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कैबिनेट की बैठक : अनुकम्पा नियुक्ति की कंडिका में किया गया संशोधन, छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का होगा गठन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके  निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1    मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है। 2    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।     CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है। 3    मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।     यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।     यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी। 4    मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया। 5    उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 6    जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।     ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। 7    मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि – नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। 8    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ एक नई क्रांति की शुरुआत, यक्ष की मुस्कान में चमकता नया छत्तीसगढ़

रायपुर, छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ एक नई क्रांति की शुरुआत हो रही है। भूख और कुपोषण की बेड़ियां टूट रही हैं, और बच्चों की आंखों में उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुपोषित छत्तीसगढ़ का सपना अब हकीकत बन रहा है। उनका कहना है, हर बच्चा स्वस्थ हो, यही सच्चा सुशासन है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह संकल्प अब धरातल पर उतर रहा है। दुर्ग की 77 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य दुर्ग जिले की 77 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में ग्राम पंचायत करेला की कहानी प्रेरणादायक है। कुछ महीने पहले, करेला के आंगनबाड़ी केंद्र 1 में पंजीकृत बालक यक्ष मध्यम कुपोषण से जूझ रहा था। उसका वजन मात्र 9.8 किलोग्राम था, और वह घर का खाना छोड़कर अस्वस्थ पैकेटबंद भोजन पर निर्भर था। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना ने बदली तस्वीर मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत यक्ष का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जिसने उसके जीवन में बदलाव की शुरुआत की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती दुर्गेश्वरी वर्मा और पर्यवेक्षक श्रीमती ममता साहू ने यक्ष के माता-पिता को पोषण का महत्व समझाया और घरेलू तरीकों से पौष्टिक भोजन तैयार करने की विधि सिखाई। ग्राम सरपंच डॉ. राजेश बंछोर ने पोषण खजाना योजना के अंतर्गत दाल, गुड़, और मूंगफली जैसी पौष्टिक सामग्री उपलब्ध कराई। जिससे यक्ष की सेहत में अभूतपूर्व बदलाव आया।नियमित आंगनबाड़ी केंद्र में भेजे जाने के बाद यक्ष में खाने की रुचि जागी। समूह भोजन के माहौल, सुबह अंकुरित अनाज, रेडी-टू-ईट पोषण आहार और माँ के स्नेह से तैयार भोजन ने उसकी सेहत को नई दिशा दी। आज यक्ष का वजन बढ़कर 11.5 किलोग्राम और लंबाई 89 सेंटीमीटर हो गई है। वह अब पूरी तरह सुपोषित है। उसकी चमकती आँखें और चेहरे पर खिलती मुस्कान न केवल उसके स्वास्थ्य, बल्कि नए छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की गवाही दे रही हैं। परिवार ने जताया शासन का आभार यक्ष के परिवार ने भावुक होकर शासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, समय पर मिली इस मदद ने हमारे बच्चे को नया जीवन दिया। अगर यह सहायता नहीं मिलती, तो शायद हमारा यक्ष आज भी कमजोर और बीमार होता। सुपोषित छत्तीसगढ़ की दिशा में बढ़ता कदम यक्ष की कहानी केवल एक बच्चे की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उन तमाम बच्चों की है, जिनके लिए शासन की योजनाएं जीवन में नई रोशनी ला रही हैं। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का यह अभियान न केवल बच्चों की सेहत सुधार रहा है, बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की नींव भी रख रहा है।

अब सुकून से बीता रहे हैं जीवन बुचू राम : प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से सपना हुआ साकार

रायपुर, हर किसी का सपना होता है एक पक्का घर और जब यह सपना साकार होता है तो ज़िंदगी में नई उम्मीदें और सुकून भर जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पण्ड्रापाठ के बुचू राम का जिनका वर्षों पुराना सपना प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से अब हकीकत बन चुका है। बुचू राम पहले अपने पुराने, कच्चे और जर्जर मकान में पत्नी और बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे। बरसात के मौसम में टपकती छत, चारों ओर पानी और असहज माहौल ने उनका जीवन कठिन बना रखा था। सीमित आय और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह खुद का पक्का मकान बनाने की कल्पना भी नहीं कर पा रहे थे। लेकिन साल 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें मकान निर्माण के लिए स्वीकृति मिली। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक ने उनके दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन पंजीयन कराया और कुछ ही समय बाद उनके खाते में पहली किस्त की राशि पहुंच गई। बुचू राम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बैंक जाकर जब खाते में राशि देखी तो आंखों में खुशी के आंसू आ गए। सरकारी सहायता और मनरेगा की मजदूरी मिलाकर उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। अब वे अपने परिवार के साथ न केवल सुरक्षित और मजबूत छत के नीचे रह रहे हैं, बल्कि बरसात के मौसम में भी बिना किसी चिंता के चैन की नींद ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ दूरस्थ अंचलों के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंच रहा है। इस योजना ने बुचू राम जैसे अनेक लोगों को सम्मान से जीवन जीने का अवसर दिया है। बुचू राम ने मुख्यमंत्री और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, जिस घर की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, वह आज मेरे सामने खड़ा है। सरकार ने मेरी अंधेरी जिंदगी में उजाला ला दिया है।

अपहरण किए 12 ग्रामीणों को नक्सलियों ने किया रिहा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने मंगलवार को तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया. वारदात को अंजाम देकर 12 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया और उन्हें जंगल लेकर आ गए. नक्सलियों ने अब उन सभी लोगों को रिहा कर दिया है. सभी सकुशल अपने घर लौट गए हैं. हत्या और अपहरण की घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने आज तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी. इसके बाद उन्होंने गांव के 12 लोगों का अपहरण किया और उन्हें जंगल लेकर आए. बताया जा रहा है कि करीब 7 लोगों के साथ मारपीट की गई. हालांकि अब सभी ग्रामीण सुरक्षित गांव पहुंच गए हैं. नक्सलियों ने 12 ग्रामीणों का अपहरण करने से पहले तीन ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया था. हत्या की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है. ये हैं मृतकों के नाम..     जग्गू मोडियाम     अनिल मंडावी     सोमा मोडियाम  

नक्सलमुक्त भारत अभियान: मुठभेड़ में चलपती की पत्नी समेत 3 बड़े नक्सली ढेर

रायपुर/ अल्लूरी  छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुकमा लगे एएसआर जिले के देविपटनम के कोंडामोडालु गांव के मारेडमिली के जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में नक्सली चलपति की पत्नी अरुणा समेत तीन बड़े नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. अल्लुरी सीताराम जिले के SP ने की मुठभेड़ की पुष्टि की है. चलपती की पत्नी समेत 3 बड़े नक्सली ढेर यह मुठभेड़ बुधवार तड़के किंटुकुरु गांव (मारेडुमिल्लि और रामपचोड़ावरम क्षेत्र के बीच), अल्लूरी सीताराम राजू जिले में हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में 16 माओवादियों के एक समूह को देखा और लगभग 25 मिनट तक फायरिंग चली. इसके बाद मौके पर तीन शव मिले, इनकी पहचान नक्सली चलपति की पत्नी रावी वेंकट चैतन्य उर्फ अरुणा (SZCM, AOBSZC), अंजू (ACM / AOBSZC) और जोनल कमेटी के सदस्य गजराला रवि उर्फ उदय के रूप में हुई. वहीं बाकी माओवादी जंगलों में भाग निकले, और क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है. इस मुठभेड़ में रवि के अलावा छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में मारे गए पोलित ब्यूरो सदस्य अप्पा राव उर्फ चलपति की पत्नी अरुणा उर्फ वेंकट चैतन्य या रवि चैतन्य भी मारी गई। अरुणा आंध्र प्रदेश ज़ोनल कमेटी की सदस्य थी। इस मुठभेड़ में एक नक्सली अंजू भी मारा गया है। गजराला रवि उन माओवादी नेताओं में शामिल था, जिन्होंने पीपुल्स वार ग्रुप में रहते हुए, 2004-05 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार से शांति वार्ता में भाग लिया था। पुलिस का दावा है कि सुरक्षा बलों ने मारेडुमिल्ली और रामपचोदावरम के बीच स्थित किंतुकुरु गांव के पास माओवादियों के एक 16-सदस्यीय दल को देखा। लगभग 25 मिनट तक चली गोलीबारी के बाद, तीन शव बरामद हुए, जिन्हें उदय, अरुणा और अंजू के रूप में पहचाना गया। पुलिस का दावा है कि मौके से एके-47 राइफलें और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं. क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। बता दें कि बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर सुधाकर उर्फ नर सिंहाचलम मारा गया था। वो तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में वांटेड था। सुधाकर पर 1 करोड़ रुपए का इनाम भी घोषित था। वहीं 12 दिन पहले बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने 45 लाख रुपए के इनामी नक्सली भास्कर (45 साल) को भी मार गिराया। मुठभेड़ इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में हुई, यहां जवानों ने भास्कर के शव के साथ ही ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए थे। भारी मात्रा में हथियार बरामद यह मुठभेड़ मारेडुमिल्लि थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई. मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया गया. मुठभेड़ की पुष्टि आंध्र के अल्लुरी सीताराम जिले के एसपी ने की है.  मोस्टवांटेड नक्सली गजराला रवि गजराला रवि, नक्सलियों के आंध्र ओडिसा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव था. यानी कि आंध्र ओडिसा बॉर्डर में सबसे बड़ा नक्सली था. आंध्र ओडिसा बॉर्डर पर जितनी भी नक्सली घटनाएं होती थी वो गजराला रवि के इशारे पर ही होती थी. साथ ही वो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का सदस्य भी है. जो कि नक्सलियों का सैन्य विंग है. 400 लोग परेशान गजरला रवि AK-47 लेक चलता था, ये एनआईए का मोस्टवांटेड नक्सली था. इसे सैन्य रणनीतिकार और पार्टी के विचारक के रूप में भी जाना जाता था पोलित ब्यूरो के सदस्य राम कृष्णन के साथ मलकानगिरी में हमले के दौरान मौजूद था. वहीं गजरला को नए सिरे से भर्ती और सुरक्षा तैनाती के साथ मलकानगिरी क्षेत्र का पुनर्निर्माण करने की ज़िम्मेदारी थी.  

मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपये की घोषणा मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित

रायपुर : मुख्यमंत्री ने सार्थक एवं रक्षक अभियान का किया शुभारंभ बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल-  मुख्यमंत्री आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।  इस अवसर पर विधायक सर्वसुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आज ‘‘महिला एवं बाल केन्द्रित नवीन कानून’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम के मार्गदर्शन संपन्न हुआ।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की अपेक्षा पुलिस से होती है और उन अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी। उन्होंने कहा कि कानून ही एक मात्र ऐसा रास्ता है जिससे परेशानी को समय से पहले रोका जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी अपने जिले में ऐसी कार्रवाई करें जिससे पूरी दुनिया सीख ले। उन्होंने कहा कि सुरक्षा है तो जीवन है, उन्नति है, खुशियां है, संसाधन है। पूरे समाज में  पुलिस ही एक मात्र ऐसी संस्था है, जिसके अधिकारी व कर्मचारी समाज सेवा में अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं। आज इस महत्वपूणग् विषय पर जो कार्यशाला आयोजित की गई। यहां से काफी सारी चीजें सीखने को मिलेंगी। पुलिस की ताकत कानून की किताब से है और इसमें जो प्रावधान हैं, उसे दृढ़ता के साथ लागू करने की अपेक्षा करता हूं।  कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अपराध अनुसंधान एवं नारकोटिक्स के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने महिला एवं बाल सुरक्षा की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस एवं राज्य शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए नवीन महिला थाना, महिला हेल्पडेस्क, परिवार परामर्श केन्द्र, एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने कार्यशाला में कहा कि नवीन कानून में महिला एवं बाल अपराधों को प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए एक पृथक से अध्याय बनाया गया है और बहुत ही शुरूआती धाराओं में इस अपराध को रखा गया, जो यह बताता है कि महिला को न्याय दिलाया जाना कितना महत्वपूर्ण है। नवीन कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है, किन्तु असली चुनौती न्यू क्रिमिनल लॉ को उसके रियल स्प्रिट में पूरी तरह से लागू किया जाना है। साक्ष्य को घटनास्थल से कैसे हम कोर्ट तक पहुंचा पायें इस हेतु हमारे विवेचनाधिकारी को पूरे प्रक्रिया की समझ होनी चाहिए, ताकि बचाव पक्ष को कोई अवसर न मिल सके और इस दिशा में यह कार्यशाला बहुत उपयोगी होगी। यूनिसेफ, छत्तीसगढ़ प्रुमख विलियम ने कहा कि यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ पुलिस बाल संरक्षण की दिशा में काफी लंबे समय कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि समाज में चाईल्ड प्रोटेक्टिव वातवरण निर्मित करने की दिशा में चाईल्ड फ्रेण्डली प्रोसिजर को अपनाये जाने की आवश्यकता है। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सौ से अधिक थानों में विकसित चाईल्ड फ्रेण्डली थानों का भी जिक्र किया।  कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला एवं सर्वाेच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अनंत अस्थाना को विशेष रूप से आमंत्रित किए गए थे। कार्यशाला में विभिन्न जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारी एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।  इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ओ.पी. पाल, अंकित गर्ग, अमरेश मिश्रा, धुु्रव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती मिलना कुर्रे, श्रीमती पारूल माथुर, गिरिजाशंकर जायसवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल एवं पुलिस मुख्यालय व यूनिसेफ के अन्य अधिकारी, कर्मचारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई 43 निजी भू स्वामियों से 54 लाख रुपए अर्थदण्ड  शासकीय भूमि में 14 स्थानों पर अवैध रेत भंडारित करने वालों को एक करोड़ 64 लाख रुपए का जुर्माना खनिज विभाग द्वारा की गई जब्ती की कार्रवाई रायपुर रेत खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खजिन विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। संयुक्त टीम द्वारा 15 जून को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बरबसपुर में अवैध रेत भण्डारण का ग्राम सरपंच, कोटवार एवं ग्रामवासियों के समक्ष जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम बरबसपुर में 43 भू-स्वामियों के निजी भूमि एवं 14 शासकीय भूमि में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जाना पाया गया। जिसमें भूमिस्वामियों पर 54 लाख रुपए से अधिक का अर्थदण्ड तथा शासकीय भूमि पर रेत के अवैध भण्डारण के मामले में 1 करोड़ 64 लाख 25 हजार रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।  

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा

उत्तर बस्तर कांकेर  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले  में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। उक्त संबंध में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा बताया गया कि जिले में औसतन 1200-1300 मिमी वार्षिक वर्षा होती है, फिर भी जिले में जल संकट की स्थिति बनी रहती हे। इसके पीछे अनियमित मानसून, पहाड़ी क्षेत्रों में तीव्र सतही जल बहाव और घटती भूजल पुनर्भरण जैसे कारण है। यह संकट अति गंभीर है, जहां अत्यधिक जल बहाव, मिट्टी में नमी बनाए रखने की क्षमता का कम होना और क्षतिग्रस्त जलग्रहण क्षेत्र, अनियमित मानसून कृषि को अलाभकारी बना देती है। उन्होंने बताया कि इस वर्षा ऋतु जल संरक्षण का अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य है, इसके लिए जिले की सभी 454 ग्राम पंचायतों में 02 से 05 जून तक चार दिवसीय उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोज़ित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी 454 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों, बिहान समूह के सदस्यों और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण और जल संचयन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी द्वारा बताया गया कि मोर गांव, मोर पानी की मुख्य विशेषता यह है कि यह सामुदायिक नेतृत्व वाली योजना है। इस अभियान में योजनाओं का निर्माण और कार्यान्वयन स्थानीय समुदाय के नेतृत्व में होता है। इसी प्रकार वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण के तहत जल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकां का उपयोग किया जाता है। युक्तधारा पोर्टल का उपयोग करके डेटा इकट्ठा किया जाता है, जो बेहतर योजना और निगरानी में मदद करता है। वाटरवेल पोर्टल का उपयोग जल स्रोतों की निगरानी या प्रबंधन के लिए किया जाता है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के ओपन सोर्स टूल्स का उपयोग मानचित्रण और स्थानिक विश्लेषण में सहायक होता है। साथ ही योजनाओं का अभिसरण विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ लाकर एकीकृत परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया जाता है। क्षमता निर्माण और संस्थागत सशक्तीकरण व्यक्तियों की क्षमताओं को बढ़ाने और स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है। जल संरक्षण के प्रयासों को सीधे लोगों की आजीविका सुधारने से जोड़ा गया है। इसके लिए निरंतर निगरानी लागू की गई पहल की लगातार निगरानी और मूल्यांकन किया जाता है। मोर गांव मोर पानी अभियान एक समग्र, समुदाय केंद्रित और तकनीकी रूप से उन्नत दृष्टिकोण अपनाकर जल संरक्षण और प्रबंधन को सुनिश्चित कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले में लगातार विकास हो रहा है, जिला प्रशासन के प्रयास से जिले को जल संकट से जल्द ही निदान मिल जाएगा। अपेक्षित परिणाम – बेहतर जल सुरक्षा और मृदा प्रबंधन के तहत जल संचयन और भूमि उपचार के माध्यम से कृषि उत्पादकता और जल उपलब्धता बढ़ेगी। इसी प्रकार स्थायी परिसंपत्ति निर्माण से टिकाउ जल संरचनाओं और प्राकृतिक संसाधन प्रणालियों का निर्माण होगा। आजीविका संवर्धन से बेहतर जल उपलब्धता और आजीविका परिसंपत्तियों से ग्रामीण रोजगार और आय में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय और स्वामित्व का सुदृढ़ीकरण से पंचायती राज संस्थाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों की क्षमता में वृद्धि होगी, इससे स्थानीय विकास कार्यों में उनकी भागीदारी और नेतृत्व मजबूत होगा और वे अपने गांव के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।

’डीएमएफ से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम’

रायपुर : ‘कोरबा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम’ ’108 स्कूलों को मिलेंगे , 17 करोड़ की स्वीकृति से सजेगा बच्चों का भविष्य’ ’डीएमएफ से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम’ रायपुर समावेशी बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप कोरबा जिले में अब स्कूलों की तस्वीर बदलने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के 108 शैक्षणिक संस्थानों के लिए 17 करोड़ 08 लाख 94 हजार रुपए की लागत से नए भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) से प्रथम चरण में सभी विकासखंडों के लिए भवन निर्माण स्वीकृत करते हुए विभिन्न विभागों को क्रियान्वयन एजेंसियां नियुक्त करने और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। ’जर्जर भवनों की जगह बनेंगे आधुनिक स्कूल’ इस योजना के तहत पुराने और जीर्ण-शीर्ण भवनों को हटाकर नए और सुरक्षित भवनों का निर्माण किया जाएगा। इससे बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। इस पहल के अंतर्गत पाली, पोड़ी उपरोड़ा, कटघोरा, करतला, कोरबा और नगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा के प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में भवन निर्माण कार्य शामिल है। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए औसतन 15 लाख से 15.65 लाख रुपए तथा माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15.85 लाख से 16.60 लाख रुपए तक की राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत कार्याे में पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत चोढ़ा के अंतर्गत ग्राम भदरापारा छिंदपानी, भादाकछार छिंदपानी, तालाबपारा, छिंदपानी, ग्राम पंचायत पोटापानी अंतर्गत बरहामुड़ा, ग्राम पंचायत भण्डारखोल अंतर्गत जरमौहा, लाफा के गोंदिलहापारा, कोरबी के झालापारा, बड़ेबांका के कटेलपारा में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत कोरबी में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15 लाख 85 हजार, नोनबिर्रा में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15 लाख 85 हजार, ग्राम पंचायत पोड़ी में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नए माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत किए गए है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के खिरटी पंचायत के रनईपारा, ग्राम पंचायत परला के ललमटटापारा, ग्राम पंचायत सारिसमार के बंशीपेन्द्रो में एवं ग्राम पंचायत सरभोका के आश्रम में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख,  ग्राम पंचायत मेरई अंतर्गत मुडमिसिनी, पचरा के नदियापार, मानिकपुर के शाहीपुर, खिरटी के पण्ड्राआमा, कोडगार के महादेवपारा, ग्राम पंचायत पसान के गोलाबहरा, दर्रीपारा, बालमपुर, पोड़ीकला के पोड़ीपारा, बरदापखना,  सैला के पथराडांड, अडसरा के घाघरा, रानीअटारी, जटगा के बरेलियापारा, मेरई के ठाकुरदईयापारा, साखो के बरभांठा, मदनपुर के कोदवारीपारा, कटोरीनगोई के कुकरीकाडर, कोडगार के पहाड़पारा, घुंचापुर के लालपुर, मोरगा के जूनापारा, भुलसीभवना,  गुड़रूमुड़ा के कोड़ा, धजाक के जामबहार, मिसिया के करमीपारा, सिंधिया के कर्रा, ग्राम पंचायत केन्दई के केन्दई व आश्रित ग्राम रामभांठा, टिहलीसराई, पचरा के खुरूभांठा, लेपरा के नानलेपरा, सिर्री के बांधपारा, लैंगी के मोहनपुर में ग्राम पंचायत लाद, ग्राम पंचायत अटारी में पुराना भवन विनिष्टीकरण व नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए प्रत्येक संस्थान हेतु 15 लाख 65 हजार, ग्राम पंचायत सुतर्रा व अमलडीहा में नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 85 हजार, ग्राम पंचायत मानिकपुर, सरभौंका, गिधमुड़ी, कुम्हारीसानी, लेपरा, सारिसमार, नगोईबछेरा, एवं ग्राम पंचायत केन्दई के टिहलीसराई, मोरगा के भुलसीभवना, ग्राम पंचायत कोनकोना के बरौदखार, खोडरी प के खम्हरिया, अमलीकुण्डा के अमलीकुण्डा बसाहट व झुनकीडीह, मातिन के मातीन बसाहट व लोड़ीबहरा में पुराने भवन विनिष्टीकरण व नवीन माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए प्रत्येक संस्थान हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। विकासखंड कटघोरा के ग्राम पंचायत बाता एवं ग्राम पंचायत खैरभौना के पड़निया में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख,  ग्राम पंचायत बिरदा एवं छुरीखुर्द में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख65 हजार, ग्राम पंचायत कनबेरी, अरदा एवं ग्राम पंचायत खैरभौना के पड़निया में नवीन माध्यमिकशाला निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 85 हजार एवं ग्राम पंचायत कटसिरा एवं बाता में नवीन माध्यमिकशाला निर्माण हेतु 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत तुमान के भांठापारा, बीरतराई के कचोरा, खरवानी के सरईपाली, सुपातरर्इ्र के तिल्हापतई, चिचोली के ठिठोली, नोनबिर्रा के बनियापारा, दमखांचा के दमखांचा बसाहट व खरहरकूड़ा, ग्राम पंचायत फुलझर, कनकी के बालक आश्रम कनकी, औराई के गनियारी, मुकुन्दपुर के कुरूडीह, रीवापार के दर्राभांठा ग्राम पंचायत रोगदा व पंचपेड़ी में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 15 लाख 65 हजार की राशि, ग्राम पंचायत सुपातराई, तरदा, खरवानी, कोटमेर, घाठाद्वारी, दमखांचा एवं ग्राम पंचायत जामपानी के छातापाठ में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन माध्यमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 16 लाख 60 हजार राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। विकासखंड कोरबा के ग्राम पंचायत तौलीपाली, ग्राम पंचायत बासीन के रनगढ़हा, जामबहार के रोगबहरी, बेला के टापरा, ग्राम पंचायत चाकामार व आश्रित ग्राम हाथीमुड़ा में नवीन प्राथमिकशाला भवन निर्माण हेतु 15-15 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्राम पंचायत चाकामार व तिलईडाड़ में पुराना भवन विनिष्टीकरण सहित नवीन माध्यमिकशाला भवन निर्माण हेतु प्रत्येक संस्थान के लिए 16 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। नगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांकी साईड में 02 कक्ष का नया भवन सहशौचालय निर्माण हेतु 18 लाख 32 हजार एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांगरा में 02 कक्ष का नया भवन सह शौचालय निर्माण हेतु 18 लाख 32 हजार राशिकी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन भवनों की स्वीकृति उन क्षेत्रों में दी गई है जहाँ लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व पालक पुराने व जर्जर विद्यालय भवनों को हटाकर नए भवनों की मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा 18 जून  को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प विशेष रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित होगा।   विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में अलर्ट एस.जी.एस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा दिव्यांगजनों को घर बैठे एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह कार्य पूरी तरह से कमीशन आधारित होगा, जिसमें कार्य की मात्रा के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाएगा। योग्यता और आवश्यक दस्तावेज इस कैम्प में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी इच्छुक 12वीं उत्तीर्ण दिव्यांग अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। उन्हें अपने साथ 12वीं की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड दस्तावेजों की फोटोकॉपी एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। कैम्प में आने-जाने, भोजन और ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालयीन समय में विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर से दूरभाष क्रमांक +91-0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन, 20 जून तक करें ऑनलाइन पंजीकरण

महासमुन्द ग्यारहवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस महासमुन्द जिले में आगामी 21 जून 2025 को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योगा संगम” एवं “हरित योग” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य योग को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए जनसामान्य के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस बार योग दिवस का मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम ऐतिहासिक नगरी ‘सिरपुर’ में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के विकासखंड, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी भव्य योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।इन सभी आयोजनों की जानकारी एवं सहभागिता का विवरण  http://yoga.ayush.gov.in/yoga&sangam पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाना है। जिले के सभी नागरिक, शासकीय एवं निजी संस्थान, विद्यालय तथा महाविद्यालय 20 जून 2025 तक ऑनलाइन पंजीकरण कर कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। यह पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह सरल, त्वरित एवं डिजिटल है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिक बिना किसी कठिनाई के अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के समस्त ग्राम पंचायतों, नगर एवं जनपद मुख्यालयों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे योग संगम पंजीकरण पोर्टल पर नागरिकों का अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करें और उन्हें कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने विभाग प्रमुखों, ग्राम पंचायत सचिवों, सरपंचों, जनपद सीईओ, स्कूल प्राचार्यों एवं महाविद्यालय प्रशासन से आह्वान किया है कि वे इस आयोजन को जन आंदोलन का रूप दें। कलेक्टर ने जिले के प्रत्येक कोने से एवं प्रत्येक वर्ग से जन सहभागिता सुनिश्चित करने अपील की है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का योग दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आओ जुड़ें योग से – स्वस्थ तन, सुखी मन और सशक्त समाज के लिए!

महासमुंद : स्कूल बसों का भौतिक निरीक्षण 22 जून को, शिविर सरायपाली में आयोजित

महासमुंद जिले में संचालित स्कूल बसों की सुरक्षा और मानकों की जांच सुनिश्चित करने हेतु परिवहन विभाग द्वारा 22 जून 2025 को निरीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर सरायपाली स्थित प्रतिभा पब्लिक स्कूल परिसर में सुबह 9ः00 बजे से दोपहर 3ः00 बजे तक आयोजित होगा। जिला परिवहन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिविर सरायपाली और बसना तहसील के अंतर्गत संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों की स्कूल बसों के भौतिक निरीक्षण हेतु आयोजित किया गया है। इस दौरान प्रत्येक स्कूल बस का तकनीकी परीक्षण, फिटनेस जांच एवं सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल प्रबंधन, वाहन मालिकों, वाहन चालकों एवं परिचालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि पर वाहन तथा सभी वैध दस्तावेजों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई वाहन शिविर में प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो उस वाहन का फिटनेस निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। 

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