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साइबर क्राइम से बचाव के लिए साइबर कमांडो तैयार किए, इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की

ग्वालियर  तेजी से बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए देशभर में साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं। अब ग्वालियर इस दिशा में एक अहम केंद्र बनने जा रहा है। मुरैना रोड स्थित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज ट्रिपल आइटीएम (ITM University) में साइबर कमांडो को प्रशिक्षण देने की संभावनाएं तलाशी गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डायरेक्टर अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ सोमवार को यहां पहुंचे और संस्थान का गहन निरीक्षण किया। इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर देशभर में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाएं अब कानून व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। डिजिटल दुनिया में बैठकर हजारों किलोमीटर दूर से किए जा रहे अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने “आइ4सी” यानी इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की है। इसका मकसद है – राज्यों की पुलिस, जांच एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से साइबर स्पेशलिस्ट तैयार करना। इसी कड़ी में सोमवार को I4C के ट्रेनिंग डायरेक्टर अरविंद कुमार और उनकी टीम ग्वालियर स्थित ट्रिपल आइटीएम यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी लैब, साइबर सिक्योरिटी कोर्सेस और फैकल्टी की उपलब्धता का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही कोर्स डिजाइन, ट्रेनिंग मॉड्यूल और लॉजिस्टिक सुविधाओं पर कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक की गई। साइबर कमांडो की ट्रेनिंग होगी शुरू राज्य साइबर सेल की टीम भी निरीक्षण में शामिल रही। टीम ने विशेष रूप से देखा कि क्या संस्थान एक राष्ट्रीय स्तरीय साइबर ट्रेनिंग सेंटर के मानकों को पूरा करता है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जो साइबर कमांडो की ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त हैं। ट्रेनिंग सेंटर का डेवलपमेंट होगा अरविंद कुमार ने बताया कि पहले चरण में देशभर में सीमित स्थानों पर साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। अब दूसरे चरण में हर राज्य में एक-एक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जा रहा है, ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिक से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित हो सकें। इन कमांडो को ट्रेनिंग के बाद अपनी-अपनी यूनिट में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करने का दायित्व होगा। इस निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय की अनुमति मिलने पर ट्रिपल आइटीएम में जल्द ही साइबर कमांडो की ट्रेनिंग औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप अब मोबाइल फोन भी बेचेंगे, स्मार्टफोन के कारोबार में उतरा अमेरिकी राष्ट्रपति का परिवार

 वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का परिवार अब मोबाइल फोन निर्माण के नए कारोबार में उतरेगा। इसका नाम ट्रंप मोबाइल होगा। यह कदम तब उठाया गया है जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च सांविधानिक पद पर हैं। उनकी इस बात को लेकर आलोचना हो रही है कि वे अपनी निजी व्यावसायिक हितों के लिए सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसे ट्रंप ब्रांड की लोकप्रियता को भुनाने की एक और कोशिश करार दिया जा रहा है। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष और डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने कहा कि ट्रंप मोबाइल अमेरिका में निर्मित फोन बेचेगा और देश में ही एक कॉल सेंटर संचालित करेगा। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन 47.45 डॉलर (लगभग ₹3,950) प्रति माह की स्कीम पेश करेगी। इसमें असीमित बातचीत, टेक्स्ट और डेटा के साथ-साथ टेलीहेल्थ और फार्मेसी लाभ भी शामिल हैं। ट्रंप के “मेक अमेरिका ग्रेट” नारे से सजे सुनहरे रंग के इस फोन की कीमत 499 डॉलर (लगभग ₹41,500) है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फोन सितंबर में बाजार में आ जाएगा। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष और डोनाल्ड ट्रंप के छोटे बेटे एरिक ट्रंप ने कहा कि ट्रंप मोबाइल अमेरिका में बना फोन बेचेगा। साथ ही अमेरिका में ही एक कॉल सेंटर संचालित करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति की कंपनी ट्रंप ऑर्गनाइजेशन रियल एस्टेट, होटल और गोल्फ रिसॉर्ट्स के लिए जानी जाती है। लेकिन अब ट्रंप ऑर्गनाइजेशन डिजिटल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी और टेलिकॉम सेक्टर में भी पैर पसार रही है। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने दावा किया है कि इसका कस्टमर सपोर्ट और मैन्यूफैक्चरिंग दोनों अमेरिका में ही होंगे। माना जा रहा है कि इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार के कारोबारी साम्राज्य का नया विस्तार होने वाला है। एक्सपर्ट की मानें तो ट्रंप अपनी राजनीतिक पहचान को व्यावसायिक लाभ में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिकी मार्केट में यह नया मोबाइल नेटवर्क और फोन कितना असर डालता है। इस बात को लेकर ट्रंप की आलोचना हो रही है कि वे अपनी निजी व्यावसायिक हितों के लिए सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी क्रम में इसे ट्रंप ब्रांड की लोकप्रियता को भुनाने की एक और कोशिश करार दिया जा रहा है। इस नई मोबाइल फोन और सेवा को टी1 मोबाइल नाम दिया गया है। इसकी घोषणा मध्य पूर्व में कई रियल एस्टेट सौदों के बाद हुई है, जिसमें कतर में एक गोल्फ परियोजना भी शामिल है। पिछले महीने उनके परिवार ने वियतनाम में गोल्फ कोर्स, होटल और रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए 1.5 बिलियन डॉलर का साझेदारी समझौते को मंजूरी दी थी। हालांकि, इन सौदाें की शुरुआत ट्रंप के निर्वाचन से पहले हो गई थी। व्यवसायों में ट्रंप के नाम से जुड़ाव पर अमेरिका के व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में विवादों का नया दौर शुरू हो गया है। गौरतलब है कि मोबाइल फोन कंपनियों की नियामक संस्था फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने उन मीडिया संस्थानों की जांच शुरू की है, जिन्हें ट्रंप नापसंद करते हैं।   भारत में आईफोन निर्माण को लेकर टैरिफ की धमकी दे चुके हैं ट्रंप एरिक ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उपभोक्ताओं को ऐसा फोन मिलना चाहिए जो किफायती हो, उनके मूल्यों के अनुरूप हो। यह कंपनी एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रवेश कर रही है। इसके पहले भारत में आईफोन निर्माण को लेकर लेकर डोनाल्ड ट्रंप एपल की आलोचना कर चुके हैं। ट्रंप ने एपल पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।  

भारत को मिला ऑयल का विशाल भंडार ! अब बाहर से मंगाएगा नहीं दूसरे देशों का देगा

नई दिल्ली भारत, अंडमान सागर में एक बेहद बड़ी ऑफशोर तेल खोज कर सकता है। इस तेल भंडार में 184,440 करोड़ लीटर कच्चा तेल हो सकता है और यह गुयाना की परिवर्तनकारी खोज को टक्कर दे सकता है। यह बात केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने द न्यू इंडियन के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कही। अगर यह तेल भंडार मिल जाता है तो यह भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होगा। पुरी ने कहा कि सरकार के हालिया सुधार और आक्रामक खोज अभियान एक बड़ी खोज के लिए आधार तैयार कर रहे हैं। पुरी के मुताबिक, छोटी खोजों के अलावा, अंडमान क्षेत्र में गुयाना जैसी बड़े पैमाने पर तेल की खोज भारत की अर्थव्यवस्था को 3.7 लाख करोड़ डॉलर से 20 लाख करोड़ डॉलर तक बढ़ाने में मदद कर सकती है। अगर कनफर्म हो गया कि अंडमान सागर में इतना बड़ा तेल भंडार है तो यह खोज भारत के एनर्जी लैंडस्केप को नया आकार दे सकती है। पुरी ने कहा कि कुछ वक्त की बात है, उसके बाद हो सकता है कि हम अंडमान सागर में एक बड़ा गुयाना खोज लें। क्या है गुयाना मॉडल गुयाना के तट पर एक्सॉनमोबिल, हेस कॉरपोरेशन और सीएनओओसी ने 11.6 अरब बैरल से अधिक का विशाल भंडार खोजा था। उस खोज ने गुयाना को तेल भंडार वाले दुनिया के टॉप 20 देशों में शामिल कर दिया, जिससे उस देश की अर्थव्यवस्था में नया बदलाव आया। पुरी का मानना ​​है कि अगर मौजूदा ड्रिलिंग प्रयास सफल होते हैं तो भारत इसी तरह की सफलता की ओर बढ़ सकता है, विशेष रूप से अंडमान क्षेत्र में। हमारी एनर्जी की जरूरतें एक झटके में होंगी पूरी माना जा रहा है कि इसके मिलने के बाद हमारी एनर्जी की जरूरतें एक झटके में पूरी हो जाएंगी। अगर अंडमान में खोज सफल होती है, तो भारत ऑयल इंपोर्ट्स को काफी हद तक कम कर सकता है और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। होर्मुज का रास्ता बंद होने से महंगे पड़ेंगे तेल व गैस ईरान और इजरायल के बीच युद्ध भारत के लिए भी नुकसानदायक है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि युद्ध के कारण, भारत पर आर्थिक संकट का खतरा बढ़ रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरुमध्य को लेकर चिंताएं हैं। अगर यह बंद होता है तो भारत के लिए तेल और गैस का आयात महंगा पड़ेगा। दोनों देशों से व्यापारिक रिश्ते वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का माल निर्यात किया और 44.19 करोड़ डॉलर का आयात किया। वहीं, इजरायल के साथ 2.15 अरब डॉलर का निर्यात और 1.61 अरब डॉलर का आयात किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित है, जो खाड़ी के देशों (इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात) से समुद्री मार्ग को अरब सागर और उससे आगे तक जोड़ता है। यह जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे बिंदु पर केवल 33 किमी चौड़ा है। यहां प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल तेल और तेल उत्पाद जहाजों पर लादे जाते हैं। सस्ता नहीं है तेल के कुएं खोदना भारत ने कई क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन के लिए ड्रिलिंग को बढ़ाया है, खासकर उन क्षेत्रों में जिन्हें पहले दुर्गम माना जाता था। पुरी ने तेल की खोज के लिए कुएं खोदने की हाई कॉस्ट पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत सारा पैसा लगता है। उन्होंने कहा कि गुयाना में उन्होंने 43 या 44 कुएं खोदे, जिनमें से प्रत्येक की लागत 10 करोड़ डॉलर थी। उन्हें 41वें कुएं में तेल मिला। आगे कहा कि सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने इस साल जितने कुएं खोदे हैं, वे 37 साल में सबसे ज्यादा हैं। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 541 कुओं की खुदाई की। इसमें 103 एक्सप्लोरेटरी और 438 डेवलपमेंटल कुएं शामिल हैं। इन सब में कंपनी ने ₹37,000 करोड़ का अपना रिकॉर्ड हाई पूंजीगत खर्च भी दर्ज किया। समुद्री इलाके में खुदाई शुरू सरकार ने पिछले कुछ सालों में अनछुए समुद्री बेसिनों में तेल और गैस की खोज के लिए नीतिगत सुधार किए हैं और निवेश बढ़ाया है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जैसे ONGC और ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान के गहरे समुद्री इलाके में खुदाई शुरू कर दी है. कारोबारी साल 2024 में ONGC ने 37 सालों में सबसे अधिक 541 कुएं खोदे, जिसमें 103 खोज कुएं और 438 विकास कुएं शामिल थे. कंपनी ने ₹37,000 करोड़ का अधिकतम कैपिटल एक्सपेंडिचर भी रिकॉर्ड किया. भारत की वर्तमान कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात पर निर्भर है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा कमजोर होती है. अंडमान सागर में सफल खोज से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की एनर्जी स्वतंत्रता मजबूत होगी. इसके साथ ही, तेल की घरेलू उपलब्धता बढ़ने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आएगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. पुरी ने बताया कि गुयाना में तेल खोजने के लिए 43-44 कुएं खोदे गए थे, जिनमें से 41वें कुएं में तेल मिला था. भारत भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही सफलता मिलेगी. अंडमान सागर में तेल की खोज भारत के लिए न केवल एनर्जी सेक्टर में क्रांति लाएगी, बल्कि ग्लोबल तेल बाजार में भी देश की स्थिति मजबूत करेगी. यह खोज भारत को एक प्रमुख तेल उत्पादक देश के रूप में स्थापित कर सकती है और आर्थिक रूप से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. तीसरा सबसे बड़ा ऑयल इंपोर्टर है भारत भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत में से 85% को आयात के जरिए पूरा करता है। देश कच्चे तेल के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है, इसके आगे केवल अमेरिका और चीन हैं। कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन वर्तमान में असम, गुजरात, राजस्थान, मुंबई हाई और कृष्णा-गोदावरी बेसिन में केंद्रित है। विशाखापत्तनम, मैंगलोर और पादुर में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाकर रखे गए हैं, ओडिशा और राजस्थान में नई साइट्स की योजना बनाई गई है। भारत की तेल आवश्यकता और आयात भारत के लिए यह तेल कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि भारत अपनी कच्चे तेल की … Read more

आंगनवाड़ियों के नाश्ते -भोजन में चीनी और नमक की मात्रा नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी

भोपाल  बच्चों और महिलाओं में मोटापा और हाईपरटेशन की समस्या बढ़ने के बीच केन्द्र ने मध्यप्रदेश सरकार को भी बच्चों और गर्भवतियों के पौष्टिक आहार में चीनी और नमक को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों के मुख्य सचिव और महिला व बाल विकास सचिव को पत्र लिखा है। मंत्रालय ने टेक होम राशन और आंगनबाड़ी से बच्चों और गर्भवतियों को दिए जा रहे आहार में अधिक नमक, चीनी और रंग पाए जाने के बारे में चेताया है। राज्यों के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को लिखे पत्र में केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय ने ये निर्देश दिए हैं । राशन पैकेट की जांच में चीनी, नमक और अन्य तत्व कहीं अधिक मात्रा में मिले हैं। पत्र के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के नियमों के तहत बच्चों और वयस्कों के भोजन में कुल पोषक तत्वों में से शक्कर 10% से कम होनी चाहिए। कुल ऊर्जा का सिर्फ 5% चीनी से आना चाहिए। वहीं, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन के मुताबिक 2 साल तक के बच्चों के भोजन में अतिरिक्त चीनी नहीं होना चाहिए।पत्र के मुताबिक शक्कर की जगह मिठास के लिए गुड़ का प्रयोग करें। गुड़ भी कुल पोषक तत्वों का 5% से अधिक नहीं होना चाहिए। केंद्रीय मंत्रालय के पत्र ने किया हैरान पत्र में मंत्रालय ने लिखा है कि कहीं-कहीं बच्चों, गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को दिए जा रहे नाश्ते और भोजन में निर्धारित मात्रा से अधिक नमक, चीनी और रंग पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार इनके आहार में नमक, चीनी और रंगों की मात्रा नियंत्रित की जाए। इससे पहले सरकार ने स्कूली बच्चों के भोजन में चीनी की मात्रा नियंत्रित करने का निर्देश जारी किया था। कितनी मात्रा हो चीनी-नमक की डब्ल्यूएचओ के नियमों का हवाला देते हुए केन्द्र ने राज्य से कहा है कि बच्चों और वयस्कों के भोजन में कुल पोषक तत्वों का 10 प्रतिशत शक्कर और कुल ऊर्जा का पांच प्रतिशत नमक होना चाहिए। दूसरी ओर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार दो वर्ष के बच्चों के भोजन में अतिरिक्त चीनी नहीं होनी चाहिए। उनके भोजन में मिठास के लिए शक्कर की जगह गुड़ का उपयोग करना चाहिए और वह भी कुल पोशक तत्वों का सिर्फ पांच प्रतिशत। अधिक नमक-चीनी से हो रही है ये बीमारियां मध्य प्रदेश सरकार पोषण आहार योजना के तहत आंगनवाड़ी केन्द्रों से लगभग 80 लाख गर्भवती और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं और छह माह से छह वर्ष के बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इनके भोजन में अधिक नमक और चीनी की मात्रा होने से इन्हें उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह और दांतों की समस्याएं हो सकती हैं।

बुधवार 18 जून 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। रोमांटिक लाइफ में खुशियां आएंगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। ऑफिस के चैलेंजिंग टास्क को हैंडल करने के लिए सीनियर्स की हेल्प लेने में संकोच न करें। दोस्ती की मदद से धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे। अपने डाइट में प्रोटीन, न्यूट्रीशन और विटामिन्स से भरपूर फूड शामिल करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। करियर-व्यापार में सफलता हासिल करने के लिए किए गए प्रयास लाभकारी साबित होंगे। फैमिली और फ्रेंड्स के सपोर्ट से धन कमाने के नए अवसर मिलेंगे। कुछ जातकों को करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। आज प्रॉपर्टी के जरूरी डॉक्यूमेंट्स संभालकर रखें। आर्थिक मामलों में रिस्क न लें। अपने खर्च करने की आदतों पर नजर रखें। सिंगल जातकों की आज किसी खास व्यक्ति में दिलचस्पी बढ़ेगी। लव लाइफ के रोमांटिक पलों को यादगार बनाने की कोशिश करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में साथी का सपोर्ट करें। इससे हर क्षेत्र में कामयाबी मिलेगी। मिथुन राशि- आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान दें। खर्च करने की आदतों पर नजर रखें। करियर की चुनौतियों से निपटने के लिए सीनियर्स की हेल्प मागने में संकोच न करें। आज सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। अपने करियर गोल्स को लेकर मोटिवेटेड नजर आएंगे। रिलेशनशिप में भावनाओं का उतार-चढ़ाव संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। साथी से पास्ट इश्यूज को ज्यादा डिस्कस न करें और साथ मिलकर रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। साथ ही अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी डाइट लें। खूब पानी पीएं और बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। कर्क राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। आय में वृद्धि के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। दोस्तों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आज नया घर या वाहन की खरीदारी का उत्तम दिन है। अपने सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। इससे रिश्तों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। हर क्षेत्र में भाग्य साथ देगा। सफलता आपके कदम चूमेगी। सिंह राशि- आज आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। कड़ी मेहनत और लगन के साथ किए गए कार्य बेहतरीन परिणाम देंगे। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। बिजनेस के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे। आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने का भी उत्तम दिन है। परिजनों के साथ किसी फैमिली फंक्शन में शामिल होंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। सिंगल जातकों की लाइफ में किसी दिलचस्प व्यक्ति की एंट्री होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज निवेश के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। इससे करियर ग्रोथ के चांसेस बढ़ेंगे। कुछ जातक सोच-समझकर प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कर सकते हैं। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। सिंगल जातकों को आज किसी खास व्यक्ति के प्रति प्यार का एहसास हो सकता है। शाम तक पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर या लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते हैं। इससे लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। तुला राशि- आज पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे। प्रोफेशनल लाइप में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यों में देरी आएगी। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। किसी पार्टी या फैमिली फंक्शन का इनविटेशन आ सकता है। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी डाइट लें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। पार्टनर को सरप्राइज देने का प्लान बना सकते हैं। इससे प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। वृश्चिक राशि- आज आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। धन का आवक बढ़ेगा। आय के नवीन स्त्रोतों से धन लाभ होगा। प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। लेकिन आज नए कार्य की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें।इससे करियर ग्रोथ के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। काम के सिलसिले में लंबी यात्रा के योग बनेंगे। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। वाहन के रखरखाव के लिए भी धन खर्च करना पड़ सकता है। नई स्किल सीखें। आज इनोवेटिव आइडियाज और क्रिएटिविटी के साथ किए गए कार्य उम्मीद से भी बेहतर रिजल्ट देंगे। रोमांटिक लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगा। धनु राशि– धनु राशि वाले आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें। फैमिली और बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करें। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। आज आपका समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। साथी के इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें। इससे रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होगा। लव लाइफ के सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। मकर राशि- आज मकर राशि वालों का भाग्य साथ देगा। नौकरी-कारोबार में अपार सफलता मिलेगी। प्रोफेशनल लाइफ में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की नई जिम्मेदारी मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। लव लाइफ की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। जल्दबाजी में कोई डिसीजन न लें। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नया फ्लैट या घर खरीदने का प्लान बना सकते हैं। लव लाइफ में कई रोमांचक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। निवेश के कई अच्छे ऑप्शन मिलेंगे। धन-दौलत में वृद्धि होगी। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस अच्छी रहेगी। जो लोग फैमिली से अलग रहते हैं, आज उन्हें पैरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक गृह-प्रवेश का प्लान बना सकते हैं। परिजनों के साथ किसी इवेंट में शामिल हों। रोमांटिक लाइफ में खुशियां आएंगी। … Read more

भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक हैरान करने वाला किया खुलासा

नई दिल्ली भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। बुमराह ने कहा है कि बीसीसीआई ने उनको टेस्ट कप्तान बनने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया। रोहित ने मई में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उनके बाद शुभमन गिल को टीम की कप्तानी सौंपी गई जो इंग्लैंड दौरे से अपने कप्तानी करीयर की शुरुआत करेंगे। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में दो मैचों में कप्तानी की थी। वह मेलबर्न में खेले गए सीरीज के पहले मैच में टीम के कप्तान थे। वहीं इस दौरे पर सीरीज के आखिरी मैच में सिडनी में भी उन्होंने कप्तानी की थी। बुमराह ने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया था।     बुमराह ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि बीसीसीआई ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट को अलविदा कहने से काफी पहले उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इस इंटरव्यू में कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास से पहले, आईपीएल के दौरान। मैंने बीसीसीआई से बात की थी। मैंने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के संबंध में अपने वर्कलोड को लेकर बात की थी। मैंने उन लोगों से बात की थी जो मेरी पीठ की देखभाल कर रहे हैं। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि मुझे अपनी चोट को लेकर कुछ सतर्क रहना होगा। इसके बाद मैंने बीसीसीआई को फोन कर बताया कि मुझे लीडरशिप के लिए नहीं देखा जाए क्योंकि मैं पूरे टेस्ट मैच खेलने में सक्षम नहीं रहूंगा।” उन्होंने बताया, “बीसीसीआई मुझ में लीडरशिप रोल की देख रही थी, लेकिन मुझे उन्हें मना करना पड़ा क्योंकि कोई सिर्फ तीन मैच के लिए ही कप्तानी करे ये सही नहीं होता, फिर किसी और को बाकी मैचो में कप्तानी करनी पड़ती है। ये टीम के लिए सही नहीं है और मैं टीम को पहले रखना चाहता हूं।” अगरकर ने कही थी ये बात बुमराह और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के बयान में विरोधाभास है। इंग्लैंड दौरे के लिए गिल को कप्तान और टीम इंडिया का एलान करते हुए अगरकर ने कहा था कि बीसीसीआई चाहती है कि बुमराह अपने वर्कलोड पर फोकस करें न कि टेस्ट कप्तानी का अत्याधिक भार लें। अगरकर ने कहा था कि उन्होंने इस बारे में बुमराह को बता दिया है। अगरकर ने कहा, “चूंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी की थी, बुमराह वहां टीम के उप-कप्तान थे। वह सभी टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। मुझे लगता है कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर हमारे लिए ज्यादा अहम हैं। हम उन्हें फिट देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि खिलाड़ी पर कप्तान बनने के बाद अतिरिक्त दबाव रहता है। उसे 15-16 खिलाड़ियों को मैनेज करना होता है।”

2023 में 22.6 करोड़ के मुकाबले ये संख्या बढ़कर 2050 तक करीब 50 करोड़ हो जाएगी, सबसे ज्यादा होंगे इस श्रेणी के वाहन

नई दिल्ली  देशभर में वाहनों की संख्या 2050 तक दोगुने से अधिक हो जाएगी। 2023 में 22.6 करोड़ के मुकाबले ये संख्या बढ़कर 2050 तक करीब 50 करोड़ हो जाएगी। यह जानकारी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) की ओर से जारी नए अध्ययनों की एक शृंखला से सामने आई है। इन अध्ययनों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की संख्या सर्वाधिक रहेगी। 2050 तक अपेक्षित जीडीपी और जनसंख्या वृद्धि पर आधारित सामान्य परिस्थिति परिदृश्य के अनुसार, 2050 तक सभी वाहनों का लगभग 70 प्रतिशत यानी 35 करोड़ से अधिक  दोपहिया होंगे। निजी कारों की संख्या भी तीन गुना बढ़ने का अनुमान निजी कारों की संख्या भी लगभग तीन गुना बढ़ने का अनुमान है, जो सदी के मध्य तक नौ करोड़ तक पहुंच जाएगी। सीईईडब्ल्यू के अध्ययन देश की वाहन संख्या, कुल स्वामित्व लागत और परिवहन ईंधन मांग के बारे में अपनी तरह का पहला जिला-स्तरीय अनुमान उपलब्ध कराते हैं। देश की वाहन संख्या में अधिकांश वृद्धि उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में केंद्रित रहेगी। अकेले उत्तर प्रदेश में नौ करोड़ से अधिक वाहन होंगे। बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात भी प्रमुख वृद्धि की स्थिति में हैं, जबकि दक्षिणी राज्यों में कम जनसंख्या स्तर के कारण एक ठहराव दिखाई देगा। दिल्ली, बेंगलुरु, ठाणे, पुणे आदि में अधिक होंगे वाहन दिल्ली, बेंगलुरु, ठाणे, पुणे और अहमदाबाद जैसे नगरीय और उपनगरीय क्षेत्र आगे रहेंगे, जहां 2050 में भारत की कुल अनुमानित वाहन संख्या के 10 प्रतिशत वाहन होंगे। अध्ययनों के अनुसार, 2024 में मध्यम और भारी वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अभी भी डीजल, सीएनजी या एलएनजी से अधिक महंगे हैं। ग्रीन फ्यूल में प्रगति नहीं हुई तो 2040 में अधिक होगी डीजल की मांग उम्मीद है कि 2040 तक एलएनजी बसों और ट्रकों के लिए सबसे सस्ता ईंधन विकल्प बनी रहेगी। इसलिए भारी माल वाहन श्रेणियों में ईवी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे हरित ईंधनों को बड़े पैमाने पर उपयोग में लाने के लिए लक्षित रूप से शोध एवं विकास करने, सहायक बुनियादी ढांचा तैयार करने और लागत घटाने की जरूरत होगी। इलेक्ट्रिफिकेशन, बुनियादी ढांचे और ग्रीन फ्यूल में तत्काल प्रगति नहीं होने पर डीजल 2040 के दशक तक भारत के सड़क परिवहन ईंधन की मांग में प्रमुख रहेगा।उत्सर्जन घटाने और परिवर्तन को रफ्तार देने के लिए, भारत को बस और ट्रक श्रेणियों में इलेक्ट्रिक और एलएनजी वाहनों को तेजी से अपनाने को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनकी 2050 में परिवहन से जुड़े उत्सर्जन में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। बैटरी निर्माण के लिए शोध और निवेश पर देना होगा ध्यान इसके साथ, लागत घटाने के लिए बैटरी निर्माण के लिए घरेलू शोध एवं विकास में निवेश करने पर भी ध्यान देना होगा। सीईईडब्ल्यू के विशेषज्ञ हेमंत माल्या व डा हिमानी जैन अध्ययन के अनुसार स्वच्छ परिवहन की दिशा में बदलाव को तेज करने के लिए, भारत को अलग-अलग वाहनों से जुड़े आंकड़ों को विशेष रूप से वाहन पोर्टल के माध्यम से – मजबूत करना चाहिए और जिला-स्तरीय सूचना में कमी को दूर करना चाहिए। सार्वजनिक बैंकों और एनबीएफसी के जरिए बैटरी वित्तपोषण माडल जैसे किराए पर या ईएमआई के साथ, ईवी को किफायती बनाना बहुत जरूरी है।

यूपी-महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत 15 ठिकानों पर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी, 5 दवा कंपनियों पर शिकंजा

देहरादून ड्रग तस्करों के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने नशा तस्करों के साथ गठजोड़ पर उत्तराखंड में 05 फार्मा कंपनियों (बायोजेनेटिक ड्रग्स प्रा. लि.), सीबी हेल्थकेयर, सीमिलेक्स फार्माकेम ड्रग्स इंडस्ट्रीज, सोल हेल्थ केयर (आइ) प्रा. लि. और एस्टर फार्मा) के ऋषिकेश, हरिद्वार और काशीपुर के ठिकानों पर जांच की। देर रात तक जारी कार्रवाई में फार्मा कंपनियों में दवा बिक्री, सप्लायर, स्टाक, ट्रांजेक्शन आदि की जांच की जा रही थी। नशा तस्करों और फार्मा कंपनियों के गठजोड़ के विरुद्ध ईडी की यह कार्रवाई उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक साथ 15 ठिकानों पर की गई। ईडी सूत्रों के अनुसार ईडी ने यह कार्रवाई एसटीएफ की ओर से बीते वर्ष दर्ज एफआइआर के आधार पर की गई। एफआइआर के आधार पर ईडी ने जांच में पाया कि फार्मा कंपनियों के साथ गठजोड़ कर नशा तस्करों ने कई दवाओं की आपूर्ति नशे के रूप में प्रयोग के लिए की है। इसके अलावा दवा निर्माण के लिए कच्चे माल की खरीद का परीक्षण भी किया गया। इस आपराधिक गठजोड़ ने नशा तस्करों ने कई सौ करोड़ों रुपए बनाए हैं। जिसे सीधे तौर पर मनी लांड्रिंग के रूप में माना गया। फार्मा और नशा तस्करों के गठजोड़ पर की जा रही कार्रवाई में ईडी की एंट्री के बाद फार्मा सेक्टर में हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि ईडी बड़े स्तर पर आरोपितों की संपत्ति अटैच कर सकती है। ड्रग पैडलर एलेक्स ने खोले फार्मा कंपनियों के साथ गठजोड़ के राज ईडी सूत्रों के अनुसार नशे में प्रयुक्त की जाने वाली प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं की खेप नशा तस्करों तक पहुंचने के मामले में ड्रग पैडलर एलेक्स पालीवाल की पूर्व में गिरफ्तारी की जा चुकी है। एलेक्स के माध्यम से यह पता चला कि जांच के दायरे में ली गई फार्मा कंपनियों ने प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं का असामान्य उत्पादन किया है। एक दवा तो ऐसी पाई गई, जिसका कुछ ही माह में 20 करोड़ से अधिक टैबलेट का उत्पादन किया गया।

मुख्यमंत्री ने सार्थक एवं रक्षक अभियान का किया शुभारंभ

बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।   छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।  इस अवसर पर विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मंत्री सारंग ने कहा- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने 20 जून को केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारियों संबंधी आवश्यक बैठक ली। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा। बैठक में सहकारिता विभाग से जुड़े मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, लघु वनोपज संघ के अधिकारी भी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बैठक में मध्यप्रदेश में विकास की ओर सहकारिता के कदम में किये गये सीपीपीपी मॉडल और बीज संघ द्वारा जारी चीता ब्रांड आदि की जानकारी दी जाये। मध्यप्रदेश में बहुउद्देशीय व्यवसायिक केन्द्र के रूप में पैक्स का रूपांतरण, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये और प्रस्तावित कार्यक्रमों से अवगत करवाया जाये। साथ ही सहकारिता विभाग में किये जा रहे हर आयामों जैसे विशेष कार्यक्रम, प्रशिक्षण, एडवांस स्टोरेज, माइक्रो एटीएम सहित 1 से 6 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों का भी समावेश किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी जाये। मंत्री श्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन एवं भविष्य की कार्य-योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

आज एअर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा

नई दिल्ली मंगलवार का दिन एअर इंडिया के लिए काफी तनाव भरा रहा। आज एअर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से पेरिस, अहमदाबाद से लंदन के अलावा कई अन्य देशों की तरफ जाने वाली उड़ानों को तकनीकी खामी के कारण रद करना पड़ा है। दिल्ली से पेरिस जाने वाली AI की उड़ान रद मंगलवार को दिल्ली से पेरिस जाने वाली AI 143 की उड़ान को रद करना पड़ा। एअरलाइन कंपनी ने एक बयान में कहा कि अनिवार्य उड़ान-पूर्व जांच में समस्या आने के कारण AI 143 को रद करने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही बुधवार को पेरिस से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया की वापसी सेवा AI 142 को भी रद किया गया है। मीडिया के अनुसार, एअर इंडिया ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। एअरलाइन कंपनी ने कहा कि हमें अपने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और हम वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं… हम होटल में आवास उपलब्ध करा रहे हैं और यात्रियों द्वारा विकल्प दिए जाने पर रद्दीकरण या मानार्थ पुनर्निर्धारण पर पूर्ण धन वापसी की पेशकश भी कर रहे हैं। अहमदाबाद – लंदन एअर इंडिया की फ्लाइट भी रद वहीं, अहमदाबाद से लंदन जाने वाला एअर इंडिया का एक और विमान चर्चा में तब आया, जब उड़ान भरने से पहले उसको रद कर दिया गया। मंगलवार को एअर इंडिया की फ्लाइट AI 159, बोइंग 788 को रद कर दिया गया है। यह विमान आज दोपहर 1:10 बजे अहमदाबाद से उड़ान भरने वाला था, मगर अचानक फ्लाइट कैंसिल करने की घोषणा कर दी गई। एअरलाइन कंपनी के अनुसार, अहमदाबाद से लंदन जाने वाली फ्लाइट AI159 को रद किया गया क्योंकि एअरक्राफ्ट मौजूद नहीं थे। एअर स्पेस में पाबंदियों और सुरक्षा चेकिंग के कारण फ्लाइट्स का शेड्यूल बढ़ गया है। ऐसे में अहमदाबाद से दिल्ली जाने के लिए एअरक्राफ्ट मौजूद नहीं था, जिसके कारण उड़ान रद कर दी गई। सैन फ्रांसिस्को-मुंबई उड़ान भी रद वहीं, एअर इंडिया ने अपनी सैन फ्रांसिस्को-मुंबई उड़ान के एक इंजन में तकनीकी खराबी के कारण रद करने का फैसला किया। इस विमान को सीधे मुंबई जाना था, हालांकि एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण इसे कोलकाता में निर्धारित ठहराव पर ही समाप्त कर दिया। विमान बोइंग777-200 एलआर समय पर हवाई अड्डे पर सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात पौने एक बजे पहुंचा लेकिन उसके बाएं इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण आगे की उड़ान में देरी हुई। एअर इंडिया ने इन उड़ानों को भी किया रद AI 915 (दिल्ली-दुबई) AI 153 (दिल्ली-वियना) AI 143 (दिल्ली-पेरिस) AI 159 (अहमदाबाद-लंदन) AI 133 (बेंगलुरु-लंदन) AI 170 (लंदन-अमृतसर)  

बिजली उपभोक्‍ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें : सिंघल

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं की सुविधा को देखते हुए फ्यूज ऑफ कॉल (विद्युत अवरोध को दूर करना) समय पर अटेण्ड करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंध संचालक ने कहा है कि कंपनी के समस्त मैदानी अधिकारी अथवा कार्मिक अपने मोबाईल फोन को 24 घंटे चालू रखें। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए बिजली कंपनी के सभी अधिकारी अपना मोबाईल 24 घंटे चालू रखें एवं उपभोक्‍ताओं के कॉल अटेण्‍ड करें। साथ ही क्षेत्रीय मुख्‍य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, संभागीय उपमहाप्रबंधक एवं सभी मैदानी अधिकारी कॉल सेन्‍टर 1912, व्‍हाट्सएप चैटबोट तथा स्‍थानीय वाट्सएप ग्रुप एवं अन्‍य माध्‍यम से सप्राप्‍त होने वाली विद्युत संबंधी शिकायतों का तत्‍काल समाधान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। प्रबंध संचालक ने सभी मैदानी अधिकारियों से कहा है कि वे सीआरएम पोर्टल पर सतत् निगरानी रखें और जनप्रतिनिधि तथा उपभोक्‍ताओं से संवाद बनाये रखें। कंपनी ने कहा है कि ऑंधी, बारिश के दौरान एवं अन्य व्यवधान के कारण हुए बिजली फॉल्ट की शिकायतें दर्ज कराने के लिए कंपनी ने उपभोक्ताओं को अनेक विकल्प प्रदान किये हैं। अब उपभोक्ताओं के पास विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912, व्हाट्सएप नंबर 0755-2551222, मोबाइल ऐप ‘उपाय (UPAY) अथवा कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in का विकल्प मौजूद है। उपभोक्ता इन विकल्पों में से किसी भी एक विकल्प का उपयोग कर अपनी विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतें दर्ज कर आसानी से निराकरण करा सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए अपने मोबाइल में कंपनी के व्हाटसएप नंबर 07552551222 को सेव कर मैसेज “Hi” लिखकर भेजें एवं आगामी संदेशों का पालन करें। इसी प्रकार प्ले स्टोर के माध्यम से उपाय ऐप को डाउनलोड कर एवं उसके उपयोग से भी अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते है। कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर जाकर एलटी सर्विसेज पर क्लिक करें उसके उपरांत कंपलेंट पर क्लिक करें तथा आगामी निर्देशों का पालन करें अथवा 1912  पर कॉल कर आईवीआरएस के माध्यम से त्वरित शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। कंपनी ने कहा है कि बिजली कार्मिक विद्युत आपूर्ति और रखरखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें तथा कोई कार्मिक बिना परमीशन के अवकाश पर न जाए। यदि अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। आंधी, तूफान और बारिश के दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने के लिये लाईनमेनों के मोबाईल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखें। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाए रखें।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- जो अधिकारी जिम्मेदारी का निर्वहन नही कर पा रहे उन्हे रिप्लेस करें

भोपाल  बिजली कंपनियों के जिन अधिकारियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है, उन्हें रिप्लेस करें। ऐसे अधिकारियों के स्थान पर उनके जूनियर सक्षम अधिकारियों को पदस्थ करें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बिजली ट्रिपिंग और मेंटीनेंस कार्यों की समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं का फोन नहीं उठाने पर 15 अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गयी है। टूर प्रोग्राम की जानकारी भेजें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि क्षेत्र का सतत भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि टूर प्रोग्राम की जानकारी एडवांस में भेजें। निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, ट्रिपिंग और मेंटीनेंस की स्थिति प्रमुखता से देखें। जिन शिकायतों का निराकरण 3 से 4 घंटे में हुआ है, उनकी कारण सहित जानकारी दें। इस पर भी विचार करें कि क्या मेंटीनेंस का समय 4 घंटे से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लें। समय-सीमा में करें शिकायतों का निराकरण मंत्री श्री तोमर ने जिलेवार लंबित शिकायतें एवं उनके निराकरण में लगने वाले समय की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में करें। अगर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, तो निराकरण में न्यूनतम समय लगना चाहिये। अगर बड़ी घटना हुई है, तो उसका फोटो, वीडियो और की जा रही कार्यवाही को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर अपलोड करें। श्री तोमर ने खासतौर से इंदौर की स्थिति की समीक्षा के दौरान कम्पनी के एमडी को स्पष्ट निर्देश दिये कि जरूरत के अनुसार मेन-पॉवर और इक्यूपमेंट्स की कमी दूर करें। साथ ही यह भी देखें कि मेंटीनेंस के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। रहवासी संघों और जन-प्रतिनिधियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहें। उन्होंने कहा कि मानसून तो अभी शुरू हो रहा है, इसके पहले ही बिजली ट्रिपिंग की इतनी घटनाएँ होना बहुत ही दुखद है। जहाँ जरूरी हो एफओसी की संख्या बढ़ायें। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि विद्युत अवरोध के सही कारणों से लोगों को अवगत करायें। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने कहा कि मेंटीनेंस के लिये तीनों कम्पनियों को 15-15 करोड़ रुपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राशि का सदुपयोग करें और बेहतर ढंग से मेंटीनेंस सुनिश्चित करें, जिससे ट्रिपिंग कम से कम हो। विद्युत वितरण कम्पनियों के एमडी ने विद्युत ट्रिपिंग रोकने और शिकायतों के निराकरण के लिये की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। इस दौरान प्रबंध संचालक पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया भी उपस्थित थे। अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सामाजिक विकास के लिए मिलकर करें काम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ श्री ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुश्री चंद्रिका, प्रदान से सुश्री अर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से श्री अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुश्री जॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

खरगोन जिले में नाव की मदद से बिजली कार्य का मेंटीनेस, ऊर्जा मंत्री तोमर ने कर्मचारियों के कार्य की प्रशंसा की

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खरगोन जिले में 33 केवी लाइन के मेंटीनेस के लिए मंगलवार को नाव की मदद लेना पड़ी। खरगोन जिले में 132 केवी तोरणी अति उच्चदाब ग्रिड से 33 केवी फीडर के माध्यम से अजन गांव, दौड़वा में बिजली वितरण होता है। तोरणी धनगांव 33 केवी फीडर पर इंसुलेटर से कंडक्टर झुलने की अवस्था में आने से बिजली कंपनी कर्मचारियों ने विधिवत परमिट लेकर इसे सुधारने के लिए मंगलवार को योजना बनाई। अंजनगांव वितरण केंद्र प्रभारी इंजीनियर श्री अंकित पटेल की अगुवाई में छः कर्मचारियों ने मेंटीनेस गतिविधियां प्रारंभ की, नावली तालाब के किनारे जहां पोल थे, वहां बारिश का पानी जमा होने पर नाव की मदद से कंडक्टर तार ठीक किए गए, उन्हें पोल पर ठीक से कसा गया एवं 33 केवी लाइन के मेंटीनेस के अन्य जरूरी कार्य किए गए। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खरगोन जिले के बिजली कर्मचारियों के इस कार्य की प्रशंसा की हैं। 

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