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सावधान : VIDEO कॉल पर न्यूड हो जाती लड़की, BJP नेता बचे, आप भी अलर्ट रहें

भोपाल. 15 दिसंबर को मध्यप्रदेश BJP के सीनियर लीडर हरिहर शर्मा को वॉट्सऐप पर दो VIDEO कॉल आए। पहला कॉल उन्होंने रिसीव नहीं किया तो मैसेज मिला। लिखा था- आपकी फेसबुक फ्रेंड हूं। दूसरा कॉल रिसीव करते लड़की ने टॉपलेस होकर उनसे बात करने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत कॉल कट की और FIR कराई। हरिहर शर्मा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे हैं। BJP नेता सेक्सटॉर्शन का शिकार होने से बच गए, लेकिन राजगढ़ से इंदौर पढ़ने आया स्टूडेंट फंस गया। मामला मार्च 2021 का है। स्टूडेंट को उसकी फेसबुक फ्रेंड ने न्यूड होकर वॉटसऐप कॉल की। उसे भी उकसाया। उसकी एक्टिविटी का VIDEO रिकॉर्ड कर वापस उसे भेजा और पैसों की डिमांड की। सेक्सटॉर्शन के ऐसे मामलों में बहुत कम ही लोग सामने आकर शिकायत करते हैं। वजह होती है शर्मिंदगी। आखिर कैसे होता है ये अपराध सेक्सटॉर्शन के लिए शिकार ढूंढने से पहले साइबर क्रिमिनल्स सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाते हैं। अपने टारगेट को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। टारगेट ऐसे लोग होते हैं, जो सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहते हों। मान लीजिए आपका अकाउंट फेसबुक पर है। फेसबुक पर क्रिमिनल आपका दोस्त बनेगा। भरोसे में लेकर वॉटसऐप नंबर लेगा। अश्लील वीडियो कॉल करने के लिए कहेगा। आपके ऐसा करते ही क्रिमिनल्स वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसके जरिए शुरू होता है वसूली का खेल। इसे ही सेक्सटॉर्शन कहते हैं। जनवरी में राजस्थान में पकड़ा गया था गैंग दिल्ली पुलिस ने राजस्थान में इसी साल जनवरी में सेक्सटॉर्शन से जुड़ा गैंग पकड़ा था। इस गैंग में कोई लड़की नहीं थी। आरोपी सोशल साइट्स पर लड़कियों के नाम से अकाउंट बनाते थे। वॉटसऐप पर वीडियो कॉलिंग में लड़की का प्री-रिकॉर्डेड वीडियो चलाते थे। जब कोई शख्स वीडियो कॉल पर जुड़ता तो उसे अश्लील वीडियो (प्री-रिकॉर्डेड) दिखाते थे। उस शख्स को भी ऐसा करने के लिए उत्तेजित करते थे। सामने वाला यही समझता था कि वह किसी लड़की से ही वीडियो कॉलिंग कर रहा है। अश्लील वीडियो को सोशल साइट और दोस्तों को भेजने की बात कहकर ब्लैकमेल करते थे। ऐसे बचा जा सकता है दिल्ली पुलिस ने सेक्सटॉर्शन जैसे क्राइम को अंजाम देने वाले 6 लोगों को गिरफ्तार करने के साथ लोगों को ऐसे मामलों में रिपोर्ट करने को भी कहा था। DCP साइबर पुलिस ने ट्विटर अकांउट के जरिए ये सुरक्षा टिप्स साझा किए थे:- किसी अंजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करें। अगर आप किसी को नहीं जानते हैं तो उसके साथ वीडियो कॉल के माध्यम से न जुड़ें। कभी भी ब्लैकमेलिंग करने वाले व्यक्ति को किसी तरह का भुगतान न करें. ऐसे किसी भी मामले में तुरंत ही साइबर पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इन सुझावों को हमेशा ध्यान में रखने की जरूरत है, लेकिन हमेशा कहा जाता है कि इलाज से बेहतर है कि हम बचाव करें। अनजान लोगों से बातचीत या वीडियो चैट करते वक्त हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। कोई भी ऐसी हरकत न करें, जिससे अपराधियों को फायदा पहुंचे।

मध्यप्रदेश में हर महीने 1100 नवजात अस्पताल में ही तोड़ देते हैं दम

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक साल में सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान 13 हजार 530 नवजातों की मौत हुई। यानी रोजाना 37 बच्चों ने दम तोड़ा। हर महीने लगभग 1100। यह बात कोई और नहीं, मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कबूली है। वे एक सवाल का विधानसभा में जवाब दे रहे थे। सरकार की ओर से आया यह जवाब ही बच्चों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के दावों पर कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले में किसी तरह की लापरवाही से मौत हुई है या नहीं, न यह बताया, न इसे रोकने के लिए क्या तगड़े प्रबंध किए जाने वाले हैं, उस पर खुलकर कुछ ठोस रणनीति का जिक्र किया। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा था कि चाइल्ड इनटेंसिव केयर यूनिट में इलाज के दौरान पिछले पांच साल में कितने नवजात शिशुओं की मौत हुई? पटवारी ने पिछले दिनों भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुए हादसे की जांच को लेकर सवाल किए थे, लेकिन इसका जवाब मंत्री डाॅ. चौधरी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है। सरकार के इस जवाब ने बच्चों के इलाज के लिए किए जा रहे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। विधायक पटवारी ने हमीदिया हादसे को लेकर सरकार से पूछा था कि पिछले माह आग लगने और उसमें नवजात शिशुओं के मृत होने की घटना की जांच करने किस अधिकारी को नियुक्त किया था? क्या स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर कोई जांच की है? इस हादसे के लिए किन-किन दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? लेकिन स्वास्थ्य मंत्री को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा कि जानकारी एकत्र की जा रही है। मंत्री से पूछे गए सवाल के जवाब में यह सामने आया कि सरकारी अस्पतालों में नवजातों के इलाज की संख्या 2015-16 में 84,691 थी, जो 2019-20 में बढ़कर 1 लाख 12 हजार हो गई। जबकि यह आंकड़ा वर्ष 2020-21 में 99 हजार से ज्यादा रहा। यह आंकड़े बताते है कि प्रतिवर्ष इन गहन चिकित्सा इकाई में इलाज के दौरान 14 से 15 प्रतिशत बच्चों की मौत हो रही है। यानी हर 6 में से 1 नवजात ने दम तोड़ा। स्वास्थ्य मंत्री को कोविड मृतकों को सहायता राशि देने की जानकारी नहीं कोरोना संक्रमण से मरने वालों के आश्रितों को सरकार ने अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. चौधरी को इसकी कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार से पूछा कि प्रदेश में कोरोना से मरने वालों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 1 लाख रुपए से घटाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है? इसके लिए बनाए गए नियमों की जानकारी दें? इस राशि का वितरण कब किया जाएगा? इन सभी सवालों का कोई जवाब सरकार के पास नहीं है। डाॅ. चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि यह जानकारी एकत्रित की जा रही है। डाॅ. चौधरी ने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक तरुण भनोत के एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड से हुई मौत के एवज में मिलने वाली अनुग्रह राशि के संबंध में कोई अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नही हुई है। कोरोना पॉजिटिव 448 मरीजों की होम आइसोलेशन में हुई थी मौत मध्य प्रदेश में काेरोना से अब तक 10 हजार 80 लोगों की मौत हुुई है। इसमें से 448 कोरोना मरीज ऐसे हैं, जिनकी होम आइसोलेशन में ही मौत हो गई थी। जिलेवार आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा नीमच में 102 कोरोना मरीजों ने घर में ही दम तोड़ दिया था।

दारोगा साहब बोले- सबसे इमानदार पुलिस है…पैसा लेती है तो पक्का काम करती है, हुए सस्पेंड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव (Unnao) जिले के एक दारोगा (Sub Inspector) साहब का वीडियो सोशल मीडिया में छाया हुआ है. जिसमें वो कह रहे हैं कि ‘पुलिस पैसा लेती है तो काम भी करके दिखाती है’ और कोई विभाग में जाओ पैसा ले लेंगे काम नहीं होगा. हालांकि, खाकी पर रिश्वत की कालिक पोतने वाले दारोगा साहब को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस विभाग की सोशन मीडिया में फजीहत के बाद ऐसा फैसला लिया गया. मामला बीघापुर थानाक्षेत्र का है. यहां तैनात सब इंस्पेक्टर (दारोगा) उमेश त्रिपाठी को एक स्थानीय स्कूल में आयोजित पुलिस-पाठशाला में पहुंचे थे. इस दौरान दरोगा उमेश त्रिपाठी को भी अनुभव शेयर करने का मौका मिला. मंच पर आते ही दारोगा साहब मुंह फट हो पड़े. पैसा लेते हैं तो काम भी करके दिखाते हैं दारोगा ने कहा कि ‘पुलिस पैसा लेती है तो काम भी करके दिखाती है’ और कोई विभाग में जाओ पैसा ले लेंगे, काम नहीं होगा. पुलिस से अच्छा कोई विभाग ही नहीं बना है. मास्टर साहब लोगों को देखो, घर में रहकर पढ़ाते हैं. 6 महीना घर में रहकर छुट्टियां भी काटते है. कहीं कोरोना आ गया तो साल भर स्कूल नहीं जाएंगे.’वहीं, इस पुलिस पाठशाला में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी इन बातों पर बहुत हंसे. करीब 20 दिन पुराना है वीडियो वीडियो 20 दिन पुराना बताया जा रहा है. दरअसल, 29 नवंबर को बीघापुर क्षेत्र के एक स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया था. इसमें पुलिसकर्मियों ने मंच से अपने अनुभव शेयर किए थे. दारोगा उमेश त्रिपाठी के इस बयान का वीडियो पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. वहीं, उन्नाव के एएसपी शशि शेखर सिंह ने बताया कि मामले की जांच सीओ बीघापुर को सौंप दी गई है और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. लखनऊ में भी आया था रिश्वतखोर दारोगा का एक मामला बता दें, रिश्वत खोर के आरोप उत्तर प्रदेश पुलिस पर लगते ही रहते हैं. अभी 6 माह पहले ही यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगा था. बताया गया था कि मड़ियांव कोतवाली के दारोगा साहब ने रिश्वत न देने पर मकान निर्माण का काम भी रुकवा दिया. पीड़ित युवक ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की. उसने प्रार्थना पत्र में बताया कि रुपए न देने पर दरोगा उल्टा उसी पर केस दर्ज करने की धमकी दे रहा है.

विदाई के दिन बॉयफ्रेंड की बाइक पर बैठकर फरार हुई दुल्हन

सतना। मध्य प्रदेश के सतना में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. शादी के बाद पति के साथ विदा हुई दुल्हन रास्ते में अपने प्रेमी के साथ फरार (हो गई. यह घटना सागर की है. बताया जा रहा है कि सतना के अहिरगांव में 14 दिसंबर को एक लड़की की शादी बहुत ही धूमधाम से हुई थी. पूरे हिंदू रीति रिवाज से परिवार ने शादी की सभी रस्में पूरी कीं. अगले दिन कुशवाहा परिवार ने अपनी बेटी को उसके दूल्हे के साथ विदा कर दिया. दुल्हन कार में सवार होकर अपने पति के साथ ससुराल के लिए रवाना हो गई. लेकिन रास्ते में उसने कार रुकवाई और पहले से बाइक लेकर वहां खड़े अपने बॉयफ्रेंड (Bride’s Boyfriend) अशोक यादव के साथ फरार हो गई. नई नवेली दुल्हन को किसी और के साथ भागता देखकर दूल्हा हैरान रह गया. जिसके बाद उसे खाली हाथ अपने घर वापस लौटना पडा. दूल्हे के परिवार के मामले की खबर तुरंत दुल्हन के परिवार को दी. यह खबर सुनते ही उसके मायके में हड़कंप मच गया. पूरा परिवार तुरंत उसके ससुराल पहुंचा और सिविल लाइन थाने (MP Police) में उन्होंने मामले की शिकायत की. दुल्हन को ढूंढने के लिए पुलिस ने चारों तरफ नाकाबंदी करा दी. मोबाइल लोकेशन के आधार पर देर रात पुलिस ने दुल्हन को उसके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ लिया. पति को छोड़कर बॉयफ्रेंड संग फरार दुल्हन खबर के मुताबिक दुल्हन और उसके बॉयफ्रेंड को एसडीएम के सामने पेश किया गया. लड़की ने एसडीएम से कहा कि वह अपने मायके और ससुराल दोनों ही जगह नहीं जाना चाहती है. उसने कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ जिंदगी बिताना चाहती है. जिसके बाद उसने अपने सारे गहने मायके वालों को सौंप दिए और अपने बॉयफ्रेंड अशोक यादव के साथ चली गई. बयान दर्ज कराने के बाद SDM उस पर कोई दवाब नहीं बना सके. मायके और सुसुराल वालों के सामने दुल्हन अपने प्रेमी के घर चली गई. शादी के अगले दिन पति को छोड़ा नई नवेली दुल्हन के प्रेमी संग फरार होने की खबर गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं इसका खामियाजा सबसे ज्यादा दूल्हे को भुगतना पड़ा है. उसकी कोई गलती न होने के बाद भी उसे बिना दुल्हन के ही अपने घर लौटना पड़ा. उसकी दुल्हन उसकी आंखों के सामने अपने प्रेमी के साथ चली गई और वह कुछ न कर सका.

महाठग की महा दीवानगी .. जैकलीन से किया 500 करोड़ की सुपरहीरो फिल्म बनाने का वादा

मुंबई। 200 करोड़ की महाठगी करने वाले कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीज को लाखों-करोड़ों के तोहफे ही नहीं वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म का लालच भी दिया था। सुकेश ने जैकलीन से कहा था कि वह उसके लिए 500 करोड़ के बजट की तीन पार्ट्स फिल्म का प्रोडक्शन करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वादा भी जैकलीन को लुभाने की प्लानिंग में से एक था। केस से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया कि सुकेश अच्छी तरह से जानता था कि जैकलीन बॉलीवुड में काम की तलाश में हैं। वह बहुत ज्यादा फिल्में साइन नहीं कर रही थी, इसलिए सुकेश ने जैकलीन से फिल्म बनाने का वादा किया था जिसमें ए-लिस्ट प्रोड्यूसर्स के नाम हटा दिया गया था। फिल्म में हॉलीवुड वीएफएक्स कलाकार शामिल होने और इसे वर्ल्डवाइड शूट करने का झांसा भी दिया था। उसने जैकलीन से यह भी कहा था कि वह हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जोली से मिलती-जुलती हैं और वह अपने इर्द-गिर्द बनी एक सुपरहीरो सीरीज की हकदार हैं। सुकेश के वादे पर भरोसा कर चुकी थीं जैकलीन जैकलीन ने भले ही पूरी सावधानी बरती लेकिन फिर भी वह सुकेश के इस वादे से आश्वस्त थी कि वह वास्तव में उसके लिए बड़े बजट की यह फिल्म प्रोड्यूस करेगा। सूत्र ने आगे खुलासा किया कि सुकेश ने फिल्म बजट, प्रोडक्शन पर पर्याप्त होमवर्क और रिसर्च किया था अपनी हर बातचीत के दौरान इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े नामों को शामिल किया था। 4 साल से सुकेश के संपर्क में थीं जैकलीन चार्जशीट में जैकलीन ने चंद्रशेखर के साथ अपनी मुलाकात के बारे में भी खुलासा किया है। उन्होंने कहा था, ‘मैं फरवरी 2017 से सुकेश से बात कर रही हूं। अगस्त 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मैं उनसे कभी नहीं मिली। उन्होंने मुझे बताया था कि वे सन टीवी के मालिक हैं और जयललिता के राजनीतिक परिवार से हैं।’ जैकलीन के अलावा नोरा फतेही के भी चंद्रशेखर से महंगे तोहफे लेने की खबर हैं। कथित तौर पर नोरा को सुकेश ने एक महंगी BMW दी थी। कौन है सुकेश चंद्रशेखर? सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला है। कहा जाता है कि उसने लैविश लाइफस्टाइल जीने के लिए 17 साल की उम्र से ही लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। बेंगलुरु में ठगी करने के बाद उसने चेन्नई और दूसरे शहरों में भी लोगों को निशाना बनाया। सुकेश हाई-प्रोफाइल लोगों को फोन कर खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताता था। 2007 में उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी में काम कराने के बदले 100 से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में सुकेश की गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद सुकेश ने दोबारा लोगों को ठगने का काम जारी रखा। सुकेश के ऊपर 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। कहा जाता है कि तमिलनाडु में वो खुद को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का बेटा बताता था। वो खुद को आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वायएसआर रेड्डी का भतीजा बताकर भी कई लोगों से ठगी कर चुका है।

ED के शिकंजे में बच्चन परिवार, सवालों की बौछार, ऐश्वर्या के होश उड़े

नई दिल्ली। पनामा पेपर लीक मामले में सोमवार को ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 7 घंटे पूछताछ की। ऐश्वर्या से उनकी कंपनियों और बैंक अकाउंट्स के बारे में सवाल हुए। भास्कर को सूत्रों ने बताया कि ED ने ऐश्वर्या से पूछा कि उन्होंने 50 हजार डॉलर में खरीदी कंपनी महज 1500 डॉलर्स में क्यों बेच दी। अमिताभ बच्चन की बहू बनने के बाद कंपनियों को बंद क्यों कर दिया गया? ED ने सोमवार को उनसे दिल्ली के लोकनायक भवन में पूछताछ की। ED के अधिकारी ऐश्वर्या के लिए सवालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर चुके थे। वे शाम 7:30 बजे ED ऑफिस से रवाना हुईं। सूत्रों के मुताबिक ऐश्वर्या ED दफ्तर के पिछले दरवाजे से निकलीं। उन्होंने ED के सामने केस से जुड़े कुछ दस्तावेज भी सब्मिट किए हैं। ऐश्वर्या से ED ने पूछे 5 सवाल 1. आप किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर रही हैं? 2. अमिताभ बच्चन जिन कंपनियों में डायरेक्टर थे, बाद में उनके शेयर क्यों बेच दिए गए? 3. 2008 के बाद कंपनियों को क्यों बंद कर दिया गया? 4. क्या आपकी कंपनी ने RBI वित्तीय लेन-देन की मंजूरी ली थी? 5. 50 हजार डॉलर की कंपनी को महज 1500 डॉलर में क्यों बेच दिया? पनामा पेपर्स में 500 बड़े नाम दरअसल, पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम हैं। इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है, जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी है। पनामा पेपर्स मामले की लंबे समय से जांच चल रही है। ED के अधिकारी देश की कई बड़ी हस्तियों को जांच में शामिल कर चुके हैं। इसी कड़ी में एक महीने पहले अभिषेक बच्चन भी ED कार्यालय में पहुंचे थे। वे कुछ दस्तावेज भी ED अधिकारियों को सौंपे चुके हैं। ED सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में उनके पिता अमिताभ बच्चन को भी ED नोटिस देकर बुलाने वाली है। बच्चन परिवार का नाम क्यों? साल 2016 में ब्रिटेन में पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट लीक हुए थे। इसमें दुनियाभर के बड़े नेताओं, कारोबारियों और बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए थे। भारत की बात करें तो करीब 500 लोगों के नाम सामने आए थे। इसमें बच्चन परिवार का नाम भी शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनियां उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। यह कंपनी 2005 में बनाई गई थी। तीन साल बाद यानी 2008 में कंपनी बंद हो गई थी।

महाठग ने बॉलीवुड की 15 से ज्यादा हीरोइनों पर पानी की तरह बहाये करोड़ों रुपये

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड जांच एजेंसियों की रडार पर है। आए दिन किसी न किसी फिल्मी कलाकार से पूछताछ हो रही है। फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर नाम का ठग सुर्खियों में है। इस नटवरलाल की काली कमाई से बड़े-बड़े गिफ्ट लेने वाली और हवाई सफर करने वाली करीब 15 एक्ट्रेस जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। उनसे पूछताछ के लिए ED जल्द ही समन भेजने वाली है। ED के सूत्रों की मानें तो सच का पता लगाने के लिए वह इन एक्ट्रेस और सुकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। ED के बड़े अधिकारी भी इस केस में जांच कर रहे हैं। सुकेश ने रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर को जेल से बाहर निकालने का झांसा देकर उनके परिवार से 200 करोड़ रुपए की ठगी की है। कहा जा रहा है कि यही पैसा वह फिल्मी कलाकारों पर लुटा रहा था। फिलहाल सुकेश दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बॉलीवुड अभिनेत्रियों का क्या है तिहाड़ से कनेक्शन सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से ही फोन पर कई एक्ट्रेस से कॉन्टैक्ट किया और खुद को बहुत बड़ा आदमी बताकर इन्हें अपने जाल में फंसाया। उन्हें महंगे तोहफे दिए। इनमें महंगी गाड़ी, ज्वेलरी और हवाई यात्रा का खर्च भी शामिल है। दावा है कि इस लालच में चाहत खन्ना, नेहा कपूर और नोरा फतेही ने सुकेश से तिहाड़ में कई बार मुलाकात की। ED सूत्रों के अनुसार, अब इन सभी को जल्द पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। जैकलीन फर्नांडीज का नाम आ चुका है सामने कुछ दिन पहले ही एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज को ED के अधिकारियों ने विदेश जाते समय हवाई अड्डे पर रोक दिया था। उनसे कहा गया कि वे देश नहीं छोड़ सकतीं, क्योंकि वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अहम गवाह हैं। इसके बाद ED ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। जैकलीन पर सुकेश से महंगे तोहफे लेने और उसके पैसे से कई हवाई यात्राएं करने का भी खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों की मानें तो सुकेश जैकलीन को एक चॉपर भी बतौर गिप्ट देना चाहता था। इस मामले में नाम सामने आने से जैकलीन की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। दोनों की कई फोटो भी सामने आई हैं। ED कर रही है हर एंगल से मामले में जांच ED इस मामले को बेहद गंभीर तरीके से देख रही है, क्योंकि इस मामले में सुकेश ने गृह मंत्रालय के अधिकारी बनकर और प्रधानमंत्री कार्यालय की पहुंच दिखाकर अनेकों फोन कॉल रैनबैक्सी के मालिक की पत्नी को किए हैं। ऐसे में ED अधिकारी इस मामले में यह भी देख रहे हैं कि क्या कोई अधिकारी वास्तव में सुकेश या किसी के सम्पर्क में रहा है। अब तक की जांच में पता चला है कि सुकेश एक साल से रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर की पत्नी से फोन के जरिए सम्पर्क कर रहा था। उनके पति को जेल से बाहर निकालने का झांसा देकर उसने 200 करोड़ रुपए ठग लिए। तिहाड़ जेल में भी कर रहा था मौज-मस्ती सुकेश ने न केवल फिल्म एक्ट्रेस को अपने जाल में फंसाया, बल्कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों को भी अपने झांसे में लिया। उनकी मदद से वह जेल में ऐशोआराम की जिंदगी गुजारता रहा। ED सूत्रों की मानें तो जो अभिनेत्रियां सुकेश से तिहाड़ में मिलने आयी थीं, उन्होंने पूछताछ में बताया कि जेल के कमरे में TV, फ्रिज, AC, मोबाइल फोन और आराम के सभी सामान मौजूद थे। यह जेल नियमों के खिलाफ है। ED अब तिहाड़ के जेल अधिकारियों से भी पूछताछ की तैयारी भी कर रही है। ED के पास इन फिल्मी सितारों के फोन कॉल की डीटेल के अलावा वॉट्सऐप पर हुई चैट का ब्यौरा मौजूद है। उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर सुकेश को सामने बैठा कर भी पुछताछ की जा सके। इजराइल के नंबर से करता था बात सुकेश का दिमाग कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि उसने फिल्मी सितारों से लेकर रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर के परिवार से सम्पर्क करने के लिए इजराइल के नंबर का इस्तेमाल किया। ऐसा करने के पीछे क्या कारण हैं और जेल के अंदर उसे वह नंबर कहां से मिला, इस पर भी दिल्ली पुलिस अलग से जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि जेल में ऐशोआराम बदले सुकेश से जेल अधिकारियों ने 20 करोड़ रुपए की मोटी रकम ली थी।

MP : मांग भरकर लड़की का 3 साल तक करता रहा रेप, ABVP का पूर्व महानगर मंत्री गिरफ्तार

जबलपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में छात्रा के बलात्कार-शोषण के आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व महानगर मंत्री शुभांग गोटिया को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. गोटिया पिछले 3 महीने से फरार था. महिला पुलिस का दावा है कि गोटिया को उसने खुद गिरफ्तार किया. जबकि, गोटिया ने कई वकीलों के साथ महिला थाने में खुद सरेंडर किया. पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. शोषण के आरोपी शुभांग गोटिया की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी. सीएसपी दीपक मिश्रा ने बताया कि गोटिया पर एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसने तीन सालों तक उसका शोषण किया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ जारी है. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने जबलपुर सहित नागपुर में फरारी काटी है. महिला थाना पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर ले सकती है. इधर, थाने पहुंचे दस वकीलों की निगरानी में उसे कोर्ट पेशी की तैयारी की जा रही है. पुलिस की पूरी कार्रवाई के दौरान वकीलों की मौजूदगी महिला थाने में बनी रही. 21 मई युवती ने की थी शिकायत मामला इसी साल 21 जून का है. जबलपुर की एक लड़की पिता के साथ महिला थाने पहुंची. 23 साल की इस लड़की ने शुभांग के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया. उसने बताया कि 2018 में कैंट स्थित कॉलेज में जब वह पढ़ाई कर रही थी, तब उसकी मुलाकात राइट टाउन निवासी 25 साल के शुभांग गोटिया से हुई. उस दौरान वह ABVP की मेंबरशिप ले रही थी. उस वक्त शुभांग महानगर मंत्री पद पर था. मांग में सिंदूर भरकर लिया झांसे में लड़की ने पुलिस को बताया कि शुरुआती दोस्ती के बाद मामला प्यार में बदल गया. शुभांग उसे कई जगह घुमाने ले गया. एक दिन उसने मांग में सिंदूर भरते हुए कहा कि अब वह उसकी पत्नी है. उसके बाद कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इस साल की शुरुआत में जब उसने गोटिया से शादी की बात की तो वह मुकर गया. उसने लड़की से कहा कि यह सब ढोंग था. इसके बाद लड़की ने उस पर रेप का केस दर्ज किया. केस दर्ज होते ही गोटिया फरार हो गया. पुलिस ने उस पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया था.

देवर करता रहा भाभी का बलात्कार, बेटी हुई तो पति बोला- शादी करा देते हैं

मुरैना. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले से शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक देवर ने भाभी का रेप किया, तो पति ने जिंदगी खराब की धमकी दी. देवर के दुष्कर्म से महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया है. पति अब महिला की शादी देवर से कराने की बात कर रहा है. घरेलू अत्याचार से तंग आकर महिला अब शिकायत लेकर पुलिस के पास आई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. महिला थाना प्रभारी मोनिका मिश्रा ने बताया कि साल 2018 में 6 मार्च को उसकी शादी मुरैना की आदर्श कॉलोनी में रहने वाले शख्स से हुई थी. शादी के बाद से ही पति ने उससे किसी तरह के संबंध नहीं रखे. घर में वह अलग कमरे में ही रहती थी. उसी साल 13 सितंबर की रात को उसका देवर उसके कमरे में घुस आया. उसने बलात्कार की कोशिश की तो महिला ने शोर मचाया. शोर सुनकर पति कमरे में आया और चुप रहने के लिए कहा. पति ने महिला से कहा कि अगर शोर मचाओगी तो तुम्हारा जीवन बर्बाद कर देंगे. पति करा रहा देवर से शादी महिला के मुताबिक, उस दिन के बाद से यह करीब-करीब रोज की बात हो गई. देवर लगातार बलात्कार करता रहा. देवर ने उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो भी खींच लिए तथा उनका डर दिखाकर घटना को अंजाम देता रहा. इस दुष्कर्म के कुछ महीनों बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया. अब पति महिला से उसकी शादी छोटे भाई से करने के लिए कह रहा है. इस पर पीड़िता थाने पहुंची और उसने पुलिस को पूरी आपबीती बताई. महिला थाना पुलिस ने महिला के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है.

सिद्धू को मनाने के मूड में नहीं हाईकमान,CM चन्नी को भी मिलने से रोका

जालंधर। नवजोत सिद्धू का रवैया देख कांग्रेस हाईकमान भी अड़ गया है। सिद्धू को साफ संदेश भेज दिया गया है कि उनकी हर जिद अब पूरी नहीं होगी। इसी वजह से सिद्धू के इस्तीफे के 2 दिन बीतने के बाद भी हाईकमान ने उनसे बात नहीं की। यह देख अब पंजाब में सिद्धू के प्रधान बनने से जोश में दिख रहे विधायक और नेता भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। कैप्टन का तख्तापलट करते वक्त सिद्धू के साथ 40 विधायक थे, अब वे अकेले पड़ गए हैं। उनके समर्थन में सिर्फ रजिया सुल्ताना ने ही मंत्रीपद छोड़ा। उनके करीबी परगट सिंह डटकर सरकार के साथ खड़े हैं। बुधवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी चंडीगढ़ से पटियाला जाने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर यह दौरा टल गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें इनकार कर दिया। चुनाव की घोषणा में सिर्फ 3 महीने बचे हैं। ऐसे में उन्हें सरकार के काम पर फोकस करने को कहा गया है। हाईकमान सिर्फ परिणाम चाहता है ताकि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की बन सके। सिद्धू को मनाने के लिए हाईकमान के कहने पर CM चरणजीत चन्नी ने नवजोत के ही करीबी मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर राजा वडिंग की कमेटी बना दी है। वे पहले 2 बार सिद्धू से मिल चुके हैं, लेकिन आगे कोई बात नहीं हुई है। सिद्धू की शर्तें मानी तो सुपर-CM पर लगेगी हाईकमान की मुहर कांग्रेस ने पंजाब में पहला अनुसूचित जाति का CM बनाया है। पंजाब में 32% अनुसूचित जाति का वोट बैंक है। इसी को निशाना बना चन्नी सीएम बन गए। अगर सिद्धू की शर्तें मान ली तो DGP और AG को हटाना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो सरकार कमजोर पड़ जाएगी। हाईकमान ने ऐसा करवा दिया तो सिद्धू के सुपर CM बनने पर मुहर लग जाएगी। ऐसे में चन्नी को लेकर विरोधी मुद्दा बनाकर कांग्रेस का यह दांव फेल कर देंगे। इसी वजह से सिद्धू के बिना बात किए अचानक इस्तीफा देने पर कांग्रेस हाईकमान ने उनसे दूरी बना ली है। हाईकमान ने नया प्रधान ढूंढने को कहा सिद्धू के अड़ियल रवैए को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने अब पंजाब में नए प्रधान के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी बुधवार सुबह ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने कुछ नेताओं से मुलाकात और बातचीत की। चर्चा यही है कि सिद्धू के इस्तीफा वापस न लेने की सूरत में नया प्रधान बना दिया जाए। मंत्री पद पाने से आखिरी समय में चूके कुलजीत नागरा इसके बड़े दावेदार हैं। चर्चा पूर्व CM बेअंत सिंह के परिवार से जुड़े सांसद रवनीत बिट्‌टू की भी है। यह भी संभव है कि सुनील जाखड़ को वापस प्रधान बना दिया जाए ताकि उनकी भी नाराजगी दूर हो सके। सिद्धू की मनमानी नहीं आ रही रास सिद्धू भले ही मुद्दों की बात कर रहे हों, लेकिन उनके तरीके को लेकर कांग्रेस के भीतर ही नाराजगी है। सिद्धू ने इस्तीफा तब दिया, जब मंत्री चार्ज संभाल रहे थे। यह टाइमिंग सबको नागवार गुजरी। पहले इसके बारे में किसी से बात नहीं की। सीधे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जब सब पूछते रहे कि नाराजगी की वजह क्या है तो सोशल मीडिया पर फिर वीडियो पोस्ट कर दिया। CM चन्नी ने भी इस ओर इशारा किया कि वे पार्टी प्रधान हैं, परिवार में बैठकर बात करते। सिद्धू का यह रवैया किसी को रास नहीं आ रहा। जाे अब तक साथ थे, वो अलग होते चले गए कैप्टन अमरिंदर के विरोध के बावजूद सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रधान बने। इसमें अहम रोल मौजूदा डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा का रहा। नई सरकार बनी तो अब वे सिद्धू का साथ छोड़ गए। परगट सिंह सिद्धू के करीबी थे, उन्होंने भी सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा न देकर किनारा कर लिया। अमरिंदर राजा वडिंग को मंत्री बनाने में सिद्धू ने खूब लॉबिंग की, वे मंत्री बन गए तो अब सिद्धू का सपोर्ट करके नहीं, बल्कि मध्यस्थ बनकर काम कर रहे हैं। इसी बड़ी वजह सिद्धू के अचानक लिए जाने वाले फैसले हैं। पहले कैप्टन और अब सिद्धू के चक्कर में टिकट न कटे, इसलिए विधायक और नेता कूदकर सरकार के पाले में चले गए हैं। इस बार अपने स्टाइल से खुद झटका खा गए सिद्धू नवजोत सिद्धू के अचानक फैसले लेने का स्टाइल समर्थकों को खूब रास आता रहा है। उनके बयान से लेकर हर बात पर अड़ जाने की खूब चर्चा रही। सिद्धू की जिद के आगे हाईकमान को कैप्टन को हटाना पड़ा। चरणजीत चन्नी का नाम भी सिद्धू ने ही आगे किया था। चन्नी सीएम बने तो अब सिद्धू की सुनवाई नहीं हो रही। संगठन प्रधान होने के बावजूद वे खुद उसकी सीमा लांघ गए। सब कुछ सार्वजनिक तरीके से कर रहे है। सीएम चन्नी ने भी यही बात कही थी कि अगर उन्हें कोई एतराज है तो वे बैठकर बात कर सकते हैं। वे जिद्दी नहीं हैं, फैसला बदला जा सकता है। हालांकि, सिद्धू चर्चा नहीं बल्कि सीधे मनमाफिक फैसला चाहते हैं, जिसे हाईकमान मानने को तैयार नहीं है।

MP : 90 साल की दादी मां तेज रफ्तार से दौड़ाती हैं कार

भोपाल. मध्य प्रदेश के देवास से एक ऐसा वीडियो (Dewas Old Women Driving Video) सामने आया है, जिसे देखकर कहा जा सकता है कि एज इज जस्ट अ नंबर…दरअसल एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का कार चलाने का वीडियो सामने आया है. बुजुर्ग रेशमी बाई तंवर इस उम्र में गाड़ी चलाकर दूसरे बुजुर्गों को सीखते रहने का संदेश दे रही हैं. दरअसल 90 की उम्र आते-आते ज्यादातर बुजुर्ग (90 Year Old Women) सोचने लगते हैं कि वह कुछ नया नहीं सीख सकते. लेकिन रेशमी बाई तंबर ने इस सोच को काफी पीछे छोड़ दिया है. रेशम बाई तंवर का कहना है कि उनकी उम्र भले ही 90 साल है. लेकिन फिर भी उन्हें गाड़ी चलाना (Car Driving) बहुत अच्छा लगता है. उनका कहना है कि वह पहले भी बहुत बार गाड़ी चला चुकी हैं. इतना ही नहीं वह पहले ट्रैक्टर भी चला चुकी हैं. रेशमी बाई को गाड़ी चालाना बहुत ही पसंद है. 90 साल की उम्र में बुजुर्ग ने चलाई कार 90 साल की बुजुर्ग इस तरह से सदे हुए हाथों से ड्राइविंग कर रही हैं कि उन्हें देखकर लग रहा है कि वह ड्राइविंग में एक्सपर्ट हैं. गाड़ी चलाते हुए वह बहुत ही खुश दिख रही हैं. वेशभूषा से काफी साधारण दिखने वाली रेशमी बाई तंबर का ये वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसके साथ ही इस उम्र में सीखते रहने के उनके जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं. ‘रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं’ 90 साल की दादी का ये वीडियो देखकर सीएम शिवराज सिंह चौहान भी काफी खुश हैं. उनका कहना है कि दादी मां ने सभी को प्रेरणा दी है कि अपनी रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है. चाहे कितनी भी उम्र हो इंसान के भीतर जीवन जीने का जज्बा होना चाहिए. दादी मां रेशमी बाई के परिवार ने अब उनके लाइसेंस के लिए भी एप्लाई किया है.

महाराष्ट्र : खड़से ने दी बीजेपी को करारी चोट, जलगांव में BJP को बड़ा झटका

मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ज़बर्दस्त झटका लगा है. जलगांव में बीजेपी में पार्टी के अंदर का असंतोष खुल कर सामने आ गया है. जिले के मुक्ताईनगर और बोधवड नगरपालिका से जुड़े 11 नगरसेवक (Corporators) आज (24 सितंबर, शुक्रवार) शिवसेना (Shiv Sena) में शामिल हो रहे हैं. ये सभी के सभी कॉर्पोरेटर्स मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में शिवबंधन बांधेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जलगांव जिले के 11 नगरसेवकों ने बीजेपी को छोड़ने का फ़ैसला किया है. जलगांव जिले के ये सारे नगरसेवक एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) के समर्थक बताए जाते हैं. याद दिला दें कि एकनाथ खडसे पहले बीजेपी में ही थे. जब राज्य में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की सरकार बनी थी, तब वे नाराज हो गए थे. वे अपने आप को मुख्यमंत्री के पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार समझ रहे थे, क्योंकि वे फडणवीस सरकार बनने से पहले नेता प्रतिपक्ष भी थे. बाद में बीजेपी छोड़कर वे एनसीपी (NCP) में चले गए. जब से वे एनसीपी में गए हैं तब से बीजेपी को किसी ना किसी तरह से नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं. फिलहाल उनके खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में ईडी की जांच शुरू है. एकनाथ खडसे बीजेपी को पहुंचा रहे हैं नुकसान, ईडी की कार्रवाई का बदला? महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री रहे एकनाथ खडसे पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. ईडी ने पुणे के जमीन घोटाले से जुड़े मामले में उन पर कार्रवाई करते हुए उनकी 5.73 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है. उनका एक बैंक अकाउंट भी सील किया गया है. उस खाते में कुल 86 लाख रुपए डिपॉजिट थे. इसके अलावा ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका लोनावाला का एक बंगला, जलगांव में तीन फ्लैट और जमीन भी जब्त कर लिए हैं. ये सारी प्रॉपर्टी एकनाथ खडसे, उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर है. एकनाथ खडसे ने जब बीजेपी को छोड़ कर एनसीपी ज्वाइन किया था तब कहा था कि अगर मेरे पीछे ईडी लगाई गई तो मैं सीडी निकालूंगा (बीजेपी से जुड़े लोगों के भ्रष्टाचार का खुलासा करूंगा). लेकिन ईडी की जांच शुरू भी हो गई, लोग खडसे की सीडी का इंतजार ही कर रहे हैं. खडसे सीडी तो नहीं ला पाए, लेकिन बीजेपी को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं. 11 नगरसेवकों की बीजेपी से छुट्टी करवा कर शिवसेना में शामिल करवाना खडसे के बदले की ही एक मिसाल है.

UP में चार साल में 42 साधु-संतों की हत्या ….संपत्ति का लालच मुख्य वजह

कांग्रेस ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की असमय मौत पर उत्तर प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है। चार साल के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 42 साधु-संतों की हत्या हुई है। कहीं संपत्ति का विवाद था तो कहीं वर्चस्व और गद्दी को लेकर हत्या की बाते सामने आईं। 2019 में श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हालात में मौत का राज अभी भी खुल नहीं सका है। इसी तरह 2018 में देवरिया में साधु सज्जाराम, हरभजन और चेले की हत्या, रायबरेली में पुजारी प्रेमदास की हत्या भी चर्चा में रही। 2019 में रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का मंदिर के गेट पर लटका मिला था। खास बात यह है उस समय रायबरेली के डीएम संजय खत्री थे, वही अब वर्तमान में प्रयागराज के डीएम हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो जारी किया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के नक्शे पर जिलावार आंकड़ा जारी किया गया है। लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश में हत्याओं का अंबार है, यह कैसा रामराज्य है। प्रयागराज में आशीष गिरि सुसाइड केस: निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर 2019 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस ने रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात कही थी। वह पिथौरागढ़ के रहने वाले थे और घटना के वक्त पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आश्रम दारागंज में रहते थे। औरैया का ट्रिपल मर्डर: 14 अगस्त 2018 को औरेया बिधूना कोतवाली के भयानक नाथ मंदिर में बदमाशों ने चारपाई में हाथ पैर बांधकर साधु लज्जाराम, हरभजन और सेवक की जीभ काटकर हत्या कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल किया, जिसमें आगजनी और पथराव में कई लोग घायल हुए थे। बुलंदशहर में गला रेता गया: बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2020 को मंदिर में सो रहे साधु गरीबदास उर्फ जगनदास व शेर सिंह उर्फ सेवादास की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी की हत्या: लखनऊ में कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास की उन्हीं के शिष्य ने साथियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 2020 को हत्या कर दी। हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया था। 32 तारीखों में 42 हत्याएं 07 अप्रैल 2017: गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मनोहर दास (50) की बेरहमी से हत्या। पुजारी के सर, पेट, सीना व गुप्तांग पर वार किया गया था। 20 जून 2017: कुशीनगर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बेतिया गाँव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी जय प्रकाश व उनकी पत्नी की गला काटकर हत्या। 14 जुलाई 2018: मेरठ के भगवानपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर में साधु क्रांति प्रसाद की पीट-पीटकर हत्या की गई। 18 जुलाई 2018: पीलीभीत में बाबा लाल गिरी की हत्या हुई। 19 अगस्त 2018: मेरठ में पुजारी विनोद व सेवादार सुल्तान की हत्या। 31 अगस्त 2018: पीलीभीत जिला स्थित ग्राम भूड़ कोनी दीनारपुर स्थित शिव मंदिर के पुजारी रामेश्वर दयाल (65) की गला रेत कर हत्या। 31 अगस्त 2018: बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में थालकला गांव के बाहर काले पहाड़ बाबा मंदिर के पुजारी शमशेर सिंह (65) की धारदार हथियार से हत्या। 13 अगस्त 2018: सुल्तानपुर के पयागीपुर में स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर के पुजारी श्यामलाल (75) की मंदिर परिसर में पीट-पीटकर हत्या। 12 अगस्त 2018: अलीगढ़ जिला के शेखूपुर सटकना में शिव मंदिर के महंत कालिदास, मंदिर में पुजारी सोनपाल और महेंद्र उर्फ बड़ेल की हत्या। 02 जनवरी 2019: रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का शव मंदिर के बाहर फांसी पर लटका मिला। 14 जून 2019: मथुरा में एक साधु की हत्या । 28 अक्टूबर 2019: मुरादाबाद में साधु राजेंद्र गिरि की हत्या। 18 जनवरी 2020: चित्रकूट में महंत अर्जुनदास की हत्या। 25 फरवरी 2020: पीलीभीत में पुजारी विष्णु सहाय की हत्या। 25 अप्रैल 2020: गोरखपुर के बुजारी कोईल दास की हत्या। 14 जुलाई 2020: मेरठ में सेवादार की हत्या। 01 सितंबर 2020: हदरोई में साधु हीरादास, साध्वी मीरा दास व उनके बेटे चेतराम की हत्या। 06 सितंबर 2020: कन्नौज में साधु शालिग्राम की हत्या। 24 सितंबर 2020: बागपत टीकरी में साधु की हत्या। 24 सितंबर 2020: मेरठ की सरधना गंग नहर में साधु वेशभूषा वाले युवक का शव मिला। 09 सितंबर 2020: बिजनौर के ग्राम पहाड़पुर खुर्द में मंदिर परिसर में सो रहे योगानंद महाराज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत। 05 अक्टूबर 2020: मथुरा में साधु कैलाश नाथ की हत्या। 10 अक्टूबर 2020: गोंडा में इटियाथोक में रामजानकी मंदिर के महंत सम्राट दास की गोली मारकर हत्या। 11 अक्टूबर 2020: गोंडा में रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा सम्राट दास की गोलीमारकर हत्या। 09 अक्टूबर 2020: बागपत में यमुना नदी में साधु वेशभूषा वाले अधेड़ शव मिला। 05 दिसंबर 2020: गोरखपुर के हरपुर बुदहट में साधु ललई की गला रेतकर हत्या। 04 अप्रैल 2021: गोरखपुर के चौरीचौरा में साधु परोरा की सिर कुचलकर हत्या। 26 जून 2021: बिजनौर में गांव उमरी में मां काली मंदिर के पुजारी दयानंद गिरि की पीटपीट कर हत्या। 29 जून 2021: मेरठ के मुंडाली के बढ़ला गांव में साधु चंद्रपाल की ईंट से कुचलकर हत्या। 15 जुलाई 2021: बुलंदशहर के बुगरासी चौकी के गांव बुकलाना में चामुड़ा मंदिर की साध्‍वी की गला दबाकर हत्‍या। 24 जुलाई 2021: गोरखपुर के मकरहट स्थित रामजानकी मंदिर के साधु राजेंद्र बाबा की संदिग्ध हालात में मौत।

प्रेमिका की नृशंस हत्या, युवती की शादी दूसरे युवक संग तय होने से प्रेमी  बना जल्लाद

तीन लोग गिरफ्तार, प्रेमी ने क्लिनिक पर मिलने बुलाया, कंपाउंडर दोस्त ने दिया बेहोशी का इंजेक्शन, फिर गला दबाकर मार डाला अयोध्या। अयोध्या में 10 दिन पहले संदिग्ध हालात में 21 साल की युवती की मौत के मामले में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने युवती के प्रेमी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि युवती की हत्या प्रेम प्रसंग में की गई थी। पहले प्रेमी ने युवती को मिलने एक क्लिनिक में बुलाया। वहां प्रेमी ने अपने कंपाउंडर दोस्त से बेहोशी का इंजेक्शन लगवाया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दुर्गा पूजा स्थल के पास फेंक दिया। बताया जा रहा है कि युवती की शादी उड़ीसा में दूसरे युवक संग तय होने से प्रेमी नाराज था। इसके बाद उसने दोस्तों संग मिलकर हत्याकांड का खाका खींच डाला। मामला कोतवाली रुदौली के मोहल्ला मलिकजादा के मालिक पुरवा का है। यहां की रहने वाली गायत्री लोधी (21) पुत्री शिवराज बहरैची 13 सितंबर की दोपहर लगभग 1 बजे घर से बैंक के लिए निकली थी। संदिग्ध परिस्थितियों में 14 सितंबर की देर शाम युवती का शव का स्थान मोहल्ला स्थित दुर्गा पूजा स्थल के पास पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती की शिनाख्त कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, परिजनों का कहना था कि युवती बैंक जाने की बात कहकर घर से निकली थी। पुलिस से सूचना मिली कि गायत्री बेहोशी की हालत में मिली है। आनन-फानन में वे मौके पर पहुंचे तो बेटी मृत अवस्था में थी। युवती की प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी हत्या एसएसपी शैलेश पांडे के मुताबिक, छानबीन में प्रेम प्रसंग में युवती की गला दबाकर हत्या की बात सामने आई। आरोपी प्रेमी अनस समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि युवती के प्रेमी ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की थी। बताया चला कि युवती की शादी उसके परिवार ने उड़ीसा के युवक से तय कर दी। इस बात से प्रेमी काफी नाराज था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्रेमी ने युवती को फोन करके एक क्लिनिक पर बुलाया। जहां युवती का प्रेमी अनस अपने साथी मोहम्मद हफीज और कंपाउंडर मुकेश यादव पहले से मौजूद थे। पहले कंपाउंडर मुकेश यादव ने युवती को बेहोशी का इंजेक्शन दिया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी के निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जो घटनास्थल से गायब था।  

युवक ने शादी का झांसा देकर सौ से ज्यादा लड़कियों को ठगा

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित पिम्परी चिंचवाड़ पुलिस ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जिसने अब तक 100 से ज्यादा लड़कियों को शादी का झांसा देकर लाखो रुपये ऐंठे है। जानकारी के मुताबित आरोपी ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फ़िल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल ‘ देख हाईप्रोफाल लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबित गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान प्रेमराज थेवराज के रूप में हुई हैं , प्रेम शादी की वेबसाइट मेट्रोमोनियल पर नौकरी पेशा , कारोबारी महिला, तलाकशुदा , और विधवा हुई महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी प्रेम मेट्रोमोनियल वेबसाइट से उनकी पर्सनल जानकारी निकाल कर उन्हें अपना  निशाना बनाया करता था। पिम्परी – चिंचवाड़ के अंतर्गत आनेवाले निगड़ी पुलिस के वरिस्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड़ के मुताबित आरोपी प्रेमराज ने पिम्परी – चिंचवाड़ की कई महिलाओं को अपना निशाना बनाया था, जिसमे से शिकार हुई महिला की फर्याद उनके पास आई थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछा कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आरोपी प्रेमराज को धर दबोचा । पुलिस के मुताबित आरोपी ने शहर के रहने वाली एक लड़की को रेलवे का ठेकेदार बन कर मिला था। फिर उससे 12 लाख रुपये ऐंठ कर वह वहाँ से फरार हो गया । शिकायतकर्ता महिला के अनुसार आरोपी ने उन्हें चेन्नई बुलाकर फेक शादी भी की थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते हुए पीड़ित महिला के द्वारा आरोपी को पैसे देने के बहाने पुणे बुलाया । आरोपी मंगवालर के दिन जैसे ही पुणे ऐयरपोर्ट पर पहुँचा, वहा पुलिस ने उसे घर दबोचा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इससे पहले चेन्नई में एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए 98 लाख रुपये का चूना लगाया था। पुलिस को आरोपी के पास से 13 अलग – अलग कंपनी के सिमकार्ड , 7 मोबाइल फ़ोन , 4 एटीएम कार्ड , 2 आधार कार्ड , पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले है। फिलहाल पुलिस आरोपी प्रेमराज को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाई कर रही है  

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