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अनूपपुर पुलिस ने नाबालिग को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार किया

अनूपपुर 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के परिजनो द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि रात्रि में अचानक बालिका घर से बिना बताये चली गई है,  जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 419/24 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की गई।          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देशन में कोतवाली पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा घटना दिनांक को अनूपपुर नगर के सी.सी.टी.वी. फुटेज एवं मोबाईल काल डिटेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर उक्त बालिका को दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश के सिलवासा से दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नाबालिग बालिका की मोबाईल पर खेले जाने वाले आनलाईन फ्री फायर गेम एवं सोशल मीडिया इन्स्टांग्राम में नैनेश्वर हीरे (21 वर्ष) निवासी गोरेगांव मुम्बई (महाराष्ट्र) से परिचय होने के बाद दोस्ती हो गई जिसने नाबालिग बालिका को शादी करने का बहकावा देकर ट्रेन से कल्याण स्टेशन बुलवा लिया एवं गोरेगांव मुम्बई में अपने घर में रुकवाकर शादी का झांसा देकर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म किया। नाबालिग बालिका को अपने घर में ठहराने में आरोपी नैनेश्वर हीरे के पिता महेन्द्र हीरे ने भी सहयोग किया और पुलिस के पकड़े जाने के डर से नैनेश्वर हीरे ने उक्त नाबालिग बालिका को गोरेगांव मुम्बई, महाराष्ट्र से दमन एवं दीव केन्द्र शासित प्रदेश में सिलवासा में अपने परिचित राजू पवार के घर पर रुकवा दिया जो पुलिस द्वारा प्रकरण में धारा 64 (1), 64 (2) (एम),65(1) ,142,87,96,3(5) भारतीय न्याय संहिता 3,4,5 (एल),  6 पाक्सो एक्ट जोड़ा जाकर उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली अनूपपुर लाया जाकर माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा तत्परता पूर्वक नाबालिग बालिका की पता साजी कर दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपे जाने के लिए टी. आई. कोतवाली अरविन्द जैन, उपनिरीक्षक सरित लकड़ा, सहायक, उपनिरीक्षक आर एन तिवारी, आरक्षक मोहन जामरा एवं महिला आरक्षक कविता विकल को पुरूष्कृत किये जाने की घोषणा की गई है।  गिरफ्तार आरोपियो के नाम 1. नैनेश्वर हीरे पिता महेन्द्र हीरे उम्र 21 सात निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र 2. महेन्द्र हीरे पिता देवीदास हीरे उम्र 52 साल निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र 3. राजू पंवार पिता गोकुल पंवार उम्र करीब 40 साल निवासी सिलवासा दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश  पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है कि माता पिता एवं पालको को चाहिए कि वह नाबालिग बालक एवं बालिकाओ को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम, वाटसअप एवं विभिन्न आनलाईन इंटरनेट आधारित गेम के उपयोग के दौरान आवश्यक रूप से निगरानी रखे जिससे कि नाबालिग बालक बालिकाओं को इस प्रकार के अपराधों का शिकार होने से बचाया जा सके।

दमोह के एक कपड़ा व्यापारी लोकेश गांगरा ने अपने पिता के बैंक खातों से अपना नंबर लिंक कराकर 90 लाख 8 हजार 620 रुपए की ठगी कर डाली

दमोह दमोह शहर के एक कपड़ा व्यापारी लोकेश गांगरा ने अपने पिता के बैंक खातों से अपना नंबर लिंक कराकर 90 लाख 8 हजार 620 रुपए की ठगी कर डाली। पिता को जानकारी लगी तो ठगी करने वाले छोटे बेटे की पुलिस में शिकायत कर उसे जेल भी भिजवा दिया। पिता ने बेटे द्वारा किए गए धोखे को लेकर जबलपुर में जो एफआईआर लिखवाई। उसमें स्पष्ट उल्लेख किया मेरे साथ ठगी हुई है। इसलिए उस व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाए, चाहे वह मेरा अपना की क्यों न हो। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार करके उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। यह है पूरा मामला जानकारी के अनुसार यह घटना नया बाजार दो निवासी दयाचंद्र जैन (85) और उनकी पत्नी सुशीला जैन (80) के साथ हुई है। पिता दयाचंद्र जैन ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि उसके दो बेटे राजीव गांगरा (60) और लोकेश गांगरा (58) हैं। 12 साल पहले छोटे लोकेश गांगरा से विवाद होने के चलते वह जबलपुर में बड़े बेटे राजीव गांगरा के पास रहने आ गए थे। बड़ा बेटा आकाशवाणी जबलपुर में रहता है। अगस्त 2023 में लोकेश जबलपुर आया और माफी मांगते हुए दमोह साथ चलने के लिए कहने लगा। जिस पर हम दोनों दमोह आ गए थे, लेकिन यहां उसने फिर से विवाद किया और हम लोग वापस बड़े बेटे के पास जबलपुर पहुंच गए। वहां जब बैंक खातों की डिटेल निकाली तो यह पता चला। नेट बैंकिंग और ओटीपी के जरिए निकाली राशि जब लोकेश के पास माता-पिता जबलपुर से दमोह रहने आ गए तो इस बीच उन्होंने बैंक खातों की जानकारी अपडेट कराई। उसने पिता के तीन खाते और मां के एक खाते में अपना मोबाइल नंबर और मेल आईडी दर्ज करा दी। नेट बैकिंग और ओटीपी के जरिए उसने पिता दयाचंद के नाम से संचालित एचडीएफसी बैंक खाते से 27 लाख 32 हजार, एसबीआई खाते से 3 लाख 8 हजार रुपए और बंधन बैंक खाते से 43 लाख 48 हजार रुपए निकाल लिए। इसी तरह मां सुशीला जैन के खाते से 16 लाख 20 हजार रुपए निकालकर अपने खाते और दुकान के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इसी तरह चारों खातों से छोटे बेटे लोकेश गांगरा ने 90,08,620 रुपए की धोखाधड़ी की थी। वर्तमान में पिता दयाचंद जैन बड़े बेटे राजीव गांगरा के पास हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की एफआईआर जबलपुर में स्टेट साइबर सेल में दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 419, 420, और 66 डी के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें धारा 419 में छल करने पर तीन साल की सजा, धारा 420 में किसी दूसरे व्यक्ति के साथ छल करके उसकी संपत्ति हासिल करने और धारा 66 डी के तहत मोबाइल का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करना शामिल है। जबलपुर की पुलिस ने दमोह आकर लोकेश को गिरफ्तार करके ले गई थी।, फिर उसे जेल भेज दिया है। पिता ने एफआईआर लिखवाई मेरा अपना ही क्यों न हो, जेल भेजें दयाचंद्र ने एफआईआर में स्पष्ट लिखवाया है कि मेरे के साथ 90,08,620 रुपए की ठगी और जालसाजी हुई है। इसलिए आरोपी को गिरफ्तार करके उसे जेल भेजा जाए, चाहे वह मेरा अपना ही क्यों न हो। दरअसल लोकेश गांगरा दमोह के नया बाजार नंबर 2 में रहता और पीपल के पास गांगरा साड़ी शोरूम संचालक करता था।

विवादित बयान देकर फिर फंसी Kangana Ranaut, नोटिस जारी, अगली सुनवाई 5 November को निर्धारित

 जबलपुर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर में स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद कंगना रनौत को ‘भारत को असली आजादी 2014 में मिली’ वाले बयान पर नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह नोटिस एक याचिका के बाद जारी किया है, जिसमें कंगना के बयान को चुनौती दी गई है. स्पेशल कोर्ट के जज विश्वेश्वरी मिश्रा ने एडवोकेट अमित कुमार साहू द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कंगना को ये नोटिस जारी किया है. एजेंसी के मुताबिक, अमित कुमार साहू ने दावा किया कि अधारताल थाने में उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद 2021 में याचिका दायर की गई थी. उन्होंने बताया, “बाद में मैंने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई और फिर हाईकोर्ट का रुख किया. मेरी मुख्य आपत्ति यह है कि भारत को कई स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद आजादी मिली, लेकिन कंगना रनौत ने कहा कि यह ‘भीख’ थी. उन्होंने दावा किया कि भारत को सही मायने में आजादी 2014 के बाद मिली.”   बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी. कंगना रनौत ने क्या कहा था? कगंना रनौत ने कहा था कि 1947 में तो भारत को भीख में ही आजादी दे दी गई थी. उसके बाद आई कांग्रेस सरकार भी अंग्रेजों की एक्सटेंशन रही. देश को असल आजादी 2014 के बाद मिली.   कंगना रनौत के इस बयान के बाद बवाल खड़ा हो गया था. कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री नसीम खान ने एक्ट्रेस पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग उठाई थी. कंगना के बयाने के बाद मुंबई में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं अलग-अलग जगहों पर विवादित बयान के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था.  

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघिन पी-141 ने 4 शावकों को जन्म दिया, गूंजी किलकारी

 पन्ना  पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए मंगलवार का दिन मंगल साबित हुआ जब पन्ना रिजर्व की बाघिन पी-141 ने चार नन्हें शावकों के साथ विचरण करती नजर आई. जिले के मंडला क्षेत्र में बाघिन पी-141 द्वारा चार शावकों को जन्म देने की खबर जैसे ही सामने आई पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में खुशी की लहर दौड़ गई. अपने चार शावकों के साथ पर्यटकों को दिखी बाघिन पी-141 ने शावकों को मंडला क्षेत्र में जन्म दिया. चार शावकों की जन्म की खबर से टाइगर रिजर्व में खुशी की लहर दौड़ गई. रिजर्व में अब बाघों की संख्या 90 पार कर गई है. नन्हें शावकों पर स्वस्थ प्रबंधन सतत निगरानी रख रही है. शावकों के साथ दिखी बाघिन पी-141 का पर्यटकों ने वीडियो बनाया गौरतलब है देश-दुनिया में बाघों की बढ़ती संख्या के लिए शुमार पन्ना टाइगर रिजर्व में आए पर्यटकों ने चार नन्हें मेहमानों को बाघिन-पी 141 को देखा तो उनके वीडियो बना लिए. पन्ना टाईगर रिजर्व में नन्हे शावकों की किलकारी गुंजने के साथ अब टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 90 पार कर गई है. पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों के लिए अनुकूल, इसलिए बढ़ रही बाघों की संख्या फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने बताया कि पन्ना रिजर्व में चार शावकों के जन्म की खबर बेहद सुखद है. उन्होंने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों के लिए अनुकूल है और बाघों की संख्या 90 के पार पहुंच गयी है. वही उन्होंने बताया कि चारो शावक स्वस्थ है, जिनका स्वस्थ प्रबंधन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। वन्य जीवन और जैव विविधता से बचपन में ही अवगत कराएं : राज्यपाल भोपाल : सोमवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चों को वन, वन्य जीव और जैव विविधता की महत्ता के बारे में आरंभ से ही संस्कारित किया जाना चाहिए। माता-पिता उन्हें जैव संरक्षण की बहुलता और आवश्यकता के बारे में जागरूक और संवेदनशील बनाएं। हमारा संविधान पर्यावरण के संरक्षण, वन और वन्य जीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदान करता है। वन्य जीव सप्ताह राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौलिक कर्तव्यों के तहत प्रत्येक नागरिक से पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान की अपेक्षा करता है। उन्होंने एक से सात अक्टूबर तक आयोजित वन्य जीव सप्ताह की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया। वन्य जीव संरक्षण की शपथ राज्यपाल ने कहा कि कोविड ने हमें सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति की विविधता के प्रति श्रद्धा और सौहार्द्र के साथ रहने का सबक दिया है। उन्होंने उपस्थित जनों को वन्य जीव संरक्षण की शपथ भी दिलाई। राज्यपाल ने कहा कि मध्य प्रदेश को कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के हिसाब से देश के सबसे बड़े वन क्षेत्र होने गौरव प्राप्त है। बाघों के अलावा, तेंदुए, घड़ियाल प्रदेश की पहचान बाघों के अलावा, तेंदुए, घड़ियाल, चीता, भेड़िए और गिद्धों की सर्वाधिक संख्या के लिए भी प्रदेश पहचाना जाता है। हर प्रदेशवासी की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे वन और वन्य जीव रूपी अमूल्य धरोहर की विरासत को सहेज कर भावी पीढ़ी को सौंपने में अपना योगदान दे। राज्य मंत्री वन दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण और कानूनों की जागरूकता में वन्य जीव सप्ताह की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मौन तोड़ें: पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता ।

डॉ. संदीप गोहे, मनोवैज्ञानिक, SIF बैतूल Break the silence: The need to address men’s mental health. हरिप्रसाद गोहेआमला/बैतूल। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) एक ऐसा दिन है जो हमें The need to address men’s पर गहराई से सोचने और उन मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है जो अक्सर नज़रअंदाज़ किए जाते हैं। इनमें से एक प्रमुख मुद्दा है पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य। मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती जागरूकता के बावजूद, पुरुषों को The need to address men’s सेवाओं तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। समाज द्वारा लगाए गए कठोर मानदंडों के कारण पुरुष अपनी मानसिक स्थिति पर बात करने में संकोच करते हैं, जिससे वे चुपचाप अंदर ही अंदर टूटते रहते हैं। SIF बैतूल जैसी संस्थाओं में काम करते हुए, हम इस चुनौती का सामना कर रहे पुरुषों के लिए समर्थन प्रदान कर रहे हैं। हमारे काम ने हमें यह दिखाया है कि पुरुषों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को अनदेखा करना गंभीर परिणाम दे सकता है। बहुत सारे पुरुष अवसाद, चिंता और यहां तक कि आत्मघाती विचारों से जूझते हैं, लेकिन मदद मांगने से बचते हैं क्योंकि उन्हें कमजोर दिखने का डर होता है। यह सामाजिक दबाव उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर कर देता है। Read More : https://saharasamachaar.com/jan-seva-kalyan-samiti-awarded/ झूठे आरोपों का मानसिक प्रभाव हमारे काम में एक प्रमुख फोकस रहा है — पुरुषों पर झूठे आरोपों का मानसिक प्रभाव। विभिन्न कानूनी और सामाजिक मामलों में झूठे आरोप पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव डालते हैं। जब पुरुषों पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं, तो वे न केवल कानूनी समस्याओं से जूझते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक तनाव से भी गुजरते हैं। इस तनाव के परिणामस्वरूप गंभीर अवसाद, चिंता और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे पुरुष, जो झूठे आरोपों का सामना करते हैं, अपनी आत्म-सम्मान, सामाजिक प्रतिष्ठा, और पारिवारिक संबंधों को भी खो देते हैं। उन पर समाज का दबाव और कलंक उन्हें अलग-थलग कर देता है, जिससे वे और भी गहरे अवसाद में डूब जाते हैं। हमारे अनुभव में, इन पुरुषों को बिना उचित मानसिक समर्थन के छोड़ देना, उनकी मानसिक स्थिति को और भी खराब कर देता है। हमारे प्रयास और समाधान SIF बैतूल में, हम उन पुरुषों के लिए मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श प्रदान करते हैं, जो झूठे आरोपों, व्यक्तिगत समस्याओं, या अन्य मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमारी टीम उन पुरुषों को भावनात्मक समर्थन प्रदान करती है, जो सिस्टम द्वारा उपेक्षित महसूस करते हैं। इसके अलावा, हमारा ऑल इंडिया हेल्पलाइन (8882498498) पूरे देश में पुरुषों की सहायता के लिए उपलब्ध है, ताकि वे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और समय पर मदद प्राप्त कर सकें। हम न केवल व्यक्तिगत समर्थन प्रदान करते हैं, बल्कि पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सामाजिक जागरूकता फैलाने और कानूनी सुधारों के लिए भी आवाज उठाते हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमारे कानूनों का दुरुपयोग न हो और झूठे आरोपों के कारण मानसिक पीड़ा झेल रहे पुरुषों के लिए न्याय और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता हो। हमारा उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहाँ पुरुष अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात कर सकें और उन्हें समाज द्वारा सहारा मिले। पुरुषों की मानसिक स्थिति पर धारणाएं बदलने की जरूरत समाज में यह धारणा आम है कि पुरुष हमेशा मजबूत होते हैं और उन्हें भावनात्मक समस्याएं नहीं होतीं। लेकिन यह सोच वास्तविकता से बहुत दूर है। पुरुष भी मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करते हैं, और उन्हें भी उसी तरह के समर्थन और देखभाल की आवश्यकता होती है, जो महिलाओं या अन्य समूहों को मिलती है। हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि मदद माँगने में कोई कमजोरी नहीं है। यह समय है कि हम पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी दृष्टिकोण को बदलें और इसे सामान्य बनाने के लिए काम करें। आगे की राह विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस इस बात की याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वजनिक मुद्दा है, जिसे सभी के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए—चाहे वह पुरुष हो, महिला हो या कोई और। हम समाज से अपील करते हैं कि वे पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सहानुभूति दिखाएँ और उन्हें समर्थन देने के लिए हाथ बढ़ाएँ। SIF बैतूल में, हम उन पुरुषों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं जो मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि कोई भी पुरुष मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से पीड़ित न रहे, और उन्हें समाज और समुदाय का पूरा सहयोग मिले।

सेवा शिखर सम्मान से नवाजी गई जन सेवा कल्याण समिति ।

समाज सेवा के लिए मिला सम्मान पत्र । Jan Seva Kalyan Samiti awarded with Seva Shikhar Samman. हरिप्रसाद गोहेआमला। समाजसेवी संस्था जनसेवा कल्याण समिति को बैतूल में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। प्रत्याशा फाउंडेशन, बैतूल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सेवा शिखर सम्मान जनसेवा कल्याण समिति को प्रदान किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री,मप्र राव उदयप्रताप सिंह, बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल एवं आमला विधायक योगेश पंडाग्रे की उपस्थिति में Jan Seva Kalyan Samiti को ये प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। ज्ञात हो कि लगभग एक दशक से ज्यादा समय से जनसेवा कल्याण समिति आमला में परोपकार व सेवाकार्य का पर्याय बनी हुई है। Read More : https://saharasamachaar.com/hasalpur-tap-water-scheme-fell-prey-to-corruption/ जनसेवा,पशुसेवा के साथ पर्यावरण के प्रति किये गए समिति के प्रयास अतुलनीय रहे है, अंजान घायलों के उपचार में साथ रहना हो या लावारिस शवो का अंतिम संस्कार करवाना हो या फिर मूक पशुओं का इलाज करवाना,जनसेवा कल्याण समिति की भूमिका हमेशा उल्लेखनीय रही है। वहीं अगर रक्तक्रान्ति की बात करें तो Jan Seva Kalyan Samiti का कोई सानी ही नही, पिछले एक दशक में रक्तदान के प्रति जागरूक करने का जो कार्य समिति ने किया है उसका लोहा आमला ही नही अपितु पूरे प्रदेश में माना जा रहा है, समिति के प्रयासों से ही आमला को रक्त राजधानी कहा जाने लगा। जनसेवा कल्याण समिति के सागर चौहान व राहुल धेण्डे ने बताया कि एक सेवाभावी समिति के रूप में हमने कभी सम्मान या पुरुस्कार के लिए कार्य नही किया,सिर्फ परोपकार की भावना हमारे लिए महत्वपूर्ण रही है,पर इस तरह हमारी सेवा को सम्मान मिलता है तो मन मे बहुत खुशी होती है,एवं इस तरह के सम्मान हमे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते है। समिति के अमित यादव ने कहा कि ये सम्मान सिर्फ जनसेवा कल्याण समिति का ही नही बल्कि पूरे आमला का है,जहां शहरवासियों ने समिति का सदा ही साथ दिया, और आगे भी हम विश्वास दिलाते है कि जनसेवा, पशुसेवा,पर्यावरण एवं रक्तदान के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते रहेंगे।

रणवीर सिंह ने भीड़ में रोती लड़की को गोद में उठाया, जानें पूरी कहानी

अभिनेता रणवीर सिंह ने पिछले महीने 8 सितंबर, 2024 को अपनी खूबसूरत पत्नी दीपिका पादुकोण के साथ एक बेटी का स्वागत किया। हालाँकि, ऐसा लगता है कि अभिनेताओं ने पिछले महीने ही अपने सुपर-डैड की ट्रेनिंग को नया रूप दिया है। हाल ही में ‘सिंघम अगेन’ के टेलिकॉम पर भीड़ से एक छोटी बच्ची को बचाने के लिए ‘झपट्टा मारने’ का वीडियो वायरल हुआ है। इस मासूम अंदाज में चाहती हैं गर्लफ्रेंड का दिल जीतना, जो उन्हें इस साल के बेस्ट पापा का ताज पहनाते हैं। आइए दिखाते हैं वो प्यारी सा क्लिप। वायरल वीडियो में रणवीर सिंह को भीड़ में दौड़ लगाते देखा जा सकता है। वो भीड़ के बीच से एक छोटी लड़की को गोद में उठाकर गोद में उठाते हैं। जाहिर तौर पर भीड़ के कारण बच्ची अपनी मां से अलग हो गई और खो गई थी। जैसे ही रिवेरा की नज़र उस पर पड़ी, उन्होंने भीड़ के बीच से धक्का देकर उस छोटे बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया। दिल की धड़कन रणवीर सिंह ने बच्ची के लिए उसे गोद में उठा लिया और वो उन्हें देख रही थी। उसके बाद वहां बच्ची की मां आ गई और रणवीर ने उसे दे दिया। वीडियो में बच्ची को उसकी मां से मिलाते हुए भी दिखाया गया है। फिर उन्होंने धीरे-धीरे अपने फूलवाले और उसके सिर पर लगे फूल सी थपकी दी। एक जेंटलमैन की तरह की मां और बेटी को भीड़ से बाहर भी निकाला गया। उनके इस अंदाज़ ने फैंस का दिल जीत लिया है। एक फैन ने कहा- यही कारण है कि भगवान ने उन्हें एक बेटी का आशीर्वाद दिया है। वह इसके लिए नामांकित हैं। एक ने लिखा-सम्मान के लिए रणवीर सिंह। एक फैन ने आलोचना के लिए कहा- पापा बन गए हैं आलोचना… वह अब एक बच्चे का दर्द महसूस कर सकते हैं… उन्हें हकीकत नहीं देख सकते।

दुष्कर्म मामले में समझौते से इनकार पर दादा-चाचा को मारी गोली, पहाड़ी पर म्मिला आरोपी का शव

छतरपुर छतरपुर में सोमवार को दुष्कर्म पीड़िता समेत उसके परिवार के तीन लोगों को गोली मारने वाला आरोपी आज एक पहाड़ी पर मृत अवस्था में मिला। जानकारी मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस सहित एसपी अगम जैन मौके पर पहुंचे हैं। राजीनामा करने का दबाव बना रहा था आरोपी बता दें कि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात भोला अहिरवार गांव पहुंचा था। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे अवैध ह​थियार लेकर पीड़ित लड़की के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। वो केस में राजीनामे का दबाव बना रहा था, तभी पीड़िता के दादा (65) ने भोला को रोकने की कोशिश की। इससे भोला का गुस्सा भड़क उठा और उसने दादा के सीने में गोली मार दी, जिससे दादा की मौके पर ही मौत हो गई। घर से भागते समय चाचा को भी गोली मारी इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के पेट में कट्टे से गोली मारी और मौके से भाग निकला। जैसे ही आरोपी घर से बाहर निकला, उसे पीड़िता का चाचा (23) मिल गया। भोला ने उसे भी एक गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। घायलों को परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी, वहीं दूसरे व्यक्ति को इलाज के लिए रेफर किया गया है। नाबालिग लड़की का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। युवक की बाइक छीनकर आरोपी हुआ था फरार हत्या की वारदात के बाद आरोपी रास्ते में एक युवक की बाइक छीनकर फरार हो गया था। अतरार के रहने वाले गोविंद कुशवाहा ने सोमवार शाम को आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि वह छतरपुर से अपने गांव जा रहा था। पीतांबरा मंदिर के पास भोला अहिरवार मिला। उसने मुझे रोककर लिफ्ट मांगी। मैंने मना किया तो आरोपी ने मेरी कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया। आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण मैंने उसे बाइक दे दी। पुलिस पर रिपोर्ट के नाम पर 5000 रुपए लेने का आरोप पीड़िता की छोटी बहन ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को जब हम थाने में रिपोर्ट कराने गए थे, तब एक टीआई मैडम ने रिपोर्ट लिखने के नाम पर हमसे 10 हजार रुपए मांगे। मुझे बुलाकर कहा कि हम फ्री में काम नहीं करेंगे। इसके बाद मैडम ने सिविल ड्रेसे में एक पुलिसवाले को भेजा। उसे मैंने अपने हाथों से 5 हजार रुपए दिए थे। फिर पुलिस वाले घर पर भी पैसे मांगने के लिए आए थे। वे कह रहे थे कि 70 हजार रुपए दो और अपराधी का पता बताओ, नहीं तो रिपोर्ट वापस ले लो। हम राजीनामा करवा देंगे। उस समय पुलिस कार्रवाई करती तो ये घटना नहीं होती।  

न्यायालय ने डकैती और हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

महू इंदौर के महू में द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के केस को रेयरेस्ट मानते हुए दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपियों ने महिला की गला दबाकर हत्या की थी, इसके बाद उसके शरीर के तीन टुकड़े कर अलग-अलग जगह पर फेंक दिए। मामला 2019 का है। फैसला सोमवार को इंदौर के महू में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा चौहान की कोर्ट ने सुनाया। आरोपी अनूप माहेश्वरी और सादिक खान को जेल भेज दिया गया। ‘यह मामला रेयरेस्ट है। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। किसी मानव को इतनी बर्बरता से काट कर सार्वजनिक जगह फेंकना इंसानियत को शर्मसार करता है। आम जन में खौफ पैदा करने वाली घटना है।’ -द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, महू सीसीटीवी से मिला सुराग, लूट का केस भी दर्ज 2 अक्टूबर 2019 को महू की सुरखी गली की नाली में महिला के कटे हुए पैर मिले। अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ सिर और हाथ मिले। धड़ आजाद ग्राउंड के सामने मिला। कपड़े पुराने खाली मकान में मिले। एक हाथ में हरप्रीत गुदा था। आसपास के थाना क्षेत्रों में पता किया तो युवती की पहचान रुखसार उर्फ पूजा (27) निवासी चंदन नगर के रूप में हुई। उसके खिलाफ बगदून थाने में लूट का केस भी दर्ज है। यहां उसका नाम पूजा पति हरप्रीत लिखा है। पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति हाथ में थैला ले जाते दिखा, लेकिन लौटते समय हाथ खाली थे। उसकी पहचान अनूप माहेश्वरी के रूप में की गई। पुलिस ने शक के आधार पर अनूप से पूछताछ शुरू की। पहले तो वह बरगलाता रहा, लेकिन सख्ती करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी सादिक को भी गिरफ्तार कर लिया। संबंध बनाने से मना किया, तो मार डाला अनूप की ही निशानदेही पर पुलिस रुखसार के परिजन तक पहुंची। पता चला कि उसकी चार बहन हैं। एक बहन ने बताया, 2011 में रुखसार की शादी महू में ही हम्माल मोहल्ले में रहने वाले सादिक से हुई। उनका एक बेटा भी है। करीब पांच साल बाद दोनों का तलाक हो गया। रुखसार को नशे की लत लग गई। हरकतें ठीक नहीं होने पर परिवार वालों ने भी उससे रिश्ता तोड़ लिया। रुखसार महू व आसपास के शहरों में रहकर पावडर का नशा करती थी। सादिक पेशे से कसाई था। इधर, सादिक को भी ब्राउन शुगर की लत थी। 1 अक्टूबर 2019 को रुखसार और सादिक मिले। दोनों ने साथ में ब्राउन शुगर का नशा किया। नशा ज्यादा होने पर सादिक उसे हम्माल मोहल्ले में अपने दोस्त अनूप माहेश्वरी के घर ले गया। यहां दोनों ने रुखसार से संबंध बनाने की बात की। सादिक ने रुखसार के साथ गंदा काम किया। जब अनूप ने भी संबंध बनाने की कोशिश की, तो रुखसार ने इनकार कर दिया। गुस्से में उसने रुखसार की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी अनूप माहेश्वरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से हथियार भी जब्त किए गए थे। पहचान न हो, इसलिए कर दिए तीन टुकड़े सादिक को जब यह बात पता चली, तो दोनों ने शव को ठिकाने लगाना तय किया। सादिक ने कहा कि मैं शव के टुकड़े कर देता हूं, लेकिन ठिकाने तुझे लगाना होगा। सादिक ने शव के तीन टुकड़े कर दिए। रात में अनूप के ही घर में सादिक ने महिला के पैर, गर्दन व हाथ काटे। सुबह करीब 4 बजे झोले में ले जाकर अनूप ने इन टुकड़ों को फेंका। इनमें पैर को सुरखी गली में नाली और सिर को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। अगले दिन बोरे में बांधकर धड़ को ठेले पर ले जाकर आजाद ग्राउंड स्थित उत्तम गार्डन के सामने झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयोग किए गए चाकू और अन्य हथियार जब्त कर लिए। लूट के मामले में पकड़ाई थी रुखसार पुलिस ने बताया कि रुखसार के अलग-अलग लोगों से संबंध रहे थे। बीच में हरप्रीत नामक व्यक्ति के साथ भी रही। उसने हाथ पर अंग्रेजी में हरप्रीत का नाम भी गुदवा रखा था। खुद का नाम भी पूजा रख लिया था। बगदून थाने में लूट के मामले में आरोपी भी रही। इसकी रिपोर्ट पूजा पति हरप्रीत के नाम से दर्ज थी। पुलिस ने बगदून थाने से रिकॉर्ड भी मंगवाया था। वहीं, आरोपी अनूप माहेश्वरी अपने घर में कॉलगर्ल के साथ पकड़ाया जा चुका है।  

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई

मध्यप्रदेश में लागू होगी‘’राशन आपके द्वार’’ योजना, घर-घर पहुंचेगा राशन : मंत्री राजपूत खाद्य मंत्री बोले, सिस्टम में सुधार और बदलाव दिखेगा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई “राशन आपके द्वार” योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू : मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय विकासखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई “राशन आपके द्वार” योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। सोमवार को केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गुना प्रवास पर पहुंचे राजपूत ने मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही। मंत्री राजपूत ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन मिले, इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। वर्तमान में पीडीएस दुकानों में राशन वितरण के लिए बहुत सुधार किये जा रहे हैं। गांव में बुजुर्ग लोगों को राशन वितरण के लिए यदि उनका अंगूठा का निशान सही काम नहीं कर रहा है, तो उन्हें राशन देने की व्यवस्था नॉमिनी के माध्यम से की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में कई जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विशेष रूप से ट्रायबल एरिया में राशन घर-घर पहुंचाये जाने की तैयारी  की जा रही है। ‘’राशन आपके द्वार’’ के अंतर्गत राशन लोगों के घर-घर पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिलहाल प्रदेश के 89 दूरस्थ ग्रामों में परिवहन के माध्यम से राशन पहुंचाया जा रहा है। अभी यह पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में है और आने वाले समय में इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। आने वाले समय में हम गांव – गांव की जगह घर – घर राशन पहुंचाने का कार्य करेंगे। पीडीएस सिस्टम में लगातार हो रहे सुधार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने कहा कि पीडीएस सिस्टम में लगातार सुधार जारी है। जहां भी अनियमितता सामने आती हैं, हम तुरंत  उसमें सुधार कर कार्रवाई करते हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि आने वाले समय में पीडीएस सिस्टम में बदलाव और नवाचार लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण की दिशा में सतत विकास की ओर बढ़ रही है। राजपूत ने कहा कि हमारा प्रयास है कि गांव-गांव की जगह अब घर – घर राशन पहुंचे ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस लाभ से वंचित न रहे।  

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैठक में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल “हॉक फोर्स” का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन “मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023″ लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।     नक्सल समस्या के निवारण के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के अनुसार काम किया जा रहा है, जिसमें एक ओर रणनीतिक अभियान संचालित किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं के द्वारा क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जा रहे है।     आमजन की आवागमन सुगमता हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से नवीन सड़कों, पुल तथा पुलियों का निर्माण किया गया है। अनेक सडकों का निर्माण प्रगति पर है।     संचार सुगमता हेतु अनेक मोबाईल टॉवर स्थापित किए गए हैं तथा कई का निर्माण प्रगति पर है।     विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, पुलियां तथा विद्युतीकरण किया गया है।     क्षेत्र में निवासरत आमजन में सदभावना वृद्धि हेतु पुलिस चौकियों तथा सुरक्षा कैम्पों के द्वारा जनमैत्री अभियान” में स्थानीय निवासियों को आधारकार्ड, आयुष्मान भारत योजना, अंत्योदय योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभ दिलाया जा रहा है।     क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना की वृद्धि तथा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

प्रधानमंत्री मोदी के जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को समर्पित 23 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को दी बधाई प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रशासनिक जीवन से पहले का जीवन भी देखा है। एक प्रचारक के रूप में उन्होंने 50 साल जीवन जिया, वह भी आदर्श था। उनके नवाचार और उनके काम करने के तरीके उस समय भी कुशल संगठनकर्ता का प्रमाण थे। गुजरात में जो सुशासन स्थापित किया, वह गजब है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं गुजरात गया हूँ और पुन: जाऊंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में सरकार बनाई और गुजरात को कहां से कहां पहुंचा दिया। निश्चित ही यह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के एक कारगर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ यह 23 साल सभी के सामने है। परमात्मा करे, कि वे इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।  

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल का भ्रमण कार्यक्रम

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल 07 अक्टूबर 2024 को शाम 4ः10 बजे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से अनूपपुर हेतु प्रस्थान करेंगे तथा रात्रि 2ः25 बजे रेलवे स्टेशन अनूपपुर पहुंचेंगे। रात्रि 2ः35 बजे अनूपपुर से बिजुरी हेतु प्रस्थान करेंगे एवं निज निवास बिजुरी में रात्रि विश्राम करेंगे। शेष कार्यक्रम पृथक से जारी किया जाएगा।

रानी अवंती चौक बस स्टैंड डिंड़ौरी में कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन विरोध प्रदर्शन

डिंडोरी महिला कांग्रेश कमेटी द्वारा शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल के निर्देश अनुसार एवं पूर्व मंत्री डिंड़ौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम के मार्ग दर्शन पर महिला कांग्रेस डिंडौरी जिलाध्यक्ष श्रीमति संतोषी रामजी साहू एवं महिला पदाधिकारियों के साथ रानी अवंती चौक बस स्टैंड डिंड़ौरी में कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन विरोध प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के “बेटी बचाओं अभियान” के अंतर्गत  आज महिला पदाधिकारियों के साथ मौन केंडल मार्च क्योंकि भाजपा सरकार बच्चियों और महिलाओं की चीख पुकार सुन नहीं रहीं हम महिलाओं की आवाज क्या सुनेगी, पूरे प्रदेश में महिला और बच्चियों के साथ अत्याचार और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं महिलाएं और बच्चियाँ असुरक्षित हैं महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई कड़े इंतजाम नहीं है पूरे प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं प्रदेश को शर्मसार कर रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जिनके पास गृहमंत्रालय है लाड़ली बहनों की बात करते हैं और वो ही सुरक्षित नहीं है उन्हें तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस अवसर पर महिला कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहें।

मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश सहित नक्सल प्रभावित राज्य संयुक्त अभियान चलाकर करेंगे नक्सलियों का खात्मा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए। मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में सम्पन्न नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार राज्यों द्वारा पूर्ण तालमेल के साथ कार्य किया जाएगा। विकास के मुद्दों दूरसंचार, सड़क संपर्क में वृद्धि, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बढ़ाकर समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने संयुक्त टास्क फोर्स में वृद्धि पर भी बल देते हुए कहा कि नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों में कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद पर हुई बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह केन्द्र सरकार कार्य कर रही है उसी तरह केन्द्रीय गृह मंत्री शाह भी सक्रियता से रणनीतिपूर्वक कार्य कर रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है। यही कारण है कि अब कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ता है और ठोस कार्रवाई हो जाती है। ऐसी कार्यवाही का परिणाम भी आता है। लगातार देश के अलग-अलग राज्यों में नक्सलवादी गतिविधियां आखिरी चरणों में पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की बैठक में जैसा केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा है कि हमें कानून के शासन को स्थापित करना है और कुशासन का अंत करना है। मुझे इस बात का संतोष है कि केन्द्र सरकार ने इस बात को माना है कि हमारी नीति जीरो टॉलरेन्स की है। इस लक्ष्य के आधार पर हम यह कहेंगे कि नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो और विकास के सभी प्रकार के आयाम स्थापित हों। खास तौर पर सुरक्षा, सड़क संपर्क, पर्यावरण, दूरसंचार और अन्य गतिविधियों का संचालन जिससे सामान्य जीवन में विश्वास बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कठोर कार्रवाई के साथ ही पुनर्वास की दृष्टि से भी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे नक्सलवादी, नक्सल गतिविधियाँ छोड़ कर अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं और विकास में कदम से कदम मिलाना चाहते हैं, वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में काम करेंगे। यह भी प्रयास रहेगा कि नक्सली गतिविधियों से अव्यवस्था न हो। कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं मिलेगी।  

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