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MP : कोरोना पर CM शिवराज अलर्ट, आपात बैठक बुलाई

नागपुर, मुंबई में केस बढ़े हैं, मप्र में  दो हफ्ते से फिर केस मिलने लगे जबलपुर कलेक्टर का आदेश- कोई भी बिना मास्क न दिखे राजगढ़/जबलपुर.  कोरोना एक बार फिर से चिंता बढ़ा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को कोरोना से अलर्ट किया है। सीएम ने कहा- ‘केरल की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। हमारे पड़ोसी राज्यों में भी लगातार केस बढ़ रहे हैं। मप्र में भी पिछले दो सप्ताह में केस में उछाल देखा गया है। हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’ मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कोरोना के बढ़ते केस को लेकर आपात बैठक बुलाई है। यह बैठक एक घंटे चलेगी। इसमें कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा सकता है। इधर, जबलपुर में लगातार मिले नए संक्रमितों ने चिंता बढ़ा दी है। कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति बगैर मास्क के घूमता नजर नहीं आना चाहिए। इसका सख्ती से पालन किया जाए। राजगढ़ में सीएम शिवराज ने कहा- सरकार का टारगेट है कि सितंबर अंत तक वैक्सीन का पहला डोज सभी पात्रों को लग जाए। केंद्र सरकार हमें नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवा रही है। पहले डोज के साथ हमें दूसरे डोज की भी चिंता करना पड़ेगी। इसलिए पहला डोज लगवा चुके, पात्र दूसरा डोज भी लगवा लें। प्रदेश के कई जिलों में कोविड केस की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। हमारे पड़ोसी राज्यों में, खासकर दक्षिण के राज्यों में लगातार केसों की संख्या बढ़ रही हैै। केरल की स्थिति सब जानते हैं। महाराष्ट्र में नागपुर, मुंबई, पुणे में फिर से केस बढ़ने लगे हैं। हमारी कोशिश तीसरी लहर नहीं आए सीएम ने कहा- सरकार अभियान चला ही रही है। जनता के सहयोग से जिले, ब्लॉक और पंचायत की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पहली प्राथमिकता सबको वैक्सीन का डोज लगाना, जिन्हें पहला लगा, उन्हें दूसरा लगाना। दूसरा, कोविड नियम का पालन करना। संक्रमण फैले ऐसा कोई भी काम नहीं करें। तीसरा -तीसरी लहर आई तो उससे निपटने के लिए हमने सारी व्यवस्थाएं बना ली हैं। ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, बच्चा वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट लगाना। हमारी कोशिश यह है कि तीसरी लहर प्रदेश में नहीं आए। मप्र में 7 सितंबर की स्थिति पिछले 24 घंटे में जबलपुर में 12, भोपाल में 2, इंदौर में 1, राजगढ़ में 1 केस सामने आए है। मप्र में अभी 137 एक्टिव केस हैं। बुधवार को इनमें से 6 लोग ठीक होकर घर लौट गए। अभी पॉजिटिविटी रेट 0.02 है। वहीं, मृत्युदर 00 फीसदी है।

MP : मौसी का पूरा परिवार ही खत्म कर दिया

ग्वालियर में एक दोस्त के साथ चोरी करने घुसा, जो जागता गया उसे मारते गए  मौसी, मौसा और उनकी बेटी को मार डाला, दो गिरफ्तार पकड़ा गया आरोपी घोड़ा हवालात में बोला, साहब 3 लाख मिला, तीन हत्या और सिर चढ़ गईं ग्वालियर.  आखिरकार पुलिस ने 72 घंटे में ट्रिपल मर्डर का खुलासा कर दिया है। हत्या करने वाला कोई और नहीं मृतक का साढू का बेटा ही निकला है। अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया है। दोनों चोरी करने घर में घुसे थे। जिसकी नींद खुलती गई, उसे मारते गए। एक-एक करके मौसा, मौसी और मौसेरी बहन को मौत के घाट उतार दिया। मास्टर माइंड भतीजा सचिन पाल समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरा आरोपी तरुण झा उर्फ घोड़ा का चोरी का भी रिकॉर्ड होना पता चला है। दोनों ने पुलिस को पूरी घटना बयां की है। पूरी प्लानिंग मृतक के भतीजे सचिन पाल ने बनाई थी। इसमें मोनू नाम के युवक का नाम भी आया था, लेकिन बाद में उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। पूरा खुलासा पुलिस को आए एक कॉल पर हुआ है। जिसमें कहा गया कि जिसे बाहर ढूंढ रहे हो वह हवालात में बैठा है। घोड़ा को उसी थाना पुलिस ने खुलासे से एक दिन पहले ही एक वारंट में पकड़ा था। तब पता भी नहीं था कि यह ट्रिपल मर्डर का खुलासा करेगा। ऐसे खुला मामला मुरार के अल्पना टॉकीज के पास रहने वाले जगदीश पाल (60), उसकी पत्नी सरोज और बेटी 11 वर्षीय कीर्ति पाल की हत्या कर दी गई थी। मास्टर माइंड जगदीश के साढू का बेटा सचिन पाल निकला है। हत्या के बाद पुलिस काफी हाथ पैर मार रही थी। तभी घटना स्थल के पास रहने वाले एक पड़ोसी ने पुलिस को आसान का क्लू दिया। उसने बताया कि मृतक के घर के सामने ही उसका साढू रहता है। साढू तो दिख रहा है, लेकिन उसका बेटा सचिन इतने बढ़े हत्याकांड के बाद भी नजर नहीं आ रहा। पुलिस ने सचिन और उसके दोस्त घोड़ा को गिरफ्तार किया। घोड़ा ने बताया कि शनिवार-रविवार दरमियानी रात लूट और चोरी के इरादे से ही घर में पीछे के रास्ते से दाखिल हुए थे। जब चोरी कर रहे थे तो सबसे पहले मौसी सरोज की नींद खुली। उस पर चाकू से हमला कर दिया। फिर उसका तकिया से मुंह दबाकर हत्या की। इसके बाद मौसा और बहन की नींद खुल गई। मौसा की गला घोंटकर हत्या की। रात 2 बजे से सुबह 4.30 बजे तक कीर्ति पर कट्‌टा अड़ाकर घर में रखे गहनों के बारे में पूछते रहे। उसे मारने का प्लान नहीं था। पर जाते समय अचानक सचिन के चेहरे से साफी हट गई। जिससे उसकी पहचान हो सकती थी। इसलिए कीर्ति को भी तकिया से मुंह दबाकर मार डाला। पहचान हो जाती, इसलिए हत्या करनी पड़ी रात करीब 2 बजे घर में पीछे के रास्ते से दोनों दाखिल हुए। जब वारदात को अंजाम दे रहे थे तभी सचिन की मौसी सरोज की नींद खुल गई। उसने एक आरोपी के बाल पकड़ लिए। इसके बाद सचिन ने ही मौसी की चाकू मारकर हत्या की। घटना के बाद मृतका के हाथ में कुछ बाल भी फोरेंसिक टीम को मिले हैं। जब सरोज को चाकू मारे तो उसी कमरे में सो रहे जगदीश पाल और कीर्ति की भी नींद खुल गई। उन्होंने सचिन को पहचान लिया। इसके बाद उन दोनों के गले घोंटकर हत्या कर दी गई। चेहरे से साफी नहीं हटती तो बच सकती थी जान – कीर्ति की जान बच सकती थी, लेकिन उसकी किस्मत ठीक नहीं थी। जब दोनों आरोपी जा रहे थे तभी कमरे से निकलते समय सचिन के चेहरे से साफी हट गई। इसके बाद 11 साल की कीर्ति ने उसे पहचान लिया। दोनों बदमाश वापस लौटे और फिर उसको भी मार दिया। बहन के घर छुपाया था माल – पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो पता लगा कि उसने लूट का माल अपनी एक बहन के घर मुरार में ही छुपा दिया था। जब पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी तो उसे अपने पकड़े जाने का मलाला था, लेकिन हत्या पर पछतावा नहीं था। साहब, जिसे ढूंढ रहे हो वह तो हवालात में बैठा है – जब पुलिस ट्रिपल मर्डर के आरोपियों की तलाश कर रही थी। तभी ASP राजेश डंडौतिया को एक कॉल आया। मुखबिर ने बताया कि साहब, जिस ताले को खोलना चाह रहे हो उसकी चाबी पहले से ही थाने में रखी है। उसका इशारा घोड़ा पर था। जिसे पुलिस ने एक दिन पहले पुराने वारंट में पकड़ा था। उस समय पुलिस को पता भी नहीं था कि यही ट्रिपल मर्डर का सूत्रधार निकलेगा। इसके बाद पुलिस ने घोड़ा से कड़ी पूछताछ की तो वह टूट गया। इस पर आईजी ग्वालियर अविनाश शर्मा ने पूरी टीम को 30 हजार रुपए नकद पुरस्कार दिया है।

MP में बेरोजगारी बनी जान की दुश्मन

खरगोन में चयनित शिक्षक की कीटनाशक पीने से मौत  – बेटा अस्पताल में भर्ती, कांग्रेस बोली – सरकार जिम्मेदार खरगोन.  खरगोन में लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित शिक्षक ने खुदकुशी कर ली है। उसने पहले बेटे को कीटनाशक दिया। इसके बाद खुद भी गटक लिया। कीटनाशक पीने से जहां पिता की मौत हो गई। वहीं, उसके 8 साल के बेटे को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। जहां से उसे इंदौर रैफर कर दिया गया। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने शिक्षक की मौत का जिम्मेदार शिवराज सरकार को बताया है। खरगोन के जिला अस्पताल पुलिस चौकी के अनुसार अकावल्या का रहने वाले 36 साल के राकेश पाटीदार की मौत हो गई है। वहीं, उसके 8 साल के बेटे आरव को गंभीर हालत में इंदौर रैफर किया गया है। मंगलवार रात 8.50 बजे वह बेटे के साथ बिस्टान रोड पर भोंगनाला के पास पड़ा था। लोगों ने देख पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान रात 9.30 बजे राकेश की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

MP के 3 नेता-कारोबारी ने किया नाबालिग से रेप, गिरफ्तार

भोपाल के दो होटलों में BJP-JDU नेताओं और पेट्रोल पंप संचालक पकड़े गए भोपाल. हरियाणा के पलवल से भाग कर आई एक नाबालिग से भोपाल के दो होटल और एक फ्लैट में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। एमपी नगर के होटल से गैंगरेप करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने डिंडौरी जिले से पकड़ा है। गैंगरेप में शामिल एक भाजपा का पदाधिकारी है, जबकि दूसरा आरोपी जेडीयू डिंडौरी का जिला अध्यक्ष है। तीसरा आरोपी कारोबारी है। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को पूर्व में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक डिंडौरी भाजपा जिला कार्यालय मंत्री मनीष नायक, जेडीयू का जिलाध्यक्ष दिनेश अवधिया और पेट्रोल पंप संचालक अमित सोनी को हिरासत में लिया गया है। इन पर किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोप है। बता दें, नाबालिग अशोका गार्डन निवासी पारूल को बस में मिली थी। अशोका गार्डन थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। वह उसे काम दिलाने के लिए भोपाल लेकर आई थी। यहां अशोका गार्डन के अस्सी फीट रोड स्थित अमन होटल में रुकवाया था। पारूल के जानने वाले सैफ ने नाबालिग को पास के फ्लैट में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके अगले दिन पारुल उसे एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गई, जहां दो लोगों ने दुष्कर्म किया। तीसरे दिन फिर उसके साथ एक अन्य होटल में दुष्कर्म किया। इस मामले में पीड़िता ने अशोका गार्डन थाने में सीमा, पारूल और सैफ समेत अन्य तीन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। दोनों होटलों में दुष्कर्म करने वाले डिंडौरी के नेता और व्यापारी को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में लिया है। होटल से मिली तीनों आरोपियों की जानकारी पीड़िता इन तीनों आरोपियों के नाम नहीं जानती थी। पुलिस ने होटल से जानकारी निकाली गई, जिसमें पता चला कि डिंडौरी निवासी मनीष नायक, दिनेश अवधिया, अमित सोनी नाम के व्यक्ति होटल में 18 अगस्त की रात ठहरे हुए थे। सोमवार को पुलिस डिंडौरी पहुंची, जहां से तीनों आरोपियों को लेकर भोपाल पहुंची। देह व्यापार में धकेली गई पीड़िता का दर्द मेरी उम्र 17 साल 8 महीने है। मैं, जिला पलवल, हरियाणा के एक गांव की रहने वाली हूं। घर से 13 अगस्त को भागकर मुंबई जाने के लिए मथुरा आई थी। वहां से मुझे किसी ने बताया कि इंदौर होते हुए तुम्हें मुंबई के लिए बस मिल जाएगी। तो मैं इंदौर की बस में बैठकर आ रही थी। मुझे बस में एक लड़की मिली। जिसने अपना नाम पारुल राठौर बताया था। उसके बाद पारुल ने मुझे बताया कि वह भोपाल में अकेली रहती है। उसने कहा कि तुम मेरे साथ भोपाल चलो। मैं तुम्हें काम धंधा दिला दूंगी। उसकी बात मानकर मैं भोपाल आ गई। मुझे उसने अशोका गार्डन के अमन होटल में अपनी आईडी लगाकर रुकवाया। इसके बाद पारुल ने मुझे कहा कि तुम मेरे साथ गलत काम करने लगोगी तो तुम्हें कुछ पैसे कमा लोगी। उसके बाद पारुल ने मुझे कहा कि तुम मेरे साथ चला करो। 16 अगस्त को पारुल अमन होटल के पास ही एक फ्लैट पर लेकर मुझे गई। जहां, सैफ नाम के व्यक्ति ने मेरे साथ पहली बार दुष्कर्म किया। पारुल ने सैफ से 1500 रुपए लिए। अगले दिन पारुल ने सीमा नाम की अपनी सहेली को फोन किया। पारुल मुझे लेकर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गई। जहां दो लोगों ने गलत काम किया। पारुल ने दोनों लोगों से 6 हजार रुपए लिया था। इसके अगले दिन मुझे फिर एक होटल में ले जाया, जहां एक व्यक्ति ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। अगले रोज पारुल मुझे फिर एक होटल में भेज रही थी। तब मैंने मना कर दिया। इसपर मुझे पारुल ने कहा कि तुम काम नहीं करोगी तो जान से हमारे लोग मार देंगे। होटल में उसके आदमी तैनात रहते थे, जो मुझपर हर पल नजर रखते थे। 19 अगस्त को मैं मौका पाकर होटल से भाग थाने पहुंची। जहां, अशोका गार्डन थाने में पुलिस को आप बीती बताई।

भारत बंद की तैयारियां तेज:संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम

गाजियाबाद. कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता युद्धवीर सिंह के अनुसार, किसान संगठन 11 सितंबर को पटना में एक सम्मेलन करेंगे। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में तैयारी बैठकें 10 सितंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। उत्तर प्रदेश में एसकेएम के “मिशन यूपी’ की अहम बैठक 9 सितंबर को लखनऊ में होगी। 15 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में किसान संसद होगी। युद्धवीर सिंह ने कहा कि ये सभी बैठकें कहीं न कहीं 27 सितंबर के प्रस्तावित भारत बंद की तैयारियों से जुड़ी हैं। अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार बैठकें-पंचायत करके सभी किसान-मजदूर संगठनों का समर्थन लिया जा रहा है। इन बैठकों के बाद ये संगठन अपने-अपने राज्य में बंदी के लिए जनसंपर्क करके जनसमर्थन हासिल करेंगे। महापंचायत पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार पांच सितंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत पर किसान संगठनों ने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनवाई है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट करके बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 17 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के सभी अधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम की जाएगी। चुनाव नजदीक देख किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर जैसे-जैसे यूपी-उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह किसान आंदोलन फिर से जोर पकड़ रहा है। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर महापचंायत और सात सितंबर की करनाल महापंचायत इसी का नतीजा है। करनाल में खुद राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपनी टीम को लेकर डटे हुए हैं। इधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने कह दिया है कि सभी राज्यों में एसकेएम की समितियां बनाई जाएं। साफ है कि किसान संगठन अब इस आंदोलन को दिल्ली बॉर्डर के साथ-साथ गांव-गांव, जिले-जिले तक ले जाना चाहते हैं।

MP: सगाई के बाद युवती ने मंगेतर से बनाए शारीरिक संबंध, ज्यादा ब्लीडिंग होने से मौत

भोपाल. सगाई के बाद अपने मंगेतर के साथ शारीरिक संबंध बनाना एक युवती के लिए मौत का कारण बन गया. अधिक ब्लीडिंग होने से युवती की जान चली गई. मरने से पहले युवती ने अपने मंगेतर के खिलाफ बयान नहीं दिए, लेकिन मामला युवती की मौत (Death) का है. इसलिए पुलिस (Police) ने मंगेतर को अपनी कस्टडी में रखा है और कानूनी सलाह के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. यह घटना भोपाल (Bhopal) के कोलार इलाके की है. यहां रहने वाला एक युवक होटल में काम करता है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक युवक की सगाई मंडीदीप में रहने वाली एक 28 साल की युवती से हुई थी. कुछ महीनों बाद उनकी शादी भी होने वाली थी. बीते 5 सितंबर को युवती अपने मंगेतर से मिलने के लिए भोपाल पहुंची. शाम पांच बजे दोनों ने फिजिकल रिलेशन बनाए. इस दौरान ब्लीडिंग शुरू हो गई. मंगेतर पहले उसे पास के एक अस्पताल ले गया था. फिर वहां से दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि काफी कोशिशों के बाद भी ब्लीडिंग बंद नहीं हो सकी. इस कारण उसकी मौत हो गई. डॉक्टरी और कानूनी सलाह के बाद कार्रवाई भोपाल के एएसपी अंकित जयसवाल ने बताया कि इस मामले में कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल युवती ने मरने से पहले युवक के खिलाफ किसी तरीके के बयान नहीं दिए. दोनों बालिग हैं. फिर भी पुलिस तमाम मामले से जुड़े बिंदुओं पर जांच कर रही है. कोई भी बिंदु इस जांच में नहीं छोड़ा जाएगा. मामला गंभीर है. इसलिए पुलिस की एक टीम सभी पहलुओं पर लगातार जांच कर रही है. इस जांच में डॉक्टरों और लीगल एडवाइस भी लिया जा रहा है. मरने से पहले युवती ने दिए थे बयान युवती ने मरने से पहले बयान दिए थे. उसने बताया था कि वह मंडीदीप की रहने वाली थी. उसकी सगाई हो चुकी है. वह अपने मंगेतार के पास भोपाल मिलने आई थी, लेकिन युवती ने मंगेतर के खिलाफ कोई बयान नहीं दिए हैं. इस मामले में अभी कोई सबूत युवक के खिलाफ नहीं मिले हैं. पुलिस ने डॉक्टर की सूचना पर मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है. वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है. अभी मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है.

37 करोड़ रुपए का इनामी अफगानिस्तान का गृहमंत्री; 13 साल पहले भारत को जख्म दिया था

काबुल. 20 साल बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोड़ा। 20 साल बाद ही एक बार फिर तालिबान ने हुकूमत का औपचारिक ऐलान कर दिया। तालिबान घोषित आतंकी संगठन है और जाहिर सी बात है कि उसकी सरकार में दहशतर्दों को ही जगह मिलनी थी, और मिली भी। एक नाम और उसका ओहदा या कहें पोर्टफोलियो, अमेरिका और दुनिया को चौंका रहा है। ये नाम है सिराजुद्दीन हक्कानी। वो कितना खूंखार आतंकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने उस पर 50 लाख डॉलर (इंडियन करेंसी के मुताबिक करीब 37 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित कर रखा है। सिराजुद्दीन और उसके पिता ने 2008 में काबुल के भारतीय दूतावास पर भी हमला कराया था। इसमें 58 लोग मारे गए थे। 2011 में अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ रहे जनरल माइक मुलेन ने हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का दायां हाथ और एजेंट बताया था। फिदायीन हमले इसके दिमाग की उपज फिदायीन हमलों का इतिहास कई दशक पुराना है। माना जाता है कि श्रीलंका में सिविल वॉर के वक्त इनकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अफगानिस्तान में फिदायीन या आत्मघाती हमले शुरू करने वाला हक्कानी नेटवर्क और खास तौर पर यही सिराजुद्दीन हक्कानी माना जाता है। अफगानिस्तान में इन हमलों में अब तक हजारों बेकसूर मारे जा चुके हैं। सिराजुद्दीन ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या की साजिश भी इन्हीं हमलों के तहत रची थी। ये नाकाम रही। कहा जाता है कि सिराजुद्दीन का बाप और हक्कानी नेटवर्क की स्थापना करने वाला जलालुद्दीन हक्कानी 2013 या 2015 के बीच मारा गया, लेकिन सिराजुद्दीन 2001 के बाद से ही हक्कानी नेटवर्क का सरगना बना हुआ है। सिराजुद्दीन पाकिस्तान के वजीरिस्तान में ही रहता है। हक्कानी नेटवर्क को जानना जरूरी इसको संक्षिप्त में समझ लेते हैं। 1980 के आसपास सोवियत सेना ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। अमेरिका ने इसे अपनी तौहीन समझा। पाकिस्तान के साथ मिलकर स्थानीय कबीलों को हथियार और पैसा दिया। इनमें हक्कानी नेटवर्क भी शामिल था। इसके बाद तालिबान बना और अमेरिका ने इन गुटों से दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन पाकिस्तान इन्हें पालता-पोसता रहा। ISI ने हक्कानी नेटवर्क का इस्तेमाल अफगानिस्तान और अमेरिका दोनों के खिलाफ किया। ये एजेंसी पैसे भी लेती और हमले भी कराती। अमेरिका की ये नाकामी ही कही जाएगी कि वो पाकिस्तान पर दबाव डालकर हक्कानी नेटवर्क को खत्म नहीं करा सका। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क: कितने पास, कितने दूर शायद कम लोगों को पता होगा कि तालिबान किसी एक संगठन का नाम नहीं है। इसमें कई गुट, कई कबीले और कई धड़े हैं। हक्कानी नेटवर्क को आप इनमें से एक मान सकते हैं। अफगान तालिबान अलग है और पाकिस्तान तालिबान अलग। बस एक चीज कॉमन है। ये सभी कट्टरपंथी और आतंकी संगठन हैं जो शरीयत के हिसाब से हुकूमत चलाना चाहते हैं। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क अपनी सुविधा के हिसाब से एक-दूसरे का इस्तेमाल करते हैं। अफगान तालिबान को सत्ता में आने के लिए हक्कानी नेटवर्क ने दिल-ओ-जान से मदद की। नतीजा सामने है। उसका सरगना अब अफगानिस्तान का होम मिनिस्टर होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो तालिबान और हक्कानी नेटवर्क एक होकर भी अलग हैं, और अलग होकर भी एक हैं। हक्कानी नेटवर्क का खूनी खेल 2001: सिराजुद्दीन हक्कानी नेटवर्क का चीफ बना 2008 : में भारतीय दूतावास पर हमला, 58 की मौत 2012 : में अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क को बैन किया 2014 : में पेशावर स्कूल पर हमला, 200 बच्चे मारे गए 2017 : काबुल में हमला, 150 से ज्यादा लोगों की मौत

खरगोन में आदिवासी युवक की मौत पर सियासत तेज

कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर आदिवासियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया  भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच में आदिवासी युवक को गाड़ी से बांधकर खींचने पर हुई मौत का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था. इसी बीच खरगोन (Khargone) में एक आदिवासी (Tribal) की मौत के मामले को लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है. आदिवासी की मौत पर कांग्रेस राज्य की बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाया है. कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि नेमावर नीमच के बाद अब खरगोन के विस्तार थाने में एक आदिवासी की मौत का मामला सामने आया है. बालाघाट में स्कूल जाते समय का आदिवासी छात्रा की हत्या की खबर है. कमलनाथ ने सरकार से दोनों घटनाओं पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. कमलनाथ ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने को कहा है. वहीं कांग्रेस नेता अरुण यादव ने भी बयान जारी कर कहा है कि खरगोन के विस्तार थाने में तालिबानी रिमांड में एक आदिवासी की मौत हो गई है. यह घटना दु:खद और निंदनीय है. गृह मंत्री ने दिए जांच के आदेश खरगोन की घटना पर एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना को निंदनीय बताया है. गृह मंत्री ने कहा कि इस तरीके के मामलों पर सियासत नहीं होनी चाहिए. पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच में जहां लापरवाही मिलेगी वहां कार्रवाई होगी. अस्पताल थाने में कहां पर लापरवाही हुई है, इस बात की जांच होगी. प्रदेश में एक के बाद एक पूरी घटनाओं पर भी गृह मंत्री ने चिंता जताई है. कांग्रेस के खरगोन मामले पर जांच दल बनाने पर गृहमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस हर मामले पर सियासत करती है. कांग्रेस पर साधा निशाना नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया वाले मामले में अल्पसंख्यक की हुई पिटाई पर कांग्रेस ने जांच दल क्यों नहीं बनाया. इसका जवाब देना चाहिए. बहरहाल प्रदेश प्रदेश में आदिवासियों के साथ घट रही घटनाओं को लेकर सियासत घर में पहले नीमच उसके बाद अब खरगोन का मामला सामने आने पर अब सियासत जोर पकड़ती हुई नजर आ रही है. बता दें कि खरगोन की घटना की जांच के लिए पीसीसी चीफ कमलनाथ ने पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है. इस कमेटी में ग्यारसी लाल रावत, मुकेश पटेल, प्राची लाल मेड़ा, लाल सिंह मेड़ा को शामिल किया गया है.

मां बनी अविवाहित युवती ने नवजात को झाड़ियों में फेंका, रो कीड़े काटने से हालत नाजुक

खंडवा.  खंडवा में एक अविवाहित युवती ने बीच सड़क पर नवजात को जन्म दे दिया। युवती को परिवार वाले गर्भपात कराने ले जा रहे थे। नवजात को झाड़ियों में फेंक गई। युवती का रास्ते में प्रसव देख ग्रामीणों को शंका हुई और वह रास्ते पर निकले तो झाड़ियों से नवजात की चीखें सुनाई दीं। उसे उठाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चे को कीड़े-मकोड़ें ने काट लिया था, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इधर, पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर शनिवार सुबह 3 लोगों को हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ जारी है। घटना गुरुवार देर शाम की पंधाना थाना क्षेत्र के गांव घाटाखेड़ी और देवनालिया के बीच की है। अविवाहित युवती गांव देवनालियां की है। गर्भपात के लिए परिजन उसे कहीं ले जा रहे थे, तभी रास्ते में गांव घाटाखेड़ी के नजदीक सियाबाबा बाबा फाटा के यहां प्रसव पीड़ा बढ़ गई तो यहां बने एक टीनशेड में रुक गए। जहां प्रसव के बाद नवजात को जन्म दिया और थोड़ी दूर जाकर उसे झाड़ियों में फेंक दिया। प्रत्यक्षदर्शी बोला- शंका होने पर युवती को चेताया था कि नवजात को फेंकना मत प्रत्यक्षदर्शी राहुल जमरे ने बताया, वह पंधाना पीएचसी पर स्वास्थ्यकर्मी के रूप में तैनात हैं। घाटाखेड़ी में रास्ते पर उसका मकान है। रात के 8 बजे एक बाइक सवार ने दरवाजा खटखटाया, दो लोगों के साथ एक महिला थी, वह तड़प रही थी। उन्होंने पेट्रोल मांगा तो मैंने उन्हें गांव से लाकर दिया। इतनी देर में उसने घर के बाहर रोड पर ही नवजात को जन्म दे दिया। थोड़ी देर में वह उसे छोड़कर जाने लगे। मेरे पड़ोसी ने बताया कि युवती अविवाहित है। हमने उन्हें रोका और नवजात को ले जाने का कहा। चेतावनी भी दी कि यदि इसे कहीं फेंका तो पुलिस को बता देंगे। फिर थोड़ी दूर जाकर युवती ने नवजात को फेंकने की कोशिश की तो हमने देख लिया। फिर हम चिल्लाएं तो वह उसे लेकर चली गई। कुछ दूर ले जाकर फेंक दिया राहुल जमरे ने कहा कि मुझे और पड़ोसी को शक था कि कहीं वह उसे फेंक न दें। दो-चार ग्रामीणों को बुलाया और रात के अंधेरे में पैदल निकल पड़े। थोड़ी दूर जाकर नवजात के राेने की आवाज सुनाई दी। नजदीक जाकर देखा तो कीड़े-मकोड़ें शरीर पर चढ़ गए थे। गांव की आशा अनिता जमरे को बुलाकर शरीर साफ करवाया। पुलिस को सूचना दी। फिर पुलिस ने नवजात को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया। जहां उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया।

कानपुर : 2 हजार महिलाओं से दोस्ती, मोबाइल में 65 युवतियों के अश्लील वीडियो मिले

कानपुर। कानपुर क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर महिलाओं और लड़कियों से दोस्ती करने के बाद उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने वाले शातिर को दबोच लिया है। उसके पास से 65 से ज्यादा महिलाओं के अश्लील वीडियो और 1000 से ज्यादा अश्लील तस्वीरें बरामद हुई हैं। जांच में सामने आया है कि जलालाबाद का रहने वाले शेखर सुमन सोशल मीडिया पर दो हजार से ज्यादा महिलाओं के संपर्क में था। वह संस्कृत में स्नातक है। 27 से ज्यादा महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई कानपुर साइबर सेल में बीते तीन महीने में 27 से ज्यादा महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। सभी का एक ही आरोप था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक युवक ने पहले उनसे दोस्ती की और फिर उनका निजी फोटो और वीडियो हासिल करके सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर किसी से एक लाख तो किसी से 2.50 लाख तो किसी से 5 लाख की डिमांड कर रहा है। कइयों ने तो बदनामी के डर से शातिर के खाते में रुपए भी ट्रांसफर कर दिए थे। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने ब्लैकमेल करने वाले युवक को दबोच लिया। उसके मोबाइल की जांच की गई तो पुलिस अफसर भी चौंक गए। शातिर के पास 65 से ज्यादा महिलाओं और छात्राओं के अश्लील वीडियो मिले हैं। एडिश्नल पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि युवक से पूछताछ चल रही है। शातिर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर दो हजार से ज्यादा महिलाओं और छात्राओं के संपर्क में था। सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर ब्लैकमेलिंग फेसबुक पर लड़कियों से लड़की बनकर करता था दोस्ती फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई नामों से बना रखी है आइडी दोस्ती होने के बाद वाट्सएप नंबर लेकर करता था चैटिंग चैटिंग के दौरान कई लड़कियों के बनाए अश्लील वीडियो रोजाना 150 से 200 लड़कियों को करता था मैसेज सैकडों लड़कियों से चैटिंग के सबूत मिले क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जांच करते हुए शाहजहांपुर के थाना जलालाबाद निवासी 28 साल के शेखर सुमन को गिरफ्तार किया है। शेखर सुमन रोजाना करीब डेढ़ से दो सौ लड़कियों को मैसेज करके चैट करता है। उसने फेसबुक पर अंकुर गुप्ता, आयुष अग्रवाल, अंकुर ओमर, नेहा अग्रवाल, सौम्या ओमर आदि के नाम से आईडी बना रखी है। अंकुर ओमर नाम से जो एकाउंट बना है बस उसमें ही इसकी असली फोटो लगी है बाकी में लड़कियों की फर्जी फोटो लगा रखी है। अंकुर शेखर का निक नेम है। कई राज्यों की लड़कियों को दिया झांसा कानपुर नगर के कल्याणपुर थाने में लिखा गया मुकदमा तो एक बानगी मात्र है। सौरभ ने इसके अलावा आगरा, शाहजहांपुर, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, प्रयागराज के साथ ही दिल्ली, मुंबई, झारखंड, उत्तराखंड आदि राज्यों की लड़कियों से यह रोजाना चैट करके उन्हें अपने झांसे में ले रहा था। संस्कृत विश्वविद्यालय से स्नातक है शेखर सैकड़ों लड़कियों को अपने झांसे में फंसा चुका शेखर शाहजहांपुर के एक संस्कृत महाविद्यालय से स्नातक है। उसे यह आइडिया अपने एक दोस्त सत्यम अवस्थी से मिला। शेखर के मुताबिक सत्यम भी इसी प्रकार लड़कियों से दोस्ती करता था।

मध्यप्रदेश: शराबियों के हित में राज्य सरकार का बड़ा फैसला

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में अब देशी और विदेशी शराब (liquor) दुकानदारों को ग्राहकों को शराब के साथ उसका बिल (liquor bill) भी देना होगा. बिना बिल दिए अब दुकानदार शराब नहीं बेच पाएगा. इसको लेकर गुरूवार को मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त (Madhya Pradesh Excise Officer) ने आदेश जारी कर दिए हैं. जारी आदेश के मुताबिक 1 सितंबर से प्रदेश के सभी फुटकर शराब विक्रेताओं और देशी-विदेशी शराब विक्रेता को उसके द्वारा भुगतान की गई राशि के अनुसार बिल देना अनिवार्य होगा. आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में शराब दुकानदारों को अधिकतम मूल्य से अधिक मूल्य पर शराब बिक्री किए जाने संबंधी शिकायत के निवारण हेतु यह आदेश जारी किए गए हैं. आदेश से जहां एक तरफ मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने पर रोक लगेगी. तो वहीं शराब क्रेता के पास शराब खरीदी का प्रमाण पत्र भी मौजूद रहेगा. इस के लिए दुकानदार को बिल बुक या कैश मेमो का प्रिंट जिला आबकारी कार्यालय में प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा. वही जिला आबकारी अधिकारी आयुक्त के निर्देश अनुसार बिल बुक उपयोग में लाई जा सकेगी. बुक के उपयोग में लाने पर उसकी कार्बन कॉपी ठेका की समाप्ति यानी 31 मार्च 2022 तक रखना अनिवार्य होंगा. दुकानदार करते हैं मनमाने रेट पर शराब की बिक्री प्रदेश के सभी जिलों में फुटकर देशी और विदेशी शराब दुकानों में मनमाने रेट पर शराब की बिक्री की जाती रही है. शराब माफियाओं द्वारा सिंडीकेट बनाकर शराब की बिक्री की जाती रही है. जिसके चलते ग्राहकों को कई गुना मंहगी शराब खरीदना पड़ती है. कई बार इस बात की शिकायत शासन स्तर तक की गई है. लगातार मिल रही शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए आबकारी आयुक्त ने आज आदेश जारी कर दिया है कि अब से देशी और विदेशी शराब की फुटकर दुकानों में शराब के साथ बिल देना भी अनिवार्य होगा, बिना बिल के अब कोई भी दुकान से शराब की बिक्री नहीं की जाएगी.

शरिया क़ानून क्या है और ‘तालिबान के शासन’ में अफ़ग़ान महिलाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?

नईदिल्ली। तालिबान ने कहा है कि वे इस्लाम की शरिया क़ानूनी प्रणाली की सख़्त व्याख्या के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान पर शासन करेंगे। इस समूह ने राजधानी काबुल पर क़ब्ज़ा करने के बाद अपनी जीत का दावा किया है। इसके साथ ही देश में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की उपस्थिति को क़रीब दो दशक बाद ख़त्म कर दिया है। अफ़ग़ानिस्तान में क्या हो रहा है? देश पर अपना नियंत्रण क़ायम कर लेने के बाद बुलाई गई पहली प्रेस वार्ता में, तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया और महिलाओं के अधिकारों जैसे मसलों से “इस्लामी क़ानून के ढांचे के तहत” निपटा जाएगा। हालांकि तालिबान ने अभी तक यह नहीं बताया कि व्यवहार में इसके क्या मायने होंगे। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई जिन्हें पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की वक़ालत करने के चलते तालिबान ने 15 साल की उम्र में गोली मार दी थी, उन्होंने चेतावनी दी है कि शरिया क़ानून की तालिबान की व्याख्या अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए घातक हो सकती है। मलाला ने बीबीसी को बताया, “मुझे अफ़ग़ानिस्तान में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं सहित कुछ कार्यकर्ताओं से बात करने का अवसर मिला। उन्हें अपने आगे के जीवन को लेकर भरोसा नहीं हो रहा है।” उन्होंने कहा, “उनमें से कई लोग 1996-2001 के बीच देश में में जो हुआ था, उसे याद कर रहे हैं और वे अपनी सुरक्षा, अपने अधिकारों और स्कूल जाने के अधिकार को लेकर बहुत चिंतित हैं।” असल में, पहले जब तालिबान सत्ता में थे, तब महिलाओं को काम करने या शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। आठ साल की उम्र से लड़कियों को बुर्क़ा पहनना पड़ता था। यही नहीं, महिलाओं को बाहर जाने की अनुमति तभी थी, जब उनके साथ कोई पुरुष संबंधी होते थे। इन नियमों की अवहेलना करने पर महिलाओं को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे जाते थे। शरिया क्या है? शरिया क़ानून इस्लाम की क़ानूनी व्यवस्था है। इसे इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक क़ुरआन और इस्लामी विद्वानों के फ़ैसलों यानी फ़तवों, इन दोनों को मिलाकर तैयार किया गया है। शरिया का शाब्दिक अर्थ- “पानी का एक स्पष्ट और व्यवस्थित रास्ता” होता है। शरिया क़ानून जीवन जीने का रास्ता बताता है। सभी मुसलमानों से इसका पालन करने की उम्मीद की जाती है। इसमें प्रार्थना, उपवास और ग़रीबों को दान करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य मुसलमानों को यह समझने में मदद करना है कि उन्हें अपने जीवन के हर पहलू को ख़ुदा की इच्छा के अनुसार कैसे जीना है। व्यवहार में इसका क्या मतलब है? शरिया किसी मुसलमान के दैनिक जीवन के हर पहलू के बारे में व्यवस्था देता है। उदाहरण के लिए, काम के बाद अपने सहयोगियों द्वारा पब में बुलाए जाने पर सोच में डूबा कोई मुसलमान सलाह के लिए शरिया विद्वान के पास जा सकता है ताकि यह तय हो सके कि वह अपने धर्म के क़ानूनी ढांचे के भीतर व्यवहार करे। दैनिक जीवन के अन्य क्षेत्रों, मसलन पारिवारिक क़ानून, वित्त और व्यवसाय के लिए मार्गदर्शन के लिए भी कोई मुसलमान शरिया क़ानून का रुख़ कर सकता है। शरिया के कुछ कठोर दंड क्या हैं? शरिया क़ानून अपराधों को दो सामान्य श्रेणियों में विभाजित करता है। पहला, ‘हद’, जो गंभीर अपराध हैं और इसके लिए अपराध तय किए गए हैं और दूसरा, ‘तज़ीर’ अपराध होता है। इसकी सज़ा न्याय करने वाले के विवेक पर छोड़ दी गई है। हद वाले अपराधों में चोरी शामिल है। इसके लिए अपराधी के हाथ काटकर दंड दिया जा सकता है। वहीं व्यभिचार करने पर पत्थर मारकर मौत की सज़ा दी जा सकती है। कुछ इस्लामी संगठनों का तर्क है कि ‘हद’ अपराधों के लिए दंड मांगने पर इसके नियमों में सुरक्षा के कई उपाय तय हैं। इसके लिए दंड तय करने से पहले काफ़ी ठोस सबूत की ज़रूरत होती है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पत्थर मारकर मौत की सज़ा देने का विरोध किया है। उसका कहना है: “यह दंड यातना या अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक सज़ा तय करता है। इसलिए यह साफ़ तौर पर प्रतिबंधित है।” हालांकि सभी मुस्लिम देश हद अपराधों के लिए ऐसे दंड नहीं देते। सर्वेक्षणों की मानें तो ऐसे अपराधों के लिए कठोर दंड देने को लेकर मुसलमानों की राय बहुत बंटी हुई है। क्या धर्मांतरण के लिए फांसी दी जा सकती है? धर्म को छोड़ना, मुसलमानों के बीच एक बहुत ही विवाद का मसला है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश इस्लामी विद्वानों की राय है कि इसके लिए सज़ा मौत है। हालांकि मुस्लिम विचारकों का एक अल्पसंख्यक तबका (ख़ासकर पश्चिमी देशों से जुड़े लोगों का) मानता है कि आधुनिक दुनिया की वास्तविकता का अर्थ यह है कि इसके लिए दंड अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। ऐसे लोगों की यह भी राय है कि धर्मत्याग से इस्लाम को कोई ख़तरा नहीं है।क़ुरआन स्वयं घोषणा करता है कि धर्म में “कोई बाध्यता नहीं” होती। फ़ैसले कैसे होते हैं? किसी भी क़ानूनी प्रणाली की तरह शरिया भी काफ़ी जटिल है। इसका लागू होना पूरी तरह से जानकारों के गुण और उनकी शिक्षा पर निर्भर करता है। इस्लामी क़ानूनों के जज मार्गदर्शन और निर्णय जारी करते हैं। मार्गदर्शन को फ़तवा कहा जाता है। इसे औपचारिक क़ानूनी निर्णय माना जाता है। शरिया क़ानून के पांच अलग-अलग स्कूल हैं। चार सुन्नी सिद्धांत हैं- हनबली, मलिकी, शफ़ी और हनफ़ी और एक शिया सिद्धांत है जिसे शिया जाफ़री कहा जाता है। पांचों सिद्धांत, इस बात में एक-दूसरे से अलग हैं कि वे उन ग्रंथों की व्याख्या कैसे करते हैं जिनसे शरिया क़ानून निकला है।

रात में अफसर को VIDEO कॉल और ब्लेकमेलिंग: बात करते-करते न्यूड हो गई

ग्वालियर। ग्वालियर में राजस्व विभाग के अफसर को हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। यहां आरोपी महिला ने पहले तो अफसर को वीडियो कॉल किया। इसके बाद खुद के कपड़े उतारकर ये कॉल रिकॉर्ड कर ली। बाद में यही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की मांग की गई। इस पर अफसर ने रुपए देने से इनकार कर दिया। इस घटना का जिक्र रात को ही अफसर ने अपने फेसबुक पर किया है। सहायक भू-अभिलेख अधिकारी (एएसएलआर) रविनंदन तिवारी ने अपने फेसबुक एकाउंट पर शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे एक पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में रविनंदन तिवारी ने लिखा है कि शुक्रवार रात 10.45 बजे उनको 9670425088 नंबर से वीडियो कॉल आया था। कॉल पर दूसरी तरफ महिला ने कुछ देर बात की फिर अश्लील प्रदर्शन करने लगी। इसके बाद रविनंदर ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। करीब 11.10 बजे फिर वीडियो कॉल आया। लेकिन इस बार भी रविनंदन ने कोई बात नहीं। 20 मिनट बाद आया एडिट वीडियो रविनंदन तिवारी ने आगे बताया, दूसरा कॉल डिस्कनेक्ट करने के करीब 20 मिनट बाद उनके वॉटसऐप पर एक वीडियो आया। इसमें वही लड़की थी पहले वीडियो कॉल कर रही थी। यह एक अश्लील वीडियो था। जिसमें, रविनंदर का चेहरा भी लगाया गया था। साथ ही इस वीडियो के साथ एक मैसेज आया जिसमें लिखा था, ‘ अगर चाहते हो कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न हो तो उसे 50 हजार रुपए दे दे। ऐसा न करने पर वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगे। इसके बाद ब्लैक मेकर ने चैट से वह वीडियो डिलीट कर दिया। इसके बाद रविनंदन तिवारी का कहना है कि प्रतिष्ठा बनाने में जीवन लग जाता है, लेकिन कोई आपका सम्मान इस तरीके से भी बर्बाद करने के तरीके ढूंढ़ सकता है। सोच भी नहीं सकता था। रात भर नींद नहीं आई।

कोरोना काल में शूटिंग बंद और सेक्स रैकेट शुरू, टॉप की मॉडल ने बताया सब कुछ

Mumbai: मुंबई में एक हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है. इस सेक्स रैकेट के मामले में टॉप की मॉडल और एक्ट्रेस को पकड़ा गया है. इनमें से एक टॉप की मॉडल है और कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम कर चुकी हैं और दूसरी एक्ट्रेस है जिसने टीवी सीरियलों में काम किया है. ये मॉडल और अभिनेत्री दो घंटे के दो लाख रुपए चार्ज किया करती थीं. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें जुहू के एक फाइव स्टार होटल से पकड़ा है. इन मॉडल और अभिनेत्री को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट नहीं किया है बल्कि इन्हें सेक्स रैकेट के चंगुल से रेस्क्यू करने की बात कही है. अभिनेत्री और मॉडल की बजाए रैकेट चलाने वाली महिला दलाल को अरेस्ट किया गया है. गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में ईशा खान ने बताया कि वे इस सेक्स रैकेट को पिछले कई सालों से चला रही है. वह दो घंटे का दो लाख रुपए चार्ज किया करती थी. इसमें 50 हजार रुपए वह अपना कमीशन रखा करती थी और बाकी के डेढ़ लाख रुपए संबंधित मॉडल और ऐक्ट्रेस को दे दिया करती थी. पूछताछ में मॉडल व एक्ट्रेस ने बताई सेक्स रैकेट से जुड़ने की वजह पूछताछ में मॉ़डल और अभिनेत्री ने बताया कि कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन की वजह से शूटिंग बंद दी, काम नहीं मिल रहा था. इसलिए वे सेक्स रैकेट से जुड़ गईं. यह रैकेट कुछ इस तरह से चला करता था जिसमें ईशा खान ग्राहकों से संपर्क किया करती थी. वह ग्राहकों से मॉडल,अभिनेत्रियों और कॉल गर्ल्स के प्रोफाइल और फोटोग्राफ्स शेयर करती थी. ग्राहक जिसे पसंद कर लेते थे उनके साथ रेट, डेट और टाइम फिक्स कर लिया जाता था. फिर जुहू जैसे पॉश इलाकों में स्थित होटलों में कमरे बुक करवा दिए जाते थे. मॉडल को उस कमरे में भेज दिया जाता था. दो घंटे के लिए दो लाख रुपए वसूल किए जाते थे. दो घंटे के दो लाख रुपए में सौदा फिक्स मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने फर्जी ग्राहक बन कर ईशा खान से संपर्क किया. ईशा खान से कहा कि उन्हें और उनके एक दोस्त को टॉप मॉडल्स चाहिए. इसके बाद ईशा खान ने कई फोटो वाट्सअप पर भेजे. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने दो लड़कियों के फोटो सेलेक्ट किए. इनमें से एक ने कई विज्ञापनों में काम किया है और दूसरी ने कई टीवी सीरियलों में काम किया है. क्राइम ब्रांच ने ऐसे जाल बिछाया, सेक्स रैकेट का खेल सामने आया ईशा खान ने प्रति लड़की का दो घंटे का दो लाख रुपए में सौदा फिक्स किया. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने सौदे के लिए हां कर दी. जुहू का होटल भी बुक करा दिया गया. गुरुवार रात जैसे ही महिला दलाल और मॉडल व अभिनेत्री होटल के बाहर पहुंचे. क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया.

CM योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर हाउस अरेस्ट

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव (2022 uttar pradesh assembly election) होने हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aadityanath) के खिलाफ इस बार विधानसभा चुनाव, चर्चित रिटायर आईपीएस अमिताभ ठाकुर (ips amitabh thakur)ने लड़ने का एलान किया है. सीएम के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने के बाद से अमिताभ ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है. इस बात की जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट के जारिए दी है. वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें केवल गोरखपुर जाने से रोका गया है. अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि उन्हें गोरखपुर जाने से रोका गया है. पुलिस घेरे में रखा गया है. उनकी पुलिस से बातचीत चल रही है. अमिताभ पर है रेप आरोपी का साथ देना का आरोप पुलिस का कहना है कि उन पर रेप आरोपी का साथ देने का आरोप है. अभी उन पर लगे आरोपों की जांच चल रही है. कमेटी ने इन आरोप की जांच के लिए इन्हें तलब किया है. कमेटी के सामने इन्हें पेश होना है. इसलिए ही उन्हे लखनऊ से बाहर जाने से रोका गया है. बावजूद इसके इन्होंने प्रतिबंध का उलंघन किया है. एक हफ्ते पहले ही चुनाव लड़ने की घोषणा की बता दें कि अमिताभ ने एक हफ्ते पहले सीएम योगी के खिलाफ यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का घोषणा की थी. वो सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे. इस बीच उन्हें एसीपी गोमतीनगर ने घर के बाहर ही रोक दिया. अमिताभ ठाकुर फिलहाल आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थे. उन्हे जबरन रिटायर किया गया था. अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस हैं.

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