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सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ का बजट स्वीकृत, 9 अप्रैल से 8 मई तक तीन शाही स्नान और सात पर्व स्नान होंगे

उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 की तैयारी राज्य सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट प्रवधान भी किया गया है। मगर, सिंहस्थ के कार्यों में इससे अधिक व्यय होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत 18 विभागों ने 568 कार्यों का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। इन कार्यों में 15,567 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें नदियों पर घाटों का निर्माण, वहां सुरक्षा व्यवस्था, सड़क, पुल निर्माण, सिंहस्थ मेला क्षेत्र का विकास, परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं, तीन साल से अधिक अवधि के कार्यों को लेकर भी बजट निर्धारित किया जाएगा। केंद्र सरकार से मांगा जाएगा बजट इनमें से अधिकांश कार्यों के लिए केंद्र सरकार से भी बजट मांगा जाएगा। विभागों को केंद्र से सहायता प्राप्त करने के लिए कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इनमें जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। बताते चलें कि भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में हैं। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। भीड़ संभालने के लिए बनेगी कुशल यातायात प्रणाली हर 12 वर्ष में पवित्र शहर उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक विशेष स्थान रखता है। वहीं, सिंहस्थ में दुनिया भर से लगभग 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद की जा रही है। लिहाजा, इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन में एक कुशल यातायात प्रणाली भी बनाई जाएगी। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की वजह से जाम न लगे और लोगों को परेशानी न हो। प्रारंभिक कार्यों की यह परियोजनाएं स्वीकृत     29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का 778.91 करोड़ से निर्माण किया जाएगा और 1,024.95 करोड़ रुपये से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन किया जाएगा।     क्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण से जुड़ी एक सतत जल प्रवाह योजना के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 74.67 करोड़ रुपये से 14 और कान्ह नदी पर 43.51 करोड़ रुपये से 11 प्रस्तावित बैराज बनाए जाएंगे।     198 करोड़ के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन, 16.80 करोड़ की लागत से हाई-प्रेशर स्टेशन की क्षमता वृद्धि और 29.83 करोड़ की लागत से 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा।     4.50 करोड़ 33 केवी लाइन और इंटरकनेक्शन (10 किमी) के निर्माण के लिए अलग रखे गए हैं। 18.36 करोड़ 80 किमी तक फैले समान कार्यों के लिए और 10.08 करोड़ ओंकारेश्वर बजट के तहत भूमिगत केबल कार्य पर व्यय किए जाएंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रयागराज में कुंभ कॉन्क्लेव में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज में इंडिया थिंक काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कुंभ कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित बौद्धिक जनों से संवाद करते हुए कुंभ की प्रासंगिकता और इसके महत्व पर विचार साझा किए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस आयोजन को ज्ञान और विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बताया, जहां भारत की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता पर चर्चा की गई। उन्होंने इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिवादन करते हुए आयोजकों को उनकी सराहनीय पहल के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, परमार्थ निकेतन आश्रम (ऋषिकेश) के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती (मुनि जी) और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने गुजरात पहुंचकर जानी वहां की बिजली व्यवस्था

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुजरात के गांधीनगर में गुजरात के ऊर्जा मंत्री के साथ मंत्रालय में बैठक करने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने बैठक में मध्य मध्य प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है । उन्होंने अटल गृह ज्योति और अटल किसान योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। तोमर ने गुजरात की ऊर्जा नीति के बारे में जानकारी ली। ऊर्जा मंत्री ने थर्मल पावर स्टेशन गांधीनगर में गुजरात की  विद्युत आपूर्ति और तकनीकी प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने थर्मल पावर स्टेशन के परिसर में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ” एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधा भी लगाया। तोमर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में हम सब महती भूमिका निभाएंगे तो आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ और हरित वातावरण में सांस ले सकेंगी। तोमर ने ग्रामीण और शहरी विद्युत सब स्टेशन का भी भ्रमण कर वितरण विद्युत वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों से भी चर्चा की। तोमर 26 नवंबर को भोपाल लौटेंगे।  

रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसान निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करें भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि उपभोक्ताओं को रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन देने की समुचित व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा है कि किसान निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करें। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को राज्य शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी घटाने के बाद थ्री फेज तीन हार्स पावर के अस्थाई पम्प कनेक्शन हेतु तीन माह के लिए 5 हजार 503, चार माह के लिए 7 हजार 225 एवं पांच माह के लिए 8 हजार 946 रूपये देय होंगे। पाँच हार्स पावर अस्थाई पम्प कनेक्शन हेतु तीन माह के लिए 8 हजार 946, चार माह के लिए 11 हजार 814 एवं पाँच माह के लिए 14 हजार 683 रूपये देने होंगे। साढे सात से आठ हार्स पावर अस्थाई पम्प कनेक्शन हेतु तीन माह के लिए 14 हजार 109, चार माह के लिए 18 हजार 699 एवं पाँच माह के लिए 23 हजार 289 रूपये देय होंगे। थ्री फेज दस हार्स पावर अस्थाई पम्प कनेक्शन हेतु ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को तीन माह के लिए 17 हजार 552 रूपये, चार माह के लिए 23 हजार 289 रूपये एवं पाँच माह के लिए 29 हजार 26 रूपये देय होंगे। कंपनी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं के लिए अस्थाई पम्प कनेक्शन की दरें 4 अप्रैल 2024 से लागू हैं और उपभोक्ताओं को इन्हीं दरों पर अस्थाई पम्प कनेक्शन दिये जा रहे हैं। कंपनी ने बताया है कि उचित रेटिंग का कैपेसिटर लगा होने पर कैपेसिटर सरचार्ज देय नहीं होगा। उपभोक्ताओं को अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए न्यूनतम तीन माह का अग्रिम भुगतान अनिवार्य होगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अस्थाई कनेक्शन के लिए बिल राशि का भुगतान अधिकृत पीओएस मशीन के माध्यम से ही करें एवं भुगतान की रसीद अवश्य प्राप्त करें। अस्थाई कनेक्शनों की दरों के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता कंपनी के काल सेन्टर 1912, वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूके दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार सुबह 7:30 बजे संविधान दिवस पर यूके में डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर जायेंगे और संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। इंटरैक्टिव सेशन को यूके में भारत के उच्चायुक्त, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक भी संबोधित करेंगे। सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव आमंत्रितअतिथि उद्योगपतियों के लिए दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ.यादव समानांतर सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। राउंडटेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में शिक्षा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य एवं पेय पदार्थों से संबंधित औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। चर्चा में कुछ उद्योग प्रतिनिधि वर्चुअली भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इंडिया हाउस में 26/11 स्मरणोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे एवं इंडिया हाउस का भी भ्रमण करेंगे। देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. यादवयूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।  

2 साल के मासूम को भिखारिन ने भीख मंगवाने के लिये किया किडनेप

भोपाल. राजधानी भोपाल के मंगलवारा थाना इलाके में भीख मांगने वाली महिला महिला भीख मंगवाने के लिये 2 साल के मासूम का अपहरण किये जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। मामले में राहत भरी बात यह रही कि शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन में आई पुलिस ने दर्जनो सीसीटीवी कैमरो के फुटेज खंगालते हुए केवल 12 घंटों में अगवा किये मासूम को बरामद कर उसके परिजनो को सौंप दिया। बच्चे का अपहरण करने वाली आरोपी भिखारिन महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने बताया की बच्चे का अपहरण करने के लिये बीते कई दिनो से वह उसकी रेकी कर रही थी। थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रात 11 बजे एक महिला ने पति के साथ थाने आकर बताया कि वह भीख मांगने का काम करती है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह भारत टॉकीज रोड पर एक होटल के सामने रोड किनारे फुलकी खाने गई थी। उसके साथ दो साल का बेटा और दो बच्चियां भी थी। अपने बेटे को गोदी से नीचे उतार कर वह फुलकी खाने लगी। बाद में जब उसने देखा तो उसका बच्चा गायब था। पति के डर के कारण वह दिन भर बेटे को कई इलाको में खोजती रही लेकिन उसकी कोई जानकारी न मिलने पर अगले दिन सुबह घर पहुंची और पति को सारी बात बताई। पति भी दिन भर बेटे को तलाशता रहा लेकिन उसका कोई पता नहीं चलने पर दंपत्ति रात को रिपोर्ट कराने थाने पहुंचे। अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला कायम कर पुलिस ने जॉच शुरु की। पुलिस टीमो ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले इसमें अहम सुराग हाथ लगने पर आसपास की सड़को पर लगे 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरो को चैक किया गया। आखिरकार 12 घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मासूम को अगवा करने वाली आरोपी महिला शायदा बी को हिरासत में लेने के साथ ही उसकी निशानदेही पर जहांगीराबाद क्षेत्र में छिपाकर रखे गये मासूम को बरामद कर लिया। आरोपी महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह भीख मांगने का काम करती है, तथा उस बच्चे पर उसकी कई दिनो से नजर थी, वह उसे चूराकर उससे भीख मंगवाने का काम कराना चाहती थी। इसके लिये वह कई दिनो से उस पर नजर रखे हुए थी। भारत टॉकीज इलाके में मौका मिलते ही उसे पीछे से उठा कर ले गई थी। अब पुलिस आरोपी महिला का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही मानव तस्करी के एंगल से भी मामले की जॉच कर रही है।

एमपी में व्हाइट टॉपिंग तकनीक बनेगी, बढ़ेगी सड़कों की उम्र, चार महीनों के अंदर काम खत्म करने का रखा टारगेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में जल्द ही सड़कें और मजबूत बनेंगी। पीडब्ल्यूडी खराब सड़कों की समस्या से निपटने के लिए व्हाइट टॉपिंग तकनीक अपना रहा है। इस तकनीक से बनी सड़कें ज़्यादा टिकाऊ होती हैं और लंबे समय तक चलती हैं। शुरुआत में 21 जिलों की 41 सड़कों पर इस तकनीक का इस्तेमाल होगा। काम इसी महीने शुरू हो जाएगा और चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बारिश में सड़कों के उखड़ने की समस्या से निजात मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने खराब सड़कों की बढ़ती शिकायतों के बाद यह कदम उठाया है। बारिश में सड़कें टूटने से लोगों को काफी परेशानी होती है। व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनी सड़कें इस समस्या का समाधान करेंगी। इस तकनीक से करीब 108 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। प्रोजेक्ट नवंबर अंत तक शुरू होकर अगले चार महीनों में पूरा हो जाएगा। सड़क निर्माण में नई क्रांति व्हाइट टॉपिंग तकनीक सड़क निर्माण में एक नया मोड़ है। यह तकनीक सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाती है। इससे सड़कों का रखरखाव भी आसान हो जाता है। यह तकनीक लंबे समय में पैसा भी बचाती है। सरकार का यह कदम प्रदेश की सड़कों की दशा सुधारने में मददगार साबित होगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह तकनीक भविष्य में सड़क निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। यह सड़कों को गर्मी से बचाती है. इससे शहरों का तापमान भी कम रहता है। व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बेहतर सड़कें और बेहतर भविष्य की उम्मीद है। लोगों को मिलेगा बेहतर यात्रा का अनुभव भोपाल में वल्लभ भवन मार्ग और सीएम हाउस मार्ग समेत 14 सड़कों को चिह्नित किया गया है। PWD ने 15 अन्य जिलों में भी एक-एक सड़क पर इस तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इन जिलों में इंदौर, नर्मदापुरम, नीमच, बैतूल से लेकर मुरैना, रतलाम, रायसेन, रीवा, सतना,आगर मालवा, उमरिया, खंडवा, गुना, छतरपुर, देवास और हरदा शामिल हैं। इससे इन जिलों की सड़कों की हालत में सुधार होगा। लोगों को बेहतर यात्रा का अनुभव मिलेगा। जानें क्या है व्हाइट टॉपिंग तकनीक व्हाइट टॉपिंग तकनीक में पुरानी सड़क की ऊपरी परत हटाकर कंक्रीट की मोटी परत बिछाई जाती है। इसमें M-40 ग्रेड सीमेंट और फाइबर बुरादा का इस्तेमाल होता है। 6 से 8 इंच मोटी यह परत सड़क को मजबूत बनाती है। भारी ट्रैफ़िक और खराब मौसम का भी इस पर कम असर होता है। इससे सड़क की उम्र 20 से 25 साल तक बढ़ जाती है। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल भी है। कंक्रीट की सतह डामर से ज़्यादा ठंडी रहती है। इससे रखरखाव का खर्च भी कम आता है।

मध्यप्रदेश में प्रभावी संचार के लिए बिजली कंपनियां करेंगी उपयोग

भोपाल एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के संचालक मंडल द्वारा जागरूकता उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश में संचार के लिए ‘’विद्युत’’ और ‘’बिजली’’ को विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकृत शुभंकर के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। शुभंकर ‘’विद्युत’’ और ‘’बिजली’’ को मध्यप्रदेश में ऊर्जा विभाग के अधीन एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी, एम.पी.पॉवर जनरेटिंग कंपनी, एम.पी.पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के साथ ही तीनों विद्युत वितरण कंपनियों क्रमश: पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल द्वारा इन शुभंकरों के माध्यम से प्रभावी संदेश तैयार कर प्रचार – प्रसार को बढावा देने के लिए उपयोग किया जाएगा।    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में ऊर्जा के दक्ष उपयोग को बढ़ावा देने एवं घरों की छतों पर सोलर रूफ-टॉप के उपयोग को प्रोत्साहित करने बिजली बिलों के समय पर भुगतान और विद्युत सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश में संचार के लिए ‘’बिजली’’ नाम की एक छोटी बालिका और ‘’विद्युत’’ नाम के एक छोटे बालक को शुभंकर के रूप में उपयोग किया जाएगा। यह शुभंकर बिजली उपभोक्ताओं तक बिजली संबंधी संदेश पहॅुंचाने के लिए ऊर्जा विभाग के राजदूत के रूप में काम करेंगे।   मध्यप्रदेश में कार्यरत तीनों विद्युत वितरण कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अन्य कंपनियों द्वारा ऊर्जा से संबंधित संदेशों को संप्रेषित करने के लिए इन दोनों शुभंकर का उपयोग एक अभिनव और आकर्षक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेगा तथा इन आकर्षक शुभंकरों के अधिकारिक उपयोग से बिजली सुरक्षा, ऊर्जा बचत, ऊर्जा दक्षता और सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ ही बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने के लिये उपभोक्ताओं को प्रभावी रूप से प्रेरित किया जा सकेगा। इससे राज्य में अधिक प्रभावी और जिम्मेदार ऊर्जा खपत संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।   कौन हैं “बिजली” और “विद्युत” शुभंकर बिजली एक छोटी बालिका है जिसकी आंखें चमकदार हैं और प्रभावित करने वाली हैं। यह लड़की बिजली को दर्शाने वाली लाल पोशाक पहनती है और हाथ में एक छोटा सा दीपक लिये हुए है, जो ऊर्जा और बिजली के महत्व को प्रतिबिम्बित करता है। बिजली एक ऐसी शुभंकर है जो कि चंचल, जिज्ञासु, ऊर्जा से भरपूर और उत्साही है, जो ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रतिनिधित्व करती है। यह गर्मजोशी और सुलभता को प्रतिविम्बित करती है, जो सभी उम्र के उपभोक्ताओं के लिए भरोसेमंद है। दूसरी ओर, विद्युत एक प्यार भरी शरारत लिये हंसता मुस्कुराता लड़का है, जिसने बिजली के प्रतीक वाली हरे रंग की टी-शर्ट पहनी है और हाथ में एक हरे लाल रंग का बिजली का चिन्ह है, जो बिजली की खपत को रेखांकित करता है। विद्युत शुभंकर दिखने में साहसी, आत्मविश्वास से परिपूर्ण और हमेशा सीखने के लिए उत्सुक दिखाई देता है। यह ऊर्जा संरक्षण और सौर ऊर्जा के नवीन पहलुओं को दर्शाता है और उसका करिश्माई स्वभाव युवाओं और उम्रदराज उपभोक्ताओं को समान रूप से आकर्षित करता है। छोटे बच्चे उमंग, उत्साह के पर्याय और देश का भविष्य हैं, इसलिए शुभंकर ‘’बिजली’’ और ‘’विद्युत’’ को छोटे बच्चे के रूप में दर्शाया गया है।    

देवेंद्र परमार को बेस्ट डेयरी फार्मर वर्ग में देशी पशु नस्ल सुधार के लिए द्वितीय पुरस्कार

भोपाल पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उपलब्धि के लिए प्रदेश के शाजापुर जिले के किसान देवेंद्र परमार का केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल-रत्न पुरस्कार 2024 के लिए चयन हुआ है। उन्हें बेस्ट डेयरी फार्मर वर्ग में देशी पशु नस्ल सुधार के लिए द्वितीय पुरस्कार केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन द्वारा राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा। दुग्ध उद्यमी किसान देवेंद्र परमार शाजापुर जिले के पटलावदा के हैं, जो भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत शुजालपुर दुग्ध उत्पादन समिति के सदस्य हैं। वह बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं का पालन करते है। उन्होंने देशी गायों की नस्ल सुधार में उल्लेखनीय कार्य किया है। वह देव डेयरी के नाम से पैकेज्ड दूध बेचते हैं। उन्होंने अपने खेत में गोबर गैस संयंत्र भी लगया है, जिससे बड़ी मात्रा में गोबर गैस का उत्पादन करते हैं, साथ ही जैविक खाद बेचकर भी अच्छी आमदनी लेते हैं। राष्ट्रीय गोपाल-रत्न पुरस्कार राष्ट्रीय गोपाल-रत्न पुरस्कारों का उद्देश्य पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में काम करने वाले स्वदेशी जानवरों को पालन कर रहे किसान, एआई तकनीशियन और डेयरी सहकारी समितियां / दूध उत्पादक कंपनियां/ डेयरी किसान उत्पादक संगठन की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में स्वदेशी गाय/भैंस नस्लों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) और सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी/ दुग्ध उत्पादक कंपनी/ डेयरी किसान उत्पादक संगठन को प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कार में प्रथम श्रेणी के लिए 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, द्वितीय श्रेणी के लिए 3 लाख रुपये, तृतीय श्रेणी के लिए 2 लाख रुपये और पूर्वोत्तर क्षेत्र में विशेष पुरस्कार के लिए 2 लाख रुपये शामिल हैं। साथ ही एक प्रमाण-पत्र और एक स्मृति चिन्ह भी दिया जाता है। इस वर्ष विजेताओं का चयन कुल प्राप्त 2574 आवेदनों में से किया गया था, जिन्हें एक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल यानी https://awards.gov.in के माध्यम से आमंत्रित किया गया। राष्ट्रीय गोकुल मिशन पशुपालन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो कृषि और संबद्ध क्षेत्र के जीवीए का एक तिहाई हिस्सा है और इसकी वार्षिक वृद्धि दर 8% से ज्यादा है। साथ ही पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन गतिविधियाँ किसानों की आय उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, विशेष रूप से भूमिहीन, छोटे और सीमांत किसानों और महिलाओं के लिए, इसके अलावा यह लाखों लोगों को सस्ती और पौष्टिक भोजन प्रदान करती है। भारत की स्वदेशी गायों की नस्लें मजबूत हैं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आनुवांशिक क्षमता रखती हैं। स्वदेशी नस्लों के विकास एवं संरक्षण पर एक विशेष कार्यक्रम के न होने से उनकी जनसंख्या कम हो रही थी और उनका प्रदर्शन उनकी क्षमता से कम है। इसलिए केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने दिसंबर 2014 में “राष्ट्रीय गोकुल मिशन” की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य स्वदेशी पशु नस्लों को संरक्षित और विकसित करना है।  

विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत प्रदेश में होगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकलेगी ‘संविधान दिवस पदयात्रा’- मंत्री  सारंग विकसित “भारत यंग लीडर” डायलॉग के तहत प्रदेश स्तर पर चयनित युवाओं को मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर- मंत्री सारंग विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत प्रदेश में होगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन युवा महोत्सव 2025 में युवाओं की प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से जिला एवं राज्य पर होंगे आयोजन भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने संविधान दिवस, विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग और 28वें युवा महोत्सव-2025 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इन कार्यक्रमों से युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर उनकी ऊर्जा और दृष्टिकोण को राष्ट्र निर्माण में समाहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत 2047 तक विश्व के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी हो। इसके लिए युवाओं को नई ऊर्जा के साथ जोड़ा जा रहा है। संविधान दिवस, विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग और युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। संविधान दिवस पदयात्रा – 75 वर्ष का उत्सव मंत्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान पर देश भर में संविधान दिवस के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की राजधानी में संविधान दिवस पदयात्रा निकाली जा रही हैं। भोपाल में भी 26 नवंबर 2024 को संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भोपाल में “संविधान दिवस पदयात्रा” निकलेगी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा शौर्य स्मारक से शाम 4 बजे शुरू होकर बोर्ड ऑफिस स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पुनः शौर्य स्मारक जाकर समाप्त होगी। मंत्री सारंग ने कहा कि इस आयोजन में लगभग 3000 युवा शामिल होंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की जाएगी, जिसमें शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों की भागीदारी होगी। विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग- युवाओं के विचारों को मंच मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत लीडर डायलॉग का उद्देश्य अधिक से अधिक प्रतिभावान युवा की पहचान कर उन की विशेषज्ञता में वृद्धि करना और विकसित भारत के लिए उन्हें अपने विचारों को शामिल करने का मंच प्रदान करना है। इसके तहत प्रदेश स्तर पर चयनित युवाओं को मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार विकसित भारत-2047 के अंतर्गत 4 चरणों में 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।     प्रथम चरण (विकसित भारत ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी)- यह डिजिटल क्विज दिनांक 25 नवंबर से 5 दिसंबर, 2024 तक “माय भारत” पोर्टल पर किया जायेगा। जिसमेंडिजिटल क्विज से विकसित भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों के प्रति जागरूकता का परीक्षण किया जायेगा।प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये “माय भारत” पोर्टल पर पंजीयन करवाया जाना अनिवार्य है। इसके परिणाम 6 दिसंबर को पोर्टल पर रैंक सूची के माध्यम से जारी किये जायेंगे।     द्वितीय चरण (निबंध और ब्लॉग लेखन)- प्रतियोगिता 8 से 15 दिसंबर 2024 तक “माय भारत” पोर्टल पर ऑनलाइन होगी। इसमें पिछले चरण के विजेता लगभग 10 चुने गए विषयों जैसे ‘विकसित भारत के लिए तकनीक’, ‘विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना’ आदि पर 1000 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक विषय से 100 चिन्हित युवाओं को तृतीय चरण राज्य स्तर के लिये चयनित किया जायेगा।इसके परिणाम 18 दिसंबर को घोषित किये जायेंगे।     तीसरा चरण (विकसित भारत विज़न पिच डेक – राज्य स्तरीय प्रस्तुतियां)- प्रतियोगिता 20 से 26 दिसंबर 2024 तक आयोजित की जायेगी, इसके दिशा-निर्देश पृथक से जारी किए जायेंगे। दूसरे चरण में चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर पर चुने हुए 10 विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगें। राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के ‍लिये प्रतिभागियों में से प्रत्येक विषय पर 4 युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागिता के लिये चिन्हित किया जायेगा।     चतुर्थ चरण (भारत मंडपम में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप)- विभिन्न थीम आधारित राज्य स्तरीय टीम 11 से 12 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रतिस्पर्धा में प्रत्येक राज्य से प्रत्येक विषय पर 4-4 युवाओं की प्रतिभागिता होगी। चयनित देश भर के 1500 युवा प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार प्रस्तुत करेंगे। 28वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव: युवा प्रतिभा को मंच मंत्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार पंच प्राण और आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजन किये जायेंगे। इसमें 12 से 16 जनवरी 2025 के मध्य राष्ट्रीय स्तर पर 28वां युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय युवा उत्सव का स्थान भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा। इस वर्ष 28वां युवा उत्सव का आयोजन इन विषयों पर किया जा रहा है। क्र. विषय विधा 01 विषयगत (Thematic) विज्ञान मेला (एकल एवं समूह) 02 संस्कृति समूह लोक नृत्य समूह लोक गायन 03 जीवन कौशल (Life Skills) कविता लेखन भाषण पेंटिंग फोटोग्राफी   मंत्री सारंग ने बताया कि 28वें युवा उत्सव का आयोजन राज्य शासन, नेहरू युवा केन्द्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से किया जायेगा। इसके अन्तर्गत आयोजित होने वाले इवेन्ट युवा उत्सव के तहत विस्तृत योजनाबद्ध गतिविधियां और कार्यक्रम “माय भारत” पोर्टल पर अपलोड की जायेंगी तथा प्रतिभागियों का पंजीयन भी पोर्टल पर किया जाना अनिवार्य होगा।  

सीएम मोहन यादव ने अस्पतालों में एक्सपर्ट की कमी को देखते हुए फैसला लिया, अब कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से वापस नहीं हो सकेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उत्तम और विश्वस्तरीय इलाज मिलने की शुरुआत की जा रही है। अब किसी अस्पताल से मरीजों को अन्य अस्पतालों में सिर्फ इसलिए रेफर नहीं किया जा सकेगा कि वहां डॉक्टर नहीं हैं। इसका रास्ता मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने निकाल लिया है। प्रदेश के जिन अस्पतालों में सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर व अन्य संसाधन उपलब्ध हैं, वहां हर तरह के आपरेशन संभव होंगे। विशेषज्ञ की कमी के कारण सर्जरी नहीं रुकेगी। इसके लिए सरकार निजी डॉक्टर्स को अस्पताल बुलाएगी। सर्जरी और एनेस्थीसिया देने के लिए निजी डॉक्टरों की सेवाएं ली जा सकेंगी। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। डॉक्टर की कमी से नहीं रुकेगा इलाज सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया का लाभ यह होगा कि जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों की कमी से सर्जरी या अन्य इलाज नहीं रुकेगा। आपको बता दें कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने यह तरीका इजाद किया है। भुगतान की दरें भी निर्धारित हालांकि शुरुआत में यह व्यवस्था आयुष्मान रोगियों के लिए शुरू की गई है। बेहतर रिस्पांस मिलने के बाद अन्य रोगियों को भी इस सेवा का अवसर मिल पाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त तरुण राठी के अनुसार निजी सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के लिए भुगतान की दरें भी निर्धारित कर दी गई हैं। इन्हें भुगतान मासिक आधार पर किया जाएगा। ये रहेगी रेट लिस्ट सर्जिकल विशेषज्ञ डॉक्टर्स को संबंधित बीमारी में आयुष्मान योजना में निर्धारित पैकेज की कुल राशि का 21.6 प्रतिशत दिया जाएगा। जबकि एनेस्थीसिया यानि बेहोश करने वाले विशेषज्ञ को 10.8 प्रतिशत दिया जाएगा। सर्जरी करने वाले डॉक्टर की ऑपरेशन के पहले से लेकर फालोअप तक उपचार की संपूर्ण जिम्मेदारी होगी। गौरतलब है कि आयुष्मान योजना में आपरेशन के 99 प्रतिशत पैकेज में राशि दो हजार से अधिक है। सामान्य मानी जाने वाली गठान का आपरेशन पैकेज 2000 रुपये, साइनस की सर्जरी के 5000 रुपये, नसबंदी के दो हजार रुपये है। हालांकि निजी क्षेत्र के डॉक्टर्स मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना में कितनी रुचि लेते हैं? यह आने वाले समय में साफ हो पाएगा।

नकल माफियाओं पर लगाम लगाने मध्य प्रदेश सरकार तैयारियों में जुटी, नए कानून में नकल माफिया से परीक्षा का खर्च वसूला जाएगा

भोपाल  एमपी में नकल माफिया के बुरे दिन आने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार नकल, सामूहिक नकल और पेपर लीक जैसे मामलों में सजा बढ़ाने जा रही है। ऐसे मामलों में अब 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके लिए मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम में संशोधन होने जा रहा है। अभी तक नकल करने पर तीन साल की जेल और पांच हजार रुपए तक का जुर्माना लगता था। अब सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। पेपर लीक, सामूहिक नकल और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने जैसे अपराधों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सजा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कौन कौन दायरे में? इस कानून के दायरे में एमपी बोर्ड, एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की सभी परीक्षाएं आएंगी। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में एमपी बोर्ड, व्यापमं और एमपीपीएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक और सामूहिक नकल की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी को देखते हुए कानून में बदलाव किया जा रहा है। पेपर लीक करने पर हो सकती ये सजा पेपर लीक करने के मामले में दी जाने वाली सजा में बदलाव करने की बात चल रही है। यानी अगर किसी ने पेपर लीक किया तो उसे आजीवन कैद तक की सजा दी जा सकती है। साथ ही जुर्माने के तौर पर एक करोड़ रुपए तक का भुगतान करना पड़ सकता है। कहां तक पहुंचा काम 1937 में बने परीक्षा कानून, मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम में जरूरी संसोधन पर बात चल रही है। संशोधित कानून का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसे विधि विभाग और कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद विधानसभा से पारित कराके लागू कर दिया जाएगा। लीक होने और घोटाले रोकने में मदद की आशंका ऐसा होने से इसके दायरे में एमपी बोर्ड, एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की सभी परीक्षाएं आ जाएंगी। बीते सालों में एमपी में परीक्षाओं से जुड़े कई तरह के घोटाले और लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके सख्ती से लागू होने से इनमें लगाम लगने में सहायता मिलेगी। नकल माफिया से वसूला जाएगा खर्च नए कानून में नकल माफिया से परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा। अगर कोई फर्जी प्रश्नपत्र बांटता है या फर्जी वेबसाइट बनाता है और इससे परीक्षा टलती है तो उस पर होने वाला सारा खर्च वही उठाएगा। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर पहले से ही पाबंदी है, लेकिन अब केंद्र अध्यक्ष भी मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। ऐसा करने पर उन्हें भी 10 साल की जेल और एक करोड़ रुपये जुर्माना देना होगा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हो सकता है पेश यह कानून केंद्र सरकार के नए कानून ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ पर आधारित होगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।

Cyber धोखाधड़ी का सबसे अधिक झांसा निवेश पर मोटे मुनाफे के नाम पर, नौकरी प्रस्ताव और आसान लोन के नाम पर भी फंस रहे

भोपाल साइबर ठगों ने इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग कर जालसाजी का ऐसा ताना-बाना बुना है कि बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट कंपनियां और पुलिस एजेंसियां उलझ कर रह गई हैं। साइबर क्राइम सेल में दर्ज अपराधों के विश्लेषण से सामने आया है कि ठगी का हर पांचवा मामला यूपीआई से जुड़ा है। यानी ऑनलाइन पेमेंट एप से ठगों के खातों में रकम पहुंची है। इस धोखाधड़ी का सबसे अधिक झांसा निवेश पर मोटे मुनाफे के नाम पर दिया गया है। बढ़ रहा यूपीआई का चलन कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रही दुनिया में डिजिटल पेमेंट अथवा यूपीआई बड़ा जरिया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़े बताते हैं कि एक नवंबर से 21 नवंबर तक 15 लाख 32 हजार 344 करोड़ रुपये का भुगतान यूपीआई के जरिये हुआ है। लेन-देन के इस बेहद लोकप्रिय तरीके को साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसमें हर रोज कोई नया तरीका निकालकर लोगों को लूटा जा रहा है। ऐसे करते हैं ठगी नामी संस्थाओं की ओर से यूपीआई पेमेंट की रिक्वेस्ट डालकर रकम निकलवाने से लेकर यूपीआई ऑटो-पे रिक्वेस्ट जैसे तरीकों से लोगों के खातों में सेंध लगाई जा रही है। इसमें ऑटो पे रिक्वेस्ट सबसे खतरनाक है। इसमें फोन, बिजली, बीमा अथवा फाइनेंस कंपनी के नाम पर ऑटो पे रिक्वेस्ट भेजी जाती है। ठग उस संस्थान का प्रतिनिधि बनकर फोन करके वह रिक्वेस्ट स्वीकार करने को कहता है। वह बताता है कि ऐसा करने से आपको बार-बार भुगतान की तिथि याद करने की जरूरत नही पड़ेगी। आपके खाते से प्रीमियम की रकम अपने आप कट जाएगी और आप विलंब शुल्क से बच जाएंगे। लेकिन इसको स्वीकार करते ही आपके खाते की रकम ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। ये ठग इसी तरह शेयर बाजार में निवेश, आसान लोन और सस्ती दरों पर खरीद-फरोख्त जैसे लुभावने प्रस्ताव देते हुए लिंक भेजकर खाते खाली कर रहे हैं। भोपाल साइबर क्राइम सेल में इस वर्ष 42 प्रकार की कुल पांच हजार 463 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 80 प्रतिशत मामले सिर्फ साइबर ठगी से जुड़े हैं। इसमें भी हर पांचवां मामला यूपीआई से संबंधित है। यानि ठगी के लिए डिजिटल भुगतान के किसी न किसी एप का उपयोग किया गया है। इन दस तरीकों से ठगी के सर्वाधिक मामले   इंटरनेट मीडिया उत्पीड़न 1186 21 प्रतिशत यूपीआई 1067 19.5 प्रतिशत डेबिट/क्रेडिट कार्ड 572 10.47 प्रतिशत ऑनलाइन खरीदफरोख्त 361 6.6 प्रतिशत टास्क 287 5.5 प्रतिशत लोन एप 242 4.43 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव 238 4.37 प्रतिशत नौकरी प्रस्ताव 175 3.20 प्रतिशत ऑनलाइन लिंक 138 2.53 प्रतिशत मिरर एप 104 1.90 प्रतिशत   बचाव के लिए यह करें साइबर एक्सपर्ट प्रथमेश कापड़े के मुताबिक यूपीआई से ठगी केवल उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी के चलते होती है। इससे बचने के लिए यूपीआई पर भेजी गई ऐसी किसी भी रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। बिल पेमेंट के लिए ऑटो-पे की सुविधा शुरू करना है तो उसके लिए यूपीआई एप्स में अलग से व्यवस्था दी गई है। कंपनियों के प्रतिनिधि कभी भी फोन कर इस सुविधा को शुरू करने का दबाव नहीं बनाते हैं।

5 हजार करोड़ का फिर कर्ज लेगी मोहन यादव सरकार, 11 महीने में 40 हजार 500 करोड़ का लोन ले चुकी

Mohan Yadav government will again take a loan of Rs 5 thousand crores, has already taken a loan of Rs 40 thousand 500 crores in 11 months भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह ऋण 26 नवंबर को ई ऑक्शन के जरिए स्टाक गिरवी रखकर लिया जाएगा। लोन की यह राशि दो अलग-अलग कर्ज के रूप में ली जा रही है, जो 2500-2500 करोड़ रुपए की है। 27 नवंबर को सरकार के खाते में लोन की यह रकम पहुंच जाएगी। जानकारी के मुताबिक मोहन सरकार की 20 साल के लिए 2500 करोड़ और 14 साल के लिए 2500 करोड़ लेने की तैयारी है। पिछले 11 महीने में सरकार 40 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है है। मध्यप्रदेश की जनता पर 3 लाख 90 हजार करोड़ का कर्ज का बोझ हो चुका है। राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से यह कर्ज उठाएगी। इसके लिए सरकारी बांड या स्टॉक को गिरवी रखकर धनराशि जुटाई जाएगी। ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 नवंबर को यह रकम राज्य सरकार के खजाने में आ जाएगी। 11 महीने में 40,500 करोड़ का कर्जसरकार के वित्तीय रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह इस साल का नया बड़ा कर्ज होगा। पिछले 11 महीनों में, राज्य सरकार ने 40,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। यह धनराशि राज्य की विकास योजनाओं और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई है। मध्य प्रदेश की जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज 3 लाख 90 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर मुद्दा है।

वेस्ट जोन इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता, बालिका वर्ग में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र बने विजेता

सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने किया पुरूस्कृत भोपाल 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता के तहत पश्चिम क्षेत्रीय प्रतियोगिता के बालिका वर्ग की ब्रास बैंड विधा में मध्यप्रदेश और पाइप बैंड विधा में महाराष्ट्र के दल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान पाने वाली ये दोनो टीमें गणतंत्र दिवस-2025 के अवसर पर राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में आगामी 24 एवं 25 जनवरी 2025 को पश्चिम का प्रतिनिधित्व करेंगी। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने विजेता टीमों को पुरूस्कृत किया। इससे पहले प्रतियोगिता का शुभारंभ भोपाल की महापौर मालती राय और आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में सुबह ही किया था। प्रतियोगिता की नोडल अधिकारी अर्चना अली ने बताया कि वेस्ट जोन के 6 राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र गोवा एवं केन्द्र शासित प्रदेश दमन एवं दीव तथा दादर नगर हवेली के विजेता प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसमें ब्रास बैंड विधा में प्रथम स्थान मध्यप्रदेश, द्वितीय स्थान राजस्थान तथा तृतीय स्थान गोवा की टीम ने प्राप्त किया। पाइप बैंड विधा में महाराष्ट्र की टीम प्रथम, गुजरात की द्वितीय और राजस्थान की टीम तृतीय स्थान पर रहीं। बालक वर्ग की प्रतियोगिता 27 नवम्बर को होगी। बालक वर्ग में भी ब्रास बैंड विधा और पाइप बैंड विधा की विजेता टीमें गणतंत्र दिवस 2025 के उपलक्ष्य में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 24 एवं 25 जनवरी 2025 को सहभागिता करेंगी। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, संचालक लोक शिक्षण श्री डी. एस. कुशवाह एवं अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ऑडियन्स उपस्थित थे।

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