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घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

जिला बदर होने के बाद भी कच्ची शराब विक्रय के आरोप से दोषमुक्त.

Acquitted of charges of selling illicit liquor. हरिप्रसाद गोहेआमला।। थाना आमला पुलिस ने 11 अक्टूबर 2023 को बस स्टैंड निवासी आरोपी को अवैध कच्ची शराब विक्रय करते हुए मौके से गिरफ्तार किया था । आरोपी के कब्जे से चार प्लास्टिक की केन में 57 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की थी थाना आमला पुलिस के ए एस आई राम मोहन यादव ने मौके पर ही शराब के सैंपल निकाल कर जांच हेतु भेजा था आबकारी उप निरीक्षक राजेश भट्टी ने शराब का परीक्षण कर अवैध कच्ची शराब होना पाया था । आरोपी के विरुद्ध 34,( 2 )आबकारी अधिनियम के तहत तथा मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम धारा 14 के तहत अपराध दर्ज किया था । विवेचक राम मोहन यादव ने मामले की तहकीकात कर पुलिस कर्मचारी आरक्षक मंगेश एवं अजय व गवाह सोनू और राजू के समक्ष जप्ती पंचनामा तैयार कर मौके पर गवाहों के बयान लेकर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया था । विचारण के दौरान न्यायालय में उपस्थित साक्षी राजू कैथवास एवं सोनू रावत ने उनके समक्ष शराब जप्त होने से इनकार किया था आरक्षक मंगेश एवं विवेचना अधिकारी राम मोहन यादव के कथनों में विरोधाभास होने के कारण कथनों को न्यायालय ने विश्वसनीय नहीं माना बचाव पक्ष के वकील राजेंद्र उपाध्याय ने न्यायालय में तर्क दिया कि आरोपी को जिलाबदर का सूचना पत्र प्राप्त होने के बाद जिला कलेक्टर बैतूल के आदेश 11/9/23 के परिपालन में आरोपी 15 दिन के अंतराल में एक बार थाना आमला में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करवाने का पालन कर रहा था तथा वह किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं था उसे थाना आमला के एक अन्य अवैध कच्ची शराब विक्रय विक्रय करने के मामले में उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली हुई थी जिसका थाना आमला पुलिस ने समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था । विवेचना अधिकारी ने रात्रि 9.30 बजे शराब जप्त कर सीलबंद कर उस पर अपराध क्रमांक 743/23 की पर्ची लगाकर सीलबंद किया जबकि जप्त शराब का पंचनामा पत्र तैयार करते समय उस पर अपराध क्रमांक नही लिखा थाना आमला में 10.20 बजे अपराध दर्ज किया गया ऐसे में मौके पर पुलिस अधिकारी को अपराध पंजीबद्ध होने की और अपराध क्रमांक की जानकारी कैसे हो सकती है । जबकि विवेचना अधिकारी ने रोजनामचा वापसी 10.21 बजे दर्ज की है । आरोपी को अपराध में झूठा लिप्त किया गया है । अभियोजन अधिकारी की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपी आदतन अपराधी है उसके ऊपर पूर्व में भी कई अपराध दर्ज है इसलिए कठोर दंड से दंडित किया जाए न्यायाधीश राकेश सनोडीया ने अभियोजन का मामला संदेह से परे प्रमाणित न करने के कारण आरोपी को आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के आरोप से दोष मुक्त कर दिया ।

मंत्रिमंडल में लक्ष्‍मी राजवाड़े बनीं इकलौती महिला मंत्री, भटगांव सीट से पहली बार बनी विधायक.

Lakshmi Rajwade became the only female minister in the cabinet, winning as the first-time legislator from the Bhata Gaon seat. छत्‍तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय की कैबिनेट के नौ विधायकों को आज राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें एकमात्र महिला विधायक लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हैं। रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय की कैबिनेट के नौ विधायकों को आज राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें एकमात्र महिला विधायक लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हैं। लक्ष्मी राजवाड़े भटगांव विधानसभा क्षेत्र से पहली बार की विधायक हैं। कौन हैं लक्ष्मी राजवाड़ेसरगुजा संभाग और सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र से लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार विधायक निर्वाचित हुई हैं। वह अब मंत्री बनने वाली हैं। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम वीरपुर की लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार जनपद सदस्य के पद पर निर्वाचित हुई थी। पिछले पंचायत चुनाव में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जीता था। वर्तमान में जिला पंचायत सूरजपुर के सदस्य के अलावा वे भाजपा महिला मोर्चा सूरजपुर की जिला अध्यक्ष भी है। भाजपा संगठन में आरंभ से ही सक्रिय लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने पहले ही चुनाव में कांग्रेस के पारसनाथ राजवाड़े को 43 हजार से अधिक मतों से पराजित किया है। पारसनाथ राजवाड़े दो बार के विधायक थे। लक्ष्मी राजवाड़े को संगठन में सक्रियता का लाभ मिला था। पहले उन्हें पार्टी ने प्रत्याशी बनाया अब विधायक निर्वाचित होने के बाद मंत्री पद की भी बड़ी जबाबदारी दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ के साय मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह.

The swearing-in ceremony of the Chhattisgarh cabinet took place. रायपुर! छत्‍तीसगढ़ में विष्‍णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को राजभवन में हुआ। इस दौरान सबसे पहले भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने छत्‍तीसगढ़ के मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली।छत्‍तीसगढ़ में विष्‍णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में हुआ। इस दौरान सबसे पहले भाजपा बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम ने छत्‍तीसगढ़ के मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ ही सात अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को 13 दिसंबर को शपथ दिलाई गई थी, जबकि नौ अन्य विधायकों को आज मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। नारायणपुर विधायक केदार कश्यप और अनुसूचित जाति से नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल उन विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। साथ ही कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन, मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी, भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े और बलौदाबाजार विधायक टंकराम वर्मा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। साय ने अपने मंत्रिमंडल में पांच नए चेहरे और पूर्ववर्ती रमन कैबिनेट के चार पूर्व मंत्रियों पर दांव खेला है। साथ ही सबसे अधिक ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वर्ग से पांच विधायकों को मंत्री पद देने का निर्णय लिया गया है, जो कि पहली बार मंत्री बने।इनमें कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन, मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी, भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े और बलौदाबाजार विधायक टंकराम वर्मा शामिल हैं। पूर्व मंत्रियों में सामान्य वर्ग से रायपुर-दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अनुसूचित जनजाति वर्ग से रामानुजगंज विधायक रामविचार नेताम व नारायणपुर विधायक केदार कश्यप और अनुसूचित जाति से नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल को मंत्री बनाया गया है।नए मंत्रियों के नामों की घोषणा करते हुए कल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया को राजभवन में शपथ समारोह की जानकारी दी थी। गौरतलब है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्री नियुक्त होते हैं। इनमें अभी तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव सहित उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा भी मंत्रिमंडल में शामिल हो चुके हैं

30 एकड़ सरकारी जमीन पर बनाई अवैध कालोनी, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर.

An illegal colony was constructed on 30 acres of government land; the administration used a bulldozer to demolish it. आदमपुर के ग्राम छावनी पठार में चार करोड़ रुपये कीमत की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त। राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम पर आवंटित है जमीन। भोपाल । जिला प्रशासन ने आदमपुर छावनी में गुरुवार को अवैध कालोनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस जमीन की वर्तमान में अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन राजीव गांधी प्रौद्योगिक मिशन के नाम से आवंटित की गई है। कार्रवाई के दौरान लोग विरोध में उतर आए थे, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई लगातार चलती रही। बताया जा रहा है कि यहां बने चालीस से अधिक निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया है। इसके साथ ही जिन मकानों में लोग निवास कर रहे हैं ,उनको ये जगह छोड़ने के लिए कुछ समय की मोहलत दी गई है। कालोनाइजरों का पता लगा रहे अधिकारीसरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए जा रहे हैं। कार्रवाई के विरोध में यहां मकान में रहने वाली महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सामने आ गईं थीं। राजस्व अधिकारियों द्वारा पता लगाया जा रहा है कि आखिर सरकारी जमीन पर किन लोगों के द्वारा अवैध रूप से कालोनी विकसित की जा रही है। यहां पक्के निर्माण के साथ ही बाउंड्रीवाल तक बना ली थी। इनका कहना हैछावनी पठार आदमपुर में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाए गए हैं, जिन्हें बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया है। कुछ लोगों को समय दिया गया है जल्द ही आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

560 सरकारी स्कूलों में नहीं है बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार.

The Supreme Court has rebuked the absence of separate toilets for girls in 560 government schools. – प्रदेश के 25 फीसदी सरकारी स्कूलों का मामला पहुंचा था सुप्रीम कोर्ट – सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 स्कूलों में नहीं अलग शौचालय भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं के सुधार के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन प्रयासों पर अमल नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि प्रदेश के 560 प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय तक नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद कोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। जिस पर राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने विभाग के उपसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में सुनवाई के बाद दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है, यह याचिका 25 फीसदी स्कूलों को लेकर लगाई गई थी। यह है पूरा मामलादरअसल, प्रदेश के 52 जिलों में 24,741 विद्यालयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में डॉ. जया ठाकुर द्वारा याचिका लगाई थी। इस याचिका में बताया गया कि 560 स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस पर कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को फटकार लगाई है । जानकारों की माने तो प्रदेश के स्कूलों में लड़कियों के शौचालय का प्रतिशत 95 है। जबकि उनमें से आधे से अधिक शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं। शहरी क्षेत्रों में एक बारगी शौचालय मिल भी जाएंगे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

गांधी परिवार के करीबी दो पूर्व सीएम का भविष्य लिखना बांकी.

Writing the future of two former Chief Ministers close to the Gandhi family remains pending. – अब क्या करेंगे कमलनाथ और दिग्विजय, दोनों ने राजनैतिक विरासत की कुर्सी पर बेटों को किया शिफ्ट जेवी विधायक और नकुल सांसद- जय-वीरू की जोड़ी को हाईकमान ने दिया रेस्ट, दिग्विजय फिर भी सक्रिय और कमलनाथ 5 जनवरी के बाद लौटेंगे भोपाल। मध्य प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन का दौर भाजपा से लेकर कांग्रेस तक में चल रहा है। पुराने दिग्गजों को किनारे कर सेंकड और थर्ड लीडरशिप को फ्रंट पर खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ सालों में देखें तो भाजपा ने यह प्रयोग पहले ही किया है। तीन राज्यों में करारी हार के बाद अब कांग्रेस ने भी प्लानिंग की है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने एक झटके में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को साइडलाइन कर दिया है। हैरत की बात है कि दोनों ही नेता गांधी परिवार के करीबियों में शुमार रहे हैं। इंदिरा गांधी ने तो कमलनाथ को तीसरा बेटा माना था। वहीं दिग्विजय सिंह के संबंध भी उनके पिता के चलते कांग्रेस में शुरुआत से ही बेहतर रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में दोनों से जय-वीरू की भूमिका निभाई। परिणाम के बाद हाईकमान ने घर ही बैठा दिया। अब राहुल गांधी की यूथ ब्रिगेड के हाथों में प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी है। इसके बाद सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का क्या होगा। यह लोकसभा के चुनाव में स्पष्ट हो जाएगा। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ से विधायक बनवाया। हालांकि जेवी कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ ने अपनी सीट से राजनैतिक विरासत की जमीन पर बेटे नकुलनाथ को सांसद की कुर्सी पर बैठा दिया। खास बात है कि कांग्रेस प्रदेश की सभी सीटों पर हार गई। सिर्फ छिंदवाड़ा से ही कांग्रेस को सफलता मिली। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 साल में पार्टी ने क्षत्रपों की दूसरी पीढ़ी तैयार ही नहीं की। इसका विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बिना राय और सलाह कर दी जीतू की नियुक्तिपार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब कमलनाथ को कोई पद देने के मूड में नहीं है। इसके संकेत इससे भी मिल रहे हैं कि बगैर उनकी राय लिए सीधे नियुक्तियां कर दी गईं। ऐसे में आगे उनको कोई जिम्मेदारी मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा में तो बने रहेंगे, पर उनको भी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। हालांकि, वे नए युवाओं को मार्गदर्शन देते रहेंगे। वहीं कमलनाथ अभी विदेश के दौरे पर हैं। जानकारी है कि वो 5 जनवरी को भारत लौट सकते हैं।पिछली जीत से नहीं लिया सबक – 2018 में कांग्रेस में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के साथ युवा के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ सचिन पायलट थे। इस वरिष्ठ और युवा नेता के समन्वय से कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी। इस बार मध्य प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जय और वीरू की जोड़ी मुख्य रोल में थी। इन दोनों के ही बीच द्वंद्व जैसे कई बार स्थितियां देखी गई। युवा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, जीतू पटवारी जैसे नेताओं को साइड लाइन करके रखा गया। इस बार का चुनाव व्यक्ति विशेष केंद्रित हो गया था, जिसका कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। मार्गदर्शक के रूप में अनुभव का लाभ ले सकते हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पुरानी पीढ़ी के नेता हैं। भाजपा से लड़ने के लिए कांग्रेस को पीढ़ी परिवर्तन की जरूरत थी। यह राहुल गांधी ने पहल की तो यह देर से उठाया सही कदम है। वरिष्ठों के अनुभव का लाभ पार्टी मार्गदर्शक के रूप में ले सकती है। वरिष्ठ पदों पर बैठाने से नई पीढ़ी का युवा पार्टी से जुड़ नहीं पाता। इसका ही प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान हुआ है। कमलनाथ के पास विकल्प है कि वह बेटे को लोकसभा चुनाव लड़ाएं या खुद लड़ें। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के ऊपर निर्भर करेगा कि वे इस पर सहमत होते हैं या नहीं? वहीं पीसीसी एमपी अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है िक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 51 प्रतिशत वोट शेयर को प्राप्त करेगी।

13 हजार अतिथि विद्वानों के लिए वित्त ने जारी किया फंड, उच्च शिक्षा विभाग ने शुरु कराया वेरिफिकेशन.

A fund has been released for 13,000 guest scholars, and the Department of Higher Education has initiated the verification process. – 571 सरकारी कालेजों के प्राचार्यों ने मांगी रिपोर्ट, छात्रों की संख्या के आधार पर विद्वानों की दर्ज होगी जानकारी भोपाल – सरकारी कॉलेज में अतिथि विद्वानों की सैलरी के लिए वित्त विभाग ने फंड जारी कर दिया है। वित्त विभाग के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने भी वेरिफिकेशन करने का फैसला किया है। प्रदेश के 571 सरकारी कॉलेज से अतिथि विद्वानों की रिपोर्ट मांगी गई है। उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य को निर्देश दिए हैं कि छात्रों की संख्या के आधार पर ही अतिथि विद्वानों की संख्या तय होगी। करीब 13 हजार से अधिक अतिथि विद्वानों के लिए बजट जारी किया गया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि आनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विद्यार्थियों की संख्या की मैपिंग के बाद ही खाली पदों की पुष्टि होगी। प्राचार्य को गुरुवार को उच्च शिक्षा विभाग को आनलाइन मैपिंग की रिपोर्ट सौंपनी है। अधिकारियों ने बताया कि नवंबर की रिपोर्ट में जानकारी सामने आई है कि मध्य प्रदेश में 13700 से अधिक पद अतिथि विद्वानों के तय किए गए हैं। प्राचार्य ने रिपोर्ट भेजी है कि 6500 से अधिक कॉलेज में नियुक्त किए गए हैं। 7111 पद खाली है। कॉलेज में पढ़ने वाले विद्वानों की संख्या 4513 है। करीब 2000 से अधिक अतिथि विद्वानों को भुगतान बिना पढ़ाए ही किया गया है। इसके बाद विभाग की चिंता है कि गड़बड़ी न हो। इसलिए प्राचार्य से जानकारी बुलाई गई है। बता दें कि शिवराज सरकार ने अतिथि विद्वानों का मानदेय बढ़ाते हुए 25 हजार से 50 हजार कर दिया था।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

2 हजार करोड़ का सरकार ने लिया कर्ज, अब प्रदेश में पौने चार लाख करोड़ वित्तीय भार.

The government has taken a loan of 2 trillion rupees, resulting in a financial burden of around 4 lakh crore rupees on the state now. उदित नारायण भोपाल – मध्य प्रदेश की नई सरकार के सामने वित्तीय स्थिति से जूझना बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद राज्य शासन 2 हजार करोड़ का लोन लेने जा रही है। यह नई सरकार का पहला ऋण होगा। वित्त विभाग ने इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया को विलिंगनेस लेटर लिखा है। राज्य सरकार पिछले 7 माह में 25 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज है। मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का भार छोड़कर गई है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार को सरकारी कामकाज चलाने के लिए लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। राज्य शासन पिछले 7 माह के दौरान 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले सितंबर माह में ही 12 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। यही नहीं आचार संहिता के दौरान भी अक्टूबर और नंवबर माह में कर्ज लिया गया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर सरकार दो हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज था, जो बढ़कर अनुमानत: पौने चार लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा।

पूर्व वन मंत्री शाह के टाइगर रिजर्व में पिकनिक मनाने की जांच आरोपी अधिकारी को ही सौंपी.

The investigation into the allegations of the former Forest Minister Shah enjoying a picnic in the Tiger Reserve has been entrusted to the accused officer. भोपाल। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पूर्व वन मंत्री विजय शाह की चिकन-बाटी पार्टी की जांच में नया मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी अधिकारी ही मामले की जांच कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने आरोपी अधिकारी से ही जांच रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी दिल्ली को शिकायत की थी। इसमें उन्होंने टाइगर रिजर्व के अधिकारी कृष्णमूर्ति पर गंभीर आरोप लगा कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अब इस मामले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) असीम श्रीवास्तव ने फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति से ही जांच रिपोर्ट मांग ली है। वहीं, फील्ड डायरेक्टर ने डिप्टी डायरेक्टर को जांच सौंप दी है। इस पर अजय दुबे का कहना है कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के टाइगर रिजर्व में आग लगाने से लेकर निजी वाहनों को प्रवेश नहीं मिल सकता। इसमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर से ऊपर कोई अधिकारी नहीं है। ऐसे में भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी से मामले की जांच कराई जानी चाहिए। पिछले दिनों वायरल हुआ था वीडियो- बता दें, पूर्व वन मंत्री विजय शाह का अपने एक दोस्त के साथ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ह्यसिद्ध बाबा पहाड़ी के पास पिकनिक मनाने का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। शिकायत के अनुसार सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।

नगर में चरमराई सफाई व्यवस्था, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर से आमजन परेशान

Extreme dissatisfaction with the sanitation system in the city, common people distressed by heaps of garbage scattered in various places. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Mandla मंडला ! विगत दिनों पूर्व से ही नगर पालिका में स्वच्छता को लेकर आमजन परेशान है. वही इस समस्या से अभी तक निजात नहीं मिल पाई है नगर पालिका का मुख्य किरदार नगर में स्वच्छता बनाए रखना है किंतु बुधवारी बाजार व नगर के सभी वाडो में चौतरफा गंदगी का आलम देखा जा सकता है जगह-जगह पड़ी हुई सड़ी सब्जियां उन सब्जियों को खाते हुए मवेशी रास्तों से निकलना भी दुभर हो जाता है। जब इस बुधवारी बाजार से नगर पालिका को ठेकेदार व दुकानों के माध्यम से राजस्व की प्राप्ति हो रही है इस बुधवारी बाजार में सड़ी हुई सब्जी को एकत्रित डालने की व्यवस्था भी नगर पालिका को ठेकेदार के माध्यम से बनानी चाहिए जिससे इन सड़ी हुई सब्जी व कचरा जगह-जगह पड़ी हुई गंदगी से बचा जा सके। यही आलम नगर में नालियों का है जो विगत 10 से 15 दिनों तक सफाई न होने से मच्छर मक्खी भिन्न-भिनाते नजर आ रहे हैं इसी स्वच्छता को लेकर पार्षद मोहित झरिया के द्वारा खुद बेलचा उठाकर नाली की सफाई करते हुए देखे गए जिसके चलते नैनपुर नगर पालिका परिषद की सोशल मीडिया पर खासा विरोध देखा गया इससे यह प्रतीत होता है कि नगर पालिका पूरी तरीके से ध्वस्त होती नजर आ रही है इस नई परिषद से नगर की जनता को एक खासी उम्मीद थी किंतु अब जनता यह मानने लगी है कि पूर्व परिषद ही सही व कार्यशील थी नई परिषद के आने से नगर की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कलेक्टर ने जताई नाराजगी डी.एम. नान को कारण बताओ नोटिस जारी

The Collector expressed displeasure, issued a notice to District Magistrate Nan, asking for reasons to be provided. तीन अन्य अफसरों सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला आपूर्ति अधिकारी व वेयर हाउस कारपोरेशन के जी.एम. को भी जारी होगा नोटिस कटनी। धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों के हित को सदैव सर्वोपरि रखा जाये। किसानों को होने वाली असुविधा पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जायेगा। कलेक्टर अवि प्रसाद ने यह निर्देश बुधवार की शाम वीडियो कान्फ्रेंसिंग से धान उपार्जन कार्य की वर्चुअली समीक्षा के दौरान दिये।जिला प्रबंधक को नोटिस जारीकलेक्टर श्री प्रसाद ने उपार्जन कार्य की समीक्षा के दौरान खरीदी केन्द्रों में बारदाना की समय पर आपूर्ति न होने और परिवहन कार्य में सुस्ती पर गहन नाराजगी जाहिर करते हुए मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक के कार्यों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही परिवहन में विलंब तथा स्वीकृति पत्रक जारी न होने पर समक्ष में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये हैं। अभी की स्थिति में कुल धान खरीदी 73 हजार 968 मेट्रिक टन धान के विरूद्ध मात्र 33 हजार 853 मेट्रिक टन अर्थात् 46 प्रतिशत धान ही परिवहन होने पर कलेक्टर ने गहन असंतोष जताया। वहीं स्वीकृति पत्रक की मात्रा केवल 9123 मेट्रिक टन है, जो कुल खरीदी की मात्र 12 फीसदी है। जिससे कृषकों के भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इन्हें भी जारी होगा नोटिसकलेक्टर ने कहा कि किसानों से सीधे जुड़े उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति लचर, रवैया रखने और कोताही बरतने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा। कठोर कार्यवाही की जायेगी। समीक्षा के दौरान जिला उपार्जन समिति के सभी अधिकारी वर्चुअली जुड़े रहे।

यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर हुई बैठक तय रूट पर चलेंगे ई रिक्शा उल्लंघन करने पर होगी कार्यवाही दिखाने होंगे कागज

A meeting was held to improve the transportation system, and action will be taken for violations of the designated route by e-rickshaws, with documentation required to demonstrate compliance. कटनी । ई रिक्शा चालकों की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ रही थी लेकिन अब कुछ सुधार हो सकता है इसी कड़ी में रूट का उल्लंघन करने वैधानिक करवाई की जाएगी। शहर मे जाम की परेशानी से निजात के लिए प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन विभाग में मिलकर रूट निर्धारित करने की योजना तैयार की है। कुल 6 रूट निर्धारित किए जाएंगे। बुधवार को यातायात पुलिस विभाग और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दिया और फिर रूट निर्धारित किया । क्षेत्रीय परिवहन विभाग एवं पुलिस यातायात ने शुरुआती तौर पर ई-रिक्शा की सूची तैयार कर रूटवार कलर कोडिंग की हैं जिसके बाद कलर कोडिंग के साथ निर्धारित रूट पर ई-रिक्शा चल सकेंगे। अतरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मिथलेश कुमार गुप्ता एवं यातायात सूबेदार राहुल पाण्डेय ने बताया कि प्रत्येक ई-रिक्शा कलर कोडिंग के हिसाब से अपने रूट पर संचालन करेंगा । रूट क्रमांक-1 पर हरे रंग के ई-रिक्शा चलेंगे।स्टेशन से सराय मोहल्ला के रास्ते ई रिक्शा ये रेलवे स्टेशन से सराय मोहल्ला, गणेश चौक, सिविल लाइन, मुड़वारा स्टेशन, मिशन चौक से माधवनगर गेट होते हुए पीरबाबा तक जाएंगे। इसी प्रकार रूट क्रमांक-2 पर लाल रंग के ई-रिक्शा चलेंगे। ये रेलवे स्टेशन से सराय मोहल्ला, गणेश चौक, कचहरी चौक, कोतवाली तिराहा, मिशन चौक, आजाद चौक, कैलवारा मोड़ से होते हुए इंदिरा ज्योति कालोनी तक जाएंगे। इसी तरह रूट क्रमांक-3 पर आसमानी रंग के ई-रिक्शा चलेंगे। ये रेलवे स्टेशन से बरही रोड, गर्ग चौराहा, आदर्श कालोनी, चड्डा कॉलेज से होते हुए प्लेटफार्म क्रमांक 5 तक जाएंगे। वहीं रूट क्रमांक 4 पर नारंगी रंग के ई-रिक्शा चलेंगे। ये रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 से गायत्री नगर, बाबा घाट, कटनी साउथ, डीजल लोको शेड से होते हुए एनकेजे बजरिया तक जाएंगे। इसी तरह रूट क्रमांक-5 पर सफेद रंग के ई-रिक्शा चलेंगे। ये प्लेटफार्म क्रमांक 5 से जुहला-जुहली की ओर चलेेंगे। इसके अलावा रूट क्रमांक-6 पर पीले रंग के ई-रिक्शा चलेंगे। ये कटनी साउथ से मिशन चौक, मुड़वारा स्टेशन, सिविल लाइन, व्हीआईपी रोड, रेलवे स्टेशन, आयुध निर्माणी, एसीसी होते हुए माधवनगर तक जाएंगे। अगर ई-रिक्शा निर्धारित मार्ग से बाहर गया तो चालान होगा। इसके साथ ही निर्धारित रूट पर स्टापेज भी तय किए जाएंगे ।

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