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आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी

दाहोद पीएम नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जहां उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया. इस दौरान 30 हजार महिलाएं पीएम का स्वागत किया. रोड शो के बाद पीएम दाहोद के लिए रवाना हो गए हैं, जहां पीएम लोको निर्माण शॉप-रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का उद्घाटन किया और कर्मचारियों से मुलाकात भी की . आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल होगा, बोले PM मोदी गुजरात के दाहोद में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्य कार्रवाई नहीं है. ये हम भारतीयों के संस्कारों, हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है. आतंक फैलाने वालों ने सपने में भी सोचा नहीं होगा कि मोदी से मुकाबला करना कितना मुश्किल होता है. बाल-बच्चों के सामने पिता को गोली मार दी. आज भी वो तस्वीरें देखते हैं तो खून खौल जाता है. ये 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी इसलिए मोदी ने वही किया, जिसके लिए देशवासियों ने आपने मुझे प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी. मोदी जी अपनी तीनों सेनाओं को खुली छूट दी और हमारी सेना ने वो कर दिखाया जो दुनिया ने पिछले कई दशकों से नहीं देखा था. हमने सीमा पार चल रहे आतंक के नौ सबसे बड़े आतंकी ठिकाने, उन्हें ढूंढ निकाला. हिसाब-किताब पक्का कर लिया और 22 तारीख को जो खेल खेला गया था, छह तारीख की रात को 22 मिनट में हमने उन्हें मिट्टी में मिला दिया. लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने दुस्साहस दिखाया तो हमारी सेना ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटा दी. देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर चीज देश के अंदर बनाने की जरूरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं. दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इससे पहले पीएम मोदी ने रोड शो निकाला. पीएम मोदी ने दाहोद में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन 2014 में पहली बार उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. गुजरात के लोगों ने उन्हें सबसे पहले आशीर्वाद दिया, फिर करोड़ों भारतीयों ने मुझे आशीर्वाद दिया. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हाल के वर्षों में देश ने ऐसे निर्णय लिए जो अकल्पनीय और अभूतपूर्व थे. देश ने दशकों पुरानी बेड़ियां तोड़ दी. 140 करोड़ भारतीय देश को विकसित बनाने की दिशा में लगे हैं. यह समय की मांग है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के भीतर हर चीज बनाई जाए. भारत विनिर्माण की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में भारतीय रेलवे के लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. वहीं, उन्होंने वडोदरा में रोड शो किया जिसमें लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र घरेलू उद्देश्यों और निर्यात के लिए 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. ये इंजन भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगे. पीएम मोदी का रोड शो में जोरदार स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिनों के दौरे पर आज वडोदरा पहुंचे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका यह पहला गुजरात दौरा है. यहां रोड शो के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. सड़क किनारे भारी सख्या में मौजूद लोगों ने उनके ऊपर फूल बरसाकर खुशी का इजहार किया. पीएम मोदी वडोदरा से दाहोद जाएंगे. बता दें कि पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडोदरा में रोड शो के दौरान भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार के सदस्यों ने पुष्प वर्षा की. कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना भी पहुंची पीएम मोदी के रोड शो पर कर्नल सोफिया कुरैशी की जुड़वां बहन शायना सुनसारा ने कहा, ‘पीएम मोदी से मिलकर हमें अच्छा लगा. पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. सोफिया मेरी जुड़वां बहन है. जब आपकी बहन देश के लिए कुछ करती है, तो यह न केवल मुझे बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती है. वह अब सिर्फ मेरी बहन नहीं बल्कि देश की बहन भी है.’ कर्नल सोफिया की बहिन के अलावा उनके भाई संजय कुरैशी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी यहां आए तो यह एक शानदार पल था. हम उन्हें पहली बार देख पाए. इशारों से उन्होंने हमारा अभिवादन किया. मैं अपने रक्षा बलों और भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी बहन को यह मौका दिया. एक महिला उन महिलाओं का बदला ले रही है जिन्होंने इतना कुछ सहा है, इससे बेहतर क्या हो सकता है? वहीं, रोड शो में अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए.          पीएम मोदी का थोड़ी देर में एक लोकोमोटिव निर्माण संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम है. इसके साथ ही एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी भी दिखाएंगे. इसके बाद वे दाहोद में करीब 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री भुज जाएंगे और शाम करीब 4 बजे भुज में 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. वे एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री गांधीनगर जाएंगे और 27 मई को सुबह करीब 11 बजे गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेंगे और शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे. गुजरात में पूरा रेल नेटवर्क का हुआ 100% विद्युतीकृत: पीएम मोदी PM ने कहा, ‘आज दाहोद में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया. इनमें सबसे उल्लेखनीय दाहोद में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री है. तीन साल पहले मुझे इसकी आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था. अब इस फैक्ट्री से पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक बनाया गया है. एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि गुजरात में पूरा रेलवे नेटवर्क अब 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो गया है. इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता … Read more

भारत ने कहा अगर पाकिस्तान बड़ा हमला करेगा तो हम उससे भी बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं: मंत्री जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में सोमवार को संसदीय सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें विदेश मामलों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में सिंधु जल संधि, सीजफायर समझौते, विदेशी दबाव और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषय प्रमुख रहे. सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री ने सभी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार देशहित में कदम उठा रही है और आगे भी हर निर्णय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देकर ही लिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि जो भी होगा, वह ‘देशहित में और अच्छा’ होगा. विदेशी हस्तक्षेप पर जयशंकर ने बताया कि जब भी किसी देश ने भारत से जवाब मांगा, तो हमने साफ शब्दों में कहा, वह फायर करेंगे तो हम फायर करेंगे वो रोकेंगे तो हम रुकेंगे. ‘सीजफायर आपसी बातचीत से हुआ’ विदेश मंत्री ने सदस्यों को बताया कि जब अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है, तो भारत ने साफ कह दिया, ‘अगर पाकिस्तान बड़ा हमला करेगा तो हम उससे भी बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं.’ जयशंकर ने सदस्यों को बताया कि सीजफायर किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि दोनों देशों के DGMO के आपसी संपर्क से हुआ. पाकिस्तान की ओर से पहल करते हुए उनके DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया था. ‘कोई जानकारी चाहिए तो सरकार से संपर्क करें’ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर विदेश मंत्री ने साफ किया कि ऑपरेशन शुरू होने के आधे घंटे के भीतर पाकिस्तान को सूचित कर दिया गया था कि हमला सिर्फ आतंकी ठिकानों पर किया गया है. साथ ही उन्होंने अपील की कि इस संवेदनशील मसले पर अगर किसी को जानकारी चाहिए तो सरकार से सीधे संपर्क करें, मीडिया में बयानबाजी से बचें क्योंकि इससे माहौल बिगड़ता है. जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. ‘चीन ने नहीं दिया पाकिस्तान का खुलकर साथ’   विदेश मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिर्फ तुर्की और अजरबैजान का खुला समर्थन मिला, जबकि भारत के साथ कई देश खुले तौर पर सामने आए. जो देश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए, उन्होंने भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का समर्थन किया. सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बताया कि तुर्की और अजरबैजान भले ही पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर आए हों, लेकिन चीन ने वैसा खुला समर्थन नहीं दिया जैसा पाकिस्तान को उम्मीद थी.  

महीनों की शांति के बाद, कोरोना वायरस भारत के शहरों में धीरे-धीरे वापसी कर रहा, 20 राज्यों में आये मामले

नई दिल्ली महीनों की शांति के बाद, कोरोना वायरस भारत के शहरों में धीरे-धीरे वापसी कर रहा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में कोविड-19 के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है. इन सभी राज्यों में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. भारत में दो नए कोविड-19 वेरिएंट- NB.1.8.1 और LF.7 का पता चला है. देश के कम से कम 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं. आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ अस्पतालों को अपनी ओर से पूरी तैयारी रखने का निर्देश है. महाराष्ट्र में कोरोना के ज्यादातर नए केस मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे शहरों में रिपोर्ट हो रहे हैं. केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इस महीने कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. कर्नाटक में भी बेंगलुरु नए कोविड मामलों का सेंटर बनकर उभरा है. राष्ट्रीय राजधानी में तीन साल में पहली बार कोरोना वायरस के 23 मामले दर्ज किए गए हैं. ज्यादातर मामले हल्के हैं और मरीजों को कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है. हालांकि, ठाणे और बेंगलुरु में कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत भी हुई है. कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जिस कोरोना संक्रमित 84 वर्षीय व्यक्ति की बेंगलुरु में मौत हुई, उसे पहले से कई गंभीर बीमारियां थीं. वहीं, ठाणे नगर निगम ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज कालवा अस्पताल में इलाज करा रहे 21 वर्षीय कोविड-19 मरीज की मौत हो गई. केरल में कोविड संक्रमण के सर्वाधिक मामले मई में कोविड संक्रमण के सर्वाधिक 273 मामले केरल में सामने आए हैं. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. केरल के अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और खांसी के लक्षण वाले लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है. पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी कोविड के मामलों में मामूली वृद्धि देखी गई है, जहां 35 संक्रमण दर्ज किए गए हैं. इनमें होसकोटे का नौ महीने का बच्चा भी शामिल है. सांस की गंभीर बीमारी या सांस लेने में दिक्कत का सामना करने वाले लोगों को तत्काल अपना कोविड टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है. मुंबई में मई में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 95 मामले सामने आए हैं, जो महाराष्ट्र में कोविड संक्रमण के कुल मामलों का सबसे बड़ा हिस्सा है. हालांकि, शहर में अस्पताल में भर्ती होने की दर कम रही है, केवल 16 मरीज भर्ती हुए हैं. बीएमसी ने सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) जैसे लक्षण वाले सभी मरीजों को अपना कोविड जांच कराने की सलाह दी है. महाराष्ट्र के ठाणे में पिछले तीन दिनों में कोविड के 10 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है. आंध्र प्रदेश में कोरोना के मामलों में बहुत ज्यादा उछाल नहीं आया है, लेकिन राज्य ने अस्पतालों को वैक्सीन, पीपीई किट और ट्रिपल-लेयर मास्क की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने का निर्देश दिया है. कोविड प्रभावित देशों, खासकर एशियाई देशों से लौटने वालों को कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी गई है. तमिलनाडु में भी मई महीने में अब तक कोरोना संक्रमण के 66 नए मामले दर्ज किए गए हैं. अचानक क्यों बढ़ने लगे कोरोना के मामले? दक्षिण एशिया में कोविड मामलों में उछाल संभवतः JN.1 वैरिएंट (ओमिक्रॉन का एक सब-वैरिएंट) के प्रसार के कारण हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट काफी एक्टिव है, लेकिन इसे अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा चिंताजनक वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है. कोरोना के इस वैरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों में लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और वह चार दिनों के भीतर ठीक हो जाता है. कुछ सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, थकावट इत्यादि शामिल हैं. तमिलनाडु में अप्रैल 2025 में NB.1.8.1 की पहचान की गई, जबकि गुजरात में मई में LF.7 के चार मामलों की पुष्टि हुई. इन दोनों को WHO द्वारा ‘निगरानी में रखे गए वैरिएंट’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रमुख स्ट्रेन JN.1 बना हुआ है, जो सभी जांच किए गए सैंपल्स के 53% में पाया गया है. इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) आते हैं. NB.1.8.1 और LF.7 जैसे वैरिएंट के सामने आने के बावजूद, कोई सबूत नहीं है कि ये ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन रहे हैं. इनसे संक्रमित होने वाले मरीजों में लक्षण सामान्य सर्दी या हल्के फ्लू जैसे ही रहते हैं. बढ़ते कोविड मामले कितनी परेशानी की बात? कोरोना संक्रमण में अचानक बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, घबराने की नहीं. उनका कहना है कि पिछले संक्रमणों और टीकाकरण से मिली मजबूत हाइब्रिड इम्युनिटी के साथ, भारत स्थिर स्थिति में है. साथ ही उन्होंने सरकार को नए कोविड वैरिएंट पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत में मामूली वृद्धि कोविड-19 संक्रमण की सही संख्या को सही ढंग से नहीं दर्शा सकती है, क्योंकि श्वसन संबंधी लक्षणों वाले कई व्यक्ति कोविड-19 परीक्षण नहीं करवाते हैं. फिर भी, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि वायरस ने अधिक गंभीर बीमारी पैदा करने के लिए म्यूटेशन किया है. वायरस के विकास पर नजर रखने वाले माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स का कहना है कि जब तक वायरस में महत्वपूर्ण विकासात्मक बदलाव नहीं आता, तब तक संक्रमण के पैटर्न या गंभीरता में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. लोगों में बन गई है सेल्फ इम्युनिटी: डॉ. गुलेरिया दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने आज तक से बातचीत में कहा कि जो नया वैरिएंट JN.1 सामने आया है, यह 2023 में ही रिपोर्ट हुआ था. कोरोना का यह वैरिएंट पूरी दुनिया में अब सबसे डॉमिनेंट वैरिएंट हो गया है. इस वैरिएंट में कुछ म्यूटेशन हुए हैं, जिसके कारण यह ज्यादा संक्रमणकारी हो गया है. यह लोगों की बॉडी की इम्युनिटी को बायपास करके उनको संक्रमित कर रहा है. लेकिन इससे संक्रमित लोगों में देखा गया है कि लक्षण हल्के होते हैं. अधिकतर लोगों में खांसी, नजला, बुखार, गले में खरास जैसे सामान्य लक्षण ही … Read more

केरल के कई इलाकों में भारी बारिश, 11 जिलों में रेड अलर्ट

    मई 2025 में असामान्य मौसम, जुलाई जैसी भारी बारिश और तूफान देखे गए.       मौसम वैज्ञानिकों ने बाढ़, भूस्खलन और फसलों को नुकसान जैसे खतरों के बारे में चेतावनी दी है.       दक्षिण-पश्चिम मानसून 27 मई को केरल में जल्दी पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य से पहले है.       IMD ने केरल के कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.       गर्मी की लहर मई के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत में संभावित है, जो जटिल मौसम पैटर्न को दर्शाता है. नई दिल्ली मई 2025 भारत के लिए मौसम के लिहाज से असामान्य रहा है. आमतौर पर इस महीने गर्मी चरम पर होती है, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से कम रहा. भारी बारिश, तूफान और धूल के तूफान देखे गए. यह पैटर्न जुलाई में होने वाली मॉनसूनी तबाही जैसा है, जो मई में देखा गया. मौसम की वर्तमान स्थिति मई 2025 में भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-5°C कम रहा. पश्चिम, केंद्रीय और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान कम रहा. पूर्वी और केंद्रीय भारत में न्यूनतम तापमान 1-3°C कम रहा. यह असामान्य है, क्योंकि मई आमतौर पर गर्मी की तीव्रता का महीना होता है. बारिश के मामले में, मई में असामान्य रूप से भारी वर्षा हुई. 2-8 मई को सभी भारत में वर्षा 20% अधिक थी, और 8-14 मई को 35% अधिक रही. यह पश्चिमी विक्षोभों और बंगाल की खाड़ी, अरब सागर से आने वाली नमी के कारण हुआ. प्रभावित क्षेत्रों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, गंगा के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, त्रिपुरा, मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा शामिल हैं.    दिल्ली में 25 मई 2025 को भारी बारिश हुई, जिसमें कुछ घंटों में 81.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इससे मई 2025 दिल्ली का सबसे गीला मई बन गया. यह असामान्य मौसम पैटर्न का एक स्पष्ट उदाहरण है.   मानसून और अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 27 मई, 2025 को केरल तट पर पहुंचेगा, जो आमतौर पर 1 जून को होता है. यह चार दिन की जल्दी शुरुआत है, जो इस बात का संकेत है कि मानसून इस साल जल्दी और शायद सामान्य से अधिक बारिश ला सकता है. जून से सितंबर तक मानसून बारिश 105% LPA होने की संभावना है, जिसमें ±5% की त्रुटि हो सकती है.   IMD ने भारी बारिश के लिए अलर्ट भी जारी किए हैं. केरल के थ्रिसुर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासारगोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथित्ता, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, पलक्कड़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.   गर्मी की लहर और अन्य पैटर्न हालांकि तापमान सामान्य से कम है, IMD ने चेतावनी दी है कि मई के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत, विशेष रूप से राजस्थान और हरियाणा में गर्मी की लहर आ सकती है. 21 मई, 2025 को राजस्थान के 10 स्थानों पर तापमान 44°C से अधिक रहा, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है. यह दिखाता है कि मौसम पैटर्न जटिल और क्षेत्रीय रूप से भिन्न हैं. पश्चिमी विक्षोभों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो मार्च-अप्रैल में चार और मई में दो बार आए, जिससे गीले मौसम और तूफान के बाद 5-7°C तापमान में गिरावट आई.   संभावित खतरे और जोखिम अचानक बारिश और तूफान से कई खतरे हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं…     बाढ़: भारी बारिश से निचले इलाकों बाढ़ आ सकती है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जहां जल निकासी प्रणाली कमजोर है.       भूस्खलन: पहाड़ी इलाकों, जैसे उत्तराखंड और केरल में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है.       फसलों को नुकसान: असमय बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, जो किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है.       बिजली गुल: तूफान से बिजली के तार गिर सकते हैं, जिससे लंबे समय तक बिजली गुल हो सकती है.       यातायात व्यवधान: बाढ़ और तूफान से रेल और सड़क यातायात बाधित हो सकता है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है.       स्वास्थ्य जोखिम: ठहरे पानी से मच्छर पनप सकते हैं, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य वेक्टर-जनित बीमारियां फैल सकती हैं. इन खतरों से निपटने के लिए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत है.   मौसम वैज्ञानिकों की राय   IMD के DG एम मोहपात्रा ने कहा कि मई में असामान्य बारिश और तूफान का दौर जारी है. मई के आखिरी सप्ताह में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गर्मी की लहर फैलने की संभावना है. दूसरी ओर, मौसम विशेषज्ञ एम राजीवन ने कहा कि मॉनसून की शुरुआत जल्दी हो सकती है. मई का तापमान इस पर असर नहीं डालेगा. इनसे पता चलता है कि मौसम पैटर्न जटिल हैं. क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण विभिन्न खतरों से भरा पड़ा है. मुंबई में मूसलधार बारिश का कहर, 96 इमारतें कराई गईं खाली, कई इलाकों में येलो अलर्ट महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुंबई में कल यानी रविवार से की बारिश हो रही है. आज भी सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून आने वाले 2 से 3 दिनों में दाखिल होगा. बारिश की वजह से ट्रेन या सड़क यातायात पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा है. हालाकि, प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है और मौजूदा स्तिथि का जायजा लिया जा रहा है. IMD के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने वक्त से पहले ही महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है और अगले कुछ दिनों में मुंबई में तेज़ बारिश के साथ पूरी तरह एक्टिव होने की उम्मीद है. मुंबई में तेज बारिश के चलते Kem Hospital के ग्राउंड फ्लोर के हॉल में पानी घुस गया. अस्पताल के अंदर जिस जगह पर पानी घुसा है, वहां बालरोग अति दक्षता विभाग, यानी बच्चों का PICU वार्ड है. कई इलाकों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले वक्त में मध्यम से भारी वर्षा की उम्मीद है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो … Read more

विदेशी दुल्हन खरीदने’ से दूर रहें, ऐसा करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते -चीन

बीजिंग बांग्लादेश में हाल के दिनों में कुछ चीनी पुरुषों द्वारा शॉर्ट वीडियो और ऑनलाइन डेटिंग के ज़रिए ‘क्रॉस-बॉर्डर शादी’ की कोशिशों ने हालात बिगाड़ दिए हैं। इसी के चलते बांग्लादेश में तैनात चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि “शॉर्ट वीडियो देख कर बहकना नहीं, विदेशी शादी के लालच में कानून मत तोड़ो!” कुछ चीनी नागरिक बांग्लादेश से ‘दुल्हन खरीदने’ या ‘अवैध शादियों’ के लिए दलालों का सहारा ले रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में मौजूद चीनी दूतावास ने रविवार देर रात एक अहम सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए चीनी नागरिकों को ‘विदेशी दुल्हन खरीदने’ से दूर रहने और बांग्लादेश में विवाह करने से पहले गंभीरता से विचार करने की सलाह दी है। दूतावास ने चेताया कि चीनी कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति या संस्था को विदेशी विवाह के लिए दलाली या बिचौलिए की भूमिका निभाने की अनुमति नहीं है। खासतौर पर सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे “क्रॉस-बॉर्डर रोमांस” जैसे कंटेंट से भ्रमित होकर अवैध शादियों या मानव तस्करी जैसे मामलों में न फंसें। गैरकानूनी विवाह एजेंटों से रहें दूर चीनी दूतावास के मुताबिक, “चीनी नागरिकों को किसी भी व्यावसायिक या अवैध विवाह एजेंट से बचना चाहिए और ऑनलाइन प्रेम-जाल से सतर्क रहना चाहिए, ताकि आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान से बचा जा सके।” यदि कोई चीनी नागरिक इस तरह के ऑनलाइन धोखाधड़ी या स्कैम का शिकार होता है, तो उसे तुरंत चीन के सार्वजनिक सुरक्षा प्राधिकरणों को रिपोर्ट करनी चाहिए। बांग्लादेश में मानव तस्करी पर मौत की सजा दूतावास ने आगे कहा कि बांग्लादेश सरकार मानव तस्करी के मामलों में बेहद सख्त रवैया अपनाती है। यदि कोई व्यक्ति अवैध सीमा-पार विवाह या फर्जी शादी के जरिए मानव तस्करी में शामिल पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। बांग्लादेश में कानून मानव तस्करी संगठित करने पर कम से कम 7 साल की कैद, आजीवन कारावास या फांसी, साथ में कम से कम 5 लाख टका (लगभग रुपए 3.5 लाख) का जुर्माना लगाया जा सकता है। सहयोग, योजना या उकसाने वालों को भी 3 से 7 साल की कैद और 20,000 टका तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। दूतावास ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में न्यायिक प्रक्रिया अक्सर लंबी होती है। किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से लेकर सजा सुनाए जाने तक महीनों या वर्षों का समय लग सकता है। इससे पीड़ित के परिवारों की जुड़ाव योजनाएं और भविष्य की जिंदगी गहराई से प्रभावित हो सकती है।

एनकाउंटर में मारे नक्सली कमांडर बसवराजू के शव को परिजन के हवाले नहीं करेंगे

नई दिल्ली जिंदगीभर जंगलों में छिपते हुए मारकाट मचाने वाले नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू का अंतिम संस्कार भी गुपचुप ही होगा। 22 मई को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में हुए एनकाउंटर में ढेर किए गए बसवराजू के शव को पुलिस परिवार के हवाले नहीं करना चाहती है। आतंकवादियों की तरह उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी है। दरअसल पुलिस नहीं चाहती है कि नक्सली विलेन को ‘हीरो’ बनाने का कोई मौका उसके समर्थकों को मिले। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बसवराजू की एक सौतेली मां और भाई आंध्र प्रदेश के श्रीक्कुलम जिले में रहते हैं। उसके भाइयों और कुछ रिश्तेदारों ने शव पाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस दावों की जांच कर रही है और अंतिम फैसला लेने से पहले हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले संकेत के आधार पर बताया गया है कि पुलिस बसवराजू का अंतिम संस्कार उसी तरह कर सकती है जिस तरह 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के मारे जाने के बाद किया जाता है। वहां किसी स्थानीय आतंकवादी के एनकाउंटर के बाद शव को परिवार के हवाले नहीं किया जाता है और पुलिस अज्ञात स्थान पर दफनाती है। परिवार के कुछ सदस्यों को ही इसमें शामिल होने की इजाजत होती है। दरअसल, वहां देखा गया था कि आतंकवादियों के जनाजे के जरिए भावनाओं को उभारने और नापाक साजिशों को मौका मिलता था। उन्हें हीरो की तरह पेश करके कट्टरता और लोकल भर्ती को बढ़ाने की कोशिश होती थी। रिपोर्ट में एक सरकारी पदाधिकारी के हवाले से बताया गया है, ‘हम एक बीच का रास्ता अपना सकते हैं और बसवराजू के शव पर दावा कर रहे उसके कुछ परिजनों को अंतिम संस्कार में शामिल किया जा सकता है और किसी सुरक्षित स्थान पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित नहीं होगी और उसे हीरो बनाने की कोशिश ना हो।’ मुठभेड़ में बसवराजू के समेत 27 आतंकवादी ढेर किए गए थे। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने की घोषणा की है।

चेन्नई: लैंडिंग के दौरान विमान पर लेजर बीम से हमला, मचा हड़कंप

  चेन्नई तमिलनाडु (Tamilnadu) चेन्नई में रात के वक्त एरोप्लेन में उतरते समय एक विमान पर हरे रंग की लेजर बीम चमकी, जिससे हड़कंप मच गया. मामला सामने आने के बाद जांच शुरू की गई है. दुबई से 326 यात्रियों को लेकर उड़ान भरने वाली फ्लाइट सिटी एयरपोर्ट पर उतरने ही वाली थी. जैसे ही फ्लाइट नीचे उतरने लगी, पायलट ने देखा कि कॉकपिट पर एक हाई पॉवर वाली हरे रंग की लेजर बीम चमक रही थी. कथित तौर पर एयरपोर्ट के नज़दीक से लेजर पॉइंटर चमकाया गया, जिसकी वजह से पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी. इस घटना के बारे में गिंडी और सेंट थॉमस पुलिस को भी बताया गया. जब कोलकाता एयरपोर्ट पर ऐसा ही कुछ हुआ… पिछले साल जनवरी महीने में बेंगलुरु से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट को लेकर इसी तरह की एक हैरान करने वाली खबर सामने आई थी. इंडियो की फ्लाइट के लैंड होने से ठीक पहले पायलट की आंखों के सामने तेज लेजर बीम लगने से वह कुछ पल के लिए हक्का-बक्का रह गया था. यह घटना उस वक्त हुई जब विमान कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरने से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर था और रनवे पर लैंड करने के लिए तेजी से बढ़ रहा था. पायलट के लिए हुई मुश्किल जैसे ही विमान लैंड करने वाला था, तभी लेजर बीम के जरिए विमान के कॉकपीट की तरफ एक तेज लाइट चमकी. इसके चलते फ्लाइट के कॉकपिट में सवार पायलट की आंखों के सामने कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया. यह एक ऐसी घटना होती है, जब विमान के पायलट के आंखों पर कुछ पल के लिए एकदम अंधेरा छा जाता है और बड़ा हादसा होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है.  

भारत को धमकाने वाले सुन लें, बांग्लादेश में दो चिकन नेक; हिमंत की चेतावनी

नई दिल्ली: बांग्लादेश एक बार फिर से उबल रहा है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अस्थिरता के बवंडर की ओर बढ़ रही है। उनकी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मुल्क में तनाव का आलम हो। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन में सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो चुके हैं। लेकिन, मोहम्मद यूनुस अपनी नाकामियों को बिना नाम लिए भारत पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं। जो भी हो रहा है, उसके लिए ‘विदेशी साजिश’ को जिम्मेदार बता रहे हैं। जबकि, हकीकत ये है कि उन्हें सिर्फ चुनाव करवाने तक के लिए सरकार चलाने भर की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन, वह चुनाव छोड़कर बाकी हर तरह के हथकंडे अपनाने में लगे हैं। बांग्लादेश की विदेश नीति, संविधान,उसका इतिहास और यहां तक कि उसके जन्म की मूल अवधारणा तक को नकारने के दांव लगा रहे हैं। यही वजह है कि आज बांग्लादेशी फौज भी उनके विरोध में खड़ी हुई है। मोहम्मद यूनुस जब से बांग्लादेश की सत्ता में आए हैं, भारत के चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के साथ नाचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें चीन के दम पर भारत के जिस चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को दबा पाने की गलतफहमी हो गई है, उन्हें शायद अंदाजा नहीं है कि भारत उनके साथ क्या कर सकता है। ‘बुराई को खत्म करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल’ मोहम्मद यूनुस शायद यह भूल चुके हैं कि बांग्लादेश की पैदाइश ही भारतीय विदेश नीति की देन है। जो अपने जन्मदाता की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने लगेगा तो भारत को भी देर-सबेर अपने विकल्प तलाशने पड़ेंगे। अगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया इंटरव्यू को देखें तो नागपुर से भी मोदी सरकार को उसी तरफ इशारा किया गया है। संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर और पांचजन्य में रविवार को छपे उनके एक इंटरव्यू के मुताबिक उन्होंने भारत के पड़ोस में ‘बुराई को खत्म’ करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल करने की बात कही है। उनके अनुसार कुछ देशों में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। ऐसे में हिंदू समाज की ताकत का इस्तेमाल उनकी रक्षा के लिए किया जाना चाहिए। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए संघ के सर संघचालक ने कहा, ‘हमारी ताकत अच्छे लोगों की रक्षा और बुरे लोगों को नष्ट करने के लिए होनी चाहिए। जब कोई और चारा नहीं होता, तो बुराई को जबरदस्ती खत्म करना पड़ता है। इसलिए, हमारे पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि हम अपनी सीमाओं पर बुरी ताकतों की बुराई देख रहे हैं।’ दोनों गर्दन दबोची तो कहीं के नहीं रहेंगे यूनुस शायद जो बात भागवत ने खुलकर नहीं कहा, उसे असम के मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर के दिग्गज बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने अधिक विस्तार से बताने की कोशिश की है। कुछ दिन पहले भी उन्होंने मोहम्मद यूनुस के भारत के चिकन नेक कॉरिडोर पर उनकी गलत नजर पर बांग्लादेश के पास भी दो चिकन नेक होने की बात कही थी। लेकिन, तब उन्होंने बांग्लादेश के दूसरे चिकन नेक को साफ तौर पर स्पष्ट नहीं किया था। लेकिन, नवभारत टाइम्स डॉट कॉम ने तब उनकी बातों के आधार पर जो संभावना जताई थी, सरमा ने अब उसी पर मुहर लगाई है। उन्होंने रविवार को एक X पोस्ट डाला है। उन्होंने लिखा है कि ‘जिन्हें भारत को चिकन नेक कॉरिडोर पर धमकाने की आदत पड़ चुकी है, उन्हें तीन तथ्यों को ध्यान से नोट कर लेना चाहिए।’ पहला, बांग्लादेश के पास अपने दो ‘चिकन नेक’ हैं। दोनों कहीं ज्यादा असुरक्षित हैं। दूसरा, पहला है 80 किमी लंबा उत्तर बांग्लादेश कॉरिडोर। यह दक्षिण दिनाजपुर से दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स (मेघालय) तक जाता है। अगर यहां कोई रुकावट आती है, तो पूरा रंगपुर डिवीजन बांग्लादेश से कट सकता है। मतलब, रंगपुर का बाकी बांग्लादेश से संपर्क टूट जाएगा। तीसरा,यह है 28 किमी का चटगांव कॉरिडोर। यह साउथ त्रिपुरा से बंगाल की खाड़ी तक जाता है। यह कॉरिडोर भारत के ‘चिकन नेक’ से भी छोटा है। पर यह बांग्लादेश की आर्थिक राजधानी और राजनीतिक राजधानी को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। बांग्लादेश के साथ क्या कर सकता है भारत बांग्लादेश के मौजूदा हालात, मोहम्मद यूनुस की ओर से सत्ता में बने रहने के लिए चलाए जा रहे खौफनाक एजेंडा और भारत में अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सामने आ रहे विचारों को अगर एक संदर्भ में देखें तो इसके 5 पहलू हैं, जो भारत के लिए जवाबी विकल्प हो सकते हैं। रंगपुर में चिकन नेक कॉरिडोर काटने का मतलब 1. रंगपुर में चिकन नेक कॉरिडोर काटने का मतलब है कि भारत का सिलीगुड़ी कॉरिडोर बहुत ही विशाल हो जाएगा। मतलब जो अभी लगभग 22 किलोमीटर की चौड़ी पट्टी है और जिसपर यूनुस और भारत के दुश्मनों की नजर लगी हुई वह अप्रत्याशित रूप से चौड़ी हो सकती है। मतलब, पूर्वोत्तर की बहुत बड़ी समस्या ही एक झटके में खत्म हो सकती है। चटगांव कटा तो पूर्वोत्तर को मिलेगा अपना समु्द्र 2. अगर हम त्रिपुरा के कुछ किलोमीटर तक नीच चले लाएं (चटगांव कॉरिडोर) तो पूरे पूर्वोत्तर को जोड़ने वाला अपना समुद्र हो जाएगा। यह सामरिक और आर्थिक रूप से बहुत ही फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भविष्य में मोहम्मद यूनुस की तरह के विचार वाले बांग्लादेश के किसी अन्य शासक की भी आए दिन की नौटंकी खत्म की जा सकती है। रोहिंग्या समस्या से मिल सकता है स्थायी छुटकारा 3. बांग्लादेश के चटगांव से नीचे म्यांमार का रखाइन इलाका है। यहीं रोहिंग्या समस्या है। मतलब बांग्लादेश से चटगांव के कटते ही रोहिंग्या समस्या खत्म हो सकती है। भारत इस इलाके को रोहिंग्या मुसलमानों को सौंप सकता है और भारत में जो रोहिंग्या घुसपैठिए आ गए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं, उन्हें यहां पर स्थायी रूप से भेजा जा सकता है। यह उनका मूल इलाका है, जहां जाकर बसना उनके लिए भी आसान हो सकता है। पूर्वोत्तर के उग्रवादी समस्या का भी हल संभव 4.म्यांमार के रखाइन से ही थोड़ा उत्तर-पूर्व में उसका चिन इलाका है। यह पहाड़ी क्षेत्र क्रिश्चियन बहुल इलाका है, जो म्यांमार से अलग होना चाहता है….यह पहले से ही मिजोरम में … Read more

2030 तक अमर हो सकते हैं इंसान, मशहूर भविष्यवक्ता रे कुर्जवील का दावा

वॉशिंगटन अमरता यानी कभी न मरने का सपना इंसानों की सोच में कई हजार सालों से बसा हुआ है। कभी इसे कहानियों में अमृत के रूप में देखा गया, तो कभी साइंस फिक्शन फिल्मों में दिखाया गया कि इंसान टेक्नोलॉजी मदद से मौत को मात दे सकता है। अब तक सिर्फ कल्पना में ही सच लगने वाला यह सिद्धांत जल्द हकीकत बन सकता है। दरअसल तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनेटिक इंजीनियरिंग और नैनोटेक्नोलॉजी इंसान को बहुत ही जल्द अमर बना देंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट् के मुताबिक यह कहना है मशहूर भविष्यवक्ता या भविष्य वैज्ञानिक और गूगल के पूर्व इंजीनियर रे कुर्जवील का। कुर्जवील ने हाल ही में दावा किया है कि इंसान 2030 तक अमर हो सकते हैं। उनके इस बयान ने दुनिया भर में एक बार फिर अमरता को लेकर चर्चा छेड़ दी है। इसके पीछे उन्होंने किसी चमत्कार नहीं बल्कि टेकनोलॉजी को ही आधार बताया है। चलिए जानते हैं कुर्जवील के दावों के पीछे कितना दम है? कौन हैं रे कुर्जवील रे कुर्जवील के दावों के बारे में जानने से पहले जान लेते हैं कि रे कुर्जवील हैं कौन। दरअसल कुर्जवील टेक्नोलॉजी से जुड़े बड़े-बड़े दावों के लिए जाने जाते हैं, और हैरानी की बात यह है कि उनके ज्यादातर दावे सच भी साबित हुए हैं। यही वजह है कि उन्हे भविष्यवक्ता या भविष्य वैज्ञानिक कहा जाता है। उन्होंने कई साल पहले इंटरनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोलॉजी व कंप्यूटर के मेल जैसी चीजों की भविष्यवाणी की थी। समय के साथ यह सब सच साबित हुआ है। बता दें कि उनकी 147 में से करीब 86% भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं। इसी के चलते उन्हें 1999 में अमेरिका का सबसे बड़ा तकनीकी सम्मान ‘नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी’ भी मिला। उनकी खुद की नई-नई तकनीकों पर रिसर्च और काम की वजह से ही उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाता है। नैनोबॉट्स का कमाल प्रसिद्ध भविष्य वैज्ञानिक रे कुर्जवील का कहना है कि 2030 तक इंसान जैविक रूप से अमर हो सकते हैं। यह बात सुनने में भले विश्वास के लायक न लगे, लेकिन इसके पीछे मजबूत वैज्ञानिक आधार हैं। कुर्जवील के मुताबिक, भविष्य की चिकित्सा प्रणाली में नन्हें रोबोट्स यानी नैनोबॉट्स का अहम रोल होगा। ये नन्हें-नन्हें रोबोट हमारे शरीर की नसों में घूमते रहेंगे और शरीर के अंदर से हेल्थ की निगरानी करेंगे। इनका काम टूटी हुई कोशिकाओं की मरम्मत करना और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उल्टा करना होगा। अगर यह तकनीक सच साबित होती है, तो न सिर्फ बीमारियों को पहले ही ठीक किया जा सकेगा, बल्कि बुढ़ापे को भी रोक दिया जाएगा। एक हो जाएगा इंसानी और मशीनी दिमाग रे कुर्जवील का कहना है कि आने वाले सालों में न सिर्फ इंसानों का शरीर बदलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि AI भी एक नए दौर में पहुंच जाएगा। उनके अनुसार, साल 2029 तक मशीनें इंसानों जैसी बुद्धि हासिल कर लेंगी और ट्यूरिंग टेस्ट पास कर सकेंगी। ट्यूरिंग टेस्ट का मतलब है कि मशीनें इंसानों जैसा व्यवहार करने लगेंगी जिसमें फर्क करना मुश्किल हो जाएगा। उनका दावा है कि भविष्य में इंसान और AI सिर्फ साथ-साथ काम नहीं करेंगे बल्कि वह एक ही हो जाएंगे। जब इंसानी दिमाग और AI का मेल होगा, तब हमारी याददाश्त, सोचने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति हमारी सोच से भी कहीं आगे बढ़ जाएगी। 2045 तक बदल जाएगी मानव सभ्यता रे कुर्जवील की भविष्यवाणी “सिंग्युलैरिटी” के सिद्धांत से जुड़ी है। दरअसल सिंग्युलैरिटी का मतलब उस समय से है जब तकनीकी विकास इतनी तेजी से होगा कि वह पूरी मानव सभ्यता को बदल देगा। कुर्जवील का मानना है कि यह बदलाव साल 2045 तक आएगा। उस समय इंसानी बुद्धि अरबों गुना बढ़ जाएगी, क्योंकि हम अपनी बनाई तकनीकों से पूरी तरह जुड़ जाएंगे। तब चेतना सिर्फ आपके शरीर तक सीमित नहीं रहेगी। इसे डिजिटल रूप में अपलोड किया जा सकेगा और अमर बनाया जा सकेगा। क्या है वर्तमान स्थिति दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। 2023 में Google और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने एडवांस AI चैटबॉट लॉन्च किए, जिन्होंने लोगों को हैरान भी किया और डराया भी। आज जो AI हमारे बीच मौजूद है वह खुद सीखता है, सुधार करता है और इंसानों के नियंत्रण से बाहर भी जा सकता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह आधुनिकता भविष्य में कौन सा रास्ता लेती है।

गुजरात में आज PM मोदी का मेगा रोड शो, तीन जनसभा भी संबोधित करेंगे, विकासकार्यों का लोकार्पण भी करेंगे

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात दौरे पर आ रहे हैं. आज और कल मई को पीएम मोदी गुजरात में रहेंगे. दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और गांधीनगर में मौजूद रहेंगे. इन सभी जगहों पर पीएम के स्वागत की विशेष तैयारी की जा रही है. साथ ही पीएम तीन जनसभा भी संबोधित करेंगे. इसी के साथ पीएम कई विकासकार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे. 26 मई के दिन पीएम मोदी का सुबह 10 बजे वडोदरा में आगमन होगा. वडोदरा में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद पीएम मोदी 11 बजे दाहोद पहुंचेंगे. दोपहर बाद भुज के लिए पीएम मोदी रवाना होंगे. दाहोद और भुज में पीएम मोदी का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया है, दोनों ही जगह पीएम जनसभा को संबोधित करके कई विकासकार्यों का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे. अहमदाबाद में पीएम का रोड शो 26 मई की शाम पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचेंगे. अहमदाबाद में पीएम मोदी के स्वागत के लिए भव्य रोड शो का आयोजन किया गया है, जिसके बाद पीएम गांधीनगर स्थित राजभवन पहुंचेंगे और 27 मई के दिन पीएम मोदी गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम के मौजूद रहकर विविध विकासकार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. वडोदरा में पीएम का रोड शो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम पहलीबार गुजरात में और वडोदरा पहुंच रहे है. जिसके मद्देनजर सुबह 10 बजे पीएम के रोड शो का आयोजन किया जा रहा है. पीएम के स्वागत में महिला कार्यकर, पदाधिकारियों की मौजूदगी रहेगी. महिलाओं को पीएम के स्वागत के लिए लाल साड़ी और विवाहित महिलाओं को मांग में सिंदूर के साथ उपस्थित रहने के लिए अनुरोध किया गया है. वडोदरा में स्वागत कार्यक्रम बाद पीएम दाहोद रवाना होंगे. 11 बजे दाहोद पहुंचकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत जनसभा स्थल तक किया जाएगा. पीएम दाहोद में जनसभा संबोधित करेंगे. 24,000 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास दाहोद से पीएम मोदी राज्य सरकार के विविध विभागों के 24,000 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगें, जिसमें 21,405 करोड़ के खर्च से बने लोको मैनुफैक्चरिंग शॉप – रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप का लोकार्पण समेत रेलवे से जुड़े विकासकार्यों का लोकार्पण शामिल है. दाहोद में पीएम मोदी 9000 HP के पहले लोकोमोटिव इंजन देश को समर्पित करेंगे. दाहोद में निर्मित रेलवे प्रोडक्शन यूनिट से दस हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. दाहोद में निर्मित लोकोमोटिव इंजन 4600 टन माल ले जाने में सक्षम होगा. अगले 10 वर्षों में लगभग 1200 इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा पीएम 181 करोड़ की जल विभाग की चार योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे 193 गांवो में फ़ायदा मिलेगा. इसके साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी दाहोद स्मार्ट सिटी के तहत दाहोद में नगरपालिका भवन, आदिवासी म्यूजियम सहित सार्वजनिक सुविधाओं और जन कल्याण के लिए 233 करोड़ रुपये के विकासकार्यों को जनता को समर्पित करेंगे. 53 करोड़ रुपये की लागत वाले पुलिस आवास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. भुज में पीएम का रोड शो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई को दोपहर दो बजे गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भुज में पहुंचेंगे. भुज में भी पीएम के रोड शो की तैयारी की जा रही है. रॉड शो के बाद पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे. इस दौरान पीएम ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, मार्ग और मकान विभाग, जल विभाग, पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड, पावर ग्रिड और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी समेत 53,414 करोड़ के कुल 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और शीलान्यास करेंगे. भुज में रॉड शो और जनसभा के बाद पीएम मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे. अहमदाबाद एयरपोर्ट से इंदिरा ब्रिज सर्किल तक पीएम के स्वागत के लिए भव्य तैयारी की जा रही है. इस दो किलोमीटर के दरमियान पीएम मोदी रॉड शो करेंगे. पीएम के स्वागत में अलग अलग कटआउट्स और 15 से अधिक स्टेज बनाये गए हैं. पीएम के कटआउट्स के साथ सेना के जवानों की भी तस्वीरें है. रोड शो के रूट पर एलईडी, ब्रह्मोस मिसाइल, S400 डिफेंस सिस्टम, फाइटर प्लेन के कटआउट्स लगाये गए है. ऑपरेशन सिंदूर के कटआउट्स के साथ बाउल जिसमें सिंदूर रखा गया है. पूरे रोड पर तिरंगे लगाए गए है साथ ही में रोड के दोनों तरफ ट्राई कलर के पट्टे लगाए गए हैं. अहमदाबाद के रोड शो के बाद पीएम गांधीनगर स्थित राजभवन पहुंचेंगे और दिन के सभी आधिकारिक कार्यक्रम समाप्त होंगे. पीएम मोदी 27 मई के दिन गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर से 5,536 करोड़ के विकासकार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. जिनमें 1,006 करोड़ की लागत से PMAY के तहत निर्मित 22,055 घरों का उद्घाटन करेंगे और 1,000 करोड़ की लागत से निर्मित साबरमती रिवरफ्रंट चरण-3 की आधारशिला रखेंगे. पीएम स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत नगर निकायों को 3,300 करोड़ के चेक वितरित करेंगे. पीएम जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 888 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली थराद धनेरा पाइपलाइन और 678 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली दियोदर लाखणी पाइपलाइन का शिलान्यास भी करेंगे.  

मातृभाषा को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को दिए निर्देश

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 22 मई को गाइडलाइंस जारी की है। बोर्ड ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए मातृभाषा को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने का निर्देश जारी किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब 3 से 11 साल तक यानी प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृभाषा, घरेलू भाषा या क्षेत्रीय भाषा में कराई जाएगी। सीबीएसई के इस फैसले की नींव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा स्कूल शिक्षा 2023 (NCFSE 2023) पर आधारित है, जो शुरुआती शिक्षा में मातृभाषा के उपयोग को सबसे ज्यादा प्रभावशाली मानते हैं। CBSE ने स्कूलों को दिए निर्देश सीबीएसई के 22 मई को जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी संबद्ध स्कूलों को छात्रों की मातृभाषा को जल्द से जल्द मैप करना होगा और इसके अनुसार शिक्षण व्यवस्था तैयार करनी होगी। जुलाई 2025 से यह नई नीति लागू हो सकती है।     प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक की शिक्षा को “फाउंडेशनल स्टेज” कहा गया है। इसमें पढ़ाई मातृभाषा या घरेलू भाषा में अनिवार्य की गई है।     कक्षा 3 से 5वीं तक के छात्रों के लिए भी मातृभाषा में पढ़ाई की सलाह दी गई है, हालांकि यहां माध्यम बदलने का विकल्प खुला रखा गया है। मातृभाषा में पढाई क्यों है जरूरी? सर्कुलर में कहा गया है कि छोटे बच्चे अपने घर की भाषा में ही सबसे तेजी से और गहराई से कॉन्सेप्ट को समझ पाते हैं। इसलिए शुरुआती शिक्षा में मातृभाषा का उपयोग बच्चे की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और समझ को कई गुना बढ़ा सकता है। बता दें कि, UNESCO की मार्च 2024 में ‘लैंग्वेज मैटर-ग्लोबल गाइडेंस ऑन मल्टीलिंग्वल एजुकेशन’ रिपोर्ट में बताया गया कि दुनियाभर में 40% बच्चों और युवाओं के पास उनकी मदर-टंग में पढ़ने की सुविधा नहीं है। यही वजह है कि दुनिया के कई हिस्सों में बच्चे स्कूल तो जा रहे हैं लेकिन वो सिंपल टेक्स्ट नहीं पढ़ पाते और सिंपल मैथ्स सॉल्व नहीं कर पाते। इस रिपोर्ट में बताया गया कि, साल 2016 में 617 मिलियन बच्चे फाउंडेशनल लिट्रेसी और न्यूमरेसी नहीं सीख रहे थे। इनमें से दो तिहाई स्कूल जाते थे। कोविड महामारी से पहले लो और मिडल इनकम देशों के 57% 10-वर्षीय-बच्चे सिंपल टेक्स्ट नहीं पढ़ पा रहे थे। ये आंकड़ा कोविड महामारी के बाद 70% हो गया। राजस्थान के डुंगरपुर जिले में कारगर रहा एक्सपेरिमेंट राजस्थान के डुंगरपुर जिले में गुजरात में बोली जाने वाली वागड़ी भाषा काफी बोली जाती हैं। साल 2019 में यहां टीचर्स ने बच्चों को वागड़ी भाषा में ही पढ़ाना शुरू किया। इसके कुछ दिन बाद जब बच्चों का असेसमेंट लिया गया तो सामने आया कि उनकी रीडिंग स्किल्स पहले से काफी बेहतर थी। यूरोप और अफ्रीका में भी ऐसे ही नतीजे सामने आए हैं। इसके अलावा मातृभाषा में अगर बच्चे को बेसिक एजुकेशन दी जाए तो उसके लिए दूसरी भाषाएं सीखनी भी आसान हो जाती हैं। जल्द बनेगी NCF कार्यान्वयन समिति CBSE ने सभी स्कूलों को मई 2025 के अंत तक ‘एनसीएफ कार्यान्वयन समिति’ (NCF Implementation Committee0 गठित करने को कहा है। ये समिति छात्रों की मातृभाषा की पहचान करेगी और भाषा संसाधनों की मैपिंग करेगी। साथ ही, स्कूलों को लैंग्वेज मैपिंग एक्सरसाइज भी जल्द से जल्द पूरी करने के लिए कहा गया है।

अब नहीं होगी UPI से ठगी, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने FRI नाम से एक नया सिक्योरिटी सिस्टम किया लॉन्च

नई दिल्ली आज के समय में डिजिटल पेमेंट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। Paytm, Google Pay, PhonePe जैसे UPI ऐप्स के जरिए हम रोजाना कई लेनदेन करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ज्यादा सिक्योर हो सकेगा। सरकार की नई पहल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) नाम से एक नया सिक्योरिटी सिस्टम लॉन्च किया है। इसका मकसद है – ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाना। इस सिस्टम की मदद से ऐसे मोबाइल नंबरों की पहचान की जाएगी जो किसी साइबर अपराध या धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। कैसे काम करता है FRI सिस्टम? FRI एक डिजिटल निगरानी प्रणाली है जो रियल टाइम में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान करता है। जैसे ही कोई ऐसा नंबर बैंकिंग या UPI लेनदेन में शामिल होता है जो पहले से धोखाधड़ी में लिप्त हो सकता है, तो यह सिस्टम उस नंबर को तुरंत फ्लैग कर देता है। इसके बाद संबंधित बैंक या डिजिटल पेमेंट ऐप को अलर्ट भेज दिया जाता है ताकि उस नंबर से आगे किसी तरह का फ्रॉड न हो पाए। बैंक और UPI ऐप्स को मिलेगा सीधा फायदा इस नए सिस्टम का फायदा सिर्फ बैंकों तक सीमित नहीं है। Paytm, PhonePe, Google Pay और BHIM जैसे नॉन-बैंकिंग UPI ऐप्स को भी इससे मदद मिलेगी। ये ऐप्स अब उन मोबाइल नंबरों को पहले ही पहचान पाएंगे जो फ्रॉड में शामिल हो सकते हैं, जिससे लाखों यूजर्स सुरक्षित रहेंगे। FRI किन नंबरों को फ्लैग करेगा? FRI सिस्टम खासतौर पर उन मोबाइल नंबरों पर नजर रखेगा जिनमें निम्नलिखित गतिविधियां होंगी: जिन नंबरों का KYC पूरा नहीं हुआ है जो पहले से किसी धोखाधड़ी या फ्रॉड में इस्तेमाल हो चुके हैं जिन पर बार-बार नियमों का उल्लंघन हो रहा है जिन नंबरों से फर्जी कॉल या लिंक भेजे जा रहे हैं ऐसे नंबरों को पहचानकर या तो सतर्क किया जाएगा या जरूरत पड़ने पर ब्लॉक कर दिया जाएगा। FRI सिस्टम क्यों है जरूरी? पिछले कुछ वर्षों में UPI के जरिए फ्रॉड के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। कहीं किसी बुजुर्ग से OTP पूछकर पैसे उड़ा लिए जाते हैं, तो कहीं किसी फेक लिंक पर क्लिक कर यूजर्स का खाता खाली कर दिया जाता है। FRI जैसी प्रणाली की मदद से अब ऐसे मामलों में पहले से सतर्कता बरती जा सकेगी, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। यूजर्स के लिए जरूरी सलाह सरकार ने यह तो सुनिश्चित किया है कि सिस्टम लेवल पर सुरक्षा मजबूत की जाए, लेकिन आपकी सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। नीचे दिए गए सुझावों को अपनाकर आप भी सुरक्षित रह सकते हैं:     हमेशा अपने मोबाइल नंबर और UPI ऐप्स को वेरिफाई करें     अनजान नंबरों से आए कॉल या SMS पर यकीन न करें     किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें और जांचें     कोई भी संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत अपने बैंक या ऐप कस्टमर केयर से संपर्क करें     ऐप्स को हमेशा अपडेटेड वर्जन में रखें     फर्जी ऑफर्स और इनाम जैसी बातों से सावधान रहें DoT की यह पहल डिजिटल इंडिया को एक सुरक्षित इकोसिस्टम की ओर ले जा रही है। इससे जहां आम लोगों का भरोसा डिजिटल लेनदेन पर बढ़ेगा, वहीं धोखेबाजों की गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। अगर आप भी UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह जरूरी है कि आप खुद भी जागरूक और सतर्क रहें।  

पश्चिम रेलवे ने लिया फैसला, अब रेलवे चलाएगा सुपरफास्‍ट तेजस स्‍पेशल ट्रेन

नई दिल्ली भारतीय रेलवे मुंबई सेंट्रल-राजकोट और मुंबई सेंट्रल-गांधीधाम के बीच सुपरफास्ट तेजस स्‍पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए और खासतौर से गर्मी के मौसम में यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे ने ये फैसला लिया है. इसके अलावा, यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे ने स्‍पेशल किराए पर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए हैं. 1. ट्रेन सं. 09005/09006 मुंबई सेंट्रल – राजकोट तेजस सुपरफास्ट द्वि-साप्ताहिक विशेष [18 यात्राएं] ट्रेन नंबर 09005 मुंबई सेंट्रल-राजकोट स्पेशल हर बुधवार और शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से 23.20 बजे रवाना होगी और अगले दिन 11.45 बजे राजकोट पहुंचेगी. यह ट्रेन 30 मई से 27 जून, 2025 तक चलेगी. इसी तरह, ट्रेन नंबर 09006 राजकोट-मुंबई सेंट्रल स्पेशल हर गुरुवार और शनिवार को राजकोट से 18.30 बजे रवाना होगी और अगले दिन 07.30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 31 मई से 28 जून, 2025 तक चलेगी. 2. ट्रेन नं. 09017/09018 मुंबई सेंट्रल – गांधीधाम तेजस सुपरफास्ट साप्ताहिक स्पेशल [10 ट्रिप] ट्रेन संख्या 09017 मुंबई सेंट्रल-गांधीधाम स्पेशल हर सोमवार को मुंबई सेंट्रल से 23.20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 12.55 बजे गांधीधाम पहुंचेगी. यह ट्रेन 02 जून से 30 जून, 2025 तक चलेगी. इसी तरह, ट्रेन संख्या 09018 गांधीधाम-मुंबई सेंट्रल स्पेशल हर मंगलवार को गांधीधाम से 18.55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 07.30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 03 जून, 2025 से 01 जुलाई, 2025 तक चलेगी. कुछ ट्रेनों का विस्तार भी किया गया है 1. ट्रेन संख्या 09067 उधना-जयनगर अनारक्षित स्पेशल को 29 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 2. ट्रेन संख्या 09068 जयनगर-उधना अनारक्षित स्पेशल को 30 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 3. ट्रेन संख्या 09069 उधना-समस्तीपुर स्पेशल को 28 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 4. ट्रेन संख्या 09070 समस्तीपुर-उधना स्पेशल को 30 जून, 2025 तक बढ़ा दिया गया है. ट्रेन संख्या 09005, 09006, 09017 और 09018 के लिए बुकिंग 25.05.2025 से शुरू होगी और ट्रेन संख्या 09069 की विस्तारित यात्राओं के लिए बुकिंग 27.05.2025 को सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी.  

एक से नौ जून तक कैंसल रहेंगी 18 ट्रेनें, चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच एवं सात जून को कैंसल रहेगी

रायपुर एक जून से नौ जून तक तकरीबन 18 ट्रेनें रद रहेंगी। ट्रेन रद होने की वजह से हजारों यात्रियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ेगी। आए दिन रेल यात्रा में लोगों को राहत मिलने के बजाय ट्रेन रद होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले झलवारा स्टेशन में अधोसंरचना विकास के लिए नान-इंटरलाकिंग कार्य किया जाएगा। इसकी वजह से 18 ट्रेने रद रहेंगी और दो ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। इस कार्य के तहत कटनी ग्रेड सेपरेटर लाइन (कटनी-मुड़वारा से) और सिंगरौली दिशा की ओर टाइ-लाइन की कनेक्टिविटी को इरकोन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। कार्य की वजह से एक से नौ जून के बीच रेल परिचालन पर असर पड़ेगा।   ये ट्रेनें रहेंगी कैंसल 1. ट्रेन नंबर 18236 बिलासपुर- भोपाल एक्सप्रेस एक से सात जून तक रद्द रहेगी। 2. 18235 भोपाल – बिलासपुर एक्सप्रेस तीन से नौ जून तक रद्द रहेगी। 3. 11265 जबलपुर – अम्बिकापुर एक्सप्रेस दो से सात जून तक रद्द रहेगी। 4. 11266 अम्बिकापुर – जबलपुर एक्सप्रेस तीन से आठ जून तक रद्द रहेगी। 5. 11751 रीवा – चिरमिरी एक्सप्रेस : दो, चार एवं छः जून को रद रहेगी। 6. 11752 चिरमिरी – रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच एवं सात जून को रद रहेगी। 7. 12535 लखनऊ – रायपुर एक्सप्रेस दो एवं पांच जून को रद रहेगी। 8. 12536 रायपुर – लखनऊ एक्सप्रेस तीन एवं छः जून को रद रहेगी। 9. 22867 दुर्ग – निजामुद्दीन एक्सप्रेस तीन एवं छ जून को रद रहेगी। 10. 22868 निजामुद्दीन – दुर्ग एक्सप्रेस चार एवं सात जून को रद रहेगी। 11. 18213 दुर्ग – अजमेर एक्सप्रेस एक जून को रद रहेगी। 12. 18214 अजमेर – दुर्ग एक्सप्रेस दो जून को रद रहेगी। 13. 18205 दुर्ग – नवतनवा एक्सप्रेस पांच जून को रद रहेगी। 14. 18206 नवतनवा – दुर्ग एक्सप्रेस सात जून को रद रहेगी। 15. 51755 चिरमिरी – अनुपपुर पैसेंजर तीन, पांच और सात जून को रद रहेगी। 16. 51756 अनुपपुर – चिरमिरी पैसेंजर तीन, पांच और सात जून को रद रहेगी। 17. ट्रेन नंबर 61601 कटनी – चिरमिरी पैसेंजर दो और सात जून को रद रहेगी। 18. ट्रेन नंबर 61602 चिरमिरी – कटनी पैसेंजर तीन और आठ जून तक रद रहेगी। ये ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी     ट्रेन नंबर 15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस दो से छ जून तक परिवर्तित मार्ग बरौनी–कटनी–जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट–गोंदिया होते हुए चलेगी।     ट्रेन नंबर 15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस दो से छ जून तक परिवर्तित मार्ग गोंदिया–बालाघाट–नैनपुर–जबलपुर–कटनी–बरौनी होते हुए चलेगी।

मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा- चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना ‘विकसित भारत’ की ओर बड़ी छलांग

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने भारत की ताजा आर्थिक उपलब्धि की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ‘विकसित भारत की ओर एक तेज कदम, एक बड़ी छलांग’ लगाई है। जितेंद्र सिंह की यह टिप्पणी इस आधिकारिक पुष्टि के एक दिन बाद आई कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में भारत के एक पायदान ऊपर चढ़ने पर खुशी जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ऐसा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद।” उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, जिस दूरदर्शिता के साथ भारत पिछले 10-12 साल से विकास यात्रा पर निकला है, यह उसी का परिणाम है। मेरे हिसाब से इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ी बात यह रही कि पीएम मोदी ने देश के लोगों को पहली बार टेक्नोलॉजी के महत्व को लेकर जागरूक किया है। टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत ही क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। इससे पहले नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने शनिवार को कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आंकड़ों के आधार पर भारत अब चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है। नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पुष्टि की, “मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चार ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं, और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ डाटा है। आज भारत जापान से बड़ा है।” नॉमिनल जीडीपी के मामले में अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से आगे हैं। सुब्रह्मण्यम ने कहा, “केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही बड़े हैं, और अगर जो योजना बनाई जा रही है, जिस पर विचार किया जा रहा है, हम उस पर टिके रहते हैं, तो अगले ढाई-तीन साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।”

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