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शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है।

देवास : अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार को मारी गोली

देवास  देवास (Dewas) में शुक्रवार की सुबह अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी. दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद आसपास के इलाके में सनसनी मच गई है. घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है. घटना देवास जिले के कन्नौद नगर की है. अपराधियों ने घर से बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार को मारी गोली मृतक कन्नौद थाना क्षेत्र के डाक बंगला निवासी मुसरफ के बेटे निसार थे. हालांकि गोली किसने और क्यों मारी है ये अभी अब अज्ञात है. पुलिस के मुताबिक, घटना आज सुबह सात बजे हुई है. घर से 10 कदम की दूरी पर दुकानदार की हत्या कन्नौद टी आई तहजीब काजी के अनुसार, घर से करीब 10-15 कदमों की दूरी पर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार निसार को  अपराधियों ने गोली मारी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी गई है. वहीं पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगाल रही है. हालांकि दुकानदार को गोली किसने और क्यों मारी, इसकी जांच पुलिस कर रही है. मृतक के परिजन से पुलिस कर रही पूछताछ इसके अलावा पुलिस मृतक नासिर के घर वालों से भी पूछताछ कर रही है कि कहीं उसकी किसी से दुश्मनी तो नहीं थी. साथ ही पुलिस नासिर के मोबाइल को भी ट्रेस कर रही है कि उसके मोबाइल नंबर पर किसका फोन आया था.

चलता-फिरता 7 स्‍टार होटल रेलवे चलाने जा रहा है, ट्रेन में स्‍पा कराइए, जिम जाइए या वाइन/ बीयर पीजिए, सबकुछ मिलेगा

 भोपाल  भारतीय रेलवे और IRCTC की लग्जरी ट्रेनों में से एक गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन एकबार फिर ट्रैक पर उतरने को तैयार है। कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली Golden Chariot Luxury Tourist Train इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। ट्रेन में 13 डबल बेड केबिन, 26 ट्विन बेड केबिन और दिव्यांग मेहमानों के लिए 1 केबिन है। 40 केबिन वाले इस शाही ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं।      इस ट्रेन का नाम गोल्डन चैरियट है जिसका मतलब होता है स्वर्ण रथ। यात्रियों को शाही फील देने के लिए ट्रेन के सभी आलीशान केबिन एयर कंडीशनर और वाई-फाई से लैस हैं। सभी केबिन में गद्देदार फर्नीचर, लग्जरियस बाथरूम, आरामदायक बेड, शानदार टीवी जिसमें कई ओटीटी के मजे लिए जा सकते हैं। ट्रेन में सैलून का भी खास इंतजाम है।    गोल्डन चैरियट लग्जरी ट्रेन में देशी और विदेशी व्यंजनों का विशेष प्रबंध किया गया है।जिसके लिए रुचि और नालापक नाम के दो बेहतरीन रेस्तरां हैं। जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन इंटरनेशनल ब्रांडों के क्रॉकरी और कटलरी में परोसे जाएंगे। इसके साथ ही बार में बेहतरीन और ब्रांडेड वाइन, बीयर और मदीरा मौजूद है।    यात्रियों की सेहत और आरामदायक सफर के लिए इस गोल्डन चैरियट ट्रेन में आरोग्य स्पा भी हैं, जहां स्पा थेरेपी समेत कई स्पा का आनंद लिया जा सकता है। यही नहीं सेहत का ख्याल रखने के लिए एक हाइटेक जिम भी है जहां वर्काउट के लिए बेहद आधुनिक एक्सरसाइज मशीने हैं। मेहमानों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी ट्रेन सीसीटीवी कैमरे और फायर अलार्म सिस्टम से लैस है। पूरी ट्रेन किसी 7 स्टार होटल से कम नहीं है।    लग्जरी ट्रेन 5 रातें और 6 दिन गुजारने के लिए आपको मात्र 4,00,530 और 5% GST देना होगा। जिसमें रहना, खाना, शराब, प्रवेश टिकट, गाइड आदि शामिल है। अधिक जानकारी के लिए www.goldenchariot.org वेबसाइट पर विजिट करें या फिर goldenchariot@irctc.com पर अपने सवाल भेजें। साथ ही +91 8585931021 पर भी संपर्क किया जा सकता है।   7 स्टार होटल की सारी खूबियों से लैस ट्रेन कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली गोल्डन चैरियट लग्जरी टूरिस्ट ट्रेन (Golden Chariot Luxury Tourist Train) इस बार 14 दिसंबर को रवाना हो रही है। इस लग्जरी ट्रेन में गेस्ट के लिए 13 डबल बेड वाले केबिन और 26 ट्विन बेड के केबिन हैं। इसके साथ ही दिव्यांग मेहमानों के लिए भी केबिन है। 40 केबिन से साथ दौड़ने को तैयार इस शाही ठाठ वाली ट्रेन में 80 यात्री सफर कर सकते हैं। 2024-25 के लिए रुट:- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर बांदीपुर, मैसूर, हलेबिदु, चिकमंगलूर, हम्पी, गोवा और वापस बेंगलुरु। दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) – बेंगलुरु से शुरू होकर मैसूर, कांचीपुरम, महाबलीपुरम, तंजावुर, चेट्टीनाड, कोचीन, चेरतला और वापस बेंगलुरु। 14 दिसंबर, 2024- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 21 दिसंबर, 2024-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 4 जनवरी, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 1 फरवरी, 2025 -कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन) 15 फरवरी, 2025-दक्षिण के रत्न (5 रातें/6 दिन) 1 मार्च, 2025- कर्नाटक का गौरव (5 रातें/6 दिन)।

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मंडप आकर्षण का केंद्र बना हुआ

भोपाल दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मंडप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंडप में मेले की थीम ‘विकसित भारत@2047’ के अनुरूप प्राचीन सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर के साथ तेजी से विकसित होते मध्यप्रदेश के स्वरूप को प्रदर्शित किया गया है। मंडप में प्रदेश के विकास और समृद्धि के डिजिटल निरूपण के साथ ही प्रदेश के पर्यटन गंतव्य, जनजातीय एवं लोक-कला तथा स्थापत्य कला को मनमोहक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। विकास की तकनीकी झलक मंडप में प्रवेश करते ही होलोग्राम आधारित विकास के 4 स्तंभ दर्शाए गए हैं। अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए कांच के स्तंभों के भीतर होलोग्राम के माध्यम से युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब कल्याण और किसान कल्याण मिशन प्रदर्शित किए गए हैं। ये 4 स्तंभ आगंतुकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। डिजिटल इन्फोपैनल्स के माध्यम से प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रहीं रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और उद्योग वर्ष की परिकल्पनाओं को प्रमुखता से दर्शाया गया है। विरासत और विकास के दर्शन मंडप के प्रवेश द्वार पर सांची स्तूप, ग्वालियर किला, खजुराहो की मूर्तिकला, चंदेरी द्वार और अमरकंटक कुंड दर्शाए गए हैं। मंडप की बाहरी हिस्से में प्रदेश की 4 प्रमुख जनजातियां – गोंड, भील, सहारिया और बैगा के रहन-सहन और वेशभूषा की विस्तृत जानकारी दी गई है। मंडप के दूसरी ओर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर पार्क, गांधी सागर डैम और रीवा अल्ट्रा-मेगा सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। मंडप के भीतरी हिस्से में ऊपर की ओर प्रदेश के प्रमुख गंतव्य स्थलों के पैनल्स लगाए गए हैं। जीआई प्रदर्शनी मंडप में प्रदेश के भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रदर्शनी में चंदेरी साड़ी, वारासिवनी साड़ी, महेश्वरी साड़ी, बेलमैटल शिल्प, लौह-अयस्क शिल्प, जबलपुर पत्थर शिल्प, गोंड पेंटिंग्स, बाग प्रिंट्स, शरबती गेहूं, रतलाम सेंव, रियावन लहसुन, मुरैना गजक, उज्जैन बटिक प्रिंट, इंदौर के चमड़े के खिलौने, कड़कनाथ चिकन, सुंदरजा आम, चिन्नौर चावल और ग्वालियर के गलीचों को दिखाया गया है। शासकीय विभागों और उपक्रमों के स्टाल मंडप में प्रदेश के शासकीय विभागों, निगम और मंडलों ने भी भाग लिया है। पर्यटन विभाग द्वारा वर्चुअल रियलिटी (VR) के माध्यम से आगंतुकों को खजुराहो, सांची, उज्जैन, मांडू, महेश्वर, जैसे पर्यटन स्थलों का आभासी अनुभव कराया जा रहा है। विभाग का डिजिटल टचस्क्रीन डैशबोर्ड आगंतुको को पर्यटन से संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध करा रहा है। 19 नवंबर, 2024 को मेले में आयोजित मध्यप्रदेश दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यटन विभाग को शासकीय श्रेणी में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के पुरस्कार से सम्मानित किया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के स्टाल में ओडीओपी बिजनेस डायरेक्टरी का वितरण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड के स्टॉल में टैराकोटा से बने दिए, प्लांटर, खिलौनों और सजावटी वस्तुओं की बिक्री की जा रही है। मंडप में राजकुमार और श्रीमती पुष्पा प्रजापति माटीकला का सजीव प्रदर्शन कर रहे हैं और इनके स्टॉल में आगंतुक अपने हाथों से चाक चलाकर टैराकोटा बर्तन बनाने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। मध्यप्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के स्टॉल में खादी वस्त्र, रेडीमेड कपड़े, शहद, शैंपू, सैनिटाइजर, इत्यादि उत्पादों तथा संत रविदास हस्तशिल्प और हस्तकला विकास निगम के स्टॉल में चंदेरी सूट, महेश्वरी साड़ी, मंदसौर और बटिक चादर, इत्यादि का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। लघु उद्योग निगम के मृगनयनी एंपोरियम के स्टाल में चंदेरी, महेश्वरी और बाग प्रिंट्स के वस्त्रों और बेलमेटल कलाकृतियों का प्रदर्शन और विक्रय हो रहा है।  

संदिग्धावस्था में तालाब में मिला लापता युवक का शव फैली सनसनी

टीकमगढ़  नगर के महेंद्र सागर तालाब में शव मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक यहां अनेक युवक – युवतियों के शव मिलने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। बताया गया है कि आज 21 नवंबर 24 को दो दिन से लापता युवक का शव उतराता हुआ मिलने के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। वहीं कोतवाली टीआई पंकज शर्मा ने सूचना पश्चात मर्ग कायम कर विवेचना आरंभ कर दी है। घटना के संबंध में बताया गया है कि टीकमगढ़ शहर के महेंद्र सागर तालाब में गुरुवार दोपहर 23 वर्षाय युवक रिंकू पुत्र कल्लू कुशवाहा का शव मिला। सूचना मिलते ही नगर निरीक्षक पंकज शर्मा एवं कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव निकालने के लिए एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ ने नाव की मदद से तालाब से शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान पुरानी टेहरी निवासी रिंकू कुशवाहा के तौर पर हुई है।   हत्या की जताई आशंका –  घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई गुड्डू कुशवाहा ने बताया कि उसका छोटा भाई रिंकू कुशवाहा बुधवार को सुबह से घर से लापता था। शाम को कोतवाली थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आज गुरुवार पुलिस को महेंद्र सागर तालाब में शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस के साथ रिंकू के परिजन भी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम ने शव तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों से उसकी पहचान कराई गई। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बड़े भाई ने रिंकू की मौत को संदिग्ध बताया है। उन्होंने पुलिस से पुरे मामले की जांच करने की मांग की है। मर्ग कायमी के बाद जाँच जारी  कोतवाली थाना प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि रिंकू कुशवाहा के परिजनों ने बुधवार शाम उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आज उसका शव तालाब मे मिला है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। फिलहाल मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद  मौत के कारणों का खुलासा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद टॉवर चौक पर भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की नवीन प्रतिमा का अनावरण कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन नगरी की कई विशेषताएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है। बाबा साहेब 20वीं सदी के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने समाज में समता के लिए, सहअस्तित्व के लिए, समान भाव लाने के लिए इस देश के अंदर जो विसंगतियाँ थीं, जो बुराईयाँ थीं, कुरीतियॉ थीं, उनके विरूद्ध आवाज उठाई और संघर्ष किया। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व कई सामाजिक कुरितियों को दूर कर नए विचारों को जन्म दिया। समाज के कमजोर वर्ग को बाबा साहेब ने सशक्त किया और सशक्त कर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उन्होंने संविधान का निर्माण कर सबको समानता का अधिकार दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों की प्रतिमाओं के साथ भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं दीं। महापौर मुकेश टटवाल ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रतिमा का निर्माण 12.50 लाख रूपये की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं एवं प्रतिमा के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज सज्जा भी की गई है।  

डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

भोपाल डॉ. हरिसिंह गौर की 155वी. जन्म जयंती पर सागर जिला “गौर उत्सव” मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि आप पीढ़ियों तक अपना यश चाहते हैं तो शिक्षा का मंदिर तैयार करें और इसे एक संकल्प के रूप में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि एक बार किए गए संकल्प में फिर विकल्प का स्थान नहीं रहता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संकल्प की ताकत को समझे, विचार के प्रति समर्पण की ताकत को समझे। हम जो संकल्प जीवन में लें उसके प्रति विकल्प कभी स्वीकार न करें। डॉक्टर सर हरि सिंह गौर का जीवन भी की बड़े संकल्पों की प्रतिमूर्ति है। हम सभी को उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। डॉ. हरिसिंह गौर जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व हमारे जीवन में न केवल प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करते हैं बल्कि सामाजिक सरोकार और समाज के प्रति अपने दायित्व, अपनी जिम्मेदारी की ओर भी इंगित करते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. गौर साहब अधिवक्ता, लेखक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, दानी और ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो आगे आने वाली परिस्थितियों को देख सकते थे। आजादी के 75 साल बाद भी हम महसूस कर सकते हैं कि जो पाठ्यक्रम, सुविधाएं सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय में है, वह देश के अन्य बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में भी नहीं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा प्राप्त होने की बात को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में इस बात को समझ नहीं पाए कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने पर डॉ. हरिसिंह गौर की मूल मंशा प्रभावित होगी। डॉ. गौर की मंशा थी कि बुंदेलखंड के गरीब, अनपढ़ व्यक्ति को संसाधन प्राप्त हों। परंतु जब मध्यप्रदेश के सागर में राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के फैसले ने डॉ. गौर की मूल भावना को पुनः जीवित कर दिया। रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय सागर सहित संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने गुरु की सीख याद करते हुए कहा कि युग परिवर्तन का अकाट्य सिद्धांत है, मूल सुधार तथा भूल सुधार। जिसे उन्होंने अपने जीवन में अपनाया और कई कठिन परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं मौजूद थे।  

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की, नई उड़ानें दिसंबर से

भोपाल भोपाल का दक्षिण भारत के साथ हवाई कनेक्शन जल्द ही पहले से मजबूत हो जाएगा। एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की है। जल्द ही बुकिंग शुरू हो जाएगी। 15 दिसंबर से नई उड़ाने संभावित हैं। इस रूट पर अभी तक इंडिगो की उड़ानें संचालित हैं। अतिरिक्त उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को कम किराये में सीट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। प्रतिस्पर्धा का मिलेगा लाभ भोपाल का दक्षिण भारत से हवाई कनेक्शन लंबे समय से है, लेकिन उड़ानों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लो-फेयर का लाभ नहीं मिल पाता। हैदराबाद उड़ान में स्पाट फेयर 10 से 12 हजार रुपये तक है। बेंगलुरु तक दो उड़ाने होने के बावजूद स्पाट फेयर 10 से 12 हजार एवं अग्रिम बुकिंग किराया छह से आठ हजार रुपये तक है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरलाइंस में प्रतिस्पर्धा होगी और यात्रियों को कम किराये का लाभ मिल सकता है। यहां पर यह बता दें कि भोपाल से सबसे अधिक उड़ानें दिल्ली तक हैं। इस रूट पर इंडिगो तीन एवं एयर इंडिया की दो नियमित उड़ानें हैं। एक साप्ताहिक उड़ान है। यही कारण है कि तीन से चार हजार रुपये में सीट मिल जाती है। जल्द शुरू होगी बुकिंग एयर इंडिया एक्सप्रेस ने विंटर सीजन के लिए हैदराबाद एवं बेंगलुरु के अलावा दिल्ली एवं मुंबई के लिए स्लॉट लिया था। कंपनी इसकी शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ कर रही है। कंपनी ने एयरपोर्ट पर कार्यालय खोलने के लिए अनुमति शुल्क भी जमा कर दिया है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक दोनों शहरों की बुकिंग शुरू होगी। कंपनी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को 15 दिसंबर से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की जानकारी दी है।   रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द फ्लायबिग की रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। कंपनी ने पहले 15 नवंबर से बुकिंग शुरू की थी। बाद में बुकिंग रोक दी गई। इंडिगो की प्रस्तावित कोलकाता उड़ान की बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्पेस के लिए शुल्क जमा करा दिया है। शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ होगी। अगले साल दिल्ली एवं मुंबई की उड़ानें भी शुरू हो सकती है।- रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर

इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए रेल मंत्रालय ने 77 गांवों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए गजट नोटिफकेशन दिया

इंदौर बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना में अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना में मप्र के तीन जिलों के 77 गांवों से होकर रेल लाइन गुजरेगी। हाल ही में रेल मंत्रालय ने इन गांवों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए गजट नोटिफकेशन भी कर दिया है। अब जिले के राजस्व अफसर जमीन का आकलन करने में जुट गए हैं ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो और रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो सके। बता दें कि इस नई रेल लाइन के शुरू हो जाने से धार, खरगोन और बड़वानी जिले के आदिवासी अंचलों से पहली बार रेल गुजरेगी। परियोजना से लगभग एक हजार गांव और 30 लाख आबादी का रेल सेवाओं से सीधा संपर्क जुड़ेगा। 16 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन चलेंगी प्रोजेक्ट पूरा होने पर 16 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन होगा, जिसमें 50 लाख यात्री शुरुआती वर्षों में सफर करेंगे। हर साल इस प्रोजेक्ट से रेलवे को 900 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा। इंदौर से मुंबई की दूरी भी 830 किमी से घटकर 568 किमी रह जाएगी। नई रेल लाइन खरगोन, धार और बड़वानी जिले से होकर गुजरेगी। बड़वानी जिले के 39, धार जिले के 28 और खरगोन जिले के 10 गांवों में रेल लाइन बिछाई जाएगी। अब जिला स्तर पर राजस्व विभाग इन गांव की जमीन का आकलन करेगा। इसके बाद पश्चिम रेलवे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने बताया इस प्रोजेक्ट के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है। आगामी पांच वर्ष में यह प्रोजेक्ट तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है। इन गांवों की जमीनों का होगा उपयोग धार जिला : राती तलाई, सेवरी माल, सराय तालाब, आंवलिया, चुंडीपुरा बीके, बियाघाटी, आंवलीपुरा, जामदा, झाड़ीबड़ोदा, जलवाय, नागझीरी, लुन्हेराखुर्द, सुंद्रेल, पटलावद, भीखरोन, पंधानिया, ग्यासपुर खेड़ी, एकलारा खुर्द, एकलारा, दुधी, भोंदल, चिकटयावड़, सिरसोदिया, दुंगी, कोठिदा, चौकी, भारूडपुरा बीके और भारूड़पुरा। बड़वानी जिला : सोलवान, मालवान, मालवान बीके, भामन्या, बावदड़, अजनगांव, अजनगांव बीके, नवलपुरा, बनिहार, गोई, कलालदा, जामली, सालीकलां, नांदेड़, मातमुर, बालसमुद, ओजर, सांगवी नीम, देवला, जुलवानिया रोड, निहाली, छोटी खरगोन, वासवी, कुसमारी, मुंडला, रेलवा बुजुर्ग, बंजारी, खजूरी, बघाड़ी, घाटी, अजंदी, हसनखेड़ी, सिकंदर खेड़ी, सेगवाल, उमरदा, शेरपुरा, जरवाह और जरवाह बीके। खरगोन जिला : जारोली, औरंगपुरा, नागंवा, कोठड़ा, ज्ञानपुरा, मोहिदा, मक्सी, भेडल्याबाड़ा, नीमगढ़ और कुसुम्भ्या। यहां से गुजरेगी रेल लाइन नई रेल लाइन महू से धार होते हुए धरमपुरी, ठीकरी, राजपुर, सेंधवा, सिरपुर, शिखंडी, धुले, मालेगांव होकर मनमाड़ पहुंचेगी। पूरी परियोजना में 30 नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

प्रदेश में हवाओं संग कुछ नमी आने के कारण कोहरा और धुंध भी छा रही, सर्द हवाओं ने बढ़ाई सिहरन, पचमढ़ी सबसे ठंडा

भोपाल उत्तर की ओर से आ रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में सिहरन बढ़ गई है। इस वजह से लगभग सभी शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है। इसके साथ-साथ हवाओं संग कुछ नमी आने के कारण कोहरा और धुंध भी छा रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का ऐसा मिजाज अगले दो दिन तक बना रह सकता है। लगातार लुढ़क रहा पारा मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रदेशभर में ठंडा रहा, जहां गुरुवार को लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम 9.1 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया और उमरिया में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव और राजगढ़ में पारा लुढ़ककर 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी तरह राजधानी भोपाल में रात का तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। प्रदेश के सभी शहरों में रात का पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार सुबह प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, खजुराहो और नौगांव में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में सुबह 1 से 2 किलोमीटर तक दृश्यता रही। दो दिन बाद छा सकते हैं बादल मौसम विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवात सक्रिय है। प्रदेश में फिलहाल दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बनने जा रहा है। आगे बढ़कर यह कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है। इस मौसम प्रणाली के असर से हवाओं का रुख बदल सकता है। इसके चलते दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं। सुबह छा रही धुंध मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं। इस वजह से रात का पारा लगातार लुढ़क रहा है। हवाओं के साथ कुछ नमी भी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है। शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई रहती है।

भोपाल के थानों में जल्द बनेगी साइबर हेल्प डेस्क, फरियादी की सहायता के लिए तैनात होंगे दक्ष पुलिसकर्मी

Cyber ​​help desk will soon be set up in Bhopal police stations, skilled policemen will be deployed to assist the complainant. भोपाल। राजधानी की पुलिस साइबर ठगी की रोकथाम, इसका शिकार हुए लोगों की मदद के लिए एक और नवाचार करने जा रही है। अब राजधानी के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। एक दिसंबर से सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां पर पांच लाख रुपये तक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। यह होगा लाभ इससे न सिर्फ साइबर ठगी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत होगी, बल्कि साइबर क्राइम सेल का भार भी कम होगा। साथ ही जल्द शिकायत होने से पीड़ितों की ठगी गई राशि भी साइबर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर होल्ड करेगी, जिससे रिफंड होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।थानों की साइबर डेस्क में साइबर अपराध की इस चुनौती से निपटने के लिए शहर के हर थाने से दस पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम में गुरुवार से छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से जुड़ी बारिकीयों की जानकारी दी जा रही है। साइबर विशेषज्ञ अधिकारी दे रहे प्रशिक्षण डीसीपी क्राइम अखिल पटेल ने बताया कि साइबर डेस्क संचालन के लिए तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। फिलहाल छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 20 साइबर विशेषज्ञ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय पोर्टल एनसीसीआरपी, जेएमआईएस एवं सीईआइआर पर डाटा अपलोड करने के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही टेलीकॉम कंपनी एवं अन्य तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। बड़े मामले राज्य साइबर पुलिस ही संभालेगीसाइबर अपराध की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रहा है कि अब 5 लाख रुपय तक ऑनलाइन ठगी की शिकायत थानों में दर्ज कराई जा सकेगी। हालांकि पांच लाख रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की जांच स्टेट साइबर पुलिस ही करेगी। यानी बड़ी साइबर ठगी के शिकार लोगों को भदभदा स्थित राज्य साइबर पुलिस के कार्यालय में ही शिकायत दर्ज करानी होगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट में करियर

समय के साथ तरक्की के नए रास्ते खुलते जा रहे हैं और इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का बहुत बड़ा योगदान है। हर तरह की उन्नति को हम इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट से जोड़ सकते हैं।    देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। हमारे चारों ओर सीमेंट-क्रांकीट के जंगल खड़े हो रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट के बढ़ने से इसमें युवाओं के लिए करियर की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यह क्षेत्र चुनौतियों के साथ-साथ भरपूर आर्थिक संभावनाओं वाला क्षेत्र भी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उन सभी गुणों और कौशल की आवश्यकता होती है जो की एक बिजनेस स्थापित करने के लिए ज़रूरी होते हैं। इस क्षेत्र को बिजनेस के रूप में अपनाने वाले युवा 12वीं पास करने के‍ बाद युवा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इसका कोर्स कर सकते हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों से सिविल अथवा कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर इस क्षेत्र में जॉ‍ब किया जा सकता है। सेल्स एवं मार्केटिंग क्षेत्र में करियर के लिए एमबीए किया जा सकता है। रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ी कंपनियों में कार्य के आधार पर आप सेल्स मैनेजर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, कंस्ट्रक्शन एक्जीक्यूटिव जैसे पदों पर कार्य कर सकते हैं। चरणबद्ध प्रक्रिया साधारणतः छात्र 12वीं के उपरान्त दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इस क्षेत्र में कोर्स करते हैं यदि उन्हें अपना रियल-एस्टेट बिजनेस चलाना हो. परन्तु तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर इस क्षेत्र में जॉब करने के लिए आपको देश भर में फैले इंजीनिअरिंग कॉलेजों से सिविल अथवा कंस्ट्रक्शन इंजीनिअरिंग में डिग्री लेनी होगी. तकनीक से जुड़ी नौकरियों के अलावा इस क्षेत्र में आप सेल्स और मार्केटिंग अथवाइंटरनेश्नल रिलेशंस में एमबीए करके या बिजनेस कम्युनिकेशंस में डिग्री प्राप्त कर किसी कंस्ट्रक्शन कम्पनी के साथ अपने करियर की शुरूआत कर सकते हैं. विभिन्न कंपनियों के कार्य के आधार पर आप सेल्स मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कंस्ट्रक्शन एग्जीक्यूटिव जैसे पदों से शुरूआत कर सकते हैं. यहाँ आपको निम्न क्षेत्रों का ज्ञान होना भी ज़रूरी है: -बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन से जुड़े तकनीकी पहलू -विभिन्न क्षेत्रों में घर/प्लॉट/ज़मीनों के बाज़ार भाव व इनसे जुड़ी ख़बरों पर नज़र रखना -विभिन्न कम्पनियों के स्टॉक और शेयर पर नज़र रखना -ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मार्केटिंग, सेलिंग व प्राइसिंग रणनीतियों का ज्ञान -शेयर होल्डर्स और खरीददारों का बड़ा नेटवर्क यदि आप इन विषयों में अपनी तैयारी पक्की रखते हैं तो आप अपने लिए इस क्षेत्र में एक विशेष जगह बना सकते हैं. पदार्पण यदि आप खुद का रियल-एस्टेट बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो अपने रिस्क पर अपने बनाए गए कोंटेक्ट्स के ज़रिये आप बाज़ार से कच्चा माल व मजदूर प्राप्त कर सकते हैं. आपके व्यापार के आकार के आधार पर बैंक भी आपको लोन दे सकता है. अन्यथा आप सिविल इंजीनिअरिंग में डिग्री लेकर नौकरी भी कर सकते हैं. क्या यह मेरे लिए सही करियर है? यदि आपमें ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा और लगन है और यदि आप 24 घंटे सातों दिन कठिन परिश्रम करते हुए बिल्डर्स, कंसल्टेंट्स, मजदूर एवं साईट मैनेजर की टीम को मार्गदर्शन दे सकते हैं तो इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट का क्षेत्र आपके लिए है. एक बिल्डर के तौर पर आपको सीमेंट, चूना मसाला, ईंट एवं अन्य कच्चा सामान खरीदकर मजदूरों और आर्कीटेक्ट को तय करना होता है. बिल्डर का कार्य पुरानी, गिरवी रखी हुई तथा वाद-विवाद वाली ज़मीन, प्लॉट अथवा घर को कानूनी तौर पर सही बनाकर उसे बेचने योग्य बनाना भी होता है. अब अगला कदम आता है प्रोपर्टी को बेचना जिसके लिए आपको एक अच्छा समन्वयक होना ज़रूरी है. हालांकि आपको शुरूआत में यह एक कठिन कार्य लगेगा परन्तु दीर्घकालीन दृष्टि से देखने पर यह आपके लिए किसी भी और प्रोफेशन से ज्यादा पैसे कमाने वाला प्रोफेशन साबित होगा. विशेषकर भारत में जहां इण्डिया प्रोपर्टी डोट कॉम, 99 एकड़ डोट कॉम और इण्डिया हाउसिंग डोट कॉम जैसी वेबसाईट सारे देश में प्रोपर्टी खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान कर रही हैं. ये वेबसाइट्स खरीदने वाले और बेचने वाले के बीच माध्यम बनकर प्रक्रिया को सरल बना देती हैं. बिजनेस को बढ़ाने का एक और माध्यम है- समाचार-पत्रों में विज्ञापन देना. खर्चा कितना होगा? अपने राज्य के किसी प्राइवेट संस्थान से सिविल इंजीनिअरिंग डिग्री करने पर 60,000 से लेकर 1 लाख रूपये तक वार्षिक खर्चा होगा. परन्तु यदि आप राष्ट्रीय स्तर की किसी प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण कर आईआईटी या दिल्ली कॉलेज ऑफ़ इंजीनिअरिंग जैसे किसी संस्थान में दाखिला लेते हैं तो फीस अलग होगी. आपके पास सेल्स एंड मार्केटिंग में एमबीए कर रियल-एस्टेट एजेंसी में नौकरी करने का विकल्प भी है. छात्रवृत्ति यदि आप बैंक से लोन लेने के इच्छुक हैं तो स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया से बेहतर विकल्प कोई नहीं है जोकि आपको 7.5 लाख तक का लोन देता है. चूंकि यह एक राष्ट्रीयकृत बैंक है इसलिए क़र्ज़ चुकाने के तरीके भी सुरक्षित हैं. रोज़गार के अवसर इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट क्षेत्र में सेल्स एग्जीक्यूटिव, प्रोपर्टी मैनेजर, एस्टेट मैनेजर, आईटी मैनेजर- रियल एस्टेट और प्रोफ़ेसर जैसे पद आपको प्राप्त हो सकते हैं. ये वेबसाइट्स तकनीकी क्षेत्र में कई अवसर उपलब्ध कराती हैं. यदि आप सिविल इंजीनियर या एक आर्कीटेक्ट हैं तो भी आप कंस्ट्रक्शन टीम का भाग बन सकते हैं. अन्य फील्ड सेल्स की नौकरियों की तुलना में निर्माण क्षेत्र की जॉब ज्यादा थकाऊ होती है. दूसरी ओर, इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आते हैं– सिविल इंजीनियर, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजर, स्टोर या वेयरहाउस मैनेजर तथा इन्वेंटरी एग्जीक्यूटिव्स. वेतनमान बिजनेस लाने की मात्रा के आधार पर  एक रियल-एस्टेट सेल्स एग्जीक्युटिव का शुरूआती मासिक वेतन 15000 से 50000 तक जा सकता है. यदि आप किसी बैंक अथवा प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिअल्टी या मोर्टगेज डिपार्टमेंट में कमीशन बेस पर काम करते हैं तो व्यापारिक संबंध बनाने के अनुपात में आप असीमित आय प्राप्त कर सकते हैं. सिविल इंजीनियर के तौर पर आप अग्रणी कंपनियों में 20 से 25 हज़ार मासिक वेतन के साथ स्ट्रक्चर मैनेजर के पद से शुरूआत कर सकते हैं. मांग एवं आपूर्ति आईटी, इलेक्ट्रोनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर की तुलना में सिविल इंजीनियर की मांग हालांकि कम है परन्तु एक बार इन कंपनियों में लग जाने पर आप बहुत अच्छा सेलेरी पैकेज प्राप्त कर सकते हैं तथा आपको जापान जैसे देशों की यात्रा करने का मौका भी मिल सकता है. इन्फ्रास्ट्रक्चर मार्केटिंग और … Read more

प्रधानमंत्री मोदी को दो राष्ट्रों से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बारबाडोस और डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बारबाडोस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस” से सम्मानित किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गगन में जय-जय भारत का नारा गूंज रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर निरंतर नए आयामों को छू रहा है। यह बदलते और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित होने पर कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम के ध्येय मंत्र पर अग्रसर नया भारत आज विश्व के लिए प्रेरणापुंज की तरह है।  

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा शुक्रवार को होगी कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कलेक्टर-कमिश्नर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से सभी संभागों के कमिश्नर , पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस आयुक्त , सभी जिलों के कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।

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