उसकी चिंता की गई है। बढ़ती हुए आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल और आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शैक्षणिक सत्र में 700 नये उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नये ट्रेड एवं जॉब रोल्स शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। वर्तमान में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स चल रहे है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3 हजार से अधिक हो जायेगी। इन कोर्स में उन्नत कृषि को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। डेयरी विकास से जुड़े कोर्स कन्स्ट्रशन ट्रेड अंतर्गत मेशन सहायक, कंस्ट्रशन पेन्टर, असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के जॉब रोल्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। वर्तमान में संचालित कोर्स में कक्षा 9 और 10 में डाटाएंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेकनिशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेलस्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्रायवेट सिक्योरिटी गॉर्ड, फूड एण्ड बेवरीज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फ़ाइनेंस एग्ज़ीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजूकेशन असिस्टेंट विषय प्रमुख है, कक्षा 11 और 12 में जिन कोर्स को प्राथमिकता दी गई है। उनमें जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सौलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीबी, फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख है। 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश में वर्तमान में 2383 विद्यालयों में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा देने के लिये 4 हजार 700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये है।  

WhatsApp की बड़ी तैयारी, बदल जाएगा ऐप का डिजाइन

वॉट्सऐप एक के बाद एक यूजर्स के लिए तगड़े फीचर रोलआउट कर रहा है। बीते कुछ दिनों से कंपनी ने नए फीचर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब कंपनी इस और फीचर रोलआउट करने की तैयारी कर रही है, जिससे आपके वॉट्सऐप कॉलिंग का अंदाज बदल जाएगा। WABetaInfo की रिपोर्ट के वॉट्सऐप चैट्स और ग्रुप्स के लिए रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू लाने वाला है। रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू को WABetaInfo ने गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद वॉट्सऐप बीटा फॉर ऐंड्रॉयड 2.25.5.8 में देखा है। WABetaInfo ने पोस्ट में इस नए फीचर का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में दिखा वॉट्सऐप का नया फीचर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में आप रिडिजाइन्ड कॉल ऑप्शन को इंडिविजुअल और ग्रुप चैट्स के अंदर टॉप ऐप बार में देख सकते हैं। अभी की बात करें, तो वॉट्सऐप में यूजर्स को वॉइस और वीडियो कॉल के लिए दो अलग बटन मिलते हैं। नए अपडेट में कंपनी इन दोनों बटन को एक में करके एक सिंगल मेन्यू ऑफर करने की तैयारी कर रही है। नए डिजाइन से यूजर्स को कॉल्स को मैनेज करने में आसानी होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप चैट्स में होगा क्योंकि अक्सर ग्रुप में गलती से कॉल बटन टैप होने पर न चाहते हुए भी कॉल शुरू हो जाती है। ग्लोबल यूजर्स के लिए जल्द आ सकता है स्टेबल अपडेट नया फीचर यूजर्स को मेन्यू में कॉल टैब और अटैचमेंट मेन्यू को ओपन किए बिना कॉल लिंक जेनरेट और शेयर करने का ऑप्शन देगा। नए फीचर की खासियत है कि यह ऐक्सिडेंटल कॉल्स की समस्या को खत्म कर देगा। इस फीचर के आने से यूजर्स को पहले वॉइस या वीडियो कॉल में से किसी एक को मेन्यू में से सेलेक्ट करना होगा। कुल मिलाकर कहा जाए यह फीचर यूजर्स को कॉलिंग एक्सपीरियंस को पहले से काफी बेहतर करने वाला है। कंपनी इस फीचर को अभी बीटा वर्जन में ऑफर कर रही है। बीटा टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसके स्टेबल वर्जन को ग्लोबल यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।

एक झटके में माफ हो जाएंगे हजारों के ट्रैफिक चालान, यहाँ से करें रजिस्ट्रेशन

दिल्ली ट्रैफिक नियमों के पालन न करने पर काटे गए पेंडिंग चालान अगर आपके भी कलेजे को चुभ रहे हैं और आप भी इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. जी हां, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस हफ्ते शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करने जा रही है. दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मदद से दिल्ली की 7 जिला अदालतों में लोक अदालतें लगेंगी, जिसमें आप अपने चालान को आसानी से माफ करवा पाएंगे. ये अदालत कोर्ट में काफी वक्त से पेंडिंग चल रहे चालानों के निपटारे के लिए लगाई जा रही है. इस तरह माफ होंगे चालान इसके लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से पेंडिंग चालान की स्लिप डाउनलोड करनी होगी. कोर्ट केवल इसी स्लिप के आधार पर आपके चालान पर फैसला सुना पाएगा. इस स्लिप के ना होने पर आप इस अदालत का फायदा नहीं उठा पाएंगे. अगर आपका चालान 1000 रुपये का है, तो आप कोर्ट से माफी मांग सकते हैं और नरम रुख अपनाने की अपील कर सकते हैं. कोर्ट अपने विवेक से चालान 500 रुपये या 200 रुपये कर सकती है. आपका चालान पूरा भी माफ हो सकता है. हालांकि, यह पूरी तरह से जज के विवेक पर निर्भर करता है. इवनिंग कोर्ट नियमित कोर्ट की तरह काम करती है, जिसमें महीने के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाती है. यहां लगेंगी अदालतें ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इस लोक अदालत में कुल 1 लाख 80 हजार के पेंडिंग चालानों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है. चालान स्लिप डाउनलोड करने के लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat पर जाना होगा. आपको बता दें कि यह अदालत दिल्ली की रोहिणी, साकेत, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, द्वारका, तीस हजारी और राउज एवेन्यू कोर्ट में लगेगी. इनमें केवल उन्हीं चालान वाले मामलों का निपटारा होगा जो 30 नवंबर 2024 तक वर्चुअल कोर्ट में पेंडिंग थे. लोक अदालत का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होगा.

वजन कम करने के लिए डाइट में शामिल न करें ये चीजें

सही डाइट और एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग वेट लॉस के लिए सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, क्योंकि इनमें कैलोरी कम और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। हालांकि, कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। यदि आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो इन सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं उन 6 सब्जियों के बारे में, जो वजन बढ़ा सकती हैं। आलू आलू एक ऐसी सब्जी है, जो लगभग हर घर में इस्तेमाल की जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में एनर्जी लेवल को बढ़ाती है। हालांकि, अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आलू को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। आलू में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसके अलावा, तले हुए आलू या फ्रेंच फ्राइज तो बिल्कुल नहीं खाने चाहिए। मटर मटर एक पौष्टिक सब्जी है, जिसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट भी काफी होता है, जो वजन बढ़ा सकता है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो मटर सीमित मात्रा में ही खाएं। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। शकरकंद शकरकंद को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन-ए, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा भी ज्यादा होती है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो शकरकंद को सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। कॉर्न (मक्का) कॉर्न यानी मक्का एक स्वादिष्ट सब्जी है, जिसे लोग उबालकर या भूनकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो कॉर्न कम ही खानी चाहिए। इसके अलावा, बटर कॉर्न या क्रीमी कॉर्न जैसी डिशेज से, तो बिल्कुल दूर रहना चाहिए। अरबी अरबी एक ऐसी सब्जी है, जिसमें स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है। अगर आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो अरबी सीमित मात्रा में खानी चाहिए। इसके अलावा, अरबी को तलकर या घी में पकाकर खाने से बचना चाहिए। प्याज प्याज का इस्तेमाल ज्यादातर सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, प्याज में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो प्याज कम खाना चाहिए। इसके अलावा, प्याज को तलकर या भूनकर खाने से बचना चाहिए।

मध्य प्रदेश में 5 साल में बनेंगी 1 लाख KM सड़कें, शहरों से गांवों तक मिलेगी नई रफ्तार; बजट में क्या-क्या ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार वित्त वर्ष 2025-26 का बजट शहरों से लेकर गांवों तक पूरे प्रदेश को नई रफ्तार देने वाला है। इसमें नई सड़कों से लेकर फ्लाईओवर बनाने तक के लिए बजट रखा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ ही वित्त मंत्री का प्रभार संभाल रहे जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.21 लाख करोड़ रुपयों से अधिक का बजट पेश किया। इस बार के बजट में ग्रामीणों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना प्रारंभ की जा रही है, इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री देवड़ा ने अपने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में अगले 5 सालों में 1 लाख किलोमीटर सड़क बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह प्रदेश में आगामी 5 वर्षों में 500 रेल ओवर ब्रिज एवं फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस वर्ष 3500 किलोमीटर नई सड़कें तथा 70 पुल बनाए जाने का लक्ष्य है। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 1 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण एवं लगभग 5200 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य पूर्ण होगा। 8631 गांवों को बारहमासी मार्ग से जोड़ा गया मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 8631 गांवों को 19,472 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाकर, बारहमासी मार्ग से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अब भी कुछ गांवों में मेन रोड से ग्राम पंचायतों में पहुंचने के लिए सड़क उपलब्ध नहीं है। अतः ग्रामवासियों को सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराने के लिए नई योजना “मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना” प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा एक नई योजना ‘क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना’ प्रारम्भ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, सड़कों एवं पुलों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 16,436 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जो वर्ष 2024-25 से 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि रोड नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी अनेक परियोजनाओं के साथ प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उज्जैन-जावरा 4 लेन सड़क के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आसपास के क्षेत्र, दिल्ली-मुंबई 8 लेन कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। वहीं, 1692 करोड़ की अनुमानित लागत वाले उज्जैन-इंदौर 6 लेन रोड का भूमि पूजन हो चुका है। 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर देवड़ा ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात बाधित होने से समय एवं ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एवं रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) के निर्माण कार्य रेलवे के साथ मिलकर प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 4251 करोड़ रुपये की लागत के कुल 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर हैं।

YouTube के पीछे हाथ धोकर पड़ीं Meta, लगवानी चाहती हैं बैन

लंदन Meta और Snap समेत दूसरी कंपनियां हाथ धोकर YouTube के पीछे पड़ गई हैं. इन कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया सरकार से यूट्यूब पर भी बैन लगाने की मांग की है. दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 16 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया था, लेकिन यूट्यूब को इससे बाहर रखा गया था. अब बाकी कंपनियों का कहना है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यूट्यूब पर भी बैन लगना चाहिए. YouTube को क्यों बैन करवाना चाहती हैं बाकी कंपनियां? टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा और स्नैप आदि का कहना है कि YouTube के कारण बच्चों को वही खतरे हैं, जो दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से थे. यूट्यूब भी बच्चों को एल्गोरिद्मिक कंटेट रिकमंडेशन, सोशल इंटरेक्शन फीचर और खतरनाक कंटेट तक एक्सेस देती है. मेटा का कहना है कि यूट्यूब की वजह से भी बच्चे हानिकारक कंटेट से एक्सपोज होते हैं. इसी तरह टिकटॉक का कहना है कि यूट्यूब को इस नियम से बाहर रखने से यह कानून विसंगत बन गया है. स्नैप ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा है कि कानून को निष्पक्ष होना चाहिए और बिना किसी भेदभाव के इसके पालन किया जाना चाहिए. YouTube पर क्यों नहीं लगाई थी पाबंदी? ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल नवंबर में एक नया कानून पारित किया था. इसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस नहीं कर सकते. अगर कोई प्लेटफॉर्म उन्हें लॉग-इन करने देगा तो उस पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. हालांकि, यूट्यूब पर यह कानून लागू नहीं होता. इसके एजुकेशनल कंटेट और पेरेंटल सुपरविजन के साथ फैमिली अकाउंट के चलते इसे पाबंदी से बाहर रखा गया है. दूसरी कंपनियों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूट्यूब ने कहा कि अपनी कंटेट मॉडरेशन पॉलिसी को मजबूत कर रही है और ऑटोमेटेड टूल्स के जरिए हार्मफुल कंटेट की पहचान कर रही है.

बीपी और क‍िडनी के मरीजों को नहीं पीना चाहिए ये जूस

मार्च का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम में हल्की ठंडक अब भी बनी हुई है। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए सही डाइट लेना जरूरी है। चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस इस समय भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह जूस आयरन, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इससे इम्युनिटी बढ़ाने में मदद म‍िलती है। वहीं खून की कमी दूर होती है। त्‍वचा भी चमकदार बनती है। इसके अलावा जि‍न्‍हें तेजी से वजन कम करना होता है वह भी इसका जूस पीते हैं। हालांकि, हर किसी के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता है। कुछ ऐसे भी लोग होते हैं ज‍िन्‍हें इस जूस को पीने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह उनकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अगर आप भी इस जूस को अपनी डाइट में शामिल करने की सोच रहे हैं, तो पहले आपको यह जान लेना जरूरी है कि किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। लो बीपी वाले मरीज न पिएं ये जूस आपको बता दें क‍ि ज‍िन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हाेती है उन्‍हें चुकंदर, गाजर और आंवला का जूस भूल से भी नहीं पीना चाह‍िए। अगर आप इस जूस को पीते हैं तो ब्लड प्रेशर की समस्या और बढ़ सकती है। जिस वजह से आपको अचानक से चक्कर आ सकता है। वहीं सिरदर्द की समस्‍या भी आपको परेशान कर सकती है। क‍िडनी की परेशानी से जूझ रहे मरीज अगर आपको किडनी से संबंध‍ित कोई बीमारी है तो इस स्थित‍ि में चुकंदर का जूस आपकी बीमारी काे और भी बढ़ा सकता है। ये आपके ल‍िए जहर के समान है। खासकर, किडनी स्टोन वाले लोगों को चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस पीने से परहेज करना चाहिए क्‍योंकि चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट किडनी में पथरी की समस्या काे और बढ़ा सकता है। प्रेग्‍नेंट मह‍िलाएं न प‍िएं ये जूस गाजर, चुकंदर और आंवले के जूस से प्रेग्‍नेंट म‍ह‍िलाओं को दूरी बना लेनी चाह‍िए। ये वही समय होता है जब खाने-पीने का खास ध्यान रखा जाता है। साथ ही यह उनके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। अगर आप प्रेग्‍नेंट हैं और ऐसे में ये जूस पीने का सोच रहीं हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसे प‍िएं। एलर्जी होने पर अगर आप क‍िसी भी एलर्जी से परेशान हैं तो चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस बिल्कुल न पिएं। इस जूस को पीने से एलर्जी बढ़ सकती है। दरअसल, एलर्जी से जूझ रहे लोगों को यह कॉम्‍बिनेशन जल्दी सूट नहीं करता है। इससे त्‍वचा में सूजन, खुजली या उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।

मोदी सरकार किसानों से एमएसपी पर खरीद रही तुअर दाल, पहले के मुकाबले तेजी दर्ज

नईदिल्ली केंद्र सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुअर (अरहर) की खरीद में तेजी आई है। 11 मार्च तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल 1.31 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद की गई है, जिससे इन राज्यों के 89,219 किसानों को लाभ मिला है। यह जानकारी गुरुवार को कृषि मंत्रालय की ओर से दी गई। इंटीग्रेटेड प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान(पीएम-आशा) की मूल्य समर्थन योजना के तहत निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता के अनुरूप अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य स्तरीय एजेंसियों के जरिए प्री-रजिस्टर्ड किसानों से सीधे एमएसपी पर की जाती है। इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी दी भारत सरकार ने 15वें वित्त आयोग साइकल के दौरान 2025-26 तक इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना को जारी रखने को मंजूरी दी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना खरीद के कार्यान्वयन में अधिक प्रभावशीलता लाने के लिए संचालित की जाती है, जो न केवल किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य प्रदान करने में मदद करती है, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करती है और आवश्यक वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित करती है। तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करने के लिए दी मंजूरी दलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में योगदान देने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए, सरकार ने खरीद वर्ष 2024-25 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर, उड़द और मसूर के पूरे उत्पादन की खरीद को मंजूरी दी है। सरकार ने बजट 2025-26 में यह भी घोषणा की है कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2028-29 तक चार साल के लिए राज्य के उत्पादन के लिए तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी। 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश को खरीद की मंजूरी दी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुअर (अरहर) मसूर और उड़द की खरीद को क्रमश: 13.22 एलएमटी, 9.40 एलएमटी और 1.35 एलएमटी की सीमा तक मंजूरी दी। उन्होंने खरीफ 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश राज्यों में कुल 13.22 एलएमटी मात्रा के लिए तुअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दी। तुअर की खरीद नेफेड के ई-समृद्धि पोर्टल और एनसीसीएफ के संयुक्ति पोर्टल पर पहले से रजिस्टर्ड किसानों से भी की जाती है। केंद्र केंद्रीय नोडल एजेंसियों नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों से 100 प्रतिशत तुअर खरीदने के लिए कमिटेड है।

प्रयागराज महाकुंभ में रेलवे ने दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन किया, जिससे श्रद्धालुओं सहायता मिली

जबलपुर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने भारी यात्री दबाव के मध्य ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने जोर दिया। इस समयबद्धता से रेलपथ पर अतिरिक्त ट्रेनों के लिए जगह बनी। दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों के संचालन की सफलता प्राप्त की, जिससे श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचाने में सहायता मिली। पमरे का यह प्रयास अब दूसरे रेल जाने के लिए भी मॉडल बन गया है। अब प्रत्येक पर्व एवं मेला के दौरान यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर पमरे की नीति पर समस्त रेल जोन में ट्रेन संचालन की तैयारी है। इसके लिए रेलवे की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं, पमरे के प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी कारगर रही है, जिसके कारण कहीं पर भी कोई अराजकता की स्थिति निर्मित नहीं हुई। सौ की जगह दो सौ से ज्यादा ट्रेनें चलाई पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर और भोपाल रेल मंडल होकर रेलपथ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित दक्षिण भारत के राज्यों को प्रयागराज से जोड़ता है। इन राज्यों से आने वाली ट्रेनें कटनी-मानिकपुर के रास्ते प्रयागराज पहुंचती हैं। कटनी-मानिकपुर के मध्य सामान्य दिनों में 100-125 यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं, जहां पर महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ ट्रेनें संचालित हुईं। नियमित ट्रेनों के साथ ही स्पेशल ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करके पमरे ने अतिरिक्त ट्रेनों के लिए रेलपथ में गुंजाइश बनाया। महाकुंभ में रेल जोन में सबसे अधिक ट्रेनों को चलाया जा सका। पहले से की तैयारी, सामंजस्य बैठाया महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने और प्रयागराज से नजदीकी को ध्यान में रखकर पमरे ने अतिरिक्त ट्रेन के रैक तैयार किए। आवश्यकता होने पर कम यात्री संख्या वाली ट्रेनों को चिह्नित करके रखा। इसके कारण प्रयागराज में जब भी भीड़ बढ़ी और आवश्यकता होने पर तुरंत ट्रेन के अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने में सफल रहा। इससे यात्री परिवहन की निरंतरता बनाई रखी जा सकीं। भीड़ का आंकलन करके सतना, मैहर, कटनी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन के बाहर तीन से चार हजार वर्गफीट के अस्थाई यात्री विश्राम स्थल विकसित किए। वहां पेयजल, शौचालय से लेकर चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया। बेहतर सुविधा मिलने से यात्री स्टेशन के बाहर ही रुके। ट्रेन आने पर प्लेटफार्म में प्रवेश दिए जाने से कहीं पर भी भीड़ अनियंत्रित नहीं हुई।

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है.

हर मर्ज की है दवा हल्दी

भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले इस्तेमाल होते हैं, जो खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाते हैं। हल्दी इन्हीं मसालों में से एक है, जो कई सारे भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल की जाती हैं। हल्दी अपने विशेष स्वाद और रंग के लिए जानी जाती है। साथ ही यह अपने औषधीय गुणों के लिए भी काफी मशहूर है। ये मात्र एक मसाला नहीं, बल्कि एक ऐसा सुपरफूड है, जो कि लंबे जीवन के लिए फायदेमंद होता है। ये घाव भरने में मददगार होती है, कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित बनाए रखने में मदद करती है, एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और कैंसर से भी बचाव करती है। ये एक ब्लड प्यूरीफायर है और एक हिमास्टैटिक एजेंट का काम भी करती है और पीरियड्स के क्रैम्प्स से राहत दिलाती है। सेहत के साथ-साथ यह स्किन के लिए भी फायदेमंद होती है। खाने के अलावा दूध में हल्दी डाल कर पीने के भी ढेरों फायदे हैं। साथ ही अपनी सुबह की चाय में भी एक चुटकी हल्दी डालकर पिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे हल्दी आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है- दर्द और सूजन से राहत दिलाए हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने तेज एंटी- इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जाना जाता है। ऐसे में इसे डाइट में शामिल करने से शरीर में होने वाले दर्द और सूजन से राहत मिलती है। सेल डैमेज से बचाए हल्दी में कुछ ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते हैं और शरीर में होने वाले सेल डैमेज से बचाव करते हैं। इम्युनिटी बूस्ट करे हेल्दी रहने के लिए इम्युनिटी मजबूत रहना जरूरी है। ऐसे में हल्दी आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर आपको कई तरह की बीमारियों और इन्फ्केशन से बचाती है। अगर आप भी अपना इम्यून सिस्टम बूस्ट करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में हेल्दी जरूर शामिल करें। हार्ट हेल्थ बेहतर रखे हल्दी एंडोथीलियम, जो ब्लड वेसल की लाइनिंग होती है, उसकी फंक्शनिं में सुधार लाता है। इससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है। पाचन तंत्र में सुधार हल्दी के नियमित सेवन से पाचन तंत्र में सुधार होता है। इससे ब्लोटिंग और गैस जैसी समस्या से राहत मिलती है। इसलिए अपने रोज की डाइट में हल्दी किसी न किसी रूप में जरूर शामिल करनी चाहिए। बेहतर स्किन हल्दी को किसी मास्क या फेस पैक के रूप में स्किन पर लगाने से स्किन हेल्थ बेहतर होती है। इससे स्किन साफ होती है, डार्क सर्कल्स कम होते हैं, मुंहासों से छुटकारा मिलता है, ड्राई स्किन मॉइश्चराइज होती है और असमय एजिंग से बचाव होता है।

मूडीज ने पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर का नजरिया सकारात्मक किया

नई दिल्ली.  ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कल भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपना पॉजिटिव नजरिया रखा. इसके साथ ही इस एजेंसी ने पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर पर भी अपनी राय रखी. मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि उसने बेहतर ऑपरेशन कंडीशन और मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के चलते पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर पर अपना नजरिया स्थिर से बदलकर सकारात्मक कर दिया है. यह बदलाव पाकिस्तान सरकार के (Caa2 सकारात्मक) बेहतर दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसे बैंकों द्वारा सॉवरेन लोन में अहम जोखिम से सपोर्ट मिला है. चरमाराती अर्थव्यवस्था और नकदी संकट के बीच यह खबर पाकिस्तान के लिए राहत लेकर आई है. मूडीज ने रिपोर्ट में क्या कहा मूडीज ने रिपोर्ट में कहा, “हमने पाकिस्तान के बैंकिंग सिस्टम पर अपना नजरिया स्टैबल से पॉजिटिव में बदल दिया है.” इससे पहले मूडीज ने आखिरी बार 3 मार्च, 2023 को पाकिस्तान के बैंकिंग क्षेत्र की रेटिंग घटाई थी, जिसमें पांच प्रमुख बैंकों – एलाइड बैंक लिमिटेड (एबीएल), हबीब बैंक लिमिटेड (एचबीएल), एमसीबी बैंक लिमिटेड (एमसीबी), नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान (एनबीपी) और यूनाइटेड बैंक लिमिटेड (यूबीएल) की लॉन्ग टर्म डिपॉजिट रेटिंग को CAA1 से घटाकर CAA3 कर दिया था. मूडीज ने बताया, “बैंकिंग सेक्टर पर हमारा पॉजिटिव आउटलुक पाकिस्तान सरकार के (CAA2 पॉजिटिव) सकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जिसमें पाकिस्तानी बैंकों की सरकारी सिक्योरिटीज की बड़ी होल्डिंग के जरिए संप्रभुता में महत्वपूर्ण जोखिम है, जो कुल बैंकिंग परिसंपत्तियों का लगभग आधा हिस्सा है. हालांकि, इस रिपोर्ट के अनुसार, “पाकिस्तान की लॉन्ग टर्म लोन स्टैबिलिटी में जोखिम बना हुआ है, देश की राजकोषीय स्थिति अभी भी बहुत कमजोर है.” भारत को लेकर पॉजिटिव आउटलुक मूडीज रेटिंग्‍स ने कहा है कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 6.5 फीसदी से अधिक रहेगी. बैंकिंग क्षेत्र के लिए स्थिर परिदृश्य का अनुमान लगाते हुए मूडीज ने कहा कि हालांकि अगले वित्त वर्ष में भारतीय बैंकों का परिचालन वातावरण अनुकूल बना रहेगा, लेकिन हाल के वर्षों में पर्याप्त सुधार के बाद उनकी परिसंपत्ति की गुणवत्ता में मामूली गिरावट आएगी और बिना गारंटी वाला खुदरा कर्ज, सूक्ष्म वित्त ऋण और छोटी कारोबारी कर्ज पर कुछ दबाव रहेगा. बता दें कि पाकिस्तान पिछले 4 सालों से नकदी संकट और बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है. खराब आर्थिक हालात से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार चीन और सऊदी अरब समेत कुछ देशों से कर्ज ले चुका है, साथ ही इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से भी भारी कर्ज लिया है.

अब पालतू जानवरों के खोने का नहीं होगा डर, लाइव कॉल फीचर के साथ ट्रैकिंग भी आसान

नई दिल्ली पेट लवर्स के लिए सबसे बड़ा डर उनके पालतू जानवर का कहीं खो जाना है. इस समस्या को दूर करने के लिए अब एक खास ‘मोबाइल’ आ गया है. यह न सिर्फ पालतू जानवर की ट्रैकिंग करेगा, बल्कि इसमें लाइव कॉल फीचर भी दिया गया है. इससे पालतू जानवरों के गुम होने का खतरा कम हो जाएगा. इस डिवाइस को uCloudlink नामक कंपनी ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2025 में लॉन्च किया है. कैसे काम करेगा यह डिवाइस? uCloudlink ने पालतू जानवरों के लिए खास वीयरेबल डिवाइस तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि यह दुनिया का पहला पेटफोन है. यह मोबाइल नेटवर्क और GPS के जरिए पालतू जानवर की रियल-टाइम लोकेशन की जानकारी दे सकता है. इससे पेट लवर्स के लिए अपने पालतू जानवरों को ट्रैक करना आसान हो जाएगा. इसके अलावा इसमें AI-बेस्ड कॉलिंग फीचर भी है. यह पालतू जानवरों की एक्टिविटी पर नजर रखकर उसके मालिक के साथ कम्युनिकेट करने में मदद करता है. यह डिवाइस पालतू जानवरों के मालिकों को एक ग्लोबल कम्युनिटी का हिस्सा बनने की भी सुविधा देता है. इसमें पालतू जानवरों की सेहत पर नजर रखने के लिए AI हेल्थ मॉनिटरिंग फीचर भी मिलता है. MWC में पेश हुआ फोल्डेबल ब्रीफकेस लैपटॉप मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2025 में कई शानदार प्रोडक्ट्स और कॉन्सेप्ट देखने को मिल रहे हैं. Samsung ने यहां एक गजब का लैपटॉप पेश किया है, जो फोल्ड होकर ब्रीफकेस बन जाता है. फोल्ड होने के बाद इसे बिल्कुल ब्रीफकेस की तरह कैरी किया जा सकता है. यह एक फोल्डेबल लैपटॉप कॉन्सेप्ट है. इसमें 18.1 इंच का QD-OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 2,000 x 2,664 पिक्सल रेजॉल्यूशन और 184 PPI पिक्सल डेन्सिटी को सपोर्ट करता है. यह अपने गजब के डिजाइन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. इसमें दो हैंडल लगे हुए हैं, जो फोल्ड होने पर ब्रीफकेस के हैंडल की तरह काम करते हैं.

Train Cancel: इस रूट की 50 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल

नई दिल्ली भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने अपनी जिंदगी में कभी ट्रेन से सफर न किया हो. रोजाना भारतीय रेलवे के जरिए देश में करोड़ों की संख्या में यात्री एक शहर से दूसरे शहर सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से 13000 से भी ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाती हैं. अक्सर जब किसी को कहीं दूर का सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन ही होती है. ट्रेन के सफर में आपको बाकी अन्य साधनों से ज्यादा सहूलियत मिलती है. हाल ही में आयोजित हुए महाकुंभ में भी भारतीय रेलवे की ओर से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचाया गया था. लेकिन हाल ही में भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर आई है. रेलवे ने अगले महीने कई ट्रेनों को किया है कैंसिल. सफर पर जाने से पहले देख लें इन ट्रेनों की लिस्ट. अगले महीने इन ट्रेनों को किया है कैंसिल भारतीय रेलवे को रेलवे के संचालन को दूर दराज तक के इलाकों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग रूटों पर नई-नई रेल लाइन जोड़नी पड़ती है. इसके अलावा रेलवे को कई बार रेल ट्रेक्स का रखरखाव भी करना होता है. इन सभी कामों के लिए रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. ऐसा ही इस बार हुआ है. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक डोमिनगढ़-गोरखपुर रेलखंड पर रेल लाइन जोड़ने का काम किया जाना है. इस वजह से कई ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 15047 कोलकाता-गोरखपुर एक्स. 14 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15211/12 दरभंगा-अमृतसर एक्स. 16 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15031/32 गोरखपुर-लखनऊ जं. एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15065 पनवेल-गोरखपुर एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22531/32 छपरा-मथुरा जं. एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस 16 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15005 गोरखपुर-देहरादून एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19409 साबरमती-गोरखपुर एक्स. 17 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15068 बांद्रा टर्मिनेस-गोरखपुर 18 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19410 गोरखपुर-साबरमती 19 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर 19 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14010 आनंद विहार टर्मिनस-बापूधाम मोतीहारी 19 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14009 बापूधाम मोतीहारी-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20104 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12571 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12572 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 21 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12595 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 21 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर12596 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 22 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22549/50 वंदे भारत एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल

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