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FATF ने पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में नहीं डाला, भारत की कोशिश हुई नाकाम !

इस्लामाबाद  मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में नहीं डाला है। इस फैसले पर पाकिस्तान में जश्न का माहौल है। पाकिस्तान का दावा है कि एफएटीएफ ने उसे ग्रे लिस्ट में डालने के भारत के प्रयासों को नजरअंदाज किया है। ऐसे में पाकिस्तान इसे खुद की जीत के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो सार्वजनिक तौर पर इसे पाकिस्तान की जीत और भारत की हाल के रूप में प्रस्तुत किया है। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। मई के शुरुआती हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीमित संघर्ष भी देखने को मिला था। पाकिस्तान ने क्या दावा किया था पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ने जून में हुए एफएटीएफ की बैठक के दौरान पाकिस्तान को फिर से अपनी ग्रे लिस्ट में डालने के लिए काफी दबाव डाला था। FATF की ग्रे लिस्ट में किसी देश को तब तक निगरानी में रखा जाता है, जब तक कि वह अपनी वित्तीय प्रणाली में पहचानी गई खामियों को ठीक नहीं कर लेता। पाकिस्तान को 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था। हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान ने कोई सुधार नहीं किया है और आतंकवादियों को न सिर्फ सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है,बल्कि टेरर फाइनेंसिंग जैसे आपराधिक कामों में भी शामिल है। रेडियो पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ उगला जहर पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक रेडियो पाकिस्तान ने शनिवार को बताया, “वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने शनिवार को हुई अपनी बैठक में पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने का फैसला किया है।” उसने आगे यह भी कहा, “एफएटीएफ के फैसले के बाद, भारत अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह विफल रहा है, क्योंकि भारतीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को एक बार फिर ग्रे सूची में शामिल कराने के लिए पुरजोर प्रयास किया।” भारत और एफएटीएफ ने नहीं दी प्रतिक्रिया एफएटीएफ या भारत सरकार ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह निगरानी संस्था आमतौर पर प्रत्येक वर्ष अक्टूबर, फरवरी और जून में अपनी पूर्ण बैठकें आयोजित करती है। रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि चीन ने एफएटीएफ की बैठक में इस्लामाबाद के पक्ष में “स्पष्ट रुख” अपनाया, जबकि तुर्की और जापान ने भी पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने के लिए “पूरी तरह से समर्थन” दिया। सरकारी प्रसारक ने इसे पाकिस्तान के राजनयिक मिशन की जीत बताते हुए कहा, “भारत इजरायल की मदद से पाकिस्तान के खिलाफ एफएटीएफ का इस्तेमाल करने की पूरी कोशिश कर रहा था।” ख्वाजा आसिफ ने बताया पाकिस्तान की जीत पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत और इजरायल के ठोस प्रयासों के बावजूद वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को फिर से अपनी “ग्रे लिस्ट” में न डालने का फैसला एक बड़ी जीत है। रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में, आसिफ ने कहा कि एफएटीएफ ने एक दिन पहले अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह की बैठक के बाद पाकिस्तान को फिर से सूचीबद्ध न करने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, “यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी जीत है कि भारत और इजरायल की तमाम साजिशों के बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।” उन्होंने इस फैसले का श्रेय प्रमुख सहयोगियों के मजबूत समर्थन को दिया। आसिफ ने कहा, “चीन ने स्पष्ट रुख अपनाया और पाकिस्तान को राहत देने का समर्थन किया, जबकि तुर्की ने चीन के रुख का समर्थन किया।” “जापान ने भी पाकिस्तान का पूरा समर्थन किया क्योंकि वह एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) का सह-अध्यक्ष है।”

गर्मी में कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों के लिए एक नई जीवन रेखा मिली, लगाया सौर ऊर्जा से चलने वाला वाटर लिफ्ट सिस्टम

श्योपुर  इस गर्मी में कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों के लिए एक नई जीवन रेखा मिली है। यह है सौर ऊर्जा से चलने वाला वाटर लिफ्ट सिस्टम। इसने उन्हें भीषण गर्मी और कठोर परिस्थितियों से बचने में मदद की है। जून में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था। इससे पानी के स्रोतों पर बहुत दबाव पड़ा। मई 2023 में, नामीबियाई चीता ज्वाला के तीन शावकों की अत्यधिक गर्मी के कारण राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में मौत हो गई थी। उस अनुभव से सीख लेकर, अधिकारियों ने एक सौर ऊर्जा से चलने वाला सिस्टम लगाया है। यह सिस्टम कूनो नदी से पानी पंप करता है और इसे 8.6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से पार्क के अंदर 15 से अधिक स्थानों पर स्प्रिंकलर और पानी की तश्तरियों तक पहुंचाता है। कूनो नदी से पानी निकालकर जंगल में ला रहे अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और चीता परियोजना निदेशक, उत्तम कुमार शर्मा ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि कूनो नदी से पानी निकालकर, इसे किलोमीटर दूर ले जाकर, स्प्रिंकलर का उपयोग करके हरे-भरे स्थान बनाना, और पानी की उपलब्धता में सुधार करना, खासकर मां और नवजात शावकों के लिए, एक नियोजित तरीके से, काफी सफल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पानी का महत्व केवल इसकी अनुपस्थिति में महसूस होता है और यह कूनो में गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा महसूस होता है… ‘लू’ नामक गर्म हवाओं और 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास के तापमान में, वन्यजीवों, विशेष रूप से युवाओं के लिए जीवन बहुत कठिन हो जाता है। 17 शावक हैं जीवित 2022-23 में, 20 अफ्रीकी चीतों को कूनो लाया गया था। तब से, भारत में 26 शावक पैदा हुए हैं। इनमें से 17 जीवित बचे हैं। दक्षिण अफ्रीकी चीता वीरा ने फरवरी 2025 में दो शावकों को जन्म दिया। एक अन्य दक्षिण अफ्रीकी चीता, निर्वा ने अप्रैल में पांच शावकों को जन्म दिया। निर्वा के दो शावकों की मौत हो गई, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि बाकी ठीक हैं। उन्होंने कहा कि शावक पहली बार ऐसी कठोर परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। मां और उनके बच्चे दोनों नियमित रूप से पानी के बिंदुओं का उपयोग कर रहे थे, जो इस पहल की सफलता का संकेत है। शावकों को गर्मी से राहत पहले, गर्मी के कारण शावकों की मौत हो जाती थी। इसलिए, इस बार अधिकारियों ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। उन्होंने कूनो नदी से पानी निकालने के लिए सोलर पंप लगाए। फिर पाइपलाइन से पानी को जंगल में अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया गया। इससे शावकों और उनकी मां को गर्मी से राहत मिली। उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि पानी की कमी होने पर ही इसका महत्व पता चलता है। कूनो में गर्मी के मौसम में यह बात सच साबित होती है। लू चलने और तापमान 48 डिग्री तक पहुंचने पर जानवरों के लिए जीना मुश्किल हो जाता है। खासकर छोटे शावकों के लिए। अधिकारियों ने बताया कि वीरा और निर्वा के शावक पहली बार इतनी गर्मी देख रहे हैं। लेकिन वे पानी के लिए बनाए गए पॉइंट्स पर जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि यह योजना सफल हो रही है।

छिंदवाड़ा से सिवनी तक फोरलेन के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रयासों की आवश्कता, किसान और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

छिंदवाड़ा नेशनल हाइवे 347 को छिंदवाड़ा से सिवनी तक फोरलेन में तब्दील करने के लिए मांग उठने लगी है. एनएचएआई (National Highways Authority of India) के तय मानकों के अनुकूल टू लेन हाइवे को फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए सभी खूबियां मौजूद हैं. सबसे ज्यादा जरूरी ट्रैफिक की स्थिति होती है. यहां पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का 10 हजार से अधिक का आंकलन किया गया है. एनएचएआई के मानकों के अनुकूल 10 हजार पीसीयू में फोरलेन का निर्माण किया जा सकता है. छिंदवाड़ा से सावनेर तक फोरलेन बनाने का गडकरी ने किया था वादा छिंदवाड़ा से सावनेर तक एनएच 547 को फोरलेन में तब्दील करने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताई है. सौंसर के बजाज तिराहे से राजना जोड़ तक फोरलेन की मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पूर्व में आश्वासन दे चुके हैं. छिंदवाड़ा से सिवनी तक फोरलेन के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रयासों की आवश्कता है. अभी छिंदवाड़ा-सिवनी 2 लेन हाइवे की ये स्थिति छिंदवाड़ा से सिवनी तक टू लेन हाइवे की लंबाई 70 किलोमीटर है. चौड़ाई 24 से 36 मीटर तक है. फोरलेन में 45 से 60 मीटर तक चौड़ाई की आवश्कता होगी. छिंदवाड़ा से सिवनी के बीच सिर्फ दो नदियां पड़ती हैं. पहली झिलमिली के पास पेंच नदी पर बड़ा पुल बना हुआ है. दूसरी लखनवाड़ा में बैनगंगा नदी, जहां नए सिरे से पुल निर्माण की आवश्कता होगी. किसान और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने बताया कि, ”जिला महानगरों की तर्ज पर विकसित हो रहा है. यहां वेस्टर्न कोल फील्ड्स की कोयला खदानें पहले से संचालित हैं. बड़ी औद्योगिक इकाइयां भी जिले में स्थापित हैं. कृषि आधारित उद्योग भी छिंदवाड़ा-पांढुर्ना में स्थापित किए जाने हैं. ढाई हजार करोड़ की पेंच व्यपवर्तन सिंचाई परियोजना लगभग पूरी हो गई है. कन्हान नदी पर 4 हजार करोड़ लागत वाले छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स पर काम जारी है. फोरलेन बनने से इनको बढ़ावा मिलेगा.” सिवनी मंडी में सब्जी बेच सकेंगे किसान इस नेशनल हाईवे के बन जाने से किसानों को भी फायदा पहुंचेगा. क्योंकि छिंदवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा सब्जी उत्पादक किसान हैं, जो सिवनी सब्जी मंडी से जुड़ जाएंगे. क्योंकि सिवनी की सब्जी मंडी में महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के रायपुर से व्यापारी पहुंचते हैं, ताकि किसानों को अपनी सब्जियों के अच्छे दाम मिल जाते हैं. इस नेशनल हाईवे के बन जाने से छिंदवाड़ा का किसान भी सिवनी सब्जी मंडी में अपनी फसल लेकर जा सकता है. हाइवे पर हादसों को रोकने में मिलेगी मदद यातायात विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, टू लेन हाइवे को फोरलेन में बदलकर सड़क दुर्घटनाओं को भी कम किया जा सकेगा. जिले में हाइवे पर हादसों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में 550 से ज्यादा दुर्घटनाएं हुई थीं, जिसमें 200 से ज्यादा जाने गई थीं. वहीं, इस साल जनवरी से 31 मई तक कुल 556 हादसे हुए हैं. जिनमें 718 घायल हुए, जबकि 218 की जान गई. इनमें अधिकांश हादसे हाईवे पर ही हुए. फोरलेन बनाने के लिए जरूरी मापदंड पूरे करता है हाईवे सबसे जरूरी पैसेंजर कार यूनिट 10 हजार से ज्यादा है, जो फोरलेन के लिए तय मानकों के अनुसार है. पहाड़ी या घाटी वाला क्षेत्र नहीं है, फॉरेस्ट भी बहुत कम मात्रा में है. मैदानी या समतल हिस्सा ज्यादा है. छिंदवाड़ा से सिवनी के बीच रोड अलाइ‌मेट के बदलने की आवश्यकता नहीं है. टू लेन को आसानी से फोरलेन में तब्दील किया जा सकता है. मेजर रोड कनेक्टिविटी भी पर्याप्त है. हाईवे नागपुर और जबलपुर से जुड़ेगा, सिवनी से बालाघाट के लिए भी आसानी होगी. बंडोल से चौरई व चौरई से रेमंड चौक तक स्टेट हाइवे कनेक्ट है. चौरई में बायपास पहले ही बना हुआ है. 70 किमी के हाइवे पर दूसरी बड़ी बसाहटें नहीं है. तीन बसाहटों ईसरा उमरिया, झिलमिली और लखनवाड़ा में पहले ही फोरलेन के अनुसार चौड़ी सड़क बनी हुई है.

साल रक्षाबंधन कब है, कितनी देर रहेगा भद्रा का अशुभ साया? जान लें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

सावन महीने की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है. रक्षाबंधन पर्व का इंतजार भाई-बहनों को बेसब्री से रहता है. इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुखी-समृद्ध जीवन की कामना करती हैं. राखी को रक्षासूत्र भी कहा जाता है. धर्म-शास्‍त्रों में कहा गया है कि राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में बांधनी चाहिए. कम से कम भद्रा काल में तो राखी बांधना वर्जित बताया गया है. ऐसा करने से भाई-बहन दोनों के जीवन पर संकट आ सकता है. जानिए इस साल रक्षाबंधन कब है, इस दिन भद्राकाल कब रहेगा और राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्‍या होगा?  रक्षाबंधन 2025 की तारीख  हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के आधार पर रक्षाबंधन 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा.  रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल  हिंदू धर्म में भद्रा काल को अशुभ समय माना गया है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. भद्रा काल में राखी बांधना रक्षाबंधन मनाना वर्जित है. साल 2025 में रक्षाबंधन को लेकर बात करें तो इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया ना के बराबर रहेगा. इस कारण पूरे दिन भाई-बहन रक्षाबंधन पर्व मना सकेंगे. दरअसल, 9 अगस्‍त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, जिससे पूरे दिन रक्षाबंधन पर्व मनाने में कोई समस्‍या नहीं होगी.  राखी बांधने का शुभ मुहूर्त  इस साल रक्षाबंधन पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे यह दिन और भी खास हो गया है. 9 अगस्‍त को रक्षाबंधन के दिन सौभाग्य योग, शोभन योग, और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं. इन शुभ योगों में रक्षाबंधन मनाना भाई और बहन दोनों के लिए सुख-समृद्धिदायक रहेगा. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक है.  

सर्पदंश की घटनाओं के नियंत्रण के लिए जिलों के कलेक्टर को आवश्यक तैयारी एवं जन जागरूकता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश जारी

भोपाल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह विभाग ने वर्षाकाल के दृष्टिगत सर्पदंश की घटनाओं के नियंत्रण एवं बेहतर प्रबंधन के लिए सभी जिलों के कलेक्टर को आवश्यक तैयारी एवं जन जागरूकता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश जारी किये हैं। सर्प-दंश स्थानीय आपदा घोषित है, इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए हर ज़िले के लिए 23.17 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, मॉक ड्रिल, उपकरण की व्यवस्था और प्रचार-प्रसार जैसे कार्यों में किया जाएगा। वर्षाकाल में सर्पदंश की संवेदनशीलता वर्षा ऋतु में सांपों के प्राकृतिक आवासों में जलभराव हो जाने से वे मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं, जिससे सर्प-दंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, खेतों, नदी किनारे एवं बस्तियों की परिधियों में यह खतरा अधिक होता है। उक्त के प्रति लोगों में जागरूकता लाना, तथा प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाना अति आवश्यक है। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे पंचायत एवं शहरी वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित करें। स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सामुदायिक स्थलों पर जागरूकता सत्र आयोजित हों। सोशल मीडिया, रेडियो, दीवार लेखन, बैनर-पोस्टर एवं लोक-प्रदर्शन (नुक्कड़ नाटक आदि) के माध्यम से सूचना का व्यापक प्रसार किया जाए। निर्देशों में कहा गया है कि सर्पदंश के प्रति संवेदनशील इलाकों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर ‘सर्प मित्र’, सिविल डिफेंस वालंटियर्स एवं स्नेक-कैचर्स की टीम बनाई जाए। स्नेक-कैचर्स का डाटाबेस करें तैयार, हेल्पलाइन नंबर करें जारी शासन द्वारा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी जिलों में ‘स्नेक-कैचर्स’ और ‘सर्प मित्रों’ का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर, उन्हें पंचायत/वार्ड स्तर पर नियुक्त किया जाए। सर्प मित्रों के हेल्पलाइन नंबर जारी कर व्यापक प्रचार भी किया जाए। इन मित्रों को स्नेक रेस्क्यू किट, फर्स्ट एड किट एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे सर्पदंश की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित बचाव कार्य कर सकें। अस्पतालों में एंटी-वेनम व उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश शासकीय चिकित्सा संस्थानों में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयाँ, उपकरण और पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पतालों में नागरिकों को प्राथमिक उपचार, चेतावनी संकेत, तथा सर्पदंश से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन योजना में सर्प-दंश को शामिल कर बनायें योजना जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे जिला आपदा प्रबंधन योजना में सर्प-दंश को स्थानीय आपदा के रूप में शामिल करें। इसके तहत पूर्व वर्षों की घटनाओं का जोखिम मूल्यांकन, प्रभाव क्षेत्र और प्रभावित वर्गों की पहचान कर एसओपी तैयार किया जाए। जीआईएस आधारित मैपिंग करते हुए डिजिटल डाटाबेस बनाया जाए, जिसमें घटनाओं की संख्या, स्थान, सांप की प्रजाति, एवं मृत्यु/रोगी की जानकारी सहेजी जाए। सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानियाँ एवं सलाह जन सामान्य को सलाह दी गई है कि वे वर्षा ऋतु में विशेष सतर्कता बरतें। खेतों में कार्य करते समय जूते-मोज़े पहनें, गहरे रंग के कपड़े पहनें और हाथों में दस्ताने लगाएं। झाड़ियों, पुआल के ढेर, लकड़ी के गट्ठर आदि स्थानों में काम करने से पहले वहां डंडे या लाठी से हल्का प्रहार करें। अंधेरे में टॉर्च का उपयोग करें और बच्चों को बिना देखरेख खुले स्थानों पर न भेजें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियाँ काटें और कूड़ा-कचरा हटाएं। घरों की दीवारों में मौजूद दरारें बंद करें और खुले में सोने से परहेज़ करें। यदि किसी को सर्प ने डस लिया हो तो घबराएं नहीं, शरीर को शांत रखें और तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुँचें। घाव को चाकू से काटना, चूसना या उस पर कोई रसायन लगाना अत्यंत हानिकारक है। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाओं में समय न गंवाएं। यह समय जीवन रक्षक हो सकता है, इसलिए हर क्षण अमूल्य है। सर्पदंश ग्रसित व्यक्ति को यथाशीघ्र अस्पताल ले जाएं। यदि संभव हो तो सांप का रंग, लंबाई या कोई चित्र याद रखें लेकिन उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे और खतरा हो सकता है। कई बार सांप विषैला नहीं भी होता, पर उपचार में देर जानलेवा साबित हो सकती है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्प-दंश से संबंधित इस आपदा को गंभीरता से लें। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध तभी प्रभावी होंगे जब नागरिक स्वयं भी सावधानी बरतेंगे, समय पर उपचार लेंगे और जागरूकता फैलाने में सहयोग करेंगे। संयुक्त प्रयासों से ही सर्पदंश से होने वाली जनहानि को नियंत्रित किया जा सकता है।  

जनजागरूकता के लिए सिकल सेल मित्र पहल की होगी शुरुआत, सिकल सेल रोगियों के लिए 33 जिलों में लगाये जाएँगे विशेष शिविर

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति में विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बड़वानी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतें होंगी सम्मानित जनजागरूकता के लिए सिकल सेल मित्र पहल की होगी शुरुआत, सिकल सेल रोगियों के लिए 33 जिलों में लगाये जाएँगे विशेष शिविर भोपाल  राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा जिनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एनसीसी निदेशॉलय के सहयोग से “सिकल सेल मित्र” पहल की शुरुआत भी की जायेगी। सिकल सेल मित्र युवा आबादी में जागरूकता के लिए सेवा प्रदाताओं के बीच लिंक के रूप में कार्य करेंगे। इस अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। प्रभावित जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। दिव्यांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविर भी लगाए जाएगे। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है और इनमें से 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 29 हज़ार 277 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। नेशनल सिकल सेल पोर्टल के माध्यम से स्क्रीनिंग व उपचार की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। रोगियों को नि:शुल्क उपचार, जेनेटिक काउंसलिंग, औषधियां, वैक्सीनेशन एवं ब्लड ट्रांस्फ्यूजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 26,115 रोगियों को हाइड्रॉक्सीयूरिया दवा से उपचार मिला है। विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर जनजातीय स्कूलों, कॉलेजों व छात्रावासों में स्क्रीनिंग शिविर भी सतत आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीयूरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है।  

राम वन गमन पथ के लिए सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट, अक्टूबर तक चिह्नित हो जाएंगे राम वन गमन पथ के सभी स्थल

भोपाल  मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ के कम ज्ञात स्थलों को चिह्नित करने के लिए राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में लंबे समय से शोध कर रहे डॉ. राम अवतार शर्मा के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि चार माह में प्रदेश के कम ज्ञात स्थलों को चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट सौंप देंगे। उनके साथ चार से पांच लोगों का दल भ्रमण कर प्रदेश में ऐसे स्थलों को चिह्नित और प्रमाणित करने की कोशिश करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ का पूरा मार्ग तय हो जाएगा। उन्होंने मंडला और बालाघाट के कुछ स्थलों को भी नए सिरे से इसमें जोड़ा है। सभी स्थलों का पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से विकास किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के 11 जिलों के 25 स्थलों को राम वन गमन पथ से जोड़ा गया है। ये वे स्थान हैं जहां वनवास के समय भगवान श्रीराम गए थे। इनमें सतना में चित्रकूट सहित कई स्थल पहले से श्रीराम के प्रवास के लिए जाने जाते हैं। कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां माना जाता है भगवान राम गुजरे थे या रुके थे पर वे प्रसिद्ध नहीं हैं यानी कम ज्ञात हैं। उनसे जुड़े प्रमाण भी कम मिलते हैं, इस कारण उन्हें खोजा जा रहा है। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राम वन गमन पथ निर्माण को लेकर सक्रिय हैं। वह इसके लिए बनाए गए न्यास के अध्यक्ष भी हैं। बजट में राम वन गमन पथ के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रविधान इस वर्ष किया गया है। अभी तक इन स्थलों को किया चिह्नित सतना जिले के चित्रकूट में स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, अत्रि आश्रम, शरभंग आश्रम, अश्वमुनि आश्रम, सिलहा गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, रक्सेला गांव में सीता रसोई और रामसेल। पन्ना में पहाड़ी खेरा गांव में बृहस्पति कुंड, सारंगधर गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, बड़े गांव में अग्निजिह्वा आश्रम और सलेहा में अगस्त्य आश्रम, मैहर जिले में राम जानकी मंदिर, कटनी जिले के भरभरा में शिव मंदिर, जबलपुर जिले में पिपरिया के पास रामघाट, नर्मदापुरम में पासी घाट और माच्छा के राम मंदिर, बालाघाट जिले में राम पायली, मंडला में सीता रपटन, उमरिया जिले में राम मंदिर दशरथ घाट और मार्कंडेय आश्रम, शहडोल के गंधिया और अनूपपुर के कनवाई में स्थित सीतामढ़ी। 48 वर्षों से श्रीराम से जुड़े तीर्थों पर शोध कर रहे डॉ. राम अवतार शर्मा आयकर विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके डॉ. राम अवतार शर्मा 48 वर्षों से श्रीराम से जुड़े तीर्थों पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने 290 स्थलों को राम तीर्थ के रूप में खोजा है। इनकी अनुशंसा पर केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग ने अपने मानचित्र पर इन स्थलों को दिखाया और विकास योजनाएं बनाईं। सीएम ने कहा कि मार्गों का विकास तो होगा ही उससे ज्यादा जरूरी है कि पहले मार्ग पर आने वाले श्रीराम से जुड़े स्थलों को विकसित किया जाए। पहले चित्रकूट का समग्र विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाए। कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया। समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कर अगली बैठक में पेश करने को कहा। न्यास की बैठक हर तीन माह में होगी। सीएम ने कहा कि राम से जुड़ी स्मृतियों का सालभर प्रचार किया जाएगा। जिला पर्यटन परिषद और अन्य विभागों को इसके लिए कार्ययोजना बनाने को कहा। ऐसे जुटाएंगे राशि इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत पहले चित्रकूट सहित चार नगरों को नामांकित किया। 500 करोड़ की योजना में पहले फेज में चित्रकूट नहीं था। एशियन डेवलपमेंट बैंक से मिली राशि में अभी 100 करोड़ रुपए बचे हैं। सीएम ने प्रपोजल को रिवाइज करने को कहा। एडीबी से राशि मांगेंगे। पुरानी शेष राशि और नई राशि मिलाकर 400 करोड़ से चित्रकूट का विकास होगा। मप्र में राम वन गमन पथ के चार रूट प्रदेश में राम वन गमन पथ के लिए 1450 किमी लंबो चार रूट प्रस्तुत किए। इनमें 632 किमी नेशनल हाइवे, 493 किमी म.प्र. सड़क विकास निगम, 47 किमी लोनिवि, 184 किमी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और 93 किमी की क्षेत्रीय सड़क शामिल होंगी। इनका उन्नयन होगा। तैयार करें स्थल विकास के प्रस्ताव बैठक में श्रीराम से जुड़े 23 स्थलों की जानकारी रखी गई। सीएम ने कहा कि राम पर शोध करने वाले विद्वानों की समिति बनाकर पहले स्थल का निर्धारण करवा लें, ताकि स्थलों को लेकर विवाद की स्थिति न बने। अगली बैठक में इन स्थलों को विकसित करने के प्रोजेट रखे जाएं, लेकिन सबसे पहले चित्रकूट के समग्र विकास का रोड मैप तैयार किया जाए।

पंजाब,हरियाणा, राजस्थान तक पहुंचेगा सिंधु का पानी, बदलते वर्षा पैटर्न के संकट पर कंट्रोल

नई दिल्ली  सिंधु नदी के पानी का पूरा इस्तेमाल करने के लिए भारत एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। यह योजना नदियों को आपस में जोड़ने की है। TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू और कश्मीर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पानी ले जाने के लिए 113 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह नहर चिनाब नदी को रावी-ब्यास-सतलुज नदी प्रणाली से जोड़ेगी। इस योजना का लक्ष्य सिंधु जल समझौते के तहत भारत के हिस्से का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे पूर्वी (रावी, ब्यास, सतलुज) और पश्चिमी (सिंधु, झेलम, चिनाब) नदियों के पानी का सही उपयोग हो सकेगा और पाकिस्तान में बहने वाले अतिरिक्त पानी को रोका जा सकेगा। पंजाब,हरियाणा, राजस्थान तक पहुंचेगा सिंधु का पानी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पचमढ़ी में बीजेपी के एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान इस बड़ी योजना का संकेत दिया था। उन्होंने कहा, ‘सिंधु का पानी तीन साल के भीतर नहरों के माध्यम से राजस्थान के श्री गंगानगर तक पहुंचाया जाएगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ‘पानी की हर बूंद के लिए तरस जाएगा।’ रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रस्तावित नहर नेटवर्क जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 13 मौजूदा नहरों से जुड़ेगा और आखिरकार यह इंदिरा गांधी नहर प्रणाली में मिल जाएगा। जलवायु परिपर्तन और बदलते वर्षा पैटर्न के संकट पर कंट्रोल मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान के वरिष्ठ फेलो उत्तम सिन्हा ने कहा, ‘जम्मू और कश्मीर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अतिरिक्त पानी भेजने से इलाके में पानी की उपलब्धता को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘आंतरिक स्तर पर पानी के वितरण में इस बदलाव से जलवायु परिवर्तन और बदलते वर्षा पैटर्न का सामना करना भारत के लिए ज्यादा आसान हो सकेगा।’ इस काम को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार रणबीर नहर की लंबाई 60 किलोमीटर से बढ़ाकर 120 किलोमीटर करने पर भी विचार कर रही है। साथ ही, प्रताप नहर का भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने की तैयारी में है। इसके लिए फिजिबिलिटी असेसमेंट किए जा रहे हैं। उझ बहुउद्देशीय परियोजना को भी नई गति देने की तैयारी यही नहीं, कई सालों से रुका हुआ कठुआ जिले का उझ बहुउद्देशीय परियोजना भी फिर से शुरू किया जा रहा है। उझ, रावी नदी की एक सहायक नदी है। पहले रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पाकिस्तान में जाने से रोकने के लिए उझ के नीचे एक अलग रावी-ब्यास लिंक बनाने की योजना थी। अब यह बड़ी नहर योजना का हिस्सा होगी। इसमें ब्यास बेसिन में पानी स्थानांतरित करने के लिए एक बैराज और सुरंग शामिल होगी। पनबिजली परियोजनाओं परियोजनाओं पर तेजी से काम इन योजनाओं के अलावा, चिनाब नदी पर बने बागलीहार और सलाल हाइड्रो परियोजनाओं के जलाशयों से गाद निकालने जैसे छोटे समय के उपायों पर भी काम चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अपनी सिंधु प्रणाली के पानी का बेहतर उपयोग करने के लिए कई पनबिजली परियोजनाओं, जैसे- पाकल दुल (1,000 मेगावाट), रतले (850 मेगावाट), किरू (624 मेगावाट), और क्वार (540 मेगावाट) पर भी तेजी से काम कर रहा है। दरअसल, मोदी सरकार की कोशिश है कि इन सारी परियोजनाओं के काम जल्द से जल्द पूरे हों,ताकि सिंधु नदी घाटी के पानी का इस्तेमाल भारतीय राज्यों के लिए हो सके। यही वजह है कि पर्यावरण मंत्रालय भी इस बात का पुख्ता इंतजाम कर चुका है कि इन परियोजनाओं को ग्रीन क्लियरेंस मिलने में जरा भी दे रही नहीं हो।

इंदौर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण होने जा रहा, प्रोजेक्ट में 750 करोड़ रुपए का मुआवजा घोषित

इंदौर   एमपी के इंदौर शहर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण होने जा रहा है। इस रोड के बनने से 26 गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिसका अवॉर्ड घोषित हो गया है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 750 करोड़ रुपए का मुआवजा घोषित किया गया है। इसकी ग्राम वार फेहरिस्त भी तैयार हो गई है। किसानों के नाम की भी सूची बनी हुई है, जैसे ही एनएचएआइ की तरफ से राशि सरकारी खजाने में जमा होगी, वैसे ही किसानों के खातों में ऑनलाइन पैसे जमा होने लगेंगे। गौरतलब है कि एनएचएआइ 64 किमी लंबे और 80 मीटर चौड़ा यह रोड बनाने जा रहा है, जो एनएच-52 में नेट्रेक्स के पास से शुरू होकर शिप्रा नदी के नजदीक खत्म होगा। इसमें इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के 5, हातोद के 12 और सांवेर के 9 गांवों की करीब 600 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हो रही है। ये जमीन प्रोजेक्ट में शामिल हो रही देपालपुर तहसील के पांच गांव इस प्रोजेक्ट में हैं। इनमें किशनपुरा, बेटमाखुर्द, मोहना, ललेंडीपुरा और रोलाय है। इसमें निजी रकबा 66.68 हेक्टेयर और 14.36 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। सांवेर तहसील के 9 गांवों में 160 हेक्टेयर जमीन आ रही है। इसमें धतूरिया, बालोदा टाकून, सोलसिंदा, कटक्या, ब्राह्मण पीपल्या, मुंडला हुसैन, जैतपुरा, पीर कराड़िया और बरलाई जागीर शामिल है। ये भी जानिए 160 किमी का होगा आउटर रिंग रोड 64 किमी इसमें पश्चिमी हिस्सा 30 किमी हातोद का हिस्सा 23.60 किमी सांवेर का हिस्सा 10.40 किमी देपालपुर का हिस्सा  

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप से से मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को साइप्रस से कनाडा रवाना हुए . भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पीएम मोदी का पहला विदेशी दौरा है, जहां वह वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे. इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कनाडा पहुंच चुके हैं.    एक मंच पर होंगे मोदी-ट्रंप  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के न्योते पर पीएम मोदी 16-17 जून को G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से उनकी मुलाकात भी हो सकती है. हालांकि फिलहाल विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन फिर भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और अमरेका के बीच बदले हुए घटनाक्रम में दोनों नेताओं की मुलाकात काफी अहम हो सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा करते हुए खुद को सीजफायर कराने का श्रेय दिया था. पाकिस्तान ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत भी किया. लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की दखल को खारिज कर दिया था. भारत का कहना है कि पाकिस्तान की गुहार के बाद भारत सीजफायर के लिए सहमत हुआ. खास बात यह है कि ट्रंप ने भारत के किसी भी आधिकारिक बयान से पहले ही सोशल मीडिया पर दोनों देशों के बीच सीजफायर का ऐलान कर दिया था. सीजफायर पर ट्रंप की बयानबाजी भारत-पाकिस्तान सीजफायर का लेकर ट्रंप की बयानबाजी अब भी जारी है. उन्होंने इजरायल और ईरान तनाव के बीच भी इस बयान को दोहराया और कहा कि जिस तरह भारत-पाक के बीच सीजफायर कराया, उसी तरह इजरायल-ईरान के बीच भी सीजफायर कराऊंगा. उनका दावा है कि कारोबार का दबाव डालकर उन्होंने भारत और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए राजी किया था. ऐसे में G-7 जैसे वैश्विक मंच पर पीएम मोदी दुनिया के सामने सीजफायर को लेकर भारत का पक्ष रख सकते हैं. साथ ही उनकी बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर का भी जिक्र हो सकता है. भारत ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला होता है तो उसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार माना जाएगा. साथ ही भारत अब इसे प्रॉक्सी वॉर नहीं बल्कि जंग मानेगा और इसका जवाब भी उसी तरह दिया जाएगा. किसी तीसरे की मध्यस्थता मंजूर नहीं कनाडा में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने भारत का रुख साफ कर सकते हैं. क्योंकि भारत कश्मीर के मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता कभी स्वीकार नहीं करता है. साथ ही इस बार भारत ने साफ कर दिया है कि कश्मीर बातचीत का मुद्दा ही नहीं है और अब पाकिस्तान से सिर्फ पीओके वापस लौटाने के मुद्दे पर बातचीत होगी.  दोनों नेताओं की मुलाकात भारत की संप्रभुता और विदेश नीति को हाईलाइट करने का एक मौका हो सकती है. खासकर तब, जब ट्रंप ने कश्मीर और सीजफायर के मुद्दे पर बिना मांगे मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है. भारत यह बता सकता है कि सीजफायर पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी और भारत की जवाबी कार्रवाई का नतीजा था और इसमें अमेरिकी का कोई रोल नहीं है.  हथियार और टैरिफ का मुद्दा जी-7 समिट का मंच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तकनीकी और सैन्य क्षमता के बारे में दुनिया को बताने का भी मौका होगा, ताकि भीतर से पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों को आईना दिखाया जा सके. इसके अलावा भविष्य में हथियारों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मुद्दे पर भी वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी की बातचीत संभव है. अमेरिका के साथ खास तौर पर टैरिफ विवाद बातचीत का एक अहम बिंदु हो सकता है, क्योंकि ट्रंप ने भारत के हाई टैरिफ की आलोचना करते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का ऐलान किया है. इसके बाद भारत ने जवाब में कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट पर टैरिफ घटाए हैं. लेकिन फिर भी इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है.  

17 जून 2025 मंगलवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। यात्रा के योग बनेंगे। फिजिकली फीट रहेंगे और मन सकारात्मक रहेगा। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। लव लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। वृषभ राशि- आज जल्दबाजी में लिए गए एक्शन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धन का प्रबंधन करना सीखें क्योंकि धन-दौलत में वृद्धि के योग हैं। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। अपने डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- धन बचत करें। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। विचारों में अलगाव होने के कारण आपको नेगेटिव फील हो सकता है। नियमित एक्सरसाइज करें। इससे आप फिजिकली और मेंटली फिट रहेंगे। अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। नई स्किल सीखें। लंबे समय से रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स लव लाइफ को बेहतर बनाने का प्लान बना सकते हैं। कर्क राशि- कर्ज से मुक्ति मिलेगी। जॉब इंटरव्यू के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। अपने फिटनेस गोल्स पर फोकस करें। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी। यात्रा के दौरान पुराने दोस्त से मुलाकात संभव है। प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी विवाद हो सकते हैं। सिंह राशि- आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। यात्रा करने से बचें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होंगी। प्रेमी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कन्या राशि- आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी। ओवरथिंकिंग से बचें। सकारात्मक रहें। आत्मसंयत रहें और शैक्षिक कार्यों पर फोकस करें। लव लाइफ अच्छी रहेगी। तुला राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी से फैसले लें। बेकार के खर्चों से बचें। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों से ज्यादा परेशान न हों। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। लव लाइफ में सरप्राइज मिल सकते हैं। वृश्चिक राशि- आय के अतिरिक्त स्त्रोतों की तलाश करें। वाद-विवाद से बचें। बिजनेसमेन को व्यापार में मुनाफा होगा। बिजनेस पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप फिट और एक्टिव महसूस करेंगे। शैक्षिक कार्यों में खूब मेहनत करें। इससे आपको सफलता जरूर मिलेगी। सिंगल जातकों की आज किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए उत्तम दिन है। व्यापार में मुनाफा होगा। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। सेल्फकेयर पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को समझदारी से सुलझाएं। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। मकर राशि– आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। डाइट में थोड़े बदला लाएं। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। कुंभ राशि- लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। मीन राशि- निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। स्टॉक्स, शेयर्स और प्रॉपर्टी इनवेस्ट के बारे में पहले अच्छे से रिसर्च करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करें। अपने फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें। इससे आपके ओवर ऑल हेल्थ में सुधार आएगा। व्यापार में विस्तार होगा। लव लाइफ में साथी की प्राथमिकताएं दूसरी होने के कारण आपको दूरियां महसूस हो सकती हैं।

इजरायली हमले का असर ईरान सरकार ने खोले अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन

 तेहरान  ईरान की राजधानी तेहरान से निकलने वाली सड़कें कारों से भरी हैं. रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम है और जिसे देखो उसे शहर से निकल जाने की जल्दी है. ग्रामीण ईरान की ओर जा रही सड़कों पर कारें फर्राटा भर रही है. दरअसल तेहरान पर इजरायली बमबारी, मिसाइलों से हमला, लगातार हो रही मौतें और जख्मी लोगों की कराह ने शहर का माहौल डरावना बना दिया है. इजरायली हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में बदहवासी का आलम है. लगातार मिसाइलों के हमले और बमबाजी से जनता खौफ में है.  अब आम तेहरानी शहरी इस शहर को जल्द से जल्द छोड़ना चाहता है. इजरायल लगातार तेहरान पर हमला कर रहा है.  CNN ने कुछ लोगों से बात करके कहा कि कुछ लोग ईरान के उत्तर दिशा में देहाती इलाकों में भागने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन लोगों की भारी भीड़ की वजह से सड़कें ठप हो गई हैं. लोग रास्ते में फंसे हैं.  जर्मन प्रेस एजेंसी डीपीए के एक रिपोर्टर ने कहा कि तेहरान में गैस के लिए कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं.  दो बच्चों के पिता ने नाम न बताने की शर्त पर CNN से कहा, “मैं अपना घर नहीं छोड़ना चाहता, लेकिन मैं अपने छोटे बच्चों को इस स्थिति में नहीं डालने जा रहा हूं.” “मुझे उम्मीद है कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएगा.” इस व्यक्ति ने कहा कि उसका परिवार चिंतित है क्योंकि शासन के अधिकारी घनी आबादी के बीच उच्च-मध्यम वर्ग के इलाकों में रहते हैं, जिससे नागरिकों को खतरा है. शुक्रवार की सुबह ईरान पर अचानक हमला करते हुए इजरायली वायु सेना ने शीर्ष ईरानी सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों के घरों पर टारगेटेड हमले किए, कुछ तस्वीरों में आवासीय भवनों पर सटीक हमले दिखाए गए हैं. ईरान की सरकार लोगों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश कर रही है. ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने सरकारी टीवी से कहा कि ईरानी लोग इजरायली हमलों के दौरान मस्जिदों और स्कूलों में शरण ले सकते हैं, साथ ही मेट्रो सिस्टम में भी शरण ले सकते हैं, जो रविवार रात से हमेशा खुला रहेगा. उन्होंने कहा, “खाद्य, दवा, ईंधन की उपलब्धि में कोई समस्या नहीं है.” तेहरान के नगर परिषद के अध्यक्ष मेहदी चमरन ने कहा कि शहर में बम आश्रयों की कमी के कारण विकल्प तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दुर्भाग्य से, तेहरान और हमारे अन्य शहरों में आश्रय नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि इजरायल में मरने वालों की संख्या कम है क्योंकि देश में बम आश्रय हैं और हमलों के लिए नियमित अभ्यास आयोजित किए जाते हैं. चरमन ने कहा कि बेसमेंट एक विकल्प है और “चरम” स्थिति में, भूमिगत मेट्रो का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे बंद करना होगा.  चमरन ने 1980 के दशक में इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के साथ हुए ईरानी युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि हम भूमिगत पार्किंग स्थल भी तैयार कर सकते हैं, जैसा कि सद्दाम ने हम पर बमबारी के समय किया था.” सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ तस्वीरों में कारों से भरी सड़के दिख रही हैं. कुछ लोग ईरान से तुर्किए की ओर भागने की कोशिश कर रहे हैं. यहां भी बॉर्डर लोगों से भरा हुआ है. एक स्थानीय पत्रकार ने आज एक्स पर एक पोस्ट और वीडियो डालकर लिखा कि सुबह से ही तेहरान से बड़ी संख्या में कार जा रहे हैं. हजारों लोग शहर छोड़कर उत्तरी एग्जिट मार्ग पर हैं. इस शख्स ने लिखा, “तेहरान से नाटकीय तरीके से पलायन जारी है, प्रमुख राजमार्गों और शहर की सड़कों पर जाम लगा हुआ है, क्योंकि तेहरानी लोग संभावित इजरायली हवाई हमलों से बचने के लिए भागने की कोशिश कर रहे हैं. तेहरान से बाहर जाने के लिए पैदा हुई भगदड़ की स्थिति के बीच एक और शख्स ने लिखा है, “तेहरान में अराजकता की स्थिति है. ईरान में बढ़ती आशंकाओं के बीच लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं. एक यूजर ने लिखा है कि ईरानियों के देश छोड़कर भागने के कारण ईरान-तुर्किये सीमा पर बज़ारगान सीमा पर भारी भीड़ जमा हो गई है. इधर ईरान-अज़रबैजान सीमा पर जेट उड़ान भर रहे हैं. सीमा पर संभावित शरणार्थियों की आमद की स्थिति में हालात से निपटने के लिए अजरबैजान भी तैयारी कर रहा है. इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को चेतावनी दी है कि यदि वे तेहरान के इजरायल पर हमलों को रोकने में मदद करते हैं, तो क्षेत्र में उनके ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.  ईरान पिछले शुक्रवार से इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोनों की भारी बौछारें कर रहा है, अधिकांश ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को इजरायल की वायु रक्षा द्वारा रोक दिया गया है, हालांकि कुछ बच गए हैं, जिससे कम से कम 16 लोग मारे गए और शहरी क्षेत्रों में सैकड़ों लोग घायल हो गए.  गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सेना पहले से ही ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रही है. हालांकि अभी तक न तो फ्रांस और न ही ब्रिटेन ने इन हमलों को रोकने में मदद की है, हालांकि पेरिस ने कहा है कि वह ऐसा कर सकता है, और लंदन ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया है.   

नोएडा में रीलबाज़ों को झटका, 53 हजार रुपये का कटा चालान

ग्रेटर नोएडा  दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक प्रेमी जोड़े का अतरंगी स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में कपल बाइक पर रोमांस करता नजर आ रहा है. इस दौरान दोनों ने ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाईं. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने तगड़ा एक्शन लिया है.  वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक तेज रफ्तार बाइक चला रहा है और युवती उसे आगे से कसकर गले लगाए बैठी है. इतना ही नहीं, दोनों ने हेलमेट तक नहीं पहना हुआ है. यह वीडियो एक्सप्रेसवे से गुजर रही एक कार में बैठे राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में बाइक का नंबर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.  वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी और ट्रैफिक पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की.  वहीं, वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बाइक के मालिक पर ₹53,500 का भारी-भरकम चालान ठोंक दिया है. नोएडा पुलिस अब वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान करने में जुटी हुई है.  गौरतलब है कि बाइक पर बैठे इस कपल ने न केवल अश्लीलता के हद पार की, बल्कि ट्रैफिक नियमों की भी खुलकर धज्जियां उड़ाईं. और तो और हाइवे पर अपनी और दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाला. अगर बाइक का संतुलन बिगड़ता तो बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल, नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने इस ‘इश्कबाज’ के घर 53,500 का चालान भेज दिया है.  अपोजिट साइड मुंह करके बाइक पर बैठी लड़की इस कपल की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में युवक बिना हेलमेट पहने बाइक चला रहा है। बाइक में युवक के आगे, सामने की तरह से उसकी गर्लफ्रेंड बैठी थी। जो युवक को कसकर गले लगाए हुए है। गर्लफ्रेंड अपने पैर बाइक के पीछे सीट पर रखे हुए है। वह दोनों हाथों से युवक को पकड़कर बैठी है। रोमांसबाजी के इस सीन को एक्सप्रेस वे से गुजरने वाली हर गाड़ी में बैठा शख्स देख रहा था। तभी पीछे से कार में आ रहे लोगों ने इन्हें देखते ही इनका वीडियो बनाया। फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से जुर्माने की कार्रवाई की। कई लोगों ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया, जिसके बाद ये सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। ‘हमारे गांव में मिलना छोड़ो देखना भी नसीब नहीं होता’ गर्लफ्रेंड को गोद में बैठाकर एक्सप्रेस-वे पर बाइक से फर्राटा भर रहे युवक का वीडियो देखकर X यूजर हिमांशु नीमा ने लिखा- नोएडा पुलिस ने इस ‘इशकजादे’ का 53500 रुपए का चालान व्हीकल एक्ट में काटकर ‘प्रेम पत्र’ घर भिजवा दिया है। एक और X यूजर शिवराज यादव ने लिखा- ये कौन लोग हैं जो खुलेआम आशिकी कर लेते हैं? हमारे गांव में तो सिर्फ एक दीवार का फासला होता है, लेकिन बीच में पूरा मोहल्ला होता है। मिलना छोड़ो, देखना भी नसीब नहीं होता। X यूजर महिमा यादव ने लिखा- धाकड़ के बाद रोड पर इश्कबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि, नोएडा पुलिस ने इस इश्कबाज के घर 53000+ का चालान घर भेजा है। इतने में तो थाइलैंड ट्रिप की वापसी हो जाती। पुलिस ने काटा 53,500 रुपए का चालान नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे पर कपल के इस वीडियो को लेकर तत्काल कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि बाइक चलाने वाले युवक ने तमाम ट्रैफिक रूल्स तोड़े हैं। जिसमें बिना हेलमेट, एक्सप्रेस वे पर खतरनाक तरीके से बाइक चलाना और आने-जाने वाले लोगों की यातायात सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है। पुलिस ने बाइक मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए 53,500 का चालान जारी किया है। यह राशि कई नियमों का उल्लंघन करने पर लगाई गई है। जोकि बाइक पर सवार कपल को काफी भारी पड़ गया। …………………  

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के नेतृत्व में गांव-गांव में जल चौपाल का शुभारंभ पौधरोपण से किया गया

भोपाल  प्रदेश में 30 मार्च से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गये हैं। जिलों में अब इन कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसी के साथ तालाब गहरीकरण, सोखता गड्ढ़ों का निर्माण सहित अन्य कार्य जनभागीदारी से तेज गति से किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन के कामों के प्रति जनसामान्य को दीवार लेखन सहित अन्य गतिविधियों से जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश में आगामी वर्षा के मौसम को देखते हुए जल स्रोतों के आस-पास व्यापक पौधरोपण की योजना भी तैयार की गई है। दीवार लेखन से किया जा रहा है जागरूक पांढुरना जिले में कलेक्टर अजय देव शर्मा के निर्देश पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के नेतृत्व में गांव-गांव में जल चौपाल का शुभारंभ पौधरोपण से किया गया एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। दीवार लेखन का कार्य भी किया गया। जल चौपाल में ग्रामीणों के बीच बैठकर कार्यकर्ताओं द्वारा उनको जल स्रोतों के आस-पास निरंतर साफ-सफाई रखने की समझाइश दी गई। जिले में तैयार की गई पौधरोपण की कार्ययोजना पर भी जानकारी दी गई। जनसमुदाय को क्षेत्र के आस-पास की ऐतिहासिक बावड़ी की जानकारी भी दी गई। वाटर बॉडी को करें जियो टैग रतलाम जिले में कलेक्टर कार्यालय में जल संवर्धन अभियान में अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर राजेश बाथम ने अभियान में चल रहे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल संवर्धन एवं संरक्षण के लिए अब तक जो भी काम किए गए हैं उनकी जानकारी गूगल सीट में अपडेट करें। जिले में जल संवर्धन के लिए अब तक बनाई गई सभी वाटर बॉडी की जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाये। बैठक में स्कूल भवनों, अस्पताल, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर, आँगनबाड़ी भवनों, पंचायत भवनों में बनाये गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी दी गई। जल संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया कि जलशक्ति केन्द्रों का निरीक्षण कर जानकारी उपलब्ध करवाई जाये। पीएचई विभाग को निर्देश दिये गये कि आँगनबाड़ी केंद्र एवं स्कूलों में हैण्डपम्प के पास जल संवर्धन के लिए बनाये जा रहे रीचार्ज पिट को शीघ्र पूरा किया जाये। जल संरक्षण के सभी कार्य बरसात के पहले पूरे हों शहडोल कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के सभी कार्य बरसात के पहले पूरा करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि जल संरचनाएं, पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार, नए अमृत सरोवरों का निर्माण, निर्मल नीर, खेत तालाब, कुओं की सफाई एवं रिचार्ज की व्यवस्था हैण्डपंपों के पास जल संरक्षण कार्य, पुरानी बावड़ियों का जीर्णोद्धार सहित सभी कार्य 20 जून तक पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि तालाबों के कैचमेंट एरिया के अवरोधों को हटाया जाए जिससे तालाबों में वर्षा का पानी पहुंच सके। जल संरचनाओं को राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया जाए। बावड़ी उत्सव देवास जिले में जन अभियान परिषद ने कमलापुर में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बावड़ी उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया। कमलापुर की हाथी बावड़ी ऐतिहासिक धरोहर है। बावड़ी उत्सव जल संरचना के सांस्कृतिक मूल्यों, ऐतिहासिक धरोहरों के संवर्धन एवं सहेजने का उत्सव है। कमलापुर का बावड़ी उत्सव लोकमाता अहिल्याबाई की त्रि शताब्दी के अवसर पर किया गया। जिले की तीन ऐतिहासिक धरोहरों में कमलापुर की हाथी बावड़ी भी शामिल है। कार्यक्रम में हुकुम पटेल द्वारा हाथी बावड़ी के संरक्षण के कार्यों की जानकारी दी गई। जिले में प्राचीन बावड़ियां को जन सहयोग से साफ स्वच्छ करने का कार्य किया जा रहा है। जल स्रोतों की साफ-सफाई रीवा और मऊगंज जिले में वर्षा जल को संचित करने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में पुराने जल स्त्रोतों की साफ-सफाई के साथ-साथ नई जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। वर्षाकाल में पौधरोपण की भी तैयारी की जा रही है। इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा नल जल योजनाओं को दोबारा शुरू करने तथा पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अभियान में जिले भर में बड़ी संख्या में खेत तालाबों का निर्माण भी किया जा रहा है। ग्राम पंचायत धोपखरी में दो खेत तालाब बनाये जा रहे हैं। इसके साथ ही आस-पास के क्षेत्र में बनाये जा रहे खेत-तालाब की प्रगति की जानकारी भी ली गई। आगामी वर्षा के मौसम को देखते हुए औद्योगिक विकास निगम द्वारा पौधरोपण के लिए गड्ढे तैयार किये जा रहे हैं। जिले में प्राचीन जल स्त्रोतों की सफाई तथा अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है। स्वच्छ पानी के लिये ग्रामों में क्लोरिनेशन कार्य मंडला जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी कार्यालय द्वारा जिले के ग्रामीण इलाकों में जनसामान्य को जागरुक करने के लिये प्रचार रथ द्वारा वर्षा काल में पानी को साफ करने के तरीके, पानी जांच प्रक्रिया से समुदाय को अवगत कराया जा रहा है। विभाग द्वारा समुदाय को जल शुद्धिकरण की सामग्री भी प्रदान की जा रही है। इस सिलसिले में प्रचार रथ ने अनेक गांव का भ्रमण भी किया है।  

80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 125 से अधिक मेधावी छात्र हुए सम्मानित

करौली करौली जिला मुख्यालय स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में सोमवार को “इमर्जिंग टैलेंट अवॉर्ड 2025” समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में जिलेभर के कक्षा 10वीं और 12वीं के उन 125 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि UPSC में हाल ही में चयनित प्रशांत मीणा रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने मोबाइल संस्कृति से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “सफल होना आसान है, लेकिन सफल बने रहना उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।” इस अवसर पर नीट परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों जितेंद्र सैनी, कौशल सैनी, रौनक माली, तनिषा, राहुल टाटावत और टीकाराम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल प्रतिभाओं को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में संस्थान अध्यक्ष व विद्यालय निदेशक प्रेमसिंह माली, संस्था प्रधान धर्मसिंह जेरिया, कर्मचारी संघ अध्यक्ष तुलसीराम सैनी, यूनियन बैंक शाखा प्रबंधक कमरसिंह माली, तथा व्याख्याता विनोद गर्ग, अनिल मित्तल, राधामोहन सिंहल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे। समारोह के अंत में निदेशक प्रेमसिंह माली ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है।  

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