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प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी को एक लाख रुपए जीतने का अवसर

 भोपाल मध्यप्रदेश सरकार एवं संस्था इस्कॉन द्वारा श्रीमद भागवत गीता पर स्कूली बच्चों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। नैतिक मूल्य शिक्षा के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले  प्रतिभागी को मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने पर एक लाख रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 51 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान प्राप्त 21 हजार रुपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस्कॉन उज्जैन के प्रतिनिधि रामशरण दास एवं आकाश पाल द्वारा शासकीय पीएमश्री अहिल्याश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 02 इंदौर में छात्राओं को विस्तार से इस प्रतियोगिता के बारे में अवगत कराया गया। 26 से 29 नवंबर ऑनलाइन होगी प्रतियोगिता प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी नि:शुल्क भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता आगामी 26 से 29 नवंबर 2024 के मध्य प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे तक ऑनलाइन आयोजित होगी। गीता जयंती पर उज्जैन में बड़ा आयोजन होगा परीक्षा की नियमावली और पाठ्यक्रम www.gitacontest.in पर उपलब्ध है। प्रदेश के प्रत्येक जिले से कक्षा 9वी से 12वीं तक की कक्षा से एक-एक प्रतिभागी का चयन होगा। ये प्रतिभागी आगामी 12 दिसंबर को गीता जयंती उत्सव पर उज्जैन में परीक्षा में सम्मिलित होंगे। प्रदेश स्तरीय परीक्षा के प्रतिभागियों को शासन द्वारा टीए डीए का भुगतान भी किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर आज सफाई मित्रों को सहायक उपकरण सौंपेंगे

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह आज ग्वालियर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। श्री तोमर इस दिन प्रात: 10 बजे कांचमिल कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम के सफाई मित्रों को सहायक उपकरण व सामग्री का वितरण करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे शहर के वार्ड-4 में स्थित विक्टर स्कूल के सामने वाली गली मेवाती मोहल्ला में लगभग 12 लाख रूपए से अधिक लागत की सीसी रोड़ का भूमि-पूजन करेंगे।  

भोपाल से हैदराबाद-बेंगलुरु की अतिरिक्त उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को कम किराये में सीट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा

भोपाल  भोपाल का दक्षिण भारत के साथ हवाई कनेक्शन जल्द ही पहले से मजबूत हो जाएगा। एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की है। जल्द ही बुकिंग शुरू हो जाएगी। 15 दिसंबर से नई उड़ाने संभावित हैं। इस रूट पर अभी तक इंडिगो की उड़ानें संचालित हैं। अतिरिक्त उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को कम किराये में सीट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। प्रतिस्पर्धा का मिलेगा लाभ भोपाल का दक्षिण भारत से हवाई कनेक्शन लंबे समय से है, लेकिन उड़ानों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लो-फेयर का लाभ नहीं मिल पाता। हैदराबाद उड़ान में स्पाट फेयर 10 से 12 हजार रुपये तक है। बेंगलुरु तक दो उड़ाने होने के बावजूद स्पाट फेयर 10 से 12 हजार एवं अग्रिम बुकिंग किराया छह से आठ हजार रुपये तक है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरलाइंस में प्रतिस्पर्धा होगी और यात्रियों को कम किराये का लाभ मिल सकता है। यहां पर यह बता दें कि भोपाल से सबसे अधिक उड़ानें दिल्ली तक हैं। इस रूट पर इंडिगो तीन एवं एयर इंडिया की दो नियमित उड़ानें हैं। एक साप्ताहिक उड़ान है। यही कारण है कि तीन से चार हजार रुपये में सीट मिल जाती है। जल्द शुरू होगी बुकिंग एयर इंडिया एक्सप्रेस ने विंटर सीजन के लिए हैदराबाद एवं बेंगलुरु के अलावा दिल्ली एवं मुंबई के लिए स्लॉट लिया था। कंपनी इसकी शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ कर रही है। कंपनी ने एयरपोर्ट पर कार्यालय खोलने के लिए अनुमति शुल्क भी जमा कर दिया है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक दोनों शहरों की बुकिंग शुरू होगी। कंपनी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को 15 दिसंबर से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की जानकारी दी है। रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द फ्लायबिग की रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। कंपनी ने पहले 15 नवंबर से बुकिंग शुरू की थी। बाद में बुकिंग रोक दी गई। इंडिगो की प्रस्तावित कोलकाता उड़ान की बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्पेस के लिए शुल्क जमा करा दिया है। शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ होगी। अगले साल दिल्ली एवं मुंबई की उड़ानें भी शुरू हो सकती है। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर

Kuno National Park: फिर कूनो के जंगल में दहाड़ेंगे चीते, बाड़े से जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू

Kuno National Park: Leopards will roar again in the Kuno forest, preparations begin to release them from the enclosure into the forest. श्योपुर। मध्य प्रदेश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे। उन्हें बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है की अब चीते खुले जंगल में ही रहेंगे। जिससे पर्यटक को आसानी से उनके दीदार हो सकेंगे।एक बार फिर चातों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। बारिश का सीजन खत्म हो चुका है और हल्की ठंड का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार अनुसार चीते अलग-अलग चरणों में बाड़े से छोड़े जाएंगे। फिलहाल अभी तारीख तय नहीं हुई है। पर अधिकारियों का कहना है की जल्द ही चातों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। बतादें कि, कूनो नेशनल पार्क में 12 वयस्क और 12 चीता शावक हैं। अभी ये सभी को बड़े बाड़े में रखा गया है। वहीं वापस जंगल में आने के बाद पर्यटकों को उनके दीदार हो सकेगा।

सफाई की चाह और राह पर चलकर आत्मनिर्भर बने शैलेंद्र सिकरवार

स्वच्छ भारत अभियान वॉश ऑन व्हील्स सेवा भोपाल मन चंगा तो कठौती में गंगा। शुचिता सिर्फ तन की ही नहीं, मनोविचारों की भी जरूरी है। स्वच्छता एक शैली नहीं, वरन् एक संस्कार है जो हमारे जीवन को और अधिक आलोकित करता है। कुछ ऐसी ही सोच और सेवा भाव से शैलेन्द्र सिकरवार ने काम और दाम के साथ नाम भी कमाया हैं। कहानी छिंदवाड़ा जिले की है। यहां के जुन्नारदेव में “स्वच्छता साथी” (वाश ऑन व्हील्स सेवा) ने स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में नई राहें खोली हैं। इस सेवा का शुभारंभ गत 26 सितंबर 2024 को राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य शौचालयों की सफाई के लिए एक संगठित और स्वच्छ दृष्टिकोण स्थापित करना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। एक नई शुरुआत की ओर बढ़े कदम जिले के जुन्नारदेव ब्लॉक के निवासी शैलेंद्र सिकरवार (33 वर्ष) ने “स्वच्छता साथी” पहल के तहत अपने जीवन को एक सकारात्मक दिशा में बदला। जिले के वरिष्ठ और जुन्नारदेव ब्लॉक के अधिकारियों के मार्गदर्शन में शैलेंद्र ने पंचायतों में शौचालयों की सफाई का काम आरंभ किया। इस पहल में पंचायत समन्वयक अधिकारियों और क्लस्टर प्रभारियों का उन्हें भरपूर सहयोग मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। आत्मनिर्भरता मिली अब से 2 महीने पहले तक शैलेंद्र बेरोजगार थे। वे पहले दीपावली के समय उधार लेकर पटाखों की दुकान लगाते थे। इस साल शैलेन्द्र ने “स्वच्छता साथी” सेवा से मिली आय का उपयोग कर चाय-नाश्ते का स्टॉल भी शुरू किया। सिर्फ 2 महीनों में ही वे सैकडों शौचालयों की सफाई कर करीब 30 हजार रुपये कमा चुके हैं। इस आय ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी प्रेरित किया। स्वच्छता और समाज सेवा का संदेश शैलेंद्र का मानना है कि “स्वच्छता साथी” सेवा उनके लिए केवल एक नौकरी मात्र नहीं है, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। वे गर्व के साथ कहते हैं, “मैं इस सेवा से जुड़कर बहुत खुश हूं और इसे आगे भी जारी रखना चाहता हूं। यह मेरे लिए समाज की भलाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का एक बढ़िया जरिया है।” बदलाव की बयार शैलेंद्र सिकरवार कहते हैं कि सही दिशा और अवसर मिले, तो कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदल सकता है। “स्वच्छता साथी” जैसी पहल उन जैसे युवाओं को न केवल रोजगार देती है, वरन् उन्हें स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक भी बनाती है। यह पहल स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो स्वच्छता, शुचिता, रोजगार और आत्मनिर्भरता को एक सूत्र में जोड़ते हुए एक नायाब नजीर पेश करती है। क्या है वॉश ऑन व्हील्स सेवा इस सेवा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शौचालयों में साफ-सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के शौचालय उपयोगकर्ताओं के लिये उपयोगी बनेंगे। इस सेवा में स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत, स्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास आदि संस्थाओं में स्थापित शौचालयों के साथ व्यक्तिगत शौचालयों को भी स्वच्छ रखने और इनका उपयोग बढाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। यह सेवा ओडीएफ एवं ओडीएफ प्लस की निरंतरता बनाये रखने में सहायक है। स्वच्छता साथी किस तरह काम करते हैं इस सेवा में स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले इच्छुक युवाओं को जोड़ा जाता है। इन्हें स्वच्छता साथी कहा जाता है। इस सेवा अवधारणा में जिला पंचायत छिन्दवाड़ा द्वारा स्वच्छता साथियों को आवागमन के लिये दो पहिया वाहन दिया जाता है। साथ ही आधुनिक सफाई उपकरण एवं व्यक्तिगत सुरक्षा किट भी दी जाती है, ताकि साफ-सफाई के दौरान उनका स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे। स्वच्छता साथियों को संस्थागत शौचालयों को स्वच्छ रखने के लिये इलेक्ट्रिक एवं बैटरी ऑपरेटेड वॉशर मशीन, व्यक्तिगत सुरक्षा किट में (हेलमेट, चश्मा, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट, गमबूट आदि) एवं स्वच्छता किट में (टॉयलेट क्लिनर, फिलाईल, ब्रश, झाडू, वाईपर, मग, बाल्टी आदि) दिये जाते हैं। यह स्वच्छता साथी अपने क्लस्टर मुख्यालय से 5 किमी के दायरे में 200 रूपये प्रति शौचालय यूनिट और 5 किमी से अधिक दूरी होने पर 250 रूपये प्रति शौचालय यूनिट सफाई शुल्क लेते हैं। इससे उन्हें स्थायी आमदनी होती है। राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग टीमवर्क से इस सेवा का संचालन करते हैं।  

केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बावजूद आज भी भोपाल 2000 रुपये के नोट बदले जा रहे

भोपाल.  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकाने वाली खबर है. यहां आज भी 2 हजार रुपये के नोट बदले जा रहे हैं. जबकि, केंद्र सरकार साल 2023 में ही इन नोटों को चलन से बाहर कर चुकी है. भोपाल में यह गोरखधंधा भारतीय रिजर्व बैंक के पीछे स्थित राजीव नगर बस्ती में हो रहा है. यहां दो हजार के नोट खत्म ही नहीं हो रहे. ये नोट बदलने के लिए इस बस्ती में बाकायदा संगठित गिरोह काम रहा है. लोग बड़ी संख्या में रोज लाइन में लगकर ये नोट बदलवाते हैं. संगठित गिरोह के सदस्य लोगों को रोज सुबह 7 से 9 बजे के बीच 2 हजार के दस नोट यानी 20 हजार रुपये देते हैं. इसके बाद ये लोग अपना आधार कार्ड लेकर रिजर्व बैंक जाते हैं. दस नोट बदलवाने की एवज में इन लोगों को 200 रुपये मिलते हैं. इन 20 हजार रुपये के बदले आरबीआई से इन लोगों को 500 रुपये के नोट की शक्ल में 15 हजार रुपये मिलते हैं. बाकी, 5 हजार रुपये 2-2 रुपये के सिक्कों के रूप में दिए जाते हैं. इतने रुपये रोज बदलवाता है गिरोह बताया जाता है कि आरबीआई से रुपये मिलने के बाद लोग इन्हें राजीव नगर में स्थित दो दुकानों पर देते हैं. यहां से इन रुपयों को बोरियों में भरकर लोडिंग ऑटो में रखा जाता है. इसके बाद ये लोडिंग ऑटो इन रुपयों को अशोका गार्डन, रेतघात और बैरागढ़ सहित कई इलाको में सप्लाई कर देते हैं. इस तरह बड़े बिजनेसमैन की ब्लैकमनी को वाइट किया जाता है. ये काम करने वाले संगठित गिरोह के सदस्य को रोज 40 लाख रुपये बदलवाने का टारगेट है. खड़े हुए कई सवाल गौरतलब है कि, आरबीआई के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे हैं. लेकिन, यह देखने वाला कोई नहीं कि एक ही शख्स रोज नोट बदलवाने आ रहा है. एक ही शख्स का आधार नंबर रोज रजिस्टर में दर्ज हो रहा है. आरबीआई के पास सुरक्षा चौकियां भी हैं. लेकिन, ध्यान देने वाला कोई नहीं. सिक्कों से भरी गाड़ियां दनादन शहर में घूम रही हैं, लेकिन उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं. हैरानी की बात यह है कि आरबीआई का विजिलेंस विभाग भी इससे अंजान है. इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कराएंगे.

मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती, पोर्टल लॉंच

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने मंत्रालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) के पहले, महिला एवं बाल विकास (Women and Child Development Department MP) विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) chayan.mponline.gov.in को लॉन्च किया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के नए पोर्टल के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कुल 17,871 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है. इन पदों में  1 हजार 834 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हैं जबकि 16 हजार 37 पद आंगनवाड़ी सहायिका के हैं. सीएम मोहन (CM Mohan) ने इस पोर्टल को लॉन्च करते वक्त विभागीय अधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई भी दी. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी. इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी. नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल chayan.mponline.gov.in की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी. यहां के लिए मंजूर हुए नए आंगनवाड़ी केंद्र भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (PM JANMAN) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं. वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है. इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी. इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके साथ ही अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की भर्ती की जाएगी। इस तरह ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों को रोजगार प्राप्त होगा। सभी नई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 13 हजार रुपए प्रतिमाह और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई शुरूआत के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है, त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति में मददगार साबित होगी। उन्होंने आशा जताई कि नई व्यवस्था से नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें कम हो जाएंगी।

सीएम यादव के विदेश दौरे से पहले नए DGP के नाम का ऐलान होगा, दिल्ली में मंथन जारी !

नईदिल्ली  मध्यप्रदेश के नए DGP को लेकर दिल्ली (Delhi) में बैठक का दौरा जारी है. पिछले कई दिनों से सरकार में अलग-अलग स्तर पर नए डीजीपी (MP New DGP) के नाम को लेकर मंथन हो चुका है. अब बारी दिल्ली की है, नए डीजीपी के नाम किस अधिकारी पर मोहर लगती है, ये देखना अभी बाकी है. सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के विदेश दौरे पर जाने से पहले नए अधिकारी के नाम का ऐलान होना है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन दिनो में ये नाम सामने आ जाएगा. 9 नामों में से होगा एक नाम राज्य सरकार ने केंद्र सरकार (डीओपीटी) को 9 नामों का पैनल भेजा था. जिसमें डीजी ईओडब्ल्यू अजय कुमार शर्मा, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र मकवाना, डीजी जेल जीपी सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी उपेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजी वरुण कपूर, स्पेशल डीजी आलोक रंजन, डीजी महिल सेल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी योगेश मुद्ग़ल के नाम शामिल है. मध्य प्रदेश के नए डीजीपी का नाम इन्हीं नामों में से चुना जाएगा. रेस में शर्मा सबसे आगे डीजीपी की दौड़ में सीनियर अफसर अजय शर्मा का नाम सबसे आगे है. 1989 बैच के IPS अफसर अजय शर्मा हाल के दिनों में डीजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अगस्त 2026 में रिटारयर होंगे. दूसरा नाम 1988 बैच के IPS अफसर कैलाश मकवाना का है, मकवाना हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. मोहन सरकार ने जिन अफसरों के नाम केंद्र को भेजे है, उन सभी अधिकारियों ने अपनी 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है. 30 को रिटायर होंगे सक्सेना प्रदेश के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर के रिटायर हो रहे है. सक्सेना मार्च 2022 से इस पद पर है,  नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल से हुई थी करीब ढ़ाई साल तक प्रदेश के डीजीपी पद रहकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. अगले तीन दिनों में सामने होगा नाम डीजीपी का नाम अगले तीन दिनो में सामने आ जाएगा. सीएम मोहन यादव 24 नवंबर से विदेश दौरे पर जा रहे है, ऐसे में नए डीजीपी का नाम उससे पहले तय होने की पूरी संभावना है.ऐसे में 30 नवंबर से पहले से नए डीजीपी वर्तमान डीजीपी के ओएसडी के रूप में काम करेंगे. इन 6 IPS अधिकारियों के नाम की चर्चा जोरों पर डीजीपी पद के प्रबल दावेदार कौन? इस पद के प्रबल दावेदारों में होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना के नाम सबसे आगे हैं। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी 1988 और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से एक को डीजीपी बनाया जाएगा। जबकि अन्य अधिकारियों का नाम रेस में नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। बेटी संभालेगी परेड की कमान बता दें कि डीजीपी सक्सेना के लिए 30 नवंबर को एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। उनकी बेटी और आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी परेड की कमान संभालेंगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहली बार होगा कि किसी डीजीपी को उनकी बेटी द्वारा विदाई परेड की कमान सौंपी जाएगी। इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी जोरों पर है। नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां गौरतलब है कि राज्य को अक्टूबर में अनुराग जैन को मुख्य सचिव का पद मिला था। अब नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में नए चेहरों शामिल हो जाएंगे। यह बदलाव राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां होंगी। देखना होगा कि नवनियुक्त डीजीपी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और राज्य की जनता की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं।  DGP पिता की विदाई परेड में DCP बेटी देगी सलामी  मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि डीजीपी पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनके विदाई परेड में सलामी की जिम्मेदारी उनकी डीसीपी बेटी को मिली है. विदाई परेड मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी. दरअसल, 32 महीने के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. खास बात यह है कि उनकी विदाई परेड की जिम्मेदारी उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सोनाक्षी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही परेड कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी. उनकी पहली तैनाती इंदौर में की गई थी. दो साल पहले बने डीजीपी प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सुधीर कुमार सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर काबिज हुए थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 30 नवंबर को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में होने वाली परेड को लेकर पुलिस का अभ्यास कार्यक्रम जल्द शुरू होगा. सलामी देने वाली टीम सोमवार से नेहरू नगर स्टेडियम में अभ्यास करेगी. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. आईपीएस अरविंद कुमार, आईपीएस कैलाश मकवाना और आईपीएस पवन श्रीवास्तव सहित कई नामों पर चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जिसके नाम पर मुहर लगेगी, वह प्रदेश का नया डीजीपी होगा.

1100 करोड़ रुपये की लागत से भदभदा से रत्नीगिरि तक बिछाई जाएगी मेट्रो की ब्लू लाइन, चिकलोद की दुकान, मकानों का सर्वे सोमवार से

भोपाल शहर में अब जल्द ही मेट्रो की ब्लू लाइन का काम शुरू होगा।इसका निर्माण लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। भदभदा से रत्नीगिरि तक लगभग 13 किलोमीटर बिछाई जाने वाली ब्लू लाइन के लिए सोमवार से सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए एसडीएम दीपक पांडे के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। यह टीम चिकलोद रोड स्थित दुकान व मकानों और अतिक्रमण को चिह्नित करेगी।इसको लेकर सोमवार को एडीएम उत्तर सिद्धार्थ जैन ने अपने कार्यालय में एसडीएम, मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मेट्रो रेल लाइन में बाधा बनने वाले दुकान, मकान के लोगों को मुआवजा वितरण कर समय पर हटाने की कार्रवाई करें। तीन वर्ष में पूरा किया जाना है काम मेट्रो की ब्लू लाइन के निर्माण का कार्य तीन वर्ष में पूरा किया जाना है। इसके लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लोन लिया जाएगा, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण एजेंसी को वर्कआर्डर जारी किए जाएंगे।इसके तहत 2027 तक 30 किमी का मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाएगा। हालांकि पहले चरण में करोंद से एम्स तक करीब 16 किमी लंबी लाइन बनाई जा रही है। जिसके दूसरे चरण में अड़चनों की वजह से काम अटका हुआ है। मेट्रो की राह के दुकान, मकानों को मिलेगा मुआवजा पुल बोगदा से करोंद तक बनाए जाने वाले मेट्रो के पहले मार्ग के दूसरे चरण का काम चल रहा है, लेकिन सिंधी कालोनी, भारत टाकीज, छह नंबर प्लेटफार्म ईरानी डेरा, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड के बीच में आने वाली अड़चनों को अब तक दूर नहीं किया गया है, जिसकी वजह से मेट्रो का काम अटका हुआ है। इधर एक महीने पहले आजाद नगर की 18 दर्जन दुकानों को हटाने की कवायद शुरु की थी, लेकिन मेट्रो कंपनी ने दुकानदारों को राशि नहीं दी है। जिसकी वजह से सिविल का काम अटका हुआ है। आरा मशीनों के लिए सुविधाओं का इंतजार मेट्रो रेल लाइन के लिए पुल बोगदा से भारत टाकीज रोड पर स्थित करीब 100 से अधिक आरा मशीनें हटाई जाना है। इसके लिए परवलिया सड़क के छोटा रातीबड़ में जगह आवंटित की जा चुकी है।यहां पर जिला उद्योग केंद्र द्वारा बिजली,पानी, सड़क सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।इन सुविधाओं के पूरा होने के बाद ही आरा मशीनों की शिफ्टिंग शुरू की जाएगी। इनका कहना है मेट्रो रेल परियोजना के तहत रूट में आने वाले सभी अतिक्रमणों को हटाने, भूमि आवंटन, मुआवजा राशि वितरण को लेकर जल्द से जल्द सर्वे कर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। आजाद नगर के दुकानदारों को मुआवजा मिल जाएगा, इसके बाद इन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – सिद्धार्थ जैन, एडीएम, भोपाल

वन विभाग में बड़े ट्रांसफर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक को हटाया

Major transfers in the forest department, Principal Chief Forest Conservator removed भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने गुरुवार रात वन विभाग के दो बड़े अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस ट्रांसफर ऑर्डर को भी बांधवगढ़ मामले से जाेड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के मामले के बाद लगातार अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं. वहीं अब मोहन यादव सरकार ने भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को प्रशासकीय हित का हवाला देते हुए स्थानांतरित किया है. किन IFS के हुए ट्रांसफर मध्य प्रदेश शासन ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मुख्यालय भोपाल वीएन अम्बाड़े का ट्रांसफर कर दिया गया है. उनकी जगह वित्त एवं बजट शाखा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभरंजन सेन को प्रदेश का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं वीएन अम्बाड़े को वन राज विकास निगम भोपाल में प्रबंध संचालक बनाकर भेजा गया गया है. हाथियों की मौत के बाद प्रशासनिक सर्जरी गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व कुछ दिन पहले एक-एक करके 11 हाथियों की मौत हो गई थी. घटना के कुछ समय बाद ही बांधवगढ़ के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. वहीं अब वाइल्डलाइफ वार्डन को भी हटा दिया गया है, और उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है.

अशोकनगर के भाजपा जिला मीडिया प्रभारी हुए डिजिटल अरेस्ट, डरकर ठग को दिया बैंक अकाउंट नंबर

अशोकनगर ऑनलाइन ठगी के एक नए मामले में अशोकनगर के भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डॉ हरवीर सिंह रघुवंशी 2.5 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे। ठगों से लगातार दो घंटे से अधिक समय तक वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान उन्होंने अपने को एक कमरे में बंद कर लिया। परिजनों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के कारण वे ठगी का शिकार होने से बच गए। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डॉ रघुवंशी ने बताया कि उनके पास बुधवार की दोपहर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। उन्हाेंने कॉल रिसीव किया तो बातचीत के दौरान ही वीडियो कॉल चालू हो गई। इस दौरान अज्ञात व्यक्ति उनसे बात कर रहा था। उसने बताया कि तुम्हारी सिम से ऑनलाइन फ्राड हो रहा है, जिसकी मुंबई के अलग-अलग स्थानों पर 17 शिकायतें दर्ज हैं। अचानक इस तरह की बात से डॉ रघुवंशी डर गए। रघुवंशी को डरा समझकर ठगों ने उन्हें अपनी बातों में उलझा दिया। लगातार कॉल पर जोड़ा रखा ठगों ने बातचीत के दौरान पहले तो उन्हें डराया फिर लगातार कॉल पर जोड़े रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बातचीत चल रही है, इसलिए आप जुड़े रहे। बातचीत में डराते हुए उन्होंने आधार कार्ड और बैंक अकाउंट नंबर ले लिया। कुछ देर बाद वे ऑनलाइन पैसे डालने की मांग करने लगे। पुलिस को देख डर गए ठग करीब दो घंटे तक बंद कमरे में वीडियो कॉल से बात करते हुए देखकर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलने से उन्होंने इंकार कर दिया तो परिजनों ने तत्काल पुलिस में उनके रिश्तेदार को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम थाने से पहुंची और दरवाजा खुलवाया। पुलिस को देखकर ठगों ने फोन काट दिया। इस दौरान ठगों ने उनके बैंक अकाउंट नंबर भी ले लिए थे। मामले की जांच कर रही है पुलिस हमारे संज्ञान में मामला आते ही तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस को देखकर ठगों ने फोन बंद कर दिया। मामले की जांच कराई जा रही है। मनीष शर्मा टीआई कोतवाली, अशोकनगर

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला बोले- फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 जल्द, कई फिल्मकारों ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिये दिखाई रूचि

भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा गोवा में चल रहे 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आई.एफ.एफ.आई) का गोवा में सहभागित कर प्रदेश में फिल्म शूटिंग संभावनाओं का प्रचार किया। प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला व अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी द्वारा फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेता व उद्योग से जुड़े हितधारकों से चर्चा कर प्रदेश में फिल्म परियोजनाओं की शूटिंग हेतु आंमत्रीत किया। फिल्म महोत्सव के दौरान टूरिज्म बोर्ड द्वारा गुरुवार को एक नॉलेज सेशन आयोजित किया। ‘लाइट्स, कैमरा, सहयोग: मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए सरकार और उद्योग साझेदारी’ श्रृंखला में प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला सहित फिल्म निर्देशक श्री अमर कौशिक, आमिर खान प्रोडक्शंस की सीईओ सुश्री अपर्णा पुरोहित, अभिनेता श्री अभिषेक बनर्जी, अभिनेता सुश्री नितांशी गोयल, अभिनेता श्री स्पर्श श्रीवास्तव और अभिनेता-निर्माता सुश्री वाणी टीकू त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने और राज्य को एक प्रमुख फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से म.प्र. फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा, “मध्य प्रदेश को 2017 और 2020 के लिये दो बार फिल्म अनुकूल राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर गर्व है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जीवंत वन्य जीवन और पवित्र आध्यात्मिक स्थलों से राज्य के विविध स्थान एक प्राकृतिक फिल्म सेट का रूप देते है। उन्होंने हाल ही में शूट की गई फिल्मों व वेब सीरिज (स्त्री-2, भूल भुलैया-3, लापता लेडीज, पंचायत, महारानी, गुल्लक आदि) के उदाहरण देकर राज्य की लोकप्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से फिल्म निर्माताओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का विवरण दिया और शूटिंग की मंजूरी के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सरल और पारदर्शी प्रक्रिया की जानकारी दी। श्री शुक्ला ने बताया कि, प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान है। उक्त क्षेत्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे बिजली, इंटरनेट, और परिवहन की व्यवस्था उपलब्ध है। शूटिंग के दौरान स्थानीय प्रशासन और समुदाय का पूर्ण सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि, देश में फिल्म शूटिंग के लिए म.प्र. की पहचान “सस्ती और सुविधाजनक” गंतव्य के रूप में है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने फिल्म निर्माताओं से राज्य की लोकेशन पर फिल्म शूटिंग के लिए प्रस्ताव लाने का आग्रह किया और प्रशासन द्वारा शूटिंग में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। नॉलेज सेशन में फिल्म निर्माताओं ने मध्य प्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी की सराहना की। कई प्रोडक्शन हाउस ने राज्य में भविष्य की परियोजनाओं के लिए रुचि दिखाई। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 जल्द- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला सेशन में प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने जानकारी दी कि, देशभर के फिल्मकारों, फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों व हितग्राहियों से मिले सुझावों के आधार पर म.प्र. फिल्म टूरिज्म पॉलिसी में बदलाव किये जा रहे हैं। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी 2.0 को जल्द जारी किया जाएगा। जो राज्य में फिल्म शूटिंग को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई एक नवीन और समग्र नीति होगी। इसका उद्देश्य फिल्म निर्माताओं को अतिरिक्त सुविधाएं और प्रोत्साहन प्रदान करना है ताकि मध्यप्रदेश को भारत का शीर्ष फिल्म निर्माण स्थल बनाया जा सके। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना, राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना, स्थानीय समुदाय और युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित करने के लिये पॉलिसी में बदलाव किये जा रहे है।  

गैर परंपरागत स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश रहेगा अग्रणी : मंत्री श्री शुक्ला

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि गैर परंपरागत स्त्रोतों से ऊर्जा उत्पादन के सतत् प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा। गुरूवार को मंत्रालय में मंत्री श्री शुक्ला की उपस्थिति में भारतीय स्टेट बैंक के सीजीएम एमपी/सीजी हेड श्री चंद्रशेखर शर्मा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव के बीच एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुआ। इसके अतिरिक्त नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने आईडी इनसाईट के साथ भी एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये। भारतीय स्टेट बैंक एवं म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि. के मध्य एम.ओ.यू. भारतीय स्टेट बैंक के साथ प्रदेश के ऊर्जा विकास निगम द्वारा एम.ओ.यू. करने का लाभ कृषकों एवं विकासकों को मिलेगा। प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री कुसुम योजना कुसुम “ए” एवं कुसुम “सी” के किसानों/विकासकों को ग्रामीण क्षेत्रों में 33/11 केव्ही विद्युत उप-केंद्रों पर सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिये सरलता से बैंक ऋण प्राप्त होगा। मुख्यालय स्तर पर एकल खिड़की प्रणाली की इस व्यवस्था से कृषकों/विकासकों को ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होगी। इससे परियोजनाएं शीघ्र स्थापित हो सकेंगी। एम.ओ.यू. साइन होने से कृषक/विकासक प्रोत्साहित होंगे एवं प्रदेश में व्यापक स्तर पर परियोजनाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। कुसुम “ए” में वर्तमान में 1500 मेगावॉट एवं कुसुम “सी” में 2000 मेगावाट का लक्ष्य है। आईडी इनसाईट एवं म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि. के मध्य एम.ओ.यू. नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और आईडी इनसाईट कंपनी के बीच भी गुरूवार को एएक अन्य एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये गये। इस एम.ओ.यू. के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन करने में मदद मिलेगी। इससे विभाग को कम खर्चे में परियोजनाओं की तकनीकी और आर्थिक साध्यता और उसके क्रियान्वन में सहयोग प्राप्त होगा। एम.ओ.यू. के हस्ताक्षरित होने के बाद सौर रूफ-टॉप योजना को प्रभावी तरीके लागू करने में मदद मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन बना औद्योगिक स्वच्छता का राष्ट्रीय उदाहरण

भोपाल उज्जैन जिले को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। उज्जैन-देवास रोड स्थित ‘विक्रम उद्योगपुरी’ को सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क घोषित किया गया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री, डॉ. मोहन यादव के प्रभावी नेतृत्व का परिणाम है। उनके नेतृत्व में उज्जैन न केवल सांस्कृतिक धार्मिक नगरी के रूप में अलग पहचान बना रहा है, बल्कि औद्योगिक एवं पर्यावरण विकास में भी राष्ट्रीय पहचान बना रहा है। विक्रम उद्योगपुरी को मिला यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण बना, बल्कि उसकी सफलता और स्वच्छता की कहानी पूरे देश में एक मिसाल बन गई है, जिसे अब अन्य औद्योगिक पार्कों के लिए आदर्श माना जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा यह प्रतिष्ठित अवार्ड, 21 नवंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के कार्यकारी निदेशक, श्री राजेश राठौड़ ने यह अवार्ड प्राप्त किया। इस समारोह में कुल 15 औद्योगिक पार्कों को स्वच्छता के लिए सम्मानित किया गया था। विक्रम उद्योगपुरी ने देशभर के 140 औद्योगिक पार्कों में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री श्री गोयल ने इंदौर और उज्जैन के स्वच्छता प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी का यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान निश्चित रूप से प्रदेश के उद्योगों को और अधिक आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाएगा। अवार्ड के लिए आईं थीं 140 प्रविष्ठियाँ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत ‘स्वच्छ औद्योगिक पार्क’ अभियान में देश भर के 18 राज्यों के औद्योगिक विकास निगमों से पंजीकरण कराने वाले 140 औद्योगिक पार्कों में से विक्रम उद्योगपुरी को सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क के तौर पर चुना गया। औद्योगिक पार्कों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन का कार्य फिक्की और पीडब्ल्यूसी की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया था। इसके बाद, साइट निरीक्षण के आधार पर विक्रम उद्योगपुरी को सर्वोच्च रैंक प्राप्त हुआ। उज्जैन को औद्योगिक हब बनाने का सपना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन को औद्योगिक हब बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उज्जैन में औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई उद्योगपतियों से संपर्क कर विक्रम उद्योगपुरी में निवेश के लिए प्रेरित किया है। यहां अमूल, पेप्सिको इंडिया, और एमडीएच जैसी बड़ी कंपनियों ने पहले ही निवेश किया है। इसके तहत अब तक 15060 रोजगार सृजित किए जा चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। अब उज्जैन न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। विक्रम उद्योगपुरी की विशेषताएँ विक्रम उद्योगपुरी ने स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय पहल की हैं। यह पार्क 1133 एकड़ में फैला हुआ है और इसे डीएमआईसी के तहत आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। यहां 5198 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क भी विकसित किया जा रहा है, जो 360 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इस पार्क में 1855 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और इससे 6900 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। यह पार्क स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। पार्क में आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली, हरित क्षेत्र, और ऊर्जा-कुशल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। यहां के उद्योगों ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम स्थापित किए हैं, जो पर्यावरण-संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा, पार्क के श्रमिकों और उद्योगों ने मिलकर स्वच्छता को एक सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया है, जो इसे अन्य औद्योगिक पार्कों से अलग बनाता है। इस पार्क में औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का समन्वय इसे एक संपूर्ण शहर की तरह विकसित करने में मदद कर रहा है। इसके साथ विक्रम उद्योगपुरी के तहत मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे नवीनतम प्रयासों के माध्यम से प्रदेश में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया जा रहा है।  

राज्य स्तरीय कौशल प्रदर्शनी का आयोजन 22 नवम्‍बर को

भोपाल समग्र शिक्षा अभियान (सेकेण्ड्री एजुकेशन) द्वारा स्टार्स परियोजना अंतर्गत राज्‍य स्‍तरीय कौशल प्रदर्शनी का आयोजन राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 22 नवम्‍बर शुक्रवार को प्रात: 10:30 बजे आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 2383 विद्यालयों में प्रति विद्यालय 2 ट्रेड की नवीन व्यावसायिक शिक्षा दी जा रहीं है। इसमें 14 ट्रेड जैसे आईटी-आईटी.ई.एस., प्राइवेट सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, अपैरल, बैंकिंग एण्ड फाइनेंस सर्विसेज, रिटेल, हेल्थ केयर, इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर, ब्यूटी एण्ड वेलनेस, प्लंबिंग, ऑटोमेटिव, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटिलिटी, फिजिकल एजुकेशन एवं मीडिया एण्ड एन्टरटेनमेंट आदि में 30 जॉबरोल का शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्टार्स परियोजना के तहत नवीन व्यावसायिक शिक्षा संचालित इन 2383 विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाने, उद्यमशीलता की भावना को बढ़ाने एवं उनके कौशल विकास के प्रोत्साहन के लिये विद्यालय स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर कौशल प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। विद्यालय स्तरीय कौशल प्रदर्शनियों में 1790 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 25 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। प्रत्येक विद्यालय के प्रथम पुरूस्‍कार प्राप्‍त विद्यार्थी द्वारा जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रतिभागिता की गई। उत्कृष्ठ विद्यालय में 22 नवम्‍बर को राज्‍य स्‍तर पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनी मे प्रदेश के 52 जिलों से 2-2 विजेता विद्यार्थियों कुल 104 विद्यार्थियों के द्वारा सहभागिता की जा रही है। राज्य प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार 25 हजार रूपये, द्वितीय को 15 हजार रूपये, तृतीय को हजार रूपये, चतुर्थ को 7 हजार रूपये एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार 5 हजार रूपये के साथ ही 5 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार 2100 रूपये प्रदान की जायेगी। राज्य कौशल प्रदर्शनी में आये सभी प्रतिभागी एवं संचालित सभी ट्रेडों के मेरिट सूची में आये टॉप 3 विद्यार्थियों, शिक्षक, राज्य, संभाग एवं जिले के अधिकारी प्रतिभागियों को राज्य के बाहर 5 दिवसीय स्किल एक्पोजर विजिट पर ले जाया जाएगा। उल्‍लेखनीय है कि पिछले वर्ष राज्य कौशल प्रदर्शनी में आये सभी प्रतिभागियों को दिल्ली एन.सी.आर. के 10 महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण कराया गया था।  

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