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अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम  सनातन विरोध वाले स्थानों पर नहीं जाती वर्तमान पीढ़ी: सीएम योगी अब नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाते हैं लोग: मुख्यमंत्री  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया में युद्ध चल रहे और हम कर रहे रामराज्य की अनुभूति अयोध्या/लखनऊ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चा भारतीय आनंदित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है।  राम मंदिर को अंधविश्वास बताने वाले सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है।  श्रीराम मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का बना प्रतीक  सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि भारत इसलिए भारत बना है, क्योंकि इसे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और भारत की आस्था ने सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में बनाए रखा। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ जुड़कर न केवल प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी के मन में भी आनंद की अनुभूति हो रही है। 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु आए उत्तर प्रदेश  सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करने उत्तर प्रदेश आए। अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुम्भ, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने जितने लोग आए, उतनी आबादी कई देशों की नहीं है। यह नया और बदलता भारत है। वर्तमान पीढ़ी अब दिग्भ्रमित नहीं है, वह सही दिशा में जा रही है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। लोग किसी ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाते, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। सीएम योगी ने बलिदान देने वाले रामभक्तों, संतों को किया नमन  सीएम ने राम मंदिर निर्माण यज्ञ में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों/श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले रामभक्तों के साथ ही संतों व दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल आदि को नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मां अमृतानंदमयी (अम्मा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भैया जी, श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों के पारिवारिक सदस्यों समेत हजारों रामभक्त मौजूद रहे।

PAK की नापाक साजिश: सेना की जासूसी के लिए दिल्ली से कश्मीर तक CCTV कैमरे लगाने की कोशिश

गाजियाबाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश जारी है. आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारतीय सेना की जासूसी की योजना बनाई थी।  जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दिल्ली और सोनीपत रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सोलर पावर्ड CCTV कैमरे लगाकर लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की योजना बना रहा था. इन कैमरों के जरिए सेना की मूवमेंट, हथियार और अन्य संवेदनशील जानकारी भेजी जानी थी।  पाकिस्तान ISI का जासूसी रैकेट का खुलासा  जासूसी नेटवर्क का संचालन सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर कर रहे थे. सुहैल मलिक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि साने इरम उर्फ महक इस नेटवर्क को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी. इसके अलावा प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार भी गिरफ्तार हुए हैं. पूछताछ में पता चला कि नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और नेपाल तक फैला हुआ था।  CCTV और GPS लोकेशन का इस्तेमाल आरोपियों ने रेलवे स्टेशन और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की लाइव वीडियो और GPS लोकेशन विदेश में बैठे हैंडलर्स को भेजी. इसके लिए मोबाइल फोन में एक खास एप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया था, जिसकी ट्रेनिंग ऑनलाइन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने दी थी. नेटवर्क के कई आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे छिपाकर लगाये. पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है।  14 मार्च से SIT की कार्रवाई इस मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब थाना कौशांबी पुलिस को भोवापुर इलाके में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली. इसके बाद BNS की धारा 61(2)/152 और ऑफिशियल एक्ट की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया गया. 5 युवक और 1 महिला को गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और महत्वपूर्ण लोकेशन मिलीं. इनके खिलाफ जांच के लिए एसआइटी गठित की गई. SIT में एसीपी रैंक के दो अधिकारी और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं. इसमें अपराध शाखा, खुफिया विभाग, साइबर क्राइम टीम और SWAT टीम की मदद ली जा रही है।  20 मार्च को 9 और आरोपी गिरफ्तार SIT ने 20 मार्च को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे. गिरफ्तार आरोपियों में गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति और दुर्गेश निषाद के नाम सामने आए. पूछताछ में पता चला कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर रेलवे और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करते और फोटो, वीडियो व GPS लोकेशन भेजते थे।  जासूसी नेटवर्क ने भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP विदेश भेजकर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने की योजना बनाई थी. इसके लिए आरोपी 500 से 5000 रुपये तक लेते थे. सिम कार्ड हासिल करने के लिए स्नैचिंग, एजेंट्स से प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदना और अपने या परिवार के नाम पर सिम लेना जैसे तरीके अपनाए गए. पैसे के लेन-देन के लिए UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सीधे खाते में पैसे नहीं लिए. इसके बजाय जन सेवा केंद्रों या दुकानों के जरिए ट्रांसफर कर नकद राशि हासिल की जाती थी।  मोबाइल, OTP और सिम कार्ड के जरिए जासूसी जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क ने तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपने साथ जोड़ा था, जैसे मोबाइल मैकेनिक, CCTV ऑपरेटर और कंप्यूटर से जुड़े लोग. इन युवाओं को पैसों के लालच और विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देशों के तहत शामिल किया गया. पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश में लगी हुई है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसके पीछे की साजिश की गहनता से जांच कर रही हैं. यह मामला देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 

आस्था का ऐतिहासिक केंद्र कैलादेवी शक्तिपीठ: नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु, लक्खी मेले की रौनक

करौली उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल कैलादेवी धाम करौली जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, जहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। इतिहासकार वेणु गोपाल शर्मा के अनुसार कैलादेवी माता की मूर्ति की स्थापना वर्ष 1114 ई. में महात्मा केदार गिरि ने की थी। इसके बाद 1116 ई. में खींची राजा मुकुंद दास ने मंदिर का निर्माण कराया, जबकि 1153 ई. में रघुनाथ दास खींची ने इसका विस्तार किया। बाद में 1753 में राजा गोपाल सिंह ने मंदिर को भव्य स्वरूप दिया। करौली राजघराने ने माता को कुलदेवी के रूप में स्थापित किया, जिसके बाद से मंदिर का महत्व लगातार बढ़ता गया। अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित इस धाम में माता कैलादेवी के साथ मां चामुंडा की प्रतिमा भी विराजमान है। मंदिर परिसर आज विशाल और भव्य स्वरूप में विकसित हो चुका है। कैलादेवी धाम में साल में दो बार मेला लगता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां लख्खी मेला भरता है, जो करीब 20 दिन तक चलता है। इस दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यहां लघु कुंभ जैसा दृश्य देखने को मिलता है। शारदीय नवरात्रि में भी करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। करौली राजपरिवार से जुड़े राजऋषि प्रकाश जती के अनुसार नवरात्रि में घट स्थापना के समय माता को धारण कराई गई पोशाक अष्टमी तक नहीं बदली जाती। इस दौरान माता के प्राचीन आभूषण भी धारण कराए जाते हैं। अष्टमी के बाद ही माता का विशेष शृंगार किया जाता है। मान्यता है कि विवाह, संतान प्राप्ति, नए वाहन पूजन या मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त माता के दरबार में दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। बच्चों का पहला मुंडन संस्कार भी यहां कराना शुभ माना जाता है। कैलादेवी धाम में भक्ति का अनोखा रंग लांगुरिया गीतों के रूप में देखने को मिलता है। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हैं। यहां भगवान कृष्ण को लांगुरिया के रूप में पूजा जाता है। माता के दर्शन के बाद बोहरा भगत के दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार इनके दर्शन के बिना कैलादेवी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलकर राधे-राधे से किया स्वागत

मथुरा ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की. राधा केली कुंज आश्रम में  दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत हुई. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद दोनों के बीच आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपरा को लेकर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही मनुष्य के जीवन के उद्धार का सरल मार्ग है। मुलाकात के दौरान आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया. इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं. इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे. मंदिर में उनका प्रवेश भोग घर द्वार से हुआ, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया. गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं. उस समय संकीर्तन मंडली द्वारा भजन गाए जा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूबा हुआ था. राष्ट्रपति ने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा की। प्रथम तल पर भी किया पूजन प्रेम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल ने श्री सीता-राम सहित अन्य विग्रहों के दर्शन किए. वहां भी उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की और परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया. अपने कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया. यहां मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. उन्होंने पूजा सामग्री अर्पित की और कुछ समय मंदिर में ध्यान भी लगाया. मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य को उन्होंने देखा और सराहा. इसके साथ ही उन्होंने कीर्तन भी सुना, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाएं रहीं सुदृढ़ राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं. ब्रज प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के साथ हुई, जिसने इस दौरे को खास बना दिया. यह मुलाकात आस्था और संवाद का संतुलित उदाहरण रही, जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद और संत परंपरा के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।

राम मंदिर से मजबूत होती हमारी सांस्कृतिक जड़ें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नवरात्र के प्रथम दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का पावन प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम अब धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है और यह मंदिर परिसर भारत की सनातन चेतना, ऊर्जा और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का पुनर्जागरण केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सभी आयामों में हो रहा है। राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का नमन करना और भारत माता का वंदन करना एक ही भाव है। देवभक्ति और देशभक्ति का मार्ग अलग नहीं, बल्कि एक ही है। राष्ट्रपति ने रामराज्य की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समरसता के सर्वोच्च आदर्शों को प्रस्तुत करता है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के रामायण में वर्णित आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह, जटायु के प्रति सम्मान, वानर सेना का सहयोग, जामवंत और यहां तक कि गिलहरी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उदाहरण एक सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी जीवन दर्शन को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, जो नवरात्र का प्रथम दिन है, इस पावन अवसर पर अयोध्या आकर वह स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों को रामनवमी के अवसर पर अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि है और आज यह वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय संदेश के कारण आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत वह भूमि है जहां शक्ति का अर्थ सृजन, आस्था का अर्थ करुणा और धर्म का सार समाज को जोड़ना है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय बताया।

जहां सनातन का विरोध, वहां नहीं जा रही नई जनरेशन: योगी आदित्यनाथ

अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। सीएम योगी ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। उन्होंने रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत इसलिए भारत बना है, क्योंकि इसे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और भारत की आस्था ने सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में बनाए रखा। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ जुड़कर न केवल प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी के मन में भी आनंद की अनुभूति हो रही है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करने उत्तर प्रदेश आए। अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुम्भ, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने जितने लोग आए, उतनी आबादी कई देशों की नहीं है। यह नया और बदलता भारत है। वर्तमान पीढ़ी अब दिग्भ्रमित नहीं है, वह सही दिशा में जा रही है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। लोग किसी ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाते, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। सीएम ने राम मंदिर निर्माण यज्ञ में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों/श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले रामभक्तों के साथ ही संतों व दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल आदि को नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया।

Droupadi Murmu on Ram Mandir: हमारी विरासत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण केंद्र

अयोध्या  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नवरात्र के प्रथम दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का पावन प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम अब धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है और यह मंदिर परिसर भारत की सनातन चेतना, ऊर्जा और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का पुनर्जागरण केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सभी आयामों में हो रहा है। राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का नमन करना और भारत माता का वंदन करना एक ही भाव है। देवभक्ति और देशभक्ति का मार्ग अलग नहीं, बल्कि एक ही है। राष्ट्रपति ने रामराज्य की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समरसता के सर्वोच्च आदर्शों को प्रस्तुत करता है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के रामायण में वर्णित आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह, जटायु के प्रति सम्मान, वानर सेना का सहयोग, जामवंत और यहां तक कि गिलहरी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उदाहरण एक सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी जीवन दर्शन को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, जो नवरात्र का प्रथम दिन है, इस पावन अवसर पर अयोध्या आकर वह स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों को रामनवमी के अवसर पर अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि है और आज यह वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय संदेश के कारण आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत वह भूमि है जहां शक्ति का अर्थ सृजन, आस्था का अर्थ करुणा और धर्म का सार समाज को जोड़ना है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय बताया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 गाड़ियां चोरी करने वाला ‘बकरा’ गैंग गिरफ्तार

मेरठ मेरठ में पुलिस और एसओजी टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना समेत चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर यूपी, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में करीब 100 वाहन चोरी करने का आरोप है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, बुधवार को थाना सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी टीम संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन मार्ग पर एक संदिग्ध क्रेटा कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने कार भगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन खेत में फंस गया। कार सवार बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी पुलिस के मुताबिक, कार सवार बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आस मोहम्मद उर्फ पप्पू उर्फ ‘बकरा’ (मेरठ), अजय तोमर (बागपत/दिल्ली), अरुण पंवार उर्फ पिंटू (मेरठ) और तोहसीफ (राजस्थान) के रूप में हुई है। नंबर प्लेट बदलकर दूसरे राज्यों में बेच देते थे पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी के वाहनों के पंजीकरण नंबर और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देता था। ये वाहन विशेष रूप से अवैध कारोबार और शराब तस्करी से जुड़े लोगों को बेचे जाते थे।गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से चोरी की एक क्रेटा कार, दो तमंचे और नगदी बरामद की गई है। बदमाशों पर इतने मुकदमे हैं दर्ज पुलिस के अनुसार, 10 मार्च को गांधी कॉलोनी निवासी प्रीति नारंग की क्रेटा कार चोरी हुई थी, जिसे यह गिरोह राजस्थान में बेचने की फिराक में था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय तोमर पर 34, आस मोहम्मद पर 13 और अरुण पंवार पर तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी है।  

रामपुर, गोरखपुर, आगरा और प्रयागराज सहित 10 जिलों के अधिकारियों से सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट, अहम निर्देश दिए

लखनऊ यूपी में आने वाले दिनों में एक के बाद एक बड़े धार्मिक पर्वों को देखते हुए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने प्रदेश के 10 संवेदनशील जिलों के अधिकारियों से हालिया घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी जुड़े. बैठक का फोकस साफ था कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द हर हाल में बनाए रखना। 10 जिलों पर खास नजर, मांगी गई रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लिया. उन्होंने संबंधित जिलों के अधिकारियों से इन घटनाओं पर अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया. सीएम ने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे माहौल को प्रभावित करती है, इसलिए हर शिकायत पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए, तभी कानून का असर जमीन पर नजर आएगा। त्योहारों को लेकर सख्त निर्देश बैठक में खास तौर पर चैत्र नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन अवसरों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति पैदा न होने पाए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की उद्दंडता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश को तुरंत रोका जाए और दोषियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए. प्रशासन को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। मंदिरों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष इंतजाम करने को कहा. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. भीड़ प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है, ताकि किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने. प्रमुख मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो परंपराएं पहले से चली आ रही हैं, उन्हीं का पालन सुनिश्चित किया जाए. इसका मकसद यह है कि किसी भी नई गतिविधि के कारण विवाद की स्थिति पैदा न हो। लाउडस्पीकर और स्टंटबाजी पर सख्ती सीएम योगी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों के भीतर ही रहनी चाहिए. यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है, तो तुरंत कार्रवाई करते हुए लाउडस्पीकर हटाए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने बाइक स्टंटबाजी पर भी सख्त नाराजगी जताई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर इस तरह की गतिविधियों को तुरंत रोका जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. बैठक में चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई गई. मुख्यमंत्री ने पीआरवी-112 वाहनों की गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी वारदात करने से पहले ही डर जाएं। एलपीजी सप्लाई पर भी सरकार सख्त मुख्यमंत्री ने एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए. कहीं भी कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारी अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां तय प्रोटोकॉल के तहत पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर चूक न हो. मुख्यमंत्री ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया. उन्होंने कहा कि गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं, समय पर धनराशि जारी हो और चारे सहित सभी जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. बैठक से पहले पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी कि चैत्र नवरात्र, ईद और रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार है. संवेदनशील इलाकों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।  

भंडारा स्थलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, डस्टबिन और जनसुविधाओं का विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को भव्य बनाएगी योगी सरकार  -राम यंत्र स्थापना को लेकर नगर निगम ने कीं व्यापक तैयारियां -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित अयोध्या बनाने हेतु विशेष अभियान –  राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, घाटों व प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान -प्रस्तावित मार्गों, अंडरपासों और चौराहों पर हाईटेक सफाई, एंटी स्मॉग गन व जल छिड़काव की व्यवस्था -श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, वाटर कूलर, वाटर कियोस्क और प्रकाश व्यवस्था की व्यापक सुविधा -आवारा पशुओं पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष प्रबंधन योजना -भंडारा स्थलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, डस्टबिन और जनसुविधाओं का विस्तार अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम यंत्र की स्थापना करेंगी। साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो। अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चल रहा है, जिसमें स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई शामिल है। सरयू तट पर जेटिंग मशीनों से घाटों की गहन धुलाई की जा रही है, ताकि स्नान घाट पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक दिखें। एंटी स्मॉग गन कर रहा धूल नियंत्रण प्रमुख चौराहों और अंडरपासों जैसे एयरपोर्ट अंडरपास, महोवरा अंडरपास, साकेत पेट्रोल पंप अंडरपास, अयोध्या धाम मेला क्षेत्र आदि पर हाईटेक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे हवा स्वच्छ रहे और यात्रा आरामदायक हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 वाटर कूलर लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या धाम क्षेत्र में 47 और फैजाबाद क्षेत्र में 31 शामिल हैं। इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं। अयोध्या धाम में 18 और फैजाबाद में 7 स्थापित किए गए हैं। ये सभी 24×7 निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों और भंडारा स्थलों पर वाटर टैंकर भी तैनात रहेंगे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज आवारा पशुओं, खासकर गोवंश, पर सख्त नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा, ताकि सड़कों पर कोई बाधा न रहे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज है, जिससे पैदल यात्रियों को सुगम मार्ग मिले। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाएं, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष सफाई और प्रबंधन योजना लागू है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान   नागेश्वर नाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भंडारा स्थलों पर नियमित सफाई, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से देशभक्ति गीतों के साथ स्वच्छता, अतिक्रमण न करने और पॉलीथीन मुक्त रहने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। घाट और अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और विभिन्न अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक लगे। सफाई कर्मचारियों की तैनाती राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर प्रस्तावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी राष्ट्रपति के प्रस्थान तक निरंतर सफाई कार्य सुनिश्चित करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी ड्यूटी का पर्यवेक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई चूक न हो। श्रद्धालु लेकर जाएंगे अच्छा अनुभव : नगर आयुक्त नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह दौरा राम मंदिर की भव्यता को नई ऊंचाई देगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अयोध्या न केवल राष्ट्रपति के स्वागत में भव्य दिखे, बल्कि हर आने वाले श्रद्धालु को ‘रामनगरी’ की दिव्यता और स्वच्छता का अनुभव हो। हमारी कोशिश है कि रामनवमी पर आने वाले सभी श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाएं। नगर निगम का विशेष सफाई और सजावट अभियान महामहिम राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम अयोध्या ने व्यापक तैयारियां कीं हैं। एक सप्ताह के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सरयू तट से लेकर पूरे नगर क्षेत्र में सफाई, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी वाटर कियास्क, वाटर एटीएम, वॉटर टैंक की सफाई एवं मरम्मत कराकर इस दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के उपयोग लायक बनाया गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न चौराहों, पार्को एवं महापुरुषों की मूर्तियों को सजाने का प्रबंध किया गया है। साढ़े आठ किलोमीटर लंबे आवागमन मार्ग को जगह-जगह फूलों, एवं हरियाली के प्रतीक पेड़-पौधों से सजाया गया है। स्वागत के लिए खड़े होने वाले नौनिहालों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल के विशेष इंतजाम किए गए हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या की आध्यात्मिक आभा के साथ ही विकास, सफाई, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य कार्यों के लिए हो रहे नवाचारों से प्रेरणा लें। इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। -महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महापौर नगर निगम अयोध्या

दहेज में एक रुपया, शगुन में नारियल: सहारनपुर में आर्मी के मेजर ने कैप्टन दुल्हन संग सादगी से की शादी

  सहारनपुर  सहारनपुर में अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई, जहां इंडियन आर्मी के मेजर ने केवल एक रुपए का शगुन लेकर कैप्टन रैंक की लड़की से विवाह किया. दहेज के नाम पर सिर्फ एक नारियल लिया गया और पूरे सादगी भरे समारोह में समाज को बड़ा संदेश दिया गया. यह मामला सरसावा क्षेत्र के मीरपुर गांव का है, जहां लोगों ने इस शादी को मिसाल बताया। बता दें कि मीरपुर गांव निवासी चौधरी ओमपाल सिंह भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और सरसावा आर्य जाट समाज विकास समिति के संयुक्त सचिव भी हैं. उन्होंने अपने बेटे मेजर मधुर चौधरी की शादी 16 मार्च 2026 को ब्रजमंडल की रहने वाली ज्योति सौरोत से कराई. खास बात यह रही कि शादी में दहेज बिल्कुल नहीं लिया गया, केवल एक रुपए का शगुन स्वीकार किया गया. दोनों ही भारतीय सेना में अधिकारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी तैनाती की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। परिवार के लोगों ने बताया कि दोनों परिवारों की मुलाकात धार्मिक यात्रा के दौरान मथुरा में हुई थी. बातचीत के दौरान जब ज्योति के परिवार ने बेटी के लिए योग्य रिश्ता तलाशने की बात कही, तब मधुर के परिवार ने बताया कि उनका बेटा सेना में मेजर है. यहीं से बातचीत आगे बढ़ी और धीरे-धीरे रिश्ता तय होकर शादी तक पहुंच गया। दूल्हे के पिता चौधरी ओमपाल सिंह ने कहा कि उनके लिए बहू ही सबसे बड़ा दहेज है. उन्होंने बताया कि उनका मकसद समाज को यह संदेश देना है कि लड़कियां बोझ नहीं होतीं और उन्हें पढ़ाकर आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने जीवन में ही तय कर लिया था कि वह कभी दहेज नहीं लेंगे और युवाओं से भी अपील की कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं। सेना से रिटायर्ड चौधरी ओमपाल सिंह ने समाज को दहेज मुक्त शादी का बड़ा संदेश दिया है. उनके बेटे मधुर चौधरी, जो सेना में मेजर हैं, की शादी एक महिला सैन्य अधिकारी से हुई. खास बात यह रही कि मेजर के पिता ने दहेज के नाम पर केवल 1 रुपया लेकर यह विवाह संपन्न कराया. ओमपाल सिंह ने कहा कि वे समाज को संदेश देना चाहते हैं कि बेटियों को पढ़ाकर गुणवान बनाएं ताकि वे बोझ न बनें।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर हाल में शांति सुनिश्चित करें, मुख्यमंत्री का प्रशासन को सख्त निर्देश

पर्व-त्योहार परंपरा के दायरे में, उपद्रव बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश, त्योहारों पर शांति सर्वोपरि, माहौल बिगाड़ने वालों के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई पुलिस बल को मुख्यमंत्री की दो टूक- अपराधियों में हो पुलिस की वर्दी का खौफ लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर हाल में शांति सुनिश्चित करें, मुख्यमंत्री का प्रशासन को सख्त निर्देश कोई घटना छोटी नहीं, हर सूचना का गंभीरता से लें संज्ञान: मुख्यमंत्री सफल न हों माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले, उपद्रवियों पर होगी कठोर कार्रवाई: मुख्यमंत्री एलपीजी की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में अच्छी व्यवस्था के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पर कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उद्दंडता और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा, ऐसी हर घटना के दोषियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के साथ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। साथ ही, धार्मिक आयोजनों में परंपरागत स्वरूप का ही पालन कराया जाए और किसी भी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए। बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने गुरुवार से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र, 20 मार्च को अलविदा की नमाज और 21 मार्च को ईद-उल-फितर के मद्देनज़र व्यापक तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया कि संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई का ब्यौरा लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे समाज का माहौल बिगाड़ती है, इसलिए हर शिकायत और हर घटना को गंभीरता से लिया जाए। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चेन स्नेचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने पीआरवी-112 वाहनों की निरंतर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपराधियों में पुलिस की वर्दी का खौफ होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही रखी जाए, अन्यथा सख्ती से हटाने की कार्रवाई की जाए। बाइक स्टंटबाजी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए। एलपीजी आपूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भी आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आमजन की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाए। अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित जिलाधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए नोडल अधिकारियों की तैनाती, समयबद्ध धनराशि भुगतान और गोवंश के संरक्षण, चारा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने को कहा। बैठक से पूर्व पुलिस महानिदेशक ने अवगत कराया कि चैत्र नवरात्र, ईद-उल-फितर और आगामी श्रीरामनवमी के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है तथा फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रीन एनर्जी, एआई, डिफेंस व शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं, कनाडाई पक्ष ने दिखाई गहरी रुचि

मुख्यमंत्री योगी से कनाडा के उच्चायुक्त की मुलाकात, यूपी में निवेश व टेक्नोलॉजी सहयोग पर जोर भारत-कनाडा साझेदारी को नई गति, उच्चायुक्त ने यूपी को बताया निवेश व इनोवेशन का उभरता केंद्र ग्रीन एनर्जी, एआई, डिफेंस व शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं, कनाडाई पक्ष ने दिखाई गहरी रुचि लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने बुधवार को भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत-कनाडा के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाओं पर जोर देते हुए उत्तर प्रदेश को एक उभरते निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने बीते वर्षों में आधारभूत संरचना, नीतिगत सुधार और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे यह वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है।  भेंट के दौरान उच्चायुक्त ने ग्रीन एनर्जी, एलएनजी/एलपीजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कनाडा के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग से कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा विनिमय को नई गति मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियां इसे वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। उच्चायुक्त ने यह भी कहा कि कनाडाई कंपनियां उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए सक्रिय रूप से अवसरों का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सतत ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में कनाडा की विशेषज्ञता, उत्तर प्रदेश की विकास आकांक्षाओं के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाती है, जिससे दोनों पक्षों के बीच एक मजबूत साझेदारी विकसित की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में उपलब्ध निवेश-अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधारों का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कनाडा की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना का उल्लेख करते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, स्थिर और उद्योग-अनुकूल नीति वातावरण सुनिश्चित कर रही है तथा कनाडा के साथ तकनीक, कौशल और नवाचार आधारित सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव संस्थागत समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

योगी सरकार का 9 दिवसीय भव्य आयोजन, नव निर्माण के नौ साल में हर जनपद में दिखेगा विकास

नव निर्माण के नौ वर्ष पर योगी सरकार कर रही प्रदेशभर में 9 दिवसीय भव्य आयोजन, हर जनपद में दिखेगी विकास की झलक 26 मार्च तक मेलों, प्रदर्शनी, संवाद, रोजगार और सम्मान कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला का होगा आयोजन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन, नोडल अधिकारी करेंगे समन्वय जनभागीदारी, योजनाओं के लाभ और भविष्य की विकास रणनीति पर रहेगा विशेष फोकस मुख्य सचिव की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को किया गया निर्देशित लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जनपदों में 26 मार्च 2026 तक भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विगत नौ वर्षों की अभूतपूर्व उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से आमजन को अवगत कराया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।  जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन निर्देशों के अनुसार, कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक परामर्शदाता समिति गठित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पक्ष शामिल होंगे।जनपद मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्री द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से साझा किया जाएगा। इस अवसर पर ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पर आधारित विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन एवं विकास पुस्तिका का विमोचन भी कराया जाएगा। जनपद स्तर पर लगेगी प्रदर्शनी सभी विभागों द्वारा जनपद स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार के 11 वर्षों एवं राज्य सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद में लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाओं के शिलापट्टों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। नौ दिवसीय मेले के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम (युवा, महिला, किसान, श्रमिक आदि) पर आधारित विचार गोष्ठियों एवं संवाद सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। सत्रों के मध्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, किसान सम्मेलनों में पशुपालन एवं गोसेवा के आर्थिक मॉडल के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें नस्ल सुधार के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु जनपदों की पौराणिक, सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को दर्शाती प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जाएगा। विशिष्ट व्यक्तियों को किया जाएगा सम्मानित नौ दिवसीय मेले में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा तथा उनकी सफलता की कहानियों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, दिव्यांगजन ट्राई साइकिल वितरण योजना, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप योजना, मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना आदि) से वंचित पात्र लाभार्थियों को जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा। आमजन से लिए जाएंगे सुझाव प्रदेश में दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास को गति देने के लिए आमजन से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य की विकास रणनीति को और सुदृढ़ किया जा सके। जनपदीय बैंकर समिति के समन्वय से ऋण मेलों का आयोजन तथा रोजगार एवं सेवायोजन विभाग के सहयोग से रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। विगत नौ वर्षों में जनपदों में प्राप्त निजी निवेश एवं धरातल पर उतारी गई अथवा प्रक्रियाधीन परियोजनाओं को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। मेले में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओसी) के तहत फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां पारंपरिक व्यंजनों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। लघु उद्यमियों के लिए भी विशेष कार्यक्रम नगरीय क्षेत्रों में ‘मिशन व्यापारी कल्याण’ के अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत स्तर पर व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों के लिए विभिन्न योजनाओं (प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना आदि) के लाभार्थी सम्मेलनों, टूलकिट वितरण, ऋण वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति में सांसद, विधायक अथवा विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजन सुनिश्चित किए जाएंगे तथा अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं का आयोजन कर विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कराया जाएगा। कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जनपद मुख्यालय, विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो विभागों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों को सफल बनाएंगे। साथ ही नामित वरिष्ठ नोडल अधिकारी जनपदों का भ्रमण कर कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे, ताकि सभी आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।

116 कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर, टाटा, हीरो, स्विगी, फ्लिपकार्ट सहित बड़ी कंपनियों ने किया प्रतिभाग

योगी सरकार के ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ में युवाओं को मिला अवसर 2527 युवाओं को मिला जॉब ऑफर, महिलाओं की सशक्त भागीदारी, 473 युवतियों ने विभिन्न सेक्टरों में पाई नौकरी ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के 56 युवाओं को मिला रोजगार, आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण का विस्तार, नई संस्थाओं से बढ़ेंगे अवसर कौशल विकास को डिजिटल बढ़ावा देते हुए ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ प्लेटफॉर्म हुए लॉन्च 116 कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर, टाटा, हीरो, स्विगी, फ्लिपकार्ट सहित बड़ी कंपनियों ने किया प्रतिभाग लखनऊ  योगी सरकार द्वारा  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसमें चार मंडलों के हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया तथा 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस वृहद रोजगार मेले में दिव्यांगजनों, महिलाओं और ‘जीरो पावर्टी’ (अत्यधिक गरीब) श्रेणी के युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। मेले में 116 कम्पनियों के द्वारा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 2527 युवाओं को जॉब ऑफर मिला। इसमें 473 महिलाओं ने भी मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में अपनी योग्यता से नौकरी पाई। ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों के 56 युवाओं के लिए यह दिन उनके जीवन का ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ, उन्हें यहां से एक सम्मानित करियर शुरू करने का मौका मिला। दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा और आकर्षक अवसर मेले में टाटा, हीरो,स्विगी, फ्लिपकार्ट समेत लॉजिस्टिक्स व हेल्थकेयर सेक्टर की 116 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक और कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ले चुके युवाओं का इंटरव्यू लिया। चयनित अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर 35-40 हजार तक के आकर्षक सैलरी पैकेज ऑफर किए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार हासिल कर चुके युवाओं से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया तथा कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों को उसी दिन जॉब लेटर प्रदान किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि वेतन, कार्यस्थल, रहने की व्यवस्था एवं अन्य शर्तों की पूरी जानकारी पहले ही पारदर्शी रूप में दी जाए, ताकि युवाओं को किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति न रहे। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास तंत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ का शुभारंभ किया। ‘कौशल दृष्टि’ एक निरीक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसके माध्यम से प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी। इस ऐप के जरिए प्रशिक्षुओं की उपस्थिति, प्रशिक्षण केंद्रों की आधारभूत संरचना तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। वहीं, ‘कौशल दर्पण’ एक उन्नत एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से संबंधित विभिन्न सूचनाओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें उत्तर प्रदेश का डिजिटल मानचित्र, कुल जनसंख्या, सक्रिय प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या तथा प्रमुख रोजगारपरक सेक्टरों की झलक उपलब्ध होती है। इसी तरह ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट आधारित डिजिटल सुविधा है, जो यूपीएसडीएम पोर्टल पर 24×7 उपलब्ध रहकर उपयोगकर्ताओं को त्वरित सहायता प्रदान करती है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया एवं रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।  कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद क्षमता से मिलती है। युवा झिझक और आत्मसंकोच को त्यागकर अपनी क्षमता पर विश्वास करें और पूरी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कड़ी मेहनत, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। मंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने करियर को लेकर धैर्य रखें और बिना बेहतर अवसर के नौकरी छोड़ने से बचें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों की बदलती मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके। प्रमुख सचिव डॉ हरिओम ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी हैं, जबकि कुछ निजी सहभागिता के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। इस वर्ष 22 नई आईटीआई तैयार हो चुके हैं, जिनमें लगभग 10,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि आगामी सत्र में 30 और आईटीआई प्रारंभ करने की योजना है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीकी कार्यशालाओं की स्थापना और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को लंबी कतारों से राहत मिली है। मेले में लगभग 80 बड़ी कंपनियां और 30-40 स्थानीय कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान कर रही हैं। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद योग्य अभ्यर्थियों को उसी दिन ऑफर लेटर प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश भर में लगभग 2000 प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लाखों युवाओं को अल्पकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें शीघ्र रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

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