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हाईकोर्ट ने मंत्री शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए बयान के बाद स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई अदालती कार्रवाई बंद कर दी

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के बाद प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई कानूनी कार्रवाई बंद कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को मप्र हाईकोर्ट से निवेदन किया था कि मंत्री विजय खिलाफ के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दें। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सोमवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने मामला समाप्त कर दिया। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा इंदौर के पास महू-अंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में एक सार्वजनिक समारोह में दिए गए बयान पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। 14 मई को पारित आदेश में शाम तक उनके खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि मंत्री ने भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने आमसभा में कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ गटर भाषा का इस्तेमाल किया है। उनका बयान प्रथम दृष्टया मुस्लिम धर्म के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों के बीच वैमनस्य और दुश्मनी या घृणा या दुर्भावना पैदा करने की प्रवृत्ति का है। याचिका पर अगले दिन 15 मई को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि मंत्री के खिलाफ दर्ज एफआईआर में उनके द्वारा किए गए अपराध का उल्लेख नहीं किया है। एफआईआर ऐसे कंटेंट के साथ लिखी गई है, जो चुनौती देने पर निरस्त हो जाए। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अपराध के विवरण का उल्लेख करते हुए दोबारा एफआईआर दर्ज की जाए। हाईकोर्ट द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के पूरे आदेश को सभी न्यायिक, अर्ध-न्यायिक और जांच प्रक्रिया में पैराग्राफ 12 के हिस्से के रूप में पढ़ा जाएगा। पुलिस की मंशा को देखते हुए हाईकोर्ट जांच की निगरानी करेगा। हालांकि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से निवेदन किया था। उसी पर हाईकोर्ट ने निर्णय लिया है। 

आदिवासीयों की 100 एकड़ जमीन से हटाया दबंगों का कब्जा, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

सागर  सागर जिले के मालथौन तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रसूखदार के कब्जे से आदिवासियों की 100 एकड़ जमीन की वापस करवाई है। मालथौन में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिवासी किसानों को उनकी लगभग 100 एकड़ जमीन का कब्जा पुनः दिलाया। लंबे समय से इस भूमि पर स्थानीय निवासी रानू सिंघई पिता गोकुल चंद्र जैन का अवैध कब्जा बना हुआ था। आरोप है कि सिंघई ने इस भूमि पर गैरकानूनी ढंग से अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया था। इस मामले में SDM मनोज चौरसिया के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। SDM के अनुसार इस भूमि के संबंध में आदिवासी किसानों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिसके बाद रविवार को नायब तहसीलदार कमलेश सतनामी, थाना प्रभारी अशोक यादव, पटवारी और अन्य राजस्व अमले की मौजूदगी में अवैध कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान किसानों को मौके पर ही ट्रैक्टर से जमीन की बखरनी कराकर जमीन सौंप दी गई। यह जमीन मालथौन से सटी पड़ाये क्षेत्र की थी, जहां सरकार द्वारा पूर्व में आदिवासियों को पट्टे जारी किए गए थे। इन्हीं पट्टों की भूमि पर रानू सिंघई ने कब्जा कर रखा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से कई आदिवासी महिलाओं और पुरुषों को उनकी पुश्तैनी जमीन वापस मिल गई। साथ ही रानू सिंघई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। एसडीएम चौरसिया ने कहा कि प्रशासन आदिवासियों के हक की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अवैध कब्जाधारी को बख्शा नहीं जाएगा।  

परमाणु हथियारों की दौड़ में भारत पाकिस्तान से आगे, सिपरी का दावा- नई दिल्ली के पास ज्यादा आधुनिक मिसाइलें

नई दिल्ली स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें ज्यादा आधुनिक और ज्यादा संख्या में मौजूद हैं। इससे साफ है कि परमाणु क्षमताओं के मामले में भारत, पाकिस्तान पर भारी है। हालांकि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान परमाणु हथियार बनाने के संसाधन जुटा रहा है और जल्द ही उसके परमाणु हथियारों के जखीरे में भी इजाफा देखने को मिलेगा।  भारत ने परमाणु हथियार ले जाने वाली आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास साल 2025 में करीब 180 परमाणु हथियार हैं। बीते साल भारत के पास 172 परमाणु हथियार थे। सिपरी ने कहा कि भारत ने न सिर्फ अपने परमाणु जखीरे में इजाफा किया है बल्कि परमाणु हथियार ले जाने वाली नई पीढ़ी की आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की हैं। भारत की नई कैनिस्टर मिसाइलों द्वारा परमाणु हथियार को ज्यादा सुरक्षा के साथ ले जाना संभव होगा। साथ ही निकट भविष्य में एक मिसाइल से ही कई परमाणु हथियार ले जाना भी संभव हो सकेगा। पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या 170 और बीते साल भी पाकिस्तान के पास इतने ही हथियार थे।  भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध का खतरा गंभीर भारत के पास अग्नि प्राइम मिसाइल है। साथ ही MIRV सक्षम अग्नि-5 मिसाइल भी है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।  अग्नि प्राइम का बीते साल ही परीक्षण किया गया था और इसकी मारक क्षमता 1000 से लेकर 2000 किलोमीटर के बीच है। सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि भारत और पाकिस्तान में संघर्ष छिड़ता है तो पारंपरिक युद्ध के परमाणु युद्ध में बदलने का गंभीर खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर दोनों में से किसी देश के परमाणु हथियार ढांचे पर या किसी तीसरे देश की भ्रामक जानकारी और उकसावे के चलते दोनों देशों में परमाणु युद्ध का खतरा ज्यादा है।  चीन सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा परमाणु हथियारों का जखीरा सिपरी की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि साल 2023 से अब तक चीन सालाना 100 परमाणु हथियार बना रहा है और अब तक करीब 350 नई इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका है। इस दशक के अंत तक चीन, रूस और अमेरिका के बराबर इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका होगा। हालांकि चीन अभी भी रूस और अमेरिका के परमाणु हथियारों के मुकाबले अभी बहुत पीछे है। चीन अगले सात से आठ वर्षों में 1000 परमाणु हथियार बना सकता है।  परमाणु हथियारों में कमी का दौर खत्म शीत युद्ध के अंत के बाद, रूस और अमेरिका पुराने हथियारों को नष्ट करते रहे, जिससे वैश्विक परमाणु हथियारों की संख्या में कमी आती थी. लेकिन अब यह रुझान बदल रहा है. पुराने हथियारों को नष्ट करने की गति धीमी हो रही है, जबकि नए हथियारों की तैनाती तेजी से बढ़ रही है.  स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के विशेषज्ञ हंस एम. क्रिस्टेनसेन ने कहा कि परमाणु हथियारों की संख्या में कमी का युग खत्म हो रहा है. अब हम परमाणु हथियारों में वृद्धि, तीखी बयानबाजी और हथियार नियंत्रण समझौतों को छोड़ने की प्रवृत्ति देख रहे हैं. रूस और अमेरिका: सबसे बड़े खिलाड़ी रूस और अमेरिका के पास दुनिया के 90% परमाणु हथियार हैं. 2024 में दोनों देशों के सैन्य भंडार स्थिर रहे, लेकिन दोनों अपने परमाणु हथियारों को आधुनिक बनाने में जुटे हैं. अगर 2010 के न्यू START समझौते, जो 2026 में खत्म हो रहा है, को फिर से रिन्यू नहीं किया गया, तो दोनों देशों की मिसाइलों पर तैनात हथियारों की संख्या बढ़ सकती है.  अमेरिका का परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम 2024 में योजना और फंडिंग की समस्याओं से जूझ रहा था, जिससे लागत बढ़ सकती है. रूस को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे कि नई सरमत मिसाइल का टेस्ट विफल होना. फिर भी, दोनों देश भविष्य में अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा सकते हैं. चीन की तेज प्रगति SIPRI के अनुसार, चीन के पास अब कम से कम 600 परमाणु हथियार हैं. 2023 से हर साल चीन अपने हथियारों में 100 की वृद्धि कर रहा है. जनवरी 2025 तक, चीन ने 350 नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) साइलो बनाए या लगभग पूरे कर लिए. अगर चीन इसी गति से आगे बढ़ा, तो दशक के अंत तक उसके पास रूस या अमेरिका जितनी ICBM हो सकती हैं. हालांकि, 2035 तक भी अगर चीन के पास 1,500 हथियार हो गए, तो यह रूस और अमेरिका के भंडार का केवल एक-तिहाई होगा. भारत और पाकिस्तान की स्थिति भारत ने 2024 में अपने परमाणु हथियारों में थोड़ी वृद्धि की और नए डिलीवरी सिस्टम विकसित किए. भारत की नई “कैनिस्टराइज्ड” मिसाइलें, जो परमाणु हथियारों को ले जा सकती हैं, शांतिकाल में भी तैनात हो सकती हैं. कुछ मिसाइलें एक से अधिक हथियार ले जाने में सक्षम हो सकती हैं. पाकिस्तान भी नए डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है. परमाणु सामग्री का भंडार बढ़ा रहा है. 2025 की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष हुआ, जिसने परमाणु संकट का खतरा पैदा किया. SIPRI के विशेषज्ञ मैट कोर्डा ने कहा कि यह घटना उन देशों के लिए चेतावनी है जो परमाणु हथियारों पर निर्भरता बढ़ा रहे हैं. अन्य देशों की गतिविधियां       ब्रिटेन: 2024 में ब्रिटेन ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या नहीं बढ़ाई, लेकिन भविष्य में वृद्धि की योजना है. नई सरकार ने चार नए परमाणु-पनडुब्बियों के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई.     फ्रांस: फ्रांस ने नई पनडुब्बियां, क्रूज मिसाइलें और मौजूदा सिस्टम को उन्नत करने का काम जारी रखा.     उत्तर कोरिया: उत्तर कोरिया के पास अब 50-58 हथियार हैं. वह 40 और बना सकता है. 2024 में उसने “टैक्टिकल परमाणु हथियार” विकसित करने की बात कही.     इज़राइल: इज़राइल, जो अपने परमाणु हथियारों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता, ने 2024 में मिसाइल टेक्नीकरण और डिमोना में रिएक्टर साइट को उन्नत किया. हथियार नियंत्रण का संकट SIPRI … Read more

आईसीसी 2027-29 के डब्ल्यूटीसी चक्र में छोटे देशों के लिए चार दिवसीय टेस्ट मैचों को मंजूरी देने के लिए तैयार

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) 2027-29 के विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र में छोटे देशों के लिए चार दिवसीय टेस्ट मैचों को मंजूरी देने के लिए तैयार है। हालांकि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड तब भी परंपरागत रूप से चले आ रहे पांच दिवसीय मैच खेल सकते हैं। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। मैचों की संख्या एक दिन कम करने का कदम एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा और इससे छोटे देशों को अधिक टेस्ट और लंबी अवधि की श्रृंखलाएं खेलने में मदद मिलेगी। ‘मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘पिछले सप्ताह लॉर्ड्स में डब्ल्यूटीसी फाइनल के दौरान चर्चा में आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने 2027-29 के डब्ल्यूटीसी चक्र के लिए चार दिवसीय टेस्ट के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया था।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत को तब भी एशेज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए पांच दिवसीय मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलने की अनुमति होगी। एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी की शुरुआत शुक्रवार को हेडिंग्ले में इंग्लैंड और भारत के बीच पहले टेस्ट मैच के साथ होगी।’’ आईसीसी ने पहली बार 2017 में द्विपक्षीय मुकाबलों के लिए चार दिवसीय टेस्ट को मंजूरी दी थी। इंग्लैंड ने 2019 और 2023 में आयरलैंड के खिलाफ चार दिवसीय टेस्ट के बाद पिछले महीने ट्रेंट ब्रिज में जिम्बाब्वे के खिलाफ भी चार दिवसीय टेस्ट मैच खेला था। रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘कई छोटे देश समय और लागत के कारण टेस्ट मैचों की मेजबानी करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, लेकिन चार दिवसीय टेस्ट मैच शुरू होने से तीन टेस्ट मैचों की पूरी श्रृंखला तीन सप्ताह से भी कम समय में खेली जा सकेगी।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘समय को बर्बाद करने से बचने के लिए चार दिवसीय टेस्ट मैचों में खेल के समय को 90 ओवर प्रतिदिन से बढ़ाकर न्यूनतम 98 ओवर कर दिया गया है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘पिछले सप्ताह लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोमांचक फाइनल में विश्व चैंपियन बनने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका के नीरस कार्यक्रम ने इस मुद्दे को और उजागर किया और इसके बाद बदलाव की जरूरत महसूस की गई।’’ हालांकि 2025-27 की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पांच दिवसीय मैचों के मौजूदा प्रारूप के तहत ही खेली जाएगी।  

भारत में अरब संस्कृति के लिए कोई जगह नहीं, X पर लिखा- अरब ने इस्लाम फैलाया और भारत के हो गए तीन टुकड़े, यहां के हिंदू हमारे- IAS Niaz Khan

भोपाल  मध्यप्रदेश के चर्चित आईएएस नियाज खान एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वे अरब कंट्री और इस्लाम को लेकर चर्चा में है। उन्होंने अरब देश के कल्चर के खिलाफ मोर्चा खोला है। सोशल मीडिया एक्स (X) पर नियाज खान ने लिखा- इस्लाम अरब के लोगों ने फैलाया और परिणाम भारत के तीन हिस्से हो गए। भविष्य में अरब संस्कृति को भारत में घुसने नहीं दिया जाएगा। अभी भी कहीं कहीं अरब का लिबास, एक लंबा कपड़ा और सर पर रिंग लगा कपड़ा देखने को मिलता है। ऐसे लोग जो सूखभोगी अरब के कपड़े पहनते हैं वे भारत के लिए बंद कर दें। भारत को अब अरब नहीं बनने दिया जाएगा नियाज खान ने लिखा- यहां की संस्कृति का सभी मुस्लिम भाई सम्मान करना सीखें। भौतिक सुख और विलासिता में डूबे अरबी हमारे नहीं हैं। यहां के हिंदू हमारे हैं क्यों कि हम सब यहीं से निकले हैं। अरब के लोगों को केवल धन से मतलब है यहां के मुसलमानों से कुछ लेना देना नहीं है। नॉवेल राइटर और हाल में अपना पहला नॉवेला लिखने वाले एमपी कैडर के आईएएस खान ने मंगलवार सुबह एक्स पर किए ट्वीट में कहा है कि भौतिक सुख और विलासिता में डूबे अरबी हमारे नहीं हैं। यहां के हिंदू हमारे हैं क्योंकि हम सब यहीं से निकले हैं। अरब के लोगों को केवल धन से मतलब है। यहां के मुसलमानों से कुछ लेना देना नहीं है। एक अन्य ट्वीट में खान ने लिखा है कि इस्लाम अरब के लोगों ने फैलाया और परिणाम भारत के तीन हिस्से हो गए। भविष्य में अरब संस्कृति को भारत में घुसने नहीं दिया जाएगा। अभी भी कहीं-कहीं अरब का लिबास, एक लंबा कपड़ा और सर पर रिंग लगा कपड़ा देखने को मिलता है। ऐसे लोग जो सुखभोगी अरब के कपड़े पहनते हैं वे बंद कर दें भारत के लिए। यह ट्वीट भी किए हैं आईएएस खान ने     15 जून को आईएएस अफसर खान ने ट्वीट किया है कि कई बार लोग अपनी विचारधारा छिपा कर रखते हैं। दिखाते कुछ और हैं होते कुछ और हैं पर देर सबेर सत्य सबके सामने आ जाता है।     इसी दिन एक अन्य ट्वीट में लिखा कि पश्चिमी देश जिन्होंने एशियाई, अफ्रीकी और दक्षिण अमेरिकी काले या अश्वेत देशों को गुलाम बनाया, वे आज भी पर्दे के पीछे से खेल खेल रहे हैं। काले या अश्वेत देश एक दूसरे के खिलाफ निरंतर संघर्ष में हैं और पश्चिम इसका आनंद ले रहा है। श्वेत नस्ल भरोसेमंद नहीं है     12 जून को किए ट्वीट में खान ने लिखा कि देश का आध्यात्मिक विकास करना है तो चारों शंकराचार्यों को सर्वोच्च सम्मान देना होगा। इनके विरुद्ध कभी भी कोई नकारात्मक टिप्पणी न की जाए।

देश में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में मई में मंदी, डीलर स्टॉक बढ़ने से थोक डिस्पैच 0.8% घटा

मुंबई  देश का ऑटो सेक्टर पहले गियर में फंसा नज़र आ रहा है. बीता महीना पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट के लिए कुछ ख़ास नहीं रहा. बामुश्किल वाहन निर्माताओं ने अपने सेल्स टार्गेट को पूरा किया है. नतीजा ये रहा कि डोमेस्टिक मार्केट में कारों की बिक्री स्लो मोशन में रही. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में 0.8% की मामूली गिरावट देखी गई है. क्या कहते हैं आंकड़े: SIAM की रिपोर्ट के मुताबिक मई में कुल 3,44,656 यूनिट पैसेंजर कारों की बिक्री हुई है जो पिछले साल इसी महीने में 3,47,492 यूनिट थी. ये बिक्री में 0.8% की मामूली गिरावट गिरावट दर्शाता है. गिरावट के बावजूद, सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि मई में भले ही पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट में गिरावट देखने को मिली है लेकिन किसी भी महीने की तुलना में ये आंकड़े सेकंड हाइएस्ट हैं. जो बाजार में पैसेंजर वाहनों की निरंतर मांग की गति को दर्शाता है.  बीते मई में सभी सेग्मेंट में वाहनों की बिक्री यूनिट में: पैसेंजर व्हीकल      3,44,656  तिपहिया वाहन     53,942 दोपहिया वाहन     16,55,927 कैसा है दिग्गज़ों का हाल? सियाम का डाटा कहता है कि, पीवी सेगमेंट की मार्केट लीडर मारुति सुजुकी इंडिया ने मई में कुल 1,35,962 यूनिट कारों की बिक्री की है. जो पिछले साल मई में 144,002 यूनिट थी. वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने भी गिरावट दर्ज की, एक साल पहले 49,151 यूनिट के मुकाबले कंपनी ने बीते मई में कुल 43,861 यूनिट थी. इसके विपरीत, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की है. महिंद्रा ने मई में कुल 52,431 यूनिट की बिक्री की है जो पिछले साल मई में  43,218 यूनिट थी. दोपहिया ने पकड़ी रफ्तार: जहां एक तरह पैसेंजर व्हीकल (PV) सेग्मेंट में गिरावट देखने को मिली है, दोपहिया वाहनों की बिक्री ने वाहन बाजार को मजबूत करने में मदद की है. जो मई में 2.2% बढ़कर 16.56 लाख यूनिट हो गई. बीते मई में कुल 10.3 लाख मोटरसाइकिलों की बिक्री दर्ज की गई है जो पिछले साल के मई के मुकाबले लगभग बराबर ही रहा है. लेकिन सबसे तगड़ी ग्रोथ स्कूटरों की बिक्री में देखने को मिली है. मई में स्कूटरों की बिक्री 7.1% बढ़कर 5,79,507 यूनिट हो गई. थ्री-व्हीलर व्हीकल सेग्मेंट ने भी मई में 3.3% की गिरावट दर्ज की है. इस दौरान कुल 53,942 यूनिट तिपहिया वाहनों की बिक्री हुई है. SIAM का कहना है कि, भले ही पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट में गिरावट आई है या कुछ दिग्गज प्लेयर्स की बिक्री कम हुई है लेकिन कुल मिलाकर, सभी सेग्मेंट में वाहनों की बिक्री साल-दर-साल 1.8% बढ़कर 2.01 मिलियन यूनिट हो गई है.   

इंदौर नगर निगम के अफसर चेतन पाटिल के घर ईओडब्ल्यू का छापा, आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप

इंदौर  इंदौर में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नगर निगम के अधिकारी चेतन पाटील के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। इस छापेमारी का मुख्य कारण वित्तीय अनियमितताएं और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। सुबह से ही EOW की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी थी, और नगर निगम परिसर के साथ-साथ अन्य स्थानों पर भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। EOW की कार्रवाई का कारण     चेतन नगर निगम में सहायक अधीक्षक हैं। EOW को चेतन पाटील के खिलाफ कई महीनों से वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। पाटील पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप था। इसके चलते आज (मंगलवार) सुबह से ही EOW की टीम उनके घर और कार्यालय पर छापेमारी करने पहुंची। टीम ने नगर निगम परिसर में स्थित उनके कार्यालय को भी सील कर दिया। पहले भी लग चुके हैं आरोप चेतन पाटील कई वर्षों से नगर निगम के उद्यान विभाग में कार्यरत थे, और इस दौरान उन पर विभिन्न गंभीर आरोप लग चुके हैं। दावा है कि सालों से नगर निगम में कार्यरत पाटील ने पिछले कुछ वर्षों में अपने संपत्ति में अप्रत्याशित वृद्धि की थी, जिससे उन पर संदेह और सवाल उठने लगे थे। इसी संदर्भ में, EOW ने उनके खिलाफ छापेमारी की योजना बनाई और आज इसे अंजाम दिया। पाटील का कार्यालय सील EOW की टीम नगर निगम की नई बिल्डिंग में भी पहुंची और वहां स्थित पाटील के कार्यालय को सील कर दिया। इस कदम से नगर निगम में चल रही वित्तीय जांच पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर निगम में यह पहली बार नहीं है कि किसी अधिकारी पर इस प्रकार के आरोप लगे हैं। हाल ही में कई अन्य अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।

राजा रघुवंशी के मर्डर के बाद सरकार ने प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई

शिलॉन्ग  मेघालय सरकार ने टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी समेत 35 लोगों को राज्य पुलिस को राजा रघुवंशी की लाश खोजने और मामले की शुरुआती जांच में सहायता करने के लिए सम्मानित किया है। पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने इन सभी को कुल 5.4 लाख रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी। इस मौके पर पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने कहा कि मेघालय में कानूनविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इस मामले में स्थानीय लोगों, ट्रैवल गाइड्स और पर्वतारोहियों की सक्रिय भागीदारी से पुलिस को बहुत मदद मिली, जिसकी वजह से राज्य सरकार ने सभी को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। टूरिस्ट गाइड ने पुलिस को दी थी ये जानकारी टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने 23 मई की सुबह करीब 10 बजे राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को तीन अन्य लोगों के साथ नोंग्रियाट से मावलाखियात की ओर 3,000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ते देखा था। उन्होंने पुलिस द्वारा दिए गए फोटो के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान भी की थी। बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने आए थे, जहां वे 23 मई से लापता हो गए थे। पुलिस को 2 जून को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला। इसके बाद सोनम रघुवंशी की तलाश शुरू की गई। सोनम को यूपी के गाजीपुर से किया था गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके चार साथियों को मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया। इन सभी पर मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनम को मंगलवार रात (10 जून) शिलॉन्ग लाया गया, जबकि अन्य आरोपियों को बुधवार (11 जून) को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी और उसके चार साथियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

G-7 में ट्रंप ने इजरायल को दिया समर्थन, ईरान को दे डाली खुली चेतावनी

ओटावा पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अब डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान सामने आया है। जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने कनाडा पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुलकर इजरायल के पक्ष में अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के खिलाफ लड़ाई में ईरान कभी नहीं जीत पाएगा। इससे पहले की बहुत देर हो जाए तेहरान को बातचीत करने के लिए आगे आ जाना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए दर्दनाक साबित हो रहा है। मैं कहूंगा कि ईरान इस युद्ध को कभी नहीं जीत सकता.. उन्हें इसके लिए समझौता करना होगा.. उन्हें बातचीत करनी होगी.. और उन्हें यह तुरंत करना चाहिए। इससे पहले की बहुत देर हो जाए।” इजराइल-ईरान संघर्ष (Israel-Iran Tensions) मंगलवार को अपने पांचवे दिन में दाखिल हो गया है. सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को दोनों देशों एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी. इसी बीच भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन रेस्क्यू शुरू कर दिया है. 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गया है, जहां से इन सभी लोगों को भारत वापस लाया जाएगा. इसके अलावा भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों को लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ईरान को कभी नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार… G7 समिट से आ गई तेहरान के लिए चेतावनी कनाडा में चल रही G7 समिट में विश्व के शीर्ष नेताओं ने इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर एक साझा बयान जारी किया, जिसमें तेहरान को सख्त चेतावनी दी गई है कि उसे कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित G7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की है, साथ ही इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पांचवें दिन भी जारी है, और दोनों देशों के बीच मिसाइलों और ड्रोनों का आदान-प्रदान बढ़ता जा रहा है. इसे पहले कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई है. जी7 नेताओं ने ईरान को लेकर तनाव कम करने की अपील की है और स्पष्ट किया कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है. बयान में यह भी कहा गया कि G7 देशों का रुख हमेशा से साफ रहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता. इसके अलावा जी7 नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मिसाइल उनके बेडरूम की खिड़की से टकराई. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना जारी रखने की कसम खाई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्रीय एकता की अपील की. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इजरायल पर आवासीय इलाकों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए ‘कड़ी सजा’ की धमकी दी है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि तेहरान को जल्द ही इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. इससे पहले जी 7 समूह ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के ऊपर एक मसौदा बयान जारी किया था। इसमें सभी सदस्यों का झुकाव इजरायल की तरफ देखा गया। हालांकि कई रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप इस मसौदा बयान के ऊपर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते और न ही वह ऐसा करेंगे। जब इसके बारे में पत्रकारों ने पूछा तो अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान बातचीत चाहता है लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें इस पर जल्दी आना चाहिए। इससे पहले इजरायल ने पिछले शुक्रवार को ईरान के ऊपर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। ईरान की तरफ से दावा किया गया कि इजरायल ने सैकड़ों फाइटर जेट्स के साथ राजधानी तेहरान और उसके तमाम सैन्य ठिकानों पर हमला बोला। इजरायल का हमला इतना सटीक था कि इस हमले में ईरान के तमाम सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। रात में शुरू हुए इस हमले के बाद सुबह तक तेहरान के आसमान में इजरायली फाइटर जेट्स उड़ते रहे। इसका जवाब देते हुए इस्लामिक गणराज्य ने तमाम ड्रोन्स और मिसाइल्स के साथ इजरायल के ऊपर हमला कर दिया। यह हमला इतना भयानक और तेज था कि अपने एयर डिफेंस के लिए पहचाने जाने वाले इजरायल को भी इन्हें रोकना मुश्किल पड़ गया। इजरायल के तमाम शहरों में इमारतों को नुकसान हुआ। बदले में इजरायल ने एक बार फिर से ईरान के ऊपर हमला किया। ईरान मानवाधिकार समूहों के मुताबिक इजरायल की तरफ से की जा रही इन स्ट्राइक्स में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजरायल का कहना है कि ईरानी हमलों में उसके 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई घायल है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों के बीच में इसी तरह की तनातनी मची हुई है।  ईरान से आर्मीनिया पहुंचा 110 भारतीयों का पहला जत्था भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन शुरू कर दिया है. इसी बीच जानकारी आ रही है कि 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गए हैं, जहां से इन सभी नागरिकों को भारत वापस लाया जाएगा. इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने युद्धग्रस्त ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया थे. साथ ही MEA ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक गाइडलाइन जारी की थी.  ‘किसी भी कीमत पर ईरान नहीं रख सकता परमाणु हथियार…’, ईरान-इजरालय संघर्ष पर G7 का बड़ा बयान कनाडा में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले जी7 नेताओं ने खुलकर इजरायल का सपोर्ट किया है. जी7 नेताओं का कहना है कि ईरान किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर बम नहीं रख सकता. साथ ही जी7 ने ईरान को नसीहत देते हुए तनाव कम करने की अपील … Read more

केदारनाथ घाटी में हेलीकॉप्‍टर सेवाएं फिर बहाल, नियमों का उल्‍लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

केदारनाथ: केदारनाथ घाटी में एक बार फिर से हेलीकॉप्‍टर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. रविवार को केदारनाथ में श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था. जिसके बाद हेलीकॉप्‍टर सेवाएं बंद कर दी गई थी. इस दर्दनाक हादसे में आर्यन एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर में सवार सभी सातों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी. बता दें केदारनाथ घाटी में  लगातार कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं, जो कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. पिछले 14 सालों में 13 हादसों में 41 लोगों की जान गई है.  केदारनाथ धाम में बड़ी हेली दुर्घटनाएं     25 जून, 2013, एमआई-17 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त, 21 जवानों की मौत     28 जून 2013 केदारनाथ से दो किमी आगे गरुड़चट्टी में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 की मौत     18 अक्तूबर 2022 को केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा गरूडचटटी के पास पहाड़ी से टकराने से हेलीकप्टर क्रैश, 7 की मौत,     15 जून 2025 केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेली गौरी माई खर्क के पास क्रैश, सात की मौत रविवार की घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक की थी तथा हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के अलावा हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर’ स्थापित करने के भी निर्देश दिए थे. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी. उन्होंने कहा था, ‘‘चार धाम में सेवा दे रहे सभी हेली ऑपरेटर एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटर के साथ बैठक के बाद ही हेली सेवा को शुरू किया जाएगा.”उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) की सीईओ सोनिका ने इस संबंध में जानकारी साझा की. यहां बता दें कि रविवार को केदारनाथ घाटी में एक निजी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पांच श्रद्धालुओं सहित सात लोगों की मौत हो गई थी. उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को तत्काल से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर’ स्थापित करने का निर्देश दिया. UCADA की सीईओ सोनिका ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवाएं अब डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार संचालित होंगी. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी हेली ऑपरेटरों और पायलटों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच की जाएगी.  नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लगातार निगरानी भी की जाएगी. मौसम को देखते हुए ही उड़ान भरने पर फैसला लेने के निर्देश हैं. शीएम धामी ने क्या कहा था? वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. हेलीकॉप्टर सेवाएं अब सुचारू रूप से चल रही हैं और हम यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं. उत्तराखंड में लगातार हेलिकॉप्टर हादसों में लोगों की मौत पर सोमवार को हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है. कोर्ट ने ये भी पूछा क्या एजेंसियां नियमों का पालन कर रहीं हैं. बीते दो महीने में अलग-अलग हुए हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गयी है अब तक. रविवार के हादसे के बाद सरकार और एजेंसियों पर बड़े सवाल उठ रहे थे.

इजरायल से जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, ‘खाली करो तेहरान, कितनी शर्म की बात…

वाशिंगटन ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अभी तक शांत नहीं हो सका है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को ईरान की राजधानी तेहरान को खाली कर देना चाहिए. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का न्यूक्लियर डील साइन न करने का फैसला मुर्खता से भरा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, ”ईरान को उस सौदे पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए था जिस पर मैंने कहा था. यह कितनी शर्म की बात है और मानव जीवन की बर्बादी है. सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता. मैंने इसे बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए! ट्रंप ने इजरायल-ईरान युद्ध रुकवाने का किया था दावा ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनके प्रयासों से इजरायल और ईरान के बीच भी जल्द शांति स्थापित हो सकती है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जिस तरह उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के जरिए तनाव कम किया था, उसी तरह वह इजरायल और ईरान को भी बातचीत की मेज पर ला सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, ”मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के माध्यम से समझदारी और स्थिरता लाई. दो शानदार नेताओं के साथ बातचीत से एक बड़ा टकराव टल गया. इजरायल और ईरान के बीच भी वैसा ही समझौता जल्द संभव है.” लोगों को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए’ उन्होंने कहा, ‘ईरान को उस सौदे पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने कहा था. यह एक शर्मनाक स्थिति है और इससे बेवजह मानव जीवन की हानि हो रही है. मैं बार-बार कह चुका हूं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जा सकते. सभी लोगों को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए.’ दोनों देशों के बीच टकराव जारी यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के आसार लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इजरायल की सेना ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए. इस बीच अमेरिका समेत कई देश अपने नागरिकों को ईरान से निकालने की प्रक्रिया में जुट गए हैं. जल्द हो सकता है समझौता ट्रंप ने अपनी पोस्ट से दो घंटे पहले कनाडा में G7 सम्मेलन के दौरान कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ फोन पर बातचीत कर रहा है और यह सुझाव भी दिया कि आमने-सामने बात करना और बेहतर रहेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ कोई समझौता जल्द हो सकता है. ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एक डील साइन की जाएगी. अगर ईरान ऐसा नहीं करता तो वह मूर्खता करेगा.’

आधार कार्ड के लिए आ रहा नया ऐप, अब घर बैठे ही बदल पाएंगे मोबाइल नंबर और बहुत कुछ

नई दिल्ली चाहे कोई सरकारी काम हो या फिर प्राइवेट, आजकल भारत में सभी जगहों पर लोगों को आधार कार्ड  की जरूरत होती है। इस कारण उन्हें हर जगह अपने साथ आधार कार्ड रखना होता है। कई जगहों पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी देना पड़ती है। हालांकि, जल्द एक ऐसी सुविधा आने वाली है, जिसके बाद लोगों को अपने आधार की फोटो कॉपी की जरूरत नहीं होगी। जी हां, वे आधार कार्ड की फोटोकॉपी की जगह इलेक्ट्रॉनिक आधार कार्ड शेयर कर पाएंगे। ऐसा एक नए QR Code बेस्ड ऐप के जरिए हो पाएगा। आइये, इस नए तरह के आधार कार्ड की पूरी डिटेल जानते हैं। इस नए ऐप से लोगों के कई काम आसान हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवंबर तक आपको अपना बायोमेट्रिक डिटेल जमा करने के अलावा, पता अपडेट करने और अन्य डिटेल जमा करने के लिए आधार सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया प्रोटोकॉल तैयार किया है। यह जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन, पीडीएस और मनरेगा डेटाबेस से आपका पता और अन्य डिटेल ले लेगा। इससे न केवल लोगों का काम आसान होगा, बल्कि आधार बनवाने के लिए नकली दस्तावेजों के यूज होने पर भी काफी हद तक रोक लगेगा। इतना ही नहीं, UIDAI बिजली बिल डेटाबेस तक पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है। इससे और भी सुविधा होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, UIDAI के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भुवनेश कुमार ने बताया है कि एजेंसी के द्नारा नया ऐप डेवलप किया जा रहा है और एक लाख मशीन में से लगभग 2 हजार मशीन अब नए टूल में मूव हो गई हैं। घर बैठे ही दे पाएंगे फिंगरप्रिंट अधिकारी का कहना है कि आप जल्द ही घर बैठे फिंगरप्रिंट और आईरिस देने के अलावा बाकी सभी काम कर सकेंगे। इसमें पता अपडेट करना, फोन नंबर, नाम बदलना और गलत जन्मतिथि में सुधार करना भी शामिल होगा। आधार के क्यूआर कोड बेस्ड मोबाइल-टू-मोबाइल या ऐप-टू-ऐप ट्रांसफर की सुविधा को, आधार के गलत उपयोग से रोकने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसका यूज कई उद्देश्यों के लिए किया जाना है, जिसमें होटलों में चेक-इन से लेकर चलती ट्रेन में आइडेंटिटी कार्ड तक, काफी कुछ शामिल है। कुमार ने कहा है कि यह आपके अपने डेटा पर अधिकतम यूजर्स कंट्रोल देता है। इसे केवल सहमति से ही शेयर किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसका यूज सब-रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार द्वारा प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय भी किया जा सकता है। यहां अक्सर धोखाधड़ी होती है। कुमार ने कहा कि यूआईडीएआई राज्य सरकारों को प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले लोगों की वेरिफिकेशन करने के लिए आधार का यूज करने के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।

MP के कर्मचारी अधिकारियों को लेकर आज बड़ा फैसला, 9 सालों का सपना होगा पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों के हक में प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है. पिछले 9 सालों से अटके प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव को आज कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारियों के प्रमोशन शुरू हो सकेंगे. आज होने जा रही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. 10 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन किया जा चुका है. इससे जुड़े सभी पक्षों से भी राज्य शासन चर्चा कर चुकी है. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद पदोन्नति में आरक्षण का नियम लागू हो जाएगा. नए प्रारूप में किए गए कई प्रावधान राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए प्रमोशन में आरक्षण के प्रारूप में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार की कोशिश है कि सभी कर्मचारियों को समान रूप से इसका लाभ मिल सके और किसी के भी हितों को बहुत ज्यादा नुकसान न हो. प्रारूप में तय किया गया है कि पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया जाएगा. इसके अलावा पदोन्नति के बिना रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को भी नए नियमों का लाभ नहीं दिया जाएगा. सबसे पहले भरे जाएंगे एससी-एसटी के पद प्रारूप में तय किया किया गया है कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए सबसे पहले अनुसूचित जाति के 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता है तो किसी दूसरे वर्ग को इस पद पर लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे. हर साल होगी डीपीसी पदोन्नति के लिए हर साल डीपीसी की जाएगी. इसके लिए 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण करने के बाद हर साल 1 जनवरी को खाली होने वाले पदों का निर्धारण होगा और इन पदों पर प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा. डीपीसी हर साल सितंबर से नंवबर के बीच होगी.   अलग-अलग तैयार होगी लिस्ट प्रमोशन के लिए क्लॉस 1 अधिकारियों और क्लॉस 2 अधिकारियों के लिए अलग-अलग लिस्ट तैयार होगी. क्लास वन अधिकारियों के लिए पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए सीनियरिटी कम मैरिट को आधार बनाकर सूची तैयार की जाएगी.

भोपाल में देर रात पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले, 699 पुलिसकर्मी किए इधर से उधर, देखें लिस्ट

भोपाल  पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले 37 थानों में 5 साल से अधिक समय से जमे 699 पुलिसकर्मियों का देर रात तबादला कर दिया गया है, जिसमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं। ऐसा एक ही थाने और संभाग में लंबे समय से जमे होने की वजह से सामने आ रही शिकायतों के चलते किया गया है, ताकि थानों में नए पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जा सके। 37 थानों पर हुई कार्रवाई भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अधीन आने वाले 37 थानों में यह कार्रवाई की गई है। देर रात 699 पुलिस कर्मियों की तबादला सूची जारी की गई। इसमें ऐसे पुलिसकर्मी जो एक ही संभाग में अथवा एक ही थाने में 5 साल और इससे अधिक समय से थे, उन्हें इधर से उधर किया गया है। ट्रांसफर हुए पुलिसकर्मियों में शहर के 30 उप निरीक्षक, 56 सहायक उप निरीक्षक, 313 प्रधान आरक्षक और 301 आरक्षक शामिल हैं। एक ही थाने में जमे थे पुलिसकर्मी पुलिस विभाग में हुए इस ट्रांसफर को लेकर कहा जा रहा है कि एक ही थाने में लंबे से जमे होने की वजह से कई शिकायतें सामने आ रही थी जिसके चलते इस पर संज्ञान लिया गया। जिन पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर किए गए है उनमें ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल है जिनका पहले भी इन थानों से ट्रांसफर हो चुका था, लेकिन बाद में फिर से ये उसी थाने में पदस्थ हो गए थे। ऐसी समस्या प्रदेश भर में सामने आई जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, कि लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर कर नए पुलिसकर्मियों को थानों में पदस्थ किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि कैम्पा मद का समुचित उपयोग नियमानुसार किया जाए। उन्होंने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। देश में भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थान दसवां है, जबकि वन क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य तीसरे पायदान पर है। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन में कैम्पा मद की राशि की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः इसका उपयोग आवश्यकतानुरूप प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कैम्पा मद के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वन विकास, वन सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) द्वारा गवर्निंग बॉडी के समक्ष अब तक की प्रगति तथा कैम्पा मद से संपादित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में बताया गया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण, वनग्रामों का पुनर्स्थापन, भू-जल संरक्षण, देवगुड़ियों का संरक्षण, वन मार्गों का उन्नयन, पुलिया एवं रपटा निर्माण, चारागाह विकास, नर्सरियों की स्थापना, हाईटेक बेरियरों का निर्माण, नदी तट वृक्षारोपण, फ्रंटलाइन स्टाफ हेतु आवासीय भवन, अग्नि सुरक्षा तथा वन्यप्राणी प्रबंधन जैसे कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है। छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक राज्य के ब्याज धारित लोक खाता ‘छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि’ में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली से कुल 7297.55 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से विगत छह वर्षों में 4010.43 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है। कैम्पा मद की वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) 2025-26 के लिए राज्य कैम्पा द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय कैम्पा को 694.18 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 433.69 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।  बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग अंकित आनंद, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। 1538

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