LATEST NEWS

अब एमपी पुलिस सीएम-मंत्रियों को नहीं देगी सलामी

मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरामध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है।सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामीबता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी।

बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों की ढील कड़ी से पंप रहा साइबर ठगी का मकड़ जाल

भोपाल  साइबर ठगी के जाल में लोग हर पल फंस रहे हैं। ऑनलाइन बिजली का बिल भरने से लेकर होटल की बुकिंग तक में साइबर ठगों का जाल फैला हुआ है। जांच में सामने आया है कि ठगी का यह जाल बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों की ढील से फैल रहा है, क्योंकि बैंक नियमों को ताक में रखकर बिना सत्यापन किए ही खाते खोल रहे हैं। साथ ही एसटीआर की जांच भी नहीं हो रही है। टेलीकॉम कंपनियां भी बिना संपूर्ण सत्यापन के सिम जारी कर रही हैं। खाते और नंबर के इन्हीं हथियारों का फायदा उठाकर ठग वारदात करते हैं। वहीं लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस भी संख्या बल की कमी से जूझ रही है। बीते एक साल में ऐसे केस में 93 गिरफ्तारियां हुईं बीते एक वर्ष में भोपाल साइबर क्राइम सेल में साढ़े पांच हजार से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इनमें महज 61 एफआईआर ही दर्ज की गई हैं और इन मामलों में 93 गिरफ्तारियां हुई हैं। जिस सेल में रोजाना करीब 30 शिकायतें पहुंच रही हैं, वहां तीन महीने से एक भी इंस्पेक्टर नहीं है। जिन चुनिंदा मामलों में पुलिस हस्तक्षेप कर अपराधियों को पकड़ने का प्रयास करती है, उनमें क्राइम ब्रांच के ही इंस्पेक्टरों को कमान सौंप दी जाती है। बैंक और टेलीकॉम कंपनियों की चूक बैंक : कई निजी बैंकों के कर्मचारी लक्ष्य पूरा करने के लिए बिना केवाईसी और फिजिकल वेरीफिकेशन के खाते खुलवा देते हैं, जबकि आरबीआई की एडवाइजरी के अनुसार ई-केवाईसी आवश्यक है। ठगी के लिए उपयोग किए जाने वाले फर्जी बैंक खातों के लेनदेन के लिए आरबीआई ने एसटीआर (सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट) की व्यवस्था शुरू की है। यदि बैंक खातों में अचानक बढ़ते हुए लेन-देन की जानकारी पुलिस से साझा की जाए तो इस पर भी लगाम लगाई जा सकती है। फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाने का एक बड़ा मामला हाल ही में भोपाल में सामने आया था, जहां एक गिरोह दो साल से देशभर में 1800 से अधिक खाते खुलवा चुका था। उसे भोपाल पुलिस ने पकड़ा था। टेलीकॉम कंपनी : साइबर अपराध की पहली कड़ी फोन काल से ही जुड़ी है। टेलीकॉम कंपनियां बिना पुख्ता सत्यापन के सिमें उपलब्ध कराती हैं। इन्हीं सिमों का उपयोग कर लोग ठगी को अंजाम देते हैं। फर्जी तरीके से सिमों की खरीदी बंद होने से अपराध में आएगी कमी     साइबर अपराध रोकने के लिए बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि फर्जी तरीके से सिमों की खरीदी बंद हो और बैंक भी लेनदेन की जानकारी उपलब्ध कराएं तो अपराध में निश्चित ही कमी आएगी। हमारे पास पुलिस बल सीमित हैं। एक दिसंबर से थानों में साइबर डेस्क शुरू होगी तो साइबर क्राइम सेल का भार कम हो सकेगा। हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त  

एक जिला-एक उत्पाद :बुरहानपुर के केलों की मिठास अब सबकी जुबां पर

भोपाल एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुमंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुभव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।  

राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड संस्कृत शिक्षा को दे रहा है बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड अरूण, उदय और प्रभात कक्षाओं का संचालन 53 चयनित एजुकेशन फॉर ऑल (ईएफए) स्कूल में कर रहा है। इन विद्यालयों में संस्कृत माध्यम की कक्षाएं इस वर्ष शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हो गई हैं। देश की सांस्कृतिक विरासत में संस्कृत भाषा का प्राचीन काल से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत भाषा के विस्तार के लिये विशेष प्रावधान रखे गये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उल्लेख किया गया है कि संस्कृत भाषा केवल संस्कृत पाठशाला एवं विश्वविद्यालयों तक सीमित न रहे बल्कि इसे मुख्य धारा में लाया जाये। इसके अनुपालन में प्रदेश में प्री-स्कूल के 3 वर्ष तथा कक्षा 1 और 2 के 2 वर्ष इस प्रकार बच्चे की उम्र 3 से 8 वर्ष की अवधि में बच्चों को संस्कृत माध्यम से पढ़ाई कराये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत माध्यम के विद्यालयों के संचालन की निगरानी भी रख रहा है। संस्कृत भाषा एक बीज भाषा है। यह भाषा सभी भाषाओं की जननी है। बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 6 वर्ष की अवस्था से पूर्व हो जाता है। शोध में यह बात भी सामने आयी है कि जो विद्यार्थी प्रारंभ से संस्कृत भाषा बोलते हैं, वे बाद के वर्षों में विश्व की किसी भी भाषा को बोलने की क्षमता रखते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए 53 संस्कृत विद्यालय प्रदेश में प्रारंभ किये गये हैं। यह एक ऐसा अनोखा प्री-स्कूल है, जिसमें छोटे बच्चों को संस्कृत माध्यम से भारतीय संस्कृति और परम्परा के बारे में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इन विद्यालयों में पुस्तकालय, प्रदर्शन क्षेत्र, कठपूतली का कोना, विश्राम क्षेत्र, कहानी का कोना, कला कोना, खिलौनों का कोना, उत्सव की दीवार, भोजन क्षेत्र, संस्कृत अध्ययन सामग्री, बाल उपवन, तुलसी का बर्तन और ध्यान कुटिया जैसी सुविधाएं बच्चों को उपलब्ध कराई गई हैं।  

मतदाता शिक्षा और मतदान जागरूकता के अभियान में चार श्रेणियों में मिलेगा पुरस्कार

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा मतदाता शिक्षा और मतदान जागरूकता के सर्वोत्तम अभियान के लिये नेशनल मीडिया अवार्ड-2024 प्रदान किये जायेंगे। मीडिया संस्थानों को पुरस्कार चार श्रेणियों में प्रदान किये जायेंगे। पुरस्कार मतदाताओं को मतदान के लिये प्रेरित करने और मतदान के प्रति जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये चलाये जा रहे उत्कृष्ट अभियानों को प्रोत्साहित करने के लिये दिये जायेंगे। आयोग ने 10 दिसम्बर 2024 तक संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक (टेलीविजन) मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक (रेडियो) मीडिया और ऑनलाइन (इंटरनेट एवं सोशल) मीडिया श्रेणियों में पृथक-पृथक पुरस्कार दिये जायेंगे। वर्ष-2024 में मतदान के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिये मीडिया संस्थानों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों और विशिष्ट उपलब्धियों को प्रदर्शित करते हुए चार पृथक-पृथक श्रेणियों में अपने प्रस्ताव भेजने होंगे। सभी नामांकनों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा गठित मीडिया अवार्ड जूरी विचारोपरान्त निर्णय लेगी। नेशनल मीडिया अवार्ड-2024 से संबंधित विस्तृत विवरण (मेमोरेण्डम) कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट www.ceomadhyapradesh.nic.in और जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट www.mpinfo.org  पर उपलब्ध है। मीडिया संस्थान अपने प्रस्ताव श्री राजेश कुमार सिंह, अवर सचिव (संचार), भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली 110001 को भेजे जा सकते हैं। संस्थान अपने प्रस्ताव मेमोरेण्डम में लिखी शर्तों का पालन करते हुए ई-मेल एड्रेस media-division@eci.gov.in पर भी भेज सकते हैं।  

सपनों को हकीकत में बदलने की बानगी है “बुरहानपुर का बनाना पावडर”

“Burhanpur’s Banana Powder” is a symbol of turning dreams into reality. मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी श्री रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुश्री मंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।

जून 2025 तक पूरा हो जायेगा सड़क निर्माण का पहला चरण, बनेंगी 1284.29 किमी लम्बी 1035 सड़कें

भोपाल गांव-गांव तक पहुंच सड़क प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में केन्द्र सरकार प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत 3 विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की सभी बसाहटों तक एप्रोच रोड तैयार कर रही हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पीएम जन-मन में प्रदेश की चिन्हित कुल 1295 पीवीटीजी बसाहटों में कुल 1284.29 किलोमीटर लम्बाई वाली 1035 सड़कें मंजूर की गई है। गांव-गांव तक कुल 1050 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इन सम्पर्क सड़कों का निर्माण कार्य 5 चरणों में पूरा किया जायेगा। पहला चरण जून 2025 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 235 करोड़ रूपये की लागत से 295 किमी लम्बी 125 सड़कें बनाई जा रही है। इन पर काम तेजी से जारी है। पहले चरण के ही दूसरे भाग में 150.72 करोड़ रूपये की लागत से 180.29 किमी लम्बी 40 सड़कें बनाई जानीं है। इनके लिये निर्माण एजेंसी तय कर दी गई हैं। दूसरे चरण में 112.69 करोड़ रूपये लागत से 152 किमी लम्बी 60 सड़कें बनाई जायेंगी। तीसरे चरण 162 करोड़ रूपये की लागत से 216 किमी लम्बी 86 सड़कें निर्मित की जायेंगी। चौथे चरण में 187.74 करोड़ रूपये से 254 किमी लम्बी 97 सड़कें तथा 5वें चरण में 801 करोड़ रूपये लागत से 1187 किमी लम्बाई वाली 627 सड़कें तैयार की जायेंगी। पीएम जन-मन अभियान में सभी गांव-गांव पहुंच सड़़कें प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ाभागके अधीन निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपी आरआरडीए) द्वारा बनाई जायेंगी। निर्माण एजेंसी एमपी आरआरडीए द्वारा पहले चरण में मंजूर हुईं। सभी सड़कें जून 2025 तक निर्मित कर लेने के लिये तेजी से कार्य किया जा रहा है। दूसरे, तीसरे, चौथे एवं 5वें चरण में स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य भी हर हाल में वर्ष 2025 के अंत तक पूरा कर लेने के लिये निर्माण एजेंसी ने ठोस तैयारी कर ली है।

मोहन सरकार देगी मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नए साल में 3 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता बढ़ेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के करीब 7 लाख से अधिक कर्मचारियों को नए साल (New Year 2025) पर मोहन सरकार (Mohan Government) बड़ा तोहफा देने जा रही है. दरअसल, प्रदेश में DA यानी महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. यहां कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3 से 4 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है. इसे लेकर वित्त विभाग तैयारी कर रहा है. वहीं दिसंबर महीने में प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट में एरियर की पहली किस्त की राशि भी आएगी. 3 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है महंगाई भत्ता जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में 3 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता बढ़ाया जा सकता है. इससे पहले राज्य सरकार ने जनवरी 2024 में यह 46 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया था. हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों (Central employees) को जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं  केंद्र सरकार जनवरी 2025 से महंगाई भत्ता में फिर वृद्धि करने जा रही है. ऐसे में मोहन सरकार भी अपने कर्मचारियों को नए साल में तोहफा देने की तैयारी में हैं. राज्य सरकार ने की देरी बताते चलें कि अब तक मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों का भत्ता बढ़ाती थी, महंगाई भत्ते व राहत में वृद्धि की जाती थी, लेकिन अब इसमें विलंब हो रहा है। फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत का अंतर है। केंद्रीय कर्मचारियों का जुलाई 2024 से महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत किया जा चुका है, लेकिन राज्य के कर्मचारी और पेंशनरों को इसका लाभ नहीं मिला है। केंद्र सरकार फिर बढ़ाएगी महंगाई भत्ता सूत्रों का कहना है कि मप्र सरकार नए साल में 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है, क्योंकि केंद्र सरकार फिर इसमें वृद्धि कर सकती है। राज्य सरकार के बजट में भी 56 फीसदी महंगाई भत्ते का प्राविधान है। ऐसे में महंगाई भत्ता बढ़ाने में बजट की भी कोई समस्या नहीं आएगी। दिसंबर में मिलेगी एरियर की पहली किस्त इससे पहले मप्र सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि जनवरी 2024 से की थी, लेकिन इसका भुगतान अक्टूबर के वेतन यानी नवंबर से किया गया। ऐसे में जनवरी से सितंबर के महंगाई भत्ते के अंतर की राशि का भुगतान चार समान किस्तों में किया जाना है। पहली किस्त दिसंबर में दी जाएगी। दूसरी जनवरी, तीसरी फरवरी और चौथी किस्त की राशि खातों में मार्च 2025 में आएगी। दिसंबर में मिलेगी एरियर की पहली किस्त इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि जनवरी 2024 से की थी, लेकिन इसका भुगतान अक्टूबर के वेतन यानी नवंबर से किया गया. ऐसे में जनवरी से सितंबर के महंगाई भत्ते के अंतर की राशि का भुगतान चार समान किस्तों में किया जाना है. पहली किस्त दिसंबर में मिलेगी, जबकि दूसरी किस्त जनवरी में दी जाएगी. वहीं तीसरी किस्त फरवरी और चौथी किस्त की राशि मार्च 2025 में कर्मचारियों के खातों में आएगी. बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत का अंतर है. दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों का जुलाई 2024 से महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत दिया जा रहा है, जबकि राज्य के कर्मचारी और पेंशनरों को इसका लाभ अभी तक नहीं मिला है.  

मोहन यादव ने IAS अनुपम राजन को सौंपी बड़ी जिम्मेदार, शिक्षा विभाग में लाएंगे क्रांति

Mohan Yadav handed over big responsibility to IAS Anupam Rajan, will bring revolution in education department भोपाल ! मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन को शासन ने पदोन्नत करते हुए अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के पद पर नियुक्त किया है. वे 1 दिसंबर को पदभार ग्रहण करेंगे. वहीं अब उन्हें प्रदेश के मुख्य सचिव के बराबर वेतन मिलेगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जानकारी साझा की है. बता दें कि आदेश में लिखा गया है कि अनुपम राजन के पास उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी रहेगी. साथ ही अनुपम राजन के पास उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. 20 अगस्त को राजन की फील्ड में हुई वापसीअनुपम राजन 1993 बैच के आईएएस अधिकारी है. मध्यप्रदेश में करीब 3 साल तक अनुपम राजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रहे हैं. हाल में ही 20 अगस्त को उनकी फील्ड में वापसी हुई थी. जिसके बाद उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था. इसके साथ ही उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. इससे पहले अनुपम राजन कई जिलों में कलेक्टर व विभिन्न विभागों में सेवाएं दे चुके हैं. उनके साथ एक विवाद भी जुड़ा हुआ है. जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. आज रिटायर होंगे डीजीपी सक्सेना और एसीएस मलय श्रीवास्तवमध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह प्रदेश का नया डीजीपी आईपीएस कैलाश मकवाना को बनाया गया है. इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव को विशेष महानिदेशक पद पर पदोन्नत किया गया है. वहीं 1992 बैच के आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव भी 30 नवंबर को रिटयर हो जाएंगे. शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे सुधीर सक्सेना और मलय श्रीवास्तव को शुक्रवार को मंत्रालय में विदाई दी गई.

‘CM मोहन आप विदेश क्या गए यहां…’, उज्जैन में पूर्व विधायक की पिटाई मामले पर उमंग सिंघार का तंज

‘CM Mohan, why did you go abroad here…’, Umang Singhar’s taunt on the case of beating of former MLA in Ujjain मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के महिदपुर विधानसभा में प्रभारी मंत्री और सांसद के सामने दो गुटों की भिड़ंत हो गई. इस दौरान पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ जमकर मारपीट हुई. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मैदान में उतर कर बीच बचाव किया. बीजेपी के दो गुटों की भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी पर तंज कसा है. उंमग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर कहा, “ये है संस्कारित और अनुशासित पार्टी बीजेपी की असलियत. उज्जैन जिले की महिदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में पिटाई हुई.” बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ यही होगा- सिंघार उन्होंने कहा, “खास बात ये कि पिटाई करने वाले बीजेपी के ही कार्यकर्ता थे. अब बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ तो यही होगा. सीएम साहेब, आप विदेश क्या गए, यहां आपके गृह जिले में ही पार्टी वाले मारपीट करने लगे. ये न तो राजनीतिक संस्कार और सामाजिक व्यवहार हैं.” क्या है पूरा मामला? खेड़ा खजुरिया गांव में बिजली विभाग के ग्रिड और स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था. इस बीच कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान पर हमला हो गया. बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने बताया कि बहादुर सिंह चौहान के मंच से उतरते ही विवाद की स्थिति बनने लगी. देखते-देखते अचानक मारपीट शुरू हो गई.

सलकनपुर में हुआ हादसा, कार के ब्रेक फैल, 5 श्रद्धालु घायल

सीहोर सीहोर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ मां बिजासन धाम सलकनपुर में हादसे नहीं थम पा रहे हैं। प्राइवेट अनफिट टैक्सियों की मनमानी के कारण आए दिन यहां पर हादसे हो रहे हैं। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसा ही हादसा एक बार फिर गुरुवार रात करीब 8.30 बजे हो गया। सागर निवासी कुछ लोग नर्मदा परिक्रमा के लिए निकले हुए हैं, इसी दौरान जब वे सलकनपुर पहुंचे तो उन्होंने निजी टैक्सी की गाड़ी की और उसमें 10 लोग सवार होकर मां विजयासन धाम के दरबार में पहुंचे। दर्शन करके जब ये लोग घाटी से नीचे आ रहे थे, तभी इनकी गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए और वह बिजली के खंबे से जा टकराई। घटना पहाड़ी पर सूर्य गेट के पास की बताई जा रही है। इसमें गाड़ी में सवार 10 लोगों में से 5 लोगों को चोटें आई है। घटना की सूचना मिलते ही सलकनपुर चौकी प्रभारी भवानी सिंह सिकरवार टीम के साथ रवाना हुए एवं मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। सभी घायलों को गाड़ी से रेहटी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। यहां पर घायलों का प्राथमिक इलाज किया गया। दो लोगों के मुंह में ज्यादा चोटें थी, इसके चलते उन्हें भोपाल के लिए रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सलकनपुर चौकी प्रभारी भवानी सिंह सिकरवार ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। लगातार हो रहे हादसे, फिर भी सबब नहीं सलकनपुर में लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी यहां पर मंदिर समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा सबब नहीं लिया जा रहा है। निजी टैक्सी की गाड़ियों से यहां पर श्रद्धालुओें को उपर लाने ले जाने का कार्य किया जा रहा है। यहां पर संचालित हो रही ज्यादातर गाड़ियां कंडम स्थिति में है। इन गाड़ियों की आरटीओ द्वारा भी जांच की गई थी, लेकिन आरटीओ ने गाड़ियों पर कार्रवाई करने के बजाए उन्हें यहां पर चलाने की छूट दे दी। ऐसे में अब इन कंडम वाहनों से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां बता दें कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक यहां पर इन टैक्सी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की जानें जा चुकी हैं तो वहीं कई लोग घायल भी हुए हैं। कांग्रेस ने उठाए सवाल सलकनपुर में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस के युवा नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि सलकनपुर हमारी सबकी आस्था का केंद्र है और यहां पर आए दिन हादसे होना ठीक नहीं है। कई बार यहां चल रही टैक्सियों को लेकर भी कहा गया है कि यहां पर टैक्सी कोटे की गाड़ियां लगाई जाए, लेकिन निजी कोटे की गाड़ियों से श्रद्धालुओं को लाने ले जाने का कार्य किया जा रहा है। कंडम वाहनों से श्रद्धालुओं की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन इनकी रोकथाम के लिए कोई उचित उपाय नहीं किए जा रहे हैं। मेरा मंदिर समिति एवं बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक रमाकांत भार्गव से भी आग्रह है कि वे इस गंभीर मामले पर संज्ञान लें।

उज्जैन जिले के महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व BJP विधायक मंच से उतरते ही बीजेपी के ही कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

उज्जैन उज्जैन जिले के महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन करने के लिए शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल महिदपुर पहुंचे थे. यहां कार्यक्रम में बीजेपी के तीन बार के पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ बीजेपी के ही कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की. बीजेपी के पूर्व विधायक की धुनाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. महिदपुर विधानसभा क्षेत्र के नारायणा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण के बाद प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, बीजेपी जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला महिदपुर की ओर जा रहे थे, तभी बोरिंग दूध प्लांट के बाहर बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने प्रभारी मंत्री और सांसद का एक स्वागत समारोह आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान को निमंत्रण नहीं दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी वह मंच पर पहुंचे और यहां स्वागत समारोह में भागीदारी करने लगे. जब प्रभारी मंत्री खुद मंच से उतर गए स्वागत समारोह के बाद बहादुर सिंह चौहान जैसे ही मंच से नीचे उतरे तो कार्यकर्ताओं ने उनकी जमकर धुनाई कर दी. घटना के बाद बहादुर सिंह चौहान और प्रताप सिंह आर्य के समर्थक आमने-सामने भी हुए, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग किया. घटना के दौरान यह देखने को मिला कि प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल को खुद यह विवाद शांत करने के लिए मंच से नीचे उतरना पड़ा. साथ ही सांसद अनिल फिरोजिया ने भी माइक लेकर कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने की हिदायत दी. बताया जा रहा है कि पूरे मामले में महिदपुर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं प्रताप सिंह आर्य और बहादुर सिंह चौहान याद रहे कि पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान और जिला पंचायत सदस्य प्रताप सिंह आर्य एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं. वर्तमान में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोनों ही एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़े थे. आज भी इस विवाद का मुख्य कारण बहादुर सिंह चौहान का प्रताप सिंह आर्य के मंच पर चढ़ना ही था. बताया जाता है कि बहादुर सिंह चौहान के मंच पर चढ़ने के साथ ही कुछ लोग उनका विरोध करने लगे थे. इन्हीं लोगों ने बहादुर सिंह चौहान के मंच से नीचे उतरते ही उन पर हमला कर दिया. बहादुर सिंह चौहान के साथ आए लोग उन्हें बचा पाते, इसके पहले ही कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की कर मारपीट की.  

पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ ने युवक पर किया हमला, शव का कुछ हिस्सा खा लिया, सिर धड़ से कर दिया अलग

सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघ ने युवक पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बावनथड़ी वनग्राम में बाघ ने युवक पर हमले के बाद शव का कुछ हिस्सा खा लिया है। घटनास्थल से 20 वर्षीय कृष्ण कुमार भलावी का शव बरामद कर पोस्ट मार्टम के बाद वन अधिकारियों ने स्वजनों को सौंप दिया है। मवेशियों को लेकर गया था जंगल पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि मृतक कृष्ण कुमार भलावी शुक्रवार सुबह जंगल में मवेशियों को चराने लेकर गया था। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे जंगल गए मवेशी वापस घर लौटकर आ गए, जबकि मवेशियों के साथ युवक नहीं लौटा। ऐसे में युवक को लेकर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। शव को नोच रहा था बाघ इसकी जानकारी देकर परिवार के लोग स्थानीय बीटगार्ड को साथ लेकर युवक को खोजने जंगल पहुंचे। युवक को खोजते हुए लगभग दो किलोमीटर अंदर जंगल में पहुंचे लोगों को खून के निशान दिखाई दिए। कुछ दूरी पर बाघ की मौजूदगी होने पर ग्रामीणों ने शोरगुल किया। काफी प्रयास के बाद युवक को मारने वाला बाघ दूर जंगल में चला गया।   क्षत-विक्षत हालत में मिला शव जानकारी के अनुसार मौके पर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। हमलावर बाघ ने युवक के धड़ से सिर अलग कर दिया सिर और पैर का कुछ हिस्सा खा लिया था। बाघ के हमले में युवक की मौत से परिवार व क्षेत्रवासियों में शोक और डर का माहौल है। मौके पर पहुंचे पेंच टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मृतक के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। गौरतलब है कि जिस स्थान पर बाघ ने युवक का शिकार किया है वह पेंच-कान्हा वन्यजीव कॉरीडोर में आता है। यहां पर वन्यप्राणियों की मौजूदगी और आवाजाही बनी रहती है।

सपनों को हकीकत में बदलने की बानगी है बुरहानपुर का बनाना पावडर

भोपाल   मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी श्री रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुश्री मंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।

एफएक्यू गुणवत्ता के अनाज का ही करें उपार्जन : पीएस खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति निगम और वेयर हॉउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें। एफएक्यू गुणवत्ता केअनाज का ही उपार्जन करें। निर्धारित मानक से कम गुणवत्ता के खाद्यान्न की खरीदी नहीं करें। प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने यह बात प्रशासन अकादमी में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मोटा अनाज उपार्जन की तैयारी तथा पात्र परिवारों को राशन वितरण की समीक्षा के लिये आयोजित कार्यशाला में कही। प्रमुख सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि इस वर्ष धान मिलिंग उपार्जन के साथ ही की जायेगी। अत: जारी निर्देशों के अनुसार धान की मिलिंग कराकर चावल गोदामों में भंडारित कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस पर विशेष ध्यान दें कि भंडारित अनाज खराब नहीं हो। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण समय पर सुनिश्चित करें। गाइड लाइन्स के अनुसार करें उपार्जन आयुक्त खाद्य एवं प्रबंध संचालक वेयर हॉउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन श्री सिवि चक्रवर्ती ने कहा कि धान का उपार्जन केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन्स के अनुसार करें। धान खरीदी की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जायेगी। अत: जहाँ भी नॉन एफएक्यू धान की खरीदी होगी, उसकी जानकारी यहाँ तुरंत मिल जायेगी। श्री चक्रवर्ती ने कहा कि उपार्जित अनाज के भंडारण और वितरण की पूरी मॉनीटरिंग करें। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री पी.एन. यादव ने उपार्जन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को समस्याएँ नहीं होनी चाहिए। उपार्जन केन्द्रों में निर्देशानुसार सभी जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करायें। कार्यशाला में गोदामों का लंबित किराया भुगतान, मिलर्स के लंबित भुगतान, नान एफएक्यू स्कंध का अपग्रेडशन, गोदामों में विगत वर्षों के शेष स्टॉक का निष्पादन, उपार्जन केन्द्र से मिलर्स एवं मिलर्स से प्रदाय केन्द्र तक की मेपिंग, किसानों से उपार्जित अनाज का भुगतान, पात्र परिवारों को राशन वितरण, ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को जारी अस्थायी पात्रता-पर्ची का सत्यापन, पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी, उचित मूल्य दुकानों का मोबाइल एप से निरीक्षण सहित अन्य विषयों पर जीएम श्रीमती शिखा पोरस नरवाल, श्री मनोज वर्मा, अपर संचालक श्री एच.एस. परमार सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में जिलों से आये अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet