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‘भयमुक्त प्रदेश बना यूपी’— 9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

सीएम योगी के विजन से बदली गांवों की तस्वीर, आजीविका मिशन से आत्मनिर्भर बन रहा प्रदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनता जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों की तस्वीर बदल रही है। आज नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल बनकर गांव की बेटियां गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत बन रही हैं। “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार करती बलिया जनपद के बहुआरा गांव की दुर्गेश तिवारी आज उस बदलाव की प्रतीक बन गई हैं, जहां गांव की बेटी अब परिवार ही नहीं, विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश की रीढ़ बन रही है। मात्र दो वर्षों में दूध व्यवसाय से 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित कर दुर्गेश ने ‘काशी की लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए हो रहे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की जीवंत मिसाल भी है। संघर्ष की जमीन से सफलता की उड़ान बलिया के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक साधारण परिवार से हैं। शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास के साथ सीमित दायरे में था। परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती और 3-4 पशु थे, लेकिन दूध बेचने पर न तो उचित कीमत मिलती थी और न ही समय पर भुगतान। 20–25 रुपये प्रति लीटर के औने-पौने दाम और भुगतान की अनिश्चितता ने उनके सपनों को जैसे रोक दिया था। दुर्गेश बताती हैं “उस समय घर का खर्च और बेटियों की पढ़ाई की चिंता में नींद उड़ गई थी। काशी डेयरी से बदली किस्मत इसी दौरान गांव में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वाराणसी की जानकारी मिली। यहां गुणवत्ता आधारित उचित मूल्य और 365 दिन सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था ने दुर्गेश के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने सदस्यता लेकर दूध आपूर्ति शुरू की। जहां पहले उनका दूध औने-पौने दाम पर बिकता था, वहीं अब उन्हें सही कीमत मिलने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पशुपालन का दायरा बढ़ाकर 20 से अधिक पशु तक कर लिया। ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर लगातार मेहनत और सही प्लेटफॉर्म मिलने से दुर्गेश ने दो वर्षों में 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की। इसी उपलब्धि ने उन्हें ‘काशी की लखपति दीदी’ का सम्मान दिलाया। यह आय केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी बनी। दुर्गेश ने अपनी बड़ी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक की और छोटी बेटी को पुलिस अधिकारी बनाना चाह रही हैं। गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा आज दुर्गेश तिवारी पंचदेवी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में गांव की अन्य महिलाएं भी पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनका अगला लक्ष्य आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करना और गोबर से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार करना है। योगी सरकार के विजन से बदलता ग्रामीण परिदृश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। स्वयं सहायता समूहों और डेयरी जैसे रोजगार से महिलाएं अब गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्ति बन रही हैं।

गन्ने से कमाई का नया मॉडल: चेतन वीर सिंह की मेहनत से लाखों की आमदनी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के युवा वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को ‘रोजगार मांगने वाला नही, बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ बनाना है। योगी सरकार के इसी लक्ष्य के साथ लखीमपुर खीरी के विकासखंड फूलबेहड़ के चेतन वीर सिंह ने गुड़ कोल्हू लगाकर उद्यम की शुरुआत की। चेतन वीर सिंह ने योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को जमीन पर उतारकर 15 लोगों को रोजगार देने का काम किया है। चेतन वीर सिंह ने बताया कि 2022 में गुड़ कोल्हू लगाकर अपने उद्यम की शुरुआत की थी। उनको प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने पीएमईजीपी योजना के तहत 10 लाख रुपए के ऋण के लिए अप्लाई किया। सरकारी वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने कोल्हू लगाकर काम शुरू किया। आज वे 15 लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और रोज 200 क्विंटल गन्ने की पिराई करते है। उन्होंने ड्रायर लगाकर गन्ने की खोई को सुखाने का नया तरीका निकाला है, जिससे लेबर के खर्च की पूरी बचत होती है। वे हर रोज 25 से 26 क्विंटल गुड़ बनाते हैं, इनको पूरे उत्तर प्रदेश समेत बंगाल और बिहार तक से ऑर्डर मिलते हैं। चेतन वीर सिंह अपने 6 एकड़ में गन्ने की खेती करते हैं, इसके अलावा अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदते हैं। आज चेतन वीर सिंह लाखों की कमाई कर रहे हैं।  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी (PMEGP) भारत सरकार की एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की स्थापना के लिए ऋण प्रदान करती है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग- अलग सब्सिडी का भी प्रावधान है, जो श्रेणी के आधार पर होता है। विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान करती है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार और नए उद्यम शुरू करने में सहायता करना है।  इस योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, या सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा केवीआईसी, केवीआईबी और जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से संचालित की जाती है। योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग, कृषि उपकरण, कपड़े, या कागज के उत्पाद बनाने वाली छोटी इकाइयां लगाना, कंप्यूटर सेंटर, गैरेज, बुटीक या छोटी वर्कशॉप खोलना आदि शामिल है।

योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास पर जनता की मुहर, 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाएगी- पंकज चौधरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ समाप्त करके ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसा बदलाव करने का प्रशंसनीय काम किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले 9 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास का परिणाम है कि जनता ने 2017 के बाद 2022 में भी हमें जिताया और 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाने जा रही है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने वैश्विक स्तर से लेकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक का उत्थान करने का काम किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और सनातन संस्कृति में नौ को बहुत ही दिव्य माना जाता है। 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की जनता ने मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों को मौका देने का काम किया था। परिवारवाद वालों को हटाकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका विश्वास, सबका प्रयास’ वालों को मौका दिया था। दंगा वालों को हटाकर गंगा वालों को आशीर्वाद दिया था। गुंडाराज और माफियाराज वालों को उत्तर प्रदेश की जनता दोबारा नहीं आने देगी। समाजवादी पार्टी भ्रम और अफवाह फैलाकर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है लेकिन जनता दोबारा माफियाराज नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। किसी भी प्रदेश की तरक्की के लिए उद्योगों की बड़ी आवश्यकता होती है। योगी जी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करके इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर ध्यान दिया है। आज देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं उसका 55 फीसदी हिस्सा केवल उत्तर प्रदेश में है। हमारी सरकार गांवों में भी 18 से 20 घंटे बिजली दे रही है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को योगी सरकार ने 9 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामना दी।

मुख्यमंत्री ने कहा, 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने राज्य को ‘बॉटलनेक’ स्थिति से निकाल कर ‘ब्रेकथ्रू’ में बदला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास, सुशासन और विश्वास का नया मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों ने युवाओं, किसानों और आम जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। पहले भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नौकरी निकलते ही महाभारत के सारे रिश्ते वसूली के लिए निकल पड़ते थे,” जिससे प्रतिभाशाली युवा हताश होकर या तो पलायन करते थे या खुद को कोसने पर मजबूर होते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत लाखों युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। सीएम ने विपक्ष पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जाति और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश का समग्र विकास बाधित हुआ। हमारी सरकार ने 25 करोड़ जनता को एक परिवार मानकर कार्य किया और दलितों, वंचितों, अति पिछड़ों व गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और भारतीय परंपराओं को “अंधविश्वास” बताते थे, आज वही अयोध्या और काशी के विकास को देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था का सम्मान ही उत्तर प्रदेश की पहचान है और सरकार ने इसे पुनर्स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल समस्याओं को चिह्नित नहीं किया, बल्कि उन्हें समाप्त कर प्रदेश को “बॉटलनेक” की स्थिति से निकालकर “ब्रेकथ्रू” की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह के सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।

राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे से पहले वृंदावन चमका, गोवर्धन हाई अलर्ट पर, अफसरों की बढ़ी हलचल

वृंदावन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार की शाम वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर से करेंगी तो अंतिम दिन गिरिराजजी की सात कोसीय परिक्रमा करने के साथ दौरा संपन्न होगा। राष्ट्रपति वृंदावन के विभिन्न आश्रम, मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगी। ऐसे में राष्ट्रपति जिस रूट से गुजरेंगी, वहां तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। स्वागत के लिए वृंदावन को सजाया जा रहा है। तीन दिन के प्रवास पर गुरुवार को वृंदावन आएंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु राष्ट्रपति 19 मार्च गुरुवार की शाम करीब पांच बजे वृंदावन पहुंचेंगी। यहां होटल रेडिशन में पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले साढ़े छह बजे इस्कॉन मंदिर से अपनी धार्मिक यात्रा शुरू करेंगी। राष्ट्रपति का दौरा प्रेममंदिर, नीबकरौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम का भी रहेगा। दीवारों पर रंग और रोगन के साथ चित्रकारी सभी कार्यक्रम स्थलों तक साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की कमान नगर निगम ने संभाली है। दीवारों पर रंग और रोगन करने के साथ चित्रकारी हो रही है। डिवाइडरों पर रंग लगाने के साथ जीर्ण-शीर्ण पड़े फुटपाथों पर नई टाइलें बिछाई जा रही हैं। तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे अधिकारी राष्ट्रपति जहां भी कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। यहां की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआइजी शैलेष कुमार पांडेय, डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन का दौरा किया। जहां-जहां राष्ट्रपति जाएंगी, वहां व्यवस्थाएं देखीं। राष्ट्रपति आगमन से पहले गोवर्धन में हाई अलर्ट, अफसरों ने संभाली कमान गोवर्धन। गोवर्धन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त, एडीजी, डीएम समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंडलायुक्त, एडीजी, डीआइजी व डीएम, एसएसपी ने दानघाटी मंदिर में तैयारी देखी। फिर गोल्फ कार्ट से परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था देखी।

स्वास्थ्य, पर्यावरण व विकास की नई पहचान बना उत्तर प्रदेश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ की छवि से निकलकर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। स्वास्थ्य व पर्यावरण के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। ये बातें बुधवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज गोरखपुर और रायबरेली में एम्स संचालित है और काशी के बीएचयू में वर्ल्ड क्लास कैंसर इंस्टीट्यूट बन चुका है। इससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार की प्रगति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग 06 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और हर पीएचसी पर प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले आयोजित हो रहे हैं। इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण सीएम योगी ने कहा कि आज इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और वेक्टर बॉर्न डिजीज के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की गई है। बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल ढांचे के विकास और योजनाओं की पहुंच ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।  व्यापक पौधरोपण अभियानों से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ग्रीन कवर बढ़ाने और व्यापक पौधरोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है।

मुसहर, वनटांगिया, थारू, सहरिया, बुक्सा जनजातियों को बिजली, पानी और आवास सुविधाएं दी जा रहीं: सीएम योगी

लखनऊ  प्रदेश के अंदर गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 15 करोड़ लोग फ्री राशन की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिना भेदभाव हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है और 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। सीएम योगी ने कहा कि ये सभी सुविधाएं उन तबकों तक इसलिए पहुंच पाईं, क्योंकि सरकार ने प्रदेश को जातीय या क्षेत्रीय चश्मे से नहीं देखा। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार है और इसी परिवार भाव के साथ सबकी समृद्धि और खुशहाली के लिए सरकार ने कदम बढ़ाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत सहित अनेक योजनाओं के जरिए उन तबकों तक सरकार पहुंची है, जिन्हें पहले नजरअंदाज किया जाता था। मुसहर, वनटांगिया, थारू, सहरिया, बुक्सा जैसे जनजातीय और वंचित समुदायों के लिए पहली बार 100 प्रतिशत सैचुरेशन लक्ष्य के साथ योजनाएं लागू की गईं। इसके परिणामस्वरूप उन्हें जमीन के पट्टे, आवास, हर घर नल योजना, बिजली, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचा मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे दलित हों, वंचित हों, गरीब हों या पिछड़ी जातियों से जुड़े लोग, सरकार ने सभी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। आवास, शौचालय, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आजीविका मिशन और मिल्क प्रोड्यूसर जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच रहा है और यही परिवर्तन प्रदेश की नई तस्वीर बना रहा है।

नौ वर्षों में यूपी की बदली तस्वीर, कानून व्यवस्था और विकास में आया बड़ा सुधार- ब्रजेश पाठक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर लोक भवन में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक के विमोचन अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास की नई मिसाल कायम हुई है। प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को समझ चुकी है और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। वर्ष 2016-17 का दौर प्रदेश के लोगों को आज भी याद है, जब उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और प्रदेश की पहचान गुंडागर्दी और माफियाओं के प्रभाव से जुड़ गई थी। उस समय निवेशक भी प्रदेश में आने से कतराते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में समाज के हर वर्ग के साथ अन्याय हुआ और विकास की रफ्तार थम गई थी। उन्होंने जनता से अपील की कि समाजवादी पार्टी के पीडीए की धज्जियां उड़ा दें। 2047 तक भी समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाली है। 2047 तक विकसित देश बनेगा और विकसित प्रदेश भी बनेगा।  उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2017 में भाजपा और उसके सहयोगियों ने 325 सीटें जीतकर जो इतिहास रचा था, उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में और बड़े बहुमत के साथ दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग दलितों और पिछड़ों की बात कर रहे हैं, वे समय के साथ अपना रुख बदलते रहे हैं। उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को करीब 99 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में दिए गए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिली है। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर प्रभावी रोक लगाई गई है। समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था और जर्जर बुनियादी ढांचे से होती थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश बेहतर सड़कों, एक्सप्रेसवे, निवेश और मजबूत कानून व्यवस्था के कारण देश में नई पहचान बना रहा है। पहले प्रदेश में सड़कों की हालत खराब थी और बिजली आपूर्ति भी बेहद सीमित थी। कई इलाकों में बिजली की स्थिति ऐसी थी कि लोगों को दिन या रात में बिजली मिलती थी। शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित थी और कई जगह नकल माफिया सक्रिय थे। इंटर कॉलेजों में 5 से 10 हजार रुपये लेकर डिग्री दिलाने तक की शिकायतें सामने आती थीं। भाजपा सरकार बनने के बाद नकल विहीन परीक्षा व्यवस्था लागू की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए गए। यूनिवर्सिटी लगभग दोगुनी हो गई हैं। बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में भी व्यापक सुधार हुआ है और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का तेजी से विस्तार किया गया है। वर्ष 2017 से पहले जहां सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। एमबीबीएस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 81 मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। एमबीबीएस की सीटों में ढाई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यह ध्यान रखें कि जिन लोगों ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को गुंडा स्टेट बनाने का काम किया था, उनको कभी सत्ता में नहीं आने दें। हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश को नंबर एक पर लाने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज ड्रॉप आउट रेट जीरो पर पहुंच गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गरीब का बच्चा भी अब वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त विद्यालय में पढ़ सकता है। शिक्षा क्षेत्र में सुधारों, ऑपरेशन कायाकल्प और संस्कृत के प्रोत्साहन से यूपी में समृद्धि का नया अध्याय शुरू हुआ है। इसके साथ ही संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के लिए लॉजिंग-फूडिंग की नई स्कीम से प्रदेश और समृद्ध होगा। ये बातें बुधवार को लोकभवन में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय इस नई व्यवस्था के मॉडल हैं और इसी तर्ज पर हर जनपद में सीएम कंपोजिट विद्यालयों का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में दो-दो विद्यालय गत वर्ष दिए गए थे और इस वर्ष भी दो-दो विद्यालय दिए जाने की तैयारी है। सीएम योगी ने शिक्षा को सुशासन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि आज जो बदलाव दिखाई दे रहा है, वह योजनाबद्ध तरीके से ठोस क्रियान्वयन का परिणाम है।  सीएम योगी ने कहा कि एक समय बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बेटियां नंगे पैर जाती थीं, फटे कपड़ों में पढ़ाई करती थीं और सरकारी यूनिफॉर्म भी मजाक का विषय बन जाती थी। अब स्थिति बदल चुकी है और प्रदेश सरकार 1 करोड़ 60 लाख से अधिक बच्चों को दो-दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, जूते- मोजे और स्वेटर उपलब्ध करा रही है।  1,36,000 से अधिक विद्यालयों को संसाधनों से युक्त किया गया सीएम योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से 1,36,000 से अधिक विद्यालयों को संसाधनों से युक्त किया गया है। सर्वे और आईटी टूल के इस्तेमाल से यह स्पष्ट हुआ कि बेटियां केवल दूरी की वजह से स्कूल नहीं छोड़तीं, बल्कि शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह होती है। इसी आधार पर विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज ड्रॉप आउट रेट जीरो पर पहुंच गया है।  पुराने शिक्षण संस्थानों के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी निभाई मुख्यमंत्री ने नकलविहीन शिक्षा और प्रोजेक्ट अलंकार के जरिए माध्यमिक शिक्षा में भव्य विद्यालय भवनों के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम भी किसी इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। आज हमारा भी तो दायित्व है कि उसका पुनरुद्धार करें। सरकार ने पुराने शिक्षण संस्थानों के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी निभाई है और शिक्षा व्यवस्था को सम्मान के साथ पुनर्गठित किया है।  संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के रहने-खाने की समुचित व्यवस्था होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के लिए छात्रवृत्ति लागू की गई है। चाहे विद्यार्थी छठी कक्षा में हो, पूर्व मध्यमा में हो या आचार्य कक्षा में, हर बच्चे को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों की लॉजिंग-फूडिंग के लिए नई स्कीम लाई जा रही है, ताकि उनके रहने और खाने की समुचित व्यवस्था हो सके। संस्कृत के माध्यम से प्रदेश समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है, इसलिए सरकार इस दिशा में नई पहल कर रही है।

रोजगार का मेगा इंजन, हर पार्क में 3 लाख तक रोजगार, युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल केंद्र के रूप में उभर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्‍सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ में विकसित हो रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई गति देने वाला साबित हो रहा है। लखनऊ में स्थापित किए जा रहे इस पीएम मित्र पार्क के लिए 1,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। यहां कोर और बाहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 990.71 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। यह प्रदेश सरकार की उद्योगोन्मुखी नीति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को प्रदर्शित करता है। टेक्सटाइल वैल्यू चेन का इंटीग्रेटेड मॉडल यह पार्क ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैब्रिक और फैब्रिक टू फैशन’ की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही स्थान पर विकसित करेगा। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में आएगा। निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों के चलते पीएम मित्र पार्क निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। देशभर के 7 पार्कों में कुल 63,177 करोड़ रुपये का निवेश इन्ट्रेस्ट प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही प्रत्येक पार्क में लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर योगी सरकार लखनऊ पीएम मित्र पार्क को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स के मजबूत नेटवर्क से यह पार्क निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य’ बनाने के विजन को मजबूती देती है। पीएम मित्र पार्क के जरिए टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क के रूप में लखनऊ में विकसित हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और निर्यात के नए आयाम स्थापित करेगा।

सीएम ने कहा, हमारी सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया, कृषि क्षेत्र में यूपी की विकास दर 8.5 से बढ़कर 18 फीसदी पहुंची

लखनऊ ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया था। ऋण माफी से किसान सम्मान निधि तक की यात्रा में यूपी की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। देश में यूपी कृषि विकास में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य है। अब यहां किसान आत्महत्या नहीं करता है।  सरकार ने 3.16 लाख करोड़ से अधिक किया गन्ना भुगतान  गन्ना किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी में आए परिवर्तन से भी सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के मध्य कुल 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। जबकि, हमने 2017 से अब तक 9 वर्ष में 3,16,800 करोड़ का भुगतान किया। 2017 में किसानों को 300 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का दाम मिलता था, आज 400 रुपये मिल रहा है। घटलौती बंद और पर्ची की समस्या का समाधान भी हो गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, मिलेट्स, बाजरा, मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। हमने किसानों से यह भी कहा है कि बाजार में अच्छा दाम मिले तो वहां अपनी फसल बेचें, लेकिन कम दाम मिले तो अपने उत्पाद क्रय केंद्रों पर बेचें। हमारी सरकार ने किसानों को राहत भी दी,  पिछली सरकार में किसानों से मंडी शुल्क ढाई से तीन फीसदी लिया जाता था, जो अब महज एक फीसदी लिया जा रहा है। सपा-बसपा व कांग्रेस सरकारों ने किसानों को बनाया कर्जदार, डबल इंजन सरकार ने फिर उसे उत्पादक की श्रेणी में खड़ा किया सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 99 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। कांग्रेस व सपा-बसपा सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, डबल इंजन सरकार ने उसे कर्ज से उबारकर फिर से उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाली की ओर बढ़ाया है। अब हमारा किसान तीन-तीन फसलें ले रहा है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा हुई है। सरकार पहली बार प्राइवेट ट्यूबवेल में फ्री बिजली की सुविधा दे रही है। अभी 23 लाख ट्यूबवेल डीजल से संचालित हो रहे हैं, किसानों को सोलर पैनल देकर उन्हें इससे भी मुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में पैसा भी दिया गया है। सरकार अन्नदाता किसान को खुशहाल करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाती रहेगी।

जापान, सिंगापुर व जर्मनी के मंत्री व निवेशक कहते हैं कि यूपी में है जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीतिः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर अपने संबोधन में कहा कि यूपी अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। सर्वाधिक सात शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मेट्रो चल रही है। देश की पहली रैपिड रेल मेरठ से दिल्ली के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है। देश में पहला इनलैंड वाटर वे यूपी (वाराणसी से हल्दिया) में बना है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर में तैयार है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। हमने 28 मार्च को इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है, उन्हें आमंत्रित किया है। जेवर एयरपोर्ट से अर्थव्यस्था में ग्रोथ होगी और उप्र सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की आय होगी।  इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य  सीएम योगी ने 2017 के पहले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा का जिक्र किया, फिर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी महीने पूरा हो रहा है। इसके पश्चात यूपी का शेयर 60 फीसदी हो जाएगा। यूपी ने इंटरस्टेट, इंटरनेशनल, फोरलेन कनेक्टिविटी को बेहतर किया है। मैत्रीद्वार बनाए गए हैं। सीएम ने यूपी में आए परिवर्तनों को भी इंगित किया और कहा कि हर जिला मुख्यालय फोरलेन, ब्लॉक-तहसील मुख्यालय टू लेन-फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ा है।  सिंगापुर, जापान व जर्मनी से बड़े पैमाने पर आने वाले हैं निवेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी हम लोग जापान और सिंगापुर की यात्रा पर गए थे। मेरे साथ वित्त व औद्योगिक विकास मंत्री भी थे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी मंत्री जर्मनी की यात्रा पर गए थे। उन देशों में सभी वरिष्ठ मंत्री व इंडस्ट्री लीडर्स कहते थे कि हम यूपी में इसलिए आ रहे हैं, क्योंकि वहां जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीति है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। सिंगापुर, जापान और जर्मनी से बड़े निवेशक यूपी आने वाले हैं। अभी से पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। सरकार ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी हैं। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। हर जिले में निवेश हो रहा है। हमारे पास व्यापक लैंडबैंक है। 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी जैसी उद्यम सर्मथित व्यवस्थाएं है। प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ा है।  सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत नहीं होने से 2017 के पहले नहीं आते थे निवेशक सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले निवेशक नहीं आता था, क्योंकि यहां सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत भी नहीं थी। 1947 से 2017 तक बमुश्किल 14 हजार से कम उद्योग थे, आज राज्य में अब तक 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिसमें 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 31 हजार से अधिक उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। निवेश तब आता है, जब सरकार की नीयत अच्छी होती है।  नोएडा जाने के अपशकुन को हमने उखाड़ फेंका सीएम ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे। उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी। मुझे दायित्व मिला तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे। लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाते हैं, उनकी कुर्सी चली जाती है। मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। यदि हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 फीसदी मोबाइल की मैन्युफेक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण यूपी में नहीं हो पाता। नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया गया था, तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बने थे। हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे।

गाजियाबाद ने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश में दूसरा तो अंबेडकरनगर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया

लखनऊ  प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने एवं सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से अभियान चलाकर फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों की शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के लिए 1 जनवरी से अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, यह 31 मार्च तक जारी रहेगा। ऐसे में किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाई जा रही है। वहीं रामपुर जिला प्रशासन ने निर्धारित तिथि से पहले ही किसानों की 100 प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसी के साथ रामपुर जिला प्रशासन ने शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर अंबेडकरनगर हैं। उत्तर प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 1,99,42,798 फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकीं हैं।  सांस्कृतिक कार्यक्रम, खुली चौपाल, वॉल पेंटिंग से हासिल किया लक्ष्य रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के लिए 1 जनवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्नदाताओं को जागरूक करने के लिए किसान गोष्ठी, गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, होर्डिंग, ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपाल का आयोजन किया गया। इसके साथ ही वॉल पेंटिंग एवं प्रचार वाहन के जरिये प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही राजस्व, कृषि, पंचायती राज, ग्राम्य विकास एवं गन्ना विभाग के कर्मचारियों को किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए गये। जिलाधिकारी ने बताया कि वह खुद प्रत्येक सप्ताह अभियान की समीक्षा करते हैं। इस दौरान अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया जबकि कम प्रगति वाले कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई।  टॉप टेन में औरैया, बाराबंकी, हरदोई और कन्नौज ने जगह बनाई डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि रामपुर को 31 मार्च तक फार्मर रजिस्ट्री का कुल लक्ष्य 2,09,828 निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 17 मार्च तक शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि रामपुर ने लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत 2,09,828 फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। इसी के साथ रामपुर ने प्रदेश में शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान प्राप्त किया है।  उन्होंने बताया कि इससे पहले भी रामपुर प्रदेश में सर्वप्रथम 50 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री को पूर्ण कर प्रथम पुरुस्कार प्राप्त कर चुका है। इसके अलावा गाजियाबाद ने निर्धारित लक्ष्य 38,909 के सापेक्ष अब तक 36,598 फार्मर आईडी बनाकर पूरे प्रदेश में दूसरा तथा अंबेडकरनगर ने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य 3,42,847 के सापेक्ष 3,10,145 फार्मर आईडी बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन में औरैया, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मीरजापुर और बिजनौर ने अपनी जगह बनाई है।  यह हैं फार्मर रजिस्ट्री के लाभ   किसान सम्मान निधि योजना का बिना बाधा लाभ प्राप्त होगा।   कृषकों को उर्वरक सुविधाजनक एवं निर्धारित मूल्य पर प्राप्त होगा।   किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में अभिलेखों के सत्यापन की बाध्यता समाप्त होगी।   राज्य एवं केन्द्र सरकार की नवीन योजना में शामिल होने के लिए बार-बार अभिलेखों के सत्यापन से मुक्ति मिलेगी।   एग्रीस्टैक में सम्मिलित होने पर डिजीटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से एमएसपी पर उत्पादों की बिक्री सुविधाजनक एवं त्वरित होगी।

इंतजार खत्म! जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 को उद्घाटन, सीएम योगी ने दी जानकारी

लखनऊ देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार खत्म हो गया है। इसी महीने 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार के नौ वर्ष के सफल कार्यकाल पूरे होने पर आयोजित समारोह में इसका ऐलान किया। यूपी में फिलहाल16 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जेवर में बना एयरपोर्ट प्रदेश का 5वां और देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इस अवसर पर सरकार के नौ साल के कार्यकाल के दौरान की उपलब्धियों वाली एक किताब का भी विमोचन किया गया। योगी ने कल से शुरू हो रहे नवरात्र के नौ दिनों तक सरकार के नौ साल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की। सुशासन और सुरक्षा का नया मॉडल मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो भी परिवर्तन हुआ है, वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, “आज रमजान का महीना है, जल्द ही ईद आने वाली है, लेकिन कहीं कोई हलचल या दंगे का भय नहीं है। यही सुशासन है।” उन्होंने बताया कि २०१७ से पहले पुलिस भर्तियां रुकी हुई थीं, लेकिन उनकी सरकार ने 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्ती की है और वर्तमान में 60,240 जवान ट्रेनिंग ले रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट: एक लाख करोड़ की कमाई की उम्मीद जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का गेम-चेंजर बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इससे भविष्य में एक लाख करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। उन्होंने पिछली सरकारों पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग ‘नोएडा’ जाने से डरते थे, लेकिन हमारी सरकार ने वहां जाकर निवेश का माहौल बनाया। आज देश के 55 फीसदी मोबाइल फोन नोएडा में बन रहे हैं। यूपी में अब 16 डोमेस्टिक और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स का जाल बिछ चुका है, जिसमें जेवर पांचवां और सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। विकास के आंकड़े: कृषि से लेकर रोजगार तक मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8.5% से बढ़कर 18% हो गई है। किसानों को अब तक 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। एमएसएमई (MSME) सेक्टर में लगभग 3 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। हर जिले में दो-दो कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे और संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने-खाने की मुफ्त व्यवस्था जल्द शुरू होगी। नौ दिन तक चलेगा जश्न, जनता से मांगे सुझाव सीएम ने घोषणा की कि नौ वर्ष पूरे होने का यह उत्सव नवरात्रि तक अनवरत चलेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांवों में जाएं और गरीब परिवारों, कारीगरों व महिलाओं को सरकार की लाभकारी योजनाओं के बारे में बताएं। उन्होंने कहा, “हमने प्रदेश को परिवार या जाति के चश्मे से नहीं देखा, बल्कि सबको समान अवसर और सुरक्षा दी है।”  

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