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मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पुलिस पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को आईना दिखाने का अनोखा तरीका निकाला है. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिसपुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगीजीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ?

कटनी पहुंचे संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत, बिताया एक घंटे का वक्त, चुनिंदा लोगों से की मुलाकात, हाई अलर्ट पर रही पुलिस

 कटनी  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक डॉ मोहन भागवत आज शाम अल्प प्रवास पर कटनी पहुंचे। एसपीजी और लोकल पुलिस के तगड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मोहन भागवत ने कटनी में करीब एक घंटे का वक्त बिताया। जिले में संघ के टॉप लेबल के पदाधिकारियों के अलावा संघ प्रमुख के आगमन की किसी को खबर नहीं थी। पूरे प्रवास को अत्यंत गोपनीय रखा गया। संघ प्रमुख को केंद्र सरकार की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, लिहाजा लोकल पुलिस के बड़े अधिकारियों को एन वक्त पर बताया गया। मोहन भागवत के साथ संघ के कुछ बड़े चेहरे मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक आज शाम 5 बजे मोहन भागवत का काफिला चित्रकूट से जबलपुर जाते वक्त कटनी के चाका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल ( डीपीएस ) में रोका गया। हाइवे पर स्थित होने की वजह से डीपीएस में संघ प्रमुख का प्रवास आसान था। इसके अलावा पूर्व में भी संघ के बड़े शिविर एवं अन्य आयोजन डीपीएस में होते रहे हैं इसलिए श्री भागवत के अल्प प्रवास के लिए इस परिसर को चुना गया। सूत्रों के मुताबिक एसपीजी के अधिकारियों और कटनी पुलिस के आला अधिकारियों समेत भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सर संघ चालक की अगवानी संघ के प्रांत प्रचारक एवं अन्य पदाधिकारियों ने की। डॉ मोहन भागवत ने करीब एक घंटे के प्रवास में डीपीएस स्कूल के संचालक अनुराग जैन एवं श्रीमती जूही जैन से स्कूल के संचालन के संबंध में जानकारी हासिल की तथा स्कूल परिसर का अवलोकन करते हुए स्कूल की सराहना की। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे संस्कारों के साथ आगे बढ़े और देश के कल्याण के लिए काम करें। चित्रकूट से लौटे भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत चित्रकूट से जबलपुर जाते वक्त कटनी में रुके। उल्लेखनीय है कि चित्रकूट के हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित युग तुलसी पंडित रामकिंकर उपाध्याय के जन्मशताब्दी कार्यक्रम में शामिल होकर संघ प्रमुख जबलपुर रवाना हुए हैं। चित्रकूट में उन्होंने कहा कि ‘कुछ लोग उभरते भारत को दबाने की कोशिश रहे हैं। यह सत्य भारत है, जो कभी दबता नहीं है। यह हर संकट से उबर कर आगे बढ़ता रहेगा। सनातन और संतों के काम में आने वाली बाधाओं को संघ के स्वयंसेवक डंडा लेकर दूर करेंगे। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का जबलपुर में पांच दिवसीय प्रवास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत का पांच दिवसीय प्रवास जबलपुर में आज 7 नवम्बर से शुरू होकर 11 नवम्बर तक रहेगा। इस पांच दिवसीय प्रवास के विविध प्रयोजन हैं, जिसके तारतम्य में 10 नवम्बर, सायं 4.30बजे वर्तमान में विश्व कल्याण हेतु हिंदुत्व की आवश्यकता विषय पर प्रबोधन प्राप्त होगा।

नशे में चूर युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में मचाया उपद्रव, सरेआम वर्दीधारियों से की गाली गलौज

नशे में चूर युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में मचाया उपद्रव, सरेआम वर्दीधारियों से की गाली गलौज  कटनी  सोशल मीडिया में आज एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहा वीडियो कोतवाली थाना परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहे नशे में चूर भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को अपशब्द कहते हुए खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी थाने के अंदर वर्दी धारी के साथ बदजुबानी कर रहे हैं, वह दृश्य साफ दर्शाता है कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी किस तरह सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। सोशल मीडिया में आज इसी बात की चर्चा तेज है कि मोहन के राज में भाजपा के पदाधिकारी कानून व्यवस्था की बांसुरी खूब बजा रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा के जिम्मेदार पदाधिकारियों द्वारा थाने में किए गए उपद्रव को लेकर खबर लिखे जाने तक पुलिस के द्वारा किसी भी तरह का एक्शन नहीं लिया गया है। पुलिस की यह चुप्पी उसकी लाचारी को साफ बयां करती है। यह हुई घटना सूत्रों के मुताबिक गत 6 नवंबर की देर रात आजाद चौक स्थित एक पान की दुकान में भाजपा युवा मोर्चा के कुछ पदाधिकारी नशे की हालत में खड़े थे। पेट्रोलिंग पर निकले एक अधिकारी ने जब चौराहे में आधी रात इस तरह नशे की हालत में खड़े लोगों को देखा तो उन्होंने उन लोगों से वहां से चले जाने को कहा। इतना सुनते ही मौजूद युवा मोर्चा के पदाधिकारी भड़क गए और पेट्रोलिंग कर रहे अधिकारी से बदसलूकी करने लगे। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने नशे में मौजूद युवा मोर्चा पदाधिकारियों को पुलिस वाहन बुलाकर थाने भिजवाया। पुलिस के मदहोश युवा मोर्चा पदाधिकारी को थाने ले जाने की बात पर खुद को जिम्मेदार बताने वाले भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी भड़क गए और थाने के अंदर ही मौजूद पुलिस कर्मियों से गाली गलौज करते हुए अभद्रता करना शुरू कर दिया। थाने के अंदर भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा काफी देर तक गाली गलौज करते हुए हंगामा किया गया। इस बीच समझाइस देने भाजपा के एक पदाधिकारी भी पहुंच गए। थाने में काफी देर तक हंगामा होता रहा किसी तरह पुलिस ने समझा बूझकर नशे में चूर युवा मोर्चा के पदाधिकारी को घर भिजवाया। वीडियो में भाजपा युवा मोर्चा के जो पदाधिकारी दिखाई पड़ रहे हैं उनकी पहचान शुभम सोनी, पारस जैन के रूप में लोग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उपद्रव होने के बाद भाजपा नेता अभिषेक ताम्रकार भी थाने पहुंचे थे और उन्होंने नशे में चूर युवा मोर्चा के पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया था।

प्रेमिका के पति को रास्ते से हटाने रची हत्या की खौफनाक साजिश, 400 किलोमीटर दूर लाकर उतारा मौत के घाट

कटनी  स्लीमनाबाद पुलिस ने अज्ञात नवयुवक के सनसनी खेज अंधे हत्याकांड का एक सप्ताह के अंदर पर्दाफाश कर 4 आरोपीयों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हुई थी घटना विगत 1 नवंबर को थाना स्लीमनाबाद में सूचना प्राप्त हुई की घुघरी रोड की तलैया के पास मरघटाई में एक अज्ञात युवक अर्धनग्न अवस्था में मृत खून से लथपथ पड़ा हुआ है और आसपास खून के निशान है तथा पड़े हुए पत्थरों पर भी खून दिखाई पड़ रहा है साथ ही मृतक का शरीर जलने का प्रयास भी किया गया है। सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर गंभीर घटना को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गयी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कटनी अभिजीत कुमार रंजन (भा पु से) ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात मृतक की पहचान एवं घटना करने वाले आरोपियों को पकडने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ संतोष डेहरिया को निर्देशित किया और एसडीओपी स्लीमनाबाद अखिलेश गौर के नेतृत्व में एक विवेचना टीम का गठन किया, जिसमें थाना स्लीमनाबाद प्रभारी अखिलेश दहिया, उमरिया पान थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सिद्धार्थ राय एवं बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अनिल यादव के साथ साइबर सेल से प्रशांत कुमार को अलग अलग टीमों में शामिल किया गया। ऐसे हुई मृतक की पहचान मृतक की पहचान संदीप यादव पिता महेन्द्र प्रताप यादव उम 30 साल निवासी सलैया थाना असपुर देवसरा जाला प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश के रूप में हुई जो वर्तमान में जौनपुर में रहता था जहां इसकी ऑटोपार्ट्स की दुकान थी जिसमे यह गाड़ी सुधारने का काम करता था। इन्होंने की थी हत्या उक्त मृतक की हत्या में दीपक यादव पिता साहिब लाल यादव उम्र 27 साल नि. इटेली थाना गौराबादशाहपुर जिला जौनपुर उ.प्र., विधि उल्लंघनकारी बालक नि. रामपुर थाना गौराबादशाहपुर जिला जौनपुर उ.प्र., अभिषेक यादव पिता तुफानी यादव उम्र 25 साल नि. घुघरी थाना स्लीमनाबाद जिला कटनी, आनंद यादव पिता रामजीत यादव उम्र 24 साल नि. बसावकपुर पोस्ट देवापार थाना मड़ियाहूं जिला जौनपुर एवं सत्येन्द्र यादव उम्र 30 वर्ष निवासी जौनपुर उ. प्र. शामिल थे। सत्येंद्र अभी फरार है। इस तरह हुई आरोपियों की पहचान पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान घटनास्थल पहुंच कर निरीक्षण किया गया एवं भौतिक साक्ष्यों का संकलन कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया साथ ही डॉक्टर, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट एवं डॉग स्क्वॉड के माध्यम से घटनास्थल एवं इसके आसपास के साक्ष्य एकत्रित किए गए। साइबर टीम के माध्यम सेतकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए और अज्ञात मृतक तथा अज्ञात आरोपियों की पहचान स्थापित करने के लिए एक रणनीति बनाई गई। एकत्रित साक्ष्य एवं तकनीकी डाटा विश्लेषण करने पर यह जानकारी प्राप्त हुई की आरोपियों द्वारा घटना, दिनांक 31 अक्टूबर एवं 01 नवंबर की दरमियानी रात को घटित की गई और घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्य के विश्लेषण से थाना स्लीमनाबाद अंतर्गत घुघरी निवासी अभिषेक यादव की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई, जिससे सघन पूछताछ की गई और आरोपी ने घटना करना स्वीकार किया तथा मृतक एवं अन्य आरोपियों की जानकारी दी और बताया कि मृतक एवं अन्य सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के जौनपुर एवं लखनऊ के रहने वाले है। इस आधार पर अज्ञात मृतक की पहचान करने और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पृथक पृथक गिरफ्तारी टीम रवाना की गई और आरोपियों को गिरफ्तार करके लाया गया। पत्नी से अवैध संबंध बनी वजह आरोपियों से पृथक पृथक पूछताछ की गई, पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड दीपक यादव है जो जौनपुर का रहने वाला है और मृतक संदीप यादव का खास दोस्त भी था, इसका मृतक की पत्नी से विगत एक दो सालों से अवैध संबंध थे एवं संदीप यादव को यह बात पता चल गई थी साथ ही मृतक संदीप यादव अपनी पत्नी को प्रताड़ित करता था साथ ही आरोपी दीपक यादव ने मृतक संदीप यादव को दुकान खोलने के लिए पैसे उधार दिए थे जो वह नहीं चुका रहा था और अपनी पत्नी बच्चों का भी खाना खर्चा नहीं दे रहा था। चूंकि दीपक यादव मृतक की पत्नी से अत्यंत प्रेम करता था इसलिए उसे यह सब सहन नहीं हुआ और उसने यह बात अपने मित्र सत्येंद्र यादव को बताई और कुछ उपाय करने का प्लान किया। आरोपी सत्येंद्र यादव एक आदतन आरोपी है जो चोरी एवं अवैध शस्त्रों के मामले में अन्य थाना क्षेत्र में पकड़ा गया है जिसकी अभी तलाश की जा रही है। आरोपी सत्येंद्र यादव और दीपक यादव ने मिलकर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए मृतक के मारने की योजना बनाई और धनतेरस के पूर्व स्लीमनाबाद क्षेत्र में आकर रेकी की थी और अभिषेक यादव के यहां रुके भी थे। इस योजना में दीपक यादव ने सत्येंद्र यादव को ₹100000 देने की बातचीत की जिसमें से ₹10000 वह एडवांस सत्येंद्र यादव को दे चुका था। आरोपी संदीप यादव का चचेरा भाई अभिषेक यादव घुघरी में रहता है और संदीप यादव का विगत कई वर्षों से यहां आना-जाना है जिस वजह से वह इस क्षेत्र से परिचित था। रेकी करने के बाद सत्येंद्र यादव ने अपने अन्य साथीयों आनंद यादव, विधि उल्लंघनकारी बालक एवं चचेरे भाई अभिषेक यादव को इस कार्य हेतु अपनी टीम में लालच देकर शामिल किया। इस तरह की गई हत्या योजना के तहत रेकी करने के बाद आरोपी दीपक यादव एवं सत्येंद्र यादव वापस जौनपुर चले गए एवं दिवाली के दिन दिनांक 31 नवंबर को दीपक यादव ने मृतक संदीप यादव को मैहर घूमने के बहाने लाने का प्लान बनाया आरोपी सत्येंद्र यादव ने आरोपी आनंद यादव को साथ लेकर उसकी गाड़ी बुलाई एवं अन्य साथी ऋषभ यादव को बुलाया इस प्रकार मृतक एवं अन्य आरोपी आनंद यादव की गाड़ी में बैठकर स्लीमनाबाद पहुंचे। इस दौरान रास्ते में अलग-अलग शराब दुकानों से शराब खरीद कर आरोपियों ने मृतक को शराब पिलाना शुरू किया ताकि मृतक बेसुध रहे और स्वयं भी शराब का सेवन किया, जब आरोपी स्लीमनाबाद पहुंचे तो यहां इन्होंने आरोपी अभिषेक यादव को स्लीमनाबाद बाईपास के पास बुलाया और और आरोपी अभिषेकयादव से शराब की बोतल खरीदवा कर सभी ने पुनः शराब का सेवन किया। इसके बाद अभिषेक यादव अपनी दो पहिया वाहन से अन्य आरोपियों की कर के पीछे चलने लगा और निर्धारित स्थान … Read more

परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

जनजातीय संग्रहालय एक नवंबर से दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा

भोपाल मध्यप्रदेश की सभी जनजातियों के जीवन, रहन-सहन, देशज ज्ञान, कला परम्परा और सौन्दर्यबोध की विशिष्टता को स्थापित करने का कार्य जनजातीय संग्रहालय, भोपाल में किया गया है। यहां जनजातियों की बहुरंगी एवं बहुआयामी देशज संस्कृति को बेहतरीन स्वरूप में संयोजित किया गया है। जनजातीय संग्रहालय के निदेशक ने बताया कि हर साल संग्रहालय में अवलोकन का समय परिवर्तन किया जाता है। इसके तहत इस वर्ष एक नवंबर, 2024 से (मंगलवार से रविवार तक) जनजातीय संग्रहालय दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक एवं 1 फरवरी 25 से अक्टूबर 25 तक दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों एवं पर्यटकों के लिये खोला जाय़ेगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं में प्रदेश के जनजातीय समुदायों के आवास की वास्तुगत, शिल्पगत और व्यवहारगत रूपों को प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में 6 अलग-अलग कलाओं, शिल्प माध्यमों की दीर्घाएं हैं, जिनमें जनजातीय जीवन की झलक, उनके परिवेश, खेल, संस्कृति, देवलोक आदि देखने को मिलते हैं। यहां हर दीर्घा में आगंतुकों, जिज्ञासुओं व शोधार्थियों के लिए कियोस्क भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उस दीर्घा विशेष के बारे में हिंदी अथवा अंग्रेजी में विस्तार से जाना-समझा जा सकता है।  

इंदौर में ई-अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी हुई कार्यशाला

भोपाल अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण गुलशन बामरा ने कहा है कि देश में लागू की जा रही सर्कुलर इकोनॉमी को पर्यावरण संरक्षण, रिसोर्स कंजर्वेशन अपशिष्ट मिनीमाइजेशन करते हुए स्वच्छ भारत-उत्तम भारत की अवधारणा को लागू करने की दिशा में कार्य करना है। बामरा इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ई-अपशिष्ट संबंधी कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर के संचालक डॉ. सुभाष जोशी, बोर्ड के सदस्य सचिव ए.ए. मिश्रा के साथ प्रदेश एवं देश के विभिन्न स्टेक होल्डर शामिल हुए। प्रमुख सचिव पर्यावरण बामरा ने कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सर्कुलर इकोनॉमी चक्रीय अर्थ-व्यवस्था को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये योजनाबद्ध रूप से कार्रवाई की जा रही है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ई-अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिये रिसाइकल, रियूज को बढ़ावा देना है। इसमें इन्फार्मल सेक्टर को फार्मलाइज करने पर भी जोर दिया गया। कार्यशाला में विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न सेक्टर्स में किये जा रहे कार्यों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। इसमें केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संचालक आनंद कुमार ने अपशिष्ट के निपटान में लागू की गई ईपीआर व्यवस्था एवं उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने संबंधी पोर्टल का प्रेजेंटेशन दिया। भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक, एसबीआई के प्रबंधक, सस्टेनिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशन हैदराबाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सस्टेनेबल इलेक्ट्रॉनिक रिसाइकिलिंग इंटरनेशन इंस्टीट्यूट के सीनियर एडवाइजर इत्यादि ने भी प्रेजेंटेशन दिये। कार्यशाला में स्वच्छतम शहर इंदौर में अपनाई गई स्वच्छता प्रक्रिया को प्रदेश के अन्य शहरों में भी विकसित करने पर चर्चा की गई।  

लोकायुक्त का छापा: पटवारी ने सीमांकन करने के बदले मांगे थे 15 हजार रुपए

Lokayukta raid: Patwari had asked for 15 thousand rupees in return for demarcation दमोह। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों पर नकेल कसने के लिए लोकायुक्त की टीम लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में दमोह जिले में एक पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया है। प्लांट सीमांकन के बदले में रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश हुआ है। जहां सागर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की है। दरअसल, आवेदक शुभम चौधरी के पिता के नाम प्लांट के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। काम करने के एवज में तहसील दमयंती नगर के हल्का नंबर 16 में पदस्थ पटवारी तखत सिंह ने 15 हजार रुपए की मांग कर रहा था। जिसके बाद दोनों के बीच सौदा हुआ और किस्त देने की तारीख आज की तय हुई। इसके बाद आवेदक ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त में कर दी। लोकायुक्त एसपी को शिकायत मिलते ही टीम ने अपना जाल बिछाया और आज पटवारी को रिश्वत देने भेजा। जैसे ही पटवारी ने घूस ली, लोकायुक्त ने उसे धर दबोचा। ट्रेप दल में निरीक्षक रंजीत सिंह और स्टाफ शामिल रहा।

राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को भोपाल में

भोपाल राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को प्रात: 9 बजे भोपाल के 1100 क्वार्टर, अरेरा कॉलोनी स्थित कैम्पियन स्कूल में शुरू होगी। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता में प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं के 500 विद्यार्थियों की सहभागिता रहेगी। प्रतियोगिता के समापन समारोह में महापौर नगर निगम भोपाल श्रीमती मालती राय उपस्थित रहेंगी। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिये ब्रिज कोर्स शासकीय विद्यालयों के कक्षा-9 के विद्यार्थियों के दक्षता सुधार के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने ब्रिज कोर्स तैयार किया है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिये है, जिनकी दक्षता का स्तर कक्षा-9 में प्रवेश के समय हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषय में कमजोर होता है। ऐसे विद्यार्थियों के दक्षता अंतर को पाटने के लिये ब्रिज कोर्स चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इन विषयों से संबंधित कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी जा रही है। शिक्षकों के लिये शिक्षक कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी गयी है। कक्षा-10वीं के छात्रों के बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन को सुधारने के लिये विभिन्न विषयों के टिप्स एण्ड ट्रिक्स वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे हैं।  

भोपाल aiims की बड़ी पहल, जगह-जगह लगेंगे पैनिक बटन, प्रदेश के समस्त अस्पतालों में लगेगा Pink alarm panic button

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में किसी महिला से बदसलूकी या छेड़छाड़ की घटना पर तत्काल मदद पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। यह पैनिक बटन निकटतम पुलिस थाने से कनेक्ट होंगे। आपात स्थिति में बटन दबाने पर पुलिस का अमला थोड़ी ही देर में अस्पताल पहुंच जाएगा। इन पैनिक बटन को पिंक अलार्म नाम दिया गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद प्रदेश के अस्पतालों में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसके लिए सभी अस्पतालों में सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। अस्पताल में कई जगह लगाया जाएगा अलार्म कुछ संवेदनशील स्थानों पर कुछ दिनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, लेकिन इसे एक सिस्टम का रूप नहीं दिया जा सका, लेकिन अब पैनिक बटन के तौर पर एक अलार्म सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पिंक अलार्म को अस्पताल में ओपीडी, ड्यूटी रूम, पार्किंग, कॉरिडोर जैसी कई जगहों पर लगाया जाएगा। जेपी अस्पताल में जगह चिह्नित, 12 से 13 स्थानों पर लगेंगे पिंक अलार्म भोपाल के जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पैनिक बटन लगने से महिलाओं के साथ अन्य मरीजों की सुरक्षा भी हो सकेगी। अस्पताल में कई प्रकार के व्यक्ति आते हैं, इससे एक डर तो बना रहता है। जगह पहले से चिह्नित कर ली है। यहां करीब 12 से 13 स्थानों पर पिंक अलार्म यानी पैनिक बटन लगाए जाएंगे। एम्स भोपाल पहले ही लगा चुका है एम्स भोपाल में रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हुई थी। उसके बाद परिसर में कई स्थानों पर पैनिक बटन लगा दिए गए। एम्स में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम है। पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होता है, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही उस जगह पहुंच जाते हैं। अब ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगाने की तैयारी है। इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे।   दतिया अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘पिंक अलार्म’ की शुरुआत की मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार द्वारा संचालित दतिया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ‘पिंक अलार्म’ स्थापित किए गए हैं। यह पहल सार्वजनिक अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को संबोधित करती है, खासकर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुखद बलात्कार और हत्या की घटना के बाद इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान दिया गया है।     ‘पिंक अलार्म’ की स्थापना भारत के सार्वजनिक अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को हल करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।     हाल के दिनों में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।     ‘पिंक अलार्म’ की अवधारणा जिला कलेक्टर संदीप मकिन द्वारा पेश की गई है।     यह मध्य प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में स्थापित होने वाली अपनी तरह की पहली प्रणाली है। अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली     अलार्म को अस्पताल के प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में रणनीतिक रूप से लगाया गया है।     अलार्म सक्रिय होने पर एक सायरन बजता है, जिससे सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया जाता है।     सुरक्षा कर्मियों से उम्मीद की जाती है कि अलार्म बजने के पांच मिनट के भीतर संकट में पड़ी व्यक्ति तक पहुंच जाएं। पहल का महत्व     इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण बनाना है।     त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र प्रदान करके, यह अलार्म संभावित खतरों को रोकने और महिला कर्मचारियों की समग्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं. AIIMS भोपाल की में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लगाए जाएंगे. ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगेंगे. पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होगा, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही संबंधित कक्ष तक पहुंच पाएंगे. इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे. एम्स भोपाल में कई एक जगह पर पैनिक बटन लगे हुए हैं.

खेड़ावदा ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील का खेड़ावदा गाँव आज पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन चुका है। यहाँ की ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की हैं। स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़कर, खेड़ावदा को एक संपूर्ण ‘ओडीएफ प्लस’ मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया गया है। उज्जैन जिले में 726 ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम है। ओडीएफ प्लस ग्राम की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत में स्वच्छता के साथ अन्य घटकों को समाहित किया जा रहा है, जिससे एक स्वच्छ सुजल आत्मनिर्भर ग्राम निर्मित हो। गाँव में स्वच्छता का जन अभियान स्वच्छता को एक बार का काम मानने के बजाय, इसे ग्रामीणों की आदत में बदलने के लिए जन अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, बच्चों की टोलियाँ और महिलाओं के समूह गाँव के घर-घर जाकर कचरे के पृथक्करण (सूखा और गीला) की प्रक्रिया को समझाते है। लोगों को समझाया कि सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्र करने से उनका निष्पादन आसानी से किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पंचायत ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल का महत्व समझते हुए आर.ओ. प्लांट और पेयजल टंकी की व्यवस्था की। गाँव का कोई भी व्यक्ति मात्र 6 रुपए देकर पूरे महीने स्वच्छ पानी ले सकता है। इससे न केवल गाँव के लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ बल्कि पंचायत के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा। शिक्षा में स्वच्छता का समावेश ग्राम के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने नियमित रूप से बच्चों को स्वच्छता के पाठ पढ़ाए, जिससे स्वच्छता का संदेश नई पीढ़ी में गहराई से उतरा। कचरा प्रबंधन और रोजगार ग्राम पंचायत ने बैंक से ऋण लेकर एक कचरा वाहन खरीदा और हर घर से कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की। एकत्रित कचरे को पृथक कर गीले कचरे से खाद तैयार की गई, जिसे गाँव के किसान कृषि के लिए इस्तेमाल करते हैं। सूखे कचरे को कबाड़ में बेचकर सफाईकर्मियों के मानदेय की व्यवस्था की गई। गाँव के हर घर में डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया गया ताकि लोग कचरे को खुले में न फेंकें। स्वच्छता के ढाँचे का निर्माण ग्राम में सी.सी. रोड, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और आर.सी.सी. नालियों का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी की निकासी आसानी से हो सके। नालियों के अंतिम सिरे पर सामुदायिक सोक पिट बनाए गए जिससे पानी जमा न हो और सड़कों पर न फैले। सुरक्षा और सुंदरता का समावेश गाँव में सुरक्षा के लिए सभी चौराहों और शासकीय कार्यालयों में सी.सी.टीवी कैमरे लगाए गए हैं। विद्यालयों में भी सी.सी.टीवी, आर.ओ. वॉटर, और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण किया गया है। बच्चों को हाथ धुलाई और स्वच्छता की आदतों के प्रति जागरूक किया गया है। कला के माध्यम से स्वच्छता का संदेश गाँव में कचरे से कलात्मक वस्तुएँ बनाकर गाँव की सुंदरता को बढ़ाया गया। इससे गाँव में स्वच्छता के साथ कलात्मकता और सौंदर्य का भी समावेश हुआ, जो अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। इंटरनेट में भी आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ाते हुए, ग्राम पंचायत खेड़ावदा को पूर्ण रूप से वाईफाई जोन बनाकर इन्टरनेट से कनेक्ट किया गया है एवं सभी चौराहों व शासकीय कार्यालयों पर सी.सी.टी.वी. केमरे लगाये गये है। खेड़ावदा आज एक आदर्श गाँव का प्रतीक है। यह कहानी बताती है कि कैसे एक गाँव अपने प्रयासों से स्वच्छ, सुजल और आत्मनिर्भर बन सकता है। खेड़ावदा की यह पहल अन्य गाँवों के लिए एक मॉडल है और इसका ग्राम पंचायतों द्वारा भी अनुकरण किया जा रहा है।  

राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को eKYC कराना अनिवार्य

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपाय ऐप के जरिए भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 04 लाख 11 हजार 022 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 48 हजार 024, बैतूल ग्रामीण में 71 हजार 171, राजगढ़ ग्रामीण में 24 हजार 473, शहर वृत्त भोपाल में 30 हजार 732, भोपाल ग्रामीण में 32 हजार 187, गुना ग्रामीण में 28 हजार 257, विदिशा ग्रामीण में 34 हजार 198, सीहोर ग्रामीण में 17 हजार 598, ग्वालियर ग्रामीण में 13 हजार 627, शहर वृत्त ग्वालियर में 14 हजार 140, अशोकनगर ग्रामीण में 12 हजार 621, दतिया ग्रामीण में 14 हजार 685, रायसेन ग्रामीण में 18 हजार 141, शिवपुरी ग्रामीण में 15 हजार 491, हरदा ग्रामीण में 12 हजार 912, श्योपुर ग्रामीण में 05 हजार 921, मुरैना ग्रामीण में 10 हजार 889 एवं भिण्ड ग्रामीण में 05 हजार 955 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।  

सरकार ने जल-मल प्रबंधन नीति-2023 (मेन होल टू मशीन होल) लागू की

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की सीवर लाइनों और सेप्टिक टेंकों में मेन्युअल सफाई कार्य पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये लगातार कार्य कर रहा है। इसके लिये विभाग ने जल-मल प्रबंधन नीति-2023 (मेन होल टू मशीन होल) लागू की है। नीति के माध्यम से इन कार्यों में लगे सफाई कर्मियों के पुनर्वास के लिये विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ कार्य कर रहा है। नगरीय विकास विभाग ने एक कार्यक्रम बनाकर सफाई मित्रों और उनके आश्रितों का सर्वेक्षण कराया है। इसके साथ ही इन सफाई कर्मियों आर्थिक कल्याण के लिये स्वच्छता उद्यमी योजना संचालित की जा रही है। सर्वेक्षण के बाद चिन्हित किये गये सफाईकर्मियों को केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के प्रयास किये जा रहे है। इनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास, जन-धन, आयुष्मान और स्वावलंबन से जुड़ी योजना में जोड़े जाने का कार्य भी किया जा रहा है। वित्तीय मदद के लिये तैयार किये जा रहे है प्रकरण इस नीति के तहत सीवर लाइनों और सेप्टिक टेंकों की मेन्युअल से यांत्रिक सफाई में बदलाव के लिये वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के लिये भी योजना तैयार की गई है। इसमें स्वच्छता संबंधी उपकरणों, वाहनों और मशीनों की खरीदी के लिये चेनलाइजिंग एजेंसियों और बैंकों के साथ नगरीय निकायों से जुड़े ठेकेदारों को वित्तीय सहायता के रूप में रियायती ऋण भी उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। चयनित सफाई कर्मियों को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से मदद पहुंचाने के लिये उनके प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की मृत्यु दर कम करने के प्रयास जल-मल प्रबंधन नीति-2023 के माध्यम से प्रदेश में सीवर लाइन और सेप्टिक टेंक में मानव द्वारा सफाई पर रोक लगाकर इसे पूर्ण रूप से मशीनीकृत किया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले सफाई कर्मी मृत्यु दर को शून्य किया जा सकेगा। जल-मल प्रबंधन नीति 2023 नगरीय विकास एवं आवास विभाग की वेबसाइट mpurban.gov.in से डॉउनलोड की जा सकती है।  

लाड़ली बहनाओं को Ladli Behna Yojana की किस्त 9 नवंबर को खाते में किस्त आयेगी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत सरकार 17 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त जल्द ही पात्र महिलाओं के खाते में आएगी। सरकार हर महीने की 10 तारीख को और कभी इससे पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की किस्त जारी करती है। नवंबर की 9 तारीख को आ रही है, ऐसे में जल्द महिलाओं के खाते में योजना की किस्त आ सकती है। मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ उठा रही हैं। पिछले महीने दमोह जिले के सिंग्रामपुर से सीएम ने महिलाओं के खाते में 1574 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी थी। इस बार किस्त जल्दी आने के कयास थे राखी के समय में एमपी सरकार द्वारा लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की किस्त के साथ 250 रुपये अलग से दिए गए थे। इस बार लाड़ली बहना यह कयास लगाए हुई थी कि दीपावली और छट पूजा को देखते हुए किस्त जल्दी जारी की जा सकती है। मध्य प्रदेश मार्च 2023 में हुई थी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत विधानसभा से पहले 5 मार्च 2023 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके जरिए परिवार में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना भी एक उद्देश्य है। कब आएगी 18 वीं किस्त बता दें कि दिवाली का त्योहार 31 अक्टूबर को होने के कारण मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 18वीं किस्त धनतेरस तक आने की अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि 18वीं किस्त जारी करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए अब माना जा रहा है कि ये किस्त हर महीने की तरह इस बार नवंबर की 10 तारीख को ही आएगी। ये है बैलेंस चेक करने का तरीका -सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। -अब मेन पेज पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। -इसके बाद दूसरे पेज पर आ जाएंगे, यहां पर अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक नंबर दर्ज करें। -कैप्चा कोड को सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। -मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करके वेरीफाई कर लें। -ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद सर्च वाले ऑप्शन को क्लिक करते ही आपका पेमेंट स्टेटस ओपन हो जाएगा। ऐसे चेक करें किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं को www.cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति को देखना होगा। इसे देखने के लिए आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए, जिसे साइट पर डालना होगा। इसके बाद किस्त की जानकारी सामने आ जाएगी। महिलाओं को इस योजना से मिला बल लाड़ली बहना योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को मिला है। 1250 रुपये से वे अपनी जरूरत का सामान लेने के साथ, इन रुपयों की बचत भी कर रही हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस राशि से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं।

77 बरस पुराने इज्तिमे के आयोजन में पहली बार किसी महिला मंत्री की सक्रियता बनी

भोपाल प्रदेश में जारी महिला सशक्तिकरण के सरकारी प्रयासों में आलमी तबलीगी इज्तिमा के जरिए एक और तहरीर जुड़ती दिखाई दे रही है। करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन में पहली बार किसी महिला की सक्रियता बनी है। विभागीय मंत्री कृष्णा गौर के इज्तिमा प्रयासों को एक नई शुरुआत और इस आयोजन के बेहतर क्रियान्वयन से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने गुरुवार सुबह ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमगाह पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों को उन्होंने समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने देश दुनिया से आने वाली जमातों के लिए बेहतर इंतजाम करने के लिए कहा। ताकि यहां से लौटने वाले जमाती अच्छे अनुभव लेकर लौटें। इज्तिमा प्रबंधन कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज और अन्य जिम्मेदारों ने मंत्री कृष्णा गौर को तैयारियों की जानकारी देते हुए चार दिन के दौरान रहने वाली व्यवस्था से अवगत कराया। इस मौके पर शहर के उलेमा और नागरिक भी मौजूद थे। इज्तिमा और महिला : पहली बार आमतौर पर इज्तिमा आयोजन के दौरान महिलाओं की सहभागिता प्रतिबंधित होती है। इस्लाम की पर्दा प्रथा के लिहाज से यह व्यवस्था प्रचलित है। लेकिन इस समय मप्र कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी कृष्णा गौर के हाथों में है। इससे पहले तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान की सरकार में इस विभाग की जिम्मेदारी ललिता यादव के पास रही है। लेकिन उस समय मुख्यमंत्री स्वयं ही इज्तिमा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखा करते थे। इसके चलते ललिता यादव का इज्तिमा से सीधा ताल्लुक नहीं रहा। कहा जाता है कि चूंकि कृष्णा गौर का सीधा ताल्लुक भोपाल से है। उनके ससुर स्व बाबूलाल गौर भी ठेठ भोपाली कहे जाते थे। इसके चलते उनका मुस्लिम समुदाय और इज्तिमा आयोजन से लगाव और जुड़ाव रहा है। माना जा रहा है कि कृष्णा गौर की निगरानी में हो रहे इज्तिमा आयोजन में पहले से कुछ बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई दे सकती हैं। 107 साल रहा बेगमों का शासन भोपाल रियासत पर रहे नवाब शासनकाल में सर्वाधिक समय बागडोर महिलाओं के हाथ रहा है। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों को सहेजने वाली भोपाल रियासत में 107 साल तक नवाब शासन रहा है। इस बड़े कार्यकाल पर बेगमों की हुकूमत रही है। महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणीय रहीं बेगमों ने बरसों पहले 1910 में लेडिस क्लब की स्थापना कर दी थी। जिसकी पहली सेक्रेटरी मौलाना आजाद की बहन रही हैं। नवाब बेगमों ने महिला सशक्तिकरण की अवधारणा के साथ भोपाल में परी बाजार को भी आकार दिया था। जो महिलाओं की शॉपिंग के लिए मात्र महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाता था।

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