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आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य में आयुष के जरिए बेहतर उपचार की हैं संभावनाएं: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है छत्तीसगढ़: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर, मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार

स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मध्यप्रदेश बनेगा ग्लेाबल वेलनेस सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में आये 1,929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर समिट में हुआ नीति-निवेश अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम मुख्यमंत्री का निवेशकों को आमंत्रण : मध्यप्रदेश आएं ओर भारत को विश्व गुरू बनाने की यात्रा में सहभागी बनें उज्जैन स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में “स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट” में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “हील इंडिया” और ‘लाइफ स्टाइल’ (LiFE) जैसे दूरदर्शी विचारों से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को समग्र जीवनशैली और वेलनेस नवाचार का ग्लोबल सेंटर बनाया जा रहा है। समिट के माध्यम से प्रदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के वेलनेस मिशन का नेतृत्व करने को पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट को एक परिवर्तनकारी पहलबताया और कहा कि यहां नीति, निवेश, अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब  भारत के वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के निवेशकों से14 वन-टू-वन बैठकेंकीं, जिनमें बुनियादी ज़रूरतों, निवेश समर्थक नीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। समिट में 1929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा एक ही दिन होने का सुखद संयोग हुआ है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का प्रदेश में पुनः शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम कर रही है। धार्मिक स्थानों पर सभी चिकित्सा पद्धतियों के बड़े केन्द्र बनाने के पीछे आशय यही है कि दुनिया भर के लोगों को स्वास्थ्य के साथ अध्यात्म भी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल सभी संभागीय मुख्यालयों पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फरवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 30 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, यहां 21 लाख 75 हजार रोजगार सृजन होने की संभावना भी है। उन्होंने कहा कि हमने 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है और लगातार सेक्टर वार समिट का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नरसिंहपुर में एग्री समिट के अलावा इंदौर में आईटी समिट के अच्छे परिणाम आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नीति आयोग ने प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अग्रणी माना है। मध्यप्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ उत्कृष्ट अधोसंरचना और नई नीतियों के चलते निवेशकों ने यहां का रूख किया है। उन्होंने एमएसएमई सहित अन्य उद्योग को घोषित नीति अनुसार 5000 करोड़ रूपये का अनुदान दिये जाने का उल्लेख भी किया।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्पष्ट नीति, सक्षम प्रशासन और मजबूत नेतृत्व के साथ निवेशकों को स्थायित्व और सफलता की गारंटी देता है। उन्होंने सभी वेलनेस उद्यमियों और संस्थाओं से प्रदेश में निवेश करने और उज्जैन से शुरुआत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश आएं, और भारत को विश्वगुरु बनाने की यात्रा में भागीदार बनें।” समिट में एनआईपीआर अहमदाबाद और एमपीआईडीसी के बीच समझौता हुआ, जिसके अंतर्गत उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी। यह पार्क टेस्टिंग और प्रमाणीकरण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। समिट में शिवंदरसिंह संस्‍थापक एराहॉस्पिटैलिटी, मुकुंदप्रसाद डायरेक्‍टर लीजरहोटल्सग्रुप, अशोक पटेल चेयरमेन ट्रैवलपैक, शरदथडानी एमडी मेफ़ेयरट्रैवल्स एवं सुधीर एमवी सीएओ जिंदल नेचुरोकेयर इंस्टिट्यूट द्वारा निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।   परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आध्यात्मिक संबोधन दिया और उज्जैन में केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को आशय पत्र (एलओआई) सौंपा। लीज़र होटल्स, शतायु आयुर्वेद और भंडारी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को वेलनेस निवेश के लिए उपयुक्त गंतव्य बताया। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में भंडारी ग्रुप –984 करोड़ रूपये, अमलतास ग्रुप –400 करोड़ रूपये, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप –200 करोड़ रूपये, लेटेंट डेवकॉन, लाभम ग्रुप, शथायू आयुर्वेद, रॉयल ऑर्किड, शांतिगिरी आश्रम, जिंदल ग्रुप सहित अन्य निवेशकों के प्रस्ताव शामिल हैं। पैनल चर्चा में तैयार हुआ विज़न रोडमैप समिट में दो पैनल सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वेलनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ आधारित मेडिकल टूरिज्म, रोज़गार सृजन, और कौशल विकास जैसे विषयों पर विचार हुआ। मुख्य सत्र में वेलनेस विज़निंग  में प्रदेश का समग्र रोडमैप प्रस्तुत किया गया।   स.क्र. नाम पद कंपनी प्रस्‍तावित निवेश (करोड) 1 डॉ विनोद भंडारी फाउंडर एवं चेयरमैन भंडारी ग्रुप 984 2 सुरेश सिंह भदौरिया फाउंडर एवं चेयरमैन अमलतास ग्रुप 400 3 राजुलभार्गव डायरेक्‍टर सीएचएलहॉस्पिटलग्रुप 200 4 देवांगकपाडिया डायरेक्‍टर लेटेन्‍टडेवकॉन 100 5 युगांशसोनी डायरेक्‍टर लाभमग्रुप 100 6 डॉ. मृत्युंजयस्वामी सीईओएवंएमडी शथायुआयुर्वेद 75 7 सुदीपरॉय डायरेक्‍टर रॉयलऑर्किडहोटल 50 8 स्वामीचितासुधनज्ञानतपस्वी जोनलहेड शांतिगिरीआश्रम 10 9 हितेश्वरसिंहसिसौदिया सीईओएवंएमडी सनसेटडेज़र्टकैंप 10      

पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि

रायपुर : नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम कलाकारों के सपनों का मंच होगा कलाग्राम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना  के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि रायपुर नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है। यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

राज्य सरकार भी कृषि और इससे जुड़े फसलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही – मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम  अपने सूरजपुर जिले के प्रवास के दौरान प्रतापपुर के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति परिसर में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान में शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान किसानों के लिए निसंदेह फायदेमंद है। राज्य सरकार भी कृषि और इससे जुड़े फसलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि इस अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के कृषि वैज्ञानिक किसानों से सीधा संवाद कर रहे हैं। वे उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी किसानों को दे रहे हैं। यह अभियान किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि में विविधिकरण को बढ़ावा देने वाली तकनीकों प्राकृतिक खेती, कृषि में ड्रोन का उपयोग, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन इत्यादि, प्रमुख विषयों पर कृषकों को जानकारी देने के लिए यह अभियान बहुत उपयोगी साबित होगा। इस अभियान के तहत इन सभी विषयों पर किसानों के साथ चर्चा हो रही है और उनकी जिज्ञासाओं का उपयुक्त समाधान भी संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। इस अभियान का त्वरित लाभ किसानों को आगामी खरीफ की फसलों पर होगा। मंत्री श्री रामविचार नेताम इस दौरान विश्व पर्यावरण दिवस पर समिति परिसर में आम के पौधे का रोपण किया। मंत्री ने दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार, गन्ना क्षेत्र विस्तार, पी.एम. किसान योजनान्तर्गत शतप्रतिशत किसानों को लाभांवित करने, स्वायल हेल्थ कार्ड योजनान्तर्गत शतप्रतिशत लाभ दिलाने, अदरक की खेती को बढ़ावा देने, सरसों क्षेत्र विस्तार, मिलेट की खेती को बढ़ावा देने एवं नकली खाद-बीज विक्रय करने वाले निजी एवं सहकारी दूकानों पर कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शिविर में 50 स्वायल हेल्थ कार्ड, 05 स्प्रेयर, 04 पेट्रोल पम्प, 08 के.सी.सी., 06 नलकूप हेतु अनुदान किसान समृद्धि योजनान्तर्गत पंजीयन, 15 किसानों को बीज, 12 किसानों को खाद, 205 फलदार पौधे एवं 3506 विभागीय योजनाओं के पम्पलेट वितरण किया गया। शिविर में लगभग 612 किसान शामिल हुए थे। शिविर में कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जिले के किसानों से विकसित कृषि संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता कर, उन्नत खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, प्रतापपुर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानती सिंह, जरही नगर पंचायत अध्यक्ष  श्री पूरन राजवाडे व अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम

उज्जैन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 8794 लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई। यह संवितरण करीब 884 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय, इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) से सम्पन्न हुआ, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से जारी की। इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुरूपराशि के साथ ही केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस संवितरण में देश के सभी छह जोन की भागीदारी रही। दक्षिण क्षेत्र के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी के लिए 2445 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसके लिए 80.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। मध्य जोन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की 2366 परियोजनाओं के लिए 91.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए कुल 2167 परियोजनाओं को करीब 62.68 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई। उत्तर क्षेत्र के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान की 1320 परियोजनाओं के लिए 41.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं पश्चिम क्षेत्र के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा में 496 परियोजनाओं को 24.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस तरह देशभर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए यह एक व्यापक और प्रभावी अभियान सिद्ध हुआ। संवितरण कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में पीएमईजीपी योजना ने आज भारत में स्व-रोजगार का एक मजबूत और प्रभावी आधार तैयार किया है। खादी और ग्रामोद्योग आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपनों का सार है। इस योजना ने लाखों युवाओं को न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें उद्यमशीलता की शक्ति से भी जोड़ा है।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348.39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसमें लाभार्थियों को 27,166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देश में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक है।  

‘कोई अभिनेता नहीं जो श्री राम का रोल कर सके’, अरुण गोविल बोले- बॉलीवुड से बाहर का लाओ

मुंबई रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम का रोल करने वाले अरुण गोविल ने महाकाव्य को फिर से बनाने के कई आधुनिक प्रयासों पर खुलकर बात की है।  एक इंटरव्यू में बोलते हुए अरुण ने बताया कि इस जेनरेशन में कौन सा एत्टर भगवान राम का रोल प्ले कर सकता है। अरुण गोविल ने कहा, ‘तीन-चार लोगों ने इसे फिर से बनाने की कोशिश की है, लेकिन वे सफल नहीं हुए। मुझे नहीं लगता कि हमारे जीवनकाल में किसी को रामायण का रीमेक बनाने का प्रयास करना चाहिए। जब राम की भूमिका निभाने की बात आती है, तो मेरी राय में आज हमारे पास मौजूद कोई भी स्टार इस रोल के लिए उपयुक्त नहीं है। शायद इंडस्ट्री से बाहर का कोई सही ऑप्शन हो।’ राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा उनकी टिप्पणी अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दूसरे चरण के दौरान आई है, जो एक आध्यात्मिक और राजनीतिक गाथा है और रामायण कथा के साथ लंबे समय से जुड़े भक्ति और धार्मिकता के विषयों को दिखाता है। 78 एपिसोड वाली पहली ‘रामायण’ 1987 से 1988 तक 78 एपिसोड में भगवान राम का किरदार निभाने वाले गोविल किसी महान किरदार से कम नहीं थे, जिसने रविवार की सुबह 9:30 बजे दूरदर्शन पर पूरे भारत के घरों में एक आध्यात्मिक अनुष्ठान में बदल दिया। इस शो ने इतना सांस्कृतिक प्रभाव छोड़ा कि दशकों बाद भी, इसके जादू को फिर से बनाने की सारी कोशिशें फेल हो गईं। ‘आदिपुरुष’ की भद पिटी बता दें कि साल 2023 की फिल्म ‘आदिपुरुष’ में प्रभास को राम के रोल में लिया गया था और इस फिल्म को कई कारणों से आलोचना का सामना करना पड़ा था। यह बॉक्स ऑफिस पर भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर दिलचस्प बात यह है कि अरुण गोविल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रणबीर कपूर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। दो पार्ट वाली यह फिल्म 2026 और 2027 में दिवाली पर रिलीज़ होने वाली है। जहां नितेश तिवारी के वर्जन को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है, वहीं अरुण गोविल की बात एक कटाक्ष की तरह सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण किया

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को गंगा दशहरा के पर्व पर वाल्मिकी धाम से क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यात्रा के पूर्व वाल्मिकी धाम परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिंदूर और त्रिवेणी-नीम, पीपल और बरगद के पौधों का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अपील की कि अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाल्मिकी धाम में अनंत विभूषित 1008 स्वामी सोहन दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित किये और मंदिर मे दर्शन किये। उन्होंने संत-जनों से सौजन्य भेंट की और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भी मिले। मुख्यमंत्री ने   इस दौरान कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। माँ क्षिप्रा से प्रार्थना है कि वे हमारे द्वारा किए गए पूजन अर्चन और परिक्रमा यात्रा को सफल बनाए और सबका कल्याण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य सभी श्रद्धालुओं का यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए मंचों से पुष्प-वर्षा कर स्वागत कियागया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल और शीतल पेय तथा फलों का नि:शुल्क वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम से रामघाट तक क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में ध्वज लेकर पैदल यात्रा की। इस दौरान सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारिणी अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास जी, महामंडलेश्वर भगवत शरण जी (भगवान बापू, महंत भगवान दास जी, महंत श्याम गिरी जी महाराज, महंत कृष्ण गिरी जी महाराज, महंत प्रणवानंद जी महाराज, महंत एकनाथ जी, महंत महावीर नाथ जी, संजय अग्रवाल, नारायण यादव, वैभव यादव, एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।  

मंत्री राजपूत ने सफलतापूर्वक संपन्न ऑपरेशन सिंदूर

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गुरुवार को  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली स्थित उनके कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राज्य हित के विषयों, युवाओं में राष्ट्रभक्ति के प्रसार, तथा केंद्र-राज्य समन्वय को लेकर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। मंत्री राजपूत ने सफलतापूर्वक संपन्न “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की रक्षा-संवेदनशीलता, रणनीतिक क्षमता और नागरिकों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अभूतपूर्व सफलता ने देशवासियों में गर्व और सुरक्षा का भाव और सुदृढ़ किया है। मंत्री राजपूत ने हाल ही में निकाली गई “तिरंगा यात्रा” का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अभियान के माध्यम से राज्य के युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्र गौरव और सैन्य सेवा के प्रति आकर्षण बढ़ा। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल झंडा नहीं, भारत की आत्मा और अखंडता का प्रतीक है, और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पूर्व सैनिकों के कल्याण, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिक स्कूलों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्री राजपूत के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है। खाद्य मंत्री राजपूत ने भेंट को अत्यंत सकारात्मक, प्रेरक और राष्ट्रहित में उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह जैसे अनुभवी और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व से संवाद करना नई दृष्टि और ऊर्जा प्रदान करता है। यह भेंट राष्ट्रीय एकता और विकास के साझा संकल्प की एक प्रभावशाली कड़ी रही।  

संयुक्त सचिव ने की समूह जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा

 सीधी  श्रीमती सुजाता शर्मा संयुक्त सचिव दिल्ली की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत समूह जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी अंशुमन राज, तकनीकी अधिकारी गोकुल सेतुराज, मुख्य महाप्रबंधक जल निगम भोपाल पी. के. गुरु, महाप्रबंधक म.प्र. जल निगम नीरव अग्रवाल एवं जल निगम की समस्त टीम उपस्थिति रही।    बैठक में जल जीवन मिशन सीधी अंतर्गत सीधी बाणसागर एवं गुलाबसागर की समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक जल निगम सीधी द्वारा योजनाओं की प्रगति के विषय में अवगत कराया गया। साथ ही योजना के समस्त अवयवों के विषय में भी विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा उपरांत संयुक्त सचिव द्वारा कार्य की प्रगति को बढ़ाने, घरेलू नल कनेक्शन की प्रगति में वृद्धि करने एवं अन्य विभागों की अनुमतियों में तीव्रता लाने हेतु निर्देशित किया गया।

गुमशुदा युवती को रामनगर पुलिस ने सकुशल किया बरामद

अनूपपुर थाना रामनगर क्षेत्र के आमाडांड निवासी श्री रामखेलावन (काल्पनिक नाम) की 22 वर्षीय पुत्री कु. रानी (काल्पनिक नाम) के गुम हो जाने की रिपोर्ट विगत माह दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रामनगर में गुम इंसान क्रमांक 22/25 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई थी। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक 05 जून 2025 को युवती को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। युवती को आवश्यक कार्यवाही उपरांत परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।   इस सफलता में थाना प्रभारी रामनगर एवं प्रधान आरक्षक विनोद मिंज की विशेष भूमिका रही है ।

मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई

माँ क्षिप्रा के कल कल बहते शुद्ध जल के साथ होगा सिंहस्थ का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ यादव  ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान माँ ‍क्षिप्रा में कल कल बहता शुद्ध जल प्रवहमान रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामघाट पर सपत्नीक पूजा-अर्चना के साथ माँ ‍क्षिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी चढ़ाई। उन्होंने प्रदेश की उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि काल के प्रत्येक प्रवाह में उज्जैन नगरी का अस्तित्व रहा है, यह नगरी सदैव जीवंत रही है। सम्राट विक्रमादित्य ,सम्राट अशोक से लेकर कई प्रतापी सम्राटों की कर्मभूमि यह अवंतिका नगरी रही है। यह नगरी कई ऐतिहासिक घटनाओं को अपने में समेटे हुए हैं। माँ ‍क्षिप्रा कई ऐतिहासिक गतिविधियों की साक्षी है, मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी देवताओं की राजधानी है। इस नगरी का संबंध महाकवि कालिदास तथा राजा भृतहरी जैसे इतिहास पुरुषों से है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन गरीब कल्याण का संकल्प लेकर कार्य कर रहा है। औद्योगिक विकास के लिए निवेश की संपूर्ण संभावनाओं के साथ विकास जारी है। सकारात्मक औद्योगिक नीति के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है । शिक्षा तथा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में उल्लेखनीय रूप से मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि हुई है। देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को भी पूर्ण सम्मान के साथ अपनाया जा रहा है। जल भंडारण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। हम अपने तीज त्योहारों को संपूर्ण आस्था के साथ मना रहे हैं तीज त्यौहार हमें प्रकृति तथा परमात्मा से जोड़ते हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक नई पहचान बना रहा है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन दिव्य स्वरुप में होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश का भाग्य बदल रहा है उन्होंने कहा कि मां क्षिप्रा के घाटों पर आरती की भव्यता सदैव स्मरणीय है। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि माँ शिप्रा का जल सदैव प्रवाह मान रहे कल कल रूप से निरंतर बहता रहे। आगामी सिहस्थ के दौरान माँ शिप्रा के पक्के घाटों पर सुविधाजनक ढंग से करोड़ों लोग दिव्य स्नान कर सकेंगे। कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम तिवारी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लेजर शो हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में ऋषिकेश से पधारे स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे।  

बलकर ट्रक की टक्कर से अधेड़ महिला की मौत, ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों का किया विरोध

बड़ामलहरा बड़ामलहरा पुलिस अनुभाग के थाना बमनौरा के अर्तगत गुरुवार को दोपहर करीब ढाई के दरम्यान एक बलकर ट्रक ने एक अधेड़ महिला को बमनोरा हीरापुर रोड पर टक्कर मार दी जिसमे महिला की मौके पर ही मौत हो गई है। आपको बता दे ट्रक दमोह हीरापुर की ओर से आ रहा था उसी समय महिला रोड़ पर किसी काम से घर से बाहर निकली और और ट्रक तेज रफ्तार में होने से टक्कर हो गई जिससे महिला शीला बाई लोधी पर चढ़ गया और शीला बाई लोधी की मौके पर मौत हो गई। जैसे ग्रामीणों ने यह हादसा देखा तो तत्काल बमनोरा पुलिस को सूचना और बलकर ट्रक को पुलिस ने पकड़ लिया और थाना परिसर में रखवा दिया। मौके पर पुलिस ने जाकर शव को अपने कब्जे लिया और शव पंचनामा तैयार कर शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस प्रधासन पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है ग्राम बमनोरा से भारी वाहन जो ओवरलोड चलते है वह भारी संख्या में ऐसे वाहनों की आवाजाही लगी रहती है जबकि इन वाहनों को यहां से निकलने के लिए किसी भी प्रकार से कोई अनुमति नही है फिर भी यह ओवरलोड वाहन यहां से गुजरते है यहां पर इन्ही वाहनों की बजह से यहां की सड़क पूर्ण रूप से खस्ताहाल हो गई है साथ यह सड़क आबादी से होकर गुजरती है यहां से भारी वाहनों की आवाजाही से आय दिन पशुओं की मौते हो रही लगातार जनहानि भी हो रही पिछली साल भी इन्ही भारी बलकर ट्रक से एक कि मौत हुई थी लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नही उठा रहा है।

जानिए कौन-सी कम बुरी चॉइस, 5 ड्रिंक्स की रैंकिंग आई सामने

नई दिल्ली भारत में शराब पीना एक आम सामाजिक व्यवहार बनता जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से यह आदत नुकसानदायक मानी जाती है।  राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21)  के अनुसार, भारत में 15-49 वर्ष की उम्र के लगभग  22.4% पुरुष और 0.7% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। हालांकि, यह आंकड़े राज्य दर राज्य अलग-अलग हैं। अरुणाचल प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों में पुरुषों में शराब सेवन की दर सबसे अधिक पाई गई है। जब इतनी बड़ी संख्या में लोग शराब का सेवन कर रहे हैं, तो यह जानना जरूरी हो जाता है कि कौन-सी शराब सबसे कम हानिकारक हो सकती है। आइए जानते हैं एल्कोहॉल कंटेंट के आधार पर 5 प्रमुख शराबों की रैंकिंग और उनमें से कौन-सी विकल्प थोड़ी ‘बेहतर’ मानी जा सकती है। बीयर  एल्कोहॉल कंटेंट:  4-6% बीयर में एल्कोहॉल की मात्रा कम होती है और इसमें कुछ विटामिन्स और खनिज पदार्थ भी पाए जाते हैं। हालांकि ज़्यादा मात्रा में पीने पर वजन बढ़ना और लीवर को नुकसान संभव है। यदि कभी-कभार पीना हो, तो बीयर को एक हल्का विकल्प माना जा सकता है।   साइडर एल्कोहॉल कंटेंट: 4-7% साइडर सेब से बनता है, जिसमें फाइबर और विटामिन्स होते हैं। इसकी एल्कोहॉल मात्रा भी बीयर जैसी ही होती है।  एक मीठा और हल्का विकल्प, लेकिन कम मात्रा में ही सेवन करें। वाइन एल्कोहॉल कंटेंट:  11-13%  खासकर रेड वाइन में एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे रेस्वेराट्रॉल पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है।  सीमित मात्रा (1 ग्लास) में रेड वाइन को कभी-कभी पीना कम हानिकारक हो सकता है। वोडका एल्कोहॉल कंटेंट:  35-50% एल्कोहॉल की मात्रा अधिक होती है। वोडका को “क्लीन ड्रिंक” कहा जाता है क्योंकि इसमें बहुत कम स्वाद और गंध होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सुरक्षित है। उच्च मात्रा में बेहद हानिकारक, केवल संयमित सेवन ही करें। व्हिस्की एल्कोहॉल कंटेंट:  40-50% एल्कोहॉल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सीमित मात्रा में यह रक्तसंचार में मदद कर सकती है, लेकिन यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है। अगर पीनी ही हो, तो बहुत सीमित मात्रा में।  शराब का कोई भी रूप स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। लेकिन यदि आपको कभी-कभार पीनी हो, तो बीयर, रेड वाइन या साइडर जैसे विकल्पों को कम मात्रा में चुना जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि शराब पीने से बचना ही सबसे स्वस्थ विकल्प है । इसलिए “थोड़ी नहीं, बिल्कुल नहीं-शराब से दूरी ही समझदारी है।”  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गंगा दशहरा पर्व पर पंच दशनाम जूना अखाड़ा स्थित नीलगंगा सरोवर पर किया पूजन

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंगा दशहरा पर्व पर पंच दशनाम जूना अखाड़ा स्थित नीलगंगा सरोवर पर पूजन कर गंगा दशहरा की मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीलगंगा सरोवर का जीर्णोद्धार लगभग 4 करोड़ की लागत से किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के दुश्मनों को परास्त किया। कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज, प्रेम गिरी जी महाराज और श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

15 जून को बंद हो जाएंगे ‘मिनी गोवा’ कहे जाने वाले पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार

पीलीभीत पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का जंगल न सिर्फ बाघों को लेकर बल्कि प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर भी सैलानियों को आकर्षित करता है। पीटीआर की खूबसूरती पर चार चांद लगाता है चूका बीच। जंगल और शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच का नजारा सैलानियों के लिए गोवा का एहसास करता है। इसलिए इसे मिनी गोवा भी कहा जाता है। सात महीने तक चलने वाले पर्यटन सत्र के दौरान हजारों सैलानी यहां आकर प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारते हैं। जंगल सफारी का रोमांच भी देखने को मिलता है। इस पर्यटन सत्र के कुछ ही दिन बचे हैं। 15 जून की शाम सात बजे पीटीआर सैलानियों के लिए बंद हो जाएगा। इस सत्र में अब तक 50 हजार सैलानियों ने चूका बीच और जंगल की सैर की। अंतिम दिनों में सैलानियों की आमद बढ़ गई हैं। वीकेंड पर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व बेहतर विकल्प हो सकता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच के द्वार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोल दिए जाते हैं। इसके बाद करीब सात माह तक चूका बीच और जंगल का क्षेत्र गुलजार रहता है। इस दौरान जनपद के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी सैलानियों की आमद रही। चूका बीच से सटे इलाके में स्थित शारदा डैम में हिलौरे लेता पानी और हरियाली के बीच बनी खूबसूरत हटें उनके आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इस दौरान बाघों के अधिक दीदार ने भी पीटीआर को नई पहचान दिलाई। सैलानियों की आमद से लेकर आय तक के पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए। आंकड़ों की बात करें तो इस बार अबतक 50 हजार सैलानी यहां पहुंचे। पर्यटन सत्र 15 जून को बंद हो जाएगा। उम्मीद है कि पर्यटन सत्र के आखिरी दिनों में सैलानियों की संख्या में इजाफा हो सकता है।   पीलीभीत मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर स्थित मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर प्रवेश द्वार है। यहां से सैलानी अपने वाहन को खड़ा कर जंगल सफारी के वाहन से घूमते हैं। दरअसल पर्यटन स्थल पर निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसलिए वन विभाग की ओर से करीब 80 जंगल सफारी वाहनों की व्यवस्था की गई है। एक वाहन से अधिकतम छह लोग भ्रमण पर जा सकते हैं। जिप्सी वाहन का 4200 और जीनान वाहन का 5600 रुपये किराया है। इसमें छह सैलानी शामिल होते हैं। बरेली से 70 किलोमीटर दूर है चूका बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व दिल्ली से 350 और बरेली से 70 किलोमीटर दूर है। चूका बीच आने वाले सैलानियों के लिए ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था है। इसमें चूका बीच में बनी वाटर, ट्री, बैंबो और थारू हट बुक कर सकते हैं। सैलानी ऑनलाइन वेबसाइट upecotourism.in पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। इसी क्षेत्र में पौराणिक महत्व का गोमती नदी का उद्गम स्थल है। चूका बीच के अलावा पर्यटन में यह है खास पर्यटन सत्र के दौरान पीटीआर में चूका बीच के अलावा बराही रेंज में स्थित सायफन, सप्तसरोवर के अलावा बाइफरकेशन खास है। यहां का खूबसूरत नजारा भी सैलानियों को खूब पसंद आता है। चूका बीच की तर्ज पर बराही रेंज में स्थित सप्तसरोवर को विकसित किया गया है। यहां चार खूबसूरत हट बनाई गई हैं, जिसमें सैलानियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।  

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