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MP : CM शिवराज ने की बारिश में पौधे की सिंचाई, तस्वीर वायरल

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक तस्वीर आई है, जिसमें वह संगमरमर के दो बड़े-बड़े पत्थरों पर खड़े होकर एक पौधा लगाने के बाद उसमें पानी डालते हुए नजर आ रहे हैं और इस दौरान एक व्यक्ति उनके ऊपर छाता खोलकर पकड़े हुए है, ताकि बारिश के पानी से उनको बचाया जा सके. इस पर शुक्रवार को एक व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा कि ‘अंदाज अपना अपना’. मुख्यमंत्री के सूचना प्रसार से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि चौहानजी रोजाना एक पौधा लगाते हैं और उसमें पानी डालते हैं. खराब मौसम के बावजूद वह पेड़ लगाते हैं और उसमें पानी डालते हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने चौहान पर तंज कसने के लिए उनकी यह तस्वीर ट्विटर पर डाली है, जिसमें वह भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में संगमरमर के दो बड़े-बड़े पत्थरों पर खड़े होकर एक पौधा लगाने के बाद उसमें पानी डालते हुए नजर आ रहे हैं और इस दौरान एक व्यक्ति उनके ऊपर छाता खोलकर पकड़े हुए है, ताकि बारिश के पानी से उनको बचाया जा सके. कांग्रेस ने चौहान पर तंज कसते हुए लिखा है कि ये हैं माटी के लाल, किसान पुत्र. मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने चौहान की इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, ‘‘माटी के लाल, किसान पुत्र शिवराज जी का गीली मिट्टी पर महँगा पत्थर बिछवाकर बरसात में छाता लगाकर पौधों को पानी डालते हुए विहंगम दृश्य……” सलूजा द्वारा डाले गये इस पोस्ट पर एक व्यक्ति लिखा, ‘‘क्या गजब की नौटंकी है – छाता, बारिश, कैमरा और एक्शन.” इस पर ट्विटर पर कमेंट लिखते हुए एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘अंदाज अपना अपना”. वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, ‘‘नेताओं का अहंकार. प्रचार की इच्छा उनसे ऐसी मूर्खतापूर्ण हरकतें करवाती हैं. इन्हें लगा होगा कि इनके पानी के आगे आसमान के पानी में दम नहीं.” इस बारे में एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘‘हम ऐसी घटिया बातों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. सम्मान में अगर कोई उनके लिए संगमरमर के पत्थर बिछाता है और बारिश से भींगने के लिए उनके ऊपर छाता खोलकर पकड़ता है तो चौहानजी क्या कर सकते हैं.” उन्होंने कहा कि चौहानजी रोजाना एक पौधा लगाते हैं और उसमें पानी डालते हैं. खराब मौसम के बावजूद वह पेड़ लगाते हैं और उसमें पानी डालते हैं. क्या यह प्रशंसनीय कार्य नहीं है? हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि चौहान की यह तस्वीर भोपाल में खींचीं गई है. मालूम हो कि मुख्यमंत्री चौहान ने प्रतिदिन पौधारोपण के संकल्प के क्रम में बृहस्पतिवार को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अशोक का पौधा लगाया था और इसकी एक तस्वीर मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की वेवसाइट पर भी डाली है, जिसमें वह संगमरमर के दो पत्थरों पर खड़े होकर इस पेड़ को लगा रहे हैं.

दिल्ली में बारिश से हाहाकार, टूटा 46 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को बताया कि इस साल मानसून के अत्यधिक असामान्य मौसम में दिल्ली (Delhi Weather News) में अभी तक 1100 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि 46 वर्षां में सबसे अधिक और पिछले साल दर्ज की गई बारिश से लगभग दोगुनी है. हालांकि ये आंकड़ें बदल सकते हैं, क्योंकि शहर में दिन में और बारिश का अनुमान है. बता दें कि दिल्ली में भारी बारिश की वजह से न सिर्फ इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (IGI Airport) के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है बल्कि दिल्ली के कई इलाके पानी-पानी हो गए हैं. वहीं, कई जगह जलजमाव की वजह से ट्रैफिक जाम लग गया है. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ‘सफदरजंग वेधशाला ने 1975 के मानसून के मौसम में 1,150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी. इस साल बारिश पहले ही 1,100 के आंकड़ें को पार कर गयी है और मानसून का मौसम अभी खत्म नहीं हुआ है.’ आईएमडी के अनुसार, सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून के मौसम के दौरान 648.9 मिमी बारिश दर्ज की जाती है. मानसून का मौसम शुरू होने पर एक जून से 11 सितंबर तक शहर में सामान्य तौर पर 590.2 मिमी बारिश होती है। मानसून 25 सितंबर तक दिल्ली से चला जाता है. इसके अलावा अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 17-18 सितंबर के आसपास बारिश आने का अनुमान है. इस बारिश बना रही रिकॉर्ड साल 2003 में राष्ट्रीय राजधानी में 1,050 मिमी बारिश हुई थी. दिल्ली में 2011, 2012, 2013, 2014 और 2015 में मानसून के मौसम के दौरान क्रमश: 636 मिमी, 544 मिमी, 876 मिमी, 370.8 मिमी और 505.5 मिमी बारिश हुई. जबकि आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 524.7 मिमी, 2017 में 641.3 मिमी, 2018 में 762.6 मिमी, 2019 में 404.3 मिमी और 2020 में 576.5 मिमी बारिश दर्ज की गयी. दिल्ली के लिए सितंबर में प्रचुर मात्रा में बारिश हुई। अभी तक इस महीने में 343.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी जो कम से कम 12 वर्षों में सबसे अधिक है. इस साल सितंबर में हुई बारिश पिछले साल की तुलना में सबसे कम रही. पिछले साल सितंबर में शहर में 20.9 मिमी बारिश हुई थी. बहरहाल, दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में लगातार दो दिन 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गयी. एक सितंबर को 112.1 मिमी और दो सितंबर को 117.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. जबकि शनिवार को शहर में 94.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. वहीं, दिल्ली में मानसून के 19 साल में सबसे देर से 13 जुलाई को दस्तक देने के बावजूद राजधानी में उस महीने 16 दिन बारिश दर्ज की गयी थी जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है. दिल्ली में बारिश के दिनों में 507.1 मिमी बारिश हुई जो औसत से तकरीबन 141 प्रतिशत अधिक है. जुलाई 2003 के बाद से यह इस महीने में हुई सबसे अधिक बारिश है. इसके अलावा शहर में अगस्त में महज 10 दिन बारिश हुई थी जो सात वर्षों में सबसे कम है और कुल मिलाकर 214.5 मिमी. बारिश हुई जो 247 मिमी की औसत बारिश से कम है.

UP : प्रबुद्ध सम्मेलन के रास्ते ब्राह्मणों को मनाने में जुटी बीजपी

कानपुर। भाजपा प्रबुद्ध सम्मेलन के बहाने ब्राह्मणों को मनाने का में लगी हुई है। इसी क्रम में कानपुर देहात के रानियां अकबरपुर से विधायक प्रतिभा शुक्ल ने शहर में कार्यक्रम आयोजित कर ब्राह्मणों को एकजुट करने का संदेश देने का कार्य किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थिति गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के नाम पर प्रमुख मार्गों और शहरों के नाम बदलने का कार्य चलता रहेगा। यह कलंक है, इनको तो मिटना ही होगा। इस दौरान जय श्री राम जय परशुराम के नारे भी लागये गये। हिंदुत्व के बहाने ब्राह्मणों को एक जुट दिखाने की कोशिश भी की गयी। भाजपा राष्ट्रवादी सोच रखती हैं जातिवादी नही मंत्री अजय मिश्र ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में हमारी सोच कैसी हो इस पर चर्चा करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल ब्राह्मणों का सम्मेलन नहीं है। राष्ट्र के सम्मान को बढ़ाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। हिंदुस्तान एक आध्यात्मिक देश है। हमारी पहचान धर्म और शिक्षा रही है। आज प्रबुद्ध सम्मेलन के नाम पर जातिगत सम्मेलन हो रहे है। जबकि भाजपा प्रबुद्ध सम्मेलन में यहां देश की चिंता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के शशक्तिकरण, रोज़गार, सड़क, बिजली, ट्रैन, अच्छी कानून व्यवस्था पर काम करने के लिये भाजपा सरकार चुना गया है। अपमान से जुड़े नाम बदल जाते रहेंगे अजय मिश्र ने कहा कि बाबर, लोधी, गजनी, गोरी जैसे आक्रांताओं ने लूट के साथ, धर्म पर हमला किया। मंदिर मठों को तहस नहस किया गया। हमारी व्यवस्था को नष्ट किया गया। इसके पुनर्निर्माण की ज़रूरत है। देशबके प्रधानमंत्री ने अपने देश की संस्कृति को विश्व पटल पर रखा। शहरों और सड़कों का नाम बदलने का काम भाजपा करती रहेगी। क्योंकि जो चिन्ह देश के अपमान से जुड़े हुए हैं, उन्हें हबदलना होगा। अबकी बार कश्मीर में लोगों ने अपने घरों में तिरंगा फहराया, कृष्ण की झांकी लाल चौक में निकाली गई। भाजपा सत्ता के माध्यम से देशवाशियों को सुविधा संपन्न बनाने का काम कर रही है। ऐसे में राष्ट्र, देश समाज के लिए प्रबुद्ध वर्ग की बडी भूमिका। 25 करोड़ की मूर्ति के बहाने ब्राह्मण नेता बनने की फिराक़ में अनिल शुक्ल विधायक प्रतिभा शुक्ल के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित कर खुद का कद बढ़ाने की कोशिश की। पिछले कुछ समय से कई ब्राह्मण नेताओ के प्रयास है कि वह खुद को ब्राह्मणों का नेता साबित कर सके। आज के प्रबुद्ध सम्मेलन के माध्मय से कुछ ऐसा ही करते नज़र आये अनिल शुक्ल वारसी भी। उनका दावा है कि एक मंदिर बनाया जायेगा जिसमें 25 करोड़ की मूर्ति भगवान परशुराम की लगाई जायेगी। गृहराज्य मंत्री का है कानपुर से गहरा नाता केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र कानपुर के चौबेपुर ब्लॉक के एक गांव के ही रहने वाले हैं। BNSD इंटर कॉलेज से इन्होंने शिक्षा ली है। क्राइस्ट चर्च कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। DAV लॉ से वकालत की पढ़ाई की हुयी है। कानपुर से ही पढ़े अजय मिश्र को मोदी सरकार में गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम करने का मौका मिला है।

भोपाल की शहरी सीमा में घूम रहा बाघ, शिकार करते लोगों ने बनाया वीडियो

भोपाल। राजधानी की शहरी सीमा में पिछले कुछ दिन से बाघ का मूवमेंट बढ़ा है। एक बाघ द्वारा मवेशी के शिकार का वीडियो सामने भी आया है। ये वीडियो 3 दिन पुराना और कलियासोत-केरवा डैम के बीच का बताया जा रहा है। जिसे गुजर रहे लोगों ने मोबाइल में बना लिया। कलियासोत और केरवा डैम के आसपास समेत चंदनपुरा, मेंडोरा, मेंडोरी, समसगढ़ आदि इलाकों में बाघों की संख्या बढ़ रही है। पहले भी जंगलों से सटे गांवों में बाघों की चहल-कदमी और शिकार की बातें सामने आती रही है। वहीं अब वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिसमें बाघ मवेशी का शिकार करते हुए देखा जा रहा है। शिकार की शिकायत नहीं फिलहाल शिकार से जुड़ी कोई भी शिकायत वन विभाग के पास नहीं पहुंची है। अफसरों का कहना है कि शिकायत होने के बाद साफ हो सकेगा कि वीडियो किस क्षेत्र का है। बाघों का कुनबा भी बढ़ रहा भोपाल के जंगलों में बाघों का मूवमेंट रहता है। उनका कुनबा भी लगातार बढ़ रहा है। इससे संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। फिलहाल 18 चिंह्नित है।

खंडवा में प्रेमी जोड़ा कर्नाटक एक्सप्रेस के सामने कूदा, दोनों के चीथड़े उड़ गए

खंडवा। दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ रही कर्नाटक एक्सप्रेस के सामने कूदकर एक प्रेमी जोड़े ने जान दे दी। मामला, मध्यप्रदेश के खंडवा का है, युवक-युवती की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। इंजन के सामने कूदे युवक की बॉडी ट्रेन से लटक गई। उसके पैर ट्रेन के पहियों में आ गए। ऐसे में पत्थरों की आवाज आने पर ड्राइवर ने करीब 4 किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन रोकी। वहीं, युवती का सिर इंजन से चिपका मिला। कर्नाटक एक्सप्रेस खंडवा जंक्शन से सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर रवाना हुई। यहां से करीब 20 किमी दूर 11.30 बजे सातफाटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर घटना का पता चला। प्रत्यक्षदर्शी सोनू लालवानी के मुताबिक- वह खंडवा से बुरहानपुर के लिए सफर कर रहे थे। इंजन से सटी पहली बोगी में वह सवार थे। सातफाटा स्टेशन से करीब 4 किमी पहले से पटरियों पर पत्थर टकराने की आवाज रही थी। ट्रेन हादसे की आशंका हुई तो ड्राइवर ने सातफाटा स्टेशन पर ट्रेन रोक दी। नीचे उतरकर देखा तो इंजन पर एक युवक का शव लटका हुआ था। उसके दोनों पैर पर ट्रेन के पहियों में आ गए थे। इसके कारण पत्थर लग रहे थे। ड्राइवर का कहना था कि उसे यह अंदाजा यह है कि युवक के साथ एक युवती डोंगरगांव स्टेशन के आगे मोड़ पर इंजन के सामने कूदे थे। इंजन में युवती के सिर के बाल और मस्तिष्क चिपके हुए थे, जिससे यह पुष्टि हुई कि युवक और युवती ने एक साथ खुदकुशी की है। जीआरपी टीम रवाना खंडवा जीआरपी थाना प्रभारी बबीता कठेरिया का कहना है कि, उन्हें एक युवक के शव मिलने की सूचना सातफाटा स्टेशन मास्टर ने दी है। मौके पर जीआरपी टीम को रवाना कर दिया गया है। शव बिखरे हुए बताए जा रहे है। इनकी पहचान कर पाना मुश्किल है।

भोपाल के थाने में बदमाश का बर्थडे सेलिब्रेशन :TI को SP ने हटाया

भोपाल। भोपाल में आपराधिक प्रवृत्ति के युवक से TT नगर थाने में केक कटवाकर खिलाने के मामले में थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया है। वीडियो में टीआई बदमाशों की गैंग के सदस्य के जन्मदिन पर थाने में बर्थ-डे केक कटवाते हुए दिख रहे हैं। बताया गया कि दो दिन पहले TI की भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार से देर रात DJ न बजाने को लेकर बहस हुई थी। पवार के दोस्त गोविंदा उर्फ लकी के जन्मदिन पर DJ बजाया जा रहा था। इस पर पवार ने TI को थाने से हटाने की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाया था। मामला गरमाने पर दोनों पक्ष इसे मैनेज करने में जुट गए। नतीजा ये रहा कि राजनीतिक दबाव में आकर TI ने पवार के आपराधिक प्रवृत्ति के दोस्त गोविंदा उर्फ लकी से थाने में ही केक कटवा दिया। थोड़ी देर बाद ही ये वीडियो वायरल हो गया। थाना प्रभारी शर्मा का कहना है कि पवार दो दिन पहले हुई बहस को खत्म करने के लिए खुद ही केक लेकर आए, इसलिए उन्होंने केक काटने की सहमति दे दी। पवार के साथियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी उन्हें नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पवार के साथ ऐसे युवक भी थाने में आए, जो आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। डीजे बजाने को लेकर हुआ था विवाद दो दिन पहले सेकंड स्टॉप पर रात 12 बजे वैभव अपने साथी गोविंदा उर्फ लकी का जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान भीड़ भी जुट गई और DJ से शोरशराबा भी हो रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर TT नगर पुलिस का स्टाफ मौके पर पहुंचा और उन्हें DJ बंद करने की हिदायत दी। वैभव और उनके साथी नहीं माने तो स्टाफ ने TI से उनकी फोन पर बात करवाई। इस दौरान दोनों में बहस हो गई। बड़े नेताओं ने पवार के पक्ष में अफसरों से बात कर मामला शांत करने के लिए दबाव बनाया। इस पर TI ने गोविंदा को थाने में बुलवा लिया। वीडियो में TT नगर TI लकी के केक काटने के दौरान ताली बजाते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद उसे केक भी खिलाया। उसे जन्मदिन की बधाई दी। TI शर्मा कहना है कि लकी पर अपराध दर्ज होने की उन्हें जानकारी नहीं थी। गोविंदा पर TT नगर, MP नगर में अपराध दर्ज सोशल मीडिया में वायरल हुए मैसेज में गोविंदा उर्फ लकी पर TT नगर और MP नगर थाने में अपराध दर्ज होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस जांच की बात कह रही है। वायरल मैसेज में लकी के साथ दिख रहे इशान उपाध्याय, हेमंत ठाकुर, भवानी का भी आपराधिक रिकार्ड बताया गया है। गोविंदा इन्हीं साथियों के साथ केक काटने TT नगर थाना पहुंचा था।

MP : 10 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट, एक सप्ताह तक होगी तेज बारिश

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बारिश का एक और दौर फिर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि पहले जो कमजोर सिस्टम था वो मजबूत हो गया है. इसके मजबूत होने से मानसूनी (Monsoon) गतिविधियां तेज होंगी. प्रदेश में आने वाले एक सप्ताह तक तेज बारिश (Heavy Rain) का दौर जारी रहेगा. विभाग ने प्रदेश के 10 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में रीवा में 73.4 मिमी, सागर में 55.4 मिमी, इंदौर में 43.4 मिमी, नोगांव में 38.8 मिमी, रायसेन में 38.4 मिमी, मंडला में 38 मिमी, सिवनी में 30.6 मिमी, होशंगाबाद में 25.2 मिमी, श्योपुर मे 24 मिमी, दतिया में 19.4 मिमी, सतना में 16.8 मिमी, खजुराहो में 11.3 मिमी, टीकमगढ़ में 7 मिमी, धार में 6 मिमी,खण्डवा में 6 मिमी, सीधी में 5.6 मिमी, छिंदवाड़ा में 5.2 मिमी, रतलाम में 5 मिमी, ग्वालियर में 5 मिमी, जबलपुर में 1.9 मिमी, भोपाल में 1.7 मिमी, भोपाल सिटी में 1.8 मिमी, उज्जैन में 3.6 मिमी, मलाजखंड में 3.4 मिमी, नरसिंहपुर में 3 मिमी, बैतूल में 1.2 मिमी, गुना में 0.6 मिमी, शाजापुर में 0.2 मिमी बारिश हुई मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है. प्रदेश के 10 संभाग जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है. सीहोर, देवास, शाजापुर, आगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, राजगढ़, गुना, श्योपुरकलां, जबलपुर, अनूपपुर, बालाघाट, सिवनी, धार, शिवपुरी, मुरैना जिलों में भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश में यह सिस्टम कराएंगे बारिश राजस्थान की सीमा पर पहुंचे कम दबाव के क्षेत्र को अरब सागर से नमी मिलने लगी है.नमी मिलने से अब एक बार फिर इस सिस्टम से प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. द्रोणिका लाइन अरब सागर से गुजरात होते हुए पूर्वी राजस्थान में बने सिस्टम से गुजरकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है.द्रोणिका लाइन अरब सागर से मध्य प्रदेश में नमी ला रही है.बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर को बनने जा रहा कम दबाव का क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में मध्य प्रदेश में आ चुका है. इस सिस्टम के सक्रिय होने से भी बारिश का दौर मप्र में शुरू होगा.एक और द्रोणिका लाइन पूर्वी राजस्थान में बने सिस्टम से टीकमगढ़ से लेकर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रही है.

गुजरात के CM विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले छोड़ा पद

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले अचानक इस्तीफा दे दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में समय के साथ दायित्व बदलते रहते हैं। भाजपा में यह स्वभाविक प्रक्रिया है। मुझे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली, जो मैंने पूरी की है। रुपाणी ने कहा कि जेपी नड्डा जी का भी मार्गदर्शन मेरे लिए अभूतपूर्व रहा है। अब मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी मैं उसका निर्वहन करूंगा। हम पद नहीं जिम्मेदारी कहते हैं। मुझे जो जिम्मेदारी मिली थी वह मैंने पूरी की है। हम प्रदेश के चुनाव नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में लड़ते हैं और 2022 का चुनाव भी उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाएगा। बता दें रुपाणी ने 26 दिसंबर 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा ने गुजरात में 182 सीटों में से 99 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। विधानमंडल दल की बैठक में रुपाणी को विधायक दल का नेता और नितिन पटेल को उपनेता चुना गया था। नए मुख्यमंत्री की रेस में 4 नाम शामिल रुपाणी के इस्तीफे के बाद ये अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री पुरषोत्तम रुपाला, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल के नाम आगे हैं। बीते कुछ दिनों से चल रही थीं नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बीते कुछ दिनों से गुजरात सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लग रही थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात करीब 8 बजे अचानक अहमदाबाद पहुंचे थे। उनके गुजरात आने का कोई तय शेड्यूल नहीं था। एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, मेयर किरीट परमार और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हितेश बारोट पहुंचे थे। हालांकि गुरुवात रात को अमित शाह अपनी बहन के घर पहुंचे थे तो लगा कि पारिवारिक काम से आए होंगे, लेकिन अब लग रहा है कि शायद सत्ता में बदलाव के सिलसिले में ही वे गुजरात पहुंचे होंगे। हार्दिक पटेल बोले- जनता को गुमराह कर रही भाजपा रूपाणी के इस्तीफे पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। कोरोना में अव्यवस्था और नाकामी की वजह से लोगों में नाराजगी थी। ऐसे में भाजपा सीएम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है। उसने उत्तराखंड में भी यही किया है।

BBC खुलासा : मोदी सरकार ने विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए

– BBC की रिपोर्ट – साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं  – इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे  नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (पीएमजेएवाई) के प्रचार पर जितना ख़र्च किया उससे कहीं अधिक ख़र्च नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे विवादित क़ानूनों से जुड़े विज्ञापनों पर किया। भारत में बेहतर इलाज के लिए ग़रीबों को आर्थिक मदद देने के लिए आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हुई थी। साल 2020 में कोविड-19 महामारी का असर झेल रहे लोगों के लिए इसके दायरे को बढ़ाया गया था। बीबीसी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करते हुए कोरोना महामारी के दौर में विज्ञापन के ख़र्च में मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक़ अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2021 के बीच मोदी सरकार ने विज्ञापनों पर कुल 212 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें से केवल 0.01 फ़ीसदी यानी 2 लाख 49 हज़ार रुपए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के विज्ञापन पर खर्च किए गए हैं। इस डेटा में आउटडोर मीडिया विज्ञापनों (सड़कों और बाहर लगने वाले पोस्टर वगैरह) पर ख़र्च का हिसाब शामिल नहीं है। भारत सरकार के ताज़ा आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार देश में केवल 3.76 फ़ीसदी लोग की स्वास्थ्य बीमा लेते हैं जबकि वैश्विक स्तर पर क़रीब 7.23 फ़ीसदी लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठाते हैं। तो सरकार ने खर्च कहां किया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर अक्सर विज्ञापनों में ज़रूरत से अधिक ख़र्च करने के आरोप लगते रहे हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं। इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे। बीबीसी यह पड़ताल करना चाहती थी कि मौजूदा सरकार किस मद में अधिक ख़र्च कर रही है।  इसके लिए सूचना के अधिकार के तहत भारत सरकार के ‘ब्यूरो ऑफ़ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ को सूचना के अधिकार के तहत अर्ज़ी भेजी गई। यह विभाग सरकार के दिए जाने वाले विज्ञापनों का लेखा-जोखा रखता है। आरटीआई के जवाब में ब्यूरो ने 2,000 पन्नों के दस्तावेज़ भेजे जिनमें मई 2004 से लेकर जनवरी 2021 के बीच प्रिंट मीडिया, टेलीविज़न, डिजिटल और आउटडोर प्लेटफ़ॉर्म पर सरकारी विज्ञापनों पर किए ख़र्च का हिसाब था। इन आंकड़ों को समझने पर सामने आया कि जिस वक्त कोरोना महामारी देश में क़हर बरपा रही थी, उस वक्त सरकार अपने कार्यकाल में लाए कुछ विवादित क़ानूनों के बचाव और उनके बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे रही थी। इन क़ानूनों में नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे क़ानून शामिल थे जिन्हें लेकर हाल के महीनों में काफ़ी विवाद हुआ है। योजना के फ़ायदे के बारे में किसे कितनी जानकारी? साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 हज़ार रुपए से कम प्रति माह की आय वाले भारतीय परिवारों के लिए ये स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की थी। मोदी समर्थकों ने इस योजना को ‘मोदीकेयर’ कहा था और दावा किया कि ये योजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लांच की गई जानी मानी ‘ओबामाकेयर’ की तर्ज पर है। कोविड महामारी की पहली लहर के दौरान संक्रमण के मामले बढ़े तो इसका दवाब देश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ा जो मरीज़ों की बढ़ती संख्या के कारण चरमराने की अवस्था तक पहुंच गई। इस दौरान हज़ारों लोगों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख़ किया और कई परिवारों के लिए ज़रूरी पैसों की व्यवस्था करना बड़ी समस्या बन गया। ऐसे में सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया और कइयों के लिए ये सरकारी बीमा योजना बेहद अहम साबित हुई। अप्रैल 2020 में सरकार ने कहा कि निजी और सरकार के साथ जुड़े सार्वजनिक अस्पतालों में कोरोना वायरस की टेस्टिंग और कोविड-19 के इलाज का ख़र्च इस बीमा योजना के तहत कवर होगा। इसी साल 18 अगस्त को घोषणा की गई थी कि आयुष्मान योजना के तहत 2 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं . इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिलता है और साल में एक परिवार के सदस्यों के इलाज पर 5 लाख तक के ख़र्च को कवर किया जाता है। आरटीआई के ज़रिए हमें पता चला कि 2018 के आख़िर से लेकर 2020 की शुरुआत तक सरकार ने आयुष्मान योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपयों से अधिक के विज्ञापन दिए हैं। मगर कोरोना महामारी के दौरान ये ख़र्च काफ़ी हद तक कम कर दिया गया और सरकार की सकारात्मक छवि दिखाने वाले अभियानों पर अधिक ख़र्च किया गया। इनमें सरकार का ‘मुमकिन है’ अभियान शामिल है जिसके केंद्र में पीएम मोदी की छवि थी। बीबीसी ने स्वास्थ्य योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञापनों पर ख़र्च बनाम विवादित क़ानूनों के बारे में विज्ञापन के संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार के आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने के बावजूद राजस्थान के सीकर में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद को अस्पताल का बिल देना पड़ा। राजेंद्र के भाई सुभाष चंद के पास प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड है। इस साल मई में कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। राजेंद्र ने बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह को बताया था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस सरकारी योजना के तहत कौन से अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान भारत येजना कार्ड को स्वीकार करने से मना कर दिया और मेरे भाई का इलाज करने से इनकार कर दिया। अब मुझे लगता है कि इस कार्ड के होने का हमारे लिए कोई फ़ायदा नहीं है।’ हालांकि राजस्थान राज्य स्वास्थ्य योजना की कार्यकारी अधिकारी अरुणा राजोरिया का कहना है कि आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को एसएमएस के ज़रिए एक … Read more

MP में कोरोना के बाद वायरल फीवर-डेंगू का कहर

एमपी में कोरोना के बाद अब डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. बीमारियों ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है. भोपाल/जबलपुर. कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) की चेतावनी के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में वायरल फीवर और डेंगू कहर बरपा रहे है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई जगहों पर सैकड़ों की संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. इन मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है. भोपाल में तो बीमारी होने वाले बच्चों की संख्या ही 355 से ज्यादा है. जबलपुर में मरीजों का आंकड़ा 500 के आसपास छू रहा है. ग्वालियर में मरीजों की संख्या 40 से ज्यादा हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल में वायरल फीवर बच्चों पर सीधा असर कर रहा है. राजधानी भोपाल के निजी व सरकारी अस्पतालों में 355 से ज्यादा बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित है. यहां 50 से 60 बच्चे रोज वायरल फीवर का शिकार हो रहे हैं. इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ओपीडी की संख्या भी सरकारी-निजी अस्पतालों में 60% बढ़ा दी गई है. अस्पतालों में एक- एक बेड पर से दो से तीन बच्चों को भर्ती किया गया है. करीब-करीब सभी अस्पताल बच्चों से भर चुके हैं. प्रदेश में डेंगू चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं. बुधवार को डेंगू के 11, तो चिकनगुनिया के 7 मरीज मिले. शहर में डेंगू के अब तक 151, चिकनगुनिया के 47 मरीज सामने आए हैं. 9068 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है. मलेरिया विभाग और नगर निगम की टीमें घर घर-घर जाकर सर्वे कर लार्वा नष्ट कर रही हैं. जबलपुर में बच्चों की हालत नाजुक जबलपुर में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का आंकड़ा 500 के ऊपर है. हालांकि, सरकारी आंकड़ों में मात्र 333 मरीज ही हैं. शहर के बड़े अस्पतालों में से एक विक्टोरिया अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में एक बेड पर 2 से 3 बच्चे तक भर्ती हैं. 24 बेड की व्यवस्था वाले चाइल्ड वार्ड में 55 से 60 बच्चे एडमिट हैं. इसके बावजूद जगह कम पड़ रही है. इस जिला अस्पताल के अलावा निजी और अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में भी हालात भयावह है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अभी तक 18 साल तक उम्र के डेंगू के 124 मरीज मिले हैं. वहीं, संक्रामक बीमारियों से पीड़ित बच्चे रोजाना 100 की संख्या में सामने आ रहे हैं. औसत से कम बारिश बनी वजह इस मामले को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि इस बार औसत से कम बारिश के चलते नमी बढ़ गई है. यही वजह है कि लार्वा और संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं. स्वास्थ्य महकमा नगर निगम के साथ मिलकर जन जागरूकता फैला रहा है. जिले में लार्वा नष्ट करने का काम भी किया जा रहा है. गौरतलब है कि, गरीब परिजन मासूम बच्चों के लिए ब्लड और प्लेटलेट की व्यवस्था में जूझ रहे हैं. वायरल फीवर के चलते उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. दूसरी ओर, ग्वालियर में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है. यहां पिछले 24 घंटे में डेंगू के 10 नए मरीज मिले. जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 43 हो गई है. इनमें 15 बच्चे भी शामिल हैं. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की तरह मध्य प्रदेश में बच्चों में किसी भी तरह का कोई रहस्यमयी बुखार नहीं है. सिर्फ वायरल फीवर के लक्षण बच्चों में है. किसी भी तरह से वायरल को लेकर पैनिक फैलाने की जरूरत नहीं है. अस्पतालों की व्यवस्था का लगातार जायजा ले रहे हैं. वायरल की चपेट में आ रहे बच्चों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल में बिस्तरों की संख्या और तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं.

सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म

महिला ने बताया कि, मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. MP : रुढ़िवादी सोच तोड़ सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म बिना पति के मां बना एक औरत के लिए आज के समय में भी बहुत बड़ा चैलेंज है. समाज ऐसी महिलाओं को स्वीकार नहीं करता है. इन जैसी और भी कई बातों और रुढ़िवादी सोच को तोड़कर भोपाल (Bhopal) की 37 साल की संयुक्ता बनर्जी ने अपने लिए कुछ अलग चुना है. हालांकि ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था, लेकिन परिवार और दोस्तों से मिले सपोर्ट के बाद उसके लिए मुश्किले और आसान हो गई. संयुक्ता बनर्जी ने काफी सोचने के बाद बिना पार्टनर के ही मां (single mother) बनने का फैसला लिया और स्पर्म डोनेशन (sperm donation) के जरिए अगस्त में एक बेटे को जन्म दिया है संयुक्ता का आज अपने इस फैसले पर गर्व है. संयुक्ता का कहना है कि उनके परिवार और दोस्तों ने मानसिक और भावनात्मक बहुत सहयोग किया जिसकी वजह से उन्हें ये फैसला लेने में कोई मुश्किल नहीं आई. बच्चा गोद लेने का भी कोशिश की थी लेकिन गोद नहीं मिला उन्होंने बताया कि तीन बार बच्चा गोद लेने की कोशिश की थी, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद एक फैमिली डॉक्टर ने उन्हें आईसीआई तकनीक के बारे में बताया. जिसके बाद उनका मां बनने का सपना पूरा हो गया. सरोगेसी से मां बनना बहुत मंहगा प्रोसेस है संयुक्ता ने बताया कि उनकी शादी 20 अप्रैल 2008 में हुई थी. पति को बच्चा नहीं चाहिए था लेकिन मुझे मातृत्व का सुख लेना था. 2014 में दोनों की राहें अलग हो गईं और 2017 में तलाक हो गया. फिर मैंने नए सिरे से जिंदगी शुरू की. चूंकि मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद मेरे फैमिली डॉक्टर ने सेरोगेसी, आईवीएफ, आईसीआई और आईयूआई जैसी तकनीक के बारे में बताया. इसमें बिना पार्टनर के भी मां बना जा सकता है. 24 अगस्त को दिया बेटे को जन्म उन्होंने कहा कि, मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया. इसमें बिना किसी के संपर्क में आए केवल स्पर्म डोनेशन लेना होता है. इसमें डोनर की पहचान गोपनीय रहती है. फरवरी में मुझे पता चला मैंने कंसीव कर लिया है. डॉक्टर की देखरेख में मैंने 24 अगस्त को बेटे को जन्म दिया. पहले मैंने सरोगेसी से बच्चा पैदा करने के बारे में सोचा था लेकिन यह तकनीक बहुत महंगी है. इसमें काफी रुपया खर्च होने के बाद भी सक्सेस रेट बहुत कम है. इसके बाद टेस्ट ट्यूब बेबी पर भी विचार किया लेकिन उसमें भी बात नहीं बनी. तब मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाया. ‘मैं पापी हो गई हूं. मेरा पाप सामने आ गया’ संयुक्ता कहती हैं, अगर आप शादी के बंधन में हैं तो मां बने बिना एक महिला अस्तित्व ही न पूरा कर पाए. लेकिन अगर शादीनुमा संस्थान से या तो निकल गए हो या शादी ही नहीं की है तो एक महिला का मां बनना पाप माना जाता है. इस तरह से अब इस समाज की नजरों में मेरा एक पाप सामने आ चुका है और मैं पापी हो गई हूं वह कहती हैं कि मेरी मां 70 साल की उम्र में साये की तरह मेरे साथ खड़ी रहीं. कुछ दोस्तों ने भी हर मोड़ पर मेरा साथ दिया जिससे राह आसान हो गई.

BJP नेता आत्माराम तोमर की संदिग्‍ध मौत, घर में मिला शव; हत्या की आशंका

बड़ौत . पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री और बीजेपी नेता (BJP Leader) डॉ आत्माराम तोमर (Atmaram Tomar Died) अपने आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए है. जानकारी के अनुसार वो अपने घर में अकेले रहते थे. डॉ आत्माराम तोमर की गला घोंट कर हत्या (Murder) किए जाने की आशंका जताई जा रही है. डॉ आत्माराम तोमर छपरौली से बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. तोमर जनता वैदिक इंटर कालिज बड़ौत के प्रधानाचार्य भी रह चुके थे. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की छानबीन शुरू कर दी है. घटना के अंजाम देने के बाद बदमाश तोमर की स्कोर्पियो गाड़ी भी ले गए. डॉ आत्माराम तोमर के बिजरोल रोड स्थित आवास पर बीजेपी नेताओं का जमावड़ा हुआ है. देर रात वारदात को दिया गया अंजाम जानकारी के अनुसार देर रात घटना को अंजाम दिया गया. परिजनों का आरोप है कि गला दबाकर तोमर की हत्या की गई है. 1997 में डॉ आत्माराम तोमर गन्ना संस्थान के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) पर रहे थे. वारदात को बड़ौत थाना क्षेत्र के बिजरौल रोड़ इलाके में अंजाम दिया गया है. गले में लिपटा मिला तौलिया पुलिस को उनके गले में तौलिया भी लिपटा मिला. इससे उनकी हत्या की भी आंशका जताई जा रही है. देर रात एसपी नीरज जादौन, एएसपी मनीष मिश्र, सीओ आलोक कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली. इसके बाद डॉग स्क्वायड की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया. आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई. साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए. परिवार में मचा कोहराम उधर सूचना पर मृतक डॉ. आत्मराम तोमर के बेटा डॉ. प्रताप भी मौके पर पहुंचे. फिलहाल मौत या फिर हत्या का कारण पता नहीं चल सका है. घटना के बाद परिजनों में भी कोहराम मच हुआ है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जांच हो रही है, उसके बाद ही स्तिथि स्पष्ट होगी.

MP : बीजेपी प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने बताया नेताओं को नालायक

मंत्री न बनाए जाने से नाराज नेताओं को प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने नसीहत दी भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी (Madhya Pradesh Bjp) के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (muralidhar rao) ने गुरुवारो को पार्टी से नाखुश विधायक-सांसदों को सख्त लहजे में नसीहत देते हुए कहा है कि जो लगातार तीन-तीन, चार-चार बार से विधायक-सांसद बन रहे हैं, पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ऐसे नेताओं के पास कहने को कुछ और नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर ऐसे नेता फिर भी ये कहते हैं कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई और नहीं है. उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. दरअसल, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने पार्टी के उन नेताओं पर निशाना साधा, जो लगातार पदों पर बन रहने की मांग करते हैं. मुरलीधर राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. ‘सब होने के बाद रोने वालों को नहीं मिलना चाहिए कुछ’ दरअसल मुरलीधर राव गुरूवार को भोपाल स्थित संत रविदास मंदिर में अनुसूचित जाति मोर्चा के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. इसके बाद रोने के लिए कुछ नहीं होना चाहिए, ऐसे नेता अगर कहे कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई नहीं, मुरलीधर राव ने कहा कि उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. सीनियर नेताओं को बड़ी नसीहत दी है राव ने मुरलीधर राव की दो टूक लाइन के बाद‌ साफ है कि आने वाले दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं का पत्ता कट सकता है और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. दरअसल इस बार मंत्रिमंडल में बीजेपी के कई सीनियर नेताओं को स्थान नहीं मिला था. ऐसे में ये नेता अपने तीखे बयानों के जरिए पद की मांग करते रहते हैं. इन्ही सब बातों को देखते हुए मंत्री न बनाए जाने की नाराजगी को लेकर ही प्रदेश प्रभारी ने सीनियर नेताओं को नसीहत दी है. इन नेताओं के लिए मुरलीधर राव का यह बयान बड़ा संदेश माना जा रहा है. राव अपने बयानों को लेकर मध्य प्रदेश में इन दिनों बहुत चर्चाओं में है. एक दिन पहले ही उन्होंने राजगढ़ में बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि संगठन के नेता दौरे करें. जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद करें वरना उनकी छुट्टी कर दी जाएगी.

MP : बीजेपी सांसद की बहन बताकर टोल नाके पर गाली-गलौज, निकली कांग्रेसी पार्षद

भोपाल. .मध्य प्रदेश कांग्रेस (madhya pradesh congress) के मीडिया सेल के इंचार्ज के गुरुवार को एक ट्वीट करने के बाद काफी हंगामा मच गया है. कांग्रेस के मीडिया सेल के इंचार्ज केके मिश्रा (kk mishra) ने ट्वीट करके एक महिला का वीडियो शेयर किया था. ये वीडियो झाबुआ रोड पर तितरी के पास टोल नाके का बताया जा रहा है. इस वीडियों में कार में सवार होकर आई महिला खुद को सांसद गुमानसिंह डामोर (MP Guman singh Damor) की बहन बता रही है साथ ही टोल देने के नाम पर विवाद किया और जमकर गाली गलौच भी करती नजर आ रही है. दरअसल कांग्रेस के इस ट्वीट को करने की वजह यह थी कि वो महिला खुद को बीजेपी सांसद की बहन बताते हुए रौब झाड़ रही थी. कांग्रेस के नेता ने वीडियो ट्वीट कर बीजेपी और सीएम शिवराज पर भी कई सवाल खड़े किए, लेकिन थोड़ी ही देर बाद पता चला कि वीडियो वाली महिला कांग्रेस पार्टी की ही झाबुआ वॉर्ड 17 से पार्षद मालू बेन डोडियार है. मालू बेन विधायक कांतिलाल भूरिया की टीम की सदस्य है. ‘प्रदेश कुछ ज्यादा ही आत्मनिर्भर बन गया है’ कांग्रेस मीडिया सेल के इंचार्ज केके मिश्रा ने ट्वीट कर कहा कि ‘रतलाम-झाबुआ सांसद श्री गुमानसिंह डामोर की VDO में दिख रही मोहतरमा बहन हैं या नहीं,खुदा जाने,पर टोल प्लाजा में उनकी अभद्र भाषाशैली महिला अस्मिता को जरूर झकझोर रही है!लगता है प्रदेश कुछ ज्यादा ही आत्मनिर्भर बन गया है,साथ ही शिवराजजी के अमेरिका की सड़कों की दास्तां भी बयां हो रही है.’ सांसद ने कहा वो महिला नहीं है घर की सदस्य सांसद गुमानसिंह डामोर ने बताया कि वो सभी महिला मातृशक्ति को अपनी बहन मानते हैं, लेकिन टोल गेट पर विवाद करने वाली महिला उनकी बहन या परिवार के किसी भी सदस्य के रूप में भी नहीं है.

यूपी में अपराधी प्रवृत्ति के 800 माफिया डान चिन्हित

पुलिस ने हर जिले से खोजे दर्जन भर शातिर, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, बृजेश कुमार सिंह, बब्लू श्रीवास्तव व मुनीर नाम सबसे ऊपर, 668 माफिया गिरफ्तार, आठ हजार से ज्यादा दर्ज हुए मुकदमे, 12 की हुई कुर्की, 25 पर लगा एनएसए और 567 पर लगा गैंगेस्टर लखनऊ. यूपी पुलिस ने प्रदेश भर से अपराधी प्रवृत्ति वाले 800 माफिया को चिन्हित कर उन पर अपराधों के आधार पर आठ हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए है। पुलिस ने इनके खिलाफ कुर्की से लेकर संपत्ति जब्त तक की कार्रवाई की है। साथ ही इनमें से 25 माफिया पर एनएसए और 567 के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। सूक्ष्म स्तर पर की जा रही अपराधियों की मॉनीटरिंग पुलिस विभाग की तरफ से जारी निर्देश में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सूक्ष्म स्तर पर अपराधियों की मॉनीटरिंग करने को कहा गया है। इसीक्रम में कानून व्यवस्था में रोड़ा बन रहे आदतन 233 आपराधिक माफिया पर गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही की है और 11 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा ऐसे 382 आपराधिक माफिया की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है और 274 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। यह हैं प्रदेश के 25 बड़े माफिया गाजीपुर जिले के युसूफपुर मोहम्दाबाद निवासी मुख्तार अंसारी प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र निवासी अतीक अहमद वाराणसी जिले के चौबेपुर निवासी बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह लखनऊ जिले के हसनगंज निवासी ओमप्रकाश उर्फ बब्लू श्रीवास्तव बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र निवासी मुनीर अंबेडकरनगर जिले के हंसवार थानाक्षेत्र निवासी खान मुबारक गाजियाबाद जिले के लोनी निवासी अमित कसाना शामली जिले के आदर्श मंडी निवासी आकाश जाट मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी उधम सिंह मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी योगेश भदौड़ा बागपत जिले के बड़ौत निवासी अजीत उर्फ हप्पू मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुर निवासी सुशील उर्फ मूंछ मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली निवासी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा गौतमबुद्धनगर जिले के कासना निवासी सुन्दर भाटी उर्फ नेताजी गौतमबुद्धनगर जिले के कासना निवासी अनिल भाटी गौतमबुद्धनगर जिले के बादलपुर निवासी अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर निवासी सिंघराज भाटी गौतमबुद्धनगर जिले के जारचा निवासी अंकित गुर्जर वाराणसी जिले के कोतवाली निवासी सुभाष सिंह ठाकुर आजमगढ़ जिले के जीयनपुर निवासी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद उमेश राय उर्फ गौरा राय गाजीपुर जिले के सैदपुर निवासी त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन कुमार लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सलीम लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सोहराब लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. रुस्तम

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