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वायरल गर्ल केस में बड़ा खुलासा, सीरिया कनेक्शन की जांच तेज; पासपोर्ट रद्द करने की मांग

खरगोन कुंभ मेले में माला बेचते हुए चर्चित हुई जिले के महेश्वर की मोनालिसा के केरल में फरमान खान से शादी के बाद पूरा परिवार सकते में है। वहीं यह विवाह विवादों के साथ ही युवती की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के बेटी को बरगला कर विवाह करने व चोरी-छुपे विदेश भेजने की चल रही शिकायत के बाद अब जनप्रतिनिधि भी चिंतित नजर आ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे के साथ महेश्वर विधायक राजकुमार मेव व बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने एसपी रविंद्र वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मोनालिसा के परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज करने की मांग की गई। पासपोर्ट निरस्त करने और फर्जी दस्तावेजों की जांच पर जोर मोनालिसा को सीरिया भेजे जाने की तैयारी की जानकारी लगातार सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में उसका पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने बताया मोनालिसा के पासपोर्ट बनवाने में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है, जिसकी जांच जरूरी है। इस तरह फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जाए, जिससे देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों की पहचान हो सके। जनप्रतिनिधियों ने उक्त शादी को सुनियोजित ‘लव-जिहाद’ करार दिया। दावा: नाबालिग है मोनालिसा, लालच देकर ले गया फरमान विधायक मेव ने कहा परिवार के अनुसार मोनालिसा नाबालिग है। फरमान उसे फिल्मों में काम देने का लालच देकर केरल ले गया। वहां उसे डरा-धमकाकर शादी की। बगैर परिवार की सहमति और नाबालिग से विवाह करना गैरकानूनी है। विधायक मेव ने एसपी से कहा कि “मेरी विधानसभा की गरीब परिवार की बेटी है। परिवार चिंतित है। मोनालिसा को परिवार से मिलवाया जाए।” विधायक मेव, विधायक बिरला और जिलाध्यक्ष ब्राह्मणे ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम लव जिहाद जैसी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ा नजर आ रहा है। कानूनी कार्रवाई और विवाह की वैधता पर उठाए सवाल विधायक द्वय ने कहा हम किसी दूसरे धर्म में शादी के खिलाफ नहीं, लेकिन शादी से पहले न तो फरमान ने धर्म परिवर्तन किया, न ही मोनालिसा ने। ऐसी स्थिति में यह शादी मान्य नहीं होती। साथ ही गैर हिन्दू व्यक्ति के मंदिर में शादी करना हिन्दू धर्म का अपमान है। इस शादी में शामिल लोगों और शादी की अनुमति देने वालों को भी दोषी बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों ने मामले में तेजी से जांच करने की मांग की है।  

जैश-ए-मोहम्मद में अंदरूनी हलचल? मसूद अजहर के ईद संदेश के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा

नई दिल्ली जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर हमेशा ईद-उल-फितर से पहले अपने समर्थकों और कैडर के लिए मैसेज जारी करता है। एक बार फिर उसने अपने कैडर और समर्थकों के लिए एक ऑडियो क्लिप जारी किया है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों के अधिकारी ने इस क्लिप में कुछ अलग नोटिस किया है। एजेंसियों के अनुसार, अपने ईद मैसेज में, अजहर टूटा हुआ लग रहा था और भारत के खिलाफ उसका सामान्य गुस्सा भरा मैसेज भी बहुत कमजोर लग रहा था। जैश-ए-मोहम्मद पर नजर रखने वाली भारतीय एजेंसियों का कहना है कि संगठन के अंदर सब ठीक नहीं है, अजहर बहुत बीमार लग रहा है, इसलिए कई लोग नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। आतंकी संगठन के अंदर, कई लोगों को लगता है कि मौजूदा हालात से कोई मदद नहीं मिल रही है और यह बहुत सारे कामों को रोक रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि अगर कोई ध्यान दे, तो इस बार लश्कर-ए-तैयबा ज्यादा सक्रिय लग रहा है। लश्कर के नेतृत्व को हमास के सदस्यों के साथ घुलते-मिलते देखा गया है। दूसरी ओर, जैश-ए-मोहम्मद साफ तौर पर शांत है और बड़े कार्यक्रमों से गायब है। इससे जैश के नेतृत्व के अंदर खींचतान का पता चलता है। कई लोगों को एहसास है कि अजहर को बदलना आसान नहीं होगा। ऐसा करने से कैडर का हौसला और भी गिरेगा। हालांकि, दूसरों को लगता है कि अगर सही कमांड नहीं होगी, तो संगठन खत्म होने लगेगा। फिलहाल कोई मजबूत लीडर न होने की वजह से इस संगठन के सदस्यों का बर्ताव भी बदल गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लॉन्चपैड हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जैश-ए-मुहम्मद के मुकाबले लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव ज्यादा सक्रिय दिखते हैं। पहले तो लगा कि जैश-ए-मोहम्मद यह दिखाने के लिए नाटक कर रहा है कि अजहर बीमार और टूटा हुआ है। ऐसा माना जा रहा था कि ऐसा जेईएम चीफ को भारतीय सेना के निशाने से बचाने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, अब इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह पुष्टि कर दी है कि अजहर के साथ सब ठीक नहीं है और टॉप शीर्ष नेतृत्व बदलने को लेकर बहस कर रहा है। एक और अधिकारी ने कहा कि संगठन इस बात को लेकर दुविधा में है कि अजहर के परिवार के किसी सदस्य को चीफ बनाया जाए या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे ऑपरेशन का अनुभव हो। अधिकारी ने बताया कि कैडर को एकजुट रखने के लिए परिवार का कोई सदस्य पहला ऑप्शन होगा। हालांकि, आतंकी संगठन को एक मजबूत कमांडर की भी जरूरत है। मिलिट्री मामलों के इंचार्ज अब्दुल जब्बार एक ऑप्शन हो सकता है क्योंकि वह ऑन-ग्राउंड ऑपरेशन देखता है, जिसमें लॉजिस्टिक्स और प्लानिंग भी शामिल है। अजहर के भाई, तल्हा अल सैफ के चुने जाने की उम्मीद कम है, क्योंकि उसका मुख्य काम जैश-ए-मोहम्मद की फंडिंग के लिए डिजिटल वॉलेट मैनेज करने तक ही सीमित रहा है।

पुलिस सैलरी पैकेज योजना: कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। बड़वानी एवं मुरैना में हुई घटनाओं में दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है। पुलिस बल बड़वानी में पदस्थ स्व. आरक्षक  जयेश वर्मा का एक दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा अंजड़ में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक  पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया। इससे पूर्व सागर जिले में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में बीडीडीएस टीम के पुलिसकर्मियों के निधन के बाद मुरैना में स्व. आरक्षक  प्रद्युम्न दीक्षित एवं स्व. आरक्षक  अनिल कौरव के परिजनों को भी एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना  समीर सौरभ ने परिजनों को उक्‍त राशि के चेक सौंपे। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

रेलवे का बड़ा फैसला: भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में थर्ड AC कोच बढ़ाए गए

भोपाल गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्री भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली दो प्रमुख ट्रेनों अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में आसानी होगी और यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

ईरान युद्ध से LPG आपूर्ति पर दबाव, सरकार ने बताया—घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक भारत भी इससे अछूता नहीं है। केंद्र सरकार लगभग प्रतिदिन ही लोगों को शांत रहने की अपील कर रही है, लेकिन जनता के बीच में डर बना हुआ है। आज भी पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि फिलहाल देश में संतोषजनक मात्रा में एलपीजी मौजूद है। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कोई कमी सामने नहीं आई है। इसके अलावा देश में क्रूड ऑयल के भी पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों, घरेलू पीएनजी और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की सप्लाई भी लगातार जारी है। देश की जनता से शांति की अपील करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस संकट के बीच सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार बताया। उन्होंने कहा, “कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन सामान्य है। पेट्रोल पंपों पर भी कहीं भी सूखा (ड्राई-आउट) नहीं देखा गया है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की भी पर्याप्त सप्लाई बनी हुई है।” उन्होंने कहा, “हम पिछले कुछ दिनों से व्यापारिक एलपीजी उभोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि जहां तक संभव हो, एलपीजी से सीएनजी की ओर शिफ्ट करें, सरकार इस दिशा में कंपनियों को भी प्रोत्साहन दे रही है।” पीएनजी पर शिफ्ट हो रहे उपभोक्ता: सरकार एलपीजी संकट के बीच में सरकार ने पीएनजी की ओर उपोभोक्ताओं को शिफ्ट करने के काम में तेजी लाई है। इस प्रक्रिया को आसान भी बनाया गया है। सुजाता शर्मा ने बताया, “भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त वाणिज्यिक पीएनजी देने का वादा किया है, यह प्रक्रिया पीएनजी नेटवर्क को मजबूत और विस्तार देने में मदद करेगी। हमारे इन संयुक्त प्रयासों से पिछले दो हफ्तों में लगभग 1,25,000 नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी में भी शिफ्ट हुए हैं।” पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चिंता का विषय: सरकार मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया में तेल रिफाइनरियों और क्रूड ऑयल भंडारों पर होते हमलों को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, कहीं भी कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग भी बढ़कर 94 फीसदी हो गई है। इसके अलावा 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के माध्यम से की जा रही है। घबराहट में की जाने वाली बुकिंग (पैनिक बुकिंग) में कमी आ रही है। लगभग 17 राज्य सरकारों ने वाणिज्यिक एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति आवंटित की जा चुकी है।” पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा एमईए ने भी इस संकट को लेकर अपना पक्ष रखा। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से केवल भारत ही नहीं लगभग सभी देशों में ऊर्जा का संकट है। उन्होंने बताया कि कतर, से भारत की लभगभ 40 फीसदी से ज्यादा एलपीजी आती है, ऐसे में जब उनकी रिफाइनरियों पर हमला होता है और होर्मुज बंद रहता है, तो भारत में भी इसका असर देखने को मिलता है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार इसका विकल्प खोजने का प्रयास कर रही है।  

धुरंधर 2 में बड़ा सरप्राइज! बड़े साहब की एंट्री से मचा तहलका, दाऊद की जिंदगी से जुड़े नए राज

मुंबई धुरंधर 2 देखने वालों के मन में बड़े साहब को लेकर जो सवाल था उसका जवाब तो मिल गया। अब दाऊद को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रह गए हैं। दाऊद अब कहां है, जिंदा है या नहीं, कैसा दिखता है, उम्र क्या है। ये तो सब जानते हैं कि दाऊद इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है। उस पर 1993 में हुए मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स सहित कई संगीन आरोप हैं। धुरंधर के पहले पार्ट में उसे बड़े साहब के नाम से बुलाया जाता है लेकिन चेहरा रिवील नहीं किया गया। धुरंधर द रिवेंज में दाऊद दिखाया गया है। हालांकि लुक ऐसा जो ज्यादातर लोगों के लिए शॉकिंग था। भारत में था दाऊद का परिवार दाऊद इब्राहिम का जन्म भारत में हुआ लेकिन वह इंडिया का ही दुश्मन बन गया। दाऊद 80 के दशक में भारत से भागा। ऐसा भी नहीं था कि वह रातोंरात बिना कुछ लिए भागा हो। उसे पाकिस्तान का सपोर्ट था और प्लानिंग के साथ तगड़ा पैसा लेकर भारत से भागा। मुंबई के पूर्व कमिश्नर डी शिवनंदन उन लोगों में से हैं जिन्हें मुंबई से अंडरवर्ल्ड का सफाया करने का क्रेडिट दिया जाता है। वह एएनआई के पॉडकास्ट में बता चुके हैं कि 1984 में दाऊद इब्राहिम अरेस्ट हुआ था। उसने बेल ली और तभी वो दुबई भाग गया था। जब डी शिवनंदन से पूछा गया कि क्या दाऊद का परिवार भी दुबई में है? इस पर डी शिवनंदन ने जवाब दिया कि दाऊद का परिवार भारत में ही था। उसके भाई अनीस, नूरा, इकबाल। अनीस दुबई में था, नूरा मर चुका है। दाऊद के पिता थे हलवदार शिवनंदन ने बताया कि दाऊद के 12 भाई-बहन थे। उसके पिता इब्राहिम कासकर क्राइम ब्रांच में हलवदार थे। उन्होंने बताया कि दाऊद दुबई भाग गया। उसे किसी ने सलाह दी थी जिस वजह से कभी टीवी पर नहीं दिखा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी ज्ञानी ने उसको स्ट्रैटजी दी थी कि किसी एफआई आर में नाम नहीं आना चाहिए। शिवनंदन का यह पॉडकास्ट नवंबर 2025 का है। कैसा दिखता है दाऊद दाऊद इब्राहिम की उम्र अब 70 साल के आसपास है। उसका जन्म 26 जनवरी 1955 में हुआ था। दाऊद अब कैसा दिखता है, ये किसी को नहीं पता। शारजाह के एक मैच में दाऊद की फोटो कैप्चर की गई थी। यह 1986 की बात है। साल 2015-16 के आसपास दाऊद की एक धुंधली सी तस्वीर मीडिया में आ चुकी है। कहां है दाऊद? आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दाऊद का ठिकाना पाकिस्तान का कराची शहर है। पाकिस्तानी दस्तावेज में दाऊद इब्राहिम का पता कराची में वाइट हाउस, सऊदी मस्जिद के पास बताया गया है। इसके अलावा कराची के डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके और नूराबाद में भी उसकी संपत्तियों का जिक्र किया गया है। दाऊद इब्राहिम के खिलाफ जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस में कराची में उसके दो पते दर्ज हैं, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके में मकान नंबर 37 और शहर के पॉश क्लिफ्टन रोड इलाके में सऊदी मस्जिद के पास वाइट हाउस। बताया जाता है कि ये दोनों जगहें एक-दूसरे से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर हैं।

बिहान योजना से फुलकुंवर बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी

रायपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खडगवां ब्लॉक के ग्राम बेलबहरा की रहने वाली फुलकुंवर की कहानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। एक समय था जब फुलकुंवर एक साधारण गृहिणी के रूप में अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही थीं और उनके पति राम विशाल खेती-किसानी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की मासिक आमदनी लगभग 40 से 50 हजार रुपए के बीच थी, लेकिन बढ़ती जरूरतों के बीच यह आय पर्याप्त नहीं थी और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। जीवन में बदलाव की शुरुआत उस दिन हुई जब फुलकुंवर ने “जय माँ दुर्गा स्व सहायता समूह” की बैठक में भाग लिया। इस दौरान क्लस्टर “अटल महिला संकुल संगठन देवाड़ाड” के अंतर्गत आयोजित बैठक में सीआरपी पूनम साहू द्वारा बिहान योजना की जानकारी दी गई। इस योजना ने फुल कुवर के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने समूह से जुड़कर बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्राप्त किया और उस राशि का उपयोग सेंट्रिंग प्लेट खरीदने में किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे पक्के मकानों में सेंट्रिंग प्लेट किराये पर देना शुरू किया। उनका यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। धीरे-धीरे उनकी आय में जबरदस्त वृद्धि होने लगी और आज फुलकुंवर सालाना 1 लाख से 1.5 लाख रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए भी मिसाल बन गई हैं। फुल कुवर की सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत, स्व-सहायता समूह की बैठकों में नियमित भागीदारी और बिहान कार्यालय से समय-समय पर मार्गदर्शन लेना प्रमुख कारक रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा और अवसर मिले तो कोई भी महिला अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे ‘आनंद के आयाम – राष्ट्रीय संगोष्ठी’ का शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य आनंद संस्थान, आनंद विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘आनंद के आयाम – राष्ट्रीय संगोष्ठी’ का शुभारंभ करेंगे। संगोष्ठी स्वर्ण जयंती सभागार, आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी, भोपाल में 20 मार्च को सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी। इसमें हार्टफुलनेस संस्थान, हैदराबाद के  कमलेश डी. पटेल (दाजी) मुख्य संबोधन देंगे। संगोष्ठी में आनंद और प्रसन्नता के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी में ‘आनंद’ के विषय-विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल होंगे। राज्य आनंद संस्थान की स्थापना वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नागरिकों के बीच आंतरिक कल्याण, भावनात्मक दृढ़ता और मूल्य-आधारित जीवन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। मध्यप्रदेश देश का पहला और एकमात्र राज्य है, जहां ‘आनंद विभाग’ कार्यरत है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य नागरिकों में आनंद, आंतरिक कल्याण की भावना और मूल्य-आधारित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन सुशासन और जनभागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

उत्तम नगर मामला: हाईकोर्ट बोला—ईद ही नहीं, रामनवमी तक रखें पुख्ता इंतजाम

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने ईद के मौके पर शहर के उत्तम नगर इलाके में हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस को वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत ने पुलिस को वहां रामनवमी के त्योहार तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी कहा है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को एक नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब तलब भी किया है।। हाई कोर्ट ने यह निर्देश उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिमों को ईद के त्योहार पर दी जा रही ‘खून की होली’ खेलने की धमकियों के बीच दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को होगी। ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से कहा, ‘पुलिस की व्यवस्था से सभी में सुरक्षा की भावना पैदा होनी चाहिए। इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई भी किसी तरह की गलत हरकत ना कर सके।’ साथ ही उत्तम नगर इलाके में किसी भी अप्रिय या अवांछित स्थिति को रोकने के लिए अदालत ने अधिकारियों से सभी आवश्यक कदम उठाने को भी कहा। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की एक डिवीजन बेंच ने दिल्ली पुलिस द्वारा इलाके में की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का संज्ञान लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईद बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो जाए। इस दौरान कोर्ट ने इलाके की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए उन सभी जरूरी कदमों को उठाने के लिए कहा, जिनसे इलाके में ईद के दिन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके, साथ ही इलाके में कोई अप्रिय स्थिति ना बने। बता दें कि दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए विवाद में हिंदू युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही इलाके का सांप्रदायिक माहौल ठीक नहीं चल रहा है। वहीं अब ईद का त्योहार करीब आने पर कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को ‘खून की होली खेलने’ जैसी धमकियां दी हैं। जिसके बाद उत्तम नगर में रहने वाले मुस्लिम परिवारों में खौफ का माहौल है और वो अपने घर छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल उत्तम नगर के हस्तसाल गांव में रहने वाले कई मुस्लिम परिवार ईद से पहले इस खून की होली वाली धमकी मिलने के बाद और स्थिति समान्य होने तक यहां से चले जाने की सोच रहे हैं। बातचीत में ऐसे कई परिवारों ने अपनी मंशा जाहिर की है। इनका कहना है कि होली पर 26 साल के युवक की हत्या के बाद अलग-अलग समुदायों से जुड़े धार्मिक समूहों ने जिस तरह धमकियां दीं उससे माहौल बहुत डरावना हो गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं और किसी ने उन्हें इस तरह की योजना के बारे में नहीं बताया है।

MP Agniveer Bharti: रिकॉर्ड तोड़ आवेदन, अब तक 27 हजार पार पहुंची संख्या

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का जुनून ग्वालियर और चंबल सहित प्रदेश के 10 जिलों के युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि इस साल अग्निवीर भर्ती के लिए होने वाले ऑनलाइन आवेदनों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक ऑनलाइन आवेदन की संख्या 27 हजार 356 तक पहुंच गई है। एक अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन होंगे यानी अब भी 13 दिन शेष हैं। सेना भर्ती कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि इस बार ग्वालियर और चंबल अंचल के युवाओं में सेना की वर्दी के प्रति दीवानगी और बढ़ रही है। रिक्तियों की संख्या अधिक, सेना के अधिकारी भी उत्साहित अग्निवीर के प्रति बढ़ते रुझान से सेना के अधिकारी भी उत्साहित हैं। इस साल सेना में अधिक संख्या में सैनिक सेवानिवृत्त हुए, इससे सेना की हर यूनिट में रिक्तियाँ अधिक हैं। आकलन के मुताबिक अकेले ग्वालियर सेना भर्ती कार्यालय को ही करीब दो हजार अग्निवीरों की रिक्तियों पर भर्ती करनी है। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, जब अभ्यर्थी अधिक होंगे तो मैदान से लेकर लिखित परीक्षा तक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इससे कट-ऑफ ऊपर जाएगा और कुशल व ऊर्जावान अग्निवीर सेना को मिलेंगे, जो तकनीकी रूप से भी मजबूत होंगे। जिलावार आवेदनों का विवरण जिला – आवेदन संख्या     मुरैना – 8983     भिंड – 5520     शिवपुरी – 3303     ग्वालियर – 2970     सागर – 1826     टीकमगढ़ – 1612     दतिया – 1052     छतरपुर – 887     निवाड़ी – 854     श्योपुर – 349     कुल – 27356 तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए बढ़ा रुझान अग्निवीर तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए इस बार आवेदन बढ़े हैं। पहले 200 से 300 ही आवेदन 10 जिलों से आते थे, लेकिन इस बार संख्या अधिक है। अग्निवीर तकनीक के लिए 1892 अभ्यर्थी और अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट के लिए 891 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। अभ्यर्थी बढ़ने की तीन बड़ी वजहें अधिकतम उम्र 22 वर्ष: पिछले साल तक अग्निवीर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 21 वर्ष निर्धारित थी। इसे एक वर्ष बढ़ाकर 22 वर्ष कर दिया गया है। केंद्रीय बलों में आरक्षण: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीआईएसएफ (CISF), बीएसएफ (BSF) सहित अन्य सीएपीएफ (CAPF) में 50 प्रतिशत तक कोटा अग्निवीरों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। इससे अब अग्निवीर का कार्यकाल पूरा होने के बाद इनके अभ्यर्थियों के सामने भविष्य का संकट नहीं है। सीएपीएफ में ये आसानी से जा सकेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में मिली सराहना: ऑपरेशन सिंदूर में अग्निवीरों ने बेहतर प्रदर्शन कर दुश्मन को धूल चटाने में किया। ड्रोन अटैक में भी अग्निवीरों का बेहतर प्रदर्शन रहा, जिसे देशभर में सराहना मिली। इसलिए अब युवा सेना में जाने के लिए बेताब हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए एक अप्रैल तक आवेदन होंगे। अभी 27 हजार 356 अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। यह संख्या अभी और बढ़ेगी। इससे कुशल और ऊर्जावान अग्निवीर सेना को मिलेंगे। जो युवक सेना में जाना चाहते हैं, वे अभी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। – कर्नल पंकज कुमार, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर

मुख्यमंत्री ने जल के अपव्यय रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए दिलाई शपथ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है। जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है। शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है। ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत्, चेटीचंड, चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए प्रदेश में तीसरे चरण के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्यप्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ौसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। हमारी सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ लागत से लिम्बोदी तालाब, 3.82 करोड़ लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि ‘जल ही जीवन है, जल है तो कल है’ के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी शामिल हुए। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और गौ माता की पूजा कर उन्हें गौ-ग्रास खिलाया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण बन रहा है राष्ट्रीय अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के जानापाव से निकली चंबल आगे बढ़कर यमुना में मिलकर गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह है, जो पृथ्वी माता को जीवन देती हैं। ब्रह्मांड में जल के महत्व से हम सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अगर जीवन को सफल करना है तो प्राचीन समय के उन कुएं, नदियां, तालाब, बावड़ी का जीर्णोद्धार करना होगा, जिनका सम्राट विक्रमादित्य, लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर, महाराज सिंधिया ने निर्माण कराया था। उन्होंने बताया कि इंदौर में 21 बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराया गया है। जल है तो कल है वाक्य की गंभीरता को हर व्यक्ति को स्वीकार करना होगा। भारतीय संस्कृति पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हो रहा है। आज का दिन सम्राट विक्रमादित्य का स्मरण करने का दिन है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी वीरता, गंभीरता, दानवीरता और लोकप्रियता के बल पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। भारतीय संस्कृति, पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति है। प्रकृति में ऋतुओं का राजा बसंत है और भारतीय नववर्ष के मौके पर चारों ओर बसंत की आकर्षक छटा दिखाई देती है। सनातन संस्कृति में मौसम, ऋतुओं और मंगल तिथियों के आधार पर पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं। इन तिथियों पर मंगल कार्य संपन्न किए जाते हैं। इसलिए ऐसे त्योहारों की मंगलकामनाएं होनी चाहिए। जबकि शुभकामनाएं जन्मदिवस, यात्रा आरंभ, साक्षात्कार, परीक्षा जैसे अवसरों पर देनी चाहिए। नवरात्रि, रामनवमी, दशहरा जैसी मंगल तिथियां हैं, इसलिए मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान ही उचित है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग में बरतें विशेष सावधानी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक संसाधन जीवन को सुखद और आनंदमय बनाने के लिए हैं। बिजली से ए.सी. चलाते समय खिड़की-दरवाजे बंद रहने से संकट की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए घरों में बिजली के सर्किट, कॉमर्शियल लाइनें और उपभोक्ताओं की लाइनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। रात में अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता स्वयं करनी चाहिए। ऐसे सभी प्रयासों में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। बुधवार को इंदौर में हुई अत्यंत दु:खद घटना में नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है। राज्य सरकार विशेषज्ञों से चर्चा कर समस्या का सामाधान निकालने पर कार्य करेगी। जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा कि राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की नगरी के इस्कॉन मंदिर से हो रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीसरी बार पानी की एक-एक बूंद सहेजने का निर्णय लिया है। इस अभियान में प्रदेश में नदियों, तालाब और नहरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। वर्षा जल का अधिक से अधिक संचय करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। कृषक कल्याण वर्ष में अनेक जन हितैषी निर्णय लिए गए हैं। राज्य में पिछले 2 वर्षों में सिंचाई का रकबा लगभग 8 लाख हैक्टेयर … Read more

आपदा राहत और विकास पर जोर, हिमाचल का 40 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट मंजूर

शिमला  हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने गुरुवार को वर्ष 2025-26 के लिए 40,461 करोड़ 95 लाख रुपए का अनुपूरक बजट पारित कर दिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में यह बजट पेश किया, जिसे ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक, 2026 भी पारित हो गया। इस अनुपूरक बजट में राज्य के विकास कार्यों, आपदा राहत और विभिन्न सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। कुल बजट में से 36,374 करोड़ 61 लाख रुपए राज्य योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 4,087 करोड़ रुपए केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए रखे गए हैं। राज्य योजनाओं के तहत सबसे बड़ा हिस्सा, 26,194 करोड़ 95 लाख रुपए, वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए तय किया गया है। इसके अलावा बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 4,150 करोड़ 14 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग विद्युत उत्पादन बढ़ाने, ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और बिजली बोर्ड से जुड़े वित्तीय सुधारों के लिए किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 818 करोड़ 20 लाख रुपए निर्धारित किए गए हैं, जबकि जलापूर्ति और सीवरेज योजनाओं के लिए 785 करोड़ 22 लाख रुपए रखे गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 657 करोड़ 22 लाख रुपए हिमकेयर, सहारा योजना, मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक जांच सुविधाओं के विकास पर खर्च किए जाएंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 555 करोड़ 89 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से शिमला में सब्जी मंडी, हमीरपुर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, नए बस अड्डे, खलीनी फ्लाईओवर और छोटा शिमला से विली पार्क तक अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट जैसे कार्य किए जाएंगे। सड़क, पुल और ग्रामीण संपर्क मार्गों के लिए 453 करोड़ 63 लाख रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम को यात्रियों को दी जा रही रियायतों के बदले 443 करोड़ 33 लाख रुपए का उपदान दिया जाएगा। शिक्षा और खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए 244 करोड़ 31 लाख रुपए और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय व सामाजिक योजनाओं के लिए 221 करोड़ 53 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय योजनाओं के तहत आपदा प्रबंधन के लिए 2,453 करोड़ 97 लाख रुपए, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 688 करोड़ 40 लाख रुपए और रेणुकाजी बांध विस्थापितों के मुआवजे के लिए 352 करोड़ 18 लाख रुपए रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि यह अनुपूरक बजट राज्य में विकास कार्यों को गति देने, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अभी खरीद लें FASTag पास! 1 अप्रैल से बढ़ने वाली है कीमत, जेब पर पड़ेगा असर

मुंबई नेशनल हाईवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag एनुअल पास शुरू किया था। इसे 6 महीने के अंदर 50 लाख से ज्यादा यूजर्स ने एक्टिव कराया हैं। इस दौरान 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं। NHAI ने बताया था कि नेशनल हाईवे (NH) नेटवर्क पर होने वाले कुल कार ट्रांजैक्शन में से लगभग 28% अब FASTag एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं, जो नेशनल हाईवे यूजर्स के बीच FASTag एनुअल पास की बढ़ती पसंद को दिखाता है। हालांकि, लोगों की यही पसंद आप उनकी जेब पर थोड़ी सी भारी पड़ेगी। दरअसल, NHAI ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए इस पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपए करने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। अभी इस पास की कीमत 3,000 रुपए है।   यह नई कीमत ‘राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008’ में बताए गए टोल रिवीजन मैकेनिज्म के अनुसार तय की गई है। यही नियम राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क को नियंत्रित करता है। FASTag एनुअल पास नॉन-कमर्शियल व्हीकलके लिए है और इसका इस्तेमाल भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क पर मौजूद लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है। व्हीकल में एक वैलिड FASTag लगा होना जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 56 लाख से ज्यादा वाहन चालक पहले ही इस एनुअल पास प्रोग्राम में अपना रजिस्ट्रेशनकरवा चुके हैं। FASTag एनुअल पास क्या है? सबसे पहले समझते हैं कि FASTag एनुअल पास क्या है? तो ये सालाना टोल पास एक तरह की प्रीपेड टोल स्कीम है, जिसे खास तौर से कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल के लिए तैयार किया गया है। नए पास की घोषणा करते समय नितिन गडकरी ने कहा था कि इसका उद्देश्य 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करना और सिंगल, अफॉर्जेबल लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सरल बनाना है। टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम को कम करके, भीड़भाड़ को कम करके और विवादों को कम करके, वार्षिक पास का उद्देश्य लाखों प्राइवेट व्हीकल ओनर्स के लिए एक फास्ट और आसान यात्रा का अनुभव देना है। खास बात ये है कि इसके लिए लोगों को नया टैग खरीदने के की जरूरत नहीं है, बल्कि ये आपके मौजूदा FASTag से जुड़ जाएगा। इसकी कंडीशन ये है कि आपका मौदूजा FASTag एक्टिव होना चाहिए और आपके व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा हो। यह योजना केवल NHAI और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। इसके लिए बार-बार ऑनलाइन रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह डेली पैसेंजर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह पास नॉन-ट्रांसफरेबल है। इसे सिर्फ रजिस्टर्ड व्हीक के साथ ही इस्तेमला कर पाएंगे। FASTag एनुअल पास कहां काम करेगा? FASTag एनुअल पास केवल NHAI द्वारा ऑपरेटेड राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर स्थित टोल प्लाजा पर ही काम करता है। जैसे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई-नासिक, मुंबई-सूरत और मुंबई-रत्नागिरी मार्ग आदि। राज्य राजमार्गों या नगरपालिका टोल सड़कों पर आपका FASTag सामान्य रूप से काम करेगा और टोल सामान्य रूप से वसूला जाएगा। जैसे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग), अटल सेतु, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे। ये सभी राज्य प्राधिकरणों द्वारा संचालित होते हैं। ऐसे एक्टिवेट करें फास्टैग एनुअल पास FASTag एनुअल पास एक्टिवेट करने को लेकर इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की तरफ एक नोटिफिकेशस जारी किया गया है। IHMCL ने नोटिफिकेशन में इस एनुअल पास से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। साथ ही, फास्टैग के एनुअल पास को एक्टिवेट करने का तरीका भी बताया है। IHMCL के मुताबिक, FASTag एनुअल पास को सिर्फ Rajmargyatra (राज मार्ग यात्रा) मोबाइल ऐप और NHAI पोर्टल पर जाकर ही एक्टिवेट किया जा सकेगा। इस पास को एक्टिवेट करने के लिए कार चालक को पहले अपने व्हीकल और उसके ऊपर लगे FASTag की एलिजिबिलिटी को वेरिफाई करना होगा। एक बार वेरिफिकेशन्स कंप्लीट होने के बाद 3000 रुपए का पमेंट करना होगा। यूजर द्वारा किया गया 3000 रुपए की पेमेंट कंफर्मेशन होने के बाद 2 घंटे के अंदर FASTag एनुअल पास एक्टिवेट हो जाएगा। यह एक्टिवेशन आपके मौजूदा फास्टैग पर ही होगा। FASTag एनुअल पास के लिए आपको न्यू फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है। फास्टैग एनुअल पास पर पेमेंट करने से अगले 1 साल तक या फिर 200 टोल पाल करने तक की वैलिडिटी मिलेगी। 7000 रुपए की बचत होगी इस पास की कीमत 3000 रुपए रखी गई है, जिसमें 200 यात्राएं शामिल हैं। एक यात्रा का मतलब एक बार टोल प्लाजा पार करना है। यानी प्रति टोल खर्च सिर्फ 15 रुपए ही खर्च होंगे। अभी 200 बार टोल पार करने पर करीब 10,000 रुपए खर्च होते हैं, लेकिन नई स्कीम में यह काम सिर्फ 3000 रुपए ही लगेंगे। इसका मतलब है कि पैसेंजर व्हीकल चलाने वालों की करीब 7000 रुपए की सीधी बचत होगी।

200 पदों के लिए फाइनल रिजल्ट घोषित, देखें चयन सूची

रायपुर आबकारी विभाग के अंतर्गत आबकारी आरक्षक के रिक्त 200 पदों की पूर्ति हेतु सीधी भर्ती के माध्यम से छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर (व्यापम) द्वारा 27 जुलाई 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। उक्त भर्ती परीक्षा का अंतिम उत्तर तथा परीक्षा परिणाम व्यापम की वेबसाइट पर 19 सितम्बर 2025 को प्रदर्शित किया गया। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग को उपलब्ध कराये गये परीक्षा परिणाम की प्राप्तांक सूची एवं परीक्षा से संबंधित अन्य अभिलेखों के आधार पर विज्ञापन में उल्लेखित वर्गवार, प्रवर्गवार रिक्तियों की संख्या के लगभग तीन गुना अभ्यर्थियों को मेरिट क्रम में चिन्हांकित किया गया। उनके मूल प्रमाण पत्रों (दस्तावेजों) का सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड की जॉच के लिए बुलाया गया, किन्तु पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद भी सत्यापन में अनुपस्थित एवं शारीरिक मापदण्ड में अपात्र पाये गये कुल 128 अभ्यर्थियों के नामों पर चयन प्रक्रिया में विचार नहीं करने संबंधी 12 मार्च 2026 को पत्र  जारी किया गया। शेष पात्र अभ्यर्थियों में से व्यापम द्वारा जारी मेरिट क्रम के आधार पर वर्गवार, प्रवर्गवार आबकारी आरक्षक पद के कुल 200 पदों के विरूद्ध 200 पदों पर अभ्यर्थियों की उपलब्धता अनुसार चयन सूची तथा 43 अनुपूरक (प्रतीक्षा) सूची जारी गई है।  अधिकारियों ने बताया कि आबकारी आरक्षक पद हेतु छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में व्यापम द्वारा जारी मेरिट सूची के आधार पर विभाग में दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड में पात्र पाये गये अभ्यर्थियों में से चयन हेतु उपयुक्त पाये गये अभ्यर्थियों की सूची मंडल की वेबसाईट  https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर अपलोड कर दी गई है। 

दिल्ली हाई कोर्ट में गौतम गंभीर की याचिका, बदनाम करने वाले कंटेंट को हटाने की उठाई मांग

नई दिल्ली इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई है। उन्होंने अपने नाम और तस्वीरों का अनधिकृत इस्तेमाल कर अपना प्रचार करने वालों के साथ-साथ एआई वीडियो और डीपफेक के जरिए फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों से हर्जाने की भी मांग की है। गंभीर ने अदालत से ऐसे ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश देने की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कुल 16 व्यक्तियों या संस्थानों को पार्टी बनाया है। गौतम गंभीर से पहले अनिल कपूर, अमिताभ बच्चन, सुनील गावस्कर जैसी हस्तियां भी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। इन हस्तियों ने अपनी आवाज, वीडियों या तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत का रुख किया था और पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की थी। दो बार के विश्व कप विजेता गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल वाद दाखिल किया है। उसमें उन्होंने अपने नाम, वीडियो, तस्वीरों का इस्तेमाल कर प्रचार करने वालों या इनका इस्तेमाल कर दुष्प्रचार करने वालों से 2.5 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। साथ में ये भी गुहार लगाई है कि उनकी उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाया जाए। वाद में कॉपीराइट ऐक्ट 1957, ट्रेड मार्क्स ऐक्ट 1999 और कमर्शन कोर्ट्स ऐक्ट 2015 के प्रावधानों का जिक्र करते हुए हाई कोर्ट से गुहार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अमिताभ बच्चन बनाम रजत नागी, अनिल कपूर बनाम सिंपली लाइफ इंडिया और सुनील गावस्कर बनाम क्रिकेट तक एवं अन्य मामले में हाई कोर्ट के दिए ऐतिहासिक आदेश का भी हवाला दिया है। एआई जैसी तकनीक से फर्जी वीडियो बना प्रचारित करने का आरोप गौतम गंभीर की लीगल टीम की तरफ से कहा गया है कि इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक पर तमाम ऐसे अकाउंट्स हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग, वॉइस क्लोनिंग टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करके गौतम गंभीर के असली से दिखने वाले वीडियो बना रहे हैं। उन फर्जी वीडियो में गंभीर के कथित बयानों को दिखाते, सुनाते हैं जो असल में उन्होंने कभी कहा ही नहीं होता है। ऐसे ही एक वीडियो में फर्जी तरीके से उनके कोच पद से इस्तीफा देने के ऐलान की बात रखी गई थी जिसने 29 लाख व्यूज बटोरे। इसके अलावा उन्होंने ईकॉमर्स प्लेफॉर्म्स को भी पक्ष बनाया है। गंभीर का दावा है कि ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उन पोस्टर्स या सामानों को बिकने दे रहे ही हैं जिन पर अनधिकृत रूप से उनका यानी गौतम गंभीर के नाम का इस्तेमाल किया गया है। गौतम गंभीर ने किन लोगों के खिलाफ किया है मुकदमा जानकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पैंटोला, लिजेंड्स रिवोलूशन, गुस्ताख एडिट्स, क्रिकेट मीमर 45, जेम्स ऑफ क्रिकेट, क्रिकएथ, सन्नी उपाध्याय, @imRavY_, ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक, एक्स कॉर्प, गूगल/यूट्यूब, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्यूनिकेशंस। क्या होता है पर्सनैलिटी राइट? पर्सनैलिटी राइट किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व की रक्षा से जुड़े हैं। भारतीय संविधान में अलग से इस तरह के किसी अधिकार की व्यवस्था नहीं है बल्कि यह अनुच्छेद 21 के तहत मिले निजता के अधिकार के तहत ही आता है। पर्सनैलिटी राइट्स में दो तरह के अधिकार शामिल होते हैं- राइट ऑफ पब्लिशिटी और राइट टु प्राइवेसी। राइट ऑफ पब्लिशिटी किसी व्यक्ति को अपनी तस्वीर, आवाज, वीडियो या उससे जुड़ी किसी भी चीज का बिना उसकी इजाजत या करार के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने से रक्षा का अधिकार है।

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