LATEST NEWS

भारतीय नौसेना को आज मिलेगा शैलो वाटर क्राफ्ट INS अर्णाला, उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर डिएक्टिवेट करेगा

विशाखापत्तनम भारतीय नौसेना 18 जून 2025 को अपने पहले पनडुब्बी रोधी शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) ‘अर्णाला’ को शामिल करेगी. यह समारोह विशाखापत्तनम नौसेना डॉकयार्ड में होगा, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान होंगे. यह युद्धपोत आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है. भारत की समुद्री ताकत को बढ़ाएगा.  ‘अर्णाला’ क्या है? ‘अर्णाला’ भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है, जो 16 ASW-SWC जहाजों की श्रृंखला का हिस्सा है. इसे कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और L&T शिपबिल्डर्स ने मिलकर बनाया है.     लंबाई: 77 मीटर     वजन: 1,490 टन से ज्यादा     इंजन: डीजल इंजन और वॉटरजेट का अनोखा मिश्रण, जो इसे भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा ऐसा युद्धपोत बनाता है. ये कॉर्वेट श्रेणी का जंगी जहाज है. यह अधिकतम 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगा.      डिलीवरी: 8 मई 2025 को नौसेना को सौंपा गया.     स्वदेशी सामग्री: 80% से ज्यादा हिस्से भारत में बने हैं. यह जहाज महाराष्ट्र के वसई के पास ऐतिहासिक अर्णाला किले के नाम पर है, जो 1737 में मराठों ने बनाया था. जैसे किला दुश्मनों से रक्षा करता था, वैसे ही ‘अर्णाला’ समुद्र में भारत की रक्षा करेगा. 12,622 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के तहत 16 युद्धपोत बनाए जाएंगे.  ‘अर्णाला’ की खासियतें ‘अर्णाला’ को तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे लड़ने के लिए बनाया गया है. इसकी खासियतें हैं…     पनडुब्बी रोधी ऑपरेशन: पनडुब्बियों का पता लगाने और नष्ट करने की क्षमता.     खोज और बचाव: समुद्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए तैयार.     कम तीव्रता वाले मिशन: छोटे समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम.     उन्नत सिस्टम: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), L&T, महिंद्रा डिफेंस, और MEIL जैसे भारतीय कंपनियों के हथियार और सेंसर.     बख्तरबंद ढांचा: मजबूत हल (पतवार), जो समुद्री चुनौतियों को सहन कर सकता है.     हथियार: अत्याधुनिक तोपें और सेंसर, जो पुराने किलों की तोपों की तरह काम करते हैं. इसकी रेंज 3300 किलोमीटर है. इस युद्धपोत पर 7 अधिकारियों समेत 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें एएसडब्लू कॉम्बैट सूइट लगा है, जो दुश्मन के हमलों से टकराने के लिए हथियारों को तैयार करेगा. उनपर नजर रखेगा. इसपर चार तरह के मैनेजमेंट सिस्टम लगे हैं, जो जंग के समय युद्धपोत को सही-सलामत रखने में मदद करेंगे.  इस युद्धपोत पर एक आरबीयू-6000 एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगा होगा. यह 213 मिलिमीटर की एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम है, जो दुश्मन की पनडुब्बियों के ऊपर ताबड़तोड़ रॉकेट फायरिंग करता है. इसके अलावा इस पर 6 हल्के वजन वाले एएसडब्लू टॉरपीडो लगाए जाएंगे. साथ ही एंटी-सबमरीन समुद्री बारूदी सुरंगें रहेंगी.  आईएनएस अरनाला पर 30 मिलिमीटर की एक CRN-91 नेवल गन होगी. यह एक ऑटोमैटिक गन होती है, जो हर मिनट 550 गोलियां दाग सकती है. यानी दुश्मन का जहाज छलनी हो जाएगा. इसकी रेंज 4 किलोमीटर है. इसके अलावा 2 ओएफटी 12.7 मिलिमीटर एम2 स्टेब्लाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन लगी होगी. यह भारतीय नौसेना का वाटर जेट प्रोपल्शन पावर्ड सिस्टम से लैस सबसे बड़ा युद्धपोत होगा.   अर्णाला का प्रतीक और डिज़ाइन     डिज़ाइन: नीले रंग की पृष्ठभूमि पर एक ऑगर शेल (घोंघे का खोल), जो मजबूती और सटीकता का प्रतीक है. यह शेल समुद्र की चुनौतियों में जीवित रहने की ताकत दिखाता है.     नाम: नीचे देवनागरी लिपि में ‘अर्णाला’ लिखा है.     नारा: “अर्णवे शौर्यम्” (समुद्र में शौर्य), जो जहाज के साहस और ताकत को दर्शाता है.     ऑगर शेल की तरह ‘अर्णाला’ भी समुद्र में मजबूत, सतर्क और दुश्मनों पर सटीक हमला करने में सक्षम है.  ऐतिहासिक प्रेरणा: अर्णाला किला ‘अर्णाला’ का नाम महाराष्ट्र के अर्णाला किले से लिया गया है. यह किला 1737 में मराठा नेता चिमाजी अप्पा ने बनवाया था.  स्थान: वसई से 13 किमी उत्तर में, वैतरणा नदी के मुहाने पर.  उद्देश्य: उत्तरी कोंकण तट की रक्षा करना. मजबूती: किले ने कई हमलों का सामना किया, जैसे ‘अर्णाला’ जहाज समुद्री खतरों का सामना करेगा. जहाज का बख्तरबंद हल किले की मजबूत दीवारों जैसा है. इसके हथियार और सेंसर पुरानी तोपों की जगह लेते हैं. ‘अर्णाला’ भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है, जो 18 जून 2025 को विशाखापत्तनम में शामिल होगा. 80% स्वदेशी और 55 MSMEs के योगदान से बना यह जहाज आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है. इसका ऑगर शेल क्रेस्ट और “अर्णवे शौर्यम्” नारा समुद्र में साहस दिखाता है. ‘अर्णाला’ भारत की तटीय रक्षा को मजबूत करेगा और हिंद महासागर में ताकत बढ़ाएगा. भारतीय नौसेना के पास क्या-क्या है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय नौ सेना के पास कुल 20 पनडुब्बियां हैं। इनमें 2 परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, एक परमाणु-संचालित अटैकर पनडुब्बी, 17 ट्रेडिशनल डीजल-इलेक्ट्रिक अटैकर पनडुब्बियां हैं। 13 विध्वंसक (Destroyers) जहाज हैं। इनके अलावा 15 फ्रिगेट्स, 18 कॉर्वेट्स, एक उभयचर परिवहन डॉक (INS जलाश्व), 4 टैंक लैंडिंग जहाज, 8 लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी, एक माइन काउंटरमेजर जहाज और 30 गश्ती जहाज हैं। भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2035 तक 175 जहाजों की नौसेना बनाना है, जिसमें 50 जहाज वर्तमान में निर्माणाधीन हैं।  

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आज ‘‘महिला एवं बाल केन्द्रित नवीन कानून’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम के मार्गदर्शन संपन्न हुआ।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की अपेक्षा पुलिस से होती है और उन अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी। उन्होंने कहा कि कानून ही एक मात्र ऐसा रास्ता है जिससे परेशानी को समय से पहले रोका जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी अपने जिले में ऐसी कार्रवाई करें जिससे पूरी दुनिया सीख ले। उन्होंने कहा कि सुरक्षा है तो जीवन है, उन्नति है, खुशियां है, संसाधन है। पूरे समाज में  पुलिस ही एक मात्र ऐसी संस्था है, जिसके अधिकारी व कर्मचारी समाज सेवा में अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं। आज इस महत्वपूणग् विषय पर जो कार्यशाला आयोजित की गई। यहां से काफी सारी चीजें सीखने को मिलेंगी। पुलिस की ताकत कानून की किताब से है और इसमें जो प्रावधान हैं, उसे दृढ़ता के साथ लागू करने की अपेक्षा करता हूं।  कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अपराध अनुसंधान एवं नारकोटिक्स के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने महिला एवं बाल सुरक्षा की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस एवं राज्य शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए नवीन महिला थाना, महिला हेल्पडेस्क, परिवार परामर्श केन्द्र, एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने कार्यशाला में कहा कि नवीन कानून में महिला एवं बाल अपराधों को प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए एक पृथक से अध्याय बनाया गया है और बहुत ही शुरूआती धाराओं में इस अपराध को रखा गया, जो यह बताता है कि महिला को न्याय दिलाया जाना कितना महत्वपूर्ण है। नवीन कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है, किन्तु असली चुनौती न्यू क्रिमिनल लॉ को उसके रियल स्प्रिट में पूरी तरह से लागू किया जाना है। साक्ष्य को घटनास्थल से कैसे हम कोर्ट तक पहुंचा पायें इस हेतु हमारे विवेचनाधिकारी को पूरे प्रक्रिया की समझ होनी चाहिए, ताकि बचाव पक्ष को कोई अवसर न मिल सके और इस दिशा में यह कार्यशाला बहुत उपयोगी होगी। यूनिसेफ, छत्तीसगढ़ प्रुमख विलियम ने कहा कि यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ पुलिस बाल संरक्षण की दिशा में काफी लंबे समय कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि समाज में चाईल्ड प्रोटेक्टिव वातवरण निर्मित करने की दिशा में चाईल्ड फ्रेण्डली प्रोसिजर को अपनाये जाने की आवश्यकता है। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सौ से अधिक थानों में विकसित चाईल्ड फ्रेण्डली थानों का भी जिक्र किया।  कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला एवं सर्वाेच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अनंत अस्थाना को विशेष रूप से आमंत्रित किए गए थे। कार्यशाला में विभिन्न जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारी एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।  इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ओ.पी. पाल, अंकित गर्ग, अमरेश मिश्रा, धुु्रव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती मिलना कुर्रे, श्रीमती पारूल माथुर, गिरिजाशंकर जायसवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल एवं पुलिस मुख्यालय व यूनिसेफ के अन्य अधिकारी, कर्मचारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग शरीर का रोग मिटाकर इसे विकार मुक्त करता है। स्वस्थ काया के लिए सबको रोज योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पुरातन योग पद्धति को अब अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है और इसीलिए सिर्फ भारत में नहीं, वरन् पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 21 जून को होने वाले आयोजन की तैयारी को लेकर समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास और मनोयोग से मनाया जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए ऐसे स्थल का चयन करने के निर्देश दिए, जो ऊपर से कवर्ड (शेडयुक्त) हो और उसमें अधिकतम प्रतिभागी भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास में सबकी सहभागिता हो सिर्फ बच्चे ही नहीं, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हों। योगाभ्यास कार्यक्रम की समुचित एवं सुनियोजित तैयारियां की जाएं। योगाभ्यास स्थल पर पानी का जमाव न होने पाए, कार्यक्रम स्थल तक सहज पहुंच और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास कार्यक्रम यथासंभव स्कूल, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या ऐसी अन्य शिक्षण संस्थाओं के कवर्ड कैम्पस में आयोजित किए जाएं। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (“Yoga For One Earth, One Health”) तय की गई है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 6.00 से 6.20 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन होंगे। सुबह 6.20 से 6.30 बजे तक भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 7.00 से 7.45 बजे तक सामान्य योग प्रोटोकॉल का सामूहिक योगाभ्यास सभी प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मंत्रीगण, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं विधायक के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालयों में किए जाएंगे। सभी शासकीय कर्मचारियों की योगाभ्यास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासकीय विभागों की अधीनस्थ संस्थाओं में तथा विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाना प्रस्तावित हैं। ग्राम स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा ग्रामों तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश का वितरण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की ग्राम जल और स्वच्छता समितियों द्वारा भी योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के अधीन प्रदेश के आगनबाड़ियों में तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों क्रमश: अमरकंटक (मंदिर समूह में), भीमबेटका (गुफाओं पार्किंग क्षेत्र के सामने), भोपाल (कमलापति पैलेस में), ग्वालियर (मानसिंह महल के पास), खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह में), ओरछा, सांची (स्तूप नंबर एक के पास, लाइट एंड साउंड शो क्षेत्र में), माण्डु (जहाज महल के सामने) तथा महेश्वर में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 21 जून के मुख्य कार्यक्रम को योग संगम के रूप में मनाया जाएगा। योग पार्क में सार्वजनिक उद्यानों को योग पार्क के रूप में उन्नत कर यहां सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग समावेश के तहत दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों के लिए विशेष योग कार्यक्रम किए जाएंगे। हरित योग के तहत प्रतिष्ठित प्राकृतिक स्थलों पर योग सत्र का आयोजन कर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।  

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई 43 निजी भू स्वामियों से 54 लाख रुपए अर्थदण्ड  शासकीय भूमि में 14 स्थानों पर अवैध रेत भंडारित करने वालों को एक करोड़ 64 लाख रुपए का जुर्माना खनिज विभाग द्वारा की गई जब्ती की कार्रवाई रायपुर रेत खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खजिन विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। संयुक्त टीम द्वारा 15 जून को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बरबसपुर में अवैध रेत भण्डारण का ग्राम सरपंच, कोटवार एवं ग्रामवासियों के समक्ष जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम बरबसपुर में 43 भू-स्वामियों के निजी भूमि एवं 14 शासकीय भूमि में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जाना पाया गया। जिसमें भूमिस्वामियों पर 54 लाख रुपए से अधिक का अर्थदण्ड तथा शासकीय भूमि पर रेत के अवैध भण्डारण के मामले में 1 करोड़ 64 लाख 25 हजार रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।  

रोजगार व स्वरोजगार मेला 24 जून को, विभिन्न कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

ग्वालियर जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान बिरलानगर ग्वालियर के सहयोग से युवकों और युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 जून को प्रातः 11 बजे से एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन जिला रोजगार कार्यालय रेडीमेड गारमेंट पार्क, गदाईपुरा “कार्यालय परिसर” ग्वालियर में सांयकाल 4 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती कर युवाओं का चयन करेंगी। साथ ही जिला व्यापार एवं उद्यद्योग केन्द्र ग्वालियर द्वारा युवाओं को स्वरोजगार प्रदाय करने हेतु ऋण प्रकरण तैयार कर ऋण प्रदाय किया जावेगा।  उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में विभिन्न कम्पनियां भाग ले रहीं हैं, इनमें कन्टेम्परेरी सर्विसेज कॉर्पोरेशन इंडिया प्रावेट लिमिटेड (सी.एस.सी. इंडिया सिक्योरिटी गार्ड/सुपरवाइजर) इन्दौर, सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड, क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, अग्निस्टोका टेक्नोलॉजी ग्वालियर, एल० आई० सी० ग्वालियर, टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड गुजरात, टाटा इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड पुणे, बजाज आटो प्राइवेट लिमिटेड पुणे, आई सेक्ट ग्वालियर, आर० डी० एम० पब्लिक कॉन्वेट स्कूल बरूआ ग्वालियर, दैनिक भास्कर ग्वालियर, विजन प्लस प्राइवेट लिमिटेड नोयड़ा, शिवशक्ति बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, धूत ट्रांसमिशन प्राइवेट लिमिटेड झंझर व आयसर अकेडमी शिवपुरी आदि शामिल हैं।  रोजगार मेले में 18 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। नौकरी के लिये चयनित युवाओं को 10 हजार से 35 हजार रूपए तक वेतन देय होगा। इन कंपनियों द्वारा बाउंसर, पर्यवेक्षक, सशस्त्र गार्ड, सुरक्षा सुरक्षा गार्ड, लेडी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, बिजननेस डबलमेंट ऑफिसर, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, शिक्षक, चैट कार्यकारी, सैल्स मार्केटिंग, असेंबली ऑपरेटर, गुणवता जांचकर्ता उत्पादन, ऑटोमोटिव टेक्निशियन इत्यादि पदों की भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी।  प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

ग्रामीण रंग, पर्यटन संग उत्सव आज , ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्रामीण पर्यटन से स्वरोजगार व आर्थिक उन्नति को प्रोत्साहित करने के लिये आज सुबह 11 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” राज्य स्तरीय उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण पर्यटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हितधारकों और सहयोगियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला ने “ग्रामीण पर्यटन” के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत, तीज-त्योहार, पर्व और स्वादिष्ट खान-पान का अनुभव ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे करीब से देखने को मिलता है। आज के समय में पर्यटक शांति की तलाश में मध्यप्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश की रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन वेबसाइट की ई-लॉन्चिंग भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे। सर्वश्रेष्ठ 6 होमस्टे (3 ग्रामीण, 3 नगरीय), विकास में ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदान देने वाले 16 पर्यटन ग्रामों के सरपंचों, 8 परियोजना सहयोगी संस्थाओं और 10 जिला कलेक्टर्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर 14 नवीन होमस्टे का उद्घाटन और 60 पर्यटन गांवों के होमस्टे मालिकों को किट वितरित की जाएगी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने, आजीविका के अवसर सृजित करने, महिलाओं और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने तथा होमस्टे क्लस्टर और पर्यटक ग्रामों में पर्यटन अधोसंरचना में सुधार के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच एमओयू किया जाएगा। ऊर्जा दक्ष एलईडी या सौर चलित स्ट्रीट लाइट्स की 61 पर्यटक गांवों में स्थापना के लिए एमपीटीबी और सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच एमओयू होगा। प्रदेश में पर्यटन, फिल्म निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिये मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच ग्रामीण होमस्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सशक्त बनाने और उन्हें ओटीए प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसी पर जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मध्यप्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच एमओयू होगा। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि उत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिभागी और संस्थाएं आर्ट एंड क्राफ्ट के उत्कृष्ट उत्पादों जैसे क्लेआर्ट, माड़ना, चितेरा, बैम्बू शिल्प, हैण्डब्लॉक, गोंड पेंटिंग, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट टैक्सटाइल्स आदि का प्रदर्शन करेंगे। यह एक दिवसीय प्रदर्शनी आमजन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी। “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” उत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन केंद्रित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। ग्रामीण पर्यटन परियोजना मध्यप्रदेश के 37 जिलों के कुल 100 ग्रामों में संचालित की जा रही है। इनमें से 63 ग्रामों में कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और अब तक 294 होमस्टे निर्माण पूर्ण हो चुके हैं, जिनमें से 241 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के हितधारक, परियोजना सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, होम स्टे संचालक एवं महिलाएं उपस्थित रहेंगे।  

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दिन 20 जून को मुख्यमंत्री सुरक्षा फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान में कहा गया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे केवल रफ्तार के साथ आवागमन सुगमता का ही माध्यम नहीं बनेगा, बल्कि इस एक्सप्रेसवे पर सड़क व यात्री सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम रहेंगे। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एटीएमएस होगा लागू यात्री सुरक्षा के लिहाज से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दिन 20 जून को मुख्यमंत्री सुरक्षा फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। जबकि आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा के लिए यहां लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) भी लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा बनवाए गए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर यात्री सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जिस सुरक्षा फ्लीट की शुरुआत करेंगे, उसमें पांच इनोवा, पांच कैम्पर, चार एम्बुलेंस, दो क्रेन और एक हाइड्रा वाहन शामिल हैं। एक्सप्रेसवे पर हाइड्रा वाहन किया जाएगा तैनात यूपीडा के नोडल सुरक्षा अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि यूपीडा के इनोवा वाहन की पैट्रोलिंग आठ-आठ घंटे की पाली में लगातार होती रहेगी। हर वाहन में चार सेवानिवृत्त सैनिकों की ड्यूटी रहेगी। कैम्पर वाहन पीछे से खुले रहते हैं और इसमें ट्रैफिक कोन, रस्सी, रेडियम स्ट्रिप आदि की उपलब्धता रहती है। किसी स्थान पर किसी वाहन के खराब होने पर या दुर्घटना होने पर ये वाहन तुरंत जाकर ट्रैफिक कोन, रस्सी और रेडियम स्ट्रिप से कवर कर देंगे ताकि अन्य वाहनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर हर 45 किलोमीटर (किमी) पर मार्ग के दोनों तरफ एक-एक एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी ताकि आकस्मिक चिकित्सकीय जरुरत यात्रियों को तत्परता से अस्पताल भेजा जा सके। किसी वाहन में अचानक खराबी आने पर उसे सड़क से हटाने के लिए हर 45 किमी पर क्रेन और पूरे एक्सप्रेसवे के लिए एक हाइड्रा वाहन को तैनात किया जाएगा। निगरानी के लिए एक्सप्रेसवे पर हर पांच किमी पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे यात्री और मध्यम मालवाहक वाहनों को क्रेन से और बड़े मालवाहक वाहनों को सड़क से नजदीक के चैनेज से उतार दिया जाएगा क्योंकि नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के दिशानिर्देश के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर खराब वाहनों को खड़ा नहीं किया जा सकता। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर आने वाले समय में एटीएमएस भी लागू करने की तैयारी है। इस प्रणाली के तहत एक्सप्रेसवे पर हर पांच किमी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। इसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। इसके अलावा एटीएमएस में रफ्तार सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखने के स्पीड कैमरे और एनपीआर (नम्बर प्लेट रीडर) की व्यवस्था भी होती है। एक्सप्रेसवे पर रफ्तार सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल जानकारी संबंधित जिले के एआरटीओ के पास चली जाती है।

जय शाह ने कहा- डब्ल्यूटीसी का नया चक्र टेस्ट क्रिकेट को और भी ज्यादा रोमांचक बनाएगा

दुबई बीते हफ्ते दक्षिण अफ्रीका ने लॉर्ड्स के मैदान पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 चक्र का फाइनल जीता। अब डब्ल्यूटीसी के नए चरण की शुरुआत पर आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं। नए चक्र की शुरुआत से ठीक पहले आईसीसी ने शाह के हवाले से एक प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें उन्होंने कहा, “विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण लॉर्ड्स में शानदार तरीके से संपन्न हुआ। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने एक बेहतरीन मुकाबला खेला। अब हम अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं। यह चैंपियनशिप टेस्ट फॉर्मेट को और भी अधिक जीवंत बनाएगी। नौ प्रतिस्पर्धी देशों में से चार डब्ल्यूटीसी के शुरुआती तीन चक्रों में फाइनल तक पहुंच चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “खिलाड़ियों और फैंस के लिए कॉन्टेक्स्ट लाना, साथ ही उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, लॉर्ड्स में बड़ी संख्या में लोगों का आना टेस्ट क्रिकेट की निरंतर लोकप्रियता का सबूत है। मैं इसके लिए सदस्य बोर्डों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को 2027 में अगले फाइनल के लिए अपनी यात्रा शुरू करने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” डब्ल्यूटीसी चक्र 2025-27 की शुरुआत 17 जून से हो चुकी है। गाले में बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा है। इसके बाद 20 जून से भारत-इंग्लैंड की टीमें भी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। भारत और इंग्लैंड आने वाले हफ्तों में हेडिंग्ले, एजबेस्टन, लॉर्ड्स, ओल्ड ट्रैफर्ड और द ओवल में आमने-सामने होंगे। ऑस्ट्रेलियाई टीम 25 जून से अपने नए चक्र की शुरुआत करने जा रही है। कंगारू टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं। इस टीम ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के हाथों खिताब जीतने का मौका गंवाया है। पिछले चक्रों की तरह इस बार भी नौ टीमें डब्ल्यूटीसी में हिस्सा लेंगी। प्रत्येक देश दो साल की अवधि के दौरान छह अन्य टीमों के साथ खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया घरेलू मैदान पर 11 मैच खेलेगा। इसमें इस साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट शामिल हैं। इतने ही मैच उसे बाहरी मैदान पर खेलने हैं। इंग्लैंड अपने मैदान पर 11 टेस्ट और बाहरी मैदान पर 10 टेस्ट खेलेगा। ये टीम दिसंबर 2026 में तीन टेस्ट के दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी। वहीं, भारत इस चक्र में 18 मैच खेलेगा, जो घरेलू और बाहरी मैदान पर बराबर-बराबर होंगे।पिछले दो संस्करणों में इस्तेमाल की गई अंक प्रतिशत प्रणाली लीडरबोर्ड निर्धारित करेगी। इसमें टीमों को जीत के लिए 12 अंक, टाई के लिए छह अंक और ड्रॉ के लिए चार अंक मिलेंगे।  

सिंधु जल संधि ​रद्द होने से PAK में गंभीर जल संकट, पाकिस्तान में आएगी आपदा

नई दिल्ली  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु नदी के पानी के बहाव में कटौती कर दी है। इससे पाकिस्तान के सिंध प्रांत में फसलों की बुआई पर असर पड़ रहा है। पानी की कमी से वहां के किसान परेशान हैं। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया हुआ है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी इस वक्त किसानों को मिलने वाले सिंधु के जल में पिछले साल के मुकाबले कमी देखी जा रही है। इस समय खरीफ की बुआई का समय है और अगर समय पर यह काम नहीं हो पाया तो फिर खेती पूरी तरह से चौपट होने की आशंका है। पिछले साल के मुकाबले दोनों प्रांतों को मिला कम पानी पाकिस्तान सरकार के इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (IRSA) की रिपोर्ट के अनुसार इस साल 16 जून को सिंधु नदी से सिंध प्रांत को 1.33 लाख क्यूसेक पानी मिला। पिछले साल इसी दिन 1.6 लाख क्यूसेक पानी मिला था। यानी यह लगभग 17% की कमी है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को भी इस साल पिछली बार से थोड़ा कम पानी मिला है। इस साल उसे 1.26 लाख क्यूसेक पानी मिला है, जबकि पिछले साल 1.29 लाख क्यूसेक पानी मिला था। यह 2.25% की कमी है।    खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ा असर इंडस वॉटर ट्रीटी के पूर्व आयुक्त और केंद्रीय जल आयोग के पूर्व प्रमुख एके बजाज ने पाकिस्तान में आए इस जल संकट को लेकर बात की.उनका कहना था कि पाकिस्तान में सिंधु नदी से जुड़ी नदियों और जलाशयों में पानी कम बचा है. इससे वहां के किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है.पाकिस्तान में इन दिनों खरीफ फसलों की बुवाई चल रही है.ऐसे में पानी के संकट का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी पड़ रहा है. मुश्किल यह है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मॉनसून जून के आखिरी में या जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंचता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगले तीन हफ्ते में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पानी का संकट और बड़ा हो सकता है. भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान से इंडस रिवर सिस्टम से जुड़ी नदियों के जलस्तर के बारे में जानकारी शेयर करना बंद कर दिया है. ऐसे में जब मॉनसून सीजन के दौरान  इंडस रिवर सिस्टम से जुड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ेगा तो इससे पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा और बड़ा हो सकता है. ऐसे में पाकिस्तान को आपदा झेलनी पड़ सकती है. भारत ने स्थगित किया सिंधु जल समझौता भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत-पाकिस्तान ने यह संधि 1960 में की थी.इसके तहत सिंधु वाटर सिस्टम की तीन पूर्वी नदियों का पानी भारत इस्तेमाल कर सकता है. वहीं तीन पश्चिमी नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था. पाकिस्तानी नदियों-जलाशयों में खत्म होने लगा पानी रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में सिंधु नदी से जुड़ी नदियों और जलाशयों में कम पानी बचा है। खरीफ की फसलों की बुआई का समय है और ऐसे में पानी की कमी किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। मानसून आने में अभी कम से कम दो हफ्ते बाकी हैं, इसलिए स्थिति और खराब हो सकती है। सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद भारत ने पाकिस्तान को नदियों के जल स्तर की जानकारी देना भी बंद कर दिया है। इससे पाकिस्तान को बाढ़ की तैयारी करने में मुश्किल हो सकती है। अगर भारत में नदियों का जल स्तर बढ़ता है तो पाकिस्तान को बाढ़ से निपटने में परेशानी हो सकती है। 1960 में हुई भारत-पाकिस्तान सिंधु जल संधि क्या है सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी। यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच कई तनावों के बावजूद बनी रही। लेकिन, 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इसे निलंबित कर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। विश्व बैंक ने इस संधि को कराने में मदद की थी। संधि के अनुसार, भारत को सिंधु नदी की तीन पूर्वी सहायक नदियों – रावी, ब्यास और सतलुज के जल पर पूरा अधिकार है। वहीं, पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों,सिंधु, झेलम और चिनाब से लगभग 135 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी मिलता रहा है। ये सभी नदियां भारत से पाकिस्तान की ओर बहती हैं। पाकिस्तान ने संधि के निलंबन पर आपत्ति जताई है। लेकिन, भारत का कहना है कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’ मतलब, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक पानी साझा नहीं किया जा सकता।

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा

उत्तर बस्तर कांकेर  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले  में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। उक्त संबंध में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा बताया गया कि जिले में औसतन 1200-1300 मिमी वार्षिक वर्षा होती है, फिर भी जिले में जल संकट की स्थिति बनी रहती हे। इसके पीछे अनियमित मानसून, पहाड़ी क्षेत्रों में तीव्र सतही जल बहाव और घटती भूजल पुनर्भरण जैसे कारण है। यह संकट अति गंभीर है, जहां अत्यधिक जल बहाव, मिट्टी में नमी बनाए रखने की क्षमता का कम होना और क्षतिग्रस्त जलग्रहण क्षेत्र, अनियमित मानसून कृषि को अलाभकारी बना देती है। उन्होंने बताया कि इस वर्षा ऋतु जल संरक्षण का अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य है, इसके लिए जिले की सभी 454 ग्राम पंचायतों में 02 से 05 जून तक चार दिवसीय उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोज़ित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी 454 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों, बिहान समूह के सदस्यों और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण और जल संचयन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी द्वारा बताया गया कि मोर गांव, मोर पानी की मुख्य विशेषता यह है कि यह सामुदायिक नेतृत्व वाली योजना है। इस अभियान में योजनाओं का निर्माण और कार्यान्वयन स्थानीय समुदाय के नेतृत्व में होता है। इसी प्रकार वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण के तहत जल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकां का उपयोग किया जाता है। युक्तधारा पोर्टल का उपयोग करके डेटा इकट्ठा किया जाता है, जो बेहतर योजना और निगरानी में मदद करता है। वाटरवेल पोर्टल का उपयोग जल स्रोतों की निगरानी या प्रबंधन के लिए किया जाता है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के ओपन सोर्स टूल्स का उपयोग मानचित्रण और स्थानिक विश्लेषण में सहायक होता है। साथ ही योजनाओं का अभिसरण विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ लाकर एकीकृत परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया जाता है। क्षमता निर्माण और संस्थागत सशक्तीकरण व्यक्तियों की क्षमताओं को बढ़ाने और स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है। जल संरक्षण के प्रयासों को सीधे लोगों की आजीविका सुधारने से जोड़ा गया है। इसके लिए निरंतर निगरानी लागू की गई पहल की लगातार निगरानी और मूल्यांकन किया जाता है। मोर गांव मोर पानी अभियान एक समग्र, समुदाय केंद्रित और तकनीकी रूप से उन्नत दृष्टिकोण अपनाकर जल संरक्षण और प्रबंधन को सुनिश्चित कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले में लगातार विकास हो रहा है, जिला प्रशासन के प्रयास से जिले को जल संकट से जल्द ही निदान मिल जाएगा। अपेक्षित परिणाम – बेहतर जल सुरक्षा और मृदा प्रबंधन के तहत जल संचयन और भूमि उपचार के माध्यम से कृषि उत्पादकता और जल उपलब्धता बढ़ेगी। इसी प्रकार स्थायी परिसंपत्ति निर्माण से टिकाउ जल संरचनाओं और प्राकृतिक संसाधन प्रणालियों का निर्माण होगा। आजीविका संवर्धन से बेहतर जल उपलब्धता और आजीविका परिसंपत्तियों से ग्रामीण रोजगार और आय में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय और स्वामित्व का सुदृढ़ीकरण से पंचायती राज संस्थाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों की क्षमता में वृद्धि होगी, इससे स्थानीय विकास कार्यों में उनकी भागीदारी और नेतृत्व मजबूत होगा और वे अपने गांव के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।

आरोपी पर पत्नी की अदला-बदली, रेप और गैंगरेप के आरोप, हाईकोर्ट ने कहा- जमानत देना सही नहीं

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसे शख्स को जमानत देने से इनकार किया है जिस पर पत्नी को ‘पार्टनर स्वैप’ के लिए मजबूर करने का आरोप है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी की तस्वीर लगा उसके साथ सेक्स का ऑफर दिए जाने का भी आरोप है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी कि यह ‘सामान्य वैवाहिक विवाद के आरोपों’ का केस नहीं है।  रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस गिरीश कथपालिया जिस शख्स की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे उस पर बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, शारीरिक शोषण, क्रूरता और आपराधिक धोखाधड़ी जैसे आरोप हैं। 9 जून को दिए आदेश में कोर्ट ने कहा, ‘FIR में लगाए गए आरोप रूढ़िवादी वैवाहिक विवाद के नहीं हैं। कोर्ट ने महिला के इस आरोप पर विचार किया कि उसका देवर उसे गलत तरीके से छूकर उसका यौन उत्पीड़न करता था। महिला ने जब इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने उसे इस अपमान को अनदेखा करने के लिए कहा। अदालत ने एफआईआर का हवाला दिया, ‘जिसमें दर्ज किया गया था कि पति “ब्लेड से उसके हाथों को चोट पहुंचाता था और घायल हाथों से उसे रसोई का काम करवाता था” और साथ ही “उस पर पत्नी की अदला-बदली के लिए सहमत होने का दबाव बनाने लगा था और इस उद्देश्य के लिए, वह उसे एक होटल में ले गया जहां उसके दोस्तों ने उसके साथ छेड़छाड़ की, इसलिए वह भाग गई”। उस व्यक्ति पर महिला की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने और “उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने” के अलावा “लोगों को पैसे के लिए उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने” का भी आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने कहा कि “गंभीर आरोपों” के अलावा, महिला ने बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के अपराधों का आरोप लगाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, ऐसा प्रतीत होता है कि इससे पहले, जब अग्रिम जमानत दी गई थी, तो आरोपी ने अभियोक्ता से संपर्क किया था और टेक्स्ट चैट का आदान-प्रदान किया था, जिसकी प्रतियां रिकॉर्ड में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा कि उन टेक्स्ट चैट को आरोपी ने एक नए सिम कार्ड के माध्यम से एक काल्पनिक नाम के तहत बनाया था, लेकिन जांच में, उक्त सिम उसके नाम पर पंजीकृत पाया गया।”

’डीएमएफ से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम’

रायपुर : ‘कोरबा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम’ ’108 स्कूलों को मिलेंगे , 17 करोड़ की स्वीकृति से सजेगा बच्चों का भविष्य’ ’डीएमएफ से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम’ रायपुर समावेशी बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप कोरबा जिले में अब स्कूलों की तस्वीर बदलने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के 108 शैक्षणिक संस्थानों के लिए 17 करोड़ 08 लाख 94 हजार रुपए की लागत से नए भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) से प्रथम चरण में सभी विकासखंडों के लिए भवन निर्माण स्वीकृत करते हुए विभिन्न विभागों को क्रियान्वयन एजेंसियां नियुक्त करने और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। ’जर्जर भवनों की जगह बनेंगे आधुनिक स्कूल’ इस योजना के तहत पुराने और जीर्ण-शीर्ण भवनों को हटाकर नए और सुरक्षित भवनों का निर्माण किया जाएगा। इससे बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। इस पहल के अंतर्गत पाली, पोड़ी उपरोड़ा, कटघोरा, करतला, कोरबा और नगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा के प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में भवन निर्माण कार्य शामिल है। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए औसतन 15 लाख से 15.65 लाख रुपए तथा माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15.85 लाख से 16.60 लाख रुपए तक की राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत कार्याे में पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत चोढ़ा के अंतर्गत ग्राम भदरापारा छिंदपानी, भादाकछार छिंदपानी, तालाबपारा, छिंदपानी, ग्राम पंचायत पोटापानी अंतर्गत बरहामुड़ा, ग्राम पंचायत भण्डारखोल अंतर्गत जरमौहा, लाफा के गोंदिलहापारा, कोरबी के झालापारा, बड़ेबांका के कटेलपारा में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत कोरबी में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15 लाख 85 हजार, नोनबिर्रा में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15 लाख 85 हजार, ग्राम पंचायत पोड़ी में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नए माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत किए गए है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के खिरटी पंचायत के रनईपारा, ग्राम पंचायत परला के ललमटटापारा, ग्राम पंचायत सारिसमार के बंशीपेन्द्रो में एवं ग्राम पंचायत सरभोका के आश्रम में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख,  ग्राम पंचायत मेरई अंतर्गत मुडमिसिनी, पचरा के नदियापार, मानिकपुर के शाहीपुर, खिरटी के पण्ड्राआमा, कोडगार के महादेवपारा, ग्राम पंचायत पसान के गोलाबहरा, दर्रीपारा, बालमपुर, पोड़ीकला के पोड़ीपारा, बरदापखना,  सैला के पथराडांड, अडसरा के घाघरा, रानीअटारी, जटगा के बरेलियापारा, मेरई के ठाकुरदईयापारा, साखो के बरभांठा, मदनपुर के कोदवारीपारा, कटोरीनगोई के कुकरीकाडर, कोडगार के पहाड़पारा, घुंचापुर के लालपुर, मोरगा के जूनापारा, भुलसीभवना,  गुड़रूमुड़ा के कोड़ा, धजाक के जामबहार, मिसिया के करमीपारा, सिंधिया के कर्रा, ग्राम पंचायत केन्दई के केन्दई व आश्रित ग्राम रामभांठा, टिहलीसराई, पचरा के खुरूभांठा, लेपरा के नानलेपरा, सिर्री के बांधपारा, लैंगी के मोहनपुर में ग्राम पंचायत लाद, ग्राम पंचायत अटारी में पुराना भवन विनिष्टीकरण व नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए प्रत्येक संस्थान हेतु 15 लाख 65 हजार, ग्राम पंचायत सुतर्रा व अमलडीहा में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 85 हजार, ग्राम पंचायत मानिकपुर, सरभौंका, गिधमुड़ी, कुम्हारीसानी, लेपरा, सारिसमार, नगोईबछेरा, एवं ग्राम पंचायत केन्दई के टिहलीसराई, मोरगा के भुलसीभवना, ग्राम पंचायत कोनकोना के बरौदखार, खोडरी प के खम्हरिया, अमलीकुण्डा के अमलीकुण्डा बसाहट व झुनकीडीह, मातिन के मातीन बसाहट व लोड़ीबहरा में पुराने भवन विनिष्टीकरण व नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए प्रत्येक संस्थान हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। विकासखंड कटघोरा के ग्राम पंचायत बाता एवं ग्राम पंचायत खैरभौना के पड़निया में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख,  ग्राम पंचायत बिरदा एवं छुरीखुर्द में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख65 हजार, ग्राम पंचायत कनबेरी, अरदा एवं ग्राम पंचायत खैरभौना के पड़निया में नवीन माध्यमिकशाला निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 85 हजार एवं ग्राम पंचायत कटसिरा एवं बाता में नवीन माध्यमिकशाला निर्माण हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत तुमान के भांठापारा, बीरतराई के कचोरा, खरवानी के सरईपाली, सुपातरर्इ्र के तिल्हापतई, चिचोली के ठिठोली, नोनबिर्रा के बनियापारा, दमखांचा के दमखांचा बसाहट व खरहरकूड़ा, ग्राम पंचायत फुलझर, कनकी के बालक आश्रम कनकी, औराई के गनियारी, मुकुन्दपुर के कुरूडीह, रीवापार के दर्राभांठा ग्राम पंचायत रोगदा व पंचपेड़ी में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 65 हजार की राशि, ग्राम पंचायत सुपातराई, तरदा, खरवानी, कोटमेर, घाठाद्वारी, दमखांचा एवं ग्राम पंचायत जामपानी के छातापाठ में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन माध्यमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 16 लाख 60 हजार राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। विकासखंड कोरबा के ग्राम पंचायत तौलीपाली, ग्राम पंचायत बासीन के रनगढ़हा, जामबहार के रोगबहरी, बेला के टापरा, ग्राम पंचायत चाकामार व आश्रित ग्राम हाथीमुड़ा में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्राम पंचायत चाकामार व तिलईडाड़ में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन माध्यमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। नगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांकी साईड में 02 कक्ष का नया भवन सहशौचालय निर्माण हेतु 18 लाख 32 हजार एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांगरा में 02 कक्ष का नया भवन सह शौचालय निर्माण हेतु 18 लाख 32 हजार राशिकी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन भवनों की स्वीकृति उन क्षेत्रों में दी गई है जहाँ लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व पालक पुराने व जर्जर विद्यालय भवनों को हटाकर नए भवनों की मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

थाने में आपके साथ कैसा बर्ताव हुआ, पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं, समस्या को ठीक से सुना या नहीं, क्यूआर से फीडबैक देना होगा

भोपाल  अब हर एफआइआर के बाद शिकायतकर्ताओं को थाने में पुलिसकर्मियों के व्यवहार के संबंध में फीडबैक भी देना होगा। बताना होगा कि थाने में उनके साथ कैसा बर्ताव किया गया। पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं। समस्या को ठीक से सुना या नहीं। इसके लिए थानों में क्यूआर कोड(QR Code) लगाए जा रहे हैं। इसको स्कैन करने के बाद शिकायतकर्ता ऑनलाइन फीडबैक भर सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। भोपाल कमिश्नर को जारी पत्र के अनुसार थाने के किसी खुले स्थान पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। जिसे स्कैन कर लोग सेवाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। फीड बैक के आधार पर कमियों को दूर करेंगे। क्यूआर कोड को गूगल या एनआइसी के माध्यम से फॉर्म को जनरेट किया जाएगा। इसकी लिंक कमिश्नर की ई-मेल आईडी से लिंक होगी। यह जानकारी देनी होगी ● नाम और मोबाइल नंबर ● अपराध नियंत्रण की स्थिति ● क्षेत्र में यातायात व्यवस्था ● सामाजिक गतिविधियों के दौरान पुलिस व्यवस्था ● आपदा के समय सहयोग ● पुलिसकर्मियों का व्यवहार ● पुलिसकर्मियों की कार्य दक्षता ● पुलिसकर्मियों की कार्यदक्षता ● थाना भवन की साफ सफाई ● थाना भवन में उपलब्ध संसाधन ● आगंतुकों की बैठने की व्यवस्था क्यों जरूरी है पुलिस कार्यशैली का फीडबैक?  पिछले समय में पुलिस के रवैये को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं, जैसे-     पुलिस कर्मचारियों का अमर्यादित व्यवहार।     पुराने मामलों की धीमी या लापरवाही भरी जांच।     झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायतें।     थानों में सुविधाओं की कमी। इन समस्याओं से निपटने और पुलिसिंग को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए फीडबैक सिस्टम की शुरुआत की गई है। इससे जनता की राय के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। QR कोड स्कैन कर दें फीडबैक हर थाने के बाहर QR कोड लगाए जाएंगे जिन्हें आप अपने मोबाइल से स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आप निम्नलिखित जानकारियां भरेंगे-     आपका नाम और मोबाइल नंबर     थाने में आने का कारण     पुलिस का व्यवहार कैसा था     थाने की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं कैसी थीं     आपके मामले की प्रगति या लंबित स्थिति     आपके मामले की प्रगति क्या है?     क्या आपको पुलिस से संतोषजनक सेवा मिली?     कोई सुझाव या शिकायत जो आप साझा करना चाहते हैं? यह फीडबैक जिला स्तर पर एसपी और प्रदेश स्तर पर पुलिस मुख्यालय द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। फील्ड अफसरों की तबादला सूची में जनता की भूमिका  न सिर्फ फीडबैक, बल्कि जनता की राय को फील्ड अफसरों के तबादले के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय अब तबादला सूची तैयार करते समय इस फीडबैक को गंभीरता से लेगा, जिससे बेहतर और जवाबदेह पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह व्यवस्था पुलिस कर्मियों की कार्यशैली को सुधारने में सहायक होगी और गलतफहमियों से बचाएगी। देवास में पायलट प्रोजेक्ट: ऐसे हुई शुरुआत मध्य प्रदेश पुलिस ने इस पहल का पायलट प्रोजेक्ट देवास जिले से शुरू किया है। यहां के सभी 21 थानों में QR कोड लगाए गए हैं। जनता इन कोड्स से फीडबैक देकर सीधे एसपी तक अपनी शिकायत और राय भेज रही है। इसके अलावा, वल्लभ भवन भोपाल से कॉलर फीडबैक सर्वे भी चलाया जा रहा है, जिसमें जनता आठ सवालों के माध्यम से पुलिस की कार्यशैली का आकलन करती है। हर थानों में लगवाएंगे क्यूआर कोड क्यूआर कोड हर थानों में लगवाएंगे। इसके आधार पर कमियों को भी दूर किया जाएगा। कोशिश होगी लोगों की हर संभव मदद हो। थानों में लोगों को अच्छा वातावरण मिले यह हमारी प्राथमिकता में है।- हरिनारायण चारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश देवास में इस व्यवस्था को पहले लागू किया गया था। अब मुख्यालय से पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय ने क्यूआर स्कैन कोड बनाया है। इसका फॉर्मेट सभी को दिया गया है।– पवन श्रीवास्तव, एडीजी, पुलिस मुख्यालय

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा 18 जून  को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प विशेष रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित होगा।   विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में अलर्ट एस.जी.एस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा दिव्यांगजनों को घर बैठे एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह कार्य पूरी तरह से कमीशन आधारित होगा, जिसमें कार्य की मात्रा के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाएगा। योग्यता और आवश्यक दस्तावेज इस कैम्प में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी इच्छुक 12वीं उत्तीर्ण दिव्यांग अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। उन्हें अपने साथ 12वीं की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड दस्तावेजों की फोटोकॉपी एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। कैम्प में आने-जाने, भोजन और ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालयीन समय में विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर से दूरभाष क्रमांक +91-0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।

नर्मदा के भेड़ाघाट पर बन रहा ऑईकॉनिक ब्रिज, पुल पर ही बनेगा होटल और रोप-वे का भी होगा निर्माण

 जबलपुर  जबलपुर में नर्मदा पर भेड़ाघाट में निर्माणाधीन 1.3 किलोमीटर लंबा आईकॉनिक ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का नायाब नमूना होगा। इस ब्रिज एक हिस्सा 487 मीटर का एक्सट्रा डोज केबल ब्रिज भी होगा। एक्सट्रा डोज केबल वाला यह जबलपुर का चौथा ब्रिज होगा। जिस तरह से मदनमहल रेलवे स्टेशन पर बने केबल स्टे ब्रिज में उच्च तनाव वाली एक्सट्रा डोज केबल का उपयोग किया गया है, उसी तर्ज पर इसका भी निर्माण किया जाएगा। फेज-2 में बनेगा रोपवे 270 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होने पर उसमें रोपवे भी स्थापित किया जाएगा, जो ऊंचाई से पर्यटकों को पुण्य सलिला मैया नर्मदा के दर्शन कराएगा। हालांकि ये काम फेज 2 में होगा। इसके साथ ही ब्रिज के दोनों छोर पर होटल भी बनाए जाएंगे। इस ब्रिज की लाइटिंग भी खास होने वाली है, जो पर्यटकों को लुभाएगी। भेड़ाघाट में बन रहे इस ब्रिज से होकर एनएच 45 होते हुए रिंग रोड के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी होगी। वहीं रोपवे से होकर पर्यटक नर्मदा के दोनों ओर पर्यटन स्थल सुगमता से पहुंच सकेंगे। 25 प्रतिशत काम पूरा प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड में नर्मदा पार उतारने बनाए जा रहे आईकॉनिक ब्रिज(Iconic Bridge) का अभी 25 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। निर्माण एजेंसी एनएचएआई ने इसे वर्ष 2026 के अंत में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस ब्रिज में एक्सट्रा डोज के 4 स्पॉन व नॉन एक्सट्रा डोज के 35 स्पॉन हैं। दूसरे आईकॉनिक ब्रिज का 65 प्रतिशत काम पूरा रिंग रोड में दूसरा आईकॉनिक ब्रिज नर्मदा पर भटौली क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। 1.2 किलोमीटर लंबे इस ब्रिज का 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि इस ब्रिज में रोपवे नहीं होगा। इस ब्रिज में 5 स्पॉन एक्सट्रा डोज के व 12 स्पॉन नॉन एक्सट्रा डोज के होंगे।  पर्यटकों के लिए बनना है होटल भेड़ाघाट में बनने वाले ऑईकॉनिक ब्रिज में होटल का भी निर्माण किया जाएगा। पर्यटन महत्व को देखते हुए नदी पर हैवी स्टील व कंक्रीट स्ट्रक्चर से बनने वाले पुल के साथ ही आकर्षक होटल का निर्माण किया जाएगा, जहां पर्यटक कुछ पल सुकून के भी बिता सकेंगे। आकर्षक होगी लाइटिंग रिंग रोड के दूसरे फेस में मानेगांव से राष्ट्रीय राजमार्ग 45 तक के हिस्से में नर्मदा पर भेड़ाघाट में बनने वाला आईकॉनिक ब्रिज अब तक बने पुलों से बिलकुल हटकर होगा। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार के अनुसार आईकॉनिक ब्रिज की लाइटिंग भी कुछ इस तरह होगी जो ब्रिज को आकर्षण का केन्द्र बनाएगी। वहीं रोपवे से होकर पर्यटक नर्मदा के दोनों ओर पर्यटन स्थल सुगमता से पहुंच सकेंगे। नए पुलों का तैयार हो रहा है नेटवर्क नर्मदा पार उतरने के लिए ढाई दशक पहले 1 ही पुल तिलवारा में हुआ करता था। दो दशक पहले नए ब्रिज का निर्माण हुआ तो अग्रेजों के जमाने का पुल बंद हो गया। एक दशक में नर्मदा पार उतरने तिलवारा में एक और पुल का निर्माण हुआ। इसके साथ ही भटौली में नए पुल का निर्माण हो गया। सडक़ मार्गों का विस्तार होने से नगर की परिधि पच्चीस किलोमीटर से बढकऱ पचपन किलोमीटर की हो गई है। लहेटा, सरस्वतीघाट, भेड़ाघाट और जमतरा में नए पुलों के निर्माण के साथ ही रिंग रोड भी आकार ले रही है इस प्रकार नए रोड नेटवर्क के तैयार होने से नर्मदा नदी के पार पहुंच आसान होगी। रिंग रोड के आसपास नगर के अन्य इलाकों में भी तेजी से विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है।  रिंग रोड के फेज-1 में नर्मदा नदी पर एक किलोमीटर लंबे ऑईकॉनिक ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। ब्रिज के मुय स्पॉन के लिए फाउंडेशन तैयार किा जा रहा है। दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण हो गया है।     अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई नर्मदा नदी पर दो नए और बड़े ब्रिज के निर्माण व कनेक्टिंग सड़कों के बनने से नए तटों का विस्तार हो सकेगा। इससे नदी के वर्तमान तटों पर भीड़ का दबाव कम होगा, इसके साथ ही विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।     इंजी.संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर व टाउन प्लानर ऊंचाई पर होगा व्यू प्वांइट, रोप-वे से पहुंचेंगे रिंग रोड में बन रहे इस ब्रिज में दूसर चरण में रोप-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इस से ऊंचाई पर स्थित प्वांइट तक पर्यटक पहुंच सकेंगे। यहां से मां नर्मदा के विस्तार का खूबसूरत नजारा दिखेगा। पर्यटकों के साथ ही रील्स, यूट्यूबर्स के लिए यह पसंदीदा स्थाना बनेगा। ब्रिज के दोनों छोर पर होटल का निर्माण भी किया जाएगा। भेड़ाघाट में निर्माणाधीन ऑईकॉनिक ब्रिज का काम पूरा होने पर अगले चरण में उसमें रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों ओर होटल भी बनाए जाएंगे। इस ब्रिज का 25 प्रतिशत काम हो गया है, दूसरा ऑईकॉनिक ब्रिज भटौली में निर्माणाधीन है। दोनों ही ब्रिज में एक्सट्रा डोज केबल का भी उपयोग किया जाएगा।– अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet