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आज शुक्रवार 20 जून 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज अगर आप दूसरों की बातों में आकर निवेश करेंगे तो आर्थिक नुकसान होने की संभावना नजर आ रही है। पारिवारिक परेशानी आपकी आज प्राथमिकता देनी चाहिए। सिंगल जातकों के लिए आज शादी-विवाह के लिए प्रपोजल आ सकते हैं। आपका आत्मविश्वास अधिक रहेगा। वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के आपके प्रयास रंग लाएंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को व्यापारिक सफलता मिल सकती है। आज आपको अपनी संतान के कारण आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। आज आपका लवर आपके सामने अपनी फीलिंग्स खुलकर शेयर नहीं कर पाएगा, जिससे आप परेशान हो सकते हैं। वर्कप्लेस पर मुश्किल समय सहयोगियों की समय पर मदद से बीत जाएगा। जीवनसाथी के साथ आपकी बहस हो सकती है, लेकिन रात तक सब बीत जाएगा। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए बहुत ज्यादा एनर्जी वाला दिन नहीं है और आप छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाएंगे। आज आपको धन के मामले में सफलता मिल सकती है। कोई दोस्त अपनी निजी परेशानियों को सुलझाने के लिए आपसे सलाह ले सकता है। आज आप खाली समय में अकेले वक्त बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ तनाव पैदा हो सकता है। व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। कर्क राशि- आज आपकी सेहत आपको परेशान कर सकती है। आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह के निवेश से बचें, वरना आर्थिक परेशानी हो सकती है। घर के किसी बड़े-बुजुर्ग की सलाह धन की स्थिति में सुधार लाने वाली सिद्ध हो सकती है। जीवनसाथी आपके कमिटमेंट की तारीफ करेगा। अपनों का साथ मिलेगा। सिंह राशि- आपका गुस्सैल स्वभाव आपको किसी और परेशानी में डाल सकता है। जीवन में कठिन समय के दौरान पैसा आपको बचाए रखने में मदद करेगा। इसलिए आज से ही अपने पैसे को निवेश और बचाने पर विचार करें, नहीं तो परेशानी हो सकती है। अपनी संतान के लिए प्लानिंग बनाने का बेहतरीन दिन है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यस्थल पर दक्षता में सुधार के लिए अपने कौशल स्तर में सुधार करने की कोशिश करें। कन्या राशि- आज आपकी सेहत में सुधार होगा। अगर आप थोड़ा अतिरिक्त पैसा कमाने के तरीके खोज रहे हैं तो सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में निवेश करें। घरेलू मामलों और लंबित घरेलू कामों को निपटाने के लिए अनुकूल दिन है। कार्यस्थल पर आज कोई आपके साथ कुछ अच्छा व्यवहार कर सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ वाकई एक बेहतरीन शाम गुजार सकते हैं। तुला राशि- आज आप कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। व्यापार में विस्तार मिल सकता है। आपका जिद्दी स्वभाव आपके माता-पिता की शांति खराब कर सकता है। रोमांटक लाइफ अच्छी रहेगी।आज खाली समय में आप ऐसे काम करेंगे जिनकी आप प्लानिंग बनाते थे और उन्हें करने के बारे में सोचते थे लेकिन नहीं कर पा रहे थे। आप अपने जीवनसाथी के साथ आज एक बार फिर पुराने खूबसूरत रोमांटिक दिनों को याद करेंगे। वृश्चिक राशि- आज आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होने की संभावना है। अगर आपने किसी व्यक्ति को पैसा उधार दिया था तो आज वह पैसा आपको वापस मिलने की उम्मीद है। अपनी ओर से कुछ किए बिना दूसरों का ध्यान आकर्षित करने का यह उत्तम दिन है। प्यार के आनंद का अनुभव करने वाला कोई मिल सकता है। कार्यस्थल पर प्रोफेशनल रवैया आपको तारीफ दिलाएगा। धनु राशि- आज का दिन आपके लिए बेहतरीन रहने वाला है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। अगर आप आर्थिक मामले में फंसे थे तो आज कोर्ट आपके पक्ष में फैसला सुनाएगा। आपको आर्थिक लाभ होगा। वैवाहिक जीवन में मुश्किल दौर के बाद आज आपको खुशी मिलेगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव रहने वाला है। मकर राशि- आज आपको किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार निश्चित हो सकती है। यह खुद को जाहिर करने और क्रिएटिव नेचर के प्रोजेक्ट पर काम करने का भी अच्छा समय है। आज आप किसी ऑफिस सहकर्मी के साथ शाम बिता सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपका साथ देगा। व्यापारिक सफलता मिलेगी। कुंभ राशि- आज दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करने से आप फिट रहेंगे। आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। व्यापारिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। परिवार के सदस्यों का हंसमुख स्वभाव घर के माहौल को खुशनुमा बना देगा। अपने लव लाइफ में कड़वी छोटी-छोटी बातों को भूल जाएं। आपके नियमित वैवाहिक जीवन के लिए दिन खास है, आज आप सचमुच कुछ बेहतर अनुभव करेंगे। मीन राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आपको आर्थिक लाभ होने की संभावना है। घर में कुछ बदलाव आपको ज्यादा भावुक बना सकते हैं लेकिन आप अपनी फीलिंग्स पर काबू रखें। आज आप जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। व्यापार में स्थिति अच्छी होगी।

जानें पूजा-पाठ में क्यों इस्तेमाल किया जाता हैं नारियल और सुपारी

पूजा-पाठ, हवन या किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में आपने देखा होगा कि नारियल और सुपारी का उपयोग किया जाता है। जब भी हम गृह प्रवेश करते हैं या फिर नया वाहन लाते हैं तो पूजा के समय नारियल फोड़ा जाता है। इसे शुभ माना जाता है। नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। नारियल का जहां औषधीय गुण होता है, वहीं पूजा के दौरान यह प्रतीक स्वरूप इस्तेमाल किया जाता है। हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार, कोई भी पूजा तब तक सफल नहीं मानी जाती है, जब तक की गणेश जी की पूजा न हो। पंडित जी पूजा के समय सुपारी को गणेश जी के प्रतीक स्वरूप और नारियल को माता लक्ष्मी के प्रतीक स्वरूप पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पूजा में नारियल और सुपारी रखने से सभी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि किसी सुपारी की पूजा करके उसे हमेशा अपने पास रखते हैं तो उसका प्रभाव चमत्कारिक होता है। ऐसा करने से कभी रुपये-पैसे की तंगी नहीं रहती है। ज्योतिषीय उपायों में भी सुपारी के चमत्कारी गुण बताए गए हैं। यदि आप सुपारी को जनेऊ में लपेटकर पूजा करते हैं और उसे घर की तिजोरी में रखते हैं तो सुख-समृद्धि आती है। घर में साक्षात् लक्ष्मी माता का वास होता है। जनेऊ में लिपटी सुपारी गौरी गणेश का प्रतिरूप हो जाती है। ऐसे ही नारियल हमारी सफलता के मार्ग खोल सकता है। लाख कोशिशों के बाद भी यदि आप किसी काम में सफल नहीं हो पा रहे हैं तो पूजा में इस्तेमाल होने वाले एक नारियल को लाल कपड़े में लपेट दें। अपनी मनोकामना को व्यक्त करते हुए उसे बहते हुए जल में प्रवाहित करे दें। इसके पश्चात आपके उस कार्य के सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।  

19 जून 2025 गुरुवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। अपनों का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। करियर में उन्नति के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। भविष्य के लिए अपने धन की योजना बना सकते हैं। बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। यात्रा लाभकारी रहेगी। वृषभ राशि– आज आपके सितारे आपके पक्ष में दिख रहे हैं। आपके माता-पिता का सहयोग मिलने से वित्तीय परेशानियां खत्म हो सकती है। व्यक्तिगत मामलों को सुलझाने के लिए धैर्य से काम लें। रोमांस के लिए आज का दिन अच्छा है लेकिन किसी को प्रपोज करना चाहते हैं तो एक-दो दिन रुकें। आज आप घर के छोटे सदस्यों के साथ बातचीत करके अपने खाली समय का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। आज आपको आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। किसी का कर्ज लिया है, तो उससे छुटकारा मिल सकता है। घर पर मेहमानों का आगमन हो सकता है। ऐसे में यह आपकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। जो लोग अभी भी बेरोजगार हैं उन्हें अच्छी नौकरी पाने के लिए आज ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। कड़ी मेहनत से ही आपको मनचाहा परिणाम मिलेगा। कर्क राशि- अगर आज आप लंबी दूरी की यात्रा करने वाले हैं, तो सतर्क रहें। धन की स्थिति में सुधार होगा। परिवार में किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। आज आपका दिन रोमांस के लिहाज से अच्छा रहने वाला है। कारोबारियों को लॉन्ग टर्म में लाभ होने के संकेत हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहने वाला है। सिंह राशि- आज आपको जीवनसाथी के साथ अनबन से बचना चाहिए। धन की स्थिति में सुधार होगा। अपनों का साथ मिलेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। मित्र के सहयोग से कारोबार में विस्तार हो सकता है। मन में उतार-चढ़ाव हो सकता है। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। कन्या राशि– आज कन्या राशि वालों का आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा लेकिन अति उत्साही होने से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। आज आपको धन की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कार्यस्थल पर आपके सामने नई समस्याएं सामने आएंगी-खासकर अगर आप चीजों को कूटनीतिक तरीके से नहीं संभालेंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, लेकिन मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परिवार के सहयोग से किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है। परिवार में कोई उत्सव हो सकता है। व्यापारिक वृद्धि के संकेत हैं। वृश्चिक राशि– मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे।आज का दिन आपके साथी के रोमांटिक पक्ष की चरम सीमा को दिखाएगा। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- धनु राशि वालों की पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। धन की प्राप्ति होगी। आज धन का आगमन आपको कई आर्थिक परेशानियों से मुक्ति दिला सकता है। अपने व्यक्तिगत मामलों को किसी के साथ शेयर न करें। आज जीवनसाथी आपको सरप्राइज दे सकता है। आज किया गया निवेश फायदेमंद रहेगा लेकिन साझेदारों से आपको कुछ विरोध का सामना करना पड़ सकता है। मकर राशि- आज मकर राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संतुलित रहें। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। माता-पिता से धन मिल सकता है। दोस्तों के साथ शाम मौज-मस्ती के साथ-साथ वेकेशन की प्लानिंग बनाने के लिए भी अच्छी रहेगी। अपने साथी पर किसी भी चीज के लिए दबाव नहीं डालें। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों की आज वाणी में मधुरता रहेगी, लेकिन मन परेशान भी हो सकता है। माता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर किसी कारणवश कोई कार्य लंबित रहने से शाम को आपको अपना बहुमूल्य समय देना पड़ेगा। ऐसा लगता है कि आज आप अपने जीवनसाथी के साथ बहुत सारा पैसा खर्च करने वाले हैं, लेकिन बहुत बढ़िया समय बीतेगा। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। मीन राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि देंगे। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ेंगे। आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर फाइनेंस पर चर्चा कर सकते हैं और अपने भविष्य के लिए अपने धन की योजना बना सकते हैं। आज कार्यस्थल पर आपका समय अच्छा समय बीतेगा।

योगिनी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्व दिया जाता है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है,साथ ही इस दिन घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे उसके लिए भी उपाय किए जाते हैं. योगिनी एकादशी का व्रत करने से समस्त पापों का नाश होता है और श्री हरि भगवान की कृपा भी बनी रहती है. साल 2025 में योगिनी एकादशी का व्रत 21 जून, 2025 शनिवार के दिन रखा जाएगा. इस दिन दान पुण्य करना विशेष महत्व है. इस दिन दान करना बहुत लाभकारी माना गया है. जानते हैं इस दिन किन उपाय और दान को करने से मां लक्ष्मी और विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है. कपड़ों का दान योगिनी एकादशी के दिन आप कपड़ों का दान कर सकते हैं. इस दिन कोशिश करें और नए कपड़े जरूरतमंदों को दान में दें अन्यथा किसी ब्रह्मण को दान दें. कोशिश करें इस दिन पीले रंग के वस्त्र ही दान में दें. विष्णु भगवान का प्रिय रंग पीला है, इसीलिए इस दिन इस रंग के वस्त्र दान में देने से उनकी कृपा बनी रहती है और घर-परिवार में खुशहाली आती है. जल का दान योगिनी एकादशी का व्रत हर साल जून या जुलाई के महीने में पड़ता है. इस दौरान गर्मी बहुत अधिक होती है. कोशिश करें इस दौरान लोगों को जल पिलाएं, पियाऊ लगवाएं, लोगों को भरा घड़ा दान में दें, अन्यथा घर आए किसी भी व्यक्ति को पानी जरूर पूछें, ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है. प्यासे को पानी पिलाना बहुत शुभ माना गया है. ऐसा करने से श्री हरि नारायण की कृपा बनी रहती है. अन्न का दान योगिनी एकादशी के दिन अन्न के दान विशेष महत्व है. इस दिन गेंहू, चावल, दाल, फल का दान करें. कोशिश करें दान उन लोगों को करें जिनको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत या आवश्यकता होती है. ऐसा करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं और आपके घर में अन्न की कभी कमी नहीं होने देते. तुलसी पूजा योगिनी एकादशी के दिन तुलसी माता की पूजा भी जरूर करें. ऐसा करने से विष्णु जी के साथ-साथ लक्ष्मी माता का भी आशीर्वाद मिलता हैय. इस दिन तुलसी के पौधे पर दीपक जरूर जलाएं और जल दें.

बुधवार 18 जून 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। रोमांटिक लाइफ में खुशियां आएंगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। ऑफिस के चैलेंजिंग टास्क को हैंडल करने के लिए सीनियर्स की हेल्प लेने में संकोच न करें। दोस्ती की मदद से धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे। अपने डाइट में प्रोटीन, न्यूट्रीशन और विटामिन्स से भरपूर फूड शामिल करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। करियर-व्यापार में सफलता हासिल करने के लिए किए गए प्रयास लाभकारी साबित होंगे। फैमिली और फ्रेंड्स के सपोर्ट से धन कमाने के नए अवसर मिलेंगे। कुछ जातकों को करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। आज प्रॉपर्टी के जरूरी डॉक्यूमेंट्स संभालकर रखें। आर्थिक मामलों में रिस्क न लें। अपने खर्च करने की आदतों पर नजर रखें। सिंगल जातकों की आज किसी खास व्यक्ति में दिलचस्पी बढ़ेगी। लव लाइफ के रोमांटिक पलों को यादगार बनाने की कोशिश करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में साथी का सपोर्ट करें। इससे हर क्षेत्र में कामयाबी मिलेगी। मिथुन राशि- आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान दें। खर्च करने की आदतों पर नजर रखें। करियर की चुनौतियों से निपटने के लिए सीनियर्स की हेल्प मागने में संकोच न करें। आज सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। अपने करियर गोल्स को लेकर मोटिवेटेड नजर आएंगे। रिलेशनशिप में भावनाओं का उतार-चढ़ाव संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। साथी से पास्ट इश्यूज को ज्यादा डिस्कस न करें और साथ मिलकर रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। साथ ही अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी डाइट लें। खूब पानी पीएं और बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। कर्क राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। आय में वृद्धि के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। दोस्तों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आज नया घर या वाहन की खरीदारी का उत्तम दिन है। अपने सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। इससे रिश्तों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। हर क्षेत्र में भाग्य साथ देगा। सफलता आपके कदम चूमेगी। सिंह राशि- आज आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। कड़ी मेहनत और लगन के साथ किए गए कार्य बेहतरीन परिणाम देंगे। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। बिजनेस के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे। आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने का भी उत्तम दिन है। परिजनों के साथ किसी फैमिली फंक्शन में शामिल होंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। सिंगल जातकों की लाइफ में किसी दिलचस्प व्यक्ति की एंट्री होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज निवेश के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। इससे करियर ग्रोथ के चांसेस बढ़ेंगे। कुछ जातक सोच-समझकर प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कर सकते हैं। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। सिंगल जातकों को आज किसी खास व्यक्ति के प्रति प्यार का एहसास हो सकता है। शाम तक पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर या लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते हैं। इससे लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। तुला राशि- आज पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे। प्रोफेशनल लाइप में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यों में देरी आएगी। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। किसी पार्टी या फैमिली फंक्शन का इनविटेशन आ सकता है। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी डाइट लें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। पार्टनर को सरप्राइज देने का प्लान बना सकते हैं। इससे प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। वृश्चिक राशि- आज आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। धन का आवक बढ़ेगा। आय के नवीन स्त्रोतों से धन लाभ होगा। प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। लेकिन आज नए कार्य की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें।इससे करियर ग्रोथ के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। काम के सिलसिले में लंबी यात्रा के योग बनेंगे। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। वाहन के रखरखाव के लिए भी धन खर्च करना पड़ सकता है। नई स्किल सीखें। आज इनोवेटिव आइडियाज और क्रिएटिविटी के साथ किए गए कार्य उम्मीद से भी बेहतर रिजल्ट देंगे। रोमांटिक लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगा। धनु राशि– धनु राशि वाले आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें। फैमिली और बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करें। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। आज आपका समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। साथी के इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें। इससे रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होगा। लव लाइफ के सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। मकर राशि- आज मकर राशि वालों का भाग्य साथ देगा। नौकरी-कारोबार में अपार सफलता मिलेगी। प्रोफेशनल लाइफ में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की नई जिम्मेदारी मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। लव लाइफ की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। जल्दबाजी में कोई डिसीजन न लें। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नया फ्लैट या घर खरीदने का प्लान बना सकते हैं। लव लाइफ में कई रोमांचक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। निवेश के कई अच्छे ऑप्शन मिलेंगे। धन-दौलत में वृद्धि होगी। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस अच्छी रहेगी। जो लोग फैमिली से अलग रहते हैं, आज उन्हें पैरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक गृह-प्रवेश का प्लान बना सकते हैं। परिजनों के साथ किसी इवेंट में शामिल हों। रोमांटिक लाइफ में खुशियां आएंगी। … Read more

साल रक्षाबंधन कब है, कितनी देर रहेगा भद्रा का अशुभ साया? जान लें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

सावन महीने की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है. रक्षाबंधन पर्व का इंतजार भाई-बहनों को बेसब्री से रहता है. इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुखी-समृद्ध जीवन की कामना करती हैं. राखी को रक्षासूत्र भी कहा जाता है. धर्म-शास्‍त्रों में कहा गया है कि राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में बांधनी चाहिए. कम से कम भद्रा काल में तो राखी बांधना वर्जित बताया गया है. ऐसा करने से भाई-बहन दोनों के जीवन पर संकट आ सकता है. जानिए इस साल रक्षाबंधन कब है, इस दिन भद्राकाल कब रहेगा और राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्‍या होगा?  रक्षाबंधन 2025 की तारीख  हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के आधार पर रक्षाबंधन 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा.  रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल  हिंदू धर्म में भद्रा काल को अशुभ समय माना गया है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. भद्रा काल में राखी बांधना रक्षाबंधन मनाना वर्जित है. साल 2025 में रक्षाबंधन को लेकर बात करें तो इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया ना के बराबर रहेगा. इस कारण पूरे दिन भाई-बहन रक्षाबंधन पर्व मना सकेंगे. दरअसल, 9 अगस्‍त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, जिससे पूरे दिन रक्षाबंधन पर्व मनाने में कोई समस्‍या नहीं होगी.  राखी बांधने का शुभ मुहूर्त  इस साल रक्षाबंधन पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे यह दिन और भी खास हो गया है. 9 अगस्‍त को रक्षाबंधन के दिन सौभाग्य योग, शोभन योग, और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं. इन शुभ योगों में रक्षाबंधन मनाना भाई और बहन दोनों के लिए सुख-समृद्धिदायक रहेगा. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक है.  

17 जून 2025 मंगलवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। यात्रा के योग बनेंगे। फिजिकली फीट रहेंगे और मन सकारात्मक रहेगा। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। लव लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। वृषभ राशि- आज जल्दबाजी में लिए गए एक्शन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धन का प्रबंधन करना सीखें क्योंकि धन-दौलत में वृद्धि के योग हैं। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। अपने डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- धन बचत करें। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। विचारों में अलगाव होने के कारण आपको नेगेटिव फील हो सकता है। नियमित एक्सरसाइज करें। इससे आप फिजिकली और मेंटली फिट रहेंगे। अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। नई स्किल सीखें। लंबे समय से रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स लव लाइफ को बेहतर बनाने का प्लान बना सकते हैं। कर्क राशि- कर्ज से मुक्ति मिलेगी। जॉब इंटरव्यू के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। अपने फिटनेस गोल्स पर फोकस करें। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी। यात्रा के दौरान पुराने दोस्त से मुलाकात संभव है। प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी विवाद हो सकते हैं। सिंह राशि- आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। यात्रा करने से बचें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होंगी। प्रेमी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कन्या राशि- आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी। ओवरथिंकिंग से बचें। सकारात्मक रहें। आत्मसंयत रहें और शैक्षिक कार्यों पर फोकस करें। लव लाइफ अच्छी रहेगी। तुला राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी से फैसले लें। बेकार के खर्चों से बचें। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों से ज्यादा परेशान न हों। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। लव लाइफ में सरप्राइज मिल सकते हैं। वृश्चिक राशि- आय के अतिरिक्त स्त्रोतों की तलाश करें। वाद-विवाद से बचें। बिजनेसमेन को व्यापार में मुनाफा होगा। बिजनेस पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप फिट और एक्टिव महसूस करेंगे। शैक्षिक कार्यों में खूब मेहनत करें। इससे आपको सफलता जरूर मिलेगी। सिंगल जातकों की आज किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए उत्तम दिन है। व्यापार में मुनाफा होगा। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। सेल्फकेयर पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को समझदारी से सुलझाएं। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। मकर राशि– आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। डाइट में थोड़े बदला लाएं। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। कुंभ राशि- लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। मीन राशि- निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। स्टॉक्स, शेयर्स और प्रॉपर्टी इनवेस्ट के बारे में पहले अच्छे से रिसर्च करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करें। अपने फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें। इससे आपके ओवर ऑल हेल्थ में सुधार आएगा। व्यापार में विस्तार होगा। लव लाइफ में साथी की प्राथमिकताएं दूसरी होने के कारण आपको दूरियां महसूस हो सकती हैं।

अगले 5 दिन इन बातों की रखें सावधानी, शुरू हुआ राज पंचक

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह नक्षत्र का बहुत महत्व बताया गया है. नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है. पंचक का अर्थ है पांच, यह चंद्रमा की स्थिति पर आधारित एक खगोलीय घटना है. जब चंद्रमा पांच नक्षत्रों से होकर गुजरता है, तो उसे पंचक कहा जाता है. पंचक के दौरान चन्द्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हैं, उस समय को पंचक कहते हैं. ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नहीं माना जाता है. इसीलिए पंचक को अशुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है. पंचक पांच नक्षत्रों के संयोग से बनता है. इन पांच नक्षत्रों में घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती हैं. पंचक हर माह में पांच दिन के लिए पड़ता है. जानते हैं इस माह जून में पंचक कब से लगने वाले हैं. जून 2025 में पंचक कब?     16 जून 2025, सोमवार को पंचक की शुरूआत होगी दोपहर 1.10 मिनट से पंचक लगेंगे.     20 जून 2025 को पंचक समाप्त होंगे शुक्रवार को रात 9.45 पर यह समाप्त होंगे. क्या होता है राज पंचक? जून माह में पंचक की शुरूआत सोमवार के दिन हो रही है, इसीलिए इसे राज पंचक कहते हैं. ज्योतिष में राज पंचक को शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन पांच दिनों में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है. राज पंचक में सरकारी और संपत्ति से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है, इसीलिए राज पंचक के दौरान आप इन कार्यों से जुड़ सकते हैं और शुरूआत कर सकते हैं. अन्यथा पंचक के दौरान शुभ कार्य करने वर्जित होते हैं. इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण नहीं किए जाते हैं. पंचक में दक्षिण की ओर यात्रा करना, पंचक में शव जलाना, पंचक के दौरान मकान बनवाना या छत डलवाने को शुभ नहीं माना जाता है. पंचक के दौरान मृत्यु होने पर क्या करें? पंचक में मृत्यु को अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि पंचक के दौरान अगर किसी घर में मृत्यु होती है तो परिवार को संकटों का सामना करना पड़ सकता है. इसीलिए पंचक के दौरान परिवार वालों को उपाय करने की सलाह की जाती है. परिवार में किसी की भी मृत्यु होने पर शव के साथ पांच पुतले बनाकर दाह संस्कार किया जाता है.

16 जून 2025 सोमवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि– आज ऑफिस में सीनियर्स का दबाव मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। कोई भी रकम उधार लेने से बचें। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। लिखने-पढ़ने के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि- आज आपको सभी परेशानियों का हल मिल सकता है। शादीशुदा जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आर्थिक रूप से सतर्क रहें, किसी भी लेनदेन को करने से पहले अच्छे से विचार करें। दबाव में आकर कोई फैसला न लें। मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी। आज आपको किसी खास व्यक्ति से सरप्राइज मिल सकता है। मिथुन राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी तरह के उधार से बचें। अप्रत्याशित जिम्मेदारियां आपके दिन की योजना को बाधित कर सकती हैं। यात्रा से अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ यह आपके जीवन का सबसे रोमांटिक दिन होने वाला है। व्यावसायिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। कर्क राशि- आज आपको अपने मन पर काबू रखना चाहिए। व्यापारिक स्थिति अच्छी होगी। रोमांटिक जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव हो सकता है। आज किसी व्यक्ति से आकस्मिक धन लाभ हो सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आपके परिवार के साथ सामाजिक गतिविधि सभी को आरामदायक और सुखद मूड में रखेगी। सिंह राशि- आज सेहत के नजरिए से दिन अच्छा रहने वाला है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज आपको व्यापार में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिल सकता है। आज आप अपने कारोबार को नई ऊंचाइयां दे सकते हैं। घरेलू जीवन मनमोहक रहेगा। पार्टनर की अनुपस्थिति में भी उसकी उपस्थिति महसूस होने की संभावना है। कन्या राशि- आज आपकी एनर्जी व आत्मविश्वास का पूरा साथ मिलेगा। कार्यों की विघ्न-बाधा समाप्त होगी। अपने लिए पैसे बचाने का आपका विचार आज पूरा हो सकता है। आप अपना खाली समय किसी पार्क या शांत जगह पर बिताना पसंद करेंगे। आज आप अपने जीवन का सबसे अच्छा समय अपने जीवनसाथी के साथ बिताएंगे। तुला राशि- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए निवेश से बचें। आवेग में आकर किसी भी तरह की खरीदारी न करें। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। विद्यार्थियों को आज अपना काम कल पर टालने से बचना चाहिए और खाली समय में अपना काम पूरा करना चाहिए। रोमांटिक जीवन अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि- परिवार की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। कपल एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आर्थिक रूप से उन्नति मिलने के संकेत हैं। व्यावसायिक रूप से स्थिति अच्छी होगी। आज आपको यह बात समझ में आ जाएगी कि निवेश करना अक्सर आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। आज किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना बहुत प्रबल रहेगी जो आपके दिल को पसंद आएगा। धनु राशि- आज आपको सिरदर्द व नेत्रपीड़ा हो सकती है, इसलिए सतर्क रहें। अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो अपने कीमती सामान का खास ख्याल रखें। धैर्य रखने की जरूरत है। आज आपको पता चलेगा कि आपके पार्टनर का प्यार आपके लिए सचमुच कितना आत्मीय है। आपको किसी देनदार से उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे आपकी कुछ आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। मकर राशि- आज का दिन आपके लिए आर्थिक रूप से अच्छा रहने वाला है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। घर के रेनोवेशन में धन खर्च हो सकता है। आपकी लव लाइफ एक नया मोड़ ले सकती है। व्यावसायिक उद्देश्य से की गई यात्रा लम्बे समय तक फायदेमंद साबित होगी। वैवाहिक जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। कुंभ राशि- आज आप एनर्जी से भरे रहेंगे। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि पहले दिया गया कोई पैसा तुरंत वापस आ जाएगा। आज दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें, कार्यस्थल पर ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार होने की संभावना है। आपका जीवनसाथी आपके साथ खराब वैवाहिक जीवन को लेकर नाराज हो सकता है। मीन राशि- आज आपको नई चीजों को सीखने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण कुछ महत्वपूर्ण कार्य रुक जायेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आज आपके रोमांटिक रिश्ते में खटास आएगी। आप अपना खाली समय किसी बेकार काम में बर्बाद कर सकते हैं। आपका जीवनसाथी आज आपकी सेहत को लेकर चिंतित हो सकता है।

सिद्ध शक्तिपीठ है कामाख्या मंदिर, हर तंत्र, हर कामना पूरी होती है यहां

कामाख्या देवी मंदिर में ना तो कोई प्रतिमा दिखेगी और ना ही कोई तस्वीर यहां बस पत्थरों में योनी आकार का भाग है। यह मंदिर अपने आप में एक बेहद ही रहस्यमयी मंदिर है। कामाख्या देवी तांत्रिको के लिए सबसे महत्वपूर्ण देवी है। इसलिए यहां तांत्रिक अपनी सिद्धियां प्राप्त करने आते है। भारत देश रहस्यों से भरा पड़ा है। देश में ऐसे कई रहस्यमयी मंदिर है जिनके आगे विज्ञान तक फेल हो गया है। आज हम आपको भारत के 10 प्रमुख रहस्यमयी मंदिरों में से एक एवं 51 शक्तिपीठों में प्रमुख कामाख्या देवी मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहें है। असम राज्य की राजधारी दिसपुर के समीप गुवाहाटी से 8 किलोटिर दूर कामाख्या देवी का मंदिर है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख मंदिर है। जहां सती देवी का योनि भाग गिरा था। आज भी यहां देवी के मासिक धर्म के कारण 3 दिन तक पानी लाल पड़ जाता है। यहां पर सैकड़ों तांत्रिक अपने एकांतवास से बाहर आते है और अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करते है। मंदिर से काफी रहस्य जुड़े हुए है। यहा हर वर्ष अपनी मनोकामना लेकर लाखों की तादात में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते है। काले जादू एवं श्राप से मुक्ति भी यही पर मिलती है। यहां गिरा था देवी का योनि भाग, आज भी बहती है जल की धार बताया जाता है कि भगवान शिव से क्रोधित होकर सती ने विनाशकारी तांडव नृत्य धारण किया था। सती ने धरती को नष्ट करने की चेतावनी दी थी। क्रोध में आकर भगवान विष्णु ने सती के 51 टुकड़े कर दिए थे। जो पृथ्वी के अलग-अलग भागों में जाकर गिरे। इन्हीं में से सती का योनि भाग यहां गिरा था। यहां पर मंदिर में चट्टान के बीच बनी आकृति देवी की योनि को दर्शाता है। जिसके पास में एक झरना मौजूद है। योनि भाग से जल धार हल्की बहती रहती है। श्रद्धालुओं की मानें तो इस जल का पान करने से हर प्रकार के रोग एवं बीमारी दूर होती है।   लगता है अम्बुबाची का मेला, देवी के मासिक धर्म के कारण लाल पड़ जाता है कपड़ा कामाख्या देवी मंदिर पर हर वर्ष अम्बुबाची मेला लगता है। इस दौरान यहां का पानी लाल पड़ जाता है। पानी का लाल होना कामाख्या देवी के मासिक धर्म के कारण होना बताया जाता है। इसलिए तीन दिन तक मंदिर के पट (द्वार) बंद कर दिए जाते है। इन तीन दिनों के बाद द्वार खोल जाते है तो यहां लाखों की तादात में भक्त दर्शन करने पहुंचते है। देवी के मासिक धर्म से गिले हुए वस्त्रों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इस गिले कपड़े को अम्बुबाची कहते है। इसलिए मेले का नाम भी अम्बुबाची दिया गया है। तांत्रिकों के लिए महत्वपूर्ण है कामाख्या देवी, पशु की बली देकर करते है प्रसन्न कामाख्या देवी मंदिर में ना तो कोई प्रतिमा दिखेगी और ना ही कोई तस्वीर यहां बस पत्थरों में योनि आकार का भाग है। यह मंदिर अपने आप में एक बेहद ही रहस्यमयी मंदिर है। कामाख्या देवी तांत्रिको के लिए सबसे महत्वपुर्ण देवी है। इसलिए यहां तांत्रिक अपनी सिद्धियां प्राप्त करने आते है। तांत्रिकों के लिए काली और त्रिपुर सुंदरी देवी के बाद कामाख्या सबसे महत्वपूर्ण देवी है जो तांत्रिको को सिद्धियां प्रदान करने में सहायक है। जब व्यक्ति पूरी तरह तांत्रिक नहीं बनता जब तक वो कामाख्या के सामने मत्था नहीं टेकता है। नहीं तो देवी नाराज हो जाती है। यहां का तांत्रिक मेला अपने आप में रहस्यमीय है। इसलिए कामाख्या देवी मंदिर को सबसे शक्तिशाली मंदिर माना गया है। यहां पर बकरे या भैंसे की बलि देकर भंडारा करने से कामाख्या देवी प्रसन्न होती है। इतना ही नहीं अगर किसी पर काला जादू या श्राप का साया है तो उसे यहीं से छुटकारा मिलता है।  

15 जून 2025 रविवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज आपको प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। हर कार्य के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। आज भावनाओं का उतार-चढ़ाव संभव है। थोड़ी इमोशनल डिस्टर्बेंस रहेगी, लेकिन भावुक होकर कोई निर्णय न लें। हालांकि, साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। अपने सेहत पर ध्यान दें। जंक फूड अवॉइड करें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। वृषभ राशि- आज आपका लंबे समय से रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। नौकरीपेशा वालों का प्रमोशन होगा या ऑफिस में महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। आय के नवीन स्त्रोतों से धन लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। रोमांटिक लाइफ बहुत अच्छी रहेगी। मिथुन राशि– आज का दिन शानदार रहेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में नए लोगों से पहचान होगी। करियर में उन्नति के नए मौके मिलेंगे। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। फिट और हेल्दी रहेंगे। कर्क राशि- आज कोई फैसला बहुत सोच-समझकर लें। आज आपको प्रोफेशनल लाइफ में सभी कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। करियर की बाधाएं दूर होंगी। फैमिली के साथ धार्मिक स्थल पर यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। साथी के इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें। साथ ही पार्टनर से अपनी भी फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें। सिंह राशि- आज का दिन जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आएगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ बढ़िया रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। जीवन में नए सकारात्मक बदलाव होंगे। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में उन्नति के कई सुनहरे मौके मिलेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। कन्या राशि– आज आपकी प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की प्रशंसा होगी। ऑफिस में कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। कुछ जातकों को कर्ज से मुक्ति मिलेगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी। इंकम में इजाफा होगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। लव लाइफ के रोमांटिक पलों को एंजॉय करेंगे। तुला राशि– आज आपके जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। व्यापार में मुनाफा होगा। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए सुनहरे मौके मिलेंगे। घर-परिवार में आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हर कार्य में अपार सफलता मिलेगी। आज सिंगल जातकों के लिए क्रश को प्रपोज करने का परफेक्ट दिन रहेगा। आपको प्रपोजल का पॉजिटिव फीडबैक भी मिलेगा। वृश्चिक राशि- आज का दिन बेहद शुभ साबित होगा। आपको लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मोटिवेटेड नजर आएंगे। आज का दिन प्रॉपर्टी की खरीदारी के लिए उत्तम रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में सबकुछ अच्छा रहेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर में खुशनुमा माहौल रहेगा। समाज में सराहे जाएंगे। शाम को पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर का प्लान बना सकते हैं या लॉन्ग ड्राइव पर जा सकते हैं। इससे लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। धनु राशि– आज आपको शैक्षिक कार्यों में उन्नति के कई मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। बिजनेसमेन को नए लोकेशन पर बिजनेस स्टार्ट करने के लिए फंड मिल सकता है। घर में धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। जिससे जीवन में खुशियां आएंगे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। परिवार के किसी सदस्य का विवाह तय हो सकता है। मकर राशि- आज आपको शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां .हासिल होगी। करियर में उन्नति के कई मौके मिलेंगे। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। कुंभ राशि– आज आपकी सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आपको किसी खास व्यक्ति से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। शाम को पुराने दोस्तों के साथ पार्टी एंजॉय कर सकते हैं। अपने डाइट पर ध्यान दें। आज आप नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के कई सुनहरे मौके मिलेंगे। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। मीन राशि- आज आपको धन कमाने के नए मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जो लोग नई जॉब की तलाश कर रहे हैं, उन्हें अच्छे पैकेज के साथ नई नौकरी मिलेगी। फैमिली इश्यूज को भी सुलझाने का परफेक्ट दिन है। आज आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आपकी ओवर ऑल हेल्थ इंप्रूव होगी।

हनुमान जी की अनोखी जुगत से चैन से सोते है भगवान जगन्नाथ, जाने कैसे

हमारा देश विविधताओं का देश है. धर्म और आस्था इसकी धुरी हैं. भक्तों की ऐसी ही आस्था का केंद्र है पुरी का जगन्नाथ मंदिर, जिसमें ना जाने कितने सुलझे अनसुलझे किस्से जुड़े हुए हैं. इसके पीछे की पौराणिक कथाएं लोगों को आज भी हैरानी में डाल देती है. इतना ही नहीं मंदिर के रहस्य भी आपको आस्था की तरफ झुकने पर मजबूर कर देंगे. ऐसी ही इस मंदिर से जुड़ी एक पौराणिक कथा है जिसे आप मंदिर का रहस्य भी कह सकते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि मंदिर के समुद्र से घिरा होने के बावजूद भी मंदिर परिसर में समुद्र की लहरों की आवाज नहीं पहुंचती, जबकि मंदिर से बाहर निकलते ही आपको उसके लहरों की आवाज सुनाई दे जायेगी. जगन्नाथ मंदिर और हनुमान जी की कथा इसके पीछे एक पौराणिक कथा है. जगन्नाथ भगवान के इस मंदिर की यह कथा बजरंगबली हनुमान से जुड़ी हुई है. इस कथा के अनुसार भगवान जगन्नाथ समुद्र की आवाज से परेशान हो गए थे और वह चैन से सो नहीं पा रहे थे. भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को समुद्र को नियंत्रित करने का काम सौंपा था. ऐसे में यह काम भी हनुमान जी के जिम्मे में ही था. हनुमान जी ने समुद्र से शांत हो जाने कि प्रार्थना की लेकिन समुद्र ने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता यह मेरे बस में नहीं, पवन के वेग के साथ मेरी आवाज भी मंदिर तक पहुंचेगी. आप चाहे तो अपने पिता से अनुरोध कर सकते हैं कि वह विपरीत दिशा में बहें, तो यह आवाज मंदिर तक नहीं पहुंचेगी. हनुमान जी की जुगत हनुमान जी ने वैसा ही किया उन्होंने पवन देव का आह्वान किया और कहा, क्या आप उल्टी दिशा में बह सकते हैं, पवन देव ने कहा कि मेरे लिए यह संभव नहीं है लेकिन तुम चाहो तो ऐसा कर सकते हो, तुम अपनी तेजी से एक वायु चक्र बना सकते हो. हनुमान जी ने वैसा ही किया हनुमान जी मंदिर के चारों तरफ इतनी तेजी और वेग के साथ चक्कर लगाने लगे कि वहां एक वायु चक्र बन गया जिससे पवन देव को उसी वेग में बहना पड़ा. इसी वेग की वजह से समुद्र की आवाज भी मंदिर तक नहीं पहुंच पायी. वायु के वेग ने समुद्र की आवाज को वही रोक लिया. फिर चैन से सो सके भगवान जगन्नाथ इसके बाद, समुद्र की आवाज मंदिर में प्रवेश कर पाने के कारण भगवान जगन्नाथ चैन से सो सके, और हनुमान जी की इस जुगत ने काम कर दिया. भगवान हनुमान की यह जुगत, आज भी इस मंदिर में रहस्य की तरह काम कर रही है. क्योंकि मंदिर के अंदर समुद्र की तेज लहरों की आवाज बिल्कुल सुनाई नहीं देती.

21 या 22 जून इस दिन मनाई जाएगी योगिनी एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व बताया गया है. साल में कुल 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं, जिसमें हर माह में 2 एकादशी पड़ती हैं. आषाढ़ माह में पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. योगिनी एकादशी का व्रत निर्जला एकादशी के बाद और देवश्यनी एकादशी के बीच में रखा जाता है. अक्सर योगिनी एकादशी का व्रत जून या जुलाई के माह में रखा जाता है. साल 2025 में आषाढ़ माह में पड़ने वाली योगिनी एकादशी के व्रत की डेट को लेकर लोगों में कन्फियूजन हैं. जानते हैं यह व्रत कब रखा जाएगा. योगिनी एकादशी 2025 तिथि     एकादशी तिथि की शुरूआत 21 जून, शनिवार 2025 को सुबह 07.18 मिनट पर होगी.     वहीं एकादशी तिथि समाप्त 22 जून, 2025 को सुबह 04.27 मिनट पर होगी.     योगिनी एकादशी का व्रत 21 जून को रखा जाएगा.     योगिनी एकादशी व्रत का पारण 22 जून, रविवार को किया जाएगा. योगिनी एकादशी 2025 व्रत पारण एकादशी के व्रत को रखने के साथ-साथ एकादशी व्रत का सही समय और सही नियम से पारण करना भी जरूरी होता है. योगिनी एकादशी व्रत का पारण 22 जून को दोपहर 1.28 मिनट से लेकर 4.03 मिनट तक कर सकते हैं. हरि वासन समाप्त होने का समय सुबह 09.41 मिनट है. योगिनी एकादशी व्रत का महत्व योगिनी एकादशी का व्रत अयंत महत्वपूर्ण व्रत होता है, जो आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत को रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है. इस व्रत को सच्चे मन और विश्वास के साथ रखने से श्री हरि विष्णु भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही इस व्रत को करने से जीवन में समृद्धि और आनन्द की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करना अठ्यासी हज़ार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर है.

देवशयनी एकादशी से गुरु पूर्णिमा तक, आषाढ़ माह 2025 में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार

 हिन्दू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ का महीना है. यह संधिकाल का महीना है. इसी महीने से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है. इसी महीने भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी निकाली जाती है. आषाढ़ से वातावरण में थोड़ी सी नमी आनी शुरू हो जाती है. कामना पूर्ति के लिए भी यह महीना उत्तम माना जाता है. आषाढ़ मास के पहले दिन खड़ाऊं, छाता, नमक और आंवले का दान बहुत उत्तम माना जाता है. इस बार आषाढ़ मास 12 जून से 10 जुलाई तक रहने वाला है. आषाढ़ में किसकी पूजा करें? आषाढ़ के महीने में सबसे ज्यादा फलदायी उपासना गुरु की होती है. इसके अलावा, इस महीने देवी की उपासना भी शुभ फल देती है. श्री हरि विष्णु की उपासना से संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है. इस महीने में जल देव की उपासना से धन की प्राप्ति सरल हो जाती है. आषाढ़ में मंगल और सूर्य की उपासना अवश्य करें. आषाढ़ में आने वाले व्रत-त्योहार गुरुवार, 12 जून: आषाढ़ मास प्रारंभ, प्रतिपदा तिथि शनिवार, 14 जून: कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी रविवार, 15 जून: मिथुन संक्रांति बुधवार, 18 जून: मासिक जन्माष्टमी, कालाष्टमी शनिवार, 21 जून: योगिनी एकादशी, साल का सबसे बड़ा दिन रविवार, 22 जून: योगिनी एकादशी पारण, मासिक कार्तिगाई सोमवार, 23 जून: सोम प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि मंगलवार,24 जून: रोहिणी व्रत बुधवार, 25 जून: दर्श अमावस्या, आषाढ़ अमावस्या गुरुवार, 26 जून: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, कलश स्थापना, चंद्र दर्शन शुक्रवार, 27 जून: जगन्नाथ रथयात्रा शनिवार, 28 जून: विनायक चतुर्थी सोमवार, 30 जून: स्कंद षष्ठी गुरुवार, 3 जुलाई: मासिक दुर्गाष्टमी रविवार, 6 जुलाई: देवशयनी एकादशी, गौरी व्रत आरंभ सोमवार, 7 जुलाई: देवशयनी एकादशी पारण, वासुदेव द्वादशी मंगलवार, 8 जुलाई: भौम प्रदोष व्रत, जयापार्वती व्रत बुधवार, 9 जुलाई: आषाढ़ चौमासी चौदस गुरुवार, 10 जुलाई: गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत, व्यास पूजा, कोकिला व्रत, गौरी व्रत समाप्त आषाढ़ माह में क्या न करें? आषाढ़ माह में लहसुन और प्याज का अधिक सेवन करना वर्जित है. इस महीने बारिश होने से संक्रमण बढ़ जाता है और रोग घेर लेते हैं. ऐसे में बासी भोजन खाने से परहेज करें. इस महीने आने वाली देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है. चातुर्मास में शादी-विवाह जैसे शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं.

आज शनिवार14 जून 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि– आज मेष राशि वालों को करियर में अपार सफलता मिलेगी। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। व्यापार में वृद्धि के नए मौकों की तलाश करें। सफलता प्राप्त करने के लिए खूब मेहनत करें। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। आज आपकी रोमांटिक लाइफ में खुशियों का माहौल रहेगा। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। साथी के प्रति ईमानदार रहें और रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। वृषभ राशि– आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। बिजनेस में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। विद्यार्थियों को करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। आज आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। यात्रा के दौरान थोड़ी सावधानी बरतें। धन का लेन-देन होशियारी से करें। फालतू के खर्चों पर कंट्रोल रखें। जीवनसाथी से विचार मैच नहीं खाएंगे। जिससे अनबन संभव है। मिथुन राशि– आज मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। अगर आप ट्रिप का प्लान कर रहे हैं, तो आज का दिन परफेक्ट रहेगा। घर में छोटे भाई-बहन करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। लव लाइफ के सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कर्क राशि- आज कर्क राशि वालों के पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। कुछ प्रोफेशनल्स को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिलेगा। घर में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। फैमिली की एडवाइस लेने में संकोच न करें। आज अचानक से यात्रा के योग बन सकते हैं। डायबिटीज रोगियों को सेहत पर ज्यादा ध्यान देना होगा। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों के प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। आईटी प्रोफेशनल्स को नए चैलेंज मिलेंगे। खर्चों की अधिकता हो सकती है। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। आज ऑफिस में सहकर्मियों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। बेकार के खर्चों पर कंर्टोल रखें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को पार्टनर से बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। अपने करियर गोल्स पर फोकस करें। कन्या राशि- आज का दिन आपके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आएगा।बिजनेसमेन को नए लोकेशन पर व्यापार में बढ़ोत्तरी के कई मौके मिलेंगे। ऑफिस में क्रिएटिविटी के साथ सभी टास्क पूरा करें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाएं। कुछ लोगों का शादी-विवाह तय हो सकता है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे। तुला राशि- आज का दिन तुला राशि वालों के लिए लकी साबित होगी। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। ऑफिस में जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए ज्यादा टाइम स्पेंड करना पड़ सकता है। आज आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पार्टनर का सपोर्ट मिलेगा। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आलस्य से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा। बिजनेस में लाभ होगा। नौकरीपेशा वालों का ट्रांसफर हो सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। ऑफिस की जिम्मेदारियों को पूरा करने की कोशिश करें। सभी टास्क को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। फैमिली के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रेमी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। धनु राशि- आज का दिन विद्यार्थियों के लिए लकी साबित होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। ऑफिस में चैलजिंग सिचुएशन को हैंडल करने के लिए तैयार रहें।बिजनेस में प्रॉफिट के लिए नई रणनीति बनाएं। करियर में तरक्की के नए मौकों पर नजर रखें। भावुक होकर कोई निर्णय न लें। आज आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होगा। मैरिड लाइफ अच्छी रहेगी। स्टूडेंट्स को करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। मकर राशि- आज मकर राशि वालों को व्यापार में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। सहकर्मियों के सपोर्ट से खूब तरक्की करेंगे। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। अपने डाइट पर ध्यान दें। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। आज प्रोफेशनल लाइफ में बड़े बदलावों के संकेत हैं। प्रेमी को सरप्राइज गिफ्ट दे सकते हैं या नाइट डेट पर ले जा सकते हैं। इससे लव लाइफ में खुशहाली आएगी। हालांकि, आर्थिक मामलों में सोच-समझकर डिसीजन लें। विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने के लिए कड़े प्रयास करना चाहिए। कुंभ राशि- आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। बिजनेस में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। प्रोफेशनल लाइफ थोड़ी चैलेंजिंग होगी। बड़े भाई-बहनों के सपोर्ट से घर में खुशियां आएंगी। मैरिड लाइफ अच्छी रहेगी। अपने काम पर फोकस करें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें। फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। मीन राशि- आज मीन राशि वालों को भाग्य का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। बिजनेस में विस्तार होगा। नौकरीपेशा वालों को तरक्की के नए मौके मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। आलस्य से दूर रहें। सफलता प्राप्त करने के लिए खूब मेहनत करें। स्टूडेंट्स को अपने करियर पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। आज आपको पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है।

भूलकर भी शनिवार को घर में न लाएं ये चीजें

शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है. ऐसी कई चीजें हैं जिनकी खरीदारी शनिवार के दिन करना शुभ नहीं होता है. इन चीजों की खारीदारी से जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. जानते हैं कि वो कौन-सी चीजें हैं, जिन्हें शनिवार के दिन घर नहीं लाना चाहिए. शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए उत्तम माना गया है. शनिवार के दिन शनि से जुड़ी चीजों को खरीदने से जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी नहीं करनी चाहिए. मान्यता है कि शनिवार के दिन चीजों की खरीदारी करने से शनि देव की टेढ़ी नजर का सामना करना पड़ सकता है. शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए उत्तम माना गया है. शनिवार के दिन शनि से जुड़ी चीजों को खरीदने से जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी नहीं करनी चाहिए. मान्यता है कि शनिवार के दिन चीजों की खरीदारी करने से शनि देव की टेढ़ी नजर का सामना करना पड़ सकता है. शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए. शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदने से फैमली की हेल्थ पर असर पड़ता है. साथ ही शनिवार के लिए झाड़ू की खरीदारी नहीं करनी चाहिए. अगर आप झाड़ू खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए शुभ दिन है शुक्रवार. शनिवार के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक स्थिति खराब होती है. शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए. शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदने से फैमली की हेल्थ पर असर पड़ता है. साथ ही शनिवार के लिए झाड़ू की खरीदारी नहीं करनी चाहिए. अगर आप झाड़ू खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए शुभ दिन है शुक्रवार. शनिवार के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक स्थिति खराब होती है. शनिवार के दिन नमक नहीं खरीदना चाहिए और ना ही घर लाना चाहिए. शनिवार को नमक खरीदने से कर्ज बढ़ता है, और शनि देव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप नमक खरीदना चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन खरीदें. शनिवार के दिन नमक नहीं खरीदना चाहिए और ना ही घर लाना चाहिए. शनिवार को नमक खरीदने से कर्ज बढ़ता है, और शनि देव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप नमक खरीदना चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन खरीदें. शनिवार के दिन काले तिल और काली उड़द दाल नहीं खरीदनी चाहिए और ना ही घर लाने चाहिए. ऐसा करने से आपके जरूरी काम में देरी होती है, जिसकी वजह से आप परेशान हो सकते हैं. काले तिल और काली उड़द शनिवार के दिन शनिदेव को चढ़ाते हैं. शनिवार के दिन काले तिल और काली उड़द दाल नहीं खरीदनी चाहिए और ना ही घर लाने चाहिए. ऐसा करने से आपके जरूरी काम में देरी होती है, जिसकी वजह से आप परेशान हो सकते हैं. काले तिल और काली उड़द शनिवार के दिन शनिदेव को चढ़ाते हैं. शनिवार के दिन लोहा की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, लोहा या लोहे से बना सामान शनिवार के दिन खरीदने से दुर्भाग्य का साथ मिलता है. इस दिन लोहा खरीदने से शनि देव कुपित होते हैं. शनिवार के दिन लोहा की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, लोहा या लोहे से बना सामान शनिवार के दिन खरीदने से दुर्भाग्य का साथ मिलता है. इस दिन लोहा खरीदने से शनि देव कुपित होते हैं. साथ ही कैंची भी शनिवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए. ऐसा करने से रिलेशनशिप में दिक्कतें आने लग जाती हैं. संबंधों में तनाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही कैंची भी शनिवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए. ऐसा करने से रिलेशनशिप में दिक्कतें आने लग जाती हैं. संबंधों में तनाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

शुक्रवार 13 जून 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष: आज प्यार शायद वैसा नहीं दिख जैसी आप उम्मीद करते हैं, फिर भी यह वास्तविक बना रहेगा। अगर आप किसी रिलेशनशिप में हैं, तो अपने पार्टनर के प्यार के प्रदर्शन में सूक्ष्म बदलावों पर भी ध्यान दें। अगर अविवाहित हैं, तो शायद किसी अजनबी की दयालुता का अप्रत्याशित कार्य आपके दिल में कुछ हलचल पैदा कर देगा। वृषभ: आप गहराई से महसूस करते हैं और वह एक गिफ्ट है, बोझ नहीं। हर दिन स्वीकार किए जाने से पीछे न हटें या न छुपें। अगर किसी रिलेशनशिप में हैं तो प्यार से अपना सच बोलें। अगर अविवाहित हैं, तो जान लें कि जो व्यक्ति आपके लिए बना है, वह आपकी गहराई को किसी खूबसूरत चीज के रूप में देखेगा, कभी भी बहुत ज्यादा नहीं। सच्चा प्यार वहीं मिलता है जहां आप होते हैं। मिथुन: आज विश्वास गहरे रिश्तों की कुंजी होगी। अगर आपका कोई पार्टनर है, तो बड़े-बड़े इशारे करने के बजाए अपने वादों को यहां तक ​​कि छोटे-छोटे वादों को भी, लगातार पूरा करने पर फोकस करें। ईमानदारी का एक पल आज रिश्तों को मजबूत करेगा। कर्क: कभी-कभी प्यार को एंट्री के लिए जगह की जरूरत होती है। अगर आप पुरानी फीलिंग्स या आदतों से चिपके हुए हैं, तो अपने आप को उन्हें छोड़ने की इजाजत दें। अगर आप किसी रिश्ते में हैं तो छोटी-मोटी नाराजगी को दूर करें और फिर से अपना दिल खोलें। अगर अविवाहित हैं तो मानसिक और आध्यात्मिक रूप से परेशानी को दूर करें। इस प्रॉसेस में जल्दबाजी या जबरदस्ती करने की कोई जरूरत नहीं है। प्यार आज आपके पास आ सकता है जब आप खोजना बंद कर देंगे और पाना शुरू करेंगे। सिंह: किसी चीज में सिर्फ इसलिए न कूदें क्योंकि आज आप बहुत ज्यादा आकर्षण महसूस करते हैं। केमेस्ट्री के बारे में कुछ रोमांचक है, लेकिन सनशाइन को आपसी समझ और इमोशनल बैलेंस की जरूरत होती है। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो यह देखने की कोशिश करें कि क्या आपका पार्टनर आपके दिल को सपोर्ट करता है, न कि सिर्फ वही जो आप चाहते हैं। अगर आप सिंगल हैं, तो अपने आप से पूछें कि क्या यह स्पार्क एक शांति से भरी मौजूदगी भी है। कन्या: आप आरक्षित रहते हैं, लेकिन कुछ हद तक खुलने से आज अप्रत्याशित निकटता पैदा हो सकती है। अगर आप किसी रिश्ते में हैं तो कुछ निजी बातें शेयर करें। इससे रिश्ता मजबूत होगा। अगर आप अविवाहित हैं, तो हो सकता है कि कोई चुपचाप आपका यह पक्ष दिखाने का इंतजार कर रहा हो। आपको उन्हें सब कुछ बताने की जरूरत नहीं है, बस आपके दिल को जाहिर करने के लिए पर्याप्त है। वास्तविक होना किसी दूसरे को आपकी आत्मा की गहराई तक ले जा सकता है। तुला: प्यार आज आपसे उदाहरण पेश करने की मांग करता है। अगर आप ज्यादा सच्चाई सुनना चाहते हैं, तो पहले अपना जवाब दें। ज्यादा प्यार और दया पाने के लिए, इसे देने वाले पहले व्यक्ति बनें। अगर आप प्यार में हैं, तो अभी अपना दिल देने को स्वीकार करें। अगर आप सिंगल हैं, तो दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना शुरू करें जैसा आप चाहते हैं कि आपके साथ किया जाए। वृश्चिक: आज आपको अपने लव लाइफ में घटनाओं से अप्रत्याशित रूप से सॉफ्ट पल मिलेंगे। या तो कोई आपके लिए उस प्यार का इजहार करता है जिसकी आपने उम्मीद नहीं की थी, या यह इशारा आपको गर्मजोशी से सरप्राइज कर देता है। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो हो सकता है कि वह पार्टनर आपके लिए एक बहुत ही प्यारा विचार लेकर आए ताकि आपको एहसास हो कि वह आपकी परवाह करता है। अगर कोई अप्रत्याशित मैसेज या अचानक ध्यान आपकी खुशी की शुरुआत करेगा तो सिंगल लोगों को अपना दिमाग खुला रखना होगा। धनु: आज आप अपने प्रति कैसा व्यवहार करते हैं, यह आपके अन्य सभी रिश्तों का स्वरूप निर्धारित करता है। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अपने पार्टनर से उतना ही प्यार करते हैं जितना आप खुद से करते हैं। लेकिन अगर आप सिंगल हैं, तो इसे शेयर करने के लिए किसी की तलाश करने के बजाए अपनी शांति पर फोकस करें। मकर: गहरी सांस लें और अपने चारों ओर देखें और महसूस करें कि आपकी एनर्जी कहां जा रही हैं। किसी रिश्ते में भी इस बारे में बोलें कि आपको आज क्या चाहिए। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी ऐसे व्यक्ति का पीछा करना बंद कर दें जो आपसे आधे रास्ते में भी नहीं मिलता है। कुंभ: आज इमोशनल ईमानदारी आपका सबसे बड़ा गिफ्ट है। आप आमतौर पर चीजों को हल्का रखते हैं, लेकिन अब प्यार के लिए ईमानदारी की जरूरत होती है। अगर आपका कोई रिश्ता है, तो कुछ ऐसी बातें शेयर करें जिनसे आप जुड़े हुए हैं। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी को अपनी वास्तविकता देखने दें, न केवल अपने विचारों को, बल्कि अपनी भावनाओं को भी। मीन: आज यह याद रखें कि हमेशा बहुत कुछ दें, लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि आप उसे पूरा पाने के योग्य हैं। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो अपने दिल को यह समझने दें कि आपका पार्टनर आपकी अच्छाइयों को देखता है, भले ही आपको उस पर शक हो। अगर आप अविवाहित हैं तो अपनी योग्यता के बारे में सोचना बंद कर दें। प्यार पाने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने या अलग होने की जरूरत नहीं है।

इन मंदिरों के दर्शन से होगी आपकी हर मनोकामना पूरी

भारत में 2 करोड़ देवी देवताओं की पूजा की जाती है। भारतीय पूजन में अधिक विश्वास करते हैं जो की संस्कृति में ही है जिसकी शुरुआत भगवन से हुई। भारत में पूजे जाने वाले मंदिरों में 5 जगह ऐसी हैं जहां पर आपकी हर मनोकामना पूरी होती है। काशी विश्वनाथ काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर पिछले कई हजारों वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्वननाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्टे स्थामन है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्ना न कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आदि शंकराचार्य, सन्त एकनाथ रामकृष्ण परमहंस, स्वाकमी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, गोस्वाामी तुलसीदास सभी का आगमन हुआ हैं। यहि पर सन्त एकनाथजीने वारकरी सम्प्रदायका महान ग्रन्थ श्रीएकनाथी भागवत लिखकर पुरा किया और काशिनरेश तथा विद्वतजनोद्वारा उस ग्रन्थ कि हाथी पर से शोभायात्रा खूब धूम धामसे निकाली गयी। जगन्नाथ जगन्नाथ हिन्दू भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप हैं। इनका एक बहुत बड़ा मन्दिर ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित है। इस शहर का नाम जगन्नाथ पुरी से निकल कर पुरी बना है। यहां वार्षिक रुप से रथ यात्रा उत्सव भी आयोजित किया जाता है। पुरी की गिनती हिन्दू धर्म के चार धाम में होती है। वेंकेटेश्वर वेंकटेश्वर जिन्हें गोविंदा, श्रीनिवास, बालाजी, वेंकट आदि के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि प्रभु विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था। यह तालाब तिरुमला के पास स्थित है। तिरुमाला-तिरुपति के चारों ओर स्थित पहाड़ियां, शेषनाग के सात फनों के आधार पर बनीं सप्तगिरी कहलाती हैं। वैकुंठ एकादशी के अवसर पर लोग तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर पर प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं, जहां पर आने के पश्चात उनके सभी पाप धुल जाते हैं। मान्यता है कि यहां आने के पश्चात व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। वैष्णो देवी वैष्णो देवी मंदिर शक्ति को समर्पित एक पवित्रतम हिंदू मंदिर है, जो भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है। हिंदू धर्म में वैष्णो देवी, जो माता रानी और वैष्णवी के रूप में भी जानी जाती हैं, देवी मां का अवतार हैं। मदिर, जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर के समीप अवस्थित है। यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है। मंदिर, 5,200 फीट की ऊंचाई और कटरा से लगभग 12 किलोमीटर (7.45 मील) की दूरी पर स्थित है। हर साल लाखों तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन करते हैं और यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है। इस मंदिर की देख-रेख श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ मंडल द्वारा की जाती है। तीर्थ-यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए उधमपुर से कटरा तक एक रेल संपर्क बनाया गया है। सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। यह मंदिर हिंदू धर्म के उत्थान-पतन के इतिहास का प्रतीक रहा है। अत्यंत वैभवशाली होने के कारण इतिहास में कई बार यह मंदिर तोड़ा तथा पुनर्निर्मित किया गया। वर्तमान भवन के पुनर्निर्माण का आरंभ भारत की स्वतंत्रता के पश्चात् लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया और पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। सोमनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल है। मंदिर प्रांगण में रात साढ़े सात से साढ़े आठ बजे तक एक घंटे का साउंड एंड लाइट शो चलता है, जिसमें सोमनाथ मंदिर के इतिहास का बड़ा ही सुंदर सचित्र वर्णन किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार यहीं श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था। इस कारण इस क्षेत्र का और भी महत्व बढ़ गया।  

15 जून को होगा सूर्य का राशि परिवर्तन, इन राशि वालों को रहना होगा बेहद सतर्क

15 जून 2025 को सूर्य का मिथुन राशि में गोचर एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय परिवर्तन है, जो सभी 12 राशियों के जीवन में विभिन्न स्तरों पर असर डालेगा। मिथुन एक वायु तत्व की राशि है और इसके स्वामी बुध ग्रह होते हैं, जो संचार, बुद्धिमत्ता और तर्क के कारक माने जाते हैं। इस गोचर के प्रभाव से लोगों के सोचने, बोलने और निर्णय लेने की शैली में बदलाव आ सकता है। यह समय मानसिक सक्रियता, विचारों की स्पष्टता और सामाजिक संपर्कों में वृद्धि का संकेत देता है। सूर्य के इस परिवर्तन से कुछ राशियों को करियर, सम्मान और नेतृत्व में अवसर मिल सकते हैं, जबकि कुछ को अहंकार, वाणी में कठोरता या पारिवारिक असहमति जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यह समय है जब संतुलित सोच, विनम्र व्यवहार और समझदारी से लिए गए निर्णय जीवन में सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं। सभी राशियों को अपने स्वभाव और स्थिति के अनुसार इस गोचर के प्रभावों को समझकर आगे बढ़ना चाहिए। मंगल का गोचर इन राशियों पर रहेगा भारी, जरूर करें राशि अनुसार उपाय मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर और पेशेवर जीवन में बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। मिथुन में सूर्य के गोचर से आपका ध्यान कार्यों पर केंद्रित होगा और आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। आप अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम करेंगे। हालांकि, इस दौरान आपको अपने क्रोध और अधीरता पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है, क्योंकि जल्दबाजी में निर्णय गलत हो सकते हैं। लगातार प्रयास से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे, इसलिए धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। साथ ही, नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जिससे आपकी पहचान भी बनेगी। वृषभ राशि इस गोचर के दौरान वृषभ राशि के जातकों के लिए शिक्षा, अध्ययन और यात्रा के क्षेत्र में खास अवसर आएंगे। यह समय आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का है। आप नई चीजें सीखने, ज्ञान प्राप्त करने और नए अनुभवों से अपने विचारों को विकसित करने में सफल रहेंगे। यात्राएं आपके मन को ताज़गी देंगी और आपके जीवन में नए रास्ते खोलेंगी। सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में भी उन्नति की संभावना है। ध्यान रखें कि मानसिक रूप से खुला रहें और नये विचारों को अपनाने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का इस राशि में गोचर बेहद शुभ है। यह समय आपकी व्यक्तिगत पहचान, आत्मविश्वास और करियर के लिए बहुत लाभकारी रहेगा। आप खुद को एक नई दिशा में स्थापित करने का प्रयास करेंगे और अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से प्रदर्शित कर पाएंगे। आपकी ऊर्जा और आकर्षण में वृद्धि होगी, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। यह समय खुद की खूबियों को निखारने और आत्म-संस्कार करने का भी है। नए अवसर मिलेंगे, जिससे आप अपनी लोकप्रियता बढ़ा सकते हैं। कर्क राशि कर्क राशि के लिए यह गोचर मानसिक शांति और आंतरिक विकास का संकेत लेकर आता है। यह समय आत्मनिरीक्षण और आत्म-सुधार के लिए उपयुक्त है। आप अपने व्यक्तिगत संबंधों पर अधिक ध्यान देंगे और उनमें सुधार लाने की कोशिश करेंगे। पारिवारिक वातावरण में सामंजस्य बढ़ेगा और भावनात्मक स्थिरता आएगी। ध्यान, योग और मानसिक ध्यान जैसी गतिविधियां आपको शांति प्रदान करेंगी। मानसिक तनाव कम होगा और आप अपने जीवन को बेहतर दिशा देने में सफल रहेंगे।  

सोम प्रदोष व्रत, जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. शिव पुराण में इस व्रत का महिमा मंडन है. इस दिन भगवान शिव के भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा और व्रत का पालन करते हैं. कहते हैं कि इस व्रत को करने से साधक की सभी मनोकामना पूरी होती है. साथ ही जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा अविवाहितों के विवाह के योग बनने के साथ मनपसंद जीवन साथी भी मिल सकता है. वहीं अगल-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत की महिमा भी अलग-अलग होती है. आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 23 जून को देर रात 1 बजकर 21 मिनट पर होगी, वहीं तिथि का समापन 23 जून को रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत 23 जून को किया जाएगा. सोम प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के पहले ,सोम प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा का शुभ मुहूर्त की शुरुआत शाम 7 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 23 मिनट पर होगी. इस दौरान व्रत विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं. सोम प्रदोष व्रत का महत्व सोमवार के दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. वहीं इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवों के देव महादेव को समर्पित इस व्रत को करने से यह प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते है और उन्हें शिव धाम की प्राप्ति होती है.

वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में आज होगी, स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, आज मनाई जाएगी

इस दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है। स्नान यात्रा, जिसे स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, कल मनाई जाएगी, यह रथ यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में कल 11 जून को होगी पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रथ यात्रा शुरु होती है। इसके लिए शुरुआत वट पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन होती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया जाता है। स्नान यात्रा, जिसे स्नान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, कल मनाई जाएगी, यह रथ यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। वट पूर्णिमा या ज्येष्ठ पूर्णिमा जगन्नाथ पुरी में कल 11 जून को होगी, जिसमें देवताओं को सुना कुआ या स्वर्ण कुआं से निकाले गए सुगंधित पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को कुल 108 घड़ों के पानी से स्नान कराया जाता है, इनमें परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ को स्नान कराने के लिए 35 घड़े, बलभद्र को 33 घड़े, देवी सुभद्रा को 22 घड़े और भगवान सुदर्शन को 18 घड़े पानी से नहलाया जाता है। माना जाता है कि इस पवित्र स्नान के बाद, भाई-बहन के देवताओं को बुखार हो जाता है और उन्हें दो सप्ताह की अवधि के लिए अनासारा घर में एकांतवास में रखा जाता है। आपको बता दें कि इससे पहले देवताओं को उनके औपचारिक स्नान से पहले बौला की लकड़ी से बने सेनापता से सजाया जाएगा, इसलिए पुरी के श्रीमंदिर में सार्वजनिक दर्शन 10 जून को दोपहर 2 बजे तक स्थगित रहेंगे। इस साल कब से शुरू हो रही है रथ यात्रा   इस साल द्वितीया तिथि 26 जून 2025 को दोपहर 1:25 बजे शुरू होकर 27 जून को सुबह 11:19 बजे तक रहेगी। इसी आधार पर इस वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत 27 जून 2025, शुक्रवार को होगी।हर साल भारत में आयोजित होने वाली पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा का लाखों श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अद्भुत उत्सव है. उड़ीसा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा के रथों को खींचने के लिए देश-विदेश से भक्त उमड़ पड़ते हैं।  

11 जून 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि आज मेष राशि के जातकों आपको सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। करियर तौर पर मोटिवेटेड और प्रोडक्टिव फील करेंगे। माता पिता के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आपके अंदर हर परिस्थिति को पार करने की क्षमता है। वृषभ राशि के लोगों आर्थिक स्थिति आज गड़बड़ा सकती है। आपको काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लेना चाहिए। अपने बॉस के साथ आज आपको डिप्लोमेटिक तरीके से चीजों को आगे बढ़ाना चाहिए। मिथुन राशि के जातकों आज वर्क लाइफ बैलेंस मेन्टेन करें। करियर में स्ट्रैटिजी के साथ आगे बढ़ें। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहने वाली है। तनाव से बचने के लिए स्किन केयर करें। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। कर्क राशि के जातकों आज का दिन थोड़ा बिजी फील होगा। आज आप काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। लव लाइफ में नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। हेल्दी महसूस करेंगे। जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। लेकिन खुद को हाइड्रेटेड रखना न भूलें। सिंह राशि के लोगों आज का दिन आपके लिए काफी लकी रहने वाला है। धन वृद्धि के योग बन रहे हैं। बिजनेस करने वालों की किस्मत साथ देगी। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर पर जाने का प्लान करें। आज आपको जंक फूड्स से दूरी बनानी चाहिए। कन्या राशि के जातकों आज लव के मामले में दिन अच्छा माना जा रहा है। वहीं, हेल्थ पर भी फोकस करने की जरूरत है। आज आप प्रोडक्टिव महसूस कर सकते हैं। आज काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। आज की एनर्जी को फील करें। तुला राशि के जातकों आज सिंगल लोगों की मुलाकात किसी स्पेशल से हो सकती है। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें। जल्दबाजी में आकर खर्च करने से बचें। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। दिन रोमांटिक रहने वाला है। वृश्चिक राशि वाले आज थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। हेल्थ पर नजर रखें। अपनी हॉबी को समय दें। आज का दिन ठीक-ठाक रहने वाला है। आज आपकी करियर लाइफ थोड़ी गड़बड़ा सकती है। साथ ही आज आपको निवेश करते दौरान बेहद सावधान रहना चाहिए। धनु राशि के जातकों आज तनाव दूर करने के लिए पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। ऑफिस का प्रेशर घर लेकर न आना ही बेहतर है। वहीं, इन्वेस्टमेंट करना आज लाभदायक नहीं रहेगा। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। मकर राशि वालों आज के दिन फाइनेंशियल तौर पर आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आज किसी भी तरह का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है, जिससे गलतफहमी पैदा नहीं होती। कुंभ राशि के लोगों आज अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाने के लिए तैयार हो जाएं। फिट और हेल्दी बॉडी के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है। अपनी सेहत पर ध्यान दें। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव रहेगा। मीन राशि के जातकों आज जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। कोई गुड न्यूज आपको मिल सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। तनाव ज्यादा लेने से बचें।  

किन चीजों का गुप्त दान करने से मिलता है पुण्य फल?

हिंदू धर्म में दान को पुण्य का सबसे बड़ा साधन माना जाता है। दूसरों की भलाई के लिए किया गया दान ना केवल जीवन को सुखमय बनाता है, बल्कि भगवान का आशीर्वाद भी दिलाता है। कुछ गुप्त दान ऐसे हैं, जो रंक को राजा बना सकते हैं। आइए, जानें 5 ऐसी चीजों के दान के बारे में, जो पुण्य फल प्रदान करते हैं। माचिस का दान मंगलवार को माचिस का गुप्त दान हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन माचिस दान करने से जीवन के कई कष्ट, जैसे आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बाधाएं दूर होती हैं। यह दान गुप्त रूप से करें, ताकि इसका पुण्य फल दोगुना हो। नमक का दान नमक का दान हिंदू धर्म में महापुण्य का कार्य माना जाता है, खासकर जब इसे भंडारे में किया जाए। भंडारे में नमक दान करने से ना केवल जरूरतमंदों का भोजन स्वादिष्ट बनता है, बल्कि यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है। इस गुप्त दान से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। आसन का दान मंदिर में आसन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। जब भक्त इस आसन पर बैठकर पूजा करते हैं, तो उसका कुछ पुण्य आपको भी प्राप्त होता है। आसन का दान करने से जीवन में शांति, सुख और आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह दान भगवान के प्रति आपकी श्रद्धा को दर्शाता है और आपके कार्यों में सफलता दिलाता है। लोटा का दान मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए लोटा दान करना महादेव को प्रसन्न करने का सरल तरीका है। यह गुप्त दान भगवान शिव की कृपा दिलाता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। लोटा दान करने से परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। दीपक का दान कार्तिक मास में मिट्टी के दीयों का दान मंदिर में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दान माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रसन्न करता है। दीपक का प्रकाश नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मकता लाता है। इस दान से पूजा का पूरा फल मिलता है और जीवन में समृद्धि आती है। गुप्त दान से सुख-शांति माचिस, नमक, आसन, लोटा और दीपक का गुप्त दान हिंदू धर्म में पुण्य फल देने वाला माना जाता है। ये छोटे-छोटे दान जीवन से कष्टों को हटाते हैं और सुख, समृद्धि व ईश्वर का आशीर्वाद दिलाते हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए गुप्त दान करें और पुण्य अर्जित करें।  

आज मंगलवार 10 जून 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज के दिन आपका भाग्य आपका साथ देगा। खर्च कम करें। ध्यान देकर काम करें और अपने नए विचारों को सामने रखें। कुछ जातकों को अपने लाइफ पार्टनर से आर्थिक सपोर्ट भी मिल सकता है। इंकम बढ़ाने और अच्छे प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का सही मौका है। वृषभ: आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। सहकर्मी और बॉस आपका सपोर्ट करेंगे और आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी हेल्प करेंगे। बोनस या वेतन वृद्धि के कारण आपको अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। इसके अलावा आपको व्यापार में बड़ा मुनाफा भी देखने को मिल सकता है। मिथुन: आज कोई बड़ी मेडिकल समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। दिल के मामले इमोशनली आपको मोटिवेट कर सकते हैं। आपको अपने पास्ट के पल याद आएंगे। आपको अपने हर काम में रिश्तेदारों और करीबियों का सपोर्ट मिलेगा। आप शारीरिक और मानसिक रूप से एक्टिव रहेंगे। कर्क: आज आपको अपने पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है। गलतफहमियां आपके बीच प्रॉब्लम्स बढ़ा सकती हैं। ये दिन अच्छा पारिवारिक माहौल लेकर आ सकता है। आप अपने घर को सजाने-संवारने का प्रयास कर सकते हैं। सिंह: आज आप थोड़े आलसी हो सकते हैं, जिसका असर आपके काम पर पड़ सकता है। इसके अलावा आपके आसपास कुछ ऐसे दुश्मन भी हो सकते हैं, जो आपको धोखा दे सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि सावधान रहें, किसी पर भरोसा न करें और अपनी प्रगति साझा न करें। कन्या: आज परिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर भी चर्चा हो सकती है। निजी जीवन की बात करें तो घर वालों के साथ आप अच्छा समय बिताएंगे। आपके परिवार में पैसों से जुड़ी कोई समस्या नहीं होगी और पिछले आर्थिक मसले भी सुलझ सकते हैं। तुला: आज अपने ऑफिस को और अधिक आरामदायक बनाने के लिए कुछ छोटे बदलाव करें। आपके सहकर्मियों और सिनीयर्स के साथ आपके संबंध बहुत अच्छे रहेंगे। आपके सहकर्मी आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी हेल्प करेंगे। वृश्चिक: आज आपका जीवनसाथी आज आपको एहसास दिलाएगा कि लव लाइफ में रिस्पेक्ट और केयर जरूरी है। हेल्दी डाइट लें। आज आप कार्यालय की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं। आर्थिक लाभ हो सकता है। आप जीवन में आनंद का मजा लेंगे। धनु: आज कामकाजी माहौल में सकारात्मकता और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आएगा। आपका सकारात्मक मूड सभी के लिए अच्छा माहौल बनाएगा। इस तरह आपके साथ-साथ आपके आस-पास के लोगों का मूड भी अच्छा हो जाएगा। मकर: आज का दिन आपके करियर ग्रोथ में काफी मददगार साबित हो सकता है। इस सप्ताह आपको कोई बोनस या वेतन वृद्धि भी मिल सकती है। आप अपने मौजूदा पार्टनर के साथ या किसी नए पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताएंगे।आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा। कुंभ: आपको पास्ट में कोई समस्या थी तो इस दौरान उसका समाधान हो जाएगा। आपको किसी दोस्त की मदद से आर्थिक लाभ भी मिल सकता है। ऑफिस में आपके बॉस और अधिकारियों के साथ आपके अच्छे संबंध रहेंगे। मीन: आज परिवार में वाद-विवाद या विवाद होने की आशंका है। इसलिए ऐसे में खुद पर नियंत्रण रखें। आज स्वार्थी और गुस्सैल इंसान से बचें क्योंकि वह आपको तनाव दे सकता है। आज विद्यार्थियों को अपना काम कल पर टालने से बचना चाहिए।

09 जून 2025 सोमवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि के जातकों आज के दिन ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे आप संभाल नहीं सकते। लव लाइफ में मतभेदों को सुलझाएं। कठिन परिस्थितियों से निपटने में आप काबिल हैं। करियर के मामले में अपनी डिप्लोमेटिक सूझ-बूझ पर फोकर करें। खर्च कम करें। वृषभ राशि के जातकों अगर कुछ ज्यादा रिस्की लगता है तो आज दूसरों को काम सौंपने या हेल्प लेने में संकोच न करें। खुद को चुनौतियों का सामना करते हुए पा सकते हैं। याद रखें कि आपके पास किसी भी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए स्किल्स हैं। मिथुन राशि वालों कुछ बदलाव आपको परेशान कर सकते हैं, लेकिन सावधानी से आगे बढ़ना और अपने टास्क में समझदारी बरतना महत्वपूर्ण है। अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। ऐसे रिस्क के बारे में क्लियर रहें, जिन्हें आप लेना चाहते हैं। कर्क राशि के जातकों आप वास्तव में जो चाहते हैं उस पर ध्यान देकर आप जीवन के नए अवसरों से गुजरने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे। आज चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह राशि वालों अपने गोल्स पर फोकस करने के लिए समय निकालें और उस पर ध्यान केंद्रित करें, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखता है। याद रखें कि संतुष्टि ऐसे विकल्प चुनने से आती है, जो आपके लक्ष्य के अनुरूप हों। कन्या राशि वालों चेंज की भावना भीतर से आनी चाहिए। यह ऐसी चीज नहीं है, जिसे हम दूसरों पर थोप सकते हैं। इस बात को स्वीकार करने से शांति की फीलिंग और समझ के साथ आगे बढ़ने की क्षमता पैदा हो सकती है। तुला राशि के जातकों कभी-कभी हम जो सोचते हैं वह पूरा नहीं कर पाते हैं। इसमें उदास होने वाली कोई बात नहीं है। अपनी प्राथमिकताओं पर फोकस करने और ऐसे विकल्प चुनने के लिए समय निकालें, जो आपके लॉन्ग टर्म गोल्स से मेल खाते हों। वृश्चिक राशि के जातक अपने आस-पास की सकारात्मकता को अपनाएं। आज का दिन बदलाव को लेकर होने वाले स्ट्रेस को दर्शाता है। कभी-कभी हमारी इच्छा के बावजूद, लोग उस तरह नहीं काम कर पाते जैसा हम उम्मीद करते हैं। धनु राशि के लोग आज सफलता के अर्थ पर विचार कर सकते हैं। अपनी इच्छाओं को प्राप्त करना संतुष्टि देता है। आज इस बात पर गौर करें की आपके लक्ष्य आपकी वास्तविक जरूरतों और इच्छाओं के साथ संरेखित हो रहे या नहीं। मकर राशि के जातक आगे क्या होने वाला है उस पर ध्यान केंद्रित करें और उन संभावनाओं को अपनाएं जो आपका इंतजार कर रही हैं। अपने रास्ते में आने वाली अच्छी चीजों के लिए तैयार रहें। तनाव से दूरी बनाएं। कुंभ राशि वालों को आज छोटा-मोटा झटका लग सकता है। याद रखें कि हर बंद दरवाजा नए अवसरों की ओर ले जाता है। जीवन में विकास की प्रक्रिया पर भरोसा रखें और जान लें कि जल्द ही एक और मौका आपके सामने आने वाला है। मीन राशि वालों आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा लाता है, विशेष रूप से प्रेम, परिवार और पार्टनरशिप के मामलों में। सावधानी बरतना सुरक्षित है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आपका पार्टनर वास्तव में आपकी परवाह करता है, तो यह आज का राशिफल अनुकूल परिणामों की ओर इशारा कर रहा है।

रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का करें रुद्राभिषेक

हिन्दू धर्म में रवि प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है. रवि प्रदोष व्रत का दिन भगवान शिव के साथ-साथ सूर्य देव को भी समर्पित होता है, जिससे यह व्रत और भी विशेष फलदायी हो जाता है. विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और शीघ्र विवाह के योग बनाने के लिए इस दिन रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन रुद्राभिषेक विवाह के योग बनाने में सहायक होता है, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिषी से अवश्य करवाएं. वे ग्रहों की स्थिति के अनुसार अधिक सटीक उपाय बता सकते हैं. रवि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 जून दिन रविवार को सुबह 07 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 9 जून दिन सोमवार को सुबह 09 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. प्रदोष व्रत की पूजा के लिए 8 जून दिन रविवार को शाम 07 बजकर 18 मिनट से रात 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. रुद्राभिषेक इस प्रदोष काल में या दिन में शिव वास देखकर किया जा सकता है. रुद्राभिषेक से कैसे बनते हैं विवाह के योग? विवाह का मुख्य कारक ग्रह गुरु और शुक्र हैं. रुद्राभिषेक से बृहस्पति और शुक्र मजबूत होते हैं, जिससे विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. यदि कुंडली में मंगल दोष के कारण विवाह में विलंब हो रहा है, तो रुद्राभिषेक (विशेषकर शिवलिंग पर जलधारा से) मंगल के नकारात्मक प्रभावों को शांत करता है. राहु-केतु के कारण उत्पन्न होने वाली विवाह बाधाओं को भी रुद्राभिषेक कम करता है. रुद्राभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की शीघ्र विवाह की मनोकामना पूर्ण करते हैं. यह घर और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जो विवाह के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है. रवि प्रदोष व्रत पर रुद्राभिषेक की विधि     रुद्राभिषेक घर पर या मंदिर में, किसी योग्य पंडित की सहायता से किया जा सकता है. स्वयं करने के लिए यह विधि अपना सकते हैं.     सामग्री:- भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग, शुद्ध जल (गंगाजल मिला हुआ), गाय का दूध, दही, घी, शहद, चीनी (पंचामृत), बेलपत्र (अखंडित 3 या 5 पत्तों वाले), धतूरा, भांग, आक के फूल, कनेर के फूल, चंदन, रोली, अक्षत (साबुत चावल), इत्र, जनेऊ, वस्त्र, धूप, दीप, अगरबत्ती, फल, मिठाई, नैवेद्य दक्षिणा     रवि प्रदोष के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए व्रत और रुद्राभिषेक का संकल्प लें.     मंदिर या घर के पूजा स्थान को साफ करें. शिवलिंग या शिव प्रतिमा को स्थापित करें.     किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का ध्यान करें. ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें.     सबसे पहले शिवलिंग का शुद्ध जल से अभिषेक करें. इसके बाद एक-एक करके पंचामृत की सभी सामग्री (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) से अभिषेक करें.     प्रत्येक सामग्री चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहें. पंचामृत के बाद पुनः शुद्ध जल से अभिषेक करें ताकि शिवलिंग स्वच्छ हो जाए.     शिवलिंग को चंदन, रोली, अक्षत लगाएं. बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, कनेर के फूल अर्पित करें और शिव जी को वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें.     धूप और घी का दीपक जलाएं और रुद्राभिषेक के दौरान और बाद में शिव जी के मंत्रों का जाप करें.     महामृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।”     रुद्र मंत्र: “ॐ नमो भगवते रुद्राय।”     शिव पंचाक्षर मंत्र: “ॐ नमः शिवाय।” (कम से कम 108 बार जाप करें)     शिव चालीसा और आरती: शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती करें.     अपनी शीघ्र विवाह की मनोकामना के लिए सच्चे हृदय से भगवान शिव और माता पार्वती से प्रार्थना करें. आप पार्वती जी को लाल चुनरी और श्रृंगार सामग्री भी अर्पित कर सकते हैं.     पूजा समाप्त होने पर प्रसाद भक्तों और परिवार के सदस्यों में वितरित करें. रुद्राभिषेक का महत्व रुद्राभिषेक हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली अनुष्ठान माना जाता है. यह माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति के ज्ञात और अज्ञात पापों का नाश होता है. यह कर्मों के बोझ को हल्का करता है और आध्यात्मिक शुद्धि प्रदान करता है. कुंडली में मौजूद विभिन्न ग्रह दोषों (जैसे मंगल दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष, राहु-केतु के अशुभ प्रभाव आदि) को शांत करने के लिए रुद्राभिषेक को बहुत प्रभावी माना जाता है. रुद्राभिषेक को इच्छा पूर्ति का एक शक्तिशाली साधन माना जाता है. संतान सुख की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने और शीघ्र विवाह के योग बनाने में सहायक होता है.  

07 जून 2025 शनिवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आज ज्याद पैसा खर्च करने से आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भविष्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। आज अपने साथ समय बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। हालांकि आज पार्टनर के साथ अनबन के संकेत हैं। वृषभ राशि- आज आपको निजी जीवन से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। माता-पिता का सपोर्ट मिलेगा। जीवनसाथी का सानिध्य मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा महसूस करेंगे। व्यापारियों को लाभ मिलेगा। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। मिथुन राशि– आज आपको वाहन चलाते समय सतर्क रहना चाहिए। आर्थिक रूप से किसी भी तरह की लापरवाही से बचें, वरना मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। लव लाइफ के लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत बढ़िया रहने वाला है, क्योंकि आपको अपने लिए व पार्टनर के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। कर्क राशि- आज अपनी सेहत अच्छी रखने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। निवेश लाभ और समृद्धि लाएगा। परिवार के सदस्यों की जरूरतों को प्राथमिकता दें। आज अपने पार्टनर की केयर करें व प्यार जताएं। कार्यस्थल पर आपके किसी पुराने काम की सराहना हो सकती है। आपके प्रदर्शन को देखते हुए आपको प्रमोशन मिलने की संभावना है। कारोबारी आज अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए किसी से सलाह ले सकते हैं। सिंह राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है लेकिन खर्चों की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। किसी भी तरह की फिजूलखर्ची से बचें। लव अफेयर आपका अच्छा रहेगा। आज पार्टनर के साथ सुकुन के पल बिताने का मौका मिलेगा। आज यात्रा करने व निवेश से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। कारोबारियों के लिए दिन लाभकारी रहेगा। कन्या राशि- आज आपका अति उत्साह आपको नुकसान पहुंचा सकता है। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। आज अतिरिक्त कमाई के लिए आप कोशिश कर सकते हैं, जिससे आने वाले समय में आपको लाभ मिलेगा। आप कुछ समय अपने शौक पूरे करने और परिवार के सदस्यों की मदद करने में भी बिता सकते हैं। वैवाहिक जीवन रोमांटिक रहेगा। तुला राशि- आज आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अपनों का साथ होगा। कार्यस्थल पर पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। एक-दूसरे का नजरिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएं सुलझाएं। आज आपके बॉस आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आपका परिवार आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेगा। आर्थिक रूप से दिन आपके पक्ष में रहेगा। वृश्चिक राशि– आज आपको दोस्तों का साथ मिलेगा। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की शिक्षा पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। खर्च की अधिकता के कारण मन चिंतिंत हो सकता है। शत्रु आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे, लेकिन अंत में जीत आपकी होगी। किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात की संभावना है। कार्यस्थल पर सीनियर्स का साथ मिलेगा। व्यापार में नई डील करने से पहले जरूरी रिसर्च करें। धनु राशि- आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहने वाला है, आर्थिक रूप से और शारीरिक रूप से। आज आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। ऑफिस में आपको अच्छे रिजल्ट नहीं मिलेंगे। आज कोई करीबी आपको धोखा दे सकता है, जिससे आप दिन भर परेशान रह सकते हैं। आपका जीवनसाथी आज आपको सपोर्ट करेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। मकर राशि- आज परेशानियों के सामने आने पर घबराएं नहीं बल्कि मुस्कुराएं। क्योंकि आप इनसे पार पा लेंगे। आज अपने खर्चों में फिजूलखर्ची नहीं करने की कोशिश करें। घरेलू मुद्दों को कंट्रोल से बाहर होने से पहले सुलझा लें। शादीशुदा जिंदगी अच्छी चलेगी। आर्थिक रूप से कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही है लेकिन भविष्य के लिए निवेश पर ध्यान देना अच्छा है। कुंभ राशि- आज अपनी सेहत पर नजर रखें। आपके खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि आपके मानसिक शांति को परेशान कर सकती है। जरूरत पड़ने पर दोस्त आपकी मदद के लिए आएंगे। रोमांटिक लाइफ के लिहाज से रोमांचक दिन है, आपके पास किसी खास व्यक्ति का फोन आ सकता है। लेकिन आज ऑफिस में काम में आपका मन नहीं लगेगा। यात्रा के अवसर सामने आएंगे। मीन राशि– आज आपको कोई सपना पूरा हो सकता है। लेकिन अपने उत्साह व जुनून को कंट्रोल में रखें। लंबी अवधि के लाभ निवेश पर फोकस करें। परिवार के सदस्यों की जरूरतों को प्राथमिकता दें। व्यापारियों के लिए नए क्लाइंट के साथ बातचीत करने का यह एक शानदार दिन है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहने वाला है। व्यावसायिक सफलता मिलने की संभावना है।

ईश भक्ति है सबसे सबल सहारा

भक्ति को राजमार्ग कहा गया है। ज्ञान और कर्म का मार्ग भी उसी मंजिल तक पहुंचाता है, परंतु वह कष्टसाध्य है। गीताकार ने ज्ञान द्वारा निराकार अव्यक्त परमेश्वर को प्राप्त करना दुष्कर बताया है। भक्ति द्वारा चित्त और बुद्धि को भगवान में स्थिर करना सरल और सुगम है। अभ्यास और विधि-विाधन के पालन से एकाग्रता प्राप्त की जा सकती है। इस प्रकार कर्म, ज्ञान (ध्यान) और भक्ति के विकल्पों के बाद निष्कर्ष अंतिम अध्याय में है, जहां सब साधनों को छोड़कर शरणागति को जीवन की सर्वोच्च सिद्धि स्थापित किया गया है। बल्लभाचार्य और रामनुजाचार्य ने शरणागति को प्रपत्ति कहा है। यही भक्ति का सार है। भक्त दो प्रकार के होते हैं। प्रपन्न और शरणागत। दोनों शब्दों का अभिप्राय एक होने पर भी अंतर है। प्रपन्न भक्त में कर्त्ता की विशेषता रहती है। प्रपद चरण के ऊपर के भाग को कहते हैं। उसको पकड़ कर रखना प्रपत्ति है। श्री चंद्र दर्शन में इस स्थिति को एक उदाहरण से स्पष्ट किया गया है- कई जन्मों की उपासना के बाद भक्त को भगवान के दर्शन हुए। भगवान ने वर मांगने को कहा। भक्त बार-बार कहता रहा, कुछ नहीं चाहिए। अंत में आशीर्वाद देकर भगवान गरुड़ पर बैठकर जैसे ही जाने लगे, भक्त ने अचानक एक हाथ से उनका एक चरण पकड़ लिया, दूसरे हाथ से गरुड़ का एक पंजा थाम लिया। इस प्रकार वह वैकुंठ पहुंच गया और परमपद पा गया। कलिकाल में प्रपत्ति निभाना कठिन है। इसमें बंदरिया के बच्चे के समान जीवन की पकड़ अपनी होती है। बंदरिया एक वृक्ष से दूसरे पर, एक पहाड़ी से दूसरी पर छलांगें लगाती जाती है। उसके बच्चे को मां की कमर को कसकर पकड़ना होता है। जरा-सी असावधानी से गिरने का डर रहता है। शरणागति में कर्त्ता की नहीं शरण देने वाले की विशेषता और चेष्टा रहती है। बस एक बार भगवान स्वीकार कर लें तुम मेरे हो। शरणागत भक्त बिल्ली के बच्चे के समान अपने को भगवान के भरोसे छोड़ देता है। बिल्ली अपने नवजात को तीखे दांतों के बीच भी कोमलता से पकड़ कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाती है। बच्चा मां पर अखंड आस्था के कारण निश्चिंत रहता है। द्रौपदी के चीरहरण की मर्मांतक कथा का निचोड़ यही है। जब तक जीव हाथ ऊपर करके अपनी सुरक्षा का भार भगवान पर नहीं छोड़ता उसे वह सुरक्षा-चक्र नहीं मिलता।  

आज शुक्रवार 06 जून 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आप मानसिक रूप से शांत रहेंगे। निवेश लाभ और समृद्धि लाएगा। आज आपको कार्यों में सफलता हासिल होगी। कार्यस्थल पर आज हर कोई आपकी बात ईमानदारी से सुनेगा। विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आपका जीवनसाथी आज शुरुआती दौर के प्यार और रोमांस को फिर से शुरू करेगा। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि– आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती भरा रहने वाला है। जिन लोगों ने कर्ज लिया था उन्हें आज कर्ज चुकाने में परेशानी हो सकती है। करियर में बदलाव की प्लानिंग बना रहे हैं तो आज इसे कार्यरूप देने का अच्छा समय है। आपके सहकर्मी आपको सपोर्ट करेंगे। जीवनसाथी के बीच की अनबन खत्म हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन ठीक ठाक रहेगा। व्यापारियों को उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। मिथुन राशि- आज आपको आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में उन्नति मिल सकती है। कार्यस्थल पर कुछ सहकर्मी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को संभालने के आपके तरीके को पसंद नहीं करेंगे आप मानसिक रूप से शांत रहेंगे, जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। आज आप अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन अपने जीवनसाथी के साथ बिताएंगे। कर्क राशि- आज आपको अपनी सकारात्मक सोच का पूरा लाभ मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेने में सफल रहेंगे। आपकी लाइफस्टाइल में बदलाव हो सकता है। अगर आप छात्र हैं और विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो आज आर्थिक संकट आपको परेशान कर सकता है। जीवनसाथी के साथ अनबन के संकेत हैं। आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। सिंह राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। किसी प्रिय व्यक्ति का साथ मिलने से महत्वपूर्ण कार्यों को निपटा सकेंगे। लेकिन आज आपके खर्च करने का तरीका आपकी आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है। अब समय आ गया है कि परिवार पर अपना दबदबा बनाने वाला रवैया बदलें। जीवन के उतार-चढ़ाव को साझा करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करें। कार्यस्थल पर लोगों का नेतृत्व करें। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। कन्या राशि- आज आपको कार्यस्थल पर किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक रूप से आप समृद्ध महसूस करेंगे। हालांकि ऑनलाइन पेमेंट करते समय आपको सतर्क रहने की जरूरत है। आपका पार्टनर सहयोगी और मददगार रहेगा। आज किसी करीबी व्यक्ति से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। तुला राशि- आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती भरा रहने वाला है। आज इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी कर सकते हैं। घरेलू काम थका देने वाला होगा और मानसिक तनाव का बड़ा कारण बनेगा। आपका लव अफेयर जादुई होता जा रहा है। आज आपका खाली समय अपने ऑफिस के काम को पूरा करने में भी व्यतीत होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वृश्चिक राशि- आज आपका उत्साह व आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। जिन लोगों को आप जानते हैं उनके माध्यम से आय के नए स्रोत उत्पन्न होंगे। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह के चलते आप व्यक्तिगत मामलों को सुलझाने में सफल रहेंगे। आज कार्यस्थल पर आपकी मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। लव लाइफ रोमांटिक रहेगी। धनु राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन आज खर्चों पर नजर रखने की जरूरत है कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है, नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आपकी लव स्टोरी आज एक नया मोड़ ले सकती है, जिसमें आपका पार्टनर आपसे शादी को लेकर बातचीत कर सकता है। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। मकर राशि- आज आप धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। आज किसी करीबी दोस्त की मदद से कुछ व्यापारियों को धन लाभ होने की संभावना है। आज आपकी आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती है। करीबी के साथ एक शानदार शाम बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी पेशा में नए अवसरों की प्राप्ति होगी। आप सिंगल जातकों की लाइफ में कोई खास व्यक्ति आ सकता है। कुंभ राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सेहत में पहले से सुधार होगा। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी। अपने जुनून पर काबू रखें, यह आपके लव अफेयर को खतरे में डाल सकता है। आपको वाहन सावधानी से चलाएं। आज किसी तीसरे व्यक्ति के कारण जीवनसाथी के अनबन हो सकती है। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहने वाली है। मीन राशि- आज आपको एकांत में समय बिताना चाहिए, जिससे आपको मानसिक राहत मिल सके। आज आप भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारियों को आज नई पार्टनरशिप के ऑफर आ सकते हैं। आज आप अपने जीवन का सबसे अच्छा समय अपने जीवनसाथी के साथ बिताएंगे।

निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशी के व्रत में सर्वश्रेष्ठ, जान लें व्रत के पारण नियम

निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशी के व्रत में सर्वश्रेष्ठ माना गया है. इस व्रत को करने से व्यक्ति को सभी साल में पड़ने वाली 24 एकादशी के बराबर फल की प्राप्ति होती है. साल 2025 में निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून 2025, शुक्रवार के दिन रखा गया. एकादशी व्रत का पारण व्रत के अगले दिन किया जाता है. यहां जानते हैं कब और कैसे किया जाएगा साल की सबसे बड़ी एकादशी के व्रत का पारण. बिना पानी के व्रत को निर्जला व्रत कहते हैं और निर्जला एकादशी का उपवास किसी भी प्रकार के भोजन और पानी के बिना किया जाता है. कठोर नियमों के कारण इस एकादशी को सभी एकादशी को सभी एकादशी में सर्वश्रेषठ और साल की सबसे बड़ी एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी के व्रत को रखने से अन्य एकादशियों का लाभ भी प्राप्त होता है. अक्सर निर्जला एकादशी का व्रत जून माह में रखा जाता है. यहां जानते हैं साल 2025 में निर्जला एकादशी व्रत को रखने की सही तिथि क्या रहेगी. निर्जला एकादशी 2025 निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून, 2025 शुक्रवार के दिन किया जाएगा. व्रत का पारण अगले दिन 7 जून, शनिवार के दिन होगा. निर्जला एकादशी के व्रतका पारण करने का सही समय 7 जून, शनिवार को दोपहर 1.35 मिनट से लेकर शाम 4 बजे तक रहेगा. पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय – 11.25 मिनट रहेगा. निर्जला एकादशी 2025 व्रत पारण एकादशी के व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं. एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी होता है. यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है. द्वादशी तिथि के भीतर पारण न करना पाप करने के समान होता है. एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए. कैसे करें पारण?     द्वादशी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर लें और सूर्य देव को अर्घ्य दें.     मंदिर को साफ करें, भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाएं.     मंत्रों का जप करें और विष्णु चालीसा का पाठ करें.     भगवान विष्णु को सात्विक भोजन का भोग लगाएं.     सभी में प्रसाद का वितरण करें और स्वयं प्रसाद को ग्रहण करें.     द्वादशी तिथि के दिन चावल का सेव जरूर करें. क्या होता है हरि वासर? श्रद्धालु एकादशी का व्रत करते हैं तो उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए. हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि या भाग को कहा जाता है. व्रत तोड़ने के लिये सबसे उपयुक्त समय प्रातःकाल यानि सुबह का होता है, व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को मध्याह्न के दौरान व्रत तोड़ने से बचना चाहिए. कुछ कारणों की वजह से अगर कोई प्रातःकाल पारण नहीं कर पाया हो, तो उसे मध्याह्न के बाद पारण करना चाहिए.

वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी कल, इस दिन घर में भूलकर भी न करें ये 3 काम

 निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है। यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है और ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस साल निर्जला एकादशी 6 जून 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 6 जून को रात 2:15 बजे शुरू होगी और 7 जून को सुबह 4:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत 6 जून को रखा जाएगा। पारण का समय 7 जून को दोपहर 1:44 बजे से 4:31 बजे तक रहेगा। इस दिन भक्त बिना जल और भोजन के व्रत रखते हैं, जिसके कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से साल की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आइए इस लेख में उन उपायों के बारे में जानते हैं जिन्हें निर्जला एकादशी के दिन करने से सभी परेशानियां दूर होती है, और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी पत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने तुलसी की मंजरी चढ़ाएं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें; एक दिन पहले ही इकट्ठा कर लें। यह उपाय आर्थिक समस्याओं को दूर करता है और सुख-समृद्धि लाता है। श्री फल (नारियल) का दान करें इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को श्री फल (नारियल) अर्पित करें और फिर इसे किसी जरूरतमंद को दान करें। यह उपाय जीवन से बाधाओं को हटाता है और माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। दान करते समय मन में शुद्ध भाव रखें और भगवान का ध्यान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें निर्जला एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठकर इस पाठ को करें। यह उपाय सभी पापों का नाश करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। यह उन लोगों के लिए भी लाभकारी है, जो जीवन में बार-बार असफलता का सामना कर रहे हैं। गरीबों को अन्न और जल का दान करें निर्जला एकादशी पर अन्न, जल, वस्त्र और छाता दान करने की परंपरा है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पानी पिलाएं। यह पुण्य कार्य आपके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह उपाय स्वास्थ्य समस्याओं को भी कम करता है।

शुभ संयोग में गंगा दशहरा पूजन व स्नान किया जाएगा, कैसे करें मां गंगा की पूजा, जानें विधि व उपाय

नई दिल्ली  इस साल गुरुवार के दिन शुभ संयोग में गंगा दशहरा पूजन व स्नान किया जाएगा। जब-जब पुण्य और मोक्ष की बात होती है, मां गंगा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। गंगा दशहरा पर भक्त देवी गंगा की पूजा व गंगा स्नान करते हैं। रवि योग और हस्त नक्षत्र के योग में स्नान और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। तैतिल और गर करण जैसे शुभ संयोग भी इस दिन को और पावन बना रहे हैं। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान और दान-पुण्य करना अत्यधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा में पवित्र स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल सकती है। इस दिन अगर आप भी घर पर स्नान या पूजन करना चाह रहे हैं तो जानें पूजन की सम्पूर्ण विधि- गंगा दशहरा के दिन घर पर कैसे करें मां गंगा की पूजा, जानें विधि: प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें। गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि संभव न हो तो घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। पूजा घर, मंदिर या पूजा स्थल पंडाल को गंगा जल से शुद्ध कर करें। पूजा की चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर उस पर मां गंगा की तस्वीर स्थापित करें। जलाभिषेक करें। मां गंगा की मूर्ति को चंदन का तिलक लगाकर अक्षत, फल और फूल अर्पित करें। देवी गंगा को मिष्ठान, मिश्री, दही, हलवा, पंचामृत या खीर का भोग लगाएं। मां गंगा का ध्यान करते हुए ॐ नमः शिवाय’, ‘ॐ गंगे नमः’ अथवा ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति’ आदि मंत्रों का जाप करें। भगवान शिव व विष्णु जी की भी पूजा करें। पूरी श्रद्धा के साथ गंगा मैया की आरती करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करें। दान: इस दिन तिल, तुलसी, घी, कपड़े, पंखा, जल का घड़ा और अनाज आदि का दान करें। उपाय- सुख, समृद्धि व शांति के लिए गंगा चालीसा व गंगा स्त्रोत का पाठ करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

गुरुवार 05 जून 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। वृषभ राशि– वृषभ राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। मिथुन राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। कर्क राशि- कर्क राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह राशि- आज मेष राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें। कन्या राशि– आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। तुला राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। वृश्चिक राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। धनु राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। मकर राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। कुंभ राशि- करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। मीन राशि- मीन राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें।

बुधवार 28 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष: आज अपने बॉस के साथ आपको डिप्लोमेटिक तरीके से चीजों को आगे बढ़ाना चाहिए। आपको किसी भी तरह का लेन-देन करते समय चौकन्ना रहना होगा। करियर तौर पर प्रोडक्टिव रहेंगे। अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएं। माता पिता के साथ टाइम स्पेन्ड करना अच्छा रहेगा। वृषभ: आज सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस मेन्टेन करके रखना बेहद जरूरी है। इसलिए अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है, जो कन्फ्यूजन क्रीएट नहीं होने देता। मिथुन: आज आज काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। हेल्दी रहेंगे। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। स्ट्रैटिजी के साथ चलें। अर्थीक स्थिति मजबूत रहेगी। जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। कर्क: आज अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर पर जाने का प्लान करें। आज आपको जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए। वहीं, आज का दिन थोड़ा बिजी महसूस हो सकता है। खुद को हाइड्रेटेड रखना न भूलें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। सिंह: आज के दिन सिंगल लोगों को अपने क्रश के साथ टाइम स्पेन्ड करने का मौका मिलेगा। आपके लिए आज का दिन काफी लकी माना जा रहा है। धन वृद्धि के योग बन रहे हैं। बिजनेस कर रहे लोगों की किस्मत साथ देगी। कन्या: आज आपको इन्वेस्ट करते समय बेहद सावधान रहना चाहिए। लव के मामले में पार्टनर के साथ बहस में पड़ सकते हैं। वहीं, हेल्थ पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आज आप क्रिएटिव महसूस कर सकते हैं। फाइनेंशियल सिचूऐशन आज गड़बड़ा सकती है। तुला: आज हेल्दी डाइट लें। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें। फाइनेंशियली आप अच्छे हैं। वहीं, जल्दबाजी में आकर आज कोई जरूरी डिसीजन न ही लें तो बेहतर है। दिन रोमांटिक रहने वाला है। वृश्चिक: आज थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। अपनी फीलिंग्स को एक्सेप्ट करें। हेल्थ पर नजर रखें। आज का दिन मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन थोड़ी गड़बड़ा सकती है। आपके अंदर हर परिस्थिति को पार करने की क्षमता है। धनु: आज तनाव दूर करने के लिए वॉक पर जा सकते हैं या पसंदीदा म्यूजिक भी सुन सकते हैं। ऑफिस का काम घर लेकर न आएं। वहीं, इन्वेस्टमेंट करना आज ठीक नहीं रहेगा। आपको अपने स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए। मकर: आज लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आज थोड़ा स्ट्रेस फील कर सकते हैं। आपको काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लेना चाहिए। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। कुंभ: आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। आज की एनर्जी आपको अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। फिटनेस को मेंटेन करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें। अपनी मां की सेहत पर ध्यान दें। मीन: आज जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। लेकिन शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। स्ट्रेस से दूर रहें।

27 मई 2025 मंगलवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज का दिन कुछ लोगों के लिए खर्च लेकर आ सकता है। दूसरों की खुशी के लिए अधिक समय और पैसा खर्च कर सकते हैं। आप अपनी भावनात्मक और मानसिक समस्याओं का सोल्यूशन निकाल लेंगे, जिन पर आपने लंबे समय से ध्यान नहीं दिया है। वृषभ: आज के दिन आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण प्रगति देख सकते हैं। आपको कुछ समय के लिए अकेले रहने और बाहरी दुनिया से दूर रहने की जरूरत महसूस होगी। कार्यस्थल पर आपका अपने बॉस और सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकता है, जिसके कारण स्ट्रगल करना होगा। मिथुन: आज आपके कुछ दुश्मनों की स्ट्रैटिजी आपको नुकसान पहुंचा सकती है। उत्साह में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट बनाने की कोशिश करें। मैरिड लाइफ में कुछ परेशानियां आ सकती हैं, छोटी-छोटी बातों पर भी आपके बीच बहस हो सकती है। कर्क: आज आपके करियर में सुधार होगा। आपकी स्किल्स और मेहनत को पहचान मिल सकती है। आपका सकारात्मक और नरम व्यवहार आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। ऑफिस में आपके ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी। सिंह: आज आप अपने काम से सिनीयर्स की तारीफ पाने में सफल रहेंगे। इससे आप अपने क्षेत्र में और अधिक शक्तिशाली बनेंगे। आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। आपकी एनर्जी पॉजिटिव रहने वाली है। कन्या: आज आप अपनी इच्छाओं और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर रखें। आज सकारात्मक बातचीत से सब कुछ सॉल्व हो सकता है। व्यापारियों को नए पार्टनर्स मिल सकते हैं। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। तुला: आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए वो काम करें जो आपको खुशी देता है। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। निजी जीवन में आप किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति सिरियस हो सकते हैं, जिसे आप केवल अपना दोस्त समझते थे। वृश्चिक: आज मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। आप कार्यस्थल पर अच्छे माहौल का अनुभव करेंगे और अपने रिश्तों में नई चीजें सीखेंगे। पार्टनर के साथ आपकी अच्छी बान्डिंग होगी। तनाव ज्यादा न लें। धनु: आज काम की लापरवाही सिनीयर्स की नाराजगी का कारण बन सकती है। आज के दिन आपको डाइट में हेल्दी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज के दिन पैसों का हिसाब-किताब करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। मकर: आज के दिन कोई गलतफहमी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। मैरिड कपल्स को एक दूसरे के काम में हाथ भी बटाना चाहिए। जीवन के सुख-समृद्धि बनी रहेगी। कुंभ: पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। पैसों से जुड़े मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। किचन में काम करते समय आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आपका पूरा ध्यान अपने घर-परिवार पर रहेगा। मीन: आज आप अपने पार्टनर के साथ अपने करियर के बारे में चर्चा कर सकेंगे। निजी जीवन की बात करें तो वैवाहिक जीवन में आपको कुछ जादुई पल देखने को मिलेंगे। आपको सेहत संबंधी कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सावधानी बनाए रखें।

शनि जयंती के मौके पर इन चीजों का करें दान

ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है, जो इस वर्ष 27 मई 2025, मंगलवार को है. यह दिन भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है. यदि आप शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, या किसी अन्य शनि दोष से पीड़ित हैं, तो इस दिन कुछ विशेष चीजों का दान करने से आपके सभी कष्ट दूर हो सकते हैं. यहां शनि जयंती के अवसर पर दान करने योग्य कुछ प्रमुख वस्तुएं दी गई हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को विशेष स्थान दिया गया है. शनि न्यायाधीश हैं, वे लोगों को कर्मों के अनुसार फल देते हैं. इन चीजों का करें दान     काले तिल: काले तिल शनि देव को अत्यंत प्रिय हैं और उन्हें दान करने से शनि के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं. यह दुर्भाग्य को दूर करता है और घर में शांति व समृद्धि लाता है. किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति को या शनि मंदिर में दान करें.     उड़द की दाल (विशेषकर काली उड़द): काली उड़द भी शनि से संबंधित मानी जाती है. इसका दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं, धन-धान्य में वृद्धि होती है और शनि देव प्रसन्न होते हैं. गरीबों को, विशेषकर शनि मंदिर के बाहर बैठे लोगों को, या किसी जरूरतमंद परिवार को.     सरसों का तेल: सरसों का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय है. शनि जयंती पर सरसों के तेल का दान करने और शनि मंदिर में दीपक जलाने से शनि देव शांत होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है. यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है. शनि मंदिर में या किसी गरीब को दान करें.     काले वस्त्र: काले वस्त्र शनि देव की ऊर्जा और प्रभाव का प्रतिनिधित्व करते हैं. काले वस्त्रों का दान करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और शनि के शुभ फल प्राप्त होते हैं. यह अटके हुए कार्यों को भी पूरा करने में मदद करता है. किसी निर्धन या असहाय व्यक्ति को दान दें.     लोहे की वस्तुएं: लोहा शनि का धातु है. लोहे से बनी वस्तुओं का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और सभी कष्टों को दूर करते हैं. लोहे के बर्तन या अन्य कोई लोहे की वस्तु किसी गरीब को दान करें.     जूते या चप्पल: शनि जयंती पर जूते या चप्पल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. इससे शनि से संबंधित कष्ट दूर होते हैं और जीवन की बाधाएं कम होती हैं. किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें, विशेषकर जो नंगे पैर हो. दान का महत्व दान हमेशा अपनी सामर्थ्य और पूर्ण श्रद्धा भाव से करें. दान को गुप्त रखना अधिक पुण्यकारी माना जाता है. दान ऐसे व्यक्ति को करें जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता हो. दान के साथ-साथ अपने कर्मों को शुद्ध रखें, ईमानदारी से जीवन जिएं और किसी को कष्ट न दें. शनि जयंती पर इन चीजों का दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले सभी कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

आज सोमवार 26 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि– आप अपने काम के प्रति काफी कमिटेड भी रहेंगे। आप अपने हर लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। आज आपको अपने करियर में उन्नति देखने को मिलेगी। काम के दबाव के कारण आपके शेड्यूल में थोड़ा बदलाव हो सकता है। वृषभ राशि- आज का दिन भाई-बहनों के साथ अच्छी नेटवर्किंग और मौज-मस्ती लेकर आएगा। आपको नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा, जिससे आपका करियर विकसित होगा। आप दूसरों के बारे में अपने विचार आसानी से जाहिर कर पाएंगे। मिथुन राशि- आज आर्थिक तौर पर आप कुछ जोखिम भरे निवेश करने से बचें, खासकर शेयर मार्केट में। निजी जीवन में आज का दिन आपके लिए बेहद रोमांटिक रहेगा। आप अपना काफी समय प्यार और रोमांस में बिताएंगे। कर्क राशि- आपकी रचनात्मकता बढ़ेगी और आप कला, संगीत और कविता के माध्यम से नाम कमाएंगे। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े लोग मनोरंजक गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं। यह आपके काम के तनाव से मुक्ति दिला सकता है। सिंह राशि- आज का दिन अच्छा आर्थिक लाभ और रोमांस की इच्छा लेकर आएगा। कार्यस्थल पर आप अपने नए और रचनात्मक विचारों की मदद से सभी मुश्किल मुद्दों का सोल्यूशन खोजने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही कलाकारों और रचनात्मक क्षेत्र के लोगों के लिए दिन काफी अच्छा रहने वाला है। कन्या राशि- आज के दिन कारोबार आपका बेहतरीन रहने वाला है। अगर आप अपने कैजुअल रिश्ते को लंबे समय तक बनाए रखना चाहते हैं तो आपको इसके लिए प्रयास करना चाहिए। आप अपने सामाजिक जीवन, करियर और निवेश में रिस्क लेने के बारे में सोच सकते हैं। तुला राशि- आज व्यापार से जुड़े लोग कुछ अच्छी स्ट्रेटेजी बना सकते हैं और अपनी योजनाओं को अपने पार्टनर्स के साथ शेयर कर सकते हैं। ग्राहक आपके काम से खुश रहेंगे और आपके ग्राहक भी बढ़ेंगे। वृश्चिक राशि- आज आप लोगों की नजरों में मददगार इंसान बन सकते हैं। ऑफिस में आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की आवश्यकता होगी। वे आपकी प्रतिष्ठा और कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। धनु राशि- आज अपने पर्सनल जीवन और व्यावसायिक पार्टनरशिप में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। आपका व्यक्तित्व और अधिक आकर्षक बनेगा। लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। आप अपने सहकर्मियों की स्किल्स की प्रशंसा करेंगे। मकर राशि- आज ऑफिस में आपकी किस्मत हर काम में आपका साथ देगी। प्रोजेक्ट को सफलता के साथ पूरा करेंगे। कोई भी दुश्मन आपको किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। व्यापार से जुड़े जातकों को कोई नया लाभदायक सौदा मिल सकता है। कुंभ राशि- आप आज अब तक जिस पर भी विश्वास करते आए हैं, उस पर सवाल उठाना शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आप आध्यात्मिक चीजों पर भी ध्यान देंगे ताकि आपको अपने सवालों के जवाब मिल सकें। आप अपनी जीवनशैली और व्यक्तित्व में जरूरी बदलाव लाएंगे। मीन राशि– आज के दिन विचारों में बदलाव लाएगा। आपकी रुचि कुछ सामाजिक मुद्दों में रहेगी। इसके साथ ही समाज को बेहतर बनाने के लिए दान और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेंगे। आप किसी दूसरी संस्कृति के फैशन से मोटिवेट होंगे।  

4 राशि वालों की किस्मत को शनि जयंती से लगेंगे पंख, शुरू होंगे अच्छे दिन-बढ़ेगा बैंक बैलेंस

इस बार शनि जयंती का पर्व 27 मई, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन कईं शुभ योग भी बनेंगे जिसके चलते 4 राशि वालों की किस्मत चमक सकती है। इन्हें धन लाभ के साथ दूसरे फायदे भी होंगे। शनि जयंती 2025 पर किसका होगा भाग्योदय?  धर्म ग्रंथों के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 27 मई, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुकर्मा नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। साथ ही इस दिन ज्येष्ठ मास का तीसरा मंगल भी रहेगा, जिसके चलते इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन से 4 राशि वालों की किस्मत चमक सकती है और अच्छे दिन भी शुरू होंगे। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 4 राशियां… वृषभ राशिफल शनि जयंती 2025 इस राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो शनि के मित्र हैं। इस राशि के लोगों के जीवन में अचानक खुशियों का आगमन होगा। जिस काम के लिए लंबे समय से इंतजार था वो हो सकता है। पहले किए गए इन्वेस्टमेंट का लाभ भी इस समय मिल सकता है। लव लाइफ से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। बैंक बैलेंस में अचानक वृद्धि हो सकती है। कन्या राशिफल शनि जयंती 2025 इस राशि के स्वामी बुध हैं। ये भी शनि के मित्र हैं। इस राशि वालों पर शनि की कृपा बनी रहती है। शनि जयंती से इस राशि के लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। नौकरी-बिजनेस में लाभ की स्थिति बनेगी। पुश्तैनी संपत्ति से धन लाभ संभव है। राजनीति से जुड़े लोगों को बड़ा पद मिल सकता है। संतान से सुख मिलेगा। मकर राशिफल शनि जयंती 2025 इस राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं। कुछ दिनों पहले ही मकर राशि पर से शनि की साढ़ेसाती खत्म हुई है जिसके चलते इस राशि के लोगों की लाइफ बहुत ही खुशहाल रहेगी। प्रॉपर्टी से धन लाभ होगा। नया काम शुरू करने के लिए समय बहुत ही शुभ है। परिवार में कोई शुभ प्रसंग जैसे विवाह, सगाई आदि हो सकती है। सेहत से जुड़ी परेशानी दूर होगी। कुंभ राशिफल शनि जयंती 2025 इस राशि के स्वामी भी चंद्रदेव हैं। इस राशि पर अभी शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है जो शुभ फल देने वाला है। स्टूडेंट्स के लिए समय अनुकूल फल देने वाला रहेगा। अविवाहितों का विवाह तय हो सकता है। बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। अतिरिक्त आय होने के योग भी बन रहे हैं। शेयर बाजार से जुड़े लोगों को लाभ होगा।

आज रविवार 25 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज आपके शत्रु आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे, लेकिन जीत आपकी होगी। आपकी आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। आपको अपनी भावनाओं पर काबू रखने में परेशानी होगी। आपके जीवनसाथी के रिश्तेदार आपके वैवाहिक सुख के तालमेल को बिगाड़ सकते हैं। व्यापारिक सफलता मिल सकती है। वृषभ: आज आप जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आपको मानसिक शांति भी मिलेगी। अपनों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की कोशिश करें। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। व्यावसायिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। मिथुन: आज के दिन आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे। आज आपको पैसा कमाने के कई मौके मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आय में वृद्धि के योग होंगे। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कर्क: आज आप आराम करने की कोशिश करेंगे, लेकिन कार्यस्थल पर बोझ के कारण ऐसा करना संभव नहीं होगा। आज सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। जीवनसाथी का सानिध्य मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। परिवार के किसी सदस्य से अनबन के बाद घर में थोड़ी कलह हो सकती है। सिंह: आज आप अपने स्वभाव से लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। नई चीजों पर फोकस करें और अपने सबसे अच्छे दोस्तों से मदद लें। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर रहेगा। किसी भी कार्यस्थल पर कोई खास प्रोजेक्ट में काम करने का मौका मिल सकता है। कन्या: आपकी ऊर्जा का लेवल हाई रहेगा। आज आप पैसे जमा करने और बचाने में सफल हो सकते हैं। आज की शाम आपके लिए यादगार हो सकती है क्योंकि जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कोई भी नया कार्य या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उन लोगों से बात करें जिन्होंने उस क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव प्राप्त किया हो। तुला: वर्कप्लेस पर सीनियर्स का दबाव और घर में कलह कुछ तनाव ला सकती है। आज आपको निवेश का लाभ मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति के साथ अच्छा समय बिताने में सफल रहेंगे। आज आपका लवर आपके सामने अपनी भावनाएं खुलकर शेयर नहीं कर पाएगा, जिससे आप परेशान हो सकते हैं। आज आपका व्यक्तित्व लोगों को निराश कर सकता है, इसलिए आपको अपना नजरिया बदलने और अपने जीवन और स्वभाव में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत है। वृश्चिक: आज का दिन आपके लिए खुशियों से भरा रहेगा। आज आपको कार्यों में सफलता मिलेगी और कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। आज का दिन पूरे परिवार के लिए खुशखबरी लेकर आता है। आप रोमांटिक विचारों और पुराने सपनों में खोए रहने वाले हैं। आपका पार्टनर आपके साथ समय बिताने की मांग कर सकता है। आज किसी खास सरप्राइज की उम्मीद कर सकते हैं। धनु: आज आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। आप किसी आर्थिक सौदे को अंतिम रूप दे सकते हैं, जिससे धन लाभ हो सकता है। आज के दिन को एक बेहतरीन दिन बनाने के लिए परिवार या करीबी दोस्तों के साथ मिलें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ वाकई एक बेहतरीन शाम गुजार सकते हैं। अनजान व्यक्ति के साथ लेनदेन से बचें। मकर: आज आपका मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखें। सेहत पर ध्यान दें। नौकरी में बदलाव हो सकता है। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आज ऑफिस के किसी काम में आप उलझ सकते हैं, जिससे अतिरिक्त घंटे काम करना पड़ सकता है। अपनी स्किल को निखारने का मौका मिलेगा। कुंभ: आज आपको अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता का सान्निध्य मिलेगा। कारोबार के लिए पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। संतान का साथ मिलेगा। लेकिन अपने सेहत पर नजर रखना आपके लिए जरूरी है। मीन: आज आपकी एनर्जी में वृद्धि होगी। पराक्रम रंग लाएगा। अटके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी। धन का आवक बढ़ेगा। जिस चीज की जरूरत होगी उसकी उपलब्धता भी होगा। हालांकि परिवार का कोई सदस्य आज आपके खिलाफ बोल सकता है, जिससे आपकी फीलिंग्स को गहरी ठेस पहुंचेगी।

शनिवार 25 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज का दिन आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। आज कार्यस्थल पर कड़ी मेहनत रंग लाएगी। आज आपको आर्थिक रूप से उन्नति मिल सकती है। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, आपके मन में तनाव आएगा। पार्टनर से आपको सरप्राइज मिल सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के प्यार से अपने जीवन की सारी तकलीफें भूल जाएंगे। वृषभ राशि- आज आप आत्मविश्वास अपने निवेश और अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में गुप्त रहें। घरेलू मामलों और लंबित घरेलू कामों को निपटाने के लिए अनुकूल दिन है। किसी प्रिय व्यक्ति का साथ मिलेगा। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आज आपके लिए कीमती साबित होगी। दिन को बेहतरीन बनाने के लिए आप अपने छिपे हुए गुणों का इस्तेमाल करेंगे। आज आपको अपने जीवनसाथी से एक बार फिर प्यार हो जाएगा। मिथुन राशि– आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। लंबे समय के निवेश का आपको लाभ मिलेगा। परिवार की जरूरतों को आप पूरा करने में सफल रहेंगे। कड़ी मेहनत और उचित प्रयास अच्छे परिणाम और पुरस्कार लाएंगे। अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। वैवाहिक जीवन सुखद रहने वाला है। कर्क राशि- आज आपको किसी लंबी व पुरानी बीमारी से राहत मिलेगी। गुस्से पर कंट्रोल रखें और बेवजह के विवाद से दूरी बनाकर रखें। आपको आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि पहले दिया गया कोई पैसा तुरंत वापस आ जाएगा। व्यक्तिगत जीवन अच्छा रहेगा। आज जीवनसाथी के साथ एक बेहतरीन दिन बिताएंगे। सिंह राशि- आज आपको ऑफिस में अपनी स्किल दिखाने का मौका मिलेगा। रियल एस्टेट निवेश लाभदायक रहेगा। आज आप अपने लवर के साथ बाहर घूमने का प्लान बनाएंगे लेकिन कोई जरूरी काम आने के कारण आप नहीं जा पाएंगे। किसी भी पार्टनरशिप में साइन करने से पहले अच्छेसे कागजों की जांच कर लें। अपने पार्टनर पर किसी भी चीज के लिए दबाव नहीं डालें, इससे आप दोनों के दिल में दूरी ही बनेगी। कन्या राशि- आज अपने आप को फिट रखने पर ध्यान दें। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। पारिवारिक मोर्चे पर आप खुशहाल रहने वाले हैं पार्टनरशिप पर साइन करने से पहले अच्छी तरह से चेक कर लें।आज रात के समय आप अपने घर से दूर जाकर छत पर या किसी पार्क में टहलना चाहेंगे। आज आपकी अपने जीवनसाथी के साथ गंभीर बहस हो सकती है। तुला राशि- आज आपका मन धर्म-कर्म में लगेगा। व्यापार में मुनाफा आज कई व्यापारियों और व्यवसायियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। आपको संतान की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। इस राशि के जातकों को आज खाली समय में अपने साथ बिताना चाहिए, ऐसा करने से आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर रहेगा। वृश्चिक राशि- आज आपको खुशी का एहसास होगा। अपने खर्चों पर कंट्रोल रखें और कोशिश करें कि आज आप ज्यादा खर्च न करें। आज परिवार का साथ मिलेगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज आपको महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। जब आपके वैवाहिक जीवन की बात आएगी तो चीजें सरप्राइज रूप से आपके पक्ष में आ सकती हैं। धनु राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। पैसों का लेन-देन दिन भर लगातार होता रहेगा और दिन ढलने के बाद आप पर्याप्त बचत करने में भी सफल रहेंगे। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व आपको कुछ नए दोस्त बनाने में मदद करेगा। अगर आज आप डेट पर जाते हैं तो विवादास्पद मुद्दे उठाने से बचें। नए क्लाइंट के साथ बातचीत करने का यह एक शानदार दिन है। अगर आप आज वाकई फायदा चाहते हैं तो दूसरों की सलाह पर ध्यान दें। आज आपको जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। मकर राशि- आज आपको धन की स्थिति के कारण मानसिक तनाव हो सकता है। अप्रत्याशित बिल से आर्थिक बोझ बढ़ेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनका साथ मिलेगा। सिंगल जातकों के जीवन में किसी नए शख्स की एंट्री हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आज चीजें आपके पक्ष में रहेंगी। आपको अपने परिवार के छोटे सदस्यों के साथ कुछ समय बिताना सीखना चाहिए। आपके जीवनसाथी से सपोर्ट की कमी आपको निराशा की ओर ले जाएगी। कुंभ राशि- आज आपको जरूरत से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है, जिससे आप पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और वे आप पर अपना प्यार लुटाएंगे। आज का दिन हाई परफॉर्मेंस और हाई प्रोफाइल का दिन है। आज आपको सच्चे प्यार का पता चलेगा। व्यापारिक रूप से आप अच्छी स्थिति में आएंगे। मीन राशि- आज बच्चों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आज खर्चों का दबाव रहेगा। आपकी मुलाकात एक देखभाल करने वाले और समझदार दोस्त से होगी। अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखें। सेहत पर ध्यान दें। नौकरी में बदलाव हो सकता है। तरक्की के अवसर मिलेंगे।

ज्येष्ठ माह में आने वाले नौतपा में जलाएं ये खास दीपक

भारत में विभिन्न धार्मिक परंपराएं और रीति-रिवाज समय-समय पर श्रद्धालुओं को एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है नौतपा। यह ज्येष्ठ माह में आने वाला एक विशेष काल होता है, जिसमें सूर्य की स्थिति और तापमान का प्रभाव अधिक होता है। इसे ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया है। नौतपा के नौ दिनों में विशेष उपाय और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और भाग्य का साथ मिल सकता है। इस आर्टिकल में जानेंगे कि नौतपा के दौरान दीपक जलाने के क्या नियम हैं। समय का ध्यान रखें: दीपक जलाने का उचित समय संध्याकाल या प्रातःकाल सूर्योदय के समय होता है। इस समय वातावरण शुद्ध और शांत होता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। तिल के तेल का प्रयोग करें: नौतपा में दीपक के लिए तिल का तेल सबसे शुभ माना गया है। यह नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और शनि के प्रभाव को शांत करता है। घी का दीपक विशेष अवसरों पर: यदि आप विशेष फल या पुण्य की कामना रखते हैं, तो गाय के घी का दीपक जलाना अत्यंत लाभकारी होता है। विशेष रूप से संडे के दिन ऐसा किया जा सकता है। दीपक की दिशा: पूर्व दिशा में दीपक जलाना सौभाग्य और सफलता को बढ़ाता है। उत्तर दिशा में जलाया गया दीपक धन और समृद्धि लाता है। दक्षिण दिशा की ओर जलाना पितरों के लिए समर्पित होता है और यह श्राद्ध भाव दर्शाता है। पश्चिम दिशा में दीपक जलाना शत्रु नाश और आत्मरक्षा के लिए उपयोगी माना गया है। दीपक के साथ इन मंत्रों का करें जाप दीपज्योति परब्रह्म, दीपज्योति जनार्दन। दीपो हरतु मे पापं, संध्यादीप नमोऽस्तुते॥ ॐ घृणि सूर्याय नमः। दीपक जलाते समय अपने मन में शुद्ध विचार और किसी विशेष उद्देश्य का संकल्प लें।

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व, जाने कब और कैसे बनता है गुरु पुष्य योग?

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु पुष्य योग कब बनता है और इस योग का निर्माण कैसे होता है. ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है जो गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र के पड़ने पर बनता है. यह एक गोचर योग है जो सभी के लिए लाभकारी होता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्य स्थायी और फलदायी होते हैं. इसके अलावा इस योग में किए गए उपायों से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है. गुरु पुष्य योग कब बनता है? ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग के लिए गुरुवार का दिन होना अनिवार्य है, क्योंकि गुरुवार का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है और 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र है और इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह अत्यंत शुभ, पुष्टिदायक और कल्याणकारी माना जाता है. जब ये दोनों (गुरुवार और पुष्य नक्षत्र) एक साथ आते हैं, तो गुरु पुष्य योग का निर्माण होता है. इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहते हैं. गुरु पुष्य योग का कुंडली में महत्व गुरु पुष्य योग किसी विशेष व्यक्ति की कुंडली में बनने वाला योग नहीं है, बल्कि यह गोचर का योग है. यानी, यह आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण बनता है और एक निश्चित समय के लिए सभी के लिए प्रभावी होता है. गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान, धन, धर्म, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह है. पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि देव हैं. इसलिए, पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान होता है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है. शनि स्थिरता, अनुशासन और स्थायित्व का कारक है. जब गुरु (बृहस्पति) और पुष्य नक्षत्र (जिसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं) का शुभ संयोग बनता है, तो यह योग अत्यधिक शक्तिशाली हो जाता है. बृहस्पति अपनी शुभता को बढ़ाता है और शनि उस शुभता को स्थायी बनाता है. गुरु पुष्य योग का महत्व ऐसी मान्यता है कि गुरु पुष्य योग में किए गए कार्य या खरीदी गई वस्तुएं अक्षय फल देती हैं, यानी उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और उनमें वृद्धि होती है. इस दिन सोना, चांदी, गहने, वाहन, घर, जमीन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. व्यापार शुरू करना, विद्या आरंभ करना, नए सौदे करना, गृह प्रवेश करना, या कोई भी नया और महत्वपूर्ण काम शुरू करना इस योग में बहुत लाभकारी होता है. इस योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है. यह योग जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लाता है. विशेष रूप से यह गुरु और शनि से संबंधित दोषों को कम करने में सहायक होता है.  

24 मई 2025 शुक्रवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और जरूरत के हिसाब से जीवन में वस्तुएं उपलब्ध होंगी। आप किसी की मदद से पैसा कमाने में सफल हो सकते हैं। आपको बस खुद पर विश्वास रखने की जरूरत है। बच्चों की सेहत में सुधार होगा। अपनों का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर चीजें आपके पक्ष में नजर आ रही हैं। हर टास्क को सीरियस होकर निपटाएं। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वृषभ राशि- घर का तनाव आपको मानसिक रूप से परेशान करेगा। आज अपनी जुबान पर काबू रखें, वरना परिवार के किसी सदस्य को ठेस पहुंच सकती है। आज आपके दिमाग में आने वाले पैसे कमाने के नए विचारों का लाभ उठाएं। आज आपका जीवनसाथी भरपूर सहयोग करेगा। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। मिथुन राशि- आज आपको अज्ञात भय सता सकता है। कार्यस्थल पर किसी की सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकती है। किसी बड़ी व्यापारिक डील पर बातचीत करते समय अपनी फीलिंग्स पर कंट्र्रोल रखें। विचारों में मतभेद के कारण आज आपके और आपके पार्टनर के बीच बहस हो सकती है। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। व्यापार में विस्तार मिल सकता है। कर्क राशि- आज आपका दिन आनंददायक रहेगा। किसी भी तरह का मानसिक तनाव आपको परेशान नहीं करेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। धन का आगमन होगा। किसी अच्छे कार्य के लिए धन खर्च करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से आज आपको सरप्राइज मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ सामान्य से अच्छा दिन गुजारेंगे। सिंह राशि- आज आप लोग अपनी सफलता का स्वाद चख सकते हैं। आज आर्थिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। नौकरी में बदलाव की कोशिश कर रहे लोगों को किसी इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। व्यापारिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। कन्या राशि- आज आप जीवनसाथी के साथ बातचीत करते समय इमोशनल हो सकते हैं। खर्च की अधिकता आपको परेशान कर सकती है। घरेलू मामलों को सुलझाते समय बुद्धि से काम लें। आपका लवर आज आपसे कुछ मांग सकता है, लेकिन आप उसकी इच्छा पूरी नहीं कर पाएंगे।आज आपके बॉस आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपका परिवार खुशियों को एन्जॉय करेगा। हालांकि आपको आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको मित्रों का सहयोग मिलेगा। कोई सपना भी पूरा हो सकता है। आज आपका मूड अच्छा नहीं होने के कारण जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। वृश्चिक राशि- आज अपने करीबी दोस्तों के साथ समय बिताएं। अपने खर्चों पर काबू रखने की कोशिश करें। आपका स्वभाव घर के माहौल को ख़ुशनुमा बना देगा और उसे अच्छी फीलिंग्स से भर देगा। आज अपने जीवनसाथी या प्रिय व्यक्ति के साथ खुलकर बात करें। कलीग और सीनियर्स के भरपूर सहयोग मिलने से ऑफिस में काम में तेज़ी आएगी। धनु राशि- आज आप किसी खास व्यक्ति से अपनी फीलिंग्स को शेयर कर सकते हैं।।धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। निवेश से आय में वृद्धि का संकेत हैं। परिवार के सदस्यों की मदद से आपकी जरूरतों का ख्याल रहेगा। विद्यार्थियों को आज अपना काम कल पर टालने से बचना चाहिए। मकर राशि- मन में निराशा और असंतोष रहेगा। जीवनसाथी की मांगे आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध और वाद-विवाद से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में बदलाव हो सकता है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से शुभ समय रहने वाला है। कुंभ राशि– आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। कुछ लोग बिना सोचे-समझे पैसा खर्च कर सकते हैं, जो बाद में उन्हें दिक्कत दे सकता है। परिवार में किसी बुजुर्ग व्यक्ति का स्वास्थ्य कुछ तनाव का कारण बन सकता है। नौकरी में बदलाव के लिए यह समय सह है। अगर आप पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं तो आज अपने खाली समय का इस्तेमाल अपने परिवार वालों से बात करके करें। मीन राशि- आज काम के दबाव के कारण आपको ऑफिस में अतिरिक्त घंटे काम करना पड़ सकता है। आपकी एनर्जी में कमी रहेगी। पारिवारिक मामलों को सुलझाने के लिए आज का दिन अच्छा है। आज आप अपना समय अपने दिल के करीब लोगों के साथ बिताना चाहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं कर पाएंगे। आपका जीवनसाथी आज आपको कोई बढ़िया सरप्राइज दे सकता है। धन के मामले में आप सफलता पाएंगे।

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व, गंगा दशहरा कब है? जानें इस दिन क्या दान करें और क्या नहीं

नई दिल्ली हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा 05 जून 2025 को है। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है गंगा का अवतरण। गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा को समर्पित है। भक्त इस दिन मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना व दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जानें गंगा दशहरा पर क्या दान करें और क्या नहीं- गंगा दशहरा पर क्या दान करें- गंगा दशहरा पर जूते,चप्पल, टोपी व छाता का दान अत्यंत शुभ माना गया है। ज्येष्ठ माह में गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिलता है। ऐसे में इस दिन सत्तू, पानी से भरपूर मौसमी फल, शरबत व जल का दान शुभ माना गया है। इस दिन गरीब ब्राह्मण को वस्त्र व भोजन का दान करना चाहिए और सामर्थ्यनुसार धन का दान भी करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा दशहरा पर इन चीजों का दान नहीं करें: गंगा दशहरा पर पुरानी या टूटी हुई वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इस दिन धारदार चीजों का दान करना भी अशुभ माना गया है। गंगा दशहरा के दिन काले रंग के वस्त्र का दान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। गंगा दशहरा पर जूठी या अशुद्ध वस्तुओं का दान पाप के समान माना गया है। इस दिन शुद्धता व पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

23 मई 2025 गुरुवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज आपको सेहत में सुधार करने का मौका मिलेगा। दूसरों को इंप्रेस करने के लिए जरूरत से ज्यादा खर्चा नहीं करें। ऑफिस में काम का दबाव रहेगा। ज्यादा बिजी होने के कारण जीवनसाथी के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। आज कोई रिश्तेदार, मित्र या पड़ोसी आज आपके वैवाहिक जीवन में तनाव ला सकता है। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। वृषभ राशि- घर पर काम करते समय खास सावधानी बरतें। घरेलू मामलों को संभालते समय किसी भी तरह की लापरवाही न करें। आज आपका पैसा कई चीजों पर खर्च हो सकता है, इसलिए आपको आज बजट की योजना बनाने की जरूरत है। आज किसी काम की नई शुरुआत कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के आपके प्रयास आज आपको उम्मीदों से बेहतर रंग दिखाएंगे। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए खुशी व मौज-मस्ती से भरा रहने वाला है। आज आज धन खर्च करने पर कंट्रोल रखें वरना आपकी आर्थिक स्थिति खराब होगी लेकिन रिश्ते भी मजबूत होंगे। प्यार में सकारात्मक बदलाव होगा। आज आप अपना खाली समय धार्मिक कार्यों में बिताने के बारे में सोच सकते हैं। इस दौरान बेकार के विवादों में न पड़ें। कर्क राशि- आज का दिन आपके लिए खुशियों से भरा रहने वाला है। आपके पास एनर्जी अधिक होगी, जिसका प्रयोग कार्यस्थल पर किसी महत्वपूर्ण टास्क को निपटाने में लगाएं। धन लाभ आपकी उम्मीद के मुताबिक होगा। जीवनसाथी के साथ एक-दूसरे का नजरिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएं सुलझाएं। कार्यस्थल पर आपका कोई प्रतिस्पर्धी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। सिंह राशि- आज खाली समय में आप अपने मोबाइल पर कोई अच्छी फिल्म या वेब सीरीज देख सकते हैं। जीवनसाथी के साथ आपका दिन बहुत बढ़िया रहने वाला है। शादीशुदा जातकों को आज अपने बच्चों की शिक्षा पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज का दिन कार्यस्थल पर अच्छे प्रदर्शन का है। सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए बेहतरीन दिन है। कन्या राशि- आज आपकी एनर्जी हाई रहने वाली है। दिन की शुरुआत में धन की स्थिति में सुधार होगा। आज आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। कार्यस्थल पर कोई नया प्रोजेक्ट हाथ में लें, जो तरक्की के रास्ते खोलेगा। महत्वपूर्ण कार्यों को समय न देना और बेकार की बातों में अपना समय गुजारना आज आपके लिए नुकसान भरा हो सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ एक अच्छी शाम बिताएंगे। तुला राशि– धन का आज अचानक आगमन होगा, जिससे आपको अपने पेंडिंग बिलों को चुकाने में मदद मिलेगी। व्यापारिक रूप से नए संपर्क बनेंगे। आज आप बिना किसी को बताए घर से बाहर जाकर कुछ समय अकेले बिताएंगे। भले ही आप अकेले होंगे, आपके दिमाग में लाखों बातें चल रही होंगी। यह आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। किसी अप्रत्याशित सोर्स से धन का आगमन होगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। नए प्रोजेक्ट और खर्चों को टालें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ज्यादा फोकस करने की जरूरत है। आज जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धनु राशि- आज अपना दिमाग शांत व तनाव फ्री रखें। किसी दीर्घकालिक निवेश से बचें और बाहर जाकर अपने अच्छे दोस्त के साथ कुछ अच्छे पल बिताने की कोशिश करें। आपकी ऊर्जा और जबरदस्त उत्साह पॉजिटिव रिजल्ट लाएंगे और घरेलू तनाव कम करेंगे। आपकी एनर्जी का लेवल हाई रहने वाला है। दूसरों को समझाने की आपकी प्रवृत्ति आपको भरपूर लाभ देगी। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ खास करेगा। मकर राशि- आज आप दूसरों के साथ खुशी के पल बिताएंगे। सेहत में सुधार होगा। आज आप उचित बचत करने में सफल रहेंगे। करियर की प्लानिंग बनाना महत्वपूर्ण है।आज माता-पिता का साथ मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह कारोबार में उन्नति दिला सकती है। परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते आप अक्सर खुद को आराम देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप अपने लिए कुछ समय निकाल पाएंगे। कुंभ राशि- आज आपको नेगेटिव लोगों की संगत से दूर रहना चाहिए और मन में सकारात्मक विचार लाने चाहिए। आने वाले समय के लिए आपको अपने धन का संचय करना होगा और यह भी जानना होगा कि कब और कहां सोच-समझकर खर्च करना है, नहीं तो आने वाले समय में आपको पछताना पड़ सकता है। आज आपका वैवाहिक जीवन मौज-मस्ती और खुशी से भरा रहेगा। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। मीन राशि- आज अपनी बुद्धि के बल पर धन कमाएंगे। दिन के अंत में वित्त में सुधार होगा। कार्यस्थल पर कोई भी विवाद कमेंट करने से बचें, वरना उच्चाधिकारी नाराज हो सकते हैं। किसी खास व्यक्ति से अपनी भावनाओं को साझा कर सकते हैं। अपने बच्चों के लिए समय निकालें। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें। व्यापारी वर्ग को लाभ होगा।

26 मई को वट सावित्री व्रत, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि के दिन वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat 2025) को सुहागिन महिलाएं करती हैं। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब और कैसे करें वट सावित्री व्रत। वट सावित्री व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में 26 मई को वट सावित्री व्रत किया जाएगा। इसी दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस पर्व के आने का सुहागिन महिलाएं बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है। वट सावित्री व्रत विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद बड़गड़ के पेड़ के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा को विराजमान करें। पेड़ पर जल अर्पित करें और फूल और मिठाई समेत आदि चीजें चढ़ाएं। इसके बाद दीपक जलाकर आरती करें। रोली बांधते हुए पेड़ की सच्चे मन से परिक्रमा लगाएं। वट सावित्री व्रत की कथा का पाठ करें। इसके बाद वैवाहिक जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है।

आज बुधवार 22 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज सेहत आपकी अच्छी रहने वाली है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल के कारण आप परेशान हो सकते हैं। लव लाइफ अच्छी होगी। अगर आप किसी नई व्यावसायिक पार्टनरशिप पर विचार कर रहे हैं- तो कोई भी कमिटमेंट करने से पहले सभी फैक्ट्स को जांचना जरूरी है। वृषभ राशि- आज आपका दिन आरामदायक रहेगा। आप मानसिक तनाव से दूरी से राहत महसूस करेंगे। अगर आप थोड़ा अतिरिक्त पैसा कमाने के तरीके तलाश रहे हैं तो सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में निवेश करें। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएंगे। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ इमोशनल बातचीत करने वाले हैं। मिथुन राशि- आज का दिन बेहतरीन है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। पैसों की कमी आज परिवार में अनबन हो सकती है। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने से पहले अच्छी तरह सोच लें और उनसे सलाह लें। अपने खाली समय का उपयोग कोई नई चीज सीखने के लिए करें। कार्यस्थल पर आपका कोई प्रतिस्पर्धी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। कर्क राशि- सेहत के नजरिए से बहुत अच्छा दिन है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज आप अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों से धन मैनेजमेंट और बचत के बारे में सलाह ले सकते हैं। शाम को अचानक मिली अच्छी खबर पूरे परिवार के लिए खुशी और उत्साह लेकर आती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कारोबार की स्थिति अच्छी होगी। सिंह राशि- दोस्तों के साथ शाम सुखद रहेगी। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें, वरना परिवार का माहौल खराब हो सकता है। भावुकता पर काबू रखें। आज आप ऑफिस में अपने दृष्टिकोण और काम की क्वालिटी में सुधार का अनुभव करेंगे। बिजी शेड्यूल वाले लोग लंबे समय के बाद दिन के आखिर में कुछ समय अकेले बिता पाएंगे। कन्या राशि- आज आपको निवेश से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन संबंधी मामलों में आप अच्छे रहने वाले हैं। सिंगल जातकों का शादी ब्याह तय हो सकता है। कार्यस्थल पर आज सब कुछ आपके पक्ष में नजर आ रहा है। आज का दिन आपके पार्टनर के रोमांटिक पक्ष को दिखाएगा। तुला राशि- आज आपका दिन आराम से भरा रहने वाला है, लेकिन आप मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं। काम का बोझ आपको परेशान कर सकता है। आज आपको ऐसे दोस्तों से दूर रहने की जरूरत है जो आपसे पैसे उधार मांगते हैं और फिर वापस नहीं करते हैं। परिवार के साथ सोशल एक्टिविटी आनंददायक रहेंगी। आपकी व्यावसायिक समझ लाभ दिलाएगी। वृश्चिक राशि- आज आप धन कमाने में अच्छे रहेंगे लेकिन धन का प्रयोग समझदारी से करना बेहतर रहेगा। आपकी लव लाइफ के लिहाज से दिन शानदार है। कोई महत्वपूर्ण फैसला लेते समय उसके बारे में अच्छे से विचार करें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कार्यस्थल पर आपको परेशानियों से निजात मिलेगी। धनु राशि- आज बिजी शेड्यूल के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। कार्यस्थल पर आपको मनमुताबिक रिजल्ट देने के लिए अपने प्रयासों पर फोकस करने की जरूरत है। आज जीवनसाथी आपको सरप्राइज कर सकता है। मकर राशि- आज आप एक्टिव रहेंगे। आज आपकी सेहत आपका पूरा साथ देगी। आज घर से बाहर निकलने से पहले अपने बड़ों का आशीर्वाद लें, इससे आपको लाभ होगा। आज अपने लवर या पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्ते अच्छे होंगे। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। कुंभ राशि- आज शारीरिक लाभ के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। किसी आकस्मिक स्रोत से धन की प्राप्ति हो सकती है, जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। आपको अपने कामकाज में कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। आज जीवनसाथी के रूखा व्यवहार आपको परेशान कर सकता है। मीन राशि- आज कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है। कोई पुराना मित्र शाम को आपसे मिल सकता है और पुरानी यादें ताजा कर सकता है। कार्यस्थल पर अपना टैलेंट दिखाने के कोई मौके मिलेंगे। अपना समय और ऊर्जा दूसरों की मदद करने में लगाएं- लेकिन उन मामलों में नहीं उलझें जिनका आपसे कोई लेना-देना नहीं है। आर्थिक व रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी।

मंगलवार 20 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- मन प्रसन्न रहेगा। वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी, लेकिन क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। आत्मसंयत रहे। खर्चों की अधिकता से मन चिंतित रहेगा। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। रिश्तों में प्यार बढ़ेगा। बच्चों के सेहत को लेकर मन परेशान रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। वृषभ राशि- आज का दिन सामान्य रहने वाला है। व्यापार में धन लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन धन से जुड़े फैसले बड़ी सावधानी से लें। बजट के अनुसार ही खर्च करें। मुश्किल घड़ी से निपटने के लिए धन बचत जरूर करें। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। वैवाहिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। आज जीवनसाथी से वाद-विवाद करने से बचें। इससे रिश्तों में मनमुटाव बढ़ सकता है। मिथुन राशि- पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल होगा। नौकरी और कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। धन आगमन के नए मार्ग बनेंगे, लेकिन खर्चों की अधिकता से मन परेशान रहेगा। व्यावसायिक लाभ होगा। पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। भैतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। रिलेशनशिप की दिक्कतें दूर होंगी। भावुकता से बचें। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कर्क राशि– कार्यों की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करेंगे। कार्यों की जिम्मेदारियां बड़ी सावधानी से संभालें। जीवन में बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। आज आपका किसी अज्ञात भय से मन परेशान रह सकता है। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क को कंपलीट करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। इससे आपको मनचाही सफलता जरूर मिलेगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन शुभ है। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे। सिंह राशि- ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी। ऑफिस में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। रिश्तों में अनबन के संकेत हैं। वाणी में सौम्यता रहेगी। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। नौकरी और कारोबार में तरक्की के नए अवसर मिलेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलों करें। भावनाओं को वश में रखें। सोच-समझकर फैसले लें। कन्या राशि- आज आपका दिन बेहद शुभ रहने वाला है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। नया बजट बनाएं। आर्थिक फैसले बड़ी होशियारी से लें। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। कुछ फीमेल्स को आज प्रपोजल मिल सकता है। जीवन में छोटी-मोटी चुनौतियां रहेंगी। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क कंपलीट करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। तुला राशि- सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। लेखानादि-बौद्धिक कार्यों से आय के नए साधन बनेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं। कार्यों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय व्यतीत होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि– आज आपका दिन बेहद शुभ रहने वाला है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। नया बजट बनाएं। आर्थिक फैसले बड़ी होशियारी से लें। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। कुछ फीमेल्स को आज प्रपोजल मिल सकता है। जीवन में छोटी-मोटी चुनौतियां रहेंगी। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क कंपलीट करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। धनु राशि– सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। लेखानादि-बौद्धिक कार्यों से आय के नए साधन बनेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं। कार्यों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय व्यतीत होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मकर राशि- पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यावसायिक लाभ होगा। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। क्रोध के अतिरेक से बचें। शांत दिमाग से फैसले लें। ऑफिस में वाद-विवाद से बचें। बिजनेस में किसी पर आंख मूदंकर भरोसा न करें। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शैक्षिक कार्यों में भाग्य साथ देगा। नौकरीपेशा वालों को जॉब स्विच करने का अवसर मिल सकता है। कुंभ राशि- आज आपका दिन बेहद शुभ रहने वाला है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। नया बजट बनाएं। आर्थिक फैसले बड़ी होशियारी से लें। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। कुछ फीमेल्स को आज प्रपोजल मिल सकता है। जीवन में छोटी-मोटी चुनौतियां रहेंगी। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क कंपलीट करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। मीन राशि- एक्स-पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। रिश्ते की नई शुरुआत कर सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। कारोबारियों को आंख मूंदकर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। दोस्त की सहायता से नौकरी-कारोबार में आ रही बाधाएं दूर होंगी। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़े उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन परिस्थियां जल्द ही सामान्य हो जाएंगी।

विवाह से पूर्व ऐसे भेजें गणपति को निमंत्रण, निर्विघ्न होंगे सब काम

प्रथमपूज्य भगवान गणेश से ही विवाह कार्यक्रम की शुरुआत होती है। इसलिए पहला निमंत्रण पत्र भगवान गणेश को ही भेजते हैं। निमंत्रण पत्र भेजने से पूर्व पूजन भी किया जाता है। इस पूजा में दूल्हा अथवा दुल्हन, उसके माता-पिता, साथ में एक विनायक तथा पंडितजी, जो विधि से पूजा संपन्न कराते हैं, शामिल होते हैं। तब से ही विवाह कार्य एवं सभी प्रकार के रीति-रिवाज शुरू हो जाते हैं। इसमें सात प्रकार की वस्तुएं जौ, मूंग, हल्दी की गांठ, नाड़ा, चांदी की घूघरी, कोयला, दो सूपड़े, दो मूसल और औढना रखे जाते हैं। महिलाएं गणपति के गीत गाती हैं। इसके बाद विवाह के अन्य गीत शुरू किए जाते हैं। गणपति निमंत्रण में इस्तेमाल की जानी वाली प्रमुख वस्तुएं ये हैं- पत्रिका, कंकु, चावल, हल्दी, अबीर, गुलाल, सिंदूर, मीठा तेल, बरक, छोटी सुपारी, हार-फूल, पान, नारियल, नाड़ा, मोतीचूर के लड्डू, अगरबत्ती, कपूर और जल का कलश। गणेशजी की विदाई:- विवाह का कार्य निर्विघ्न संपन्न होने के बाद गणेशजी की विदाई का कार्यक्रम होता है। सामान्यतः विवाह के बाद आने वाले बुधवार को ही यह छोटा-सा कार्यक्रम पारिवारिक रिश्तेदारों के बीच होता है। इसमें करीबी रिश्तेदारों को भोजन करवाकर विवाह की भेंट प्रदान की जाती है। इसके साथ ही गणपति को विधिपूर्वक विदाई दी जाती है।  

19 मई 2025 सोमवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि– आपके करियर पथ में कुछ अनिश्चित बदलाव ला सकता है। आप खुद को बेचैन और बदलाव के लिए तैयार महसूस कर सकते हैं। हालांकि यह आपके लिए काफी रोमांचक हो सकता है, यह नर्वस करने वाला भी हो सकता है जब आप नहीं जानते कि यह आपको किस दिशा में लेकर जाएगा। अपने लक्ष्यों और वास्तव में आप अपने करियर से क्या चाहते हैं, इस पर विचार करने के लिए कुछ समय निकालें। अपने बजट के ऊपर रहना और अपने खर्च को ट्रैक करें। वृषभ राशि- अपने जुनून को आगे बढ़ाने और करियर में रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए रास्ते तलाशने के लिए यह सप्ताह बेहद अनुकूल रहने वाला है। लीक से हटकर सोचने से न डरें। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साहसिक कदम उठाएं। समाधान-उन्मुख बनें और समय पर काम पूरा करने की ओर ध्यान दें। यह निवेश के नए अवसर तलाशे और अपने वित्त में सुधार करने की कोशिश करें। मिथुन राशि- आपके करियर में सहयोग और टीम वर्क के लिए अच्छा हो सकता है। दूसरों के साथ मिलकर काम करने से आप अधिक सफलता हासिल कर सकते हैं। अन्य लोगों के विचारों को स्वीकार करना सीखें और आवश्यकता पड़ने पर समझौता करने के लिए तैयार रहें। हालांकि, अपनी राय साझा करने में संकोच न करें। निवेश के लिए नए अवसर तलाश करने की कोशिश करें। कर्क राशि- आपके कम्युनिकेशन स्किल्स की काफी डिमांड है। चाहे आपके बॉस के आगे कोई विचार प्रस्तुत करना हो या किसी सहकर्मी के साथ किसी नए प्रोजेक्ट से जुड़ी बातचीत। अपने विचारों को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से व्यक्त करने की आपकी क्षमता आपको बढ़त दिला सकती है। यह नेटवर्क बनाने और अपने बिजनेस में दूसरे लोगों को जोड़ने का एक अच्छा समय है। अपने प्रोफेशनल सर्किल का विस्तार करें। इसके लिए आप लिंक्डइन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सिंह राशि- आप अपने करियर के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होंगे जो आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे। कार्यस्थल पर आपको अतिरिक्त जिम्मेदारियां उठानी पड़ सकती हैं। लेकिन आपके लिए यह कोई समस्या वाली बात नहीं है क्योंकि आप कड़ी मेहनत के आदी हैं और हमेशा एक चुनैतिपूर्ण स्थिति को स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं। आपको अपने काम के लिए कुछ बोनस मिल सकता है या आपके पास नए व्यापार में निवेश करने के अवसर पैदा हो सकते हैं। कन्या राशि- आज का दिन आपके काम में रचनात्मकता और नवीनता लेकर आएगा। अपने प्रोफेशनल लाइफ में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए आप नए -नए तरीकों का पता लगाएंगे। जिसके साथ आप लोगों के साथ अपना मूल्यवान संबंध बनाने में सक्षम हो सकते हैं जो आपके करियर को आगे बढ़ाने या नए अवसर खोजने में मदद कर सकता है। वित्तीय रूप से, यह किसी भी ऋण का भुगतान करने या अपने क्रेडिट स्कोर में सुधार करने के लिए एक अच्छा समय हो सकता है। तुला राशि- आपके ऊपर अधिक जिम्मेदारियां आ सकती है। या आप एक नए करियर की शुरुआत कर सकते हैं। यह आपके लिए एक रोमांचक समय हो सकता है, लेकिन इस समय खुद पर ध्यान केंद्रित करना और रहना बेहद महत्वपूर्ण है। जरूरत से अधिक जिम्मेदारियों का बोझ खुद पर न लें। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक योजना बनाएं। अपने बजट का पालन करें और भविष्य में कोई जरूरत की चीज खरीदने के लिए बचत करें। वृश्चिक राशि- आप अपने करियर को लेकर अधिक महत्वाकांक्षी महसूस कर सकते हैं। अपने लक्ष्यों का निर्धारण कर अपने प्रोफेशनल लाइफ को विकसित बनाने के लिए नए अवसरों का पीछा करें। यह सप्ताह आर्थिक रूप से आपके लिए निवेश के नए अवसर का पता लगाने में आपकी मदद करेगा। बड़ी खरीदारी करने के लिए यह समय काफी अच्छा हो सकता है। धनु राशि- आप अपने करियर को लेकर नए से जोश और उत्साह का अनुभव करेंगे। यदि आप नई नौकरी में पदोन्नति की तलाश कर रहे हैं, तो जल्द ही आपको इसमें सफलता मिलेगी। सहकर्मियों के साथ नेटवर्क बनाएं और संभावित लोगों तक पहुंचें। अपने रिज्यूमे को अपडेट रखें और आगे आने वाली नई चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें। आपको अधिक फ्रेंडली रहने के साथ ही साथ आने बजट को लेकर भी सचेत रहने की आवश्यकता है। मकर राशि– आपके रचनात्मक जुनून को आगे बढ़ाने की ओर एक मजबूत खिंचाव महसूस कर सकते हैं। चाहे वह लेखन, संगीत, कला, या अभिव्यक्ति का कोई अन्य रूप हो, अब समय आ गया है कि आप अपनी प्रतिभा की ओर ध्यान दें। आपको अपने काम के लिए पहचान मिल सकती है, जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ा को बढ़ाने में मदद करेगा और आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यदि आप कोई बड़ी खरीदारी या निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, तो इस बारे में ठीक तरीके से रिसर्च कर लें। कुंभ राशि- वर्कप्लेस में संचार के मामले को लेकर आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है जिसकी वजह से गलतफहमियां पैदा न हों। दूसरों के साथ अपनी बातचीत में स्पष्ट और प्रत्यक्ष होने की कोशिश करें दूसरे लोगों की बातों को ध्यान से सुनें। पैसे कमाने के नए तरीकों खोजें। मीन राशि- आपके करियर में कुछ अनिश्चित बदलाव हो सकते हैं। जो आपके लिए कुछ रोमांचक और नए अवसर लेकर आ सकता है। इस समय आपको कुछ कठिन निर्णय लेने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। अनुकूल और खुले विचारों वाले बने रहने की कोशिश करें क्योंकि यह परिवर्तन आपके प्रोफेशनल जीवन में अधिक सफलता का कारण बन सकता हैं। इस सप्ताह अपने खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

आज रविवार18 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि के जातकों आज के दिन आपको धन लाभ हो सकता है। लव लाइफ में पास्ट के मुद्दे न उठाना ही बेहतर है। वहीं, बिजनेस कर रहे लोगों को नयी पार्टनरशिप अट्रैक्ट कर सकती है। बहस में न पड़ें। सेहत के मामले में दिन यादगार आपका रहने वाला है। साथी को अच्छे मूड में रखें। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। बच्चों को जंक फूड से दूर रहना चाहिए। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि के जातकों आपके करियर में आपके टारगेट पूरे हो सकते हैं। खर्च बढ़ सकता है। आपके लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आज निवेश करने के लिए दिन शुभ नहीं है। जल्दबाजी में आकर किसी भी तरह का डिसीजन न लें। सेहत अच्छी रहने वाली है। प्रेम संबंध जो टूटने की कगार पर थे, उनमें आज सुलह हो जाएगी। अपनी रूटीन में बदलाव करें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वाले आज रिलेशनशिप की हर वो प्रॉब्लम सॉल्व करें, जो आपकी मेंटल हेल्थ को बिगाड़ सकती है। आज आप काफी पॉजिटिव फील करेंगे। कोई बड़ा आर्थिक मसला आपको परेशान नहीं करेगा। पैसों के मामले में अच्छी व स्ट्रांग पोजिशन में रहेंगे। सिंगल लोगों की मुलाकात किसी दिलचस्प इंसान से हो सकती है। दिनभर के कामकाज के बीच खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी है। कर्क राशि– कर्क राशि के जातकों आज आपका दिन शुभ रहने वाला है। आज काम के सिलसिले में ट्रेवल भी करना पड़ सकता है। आपका साथी आपके देखभाल करने वाले रवैये को समझ पा रहा है या नहीं इस बात का ख्याल रखें। इनकम बढ़ने के योग नजर आ रहे हैं। अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें। कुछ लोग अपने लाइफ पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। अहंकार से दूर रहें। सिंह राशि– सिंह राशि के जातकों को आज के दिन सेल्फ लव पर ध्यान देना चाहिए। डेडलाइन के भीतर काम को निपटाना जरूरी रहेगा। फ्रीलांसिंग काम से अच्छी आमदनी हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ वित्तीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। सहकर्मी के साथ किसी भी रोमांटिक रिश्ते में फंसने से बचें। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। प्रमोशन के योग बन रहे हैं। कन्या राशि– कन्या राशि के लोगों की लाइफ में थोड़ी बहुत हलचल बनी रहेगी। दिन खत्म होने से पहले चीजें बेहतर हो जाएंगी। हेल्दी रहेंगे। सिंगल लोगों के लिए यह वह दिन हो सकता है, जब आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर पहला कदम बढ़ाएंगे, जिसने आपका ध्यान खींचा हो। रियल एस्टेट और व्यवसाय में निवेश करने की योजना पर भी दबाव बढ़ेगा। बिना रेसर्च कोई फैसला न लें। तुला राशि– तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। व्यावसायिक ज़िम्मेदारियां दिन को व्यस्त रखेंगी। जिम या योग क्लास में शामिल होना अच्छा रहेगा। अपने प्रेमी की गुड क्वालिटी पर फोकस करें। जिन लोगों को नौकरी के लिए इंटरव्यू देना है, उन्हें आज सफलता मिल सकती है। जंक फूड के सेवन से दूरी बनाएं। निवेश करने के बारे में भी एक्सपर्ट की राय लें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातक आज ऐसी कोई भी एक्टिविटी न करें, जिसमें बहुत ज्यादा रिस्क हो। व्यवसायी अपने बिजनेस को बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं। अपने पार्टनर को माता-पिता से मिलवाने के लिए दिन शुभ रहेगा। कुछ जातकों को गले में खराश और पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। आज आपको शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट से भी दूर रहना चाहिए। धनु राशि- आज का दिन धनु राशि के जातकों के लिए खुशनुमा रहने वाला है। अपनी वित्तीय योजनाओं पर फिर से विचार करना चाहिए। पैसों को सावधानी से संभालें। मानसिक सेहत उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितना आपका शारीरिक स्वास्थ्य। धन आएगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। आपको अपनी और अपने साथी की भावनात्मक जरूरतों को समझना चाहिए। सेहत पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा। किसी योजना में निवेश किया गया पैसा बेहतरीन रिटर्न दे सकता है। फिटनेस के मोर्चे पर योग करने से मोटापा और तनाव कम कर सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से किसी कार्यक्रम या समारोह का इन्विटेशन मिल सकता है। यात्रा आनंददायक रहेगी। अच्छी फाइनेंशियल स्थिति के चलते आप संपत्ति खरीदने के बारे में सोचने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। लोगों से मिलने-जुलने की पहल करें। प्रेमी के साथ समय व्यतीत करेंगे। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। कार्यक्षेत्र में राजनीति में फंसने से बचें। घर-परिवार में शांति का माहौल बना रहेगा। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। पैसों से जुड़े मुद्दे सामने आ सकते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस वालों का पार्टनर आज उन्हें सरप्राइज दे सकता है। स्ट्रेस से दूर रहें। मीन राशि- ऑफिस रोमांस से दूरी बनाए रखें, खासकर अगर आप मैरिड हैं। काम के मामले में आपके अहंकार का असर आपका डिसीजन पर भी पड़ सकता है। पिछले इन्वेस्टमेंट से एक्सपेक्टेशन मुताबिक रिजल्ट नहीं सकेगा। कुछ उम्रदराज जातकों को नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। खर्च कम करें। इनोवेटिव कॉन्सेप्ट्स लाएं।

जीवन में खुशहाली लाती है अपरा एकादशी, जानिए इसका महत्व और कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। हर माह में दो बार एकादशी का व्रत रखा जाता है, एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। प्रत्येक महीने में आने वाली एकादशी व्रत को अलग-अलग नामों के जाना जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। अपरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है। साथ ही उसे हर कार्य में अपार सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं कि इस बार अपरा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। अपरा एकादशी व्रत 2025 डेट और और मुहूर्त पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 23 मई को रात 1 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि समाप्त 23 मई को रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा। अपरा एकादशी का व्रत 23 मई 2025 को रखा जाएगा।  एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह सुबह 4 बजकर 4 मिनट सुबह 4 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। अपरा एकादशी 2025 पारण का समय अपरा एकादशी का पारण 24 मई को किया जाएगा। बता दें कि पारण का अर्थ है कि व्रत खोलना। अपरा एकादशी का पारण करने का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 1 मिनट से सुबह 8 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय शाम 7 बजकर 20 मिनट रहेगा। बता दें कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना होता है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के में पारण न करना पाप करने के समान माना जाता है। अपरा एकादशी व्रत का महत्व अपरा एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। अपरा एकादशी दिन प्रभु नारायण के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा करें। ऐसा करने से व्यक्ति धन-धान्य में भी वृद्धि होती है और उसे कभी किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।

ज्येष्ठ माह का दूसरा बुढ़वा मंगल, बजरंग बली को करें प्रसन्न

हनुमानजी को कलियुग का देवता कहा जाता है. कहते हैं कि वह आज भी धरती पर मौजूद हैं. मंगलवार के दिन मुख्य रूप से हनुमान जी को समर्पित है. वहीं जेष्ठ माह आने वाले मंगलवार का खास महत्व होता है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा भाव से बजरंग बली की आराधना करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं इस दिन कुछ खास उपाय करने से मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है. इसके अलावा व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. दूसरा बड़ा मंगल कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगल की शुरुआत 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, जेष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 20 मई को पड़ेगा. दूसरा बड़ा मंगल के उपाय कुंडली में मंगल दोष से बचने के लिए बड़ा मंगल के दिन मिट्टी से बनी चीजों का दान जरूर करना चाहिए. क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में मंगल को गर्म ग्रह माना जाता है. ऐसे में अगर आप ठंडी चीजों का दान करते हैं, तो इस उपाय से मांगलिक दोष से भी मुक्ति मिलती है. दुश्मनों से छुटकारा हर किसी के जीवन में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है. जो मन ही मन दुश्मनी करते रहते है. वहीं एक समय के बाद कुंठा इतनी बढ़ जाती है, तो वह अहित करने लगते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से छुटकारा पाने के लिए जेष्ठ माह के बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाएं., मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. पूरी होगी इच्छा अगर कोई इच्छा है जो बहुत समय से पूरी नहीं हो रही है, तो बुढ़वा मंगल के दिन एक सरसों के तेल का दिया और मीठा पान के साथ 18 लौंग से तैयार की गई माला लें. इन सभी चीजों को लेकर हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमान जी से सामने दीपक जलाएं. फिर लौंग के माला अर्पित कर बजरंगबली को मीठे पान का भोग लगाएं. उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और सच्चे दिन से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें.

आज शनिवार17 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- कुछ लोगों के लिए ट्रिप पर जाने के योग हैं। सही प्रैक्टिस से आप अपने टीचर को खुश कर सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से तारीफ पाना आपके लिए सबसे खुशी की बात रहेगी। वृषभ राशि- पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। ऑफिस के दौरान सभी जरूरी रूल्स का पालन करें। हेल्दी रहने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें। आज दिन बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने का है। मिथुन राशि- आज आपका कोई नया क्रश सामने आ सकता है। किसी शादी या महत्वपूर्ण इवेंट में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा का योग बन रहा है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छी तैयारी करना आसान हो जाएगा। कर्क राशि- पैसों की प्रॉब्लम होने पर कोई दोस्त आपकी आर्थिक सहायता कर सकता है। आज आपका काम समय पर पूरा हो जाएगा। मम्मी पापा के लिए कोई खास प्लान बनाने से उनका मूड खुश रहेगा। सिंह राशि- पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका कुछ लोगों को मिल सकता है। जिसे आप पसंद करते हैं, उससे बात करने की आपकी कोशिश आज पूरी हो सकती है। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। कन्या राशि- अलगाव के बाद कुछ लोगों की लव लाइफ में अच्छे दिन आने वाले हैं। वजन घटाने के लिए डाइट पर फोकस करें। निवेश का कोई लाभदायक अवसर आपके सामने आ सकता है। तुला राशि- किसी शुभ समाचार से परिवार में खुशियां आएंगी। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आप किसी करीबी की शादी या फंक्शन में भी शामिल होने की योजना बना सकते हैं। आज आपको पढ़ाई या जरूरी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की सलह दी जाती है। धनु राशि- मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। आज अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। मकर राशि- हेल्दी खाने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पैसों की सिचूऐशन मजबूत रहने वाली है। ऑफिस में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन चीजें आपके पक्ष में काम करेंगी। कुंभ राशि- सोच समझकर और सलह के साथ ही आगे बढ़ें। अपने बजट पर टिके रहें। स्टूडेंट्स आज सकारात्मक मानसिकता में रहेंगे। आपका साथी कोई पुराना मुद्दा उठा सकता है, जिससे जीवन में परेशानी बढ़ सकती है। मीन राशि- रोजाना मेडिटेशन करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के वेतन या पॉकेट मनी में बढ़ोतरी मिलने के संकेत हैं। ऑफिस में जरूरी टास्क आज के आज ही पूरा कर लें।

सोमवती अमावस्या पर करें स्नान-दान

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है. सोमवार के दिन अमावस्या का पड़ना बहुत दुर्लभ होता है. अगर सोमवार के दिन अमावस्या तिथि होती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. वैसे तो सोमवार के दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही मान्यता है कि अमावस्या पर स्नान-दान करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती हैं. वहीं पिंडदान करने पर पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे सभी ग्रह दोष समाप्त होते हैं. सोमवती अमावस्या तिथि पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन 27 मई को शाम 54 बजकर 27 मिनट पर होगा. ऐसे में सोमवती अमावस्या 26 मई को है. सोमवती अमावस्या स्नान दान का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 3 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. वहीं दूसरा मुहूर्त सुबह 4 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इन चीजों का दान करने से मिलेगा पुण्य सोमवती अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए वस्त्र, मिठाई तथा किसी गरीबों को भोजन का दान करना चाहिए. इसके अलावा चावल, दूध मिश्री, चीनी या अन्य सफेद रंग की वस्तुओं का दान करना लाभदायक हो सकता है.

14 अप्रैल से आरम्भ हुए विवाह समारोहों पर आठ जून से 145 दिन के लिए फिर से लगा विराम

14 अप्रेल से आरम्भ हुए विवाह समारोहों पर आठ जून से 145 दिन के लिए फिर से विराम लग जाएगा। 12 जून को गुरु ग्रह अस्त हो जाएंगे। ऐसे में मान्यतानुसार गुरु ग्रह के उदय होने तक फिर विवाह नहीं होंगे। जून में अंतिम विवाह मुहूर्त 8 जून को है। गुरु ग्रह 9 जुलाई तक अस्त रहेंगे। वहीं, 6 जुलाई देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इस कारण जुलाई से 1 नवंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। इस तरह 8 जून से 1 नवम्बर के बीच विवाह समारोहों पर विराम रहेगा। 8 जून तक महज 13 दिन ही विवाह मुहूर्त बचे हैं। इसे देखते हुए विवाह स्थलों की बुकिंग तेज हो गई है। मई में आठ जून में पांच ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मई में 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 और 28 मई को विवाह होंगे। वहीं जून में महज 5 दिन ही विवाह के मुहूर्त बाकी हैं। 2, 4 , 5, 7 व 8 जून को ये मुहूर्त हैं। इस तरह इस सीजन में अब 13 विवाह मुहूर्त बचे हैं। बुकिंग जोरों पर मई व जून में अब विवाह के कम मुहूर्त होने के चलते शहर के मैरिज गार्डन, बारातघर व होटलों की बुकिंग जोरों पर है। टैंट, बैंड व अन्य जरूरी बुकिंग जोरों पर चल रही है। विवाह की खरीदारी का दौर भी जमकर जारी है। सराफा बाजार में विवाह के लिए आभूषण खरीदने लोग उमड़ रहे हैं। सराफा व्यापारियों के अनुसार बीते कुछ दिनों से सराफा बाजार में बिक्री बढ़ गई है। टेंट व्यापारियों ने बताया कि इन बुकिंग अच्छी हुई है। 27 दिन तक गुरु अस्त, फिर चातुर्मास ज्योतिषाचार्यो के अनुसार विवाह के लग्न मुहूर्त देखते समय गुरु व शुक्र ग्रह का अच्छी स्थिति में होना जरूरी होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में 12 जून से से 9 जुलाई के बीच गुरु ग्रह 27 दिन के लिए अस्त होने वाले हैं। गुरु ग्रह अस्त होने के कारण विवाह कार्य नहीं होगा। वहीं 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास लगने के चलते विवाह नहीं होंगे।

शुक्रवार 16 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि (Aries) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: मेष राशि वालों के लिए कल का दिन अनुकूल रहेगा. काम में सफलता मिलेगी और गुप्त तरीकों से धन आने की संभावना भी रहेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और भोजन अच्छे से करें. लव पार्टनर के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे और दांपत्य जीवन में जीवनसाथी कार्यक्षेत्र में आपकी कोई बड़ी सहायता कर सकते हैं. पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा. अपनी माता से दिल की बात कहने का मौका मिलेगा. वृषभ राशि (Taurus) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: वृषभ राशि वालों के लिए कल का दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है. आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, इसके लिए आपको धन का सही प्रबंधन करने की जरूरत है. कार्यस्थल पर आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे और साथियों का सहयोग भी मिलेगा. संतान की ओर से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. लव लाइफ के लिए कल का दिन बढ़िया रहेगा, पार्टनर से बातचीत करने से खुशी महसूस होगी लेकिन कुछ लोग आपके रिश्ते के विरुद्ध आवाज उठा सकते हैं, जिसको आपको समझदारी से डील करना होगा. मिथुन राशि (Gemini) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: मिथुन राशि वालों के लिए कल का दिन सामान्य फलदायक रहेगा. दांपत्य जीवन में तनाव के बीच प्यार की मीठी बातें भी होंगी, जिससे आपके रिश्ते में घनिष्ठता बढ़ेगी. लव लाइफ वालों के लिए कल का दिन काफी उत्तम है. कार्यक्षेत्र में लोगों के प्रयास और कड़ी मेहनत से कुछ अच्छा काम करके दिखाएंगे, जिससे आपकी तारीफ होगी. व्यापार के सिलसिले में दिन काफी बेहतर रहेगा. मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहेंगे. अपने विरोधियों को खुद पर हावी ना होने दें, इसके लिए जरूरी है कि पहले से तैयार रहें. कर्क राशि (Cancer) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: कर्क राशि वालों के लिए कल का दिन साधारण है. आपके महत्वपूर्ण काम बनते बनते बिगड़ सकते हैं क्योंकि आपका भाग्य कमजोर होगा. सभी से अच्छा बर्ताव करना जरूरी होगा नहीं तो स्थितियां हाथ से निकल सकती हैं. हर काम को सफल बनाने के लिए आपको अधिक मेहनत करनी होगी. प्रेम जीवन के लिए दिन कमजोर है. स्वास्थ्य भी थोड़ा कमजोर रह सकता है. काम से जी ना चुराएं और जहां आप काम करते हैं वहां सभी से मीठा बोलें. सिंह राशि (Leo) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन अच्छा रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा और आपके खर्चे भी नियंत्रण में रहेंगे. सुख सुविधा में दिन बिताएंगे. अपने लव पार्टनर के साथ वक्त बिताने का अच्छा अवसर मिलेगा. परिवार में किसी बड़े का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, जिसकी वजह से भागदौड़ करनी पड़ सकती है. काम के सिलसिले में आपको अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. किसी महत्वपूर्ण काम का जिम्मा आपको दिया जा सकता है, जिससे समय पर पूरा करके देना बॉस की आंखों का तारा बना सकते हैं. कन्या राशि (Virgo) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: कन्या राशि वालों के लिए कल का दिन बहुत समझदारी से चलने का है. कार्यक्षेत्र में कल का दिन काफी अनुकूलता लेकर आएगा. आप काफी उत्साह वाले मूड में रहेंगे और कार्य में सफलता भी मिलेगी. अपने लव पार्टनर को साथ लेकर कहीं घूमने-फिरने या मूवी देखने जा सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आप अच्छा काम करेंगे लेकिन काम की वजह से ज्यादा समय ना दे पाने की वजह से पारिवारिक जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. परिवार में बुजुर्गों की सेहत पर ध्यान रखना जरूरी होगा. घर में किसी तरह का वाद-विवाद ना हो, इस बात का ध्यान रखें. तुला राशि (Libra) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: तुला राशि वालों के लिए कल का दिन आपके चेहरे पर मुस्कान लाने वाला होगा. आप ट्रेवलिंग पर जा सकते हैं, जहां आपको कुछ नए लोग मिलेंगे. पारिवारिक जीवन में खुशियां रहेंगी. मित्रों और रिश्तेदारों से मेलजोल बढ़ेगा. अपने साथ काम करने वालों से अच्छा व्यवहार कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाएगा. प्यार के मामले में दिन मिलाजुला रहने वाला है, लव पार्टनर का मूड कभी अच्छा तो कभी बिगड़ जाएगा, जिससे आप परेशान होंगे. दांपत्य जीवन में खुशी भरा दिन रहेगा और जीवनसाथी आपका कोई फायदा करा सकता है. वृश्चिक राशि (Libra)- 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: वृश्चिक राशि वालों के लिए कल का दिन अनुकूल रहेगा. कहीं से अटका हुआ पैसा वापस आ सकता है, जिससे आपको हिम्मत मिलेगी और कुछ नया काम शुरू करने की सोचेंगे. ससुराल से कोई खुशखबरी मिलेगी, जिससे आपका मन हर्षित होगा. क्रोध पर नियंत्रण रखेंगे तो जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ेंगे. कार्यक्षेत्र में स्थिति आपके पक्ष में रहेंगी और परिवार के छोटों से सुख मिलेगा. दांपत्य जीवन में दिन अनुकूल रहने वाला है और घरवाले आपसे मिलकर खुश हो सकते हैं. धनु राशि (Sagittarius)- 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: धनु राशि वालों के लिए कल का दिन मानसिक तनाव लेकर आ सकता है. खर्चे बने रहेंगे लेकिन इनकम भी बढ़ती रहेगी. वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, दुर्घटना होने की आशंका बन रही है. पारिवारिक जीवन बेहतर रहेगा. दांपत्य जीवन में स्थितियां सुधरेंगी और आप एक दूसरे के निकट आएंगे. लव लाइफ में किसी वजह से कड़वाहट आ सकती है, पार्टनर का बर्ताव आपको पसंद नहीं आएगा और इससे आप दोनों के बीच दूरी आ सकती हैं. मकर राशि (Capricorn)- 16 मई 2025 कुल मिलकार दिन: मकर राशि वालों का दिन मध्यम फलदायी रहेगा. कामकाज की अधिकता की वजह से सेहत खराब हो सकती है, साथ ही मानसिक रूप से तनावग्रस्त भी रहेंगे. आपके खर्चे अधिक होंगे और इनकम उनकी अपेक्षा में थोड़ी कम होगी. जैसे जैसे दिन आगे बढ़ेगा, आपकी स्थिति सुधारने लगेगी. जमीन-जायदाद के मामले में लाभ मिलेगा लेकिन डॉक्यूमेंट्स भी चेक कर लें. कामकाज की स्थिति अच्छी रहेगी. शादीशुदा लोग गृहस्थ जीवन में अपने प्रिय का साथ पाकर प्रफुल्लित रहेंगे. कुंभ राशि (Aquarius)- 16 मई 2025 कुल मिलकार दिन: कुंभ राशि वालों के लिए कल का दिन बढ़िया रहने वाला है. काम में मजबूती महसूस करेंगे और अधिकारीगण आपसे खुश रहेंगे. दैनिक व्यापारियों की अच्छी इनकम भी होगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्रा सफलता देंगी और व्यापारिक ऑर्डर भी मिलेगा. पारिवारिक जीवन में किसी बात से थोड़ी … Read more

अपरा एकादशी के दिन घर पर कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा? जानें पूजा विधि और महत्व

अपरा एकादशी का महत्व हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और विशेष रूप से पापों के नाश, आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से ब्रह्म हत्या, गोत्र हत्या, गर्भस्थ शिशु की हत्या, परनिंदा और परस्त्रीगमन जैसे बड़े पापों से भी मुक्ति मिल जाती है. इस व्रत के पुण्य से अपार धन, समृद्धि और प्रसिद्धि मिलती है. इसे सहस्र गोदान के फल के समान माना गया है.यह व्रत जीवात्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति में सहायक माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और उनकी पूजा-अर्चना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. कब है अपरा एकादशी? वैदिक पंचांग के अनुसार, जेष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की शुरुआत 23 मई को देर रात 1 बजकर 12 मिनट 12 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 23 मई को रात्रि 10 बजकर 29 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा. अपरा एकादशी के दिन घर पर कैसे करें पूजा? व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. यदि संभव हो तो स्नान के पानी में गंगाजल मिलाएं. फिर स्नान के बाद साफ और धुले हुए कपड़े पहनें. भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. भगवान को चंदन, पीले फूल, तुलसी दल, धूप, और दीप अर्पित करें. भगवान विष्णु को फल, मिठाई और तुलसी पत्र डालकर भोग लगाएं. ध्यान रखें कि भोग में केवल सात्विक चीजें ही शामिल हों.भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, जैसे – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”. आप विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं. अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें या सुनें. आखिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें. पूजा समाप्त होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में सभी में वितरित करें.अपनी क्षमतानुसार गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. अपरा एकादशी व्रत के नियम दशमी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए. भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए. दिन में सोना नहीं चाहिए और बुरे विचारों से दूर रहना चाहिए. द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और फिर खुद भी भोजन करके व्रत खोलना चाहिए. अपरा एकादशी व्रत का महत्व अपरा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य बड़े-बड़े पापों से मुक्त हो जाता है. कहा जाता है कि इस व्रत के पुण्य से मनुष्य को अपार धन, समृद्धि और प्रसिद्धि मिलती है. यह भी मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल जाती है. इस दिन भगवान वामन की पूजा भी विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है.

27 मई को शनि जयंती का पर्व मनाया जायेगा, इन जगहों पर जलाएं दीपक, कष्टों से मिलेगा छुटकारा

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो जातक को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। इसी कड़ी में शनि जयंती मनाई जाती है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को पड़ती है। इस साल यह पर्व 27 मई को मनाया जाएगा। हालांकि, लोगों के बीच इसकी तिथि को लेकर कनफ्यूजन बना हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 पर शुरू होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 8:31 पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, 27 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। महत्व ज्योति शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती के दिन भगवान शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन विधि-विधान पूर्वक इनकी पूजा अर्चना करने से भक्तों को आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती है। इस दिन जातक को तेल, काले तिल, आदि अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस दिन गरीबों में दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यहां जलाएं दीपक     इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में दीपक जलाना बहुत ही शुभ होगा।     शनि जयंती के दिन आप शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। इसके साथ ही, आप काले तिल, नीले फूल और तेल भी अर्पित कर सकते हैं।     भैरव देव के मंदिर में जाकर दीपक जलाने से भी शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिलती है, क्योंकि भैरव देव को शनि देव का गुरु माना जाता है। ऐसे में नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती है और जीवन में खुशहाली आती है।     आप हनुमान मंदिर में जाकर भी दीपक जला सकते हैं, जिससे शनि दो शांत होगा। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने के अलावा सिंदूर अर्पित करें।

15 मई 2025 गुरुवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज अपने सभी टास्क डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लें। प्यार कभी-कभी कहीं से भी मिल सकता है और आपको सरप्राइज कर सकता है। आज का राशिफल बताता है कि आप अप्रत्याशित रूप से किसी के प्यार में पड़ सकते हैं। वृषभ: आज करियर तौर पर बड़े डीसीजन लेने पड़ सकते हैं। यह वास्तव में रोमांचक अनुभव हो सकता है। इसलिए इसके हर पल का आनंद लें। खर्च को लेकर सावधान रहना जरूरी है। अगर कोई चीज आपके लिए सही नहीं है तो अपना मन बदल लेना या उससे पीछे हट जाना ठीक है। मिथुन: आज याद रखें, अपनी खुशी और मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देना ठीक है। आपको कमिटमेंट पर टिके रहने की जरूरत नहीं है, जो अब आपके काम नहीं आती। अगर अब आपकी कोई रुचि नहीं है, तो ऐसा कहना बेहतर होगा बजाय इसके कि आप उस चीज के साथ चलते रहें, जिसके बारे में आप भावुक नहीं हैं। कर्क: अगर आप उम्मीद कर रहे हैं कि प्यार आपके पास आएगा तो आज का राशिफल सुझाव देता है कि कोई रोमांटिक प्रस्ताव आपके सामने आ सकता है। चाहे आप सिंगल हों या पहले से ही किसी रिश्ते में हों, प्यार हवा में है। यह आपके लिए वास्तव में रोमांचक समय हो सकता है। सिंह: आज नई संभावनाओं के लिए अपनी आंखें और दिल खुला रखें। आप आमतौर पर यह बता सकते हैं कि आपके जीवन में कोई चीज अब रोमांटिक नहीं है। चीजों पर बात करना और देखना ठीक है कि वे किस ओर जा रही हैं। कभी-कभी शांति से अलग होना दोनों लोगों के लिए सबसे अच्छी बात हो सकती है। कन्या: कभी-कभी पास्ट की बातों को पकड़कर रखना आपको पीछे धकेल सकता है। अतीत को याद रखना और उससे सीखना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन चीजों को छोड़ना भी महत्वपूर्ण है, जो आप पर बोझ डाल रही हैं। तुला: आज हो सकता है कि आप किसी ऐसे व्यक्ति के आसपास हों, जिससे आप प्यार करते थे और अब आप स्ट्रेस या घबराया हुआ महसूस करते हों। यह एक संकेत हो सकता है कि उस रिश्ते में प्रॉब्लम को सॉल्व करने या नई शुरुआत करने का समय आ गया है। वृश्चिक: आज आप उन चीजों को छोड़ कर आगे बढ़ने के बारे में एक बड़ा सबक सीख सकते हैं, जो आपको काम में अटका रही हैं। कोई पुराना मोमेंट हो सकता है, जो आपको रोक रहा है। यह खुद को माफ करने और आगे बढ़ने का समय है। धनु:जब आप किसी के साथ टीम बना सकते हैं और एक साथ बड़े प्रोजेक्ट को करने में मजा ले सकते हैं तो चीजें अकेले क्यों करें? आज किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ने का बहुत अच्छा दिन है, जिसके पास अलग-अलग स्किल्स और प्रतिभाएं हैं, जो आपके काम आ सकती हैं। मकर: आज आप पाएंगे कि टीम के साथ काम करना चीजों को अधिक आनंददायक और प्रॉडक्टिव बना सकता है। अगर कोई चीज आपकी खुशी के रास्ते में आ रही है, तो आज कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का दिन हो सकता है कि आपकी आवाज सुनी जाए। कुम्भ: कभी-कभी आपको यह एहसास ही नहीं होता कि आपके कार्य किसी दूसरे को ठेस पहुंचा रहे हैं। आज आपको एक कदम पीछे हटकर यह सोचने की जरूरत हो सकती है कि आपका व्यवहार दूसरों को कैसे प्रभावित कर रहा है। मीन: आप जीवन द्वारा मिलने वाली सभी खुशियों का अनुभव करने के लायक हैं। चाहे वह प्रकृति में समय बिताना हो, अपने पालतू जानवरों के साथ खेलना हो, या अपने प्रियजनों के साथ रहना हो, आपको उन चीजों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए, जो आपको खुशी देती हैं।

14 मई 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज के दिन धन और प्रेम जीवन को लेकर सावधान रहना अच्छा है। चुनौतियां मुश्किल लग सकती हैं लेकिन अक्सर यह छुपे हुए अवसर के समान होती हैं। तनाव कम लें। अपने प्रेम जीवन में खुश रहें। आज क्वालिटी से समझौता किए बिना सभी पेशेवर लक्ष्य हासिल करें। वृषभ: आज पॉजिटिव एनर्जी के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। अपने लक्ष्यों का पीछा करते रहें। अच्छे मौकों को हाथ से खो देना या हार का अनुभव करना अच्छा फील नहीं होता है, लेकिन रियलिटी को एक्सेप्ट करना जरूरी है। मिथुन: आज के दिन अपने प्रेम संबंधी मुद्दों और दफ्तर की दिक्कतों को सावधानी से संभालें। इन्ही छोटी-मोटी चीजों से रिश्ता मजबूत होता है। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। याद रखें कि नए मौके हमेशा आपका इंतजार कर रहे हैं। कर्क: हर रिश्ते को समय-समय पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन हम उससे कैसे निपटते हैं, यह जरूरी है। अपनी प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दें। यह भी सुनिश्चित करें कि आप आज पैसों को मैनेज समझदारी से करें। सिंह: जब कोई हमारी फीलिंग्स को एक्सेप्ट नहीं करता है या दूर चले जाने का विकल्प चुनता है, तो यह एक संकेत है कि वह हमारे लिए नहीं सही है। मुद्दों का सामना करने में जल्दबाजी करने के बजाय, एक कदम पीछे हटें और भावनाओं को शांत होने का समय दें। विश्वास रखें कि मुश्किल घड़ी बीत जाएगी। कन्या: आज अपने प्रोफेशनल रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मुद्दों की जांच करें। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करें। आपका रिश्ता पार्टनर के साथ और भी मजबूत हो जाएगा। तुला: आज के दिन रिजेक्शन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इसे सही व्यक्ति को खोजने की दिशा में एक कदम बढ़ाने के रूप में देखें, जो वास्तव में आपकी तारीफ करता है कि आप जैसे हैं वैसे ही आपको एक्सेप्ट करता है। खर्च पर कंट्रोल करें। वृश्चिक: आज के दिन स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन दोनों उत्तम रहेगा। आप सोच-समझकर इनवेस्टमेंट करने के लिए जरूरी डीसीजन ले सकते हैं। एक्सपर्ट की सलह लें। चुनौतियां जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाना आप जानते हैं। धनु: आज के दिन पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। अपने चेहरे पर मुस्कान रखें क्योंकि यह आपके कॉन्फिडेंस को दर्शाता है। आज प्यार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए शांत रहें। कार्यालय में आपकी उत्पादकता हाई रहेगी। मकर: आज आप पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन भारी वस्तुएं उठाने से बचें। आज के डिजिटल युग में अपनी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सिक्युरिटी को प्राथमिकता दें। कुंभ: आज के दिन लाइफ और वर्क के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। अपनी एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल करें। आज अपने शरीर और दिमाग की आवश्यकता को सुनना महत्वपूर्ण है। आराम करें क्योंकि बॉडी को इसकी जरूरत है। मीन: आज आप चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होंगे। अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालने से बचें और टास्क को कंप्लीट करने में अपना समय लें।

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, कल 11 बजे तक रहेगा अनुराधा नक्षत्र

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. द्वितीया तिथि आज देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. आज पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक शिव योग रहेगा. साथ ही आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा आज रात 12 बजकर 11 मिनट पर सूर्य वृष राशि में प्रवेश करेंगे. जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय. शुभ मुहूर्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि- 14 मई 2025 को देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. अनुराधा नक्षत्र- 14 मई को आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लग जाएगा. शिव योग-14 मई को पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक. 14 मई 2025 ग्रह-गोचर- आज रात्रि के समय सूर्य और गुरु ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. राहुकाल का समय दिल्ली- दोपहर 12:18 – 01:59 PM मुंबई- दोपहर 12:35 – 02:13 PM चंडीगढ़- दोपहर 12:19 – 02:02 PM लखनऊ- दोपहर 12:03 – 01:44 PM भोपाल- दोपहर 12:17 – 01:56 PM कोलकाता- दोपहर पहले 11:33 – 01:12 PM अहमदाबाद- दोपहर 12:36 – 02:15 PM चेन्नई- दोपहर 12:05 – 01:41 PM सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 5:31 am सूर्यास्त- शाम 7:03 pm

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा की

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रदेश के सिंचाई ढांचे को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए और जल अपव्यय रोकने के साथ ही जल का अधिक से अधिक उपयोग कृषि कार्यों में हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी बांधों की जल भराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नहरों के माध्यम से जल परिवहन में होने वाली हानि को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने हेतु अंडरग्राउंड पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई योजनाओं में रूपांकित सिंचाई क्षमता और वास्तविक क्षमता के बीच के अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग में लंबे समय से अधूरे योजनाओं को पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाये।      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को समय से योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने बड़ी परियोजनाओं में भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्य में भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल/सेमी क्रिटिकल घोषित 26 विकासखण्डो में परियोजनाओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। बैठक में सचिव जल संसाधन विभाग श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए निर्माणधीन एवं प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव वित्त श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, प्रमुख अभियंता  श्री इन्द्रजीत उइके एवं जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

आज मंगलवार 13 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज 13 मई के दिन मजबूत रोमांटिक बॉन्डिंग देखने को मिलेगी। नौकरी में बेस्ट परिणाम देने के लिए कोशिश करें। स्मार्ट वित्तीय डिसीजन लेने के लिए आपकी मौद्रिक स्थिति अच्छी है। कोई बड़ी मेडिकल समस्या भी जीवन पर प्रभाव नहीं डालेगी। वृषभ: आज पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इसके अलावा ऐसी किसी भी बात को लेकर डिस्कस न करें, जिससे रिश्तों में कड़वाहट बढ़े। आपके इनोवेटिव विचार वर्कप्लेस पर काम आएंगे। कोई गंभीर समस्या नहीं होगी। मिथुन: आज के दिन खुद को हेल्दी रखें। काम का प्रेशर ज्यादा न लें। आज उत्साह आपकी सबसे बड़ी संपत्ति रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतों को ज्यादा बढ़ने न दें। आज जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है। कर्क: आज आपकी लीडरशिप स्किल को भी परखा जाएगा। आज का दिन आपके लिए सरप्राइज से भरपूर रहेगा। चुनौतियों को स्टेपिंग स्टोन में बदलना आप जानते हैं। लव के मामले में डेट पर जाना अच्छा रहेगा। इससे आपका बॉन्ड स्ट्रॉंग होगा। सिंह: आज का दिन मिक्स्ड एनर्जी वाला रहेगा। समझदारी से वित्तीय डीसीजन लें क्योंकि आज पैसा खूब कमाएंगे। करियर में ग्रोथ और बदलाव का एक महत्वपूर्ण समय है। आप चुनौतियों और रोमांचक अवसरों के मिश्रण का सामना कर सकते हैं। कन्या: आज का दिन आपके लिए पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहेगा। आज मुश्किलों को मुस्कुराहट के साथ पार करें। प्यार का जश्न मनाएं और रोमांटिक संबंधों से अहंकार को दूर रखें। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। तुला: आज किसी भी तरह की बहस में आज न उलझें। सभी मसले सुलझाकर रोमांटिक लाइफ बरकरार रखें। उत्पादकता का कोई बड़ा मुद्दा पेशेवर जीवन पर असर नहीं डालेगा। दूसरों की भावनाओं के प्रति आपको सेंसिटिव रहना चाहिए। वृश्चिक: आज का दिन प्रेम, करियर और वित्त में वृद्धि के पर्याप्त अवसरों का वादा करता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करने की सलह दी जाती है। अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने पर फोकस करें। फिटनेस पर गौर फरमाएं। धनु: आज अप्रत्याशित बदलाव का अनुभव हो सकता है, जो समृद्धि और विकास का अवसर लाएगा। हेल्थ के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सर्वोत्तम परिणाम पाने के लिए परिवर्तन को खुली बांहों से स्वीकार करें। मकर: आज बदलावों भरे दिन के लिए रेडी रहें। अवसरों और व्यक्तिगत विकास पर अपना फोकस रखें। आज का दिन आपको पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर सोच-विचार करने के लिए मोटिवेट कर रहा है। विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा लाभ होगा। कुम्भ: आज उथल-पुथल भरे दिन का सामना करेंगे। प्रेम जीवन को बरकरार रखने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें। चुनौतियान आपको डराती नहीं हैं। ऑफिस में शांत रहें और सभी कार्य पूरे करें। आर्थिक रूप से भाग्यशाली होने के लिए हर विकल्प पर विचार करें। मीन: आज का दिन शानदार रहेगा। प्रेम संबंधी मुद्दों को सकारात्मक सोच के साथ सुलझाएं। ऑफिस में कोई बड़ी परेशानी नहीं रहेगी। आर्थिक रूप से आप समृद्ध हैं। आपका स्वास्थ्य आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं देगा।

घर में पूजा स्थल बनाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखें

जहां एक ओर अन्य धर्मों में मूर्ति पूजा पर इतना ज्यादा विश्वास नहीं किया जाता है, वहीं हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की आराधना के लिए मूर्ति पूजा ही सबसे प्रमुख माध्यम है। हर मंदिर के गर्भगृह में मंदिर के इष्ट देव की मूर्ति की स्थापना अवश्य की जाती है, ताकि भक्त अपने ईश्वर से जुड़ पाये। हिंदू धर्म के अनुयायी, मूर्ति पूजा में विश्वास क्यों करते हैं? हिदू धर्म के अनुयायियों के लिए, मंदिर में ईश्दर के दर्शन करना महत्वपूर्ण होता है। उनके लिए, भगवान अनंत शक्ति और ताकत का स्त्रोत हैं, उनकी आराधना और वंदना के माध्य्म से लोगों को प्रेरणा मिलती है और वो मुश्किलों से उभरना सीख लेते हैं। मूर्ति के सामने रहने से उन्हें बुरे काम न करने की शिक्षा मिलती है और सदैव अच्छे व नेक पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही लोगों का मन साफ रहता है। शास्त्रों इस बारे में क्या कहते हैं? अगर हिंदू धर्म के शास्त्रों की बात करें तो हर घर में एक मंदिर होना चाहिए और घर में स्थायपित मंदिर के लिए कुछ नियमों का पालन भी अवश्यि करना चाहिए। ध्यान रखने योग्य बातें: अगर आपके घर में मंदिर या पूजा कक्ष है तो हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार आपको निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। अलग पूजा कक्ष बनवाएं – घर में यदि स्थान की कमी न हो, तो अलग से पूजा कक्ष का निर्माण करें। पूजा कक्ष के द्वार का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। दम्पत्तियों के कक्ष में पूजा कक्ष नहीं बनाना चाहिए, ऐसा माना जाता है कि अगर आप शारीरिक सम्बंधों को घर के बाकी लोगों के समक्ष नहीं बनाते हैं तो ईश्वर के सामने भी ऐसा न करें। यही कारण है कि पूजा स्थालों में भी परिसर के अंदर सराय नहीं होते हैं। रसोई के अंदर या ठीक विपरीत मंदिर न रखें: पूजा स्थील को कई लोग रसोई में बना लेते हैं, ऐसा न करें। न ही रसोई के ठीक विपरीत पूजा स्थल बनाएं। कई घरों में किचेन में ही डस्ट बीन और बाकी का कूड़ा रखा रहने दिया जाता है, ऐसे में भगवान रखना सही नहीं होता है। साथ ही खाना बनाने के दौरान धुआं भी मंदिर तक पहुंचेगा। मंदिर की स्थिति सबसे ज्यादा मायने रखती है अगर आप दो मंजिला इमारत पर रहते हैं तो अपने पूजा कक्ष को इस प्रकार बनाएं कि ऊपरी मंजिल में उसके ऊपर बाथरूम या लैट्रिन न हों। मंदिर एक पवित्र स्था न होता है, इसका पूरा ख्याल रखें। मंदिर में कभी ताला न लगाएं कई लोग ऐसे मंदिर रखते हैं कि पूजा करने के बाद उसे लॉक कर दें। ऐसा कतई न करें। मंदिर, पूता के लिए होता है न कि भगवान को अंदर बंद रखने के लिए। मंदिर को खुला रहने दें, इससे घर व उस स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। मंदिर की नियमित सफाई करें आप प्रतिदिन स्ना न करते हैं तो मंदिर हर दिन क्यों साफ नहीं कर सकते। घर के अन्यर हिस्सों की तरह मंदिर की सफाई भी प्रतिदिन कीजिए। हर मूर्ति व तस्वीर को साफ करें, इससे आपको ही अच्छां महसूस होगा। घर पर कितनी मूर्तियां रखें? मंदिर में सिर्फ भगवान होते हैं वहां भौतिकवादिता की कोई जगह नहीं होती है। लेकिन घरों में हम पारिवारिक जीवन जीते हैं इसलिए बहुत ज्यादा मूर्ति या तस्वीरें रखने की आवश्यहकता नहीं होती है। घर पर कुछ सीमित ही मूर्तियों व तस्वीैरों को रखना चाहिए, जोकि निम्न प्रकार हैंः लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वखती: कई लोगों का मानना है कि तीनों की मूर्ति आप रख सकते हैं लेकिन कई बार, पुजारियों व विद्वानों के द्वारा इन तीनों देवियों की मूर्ति एक साथ रखने को मना किया जाता है। मानते हैं कि इससे घर में बुरा होता है और स्वा स्य्ुत पर बुरा असर पड़ता है। गणेश जी के साथ लक्ष्मीा जी का पूजन, दीपावली पर होता है तो इस प्रकार लक्ष्मीो जी हर घर में प्रवेश करती हैं। हां, गणेश जी की मूर्ति को आप घर में किसी भी स्थारन पर आराम से रख सकते हैं। दो शिवलिंग: घर के मंदिर में शिवलिंग रखना निषिद्ध होता है। कई लोग एक ही शिवलिंग रखना सही मानते हैं, जबकि कायदानुसार एक भी शिवलिंग को नहीं रखना चाहिए। शिवलिंग को सिर्फ धार्मिक स्थ्लों पर ही रखना चाहिए। मूर्तियां व चित्रों को लेकर नियम: घर में कभी भी कृष्णे या राधा/रूक्मिणी या मीरा की तस्वीार को नहीं लगाना चाहिए। भगवान कार्तिकेय की उनकी दोनों पत्नियों वाल्लीन और देवासेना के साथ भी कोई फोटो न लगाएं। गणेश भगवान की रिद्धि और सिद्धिक के साथ भी मूर्ति या तस्वीोर लगाना, शास्त्रों में मना किया गया है। माना जाता है इससे शादी में समस्यार आती है। मूर्तियों को क्रम से लगाएंः ब्रहृमा, विष्णुन और महेश की मूर्तियों को सही क्रम में लगाएं।  

सोमवार 12 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष: मेष राशि के जातकों अपनी लाइफ में संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दें। रिलेशनशिप में बातचीत बढ़ाएं। अपने करियर पर फोकस रखें। पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। वृषभ: वृषभ राशि के जातकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं में कई बदलावों का अनुभव हो सकता है। कुछ लोग घर पर ही क्वॉलिटी टाइम स्पेंड करेंगे। करियर, रिलेशनशिप, धन और सेहत के मामले में होने वाले बदलावों को अपनाएं। ये बदलाव आपकी ग्रोथ का कारण बन सकते हैं। मिथुन: मिथुन राशि के जातकों को जीवन में बैलेंस बनाने की सलाह दी जाती है। चाहे वह रिलेशन हो, करियर हो, आर्थिक मामले हो या स्वास्थ्य हो, खुद को पॉजिटिव बनाए रखें। आज की चुनौतियों और अवसरों को पार करने में आपकी स्किल्स मददगार साबित होंगी। कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए बिजी साबित हो सकता है। अन्य जिम्मेदारियां आपका तनाव बढ़ा सकती हैं। चाहे आप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हो, या कमिटेड रिलेशनशिप में हो, प्रेम जीवन में अच्छे पलों का अनुभव करने के लिए तैयार रहें। सिंह: सिंह राशि के जातकों के लिए बदलावों से भरपूर रहने वाला है। पॉलिटिक्स से दूर रहें। जंक फूड से दूर रहें। काम के सिलसिले में कुछ लोगों को विदेश की यात्रा भी करनी पड़ सकती है। कुछ लोग डेट पर जा सकते हैं। कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। बिजनेस करने वाले जातकों को धन के मामले में परेशानी हो सकती है। काम के सिलसिले में कुछ लोगों को क्लाइंट से नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। दिन खत्म होने तक सब कुछ सही हो जाएगा। तुला: तुला राशि के जातकों के लिए पॉजिटिव रहने वाला है। बाहर के खाने का ज्यादा सेवन न करें। पॉलिटिक्स पर ज्यादा ध्यान न दें। चाहे मामला परिवार का हो, करियर का हो, धन का हो, सेहत का हो, या लव का हो, जीवन में किसी भी बदलाव को पॉजिटिव सोच के साथ एक्सेप्ट करें। वृश्चिक: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नॉर्मल रहने वाला है। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। धनु: धनु राशि के जातकों को ऑफिस में कुछ टास्क ऐसे मिल सकते हैं, जो आपकी प्रमोशन का कारण भी बन सकते हैं। लव के मामले में सिंगल जातकों को खुशखबरी मिल सकती है। करियर की सिचुएशन अच्छी रहेगी। मकर: मकर राशि के जातकों के लिए क्रिएटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली साबित हो सकते हैं। स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। स्ट्रेस दूर करने के लिए योग ट्राई करें। कुंभ: कुंभ राशि के जातकों के लिए प्रोडक्टिव रहने वाला है। करियर के मामले में आपको नए मौके मिल सकते हैं। कुछ लोगों की पोजीशन में बदलाव होने की भी संभावना है। धन के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है। सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। मीन:  मीन राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है। अपने करियर में गोल्स को हासिल करने के लिए प्लान बनाएं। सेविंग्स पर ध्यान देने से आप स्टेबल रहेंगे। पार्टनर के साथ डेट पर जाने के लिए वक्त निकालें। बॉडी को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करें।

कुछ ऐसी चीजें जिन्हें घर में रखने से कभी नहीं होती पैसों की कमी

अगर आप धन संबंधी परेशानियों को लेकर चिंतित रहते हैं तो इसका कारण आपके घर में मौजूद वास्तुदोष हो सकता है। इस दोष से मुक्ति और धन-सुख के लिए वास्तुशास्त्र में कुछ चीजें ऐसी बताई गई हैं जिन्हें घर में रखने से धन संबंधी सभी परेशानियां अपने आप खत्म हो जाती हैं और घर में हमेशा धन-धान्य बना रहता है। धातु के बने कछुए और मछली को घर में रखना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर से जुड़ी सभी समस्याएं खत्म होने लगती हैं। घर के जिस हिस्से में परिवार के सदस्य सबसे ज्यादा समय विताते हैं, वहां पर चांदी, पीतल या तांबे का पिरामिड रखें। यह घर के सदस्यों की आय में वृद्धि करता है। घर की उत्तर दिशा में पानी से भरी सुराही रखनी चाहिए। इससे घर में धन की कमी नहीं होती। सुराही न हो तो मिट्टी का घड़ा रखा जा सकता है। ये कभी भी खाली न रहे, पानी खत्म हो जाने पर इसे फिर से भर दें। घर की द्क्षिण-पश्चिम दिशा में भगवान हनुमान की पंचस्वरूप वाली मूर्ति या तस्वीर लगाएं। नियमित रूप से उनकी पूजा करें। घर के मेन गेट पर देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर या स्वास्तिक का चिन्ह या फोटो लगाने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती। घर में वास्तु भगवान की मूर्ति या तस्वीर रखने से घर के सभी वास्तु दोष खत्म हो जाते हैं और घर में कभी पैसों की कमी नहीं आती।  

11 मई 2025 शनिवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज बच्चों के साथ समय बिताना आपके दिल को सुकून देगा। आप धन कमाने में सफल रहेंगे। दोस्तों के साथ घूमने जाने की प्लानिंग बना सकते हैं।आपके लिए यह खूबसूरत रोमांटिक दिन रहेगा, लेकिन सेहत से जुड़ी कुछ परेशानी आपको चिंता में डाल सकती हैं। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ : आज लव लाइफ अच्छी हेगी। आज आपको आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। आर्थिक सुरक्षा के लिए धन की बचत करना जरूरत है। आज कोई आकस्मिक शुभ समाचार मिल सकता है। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। आज आप अपने प्रिय से अपनी फीलिंग्स जाहिर नहीं कर पाएंगे। आपका जीवनसाथी आज आपकी प्रतिष्ठा पर थोड़ा प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। मिथुन : आज आप किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता पा सकते हैं। वित्तीय स्थिति में सुधार आने से आज कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। घर में सुख-शांति और समृद्धि आ सकती है। हर दिन प्यार में डूबे रहने का अपना स्वभाव बदलें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। सेहत अच्छी रहने वाली है। कर्क : आज किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग ले सकते हैं। आपका कोई दोस्त आज आपसे बड़ी रकम उधार मांग सकता है। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। आज आपका पार्टनर अपना कोई शानदार पक्ष दिखा सकता है। व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। सिंह : सिंह राशि के आज कारोबारियों को मुनाफा हो सकता है। आज परिवार के सदस्य आपसे आर्थिक मदद मांग सकते हैं। आपको मानसिक शांति मिलेगी। अपने लवर की इमोशनल मांगों को नहीं छोड़ें। इस राशि के बड़े-बुजुर्ग आज खाली समय में अपने पुराने दोस्तों से मिलने जा सकते हैं। जीवनसाथी की खराब सेहत के कारण आज आपके कुछ कामों में रुकावट आ सकती है। तुला : धन का अचानक आपके खर्चों को संभाल सकता है। अप्रत्याशित अच्छी खबर आपका उत्साह बढ़ाएगी। अपने परिवार के सदस्यों के साथ शुभ समाचार शेयर करने से उन्हें भी खुशी होगी। आज आपके पिता या बड़े भाई किसी गलती पर आपको डांट सकते हैं। आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आएगा। आपका जीवनसाथी आज आपकी डेली की जरूरतें पूरी करना बंद कर सकता है, जिसके चलते आपका मूड खराब हो जाएगा। धनु : आज सितारों को आपका साथ मिलेगा। आपकी सेहत अच्छी रहेगी। जिन लोगों ने किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर अपना पैसा निवेश किया था उन्हें आज लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। आपकी लव लाइफ के लिहाज से दिन शानदार है। आज आप ऑफिस में किसी नई जिम्मेदारी को हाथ में ले सकते हैं। मकर : आज जीवनसाथी का साथ मिलेगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। कोई नया वित्तीय सौदा अंतिम रूप लेगा और पैसा आएगा। दोस्तों के साथ शाम आनंददायक रहेगी। यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक बन सकता है। व्यावसायिक सफलता मिलने के संकेत हैं। कुम्भ : आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। आज आप पॉजिटिव एनर्जी बिखेरेंगे और अच्छी मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके लवर के कठोर शब्दों के कारण आपका मूड खराब हो सकता है। अगर आप पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं तो आज अपने खाली समय का इस्तेमाल अपने परिवार वालों से बात करके करें। वैवाहिक जीवन अच्छी रहेगी। कन्या : कन्या राशि वालों के आज धैर्यशीलता में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। लेकिन मन अशांत रहेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार की शुरुआत हो सकती है। धन का आगमन होगा। किसी अच्छी खबर का घर पर आगमन हो सकता है। वृश्चिक :  आज वृश्चिक राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम ज्यादा करनी पड़ सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें। आर्थिक खर्च बढ़ेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। मीन : आज मीन राशि के जातक आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। बातचीत में संतुलित रहें। संतान की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कामों में व्यवधान आ सकते हैं। लिखने-पढ़ने के लिए समय अच्छा रहने वाला है। धन की स्थिति अच्छी रहेगी।

बुधादित्य योग से मेष समेत इन 5 राशियों को मिला लाभ

कल यानी 11 मई रविवार है और कल के दिन ग्रहों के अधिपति सूर्य होंगे। और कल के दिन चतुर्दशी उपरांत पूर्णिमा तिथि की शुभ संयोग बन रहा है। कल सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में गोचर कर रहे हैं और बुध ग्रह के साथ युति बना रहे हैं जिससे बुधादित्य योग का उत्तम संयोग बन रहा है। कल चंद्रमा का गोचर तुला राशि में स्वाति नक्षत्र से हो रहा है। इसे शुभ माना जाता है। इसके साथ ही कल सूर्य और बुध की सीधी दृष्टि चंद्रमा पर पड़ रही है और सूर्य कृतिका नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में कल रविवार का दिन बुधादित्य योग और भगवान भास्कर की कृपा से मेष, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए भरपूर लाभ लेकर आ रहा है। आइये जानते हैं कल का लकी राशिफल और रविवार के उपाय।   ​मेष राशि के लिए कल 11 मई का दिन कैसा रहेगा मेष राशि के जातकों के लिए कल रविवार का दिन शानदार रहने वाला है। कल कारोबार में सबको साथ लेकर चलने से आपको लाभ होगा। साझेदारी में लिए गए निर्णय फायदेमंद साबित होंगे। पार्टनरशिप में कोई काम करते हैं तो कल का दिन आपके लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित हो सकता है। काउंसलिंग, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी, कॉस्मेटिक्स आदि के क्षेत्रों से जुड़े जातकों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख शांति रहेगी। जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रेम भाव बना रहेगा। जीवनसाथी की मदद से कोई लाभ मिल सकता है। लव पार्टनर की तरफ से कोई गिफ्ट मिल सकता है। पार्टनर के साथ घूमने का भी प्लान बन सकता है। प्रेम संबंधों में आपकी ईमानदारी पार्टनर को पसंद आएगी। मेष राशि के लिए कल रविवार के उपाय : कल सूर्य को अर्घ्य दें। किसी काम को करने जा रहे हैं तो लाल चंदन का टीका लगाकर घर से निकलें।   ​कल 11 मई का दिन कर्क राशि के लिए कैसा रहेगा कल रविवार को कर्क राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलेगा। कल कारोबार में आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ मिलने के आसार हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए कल का दिन अच्छा रहने वाला है। नया निवेश करने जा रहे हैं तो संपत्ति या कीमती धातु में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कल संपत्ति से जुड़ा काम करने वालों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है। कल आपको मातृ पक्ष से लाभ मिलेगा। मां का स्नेह मिलेगा। घर में माहौल सुखद रहेगा। मानसिक तनाव में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे आप अच्छा महसूस करेंगे। विद्यार्थी वर्ग के लिए कल का दिन नई उम्मीदें लेकर आए सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों का पढ़ाई में मन लगेगा। प्रेम संबंधों के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। मामा-मौसी आदि की तरफ से मदद मिल सकती है। कर्क राशि के लिए कल रविवार के उपाय : कल मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। और नई झाड़ू खरीदकर लाएं और इसे सोमवार की सुबह किसी मंदिर में चुपचाप रख आएं।   ​तुला राशि के लिए कल 11 मई का दिन कैसा रहने वाला है तुला राशि वालों में कल रविवार को एक नई ऊर्जा का संचार होगा। कल आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। आपकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होंगे। आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे। अपनी प्रभावशीलता की वजह से आप कारोबार में अच्छा सौदा हासिल करने में सफल होंगे। कल टीचिंग, कोचिंग, पब्लिक डीलिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़े जातकों को विशेष रूप से सफलता मिलने के आसार हैं। कल आप अपने क्लाइंट के साथ भरोसे का स्थिर रिश्ता बनाने में कामयाब होंगे जो आपको आने वाले समय में लाभ देगा। धन प्राप्ति के प्रयास सफल होंगे। परिवार में मस्तीभरा माहौल रहेगा। माता पिता का पूरा सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल बना रहेगा। घर में सुख सुविधाओं में इजाफा होगा। तुला राशि के लिए कल रविवार के उपाय : कल मंदिर में घी का दीया जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और साथ ही घर के दरवाजे के दोनों तरफ भी घी का दीया जलाएं।   ​वृश्चिक राशि के लिए कल 11 मई का दिन कैसा वृश्चिक राशि के लिए कल का दिन काफी अच्छा रहने वाला है। कल कारोबार में अटके हुए काम पूरे होंगे। कारोबार से जुड़ी किसी यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा आपके लिए नए संपर्क स्थापित करने में मददगार साबित होगी। ये संपर्क आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ दिलाने में सक्षम होंगे। कल का दिन मुनाफा कमाने का है। कल किसी ने आपसे उधार लिया था तो वह भी आपके पास वापस आ सकता है। विदेश से लाभ होने के आसार हैं। पढ़ाई या घूमने के लिए विदेश जाने का प्रयास कर रहे जातकों को कल कहीं से उम्मीद मिल सकती है। कल आपका मन आध्यात्मिक कार्यों में भी पूरी तरह से लगा रहेगा। दान पुण्य करेंगे। दोस्तों की मदद मिलेगी लेकिन अपनी गोपनीय बातें किसी से साझा करने से बचें। जीवनसाथी के सहयोग से आपके घरेलू कार्य सफल होंगे। लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। वृश्चिक राशि के लिए कल रविवार के उपाय : कल सूर्योदय के समय सूर्य देव को तांबे के लोटे में रोली और अक्षत डालकर जल चढ़ाएं। इसके बाद मंदिर में 108 बार ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जप करें। ​कल 11 मई का दिन कुंभ राशि के लिए कैसा रहने वाला है कल रविवार को कुंभ राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलेगा। भाग्य की प्रबलता की वजह से आपको कम मेहनत में अधिक लाभ मिलेगा। कारोबार में कल आप दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ोतरी करेंगे। कितने भी कठिन हालात होंगे, लेकिन आप उन्हें भी अपनी बुद्धि से अनुकूल बनाकर लाभ कमाएंगे। आपको कल वरिष्ठ शुभचिंतकों का मार्गदर्शन मिलेगा। यह सोने पर सुहागा की तरह होगा, इससे आपके कमाई के साधन बढ़ेंगे। उच्च शिक्षा को लेकर आ रहीं परेशानियां दूर होंगी। कल आप सही रास्ते पर चलेंगे और कर्मों के फल का लाभ उठाएंगे। इच्छित फल की प्राप्ति हो सकती है। वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा। बच्चों की तरफ से कोई खुशखबरी मिल सकती है। कुंभ राशि के लिए कल रविवार के उपाय : कल सूर्य नारायण को जल देते … Read more

आज शनिवार 10 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपको गुस्से से बचना चाहिए। धन की स्थिति में सुधार होगा। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। यात्रा रोमांटिक रहेगी। करियर में आपको मनवांछित परिणाम की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। व्यापारिक स्थिति अच्छी होगी। वृषभ राशि- आज आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। आपका कोई पुराना मित्र आज आपको बिजनेस में ज्यादा मुनाफा कमाने की सलाह दे सकता है। बच्चों से सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। आप कड़ी मेहनत और धैर्य से अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर रहेगा। मिथुन राशि- आज आपको करियर में सफलता प्राप्त होने के संकेत हैं। आप जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। व्यापारिक स्थिति अच्छी होगी। आर्थिक रूप से सतर्क रहें, क्योंकि नुकसान होने की संभावना है। यात्रा का योग बनेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कर्क राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। दोस्तों की मदद से आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। जीवन में खुशियां लाने वाला एक अच्छा समय है। जीवनसाथी के साथ लव लाइफ अच्छी रहेगी। आज आपके कामकाज का माहौल हमेशा के लिए बदल सकता है। आज आपके जीवनसाथी की मासूम हरकतें आपका दिन शानदार बना देंगी। सिंह राशि– आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आपकी आर्थिक स्थिति अनुकूल नहीं दिख रही है, जिसके कारण आपको धन संचय करने में मुश्किल होगी। मित्रों का साथ आराम देगा। आज आपके दिल की धड़कनें आपके जीवनसाथी के साथ ताल में प्यार का संगीत बजाएंगी। व्यावसायिक पार्टनरशिप में सफलता मिलेगी। कन्या राशि- आज आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी।जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य को लेकर मन परेशान भी रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने की कोशिश करें। नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। धन लाभ के योग बनेंगे। व्यापार में नई डील से लाभ के संकेत हैं। तुला राशि- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। किसी की लापरवाही आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। आकस्मिक स्रोतों से धन लाभ आपका दिन खुशनुमा बना देगा। व्यापारिक लेनदेन पर ध्यान से गौर करने की जरूरत है। अगर आप अपने जीवनसाथी के अलावा दूसरों को खुद पर कंट्रोल करने का ज्यादा अवसर दे रहे हैं, तो आपको अपने पार्टनर से प्रतिकूल प्रतिक्रिया मिल सकती है। वृश्चिक राशि- आज वृश्चिक राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि भी होगी। नौकरी की खोज कर रहे लोगों को शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। धनु राशि– आज आप महत्वपूर्ण फैसला लेने में सफल रहेंगे। आप कड़ी मेहनत और धैर्य से अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। आपके बातचीत करने की स्किल प्रभावशाली रहेगी। आपका जीवनसाथी आज आपको जानबूझकर चोट पहुंचा सकता है, जिससे आप कुछ समय के लिए परेशान रह सकते हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छी स्थिति में आएंगे। मकर राशि- आज आवेग में फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं करें, इससे आपके बच्चों के हित को नुकसान पहुंच सकता है। आज आप किसी बड़ी मुश्किल से बाहर आ सकते हैं। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आपका पार्टनर बेहतर समझ से आपको शांत कर देगा। आज खाली समय में आप ऐसे काम करेंगे जिनकी आप योजना बनाते थे। कुंभ राशि- आज सेहत आपकी अच्छी रहने वाली है। आपका दिन भाग्यशाली रहने वाला है। सामाजिक कद बढ़ेगा। कार्यस्थल पर आप नए प्रोजेक्ट पाने में सफल रहेंगे। आपको अप्रत्याशित स्रोतों से महत्वपूर्ण धन प्राप्त हो सकता है। आज जीवनसाथी के साथ एक रोमांटिक शाम बिताने का मौका मिल सकता है। मीन राशि- मीन राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में परेशानी रहेगी, लेकिन भावनाओं को वश में रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव हो सकता है। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगी। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में काम करने का मौका मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे।

09 मई 2025 शुक्रवार , सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- बेकार के तनाव को आज अपने दिमाग में घर न करने दें। महंगी खरीदारी से आज आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। परिवार व दोस्तों का साथ मिलेगा। लव लाइफ बेहतर होगी। आज आपकी किसी करीबी के साथ आपकी बहस हो सकती है, जिससे आपका मूड खराब हो सकता है। लंबे वक्त के बाद जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वृषभ राशि- आज अपनों के साथ अनबन को खत्म करके नई शुरूआत करें। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा। जरूरत के हिसाब से जीवन में वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी। किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात की संभावना है। कार्यस्थल पर आपको नई भूमिका या जिम्मेदारी मिल सकती है। आज आपको जीवनसाथी से सरप्राइज मिल सकता है। मिथुन राशि– आज बच्चों की सेहत पर नजर रखें और मानसिक परेशानी से मुक्ति पाने की कोशिश करें। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में उधार चुकाना पड़ सकता है। ऐसे में यह आपकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। परिवार के कुछ सदस्य आपके मूड को खराब कर सकते हैं। कार्यस्थल पर अपने गुस्से पर काबू रखें। कर्क राशि- आज माता-पिता की सेहत पर नजर रखें। अपनों का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से अच्छी होगी। रिश्ते भी मजबूत होंगे। अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिताने की कोशिश करें। मानसिक शांति पाने के लिए आप अपना समय अकेले बिताना पसंद करेंगे। आज आपका जीवनसाथी आपको महसूस कराएगा कि आप दुनिया में अकेले हैं। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। अपनों का साथ होगा। किसी अटके हुए धन की वापसी हो सकती है। नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें। धन की स्थिति में सुधार होगा। अपने लवर के साथ आप अच्छा समय बिताएंगे। कन्या राशि- आपका भरपूर आत्मविश्वास रहेगा। जो व्यापारी काम के सिलसिले में घर से बाहर निकल रहे हैं उन्हें आज अपना पैसा सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार की स्थिति अच्छी होगी। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। तुला राशि- आज आपका मन प्रसन्न तो रहेगा। पर धैर्यशीलता बनाए रखें। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। खर्च बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। माता-पिता के साथ से धन की स्थिति सुधर सकती है। वृश्चिक राशि- आज आपको अपने किसी भी राज को शेयर करने से बचना चाहिए। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर आप तनाव में रह सकते हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। सेहत अच्छी रहेगी। कार्यस्थल पर आप अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी होगी। धनु राशि– आज धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। किसी बात को लेकर मन परेशान भी रहेगा। आत्म संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार में सुधार होगा। आर्थिक लाभ के मौके मिलेंगे। परिवार के साथ किसी शांत जगह पर समय बिताने का प्लान बना सकते हैं। मकर राशि- आज धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। किसी बात को लेकर मन परेशान भी रहेगा। आत्म संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार में सुधार होगा। आर्थिक लाभ के मौके मिलेंगे। परिवार के साथ किसी शांत जगह पर समय बिताने का प्लान बना सकते हैं। कुंभ राशि- अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कोशिश करते रहें। पैसों का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। परिवार में कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। आनंददायक जीवन बिताएंगे। कार्यस्थल पर अपने दृष्टिकोण में ईमानदार और सटीक रहें। आपका जीवनसाथी आपका भरपूर साथ देगा। मीन राशि- मीन राशि के जातक आज अपने परिवार के साथ खुशियां बांटेंगे। अपने लिए पैसे बचाने का आपका विचार आज पूरा हो सकता है। कुछ जातकों का शादी-ब्याह भी तय हो सकता है। किसी भी व्यावसायिक/कानूनी दस्तावेज पर बिना पढ़े साइन नहीं करें। आप मानसिक शांति पाने के लिए अपना समय अकेले बिताना पसंद करेंगे।

बुद्ध पूर्णिमा के पर पीपल के पेड़ की करें पूजा

बुद्ध पूर्णिमा का पर्व हिंदू और बौद्ध धर्म दोनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु के नौवें अवतार का जन्म हुआ था. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान बुद्ध का सिर्फ जन्म ही नहीं बल्कि इसी तिथि को वर्षों वन में भटकने व कठोर तपस्या करने के पश्चात बोध गया में बोध वृक्ष नीचे बुद्ध को सत्य का ज्ञान हुआ. इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर कुछ शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. वहीं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ पीपल के पेड़ की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. बुद्ध पूर्णिमा तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत रविवार, 11 मई को रात्रि 8 बजकर 1 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 12 मई को रात्रि 10 बजकर 25 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का पर्व सोमवार 12 मई को मनाया जाएगा. इस बार भगवान गौतम बुद्ध की 2587 वीं जयंती मनाई जाएगी. बुद्ध पूर्णिमा शुभ योग वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान और रवि योग का संयोग बन रहा है. वहीं इस दिन रवि योग सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर 06 बजकर 17 मिनट तक है. इसके अलावा भद्रावास का भी संयोग है. इसके अलावा भद्रावास का भी संयोग है जो सुबह 09 बजकर 14 मिनट तक है. मान्यता है कि इस योग में पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. पीपल वृक्ष की पूजा विधि बुद्ध पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की पूजा का खास महत्व होता है. पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु से जुड़ा हुआ है और इसे एक पवित्र वृक्ष माना जाता है. कहते हैं इस वृक्ष की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह शुद्ध जल से स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. फिर किसी हरे भरे पीपल पेड़ का पेड़ चुने या घर के नजदीक किसी मंदिर पास जाएं जहां पीपल का पेड़ हो. उसके बाद पेड़ के नीचे साफ-सफाई कर आसन बिछाकर बैठे. फिर पेड़ की जड़ में शुद्ध जल का छिड़काव करें. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक और धूप जलाएं. फिर ताजे फूल चढ़ाएं, खासकर सफेद और पीले रंग के फूल चढ़ाएं. पीपल के पेड़ की पूजा करते हुए भगवान बुद्ध की पूजा करें और विशेष रूप से “ॐ मणि पद्मे हूँ” का मंत्र जाप करें. साथ ही दूध, शहद, घी और पानी का मिश्रण चढ़ाएं. पूजा संपन्न होने के बाद एक बर्तन में पानी और फूल डाले और चंद्रमा की ओर उछालें. इसके बाद अगले दिन चंद्रमा दर्शन के बाद पारण करना चाहिए.

गुरुवार 08 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहने वाला है। मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि के लोग धैर्य रखें और अपनी भावनाओं को वश में रखें। बातचीत में संतुलित रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। यात्रा का लाभ मिलेगा। हालांकि आपके लिए निवेश वर्जित रहेगा। मिथुन राशि– आज मिथुन राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में विदेश जाने के योग बन रहे हैं। आर्थिक रूप से खर्च बढ़ेंगे। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। कोई सपना पूरा हो सकता है। कर्क राशि- आज अपने समय को बर्बाद न करें बल्कि अपनी एनर्जी का इस्तेमाल अपने टास्कों को पूरा करने में लगाएं। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। ऑफिस की राजनीति से बचें। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहने वाला है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर मानसिक तनाव हो सकता है। परिवारजनों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और तरक्की तय है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में नया कारोबार शुरू करने के लिए दिन शुभ रहने वाला है। परिवार के किसी सदस्य को बड़ी सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ आपका दिन बहुत बढ़िया रहने वाला है। कन्या राशि- आज बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। पारिवारिक मामलों पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अपने जुनून पर काबू रखें और यह आपके लव अफेयर को खतरे में डाल सकता है। आपका खराब मूड आपका जीवनसाथी किसी खास सरप्राइज से खुश हो जाएगा। परिवार में भी शांति बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। तुला राशि- आज आर्थिक रूप से आपका दिन उत्तम रहने वाला है। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। लोग आपकी वाणी से प्रभावित होंगे। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व आपको कुछ नए दोस्त बनाने में मदद करेगा। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सफलता भरा दिन है, क्योंकि उन्हें प्रसिद्धि और पहचान मिलेगी। पार्टनर के साथ अनबन से बचें। वृश्चिक राशि- योग व ध्यान से मानसिक तनाव दूर होगा। किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सकते हैं। ऑफिस में आज आपको अच्छे नतीजे नहीं मिलेंगे। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। पिता की सेहत अच्छी रहेगी। व्यापारियों में बदलाव के योग बन रहे हैं। धनु राशि– आज प्रेग्नेंट लेडीज को सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक रूप से आपको सतर्कता बरतनी चाहिए। आर्थिक स्थिति को चेक करें क्योंकि आज किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए आपके पास पर्याप्त धन होना जरूरी है और अपने खर्चों को सीमित करें। आज आप रोमांटिक गुदगुदी महसूस करेंगे। कारोबारियों को काम से जुड़ी किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। नौकरीपेशा जातकों को ऑफिस में गपशप करने से बचना चाहिए। मकर राशि-रचनात्मक कार्य आपको तनाव से दूर रखेंगे। हालांकि आज आपको पैसों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पिता का साथ मिलेगा। अपने परिवार को उचित समय दें और उन्हें महसूस कराएं कि आप उनकी परवाह करते हैं। उनके साथ अपना क्वालिटी टाइम बिताया। आज जीवनसाथी से आपको सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। जल्दबाजी में ऐसे निर्णय न लें जिसके लिए आपको जीवन में बाद में पछताना पड़े। कुंभ राशि- आज आपको लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। बुद्धि के बल पर धन कमाने में सफल रहेंगे। महत्वपूर्ण निर्णय को रोक कर रखें। जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। समस्याओं पर तेजी से कार्य करने की आपकी क्षमता आपको पहचान दिलाएगी। आपको अपने प्यार से कोई अच्छा सरप्राइज मिल सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। मीन राशि- आज आप किसी एडवेंचर एक्टिविटी में भाग ले सकते हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मौज-मस्ती करने का मौका मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। सहकर्मियों और सीनियर्स के भरपूर सहयोग मिलने से ऑफिस में काम में तेजी आएगी। आज लोग आपकी तारीफ करेंगे जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे।

भगवान का शयन करना

भगवान सूर्य के मिथुन राशि में आने पर भगवान मधुसूदन की मूर्ति को शयन कराते हैं और तुला राशि में सूर्य के जाने पर भगवान जनार्दन शयन से उठाये जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहते हैं। गरुड़ध्वज जगन्नाथ के शयन करने पर चारों वर्णो की विवाह, यज्ञ आदि सभी क्रियाएं सम्पादित नहीं होतीं। यज्ञोपवीतादि संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, ग्रहप्रवेशादि, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म है, वे सभी चातुर्मास्य में त्याज्य हैं। भविष्य पुराण, पदमपुराण तथा श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार हरिशयन को योगनिद्रा कहा गया है। संस्कृत साहित्य में हरि शब्द सूर्य, चन्दमा, वायु, विष्णु आदि अनेक अर्थो में प्रयुक्त है। हरिशयन के दृष्टि से देखें तो इन चार मास में बादल और वर्षा के कारण सूर्य-चन्द्रमा का तेज क्षीण हो जाना उनके शयन का ही रूप है। इस समय में पित्त स्वरूप अग्नि की गति शांत हो जाने के कारण शरीरगत शक्ति सो जाती है। आज वैज्ञानिकों की कृपा से संसार को भी यह बात विदित हो गई है कि चातुर्मास्य में (वर्षा ऋतु में) विविध प्रकार के कीटाणु अर्थात सूक्ष्म रोग जन्तु उत्पन्न हो जाते हैं, जल की बहुलता और सूर्य-तेज का भूमि पर अति अल्प प्राप्त होना ही इनका कारण है। धार्मिक शास्त्रों के मतानुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि को शंखासुर दैत्य मारा गया। अतः उसी दिन से आरम्भ करके भगवान चार मास तक क्षीर समुद्र में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। पुराण के अनुसार यह भी कहा गया है कि भगवान हरि ने वामन रूप में दैत्य बलि के यज्ञ में तीन पग दान के रूप में मांगे। भगवान ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी, आकाश और सभी दिशाओं को ढक लिया। अगले पग में सम्पूर्ण स्वर्ग लोक ले लिया। तीसरे पग में बलि ने अपने आप को समर्पित करते हुए सिर पर पग रखने को कहा। इस प्रकार के दान से भगवान ने प्रसन्न होकर पाताल लोक का अधिपति बना दिया और कहा वर मांगो। बलि ने वर मांगते हुए कहा कि भगवान आप मेरे महल में नित्य रहें। बलि के बंधन में बंधा देख भगवती लक्ष्मीजी ने बलि को भाई बना लिया। और भगवान से कहा इनको वचन से मुक्त कर दो। माना जाता है कि इसी दिन से भगवान विष्णु जी द्वारा वर का पालन करते हुए तीनों देवता 4-4 माह सुतल में निवास करते हैं। विष्णु देवशयनी एकादशी से देव उठनी तक, शिवजी महाशिवरात्रि तक और ब्रह्मा जी शिवरात्रि से देवशयनी एकादशी तक निवास करते हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी का नाम देवशयनी एकादशी है। मन चाहा फल एवं सुख समृद्धि प्राप्त करने के लिए यह व्रत बहुत उत्तम है। व्रती उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर पूजा करे और पीताम्बर से विभूषित करके सफेद चादर से ढके हुए गद्दे, तकिया वाले पलंग पर शयन करावे। मधुर स्वर के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रदि की प्राप्ति के लिये, तैल का, शत्रु नाशादि के लिए कड़वे तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का और स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोगों का त्याग करें।  

07 मई 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज शेड्यूल बिजी होने के बावजूद भी आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आज किसी को पैसा उधार देने व लेने से बचें। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। यह उन दिनों में से एक है जब आप अपने व्यस्त कार्यक्रम से अपने लिए समय निकालने की कोशिश करेंगे लेकिन बुरी तरह असफल होंगे। आपका जीवनसाथी आपको खुश करने के लिए काफी प्रयास करेगा। वृषभ राशि- आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। आपकी धन बचत करने की योजना सफल हो सकती है। आज अपनी क्षमता से ज्यादा वादा नहीं करें, वरना ऑफिस में उच्चाधिकारियों के क्रोध का शिकार हो सकते हैं। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। अपनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मिथुन राशि- आज का दिन आपको कोर्च-कचहरी में विजय दिला सकता है। आप अपनी खुशी का आनंद लेने के लिए इस खुशी को दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे लेकिन निवेश करने से बचें। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। आप ऑफिस पहुंचते ही किसी जरूरी टास्क में लग सकते हैं। कर्क राशि- आप परिवार के सदस्यों के साथ मूवी देखने या किसी पार्क में जाने का प्लान बना सकते हैं। आज आपका पार्टनर अपना कोई अद्भुत पक्ष दिखा सकता है। अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए गंभीर प्रयास कर सकते हैं। धन से जुड़ी सलाह के लिए परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य को चुन सकते हैं। व्यापारी अपने पार्टनर को हल्के में नहीं लें। सिंह राशि– आज सिंह राशि वालों की वाणी में मधुरता तो रहेगी। लेरिन फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी संपत्ति से आय के साधन बन सकते हैं। धन संबंधी कामों को सावधानी से करें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। व्यापारी वर्ग के लिए लाभ की स्थिति बनेगी। कन्या राशि– आज आपको मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। आपको अपने पैसे बचाने में समस्या होगी, आप ज्यादा से ज्यादा खर्च कर सकते हैं। आपकी करुणा और समझ को ईनाम मिल सकता है। लेकिन सावधान रहें क्योंकि जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला उन पर दबाव डाल सकता है। आज आपको अपने जीवनसाथी के साथ प्यार करने का भरपूर समय मिलेगा, लेकिन सेहत खराब हो सकती है। तुला राशि- आज नौकरी -चाकरी को लेकर मन परेशान रहेगा। हालांकि आपके जल्द ही अच्छे दिन आएंगे, इसलिए मानसिक तनाव न लें। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है।परिवार के साथ कहीं बाहर जाने का प्लान बन सकता है। आर्थिक रूप से स्थिति मध्यम रहने वाली है। वृश्चिक राशि– आज आपके मन में आशा-निराशा के भाव रहेंगे। आज आप कर्ज से मुक्ति पा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आर्थिक संघर्ष करना पड़ सकता है। दोस्तों के साथ बहुत अच्छा समय बिताएंगे लेकिन गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें। आपका आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उन्नति साफ है। अपने रूप और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयास आपके लिए संतुष्टिदायक साबित होंगे। धनु राशि– धनु राशि वालों का आज मन अशांत रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें। ऑफिस के कार्यों को लेकर भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। पिता से धन मिलेगा। जीवनसाथी के साथ मतभेद से बचें। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। व्यापारिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। मकर राशि– मकर राशि वालों के जीवन में आज खुशियां आ सकती हैं। लेकिन पैसों से जुड़े मुद्दे को लेकर जीवनसाथी के साथ आपकी बहस होने की संभावना है। बेवजह के खर्च को लेकर सतर्क रहें। व्यापारिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। अपनी बुद्धि के बल पर धन कमाने में सफल रहेंगे। यात्रा का योग बनेगा। कुंभ राशि- आपकी ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। आप घूमने-फिरने और पैसे खर्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो आपको पछताना पड़ेगा। जीवनसाथी सहयोगी रहेगा। सिंगल जातकों को आज किसी से प्रपोजल मिल सकता है। ऑफिस में काम करने की आपकी क्षमता आपको पहचान दिलाएगी। जीवनसाथी का साथ आपके लिए अद्भुत काम करेगा। मीन राशि- वाहन चलाते समय सावधान रहें। धन लाभ आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं होगा। दोस्तों के साथ शाम अच्छी रहेगी। लव लाइफ अच्छी रहेगी, पार्टनर से कोई खास सरप्राइज मिल सकता है। व्यापारी वर्ग के लिए समय मध्यम रहने वाला है। सेहत अच्छी रहेगी। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।

सभी के लिए आदर्श हैं भगवान श्रीराम

भगवान श्रीराम की मातृ-पितृ भक्ति भी बड़ी महान थी वो अपने पिता राजा दशरथ के एक वचन का पालन करने 14 वर्ष तक वनवास काटने चले गए और माता कैकयी का भी उतना ही सम्मान किया। भातृ प्रेम के लिए तो श्रीराम का नाम सबसे पहले लिया जाता है उन्होंने अपने भाइयों को अपने बेटों से बढ़ कर प्यार दिया इनके इसी भातृ प्रेम की वजह से उनके भाई उन पर मर मिटने को तैयार रहते थे। श्रीराम ने रावण का और अन्य असुरों का संहार कर धरती पर शांति भी कायम की। भगवान श्रीराम महान पत्नी व्रता भी थे उन्होंने वनवास से लौटने के बाद माता सीता के साथ न रह कर भी कभी राजसी ठाठ में जीवन नहीं बिताया तथा न ही कभी उनके सिवा किसी अन्य की कल्पना की। भगवान श्रीराम ने अपने सेवकों तथा अनुयायियों का भी सदैव ध्यान रखते हैं। वह अपने सेवक हनुमानजी एवं अंगद के लिए हमेशा प्रस्तुत रहते थे। भगवान श्रीराम में सभी गुण विद्यमान थे।   हिन्दुओं के आराध्य देव श्रीराम भगवान विष्णु के दसवें अवतार माने जाते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में विख्यात श्रीराम का नाम हिन्दुओं के जन्म से लेकर मरण तक उनके साथ रहता है। अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम ने असुर राज रावण और अन्य आसुरी शक्तियों के प्रकोप से धरती को मुक्त कराने के लिए ही इस धरा पर जन्म लिया था। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से नैतिकता, वीरता, कर्तव्यपरायणता के जो उदाहरण प्रस्तुत किये वह बाद में मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक का काम करने लगे।   महर्षि वाल्मीकि ने अपने महाकाव्य रामायण और संत तुलसीदास जी ने भक्ति काव्य श्रीरामचरितमानस में भगवान श्रीराम के जीवन का विस्तृत वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। हिन्दू धर्म के कई त्योहार श्रीराम के जीवन से जुड़े हुए हैं जिनमें रामनवमी के रूप में उनका जन्मदिवस मनाया जाता है तो दशहरा पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध करने की खुशी में मनाया जाता है। श्रीराम के वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटने की खुशी में हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व दीपावली मनाया जाता है।   राम प्रजा को हर तरह से सुखी रखना राजा का परम कर्तव्य मानते थे। उनकी धारणा थी कि जिस राजा के शासन में प्रजा दुरूखी रहती है, वह अवश्य ही नरक का अधिकारी होता है। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में रामराज्य की विशद चर्चा की है। राम अद्वितीय महापुरुष थे। वे अतुल्य बलशाली तथा उच्च शील के व्यक्ति थे। माना जाता है कि अयोध्या में ग्यारह हजार वर्षों तक उनका दिव्य शासन रहा।  

इस बार बुद्ध पूर्णिमा का पर्व कब मनाया जाएगा, जाने ?

बुद्ध पूर्णिमा का हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु के नौवें अवतार का जन्म हुआ था.हिंदू पंचांग के अनुसार, यह हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान बुद्ध का सिर्फ जन्म ही नहीं बल्कि इसी तिथि को वर्षों वन में भटकने व कठोर तपस्या करने के पश्चात बोधगया में बोधिवृक्ष नीचे बुद्ध को सत्य का ज्ञान हुआ. बुद्ध पूर्णिमा कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत रविवार, 11 मई को रात्रि 8 बजकर 1 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 12 मई को रात्रि 10 बजकर 25 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का पर्व सोमवार 12 मई को मनाया जाएगा. इस बार भगवान गौतम बुद्ध की 2587 वीं जयंती मनाई जाएगी. बुध पूर्णिमा शुभ योग और मुहूर्त बुद्ध पूर्णिमा के दिन वरियान और रवि योग का संयोग बन रहा है. वहीं इस दिन रवि योग सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर 06 बजकर 17 मिनट तक है. इसके अलावा भद्रावास का भी संयोग है जो सुबह 09 बजकर 14 मिनट तक है. मान्यता है कि इस योग में पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है.

आज सोमवार 05 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। व्यापार में विस्तार होगा। प्रॉपर्टी को बेचने से धन लाभ होगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। योग व मेडिटेशन से मन को शांति मिलेगी और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लाइफ पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। वह आपके प्रयासों की तारीफ कर सकते हैं। वृषभ राशि- खर्चों पर नियंत्रण रखें। बेकार की चीजों पर पैसे खर्च न करें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने में देरी हो सकती है। यात्रा के योग बनेंगे। ऑफिस में टीम के साथ मिलकर किए गए कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। योग व मेडिटेशन से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- कार्यस्थल पर व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। परिजनों के साथ टाइम स्पेंड करें। रियल एस्टेट में निवेश करने से धन लाभ होगा, लेकिन निवेश से जुड़े डिसीजन के लिए थोड़ा टाइम लें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। कर्क राशि- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। स्टॉक मार्केट में निवेश करने से धन लाभ होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। योग व मेडिटेशन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आएगा। प्रॉपर्टी की खरीदारी में देरी आएगी। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। क्रोध से बचें। सिंह राशि- आर्थिक स्थिरता आएगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। तनाव से बचें। प्रोफेशनल लाइफ में कामयाबी हासिल करने के लिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीदारी के योग बनेंगे। धन-संपदा में वृद्धि होगी। रोजाना योग व मेडिटेशन करें। इससे मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन को शांति मिलेगी। कन्या राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बच्चों का ख्याल रखें। परिजनों के साथ रिश्ते मजबूत बनाने की कोशिश करें। कार्यस्थल पर तरक्की के नए मौके मिलते रहेंगे। योग व मेडिटेशन से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लाइफ पार्टनर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। जिससे आपको कई सरप्राइज मिलेंगे। तुला राशि- आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। यात्रा के योग बनेंगे। घर में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। ऑफिस में कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मेडिटेशन से मन शांत रहेगा। आज प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से बचना चाहिए। सुखद यात्रा के योग बन सकते हैं। रोमांटिक लाइफ में खुशनुमा माहौल रहेगा। वृश्चिक राशि- भाई-बहन संग रिश्ते मधुर होंगे। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। रिस्की बिजनेस की शुरुआत न करें। किसी शांतिपूर्ण जगह पर घूमने जा सकते हैं। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर धन लाभ हो सकता है। प्रियजन के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। धनु राशि- जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कार्यों में देरी करने से बचें। रोजाना योग व एक्सरसाइज करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। आपकी ओवर ऑल हेल्थ अच्छी रहेगी। लव लाइफ में सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। मकर राशि- नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऊर्जावान बने रहेंगे। लव लाइफ में खुशियों का माहौल रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। कुंभ राशि- आर्थिक लाभ से धन-दौलत में वृद्धि होगी। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों में प्रेम और लगाव बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। आज आपकी रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। मीन राशि- आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में शानदार परफॉर्मेंस रहेगी। पुरानी प्रॉपर्टी बेचने का निर्णय ले सकते हैं। इससे आपको आर्थिक लाभ भी होगा। व्यापार में तरक्की करेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे।

रविवार 04 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज आपको जीतने और तरक्की करने की इच्छाओं के बीच तनाव महसूस हो सकता है। कोई जॉब आपको बहुत पसंद हो सकती, लेकिन यह भी मन में विचार आएगा कि यह अच्छे रिजल्ट देती है या सम्मान देती है। जिसकी आपको जरुरत हो। निवेशन के बारे में सोचें और प्रोफेशनल्स की सलाह लें। वृषभ राशि- आज आपको अपने सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरुरत है। धन का निवेश सोच-समझकर ही करें। एक्सरसाइज करें जिससे आपके मन और तन को अच्छा महसूस हो। लीवर के हेल्थ पर ध्यान दें। अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले इस बारे में विचार करेंगे कि कैसे लाइफ में व्यक्तिगत महत्वकांक्षाओं बड़े दृष्टिकोण में शामिल हो सकें। आप में अनुशासन, वर्क एथिक्स और विशेष बदलाव लाने की योग्यता है। यह आपके लिए दो बार सोचने और प्रैक्टिकल गोल्स और खुद से सवाल पूछने का समय है। विश्वास रखें कि किसी तरह से बदलाव लाने से आपके जीवन में सुधार आएगा। कर्क राशि- आज नौकरी तलाशने का बेस्ट टाइम है, जो आपके प्रोफेशनल और बौद्धिक जरुरतों से मैच खाएं। पर्सनल और टीम के रुचियों के बीच टकराव आ सकता है। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किए गए प्रयासों से आप हर समस्या का समाधान निकाल लेंगे। पर्सनल और करियर दोनों तरफ तरक्की करेंगे। सिंह राशि- सिंह राशि के जातक बदलावों की ओर फोकस करेंगे। प्रोफेशनल, सोशल और एकेडमिक लाइफ में कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं। इस समय आपको संदेश हो सकता है, लेकिन यह नई चीजों को सीखने के लिए तैयार रहने का समय है। आपकी लव लाइफ बढ़िया रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि के सिंगल जातकों की नए लोगों से मुलाकात हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर, आपको जितना संभव हो, उतना स्वतंत्र रहना चाहिए। किसी को जबरदस्ती रिलेशनशिप में नहीं आना चाहिए क्योंकि दूसरे ऐसा कर रहे हैं। खुद के लिए सच्चे रहें। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, यह समय रिलेशनशिप की दिक्कतों को सुलझाने की चाहत बढ़ा सकता है। तुला राशि – तुला राशि के जातक चीजों का आंकलन करने और बड़े पिक्चर में चीजों को देखने की इच्छा के बीच असमंजस की स्थिति में होंगे। आज आपको सोच-समझकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। इस समय धन का निवेश करना शुभ हो सकता है। वृश्चिक राशि- आर्थिक जीवन में ज्यादा कॉन्फिडेंस के कारण हड़बड़ी हो सकती है। आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी न करें। प्रोफेशनल्स की सलाह लें। कम समय के फायदे के बजाए लॉन्ग टर्म फाइनेंसशियल गोल्स पर फोकस करें। भविष्य की अनिश्चतताओं से बचने के लिए इंश्योरेंस और बचत का होना जरूरी है। धनु राशि- खुद पर भरोसा करें, लेकिन हर आने वाले मौकों को हासिल करने का प्रयास न करें। खासतौर से जो आपको अच्छी सैलरी वाली जॉब दे, लेकिन आपके मूल्यों से मैच न खाए। जो लोग कमिटेड रिलेशनशिप में हैं, वह आपके भविष्य में साथ रहने को लेकर समस्याएं ला सकती हैं। कम्युनिकेशन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसलिए दोनों साथ मिलकर समस्या का समाधान निकालें। मकर राशि- मकर राशि के जातक काफी पारिवारिक होते हैं, लेकिन आज घर की जरुरतों और खुद की दिलचस्पी के बीच असमंजस की स्थिति बन सकती है। आपको अपनी फीलिंग्स को नहीं छुपाना चाहिए। परिवार और खुद की जरुरतों के लिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को व्यक्तिगत जीवन और सामान्य परिस्थिति की चिंता के बीच टकराव का अनुभव हो सकता है। सूर्य और गुरु के बीच यह संयोग आपको अपनी वर्तमान रणनीति पर विचार करने के लिए मजबूर करें। सामांजस्य बनाए रखने की कोशिश करें। दूसरों की बात सुनने और नए विचारों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहें। मीन राशि- सार्वजनिक व्यक्तित्व और स्वंय में टकराव की स्थिति उत्पन्न होगी। नौकरीपेशा वाले खुद की दिलचस्पी और ऑर्गनाइजेशन की दिलचस्पी के बीच संतुलन बैठाने में असमंजस महसूस करेंगे। तरक्की के नए मौकों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहें।

हर समस्या का समाधान है महावीर दर्शन

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को भगवान महावीर का जन्म कल्याण है। उनके सिद्धांत बताते हैं कि वर्तमान के वर्तन (व्यवहार) को किस प्रकार से रखा जाए ताकि जीवन में शांति, मरण में समाधि, परलोक में सद्गति तथा परम्पर से परमगति पाई जा सके। मानवीय गुणों की उपेक्षा के इस समय में महावीर के कल्याण का दिन हमसे अपने जातीय भेद भुलाकर सत्य से साक्षात का संदेश देता है। भगवान महावीर ने अहिंसा की जितनी सूक्ष्म व्याख्या की है वैसी अन्यत्र दुर्लभ है। उन्होंने मानव को मानव के प्रति ही प्रेम और मित्रता से रहने का संदेश नहीं दिया अपितु मिट्टी, पानी, अग्नि, वायु, वनस्पति से लेकर कीड़े-मकोड़े, पशु-पक्षी आदि के प्रति भी मित्रता और अहिंसक विचार के साथ रहने का उपदेश दिया है। उनकी इस शिक्षा में पर्यावरण के साथ बने रहने की सीख भी है। आज जिस हिंसात्मक वातावरण और आपाधापी के बीच बच्चे बढ़ हो रहे हैं उसके कारण उनमें संयम का अभाव है। यह पीढ़ी लक्ष्य से भटक रही है। ऐसे वातावरण में बड़े हो रहे बच्चों से अपेक्षा रखना कि वे नैतिक राह पर चलेंगे ठीक नहीं। सभी कारणों से हमें समग्रता में महावीर की शिक्षाओं की बहुत जरूरत है ताकि हम इस धरा को सुंदर बना सकें।  

आज शनिवार 03 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों के जीवन में नए महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। ऑफिस में छोटी-मोटी डिस्टर्बेंस रहेगी। कार्यों की अलोचना हो सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें और सफलता प्राप्त करने के निरंतर प्रयास करते रहें। रिश्तों में गलतफहमियों के चलते परेशानियां बढ़ सकती है। ऑफिस में बॉस के सुझावों को ध्यान से सुनें। नेगेटिविटी से दूर रहें। आय में वृद्धि के नए मार्गों की तलाश करें और धन से जुड़े फैसले बहुत होशियारी से लें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आर्थिक मामलों में सावधान रहें। धन से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। रिलेशनशिप में किसी तीसरे व्यक्ति के दखल से डिस्टर्बेंस बढ़ने न दें। इस माह फैमिली और फ्रेंड्स के सपोर्ट से आय में वृद्धि के नए अवसर मिलेंगे। रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। भावुक होकर कोई निर्णय न लें और इमोशन्स पर नियंत्रण रखें। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और उन्हें हासिल करने के लिए निंरतर प्रयास करते रहें। साथी से अपनी फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। कर्क राशि- रिश्तों में दूरियां बढ़ेंगी। साथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर बनाने की कोशिश करें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। प्रोफेशनल लाइफ में की परेशानियों को दूर करने के लिए अपनों के सलाह को नजरअंदाज न करें। आप नए चैलेंजिंग टास्क को हैंडल करने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। घर-परिवार में मांगलिक कार्यों के आयोजन से खुशियों का माहौल होगा। सिंह राशि- जीवन में नए रोमांचक पलों को एंजॉय करने के लिए तैयार रहें। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। कार्यों की बाधाएं दूर होंगी। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। लंबे समय से चली आ रही बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाएगी। करियर ग्रोथ के नए अवसर मिलेंगे। जीवन में कई नए अनुभव दिलाएगा। कन्या राशि- कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी। करियर ग्रोथ के नए अवसर मिलेंगे। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। मुश्किलों का आत्मविश्वास के साथ सामना करें। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें। चुनौतियों से घबराने के बजाए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें। इससे ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा और जीवन के हर क्षेत्र में अपार सफलता मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल होगा। हालांकि, परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। धैर्य बनाएं रखें और क्रोध पर काबू रखें। तुला राशि- ऑफिस में कार्यों की चुनौतियां बढ़ेंगी। कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी टास्क हैंडल करें और जरूरत पड़ने पर सहकर्मियों की मदद लेने में संकोच न करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में ग्रोथ के नए अवसरों पर नजर रखें। इस माह फैमिली के सपोर्ट से परेशानियां दूर होंगी। व्यापार में विस्तार होगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के साथ किसी धार्मिक स्थल पर घूमने जा सकते हैं। वृश्चिक राशि- जीवन में नए बदलावों के लिए तैयार रहें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रिश्तों में गलतफहमियां ज्यादा बढ़ने न दें। साथी का ख्याल रखें। ऑफिस में अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दें। इससे अप्रेजल या प्रमोशन के चांसेस बढ़ेंगे। इस माह पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल होगा। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ होगा। रिश्तों में सुधार आएगा। फैमिली और फ्रेंड्स से धन को लेकर चल रहे विवादों से छुटकारा मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। धनु राशि- रिश्तों में नए सकारात्मक बदलाव के लिए तैयार रहें। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। ऑफिस में बॉस आपके परफॉर्मेंस से इंप्रेस होंगे। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेंगे। करियर में तरक्की के नए अवसर मिलेंगे। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे। लंबे समय से बकाया हुआ धन वापस मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। मकर राशि- साथी से तकरार के संकेत हैं। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर बनाने की कोशिश करें। बातचीत के जरिए रिलेशनशिप की दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश करें। ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सपोर्ट मिलेगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा, लेकिन अनियोजित खर्चे भी बढ़ेंगे। इसलिए नया फाइनेंसशियल प्लान बनाएं और बजट के अनुसार ही खर्चे तय करें। कुंभ राशि- साथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में मनमुटाव बढ़ सकता है। पार्टनर के विचारों का सम्मान करें। रिश्ते में एक-दूसरे को गलत साबित करने के बजाए साथ मिलकर रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। साथी का सम्मान करें। अपने सपने को साकार करने के लिए एक-दूसरे को सपोर्ट करें। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी टास्क हैंडल करें। इससे कार्यों की चुनौतियों दूर होंगी और आय में वृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मीन राशि- रिश्तों में प्यार बढ़ेगा। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। साथी से अपनी फीलिंग्स को न छुपाएं और बिना किसी संकोच से उनसे अपने इमोशन्स को शेयर करें। आने वाले माह में नए अनुभवों के लिए तैयार रहें। इस माह में जीवन में कई रोमांचक मोड़ आएंगे। प्रेम-संबंधों में मिठास बढ़ेगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। करियर ग्रोथ के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। चुनौतियों का सामना करने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। जीवन के हर क्षेत्र में मनचाहे सफलता मिलेगी और लंबे समय से अटके हुए कार्य सफल होंगे।

गंगा सप्तमी का पर्व कल, चालीसा का पाठ कर दूर करें कष्ट

शास्त्रों के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन पवित्र गंगा धरती पर अवतरित हुई थी. इसलिए हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान-ध्यान किया जाता है. इसके बाद मां गंगा की पूजा और जप-तप की जाती है. मान्यता है कि इस दिन मां गंगा की पूजा करने के साथ इस खास चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन के तमाम कष्टों से मुक्ति मिल सकती है. गंगा सप्तमी तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार गंगा सप्तमी का पर्व यानी वैशाख महा शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 3 मई को सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 4 मई को सुबह 7 बजकर 18 मिनट पर होगी. गंगा चालीसा दोहा जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ चौपाई जय जय जननी हरण अघ खानी। आनंद करनि गंग महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता। कलिमल मूल दलनि विख्याता॥ जय जय जहानु सुता अघ हनानी। भीष्म की माता जगा जननी॥ धवल कमल दल मम तनु साजे। लखि शत शरद चंद्र छवि लाजे॥ वाहन मकर विमल शुचि सोहै। अमिय कलश कर लखि मन मोहै॥ जड़ित रत्न कंचन आभूषण। हिय मणि हर, हरणितम दूषण॥ जग पावनि त्रय ताप नसावनि। तरल तरंग तंग मन भावनि॥ जो गणपति अति पूज्य प्रधाना। तिहूं ते प्रथम गंगा स्नाना॥ ब्रह्म कमंडल वासिनी देवी। श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवि॥ साठि सहस्त्र सागर सुत तारयो। गंगा सागर तीरथ धरयो॥ अगम तरंग उठ्यो मन भावन। लखि तीरथ हरिद्वार सुहावन॥ तीरथ राज प्रयाग अक्षैवट। धरयौ मातु पुनि काशी करवट॥ धनि धनि सुरसरि स्वर्ग की सीढी। तारणि अमित पितु पद पिढी॥ भागीरथ तप कियो अपारा। दियो ब्रह्म तव सुरसरि धारा॥ जब जग जननी चल्यो हहराई। शम्भु जाटा महं रह्यो समाई॥ वर्ष पर्यंत गंग महारानी। रहीं शम्भू के जटा भुलानी॥ पुनि भागीरथी शंभुहिं ध्यायो। तब इक बूंद जटा से पायो॥ ताते मातु भइ त्रय धारा। मृत्यु लोक, नाभ, अरु पातारा॥ गईं पाताल प्रभावति नामा। मन्दाकिनी गई गगन ललामा॥ मृत्यु लोक जाह्नवी सुहावनि। कलिमल हरणि अगम जग पावनि॥ धनि मइया तब महिमा भारी। धर्मं धुरी कलि कलुष कुठारी॥ मातु प्रभवति धनि मंदाकिनी। धनि सुरसरित सकल भयनासिनी॥ पान करत निर्मल गंगा जल। पावत मन इच्छित अनंत फल॥ पूर्व जन्म पुण्य जब जागत। तबहीं ध्यान गंगा महं लागत॥ जई पगु सुरसरी हेतु उठावही। तई जगि अश्वमेघ फल पावहि॥ महा पतित जिन काहू न तारे। तिन तारे इक नाम तिहारे॥ शत योजनहू से जो ध्यावहिं। निशचाई विष्णु लोक पद पावहिं॥ नाम भजत अगणित अघ नाशै। विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशै॥ जिमी धन मूल धर्मं अरु दाना। धर्मं मूल गंगाजल पाना॥ तब गुण गुणन करत दुख भाजत। गृह गृह सम्पति सुमति विराजत॥ गंगाहि नेम सहित नित ध्यावत। दुर्जनहुँ सज्जन पद पावत॥ बुद्दिहिन विद्या बल पावै। रोगी रोग मुक्त ह्वै जावै॥ गंगा गंगा जो नर कहहीं। भूखे नंगे कबहु न रहहि॥ निकसत ही मुख गंगा माई। श्रवण दाबी यम चलहिं पराई॥ महाँ अधिन अधमन कहँ तारें। भए नर्क के बंद किवारें॥ जो नर जपै गंग शत नामा। सकल सिद्धि पूरण ह्वै कामा॥ सब सुख भोग परम पद पावहिं। आवागमन रहित ह्वै जावहीं॥ धनि मइया सुरसरि सुख दैनी। धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी॥ कंकरा ग्राम ऋषि दुर्वासा। सुन्दरदास गंगा कर दासा॥ जो यह पढ़े गंगा चालीसा। मिली भक्ति अविरल वागीसा॥ ॥ दोहा ॥ नित नव सुख सम्पति लहैं। धरें गंगा का ध्यान। अंत समय सुरपुर बसै। सादर बैठी विमान॥ संवत भुज नभ दिशि । राम जन्म दिन चैत्र। पूरण चालीसा कियो। हरी भक्तन हित नैत्र॥

02 मई 2025 शुक्रवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छा दिन है। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। वृषभ राशि- आपको किसी भी काम का ज्यादा प्रेशर लेने की जरूरत नहीं है। आज आपको बीच का रास्ता अपनाने की सलह दी जाती है। संतुलन बनाना जरूरी है। जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं, उसे यह बताने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता होती है कि आपके रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। मिथुन राशि- हो सकता है किसी मुद्दे पर परिवार आपके साथ न हो। कुछ स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई के मामले में सुधार होने की संभावना है। जिसे आप प्यार करते हैं उसे प्रभावित करने के आपके प्रयास आपको रोमांटिक शाम बिताने का मौका दे सकते हैं। कर्क राशि- अपने नियमित व्यायाम से ब्रेक लेने से आपको लाभ होगा। यदि आपने व्यवसाय में पैसा खो दिया है, तो आप इसे फिर से कमाने के लिए तैयार हैं। सफलतापूर्वक पूरा हुआ कोई प्रोजेक्ट आपको प्रतिष्ठा के पद पर पहुंचा सकता है। सिंह राशि- कभी-कभी आपको लोगों को उनकी इच्छाओं के अनुसार चलने देना चाहिए और उन्हें खुश करने की कोशिश में खुद पर तनाव नहीं डालना चाहिए। स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन कोई गंभीर बात नहीं होगी। कन्या राशि- आप दुनिया को दूसरों से अलग रूप में देखते हैं। आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप कोई दरवाजा खुलता हुआ देखें तो मौके को हाथ से न जाने दें। आप दूसरों को अपनी खुशी में इनवॉल्व करना चाहेंगे, लेकिन हो सकता है कि वे तैयार न हों। तुला राशि- कार्यस्थल पर आपका सामना किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकता है, जो थोड़ा दबंग है। आप उन्हें खुश करने की पूरी कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर किसी ने तय कर लिया है कि वे संतुष्ट नहीं होंगे, तो आप उनका मन बदलने के लिए बहुत कुछ नहीं कर सकते। वृश्चिक राशि- आज सुस्ती के कारण आपकी फिटनेस दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों के लिए शहर से बाहर की यात्रा का आनंद लेना संभव है। प्रेम जीवन में दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। सेहत को लेकर बेवजह चिंता करने की सलाह नहीं दी जाती है। धनु राशि- यह तो बस आपकी यात्रा की शुरुआत है। संपत्ति का कोई मसला सही ढंग से सुलझने की संभावना है। स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा के मामलें में अतिरिक्त प्रयास करने का समय है। दोस्तों के साथ बाहर जाने से आपका ध्यान कुछ जरूरी मामलों से हट जाएगा। मकर राशि- अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अपनी क्षमता के अनुसार काम करने से इनाम मिलता है, जो आपको प्रमोशन और तारीफ के रूप में मिल सकता है। आपने जो कमाया है उसका पूरा लाभ उठाएं। कुंभ राशि- अपना समय लें लेकिन यह ध्यान रखें कि आपको अपनी यात्रा अकेले ही पूरी करनी होगी। किसी मुद्दे पर चिंता आपको परेशान कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक नहीं। वित्तीय मोर्चे पर स्थिरता कुछ लोगों के लिए राहत बनकर आएगी। मीन राशि- कुछ लोगों को कमाई बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। कार्यस्थल पर आपने जो सोच रखा है उसे हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। किसी मेहमान के घर में आने से काफी उत्साह भरने की संभावना है।

इस माह में प्रदोष व्रत कब-कब रखा जाएगा

  प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक विशेष व्रत है. इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है. यह व्रत हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. भोलेनाथ को समर्पित इस खास व्रत का वर्णन शिव पुराण में मिलता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति को जीवन से सभी दुखों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. मई में कब-कब प्रदोष? वैदिक पंचांग के अनुसार, मई माह का पहला प्रदोष व्रत यानी वैशाख माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 9 मई को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 10 मई को 5 बजकर 29 मिनट पर होगा. ऐसे में मई माह का पहला प्रदोष व्रत 9 मई को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, मई माह के पहले प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 1 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भक्तों को पूजा करने के लिए कुल 2 घंटे 6 मिनट का समय मिलेगा. मई माह का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? पंचांग के अनुसार, मई माह का दूसरा प्रदोष व्रत यानी जेष्ठ माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 24 मई को शाम 7 बजकर 20 मिनट पर होगी वही तिथि का समापन अगले दिन 25 मई को दोपहर 3 बजकर 51 मिनट पर होगा. इस दिन शिव जी की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. इसलिए मई माह का दूसरा प्रदोष व्रत 24 मई 2025 को रखा जाएगा. मई माह के दूसरे प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, मई माह के दूसरे प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भक्तों को पूजा के लिए कुल 2 घंट 1 मिनट का समय मिलेगा.

तुलसी के पौधे को इस दिन भूलकर भी न छुए

  सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को पौधा नहीं देवी की संज्ञा दी गई है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत महत्व दिया गया है. कहा जाता है कि तुलसी के पौधे में स्वयं लक्ष्मी जी का वास होता है और कोई भी विष्णु और लक्ष्मी पूजा तुलसी पत्र के बिना पूरी नहीं होती. शास्त्रों में घर की सुख समृद्धि और घर में शुभता के लिए तुलसी की रोज पूजा का विधान बताया गया है. घर के आंगन में तुलसी होना घर में सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है प्राचीन काल से लोग तुलसी में दिया रखते आ रहे हैं, तुलसी की पूजा करते आ रहे हैं और उसे एक देवी की तरह पूजते आ रहे हैं. तुलसी को छूने के ये हैं नियम वैसे तो तुलसी को छूने, जल देने, दीपक दिखाने के कई नियम और कायदे हैं. कई ऐसे दिन है जिन दिनों तुलसी को छूना या उसके पत्तों को तोड़ना वर्जित बताया गया है, जैसे कि रविवार, मंगलवार, एकादशी इन दिनों में तुलसी के पत्ते तोड़ना, जल देना और छूना मना है. लेकिन इन सब दिनों में एक दिन ऐसा है जिस दिन अगर गलती से भी आपने तुलसी को छू लिया तो आपको घोर पाप का भागी बनना पड़ता है. साल में 12 एकादशी आती है सभी पर तुलसी को छूना वर्जित है, लेकिन निर्जला एकादशी पर अगर आपने तुलसी को छुआ तो आपको महा पाप का भागी बनना पड़ेगा ऐसा शास्त्रों में वर्णित है. कहा जाता है कि माता लक्ष्मी और तुलसी मैया दोनों ही भगवान विष्णु के लिए निर्जला एकादशी का व्रत रखती हैं और किसी के उन्हें छू लेने से यह उपवास भंग हो जाता है, इसलिए निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को तोड़ना, उसमें जल देना, और उन्हें छूना वर्जित बताया गया है. कहा जाता है ऐसा करने वाले को पाप लगता है और वह नरक का वासी बनता है. इस दिन कर सकते हैं तुलसी पूजा इसका मतलब यह नहीं की निर्जला एकादशी पर तुलसी पूजा वर्जित है इस दिन तुलसी के पास 11 दिए रखना उसकी परिक्रमा करना और उनसे दूर से ही आशीर्वाद लेना अत्यधिक फल देने वाला बताया गया है.

अक्षय तृतीया को जैन धर्म में क्यों कहा जाता है इक्षु तृतीया

  अक्षय तृतीया केवल सनातनियों का ही नहीं, बल्कि जैन धर्मावलम्बियों का भी एक महान धार्मिक पर्व है. इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान ने एक वर्ष की पूर्ण तपस्या करने के पश्चात इक्षु (शोरडी-गन्ने) रस से पारायण किया था. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभनाथ को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे कथा प्रचलित है कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर श्री आदिनाथ भगवान ने सत्य व अहिंसा का प्रचार करने के लिए और अपने कर्म बन्धनों को तोड़ने के लिए संसार के भौतिक सत्य और अहिंसा के प्रचार करने के लिए प्रभु विचरण कर रहे थे,ऐसा करते-करते आदिनाथ प्रभु हस्तिनापुर गजपुर पहुंचे जहां इनके पौत्र सोमयश का शासन चल था. क्यों कहा जाता है इक्षु तृतीया प्रभु का आगमन की बात सुनकर सभी नगर वासी दर्शन के लिए उमड़ पड़े. सोमप्रभु के पुत्र राजकुमार श्रेयांस कुमार ने प्रभु को देखकर उसने आदिनाथ को पहचान लिया और तत्काल शुद्ध आहार के रूप में प्रभु को गन्ने का रस दिया, जिससे आदिनाथ ने व्रत का पारायण किया. जैन धर्मावलंबियों के अनुसार गन्ने के रस को इक्षुरस भी कहते हैं इस कारण यह दिन इक्षु तृतीया एवं अक्षय तृतीया के नाम से विख्यात हो गया. इसे कहा जाता है वर्षीतप भगवान श्री आदिनाथ ने अक्षय तृतीया के दिन लगभग 400 दिन की तपस्या के पश्चात पारायण किया था. उनकी ये तपस्या एक वर्ष से अधिक समय की थी इसलिए जैन धर्म में इसे वर्षीतप से सम्बोधित किया जाता है. जैन धर्मावलम्बी आज भी रखते हैं वर्षीतप आज भी जैन धर्मावलम्बी वर्षीतप की आराधना कर अपने को धन्य समझते हैं. यह तपस्या प्रति वर्ष कार्तिक के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से आरम्भ होती है और दूसरे वर्ष वैशाख के शुक्लपक्ष की अक्षय तृतीया के दिन पारायण कर पूर्ण की जाती है. तपस्या आरम्भ करने से पूर्व इस बात का पूर्ण ध्यान रखा जाता है कि प्रति मास की चौदस को उपवास करना आवश्यक होता है. इस प्रकार का वर्षीतप करीबन 13 मास और दस दिन का हो जाता है. उपवास में केवल गर्म पानी का सेवन किया जाता है. ये तपस्या आरोग्य जीवन के लिए भी उपयोगी ये तपस्या धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि आरोग्य जीवन बिताने के लिए भी उपयोगी है. संयम से जीवनयापन करने के लिए इस प्रकार की धार्मिक क्रिया करने से मन को शान्त, विचारों में शुद्धता आती है. इसी कारण है कि मन, वचन एवं श्रद्धा से जुड़े इस दिन को जैन धर्म में विशेष महत्वपूर्ण समझा जाता है. दान की भावना इस दिन जैन अनुयायी आहार दान, ज्ञान दान, औषधि दान और अभय दान का पुण्य करते हैं. जैन धर्म में माना जाता है कि इस दिन किया गया पुण्य कभी क्षीण नहीं होता अर्थात अक्षय रहता है.  

आज बुधवार 30 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझा लें। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे और भाग्यशाली रहेंगे। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी जबकि आपका धन-धान्य बना रहेगा। ऑफिस में भी आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वृषभ: आज कार्यालय में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है। वित्त और स्वास्थ्य दोनों दिन भर अच्छे रहेंगे, जिससे खुशी के पल आप महसूस करेंगे। वहीं, एक खुशहाल रिश्ते को व्यावसायिक सफलता का भी सहारा मिलता है। पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। मिथुन: आज अपनी क्षमता साबित करने के लिए दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं। निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है लेकिन एक्सपर्ट से बात करना जरूरी है। स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहने वाला है। वहीं, प्रेम जीवन भी शानदार रहेगा। कर्क: रिश्ते में छोटी-मोटी नोकझोंक के बावजूद आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी। करियर में सफल होने के लिए हर आने वाली चुनौती को पूरी शिद्दत से हल करें। अच्छे श्रोता बनें और अपने साथी के साथ समय बिताएं। सिंह: हर आकर्षक व्यक्ति पर लेफ्ट स्वाइप करने से आप तुरंत उसके प्यार में नहीं पड़ सकते। आपको खुद को समय देना होगा। गलत फैसला लेने से बचें। कोई मित्र आपकी सहायता कर सकता है। परिवार किसी फंक्शन में आपके साथ शामिल हों सकता है। कन्या: काम पर समझौता करने में जल्दबाजी न करें। आज अपने बिजी कार्यक्रम के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। बहस की उम्मीद की जा सकती है लेकिन आखिर में आप आसानी से विवाद को सुलझा लेंगे। तुला: आज धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। काम पर एनर्जी थोड़ी लो हो सकती है। सिंगल लोगों को कई निराशाजनक प्रयासों के बाद प्यार खोजने से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए। यह ब्रेक उन्हें यह जानने में मदद करेगा कि उन्हें वास्तव में एक साथी से क्या चाहिए। वृश्चिक: आज काम के सिलसिले में किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं क्योंकि पूरी संभावना है कि सब कुछ आपके पक्ष में होगा। प्यार से जुड़ी उम्मीदें आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती हैं। आप गलत जगह पर प्यार की तलाश कर रहे हैं। जो आपका है, वह खुद ही आपके पास आएगा। धनु: पैसों की समस्या दरार पैदा कर सकती है। बहस करने से बचें। खुद को यह याद दिलाना चाहिए कि आप और आपका पार्टनर एक साथ क्यों हैं। संघर्ष से निपटें और फिर पैसों की स्थिति को सुलझाने की दिशा में काम करें। मकर: आज आपको अपना पूरा फोकस काम पर रखना चाहिए। शादीशुदा जोड़ों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो सकता है। बात-चीत करने और एक-दूसरे के लिए समय निकालने की सलाह दी जाती है। आपको अपने परिवार को छोटे-मोटे झगड़ों में शामिल होने से बचाना चाहिए। कुंभ: आज खर्चों को कंट्रोल करें। सेहत पर ध्यान दें। अच्छे ह्यूमर वाला कोई आकर्षक व्यक्ति आपसे संपर्क कर सकता है। बिना आपको एहसास हुए ही आप दोनों के बीच चीजें तेजी से बदल जाएंगी। आपके सितारे आने वाले दिनों में आपके लिए खुशहाल रिश्ते की भविष्यवाणी करते हैं। मीन: आपका दोस्त आज आपको किसी ऐसे स्पेशल व्यक्ति से मिलवा सकता है, जो आपको अच्छा फील करवाएगा। उनकी उपस्थिति में आपको खुशी महसूस होगी, जिससे आप उनसे दोबारा मिलने की इच्छा करेंगे। आज आपके लव सितारे आपका साथ देंगे। इसलिए धैर्य बनाए रखें।

29 अप्रैल 2025 मंगलवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज के दिन आपको अपनी फैमिली के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। इससे आपको स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलेगी। खर्च कम करें। कुछ लोगों को मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। सेल्फ-केयर को समय दें। वृषभ: आज अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए सावधान रहें। ये बदलाव आपकी ग्रोथ का कारण बन सकते हैं। आज खुले दिमाग से काम लें, जो आपके लिए लाभदायक साबित होगा। मिथुन: आज मिथुन राशि वाले अवसरों और चुनौतियों का मिश्रण महसूस कर सकते हैं। अपनी लाइफ में संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दें। रिलेशनशिप में बातचीत बढ़ाएं। अपने करियर पर फोकस रखें। पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। कर्क: आज लव लाइफ में बैलेंस बनाएं। पैसों के मामले में भी आपको कई मौके मिलने वाले हैं। इसलिए अपनी आंखें खुली रखें। स्ट्रेस को मैनेज करने और एनर्जेटिक बने रहने के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना याद रखें। सिंह: आज अपनी सेहत पर पूरा ध्यान दें। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी कदम उठाएं। करियर और वित्तीय मामलों में रोमांचक अवसर सामने आएंगे। इस बदलाव भरे दिन को सफलतापूर्वक पार करने के लिए संतुलित रहें और खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें। कन्या: आज कुछ जातकों को मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होगी। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए आप पहल कर सकते हैं। तुला: तुला राशि के जातकों आज आपको बदलावों से भरपूर एक्सपीरियंस मिल सकते हैं। चाहे लव लाइफ, पैसों का मामला, या हो करियर, आपको चैलेंजे और मौके दोनों मिलेंगे। इन बदलावों को अपनाएं, जिससे आपको किस तरह प्रॉफिट हो सकता है, इस पर नजर रखें। वृश्चिक: आज छोटी-छोटी बातों पर बहस में न पड़ें। प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं उम्रदराज नागरिकों को परेशान कर सकती हैं। धनु: आज कार्यालय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए पूरा प्रयास करें। रिश्ते में किसी भी तरह के गलत व्यवहार से बचें। आपका पेशेवर जीवन अच्छा रहेगा और आप वित्त और स्वास्थ्य के मामले में भी भाग्यशाली रहेंगे। मकर: चाहे वह रिलेशन हो, करियर हो, आर्थिक मामले हो या स्वास्थ्य हो, खुद को पॉजिटिव बनाए रखें। आज की चुनौतियों और अवसरों को पार करने में आपकी स्किल्स मददगार साबित होंगी। प्रेम जीवन में किसी भी परेशानी को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। कुम्भ: आज आपको अपने प्रदर्शन से समस्याओं पर काबू पाने की जरूरत है। शरीर को फिट रखने के लिए आपको सब्जियां और फल भी अधिक खाने चाहिए। लव लाइफ में पार्टनर को समय दें। इस राशि के जातकों को जीवन में बैलेंस बनाने की सलाह दी जाती है। मीन: आज प्रेम-संबंधी मुद्दों को संभालते समय डिप्लोमेटिक बने रहें। धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कुछ लॉन्ग डिस्टेंस के प्रेम संबंधों में परेशानी हो सकती है। व्यापार में अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा।

सोमवार 28 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष: आज नई चीजों की खोज करें, जिससे सोचने का नया तरीका विकसित होगा। ऐसे बिजनेस पर विचार करना अच्छा है, जिनमें विभिन्न संस्कृति के लोगों को पढ़ाने, लिखने या उनके साथ जुड़ने की आवश्यकता होती है। कुछ सिंगल लोग लॉंग डिस्टेंस रिलेशनशिप में आ सकते हैं। वृषभ: आज अपने स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दें। सीखने और उत्सुक रहने का आपका व्यक्तिगत स्वभाव मददगार होगा। यह विदेश में व्यावसायिक अवसरों की तलाश करने या शिक्षा में निवेश करने का भी अनुकूल समय हो सकता है। मिथुन: अपने जीवन पर ध्यान केंद्रित करें। काम की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ठोस बदलाव करें। आपका प्रेम जीवन अधिक गंभीर हो सकता है। सिंगल लोग ऑफिस या जिम में किसी स्पेशल से मिल सकते हैं। कपल्स को यह क्लियर करना चाहिए कि वे हेल्दी लाइफस्टाइल बनाने की दिशा में काम करें। कर्क: मुश्किल परिस्थितियों का आंकलन करने और छिपी हुई जानकारी खोजने में आपका कौशल इस समय विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा। आपकी लव लाइफ आज के दिन काफी रोमांटिक होने वाली है। सिंह: आज भावनात्मक संतुलन को प्रभावित करने वाले पिछले मुद्दों से निपटने का एक अच्छा समय है। उन पदों के बारे में सोचें, जिनके लिए खोज, योजना या अन्य लोगों की संपत्ति के साथ काम करने की आवश्यकता होती है। आर्थिक रूप से निवेश के अवसर मिल सकते हैं। कन्या: आज पैसों के मैनेजमेंट से जुड़ी जॉब्स के लिए अप्लाई करते समय मुद्दों के बारे में बढ़ती जागरूकता जरूरी है। कमिटेड लोगों को अपने फ्यूचर के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाने पर बातचीत में शामिल होना चाहिए। तुला: आपकी कड़ी मेहनत करने और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता को पहचान मिलेगी। सिंगल लोग ऑफिस में किसी से मिल सकते हैं। कमिटेड हैं, तो रोमांच वाली गतिविधियों का आयोजन करें, जो दोनों को पेशेवर जीवन का तनाव दूर करने में मदद करेगी। वृश्चिक: आप फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर सिक्योर कर सकते हैं, जिन्हें मैनेजमेंट की आवश्यकता होती है। गले, गर्दन और थायरॉयड से जुड़ी समस्याओं के प्रति सावधान रहें। अगर आप पूरे दिन कंप्यूटर के सामने बैठते हैं तो सही पोश्चर में रहने की कोशिश करें। धनु: कपल्स आज लॉंग डिस्टेंस ट्रैवल करने की योजना बना सकते हैं। आपका नेतृत्व कौशल और रणनीतिक सोच सामने आएगी। आपको अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जिससे काम का बोझ बढ़ सकता है। आपके करियर संबंधी दायित्व आपके प्रेम जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। मकर: आज उन जॉब्स के बारे में सोचें, जिनमें बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न रहे। लॉंग टर्म फाइनेंशियल प्लांस की जांच करना व अच्छे रिटर्न वाले इन्वेस्टमेंट के बजाय ज्यादा स्टेबल इन्वेस्टमेंट पर ध्यान केंद्रित करना अब जरूरी हो सकता है। कुंभ: आज आपकी चीजों को समझने की क्षमता मददगार साबित हो सकती है। पैसों के मामले में सतर्क रहें और कोई भी डीसीजन लेने से पहले दो बार सोचें। सिंगल व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जो अपने विचारों में शांत हों। मीन: मीन राशि आप अपनी क्षमता का पता लगाने के लिए अधिक इच्छुक महसूस करेंगे। अपनी क्रिएटिविटी का पता लगाने का दिन है। जब इंटरव्यू के दौरान या जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करते समय अपनी स्किल्स दर्शाने की बात आती है तो संकोच न करें।

जाने कब है अक्षय तृतीया, 29 या 30 अप्रैल को

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है, जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है यानी अक्षय तृतीया के दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने के लिए किसी शुभ मुहूर्त को देखने जरूरत नहीं होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया के मौके पर सभी कार्यों को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. अक्षय तृतीया के दिन सोना और चांदी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन कुछ खास चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस बार अक्षय तृतीया की तिथि दो दिन पड़ रही है, जिससे लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है कि आखिर अक्षय तृतीया 29 अप्रैल को मनाई जाएगी या फिर 30 अप्रैल को. ऐसे में चलिए आपका यह कंफ्यूजन दूर करते हुए बताते हैं कि इस साल 2025 में अक्षय तृतीया कब है. 2025 में अक्षय तृतीया कब है? पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 5:31 मिनट से शुरू होकर 30 अप्रैल 2025 को दोपहर 2:12 मिनट तक रहेगी. हिंदू धर्म में उदया का महत्व है, इसलिए उदयातिथि के अनुसार, इस साल 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. अक्षय तृतीया 2025 शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त 30 अप्रैल को सुबह 5:41 मिनट से लेकर दोपहर 12:18 मिनट तक है. ऐसे में आप इस दौरान किसी भी समय पूजा-अर्चना कर सकते हैं.     ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:15 मिनट से 4:58 मिनट तक.     अभिजीत मुहूर्त – कोई नहीं है.     विजय मुहूर्त – दोपहर 2:31 मिनट से 3:24 मिनट तक.     सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन रहेगा.     गोधूलि मुहूर्त – शाम 6:55 मिनट से 7:16 मिनट तक. अक्षय तृतीया का महत्व अक्षय तृतीया के अवसर पर दान करने का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन दान करने से सुख-समृद्धि का आगमन होता है और मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. पौराणिक कथा के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया से ही सतयुग की शुरुआत हुई थी. ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन से वेद व्यास जी ने महाभारत लिखने की शुरुआत की थी.

रविवार 27 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपको यह फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है कि आप अपनी बात स्थापित करना चाहते हैं या अपनी शांति बनाए रखना चाहते हैं। किसी की सलाह से कीमती परिणाम व सलाह मिल सकती है। आर्थिक रूप से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार के साथ समय बिताएंगे। व्यापारियों को लाभ होगा। वृषभ राशि- आज आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। आप अपने स्वभाव व व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। परंतु फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। माता का साथ मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आज आपको कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। लाइफस्टाइल में बदलाव होने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी यात्रा पर जाने का प्लाम बन सकता है। कर्क राशि- आज आप कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। संतान की सेहत का ध्यान रखेंगे। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। नई शुरुआत करने का सही समय अभी नहीं है इसलिए अभी शुरुआत ना करें। एक्शन को अपना मार्गदर्शक बनने दें। सिंह राशि- आज आपको वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। चोट से बचने के लिए बैठते समय विशेष ध्यान रखें। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने कान और आंखें खुली रखें – क्योंकि आपको कोई कीमती सलाह मिल सकती है। कन्या राशि- कार्यस्थल पर सीनियर्स का दबाव और घर में कलह कुछ तनाव ला सकती है। आप घूमने-फिरने और पैसे खर्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो आपको पछताना पड़ेगा। आप अपना समय अपने दिल के करीब लोगों के साथ बिताना चाहेंगे। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। तुला राशि- आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। बड़ी प्लानिंग और विचारों वाला कोई व्यक्ति आपका ध्यान आकर्षित करेगा। अपनी गोपनीय जानकारी अपने जीवनसाथी के साथ शेयर करने से पहले सोचें। अगर संभव हो, तो बचने की कोशिश करें क्योंकि वह इसे किसी और को बता सकती है। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- जिन व्यापारियों और कारोबारियों का संबंध विदेशों से है, उन्हें आज धन हानि होने की संभावना है, इसलिए कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आपकी उदासी आपके जीवनसाथी को तनाव दे सकती है। कार्यस्थल पर कोई आपकी योजनाओं में खलल डालने की कोशिश कर सकता है। व्यावसायिक उद्देश्य से की गई यात्रा फायदेमंद साबित होगी। धनु राशि- तनाव को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। व्यापार में मुनाफा आज कई बिजनेसमैन के चेहरे पर हंसी ला सकता है। अगर आप कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं तो अपने काम में नई टेक्निक को शामिल करने की कोशिश करें। आपको अपने जीवन के प्यार से कोई अच्छा सरप्राइज मिल सकता है। मकर राशि- अपने डाइट पर कंट्रोल रखें और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करें। अगर आप अपने दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का प्लान बना रहे हैं तो सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। दिन को बेहतरीन बनाने के लिए आप अपने छिपे हुए गुणों का इस्तेमाल करेंगे। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कुंभ राशि- आज शेड्यूल बिजी होने के बाद भी सेहत अच्छी रहेगी। आज किसी भी तरह का निवेश वर्जित रहेगा। काम का तनाव आपके दिमाग पर हावी हो जाएगा और परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं बचेगा। आप समय की नजाकत को समझते हुए आप अपना समय सबसे दूर एकांत में बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मीन राशि- अपने विचार जाहिर करने में संकोच न करें। आत्मविश्वास की कमी को अपने ऊपर हावी न होने दें क्योंकि यह केवल आपकी समस्या को मुश्किल बनाएगा और आपकी ग्रोथ को धीमा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे उन्हें आज कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है। आप अपने शरीर को फिर से जीवंत करने और फिट बनने के लिए अंतहीन योजना बनाएंगे।

वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ

  वैशाख का महीना भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. इस पूरे माह में श्री हरि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. वहीं इस माह की अमावस्या तिथि के दिन भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से आपको विशेष लाभ होता और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस बार वैशाख माह की अमावस्या तिथि 27 अप्रैल यानी कल है. वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ माना जाता है.साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण, पिंड़दान और श्राद्ध भी किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आपको मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. वैशाख अमावस्या पूजा विधि वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर इष्ट देव को प्रणाम करें. इसके बाद घर की साफ-सफाई कर गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें. अब सूर्य देव को अर्घ्य दें. उसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें और व्रत करने का संकल्प करें. इसके साथ जप, तप और दान करें. वह लोग जिनके पूर्वजों का पिंड दान नहीं हुआ है, वह इस दिन अपने पितरों को तर्पण कर सकते हैं. पूजा-पाठ के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं. इसके बाद क्षमतानुसार दान दक्षिणा दें. वैशाख अमावस्या पूजा मंत्र ॐ पितृ देवतायै नम: ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्। ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम: ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:। ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्। वैशाख अमावस्या महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अमावस्या तिथि को पितरों को याद करने का विशेष महत्व है. इस दिन लोग पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

परशुराम जंयती कब है जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

 परशुराम जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और यह भगवान शिव के परम भक्त माने जाते है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल परशुराम जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को मनाई जाती है. भगवान परशुराम का जन्म माता रेणुका और ऋषि जमदग्नि के घर प्रदोष काल में हुआ था उन्हें चिरंजीवी भी माना गया है. इसी दिन अक्षय तृतीया का त्योहार भी मनाया जाता है. इस बार परशुराम जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. परशुराम जयंती शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती की तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट समाप्त होगी. भगवान विष्णु के अवतार होने के बाद भी भगवान परशुराम की पूजा इतनी प्राचलित क्यों नहीं हैं? आइए इसके पीछे के कारण को जानते हैं. 1. क्षत्रिय विरोधी छवि होने के कारण भगवान परशुराम ने सहस्त्रबाहु जैसे अधर्मी क्षत्रियों का संहार किया था. जिसके कारण कुछ समुदाय उन्हें क्रोधी योद्धा मानते हैं. यह छवि उनकी भक्ति को सीमित करती है. 2. सन्यासी स्वरूप होने के कारण, परशुराम एक योद्धा-ऋषि थे, जिनका तप, शास्त्र और धर्म की रक्षा पर केंद्रित था. उनका कोई पारिवारिक या सामाजिक रूप नहीं था, जिसके कारण भक्तों का जुड़ाव कम रहा. 3. क्षेत्रीय भक्ति होने के कारण जैसे उनकी पूजा मुख्य रूप से दक्षिण भारत और कुछ ब्राह्मण समुदायों में होती है. अन्य क्षेत्रों में राम-कृष्ण की भक्ति अधिक लोकप्रिय है. 4. इसके पीछे की पौराणिक कथा यह है कि परशुराम अमर हैं और कलियुग के अंत में कल्कि अवतार को प्रशिक्षित करेंगे. इस कारण उनकी पूजा भविष्य-उन्मुख मानी जाती है. परशुराम जयंती का महत्व भगवान परशुराम धर्म, शास्त्र और शस्त्र की आराधना का महापर्व है. मान्यता है कि इस दिन पूजा व्रत करने से साहस, शक्ति और शांति प्राप्त होती है. नि:संतान दंपतियों के लिए यह व्रत संतान प्राप्ति में फलदायी माना जाता है. दान पुण्य का विशेष महत्व है, जो मोक्ष और समृद्धि का मार्ग खोलता है. यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का भी अवसर है.

शनिवार 26 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपको यह फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है कि आप अपनी बात स्थापित करना चाहते हैं या अपनी शांति बनाए रखना चाहते हैं। किसी की सलाह से कीमती परिणाम व सलाह मिल सकती है। आर्थिक रूप से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार के साथ समय बिताएंगे। व्यापारियों को लाभ होगा। वृषभ राशि- आज आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। आप अपने स्वभाव व व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। परंतु फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। माता का साथ मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आज आपको कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। लाइफस्टाइल में बदलाव होने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी यात्रा पर जाने का प्लाम बन सकता है। कर्क राशि- आज आप कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। संतान की सेहत का ध्यान रखेंगे। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। नई शुरुआत करने का सही समय अभी नहीं है इसलिए अभी शुरुआत ना करें। एक्शन को अपना मार्गदर्शक बनने दें। सिंह राशि- आज आपको वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। चोट से बचने के लिए बैठते समय विशेष ध्यान रखें। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने कान और आंखें खुली रखें – क्योंकि आपको कोई कीमती सलाह मिल सकती है। कन्या राशि- कार्यस्थल पर सीनियर्स का दबाव और घर में कलह कुछ तनाव ला सकती है। आप घूमने-फिरने और पैसे खर्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो आपको पछताना पड़ेगा। आप अपना समय अपने दिल के करीब लोगों के साथ बिताना चाहेंगे। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। तुला राशि- आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। बड़ी प्लानिंग और विचारों वाला कोई व्यक्ति आपका ध्यान आकर्षित करेगा। अपनी गोपनीय जानकारी अपने जीवनसाथी के साथ शेयर करने से पहले सोचें। अगर संभव हो, तो बचने की कोशिश करें क्योंकि वह इसे किसी और को बता सकती है। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- जिन व्यापारियों और कारोबारियों का संबंध विदेशों से है, उन्हें आज धन हानि होने की संभावना है, इसलिए कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आपकी उदासी आपके जीवनसाथी को तनाव दे सकती है। कार्यस्थल पर कोई आपकी योजनाओं में खलल डालने की कोशिश कर सकता है। व्यावसायिक उद्देश्य से की गई यात्रा फायदेमंद साबित होगी। धनु राशि- तनाव को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। व्यापार में मुनाफा आज कई बिजनेसमैन के चेहरे पर हंसी ला सकता है। अगर आप कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं तो अपने काम में नई टेक्निक को शामिल करने की कोशिश करें। आपको अपने जीवन के प्यार से कोई अच्छा सरप्राइज मिल सकता है। मकर राशि- अपने डाइट पर कंट्रोल रखें और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करें। अगर आप अपने दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का प्लान बना रहे हैं तो सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। दिन को बेहतरीन बनाने के लिए आप अपने छिपे हुए गुणों का इस्तेमाल करेंगे। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कुंभ राशि- आज शेड्यूल बिजी होने के बाद भी सेहत अच्छी रहेगी। आज किसी भी तरह का निवेश वर्जित रहेगा। काम का तनाव आपके दिमाग पर हावी हो जाएगा और परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं बचेगा। आप समय की नजाकत को समझते हुए आप अपना समय सबसे दूर एकांत में बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मीन राशि- अपने विचार जाहिर करने में संकोच न करें। आत्मविश्वास की कमी को अपने ऊपर हावी न होने दें क्योंकि यह केवल आपकी समस्या को मुश्किल बनाएगा और आपकी ग्रोथ को धीमा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे उन्हें आज कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है। आप अपने शरीर को फिर से जीवंत करने और फिट बनने के लिए अंतहीन योजना बनाएंगे।

आज शुक्रवार 25 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपका मजाकिया स्वभाव दूसरों को खुश करेगा। अप्रत्याशित लाभ से वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। आपकी परिवार के सदस्यों के साथ अनबन हो सकती है। आपका प्रिय आपको खुश रखने के लिए काम करेगा। किसी बड़े-बुजुर्ग से कीमती सलाह मिल सकती है। वृषभ राशि- आपका व्यक्तित्व व स्वभाव आज इत्र की तरह महकेगा। अगर आपने किसी से उधार लिया है तो उसे आज वापस करना देना अच्छा रहेगा। घरेलू मामलों और लंबित घरेलू कामों को निपटाने के लिए अनुकूल दिन है। केवल योजनाएं बनाने में अपना कीमती समय बर्बाद न करें बल्कि आगे बढ़ें और इन योजनाओं पर अमल करना भी शुरू करें। आपका जीवनसाथी आज आपको खुश करने की भरपूर कोशिश करेगा। मिथुन राशि- आज कार्यस्थल पर एक्टिविटी से आपको थकान हो सकती है। आज आपको अपनी संतान के कारण आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि खर्च की अधिकता मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। आपके करियर को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छी बातचीत करेंगे और महसूस करेंगे कि आप एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं। कर्क राशि- अच्छी सेहत के लिए ध्यान और योग लाभकारी साबित होंगे। आपको आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि पहले दिया गया कोई पैसा वापस आ सकता है। आज आप ऑफिस में जो काम कर रहे हैं उसका फायदा आपको आने वाले समय में अलग तरीके से मिलेगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ आराम भरा दिन बिताएंगे। सिंह राशि- आज आपको आराम करने और करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने की जरूरत है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। आप अपने शरीर को फिर से जीवंत करने और फिट बनने के लिए योजना बनाएंगे। आज आप अपने जीवनसाथी की गर्मजोशी से राजा जैसा महसूस करेंगे। कन्या राशि- आपका रुखा व्यवहार आपकी पत्नी का मूड खराब कर सकता है। आपको यह महसूस करना चाहिए कि किसी का अपमान करना रिश्ते को गंभीर रूप से खतरे में डाल देता है। आज आपको धन की अहमियत समझ आ सकती है। वाद-विवाद से दूरी बनाएं। आपको अप्रत्याशित स्रोतों से महत्वपूर्ण धन प्राप्त होगा। तुला राशि- आज आपको आर्थिक रूप से थोड़ा सतर्कता के साथ चलने की जरूरत है। जिन लोगों ने किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर अपना पैसा निवेश किया था उन्हें आज लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। व्यापारी वर्ग को मुनाफा होगा। आप दोस्तों की मदद से महत्वपूर्ण संपर्क भी बनाएंगे। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव रहने वाले हैं। वृश्चिक राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। अटके हुए धन की वापसी संभव है। धन की स्थिति में सुधार होगा। यह अवधि अपने नए प्रोजेक्ट और योजनाओं के संबंध में अपने माता-पिता को विश्वास में लेने के लिए भी अच्छी है। आज आप ऑफिस पहुंचते ही जल्दी घर जाने की योजना बना सकते हैं। आप परिवार के सदस्यों के साथ मूवी देखने या किसी पार्क में जाने का प्लान बना सकते हैं। धनु राशि- आज आपको आर्थिक रूप से थोड़ी सी गतिशीलता की जरूरत है। आज आपको किसी पुराने निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। लव लाइफ बेहतर रहेगी। कार्यस्थल पर आपको अपनी स्किल दिखाने का मौका मिल सकता है। मकर राशि- आज आपको आर्थिक रूप से थोड़ी सी गतिशीलता की जरूरत है। आज आपको किसी पुराने निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। लव लाइफ बेहतर रहेगी। कार्यस्थल पर आपको अपनी स्किल दिखाने का मौका मिल सकता है। कुंभ राशि– दोस्तों के साथ एक अच्छी शाम बिताएंगे। आज घर से बाहर निकलने से पहले अपने बड़ों का आशीर्वाद लें, इससे आपको लाभ होगा। प्यार की ताकत आपको प्यार करने की वजह देती है। किसी मित्र का कीमती सहयोग आपको प्रोफेशनल मामलों में मदद करेगा। आज आप खाली समय में साफ आसमान के नीचे घूमना और स्वच्छ हवा में सांस लेना पसंद करेंगे। आप मानसिक रूप से शांत रहेंगे, जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। मीन राशि- ऑफिस में सतर्क रहें क्योंकि आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते है। आज लग्जरी शॉपिंग के कारण आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी तंग हो सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ आनंदमय समय बीतेगा। यह आपके प्रेम जीवन में एक अद्भुत दिन होने वाला है।

आज गुरुवार 24 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि– आज मेष राशि के जातक किसी भी बड़े जोखिम से खुद को दूर रखें। नए विचारों को टीम मीटिंग में शेयर करें। किसी बात को लेकर मन परेशान हो सकता है। संयत रहें। क्रोध से बचें। नौकरी में स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। वृषभ राशि– मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। आप जिस निर्णय को टालते आ रहे हैं, उसे आज लेने का दिन है। किसी समस्या का समाधान निकल सकता है। आपकी मुख्य जरूरत ज्यादा समय की बजाय आत्मविश्वास है। आपको अनिश्चितता की किसी भी भावना की परवाह किए बिना कदम उठाना चाहिए। आपके अगले कदम के बाद स्पष्टता आपको मिल जाएगी। मिथुन राशि– आज आपको व्यक्तिगत विकास मिल सकता है, जिससे जीवन में नई तरक्की प्राप्त होगी। कार्यस्थल पर धैर्य से काम लें। किसी भी मामले में जल्दबाजी करने से बचें। आत्मसंयत रहें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कार्यक्षेत्र में विस्तार होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छी स्थिति में आ सकते हैं, लेकिन निवेश वर्जित रहेगा। कर्क राशि– आज आपका स्वभाव व व्यक्तित्व लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकता है। आपका वास्तविक व्यक्तित्व किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है जिसके रास्ते पर आप जाएंगे। अपना ईमानदार रवैया कार्यस्थल पर बनाए रखें। बेकार के क्रोध से बचें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहने वाली है। सिंह राशि– यह दिन उन छोटी-मोटी जीतों को भी पहचानने में समर्पित करें जिन्हें अन्य लोग रिजेक्ट कर सकते हैं। आपको नई उपलब्धि मिल सकती है। यात्रा का योग बनेगा। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। संतान की सेहत में सुधार होगा। परिवार की सुख-सुविधाओं के विस्तार के लिए खर्चों में वृद्धि होगी। पिता का साथ मिलेगा। कन्या राशि- आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार में कुछ सुधार हो सकता है। परिवार के किसी बुजुर्ग से धन की प्राप्ति हो सकती है। माता का साथ मिलेगा। परिवार के किसी सदस्य के साथ यात्रा का योग बन सकता है। कार्यस्थल पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की भी संभावना है। तुला राशि- आपका पिछला सपना कल आपके दिमाग में यह दिखाने के उद्देश्य से वापस आएगा कि संभावना अभी भी मौजूद है। आप किसी बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार होंगे। मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता भी बनाए रखें। कारोबार के लिए किसी मित्र के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। भागदौड़ ज्यादा रहेगी। वृश्चिक राशि- आप जिस शांतिपूर्ण वातावरण की तलाश कर रहे हैं वह संभावित रूप से पेड़ों को निहारने या हवा सुनने की गतिविधियों में छिपा हो सकता है। कार्यस्थल पर आपको अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना चाहिए। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। पिता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार से लाभ के अवसर मिलेंगे। धनु राशि- सेहत में होने वाले किसी भी बदलाव को नजरअंदाज नहीं करें। अपने तरक्की पर फोकस बनाए रखें। मानसिक शांति बहुत जरूरी है। मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। किसी मित्र के सहयोग से किसी संपत्ति से आय में वृद्धि हो सकती है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। मकर राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आत्मविश्वास भरपूर तो रहेगा, पर अति उत्साही होने से बचें। आत्मसंयत रहें। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। किसी रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। कार्यस्थल पर बहुत ज्यादा मेहनत करने से बचें, वरना मानसिक तनाव हो सकता है। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। व्यावसायिक सफलता के योग हैं। कुंभ राशि- आज आर्थिक मामलों में रिस्क लेने से बचें। किसी अपने का कोई रहस्य सामने आ सकता है। पारिवारिक मामलों को शांत होकर निपटाने की कोशिश करें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। नौकरी में बदलाव हो सकता है। आपको किस चीज पर ध्यान देने की जरूरत है, इसलिए विश्वास रखें कि यह आपको एक उद्देश्यपूर्ण मंजिल तक ले जाएगी। मीन राशि- आज अपनी वाणी में सौम्यता बनाए रखें। आप जिस चीज को पाने की चाहत रखते हैं, उसमें सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। भागदौड़ अधिक रहेगी। खर्चों में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। आज आपको अपने जीवन में बिना किसी आलोचना या झिझक के प्यार का स्वागत करना चाहिए।

वरूथिनी एकादशी पर इन मुहूर्त में करें पूजा

कल गुरुवार के दिन वरूथिनी एकादशी का व्रत रखा अजाएगा। गुरुवार के दिन एकादशी पड़ने से इस दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। वरूथिनी एकादशी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाएगी। पंचांग व उदया तिथि के अनुसार, 23 अप्रैल को शाम 04:43 बजे एकादशी तिथि शुरू होगी व 24 अप्रैल को दोपहर 02:32 बजे तक समाप्त होगी। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार, वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है व मनोकामना पूर्ति होती है। आइए जानते हैं वरूथिनी एकादशी पर पूजन के शुभ मुहूर्त, भोग, विधि मंत्र व व्रत पारण समय- शुभ योग व नक्षत्र: इस दिन शतभिषा नक्षत्र सुबह 10:49 तक रहेगा, जिसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। ब्रह्म योग दोपहर 03:56 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इन्द्र योग का निर्माण होगा। सुबह से लेकर शाम तक वरूथिनी एकादशी पर इन मुहूर्त में करें पूजा     शुभ – उत्तम 05:47 से 07:25     चर – सामान्य 10:41 से 12:19     लाभ – उन्नति 12:19 से 13:58     अमृत – सर्वोत्तम 13:58 से 15:36     शुभ – उत्तम 17:14 से 18:52     अमृत – सर्वोत्तम 18:52 से 20:14     चर – सामान्य 20:14 से 21:36     ब्रह्म मुहूर्त 04:19 से 05:03     प्रातः सन्ध्या 04:41 से 05:47     अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:46     विजय मुहूर्त 14:30 से 15:23     गोधूलि मुहूर्त 18:51 से 19:13     अमृत काल 01:32, अप्रैल 25 से 03:00, अप्रैल 25 व्रत पारण मुहूर्त: 25 अप्रैल को, पारण समय सुबह 05:46 से 08:23 बजे तक। इस दिन सुबह 11:44 बजे द्वादशी समाप्त हो जाएगी। पूजा-विधि स्नान आदि कर मंदिर की सफाई करें भगवान श्विष्णु का जलाभिषेक करें प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें संभव हो तो व्रत रखें और व्रत का संकल्प करें वरूथिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें प्रभु को तुलसी दल सहित भोग लगाएं अंत में क्षमा प्रार्थना करें भोग- केला, गुड़, चने की दाल, किशमिश, केसर की खीर, पंचामृत, फल, मेवा मंत्र- ॐ नमोः नारायणाय नमः, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

भारत के तीर्थ स्थानों में श्री अमरनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है, यात्रा से प्राप्त होता है 23 तीर्थों का पुण्य

नई दिल्ली श्री अमरनाथ आदिदेव भगवान शंकर की पवित्र उपाधि है। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में स्थित प्राकृतिक भव्य एवं चमत्कारिक गुफा में प्रत्येक वर्ष हिमशिवलिंग के दर्शन करने से सुखद अनुभव की प्राप्ति होती है। भारत के तीर्थ स्थानों में श्री अमरनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है । कश्मीर के हिमाच्छादित पर्वतों के आगोश में बनी इस पवित्र गुफा के दर्शन हेतु यात्रा जुलाई में प्रारम्भ होकर अगस्त में रक्षाबंधन तक चलती है । अमरनाथ यात्रा को कुछ लोग मोक्ष प्राप्ति का तो कुछ स्वर्ग की प्राप्ति का जरिया बतलाते हैं ।   इस पवित्र धाम की यात्रा से 23 तीर्थों का पुण्य प्राप्त होता है । गुफा के एक छोर में प्राकृतिक रूप से बना हिमशिवलिंग पक्की बर्फ का होता है जबकि गुफा के बाहर मीलों तक कच्ची बर्फ ही देखने को मिलती है । गुफा में पक्की बर्फ से गणेश पीठ तथा पार्वती पीठ भी बनती हैं। भारत भूमि का कण-कण तीर्थ है । कश्मीर को तीर्थों का घर कहा जाता है । कश्मीर में 49 शिवधाम, 60 विष्णुधाम, 3 ब्रह्माधाम, 22 शक्तिधाम, 700 नागधाम हैं । अमरनाथ में स्थित पार्वती पीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है । अमरनाथ जी की यात्रा कैलाश मानसरोवर के बाद भारत में सबसे ज्यादा रोमांचक यात्रा है । काशी में लिंगदर्शन एवं पूजन से दस गुणा फल देने वाला श्री अमरनाथ का पूजन है । देवताओं की हजार वर्ष तक स्वर्ण, पुष्प, मोती एवं पट्ट वस्त्रों से पूजा का जो फल मिलता है वह श्री अमरनाथ जी की इस लिंग पूजा से एक ही दिन में प्राप्त हो जाता है।   एक दंत कथानुसार रक्षाबंधन की पूर्णिमा के दिन जो सामान्यत: अगस्त मास में पड़ती है भगवान शंकर स्वयं श्री अमरनाथ गुफा में पधारते हैं । रक्षा बंधन के दिन ही पवित्र छड़ी मुबारक गुफा में बने हिमशिवलिंग के पास स्थापित कर दी जाती है। अमरनाथ यात्रा का प्रचलन ईसा से भी एक हजार वर्ष पूर्व का है । अमरनाथ गुफा में भगवान शंकर ने मां पार्वती को अमरकथा सुनाई थी । मां पार्वती ने अमरत्व प्राप्त करने के लिए भगवान शंकर से अमरकथा सुनाने का हठ किया था ।   प्राचीन कथानुसार इस पावन गुफा की खोज बूटा मलिक नाम के मुसलमान गडरिए ने की थी । एक दिन वह भेड़ें चराते दूर निकल गया जहां उसकी एक साधु से भेंट हुई। साधु ने बूटा मलिक को एक कोयले से भरी कागड़ी दी । घर जाकर जब उसने देखा तो उस कागड़ी में सोना था जिसे देखकर वह हैरान हो गया । उस साधु का धन्यवाद करने वह वापस उस स्थान पर गया परन्तु साधु उसे मिला नहीं । उसने वहां एक विशाल गुफा देखी । उसी दिन से यह गुफा एक तीर्थ स्थान बन गई। माता पार्वती ने अमरकथा कथा इसी गुफा में सुनी थी।   इसी कारण देश-विदेश से हजारों की संख्या में शिव भक्त इस हिमशिवलिंग के दर्शन हेतु आते हैं । चातुर्मास की प्रतिपदा को हिमलिंग का निर्माण अपने आप प्रारम्भ होता है और धीरे-धीरे शिवलिंग का आकार ले लेता है तथा पूर्णिमा को परिपूर्ण होकर दूसरे पक्ष में घटने लगता है। अमावस्या या शुक्लपक्ष की प्रतिपदा को यह लिंग पूर्णत: अदृश्य हो जाता है। कुछ लोग इस किंवदंती को झुठलाते हैं ।   सत्य है कि हिमनिर्मित शिवलिंग कभी पूर्णतया लुप्त नहीं होता । आकार छोटा या बड़ा हो सकता है। कहा जाता है कि भगवान शिव इस गुफा में पहले-पहल श्रावण की पूर्णिमा को आए थे इसीलिए इस दिन अमरनाथ की यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है । रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) का सर्वाधिक महत्व होने से लोग इसी माह में यात्रा करते हैं ।पहलगांव की तरफ से इस यात्रा पर जाने से मार्ग में चंदनबाड़ी, शेषनाग झील, पंचतरणी के दर्शन होते हैं ।

23 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि – मेष राशि वालों की पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज आपकी लंबे समय के बाद करीबी दोस्तों से मिलने का मौका मिल सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट करें। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगी। घर धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातकों को आज कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। रिश्तों में नजदीकियां आएंगी। प्रेम-संबंधों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सकारात्मक रहें और दूसरों की मदद करने और उन्हें मोटिवेट करने के लिए हमेशा तैयार रहें। मिथुन राशि– व्यापार में विस्तार होगा। आज पार्टनरशिप या नए बिजनेस की शुरुआत करने के कई मौके मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन लाभ के नए अवसरों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। कर्क राशि– कर्क राशि के जातकों को जीवन में संतुलन बनाने पर फोकस करना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए ऑफिस में ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। सिंह राशि- जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत हैं। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली और करीबी दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करेंगे। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें और लाइफ में नई चीजों को एक्सप्लोर करने के लिए तैयार रहें। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। कन्या राशि– कन्या राशि वालों के प्रोफेशनल लाइफ में नए बदलाव होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। प्रेम-संबंधों मधुरता आएगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। धन बचत करें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च करने से बचें। अच्छे भविष्य के लिए प्लान बनाएं। निवेश के नए मौकों पर नजर रखें। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। करियर में तरक्की के नए मौकों का भरपूर लाभ उठाएं। वृश्चिक राशि– लव लाइफ पर ध्यान दें। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में बिना कारण तनाव बढ़ सकता है, लेकिन क्रोध से बचें। वाणी पर संयम रखें। साथी का ख्याल रखें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारी के लिए तैयार रहें। धनु राशि- निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लॉन्ग टर्म गोल्स पर फोकस करें। करियर में तरक्की के नए मौके पर नजर रखें। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन लाभ के नए स्त्रोत बनेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मकर राशि– नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। मानसिक शांति मिलेगी। लॉन्ग टर्म करियर गोल्स पर फोकस करें। नए आइडियाज के साथ कार्यों की चुनौतियों को हैंडल करें। इससे आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगा। फैसले लेते समय अपने अंतर्मन की सुनें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को आज करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। ऑफिस में कार्यों की प्रशंसा होगी। टीम मीटिंग में अपने आइडियाज को शेयर करने के लिए तैयार रहें। कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए प्रयासों से सफलता की राह आसान होगी। मीन राशि- ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। नए जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा तनाव न लें। अपने सभी काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। आराम करना न भूलें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाए रखें। कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ अपने सेहत पर भी ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

22 अप्रैल 2025 मंगलवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- करियर में उन्नति और पब्लिक इमेज से संबंधित हैं। आपकी कम्युनिकेशन स्किल सूर्खियों में रहेगी। यह इंटरव्यू के लिए अच्छा समय है, लीडरशिप स्किल की जिम्मेदारी लें। समय की कमी के चलते रिलेशनशिप में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए काम के साथ फैमिली फ्रेंड्स के साथ समय बिताने के बीच संतुलन बनाए रखें। करियर से जुड़े इवेंट्स और नेटवर्किंग के मौके लोगों को आपस में करीब ला सकते हैं। पार्टनर से अपने योजनाओं के बारे में चर्चा करें। यह सिचुएशन को स्पष्ट करने में मदद करेगी। वृषभ राशि- यह एक जैसे लक्ष्यों को पर काम करने और सपनों को साकार करने के लिए रास्तों की तलाश करने का समय है। सिंगल जातक दोस्तों के साथ परिचय के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मिल सकते हैं। वहीं, जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए फ्यूचर के प्रोजेक्ट पर प्लानिंग करने से रिश्ता गहरा होगा। आपके खुद को व्यक्ति करने की योग्यता कनेक्शन बनाने में आपका मदद करेगी और दूसरों को इंस्पायर भी करेगी। इसलिए इसका इस्तेमाल करें। मिथुन राशि- बिजनेस में,जब लोग नए काम की योजनाओं को पूरा कर रहे हैं और अन्य समस्याओं पर काम कर रहे हैं, जो अभी पूरा न हुओ हो। उन कार्यों में इनोवेटिव आइडियाज से सफलता पाई जा सकती है। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाएं, जिस पर पहले ध्यान न दिया गया हो। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित होंगे, जो धार्मिक या क्रिएटिव ऊर्जा वाले होंगे। कर्क राशि- आप जीवन के सभी पहलुओं में कॉन्फिडेंट और उत्साहित रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में अपने कम्युनिकेशन और आइडियाज से लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। यह इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन और नया प्रोजेक्ट लॉन्च करने के लिए अच्छा समय है। रिलेशनशिप में ईमानदारी से रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जो आपकी ऊर्जा और सहजता की सराहना करता है। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए कपल्स गोल्स डिस्कस करने का यह परफेक्ट दिन है। सिंह राशि- आज आप प्रोफेशनल लाइफ में क्या सोचते हैं यह महत्वपूर्ण रहेगा। करियर के लिहाज से, आय में वृद्धि के बारे में बात करने, वित्त संभालने और आय के नए सोर्स पर विचार करने का सही समय है। लोगों को समझाने का गुण सहकर्मियों और क्लाइंट को मनाने का एक बेहतरीन उपकरण साबित होगा। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो मूल्यों और फाइनेंसशियल प्लान के बारे में चर्चा करें। इससे रिश्ते में विश्वास बनाने में मदद मिलेगा। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर अट्रैक्ट हो सकते हैं, जिसे वे अपने लाइफ प्लान में फिट पाते हैं। कन्या राशि- यह पार्टनरशिप या कांट्रैक्ट साइन करने का अच्छा समय है। किसी भी प्रकार का रिलेशनशिप चाहे नए रिश्ता हो या पुराना हो। अपनी महत्वकांक्षाओं पर चर्चा करने की जरूरत है। सिंगल जातकों की किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिसके साथ आपकी बौद्धिक कंपैटिबिलिटी बनेगी। यह सभी रिश्तों को मजबूत कराने और आपसी प्रेम-स्नेह सुनिश्चित करने का सही समय है। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। खासतौर से नए प्रोजेक्ट्स और रियल स्टेट के लिए। इस दौरान फैमिली मेंबर्स एक-दूसरे से आसानी से बातचीत कर सकेंगे। जो रिश्तों में नजदीकियां लाने और समस्याओं को सुलझाने की संभावनाएं बढ़ाएगा। बातचीत के जरिए भविष्य में रिश्ते और गहरे होंगे। सिंगल जातक किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित होंगे, जो उन्हें उनके कंफर्ट की याद दिलाएगा। यह पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान देने का उत्तम समय है। वृश्चिक राशि- आपको करियर के छिपे हुए पहलुओं को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। खासतौर से पार्टनरशिप, फाइनेंशियल और रिसर्च एरिया में। यह रणनीतिक रूप से विचार करने का सही समय है क्योंकि आपके कम्युनिकेशन स्किल से विश्वास का स्तर बढ़ेगा। रिलेशनशिप में, दिल के करीब की समस्या आ सकती है और आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत होगी। इन मुद्दों पर बातचीत करने से आपका रिश्ता गहरा होगा। सिंगल जातक किसी रहस्मयी व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं। धनु राशि– धनु राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी साबित होगा। यह आपके कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग स्किल को बेहतर बनाएगा। बिजनेस में, यह अपने आइडियाज शेयर करने का बेस्ट टाइम है। महत्पूर्ण लोगों से मिलें या नई चीजों की शुरुआत करें जिसमें इमेजिनेशन और टीमवर्क की जरूरत हो। सिंगल जातक छोटी यात्राओं या सामाजिक मेलजोल के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मिल सकते हैं। अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो यह पार्टनर से जो आप कहना चाहते हैं या सरप्राइज देना चाहते हैं उसके लिए बेस्ट टाइम है। हालांकि, इस बात को लेकर सतर्क रहें कि ऐसे कोई नाराज न हो। मकर राशि- यह कार्यस्थल पर अपनी स्किल का प्रदर्शन करने का सही समय है। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। सिंगल जातकों को पार्टनर से मिलने का मौका मिल सकता है। रिलेशनशिप में मौज-मस्ती और बातचीत से लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। आपका रिश्ता अधिक गहरा होगा। आपके पास लोगों को आकर्षित करने की क्षमता है। कुंभ राशि- अपने प्रोफेशनल लाइफ और डेली लाइफ की चीजों को सुलझाने का समय है। कैंडिडेट्स ऐसी पद की तलाश कर सकते हैं, जो उनके क्वालिफिकेशन से मैच खाती हो। नौकरीपेशा वाले बेहतर रिजल्ट के लिए अपने दैनिक कार्यों में कुछ बदलाव कर सकते हैं। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उन लोगों को रिलेशनशिप में आगे बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। सिंगल जातक कामकाज के रिश्तों के दौरान प्यार की तलाश पूरी कर सकते हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों को तरक्की और उन्नति के मौके मिलेंगे। एजुकेशन, पब्लिकेशन या इंटरनेशनल प्रोजेक्ट में जॉब मिलने की संभावनाएं हो सकती है। आपका रिस्क लेने का मन कर सकता है। आप ऊर्जावान बने रहेंगे, लेकिन ज्यादा मत करें। रियलस्टिक रहें। सिंगल जातकों को ट्रैवलिंग या एकेडमिक इंस्टीट्यूशन में किसी व्यक्ति से बात करना दिलचस्प लग सकता है। वहीं, कपल्स को सीरियस इश्यूज को सुलझाने के लिए पार्टनर से बातचीत करना चाहिए।

21 अप्रैल 2025 सोमवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- मेष राशि वालों को आज महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी मिलेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। प्रोफेशनल लाइफ में क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज के साथ किए गए कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें। फन एक्टिविटीज में शामिल हों। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। सिंगल जातकों को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नए लोगों से मिलना चाहिए। इससे परफेक्ट पार्टनर की तलाश पूरी होगी। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, आज साथी संग उनका रिश्ता मजबूत होगी। लव लाइफ के रोमांचक पलों को एंजॉय करेंगे। वृषभ राशि- आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। ऑफिस में नए कार्य कि जिम्मेदारी मिलेगी। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। फैमिली या फ्रेंड्स के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आज आपको सभी कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। बिना रिसर्च किए इनवेस्ट न करें, वरना नुकसान हो सकता है। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। रोमांटिक लाइफ में खुशहाली आएगी। साथी का भरपूर सपोर्ट मिलेगा। मिथुन राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आज सोशल इवेंट के दौरान किसी खास से मुलाकात होगी। घर में भाई-बहनों का विवाह तय हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। रोमांटिक लाइफ में खुशनुमा माहौल रहेगा। रिलेशनशिप की दिक्कतें दूर होंगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। आज साथी के इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें और उनका ख्याल रखें। कर्क राशि- आज आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। नई प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना सकते हैं। परिजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। नौकरीपेशा वालों का प्रमोशन या अप्रेजल हो सकता है। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल होगी। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। आज पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। उनसे अपनी फीलिंग्स शेयर करें। लेकिन पास्ट इश्यूज को ज्यादा डिस्कस न करें और साथी से ऐसी बात का जिक्र न करें, जिससे रिश्तों में मनमुटाव बढ़े। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज शैक्षिक कार्यों में सुखद परिणाम मिलेंगे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। कार्यस्थल पर सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। करियर में सफलता की सीढ़िया चढ़ेंगे। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। आज सोच-समझकर किए गए निवेशों से फ्यूचर में अच्छा रिटर्न मिलेगा। रोमांटिक लाइफ में खुशनुमा माहौल रहेगा। साथी का सपोर्ट मिलेगा। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। सिंगल जातकों की सच्चे साथी की तलाश पूरी होगी। कन्या राशि- आज आपके सभी सपने पूरे होंगे। लंबे समय से रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी सफलता मिलेगी। जीवन में ऊर्जा और उत्साह भरपूर होगा। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। लेकिन व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें। नया फाइनेंसशियल गोल्स बनाएं। सोच-समझकर निवेश करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आज लव लाइफ में नए रोमांच मोड़ आएंगे। साथी को प्रपोज करने का प्लान बना सकते हैं। आपको पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलेगा। तुला राशि- प्रोफेशनल लाइफ में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। पुराने निवेशों से धन लाभ होगा। कानूनी मामलों में जीत हासिल होगी। फैमिली के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। आज आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। करियर की बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। आज साथी संग रोमांटिक डिनर या डेट का प्लान बना सकते हैं। इससे लव लाइफ में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। वृश्चिक राशि- आज का दिन सामान्य रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन-दौलत में वृद्धि के योग बनेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। आज साथी से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने में संकोच न करें। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बरकरार रहेगा। कुछ लोगों के रिलेशनशिप में एक्स-लवर की वापसी होगी। लेकिन मैरिड लोग ऐसा न करें। इससे वैवाहिक जीवन में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। धनु राशि- आज आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। कुछ लोगों का शादी-विवाह तय हो सकता है। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। बिजनेस में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। बिजनेस डील साइन करने से पहले डॉक्यूमेंट्स को अच्छे पढ़ लें, वरना नुकसान हो सकता है। आज आपकी सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। लेकिन साथी की प्राइवेसी का ध्यान रखें और उन्हें थोड़ा पर्सनल स्पेस दें। मकर राशि- आज ऑफिस में आपकी क्रिएटिविटी और लीडरशिप स्किल की प्रशंसा होगी। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। जीवन में जो चाहेंगे, उसकी उपलब्धता होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रोफेशनल लाइफ में खूब तरक्की करेंगे। नौकरी में प्रमोशन या अप्रेजल के चांसेस बढ़ेंगे। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। अपने डाइट में प्रोटीन और न्यूट्रीशन से भरपूर फूड शामिल करें। आज साथी से अपनी फीलिंग्स को व्यक्त करने का परफेक्ट दिन है। इससे रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। कुंभ राशि- कुंंभ राशि वालों को आज धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे। ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। नए कार्य की जिम्मेदारी मिलेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। लिखने-पढ़ने के कार्यों में समय व्यतीत करेंगे। करियर में आने वाली बाधाएं दूर होंगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी संभव है। पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। मन शांत रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। मीन राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। करियर में नई उपलब्धि हासिल होगी। वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। व्यापार में मुनाफा होगा। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम … Read more

कल इन राशियों को धन योग से होगा बड़ा फायदा

कल यानी 21 अप्रैल को अष्टमी तिथि का संयोग बना है और दिन है सोमवार है। ऐसे में कल का दिन सोम यानी चंद्रदेव के प्रभाव में रहेगा और कल के देवता भगवान शिव रहेंगे। और इस कल के दिन चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होगा जिससे चंद्रमा और गुरु का नवम पंचम शुभ योग बनेगा जबकि चंद्रमा और मंगल की समसप्तक दृष्टि से कल धन योग भी बन रहा है। इस पर कल साध्य योग और श्रवण नक्षत्र का सुंदर संयोग बना है जो वृषभ, कर्क, तुला, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए बड़ा सुंदर लाभ का संयोग बना रहा है। ऐसे में कल का दिन इन राशियों को किन-किन मामलों में लाभ दिलाएगा। साथ ही जानें कल सोमवार के उपाय भी। ​​वृषभ राशि के लिए कल 21 अप्रैल का दिन कैसा रहेगा वृषभ राशि के जातकों के लिए कल सोमवार का दिन भोलेनाथ की कृपा से शुभ रहने वाला है। आपको कारोबार में अनुकूल माहौल रहेगा। किसी कार्य को लंबे समय से पूरा करने का प्रयास कर रहे थे उसमें सफलता प्राप्त होगी। हालांकि कल आपके विरोधी और आपसे ईर्ष्या करने वाले लोग सक्रिय होंगे, लेकिन आप अपनी बुद्धिमत्ता के दम पर उन्हें परास्त करने में सक्षम होंगे। आप अपने दम पर धन कमाने में सक्षम होंगे। हालांकि किसी अन्य की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन साथ में काम करने से आप भरोसा जीत पाएंगे। जो आपको भविष्य में लाभ दिलाएगा। फैशन, ब्यूटी आदि से जुड़े काम करने वालों को विशेष रूप से लाभ होगा। विद्यार्थी वर्ग को खुशखबरी मिल सकती है। मेहनत काम आएगी। परिवार के सदस्यों के बीच मेलजोल रहेगा। भाइयों के सहयोग से आपके प्रभाव में बढ़ोतरी होगी। सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े जातकों को कहीं लोगों को संबोधित करने का मौका मिल सकता है। इससे आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। वृषभ राशि के लिए कल सोमवार के उपाय : कल शिवलिंग को दूध, घी, दही, शहद और गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद 108 बार ऊं नमः शिवाय मंत्र का जप करें। ​कल 21 अप्रैल का दिन ​कर्क राशि के लिए कैसा रहेगा कर्क राशि के जातक कल सोमवार को शिवजी के आशीर्वाद से हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल करेंगे। कल आपकी पद-प्रतिष्ठा में इजाफा हो सकता है। मानसिक शांति होगी। इस वजह से आप सही फैसले करने में सक्षम होंगे। कारोबार में आपको अच्छा मुनाफा होने का योग बन रहा है। कमाई के साधनों में बढ़ोतरी होगी। खास बात यह है कि आप धन संचय करने में सफल होंगे। दीर्घकालिक निवेश करना आपके लिए लाभदायक होगा। संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। जल से जुड़े कार्य करने वालों के लिए दिन विशेष रूप से फायदेमंद रहने वाला है। विदेश से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आयात-निर्यात से जुड़े कार्य आपको लाभ दिलाएगा। अगर नौकरी में परिवर्तन की कोशिश कर रहे थे तो आपको खुशखबरी मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से आपको लाभ हो सकता है। ससुराल से लाभ होने के आसार हैं। कर्क राशि के लिए कल सोमवार के उपाय : महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर अक्षत मिलाकर जल चढ़ाएं। इसके बाद शनि चालीसा का पाठ करें। ​तुला राशि वालों के लिए कल 21 अप्रैल का दिन कैसा रहने वाला है तुला राशि के जातकों के लिए कल सोमवार का दिन अच्छा रहने वाला है। कल आपको कारोबार में फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। व्यापार में विस्तार की योजना फलीभूत हो सकती है। सरकारी कार्यों से जुड़े जातकों को अतिरिक्त लाभ हो सकता है। उच्च अधिकारी आपकी कार्यकुशलता से प्रसन्न होंगे। करियर में नई ऊंचाइयां छू सकते हैं। कारोबार में थोड़ी चतुराई और वाक्पटुता काम आएगी। इसकी मदद से आप अच्छा मुनाफा कमाने में सफल होंगे। आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली नजर आएगा। छोटी-मोटी परेशानियों को आप यूं ही नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ेंगे। शोध, लेखन, काउंसलिंग, पब्लिक रिलेशन आदि क्षेत्रों में काम करने वाले विशेष रूप से कल लाभदायी रहने वाले हैं। वे अपनी प्रतिभा के दम पर नाम कमाएंगे। धन सुगमता से प्राप्त होगा। परिवार में भी हालात अनुकूल रहेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। जीवनसाथी से तोहफा मिल सकता है। बच्चों की तरफ से कोई खुशखबरी मिल सकती है। तुला राशि के लिए कल सोमवार के उपाय : सफेद कपड़े पहनकर शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। इसके बाद शिवलिंग पर सफेद फूल अर्पित करें। फिर 108 बार शिव गायत्री मंत्र ‘ऊं तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्’ का जप करें। ​कल 21 अप्रैल का दिन मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा मकर राशि वालों के लिए कल सोमवार का दिन शिव-पार्वती की कृपा से शानदार रहने वाला है। कल कारोबार में लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी का समाधान होगा। अगर पार्टनरशिप में कारोबार करते हैं तो पार्टनर की मदद से आपको भी लाभ होगा। पूर्व में किया गया निवेश कल आपको फायदा दिला सकता है। आय के साधनों में बढ़ोतरी होगी। सुख-सुविधाओं की वस्तुएं खरीद सकते हैं। कल कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है। संपत्ति आदि को लेकर चले आ रहे विवाद में समाधान की तरफ बढ़ सकते हैं। पिता का सहयोग प्राप्त होगा। चमड़े, लोहे से जुड़ा काम और किराने की दुकान चलाने वालों को विशेष रूप से लाभ प्राप्त हो सकता है। दीर्घकालिक निवेश करना आपके लिए फायदे का सौदा रहेगा। प्रेम संबंधों के लिहाज से दिन अच्छा रहने वाला है। लव पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। लव लाइफ में तालमेल बना रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। मकर राशि के लिए कल सोमवार के उपाय : कल शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। इसके बाद रुद्राष्टकम् और शिव चालीसा का पाठ करें।   ​मीन राशि वालों के लिए कल 21 अप्रैल का दिन कैसा मीन राशि के जातकों के लिए कल सोमवार का दिन शुभ रहने वाला है। कल स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, स्टेशनरी आदि के काम से जुड़े लोगों को विशेष रूप से लाभ मिल सकता है। कल आपके शत्रु आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएंगे। शिवजी की कृपा से आपके कार्य संपन्न होंगे। मेहनत और ईमानदारी के दम पर आप मुनाफा कमाएंगे। आय के नए स्रोत मिल सकते हैं। अगर कारोबार के 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20अप्रैल 2025 रविवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि, आज का राशिफल आज का दिन अच्छा रहेगा. कल जरूरी काम से शहर से बाहर जाना पड़ सकता है. स्वास्थ्य ठीक रहेगा. बिजनेस में कोई बड़ी डील हो सकती है. आर्थिक लाभ होगा. परिवार में मांगलिक कार्य के योग बनेंगे. परिवार में नया मेहमान आ सकता है. वृषभ राशि, आज का राशिफल आज का दिन सामान्य रहेगा. सोचे हुए काम पूरे होंगे. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. परिवार में मांगलिक कार्य के योग बनेंगे. शादी के प्रस्ताव मिलेंगे. व्यापार-व्यवसाय में आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है. कोई भी फैसला सोच-समझकर लें. मिथुन राशि, आज का राशिफल आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा. कोई रुका हुआ काम पूरा होने से मन प्रसन्न रहेगा. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव दिखाई पड़ेगा. व्यापार-व्यवसाय में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. परिवार में मांगलिक कार्य का योग बनेगा. कर्क राशि, आज का राशिफल आज का दिन अच्छा रहेगा. धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं. किसी खास इन्सान से मिलना होगा. इस मुलाकात से भविष्य में लाभ के योग बनेंगे. बिजनेस में नया काम शुरू कर सकते हैं. कोई बड़ी डील या पार्टनरशिप मिल सकती है. सिंह राशि, आज का राशिफल आज का दिन अनुकूल रहेगा. नौकरी की तलाश खत्म होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. व्यापार-व्यवसाय में भी बड़ा ऑफर मिल सकता है. किसी विशेष व्यक्ति से मिलना होगा. परिवार में सभी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. कन्या राशि, आज का राशिफल आज का दिन अच्छा रहेगा. सोचे हुए कार्य पूर्ण होंगे. स्वास्थ्य में लाभ प्राप्त होगा. किसी पुराने मित्र या सहयोगी से मिलना होगा. परिवार में कोई सुख समाचार प्राप्त होगा. रुका हुआ कार्य कार्य पूर्ण हो सकता है. तुला राशि, आज का राशिफल आज का दिन अच्छा रहेगा. नौकरी का प्रयास करने वालों को सफलता मिलेगी. स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा संभल कर रहें. लापरवाही भारी पड़ सकती है. सुखद समाचार प्राप्त होगा. पत्नी से मतभेद दूर होंगे. वृश्चिक राशि, आज का राशिफल आज आप अपने स्वास्थ्य को लेकर परेशान रह सकते हैं. व्यापार-व्यवसाय में कल आपको घाटा लग सकता है कार्यक्षेत्र में परिवर्तन करना कल आपके हित मैं नहीं होगा परिवार में वाद विवाद की स्थिति से बचें पत्नी से संबंध मधुर रखें. धनु राशि, आज का राशिफल आज सेहत पर ध्यान दें. लापरवाही बीमार कर सकती है. किसी षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं. व्यापार-व्यवसाय में हानि उठाना पड़ सकती है. कोई नया कार्य यदि शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय उपयुक्त नहीं है. मकर राशि, आज का राशिफल आज नया वाहन खरीद सकते हैं. सेहत अच्छी रहेगी. बिजनेस में लाभ होगा. कोई बड़ा काम कार्य क्षेत्र में मिल सकता है. नौकरी वर्ग वालों को पदोन्नति मिल सकती है. परिवार में माहौल शानदार रहेगा. कुंभ राशि, आज का राशिफल आज का दिन शुभ सूचक होगा. परिवार में पुत्र का जॉब लग सकता है. कोई सुखद समाचार मिलेगा. स्वास्थ्य में कुछ नरमी रहेगी. परिवार में मांगलिक कार्य का योग बनेगा. नया वाहन या भवन खरीद सकते हैं. मीन राशि, आज का राशिफल आज ससुराल पक्ष से आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं. पत्नी से मतभेद दूर होंगे. कोई खुशखबरी मिल सकती हैं. परिवार में माहौल आपके पक्ष में रहेगा. व्यापार-व्यवसाय में कोई नई कार्य योजना बन सकती हैं. कोर्ट केस में जीत मिलेगी.

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा

  मां दुर्गा की तीसरी शक्ति हैं चंद्रघंटा। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा-आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाई देने लगती हैं। पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥ इस देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। इसीलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। इनके शरीर का रंग सोने के समान बहुत चमकीला है। इस देवी के दस हाथ हैं। वे खड्ग और अन्य अस्त्र-शस्त्र से विभूषित हैं। सिंह पर सवार इस देवी की मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने की है। इसके घंटे सी भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव-दैत्य और राक्षस काँपते रहते हैं। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा का महत्व है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। यह देवी कल्याणकारी है। इसलिए हमें चाहिए कि मन, वचन और कर्म के साथ ही काया को विहित विधि-विधान के अनुसार परिशुद्ध-पवित्र करके चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना करना चाहिए। इससे सारे कष्टों से मुक्त होकर सहज ही परम पद के अधिकारी बन सकते हैं। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा का महत्व है। इसीलिए कहा जाता है कि हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखकर साधना करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।  

19 अप्रैल 2025 शनिवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। धन-संपदा से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। करियर में खूब तरक्की करेंगे।लेकिन आज आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, वरना धन हानि हो सकता है। आज प्रेमी को सरप्राइज गिफ्ट देने का परफेक्ट दिन है। इससे रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। वृषभ राशि- आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। आज ऑफिस में कार्यों की चुनौतियां बढ़ेंगी। चैलेंजिंग टास्क को सावधानी से हैंडल करें। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। फैमिली ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी संभव है। सिंगल जातकों की आज किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। करियर में तरक्की के लिए छोटे भाई-बहनों को हमेशा सलाह देते रहें। इनवेस्टमेंट से जुड़े डिसीजन बड़ी होशियारी से लें। मिथुन राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति बढ़िया रहेगी। घरेलू उपकरणों या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ा सावधानी से कार्य करने की जरूरत है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते हैं। कुछ लोगों को पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। आज पार्टनर के नाइट डेट या उन्हें सरप्राइज देने का प्लान बना सकते हैं। इससे प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। साथी संग रिश्ता मजबूत और गहरा होगा। कर्क राशि– आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में कई बड़े बदलाव होंगे। इनोवेटिव आइडियाज और क्रिएटिविटी के साथ किए गए कार्य बेहतर परिणाम देंगे। छोटे भाई-बहनों को करियर में नई उपलब्धि हासिल होगी। दिन की शुरुआत एक्सरसाइज और योगा से करें। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। आज करीबी दोस्त की आर्थिक मदद करना पड़ सकता है। जरूरी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। करियर ग्रोथ के नए ऑप्शन को एक्सप्लोर करें। इससे हर क्षेत्र में कामयाबी की राह आसान होगी। सिंह राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। कार्यस्थल पर तरक्की के अनगिनत अवसर मिलेंगे। साथी से अपने इमोशन्स को खुलकर व्यक्त करें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। परिजनों के विचारों का सम्मान करें। आज फैमिली और फ्रेंड्स के सपोर्ट से कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। हालांकि, शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकता है। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। कन्या राशि– आज कन्या राशि वालों को निवेश के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। लेकिन कोई फाइनेंसशियल डिसीजन लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। आज ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। उच्चाधिकारियों का सपोर्ट मिलेगा। जिससे प्रमोशन या अप्रेजल के चांसेस बढ़ेंगे। कुछ लोग सोच-समझकर रियल एस्टेट में इनवेस्ट कर सकते हैं। आज सामाजिक कार्यों में भी रुचि बढ़ेगी। ऑफिस में नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। लव लाइफ में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। तुला राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। धन की तंगी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। बॉस आपके कार्यों से इंप्रेस होंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। आज अपने सपनों को साकार करने के लिए नई रणनीति बनाने का उत्तम दिन है। इससे हर क्षेत्र में सफलता आपके कदम चूमेगी। रोमांटिक लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगी। रिलेशनशिप की दिक्कतें दूर होंगी। वृश्चिक राशि– आज का दिन सामान्य रहने वाला है। धन लाभ के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। प्रोफेशनल लाइफ में जान-पहचान बढ़ेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। फैमिली या फ्रेंड्स के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। धन का लेन-देन सावधानी से करें। धन बचत पर फोकस करें। नया फाइनेंसशियल प्लान बनाएं। ऑफिस में अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दें। इससे करियर ग्रोथ के चांसेस बढ़ेंगे। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। सिंगल्स जातकों की आज किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात होगी। रोमांटिक लाइफ में खुशनुमा माहौल रहेगा। धनु राशि- आज धनु राशि वालों के पर्सनल और प्रोफेशनल लाइप में कई चुनौतियां सामना करना पड़ सकता है।। एकाग्रता की कमी महसूस होगी। रुक-रुककर कार्य चलेंगे। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें। ऑफिस में अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने की कोशिश करें। हालांकि, आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों से निपटने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे।। आज फैमिली के साथ थोड़ा टाइम स्पेंड करें। कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। भावुक होकर कोई निर्णय न लें। मकर राशि- प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। नए मनचाहे प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। ऑफिस में अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दें। फैमिली इश्यूज को सुलझाने की कोशिश करें। इससे घर-परिवार में खुशहाली का माहैल रहेगा। कुछ लोगों को काम के सिलसिले में यात्रा करना पड़ सकता है। आज प्रॉपर्टी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने होंगे। समाज में सराहे जाएंगे। बेरोजगारों की नौकरी की तलाश पूरी होगी। रोमांटिक लाइफ को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। कुंभ राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन आगमन के नए मार्ग खुलेंगे। जो लोग जॉब स्विच करने का प्लान बना रहे हैं, उन्हें अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे। ऑफिशियल ट्रिप पर जा सकते हैं। आज प्रॉपर्टी से जुड़े कई बड़े फैसले लेने होंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी हासिल करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आनंददायक जीवन व्यतीत करेंगे। लव लाइफ में प्यार और उत्साह भरपूर रहेगा। मीन राशि– आज एक्सपर्ट की सलाह से किए गए इनवेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। धन का आवक बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। परिजनों का नाम रौशन करेंगे। कुछ … Read more

शुक्रवार18 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। परंतु सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी। वृषभ राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। रहन सहन कष्टमय हो सकता है। खर्च बढ़ेंगे। मिथुन राशि- मन परेशान हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। कर्क राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं के वश में रखें। बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। सिंह राशि- मन अशांत रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिवार से दूर रह सकते हैं। कन्या राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नौकरी में बदलाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। भागदौड़ अधिक रहेगी। तुला राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। क्रोध से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। किसी रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। धनु राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए प्रयास करें। मकर राशि- मन परेशान हो सकता है। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। कुंभ राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मीन राशि- आपके लिए स्थिति पहले से अच्छी होगी। लवलाइफ में समस्याएं कम होगी। नौकरी में आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं।

जाने अक्षय तृतीया पर कब खरीदें सोना, धन लाभ के लिए करें इन मंत्रों का उचार

हर साल अक्षय तृतीया पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. पंचाग के अनुसार, अक्षय तृतीय वैशाख माह शुक्ल पक्ष की तुतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर देव की पूजा की जाती है. अक्षय तृतीया को साल के सबसे शुभ समय में से एक माना जाता है. यह वह समय है जब लोग आभूषण, सोना, चांदी, घर व गाड़ी खरीदते हैं. मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा के दौरान कुछ खास मंत्रों का जाप करने व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है. अक्षय तृतीय कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत, 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार. अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. अक्षय तृतीय सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त की 30 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. ऐसे में लोगों को सोना खरीदने के लिए कुल 8 घंट 30 मिनट कर समय मिलेगा. अक्षय तृतीया की पूजा मंत्र     ऊँ प्रकृत्यै नम:     ऊँ विकृत्यै नम:     ऊँ विद्यायै नम:     ऊँ सर्वभूत-हितप्रदायै नम:     ऊँ श्रद्धायै नम:     ऊँ विभूत्यै नम:     ऊँ वसुन्धरायै नमः     ऊँ उदारांगायै नमः     ऊँ हरिण्यै नमः     ऊँ हेममालिन्यै नमः     ऊँ धनधान्य-कर्ये नमः     ऊँ सिद्धयै नमः     ऊँ स्त्रैणसौम्यायै नमः     ऊँ शुभप्रदायै नमः     ऊँ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः     ऊँ सुरभ्यै नम:     ऊँ परमात्मिकायै नम:     ऊँ वाचे नम:     ऊँ पद्मालयायै नम:     ऊँ पद्मायै नमः     ऊँ शुचय़ै नमः     ऊँ स्वाहायै नमः     ऊँ स्वधायै नमः     ऊँ सुधायै नमः     ऊँ धन्यायै नमः     ऊँ हिरण्मयै नमः     ऊँ लक्ष्म्यै नमः     ऊँ नित्यपुष्टायै नमः     ऊँ विभावर्यै नमः     ऊँ अदित्यै नमः     ऊँ दित्यै नमः     ऊँ दीप्तायै नमः     ऊँ वसुधायै नमः     ऊँ वसुधारिण्यै नमः     ऊँ कमलायै नमः     ऊँ कान्तायै नमः     ऊँ कामाक्ष्यै नमः     ऊँ क्रोधसंभवायै नमः     ऊँ अनुग्रहप्रदायै नमः     ऊँ बुद्धयै नमः     ऊँ अनघायै नमः     ऊँ हरिवल्लभायै नमः     ऊँ अशोकायै नमः     ऊँ अमृतायै नमः     ऊँ दीप्तायै नमः     ऊँ लोकशोकविनाशिन्यै नमः     ऊँ धर्म-निलयायै नमः     ऊँ करुणायै नमः     ऊँ लोकमात्रे नमः     ऊँ पद्मप्रियायै नमः     ऊँ पद्महस्तायै नमः     ऊँ पद्माक्ष्यै नमः     ऊँ पद्मसुन्दर्यै नमः     ऊँ पद्मोद्भवायै नमः     ऊँ भास्कर्यै नमः     ऊँ बिल्वनिलयायै नमः     ऊँ वरारोहायै नमः     ऊँ यशस्विन्यै नमः     ऊँ वरलक्ष्म्यै नमः     ऊँ वसुप्रदायै नमः     ऊँ शुभायै नमः     ऊँ हिरण्यप्राकारायै नमः     ऊँ समुद्रतनयायै नमः     ऊँ पद्ममुख्यै नमः     ऊँ पद्मनाभप्रियायै नमः     ऊँ रमायै नमः     ऊँ पद्ममालाधरायै नमः     ऊँ देव्यै नमः     ऊँ पद्मिन्यै नमः     ऊँ पद्मगन्धिन्यै नमः     ऊँ पुण्यगन्धायै नमः     ऊँ सुप्रसन्नायै नमः     ऊँ प्रसादाभिमुख्यै नमः     ऊँ प्रभायै नमः     ऊँ चन्द्रवदनायै नमः     ऊँ चन्द्रायै नमः     ऊँ चन्द्रसहोदर्यै नमः     ऊँ चतुर्भुजायै नमः     ऊँ विष्णुपत्न्यै नमः     ऊँ प्रसन्नाक्ष्यै नमः     ऊँ नारायणसमाश्रितायै नमः     ऊँ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः     ऊँ देव्यै नमः     ऊँ सर्वोपद्रव-वारिण्यै नमः     ऊँ नवदुर्गायै नमः     ऊँ महाकाल्यै नमः     ऊँ ब्रह्माविष्णु-शिवात्मिकायै नमः     ऊँ त्रिकालज्ञान-संपन्नायै नमः     ऊँ भुवनेश्वर्यै नमः     ऊँ चन्द्ररूपायै नमः     ऊँ इन्दिरायै नमः     ऊँ इन्दुशीतलायै नमः     ऊँ अह्लादजनन्यै नमः     ऊँ पुष्टयै नमः     ऊँ शिवायै नमः     ऊँ शिवकर्यै नमः     ऊँ सत्यै नमः     ऊँ विमलायै नमः     ऊँ विश्वजनन्यै नमः     ऊँ तुष्टयै नमः     ऊँ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः     ऊँ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः     ऊँ शान्तायै नमः     ऊँ शुक्लमाल्यांबरायै नमः     ऊँ श्रियै नमः     ऊँ जयायै नमः     ऊँ मंगलादेव्यै नमः     ऊँ विष्णुवक्षस्थलस्थितायै नमः  

आज गुरुवार 17 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष-सज नए विचारों को अपनाने की आपकी क्षमता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कॉन्फिडेंस के साथ महत्वपूर्ण डिसीजन लेना फायदेमंद होगा क्योंकि ये आपके फ्यूचर को प्रभावित कर सकते हैं। वृषभ-आज तनाव दूर रखने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। चाहे करियर हो, पैसों का मामला हो, या फिर लव लाइफ हो, आज आपको कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। सिंगल लोगों की मुलाकात उनके क्रश से होने की संभावना है। मिथुन-आज के दिन जरूरत पड़ने पर दोस्त या अपने जीवनसाथी से सलाह ले सकते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस के कुछ रिलेशन टूटने की कगार पर आ सकते हैं। अपनी सेहत पर गौर करें। आज का दिन सरप्राइज से भरपूर रहने वाला है। कर्क-आज कुछ लोगों की सेहत गड़बड़ हो सकती है। सोडा ड्रिंक्स और जंक फूड्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है। करियर में बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी मेंटल हेल्थ पर प्रभाव पड़ सकता है। सिंह-17 अप्रैल का आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। किसी प्रोजेक्ट या डील से आपको अच्छा प्रॉफिट मिल सकता है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और मैनेजमेंट का ध्यान भी अपनी ओर खींचेगी। तुला- 17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। आज आपका क्लाइंट आपके काम से नखुश हो सकता है। व्यापारियों को आज पैसे कमाने में थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। धनु-17 अप्रैल के दिन धन का आगमन तो होगा लेकिन आपके खर्च में भी वृद्धि होगी। ऑफिस के रोमांस से दूरी बनाना आपके लिए बेहतर रहेगा। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। लाइफ में बैलेंस मेंटेन करें। मकर-17 अप्रैल के दिन जीवन में खूब हलचल रहने वाली है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके खिलाफ हो सकती है। डिप्लोमेटिक और पॉजिटिव सोच आपकी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर सकती है। कुम्भ-17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की गॉसिप आपको परेशानी में डाल सकती है। बेहतर यही रहेगा कि आप अपने काम पर फोकस रखें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। कन्या-17 अप्रैल का दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। शादीशुदा कपल्स आज क्वालिटी टाइम स्पेंड करने के लिए डेट पर जा सकते हैं। सिंगल लोगों के लिए प्रपोज करने के लिए दिन शुभ नहीं माना जा रहा है। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन पहले से बेहतर होगी। वृश्चिक-17 अप्रैल का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। आज आपका मनी फ्लो अच्छा रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति आपको खर्चों को कंट्रोल करने की सलाह देती है। लव के मामले में अपने पार्टनर को जरूरी स्पेस दें और बेफिजूल की बहस से बचें। मीन-17 अप्रैल का दिन बेहद ही शानदार साबित हो सकता है। अपनी बॉडी को हेल्दी रखने के लिए नया फिटनेस रूटीन चालू करें। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। कोई बड़ा जोखिम आज न लें।

पितृदोष से मुक्ति के लिए वैशाख अमावस्या पर तर्पण के साथ करें ये काम

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि की तरह अमावस्या तिथि का भी खास महत्व है. मान्यता है कि दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के साथ पितरों का श्राद्ध तथा तर्पण करना शुभ होता है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. वैशाख माह की अमावस्या तिथि जल्द ही आने वाली हैं. अगर आप भी पितृदोष से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो इस दिन पिंडदान और तर्पण करने के साथ मंत्रों का जप और पितृ निवारण स्तोत्र का पाठ करें. वैशाख अमावस्या कब हैं? वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 27 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 28 अप्रैल को देर रात 1 बजे होगी. ऐसे में अमावस्या तिथि 27 अप्रैल को होगी. इस दिन लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए पिड़दान तथा श्राद्ध आदि कर सकते हैं. पितृ निवारण स्तोत्र अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् । नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।। इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा । सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ।। मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा । तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।। नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा । द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि:।। देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् । अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।। प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च । योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।। नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु । स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।। सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा । नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।। अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् । अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।। ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय:। जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।। तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस:। नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।। पितृ कवच कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन। तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः॥ तव भ्रमासऽ आशुया पतन्त्यनु स्पृश धृषता शोशुचानः। तपूंष्यग्ने जुह्वा पतंगान् सन्दितो विसृज विष्व-गुल्काः॥ प्रति स्पशो विसृज तूर्णितमो भवा पायु-र्विशोऽ अस्या अदब्धः। यो ना दूरेऽ अघशंसो योऽ अन्त्यग्ने माकिष्टे व्यथिरा दधर्षीत्॥ उदग्ने तिष्ठ प्रत्या-तनुष्व न्यमित्रान् ऽओषतात् तिग्महेते। यो नोऽ अरातिम् समिधान चक्रे नीचा तं धक्ष्यत सं न शुष्कम्॥ ऊर्ध्वो भव प्रति विध्याधि अस्मत् आविः कृणुष्व दैव्यान्यग्ने। अव स्थिरा तनुहि यातु-जूनाम् जामिम् अजामिम् प्रमृणीहि शत्रून्।

गुड फ्राइडे 18 अप्रैल को मनाया जाएगा, जानें इस त्योहार का महत्व और इतिहास

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. यह दिन प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है. गुड फ्राइडे हर साल ईस्टर संडे से पहले पड़ने वाले शुक्रवार को आता है. इस साल यह पर्व 18 अप्रैल को मनाया जाएगा. आइए आपको गुड फ्राइडे का महत्व और इतिहास बताते हैं. गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? बाइबिल के मुताबिक, गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस के आदेश पर सूली पर चढ़ाया गया था. उन पर राजद्रोह और ईश्वर निंदा के झूठे आरोप लगाए गए थे. गुड फ्राइडे प्रभु यीशु के बलिदान का दिन है. उन्होंने मानव जाति के पापों के प्रायश्चित के लिए बलिदान दिया था. ईसाई धर्म के अनुसार, इस दिन प्रभु यीशु ने मानव जाति के कल्याण के लिए बलिदान दिया था. गुड फ्राइडे से जुड़ी मान्यताएं गुड फ्राइडे का इतिहास पहली शताब्दी में यरूशलेम में घटित घटनाओं से जुड़ा है. यीशु मसीह जिन्होंने प्रेम, करुणा और क्षमा का संदेश दिया था, उन्हें उस समय के धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने खतरा माना था. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और सूली पर चढ़ाने की सजा दी गई थी. गुड फ्राइडे शोक का दिन जरूर है, लेकिन ये ईस्टर संडे के आगमन की उम्मीद भी जगाता है. ये दिन यीशु की पुनरुत्थान मृत्यु पर जीवन की विजय और पाप पर क्षमा की विजय का प्रतीक है. गुड फ्राइडे कैसे मनाया जाता है? दुनिया के अलग-अलग देशों में गुड फ्राइडे विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है. इस दिन चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं. इन सभाओं में यीशु के क्रूस पर चढ़ने की कहानी पढ़ी जाती है, भजन गाए जाते हैं और उपदेश दिए जाते हैं. इसके अलावा कई चर्चों में गुड फ्राइडे के दिन क्रूस का रास्ता नामक एक विशेष प्रार्थना अनुष्ठान भी आयोजित किया जाता है, जिसमें यीशु के अंतिम दिनों की घटनाओं को याद किया जाता है. ईसाई धर्म के कई लोग इस दिन उपवास रखते हैं और नॉन वेज भोजन नहीं खाते हैं.

पति के दीर्घ जीवन की कामना के लिए सती अनुसूया का व्रत करती है महिलाएं

बैसाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (17 अप्रैल) को अनुसूया जयंती है। अनुसूया प्रजापति कर्दम और देवहूति की नौ कन्याओं में से एक थीं। यह ऋषि अत्रि की पत्नी थीं। ऐसा कहा जाता है कि उनकी पति-भक्ति का तेज इतना अधिक था कि आकाश मार्ग से जाते देवताओं को भी उनके तेज का अनुभव होता था। अपने इसी तेज के कारण उन्हें सती अनुसूया कहा जाता है। द्रौपदी, सुलोचना, सावित्री, मंदोदरी सहित उनकी गणना पांच सतियों में सबसे पहले हाेती है। उन्होंने घोर तपस्या करके मंदाकिनी नदी को पृथ्वी पर उतारा था। एक पौराणिक कथा के अनुसार देवर्षि नारद पृथ्वी लोक से घूमते हुए देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती के पास पहुंचे। वहां उन्होंने तीनों से ऋषि अत्रि की पत्नी अनुसूया के पतिव्रत धर्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सतीत्व के तेज की बराबरी तीनों लोकों में काेई नहीं कर सकता। यह सुनकर तीनों देवियों ने अनुसूया के पातिव्रत्य धर्म की परीक्षा लेने के लिए अपने-अपने पतियों ब्रह्मा, विष्णु, महेश से आग्रह किया। अपनी पत्नियों का आग्रह मानकर वे तीनों ऋषि पत्नी अनुसूया के सतीत्व की परीक्षा लेने के लिए पृथ्वी लोक में उनके आश्रम में पहुंच गए। उन्होंने उनकी कुटिया के बाहर खड़े होकर भिक्षा के लिए पुकार लगाई। उनकी पुकार सुनकर अनुसूया बाहर आईं। उन्होंने अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया और उनकी इच्छा पूछी। उन्होंने कहा कि वे भूखे हैं और भोजन करना चाहते हैं। लेकिन हमारा यह नियम है कि हमें भिक्षा देने वाला निर्वस्त्र होकर हमें भोजन करवाता है, तभी हम भोजन करते हैं। यह सुनकर अनुसूया ने तीनों से कहा कि जैसी आपकी इच्छा। अनुसूया ने अपने हाथ में जल लिया और अपने पति को स्मरण करते हुए मन-ही-मन कहा कि अगर मेरा पतिव्रत धर्म अखंड है तो ये तीनों अतिथि इसी क्षण शिशु बन जाएं। यह कहकर उन्होंने तीनों अतिथियों पर जल छिड़क दिया। वे तीनों ही तत्काल नवजात शिशु बन गए। तब अनुसूया ने मातृ भाव से तीनों को भोजन कराया। भोजन के उपरांत पास ही पालने में तीनों शिशुओं को सुला दिया। इधर काफी समय बीत जाने पर भी तीनों देव नहीं लौटे तो तीनों देवियों को चिंता हुई। वे नारदजी को साथ लेकर अनुसूया के आश्रम पहुंची। वहां देखा कि तीनों देव तो शिशु रूप में पालने में हैं। उन्होंने अनुसूया से क्षमा मांगते हुए अपने पतियों को उनके मूल स्वरूप में लौटा देने की प्रार्थना की। अनुसूया ने उन शिशुओं पर जल छिड़क कर पहले जैसा कर दिया। त्रिदेव ने उन्हें वरदान देते हुए कहा कि वे तीनों ‘दत्तात्रेय’ के रूप में उनके पुत्र होंगे। इस दिन महिलाएं अपने पति के दीर्घ जीवन की कामना से सती अनुसूया का व्रत और पूजन करती हैं।

16 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज ठीक-ठाक कमाई होगी। आपको अपने काम से जुड़े जरूरी डिसीजन लेने पड़ सकते हैं। फिट रहने के लिए और अपने शेप को मेंटेन करने के लिए आज साग-सब्जी खाने पर फोकस रखें। स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ: आज आप घर पर डिनर या टाइम स्पेंड करने के लिए किसी को इन्वाइट भी कर सकते हैं। आज अपनी हेल्थ को बेटर बनाए रखने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। आज धन-लाभ होने के चांस ज्यादा है। मिथुन: अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज पैसों की कोई कमी महसूस नहीं होगी। करियर के मामले में कोई भी एक्शन लेने से पहले अपने सीनियर्स को इन्फॉर्म जरूर करें आज। कोई गुड न्यूज आपके फैमिली मेंबर्स को खुशी दे सकती है। कर्क: घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ भी कुछ टाइम स्पेंड करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के लिए आज प्रॉपर्टी की डील धन-लाभ का कारण भी बन सकती है। कुछ लोगों को सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सिंह: बिना एफर्ट डाले आप खुद को फिट नहीं रख सकते हैं। पैसे कमाने के लिए नए मौके नजर आ सकते हैं। कुछ लोग अपने सीनियर्स के फेवरेट बन सकते हैं, जिससे उनको करियर में अच्छी पोजीशन भी हासिल हो सकती है। कन्या: आज आप अपनी नॉर्मल एक्सरसाइज रूटीन से ब्रेक लेने की इच्छा महसूस कर सकते हैं। पैसों के मामले में आपको एफर्ट्स बढ़ाने पड़ेंगे। वहीं, वर्कप्लेस पर आज आप अच्छी तरह से अपने टाइम को मैनेज करने में कामयाब रहेंगे। तुला: वर्कप्लेस पर आज आप अपनी स्किल्स के साथ सिचुएशन को पलट सकते हैं। संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। स्टूडेंट्स को अपने क्लासमेट के साथ टीम के रूप में काम करना चाहिए। वृश्चिक: अगर आप काम के प्रेशर से थक चुके हैं तो वेकेशन प्लान करने का सही समय है। प्रॉपर्टी से जुड़े पेंडिंग काम पूरे हो सकते हैं। वहीं, शिक्षा के मामले में स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस आज उतना हाई नहीं रहेगा। धनु: घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहने वाला है। धार्मिक स्थल पर समय बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने शेप को बेहतर बनाने के लिए आपको रेग्युलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। धन के मामले में आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मकर: आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत है। आज काम से जुड़े जरूरी टास्क कंप्लीट करते समय थोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन दिन खत्म होने से पहले आप डेडलाइन पूरी कर लेंगे। कुंभ: आज सिंगल्स को नई जगह एक्सप्लोर करने और नए लोगों से मिलने की सलाह दी जाती है। वहीं, संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को गुड न्यूज मिल सकती है। पैसों के मामले में आज आपकी सिचुएशन स्टेबल रहने वाली है। मीन: आज सेहत के मामले में आपका दिन शानदार रहने वाला है। पैसों की सिचुएशन भी अच्छी रहेगी क्योंकि प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं। आपका कोई करीबी आज आपको गिफ्ट दे सकता है या डेट पर ले जा सकता है।

मांगलिक कार्य, शादी ब्याह समेत अन्य शुभ कार्य शुरू, जून तक लग्न

वैसाख कृष्ण पक्ष प्रतिपदा सूर्य का गोचर सोमवार को सूर्योदय पूर्व से ही अश्विनी नक्षत्र एवं मेष राशि में हो गया है। मेष राशि में प्रवेश करते ही एक माह से चले आ रहे खरमास का समापन भी हो जाएगा। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद डॉ. पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि खरमास में विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त का अभाव हो जाता है लेकिन सूर्य के मेष राशि में पहुंचने के बाद विवाह आदि शुभ मुहूर्त मिलने की वजह से विवाह की गूंज चहुंओर सुनाई देने लगेगी। खरमास के बाद सोमवार से विवाह शुरू हो गए है, शुभ मूहुर्त आठ जून तक रहेगा। उसके बाद देवगुरु बृहस्पति को वृद्धत्व का दोष लग जाएगा। जिससे विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद पुन: श्री हरि विष्णु के चिरनिद्रा से जागने के बाद 18 नवंबर 2025 से विवाह लग्न आरंभ होगा। विवाह लग्न की तारीख- अप्रैल- 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 25, 26, 29, 30 मई- 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 28, राशियों में दिखेगा प्रभाव- ● मेष : व्यक्तित्व, आकर्षण में वृद्धि। बौद्धिक क्षमता का सदुपयोग होगा। ● वृष : गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि होगा। माता की सेहत सुधरेगी। ● मिथुन : आय, लाभ, पराक्रम एवं पुरुषार्थ में वृद्धि होगा। भाई, बहनों, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। ● कर्क : परिवार में शुभ कार्य होंगे। धन संबंधित कार्यों में प्रगति होगी। ● सिंह : मनोबल में वृद्धि होगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा। ● कन्या : वाणी की तीव्रता में वृद्धि होगा। पारिवारिक खर्च बढ़ेगा। ● तुला : आय, व्यापार, व्यक्तित्व में वृद्धि होगी। दांपत्य जीवन में तनाव हो सकता है। ● वृश्चिक : सामाजिक, पद, प्रतिष्ठा, परिश्रम में वृद्धि होगी। ● धनु : बौद्धिक क्षमता का विस्तार, अध्ययन में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। ● मकर : सीने की तकलीफ होगी। गृह एवं वाहन सुख में तनाव होगा। ● कुंभ : पराक्रम एवं पुरुषार्थ, सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। ● मीन : वाणी की तीव्रता, अचानक खर्च में वृद्धि होगी।

15 अप्रैल 2025 मंगलवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आपकी लव लाइफ पॉजिटिव रहेगी, जहां आप एक साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम स्पेन्ड करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य के साथ पेशेवर सफलता दिन को आनंद से भर देगी। अनुशासन ही आपकी ताकत है। सेहत के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत है। वृषभ: आप आज जीवन में समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य भी देखेंगे। कार्यालय में उत्पादक होने के दौरान आपको वर्क और पर्सनल लाइफ में बैलेंस मेन्टेन करना चाहिए। अपनी हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। मिथुन: आज मामूली मुद्दों के बावजूद आपका लव कनेक्शन मजबूत रहेगा। कोई भी प्रॉब्लम आपके लिए बड़ी नहीं है। नए अवसर मिल सकते हैं, जो आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में विकास और सुधार का वादा करेंगे। कर्क: आज की एनर्जी  कर्क राशि वालों के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तिगत विकास के समय का संकेत दे रही है। परिवर्तन का विरोध करने के बजाय उसे स्वीकार करना महत्वपूर्ण होगा। खुले दिमाग वाले रहें और नए क्षेत्रों में व्यापार करने के लिए तैयार रहें। सिंह: आज के दिन का अधिकतम लाभ उठाने के लिए धैर्य और डिप्लोमेटिक बने रहें। अपनी गट फीलिंग को खुद का मार्गदर्शन करने दें, खासकर मुश्किल डिसीजन में। याद रखें, इंतजार करने वालों को अच्छी चीजें मिल सकती हैं। कन्या: आज मिला-जुला दिन रहेगा। लव लाइफ में रोमांस पर ध्यान दें, जिससे रिश्ते में खुशहाली आएगी। हर चुनौती को मुस्कुराहट के साथ स्वीकार करना जरूरी है। कार्यालय की राजनीति से बचें और आगे बढ़ने के लिए हर पेशेवर अवसर का भी उपयोग करें। तुला: आज मामूली स्वास्थ्य मुद्दे मौजूद रहेंगे। आप परिवर्तन के कगार पर खड़े हैं। आपको व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में अवसर मिल सकते हैं। आपके सामान्य रवैये में थोड़े से बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। वृश्चिक: आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। सभी संभावनाओं और मौकों के लिए खुले रहें। मुस्कान के साथ चुनौतियां का सामना करें। प्यार की फीलिंग को जाहिर करें, जो आपको मजबूत बनाएगी। धनु: आज अपने पैसों को स्मार्ट तरीके और सावधानी के साथ हैन्डल करें। आपका स्वास्थ्य भी आज ठीक रहेगा। मकर: आज का आपका दिन दिलचस्प रहने वाला है। अपनी बुद्धि से हर मौके को अनलॉक करें। नई जिम्मेदारियां आपकी क्रिएटिव स्किल को निखारेंगी। सामाजिक तौर पर और करियर में ग्रोथ की काफी संभावना है। कुंभ: आज का दिन थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है। नए अवसरों को हाथ से जाने न दें। करियर और प्यार में नए रास्ते सामने आ सकते हैं, सावधानी से हर एक कदम उठाएं। सफलतापूर्वक सिचूऐशन को पार करने के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा रखें। मीन: आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। अपने प्रेम जीवन में ईमानदार रहें। आज सौंपे गए हर एक पेशेवर कार्य को पूरा करने के लिए भी ठोस कदम उठाएं। अपने लक्ष्य पर दृढ़ रहें। सही देखभाल के साथ अपने पैसों को संभालें।

आज सोमवार 14 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज धन आपके पास आने से फाइनेंशियल सिचूऐशन स्ट्रॉंग रहेगी। हेल्दी डाइट के सेवन से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। शांत बने रहना ऑफिस में अपने विरोधियों पर जीत पाने की चाभी है। आपको अपने सभी आइडिया को सामने रखने का अवसर मिलेगा। ऑफिस का काम समय पर पूरा कर लें। वृषभ: जो लोग संपत्ति की तलाश में हैं, उनके लिए सस्ते दाम पर संपत्ति खरीदने का अवसर जल्द ही सामने आ सकता है। काम के मामले में लागू किए गए कुछ कॉन्सेप्टस अपना रिजल्ट दिखाना शुरू कर देंगे। काम के मामले में आपके दोस्त आपकी मदद करेंगे। मिथुन: आज ऑफिस में किसी मुश्किल सिचूऐशन में किसी सिनीयर को टांग अड़ाने देना सही कदम होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होने की संभावना है क्योंकि आप संबंधों पर अपना पूरा फोकस रखेंगे। विदेश जाने का मौका मिलने की संभावना है। कर्क: आज पैसों के मामले में अपने सपनों को पूरा करने के लिए सेविंग्स मोड को ऑन करें। एक्टिव रहने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। कुछ लोगों के लिए छुट्टी पर रोमांचक समय बिताने की उम्मीद है। सीनियर आपको सपोर्ट करेंगे। सिंह: कुछ लोग नया घर खरीद सकते हैं। बाहर का अनहेल्दी खाना आपके सिस्टम को खराब कर सकता है। इसलिए परहेज करें। पर्सनल लेवल पर कोई आपसे सलाह मांग सकता है। काम के मामले में चीजें आगे बढ़ सकती हैं। ऑफिस में कोई व्यक्ति किसी काम को पूरा करने में आपकी मदद कर सकता है। कन्या: प्रोफेशनल रूप से, आपको ऑफिस में अपने टीम मेंबर्स के साथ स्ट्रगल करना पड़ सकता है, लेकिन आप उनसे मुकाबला करने में सफल रहेंगे। आप में से कुछ लोग अपने सपनों को हासिल करने के लिए अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे। तुला: किसी सौदे से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। परिवार के किसी मेंबर की मदद करने से आपको राहत मिलेगी। कुछ लोगों के लिए देश से बाहर ट्रैवल करने की संभावना है। जंक फूड्स से दूर रहना सबसे अच्छा है। पहले खरीदी गई संपत्ति बेहतरीन रिटर्न दे सकती है। वृश्चिक: सही पार्टनर की तलाश कर रहे लोगों के लिए शादी की सहनाई बज सकती है। शहर से बाहर जाने का योग बन रहा है। घर वाले आपसे किसी सामाजिक समारोह में जाने की जिद कर सकता है। धनु: आज ट्रैवल करते दौरान बचपन के किसी दोस्त से मुलाकात होना संभव है। किसी जरूरतमंद की मदद करना अच्छा रहेगा। निवेश का एक अच्छा अवसर आपके सामने आ सकता है और आपको रिसर्च के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। मकर: आपकी बुद्धिमानी और स्ट्रैटिजी आपको प्रोफेशनली अपने कॉम्प्टीशन से एक कदम आगे रखेगी। अच्छी प्रोफेशनल सलह आपको वह हासिल करने में मदद करेगी, जो आपने मन ही मन सोचा है। कोई शुभ समाचार परिवार में उत्साह का कारण बनेगा। कुंभ: कुछ लोगों को वेतन में बढ़ोतरी की उम्मीद हो सकती है। आपको अच्छी कीमत पर नई संपत्ति खरीदने का अवसर मिलेगा। कुछ लोगों के लिए विदेश यात्रा के योग हैं। कोई आपकी सलाह चाहता है तो उसके लिए कुछ टाइम निकालें। मीन: काम के मामले में आपने जो पहल की है, उससे कुछ अच्छा होने की संभावना है। जरूरतमंदो की मदद करने से आपको खुशी मिलेगी।आपके आस-पास के लोग आपके काम की काफी तारीफ करेंगे।

वट सावित्री का व्रत में न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में वट सावित्री का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है. इस व्रत में कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए, वरना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है. साथ ही, व्रती को बुरे परिणाम भी मिल सकते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वट सावित्री का व्रत जेठ माह की अमावस्या के दिन 26 मई 2025 को रखा जाएगा. ऐसे में चलिए इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातों को जानते हैं. वट सावित्री व्रत में न करें ये गलतियां     वट सावित्री व्रत के दिन मांस, मछली, प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन व्रती को काले या नीले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए.     इस दिन व्रती महिलाओं को लाल या पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए.     इस दिन व्रती को सबसे प्रेम और सम्मान के साथ बात करनी चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन व्रती महिला को झूठ नहीं बोलना चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए.     वट सावित्री व्रत के दिन किसी के साथ झगड़ा नहीं करना चाहिए. वट सावित्री व्रत का महत्व वट सावित्री का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति की उम्र लंबी होती है और वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है. पौराणिक कथा के अनुसार, इस व्रत के ही प्रभाव से सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस ले आई थीं. इसलिए इस व्रत को बहुत ही लाभकारी माना गया है. वट सावित्री व्रत के नियम वट सावित्री व्रत के दिन महिलाओं को निर्जला व्रत रखना चाहिए. इस दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए. इस दिन व्रती को किसी भी तरह का अन्न नहीं खाना चाहिए.

बैसाखी के दिन जरूर करें ये काम

भारत एक त्योहारों का देश है और हर त्योहार अपने साथ परंपरा, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। उन्हीं में से एक प्रमुख पर्व है बैसाखी, जिसे विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर भारत और सिख समुदाय में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। यह पर्व हर वर्ष 13 अप्रैल को मनाया जाता है और यह फसल कटाई का प्रतीक है। बैसाखी 2025 को और भी विशेष बना सकते हैं यदि इस दिन कुछ खास उपायों और कार्यों को किया जाए। शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, बैसाखी पर किए गए कुछ कार्य न केवल शुभ फल देते हैं बल्कि जीवन के भाग्यचक्र को भी घुमा सकते हैं। इस लेख में हम जानेंगे वे 5 खास काम जो आपको बैसाखी 2025 पर जरूर करने चाहिए।  सुबह सूर्योदय से पहले स्नान और सूर्य अर्घ्य देना बैसाखी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना विशेष पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि बैसाख माह के प्रारंभ में किया गया स्नान और दान हजार गुना फल देता है। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, चावल और थोड़ा गुड़ डालकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और  नौकरी और करियर में अड़चनों से मुक्ति मिलती है। गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें बैसाखी केवल एक कृषि उत्सव ही नहीं बल्कि खालसा पंथ की स्थापना का दिन भी है। यह दिन गुरु भक्ति और सम्मान का भी प्रतीक है। इस दिन अपने गुरु, बड़े-बुजुर्गों और माता-पिता का आशीर्वाद अवश्य लें। ऐसा करने से जीवन में संतुलन और सुख-शांति आती है। गुरु की कृपा से ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। दान, सेवा और जल सेवा करना बैसाखी के दिन किया गया दान अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। विशेष रूप से इस दिन जल से जुड़ा दान जैसे घड़ा, जलपात्र, छाछ, गुड़, शर्बत, फल आदि का दान करने से अत्यधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गर्मियों के इस आरंभिक समय में प्यासे राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था करना, पक्षियों के लिए पानी के बर्तन रखना और जरूरतमंदों को ठंडी वस्तुएं बांटना बहुत बड़ा सेवा कार्य माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार जलदान करने से सूर्य और शनि की कृपा प्राप्त होती है, जिससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और शांति का मार्ग प्रशस्त होता है। सकारात्मक संकल्प और मंत्र जाप करना बैसाखी एक नई शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन संकल्प और मानसिक शुद्धता के लिए अत्यंत उपयुक्त है। इस दिन आप कोई भी सकारात्मक संकल्प ले सकते हैं—जैसे किसी बुरी आदत को छोड़ना, हर दिन ध्यान करना या किसी नई रचनात्मक योजना की शुरुआत करना। साथ ही इस दिन मंत्र जाप करना अत्यंत प्रभावशाली होता है। मंत्र जाप के साथ ध्यान करने से मन शांत होता है, विचार स्पष्ट होते हैं और निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है। इस दिन आप अपने घर के बाहर स्वच्छ पानी से भरा मिट्टी का घड़ा जरूर रखें। यह आने-जाने वाले राहगीरों और जरूरतमंदों के लिए उपयोगी होता है और साथ ही पुण्य लाभ भी दिलाता है। पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। यह एक छोटा सा कार्य न केवल जीवों की सेवा है  बल्कि आपके कर्मों को भी निखारता है।

अक्षय तृतीया का दिन दान-पुण्य करने लिए सबसे शुभ, खुलेगी किस्मत

अक्षय तृतीया यानी वह त्योहार जो हमें हमारे कर्मों का अक्षय फल प्रदान करता है. इस दिन दान करने से सबसे श्रेष्ठ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन हमें सत्कर्म करने चाहिए जो कि हमें अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं और ऐसे पुण्य से हमारा जीवन सुख और शांति से व्यतीत होता है. शास्त्रों में अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने का जितना महत्व माना गया है और उतना ही महत्व इस दिन दान करने का भी बताया गया है. वहीं इस दिन जरूरतमंदों को कुछ विशेष चीजों का दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. कब हैं अक्षय तृतीया वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 05 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 30 अप्रैल को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर तिथि खत्म होगी. उदया तिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा. इन चीजों का करे दान     अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे पात्र का दान करना करना शुभ माना जाता है. इस दिन आप मटके या कलश का दान कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इसको खाली दान नहीं करना चाहिए. इसमें जल या चीनी डालकर दान करें.     अक्षय तृतीया के दिन सफेद चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसमें आप दूध, दही, चीनी, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं. इससे व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति है और कुंडली में चंद्रमा की स्थित भी मजबूत होती है.     अक्षय तृतीया के दिन गरीबों व जरूरतमंदों को क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े तथा धन आदी का दान कर करना अच्छा होता है. इससे व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है.     पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए अक्षय तृतीया के दिन पूर्वजों के नाम पर उनकी भोजन तथा वस्तुओं आदि का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से व्यक्ति को पितरों का कृपा प्राप्त होती है. साथ ही इस दिन ब्राह्मणों का भोजन करवाना चाहिए.  

13अप्रैल 2025 रविवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज किसी कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना है। बेकार के लड़ाई-झगड़ों से दूरी बनाए रखें। किसी संपत्ति को किराए पर देना एक लाभदायक निर्णय होने की संभावना है, जिससे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। परंतु जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वृषभ: आज कुछ लोग अपने माता-पिता को लव मैरिज के लिए मनाने में सफल रहेंगे। परिवार के किसी सदस्य का सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। मिथुन: कार्यस्थल पर किसी काम को लीड करने का अवसर मिल सकता है, जिससे आपको अपनी स्किल दिखाने का मौका मिलेगा। परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य से सलाह लेने से चल रही चिंता पर स्पष्टता मिल सकती है। कोई अप्रत्याशित वित्तीय अवसर आपके सामने आ सकता है, इसलिए इस पर सावधानी से विचार करें। शैक्षणिक रूप से कोई बड़ी चुनौती सामने नहीं आएगी। कर्क: पाचन से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी। आर्थिक सुरक्षा के लिए आज एक अच्छा मंच तैयार करने में सफल रहेंगे। भाई-बहन के साथ छोटी-मोटी गलतफहमी उत्पन्न हो सकती है, लेकिन जल्दी ही सुलझ जाएगी। यात्रा मजेदार हो सकती है, लेकिन कैमरे के लेंस से परे के पल का आनंद लेना न भूलें। शासन सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। सिंह: आज संकटों से बाहर निकलने में सफल रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होगी। मानसिक तनाव दूर होगा। कई स्रोतों से आय का निरंतर प्रवाह वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाएगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन होगा। कन्या: आर्थिक रुझानों के रिव्यू से लाभ रणनीतियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कोई मजेदार एक्टिविटी परिवार के साथ दिन को खुशनुमा बना देगी। दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने से मदद मिलेगी। आलस्य की अधिकता रहेगी। बातचीत में संतुलित रहें। परिवार में शांति बनाए रखने के प्रयास करें। लेखनादि बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि। तुला: आज सुबह एक्सरसाइज से शुरू करना शुभ रहेगा। मानसिक शांति मिलने के साथ ही दिन आनंददायक रहेगा। कार्य-संबंधी किसी काम में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। शैक्षणिक रूप से पढ़ाई फायदेमंद और संतुष्टिदायक दोनों लगती है, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। आर्थिक रूप से दिन आपके पक्ष में रहेगा। वृश्चिक: धन का आवक बढ़ेगा। संपत्ति संबंधी निर्णयों के अनुकूल परिणाम मिलने के योग हैं। आत्मविश्वास में कमी संभव। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मीठे खानपान में रुचि बढ़ेगी। मित्र के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। शैक्षणिक रूप से आज का दिन नई अंतर्दृष्टि और उपलब्धि की एक मजबूत भावना लेकर आया है। धनु: स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जल्द ही छुटकारा मिलेगा। हालांकि अपने आर्थिक बजट पर नजर रखें, वरना बैलेंस बिगड़ सकता है। संपत्ति में निवेश करना अच्छा रहेगा, लेकिन मार्केट रिसर्च जरूरी है। वित्तीय वृ्द्धि के संकेत हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कारोबार में सुस्ती तो रहेगी। फिर भी लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मित्र से धन लाभ। मकर: आज मानसिक शांति मिलेगी। कोई अप्रत्याशित वित्तीय पुरस्कार आपका दिन अच्छा बना सकता है। कार्यस्थल पर एक लीडर के रूप में जिम्मेदारी लेने से विश्वास और विश्वसनीयता बनाने में मदद मिलेगी। एक महत्वपूर्ण घटना कुछ परेशानी सामनेला सकती है, लेकिन सकारात्मक मानसिकता अपनाने से आपको उनसे आसानी से निपटने में मदद मिलेगी। कुम्भ: आपकी सेहत अच्छी रहेगी। साथियों से व्यावसायिक मान्यता मिलने से आत्मविश्वास और करियर में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। किसी फैमिली फंक्शन में शामिल हो सकते हैं। वाणी में सौम्यता रहेगी। कुटुंब परिवार में सम्मान की प्राप्ति होगी। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। यात्रा लाभप्रद रहेगी। मीन: माता-पिता का सहयोग मिलेगा। पार्टनर के साथ एक आकस्मिक मुलाकात हल्की-फुल्की बातचीत और भावनात्मक गहराई दोनों लाएगी। आर्थिक रूप से, आय में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे सकारात्मक समाचार मिलेगा। कार्यस्थल पर टीम सहयोग के लिए ज्यादा तालमेल की जरूरत हो सकती है लेकिन प्रोडक्टिव परिणाम मिलेंगे। अपनी संपत्ति को किराए पर देने से स्थिर रिटर्न मिलेगा।

कल खरमास का आखिरी दिन, शुभ कार्यों का होगा शुभ आरम्भ

वर्तमान में खरमास का महीना चल रहा है, जो 14 मार्च से शुरू हुआ था और 13 अप्रैल को खत्म हो जाएगा. खरमास शुरू होते ही शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण संस्कार और अन्य सभी शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं. इसलिए पूरे माह कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तरमास के दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने से दुर्भाग्य आएगा और आप उस दौरान कोई प्रगति नहीं कर पाएंगे. खरमास के दिनों में शुभ कार्य करने से उस शुभ कार्य में नकारात्मकता बढ़ सकती है. इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है. ज्योतिष में कई नियम हैं जिनका पालन करने से आपके जीवन में सकारात्मक चीजें बढ़ेंगी और सकारात्मक चीजें घटित होंगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने पर खरमास शुरू होता है. खरमास वर्ष में दो बार आता है और एक माह तक रहता है. सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति भी कहा जाता है. आइए जानें अप्रैल में खरमास कब खत्म होगा और किस दिन से सभी शुभ कार्य शुरू होंगे. ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है और वे पितृ पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसी स्थिति में इनकी चमक में कमी आना शुभ व्यक्ति के लिए शुभ नहीं माना जाता है. वहीं, जब सूर्य मीन या धनु राशि में प्रवेश करता है तो उसकी चमक कम हो जाती है. इसलिए खरमास के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 13 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में खरमास 13 अप्रैल 2025 को समाप्त हो जाएगा. इसके बाद 14 अप्रैल से फिर से शादी-ब्याह, गृह प्रवेश और सभी शुभ कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य शुभ मुहूर्त देखकर किया जाता है. सही समय पर अच्छा काम करने से आपके काम में सकारात्मक चीजें घटित हो सकती हैं. अप्रैल में विवाह के लिए 9 शुभ दिन हैं. अप्रैल में विवाह के लिए शुभ तिथियां हैं – 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 अप्रैल. इन तिथियों पर आप पंडितों की सलाह से शुभ मुहूर्त निकलवा सकते हैं. खरमास में क्या न करें शुभ कार्य – खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए. तामसिक भोजन – तामसिक भोजन और शराब से बचना चाहिए. नई खरीदारी – नया वाहन, मकान या जमीन खरीदने से बचें. वाद-विवाद-विवाद से बचें. खरमास में क्या करें? सूर्य देव की पूजा प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें. दान- जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र आदि दान करें. आध्यात्मिक अभ्यास – इस अवधि के दौरान ध्यान, जप और भक्ति पर ध्यान केंद्रित करें. पवित्र नदियों में स्नान- खरमास के दौरान पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है. तौलिए और कपड़े खरीदने से बचें – आप इस अवधि के दौरान नए कपड़े, गहने, घर, वाहन और दैनिक आवश्यकताएं खरीद और उपयोग कर सकते हैं.  

हनुमान जयंती पर इस शुभ मुहूर्त में करें बजरंगबली की पूजा

देश भर में हनुमान जयंती बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है. कथाओं के अनुसार, हनुमान जी की जन्म चैत्र माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को राजा केसरी और माता अंजनी के घर हुआ था. कहते हैं हनुमान जी अराधाना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. दरअसल, बजरंगबली को अष्ट सिद्धियां और नौ निधि का वरदान प्राप्त है, जिससे वह अपने सभी भक्तों की विपत्तियों को समाप्त कर देते हैं. मान्यता है कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी की पूजा करने व्यक्कि की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा करने का शुभ अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भक्त बजरंग बली की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं. हनुमान जयंती पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है. इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लाल रंग के वस्त्र पहने. उसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, लाल रंग के फूल, तुलसी दल, चोला और बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें. उसके बाद मंत्र जाप करें. फिर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें. अंत में आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें. इन चीजों का लगाएं भोग हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को प्रसन्न करने से लिए पान का प्रसाद, गुड़ और चना, नारियल, केले, केसर का मीठा चावल, खीर और जलेबी का भोग लगाना शुभ होता है. हनुमान जी के मंत्र     ऊं हं हनुमते नम:     ऊं हं पवन नन्दनाय स्वाहा     ऊं नमो भगवते हनुमते नम:     ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट     ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वकपिमुखाय ठं ठं ठं ठं ठं सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा ||     अंजनी गर्भ संभूताय कपीन्द्र सचिवोत्तम रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमान रक्ष रक्ष सर्वदा     जल खोलूं जल हल खोलूं खोलूं बंज व्यापार आवे धन अपार। फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा हनुमत वचन जुग जुग सांचा।     अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुधि लाए। लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। पैठी पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे। बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें। कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई। जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। हनुमान जयंती का महत्व हिंदू धर्म में हनुमान जी को 8 चिरंजीवियों में से एक माना जाता है. कहते हैं वह आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे उसके जीवन के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं. इस दिन पूजा में उन्हें फूल, माला, सिंदूर चढ़ाने के साथ बूंदी या बेसन के लड्डू, तुलसी दल अर्पित करने से वह प्रसन्न होते हैं.

शनिवार 12 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज आपको कोई अप्रत्याशित समाचार मिल सकता है। कार्यस्थल पर बदलावों को सोच-समझकर स्वीकार करें। सेहत अच्छी रहने वाली है। आर्थिक रूप से आपका जीवन समृद्ध रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। परंतु जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वृषभ राशि- आज का दिन आपको अपनी सेहत पर ध्यान देने की मांग करता है। भावुकता में आकर कोई भी फैसला न लें। अपना समय उन गतिविधियों में लगाएं जो आपकी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्थिति को लाभ पहुंचाकर आपके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार लाती हैं। मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। मिथुन राशि- आज का दिन आपको कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां दिलवा सकता है। लग्जरी वस्तुओं की खरीदारी से बचें क्योंकि आर्थिक बैलेंस बिगड़ सकता है। मन अशांत रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन होगा। कर्क राशि- आज का दिन आपको अपने मित्रों का सहयोग दिलाएगा। प्रोफेशनल लाइफ में आप तरक्की करेंगे। अपनी फीलिंग्स को स्पष्ट रूप से जाहिर करें। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कारोबार में सुस्ती तो रहेगी। फिर भी लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मित्र से धन लाभ। सिंह राशि– आप जिस भावनात्मक स्पष्टता की तलाश कर रहे हैं वह संभवतः अगले दिन ही सामने आ सकती है, खास तौर पर रिश्तों के मामले में। आज कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने में सफल रहेंगे। कन्या राशि- आज आपको किसी महत्वपर्ण कार्य में सफलता हासिल हो सकती है। पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों कार्यों में आपका समर्पण परिणाम देना शुरू कर देगा। अपने प्रयासों पर भरोसा करें क्योंकि यह सफलता का रास्ता दिखा सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। तुला राशि- कार्रवाई का फैसला लेने से पहले अपने कार्यों के स्थायी प्रभावों के बारे में जरूर सोचें। व्यापारी वर्ग को लाभ होगा। किसी भी निवेश को करने से पहले जरूरी जानकारी एकत्रित कर लें। शैक्षिक कार्यों पर पूरा ध्यान दें। किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ हो सकता है। वृश्चिक राशि– आज का दिन अचानक शुरुआत के लिए प्रेरित करेगा। अगर आप कुछ नया सीखना चाहते हैं, अपना करियर का रास्ता बदलना चाहते हैं या फिटनेस रूटीन शुरू करना चाहते हैं, तो अच्छा है। आप सभी चुनौतियों से पार पा लेंगे और आर्थिक रूप से भी खिलेंगे। धनु राशि- आपको आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। आप अपने उद्देश्यों में सफल हो सकते हैं। प्लानिंग के अनुसार चीजें आगे बढ़ सकती हैं। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार का साथ। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के मौके। मकर राशि- कल आपको अपने पिछले अनुभवों और उनसे आपने जो कुछ सीखा है, उसके बारे अपने विचारों पर पर्याप्त समय व्यतीत करें क्योंकि वे आपके आने वाले फैसलों का मार्गदर्शन करेंगे। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार का साथ। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के मौके। कुंभ राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। निवेश के अच्छे रिटर्न प्राप्त होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। कुछ अटके हुए कार्य भी पूर्ण होंगे। एक मजबूत वित्तीय आधार स्थापित करने के लिए समय दें। मन परेशान हो सकता है। आलस्य की अधिकता रहेगी। बातचीत में संतुलित रहें। परिवार में शांति बनाए रखने के प्रयास करें। लेखनादि बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि। मीन राशि- आज आपके सामने महत्वपूर्ण विकल्प सामने आ सकते हैं। आपके रास्ते में आने वाले अप्रत्याशित पल आपको सकारात्मक विकास और नई संभावनाओं की ओर ले जाएंगे, इसलिए उनके मैसेज पर भरोसा करें। वाणी में सौम्यता रहेगी। कुटुंब परिवार में सम्मान की प्राप्ति होगी। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। यात्रा लाभप्रद रहेगी।

हनुमान जयंती पर राशि के अनुसार करें ये उपाय

इस बार हनुमान जयंती 12 अप्रैल यानि शनिवार के दिन पड़ रही है जो अपने आप में एक खास योग बना रही है क्योंकि शनिवार बजरंग बली का वार है.इसके साथ ही इस हनुमान जयंती पर कई अन्य अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं.जैसे की 57 साल बाद पंचग्रही योग बन रहा है.इस बार हस्त नक्षत्र में पंचग्रही योग मीन राशि में बन रहा है. 57 साल बाद हनुमान जयंती पर 5 ग्रह एक साथ मीन राशि में होंगे इस दिन मीन राशि में बुध, शुक्र, शनि, राहु और सूर्य विराजमान रहेंगे और चंद्रमा एवं केतु कन्या राशि विराजमान होंगे.ऐसा संयोग 1968 में बना था. इसके साथ ही मीन राशि में बुधादित्य, शक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण और मालव्य राजयोग का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है.पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती रवि, जय, हस्त और चित्रा नक्षत्र में मनाई जाएगी. ऐसे में राशि के अनुसार उपाय कर सभी के बंद किस्मत के ताले खुल सकते हैं,जानिए कैसे. वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए उपाय वृषभ और तुला राशि के जातक मंदिर जाकर सुंदरकांड का पाठ करें और बंदरों कुछ मीठा खिलायें. ऐसा करने से इनका शुक्र ग्रह बलवान हो जायेगा. मेष और वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए उपाय मेष और वृश्चिक राशि के जातक हनुमान अष्टक का पाठ करें. हनुमान मंदिर जाकर बूंदी का प्रसाद बांटकर आयें. इससे उनके स्वामी ग्रह मंगल मजबूत होंगे. मिथुन और कन्या राशि के जातकों के लिए उपाय इन दोनों राशियों के लोग हनुमान जयंती पर अरण्य कांड का पाठ करें और साथ ही बजरंग बली को घी दीपक जलाकर पान का बीड़ा लौंग लगाकर चढ़ाएं. इससे उनका बुध ग्रह मजबूत होगा. कर्क राशि के जातकों के लिए उपाय कर्क राशि के स्वामी चंद्र देव हैं इसलिए इस राशि के जातक हनुमान जी को एक चांदी की गदा चढ़ाएं और उसे अपने गले में धारण करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें. इससे उनका चंद्रमा की प्रबल होगा. सिंह राशि के जातकों के लिए उपाय सिंह राशि के जातक मंदिर में जाकर मीठे पकवानों का दान करें.वहीं बैठकर बालकांड का पाठ करें. ऐसा करने से उनके ग्रह के स्वामी सूर्य भी प्रसन्न हो जायेंगे. धनु और मीन राशि के जातकों के लिए उपाय धनु और मीन राशि के जातकों के स्वामी बृहस्पति हैं उन्हें बल देने के लिए अयोध्या कांड का पाठ करें. और हनुमान जी को पीले फूल ,फल और पीली मिठाई का भोग लगायें. मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए उपाय मकर और कुंभ राशि के जातक रामचरीतमानस का पाठ करें. एक लोटे में काली उड़द की दाल बजरंग बली को अर्पित करें और बाद में उसे जल प्रवाहित करें.ऐसा करने से शनि ग्रह की भी कृपा आप पर होगी.

अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी , इन स्थानों पर चुपके से जलाएं दीपक, घर आएगी सुख-शांति

भारतीय कैलेंडर के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह वैशाख महीने में आने वाले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इससे घर में सुख और शांति आने के साथ-साथ समृद्धि भी आती है। अक्षय तृतीया पर दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस दिन दान करने वाले श्रद्धालुओं के घर में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती, बल्कि उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सोने के आभूषण आदि खरीदने का विधान है। शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन अगले दिन यानी 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर होने वाला है। उदयातिथि के अनुसार, 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। यहां जलाएं दीपक     ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। वहीं, मां तुलसी का संबंध भी भगवान विष्णु से पति-पत्नी का है। ऐसे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ मां तुलसी की भी पूजा-अर्चना की जाती है। अक्षय तृतीया के दिन आप तुलसी के सामने घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं, जिससे माता लक्ष्मी का घर में आगमन होगा और सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश होगा।     अक्षय तृतीया के दिन घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह धन के देवता कुबेर की दशा मानी जाती है। ऐसे में धन संपत्ति में बढ़ोतरी होगी।     अक्षय तृतीया पर आप घर की छत पर घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, मंदिर में भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इन चीजों का करें दान इस दिन दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। आप इस खास अवसर पर दूध, दही, शक्कर, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं। जरूरतमंद और गरीबों की मदद करने से माता लक्ष्मी अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में देवी देवताओं का वास होता है। इसके अलावा, जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।

हनुमान जयंती: हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया

इंदौर इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, बल्कि जीवन के कई कष्ट भी दूर होते हैं। तुलसी दान से मिलती है भगवान की कृपा तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह भगवान विष्णु को अति प्रिय है। चूंकि हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और रामचंद्र जी स्वयं विष्णु के अवतार हैं, ऐसे में तुलसी का दान अप्रत्यक्ष रूप से हनुमान जी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। मानसिक शांति और साहस का आशीर्वाद हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से व्यक्ति को अखंड भक्ति, साहस, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने या उसका दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, तुलसी का दान करने से शनि और मंगल ग्रह की अशुभता कम होती है। हनुमान जी को इन दोनों ग्रहों के दोषों को शांत करने वाला देवता माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष, शनि की साढ़ेसाती या राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव हों, उन्हें इस दिन तुलसी दान अवश्य करना चाहिए। पितृ दोष से भी मिलती है मुक्ति हनुमान जयंती पर तुलसी दान करना पितृ दोष की शांति में भी सहायक माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो अपने जीवन में बार-बार बाधाओं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार हनुमान जन्मोत्सव पर तुलसी दान एक अत्यंत सरल, लेकिन प्रभावशाली आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उपाय है, जो जीवन को सुखद और संतुलित बना सकता है।  

Vastu Tips: क्यों पहले के समय में गोबर से होती थी घर की लीपाई? क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ?

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why were homes plastered with cow dung in earlier times pehle ke samay me gobar se kyon leepa jata tha आज भी जब हम गांव जाते हैं तो सुबह की पहली किरण के साथ जो सोंधी खुशबू उठती थी, वह सिर्फ मिट्टी की नहीं, गोबर से लिपे आंगनों की होती थी। यह परंपरा असल में सनातन धर्म की उन गहराइयों से जुड़ी है जहां हर वस्तु का एक दिव्य और व्यावहारिक अर्थ छुपा होता है। गोबर से घर लीपने से वह शुद्ध और ठंडा बना रहता है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि पहले के समय में घर को गोबर से क्यों लीपा जाता है। क्या ये सिर्फ एक चली आ रही कोई परंपरा थी, या इसके पीछे कुछ कारण भी थे? आइए जानते हैं। क्यों गोबर से लीपा जाता था घर?सनातन परंपरा में गोबर को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक माना गया है। किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले जब घर के आंगन को गोबर से लिपा जाता है, तो वह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि भूमि को ऊर्जा देने की एक क्रिया होती है। शास्त्रों में तो यहां तक कहा गया है कि गोबर में लक्ष्मी का वास होता है । इसलिए कहते हैं, “गोमय वसते लक्ष्मी”। इसका अर्थ यही है कि जहां गोबर है, वहां समृद्धि, सकारात्मकता और पवित्रता खुद आ जाती है। पंचगव्य बनाने में भी आता है कामगोबर केवल धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि यह पंचगव्य का भी एक आवश्यक हिस्सा है, जिसमें गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी आदि शामिल है। इन पांच तत्वों का मिश्रण न केवल आध्यात्मिक शुद्धिकरण करता है, बल्कि यह आयुर्वेद में एक औषधीय तत्व के रूप में भी प्रयोग होता है। कुछ पुराणों में यह साफ बताया गया है कि पंचगव्य का सेवन पापों को हरने वाला और रोगों को मिटाने वाला होता है। शुभ कार्य के दौरान गोबर का किया जाता है इस्तेमालधार्मिक ग्रंथों में गोबर का जो स्थान है, इसे किसी भी प्रकार से बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया गया है। अथर्ववेद से लेकर गरुड़ पुराण और मनुस्मृति तक में गोबर और गाय से जुड़े पदार्थों की महिमा का वर्णन मिलता है। इसलिए जब भी घर में कई त्यौहार मनाया जाता है या फिर कोई शुभ कार्य, जैसे कि हवन या पूजा किया जाता है तो पूरे घर को गोबर से लीपा जाता है, जिससे घर में लक्ष्मी का वास हो और घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि हो। घर में मक्खियों, मच्छरों को भी दूर भगाता है गोबरबता दें कि गोबर कीट-पतंगों से रक्षा करने में काफी असरदार साबित होता है। गोबर से घर में मक्खियां, मच्छर, और कीट दूर रहते हैं। यही कारण है कि गांवों में गोबर से लिपे घरों में रोगों का प्रकोप कम देखा गया है। इसके अलावा, यह पूरी तरह जैविक है, पर्यावरण के अनुकूल है, और धरती को हानि नहीं पहुंचाता। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए “SAHARA SAMACHAAR” उत्तरदायी नहीं है।

पंचग्रही योग में मनाई जाएगी श्री हनुमान जयंती, 57 साल बाद बन रहा ऐसा संयोग, करें ये खास उपाय

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा (12 अप्रैल) को भगवान शिव के 11वें अवतार, परम भक्त श्री हनुमान जी महराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. इस बार हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2025) पर पंचग्रही योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. जो कि बहुत शुभ होने वाला है. हनुमान जयंती पर देशभर में जबरदस्त उत्साह रहता है. जगह-जगह पर भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और भंडारे का आयोजन होता है. आचार्य के अनुसार इस वर्ष हनुमान जयंती विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है. क्योंकि यह 12 अप्रैल 2025 को पंचग्रही योग में मनाई जाएगी. जो कि पूरे 57 वर्षों बाद का एक अद्भुत ज्योतिषीय संयोग है. इस दुर्लभ अवसर पर हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं को हनुमान चालीसा, हनुमान वडवानल स्तोत्र और पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए. ढैय्या-साढ़ेसाती से बचने के लिए करें ये उपाय     ज्योतिषियों के मुताबिक हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आप हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाएं। इसके बाद कुछ कागजी बादाम लेकर उसे काले रंग के कपड़े में बांध लें। फिर इसे आप घर की दक्षिण दिशा में किसी गुप्त स्थान पर रख दें। अगले दिन शनि मंदिर में जाकर इसे रख दें। इससे साढ़ेसाती से मिलने वाले नकारात्मक परिणामों से मुक्ति प्राप्त होती हैं।     हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आप उपवास रखें। फिर बजरंगबली को सिंदूर व चमेली का तेल चढ़ाएं। अब बरगद के कम से कम 8 पत्तों पर सिंदूर से राम-नाम लिखें। इसकी एक माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। कहते हैं कि इस उपाय को करने से शनि साढ़ेसाती व ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है।     ज्योतिषियों के मुताबिक आप सरसों के तेल में सिंदूर मिलाकर घर के सभी दरवाजों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन आप हनुमान जी की पूजा करें। इसके बाद आप एकांत में भगवान राम के नाम का जप करें। मान्यता है कि ऐसा करने पर हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। हनुमान जन्मोत्स के दिन हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इस दौरान प्रभु को गुड़ का भोग लगाएं और हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।  

शुक्रवार 11अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। आपकी ऊर्जा का स्तर अपने चरम पर है, जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। कार्यस्थल पर आपकी पहचान बनेगी। वृषभ राशि– आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रिटर्न के बेहतर ऑप्शन सामने आएंगे। कार्यस्थल पर समय को अच्छी तरह से मैनेज करने में सफल रहेंगे। पारिवारिक मामलों में आपकी राय को सराहना मिलेगी। अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सतर्कता बरतें। संपत्ति का कारोबार करने वालों को आज का दिन खरीदने, बेचने या किराये पर लेने के लिए अनुकूल लग सकता है। मिथुन राशि- आज खुद की देखभाल करना जरूरी है। आज आपको संतुलन हासिल करने में मदद मिलेगी। वित्तीय कदम उठाने से पहले मार्केट का विश्लेषण करना लाभकारी रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी परफॉर्मेंस उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करेगी। आप दोस्तों के साथ यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह दिन अनुकूल रहने वाला है। छात्रों के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। कर्क राशि– कार्यस्थल पर एक नई चुनौती को अपने हाथों में ले सकते हैं, आत्मविश्वास के साथ इसका सामना करें। सेहत अच्छी रहने वाली है। आज की पढ़ाई संतुष्टि लाएगी, सीखने से लाभ का एहसास होगा। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। व्यापारी वर्ग को मुनाफा होगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। नौकरी में तरक्की के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए खर्च करने की आदतों पर कंट्रोल रखना जरूरी है। कार्यस्थल पर प्रोडक्टिविटी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। रिश्तों में सुधार होगा। आर्थिक संतुलन बनाकर चलें, वरना कर्ज लेने की स्थिति आ सकती है। कन्या राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी, लेकिन मन शांत रहेगा। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। किसी मित्र के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। अपनों के सहयोग से किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यस्थल पर तरक्की के रास्ते सामने आएंगे। धन का आवक बढ़ेगा। तुला राशि– भाई-बहन के साथ मीनिंगफुल बातचीत भविष्य के लिए रोमांचक रास्ते खोल सकती है। कर्जों को चुकाने पर ध्यान केंद्रित करने से धीरे-धीरे वित्तीय आत्मविश्वास में सुधार होगा। कार्यस्थल पर व्यक्तिगत विकास की पहल करने से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। आज किया गया संपत्ति निवेश भविष्य के विकास के काम आएगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि- आपके परिवार का प्यार और सपोर्ट मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। कार्यस्थल पर मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। संपत्ति खरीदने या बेचने से पहले स्थानीय मार्केट की स्थितियों को समझने से आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बनेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। धनु राशि- आज सेहत से जुड़ी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें। घर में कोई छोटी सी गलतफहमी पैदा हो सकती है, लेकिन इसे पहले ही सुलझा लेने से बेकार के तनाव से बचा जा सकेगा। शहर से बाहर की यात्रा रोमांच और विश्राम का एक सुखद मिश्रण पेश करेगी। निवेश करने से पहले मार्केट से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त कर लें। मकर राशि– सावधानी से वित्तीय योजना लंबे समय में आर्थिक सफलता के लिए मंच तैयार कर सकती है। जिन लोगों को नौकरी बदलने का मन है, उनके लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आज अपने प्रिय व्यक्ति के साथ अच्छा समय बिताएंगे। शैक्षणिक रूप से आज का दिन लाभकारी रहेगा। कुंभ राशि– अपने शरीर को पोषण देने से आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। वित्तीय रणनीतियों पर चर्चा करने से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। कार्यों को संतुलित करने की जरूरत हो सकती है। छात्र अपनी शैक्षणिक प्रगति के साथ उपलब्धि की भावना का अनुभव करेंगे। कार्यस्थल पर आपको तरक्की मिलने की संभावना है। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। मीन राशि– आत्मविश्वास बढ़ेगा और शारीरिक तनाव कम होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा करेंगे। परिवार के भीतर विचारों में मामूली मतभेद उत्पन्न हो सकता है, जिसके लिए छोटे-मोटे समझौते की जरूरत पड़ेगी। बेकार के गुस्से से बचें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है।

राहु का गोचर 18 मई को होगा, अगले 48 दिनों तक इन राशियों को होगा लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु को एक मायावी ग्रह माना जाता है जो भ्रम, मानसिक तनाव और अनिश्चितता का कारण बनता है। राहु जब वक्री यानी उल्टी चाल चलते हैं, तो यह जीवन में बड़े बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं का कारण बन सकते हैं। वर्तमान में राहु मीन राशि में विराजमान हैं लेकिन मई 2025 में राहु का गोचर कुंभ राशि में होने जा रहा है। यह बदलाव विशेष रूप से दो राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण होगा। राहु के इस गोचर से उन दो राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। यह समय उनके लिए नए अवसर, सफलता और समृद्धि का संकेत हो सकता है। कुंभ राशि में राहु का प्रवेश इन जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं में आगे बढ़ने का मौका दे सकता है। ऐसे में यह समय इन राशियों के लिए शुभ और लाभकारी साबित हो सकता है। राहु और केतु कब करेंगे राशि परिवर्तन? ज्योतिषियों के अनुसार, 18 मई 2025 का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इस दिन राहु और केतु दोनों ही ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे। इस दिन राहु कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इन दोनों ग्रहों के राशि परिवर्तन का विशेष प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ने वाला है, जिससे जीवन में बदलाव और नए अवसरों का आगमन हो सकता है। अभी राहु मीन राशि में और केतु कन्या राशि में स्थित हैं। लेकिन 18 मई के बाद राहु का कुंभ राशि में गोचर और केतु का सिंह राशि में प्रवेश जातकों के लिए बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। खासतौर पर जिन जातकों के जीवन में राहु और केतु की स्थिति प्रभावी रही है, उनके लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी या चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मेष राशि राहु के राशि परिवर्तन से मेष राशि के जातकों की किस्मत बदल सकती है। इस समय आपकी आय में बढ़ोतरी के अच्छे संकेत हैं। अगर आप किसी बड़े निवेश के बारे में सोच रहे थे, तो यह सही समय हो सकता है, जिससे आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। शेयर बाजार में निवेश करने का भी समय है और इसमें आपको अच्छा लाभ हो सकता है। इसके अलावा, जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, वे अब पूरे होंगे। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर बहुत शुभ साबित हो सकता है। इस समय आपके जीवन में खुशियां आएंगी और आपको हर दिशा में सुख-समृद्धि का अनुभव होगा। इस दौरान आप वाहन और प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं। साथ ही यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो वह जल्द ही सफलता की ओर बढ़ेगा। राजनीति में भी आपको कोई महत्वपूर्ण पद मिल सकता है, जो आपके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। राहु को प्रसन्न करने के उपाय     सोमवार के दिन जल्दी उठकर स्नान करें और महादेव शिव की विशेष पूजा-अर्चना करें।     कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।     ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।     नियमित रूप से इन उपायों का पालन करने से राहु की बुरी नजर का असर कम हो सकता है और जीवन में सुख-शांति बनी रह सकती है।  

आज गुरुवार 10 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है और आपकी एनर्जी में भी वृद्धि होगी। वित्तीय रूप से अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखने से आप रणनीतिक बचत के रास्ते पर बने रह सकेंगे। आपके करियर में बड़ी सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं। वृषभ राशि– आज वृषभ राशि वालों को किसी भाई-बहन के साथ अचानक बनाई गई मौज-मस्ती की योजना आज आपकी खुशी में वृद्धि कर सकती है। अगर आप संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो संभावनाएं अच्छी हैं। आज की यात्रा रोमांच से भरपूर नहीं होगी, लेकिन रास्ते में खुशी के पल जरूर आएंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को कोई महत्वपूर्ण सेहत से जुड़ी परेशानी नहीं हो सकती है। अपने शरीर से आने वाले छोटे-मोटे संकेतों पर ध्यान देना हमेशा लाभकारी होता है। कार्यालय में आपका समर्पण कलीग से तारीफ दिला सकता है। किसी रिश्तेदार का निर्णय पारिवारिक गतिशीलता में बदलाव ला सकता है। कर्क राशि– कर्क राशि वालों के लिए शैक्षणिक रूप से यह एक संतोषजनक दिन होने वाला है। यात्रा रोमांचक अनुभव लेकर आएगी, इसलिए नए रोमांच के लिए तैयार रहें। ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है। आज साहसिक वित्तीय कदम उठाना आपकी तरक्की का मार्ग खोल सकता है। सिंह राशि– आज परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। सफर का शौक बुला रहा है, लेकिन अपनी यात्रा पर निकलने से पहले उचित तैयारी महत्वपूर्ण है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करते समय धैर्य रखें। वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने से पेमेंट में होने वाली किसी भी देरी को रोका जा सकेगा। व्यावसायिक रूप से नए अवसर सामने आ सकते हैं। कन्या राशि– यात्रा में आराम महसूस होगा, जिससे आपको हल्की एक्टिविटी का आनंद लेते हुए आराम करने का मौका मिलेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रोडक्टिविटी के सुधरने की संभावना है। संपत्ति का लेन-देन सुचारू रूप से चलने की संभावना है, चीजें उम्मीद के अनुसार होंगी। तुला राशि- अगर आप किसी संपत्ति समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, तो भविष्य की गलतफहमी से बचने के लिए सभी शर्तों को सावधानी से रिव्यू करना महत्वपूर्ण है। कार्यस्थल पर आपका बढ़ता नेतृत्व आपको सम्मान और पहचान दिला रहा है। परिवार के सदस्यों के साथ एक शांतिपूर्ण शाम बिता सकते हैं। आर्थिक रूप से आप तरक्की कर रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज खुद को गति देने से बिना थकावट महसूस किए एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से सफलता का मार्ग धीरे-धीरे खुल रहा है, तरक्की का आनंद लें। अपने लगातार प्रयासों के लिए कार्यस्थल पर पहचान की अपेक्षा करें। शैक्षणिक रूप से स्थिर फोकस छात्रों को सही रास्ते पर बने रहने में मदद करेगा। यात्रा रोमांच और नए अनुभव लेकर आएगी। धनु राशि- बचत का आकलन करने और अपनी आर्थिक रणनीतियों में थोड़ा सुधार करने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। आज नई चीजों को सीखने के लिए भी दिन अच्छा है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। मकर राशि- संतान की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मानसिक आराम उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक आराम, रिफ्रेश होने के लिए सुकूल के पल अपने साथ बिताएं। हालांकि आज पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, इसलिए समझदारी से बजट बनाना जरूरी है। कुंभ राशि- मन शांत रहेगा। नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता से पारिवारिक संबंधों में और ज्यादा गर्मजोशी और प्यार बढ़ने की संभावना है। अगर संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण से समय के साथ लाभ मिलेगा। मीन राशि- कोई पुराना सहकर्मी करियर संबंधी दिलचस्प खबरें लेकर आ सकता है। फोकस में सुधार होगा और ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आज बेकार के कर्ज लेने से बचें। भाई-बहन के साथ थोड़ी असहमति उत्पन्न हो सकती है लेकिन धैर्य से इसे सुलझाया जा सकता है।

12 अप्रैल को है हनुमान प्रकटोत्सव? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। साथ ही यह दिन बजरंगबली को समर्पित होता है। वहीं यह दिन हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बजरंगबली को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के मुताबिक हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती को मनाने की परंपरा है। मान्यता है जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की उपासना करता है, उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। साथ ही कष्टों से छुटकारा मिलता है। इस साल हनुमान जयंती का पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त… हनुमान जयंती 2025 तिथि  वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल 2025 को प्रात: 03 बजकर 20 मिनट पर होगा। साथ ही अगले दिन 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर इसका अंत होगा। इसलिए हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव शुभ मुहूर्त 2025 इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला मुहूर्त 12 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 34 मिनट से सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 46 मिनट से लेकर रात  8. 8 मिनट तक रहेगा। हनुमान जी के मंत्र 1. ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट 2. ॐ नमो भगवते हनुमते नमः 3. ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा। 4. ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा। हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी ही एक ऐसे देव हैं जो आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं। इसलिए हनुमान जंयती के दिन बजरंगबली की पूजा- अर्चना करने से बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुधि लाए। लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।आनि संजीवन प्राण उबारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। पैठी पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे। बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें। कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई। जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

09 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- कार्यस्थल पर आपके अनुशासन से लाभ होगा। आपकी एनर्जी का स्तर बढ़ा रहेगा। आपको खर्चों को बुद्धिमानी से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी, जिससे बेकार के खर्चों को रोका जा सकेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। माता की सेहत का ध्यान रखें। वृषभ राशि- किसी सहकर्मी को आपकी मदद की जरूरत हो सकती है। अपनी प्राथमिकताओं से समझौता किए बिना मदद प्रदान करना महत्वपूर्ण होगा। संपत्ति को किराये पर देना एक लाभकारी कदम हो सकता है, जिससे लगातार आर्थिक लाभ मिलता है। मन प्रसन्न रहेगा। माता की सेहत में सुधार होगा। नौकरी में बदलाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। मिथुन राशि- माता-पिता का साथ मिलने की संभावना है। अगर आप ड्राइव पर जा रहे हैं, तो अच्छे व शांति से भरे अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं। सेहत अच्छी रहेगी। आपकी बचत से समझौता किए बिना वित्तीय सुविधा आपकी पहुंच में है। बेकार के क्रोध से बचें और जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कर्क राशि– आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। धन का आवक बढ़ेगा। कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में उन्नति के कई अवसर मिलेंगे। कुछ लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक घर मरम्मत कराने या वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च कर सकते हैं। आज साथी या क्रश को प्रपोज करने का प्लान बना सकते हैं, आपको पॉजिटिव फीडबैक मिलेगा। सिंह राशि– आज आप थोड़ा थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इसलिए वर्कलाइफ व प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन महत्वपूर्ण है। आर्थिक प्लानिंग सफल हो रही है, लेकिन स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास की जरूरत है। व्यावसायिक रूप से आप अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। कन्या राशि- आज आप पूरे दिन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। आर्थिक विकास स्थिर है, जो भविष्य की लग्जरी लाइफ का रास्ता खोलेगा। आज किसी रिश्तेदार की आदतें आपके धैर्य की परीक्षा ले सकती हैं, लेकिन समझदारी किसी भी निराशा को कम कर देगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। तुला राशि- अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान दें। अपने आप पर बहुत ज्यादा दबाव डालने से बेकार की थकान हो सकती है। अगर कमीशन बेस्ड काम करते हैं, तो उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर सकते हैं जिसके लिए सावधानीपूर्वक प्लानिंग बनाने की जरूरत है। करियर में वृद्धि होगी। घर में छोटी-मोटी असहमति तनाव का कारण बन सकती है। वृश्चिक राशि- आज छोटे-मोटे एडजस्टमेंट को करके आप आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की आपकी क्षमता आपके कार्यभार को हल्का रखेगी। किसी बुजुर्ग के साथ बातचीत से पारिवारिक मामले में अप्रत्याशित जानकारी मिल सकती है। छात्रों को अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। धनु राशि- संपत्ति निवेश में प्रबल संभावनाएं दिख रही हैं। अवसर का बुद्धिमानी से लाभ उठायें। आज अपने आप पर ज्यादा मेहनत करने से बचें। आर्थिक चिंताओं पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन हल पहुंच के भीतर हैं। काम से जुड़ा तनाव सामने आ सकता है, लेकिन शांति से जवाब देने से समस्या का बेहतर समाधान निकलेगा। मकर राशि– परिवार में किसी बच्चे को गाइडेंस की जरूरत हो सकती है। संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ होगा। कोई सुखद आर्थिक सरप्राइज आपका दिन अच्छा बना सकता है। काम के प्रति आपके समर्पण को अच्छी पहचान मिल रही है।शैक्षणिक रूप से स्थिर तरक्की आपको अपने लक्ष्यों की ओर ले जाएगी। कुंभ राशि– आपकी आय आपकी जरूरतों को सपोर्ट करती है, लेकिन सावधानी से बजट बनाने से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। कड़ी मेहनत भविष्य की करियर उपलब्धियों के लिए मजबूत नींव रख रही है। अगर यात्रा कर रहे हैं, तो अच्छी तरह से तैयार रहने से एक सहज और सुखद अनुभव सुनिश्चित होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय में लाभ के अवसर मिलेंगे। मीन राशि- आज आप ज्यादा एनर्जेटिक और बेहतर सेहत महसूस करने की संभावना है। आय स्रोतों से परिणाम मिलने में समय लग सकता है, लेकिन लाभ मिलेगा। व्यावसायिक तौर पर आप एक महत्वपूर्ण सफलता के कगार पर हैं, ध्यान केंद्रित रखें। घरेलू मामलों पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। छात्रों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है।

शादी से पहले जरूरी है ग्रह शांति पूजा, जाने क्यों ?

हिन्दू धर्म में ग्रह शांति पूजा एक वैदिक अनुष्ठान है जो कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के कारण होने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि नवग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु) का हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है. जब ये ग्रह अनुकूल स्थिति में नहीं होते हैं, तो व्यक्ति को स्वास्थ्य, धन, करियर, रिश्तों और अन्य क्षेत्रों में बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. ग्रह शांति पूजा में संबंधित ग्रहों के मंत्रों का जाप, हवन (अग्नि अनुष्ठान) और कुछ विशेष वस्तुओं का दान किया जाता है. यह पूजा किसी योग्य पंडित या ज्योतिषी द्वारा शुभ मुहूर्त में संपन्न कराई जाती है. प्रत्येक ग्रह के लिए अलग-अलग मंत्र और पूजा विधियां होती हैं. शादी से पहले ग्रह शांति पूजा क्यों जरूरी? हिन्दू धर्म में शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराने का विशेष महत्व माना जाता है. वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बनाए रखने के लिए विवाह दो अलग-अलग व्यक्तियों और परिवारों का मिलन होता है. कुंडली में ग्रहों की अनुकूलता वैवाहिक जीवन में प्रेम, तालमेल और सुख-शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ग्रह शांति पूजा से दोनों की कुंडलियों में ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है, जिससे भविष्य में होने वाले मतभेदों और परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है. बाधाओं का निवारण विवाह में कई तरह की अड़चनें आ सकती हैं, जैसे कि कुंडली मिलान में दोष, मांगलिक दोष या अन्य ग्रहों की अशुभ स्थितियां. ग्रह शांति पूजा इन बाधाओं को दूर करने और निर्विघ्न विवाह संपन्न कराने में सहायक मानी जाती है. स्वास्थ्य और समृद्धि ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति वर और वधू दोनों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. ग्रह शांति पूजा से ग्रहों को शांत करके अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है. नकारात्मक ऊर्जा शादी की प्रक्रिया में कई तरह की रस्में और लोग शामिल होते हैं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है. ग्रह शांति पूजा से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. पारिवारिक सुख नवविवाहित जोड़े के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहे, इसके लिए भी शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराई जाती है. यह न केवल जोड़े के लिए बल्कि दोनों परिवारों के लिए भी सकारात्मकता लाती है. कुल परंपरा कई परिवारों में शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराने की परंपरा होती है, जिसे वे अपने कुल और पूर्वजों के आशीर्वाद के रूप में मानते हैं. शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराना एक महत्वपूर्ण उपाय है जिससे वर और वधू का भविष्य सुखमय और खुशहाल बना रहे, और उनके जीवन में आने वाली संभावित बाधाओं को कम किया जा सके. यह ग्रहों के आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करने का एक तरीका है.

मंगलवार 08 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज मेष राशि वालों को धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में उन्नति करेंगे। ऑफिस में सहकर्मियों को सपोर्ट मिलेगा। नई स्किल सीखें। आज क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज के साथ किए गए कार्य बेहतर रिजल्ट देंगे। ऑफिस में बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अपार सफलता मिलेगी। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। उनके साथ नाइट डेट या लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते हैं। इससे रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आज पुराने इनवेस्टमेंट से धन लाभ होगा। प्रोफेशनल लाइफ में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। लेकिन कार्यों में देरी आएगी। सभी कार्य रुक-रुककर चलेंगे। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। रिश्तों में प्यार और रोमांस जगेगा। साथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। सिंगल जातकों की लव लाइफ में किसी दिलचस्प व्यक्ति की एंट्री होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि– मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। घर में धर्म-कर्म के कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं। भूमि और वाहन का सुख प्राप्त होगा। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। वाणी में मधुरता आएगी। ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। सहकर्मियों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। कुछ जातकों को पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों से राहत मिलेगी। कर्क राशि– आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। धन का आवक बढ़ेगा। कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में उन्नति के कई अवसर मिलेंगे। कुछ लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक घर मरम्मत कराने या वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च कर सकते हैं। आज साथी या क्रश को प्रपोज करने का प्लान बना सकते हैं, आपको पॉजिटिव फीडबैक मिलेगा। सिंह राशि- आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। सोच-समझकर किए गए निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। लेकिन मानसिक अशांति रहेगी। अज्ञात भय को लेकर मन परेशान रहेगा। कुछ लोगों का प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। रात्रि में वाहन सावधानी से चलाएं और ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आपकी ओवर ऑल हेल्थ अच्छी रहेगी। आज सिंगल जातकों की जीवनसाथी की तलाश पूरी होगी। कन्या राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। ऑफिस में सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। लेकिन कार्यों की चुनौती भी बढ़ेगी। रिश्तों में उतार-चढ़ाव संभव है। कुछ जातक फैमिली और फ्रेंड्स के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। आज धन का लेन-देन होशियारी से करें। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मैरिड लाइफ में खुशहाली आएगी। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। तुला राशि– आज तुला राशि वालों को पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। ऑफिस मे बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। भावनाओं का उतार-चढ़ाव संभव है। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। आज आपको शैक्षिक कार्यों में सुखद परिणाम मिलेंगे। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। सिंगल जातकों की नए लोगों से मुलाकात होगी। लव लाइफ में दिलचस्प मोड़ आएंगे। साथी संग रिश्ता मजबूत और गहरा होगा। वृश्चिक राशि- जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के नए अवसरों पर नजर रखें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में भाग्य का साथ मिलेगा। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। कुछ जातक भूमि या वाहन की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। यात्रा के योग बनेंगे। मैरिड लाइफ में खुशहाली आएगी। रिश्तों में प्यार और रोमांस भरपूर रहेगा। धनु राशि- आज धनु राशि वालों को व्यापार में धन लाभ होगा। आय के नए साधन बनेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में बड़े बदलाव होंगे। कुछ लोगों का स्थानांतरण हो सकता है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। पर्याप्त नींद लें। कार्यों का स्ट्रेस घर न लाएं। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे।रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। साथी का भरपूर सपोर्ट मिलेगा। मकर राशि- आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी में धन खर्च करने का फैसला न लें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। कुछ लोगों को नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। करियर में नई उपलब्धि हासिल होगी। परिजनों के साथ किसी फैमिली फंक्शन में शामिल होंगे। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगा। शाम तक रिलेशनशिप की सभी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होगा। कुंभ राशि– धन का प्रबंधन होशियारी से करें। धन बचत करें। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की नई जिम्मेदारी बढ़ेगी। लेकिन कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करें। कुछ लोगों को आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। भाई-बहनों के सहयोग से धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। करियर में अपार सफलता मिलेगी। हर कार्य के उम्मीद से भी बेहतर परिणाम मिलेंगे। रोमांटिक लाइफ में इमोशनल डिस्टर्बेंस रहेगी। आज भावुक होकर कोई निर्णय न लें। मीन राशि- आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। लेकिन स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। सरकारी कर्मचारियों का पदोन्नति हो सकता है। घर में मेहमानों के आगमन से खुशहाली आएगी। प्रियजन से मुलाकात होगी। यात्रा के योग बनेंगे। व्यापार में मुनाफा होगा। पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आय में वृद्धि के नवीन स्त्रोत बनेंगे। सिंगल जातकों की अट्रैक्टिव पर्सनैलिटी से लोग इंप्रेस होंगे। जीवन में ऊर्जा और उत्साह … Read more

कामदा एकादशी पर क्या खाएं और क्या नहीं

हिंदू धर्म में कामदा एकादशी व्रत का बहुत महत्व होता है. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और इस दिन उपवास के दौरान विशेष नियमों का पालन किया जाता है. इससे लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन भर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से ब्रह्महत्या और अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है. यह व्रत पिशाचत्व आदि दोषों का भी नाश करने वाला माना गया है. पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 07 अप्रैल को रात 08 बजे शुरू होगी और 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, 08 अप्रैल को कामदा एकादशी मनाई जाएगी. कामदा एकादशी का पारण 09 अप्रैल को किया जाएगा. व्रती लोग 09 अप्रैल को सुबह 06 बजकर 02 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 34 मिनट के मध्य पारण कर सकते हैं. कामदा एकादशी व्रत पूजा विधि कामदा एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें. इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें और भगवान विष्णु का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, फूल, अक्षत और सिंदूर डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. फिर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें. भगवान विष्णु की मूर्ति को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मन्त्र का उच्चारण करें. पंचामृत से स्नान आदि कराकर वस्त्र, चन्दन, जनेऊ, गंध, अक्षत, पुष्प, तिल, धूप-दीप, नैवेद्य, ऋतुफल, पान, नारियल, आदि अर्पित करें. इसके बाद कामदा एकादशी की कथा का श्रवण या वाचन करें और एकादशी व्रत पूजा के आखिरी में आरती करें. कामदा एकादशी व्रत में क्या खाएं     कामदा एकादशी व्रत में सभी प्रकार के फल खाए जा सकते हैं, जैसे कि सेब, केला, अंगूर, पपीता, अनार आदि.     आलू, कद्दू, लौकी, खीरा, टमाटर, पालक, गाजर और शकरकंद जैसी सब्जियां खा सकते हैं.     दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद खा सकते हैं.     बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट जैसे सूखे मेवे खा सकते हैं.     कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, और समा के चावल जैसे अनाज खा सकते हैं.     मूंगफली का तेल, घी, या सूरजमुखी का तेल जैसे तेल खा सकते हैं.     सेंधा नमक और चीनी खा सकते हैं। कामदा एकादशी व्रत में क्या न खाएं     अनाज: गेहूं, चावल और दाल जैसे अनाज नहीं खाएं.     सब्जियां: प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां नहीं खाएं.     मांस, मछली, और अंडे: मांस, मछली और अंडे का सेवन नहीं करें.     शराब और धूम्रपान: शराब और धूम्रपान का सेवन नहीं करें.     मसाले: गर्म मसाले, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर जैसे मसाले नहीं खाएं.     तेल: तिल का तेल और सरसों का तेल जैसे तेल नहीं खाएं.     नमक: साधारण नमक का सेवन नहीं करें. कामदा एकादशी व्रत के नियम एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें. इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें और भगवान विष्णु का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, फूल, अक्षत और सिंदूर डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. फिर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें. भगवान विष्णु की मूर्ति को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मन्त्र का उच्चारण करते हुए पंचामृत से स्नान आदि कराकर वस्त्र, चन्दन, जनेऊ, गंध, अक्षत, पुष्प, तिल, धूप-दीप, नैवेद्य, 1 ऋतुफल, पान, नारियल, आदि अर्पित करें.  

भगवान शिव प्रसन्न करने के लिए करें प्रदोष व्रत

हिंदू धर्म में देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें उपवास भी रखा जाता है. सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष महत्व दिया गया है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा और उपवास किया जाता है. प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाया जाता है. प्रदोष व्रत हर माह मनाया जाता है. प्रदोष व्रत आपके जीवन में परेशानियों को दूर करने और महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए लाभकारी माना जाता है. प्रदोष व्रत के दिन उपवास रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ कुछ उपाय भी किए जाते हैं. इस दिन शास्त्रों में महिलाओं के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं. अगर महिलाएं इन उपायों का पालन करेंगी तो उन्हें जीवन में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 अप्रैल को रात 10 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 11 अप्रैल को रात 10 बजे खत्म होगी. त्रयोदशी तिथि के दिन पूजन प्रदोष काल में किया जाता है. ऐसे में पहला प्रदोष व्रत 10 अप्रैल को रखा जाएगा. प्रदोष व्रत के दिन महिलाएं करें ये उपाय     प्रदोष व्रत के दिन महिलाओं को प्रदोष काल में या दिन में किसी भी समय पीले चावल के सात दाने ग्रहण करने चाहिए.     फिर अपना नाम और गोत्र बताकर उसे शिवलिंग पर समर्पित कर दें.     यह उपाय पीपल या बेलपत्र के पेड़ पर भी किया जा सकता है.     ध्यान रहे कि शिवलिंग या इन पेड़ों पर चावल चढ़ाने से पहले जल अवश्य चढ़ाएं. इसके बाद धूपबत्ती भी जलाएं.     इस दिन महिलाओं को मिट्टी या आटे का दीपक बनाकर उसमें शिव और शक्ति के नाम से दो बाती रखनी चाहिए.     फिर दीपक जलाकर उसे हथेली में लेकर भगवान शिव के मंदिर में या बेलपत्र के पेड़ के नीचे रख देना चाहिए.     प्रदोष व्रत के दिन विवाहित महिलाओं को हरी चूड़ियां दान करनी चाहिए.     देवी पार्वती को सिंदूर, बिंदी और मेहंदी लगानी चाहिए. प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत के दिन पूजा हमेशा प्रदोष काल में ही की जाती है. इस दिन अपने विचार सकारात्मक रखें. प्रदोष व्रत के दिन आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का व्रत और विधि-विधान से पूजन करता है, उसके जीवन के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और चिंताएं समाप्त हो जाती हैं. प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

आज सोमवार 07 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। वृषभ राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी। मिथुन राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। कर्क राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। सिंह राशि- आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। कन्या राशि- रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। तुला राशि- निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। वृश्चिक राशि- अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। मकर राशि- आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। कुंभ राशि- नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। मीन राशि- परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा।

पूर्वजों का आशीर्वाद चाहिए तो चैत्र पूर्णिमा के दिन करें पिंडदान

हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि बहुत पावन मानी गई है. हर माह में एक पूर्णिमा पड़ती है. अभी चैत्र का महीना चल रहा है. इस महीने की समाप्ति पूर्णिमा के दिन होगी. फिर अगले दिन से वैशाख का महीना शुरू हो जाएगा. चैत्र पूर्णिमा के दिन स्नान दान किया किया जाता है. चैत्र पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु गंगा समेत पावन नदियों में स्नान करते हैं. साथ ही दान-पुण्य करते हैं. चैत्र पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन होता है. इस दिन पूजा के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को श्रीफल और चावल की खीर चढ़ानी चाहिए. चैत्र पूर्णिमा की तिथि पूजा-पाठ के साथ-साथ पितरों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है. पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि चैत्र पूर्णिमा के दिन किस विधि से पिंडदान करना चाहिए. कब है चैत्र पूर्णिमा ? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल को देर रात 3 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि की समाप्ति 13 अप्रैल को सुबह सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर हो जाएगी. हिंदू धर्म में उदया तिथि मानी जाती है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 13 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी. पिंडदान की विधि चैत्र अमावस्या के दिन सर्व प्रथम स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें. फिर एक वेदी बनाएं और उस पर पूर्वजों की तस्वीर रखें. फिर वेदी पर काले तिल, जौ, चावल और कुश रखें. इसके बाद गाय के गोबर, आटे, तिल और जौ से एक पिंड बना लें. फिर उस पिंड को पितरों को अर्पित को अर्पित करें. पितरों के मंत्रों का जाप करें. उनको जल अर्पित करें. ध्यान रखें कि पूर्वजों का पिंडदान हमेशा जानकार पुरोहित की उपस्थिति में ही करें. पिंडदान के बाद ब्राह्मणों को भोजन अवश्य कराएं और उनको दान भी दें. पिंडदान के नियम पूर्वजों का पिंडदान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी के तट पर जाकर करें. पिंडदान हमेशा दोपहर के समय करें. पूर्वजों के पिंडदान के लिए दोपहर का समय सबसे अच्छा माना जाता है. पिंडदान करते समय, पितरों का ध्यान करें. उनसे आशीर्वाद देने की प्रार्थना करें.

आज रविवार 06 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों की नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों की नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान भी पर जाना पड़ सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों को कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कुछ आरम्भिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। शत्रुओं से सतर्क रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, पर कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को नौकरी में परिवर्तन के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का कला या संगीत में रुझान बढ़ सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों को लिए दिन शुभ है। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। लेखन आदि बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बनेंगे। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। भाई-बहनों से आर्थिक मदद मिल सकती है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों को नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें, व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। धनु राशि– धनु राशि वालों के कारोबार में सुधार होगा। लाभ के मौके मिलेंगे, पर भागदौड़ भी अधिक रहेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कुछ कठिनाइयां भी आ सकती हैं। यात्रा पर भी जा सकते हैं। मकर राशि– मकर राशि वालों के लिए सामान्य दिन। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को नौकरी में विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। वस्त्रों व वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वालों का परिवार संग किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्च अधिक रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी।

कन्या पूजन के बाद नवरात्रि का व्रत होता है पूरा, ऐसे करें महानवमी कन्या पूजन

कल चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन है. नवमी तिथि को मां दुर्गा के नौवें स्वरूप में सिद्धिदात्रि की पूजा का विधान हैं. साथ ही इस दिन व्रत करने वाले कन्या पूजन करते हैं. कहते हैं कन्या पूजन करने से मां भगवती प्रसन्न होती हैं और भक्तों आशीर्वाद प्रदान करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त और पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन करना शुभ होता है. ऐसा करने से मां आदिशक्ति की कृपा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही तमाम कष्टों से मुक्ति मिलती है. महानवमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, महानवमी तिथि का शुरुआत हो जाएगी जो कि 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में महानवमी 6 अप्रैल को है. वहीं कन्या पूजन के लिए शुभ अभिजित मुहूर्त सुबह11बजकर 58 से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कन्या पूजन कर सकते हैं. कन्या पूजन की सामग्री कन्याओं का पैर धोने के लिए साफ जल, और कपड़ा, बैठना के लिए आसन, गाय के गोबर से बने उपले, पूजा की थाली, घी का दीपक, रोली, महावर, कलावा ,चावल, फूल, चुन्नी, फल, मिठाई, हलवा-पूरी और चना, भेंट और उपहार. कन्या पूजन मंत्र स्तोत्र मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु कन्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ऊं श्री दुं दुर्गायै नम: ।। कन्या पूजन विधि महा नवमी के दिन कन्या पूजन करने के लिए सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. फिर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान गणेश और मां सिद्धिदात्रि की पूजा करें. कन्या पूजन के लिए 1 से 10 साल तक की नौ कन्याओं को और एक बालक को आमंत्रित करें. माता के जयकारे के साथ कन्याओं का स्वगत करें. उसके बाद सभी कन्याओं का पैर खुद अपने हाथों से धुलें और पोछें. इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं. फिर उनके हाथ में मौली या कलावा बाधें. एक थाली में घी का दीपक जलाकर सभी कन्याओं की आरती उतारें. आरती के बाद सभी कन्याओं हलवा-पूरी, चना का भोग लगाएं. भोजन के बात अपनी सामर्थ अनुसार कन्याओं को कुछ न कुछ भेंट जरूर दें. आखिरी में कन्याओं का पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें.

राम नवमी पर करें ये उपाय, विवाह में आ रहा बाधाएं होगी दूर

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन मंदिरों में भव्य कार्यक्रम के साथ रामचरितमानस का पाठ किया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर भगवान राम का जन्म हुआ था. मान्यता है कि इस दिन राम दरबार की पूजा और रामचरित मानस का पाठ करने से जीवन के विभिन्न परेशानियों से मुक्ति मिलती है. वहीं राम नवमी पर कुछ खास उपाय करने विवाह में आ रहा बाधाएं भी दूर होती हैं. राम नवमी कब हैं? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी. राम नवमी शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, राम नवमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को पूजा के लिए कुल 2 घंटे 31 मिनट का समय मिलेगा. राम नवमी के उपाय     यदि किसी व्यक्ति को विवाह में बार-बार रुकावट आ रही हैं, तो राम नवमी के दिन शाम के समय भगवान राम और माता सीता को हल्दी, चंदन तथा कुमकुम अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से से विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं. इसके अलावा मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति भी हो सकती है.     घर में सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए राम नवमी के दिन राम दरबार की पूजा करें और घर के मुख्य द्वार पर 11 दीपक जलाएं.     बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए राम नवमी के दिन हनुमान जी की पूजा करें. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि ऐसा करने पुरानी तथा गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है.     संतान प्राप्ति के लिए राम नवमी के दिन एक लाल रंग का कपड़ा लें. उसमें एक नारियल लपेटकर माता सीता के चरणों में अर्पित करें. उसके बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को जल्द संतान सुख की प्राप्ति होती है.  

शनिवार 05 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। धन बचत करें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च करने से बचें। अच्छे भविष्य के लिए प्लान बनाएं। निवेश के नए मौकों पर नजर रखें। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। करियर में तरक्की के नए मौकों का भरपूर लाभ उठाएं। वृषभ राशि- जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत हैं। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली और करीबी दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करेंगे। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें और लाइफ में नई चीजों को एक्सप्लोर करने के लिए तैयार रहें। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों की पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज आपकी लंबे समय के बाद करीबी दोस्तों से मिलने का मौका मिल सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट करें। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगी। घर धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। कर्क राशि– कर्क राशि के जातकों को आज कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। रिश्तों में नजदीकियां आएंगी। प्रेम-संबंधों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सकारात्मक रहें और दूसरों की मदद करने और उन्हें मोटिवेट करने के लिए हमेशा तैयार रहें। सिंह राशि– ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। नए जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा तनाव न लें। अपने सभी काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। आराम करना न भूलें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाए रखें। कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ अपने सेहत पर भी ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। कन्या राशि– कन्या राशि वालों को आज करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। ऑफिस में कार्यों की प्रशंसा होगी। टीम मीटिंग में अपने आइडियाज को शेयर करने के लिए तैयार रहें। कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए प्रयासों से सफलता की राह आसान होगी। तुला राशि- तुला राशि के जातकों को जीवन में संतुलन बनाने पर फोकस करना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए ऑफिस में ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। वृश्चिक राशि- लव लाइफ पर ध्यान दें। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में बिना कारण तनाव बढ़ सकता है, लेकिन क्रोध से बचें। वाणी पर संयम रखें। साथी का ख्याल रखें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारी के लिए तैयार रहें। धनु राशि– व्यापार में विस्तार होगा। आज पार्टनरशिप या नए बिजनेस की शुरुआत करने के कई मौके मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन लाभ के नए अवसरों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। मकर राशि– निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लॉन्ग टर्म गोल्स पर फोकस करें। करियर में तरक्की के नए मौके पर नजर रखें। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन लाभ के नए स्त्रोत बनेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कुंभ राशि– नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। मानसिक शांति मिलेगी। लॉन्ग टर्म करियर गोल्स पर फोकस करें। नए आइडियाज के साथ कार्यों की चुनौतियों को हैंडल करें। इससे आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगा। फैसले लेते समय अपने अंतर्मन की सुनें। मीन राशि– मीन राशि वालों के प्रोफेशनल लाइफ में नए बदलाव होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। प्रेम-संबंधों मधुरता आएगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा।

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की करें पूजा और कन्या पूजन

हिंदू धर्म नवरात्रि को बहुत ही पवित्र माना जाता है. कहते हैं कि इस दौरान मां अपने भक्तों का उद्धार करने धरती पर आती हैं. नवरात्रि के दौरान सभी लोग मां भगवती के नौ रूपों आराधना तथा व्रत का पालन करते हैं. नवरात्रि के आठवे दिन मां महागौरी की अराधना की जाती है. मान्यता है कि मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं साथ ही सभी प्रकार के रोगों से भी मुक्ति मिलती है. कहते हैं कन्या पूजन के बाद ही नवरात्रि का व्रत पूरा होता है. कुछ लोग नवरात्रि के आठवे दिन यानी अष्टमी तिथि को भी कन्या पूजन करते हैं. वहीं अगर कन्या पूजन शुभ मुहूर्त और सही विधि से किया जाए. तो व्यक्ति को माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. अष्टमी और नवमी की तिथि कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि के शुरुआत 4 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगी. वहीं तिथि के समापन 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगी, जिसके बाद महानवमी तिथि का शुरुआत हो जाएगी जो कि 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में अष्टमी तिथि का कन्या पूजन 5 अप्रैल और महानवमी 6 अप्रैल को होगी. मां महागौरी की पूजा विधि मां दुर्गा के आठवें रूप मां महागौरी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर सफेद रंग के वस्त्र धारण करें. उसके बाद पूजा स्थल की साफ सफाई कर मां महागौरी की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से साफ कर लें. मां महागौरी को सफेद रंग अतिप्रिय है और इसलिए पूजा में सफेद रंग के पुष्प भी अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है. इसके बाद मां को रोली व कुमकुम का तिलक लगाएं, फिर मिष्ठान, पंच मेवा और फल अर्पित करें. अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करते समय उन्हें काले चने का भोग लगाना चाहिए. अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन भी शुभ माना जाता है. इसके बाद आरती व मंत्रों का जाप करें. महाअष्टमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रह सकता है. इस दौरान कन्या पूजन कर मां आदिशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है. कन्या पूजन की सामग्री कन्याओं का पैर धोने के लिए साफ जल, और कपड़ा, बैठना के लिए आसन, गाय के गोबर से बने उपले, पूजा की थाली, घी का दीपक, रोली, महावर, कलावा ,चावल, फूल, चुन्नी, फल, मिठाई, हलवा-पूरी और चना, भेंट और उपहार. कन्या पूजन विधि कंजक पूजन के लिए अष्टमी या नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. फिर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें. कन्या पूजन के लिए कन्याओं को और एक बालक को आमंत्रित करें. जब कन्याएं घर में आए तो माता का जयकारा लगाएं. उसके बाद सभी कन्याओं का पैर खुद अपने हाथों से धुलें और पोछें. इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं. फिर उनके हाथ में मौली या कलावा बाधें. एक थाली में घी का दीपक जलाकर सभी कन्याओं की आरती उतारें. आरती के बाद सभी कन्याओं हलवा-पूरी, चना का भोग लगाएं. भोजन के बात अपनी सामर्थ अनुसार कन्याओं को कुछ न कुछ भेंट जरूर दें. आखिरी में कन्याओं का पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें.

कामदा एकादशी पर करें दान, पूरे होंगे रुके काम

एकादशी का व्रत हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है. वहीं चैत्र माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. कहते हैं इस दिन जगत के पालन हार भगवान विष्णु की सच्चे मन से अराधना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. साथ ही इस व्रत के प्रभाव से जाने-अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने के साथ राशि के अनुसार दान करने से व्यक्ति को बिगड़े तथा रुके हुए काम बन जाते हैं. कामदा एकादशी कब है हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की तिथि की शुरुआत 7 अप्रैल को रात्रि 8 बजे होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन रात्रि 9 बजकर 12 पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत मंगलवार 8 अप्रैल को रखा जाएगा. कामदा एकादशी पर राशि के अनुसार करें इन चीजों का दान मेष राशि- कामदा एकादशी के दिन लाल रंग की मिठाई और लाल रंग के मौसमी फलों मसूर दाल का दान करें. वृषभ राशि- चावल, गेहूं, चीनी, दूध आदि चीजों का दान करें. मिथुन राशि- गाय को चारा खिलाएं और सेवा करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों को हरी सब्जियों का दान करें. कर्क राशि- माखन, मिश्री, लस्सी, छाछ आदि चीजों का दान करें. सिंह राशि- कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद राह चलते लोगों में लाल रंग के फल और शरबत बाटें. कन्या राशि- विवाहित महिलाओं को हरे रंग की चूड़ियां दान में दें. तुला राशि- भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद जरूरतमंदों के मध्य सफेद वस्त्रों का दान करें. वृश्चिक राशि- मसूर दाल, लाल मिर्च, लाल रंग के फल आदि चीजों का दान करें. धनु राशि- केसर मिश्रित दूध राहगीरों में बाटें. साथ ही पीले रंग के फल और खाने पीने की अन्य चीजों का भी दान कर सकते हैं. मकर राशि- भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ गरीबों के मध्य धन का दान करें. कुंभ राशि- कामदा एकादशी पर चमड़े के जूते-चप्पल, छतरी और काले वस्त्र का दान करें. मीन राशि- केला, चने की दाल, बेसन, पीले रंग के वस्त्र का दान करें.

दुर्गा महाअष्टमी और नवमी कब है? जान लें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत महत्व है. अष्टमी तिथि को महागौरी की पूजा का विधान है तो महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. अष्टमी और नवमी तिथि को लोग कन्या पूजन करते हैं. इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को न्योता देकर घर बुलाया जाता है और उन्हें हलवा, चने और पूरी का प्रसाद खिलाया जाता है. इसके बाद देवी स्वरूप कन्याओं का आशीर्वाद लेकर उन्हें सामार्थ्य के अनुसार कोई उपहार या पैसे दिए जाते हैं. आइए जानते हैं कि इस बार अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है. महाष्टमी और नवमी तिथि और मुहूर्त हिंदू पंचांग के अुनसार, अष्टमी तिथि 4 अप्रैल को रात 8:12 मिनट से शुरू होकर 5 अप्रैल 7:26 मिनट पर समाप्त होगी. उदिया तिथि के अुनसार, अष्टमी तिथि 5 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी. इसके बाद ही नवमी तिथि शुरू हो जाएगी. इस बार 6 अप्रैल को नवरात्र के नवमी तिथि के साथ रामनवमी भी है. कन्या पूजन करने वाले लोग इस दिन भी कन्या पूजन के साथ पारण भी कर सकते है. कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त महाअष्टमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त: 5 अप्रैल सुबह 11:59 से लेकर 12:29 तक कर सकते हैं. महानवमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त: 6 अप्रैल को सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 तक कन्या पूजन कर सकते हैं. अष्टमी और नवमी पूजन विधि कन्या पूजन में ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें. स्वच्छ कपड़े पहनें. अपने घर की मंदिर को साफ करें. थोड़ा गंगाजल का छिड़काव करें. फिर मां दुर्गा का चित्र या मूर्ति का गंगाजल से अभिषेक करें. मां को लाल फूल, फल, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप, नैवेद्म आदि चढ़ाएं. फिर देवी को उनका प्रिय भोग लगाएं. अष्टमी को मां महागौरी की पूजा होती है और नवमी को मां सिद्धदात्री की पूजा होती हैं. इस दिन मां को खीर-पूरी और चने की सब्जी को भोग लगता है. फिर दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. आखिर में मां की आरती करें. आप अष्टमी और नवमी दोनों दिन हवन और कन्या पूजन कर सकते है. कन्या पूजन विधि कन्या पूजन के बिना नवरात्र अधूरे हैं. मान्यता है कि नवरात्र में कन्या पूजन करने से मां की विशेष कृपा होती है और मां को प्रसन्न करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. कन्या पूजन करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि कहा जाता ये छोटी कन्याएं मां दुर्गा की स्वरूप होती हैं. इनका पूजन करना, सम्मान करना मां दुर्गा की पूजा के समान होता है. अष्टमी या महानवमी पर कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं का घर आने का निमंत्रण दे आएं. जब कन्याएं पूजन के दिन आएं तो पहले सम्मान के साथ घर में उनका स्वागत करें. फिर उनके पैर धुलाएं. फिर साफ आसन पर बैठाएं. उनकी आरती करें. चंदन का टीका लगाएं और  हाथ में रक्षासूत्र बांधें. फिर उन्हें भोजन कराएं. ध्यान रखें उनके खाने में लहसून-प्याज न हो. खाने में खीर-पूरी, चने की सब्जी आदि खिलाएं. फिर भोजन होने के बाद उनके हाथ धुलाएं. उसके बाद दान दक्षिण और उपहार देकर उनके पैर छूकर प्रणाम करें. मां के जयकारे लगाकर उन्हें सम्मानपूवर्क विदा करें.  

आज शुक्रवार 04 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज मेष राशि वालों के लिए एनर्जी से भरपूर दिन इंतजार कर रहा है, जो रचनात्मकता से भरपूर है। पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के रिश्तों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कम्युनिकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वृषभ राशि- आज का आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है, हो सकता है आपने टॉप किया हो या आपको आपके फेवरेट कॉलेज में एडमिशन मिल गया हो। मिथुन राशि- आज का दिन हलचल भरा रहने वाला है। आज मुश्किलों पर काबू पाना आपके दिन को उजागर करता है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। कर्क राशि- आज तनाव कम लें। खुद पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। आपका इंट्यूशन ही आपका मार्गदर्शन करेगा। लव के मामले में साथी की बात सुनना आज बेहतर रहेगा। सिंह राशि- आज अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं। कन्या राशि- आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देती है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। तुला राशि- आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। वृश्चिक राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। आज का दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। धनु राशि- आज लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। आज का दिन धनु जातकों के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। मकर राशि- आज का दिन आपके लिए सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ने वाले हैं। कुंभ राशि- आज अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। मीन राशि- आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है।

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि को ऐसे करें प्रसन्न

नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है. इस दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरुप की पूजा-आर्चना की जाती है. मां दुर्गा के इस स्वरूप को बहुत ही विकराल बताया गया है. मां कालरात्रि का वर्ण काला है, तीन नेत्र हैं, खुल हुए केश, गले में मुंड माला धारण किए हुए गंधर्भ की सवारी करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कलरात्रि की पूजा करने से व्यक्ति के मन से भय का नाश होती है. सभी प्रकार के बाधाएं दूर होती हैं. इसके अलावा मोक्ष की प्राप्ति भी होती है. ऐसे करें मां कालरात्रि को प्रसन्न? चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्र को प्रसन्न करने के लिए सुबह उठकर स्नान कर साफ सुथरे वस्त्र धारण करें. सबसे पहले मां कालरात्रि के सामने दीपक जलाकर अक्षत, रोली, फूल, फल आदि मंत्रोउच्चार करते हुए अर्पित करें. मां कालरात्रि को लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं, इसलिए पूजा में गुड़हल या गुलाब के फूल अर्पित करें. इसके बाद दीपक और कपूर जलाकर मां कालरात्रि की आरती करने के बाद लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें. आखिर में मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाए साथ ही गुड़ का दान भी करें. ऐसा करने शुभ फलदायी माना जाता है. मां कालरात्रि का प्रिय भोग कालरात्रि का प्रिय भोग गुड़ हैं. मान्यता है कि नवरात्रि के सातवें दिन की पूजा में मां को गुड़ या उससे बनी मिठाईयों का भोग लगाने से वह प्रसन्न होती है. मां कालरात्रि के मंत्र मां कालरात्रि का प्रार्थना मंत्र एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा। वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ मां कालरात्रि की स्तुति मंत्र या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥   मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र करालवन्दना घोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्। कालरात्रिम् करालिंका दिव्याम् विद्युतमाला विभूषिताम्॥ दिव्यम् लौहवज्र खड्ग वामोघोर्ध्व कराम्बुजाम्। अभयम् वरदाम् चैव दक्षिणोध्वाघः पार्णिकाम् मम्॥ महामेघ प्रभाम् श्यामाम् तक्षा चैव गर्दभारूढ़ा। घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्॥ सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम्। एवम् सचियन्तयेत् कालरात्रिम् सर्वकाम् समृध्दिदाम्॥ मां कालरात्रि की आरती जय जय अम्बे जय कालरात्रि। कालरात्रि जय-जय-महाकाली । काल के मुह से बचाने वाली ॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा । महाचंडी तेरा अवतार ॥ पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा ॥ खडग खप्पर रखने वाली । दुष्टों का लहू चखने वाली ॥ कलकत्ता स्थान तुम्हारा । सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥ सभी देवता सब नर-नारी । गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥ रक्तदंता और अन्नपूर्णा । कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥ ना कोई चिंता रहे बीमारी । ना कोई गम ना संकट भारी ॥ उस पर कभी कष्ट ना आवें । महाकाली मां जिसे बचाबे ॥ तू भी भक्त प्रेम से कह । कालरात्रि मां तेरी जय ॥ जय जय अम्बे जय कालरात्रि।

रामनवमी पर घर बैठे होंगे रामलला के दर्शन, जियो हॉटस्टार पर आएगा LIVE

अयोध्‍या रामनवमी पर अगर घर बैठे अयोध्‍या में विराजमान रामलला के दर्शन हो जाएं तो कैसा रहेगा! करोड़ों भारतीयों की यह मुराद OTT पर पूरी होने वाली है। जी हां, 6 अप्रैल 2025 को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक अयोध्‍या राम मंदिर से रामनवमी के उत्‍सव का LIVE टेलीकास्‍ट होने वाला है। यानी आप घर बैठे, परिवार के साथ बिना अयोध्‍या गए, रामलला के दर्शन कर सकते हैं। देश के दिग्‍गज ओटीटी प्‍लेटफॉर्म ‘जियो हॉटस्टार’ इस LIVE स्ट्रीमिंग के अनुभव को खास बनाने की तैयारी में है। इससे पहले महाशिवरात्रि के मौके पर भी 12 ज्‍योतिर्लिंगों से आरती को लाइव स्‍ट्रीम किया गया था। जबकि अहमदाबाद में कोल्डप्ले के ‘म्यूज‍िक ऑफ द स्फीयर्स’ की भी लाइवस्ट्रीम हुई थी। 6 अप्रैल को सुबह 8 बजे से होगा LIVE प्रसारण JioHotstar ने घोषणा की है कि 6 अप्रैल को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक अयोध्या से एक स्‍पेशल लाइव स्ट्रीम के जरिए दर्शकों के लिए राम नवमी का उत्सव मनाया जाएगा। खास बात यह कि इस समारोह में LIVE स्‍ट्रीमिंग के साथ महानायक अमिताभ बच्चन राम कथा की प्रेरक कहानियां भी सुनाएंगे। अमिताभ बच्‍चन सुनाएंगे भगवान राम की कहानियां रामनवमी पर अमिताभ बच्चन भगवान राम के मूल्यों पर कालातीत ज्ञान और विचार शेयर करेंगे। ओटीटी प्‍लेटफॉर्म का कहना है कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसमें भगवान राम के जन्म, उनकी जीवन यात्रा, रामायण के सात कांडों को दर्शाया जाएगा, और यह सब राम जन्मभूमि से लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान होगा। पूजा, भद्राचलम, पंचवटी, चित्रकूट और आरती भी इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन इस दौरान बच्चों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें कांडों की चुनिंदा कहानियों और दोहों को वह अपने अंदाज में बताएंगे। लाइव स्‍ट्रीमिंग में अयोध्या में की जाने वाली विशेष पूजा से लेकर, मंदिरों में पवित्र अनुष्ठान, भद्राचलम, पंचवटी, चित्रकूट और आरती की स्‍ट्रीमिंग होगी। इसके अलावा कैलाश खेर और मालिनी अवस्थी जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दिखाई जाएंगी। JioHotstar ने अपने बयान में कहा, ‘रामनवमी हमारे देश में एक बहुत ही पूजनीय अवसर है। देश के हर कोने में लाखों लोगों तक इसके पवित्र उत्सव को लाने के लिए हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा भगवान राम की यात्रा का वर्णन इस अनुभव को यादगार बना देगा। अमिताभ बच्‍चन बोले- यह जीवनभर का सम्मान है दूसरी ओर, अमिताभ बच्चन ने कहा, ‘ऐसे पवित्र अवसर का हिस्सा बनना जीवनभर का सम्मान है। रामनवमी एक त्योहार से कहीं अधिक है। यह गहन चिंतन का क्षण है, धर्म, भक्ति और धार्मिकता के आदर्शों को अपनाने का समय है।’

आज गुरुवार 03 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि: आज अनुशासन ही आपकी ताकत है। सेहत के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत है। मामूली मुद्दों के बावजूद आपका लव कनेक्शन मजबूत रहेगा। कार्यालय में उत्पादक होने के दौरान आपको वर्क और पर्सनल लाइफ में बैलेंस मेन्टेन करना चाहिए। वृषभ राशि: आज आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। आपकी लव लाइफ पॉजिटिव रहेगी, जहां आप एक साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम स्पेन्ड करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य के साथ पेशेवर सफलता दिन को आनंद से भर देगी। कोई भी प्रॉब्लम आपके लिए बड़ी नहीं है। मिथुन राशि: आज प्यार में पड़ने के लिए तैयार रहें। व्यावसायिक जीवन में उथल-पुथल की स्थिति बनी रहेगी। आर्थिक खुशहाली से भी खुशी मिलेगी। पैसों के मामले में आंख बंद करके किसी पर भरोसा न करें। आज अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें। कर्क राशि: जीवन में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। चुनौतियों को स्वीकार करें, जो आपको व्यक्तिगत विकास और नए अवसरों की ओर ले जा सकती है। हेल्दी फूड का सेवन करें। आज का दिन आपके लिए थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। सिंह राशि: आज के दिन अपने लक्ष्य पर दृढ़ रहें। सही देखभाल के साथ अपने पैसों को संभालें। मामूली स्वास्थ्य मुद्दे मौजूद रहेंगे। आज के दिन आपको पॉजिटिव सोच पर फोकस करना चाहिए। नई शुरुआत को अपनाना जरूरी है। कन्या राशि: आज नई जिम्मेदारियां आपकी क्रिएटिव स्किल्स को निखारेंगी। सामाजिक तौर पर और करियर में ग्रोथ की काफी संभावना है। आज अपने पैसों को स्मार्ट तरीके और सावधानी के साथ हैन्डल करें। प्रेशर लेने से बचें। अच्छा स्वास्थ्य भी देखेंगे। तुला राशि: आपका स्वास्थ्य भी आज ठीक रहेगा। आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। अपने प्रेम जीवन में ईमानदार रहें। आज सौंपे गए हर एक पेशेवर कार्य को पूरा करने के लिए भी ठोस कदम उठाएं। हाइड्रेटेड़ रहें। वृश्चिक राशि: आज का आपका दिन दिलचस्प रहने वाला है। अपनी बुद्धि से हर मौके को अनलॉक करें। आज इंट्यूशन को खुद का मार्गदर्शन करने दें, खासकर मुश्किल डिसीजन में। याद रखें, इंतजार करने वालों को अच्छी चीजें मिल सकती हैं। धनु राशि: आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। सभी संभावनाओं और मौकों के लिए खुले रहें। मुस्कान के साथ चुनौतियां का सामना करें। प्यार की फीलिंग्स को जाहिर करें, जो आपको मजबूत बनाएगी। मकर राशि: आज मिला-जुला दिन रहेगा। लव लाइफ में रोमांस पर ध्यान दें, जिससे रिश्ते में खुशहाली आएगी। हर चुनौती को मुस्कुराहट के साथ स्वीकार करना जरूरी है। कार्यालय की राजनीति से बचें और आगे बढ़ने के लिए हर पेशेवर अवसर का भी उपयोग करें। कुंभ राशि: आज का दिन थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है। नए अवसरों को हाथ से जाने न दें। करियर और प्यार में नए रास्ते सामने आ सकते हैं, सावधानी से हर एक कदम उठाएं। सफलतापूर्वक सिचूऐशन को पार करने के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा रखें। मीन राशि: आपको व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में अवसर मिल सकते हैं। आपके सामान्य रवैये में थोड़े से बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। दिन का अधिकतम लाभ उठाने के लिए धैर्य और डिप्लोमेटिक बने रहें।

चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन कल, मां कात्यायनी की करें पूजा

मां भवानी की छठवां स्वरूप मां कात्यायनी का है. माना जाता है कि देवी दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर हुआ था, इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यानी का स्वरूप दिव्य और भव्य है. इनका शुभ वर्ण हैं और स्वर्ण आभा से मण्डित हैं. इनकी चार भुजाओं में से दाहिने तरफ का ऊपरवाला हाथ अभय मुद्रा में और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है. बाएं हाथ में ऊपर कर हाथ में तलवार और निचले हाथ में कमल है. इनका वाहन सिंह है. शीघ्र विवाह, वैवाहिक जीवन में खुशहाली और दुश्मनों पर विजय पाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा अचूक मानी जाती है. मां कात्यायनी पूरे ब्रजमंडल की अधिष्ठदात्री देवी हैं. इनके आशीर्वाद से भक्त को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है. मां कात्यायनी की पूजा विधि नवरात्रि के छठें दिन मां कात्यायनी की पूजा करन के लिए स्नान कर पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें. उसके बाद अपने हाथ में एक कमल का फूल लेकर मां कात्यायनी का ध्यान करें. इसके बाद मां कात्यायनी का पंचोपचार से पूजा कर, उन्हें लाल फूल, अक्षत, कुमकुम और सिंदूर अर्पित करें. इसके बाद उनके सामने घी या कपूर जलाकर आरती करें. अंत में मां के मन्त्रों का उच्चारण करें. इस दिन मां कात्यायनी की पूजा में सफेद या पीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. मां कात्यायनी शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं. शत्रुओं पर विजय पाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा की जाती है और देवी स्वयं नकारात्मक शक्तियों का अंत करने वाली देवी हैं. मां कात्यायनी का भोग और रंग नवरात्रि के चौथे दिन मां कात्यायनी की पूजा में देवी को शहद या शहद से बने हलवे को भोग लगाना शुभ माना जाता है. कहते हैं कि ऐसा करने सौंदर्य में निखार और वैवाहिक जीवन में मिठास बढ़ती है. इसके अलावा धन-वैभव की वृद्धि होती है. वहीं मां कात्यायनी की पूजा में स्लेटी या ग्रे रंग के कपड़े पहनने चाहिए. मां कात्यायनी के मंत्र जाप पहला मंत्र सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते ।। दूसरा मंत्र ऊं क्लीं कात्यायनी महामाया महायोगिन्य घीश्वरी, नन्द गोप सुतं देवि पतिं मे कुरुते नमः।। तीसरा मंत्र पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्त अनुसारिणीम्। तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।। ये भी पढ़ें:- किचन में रात को रख दें ये 1 चीज, कभी नहीं होगी धन की कमी! मां कात्यायनी का ध्यान मंत्र वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम्। सिंहारूढा चतुर्भुजा कात्यायनी यशस्विनीम्॥ स्वर्णवर्णा आज्ञाचक्र स्थिताम् षष्ठम दुर्गा त्रिनेत्राम्। वराभीत करां षगपदधरां कात्यायनसुतां भजामि॥ पटाम्बर परिधानां स्मेरमुखी नानालङ्कार भूषिताम्। मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥ प्रसन्नवदना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् तुगम् कुचाम्। कमनीयां लावण्यां त्रिवलीविभूषित निम्न नाभिम्॥ मां कात्यायनी की आरती |Maa Katyayni Aarti जय जय अम्बे जय कात्यायनी। जय जग माता जग की महारानी॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारा। वहावर दाती नाम पुकारा॥ कई नाम है कई धाम है। यह स्थान भी तो सुखधाम है॥ हर मन्दिर में ज्योत तुम्हारी। कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥ हर जगह उत्सव होते रहते। हर मन्दिर में भगत है कहते॥ कत्यानी रक्षक काया की। ग्रंथि काटे मोह माया की॥ झूठे मोह से छुडाने वाली। अपना नाम जपाने वाली॥ बृहस्पतिवार को पूजा करिए। ध्यान कात्यानी का धरिये॥ हर संकट को दूर करेगी। भंडारे भरपूर करेगी॥ जो भी माँ को भक्त पुकारे। कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥

12 अप्रैल मनाई जाएगी हनुमान जयंती

हनुमान जन्मोत्सव यानी इस साल 12 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन पूर्णिमा तिथि अप्रैल 12, 2025 को 03:21 बजे तड़के सुबह से शुरू होगी और अगले दिन 13 अप्रैल को 05:51 बजे सुबह तक रहेगी। आपक बता दें कि हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। हनुमान जी हर संकट को पल में हटा देते हैं। हनुमान जी देवी अंजना की संतान थे। हनुमान जन्मोत्सव पूजा सामग्री अगर आप भी इस दिन पूजा करना चाहते हैं , तो पूजा के लिए सामग्री आप यहां से नोट कर सकते हैं। इस दिन आप पूजा के लिए लाल आसन लाएं, हनुमान जी की प्रतिमा, उसमें लाल सिंदर चढ़ाने के लिए चमेली का तेल , लाल फूल, हनुमान चालीसा बजरंग बाण आरती भोग के लिए प्रसाद बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू अर्पित किए जाते हैं। कैसे करें पूजा इस दिन हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे पहले मंदिर में घी की ज्योत प्रज्वलित करें। हनुमान जी को गंगा जल से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें एक साफ कपड़े से पौंछ लें। सिंदूर और घी या चमेली के तेल को मिलाकर भगवान को अर्पित करें। फिर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। हनुमान जी को चोला चढ़ाने के बाद चांदी या सोने का वर्क भी चढ़ा दें। हनुमान जी को जनेऊ अर्पित करें और फिर उन्हें लड्डयों का भोग लगाएं। हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद आरती के बाद क्षमा प्रार्थना करें। हनुमान चालीसा का एक से अधिक बार पाठ करें।

चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर चौथे दिन ‘आयुष्मान’ योग समेत बन रहे हैं 6 अद्भुत संयोग

नई दिल्ली वैदिक पंचांग के अनुसार, आज चैत्र नवरात्र की चतुर्थी एवं पंचमी तिथि है। चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा एवं साधना की जाती है। साथ ही मां कूष्मांडा के निमित्त नवरात्र के चौथे दिन का व्रत रखा जाता है। ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र नवरात्र के चतुर्थी और पंचमी तिथि पर दुर्लभ आयुष्मान योग समेत कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में मां कूष्मांडा (Navratri 2025 Day 4 Ayushman Yoga) की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। आइए, शुभ योग और मुहूर्त जानते हैं-   शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि रात 11 बजकर 49 मिनट है। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर जगत जननी आदिशक्ति देवी मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। रवि योग चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रवि योग (Navratri Ravi Yoga) का भी संयोग बन रहा है। रवि योग सुबह 06 बजकर 10 मिनट से लेकर 08 बजकर 49 मिनट तक है। इस योग में देवी मां कूष्मांडा की पूजा-भक्ति करने से सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही आरोग्य जीवन का वरदान मिलेगा। आयुष्मान योग   चैत्र नवरात्र के चौथे और पांचवें दिन दुर्लभ आयुष्मान योग (Navratri Ayushman Yoga) का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग देर रात 02 बजकर 50 मिनट तक है। आयुष्मान योग में मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सर्वार्थ सिद्धि योग (Navratri Yoga) का भी निर्माण हो रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग दिन भर है। इस दौरान मां स्कंदमाता की पूजा करने से सभी प्रकार के शुभ कामों में सिद्धि मिलती है। नक्षत्र एवं करण चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि यानी चौथे दिन कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र का संयोग है। इसके साथ ही बव, बालव और कौलव करण के योग बन रहे हैं। ज्योतिष बव, बालव और कौलव करण को शुभ मानते हैं। इन योग में जगत जननी देवी मां दुर्गा और उनके रूपों की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृ्द्धि होगी। पंचांग     सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 10 मिनट पर     सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 40 मिनट पर     चन्द्रोदय- सुबह 08 बजकर 42 मिनट पर     चंद्रास्त- शाम 10 बजकर 25 मिनट पर     ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 38 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक     विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक     गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 38 मिनट से 07 बजकर 01 मिनट तक     निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक  

02 अप्रैल 2025बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि: आज मेष राशि को खुद पर ध्यान देना चाहिए। सहपाठियों के साथ मेल-जोल बढ़ाना आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिए बेहतर साबित हो सकता है। अपनी फैमिली के साथ वक्त बिताएं। आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ सकती हैं। इसलिए सूझ-बूझ के साथ ही डिसीजन लें। वृषभ राशि: आज आय में वृद्धि होगी। जहां पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे वहीं, जीवनसाथी की तलाश में आपको निराशा झेलनी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। मिथुन राशि: आज कुछ लोगों के लिए नयी प्रॉपर्टी खरीदने के आसार नजर आ रहे हैं। छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है। दिन उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कॉम्पीटीशन की कमी के चलते आपकी प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है। कर्क राशि: आज सोच-समझकर फाइनेंशियल डिसीजन लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने प्रेम-संबंधों को मजबूत बनाने के लिए पार्टनर से खुलकर बात-चीत करें और उन्हें समय दें। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए हेल्दी डाइट लें। सिंह राशि: आज अपनी मेन्टल हेल्थ का ध्यान रखें। घर के सदस्यों और अपने पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। करियर में फोकस बनाए रखने की जरूरत है। वहीं, यात्रा के दौरान कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। कन्या राशि: आज का दिन आपके लिए रोमांस से भरपूर रहने वाला है। आपको आपके पार्टनर का पूरा साथ मिलेगा। वहीं, परिवार के कुछ सदस्यों से मतभेद होने की भी संभावना है। अपनी आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आप प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर सकते हैं। तुला राशि: आज ऑफिस में सफलता मिलने के आसार हैं। किसी करीबी से गिफ्ट मिलने की संभावना है। आपका स्वास्थ्य भी आपका साथ देगा। आपके लिए दिन शुभ रहने वाला है। आर्थिक स्थिति सही रहेगी लेकिन फालतू के खर्चों से बचें। वृश्चिक राशि: आज प्रेम संबंध मजबूत होंगे साथ ही पार्टनर से स्पेशल मैसेज भी दिन के अंत तक मिल सकता है। कुछ लोगों के लिए घूमने जाने के योग बनते भी दिख रहे हैं। थोड़ी बहुत चुनौतियां आ सकती हैं, जिन्हें आप आसानी से पार कर लेंगे। धनु राशि: आज प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ वक्त बिताएं और ट्रिप पर जाएं। आपके लिए दिन रोमांचक भरा रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। मकर राशि: आज यात्रा पर जाने के प्लान बन सकते हैं। आपको पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल सकते हैं। करियर में सफलता मिलेगी। घर के सदस्यों के साथ संबंध मजबूत होंगे। व्यवसायिक मुद्दों पर संयम बरतने की जरूरत है। कुम्भ राशि: आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। रोमांटिक लाइफ में उथल-पुथल हो सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ मधुरता बनाए रखें। अपने स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। बिना सलाह प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने से बचें। मीन राशि: मीन राशि वाले आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से भरपूर रहेंगे। आर्थिक मामलों में किस्मत साथ देगी। खासकर शेयर बाजार में निवेश करना लाभदायक हो सकता है लेकन एक्सपर्ट सलाह के साथ। कुछ लोग ट्रिप पर भी जा सकते हैं।

चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की उपासना, जानें पूजन विधि

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और ममतामयी है, जो अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करता है। इस दिन विशेष पूजा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जीवन में खुशहाली आती है और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। पूजा के फलस्वरूप, लोग आपको अधिक सम्मान देने लगते हैं। मां चंद्रघंटा का यह रूप विशेष रूप से सरल और शांति से परिपूर्ण है। वे अपने भक्तों की समृद्धि में वृद्धि करने के लिए प्रसिद्ध हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा से न केवल भौतिक सुख में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में आपका प्रभाव भी बढ़ता है। बता दें कि इस बार द्वतीया और तृतीया नवरात्री व्रत एक ही दिन किया जाएगा। आइए जानते हैं मां चंद्रघंटा की पूजाविधि, भोग, पूजा मंत्र और आरती के बारे में। मां चंद्रघंटा का स्वरुप कैसा है मां चंद्रघंटा के मस्तक पर एक घंटे के आकार का चंद्रमा स्थित है, जिससे उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। यह नाम उनके दिव्य रूप को दर्शाता है, जिसमें एक अद्वितीय तेज और ममता समाहित है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत अलौकिक और भव्य माना जाता है। उनका रूप शांतिपूर्ण होने के साथ-साथ उनकी शक्ति भी अद्वितीय है, जो हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि प्रदान करती है। मां चंद्रघंटा की पूजा से जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त होती है। विशेष रूप से, इस दिन सूर्योदय से पहले पूजा करनी चाहिए, क्योंकि इस समय मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा में लाल और पीले गेंदे के फूल चढ़ाने का महत्व है, क्योंकि ये फूल मां की ममता और शक्ति का प्रतीक हैं। मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्द्धचंद्र के आकार का घंटा स्थित है, जो उनकी महिमा और तेजस्विता को दर्शाता है। यही कारण है कि देवी का नाम चंद्रघंटा पड़ा। मां चंद्रघंटा पूजा विधि     सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे : सुबह जल्दी उठें और स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने।     इसके बाद पूजा में मां को लाल और पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें ।     इसके बाद मां को कुमकुम और अक्षत अर्पित करें।     फिर मां चंद्रघंटा को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा में पीले रंग के फूलों और वस्त्रों का प्रयोग करें।     मां चंद्रघंटा को पीले रंग की मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग अर्पित करें।     पूजा के दौरान मां के मंत्रों का जाप करें।     साथ ही दुर्गा सप्तशती और अंत में मां चंद्रघंटा की आरती का पाठ भी करें।     इन सभी विधियों को विधिपूर्वक करने से मां चंद्रघंटा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा में खीर का भोग अर्पित करना सर्वोत्तम माना जाता है। मां को विशेष रूप से केसर की खीर बहुत पसंद है। इसके अतिरिक्त, आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयां भी मां को भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं। भोग में मिसरी जरूर रखें और साथ ही पेड़े भी चढ़ा सकते हैं। मां चंद्रघण्‍टा का पूजा मंत्र पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।। वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्। सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। रंग, गदा, त्रिशूल,चापचर,पदम् कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥ मां चंद्रघण्‍टा की आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चंद्र समान तुम शीतल दाती। चंद्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चंद्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट मे बचाने वाली। हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं। मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योत जलाएं। शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता। कांची पुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा। नाम तेरा रटू महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।

आज मंगलवार 01अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- रोजाना मेडिटेशन करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के वेतन या पॉकेट मनी में बढ़ोतरी मिलने के संकेत हैं। ऑफिस में जरूरी टास्क आज के आज की पूरा कर लें। आप किसी करीबी की शादी या फंक्शन में भी शामिल होने की योजना बना सकते हैं। वृषभ राशि- आज आपको पढ़ाई या जरूरी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की सलह दी जाती है। अलगाव के बाद कुछ लोगों की लव लाइफ में अच्छे दिन आने वाले हैं। वजन घटाने के लिए डाइट पर फोकस करें। स्ट्रेस न लें। मिथुन राशि- आज निवेश का कोई लाभदायक अवसर आपके सामने आ सकता है। सोच समझकर और सलह के साथ ही आगे बढ़ें। अपने बजट पर टिके रहें। अटूडेंट्स आज सकारात्मक मानसिकता में रहेंगे। कर्क राशि- आज आपका साथी कोई पुराना मुद्दा उठा सकता है, जिससे जीवन में परेशानी बढ़ सकती है। हेल्दी खाने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पैसों की सिचूऐशन मजबूत रहने वाली है। ऑफिस में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन चीजें आपके पक्ष में काम करेंगी। सिंह राशि- आज किसी शुभ समाचार से परिवार में खुशियां आएंगी। कुछ लोगों के लिए ट्रिप पर जाने के योग हैं। सही प्रैक्टिस से आप अपने टीचर को खुश कर सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से तारीफ पाना आपके लिए सबसे खुशी की बात रहेगी। कन्या राशि- आज कुछ लोगों को अपनी मेहनत के लिए तारीफ मिल सकती है। अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए आज ही कदम उठाएं। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। आज अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। तुला राशि- आज पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। ऑफिस के दौरान सभी जरूरी रूल्स का पालन करें। हेल्दी रहने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें। आज दिन बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने का है। वृश्चिक राशि- आज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। धनु राशि- आज आपका कोई नया क्रश सामने आ सकता है। किसी शादी या महत्वपूर्ण इवेंट में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा का योग बन रहा है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छी तैयारी करना आसान हो जाएगा। मकर राशि- पैसों की प्रॉब्लम होने पर कोई दोस्त आपकी आर्थिक सहायता कर सकता है। आज आपका काम समय पर पूरा हो जाएगा। मम्मी पापा के लिए कोई खास प्लान बनाने से उनका मूड खुश रहेगा। पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका कुछ लोगों को मिल सकता है। कुंभ राशि- आज जिसे आप पसंद करते हैं, उससे बात करने की आपकी कोशिश पूरी हो सकती है। कुछ बीमार जातकों की तबीयत में सुधार होगा। अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। परिवार के सदस्यों से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मीन राशि- मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। डॉक्टर, वकील व बिजनेस करने वालों आज अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। कुछ लोग घर की मरम्मत करा सकते हैं। किसी परीक्षा को हल्के में लेना आपके हित में नहीं होगा।

इन चीजों का करें दान भगवान गणेश होंगे प्रसन्न

हिंदू धर्म में भगवान गणेश प्रथम पुज्य माने जाते हैं. भगवान गणेश को हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि समर्पित की गई है. हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है, जबकि माह में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी कहलाती है. विनायक चतुर्थी के दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा और व्रत किया जाता है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने घर में खुशहाली बनी रहती है. जीवन के सारे दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं. इस दिन पूजा और व्रत के साथ-साथ दान का भी बहुत महत्व है. मान्यता है कि इस दिन दान करने से विघ्नहर्ता भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं. इस दिन दान करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है. जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों का दान करना चाहिए. कल है विनायक चतुर्थी का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की कल 1 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर हो शुरू हो रही है. जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 2 अप्रैल को देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर हो जाएगा. हिंदू धर्म उदया तिथि मान्य होती है. ऐसे में 1 अप्रैल यानी कल विनायक चतुर्थी रहेगी. कल ही इसका व्रत रखा जाएगा. भगवान गणेश का पूजन किया जाएगा. विनायक चतुर्थी पर इन चीजों का करें दान     विनायक चतुर्थी के दिन फलों और मिठाई का दान करें. इस दिन फलों और मिठाई का दान करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं. जीवन में संबंध अच्छे होते हैं.     इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को धन और वस्त्रों का दान करें. आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है.     धन और वस्त्रों का दान करने पुण्य प्राप्त होता है. जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं.     इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न का दान करें. इस दिन अन्न का दान करने से घर में अन्न का भंडार भरा रहता है.     भगवान गणेश को मोदक बहुत प्रिय हैं. ऐसे में इस दिन प्रसाद के रूप में मोदक वितरित करने चाहिए.  

अप्रैल 2025 में चतुर्थी व्रत कब-कब रखा जाएगा? यहां जानें डेट और मुहूर्त

कुंडली में बुध ग्रह मजबूत करने के लिए ज्योतिष में भगवान गणेश की पूजा करने और उनके निमित्त व्रत रखने की सलाह दी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होने से व्यक्ति को कारोबार में मनचाही सफलता मिलती है और बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं. हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश के निमित्त व्रत रखा जाता है और उनकी विशेष पूजा की जाती है. चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की आराधना और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे शुभ माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि चतुर्थी व्रत करने से जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं. हर चतुर्थी का अपना विशेष महत्व होता है और भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है. अगर आप भी गणपति बप्पा का व्रत रखना चाहते हैं, तो चलिए जानते हैं कि अप्रैल में चतुर्थी व्रत कब-कब रखा जाएगा. अप्रैल में चतुर्थी व्रत कब-कब रखा जाएगा? अप्रैल में एक विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा और एक संकष्टी चतुर्थी व्रत. अप्रैल में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा. वहीं, अप्रैल में इसके बाद वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा. आइए इनकी सही डेट और मुहूर्त जान लेते हैं. अप्रैल का पहला चतुर्थी व्रत कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 अप्रैल को सुबह 5:42 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस चतुर्थी तिथि का समापन 2 अप्रैल को देर रात 02:32 मिनट पर होगा. ऐसे में चैत्र विनायक चतुर्थी का व्रत 1 अप्रैल को रखा जाएगा. अप्रैल का दूसरा चतुर्थी व्रत कब है? वैदिंक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल को दोपहर 1:17 बजे से शुरू होगी और 17 अप्रैल को दोपहर 3:23 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा. ऐसे में वैशाख संकष्टी चतुर्थी का व्रत 16 अप्रैल को रखा जाएगा. चतुर्थी व्रत का महत्व धार्मिक मान्यता है कि चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए बहुत शुभ माना गया है. इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है. चतुर्थी का व्रत रखने से न सिर्फ संकटों से मुक्ति मिलती है, बल्कि यह व्रत व्यक्ति के जीवन को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है.

31 मार्च 2025, सोमवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए कल का दिन जिम्मेदारी भरा रहने वाला हैl परिवार के सदस्यों के साथ आप को कुछ समय बिताने का मौका मिलेगाl आप अच्छे  भोजन का आनंद लेंगेl आपकी साख व सम्मान में वृद्धि होगीl किसी से कोई वादा बहुत ही सोच समझ कर करना होगाl आपको अपने अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की आवश्यकता हैl संतान को किसी नए कोर्स में दाखिला दिलाने के लिए मेहनत अधिक करेंगेl वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों को कल काई बड़ा प्रोजेक्ट मिलने से खुशी होगीl व्यापार में अच्छी सफलता मिलेगीl आपकी अधिक बोलने की आदत के कारण कार्य क्षेत्र में आपको डांट खानी पड़ सकती हैl आपके बॉस आपके प्रमोशन पर रोक लगा सकते हैंl आज आपकी मां की इच्छा पूरी ने होने से आपका मन परेशान रहेगाl आपकी अपने किसी मित्र से बातचीत करते समय पुरानी यादें ताजा होगीl पारिवारिक मामलों को लेकर आपको संयम बनाए रखना होगाl मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के मन में परस्पर सहयोग के भावना बनी रहेगीl आपकी एक दूसरे से खूब पटेगीl विद्यार्थी पढ़ाई लिखाई में आ रही समस्याओं को लेकर अपने गुरुजनों से बातचीत करेंगेl कार्य क्षेत्र में आप कुछ नया कर सकते हैंl प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने साथी की बातों को पूरा महत्व देंगे, जिससे दोनों के बीच खूब पटेगीl परिवार में किसी पूजा पाठ का आयोजन होने से माहौल खुशनुमा रहेगाl कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों पर मौसम का विपरीत प्रभाव पड़ेगाl प्रेम व सहयोग की भावना आपके मन में बनी रहेगीl आपको किसी बात को लेकर वाद विवाद में पडने से बचना होगाl आप अपने घर की साज सज्जा व रख रखाव पर पूरा ध्यान देंगेl आपका वाहन की खराबी के कारण अकस्मात धन खर्च बढ़ सकता हैl आपको किसी कानूनी मामले में ढील देने से बचना होगाl मित्रों का आपको पूरा साथ मिलेगाl सिंह राशि: सिंह राशि के जातक को कुछ पारिवारिक मामलों को लेकर टेंशन रहेगीl नौकरी में आपको किसी अच्छे पद के मिलने की संभावना हैl आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगीl अपने वैवाहिक जीवन में साथी की बातों को ध्यान देना होगा, नहीं तो वह आपसे नाराज हो सकते हैंl आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बात मिलकर खुशी होगीl आपको किसी सामाजिक आयोजन में हिस्सा लेने का मौका मिलेगाl कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों को कोई निर्णय बहुत ही समझदारी दिखा कर लेना होगाl आप अपने कामों में धैर्य व संयम बनाए रखेंl आपको एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याकाग्रता बढ़ेगीl संतान ने यदि किसी परीक्षा को दिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैंl आपको कोई पेट संबंधित समस्या होने की संभावना है, इसलिए आप अत्यधिक तले भुने भोजन से परहेज रखेंl तुला राशि: तुला राशि के जातक को कुछ चुनौतियां आने से समस्याएं रहेंगी, इसलिए आप नए काम की शुरुआत थोड़ा सोच समझकर करेंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगाl आपके बिजनेस की कोई डील फाइनल करने के लिए आपको किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह मशवरे की आवश्यकता होगीl आप अपनी संतान के लिए किसी नये वाहन को लेकर आ सकते हैंl धार्मिक कामों में भी आपकी काफी रुचि रहेगीl कोई पुरस्कार भी मिल सकता हैl वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल का दिन धन-धान्य में वृद्धि लेकर आने वाला है, लेकिन आप अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर कोई महत्वपूर्ण कदम उठाएंगेl यदि कोई शारीरिक व मानसिक समस्या चल रही थी, तो वह दूर होगीl परिवार के किसी सदस्य से कामों को लेकर कोई सलाह दे सकता हैl आपकी किसी किराए के मकान व दुकान से भी इनकम बढ़ेगीl जीवन साथी के साथ आप कुछ समय अकेले में व्यतीत करेंगे, जिससे दोनों को एक दूसरे को जानने का मौका मिलेगाl धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के लिए रहेगाl आप परिवार के सदस्यों में चल रहे पुराने गिले शिकवो को दूर करेंगे, जिससे रक्त संबंधी रिश्तों में मजबूती आएगीl आप अपने लिए कुछ नए कपड़े, मोबाइल, लैपटॉप आदि की खरीदारी कर सकते हैंl किसी से बेवजह का लड़ाई झगड़ा होने की संभावना हैl संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगीl आपको किसी से कोई मन की बात करने का मौका मिलेगाl मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए कल का दिन अक्समात लाभ दिलाने वाला रहेगाl व्यावसायिक क्षेत्रो में आपको अच्छी उन्नति मिलेगीl गृहस्थ जीवन में चल रही समस्याएं  फिर से सिर उठाएंगीl आप अपने घर मकान आदि की  खरीदारी पर अच्छा खासा धन व्यय करेंगे, लेकिन आपके कुछ नया करने की कोशिश अच्छी रहेगीl पुराना मित्र आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है, लेकिन आपको धन को लेकर योजना बनाकर चलने की आवश्यकता हैl कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए कल का दिन आर्थिक मामलों पर ध्यान देने के लिए रहेगाl आपको किसी नए प्रोजेक्ट के मिलने से खुशी होगीl कोई डील अटकते अटकते फाइनल हो सकती हैl आपको किसी दूर रह रहे परिजन की ओर से कोई निराशाजनक सूचना सुनने को मिल सकती हैl वाहन का प्रयोग सावधान रहकर करना होगाl आप अपने विचारों से अपने बॉस से भी कोई काम आसानी से निकलवा पाएंगेl मीन राशि: मीन राशि के जातकों के कामों में कुछ रुकावटे आने की संभावना हैl आप किसी कानूनी मामले को लेकर भी भाग दौड़ में लगे रहेंगेl परिवार में सदस्यों में किसी वाद विवाद को लेकर आपके मन में टेंशन अधिक रहेगीl आपको किसी सरकारी योजना का पूरा लाभ मिलेगाl आप किसी को बिना मांगे सलाह देंगे, तो उससे बाद में आपको समस्या होने की संभावना हैl आप अपने व्यापार में कुछ नवीनता ला सके, तो बेहतर रहेगाl

आज से शुरू हो रहा चैत्र नवरात्रि 2025, जानें मां शैलपुत्री की पूजा विधि

हिंदू धर्म में नवरात्रि का उत्सव मां दुर्गा को समर्पित है। इस पर्व के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है. इस वर्ष एक तिथि के क्षय के कारण नवरात्रि 9 दिनों के बजाय 8 दिनों तक मनाई जाएगी. चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है.  चैत्र नवरात्रि 2025 का आरंभ एक शुभ मुहूर्त में 9 दिनों तक देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा से होता है. नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. मां शैलपुत्री पर्वतों के राजा हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और उन्हें नंदी पर सवार, त्रिशूल धारण किए हुए देवी के रूप में पूजा जाता है. मां शैलपुत्री की पूजा की विधि     सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें.     पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें.     कलश की स्थापना करें, जिसमें जल, आम के पत्ते और नारियल रखें.     मां शैलपुत्री को लाल या सफेद फूल, अक्षत, रोली, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें.     भोग में शुद्ध घी से बनी मिठाई या गाय के घी का उपयोग करें.     अंत में मां की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. मंत्र     मां शैलपुत्री की आराधना के लिए इस मंत्र का जाप करें: “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः“     इस मंत्र का जाप करने से जीवन में स्थिरता, मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है. भोग मां शैलपुत्री को घी से बने व्यंजन अत्यधिक प्रिय होते हैं. यह मान्यता है कि घी का भोग अर्पित करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. हर दिन का अलग रंग, चैत्र नवरात्रि 2025 के शुभ रंग और उनका प्रभाव शुभ रंग नवरात्रि के पहले दिन का शुभ रंग लाल होता है. यह रंग शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लाल वस्त्र पहनने से सकारात्मकता में वृद्धि होती है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और भोग का विशेष महत्व है. सही विधि से पूजा करने पर मां की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है.  

रविवार 30 मार्च 2025, बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी

मेष राशि: मेष राशि वालों को आज करियर में अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। छोटे वित्तीय बकाया को प्राथमिकता देने से आपके धन का मैनेजमेंट आसान हो जाएगा। माता-पिता के साथ नियमित बातचीत एक अप्रत्याशित भावनात्मक मोड़ ले सकती है। सेहत स्थिर रहेगी। आर्थिक रूप से भी दृढ़ता प्राप्त करेंगे। वृषभ राशि: आज वृषभ राशि वालों को ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ सकती है, इसलिए अपने शरीर की बात सुनना और खुद को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। निवेश विकल्पों पर शोध करने से बेहतर निर्णय मिलेंगे। पारिवारिक मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। मिथुन राशि: अप्रत्याशित स्रोत से वित्तीय लाभ आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। दोस्तों के साथ यात्रा करना यादगार रहेगा। कार्यों में कभी-कभी बाधाएं आ सकती हैं। आज शिक्षा संबंधी कार्यों सुधार होगा। माता की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में सुधार होगा। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। लाभ में वॄद्धि भी होगी। कर्क राशि: हाइड्रेटेड रहने से आज आपका शरीर बेहतर तरीके से काम करता रहेगा। एक सकारात्मक आर्थिक बदलाव आपकी आर्थिक स्थिति की रूपरेखा को बदल सकता है। आज आपका कार्यस्थल पर शेड्यूल बिजी रहेगा। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। संपत्ति से जुड़े कार्यों में सफलता हासिल होगी। सिंह राशि: आज आपकी परेशानियां दूर होंगी और वित्तीय वृद्धि मजबूत होगी। काम में आपके योगदान को महत्व दिया जाएगा और अच्छी तरह से योग्य मान्यता मिलने की संभावना है। माता-पिता की सलाह से एक अच्छा फैसला लेने में सफल रहेंगे। आज छात्रों को सफलता प्राप्त हो सकती है। कन्या राशि: बेहतर वेतन या लाभ के लिए बातचीत करने से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। किसी रिश्तेदार के साथ मामूली मतभेद जल्दी ही सुलझ जाएंगे। यात्रा आनंददायक होगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। तुला राशि: आज का दिन आपको आर्थिक लाभ दिलाएगा, आपके खजाने में भी वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आमदनी में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। किसी संपत्ति से आय के साधन बन सकते हैं। वृश्चिक राशि: आपकी उपस्थिति आपके माता-पिता को बहुत खुशी देगी। समझदारी से योजना बनाना आपकी आने वाली यात्रा को आसान बना देगा। कारोबार में भागदौड़ बढ़ेगी। विदेश जाने के योग बन रहे हैं। विदेश यात्रा से लाभ के मौके मिल सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। प्रॉपर्टी मार्केट में निवेश के बेहतरीन अवसर हैं। आज जीवनशैली में किए गए छोटे-छोटे बदलाव स्थायी सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। आय उम्मीदों से बढ़कर बनी हुई है, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। धनु राशि: संतुलित आहार पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखने में मदद करेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन अच्छा रहने वाला है, लॉन्ग टर्म लाभ के भी अवसर प्राप्त होंगे। ऑफिस में आपको नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। आज का दिन भावनात्मक संबंधों को मजबूत करेगा। मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। मकर राशि: आपकी ऊर्जा आपके लक्ष्यों के अनुरूप है। आर्थिक मोर्चे पर आप मजबूत महसूस करेंगे। कोई सीनियर कलीग अप्रत्याशित तारीफ कर सकता है, जिससे आपका मनोबल बढ़ेगा। छोटी-मोटी चुनौतियों के साथ अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। नौकरी के लिए साक्षात्कार आदि कार्यों में सफलता मिलेगी। खान-पान में रुचि बढ़ेगी। कुम्भ राशि: हाइड्रेटेड रहने से ध्यान और ओवर ऑल हेल्थ में सुधार होगा। अगर वित्तीय तंगी महसूस हो रही है, तो नए आय स्रोतों की खोज करना फायदेमंद साबित हो सकता है। लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने से बेकार के वर्क स्ट्रेस से बचा जा सकेगा। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। मीन राशि: आज का दिन आपके आर्थिक बचत को बढ़ावा देगा और खर्चों पर लगाम लगाएगा। कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों को बैलेंस करना जरूरी है। घर में खुशियों का आगमन होगा। अच्छी सेहत के लिए रूटीन में छोटे-मोटे बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।

सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2. 20. 43 बजे शुरू हो गया और 4. 17. 27 बजे अपने चरम पर होगा

साल का पहला सूर्य ग्रहण लग गया है। यह आंशिक सूर्यग्रहण है, यानी चंद्रमा हमारे सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं कर पाएगा। सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2ः20ः43 बजे शुरू हो गया है और 4ः17ः27 बजे अपने चरम पर होगा। तथा 6ः13ः45 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई न देने का दूसरा कारण यह है, कि इस बार सूर्यग्रहण का पथ भारत से होकर नहीं गुजर रहा है। यह सूर्य ग्रहण इस बार यूरोप, एशिया में उत्तर, उत्तर/पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका का अधिकांश भाग, दक्षिण अमेरिका में उत्तर, अटलांटिक, आर्कटिक में दिखाई देगा। सूतक काल नहीं होगा मान्य- सूतक काल धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाने वाला काल है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण से 9 से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल तभी लागू होता है, जब यह नजर आता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा। भारत में सूर्य ग्रहण का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिस वजह से धार्मिक कार्य नहीं रुकेंगे। धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण का कारण राहु-केतु को माना जाता है। राहु और केतु छाया ग्रहों को सांप की तरह माना जाता है, जिसके डसने से ग्रहण लगता है। यह भी मान्यता है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं तब ग्रहण लगता है। जबकि विज्ञान कहता है कि सूर्य ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में, चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढंक देता है, जिससे पृथ्वी पर अंधकार छा जाता है। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण सदैव चंद्रग्रहण से लगभग दो सप्ताह पहले या बाद में घटित होता है।

आज शनिवार 29 मार्च 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन प्रतिकूल रहेगा। थोड़ा सतर्क रहें। मन परेशान रहेगा। धैर्य से काम लें। अपनी फीलिंग्स को कंट्रोल में रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार का साथ मिलेगा। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का आज मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन फिर भी बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। पिता का साथ मिलेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। मानसिक तौर पर परेशान रहेंगे। धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार में शांति बनाए रखने का प्रयास करें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कर्क राशि– कर्क राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। खर्च बढ़ेंगे। जीवनसाथी का साथ मिलेगा, लेकिन उनके स्वास्थ्य पर नजर रखें। सिंह राशि– सिंह राशि वालों के आज मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। शैक्षिक कार्यों में मुश्किलें आ सकती है। सचेत रहें। कारोबार के लिए माता-पिता से धन मिल सकता है। आर्थिक रूप से आप समृद्ध महसूस करेंगे। कन्या राशि– कन्या राशि वालों को आज मन में निराशा और असंतोष हो सकता है। मन परेशान हो सकता है। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार का साथ मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। खर्च बढ़ेंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिलेंगे। लेकिन स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। धन का आगमन होगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता हैे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज क्रोध व व्यर्थ के विवाद से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। माता-पिता के सहयोग से कुछ जातकों को प्रेम, विवाह की ओर बढ़ सकता है। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज वाणी में मधुरता तो रहेगी। लेकिन धैर्यशीलता बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। कारोबार में भागदौड़ ज्यादा रहेगी। अपनों का साथ मिलेगा। धन लाभ हो सकता है। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों का आज मन अशांत हो सकता है। परिवार व मित्रों के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यभार में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वालों का आज मन अशांत रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। संतान की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। कारोबार में सुधार होगा। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि होगी।

शनि अमावस्या कल, कर लें ये काम, शनिदेव होंगे प्रसन्न

शनि अमावस्या एक विशेष तिथि होती है, जब अमावस्या और शनिवार का संयोग बनता है. इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना करने से शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या से राहत मिलती है. यह दिन उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है जिनकी कुंडली में शनि कमजोर या पीड़ित अवस्था में होता है. कब है शनि अमावस्या? पंचांग के अनुसार, इस साल शनि अमावस्या 29 मार्च को है. इसी दिन शनि देव कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे. चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात को 7 बजकर 55 मिनट पर प्रारंभ होगी. वहीं इस तिथि की समाप्ति 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर हो जाएगी. ऐसे उदया तिथि के अनुसार, शनि अमावस्या 29 मार्च रहेगी. ये इस साल की पहली शनि अमावस्या है. इस दिन साल का पहला सूर्यग्रहण भी लगने जा रहा है शनि अमावस्या पर किए जाने वाले उपाय     शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और उड़द की दाल अर्पित करें.”     ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.     पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.     हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को चमेली का तेल अर्पित करें.     गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और तेल का दान करें. शनि अमावस्या पर सूर्य और शनि के मंत्रों का जाप करें     ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि मंत्र का जाप करें     ॐ घृणिः सूर्याय नमः सूर्य मंत्र का जाप करें शनि अमावस्या का महत्व शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. यह दिन शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है, इसलिए शनि अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए भी पूजा की जाती है. शनिदेव कर्मों के न्यायाधीश माने जाते हैं, इसलिए इस दिन अच्छे कार्य करने से शुभ फल मिलता है. यदि किसी की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में है, तो इस दिन पूजा करने से शांति मिलती है.

अप्रैल में वाहन और प्रॉपर्टी क्रय के लिए शुभ तिथियां

इंदौर अप्रैल माह 2025 में कई महत्वपूर्ण और शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं, जो कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए हैं। इस माह में विवाह, नामकरण, मुंडन, अन्नप्राशन, वाहन क्रय, प्रॉपर्टी क्रय, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों के लिए विशेष मुहूर्त हैं। इन शुभ तिथियों का ध्यान रखते हुए लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय पर संपन्न कर सकते हैं। इस आर्टिकल में विस्तार से उन तिथियों के बारे में आपको बताएंगे।   अप्रैल माह, 2025 में आने वाले शुभ मुहूर्त उक्त तिथि देखते हुए धार्मिक आयोजन कर सकते है: शुभ विवाह के लिए मुहूर्त शुभ विवाह के लिए अप्रैल माह में 16, 18, 19, 20, 21, 29, 30 की तारीख काफी शुभ हैं। नामकरण के लिए शुभ मुहूर्त नामकरण के लिए अप्रैल माह में 02, 03, 06, 10, 13, 14, 16, 20, 21, 23, 24, 25, 30 की तारीख काफी शुभ हैं। इन तारीखों में अपने बच्चों का नामकरण जरूर करें।   मुंडन के लिए मुहूर्त मुंडन के लिए अप्रैल माह में 14, 17, 23, 24 की तारीख काफी शुभ रहेगी। ऐसे में आप अपने बच्चों के मुंडन के लिए ये तारीखें चुन सकते हैं।   अन्नप्राशन के लिए शुभ मुहूर्त अन्नप्राशन के लिए अप्रैल माह में 02, 10, 14, 25, 30 की तारीख काफी शुभ है। कर्णवेध के लिए शुभ मुहूर्त कर्णवेध के लिए अप्रैल माह में 03, 5, 13, 21, 26 की तारीखें काफी शुभ हैं। उपनयन के लिए शुभ मुहूर्त उपनयन के लिए आप अप्रैल माह की 02, 07, 09, 13, 14, 18, 30 ये तारीखें चुन सकते हैं।   गृह प्रवेश के लिए मुहूर्त आप नए घर में गृह प्रवेश करना चाहते हैं, लेकिन किस शुभ तारीख को यह कार्य करें समझ नहीं आ रहा है। ऐसे में गृह प्रवेश के लिए 30 अप्रैल की तारीख शुभ है। वाहन क्रय के लिए शुभ मुहूर्त आप नया वाहन खरीदना चाहते हैं, लेकिन शुभ तारीख के बारे में जानना चाहते हैं। आप चिंता न करें। आप अप्रैल माह की 02, 03, 06, 13, 16, 21, 23, 24, 30 इन तारीखों में वाहन खरीद सकते हैं। प्रॉपर्टी क्रय के लिए शुभ मुहूर्त प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अप्रैल माह की 03, 7, 8, 18, 19 ये तारीखें काफी शुभ रहेंगी। सर्वार्थ सिद्धि के लिए योग सर्वार्थ सिद्धि के लिए अप्रैल माह की 01, 02, 04, 06, 07, 08, 16, 17, 20, 21, 27, 29, 30 ये तारीखें काफी शुभ हैं। अमृत सिद्धि के लिए योग अमृत सिद्धि के लिए आप अप्रैल माह की 16 तारीख को चुन सकते हैं।

चैत्र नवरात्र में कर लें ये आसान उपाय, घर को खुशहाली से भर देंगी मां भगवती

चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है. चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. काफी संख्या में लोग चैत्र नवरात्र में व्रत भी करते हैं. कुछ उपाय ऐसे बताए गए हैं जिन्हें अगर नवरात्र में करते हैं तो देवी मां की असीम कृपा अपने भक्त पर बरसती है. इन उपायों के जरिए घर में सुख-शांति का वास होता है. परिवार में खुशहाली बनी रहती है. आर्थिक समेत सभी तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं. चैत्र नवरात्र में लौंग से जुड़ा एक उपाय आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है.  इस उपाय को करने के लिए ज्योतिषविद के अनुसार,  अपनी उम्र के बराबर लौंग लें यानी जितने साल के आप हैं, उतनी ही लौंग लें. फिर इसे काले धागे में बांधकर माला बना लें. इस माला को नवरात्र में किसी भी दिन देवी को अर्पित करें और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें. मनोकामना पूरी होने पर माला को जल प्रवाह कर दें. धन की बढ़ोतरी का उपाय अगर घर में आर्थिक तंगी चल रही है या परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है तो शुक्रवार के दिन 5 लौंग और 5 कौड़ियां लेकर लाल कपड़े में बांध लें. इसके बाद इस पोटली को तिजोरी या धन के स्थान पर रख दें. यह उपाय धन लाभ को बढ़ा सकता है. नवरात्र के शुभ अवसर पर 21 लौंग जलाकर मां लक्ष्मी का ध्यान करें. कहते हैं कि ऐसा करने से रुका हुआ धन वापस मिल जाता है. नवरात्र में क्या ध्यान रखना है जरूरी दुर्गा मां के सभी 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. और जो नियम बताए गए हैं उनका पालन करना चाहिए. घर में साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. खासतौर पर पूजा घर के आसपास बिल्कुल भी गंदगी नहीं होनी चाहिए. चैत्र नवरात्र के शुरू होते ही सबसे पहले घर के मंदिर में पूजा का स्थान बनाएं. मंदिर को स्वच्छ करके एक चौकी बनाएं और उसमें मां को विराजमान कराएं. मंदिर की थोड़ी सजावट भी करें. रोज ताजे फूल से देवी मां की पूजा करें. हमेशा स्नान के बाद ही पूजा करने के लिए बैठें. पूजा और व्रत के नियम अगर आप नौ दिनों तक उपवास कर रहे हैं तो अच्छी बात है, लेकिन आप किसी कारण नौ दिनों तक उपवास नहीं कर पा रहे हैं तो आप पहले दिन और अष्टमी को उपवास कर सकते हैं. जो लोग नौ दिनों तक व्रत करते हैं इन्हें नमक, अनाज, लहसुन, प्याज, मांसाहारी खाने से दूर रहना चाहिए. हमेशा शुद्ध चीजें ही खाएं. अखंड ज्योत प्रज्वलित के नियम अगर आप अखंड ज्योति जलाते हैं तो इस बात का आपको ध्यान रखना जरूरी है कि वह ज्योत बीच में बुझ न जाए. अखंड ज्योति जलाना बहुत शुभ माना गया है. यह देवी के शक्ति के सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. अगर आप अखंड ज्योत नहीं जलाते हैं तो मां की कृपा पाने के लिए आप रोज सुबह और शाम में मां के सामने घी का दीया जला सकते हैं. मंत्रों का जाप अगर आप मां के नौ अक्षर यानी नवार्ण मंत्र का जाप कर रहे हैं तो इसका उचित उच्चारण करना जरूरी है. यह मंत्र इस प्रकार है ‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’. इस मंत्र  के जाप से मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त होती है. दुर्गा सप्तशती पाठ नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करने या सप्तशती पाठ को सुनने से कष्ट दूर होते हैं. जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता का वास होता है. आपके सभी काम बनने लग जाते हैं. घर में सुख-समृद्धि का का वास होता है.  

नवरात्रि के 9 दिन व्रत रखने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान, जानिए एक्सपर्ट से

chaitra navratri fasting 9 days follow these expert suggested tips chaitra navratri fasting these : हिंदू धर्म में नवरात्रि का अहम महत्व है. इस दौरान 9 दिनों तक मंदिरों में लोगों के घरों में मां दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती है. कई लोग पूरे नौ दिनों तक व्रत भी रखते हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे व्रत रखने के दौरान किन बातों का ख्याल रखें. Navratri Fasting Tips: रविवार 30 मार्च को चैत्र नवरात्रि का त्योहार शुरू हो रहा है. इस दिन को हिंदू नववर्ष के तौर पर भी मनाया जाता है. नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती है. वहीं, इस दौरान व्रत रखने का भी विधान है. कुछ लोग तो पूरे 9 दिनों तक उपवास रखते हैं. Read more: दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल कहती हैं कि नवरात्रि के व्रत का संबंध सिर्फ अध्यात्मिकता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। इस दौरान आपकी बॉडी को ईटिंग हैबिट से ब्रेक मिलता है. लेकिन अगर आप पूरे नवरात्रि में उपवास रखने का सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए एक्सपर्ट से जानने की कोशिश करते हैं. chaitra navratri fasting these करवाएं बॉडी चेकअप अगर आप पूरे नवरात्रि व्रत रखने का सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि क्या आपकी बॉडी हेल्दी है. इसके लिए आप अपना फुल बॉडी चेकअप करवाएं. इससे आपको शरीर का ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल के बारे में पता चल जाएगा. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं एक्सपर्ट कहती हैं कि व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और बॉडी का टेंपरेचर भी बैलेंस होगा. इस बार गर्मियों ने मार्च में ही दस्तक दे दी है. ऐसे में व्रत के दौरान कम पानी पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है. ऑयली फूड से बचें नवरात्रि के व्रत से पहले आप ज्यादा मिर्च-मसाले और ऑयली चीजों को न खाएं. इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. आप हल्का और सादा भोजन करें. इसके अलावा, सीमित मात्रा में मीठे और नमक को खाएं. नवरात्रि के दौरान कैसा हो खाना? नवरात्रि के व्रत के दौरान भोजन में हल्का आहार लेना चाहिए. आमतौर पर लोग फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़े के आटे की रोटियां, आलू, मखाना, पनीर जैसी चीजें खाते हैं. इन चीजों से शरीर को ऊर्जा मिलती है. हालांकि, इन्हें ज्यादा तेल या घी में पकाने से बचें. इसके अलावा, हाइड्रेटिंग फल को डाइट में शामिल करें. रात के समय दूध पिया जा सकता है.

आज शुक्रवार 28 मार्च 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। रोजी-रोजगार में तरक्की मिलने के योग हैंष लेकिन ऑफिस में कार्यों की समय सीमा पास होने के कारण आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। कठिनाई आ सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें। वृषभ राशि– वृषभ राशि वालों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। महत्वपूर्ण कार्यों को टाल देना चाहिए। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। पिता की सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, लेकिन कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम ज्यादा रहेगाी। पिता का साथ मिलेगा। बड़े-बुजुर्गों से धन की प्राप्ति हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज आर्थिक तौर पर सतर्क रहना चाहिए। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी के क्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज किसी सुखद समाचार की प्राप्ति हो सकती है। मन में उतार-चढ़ाव हो सकता है। कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति रहेगी। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज मन अशांत रहेगा। मन में निराशा व असंतोष रहेगा। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिवार में सम्मान की वृद्धि होगी। कारोबार में बदलाव के योग हैं। लाभ के मौके मिलेंगे। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। तुला राशि- तुला राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। आर्थिक रूप से स्थिति बेहतर रहेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आज आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा। नौकरी में तरक्की के मौके मिलेंगे। मान-सम्मान की वृद्धि होगी। अफसरों का सहयोग मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार का लाभ मिलेगा। व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों की आज किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। मित्रों के सहयोग से कारोबार की शुरुआत हो सकती है। आय वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज बेवजह गुस्से से बचना चाहिए। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में सुधार होगा। लाभ के मौके मिलेंगे। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, पर कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग भी बन रहे हैं। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के आज मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। बेकार के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाने का योग है। नौकरी में उन्नति मिल सकती है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। मीन राशि- वाणी के प्रभाव से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जाने का मन बन सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी।

जानें हनुमान जयंती का शुभ महूरत

हनुमान जयंती देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है. इस दिन बजरंगबली हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं. साथ ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है. इसके अलावा इस दिन जगह-जगह पर भव्य भंडारा का भी आयोजन किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि के दिन माता अंजनी और राजा केसरी के घर हनुमान जी का जन्म हुआ था. हनुमान जयंती तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती यानी चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल को सुबह 3 बजकर 21 मिनट पर होगी. साथ ही तिथि का समापन अगले दिन 13 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाई जाएगी. हनुमान जयंती पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है. इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लाल रंग के वस्त्र पहने. उसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, लाल रंग के फूल, तुलसी दल, चोला और बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें. उसके बाद मंत्र जाप करें. फिर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें. अंत में आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें. हनुमान जयंती का महत्व हिंदू धर्म में हनुमान जी को 8 चिरंजीवियों में से एक माना जाता है. कहते हैं वह आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे उसके जीवन के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं. इस दिन पूजा में उन्हें फूल, माला, सिंदूर चढ़ाने के साथ बूंदी या बेसन के लड्डू, तुलसी दल अर्पित करने से वह प्रसन्न होते हैं.

29 मार्च को चमकेगी इन राशि वालों की तकदीर

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म फल दाता कहा जाता है यानी वह व्यक्ति को अच्छे बुरे कर्मों के अनुसार, उन्हें फल देते हैं. वहीं शुक्र ग्रह को सुख-समृद्धि और वैभव का कारक माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रह समय-समय पर एक राशि से दूसरी राशि में गोचर तथा नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. कई बार दो ग्रह एक ही राशि में प्रवेश कर युति बना लेते हैं, जिसका प्रभाव देश दुनियां की सभी 12 राशि के जातकों पर होता है. इस बार भी कुछ ऐसा ही होने वाला है. 27 मार्च को शनि देव और शुक्र लगभग 30 साल बाद मीन राशि में युति बनाने वाले हैं. वहीं इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है तो यह युति और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इन राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन शनि और शुक्र ग्रह की युति वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. इस दौरान वृषभ राशि के जातकों की आय में वृद्धि होगी. किसी पुराने निवेश से लाभ होगा. किसी नए कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें तरक्की मिल सकती है. वहीं मान सम्मान में भी वृद्धि होगी. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र और शनि की युति कमाल दिखा सकती है. इन दौरान मिथुन राशि वालों को करियर-कारोबार में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है, जिससे खूब धन लाभ होगा. वहीं नौकरी करने वालों को प्रमोशन मिल सकता है. इसके अलावा लव और मैरिड लाइफ में तालमेल तथा खुशियां बढ़ेगी. धनु राशि शुक्र और शनि की युति धनु राशि वालों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रही हैं. इस दौरान धन राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बनेंगे. संपत्ति ता वाहन का सुख प्राप्त होगा. व्यापार करने वालों के लिए समय बेहतर है. तरक्की के रास्ते खुलेंगे. परिवार और रिश्तेदारों के साथ अच्छा तालमेल बनेगा.

आज मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा, शिवलिंग पर चढ़ी ये चीज़ रखें अपने पास, खूब आएगा पैसा आपके पास

नई दिल्ली आज मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रनुसार चतुर्दशी के स्वामी स्वयं परमेश्वर शिव हैं। शास्त्र गर्ग संहिता के अनुसार चतुर्दशी तिथि चन्द्रमा ग्रह की जन्म तिथि है। चतुर्दशी के स्वामी परमेश्वर शिव हैं। इस तिथि को शिव पूजन व व्रत करना उत्तम रहता है। चतुर्दशी की अमृतकला को स्वयं परमेश्वर शिव ही पीते हैं। चतुर्दशी तिथि को क्रूरा कहा गया है। इस तिथि की दिशा पश्चिम है। मान्यतानुसार शिवरात्रि शिव-शक्ति के मिलन का पर्व है। शिवरात्रि के प्रदोषकाल में शंकर-पार्वती का विवाह हुआ था। प्रदोष काल में महाशिवरात्रि तिथि में सर्व ज्योतिर्लिंगों का प्रादुर्भाव हुआ था व सर्वप्रथम ब्रह्मा और विष्णु ने महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन किया था। पौराणिक मान्यतानुसार दिव्य ज्योर्तिलिंग का उदभव चतुर्दशी तिथि को माना जाता है व महाशिवरात्रि को शिव उत्पत्ति के रूप में मानते हैं। मध्य रात्रि के दौरान किए जाने वाले शिवरात्रि पूजन को निशिता कहते हैं। संध्या के समय किए जाने वाले शिवरात्रि पूजन को प्रदोष कहते हैं। आज के दिन अवश्य करें, ये पूजन और उपाय- विशेष पूजन: संध्या काल में शिवलिंग का पंचोपचार पूजन करें। शुद्ध घी का दीप करें, सुगंधित धूप करें, पीले कनेर के फूल चढ़ाएं, पीले चंदन से त्रिपुंड बनाएं, केसर युक्त चावल की खीर का भोग लगाएं। इस विशेष मंत्र को 108 बार जपें। इसके बाद भोग किसी गरीब को बांट दें। विशेष मंत्र: ॐ त्र्यम्बकाय नमः॥

आज गुरुवार 27 मार्च 2025 का राशिफल: पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। वाणी में मधुरता तो रहेगी, फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में मुश्किलें आएंगी, लेकिन लाभ के अवसर भी मिलेंगे। वाहन सुख में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। पारिवारिक वजहों से मन परेशान रहेगा। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों को आज आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। यात्रा का योग बनेगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। माता की सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक उन्नति लेकर आया है। मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों से मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। अपनों का साथ मिलेगा। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। कन्या राशि– कन्या राशि वालों का आज कोई सपना पूरा हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यों की विघ्न-बाधा खत्म होगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज वाद-विवादों से दूर रहना चाहिए। किसी मित्र का आना हो सकता है। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को ले सकते हैं। धनु राशि– धनु राशि वालों के मन में आज प्रसन्नता का भाव रहेगा, लेकिन धैर्य में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। आज आर्थिक बजट बनाकर चलना आपके लिए लाभकारी रहेगा। मकर राशि– मकर राशि वालों को आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। राजनीतिक लाभ मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार में भी शांति बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। धार्मिक कार्यों में खर्च बढ़ेंगे। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज बातचीत में बैलेंस बनाकर रखना चाहिए। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। अपनों के सहयोग से व्यापारिक लाभ मिलेगा।

गुरु प्रदोष व्रत कल

गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाने वाला विशेष व्रत है. प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आता है, लेकिन जब यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. कब है गुरु प्रदोष व्रत? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को देर रात 1 बजकर 42 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 27 मार्च को रात 11 बजकर 3 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत गुरुवार, 27 मार्च को रखा जाएगा. जब यह तिथि गुरुवार को पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव के पूजन का विशेष महत्व होता है. इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 मार्च को प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कुल मिलाकर 2 घंटे 21 मिनट तक रहेगा. गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को गंगाजल से शुद्ध करें. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और मंत्रों का जाप करें. प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. सबसे आखिर में भगवान शिव की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें. गुरु प्रदोष व्रत के नियम इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन भर निराहार रहना चाहिए. शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें. इस दिन तामसिक भोजन और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. गुरु प्रदोष व्रत का महत्व मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह व्रत रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है. यह व्रत भगवान शिव के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि यह व्रत उन्हें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने जीवन में सुख और समृद्धि लाने का अवसर प्रदान करता है. यह व्रत बृहस्पति ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने में मदद करता है. शिव कृपा से भक्तों के सभी दुख और बाधाएं दूर होती हैं. यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है.

शनि अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का संयोग, ना करें ये काम

 हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की अमावस्या तिथि इस बार 29 मार्च, शनिवार को आ रही है, जिसे शनि अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा. जब अमावस्या तिथि शनिवार को पड़ती है, तो इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन सूर्य ग्रहण और शनि का मीन राशि में गोचर भी हो रहा है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. शास्त्रों के अनुसार, शनि अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान और पितरों का तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है. विशेष रूप से जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष है, उनके लिए यह दिन अत्यधिक फलदायी होता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि अमावस्या से जुड़ी कुछ विशेष सावधानियों का उल्लेख किया गया है. अगर इनका पालन नहीं किया गया, तो शनिदेव की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, जिससे जीवन में कई कठिनाइयां आ सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस शुभ दिन पर कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए. पूजा के बाद पीठ न दिखाएं शनि अमावस्या के दिन शनिदेव के मंदिर जाकर विधिपूर्वक पूजा करें और शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करें. लेकिन ध्यान रखें, मंदिर से लौटते समय शनिदेव को पीठ दिखाना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में बाधाएं आ सकती हैं और शनि दोष बढ़ सकता है. पूजा के दौरान शनिदेव की आंखों में न देखें शनि अमावस्या पर पूजा करते समय यह ध्यान रखें कि शनिदेव की आंखों में सीधा देखने से बचें. शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव की दृष्टि वक्री होती है और यदि कोई उनकी आंखों में देखता है, तो उसे उनके वक्री दृष्टि का अशुभ प्रभाव झेलना पड़ता है. इसलिए पूजा करते समय आंखें नीचे रखें. इन चीजों को घर न लाएं शनि अमावस्या के दिन गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता करना बहुत पुण्यकारी होता है. लेकिन इस दिन गरीबों का अपमान भूलकर भी न करें, अन्यथा शनिदेव की कृपा प्राप्त नहीं होती. साथ ही, इस दिन लोहे, काले जूते या अन्य शनि से संबंधित वस्तुएं घर लाने से बचना चाहिए. नाखून, बाल और दाढ़ी न काटें शनि अमावस्या के दिन नाखून काटना, बाल कटवाना या दाढ़ी बनवाना वर्जित माना गया है. ऐसा करने से जीवन में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं. इसके अलावा, झूठ बोलना, क्रोध करना, कटु वचन कहना और तामसिक भोजन ग्रहण करना भी इस दिन टालना चाहिए. स्त्री-पुरुष संबंध से बचें गरुड़ पुराण के अनुसार, शनि अमावस्या के दिन यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए. ऐसा करने से उत्पन्न संतान को कई प्रकार के कष्ट उठाने पड़ सकते हैं. इसके अलावा, इस दिन सुबह देर तक सोने से बचें. बल्कि जल्दी उठकर काले तिल डालकर स्नान करें और सूर्यदेव को जल अर्पित करें. इन स्थानों पर न जाएं शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी है, इसलिए इस दिन श्मशान, कब्रिस्तान, या सुनसान स्थानों पर जाने से बचना चाहिए. अमावस्या तिथि को नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं, जिससे अनचाही समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. साथ ही, इस दिन माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें और घर में किसी भी प्रकार के विवाद से बचें. ऐसा न करने से पितर और शनिदेव अप्रसन्न हो सकते हैं. शनि अमावस्या पर करें ये शुभ काम पवित्र नदी में स्नान करें और पितरों का तर्पण करें. शनिदेव को तिल, तेल, काले वस्त्र और उड़द दान करें. गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करें. हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करें. सात्विक भोजन ग्रहण करें और संयम का पालन करें.

26 मार्च 2025, बुधवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- मेष राशि वालों का आज मन अशांत रहेगा। कारोबार में भागदौड़ ज्यादा करनी पड़ सकती है। धन से जुड़े मामलों में बाधाओं का सामना भी करना पड़ सकता है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के आज मन में उतार-चढ़ाव हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी आएगी। कारोबार में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। अपनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों का आज मन प्रसन्न रहेगा। खर्चों की अधिकता मन को परेशान करेगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में नए अवसरों की प्राप्ति होगी। शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का आर्थिक स्थिति को लेकर आज मन परेशान रहेगा। धैर्य से काम लें। नौकरी में तरक्की के मार्ग खुलेंगे। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। भावुक मन से कोई निर्णय न लें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। भाग्यवश कुछ काम भी बनेंगे। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव भी हो सकता है।व्यापार में विस्तार हो सकता है। कन्या राशि- आज घर के बड़े-बुजुर्ग आपकी तारीफ कर सकते हैं। ऑफिस में अपनी स्किल दिखाने का मौका मिल सकता है। पदोन्नति के साथ आय में वृद्धि मिलने के संकेत हैं। आर्थिक बजट बनाकर चलें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उत्साह बना रहेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज मन में बुरे विचारों से बचना चाहिए। अज्ञात भय सताएगा। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं, थोड़ा बचकर पार करें। आज मन परेशान भी हो सकता है। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। परिवार का साथ दें। कारोबार पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि- कार्यस्थल की चुनौतियों पर काबू पाने के लिए टीम वर्क सहयोगी रहेगा। किसी प्रियजन के साथ बिताया गया पल शानदार रहेगा। लंबे समय से अटके हुए पेमेंट को पूरा करने में सफल रहेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। धनु राशि- धनु राशि वालों की आज वाणी में सौम्यता तो रहेगी, लेकिन मन परेशान हो सकता है। पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों से आय बढ़ सकती है। जिन लोगों का इंटरव्यू शेड्यूल है वो आज निश्चिंत हो सकते हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। यात्रा का योग बनेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा।नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों का आज मन अशांत हो सकता है। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों के लिए विदेश जा सकते हैं। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। मीन राशि- भाई-बहन के साथ आपका रिश्ता आज पहले से ज्यादा मजबूत महसूस होगा। नई जगहों की खोज करने व वहां घूमने का प्लान बना सकते हैं। आर्थिक शॉर्टकट से बचें, क्योंकि लगातार प्रयासों से स्थिरता सबसे अच्छी तरह हासिल की जा सकती है। शैक्षणिक रूप से आप सफल रहेंगे।

शनि, शुक्र और राहु की युति मीन राशि में बन रही, इन राशियों के लिए शुभ संकेत और तरक्की के योग

 मार्च महीने के आखिरी कुछ दिन ज्योतिषीय घटनाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दिन साल का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन होने जा रहा है, जिसमें शनि कुंभ राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। ऐसे के अलावा इस दिन सूर्य ग्रहण भी है। आपको बता दें मीन राशि में पहले से शुक्र, बुध, सूर्य और राहु एक साथ चारों ग्रह विराजमान हैं। 29 मार्च को शनि का गोचर होगा। शनि, शुक्र और राहु का मीन राशि में त्रिग्रही योग बनेगा। इस त्रिग्रही योग के बनने से कुछ राशि वालों का भाग्य चमक सकता है, जिससे कुछ राशि वालों को इस युति से आर्थिक लाभ, सामाजिक लाभ और  मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। आइए जानते हैं कौन-कौन होंगी भाग्यशाली राशियां। मिथुन राशि शनि गोचर के समय राहु, शनि और शुक्र की युति से बना संयोग मिथुन राशि वालों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है। यह त्रिग्रही योग मिथुन से कर्म भाव में बनने जा रहा है। ऐसे में आपको करियर-कारोबार में अच्छी सफलता मिल सकती है। नौकरी में प्रमोशन और कारोबार में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। आपके कार्यों की खूब सराहना होगी। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। समय-समय पर खुशखबरी मिलती रहेंगी। मान-सम्मान और यश में वृद्धि के योग हैं। कुंभ राशि त्रिग्रही योग के निर्माण से कुंभ राशि के जातकों को अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। यह त्रिग्रही योग आपकी कुंडली के दूसरे भाव यानी धन के स्थान पर बनेगा। ऐसे में आर्थिक नजरिए से यह त्रिग्रही योग बहुत ही लाभकारी साबित होगा। करियर- कारोबार में तरक्की के योग है। कार्यों में सफलता और रूका हुआ धन वापस मिल सकता है। आपको कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा। धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए बनने वाला राहु, शनि और शुक्र के संयोग से त्रिग्रही योग बहुत ही अनुकूल साबित हो सकता है। यह आपकी राशि से चौथे भाव में बनने जा रहा है। इससे आपकी सुख-सुविधाओं में इजाफा होने के योग हैं। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। जमीन-जायदाद से जुड़ा को मामला आपके लिए शुभ साबित हो सकता है। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा जिससे आपके कार्यों में अच्छी सफलता मिलन के योग हैं।

14 अप्रैल से विवाह के कई शुभ योग

14 मार्च 2025 से खरमास की शुरुआत हो चुकी है, जो 13 अप्रैल 2025 तक रहने वाला है। हिंदू धर्म में इस समय को बेहद खास और महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि खरमास सूर्य उपासना के लिए शुभ है। परंतु इस अवधि को शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब भी सूर्यदेव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास लगता है। यह समय पूरे साल में दो बार आता है, जो एक माह तक बना रहता है। दरअसल, सूर्य देव गुरु बृहस्पति के घर जाते ही अपने तेज को कम कर लेते हैं, इसलिए खरमास में सूर्य की स्थिति कमजोर हो जाती है। सूर्य की स्थिति कमजोर होने के कारण घरों में शादी-विवाह, खरीदारी, सगाई, मुंडन, यात्राएं व जनेऊ जैसे कार्यों को करने की मनाही होती हैं। ऐसे में 13 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। इसके समापन के बाद 14 अप्रैल से विवाह के कई शुभ योग बन रहे हैं, जो शादी-विवाह के लिए उत्तम है। आइए इनके बारे में जानते हैं… अप्रैल विवाह मुहूर्त 2025     अप्रैल 14, 2025, सोमवार     अप्रैल 16, 2025, बुधवार     अप्रैल 17, 2025, बृहस्पतिवार     अप्रैल 18, 2025, शुक्रवार     अप्रैल 19, 2025, शनिवार     अप्रैल 20, 2025, रविवार     अप्रैल 21, 2025, सोमवार     अप्रैल 25, 2025, शुक्रवार     अप्रैल 29, 2025, मंगलवार     अप्रैल 30, 2025, बुधवार मई विवाह मुहूर्त 2025     मई 1, 2025, बृहस्पतिवार     मई 5, 2025, सोमवार     मई 6, 2025, मंगलवार     मई 8, 2025, बृहस्पतिवार     मई 10, 2025, शनिवार     मई 14, 2025, बुधवार     मई 15, 2025, बृहस्पतिवार     मई 16, 2025, शुक्रवार     मई 17, 2025, शनिवार     मई 18, 2025, रविवार     मई 22, 2025, बृहस्पतिवार     मई 23, 2025, शुक्रवार     मई 24, 2025, शनिवार     मई 27, 2025, मंगलवार     मई 28, 2025, बुधवार जून विवाह मुहूर्त 2025     जून 2, 2025, सोमवार     जून 4, 2025, बुधवार     जून 5, 2025, बृहस्पतिवार     जून 7, 2025, शनिवार     जून 8, 2025, रविवार नवंबर विवाह मुहूर्त 2025     नवंबर 2, 2025, रविवार     नवंबर 3, 2025, सोमवार     नवंबर 6, 2025, बृहस्पतिवार     नवंबर 8, 2025, शनिवार     नवंबर 12, 2025, बुधवार     नवंबर 13, 2025, बृहस्पतिवार     नवंबर 16, 2025, रविवार     नवंबर 17, 2025, सोमवार     नवंबर 18, 2025, मंगलवार     नवंबर 21, 2025, शुक्रवार     नवंबर 22, 2025, शनिवार     नवंबर 23, 2025, रविवार     नवंबर 25, 2025, मंगलवार     नवंबर 30, 2025, रविवार दिसंबर विवाह मुहूर्त 2025     दिसंबर 4, 2025, बृहस्पतिवार     दिसंबर 5, 2025, शुक्रवार     दिसंबर 6, 2025, शनिवार  

आटा गूंथने के बाद उस पर क्यों बनाते हैं उंगलियों के निशान? क्या है इसके पीछे की वजह? कैसे शुरू हुई परंपरा?

 घर के बड़े बुजुर्गों की बताई हुई बातें अक्सर हमारे लिए समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, खासकर जब हम इन्हें सिर्फ एक पुरानी परंपरा या मान्यता के रूप में देखते हैं. लेकिन जब हम इनकी गहराई में जाकर समझते हैं, तो पाते हैं कि इन बातों में कुछ खास वजहें और तर्क छिपे होते हैं. एक ऐसी ही बात जो अक्सर हमारे घर के बड़े बुजुर्ग हमें बताते हैं, वह है – “आटा गूंथने के बाद उसमें उंगलियों के निशान जरूर बनाओ.” क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या है और शास्त्रों में इसके बारे में क्या कहा गया है? आइए, जानते हैं आटा गूंथने का महत्व हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी में आटा गूंथना एक सामान्य काम लगता है, लेकिन इस सामान्य से काम का भी कुछ खास महत्व है. विशेष रूप से घर की महिलाएं दिन में कई बार आटा गूंथती हैं, जिससे रोटियां, परांठे और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार होते हैं. लेकिन शास्त्रों में इस कार्य को लेकर कुछ खास निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि ये कार्य न सिर्फ भोजन तैयार करने से जुड़ा है, बल्कि हमारी मानसिकता और भक्ति से भी संबंधित है. हिंदू धर्म में भोजन को सिर्फ एक आहार नहीं, बल्कि एक प्रकार का प्रसाद माना जाता है, और इसी कारण रसोई में हर कदम को ध्यान से उठाना जरूरी होता है. उंगलियों के निशान बनाने की परंपरा अब हम आते हैं उस खास परंपरा पर, जिसमें दादी-नानी हमें आटा गूंथने के बाद उंगलियों के निशान बनाने की सलाह देती हैं. क्या यह सिर्फ एक रिवाज है या इसके पीछे कोई गहरी वजह है? दरअसल, इसका कारण शास्त्रों और पुरानी मान्यताओं में छिपा हुआ है. हमारे पूर्वजों के अनुसार, पिंडदान का कार्य पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है. पिंड को चावल के आटे से बनाया जाता है, और वह गोल आकार में होता है. आटा गूंथने के बाद जो गोल आकार बनता है, उसे पिंड से जोड़कर देखा जाता है. इस वजह से आटे को पितरों का भोजन माना जाता है. लेकिन एक महत्वपूर्ण बात यह है कि आटे के गोले से रोटी बनाना शुभ नहीं माना जाता. इसे पितरों का आहार मानते हुए, यह आवश्यक है कि आटे में उंगलियों के निशान लगाए जाएं, ताकि वह पिंड के रूप में न लगे. यही कारण है कि दादी-नानी हमसे यह कहती हैं कि आटा गूंथते समय उंगलियों के निशान जरूर बनाएं. यह एक प्रकार से आटे को खाने योग्य और शुभ बनाता है. गोल आकार वाले अन्य पकवानों में भी यह परंपरा है आटे के अलावा, कई अन्य पकवानों जैसे बाटी, बाफले, वड़ा आदि में भी गोल आकार बनाए जाते हैं. इन पकवानों में भी उंगलियों के निशान लगाकर गड्ढे बनाए जाते हैं. इसका उद्देश्य यह होता है कि ये पकवान पिंड के आकार से भिन्न दिखें और शास्त्रों के अनुसार शुभ माने जाएं.  

25 मार्च 2025, मंगलवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- मेष राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखें। लव लाइफ में भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। करियर में नए मुकाम हासिल कर सकते हैं। आज के दिन धन का खर्च भी सोच-समझकर ही करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। बच्चों का साथ मिलेगा। प्रेम जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। नए स्तोत्रों से धन का आगमन होगा। आज के दिन आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले आज के दिन थोड़ा सावधान रहें। मानसिक तनाव की वजह से स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय धन की बचत करें। भविष्य में अच्छे परिणाम मिलें, इसके लिए मेहनत करें। कर्क राशि– कर्क राशि वाले आज वाद-विवाद से दूर रहें। पारिवारिक जीवन में कलह से बचें। स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामान करना पड़ सकता है। इस समय नया व्यापार शुरू न करें। निवेश करना भी इस समय अच्छा नहीं रहेगा। नुकसान हो सकता है। सिंह राशि– सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार के सदस्यों का भरपूर सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ नया करने के लिए अच्छा है। जीवन में बड़े बदलाव हो सकते हैं। रुके हुए कार्य आज बन सकते हैं। आप आज दोस्तों या परिवार के सदस्यों की मदद के लिए भी तैयार रहेंगे। प्रेम जीवन और स्वास्थ्य भी आज अच्छा है। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा कहा जा सकता है। कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करें। आपको ऑफिस में नए कार्य सौपें जा सकते हैं। जीवनसाथी के साथ डिनर का प्रोग्राम बना सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। वृश्चिक राशि– वृश्चिवृश्चिक राशि वालों को आज के दिन सुखद परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। पुराने निवेश से लाभ होगा। काम का दबाव रहेगा। हर कार्य को मेहनत से करें। नौकरी और व्यापार में सफलता के योग बन रहे हैं। प्रेम जीवन सुखमय रहेगा। संतान की तरफ से शुभ फल की प्राप्ति होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज व्यापार में लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज के दिन वाद-विवाद से दूर रहें। संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है। वाहन के प्रयोग में सावधान बरतें। मकर राशि– मकर राशि के लिए आज दोपहर के बाद का समय अच्छा रहेगा। दोपहर तक थोड़ा सावधान रहें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें। जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करें। प्रेमी की तरफ से आपको आज कोई सरप्राइज मिल सकता है। संतान सुख का अनुभव करेंगे। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों के लिए मिलाजुला दिन रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। इस समय धन का उपयोग सोच-समझकर ही करें। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। व्यापार में सफलता के योग बन रहे हैं। नौकरी में बदलाव हो सकता है। मीन राशि– मीन राशि वालों को आज सावधानी से चलने की आवश्यकता है। मानसिक तनाव हो सकता है। आर्थिक कष्ट भी संभव है। अपना और अपनों का विशेष ध्यान रखें। लव लाइफ में भी उथल-पुथल हो सकती है। आज के दिन वाद-विवाद से दूर रहें और धैर्य बनाए रखें।

24 मार्च 2025, सोमवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तनाव बढ़ा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहने वाली है। करियर में तरक्की के सुनहरे मौकों का भरपूर लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। वृषभ राशि– पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी।। व्यापार में विस्तार होगा। अपने बजट पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। वाहन सावधानी से चलाएं। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। मिथुन राशि- बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करें। धन बचत करें। फालतू के खर्चों को कम कर दें। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में देरी होगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। कर्क राशि- व्यापार में मुनाफा होगा। घर में किसी फंक्शन या इवेंट के सेलिब्रेशन के चलते खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप प्रेमी के साथ कुछ स्पेशल प्लान बना सकते हैं। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। सिंह राशि- प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आय के कई स्त्रोतों से पैसे आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ऑफिस मीटिंग में इनोवेटिव आइडियाज के साथ शामिल हों। इससे तरक्की के कई मौके मिलेंगे। कन्या राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। प्रेमी की बातों को ध्यान से सुनें और धैर्य बनाए रखें। तुला राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। प्रॉपर्टी को लेकर वाद-विवाद संभव है। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। हेल्दी डाइट लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। वृश्चिक राशि- ज्यादा पैसे खर्च करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नौकरीपेशा वालों के लिए शुभ दिन है। प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगा,लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। धनु राशि- आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। जिसका असर आपके लाइफस्टाइल पर हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिजनों के साथ आनंददायक जीवन गुजारेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। मकर राशि- स्वास्थ्य में सुधार आएगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। अपने करियर पर फोकस करें। दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहें। प्रेमी से अपने दिल की बात शेयर करने में संकोच न करें। कुंभ राशि- खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें और सोच-समझकर धन खर्च करें। मीन राशि- आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। कुछ जातक दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें।

चैत्र अमावस्या पर करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

हर मास के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या मनाई जाती है. इस समय चैत्र माह चल रहा है और चैत्र अमावस्या इस बार 29 मार्च 2025 को पड़ रही है. इस साल चैत्र अमावस्या बहुत विशेष होने वाली है, क्योंकि इसी दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है. हालांकि, यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी गई है और इस तिथि के स्वामी भी पितर ही होते हैं. इसी कारण सूर्य ग्रहण की वजह से कोई धार्मिक अनुष्ठान चैत्र अमावस्या पर नहीं रुकेंगे. अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और पिंडदान करने का महत्व माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में चैत्र अमावस्या पर करने योग्य कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं. इन उपायों के करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. कैसे करें पितरों को प्रसन्न चैत्र अमावस्या के दिन सुबह किसी पवित्र नदि में स्नान-ध्यान करें और पितरों के नाम का तर्पण करें. साथ ही, पितरों के नाम का गरीब-जरूरतमंदों को भोजन करवाएं और अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा दें. ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और कुंडली में पितृ दोष भी दूर हो जाता है. परिवार में रहेगी सुख-शांति चैत्र अमावस्या को पीपल के पेड़ पर जल और दूध अर्पित करें और अक्षत, फल, फूल, काले तिल आदि अवश्य चढ़ाएं. इसके बाद पीपल के नीचे घी का दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर 11 परिक्रमा करें. नियमित रूप से 11 दिनों तक गौ माता को आटे की लोइयां खिलाएं और उनकी सेवा करें. ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. पितरों की आत्मा को मिलेगी शांति चैत्र अमावस्या के दिन एक साफ बर्तन लेकर उसमें जल, काले तिल और कुशा मिलाकर पितरों का ध्यान करें. इसके बाद हर अमावस्या तिथि पर पितरों के नाम का दान भी करें. ऐसी मान्यता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से छुटकारा मिलता है. नौकरी-कारोबार में मिलेगी तरक्की चैत्र अमावस्या के दिन परिवार के सभी सदस्यों से एक रुपये का सिक्का लें और उनको मंदिर में दान कर दें. ऐसा आप हर अमावस्या को ऐसे करते रहें. मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और करियर-कारोबार में उन्नति होती है. ऐसे प्राप्त होगी पितरों की कृपा चैत्र अमावस्या के दिन गोबर का उपला जलाएं और उसपर गुड़, घी और दूध की खीर अर्पित करते हुए पितरों का ध्यान करें. कपूर को घी में और गुड़ के साथ मिलकर जलाएं. फिर पूजा करने के बाद कौवा और कुत्ता को रोटी दें. साख ही, गाय को हरा चारा खिलाएं. मान्यता है कि इस उपाय को करने से पितरों की कृपा बनी रहती है.  

सुख-समृद्धि के लिए चैत्र नवरात्रि से पहले घर लाएं ये चीजें

नई दिल्ली  चैत्र नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है। यह पर्व विशेष रूप से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का समय होता है, और इस दौरान भक्त पूरे मन, श्रद्धा और आस्था से मां भगवती के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस दौरान यदि कुछ विशेष चीजों को घर में लाया जाए, तो इससे घर में सुख-समृद्धि, शांति और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में, जिन्हें नवरात्रि से पहले घर लाना चाहिए। मिट्टी के बर्तन मिट्टी के बर्तन प्राचीन समय से ही शुभ माने जाते हैं। विशेष रूप से नवरात्रि के समय मिट्टी के बर्तन घर में लाना बहुत शुभ माना जाता है। यह न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, बल्कि यह प्रकृति से भी जुड़ा हुआ होता है। मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से घर के सदस्य स्वस्थ रहते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। चांदी का सिक्का चांदी का सिक्का लाना न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, बल्कि यह धन और संपत्ति के प्रतीक के रूप में भी काम करता है। नवरात्रि से पहले एक चांदी का सिक्का खरीदकर उसे मां दुर्गा की पूजा में रखें। ऐसा माना जाता है कि इस सिक्के से घर में लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसे पूजा स्थल पर रखना चाहिए और नियमित रूप से उसका ध्यान रखना चाहिए। जौ खरीदना नवरात्रि में जौ का बहुत महत्व है। विशेष रूप से घर में नई फसल के रूप में जौ लाना बहुत शुभ माना जाता है। जौ को घर में लाकर पूजा के समय मां दुर्गा को अर्पित करें। इसके साथ ही, जौ को घर के आंगन में बोने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। यह घर के सदस्यों को शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। पीला चावल नवरात्रि के अवसर पर पीला चावल खरीदने का विशेष महत्व है। पीले चावलों को तंत्र-मंत्र और पूजा में उपयोग करने से मां भगवती प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं। पीला चावल विशेष रूप से धरती के पोषण और समृद्धि का प्रतीक होता है। इसे पूजा स्थल पर रखें और मां के चरणों में अर्पित करें, ताकि आपके घर में सुख-समृद्धि का वास हो। श्रृंगार का सामान नवरात्रि में श्रृंगार का सामान लाना भी बहुत शुभ माना जाता है। महिलाएं खासकर इस दिन नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा का श्रृंगार करती हैं और पूजा करती हैं। आप अपनी घर की देवी का श्रृंगार करने के लिए गहने, चूड़ियां, बिचुएं, हार, और सिंदूर जैसी चीजें खरीद सकते हैं। इन चीजों को मां दुर्गा के सामने अर्पित करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और हर इच्छा पूरी होती है। नवरात्रि से पहले इन चीजों का महत्व: इन सभी चीजों को घर लाने से न केवल मां दुर्गा की कृपा मिलती है, बल्कि घर के वातावरण में भी सकारात्मकता का संचार होता है। माना जाता है कि नवरात्रि के समय इन चीजों को घर में लाकर पूजा करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति का वास होता है।

23 मार्च रविवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। वृषभ राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। सिंह राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। कन्या राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। वृश्चिक राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि- करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। कुंभ राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। मीन राशि- आज मीन राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें।

सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर किन लोगों के लिए अशुभ रहेगा?

हिंदू धर्म में कई त्योहार पहले महीने में मनाए जाते हैं. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, नया साल चैत्र माह में मनाया जाता है. इस दिन हर घर में नए साल का जश्न बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. हर कोई चाहता है कि नए साल की शुरुआत अच्छी हो, लेकिन हमारे जीवन की सभी घटनाएं हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर घटित होती हैं. हर साल हिंदू नववर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शुरू होता है. पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र अमावस्या 29 मार्च को है और इस दिन को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वैसे तो हर माह की अमावस्या विशेष होती है, लेकिन इस बार चैत्र अमावस्या बहुत खास मानी जा रही है. चैत्र मास की अमावस्या पर इस साल कई दुर्लभ संयोग बनने जा रहे हैं. दरअसल, इस बार साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा और इसी दिन शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. 29 मार्च 2025 को कर्म के पिता शनि ढाई साल बाद राशि बदलेंगे. इस समय शनि कुंभ राशि में विराजमान हैं और अपनी यात्रा समाप्त कर शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जहां शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे और साल का पहला सूर्य ग्रहण भी उसी दिन होगा. शनि के गोचर और सूर्य ग्रहण का संयोग कुछ राशियों के लोगों के लिए बेहद अशुभ हो सकता है. ज्योतिष के अनुसार, इस दुर्लभ संयोग के कारण कुछ राशियों के लोगों को बड़ी हानि हो सकती है. आइए जानें वे राशियां कौन सी हैं. मेष राशि: साल का पहला सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर का संयोग मेष राशि वालों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है. आपके करियर में उतार-चढ़ाव, कार्यभार में वृद्धि, सहकर्मियों के साथ मतभेद, व्यापार में घाटा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और तनाव रहेगा. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को शनि के गोचर के दौरान किसी भी क्षेत्र में निवेश नहीं करना चाहिए, अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है या आपका पैसा फंस सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, कोई नया काम शुरू करने से बचें. तुला राशि: सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर से निजी रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, खर्चे बढ़ेंगे, आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा में दिक्कतें आ सकती हैं.  वृश्चिक राशि: इस दुर्लभ संयोग के कारण वृश्चिक राशि वाले इस समय सावधान रहें, घर में लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं, जीवनसाथी से संबंध खराब हो सकते हैं, संपत्ति संबंधी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं, जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है. धनु राशि: सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग धनु राशि वालों को भी अशुभ परिणाम दे सकता है. धनु राशि वाले लोग इस अवधि में कहीं भी निवेश न करें, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी पर नियंत्रण रखें.  

गुड़ी पड़वा का पर्व कब मनाया जाएगा, 29 या 30 मार्च को जानें

गुड़ी पड़वा भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व में से एक हैं. इसी दिन हिंदू वर्ष की भी शुरुआत होती है. ऐसे में गुड़ी पड़वा का महत्व और भी बढ़ जाता है. यह पर्व देश भर में मनाया जाता है. लेकिन विशेष रूप से महाराष्ट्र और कोंणक क्षेत्र में गुड़ी पड़वा हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा मराठी हिंदुओं के लिए पारंपरिक नए साल का प्रतीक है. गुड़ी पड़वा दो शब्दों से मिलकर बना हैं. जिसमें गुड़ी का अर्थ होता हैं विजय पताका और पड़वा का मतलब प्रतिपदा होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, गुड़ी पड़वा यानी चैत्र माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार गुड़ी पड़वा का पर्व रविवार 30 मार्च को मनाया जाएगा. गुड़ी पड़वा पूजा विधि गुड़ी पड़वा की पूजा करने से लिए गुड़ी को अच्छी तरह बांधकर सुगंध, फूल और अगरबत्ती लगाकर दीपक से गुड़ी की पूजा करें. उसके बाद दूध-चीनी, पेड़े का प्रसाद अर्पित करते हैं. इसके बाद दोपहर के समय गुड़ी पर मीठा प्रसाद अर्पित करें. इसके अलावा परंपरा के अनुसार श्रीखंड-पुरी या पूरन पोली का भोग लगाएं. उसके बाद सूर्यास्त के समय हल्दी-कुमकुम, फूल और अक्षत आदि अर्पित कर गुड़ी को उतार लें.

22 मार्च शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपना दैनिक राशिफल

मेष राशि, आज का राशिफल मेष राशि के जो जातक रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, तो उन्हे कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी. आप अपने भविष्य को लेकर कोई इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं. प्रॉपर्टी को लेकर यदि कोई काम लंबे समय से अटक रही थी, तो वह भी फाइनल होगी. आपको अपने किसी मित्र की याद सता सकती हैं. आपने किसी पर आंख मूंदकर भरोसा किया, तो वह आपको धोखा दे सकता है. आपका डूबा हुआ धन आपको मिलने की संभावना है. वृषभ राशि, आज का राशिफल वृषभ राशि के जातको को कल कुछ नए संपर्कों से लाभ मिलेगा. आपकी महत्वपूर्ण योजनाएं चलेगी. आप अपने घर परिवार में चल रही समस्याओं को लेकर काफी परेशान रहेंगे. परिवार में किसी  वरिष्ठ सदस्य की सेहत में गिरावट आ सकती है. ऊपर यदि कुछ कर्जो था, तो उसे भी आप काफी हद तक उतरने की कोशिश करेंगे. आपको अपनी आसपास रह रहे विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है. मिथुन राशि, आज का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है. मित्रों का  आपको पूरा सहयोग मिलेगा. आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा.  आपके पिताजी की सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध होगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर थोड़ी जिम्मेदारी आने से आप घबरा सकते हैं. आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. कर्क राशि, आज का राशिफल कर्क राशि के जो जातक राजनीति में कार्यरत है, उनके लिए कल दिन अच्छा रहेगा.  आपको मेहनत अनुसार फल मिलने से खुशी होगी.  आप अपने खर्चों को करने से पहले अपनी जेब पर भी पूरा ख्याल रखें.  आपका किसी बाहरी व्यक्ति से वाद विवाद हो, तो आप उसमें  चुप लगाएं, नहीं तो कानूनी हो सकती है. वाहनों का प्रयोग आपको सावधान रहकर करना होगा. यदि कोई प्रिय वस्तु खो गई थी, तो उसके आपको मिलने की संभावना है. सिंह राशि, आज का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए कल दिन आत्मसम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है. आपके घर किसी  नये मेहमान का आगमन हो सकता है.  आपकी कुछ नये लोगों से मुलाकात होगी. आपको अपने पारिवारिक मामलों को घर में रहकर ही निपटना बेहतर रहेगा. विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारी में जमकर मेहनत करनी होगी.  आपको शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट थोड़ा सोच समझकर करना होगा, क्योंकि नही तो बाद में नुकसान हो सकता है. कन्या राशि, आज का राशिफल कन्या राशि के जातकों के कामों की सराहना होगी.  अविवाहित जातकों के लिए उत्तम विवाह के प्रस्ताव आएंगे. आपकी दीर्घकालीन योजनाओं को गति मिलेगी. आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को पूरा करना होगा.  वरिष्ठ सदस्य आपको कामों को लेकर कोई सलाह दे सकते हैं. विद्यार्थियों  को पढ़ाई लिखाई में एकाग्र होकर जुटना होगा.  आपको धैर्य व साहस से काम लेने की आवश्यकता है. तुला राशि, आज का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन चिताओं से छुटकारा दिलाने वाला रहेगा. आपको किसी भूमि वाहन आदि से संबंधित यदि कोई वाद विवाद कानून में चल रहा है, तो आपको उसमे चुप लगाना होगा. आप शौक  मौज की चीजों में अच्छा खासा धन व्यय करेंगे. आप आपको अपने दोस्तों के साथ कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे. आपका कोई सहयोगी  आपके कामों को बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है.  आप अपने बिजनेस में को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. वृश्चिक राशि, आज का राशिफल वृश्चिक राशि के जो जातक राजनीति में कार्यरत हैं, उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी, उन्हें कोई सम्मान की भी प्राप्ति हो सकती है. रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए आपको मेहनत अधिक करनी होगी. इन्कम वृद्धि होने से आपका मन प्रसन्न रहेगा. आपको अपने खर्चों को लेकर थोड़ा ध्यान देना होगा. आपको बिजनेस में मन मुताबिक लाभ मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा.  आपकी धन प्राप्ति के मार्ग से सुगम होंगे. धनु राशि, आज का राशिफल धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन उत्तम रूप से फलदायक रहने वाला है. आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है. आपको घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी. माता जी का कोई पुराना रोग उभर  सकता है. आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से  आप अपने घर पूजा पाठ का आयोजन भी कर सकते हैं. आपको किसी पैत्रक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है. मकर राशि, आज का राशिफल मकर राशि के जातकों के चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा. भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी. आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण कामों को कल पर डाल सकते हैं. आपकी कुछ प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी. माता-पिता का आपको पूरा सहयोग मिलेगा.  आपको अपने बिजनेस में चुटपुट लाभ की जो योजनाओं पर भी पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. आपको किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन परेशान रहेगा. कुंभ राशि, आज का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के बिगड़े काम बनेंगे. घर में मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी होंगी. आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. संतान के करियर को लेकर कोई चिंता थी, तो वह भी दूर होगी.  आपके किसी काम में यदि बाधा आ रही थी, तो उसके दूर होने की संभावना है. आप अपने घर परिवार के कामों को लेकर योजना बनाकर चलेंगे, तो वह आसानी से पूरे होंगे. पिताजी से आप किसी काम को लेकर धन उधार ले सकते हैं. मीन राशि, आज का राशिफल मीन राशि के जातकों के दांपत्य जीवन में  खुशियां भरपूर रहेगी, दोनों एक दूसरे की भावनाओं को सम्मान करेंगे. आपके घर किसी नये मेहमान का आगमन हो सकता है.  नयी ऊर्जा आपके मन में विराजमान रहेगी. आपको एक के बाद एक खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. आपको अपनी पारिवारिक समस्याओं को लेकर थोड़ी टेंशन तो रहेगी, लेकिन संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी.

शीतला अष्टमी कल, जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना गया है. ये व्रत माता शीतला को समर्पित है. इस व्रत को बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. ये व्रत हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. शीतला माता को स्वच्छता और स्वास्थ्य की देवी माना गया है. शीतला अष्टमी पर माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. क्योंकि माता को बासी भोजन बहुत प्रिय है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत करने से सारे रोगों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन में सुख-शांती रहती है. इस साल कल शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और व्रत पारण तक सबकुछ. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 22 मार्च यानी कल सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर हो रही है. वहीं इस अष्टमी तिथि का समापन 23 मार्च को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि मान्य है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत कल रखा जाएगा. पूजा का शुभ मुहूर्त शीतला अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 मार्च को सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो जाएगा. ये शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में भक्त माता शीतला का पूजन कर सकते हैं. पूजा विधि     शीतला अष्टमी के दिन सुबह प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए.     फिर साफ कपड़े पहनने चाहिए. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए.     पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए.     फिर चौकी पर शीतला माता की मूर्ति या चित्र रखना चाहिए.     फिर माता को जल, हल्दी, चंदन, सिंदूर और फूल चढ़ाना चाहिए.     माता को चावल, दही और मिठाई का बासी भोग लगाना चाहिए.     शीतला माता की कथा का पाठ करना चाहिए. अंत में माता की आरती करनी चाहिए.     फिर परिवार और अन्य लोगों में प्रसाद वितरित करना चाहिए. व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं माता को दाल का हलवा, बिना नमक की पूड़ी, पुए या गुलगुले, मीठे चावल और दही चावल का भोग लगाया जाता है. व्रत में फल दूध, दही और सात्विक चीजें खाई जा सकती हैं. फिर माता का पूजन और व्रत पारण करने के बाद माता को लगाया गया भोग खाया जाता है. इस दिन गर्म भोजन, अनाज, मांस-मदिरा आदि के सेवन की मनाही होती है. क्या करें और क्या नहीं इस दिन ठंडा और भासी भोजन करना चाहिए. इस दिन होलिका दहन वाली जगह जाकर भी दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इस दिन माता शीतला के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलाना चाहिए. इन दिन नए और गहरे रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए. इस दिन घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए. इस दिन सुई-धागे का उपयोग नहीं करना चाहिए. इस दिन पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करना चाहिए. इन चीजों का करें दान शीतला अष्टमी के दिन भूखे और गरीबों को भोजन का दान करें. इस दिन पानी और मिठाई का दान करें. इस दिन मंदिर में झाडू और सूप का दान करें. इस दिन कुम्हारन को प्रसाद रूप में किसी चीज का दान अवश्य करें. मान्यता है कि इस दिन जब तक कुम्हारन प्रसाद के रूप में कुछ नहीं खाती तो माता की पूजा पूरी नहीं मानी जाती. इन मंत्रों का करें जाप     ‘ॐ ह्रीं श्रीं शीतलाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.     ‘वन्देहं शीतल देविं सर्वरोग भयापहम्. यमसद्य निर्वर्तेत विस्फोट भयम् महत्’ मंत्र का जाप करें. ये मंत्र रोग मुक्त करता है.     ‘वन्देहं शीतल देविं रसभास्था दिगम्बरम्. मर्जनी कालाशोपेतं सूर्प अलंक्रित मस्तकम्’ मंत्र का जाप करें. ये मंत्र जीवन में सकारात्मक उर्जा लाता है. शीतला अष्टमी व्रत का महत्व शीतला माता को चेचक की देवी माना गया है. माता चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक रोगों से बचाती हैं. इस दिन माता की पूजा करने से बिमारियों से तो छुटकारा मिलता ही है. साथ ही सेहत भी अच्छी रहती है. इस दिन घर के सभी परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर पूजा करके भोजन करते हैं, जिससे उनके बीच एकता और प्यार बढ़ता है. व्रत का पारण शीतला अष्टमी के व्रत का पारण अगले दिन यानी 23 मार्च को सुबह पूजा-पाठ करने के बाद किया जाएगा.

21 मार्च शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ, पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों को कई ऐसे मौके दे सकता है, जो पर्सनल ग्रोथ में मदद करेंगे। पॉजिटिव सोच लव लाइफ, करियर, धन और सेहत में बदलावों को अपनाने में मदद करेगी। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। सेहत पर गौर करें। वृषभ राशि- आज अपने लक्ष्यों पर फोकस रखें। सेहत को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। बाहर के खाने से परहेज करें। दिमाग पर ज्यादा प्रेशर न डालें। आप कॉन्फिडेंट फील करेंगे। काम पर आपका पूरा फोकस रहेगा। मिथुन राशि- आज मेडिटेशन करने से आपको अच्छा महसूस होगा। सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। दिन नॉर्मल रहने वाला है। बिजी शेड्यूल के चलते आप थोड़ा प्रेशर महसूस कर सकते हैं। डेडलाइन पर सभी जरूरी टास्क पूरे करने में सक्षम रहेंगे। कर्क राशि- आज का दिन शुभ माना जा रहा है। आज कई स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। कुछ जातक करियर की पॉलिटिक्स का शिकार भी बन सकते हैं। जल्दबाजी में आकर कोई भी फैसला न लें। तनाव से बचें। सिंह राशि- आज जंक फूड्स का सेवन ज्यादा न करें। अपनी फैमिली के साथ आपको कुछ वक्त बिताना चाहिए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। कन्या राशि- आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होना संभव है। धन के मामले में दिन आपका अच्छा रहेगा। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। तुला राशि- आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी। कुछ जातकों का प्रमोशन भी हो सकता है। लव के मामले में आज अपने गुस्से पर काबू रखें। बेवजह के वाद विवाद में फंसने से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। धीरे-धीरे ऑफिस का माहौल आपके लिए पॉजिटिव होता जाएगा। पार्टनर के साथ चल रही प्रॉब्लम्स पर काम करें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। धनु राशि- आज हाइड्रेटेड रहें। आपका आज का दिन थोड़ा बिजी रहने वाला है। किसी इवेंट की वजह से आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस कर रहे हैं लोगों को आज पार्टनरशिप को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। मकर राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके खर्च बढ़ सकते हैं। लव लाइफ नॉर्मल रहने वाली है। कुंभ राशि- आज अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। कुछ लोग तनाव का शिकार हो सकते हैं। आज आपको अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। मीन राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। काम का प्रेशर बहुत ज्यादा न लें। बिजनेस करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें।

28 या 29 मार्च, जानिए कब है शनि अमावस्या

हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि बड़ी पावन और विशेष मानी गई है. अमावस्या का दिन पितरों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. साल में 12 अमावस्या पड़ती है. जो अमावस्या शनिवार को पड़ती है, उसको शनि या शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं. इस दिन शनि देव की पूजा का विधान हिंदू धर्म शास्त्रों में है. शनि अमावस्या का दिन शनि देव के पूजन के लिए सबसे अच्छा और शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि अमावस्या के दिन सच्चे भक्ति भाव से शनि देव का पूजन करने पर जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन की बाधाएं दूर होती है. पृत और ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिल जाती है. हिंदू धर्म शास्त्रों में शनि अमावस्या के दिन शनि देव के पूजन के साथ ही कुछ नियमों का पालन करने के लिए भी कहा गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए. कब है शनि अमावस्या? इस साल शनि अमावस्या 29 मार्च को मनाई जाएगी. ये चैत्र माह की अमावस्या होगी. इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. इसी दिन शनि देव कुंभ से मीन राशि में जाएंगे. चैत्र माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 मार्च को रात को 7 बजकर 55 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर हो जाएगा. इसलिए उदया तिथि के अनुसार, शनि अमावस्या 29 मार्च रहेगी. ये इस साल की पहली शनि अमावस्या होगी. शनि अमावस्या पर क्या करें इस दिन शनि देव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं. उसमें काली उड़द की साबुत दाल, काले तिल और एक लोहे की कील डालें. इस दिन काले तिल, काले रंग का कंबल और काले रंग कपड़े गरीबों में दान करें. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर सात बार उसकी परिक्रमा करें. शमि के पेड़ की पूजा करें. काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाएं. गंगा स्नान करें. क्या न करें शनि अमावस्या के दिन मांसाहार और शराब का सेवन करने से बचें. बड़ों और पूर्वजों का अनादर न करें. इस दिन गाय, कुत्ते और कौवे को कष्ट न दें. ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता. बाल, दाढ़ी, और नाखून न काटें. इससे ग्रह दोष लग सकता है. किसी तरह का विवाद न करें. लोहे का सामान और शनि से जुड़ी वस्तुएं न खरीदें.

चैत्र नवरात्रि : लौंग से करें चमत्कारी उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति और माता रानी का बना रहेगा आशीर्वाद

सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूप की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है जिसमें एक शारदीय दूसरा चैत्र और दो गुप्त नवरात्रि होते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से शुरू हो रही है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का अधिक महत्व भी होता है. खासकर चैत्र माह में पड़ने वाली नवरात्रि बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती है. इस दिन हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ भी होता है. नवरात्रि के दौरान ज्योतिष द्वारा बताए गए कुछ खास उपाय करने से जीवन में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है, तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं…  नवरात्रि के दौरान अगर आप कुछ खास उपाय करते हैं तो उनका फल भी प्राप्त होता है. अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं, कर्ज के मुक्ति से परेशान हैं, मनोकामना पूरी नहीं हो रही है, तो ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप नवरात्रि में कुछ खास उपाय भी कर सकते हैं. आर्थिक तंगी को दूर करने के उपाय अगर आप लंबे समय से पैसे की आर्थिक तंगी से परेशान है तो ऐसी स्थिति में चैत्र नवरात्रि के दिन माता जगत जननी जगदंबा को प्रतिदिन एक जोड़ी लौंग अर्पित करें. इसके साथ ही मां दुर्गा के मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से आर्थिक समस्या से मुक्ति मिलती है. कर्ज से पाएं मुक्ति अगर आप कर्ज से परेशान हैं और कर्ज को नहीं चुका पा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन हाथ में एक लौंग लेकर माता रानी से प्रार्थना करनी चाहिए. ऐसा करने से कार्य से मुक्ति मिलती है. नकारात्मक ऊर्जा से पाना है मुक्ति तो करें ये उपाय अगर आप घर की नकारात्मकता को दूर करना चाहते हैं, तो चैत्र नवरात्रि के दौरान घर के में गेट पर प्रतिदिन दीपक जलाएं और उस दीपक में लौंग तोड़ कर डाल दें. माता रानी का फिर मंत्र करें ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी. अगर आप बुरी नजर से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दौरान एक लौंग लेकर काले कपड़े में बांधना चाहिए और उसको अपने पास रखें ऐसा करने से बुरी नजर से छुटकारा मिलेगा.

पापमोचनी एकादशी पर कर लें तुलसी से उपाय, धन-संकट से मिलेगी मुक्ति

 सनातन धर्म में प्रत्येक तिथि का विशेष महत्व होता है. उन्हीं में से एक एकादशी तिथि को शुभ और फलदायी माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता. अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो पापमोचनी एकादशी पर मां तुलसी की विशेष पूजा और कुछ उपाय करने से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. यह उपाय धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बहुत प्रभावी माने जाते हैं. आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और तुलसी के कुछ विशेष उपाय. पापमोचनी एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त तिथि प्रारंभ– 25 मार्च 2025 को सुबह 05:05 बजे तिथि समाप्त– 26 मार्च 2025 को देर रात 03:45 बजे व्रत एवं पूजा का शुभ दिन- 25 मार्च 2025 आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए यदि आप धन संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा करें. तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं, विधिपूर्वक आरती करें और फल व मिठाई का भोग अर्पित करें. यह उपाय करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. संकटों से छुटकारे के लिए अगर जीवन में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं, तो पापमोचनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में गन्ने का रस अर्पित करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय से सभी प्रकार के संकटों का नाश होता है और मनचाही सफलता प्राप्त होती है. मनोकामना पूर्ति के लिए जो लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति चाहते हैं, उन्हें एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर दीपक जलाना चाहिए. इसके बाद हल्दी चढ़ाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में समृद्धि आती है. वैवाहिक जीवन सुखमय बनाने के लिए यदि दांपत्य जीवन में समस्याएं चल रही हैं, तो पापमोचनी एकादशी पर तुलसी को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें और फिर इन्हें सुहागिन महिलाओं को दान करें. यह उपाय पति-पत्नी के रिश्ते को मधुर और मजबूत बनाता है.

20 मार्च 2025 का राशिफल मेष, कर्क और कुंभ राशि वालों पर मां लक्ष्मी की रहेगी विशेष कृपा

मेष राशि- आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालेगी। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। कुछ लोगों की मुलाकात उनके एक्स लवर से भी हो सकती है। धन लाभ होने की संभावना है। वृषभ राशि- आज के दिन किसी भी बहस में ना पड़ने की सलाह दी जाती है। कोई ऐसा प्रोजेक्ट जो किसी कारणवश रुक गया था, वो फिर से अब शुरू हो सकता है। आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशि- ऑफिस में आपको अपने काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। आज का दिन बैंकर्स के लिए काफी बिजी रहने वाला है। अपनी डाइट में हेल्दी जूस शामिल करें। ऑफिस रोमांस में न पड़ें। कर्क राशि- आज आपके जीवन में जरूरी बदलाव आ सकता है। रोमांटिक जीवन में कई प्यार भरे पल आएंगे। आज का आपका दिन काफी रोमांचक रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों आपको पार्टनर की तरफ से खास सरप्राइज मिलेगा। सिंह राशि- आज के दिन आपके सिनीयर्स आपके प्रति काफी सपोर्टिव रहेंगे, जो आपके साथ दोस्तों जैसा व्यवहार करेंगे। डाइट में सलाद शामिल करना बेहतर रहेगा। ऑफिस में वेतन वृद्धि पर बात करना आपके लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है। कन्या राशि- आज पैसों का हिसाब-किताब करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। किचन में काम करते समय आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तुला राशि- आज व्यापारियों को नए पार्टनर्स मिल सकते हैं। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। पार्टनर के साथ आपकी अच्छी बान्डिंग होगी। अपनी बॉडी को फिट रखें। घर-परिवार में शांति रहेगी। वृश्चिक राशि- आज काम की लापरवाही सिनीयर्स की नाराजगी का कारण बन सकती है। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए वो काम करें, जो आपको खुशी देता है। बिना किसी हिचकिचाहट के अपना प्यार दिखाएं। धनु राशि- आज सकारात्मक बातचीत से सब कुछ सॉल्व हो सकता है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। आप ऑफिस में अच्छे माहौल का अनुभव करेंगे और अपने रिश्तों में नई चीजें सीखेंगे। मकर राशि- आप अपनी इच्छाओं और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर रखें। आपका पूरा ध्यान अपने घर-परिवार पर रहेगा। आप अपने कार्यस्थल पर किसी से मिल सकते हैं या उसके प्रति आकर्षित भी हो सकते हैं। कुंभ राशि- कोई गलतफहमी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। मैरिड कपल्स को एक दूसरे के काम में हाथ भी बटाना चाहिए। अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। पैसों से जुड़े मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मीन राशि- आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। आज के दिन आपको डाइट में हेल्दी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। तनाव कम लें और सेहत पर फोकस करें।

शीतला अष्टमी पर करे मां शीतला की पूजा रोग और संक्रमण रहेंगे दूर

वैसे तो पूरे चैत्र माह में मां शीतला की पूजा होती है लेकिन अष्टमी तिथि मुख्य रुप से मालवा, निमाड़, राजस्थान और हरियाणा के बहुत सारे भागों में मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी और अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इन दोनों तिथियों पर शीतला माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा और व्रत करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस वर्ष शीतला सप्तमी का व्रत 21 मार्च 2025 शुक्रवार को है और शीतला अष्टमी का व्रत 22 मार्च 2025 शनिवार को है। इस व्रत में बासा भोजन खाने का विधान है इसलिए इसे बसौड़ा, बसियौरा व बसोड़ा भी कहा जाता है। माता शीतला शारीरिक गर्मी से ताप, टीवी, स्पर्श रोग तथा अन्य वायरस के दुष्प्रभावों से निजात दिलाती हैं। माना जाता है कि ज्वर, चेचक, एड्स, कुष्ठरोग, दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गन्धयुक्त फोड़े तथा विभिन्न त्वचा संबंधी रोगों से ग्रस्त होने पर मां की उपासना रोगों से मुक्ति दिलवाती है।   शीतला अष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च की सुबह 4:23 पर शुरु होगी और 23 मार्च की भोर पर 5:23 पर समाप्त होगी। शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 से सुबह 6:50 तक रहेगा। 

इन चीजों के तर्पण से दर्श अमावस्या पर पितृ होंगे प्रसन्न

हिन्दू धर्म में दर्श अमावस्या बड़े ही उत्साह से मनाई जाती है. दर्श अमावस्या के दिन स्नान-दान से पुण्य मिलता है. दर्श अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी बड़ा ही महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितर धरती लोक पर आते हैं. दर्श अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. दर्श अमावस्या पर किए तर्पण और पिंडदान से पितर प्रसन्न होते हैं. इस दिन पितरों के तर्पण और पिंडदान से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि मार्च 28 को शाम 07 बजकर 55 मिनट पर प्रारम्भ होगी और इसका समापन 29 मार्च को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में दर्श अमावस्या 29 मार्च को ही मनाई जाएगी. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी दर्श अमावस्या पर अपने पितरों का तर्पण और पिंडदान करता है उसके तीन पीढ़ियों के पीतरों को मोक्ष प्राप्त होता है. दर्श अमावस्या के दिन तर्पण और पिंडदान से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही पृत दोष से मुक्ति मिल जाती है. दर्श अमावस्या पर पितरों का तर्पण कैसे करना चाहिए. तर्पण के समय कौनसी चीजें उपयोग करना चाहिए. आइए विस्तार से जानते हैं.   तर्पण विधि दर्श अमावस्या पर प्रात: काल में किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. इसके बाद तर्पण के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर लेना चाहिए. पितरों का तर्पण करने के लिए जौ, कुश, गुड, घी, अक्षत और काले तिल का का उपयोग करना चाहिए. पितरों का तर्पण करते समय उनका ध्यान करना चाहिए. जल लेकर पितरों का तर्पण करना चाहिए. पितरों के तर्पण के बाद पशु-पक्षियों को खाना खिलाना चाहिए. साथ ही दान भी अवश्य करना चाहिए. इन चीजों के उपयोग से पितर हो जाते हैं तृप्त स्कंद पुराण के अनुसार, दर्श अमावस्या के दिन पितरों की मुक्ति और उन्हें प्रसन्न करने के लिए जौ, कुश, गुड, घी, अक्षत और काले तिल के साथ-साथ मधु युक्त खीर गंगा में डालनी चाहिए. ऐसा करने पितर 100 सालों तक के लिए तृप्त हो जाते हैं. साथ ही प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पिंडदान विधि • सबसे पहले पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. • इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए. • फिर चौकी पर पितरों की तस्वीर रखनी चाहिए. • गाय का गोबर, आटा, तिल और जौ से पिंड बनाना चाहिए. • पिंड बनाकर उसे पितरों को अर्पित करना चाहिए. • पितरों का ध्यान और पितृ दोष शांति के मंत्रों का जाप करना चाहिए.

शनि अमावस्या के दिन होती है शिव जी की पूजा, जाने कब मनेगी 28 या 29 मार्च

नई दिल्ली अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह तिथि पितरों को प्रसन्न करने के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी गई है। शनि अमावस्या के दिन पर देवों के देव महादेव और शनिदेव की पूजा-अर्चना करने का विशेष मगत्व माना गया है। इससे जातक को शनि की बाधा से भी मुक्ति मिल सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप शनि अमावस्या के दिन क्या कार्य कर सकते हैं। कब है शनि अमावस्या चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को शाम 07 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 29 मार्च को दोपहर 04 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र अमावस्या शनिवार 29 मार्च को मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या भी कहा जाएगा।   जरूर करें ये काम शनि अमावस्या के दिन शुभ फलों की प्राप्ति के लिए गरीबों व जरूरतमंद लोगों को काले तिल, काला कंबल, उड़द की दाल आदि का दान करना चाहिए। इसी के साथ शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और उसके समक्ष सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। ऐसा करने से जातक को शनि की बाधा से मुक्त मिल सकती है। इसी के साथ शनि अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को भोजन कराने से भी जातक को पुण्य की प्राप्ति होती है।   करें इन मंत्रों का जप शनि अमावस्या के दिन शिव जी और शनिदेव के मंत्रों का जप करने से साधक को काफी लाभ मिल सकता है।     ॐ नमः शिवाय     शिव गायत्री मंत्र – ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि तन्नः शिवः प्रचोदयात्     महामृत्युमजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्     ॐ काकध्वजाय विद्महे खड़गहस्ताय धीमहि तन्नो मंदः प्रचोदयात     ‘ओम प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’     ‘ओम शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभि स्रवन्तु न:।।  

19 मार्च बुधवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। कुछ लोगों को आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज तनाव से दूर रहें। वृषभ राशि- आज काम बढ़ाने और प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। ऑइली फूड से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। आज आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। कर्क राशि- आज कुछ योजनाएं गलत साबित हो सकती हैं और इसका भार आप पर भी आ सकता है। व्यवसायियों को दिन की शुरुआत में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरेगा चीजें बेहतर होंगी। सिंह राशि- आज के दिन दफ्तर में टिके रहने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी। हो सकता है कि आपके सहकर्मी सहयोगात्मक न हों और आपको अपने सहकर्मियों से कही गई बातों में सावधानी बरतने की जरूरत है। कन्या राशि- आज कुछ अप्रत्याशित समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। हेल्थ आज अच्छी रहेगी। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपको अपने करियर में कुछ असफलताओं का अनुभव हो सकता है। एडवाइस यह रहेगी कि सावधान रहें और केवल वही जिम्मेदारियां लें, जिनके बारे में आप कॉन्फिडेंस महसूस करते हैं। वृश्चिक राशि- आज आपके सिनीयर्स आप पर बिना किसी वजह के प्रेशर डाल सकते हैं और कार्य संतुष्टि में कमी हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को आज काफी मेहनत करनी पड़ेगी। प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। धनु राशि- आज व्यवसायी लोग अपना कार्यक्षेत्र बदलना चाह रहे होंगे। धैर्य रखने की कोशिश करें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। व्यवसायियों को स्टाफ संकट का सामना करना पड़ सकता है। कमाई आज उम्मीद से कम रहेगी। मकर राशि- आज नौकरी में बदलाव की भी बड़ी संभावना है। आज आपको अपनी मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। लाइफ में प्रॉब्लम आना नॉर्मल है। इसलिए हिम्मत न हारें और पॉजिटिव रहने की कोशिश करें। कुंभ राशि- आज कारोबार से जुड़े लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। दिन की शुरुआत में अपने करियर को लेकर आप स्ट्रगल कर सकते हैं। काम का प्रेशर ज्यादा महसूस होगा। मीन राशि- अपने काम से संबंधित कुछ निराशाओं का सामना करना पड़ेगा। हो सकता है कि आप अपने लक्ष्य हासिल न कर पाएं और खर्चे बढ़ जाएं या आपका बजट गड़बड़ा जाए। स्ट्रेस से बचने के लिए मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।

29 मार्च : शनि गोचर और इसी दिन सूर्यग्रहण भी, इन 3 राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव

करीब 30 साल बाद 29 मार्च 2025 को शनि गुरु की मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि में शनि ढाई वर्ष तक विराजमान रहेंगे। शनि के मीन गोचर का प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। शनि गोचर के दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। शनि मीन गोचर व सूर्य ग्रहण एक ही दिन होने का प्रभाव कुछ राशियों के लिए उथल-पुथल भरा रहेगा। इन राशि वालों को आर्थिक, पारिवारिक व शारीरिक रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानें शनि गोचर व सूर्य ग्रहण का संयोग किन राशियों पर डालेगा अशुभ प्रभाव- 1. मेष राशि- 29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होगी। इस अवधि में मेष राशि वालों को आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। करियर में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के 12वें भाव में होगा, जिससे खर्च की अधिकता रह सकती है। मानसिक तनाव भी हो सकता है। 2. कुंभ राशि– सूर्य ग्रहण के दिन शनि के मीन गोचर से कुंभ राशि वालों को अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। कार्यों में आकस्मिक बाधा व आर्थिक हानि के संकेत हैं। बनते हुए कार्यों के बिगड़ने की संभावना है। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के द्वितीय भाव में होगा, जिसके कारण आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव व परिवार में अनबन हो सकती है। वाणी पर कंट्रोल रखें। 3. मीन राशि– सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग मीन राशि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको सेहत से जुड़ी परेशानियां व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहण का प्रभाव मीन राशि के प्रथम भाव में होगा, जिसके कारण आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी।

चैत्र नवरात्रि में बनने जा रहा दुर्लभ संयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। यह पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इस दौरान जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2025) पर नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। धर्मिक मत है कि जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र नवरात्र से कई राशि (Chaitra Navratri Lucky Zodiac Signs) के जातकों के जीवन में उजाला होने वाला है। इन लोगों को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही बिगड़े काम बन जाएंगे। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं- शनि गोचर 2025 न्याय के देवता शनिदेव 29 मार्च को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव की चाल बदलने से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। कर्क, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों को शनि की बाधा से मुक्ति मिलेगी। वहीं, मिथुन और तुला राशि के जातकों पर चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा तिथि से शनिदेव की विशेष कृपा बरसेगी। मिथुन राशि शनिदेव की विशेष कृपा मिथुन राशि के जातकों पर बरसेगी। उनकी कृपा से धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी। लोगों के मध्य में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वभाव में विनम्रता आएगी। शनिदेव की मेहरबानी से राजनीति क्षेत्र में आपको कामयाबी मिल सकती है। आप अपने पराक्रम से स्वयं का भविष्य लिखेंगे। आपके जीवन में जल्द ही बदलाव होगा। गुरु की मेहरबानी भी मई महीने से मिथुन राशि पर बरसेगी। गुरु और शनिदेव के आशीर्वाद से करियर संबंधी परेशानी दूर होगी। आप शत्रु पर विजय प्राप्त करने में सफल होंगे। सरकारी नौकरी मिलने के योग हैं। तुला राशि शनिदेव के राशि परिवर्तन करने से तुला राशि के जातकों को शुभ फल मिलेगा। आपकी तार्किक क्षमता बढ़ेगी। आप अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देंगे। नाना प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन खाने का अवसर मिलेगा। किसी योग्य व्यक्ति से मुलाकात होगी। मीन का शनि गोचर आपको धन लाभ दिलाएगा। धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी। गाड़ी, बंगला, नौकर और चाकर भी आपके पास होंगे। आपके बढ़ते कद से शत्रुओं में भय का माहौल रहेगा। विषय में रत होने से बचें। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। करियर को नया आयाम मिलेगा। धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षा में आपको सफलता मिलेगी। मकर राशि मीन राशि में शनिदेव के गोचर से मकर राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान समय में मकर राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। शनिदेव की कृपा से चतुर सुजान बनेंगे। सेहत अच्छी रहेगी। धर्मवान और कर्मवान बनेंगे। स्वभाव से आप चंचल हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि आपके स्वभाव में चंचलता आएगी। बिना किसी मतभेद के आप सभी की मदद करेंगे। सरकार की तरफ से राजकीय सम्मान मिलेगा। राजनीति क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी।

18 मार्च मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- आज का दिन मुश्किलों पर काबू पाने के बारे में है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली साबित हो सकते हैं। बाहर का खाना आज खाने से बचें अगर सेहत रिलेटेड प्रॉब्लम है। वृषभ राशि- आज आपकी गट फीलिंग ही आपका मार्गदर्शन करेगी। लव के मामले में साथी की बात सुनना आज बेहतर रहेगा। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। खर्च को कंट्रोल करें। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं और खुद पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है। कर्क राशि- आज परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। सिंह राशि- आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। आपके लिए आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। तनाव न लें। कन्या राशि- आज इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देता है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। तुला राशि- आज का दिन तुला राशि वाले जातकों के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। स्ट्रैटजी बनाएं। वृश्चिक राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। आज का दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। डाइट को हेल्दी व ऑयल फ्री रखें। धनु राशि- मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ सकते हैं। लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। कुछ नया करने और दूसरों से हटकर सोचने की क्षमता पर फोकस करें। मकर राशि- आज गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। आज का दिन सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। खर्च कम करें। कुंभ राशि- आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। हाइड्रेटेड रहें। मीन राशि- आज का दिन मीन राशि वालों के लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है।

29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन राशि वालों की खुलेंगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्र ग्रहण बहुत ही खास घटना मानी जाती है. इस दौरान किसी भी पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य तथा भोजन तक ग्रहण करने की मनाही होती है. साल का पहल चंद्र ग्रहण होली के अवसर पर लग चुका है वहीं साल का पहला सूर्य ग्रहण जल्दी ही लगने वाला है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल कुल चार बार ग्रहण लगेगा, जिसमें से दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों के साथ ग्रहण का प्रभाव भी राशियों पर होता हैं. इस दौरान शनि देव भी गोचर कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जिससे कुछ दुर्लभ और शुभ संयोग बनने वाले हैं. कई बार ग्रहण कुछ राशि वालों के लिए मुश्किलें बढ़नें वाला होता है. वहीं कुछ राशि वालों के ग्रहण की स्थिति किसी वरदान से कम नहीं होती है. तो आइए जान लेते है साल का यह पहला सूर्य ग्रहण किन राशि वालों से लकी होने वाला हैं. वहीं किसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. कब लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण? ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च यानी चैत्र माह की अमावस्या तिथि के दिन लगेगा, जिसकी शुरुआत दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर होगी. वहीं समापन शाम 6 बजकर 16 मिनट पर होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके चलते सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. वहीं सभी 12 राशियों पर इस प्रभाव पूर्ण रूप से देखने को मिलेगा. इन राशि वालों के लिए लकी है सूर्य ग्रहण? साल का पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ फालदायी साबित हो सकता है. इस राशि के जातकों को हर कार्य में सफलता हासिल हो सकती है. आमदनी में वृद्धि होगी. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है. इसके अलावा विदेश यात्रा के योग बनेंगे. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए भी साल का पहला सूर्य ग्रहण शुभ साबित होगा. इस राशि के जातकों के लिए अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. विदेश जाने का सपना पूरा होगा. जमापूंजी धन में वृद्धि होगी. संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग शुभ संकेत लेकर आ रहा है. जिससे इस राशि के जातकों को कोर्ट कचहरी मामलों में सफलता मिल सकती है. नौकरी में बड़े अधिकारियों से तालमेल बढ़ेगा. जिससे प्रमोशन मिलने के साथ सैलरी भी बढ़ सकती है. मकर राशि के जातकों के किसी पुराने निवेश से फायदा मिलेगा. पैतृक संपत्ति मिलने की संभावना है. इसके अलावा वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ेगी. इन राशि वालों रहना होगा सतर्क सूर्य ग्रहण और शनि ग्रह के मीन राशि में गोचर मेष और वृश्चिक राशि वालों पर अशुभ प्रभाव हो सकता है. इस दौरान इन राशि के जातकों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकते है. ऐसे में इन राशि वालों को सेहत, कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में सतर्क रहना होगा.

30 मार्च से चैत्र नवरात्रि, इस बार हाथी से होगा मां का आगमन, जाने कलश स्थापना मुहूर्त

नई दिल्ली देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का पर्व चैत्र नवरात्र 30 मार्च को कलश स्थापना के साथ शुरू होगी। इसबार सर्वार्थ सिद्धि योग में मां जगदंबे की आराधना होगी। इसबार माता का आगमन हाथी पर होगा। चैत्र नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। 30 मार्च से 7 अप्रैल तक मां जगदंबे की पूजा की जाएगी। 30 मार्च को घट स्थापित होगी और पहला व्रत रखा जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होगी। 9 दिन माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाएगी। इसे लेकर मंदिरों में तैयारी शुरू कर दी गई है। साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। वहीं, घरों में भी नवरात्रि की तैयारी शुरू है। साकची शीतला मंदिर, मनोकामना मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में चैत्र नवरात्र पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी। चैत्र नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है। इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी। इसे शुभ संकेत माना जाता है। हाथी पर मां के आगमन से धन-धान्‍य में वृद्धि होती है। वहीं, मां दुर्गा का प्रस्थान सोमवार 7 अप्रैल को हाथी पर ही होगा। इस शुभ अवसर मां दुर्गा की पूजा करने पर मनोकामनाएं सिद्ध हो सकती है। पंचांग के अनुसार इस साल 9 दिन नहीं, बल्कि 8 दिनों की ही नवरात्रि हैं। इस साल चैत्र नवरात्र में पंचमी तिथि का छय रहने के कारण एक दिन कम हो रहा है। इस साल 8 दिनों में ही मां दुर्गा की पूजा होगी। कलश स्थापना मुहूर्त कलश स्थापना पूजा का संकल्प होता है। विशेष पूजा से पहले कलश की स्थापना की जाती है। यह शुभ मुहूर्त में करना आवश्यक है। चैत्र नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ माता शैलपुत्री की पूजा होगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च 2025 को सुबह 06.13 से 10.22 बजे तक है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.50 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्त पर कलश स्थापना कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए।

संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत आज, जाने शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी बहुत महत्व रखती है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है। चैत्र माह में जो संकष्टी चतुर्थी पड़ती है उसे भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन विधि-विधान से विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सारे दुख दूर होते हैं। मान्यताओं के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी विघ्न और परेशानियां दूर होती हैं। भगवान गणेश के आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। महिलाएं संतान की अच्छी सेहत और लंबी आयु के लिए ये व्रत रखती हैं। इस दिन पूजा के समय कुछ विशेष चीजों का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी रूके हुए काम पूरे हो जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत कल यानी आज रात 7 बजकर 33 मिनट पर हो रही है। वहीं इस चतुर्थी तिथि का समापन अगले दिन 18 मार्च रात 10 बजकर 9 मिनट पर हो जाएगा। संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय के समय पूजा की जाती है। ऐसे में कल ही भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। आज का शुभ मुहूर्त चैत्र कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि- आज शाम 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी ध्रुव योग- आज दोपहर बाद 3 बजकर 45 मिनट तक चित्रा नक्षत्र- आज दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक आज व्रत-त्यौहार- संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत सूर्योदय-सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 6:28 am सूर्यास्त- शाम 6:30 pm बप्पा को लगाएं इन चीजों का भोग • संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को पूजा के समय बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि भगवान गणेश को ये भोग लगाने से करियर में नई ऊंचाइयां मिलती हैं। साथ ही जीवन से सारे दुख दूर हो जाते हैं। • भगावन गणेश को मोदक बहुत प्रिय है, इसलिए संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को पूजा के समय मोदक का भोग अवश्य लगाना चाहिए। • संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू का भोग भी जरूर लागाना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान को मोतीचूर के लड्डूओं का भोग लगाने से वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहता है। • इस दिन भगवान गणेश को बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाया जा सकता है। इस भोग को लगाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और घर से नकारात्मकता दूर रहती है।

17 मार्च 2025, सोमवार: चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि:आज किसी संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए आप पहल कर सकते हैं। शरीर को फिट रखने के लिए आपको सब्जियां और फल भी अधिक खाने चाहिए। लव लाइफ में पार्टनर को समय दें। तनाव कम लें। वृषभ राशि: आज आपको अपने प्रदर्शन से समस्याओं पर काबू पाने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों पर बहस में न पड़ें। प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। मिथुन राशि: आज छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं उम्रदराज नागरिकों को परेशान कर सकती हैं। कुछ लॉन्ग डिस्टेंस के प्रेम संबंधों में परेशानी हो सकती है। व्यापार में अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा। कर्क राशि: आज कुछ जातकों को मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होगी। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोई सहकर्मी आप पर गलत बिहेवियर का आरोप लगा सकता है। सिंह राशि: आज आपको जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता है। प्रेम-संबंधी मुद्दों को संभालते समय डिप्लोमेटिक बने रहें। धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कन्या राशि: आज कोई पुराना एक्स लवर जीवन में वापस आएगा लेकिन इससे पारिवारिक जीवन में परेशानी हो सकती है। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं। कुछ जातकों को सेहत संबंधी दिक्कत हो सकती है। तुला राशि: आज का दिन फाइनेंशियल डिसीजन लेने के लिए अच्छा नहीं रहेगा। सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। महिला जातक अपने माता-पिता से सपोर्ट की उम्मीद कर सकती हैं। वृश्चिक राशि: धन के मामले में आज का दिन शुभ है। लव लाइफ में परेशानी हो सकती है, ज्यादातर बातचीत की कमी के कारण। आप अपने करियर में विकास के नए अवसर देखेंगे। सुबह के समय योग और कुछ हल्के व्यायाम करना बहुत फायदेमंद रहेगा। धनु राशि: आज आपको व्यापार में धन जुटाने में परेशानी हो सकती है। उम्रदराज लोगों को फिसलन वाली जगह पर चलने से बचना चाहिए। प्रेमी के साथ आपका कम्युनिकेशन अच्छा रहेगा। आपको ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहना चाहिए। मकर राशि: आज कुछ लोगों को भाई-बहनों से आर्थिक सहायता मिलेगी। आपको प्रेमी को पर्सनल स्पेस भी देना चाहिए। आप प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें। आपका पेशेवर जीवन उत्पादक रहेगा। कुंभ राशि: आज करियर में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। रात के समय वाहन चलाते समय आपको सावधान रहना चाहिए। अगर आप रचनात्मक क्षेत्र में हैं, तो आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। मीन राशि: आज अपने पार्टनर के साथ बातचीत के दौरान आप अपना कंट्रोल न खोएं। मैरिड जातकों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में नहीं पड़ना चाहिए, जो जीवन में परेशानी का कारण बन सकता है। बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन से बचें।

शनि देव मीन राशि में होंगे उदित, इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा गया है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और और दंड प्रदान करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में उन्हें सबसे क्रूर ग्रह माना गया है. शनि देव सबसे धीमा चलते हैं. वो ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं. शनि देव अभी अपनी स्वराशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. वो इसी महीने 29 मार्च को कुंभ राशि से निकल जाएंगे. शनि देव 29 मार्च को कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. शनि देव मीन राशि में अस्त अवस्था में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 6 अप्रैल को ही शनि देव का मीन राशि में उदय होगा. शनि देव का 6 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 5 मिनट में मीन राशि में उदय हो जाएगा. शनि देव के मीन राशि में उदित होने से कुछ राशियों के जातकों का भाग्य चमक सकता है. इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को हर क्षेत्र में लाभ ही लाभ मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं इन लकी राशियों के बारे में. कर्क राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत शुभ साबित हो सकता है. शनि देव कर्क राशि के 9वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है. आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. सुख-सौभाग्य मिल सकता है. पैतृक संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं. जीनव में शांति रहेगी. शादीशुदा जीवन खुशियों से भरा रहने वाला है. कन्या राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत लाभदायक साबित हो सकता है. शनि देव कन्या राशि के 7वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कन्या राशि वालों को हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है. धन-धान्य बढ़ सकता है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. करियर में लाभ मिल सकता है. कारोबार में लाभ हो सकता है. नई संपत्ति या वाहन खरीद सकते हैं. मान-सम्मान बढ़ेगा. धनु राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत अनुकूल साबित हो सकता है. शनि देव धनु राशि के चौथे भाव में उदित होंगे. इस दौरान धनु वालों के आर्थिक हालात अच्छे रहने वाले हैं. करियर में मेहनत से सफलता मिल सकती है. इस दौरान घर परिवार से रिश्तों में और अधिक मधुरता आएगी.

जानें कब है रंग पंचमी का त्योहार

हिंदू धर्म में होली मनाने के बाद रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. रंग पंचमी का त्योहार होली के बाद पांचवे दिन मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि रंग पंचमी के त्योहार की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी. हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू धर्म में रंग पंचंमी का त्योहार बहुत विशेष माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचंमी के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी. रंग पंचंमी के दिन ही देवी-देवता होली खेलने धरती पर आए थे. रंग पंचमी के दिन देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन देवी-देवताओं को गुलाल लगाया जाता है. इस दिन देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ कुछ उपाय भी किए जाते हैं. मान्यता है कि इस दिन उपाय करने जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल रंग पंचंमी का त्योहार कब मानाया जाएगा और इस दिन क्या उपाय करने चाहिए. कब है रंग पंचमी? वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 18 मार्च को रात 10 बजकर 9 मिनट पर शुरू हो जाएगी. वहीं इस पंचमी तिथि का समापन 20 मार्च को रात को 12 बजकर 36 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदया तिथि मान्य होती है. ऐसेऐसे में उदया तिथि के अनुसार, रंग पचमी का त्योहार इस साल 19 मार्च मनाया जाएगा. रंग पंचमी के उपाय     रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए. उन्हें लाल गुलाल चढ़ाना चाहिए. कनकधरा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं.     रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करनी चाहिए. उन्हें लाल वस्त्र चढ़ाना चाहिए. लाल चंदन लगाना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है.     रंग पंचमी के दिन पीले वस्त्र में एक सिक्का और हल्दी की एक गांठ डालकर उसे अच्छे से बांधकर रख देना चाहिए. इसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. पूजा के बाद उसे तीजोरी में रख देना चाहिए.     इस दिन माता लक्ष्मी को सफेद रंग की मिठाई या सफेद खीर का भोग लगाना चाहिए. इससे घर में धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है.     रंग पंचमी के दिन वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करनी चाहिए. साथ ही भगवान विष्णु का नाम लेकर लाल रंग का धागा बांधना चाहिए. इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.     इस दिन पीले रंग की कोई चीज पर्स में रखना चाहिए. इससे आर्थिक तरक्की होती है.  

होली भाई दूज आज, जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त व महत्व

होली के बाद होली भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र प्यार का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। बदले में भाई उन्हें उपहार देते हैं और जीवन भर रक्षा करने का वचन देते हैं। होली के बाद भाई दूज का त्योहार हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। जानें इस साल होली भाई दूज कब है- होली भाई दूज कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 15 मार्च 2025 को दोपहर 02 बजकर 33 मिनट पर प्रारंभ होगी और 16 मार्च 2025 को शाम 04 बजकर 58 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। होली भाई दूज का पर्व उदया तिथि में 16 मार्च 2025, रविवार को मनाया जाएगा। होली भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्त- 16 मार्च को द्वितीया तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दिन सुबह से लेकर शाम को 4:58 मिनट तक तिलक करना शुभ रहेगा। तिलक करते समय इन बातों का रखें ध्यान– होली भाई दूज पर तिलक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। भाई को चौकी पर बैठाकर ही तिलक करना चाहिए। तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। तिलक हमेशा शुभ मुहूर्त में ही लगाना चाहिए। इस दिन भद्राकाल का विचार करना चाहिए। होली भाई दूज का महत्व: जिस तरह से दीवाली के बाद भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाकर लंबी आयु की कामना की जाती है और नर्क से यातनाओं से मुक्ति दिलाने के लिए तिलक किया जाता है। ठीक उसी तरह से होली के बाद होली की भाई दूज मनाई जाती है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, होली के बाद द्वितीया तिथि पर भाई को तिलक करने से संकटों से रक्षा होती है।

16 मार्च 2025, रविवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन लाभकारी रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन आत्मविश्वास में कमी रहेगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। नौकरी में अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। तरक्की के योग बन रहे हैं। लेकिन स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज नौकरी-चाकरी में तरक्की मिल सकती है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी संपत्ति से धन की प्राप्ति हो सकती है। मित्रों का सहयोग भी मिलेगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज महत्वपूर्ण कार्यों को टाल देना चाहिए। धन से जुड़ा कोई फैसला न लें। शैक्षिक कार्यों में सफलता। बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि के योग। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद हो सकती है। क्रोध से बचें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। अज्ञात भय सताएगा। नौकरी में उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की आज वाणी में मधुरता रहेगी। पर, मन परेशान भी हो सकता है। पिता व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। कारोबारियों को व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। हालांकि भागदौड़ करनी पड़ सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों का आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मित्रों का साथ मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक उन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आज कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय के साधन भी बनेंगे। कारोबार में बदलाव हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा। बेकार के खर्चों पर कंट्रोल रखें। धनु राशि- धनु राशि वालों का आज मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। कार्यस्थल पर ज्यादा मेहनच करनी पड़ सकती है। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज धन लाभ के योग बन रहे हैं। हालांकि किसी बात को लेकर मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी भी हो सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। परिवार में भी शांति बनाए रखें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। कार्यस्थल पर टास्क को समय र पूरा करने के लिए फोकस बनाए रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। अफसरों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा लाभकारी रहेगी।

भाई दूज कल, जानें तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त

भाई दूज का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. इसे भाई टीका , भाऊबीज , भाई बीज , भाई फोंटा और भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व भाई-बहन से अटूट प्रेम को दर्शाता है. यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है पहला होली के बाद और दूसरा दिवाली के बाद. कल यानी 16 मार्च को होली भाई दूज मनाया जाएगा. यह चैत्र माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. आइए जानते हैं इस होली भाई दूज के पर तिलक लागने का शुभ मुहूर्त, नियम मंत्र और कथा के बारे में पूरी जानकारी. होली भाई दूज तिलक लागने का शुभ मुहूर्त होली भाई दूज यानी द्वितीया तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. ऐसे में इस दिन सुबह से लेकर शाम 4 बजकर 58 मिनट तक भाई को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधना शुभ रहेगा. भाई दूज पर थाली में शामिल करें ये चीजें भाई दूज के दिन भाई तिलक करने के लिए थाली में इन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. जैसे- रोली, अक्षत यानी सफ़ेद चावल, फूल, सुपारी, पान का पत्ता ,चांदी का सिक्का, सूखा नारियल, कलावा, केला, मिठाई और दीपक. तिलक लगाने का नियम होली की भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों को भोजन का निमंत्रण दें. भाई का प्रेम पूर्वक स्वागत कर उन्हें चौकी पर बैठाएं. ध्यान रहे भाई का मुख उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. इसके बाद भाई को कुमकुम से तिलक कर चावल लगाएं. फिर भाई को नारियल देकर सभी देवी-देवता से उसकी सुख, समृद्धि दीर्घायु की कामना करें. अब भाई बहन को उपहार में सामर्थ्य अनुसार भेंट करें. भाई को भरपेट भोजन कराएं. तिलक लगाते समय करें इन मंत्रों का जाप भाई दूज पर भाई को तिलक करते समय इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. जिसके लिए एक चौक पर भाई को बैठाने के बाद उसके हाथों पर चावल का घोर लगाकर फूल, पान, सुपारी रखें. इसके बाद जल छोड़ते हुए मंत्र का जाप करें. गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को. सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़े फूले फलें. होली भाई दूज की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान यम अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे और उन्होंने हार्दिक भाव से उनका स्वागत किया था. इसके बाद यमुना जी ने उनके माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाई थी. भगवान यम अपनी बहन के आतिथ्य से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने यह वरदान दिया की जो भी भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक लगवाएगा, उसे लंबी उम्र और समृद्धि का आशीर्वाद मिलेगा. होली भाई दूज का महत्व होली के बाद पड़ने वाले भाई दूज बहन और भाई के अटूट प्यार को दर्शाता है. एक पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज ने अपनी बहन के घर जाकर टीका लगवाया था और भोजन किया था, इसके बाद यमराज ने अपनी बहन को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि जो भाई अपनी विवाहित बहन के घर जाकर भोजन करने के साथ तिलक लगाएंगे, तो अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाएगा.

आज से शुरू हुआ हिंदू पंचांग का पहला महीना चैत्र, जानें इसका महत्व और व्रत-त्योहारों की सूची

भारतीय पंचांग का पहला महीना चैत्र है. चित्रा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा है. चैत्र माह से ही वसंत का समापन और ग्रीष्म का आरम्भ होता है. साथ ही शुभता और ऊर्जा का भी आरंभ होता है. इस महीने से ज्योतिष का बहुत गहरा संबंध है. इस बार चैत्र का महीना 15 मार्च यानी आज से शुरू हो रहा है और ये 12 अप्रैल तक रहेगा. आइए आपको चैत्र माह की महिमा बताते हैं. चैत्र माह में पूजा के लाभ इस महीने में सूर्य और देवी की उपासना लाभदायक होती है. इस महीने नाम यश और पद प्रतिष्ठा के लिए सूर्य की उपासना करना उत्तम होता है. शक्ति और ऊर्जा के लिए देवी की उपासना करनी चाहिए. इस महीने में लाल फलों का दान करें और नियमित रूप में पेड़ पौधों में जल डालें. चैत्र में खान-पान के नियम चैत्र के महीने से धीरे-धीरे अनाज खाना कम कर देना चाहिए. पानी अधिक पीएं. ज्यादा से ज्यादा फल खाएं. इस महीने में गुड़ नहीं खाना चाहिए. बल्कि इस महीने में चना खाना बहुत अच्छा होता है. चैत्र में बासी भोजन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. चैत्र में आने वाले पर्व-त्योहार चैत्र में कृष्ण पक्ष की पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है.  इसी महीने में पापमोचनी एकादशी भी आती है. इस महीने से नवसंवत्सर का आरम्भ भी होता है. वासंतिक नवरात्र का शुभ पर्व भी इसी महीने आता है. इसी माह की नवमी तिथि को श्रीराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है. इस दिन तमाम धार्मिक कृत्य और दान आदि करने की परंपरा है पर्व-त्योहारों की सूची 15 मार्च 2025 – चैत्र मास प्रारंभ 16 मार्च 2025 – भाई दूज 17 मार्च 2025 – भालचद्र संकष्टी चतुर्थी 19 मार्च 2025 – रंग पंचमी 21 मार्च 2025 – शीतला सप्तमी 22 मार्च 2025 – शीतला अष्टमी, बसोड़ा, कालाष्टमी 25 मार्च 2025 – पापमोचिनी एकादशी 27 मार्च 2025 – प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि 29 मार्च 2025 – सूर्य ग्रहण, चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2025 – गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि 31 मार्च 2025 – गणगौर 06 अप्रैल 2025 – रामनवमी 12 अप्रैल 2025 – चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती  

चैत्र नवरात्रि में इन खास मंत्रों का करें जाप, हर इच्छा होगी पूरी

हर साल चैत्र और शारदिय नवरात्र में भक्त मां दुर्गा की अराधना करते हैं. इस दौरान लोग व्रत का पालन भी करते हैं. नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश तथा घटस्थापना की जाती है. इसके बाद पूरे नौ दिन मां भगवती के सभी रुपों की पूजा की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है, जबकि इनकी समाप्ति 7 अप्रैल को होगी. इस दौरान मां के सामने घी का दीपकर जलाकर और पूजा और मंत्र जाप करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और सभी प्रकार के कष्टों से भी मुक्ति मिलती है. मां दुर्गा के मंत्र ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥ वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ सरल मंत्र : ॐ एं ह्रीं क्लीं पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।। या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥ चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा। वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

गुरु-बुध केंद्र योग बनेगा 15 मार्च को, इन राशि वालों को मिलेगा किस्मत का साथ

मेष साप्ताहिक करियर राशिफल इस सप्ताह लगातार प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिलेगी। करियर की दृष्टि से अभी आपको कुछ समय और इंतजार करने की जरूरत है। सफलता मिलने में अभी देर है, लेकिन हताश न हों और हिम्मत रखें। वृषभ साप्ताहिक करियर राशिफल इस सप्ताह करियर के लिए चले आ रहे आपके प्रयास सफल होने वाले हैं। आपको कोई बड़ा पद या विदेश यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र के लिए आप विदेश भी जा सकते हैं। मिथुन साप्ताहिक करियर राशिफल इस सप्ताह करियर में लाभ के योग बन रहे हैं। आप जिस क्षेत्र के लिए प्रयास कर रहे हैं, उसमें सफलता मिलेगी। आपको आपकी योग्यता के हिसाब से पद और सम्मान मिल सकता है। साथ ही विदेशी जाने के योग भी बन रहे हैं। कर्क साप्ताहिक करियर राशिफल करियर की दृष्टि से यह सप्ताह कोई नई उम्मीद लेकर आने वाला है। हो सकता है आप किसी की सलाह पर अपने कार्यक्षेत्र में परिवर्तन करने का विचार बना लें और यह आपके लिए लाभदायक भी रहेगा। सिंह साप्ताहिक करियर राशिफल करियर को लेकर इस सप्ताह आपको अत्यधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। अभी सफलता मिलने में समय है, हताश और निराश न हों। अपने क्षेत्र में प्रयास करते रहें, अत्यधिक मेहनत आपका भाग्य खोल सकती है। कन्या साप्ताहिक करियर राशिफल करियर को लेकर इस सप्ताह आप चिंता मुक्त हो सकते हैं। आपने यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया है, तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। आपको आपकी मनचाही जॉब या कार्यक्षेत्र में सम्मानित पद मिल सकता है। तुला साप्ताहिक करियर राशिफल इस सप्ताह करियर को लेकर आपको अत्यधिक परिश्रम की जरूरत है। केवल भाग्य के भरोसे रहना आपके लिए ठीक नहीं होगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का सफल परिणाम मिलेगा, जिससे मन खुश रहेगा। वृश्चिक साप्ताहिक करियर राशिफल करियर को लेकर इस सप्ताह अभी आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। आपको मनचाही सफलता प्राप्त करने में अभी समय है, निराश होने की जरूरत नहीं है। जो जातक करियर के लिए विदेश जाना चाहते हैं, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। धनु साप्ताहिक करियर राशिफल इस सप्ताह करियर में अत्यधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। सफलता पाने में अभी आपके लिए समय है, इसलिए अपने कार्यक्षेत्र में पूर्ण ईमानदारी के साथ मेहनत करते रहें। सप्ताह के उत्तरार्ध में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मकर साप्ताहिक करियर राशिफल करियर को लेकर इस सप्ताह आप को बड़ी सफलता मिलने वाली है। आपको सुखद परिणाम प्राप्त होगा व बहुत दिनों से चली आ रही मेहनत इस सप्ताह सफल होगी। आपको मनचाहा पद कार्यक्षेत्र मिल सकता है। कुंभ साप्ताहिक करियर राशिफल करियर के हिसाब से इस सप्ताह आपको किसी विशिष्ट व्यक्ति की सलाह मशवरा मिल सकता है, जिससे आपको करियर के क्षेत्र में लाभ होगा। इसी के साथ आपको सही दिशा भी मिलने वाली है। मीन साप्ताहिक करियर राशिफल करियर को लेकर यह सप्ताह सुखद समाचार देने वाला रहेगा। आपकी अत्यधिक मेहनत इस सप्ताह रंग लाने वाली है। विशिष्ट व्यक्तियों के संपर्क में आने से आपको अपने कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होने वाली है।  

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का होगा आरंभ, आठ दिन का रहेगा पर्वकाल

भोपाल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। तिथि मतांतर से इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। खास बात यह है कि महापर्व के दौरान चार दिन रवियोग तथा तीन दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग रहेगा। साधना, आराधना की दृष्टि से यह योग बेहद महत्वपूर्ण है। इन योगों में की गई साधना साधक, आराधक को शुभ व मनोवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को रविवार के दिन वासंती नवरात्र का आरंभ होगा।   सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और बढ़ी इस दिन रेवती नक्षत्र, बव करण तथा मनी राशि उपरांत मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के इन पांच अंगों की मौजूदगी में घट स्थापना का अनुक्रम रहेगा। रेवती पंचक का नक्षत्र है, ऐसे में नवरात्र में की गई देवी की साधना, आराधना पांच गुना शुभफल प्रदान करेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला मना गया है। रेवती नक्षत्र से आरंभ साधना 5 गुना शुभ फल प्रदान करेगी इस बार नवरात्र का आरंभ और रेवती नक्षत्र में होने से यह विशेष फल प्रदान करेगी क्योंकि रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र माना जाता है। पांचवां नक्षत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है, तो विशेष कल्याणकारी माना गया है। अलग-अलग प्रकार के धर्म ग्रंथो में विशेष कर मुहूर्त चिंतामणि में इसका उल्लेख दिया गया है। इस दृष्टि से भी नवरात्र के दौरान की गई साधना विशेष फल प्रदान करेगी। तिथि का क्षय होने से 8 दिन की नवरात्रि इस बार नवरात्र आठ दिनों के रहेंगे। अलग-अलग पंचांगों में तिथि को लेकर के अलग-अलग प्रकार की गणना में बताया गया है। कुछ पंचांगों में तृतीया, कुछ पंचांग में द्वितीया तथा कुछ पंचांग में तृतीया व चतुर्थी संयुक्त दी गई है। इस दृष्टि से गणना का अलग-अलग प्रभाव दिया गया है। वर्षभर में चार नवरात्र विशेष पं.डब्बावाला ने बताया देवी की साधना, आराधना के लिए वर्षभर में चार नवरात्र विशेष माने गए हैं। इनमें दो प्राकट्य व दो गुप्त नवरात्र बताए हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। वहीं माद्य व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहे गए हैं। लोकमान्यता में चैत्र नवरात्र बड़ी नवरात्र है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ का दिन है। उज्जैन के लिए यह नवरात्र विशेष है, क्योंकि इसी दिन नगर दिवस भी मनाया जाता है। हरसिद्धि में प्रज्वलित होगी दीपमालिका देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्र में देवी का नित नया श्रृंगार होगा। शाम को गोधूलि वेला में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त माता गढ़कालिका की कुमकुम पूजा करेंगे। शहर के अन्य देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा।

30 मार्च से सर्वार्थसिद्धि योग में चैत्र नवरात्र की होगी शुरुआत, आठ दिन का रहेगा पर्वकाल

 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। तिथि मतांतर से इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। खास बात यह है कि महापर्व के दौरान चार दिन रवियोग तथा तीन दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग रहेगा। साधना, आराधना की दृष्टि से यह योग बेहद महत्वपूर्ण है। इन योगों में की गई साधना साधक, आराधक को शुभ व मनोवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को रविवार के दिन वासंती नवरात्र का आरंभ होगा। सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और बढ़ी इस दिन रेवती नक्षत्र, बव करण तथा मनी राशि उपरांत मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के इन पांच अंगों की मौजूदगी में घट स्थापना का अनुक्रम रहेगा। रेवती पंचक का नक्षत्र है, ऐसे में नवरात्र में की गई देवी की साधना, आराधना पांच गुना शुभफल प्रदान करेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला मना गया है। रेवती नक्षत्र से आरंभ साधना 5 गुना शुभ फल प्रदान करेगी इस बार नवरात्र का आरंभ और रेवती नक्षत्र में होने से यह विशेष फल प्रदान करेगी क्योंकि रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र माना जाता है। पांचवां नक्षत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है, तो विशेष कल्याणकारी माना गया है। अलग-अलग प्रकार के धर्म ग्रंथो में विशेष कर मुहूर्त चिंतामणि में इसका उल्लेख दिया गया है। इस दृष्टि से भी नवरात्र के दौरान की गई साधना विशेष फल प्रदान करेगी। तिथि का क्षय होने से 8 दिन की नवरात्रि इस बार नवरात्र आठ दिनों के रहेंगे। अलग-अलग पंचांगों में तिथि को लेकर के अलग-अलग प्रकार की गणना में बताया गया है। कुछ पंचांगों में तृतीया, कुछ पंचांग में द्वितीया तथा कुछ पंचांग में तृतीया व चतुर्थी संयुक्त दी गई है। इस दृष्टि से गणना का अलग-अलग प्रभाव दिया गया है। वर्षभर में चार नवरात्र विशेष पं.डब्बावाला ने बताया देवी की साधना, आराधना के लिए वर्षभर में चार नवरात्र विशेष माने गए हैं। इनमें दो प्राकट्य व दो गुप्त नवरात्र बताए हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। वहीं माद्य व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहे गए हैं। लोकमान्यता में चैत्र नवरात्र बड़ी नवरात्र है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ का दिन है। उज्जैन के लिए यह नवरात्र विशेष है, क्योंकि इसी दिन नगर दिवस भी मनाया जाता है। हरसिद्धि में प्रज्वलित होगी दीपमालिका देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्र में देवी का नित नया श्रृंगार होगा। शाम को गोधूलि वेला में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त माता गढ़कालिका की कुमकुम पूजा करेंगे। शहर के अन्य देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा।

जानें कब है पापमोचनी एकादशी

एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली पापमोचनी एकादशी व्रत का खास महत्व है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो आइए जान लेते हैं कि इस बार पापमोचनी एकादशी का व्रत कब किया जाएगा. पापमोचनी एकादशी कब है वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 मार्च को सुबह के 05 बजकर 05 मिनट शुरू हो रही है और तिथि का समापन 26 मार्च को सुबह में 03 बजकर 45 मिनट पर होने वाला है. उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा. पापमोचनी एकादशी पूजा विधि     पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत एवं पूजन करने के लिए सुबह उठकर पवित्र स्नान करें.     भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें.     इसके बाद अपने घर व पूजा घर को साफ करें.     एक चौकी पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.     भगवान का पंचामृत से स्नान करवाएं.     पीले फूलों की माला अर्पित करें.     हल्दी या गोपी चंदन का तिलक लगाएं.     पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं.     विष्णु जी का ध्यान करें.     पूजा में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें.     आरती से पूजा को समाप्त करें.     पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे.     अगले दिन पूजा के बाद प्रसाद से अपना व्रत खोलें. पापमोचनी एकादशी व्रत पारण समय पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन 26 मार्च को द्वादशी तिथि पर दोपहर के 01 बजकर 41 मिनट पर किया जाएगा और शाम 04 बजकर 08 मिनट तक है. इस दौरान व्रती अपने व्रत का पारण कर सकते हैं. स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से पहले लक्ष्मी नारायण की पूजा अर्चना कर. व्रत खोल सकते हैं.

होली के त्यौहार पर जानिए सतयुग की है सबसे पुरानी और प्रचलित कथा

होली मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई, इस प्रश्न पर ज्योतिषाचार्य कहते हैं, इस बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं। किंतु, सबसे पुरानी और प्रचलित कथा सतयुग है। ऐसे में कह सकते हैं कि होली सतयुग से मनाई जाती रही है। वह आगे कहते हैं, चार युग होते हैं- सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग। हमारे शास्त्रों में 1 युग लाखों वर्षों का बताया गया है। सतयुग करीब 17 लाख 28 हजार वर्ष, त्रेतायुग 12 लाख 96 हजार वर्ष, द्वापर युग 8 लाख 64 हजार वर्ष, तो कलियुग 4 लाख 32 हजार वर्ष का होना है। इस हिसाब से ही गणना कहती है कि होली 39 लाख वर्ष पहले, सतयुग से मनाई जा रही है। तब, भगवान ने नृसिंह अवतार लिया था और हिरण्यकश्यप का वध किया था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, त्रिदेव इस सृष्टि का संचालन करते हैं। ब्रह्मा सृजक हैं, विष्णु पालनहार, तो शिव संहारक। इसके साथ ही विष्णु संतुलन बनाए रखने के लिए भी समय-समय पर अवतार लेते रहते हैं। गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु के 10 अवतारों का जिक्र है। सतयुग में उन्होंने मत्स्य, हयग्रीव, कूर्म, वाराह और नृसिंह अवतार लिया, तो त्रेता में वामन, परशुराम और श्रीराम का। द्वापर में वह श्रीकृष्ण रूप में भक्तों के बीच आए। कलियुग में वह कल्कि अवतार लेंगे। वह समय कलियुग और सतयुग के संधिकाल का होगा। अभी तो कलियुग की शुरुआत ही हुई है। प्रभु अपने सभी अवतारों में दुष्टों का संहार करते हैं, तो अपनी लीलाओं से जीवन जीने का तरीका भी सिखाते हैं। होली का त्योहार भी कुछ ऐसा ही है, जिसका आरंभ सतयुग में भगवान के नृसिंह अवतार के समय हुआ। क्या है सबसे प्रचलित कथा? ज्योतिषाचार्य कहते हैं, सतयुग में एक अति पराक्रमी दैत्य राजा था- हिरण्यकश्यप। हिरण्यकश्यप के भाई हिरण्याक्ष का भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर वध किया था। इस कारण हिरण्यकश्यप उन्हें दुश्मन मानता था। हिरण्यकश्यप का विवाह कयाधु से हुआ, जिससे उसे प्रह्लाद नामक पुत्र की प्राप्ति हुई। हिरण्यकश्यप ने मनचाहे वरदान के लिए ब्रह्मा की तपस्या शुरू की। इस दौरान देवताओं ने उसकी नगरी पर आक्रमण कर दिया और वहां अपना शासन स्थापित कर लिया। उस समय देवर्षि नारद मुनि ने कयाधु की रक्षा की और अपने आश्रम में स्थान दिया। वहीं पर हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद का जन्म हुआ। देवर्षि नारद मुनि की संगत में रहने के कारण प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त बन गया। उधर, कई वर्षों तक तपस्या के बाद हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा ने दर्शन दिए। हिरण्यकश्यप ने वरदान मांगा कि मेरी मृत्यु मनुष्य या पशु के हाथों न हो, न किसी अस्त्र-शस्त्र से, ना दिन व रात में, ना भवन के बाहर और ना ही अंदर, न भूमि ना आकाश में हो मेरी मृत्यु हो। कुल मिलाकर, अपनी समझ में उसने अमरता का वरदान मांगा। ब्रह्मा ने उसे यह वरदान दे दिया। किंतु, इसके बाद वह निरंकुश हो गया। वह ऋषि-मुनियों की हत्या करवाने लगा और स्वयं को भगवान घोषित कर दिया। किंतु, स्वयं उसका पुत्र प्रह्लाद विष्णु भक्ति में लीन रहता। यह बात हिरण्यकश्यप को पता चली तो वह गुस्से से फट पड़ा। बार-बार समझाने के बाद भी प्रह्लाद ने जिद नहीं छोड़ी तो उसने उसे मारने का फ़ैसला कर लिया। अब शुरू होती है होलिका की कहानी हिरण्यकश्यप की एक बहन थी होलिका। होलिका को भी भगवान ब्रह्मा से एक वरदान मिला था। यह कि उसे अग्नि नहीं जला सकती। हिरण्यकश्यप ने होलिका को कहा कि वह प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए, ताकि प्रह्लाद भाग न सके और वह उसी अग्नि में जलकर ख़ाक हो जाए। होलिका ने किया तो ऐसा ही, किंतु वह ख़ुद भस्म हो गई और प्रह्लाद बच गया। कहा जाता है कि होलिका के एक वस्त्र में न जलने की शक्तियां समाहित थीं, किंतु भगवान विष्णु की कृपा से चली तेज आंधी से वह वस्त्र होलिका से हटकर, प्रह्लाद के शरीर से लिपट गया था। होलिका के जलने और प्रह्लाद के बच जाने पर नगरवासियों ने उत्सव मनाया, जिसे छोटी होली के रूप में भी जानते हैं। इसके बाद जब यह बात फैली तो विष्णु भक्तों ने अगले दिन और भी भव्य तरीके से उत्सव मनाया। होलिका से जुड़ा होने के कारण आगे इस उत्सव का नाम ही होली पड़ गया। उधर, हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए उसे एक खंभे में बांध दिया। वह प्रह्लाद को मारने ही वाला था कि भगवान विष्णु खंभा फाड़कर नरसिंह अवतार में प्रकट हुए। उन्होंने हिरण्यकश्यप को उसके भवन की चौखट पर ले जाकर, संध्या के समय, अपने गोद में रखकर नाखूनों की सहायता से उसका वध कर दिया। इस तरह ब्रह्मा का वरदान भी नहीं टूटा और आततायी का अंत हो गया। भगवान को भक्त प्रह्लाद को उसका उत्तराधिकारी बना दिया। भगवान शिव और कामदेव की कथा सबसे प्रचलित कथा सतयुग में होलिका दहन की ही है, लेकिन बाद के युगों में भी यह उत्सव अलग-अलग समय पर मनाया जाता रहा और इससे अन्य कथाएं भी जुड़ती गईं। होली की एक कहानी कामदेव की भी है। पार्वती शिव से विवाह करने के लिए उनकी तपस्या में लीन थीं लेकिन खुद ध्यानमग्न शिव ने काफी समय तक ध्यान नहीं दिया। ऐसे में कामदेव से रहा न गया और उन्होंने भगवान शिव पर पुष्प बाण चला दिया। ध्यान भंग होने से शिव को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने अपनी तीसरी आंख खोल दी और कामदेव भस्म हो गए। कामदेव के भस्म होने पर उनकी पत्नी रति रोने लगीं और कामदेव को जीवित करने की गुहार लगाई। इसके अगले दिन क्रोध शांत होने पर शिव ने कामदेव को पुनर्जीवित कर किया। माना जाता है कि कामदेव के भस्म होने पर होलिका जलाई जाती है, तो उनके जीवित होने की खुशी में रंगों का त्योहार होली मनाई जाती है। महाभारत काल की कथा जानते हैं? महाभारत काल, यानि द्वापर में युधिष्ठिर को प्रभु श्रीकृष्ण ने एक कहानी सुनाई। एक बार श्रीराम के पूर्वज रघु के शासन मे एक असुर महिला थी। उसे कोई नहीं मार सकता था, क्योंकि उसे एक वरदान था। एक दिन, गुरु वशिष्ठ ने बताया कि उसे मारा जा सकता है, यदि बच्चे अपने हाथों में लकड़ी के छोटे टुकड़े लेकर शहर के बाहरी इलाके के … Read more

होली विशेष : श्रीकृष्ण और पूतना की पौराणिक कथा

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष के अंतिम माह फाल्गुन माह पूर्णिमा को होलिका दहन होता है। होली की पौराणिक कथा चार घटनाओं से जुड़ी हुई है। पहली होलिका और भक्त प्रहलाद, दूसरी कामदेव और शिव, तीसरी राजा पृथु और राक्षसी ढुंढी और चौथी श्रीकृष्ण और पूतना। आओ इस बार जानते हैं श्रीकृष्ण और पूतना की पौराणिक और प्रामाणिक कथा। वसुदेव का विवाह कंस की बहन देवकी से हुआ। कंस जब देवकी और वसुदेव को रथ पर बैठाकर उनके घर छोड़ने जा रहा था तो रास्ते में आकाशवाणी द्वारा उसे पता चला कि वसुदेव और देवकी का आठवां पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। बस फिर क्या था कंस ने दोनों को मथुरा के कारागार में डाल दिया। देवकी के छ: पुत्रों को कंस ने मार दिया था और सातवें पुत्र जो कि शेष नाग के अवतार बलराम थे। उनके अंश को योगमाया ने जन्म से पूर्व ही वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया था। फिर श्रीकृष्ण का अवतार आठवें पुत्र के रूप में हुआ। उसी समय वसुदेव ने रात में ही श्रीकृष्ण को गोकुल में नंद और यशोदा के यहां पहुंचा दिया और उनकी नवजात कन्या (योगमाया) को अपने साथ ले आए। परन्तु कंस उस कन्या का वध नहीं कर सका और फिर से आकाशवाणी हुई कि तुझे मारने वाला तो गोकुल मैं पहुंच गया है। इसी कारण कंस ने उस दिन गोकुल में जन्में सभी बच्चों को मारने के आदेश दे दिया। परंतु कोई भी श्रीकृष्‍ण के पास तक नहीं पहुंच सका। तब बालकृष्ण की हत्या करने का काम राक्षसी पूतना को सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व जन्म में पूतना राजा बलि की पुत्री रत्नबाला थी। वह राजकन्या थी। राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगने के लिए भगवान वामन आए तो उनका रूप सौन्दर्य देखकर उस राजकन्या को हुआ कि ‘मेरी सगाई हो गई है। काश, मुझे ऐसा ही बेटा हो तो मैं गले लगाऊं और उसको अपना खूब दूध पिलाऊं।’ परंतु जब नन्हा मुन्ना वामन विराट हो गया और उसने बलि राजा का सर्वस्व छीन लिया तो वह क्रोधित हो गई “मैं इसको दूध पिलाऊं? नहीं इसको तो मैं जहर पिलाऊं, जहर!’… भगवान ने उसकी मंशा जान ली और कहा तथास्तु। बाद में वही राजकन्या पूतना बनी। पूतना सुंदर नारी का रूप बनाकर बालकृष्ण को विष का स्तनपान कराने गई लेकिन बालकृष्ण के द्वार उसका स्तनपान करने से उसको भयंकर पीड़ा उत्पन्न हुई और वह बालकृष्ण को अपने स्तन से छुड़ाने लगी परंतु यह संभव नहीं हो पाया। कराहते हुए उसने अपना असली रूप धारण किया और चीखती हुई श्रीकृष्ण को लेकर आकाश में पहुंच गई। यह दृश्य देखकर माता यशोदा और माता रोहिणी सहित नगर के सभी लोग घबरा गए और उसके पीछे दौड़े। पूतना कराहते हुए चीखती रहती है। अंतत: वह भूमि पर गिरकर मर जाती है। दूध पीने के बाद बालकृष्ण उसकी छाती पर बैठ जाते हैं। सभी लोग वहां पहुंचते हैं। यशोदा और रोहिणी कहती हैं कोई बचाओ मेरे लल्ला को। तब एक ग्रामीण पूतना की छाती पर चढ़कर जैसे-तैसे लल्ला को नीचे उतार लाता है। यशोदा लल्ला को गले लगा लेती है। बाद में नंद आते हैं तो उनको इस घटना का पता चलता है। फिर एक बूढ़ी महिला कहती है कि ऐसी राक्षसी के हाथों बच जाना तो कोई दैवीय चमत्कार है। ऋषि शांडिल्य से कहकर पूजा और दान करवाओ और उत्सव मनाओ। जिस दिन राक्षसी पूतना का वध हुआ था उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा थी। अत: बुराई का अंत हुआ और इस खुशी में समूचे नंदगांववासियो ने खूब जमकर रंग खेला, नृत्य किया और जमकर उत्सव मनाया। तभी से होली में रंग और भंग का समावेश होने लगा।

आज का राशिफल 14 मार्च के पहले दिन बना लक्ष्मी योग, मिथुन कन्या और मीन राशि के जातक पाएंगे लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। हालांकि खर्चों को लेकर मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। क्रोध से बचें। अफसरों से तालमेल बनाकर रखें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा के योग हैं। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आज किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। काम का बोझ हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों का आज मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर चुनौती या कठिनाई आ सकती है । आय में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के आजआत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत भी रहेगा। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी करीबी से सरप्राइज मिल सकता है। किसी मित्र की मदद से आर्थिक लाभ होने के संकेत हैं। सिंह राशि-सिंह राशि वालों की आज वाणी में मधुरता रहेगी। लेकिन जीवनसाथी के स्वास्थ्य व साथ को लेकर मन परेशान भी हो सकता है। पिता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। भागदौड़ भी ज्यादा रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की आज आय में वृद्धि के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार मिल सकता है। हालांकि बेकार के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। लिखने-पढ़ने से जुड़े कार्यों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा लेकिन मनोबल गिरा रहेगा। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने की सोच रहे हैं तो फिलहाल के लिए टाल दें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार में बाधा आ सकती है। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। भाग्यवश कुछ काम बनेंगे। हालांकि किसी बात को लेकर मन खिन्न रह सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। कारोबार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकते हैं। फिर भी लाभ के अवसर भी मिलेंगे। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। अपनों का साथ मिलेगा। हालांकि बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। बेकार के वाद-विवाद से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के मौके मिल सकते हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। ज्यादा उत्साही होने से बचें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। माता से धन मिल सकता है। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातक आज किसी अज्ञातभय से परेशान हो सकते हैं। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे।आर्थिक लेनदेन में बारीकी से नजर रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज खर्च की अधिकता रहेगा। सिरदर्द या नेत्रपीड़ा भी हो सकती है। अज्ञात भय सताएगा। कुछ भी नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। आर्थिक रूप से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

माता लक्ष्मी की शुक्रवार को इस विधि से करें पूजा

हिंदू धर्म शास्त्रों में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता लक्ष्मी समुद्र मंथन के समय प्रकट हुईं थीं. हिंदू धर्म शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन, वैभव की देवी मााना गया है. शुक्रवार के दिन विधि-विधान से माता लक्ष्मी का पूजन और व्रत किया जाता है. मान्यताओं के अनुसार… मान्यताओं के अनुसार, जिस पर माता लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है उसके घर में धन और वैभव की कोई कमी नहीं रहती. घर में हमेशा खुशहाली रहती है. शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के पूजन और व्रत के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुक्रवार के दिन गुप्त लक्ष्मी की पूजा की जाती है. दरअसल, गुप्त लक्ष्मी, जिन्हें धूमावती भी कहा जाता है. ये अष्ट लक्ष्मी के रूप में भी जानी जाती हैं.मान्यता है कि जो भी शुक्रवार को गुप्त लक्ष्मी (अष्ट लक्ष्मी) की पूजा करता है उसके घर की तीजोरी हमेशा धन-दौलत से भरी रहती है. पूजा विधि     शास्त्रों में बताया गया है कि मां लक्ष्मी के पूजन के लिए रात का समय शुभ माना गया है.     शुक्रवार की रात 9 से 10 बजे के बीच मां लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए.     पूजा के लिए सबसे पहले स्वस्छ वस्त्र धारण करने चाहिए.     फिर पूजा की चौकी पर गुलाबी कपड़ा बिछाकर श्रीयंत्र और गुप्त लक्ष्मी (अष्ट लक्ष्मी) की प्रतीमा या तस्वीर रखनी चाहिए.     फिर उनके माता के सामने 8 घी के दीपक जलाने चाहिए.     फिर अष्टगंध से श्रीयंत्र और अष्ट लक्ष्मी को तिलक लगाना चाहिए.     मां को लाल गुडहल के फूलों की माला पहनानी चाहिए.     खीर का भोग लगाना चाहिए     ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा मंत्र का जाप करना चाहिए.     अंत में माता की आरती करनी चाहिए.     फिर आठों दीपक को घर की आठ दिशाओं में रख देना चाहिए. माता लक्ष्मी की पूजा का महत्व हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी की पूजा सिर्फ घर में धान-धान्य की बढ़ोतरी के लिए ही नहीं की जाती, बल्कि माता लक्ष्मी इसलिए भी होती है कि समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त हो सके. माता लक्ष्मी की पूजा से नकारात्मक शक्तियां भी नष्ट हो जाती हैं.

होली पर भद्रा का साया, जाने कब होगा होलिका दहन

पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है. बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है. होलिका दहन से पहले महिलाएं घर में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं. उसके अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में होलिका का पूजा और दहन करने शुभ फलों की प्राप्ति होती है. होलिका दहन से पहले महिलाएं घर की सुख-समृद्धि के लिए पूजा पाठ करती है और होलिका दहन के दौरान इसकी कच्चा सूत परिक्रमा करते हुए लपेटा जाता है. इसके साथ ही कई अन्य पूजा -पाठ की रस्में की जाती हैं, लेकिन इस बार होलिका दहन पर सुबह से ही भद्रा का साया है. होलिका दहन पर भद्र का समय वैदिक पंचांग के अनुसार, आज सुबह 10 बजकर 35 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 26 मिनट तक भद्रा रहेगी. ऐसे में रात 11:30 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकेगा. होलिका दहन का महत्व होलिका दहन का अच्छाई पर बुराई की जीत का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि वह अग्नि में नहीं जल सकती. उसने भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का प्रयास किया, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई. मान्यता है कि इस होलिका दहन के दौरान परिक्रमा करते हुए प्रार्थना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

भद्रा काल ने बढ़ाई होलिका दहन पर मुश्किल, बस इतनी देर है पूजा का शुभ मुहूर्त

हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन करने की परंपरा है. इस साल होलिका दहन 13 मार्च की रात को किया जाएगा. होलिका दहन का त्योहार बुराई की अच्छाई पर जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. वहीं, भारतीय नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को शुरू होता है. इससे पूर्व पुराने संवत्सर को विदाई देने और इसकी नकारात्मकता को समाप्त करने के लिए भी होलिका दहन किया जाता है. इसलिए इसे कहीं-कहीं संवत जलाना भी कहा जाता है. इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा का साया रहने वाला है. इसलिए होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन है. आइए आज जानते हैं कि होलिका दहन पर भद्रा का साया कब से कब तक रहेगा. होलिका दहन का मुहूर्त क्या है और होलिका दहन से पूर्व पूजा का विधान क्या है. होलिका दहन का मुहूर्त क्या है? होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है. इसमें भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है. भद्रा के साए में होलिका दहन वर्जित है. इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च यानी आज सुबह 10.36 से लेकर 14 मार्च को दोपहर 12.23 तक रहेगी. पूर्णिमा के साथ ही भद्रा काल आरम्भ हो जाएगा. जो रात 11.26 तक रहेगा. इसलिए भद्रा काल से बचते हुए 13 मार्च की रात को 11.27 के बाद होलिका दहन किया जाएगा. होलिका दहन से पहले क्या करें? पूजा की थाली लेकर होलिका दहन वाली जगह पर जाएं. भूमि को प्रणाम करें और जल अर्पित करें. इसके बाद उसी स्थान पर एक दीपक जलाएं. गोबर के उपले, हल्दी और काले तिल के दाने होलिका में डालें. होलिका की तीन बार परिक्रमा करते हुए कलावा बांधें. फिर सूखा हुआ नारियल चढ़ाएं. आखिर में घर के लोगों को और स्वयं को रोली या हल्दी का तिलक लगाएं. कैसे करें होलिका दहन? होलिका दहन में किसी वृक्ष कि शाखा को जमीन में गाड़कर, उसे चारों तरफ से लकड़ी, उपले से घेरकर निश्चित मुहूर्त में जलाया जाता है. इसमें छेद वाले गोबर के उपले, गेहूं की नई बालियां और उबटन जलाया जाता है. ताकि वर्ष भर व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति हो और उसकी सारी बुरी बलाएं अग्नि में भस्म हो जाएं. होलिका की राख को घर में लाकर उससे तिलक करने की परंपरा भी है. होलिका दहन की विशेषता और लाभ कहते हैं कि होलिका दहन के दिन मन की तमाम समस्याओं का निवारण हो सकता है. रोग, बीमारी और विरोधियों की समस्या से निजात मिल सकती है. आर्थिक बाधाओं से राहत मिल सकती है. अगर आप ईश्वर की कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. अलग-अलग चीजों को अग्नि में डालकर अपनी अपनी बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं.

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो चंद्र ग्रहण का कारण राहु-केतु माने जाते हैं, कल लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण

नई दिल्ली हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण खगोलीय, आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से एक विशेष घटना है। इसका जनमानस पर गहरा प्रभाव पड़ता है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो चंद्र ग्रहण का कारण राहु-केतु माने जाते हैं। ज्योतिष विद्या के अनुसार, ये ग्रहण केतु के कारण लगने वाला है। राहु और केतु छाया ग्रहों को सांप की भांति माना गया है, जिनके डसने पर ग्रहण लगता है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है की जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं तब चंद्र ग्रहण लगता है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में आ जाते हैं,तो इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है,लेकिन चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण के प्रकार- चंद्र ग्रहण 3 प्रकार के होते हैं। आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण। आंशिक चंद्रग्रहण में चांद का सिर्फ एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान धरती की छाया का हल्का बाहरी भाग चंद्रमा की सतह पर पड़ता है। इस ग्रहण को देखना थोड़ा मुश्किल होता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण उस समय लगता है, जब पूरे चंद्रमा की सतह पर धरती की छाया पड़ती है। चंद्र ग्रहण- 14 मार्च, 2025 14 मार्च, 2025 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन होली भी है। यह चन्द्र ग्रहण खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। यहां दिखाई देगा चन्द्र ग्रहण यह चन्द्र ग्रहण मुख्यतः प्रशान्त महासागर, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण का समय- सुबह 09 बजकर 27 मिनट पर भारतीय समयानुसार उपछाया ग्रहण प्रारंभ होगा और सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर आंशिक और सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर पूर्ण चंद्र ग्रहण समाप्त होगा। भारत में नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव- इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारत पर नहीं होगा, क्योंकि जिस समय ग्रहण होगा, उस समय यहां दिन हो रहा होगा। ऐसे में इसका धार्मिक महत्व नहीं माना जाएगा। सूतक काल मान्य नहीं होगा- यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दे रहा है, जिस वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा।

होलिका दहन आज, होली पर्व का उत्साह होलिका दहन के साथ होगा शुरू, कल रंगों का पर्व मनाया जाएगा

जबलपुर होली पर्व का उत्साह आज रात होलिका दहन के साथ शुरू हो जाएगा, कल शुक्रवार को रंगों का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे के अनुसार, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त गुरुवार की रात्रि 11,30 बजे के उपरांत रहेगा। गुरुवार के दिन भद्रा दोपहर 11 बजकर सात मिनट से प्रारंभ होकर रात्रि 11 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। अतः होलिका दहन भद्रा उपरांत ही करना चाहिए। चंद्रमा का संचरण कन्या राशि मे रहेगा। जिसके कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहता है। पाताल की भद्रा अनिष्टकारी मानी जाती है। इस कारण भद्रा समाप्त होने के उपरांत होलिका दहन शुभ रहेगा।   राशि अनुसार दें आहुति     मेष राशि : होलिका दहन में गुड़ की आहुति चढ़ाएं।     वृषभ राशि : होलिका दहन में मिश्री एवं नारियल गिर की आहुति चढ़ाएं।     मिथुन राशि : होलिका दहन में कपूर एवं इलायची की आहुति चढ़ाएं।     कर्क राशि : होलिका दहन में कच्चा चावल, सफ़ेद तिल की आहुति दें।     सिंह राशि : होलिका दहन में गूगल एवं गुड की आहुति चढ़ाएं।     कन्या राशि : होलिका दहन में पान और हरी इलायची की आहुति दें।     तुला राशि : होलिका दहन में कपूर एवं सफेद तिल की आहुति चढ़ाएं।     वृश्चिक राशि : होलिका दहन में गुड़ की आहुति चढ़ाए।     धनु राशि : होलिका दहन में हल्दी की गांठ व पीली सरसों की आहुति दें।     मकर राशि : होलिका दहन में काले तिल व लौंग की आहुति चढ़ाएं।     कुंभ राशि : होलिका दहन में काली सरसों, लौंग व गूगल की आहुति दें।     मीन राशि : होलिका दहन में पीली सरसों व गुड की आहुति चढ़ाएं।  

होली के दिन चंद्र ग्रहण से पहले कर लें ये उपाय बन जाएंगे काम

होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है. इस दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ विशेष उपाय करके इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है और चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. भोलेनाथ की पूजा करने से राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च दिन शुक्रवार को लगेगा. भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 14 मार्च को सुबह 9 बजकर 27 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि 6 घंटे 3 मिनट की होगी. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अधिकांश अफ्रीका, अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया आदि में देखा जा सकेगा. चंद्र ग्रहण से पहले कर लें ये काम     चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. भगवान शिव को चंद्रमा का स्वामी माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा करने से चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है.     चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्र का जाप करना भी बहुत ही लाभदायक होता है. आप “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं.     चंद्र ग्रहण के दौरान दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. आप गरीबों और जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, चावल, दूध या चांदी का दान कर सकते हैं.     चंद्र ग्रहण से पहले तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लें और ग्रहण के समय उन्हें भोजन और पानी में डालकर प्रयोग करें.     ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान अवश्य करें और घर की साफ सफाई करें तो ग्रहों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है. इन राशि वालों के बन जाएंगे बिगड़े काम चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर इसका प्रभाव अधिक होता है. इन राशियों के जातकों को चंद्र ग्रहण से पहले विशेष उपाय करने चाहिए.     वृषभ राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और चंद्र मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे उनके बिगड़े हुए काम जल्दी बनने लगेंगे और जीवन में हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी.     कर्क राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान दान करना चाहिए और तुलसी के पत्तों का प्रयोग करना चाहिए. ऐसा करने से लोगों पर ग्रहण का प्रभाव कम होता है.     वृश्चिक राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और गरीबों को भोजन कराना चाहिए. इससे लोगों के संकट जल्द ही दूर होने लगेंगे.     मीन राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और पीले वस्त्रों का दान करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा से लोगों के जीवन में कभी परेशानियां नहीं आएंगी और हर कष्ट दूर होगा. इन बातों का रखें खास ध्यान चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन और पानी का सेवन नहीं करना चाहिए और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए. लोगों को यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, और इसका प्रभाव सभी लोगों पर अलग-अलग होता है. यदि आपको कोई चिंता है, तो आप किसी ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं.

13 मार्च 2025 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा?इन राशियों की बदल जाएगी किस्मत

मेष राशि– आज विद्यार्थियों को अपना काम कल पर टालने से बचना चाहिए। आपका जीवनसाथी आज आपको एहसास दिलाएगा कि लव लाइफ में रिस्पेक्ट और केयर जरूरी हैं। हेल्दी डाइट लें। नए अवसरों की तलाश करें। वृषभ राशि– आज छोटे-मोटे व्यावसायिक मुद्दे सामने आएंगे। परिवार में वाद-विवाद होने की आशंका है। इसलिए ऐसे में खुद पर नियंत्रण रखें। आज स्वार्थी और गुस्सैल इंसान से बचें क्योंकि वह आपको तनाव दे सकता है। मिथुन राशि- मैनेजर्स और टीम लीडर को आज जूनियर्स को सिखाने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य के मामले में आप भाग्यशाली रहने वाले हैं। अपने बॉस के साथ कनेक्शन को मजबूत करने के लिए आज कोशिश कर सकते हैं। कर्क राशि– आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालेगी। आपके और आपके पार्टनर के बीच एक मजबूत कनेक्शन नजर आ रहा है। छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों के बावजूद जिंदगी आराम से चलती रहेगी। सिंह राशि– बिना किसी हिचकिचाहट के अपना प्यार दिखाएं। दिन खत्म होने से पहले नए अवसर दरवाजे पर दस्तक देंगे। ऑफिस रोमांस में न पड़ें। कार्यस्थल पर किसी भी बड़े प्रोजेक्ट से निपटने के लिए पेशेवर रूप से तैयार रहें। कन्या राशि- आज आपको और आपके जीवनसाथी को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सिंगल्स, आपको पहली नजर में प्यार भी हो सकता है। परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते आप अक्सर खुद को आराम देना भूल जाते हैं। तुला राशि- आज बड़े वित्तीय डिसीजन लेने की स्थिति में रहेंगे। किसी दोस्त के साथ पैसों से संबंधीत विवाद को सुलझाने के लिए भी पहल कर सकते हैं। आज लग्जरी पर अधिक खर्च न करें। वृश्चिक राशि- लंबे समय से बकाया राशि आज वसूल हो सकती है। अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी न भूलें। चीजों के घटित होने का इंतजार न करें, बाहर जाएं और नए अवसरों की तलाश करें। धनु राशि- कोई भी नया काम या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उन लोगों से बात करें, जिन्होंने उस क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव प्राप्त किया हो। घर में उत्सव का माहौल आपके तनाव को कम करेगा। सलाद के साथ भरपूर डाइट लें। मकर राशि– आज पुराने इनवेस्टमेंट से आप अच्छा पैसा कमाएंगे। बच्चों की देखभाल में शेड्यूल बिजी रहेगा। करियर तौर पर अपने क्लाइंट्स से ऐसा कोई वादा न करें, जिसे निभाना आपके लिए मुश्किल हो। आपका कोई पुराना दोस्त आपसे मिलने आ सकता है। कुंभ राशि- आपकी सबसे बड़ी संपत्ति आपका हसमुख नेचर है। प्रेमी जोड़े पारिवारिक भावनाओं का जरूरत से ज्यादा ख्याल रखेंगे। आपको लम्बी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। पैसों को मैनेज करने के लिए अच्छी तरह से योजना बनाएं। मीन राशि- आज का आपका दिन काफी बेहतरीन रहने वाला है। आप पैसे की अहमियत को अच्छी तरह से जानते हैं। ऑफिस में लोगों के साथ व्यवहार करते समय सावधानी बरतें- समझदारी और धैर्य रखें।

साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा, खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा, इस दौरान चंद्रमा सूर्य का कुछ हिस्सा ही ढकेगा

नई दिल्ली साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा। यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा जिसका मतलब है कि इस दौरान चंद्रमा सूर्य का कुछ हिस्सा ही ढकेगा। यह ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास रहेगा क्योंकि इस दौरान मीन राशि में सूर्य, राहु, शुक्र, बुध और चंद्रमा मौजूद रहेंगे। सूर्य ग्रहण 2025 की तिथि और समय यह ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा और दोपहर 2:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:14 बजे तक रहेगा। यह घटना चैत्र मास की अमावस्या के दिन घटित होगी। कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? यह ग्रहण पूरी तरह से नहीं बल्कि आंशिक रूप से कुछ देशों में दिखाई देगा। खासतौर पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण? बता दें कि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। चूंकि यह ग्रहण भारतीय समयानुसार नहीं लगेगा इसलिए इसका धार्मिक या ज्योतिषीय प्रभाव भी नहीं माना जाएगा। इसी वजह से भारत में इस ग्रहण के लिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें? ➤ भगवान विष्णु और शिवजी का ध्यान करें और मंत्र जाप करें। ➤ ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और घर की शुद्धि करें। ➤ जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र आदि दान करें। क्या न करें? ➤ ग्रहण के दौरान भोजन पकाने और खाने से बचें। ➤ इस समय पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य न करें। ➤ कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज करें। अंत में बता दें कि यह सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है लेकिन भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसलिए भारतीय लोगों को इस ग्रहण के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं होगी।  

होली पर इन राशि वालों का चमकेगा भाग्य

 हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर बडे़ उमंग और उत्साह के साथ होली का त्योहार मनाया जाएगा. इस साल होली का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा. इस साल होली का त्योहार ज्योतिष के लिहाज से भी बड़ा विशेष मानी जा रही है. इस होली पर चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. वहीं इस बार होली पर गजकेसरी राजयोग भी बनेगा. गुरू और चंद्रमा बनाते हैं गजकेसरी राजयोग गजकेसरी राजयोग को ज्योतिष शास्त्र के शक्तिशाली राजयोगों में से एक माना जाता है. गजकेसरी राजयोग गुरू बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा बनाते हैं. जब इन दोनों ग्रहों की युति होती है, तब ये योग बनता है. इस बार होली पर चंद्रमा वृष राशि में गोचर करेंगे. यहां गुरू बृहस्पति पहले से ही गोचर कर रहे हैं. ऐसे में इन दोनों की वृष राशि में युति बनेगी और उससे जगकेसरी राजयोग बनेगा. इस गजकेसरी राजयोग से कुछ राशि वालों की किस्मत चमक सकती और अपार धन लाभ हो सकता है. तो चलिए जानते हैं इन लकी राशियों के बारे में. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए गजकेसरी राजयोग बहुत शुभ साबित हो सकता है. ये राजयोग मिथुन राशि के 12वें भाव में बनेगा. इस समय मिथुन राशि वाले धन की बचत करने में कामयाब हो सकते हैं. नौकरीपेशा जातकोंं के लिए ये समय अच्छा रहने वाला है. संपत्ति के लेन-देन में लाभ हो सकता है. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए गजकेसरी राजयोग लाभ देने वाला साबित हो सकता है. ये राजयोग सिंह राशि के 10वें भाव में बनेगा. इस समय सिंह राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार सकती है. कारोबारी जातकों के लिए ये समय अच्छा रहने वाला है. कारोबार में लाभ हो सकता है. कारोबार को विस्तार देने की योजना पर काम कर सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिल सकता है. बेरोजगारों को नौकरी मिल सकती है. मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए गजकेसरी राजयोग बहुत अनुकूल साबित होता सकता है. ये राजयोग मकर राशि के 5वें भाव में बनेगा. इस समय सिंह राशि वालों को अचानक धन का लाभ हो सकता है. आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार हो सकता है. संपत्ति में निवेश कर सकते हैं.

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, जानें क्या करें और क्या नहीं

देश भर में फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन होली से एक दिन पहले होलिका दहन की जाती है. होलिका दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन थी. होलिका भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को लेकर आग्नि में बैठी थी, ताकि प्रहलाद अग्नि में जल जाए, लेकिन राक्षसी होलिका ही अग्नि में जल गई. होलिका दहन में लोग राक्षसी होलिका को जलाने का जश्न मनाने के लिए आग जलाते हैं. होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. होलिका दहन होली के एक दिन पहले होता है, इसलिए इसको छोटी होली भी कहा जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन अवश्य करना चाहिए. ऐसे में आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब है. साथ ही जानते हैं कि इस दिन क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए. कब है होलिका दहन? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगी. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन का मुहूर्त 13 मार्च को रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटे 4 मिनट का समय मिलेगा. होली 14 मार्च को खेली जाएगी. होलिका दहन के दिन सबसे पहले सुबह के समय होलिका के पूजन का विधान है. यह पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें. इस दिन व्रत या उपवास भी रखा जा सकता है. इस दिन घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाएं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है. इस दिन सुबह होलिका की पूजा में सरसों, तिल, 11 गोबर के उपले, अक्षत, चीनी और गेहूं के दाने और गेहूं का उपयोग करें. पूजा करने के बाद होलिका की 7 बार परिक्रमा करें. फिर जल दें. इसके बाद दान करें. इस दिन दान करना शुभ होता है. होलिका दहन के दिन क्या न करें? हो​लिका दहन के दिन भूल से भी किसी को उधार नहीं दें. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जो भी इस दिन उधार देता है उसके घर में आने वाली बरकत रुक जाती है. होलिका दहन की पूजा करते समय काले और सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें. पूजा के समय इन रंगों को पहनना अशुभ बताया गया है. होलिका दहन की पूजा में महिलाएं भूलकर भी बाल नहीं बांधें. खुले बालों से होलिका की पूजा करें. होलिका दहन की रात को सड़क पर पड़ी चीज को हाथ या पैर लगाएं. इस दिन टोटके का खतरा ज्यादा होता है. नवविवाहिता ससुराल में पहली होली पर होलिका दहन की आग न देखे. ये अशुभ माना गया है.

साल का पहला ग्रहण 14 मार्च को, भारत में दिखेगा या नहीं ? राशियों पर कैसा असर? जानें डेट टाइम और डिटेल्स

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की तरह ग्रहण का बड़ा महत्व माना जाता है। खास करके धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना गया है। साल 2025 का पहला चन्द्र ग्रहण 14 मार्च 2025 फाल्गुन मास की पूर्णिमा को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।इस दिन होलिका दहन भी होगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 09 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 29 मिनट तक चलेगा। यह पूर्ण चन्द्र ग्रहण होगा लेकिन भारत में नहीं दिखाई देंगे, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। 14 मार्च को साल का पहला ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं ? राशियों पर कैसा असर? जानें डेट टाइम और डिटेल्स भारत को छोड़कर इन देशों में दिखेगा चन्द्र ग्रहण यह ग्रहण भारत को छोड़कर  ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग यूरोप अफ्रीका के अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका में दिखाई देगा, ऐसे में सूतककाल ग्रहण के 12 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। कब लगता है चन्द्र ग्रहण?     चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।     पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। राशियों पर कैसा रहेगा असर?     सिंह राशि के लिए 2025 का पहला चंद्र ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा। आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है । इस अवधि में संभलकर रहने की जरूरत है।     मकर राशि वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य ,करियर और व्यवसाय के लिए अनुकूल नहीं है। मीन राशि पर भी नकारात्मक रहेगा। परिवार को लेकर चिंतित हो सकते है।     मिथुन, वृषभ, कर्क और कुंभ के लिए ग्रहण अच्छा फल देना वाला साबित हो सकता है। ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?     ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।     सूर्य ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।     भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा न करें। सूर्य ग्रहण के दौरान खाना-पीना बिल्कुल न खाएं।     खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें।     ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध किया जाता है।     गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से     बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।

12 मार्च 2025 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा?इन राशियों की बदल जाएगी किस्मत

मेष राशि- आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। व्यापार में विस्तार होगा। प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने में देरी हो सकती है। यात्रा के योग बनेंगे। ऑफिस में टीम के साथ मिलकर किए गए कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। योग व मेडिटेशन से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि- खर्चों पर नियंत्रण रखें। बेकार की चीजों पर पैसे खर्च न करें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। प्रॉपर्टी को बेचने से धन लाभ होगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। योग व मेडिटेशन से मन को शांति मिलेगी और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लाइफ पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। वह आपके प्रयासों की तारीफ कर सकते हैं। मिथुन राशि- कार्यस्थल पर व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। परिजनों के साथ टाइम स्पेंड करें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। योग व मेडिटेशन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आएगा। प्रॉपर्टी की खरीदारी में देरी आएगी। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। क्रोध से बचें। कर्क राशि- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। स्टॉक मार्केट में निवेश करने से धन लाभ होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। रियल एस्टेट में निवेश करने से धन लाभ होगा, लेकिन निवेश से जुड़े डिसीजन के लिए थोड़ा टाइम लें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। सिंह राशि- आर्थिक स्थिरता आएगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। तनाव से बचें। प्रोफेशनल लाइफ में कामयाबी हासिल करने के लिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। रोजाना योग व एक्सरसाइज करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। आपकी ओवर ऑल हेल्थ अच्छी रहेगी। लव लाइफ में सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। कन्या राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बच्चों का ख्याल रखें। परिजनों के साथ रिश्ते मजबूत बनाने की कोशिश करें। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। आज आपकी रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। तुला राशि- आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। यात्रा के योग बनेंगे। घर में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। ऑफिस में कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऊर्जावान बने रहेंगे। लव लाइफ में खुशियों का माहौल रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। वृश्चिक राशि- भाई-बहन संग रिश्ते मधुर होंगे। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। रिस्की बिजनेस की शुरुआत न करें। किसी शांतिपूर्ण जगह पर घूमने जा सकते हैं। पुरानी प्रॉपर्टी बेचने का निर्णय ले सकते हैं। इससे आपको आर्थिक लाभ भी होगा। व्यापार में तरक्की करेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। धनु राशि- जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कार्यों में देरी करने से बचें। प्रॉपर्टी की खरीदारी के योग बनेंगे। धन-संपदा में वृद्धि होगी। रोजाना योग व मेडिटेशन करें। इससे मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन को शांति मिलेगी। मकर राशि- सिंह राशि-नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। मेडिटेशन से मन शांत रहेगा। आज प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से बचना चाहिए। सुखद यात्रा के योग बन सकते हैं। रोमांटिक लाइफ में खुशनुमा माहौल रहेगा। कुंभ राशि- आर्थिक लाभ से धन-दौलत में वृद्धि होगी। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों में प्रेम और लगाव बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। कार्यस्थल पर तरक्की के नए मौके मिलते रहेंगे। योग व मेडिटेशन से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लाइफ पार्टनर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। जिससे आपको कई सरप्राइज मिलेंगे। मीन राशि- आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में शानदार परफॉर्मेंस रहेगी। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर धन लाभ हो सकता है। प्रियजन के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इससे आपके मन को शांति मिलेगी।  

11 मार्च मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। मिथुन राशि- रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। कर्क राशि- नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। सिंह राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। कन्या राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। तुला राशि- आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि- कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धनु राशि- आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। मकर राशि- निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। कुंभ राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मीन राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी।

10 मार्च से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। भविष्य से जुड़े फैसले सावधानी से लें। व्यापारिक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। आज कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात से चेहरे पर मुस्कान आएगी। वृषभ राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। बिजनेसमेन को सोच-समझकर इनवेस्ट करना चाहिए। पारिवारिक जीवन की समस्याओं को ज्यादा बढ़ने दें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें। आज परिवार के किसी सदस्य को आर्थिक मदद की जरुरत पड़ सकती है। मिथुन राशि– आज का दिन खास रहने वाला है। महत्वपूर्ण कार्यों को टाइम पर पूरा करने की कोशिश करें। लॉन्ग टर्म प्लान पर फोकस करें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। जरुरी कार्यों में दोस्त आपकी मदद कर सकते हैं। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बुद्धिमानी और समझदारी से रुके हुए कार्य को पूरा कर लेंगे। कर्क राशि- आज का दिन शुभ रहेगा। नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना अच्छा रहेगा। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। परिजनों के साथ आशीर्वाद से करियर में अपार सफलता मिलेगी। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। सिंह राशि- आज आपको कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे,लेकिन बिजनेस पार्टनर से धोखा मिल सकता है। प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को बहुत संभालकर रखें। आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह लें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कन्या राशि- कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी कार्यों को पूरा करें। प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को खूब मेहनत करना चाहिए। व्यापार में मुनाफा होगा। अटका हुआ धन वापस मिलेगा। धन-संपत्ति को लेकर वाद-विवाद हो सकता है। कानूनी मामलों से दूरी बनाएं। तुला राशि- सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपको पारिवारिक जीवन में कुछ मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें और परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। आज कोई करीबी दोस्त आपसे आर्थिक मांग सकता है। वृश्चिक राशि- सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपको पारिवारिक जीवन में कुछ मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें और परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। आज कोई करीबी दोस्त आपसे आर्थिक मांग सकता है। धनु राशि- घर के किसी सदस्य के विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। धन का लेन-देन करते समय सावधानी बरतें। कुछ जातकों को ससुराल पक्ष में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी संग बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें। मकर राशि- लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। परिजनों से किसी बात को लेकर अनबन हो सकता है,लेकिन पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। कार्यस्थल पर कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लें। आर्थिक मामलों में लापरवाही बरतें। कुंभ राशि- आज का दिन अच्छा रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। घर में मेहमानों के आगमन से सकारात्मक माहौल रहेगा। अटका हुआ धन वापस मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। मीन राशि- आज का दिन सामान्य रहेगा। घर में मेहमानों का आगमन संभव है। सिंगल जातकों के लिए लाइफ में किसी खास व्यक्ति की एंट्री होगी। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। आप फैमिली के साथ कहीं घूमने का भी प्लान बना सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

नरसिंह द्वादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से करें पूजा

हिंदू धर्म में नरसिंह द्वादशी का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ उनके नरसिंह अवतार की भी पूजा की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन क्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए दैत्यराज हिरण्यकशिपु का वध किया था. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति को जीवन के समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. नरसिंह द्वादशी शुभ मुहूर्त     ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4 बजकर 59 मिनट से लेकर 5 बजकर 48 मिनट तक.     अभिजित मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से लेकर 3 बजकर 17 मिनट तक     विजय मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 55 मिनट तक     गोधूलि मुहूर्त- शाम 6 बजकर 24 मिनट से लेकर 6 बजकर 49 मिनट तक. नरसिंह द्वादशी पूजा विधि नरसिंह द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हों जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य निकलने पर अर्ध्य देकर व्रत का संकल्प लें। पूजा घर की अच्छे से सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें। अब चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान नरसिम्हा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद पूजा के दौरान नरसिंह भगवान को फल, फूल, धूप-दीप, पंचमेवा, नारियल, अक्षत और पीतांबर अर्पित करें। अंत में नरसिम्हा भगवान की आरती करें और पूजा के समय शंख नाद जरूर करें। नरसिंह द्वादशी मंत्र जाप नरसिंह द्वादशी के दिन पूजा के दौरान इन खास मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए. मान्यता है कि इससे व्यक्ति को भगवान नरसिंह की कृपा प्राप्त होती है. आपत्ति निवारक नरसिंह मंत्र ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥ नरसिंह गायत्री मंत्र ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्ण दंष्ट्राय धीमहि | तन्नो नरसिंह प्रचोदयात || संपत्ति बाधा नाशक नरसिंह मंत्र ॐ नृम मलोल नरसिंहाय पूरय-पूरय, ऋण मोचक नरसिंह मंत्र ॐ क्रोध नरसिंहाय नृम नम: नरसिंह द्वादशी पारण नियम नरसिंह द्वादशी के दिन पारण करने के लिए सुबह उठकर पवित्र स्नान करें. उसके बाद मंदिर व घर को साफ करें. फिर पूरे नियमानुसार पूजा संपन्न होने के बाद पूजा का प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें. नरसिंह द्वादशी का महत्व मान्यताओं के अनुसार, भगवान नरसिंह भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए एक खंभे को चीर कर प्रकट हुए थे. भगवान नरसिंह आधे मनुष्य और आधे शेर के रूप में प्रकट हुए थे. भगवान नरसिंह भगवान विष्णु के रौद्र रूप अवतार भी माने जाते हैं. नरसिंह द्वादशी का व्रत करने वालों को संसार के सारे सुख प्राप्त होते हैं. इस दिन पूजा और व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति भी होती है.

आज 9 मार्च इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, होगा जबरदस्त धन लाभ, जानिए अपना आज का राशिफल

मेष राशि- आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- मन अशांत हो सकता है। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। संयत रहें। नौकरी में अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय मे वृद्धि होगी। मिथुन राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। पर नौकरी में तरक्की के मौके मिल सकते हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान बढ़ेगा। कर्क राशि- वाणी में सौम्यता रहेगी। माता-पिता से कारोबार के लिए धन की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार के लिए यात्रा से लाभ के अवसर मिलेंगे। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि- मन प्रसन्न रहेगा। संयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय के साधन बढ़ेंगे। कन्या राशि- मन प्रसन्न रहेगा। पर, धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संतुलित रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना बन रही है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। तुला राशि- मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। परिवार की सेहत का ध्यान भी रखें। वृश्चिक राशि- आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार का साथ मिलेगा। रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मसंयत रहें। अपनी भावनओं को वश में रखें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। आय में वृद्धि होगी। मकर राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव भी हो सकता है। आय बढ़ेगी। कुंभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मौके मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मीन राशि- आशा-निराशा के मनोभाव हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। सेहत के प्रति सचेत रहें। नौकरी में तरक्की के साथ विदेश जा सकते हैं। सम्मान की प्राप्ति होगी।

क्या आप जानते है ऋषि के श्राप के कारण होलिका बनी राक्षसी

होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन होली से ठीक एक दिन पहले होलिका का दहन किया जाता है. होलिका दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन थी. उसे ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे नहीं जलाएगी, लेकिन जब वो भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को लेकर अग्नि पर बैठी तो खुद जलकर भस्म हो गई. होलिका दहन में लोग राक्षसी होलिका को जलाने की खुशियां मनाने के लिए आग जलाते हैं. होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. हालांकि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी उसका पूजन किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि होलिका एक देवी थी. आइए विस्तार से जानते हैं कि देवी होलिका राक्षसी कैसे बन गई. इस साल कब है होलिका दहन? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो रही है. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन का मुहूर्त 13 मार्च को रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटे 4 मिनट का समय होगा. वहीं होली 14 मार्च को खेली जाएगी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूर्व जन्म में होलिका एक देवी थी. राक्षस कुल में उसका जन्म ऋषि से श्राप पाने के कारण हुआ था. होलिका राक्षस कुल में जन्म लेकर ऋषि द्वारा उसे मिले श्राप को ही भुगत रही थी. आग में दहन होने के बाद ही वो ऋषि के श्राप से मुक्त हुई थी. आग में जलने से होलिका शुद्ध हो गई थी. यही कारण है कि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी होलिका दहन के दिन उसकी पूजा की जाती है. अपने पुत्र को मारना चाहता था हिरण्यकश्यप दरअसल, दैत्यराज हिरण्यकश्यप के राज्य में भगवान विष्णु की पूजा वर्जित थी, लेकिन हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त थे. हिरण्यकश्यप को प्रहलाद द्वारा की जाने वाली भगवान विष्णु की पूजा अच्छी नहीं लगती थी. इसके चलते उसने अपने पुत्र को मारने के कई प्रयास किए. अंत में उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को अग्नि पर लेकर बैठ जाए, लेकिन नारायण की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जल गई.

8 मार्च को वृषभ राशि वाले जोश में करियर का फैसला न लें, मां लक्ष्मी की रहेगी विशेष कृपा

मेष आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। डाइट में थोड़े बदला लाएं। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। वृषभ प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए उत्तम दिन है। व्यापार में मुनाफा होगा। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। सेल्फकेयर पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को समझदारी से सुलझाएं। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। मिथुन लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। कर्क आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी। ओवरथिंकिंग से बचें। सकारात्मक रहें। आत्मसंयत रहें और शैक्षिक कार्यों पर फोकस करें। लव लाइफ अच्छी रहेगी। सिंह आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। यात्रा करने से बचें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होंगी। प्रेमी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कन्या आज जल्दबाजी में लिए गए एक्शन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धन का प्रबंधन करना सीखें क्योंकि धन-दौलत में वृद्धि के योग हैं। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। अपने डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। तुला धन बचत करें। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। विचारों में अलगाव होने के कारण आपको नेगेटिव फील हो सकता है। नियमित एक्सरसाइज करें। इससे आप फिजिकली और मेंटली फिट रहेंगे। अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। नई स्किल सीखें। लंबे समय से रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स लव लाइफ को बेहतर बनाने का प्लान बना सकते हैं। वृश्चिक आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। यात्रा के योग बनेंगे। फिजिकली फीट रहेंगे और मन सकारात्मक रहेगा। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। लव लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। धनु आय के अतिरिक्त स्त्रोतों की तलाश करें। वाद-विवाद से बचें। बिजनेसमेन को व्यापार में मुनाफा होगा। बिजनेस पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप फिट और एक्टिव महसूस करेंगे। शैक्षिक कार्यों में खूब मेहनत करें। इससे आपको सफलता जरूर मिलेगी। सिंगल जातकों की आज किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। मकर निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। स्टॉक्स, शेयर्स और प्रॉपर्टी इनवेस्ट के बारे में पहले अच्छे से रिसर्च करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करें। अपने फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें। इससे आपके ओवर ऑल हेल्थ में सुधार आएगा। व्यापार में विस्तार होगा। लव लाइफ में साथी की प्राथमिकताएं दूसरी होने के कारण आपको दूरियां महसूस हो सकती हैं। कुंभ आर्थिक मामलों में सावधानी से फैसले लें। बेकार के खर्चों से बचें। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों से ज्यादा परेशान न हों। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। लव लाइफ में सरप्राइज मिल सकते हैं। मीन राशि कर्ज से मुक्ति मिलेगी। जॉब इंटरव्यू के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। अपने फिटनेस गोल्स पर फोकस करें। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी। यात्रा के दौरान पुराने दोस्त से मुलाकात संभव है। प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी विवाद हो सकते हैं।

शनि देव के प्रकोप को नहीं झेलना चाहते तो भी न करें ये काम

हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवता का होता है. शनिवार का दिन भगवान सूर्य के पुत्र शनि देव का माना जाता है. शनि देव कर्मफल दाता और न्याय के देवता कहे गए हैं. शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं. व्यक्ति जैसे कर्म करता है शनि देव उसको वैसा ही फल प्रदान करते हैं. अगर व्यक्ति मेहनत करता है, गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करता है, तो शनिदेव उसपर प्रसन्न होते हैं. वहीं अगर अगर व्यक्ति धर्म के अनुसार, आचरण नहीं करता और नियमों को तोड़ता है, तो शनि देव उसको दंडित भी करते हैं. आइए अब जानते हैं कि वो कौनसे काम हैं, जिन्हें अगर शनिवार के दिन कर दिया जाता है, तो शनि देव नाराज हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. डाढ़ी बाल और नाखून न काटें हिंदू धर्म शास्त्रों में शनिवार के दिन डाढ़ी बाल और नाखून काटना वर्जित किया है. मान्यता है कि इस दिन डाढ़ी बाल और नाखून काटने शनि देव नाराज होते हैं. जो भी व्यक्ति शनिवार के दिन ये काम करता है उसको शनि देव कष्ट देते हैं. बेटी को ससुराल न भेजें मान्यता है कि शनिवार के दिन अपनी बेटी को ससुराल नहीं भेजना चाहिए. कहा जाता है कि बेटी को शनिवार के दिन ससुराल भेजने पर उसका वैवाहित जीवन अच्छा नहीं रहता और अलगाव होता है. तेल और काली उड़द की दाल न खरीदें शनिवार के दिन तेल और काली उड़द की दाल खरीदने से बचना चाहिए. माना जाता है कि जो शनिवार के दिन तेल और काली उड़द की दाल खरीदता है उससे शनि देव नाराज होते हैं. हालांकि इस दिन तेल और काली उड़द का दान अवश्य करना चाहिए. मांस मदिरा के सेवन की मनाही शनिवार के दिन भूलकर भी मांस-मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जो लोग भी शनिवार के दिन ऐसा करते हैं उनपर शनि देव बहुत क्रोधित होते हैं और पीड़ा देते हैं. गरीबों को न सताएं शनि देव न्याय प्रिय हैं. इसलिए शनिवार के दिन गरीब और बेबस लोगों को सताना नहीं चाहिए. जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें शनि देव के भारी प्रकोप का सामना करना पड़ता है. उनके जीवन में कई तरह की परेशानियां आ जाती हैं. नमक न खरीदें शनिवार के दिन नमक खरीदने से बचना चाहिए. माना जाता है कि जो लोग शनिवार के दिन नमक खरीदते हैं उनके साथ कोई न कोई अशुभ घटना हो जाती है. शनिवार के दिन नमक खरीदने वालों से शनि देव नाराज हो जाते हैं. ऐसा करने वाले शनि देव की टेढ़ी दृष्टि का प्रकोप झेलते हैं. लोहा न खरीदें शनि देव को लोहे की धातु पसंद है, लेकिन शनिवार के दिन लोहा खरीदने और बेचने की मनाही है. यही नहीं इस दिन लोहा घर भी नहीं लाना चाहिए. ऐसा करने से शनि देव नाराज होते हैं.

शुक्रवार 07 मार्च 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- अपनी लव लाइफ में संतुष्ट रहें। आरोप लगाने से बचें और पूरे दिन शांत रहें। अपनी हेल्थ को प्राथमिकता देने से आप पाएंगे कि चीजें स्वाभाविक रूप से सही होने लगती हैं। सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। वृषभ राशि- आज अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। मिथुन राशि- आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। खर्च बढ़ सकते हैं। कर्क राशि- आज इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देता है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। सिंह राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। दिन क्रिएटिव रहेगा। विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। बस तनाव लेने से बचें। कन्या राशि- आज हंसी साझा करने और नई यादें बनाने से आपके बंधन मजबूत होंगे। ऑफिस में दूसरों के साथ असहमति या टकराव होना स्वाभाविक है, प्रोडक्टिविटी बनाए रखना आवश्यक है। तुला राशि- कार्य अक्सर शब्दों के मुकाबले ज्यादा जोर से बोलते हैं। दूसरों के व्यवहार को देखकर, सतर्क रहकर, आप धोखे से खुद को बचा सकते हैं। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। वृश्चिक राशि- परिवार हमारे दिल में एक विशेष स्थान रखता है, और उन परंपराओं और यादों को संजोना महत्वपूर्ण है जो हमें एक साथ बांधती हैं। पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करने के लिए आज समय निकालें। धनु राशि- आज बाधाओं का डटकर मुकाबला करने और विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने से, आप पहले से कहीं अधिक मजबूत और सफल होकर उभरेंगे। शब्दों के बजाय लोगों के कार्यों पर ध्यान दें। मकर राशि- आज स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है। कुंभ राशि- आज सकारात्मक रहें। आज का दिन परिवर्तनकारी अवसर लेकर आता है। बदलावों को अपनाएं और खुलकर बात करें। प्रेम और करियर की संभावनाएं उज्ज्वल होंगी। धन को बुद्धिमानी से मैनेज करें। मीन राशि- जीवन में कभी-कभी हमें उन लोगों या सिचूऐशन को छोड़ देना चाहिए, जो अब हमारे लिए उपयोगी नहीं हैं, भले ही यह मुश्किल हो। भरोसा रखें कि समय घाव को भर देगा और आपको बेहतर चीजों की ओर आगे ले जाएगा।

कल से शुरू होने जा रहा होलाष्टक, इन नियमों का करें पालन

हिन्दू धर्म में होलाष्टक होली से पहले के 8 दिनों की अवधि होती है, जिसे बहुत ही अशुभ माना जाता है. इस साल होलाष्टक 7 मार्च से शुरू हो रहे हैं. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि नहीं किए जाते हैं. होलाष्टक के दौरान ग्रहों की स्थिति कमजोर हो जाती है, जिससे जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं. इसलिए, इस दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. इन नियमों के पालन करने से लोगों की जिंदगी में हमेशा खुशहाली बनी रहती है. होलाष्टक का शाब्दिक अर्थ है ‘होली से पहले के आठ दिन’. यह अवधि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा तक चलती है. शास्त्रों के अनुसार, होलाष्टक के दौरान ग्रहों की स्थिति कमजोर हो जाती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु, भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करने से ग्रहों की शांति होती है और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. होलाष्टक के दौरान दान-पुण्य करने से भी ग्रहों की शांति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. होलाष्टक में न करें ये काम     होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण आदि नहीं करना चाहिए.     होलाष्टक के दौरान नया व्यवसाय शुरू करना भी अशुभ माना जाता है.     होलाष्टक के दौरान लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए और सकारात्मक रहना चाहिए.     होलाष्टक के दौरान क्रोध नहीं करना चाहिए और शांत रहना चाहिए. साथ ही इस समय किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए. होलाष्टक में करें ये काम     होलाष्टक के दौरान भगवान की पूजा करनी चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए.     होलाष्टक के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है.     होलाष्टक के दौरान पितरों का तर्पण करना भी शुभ माना जाता है.     होलाष्टक के दौरान सकारात्मक रहना चाहिए और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए.     होलाष्टक के समय धार्मिक पुस्तकों का पाठ करना चाहिए.     होलाष्टक के दौरान तुलसी की पूजा करनी चाहिए. ग्रहों की शांति के लिए ये चीजें करें दान     सूर्य: सूर्य को मजबूत करने के लिए गुड़, गेहूं, तांबा, माणिक और लाल वस्त्र का दान करें.     चंद्रमा: चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दूध, दही, चावल, चांदी, मोती और सफेद वस्त्र का दान करें.     मंगल: मंगल को मजबूत करने के लिए मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र, मूंगा और तांबे के बर्तन का दान करें.     बुध: बुध को मजबूत करने के लिए हरी सब्जियां, हरा वस्त्र, पन्ना, मूंग दाल और कांसे के बर्तन का दान करें.     गुरु: गुरु को मजबूत करने के लिए चने की दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, पुखराज और सोने का दान करें.     शुक्र: शुक्र को मजबूत करने के लिए चावल, चीनी, सफेद वस्त्र, हीरा और चांदी का दान करें.     शनि: शनि को मजबूत करने के लिए काले तिल, उड़द दाल, काला वस्त्र, नीलम और लोहे के बर्तन का दान करें.     राहु: राहु को मजबूत करने के लिए काले तिल, उड़द दाल, नीला वस्त्र और गोमेद का दान करें.     केतु: केतु को मजबूत करने के लिए काले तिल, उड़द दाल, भूरा वस्त्र और लहसुनिया का दान करें. होलाष्टक के दौरान इन नियमों का पालन करने से ग्रहों की शांति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

होलाष्टक पर क्यों नहीं करते हैं गृह प्रवेश?

होली की शुरूआत होलाष्टक से हो जाती है. होलाष्टक के दौरान गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, जानें इसे ना करने के पीछे क्या वजह है. साल 2025 में होलाष्टक 7 मार्च से लग जाएगा. होलाष्टक का अर्थ है होली और अष्टक यानि होली के आठ दिन. यह फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से पूर्णिमा तिथि तक होलाष्टक रहता है. वास्तु के अनुसार इस दौरान गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए. होलाष्टक के दौरान 8 ग्रह अशुभ फल देते हैं. इस समय ग्रहों की स्थिति शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती है. होलाष्टक के दौरान घर बनाना, गृह प्रवेश करना जैसे शुभ कार्य वर्जित है. वास्तु के अनुसार भी इस कार्य को इन दिनों में करना शुभ नहीं माना जाता. अगर इस दौरान आप गृह प्रवेश करते हैं तो शुभ कार्यों पर इसका बुरा असर पड़ता है. इसीलिए इस दौरान शुभ काम नहीं करना चाहिए, अन्यथा उनमें बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसीलिए होलाष्टक के दौरान गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लगाई गई है और वास्तु के अनुसार भी इनको शुभ नहीं माना जाता है.

मथुरा की होली, राधारानी मंदिर में कब होगी होली?

मथुरा, बरसाना और नंदगांव की होली पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां न सिर्फ रंग बल्कि, फूल, लड्‌डू, छड़ी और लठ्‌ठ से भी होली खेली जाती है. बांके बिहारी मंदिर में रंगोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. मथुरा के बरसाने में बंसा श्रीराधारानी मंदिर में 7 मार्च 2025 को लड्‌डूमार होली खेली जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लड्डूमार होली के दिन लोगों पर लड्डू फेंके जाते हैं और जिसके लड्डू लगते हैं वो अत्यंत सौभाग्यशाली होते हैं. मथुरा और वृंदावन में 10 मार्च 2025 को फूलों की होली खेली जाएगी. इस दिन रंगभरी एकादशी भी है. रंगभरी एकादशी से काशी में भी रंगोत्सव शुरू हो जाता है. ब्रज में होलिका दहन 13 मार्च 2025 को किया जाएगा. वहीं 14 मार्च को मथुरा, गोकुल, बरसाना, नंदगाव सहित पूरे भारत में रंगों से होली खेली जाएगी. ब्रज में होली का उत्सव 22 मार्च तक चलेगा. ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है, जो 40 दिन तक चलती है. बसंत पंचमी के दिन वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद भगवान के गालों पर गुलाल लगया जाता है.

फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि पितरों के लिए बड़ी महत्वपूर्ण, करें ये उपाय

हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि बड़ी पावन मानी गई है. साल में 12 पूर्णिमा पड़ती है. इस तरह हर माह में एक पूर्णिमा तिथि पड़ती है. फाल्गुन माह में जो पूर्णिमा पड़ती है उसे फाल्गुन पूर्णिमा कहते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा पर स्नान-दान से पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही फाल्गुन पूर्णिमा पितरों की आत्मा को शांति दिलाने के लिए भी बहुत लाभकारी मानी गई है. हिंदू धर्म शास्त्रों में फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पितरों की आत्मा को शांति दिलाने के साथ पितृ दोष के मुक्ति पाने के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैंं. मान्यता है कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन इन उपायों को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. साथ ही पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पितरों के आशीर्वाद से घर में सुख-शांति बनी रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में. फाल्गुन पूर्णिमा कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा 14 मार्च को मनाई जाएगी. वहीं फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत 13 मार्च 2025 को रखा जाएगा. दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाएं फाल्गुन पूर्णिमा के दिन शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए. इसके बाद पितृ स्तोत्र पढ़ना चाहिए. मान्यता है कि इस उपाय को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं. भोजन का दान फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भोजन का दान करना चाहिए. इसके अलावा किसी गाय, कुत्ते या कौवे को रोटी खिलानी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने सेपितरों की आत्मा को शांति मिलती है. पितरों का तर्पण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन गंगा के अलावा किसी और पवित्र नदी में स्नान कर पितरों का तर्पण अवश्य ही करना चाहिए. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. चंद्र देव को अर्घ्य पूर्णिमा की रात चंद्र देव को कच्चे दूध में सफेद फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए. ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं.साथ ही पृत दोष से छुटकारा मिलता है.

सूर्य के चाल बदलते ही इन राशियों की बदल जाएगी किस्मत… जानें 06 मार्च 2025 अपना दैनिक राशिफल

मेष राशि– आज मेष राशि वालों आप दैनिक जिम्मेदारियों में थोड़ा बीजी महसूस कर सकते हैं। अपनी पसंद की शारीरिक गतिविधियों में शामिल होकर दिन का लाभ उठाएं। चाहे वह दौड़ना हो या नए योग पोज को ट्राई करना हो। वृषभ राशि- आज रिश्ते से जुड़े हर मुद्दे का फैसला सोच-समझकर ही करें। आज कोई भी फाइनेंशियल इश्यू आपके प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करेगा। वहीं, धन और स्वास्थ्य दोनों ही आज अच्छे रहेंगे। मिथुन राशि- आज का राशिफल प्रोफेशनल सफलता के साथ खुशहाल रोमांटिक रिश्ते की भविष्यवाणी भी करता है। स्मार्ट और सुरक्षित फाइनेंशियल निवेश करें, जिससे आपका भविष्य सिक्योर रहेगा। कर्क राशि- आज आपकी लव लाइफ अच्छी है और प्यार के सुखमय पल जीवन को खुशहाल बनाएंगे। कोई भी फाइनेंशियल चुनौती आपके प्रदर्शन को प्रभावित नहीं कर पाएगी। धन और सेहत दोनों का ध्यान रखें। सिंह राशि– आज प्रेम जीवन में खुश रहने के लिए पार्टनर का आपको साथ मिलेगा। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। स्मार्ट इनवेस्टमेंट की योजना बनाएं क्योंकि फाइनेंशियल हेल्थ भी अच्छी रहेगी। एक्सपर्ट सलह लें। कन्या राशि- आज के दिन अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें। रुपए पैसे आएंगे, बस उन्हें रोक कर रखें। अभी निवेश न करें। स्वास्थ्य और व्यापार अच्छा रहने वाला है। वहीं, प्रेम और संतान का भरपूर सहयोग मिल सकता है। तुला राशि- आज आपका प्रेम संबंध आपके जीवन में रौशनी भर देगा। दफ्तर में छोटी-मोटी चुनौतियां रहेंगी लेकिन आप उन्हें आसानी से सुलझा लेंगे। स्मार्ट फाइनेंशियल डीसीजन लें और अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लें। वृश्चिक राशि- आज भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि हो रही है। लेकिन थोड़ा कलह भी आपको परेशान कर सकती है। जो भी आपने डिजाइन किया है या जो भी आपने सोच रखा है, अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण से उसको आप लागू करिए, लाभ करेगा। धनु राशि- आज आपकी लव लाइफ शानदार रहेगी और कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। करियर में ग्रोथ सुनिश्चित करने के लिए हर प्रोफेशनल चुनौती का सॉल्यूशन निकालें। नए बदलाव हो सकते हैं। मकर राशि- आज के दिन राजनीतिक लाभ मिल सकता है। मकर राशि वालों आज पिता का साथ होगा। व्यवसायिक सफलता मिल सकती है। कुछ अधिकारियों का आशीर्वाद भी मिलेगा। कोई रिस्क न लें। कुंभ राशि– आज जुआ, सट्टा और लॉटरी जैसी चीजों में बिल्कुल भी पैसे न लगाएं, धन हानि के संकेत हैं। कुछ जातकों को शुभ समाचार की प्राप्ति भी होगी। यात्रा में लाभ योग हैं। मीन राशि- मीन राशि के लोगों को इन दिनों ज्ञान प्राप्त हो गया है कि वे किसी भी सिचुएशन को बहुत अच्छे से टैकल कर रहे हैं। जीवन जीने की कला कहते हैं इसे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम संतान की स्थिति नॉर्मल बनी हुई है, न तो बहुत अच्छी है और न ही बुरी है।

जल्द विवाह के लिए होलिका दहन की आग में डाले ये पांच चीजें

हिंदू धर्म में हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. होली के त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. मान्यता है कि होलिका दहन के दिन कुछ विशेष उपायों को करने से जीवन की सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं. साथ ही इस दिन होलिका की आग पांच चीजें डालने से जल्द विवाह के योग बनते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये पांच चीजें कौनसी हैं. इस साल कब है होलिका दहन? इस साल फाल्गुल माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को होली खेली जाएगी. हवन सामग्री में घी अगर विवाह में अड़चने आ रही हैं, तो होलिका दहन के समय हवन सामग्री में घी मिलाकरआग में डालें . हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसा करने से विवाह की अड़चने समाप्त होती हैं. साथ ही विवाह के योग जल्दी बनते हैं. पांच हल्दी की गांठे अगर विवाह में देरी हो रही है, तो पांच हल्दी की गांठे लें. गांठे लेकर होलिका दहन के समय परिक्रमा करें. फिर वो हल्दी की गांठे होलिका की जलती हुई अग्नी में डाल दें. ऐसा करने विवाह में आ रहीं समस्याएं दूर होती हैं. साथ ही जल्द विवाह के योग बनते हैं. नारियल का गोला होलिका दहन के समय नारियल के गोले को कलावे से बांधकर सिर पर सात बार घुमाकर होलिका की आग में डाल दें. ऐसा करने से विवाह जल्दी होता है. घी में भिगोई हुईं 108 बातियां होलिका दहन के समय घी में भिगोई हुईं 108 बातियों को होलिका की आग में डाल दें. इससे विवाह में आ रही सारी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं. सुपारी अगर आपके विवाह में देरी हो रही है, तो होलिका दहन के समय सुपारी आग में डाल दें. ऐसा करने से भी विवाह में आ रही परेशानियां दूर होती हैं और जल्द विवाह के योग बनते हैं.

चैत्र नवरात्रि शक्ति की उपासना का महोत्सव है , मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा

मां भवानी की पूजा का पर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 30 मार्च 2025 से शुरू होने वाला है. माता की आराधना के लिए 9 दिन बहुत पवित्र और पुण्यदायी होते हैं. मां दुर्गा को तीनों लोकों की मां के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है मां दुर्गा की पूजा करने वाले का कभी कोई अमंगल नहीं होता. अगर कुंडली में ग्रह दोष है और बार बार मेहनत करने के बाद भी काम में सफलता नहीं मिल रही है तो चैत्र नवरात्रि के नौ दिन माता के 9 स्वरूपों की पूजा करें, माता के 9 शक्तियां कौन है, इनकी उपासना का महत्व क्या है. मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा मां शैलपुत्री (प्रतिपदा तिथि) – देवी पुराण के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता आती है. दांपत्य सुख का लाभ मिलता है. मां ब्रह्मचारिणी (द्वितीया तिथि) – ब्रह्मचारिणी इस लोक के समस्त चर और अचर जगत की विद्याओं की ज्ञाता हैं. कहते हैं इनकी आराधना से व्यक्तिव में निखार आता है, बुद्धि तीव्र होती है. मां चंद्रघंटा (तृतीया तिथि) – आत्म कल्याण और शांति की तलाश जिसे हो, उसे नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना करनी चाहिए.  मां चंद्रघंटा को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचानी वाली देवी माना जाता है. मां कूष्मांडा (चतुर्थी तिथि) – चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा सकी पूजा से व्यक्ति को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है. मां स्कंदमाता (पंचमी तिथि) – स्कंदमाता के साथ पुत्र कार्तिकेय की पूजा भी की जाती है. संतान प्राप्ति के लिए नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि कसबसे फलदायी मानी गई हैं. मां कात्यायनी (षष्ठी तिथि) – चैत्र नवरात्रि में मां कात्यायनी की पूजा उन लोगों को जरुर करना चाहिए जिनकी शादी में बाधा आ रही है. रोग, शोक, संताप से मुक्ति चाहिए उन्हें देवी कात्यायिनी को मनाना चाहिए. मां कालरात्री (महासप्तमी तिथि)- मां कालरात्रि की पूजा करने से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पलभर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है. तंत्र साधना में मां कालरात्री की पूजा सबसे अचूक मानी गई है. मां महागौरी (महाअष्टमी तिथि) – अपने पाप कर्मों के काले आवरण से मुक्ति पाने और आत्मा को फिर से पवित्र और स्वच्छ बनाने के लिए महागौरी की पूजा और तप किया जाता है। मां सिद्धिदात्री (महानवमी तिथि)- भगवान शिव ने देवी के इसी स्वरूप से कई सिद्धियां प्राप्त की. शिव के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में जो आधी देवी हैं वो ये सिद्धिदात्री माता ही हैं. इनकी उपासना से हर काम में सफलता मिलती है.

बुधबार, 05 मार्च 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज के दिन अपने रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाने का अच्छा समय है। खर्चों को कंट्रोल करें। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें ताकि आप एक साथ गहरा कनेक्शन स्थापित कर सकें। वृषभ राशि-आज आप बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचा पाएंगे। नियमित रूप से हल्की-फुल्की बातचीत करना जरूरी है। इससे आपको मानसिक शांति पाने और एक-दूसरे पर और भी अधिक भरोसा करने में मदद मिलेगी। मिथुन राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आपके सभी काम पूरे होंगे। आपका निजी और व्यावसायिक जीवन संतुलित रहेगा और आपको कुछ नया करने का मौका भी मिलेगा। कर्क राशि- आज आपको अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखने की जरूरत है ताकि आप दोनों इसे अगले लेवल पर ले जा सकें। आगे की एक नई यात्रा के लिए तैयार हो जाइए। अपने करियर और निजी जीवन को एक साथ संतुलित करने का प्रयास करें। सिंह राशि- अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो आपको आर्थिक और भावनात्मक तौर पर सोच-विचार करने की जरूरत है। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बचत जरूर करें। हाइड्रेटेड रहें। कन्या राशि- आज आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी रहेगी और निवेश के अवसरों के लिए यह अच्छा है। अपने पार्टनर के साथ उन मुद्दों पर बात करें, जो आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर रहे हैं। करियर पर फोकस करें। वृश्चिक राशि- आज स्टॉक एक्स्पर्ट्स के साथ बात-चीत करते समय आपको सतर्क रहने की जरूरत है। आपको अपने परिवार और दोस्तों से भी समर्थन मिलेगा, जो आपको अच्छे भविष्य के बारे में सकारात्मक सोचने में मदद करेगा। तुला राशि- अगर आप अपनी इन्कम को अनावश्यक खर्चों में बर्बाद करेंगे तो आप इमर्जेंसी परिस्थितियों का सामना नहीं कर पाएंगे। बाद के चरण में अपने फाइनेंस को संभालना मुश्किल हो जाएगा। छोटी बचत से शुरुआत करें। धनु राशि- आज का दिन इस राशि के जातकों के लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। बचत करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके वर्तमान आय के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा। मकर राशि- आज आपको जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेने की जरूरत है। पता करें कि क्या आप अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति को मैनेज करने में सक्षम हैं? आपका साथी यह ध्यान रखेगा कि आप जीवन में खुश और संतुष्ट रहें। कुंभ राशि- आज अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जानने के लिए साथ में कुछ अच्छा समय बिताना बेहतर होगा। अगर आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत गंभीर हैं तो शादी के बारे में सोचने का यह समय शुभ है। मीन राशि- आज आप किसी रिसकी इनवेस्टमेंट की ओर बढ़ सकते हैं, जो आपकी वित्तीय स्थिति को बर्बाद कर सकता है। एक्सपर्ट मदद न लेना ही बेहतर है क्योंकि धोखाधड़ी की संभावना बन रही है।

घर लें आएं ये होली से पहले 5 चीजें, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, होगा धन लाभ

 इस साल होलिका दहन 13 मार्च 2025 को है और इसके अगले दिन होली खेली जाएगी. रंगों का ये त्योहार होली परिवार में सुख और अपार प्रेम लेकर आता है. होली पर या होलिक दहन से पहले कई लोग वास्तु अनुसार उपाय करते हैं. मान्यता है इससे रोग, दोष, मानसिक और आर्थिक परेशानी से छुटकारा मिलता है. होली से पहले कुछ चीजों को घर लाने से व्यक्ति की सोई किस्मत जाग उठती है, सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह घर में बढ़ता है, साथ ही धन लक्ष्मी घर में वास करती हैं. होली से पहले घर में लाएं ये चीजें चांदी का सिक्का – होलिका दहन के दिन फाल्गुन पूर्णिमा होती है, इस दिन घर में चांदी का सिक्का, चांदी का हाथी लाना शुभ होता है. चांदी का सिक्का घर लाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है. इस दिन चांदी के सिक्के की पूजा कर इसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख लें मान्यता है इससे घर में बरकत आती है. मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं. इस दिन चांदी की बिछिया या पायल भी खरीद सकते हैं. बंदनवार – वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर बंदनवार यानी तोरण लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इसलिए होली पर्व से पहले अपने घर पर मुख्य द्वार पर तोरण लगाएं. इससे से सकारात्मकता ऊर्जा का संचार बढ़ता है. बांस का पौधा – वास्तु में बांस का पौधा यानी बैम्बू ट्री को लकी प्लांट माना जाता है. होली पर आप अपने घर में बैम्बू ट्री भी ला सकते हैं. घर या ऑफिस में बांस का पौधा लगाने से अच्छे भाग्य की शुरुआत होती है एवं सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. कछुआ – कछुए को भगवत स्वरुप माना जाता है. माना जाता है कि अगर आप होली पर्व पर धातु से बना कछुआ घर में लाते हैं तो इससे मां लक्ष्मी की कृपा घर पर बनी रहती है. लेकिन ध्यान रखें कि कछुए की पीठ पर श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र बना होना चाहिए. होलिका की राख – होली से पहले होलिका दहन की पूजा होती है. अगले दिन होली पर होलिका की राख घर लाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखे लें. कहते हैं इससे दरिद्रता दूर होती है.

मंगलवार, 04 मार्च 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। वृषभ राशि- आज आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देख सकते हैं। नए लोगों के साथ बात-चीत शुरू करने से न डरें। चाहे आप नई नौकरी पाना चाहते हों या प्रोमोशन पाना चाहते हों, आज का दिन लकी है। मिथुन राशि- आज खुद के प्रति सच्चे रहें। हमेशा अपने स्वास्थ्य को पहले स्थान पर रखना याद रखें, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यूनिवर्स आज आपके पक्ष में है। धन के मामले में सावधानी जरूरी है। कर्क राशि- आज खुद पर विश्वास करें। आप बेहतर महसूस करेंगे, बेहतर दिखेंगे और आज के दिन जैसी भी सिचूऐशन आएगी, उससे निपटने के लिए आपके पास अधिक एनर्जी होगी। हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज अपने कार्यों और डीसीजन को गाइड करने के लिए खुद पर भरोसा करें। मौजूदा रिश्तों को आपकी इमोशनल समझ से आज लाभ हो सकता है। पैसों के लेन-देन से आज बचना बेहतर रहेगा। कन्या राशि- आज धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी। शांति और सुकून पाने के लिए मेडिटेशन करें। आज का दिन अपने सपनों की ओर बढ़ने और अपने जुनून को आगे बढ़ाने का है। परिवार में कलह से बचने की कोशिश करें। तुला राशि- आज सेल्फ-केयर और मेडिटेशन के लिए समय अवश्य निकालें। धन से जुड़े निर्णय सोच समझकर ही लें। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। संयम से काम लें और खुद को बीजी रखें। वृश्चिक राशि- आज हेल्दी रहने के लिए जंक फूड से दूरी बनाएं। धन से जुड़े निर्णय लेने के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। आज आपका परिश्रम रंग लाएगा और आप समृद्धि देखेंगे। धनु राशि- आज बेतहाशा सपनों का पीछा करने और उस चीज से मुक्त होने का दिन है, जो आपको रोक रही है। सेल्फ-लव पर फोकस करें। सावधान रहें और उत्साह में अपने खर्च को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। मकर राशि- आज जंक फूड्स को नो कहें। लव के मामले में कुछ बातों को इग्नोर करने से रिश्ते में दरार पड़ने से रोका जा सकता है। आज आप खुद को पॉजिटिव फीलिंग्स से भरा हुआ पाएंगे। प्रेशर कम लें। कुंभ राशि- आज नए चैलेंज का सामना करने से न डरें। प्राकृतिक आकर्षण और कम्यूनिकेशन स्किल्स आज काम आएगी। आज रिस्क लेने से न डरें क्योंकि लंबे समय में इसका फायदा हो सकता है। मीन राशि- आज रिलेशन में दोबारा स्पार्क लाने के लिए एक-दूसरे के करीब आने की कोशिश करनी चाहिए। आज सोच-समझकर रिस्क उठाने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर एक्स्ट्रा खर्च करने से बचें।

रंगभरी एकादशी यानी फाल्गुन मास की एकादशी, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि पर जगत के पालन हार भगवान विष्णु की पूजा का विधान हैं. फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाई जाती है इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं. रंगभरी एकादशी के दिन विष्णु जी के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती विवाह के बाद पहली बार काशी यानी वाराणसी आए थे और उन्होंने माता पार्वती के गुलाल अर्पित किया था, जिसकी वजह से इस तिथि को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है. कब रंगभरी एकादशी? वैदिक पंचांग के अनुसार, रंगभरी एकादशी यानी फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 9 मार्च को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार इस बार रंगभरी एकादशी का व्रत 10 मार्च को रखा जाएगा. रंगभरी एकादशी शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 59 मिनट से लेकर 5 बजकर 48 मिनट तक अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 55 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त- शाम 6 बजकर 24 मिनट से लेकर 6 बजकर 49 मिनट तक निशिता मुहूर्त- रात्रि 12 बजकर 7 मिनट से लेकर रात्रि 12 बजकर 55 मिनट तक तिथि 11 मार्च रहेगी. रंगभरी एकादशी का महत्व मान्यताओं के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता पार्वती विवाह के बाद पहली बार काशी पहुंचे थे. तब शिव गणों ने उनका स्वागत गुलाल से​ किया था. इस दिन से काशी में होली का शुभारंभ होता है, जो पूरे एक सप्ताह तक चलता है. भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की होली को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिव भक्त दूर-दूर से आते हैं.

आज सोमवार, 03 मार्च 2025 का राशिफल: पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- शारीरिक लाभ के लिए विशेष रूप से मानसिक मजबूती के लिए ध्यान और योग शुरू करें। आपकी आर्थिक स्थिति आज अनुकूल नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए आपको पैसे बचाने में कठिनाई होगी। निवास स्थान परिवर्तन ज्यादा शुभ रहेगा। प्यार आपको एक जगह पर खड़े होकर एक नई दुनिया में ले जा सकता है। यह वह दिन है जब आप रोमांटिक ट्रिप पर जाएंगे। अगर आप मानते हैं कि समय ही धन है तो आपको अपनी उच्चतम क्षमता तक पहुंचने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वृषभ राशि- आज करियर संबंधी मामलों में लाभ की स्थिति में हैं। करियर से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं अपने आप को और अपने काम को सकारात्मक रोशनी में पेश करने पर ध्यान दें। अपने प्रति सच्चे रहें और अपने अंतर्ज्ञान का पालन करें, सफलता आपके निकट भविष्य में है। बढ़ी हुई भावनात्मक जागरूकता के माध्यम से आज अपनी जरूरतों को समझने के करीब आ सकते हैं और इसे दूसरों के साथ व्यक्त कर सकते हैं। इसके लिए अपार शक्ति और धैर्य की आवश्यकता होगी, जो कि आपके पास है।  मिथुन राशि- काम पर, सहकर्मियों से प्रतिक्रिया मांगें और नए तरीके सीखने के लिए खुले रहें जो आपकी प्रोडक्टिव और काम को और बेहतर बना सकते हैं। पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही तरह से पैसों से जुड़े मामलों और मुद्दों पर अतिरिक्त ध्यान दें। हड़बड़ाहट में निर्णय लेने से बचें और कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच विचार कर लें। वर्तमान निवेशों की जांच करें, ज्यादा पैसा बचाने पर ध्यान दें।  हो सके तो आज थोड़ा आराम करने की कोशिश करें, भले ही वह कुछ मिनटों के लिए ही क्यों न हो। कर्क राशि- आपका कोई खास आज आपके जीवन में उत्साह और आनंद की लहर लेकर आएगा! हवा में रोमांस खिलेगा, इसलिए अपने पार्टनर के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताएं। अगर अविवाहित हैं, तो अपनी आंखें खोलें और उस अद्भुत व्यक्ति को देखें जो आपके द्वारा उन्हें नोटिस किए जाने की इंतजार कर रहा है। जब आपके पेशेवर जीवन की बात आती है तो बड़े बदलाव आने वाले हैं। आपने जो मेहनत और समर्पण किया है, वह आखिरकार रंग ला रहा है और जल्द ही सफलता मिलेगी। अपने पैसे पर नजर रखें और कोई भी वित्तीय जोखिम लेने से दूर रहें। सिंह राशि- पेशेवर बने रहें और हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपका व्यवहार सबसे अच्छा हो। अपने आप पर विश्वास करें और जोखिम उठाने से न डरें, क्योंकि यह आपको बड़ी सफलताओं का इनाम दे सकता है। आने वाले दिनों के लिए वित्तीय बजट को समझना सीखें। हालांकि आज बदलाव का दिन है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि अचानक कोई आश्चर्य एक चुनौती के रूप में सामने आ सकता है और आपको आर्थिक परेशानी की स्थिति में डाल सकता है। केंद्रित रहें और सतर्क रहें। शारीरिक शक्ति कम हो सकती है और थोड़ी सुस्ती पैदा हो सकती है, अपनी मानसिकता को केंद्रित रखें। कन्या राशि- दिल के मामलों में आप खुद को नई सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ पाएंगे। आपको विचारों की स्पष्टता मिलेगी कि आप किसके साथ सार्थक संबंध बनाना चाहेंगे। यह आपके दिल को खोलने, नए बंधन बनाने और जीवन को उसके अनुसार लेने का समय है। इस समय का सदुपयोग आगे के बड़े करियर की तस्वीर के लिए, अपने कौशल को चमकाने और बढ़ाने के लिए करें। जैसे-जैसे अवसर आते हैं, प्रोडक्टिव, मेहनती और केंद्रित होना सुनिश्चित करें। पैसा कमाने और निवेश करने के नए रास्ते खुल सकते हैं। अपनी खर्च करने की आदतों पर सावधानी से विचार करें और उनका अच्छा उपयोग करें और फिजूलखर्ची करने से पहले दो बार सोचना सुनिश्चित करें। तुला राशि- मस्ती करने के लिए बाहर निकलने वालों के लिए बेहद खुशी और आनंद। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में कर्ज चुकाना पड़ सकता है। ऐसे में यह आपकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है, जो न केवल आपको बल्कि आपके परिवार को भी रोमांचित करेगा। आपको अपनी उत्तेजना पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। आपका प्रिय आज आपकी बात सुनने के बजाय अपने मन की बात कहना पसंद करेगा। इससे आप परेशान हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को आज कार्यक्षेत्र में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  वृश्चिक राशि- नए अवसर मिलेंगे जिन्हें आपको जल्दी से हथियाने और कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। गति जारी रखें और पुरस्कार अद्भुत होंगे।आज आपके लिए बेहतर है कि आप खर्च से ज्यादा बचत करें और अगर निवेश करते हैं तो सुरक्षित विकल्प चुनें। अप्रत्याशित व्यय है इसलिए अपने धन से सावधान रहें। कुछ नींद लें और दिन ढलने के साथ आराम करें और सुनिश्चित करें कि आप मन लगाकर सांस लेने और खाने का अभ्यास करें। धनु राशि- आप आज अनसुलझे मुद्दों के बारे में अपने परिवार से बात करना चाह सकते हैं, और आप ऐसा करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप एक अच्छी तरह से विचार का उपयोग करें। आज आप अपने रिश्तेदारों के साथ समय बिता सकते हैं। आज आपको परिवार से जुड़ी कोई दिलचस्प खबर मिल सकती है। कोशिश करें कि आज किसी संपत्ति में निवेश न करें। आज परिवार के साथ एक अच्छा दिन बिताने में सक्षम हो सकते हैं। मकर राशि- विद्यार्थी आज प्रेम की भावनाओं में व्यस्त रहेंगे, जिससे उनका काफी समय बर्बाद हो सकता है। इस बात की संभावना है कि आपके और आपके जीवनसाथी के बीच तनाव बढ़ जाएगा और यह लंबे समय तक आपके रिश्ते के लिए अच्छा नहीं हो सकता है। आज दूसरों से प्यार का इजहार करना आसान होगा और यदि आप एक रोमांटिक रिश्ते में हैं तो यह आपके बीच के बंधन को विकसित करने का आदर्श समय है। नई बातचीत शुरू करने और अपने रिश्ते की गहराई का पता लगाने का यह सही अवसर हो सकता है। कुंभ राशि- आप अपने रिश्तों में आज एक चुनौतीपूर्ण दिन का अनुभव कर सकते हैं। गलतफहमी और असहमति के मामले में, गलतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहें और धैर्य के साथ समस्या का समाधान करें। इस बात का ध्यान रखें कि वर्तमान भावनाएं रिश्तों को कैसे प्रभावित कर रही हैं, … Read more

11 मार्च को पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में हर माह के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह खास दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,प्रदोष व्रत के दिन शिव-गौरी की विधिवत पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करना भी बेहद शुभ होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मार्च 2025 दिन मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। भौम प्रदोष के दिन शिव परिवार के साथ हनुमान जी की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को समस्त दुख-कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं मार्च के पहले प्रदोष व्रत की सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त… कब है प्रदोष व्रत? द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को सुबह 08 बजकर 13 मिनट पर होगी और अगले दिन 12 मार्च 2025 को सुबह 09 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में प्रदोष काल पूजा मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए 11 मार्च 2025 दिन मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रोगों से मुक्ति और आरोग्यता का वरदान प्राप्त करने के लिए भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है। शुभ योगों में प्रदोष व्रत : 11 मार्च को बेहद शुभ योग में प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुकुर्मा योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का खास संयोग बन रहा है। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त : इस दिन शाम 06 बजकर 27 मिनट से लेकर 08 बजकर 53 मिनट तक लगभग 02 घंटे 25 मिनट तक प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।

02 मार्च को कन्या राशि वालों को सौदों में देरी होने की संभावना, जाने अपना राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों का मन खुश रहेगा। आप लोग आत्मविश्वास भी भरपूर रहेंगे। इस समय थोड़ा परेशानी का समय है, इसलिए कारोबार में बाधा आ सकती है। सचेत रहें। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को अभी धैर्यशीलता बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। नौकरी में अफसरों से मिलकर रहें। इस समय खर्चों की अधिकता रहेगी। आय में वृद्धि हो सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों का मन परेशान रहेगा। इस समय आत्मविश्वास में कमी रहेगी, इसलिए तनाव लें, सकारात्मक बने रहें।। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार का साथ मिलेगा। धर्म के प्रति श्रद्धा भाव बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आत्मसंयत रहना जरूरी है। बेकार के क्रोध व झगड़ों से इस समय आपको बचकर रहना होगा। कारोबार में बाधा आ सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। ऑफिस में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। सिंह राशि- सिंह वालों के आत्मसंयत रहकर काम बनेंगे। बेकार के क्रोध और वाद-विवाद से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें।इस समय आपको माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार से लाभ होगा। कन्या राशि- कन्या वालों का मन प्रसन्न रहेगा। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी, जिसकी वजह से हेल्थ की समस्या आ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। कारोबार से लाभ में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की के मौके मिल सकते हैं। ऑफिस में बदलाव हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। इस समय आपको वाहन की प्राप्ति हो सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संतुलित रहें। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। धनु राशि- धनु राशि वालों की लाइफ आत्मविश्वास से भरपूर रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखने की कोशिश करें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कार्यभार बढ़ेगा। मकर राशि- मकर वालों की आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। कारोबार में उतार-चढ़ाव हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ के मौके मिलेंगे। कुंभ राशि- कुंभ वालों के बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। नौकरी में विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। मीन राशि- मीन वालों की लाइफ में उतार-चढ़ाव रहेंगे। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। माता-पिता व परिवार के किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। खर्च बढे़ंगे।

होली से पहले नागा साधु की काशी में पंचकोशी परिक्रमा, जाने क्या है महत्व?

 नागा साधु प्रयागराज के महाकुंभ के बाद भगवान शिव की नगरी काशी पहुंचे हुए हैं. काशी में नागा साधु मसान की होली खेलेंगे. मागशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद नागा मसान की होली की तैयारी में ही जुटे हुए हैं, लेकिन होली से पहले नागाओं की काशी में पंचकोशी परिक्रमा होगी. इस पंचकोशी परिक्रमा की शुरुआत पांच मार्च से होगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये पंचकोशी परिक्रमा क्या होती है. नागा साधु ये पंचकोशी परिक्रमा क्यों करते हैं. इसका महत्व क्या है? क्या है पंचकोशी परिक्रमा ? पंचकोशी परिक्रमा का अर्थ है पांच प्रमुख तीर्थों की यात्रा करना. पंचकोशी परिक्रमा धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. पंचकोशी परिक्रमा करने से आत्मा शुद्ध होती है. भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण का भाव बढ़ता है. वाराणसी की बात करें तो यहांपंचकोशी परिक्रमा की शुरुआत मणिकर्णिका घाट से होती है. पंचकोशी परिक्रमा कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर, कपिलधारा से होते हुए फिर मणिकर्णिका घाट पर ही खत्म होती है. नागा साधु क्यों करते हैं परिक्रमा ? पंचकोशी परिक्रमा नागा साधुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. पंचकोशी परिक्रमा में नागा साधु और अखाड़ों के संत शामिल होते हैं. पंचकोशी परिक्रमा के दौरान नागा साधु तीर्थ स्थलों के दर्शन करते हैं. साथ ही इस परिक्रमा के दौरान नागाओं को अपने आराध्यदेव के स्थल पर जाने का अवसर भी मिलता है. पंचकोशी परिक्रमा करके उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है. पंचकोशी परिक्रमा उनके ज्ञान, विवेक और आत्मबल को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती है. पंचकोशी परिक्रमा से नागा साधु आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं. मान्यता है कि पंचकोशी परिक्रमा मोक्ष के द्वार भी खोलती है. पंचकोशी परिक्रमा का महत्व मान्यताओं के अनुसार, जो पंचकोशी परिक्रमा करता है उसके सभी पापों का नाश हो जाता है. जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का आगमन होता है. पंचकोशी परिक्रमा पवित्रता, तपस्या, और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है. पंचकोशी परिक्रमा पांच विकारों काम, क्रोध, मोह, मद और लोभ से मुक्ति दिला देती है. जो भी पंचकोशी परिक्रमा करता है उसको सभी तीर्थों के दर्शन के बराबर का पुण्य मिल जाता है. पंचकोशी परिक्रमा करने वाले के कुल को भी शुभ फल मिलते हैं.

विनायक चतुर्थी पर ऐसे करें पूजा गणेश जी की पूजा

हिन्दू धर्म में विनायक चतुर्थी का बहुत अधिक महत्व होता है. यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है. यह हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों के जीवन में आने वाले सभी विघ्न और बाधाएं दूर हो जाती हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यह त्योहार ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 2 मार्च दिन शनिवार को रात 9 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 3 मार्च दिन रविवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, विनायक चतुर्थी का व्रत 3 मार्च को ही रखा जाएगा. इस दिन चन्द्रास्त रात 10 बजकर 11 मिनट पर होगा. विनायक चतुर्थी पूजा विधि     विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.     घर में किसी साफ स्थान पर एक चौकी रखें और उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.     पूजा की शुरुआत में, व्रत का संकल्प लें.     भगवान गणेश की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से स्नान कराएं.     भगवान गणेश को चंदन, रोली, कुमकुम और फूलों से श्रृंगार करें.     भगवान गणेश को मोदक, लड्डू या अपनी पसंदीदा मिठाई का भोग लगाएं.     भगवान गणेश के विभिन्न मंत्रों का जाप करें, जैसे कि “ॐ गं गणपतये नमः” और “ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा”.     भगवान गणेश की आरती करें और उन्हें फूल अर्पित करें.     दिन भर उपवास रखने के बाद, शाम को भगवान गणेश को भोग लगाकर व्रत खोलें. इन बातों का रखें खास ध्यान विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए. इस दिन किसी का भी अपमान नही करना चाहिए. इस दिन नकारात्मक विचारों से दूर रहें. और सकारात्मक विचार रखें. तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा आदि का सेवन नहीं करें और क्रोध नहीं करना चाहिए और शांत रहें. इस दिन किसी भी जानवर को परेशान नहीं करना चाहिए. हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए. विनायक चतुर्थी पूजा का महत्व विनायक चतुर्थी के दिन विधि-विधान से पूजा करने से लोगों के विघ्नों और बाधाओं का निवारण होता है. साथ ही बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है. इसके अलावा घर परिवार में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों के जीवन में आने वाले सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उन्हें सुख-शांति प्राप्त होती है. इसके अलावा जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है.  

होलिका दहन 13 मार्च को प्रदोष काल में, 30 साल बाद होलिका दहन पर दुर्लभ शूल योग

 होलिका दहन इस बार 13 मार्च को प्रदोष काल में किया जाएगा। पंचांग गणना के अनुसार यह पर्व फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी के बाद पूर्णिमा तिथि पर पड़ेगा। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, धृति योग के बाद शूल योग, वणिज करण के बाद बव करण और सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में होलिका दहन(Holika Dahan 2025) संपन्न होगा। तीन ग्रहों की विशेष युति ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार होलिका दहन के दिन सूर्य, बुध और शनि की कुंभ राशि में युति बन रही है। साथ ही शूल योग और गुरुवार का दिन इस पर्व को और भी विशिष्ट बना रहे हैं। ऐसा संयोग 30 साल पहले 1995 में बना था, जो अब 2025 में फिर से बनने जा रहा है। इस विशेष योग में की गई मंत्र, यंत्र और तंत्र साधना अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। यही कारण है कि इसे ‘सिद्ध रात्रि’ भी कहा जाता है। रात्रि 11:30 के बाद होगा होलिका दहन धर्मशास्त्रों के अनुसार होलिका दहन(Holi 2025) भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाना चाहिए। अत: रात्रि 11:30 के बाद दहन शुभ रहेगा। हालांकि, कुछ स्थानों पर मध्यरात्रि या ब्रह्म मुहूर्त में भी होलिका दहन(Holika Dahan 2025) की परंपरा है, लेकिन रात्रिकाल में ही यह अनुष्ठान सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भद्रा का रहेगा प्रभाव, पर प्रदोष काल रहेगा शुभ इस दिन सुबह 10:23 बजे से रात 11:30 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। हालांकि, धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रदोष काल में किया पूजन शुभ फलदायी होता है। पंचांग गणना के मुताबिक, इस बार सिंह राशि का चंद्रमा भद्रा का वास पृथ्वी पर बता रहा है, पर बड़े पर्वों के दौरान भद्रा के पूंछ का विचार किया जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, भद्रा के अंतिम भाग में होलिका पूजन से यश और विजय की प्राप्ति होती है।

01 मार्च 2025 का राशिफल: मेष, कर्क, तुला, कुंभ वालों की स्थिति आज तनावपूर्ण हो सकती है

मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में भी संतुलित रहें। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ेंगे। मित्र से किसी नए कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। तरक्की के अवसर मिलेंगे, परंतु किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। मिथुन राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। सिंह राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में कुछ सुस्ती भी देखने को मिल सकती है। कारोबार के लिए विदेश जाना भी हो सकता है। तुला राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में तरक्की के साथ स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। भागदौड़ अधिक रहेगी। धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। मकर राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि वालों का मन अशांत रहेगा। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए मित्र के साथ विदेश भी जा सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों के आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। माता का सान्निध्य मिलेगा। अति उत्साही होने से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आय में भी कमी आ सकती है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। मीन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी हो सकती है। संयत रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। कारोबार में व्यस्तता बढ़ेगी।

होलिका दहन के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा का ही समय

होली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक पावन त्योहार है. दिवाली के बाद होली को हिंदू धर्म में दूसरा प्रमुख त्योहार माना जाता है. होली के दिन चारों ओर रंग बिखरे रहते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को गुलाल, अबीर और रंग आदि लगाते हैं. होली के त्योहार को आनंद, क्षमा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. होली के पर्व से पहले होलिका का दहन किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुल माह की पुर्णिमा तिथि पर होलिका को दहन किया जाता है. होलिका दहन के अगले दिन होली का त्योहार मनाया जाता है और रंगों से होली खेली जाती है. मान्यता है कि होली से पहले होलिका दहन में सभी नकारात्मक शक्तियां जलकर नष्ट हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब किया जाएगा. इसका शुभ मुहूर्त क्या है और इस साल होलिका दहन के लिए कितना समय मिलेगा? होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और समय इस साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च गुरुवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 14 मार्च शुक्रवार को 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. इस साल होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा, लेकिन भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता. 13 मार्च को भद्रा पूंछ शाम 6 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा. ये रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इसके बाद भद्रा मुख का समय शुरू होगा जो रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात के 11 बजकर 26 मिनट पर शुरु होगा. ये शुभ मुहूर्त रात के 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस साल होलिका दहन के लिए 1 घंटा 4 मिनट का समय मिलेगा. पूजा विधि     होलिका दहन के दिन सुबह स्नान कर लेना चाहिए.     फिर पूजा स्थल पर पर गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बनानी चाहिए.     इसके बाद कच्चा सूत, गुड़, हल्दी,मूंग, बताशे और गुलाल नारियल अर्पित करना चाहिए.     फिर मिठाइयां और फल अर्पित करने चाहिए,     होलिका पूजन के साथ ही भगवान नरसिंह की भी अराधना करनी चाहिए.     अंत में होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए. होलिका दहन का महत्व पौराणिक कथाओं में होलिका दहन का महत्व बताया गया है. होलिका जलाने से लोगों की आत्मा शुद्ध हो जाती है. साथ ही मन पावन हो जाता है. होलिका दहन पर पूजन से संतान सुख की प्राप्ति होती है. इसके अलावा घर में सुख शांति बनी रहती है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है.

होली से आठ दिन पहले शुरू होता है होलाष्टक, भूल से भी न खरीदें ये चीजें

हिंदू धर्म में होलाष्टक की अवधि अशुभ मानी जाती है. ये आठ दिनों की अवधि होती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है. पंचांग के अनुसार, होलाष्टक की अवधि की शुरुआत होली से आठ दिन पहले हो जाती है. इसका समापन होलिका दहन के साथ हो जाता है. होलाष्टक की अवधि में गृह प्रवेश, विवाह या मुंडन संस्कार जैसे शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक की अवधि में किए गए शुभ कामों का फल प्राप्त नहीं होता है. इसके विपरीत होलाष्टक की अवधि में अगर वर्जित काम किए जाते हैं, तो जीवन में कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं. होलाष्टक की अवधि में शुभ काम न करने के साथ-साथ इस दौरान नई चीजों की खरीदारी भी वर्जित मानी गई हैं. मान्यता है कि इस दौरान कोई नहीं चीज खरीदना शुभ नहीं होता. ऐसा करने से जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस साल कब से होलाष्टक? वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 7 मार्च से हो शुरू हो रही है. ऐसे में होलाष्टक की भी शुरुआत 7 मार्च से हो जाएगी. इसका समापन 13 मार्च को हो जाएगा. क्योंकि 13 मार्च को होलिका दहन की जाएगी. इसके बाद 14 मार्च को होली का मनाई जाएगी. होलाष्टक में न खरीदें ये चीजें     हिंदू मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक दिनों में बाजार से कोई नई चीज खरीदकर घर न लाएं.     होलाष्टक के दौरान नए कपड़े, नई गाड़ी, घरेलू उपयोग में आने वाली चीजें, सोना और चांदी भी नहीं खरीदें. इस दौरान नया मकान न लें और बनवाएं भी नहीं.     होलाष्टक के दिनों में यज्ञ, हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं करवाएं. हालांकि इस दौरान नियमित पूजा की जा सकती है.     हिंदू मान्यता है कि इस समय में नकारात्मक ऊर्जा का वेग बहुत ज्यादा होता है. इसलिए इस दौरान नया निवेश और लेन देन न करें. इससे जीवन में आर्थिक संकट आ सकता है. करें ये काम     होलाष्टक के दौरान दान करें. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.     हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. ऐसा करना विशेष फलदायी माना जाता है.     इस दौरान लड्डू गोपाल का पूजन करें. उनके गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें. इससे जीवन में सकारात्मकता रहती है.  

एक वचन, तीन बाण और शीश का दान… कौन थे बर्बरीक, कैसे मिला खाटू वाले श्याम का नाम

फाल्गुन के इस महीने श्रद्धालुओं के जत्थे राजस्थान के सीकर जिले की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं. इन रेलों में दूर से ही दिख रही हैं, नीली-पीली और केसरिया झंडिया, जिन्हें हाथों में थामकर श्रद्धालु नंगे पांव मंदिर की ओर बढ़ते ही जा रहे हैं. भीड़ भक्ति से झूम रही है, कतारों में खड़े लोग भजन गा रहे हैं और भजन को ध्यान से सुनिए तो वह अपने प्रभु श्याम का गुणगान कर रहे हैं. ये श्याम राधा के कृष्ण नहीं हैं, न ही नंद के लाला नंदलाल हैं. देवकी और यशोदा के पुत्र भी नहीं और न ही ये गीता का संदेश देने वाले कर्मयोगी हैं. श्रद्धालु उन्हें बाबा भी कह रहे हैं और हारे का सहारा भी. वह उनका नाम खाटू वाले श्याम बता रहे हैं. उनकी मंजिल है सीकर से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर एक गांव खाटू. यह गांव फाल्गुन महीने में दुल्हनों की तरह सजा है और भक्त अपने भगवान के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं. उन्हें हारे का सहारा बता रहे हैं और खुद को धन्य मान रहे हैं  बाबा के दर्शन कर लिए. कौन है खाटू वाले श्याम बाबा… महाभारत से जुड़ा है खाटू श्याम का इतिहास खाटू बाबा का इतिहास आज से 5000 साल पहले की पौराणिक गाथा से जुड़ा है. महाभारत के युद्ध के दौरान हुई एक घटना से खाटू वाले बाबा श्याम का प्राकट्य माना जाता है. क्या है यह कथा? जब यह तय हो गया था कि कौरव-पांडव में युद्ध होना ही है. ऐसे में दूर-दूर से राजा-महाराजा अपना पक्ष चुनते हुए सेना समेत युद्ध में शामिल होने पहुंच रहे थे. युद्ध की बात जंगल में रहने वाले एक नवयुवक के कानों तक भी पहुंच रही थी. उसने अपनी मां से युद्ध में जाने की आज्ञा मांगी. मां ने सहर्ष अनुमति दे दी और जाते-जाते कहा, जा बेटा ‘हारे का सहारा’ बनना. वह नवयुवक मां की बात से इंच भर भी नहीं डिगता था, क्योंकि वह उसकी गुरु भी थीं. उसने अपने नीले घोड़े पर सवार होने से पहले मां को वचन दिया, जैसा आपने कहा ऐसा ही होगा. ‘हारे का ही सहारा’ बनूंगा. यह नवयुवक थे महाबली भीम के पौत्र, महाबलशाली घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक, उनकी महान मां थीं मौरवी. बर्बरीक की दादी हिडिंबा थीं. जिन्होंने पांडवों के वनवास के दौरान भीम से गंधर्व विवाह किया था. इस तरह बर्बरीक पांडव वंशी भी था और हस्तिनापुर के क्षत्रिय परिवार से संबंधित था. क्यों लिया हारे के सहारे का वचन दरअसल, कौरव व पांडव के युद्ध में देश-विदेश के जो भी राज्य व राजा थे वह सभी युद्ध में भाग लेने पहुंच चुके थे. राजाओं के साथ उनकी सेना भी उनके साथ युद्ध मे शामिल थीं. इस तरह दोनों दलों की ओर 7-7 अक्षौहिणी सेना हो चुकी थीं. अभी तक द्वारिका ने युद्ध में भाग नहीं लिया था. कौरव-पांडव जब दोनों ही द्वारिका से सहायता मांगने पहुंचे तो परिस्थिति वश कृष्ण पांडव की ओर निहत्थे शामिल हुए और अपनी चतुरंगिणी सेना उन्होंने दुर्योधन को दे दीं. इस तरह कौरवों के पक्ष में 11 अक्षौहिणी सेना हो गई. मौरवी को था पांडवों की हार का डर बर्बरीक की मां को लगा था पांडवों की सेना कम है. कहीं युद्ध में उनका पलड़ा कमजोर न पड़े. ऐसे में उसने अपने बेटे से हारने वाले या कमजोर के पक्ष से युद्ध करने का वचन लिया. क्योंकि वह केवल शुरुआती पक्ष ही समझ पा रही थीं, लेकिन, मौरवी ने यह ध्यान नहीं दिया कि अनजाने ही उसने जो वचन लिया है वह महाभारत के युद्ध में किसी काम नहीं आएगा, लेकिन आगे चलकर उनका यही वचन कलयुग में संसार भर के लोगों का कल्याण करेगा. इसी वचन के कारण योद्धा बर्बरीक आज हारे के सहारे बाबा श्याम के तौर पर जाने जाते हैं. ऐसे मिला श्याम बाबा का नाम जब बर्बरीक युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे, तो रास्ते में एक ब्राह्मण ने उन्हें रोक लिया. ब्राह्मण ने योद्धा का परिचय पूछा. बर्बरीक ने बताया कि मैं पांडव कुलभूषण बलशाली भीम और हिडिम्बा का पोता और उनके पुत्र घटोत्कच का पुत्र हूं. मेरी मां मौरवी हैं जो खुद एक योद्धा हैं और मेरी गुरु भी हैं. मैं इस समय महाभारत के युद्ध में हिस्सा लेने जा रहा हूं. मेरी मां ने मुझे युद्धनीति में प्रशिक्षित किया है और देवताओं से आशीर्वाद भी दिलवाया है. अब मैं उनके आशीष से युद्ध में भाग लेने जा रहा हूं. बर्बरीक के पास थी दिव्य शक्तियां ब्राह्मण ने पूछा, योद्धा तुम युद्ध में भाग लेने अकेले जा रहे हो. तुम्हारी सेना कहां है? तुम्हारे अस्त्र-शस्त्र भी अधिक नहीं दिख रहे. यह क्या तुणीर में केवल तीन बाण और बस एक धनुष. ब्राह्मण ने उनका मजाक उड़ाते हुए कहा-योद्धा कुरुक्षेत्र में ऐसा युद्ध होगा, जो फिर कभी नहीं होगा. वहां तुम कैसे अपना पराक्रम दिखाओगे. मेरी मानो लौट जाओ और जीवन का आनंद लो. बर्बरीक ने नम्रता से कहा-मेरी मां के आशीष का अपमान न कीजिए ब्राह्मण देवता. उनके प्रताप से मैं हारे का सहारा बनूंगा. यह तीन बाण साधारण नहीं हैं, दिव्य हैं. योद्धा बर्बरीक ने दिखाया पराक्रम इस महाभारत युद्ध के लिए तो मेरा एक ही बाण का काफी है, तीनों बाण चले तो सृष्टि का ही नाश हो जाएगा. यह बाण खुद महादेव ने प्रसन्न होकर दिए हैं. इनकी विशेषता है कि एक बार में लक्ष्य करते ही यह शत्रु समूह का समूल नाश कर देता है. चाहे वह कहीं भी जा छिपा हो. ब्राह्मण ने कहा-तुम तो बातें करते हो. ऐसा होता है तो प्रमाण दिखाओ. उस पीपल के पेड़ के पत्तों को क्या एक ही बाण से वेध सकते हो? इस पर बर्बरीक ने कहा-मैं बातें नहीं करता, प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या जरूरत? लीजिए आप संतुष्टि कर लीजिए. कहकर बर्बरीक ने पीपल की ओर लक्ष्य कर दिया. …और आश्चर्य में पड़ गए ब्राह्मण बर्बरीक ने जैसे ही बाण संधान किया. ऐसा लगा कि लाखों बाण प्रकट होकर पीपल के पेड़ के पत्तों को बेधने लगे हों. यह देखकर ब्राह्मण ने एक पत्ते को चुपके से अपने पैर के नीचे छिपा लिया. सारे पत्तों को बेध लेने के बाद बाण ब्राह्मण के पैरों की ओर बढ़ा और उसके पंजों को … Read more

फुलेरा दूज का त्योहार1 मार्च को मनाया जाएगा, जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं

फुलेरा दूज का त्योहार हर वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह तिथि वर्ष 2025 में 1 मार्च को है। शुक्ल द्वितीया 1 मार्च की सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगी, इसलिए उदयातिथि की मान्यता के अनुसार फुलेरा दूज का पर्व 1 मार्च को ही मनाया जाएगा। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित है। धार्मिक मत के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी ने फूलों की होली खेली थी। इस दिन क्या कार्य करने से आपको लाभ होगा और क्या काम करने से इस दिन आपको बचना चाहिए, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। फुलेरा दूज के दिन करें ये काम     भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित फुलेरा दूज के दिन आपको विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।     इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा में दूर्वा, अक्षत, खीर आदि अर्पित करना शुभ माना जाता है।     इसके साथ ही राधा रानी और भगवान कृष्ण को इस दिन फूल भी अवश्य चढ़ाने चाहिए।     अगर आपके घर में राधा कृष्ण की प्रतिमाएं हैं तो उन्हें रंग-बिरंगे वस्त्र इस दिन आपको पहनाने चाहिए।     भगवान कृष्ण के प्रिय भोग माखन, मिश्री को भी पूजा में अवश्य शामिल करेंगे।     राधा रानी को इस दिन श्रृंगार की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। इसके साथ ही गुलाल भी राधा-कृष्ण को अर्पित करें।     भगवान कृष्ण की प्रिय धेनु यानि गाय की भी इस दिन आपको सेवा करनी चाहिए।     इस दिन व्रत रखने से और राधा-कृष्ण की पूजा करने से प्रेम और वैवाहिक संबंधों में निखार आता है।     आप फुलेरा दूज के दिन अपने साथी को उपहार देते हैं तो स्नेह और प्रेम का बंधन मजबूत होता है। फुलेरा दूज के दिन क्या न करें     भगवान कृष्ण को समर्पित इस दिन आपको गलती से भी किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।     भोजन से जुड़े नियमों का भी पालन आपको करना चाहिए और इस दिन मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों को ग्रहण नहीं करना चाहिए।     किसी के प्रति भी इस दिन अपने दिल में बैर भाव न लाएं।     इस दिन राधा-कृष्ण को अर्पित किए गए प्रसाद, गुलाल, फूल को गलती से भी किसी के भी पैरों के नीचे न आने दें।  

28 फरवरी शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। परिश्रम अधिक रहेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा, फिर भी बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी, परंतु स्थान परिवर्तन हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। स्थान परिवर्तन हो सकता है। लाभ में वृद्धि होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। परिश्रम अधिक रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मन लगेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र भी बढ़ेगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता-पिता से धन मिल सकता है। धनु राशि- धनु राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। कला व संगीत के प्रति रूझान बढ़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के लड़ाई-झगड़ों से बचें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है।

27 फरवरी से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि आज का राशिफल (Mesh Rashi Kal Ka Rashifal)- मेष राशि के जातक को के लिए आज दिन मिला जुला रहने वाला है. आपको वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करना होगा. आप अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के प्रयासों में तेजी लाएंगे. किसी मित्र से यदि आप बिजनेस को लेकर कोई सलाह लेंगे, तो वह आपको अच्छी सलाह दे सकते हैं. पिताजी का कोई पुराना रोग भरने से आपकी टेंशन बढ़ेगी. आपको किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है. वृषभ राशि आज का राशिफल (Vrishabh Rashi Kal Ka Rashifal)- वृषभ राशि के जातको को आज किसी बड़े लक्ष्य को पकड़ कर चलने की आवश्यकता है. आपको भाग दौड़ लगी रहेगी, लेकिन आपके काम भी आसानी से पूरे होंगे. आपकी जीवनसाथी आपके कामों में आपका पूरा साथ देंगे. वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा. माताजी आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती हैं. आप यदि ससुराल पक्ष किसी व्यक्ति से लेनदेन करेंगे, तो उसमें कोई गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए आप  उसमें पूरा ध्यान दें. मिथुन राशि आज का राशिफल (Mithun Rashi Kal Ka Rashifal)- मिथुन राशि के जातकों को आज  झगड़े व झंझटों से दूर रहने की आवश्यकता है. आपको एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याकाग्रता बढ़ेगी. किसी नये वाहन की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा.  प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने रूठे जीवन साथी को मनाने की कोशिश में लगे रहेंगे. आपकी कुछ नया करने की कोशिश रंग लाएगी. विद्यार्थियों को पढ़ाई लिखाई में ढील नहीं देनी है, नहीं तो बाद में  समस्या खड़ी हो सकती है. कर्क राशि आज का राशिफल (Kark Rashi Kal Ka Rashifal)- कर्क राशि के जातकों के इन्कम के सोर्स बढ़ेंगे. आपके घर किसी नये मेहमान का आगमन हो सकता है. परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की हो सकती है. आपको आज बेवजह के कामों में पढ़ने से बचना होगा. आप बिजनेस में अपनी योजनाओं पर अच्छा खासा धन खर्च करेंगे. जीवन साथी आपसे किसी चीज की फरमाइश कर सकते हैं. आपको यदि कोई टेंशन थी, तो  आप भगवान की भक्ति में आप खुब मन लगाएंगे. सिंह राशि आज का राशिफल (Singh Rashi Kal Ka Rashifal)- सिंह राशि के सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए आज दिन चिंताग्रस्त  रहने वाला है, क्योंकि उन्हें किसी गलत काम में फसाया जा सकता है. आपको संतान की संगति पर भी विशेष ध्यान देना होगा. आपको किसी पर आंख मिलाकर भरोसा करना नुकसान देगा. यदि आप किसी कानूनी मामले को लेकर परेशान थे, तो वह भी दूर होगा. सरकारी काम यदि  रुका हुआ था, तो उसके भी पूरा होने की संभावना है. कन्या राशि आज का राशिफल (Kanya Rashi Kal Ka Rashifal)- कन्या राशि के जातकों को अपनी वाणी व व्यवहार पर संयम रखना होगा. जीवनसाथी को लेकर आप कहीं घूमने फिरने जा सकते हैं, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी. किसी विपरीत परिस्थिति में भी आपको धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है. विदेश जाकर पढ़ाई कर रहे  विद्यार्थियों को आज कोई बेहतर अवसर हाथ लग सकता है. आपको अपने ज्ञान को बढ़ाने  का कोई भी मौका हद से जाने नहीं दें. तुला राशि आज का राशिफल (Tula Rashi Kal Ka Rashifal)- तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा. बंधु बांधवों का आपको पूरा साथ मिलेगा. आप मौज मस्ती करने में काफी समय व्यतीत करेंगे. पार्टनरशिप में किसी नए काम की आप शुरुआत कर सकते हैं. आपको लेनदेन से संबंधित मामलों पर पूरा ध्यान देना होगा.  आप परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय व्यतीत करेंगे, जिससे आप एक दूसरे के मन में चल रही दूरियों को कम करेंगे. वृश्चिक राशि आज का राशिफल (Vrishchik Rashi Kal Ka Rashifal)- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज दिन किसी नए मकान, वाहन आदि की खरीदारी करना अच्छा रहेगा. आपको यदि कोई आंखों से संबंधित समस्या थी, तो वह बढ़ सकती है. नौकरी की तलाश में लगे लोगों के प्रयास बेहतर रहेंगे. पिताजी को यदि कोई स्वास्थ्य संबंधित समस्या थी, तो वह भी दूर होगी.  आपका कोई पुराना मित्र आपके लिए कोई सरप्राइज लेकर आ सकता है. आप अपने घर के कामों पर भी पूरा ध्यान देंगे. धनु राशि आज का राशिफल (Dhanu Rashi Kal Ka Rashifal)- धनु राशि के जातकों के लिए आज दिन  शांतिपूर्ण रहने वाला है. व्यापार में आपका कोई बड़ा काम आपके हाथ से निकल सकता है. आपको अपनी आय से ज्यादा खर्च करने से बचना होगा, नहीं तो आपकी समस्याएं बढ़ेंगी माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. आपको किसी विरोधी की बातों में आने से बचना होगा. संतान पक्ष की ओर से आपको  कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. मकर राशि आज का राशिफल (Makar Rashi Kal Ka Rashifal)- मकर राशि के जातकों के लिए आज दिन समस्याओं भरा रहने वाला है. आपकी वाणी की सौम्यता आपको मान सम्मान दिलवाएगी. व्यापार में आपको नुकसान होने से आपका मन परेशान रहेगा. आपको किसी की कहीं सुनी  बातों पर भरोसा करने से बचना होगा. नौकरी में कार्यरत लोग अपने कामों पर पूरा फोकस बनाएंगे. उनके बॉस को उनके दिए गए सुझाव आपको खूब पसंद आएंगे. किसी सरकारी योजना का आपको लाभ मिलेगा. कुंभ राशि आज का राशिफल (Kumbh Rashi Kal Ka Rashifal)- कुंभ राशि के जातकों के लिए आज दिन किसी कानूनी मामले में अच्छा रहने वाला है. ससुराल पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है. परिवार के सदस्यों के साथ आपका अच्छा समय बीतेगा. आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं. आप अपनी वाणी की सभ्यता बनाए रखें, तभी आपको मान सम्मान मिलता दिख रहा है. कार्य क्षेत्र में आप अपने बॉस से किसी बात को लेकर न उलझे, नहीं तो  इसका असर आपके प्रमोशन पर पड़ सकता है. मीन राशि आज का राशिफल (Meen Rashi Kal Ka Rashifal)- मीन राशि के जातकों को आज किसी नए घर मकान दुकान आदि की खरीदारी करना अच्छा रहेगा. प्रेम जीवन जी रहे लोगों के रिश्ते में किसी बाहरी व्यक्ति के आने के कारण खटपट हो सकती है.  आप परिवार में सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे. माता-पिता आपको कोई जिम्मेदारी दे सकते हैं. आप अपनी बिजनेस में उतार-चढ़ाव को लेकर … Read more

मार्च में कब रखा जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत? जाने

हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि का विशेष महत्व है. ये तिथि भगवान विष्णु को समर्पित की गई है. हर माह में दो एकादशी होती है. इस तरह से साल भर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं. सभी एकादशी विशेष होती हैं और सबका अपना महत्व है. फाल्गुन माह के शुक्ल फक्ष में जो एकादशी पड़ती है उसे आमलकी एकादशी कहा जाता है. आमलकी एकादशी के दिन व्रत के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और आंवले के पेड़ के पूजा की जाती है. इस साल मार्च में आमलकी एकादशी पड़ेगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्च में आमलकी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा. इसकी सही तिथि और पूजा विधि क्या है. आमलकी एकादशी कब है ? हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 मार्च को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आमलकी एकादशी 10 मार्च को रहेगी. इसी दिन इसका व्रत रखा जाएगा. आमलकी एकादशी पूजा विधि     आमलकी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए.     इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते व्रत का संकल्प लेना चाहिए.     फिर विधि पूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए.     पूजा के समय भगवान विष्णु को पीला फूल, माला चढ़ानी चाहिए. भगवान को पीला चंदन लगाना चाहिए.     भगवान विष्णु के समाने घी का दीपक और धूप जलाना चाहिए.     एकादशी व्रत कथा का और चालीसा का पाठ करना चाहिए.     भगवान को भोग लगाना चाहिए. साथ ही तुलसी दल चढ़ाएं.     अंत में भगावन की आरती करनी चाहिए.     इस दिन आंवले के पेड़ की भी पूजा अवश्य करनी चाहिए. आमलकी एकदशी का महत्व हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि आमलकी एकदशी का व्रत करने से सैकड़ों तीर्थ और कई यज्ञ के बराबर का पुण्य प्राप्त होता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, आमलकी एकदशी का व्रत और इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करने वालों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन व्रत और भगवान विष्णु का पूजन करने से मरने के बाद मोक्ष और हरि चरणों में स्थान प्राप्त होता है. आमलकीएकादशी के दिन व्रत और पूजन से जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं. साथ ही जीवन मेंं सुख-समृद्धि और शांति का आगमन होता है.

महाशिवरात्रि की पूजा में व्रत कथा का पाठ जरूर करें , पूरी होगी हर मनोकामना

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. शिवपुराण में इस व्रत का महत्व बताया गया है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति महाशिवरात्रि का व्रत करता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उसके जीवन की सभी परेशानियां दूर होती है और मनचाही इच्छा भी पूरी होती है. महाशिवरात्रि व्रत कथा कथा के अनुसार, चित्रभानु नामक एक शिकारी था. वह शिकार करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. उस शिकारी पर साहूकार का काफी कर्ज था. लेकिन वह उसका कर्ज समय पर नहीं चुका पाया. फिर साहूकार ने शिकारी को शिव मठ में बंदी बना लिया. जिस दिन उसे बंदी बनाया गया उस दिन शिवरात्रि थी. चतुर्दशी के दिन उसने शिवरात्रि व्रत की कथा सुनी और शाम होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के बारे में कहा. उसके बाद वह फिर शिकार की खोज में निकला. बंदीगृह में रहने के कारण वह बहुत भूखा था. शिकार की तलाश में वह बहुत दूर निकल आया. अंधेरा होने पर उसने जंगल में ही रात बिताने का फैसला किया और एक पेड़ पर चढ़ गया. उस पेड़ के नीचे शिवलिंग था जो बेलपत्र के पत्तो से ढका हुआ था. शिकारी को उसके बारे में जानकारी नहीं थी. पेड़ पर चढ़ते समय उसने जो टहनियां तोड़ी वह शिवलिंग पर गिरती रहीं. इस तरह से भूखे प्यासे रहकर शिकारी का शिवरात्रि का व्रत हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए. रात के समय एक हिरणी पानी पीने तालाब पर आई. शिकारी जैसे ही उसका शिकार करने जा रहा था भी हिरणी बोली मैं गर्भवती हूं शीघ्र ही प्रसव करूंगी. तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे. मैं बच्चे को जन्म देकर तुरंत तुम्हारे सामना आ जाउंगी. तब मुझे मार लेना. शिकारी ने हिरणी को जाने दिया. इस दौरान अनजाने में कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर गिर गए. इस तरह उसने अंजाने में प्रथम प्रहर की पूजा भी संपन्न कर ली. कुछ देर बार एक हिरणी उधर से निकली. जैसे ही शिकारी उसे मारने के लिए धनुष बाण चढ़ाया तो हिरणी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया हे शिकारी में थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूं. कामातूर विरहिणी हूं. अपने प्रिय की तलाश में हूं. अपनी पति से मिलकर मैं तुम्हारे पास आ जाउंगी. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. रात का आखिरी पहर बीत रहा था. तब भी कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर जा गिरे. ऐसे में शिकारी ने अनजाने में ही अंतिम पर की पूजा भी कर ली. इस दौरान वहां एक हिरणी अपने बच्चों के साथ आई. उसने भी शिकारी से निवेदन किया और शिकारी ने उसे जाने दिया. इसके बाद शिकारी के सामने एक हिरण आया. शिकारी ने सोचा अब तो मैं इसे यहां ने नहीं जाने दूंगी इसका शिकार करुंगी. तब हिरण ने उससे निवेदन किया कि मुझे कुछ समय के लिए जीवनदान दे दो. शिकारी ने पूरा रात की घटना उस हिरण को सुना दी. तब हिरण ने कहा कि जिस तरह से तीनों पत्नियां प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगी. जैसे तुमने उन्हें विश्वापात्र मानकर छोड़ा है मुझे भी जाने दो. मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूं. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. इस तरह सुबह हो गई. उपवास, रात्रि जागरण, और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से अनजान में ही शिवरात्रि की पूजा पूर्ण हो गई. लेकिन, अनजाने में हुई पूजा का परिणाम उसे तत्काल मिला. थोड़ी देर बार हिरण और उसका परिवार शिकारी के सामने आ गया. उन सभी को देखकर शिकारी को बहुत गिलानी हुई और उसके पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया. अनजाने में शिवरात्रि व्रत का पालन करने पर भी शिकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई. जब मृत्यु काल में यमदूत जीव को ले जाने आए तो शिवगणों ने उन्हें वापस भेज दिया और उसे शिवलोक ले गए. शिवजी की कृपा से चित्रभानु अपने पिछले जन्म को याद रख पाए. शिवरात्रि के महत्व को जानकर उसका अगले जन्म में भी पालन कर पाए.

26 फरवरी बुधवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- मेष राशि वालों की लाइफ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा, इसलिए आपको । बातचीत में संयत रहें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम बढ़ेगा, जो आगे चलकर आपको लाभ देगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को कुछ समस्याएं रहेगीं, लेकिन मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इसके बावजूद आप ऑफिस में सभी का ध्यान अपनी तरफ खीचेंगे। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालो का मन अशांत रहेगा, लेकिन इससे परेशान होनी की जरूरत नहीं। आर्थिक तौर पर आप अच्छे हैं। रिलेशनशिप में संयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। संतान से सुखद समाचार मिल सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए समय अच्छा है। आपके लिए कईअच्छे मौके आ रहे हैं जो आपको लाभ दिलाएंगे। मन परेशान हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। सिंह राशि– सिंह राशि वालों को समाज में सम्मान मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना होगा। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। कन्या राशि– कन्या राशि वालों के लिए आपका मन आज चंचल रहेगा, बेकार की चिंताओं से मन परेशान हो सकता है। पिता की सेहत का ध्यान रखें। आज अपने खर्च पर कंट्रोल करें, क्योंकि खर्चों की अधिकता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। इसलिए सतर्क होकर काम करें। भागदौड़ बढ़ेगी। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आपकी लाइफ में इस समय अच्छे योग हैं, इसलिए सोचविचारकर काम करें। मन प्रसन्न तो रहेगा, पर धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से किसी संपत्ति से धन प्राप्ति हो सकती है। वृश्चिक राशि– अपनी वाणी के बल पर लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। जिन जातकों को नौकरी में प्रमोशन का इंतजार था, उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का दिन आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। किसी सम्मानित कार्यक्रम में आपको सम्मान भी दिया जा सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिवार की किसी बुजुर्ग महिला से धन मिल सकता है। कुल मिलाकर आपके लिए समय अच्छा है। मकर राशि– मकर राशि वालो के करियर में थोड़ी दिक्कत है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बेवजह आपका मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, लेकिन यह बदलाव अच्छा होगा। आय में वृद्धि होगी। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों के लिए मन परेशान रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। पिता का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मीन राशि- मीन राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी करीबी से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी।

महाकुंभ के समापन पर तीन बड़े ग्रह त्रिग्रही योग का करेंगे निर्माण

प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ अब समापन की ओर बढ़ रहा है. 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हुई. इस महाकुंभ में 14 जनवरी मकर संक्रांति, 29 जनवरी मौनी अमावस्या और 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान किया गया. वहीं 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन शाही स्नान किया गया. अब 26 फरवरी को महाकुंभ में महाशिवरात्रि का अंतिम शाही स्नान किया जाएगा. महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का समापन महाकुंभ में महाशिवरात्रि पर होने वाले अंतिम शाही स्नान के साथ ही इस 45 दिनों तक चलने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव का समापन हो जाएगा. ज्योतिषियों के अनुसार, महाकुंभ के समापन पर त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है.मतलब त्रिग्रही योग में इस महाकुंभ का समापन होगा. इस त्रिग्रही योग में जो भी महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाएगा उसे अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल मिलेगा. महाकुंभ के समापन पर बनेगा त्रिग्रही योग दरअसल, महाकुंभ के अंतिम स्नान यानी महाशिवरात्रि के दिन ज्योतिष शास्त्र के तीन बड़े ग्रह, ग्रहों के राजा भगवान सूर्य, ग्रहों के राजकुमार बुध और कर्मफल दाता शनि देव कुंभ राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे. इससे कुछ राशियों के जातकों को लाभ ही लाभ होगा. आइए जानते हैं कि ये राशियां कौनसी हैं. जिन्हें त्रिग्रही योग के निर्माण से लाभ होगा. मेष राशि महाकुंभ के समापन पर बनने वाला त्रिग्रही योग मेष राशि के शुभ साबित हो सकता है. इस दौरान मेष राशि वालों को धन का लाभ हो सकता है. बेरोजगार जातकों को नौकरी मिल सकती है. पैतृक संपत्ति से लाभ के योग बनेंगे. वृषभ राशि महाकुंभ के समापन पर बनने वाला त्रिग्रही योग वृषभ राशि के जातकों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है. इस दौरान वृषभ राशि वालों को करियर में उन्नति मिल सकती है. निवेश से लाभ हो सकता है. आय में बढ़ोतरी हो सकती है. मिथुन राशि महाकुंभ के समापन पर बनने वाला त्रिग्रही योग मिथुन राशि के जातकों के लिए लाभ देने वाला साबित हो सकता है. इस दौरान मिथुन राशि वालों को नाम और ख्याति प्राप्त हो सकती है. कुंभ राशि महाकुंभ के समापन पर बनने वाला त्रिग्रही योग कुंभ राशि में ही बनेगा. इससे कुंभ राशि के जातकों को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इस दौरान कारोबारी जातक कोई बड़ी डील कर सकते हैं. सेहत अच्छी रहेगी.

महाशिवरात्रि के दिन इन आसान उपायों से मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति

ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष लगने पर उसे कई तरह की परेशानियां और कष्ट झेलनी पड़ सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि पितरों के नाराज होने पर पितृ दोष लगता है. इसके अलावा, पितृ दोष लगने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि पितृ दोष को करने के लिए भगवान शिव की पूजा करना चाहिए. महाशिवरात्रि का पर्व पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एक अच्छा अवसर है. इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. ऐसे में चलिए जानते हैं कि पितृ दोष लगने पर व्यक्ति को कौन-कौन सा परेशानियां झेलना पड़ती हैं और इनसे बचाव के लिए महाशिवरात्रि के दिन क्या उपाय करने चाहिए. पितृ दोष से होती हैं ये समस्याएं     पितृ दोष होने पर व्यक्ति को संतान की प्राप्ति में बाधा आती है.     पितृ दोष होने पर परिवार में लड़ाई-झगड़ा बढ़ने लगते हैं.     पितृ दोष होने पर घर में कोई-न-कोई हमेशा बीमार रहता है.     पितृ दोष होने पर कारोबार में घाटा होने लगता है और आर्थिक परेशानी होती है.     पितृ दोष होने पर व्यक्ति के विवाह में देरी होती है.     पितृ दोष होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. करें यह आसान उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए सही विधि से तर्पण, श्राद्ध और दान जैसे कर्म करने चाहिए. ऐसा करने से पितरों की कृपा दृष्टि भी के ऊपर बनी रहती है. साथ ही, इस दिन जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य देना चाहिए, पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सात बार परिक्रमा करें. ऐसा करने से करने से आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल सकता है. इन मंत्रों का करें जाप     ॐ श्री पितराय नमः     ॐ श्री पितृदेवाय नमः     ॐ श्री पितृभ्यः नमः     ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः     ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः     ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः     ॐ नमः शिवाय     ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा     ॐ पितृदेवताभ्यो नमः     ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात् इस चीज का करें दान महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने करने से पितृदोष से राहत मिलती है. इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से शनि दोष से भी छुटकारा मिलता है, क्योंकि भगवान शिव शनिदेव के गुरु माने गए हैं.

16 फरवरी रविवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मन प्रसन्न रहेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृषभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें तथा बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबारी कार्यों में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ में वृद्धि होगी। कर्क राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। सिंह राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी आत्मसंयत रहें। परिवार में शांति बनाए रखें। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। कन्या राशि- आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। लेखनादि बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। तुला राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। माता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। वृश्चिक राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। धनु राशि- मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कला या संगीत में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पिता का सान्निध्य मिलेगा। खर्च बढ़ेंगे। मकर राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कुंभ राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। मीन राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की मिल सकती है।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्र उत्सव की शुरुआत, इस बार शिवनवरात्र नौ की बजाय दस दिन के होंगे

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्र उत्सव की शुरुआत होगी। इस बार शिवनवरात्र नौ की बजाय दस दिन के होंगे। मंदिर की पूजन परंपरा में शिवनवरात्र के नौ दिन भगवान महाकाल का तिथि अनुसार शृंगार होता है। ऐसे में तिथि वृद्धि के कारण बढ़ी हुई तिथि पर भगवान का किस रूप में शृंगार करें, इसके लिए शुक्रवार को पुजारी पुरोहित की बैठक होगी। बारह ज्योतिर्लिंग में महाकाल एक मात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहां की पूजन परंपरा अनूठी है। प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली मंगला आरती में भगवान को भस्मी स्नान कराया जाता है। शिवनवरात्र के रूप में शिव पार्वती विवाह का उत्सव नौ दिन मनाने की परंपरा भी यहीं है। शिवनवरात्र के नौ दिनों में भगवान महाकाल का अलग-अलग रूपों में तिथि अनुसार शृंगार भी इसी अद्भुत परंपरा का हिस्सा है। इसी विशिष्ट पूजन परंपरा के कारण शिवनवरात्र में तिथि वृद्धि होने के कारण बढ़ी हुई तिथि पर भगवान का शृंगार करने को लेकर असमंजस की स्थित निर्मित हो रही है। शुक्रवार को पुजारी बैठक कर इस पर निर्णय लेंगे कि किस दिन भगवान का किस रूप में शृंगार किया जाए। ग्वालियर के पंचांग की मान्यता, यह हो सकता है पं.महेश पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में तिथि का निर्धारण ग्वालियर के पंचांग अनुसार किया जाता है। ऐसी के अनुसार तय होगा कि नवरात्र में कौन सी तिथि बढ़ी है। उसी के अनुसार मुखारविंद का निर्धारण होगा। ऐसा भी किया जा सकता है कि पहले दिन भगवान को नवीन वस्त्र व आभूषण धारण कराकर जो चंदन शृंगार किया जाता है, उसी शृंगार को शुरुआती दो दिन निरंतर रखते हुए अगले दिन से निर्धारित क्रम अनुसार अन्य मुखारविंद का शृंगार किया जाए। मंदिर के सभी प्रमुख सोलह पुजारी बैठक कर इसका निर्णय लेंगे। किस दिन किन रूपों में होता है शृंगार मंदिर की परंपरा अनुसार फाल्गुन कृष्ण पंचमी पर शिवनवरात्र के पहले दिन भगवान को महाकाल को हल्दी लगाकर दूल्हा बनाया जाता है। इसके बाद नवीन वस्त्र व सोने चांदी के आभूषण धारण कराकर चंदन शृंगार किया जाता है। षष्ठी पर शेषनाग, सप्तमी पर घटाटोप, अष्टमी पर छबीना, नवमी पर होलकर, दशमी पर मनमहेश, एकादशी पर उमा महेश, द्वादशी पर शिव तांडव, महाशिवरात्रि के दिन (सुबह से रात तक कोई मुखारविंद धारण नहीं कराया जाता) सतत जलधारा तथा चतुर्दशी पर सप्तधान शृंगार होगा। चंद्र दर्शन की दूज पर पंच मुखारविंद दर्शन महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार महाशिवरात्रि के तीन दिन बाद फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया जिसे चंद्र दर्शन की दूज कहा जाता है, इस दिन भगवान का पंच मुखारविंद शृंगार किया जाता है। अर्थात इस दिन भगवान महाकाल भक्तों को एक साथ पांच रूपों में दर्शन देते हैं। शिवनवरात्र के नौ दिन, जो भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पाते हैं, वे दूज के दिन भगवान के एक साथ पांच रूपों के दर्शन कर सकते हैं।

2 दिन बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, इन्हें मिलेगा खास तोहफा, जानें अपनी लव लाइफ के बारे में

मेष राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। कठिनाई आ सकती है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। वृषभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धैर्यशीलता बनाए रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी बातचीत में संतुलित रहें। माता का सान्निध्य मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। कर्क राशि- मन अशांत हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार का साथ मिलेगा। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। यात्रा पर खर्च बढ़ेंगे। कन्या राशि- आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। तुला राशि- मन में निराशा व असंतोष रहेगा। आत्मसंयत रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। सेहत के प्रति सचेत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु राशि- मन प्रसन्न रहेगा, परंतु बातचीत में संतुलित रहें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। कारोबार का विस्तार होगा। लाभ में वृद्धि होगी। मकर राशि- मन शांत रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि तो होगी, परंतु खर्च भी बढ़ेंगे। कुंभ राशि- मन प्रसन्न तो रहेगा, परंतु बातचीत में संयत रहें। सेहत के प्रति सचेत रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। मीन राशि- वाणी में मधुरता रहेगी, परंतु मन परेशान हो सकता है। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी।

शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है तो करें ये काम

हर कोई अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करना चाहता है, जिससे वह पूरा जीवन खुशी से बिता सके, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है. ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि जब कुण्डली में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती तो ऐसे में व्यक्ति को शादी होने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है या फिर शादी की बात तय होकर भी टूट जाती है. ऐसी स्थिति से निकलने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए है, जिससे विवाह में आ रही सभी बाधाओं को दूर किया जा सकता है. करें ये उपाय कई बार कुंडली में मांगलिक दोष के चलते व्यक्ति को विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मांगलिक दोष को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा हनुमान जी को गेहूं के आटे एवं गुड़ से बने लड्डू का भोग लगाएं और सिंदूर अर्पित करें. अंत में बालकांड का पाठ करें. अगर विवाह में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही हैं, तो रोजाना सुबह स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के साथ पार्वती चालीसा का पाठ करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं. गंगाजल और तिल का उपाय कई बार कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने की वजह से भी विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती हैं. ऐसा में शुक्रवार के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें. ऐसा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है. साथ ही अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है. गुरुवार को करें ये उपाय ज्योतिष शास्त्र में गुरु को विवाह का कारक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें. साथ ही चने की दाल, हल्दी, केला, केसर का सेवन करना शुभ फलदायी होता है. इसके अलावा गुरुवार के व्रत भी कर सकते हैं.

घर में सुख-समृद्धि के लिए करें विजया एकादशी का व्रत

एकादशी का व्रत माह में दो बार रखा जाता है. इस दिन श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है. कहते है यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम होता है. इस दिन पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति को जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा मिलता है. वहीं फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने वालों को शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. विजया एकादशी कब हैं? हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 24 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार विजया एकादशी का व्रत सोमवार 24 फरवरी को रखा जाएगा. विजया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, विजया एकादशी के दिन का मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 40 मिनट तक निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक विजया एकादशी पारण का समय एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर किया जाता है. यानी विजया एकादशी व्रत का पारण 25 फरवरी को सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस दौरान व्रत करने वाले लोग पारण कर सकते हैं. विजया एकादशी की पूजा विधि विजया एकादशी की पूजा के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद श्रीहरि का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. पूजा स्थल की सफाई करें. उसके बाद मंदिर में चौकी सजाकर उसपर पीला कपड़ा बिछाया जाता है और भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद भगवान विष्णु को फूल, दीप. चंदन, फल, तुलसी के पत्ते और भोग में मिठाई अर्पित करें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और आरती कर पूजा का संपन्न करें.

यशोदा जयंती18 फरवरी को मनाई जाएगी , जानें मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि

 हिंदू धर्म में एक से बढ़कर एक महत्वपूर्ण त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें होली, दिवाली, यशोदा जयंती, रविदास जयंती, दुर्गा पूजा, छठ पूजा, गणेश उत्सव, रक्षाबंधन सहित कई अन्य पर्व शामिल हैं। इसके लिए लोगों में अलग-अलग प्रकार का उत्साह देखने को मिलता है। कुछ त्यौहार ऐसे होते हैं, जिन्हें रीजनल स्तर पर मनाया जाता है, तो कुछ त्यौहार ऐसे हैं, जो पूरे देश भर में मानते हैं। इसे मानने की परंपरा और विधि भले ही अलग हो सकती है, लेकिन लोग काफी ज्यादा उत्साहित होते हैं। हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर यशोदा जयंती मनाई जाती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की माता यशोदा को समर्पित है। मुहूर्त पंचांग के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 18 फरवरी को सुबह 4:53 बजे से शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 19 फरवरी को सुबह 7:32 बजे होगा। उदय तिथि के अनुसार, यशोदा जयंती 18 फरवरी को मनाई जाएगी। महत्व यशोदा जयंती का महत्व माता और संतान के बीच प्रेम का प्रतीक माना जाता है, जो माताओं के लिए विशेष है। इस दिन माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और भक्त सुबह से ही लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना में लीन हो जाते हैं। इस त्यौहार का संबंध श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें माखन चोरी से परेशान होकर गांववाले बार-बार नंद बाबा और माता यशोदा से शिकायत करने आते थे। पूजन विधि     इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लें।     साफ और धुले हुए वस्त्र धारण करें।     एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता यशोदा और बाल गोपाल की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।     अब गंगाजल से मूर्ति का अभिषेक करें।     आप चाहें तो पंचामृत से स्नान कराएं।     पूजा के आरंभ में दीपक जलाएं।     इसके बाद धूप, फूल, माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग अर्पित करें।     फिर यशोदा माता की कथा सुनें।     हाथ जोड़कर श्रद्धा पूर्वक प्रार्थना करें।     अंत में आरती उतारकर पूजा संपन्न करें। करें दान यशोदा जयंती के दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।  

14 फरवरी से सूर्य और बुध बदलेंगे चाल, इन राशि वालों की चमकेगी फूटी किस्मत

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धि से भरा रहेगा। नौकरी चाकरी में अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। पिता का सहयोग मिलेगा। किसी भी काम को धैर्य से करें। रिस्क से बचें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। आर्थिक व कारोबार की स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सुखद रहेगा। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें। इनकम के कुछ नए सोर्स सामने आ सकते हैं। आय व व्यय के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। मेहनत रंग लाएगी। उच्चाधिकारियों के सहयोग से आपको किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। संतान की सेहत पर नजर रखें। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिसका आपको फायदा होगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए एक शुभ दिन का निर्माण हो रहा है। मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। भाई-बहन का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ होगा। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। अपनों का साथ मिलेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों की आज उस व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिससे आप काफी समय से मिलना चाहते थे। शारीरिक परेशानियां दूर होंगी। जीवनसाथी के साथ मतभेद सुलझा सकते हैं। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। बचत पर जोर देना आपके लिए अच्छा है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज भाग्यवर्धक दिन का निर्माण हो रहा है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। खर्चों पर लगाम लगाएं। आज आप धन भी दान कर सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मानसिक तनाव दूर होगा। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात के योग हैं। व्यापार में विस्तार होने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। कार्यस्थल पर उन्नति मिल सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज भाग्य के भरोसे किसी भी काम को नहीं करना चाहिए। संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद हल हो सकता है। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। संतान की तरक्की के योग हैं। आज धर्म-कर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज किसी सुखद समाचार की प्राप्ति हो सकती है। अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे। यात्रा का योग है। लव लाइफ बेहतर होगी। वाहन व सेहत पर खर्च करने की नौबत आ सकती है, इसलिए अपने बजट पर नजर रखें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज कोई महंगी वस्तु उपहार में मिल सकती है। भाई-बहन को आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। कुछ जातकों को विदेश से नौकरी के अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। लव लाइफ अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। व्यापार में अच्छी कमाई के संकेत हैं। कार्यस्थल पर अच्छी स्थिति रहेगी। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को आज सरकारी तंत्र का पूरा लाभ मिलेगा। राजनीतिक लाभ भी मिलेगा। आपके साथ काम करने वाले आपकी तारीफ करेंगे। किसी प्रोजेक्ट में नई उपलब्धि प्राप्त करेंगे। उच्चाधिकारी आपके काम से प्रसन्न होकर आपको पुरस्कृत भी करेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज कार्यस्थल पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। सामाजिक रूप से आपका कद बढ़ेगा। आप अपनी वाणी से लोगों को आकर्षित करेंगे। परिवार के साथ अच्छी शाम बिताएंगे। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें, बाकी स्थिति अच्छी दिख रही है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

शुरू हुआ फाल्गुन माह , होली से लेकर महाशिवरात्रि तक देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना फाल्गुन आज से प्रारंभ हो रहा है. इस महीने की शुरुआत शोभन योग में हो रही है. फाल्गुन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है. फाल्गुन का महीना पर्व-त्योहारों के लिहाज से भी बहुत खास माना जाता है. इस महीने होली, महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं. आइए इस महीने आने वाले व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट देखते हैं. फाल्गुन में आने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार 13 फरवरी, गुरुवार- फाल्गुन माह का शुभारंभ, प्रतिपदा तिथि, ललिता जयंती 16 फरवरी, रविवार- द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 18 फरवरी, मंगलवार- यशोदा जयंती 20 फरवरी, गुरुवार- कालाष्टमी व्रत 24 फरवरी, सोमवार- विजया एकादशी 25 फरवरी, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत 26 फरवरी, बुधवार- फाल्गुन शिवरात्रि, महाशिवरात्रि, महाकुंभ का अंतिम स्नान 27 फरवरी, गुरुवार- फाल्गुन अमावस्या 28 फरवरी, शुक्रवार- फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रारंभ, प्रतिपदा ति​​थि 1 मार्च, शनिवार- फुलैरा दूज, रामकृष्ण जयंती 3 मार्च, सोमवार- फाल्गुन विनायक चतुर्थी 4 मार्च, मंगलवार- स्कन्द षष्ठी 5 मार्च, बुधवार- मासिक कार्तिगाई 6 मार्च, गुरुवार- रोहिणी व्रत 7 मार्च, शुक्रवार- मासिक दुर्गाष्टमी, होलाष्टक का प्रारंभ 10 मार्च, सोमवार- आमलकी एकादशी, नृसिंह द्वादशी 11 मार्च, मंगलवार- आमलकी एकादशी पारण, भौम प्रदोष व्रत 13 मार्च, गुरुवार- होलिका दहन, छोटी होली, फाल्गुन पूर्णिमा व्रत 14 मार्च, शुक्रवार- होली, चैतन्य महाप्रभु जयंती, पहला चंद्र ग्रहण, फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान और दान ग्रह गोचर 19 फरवरी- सूर्य देव का शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश 22 फरवरी- बुध का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 27 फरवरी- बुध का मीन राशि में गोचर 2 मार्च-  बुध का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 2 मार्च- शुक्र वक्री 2 मार्च- शनि का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 4 मार्च- सूर्य का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 14 मार्च- सूर्य का मीन राशि में गोचर करेंगे.

13 फरवरी से चमकेगी इन तीन राशियों की किस्मत ग्रहों के राजा सूर्य करेंगे शनि की राशि में प्रवेश

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। नौकरी-चाकरी की स्थिति अच्छी रहेगी। विदेश या कहीं दूर से कुछ व्यापारिक तालमेल बनेंगे। भाग्य साथ देगा। खर्च की अधिकता रहने से मन परेशान हो सकता है। यात्रा का योग बनेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहेगा। धैर्य से काम लें। किसी काम में जल्दबाजी न करें। बातचीत में भी बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार के लिए पिता से धन मिल सकता है। नौकरी में विदेश जा सकते हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन का अच्छा रहेगा। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी होगी। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। अपनों का साथ मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। आर्थिक रूप से मन परेशान हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। माता से धन मिल सकता है। पिता का साथ मिलेगा। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को नौकरी के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। निवेश का अच्छा रिटर्न मिलेगा। संतान की सेहत पर नजर रखें। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कुटुंबों में वृद्धि होगी। व्यापारिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज मन अशांत हो सकता है। जुबान पर काबू रखें। धैर्य से काम लें। किसी भी कार्य में जल्दबाजी से बचें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों का अगर आज इंटरव्यू शेड्यूल है तो सफलता मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। खानपान में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में विस्तार हो सकता है। वृश्चिक राशि- अपनी वाणी के बल पर लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। जिन जातकों को नौकरी में प्रमोशन का इंतजार था, उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज किसी भी तरह के रिस्क से बचना चाहिए। मन अशांत रह सकता है। अज्ञात भय सताएगा। अपनों के सहयोग से किसी काम में सफलता मिल सकती है। व्यापारिक रूप से अच्छी स्थिति रहेगी। नौकरी में अफसर का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज माता की सेहत का ध्यान रखना चाहिए। परिवार का साथ मिलेगा। मेडिकल से जुड़ी परेशानी में धन खर्च हो सकता है। शैक्षिक कार्य में सफलता मिलेगी। बुद्धि के बल पर धन कमाने में सफल रहेंगे। कुछ जातकों के जीवन में नवप्रेम का आगमन होगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का आज पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में भागदौड़ ज्यादा रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात के संकेत हैं। व्यावसायिक सफलता प्राप्त होगी। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। आकस्मिक धन लाभ के भी संकेत हैं। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी करीबी से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी।

बुधवार 12 फरवरी को बदल जाएगी इन 5 राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज मेष राशि वाले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। पिता के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार का विस्तार हो सकता है। पिता से धन प्राप्ति हो सकती है। ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को यात्रा से बचना चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान में अतिशय से बचें। प्रेम व संतान की स्थिति अच्छी है। मन प्रसन्न तो रहेगा, लेकिन बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार में बाधा आ सकती है। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। मिथुन राशि- आज मिथुन राशि वालों के लिए दिन थोड़ा सा जोखिम भरा है। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। अज्ञात भय सताएगा। स्वास्थ्य मध्यम है मन परेशान रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। कर्क राशि– कर्क राशि वालों को आज जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहने वाली है। ज्यादा गुस्से से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सिंह राशि-सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। लिखने-पढ़ने में समय व्यतीत करें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। बच्चों के साथ पर नजर रखें। वाहन प्रयोग में सतर्कता बरतें। कन्या राशि- कन्या राशि के जातक आज दिन की शुरुआत हल्की-फुल्की एक्सरसाइज से करें। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। कारोबारी कार्यों में मुश्किलें आ सकती है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। धन की स्थिति सामान्य रहेगी, आने वाले भविष्य के लिए बचत पर जोर दें। तुला राशि– तुला राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। महत्वपूर्ण फैसला लेने के लिए समय को स्थिर रखें। हालांकि व्यावसायिक रूप से सफलता मिलने के योग हैं। कारोबार का विस्तार होगा। भागदौड़ ज्यादा रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बनेंगे। वृश्चिक राशि- आज भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के प्रबल योग हैं, लेकिन कुछ मुश्किलें आ सकती हैं। मन प्रसन्न रहेगा। कारोबार के लिए किसी दूसरी जगह पर जा सकते हैं। परिवार का साथ रहेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी के कोई बड़ी बहस या बड़ी दिक्कत हो सकती है। धनु राशि– धनु राशि वालों का मन आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। कुछ जातकों के जीवन में नवप्रेम का आगमन होगा। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। खान-पान को लेकर सतर्कता बरतें। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नकारात्मक विचारों से बचें। सेहत को लेकर सचेत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। ऑफिस में किसी टास्क में ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के जीवन में आज खुशियों का आगमन होगा। मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुछ जातकों को मनचाहा नौकरी में ट्रांसफर भी मिल सकती है। कुछ जातकों को विदेश से नौकरी के भी अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। आर्थिक लाभ में भी वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार रहेगा। घरेलू सुख बाधित रहेगा। अपनों का साथ मिलेगा। घर में किसी उत्सव के लिए पैसों का योगदान भी करना पड़ सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, किसी तरह की कोई बड़ी परेशानी सामने नहीं आएगी।

आज मंगलवार, 11 फरवरी 2025 का राशिफल: पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए सामान्य दिन रहेगा। ऑफिस के कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। कार्यों को लेकर लापरवाही न बरतें। आज आप घरेलू उपकरण या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीद सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वृषभ राशि- ऑफिस के कार्यों को लेकर सतर्क रहें। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। बिजनेसमेन को पार्टनरशिप के बिजनेस में प्रॉफिट हो सकता है, लेकिन आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धैर्य बनाए रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। मिथुन राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। ऑफिस में कार्यों की प्रशंसा होगी। तरक्की के नए मौके मिलेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। लाइफस्टाइळ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। अनुशासन में रहें। बिजनेसमेन को व्यापार में सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। कर्क राशि– नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। आप फैमिली या दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही समस्याए दूर होंगी। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। यात्रा के योग बनेंगे। सिंह राशि-सिंह राशि वालों के लिए अच्छा दिन है। व्यापार में विस्तार होगा। भाई-बहनों का सपोर्ट मिलेगा। करियर की बाधाएं समाप्त होंगी। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। कन्या राशि- लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार में मुनाफा होगा, लेकिन रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। इससे बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें। करियर में सफलता हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। तुला राशि– कड़ी मेहनत और लगन से बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। हालांकि, मन अशांत रहेगा। अज्ञात भय सताएगा। सकारात्मक रहें। खर्चों पर ध्यान दें और बजट के अनुसार ही धन खर्च करें। वृश्चिक राशि– आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। कड़ी मेहनत के बाद सफलता प्राप्त होगी। ऑफिस में नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। इससे करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। निवेश से जुड़े फैसले सावधानी से लें। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि– प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता प्राप्त होगी। कुछ जातक जॉब स्विच करने का प्लान बना सकते हैं। पारिवारिक जीवन में नई जिम्मेदारी मिलेगी। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। आलस्य से दूर रहें और सफलता हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। मकर राशि- आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। व्यापार में विस्तार संभव है। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। अपने स्किल और टैलेंट से सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। किसी से बहस करने से बचें। बड़े-बुजुर्गों के सलाह का सम्मान करें। नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए अच्छा दिन है। कुंभ राशि- धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित नजर आएंगे। फालतू के खर्चों पर नियंत्रण रखें। किसी से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। आज आप घर मरम्मत कराने का प्लान बना सकते हैं। मीन राशि- अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कड़ी मेहनत से खूब मान-सम्मान पाएंगे। ऑफिस में सीनियर्स आपकी प्रशंसा करेंगे। करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। जीवनसाथी की तलाश पूरी होगी। शादी-विवाह भी तय हो सकता है। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

3 राशियों की 10 फरवरी से चमकेगी किस्मत! बन रहा है शनि-बुध का शक्तिशाली राजयोग

मेष राशि –मेष राशि वालों के लिए शुभ दिन रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। वैवाहिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। लंबे समय के बाद पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। बड़े भाई-बहनों का सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। वृषभ राशि-आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी की तलाश करने वालों को नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल होगी। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में ज्यादा वाद-विवाद करने से बचें। कार्यस्थल पर वातावरण अनुकूल रहेगा। मिथुन राशि-लंबे समय से चली आ रहे परेशानियां दूर होंगी। कानूनी विवाद सुलझ जाएंगे। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रिलेशनशिप की गलतफहमी को दूर करें। कुछ जातकों को नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। करियर में तरक्की के नए मौकों पर नजर रखें। कर्क राशि –कर्क राशि वालों को कार्यों के सकारात्मक परिमाम मिलेंगे। कड़ी मेहनत रंग लाएगी। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। नए वाहन या प्रॉपर्टी की खरीदारी कर सकते हैं। कार्यों के तनाव से बचें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। सिंह राशि-सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मन प्रसन्न रहेगा। लक्ष्यों पर सफलता अर्जित करेंगे, लेकिन कोई आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकता है। फैमिली मेंबर्स के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इससे पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को सुलझाने में मदद मिलेगी। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कन्या राशि-चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करें। विवादों को सुलझाने के लिए खुलकर बातचीत करें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। मानसिक शांति मिलेगी। तुला राशि-आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। ऑफिस में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। यात्रा के योग बनेंगे। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। करियर में सफलता प्राप्त करने के लिए अपने लक्ष्यों पर फोकस करें। वृश्चिक राशि-आर्थिक स्थिरता आएगी। पुराने निवेशों से धन लाभ होगा। नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। घर मरम्मत कराने या नई प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना सकते हैं। आज किसी को बड़े अमाउंट में धन उधार देने से बचें। इससे वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धनु राशि-करियर में बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी से फैसले लें। अगर जरूरत हो, तो किसी एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में व्यर्थ के वाद-विवादों से बचें। इससे तनाव बढ़ सकता है। मकर राशि– व्यापार में विस्तार होगा। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। भाई-बहन या करीबी दोस्त को आर्थिक मदद की जरूरत पड़ सकती है। अपने काम पर फोकस करें। ऑफिस में किसी से बहस करने से बचें। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि-आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा। ऑफिस में कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए ज्यादा टाइम स्पेंड करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से अनबन संभव है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मीन राशि-स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। तनाव महसूस हो सकता है। फैमिली और प्रियजनों के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। प्रोफेशनल लाइफ में नेटवर्किंग के कई मौके मिलेंगे। करियर की बाधाएं दूर होंगी। बिजनेस में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन हानि हो सकता है। घर-परिवार में खुशनुमा माहौल रहेगा।

माघ पूर्णिमा के दिन न करे ये चीजें दान

माघ पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम स्थल त्रिवेणी पर स्नान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. इसके अलावा, माघ पूर्णिमा के दिन दान करना भी शुभ माना जाता है. लेकिन माघ पूर्णिमा के दिन कुछ चीजों को दान करना वर्जित माना जाता है. माघ माह की पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. यह दिन स्नान-दान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस बार की माघी पूर्णिमा बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन महाकुंभ में पवित्र स्नान किया जाएगा. यह दिन माघ स्नान का आखिरी दिन होता है और इसी दिन कल्पवास का भी समाप्त जाता है. इस बार माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को मनाई जाएगी. माघ महीने के दौरान कुछ भक्त एक महीने तक प्रयाग स्थित गंगा तट पर निवास करते हैं और इसे ही कल्पवास कहा जाता है. धार्मिक दृष्टि से माघ पूर्णिमा पर स्नान, दान और जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवी-देवता गंगा स्नान के लिए धरती पर आते हैं. माघ पूर्णिमा के दिन कुछ चीजों का दान करना बहुत पुण्यदायी भी माना जाता है. लेकिन इस दिन कुछ विशेष चीजों का दान करने की मनाही होती है. अगर आप माघ पूर्णिमा के दिन इन चीजों का दान करते हैं, तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन क्या दान नहीं करना चाहिए. माघ पूर्णिमा के दिन नीचे बताई गई कुछ खास चीजों का दान करने से शनिदोष या चंद्रदोष लग सकता है और व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं.     माघ पूर्णिमा के दिन लोहे से बनी चीजों का दान नहीं करना चाहिए.     माघ पूर्णिमा के दिन काले रंग के कपड़े का दान नहीं करना चाहिए.     माघ पूर्णिमा के दिन चांदी से बनी चीजों का दान नहीं करना चाहिए.     माघ पूर्णिमा के दिन दूध का दान भी नहीं करना चाहिए.     माघ पूर्णिमा के दिन नमक का दान नहीं करना चाहिए.     माघ पूर्णिमा के दिन चाकू, सुई या कैंची का दान नहीं करना चाहिए. माघ पूर्णिमा के दिन नीचे बताई गई चीजों का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है.     अनाज जैसे चावल, दाल और गेहूं     घी     कंबल और गर्म कपड़े     फल और सब्जियां     मिठाई     दूध और दही     सफ़ेद चावल     चंदन     गुड़     दीपक  

3 राशियों की 9 फरवरी से चमकेगी किस्मत! बन रहा है शनि-बुध का शक्तिशाली राजयोग

मेष राशि-मेष राशि वाले कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लें। नौकरी की तलाश पूरी होगी। करियर से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। इस समय महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचें। धन का लेन-देन न करें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। वृषभ राशि-वृषभ राशि वालों के लिए सामान्य दिन है। ऑफिस में परफॉर्मेंस पहले से बेहतर होगी। नौकरी में प्रमोशन या अप्रेजल संभव है। भाई-बहन या करीबी दोस्त की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के दखल से दिक्कतें बढ़ सकती हैं। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। मिथुन राशि-मिथुन राशि के जातकों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करें। ऑफिस में सहकर्मियों के सपोर्ट से कार्यों की बाधाओं को दूर कर लेंगे। रुके हुए कार्य सफल होंगे। कानूनी विवादों से दूर रहें। अपने डाइट पर ध्यान दें और स्वास्थ्य का ख्याल रखें। कर्क राशि-आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। घर में मांगलिक कार्यों का आय़ोजन संभव है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। नए बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। आय के नए साधन से धन लाभ होगा। सिंह राशि-सिंह राशि वालों को ऑफिस के कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए। नया बजट बनाएं और खर्चों पर नियंत्रण रखें, वरना आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें और रिलेशनशिप की गलतफहमियों को दूर करें। यात्रा के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। कन्या राशि-कन्या राशि वालों के मिलाजुला परिणाम देने वाला दिन रहेगा। कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल होगी। कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। तुला राशि-तुला राशि वालों के लिए सामान्य दिन रहेगा। वाणी पर संयम रखें। क्रोध से बचें। आप अचानक से ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। वृश्चिक राशि-वृश्चिक राशि वालों के लिए महत्वपूर्ण दिन है। ऑफिस में बॉस महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दे सकते हैं। वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। यात्रा के योग बनेंगे। सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। धनु राशि-कार्यों में लापरवाही न बरतें। ऑफिस में दिए गए कार्यों को डेडलाइन तक पूरा करने का प्रयास करें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाएं। स्टॉक मार्केट में सावधानी से निवेश करें। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। मकर राशि-मकर राशि वालों को ऑफिस पॉलिटिक्स से बचना चाहिए। ऑफिस में कोई सहकर्मी आपकी इमेज खराब करने की कोशिश कर सकता है। लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी संभव है। घर में धार्मिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। कुंभ राशि-कुंभ राशि वालों को कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। कानूनी मामलों से दूरी बनाएं। बिजनेस में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। लाइफ पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आय के नवीन स्त्रोतों की तलाश करें और धन का प्रबंधन होशियारी से करें। मीन राशि- ऑफिस में महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता प्राप्त होगी। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। रिश्तों में सुधार आएगा। जीवनसाथी संग रिश्ते मधुर होंगे। परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन व्यतीत करेंगे।

आज 8 फरवरी को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन तक का हाल

मेष राशि- करियर में होने के लिए हर आने वाली मुश्किल को पूरी शिद्दत से सॉल्व करें। महिलाओं को परिवार से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासतौर पर ससुराल वालों से, जिसका असर वैवाहिक जीवन पर भी पड़ सकता है। ऑफिस में राजनीति का शिकार होने से बचें। आप धन का खुलकर उपयोग कर सकते हैं। सौभाग्य से आप स्वास्थ्य के मामले में दुरुस्त हैं। वृषभ राशि- उम्रदराज वृषभ राशि वालों को अपने स्वास्थ्य का आज खास ख्याल रखना चाहिए। भाई-बहनों के साथ सभी वित्तीय विवादों का सोल्यूशन निकालें। आज प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है। सरप्राइज गिफ्ट और रोमांटिक डिनर के जरिए भी अपनी लव लाइफ को रोमांटिक बनाएं। दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं। बाहर के खाने से दूरी बनाना बेहतर है।  मिथुन राशि– आज इस राशि के जातक खुद को काबू में रखें। आज आप रोमांस से भरपूर रहेंगे। कुछ लॉंग डिस्टेंस रिलेशन, जो टूटने की कगार पर थे वे वापस पटरी पर आ जाएंगे। मुश्किल मामलों को सावधानी से संभालें। नौकरी के लिए विदेश जाने के इच्छुक लोगों को अच्छी खबर मिलेगी। अपनी क्षमता साबित करने के लिए हर काम को मेहनत के साथ निपटायें। आज आज कर्ज भी चुका सकते हैं। कर्क राशि- आज पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। ऑफिस अफेयर रोमांटिक रहने वाला है। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां लेने के लिए आज तैयार रहें। आज का दिन निवेश करने के लिए शुभ नहीं है। स्वास्थ्य आज अच्छी स्थिति में है। लाइफ में बैलेंस मेन्टेन करना बहुत जरूरी है। बेवजह का न तो रिस्क लें और न ही स्ट्रेस। कॉन्फिडेंस के साथ चुनौतियों का सामना करें।  सिंह राशि- आज आप आप ऑफिस की पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। आज कंधों पर कुछ मुश्किल कामों का भार पड़ेगा। पार्टनर पर आंख बंद कर भरोसा न करें। सभी वित्तीय लेन-देन आज अच्छे से चलेंगे। वित्तीय योजना पर टिके रहें और इससे आपको लाभ मिलेगा। आपका डाइट मेन्यू सब्जियों, फलों, नट्स और प्रोटीन शेक से भरपूर होना चाहिए। कन्या राशि- आज हैप्पी रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मामलों को सुलझा लें। कोई बड़ी बीमारी आपके जीवन पर प्रभाव नहीं डालेगी। समृद्ध रहेंगे, जिससे आपको स्मार्ट तरीके से निवेश करने में मदद मिलेगी। नौकरी के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं। सिंगल जातक फिर से प्यार में पड़ने वाले हैं। सोच-समझकर धन को खर्च करें।  तुला राशि- आज व्यावसायिक मुद्दों को निपटाने में सावधानी बरतें। हेल्थ केयर प्रोफेशनल और सेल्सपर्सन को आज ओवरटाइम करना पड़ सकता है। विवाहित लोगों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से दूर ही रहना चाहिए। आपका स्वास्थ्य आज अच्छी स्थिति में है। वित्तीय योजना पर टिके रहें। आपका धन-धान्य बना रहेगा। प्रोडक्टिव और पॉजिटिव एनर्जी से भरा दिन रहेगा।  वृश्चिक राशि- आज एडवाइस देने वाले किसी तीसरे व्यक्ति से सावधान रहें। प्रेम जीवन में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है। कुछ लोगों को छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जो सिरियस नहीं होंगी। सरकारी अधिकारी स्थान परिवर्तन की उम्मीद कर सकते हैं। आज साथी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाए। आप घर या वाहन भी खरीदने पर विचार कर सकते हैं। धनु राशि- आज छोटी-मोटी दिक्कतों के बावजूद आपका स्वास्थ्य दिन भर अच्छा रहेगा। महिलाओं को बिजनेस में सफलता मिलेगी। विदेशी ग्राहकों के साथ व्यवहार करते समय अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स का इस्तेमाल करें। कुछ लोग अपना आपा खो सकते हैं, जिससे आगे परेशानी हो सकती है। जो लोग प्रभावशाली पदों पर हैं, उन्हें आज सफलता मिलेगी।  मकर राशि- आज आपको धन की कोई कमी नहीं होगी। कुछ छात्र आज प्रतियोगी परीक्षा में सफल होंगे। जीवनसाथी से वित्तीय मदद मिल सकती है। जिन लोगों के इंटरव्यू आने वाले हैं, उन्हें तैयारी पर फोकस करना चाहिए। सकारात्मक माहौल में रहकर तनाव संबंधी समस्याओं से बचें। निवेश में भी किस्मत आजमा सकते हैं। कुंभ राशि- अपनी को शानदार बनाएं। आज दफ्तर में सावधान रहें क्योंकि चुनौतियां आ सकती हैं। बस या ट्रेन में यात्रा करते समय सावधान रहना चाहिए। दोस्तों के साथ पुराने झगड़ों पर हमेशा एक साथ बैठकर बात-चीत करें। समस्याओं का समाधान करते समय व्यक्तिगत अपमान न करें। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। किसी पुराने निवेश से धन की प्राप्ति हो सकती है।  मीन राशि- कुछ भाग्यशाली मीन राशि वालों की पूर्व प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। कार्यस्थल पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय परेशानी का कारण बन सकते हैं। ऐसी किसी भी चीज में शामिल न हों, जिससे वैवाहिक जीवन में कलह-क्लेश हो। ईमानदार प्रयासों को प्रशंसा मिलेगी। पैसों के मामले में किसी पर निर्भर न रहें। रात के समय ड्राइव करते वक्त सावधानी बरतें। 

अद्भुत उत्तम संयोग बन रहा माघ पूर्णिमा पर, जाने किसे होगा फायदा

माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ का अगल महास्नान किया जाएगा. कहते हैं इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के साथ दान-पुण्य करने से वाले व्यक्ति को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. माघ पूर्णिमा के दिन सूर्य और बुध ग्रह राशि में परिवर्तन करेंगे. इन ग्रहों के राशि परिवर्तन से कई शुभ योगों का निर्माण होगा. जिसका प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर पड़ने वाला है, लेकिन कुछ राशि वालों के लिए यह योग बहुत ही शुभ फलदायी हो सकते हैं. माघ पूर्णिमा पर बनेंगे ये शुभ वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को शाम 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन बुधवार 12 फरवरी को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को है. इस दिन सुबह सौभाग्य योग रहेगा उसके बाद सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर शोभन योग लग जाएगा. यह संयोग कुछ राशि के जातकों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो सकता है. माघ पूर्णिमा के दिन शुभ योग बनने से मेष राशि वालों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है. इस दौरान मेष राशि वालों के परिवार में तालमेल और खुशियां बढ़ेगी. करियर-कारोबार में चल रही सभी परेशानियां दूर हो सकती है. बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सकता है. संपत्ति खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है, वृषभ राशि माघ पूर्णिमा वृषभ राशि वालों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इस दौरान वृषभ राशि के जातको को कारोबार में वृद्धि होने धन लाभ हो सकता है. नौकरी की तलाश कर रहें लोगों को सफलता मिलेगी. सेहत में सुधार होगा. इसके अलावा धार्मिक कार्यों तथा पूजा-पाठ में रुचि बढ़ेगी. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए माघी पूर्णिमा खुशियों की सौगात लेकर आ रही है. इसके बाद मकर राशि वाले जातकों को करियर-कारोबार में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है, जिससे अपार धन लाभ हो सकता है. साथ ही समाज में मान सम्मान बढ़ेगा.

60 साल बाद त्रिग्रही योग में मनेगी महाशिवरात्रि, दूल्हा बनेंगे भोलेनाथ, चार प्रहर की साधना देगी धन, यश, प्रतिष्ठा व समृद्धि

ज्योतिष शास्त्र व पंचांग की गणना के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि का पर्वकाल त्रिग्रही युति योग में मनाया जाएगा। इस योग में की गई शिव साधना मनोवांछित फल प्रदान करने वाली मानी गई है। शिव साधना की दृष्टि से ऐसा शुभ संयोग वर्ष 2025 से पहले सन 1965 में बना था। मकर राशि में तीन ग्रहों की युति रहेगी     ज्योतिषाचार्य  ने बताया कि महाशिवरात्रि 26 फरवरी को बुधवार के दिन श्रवण उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र, परिघ योग, वणिज उपरांत शकुनीकरण तथा मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है।     जब भी कोई महापर्व आता है, तो ग्रह योग, नक्षत्र व संयोग देखा जाता है, क्योंकि ग्रहों की साक्षी एवं परिभ्रमण का प्रभाव जीवन पर पड़ता है। ग्रहों के परिभ्रमण का लाभ लेते हुए साधना की दृष्टि से जीवन को कैसे सुखमय बनाया जाए ज्योतिष शास्त्र इसका मार्ग बताते हैं।     महाशिवरात्रि पर मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में सूर्य, बुध व शनि की युति कुंभ राशि में रहेगी। सूर्य व शनि पिता पुत्र हैं और सूर्य शनि की कक्षा अर्थात शनि की राशि कुंभ में रहेंगे।     इस दृष्टि से यह विशिष्ट संयोग भी है, यह योग लगभग एक शताब्दी में एक बार बनता है। इस योग में की गई साधना परम पद व आध्यात्मिक धार्मिक उन्नति प्रदान करती है। इस दृष्टि से इन योग संयोग में विशिष्ट साधना अवश्य करनी चाहिए। -महाशिवरात्रि का पूजन रात्रि में करने का है विशेष प्रावधान  इस वर्ष आठ मार्च की महाशिवरात्रि बेहद खास है। ज्योतिषविदों के अनुसार 60 साल के बाद शिव योग एवं सवार्थ सिद्धि योग के साथ ग्रहों की शुभ युति के त्रिग्रही योग में मनाई जाएगी। इसमें सिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बना है। कुंभ राशि में सूर्य, शनि व शुक्र साथ मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। ग्रहों की युति के साथ ही शिवयोग, प्रदोष व्रत एवं सवार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ बना यह संयोग लगभग तीन सौ साल के बाद आया है। पंडित सुनील दाधीच ने बताया कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ऐसा योग बेहद दुर्लभ और अकल्पनीय सुखद संयोग लेकर आता है। इस दिन की भगवान शिव के व्रत एवं अर्चन की तुलना सामान्य दिनों में होने वाले पूजन कार्यों से नहीं की जा सकती है। मेष, वृषभ, तुला, मकर एवं कुंभ राशि के लिए बेहद खास रहेगा यह संयोग। शनिदेव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान है। इसके साथ ही सूर्यदेव अपने पुत्र एवं आदर्श शत्रु शनि की राशि कुंभ में चन्द्रमा के साथ विराजित रहेंगे। ग्रहों की ये स्थिति त्रिग्रही योग का निर्माण कर रही है। जो कि फलदायी है। रात्रि में ही क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि ज्योतिषी महेश गुरु के अनुसार ईषान संहिता में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि रात्रि के द्वितीय पहर में शिवलिंग का प्रादुर्भाव हुआ था। शिव यानि की रात्रि के प्रतीक हैं, और यह भूतेश्वर या भूतनाथ कहे जाते हैं। भूत आदि रात्रि में ही सक्रिय होते हैं। इस दिन में रात्रि में ही इनका प्रादुर्भाव होने की वजह से ही महाशिवरात्रि मनाई जाती है। शिवरात्रि पर चार प्रहर में यानि की चार बार पूजन का विधान आता है। पहले प्रहर में दूध से शिव के ईशान स्वरूप का, दूसरे प्रहर में दही से अघोर स्वरूप का, तीसरे प्रहर में घी से वामदेव रूप का और चौथे प्रहर में शहद से सद्योजात स्वरूप का अभिषेक कर पूजन करना चाहिए। यदि कन्याएं चार बार पूजन न कर सकें, तो पहले प्रहर में एक बार तो पूजन अवश्य ही करें। महाशिवरात्रि की रात महासिद्धिदायिनी होती है। इस रात्रि को निशा रात्रि भी कहते हैं। यानि की चारों ओर घोर अंधकार की स्थिति में शिवलिंग का उद्भव अंधकार में प्रकाश का भी प्रतीक माना जाता है। पूजा पद्धति सात्विक व शाक्त अलग-अलग विधियों से संपन्न कराई जाती है। इसी दिन शिव एवं पार्वती का पाणीग्रहण भी हुआ था। इस वजह से भी पूरी रात्रि को उत्सव की तरह मनाया जाता है। रात्रि पूजन का है विशेष विधान महाशिवरात्रि पर ऐसे की जा सकती है पूजा पूरी तरह से शुद्ध होने के बाद घर के मंदिर में या शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा की जा सकती र्है। पहले शिवलिंग में चंदन का लेप करने के साथ ही पंचामृत से स्नान कराना चाहिए। इसमें गन्ने के रस, कच्चे दूध, या शुद्ध घी से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके पश्चात महादेव को बेलपत्र, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, फूल, मिठाई, मीठा पान, इत्र आदि अर्पित करना चाहिए। अर्चन सदैव पूर्वाभिमुखी या फिर उत्तरामुखी करनी चाहिए। इसके पश्चात शिव पंचाक्षर मंत्र आदि के साथ शिव ताण्डव स्तोत्र आदि का पाठ किया जा सकता है। व्रत रहने वाले को पूरा दिन निराहार रहना चाहिए। रोगी या अशक्त फलाहार कर सकते हैं। व्रत रखने वाले को फल, फूल, चंदन, बिल्व पत्र, धतूरा, धूप व दीप से रात के चारों प्रहर में शिवजी की पूजा करनी चाहिए साथ ही भोग भी लगाना चाहिए। दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अलग-अलग तथा सबको एक साथ मिलाकर पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराकर जल से अभिषेक भी किया जाता है। भव, शर्व, रुद्र, पशुपति, उग्र, महान, भीम और ईशान, इन आठ नामों से फूल अर्पित कर भगवान शिव की आरती और परिक्रमा करने का विधान है। इसमें पूजन तो चारों पहर में होता है, लेकिन मध्यरात्रि की पूजा को ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।  

07 फरवरी आज किन राशियों का भाग्य होगा प्रबल? जानिए आपकी किस्मत के सितारे क्या कहते हैं?

मेष राशि- मन परेशान रहेगा। मन में निराशा व असंतोष के भाव हो सकते हैं। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। वृषभ राशि- वाणी में मधुरता तो रहेगी, परंतु मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी के लिए परीक्षा व साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। सेहत पर ध्यान दें। मिथुन राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में भी संतुलित रहें। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। कर्क राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान रहेगा। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। लाभ में भी वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। कन्या राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। लेखनादि बौद्धिक कार्यों से मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। तुला राशि- मन में शांति व प्रसन्नता तो रहेगी। फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार का साथ मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। वृश्चिक राशि– मन में उतार-चढ़ाव रहेगा। कारोबारी कार्यों में मन लगेगा। कारोबार का विस्तार होगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। माता-पिता का साथ मिलेगा। धनु राशि- मन परेशान हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। संयत रहें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। खर्च भी बढ़ेंगे। मकर राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन अशांत भी हो सकता है। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। माता की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। परिवार का साथ रहेगा। कुंभ राशि- मन अशांत रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। वाणी के प्रभाव से कारोबार बढ़ेगा। लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। मीन राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। संतान सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है।

माघ माह की पूर्णिमा कब है 11 या 12 फरवरी ?

हिंदू धर्म में माघ माह बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. माघी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है. यह दिन श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न के लिए सबसे शुभ माना जाता है. माघी पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन के समस्त पापों से छुटकारा मिलता है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हिंदू पंचांक के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को शाम 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी. वहीं तिथि का समापन बुधवार 12 फरवरी को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार माघी पूर्णिमा का व्रत 12 फरवरी को किया जाएगा. माघी पूर्णिमा पूजा विधि माघी पूर्णिमा का व्रत और पूजन करने के लिए सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा की शुरुआत करें. फिर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या प्रतिमा को स्थापित करें. उसके बाद फूलमाला अर्पित करें और मां लक्ष्मी को सोलह श्रृंगार की चीजें चढ़ाएं. देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें. विष्णु जी के मंत्रों का जप और विष्णु चालीसा का पाठ करें. इसके बाद विधिपूर्वक व्रत कथा का पाठ करें. फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं. अंत में जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें और लोगों में प्रसाद का वितरण करें. माघी पूर्णिमा श्री विष्णु रूपम मंत्र शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम् विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥     ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।     ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।  

आज 06 फरवरी को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, जानिए क्या कहती है आपकी राशि?

मेष राशि- आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर दिन रहेगा। अपनी लव लाइफ की हकीकत का सामना करने के लिए तैयार रहें। काम का माहौल प्रोडक्टिव रहेगा साथ ही आर्थिक खुशहाली भी रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी पॉजिटिव है। वृषभ राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। व्यावसायिक सफलता के साथ सुखी प्रेम जीवन की एक्सपेक्टेशन आप कर सकते हैं। सभी सौंपे गए कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। मिथुन राशि- अच्छे स्वास्थ्य और धन की समृद्धि से भी दिन यादगार रहेगा। व्यावसायिक काम आपको व्यस्त रखेंगे। आपका स्वास्थ्य और धन दोनों अच्छे लेवल पर दिख रहा है। लेकिन आपको खर्च पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। कर्क राशि- आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। प्रेम जीवन में मनमुटाव को दूर करें और साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। एक बेहद बिजी पेशेवर कार्यक्रम के लिए तैयार रहें। सिंह राशि- आज के दिन बॉस के साथ न उलझें। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी आती है। दिन थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। प्यार में आज आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कन्या राशि- आपका आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए आज आपको खर्चों से बचना चाहिए। आज व्यावसायिक सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। तुला राशि- आज का दिन बदलावों से भरपूर रहेगा। रोमांटिक मुद्दों को थोड़ी सी समझदारी और रोमांस के साथ संभालें। पेशेवर मुद्दों का आज ही सोल्यूशन निकालें। अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करें। वृश्चिक राशि- आज आप अपनी लव लाइफ में खुश रहेंगे। आज नए प्यार के कनेक्शन को अपनाने के लिए तैयार रहें। अशांत समय में भी शांत रहने की कोशिश करें। बहुत ज्यादा बाहर का खाना न खाएं। धनु राशि- आज अपनी योग्यता साबित करने के लिए जिम्मेदारियां सावधानी से निभाने की जरूरत है। बेहद जरूरी डीसीजन आज टाल दें। आज पैसों से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। मकर राशि- आज पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। नया कनेक्शन, अतिरिक्त प्रोफेशनल जिम्मेदारियां, पैसों से भरी जेब और अच्छा स्वास्थ्य दिन के मुख्य आकर्षण रहेंगे। कुंभ राशि- आज का दिन थोड़ी बहुत चुनौतीयां लेकर आएगा। काम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएं। लव के मामले में थोड़ा रोमांस दिखाएं। छोटी-मोटी आधिकारिक चुनौतियाँ भी आपको मजबूत बनाएंगी। मीन राशि- आज का दिन पॉजिटिव रहेगा। अपनी योग्यता साबित करने के लिए कार्यस्थल पर अधिक मौकों की तलाश करें। पैसा आपके पक्ष में है और स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या भी आपको परेशान नहीं कर सकेगी।

जया एकादशी एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

जया एकादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. यह एकादशी विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होती है और पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजन करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के पापों से छुटकारा मिलता है और वह मोक्ष प्राप्त होता है. पुराणों के अनुसार, जो भक्त इस एकादशी का पालन करते हैं, उन्हें अगले जन्म में दिव्य सुख और विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है. आइए जानते हैं इस साल 2025 में जया एकादशी का व्रत कब है और भगवान विष्णु की पूजा के शुभ मुहूर्त किस- किस समय हैं. जया एकादशी व्रत 2025 तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 7 फरवरी को रात 9 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 8 फरवरी को रात 8 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 8 फरवरी को रखा जाएगा. जया एकादशी व्रत 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त, तड़के 5 बजकर 21 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 13 तक होगा, इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर के 2 बजकर 26 मिनट से लेकर 3 बजकर 10 तक रहेगा. इसके बाद गोदुली मुहूर्त शाम के 6 बजकर 3 से लेकर 6 बजकर 30 तक रहेगा. इस दिन निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 1 बजकर 1 तक रहेगा. जया एकादशी व्रत की पूजा विधि जया एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं. फिर उन्हें पीले वस्त्र, चंदन, पुष्प और धूप-दीप आदि अर्पित करें. भगवान विष्णु को फल, मिठाई और तुलसी दल का भोग लगाएं. इसके बाद विष्णु मंत्रों का जाप करें और व्रत कथा पढ़ें. जया एकादशी व्रत का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है.

5 फरवरी को बदल जाएगी इन 5 राशियों की किस्मत, भाग्य का मिलेगा पूरा साथ!

मेष राशि- आज का दिन व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर दूसरों के साथ जुड़ने का है। अपनी अंतर्दृष्टि और राय शेयर करने से न डरें। बस दूसरों की जरूरतों के साथ अपनी जरूरतों को बैलेंस्ड करना याद रखें, क्योंकि आपकी खुद की भलाई को बनाए रखने के लिए खुद की देखभाल महत्वपूर्ण है। आज आपके रिश्तों में थोड़ी खटास आ सकती है, लेकिन अभी उम्मीद का दामन न छोड़ें। विवाद से बचने के बजाय अपने प्रियजनों के साथ खुलकर और ईमानदारी से संवाद करने की कोशिश करें। वृषभ राशि- घरेलू जीवन में विवाद आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप आज अच्छे रहेंगे। ऑफिस में मल्टीटास्किंग की उम्मीद है और चुनौतियां पैदा होंगी। आर्थिक रूप से आज आप अच्छा करेंगे। आपकी लव लाइफ आज खराब हो सकती  है क्योंकि कुछ मनमुटाव रहेगा। रिश्तों में बाहरी लोगों की दखलअंदाजी से सावधान रहें। दांपत्य संबंधों में यह ज्यादा परेशानी भरा हो सकता है। आज आपको धैर्य रखने और अच्छे श्रोता बनने की जरूरत है। मिथुन राशि- आज आपके लिए एक रोमांचकारी यात्रा है। साहस की आपकी भावना आपको अज्ञात क्षेत्रों में ले जाएगी, लेकिन चिंता न करें। आप अप्रत्याशित को संभालने के लिए सुसज्जित हैं। चाहे वह आपकी लव लाइफ, करियर, पैसा या स्वास्थ्य हो, ब्रह्मांड ने आपको कवर किया है। बस आराम से बैठें और चीजों को होने दें। याद रखें, आप अपने जीवन की ड्राइवर सीट पर हैं। सितारे केवल आपका मार्गदर्शन करने के लिए हैं। कर्क राशि- आज अपने पैसे से चेक इन करने का अच्छा समय है। बेहतर जानकारी प्राप्त करने के तरीके खोजें और अच्छे निर्णय लें कि आप अपने वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कैसे कर सकते हैं। आर्थिक सलाह के लिए यह एक सकारात्मक समय हो सकता है। आज आप अपनी भावनाओं पर विशेष ध्यान दें और इस बात का ध्यान रखें कि आपको अपने शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की अच्छी देखभाल करने के लिए क्या चाहिए। ऊर्जा आज उन कर्क राशि वालों के लिए एकदम सही है जिन्हें शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों तरह से इलाज की आवश्यकता है। सिंह राशि- आज अपने प्रियजनों के साथ अपनी बातचीत पर ध्यान दें। हालांकि अपने आप को कुछ सख्त प्यार दिखाना और अपने आप पर सख्त होना ठीक है, लेकिन सुनिश्चित करें कि इसे अपने रिश्ते में न आने दें। अपने करीबी लोगों के साथ कठोर होने से बचें। अवसर आज आपके दरवाजे पर इंतजार कर रहे हैं। जोखिम लेने से न डरें क्योंकि वे आपको कुछ बड़ा करने की ओर ले जा सकते हैं। लेकिन अपने लिए खड़े होने के लिए भी तैयार रहें, क्योंकि कोई आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर सकता है। कन्या राशि- अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखें- जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। लंबी अवधि के लाभ के लिए स्टॉक और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह दी जाती है। किसी दोस्त की समस्या आपको खराब और चिंतित कर सकती है। एक अलग तरह के रोमांस का अनुभव होने की संभावना है। कोई भी पार्टनरशिप करने से पहले अपने अंदर की भावना को सुनें। आज आप पूरा दिन अकेले कमरे में किताब पढ़ते हुए बिता सकते हैं। एक साथ एक दिन बिताने का यह आपका सही विचार होगा। आपके वैवाहिक जीवन में आज सब कुछ खुशहाल नजर आ रहा है। तुला राशि- कार्यक्षेत्र में आज आपको कुछ अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उन्हें हतोत्साहित न होने दें। इसके बजाय, एक रचनात्मक और नवीन मानसिकता के साथ उनसे संपर्क करें। आपके सहकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी आपकी अनुकूलता और समस्या सुलझाने के कौशल की सराहना करेंगे। आगे बढ़ते रहें और असफलताओं को अपने पीछे न आने दें। वित्तीय अवसर आज आपके रास्ते में आ सकते हैं, लेकिन सतर्क रहें और कूदने से पहले अपना रिसर्च करें। जल्दी-जल्दी अमीर बनें प्लानिंग या आकर्षक निवेश के बहकावे में न आएं। वृश्चिक राशि- जो लोग वित्त और विदेशी ग्राहकों के साथ काम करते हैं, उन्हें विकास के ज्यादा अवसर दिखाई देंगे। व्यापारी आज किसी नई पार्टनरशिप की शुरुआत न करें क्योंकि सितारे उसके समर्थन में नहीं हैं।  वित्त के लिए आपके सितारे आज बहुत अच्छे हैं। आप वित्त में मजबूत होंगे और कई विकल्पों में निवेश करने का यह एक अच्छा समय है। लंबी अवधि के निवेश के लिए शेयर बाजार, सट्टा कारोबार और म्यूचुअल फंड अच्छे विकल्प हैं। धनु राशि- आपका पेशेवर जीवन आज चुनौतीपूर्ण रहेगा। कुछ ज्यादा काम आपके कंधों पर आएंगे। आज आपकी योग्यता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में आज आप साजिश का शिकार हो सकते हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि आज ज्यादा मुद्दों का समाधान किया जाए। फालतू विषयों पर बहस से बचें जिसके परिणाम परेशान करने वाले हो सकते हैं। जो लोग पहले से ही किसी रिश्ते में हैं वो भी शादी के बारे में सोच सकते हैं। ऑफिस के रोमांस से बचें क्योंकि आज आपका जीवनसाथी आपको रंगे हाथों पकड़ सकता है। मकर राशि- आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कोई गंभीर रोग आपको सताएगा नहीं। सुनिश्चित करें कि आपके माता-पिता अच्छे स्वास्थ्य में हैं और उन्हें घर में एक खुशहाल माहौल का वादा करें। आप ब्लडप्रेशर से परेशान हो सकते हैं लेकिन कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या आपको प्रभावित नहीं करेगी।आप जरूरी सामान की खरीदारी भी कर सकते हैं या घर की मरम्मत भी कर सकते हैं। यदि आपकी कोई वाहन खरीदने की योजना है तो उसके लिए आज का दिन अच्छा है। बेहतर धन मार्गदर्शन के लिए आप किसी आर्थिक एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं। कुंभ राशि- अपने आप को अपने साथी के सामने व्यक्त करें, और आपको जो चाहिए वह पूछने से न डरें। आपका साथी आपके द्वारा किए गए प्रयास की सराहना करेगा। सितारे संकेत दे रहे हैं कि कोई आपको दूर से निहार रहा है। इंतजार करें।आपके पेशेवर जीवन में एक नया मोड़ आने वाला है। इसे अपने करियर के लक्ष्यों को प्रतिबिंबित करने के अवसर के रूप में लें। क्या आप जहां हैं वहां खुश हैं या आपको बदलाव की जरूरत है? अपनी सहज प्रवृत्ति पर भरोसा करें और साहसिक कदम उठाने में संकोच न करें। सितारे आपके पक्ष में है। मीन राशि- पैसों से जुड़े मामले आपके दिमाग पर भारी पड़ सकते हैं। लेकिन डरे मत। आपकी मेहनत और संकल्प रंग लाएगा। … Read more

क्या आप जानते हैं कि आखिर नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है?

भारत में नदियों से लोगों की धार्मिक आस्थाएं जुड़ी हैं. हमारे देश में लगभग 400 नदियां बहती हैं और इनमें से कुछ नदियों को देवी के समान पवित्र माना जाता है. इन पवित्र नदियों की विधि-विधान से पूजा भी की जाती है. गंगा, यमुना और सरस्वती की तरह ही नर्मदा नदी भी लोगों के लिए आस्था का केंद्र मानी जाती है. जहां एक ओर ज्यादातर नदियां पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की ओर बहती हैं वहीं, नर्मदा एक ऐसी नदी है जो पूर्व दिशा से पश्चिम की ओर जाती है और अरब सागर में मिल जाती है. आसान शब्दों में कहें तो नर्मदा नदी उल्टी दिशा में बहती है. नर्मदा नदी को ‘आकाश की बेटी’ भी कहते हैं. हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर नर्मदा जयंती मनाई जाती है, जो कि आज यानी 4 फरवरी को मनाई जा रही है. नर्मदा जयंती के मौके पर आपको बताते हैं कि आखिर नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है. इन पुराणों में मिलता है नर्मदा का वर्णन रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ पुराणों में नर्मदा का उल्लेख मिलता है. वायु पुराण और स्कंद पुराण के रेवा खंड में नर्मदा नदी के अवतरण और महत्व की कथा का वर्णन किया गया है. इसी कारण नर्मदा को रेवा भी कहा जाता है. हिंदू धर्म में पवित्र नदी मानी जाने वाली नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक है. इसके अलावा, नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर कई देवस्थान भी स्थित है. वहीं, नर्मदा के तट पर कई महान ऋषियों जैसे अगस्त्य, भारद्वाज, भृगु, कौशिक, मार्कण्डेय और कपिल आदि ने तपस्या की थी. आइए यहां आपको विस्तार से जानें नर्मदा नदी के धार्मिक और पौराणिक महत्व के बारे में बताते हैं. साथ ही नर्मदा नदी क्यों उल्टी बहती है, इसकी पौराणिक कथा भी बताएंगे. नर्मदा नदी की उत्पत्ति कैसे हुई? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नर्मदा नदी की उत्पत्ति भगवान शिव से मानी जाती है. इसी कारण इसे शिव जी की पुत्री या शंकरी भी कहा जाता है. ऐसा कहते हैं कि नर्मदा के किनारे पाया जाने वाला हर पत्थर शिवलिंग के आकार का होता है. इन लिंग के आकार वाले पत्थरों को बाणलिंग या बाण शिवलिंग के नाम से जाना जाता है, जो कि हिंदू धर्म में अत्यधिक पूजनीय माने जाते हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान भोलेनाथ मैकल पर्वत पर तपस्या में लीन थे. इस दौरान देवताओं ने उनकी आराधना की और उन्हें प्रसन्न किया. शिवजी की तपस्या के दौरान उनके शरीर से कुछ पसीने की बूंदें गिरीं, जिससे एक सरोवर की उत्पत्ति हुई. इसी सरोवर से एक द्वितीय सौंदर्य कन्या प्रकट हुई. इस कन्या का सौंदर्य देख देवताओं ने उसका नाम ‘नर्मदा’ रखा. नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है इसका क्या कारण है? नर्मदा उल्टी क्यों बहती है, इससे जुड़ी एक पौराणिक कथा मिलती है. इस पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा राजा मेकल की पुत्री थीं. जब नर्मदा विवाह योग्य हो गईं, तो राजा मेकल ने ऐलान किया की कि जो गुलबकावली का फूल लेकर आएगा, वह उनकी बेटी नर्मदा से विवाह करेगा. इस चुनौती को राजकुमार सोनभद्र ने पूरा किया और इसके बाद इसके बाद नर्मदा और सोनभद्र की शादी तय हुई गई. एक दिन नर्मदा ने राजकुमार को देखने की इच्छा व्यक्त की और नर्मदा ने इसके लिए अपनी सहेली जोहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा. जब सोनभद्र ने जोहिला को देखा, तो उन्हें नर्मदा समझकर प्रेम प्रस्ताव रखा. जोहिला यह प्रस्ताव ठुकरा नहीं पाई और सोनभद्र से प्रेम करने लगीं. जब नर्मदा को इस बात का पता चला, तो वह बहुत क्रोधित हुईं और उन्होंने आजीवन कुंवारी रहने का प्रण लिया. उसी समय से नाराज होकर नर्मदा विपरीत दिशा में बहने लगीं और अरब सागर में जाकर मिल गईं. तब से ही नर्मदा नदी को एक कुंवारी नदी के रूप में पूजा जाता है. नर्मदा नदी के हर कंकड़ को नर्वदेश्वर शिवलिंग भी कहा जाता है. नर्मदा उल्टी बहने का वैज्ञानिक कारण हालांकि, नर्मदा नदी के विपरित दिशा में बहने को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि नर्मदा नदी रिफ्ट वैली की वजह से उल्टी बहती है यानी नदी के प्रवाह के लिए जो उसका ढलान बनता है, वह उल्टी दिशा में है. ऐसे में जिस ओर नदी का ढलान होता है, वह नदी उसी दिशा में बहती है.  

9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों पर बनी रहती है हनुमान जी की कृपा

अंक ज्योतिष में, प्रत्येक मूल अंक किसी ग्रह या अंक के स्वामी से जुड़ा हुआ होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोगों की जन्म की संख्याओं का सभी लोगों पर विशेष रूप से प्रभाव पड़ता है. इसी प्रकार अंक 9 को हनुमान जी से संबंधित माना जाता है. बजरंगबली अंक 9 के स्वामी माने जाते हैं.किसी भी माह की 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए जन्म अंक 9 होता है. अंक 9 का स्वामी ग्रह मंगल होता है. 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों पर हमेशा हनुमान जी की कृपा बनी रहती है. कष्ट निवारण हेतु अर्पित की जाने वाली पूजा, बजरंगबली, मंगल ग्रह से संबंधित है. हनुमान को मंगल ग्रह का देवता कहा जाता है. इसीलिए मंगलवार को हनुमान जी के साथ-साथ मंगल ग्रह की भी पूजा की जाती है. हनुमान मंगल ग्रह के प्रतीक हैं. यदि आप अपनी नौकरी या व्यवसाय में समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो इसका कारण मंगल ग्रह का अशुभ या खराब होना हो सकता है. जीवन में नहीं आती हैं समस्याएं यदि मंगल खराब हो तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं. परिवार में लोग बीमार हो सकते हैं. यदि आपका मंगल शुभ है तो परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहेंगे. मंगल ग्रह शुभता का प्रतीक है. जो लोग बिना किसी स्वार्थ के अपना काम करते हैं उन्हें मंगल और हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में कभी कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है. इसके अलावा जीवन में आने वाली समस्याएं दूर रहती है. लोगों के प्राप्त होती है हनुमान जी की कृपा जो लोग शुद्ध मन रखते हैं, बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते हैं और निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते हैं, उन्हें हमेशा हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त रहता है. इसी कारण मूलांक 9 वाले लोगों पर मंगल और हनुमान जी की कृपा होती है. अंकशास्त्रियों का कहना है कि ऐसे लोग निडर और सहनशील होते हैं. ऐसे लोग हर मुश्किलों का सामना करने की कोशिश करते हैं और अंत विजयी पाते हैं. यदि मंगल अशुभ हो तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके साथ ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

04 फरवरी 2025 मंगलवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए बातचीत करते रहना जरूरी है। किसी भी पेंडिंग मुद्दे को ईमानदारी के साथ हैंडल करें। आज बंधन को मजबूत करने और अपने साथी के करीब आने का एक अच्छा समय है। वृषभ राशि- आज नए अनुभवों के लिए खुले रहें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें। आपका प्रेम जीवन एक दिलचस्प मोड़ लेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो कोई मुलाकात कनेक्शन में बदल सकती है। नए मौकों के लिए खुले रहें। मिथुन राशि- आज का दिन काफी रोमांटिक साबित हो सकता है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वाले जातक अपनी बीच की दूरियां कम करने में सक्षम रहेंगे। डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। कर्क राशि- आज का दिन थोड़ा सा बिजी रहने वाला है। स्टूडेंट्स किसी असाइनमेंट या प्रोजेक्ट के चक्कर में खुद के लिए वक्त निकालने में प्रॉब्लम का सामना करेंगे। लव लाइफ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज सोच-समझकर चुनाव करना आपको स्टेबिलिटी बनाए रखने और अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बढ़ाने में मदद करेगा। कन्या राशि- आज का दिन खुशनुमा रहने वाला है। कुछ जातक आज अपने पार्टनर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड कर सकते हैं। करियर में पॉलिटिक्स का शिकार होने से बचें। रोज एक्सरसाइज करें। तुला राशि- आज के दिन आपको सभी टास्क समय पर पूरे कर लेने चाहिए। इससे आप बॉस की नाराजगी से बच सकते हैं। पैसों के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। वृश्चिक राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। सिंगल लोगों को अपने ऑफिस या क्लास में कोई नया क्रश मिल सकता है। धन को समझदारी के साथ मैनेज करें। स्ट्रेस कम लें। धनु राशि- आज आप पाएंगे कि आप अपने गोल्स के करीब पहुंच रहे हैं। मुसीबतों को पार करने की अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। अपने शरीर की जरूरतों पर फोकस करें। मकर राशि- आज का दिन आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में बदलाव ला सकता है। चाहे प्यार, करियर, पैसा या हेल्थ हो, अप्रत्याशित अवसरों के लिए तैयार रहें। सभी बदलावों को खुले दिल और दिमाग से अपनाएं। कुंभ राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। सेहत पर निगरानी रखें। परिवार के बुजुर्गों का ख्याल रखें। रोजाना योग करें। जंक फूड्स से दूरी बनाएं। मीन राशि- आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। लव के मामले में साथी के साथ अनबन करने से बचें। खुद की सेहत पर ध्यान दें। परिवार के साथ कुछ समय बिताना अच्छा रहेगा।

आज 03 फरवरी सोमवार को बदल जाएगी इन 5 राशियों की किस्मत, होगा कुछ बड़ा बदलाव

मेष राशि- अज्ञात भय सताएगा। सर दर्द, नेत्र पीड़ा संभव है। सर दर्द और नेत्र पीड़ा के कारण मन व्याकुल रहेगा। अज्ञात भय तो रहेगा ही। कुल मिलाकर के आपको शारीरिक स्थिति पर पूरा-पूरा ध्यान रखना है। प्रेम और संतान की स्थिति लाभप्रद है। व्यापार भी आपका अच्छा चलेगा। काली वस्तु का दान करें। वृषभ राशि– आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मन अस्थिर रहेगा। यात्रा में कष्ट संभव है। बाकी प्रेम, संतान, व्यापार सही रहेगा। समाचार के माध्यम से कुछ अनचाहा समाचार मिल सकता है। लाल वस्तु का दान करना शुभ होगा। मिथुन राशि– व्यावसायिक उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कोर्ट-कचहरी में हार का सामना करना पड़ सकता है। राजनीतिक गलियारे में कुछ बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान अच्छा है। व्यापार भी अच्छा है। पीली वस्तु का दान करें। कर्क राशि– भाग्य में भरोसा करके कोई काम नहीं कर सकते हैं। थोड़ा सा बदनामी या अपयश मिल सकता है। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार भी मध्यम। काली वस्तु का दान करें। सिंह राशि– परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। कोई रिस्क न लें। चोट-चपेट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार ठीक रहेगा। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि- जीवनसाथी के साथ और स्वास्थ्य पर ध्यान रखें। नौकरी-चाकरी की स्थिति मध्यम रहेगी। बाकी प्रेम, संतान, व्यापार आपका सही है। शनिदेव को प्रणाम करते रहें। तुला राशि- डिस्टर्बिंग टाइम लेकिन जीत आपकी सुनश्चित है। कार्यों में अवरोध आएगा लेकिन संपन्न हो जाएगा। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान अच्छा। व्यापार अच्छा। नीली वस्तु पास रखें। वृश्चिक राशि- मानसिक दबाव बना रहेगा। अवसादग्रस्त स्थिति रहेगी। महत्वपूर्ण निर्णय अभी रोक दें। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में तू-तू, मैं-मैं से बचें। मानिसक नकारात्मक के शिकार बन सकते हैं। व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें। धनु राशि- गृह कलह के संकेत हैं। कुछ बड़ी कलह हो सकती है। ध्यान रखिएगा। शांत होकर चीजों को निपटाएं। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार मध्यम। बजरंगबली की शरण में जाएं, उन्हें प्रणाम करें। लाल वस्तु अर्पित करें। काली वस्तु का दान करें। मकर राशि- पराक्रम अभी बहुत रिजल्ट नहीं देगा। नाक, कान, गला की परेशानी हो सकती है। प्रेम, संतान अच्छा है। व्यापार मध्यम है। काली जी को प्रणाम करें, उन्हें सफेद वस्तु अर्पित करें। कुंभ राशि- पूंजी का निवेश न करें। जुआ, सट्टा, लॅाटरी में पैसा न लगाएं। धन हानि के संकेत हैं। मुख रोग के शिकार हो सकते हैं। बाकी प्रेम, संतान, व्यापार अच्छा है। हरी वस्तु पास रखें। मीन राशि- नकारात्मक ऊर्जा का शिकार चल रहा है इस समय। प्रेम और संतान में नकारात्मकता फैली रहेगी। स्वास्थ्य प्रभावित दिख रहा है। कुल मिलाकर के बहुत बचकर पार करें। काली जी की शरण में जाएं, उन्हें प्रणाम करें। तंत्र की सबसे बड़ी देवी हैं। वो नकारात्मकता को दूर करेंगी।

विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए करे जया एकादशी व्रत

हिंदू धर्म शास्त्रों में एकादशी तिथि बहुत विशेष और महत्वपूर्ण बताई गई है. एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है. साल भर में 24 एकादशी पड़ती है. हर एकादशी का अपना महत्व है. इन्हीं में एक जया एकादशी भी है. हर महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि जया एकादशी कही जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी पर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. इस दिन व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी के दिन जो भी भगवान विष्णु जी की पूजा-उपासना करता है उसके जीवन के सभी दुख और कष्ट दूर होते हैं. साथ ही जीवन सुखमय हो जाता है. जया एकादशी के व्रत को रखने के सही नियम हिंदू धर्म शास्त्रों में बताए गए हैं. आइए जानते हैं कि जया एकादशी के व्रत को रखने के सही नियम क्या हैं. साथ ही इस दिन भगवान विष्णु को किस प्रकार प्रसन्न किया जा सकता है. कब है जया एकादशी व्रत ? हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 7 फरवरी को रात 9 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 8 फरवरी को रात 8 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 8 फरवरी को रखा जाएगा. कैसे रखें जया एकादशी व्रत     हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के व्रत से पहले पड़ने वाली दशमी तिथि को थोड़ा खाना या सिर्फ फल खाना चाहिए, ताकि जया एकादशी के व्रत के दिन पेट में कोई अवशिष्ट खाना नहीं बचे.     जया एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहन लेने चाहिए.     फिर दिनभर फलाहार व्रत रखना चाहिए.     इस व्रत में अनाज के सेवन की मनाही है.     इस व्रत में रात के समय जागरण करना चाहिए.     अगले दिन द्वादशी तिथि पर सूर्योदय के बाद ही शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करना चाहिए. पूजा विधि     जया एकादशी के दिन सुबह भगवान विष्णु का तिल से अभिषेक करना चाहिए.     इसके बाद भगवान विष्णु को पीला चंदन लगाना चाहिए.     पूजा के समय पीला कनेर, तुलसी, बेसन के लड्डू, भगवान को अर्पित करने चाहिए.     इस दिन तुलसी माता पर जल चढ़ाना वर्जित किया गया है.     14 मुखी दिया जलाना चाहिए. जया एकादशी व्रत की कथा भी अवश्य सुननी चाहिए.     श्री हरि भगवान विष्णु का भजन, स्मरण और मंत्रों का जाप करना चाहिए.     अंत में श्री हरि भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए.     इस दिन अन्न, वस्त्र, जूते, दूध, दही, घी, शक्कर और तिल का दान बहुत शुभ माना गया है.  

धन और ज्ञान मात्र संग्रह ही नहीं, सदुपयोग भी जरूरी है

एक गांव में धर्मदास नामक एक व्यक्ति रहता था। बातें तो बड़ी ही अच्छी-अच्छी करता था पर था एकदम कंजूस। कंजूस भी ऐसा वैसा नहीं बिल्कुल मक्खीचूस। चाय की बात तो छोड़ो, वह किसी को पानी तक के लिये नहीं पूछता था। साधु-संतों और भिखारियों को देखकर तो उसके प्राण ही सूख जाते थे कि कहीं कोई कुछ मांग न बैठे। एक दिन उसके दरवाजे पर एक महात्मा आए और धर्मदास से सिर्फ एक रोटी मांगी। पहले तो धर्मदास ने महात्मा को कुछ भी देने से मना कर दिया लेकिन तब वह वहीं खड़ा रहा तो उसे आधी रोटी देने लगा। आधी रोटी देखकर महात्मा ने कहा कि अब तो मैं आधी रोटी नहीं, पेट भरकर खाना खाऊंगा। इस पर धर्मदास ने कहा कि अब वह कुछ नहीं देगा। महात्मा रातभर चुपचाप भूखा-प्यासा धर्मदास के दरवाजे पर खड़ा रहा। सुबह जब धर्मदास ने महात्मा को अपने दरवाजे पर खड़ा देखा तो सोचा कि अगर मैंने इसे भरपेट खाना नहीं खिलाया और यह भूख-प्यास से यहीं पर मर गया तो मेरी बदनामी होगी। बिना कारण साधु की हत्या का दोष लगेगा। धर्मदास ने महात्मा से कहा कि बाबा तुम भी क्या याद करोगे, आओ पेट भरकर खाना खा लो। महात्मा भी कोई ऐसा वैसा नहीं था। धर्मदास की बात सुनकर महात्मा ने कहा कि अब मुझे खाना नहीं खाना। मुझे तो एक कुआं खुदवा दो। लो अब कुआं कहां से बीच में आ गया धर्मदास ने साधु महाराज से कहा। धर्मदास ने कुंआ खुदवाने से साफ मना कर दिया। साधु महाराज अगले दिन फिर रातभर चुपचाप भूखा-प्यासा धर्मदास के दरवाजे पर खड़ा रहा। अगले दिन सुबह भी जब धर्मदास ने साधु महात्मा को भूखा-प्यासा अपने दरवाजे पर ही खड़ा पाया तो सोचा कि अगर मैंने कुआं नहीं खुदवाया तो यह महात्मा इस बार जरूर भूखा-प्यासा मर जाएगा और मेरी बदनामी होगी। धर्मदास ने काफी सोच-विचार किया और महात्मा से कहा कि साधु बाबा, मैं तुम्हारे लिये एक कुआं खुदवा देता हूं और इससे आगे अब कुछ मत बोलना। नहीं, एक नहीं अब तो दो कुएं खुदवाने पड़ेंगे, महात्मा की फरमाइशें बढ़ती ही जा रही थी। धर्मदास कंजूस जरूर था, बेवकूफ नहीं। उसने सोचा कि अगर मैंने दो कुएं खुदवाने से मना कर दिया तो यह चार कुएं खुदवाने की बात करने लगेगा इसलिए रामदयाल ने चुपचाप दो कुएं खुदवाने में ही अपनी भलाई समझीं। कुएं खुदकर तैयार हुए तो उनमें पानी भरने लगा। जब कुओं में पानी भर गया तो महात्मा ने धर्मदास से कहा, दो कुओं में से एक कुआं में तुम्हे देता हूं और एक अपने पास रख लेता हूं। मैं कुछ दिनों के लिये कहीं जा रहा हूं लेकिन ध्यान रहे, मेरे कुओं में से तुम्हें एक बूंद पानी भी नहीं निकालना है। साथ ही अपने कुएं में से गांव वालों को रोज पानी निकालने देना है। मैं वापस आकर अपने कुएं से पानी पीकर प्यास बुझाऊंगा। धर्मदास ने महात्मा वाले कुएं के मुंह पर एक मजबूत ढक्कर लगवा दिया। सब गांव वाले रोज धर्मदास वाले कुएं से पानी भरने लगे। लोग खूब पानी निकालते पर कुएं में पानी कम न होता। शुध्द-शीतल जल पाकर गांव वाले निहाल हो गये थे और महात्माजी का गुणगान करते न थकते थे। एक वर्ष के बाद महात्मा पुन:- उस गांव में आए और धर्मदास से बोले कि उसका कुआं खोल दिया जाए। धर्मदास ने कुएं का ढक्कन हटवा दिया। लोग यह देखकर हैरान रह गये कि कुएं में एक बूंद भी पानी नहीं था। महात्मा ने कहा, कुएं से कितना भी पानी क्यों न निकाला जाए, वह कभी खत्म नहीं होता अपितु बढ़ता जाता है। कुएं का पानी न निकालने पर कुआं सूख जाता है, इसका स्पष्ट प्रमाण तुम्हारे सामने है। और यदि किसी कारण से कुएं का पानी न निकालने पर पानी नहीं भी सूखेगा तो वह सड़ अवश्य जायेगा और किसी काम में नहीं आयेगा। महात्मा ने आगे कहा, कुएं के पानी की तरह ही धन-दौलत की भी तीन गतियां होती हैं उपयोग, नाश अथवा दुरुपयोग। धन-दौलत का जितना इस्तेमाल करोगे, वह उतना ही बढ़ता जाएगा। धन-दौलत का इस्तेमाल न करने पर कुएं के पानी की तरह ही सूख जायेगा, समाप्त हो जाएगा और अगर इसके बावजूद बचा रहा तो वह धन-दौलत निरर्थक पड़ा रहेगा। उसका उपयोग संभव नहीं रहेगा या अन्य कोई उसका दुरुपयोग कर सकता है। अत:- अर्जित धन-दौलत का समय रहते सदुपयोग करना अनिवार्य है।  

02 फरवरी रविवार को इन 5 राशियों के चमकेंगे किस्मत के सितारे

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। खर्च शुभ कार्यों में होगा। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। संतान का साथ मिलेगा। व्यापारिक रूप से आप अच्छी स्थिति में आ जाएंगे। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। धन बचत पर फोकस बनाए रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आय के नवीन स्रोत बनेंगे। पुराने सोर्स से भी रुपए-पैसे आएंगे। किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। आय का नया मार्ग शुरू हो सकता है। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। यात्रा में लाभ होगा। किसी मित्र का सहयोग आर्थिक उन्नति में मदद करेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। धन से जुड़ा कोई मामला भी सुलझ सकता है। राजनीतिक तंत्र से लाभ मिलेगा। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। वाणी पर कंट्रोल रखें और वाद-विवाद से दूरी बनाए रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के आज भाग्यवश कुछ काम बनेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा की स्थिति बन सकती है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। शुभता में वृद्धि होगी। सेहत व धन आपके पक्ष में रहेंगे। संतान व जीवनसाथी की सेहत पर नजर बनाए रखें। व्यापारिक स्थिति शुभ रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज बचकर दिन पार करना चाहिए। चोट चपेट लग सकती है। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। धन को लेकर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम व संतान का साथ मिलेगा। व्यापारिक रूप से स्थिति ठीक कही जाएगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। नए व्यापार की शुरुआत हो सकती है। स्वास्थ्य पहले से अच्छा हो जाएगा। दिन की शुरुआत में आर्थिक परेशानी आ सकती है लेकिन शाम तक चीजें आपके पक्ष में हो जाएंगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। बाकी सभी चीजें आपके पक्ष में रहने वाली हैं। तुला राशि- तुला राशि के कुछ जातकों का आज शादी-ब्याह तय हो सकता है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ अनबन दूर होगी। अपनों का सानिध्य मिलेगा। रोजी रोजगार में तरक्की मिलेगी। सेहत को लेकर सतर्क रहें। नाक, कान व गला की परेशानी हो सकती है। बाकी स्थिति अच्छी दिख रही है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातक आज वाणी से लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। आकर्षण के केंद्र बनेंगे। रोजी-रोजगार में तरक्की के नए अवसरों की प्राप्ति होगी। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धन का आगमन बढ़ेगा। निवेश करने से बचें। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। धनु राशि- धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आपके शत्रु भी मित्र बनने की कोशिश करेंगे। सेहत पहले से अच्छी हो जाएगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से रुका हुआ काम चल पड़ेगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए अच्छा समय रहेगा। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन लिखने-पढ़ने के लिए शुभ रहने वाला है। कुछ लोगों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का भी मौका मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम व संतान मध्यम है। लाइफ में किसी स्पेशल व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज भूमि-भवन, वाहन की खरीदारी संभव है। घर में उत्सव का माहौल रहेगा। कुटुंबों में वृद्धि होगी, लेकिन आज गृहकलह के भी संकेत हैं। कुछ जातकों को काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। नौकरी में स्थान परिवर्तन के भी योग हैं। मीन राशि- मीन राशि के जातक आज सितारों की तरह चमकते दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य अच्छा दिख रहा है। व्यापारिक रूप से स्थिति सामान्य रहने वाली है। अपनों के सहयोग से पारिवारिक मामला सुलझ सकता है। धन की स्थिति आपके पक्ष में रहेगी। संतान की सेहत पर नजर रखें।

सुंदरकांड का पाठ करने से पहले जानें ये जरूरी बातें

‘हनुमान’ शब्द में दो शब्दों का मेल है। एक है ‘हनु’ और दूसरा है ‘मान’ अर्थात ऐसा व्यक्तित्व जिसके मान (अभिमान-अहंकार) के भाव का पूर्णत: हनन हो चुका है। जिसे मान-सम्मान की कोई इच्छा नहीं हो, वही हनुमान है। साधक, भक्त को अहं ही ऊंचा नहीं उठने देता है। अभिमान ही सबसे प्रबल शत्रु है व्यक्ति का। श्री हनुमान जी का जीवन स्वयं में एक आदर्श जीवन है। गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि श्री हनुमान जी के समान दूसरा बड़भागी नहीं है और न कोई दूसरा इनसे बढ़कर श्री राम चरण का अनुरागी ही है। सुंदर कांड वास्तव में हनुमान जी का कांड है। हनुमान जी का एक नाम सुंदर भी है। सुंदर कांड के लिए कहा गया है- सुंदरे सुंदरो राम: सुंदरे सुंदरीकथा। सुंदरे सुंदरी सीता सुंदरे किम् न सुंदरम्।। सुंदरकांड में मुख्य मूर्ति श्री हनुमान जी की ही रखी जानी चाहिए। इतना अवश्य ध्यान में रखना चाहिए कि हनुमान जी सेवक रूप में भक्ति के प्रतीक हैं, अत: उनकी अर्चना करने से पहले भगवान राम का स्मरण और पूजन करने से शीघ्र फल मिलता है। कोई व्यक्ति खो गया हो अथवा पति-पत्नी, साझेदारों के संबंध बिगड़ गए हों और उनको सुधारने की आवश्यकता अनुभव हो रही हो तो सुंदर कांड शीघ्र फल देने वाला होता है। भगवान राम का चरित्र बल भी और शब्द बल भी चरित्र को शक्ति सम्पन्न बनाता है। राम के कर्म ने और वाल्मीकि ने उसको शब्द शक्ति दी। भगवान राम के पावन चरित्र का श्रवण-मनन करने से व्यक्ति को आत्मज्ञान होता है पर सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए भी पाठ में किन्हीं पद्यों का सम्पुट लगाया जाता है। सम्पुट का अर्थ होता है एक बार सम्पुट के रूप में प्रयोग किया जाने वाला पद्य, फिर पाठ का पद्य फिर वह सम्पुट का पद्य। वाल्मीकि कृत रामायण में सात कांड हैं। संतान प्राप्ति के लिए बालकांड, धन प्राप्ति के लिए अयोध्या कांड, अनुसंधान में सफलता के प्राप्त करने के लिए अरण्य, राज्यादि की प्राप्ति के लिए किष्किंधा, सम्पूर्ण कार्य सिद्ध के लिए सुंदर और धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष प्राप्त करने के लिए उत्तरकांड का प्रयोग किया जाता है।  

काले तिल से मकर संक्रांति करें ये उपाय

मकर संक्रांति हिंदुओं का विशेष और प्रमुख त्योहार होता है. भगवान सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो ये त्योहार मनाया जाता है. मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने की पंरपरा का पालन सदियों से किया जा रहा है. हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान से पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन भगवान सूर्य का पूजन भी किया जाता है. मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व इस साल भगवान सूर्य 14 जनवरी को सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करने वाले हैं. इसी दिन मकर संक्रांति है. मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू बनाने और खाने की परंपरा भी है. इस दिन तिल के लड्डू भगवान सूर्य को भेंट स्वरूप दिए जाते हैं. दरअसल, मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है. तिल दो रंग के होते हैं. एक सफेद और दूसरा काला. इस दिन काले तिल का महत्व अधिक होता है. इस दिन काले तिल से किए जाते हैं उपाय इस दिन काले तिल से कई उपाय किए जाते हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन काले तिल के उपायों से भगवान सूर्य और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. रोगों और दोषों से मुक्ति प्राप्त होती है. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन काले तिल के क्या उपाय करने चाहिए. तिल के उपाय     मकर संक्रांति के दिन काले तिल के लड्डू बनाए जाते हैं. मान्यता है कि इस दिन तिल के लड्डू खाने से घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है. साथ ही सेहत भी अच्छी रहती है.     इस दिन भगवान सूर्य को स्नान के बाद जल में काला तिल मिलाकर अर्ध्य देना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. करियर आगे बढ़ता है.     इस दिन खिचड़ी का दान उसमें काला तिल मिलाकर ही किया जाना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य देव और शनि देव दोनों की कृपा बरसती है. घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है.     इस दिन काले तिल से आहुति देने, तिल मिला खाना खाने से और पानी में तिल को डालने से खास लाभ मिलता है.     मान्यता है कि इस दिन पानी में काला तिल डालकर स्नान करने से सभी रोगों और दोषों से छुटकारा मिल जाता है.  

राशिफल, शनिवार 11 जनवरी 2025, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि: मेष राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा, परंतु व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचने का प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। मानसिक शांति के लिए प्रयास करें। भवन सुख में वृद्धि होगी। माता का सान्निध्य मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों विदेश यात्रा के अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। 17 जनवरी के बाद नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। विदेश यात्रा के अवसर मिलेंगे। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कर्क राशि: कर्क राशि वाले कारोबार के प्रति सचेत रहें। सेहत का ध्यान रखें। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान रहेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। सिंह राशि: सिंह राशि वालों के मन में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है। दोपहर बाद आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कला या संगीत के प्रति रूझान बढ़ सकता है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। कन्या राशि: कन्या राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु नौकरी में अफसरों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। धर्म के प्रति श्रद्धा भाव रहेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। तुला राशि: तुला राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परंतु अति उत्साही होने से बचें। आत्मसंयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वाले आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बनेंगे। धनु राशि: धनु राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा। मन पर नकारात्मकता का प्रभाव रहेगा। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। कारोबार में वृद्धि की गति बढ़ेगी। मकर राशि :मकर राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। कुंभ राशि:कुंभ राशि वाले आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। मीन राशि:मीन राशि वालों का मन अशांत रहेगा। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। परिवार का साथ मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकता है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी।

कल रखा जाएगा साल का पहला शनि प्रदोष व्रत

हिंदू धर्म में हर महीने कोई न कोई व्रत पड़ता है जिसका अपना महत्व होता है. इन्हीं में शामिल है प्रदोष व्रत. हिंदू धर्म में इस व्रत को बेहद विशेष माना गया है. ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को और महीने में दो बार पड़ता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में ये दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है. मान्यताओं के अनुसार, जो भी प्रदोष व्रत करता है भगवान शिव उसकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं. व्रत करने वाले के जीवन में सुख-समृद्धि का वास रहता है.जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस साल भी पहला प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है. इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. इसलिए इस दिन पूजा करने से भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी मिलती है. शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा मुहूर्त हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल शनि प्रदोष व्रत की तिथि की शुरुआत 11 जनवरी को सुबह 8 बजकर 21 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 12 जनवरी को सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, शनि प्रदोष का व्रत 11 जनवरी को रखा जाएगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय 5 बजकर 43 पर शुरू होगा. पूजा का ये शुभ मुहूर्त रात 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि     शनि प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी स्नान करके शिव जी की पूजा और व्रत का संकल्प लेना चाहिए.     इसके बाद मंदिर की साफ सफाई करनी चाहिए.     पूजा की शुरुआत गंगाजल अभिषेक से करनी चाहिए.     इसके बाद शिवलिंग पर अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल, चंदन आदि अर्पित करना चाहिए.     धूप और दीप जलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए.     शनि प्रदोष व्रत की कथा भी सुननी चाहिए.     पूजा के समापन के समय कपूर या घी के दीपक से भगवान शिव की आरती करनी चाहिए.     अंत में भगवान शिव से आशीर्वाद मांगना चाहिए. शनि प्रदोष व्रत का महत्व शिव पुराणों में शनि प्रदोष व्रत का महत्व और महिमा का वर्णन मिलता है. इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही आरोग्य प्राप्त होता है. मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष का व्रत और पूजन करने से 100 गायों को दान करने के बराबर का पुण्य प्राप्त होता है.इस दिन व्रत और पूजन से सौभाग्य मिलता है. संतान प्राप्ति के लिए भी शनि प्रदोष व्रत किया जाता है.

राशिफल, शुक्रवार 10 जनवरी 2025, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आपको किसी भी काम का ज्यादा प्रेशर लेने की जरूरत नहीं है। आज आपको बीच का रास्ता अपनाने की सलह दी जाती है। संतुलन बनाना जरूरी है। व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छा दिन है। वृषभ राशि- जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं, उसे यह बताने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता होती है कि आपके रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। मिथुन राशि- पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। अपने नियमित व्यायाम से ब्रेक लेने से आपको लाभ होगा। आपने व्यवसाय में पैसा खो दिया है, तो आप इसे फिर से कमाने के लिए तैयार रहें। कर्क राशि- सफलतापूर्वक पूरा हुआ कोई प्रोजेक्ट आपको प्रतिष्ठा के पद पर पहुंचा सकता है। हो सकता है किसी मुद्दे पर परिवार आपके साथ न हो। कुछ स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई के मामले में सुधार होने की संभावना है। सिंह राशि- आज का दिन आपको रोमांटिक शाम बिताने का मौका दे सकता है। ऑफिस में आपका सामना किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकता है, जो थोड़ा दबंग है। कभी-कभी आपको लोगों को उनकी इच्छाओं के अनुसार चलने देना चाहिए। कन्या राशि- आज आप दूसरों को अपनी खुशी में इनवॉल्व करना चाहेंगे, लेकिन हो सकता है कि वे तैयार न हों। अपना समय लें लेकिन यह ध्यान रखें कि आपको अपनी यात्रा अकेले ही पूरी करनी होगी। तुला राशि- लोगों को खुश करने की कोशिश में खुद पर तनाव नहीं डालना चाहिए। स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन कोई गंभीर बात नहीं होगी। आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वृश्चिक राशि- किसी मुद्दे पर चिंता आपको परेशान कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक नहीं। वित्तीय मोर्चे पर स्थिरता कुछ लोगों के लिए राहत बनकर आएगी। कुछ लोगों को कमाई बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। धनु राशि- अपनी क्षमता के अनुसार काम करने से इनाम मिलता है, जो आपको प्रमोशन और तारीफ के रूप में मिल सकता है। आपने जो कमाया है, उसका पूरा लाभ उठाएं। यह तो बस आपकी यात्रा की शुरुआत है। मकर राशि- संपत्ति का कोई मसला सही ढंग से सुलझने की संभावना है। स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा के मामलें में अतिरिक्त प्रयास करने का समय है। दोस्तों के साथ बाहर जाने से आपका ध्यान कुछ जरूरी मामलों से हट जाएगा। कुंभ राशि- आप दुनिया को दूसरों से अलग रूप में देखते हैं। आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप कोई दरवाजा खुलता हुआ देखें तो मौके को हाथ से न जाने दें। खर्च कम करें। मीन राशि- आपने जो सोच रखा है, उसे हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। किसी मेहमान के घर में आने से काफी उत्साह भरने की संभावना है। सुस्ती के कारण आपकी फिटनेस दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।

25 जनवरी को मनाई षटतिला एकादशी

हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विधान है. वहीं हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से षटतिला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है. इससे अलावा सुख-सौभाग्य में भी वृद्धि होती है. षटतिला एकादशी कब है? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत शुक्रवार 24 जनवरी को 7 बजकर 25 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन शनिवार 25 जनवरी को रात 8 बजकर 31 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा. एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है, इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत का पारण 26 जनवरी को किया जाएगा. वहीं इस दिन पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से लेकर 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में भक्त व्रत का पारण कर सकते हैं. षटतिला एकादशी महत्व षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तिल का दान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है. इसे ही सृष्टि का पहला अन्न भी माना जाता है, इसलिए षटतिला एकादशी के व्रत में तिल का प्रयोग जरूर किया जाता है. कहते हैं ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और वैभव बना रहता है. षटतिला एकादशी का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय और खुशहाल बनता है.

मकर संक्रांति पर इन मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य को दे अर्घ्य

साल की शुरुआत में हिंदू धर्म का पहला और महत्वपूर्ण पर्व मकर संक्राति मनाया जाता है. इस दिन पूजा-पाठ करने के साथ स्नान और दान का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्यदेव की अराधना और अर्घ्य देना बहुत ही शुभ होता है. मान्यात है कि ऐसा करने से व्यक्ति पर सूर्यदेव की कृपा होती है. इसके अलावा यदि मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाए तो व्यक्ति को जीवन से कार्यों में सफलता हासिल होती है. कब है मकर संक्रांति? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार मंकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मंगलवार के दिन मनाया जाएगा इस दिन सूर्य देव सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य बीज मंत्र ॐ हूं सूर्याय नम: सूर्य शक्ति मंत्र ॐ सूर्याय आदित्याय श्री महादेवाय नमः सूर्य सिद्धि मंत्र ॐ सूर्याय सुर्याय नमः सूर्य यंत्र मंत्र ॐ हं सूर्याय नमः गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।। आदित्य हृदयम मंत्र नमस्कारं च देवेशं लोकनाथं जगतां पतिं। सूर्यमस्तकं बध्यं ब्राह्मणं बद्धमाश्रयेत्॥ मकर संक्रांति का महत्व मकर संक्रांति का पर्व नई फसल के आगमन का प्रतीक होता है. इस दिन किसन नई फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं. इस दिन सूर्य देव की अराधना करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है. वहीं इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और समृद्धि आती है.

राशिफल, गुरुवार 9 जनवरी 2025, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज का दिन आपके लिए शानदार रहने वाला है। कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। लव के मामलें में आज दिल की नहीं बल्कि दिमाग की सुनें। वृषभ राशि- आज का दिन पैसों के मामलें में वृद्धि और करियर में उन्नति के अवसर प्रदान कर सकता है। प्रॉब्लम सॉल्व करने की कला आप जानते हैं। अपने कार्यक्षेत्र में सफलता के प्रति स्ट्रेस फ्री रहें। मिथुन राशि- आज आप आप क्रिएटिव फील कर सकते हैं। व्यावसायिक चुनौतियों से मेहनत से निपटें आज। कोई वित्तीय समस्या नहीं रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है। आपका प्रेम जीवन मजबूत रहेगा। कर्क राशि- आज का दिन आपका शुभ माना जा रहा है। प्रेम के मामले में रोमांटिक रहें। आज पेशेवर जीवन रचनात्मक रहेगा। आपकी करंट वित्तीय स्थिति स्मार्ट मौद्रिक निवेश योजनाओं की अनुमति देती है। सिंह राशि- आज आपका स्वास्थ्य कोई तकलीफ नहीं देगा। लव लाइफ में एक दूसरे के बीच के मतभेद दूर करें। टास्क में भी उत्तम परिणाम दें। स्मार्ट निवेश करने के लिए आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। कन्या राशि- आज आपको सेल्फ लव पर ध्यान देना चाहिए। वर्कप्लेस पर आज कोई चुनौती मौजूद नहीं रहेगी। प्रेम संबंधी मामले समझदारी से सुलझाएं और पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताएं। तुला राशि- आज का दिन तुला राशि वालों के लिए पॉजिटिव रहेगा। स्वास्थ्य भी ठीक है। याद रखें आप काम के प्रेशर को ऐसे संभाल सकते हैं, जैसे कोई नहीं संभालता। स्ट्रेस को बाय-बाय कहें। लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि- आज आपको अपनी हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। दफ्तर में बेहतर मौके सुनिश्चित करने के लिए अपनी क्षमता साबित करें। आर्थिक रूप से आज आप समृद्ध रहेंगे। हेल्थ के मामले में पेट से जुड़ी कुछ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। धनु राशि- आज का दिन इस राशि के लिए चुनौतियों और अवसरों का मिश्रण लेकर आया है। आपका पॉजिटिव रवैया दिन को सफलता के साथ पार करने और व्यक्तिगत विकास के द्वार खोलने में महत्वपूर्ण होगा। मकर राशि- आज साहस और उत्साह के साथ दिन का आनंद उठाएं। हेल्दी डाइट लें। कुछ मकर राशि वाले नया प्यार पाने के लिए तैयार रहें। हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। मुद्दों को पॉजिटिव तरीके से सुलझाएं। कुंभ राशि- आज बेहतर पेशेवर मौके आपके दिन को बेहतर बना सकते हैं। पैसों के मामलों को सावधानी से संभालें। यह भी ध्यान रखें कि आज आपके धन का बुद्धिमानी से उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मीन राशि- आज के दिन लव के मामले में विवादों को निपटाने के लिए सही सोल्यूशन खोजें। अपने ऑफिस में अपना बेस्ट दें और प्रोडक्टिव बने रहें। धन को चालाकी से संभालने की जरूरत है। ज्यादा स्ट्रेस न लें।

गुरुवार 9 जनवरी 2025 का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज का दिन आपके लिए शानदार रहने वाला है। कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। लव के मामलें में आज दिल की नहीं बल्कि दिमाग की सुनें। वृषभ राशि- आज का दिन पैसों के मामलें में वृद्धि और करियर में उन्नति के अवसर प्रदान कर सकता है। प्रॉब्लम सॉल्व करने की कला आप जानते हैं। अपने कार्यक्षेत्र में सफलता के प्रति स्ट्रेस फ्री रहें। मिथुन राशि- आज आप आप क्रिएटिव फील कर सकते हैं। व्यावसायिक चुनौतियों से मेहनत से निपटें आज। कोई वित्तीय समस्या नहीं रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है। आपका प्रेम जीवन मजबूत रहेगा। कर्क राशि- आज का दिन आपका शुभ माना जा रहा है। प्रेम के मामले में रोमांटिक रहें। आज पेशेवर जीवन रचनात्मक रहेगा। आपकी करंट वित्तीय स्थिति स्मार्ट मौद्रिक निवेश योजनाओं की अनुमति देती है। सिंह राशि- आज आपका स्वास्थ्य कोई तकलीफ नहीं देगा। लव लाइफ में एक दूसरे के बीच के मतभेद दूर करें। टास्क में भी उत्तम परिणाम दें। स्मार्ट निवेश करने के लिए आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। कन्या राशि- आज आपको सेल्फ लव पर ध्यान देना चाहिए। वर्कप्लेस पर आज कोई चुनौती मौजूद नहीं रहेगी। प्रेम संबंधी मामले समझदारी से सुलझाएं और पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताएं। तुला राशि- आज का दिन तुला राशि वालों के लिए पॉजिटिव रहेगा। स्वास्थ्य भी ठीक है। याद रखें आप काम के प्रेशर को ऐसे संभाल सकते हैं, जैसे कोई नहीं संभालता। स्ट्रेस को बाय-बाय कहें। लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि- आज आपको अपनी हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। दफ्तर में बेहतर मौके सुनिश्चित करने के लिए अपनी क्षमता साबित करें। आर्थिक रूप से आज आप समृद्ध रहेंगे। हेल्थ के मामले में पेट से जुड़ी कुछ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। धनु राशि- आज का दिन इस राशि के लिए चुनौतियों और अवसरों का मिश्रण लेकर आया है। आपका पॉजिटिव रवैया दिन को सफलता के साथ पार करने और व्यक्तिगत विकास के द्वार खोलने में महत्वपूर्ण होगा। मकर राशि- आज साहस और उत्साह के साथ दिन का आनंद उठाएं। हेल्दी डाइट लें। कुछ मकर राशि वाले नया प्यार पाने के लिए तैयार रहें। हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। मुद्दों को पॉजिटिव तरीके से सुलझाएं। कुंभ राशि- आज बेहतर पेशेवर मौके आपके दिन को बेहतर बना सकते हैं। पैसों के मामलों को सावधानी से संभालें। यह भी ध्यान रखें कि आज आपके धन का बुद्धिमानी से उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मीन राशि- आज के दिन लव के मामले में विवादों को निपटाने के लिए सही सोल्यूशन खोजें। अपने ऑफिस में अपना बेस्ट दें और प्रोडक्टिव बने रहें। धन को चालाकी से संभालने की जरूरत है। ज्यादा स्ट्रेस न लें।

बुधवार 8 जनवरी 2025 का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज लव लाइफ को मजबूत बनाने पर अपना फोकस रखें। प्रोफेशनल लाइफ में कोई भी बड़ा मुद्दा आपकी परफॉर्मेंस को प्रभावित नहीं कर सकेगा। आज आर्थिक समृद्धि आपके साथ है। सेहत भी ठीक रहेगी। वृषभ राशि- आज पेशेवर रूप से आप अच्छे हैं और जीवन में समृद्धि आएगी। आज स्वास्थ्य भी सकारात्मक है। अपनी फीलिंग्स को शेयर करें। आज आप प्यार के कुछ अच्छे मोमेंट्स का अनुभव कर सकते हैं। मिथुन राशि- आज आपकी परफॉर्मेंस में आपकी मेहनत झलकेगी। कुछ टास्क आज काफी रिस्क भरे और चुनौती समान लग सकते हैं। सही व स्मार्ट फाइनेंशियल प्लान बनाएं, जिसमें आप किसी एक्सपर्ट की भी मदद ले सकते हैं। कर्क राशि- आपको अपनी लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाने की कोशिश करनी चाहिए। व्यापार करने वालों को नए प्रमोटरों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। आपके माता-पिता समस्या को सुलझाने में मदद कर सकते हैं। सिंह राशि- लव लाइफ में आज बातचीत पर ध्यान दें। प्रोफेशनल लाइफ में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आएगी। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। आज आपको छोटी-मोटी पैसों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है। कन्या राशि- आज डेट पर जाकर या अपने साथी को सरप्राइज देकर रोमांस का आनंद उठाएं। यह समय अपने आप को और अपनी जरूरतों को समय देने का है। इमोशनल तौर पर अपना ख्याल रखें। तुला राशि- रिश्ते में आने वाली उलझनों पर काबू पाएं। स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। दिन खत्म होने से पहले ही बेहतर पैकेज वाला कोई नया ऑफर आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकता है। काम पर चुनौतियों का सामना करें। वृश्चिक राशि- आज उन लोगों पर अपना ध्यान आकर्षित करने की कोशिश न करें, जो जरूरत पड़ने पर गायब हो जाते हैं। हेल्दी फूड्स आपको एनर्जी और अच्छा मूड बनाए रखने में मदद करेंगे। खर्च पर पकड़ रखें धनु राशि- आज प्रेमी को खुश रखें। बहुत ज्यादा ऑफिस का काम करने से आपका शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। आप अपना ज्यादातर समय अपने दोस्तों और परिवार के साथ बिताएं। मकर राशि- आपको ज्यादा से ज्यादा बात करने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिससे आपको अन्य सभी चुनौतियों को सॉल्व करने में मदद मिलेगी। सिंगल लोगों के लिए नए दोस्त बनाने का यह सबसे अच्छा समय है। कुंभ राशि- प्रेम जीवन में आग बढ़ने की उम्मीद करें। आपका रिश्ता इमोशन्स से भरा रहेगा। यह एक ऐसा समय है, जब आपका जुनून अगले लेवल तक बढ़ सकता है। आप इमोशनल रूप से पहले से कहीं ज्यादा करीब महसूस करेंगे। मीन राशि- तनाव या ज्यादा सोचना आपकी इमोशनल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। ऐसी एक्टिविटी में शामिल हों, जो आपको तनाव कम करने में मदद करें। साथ ही इस बात पर भी ध्यान दें कि आप क्या खा रहे हैं।

मंगलवार 7 जनवरी 2025 का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज अपनी फिलिंग्स को आज खुलकर शेयर करें। काम की वजह से आज कमिटेड जातकों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं बचेगा। तनाव कम करने के लिए अपनी फेवरेट एक्टिविटी को समय दें। खर्चों पर पकड़ बनाएं। वृषभ राशि- आज जीवनसाथी की सेहत पर ध्यान दें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। पैसों का लेनदेन करते समय सावधानी बरतें। इस बात की अधिक संभावना है कि आप किसी बहस में उलझ सकते हैं। मिथुन राशि- आज अपनी जुबान पर कंट्रोल रखें क्योंकि इससे आपके साथी को ठेस पहुंच सकती है। अगर आप कुछ समय से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं तो आज अच्छा मौका है। डाइट में हरी सब्जी शामिल करें। कर्क राशि- आज आपके और आपके साथी के बीच चल रही प्रॉब्लम दूर हो सकती है। अगर आप थोड़ा एक्साइटमेंट महसूस करना चाहते हैं तो आपको अपने दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएं। खर्च कम करें। सिंह राशि- आज अपनी मां के साथ कुछ वक्त बिताएं और उनकी सेहत पर भी ध्यान दें। कुछ लोगों की कैजुअल डेटिंग आज कमिटेड रिश्ते में बदल सकती है। आपका साथी आज अनोखे तरीकों से रोमांस दिखा सकता है। कन्या राशि- आज के दिन ईमानदार रहना चाहिए। काम से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए आज ही कदम उठाएं। टीम मीटिंग के दौरान गुस्से पर कंट्रोल रखें। धन का मामला आपके पक्ष में रहेगा। तुला राशि- आज ऑफिस में ईर्ष्या की भावना से बचें। आपको किसी भी तरह के झगड़े में पड़ने से बचने की जरूरत है। अपने साथी के साथ मुद्दों पर बातचीत करें। अपने खराब मूड के पीछे का असली रीजन भी बताएं। वृश्चिक राशि- आज सिंगल लोगों को पार्टनर ढूंढने से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए क्योंकि जो आपका है वह खुद ही आपके पास आएगा। गलतियां दोहराने के लिए नहीं होती हैं। यह सबक आपने पहले ही सीख लिया है। धनु राशि- आज सिंगल लोग अपने क्रश के प्रति अधिक आकर्षित महसूस कर सकते हैं। आज के दिन का उपयोग अपने खर्चों व बजट की योजना बनाने लिए करें। अपने पिता की सेहत पर भी ध्यान दें। मकर राशि- अगर आप लंबे समय से सिंगल हैं तो डेटिंग ऐप्स के जरिए आज आपका स्पेशल पर्सन आपको मिल सकता है। पिछले कुछ समय से अपने पार्टनर को अच्छा कमाता हुआ देखना आपके ऊपर असर कर रहा है। कुंभ राशि- आज ऑफिस में अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करें। आज के दिन का आनंद लें। खर्च बढ़ सकते हैं। कमिटेड लोग कुछ पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझे रहेंगे। स्ट्रेस न लें। मीन राशि- आज सिंगल लोग डेट पर जा सकते हैं। आज अपनी स्किल्स दिखाने का कोई भी मौका हाथ से न जाने दें। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। अपनी मां के साथ कुछ वक्त बिताएं।

6 जनवरी सोमवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज सेहत आपको कोई परेशानी नहीं देगी। अगर आप चाहते हैं कि ऑफिस में चीजें आपके अनुकूल रहें, तो अपने आस-पास क्या हो रहा है, उस पर नजर रखें। पैसों के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ राशि- आज फिजूल खर्चों में कटौती करें। किसी नए प्रोजेक्ट के जरिए आप अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं। कुछ जातक किसी दार्शनिक जगह की यात्रा करने के लिए छोटा ब्रेक ले सकते हैं। मिथुन राशि- आज के दिन करियर के मामले में कुछ जातकों को कई मौके मिल सकते हैं। कुछ लोगों को अच्छा ब्रेक मिलने की संभावना है। नई जगहों की यात्रा का योग बन रहा है। खर्च को कंट्रोल में रखें। कर्क राशि- आज कुछ लोगों के लिए नई संपत्ति खरीदने की संभावना है। लव लाइफ में थोड़ी-बहुत उथल-पुथल मच सकती है। समझदारी भरा निवेश आपको आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है। सिंह राशि- आज यात्रा का योग बन रहा है। किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है। आर्थिक तौर पर अपनी सिचूऐशन पर नजर रखें। किसी बच्चे या परिवार के सदस्य की सेहत बिगड़ सकती है। कन्या राशि- आज फिट रहने के लिए हेल्दी फूड्स खाएं। आपकी लव लाइफ रोमांचक नजर आ रही है। कुछ सिंगल जातकों का नया क्रश बन सकता है। काम के सिलसिले में ट्रैवल कर सकते हैं। तुला राशि- आज हरी सब्जियों का सेवन करें। आपका मूड रोमांटिक रहने वाला है। इसलिए रोमांचक समय के लिए तैयार हो जाइए। आपको कोई जरूरी कार्यभार सौंपा जा सकता है। धन-लाभ का योग बन रहा है। वृश्चिक राशि- आज व्यापारियों के लिए संपत्ति का सौदा लाभदायक साबित हो सकता है। करियर में कुछ लोगों के टास्क में फेरबदल हो सकती है। कोई करीबी दोस्त आपकी काफी मदद कर सकता है। धनु राशि- आज स्टूडेंट्स के लिए समय अच्छा रहने वाला है। जो जातक बीमार हैं, उन्हें सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। अपनी पहचान बनाने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा मेहनत करनी होगी। मकर राशि- आज के दिन आपको धन की कमी नहीं रहेगी। रोमांटिक मामले में सितारे आपका सपोर्ट करेंगे। इसलिए दिन का पूरा लाभ उठाएं। करियर में आप सभी को प्रभावित करने में कामयाब रहेंगे। कुंभ राशि- आज अपने कॉम्प्टीशन से आगे रहने के लिए प्लान बनाएं। काम के मामले में आप अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस देने में सफल रहेंगे। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। मीन राशि- आज समय पर काम खत्म करने के लिए आपको काम की स्पीड बढ़ानी पड़ सकती है। संपत्ति खरीदने से पहले सभी नियमों और शर्तों को जानना जरूरी है। करियर में कुछ अच्छे अवसर जल्द ही मिल सकते हैं।

मौनी अमावस्या करे इन चीजों का दान, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या और सोमवती अमावस्या का विशेष महत्त है. इस पवित्र नदियों में स्नान दान करने से साथ पितरों का तर्पण और पिड़दान भी किया जाता है. कहते हैं इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा कुछ खास वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों के दान करना चाहिए. मौनी अमावस्या पर करें इन चीजों का दान     धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन चावल का दान करना बेहद शुभ होता है. चावल को अन्न के रूप में जरूरतमंदों को दान करना शुभ होता है.     इस दिन सफेद तिल का दान भी कर सकते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.     अगर आप पैसों की तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन आंवला दान में देना चाहिए . मान्यता है कि इससे जीवन में चल रही सभी आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं.     धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन सरसों के तेल का दान करने से पितरों की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही, शनि दोष के दुष्प्रभावों से भी राहत मिलती है. मौनी अमावस्या का महत्व मौनी अमावस्या सभी अमावस्या तिथि में बहुत ही खास मानी जाती है. इस दिन जातक मौन रहकर मन और वाणी की शुद्धि करता है. इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम में देवताओं का वास होता है, इसलिए मौनी अमावस्या पर इन पवित्र नदियों के जल से स्नान किया जाता है. इस दिन जरुरतमंदों को दान करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही भगवान विष्णु की कृपा भी होती है.

वर्ष 2025 में खूब बजेंगी शादी की शहनाइयां, नोट करें विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट

हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्तों का बेहद विशेष महत्व बताया गया है. इन शुभ मुहूर्तों पर कई मांगलिक कार्य जैसे मुंडन, सगाई, नामकरण, गृह प्रवेश और विवाह किए जाते हैं. हर व्यक्ति के जीवन में विवाह वाला दिन बहुत ही खास होता है. विवाह एक ऐसा मांगलिक कार्य होता है जिसे सिर्फ शुभ मुहूर्त में करना अच्छा माना जाता है. इसलिए, शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों को करने के लिए खास मुहूर्त और तिथि निर्धारित की जाती है. ज्योतिषियों की मानें तो, इस बार नए साल 2025 में शादियों के शुभ मुहूर्त की भरमार है. इस साल जनवरी 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक खूब शहनाइयां बजेंगी. तो यहां देखें शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त की पूरी लिस्ट. साल 2025 में ये रहेंगे विवाह के शुभ मुहूर्त जनवरी 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त नए साल के पहले माह में 16 जनवरी, 17 जनवरी, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 26 और 27 तारीख, ये सभी विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. फरवरी 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त फरवरी में 2, 3, 6, 7, 12, 13, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 23 और 25 तारीख, विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. मार्च 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त मार्च में 1, 2, 5, 6, 7 और 12 तारीख, ये सभी विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. अप्रैल 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त अप्रैल में 14, 16, 18, 19, 20, 21, 29 और 30 तारीख, ये सभी विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. मई 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त मई में 5, 6, 8, 9, 14, 16, 17, 18, 22, 23, 27 और 28 तारीख, ये सभी विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. जून 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त जून में 2, 3, 4 तारीख, ये सभी विवाह के लिए शुभ तिथियां रहने वाली हैं. नवंबर 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त नवंबर में 2, 3, 8, 12, 15, 16, 22, 23 और 25 तारीख, विवाह के बंधन में बंधने के लिए शुभ तिथियां मानी जा रही हैं. दिसंबर 2025 में ये रहेंगे विवाह मुहूर्त दिसंबर में 4, 5, 6 तारीख विवाह के शुभ मानी जा रही हैं. इन महीनों में नहीं होगी शादी नए साल 2025 में चार महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में विवाह नहीं होंगे. क्योंकि 6 जुलाई से 31 अक्टूबर तक श्रीहरि योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके कारण सभी मांगलिक कार्यों पर रोक जाती है.

5 जनवरी रविवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि कल का राशिफल मेष राशि के जातकों के लिए आज दिन सावधान रहने के लिए रहेगा. माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. बिजनेस में आपका कोई योजना यदि लंबे समय से अटकी हुई  थी,  तो वह फाइनल हो सकती है. ऑनलाइन काम कर रहे लोगों को कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है.  आपका मन धार्मिक कार्य में खूब लगेगा. परोपकार के कार्यों में भी आप पर चढ़कर हिस्सा लेंगे. राजनीति की और कदम बढ़ा रहे लोग जल्दबाजी न करें. वृषभ राशि कल का राशिफल वृषभ राशि के जातकों के लिए आज दिन भागदौड़ भरा रहने वाला है.  आप यदि किसी यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तो वह आपके लिए अच्छी रहेगी. आपको अपने किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलने का मौका मिलेगा. परिवार के सदस्यों के लिए आप कुछ समय आसानी से निकाल पाएंगे. आपको किसी की कही सुनी बातों पर भरोसा करने से बचना होगा. कोई पुराना मित्र आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है. आपकी इन्कम के सोर्स बढ़ने से खुशी होगी. मिथुन राशि आज का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए आज दिन उलझनो भरा रहने वाला है. आध्यात्म के कार्यो में आपका काफी रुचि रहेगी. कोई नया काम करना आपके लिए अच्छा रहेगा. सेहत में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे. व्यापार करने वाले लोगों को  किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर नहीं करनी है, नहीं तो वह इसका फायदा उठा सकते है. आपकी कोई पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है, जिसके बाद जीवनसाथी आपसे नाराज रहेंगे. सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा. कर्क राशि आज का राशिफल कर्क राशि के जातकों के लिए आज दिन खुशनुमा रहने वाला है. आपको यदि कोई सेहत संबंधित समस्या चल रही है, तो उससे भी  आपको राहत मिलेगी. ननिहाल पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है. माताजी से आप कोई वादा कर सकते हैं. आपके विरोधी  आपकी तरक्की देखकर परेशान रहेंगे. आपके बिजनेस में यदि धन कहीं अटका हुआ था, तो उसके भी आपको मिलने की संभावना है. कोई बड़ी डील  आपको मिल सकती है. सिंह राशि आज का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए आज दिन सुझ बुझ  दिखाकर कामों को करने के लिए रहेगा. बिजनेस में आप कोई निर्णय सोच विचार कर ले. भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा. परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन होने से परिवार के सभी सदस्य खुश नजर आएंगे. संतान के विवाह की बात पक्की हो सकती है.  आपको किसी से कोई बात बोलने से पहले सोच विचार अवश्य करना होगा. नौकरी में कार्यरत लोगों के ऊपर किसी बात को लेकर कोई झूठा आरोप लग सकता है. कन्या राशि आज का राशिफल कन्या राशि के जातकों के लिए आज दिन ठीक-ठाक रहने वाला है. जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा. विदेश में रह रहे किसी परिजन की आपको याद सता  सकती है. नौकरी में प्रमोशन मिलने से आपको एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है. एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याकाग्रता बढ़ेगी. आपको किसी से कोई बात बहुत ही सोच विचार कर कहनी होगी. माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. तुला राशि आज का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए आज दिन  उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है. भविष्य में आपको अच्छा लाभ मिलेगा. जीवनसाथी के साथ आप किसी डिनर डेट पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं. आपको किसी नए घर, मकान, दुकान आदि को खरीदने का सपना पूरा होगा. आपकी कुछ नए लोगों से मुलाकात होगी. मौसम का विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. आपको अपने पिताजी की कोई बात बुरी लग सकती है. वृश्चिक राशि आज का राशिफल वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज दिन मध्य रूप से फलदायक रहने वाला है. यदि आपके परिवार में धन को लेकर सदस्यों में कुछ मतभेद चल रहा था, तो वह भी दूर होगा. आपको किसी नयी संपत्ति की प्राप्ति हो सकती हैं. नौकरी में आपको अपने कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है और अपने बॉस से आप किसी प्रकार का कोई झूठ ना बोले. आपको कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अपने पिताजी से बातचीत करनी होगी. धनु राशि आज का राशिफल धनु राशि के जातकों के लिए आज दिन लाभदायक रहने वाला है. अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नये मेहमान की दस्तक हो सकती है. आपको परिवार के सदस्यों की जरूरतो पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. संतान को तरक्की करते देख आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. रोजगार को लेकर परेशान चल रहे लोगों को कोई खुशखबरी सुनने को मिलेगी. आप माता-पिता की सेवा के लिए भी कुछ समय निकालेंगे. मकर राशि आज का राशिफल आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है. आपको अपने भाई व बहनों का पूरा साथ मिलेगा. आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. कोर्ट कचहरी से संबंधित मामलों में आपको राहत मिलेगी. यदि आपका कोई लेनदेन से संबंधित मामला आपको परेशान कर रहा था, तो  आप उसका भी निपटारा करेंगे. आप अपने मित्रों के साथ कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे. कुंभ राशि आज का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के लिए आज दिन सामान्य रहने वाला है. आपको  कोई भी निर्णय बहुत ही सोच विचार कर लेना होगा. आपकी तरक्की की राह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. आप अपने बिजनेस के लिए कोई कुछ नई रिसर्च कर सकते हैं,  जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, वह उन्हें अत्यधिक मेहनत की आवश्यकता है. आपको किसी से धन उधार लेने से बचना होगा. आपके खर्च बढ़ने से आपको टेंशन रहेगी. मीन राशि आज का राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज दिन आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है, उनका अटका हुआ धन मिलने की संभावना है. सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के जन समर्थन में इजाफा होगा, उनके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं. संतान को किसी नयी नौकरी के मिलने से माहौल खुशनुमा रहेगा.  आपका मान सम्मान बढ़ाने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. नौकरी को लेकर यदि आप परेशान चल रहे थे, … Read more

शाहरुख़ और सलमान को पसंद आया फ़िल्म ‘लवयापा’ का टाइटल ट्रैक

मुंबई, बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख़ खान और दबंग स्टार सलमान खान को जुनैद ख़ान और ख़ुशी कपूर की आने वाली फिल्म ‘लवयापा’ का टाइटल ट्रैक बेहद पसंद आया है। फैंटम स्टूडियोज और एजीएस एंटरटेनमेंट निर्मित प्रोड्यूस और अद्वैत चंदन निर्देशित फिल्म ‘लवयापा’ ने अपनी घोषणा के बाद से ही लोगों में काफी एक्साइटमेंट बढ़ा दी है। यह फिल्म जुनैद खान और खुशी कपूर की पहली थिएटर रिलीज है। यह पहली बार है जब जुनैद रोमांटिक कॉमेडी में नजर आएंगे। ‘लवयापा’ का टाइटल ट्रैक रिलीज कर दिया गया है।इस फिल्म के टाइटल ट्रैक ने रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच धूम मचा दी है। गाने को जुनैद और ख़ुशी की नई जोड़ी और इसके रोमांटिक अंदाज़ के लिए खूब सराहा जा रहा है। इसी बीच, शाहरुख़ खान और सलमान ख़ान से मिले खास कॉम्प्लिमेंट्स ने फिल्म को और चर्चा में ला दिया है।शाहरुख़ ख़ान ने सोशल मीडिया पर गाने की तारीफ करते हुए अपनी शुभकामनाएँ दीं और लिखा,इतना प्यारा गाना है यह।जुनैद जितना जेंटल।ऑल द बेस्ट ख़ुशी।मेरी ढेर सारा प्यार #लवयापा कपल और टीम को। वहीं, सलमान ख़ान ने अपने सोशल मीडिया पर जुनैद ख़ान और ख़ुशी कपूर को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा,लवयापा हो गया बेस्ट ऑफ़ लक #जुनैदखान @ख़ुशीकपूर फिल्म ‘लवयापा’ 07 फरवरी को रिलीज होगी।  

भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर इन राशियों की होगी बल्ले-बल्ले

हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार बहुत महत्वपूर्ण और विशेष माना गया है. इस दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं. मकर संक्रांति का दिन भगवान सूर्य को समर्पित किया गया है. हिन्दू मान्यताओं के अनुसार जो भी इस दिन भगवान सूर्य की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. उसका भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है. मकर संक्रांति का त्योहार कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर होगा. इसके कारण मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को है. इसके एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार है. लोहड़ी भी उत्तर भारत में प्रमुखता से मनाई जाती है. भगवान सूर्य पुष्य नक्षत्र में करेंगे गोचर वहीं इस बार भगवान सूर्य का गोचर पुष्य नक्षत्र में होने वाला है. इसकी वजह मकर संक्रांति का दिन और भी महत्वपूर्ण हो गया है. इस दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने के साथ पुष्य नक्षत्र में गोचर करेंगे. भगवान सूर्य का ये गोचर कुछ राशियों के लिए बड़ा ही शुभ और लाभदायक होने वाला है. आइए जानते हैं वो कौन सी लकी राशियां हैं. मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए मकर संक्रांति का दिन बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है. मेष राशि के ऐसे जातक जो सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे हैं, उनके लिए ये समय बहुत अच्छा है. नई नौकरी भी मिल सकती है. साथ ही आय के नए रास्ते मिलेंगे. मकर राशि मकर संक्रांति का दिन मकर राशि के जातकों के लिए बहुत अहम साबित होने वाला है. इस दिन मकर राशि के जातकों के जीवन में कई बदलाव हो सकते हैं. कोट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है. आर्थिक परेशानियां समाप्त होंगी. इस दौरान किसी पर बहुत ज्यादा यकीन न करें. ऐसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. सिंह राशि मकर संक्रांति का दिन सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद खास रहने वाला है. इस दिन शत्रुओं पर जीत मिल सकती है. अचानक धन लाभ हो सकता है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं.

आदिगुरु शंकराचार्य ने सिर्फ 32 साल की उम्र में देश के चार कोनों में स्थापित किए चार मठ

प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है. इसमें देश के 13 प्रमुख अखाड़े भी शामिल हो रहे हैं. सभी अखाड़ों में सर्वोच्च पद महामडंलेश्वर का होता, लेकिन एक अखाड़ा ऐसा भी है, जहां कोई महामडंलेश्वर नहीं है. हम जिस अखाड़े की बात कर रहे हैं, वो है श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा. शंकराचार्य के निर्देश पर हुई थी स्थापना इसके पीछे का करण अखाड़े में कड़ा अनुशासन और संन्यास देने की कठिन परिक्षा को माना जाता है. क्योंकि कठिन परीक्षा में ज्यादातर सफल नहीं हो पाते. इस अखाड़े की स्थापना गोंडवाना में 569 ईस्वी आदिगुरु शंकराचार्य के निर्देश पर हुई थी. आज हम आपको उन्हीं आदिगुरु शंकराचार्य के जीवन के बारे में बताने जा रहे हैं. कब हुआ था आदिगुरु शकंराचार्य का जन्म आदिगुरू शकंराचार्य केरल में जन्मे थे. आदि शकंराचार्य का जन्म केरल के कालड़ी गांव में 508-9 ईसा पूर्व हुआ माना जाता है. उनकी मां का नाम आर्याम्बा और पिता का नाम शिवगुरु था. उन्होंने जंगलों, पहाड़ों से होते हुए ओंकारेश्वर में ज्ञान प्राप्त किया. ओंकारेश्वर से वो वेदांत के प्रचार के लिए निकल पड़े. जब वो वेदांत के प्रचार के लिए निकले उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 12 साल थी. ओंकारेश्वर से ज्ञान प्राप्त कर वो काशी की ओर चल पड़े. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, आदिगुरु शंकराचार्य ने सिर्फ 32 साल की उम्र में देश के चार कोनों में चार मठ स्थापित कर दिए थे. इनको ज्योतिष्पीठ बदरिकाश्रम, श्रृंगेरी पीठ, द्वारिका शारदा पीठ और पुरी गोवर्धन पीठ के नाम से जाना जाता है. आज के समय में ये चारों पीठ बहुत ही पवित्र माने जाते हैं. इन चारों पीठों पर जो संन्यासी आसीन हैं उन्हें शंकराचार्य कहा जाता है. आदिगुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित किए गए मठों का मकसद पूरे भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना था. आदिगुरु शंकराचार्य ने पूरे भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ा. आदिगुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म को देश के कोने-कोने में पहुंचाया.

4 जनवरी शनिवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- मेष राशि वालों को अपनी अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखना चाहिए। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। व्यापार के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। बच्चों का साथ मिलेगा। धन की स्थिति अच्छी होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोग आज नेगेटिव विचारों से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार के लिए पिता से धन मिल सकता है। कुटुंबों में वृद्धि होगी। ऊर्जा का स्तर बढ़ा रहेगा। अपनों का साथ होगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों भरा रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन की संभावना है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। लेकिन धैर्य की कमी रह सकती है। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। धनार्जन के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। हालांकि कार्यस्थल पर काम के बोझ के कारण आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार को लेकर सतर्क रहना चाहिए। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। परिवार में कोई धार्मिक कार्यक्रम हो सकता है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग खुलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज आर्थिक स्थिरता प्राप्त हो सकती है। परिवार का साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आर्थिक मामलों को लेकर मन परेशान भी हो सकता है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहेगा। परिवार के बुजुर्ग सदस्य की सेहत पर नजर रखें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के कुछ जातकों को आज विदेश जाने का मौका मिल सकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। उच्चाधिकारियों का साथ मिलेगा। प्रमोशन व आय में वृद्धि के संकेत हैं। कारोबार के लिए पिता से धन भी मिल सकता है। इससे आय में भी वृद्धि होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। लेकिन कार्यस्थल पर पॉलिटिक्स का शिकार भी हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। धन का आवक बढ़ेगा। मकर राशि- मकर राशि के जातकों को आज मिश्रित परिणाम मिलेंगे। जहां धन का आगमन होगा, वहीं धन खर्च की अधिकता भी रहेगा। कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का सहयोग आर्थिक लाभ करा सकता है। काम को लेकर भागदौड़ ज्यादा रहेगी। कुंभ राशि- आज कुंभ राशि वालों को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। बाहरी खान पान से बचना चाहिए। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें। मन प्रसन्न रहेगा। मीन राशि- मीन राशि के जातक आज किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के संकेत हैं, लेकिन कुछ विघ्न-बाधा आ सकती है। माता-पिता की सेहत पर नजर रखें।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है. इस दिन जगत के पालनहर भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं साल 2025 में पहली जन्माष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का दिन भगवान कृ्ष्ण को समर्पित है. यह दिन श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. मासिक जन्माष्टमी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत और पूजन करने से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि आती है. इसके आलावा इस दिन जीवन में सकारात्मकता आती है. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार साल की पहली यानी माघ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 21 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 22 जनवरी रात 3 बजकर 18 मिनट पर होगी. जिसके अनुसार मासिक जन्माष्टमी का व्रत 21 जनवरी को रखा जाएगा. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म रात्रि में 12 बजे हुआ था. पंचांग के अनुसार मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 6 मिनट से लेकर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को पूजा करने के लिए कुल 53 मिनट का समय मिलेगा. श्रीकृष्ण पूजा मंत्र     ॐ कृष्णाय नमः     हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।     ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः     ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात     ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे। सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।     ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय मासिक कृष्ण जन्माष्टी का महत्व धार्मिक मान्याता के अनुसार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके अलावा मान्यता है कि इस दिन कान्हा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है.

3 जनवरी शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ, होगा कुछ खास

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छे परिणाम लेकर आएगा। वाणी में मधुरता रहेगी, जिससे लोग आपके प्रभावित होंगे। हालांकि व्यावसायिक कार्यों के चलते मन परेशान हो सकता है। नौकरी में तरक्की के मार्ग खुलेंगे। कार्यक्षेत्र में तथा आय में भी वृद्धि हो सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातक आज आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। व्यापारिक कार्यों में धैर्य बनाए रखें। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों को आज संतान सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख शांति रहेगी। किसी करीबी से कोई सरप्राइज मिल सकता है। संतान की ओर से अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होती। कर्क राशि– कर्क राशि वालों के मन में आज उतार-चढ़ाव रहेंगे। माता की सेहत का ध्यान रखें। आर्थिक खर्चों में वृद्धि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों और व्यापारियों के कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। माता की सेहत पहले से अच्छी होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। किसी मित्र के साथ कारोबार के लिए यात्रा पर जा सकते हैं। सिंगल जातकों के लिए विवाह के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। अपनों का साथ होगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन रोजी-रोजगार के सुअवसरों की प्राप्ति कराएगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। पैतृक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। पारिवारिक स्थिति पहले से अच्छी होगी। बुद्धि के बल पर पैसा कमाने में सफल रहेंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन मिश्रित फलदायी रहने वाला है। महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों में मान सम्मान की प्राप्ति होगी। कारोबार में विस्तार के लिए पिता से धन मिल सकता है। कारोबार के लिए यात्रा लाभकारी रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य रखने की सलाह देता है। किसी भी फैसले को लेने में बहुत जल्दबाजी न करें। आत्मविश्वास बहुत रहेगा। कारोबार से आय में वृद्धि होगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार बढ़ सकता है। मकर राशि– मकर राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता की नई कहानी लिखेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पिता की सेहत में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक कार्यों में व्यसत्ता बढ़ सकती है। शैक्षिक व शोध कार्यों में सफलता मिलेगी। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। जीवन साथी की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। किसी रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि आज रुपए-पैसे के लेन-ेन से बचें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मीन राशि– आज मीन राशि वालों के खर्चों में वृद्धि होगी। थोड़ा संभलकर दिन पार करें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। हालांकि कुछ जातकों के लिए शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों के लिए विदेश जाने के योग बन रहे हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा।

144 साल बाद पड़ रहा महाकुंभ देश के लिए मंगलकारी, ग्रह नक्षत्रों के विशिष्ट संयोग…..

महाकुम्भनगर  ज्योतिषाचार्यों की गणना के अनुसार ग्रह नक्षत्रों के विशिष्ट संयोग से इस वर्ष प्रयागराज में 144 वर्ष बाद पड़ने वाले महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। महाकुम्भ 2025, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू हो कर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ पूरा होगा। मेले के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। महाकुम्भ का इंतजार न केवल साधु-संन्यासी, कल्पवासी, श्रद्धालु बल्कि प्रयागराजवासी भी बेसब्री से कर रहे हैं। महाकुम्भ में संगम, मेला क्षेत्र और प्रयागराज के दुकानदार पूजा सामग्री, पत्रा-पंचाग, धार्मिक पुस्तकें, रुद्राक्ष और तुलसी की मालाओं को नेपाल, बनारस, मथुरा-वृदांवन से मंगा रहे हैं। महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालु लौटते समय अपने साथ संगम क्षेत्र से धार्मिक पुस्तकें, पूजन सामग्री, रोली-चंदन और मालाएं जरूर ले जाते हैं। नेपाल, उत्तराखण्ड, बनारस, मथुरा-वृंदावन से आ रही रुद्राक्ष और तुलसी की मालाएं महाकुम्भ, सनातन आस्था का महापर्व है। इस अवसर पर सनातन धर्म में आस्था रखने वाले देश के कोने-कोने से प्रयागराज आते हैं और त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य के भागी बनते हैं। इस वर्ष महाकुम्भ के अवसर पर 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने, उनके स्नान और रहने की व्यवस्थाओं का प्रबंध सीएम योगी के दिशानिर्देश पर मेला प्राधिकरण पूरे जोश और उत्साह के साथ कर रहा है। साथ ही प्रयागराजवासी और यहां के दुकानदार,व्यापारी भी महाकुम्भ को लेकर उत्साहित हैं। महाकुम्भ उनके लिए पुण्य और सौभाग्य के साथ व्यापार और रोजगार के अवसर भी लेकर आया है। पूरे शहर में होटल, रेस्टोरेंट, खाने-पीने की दुकानों के साथ पूजा सामग्री, धार्मिक पुस्तकों, माला-फूल की दुकानें भी सजने लगी हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुमान के मुताबिक दूसरे शहरों से समान मंगाया जा रहा है। रुद्राक्ष की मालाएं उत्तराखण्ड और नेपाल से तो तुलसी की मालाएं मथुरा-वृंदावन से, रोली, चंदन और अन्य पूजन सामग्री बनारस और दिल्ली के पहाड़गंज से मंगाई जा रही हैं। गीता प्रेस में छपी धार्मिक पुस्तकों की सबसे ज्यादा मांग प्रयागराज के दारागंज में धार्मिक पुस्तकों के विक्रेता संजीव तिवारी का कहना है कि सबसे ज्यादा गीता प्रेस, गोरखपुर से छपी धार्मिक पुस्तकों की मांग होती है। अधिकांश श्रद्धालु राम चरित मानस, भागवत् गीता, शिव पुराण और भजन व आरती संग्रह की मांग करते हैं। इसके अलावा पूजा-पाठ का काम करने वाले पुजारी वाराणसी से छपे हुए पत्रा और पंचाग भी खरीद कर ले जाते हैं। इसके अलावा मुरादाबाद और बनारस में बनी पीतल और तांबें की घंटियां, दीपक, मूर्तियां भी मंगाई जा रही है। मेले में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु और साधु-संन्यासी पूजा-पाठ के लिए हवन सामग्री, आसन, गंगाजली, दोनें-पत्तल, कलश आदि की मांग करते हैं। जिसे भी बड़ी मात्रा में दुकानदार अपनी दुकानों में मंगा कर स्टोर कर रहे हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने नव वर्ष की मंगलकामना देने के साथ ही नए साल 2025 को महाकुंभ का वर्ष बताया है. उनका कहना है कि इस नए साल में मौके पर सदी का एक बहुत बड़ा आयोजन होने जा रहा है. 144 सालों के बाद ग्रहों का ऐसा नक्षत्र बन रहा है जिसमें त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और इसके साथ ही जाने अनजाने में हुए पापों से भी मुक्ति पाने का अद्भुत संयोग है. इस पुण्य काल मे सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति को गंगा यमुना सरस्वती की पावन त्रिवेणी तट पर आकर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहिए. 1 जनवरी से शुरू हुआ छावनी प्रवेश का सिलसिला : महाकुंभ मेला क्षेत्र में 1 जनवरी से छावनी प्रवेश शोभा यात्रा का सिलसिला शुरू होने जा रहा है. जो 12 जनवरी तक जारी रहेगा. एक जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से जुड़े हुए सभी 13 अखाड़ों की छावनी प्रवेश यात्राएं निकलकर कुंभ नगरी में प्रवेश करेंगी. इसके साथ ही जिन अखाड़ों की धर्म ध्वजा की स्थापना अभी नहीं हुई है उनकी धर्म ध्वजा की स्थापना भी महाकुम्भ मेला क्षेत्र में बने शिविरों में कर दी जाएगी. महंत रवींद्र पुरी ने यह भी कहाकि कुंम्भ मेला भले ही 13 जनवरी से शुरू होगा लेकिन 1 जनवरी में इस मेले की भव्यता लगातार बढ़ती जाएगी. क्योंकि जनवरी के इन्हीं शुरुआती 12 दिनों में मेला क्षेत्र में देश भर के साधु संतों का आगमन हो जाएगा. क्योंकि 14 जनवरी को होने वाले पहले शाही स्नान पर्व पर सभी साधु संत महामंडलेश्वर अपने अपने अखाड़े के साथ त्रिवेणी तट पर पहुँचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. प्रयागवासी करें अतिथियों का स्वागत : इसके साथ ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सनातन धर्म की अतिथि देवो भवः की संस्कृति रही है. इसलिए प्रयागराज में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का अतिथि के रूप में स्वागत करने का काम प्रयागराज में रहने वालों को करना चाहिए. कुंभ में आने वाले अतिथियों का स्वागत सत्कार एक मुस्कान के साथ करें. साथ ही शहर में रहने वाले लोगों से यथा संभव श्रद्धालुओं की सेवा और मदद करने की भी अपील उन्होंने प्रयागराज के रहने वाले लोगों से की है.

क्या आप जानते है मकर संक्रांति पर क्यों कहते है खिचड़ी

हिंदू धर्म में सभी त्योहारों की तरह मकर संक्रांति का खास महत्व है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं. पूरे देश में यह पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. वहीं कुछ राज्यों में इस खिचड़ी के नाम से जाना जाता है. क्योंकि इस दिन खिचड़ी खाना और दान करने की परंपरा है. वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मंगलवार के दिन मनाया जाएगा इस दिन सूर्य देव सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. कैसे शुरू हुई खिचड़ी खाने की परंपरा? मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा से जुड़ी एक कहानी प्रचलित हैं. जिसके अनुसार, जब खिलजी ने देश पर आक्रमण किया तो चारों तरफ लगातार संघर्ष चल रहा था. ऐसे में योगी मुनियों को अपनी जमीनों को बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था. कई बार वे भूखे भी रह जाते थे. तब एक दिन बाबा गोरखनाथ ने उनकी समस्या को हल करने के लिए काली उड़द की दाल में चावल, घी और कुछ सब्जियां डालकर पका दिया ताकि उनका पेट भी भर जाए और इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगा. बाबा गोरखनाथ ने दिया नाम जब खिचड़ी बनकर तैयार हुई तो सबको बहुत पसंद आयी और इससे योगियों को आसानी से भूख मिटाने का रास्ता भी मिल गया. साथ ही काफी स्वादिष्ट और त्वरित ऊर्जा देने वाला भी होता था. इस व्यंजन को बाबा गोरखनाथ ने खिचड़ी का नाम दिया. जिस दिन इसे पहली बार तैयार किया गया था, उस दिन मकर संक्रांति का दिन था. इसके बाद से तमाम जगहों पर मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने की परंपरा शुरू हो गई. गोरखपुर में खिचड़ी मेला मकर संक्रांति के दिन हर साल गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेले का आयोजन किया जाता है. जिसकी शुरुआत बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग लगाकर की जाती है. इसके बाद पूरे मेले में खिचड़ी को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इस दिन गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी चढ़ाई भी जाती है.

2 जनवरी गुरुवार को जानें कैसा होगा आपका दिन, इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आर्थिक रूप से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मन परेशान हो सकता है। अपनी भावनाओं को कंट्रोल रखें। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। आय में कमी व खर्च के अधिकता की स्थिति हो सकती है। वृषभ राशि– वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। कुछ जातकों को रोजी-रोजगार में तरक्की मिल सकती है। आर्थिक रूप से दिन बढ़िया रहेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। ऑफिस से जुड़े कार्यों को लेकर व्यस्तता रह सकती है। परिवार में सुख-शांति रहेगी। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक खर्चों में वृद्धि होगी। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा, हालांकि उसकी सेहत पर नजर रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भावुक होकर कोई भी फैसला न लें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के कारोबार में वृद्धि होगी। व्यापारियों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। परिवार में शांति बनाए रखें। वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखें। मित्रों का सहयोग आर्थिक लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज मन में निराशा व असंतोष से बचना चाहिए। सेहत का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। कारोबार में विस्तार हो सकता है। आज किसी भी तरह के रिस्क से बचें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी, लेकिन शैक्षिक कार्यों के लिए परिवार से दूर जाना पड़ जा सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक रूप से आप पहले से अच्छी स्थिति में आ जाएंगे। वृश्चिक राशि- सरकारी तंत्र का लाभ मिलेगा। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि भी हो सकती है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अपनों का साथ होगा। परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन हो सकता है। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति होगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। रोजी-रोजगार में तरक्की का इंतजार करने वालों को इंतजार बढ़ सकता है। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए लोगों को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ हो सकती है। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। धन का आवक बढ़ेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। नौकरी के लिए जिन लोगों का इंटरव्यू शेड्यूल है, उन्हें सफलता मिल सकती है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। वाणी के प्रभाव से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। लिखने-पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। आय से संपत्ति में वृद्धि भी हो सकती है। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी। धन-धान्य में बढ़ोतरी होगी। व्यापार में बढ़ोतरी होगी।

इस साल में कब-कब है एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी का दिन और इसका व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. एकादशी का दिन और व्रत जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु को समर्पित किया गया है. एकादशी पर भगवान विष्णु का पूजन और व्रत किया जाता है. हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं. महीने में एक एकादशी कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष को पड़ती है. एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करने वालों के घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है. साल भर में 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं. सभी एकदाशी के व्रत का फल साधक को अलग-अलग प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2025 मे एकादशी के व्रत कब-कब पड़ेगें. साल 2025 में पड़ने वाली एकादशी     जनवरी में साल की पहली एकादशी 10 तारीख को होगी. ये पौष पुत्रदा एकादशी होगी. इसके बाद इसी महीने में 25 तारीख को षटतिला एकादशी होगी.     फरवरी में 8 तारीख को एकादशी होगी. ये जया एकादशी होगी. इसके बाद 24 फरवरी को विजया एकादशी होगी.     मार्च में 10 तारीख को एकादशी है. ये आमलकी एकादशी होगी. फिर 25 तारीख को पापमोचिनी एकादशी रहेगी.     अप्रैल में 8 तारीख को एकादशी है. ये कामदा एकादशी होगी. फिर 24 अप्रैल को बरूथिनी एकादशी होगी.     मई में 8 तारीख को एकदाशी होगी. ये मोहनी एकादशी होगी. वहीं 23 मई को अपरा एकादशी होगी.     जून में 6 तारीख को एकदाशी होगी. ये निर्जला एकादशी होगी. 21 जून को योगिनी एकादशी रहेगी.     जुलाई में 6 तारीख को एकादशी होगी. ये देवशयनी एकादशी होगी. 21 जुलाई को कामिका एकादशी रहेगी.     अगस्त में 5 तारीख को एकादशी रहेगी. ये सावन पुत्रदा एकादशी होगी. 19 अगस्त को अजा एकादशी पडे़गी.     सिंतबर में 3 तारीख को पड़ने वाली एकादशी परिवर्तिनी एकादशी होगी. 17 सितंबर को इन्दिरा एकादशी पड़ेगी.     अक्टूबर में 3 तारीख को पापांकुशा एकादशी रहेगी. 17 अक्टूबर को रमा एकादशी पडे़गी.     नवंबर में 1 तारीख को एकादशी रहेगी. ये देवउठनी एकादशी होगी. 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी रहेगी.     दिसंबर में 3 एकदाशी पड़ेगी. 1 तारीख को मोक्षदा, 15 को सफला और 30 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी पड़ेगी. एकादशी का महत्व हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि जो भी एकादशी पर व्रत करता है उसे पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करने पर घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती. इस दिन कभी अकेले भगवान विष्णु की पूजा नहीं करनी चाहिए. ऐसे में पूजा के फल नहीं मिलते.

1 जनवरी साल के पहले दिन इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी, होगा कुछ खास

मेष राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। भावुक होकर कोई फैसला न लें। नए बदलावों के लिए तैयार रहें। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। क्रोध पर काबू रखें। बेवजह वाद-विवाद से बचें। वृषभ राशि- कोई भी आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है। बेकार के वाद-विवाद से बचें। आज आपके रुके हुए कार्य सफल होंगे। नौकरीपेशा वालों को अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारी मिल सकती है। नए बिजनेस की शुरुआत में थोड़ी सावधानी बरतें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। विदेश से कारोबार में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन या पदोन्नति मिल सकती है। अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से बचें। व्यापारिक रूप से आप सुदृढ़ होंगे। कर्क राशि– आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। दान-पुण्य के कार्यों में पैसे खर्च करेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। किसी अजनबी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। लापरवाही से बचें। विदेश में पढ़ाई के इच्छुक विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिल सकते हैं। सिंह राशि– सिंह राशि वालों को आज थोड़ी सावधानी बरतने की जरुरत है। व्यापारिक स्थिति ठीक रहेगी। कार्यों में विघ्न-बाधा आ सकते हैं। आय में वृद्धि के नए मार्गों की तलाश करें। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। कन्या राशि– खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है, लेकिन आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। जिस पर आपको थोड़ा अधिक मेहनत करने की जरुरत है। परिजनों के बीच शादी-विवाह को लेकर बातचीत हो सकती है। तुला राशि– आज का दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला है। आपको अटका हुआ धन वापस मिल जाएगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। बिजनेस में स्ट्रेस फील हो सकता है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। वृश्चिक राशि- आज का दिन शुभ रहने वाला है। आपको आर्थिक सफलता मिलेगी। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति होगी। बच्चे आपसे कुछ खास चीजों की मांग कर सकते हैं। सिंगल जातकों के जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। आपको अपने अतीत से कुछ सीखना चाहिए और अपने लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए। धनु राशि– आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। आज किसी से धन उधार लेने से बचें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। आप प्रियजनों के साथ किसी फैमिली फंक्शन में शामिल हो सकते हैं। यात्रा के योग बनेंगे। मकर राशि– आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आपको लाइफ पार्टनर संग रिश्ते को मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों से बातचीत करते समय थोड़ा सतर्क रहें। कुंभ राशि– व्यापार में मुनाफा होगा, लेकिन कार्यों के शायद मनचाहे परिणाम न मिलें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को सुलझाने का प्रयास करें। जो लोग रोमांटिक रिलेशनशिप में हैं, वह पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। मीन राशि- आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। नया घर या जमीन की खरीदारी संभव है। कुछ जातक जॉब स्विच कर सकते हैं। अज्ञात भय को लेकर मन परेशान रह सकता है। जीवनसाथी संग रिश्ते मधुर होंगे।

महाकुंभ मेला में जाने से पहले ध्यान रखें ये विशेष बातें

प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक किया जाएगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और इसे विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव माना जाता है। लाखों श्रद्धालु, साधु-संत, और पर्यटक इस आयोजन में भाग लेते हैं। महाकुंभ में जाना एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव होता है, लेकिन इसके लिए सही तैयारी जरूरी है। यात्रा के लिए ध्यान रखने योग्य बातें ठंड के कपड़े रखें साथ महाकुंभ का आयोजन जनवरी और फरवरी के ठंडे महीनों में होता है। गंगा और यमुना के संगम के पास वातावरण और ठंडा होता है। इसलिए, गर्म कपड़े जैसे जैकेट, स्वेटर, मफलर, और इनर साथ ले जाना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें किसी भी आपातकालीन स्थिति से बचने के लिए फर्स्ट एड किट और दवाएं जरूर साथ रखें। बुखार, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, और पेट दर्द जैसी सामान्य दवाएं अपने पास रखें। सही योजना बनाएं यात्रा की तारीख, समय, और आवास की पहले से व्यवस्था कर लें। कुंभ मेले के समय आवास ढूंढना मुश्किल हो सकता है। आप होटल, धर्मशाला, या टेंट सिटी में रुकने की योजना बना सकते हैं। भीड़ से बचाव करें मेले में बच्चों या बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों के गले में पहचान पत्र लटका दें, जिसमें माता-पिता का नाम, पता, और संपर्क नंबर लिखा हो। परिवार के लिए एक मीटिंग प्वाइंट तय करें। साथ ले जाने वाली चीजें खाने-पीने का सामान: हल्का और पोषण युक्त खाना जैसे ड्राई फ्रूट्स, फल, और पानी की बोतल जरूर रखें। दस्तावेज: पहचान पत्र, बुकिंग डिटेल्स, और अन्य जरूरी कागजात। स्वास्थ्य सामग्री: प्राथमिक चिकित्सा किट, मास्क, और सैनिटाइजर। ये सावधानियां रखें स्नान के लिए अधिकृत घाटों का ही उपयोग करें। कचरा फेंकने के लिए कूड़ेदान का प्रयोग करें। अजनबियों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। महाकुंभ का यह पावन आयोजन न केवल आध्यात्मिकता को गहराई से समझने का अवसर है, बल्कि यह अनुशासन और सतर्कता की भी परीक्षा है। इन सावधानियों का पालन करके अपनी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।

31 दिसम्बर मंगलवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि: आज आपके रिश्ते में प्यार और लगाव बढ़ेगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। प्रोफेशनल लाइफ में लक्ष्यों की प्राप्ति होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में मुनाफा होगा। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। वृषभ राशि : अनिश्चितता बनी रहेगी। कोई भी डिसीजन लेने में कन्फ्यूजन महसूस होगी। थोड़ा तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन निरंतर प्रयास करने से कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। मिथुन राशि : आर्थिक स्थिरता आएगी। करियर में उन्नति के कई मौके मिलेंगे। आप अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर लाइफ में कुछ नया ट्राई करना चाहेंगे। अच्छे रिटर्न प्राप्त करने के लिए सोच-समझकर निवेश करें। कुछ जातक व्यापार में विस्तार का प्लान बना सकता है। आज आपके द्वारा लिए गए फैसले लंबे समय तक लाभकारी साबित होंगे। कर्क राशि : जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। नए कनेक्शन बनेंगे, लेकिन पहली बार आपको दूसरों के इरादे पर संदेह होगा। लोग क्या कहते हैं इसके बजाए लोग क्या करते हैं। इस पर फोकस करें। किसी दिलचस्प से मिलने के बावजूद आसानी से विश्वास न करने लगें और उन्हें जान-समझने की कोशिश करें। सिंह राशि : रिश्तों में सुधार आएगा क्योंकि किसी पॉजिटिव न्यूज से आपके कनेक्शन बेहतर होगा। गलतफहमी दूर होगी। लव लाइफ में खुशियों के वापस लौटने की संभावना है। यह दोनों पक्ष में जीत होगी। चाहे कुछ हासिल करना हो या नया मौका हो, जिसको लेकर आप उत्साहित हों। कन्या राशि : जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आप सभी बाधाओं को पार करने में सक्षम होंगे। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और यह न भूलें कि कई बार कड़ी मेहनत और लगन से बड़े रिजल्ट पाए जा सकते हैं। खुद पर भरोसा रखें और कोई भी फैसला बड़ी सावधानी से लें। तुला राशि: कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। नए प्रोजेक्ट या लक्ष्यों को हासिल करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। आपके मेहनत और लगन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अपने उपलब्धियों को स्वीकार करें। खुद पर भरोसा रखें और अधिक बेहतर करने का प्रयास करें। वृश्चिक राशि: आपको अपने रिश्तों पर अधिक ध्यान दें। रिश्तों को बेहतर बनाने की जरुरत है। रिलेशनशिप की दिक्कतों को धैर्य और समझदारी से सुलझाएं। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों को लेकर ज्यादा स्ट्रेस लिए बिना उसे पूरा करने की कोशिश करें। धनु राशि : जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। धन हानि के संकेत हैं। बजट पर ध्यान दें। आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। मकर राशि : जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यों में सफलता मिलेगी। नए अवसरों का लाभ उठाने के मौकों को न गवाएं। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में लक्ष्यों पर फोकस करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए भरपूर कोशिश करें। नए बदलावों के लिए तैयार रहें क्योंकि यह किसी बेहतर के लिए है। कुंभ राशि : जीवन में नई पॉजिटिव एनर्जी आएगी। जिससे आप कोई भी फैसला बुद्धिमानी से लेने में सक्षम होंगे। बेकार के वाद-विवाद से बचें। आज आप चुनौतियों को पार करने में सक्षम होंगे। मीन राशि : आज आपको कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। कार्यों के प्रति लगन और समर्पण से करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। ऐसे कार्यों पर फोकस करें, जो आपको इंस्पायर करता हो। इससे आपको करियर में अपार सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपके प्रयासों से करियर में तरक्की के नए मार्ग बनेंगे।

जाए कब मानेगा लोहड़ी का पर्व? जानें सही तिथि और महत्व

लोहड़ी का त्योहार हर साल 13 जनवरी को हिंदुओं और सिखों द्वारा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. लोहड़ी के त्योहार को उत्तर भारत में मनाए जाने वाले मुख्य त्योहारों में गिना जाता है. लोहड़ी शीतकालीन संक्रांति की समाप्ति और रबी की फसलों की कटाई के प्रतीक के तौर पर मनाई जाती है. लोहड़ी के त्योहार पर हिंदू और सिख लोग नए वस्त्र पहनकर नाच गाना करते हैं. साल 2025 में कब है लोहड़ी हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति के एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है. ऐसे में साल 2025 में भी लोहड़ी मकर संक्रांति के एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को ही मनाई जाएगी. वहीं नए साल पर 14 जनवरी को 8 बजकर 44 मिनट पर सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश होगा. इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी. लोहड़ी का महत्व लोहड़ी का त्योहार भगवान सूर्य और अग्नि को समर्पित किया गया है. लोहड़ी पर किसान अपनी नई फसल को काटना शुरु करते हैं. इसलिए नई फसल का सबसे पहला भोग अग्नि देव को लगाया जाता है. इस दिन किसान भगवान से नए साल में भी अच्छी फसल की प्रार्थना करते हैं. पौराणिक शास्त्रों में कहा गया है कि लोहड़ी के माध्यम से अग्नि देव को जो नई फसल का भोग लगाया जाता है, वो सभी देवताओं तक पहुंच जाता है. मान्यता ये भी है कि लोहड़ी पर भगवान सूर्य और अग्नि देव की पूजा कर उन्हें अच्छी फसल के लिए धन्यवाद दिया जाता है. साथ ही उनसे फसलों की अच्छी पैदावार के लिए प्रार्थना की जाती है. कैसे मनाई जाती है लोहड़ी? लोहड़ी के त्योहार पर रात को खुली जगह पर लकड़ी और उपलों का ढेर लागाया जाता है. फिर उस लकड़ी और उपलों का ढेर में आग लगा दी जाती है. इसके बाद वहां मौजूद लोग उस जलती हुई आग की परिक्रमा लगाते हैं. आग में नई फसल, तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली आदि डाली जाती है. परिक्रमा के बाद लोग एक दूसरे को लोहड़ी की बधाई देते हैं. महिलाएं लोक गीतों को गाती हैं. सभी लोग ढोल नगाड़े बजाकर नाचते हैं. लोहड़ी की आग के चारों ओर नृत्य किया जाता है.इस दिन पतंगों को उड़ाने की प्रथा है.

30 दिसम्बर को इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी, होगा कुछ खास

मेष राशि: आज का दिन सामान्य रहेगा। घर में मेहमानों का आगमन संभव है। सिंगल जातकों के लिए लाइफ में किसी खास व्यक्ति की एंट्री होगी। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। आप फैमिली के साथ कहीं घूमने का भी प्लान बना सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। वृषभ राशि : सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपको पारिवारिक जीवन में कुछ मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें और परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। आज कोई करीबी दोस्त आपसे आर्थिक मांग सकता है। मिथुन राशि : कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी कार्यों को पूरा करें। प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को खूब मेहनत करना चाहिए। व्यापार में मुनाफा होगा। अटका हुआ धन वापस मिलेगा। धन-संपत्ति को लेकर वाद-विवाद हो सकता है। कानूनी मामलों से दूरी बनाएं। कर्क राशि : आज का दिन अच्छा रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। घर में मेहमानों के आगमन से सकारात्मक माहौल रहेगा। अटका हुआ धन वापस मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। सिंह राशि : लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। परिजनों से किसी बात को लेकर अनबन हो सकता है,लेकिन पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। कार्यस्थल पर कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लें। आर्थिक मामलों में लापरवाही बरतें। कन्या राशि : घर के किसी सदस्य के विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। धन का लेन-देन करते समय सावधानी बरतें। कुछ जातकों को ससुराल पक्ष में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी संग बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें। तुला राशि: आज आपको कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे,लेकिन बिजनेस पार्टनर से धोखा मिल सकता है। प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को बहुत संभालकर रखें। आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह लें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृश्चिक राशि: आज का दिन शुभ रहेगा। नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना अच्छा रहेगा। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। परिजनों के साथ आशीर्वाद से करियर में अपार सफलता मिलेगी। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। धनु राशि : आज का दिन खास रहने वाला है। महत्वपूर्ण कार्यों को टाइम पर पूरा करने की कोशिश करें। लॉन्ग टर्म प्लान पर फोकस करें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। जरुरी कार्यों में दोस्त आपकी मदद कर सकते हैं। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बुद्धिमानी और समझदारी से रुके हुए कार्य को पूरा कर लेंगे। मकर राशि : पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। बिजनेसमेन को सोच-समझकर इनवेस्ट करना चाहिए। पारिवारिक जीवन की समस्याओं को ज्यादा बढ़ने दें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें। आज परिवार के किसी सदस्य को आर्थिक मदद की जरुरत पड़ सकती है। कुंभ राशि : आज का दिन नए अवसरों से भरपूर होगा। जरुरतों की वस्तुएं उपलब्ध होंगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का आगमन होगा। विरासत में संपत्ति मिल सकती है। हालांकि, ऑफिस के कुछ कार्यों को पूरा करने में खूब मेहनत करनी पड़ेगी। मीन राशि : आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। भविष्य से जुड़े फैसले सावधानी से लें। व्यापारिक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। आज कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात से चेहरे पर मुस्कान आएगी।

मासिक शिवरात्रि का व्रत, जानें सही नियम

हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि पावन और बड़ी ही महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विधान है. साथ ही इस दिन विधिपूर्वक भगवान भोलेनाथ का व्रत भी किया जााता है. मासिक शिवरात्रि का दिन बड़ा ही विशेष माना जाता है. इस दिन भगवान शिव का व्रत और शिव जी के परिवार की विधिपूर्वक पूजा से जीवन की तमाम बधाएं दूर हो जाती हैं. पूजा का शुभ मुहूर्त हिंदू पंचाग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि आज मनाई जा रही है. इसका व्रत भी आज ही है. इसके व्रत का पारण कल 3 0 दिसंबर को किया जाएगा. आज विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 2 बजकर 48 मिनट तक है. इसके बाद गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 5 बजकर 58 मिनट तक है. इस दिन रात में पूजा की जाती है. इस वजह से निशिता मुहूर्त में भगवान शिव का पूजन करें. निशिता मुहूर्त रात के 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त रात 12 बजकर 51 मिनट तक है. हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि के व्रत और इसके महत्व के साथ ही इसके पारण के नियम भी बताए गए हैं. आइए जानते हैं क्या है व्रत के पारण के नियम क्या है. व्रत पारण के सही नियम     व्रत पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहन लेने चाहिए.     इसके बाद शिव जी की पूजा करनी चाहिए. उन्हें बेलपत्र और गंगाजल चढ़ाना चाहिए.     ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देनी चाहिए.     पारण के भोजन में लहसुन-प्याज न डालें.     व्रत पारण के समय तला भोजन खाने से बचें.     व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन भोजन खाएं मासिक शिवरात्रि के व्रत का महत्व मासिक शिवरात्रि के व्रत के महत्व को शिव पुराण में बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी मासिक शिवरात्रि का व्रत करता है उसका वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. पति-पत्नी के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं. मनचाहे वर के लिए भी कुंवारी कन्याओं की ओर से ये व्रत किया जाता है. मासिक शिवरात्रि वा व्रत करने वालों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और भगवान भोलेनाथ आशिर्वाद देते हैं.

29 दिसम्बर को इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी, होगा कुछ खास

मेष राशि: परिवार संग किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्च अधिक रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। वृषभ राशि :नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें, व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। मिथुन राशि :कला या संगीत में रुझान बढ़ सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। कर्क राशि :नौकरी में विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। वस्त्रों व वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि :नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि : कारोबार में सुधार होगा। लाभ के मौके मिलेंगे, पर भागदौड़ भी अधिक रहेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कुछ कठिनाइयां भी आ सकती हैं। यात्रा पर भी जा सकते हैं। तुला राशि:दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। लेखन आदि बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बनेंगे। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। भाई-बहनों से आर्थिक मदद मिल सकती है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि: नौकरी में परिवर्तन के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। धनु राशि : कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। शत्रुओं से सतर्क रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, पर कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। मकर राशि : कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कुछ आरम्भिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कुंभ राशि : नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान भी पर जाना पड़ सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। मीन राशि : नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे।

सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की परिक्रमा करने से मिलेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है. इस दिन मां तुलसी की परिक्रमा करने से लोगों की सभी प्रकार की परेशानियां खत्म हो जाती हैं. जीवन में सुख-समृद्धि कायम बनाए रहने के लिए महिलाएं सोमवती अमावस्या के दिन व्रत रखती हैं और सभी दुखों के निवारण के लिए मां तुलसी की परिक्रमा करती हैं. इस दिन मां तुलसी की पूजा करने और उनकी परिक्रमा करने से महिलाओं के कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं. मान्यता है कि इस दिन की गई तुलसी की परिक्रमा से लोगों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. मान्यता है कि तुलसी में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की शक्ति होती है. इसलिए, तुलसी की परिक्रमा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है. शिव और पार्वती की पूजा के साथ तुलसी की पूजा करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तुलसी की परिक्रमा करने की परंपरा की शुरुआत कैसे हुई.आइए जानते हैं… पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 30 दिसंबर को तड़के सुबह 4 बजकर 02 मिनट पर शुरू होगी और 31 दिसंबर को तड़के सुबह 3 बजकर 57 मिनट तक रहेगी. मूल नक्षत्र 29 दिसंबर की रात 11 बजकर 22 मिनट से 30 दिसंबर की रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. वृद्धि योग 29 की रात 9 बजकर 41 मिनट से 30 दिसंबर की रात 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. वृद्धियोग में समस्त कार्यों में वृद्धि का योग बनता है. तुलसी की परिक्रमा करने की विधि     सोमवती अमावस्या के दिन सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.     तुलसी के पौधे को गंगाजल से धोकर साफ करें और उनका श्रृंगार करें.     तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप दें.     तुलसी के पौधे को फूल, चंदन आदि से सजाएं.     तुलसी के पौधे की दक्षिणावर्त दिशा में 108 बार बार परिक्रमा करें.     परिक्रमा करते समय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ तुलसी माता नमः मंत्र का जाप करें.     मां तुलसी से अपनी मनोकामनाएं मांगें. तुलसी की परिक्रमा कैसे करें.     सोमवती अमावस्या के दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें.     तुलसी के पौधे को गंगाजल से स्नान कराएं.     तुलसी के पौधे के चारों ओर दीपक जलाएं.     तुलसी के पौधे को फूल और चंदन लगाएं.     तुलसी के पौधे की परिक्रमा करते हुए ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.     तुलसी के पौधे को भोग लगाएं और जल चढ़ाएं. सोमवती अमावस्या का महत्व सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की परिक्रमा करने की परंपरा बहुत पुरानी और महत्वपूर्ण है. यह परंपरा धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है. तुलसी की परिक्रमा करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं. तुलसी को हिंदू धर्म में एक पवित्र पौधा माना जाता है. इसे लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है. तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है. इसलिए, तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. तुलसी की परिक्रमा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और रोगों से मुक्ति मिलती है. विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए तुलसी की पूजा करती हैं. तुलसी की पूजा करने से मन शांत होता है.  

28 दिसंबर को इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी, होगा कुछ खास

मेष राशि- संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वृषभ राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। संतान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। शासन सत्ता का भी सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- मन अशांत रहेगा। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार में धार्मिक-मांगलिक कार्य हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। कर्क राशि- मन प्रसन्न रहेगा, परंतु आत्मसंयत रहें। नौकरी में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। नौकरी में तरक्की के साथ स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। सिंह राशि- मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कन्या राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परंतु संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। तुला राशि- आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु संयत रहें। अति उत्साही होने से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास बहुत रहेगा। परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। संतान सुख में वृद्धि होगी। धनु राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व झगड़े से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। अफसरों का सहयोग मिलेगा। मकर राशि- मन परेशान रहेगा। संयत रहें। बातचीत में संतुलित रहें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। कुंभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, परंतु स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। मीन राशि- मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

27 दिसंबर राशिफल जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज आपको प्रेम जीवन में खुश रहने की सलह दी जाती है। अपने काम में सर्वोत्तम परिणाम देने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि आप पैसों से जुड़े मुद्दों को अच्छी तरह संभाल लें। वृषभ राशि- आज सेल्फ लव और केयर पर फोकस करें। आसपास के लोगों की हेल्प करें। दिन के पहले भाग में छोटे-मोटे वित्तीय मुद्दे आज स्मार्ट मौद्रिक मैनेजमेंट की मांग करते हैं। ज्यादा स्ट्रेस न लें। मिथुन राशि- आज किसी प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है, जो दिन का मुख्य आकर्षण रहेगी। आपका दिन अवसरों, चुनौतियों और महत्वपूर्ण डीसीजन लेने का वादा करता है। खर्च को कंट्रोल करें। कर्क राशि- आज लव के मामले में आपको कम्यूनिकेशन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। पेट से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। लव लाइफ में रोमांस बढ़ाने की कोशिश करें। सिंह राशि- जीवन में बदलाव प्रेम, करियर और पैसों के मामले को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। व्यक्तिगत विकास और करियर में अवसर पाने के लिए कुछ दिन और इंतजार करें। कन्या राशि- आज का दिन शुभ रहने वाला है। बदलाव आपको आगे ले जाएंगे। धन आगमन के योग बन रहे हैं। किसी दोस्त से मुलाकात हो सकती है। किसी भी प्रॉब्लम का आज ही सॉल्यूशन निकालें। तुला राशि- आज का दिन बदलावों भरा रहने वाला है। कुछ जातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे व्यक्तिगत विकास, प्रेम, करियर और वित्तीय मामलों में अप्रत्याशित जीत मिल सकती है। वृश्चिक राशि- आज का दिन सफलताओं से भरा है, जो आपको प्यार, करियर और व्यक्तिगत विकास में वृद्धि की ओर ले जाएगा। ऐसी गतिविधियों के लिए तैयार रहें, जो आनंद और चुनौतियां दोनों लेकर आएंगी। धनु राशि- आज आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना चाहिए। आप सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं। रिश्ते में मतभेदों को सुलझाएं। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। फिटनेस पर अपना फोकस बनाए रखें। मकर राशि- आज अपनी योग्यता साबित करने के लिए कई पेशेवर अवसर सामने आएंगे। धन और स्वास्थ्य दोनों सकारात्मक रहने वाले हैं। अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस करें। साथी को सरप्राइज करें। कुंभ राशि- प्यार में ईमानदार रहें और शक्की न बनें। अपनी पेशेवर क्षमता साबित करने के लिए बेहतर मौके तलाशें। आर्थिक परेशानियां रहेंगी। आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। जंक फूड्स से दूर रहें। मीन राशि- आज कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। अपनी मेंटल हेल्थ को इम्प्रूव करने पर अपना फोकस रखें। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार रहें। मौकों पर अपनी नजर रखें।

26 दिसंबर को साल की आखिरी एकादशी के दिन चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज का दिन आपको कई ऐसे मौके दे सकता है, जो पर्सनल ग्रोथ में मदद करेंगे। पॉजिटिव सोच लव लाइफ, करियर, धन और सेहत में बदलावों को अपनाने में मदद करेगी। अपने लक्ष्यों पर फोकस रखें। वृषभ राशि- आज का दिन शुभ माना जा रहा है। आज कई स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। कुछ जातक करियर की पॉलिटिक्स का शिकार भी बन सकते हैं। जल्दबाजी में आकर कोई भी फैसला न लें। मिथुन राशि- आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी। कुछ जातकों का प्रमोशन भी हो सकता है। लव के मामले में आज अपने गुस्से पर काबू रखें। बेवजह के वाद विवाद में फंसने से बचें। कर्क राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके खर्च बढ़ सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। सिंह राशि- आज लव लाइफ नॉर्मल रहने वाली है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होना संभव है। धन के मामले में दिन आपका अच्छा रहेगा। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। कन्या राशि- आज जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें। सेहत के मामले में कुछ लोगों को छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। इन्वेस्ट करने के लिए अच्छा दिन है। तुला राशि- आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। बिजनेस करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें। वृश्चिक राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। धीरे-धीरे ऑफिस का माहौल आपके लिए पॉजिटिव होता जाएगा। पार्टनर के साथ चल रही प्रॉब्लम्स पर कम करें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। धनु राशि- आज काम का प्रेशर बहुत ज्यादा न लें। अपनी फैमिली के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। मकर राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। मेडिटेशन करने से आपको अच्छा महसूस होगा। बिजनेस कर रहे हैं लोगों को आज पार्टनरशिप को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। जंक फूड का सेवन ज्यादा न करें। कुंभ राशि- आज का दिन थोड़ा बिजी रहने वाला है। किसी इवेंट की वजह से आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। खान-पान पर ध्यान दें। अपने बच्चों या दोस्तों के साथ कुछ वक्त बिताएं। मीन राशि- आज आपको अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। कुछ लोग तनाव का शिकार हो सकते हैं। आज आपको अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेते रहें।

जाने कब बनता है वासुकी कालसर्प दोष?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2025 कई राशि के जातकों के लिए मंगलकारी साबित हो सकता है। अगले साल कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। मायावी ग्रह राहु और केतु भी अपनी स्थिति बदलेंगे। राहु और केतु के राशि परिवर्तन से मीन और कन्या राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। वहीं, सिंह और कुंभ राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन क्या आपको पता है कि वासुकी कालसर्प दोष कब लगता है और यह कितना खतरनाक होता है? आइए, वासुकी कालसर्प दोष के बारे में सबकुछ जानते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातक को जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा क्षेत्र में जल्द सफलता नहीं मिलती है। परिवार में कलह की स्थिति रहती है। धैर्य में कमी होने लगती है। आत्मबल कमजोर होने लगता है। व्यक्ति लाख चाहकर न खुश रह पाता है और न ही सफल हो पाता है। कुल मिलाकर कहें तो वासुकी कालसर्प दोष शुभ नहीं होता है। वासुकी कालसर्प दोष मायावी ग्रह राहु के तीसरे भाव और केतु के नौवें भाव में रहने से कुंडली में वासुकी कालसर्प दोष बनता है। हालांकि, राहु और केतु के मध्य सभी शुभ और अशुभ ग्रहों का रहना जरूरी है। इसके लिए योग्य ज्योतिष से कालसर्प दोष का विचार कराना चाहिए। कालसर्प दोष का निवारण अनिवार्य यानी जरूरी है। इसके बाद व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति आती है। उपाय ज्योतिषियों का कहना है कि वासुकी कालसर्प दोष से पीड़ित जातकों को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही हर मंगलवार के दिन लाल रंग की चीजों का दान करें। इसके अलावा, राहु और केतु के बीज मंत्र का जप करना चाहिए। भगवान शिव की रोजाना पूजा करें। देवों के देव महादेव की पूजा करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। हालांकि, वासुकी कालसर्प दोष का निवारण कराना उत्तम है। इसके लिए अपनी सुविधा अनुसार समय पर वासुकी कालसर्प दोष का निवारण करा लें।

25 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। अपनी सोच को पॉजिटिव रखें। न्यू स्किल्स सीखने की कोशिश करें, जो आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद करेंगी। याद रखें, स्वास्थ्य ही धन है। वृषभ राशि- चाहे मामला करियर का हो, लव का हो, सेहत का हो, या आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन हो, आज आपको सरप्राइज मिल सकता है। आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। मिथुन राशि- आज घर पर किसी मेहमान का आगमन हो सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी लेकिन खर्च में बढ़ोतरी होने वाली है। अपनी मेंटल हेल्थ को स्ट्रांग बनाने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। कर्क राशि- आज का दिन थोड़ा बिजी साबित हो सकता है। आज आपको एक्स्ट्रा काम मिल सकते हैं। अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। बेवजह का प्रेशर न लें। लाइफ में बैलेंस बनाकर रखना बेहद जरूरी है। सिंह राशि- अपने किसी दोस्त के साथ आज आप कुछ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। करियर में कई बड़े महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं, जो आपकी आगे की जर्नी तय करेंगे। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कन्या राशि- आज का दिन काफी शानदार रहने वाला है। फाइनेंशियल स्थिति अच्छी रहने वाली है। कुछ लोग अपने क्रश से अपनी फिलिंग्स का इजहार कर सकते हैं। करियर में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। तुला राशि- आज का दिन काफी रोमांटिक साबित हो सकता है। सेहत के मामले में दिन नॉर्मल रहेगा। आज पैसे कमाने के कई मौके मिल सकते हैं। आपका दिन खुशनुमा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज स्वास्थ्य का मामला थोड़ा गड़बड़ नजर आ रहा है। इसलिए अपना ख्याल रखें। काम के सिलसिले में काफी भाग दौड़ करनी पड़ सकती है। दोपहर बाद से हालात सुधरने लगेंगे। स्ट्रेस कम लें। धनु राशि- आज आपको काम का बहुत ज्यादा प्रेशर नहीं फील होगा। आज आप स्ट्रेस फ्री रहेंगे। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन पहले से बेहतर होने वाली है। मकर राशि- आज आपको अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए। स्ट्रेस को दूर करने के लिए नए तरीके ट्राई करें। आज आपको एक्सपेक्टेशन के मुताबिक पैसों का आगमन होता हुआ नहीं दिखेगा। खर्च कम करें। कुंभ राशि- आज थोड़ा लो फील कर सकते हैं। पैसे कमाने के कई मौके मिल सकते हैं। हेल्दी और हैप्पी रहने के लिए मौसमी सब्जियों और फलों का सेवन करें। आपको इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। मीन राशि- आज का आपका दिन थोड़ा सा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। हो सकता है कि आपके आइडिया से आपका क्लाइंट आज खुश न हो। फाइनेंशियल स्थिति भी थोड़ी गड़बड़ दिख रही है।

शनि त्रयोदशी का दिन शनिदेव और भगवान शिव को समर्पित, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

शनि त्रयोदशी का दिन शनिदेव और भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दिन भगवान शिव और शनिदेव की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और शनिदेव दोनों का भक्तों को विशेष प्राप्त होता है. शनि त्रयोदशी के दिन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त प्रदोष काल माना जाता है. प्रदोष काल सूर्यास्त के समय से शुरू होता है और लगभग डेढ़ घंटे तक चलता है. इस दौरान शिव जी और शनि देव की संयुक्त पूजा करने से विशेष फल मिलता है. शनि त्रयोदशी का पालन करने से शनि देव और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का समाधान होता है. पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 दिसंबर दिन शनिवार को तड़के सुबह 2 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और 29 दिसंबर दिन रविवार को तड़के सुबह 3 बजकर 32 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के अनुसार, शनि त्रयोदशी का व्रत इस साल 28 दिसंबर दिन शनिवार को ही रखा जाएगा. इस दिन गोधूलि बेला की पूजा का महत्व है. इस दिन की पूजा शाम 05 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 08 बजकर 17 मिनट तक के बीच होगी. शनि त्रयोदशी पूजा विधि     शनि त्रयोदशी के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा जल मिलाकर स्नान करें और यदि संभव हो तो इस दिन व्रत रखें.     पूजा स्थल को साफ-सुथरा करके शिवलिंग और शनि देव की मूर्ति स्थापित करें.     शिवलिंग और शनि देव की मूर्ति पर जल, दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक करें.     शिवलिंग और शनि देव को फूल, चंदन, अक्षत आदि चढ़ाएं.     घी का दीपक जलाएं और शिव मंत्र और शनि मंत्र का जाप करें.     शिव और शनि देव की आरती करें और जरूरतमंदों को दान करें. पूजा में शामिल करें ये चीजें     काला तिल: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए काला तिल का दान किया जाता है.     पीली वस्तुएं: पीले रंग की वस्तुएं शनि देव को प्रिय होती हैं.     लोहे की वस्तुएं: लोहे की वस्तुएं शनि देव का प्रतीक मानी जाती हैं.     तेल का दीपक: तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं.     शनि त्रयोदशी के दिन लोहे की वस्तुओं का दान करने से बचें और इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचें. शनि त्रयोदशी का महत्व अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष होता है, तो उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. शनि त्रयोदशी के दिन पूजा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-शांति आती है. शनि देव की कृपा पाने के लिए शनि त्रयोदशी का दिन बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन की गई पूजा से शनि देव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं. हिंदू धर्म में कर्मफल का सिद्धांत महत्वपूर्ण है. शनि त्रयोदशी के दिन पूजा करने से व्यक्ति अपने पिछले जन्मों के बुरे कर्मों का प्रायश्चित कर सकता है और वर्तमान जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकता है.

24 दिसम्बर मंगलवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- आज का दिन शानदार साबित हो सकता है। धन-लाभ होने के योग बन रहे हैं। लेकिन खर्च पर पकड़ रखने की भी जरूरत है। काम के सिलसिले में ट्रेवल करना पड़ सकता है। सेहत भी अच्छी स्थिति में है, लेकिन थोड़ी देखभाल जरूरी है। वृषभ राशि- आज खुशखबरी मिल सकती है। चाहे मामला करियर का हो, प्रेम का हो, परिवार का हो, या धन का हो, आज आप कोई अच्छी खबर पाकर खुश हो सकते हैं। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। मिथुन राशि- आज का दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। शादी-शुदा कपल्स आज एक दूसरे के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। कुछ सिंगल जातकों की अपनी क्रश से मुलाकात होना संभव है। खर्चों पर नजर रखने की जरूरत है। कर्क राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने टास्क को समय पर पूरा करने की कोशिश करें। कुछ समय परिवार के साथ बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा। बाहर के खाने से परहेज करें। सिंह राशि- आज का आपका दिन शुभ माना जा रहा है। परिवार के किसी सदस्य से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। चाहे आप रिलेशनशिप में हो या फिर सिंगल हो, आप काफी इमोशनल महसूस कर सकते हैं। तुला राशि- आज सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। बीमारियों से बचने के लिए जंक फूड का सेवन कम करें। मेंटल हेल्थ का भी ख्याल रखें। गुस्से को कंट्रोल करें। काम के सिलसिले में आपको भाग दौड़ करनी पड़ सकती है। वृश्चिक राशि- आज बिजनेस करने वालों के लिए दिन अच्छा है। विदेश या शहर से बाहर का कोई व्यक्ति शुभ समाचार लेकर आ सकता है। यात्रा की समस्या से परेशान लोग अब छुट्टियों की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं। धनु राशि- आज अपने करियर पर खास ध्यान देने की जरूरत है। ऑफिस की पॉलिटिक्स के कारण आपका तनाव बढ़ सकता है। अपने काम पर फोकस रखना आपके लिए बेहतर रहेगा। हाइड्रेटेड रहें। मकर राशि- आज का दिन मंगलमय रहने वाला है। आपकी आर्थिक सिचुएशन पहले से बेहतर होगी। कुछ लोगों को स्वास्थ्य जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। बॉडी को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करना अच्छा रहेगा। कुंभ राशि- आज का दिन आनंददायक बीतने वाला है, क्योंकि आप आज का दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बिता सकते हैं। कुछ लोगों को संपत्ति या धन विरासत में मिल सकता है। मीन राशि- आज घरेलू हेल्थ टिप्स कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। सिक्योर इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में पैसा लगाना सही दिशा में उठाया गया कदम साबित हो सकता है। साथी के साथ गलतफहमी सुलझाने के लिए बात करें।

सोमवती अमावस्या 30 या 31 दिसंबर, कब है ? जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं होते हैं. सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए सोमवती अमावस्या का व्रत रखती हैं. सोमवती अमावस्या के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है. इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है. मान्यता के अनुसार, पीपल के वृक्ष में देवी देवताओं का वास होता है. सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी. यदि किसी की कुंडली में पितृ दोष है तो इस दिन स्नान, दान करने से मुक्ति मिलती है. साथ ही कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस दिन दान करना चाहिए. सोमवती अमावस्या मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, सोमवती अमावस्या की तिथि 30 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 3 बजकर 56 मिनट पर होगा. इस दिन स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. सोमवती अमावस्या शुभ योग साल की आखिरी अमावस्या .यानी सोमवती अमावस्या बहुत ही खास मानी जा रही है. सोमवती अमावस्या पर इस बार वृद्धि योग, ध्रुव योग, शिववास योग, नक्षत्र योग इन सभी योगों का संयोग बनने जा रहा है. सोमवती अमावस्या पूजन विधि इस दिन किसी पवित्र नदी, तालाब या कुंड में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. गायत्री मंत्र का पाठ करें. इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें. पितरों का तर्पण करें और उनके मोक्ष की कामना करें. पूजा-पाठ के बाद किसी जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र का दान करें. इस दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करना भी शुभ माना जाता है. सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन स्त्रियां पीपल की पूजा करती हैं. सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करके कमजोर चंद्रमा को बलवान किया जा सकता है. सोमवती अमावस्या पर भूलकर न करें ये काम 1. सोमवती अमावस्या का व्रत हैं तो श्रृंगार करने से बचें. सादगी अपनाएं. इस दिन चटाई पर सोना चाहिए और शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए. दोपहर में सोने से भी परहेज करें. 2. सोमवती अमावस्या पर संयम बरतना चाहिए. इस दिन पुरुष और स्त्री को यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए. गरुण पुराण के अनुसार, अमावस्या पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को आजीवन सुख नहीं मिलता है. 3. अमावस्या के दिन पीपल की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं, लेकिन शनिवार के अलावा अन्य दिन पीपल का स्पर्श नहीं करना चाहिए. इसलिए पूजा करें, लेकिन पीपल के वृक्ष का स्पर्श ना करें. इससे धन की हानि होती है. 4. अमावस्या पर किसी इंसान को श्मशान घाट या कब्रिस्तान में या उसके आस-पास नहीं घूमना चाहिए. इस दिन नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होती हैं.  

महाकुंभ से मिलने वाली इन तीन चीजों के बगैर जीवन हमेशा अधूरा, जानिए क्यों जरूरी है आपके लिए महाकुंभ

आज हम बात करेंगे महाकुंभ के महत्व के बारे में, और ये आपके लिए क्यों जरूरी है। तो, महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक मेला नहीं है, यह एक ऐसा अवसर है, जो हमें अपने भीतर की यात्रा पर ले जाता है। अब, उदाहरणों के साथ समझते हैं कि महाकुंभ आपके लिए क्यों जरूरी है। 1. आध्यात्मिक शांति – उदाहरण के साथ: मान लीजिए, आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो रोज़ की दौड़-भाग और तनाव से परेशान हैं। आपके मन में शांति और संतुलन की तलाश है। अब, जब आप महाकुंभ में जाते हैं, तो वहां के वातावरण में कुछ खास है। काफी लोग ये बताते हैं कि जब वे गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं, तो उन्हें एक अद्भुत शांति का अहसास होता है। जैसे कि उदयपुर के एक स्थानीय नागरिक ने बताया था कि वह हर साल महाकुंभ में जाते हैं, और स्नान के बाद उन्हें मानसिक शांति का अनुभव होता है। यही वजह है कि यह आयोजन सिर्फ एक शारीरिक सफाई का मौका नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक सफाई का अवसर भी है।  गंगा नदी के पानी के स्वास्थ्य लाभ पर कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने भी इस विचार को प्रमाणित किया है, जैसे कि “Indian Institute of Technology” (IIT) ने 2010 में एक अध्ययन किया था, जिसमें गंगा के पानी को शुद्ध और जीवनदायिनी पाया गया। 2. एकता और भाईचारे का प्रतीक – उदाहरण से समझना: अब बात करते हैं महाकुंभ की, जो न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। मान लीजिए कि आप उत्तर भारत से हैं और महाकुंभ में गए। आप वहां हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और यहां तक कि विदेशों से आए लोगों से मिलते हैं। वहां सभी एक ही उद्देश्य से आते हैं—अपने पापों से मुक्ति पाने और शांति प्राप्त करने के लिए। 2019 के महाकुंभ में, इलाहाबाद में करीब 12 करोड़ लोग एक साथ इकट्ठा हुए थे। क्या आपको लगता है कि इतने बड़े आयोजन में लोग एक दूसरे से लड़ते-झगड़ते होंगे? बिल्कुल नहीं! वहां एक अनोखा भाईचारा और प्यार देखने को मिलता है। चाहे कोई साधू हो, परिवार वाला हो या पर्यटक, सब एक ही भावना से वहां आते हैं।  यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट कहती है कि महाकुंभ पूरी दुनिया में एक ऐसा आयोजन है, जो सांस्कृतिक और धार्मिक विविधताओं को एक साथ लाता है। 3. ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व – उदाहरण के साथ: अब, महाकुंभ के वैज्ञानिक पहलू को समझते हैं। महाकुंभ में स्नान करने का धार्मिक महत्व तो है ही, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका वैज्ञानिक पहलू भी है? माना जाता है कि गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से शरीर की शुद्धि होती है। विज्ञान भी इसे प्रमाणित करता है। उदाहरण के लिए, हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया कि गंगा में पाई जाने वाली कुछ खास बैक्टीरिया से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 2019 में, एक राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान ने बताया था कि गंगा के पानी में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि महाकुंभ के दौरान स्नान करने से शारीरिक शुद्धि के साथ-साथ कुछ लोग स्वास्थ्य लाभ भी महसूस करते हैं।  भारतीय विज्ञान संस्थान और “National Institute of Hydrology” के अध्ययन। क्यों जरूरी है महाकुंभ आपके लिए? तो, महाकुंभ आपके लिए क्यों जरूरी है? यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक घटना है, जो आपको जीवन के हर पहलू में समृद्धि ला सकती है। चाहे आप आध्यात्मिक शांति चाहते हों, सामाजिक भाईचारे का हिस्सा बनना चाहते हों या अपने स्वास्थ्य को सुधारने की इच्छा रखते हों, महाकुंभ आपको वह सब कुछ दे सकता है जो आप ढूंढ रहे हैं। हम महाकुंभ के बारे में रोज़ नई जानकारी देंगे, तो जुड़े रहिए हमारे साथ और जानिए महाकुंभ से जुड़े सभी अपडेट! (स्रोत: गंगा नदी पर वैज्ञानिक अध्ययन, भारतीय विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय विज्ञान रिपोर्ट)

सफला एकादशी का व्रत रखने से जीवन में आती है सफलता, शांति और समृद्धि

हिंदू धर्म में सफला एकादशी एक महत्वपूर्ण व्रत है. यह हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस व्रत को करने से हर कार्य में सफलता मिलती है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सफला एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा से सभी कार्यों में सफलता मिलती है. यह व्रत सभी पापों का नाश करने वाला माना गया है और यह व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है. सफला एकादशी का व्रत आत्मिक उन्नति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 दिसंबर दिन बुधवार को रात 10 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 25 दिसंबर को रात 12 बजकर 42 मिनट पर खत्म होगी. इसलिए उदया तिथि के अनुसार, सफला एकादशी 26 दिसंबर को मनाई जाएगी. पंचांग के मुताबिक, 26 दिसंबर को सफला एकादशी के दिन सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 10 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा. सफला एकादशी पर स्वाती नक्षत्र भी बनेगा, जो शाम 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक है. सफला एकादशी पूजा विधि     सफला एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें.     पूजा के स्थान पर एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें.     भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें.     तुलसी के पत्ते, फूल, फल, धूप-दीप आदि चढ़ाएं.     विष्णु सहस्रनाम मंत्र का जाप करें और भगवान विष्णु की कथा सुनें.     गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है.     भगवान विष्णु से संबंधित धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें. गुरु ग्रह होता है मजबूत यदि सफला एकादशी के दिन गुरुवार हो और गुरु ग्रह मजबूत स्थिति में हो तो यह बहुत शुभ संयोग होता है. सफला एकादशी के दिन शुक्रवार हो तो माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन लाभ होता है. सफला एकादशी का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है. व्रत रखने से शरीर को आराम मिलता है और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है. सफला एकादशी का महत्व मान्यता है कि सफलता एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही इस दिन तुलसी का पौधा लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन तुलसी लगाने से घर में धन-समृद्धि बढ़ती है. घर के उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएं. वहीं इस दिन व्रत रखने से जीवन में धन-संपत्ति की बढ़ोतरी होती है. साथ ही अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है.  

23 दिसम्बर सोमवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- आज अपने लक्ष्यों और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए फोकस और कमिटमेंट की जरूरत होगी। व्यापार करने वालों को कुछ नुकसान या लेन-देन में देरी का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों का ध्यान रखें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। वृषभ राशि- आज सामान्य से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। पर्सनल लाइफ में अपने जीवनसाथी या पार्टनर को बेहतर ढंग से समझने के लिए शांत होकर बातचीत करना जरूरी है। स्ट्रेस बढ़ सकता है। ध्यान रखें। मिथुन राशि- आज पैसों को लेकर थोड़ा स्ट्रेस महसूस कर सकते हैं। आपका मन पैसों के मामलों में लगा रहेगा। अपने पार्टनर के साथ वाद-विवाद का सामना भी करना पड़ सकता है। किसी छोटी यात्रा पर जा सकते हैं। कर्क राशि- आप अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट और निवेश बैंकर जैसे पेशेवरों के साथ निवेश के संबंध में बात कर सकते हैं। कार्यस्थल पर पदोन्नति या वेतन वृद्धि के योग हैं। आपके बॉस के साथ आपके रिश्ते बेहतर होंगे। सिंह राशि- आज विरासत या पैतृक संपत्ति को लेकर बात हो सकती है। आपका कामकाजी जीवन बिना किसी बड़ी चुनौती के चलता रहेगा। पारिवारिक जीवन में ससुराल पक्ष से भी आपके रिलेशन बेहतर होंगे। कन्या राशि- आज आपको अपने काम से अच्छी पहचान मिलेगी। चीजें आपके पक्ष में हो सकती हैं। धन के मामले में अच्छी स्ट्रैटिजी बनाने का समय है। कुछ कपल्स के बीच चीजें अच्छी नहीं रहेंगी। सेहत पर ध्यान दें। तुला राशि- आज कुछ लोग अपने क्रश से मिल सकते हैं। पारिवारिक मामलों की योजना बनाना आसान होगा। कार्यस्थल पर सिनीयर्स आपके प्रोजेक्ट और काम में आपका सपोर्ट करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। वृश्चिक राशि- आज के दिन आप अपने डाइट प्लान में भी बदलाव कर सकते हैं। ऑफिस में कुछ लोग अपने काम से संतुष्ट नहीं रहेंगे। कोई नई स्किल डिवेलप करने के बारे में सोच सकते हैं। लाइफ में बैलेंस बनाएं। धनु राशि- आज सिनीयर्स के साथ आपके रिश्ते बेहतर होंगे। सिंगल लोगों को अपने जीवन में बड़े बदलाव का अनुभव नहीं होगा। आप परिवार के सदस्यों के साथ बिना किसी विवाद के बातचीत कर पाएंगे। मकर राशि- आज आपकी डीसीजन लेने की क्षमता काम आएगी। आपको बोनस या वेतन वृद्धि भी मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी आज का दिन अच्छा रहेगा। कुंभ राशि- आज के दिन वैवाहिक जीवन में आपको रोमांस का अनुभव होगा। आप घर पर अपने जीवनसाथी के साथ बेहतरीन पलों का आनंद लेंगे। खान-पान पर अधिक ध्यान देंगे। व्यापारियों को लाभ हो सकता है। मीन राशि- आज आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या प्रोजेक्ट मिल सकता है। खर्चों से सावधान रहें, वरना ये टॉपिक कपल्स के बीच समस्याएं पैदा कर सकता है। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। जंक फूड्स से दूर रहें।

22 दिसम्बर रविवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- परिवार संग किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्च अधिक रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें, व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। मिथुन राशि- कला या संगीत में रुझान बढ़ सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। कर्क राशि- नौकरी में विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। वस्त्रों व वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि- कारोबार में सुधार होगा। लाभ के मौके मिलेंगे, पर भागदौड़ भी अधिक रहेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कुछ कठिनाइयां भी आ सकती हैं। यात्रा पर भी जा सकते हैं। तुला राशि- दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। लेखन आदि बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बनेंगे। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। भाई-बहनों से आर्थिक मदद मिल सकती है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि- नौकरी में परिवर्तन के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। धनु राशि- कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। शत्रुओं से सतर्क रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, पर कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। मकर राशि- कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कुछ आरम्भिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कुंभ राशि- नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान भी पर जाना पड़ सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। मीन राशि- नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे।

सोमवती अमावस्या पर दीपक जलाने से मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा

हिंदू धर्म मे पूर्णिमा और अमावस्या तिथि को बहुत महत्व दिया जाता है. सोमवार के दिन अमावस्या तिथि होने पर उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. इस दिन व्रत, पूजन और स्नान-दान का विशेष महत्व है. इस दिन स्नान और दान के साथ पितृ पूजा भी की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके अलावा ग्रह दोष और पितृ दोष आदि से भी छुटकारा मिलता है. इसके अलावा सोमवती अमावस्या को कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होता है साथ ही मां लक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती है. कब है सोमवती अमावस्या? साल की आखिरी सोमवती अमावस्या तिथि 30 दिसंबर सोमवार को है. उस दिन पौष अमावस्या होगी. तीसरी सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 01 से लेकर 31 दिसंबर को सुबह 03 बजकर 56 मिनट तक है. यहां जलाएं दीपक सोमवती अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है. ऐसे में इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. क्योकि यह पितरों की दिशा मानी जाती है, तो ऐसा करने से पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. पीपल का पेड़ अमावस्या तिथि पर पीपल के पेड़ की पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के पेड़ पर देवी-देवताओं के साथ पितरों का भी वास होता है. इसलिए सोमवती अमावस्या पर पीपल के पेड़ के पास सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाने से शुभ फलों के प्राप्ति होती है. घर के मुख्य द्वार पर वैसे तो लोग रोजाना घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं. लेकिन सोमवती अमावस्या के दिन मुख्य द्वार पर सरसों या तिल के तेल का दीपक जरूर लगाना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. जिससे घर में सकारात्मकता ऊर्जा आती है. इसके अलावा व्यक्ति को आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलता है.

प्रयागराज महाकुंंभ में मौनी अमावस्या पर होगा सबसे बड़ा स्नान, जानें इसका महत्व

प्रयागराज अगले साल 13 जनवरी से प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु और साधु-संत यहां जुटेंगे और आस्था की डुबकी लगाएंगे। महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान होंगे, जिनकी शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से होगी। महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा, जिसे बेहद खास माना जाता है। मौनी अमावस्या पर शाही स्नान अगले साल 29 जनवरी को होगा। इस दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 5:25 बजे से 6:18 बजे तक रहेगा। मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व काफी अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तीर्थस्थलों पर स्नान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। साथ ही मौन व्रत रखने और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सालभर में 12 अमावस्या होती हैं, लेकिन माघ महीने की अमावस्या को सबसे खास माना गया है, जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं। महाकुंभ के साथ मौनी अमावस्या का संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन दान का भी बड़ा महत्व है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर दान करने से व्यक्ति के सभी पापों का प्रायश्चित होता है। पितरों को तर्पण और दान करने से वे प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।  

महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या पर होगा

प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. ये दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार है. इस अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं और साधु संतों का जमावड़ा नजर आने वाला है. सभी इस महाकुंभ में आस्था की डुबकियां लगाते नजर आएंगे. इस महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान किए जाएंगे. 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर शाही सन्नान की शुरुआत हो जाएगी, लेकिन आज हम आपको इस महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि मौनी अमावस्या का स्नान है. सबसे बड़े स्नान का शुभ मुहूर्त मौनी अमावस्या महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान माना जाता है. इस स्नान का विशेष महत्व है. मौनी अमावस्या पर इस महाकुंभ का तीसरा शाही स्नान किया जाएगा. मौनी अमावस्या अगले साल 29 जनवरी को मनाई जाएगी. मतलब मौनी अमावस्या का शाही स्नान भी 29 जनवरी को किया जाएगा. इस दिन सन्नान के शुभ मुहूर्त की बात कि जाए तो इसका ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. मौनी अमावस्या का महत्व मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है. इन दिन व्रत के साथ मौन रखने का भी महत्व है. हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या पर स्नान के अलावा पितरों के श्राद्ध और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है. दरअसल, सालभर में 12 अमावस्या होती है, लेकिन माघ मास की अमावस्या को अति विशेष माना गया है. मास की अमावस्या को ही मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. महाकुंभ और मौनी अमावस्या का संयोग धार्मिक दृष्टि से सबसे ज्यादा फल देने वाला कहा जाता है. इस दिन दान करना भी पुण्यकारी हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर स्नान के साथ-साथ दान करने को भी विशेष फलदायी और पुण्यकारी माना जाता है. इस दिन दान करने वाले व्यक्ति के जीवन के सभी पापों का प्रायश्चित हो जाता है. इस दिन पितरों के तर्पण, पूजा और दान से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशिर्वाद प्रदान करते हैं.

20 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माता की सेहत में सुधार होगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। भूमि, भवन सुख में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों का दिन अच्छा रहने वाला है। अपनों का साथ होगा। शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आर्थिक रूप से दिन परेशानी भरा हो सकता है। वाणी में मधुरता रखें। किसी महत्वपूर्ण कार्य में धैर्य बनाकर रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। आय में कमी व खर्च की अधिकता रह सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का दिन लाभकारी रहने वाला है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। सेहत को लेकर सतर्क रहें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। किसी भी तरह का रिस्क न लें। चोट-चपेट लग सकती है। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मध्यम फलदायी रहने वाला है। आर्थिक प्रसन्नता रहेगी। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार में भागदौड़ बढ़ सकती है। लाभ में वृद्धि होगी। किसी मित्र के साथ कहीं घूमने जाने की प्लानिंग बना सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। किसी पुराने मित्र से लंबे समय के बाद मुलाकात हो सकती है। कारोबार में व्यस्तता रह सकती है। वाणी के प्रभाव से रुके काम बनेंगे। व्यापारिक स्थिति सामान्य रहने वाली है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का शुभ रहने वाला है। व्यापारियों के कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। यात्रा पर भी जा सकते हैं। माता की सेहत में सुधार होगा। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को व्यापार में नई डील मिल सकती हैं। आय के नवीन साधन बन सकते हैं। पुराने सोर्स से भी रुपए-पैसे आएंगे। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। परिवार के साथ यात्रा के योग हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज भाग्यशाली दिन का निर्माण हो रहा है। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी होगी। अपने से बड़े बुजुर्गों का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों की आज लव लाइफ अच्छी रहे वाली है। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। छुट्टी सा महसूस करेंगे। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी रहेगी। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। गुण ज्ञान की प्राप्ति होगी। अच्छे समाचार की प्राप्ति होगी। शत्रु भी मित्र बनने की कोशिश करेंगे। यात्रा के योग हैं। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी कर सकते हैं।

19 दिसम्बर गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मन में शांति व प्रसन्नता का भाव रहेगा। आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। प्रेम का साथ होगा। व्यापारिक स्थिति भी अच्छी होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा। धैर्य में कमी महसूस कर सकते हैं। आज आपको नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। ज्यादा उत्साही होने से बचें। परिवार में शांति बनाए रखने की कोशिश करें। कार्यक्षेत्र में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। विदेश से कारोबार में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन या पदोन्नति मिल सकती है। अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से बचें। व्यापारिक रूप से आप सुदृढ़ होंगे। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन में कई तरह के उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार की स्थिति में सुधार हो सकता है। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आ जाएंगे। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का आज मन परेशान रह सकता है। आर्थिक रूप से स्थिति उतार-चढ़ाव भरी रह सकती है। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास रखना चाहिए। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में सुधार होने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के जीवन में खुशियों का आगमन होगा। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर नजर रखें। व्यापारिक स्थिति में सुधार होगा। आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। कामकाज को लेकर व्यस्तता रह सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें। नौकरी में अफसरों से तालमेल बनाकर रखें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। परिवार के अच्छा समय बिताएंगे। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों की वाणी में आज मधुरता तो रहेगी, लेकिन गुस्से पर काबू रखना चाहिए। नौकरी में परिवर्तन की संभावना बन रही है। परिश्रम ज्यादा करनी पड़ सकती है। सेहत का भी ध्यान रखें। सरकारी तंत्र का लाभ मिलेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। संतान पक्ष से किसी सुखद समाचार की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में परिवर्तन की संभावना बन रही है। माता की सेहत का भी ध्यान रखें। कारोबार में विस्तार के लिए आज का दिन अच्छा है। निवेश के अच्छे अवसर मिलेंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन सेहत के नजरिए से प्रतिकूल नजर आ रहा है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। सेहत के मामले में सतर्क रहने की जरूर है। व्यापारियों के कारोबार में विस्तार हो सकता है। धन की स्थिति मजबूत होगी। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातक आज ऑफिस में पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। आपको जवाब अपने प्रदर्शन से देना होगा। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक आय में वृद्धि होगी। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक समाचार ला सकता है। आशा-निराशा के भाव मन में रहेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ में वृद्धि होगी। बिजनेसमैन नए व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं।

सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर मकर राशि में होगा सूर्यनारायण का प्रवेश

उज्जैन सूर्य के उत्तरायण का पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, जब सूर्य का प्रवेश दिन में हो या सुबह सूर्योदय के तीन मुहूर्त के आसपास हो, तो मकर संक्रांति का अनुक्रम बनता है। धर्मशास्त्र की इसी मान्यता के अनुसार, 14 तारीख को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। मोक्षदायिनी शिप्रा में पर्व स्नान होगा। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया, सूर्य के राशि परिवर्तन को सूर्य की संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। सूर्य की मकर संक्रांति शुभ     सूर्य सिद्धांत की मान्यता के अनुसार, 14 जनवरी मंगलवार को पुनर्वसु नक्षत्र, विषकुंभ योग एवं बालव करण तथा कर्क राशि के चंद्रमा की साक्षी में सूर्य देवता का धनु राशि को छोड़कर के मकर राशि में प्रवेश करेंगे।     मकर राशि में प्रवेश होते ही सूर्य की मकर संक्रांति कहलाएगी। यह समय सुबह 7.59 पर होगा। सूर्य के मकर में प्रवेश करते ही खरमास का समापन होगा तथा उत्तरायण का पक्ष आरंभ हो जाएगा।     मांगलिक कार्य आरंभ होंगे। मकर संक्रांति का पर्व काल होने से यह स्नान, दान, तर्पण, पितरों के निमित्त श्रद्धा व्यक्त करने का दिवस है। इस दिन अन्नदान, वस्त्रदान करने का विशेष महत्व है।     तांबा, चांदी अथवा सोने के कलश में काले तिल भरकर के दान करने का महत्व भी बताया गया है। इस दिन जल में काले तिल डालकर स्नान करने से गरीबी दूर होती है तथा रोग, दोष समाप्त होते हैं। व्यापार में उतार चढ़ाव, भारत लाए जा सकते हैं वन्यप्राणी शास्त्रीय गणना व सूर्य सिद्धांत में संक्रांति के शुभ अशुभ फल में वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार संक्रांति का वाहन व्याघ्र तथा उप वाहन अश्व रहेगा। व्याघ्र पर सवार होकर आ रही संक्रांति वन्य प्राणियों के लिए विशेष प्रभावी रहेगी। इससे बाघ व कूनों में चीतों की संख्या में वृद्धि होगी। अन्य देशों से नए वन्यप्राणी भारत लाए जा सकते हैं। प्राणियों के जीवन पर कुछ संकट की स्थिति भी बन सकती है।

18 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। अतीत की बातों को लेकर मन में उतार-चढ़ाव आएंगे। हालांकि आपको नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। नौकरी में अफसरों से मेलजोल बनाकर रखें। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का दिन अच्छा रहने वाला है। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का साथ मिलने से आत्मविश्वास रहेगा। हालांकि धैर्य में कमी महसूस कर सकते हैं। कारोबार में सुधार व विस्तार हो सकता है। किसी मित्र के सहयोग से किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहने वाला है। मिथुन राशि– आज मिथुन राशि वालों के लिए कुछ मामलों में कष्टकारी दिन रहने वाला है। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। पारिवारिक जीवन कष्टमय रहेगा। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। नौकरी में तरक्की के मौके मिल सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों की वाणी से लोग प्रभावित होंगे। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। लिखने-पढ़ने में आपकी रूचि बढ़ेगी। शिक्षा से जुड़े कार्यों से आय में वृद्धि के योग हैं। संतान से सुखद समाचार मिल सकते हैं। कारोबारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। सिंह राशि– सिंह राशि वालों को आज मिश्रित परिणाम मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। जीवन साथी की सेहत का ध्यान करें। माता-पिता का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। आय व व्यय में बैलेंस बनाकर चलें, वरना आर्थिक रूप से परेशान हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। कन्या राशि- आज कन्या राशि वालों को बेकार के क्रोध से बचना चाहिए। कारोबारी कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। हालांकि आपके कारोबार का विस्तार भी होगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। नौकरी में सुअवसरों की प्राप्ति होगी। इनकम के साधन बढ़ेंगे। सरकारी तंत्र से लाभ होगा। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता हासिल होगी। कार्यों की जो रूपरेखा आपने तैयार की थी, उसपर काम करने का अच्छा समय है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के मौके भी मिलेंगे। भागदौड़ ज्यादा रहेगी। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में रहेंगे। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को शासन सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर अपनी स्किल दिखाने का मौका मिलेगा। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। कारोबार के सिलसिले में भागदौड़ ज्यादा रह सकती है। किसी को उधार देने से बचें। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज मन शांति रहेगा। आर्थिक रूप से कार्यों में सफलता मिलने से मन में प्रसन्नता रहेगी। बातचीत में संतुलित रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता हासिल हो सकती है। कुलमिलाकर आपके लिए एक बेहतर समय का निर्माण हो रहा है। मकर राशि– मकर राशि वालों का आज आर्थिक रूप से मन परेशान रहेगा। माता का साथ मिलेगा। व्यापार में सुधार होगा। किसी मित्र के सहयोग से आय वृद्धि संभव है। नए व्यापार की शुरुआत हो सकती है। घर में कुछ उत्सव का माहौल रहेगा। संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। हालांकि आपके कारोबार में सुधार होगा। पिता से कारोबार के लिए धन मिल सकता है। माता की सेहत पर नजर रखें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य व साथ पर नजर रखें। आर्थिक रूप से स्थिति मध्यम रहने वाली है। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन उन्नति के अवसर प्रदान करेगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। कुटुंबों में वृद्धि होगी। हालांकि अपने खर्चों पर कंट्रोल रखें। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी।

17 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। लंबे समय के बाद कार्यों के पूरा होने पर खुशी महसूस होगी। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। किसी खास प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। रोजाना एक्सरसाइज करें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि– आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। पारिवारिक जीवन में बदलाव हो सकते हैं। दोस्त आपकी सलाह की तारीफ करेंगे। कुछ तनाव से नींद न आने की समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मिथुन राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होगी। कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। फैमिली मेंबर्स के मूड स्विंग से पारिवारिक जीवन में तनाव रह सकता है। कोई ऐसा काम न करें, जो साथी को ना पसंद हो और जिसकी वजह से रिश्तों में तनाव बढ़े। कर्क राशि- अपने फिटनेस पर ध्यान दें। निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। मूड खराब होने की वजह से पारिवारिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सिंगल जातकों को किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। सिंह राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। बकाया हुआ धन वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ जातक सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। प्रियजनों का इमोशनल सपोर्ट मिलेगा। घर में मैरिज या किसी फंक्शन के लिए इनविटेशन आ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कन्या राशि- लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रिश्तों में साथी संग आपसी समझ और मान-सम्मान बनाए रखें। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। तुला राशि- स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। डॉक्टर की सलाह लेने पड़ सकती है। कर्ज से छुटकारा पाएंगे। कार्यों का दबाव कम होगा। धार्मिक स्थल पर यात्रा के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। प्रेमी के प्यार और सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। वृश्चिक राशि- निवेश के कई मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ दिक्कतों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। धैर्य बनाए रखें। परिस्थित को बड़े पिक्चर में देखने का प्रयास करें। जो लोग प्रेमी के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा समय है। धनु राशि– धन बचत पर फोकस करें। निवेश के नए विकल्पों की तलाश करें। व्यापार में विस्तार होगा। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। घर के किसी गुस्सैल सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। ऑफिस में अतिरिक्त कार्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। मकर राशि- घर के किसी छोटे सदस्य की वजह से मूड खराब हो सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ छोटी समस्याओं को लेकर घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। अघर आप ट्रिप का प्लान बना रहे हैं ,तो यह उत्तम समय है। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। लव लाइफ शानदार रहेगी। कुंभ राशि– आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रियजन के संग नजदीकियां बढ़ेंगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। हेल्दी डाइट लें। रोजाना एक्सरसाइज करें। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करें। मीन राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर के किसी फैमिली मेंबर्स से तीखी बहस के कारण तनाव हो सकता है। विनम्र रहें। वाणी पर संयम रखें और क्रोध से बचें।

कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव की कृपा पाने का एक सुनहरा अवसर

हिन्दू धर्म में कालाष्टमी पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है. कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. इस दिन उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. कालाष्टमी का पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव के एक उग्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. काल भैरव की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं. काल भैरव की पूजा करने से भय और आतंक का निवारण होता है और इस दिन की गई पूजा से रोगों से मुक्ति मिलती है. पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की 22 दिसंबर को दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर होगी. और अगले दिन 23 दिसंबर को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी. काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है. ऐसे में 22 दिसंबर को पौष महीने की कालाष्टमी मनाई जाएगी. काल भैरव पूजा सामग्री काल भैरव की मूर्ति या चित्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, कुमकुम, रोली, चंदन, फूल, धूप, दीपक, नैवेद्य (जलेबी, इमरती, पान), सरसों का तेल, काले तिल, सुपारी, लौंग, नारियल, काला कुत्ता (यदि आसपास हो). ऐसे करें कालभैरव की पूजा     कालाष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.     पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और पूजा कर व्रत का संकल्प लें.     भगवान काल भैरव की मूर्ति या चित्र को एक साफ चौकी पर स्थापित करें.     मूर्ति पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें.     मूर्ति को कुमकुम, रोली और चंदन से सजाएं और फूलों की माला पहनाएं.     सरसों के तेल का दीपक जलाएं और भगवान को जलेबी, इमरती, पान आदि का भोग लगाएं.     काले तिल, सुपारी और लौंग अर्पित करें.     “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का जाप करें और भगवान काल भैरव की आरती करें.     भगवान काल भैरव का तीन बार प्रदक्षिणा लगाएं और लोगों को प्रसाद वितरित करें.     कालाष्टमी के दिन काला कुत्ता मिलने पर उसे रोटी खिलाएं.     इस दिन भगवान काल भैरव को शराब अर्पित करने की मान्यता भी है, लेकिन यह सभी के लिए आवश्यक नहीं है.     पूजा करते समय सकारात्मक भाव रखें और मन में किसी भी प्रकार का भय न रखें.     पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और जरूरतमंदों को दान दें. कालाष्टमी के दिन क्या करें और क्या नहीं?     कालाष्टमी के दिन व्रत रखें और भगवान काल भैरव के मंदिर में जाएं.     शिव पुराण का पाठ करें.     गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं.     इस दिन किसी से भी झूठ न बोलें.     कालाष्टमी के दिन मांस-मदिरा का सेवन न करें.     इस दिन किसी का अपमान न करें. कालाष्टमी पर्व का महत्व भगवान काल भैरव को भगवान शिव का एक उग्र रूप माना जाता है. उन्हें समय और मृत्यु का स्वामी भी कहा जाता है. काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं. काल भैरव को शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है. उनकी पूजा करने से व्यक्ति के सभी शत्रु नष्ट हो जाते हैं. काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति में साहस आता है और सभी प्रकार के भय दूर हो जाते हैं. काल भैरव की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. काल भैरव को न्याय का देवता भी माना जाता है. उनकी पूजा करने से कानूनी मामलों में सफलता मिलती है. काल भैरव की पूजा करने से व्यापार में वृद्धि होती है और सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं.  

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को, जानें शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति साल का पहला और हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक विशेष त्योहार है. मकर संक्रांति हर साल कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को मनाई जाती है. भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मकर संक्रांति मनाई जाती है. आइए हिंदू पंचांग के मताबिक जानते हैं कि साल 2025 में मकर संक्रांति कब है और इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय कब रहेगा. साल 2025 में 14 जनवरी को है मकर संक्रांति वैदिक हिंदू पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन मंगलार पड़ रहा है. इस दिन भगवान सूर्य का सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर मकर राशि पर प्रवेश होगा. इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और शाम के 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त पर गंगा स्नान और दान करना लाभकारी होगा. ये पूण्य काल 8 घंटे 42 मिनट का होगा. ये है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त मकर संक्रांति के महा पुण्य काल की बात करें तो वो सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और 10 बजकर 48 मिनट के बाद समाप्त हो जाएगा. ये महा पुण्य काल 1 घंटा 45 मिनट का होगा. ज्योतिष के मुताबिक, इन दोनों ही समय में स्नान और दान करना बहुत शुभ होगा. जो भी मकर संक्रांति पर पुण्य काल और महा पुण्य काल पर स्नान और दान करेगा उसे विशेष फल की प्राप्ति होगी. मकर संक्रांति क्यों है महत्वपूर्ण मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य के पूजा की मान्यता है. इस दिन भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव के मकर राशि में जाने के साथ दिन बड़े होने लगते हैं और ठंड का प्रकोप धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगता है. मकर संक्रांति नई फसल के आने का भी प्रतीक है. इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर भी चलना शुरू कर देते हैं. मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना समेत दूसरी पवित्र नदियों में स्नान करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है.

16 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि-कर्ज से मुक्ति मिलेगी। जॉब इंटरव्यू के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। अपने फिटनेस गोल्स पर फोकस करें। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी। यात्रा के दौरान पुराने दोस्त से मुलाकात संभव है। प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी विवाद हो सकते हैं। वृषभ राशि-आर्थिक मामलों में सावधानी से फैसले लें। बेकार के खर्चों से बचें। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों से ज्यादा परेशान न हों। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। लव लाइफ में सरप्राइज मिल सकते हैं। मिथुन राशि-निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। स्टॉक्स, शेयर्स और प्रॉपर्टी इनवेस्ट के बारे में पहले अच्छे से रिसर्च करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करें। अपने फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें। इससे आपके ओवर ऑल हेल्थ में सुधार आएगा। व्यापार में विस्तार होगा। लव लाइफ में साथी की प्राथमिकताएं दूसरी होने के कारण आपको दूरियां महसूस हो सकती हैं। कर्क राशि-आय के अतिरिक्त स्त्रोतों की तलाश करें। वाद-विवाद से बचें। बिजनेसमेन को व्यापार में मुनाफा होगा। बिजनेस पार्टनरशिप के नए मौके मिलेंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप फिट और एक्टिव महसूस करेंगे। शैक्षिक कार्यों में खूब मेहनत करें। इससे आपको सफलता जरूर मिलेगी। सिंगल जातकों की आज किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। सिंह राशि-आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। यात्रा के योग बनेंगे। फिजिकली फीट रहेंगे और मन सकारात्मक रहेगा। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। लव लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। कन्या राशि-धन बचत करें। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। विचारों में अलगाव होने के कारण आपको नेगेटिव फील हो सकता है। नियमित एक्सरसाइज करें। इससे आप फिजिकली और मेंटली फिट रहेंगे। अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। नई स्किल सीखें। लंबे समय से रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स लव लाइफ को बेहतर बनाने का प्लान बना सकते हैं। तुला राशि-आज जल्दबाजी में लिए गए एक्शन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धन का प्रबंधन करना सीखें क्योंकि धन-दौलत में वृद्धि के योग हैं। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। अपने डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि-आय के विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। यात्रा करने से बचें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होंगी। प्रेमी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। धनु राशि-आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी। ओवरथिंकिंग से बचें। सकारात्मक रहें। आत्मसंयत रहें और शैक्षिक कार्यों पर फोकस करें। लव लाइफ अच्छी रहेगी। मकर राशि-लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। कुंभ राशि-प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए उत्तम दिन है। व्यापार में मुनाफा होगा। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। सेल्फकेयर पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को समझदारी से सुलझाएं। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। मीन राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। डाइट में थोड़े बदला लाएं। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है. ये दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन बप्पा की विधि-विधान से पूजा और व्रत करना बहुत ही शुभ होता है. ऐसा करने से व्यक्ति पर गणेश जी की कृपा होती है. जिससे उसके घर में सुख-शांति का वास होता है, साथ ही उसे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. कब है अखुरथ संकष्टी चतुर्थी? हिंदू पंचांग के अनुसार, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 18 दिसंबर को मनाई जाएगी. इसकी तिथि 18 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 19 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगी. संकष्टी चतुर्थी का व्रत 18 नवंबर को रखा जाएगा. इस दिन बप्पा की पूजा और व्रत के साथ-साथ दान करने का भी बहुत महत्व है. तो चलिए हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जानते हैं कि इस दिन किन चिजों का दान करना शुभ होता है. इन चीजों का करें दान इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए. ऐसा करने से भगवान गणेश के साथ-साथ गौ माता भी कृपा करती हैं. इस दिन हाथी को भी चारा देना चाहिए. इससे शुभ फल मिलते हैं. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने वाले के जीवन में जो भी दिक्कतें हैं वो धीरे- धीरे दूर हो जाती हैं. क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त ? अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 6 तक है. ये मुहूर्त सबसे अधिक शुभ है. वहीं विजय मुहूर्त का समय दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त का समय 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक है. अमृत काल का समय शाम 6 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 7 मिनट तक है. पूजा विधि     इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके भगवान सूर्य को जल देना चाहिए.     घर में गंगाजल छिड़क कर बप्पा की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए.     बप्पा को फल और दूर्वा मोदक का भोग जरुर लगाना चाहिए.     फिर घी का दिया जलाकर बप्पा के मंत्रों का जाप और उनकी आरती करनी चाहिए.  

15 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए कल दिन समस्याएं लेकर आने वाला है आपके कामों को लेकर टेंशन रहेगी क्योंकि आपका बिजनेस पहले जैसा नहीं चलेगा लेकिन खर्च बेटा आशा बढ़ेंगे जो आपकी टेंशन को बढ़ाएंगे आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेने की आवश्यकता है बिजनेस में आपको योजना बनाकर काम करना हगा आपके सहयोगी की भी कामों में आपका पूरा साथ देंगे. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ा कमजोर रहेगी. आपने  यदि किसी से कुछ कर्ज लिया था, तो वह भी आपसे वापस मांग सकते हैं. सांसारिक सुख भोग के साधनों में वृद्धि होगी, लेकिन सामाजिक क्षेत्रो में कार्यरत लोगों को अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा. आप अपने कामों में एकाग्र होकर जुटेगे, तभी वह समय से पूरे हो सकगे. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नये वाहन की खरीदारी के लिए अच्छा रहेगा. आपका कोई परिजन आपके लिए कोई इन्वेस्टमेंट प्लान लेकर आ सकता है. आप अपने घर की साज सज्जा व रखरखाव पर पूरा ध्यान देंगे. आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी. प्रेम जीवन जी रहे लोगों की अपने साथी से बॉन्डिंग अच्छी रहने की संभावना है. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए कल दिन वाणी व व्यवहार पर संयम बनाये रखने के लिए रहेगा. राजनीति की और कदम बड़ा रहे लोगों को अपने कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. आपको अपनी संतान की सेहत में कोई कंप्रोमाइज नहीं करना है. विद्यार्थियों की किसी नये कोर्स के प्रति रुचि जागृत हो सकती है. आपको अपने पारिवारिक मामलों पर भी पूरा ध्यान देना होगा. किसी से धन उधार लेने से बचे. सिंह राशि: सिंह राशि के साथ जो जातक बिजनेस में कार्यरत  है, उनकी दीर्घकालीन योजनाओ को गति मिलेगी. आपके मन में कामों को लेकर जल्दबाजी रहेगी, जिससे कोई गड़बड़ी होने की संभावना है. आपको कोई निर्णय सोच समझ कर लेना होगा. आपके कुछ नहीं विरोधी उत्पन्न हो सकते हैं. आप अपने कामों में कोई बदलाव करने की योजना बना सकते हैं. परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बाधा दूर होगी. कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए कल दिन अकस्मात् लाभ दिलाने वाला रहेगा. आपको अपने कामों में लाभ मिलने से खुशी होगी. किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन थोड़ा परेशान तो रहेगा, लेकिन आप अपने अच्छी सोच का कार्य क्षेत्र में लाभ उठाएंगे. आप आय और व्यय का लेखा जोखा रखे,  तभी आप भविष्य को लेकर कुछ धन संचय करने की प्लानिंग कर सकते हैं. आपके किसी काम को लेकर यदि संशय बना है, तो उसे काम को बिल्कुल ढील ना दे. तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन समस्याओं भरा रहने वाला है. आपको अपने पारिवारिक मामलों को मिल बैठकर दूर करने की आवश्यकता है. कोई बाहरी व्यक्ति इसमें उंगली कर सकता है, इसलिए आप किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर ना करें. किसी काम को लेकर यदि आप अपने मित्र से धनु उधर लेंगे, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा.  आप उन्नति की राह पर आगे बढ़ेंगे. वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नये वाहन की प्राप्ति के लिए रहेगा. आपको कार्य क्षेत्र में तरक्की करते देख बॉस आपका प्रमोशन कर सकते हैं. आपने यदि किसी प्रॉपर्टी को लेकर कोई लोन आदि अप्लाई किया था, तो उसके भी मिलने की आपको संभावना है. नौकरी में कार्यरत लोग बदलाव का प्लान बना सकते हैं. किसी नए काम की शुरुआत करना आपके लिए अच्छा रहेगा. धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन अपने खर्चों पर पूरा ध्यान देने वाला रहेगा. आपके खर्चे तो बढ़ेंगे, लेकिन आप उन्हें संभालने की पूरी कोशिश करेंगे. परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य में अकस्मात गिरावट आने से भागदौड़ अधिक रहेगी. आपकी टेंशन भी बढ़ेगी. माता जी आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती हैं, जिससे आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है. आप कोई लेनदेन भी सोच विचार कर करें. मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए कल दिन उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है. आपकी संपत्ति बढ़ने से आपका मन प्रसन्न रहेगा. परिवार में सदस्यों में खटपट होने की संभावना है, लेकिन आप उससे घबराएं नहीं. आपने यदि अपने किसी काम में किसी दूसरे व्यक्ति से सलाह ली, तो वह आपके कामों को बिगाडने की कोशिश करेगा. अविवाहित जातकों के लिए कोई बेहतर रिश्ता आ सकता है. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातको को अपने कामों मे एकाग्र होकर जुटना होगा, तभी उनके काम समय से पूरे हो सकेंगे. आप जीवनसाथी को  बिजनेस की शुरुआत करा सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. आपकी किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी. संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी. आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है, जिस कारण परिवार के सदस्य नाराज हो सकते हैं. मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए कल दिन ऊर्जावान रहने वाला है.  आपके अंदर काफी एनर्जी रहेगी. संतान की नौकरी को लेकर यदि आप परेशान थे, तो आपकी वह चिंता समाप्त होगी. किसी से धन उधार यदि आपको लेना होगा, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा. बैंकिंग क्षेत्रों में कार्यरत लोग अपने कामों पर पूरा ध्यान दें और किसी अच्छी जगह इन्वेस्टमेंट करने का मौका मिलेगा.

14 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि-मेष राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में वृद्धि । किसी नए कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। सेहत के प्रति सचेत रहें। वृषभ राशि-वृषभ राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। बातचीत में संयत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। मिथुन राशि-मिथुन राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा, परंतु आत्मविश्वास में कमी भी रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। कारोबार के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। कर्क राशि-कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। शैक्षिक कार्यों के लिए विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कारोबार का विस्तार होगा। लाभ में वृद्धि होगी। सिंह राशि -सिंह राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मन लगेगा। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक होगी। कारोबार के विस्तार के लिए निवेश कर सकते हैं। लाभ के अवसर मिलेंगे। कन्या राशि-कन्या राशि वालों का मन अशांत रहेगा। किसी अज्ञात भय से भी परेशान हो सकते हैं। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय के साधन बन सकते हैं। तुला राशि-आज तुला राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। पिता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में अधिकता रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। वृश्चिक राशि -वृश्चिक राशि वालों की पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संपत्ति में वृद्धि होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। धनु राशि –धनु राशि वालों का मन शांत रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा। किसी मित्र से भेंट हो सकती है। मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। मकर राशि –मकर राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। कारोबार में लाभ के भी अवसर मिलेंगे। कुंभ राशि-कुंभ राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। मीन राशि-मीन राशि वालों का मन अशांत हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी।

मासिक कार्तिगाई पर घर में जलाएं दीपक, सौभाग्य और समृद्धि से घर बनेगा स्वर्ग

मासिक कार्तिगाई एक विशेष हिंदू त्योहार है, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। इस दिन दीप जलाने की परंपरा होती है, खासकर घरों और मंदिरों में, जिससे घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ मासिक कार्तिगाई एक विशेष हिंदू त्योहार है, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। इस दिन दीप जलाने की परंपरा होती है, खासकर घरों और मंदिरों में, जिससे घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक और दीयों को सही दिशा में लगाने से घर में सकारात्मकता और समृद्धि आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक जलाने की दिशा और तरीका: उत्तर और पूर्व दिशा में दीपक लगाना: उत्तर दिशा: उत्तर दिशा को भगवान कुबेर, जो धन और समृद्धि के देवता हैं का घर माना जाता है। इस दिशा में दीपक जलाने से आर्थिक समृद्धि और शांति प्राप्त होती है। पूर्व दिशा: पूर्व दिशा सूर्योदय की दिशा होती है और इसे अच्छे स्वास्थ्य और आत्मिक शांति की दिशा माना जाता है। इस दिशा में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दक्षिण दिशा से बचें: दक्षिण दिशा को यमराज का स्थान माना जाता है और यहां दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है इसलिए दक्षिण दिशा में दीपक लगाने से बचें। दीपक का स्थान: दीवार के पास दीपक रखें: दीपक को हमेशा दीवार के पास या किसी स्थिर स्थान पर रखें ताकि उसका प्रकाश घर के अंदर फैले और किसी बाधा या विघ्न से बचाव हो। मुख्य दरवाजे पर दीपक: घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक लगाना बहुत शुभ माना जाता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करता है और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर रखने में मदद करता है। दीपक के प्रकार: तेल के दीपक (घी का दीपक) जलाना सबसे शुभ माना जाता है। यह दीपक घर में शांति और सुख-समृद्धि लाता है। सरसों के तेल या घी में दीपक जलाएं क्योंकि ये प्राकृतिक होते हैं और इनका प्रभाव अधिक सकारात्मक होता है। दीपक की संख्या: कार्तिगाई में विशेष रूप से पांच, सात, या नौ दीपक जलाने की परंपरा है। यह संख्या सौभाग्य और समृद्धि को दर्शाती है। समान ऊंचाई पर दीपक रखें: दीपक को हमेशा समान ऊंचाई पर रखें। इसे फर्श पर रखने के बजाय किसी टेबल, पंखे या शेल्फ पर रखें ताकि दीपक का प्रकाश पूरे घर में समान रूप से फैल सके। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें: दीपक को कहीं भी जलाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि यह किसी खतरे की स्थिति में न हो जैसे कपड़ों या कागज के पास। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि आग लगने का खतरा न हो। मासिक कार्तिगाई पर दीपक लगाते समय, वास्तु शास्त्र की अनुशंसा अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा में दीपक लगाना सबसे अच्छा होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपके जीवन में समृद्धि और शांति आती है।

13 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वहीं, बिजनेस कर रहे लोगों को नयी पार्टनरशिप अट्रैक्ट कर सकती है। सेहत के मामले में दिन यादगार रहेगा। वृषभ राशि- आज लव लाइफ में पास्ट के मुद्दे न उठाना ही बेहतर है। आपको धन लाभ हो सकता है। बेवजह का तनाव न लें। खुद की जरूरतों पर ध्यान दें। पैसों के मामले में साथी की सलाह लेना अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- आज जीवन में हलचल रहेगी। कार्यभार संभालते वक्त समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। जहां धन का आगमन होगा वहीं, खर्च की भी अधिकता रहेगी। अपनी मां की सेहत का ख्याल रखें। कर्क राशि- आज आपका दिन बेहतरीन रहने वाला है। आर्थिक तौर पर किसी की सहायता भी करनी पड़ सकती है। लॉन्ग डिस्टेंस वालों को रिश्ते को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। सिंह राशि- आज के दिन धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। बड़े बदलावों के लिए तैयार हो जाएं। काम की प्रशंसा होगी। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कन्या राशि- आज का दिन बिजी फील हो सकता है। अपने पार्टनर की सेहत पर ध्यान दें। हो सकता है आज आपका क्रश आपको रिप्लाई दे। किसी भी नए काम की शुरुआत आज न करें। तुला राशि- आज करियर तौर पर आपको कोई नया प्रोजेक्ट हासिल हो सकता है। लव के मामले में मैरिड कपल्स को एक दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहिए। वृश्चिक राशि- आज आपका दिन काफी रोमांटिक रहने वाला है। कमिटेड लोगों को अपने बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए एक दूसरे को सपोर्ट करना चाहिए। ऑफिस में क्लीग्स के साथ बहस करने से बचें। धनु राशि- आज आपका दिन थोड़ा हलचल भरा रह सकता है। ऑफिस रोमांस विवाहित जातकों के लिए भारी पड़ सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना भी जरूरी है। मकर राशि- लव के मामले में बड़े बदलावों के लिए तैयार हो जाएं। आर्थिक तौर पर खर्च बढ़ सकते हैं। आपको फाइनेंशियल तौर पर बेहद सोच समझकर डिसीजन लेने चाहिए। कुंभ राशि- आज जोखिम भरा इन्वेस्टमेंट न करें। शादीशुदा लोगों को जीवन में थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सिंगल वालों को सरप्राइज मिल सकता है। खुद को हाइड्रेटेड रखें। मीन राशि- आज उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। तनाव ज्यादा न लें। अपने गुस्से को काबू में रखें। काम और निजी जीवन के बीच में संतुलन बनाकर रखें। बड़े फैसले न लें।

साल की आखिरी अमावस्या के दिन कैसे करें पितरों का तर्पण

हिंदू धर्म ग्रंथों में पूर्णिमा और अमावस्या ये दोनों ही तिथियां विशेष महत्व रखती हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा और अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान और दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. मान्यता के अनुसार, जो कोई भी पूर्णिमा और अमावस्या तिथि पर पवित्र नदी में स्नान और फिर दान करता है उसे पुण्य फल प्राप्त होते हैं. इस साल पौष महीने मे पड़ने वाली अमावस्या बेहद महत्वपूर्ण है. पौष महीने मे पड़ने वाली अमावस्या सोमवार को है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जब भी कोई अमावस्या सोमवार को होती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. सोमवती अमावस्या पर भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का पूजन किया जाना चाहिए. इस दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है. इसके साथ ही सोमवती अमावस्या पर पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाना चाहिए. ऐसा करने से पूर्वज आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इसलिए आइए हिंदू पंचांग के अनुसार जानते हैं कि इस साल की आखिरी अमावस्या किस दिन है. साथ हीअमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या है. कब है साल की आखिरी अमावस्या? पंचांग के अनुसार, पौष महीने या इस साल की आखिरी अमावस्या 30 दिसंबर को है. इस दिन सोमवार पड़ रहा है. 30 दिसंबर को अमावस्या की तिथि तड़के 4 बजकर 1 मिनट पर शुरू हो जाएगी. वहीं अमावस्या की तिथि 31 दिसंबर को तड़के 3 बजकर 56 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. उदया तिथि के मुताबिक, साल की आखिरी अमावस्या 30 दिसंबर को ही होगी. स्नान-दान का शुभ मुहूर्त साल की आखिरी अमावस्या के दिन स्नान- दान करने के लिए बह्म मुहूर्त सबसे उत्तम है. ये मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 19 मिनट तक है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर के 12 बजकर 3 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 45 मिनट तक है. पौष महीने की इस अमावस्या के दिन वृद्धि का जो योग है वो सुबह से लकर शुरू है और रात के 8 बजकर 32 मिनट तक है. सोमवती अमावस्या का महत्व अमावस्या की तिथि अगर सोमवार को पड़ रही है, तो वो और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है. सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने वाले शुभ फलों को प्राप्त करते हैं. इसके साथ ही घर में सुख और समृद्धि का वास बना रहता है. इसके अलावा अमावस्या पर जो भी पितरों का तर्पण और पिंडदान करता है वो पृतदोष से मुक्त हो जाता है.

इन पांच प्राणियों को खिलाएं खाना, रहेगी स्थिर लक्ष्मी

हमारें जीवन में कई उतार चढ़ाव आते है जिससे की लोग बहुत दुखी होते है और कुछ लोग उस समस्या का निजात निकाल कर उससे निकल जाते है। इस दुनिया में बहुत कम लोग है जो अपने जीवन से खुशी है। किसी न किसी को की न कोई समस्या है। अमीर के पास धन होते हुए भी और धन की ललसा और एक गरीब के पास धन न होते हुए सिर्फ पेट की भुख मिटाने तकी ललसा। हम माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या नही करते है। तरह-तरह के उपाय अपनाते है जिससे कि माता लक्ष्मी हमारे घर से कभी न जाएं। हिंदू धर्म के शास्त्रों में कई ऐसे उपाय बताए गें है जिनका आमरण करे तो हम सफलता ही हर ऊचांई को छूते चले जाएगे। शास्त्रों में दी गई बातें हमें कभी निराश नही कर सकती है। इसी प्रकार शास्त्रों में भोजन के बारें में की बातें बताई गई है। इसके अनुसार जब भोजन करते है तो उससे पहले हमें इन लोगों के लिए भोजन जरूर निकालना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से माता लक्ष्मी हमारें घर से कभी नही जाएगा। एक उपाय तो ये है कि हम अपनी मेहनत से और स्वयं की समझदारी से इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें और दूसरा उपाय यह है कि हम धार्मिक कर्म करें। शास्त्रों में पांच लोग ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें खाना खिलाने से हमारे जीवन की सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। जानिए वह कौन पांच लोग है। जिससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। गाय को खिलाएं रोटी हिंदू धर्म में गाय को माता समान माना जाता है। यह पुज्नीय भी है। हमारें शास्त्रों में कहा गया है कि जब भी हम खाना बनाएं उसके बाद सबसे पहले एक रोटी गाय को खिलाएं। माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति किसी गाय को रोटी या हरी घास रोज खिलाता है तो उसे जल्द ही कोई अच्छा फल मिलता है साथ ही कई गुना पुण्य भी मिलता है। साथ ही कुंडली में लगे कई दोष ही शांत हो जाते है। और घर में माता लक्ष्मी का वास हो जाता है। इसलिए एक रोटी जरुर खिलाना चाहिए। कुत्तें को खिलाएं रोटी अगर आपको अपने शत्रु का भय सता रहा हो जिसके कारण आप उससे डर कर रह रहे है। तो रोज एक रोटी कुत्ते को खिलाएं। इससे आपका शत्रु का भय खत्म हो जाएगा। और आप निडर हो कर रह सकेगे। साथ ही अगरा पकी कुंडली में शनि का दोष है तो शिवार के दिन काले रंग के कुत्तें को रोटी खिलाएं। इससे आपको जल्द फायदा मिलेगा। और शनि दोष शांत होगा। माता लक्ष्मी आपके घर हमेशा के लिए आ जाएगी। मछली को खिलाएं आटे की गोली शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि अगर आपकी पुरानी संपत्ति हाथ से निकल गई हो या फिर कोई मुल्यवान चीज खो गई हो तो रोज तालाब या नदी में जाकर मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। ऐसा करने से आपकी पुरानी संपत्ति वापस मिल जाएगी। साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी। जिसके कारण आपके घर में कभी भी धन की कमी नही होगी। साथ ही आपको अक्षय पुण्य की प्राप्त होगा। चीटियों को डालें आटा अगर आप बहुत ज्यादा परेशान है। आपको हर काम में असफलता मिल रही है जिसके कारण आप कर्ज में डूबते चले जा रहे है। जिसके कारण आप तनाव में चले जाते है। शास्त्रों में माना जाता है कि अगर आप अपने घर में निकलने वाली चीटियों को आटा या चीनी डालेगे। जो इससे आपको अधिक फायदा होगा। इससे हमें सभी कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही घर में कभी भी धन की कमी नही होगी। पक्षियों को खिलाएं अनाज शास्त्रों के अनुसार माना गया है कि अगर आपके घर में आर्थिक लाभ न हो रहा हो। हर काम में असफलता प्राप्त हो रही हो तो इस समस्या से निजात आपको पक्षी दिला सकते है। इसके लिए रोज पक्षियों को दाना डालें जिससे महालक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी। और काम में आपको सफलता प्राप्त होगी।  

राशिफल गुरुवार 12 दिसम्बर 2024

मेष राशि- आज का आपका दिन थोड़ा उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। अपनी योग्यता साबित करने के लिए नई जिम्मेदारियां लेने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि आप अपने प्रेम जीवन में हर समस्या का सोल्यूशन निकाल लें। अपना बेस्ट रिजल्ट भी दें। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। वृषभ राशि– आज का आपका दिन नॉर्मल रहने वाला है। आप अपनी फीलिंग्स को अच्छी तरह संभालना जानते हैं। रिश्ते में खुश रहने के लिए प्यार से जुड़े मुद्दों को सुलझाएं। हेल्दी और फिट रहने पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का आपका दिन काफी लकी रहने वाला है। रोमांस, करियर, धन और स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन अच्छा है। समृद्धि भी बनी रहेगी। गाड़ी चलाते वक्त आपको अलर्ट रहना होगा। कर्क राशि- आज का आपका दिन बिजी रहने वाला है। आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। प्यार में समय बिताएं और नौकरी में अपनी पेशेवर क्षमता भी साबित करें। सिंह राशि- आज के दिन अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लें। रिश्ते में छोटे-मोटे मुद्दों को सुलझाएं और ऑफिस में नई भूमिकाएं भी निभाएं। आज धन को मन लगाकर संभालें। खर्चों के प्रति सावधानी बरतना जरूरी है। कन्या राशि- आज का आपका दिन थोड़ा स्ट्रेस वाला रहने वाला है। एक रोमांटिक नोट के साथ प्यार को पार्टनर के साथ जाहिर करें। वित्तीय समृद्धि स्मार्ट निवेश डिसिजन की अनुमति देती है। तुला राशि- आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। आज आप एक खुशहाल जीवन बिता सकते हैं। अपनी पर्सनल लाइफ में आनंद की तलाश करें और पार्टनर के लिए समय निकालें। धन का बुद्धिमानी से उपयोग करें। वृश्चिक राशि- रोमांस के मामले में दिन अच्छा रहेगा। ऑफिस की पॉलिटिक्स से दूरी जरूरी है। आज आप मजबूत दिख रहे हैं। ऑफिस में तनावपूर्ण समय में भी शांत रहें। आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। धनु राशि- आज का आपका दिन रहने प्रोडक्टिव वाला है। खुशहाल प्रेम संबंध का आनंद लें। अपनी हेल्थ पर फोकस करें। परिवार के साथ वक्त बिताएं। अपने टास्क में रचनात्मक रहने की कोशिश करें। मकर राशि- आज बाहर के खाने से आज परहेज करें। आर्थिक रूप से आज आप अच्छे हैं और इससे आपको समझदारी से निवेश करने में भी मदद मिलेगी। हेल्दी ड्रिंक का सेवन करें। कुंभ राशि- आज आपका प्रेम जीवन मस्त रहेगा। व्यावसायिक सफलता भी आपकी साथी बनेगी। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। आपका स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहेगा। आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मीन राशि- आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। करियर में आगे बढ़ने के लिए कार्यालय की जिम्मेदारियों बखूबी निभाएं। आज आपकी आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य दोनों बढ़िया रहने वाले हैं।

गुरुवार को करें ये काम, जीवन में कभी भी दुर्भाग्य दस्तक नहीं देगा

बृहस्पतिवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान श्री हरि विष्णु को बहुत प्रिय है। इन दिन कुछ खास नियमों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने से बेइंतहा उन्नति और खुशियां प्राप्त की जा सकती हैं। सबसे शुरुआत करते हैं नहाने के पानी से इसमें चुटकी भर हल्दी डालें। फिर स्वच्छ होने के बाद हल्दी अथवा केसर का तिलक अपने मस्तक, कंठ और नाभि पर लगाएं। ऐसा करने से गुरु ग्रह के सारे दोष खत्म हो जाएंगे। गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति और भगवान श्रीहरि विष्णु का व्रत रखने वाले व्यक्ति के जीवन में कभी भी दुर्भाग्य दस्तक नहीं देता। डाइनिंग टेबल पर या ग्रुप में बैठकर भोजन करते हों तो दिशाओं पर ध्यान न दें, पर घर के मुखिया या विशेष मेहमान का मुंह पूर्व दिशा में अवश्य होना चाहिए एवं वह स्थान कभी खाली नहीं रहना चाहिए। स्वामी के अभाव में उस ग्रुप में जो प्रमुख हो, वह वहां बैठे। घर के मंदिर में कभी भी ऐसी मूर्तियां न रखें जो खंडित या टूटी अवस्था में हों। किचन और शौचालय कभी भी आमने-सामने नहीं होने चाहिएं। किचन के दरवाजे के सामने चूल्हा नहीं होना चाहिए, इससे वास्तु दोष होता है। बाथरूम ईशान कोण की किसी भी दीवार से लगा हुआ नहीं होना चाहिए।

जीवन के हर सवाल का जवाब है भगवत गीता

श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का एक पवित्र आध्यात्मिक ग्रंथ है. इस उपनिषदों का सार भी माना जाता है. हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गीता जयंती का मानाई जाती है. आज श्रीमद्भागवत गीता की 5161 वीं वर्षगांठ हैं. श्रीमद्भगवागीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मानाई जाती है. इस दिन मोक्षदी एकादशी भी मनाई जाती है. भगवद गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक है, जो मनुष्यों को जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार ज्ञान प्रदान करते हैं. यानी श्रीमद्भागवत गीता में जीवन का सार छुपा है. जिसके अध्ययन करने से व्यक्ति को जीवन के सत्य और सभी उलझनों से निकलने का मार्ग मिलता है. इस महान ग्रंथ की रचना महर्षि वेदव्यास ने थी. भगवाद गीता की गणना उपनिषदों में होने के कारण इसे गीतोपनिष्द भी कहा जाता है. श्रीमद्भागवत गीता जीवन सार श्रीमद्भागवत गीता के पहले से लेकर अंतिम अध्याय तक भगवान कृष्ण युद्ध के दौरान अर्जुन को जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे रिश्तों का मोह, त्याग, नश्वर शरीर के बारें में बताते हैं. हर अध्याय अपने आप में जीवन के विभिन्न स्तर और स्थितियों को उजागर करता है. भगवद गीता के 18 अध्याय में 18 योग का वर्णन कर भगवान कृष्ण ने अर्जुन के अंदर प्रेम, मोह और डर को दूर किया था. गीता के हर योग ईश्वर से मिलने का मार्ग दिखाता है. यहां योग का अर्थ है आत्मा से परमात्मा का मिलन. जो कि इस प्रकार हैं- 1. अर्जुनविषाद योग, 2. सांख्य योग, 3. कर्म योग, 4. ब्रह्मयोग, 5. कर्म संयास योग, 6. आत्मसंयम योग, 7.ज्ञान-विज्ञान योग, 8. अक्षरब्रह्म योग, 9. राज विद्या गुह्य योग, 10. विभूति विस्तारा योग, 11. विश्वरूप दर्शन योग, 12. भक्ति योग, 13. क्षेत्र विभाग योग, 14. गुणत्रय विभाग योग, 15. पुरुषोत्तम योग, 16. दैवासुरस्मपद् विभाग योग, 17. श्रद्धात्रय विभाग योग, 18. मोक्ष सन्यास योग. इनमें से तीन योग ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग जो मनुष्य के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं . श्रीमद्भागवत गीता का सार महाभारत युद्ध की के साथ भगवद गीता के उपदेशों की भी शुरुआत हुई. जिसमें श्रीकृष्ण अपने उपदेशों से अर्जुन को मोह से बहर निकलकर कर्म करने की करने की ओर अग्रसर होने का संदेश देते हैं. वहीं भगवद गीता का दूसरा अध्याय सबसे महत्वपूर्ण हैं. क्योंकि इस अध्याय में संपूर्ण गीता सार निहित है. इसमें अर्जुन पूर्ण रूप से श्रीकृष्ण अपना गुरु और मार्गदशक स्वाकर करते हैं. जिसके युद्ध और बदलती स्थितियों के हिसाब से भगवान कृष्णु अर्जुन को उपदेश देते हैं. भगवान गीता के अंत यानी आखिरी अध्याय में श्रीकृष्ण संन्यास और त्याग के बारे में बताते है. वह कहते है कि आध्यात्मिक अनुशासन के लिए एक संन्यासी परिवार और समाज का त्याग कर देते है. लेकिन त्याग करने वाला व्यक्ति परिवार और समाज के साथ रहकर औऱ अपने कार्मो और उससे मिलने वाले फलों की चिंता किए बिना भगवान के प्रति समर्पित होकर निष्काम भाव से कर्म करता हैं. इसके अलावा जीवन-मृत्यु चक्र और आत्मा की शुद्धता और महत्व को विस्तार से समझाया गया है. श्रीमद्भागवत गीता अध्ययन के लाभ श्रीमद्भागवत गीता में निहित श्लोको जीवन दर्शन का एहसास कराते हैं. जिसमें व्यक्ति को जीवन के हर सवाल का जवाब मिलता है. रोजाना गीता पाठ करन से व्यक्ति को बहुत से लाभ मिलते हैं. मन हमेशा शांत रहता है. वितरित परिस्थियों में भी वह अपने मन पर काबू पाने की क्षमता रखता है. कामवासना, क्रोध, लालच और मोह, माया आदि के बंधनों से मुक्त हो जाता है और जो व्यक्ति इन सभी से मुक्ति पा लेता है उसका जीवन सुखमय तरीके से बीतता है. इसके अलावा श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करने से व्यक्ति का आत्मबल बढ़ता है और व्यक्ति साहसी और निडर बनकर अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ता रहता है.

राशिफल बुधवार 11 दिसम्बर 2024

मेष राशि- आज अपने स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए। हेल्दी डाइट लें। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें। फाइनेंशियली आप अच्छे हैं। वहीं, जल्दबाजी में आकर आज कोई जरूरी डिसीजन न ही लें तो बेहतर है। वृषभ राशि- आपका दिन रोमांटिक रहने वाला है। वहीं, सिंगल लोगों को आज अपने क्रश के साथ टाइम स्पेन्ड करने का भी मौका मिलेगा। आपको काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लेना चाहिए। मिथुन राशि- आज थोड़ा स्ट्रेस फील कर सकते हैं। तनाव दूर करने के लिए वॉक पर जा सकते हैं या पसंदीदा म्यूजिक भी सुन सकते हैं। डाइट को हेल्दी रखें। ऑफिस का काम घर लेकर न आएं। खुद को हाइड्रेटेड रखना न भूलें। कर्क राशि- आज के दिन इन्वेस्टमेंट करना आज ठीक नहीं रहेगा। आज की एनर्जी आपको अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट कर रही है। फिटनेस को मेंटेन करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें। सिंह राशि- आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। अपनी मां की सेहत पर ध्यान दें। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। खुद की हेल्थ पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कन्या राशि- आज सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। अपने बॉस के साथ आज आपको डिप्लोमेटिक तरीके से चीजों को आगे बढ़ाना चाहिए। सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। तुला राशि- आज का दिन मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन थोड़ी गड़बड़ा सकती है। इसलिए आज आपको इन्वेस्ट करते समय बेहद सावधान रहना चाहिए। लव के मामले में पार्टनर के साथ बहस में पड़ सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस मेन्टेन करके रखना बेहद जरूरी है। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है, जो कन्फ्यूजन क्रीएट नहीं होने देता। जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए। धनु राशि- आज आप क्रिएटिव महसूस कर सकते हैं। शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। अपनी फीलिंग्स को एक्सेप्ट करें। मकर राशि- आज जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। स्ट्रेस से दूर रहें। हेल्थ पर नजर रखें। माता पिता के साथ टाइम स्पेन्ड करना अच्छा रहेगा। बिजी भी रहेंगे। कुंभ राशि- आज करियर तौर पर प्रोडक्टिव रहेंगे। आपको किसी भी तरह का लेन-देन करते समय चौकन्ना रहना होगा। अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। आपके अंदर हर परिस्थिति को पार करने की क्षमता है। मीन राशि- आज काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। हेल्दी फील कर सकते हैं। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। स्ट्रैटिजी के साथ चलें। अर्थीक स्थिति मजबूत रहेगी। जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें।

14 दिसंबर को मनाई जाएगी अन्नपूर्णा जयंती

हिंदू धर्म में अन्नपूर्णा जयंती का दिन मां अन्नपूर्णा को समर्पित किया गया है. अन्नपूर्णा जयंती पर जो कोई भी मां की पूजा करता है उसका घर धन-धान्य और खुशियों से भरा रहता है. जो लोग इस दिन पूरे विधि-विधान से मां की पूजा करते हैं, मां अन्नपूर्णा उनकी जिंदगी के सभी दुखों को दूर करती हैं. इस दिन दान का भी बहुत महत्व है. ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जान लीजिए कि इस दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती होती है. इस साल 14 दिसंबर को 4 बजकर 58 मिनट से मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी. इस तिथि की समाप्ति 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर होगी. ऐसे में उदयातिथि की के अनुसार, 15 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती होगी. अन्नपूर्णा जयंती के दिन इन चीजों का करें दान अन्नपूर्णा जयंती के दिन जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्रों का दान करें. अन्नपूर्णा जयंती के दिन अन्न और वस्त्रों का दान करना शुभ होता है. जो भी इस दिन अन्न और वस्त्रों का दान करता है, उसका जीवन अन्न और धन के भंडार से हमेशा भरा रहता है. इस दिन अन्न और वस्त्र का दान करने वालों को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं. अन्नपूर्णा जयंती 2024 पूजा विधि     अन्नपूर्णा जयंती के दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहने.     फिर पूजा वाली जगह को गंगादल से शुद्ध करें.     इस दिन व्रत रखने की इच्छा है, तो पहले व्रत का सकंल्प लें.     पूजा से पहले मां अन्नपूर्णा की मूर्ति या तस्वीर पूजा के स्थान पर स्थापित करें.     इसके बाद मां के सामने धूप और दीप जलाएं.     पूजा के लिए पहले कुमकुम, हल्दी, अक्षत, नैवेद्य, तुलसी पत्र आदि पूजा के स्थान पर रख लें.     मां को हलवा, पूड़ी और सब्जी का भोग को लगाएं.     पूजा के समय मां अन्नपूर्णा के स्तोत्र और मंत्रों का जप करना शुभकारी होता है.     पूजा के समय अक्षत, पुष्प आदि भी मां को चढ़ाएं.     पूजा खत्म होने के बाद घर के लोगों में प्रसाद अवश्य वितरित करें.     पूजा के दौरान माता के मंत्र ‘ॐ अन्नपूर्णायै नमः’ का 108 बार जप अवश्य करें.  

मोक्षदा एकादशी पर मनाई जाती है गीता जयंती

हिन्दू धर्म में गीता जयंती का बहुत अधिक महत्व है. मोक्षदा एकादशी इस बार 11 दिंसबर को है. मोक्षदा एकादशी पर ही गीता जंयती भी मनाई जाती है. कथाओं के अनुसार, मोक्षदा एकादशी पर ही महाभारत काल के दौरान भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश दिया था. गीता में सभी वेद उपनिषद और पुराणों का सार समाया हुआ है. मोक्षदा एकादशी पर भगवान कृष्ण के अर्जुन को गीता का उपदेश देने के कारण ही इस दिन गीता जयंती मनाई जाती है. गीता जयंती का धार्मिक और अध्यातमिक दोनों महत्व है. हम आज बताने जा रहे हैं कि गीता जंयती के अवसर पर आपको घर में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, ताकि इस दिन आपसे किसी प्रकार की कोई भूल न हो और जीवन में किसी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े. गीता जयंती के दिन क्या करें     गीता जयंती के दिन आप मोक्षदा एकादशी का व्रत करें. ये व्रत करने से आपके पितरों को मोक्ष प्राप्त होगा. साथ ही घर में सुख-शांति का वास होगा.     गीता जयंती के दिन घर को साफ सुथरा रखें. साथ ही पूजा वाली जगह को साफ करके भगवान श्री कृष्ण का ध्यान लगाएं.     इस दिन गाय की सेवा करें. गरीबों को खाना खिलाएं और दान- पुण्य करें.     गीता जयंती पर घर में पूजा आयोजित करें. योग साधना करें इससे आपका मन शांत और आत्मा उन्नत होगी.     इस दिन गीता के किसी एक अध्याय को अवश्य पढ़ें. भगवान श्री कृष्ण की पूजा करें. गीता के श्लोकों का उच्चारण भी करें.     इस दिन घर में सभी लोगों को गीता का पाठ अवश्य करना है. अगर मुमकिन हो तो किसी मंदिर में जाकर भी सुन सकते हैं.     इस दिन आप गीता के तमाम उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प करें. न करें ये काम     अगर आपके घर में श्रीमद्भगवद्गीता है, तो उसे कभी भी जमीन पर नहीं रखाना चाहिए. गीता को हमेशा चौकी या स्टैंड पर रखें.     श्रीमद्भगवद्गीता को हमेशा लाल और स्वच्छ कपड़े में लपेटकर ही रखना चाहिए.     बिना स्नान किए गंदे हाथों, या मासिक धर्म में श्रीमद्भगवद्गीता को न छूएं. ऐसा करने से आप पाप के भागी बनेंगे.     श्रीमद्भगवद्गीता को पढ़ने के बाद हमेशा बंद करके ही रखें.     दिन में कभी भी श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें, लेकिन ध्यान रहे जो अध्याय पढ़ रहें है उसे बीच न छोड़ें. पूरा अध्याय पढ़ने के बाद ही उठें.     बिना भगवान गणेश और श्री कृष्ण को याद किए श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ शुरू न करें.  

10 दिसम्बर मंगलवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ मुश्किलों का डटकर सामना करना, प्रॉब्लम्स को सफलता की सीढ़ी में बदल सकता है। भविष्य के खर्चों की योजना बनाने के लिए यह एक अच्छा दिन है। पार्टनर के साथ भावनाओं को शेयर करें। वृषभ राशि- रोमांटिक मामलों को सावधानी से निपटाना समय की मांग है। आपका शरीर आज आपके द्वारा दिए गए ध्यान और देखभाल के लिए आपको धन्यवाद देगा। वित्तीय डीसीजन में सावधानी बरतें। मिथुन राशि- बेहतर करियर विकास के लिए अवसरों का उपयोग करें। कोई बड़ी बीमारी आपको परेशान नहीं करेगी। प्रेम संबंध में आज उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। कुछ सिंगल्स प्यार में भी पड़ सकते है। कर्क राशि- आपको सेल्फ लव पर फोकस करने की सलह दी जाती है। अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने पर फोकस करें। फिटनेस पर गौर फरमाएं। किसी भी तरह की बहस में आज न उलझें। सिंह राशि- हेल्थ के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सर्वोत्तम परिणाम पाने के लिए परिवर्तन को खुली बांहों से स्वीकार करें। प्रेम, और करियर के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। कन्या राशि- दिन मिक्स्ड एनर्जी वाला रहेगा। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। समझदारी से वित्तीय डीसीजन लें क्योंकि कुछ लोग आज पैसा खूब कमा सकते हैं। चुनौतियों को स्टेपिंग स्टोन में बदलना आप जानते हैं। तुला राशि- दिन सरप्राइज से भरपूर रहेगा। अप्रत्याशित बदलाव का अनुभव हो सकता है, जो समृद्धि और विकास का अवसर लाएगा। दूसरों की भावनाओं के प्रति आपको सेंसीटिव रहना चाहिए। भारी सामान उठाने से बचें। वृश्चिक राशि- लव के मामले में डेट पर जाना अच्छा रहेगा। इससे आपका बॉन्ड स्ट्रॉंग होगा। खुद को हेल्दी रखें। काम का प्रेशर ज्यादा न लें। आर्थिक रूप से भाग्यशाली होने के लिए हर विकल्प पर विचार करें। धनु राशि- करियर में ग्रोथ और बदलाव का एक महत्वपूर्ण समय है। आप चुनौतियों और रोमांचक अवसरों दोनों का सामना कर सकते हैं। आज आपकी लीडरशिप स्किल को भी परखा जाएगा। सेहत पर फोकस करें। मकर राशि- बदलावों भरे दिन के लिए रेडी रहें। अवसरों और व्यक्तिगत विकास पर अपना फोकस रखें। आज का दिन आपको पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर सोच-विचार करने के लिए मोटिवेट कर रहा है। कुम्भ राशि- विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा लाभ होगा। आज मुश्किलों को मुस्कुराहट के साथ पार करें। प्यार का जश्न मनाएं और रोमांटिक संबंधों से अहंकार को दूर रखें। मीन राशि- आज उत्साह आपकी सबसे बड़ी संपत्ति रहेगी। प्रेम जीवन को बरकरार रखने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें। चुनौतियां आपको डराती नहीं हैं। ऑफिस में शांत रहें और सभी कार्य पूरे करें।

09 दिसम्बर सोमवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- सर दर्द, नेत्र पीड़ा, अनायास खर्च, अज्ञात भय, मानसिक परेशानी, इत्यादि रहेगा। प्रेम, संतान भी मध्यम। व्यापार सनेह-सनेह बढ़ेगा। काली वस्तु का दान करें। वृषभ राशि- यात्रा में कष्ट। आय में उतार-चढ़ाव। स्वास्थ्य थोड़ा सा पहले से बेहतर। प्रेम, संतान की स्थिति मध्यम। व्यापार मध्यम। लाल वस्तु का दान करें। मिथुन राशि- कोर्ट-कचहरी से बचें। उच्चाधिकारियों के कोप भाजन के शिकार हो सकते हैं। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार मध्यम। काली जी को प्रणाम करते रहें। कर्क राशि- भाग्य पर भरोसा रखके कोई काम इस समय नहीं कर सकते हैं। स्वास्थ्य ऊपर-नीचे रहेगा। प्रेम, संतान भी मध्यम। व्यापार मध्यम। अपमानित होने का भय रहेगा। काली वस्तु का दान करें। सिंह राशि- चोट-चपेट लग सकती है। किसी परेशाानी में पड़ सकते हैं। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि- जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्वंय के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नौकरी-चाकरी की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं दिख रही है। कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम, संतान लगभग ठीक रहेगा। व्यापार मध्यम गति से आगे बढ़ेगा। लाल वस्तु का दान करें। तुला राशि- शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे, लेकिन शत्रु उपद्रव संभव है। पैरों में चोट-चपेट लग सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान अच्छा। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। शनिदेव को प्रणाम करते रहें। वृश्चिक राशि- बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में तू-तू, मैं-मैं का संकेत है। नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। विद्यार्थियों के लिए भी मध्यम समय रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार मध्यम दिख रहा है। काली वस्तु का दान करें। धनु राशि- बड़े लेवल की कलह घर में हो सकती है। भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। लाल वस्तु पास रखें। मकर राशि- पराक्रम में परेशानी रहेगी। व्यापार की स्थिति मध्यम रहेगी। नाक, कान, गला की परेशानी संभव है। बाकी प्रेम,संतान ठीक-ठाक रहेगा। काली जी को प्रणाम करते रहें। कुंभ राशि- धन-हानि के संकेत हैं। गंदी भाषा से बचें और पूंजी के निवेश से भी बचें। कुटुंब में थोड़ी सी अनबन की स्थिति रहेगी। स्वास्थ्य मध्यम। मुख रोग के शिकार हो सकते हैं। प्रेम, संतान मध्यम। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। काली वस्तु का दान करें। मीन राशि- नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य प्रभावित है। प्रेम, संतान भी प्रभावित है। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। काली वस्तु का दान करें।

दीपक प्रज्जवलित करने की जानिए परंपरा और महत्व

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजनों में दीपक प्रज्वलित करने का विशेष महत्व होता है. पूजा-पाठ या मांगलिक कार्यक्रमों में दीपक जलाना बहुत ही आवश्यक कार्य माना जाता है. ऋृग्वेद काल से कलयुग तक दीपक जलाने की परंपरा चली आ रही है. वेदों में अग्नि को प्रत्यक्ष देवता माना गया है. हिन्दू धर्म में मान्यता है कि पूजा के समय दीपक की ज्योति अंधकार को दूर करती है, जो अज्ञानता का प्रतीक है. इसी तरह, ज्ञान का प्रकाश मन में अज्ञानता को दूर करता है. दीपक की ज्योति ईश्वर के प्रकाश का प्रतीक है. यह हमें ईश्वर के अस्तित्व और उसकी शक्ति की याद दिलाता है. पूजा के समय दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है. दीपक जलाना देवताओं को प्रसन्न करने का एक तरीका है. मान्यता है कि दीपक की ज्योति देवताओं को आकर्षित करती है. दीपक जलाना शुभता का प्रतीक है. यह नई शुरुआत और उज्जवल भविष्य का संकेत देता है. धार्मिक महत्व दीपक प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक होता है. शास्त्रों में दीपक को सकारात्मकता ऊर्जा पाने और जीवन से दरिद्रता को दूर करने वाला माना गया है. दीपक के प्रजज्वलित होने पर अज्ञानरूपी अंधकार खत्म होता है और जीपन में ज्ञान का प्रकाश फैलता है. रोजाना पूजा-पाठ के दौरान घर में घी का दीपक लगाने से सुख समृद्धि आती है. इससे अलावा जिन घरों में नियमित रूप से दीपक जलाया जाता है वहां पर मां लक्ष्मी का स्थाई रूप से निवास होता है. घी को पंचामृत माना गया है. किसी भी सात्विक पूजा का पूर्ण फल और हर तरह की मनोकामनाओं को प्राप्त करने के लिए घी का दीपक वहीं तामसिक यानी तांत्रिक पूजा की सफलता के लिए तेल का दीपक लगाया जाता है. विभिन्न धर्मों में दीपक का महत्व हिंदू धर्म में लगभग सभी पूजा-पाठ में दीपक जलाया जाता है. दीपक को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. बौद्ध धर्म: बौद्ध धर्म में भी दीपक जलाने का प्रचलन है. इसे बुद्ध के ज्ञान का प्रतीक माना जाता है. सिख धर्म: गुरुद्वारे में भी दीपक जलाए जाते हैं, जो ज्ञान और सत्य के प्रतीक हैं. 5 तत्वों का प्रतीक है मिट्टी का दीपक मिट्टी का दीपक पांच तत्वों से मिलकर तैयार होता है. दरअसल दीपक को बनाने के लिए मिट्टी को पानी में गलाकर तैयार किया जाता है, जो कि यह भूमि का तत्व और जल के तत्व का प्रतीक है. फिर इस दीपक को धूव और हवा से सुखाया जाता है जो आकाश और वायु तत्व का प्रतीक होता है और अंत में इस दीपक को आग में तपाकर तैयार किया जाता है. इस तरह के दीपक के तैयार में सभी 5 तत्वों का समावेश होता है.  

मनोकामनाएं पूरी करने के लिए करें प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो भगवान शिव को समर्पित है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस व्रत को विवाहित महिलाएं ही बल्कि कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं. विशेष रूप से कुंवारी लड़कियां इस व्रत को मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं. प्रदोष व्रत करने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलने की मान्यता है. यह व्रत सुखी वैवाहिक जीवन के लिए भी किया जाता है. भगवान शिव की कृपा से कुंवारी लड़कियों की अन्य मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व भी है. यह भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 दिसंबर को रात 10 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 13 दिसंबर को शाम 07 बजकर 40 मिनट पर होगा. इस आधार पर 13 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. 13 दिसंबर 2024 को प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 26 मिनट से शाम 07 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. प्रदोष व्रत करने का सही तरीका     सबसे पहले कुवांरी कन्याएं प्रदोष काल में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.     शिवलिंग पर जल चढ़ाएं व बेलपत्र अर्पित करें और धूप-दीप जलाएं.     “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें.     प्रदोष काल में कुछ भी न खाएं-पीएं.     प्रदोष काल के बाद ही भोजन करें.     गरीबों और जरूरतमंदों को दान अवश्य दें. इन बातों का रखें ध्यान     सोमवार का प्रदोष विशेष महत्व रखता है. इस दिन शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं.     मंगल दोष से पीड़ित लड़कियों के लिए भौम प्रदोष का व्रत बहुत लाभदायक होता है.     शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं.     प्रदोष व्रत करते समय मन में किसी प्रकार का नकारात्मक विचार न लाएं. प्रदोष व्रत एक शक्तिशाली उपाय है जो कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर दिलाने में मदद कर सकता है. इस व्रत को करने से न केवल वैवाहिक जीवन सुखमय होता है बल्कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता मिलती है. यदि आपने किसी कामना को पूरा करने के लिए सोमवार का व्रत रखा है तो इस दिन भगवान शिव की पूजा के दौरान उन्हें गंगाजल, भांग, बेलपत्र, धतूरा, दूध आदि अर्पित करें. इसके अलावा, पूजा करते समय ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप अधिक से अधिक बार करें. सोमवार पूजा में दान-दक्षिणा का भी बहुत महत्व होता है. जीवन में नहीं आती हैं मुश्किलें मान्यता है कि इस दिन किसी ब्राह्मण को काले तिल और कच्चे चावल का दान करें. ऐसा करने से पितृ दोष से जुड़ी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. माना यह भी जाता है कि इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और सकारात्मकता आती है. यदि आप पिछले कई दिनों से आर्थिक परेशानी से जूझ रहें हैं तो प्रदोष व्रत की पूजा के ये उपाय अवश्य करें. इस दिन शिव भक्त स्फटिक से बने शिवलिंग की सफेद चंदन से पूजा करें. माना जाता है कि इससे महादेव के साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और आपकी आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं.  

08 दिसम्बर शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वाले किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। बातचीत में भी संतुलन बनाए रखने का प्रयास करें। जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। लेकिन मन अशांत हो सकता है। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास से लबरेज भी रहेंगे। परंतु मन परेशान हो सकता है। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा लाभप्रद हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन अशांत रहेगा। संयत रहें। क्रोध से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। किसी पुराने व पैतृक व्यापार की दोबारा शुरुआत हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की आय में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। धर्म के प्रति श्रद्धा भाव रहेगा। शैक्षिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी, परंतु धैर्यशीलता में कमी हो सकती है। जीवन साथी का साथ मिलेगा। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। कारोबारी कार्यों में मन लगेगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्य क्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का मन परेशान रहेगा। मन में निराशा व असंतोष हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। कारोबार में सचेत रहें। मकर राशि- मकर राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वाले आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, परंतु मन परेशान हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर भी जा सकते हैं। खर्चों में अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। खर्च बढ़ेंगे।

क्रोध और पानी में समानता है, दोनों हमेशा नीचे की ओर बहते हैं और अपने साथ चीजों को बहाते हैं

कहावत है कि गुस्से की आग पर धैर्य का ठंडा पानी डाल दो। क्रोध और जल का बड़ा गहरा संबंध है। दोनों की तासीर एक जैसी है। दोनों नीचे की ओर बहते हैं। अगर ऊपर उठाना हो तो प्रयास करना पड़ता है। इसीलिए आदमी क्रोध के मामले में यदि विचार करे तो पाएगा कि किसी और व्यक्ति और स्थिति का परिणाम उसने अपने ऊपर ले लिया। थोड़ा-बहुत नुकसान खुद का किया और फिर इसे आगे स्थानांतरित कर दिया। पानी कभी अपने आप ऊपर नहीं चढ़ता, उसके लिए बहुत जोर लगाना होता है। वैसे ही गुस्से में इंसान के विचार गिरने लगते हैं। वो जो भी सोचता है, उसमें क्रोध समाहित होता है, लाभ और हानि का विचार नहीं रह जाता। इस कारण इंसान अपने विवेक से गिर जाता है। क्रोध के साथ बह जाता है। जैसे पानी अपने रास्ते में आने वाली चीजों को बहा ले जाता है, वैसे ही क्रोध भी इंसान को अपने साथ चलाता है। भगवान राम और कृष्ण दोनों ही क्रोध के नियंत्रण के आदर्श उदाहरण हैं। कभी अनावश्यक क्रोध नहीं किया, जब तक संभव हो सका तब तक उसको सहन किया। बाहर व्यक्त नहीं होने दिया। जब लंका पर चढ़ाई के लिए समुद्र को लांघने की योजना बन रही थी, तो भगवान राम ने सभी से सलाह ली। विभीषण ने राय दी कि समुद्र से रास्ता मांगना चाहिए। सागर, सगर के वंशजों से जुड़ा है। सगर राम के पूर्वज थे। भगवान राम को सलाह पसंद आई कि पहले विनम्रता से रास्ता मांगना ही सही रहेगा। इस पर लक्ष्मण ने आपत्ति ली और कहा कि आप अपने मन में क्रोध लाइए और अपने बाणों के प्रहार से समुद्र को सुखा दीजिए। राम ने मुस्कुराकर लक्ष्मण को समझाया कि आवश्यकता पड़ी तो ऐसा भी करेंगे, लेकिन अभी अकारण क्रोध नहीं करना चाहिए। भगवान कृष्ण ने भी अक्सर अपने जीवन में क्रोध को दूर रखने का ही प्रयास किया। कई मौके ऐसे आए जब श्रीकृष्ण का धीरज भी छूट सकता था लेकिन वे स्थिर रहे, परिस्थितियों में बहे नहीं। जरासंघ के आक्रमणों से परेशान थे, मथुरा परेशान थी लेकिन कभी क्रोध में धैर्य खोकर युद्ध में समय नहीं गंवाया। अपनी चतुरता से मथुरावासियों को द्वारिका ले गए और नया सुरक्षित नगर बसा दिया। शिशुपाल अपमान करता रहा, श्रीकृष्ण सुनते रहे। समय से पहले कभी भी उन्होंने उत्तर नहीं दिया। ना धैर्य चूका और ना कभी क्रोध में कोई निर्णय लिया।  

7 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज मन में उतार-चढ़ाव रहेगा। आर्थिक रूप से थोड़ा परेशान होंगे लेकिन दिन के अंत में सफलता हासिल होगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। किसी नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा दिन है। वृषभ राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आज किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता हासिल होने से उत्सुकता बरकरार रह सकती है। मिथुन राशि- आज आपके साहस में वृद्धि होगी और कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि किसी बात को लेकर मन परेशान हो सकता है। नौकरी के लिए इंटरव्यू आदि में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। आर्थिक रूप से अच्छा दिन है। कर्क राशि- आज वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। फिर भी मानसिक शांति के लिए प्रयास करें। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। व्यापार का विस्तार होगा। भूमि, वाहन व वाहन की खरीदारी संभव है। भौतिक सुख बढ़ेगा। सिंह राशि- आज पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारेाबार का विस्तार होगा। वाहन सुख बढ़ेगा। नपा-तुला रिस्क ही लें। किसी भी तरह की जल्दबाजी करने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह अच्छा समय है। कन्या राशि- मन परेशान रहेगा। अज्ञात भय सताएगा। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी प्रकार का कोई रिस्क न लें। तुला राशि- आज खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। आत्मसंयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भवन की साज-सज्जा व वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबारियों को मुनाफे के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। तरक्की के अवसर खुद सामने आ सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति रहेगी। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार अच्छा रहने वाला है। धनु राशि- आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि वाद-विवाद से दूर रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। माता के सहयोग से कोई पैतृक संपत्ति प्राप्त हो सकती है। परिवार में मान-सम्मान मिलेगा। ऑफिस में तरक्की के योग बन रहे हैं। मकर राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। शिक्षा से जुड़े कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धन आगमन हो सकता है। व्यापारियों के लिए अच्छा समय। कुंभ राशि- आज आपकी आर्थिक लाइफ खुशहाल रहेगी। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। धर्म के प्रति सद्भाव रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। प्रेम की स्थिति अच्छी रहने वाली है। मीन राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से उत्साहित रहेंगे, फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। खर्च बढ़ेंगे। आय व व्यय में बैलेंस बनाना जरूरी है।

8 दिसंबर मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत

हिन्दू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ महिलाएं उपवास भी रखती हैं और विधि-वाधिन से देवी दुर्गा की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. देवी दुर्गा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं. इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को शक्ति और साहस मिलता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 08 दिसंबर दिन रविवार को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और 09 दिसंबर दिन सोमवार को सुबह 08 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी. मासिक दुर्गाष्टमी पर निशाकाल में जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है. इसलिए 08 दिसंबर को मासिक दुर्गा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है. इस व्रत में उपवास के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि छोटी सी गलती के कारण आपका व्रत टूट सकता है और आपकी मनोकामना अधूरी रह जाएगी. व्रत के दौरान क्या खाएं     व्रत के दौरान आप दिन भर में विभिन्न प्रकार के फल खा सकते हैं. जैसे- सेब, संतरा, अंगूर, केला आदि.     आप उबली हुई या भाप में पकी हुई सब्जियां खा सकते हैं. जैसे- गाजर, शिमला मिर्च, बैंगन आदि.     आप दूध और दही का सेवन भी कर सकते हैं.     उपवास में बादाम, काजू, किशमिश आदि सूखे मेवे भी खाए जा सकते हैं.     आप कुट्टू के आटे से बना हुआ खिचड़ी या पूड़ी खा सकते हैं.     आप सेंवई का हलवा या खीर बनाकर खा सकते हैं. व्रत के दौरान क्या नहीं खाएं     व्रत के समय भूल से भी चावल, गेहूं आदि अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए.     दालें भी नहीं खानी चाहिए और मांस, मछली और अंडे का सेवन वर्जित है.     प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करना चाहिए.     तेल और घी में बने हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.     नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नमक खाने से व्रत टूट जाता है. कैसे पूरा करें उपवास अगर महिलाएं मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत पूरा करना चाहती हैं तो सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद माता दुर्गा की पूजा करें और उन्हें फल, फूल और मिठाई चढ़ाएं और दिन भर उपवास रखें और केवल निर्धारित चीजें ही खाएं. इसके अलावा शाम के समय माता दुर्गा की आरती करें और फिर प्रसाद ग्रहण करें. व्रत के दौरान मन को शांत रखें और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें. किसी की बुराई न करें और हमेशा सकारात्मक सोच रखें. व्रत के दौरान किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन दान अवश्य करें. इससे माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है.  

06 दिसम्बर शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। नौकरी में बदलाव के साथ किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कार्यों में सफलता हासिल होगी। ऑफिस में काम का दबाव महसूस कर सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। निवेश के अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। हालांकि संतान की सेहत का ध्यान रखें। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ी व्यस्तता रह सकती है। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का मन आज थोड़ा परेशान रह सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ ज्यादा रहेगी। रहन-सहन थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। सिंह राशि- आज सिंह राशि वाले आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आय व व्यय के बीच बैलेंस बनाने से आर्थिक उन्नति पा सकते हैं। अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखें। भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। कारोबार में सुस्ती रहेगी। भागदौड़ ज्यादा रहेगी। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को मन में नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। बेकार की किसी बात पर क्रोध ना करें। नौकरी में तरक्की के मार्ग खुलेंगे। आय वृद्धि होगी। व्यापारियों के लिए दिन लाभकारी सिद्ध होगा। तुला राशि- भाई-बहन का साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि आज आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं, जिनसे आप पार पा लेंगे। मेहनत भी ज्यादा रहेगी। खर्चों पर कंट्रोल रखना जरूरी है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन अशांत हो सकता है। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। बुद्धि से जुड़े कार्यों से आय के साधन बनेंगे। पिता के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। धनु राशि- आज धनु राशि वालों को गुस्से से और वाद-विवाद से बचना चाहिए। किसी नए कारोबार के शुरू होने के योग बन रहे हैं। परिवार के किसी बुजुर्ग से धन की प्राप्ति हो सकती है। जीवनसाथी के सहयोग से धन लाभ हो सकता है। मकर राशि- वाणी में सौम्यता रहेगी, जिससे लोग आपसे प्रभावित होंगे। मुश्किल कार्यों में धैर्य बनाए रखें। छात्रों का मन पढ़ाई-लिखाई में लगेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को आज माता-पिता की सेहत पर नजर रखनी चाहिए। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। नौकरी में आय में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। अपनी बुद्धि के बल पर आप धन कमाने में सफल रहेंगे। धैर्य बनाए रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ भी ज्यादा रहेगी। व्यापारियों के लिए मुनाफे के योग हैं।

05 दिसम्बर गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों की माता की सेहत में सुधार होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुटुंबों में वृद्धि होगी। संतान का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर तरक्की मिल सकती है। भाग्य का साथ मिलेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। दिन लाभकारी रहेगा। नौकरी पेशा में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। करियर के लिहाज से आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन खर्चों से भरा रहेगा। खर्च की अधिकता होने से मन परेशान हो सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। बिजनेस करने वालों को मुनाफा होगा। रुके हुए धन की वापसी हो सकती है। कर्क राशि– कर्क राशि वालों का आज मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन अशांत रह सकता है। माता-पिता की सेहत में सुधार हो सकता है। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों का स्थान परिवर्तन हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। कारोबार में व्यस्तता रहेगी। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज सितारों का साथ मिलेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। संतान की सेहत में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य में वृद्धि होगी। धन लाभ के संकेत हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन परेशान रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुछ जातकों का माता-पिता के सहयोग से शादी-ब्याह भी तय हो सकता है। कारोबार में मुनाफा होगा। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का जीवन आज उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। हालांकि आज कुछ कार्यों में आपको खर्च करने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार का साथ मिलेगा। मन अशांत रह सकता है। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कला, संगीत आदि क्षेत्रों से जुड़े लोगों को उन्नति के अवसर मिलेंगे। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। भाग्य में वृद्धि होगी। व्यापारियों को विस्तार के अवसर मिलेंगे। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का दिन आज खुशनुमा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। पढ़ाई-लिखाई में छात्रों का मन लगेगा। सेहत पर नजर रखना जरूरी है। नौकरी पेशा करने वालों को नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों का दिन आज अनुकूल रहने वाला है। परिवार में चल रही समस्याएं खत्म हो जाएंगी। व्यापारी फंड जुटाने में सफल रहेंगे। परिवार में मेहमान का आगमन होगा। गुस्से पर काबू रखें।

मंगल ग्रह जल्द ही राशि परिवर्तन करने के साथ चलेगा वक्री चाल

ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का अपना एक विशेष महत्व है. सभी ग्रह एक निश्चित समय पर राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. जिनका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है. इस बार पराक्रम, साहस, दृढ़ता के कारक मंगल ग्रह व्रकी होने जा रहे हैं यानी मंगल उल्टी चाल से चलने वाले हैं. जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा, लेकिन कुछ राशि वालों के लिए यह बहुत ही शुभ और लाभकारी सिद्ध हो सकता है. जिससे इन राशि वालों को करियर-कारोबार में बड़ी सफलता हासिल होगी. इसके अलावा निजी जीवन भी खुशियों से भर जाएगा. आइए जानते हैं कौन सी हैं वह लकी राशियां. मंगल कब होंगे व्रकी? पंचांग के अनुसार, मंगल ग्रह 7 दिसंबर 2024 को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर कर्क राशि में वक्री होंगे. जो कि 24 फरवरी 2025, सुबह 07 बजकर 27 मिनट तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे. इन राशि वालों को होगा लाभ मंगल ग्रह कर्क राशि में वक्री होने जा रहे हैं. जिससे इन राशि वालों को खूब लाभ मिलने वाला है. नौकरी में बदलाव करने से लाभ होगा. नया कारोबार शुरू कर सकते हैं. कार्यस्थल पर आपके काम का तारीफ होगी. कर्ज से भी मुक्ति मिल सकती है. इसके अलावा लंबी दूरी अथवा विदेश यात्रा के योग बनेंगे और सेहत में सुधार होगा. कन्या राशि मंगल ग्रह का गोचर कन्या राशि वालों के लिए लाभ के अवसरों से भरा है. इस दौरान जातकों को कारोबार में तरक्की मिलेगी, जिससे आय के नए रास्ते खुलेंगे. कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है. करियर-कारोबार के लिए भी यह समय बहुत ही लाभकारी और शुभ हो सकता है. जिससे धन लाभ के योग बनेंगे. इसके अलावा लव लाइव और वैवाहिक जीवन में तालमेल और खुशियां बढे़गी. मीन राशि मंगल ग्रह के व्रकी होने से मीन राशि वालों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. ऐसे में मीन राशि वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिल सकती है. भौतिक सुखों में भी वृद्धि होगी. वहीं सेहत भी बेहतर बनी रहेगी.

04 दिसम्बर बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन हानि हो सकता है। यह स्टॉक में निवेश करने का अच्छा समय नहीं है। सरल और विनम्र रहें। इससे लोगों पर आपका सकारात्मक प्रभाव रहेगा। आज आपकी लव लाइफ खुशियों से भरपूर होगी। वृषभ राशि- नई जॉब मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड कर पाना थोड़ा मुश्किल रहेगा। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करना होगा। मिथुन राशि- व्यापार में मुनाफा होगा। ऑफिस में आपको अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारी मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियों को दूर करने का प्रयास करें। आज आपकी रोमांटिक लाइफ में प्यार और खुशियों का माहौल रहेगा। कर्क राशि- स्टूडेंट्स को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मकान बेचने या किराए से धन लाभ हो सकता है। जीवनसाथी से नोकझोंक संभव है। सिंह राशि- धन-संपत्ति में वृद्धि के योग बनेंगे। रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्दि होगी। करियर में छोटी-मोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हार न मानें और सफलता हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। कन्या राशि- नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें और उनके विचारों का सम्मान करें। तुला राशि- कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी मिलेगी। व्यापार में विस्तार होगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ दिन है। बिना किसी विघ्न-बाधा के सभी कार्य संपन्न होंगे। वृश्चिक राशि- भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे, लेकिन कुछ कार्यों में अवरोध उत्पन्न रहेंगे। विरोधी एक्टिव रहेंगे। आज क्रोध पर काबू रखें। व्यर्थ के वाद-विवाद से दूरी बनाएं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। धनु राशि- व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। करियर में मनचाही सफलता मिलेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे,लेकिन भावुकता में बहकर कोई फैसला न लें। क्रोध पर काबू रखें और समझदारी से फैसले लें। मकर राशि- करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। जीवन में जो चाहेंगे, उसकी उपलब्धता होगी। समाज में सराहे जाएंगे। धन का आवक बढ़ेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे,लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च न करें। कुंभ राशि- सुखद यात्रा के योग बनेंगे। व्यापार में वृद्धि होगी।। जीवनसाथी से अनबन हो सकता है। प्रेमी से विचार मेल नहीं खाएंगे। जिससे दूरियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखें और फालतू के खर्चों से बचें। स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दें। मीन राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार मिलेंगे। करियर से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।

श्रीराम से पहले शिव धनुष किसने उठाया था शिव धनुष?

विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान राम और माता सीता के विवाह के पावन अवसर को मनाता है. यह पर्व मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हरसाल मनाया जाता है. इस दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना की जाती है और उनके पवित्र बंधन को याद किया जाता है. यह पर्व हमें रामायण काल की याद दिलाता है और हमें भगवान राम और माता सीता के आदर्श जीवन के बारे में बताता है. भगवान राम और माता सीता के पवित्र रिश्ते को पति-पत्नी के रिश्ते का आदर्श माना जाता है. इस दिन पति-पत्नी एक-दूसरे को उपहार देते हैं और एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं. यह दिन शुभ कार्यों के लिए भी माना जाता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 05 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 06 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, इस साल 06 दिसंबर को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. रामायण की कथा के अनुसार, राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर आयोजित किया था. इस स्वयंवर में एक शर्त रखी गई थी कि जो भी राजकुमार शिव धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ा देगा, वही सीता से विवाह कर सकेगा. कई राजकुमारों ने इस धनुष को उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाया. अंत में, भगवान राम आए और उन्होंने आसानी से धनुष को उठाकर उसे तोड़ दिया, लेकिन क्या आपको पता है कि श्रीराम से पहले शिव धनुष किसने उठाया था. सबसे पहले किसने उठाया था धनुष? कुछ लोकप्रिय मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि माता सीता ने बचपन में खेलते-खेलते इस धनुष को अपने बाएं हाथ से उठा लिया था. ऐसा कहा जाता है कि माता सीता ने स्वयंवर के समय इसी धनुष को उठाकर स्वयंवर भवन तक लाया था. राजा जनक को पता था कि माता सीता इस धनुष को आसानी से उठा सकती हैं. इस धनुष को कोई भी सैनिक उठा नहीं पा रहा था. राजा जनक को इस बात का डर था कि अगर यह धनुष रावण के हाथ लग गया, तो सृष्टि का विनाश हो जाएगा. भगवान राम ने इस धनुष को एक हाथ से उठाकर सबको चौंका दिया था. राम ने धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई और उसे झुकाते ही धनुष खुद व खुद टूट गया था. शिव धनुष को शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. भगवान राम विष्णु के अवतार थे और उन्होंने इस धनुष को उठाकर अपनी दिव्य शक्ति का प्रदर्शन किया था. धनुष को तोड़कर भगवान राम ने सीता से विवाह का अधिकार प्राप्त किया था.

03 दिसम्बर मंगलवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। आप प्रियजन के लिए सरप्राइज पार्टी ऑर्गनाइज कर सके हैं। बेकार की बातों को लेकर चिंता न करें। अपने डाइट पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि-स्वास्थ्य में सुधार आएगा। बिजनेसमेन को व्यापार में मुनाफा होगा। यात्रा के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को सुलझाने में समय व्यतीत होगा। लव लाइफ को परेशानियों से बचाने की कोशिश करें। मिथुन राशि-आर्थिक मामलों पर नजर रखें। दोस्तों के साथ ट्रिप पर जाने का प्लान बन सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। फैमिली के लिए टाइम निकाल पाना थोड़ा चैलेंजिंग रहेगा। पुराने दोस्तों से मिलकर खुशी होगी। लव लाइफ में खुशियां आएंगी। कर्क राशि-आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद से बचें। करियर में तरक्की के नए मौकों पर नजर रखें और सफलता पाने के लिए भरपूर प्रयास करें। सिंह राशि-लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा। लग्जरी आइटम्स पर पैसे खर्च न करें। शार्ट ट्रिप या ड्राइव से अच्छा महसूस करेंगे। मूड स्विंग से चिड़चिड़ापन रहेगा, लेकिन यह अनसुलझे मुद्दे को सुलझाने का परफेक्ट टाइम है। कुछ जातकों को शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। कन्या राशि-आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। आपको खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। कुछ लोगों के घर में मेहमानों का आगमन संभव है, जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव होंगे। रेगुलर फिटनेस रूटीन से हेल्दी रहेंगे। तुला राशि-अपने खर्चों को लेकर बहुत सतर्क रहें। बजट के अलावा फालतू खर्चों से बचें। कुछ जातक फैमिली या फ्रेंड्स के साथ वेकेशन पर जा सकते हैं। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने सपनों को साकार करेंगे और करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। वृश्चिक राशि-फैमिली के साथ वेकेशन पर जाने से पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। वर्कआउट रूटीन में बदलाव लाने से स्वास्थ्य बेहतर होगा। लंबी यात्रा के दौरान सतर्क रहें। आज साथी से अपनी रोमांटिक फिलिंग्स को शेयर करने का उत्तम दिन है। धनु राशि-आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आप दोस्तों के साथ बाहर घूमने का प्लान बना सकते हैं। अपने इमोशन्स को खुलकर व्यक्त करें। इससे फैमिली के साथ आपका बॉन्ड मजबूत होगा। आज आप अपनी होशियारी और आत्मविश्वास से हर समस्या का समाधान निकालने में सफल होंगे। मकर राशि-अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। आज आपके धन बचत करने के लिए किए प्रयासों की तारीफ होगी। घर में आपके कामों में रोकटोक से आपके चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। फिट रहने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। योग और मेडिटेशन करें। कुंभ राशि-डाइट में बदलाव लाने से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। खर्चों पर कंट्रोल रखें। अचानक से यात्रा के योग बन सकते हैं। घर में बहस करने से बचें। यह अपनी लाइफ में खुशियों को वापस लाने का समय है। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। मीन राशि-आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों पर कंट्रोल करने की जरुरत है। दूसरों को ज्यादा खुश करने की कोशिश न करें। इसके बजाए खुद पर ध्यान दें। अपने लक्ष्यों पर फोकस करें। प्यार के मामले में किसी बात की जल्दबाजी न करें। आपके लाइफ में प्यार की एंट्री तब होगी, जब आपको सबसे कम उम्मीद हो।

सोमवती अमावस्या पर भूल कर भी न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या के दिन का बहुत अधिक महत्व होता है. यह दिन भगवान शिव और पितरों को समर्पित होता है. इस दिन पितरों का तर्पण किया जाता है और उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे पितरों को मोक्ष मिलता है और वे अपने वंशजों पर कृपा बरसाते हैं. सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन है. इस दिन शिव पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन किए गए दान और पूजा से पापों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर 2024 को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 31 दिसंबर 2024 को सुबह 03 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या पर न करें ये काम     सोमवती अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ, पिंडदान किया जाता है. इसीलिए इस दिन भूलकर भी पितरों को बुरा भला नहीं कहना चाहिए और उनका तर्पण करना भी नहीं भूलना चाहिए.     सोमवती अमावस्या के दिन कुत्ता, गाय और कौवे को कष्ट नहीं देना चाहिए. इस दिन इन जीवों को पितरों का अंश मानकर खाना खिलाया जाता है. इसीलिए इनको नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.     अमावस्या के दिन पितर पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य और श्राद्ध का इंतजार करते हैं. इसीलिए इस दिन ये सब काम करना नहीं भूलना चाहिए. अगर इन कामों को करना भूल जाते हैं तो पितर नाराज होकर श्राप देते हैं.     सोमवती अमावस्या के दिन की गई पूजा-पाठ का शुभ फल मिले इसके लिए पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.नियम न मामने से पूजा का शुल फल प्राप्त नहीं होता है.     सोमवती अमावस्या के दिन तामसिक चीजों को हाथ नहीं लगाना चाहिए. मांस, मदिरा को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए, तभी इस दिन की गई पूजा का अच्छा फल मिलता है.     सोमवती अमावस्या के दिन घर की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए. घर या आसपास गंदगी नहीं फैलानी चाहिए, तभी पूजा शुभ फलदायी होती है.     सोमवती अमावस्या के दिन किसी से भी अपशब्द नहीं कहने चाहिए और न ही लड़ाई-झगड़ा करना चाहिए.इस दिन किसी का भी दिल दुखाने से बचना चाहिए. क्यों खास है सोमवती आमावस्या? सोमवती अमावस्या का दिन शनि, कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे खास होता है. शनि की साढ़े साती और ढैय्या के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सोमवती अमावस्या के दिन सरसों का तेल शनि देव को अर्पित करें. इस दिन दांपत्य जीवन के लिए दोनों पति पत्नी को एक साथ पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए. साथ ही ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ मंत्र का जाप कम से कम 108 बार अवश्य करें. मान्यता है इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पति-पत्नी के बीच तालमेल बना रहता है.  

02 दिसम्बर सोमवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी। वृषभ राशि-कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। मिथुन राशि-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। कर्क राशि-आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। सिंह राशि-निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। कन्या राशि-आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। तुला राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। वृश्चिक राशि-आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। धनु राशि-नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। मकर राशि-रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। कुंभ राशि-परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। मीन राशि-अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है।

गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे लोग स्वर्ग नहीं नरक जाते है

हिंदू धर्म के ऐसे ग्रंथ भी है जिनमें ऐसी कथाएं दी है जिनमें स्वर्ग और नर्क के बारे में बताया गया है। इन्ही पुराणों में से है गरुड़ पुराण। जिसमें स्वर्ग और नरक के बारें में बहुत ही विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण को हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक माना जाता है। गरुड़ पुराण में हमारें जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारें में व्यक्ति को जरुर जनना चाहिए। ऐसे ही कुछ बातें है जिनके बारें में न हमने सुना है न ही उनके बारें में जानते है। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि जो मनुष्य गलत काम करते है या फिर दुष्ट होते है वो नरक जाते है। और जो लोग अच्छा काम करते है वह स्वर्ग जाते है। स्वर्ग जिसे देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। जो बुरे कर्म करते है उन्हें नरक में ले जाकर बहुत ही बुरी तरीके से दंडित किया जाता है। आज हम अपनी खबर में गरुड़ पुराण में दिए गए ऐसे लोगों के बारें में बता रहे है जो ऐसे काम करते है। उन्हें नरक में जाकर अपने पाप भोगने पडते है। जानिए ऐसे कौन से लोग है। ऐसे लोग जो सिर्फ अपने बारें में सोचते है किसी दूसरें का हित नहीं करते है। साथ ही जो लोग कुएं, तालाब, प्याऊ और मार्ग आदि को हानि पहुंचाते हैं, ऐसे दुष्ट लोगं को नरक में ले जाया जाता हैं। पढ़े और कौन से लोग जाते है नरक में…. -समाज में ऐसे कई से लोग होते है जो आपना पेट दूसरों से झूठ बोलकर भरते है या फिर कोई गलत काम करके। गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग किसी स्त्री की हत्या करते है, आत्महत्या, गर्भ हत्या, ब्रह्म हत्या, गौ हत्या करते है या फिर किसी कन्या को बेचें, अपने लाब के लिए झूठ बोले। ऐसे लोगों को नरक में ही जगह मिलती हैं। -जो लोग धर्म को नही मानते है। उसकी निंदा करते है, साथ ही ऋषि-मुनियों, वेद-पुराण की निंदा कर उसका मजाक उड़ाते है। वो नरक जाते है। -जो लोग किसी भी समय या फिर कभी किसी देवी-देवता ता चिंतन नही करते है वो नरक में जाते है। पुराने जमाने के लोग हमेशा एक बात कहते है कि प्रभु का चिंतन करते रहो तभी तुम्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी। -गरुड़ पुराण में कहा गया है कि हमें सी पर दया करनी चाहिए जिससे हमें ही पुण्य प्राप्त होता है। लेकिन कई ऐसे व्यक्ति होते है जो अनाथ, गरीब, बच्चों, बूढ़े आदी पर दया नहीं दिखतें। ऐसे लोग नरक में जाते है। -एक ब्राह्मण व्यक्ति अगर व्यसनों में फस कर मांस मंदिरा का सेवन वाला, दूसरें का धन हडपने वाला, झूठ बोलने वाला भी नरक में जाता है। -पुराणों में माना जाता हैं कि जब आप भोजन करें उससे पहले किसी को भोजन खिलाना चाहिए इससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग अपने घर में अपनी पत्नी, बच्चों, नौकरों या फिर घर आए मेहमानों को भोजन नही कराते है वह नरक का रास्ता अपने लिए खोल लेते है। -जो लोग दिनभर बुरें व्यसनों यानी कि शराब, मंदिरा और मांस आदि में लगे रहते है। वह भी नरक को ही जाते है। -जो लोग किसी की समस्या को नही समझते है। उसका अपमान करते है। जैसे कि घर में कोई गरीब व्यक्ति खानें के लिए मांगने आता है तो उसका अपमान कर उसे भगा देते है। ऐसे लोग नरक में जाते है। -जो लोग पूजा-पाठ और अपने पितरों का तर्पण नही करते है। वह नरक में जाते है। -जो लोग दूसरें के धन में अपनी नजर रखते है या फिर उसका धन हडप लेते है, या फिर जो लोग दूसरों से ईर्ष्या करते है, साथ ही दूसरें की हमेशा बुराई करने वाले नरक में जाते है। (गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों को बुरा, दुष्ट मनुष्य माना गया है। जिसके कारण इन्हें नरक की प्राप्ति होती है।)  

01 दिसम्बर रविवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी। वृषभ राशि-कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। मिथुन राशि-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। कर्क राशि-आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। सिंह राशि-निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। कन्या राशि-आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। तुला राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। वृश्चिक राशि-आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। धनु राशि-नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। मकर राशि-रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। कुंभ राशि-परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। मीन राशि-अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है।

विवाह संबंधी बाधाएं दूर करने के लिए करें विवाह पंचमी पर दान

विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान राम और माता सीता के पवित्र विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम और माता सीता ने विवाह बंधन में बंधे थे. इसलिए इस दिन को विवाह के पावन बंधन का प्रतीक माना जाता है. भगवान राम और माता सीता के प्रेम और समर्पण का प्रतीक होने के कारण विवाह पंचमी का विशेष महत्व होता है. भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य जीवन को देखते हुए विवाहित जोड़े इस दिन विशेष पूजा करते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय और सफल होता है. पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी की शुभ तिथि 5 दिसंबर को सुबह 12 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन 6 दिसंबर सुबह 12 बजकर 07 मिनट पर होगा. उदय तिथि के अनुसार, 6 दिसंबर 2024 को ही विवाह पंचमी मनाई जाएगी. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग का भी निर्माण होने वाला है. इसलिए यह दिन बेहद शुभ होने वाला है. शुभ योग विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर दो योग का निर्माण हो रहा है. जिनमें पहला सर्वार्थ सिद्ध योग है. तो वहीं दूसरा रवि योग जो की सुबह 7:00 से लेकर शाम 5:18 बजे तक रहेगा. वहीं, रवि योग 5:18 से शुरू होकर अगले दिन 7 दिसंबर को सुबह 7:01 तक रहेगा. इस दिन केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए. इससे जीवन में सुख और समृद्धि आता है. यह उन कन्याओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जो विवाह के योग्य है. केले के पेड़ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रतीक माने जाते हैं. विवाह पंचमी के दिन ये चीजें करें दान     सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मांगलसूत्र आदि दान करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है.     गरीबों को कपड़े दान करने से पुण्य मिलता है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.     गरीबों को अनाज दान करने से घर में धन का आगमन होता है और सुख-शांति रहती है.     फल दान करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मन प्रसन्न रहता है.     मिठाई दान करने से घर में खुशियां आती हैं.     गाय का दूध दान करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. दान करने से मिलते हैं ये लाभ     विवाह पंचमी के दिन दान करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और विवाह के योग बनते हैं.     इस मौके पर दान करने से वैवाहिक जीवन सुखमय और सफल होता है.     दान करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास बढ़ता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है. विवाह पंचमी पर दान का महत्व विवाह पंचमी के दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी का पूजन करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. रामचरितमानस का पाठ करने से मन शांत होता है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और माता सीता को सुहाग का सामान अर्पित करने से विवाह के योग बनते हैं. बता दें कि दान करते समय मन में किसी प्रकार का लोभ या दिखावा नहीं होना चाहिए और शुद्ध मन से दान करना चाहिए. विवाह पंचमी के दिन दान करने से न केवल आपका पुण्य बढ़ेगा बल्कि आपका वैवाहिक जीवन भी सुखमय हो जाता है.  

30 नवंबर शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-प्रोफेशनल लाइफ में सफलता मिलेगी। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। विद्यार्थियों को करियर में नई उपलब्धि हासिल होगी। नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय है। रिश्तों में गलतफहमी हो सकती है। साथी से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करें। वृषभ राशि-अपने काम पर फोकस करें। व्यर्थ के वाद-विवाद से दूर रहें। आर्थिक मामलों में अच्छा दिन है। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को बातचीत करके सुलझाएं। इससे घर में सुख-शांति बनी रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। मिथुन राशि-कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। बॉस आपके कार्यों की तारीफ करेंगे। स्टॉक मार्केट में निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए। कुछ अविवाहित जातकों का शादी-विवाह तय हो सकता है। यात्रा में देरी होगी। कुछ लोगों की लाइफ में एक्स-लवर की वापसी संभव है। कर्क राशि-घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। ऑफिस में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपने सेहत पर थोड़ा ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। लव लाइफ शानदार रहेगी। सिंह राशि-खर्चों की अधिकता रहेगी। इसलिए आमदनी के नए स्त्रोतों की तलाश करने की आवश्यकता पड़ सकती है। गृह-क्लेश की स्थिति बनी रहेगी। परिजनों से बातचीत करके समस्या का समाधान निकालें। क्रोध से बचें। विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन है। आज धन का लेन-देन न करें। लव लाइफ रोमांटिक रहेगी। कन्या राशि-प्रोफेशनल लाइफ में सराहे जाएंगे। आपके द्वारा लिए गए आर्थिक फैसले लाभकारी साबित होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। फ्रेंड्स के साथ वेकेशन के प्लान में देरी हो सकती है। रिलेशनशिप में अहंकार बीच में न आने दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप हेल्दी और फिट रहेंगे। तुला राशि-करियर में उन्नति के कई मौके मिलेंगे। पुराने निवेशों से धन लाभ होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी विवाद सुलझ जाएंगे। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। जीवनसाथी से विचार मैच नहीं खाएंगे। जिससे साथी से नोकझोंक हो सकती है। अपने हेल्थ पर फोकस करें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। वृश्चिक राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। पारिवारि जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करना होगा। प्रेमी आपसे अपनी फीलिंग्स को शेयर करेंगे। इससे आपका कनेक्शन पहले से ज्यादा स्ट्रॉन्ग होगा। धनु राशि-महंगी वस्तुओं की खरीदारी करने की इच्छा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में वाद-विवादों से मन चिंतित रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। इससे आय में भी वृद्धि के योग बनेंगे। शैक्षिक कार्यों में सुधार आएगा। रोमांटिक लाइफ में किसी दिलचस्प से मुलाकात के संकेत हैं। मकर राशि-कार्यों के मनचाहे परिणाम नहीं मिलेंगे। पारिवारिक जीवन की गलतफहमियों को सुलझाने का प्रयास करें। प्रोफेशनल लाइफ में मान-सम्मान बढ़ेगा, लेकिन बढ़ते तनाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। रोमांटिक लाइफ में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि-पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के लिए खूब मेहनत करना होगा। काम के सिलसिले में सुखद यात्रा के योग बनेंगे। पार्टनर की बातों को नजरअंदाज न करें और रिश्ते को खुशहाल बनाने का प्रयास करें। मीन राशि-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा। एलर्जी की समस्या हो सकती है। सिंगल जातकों की किसी खास से मुलाकात होगी। लव लाइफ में नए रोमांटिक मोड़ आएंगे।

विवाह पंचमी पर करे केले के पेड़ की पूजा, 2 शुभ योगों का हो रहा निर्माण, मिलेगी असीम कृपा

 विवाह पंचमी महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है जो प्रति वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व विवाह की संस्कृति और परंपराओं को महत्त्व देता है और विवाहित जोड़ों के लिए शुभ और मांगलिक माना जाता है। हिंदू धर्म में विवाह पंचमी का महत्व भगवान राम और माता सीता के विवाह के उत्सव के रूप में माना जाता है। त्रेता युग में इसी दिन भगवान राम ने सीता माता से विवाह किया था। फिलहाल, इस साल के सभी व्रत-त्योहार लगभग खत्म हो चुके हैं, लेकिन साल का अंतिम त्योहार विवाह पंचमी अभी भी बाकी है, जिसकी तारिख को लेकर लोगों के मन में संशय बनी हुई है। मिथिला और नेपाल में इस त्योहार का विशेष महत्व है। इस दिन को उनकी प्रेम की अद्भुत कहानी और उनके विवाह के महत्त्व को याद करते हुए मनाया जाता है। इस दिन को विवाह पंचमी के रूप में मनाने से संतान सुख, परिवार की समृद्धि और पति-पत्नी के बीच प्रेम का प्रतीक माना जाता है। शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी 5 दिसंबर को सुबह 12 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन 6 दिसंबर सुबह 12 बजकर 07 मिनट पर होगा। उदय तिथि के अनुसार, यह त्योहार 6 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग का भी निर्माण होने वाला है। इसलिए यह दिन बेहद शुभ होने वाला है। शुभ योग इस साल विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर दो योग का निर्माण हो रहा है। जिनमें पहला सर्वार्थ सिद्ध योग है। तो वहीं दूसरा रवि योग्य जो की सुबह 7:00 से लेकर शाम 5:18 बजे तक रहेगा। वहीं, रवि योग 5:18 से शुरू होकर अगले दिन 7 दिसंबर को सुबह 7:01 तक रहेगा।इस दिन केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख और समृद्धि आता है। यह उन कन्याओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जो विवाह के योग्य है। केले के पेड़ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे करें पेड़ की पूजा     सबसे पहले आपको केले के पेड़ के आसपास की जगह साफ करनी है।     इसके बाद आप इस पर गंगा जल भी छिड़क सकते हैं।     अब इस पेड़ पर पीले रंग का धागा बांध दें।     फिर हल्दी और चंदन से तिलक लगाएं।     पूजा की शुरुआत करते हुए फूल अर्पित करें।     फिर धूप बत्ती और घी का दीपक जलाएं।     इसके बाद, भगवान श्री राम के मंत्रों का जाप करें।     पेड़ों के आसपास अक्षत, पंचामृत, सुपारी, लौंग, इलायची और अन्य पूजन सामग्री रखें।     पूजा के आखिर में केले के पेड़ की 21 बार परिक्रमा करें। जनकपुर में भव्य आयोजन हर साल जनकपुर में विवाह पंचमी के खास अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसे लेकर राम जन्म भूमि ट्रस्ट के प्रमुख संपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल इस खास मौके पर 5 लाख पर बारातियों के आने की उम्मीद है। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाएगा। इस साल बारात के साथ 600 विशेष मेहमानों का स्वागत किया जाएगा।

सूर्यदेव को प्रसन्न करना हो, तो रविवार को करें इस मंत्र से पूजा

रविवार सूर्य देव की पूजा का विशेष दिन है। अगर आपकी कुंडली में सूर्य का दोष है तो इस मंत्र के साथ पूजा जरुर करनी चाहिए। सूर्य देव बहुत ही जल्द प्रसन्न हो जाते है। जिससे सूर्य की कृपा व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। साथ ही, नौकरी और भाग्य संबंधी परेशानियां भी सूर्य पूजा से दूर हो सकती हैं। हिंदू धर्म के शास्त्रों में सूर्य पूजा के लिए कई मंत्र बताए गए हैं, इन मंत्रों का जप सुबह-सुबह करना चाहिए। रविवार से शुरू करके हर रोज सूर्य मंत्रों का जप करें और सूर्य को जल अर्पित करें। ये उपाय सभी सुख प्रदान करने वाला माना गया है और सूर्य नमस्कार करने से बल, बुद्धि, विद्या, वैभव, तेज, ओज, पराक्रम व दिव्यता आती है। आपकी सभी परेशानियों से जल्द ही निजात मिल जाता है। जानिए रविवार के दिन किस तरह पूजा करनी चाहिए जिससे कि सूर्य भगवान जल्द ही आप पर प्रसन्न हो जाए। ऐसे करें सूर्य देव को प्रसन्न:- रविवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें इसके बाद किसी मंदिर या घर में ही सूर्य को जल अर्पित करे इसके बाद पूजन में सूर्य देव के निमित्त लाल पुष्प, लाल चंदन, गुड़हल का फूल, चावल अर्पित करें। गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं और पवित्र मन से नीचें दिए हुए सूर्य मंत्र का जाप कर सकते हैं। यह मंत्र राष्ट्रवर्द्धन सूक्त से लिए गए है। साथ ही अपने माथें में लाल चंदन से तिलक लगाए। ऊं खखोल्काय शान्ताय करणत्रयहेतवे। निवेदयामि चात्मानं नमस्ते ज्ञानरूपिणे।। त्वमेव ब्रह्म परममापो ज्योती रसोमृत्तम्। भूर्भुवः स्वस्त्वमोङ्कारः सर्वो रुद्रः सनातनः।। आप चाहें तो इस दूसरें मंत्र का जाप कर सकती है…. प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यम् रूपं हि मण्डलमृचोथ तनुर्यजूंषि। सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम्।। या फिर इस मंत्र का जाप करे- उदसौ सूर्यो अगादुदिदं मामकं वचः। यथाहं शत्रुहोऽसान्यसपत्नः सपत्नहा।। सपत्नक्षयणो वृषाभिराष्ट्रो विष सहिः। यथाहभेषां वीराणां विराजानि जनस्य च।। इन मंत्रो का जाप करनें से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएगी और घर में सुख-शांति आएगी। साथ ही घर में शांति रहेगी जिससे घर में कभी धन की कमी नही होगी।  

Bharat Darshan : मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि तक पहुंचाने का संपूर्ण मार्गदर्शन एवं कहा कहां घूमें

Bharat Darshan: Complete guidance to reach the birthplace of Shri Krishna in Mathura and where to visit. भोपाल ! मथुरा उत्तर प्रदेश राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगर है, जिसे विशेष रूप से हिंदू धर्म में श्री कृष्ण की जन्मभूमि के रूप में पूजा जाता है। यह नगर यमुना नदी के किनारे स्थित है और भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मथुरा का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। मथुरा का इतिहास मथुरा का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है और यह एक महत्वपूर्ण वैदिक नगर था। यह महाभारत काल में भी प्रमुख था और प्राचीन समय में मथुरा का महत्व धार्मिक दृष्टि से बहुत अधिक था। मथुरा को पौराणिक कथाओं में “मथुरापुर” के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा का नाम संस्कृत शब्द ‘मात्र’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है ‘प्यार’ या ‘स्नेह’, और यह इस स्थान के महत्व को दर्शाता है। श्री कृष्ण और मथुरा श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उनके जन्म से जुड़ी घटनाओं का वर्णन विशेष रूप से भगवद गीता, भागवतकथा, और महाभारत में मिलता है। कृष्ण का जन्म मथुरा के जेल में हुआ था, और उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव थे। मथुरा के कंस के अत्याचारों से बचने के लिए वासुदेव ने कृष्ण को गोकुल में यशोदा के घर भेज दिया था। श्री कृष्ण ने अपने बाल्यकाल में मथुरा और गोकुल में कई लीलाएं की थीं, जो अब भी भक्तों के बीच प्रसिद्घ हैं। कृष्ण का जीवन मुख्य रूप से उनके बाल्यकाल, यवकाल, और द्वारका के शासनकाल पर आधारित है। मथुरा में उनकी कई महत्वपूर्ण लीलाएं, जैसे कि कंस का वध और अपने माता-पिता को कंस के अत्याचार से मुक्त करना, हुईं। मथुरा में भगवान कृष्ण से जुड़ी कई पवित्र जगहें हैं, जैसे कि *जन्मभूमि मंदिर, जहां श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, और *कंस किला, जो कंस द्वारा बनवाया गया था। मथुरा के प्रमुख स्थल मथुरा का सांस्कृतिक महत्व मथुरा का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यधिक है, और यह स्थान भारतीय संस्कृति, संगीत, कला, और साहित्य के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है। यहां की संस्कृति में राधा-कृष्ण की प्रेमकथा की प्रमुखता है, जो विभिन्न कला रूपों में व्यक्त की जाती है, जैसे कि संगीत, नृत्य, चित्रकला और साहित्य। मथुरा में आयोजित होने वाले प्रमुख उत्सवों में जन्माष्टमी, दीपावली, और राधा अष्टमी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इन अवसरों पर मथुरा में लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। इस प्रकार मथुरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है, जहां से भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और प्रेम की भावना फैलती है।

29 नवंबर शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- रोजाना मेडिटेशन करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के वेतन या पॉकेट मनी में बढ़ोतरी मिलने के संकेत हैं। ऑफिस में जरूरी टास्क आज के आज ही पूरा कर लें। वृषभ राशि- आप किसी करीबी की शादी या फंक्शन में भी शामिल होने की योजना बना सकते हैं। आज आपको पढ़ाई या जरूरी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की सलह दी जाती है। मिथुन राशि-अलगाव के बाद कुछ लोगों की लव लाइफ में अच्छे दिन आने वाले हैं। वजन घटाने के लिए डाइट पर फोकस करें। निवेश का कोई लाभदायक अवसर आपके सामने आ सकता है। कर्क राशि-सोच समझकर और सलह के साथ ही आगे बढ़ें। अपने बजट पर टिके रहें। स्टूडेंट्स आज सकारात्मक मानसिकता में रहेंगे। आपका साथी कोई पुराना मुद्दा उठा सकता है, जिससे जीवन में परेशानी बढ़ सकती है। सिंह राशि-हेल्दी खाने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पैसों की सिचूऐशन मजबूत रहने वाली है। ऑफिस में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन चीजें आपके पक्ष में काम करेंगी। कन्या राशि-किसी शुभ समाचार से परिवार में खुशियां आएंगी। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। तुला राशि- मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। आज अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। वृश्चिक राशि- पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका कुछ लोगों को मिल सकता है। जिसे आप पसंद करते हैं, उससे बात करने की आपकी कोशिश आज पूरी हो सकती है। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। धनु राशि- पैसों की प्रॉब्लम होने पर कोई दोस्त आपकी आर्थिक सहायता कर सकता है। आज आपका काम समय पर पूरा हो जाएगा। मम्मी पापा के लिए कोई खास प्लान बनाने से उनका मूड खुश रहेगा। मकर राशि-आज आपका कोई नया क्रश सामने आ सकता है। किसी शादी या महत्वपूर्ण इवेंट में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा का योग बन रहा है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छी तैयारी करना आसान हो जाएगा। कुंभ राशि-पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। ऑफिस के दौरान सभी जरूरी रूल्स का पालन करें। हेल्दी रहने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें। आज दिन बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने का है। मीन राशि-कुछ लोगों के लिए ट्रिप पर जाने के योग हैं। सही प्रैक्टिस से आप अपने टीचर को खुश कर सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से तारीफ पाना आपके लिए सबसे खुशी की बात रहेगी।

28 नवंबर गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- आज का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। वृषभ राशि- आज घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। मिथुन राशि- आज का दिन संतोषजनक रहेगा। नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है। अहंकारी न होने का प्रयास करें। कारोबार फलेगा-फूलेगा। कर्क राशि- आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। हो सकता है आप पॉलिटिक्स के शिकार हो जाएं। सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। सिंह राशि- आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। आज आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। कन्या राशि- विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। इंकम बढ़ाने और प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। तनाव से दूर रहें। तुला राशि- प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। कारोबार से जुड़े लोगों को आज सावधान रहने की जरूरत है। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। वृश्चिक राशि- हेल्थ आज अच्छी रहेगी। कुछ अप्रत्याशित समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। धनु राशि- आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। मकर राशि- करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें। कुंभ राशि- आपके काम की सराहना होगी और तारीफ भी मिलेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे मीन राशि- आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। ऑयली फूड से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें।

विश्वास का तरीका बदलना होगा तभी भगवान को जान पाएंगे

मेरे आसपास के सभी लोग भगवान को मानते हैं, इसलिए मैं भी भगवान को मानता हूं। सब भगवान में अटूट विश्वास रखते हैं, इसलिए मैं भी रखता हूं। सब मंदिर जाते हैं, इसलिए मैं भी जाता हूं। जो सब कह रहे होते हैं या फिर जो सब कर रहे होते हैं, उसमें आपकी खोज तो कुछ भी नहीं, इसमें तो कोई गहरी बात नहीं। जिसने भगवान को अनुभव किया, उसने भगवान में श्रद्धा और विश्वास रखा! यदि उसने भी भेड़चाल की तरह दूसरों के कहने में आकर बिना भगवान को अनुभव किए उनके प्रति श्रद्धा अनुभव की या विश्वास किया तो यह ज्ञान सहित विज्ञान नहीं। फिर यह केवल मान्यता है, और मान्यता दौड़ाती बहुत है, पहुंचाती कहीं भी नहीं। मानना और जानना, दोनों में बड़ा अंतर है। सब मानते हैं, इसलिए हम भी मानेंगे की प्रवृत्ति सही नहीं है। मानने से ऊपर उठकर हमें जानने में आना होगा। यदि हमने ईश्वर को दूसरों की देखा-देखी ही माना तो उनमें हमारा विश्वास आने-जाने वाला ही होगा। वह विश्वास हमेशा एक जैसा रहने वाला नहीं होगा। उस विश्वास में स्थायित्व की भावना का अभाव होगा। जब जीवन में सब ठीक चल रहा होता है तो मन में जो भी बनावटी विश्वास होते हैं, वे ठीक हैं और वे चल भी जाते हैं। लेकिन जब जीवन में परिस्थितियां उलटी-पुलटी हों, विपरीत हों, जो सोच कर चल रहे हों, वह हो ही न रहा हो तो उस समय यह जो ऊपर वाला विश्वास है, वह डगमगा जाएगा। इस ऊपर-ऊपर वाले विश्वास में कोई गहराई नहीं होती। इसकी सीधी वजह यह है कि यह विश्वास अनुभव के आधार पर नहीं होता, बल्कि सुनी-सुनाई बातों के कारण हो रहा होता है। वैसे भी जो देखा न जा सके, उसमें विश्वास करना कठिन ही होता है। लेकिन उस परमात्मा को अनुभव करने की शक्ति भी हमारे ही अंदर निहित है। हम सब में परमात्मा का निवास है। तो सबसे पहले अपने विश्वास को नए तरीके से स्थापित करना होगा। उसको अपने अनुभव के आधार पर नया जन्म देना होगा और यह तब होगा जब यह भाव पक्का होगा कि कोई शक्ति तो है जो सारे विश्व को बड़ी बारीकी से और व्यवस्थित तरीके से चला रही है। कोई तो ताकत है जो हमारे शरीर को निरंतर गति दे रही है। कोई तो है, जिससे मेरे सहित पूरा ब्रह्मांड चल रहा है। इस सार को अपने अंतरतम के भीतर उतर कर ही जाना जा सकता है। इसके लिए ध्यान है। ध्यान का अभ्यास अपने भीतर स्थित उसी ब्रह्म को जानने की प्रक्रिया है, जिससे हम चल रहे हैं, यह जगत चल रहा है। अपने अंदर उतरने के लिए हमें ध्यान करना होगा क्योंकि निरंतर ध्यान और प्रार्थना आपको उस शक्ति को अपने भीतर अनुभव करा देती है। तब किसी के कहने से विश्वास करने की जरूरत नहीं रह जाती है, बल्कि तब तो अपने अंदर खुद-ब-खुद विश्वास उत्पन्न हो जाता है! जब विश्वास अंदर से अनुभव के आधार पर जन्म लेता है तो भारी से भारी दुख हो या कितनी भी उलटी-पुलटी परिस्थितियां हों, वह सबमें अडिग बना रहता है। इसलिए पहला कार्य और सारी कोशिश अपने भीतर उतरने की होनी चाहिए। फिर जैसा अंदर की आवाज कहे, वैसा करो। फिर जो भी घटेगा वह उचित होगा और वही हमारी जीवन यात्रा में सहायक होगा।  

आगर-मालवा के कालीसिंध नदी किनारे चमत्कारी मंदिर, जहां जलता है पानी से दीया

भारत में बहुत से प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है. जिसके चलते भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है. इन मंदिरों में घटने वाली रहस्यमयी घटनाओं की गुत्थी आज तक कोई भी नहीं सुलझा पाया है. लेकिन इन अनोखे रहस्यों के चलते ये मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है और यहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं. ऐसा ही एक चमत्कारी और रहस्यमयी मंदिर है. जहां सालों से सिर्फ पानी से ही दीपक जलाया जाता है. आपके मन में भी ये सवाल उठ रहा होगा कि यह कैसे संभव हो सकता है, लेकिन ऐसा होता है और इस चमत्कारी घटना को देखने के लिए रोजाना बहुत से भक्त इस मंदिर में आते हैं. कहा है यह मंदिर? यह मंदिर मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी के किनारे आगर-मालवा के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किमी दूर गाड़िया गांव के पास स्थित है. इस मंदिर को गड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से जाना जाता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में सालों से एक महाज्योति जल रही है. इस यह माता के सामन जलने वाला यह दीपक बिना किसी तेल, घी या ईंधन से जल रहा है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि यह दीपक मंदिर के पास बहन वाली कालीसिंध नदी के पानी से जलता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में रखे दीपक में जब पानी डाला जाता है, तो वह चिपचिपे तरल में बदल जाता है और दीपक जल उठता है. माता ने दिया आदेश कहा जाता है कि पहले इस मंदिर का दीपक बाकी मंदिरों की तरह तेल और घी से जलाया जाता है. लेकिन बार माता ने पुजारी को सपने में दर्शन दिए और नदी के पानी के दीपक जलाने का आदेश दिया. जिसके बाद पुजारी ने वैसा ही किया और एक दिन नदी का पानी दीपक में भरकर जैसे ही बाती को जलाया, तो जोत जलन लगी. कहां जाता है कि तब से ही मंदिर में पानी से दीपक जलाया जाता है. जब इस चमत्कार के बारे में लोगों को पता चला तब से बहुत से लोग रोजाना इस चमत्कार को देखने के लिए इस मंदिर में आते हैं. बरसात में नहीं जतला दीपक इस मंदिर में बरसात के मौसम में दीपक नहीं जलता है. दरअसल बरसात के दौरान कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से यह मंदिर पानी में डूब जाता है. जिसकी वजह से यहां पूजा करना संभव नहीं होता है. इसके बाद जैसे ही मंदिर से पानी नीचे जाता है और शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हौती है. तभी मंदिर में फिर से अखंड ज्योत जलाई जाती है. जोकि अगले साल वर्षाकाल तक जलती है.

इस तरह से पाएं शनिदेव की कृपा, रोजाना करें ये काम प्रसन्न रहेंगे शनि

शनि अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता के लिए जाने जाते है। शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। शनि व्यक्ति के कर्म के अनुसार फल देते हैं, इसलिए इन्हे कर्मफलदाता शनि कहा जाता है। शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है। शनि का राशि परिवर्तन 2.5 साल बाद होता है। जब शनि ग्रह लग्न से बारहवीं राशि में प्रवेश करते हैं तो उस विशेष राशि से अगली दो राशि में गुजरते हुए अपना समय च्रक पूरा करते समय शनि की साढ़े साती शुरु हो जाती है। अभी शनि कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि की साढ़े साती कुंभ, मकर और मीन राशि पर चल रही है। शनि को राशि चक्र पूरा करते समय 30 वर्ष लग जाते हैं। आइए जानते हैं शनि को प्रसन्न करने के उपाय। शनि देव सिखाते हैं ये 3 चीजें शनि विरोधाभासों का ग्रह है। एक ओर, इनकी धीमी गति हमें अटका हुआ, सुस्त या देरी से बोझिल महसूस करा सकती है। लेकिन दूसरी ओर, शनि का असली सार उसके मेहनती स्वभाव में निहित है। जब आप शनि की एनर्जी से तालमेल बिठाते हैं, तो यह आपको 3 चीजें सिखाकर, आपका जीवन बदलता देता- -अत्यधिक अनुसान -बेहतरीन दिनचर्या -दृढ़ता का मूल्य शनि ग्रह को शक्तिशाली बनाने के लिए खास उपाय अनुशासन जरुरी है सुबह जल्दी उठें, नियमित रुप से दिनचर्या का पालन करें और अपनी कमिटमेंट्स पर ध्यान देना जरुरी है। मेहनत करें जो लोग मेहनत करते हैं शनि उनके प्रयास का हमेशा सम्मान करते हैं। कभी भी चुनौतियों से न बचें, बड़े-बड़े चैलेंज को गले लगाओ। मन को व्यवस्थित करें यदि आप ध्यान या योग जैसे अभ्यास करेंगे तो शनि की भारी ऊर्जा को कम कर सकते हैं। दयालु बनें जो व्यक्ति दान और विनम्रता के कार्य करते हैं उन्हें शनि फल जरुर देते हैं। कम भाग्यशाली लोगों की मदद करना जरुरी है। हमेशा खुद को दयालु बनाएं।  

27 नवंबर बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में भागदौड़ भी अधिक रहेगी। खर्चों की अधिकता रहेगी। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। किसी दूसरे स्थान पर जाने के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। खर्चों की अधिकता रहेगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। कर्क राशि कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। कन्या राशि कन्या राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। पिता व संतान की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। कारोबार का विस्तार होगा। परिश्रम भी अधिक रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। पिता का साथ मिलेगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। धनु राशि धनु राशि वालों का आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। कारोबार में विस्तार के लिए निवेश कर सकते हैं। कारोबार में आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि मकर राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माता का सान्निध्य मिलेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। परिवार में शांति बनाए रखें। नौकरी में अफसरों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। तरक्की के योग बन रहे हैं। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे, परंतु आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का सहयोग भी मिल सकता है। माता-पिता का साथ भी मिलेगा। मीन राशि मीन राशि वालों का मन परेशान रहेगा। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ यात्रा पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी।

कष्ट दूर करने के लिए दर्श अमावस्या की रात कर लें ये उपाय

अगर आप अपने जीवन में परेशान रहते हैं और आपके दुख दूर होने का नाम नहीं ले रहे हैं तो आपको आप दर्श अमावस्या की रात कुछ उपाय करके अपने कष्ट दूर कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि दर्श अमावस्या की रात विधि कुछ उपाय करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. जो लोग इस रात विधि विधान से उपाय करते हैं तो उन्हें अपने कार्यों में सफलता अवश्य प्राप्त होती है और जीवन में सभी बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं. इसके साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार, द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष महीने की दर्श अमावस्या तिथि 30 नवंबर को सुबह 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी. और 1 दिसंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि की मुताबिक दर्श अमावस्या 30 नवंबर दिन शनिवार को ही मनाई जाएगी, क्योंकि अमावस्या की पूजा रात के समय की जाती है. अमावस्या की रात करें ये उपाय     दर्श अमावस्या की रात पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें.     दर्श अमावस्या की शाम को घी का दीपक जलाकर नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें. इससे पितरों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.     रात के समय शिवलिंग पर जल चढ़ाकर और बेलपत्र अर्पित करके शिवजी की पूजा करें. इससे लोगों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है.     अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और विष्णु भगवान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.     भगवान गणेश की पूजा करने से सभी कार्य में सफलता मिलती है और बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगते हैं. साथ ही सभी संकट दूर होने लगते हैं.     अमावस्या के दिन दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है. आप अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को भोजन, वस्त्र आदि दान कर सकते हैं.     गाय को चारा खिलाने से भी पुण्य मिलता है और गाय का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इससे लोगों को पुण्य फल की प्राप्ति होती है.     अमावस्या के दिन ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बहुत लाभकारी होता है. इससे मन को शांति मिलती है और दिन अच्छा बीतता है. दर्श अमावस्या का महत्व दर्श अमावस्या का दिन पितरों को याद करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है. इन उपायों को करने से न केवल पितर प्रसन्न होते हैं बल्कि जीवन में भी सुख-समृद्धि आती है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. दर्श अमावस्या के दिन विधि विधान से पूजा करने से पितरों के लिए मोक्ष प्राप्ति का मार्ग आसान हो जाता है और ज्यादा कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है.  

उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखकर इस प्रकार से करें पूजन, छूमंतर हो जाएगें रोग

प्राचीन काल में ऋषि-महर्षियों को शरीर को निरोगी रखने का रहस्य पता था, इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे विधान बनाए, जिनका पालन अगर मनुष्य श्रद्धा-विश्वास के साथ बिना तर्क, वितर्क, कुतर्क किए करे, तो ऐसे में उसे लाभ ही लाभ मिलना है। इन विधानों का पालन करने से कभी भी कोई नुकसान नहीं होता है। आज जानेंगे, उत्पन्ना एकादशी के महत्व के बारे में जो शरीर को रोगों से लड़ने की अद्भुत शक्ति उत्पन्न करती है। आज के समय में जीवन शैली के परिवर्तन से डाइबिटीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का बोलबाला है, जिसके कारण दवाओं पर अत्यधिक व्यय होता है, परन्तु अगर हम प्राचीन नियम, विधि-विधानों का पालन करें, एकादशी आदि का व्रत हर पक्ष में रखें, तो उसका चमत्मकारिक परिणाम देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार जब हम हर पंद्रह दिन में व्रत रखते हैं और उस दौरान कुछ नहीं खाते हैं, तो ऐसे में शरीर के अन्दर स्थित कैंसर आदि सेल्स अपने आप ही मरने लग जाते हैं। गरिष्ठ भोजन का त्याग और एकादशी के दिन आवश्यक रूप से व्रत है वरदान – पद्म, स्कंद और विष्णु धर्मोत्तर पुराण का कहना है कि एकादशी व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार समस्त बीमारियां वात, पित्त, कफ त्रिदोष असंतुलन के कारण होती हैं एकादशी के दिन उपवास त्रिदोषों के संतुलन में सहायक होता है। एकादशी व्रत रखने से शरीर स्वस्थ होता है, मन प्रसन्न होता है जिससे सकारात्मक चिंतन व्यक्ति को सफलता दिलाता है। पूजन विधि-विधान – उत्पन्ना एकादशी का व्रत, पूजन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। एकादशी के दिन प्रातःकाल उठकर भगवान का पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजन करना चाहिए। भगवान को केवल फलों का ही भोग लगाने का विधान है। व्रत रखने वालों को दशमी के दिन रात्रि में भोजन नहीं करना चाहिए। जीवन में शनि दुख और गुरू ज्ञान को दर्शाता है। इस वर्ष उत्पन्ना एकादशी के दिन शनि की स्वराशि तथा गुरु की वृष राशि की स्थिति में किया गया निःस्वार्थ दान-पुण्य, सेवा कार्य व्रतकर्ता का भाग्योदय सुनिश्चिित करेगा। कल्याण के लिए एकादशी के दिन विष्णु भगवान का पूजन, पितृ तर्पण, पीपल के वृक्ष में जल अर्पण अवश्य करें। उत्पन्ना एकादशी का व्रत विधि-विधानपूर्वक रखने से सर्व प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वयं श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को उत्पन्ना एकादशी के महत्व, विधि-विधान एवं एकादशी माता के जन्म की कथा सुनाई थी।

घर के मुख्य दरवाजे से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान, होगी बरकत

फेंगुशई के अनुसार घर का मुख्य द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा आने का मुख्य साधन है। इससे घर में खुशहाली और बरकत आती है। इसलिए घर के मुख्य दरवाजे से जुड़ी फेंग शुई की बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इसके अलावा फेंगशुई में घर में कुछ पौधे लगाने से भी सकारात्मक ऊर्जा आती है। लेकिन इन्हें लगानें से पहले कुछ बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातों के बारें में: 1. फेंगशुई के अनुसार घर के दरवाजे के पास ताजे फूल रखने चाहिए। इसके अलावा घर की खुशहाली के लिए दरवाजे के पास हरे पौधे और बुद्धा की प्रतिमा रखनी चाहिए। 2. परिवार के सदस्यों में प्यार बढ़ाने के लिए दरवाजे के बाहर विंड चाइम लगाएं इसके अलावा आप घर के दरवाजे के बाहर छोटी-छोटी लाइटें भी लगा सकते हैं। 3. कोशिश करें कि घर के दरवाजे का मुख्य द्वार का रास्ता सीधा नहीं हो, इसमें मुड़ाव जरूर होना चाहिए। फेंगशुई के अनुसार कहा जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है। 4. फेंगशुई के अनुसार घर में ऐसे पौधों को रखना चाहिए जो प्राकृतिक हों यानी जिन्हें बढ़ने के लिए मिट्टी, पानी और सूरज की रोशनी की जरूरत हो। इनकी सही तरीके से देखभाल भी करनी चाहिए। 5. घर के मुख्य दरवाजे के पास कोई भी फालतू चीज नहीं रखी होनी चाहिए। इसके अलावा घर की सुख-समृद्धि के लिए दरवाजे के दोनों तरफ पौधे लगाने चाहिए। इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

26 नवंबर मंगलवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि में वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। फिर भी संयत रहें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु आत्मसंयत भी रहें। परिवार में शांति बनाए रखने के प्रयास करें। माता की सेहत का ध्यान रखें। कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा, परंतु सेहत के प्रति सचेत रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। पिता के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। उपहार में वस्त्र मिल सकते हैं। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान रहेगा। बातचीत में संतुलित रहें। सेहत का ध्यान रखें। पिता का सान्निध्य मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। मन प्रसन्न रहेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। किसी पैतृक संपत्ति से धन मिल सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता का सान्निध्य मिलेगा। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में निवेश कर सकते हैं। कारोबार के लिए यात्रा पर जा सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। अफसरों का सहयोग मिलेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों का मन तो प्रसन्न रहेगा, परंतु आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। कला या संगीत के प्रति रुचि बढ़ सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। मीन राशि- मीन राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। वाहन सुख में कमी आ सकती है। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे।

हनुमान चालीसा की इन चैपाई का जाप करने से आएगी घर में सुख-शांति

किसी को बडी समस्याओं का सामना करना पडता है जो अधिक समय तक रहती है जिसके कारण आप अशांत और सुकून भरी जिंदगी चाहने के लिए अपनी जिंदगी आपको बोझिल लगने लगती है। इन समस्याओं से आपको निजात हनुमान जी दिला सकते है क्योंकि इनकी साधना अति सरल एवं सुगम है चूंकि वह बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इनकी साधनाओं में ब्रह्मचारी व्रत अवश्य लेना चाहिए। साथ ही हनुमान चालीसा का जाप करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति हनुमान चलीसा का रोज पाठ करता है तो आपके ऊपर भगवान हनुमान की कृपा बनी रहेगी। जिसके कारण आपको हर काम में सफलता मिलेगी। भगवान एक ऐसे भगवान है जिसे माना जाता है कि आज भी जीवित है। सच्चे मन से इनकी पूजा विधि-विधान के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। तुलसीदास जी द्वारा लिखी गयी, काव्यात्मक कृति हनुमान चालीसा खुद में हजारों और लाखों मन्त्रों के समान शक्तिशाली बताई गयी है। वैसे तो पूरी ही हनुमान चालीसा बहुत महत्वपूर्ण है किन्तु हनुमान चालीसा की यह निम्न 5 चैपाइयां ही अगर सही से निरंतर जाप की जाए, तो सभी दुखों से इंसान को मुक्त कर सकती हैं। जानिए इन चैपाईयों के बारें में। अगर आप किसी शत्रु से परेशान है। जिसके कारण आप तनाव या और समस्याओं से गुजर रहे हैं तो इस चैपाई का जाप करें। ऐसा करने से आपको अपने शत्रु से विजय प्राप्त होगी। साथ ही वो आपका अनिष्ट नही कर पाएगा। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्रजी के काज संवारे।। अगर आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड रहा है या फिर कोई भी काम करने से आपको असफलता ही प्राप्त हो रही है या फिर हढझ़ाई में किसी भी तरह की समस्या आ रही है तो इस चैपाई का रोज 108 बार जाप करें। बिद्यबान गुनी अति चातुर। रामकाज करीबे को आतुर।। अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमार या हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है। हर तरह की दवा करा ली लेकिन फायदा नही हो रहा है तो इस चैपाई का सुबह और शाम कम से कम 108 बार जाप करें। जल्द ही आपको हर बीमारी से निजात मिल जाएगा। नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।। अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह का भय सता रहा है तो रोज सुबह और शाम हनुमान चालीसा में इस चैपाई का कम से कम 108 बार जाप करें। आप सभी तरह के भय से मुक्त हो जाएगे। भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे।। हनुमान जी आठ सिद्धि और नौ निधियों को देने वाले भगवान हैं। इनको ऐसा वरदान माता सीताजी ने दिया है। अगर आपको भी शक्तियों के प्राप्त करना है जिससे आप हर मुश्किलों का कम सामना करना पडे तो रोज ब्रह्म मुहूर्त में उढकर इस चैपाई का जाप करें। अष्ट-सिद्धि नवनिधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।  

25 नवंबर सोमवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- लिखने पढ़ने में समय व्यतीत करें विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा प्रेम में थोड़ा सा तू तू मैं मैं रहेगा बच्चों की सेहत को ध्यान में रखें। व्यापार आपका सही रहेगा। सूर्य को जल देते रहें। वृषभ राशि- गृह कलह के संकेत हैं। यद्यपि भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य ठीक है। प्रेम, संतान की स्थिति अच्छी है। व्यापार भी अच्छा है। पीली वस्तु का दान करें। मिथुन राशि- पराक्रम रंग लाएगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। अपनों का साथ होगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार सब कुछ बहुत अच्छा दिख रहा है। काली जी को प्रणाम करते रहें। कर्क राशि- प्रेम संतान का साथ है। व्यापार की स्थिति सुदृढ़ है। आगे बढ़ रहे हैं आप। स्वास्थ्य भी अच्छा है। शुभ समय। निवेश करने से बचें। लाल वस्तु पास रखें। सिंह राशि- सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य में सुधार। प्रेम, संतान का मध्यम होना और व्यापार का अच्छा होना दर्शा रहा है। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि- मन चिंतित रहेगा। खर्च की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम रहेगा, ये टेंपरेरी फेज रहेगा। प्रेम, संतान अच्छा है। व्यापार भी अच्छा है। तांबे की वस्तु दान करें। तुला राशि- रुका हुआ धन वापस मिलेगा। नए स्रोत से पैसे आएंगे। पुराने स्रोत से भी पैसे आएंगे। प्रेम, संतान, व्यापार बहुत अच्छा है। शनि देव को प्रणाम करेगा। वृश्चिक राशि- कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगा। राजनीतिक लाभ होगा। स्वास्थ्य मध्यम। प्रेम, संतान की स्थिति मध्यम। व्यापार बहुत अच्छा। पीली वस्तु पास रखें। धनु राशि- भाग्य साथ देगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। यात्रा का योग बनेगा। प्रेम, संतान मध्यम रहेगा। व्यापर अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें। मकर राशि- परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। चोट-चपेट लग सकता है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य पे ध्यान दें। बाकी प्रेम, संतान, व्यापार अच्छा है। काली जी को प्रणाम करते रहें। कुंभ राशि- शत्रु परेशान करने की कोशिश करेंगे लेकिन जीत आपकी होगी। गुण ज्ञान की प्राप्त होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम, संतान अच्छा। व्यापार अच्छा। हरी वस्तु पास रखें। मीन राशि- भावनाओं में बहकर कोई निर्णय मत लीजिएगा। पढ़ने लिखने में समय व्यतीत करें। बुजुर्गों का आप पर आशीर्वाद बना रहेगा। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम है, प्रेम, संतान भी मध्यम है। लेकिन व्यापार सही रहेगा। काली वस्तु का दान करें, शुभ होगा।

15 दिसंबर को रात 10:19 बजे धनु राशि में गोचर करेंगे और तभी से खरमास आरंभ हो जाएंगे, जानें इस दौरान क्या करें और क्या न करें

सनातन धर्म में खरमास को विशेष माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब तक खरमास है तब तक शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। इस संबंध में, शादियों जैसे अनुकूल आयोजनों को इस अवधि के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस दौरान भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा की जाती है, जिससे व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और खुशियां आती हैं। इस दौरान आप भूलकर भी कोई काम नहीं करें, नहीं तो जीवन में कई परेशानियां आ सकती हैं। दृक पंचांग के अनुसार सूर्य देव 15 दिसंबर को रात 10:19 बजे धनु राशि में गोचर करेंगे और तभी से खरमास आरंभ हो जाएंगे। खरमास 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा। खरमास के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। आइए जानते हैं विस्तार से। खरमास में क्या करें धार्मिक विद्वानों के अनुसार खरमासमें प्रतिदिन भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य को अर्घ्य दें और उनके मंत्रों का जाप करें। मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए खरमास के दौरान ध्यान करें। खरमास के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों की मदद करें। खरमास में क्या ना करें खरमास के दौरान भूलकर भी तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। इस समय नया वाहन खरीदना या घर बनवाना भी अशुभ माना जाता है। जब तक खरमास  रहता है, सगाई, विवाह, सामाजिक समारोह और गृहप्रवेश निषिद्ध माने जाते हैं। इस अवधि में आपको किसी से भी बहस करने से बचना चाहिए। सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय खरमास के दौरान कुछ उपाय करके सूर्य देव को प्रसन्न किया जा सकता है। खरमस के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य औदें और पूजा के बाद र पूजा करने के बाद गुड़, दूध और चावल समेत कुछ चीजों का दान करें। कहा जाता है कि इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और मनुष्य को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। साथ ही मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।  

क्या आप जानते हैं रात्रि में किस समय देखे हुए सपने होते हैं सच

दिन की नींद के दौरान आए सपनों को विकृत मन का दर्शन कहा जाता है। व्यक्ति जब मानसिक दृष्टि से बीमार होता है, तब दिन में स्वप्न देखता है। सपने में ऐसे दृश्यों का कोई महत्व नहीं होता। ये अर्थहीन हैं। वैसे तो व्यक्ति दिन में सपने देखता है और रात को भी। आइए जानें… रात्रि के समय देखे गए सपनों का फल रात्रि के विभिन्न पहरों या चरणों के अनुसार कहा जाता है, जो इस प्रकार है :- 1. 12 बजे से पूर्व देखा गया स्वप्न मन की विकृति होने के कारण अर्थहीन होता है, अत: भूल जाएं कि इसका कोई फल मिलेगा। 2. 12 से 1 बजे तक-ऐसे सपनों का फल 3 वर्ष के अंतर्गत होता है। 3. 1 से 2 बजे तक-इनका फल 1 वर्ष के बीच प्राप्त होता है। 4. 3 से 4 बजे तक-इन सपनों का फल 6 महीने में मिलता है। 5. 4 से 5 बजे तक- इस दौरान देखे स्वप्न 3 महीनों में फलदायक हैं। 6. 5 से 6 बजे प्रात:-ऐसे सपनों के फलीभूत होने का समय 1 महीना है। 7. प्रात: आंख खुलने से तुरंत पूर्व के स्वप्नों को दृष्टांत कहा जाता है। ऐसे सपने भाग्यशाली व्यक्तियों को आते हैं जिनका मन स्वस्थ एवं स्थिर होता है। प्रात: कालीन स्वप्न सीधे रूप में भविष्यवाणी या भावी दर्शन का रूप होते हैं।  

24 नवंबर रविवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि आज का राशिफल मेष राशि के जातकों के लिए आज दिन खुशनुमा रहने वाला है. आपको अपने किसी परिजन की ओर से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. लेनदेन से संबंधित मामलों में आपको पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है .यदि आपका कोई सरकारी काम लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह पूरा हो सकता है. संतान के स्वास्थ्य में यदि कुछ गिरावट आ रही थी, तो वह भी दूर होगी. सरकारी योजनाओ का आपको पूरा लाभ मिलेगा. वृषभ राशि आज का राशिफल वृषभ राशि के जातकों के लिए आज दिन परोपकार के कार्यों में बाढ़-चढकर  हिस्सा लेने के लिए रहेगा. आपकी साख चारों ओर फैलेगी. आपको कोई पुरस्कार मिलने से माहौल खुशनुमा रहेगा. ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से यदि कोई अनबन चल रही थी, तो वह भी दूर होगी. आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बौझ से छुटकारा मिलेगा. किसी सरकारी योजना का आपको लाभ मिलेगा. मिथुन राशि आज का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए आज दिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के लिए रहेगा आप बिजनेस में कोई बदलाव न करें तो समस्या हो सकती है सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को यदि कोई समस्या आ रही थी तो वह भी दूर होगी परिवार में कल किसी पूजा पाठ में भजन कीर्तन आगे का आयोजन होने से माहौल खुशनुमा रहेगा आपके तरफ से आ रहे बढ़ाएं दूर होंगे और आपको अपने सहयोगियों से शाम को लेकर बातचीत कर सकते हैं कर्क राशि आज का राशिफल कर्क राशि के जातकों के लिए आज दिन मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है. आपकी कोई डील फाइनल होते-होते रुक सकती हैं. आप अपने परिवार में सदस्यों के साथ कुछ मौज-मस्त के भरे पल व्यतीत करेंगे. सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. कार्य क्षेत्र में आपको किसी काम को लेकर जल्दबाजी दिखाने से बचना होगा, नहीं तो उसमें गड़बड़ी होने की संभावना है. सिंह राशि आज का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिएआज दिन सामान्य रहने वाला है. आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ आनंदमय समय व्यतीत करेंगे और जीवनसाथी के लिए आप कुछ नए कपड़े वगैरा आदि की खरीदारी भी कर सकते हैं. आपको अपने बढ़ते खर्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है. आपको किसी पत्रक संपत्ति के मिलने से भी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. आपकी किसी नए काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती है. कन्या राशि आज का राशिफल कन्या राशि के जातकों के लिए आज दिन प्रभाव व प्रताप में वृद्धि लाने वाला है. आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा. नौकरी में आप पूरी मेहनत दिखाएंगे, तभी आप  प्रमोशन के बारे में सोच सकते हैं. किसी नई भूमि, मकान, वाहन आदि की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा. यदि सेहत को लेकर आप परेशान चल रहे थे, तो वह भी पहले से बेहतर रहेगी. आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं. तुला राशि आज का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए आज दिन आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है. जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा. आपका यदि कोई जमीन जायदाद से संबंधित मामला लटका हुआ था, तो उसमें भी फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. संतान को यदि आपने कोई जिम्मेदारी दी थी, तो वह उस पर खरी उतरेगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपको अपने कामों को लेकर यदि कुछ समस्या चल रही थी, तो आप अपने बॉस से सलाह मश्वरा अवश्य करें. वृश्चिक राशि आज का राशिफल वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज दिन टेंशन भरा रहने वाला है. आप अपने माता-पिता से किसी काम को लेकर सलाह ले सकते हैं. पारिवारिक जिम्मेदारियां में यदि आपने ढील दी, तो कोई सदस्य आपसे नाराज हो सकता है. आपको किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर करने से बचना होगा. यदि आप किसी प्रोपर्टी को खरीदने  की तैयारी कर रहे थे, तो आपकी वह इच्छा पूरी होगी. धनु राशि आज का राशिफल धनु राशि के जातकों के लिए आज दिन खुशियों भरा रहने वाला है. नौकरी में कार्यरत लोगों को काम को लेकर मेहनत अधिक करनी होगी. माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. परिवार में किसी सदस्य को कोई पुरस्कार मिलने से माहौल खुशनामा रहेगा. आपको अपने किसी  काम को लेकर बातचीत करनी पड़ सकती है. विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बौझ से छुटकारा मिलेगा. मकर राशि आज का राशिफल मकर राशि के जातकों के लिए आज दिन उलझनो भरा रहने वाला है. आपको कोई निवेश  सोच समझकर करने की आवश्यकता है. जीवनसाथी की ओर से आपको कोई उपहार मिल सकता है. आपको अपने खर्चों को लेकर योजना बनाकर चलना होगा. आपकी सेहत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. नौकरी से संबंधित किसी काम को लेकर आपके घर से दूर जाना कर सकता है. आपका कोई पुराना मित्र आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है. कुंभ राशि आज का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के लिएआज दिन मेहनत से काम करने के लिए रहेगा.  विद्यार्थियों को कामों में सफलता मिलने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. आपको स्कॉलरशिप भी मिल सकती है. जीवन साथी को करियर में  अच्छा उछाल देखने को मिलेगा. ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से यदि आपने धन उधार मांगा था, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा. आपकी तरक्की की राह मे  आ रही बाधा दूर होंगी. आप किसी से कोई बात सोच समझ कर बोले. मीन राशि आज का राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज दिन किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने के लिए रहेगा. आपको आपका रुका हुआ धन मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. आप अपने कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले, तो आपके लिए बेहतर रहने वाला है. कार्य क्षेत्र में यदि आपको किसी काम को लेकर टेंशन चल रही थी, तो वह भी दूर होगी. आप जल्दबाजी में किसी से कोई बात ना बोले. सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा.

23 नवंबर शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यस्थल पर आपको कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सहकर्मियों के सहयोग से किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आय व व्यय के बीच बैलेंस बनाना चाहिए। आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार करने वालों को आज शुभ समाचार मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। घर पर कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज पिता का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। भाई-बहन के साथ चला आ रहा मनमुटाव खत्म होगा। लव लाइफ अच्छी रहेगी। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। कोई सुखद समाचार मिल सकता है। परीक्षा की तैयारी करने वालों को आवेदन कर सकते हैं। व्यापारियों के व्यापार में विस्तार होगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मित्रों के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संतान का भरपूर सहयोग मिलेगा। पारिवारिक दिक्कतें दूर हो सकती हैं। वाद-विवाद से दूर रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज गुस्से पर काबू रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज धन लाभ मिलने की संभावना है। निवेश के अच्छे अवसर मिलेंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। खर्चों पर काबू रखें। आपका कोई सपना सच हो सकता है। मन प्रसन्न रहेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज किसी मित्र पर धन खर्च करना पड़ सकता है। परिवार की कलह से मन परेशान हो सकता है। सरकारी नौकरी करने वालों को आज अच्छे परिणाम मिलेंगे। सेहत का पूरा ध्यान रखें। खान-पान का ध्यान रखें। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों को आज कामकाज के कारण व्यस्तता रह सकती है। धन का निवेश कर सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। धन से जुड़ी प्लानिंग करने से आपको भविष्य में लाभ होगा। खर्चों पर काबू रखें। परिवार की सदस्यों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कारोबार में लाभ होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज घर व व्यवसाय में धन खर्च करना पड़ सकता है। आय में वृद्धि होगी। रुपए-पैसे से जुड़े कार्यों में सतर्कता बरतें, वरना धन हानि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को मुनाफा होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज प्रोफेशनल लाइफ में सफलता हासिल होगी। मन प्रसन्न रहेगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। आज मन की कोई बात पूरी हो सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आज आर्थिक लाभ होगा। विवाह के लिए कुछ लोगों को अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। बिजनेस में लाभ होगा। कार्यस्थल पर आपकी स्किल की तारीफ हो सकती है। धन से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर भागदौड़ ज्यादा रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज अधूरे कार्यों में सफलता हासिल होगी। कुछ लोग कर्ज उतारने में सफल होंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को शुभ परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। संतान को महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता हासिल होगी।

गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए मृत्यु का रहस्य

आपने अपने आस-पास कई ऐसी घटनाएं और विचार रखे, जब मौत के बाद लोग जिंदा हो जाते हैं। फिर से जिंदा हो गए ये लोग दूसरी दुनिया में लगभग समय के बारे में अपने अनुभव रखते हैं। मृत्यु के रहस्य का पता लगाने की कोशिश करें, तो गरुड़ पुराण में मृत्यु के रहस्य के बारे में विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार हर मनुष्य की आयु इस धरती पर निर्धारित की गई है। किसी भी मनुष्य को निश्चित आयु से अधिक या कम समय नहीं मिलता। लेकिन अगर किसी कारण से किसी मनुष्य की आत्मा को इस निश्चित समय से पहले बंद कर दिया जाता है, तो भगवान ने उस मृत मनुष्य की आत्मा को वापस धरती पर भेज दिया है। हाल ही में एक ऐसी ही घटना राजस्थान के झुंझुन जिले से भी सामने आई है, जहां से उठने के दौरान चौथे व्यक्ति ने अपनी चिता पर लिटाने का भुगतान किया था। यह ऐसी पहली घटना नहीं है बल्कि वर्तमान समय में ऐसी कई पौराणिक कथाएं भी प्रचलित हैं जब मृत हो चुके लोग वापस जीवित हो गए हैं। आइए, एक नजर में दिखाई देते हैं मौत के रहस्य। राजस्थान के झुंझुनू जिले में घटी अजीबो-गरीब घटना हाल ही में राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ऐसी घटना घटी, जिसके बाद एक बार फिर मौत के रहस्य पर चर्चा होने लगी। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में रहने वाले 47 साल के रोहिताश नाम के शख्स की मौत हो गई। रोहिताश नाम की व्यक्तिगत बोली और सुनने में असमर्थ बताया जाता है। वह मां सेवा संस्थान में रहती थी, जहां अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। खराब हालत के कारण रोहिताश को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया लेकिन इलाज के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और दोपहर 1 बजे के करीब अभियोजकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिता पर लिटे ही उठे मृत व्यक्ति रोहिताश की मौत की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया और शव को मुर्दाघर भेज दिया गया। लगभग दो घंटे तक रोहिताश का शव मुर्दाघर के डीप फ़्रिज़ में रखा गया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरा और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी की। शाम करीब 4 बजे रोहिताश का शव मानव सेवा संस्थान के लोगों को सौंप दिया गया। संस्थान के लोग एम्बुलेंस से रोहिताश के शव को लेकर झुंझुनूं के पंच देव मंदिर के पास श्मशान घाट स्थित हैं। शाम करीब 5 बजे जब रोहिताश के शव को चिता पर रखा गया तो अचानक शाम को उनकी सांसें चलने लगीं और शरीर में उनकी झलक दिखाई दी। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इसके बाद रोहिताश को फिर से अस्पताल भेज दिया गया। पहले भी सामने आई थीं ऐसी रहस्यमयी घटनाएं मौत का रहस्य इस जीवन में आज तक कोई समझ नहीं पाया है। इसी कथन पर कुछ ऐसे रहस्यमयी स्वर्गदूत बाहर दुनिया भर में राख रहे हैं, जब मरे हुए लोग जीवित हो गए। सबसे डेट होने की बात ये है कि इनमें से ज्यादातर लोग फिर जिंदा के बाद मरने के बाद के अनुभव भी सिखाते हैं। इन साज़िशों में एक ऐसी दुनिया का ज़िक्र किया गया है, जो इस दुनिया से बिल्कुल अलग है। कई लोग एक रोशनी से भरी जगह की करते हैं, तो कुछ लोग दिव्य लोगों के बारे में बात करते हैं। इस घटना के बारे में आज भी लोगों के बीच मौत का रहस्य बताया गया है। गोस्वामी तुलसीदास के मुख से राम का नाम सुनकर जीवित हो गया था मृत व्यक्ति कई पौराणिक कथाओं में मृत वस्तुएँ पुनः जीवित जीवित समुदायों की कहानियाँ हैं। जैसे, तुलसीदास प्रभु श्रीराम के परम भक्त थे। एक बार तुलसीदास राम नाम जपते हुए मार्ग से निकल रहे थे। उसी मार्ग में एक शव यात्रा निकल रही थी। लोग जैसे ही शव को लेकर तुलसीदास के पास से गुजरे, राम का नाम सुनकर दुखी हो गए, व्यक्ति उठ गया और राम का नाम जपने लगा। यह राम नाम का चमत्कार माना गया है। गरुड़ पुराण में क्या है मृत्यु का रहस्य गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद की दुनिया अर्थात यमलोक के बारे में विस्तार से लिखा गया है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार इस धरती पर हर मनुष्य की आयु निर्धारित की गई है। मृत्यु के बाद आत्मा अपने शरीर का त्याग करके यमलोक चली जाती है। यमलोक में आत्मा को 24 घंटे के लिए रखा जाता है और वहां आत्मा के दस्तावेजों में कर्मों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मृत्यु के कुछ खास दिनों में आत्मा को फिर से उसके शरीर में वापस भेज दिया जाता है। दिया जाता है. कई बार मनुष्य की कुछ काम वस्तुएं वापस रह जाती हैं इसलिए भी उसे पूरा करने के लिए आत्मा उसके शरीर को वापस दे दी जाती है। मृत्युलोक (धरती) और यमलोक में समय अलग-अलग गति से चलता है इसलिए यमलोक के 24 घंटे पृथ्वी के समय से अलग है।

22 नवंबर 2024 शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यस्थल पर आपको कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सहकर्मियों के सहयोग से किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आय व व्यय के बीच बैलेंस बनाना चाहिए। आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार करने वालों को आज शुभ समाचार मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। घर पर कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज पिता का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। भाई-बहन के साथ चला आ रहा मनमुटाव खत्म होगा। लव लाइफ अच्छी रहेगी। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। कोई सुखद समाचार मिल सकता है। परीक्षा की तैयारी करने वालों को आवेदन कर सकते हैं। व्यापारियों के व्यापार में विस्तार होगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मित्रों के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संतान का भरपूर सहयोग मिलेगा। पारिवारिक दिक्कतें दूर हो सकती हैं। वाद-विवाद से दूर रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज गुस्से पर काबू रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज धन लाभ मिलने की संभावना है। निवेश के अच्छे अवसर मिलेंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। खर्चों पर काबू रखें। आपका कोई सपना सच हो सकता है। मन प्रसन्न रहेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज किसी मित्र पर धन खर्च करना पड़ सकता है। परिवार की कलह से मन परेशान हो सकता है। सरकारी नौकरी करने वालों को आज अच्छे परिणाम मिलेंगे। सेहत का पूरा ध्यान रखें। खान-पान का ध्यान रखें। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज कामकाज के कारण व्यस्तता रह सकती है। धन का निवेश कर सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। धन से जुड़ी प्लानिंग करने से आपको भविष्य में लाभ होगा। खर्चों पर काबू रखें। परिवार की सदस्यों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कारोबार में लाभ होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज घर व व्यवसाय में धन खर्च करना पड़ सकता है। आय में वृद्धि होगी। रुपए-पैसे से जुड़े कार्यों में सतर्कता बरतें, वरना धन हानि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को मुनाफा होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज प्रोफेशनल लाइफ में सफलता हासिल होगी। मन प्रसन्न रहेगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। आज मन की कोई बात पूरी हो सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आज आर्थिक लाभ होगा। विवाह के लिए कुछ लोगों को अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। बिजनेस में लाभ होगा। कार्यस्थल पर आपकी स्किल की तारीफ हो सकती है। धन से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर भागदौड़ ज्यादा रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज अधूरे कार्यों में सफलता हासिल होगी। कुछ लोग कर्ज उतारने में सफल होंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को शुभ परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। संतान को महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता हासिल होगी।

21 नवंबर 2024 गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। जीवनसाथी की सेहत को लेकर मन परेशान हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। व्यापार में विस्तार का अवसर मिल सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन व्यस्तता भरा रह सकता है। कार्यों में सफलता हासिल करने के लिए आलस्य को दूर करें। कार्यक्षेत्र में आज कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी करने वालों को ऑफिस की पॉलिटिक्स का शिकार होना पड़ सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। परिवार का कोई सदस्य अच्छी खबर दे सकता है। सेहत को लेकर सचेत रहने की जरूरत है। संतान का साथ मिलेगा। जीवनसाथी कोई सरप्राइज दे सकता है। ऑफिस में टास्क को पूरा करने के लिए ज्यादा समय देना पड़ सकता है। कारोबार में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज निवेश वर्जित रहेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। बिजनेस में लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यात्रा का योग बन रहा है। कुछ जातकों को विदेश जाने का मौका मिल सकता है। कारोबार में बदलाव की संभावना बन रही है। किसी बात को लेकर मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन परेशानी भरा रहेगा। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। रिस्क न लें। रुपए-पैसे को मामलों में सावधानी बरतें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई-लिखाई में लगेगा। सेहत पहले से बेहतर होगी। आज धन संबंधी परेशानियां दूर हो जाएंगी। कुछ लोगों का शादी-ब्याह भी तय हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्यवर्धक रहेगा। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। गुस्से पर कंट्रोल रखें। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। पैतृक संपत्ति का भी लाभ मिल सकता है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। व्यापार की स्थिति अच्छी होगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। निवेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आज वाद-विवाद से दूरी बनाए रखें, वरना कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज को कोई सुखद समाचार मिल सकता है। परिवार में चली आ रही कोई अनबन दूर होगी। बड़े-बजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। कुटुंबों में वृद्धि होगी। नौकरी पेशा करने वालों को उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। कारोबार में आय में वृद्धि होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों को करियर में अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। कामकाज में बिजी रहने के कारण परिवार के लिए समय निकालना थोड़ा मुश्किल होगा। नौकरी के लिए इंटरव्यू आदि में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आज आर्थिक लाभ होगा। विवाह के लिए कुछ लोगों को अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। बिजनेस में लाभ होगा। कार्यस्थल पर आपकी स्किल की तारीफ हो सकती है। धन से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर भागदौड़ ज्यादा रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज मिश्रित फलों की प्राप्ति होगी। संतान व व्यापार अच्छा दिख रहा है। लव लाइफ को सतर्क रहें, वरना जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति रहेगी। धन का निवेश अभी टाल दें। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं।

मंदिर जाना सेहत के लिए भी है शुभ

आमतौर पर मंदिर में जाना धार्मिकता से जोड़ा जाता है। लेकिन मंदिर जाने के कुछ साइंटिफिक हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। अगर हम रोज मंदिर जाते हैं, तो इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स कंट्रोल की जा सकती हैं। यहां जानिए ऐसे 7 फायदे, जो हमें रोज मंदिर जाने से मिलते हैं। मंदिर के अंदर नंगे पैर जाने से यहां की पॉजीटिव एनर्जी पैरों के जरिए हमारी बॉडी में प्रवेश करती है। नंगे पैर चलने के कारण पैरों में मौजूद प्रेशर प्वॉइंट्स पर दबाव भी पड़ता है जिससे हाई बीपी की प्रॉब्लम कंट्रोल होती है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए रोज मंदिर जाने और भौहों के बीच माथे पर तिलक लगाने से हमारे ब्रेन के खास हिस्से पर दबाव पड़ता है। इससे कॉन्सेंट्रेशन बढ़ता है। एनर्जी लेवल बढ़ाने के लिए रिसर्च कहती है कि जब हम मंदिर का घंटा बजाते हैं, तो 7 सेकंड्स तक हमारे कानों में उसकी आवाज गूंजती है। इस दौरान बॉडी में सुकून पहुंचाने वाले 7 प्वॉइंट्स एक्टिव हो जाते हैं। इससे एनर्जी लेवल बढ़ाने में हेल्प मिलती है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए मंदिर में दोनों हाथ जोड़कर पूजा करने से हथेलियों और उंगलियों के उन प्वॉइंटस पर दबाव बढ़ता है, जो बॉडी के कई पार्ट्स से जुड़े होते हैं। इससे बॉडी फंक्शन सुधरते हैं और इम्युनिटी बढ़ती है। बैक्टीरिया से बचाव के लिए मंदिर में मौजूद कपूर और हवन का धुआं बैक्टीरिया खत्म करता है। इससे वायरल इंफेक्शन का खतरा टलता है। स्ट्रेस दूर करने के लिए मंदिर का शांत माहौल और शंख की आवाज मेंटली रिलेक्स करती है। इससे स्ट्रेस दूर होता है। डिप्रेशन दूर होता है रोज मंदिर जाने और भगवान की आरती गाने से ब्रेन फंक्शन सुधरते हैं। इससे डिप्रेशन दूर होता है।  

20 नवंबर 2024 बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। संतान का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहने वाला है। घर की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज उत्साहित रहेंगे। आज कोई रुपए-पैसे से जुड़े मामलों में जोखिम लेने से बचना चाहिए। प्रेमी के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। संतान की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। व्यापारियों को मुनाफा होने के संकेत हैं। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के सितारे आज चमक रहे हैं। निवेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। अटके हुए धन की वापसी संभव है। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। व्यापारियों के व्यापार में विस्तार संभव है। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति सामान्य रहने वाली है। कर्क राशि- आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहने वाला है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। विरोधी परास्त होंगे। कुछ प्रभावी लोगों से मुलाकात हो सकती है। ऑफिस से जुड़े कार्यों में सतर्कता बरतनी चाहिए। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सिंह राशि- आज का दिन सिंह राशि वालों के लिए मिलाजुला रहने वाला रहने वाला है। सेहत के प्रति सतर्क रहें। आर्थिक रूप से आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। आर्थिक उन्नति के योग हैं। कुछ जातकों को पैतृक संपत्ति का लाभ मिल सकता है। निवेश के अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। उत्साह से भरपूर रहेंगे। संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद या मसला हल हो सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। अटके हुए कार्य में सफलता हासिल हो सकती है। व्यापारियों की कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि वाले के सितारे आज चमक रहे हैं। कारोबार में खूब लाभ होने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन अच्छा बीतेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। कहीं घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। लव लाइफ में पहले से सुधार होगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज सतर्कता से दिन पार करना चाहिए। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। किसी भी तरह का रिस्क न लें। धर्म-कर्म के कार्यों में हिस्सा लेंगे। गुस्से पर काबू रखें। किसी करीबी व्यक्ति के साथ लड़ाई-झगड़ा हो सकता है। यात्रा में लाभ होने के संकेत हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए कमाई के अवसर सामने आएंगे। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कुछ जातकों का शादी-ब्याह तय हो सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। संतान के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। कारोबारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मकर राशि- मकर राशि वालों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी मित्र से उपहार मिल सकता है। आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। आज किसी को रुपए-पैसे उधार देने से बचें, हानि हो सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। वमीन राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। बौद्धिक क्षमता की तारीफ होगी। नौकरी पेशा करने वालों को उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। परिवार में चली आ रही अनबन दूर होगी। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे।

वह चीज़े जिनका टूटना अशुभ नहीं, शुभ माना जाता है

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने काम जल्दबाजी में करता है। मगर अक्सर जल्दबाजी में किया गया आपका काम और भी बढ़ा देता है। जैसे कि रसोई में जल्दबाजी करते वक्त हाथ से कुछ गिर जाना या फिर खाना पकाते वक्त जल जाना, ऐसी कई बाते हैं जिन्हें लेकर न चाहते हुए भी लोगों के मन में वहम जाग जाता है। मगर वास्तु के अनुसार हाथ से किसी चीज का गिरना या फिर हाथ से गिरकर टूट जाना हर बार अशुभ नहीं माना जाता। वास्तु के अनुसार चीजों का हाथ से गिरकर टूट जाना हमारे ऊपर या हमारी जिंदगी में अशुभ की बजाएं शुभ प्रभाव भी डालता हैं। अब इन चीजों में कितनी सच्चाई हैं, ये तो कोई नहीं जानता। फिर भी आज हम आपको कुछ चीज़ों के गिरने या टूटने पर होने वाले हमपर प्रभाव के बारे में बताएंगे जो इस प्रकार हैं… दूध का उबलना – अक्सर लोग दूध के उबल कर गिर जाने पर चिंता करने लगते है और परेशान हो जाते हैं लेकिन इसके लिए एक धारणा है कि दूध अगर उबलकर सीधा जमीन पर गिरे तो उसे शुभ माना जाता है और अगर गैस की फ्लैम को छुएं तो वो अशुभ माना जाता है। शीशे का टूटना – कांच टूटने पर लोग इसे अपशगुन समझने लगते है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार कांच का टूट कर गिरना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक कांच आप पर आने वाली बला को खुद पर लेकर टूट जाता है लेकिन याद रखें कि टूटे हुए कांच को जितना जल्दी हो सके बाहर फेंक दे क्योंकि ऐसा करने से कांच के साथ-साथ आप पर आने वाली बला भी कांच के साथ ही घर से बाहर चली जाएगी। नमक का गिरना – नमक खाना बनाने के साथ-साथ नज़र उतारने के भी काम आता है लेकिन किसी कारणवश यह हाथों से गिर जाएं तो इसे अपशगुन माना जाता है मगर इंग्लैंड में लोकविश्वास है कि गिरे नमक में से एक चुटकी लेकर बाएं कंधे की ओर से पीछे फेंक देने पर अपशगुन नहीं होता। चप्पल का टूटना – अगर आपकी चप्पल बहुत पुरानी या आम भाषा में कहें कि घिस कर टूट गई है तो इसे शुभ माना जाता है। लोगों की इस बारे में सोच है कि चप्पल के घिसकर टूटने से उनके दुख भी टूट कर नष्ट हो जाते हैं। हाथ से चीज़ों का गिरना – अगर हाथों और पर्स से रूपए-पैसे गिर जाते है तो इसे अशुभ और धन की देवी लक्ष्मी का रुठ जाना मानते हैं। ये आर्थिक नुकसान का संकेत देता है। इससे बचने के लिए गिरे हुए रूपए-पैसों को तुरंत उठाकर सिर से लगाकर धन की देवी लक्ष्मी से क्षमा याचना करके उसे जेब में रखना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान से बचाव होगा।  

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय, बन जाएंगे बिगड़े काम

हनुमान जी भक्ति और शक्ति के अद्भुत प्रतीक हैं. ये सरल भक्ति और प्रेम से शीघ्र प्रसन्न होते हैं. हनुमान जी ने ही संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा की थी इसलिए इन्हें लक्ष्मण प्राणदाता भी कहा जाता है. हनुमान जी के विशेष मंत्र और स्तुतियों के पाठ से लाभ होता है. इनमें भी अगर विशेष तरीके से हनुमान बाहुक का पाठ किया जाए तो हर बीमारी में सुधार हो सकता है. इसके अलावा हनुमान जी को कुछ चीजें भी अर्पित करना चाहिए जिनमें से एक है सिंदूर. तो चलिए जानते हैं कि हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से क्या लाभ और इसे अर्पित करने का सही तरीका क्या है. हनुमान जी को करें सिंदूर करें अर्पित हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान जी को सिंदूर अर्पित किया जाता है. हनुमान जी को जो सिंदूर अर्पित करते हैं वो शुद्ध सिंदूर नारंगी रंग का होना चाहिए. हर मंगलवार को अगर हनुमान जी को सिंदूर अर्पित किया जाए तो आपके ग्रह दोष दूर होते हैं, दुर्घटनाओं से आपकी रक्षा होती है और कर्जों से आपको मुक्ति मिलती है. हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने का सही तरीका 1. सिंदूर पीपल के पत्ते पर या पान के पत्ते पर रखकर के उनके चरणों में अर्पित करना चाहिए. 2. पुरुष अगर चाहे तो अपने हाथों से हनुमान जी के चरणों में या उनके शरीर पर सिंदूर लगा सकते हैं. 3. महिलाएं हनुमान जी को सिंदूर अर्पित नहीं करेंगी और महिलाएं हनुमान जी को सिंदूर के स्थान पर अगर लाल फूल चढ़ा कर के प्रार्थना करे तो लाभ होगा. 4. कर्ज के मामले में मंगल दोष के मामले में या ग्रहों की बड़ी बाधा के मामले में हर मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना शुभ होता है. चमेली का तेल हनुमान जी को जो दूसरी चमत्कारी वस्तु सबसे ज्यादा अर्पित की जाती है वो है चमेली का तेल. हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा भी पाई जाती है. लेकिन, चमेली का तेल सिंदूर के बिना न चढ़ाएं. दरअसल, चमेली के तेल के अंदर विशेष प्रकार की सुगंध पाई जाती है और ये औषधि के रूप में भी प्रयोग की जाती है. हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने से मन एक विशेष तरीके से एकाग्र होता है और आंखों की ज्योति बढ़ जाती है. चमेली के तेल का दीपक जलाने से शत्रु बाधा शांत होती है. लाल झंडा हनुमान जी के मंदिर में लाल झंडा चढ़ाना लाल ध्वज चढ़ाना विशेष लाभकारी होता है. ये लाल ध्वज तिकोना होना चाहिए और इस पर राम लिखा होना चाहिए. 1. मंगलवार को अगर आप हनुमान जी के मंदिर में ध्वज यानी झंडा चढ़ाते हैं तो संपत्ति का लाभ होता है और संपत्ति संबंधी अगर कोई समस्या है तो वो समस्या दूर होती है. 2. लाल रंग का ध्वज अगर आप अपने वाहन पर लगाते हैं तो आप हमेशा दुर्घटना से बचे रहेंगे. तुलसी दल हनुमान जी को तुलसी दल अर्पित करना एक अत्यंत विशेष प्रयोग है. हनुमान जी को आप कुछ भी अर्पित कर दीजिए लड्डू, मिठाई छप्पन पकवान लेकिन हनुमान जी तुलसी दल से ही तृप्त होते हैं. हनुमान जी को तुलसी दल की बनी हुई माला हर मंगलवार को अगर आप अर्पित करें तो जीवन में हमेशा समृद्धि बनी रहेगी. तुलसी दल का सेवन करने से आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा.  

मंगलवार19 नवंबर 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। ऑफिस में वाद-विवाद संभव है। विपरीत परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। वृषभ राशि- प्रोफेशनल लाइफ में सहकर्मियों का सपोर्ट मिलेगा। टीम वर्क से कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। आप सोच-समझकर निवेश का प्लान बना सकते हैं। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है, लेकिन बेकार के वाद-विवाद से दूरी बनाएं। मिथुन राशि- आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। आय में वृद्धि होगी। भूमि या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आप दान-पुण्य के कार्य भी कर सकते हैं। मानसिक शांति रहेगी। जल्दबाजी में कोई कार्य न करें। परिजनों के सेहत का ख्याल रखें। कर्क राशि- लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। सिंगल जातकों को शादी-विवाह तय हो सकता है। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। वैवाहिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। आपकी किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। धन का लेन-देन करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। सिंह राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश करें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन हानि हो सकता है। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगा। प्रेमी संग क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। घर की जिम्मेदारियां लेने के लिए तैयार रहें। कन्या राशि- ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा, लेकिन सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। व्यापार में मुनाफा होगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होने लगेंगी। घर में शुभ समाचार मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। तुला राशि- अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में भाई-बहनों से वाद-विवाद हो सकता है। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों से तनाव बढ़ सकता है। क्रोध पर काबू रखें। धैर्य के साथ समस्या का समाधान निकालें। वृश्चिक राशि– आज का दिन थोड़ा तनाव पूर्ण रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहने वाला है। व्यापार में मुनाफा होगा। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। धन बचत पर फोकस करें। आय और खर्च के बीत संतुलन बनाकर रखें। धनु राशि- प्रोफेशनल लाइफ में वाद-विवाद से बचें। कॉन्फिडेंस के साथ नए कार्यों की जिम्मेदारी लें। करियर की चुनौतियों को दूर करने के लिए परिजनों की सलाह लें। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए सेहत का खास ख्याल रखें। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे तनाव कम होगा। मकर राशि- सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन का आवक बढ़ेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। परिजनों से किसी महत्वपूर्ण टॉपिक पर बातचीत हो सकती है। काफी दिन बाद आपकी पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। कुंभ राशि– आनंददायक जीवन गुजारेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। घर में मांगलिक कार्यों के आयोजन से खुशियों का माहौल रहेगा। धार्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। पारिवारिक जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। मीन राशि- कार्यों का थकान महसूस हो सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें।अगर आप प्रॉपर्टी खरीदना या बेचना चाहते हैं, तो आज का दिन शुभ रहेगा। आज आपको किसी दोस्त या रिश्तेदार की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है, लेकिन यह सुनिश्चित जरूर करें कि आपको पैसा समय पर वापस मिल जाएगा।

भैरव अष्टमी को देवाधिदेव महादेव के रूद्र रूप काल भैरव की करें पूजा

ब्रह्म योग, इंद्र योग और रवि योग में 22 नवंबर को भैरव अष्टमी मनाई जाएगी। भैरव अष्टमी को देवाधिदेव महादेव के रूद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है। भैरव अष्टमी का व्रत करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर काल भैरव देव की पूजा की जाती है। भैरव अष्टमी का व्रत को करने से साधक को विशेष कार्य में सफलता और सिद्धि मिलती है। तंत्र विद्या सीखने वाले साधक कालाष्टमी पर काल भैरव देव की कठिन उपासना करते हैं। धार्मिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान काल भैरव का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव पूजा-पाठ, दान करने से प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी देते हैं। कालाष्टमी भैरव अष्टमी शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 नवंबर को शाम छह बजकर सात मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 23 नवंबर को शाम सात बजकर 56 मिनट पर होगा। काल भैरव देव की पूजा निशा काल में होती है। इसलिए 22 नवंबर को कालाष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी मनाई जाएगी। कालाष्टमी पर शुभ योग इस दिन ब्रह्म योग के साथ ही इंद्र योग का निर्माण होगा। इसके अलावा, रवि योग भी बनेगा। इन योग में भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। काल भैरव मंदिरों में तैयारियां शुरू भैरव अष्टमी में सप्ताहभर शेष है। ग्वालियर के प्रमुख भैरव मंदिर नया बाजार चौराहा, सराफा बाजार, माधवगंज, स्टेशन पुल के नीचे मंशापूर्ण हनुमान मंदिर व सिटी सेंटर स्थित महाबली हनुमान मंदिर विराजित भैरव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। मंदिरों की साफ-सफाई की जा रही है। हनुमान जी की तरह भैरवजी की प्रतिमा सिंदुर का चोला अर्पित किया जाता है। मूंग व उड़द की दाल के मंगौड़े, ईमरती, कचौड़ी का भोग विशेष अर्पित होता है। भैरव अष्टमी के साथ 56 भोग व भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा।  

सोमवार 18 नवंबर 2024 का राशिफल

मेष राशि-ज्यादा पैसे खर्च करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नौकरीपेशा वालों के लिए शुभ दिन है। प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगा,लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। वृषभ राशि-आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। कुछ जातक दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें। मिथुन राशि-खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें और सोच-समझकर धन खर्च करें। कर्क राशि-आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। प्रेमी की बातों को ध्यान से सुनें और धैर्य बनाए रखें। सिंह राशि-आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। जिसका असर आपके लाइफस्टाइल पर हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिजनों के साथ आनंददायक जीवन गुजारेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। कन्या राशि-स्वास्थ्य में सुधार आएगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। अपने करियर पर फोकस करें। दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहें। प्रेमी से अपने दिल की बात शेयर करने में संकोच न करें। तुला राशि-प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आय के कई स्त्रोतों से पैसे आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ऑफिस मीटिंग में इनोवेटिव आइडियाज के साथ शामिल हों। इससे तरक्की के कई मौके मिलेंगे। वृश्चिक राशि-पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। प्रॉपर्टी को लेकर वाद-विवाद संभव है। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। हेल्दी डाइट लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। धनु राशि-बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करें। धन बचत करें। फालतू के खर्चों को कम कर दें। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में देरी होगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। मकर राशि-व्यापार में मुनाफा होगा। घर में किसी फंक्शन या इवेंट के सेलिब्रेशन के चलते खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप प्रेमी के साथ कुछ स्पेशल प्लान बना सकते हैं। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। कुंभ राशि-अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तनाव बढ़ा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहने वाली है। करियर में तरक्की के सुनहरे मौकों का भरपूर लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। मीन राशि-पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी।। व्यापार में विस्तार होगा। अपने बजट पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। वाहन सावधानी से चलाएं। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी।

हिंदू पंचांग का नौवां महीना मार्गशीर्ष शुरू, जाने प्रमुख व्रत-त्योहार

हिंदू पंचांग का नौवां महीना मार्गशीर्ष शुरू हो चुका है. इसे अग्रहायण या अगहन का महीना भी कहते हैं. इस महीने को हिंदू शास्त्रों में सर्वाधिक पवित्र माना गया है. इसे लेकर भगवान ने गीता में कहा है- ‘महीनों में, मैं मार्गशीर्ष हूं.’ इसी महीने से सतयुग का आरंभ माना जाता है. इस महीने को जप-तप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. इस महीने पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है. इस बार मार्गशीर्ष का महीना 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक रहने वाला है. आइए आपको इस महीने आने वाले प्रमुख व्रत त्योहारों के बारे में बताते हैं. मार्गशीर्ष माह कितना लाभकारी? इस महीने में मंगलकार्य विशेष फलदायी होते हैं. इस महीने में श्रीकृष्ण की उपासना और पवित्र नदियों में स्नान विशेष शुभ होता है. संतान के लिए वरदान बहुत सरलता से मिलता है. साथ ही, चन्द्रमा से अमृत तत्व की प्राप्ति भी होती है. इस महीने भजन-कीर्तन करने का फल अमोघ होता है. मार्गशीर्ष माह में आने वाले व्रत-त्योहार 16 नवंबर 2024 (शनिवार)- वृश्चिक संक्रांति 18 नवंबर 2024 (सोमवार)- गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 21 नवंबर 2024 (गुरुवार)- गुरु पुष्य योग 26 नवंबर 2024 (मंगलवार)- उत्पन्ना एकादशी 28 नवंबर 2024 (गुरुवार)- प्रदोष व्रत (कृष्ण) 29 नवंबर 2024 (शुक्रवार)- मासिक शिवरात्रि 1 दिसंबर 2024 (रविवार)- मार्गशीर्ष अमावस्या 5 दिसंबर 2024 (गुरुवार)- विनायक चतुर्थी 6 दिसंबर 2024 (शुक्रवार)- विवाह पंचमी 11 दिसंबर 2024 (बुधवार)- मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती 13 दिसंबर 2024 (शुक्रवार)- प्रदोष व्रत (शुक्ल), अनंग त्रयोदशी 14 दिसंबर 2024 (शनिवार)- दत्तात्रेय जयंती 15 दिसंबर 2024 (रविवार)- धनु संक्रांति, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती इस महीने किन बातों का ध्यान रखें? इस महीने तेल मालिश बहुत उत्तम होती है. इस महीने से स्निग्ध चीजों का सेवन शुरू कर देना चाहिए. इसमें जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए. मोटे वस्त्रों का उपयोग आरम्भ कर देना चाहिए. संध्याकाल की उपासना अवश्य करनी चाहिए. नित्य गीता का पाठ करना उत्तम होता है. जहां तक संभव हो भगवान कृष्ण की उपासना करें. किसी पवित्र नदी में स्नान का अवसर मिले तो अवश्य करें.  

राशिफल रविवार 17 नवंबर 2024

मेष राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन आगमन के नए स्त्रोत बनेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। समाज में सराहे जाएंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। वृषभ राशि-भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि संभव है। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी मिलेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार में धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मिथुन राशि-शुभ समाचार मिलेंगे। घर-परिवार में खुशियों का आगमन होगा। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। धन-दौलत में वृद्धि होगी। नौकरी,करियर, प्रेम और व्यापार सबकुछ अच्छा रहेगा। जीवन में जो चाहेंगे, उसकी उपलब्धता रहेगी। क्रोध से बचें। भावुक होकर कोई फैसला न लें। कर्क राशि-सुखद यात्रा के योग बनेंगे। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रह सकता है। आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। बच्चों को स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। सिंह राशि-कानूनी मामलों में विजयी मिलने की संभावना है,लेकिन अज्ञात भय को लेकर मन परेशान रहेगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कन्या राशि-शत्रुओं पर जीत हासिल होगी। करियर में खूब तरक्की करेंगे। हर क्षेत्र में मनचाही सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। तुला राशि-पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। घर के किसी सदस्य का शादी-विवाह तय हो सकता है। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, लेकिन स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। भावुकता से बचें। हर फैसले बहुत सोच-समझकर लें। वृश्चिक राशि-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। जीवनसाथी से अनबन संभव है। व्यापार में विस्तार होगा। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। धनु राशि-सोच-समझकर पैसे खर्च करें। खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। व्यापारिक स्थिति बढ़िया रहेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। निवेश से बचें। नए कार्यों की शुरुआत न करें। धन का लेन-देन होशियारी से करें। मकर राशि-नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। हर क्षेत्र में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। भूमि व वाहन की खरीदारी संभव है। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल रहेगा। कुंभ राशि-रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। इंकम में इजाफा होगा। परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। महत्वपूर्ण फैसलें अभी टाल दें। मीन राशि-भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। व्यापार में मुनाफा होगा। शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बनेंगे। नौकरीपेशा वालों की पदोन्नति हो सकती है। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ होगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे।

राजनीति में सफलता दिलाएगा बुध

आज के युग में सफल राजनीतिज्ञ वही होता है जो अपनी ओर जनता को आकर्षित कर चुनाव में अपने विरोधियों को हराकर जीत हासिल करे। जनता को आकर्षित करने एवं अच्छा भाषण देने के लिए बुध ग्रह का बलवान होना अतिआवश्यक है। बुध के प्रभाव से प्रत्याशी वाक्पटु एवं हाजिरजवाब रहता है, उसकी वाणी जनता का मन मोह लेती है इसलिए बुध बलवान वाला व्यक्ति अच्छा राजनीतिज्ञ एवं व्यापारी माना जाता है। बुध के द्वारा चुनावी प्रत्याशी सही समय पर अपनी बुद्धि-बल का प्रयोग कर सही निर्णय लेकर चुनावी संग्राम में विजय पाता है। बुध की अद्भुत क्षमता है कि यह जिस ग्रह के साथ रहता है, उसके प्रभाव में रम जाता है, शुभ ग्रहों के साथ बुध शुभ कहलाता है और पाप ग्रहों के सानिध्य में बुध पाप प्रभाव में रहता है। नवग्रह में बुध युवराज हैं, बुध की दो राशियां मिथुन और कन्या द्विस्वभाव राशियां हैं, द्विस्वभाव राशि एवं लग्न वाले जातकों को राजनीति में विशेष सफलता मिलती है क्योंकि अपने स्वभाव के दोहरेपन के कारण ये कभी भी कुछ भी निर्णय ले सकते हैं, एक पार्टी से लेकर दूसरी पार्टी में परिवर्तित हो सकते हैं। द्विस्वभाव राशियों की प्रकृति से युक्त चुनावी प्रत्याशी बड़े ही सुनियोजित तरीके से अपनी बातों से जनता को संतुष्ट कर सकता है। इन्हीं सब विशेष गुण के कारण बुध प्रधान व्यक्ति और बुध ग्रह की दोनों राशियों से संबंधित प्रत्याशी चुनावी मैदान में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं। बुध के प्रबल होने पर और जन्मकुण्डली के दशम भाव, जो राजनीति का कर्म भाव कहा जाता है, से संबंध रखने पर व्यक्ति अच्छा वक्ता होता है। बुध निर्णय क्षमता, बुद्धि देता है और गुरु ज्ञान देता है, दोनों प्रबल होने पर वाणी में ओज व विद्वत्ता का समन्वय होता है, ऐसे नेताओं अथवा चुनावी प्रत्याशियों की भाषण कला जनता में विशेष लोकप्रिय होती है, उसी के बल पर वे जनमानस में अपना स्थान बनाते हैं। लाल किताब के अनुसार बुध मौकापरस्त ग्रह है, मौका देखकर ही परिस्थितियों के अनुसार कार्य करता है इसलिए बुध प्रधान चुनावी प्रत्याशी के पास चुनाव जीतने की असीमित योजनाऐं रहती हैं। सर्वोच्च राजयोग की श्रेणी में प्रसिद्ध राजनेताओं की जन्मपत्रिका में पंचमहापुरूष राजयोगों का योगदान रहा है, किसी भी चुनावी प्रत्याशी की कुण्डली में पंचमहापुरूष नामक राजयोग होने पर साधारण से साधारण परिवार में जन्मा व्यक्ति भी अद्वितीय सफलता प्राप्त कर महलों में निवास करता है और राजकाज सम्भालाता है। बुध द्वारा पंचमहापुरूष राजयोग में भद्र नामक राजयोग आता है, बुध ग्रह जब किसी भी प्रत्याशी की कुण्डली में अपनी मिथुन अथवा कन्या राशि में स्थित होकर केन्द्र में विराजमान हो तो भद्र नामक पंचमहापुरूष राजयोग प्रत्याशी को सफल राजनेता की श्रेणी प्रदान करता है। चुनावी मैदान में प्रत्येक प्रत्याशी जी-जान से चुनाव जीतने के लिए मेहनत एवं कर्म करता है, लेकिन लाख प्रयास एवं कर्म करने के बाद सफलता या असफलता उसके सितारों पर निर्भर है। बुध के साथ सूर्य मिलकर प्रत्याशियों की कुण्डली में बुधादित्य योग का सृजन करता है। प्रत्याशी बुद्धि-बल के माध्यम से जनता का हितैषी बन जाते हैं। ज्योतिषीय योगों के प्रभाव से प्रत्याशी अपनी बुद्धि-बल के साथ-साथ सूर्य के समान तेजस्वी रहता है। बुधादित्य योग में सूर्य और बुध की युति किसी भी राशि में हो सकती है। प्रत्येक राशि में सूर्य और बुध का बुधादित्य योग एकसमान फल नहीं प्रदान करता, बुद्धि एवं चतुराई का अनुपात विभिन्न राशियों में भिन्न-भिन्न रहता है, अन्य ग्रह स्थिति भी इसे प्रभावित करती हैं।

राशिफल शनिवार 16 नवंबर 2024

मेष राशि– मेष राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरी में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में भी वृद्धि होगी। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का मन अशांत रहेगा। संयत रहें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता-पिता का सान्निध्य मिलेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन अशांत रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। अपने परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आय में वृद्धि होगी। वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार की वृद्धि में मित्र का सहयोग मिल सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वाहन के रख-रखाव पर खर्च बढ़ सकता है। धनु राशि- धनु राशि वाले आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। किसी नए कारोबार की शुरुआत के योग बन रहे हैं। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। लाभ में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मकर राशि- मकर राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। वाहन सुख में कमी। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। परंतु मन परेशान हो सकता है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। मीन राशि : मीन राशि वालों का कार्यों के प्रति जोश व उत्साह रहेगा। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। संपत्ति का विस्तार हो सकता है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। खर्चों में वृद्धि होगी।

आज देव दिवाली पर शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 37 मिनट का

 कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर देवताओं को स्वर्ग पुनः प्रदान किया और इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण कर प्रलय काल में धरती पर जीवन की रक्षा की। इस दिन को देव दिवाली नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता धरती पर विराजते हैं। दीपक को प्रज्वलित करके उचित स्थान पर रखना दीपदान कहलाता है। देव दिवाली के दिन देव स्थान परदीपक लगानेको दीपदान कहा जाता है। देव दिवाली पूजन शुभ मुहुर्त– पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर प्रारंभ हो गई है और 16 नवंबर को सुबह 02 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल देव दिवाली का मुहूर्त शाम 05 बजकर 10 मिनट से शाम 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 37 मिनट की है। कृतिका नक्षत्र में पर्व-ज्योतिषविद् ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 15 नवंबर को प्रात 06 20 बजे से रात 02 59 बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 14 नवंबर को मध्यरात्रि के बाद 12:33 बजे से लग जाएगा जो 15 नवंबर की रात 09:55 बजे तक रहेगा। फिर कृतिका नक्षत्र आरंभ होगा। देव दिवाली से जुड़े हैं तीन पौराणिक प्रसंग– देव दीपावली के उत्सव से तीन पौराणिक प्रसंग जुड़े हैं। यह प्रसंग शिव, पार्वती और विष्णु पर केंद्रित हैं। पौराणिक मान्यता यह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देवाधिदेव महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसी दिन दुर्गारूपिणी पार्वती ने भी महिषासुर का वध करने के लिए शक्ति अर्जित की थी। इसी दिन सायंकाल गोधूली बेला में भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था। इन तीनों ही अवसरों पर देवताओं ने काशी में दीपावली मनाई थी। भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार इस दिन देवाधिदेव महादेव और भगवान विष्णु के साथ ही शिवपुत्र कार्तिकेय की पूजा का विशेष महात्म्य है।

राशिफल शुक्रवार 15 नवंबर 2024

मेष राशि- आपके विचार आपको दूसरों के साथ बातचीत करने में सक्षम बनाते हैं। आपका व्यक्तित्व आपके दोस्तों को आकर्षित करता है, जो आपसे सलाह मांग सकते हैं। ड्राइव करते समय सावधान रहें। वृषभ राशि- अपने दिल और दिमाग को क्लियर रखना उस प्यार को पाने का एक शानदार तरीका है, जिसके आप हकदार हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, जीवन के नए सबक सीखने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि- जीवन का आनंद लें। अपनी एनर्जी का उपयोग करें और दुनिया को अपना व्यक्तिगत पक्ष दिखाएं। आज आपको उस व्यक्ति के साथ कुछ खास समय बिताने का मौका मिलेगा, जिसे आप पसंद करते हैं। कर्क राशि- खर्च बढ़ सकते हैं। आपके केयरिंग स्वभाव के कारण आपको कोई पसंद कर सकता है। मौजूदा संबंधों को मजबूत करने का मौका न जाने दें। अपनी पर्सनालिटी को अपनी बातचीत का हिस्सा बनने दें। सिंह राशि- आज के दिन अपने लक्ष्यों पर फोकस बनाए रखें। आज आपको अपने प्रेम जीवन में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। हंसी-मजाक के लिए भी समय निकालें। कन्या राशि- खर्चों पर पकड़ बनाएं। अगर आज चीजें योजना के मुताबिक नहीं होती हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। अपनी भावनाओं पर भरोसा रखें और अपने दिल की सुनें। तुला राशि- आज दोस्तों से मिलने-जुलने में संकोच न करें। उन चीजों पर समय बर्बाद करने के बजाय जो आपको दुखी करती हैं, अपनी एनर्जी का उपयोग ऐसी जगह करें, जिससे आपको लाभ हो सके। वृश्चिक राशि- रोमांस के मामले में कुछ लोगों को पारिवारिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ सकता है। याद रखें की हर कोई आपके डीसीजन को नहीं समझेगा या उसका सपोर्ट नहीं करेगा। धनु राशि- आज अपने पार्टनर के साथ अपनी खट्टी-मीठी यादों का जश्न मनाने का खास अवसर है। प्रोफेशनल लाइफ को अगले लेवल पर ले जाने के लिए सोच-विचार में कुछ समय बिताएं। मकर राशि- आज नेगेटिव सोच से बचें। अपने दिल की आवाज सुनें, तब भी जब आपकी दुनिया शोर-शराबे वाली लगती हो। बाहरी लोगों के विचारों को सही निर्णय लेने में बाधा न बनने दें। सेहत पर ध्यान दें। कुंभ राशि- छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स जो आपके करियर को मजबूत बनाते हैं, उन पर ध्यान दें। चाहे जितना प्रेशर हो, आज पार्टनर के लिए समय निकालें और अपने कनेक्शन को मजबूत होने दें। मीन राशि- याद रखें, आपका प्रेम जीवन आपका है और डीसीजन आपको खुद को ही लेना है। खुद पर और अपने दिल पर भरोसा रखें, भले ही दूसरे लोगों की राय आपके या आपके रिश्ते के खिलाफ हो।

15 नवंबर को शनि मार्गी होते ही किन राशियों की बढ़ा देंगे मुश्किलें

न्याय के देवता शनि अभी वक्री अवस्था में हैं. शनि की सीधी चाल यानि शनि 15 नवंबर से अपनी स्वराशि कुंभ में मार्गी होंगे. शनि महाराज का मार्गी होना कुछ राशियों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है. जानते हैं किन राशियों पर शनि मार्गी का पड़ेगा दुष्प्रभाव. न्याय के देवता शनि अभी अपनी स्वराशि कुंभ में वक्री हैं यानि अभी उल्टी चाल चल रहे हैं पर 15 नवंबर को शनि सीधी चाल चलने जा रहे हैं. शनि के प्रभाव से आज तक कोई नहीं बच पाया है अगर आप पर शनि मेहरबान हैं तो आपका जीवन शांतिपूर्वक चलेगा पर कहीं अगर शनि महाराज आपसे रुष्ट हो गए तो आपका जीवन हजारों मुश्किलों से भर जाता है. कहीं आपके जीवन में उथल-पुथल मचाने तो नहीं आ रहे न्याय के देवता शनि महाराज. जानते हैं किन राशियों के जातकों को शनि मार्गी के दुष्प्रभाव से बचना चाहिए. ज्योतिष अनुसार न्याय के देवता शनि वर्तमान में अपनी स्वराशि कुंभ में वक्री अवस्था में हैं. 15 नवंबर से शनि मार्गी अवस्था में जाने वाले हैं. शनि मार्गी होना कुछ राशियों पर सकारात्मक तो कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले हैं. कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए शनि मार्गी होना संपत्ति, ससुराल पक्ष के रिश्ते और अचानक होने वाली घटनाओं पर असर डालेगा. आपको अपने जीवन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है आप मानसिक रूप से खुद को ओर बेहतर बना सकते हैं कर्क राशि वालों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है आपको व्यक्तिगत जीवन में बहुत सी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है पर आपके दफ्तर में आपके काम के कारण बहुत तारीफ होगी घर पर शांति रखने का प्रयास रखें मीन राशि मीन राशि के जातकों के लिए शनि मार्गी होना उनके जीवन में परेशानियों को बढ़ा सकता है आपके कार्यक्षेत्र में चीजें धीमी रहेंगी और आपको ठहराव महसूस होगा आप मानसिक रूप से परेशान भी हो सकते हैं आपको कड़ी मेहनत करने से ही जीवन में सफलता हासिल होगी अपने पारिवारिक जीवन पर ध्यान देनें की जरूरत है मकर राशि मकर राशि वाले जातकों  के लिए शनि मार्गी होना हानिकारक साबित हो सकता है आपके जीवन में खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, निवेश पर भी असर होगा आपके व्यक्तिगत जीवन में भी कुछ बदलाव आएंगे आपके व्यक्तिगत जीवन में ससुराल पक्ष के कारण पति-पत्नी के बीच विवाद हो सकते हैं आपको अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए एक दूसरे को समझने की जरूरत है

राशिफल गुरुवार14 नवंबर 2024

मेष राशि के जातकों आज के दिन आप कॉन्फिडेंस से भरपूर रहेंगे। पैसों से जुड़े सौदे आज बेहद सावधानी के साथ करें। छोटी मोटी सेहत से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसलिए बाहर के खाने से परहेज करना आपके लिए बेहतर रहेगा। वृषभ राशि के जातकों आज का दिन क्रिएटिव रहने वाला है। करियर के मामले में कुछ लोगों को अपनी मेहनत का फल मिल सकता है। लव लाइफ में पार्टनर के साथ बहस करने से बचें। कोई नई डील मिल सकती है। मिथुन राशि के जातकों आज अपनी स्किल्स का अच्छे से इस्तेमाल करें। कुछ जातकों को काम के सिलसिले में काफी भाग दौड़ करनी पड़ सकती है। लाइफ में बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। पॉजिटिव सोच रखें। कर्क राशि के जातकों आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहेगा। अपने खर्चों पर पकड़ बनाकर रखें। आपको सलाह दी जाती है की जीवन के किसी भी क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों को पॉजिटिव सोच के साथ अपनाएं। सिंह राशि के जातकों आज का आपका दिन बदलावों भरा साबित हो सकता है। आज अपने पार्टनर के साथ कुछ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। पैसों के मामले में आपको सेविंग्स पर ध्यान देना चाहिए। कन्या राशि के जातकों आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपनी सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। परिवार के साथ कुछ वक्त बिताएं। तुला राशि के जातकों मेंटल हेल्थ का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। बहुत ज्यादा तनाव लेने से शारीरिक व मानसिक सेहत पर भी प्रभाव पड़ता है। पुराने निवेश से कुछ लोगों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों आज का दिन शुभ साबित हो सकता है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। करियर के मामले में आज आपको अपने दोस्तों का भरपूर सपोर्ट मिलेगा। आज आप कॉन्फिडेंट फील करेंगे। धनु राशि के जातकों आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। काम पर आपका पूरा फोकस रहेगा। अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। डेडलाइन पर सभी जरूरी टास्क पूरे करने में सक्षम रहेंगे। मकर राशि के जातकों आज का आपका का दिन नॉर्मल रहने वाला है। सेहत को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। नया फिटनेस रूटीन शुरू करने या अपने लक्ष्यों पर फोकस करने का एक शानदार समय है। कुंभ राशि के जातकों आज के दिन बिजी शेड्यूल के चलते आप थोड़ा प्रेशर महसूस कर सकते हैं। सावधानी के साथ योजना बनाकर, आप आज के दिन का पूरा लाभ उठा सकते हैं। बाहर के खाने से परहेज करें। मीन राशि के जातकों अपनी कड़ी मेहनत या स्किल्स दिखाने का मौका मिल सकता है। रोमांटिक शाम बिताने का प्लान बनाएं या अपने साथी के साथ अपने दिल की बातें शेयर करें। पैसों के सभी मामलों पर ध्यान दें।

सिद्ध पीठों में प्रमुख है हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर

प्रसिद्ध मनसा देवी माता का मंदिर देवभूमि हरिद्वार में हरकी पैड़ी के पास गंगा के किनारे स्थित है। नवरात्रि के दिनों में यहां माता के दर्शनों के लिए लंबी लंबी लाइनें तो लगती ही हैं साथ ही सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं की काफी अच्छी संख्या रहती है। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने माता के दर्शनों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। मंदिर चूंकि पहाड़ी पर स्थित है इसलिए यहां तक पहुंचने के लिए ट्राली का उपयोग किया जाता है। यदि कोई महंगी ट्राली से सफर नहीं करना चाहे तो उसके लिए पहाड़ी पर ही सड़क मार्ग भी बनाया गया है जहां पैदल यात्रा के साथ ही स्थानीय ऑटो रिक्शा के जरिये पहुंचा जा सकता है। यहां चलने वाली ट्राली श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित करती है और इसके चलते यह धार्मिक पर्यटन स्थल का रूप ले चुका है। यहां चलने वाली ट्राली को मनसा देवी उड़नखटोला के नाम से भी जाना जाता है। रोपवे से श्रद्धालुओं को मंदिर लाने ले जाने का काम सुबह आठ बजे से सायं पांच बजे तक चलता है। दिन में यह 12 से 2 बजे तक भोजन के लिए यह सेवा बंद कर दी जाती है। यहां स्थित माता मनसा देवी को सिद्ध पीठों में प्रमुख माना जाता है। यह हरिद्वार स्थित तीन सिद्धपीठों में से एक है। अन्य दो सिद्धपीठ हैं चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यहां सच्चे मन से मां की पूजा अर्चना कर मुराद मांगते हैं माता उनकी इच्छा जरूर पूरी करती हैं। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के मुताबिक मनसा देवी का जन्म संत कश्यप के मस्तिष्क से हुआ। वह राजा वासुकी की पत्नी हैं। कहा जाता है कि मनसा देवी ने भगवान शंकर की कठोर तपस्या किया और साथ ही वेदों का अध्ययन भी किया जिसके फलस्वरूप उन्हें कृष्ण मंत्र प्राप्त हुआ जिसे कल्पतरू कहा जाता है। देवी ने बाद में पुष्कर में कई युगों तक तप किया जिससे प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि देवी तुम्हारी तीनों लोकों में पूजा होगी। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि आशुतोष भगवान की पुत्री मनसा को ऋषि कश्यप ने अपने संरक्षण में पाला और सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने उनका नामकरण किया। ब्रह्मा ने नामकरण के बाद बताया कि कोई भी विष इस देवी के सामने तुच्छ है इसलिए इस देवी का नाम विषहरि होगा। इसी कारण समस्त नागों और भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। मनसा देवी को भगवान शिव की मानसपुत्री के रूप में भी जाना जाता है। मनसा देवी की पूजा ज्येष्ठ मास की दशहरा तिथि यानी गंगा दशहरा के दिन बंगाल में कई जगह की जाती है। मनसा देवी की पूजा के बाद ही नागों की पूजा करने का प्रचलन है। मान्यता है कि जो व्यक्ति देवी के बारह नामों का उच्चारण करता है, उसके वंशजों को भी सर्प भय नहीं रहता। देवी के यह बारह नाम इस प्रकार हैं− जरत्कारू, जगदगौरा या जगतगौरी, मनसा, सियोगिनी, वैष्णवी, नागभगिनी, शैवी, नागेश्वरी, जगतकारुप्रिया, आस्तिकमाता और विषहरी। मनसा देवी के मंदिर आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां लगे वृक्षों में एक धागा बांधते हैं। जब उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है तो वह पुनः मंदिर आते हैं और वह धागा खोलकर मनसा देवी की पूजा करते हैं। श्रद्धालुओं की ओर से मनसा देवी की पूजा के दौरान माता को फल, नारियल, फूल और श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाती है।  

कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहे शुभ योग, स्नान और दीपदान का है विशेष महत्व

 कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है। प्रत्येक महीने की पूर्णिमा का अपना विशेष स्थान होता है, किंतु कार्तिक पूर्णिमा का महत्व अद्वितीय है। इस दिन देव दीपावली उत्सव मनता है। इस दिन स्नान और दान करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली का संचार होता है। साथ ही, यह दिन सुख और शांति का भी प्रतीक है। कब है कार्तिक पूर्णिमा     पं. अजय जोशी के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर सुबह 6.20 बजे प्रारंभ होगी और समापन मध्यरात्रि 2.59 बजे होगा।     पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान और दीपदान का अत्यधिक महत्व होता है। संध्या के समय दीपदान करना चाहिए।     इस दिन उचित समय पर नदी में स्नान करने से व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है। जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा भी है। कार्तिक पूर्णिमा पर बनने वाले शुभ योग पं. जोशी ने बताया कि इस वर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा और मंगल का राशि परिवर्तन एक विशेष योग का निर्माण करेगा, जिसमें दोनों ग्रह एक-दूसरे की राशि में स्थित रहेंगे। इस दिन रात के समय गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, बुधादित्य राजयोग भी इस दिन बनेगा। विशेष रूप से 30 वर्षों के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष राजयोग का निर्माण हो रहा है, क्योंकि अगले 30 वर्षों तक शनि कुंभ राशि में गोचर नहीं करेंगे। इस प्रकार, कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए उपाय और दान पुण्य के कार्यों का फल 100 गुना अधिक प्राप्त होगा।  

राशिफल बुधवार 13 नवंबर 2024

मेष राशि के जातकों आपको किसी भी काम का ज्यादा प्रेशर लेने की जरूरत नहीं है। जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं उसे यह बताने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता होती है कि आपके रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। वृषभ राशि के जातकों व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छा दिन है। अपने नियमित व्यायाम से ब्रेक लेने से आपको अच्छा महसूस होगा। हो सकता है किसी मुद्दे पर परिवार आपके साथ न हो। मिथुन राशि के जातकों आज जीवन में संतुलन बनाना जरूरी है। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल हो सकता है। किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। कर्क राशि के जातकों पूरा हुआ कोई प्रोजेक्ट आपको प्रतिष्ठा के पद पर पहुंचा सकता है। हरी सब्जियां डाइट में शामिल करने से बॉडी को एनर्जेटिक बना सकते हैं। कुछ स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई के मामले में सुधार होने की संभावना है। सिंह राशि के जातकों आज आपको अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक शाम बिताने का मौका मिल सकता है। सेहत पर पूरा ध्यान दें। साथ के साथ वाद-विवाद में उलझने से बचें। पॉजिटिव सोच बनाए रखने से लाभ होगा। कन्या राशि के जातकों आज एक खूबसूरत दिन बिता सकते हैं। जब आपके मन में कोई नेगेटिव विचार आए, तो भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें। रोमांटिक रिश्ते के फलने-फूलने की संभावना है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं। तुला राशि के जातकों कभी-कभी आपको लोगों को उनकी इच्छाओं के अनुसार चलने देना चाहिए। स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन कोई गंभीर बात नहीं होगी। ड्राइव करते समय सावधान रहें। वृश्चिक राशि के जातकों अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ध्यान रखें कि आपको अपनी यात्रा अकेले ही पूरी करनी होगी। जब आप ज्यादा प्रेशर महसूस करें तो मदद मांगने में संकोच न करें। धनु राशि के जातकों आज के दिन आपके पास कोई अच्छी डील आने वाली है। जीवन में चाहे कुछ भी हो, चीजें आपके लिए पॉजिटिव रहेंगी। कुछ लोग आज काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं। मौज-मस्ती करें। मकर राशि के जातकों कार्यस्थल पर आपका सामना किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकता है, जिससे पहले मतभेद हो चुका हो। अपने जीवनसाथी को खुश करने की कोशिश में खुद पर तनाव नहीं डालना चाहिए। कुंभ राशि के जातकों पॉजिटिव सोच को अपनाएं और इसे किसी भी चुनौती से निपटने में आपका मार्गदर्शन करने दें। बॉडी को फिट रखने पर फोकस करें। आज के दिन का आनंद लें। आपके पास कई बेहतरीन अवसर आने वाले हैं। मीन राशि के जातकों किसी मुद्दे पर चिंता आपको परेशान कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक नहीं। आपको सारी जिम्मेदारियां अकेले लेने की जरूरत नहीं है। संपत्ति का कोई मसला सही ढंग से सुलझने की संभावना है।

आज से चमक इन राशियों की किस्मत

सृष्टि के रचयिता श्री हरि विष्णु की कृपा से जीवन में सुख और आनंद आता है। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार को एकादशी और चातुर्मास को महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास वह अवधि है जब भगवान चार महीने तक योग निद्रा में रहते हैं। आज यानी देवउठनी एकादशी पर शश राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का सुंदर संयोग बना। यह एक अत्यंत दुर्लभ योग है जिसमें देवउठनी एकादशी पर शनि अपनी मूलत्रिकोण राशि कुंभ में गोचर करते हुए शश राजयोग बना रहे हैं। 4 दिन बाद शनि भी इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। इस शुभ संयोग से भगवान विष्णु चातुर्मास की योग निद्रा से जागते हैं। जो लोग नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन पर हमेशा नारायण की कृपा बनी रहती है। हालांकि, कुछ राशियां ऐसी  भी हैं जिन पर भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है । आइए जानते हैं कौन सी है श्री हरि विष्णु की प्रिय राशियां। वृषभ राशि इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह शुक्र है। इसलिए इस राशि के जातकों पर हमेशा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और वे जीवन में हर तरह की खुशियां हासिल कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप महिलाओं का सम्मान करें और साफ-सफाई बनाए रखें। कर्क राशि कर्क राशि भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि है क्योंकि यह चंद्रमा की राशि है। भगवान विष्णु की राशि भी कर्क है।  इसलिए कर्क राशि सभी 12 राशियों में सबसे अच्छी राशि मानी जाती है और इस पर श्रीहरि का आशीर्वाद भी है। भगवान विष्णु की कृपा से इन्हें समाज में सम्मान और शिक्षा में सफलता मिलती है। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं। वैदिक ज्योतिष में भगवान विष्णु को  अधिष्ठाता देवता सूर्य नारायण का बताया गया है। सूर्य सर्वोच्च सत्ता के रूप में विष्णु हैं और उपनिषदों में उन्हें सूर्य का निवासी आदित्य पुरुष कहा गया है। सूर्य से संबंधित होने के कारण सिंह राशि भी भगवान विष्णु के पसंदीदा नक्षत्रों में से एक है। श्रीहरि की कृपा से सिंह राशि के लोग अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं और अपने प्रयासों से नई ऊंचाइयां हासिल करते हैं। तुला राशि तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। शुक्र न केवल प्रेम का ग्रह है, बल्कि आध्यात्मिक ग्रह भी है। इसके अलावा इस ग्रह को भगवान विष्णु की पत्नी मां लक्ष्मी का घर भी माना जाता है। माता लक्ष्मी से संबंध होने के कारण तुला राशि को भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि माना जाता है। इस राशि के लोग अच्छे चरित्र वाले होते हैं और जीवन में सुख और सम्मान प्राप्त करते हैं।

राशिफल मंगलवार 12 नवंबर 2024

मेष राशि- मेष राशि के जातकों के लिए कल दिन खर्चा भरा रहने वाला है। आपका कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह भी पूरा होगा। यदि आपने किसी से कुछ कर्ज लिया था, तो उसे भी आप काफी हद तक दूर रहेंगे। आप अपने मनमाने व्यवहार के कारण किसी वाद विवाद  में पड़ सकते हैं। आपको शीघ्रगामी  वाहनों के प्रयोग से सावधान रहना होगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातकों के लिए कल दिन लाभदायक रहने वाला है। आपका सहयोगी कामों मे एक दूसरे का पूरा साथ देंगे। यदि आपका पैसों को लेकर कोई काम अटका हुआ था, तब वह भी पूरा हो सकता है। आप पारिवारिक योजनाओं पर भी पूरा ध्यान देंगे। आपने यदि किसी से कोई वादा किया था, तो उसे भी आप पूरा कर सकते हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन सेहत के लिहाज  से कमजोर रहने वाला है। यदि परिवार में किसी सदस्य के विवाह में कोई बाधा आ रही थी, तो वह भी दूर होगी। व्यवसाय में भी आपने यदि लापरवाही के कारण कोई निर्णय जल्दबाजी में लिया, तो वह आपकी समस्याओं को खड़ा कर सकता है। कर्क राशि- कर्क राशि के जातकों को कल किसी वाद विवाद में पढ़ने से बचना होगा। किसी कानूनी मामले में आपको सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते और बेहतर रहेंगे। आपको अपने धन लाभ में वृद्धि होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आप किसी काम को लेकर जीते हुए अहंकार ना दिखाएं। सिंह राशि- सिंह राशि के जातकों के लिए दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी। आपको एक के बाद एक शुभ सूचना सुनने को मिलती रहेगी। धार्मिक कार्यों में काफी रुचि रहेगी। परिजनों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। साझेदारी में कोई काम यदि आप लंबे समय से कर रहे थे, तो वह भी पूरा हो सकता है। कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों के लिए कल दिन लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए रहेगा। भाई व बहनों से चल रही अनबन बातचीत के जरिए दूर होगी। आप किसी जरूरी काम को लेकर सलाह मशवरा कर सकते हैं। आपको अकस्मात धन लाभ मिलने से आपकी  खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। तुला राशि- तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नई प्रॉपर्टी की खरीदारी के लिए अच्छा रहेगा। मानसिक चिताओं को लेकर आप परेशान रहेंगे। घर परिवार में सदस्यों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल दिन परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए रहेगा। आपको यदि काम को लेकर कोई समस्या चल रही थी, तो वह भी दूर हो गई होगी। परिवार के सदस्यों के साथ मिल बैठकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना बेहतर रहेगा। धनु राशि- धनु राशि के जातकों के लिए मध्यम  रूप से फलदायक रहने वाला है। आपके कुछ नए शत्रु उत्पन्न हो सकते हैं। आपको धन संचय करने के बारे में सोच विचार अवश्य करना होगा। आप दोस्तों के साथ कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। कार्य क्षेत्र में आपको ही बड़ा बदलाव कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छा रहेगा। मकर राशि- मकर राशि के जातकों के लिए कल दिन मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। मौसम का विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ेगा। दोस्तों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे। कामों में व्यस्त रहने के कारण आपको किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाना पड़ सकता है। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों को कल अपने कामों को समय रहते निपटाने की जरूरत है और यदि उन्होंने किसी काम को दूसरे के भरोसे छोड़ा, तो उसमें उन्हें समस्या हो सकती है। दानपुण्य के कार्य में भी आपकी काफी रुचि रहेगी। आपका मन इधर-उधर के कामों में लगेगा। आप बेफिजूल के खर्चे में पढ़ सकते हैं। मीन राशि- मीन राशि के जातकों के चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा, उनकी कल कामों से एक नई पहचान बनेगी और उन्हें अपने मन में नकारात्मक विचारों को रखने से बचना होगा। कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। किसी नये  मकान, दुकान आदि की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा।

समूचे विश्व में पूजा होती है गणेश की

किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गणपति का पूजन भारतीय परम्परा की विशिष्टता है। गणपति को विघ्नेश, एकदन्त, गणपति, गजानन, गणनायक, गणाधिपति, गणाध्यक्ष तथा लम्बोदर इत्यादि अनेकानेक नामों से पूजा जाता है। गणेश जी का स्वरूप गणपति का आदर्श माना जाता है। यही वजह है कि लोक-चेतना में उनका यह स्वरूप इतना समाया हुआ है कि प्रत्येक मांगलिक कार्य तथा विधि-विधान उन्हीं के पावन स्मरण, आह्वान तथा पूजा-अर्चना से शुरू होता है। ऋद्धि-सिद्धि के देव ऋद्धि-सिद्धि के देव गणेशजी न केवल भारत में, अपितु तिब्बत, चीन, बर्मा, जापान, जावा तथा बाली इत्यादि तमाम देशों में भी विभिन्न रूपों में पूजे जाते हैं। यही नहीं, इन देशों में गणेशजी की प्रतिमाएं भी चप्पे-चप्पे पर देखने को मिल जायेंगी। सफलता समृद्धि की सहचरी है, इसलिए बिना किसी व्यवधान के कार्य संपन्न कराने हेतु स्वयमेव सफलता प्राप्ति की दृष्टि से ही गणेश लाभ व लक्ष्य के स्वामी होकर सर्व पूजनीय हो गये। भारतीय पुराणों में, गणेश जी की अनेकों कथाएं समाहित हैं बल्कि गणेश-पुराण तक भी देखने को मिलता है। गणेशजी की महिमा सीमाओं की संकीर्णता से परे है, इसलिए पश्चिमी देशों की प्राचीन संस्कृतियों में भी गणेश की अवधारणा विद्यमान है। पश्चिम में रोमन देवता जेनस को गणपति के ही समकक्ष माना गया है, ऐसा माना जाता है कि जब भी इतालवी व रोमन इष्ट जेनस का नाम लेते थे। 18वीं शताब्दी के संस्कृत के प्रकांड विद्वान विलियम जोन्स ने जेनस व गणपति की पारम्परिक तुलना करते हुए माना है कि गणेश में जो विशेषताएं पाई गयी हैं वे सभी जेनस में भी हैं। यहां तक कि रोमन व संस्कृत शब्दों के उच्चारण में भी इतनी समानता है कि इन दोनों देवों में अंतर नहीं किया जा सकता। भारत से बाहर विदेशों में बसने वाले भारतीयों ने भारतीय संस्कृति की जड़ों को काफी गहराई तक फैलाने का प्रयास किया और इन पर भारतीय देवताओं की पूजा उपासना का स्पष्ट प्रभाव था, जो आज भी है। विदेशों में प्रकाशित पुस्तक गणेश ए मोनोग्राफ आफ द एलीफेन्ट फेल्ड गाड में जो तथ्य उजागर किये गये हैं, उससे इस बात का स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि विश्व के कई देशों में गणेश प्रतिमाएं बहुत पहले से पहुंच चुकी हैं और विदेशियों में भी गणेश के प्रति श्रद्धा और अटूट विश्वास रहा है। विदेशों में पाई जाने वाली गणेशजी की प्रतिमाओं में इनके विभिन्न स्वरूप अलग-अलग देखे गये हैं। जावा में गणेश की मूर्तियों में वे पालथी मार कर बैठे दिखाए गये हैं, उनके दोनों पैर जमीन पर टिके हुए हैं व उनके तलुए आपस में मिले हुए हैं। हमारे देश में, गणेशजी की मूर्तियों में उनकी सूंड प्रायः बीच में दाहिनी या बाई ओर मुड़ी हुई है किन्तु विदेशों में वह पूर्णतया सीधी, सिरे पर मुड़ी हुई है। जापान और चीन में जापान में गणेश को कांतिगेन नाम से पुकारा जाता है। यहां पर बनी गणेशजी की मूर्तियों में दो या चार हाथ दिखाये गये हैं। सन् 804 में जब जापान का कोबो दाइशि धर्म की खोज करने हेतु चीन गया तो उसे वहां व्रजबोधि और अमोधवज नामक भारतीय आचार्य विद्वानों द्वारा मूल ग्रंथों का चीनी अनुवाद करने का मौका मिला तो चीन की मंत्र विद्या प्रणाली में गणेशजी की महिमा को भी वर्णित किया गया। सन् 720 में चीन की राजधानी लो-यांग पहुंचा अमोध्वज, जो भारतीय मूल का ब्राह्मण था जिसे चीन के कुआंग-फूं मंदिर में पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में अमोह वज्र से एक चीनी धर्म परायण व्यक्ति हुई-कुओ ने पहले दीक्षा ली, फिर उसने कोषो-दाइशि को दीक्षा दी जिसने वहां के विभिन्न मठों से संस्कृत की पांडुलिपियां एकत्र की व सन् 806 में जब वह जापान लौटा तो वज्र धातु के महत्वपूर्ण सूत्रों के साथ ही गणेशजी के चित्र भी साथ ले गया जिसे सुख-समृद्धि परब्रहम की जानमयी शक्ति के रूप में माना गया। जापान के कोयसान सन्तसुजी विहार में गणेश की चार चित्रावलियां रखी गयी हैं जिनमें युग्म गणेश, षड़भुज गणेश, चतुर्भुज गणेश तथा सुवर्ण गणेश प्रमुख हैं। तिब्बत में गणेश पूजन तिब्बत के हरेक मठ में भी गणेश पूजन की परम्परा काफी पुरानी है। यहां गणपति अधीक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। नौवीं शताब्दी के पूर्वार्ध्द में ही तिब्बत के अनेक स्थानों में गणेश पूजा का प्रचलन शुरू हो गया था। चीन के तुन-हु-आंग में एक पहाड़ी गुफा की दीवार पर गणेश की प्रतिमा उकेरी गयी है तो साथ ही सूर्य, चंद्र व कामदेव की मूर्तियां भी अंकित हैं। ये मूर्तियां सन् 644 में स्थापित की गयी थीं। गणेश की मूर्ति के नीचे चीनी भाषा में लिखा हुआ है कि ये हाथियों के अमानुष राजा है। चीन में भी गणपति कांतिगेन कहलाते हैं। कम्बोडिया की प्राचीन राजधानी अंगकोखाट में जो मूर्तियों का खजाना मिला है, उसमें भी गणेश के विभिन्न रंग-रूप पाये गये हैं। वैसे यहां कांसे की मूर्तियों का प्रचलन है। स्याम देश जहां पर बसे भारतीयों ने वैदिक धर्म को कई सौ वर्ष पूर्व ही प्रचारित कर दिया था, के कारणवश यहां पनपी धार्मिक आस्था के फलस्वरूप यहां निर्मित की गयी गणेश की मूर्तियां अयूथियन शैली में दिखाई देती है। स्याम देश में वैदिक धर्म राजधर्म के रूप में प्रसिद्ध था जिसके कारण यहां आज भी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक रीति से ही सम्पन्न होते हैं। अमेरिका में तो लंबोदर गणेश की प्रतिमाएं बनायी जाती हैं। वैसे अमेरिका की खोज करने वाले कोलम्बस से पूर्व ही वहां सूर्य, चंद्र तथा गणेश की मूर्तियां पहुंच गयीं थी। विश्व के कई देश ऐसे भी हैं जहां खुदाई के दौरान भारतीय देवताओं की मूर्तियां मिली हैं लेकिन विशेषता यह रही कि इनमें गणेशजी हर जगह विद्यामान थे। ये मूर्तियां हजारों वर्ष पूर्व की होने का अनुमान लगाया गया है। कुल मिलाकर विघ्नहरण विनायक, जहां समूचे विश्व में पूजा जा रहे हैं, वहीं भारत में भी विभिन्न प्रांतों में 10वीं शताब्दी की प्राचीन मूर्तियों में भी गणेशजी के अनेकानेक रूप मिले हैं जिन्हें प्रदेशों की स्थानीय बोली में विभिन्न नामों से पुकारा जाता है।  

देवउठनी एकादशी के दिन भूलकर भी न खाएं ये चीजें

सनातन धर्म के लोगों के लिए देवउठनी एकादशी के व्रत का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन चातुर्मास समाप्त होने के साथ चार माह से सोए हुए विष्णु जी योग निद्रा से जागते हैं। इसलिए इस दिन विष्णु जी की पूजा की जाती है। साथ ही देवी तुलसी की पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि देवउठनी एकादशी के दिन पूजा-पाठ करने के साथ-साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है। नहीं तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। चलिए जानते हैं देवउठनी एकादशी की सही तिथि और व्रत से जुड़े नियमों के बारे में। 2024 में देवउठनी एकादशी कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल एकादशी तिथि का आरंभ 11 नवंबर को शाम 06 बजकर 46 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर बाद 04 बजकर 04 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर इस बार 12 नवंबर 2024 को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। गलती से भी न खाएं ये चीजें देवउठनी एकादशी के दिन न तो चावल खाना चाहिए और न ही चावल को स्पर्श करना चाहिए। भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद यदि आपको प्राप्त करना है, तो देवउठनी एकादशी के दिन मसूर की दान का सेवन न करें। इसके अलावा मसूर की दाल को स्पर्श करने से भी बचें। देवउठनी एकादशी के दिन घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए। इसके अलावा शराब और मांस-मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए। देवउठनी एकादशी व्रत से जुड़े नियम जो लोग देवउठनी एकादशी का व्रत रखते हैं, वो उपवास के दौरान फल का सेवन कर सकते हैं। लेकिन उन्हें अनाज नहीं खाना चाहिए। इससे व्रत टूट सकता है। व्रत के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही उन्हें उनके प्रिय चीजों का भोग लगाएं। माता तुलसी की पूजा करें। साथ ही पेड़ के पास घी का दीपक जलाएं। व्रत के दिन तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। किसी से गलत न बोलें और न ही लड़ाई-झगड़ा करें।  

राशिफल सोमवार 11 नवंबर 2024

मेष राशि- मेष राशि के जातकों बेहतर करियर ग्रोथ के लिए ऑफिस में उम्मीदों पर खरा उतरना सुनिश्चित करें। आज अपने धन को सावधानी से संभालें। आज प्रेम संबंधों में कई सकारात्मक चीजें देखने को मिलेंगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों बेहतर कल के लिए आज धन का प्रबंधन समझदारी से करें। उत्पादकता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। पार्टनर के साथ अधिक समय बिताएं, साथ ही आपको अतीत में उलझने से भी बचना चाहिए। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों जिन लोगों का हाल ही में ब्रेकअप हुआ है, उन्हें दिन के दूसरे भाग में कोई दिलचस्प व्यक्ति मिल सकता है। डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। काम के मामले में आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। सेहत पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों आज के दिन फैमिली के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। कुछ प्रबंधकों और टीम लीडरों का जीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। छोटी-मोटी वित्तीय दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन दिनचर्या प्रभावित नहीं होगी। कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों आज आपको बहस करने से बचना चाहिए। ऑफिस की पॉलिटिक्स में न उलझेंं। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। हेल्दी डाइट को फॉलो करें और रोज एक्सरसाइज करें। पार्टनर को खुश रखें। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान देना चाहिए। व्यापार करते समय सावधान रहें क्योंकि इसमें जोखिम हो सकता है। अपने पार्टनर को सरप्राइज देने से रिश्ता मजबूत बन सकता है। सेहत को प्राथमिकता दें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आज का दिन काफी रोमांटिक साबित हो सकता है। कुछ लोगों को पार्टनर द्वारा गिफ्ट या डेट पर जाने का सरप्राइज मिल सकता है। काम से सिलसिले में मन परेशान हो सकता है। सेहत पर ध्यान दें। धनु राशि- धनु राशि के जातकों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से आज दूर रहना चाहिए। कुछ लोग इंटरव्यू क्लियर करके ऑफर लेटर भी पा सकते हैं। सीढ़ियों का उपयोग करते समय सावधान रहें। मां की सेहत पर आपको ध्यान देना चाहिए। मकर राशि- मकर राशि के लोगों आज अपनी क्रिएटिविटी निखारने पर फोकस बनाए रखें। कुछ छात्रों को शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी धन की आवश्यकता होगी। बाहर का खाना ज्यादा खाने से बचें। कुम्भ राशि- कुंभ राशि के लोग आज पॉजिटिव सोच वाले व्यक्तियों के साथ कुछ टाइम स्पेंड करें। आपकी फाइनेंशियल कंडीशन पहले से बेहतर रहेगी। इन्वेस्टमेंट से दूरी बनाएं। बच्चों के साथ कुछ वक्त बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। मीन राशि- मीन राशि के लोगों को अपने क्रश को प्रपोज करने का मौका आज नहीं छोड़ना चाहिए। टीम के सदस्यों को संभालते समय सावधान रहें। पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए खान पान पर ध्यान देना जरूरी है।

तुलसी विवाह के साथ ही हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्यों का होगा शुभारंभ

कार्तिक मास में भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह का बहुत महत्व है। तुलसी विवाह के साथ ही हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह कब और कैसे मनाया जाएगा, इसका विवरण नीचे दिया गया है। तुलसी विवाह का महत्व सनातन धर्म में भगवान विष्णु के शालिग्राम अवतार और माता तुलसी के विवाह को विशेष धार्मिक मान्यता प्राप्त है। तुलसी विवाह के माध्यम से विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय की शुरुआत होती है। भक्त अपने घरों और मंदिरों में भगवान श्रीहरि विष्णु और माता तुलसी का विवाह पूरे विधि-विधान से संपन्न करते हैं। यह दिन भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाने का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह की तिथि – द्वादशी तिथि की शुरुआत: 12 नवंबर, मंगलवार, सायं 4:02 बजे – द्वादशी तिथि की समाप्ति: 13 नवंबर, बुधवार, दोपहर 1:01 बजे उदया तिथि के अनुसार, तुलसी विवाह 13 नवंबर को मनाया जाएगा। तुलसी विवाह की पूजा विधि तुलसी विवाह के लिए एक साफ चौकी पर नया कपड़ा बिछाकर उस पर तुलसी और शालिग्राम की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद, चौकी के चारों ओर गन्ने से मंडप सजाएं और कलश की स्थापना करें। पहले कलश और गौरी-गणेश की विधिवत पूजा करें। फिर तुलसी माता और भगवान शालिग्राम को धूप, दीप, वस्त्र, माला, और फूल अर्पित करें। माता तुलसी को सोलह श्रृंगार और लाल चुनरी अर्पित करें। पूजा के दौरान तुलसी मंगलाष्टक का पाठ श्रद्धापूर्वक करें और फिर तुलसी माता और शालिग्राम के फेरे करवाएं। फेरे पूर्ण होने के बाद भगवान विष्णु और तुलसी माता की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें। तुलसी विवाह का फल तुलसी विवाह के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस दिन का पालन करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। तुलसी विवाह पर किए जाने वाले महत्वपूर्ण उपाय 1. वैवाहिक जीवन में शांति के लिए: भगवान शालिग्राम और तुलसी माता की विधिवत पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। 2. अखंड सौभाग्य के लिए: इस दिन तुलसी माता को सोलह श्रृंगार अर्पित करने से जीवन में अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 3. दरिद्रता दूर करने के लिए: शाम के समय पीपल वृक्ष के नीचे दीप जलाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। 4. महालक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए: तुलसी के पौधे की सात बार परिक्रमा करें और गोधूलि बेला में घी का दीपक जलाएं।

राशिफल रविवार 10 नवंबर 2024

मेष राशि– मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। परंतु मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। वाहन सुख में वृद्धि के योग बन रहे हैं। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। भागदौड़ अधिक रहेगी। खर्चों में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वाले आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। परंतु मन परेशान हो सकता है। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि– कन्या राशि वाले आज आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। कुटुंब की किसी बुजुर्ग महिला से धन प्राप्ति हो सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी। तुला राशि– तुला राशि वाले आज आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन सुख में कमी आ सकती है। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि- आज वृश्चिक राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। पिता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। परिश्रम अधिक रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। मकर राशि– मकर राशि वालों को आज जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। मन प्रसन्न रहेगा, परंतु संयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। शैक्षिक व शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। कुम्भ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकते हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। परंतु मन परेशान हो सकता है। मन में नकारात्मक विचारोें से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। परंतु कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है।

आंवला नवमी कल, जानें इसके फायदे

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को 10 नवंबर, रविवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इसी वजह से इसे अमला नवमी या आंवला नवमी भी कहा जाता है, और इसे करने से समृद्धि, स्वास्थ्य, और सुख-शांति प्राप्त होती है। वैसे आपको पता है सर्दियों में आंवले का जूस पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। आंवला विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो सर्दियों में शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। यहां सर्दियों में आंवले का जूस पीने के कुछ महत्वपूर्ण फायदे दिए गए हैं- इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है आंवला विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। सर्दियों में बढ़ती ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा बढ़ जाता है, जिसे आंवला जूस पीकर कम किया जा सकता है। स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखता है सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है, और आंवले में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा को नमी देने और उसे अंदर से चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। पाचन को बेहतर बनाता है आंवले का जूस पीने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बढ़ावा देता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। वजन घटाने में सहायक आंवला मेटाबोलिज्म को तेज करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। ठंड में आंवले का जूस पीने से वजन नियंत्रित रहता है। बालों के लिए फायदेमंद आंवले का जूस बालों की जड़ों को पोषण देता है और बालों को मजबूत बनाने के साथ-साथ बालों का झड़ना भी कम करता है। सर्दियों में बालों की देखभाल के लिए आंवले का जूस फायदेमंद होता है। डायबिटीज में सहायक आंवले में क्रोमियम नामक तत्व होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिलता है। हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर हृदय के लिए लाभकारी होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखता है। यूरिनरी सिस्टम को हेल्दी रखता है आंवले का जूस शरीर को डिटॉक्स करता है और यूरिनरी ट्रैक्ट को साफ रखने में सहायक होता है। सर्दियों में डिटॉक्सिफिकेशन की जरूरत होती है, जिसमें आंवला जूस लाभकारी होता है। सर्दियों में आंवले का जूस पीना न सिर्फ आपको अंदर से स्वस्थ रखता है बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

अक्षय नवमी : भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवले के पेड़ की जाती है पूजा

अक्षय नवमी का पर्व हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह त्यौहार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है और इस साल 10 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन को भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित माना गया है, और मान्यता है कि वे आंवले के पेड़ में निवास करते हैं। इसी कारण इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करना और उसकी छाया में भोजन बनाना शुभ माना जाता है। कई भक्त इस दिन ऐसा करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। अक्षय नवमी 2024 तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, अक्षय नवमी की तिथि 9 नवंबर 2024 की रात 10:44 बजे से शुरू होकर 10 नवंबर की रात 9:01 बजे तक रहेगी। इस दौरान भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करना अत्यधिक शुभ माना जाता है। अक्षय नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त इस वर्ष अक्षय नवमी की पूजा के लिए 5 घंटे 25 मिनट का शुभ मुहूर्त है, जो सुबह 6:40 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त, जो विशेष रूप से शुभ माना जाता है, सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक होगा। इन पावन समयों में भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है, जिससे सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। अक्षय नवमी पर दान और पुण्य अक्षय नवमी का त्यौहार शाश्वत पुण्य का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म, जैसे दान, पूजा और सेवा, जन्म-जन्मांतर तक लाभकारी रहते हैं। आंवले के पेड़ का दान और भोजन कराने का महत्व इस दिन विशेष होता है। कहा जाता है कि इससे देवी अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो आर्थिक समृद्धि और परिवार में खुशहाली को बढ़ावा देता है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना और अन्य धर्म-कर्म करना शुभ माना जाता है। यह त्यौहार हिंदू धर्म में भक्ति और उदारता के गुणों को सशक्त बनाता है। इस दिन पूजा और आंवले के पेड़ की सेवा करने से सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है, जो पुण्य के रूप में स्थायी लाभ प्रदान करती है।

श्रीहरि विष्णु देवउठनी एकादशी से इन चार राशियों का करेंगे कल्याण

इस वर्ष देवउठनी एकादशी का पावन पर्व 12 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागृत होते हैं और चातुर्मास का समापन होता है। इस बार यह पर्व हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ संयोगों में मनाया जाएगा, जो कुछ राशियों के लिए विशेष फलदायक रहेगा। मेष राशि: देवउठनी एकादशी का यह पर्व मेष राशि के जातकों के लिए विशेष शुभ रहेगा। इस समय इन्हें धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। जिस भी क्षेत्र में आप मेहनत कर रहे हैं, वहां से जल्द ही अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक वातावरण भी खुशियों से भरा रहेगा। कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए भी देवउठनी एकादशी का पर्व बेहद फायदेमंद साबित होगा। इस दौरान आपको आर्थिक, मानसिक और शारीरिक सुख की प्राप्ति होगी। नौकरी, करियर, और व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं। नए व्यवसाय में कदम रखने या प्रॉपर्टी और वाहन खरीदने के लिए यह समय शुभ रहेगा। तुला राशि: देवउठनी एकादशी का पर्व तुला राशि के जातकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आएगा। इस दौरान लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं, जिससे व्यवसाय में तेजी से मुनाफा होगा। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल होंगी और दांपत्य जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। पुराने निवेश इस समय लाभकारी साबित होंगे और अच्छा आर्थिक लाभ देंगे। स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि: देवउठनी एकादशी का यह शुभ दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। इस समय आपके हर कार्य में सफलता मिलने की संभावना है और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा, और भाग्य भी आपका साथ देगा। यदि आप किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इस समय उसमें भी राहत मिलने के संकेत हैं।

राशिफल शनिवार 9 नवंबर 2024

मेष राशि- मन प्रसन्न रहेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृषभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें तथा बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबारी कार्यों में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ में वृद्धि होगी। कर्क राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। सिंह राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी आत्मसंयत रहें। परिवार में शांति बनाए रखें। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। कन्या राशि- आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। लेखनादि बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। तुला राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। माता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। वृश्चिक राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। धनु राशि- मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कला या संगीत में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पिता का सान्निध्य मिलेगा। खर्च बढ़ेंगे। मकर राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कुंभ राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। मीन राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की मिल सकती है।

देवउठनी एकादशी: योग निद्रा से जागेंगे श्रीहरि विष्णु, जाने शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। आइए जानते हैं कि इस वर्ष नवंबर में देवउठनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है। सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे चातुर्मास का समापन होता है। इसके बाद विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य फिर से आरंभ हो जाते हैं और इस दिन से शुभ मुहूर्त भी देखे जाते हैं। देवउठनी एकादशी की तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6:40 बजे से शुरू होगी और 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, देवउठनी एकादशी का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी पूजा विधि देवउठनी एकादशी के इस पावन दिन पर भक्त ब्रह्म मुहूर्त में उठकर, सूर्योदय से पहले स्नान कर भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद घर के मंदिर की सफाई कर, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हैं। भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर हल्दी या गोपी चंदन का तिलक लगाते हैं। भगवान विष्णु को पीले फूलों की माला, मिठाई, फल और तुलसी के पत्ते अर्पित करते हैं। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का श्रद्धा से जाप करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। दिनभर व्रत का पालन करते हुए रात में भजन-कीर्तन और जागरण किया जाता है, और अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। देवउठनी एकादशी के मंत्र – वन्दे विष्णुं भव भय हरं सर्वलोकैक नाथम्। – ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्। – ॐ नमो नारायणाय। – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। – मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः मङ्गलाय तनो हरिः॥ देवउठनी एकादशी का महत्व देवउठनी एकादशी के साथ शुभ कार्यों का आरंभ हो जाता है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी होता है, जो तुलसी पूजा के महत्व को बढ़ाता है। तुलसी और शालिग्राम की पूजा करने से पितृ दोष समाप्त होता है। इस व्रत से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है, जो मानसिक शांति और समृद्धि लाने में सहायक है।

राशिफल शुक्रवार 8 नवंबर 2024

मेष राशि- आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। करियर में तरक्की करेंगे। शैक्षिक कार्यों में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। घर में मेहमानों का आगमन संभव है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। वृषभ राशि- ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। चुनौतियों से निपटने के लिए कॉन्फिडेंट रहें। सोच-समझकर धन खर्च करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आज आप घरेलू उपकरण या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीद सकते हैं। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- प्रोफेशनल लाइफ में आपके उपलब्धियों की प्रशंसा की जाएगी। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। कुछ जातक नए लोकेशन पर बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप हेल्दी और फिट रहेंगे। कर्क राशि- वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च हो सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आय के नवीन स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। कुछ लोगों का रिलेशनशिप में विवाह के बारे में चर्चा हो सकती है। सिंह राशि- पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली के साथ वेकेशन पर जाने का प्लान बना सकते हैं। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप हेल्दी और फिट रहेंगे। बकाया हुआ धन वापस मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। प्रियजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों का आनंद लेंगे। कन्या राशि- आपके स्किल और टैलेंट से सहकर्मी इंप्रेस होंगे। कुछ जातक नया घर खीरद सकते हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। आज घर में रिश्तों को मधुर बनाने के लिए किए गए प्रयास लाभकारी साबित होंगे। कुछ जातक प्रॉपर्टी खरीद या बेच सकते हैं। तुला राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। ऑफिस के कार्यों को अधूरा न छोड़े। सभी कार्यों को डेडलाइन के अंतर्गत पूरा करने की कोशिश करें। परिजनों की सलाह से आप करियर में खूब तरक्की करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। दोस्तों के साथ यात्रा के योग बनेंगे। वृश्चिक राशि- घर में सुख-शांति आएगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। रोमांटिक लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। धनु राशि- प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के सुनहरे मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। धार्मिक स्थल पर यात्राके योग बनेंगे। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। रोमांटिक लाइफ को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास करने में संकोच न करें। मकर राशि- किसी करीबी से मुलाकात संभव है। करियर में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। आपके सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़ी गुड न्यूज मिलेगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। कुंभ राशि- आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। प्रियजनों से मुलाकात संभव है। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगा। सिंगल जातकों क्रश को प्रपोज कर सकते हैं। आपको पॉजिटिव रिस्पान्स मिल सकता है। आज आपको फैमिली या लाइफ पार्टनर की ओर से सरप्राइज मिल सकता है। मीन राशि- सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। अपने टैलेंट और स्किल से आमदनी के नए स्त्रोतों की तलाश करेंगे। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों को पार करने में सफल होंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथी से अपनी फीलिंग्स को खुलकर व्यक्त करें।

राशिफल गुरुवार 7 नवंबर 2024

मेष राशि- आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। करियर में तरक्की करेंगे। शैक्षिक कार्यों में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। घर में मेहमानों का आगमन संभव है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। वृषभ राशि- ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। चुनौतियों से निपटने के लिए कॉन्फिडेंट रहें। सोच-समझकर धन खर्च करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आज आप घरेलू उपकरण या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीद सकते हैं। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि- प्रोफेशनल लाइफ में आपके उपलब्धियों की प्रशंसा की जाएगी। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। निवेश से जुड़े फैसले होशियारी से लें। कुछ जातक नए लोकेशन पर बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप हेल्दी और फिट रहेंगे। कर्क राशि- वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च हो सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आय के नवीन स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। कुछ लोगों का रिलेशनशिप में विवाह के बारे में चर्चा हो सकती है। सिंह राशि- पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली के साथ वेकेशन पर जाने का प्लान बना सकते हैं। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप हेल्दी और फिट रहेंगे। बकाया हुआ धन वापस मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। प्रियजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों का आनंद लेंगे। कन्या राशि- आपके स्किल और टैलेंट से सहकर्मी इंप्रेस होंगे। कुछ जातक नया घर खीरद सकते हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। आज घर में रिश्तों को मधुर बनाने के लिए किए गए प्रयास लाभकारी साबित होंगे। कुछ जातक प्रॉपर्टी खरीद या बेच सकते हैं। तुला राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। ऑफिस के कार्यों को अधूरा न छोड़े। सभी कार्यों को डेडलाइन के अंतर्गत पूरा करने की कोशिश करें। परिजनों की सलाह से आप करियर में खूब तरक्की करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। दोस्तों के साथ यात्रा के योग बनेंगे। वृश्चिक राशि- घर में सुख-शांति आएगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। रोमांटिक लाइफ में नए सरप्राइज मिलेंगे। धनु राशि- प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के सुनहरे मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। धार्मिक स्थल पर यात्राके योग बनेंगे। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। रोमांटिक लाइफ को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास करने में संकोच न करें। मकर राशि- किसी करीबी से मुलाकात संभव है। करियर में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। आपके सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़ी गुड न्यूज मिलेगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। कुंभ राशि- आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। प्रियजनों से मुलाकात संभव है। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगा। सिंगल जातकों क्रश को प्रपोज कर सकते हैं। आपको पॉजिटिव रिस्पान्स मिल सकता है। आज आपको फैमिली या लाइफ पार्टनर की ओर से सरप्राइज मिल सकता है। मीन राशि- सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। अपने टैलेंट और स्किल से आमदनी के नए स्त्रोतों की तलाश करेंगे। प्रोफेशनल लाइफ की चुनौतियों को पार करने में सफल होंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथी से अपनी फीलिंग्स को खुलकर व्यक्त करें।

छठ पूजा का प्रसाद मांग कर खाने की परंपरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

छठ पूजा में प्रसाद में ठेकुआ, चावल के लड्डू, फल और कई प्रकार की पूजा सामग्री शामिल होती है, जिन्हें विशेष रूप से व्रती द्वारा तैयार किया जाता है। यह प्रसाद पूरी पवित्रता और सावधानी के साथ बनाया जाता है, और इसमें शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि छठी मैया का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। प्रसाद मांग कर खाने का प्रचलन इस पूजा से जुड़ी विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक है। माना जाता है कि व्रती अपनी आस्था और त्याग से प्रसाद तैयार करते हैं और उसे देवी छठी मैया को अर्पित करते हैं। छठी मैया की कृपा पाने के लिए लोग इस प्रसाद को पवित्र मानते हैं और इसलिए इसे स्वयं बनाने के बजाय व्रती से मांग कर ग्रहण करते हैं। यह मान्यता है कि मांग कर खाने से प्रसाद का पवित्र प्रभाव और बढ़ जाता है, क्योंकि इसे व्रती की अनुमति और आशीर्वाद के साथ ग्रहण किया जाता है। इसके अतिरिक्त, मांग कर प्रसाद खाने का महत्व यह भी है कि इससे एकता और सामाजिक समरसता की भावना को बल मिलता है। व्रतियों के परिवार और पड़ोसी भी इस प्रसाद को लेकर गर्व और सम्मान की भावना से इसे ग्रहण करते हैं। प्रसाद मांग कर खाने से एक विनम्रता का भाव भी उत्पन्न होता है, क्योंकि यह समाज में इस बात की शिक्षा देता है कि समर्पण और श्रद्धा से किसी चीज को प्राप्त करना अधिक मूल्यवान है। इस प्रकार छठ का प्रसाद मांग कर खाने की परंपरा इस पूजा में समर्पण, एकता और आशीर्वाद प्राप्ति का प्रतीक है, जो इस महापर्व की महत्ता को और भी बढ़ा देता है।

छठ पूजा की शुरुआत 7 नवंबर 2024 से, भूल कर भी ना करें ये चीजें

छठ पूजा की शुरुआत इस साल 7 नवंबर 2024 से हो रही है. ये बिहार और झारखंड का सबसे बड़ा पर्व  है जो पूरे देश में बेहद धूम धाम के साथ मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में इसका विशेष महत्व है. यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होता है और सप्तमी तिथि तक चलता है. चार दिनों तक चलने वाला ये पर्व सभी के लिए बहुत खास और एहम  होता है. इसकी शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है. छठ पूजा में सूर्य देव के साथ उनकी बहन छठ मैया की भी पूजा की जाती है. छठ पूजा को लेकर कई मान्यताए है जो इस के व्रत को और भी खास बनाती है. छठ पूजा पर रखे जाने वाला व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. यह व्रत संतान के लिए रखा जाता है उनकी लंबी उम्र ,अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि  के लिया 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते है. यह व्रत महिलायें रखती है और इसके कुछ कड़े नियम भी है जिनका पालन भी करना पड़ता है. इन बातों का रखें ध्यान व्रती महिलाएं सूर्य  देव को अर्घ्य दिए बिना कुछ भी ना खाएं. पहले और दूसरे दिन सूर्य को जल देने के बाद ही भोजन करें और व्रत रखने वाली महिलाएं जमीन पर ही सोएं. पूजा में किसी भी तरह का चांदी, स्टील और प्लास्टिक के बर्तनो का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इस पूजा में केवल मिट्टी के चूल्हे और बर्तनो का ही इस्तेमाल करें. पूजा के प्रसाद को गलती से भी बनाते हुए जूठा ना करें और प्रसाद बनाने से पहले कुछ भी न खाए. पूजा में साफ-सफाई का खास ख्याल रखें. 36 घंटो के व्रत और पूजा करने के दौरान साफ कपड़े पहने और इस बात पर ध्यान रखें की पूजा की चीज़ो को साफ हाथ से ही छुएं. छठ पूजा के दौरान बिकुल भी मांसाहारी भोजन, लहसुन और प्याज़ का सेवन ना करें. प्रसाद बनाने की जगह पर भोजन न करें. छठ का व्रत रखने वाले अपनी वाणी पर संयम रखें किसी को भी अपशब्द न कहे अन्यथा आपको पूजा का फल नहीं मिलेगा.

राशिफल बुधवार 6 नवंबर 2024

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें। वृषभ राशि– पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। मिथुन राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। कर्क राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। सिंह राशि– आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। कन्या राशि– करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। तुला राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। धनु राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। मकर राशि- मकर राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मीन राशि : मीन राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें।

गायत्री मंत्र: हर समस्या के लिए है कारगर उपाय

अगर कोई जीवन की उन समस्याओं से बहुत परेशान है जिनका कोई हल नही निकल रहा है तो उसकी समस्याएं अब समाप्त हो जाएंगी। बस आपको अपनी दिनचर्या से थोड़ा समय निकलना होगा और रोज गायत्री मंत्र का जाप करना होगा। संस्कृत का यह मंत्र ऋगवेद से लिया गया है जो भृगु ऋषि को समर्पित है। हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से जीवन में उत्साह और सकारात्मक के कारण आपकी त्वचा में चमक आती है। आंखों में तेज आता है साथ ही आप जिस काम में असफल हो रहे है। वो काम भी जल्द से जल्द हो जाते है। ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। इसका अर्थ है उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंतःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें। शास्त्रों के अनुसार गायत्री मंत्र को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। इसके जप के लिए तीन समय बताए गए हैं। पहला समय है प्रातःकाल, सूर्योदय से थोड़ी देर पहले मंत्र जप शुरू किया जाना चाहिए। जप सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए। दूसरा समय है दोपहर का। दोपहर में भी इस मंत्र का जप किया जाता है। तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त के कुछ देर पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना चाहिए। इन तीन समय के अतिरिक्त यदि गायत्री मंत्र का जप करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से जप करना चाहिए। मंत्र जप तेज आवाज में नहीं करना चाहिए। किसके लिए यह मंत्र है लाभकारी:- विद्यार्थी: गायत्री मंत्र इनके लिए काफी फायदेमंद है। इस मंत्र का जाप कोई विद्यार्थी कम से कम 108 बार जप करें तो उसे सभी प्रकार के ज्ञान को प्राप्त करने में समस्या नही होती है। साथ ही हर विषय जल्द याद हो जाता है। अगर किसी को अपना विषय आराम से याद न हो रहा हो तो उसे इस मंत्र का जरुर जाप करना चाहिेए। दरिद्रता को भगाएं: अगर आपकों हर काम में असफलता मिल रही है। हर काम चाहें वो व्यापार को हो या फिर नौकरी में हानि हो रही हो। इसमें गायत्री मंत्र काफी फायदा मिलता है। इसके लिए शुक्रवार का दिन काफी फायदेमंद साबित होगा। इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करके हाथी में विराजित गायत्री मां का ध्यान कर इस मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से जल्द ही आपकी सभी दरिद्रता दूर हो जाएगी। संतान से संबंधित समस्या के लिए: अगर किसी दंपति को संतान की प्राप्ति में कठिनाई हो रही हो या फिर संतान को कोई कष्ट हो तो उनके लिए गायत्री मंत्र काफी लाभदायक है। इसके लिए दंपति प्रातः स्नान करके गायत्री माता की विधि-विधान से पूजा कर इस मंत्र का जाप करें। जल्द ही उनकी संतान से संबंधित समस्याओं से निजात मिल जाएगा। शत्रु से विजय: अगर आप किसी शत्रु से परेशान है। लेकिन इसका कोई निवारण नही निकल रहा हो तो। रोज या विशेषकर मंगलवार, रविवार और अमावस्या के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनकर माता दुर्गा का ध्यान करते हुए गायत्री मंत्र के आगे एवं पीछे क्लीं बीज मंत्र का तीन बार सम्पुट लगाकार एक सौ आठ बार जाप करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। साथ ही कोर्ट से संबंधित कामों और परिवार में एकता और प्यार बढ़ेगा। विवाह में हो रही देरी: यदि किसी व्यक्ति के विवाह में देरी हो रही हो तो सोमवार को प्रातः स्नान करके पीले रंग के वस्त्र पहनकर माता पार्वती का ध्यान करते हुए क्लीं बीज मंत्र का तीन बार सम्पुट लगाकार एक सौ आठ बार जाप करें। इससे आपका विवाह जल्द होगा। साथ ही सभी बाधाओं से मुक्त हो जाएगें। इसे लड़का और लड़की दोनों कर सकते है। किसी रोग से परेशान हो तो: अगर आप कई दिनों से किसी बीमारी से परेशान हो और किसी दवा से फायदा नही मिल रहा है तो किसी भी शुभ मुहूर्त में दूध, दही, घी और शहद को मिलाकर एक हजार गायत्री मंत्रों के साथ हवन करने से चेचक, आंखों के रोग एवं पेट के रोग समाप्त हो जाते हैं। इसमें समिधाएं पीपल की होना चाहिए। गायत्री मंत्रों के साथ नारियल का बुरा और घी का हवन करने से शत्रुओं का नाश हो जाता है। नारियल के बुरे मे यदि शहद का प्रयोग किया जाए तो सौभाग्य में वृद्धि होती हैं। या फिर किसी भी शुभ मुहूर्त में एक कांसे के पात्र में जल भर के रख लें और लाल रंग के आसन में बैठकर ऐं ह्रीं क्लीं का संपुट लगाकर गायत्री मंत्र का जाप करें। जाप करने के बाद जो व्यक्ति बीमार हो उसे उस पात्र का जल मिला दें। इससे गंभीर से गंभीर बीमारियों में निजात मिल जाएगी।  

छठ त्योहार पर सूर्य देवता और छठी मईया की आराधना की जाती है

नई दिल्ली  यूपी-बिहार में मनाया जाने वाला छठ पूजा एक महत्वपूर्ण त्योहार है। छठ में सूर्य देवता और छठी मईया की आराधना की जाती है। यह पूजा चार दिनों तक चलती है और इसमें श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देते हैं। आइए आज हम आपको छठ पूजा में सूर्य को अर्घ्य देने की प्रथा के पीछे की पौराणिक कहानी के बारे में बताते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार सूर्य देवता जीवन और ऊर्जा के स्रोत माने जाते हैं। उनकी आराधना से मनुष्य को स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि सूर्य देवता ने अपने तेज से संसार को प्रकाश दिया और अंधकार को मिटाया। इसलिए, सूर्य को अर्घ्य देकर श्रद्धालु अपनी इच्छाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। छठी मईया को गौरी, उषा या छठ देवी भी कहा जाता है और वह सूर्य देवता की बहन मानी जाती हैं। उनका विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण समुदायों में बहुत सम्मान है। छठ पूजा के दौरान, श्रद्धालु विशेष रूप से छठी मईया की आराधना करते हैं, जिनसे उन्हें संतान सुख और परिवार में सुख-शांति की प्राप्ति की उम्मीद होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से छठी मईया की पूजा करते हैं, उनको परिवार में कभी भी दुख और दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ता। छठी मईया के प्रति श्रद्धा और भक्ति से मनुष्य के जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। छठ पूजा का आयोजन मुख्य रूप से कार्तिक महीने में, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से लेकर सप्तमी तक किया जाता है। इस पूजा में विशेष रूप से उपवास किया जाता है। इस अवसर पर लोग नदी, तालाब या किसी जल स्रोत के किनारे जाकर पूजा करते हैं। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, इस दिन श्रद्धालु स्नान करके विशेष पकवान बनाते हैं, जिसमें चावल, चना का दाल और कद्दू की सब्जी शामिल है। दूसरे दिन, जिसे ‘खरना’ कहा जाता है, उपवास रखकर शाम को खीर का प्रसाद बनाया जाता है। इसी प्रसाद को खाने के बाद शुरू होता है निर्जला व्रत। तीसरे दिन, श्रद्धालु नदियों के किनारे जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और फिर चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ग्रहण करते हैं। बिहारी समाज के अनुसार छठ पूजा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक अमूल्य धरोहर है। बिहार के लोग छठ पूजा को सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव के रूप में मनाते हैं, जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।    

राशिफल मंगलवार 5 नवंबर 2024

मेष राशि-आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। वृषभ राशि-मन परेशान रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। परिवार का साथ रहेगा। मिथुन राशि-मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में भी संतुलन बनाए रखें। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कर्क राशि-प्रसन्नता रहेगी और आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। सिंह राशि– मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। कारोबार से लाभ में वृद्धि होगी। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। कन्या राशि-मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि होगी। खर्चों में वृद्धि होगी। तुला राशि-मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में भी वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। वृश्चिक राशि-किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। धनु राशि-मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। मकर राशि-अशांति महसूस होगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सप्ताह के प्रारंभ में संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। कुंभ राशि-आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। मीन राशि-आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी।

इन पांच लोगों को खिलाएं खाना, रहेगी स्थिर लक्ष्मी

हमारें जीवन में कई उतार चढ़ाव आते है जिससे की लोग बहुत दुखी होते है और कुछ लोग उस समस्या का निजात निकाल कर उससे निकल जाते है। इस दुनिया में बहुत कम लोग है जो अपने जीवन से खुशी है। किसी न किसी को की न कोई समस्या है। अमीर के पास धन होते हुए भी और धन की ललसा और एक गरीब के पास धन न होते हुए सिर्फ पेट की भुख मिटाने तकी ललसा। हम माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या नही करते है। तरह-तरह के उपाय अपनाते है जिससे कि माता लक्ष्मी हमारे घर से कभी न जाएं। हिंदू धर्म के शास्त्रों में कई ऐसे उपाय बताए गें है जिनका आमरण करे तो हम सफलता ही हर ऊचांई को छूते चले जाएगे। शास्त्रों में दी गई बातें हमें कभी निराश नही कर सकती है। इसी प्रकार शास्त्रों में भोजन के बारें में की बातें बताई गई है। इसके अनुसार जब भोजन करते है तो उससे पहले हमें इन लोगों के लिए भोजन जरूर निकालना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से माता लक्ष्मी हमारें घर से कभी नही जाएगा। एक उपाय तो ये है कि हम अपनी मेहनत से और स्वयं की समझदारी से इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें और दूसरा उपाय यह है कि हम धार्मिक कर्म करें। शास्त्रों में पांच लोग ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें खाना खिलाने से हमारे जीवन की सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। जानिए वह कौन पांच लोग है। जिससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। किन लोगों को खिलाना चाहिए खाना… गाय को खिलाएं रोटी हिंदू धर्म में गाय को माता समान माना जाता है। यह पुज्नीय भी है। हमारें शास्त्रों में कहा गया है कि जब भी हम खाना बनाएं उसके बाद सबसे पहले एक रोटी गाय को खिलाएं। माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति किसी गाय को रोटी या हरी घास रोज खिलाता है तो उसे जल्द ही कोई अच्छा फल मिलता है साथ ही कई गुना पुण्य भी मिलता है। साथ ही कुंडली में लगे कई दोष ही शांत हो जाते है। और घर में माता लक्ष्मी का वास हो जाता है। इसलिए एक रोटी जरुर खिलाना चाहिए। कुत्तें को खिलाएं रोटी अगर आपको अपने शत्रु का भय सता रहा हो जिसके कारण आप उससे डर कर रह रहे है। तो रोज एक रोटी कुत्ते को खिलाएं। इससे आपका शत्रु का भय खत्म हो जाएगा। और आप निडर हो कर रह सकेगे। साथ ही अगरा पकी कुंडली में शनि का दोष है तो शिवार के दिन काले रंग के कुत्तें को रोटी खिलाएं। इससे आपको जल्द फायदा मिलेगा। और शनि दोष शांत होगा। माता लक्ष्मी आपके घर हमेशा के लिए आ जाएगी। मछली को खिलाएं आटे की गोली शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि अगर आपकी पुरानी संपत्ति हाथ से निकल गई हो या फिर कोई मुल्यवान चीज खो गई हो तो रोज तालाब या नदी में जाकर मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। ऐसा करने से आपकी पुरानी संपत्ति वापस मिल जाएगी। साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी। जिसके कारण आपके घर में कभी भी धन की कमी नही होगी। साथ ही आपको अक्षय पुण्य की प्राप्त होगा। चीटियों को डालें आटा अगर आप बहुत ज्यादा परेशान है। आपको हर काम में असफलता मिल रही है जिसके कारण आप कर्ज में डूबते चले जा रहे है। जिसके कारण आप तनाव में चले जाते है। शास्त्रों में माना जाता है कि अगर आप अपने घर में निकलने वाली चीटियों को आटा या चीनी डालेगे। जो इससे आपको अधिक फायदा होगा। इससे हमें सभी कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही घर में कभी भी धन की कमी नही होगी। पक्षियों को खिलाएं अनाज शास्त्रों के अनुसार माना गया है कि अगर आपके घर में आर्थिक लाभ न हो रहा हो। हर काम में असफलता प्राप्त हो रही हो तो इस समस्या से निजात आपको पक्षी दिला सकते है। इसके लिए रोज पक्षियों को दाना डालें जिससे महालक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी। और काम में आपको सफलता प्राप्त होगी।    

राशिफल सोेमवार 4 नवंबर 2024

मेष राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परन्तु संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। भाइयों का सहयोग रहेगा। वृषभ राशि- मन परेशान रहेगा। संयत रहें। क्रोध से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। तरक्की के योग बन रहे हैं। मिथुन राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परन्तु धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। कर्क राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मन प्रसन्न रहेगा, परन्तु बातचीत में सन्तुलित रहें। नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। तरक्की भी हो सकती है। आय बढ़ेगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं। सिंह राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कारोबारन के लिए विदेश यात्रा लाभप्रद रहेगी। तरक्की का मार्ग प्रशस्त होगा। कन्या राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में सन्तुलन बनाए रखें। मित्रों का सहयोग भी मिलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। यात्रा के योग हैं। तुला राशि- संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी मित्र से वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। माता से धन की प्राप्ति होगी। वृश्चिक राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। खर्चों की अधिकता हो सकती है। धनु राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती है। परिश्रम भी अधिक रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद रहेंगे। मकर राशि- किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता के सानिध्य मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कुंभ राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। कार्यस्थल पर व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। लंबे समय से रुके हुए कार्यों के पूरा होने के योग बन रहे हैं। मीन राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेगें, परंतु उत्साही होने से बचें। संयत रहें। माता का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यभार में वृद्धि हो सकती है। आय भी बढ़ेगी। संतान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं।

राशिफल रविवार 3 नवंबर 2024

मेष राशि- भौतिक सुखों के विस्तार पर खर्च बढ़ेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान हो सकता है। शैक्षिक कार्यों मेंसफलता मिलेगी। विदेश यात्रा के योग बन रहेहैं। पिता के सहयोग से किसी पैतृक सम्पत्ति की प्राप्त हो सकती है। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। वृषभ राशि- माता से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। मन परेशान हो सकता है। क्रोध के अतिरेक से बचें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वाहन की प्राप्ति हो सकती है। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- खर्चों की अधिकता रहेगी। मन अशान्त रहेगा। धैर्यशीलता मेंकमी हो सकती है। भाई-बहनों के सहयोग से किसी सम्पत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते है। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। माता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। कर्क राशि- कार्यभार में वृद्धि हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी आएगी। कारोबार विस्तार के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। परिवार से दूर होना पड़ सकता है। कार्यों के प्रति जोश एवं उत्साह रहेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। सिंह राशि- मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आत्मसंयत रहें। परिवार में वाद-विवाद से बचने का प्रयास करें। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। सन्तान सुख में वृद्धि होगी। किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। कन्या राशि- आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। क्रोध के अतिरेक से बचें। धन की स्थिति में सुधार होगा। सन्तान सुख में वृद्धि होगी। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। तुला राशि- शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। नौकरी में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। धन की स्थिति में सुधार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वृश्चिक राशि- कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मसंयत रहें। बातचीत में सन्तुलित रहने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रूचि बढ़ सकती है। संपत्ति के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। वाणी में सौम्यता रहेगी। धनु राशि- नौकरी में इच्छाविरूद्ध कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। कुटुम्ब की किसी महिला से धन की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आत्मविश्वास मेंकमी आएगी। मकर राशि- किस मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। मन अशान्त रहेगा। परिवार की समस्याओं पर ध्यान दें। नौकरी में स्थान परिवर्तन की सम्भावना बन रहीं है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव मन में रहेंगे। कुंभ राशि- मित्रों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता के लिए प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मीन राशि- किसी मित्र के सहयोग से कारोबर के अवसर मिल सकते हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। मन परेशान हो सकता है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। परिश्रम अधिक रहेगा। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे।

राशिफल शनिवार 2 नवंबर 2024

मेष राशि (Aries Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन नयी उमंगें लेकर आया है. काफी समय से किसी बात से परेशान लोग आज उसका समाधान ढूंढ लेंगे. लोगों के विचार और आपके बारे में बोली गई बातों के कारण आप मन ही मन उलझन में रहेंगे. इस राशि के स्टूडेंट आज अपनी पढ़ाई को लेकर उत्साहित होंगे और ज्यादा समय पढ़ाई में बीतेगा, यह देखकर आपके घर को ख़ुशी होगी. आज जीवनसाथी के साथ समय बिताएंगे. परिवार में एक दूसरे को समझकर आगे बढ़ेंगे. आज आपका स्वास्थ फिट रहने वाला है. वृष राशि (Taurus Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा. कारोबार में अपनी मेहनत से आगे बढ़ेंगे. आज कोई अच्छी खबर आपको मिलेगी. आज बच्चों के साथ समय बिताएंगे उनके मन की बातों को समझेंगे. काफी समय से आपके रिश्ते की बात चल रही थी वो जल्द पक्की होगी. आज आपके तय किए काम समय से पूरे होते हुए नजर आ रहे हैं साथ ही कुछ काम वक्त से पहले पूरे करने की वजह से प्रसन्नता होगी. आज बाहर के खाने को जहां तक हो सके अवॉयड करें. दोस्तों के साथ आज मूवी देखने का प्लान कर सकते हैं. बुजुर्गों को अपनी सेहत में बदलाव नजर आएंगे आज आपको बेहतर महसूस होगा. मिथुन राशि (Gemini Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन शानदार रहने वाला है. आज व्यक्तिगत जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वाहन करेंगे. इस राशि के राजनीतिज्ञों को लोगों का समर्थन मिलेगा. लोग आपके कार्यों की तारीफ करेंगे. पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आयेगी. आपके दांपत्य जीवन में सुख सौहार्द की वृद्धि होगी. कारोबार में आज सेल में बढ़ोतरी होगी जिससे अच्छी खासी इनकम होगी. आज आपका स्वास्थ्य चुस्त-दुरुस्त रहेगा. मानसिक रूप से फिट रहेंगे. लवमेट अपनी गलतियों को समझकर रिश्ते को एक मौका देंगे. कर्क राशि (Cancer Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन ख़ुशी से भरा रहेगा. आपके कामों की गति धीमी रहेगी, लेकिन मित्रों के साथ आपके रिश्ते बेहतर रहेंगे. इसके साथ ही आप परिवार में सबको खुश रखने की कोशिश में लगे रहेंगे आपको अच्छा लगेगा. आज आपके अंदर त्याग और सहयोग की भावना रहेगी. आज बेटी के परीक्षा के अच्छे रिजल्ट से पारिवारिक माहौल खुशनुमा बनेगा. आज आपकी उलझने कम होंगी. आज आपको किसी रिश्तेदार को दिए धन की प्राप्ति होगी. साथ ही अधूरी कार्य योजनाओं को पूरा करेंगे. आज बड़ों का आशीर्वाद आपको मिलेगा. जीवन की नकारात्मकता दूर होगी. सिंह राशि (Leo Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन खुशहाल रहने वाला है. इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबारियों को लाभ के योग बन रहे हैं. वैवाहिक जीवन में अपनापन बढ़ेगा. आज शाम का डिनर बाहर करेंगे. बच्चों के साथ आपसी लगाव बढ़ेगा. शिक्षकों के ट्रांसफर की परेशानियां खत्म होंगी. आप जहाँ चाहते हैं ट्रान्सफर वहीँ होगा. आर्थिक स्थिति में मजबूती आयेगी. आज व्यापार में सफलता के अनेक अवसर मिलेंगे. इस राशि के लवमेट की गलतफहमियां ख़त्म होंगी. स्वास्थ के लिहाज से आज का दिन बढ़िया रहेगा. कन्या राशि (Virgo Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन अच्छा रहेगा. आज आपकी वाणी में कठोरता आ सकती है दूसरों के प्रति स्नेह भाव बनाएं रखें. पेट की समस्या से परेशान लोगों को ऑयली खाने से बचना चाहिए. आज संतान पक्ष से सुखद अनुभूति होगी. आज आपको आय के नवीन स्रोत मिलेंगे. दांपत्य जीवन के लिए थोड़ा समय निकालेंगे जिससे रिश्ते में अपनापन बढ़ेगा. आज बड़ों की सलाह मिलेगी साथ ही आपका अच्छा संपर्क जुड़ेगा. हर कदम पर दोस्तों का सहयोग मिलेगा. तुला राशि (Libra Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है. आज आपको किसी महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल होने का मौका मिलेगा, जिसमें आपकी सहभागिता अच्छी खासी रहेगी. कोई प्रिय मित्र आपसे किसी विशेष विषय को लेकर बातचीत कर सकता है. आज कोई काम आपको सोंच विचार कर करना चाहिए. आपकी आय के मुकाबले खर्चों में अधिकता रहेगी. दांपत्य जीवन में संतोष की वृद्धि होगी. यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो यात्रा सफल रहेगी. इस राशि के विद्यार्थी आज अपनी पढ़ाई में लापरवाही न करें. वाहन लेने का विचार कर रहे लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है. वृश्चिक राशि (Scorpio Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा. आज दोस्त आपका मनोबल बढ़ाएंगे. आज आपके स्वास्थ में बेहतरी बनी रहेगी. आज सोंची हुई कार्य योजनाओं को पूर्ण करने में सफलता मिलेगी. जमीन जायदाद से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे. आज परिवार का कोई संपत्ति संबंधित समस्या सुलझ सकता है, जिसमें आपको वरिष्ठ सदस्यों की मदद भी मिलेगी. भाई व बहनों का सहयोग आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा और मां की किसी इच्छा की पूरी होने से आप खुश रहेंगे. किसी बड़ी कंपनी के साथ आपकी डील फिक्स होने की सम्भावना है. अपने दांपत्य जीवन में आपको सुख की अनुभूति होगी. धनु राशि (Sagittarius Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन सुख शांति से भरा रहेगा. पुत्र पक्ष से सहयोग मिलेगा. आपसी रिश्ते में मिठास बढ़ेगी. इस राशि के लोगों का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जायेगा. राजनीति से जुड़े लोगों का समाज में प्रभाव बढ़ेगा. लोग आपके कार्य से खुश होंगे. आज आपको प्रमोशन से जुडी खबर मिल सकती है. ऑफिस में अपना रिकॉर्ड अच्छा बनाये रखें. दांपत्य जीवन में चल रही अनबन आज समाप्त होगी. जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर बनेगा. इस राशि के प्रॉपर्टी डीलर्स की अटकी कोई डील फाइनल होगी. मकर राशि (Capricorn Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन शानदार रहने वाला है. आज जिस भी क्षेत्र में आप मेहनत करेंगे उसमे उन्नति हासिल करेंगे. आज आपकी सभी परेशानियों का अंत होगा. सफलता की नयी किरण दिखाई देगी. आर्थिक क्षेत्र में विकास के योग बन रहे हैं. काफी समय से वाहन लेने का मन बना रहे हैं तो आज वाहन लेने में समय आपका साथ देगा. पढ़ाई में दोस्तों की सहायता मिलेगी. उनसे घनिष्टता बढ़ेगी. आज आपका स्वास्थ बेहतर बना रहेगा. महिलायें आज अपने कार्यों को समय रहते पूरा कर लेंगी. कुंभ राशि (Aquarius Aaj Ka Rashifal)- आज आपका दिन उत्तम रहेगा. आज आपके सोचे हुए कार्य एक-एक करके पूरे होते जायेंगे, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा. आज आपके कारोबार में सुखद बदलाव आयेगा, आय में बढ़ोतरी होगी. इस राशि के प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों को समझदारी से तैयारी करनी चाहिए. लवमेट की काफी समय बाद कॉल पर बात होगी. माता … Read more

प्रार्थना की शक्ति

मनुष्य कितना दीन, हीन अल्प शक्ति वाला, कमजोर प्राणी है, यह प्रतिदिन के उसके जीवन से पता चलता है। उसे पग-पग पर परिस्थितियों के आश्रित होना पड़ता है। कितने ही समय तो ऐसे आते हैं, जब औरों से सहयोग न मिले तो उसकी मृत्यु तक हो सकती है। इस तरह विचार करने से तो मनुष्य की लघुता का ही आभास होता है, किन्तु मनुष्य के पास एक ऐसी भी शक्ति है, जिसके सहारे वह लोक-परलोक की अनंत सिध्दियों तथा सामर्थ्यों का स्वामी बनता है। अविचल श्रध्दा यह है प्रार्थना की शक्ति, परमात्मा के प्रति अविचल श्रध्दा और अटूट विश्वास की शक्ति। मनुष्य प्रार्थना से अपने को बदलता है, शक्ति प्राप्त करता है और अपने भाग्य में परिवर्तन कर लेता है। विश्वासपूर्वक की गयी प्रार्थना पर परमात्मा दौड़े चले आते हैं। सचमुच प्रार्थना में बड़ा बल है, अलौकिक शक्ति और अनंत सामर्थ्य है। प्रार्थना विश्वास की प्रतिध्वनि है। रथ के पहियों में जितना अधिक भार होता है, उतना ही गहरा निशान वे धरती में बना देते हैं। प्रार्थना की रेखाएं लक्ष्य तक दौड़ी जाती हैं और मनोवांछित सफलता खींच लाती है। विश्वास जितना उत्कट होगा परिणाम भी उतने ही प्रभावशाली होंगे। प्रार्थना आत्मा की आध्यात्मिक भूख है। शरीर की भूख अन्न से मिटती है, इससे शरीर को शक्ति मिलती है। उसी तरह आत्मा की आकुलता को मिटाने और उसमें बल भरने की सत साधना परमात्मा की ध्यान आराधना ही है। इससे अपनी आत्मा में परमात्मा का सूक्ष्म दिव्यत्व झलकने लगता है और अपूर्व शक्ति का सदुपयोग आत्मबल संपन्न व्यक्ति कर सकते हैं। निष्ठापूर्वक की गई प्रार्थना कभी असफल नहीं हो सकती। आत्मा शुध्दि का आठान भी प्रार्थना ही है। इससे मनुष्य के अंतःकरण में देवत्व का विकास होता है, विनम्रता आती है और सदुगुणों के प्रकाश में व्याकुल आत्मा का भय दूर होकर साहस बढ़ने लगता है। ऐसा महसूस होता है, जैसे कोई असाधारण शक्ति सदैव हमारे साथ रहती है। हम जब उससे अपनी रक्षा का याचना, दुःखों से परित्राण और अभावों की पूर्ति के लिये अपनी विनय प्रकट करते हैं तो सद्य प्रभाव दिखलाई देता है और आत्म संतोष का भाव पैदा होता है। असंतोष और दुःख का भाव जीव को तब तक परेशान करता है, जब तक वह क्षुद्र और संकीर्णता से ग्रस्त रहता है। मतभेदों की नीति ही संपूर्ण अनर्थों की जड़ है। प्रार्थना इन परेशानियों से बचने की रामबाण औषधि है। भगवान की प्रार्थना से सारे भेदों को भूल जाने का अभ्यास हो जाता है। सृष्टि के सारे जीवों के प्रति जब ममता आती है तो इससे पाप की भावना का लोप होता है। जब अपनी असमर्थता समझ लेते हैं और अपने जीवन के अधिकार परमात्मा को सौंप देते हैं तो यही समर्पण का भाव प्रार्थना बन जाता है। दर्पणों का चिंतन और परमात्मा के उपकारों को स्मरण रखना ही मनुष्य की सच्ची प्रार्थना है। महात्मा गांधी कहा करते थे-मैं कोई काम बिना प्रार्थना के नहीं करता। मेरी आत्म के लिये प्रार्थना उतनी ही अनिवार्य है, जितना शरीर के लिये भोजन। मनुष्य जीवन में अच्छे बुरे दोनों तरह की वृत्तियां रहती हैं, आत्मा के गहन अंतराल में तो सत्-तत्व पाया जाता है। इस शुभ, शिव और परमतत्व से एकाकार प्रार्थना से होता है, जिससे आसुरी वृत्तियों का लोप और दैवीय गुणों का प्रादुर्भाव होता है। प्रार्थना से ही अंतरात्मा में प्रवेश मिलता है और बुध्दि की सूक्ष्म ग्रहणशीलता उपजती है। इस परिवर्तनशील जगत के सारे रहस्य खुलने लगते हैं। मोह की दुरभि संधि मिटकर सत्य प्रकाशित होने लगता है। ईश्वरत्व का समन्वय प्रार्थना प्रयत्न और ईश्वरतत्व का सुंदर समन्वय है। मानवीय प्रयत्न अपने आप में अधूरे हैं क्योंकि पुरुषार्थ के साथ संयोग भी अपेक्षित है। यदि संयोग सिध्दि न हुई तो कामनाएं अपूर्ण ही रहती हैं। इसी तरह संयोग मिले और प्रयत्न न करें तो भी काम नहीं चलता। प्रार्थना से इन दोनों में मेल पैदा होता है। सुखी और समुन्नत जीवन का यही आधार है कि हम क्रियाशील भी रहें और दैवीय विधान से सुसंबध्द रहने का भी प्रयास करें। धन की आकांक्षा के लिये तो व्यवसाय और उद्यम करना होता है साथ ही उसके लिए अनुकूल परिस्थितियां भी चाहिए ही। जगह का मिलना, पूंजी लगाना, स्वामिभक्त और ईमानदार नौकर, कारोबार की सफलता के लिये चाहिये ही। यह सारी बातें संयोग पर अवलंबित हैं। प्रयत्न और संयोग का जहां मिलाप हुआ वहीं सुख होगा, वहीं सफलता भी होगी। यह अनिवार्य नहीं कि प्रार्थना पूर्णतया निष्काम हो। सकाम प्रार्थनाओं का भी विधान है किन्तु सांसारिक कामनाओं के लिये की गयी प्रार्थना में वह तल्लीनता नहीं आ पाती जो परमात्मा तक अपना संदेश ले जा सके। ऐसी प्रार्थनाएं भोग के निविड़ में भटककर रह जाती है। परिणामतः समय का अपव्यय और शक्ति का दुरुपयोग ही होता है। परोपकार, आत्मकल्याण और जीवन लक्ष्य की प्राप्ति के लिये ही प्रार्थना का सदुपयोग होना चाहिये। ऐसी प्रार्थंनाओं में सजीवता होती है, चुंबकत्व होता है और परमात्मा को प्राप्त करने की प्रबल आकुलता होती है, ये कभी निष्फल नहीं जाती। सद्उद्देश्यों के लिए की गई हृदय, आत्मा की पुकार अनसुनी नहीं जाती। परमात्मा उसे जरूर पूरा करते हैं। अभी तक जो शक्तियां मिलीं और जो मानव जीवन का सौभाग्य प्राप्त होता है, इसमें भी पूर्व भावनाओं की सौम्यता ही प्रतीत होती है। हमने उनका आश्रय छोड़ दिया होता तो अन्य जीवधारियों के समान हम भी कहीं भटक रहे होते किन्तु यह अभूतपूर्व संयोग मिलना निश्चय ही उनकी कृपा का फल है। प्राप्त परिस्थितियों का सदुपयोग तब है जब इन साधनों का उपयोग आत्मविकास में कर सकें। इसके लिये हमारा संपूर्ण जीवन एक प्रार्थना हो। हम अनन्य भाव से अपने आपको उस परमात्मा के प्रति समर्पित किए रहें और उनकी दुनिया को सुंदर और सरस बनाने के लिये अपने कर्तव्यों का यथा रीति पालन करते रहें। हृदयहीन मुखर प्रार्थना नहीं चाहिए, जिसमें केवल स्वर का महत्व प्रकट होता है और प्रर्थना नहीं, वह तो विडंबना हुई, प्रार्थना वह होती है जो हृदय से निकल कर सारे आकाश को प्रभावित करती है और परमात्मा के हृदय में भी उथल-पुथल मचा कर रख देती है। हे ईश्वर, हे परमपिता परमेश्वर! सृष्टि के कण-कण में आपका स्पंदन है। ये सृष्टि आपसे ही है। पालक पोषक सब कुछ आप ही हैं। हमें अपनी शरण में ले … Read more

भाई-बहन के प्यार के प्रतीक दूज का पर्व, जाने तिलक करने का सही नियम

रक्षाबंधन के अलावा भाई दूज के पर्व को भी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। जिस प्रकार रक्षाबंधन के दिन बहनें अपनी भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। ठीक उसी तरह भाई दूज के दिन भी भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वजन उन्हें देते हैं। हालांकि इस दिन राखी नहीं बांधी जाती है, बल्कि बहनें अपने भाइयों का केवन तिलक करती हैं। प्यार के रूप में भाई अपनी बहनों को तोहफा देते हैं। इस बार भाई दूज की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। चलिए जानते हैं साल 2024 में 2 नवंबर या 3 नवंबर, किस दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ आपको तिलक करने के शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में भी पता चलेगा। 2024 में भाई दूज कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इस साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का आरंभ 02 नवंबर को रात 08:21 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 03 नवंबर को देर रात 10 बजकर 05 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर भाई दूज का त्योहार 3 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। 03 नवंबर 2024 को तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 01 बजकर 10 मिनट से लेकर 03 बजकर 22 मिनट तक है। इस अवधि के दौरान बहनें अपने भाई का तिलक कर सकती हैं। भाई दूज पर तिलक करने का तरीका     बहनें भाई दूज के दिन सुबह ही तिलक की थाली तैयार करें।     थाली में फल, फल, कुमकुम, मिठाई, चावल और चंदन जरूर रखें।     शुभ मुहूर्त में ही बहनें अपनी अनामिका यानी छोटी उंगली से भाई के माथे पर कुमकुम या चंदन से तिलक करें।     इसके बाद तिलक के ऊपर चावल लगाएं।     तिलक करने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं।     अंत में बहनें भाई की आरती उतारें।     इसके बाद भाई अपनी बहनों को गिफ्ट दें और उनका आशीर्वाद लें।  

अलग-अलग धर्मों के लोग कैसे आए साथ, अमेरिका का मंदिर जहां पूजा करने से नहीं झिझकते लोग

धर्म को लेकर भेदभाव आजकल आम बात है। अलग-अलग धर्म के लोग ही नहीं, एक धर्म के विभिन्न पंथों में भी अक्सर तकरार हो जाती है। ऐसे में आपको यह जानकर अचंभा होगा कि अमेरिका में ऐसे मंदिर हैं, जहां एक ही धर्म के अलग-अलग पंथों और कहीं-कहीं हिंदू व जैन संप्रदायों के लोग एक ही मंदिर में पूजा करने से नहीं झिझकते। बॉस्टन (Boston) से करीब 20 मील दूर, नॉर्वुड (Norwood) नाम के शहर में ऐसा ही एक मंदिर है। गिरजाघरों की खाली बेंचें ईसाई धर्म के लूथरन संप्रदाय की चर्च 1893 में स्थापित की गई थी। लेकिन अमेरिका और तमाम पश्चिमी देशों में लोग धर्म से विमुख हो रहे हैं। जो लगातार चर्च जाने वाले लोग थे वे या तो दूसरे धर्मों में दिलचस्पी ले रहे हैं, या योगासन में, और अन्य आध्यात्मिक विकल्पों में नए धर्म खोज रहे हैं। कुछ सर्वे में पाया गया कि करीब 30% अमेरिकी नागरिक संस्थागत धर्म से दूर हो रहे हैं। पादरियों के अनुसार, गिरजाघरों की बेंचें खाली होती जा रही हैं। चर्च का बदलता रूप ऐसे में कई सारे गिरजाघर अपना रूप बदलते जा रहे हैं। कई सारी ऐसी चर्च हैं जो डिवेलपर्स को बेची जा चुकी हैं और उनकी जगह म्यूजियम, आर्ट गैलरी और अपार्टमेंट्स ने ले ली है। हालांकि, कुछ मामलों में चर्च की जगह मंदिर, मस्जिद और बौद्ध मठ स्थापित हो गए हैं। न्यू यॉर्क के नज़दीक बफैलो (Buffalo) शहर में बैतूल ममूर जामी मस्जिद और मस्जिद जकरिया दो गिरजाघरों के स्थान पर बनी हैं। एक चर्च का नाम था सेंट जोचिम्स रोमन कैथलिक चर्च (St. Joachim’s Roman Catholic Church) और दूसरी, होली मदर ऑफ द रोजरी पोलिश नैशनल कैथलिक कैथीड्रल (Holy Mother of the Rosary Polish National Cathedral)। डेमोग्राफी में बदलाव आज के अमेरिका में ये धर्मस्थान यहां के बदलते डेमोग्राफिक को जाहिर करते हैं। सर्वे दिखाते हैं कि 1990 में करीब 90% अमेरिकी ईसाई धर्म को मानते थे, लेकिन 2007 के बाद यह संख्या घटकर 63% हो गई। आज अलग-अलग धर्मों और देशों के लोग अमेरिका में बस रहे हैं। बफैलो जैसे शहर के नए नागरिक अधिकतर दक्षिण एशिया, वियतनाम, इराक और मध्य अफ्रीका से हैं। मिलकर करते हैं देखभाल ऐसा नहीं कि अलग-अलग धर्मों के लोगों में आपसी मेलजोल न हो। Purdue University की आशिमा कृष्णा ने अपनी रिसर्च में पाया कि ईसाई, यहूदी, मुसलमान और अन्य धर्मों के लोग कुछ धर्मस्थानों की साथ मिलकर सफ़ाई व देखभाल भी करते हैं। काफी जगहों पर तो गिरजाघरों की वास्तुकला को भी बरकरार रखा गया है, सिर्फ क्रॉस और बाकी ईसाई धर्म के चिह्न हटा दिए गए हैं। हिंदू-जैन सद‌्भाव ऐसा ही समन्वय हिंदू और जैन मंदिरों में भी देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, लास वेगस में एक मंदिर में हिंदू और जैन, दोनों एक ही मंदिर में पूजा करते हैं। हिंदू धर्म मानने वालों के लिए वहां दुर्गा, राम-सीता-हनुमान, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, एवं बालाजी की प्रतिमाएं हैं और जैन श्रद्धालुओं के लिए भगवान आदिनाथ, पार्श्वनाथ, महावीर की प्रतिमाएं। इस मंदिर में अगर गणेश विसर्जन का आयोजन होता है, तो जैन धर्म के नियमों के अनुसार दसलक्षण पर्व का भी। पहला जैन मंदिर नॉर्वुड के जैन मंदिर में भी कुछ ऐसा ही माहौल है। जब 1981 में इसकी स्थापना हुई थी, यह पूरे अमेरिका में पहला जैन मंदिर था। उस वक्त बॉस्टन में रह रहे कुछ प्रवासी जैनियों ने 32,000 डॉलर इकट्ठा करके जमीन ख़रीदी थी। भगवान पार्श्वनाथ के मूर्तिपूजन से इस मंदिर की स्थापना की गई थी। आज मंदिर में भगवान आदिनाथ, पार्श्वनाथ और महावीर की प्रतिमाएं दोनों पंथों – श्वेतांबर और दिगंबर – की पद्धति को दर्शाती हुई विराजमान हैं। दीवारों पर जैन धर्म के दर्शन के बारे में जानकारी है और मार्बल से बनी वेदियों पर तीर्थंकरों की प्रतिमाएं हैं। यहां दिगंबर पद्धति से देवशास्त्र पूजा होती है और श्वेतांबर स्नात्र पूजा भी होती है, जिसमें भगवान महावीर का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

Govardhan Puja 2024: गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में दर्शन

दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन को कुछ जगहों पर अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा में गोवर्धन यानी की गायों के गोबर या गोधन की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में गायों को पूजनीय माना गया है। इस साल गोवर्धन पूजा 2 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिन महिलाएं गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाती हैं। गोवर्धन का त्योहार श्री कृष्ण से जुड़ा है और इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं और ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से उनकी मनोकामना पूरी होती है। ये भी माना जाता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से चार धाम यात्रा करने जितना पुण्य प्राप्त होता है। अगर आप भी इस गोवर्धन पूजा के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने की योजना बना रहे हैं तो मथुरा वृंदावन की सैर करें। आइए जानते हैं इस गोवर्धन पूजा पर कैसे मथुरा-वृंदावन की बजट यात्रा कर सकते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा वृंदावन के दर्शन श्रीकृष्ण की नगरी की यात्रा की शुरुआत मथुरा से करें। दिल्ली से मथुरा की दूरी लगभग 162 किमी है। सफर तय करने में 3 घंटे का समय लग सकता है। देर रात या भोर के वक्त निकलेंगे तो सुबह की आरती के वक्त मथुरा पहुंच जाएंगे। मथुरा दर्शन के बाद वृंदावन और गोकुल बरसाना की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा यमुना घाट पर स्नान के लिए जा सकते हैं। मथुरा वृंदावन में घूमने की जगह मथुरा में आप श्री कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। वृंदावन में श्री राधारमण, श्री राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर ,रंगनाथ जी का मंदिर, प्रेम मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, अक्षय पात्र, वैष्णो देवी मंदिर के भी दर्शन करें। निधिवन ,श्री रामबाग मंदिर, गोपीनाथ, गोकुलेश, श्री कृष्ण बलराम मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां आप गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा जरूर करें और गोवर्धन पर्वत की पूजा करें और यहां  दानघाटी मंदिर के दर्शन जरूर करें। मथुरा वृंदावन का बजट ट्रिप मथुरा वृंदावन की यात्रा के लिए दिल्ली से बस का किराया लगभग 300 रुपये हो सकता है। इसके अलावा अगर आप निजी टैक्सी बुक करते हैं तो 3000 से 5000 रुपये में यात्रा पर जा सकते हैं। यहां रहने के लिए 1000-1200 तक होटल में कमरा मिल जाएगा। स्थानीय जगहों की सैर के लिए ऑटो रिक्शा बुक करें।  से प्रतिदिन लगभग 400-500 रुपए में कई मंदिरों की सैर का मौका मिल जाएगा। टैक्सी से सफर का मजा ले रहे हैं तो यहां लगभग 1500-1800 रुपए में पूरा शहर घूम सकते हैं। वहीं अगर आप टूर पैकेज ले रहे हैं तो आपको लगभग 7000 रुपए / व्यक्ति(2 रात 3 दिन ) का मिल सकता है।

दिवाली के दूसरे दिन मानाने वाला पर्व भाई दूज, जानें तारीख और महत्व

भाई दूज का पर्व हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन बहने अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को रखती है। इस बार 2 या 3 नवंबर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि किस दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। यहां जानें भाई दूज की तारीख और धार्मिक महत्व। भाई दूज 2024 तिथि : भाई दूज का पर्व बहन और भाई के प्रति विश्वास और प्रेम का पर्व है। भाई दूज के साथ ही पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का भी समापन हो जाता है। भाई दूज के पर्व हर साल की कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन रखा जाता है। देशभर में भाई दूज के पर्व को अलग अलग नामों से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के रिश्तों को मजबूत करता है। आइए जानते हैं इस बार भाई दूज कब मनाई जाएगी। कब है भाई दूज 2024 ? कार्तिक मास द्वितीया तिथि का आरंभ 2 नवंबर को रात में 8 बजकर 22 मिनट पर हो जाएगा और कार्तिक द्वितीया तिथि 3 नवंबर को रात में 10 बजकर 6 मिनट तर रहेगी। उदया तिथि में द्वितीया तिथि 3 नवंबर को होने के कारण भाई दूज का पर्व 3 तारीख को मनाया जाएगा। दरअसल, 3 तारीख को सुबह में 11 बजकर 39 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा। इसके बाद शोभन योग लग जाएगा। इसलिए भाई दूज के दिन पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। भाई दूज का महत्व भाई दूज का पर्व हिंदुओं में प्रमुख और प्रसिद्ध त्यौहार है। भाई दूज भाई बहन के बीच मान सम्मान और प्रेम प्रकट करने का शानदार अवसर है। भाई दूज का धार्मिक महत्व भी है। भाई दूज का धार्मिक महत्व भी है। शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि पर यम अपनी बहन के घर गए थे। वहां अपनी बहन द्वारा किए गए आदर सत्कार से प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई बहन इस दिन यमुना में स्नान करके यम पूजा करेंगे। उसे मृत्यु के बाद यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। भाई दूज को लेकर एक अन्य मान्यता यह भी है कि एक बाद भगवान कृष्ण जब नरकासुर राक्षस का वध करके द्वारका नगरी लौटे थे। इस अवसर पर भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा ने फूल, मिठाई और अनेकों दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। देवी सुभद्रा ने भगवान कृष्ण के मस्तक पर टीका लगाकर उनकी लंबी आयु की कामना की थी। तभी से भाई दूज का पर्व मनाया जाने लगा।

मध्य प्रदेश के शाजापुर में राम मंदिर में नमाज पढ़ने पर विवाद: पुलिस ने तीनों भाइयों पर दर्ज की FIR

Madhya Pradesh: Controversy over offering Namaz in Ram temple of Shajapur, FIR registered against three brothers मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के गांव किलोदा स्थित राम मंदिर के अंदर नमाज पढ़ने की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मंदिर के पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने तीन भाइयों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान अकबर खान, रुस्तम खान और बाबू खान के रूप में हुई है, जो एक ही परिवार से हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि जब वह पूजा की तैयारियों में लगे हुए थे, तब तीन लोग मंदिर परिसर में जबरन प्रवेश कर गए। उन्होंने मंदिर में रखे मटके का पानी लिया और हाथ-पैर धोकर परिसर में घुस गए। पुजारी और ग्रामीणों द्वारा मना करने पर भी इन लोगों ने प्रांगण में नमाज अता की, जिससे वहां उपस्थित लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस का बयानसरसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि पुजारी की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच के बाद तीनों भाइयों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की तलाश जारी है और इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मंदिर प्रांगण में लोगों की प्रतिक्रियाघटना के बाद से मंदिर के आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है। ग्रामीण इस घटना से नाराज हैं और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक शांति का मुद्दाइस घटना ने धार्मिक सहिष्णुता और आपसी सद्भाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभी धर्मों के लोगों से अपील की गई है कि वे आपसी सद्भाव बनाए रखें और इस प्रकार की घटनाओं से बचे ताकि समाज में शांति बनी रहे।

स्वर्ग नहीं, मोक्ष हो काम्य

जब भी किसी पुण्यात्मा की मृत्यु होती है तो हमारे मुख से निकलता है कि इसको जरूर स्वर्ग की प्राप्ति हुई होगी। इस विषय में महर्षि व्यास द्वारा बोले और प्रथम पूज्य गणेश जी द्वारा लिखी गई महाभारत में इसका विस्तार से वर्णन है। कुरूक्षेत्र में रहने वाले मुद्गल ऋषि की दुर्वासा मुनि द्वारा जब परीक्षा ली गई और मुद्गल ऋषि परीक्षा में खरे उतरे तो एक देवदूत उन्हें स्वर्ग ले जाने के लिए विमान सहित उतरा। तब यही प्रश्न पूछा गया। देवदूत ने कहा-स्वर्ग यहां से बहुत ऊपर का लोक है, जिसे स्वर्गलोक भी कहते हैं। असत्यवादी, नास्तिक और जो तप, दान, यज्ञ नहीं करता, यहां प्रवेश नहीं कर सकता। धर्मात्मा, जितेंद्रिय, शम-दम से संपन्न, द्वेषरहित, दानी, युद्ध में मारे गए शूरवीरों को ही यहां प्रवेश मिलता है। देवता, साध्य, विश्वेदेव, महर्षि याम, धाम, गन्धर्व और अप्सरा-इन सबके अलग-अलग लोक हैं। यहां इच्छानुसार भोग उपलब्ध है। सोने का पर्वत सुमेरूगिरि है। यहां किसी को भूख-प्यास नहीं लगती, उदासी नहीं आती मन में, पसीना नहीं निकलता, गर्मी और जाड़ा नहीं होता, कष्ट और भय नहीं होता। विलाप और अशुभ वस्तु नहीं होती। बुढ़ापा और थकावट नहीं होती। दुर्गंध नहीं आती और मल-मूत्र भी नहीं निकलता। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि स्वर्गवासियों के शरीर में तैजस तत्त्व की प्रधानता होती है। कपड़े मैले नहीं होते। दिव्य कुसुमों की मालाएं दिव्य सुगंध फैलाती रहती हैं। स्वर्ग के दोष में सबसे बड़ा दोष यह है कि यहां नया कर्म नहीं किया जाता। स्वर्ग का भोग अपनी मूल पूंजी गंवा कर ही प्राप्त होता है। जिस दिन पुण्य समाप्त होता है, उस दिन स्वर्ग में रहने वाले के गले की माला कुम्हला जाती है। यही स्वर्ग से गिरने की सूचना है। यह देखते ही भयवश विचार आता है कि अब गिरा, अब गिरा। उन पर रजोगुण का प्रभाव पड़ता है। स्वर्ग से जब कोई गिरने लगता है तो उसकी चेतना लुप्त हो जाती है, सुध-बुध नहीं रहती। यह सुन कर मुद्गल ऋषि ने कहा-मेरा आपको प्रणाम है। स्वर्ग में तो भारी दोष है। मुझे स्वर्ग और उसके सुख से कोई काम नहीं है। मैं तो वहां जाऊंगा, जहां व्यथा और शोक से पिंड छूट जाए। शास्त्रों में इसीलिए कहा गया है किसी सिद्धि के और स्वर्ग में रुचि न लें। केवल मोक्ष पर ध्यान दें।  

धनतेरस का महत्व: क्यों मनाते हैं, किसकी पूजा करते हैं और क्या खरीदना होता है

धनतेरस के पीछे का रहस्य – पौराणिक प्रसंगों के अनुसार एक राजकुमार की किस्मत में उसके विवाह के चौथे दिन की मृत्यु लिखी गई थी। जब उनकी शादी हुई तो उनकी नवविवाहिता पत्नी ने अपने सभी सोने-आशय के खंड, सिक्के, गोदाम-जवाहरात आदि के घर शयनकक्ष के सभी दरवाजों पर चढ़कर महल का कोना-कोना करवा प्रकाशित किया। निश्चित समय पर जब मृत्यु के देवता यम सर्प का रूप धारण करके आए तो सोने-अरे की चमक से उनकी आंखें चुंधिया निकलीं और उन्हें कुछ भी नहीं मिला, क्योंकि उनके पति के प्राणों की रक्षा हुई, तब से उस दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाने लगा। प्रतिष्ठा के अनुसार धनतेरस के दिन ताज्जुब, जवाहरात, सोना, चांदी या अपनी राशि के शुभ धातु के पोर्शन के अनुसार किसी व्यक्ति के भाग्य को चमकाने की क्षमता होती है। धनतेरस नाम कैसे जाना जाता है – देवताओं और दानवों द्वारा जाने वाले समुद्र मंथ के दौरान देवताओं के वैद्य धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। धनतेरस नाम नीजी धन्वंतरि के नाम से प्रचलित हुआ। कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। धन का अर्थ है धन-धान्य और तेरस का अर्थ है युवा माह की तेरहवीं तिथि, यह दीपावली से दो दिन पहले पंचपर्व का शुभारम्भ होता है। इस दिन धन्वंतरि पूजन, पोषाहार-आभूषण आदि का क्रीड़ा, यम दीपदान, कुबेर पूजन सहित अन्य कार्य निकाले जाते हैं। धन त्रयोदशी के दिन संकल परिवार सदस्यों की रक्षा एवं मृत्यु भय सुरक्षा सहायता घर के बाहर दीपदान करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि धनतेरस की शुभ खरीददारी करने पर धन के देवता कुबेर अपनी संपत्ति से शुभ वस्तुओं के साथ लक्ष्मी आपके घर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए धनतेरस के दिन लोग कुछ न कुछ खरीददारी करते हैं।

राशिफल शुक्रवार 25 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज आर्थिक रूप से आप निराश हो सकते हैं। आज आपको धन जुटाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। कार्यस्थल पर किसी मुश्किल काम को करने से आप प्रसन्न होंगे। आपका पॉजिटिव एटीट्यूड घर को एक खुशहाल जगह बनाने में मदद करेगा। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की आवश्यकता होगी। जंक फूड से परहेज करना आपके अच्छे स्वास्थ्य की चाभी है। किसी नए बिजनेस के लिए पैसे जुटाना कुछ लोगों के लिए कठिन काम साबित हो सकता है। किसी नए सहकर्मी को काम की प्रक्रिया समझाने में मुश्किल हो सकती है, लेकिन धैर्य से काम लीजिए। वृषभ राशि- आपसे जिम ज्वाइन करने या फिटनेस रूटीन अपनाने के बारे में बात की जा सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। जो लोग विदेश या शहर से बाहर पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें परिवार का सहयोग मिलेगा। शैक्षणिक मोर्चे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। कोई दोस्त या रिश्तेदार आज आपके घर आ सकता है और दिन को खुशनुमा बना सकता है। एजुकेशन के मामले में आज थोड़ा डिप्रेसिंग महसूस हो सकता है, लेकिन कोशिश करें कि आपकी सोच पॉजिटिव ही रहे। साथी के साथ बहस न करें। मिथुन राशि- आज एक्सरसाइज करने से आप ज्यादा एनर्जी महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का कोई सदस्य अपना सबसे अच्छा व्यवहार करेगा और आपको गर्व महसूस कराएगा। आज आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। करियर में नई पहचान बना सकते हैं। जिन लोगों को लोन लेने की जरूरत है, आज उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आपसे खाली समय में किसी सीनियर का पर्सनल काम करने की उम्मीद की जा सकती है। घर परिवार में सुख शांति वाला माहौल रहने वाला है। कर्क राशि- आज कुछ लोगों का लोन पास हो सकता है। आज किसी बुजुर्ग से महत्वपूर्ण मामले में सलाह ले सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति हिल सकती है। आज शहर से बाहर यात्रा के योग बन रहे हैं। करियर में कोई बड़ी उपलब्धि पा सकते हैं। आज के दिन आपको सेहत के मामले में खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। अभी खर्च पर सख्त कंट्रोल रखने की जरूरत है। कम से जुड़ी कोई यात्रा कैंसल करनी पड़ सकती है। परिवार का कोई सदस्य आपकी मदद करेगा और आपको अच्छा महसूस भी कराएगा। सिंह राशि- सेहत के मोर्चे पर आपके फिट रहने के प्रयास सफल होंगे। आज किसी को ऑफिस में अचानक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। रुपए-पैसों के मामलों में सावधानी बरतें। आज धन की बचत करने में सफल रहेंगे। कोई मित्र या रिश्तेदार आज आपके घर आ सकता है और दिन को खुशनुमा बना सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज अच्छा करेंगे। जो लोग विदेश या शहर से बाहर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें परिवार का पूरा सपोर्ट मिलेगा। शिक्षा के मामले में अपने कंपटीशन को हराने के लिए आपको अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस देनी होगी। कुछ जातकों की लाइफ में एक्स लवर की एंट्री हो सकती है। कन्या राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आज व्यापारी धन जुटाने में सफल रहेंगे। करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। नए व्यापार में विस्तार की संभावना है। आज कुछ लोगों को पैतृक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। आज शाम तक कोई सुखद समाचार मिल सकता है। आपका सकारात्मक दृष्टिकोण घर में एक खुशहाल माहौल बनाने में मदद करेगा। स्टूडेंट्स को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की जरूरत होगी। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। तुला राशि- आज आपको एक्सरसाइज करने का पूरा लाभ मिलेगा। आप आज कर्ज चुकाने की स्थिति में आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कुछ हासिल करने के लिए आज ज्यादा प्रयासों की जरूरत हो सकती है। संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए दिन पॉजिटिव रहेगा। आज आपने जो सोचा है उसे लागू करने के लिए दिन अच्छा है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज लो प्रोफाइल रहना महत्वपूर्ण रहेगा। आज अपने पार्टनर के साथ समय बिताने के लिए अच्छा दिन है। शिक्षा के मामले में आपकी परफॉर्मेंस के संबंध में मोटिवेशन कम हो सकता है। आप प्रोफेशनल कनेक्शन बनाने के लिए दूसरों के साथ बातचीत करने के लिए समय निकाल सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। धन की स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बढ़े हुए खर्च आपका मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करने के लिए ट्रिप या डिनर की योजना बना सकते हैं। आज किसी सामाजिक समारोह में आपकी कई महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने की संभावना है। हो सकता है कि आप अपने साथी को तनाव लेते हुए पाएं। इसलिए उनके स्ट्रेस को कम करने के लिए उनसे बात करें। धनु राशि- आपको निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आज आपको पर्याप्त मात्रा में धन मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपको कोई नया प्रोजेक्ट मिल सतता है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। आप किसी पार्टी या पारिवारिक समारोह का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। सेहत अच्छी रहेगी। किसी बड़े बुजुर्ग से अच्छी सलाह मिल सकती है। आज परिवार के साथ कुछ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। आपको अपनी प्रोफेशनल स्किल्स पर ज्यादा काम करने की जरूरत है। लव के मामले में आज आप अपने साथी के बनाए गए प्लान के अनुसार आगे बढ़ें। मकर राशि- आज आप फिट रहेंगे। आज आपके सामने खर्चे सामने आ सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहेगा। करियर में कोई नई उपलब्धि हासिल हो सकती है। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। बीमार लोगों की सेहत में सुधार होगा। पैसों के मामले में आज का दिन बेहद शुभ माना जा रहा है। धन लाभ होने के योग हैं। अच्छी नेटवर्किंग आपको नए मौके दिला सकती है, लेकिन आपको अपने कनेक्शन के साथ बातचीत बढ़ाने की आवश्यकता होगी। कुंभ राशि- आज आपकी सेहत में सुधार होगा। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज आपके पास पैसा आएगा। अच्छी नेटवर्किंग आपको जगह दिलाएगी, लेकिन आपको अपने संपर्कों को फ्रेश … Read more

अनिर्वचनीय है उपकार का आनंद

भगवान महावीर ने कहा था कि संसार में लोक कल्याण, विश्वशांति, सद्भाव और समभाव के लिये अपरिग्रह का भाव जरूरी है। यही अहिंसा का मूल आधार है। परिग्रह की प्रवृत्ति अपने मन को अशांत बनाती है और हर प्रकार से दूसरों की शांति को भंग करती है। लेकिन आज हर बड़ी मछली छोटी मछली को निगल रही है। धनवान व्यक्ति परिग्रह और अहं प्रदर्शन के द्वारा असहायों एवं कमजोरों के लिये समस्याएं पैदा करता है। यह संसाधनों पर कब्जा ही नहीं करता बल्कि उसका बेहूदा प्रदर्शन करता है, जिससे मानसिक क्रोध बढ़ता है और हिंसा को बढ़ावा मिलता है। महावीर ने इसलिए एक-दूसरे के सहायक बनने की बात कही। उन्हीं के दिये उपदेशों से निकला शब्द है विसर्जन। समतामूलक समाज निर्माण के लिये जरूरी है कि कोई भी कितना ही बड़ा व्यवसायी बने, लेकिन साथ में अपरिग्रहवादी भी बने। अर्जन के साथ विसर्जन की राह पर कदम बढ़ाये। डा. अच्युता सामंता ने कलिंग विश्वविद्यालय के रूप में उच्च शिक्षा के बड़े गढ़ स्थापित किये तो उससे होने वाली आय को आदिवासी गरीब बच्चों के कल्याण में विसर्जित किया। 12 हजार से अधिक गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने वाले सामंता आज भी एक चटाई पर सोते हैं उनका कोई आशियाना नहीं है। इसी भांति गणि राजेंद्र विजयजी अपनी संतता को सार्थक करते हुए आदिवासी कल्याण के लिये अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं, उनका भी कोई भव्य आश्रम नहीं है। ऐसे ही प्रयत्नों से हम भारत को विकसित होते हुए देख सकते हैं। तभी तो शंकराचार्य ने कहा है- दरिद्र कौन है? भारी तृष्णा वाला। और धनवान कौन है? जिसे पूर्ण संतोष है। गांधीजी ने अहमदाबाद में आश्रम शुरू किया, एक समय आर्थिक तंगी के कारण आश्रम बंद करने की नौबत आयी। गांधी जी मंथन कर रहे थे। आश्रम बंद होगा, यह बात निश्चित लग रही थी। एक शाम एक सर्वथा अनजाना व्यक्ति आया और रुपयों की एक थैली देकर, साबरमती के अंधकार में अदृश्य हो गया। आज तक यह पता नहीं लग सका कि व्यक्ति कौन था। आश्रम अगर चालू रह सका, तो उस व्यक्ति के कारण। निःस्वार्थ, सहज, सात्विक उपकार ऐसा ही होता है। सही रूप में विसर्जन, बिना किसी अपेक्षा के। ऐसा उपकार मनुष्य पर प्रकृति पल-पल करती रहती है। सूर्य, पृथ्वी, वायु आकाश एवं जंगलों की तरफ से सतत् होता रहता है- तभी हमारी जीवन है हम जिंदा हैं। इसीलिये जार्ज बनार्ड शा को कहना पड़ा कि कमाए बगैर धन का उपयोग करने की तरह ही खुशी दिए बगैर खुश रहने का अधिकार हमें नहीं है। रेल में या बस में थोड़ा सिकुड़ कर अगर आप किसी के लिये जगह बना देते हैं तो एक विशेष प्रकार के संतोष की अनुभूति होती है। स्मरण कीजिए, भूतकाल में कई बार आपके लिये किसी ने इसी प्रकार जगह बना दी थी। आज आप उनका नाम व चेहरा भी भूल गये होंगे। यह दुनिया भी एक रेल है। यहां भी ऐसे ही किसी अनजान के लिये थोड़ा संकोच करें बिना किसी अपेक्षा के, पेड़ अगर फल देता है तो क्या आपसे थैंक्यू की भी अपेक्षा करता है? सचमुच देने का सुख अप्रतिम है। कृतज्ञता अहंकार का विसर्जन है। संत तिरूवललुवर की उक्ति बहुत मर्मस्पर्शी है कि स्ेह शून्य व्यक्ति सब वस्तुओं को अपने लिए मानते हैं। स्नेह संपन्न व्यक्ति अपने शरीर को भी दूसरों का मानते हैं। उपकार का आनंद अनुभव करना है तो आपने जो किया उसे जितनी जल्दी ही भूल जाएं और आपके लिये किसी ने कुछ किया, उसे कभी न भूलें। आज जरूरत है हर समर्थ आदमी अपने से कमजोर का सहायक बने। तकलीफ तब होती है जब इसका उल्टा होता है।  

अहोई अष्टमी 24 अक्टूबर को, जानें शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

इस साल 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाएगा। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को संतान की दीर्घायु और तरक्की के लिए माताएं अहोई अष्टमी व्रत का निर्जला व्रत रखती है। हिंदू धर्म में हर साल कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। माताएं अपने संतान की दीर्घायु, तरक्की और खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती है। देश के कई राज्यों में अहोई अष्टमी को आठें अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन अहोई माता और स्याही माता की पूजा की जाती है और अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुना या पढ़ा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। संतान सुख की प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन शाम को तारों को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 को सुबह 01 बजकर 18 मिनट पर कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ होगा और अगले दिन 25 अक्टूबर 2024 सुबह 01 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाएगा। पूजा मुहूर्त 24 अक्टूबर 2024 को शाम 05 बजकर 42 मिनट से लेकर 06 बजकर 59 मिनट तक अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन तारों को शाम 06 बजकर 06 पीएम तक दर्शन किया जा सकता है। अहोई अष्टमी की पूजाविधि अहोई अष्टमी व्रत के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें। स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें। अहोई माता की पूजा आरंभ करें। अहोई मां को फल,फूल, धूप,दीप समेत सभी पूजा सामग्री एकत्रित कर लें। अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। मां के समक्ष घी का दीपक प्रज्ज्वलित करें और उनकी आरती उतारें। शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकते हैं।

राशिफल बुधवार 23 अक्टूबर 2024

मेष राशि : मेष राशि वालों को आज कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आपको आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लेने होंगे। भाई-बहन संग रिश्ते मधुर होंगे। लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक स्टूडेंट्स को गुड न्यूज मिल सकती हैं। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। धार्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। नौकरी-कारोबार में तरक्की के कई मौकै मिलेंगे। वृषभ राशि : आज वृषभ राशि वालों को कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियां आएंगी। प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। हालांकि, अज्ञात भय को लेकर मन परेशान रह सकता है। फैमिली के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। अगर आपका कोई कार्य लंबे समय से अटका हुआ है, तो आज वह पूरे हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बनेंगे। मिथुन राशि : मिथुन राशि वालों को आज तरक्की के नए मौके मिलेंगे। किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। नौकरी-कारोबार में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। पार्टनरशिप के बिजनेस में जबरदस्त लाभ होगा। घर में शादी-विवाह को लेकर चर्चा हो सकती है। माता-पिता के सेहत पर ध्यान दें। आज आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। इसलिए धन से जुड़े फैसले होशियारी से लें। बेकार के वाद-विवादों से बचें। आय में वृद्धि के नए मौकों की तलाश करें। कर्क राशि : आज कर्क राशि वाले आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। धन का आवक बढ़ेगा। लंबी यात्रा के दौरान छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वाद-विवाद से बचें। किसी से बेकार में बहस न करें। धैर्यशीलता बनाए रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। कुछ जातकों को नौकरी में तरक्की के नए मौके मिल सकते हैं। घर में धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। जरूरी काम के सिलसिले में यात्रा करना पड़ सकता है। सिंह राशि : आज सिंह राशि वालों को आर्थिक मामलों में थोड़े परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पुराने निवेशों से ज्यादा अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा। मन अशांत रहेगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। कुछ जातक घर या प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा बचाने का प्लान बना सकते हैं। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। कन्या राशि : आज कन्या राशि वालों को जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। अपने काम पर फोकस करें। अपने करियर गोल्स पर फोकस करें और कामयाबी हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। आज आपको शैक्षिक कार्यों में पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। सिंगल जातकों को किसी खास व्यक्ति के प्रति प्यार का एहसास हो सकता है। आपके रुके हुए कार्य सफल होंगे। आप नया वाहन खरीद सकते हैं। स्टूडेंट्स को मेंटल स्ट्रेस से मुक्ति मिलेगी। तुला राशि : आज कार्यस्थल पर वाद-विवाद से तनाव बढ़ सकता है। बेकार के बहस से बचें। मन में अच्छे विचार रखें। नेगेटिविटी से दूर रहें। यह फैमिली के साथ वेकेशन पर जाने का परफेक्ट टाइम है। हेल्दी और फिट रहने के लिए न्यूट्रीशन से भरपूर डाइट लें। आज आपको बकाया हुआ धन वापस मिल सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी विवादों में सफलता हासिल करेंगे। लव लाइफ को बेहतर बनाने का प्रयास करें। साथी की जरुरतों पर ध्यान दें। रिलेशनशिप में इगो इश्यूज न आने दें। वृश्चिक राशि : आज वृश्चिक राशि वालों को प्रोफेशनल लाइफ में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आपको सभी कार्य के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। जिससे आप प्यार करते हैं, वह शाम को आपके लिए कुछ स्पेशल प्लान कर सकते हैं। अनजान लोगों पर भरोसा न करें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। आज साथी से थोड़ा अनबन हो सकती है। अगर आपने किसी से धन उधार लिया है, तो आज आपको वापस करने की जरुरत पड़ सकती है। धनु राशि : आज धनु राशि वालों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कर्ज से मुक्ति मिलेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। फैमिली या फ्रेंड्स के साथ ट्रिप पर जा सकते हैं। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। कुछ जातक नए घर या नए शहर में शिफ्ट हो सकते हैं। सिंगल जातकों को किसी खास व्यक्ति से प्यार हो सकता है। लंबे सम. के बाद पुराने दोस्तों से मिलने का मौका मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को गुड न्यूज मिल सकती है। मकर राशि : आज का दिन मकर राशि वालों के लिए शुभ रहेगा। आप नए प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन परिजनों से वाद-विवाद संभव है। शांत दिमाग से फैसले लें। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अनहेल्दी फूड अवॉइड करें। घर का खाना खाएं। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। प्रियजनों से अपनी फीलिंग्स खुलकर शेयर करें। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। कुंभ राशि : आज कुंभ राशि वालों को बकाया हुआ धन वापस मिलने मे देरी हो सकती है।कार्यों के आशाजनक परिणाम नहीं मिलेंगे, जिससे मन थोड़ा चिंतित रह सकता है। करियर में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। लाइफ पार्टनर के साथ यात्रा के योग बनेंगे। फैमिली मेंबर्स का सपोर्ट मिलेगा। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। मीन राशि : आज का दिन मीन राशि वालों के प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए शुभ रहेगा। लव लाइफ शानदार रहेगा। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। करियर में सफलता हासिल करने के लिए आपको खूब मेहनत करनी होगी। पुरानी गलतियों को दोबारा न दोहराएं। आज करियर में आने वाली बाधाएं दूर होंगी। तरक्की के कई सुनहरे मौके मिलेंगे। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा।

अहोई अष्टमी व्रत, बच्चों की दीर्घायु, सुख और समृद्धि के लिए रखने वाला व्रत

अहोई अष्टमी का व्रत भारतीय संस्कृति में माताओं द्वारा अपने बच्चों की दीर्घायु, सुख और समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से उत्तर भारत में बहुत प्रचलित है। अहोई अष्टमी व्रत कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत में माताएं पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को तारों को देखकर व्रत खोलती हैं। यह व्रत खासतौर पर संतान सुख और उसकी लंबी आयु के लिए समर्पित होता है। अहोई अष्टमी पर तारों को क्यों पूजा जाता है? अहोई अष्टमी पर तारों को देखकर व्रत खोलने की परंपरा का धार्मिक महत्व है। इस व्रत का उद्देश्य संतान की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करना होता है। तारों का संबंध संतान की सुरक्षा और दीर्घायु से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तारों को देखकर व्रत खोलने से मां को संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन तारों का दर्शन करना शुभ माना जाता है, और पूजा के बाद ही महिलाएं अपना व्रत पूर्ण करती हैं। अहोई अष्टमी व्रत की परंपरा अहोई अष्टमी व्रत को तारों के दर्शन के बाद ही पूर्ण माना जाता है। तारों को देखकर व्रत खोलने की परंपरा का संबंध कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। यह माना जाता है कि तारों का संबंध संतान से है, और उनका आशीर्वाद लेकर मां अपने बच्चों की रक्षा के लिए आशीर्वाद प्राप्त करती है। इस परंपरा के पीछे एक कथा भी प्रचलित है: प्राचीन कथा के अनुसार, एक समय एक स्त्री अपने सात पुत्रों के साथ सुखी जीवन व्यतीत कर रही थी। वह दिवाली के पहले दीवारें लीपने के लिए मिट्टी खोदने गई थी, तब गलती से उसकी खुरपी से एक शेर के बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद, उस महिला को श्राप मिला, जिससे उसके सभी पुत्रों की मृत्यु हो गई। श्राप से मुक्ति के लिए उसने तपस्या और व्रत किए। उसे सलाह दी गई कि वह कार्तिक मास की अष्टमी तिथि को अहोई माता की पूजा करके व्रत रखे और संतान सुख की कामना करे। इसके बाद से यह परंपरा शुरू हुई कि माताएं अपनी संतान की भलाई के लिए यह व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी व्रत की पूजा विधि और महत्व अहोई अष्टमी के दिन माताएं अहोई माता की पूजा करती हैं, उनके चित्र के साथ सात तारों की प्रतीकात्मक पूजा भी की जाती है। तारों का महत्व इस व्रत में इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उन्हें संतान की दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली माताएं शाम को तारों के दर्शन करने के बाद व्रत खोलती हैं, ताकि उनके बच्चों की उम्र लंबी हो और उनका जीवन सुखमय हो। यह व्रत न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि मातृत्व के प्रेम और देखभाल का भी प्रतीक है।

राशिफल मंगलवार 22 अक्टूबर 2024

मेष राशि : आज मेष राशि वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन का आवक बढ़ेगा। अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो सोच-समझकर ही कोई डिसीजन लें। नए कार्यों की शुरुआत के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। परिजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे पेपरवर्क जल्द पूरे हो जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगा। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों को आज इंकम बढ़ाने के कई सुनहरे मौके मिलेंगे। आज प्रियजन के साथ कहीं बाहर जाने के लिए प्लान बनाने का परफेक्ट दिन है। कुछ जातक नया घर या प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना सकते हैं। लव लाइफ में खुशियों का माहौल रहेगा। खर्चों को कंट्रोल कर सकेंगे। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए धन खर्च करेंगे। अगर आपको किसी बात को लेकर स्ट्रेस महसूस हो रहा है, तो परिजनों के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातक आज सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। यह फैमिली या फ्रेंड्स के साथ ट्रिप का प्लान बनाने के लिए बेस्ट टाइम है। धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। आज ऑफिस में आपके परफॉर्मेंस सीनियर्स इंप्रेस होंगे। वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतें। अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन का लेन-देन होशियारी से करें। कर्क राशि : आज कर्क राशि वालों का काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। बेकार के कामों में न उलझें। कार्यों की प्राथमिकता तय करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद के संकेत हैं। लंबी समय से चली आ रही परेशानियों से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या को सुलझाने के लिए करीबी दोस्त की मदद लेनी पड़ सकती है। सिंह राशि : सिंह राशि वालों की ऑफिस में कार्यों की तारीफ होगी। प्रियजन के साथ धार्मिक स्थल पर यात्रा के योग बनेंगे। प्रापर्टी से जुड़े लिए गए फैसले आपके पक्ष में होंगे। फैमिली मेंबर्स की तरफ से कोई दुखद खबर मिल सकती है। आज आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना होगा। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित नजर आएंगे। पार्टनर के साथ लव लाइफ के रोमांटिक पलों का आनंद लेंगे। कन्या राशि : आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए निवेश के मामले में खास रहने वाला है। सोच-समझकर किए गए निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आमदनी में इजाफा होगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। करियर में आ रहीं बाधाएं समाप्त होंगी। दोस्तों से शुभ समाचार मिलेंगे। लंबे समय से चले आ रहे विवाद सुलझ जाएंगे। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। तुला राशि : आज जो लोग इंकम बढ़ाने चाहते हैं, वह आय में वृद्धि के नए मौकों की तलाश करें। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट मिलेगा। जिससे हर कार्य के अच्छे परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशी और उत्साह का माहौल रहेगा। दोस्तों के तरफ से किसी फंक्शन में शामिल होने के लिए इनविटेशन आ सकता है। कुछ जातकों को नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। धन का लेन-देन होशियारी से करें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। वृश्चिक राशि : आज वृश्चिक राशि वालों को छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चैलेंजिंग टास्क की जिम्मेदारी लेने पर सीनियर्स आपसे इंप्रेस होंगे। ऑफिस में मान-सम्मान बढ़ेगा। आपके सभी सपने साकार होंगे। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। लव और आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। घर में खुशनुमा माहौल रहेगा। घर के बड़े भाई-बहनों का विवाह तय हो सकता है। करियर में आने वाली बाधाओं से छुटकारा मिलेगा। व्यापार में मुनाफा होगा। धनु राशि : आज धनु राशि वालों का आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। जो लोग नई जगहों पर रहने जा रहे हैं, उन्हें थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी के विचारों से प्रभावित होकर कोई निर्णय न लें। आज ऑफिस में आपको सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा। हालांकि, कुछ कार्यों को नजरअंदाज करने से डांट भी मिल सकती है। कार्यों में लापरवाही न बरतें। महत्वपूर्ण कार्यों को पहले निपटाएं। मकर राशि : आज का दिन आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा। ऑफिस में कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाएं। विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थान में आसानी से एडमिशन मिल जाएगा। आपको प्रेमी से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने का मौका मिलेगा। लाइफ पार्टनर आपको सरप्राइज गिफ्ट्स दे सकते हैं। घर में कुछ महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा हो सकती है। आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। कुंभ राशि : आज कुंभ राशि वालों द्वारा लिए गए आर्थिक फैसले भविष्य के लिए लाभकारी साबित होंगे। प्रोफेशनल लाइफ में अटके हुए कार्य पूरे होंगे। बड़े भाई-बहनों का सपोर्ट मिलेगा। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।नौकरीपेशा वालों को छोटी-मोटी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है,लेकिन कड़ी मेहनत और लगन के साथ किए गए कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलने लगेंगे। यात्रा के दौरान किसी महत्वपूर्ण सूचना की प्राप्ति होगी। मीन राशि : आज का दिन मीन राशि वालों के लिए खुशियों से भरा होगा। घर में उत्साह का माहौल रहेगा। शैक्षिक कार्यों में बड़ी कामयाबी मिलेगी। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। आज कार्यों में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। नया घर या वाहन की खरीदारी संभव है।

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों

सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी ईश्वर की पूजा, भक्ति और व्रत के लिए होता हैं पर सोमवार का दिन हिन्दू धर्म परमपराओं के अनुसार भगवान शिव को समर्पित होता है। माना जाता है कि शिवजी की भक्ति हर पल ही शुभ होती है। सच्चे मन से पूजा की जाए तो शिव अपने भक्तों पर जल्द ही प्रसन्न हो जाते है। क्यों सोमवार को ही शिवजी की पूजा करना अधिक लाभदायक होता है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें- सोमवार के दिन रखा जाने वाला व्रत सोमेश्वर व्रत के नाम से जाना जाता है। इसके अपने धार्मिक महत्व होते हैं। इसी दिन चन्द्रमा की पूजा भी की जाती है। हमारे धर्मग्रंथों में सोमेश्वर शब्द के दो अर्थ होते हैं। पहला अर्थ है-सोम यानी चन्द्रमा। चन्द्रमा को ईश्वर मानकर उनकी पूजा और व्रत करना। सोमेश्वर शब्द का दूसरा अर्थ है-वह देव, जिसे सोमदेव ने भी अपना भगवान माना है। उस भगवान की सेवा-उपासना करना, और वह देवता हैं-भगवान शिव। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस व्रत और पूजा से ही सोमदेव ने भगवान शिव की आराधना की। जिससे सोमदेव निरोगी होकर फिर से अपने सौंदर्य को पाया। भगवान शंकर ने भी प्रसन्न होकर दूज यानी द्वितीया तिथि के चन्द्रमा को अपनी जटाओं में मुकुट की तरह धारण किया। यही कारण है कि बहुत से साधू-संत और धर्मावलंबी इस व्रत परंपरा में शिवजी की पूजा-अर्चना भी करते आ रहे हैं क्योंकि इससे भगवान शिव की उपासना करने से चन्द्रदेव की पूजा भी हो जाती है। धार्मिक आस्था व परंपरा के चलते प्राचीन काल से ही सोमवार व्रत पर आज भी कई लोग भगवान शिव और पार्वती की पूजा करते आ रहे हैं परन्तु यह चंद्र उपासना से ज्यादा भगवान शिव की उपासना के लिए प्रसिद्ध हो गया। भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा कर सुख और कामनापूर्ति होती है।  

धनतेरस पर100 साल बाद बनेगा दुर्लभ सयोंग, इन राशियों को आकस्मिक धनलाभ और भाग्योदय के प्रबल योग

वैदिक पंचांग अनुसार इस साल 29 अक्टूबर को धनतेरस का पर्व है। वहीं आपको बता दें कि उससे पहले महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। आपको बता दें कि इस राजयोग का निर्माण मंगल और चंद्रमा की युति से होगा। क्योंकि यह युति धनतेरस से पहले कर्क राशि में बनेगी। जिससे इस राजयोग का असर सभी राशियों के जातकों को देखने को मिलेगा। लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं, जिनकी इस समय किस्मत चमक सकती है। साथ ही इनको करियर और कारोबार में तरक्की मिल सकती है। आइए जानते हैं ये भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं… तुला राशि (Tula Zodiac) आप लोगों के लिए महालक्ष्मी राजयोग अनुकूल साबित हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी गोचर कुंडली के कर्म भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपकी आपको काम- कारोबार में तरक्की मिल सकती है। साथ ही बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है। वहीं इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही आप इस अवधि में ज्यादा धन की बचत भी कर सकेंगे। आपकी पर्सनल लाइफ भी इस अवधि में पहले से काफी अच्छी रहेगी। वहीं कारोबारियों को अच्छा धनलाभ हो सकता है। साथ ही व्यापार का विस्तार हो सकता है। वृश्चिक राशि (Scorpio Zodiac) महालक्ष्मी राजयोग वृश्चिक राशि के जातकों को शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी गोचर कुंडली के नवम भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिल सकता है। साथ ही  साथ ही नौकरीपेशा जातक इस दौरान काफी मेहनत करेंगे और उनको किस्मत का साथ मिलेगा। साथ ही इस समय व्यापारियों को भी अच्छा मुनाफा हो सकता है। आपके अपने जीवनसाथी के साथ रिश्ते अनुकूल बने रहेंगे। आपकी सेहत इस अवधि में काफी अच्छी रहेगी। वहीं इस दौरान आप देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। जो शुभ रहेंगी। मेष राशि (Aries Zodiac) आप लोगों के लिए महालक्ष्मी राजयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी राशि से चतुर्थ भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही आपको वाहन और प्रापर्टी का सुख प्राप्त हो सकता है। वहीं इस दौरान अच्छी मात्रा में धन लाभ मिलेगा। घर परिवार में भी खुशियां आएंगी। आपके अंदर एक अलग ही आत्मविश्वास देखने को मिलेगा। साथ ही इस समय उन लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है, जिन लोगों का काम- कारोबार रियल स्टेट, प्रापर्टी और जमीन- जायदाद से जुड़ा हुआ है। वहीं इस दौरान आपके माता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।

राशिफल सोमवार 21 अक्टूबर 2024

मेष राशि : मेष राशि वालों आज के दिन आत्मविश्वास ही आपका हथियार रहेगा। ऑफिस रोमांस से दूरी बनाए रखें, खासकर अगर आप मैरिड हैं। काम के मामले में आपके अहंकार का असर आपका डिसीजन पर भी पड़ सकता है। पिछले इन्वेस्टमेंट से एक्सपेक्टेशन मुताबिक रिजल्ट नहीं सकेगा। कुछ उम्रदराज जातकों को नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। खर्च कम करें। इनोवेटिव कॉन्सेप्ट्स लाएं। वृषभ राशि :वृषभ राशि के जातकों आज ऐसी कोई भी एक्टिविटी न करें, जिसमें बहुत ज्यादा रिस्क हो। व्यवसायी अपने बिजनेस को बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं। अपने पार्टनर को माता-पिता से मिलवाने के लिए दिन शुभ रहेगा। कुछ जातकों को गले में खराश और पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। आज आपको शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट से भी दूर रहना चाहिए। मिथुन राशि :मिथुन राशि के लोगों आज आपकी लाइफ में थोड़ी-बहुत हलचल बनी रहेगी। दिन खत्म होने से पहले चीजें बेहतर हो जाएंगी। हेल्दी रहेंगे। सिंगल लोगों के लिए यह वह दिन हो सकता है, जब आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर पहला कदम बढ़ाएंगे, जिसने आपका ध्यान खींचा हो। रियल एस्टेट और व्यवसाय में निवेश करने की योजना पर भी दबाव बढ़ेगा। बिना रेसर्च कोई फैसला न लें। कर्क राशि :कर्क राशि के जातकों आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। कार्यक्षेत्र में राजनीति में फंसने से बचें। घर-परिवार में शांति का माहौल बना रहेगा। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। पैसों से जुड़े मुद्दे सामने आ सकते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस वालों का पार्टनर आज उन्हें सरप्राइज दे सकता है। स्ट्रेस से दूर रहें। सिंह राशि :सिंह राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा। किसी योजना में निवेश किया गया पैसा बेहतरीन रिटर्न दे सकता है। फिटनेस के मोर्चे पर योग करने से मोटापा और तनाव कम कर सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से किसी कार्यक्रम या समारोह का इन्विटेशन मिल सकता है। यात्रा आनंददायक रहेगी। अच्छी फाइनेंशियल स्थिति के चलते आप संपत्ति खरीदने के बारे में सोचने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। लोगों से मिलने-जुलने की पहल करें। प्रेमी के साथ समय व्यतीत करेंगे। कन्या राशि :कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। व्यावसायिक ज़िम्मेदारियां दिन को व्यस्त रखेंगी। जिम या योग क्लास में शामिल होना अच्छा रहेगा। अपने प्रेमी की गुड क्वालिटी पर फोकस करें। जिन लोगों को नौकरी के लिए इंटरव्यू देना है, उन्हें आज सफलता मिल सकती है। जंक फूड के सेवन से दूरी बनाएं। निवेश करने के बारे में भी एक्सपर्ट की राय लें। तुला राशि :आज का तुला राशि के जातकों आपका दिन खुशनुमा रहने वाला है। अपनी वित्तीय योजनाओं पर फिर से विचार करना चाहिए। पैसों को सावधानी से संभालें। मानसिक सेहत उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितना आपका शारीरिक स्वास्थ्य। धन आएगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। आपको अपनी और अपने साथी की भावनात्मक जरूरतों को समझना चाहिए। सेहत पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है। वृश्चिक राशि :वृश्चिक राशि के जातकों आज के दिन आज सेल्फ लव पर ध्यान देना चाहिए। डेडलाइन के भीतर काम को निपटाना जरूरी रहेगा। फ्रीलांसिंग काम से अच्छी आमदनी हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ वित्तीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। सहकर्मी के साथ किसी भी रोमांटिक रिश्ते में फंसने से बचें। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। प्रमोशन के योग बन रहे हैं। धनु राशि : धनु राशि के जातकों आज आपका दिन शुभ रहने वाला है। आज काम के सिलसिले में ट्रेवल भी करना पड़ सकता है। आपका साथी आपके देखभाल करने वाले रवैये को समझ पा रहा है या नहीं इस बात का ख्याल रखें। इनकम बढ़ने के योग नजर आ रहे हैं। अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें। कुछ लोग अपने लाइफ पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। अहंकार से दूर रहें। मकर राशि : मकर राशि वालों आज के दिन रिलेशनशिप की हर वो प्रॉब्लम सॉल्व करें, जो आपकी मेंटल हेल्थ को बिगाड़ सकती है। आज आप काफी पॉजिटिव फील करेंगे। कोई बड़ा आर्थिक मसला आपको परेशान नहीं करेगा। पैसों के मामले में अच्छी व स्ट्रांग पोजिशन में रहेंगे। सिंगल लोगों की मुलाकात किसी दिलचस्प इंसान से हो सकती है। दिनभर के कामकाज के बीच खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी है। कुंभ राशि : आज कुंभ राशि के जातकों आपके करियर में आपके टारगेट पूरे हो सकते हैं। खर्च बढ़ सकता है। आपके लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आज निवेश करने के लिए दिन शुभ नहीं है। जल्दबाजी में आकर किसी भी तरह का डिसीजन न लें। सेहत अच्छी रहने वाली है। प्रेम संबंध जो टूटने की कगार पर थे, उनमें आज सुलह हो जाएगी। अपनी रूटीन में बदलाव करें। मीन राशि : मीन राशि के जातकों आज के दिन आपको धन लाभ हो सकता है। लव लाइफ में पास्ट के मुद्दे न उठाना ही बेहतर है। वहीं, बिजनेस कर रहे लोगों को नयी पार्टनरशिप अट्रैक्ट कर सकती है। बहस में न पड़ें। सेहत के मामले में दिन यादगार आपका रहने वाला है। साथी को अच्छे मूड में रखें। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। बच्चों को जंक फूड से दूर रहना चाहिए।

समूचे विश्व में पूजा होती है गणेश की

किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गणपति का पूजन भारतीय परम्परा की विशिष्टता है। गणपति को विघ्नेश, एकदन्त, गणपति, गजानन, गणनायक, गणाधिपति, गणाध्यक्ष तथा लम्बोदर इत्यादि अनेकानेक नामों से पूजा जाता है। गणेश जी का स्वरूप गणपति का आदर्श माना जाता है। यही वजह है कि लोक-चेतना में उनका यह स्वरूप इतना समाया हुआ है कि प्रत्येक मांगलिक कार्य तथा विधि-विधान उन्हीं के पावन स्मरण, आह्वान तथा पूजा-अर्चना से शुरू होता है। ऋद्धि-सिद्धि के देव ऋद्धि-सिद्धि के देव गणेशजी न केवल भारत में, अपितु तिब्बत, चीन, बर्मा, जापान, जावा तथा बाली इत्यादि तमाम देशों में भी विभिन्न रूपों में पूजे जाते हैं। यही नहीं, इन देशों में गणेशजी की प्रतिमाएं भी चप्पे-चप्पे पर देखने को मिल जायेंगी। सफलता समृद्धि की सहचरी है, इसलिए बिना किसी व्यवधान के कार्य संपन्न कराने हेतु स्वयमेव सफलता प्राप्ति की दृष्टि से ही गणेश लाभ व लक्ष्य के स्वामी होकर सर्व पूजनीय हो गये। भारतीय पुराणों में, गणेश जी की अनेकों कथाएं समाहित हैं बल्कि गणेश-पुराण तक भी देखने को मिलता है। गणेशजी की महिमा सीमाओं की संकीर्णता से परे है, इसलिए पश्चिमी देशों की प्राचीन संस्कृतियों में भी गणेश की अवधारणा विद्यमान है। पश्चिम में रोमन देवता जेनस को गणपति के ही समकक्ष माना गया है, ऐसा माना जाता है कि जब भी इतालवी व रोमन इष्ट जेनस का नाम लेते थे। 18वीं शताब्दी के संस्कृत के प्रकांड विद्वान विलियम जोन्स ने जेनस व गणपति की पारम्परिक तुलना करते हुए माना है कि गणेश में जो विशेषताएं पाई गयी हैं वे सभी जेनस में भी हैं। यहां तक कि रोमन व संस्कृत शब्दों के उच्चारण में भी इतनी समानता है कि इन दोनों देवों में अंतर नहीं किया जा सकता। भारत से बाहर विदेशों में बसने वाले भारतीयों ने भारतीय संस्कृति की जड़ों को काफी गहराई तक फैलाने का प्रयास किया और इन पर भारतीय देवताओं की पूजा उपासना का स्पष्ट प्रभाव था, जो आज भी है। विदेशों में प्रकाशित पुस्तक गणेश ए मोनोग्राफ आफ द एलीफेन्ट फेल्ड गाड में जो तथ्य उजागर किये गये हैं, उससे इस बात का स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि विश्व के कई देशों में गणेश प्रतिमाएं बहुत पहले से पहुंच चुकी हैं और विदेशियों में भी गणेश के प्रति श्रद्धा और अटूट विश्वास रहा है। विदेशों में पाई जाने वाली गणेशजी की प्रतिमाओं में इनके विभिन्न स्वरूप अलग-अलग देखे गये हैं। जावा में गणेश की मूर्तियों में वे पालथी मार कर बैठे दिखाए गये हैं, उनके दोनों पैर जमीन पर टिके हुए हैं व उनके तलुए आपस में मिले हुए हैं। हमारे देश में, गणेशजी की मूर्तियों में उनकी सूंड प्रायः बीच में दाहिनी या बाई ओर मुड़ी हुई है किन्तु विदेशों में वह पूर्णतया सीधी, सिरे पर मुड़ी हुई है। जापान और चीन में जापान में गणेश को कांतिगेन नाम से पुकारा जाता है। यहां पर बनी गणेशजी की मूर्तियों में दो या चार हाथ दिखाये गये हैं। सन् 804 में जब जापान का कोबो दाइशि धर्म की खोज करने हेतु चीन गया तो उसे वहां व्रजबोधि और अमोधवज नामक भारतीय आचार्य विद्वानों द्वारा मूल ग्रंथों का चीनी अनुवाद करने का मौका मिला तो चीन की मंत्र विद्या प्रणाली में गणेशजी की महिमा को भी वर्णित किया गया। सन् 720 में चीन की राजधानी लो-यांग पहुंचा अमोध्वज, जो भारतीय मूल का ब्राह्मण था जिसे चीन के कुआंग-फूं मंदिर में पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में अमोह वज्र से एक चीनी धर्म परायण व्यक्ति हुई-कुओ ने पहले दीक्षा ली, फिर उसने कोषो-दाइशि को दीक्षा दी जिसने वहां के विभिन्न मठों से संस्कृत की पांडुलिपियां एकत्र की व सन् 806 में जब वह जापान लौटा तो वज्र धातु के महत्वपूर्ण सूत्रों के साथ ही गणेशजी के चित्र भी साथ ले गया जिसे सुख-समृद्धि परब्रहम की जानमयी शक्ति के रूप में माना गया। जापान के कोयसान सन्तसुजी विहार में गणेश की चार चित्रावलियां रखी गयी हैं जिनमें युग्म गणेश, षड़भुज गणेश, चतुर्भुज गणेश तथा सुवर्ण गणेश प्रमुख हैं। तिब्बत में गणेश पूजन तिब्बत के हरेक मठ में भी गणेश पूजन की परम्परा काफी पुरानी है। यहां गणपति अधीक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। नौवीं शताब्दी के पूर्वार्ध्द में ही तिब्बत के अनेक स्थानों में गणेश पूजा का प्रचलन शुरू हो गया था। चीन के तुन-हु-आंग में एक पहाड़ी गुफा की दीवार पर गणेश की प्रतिमा उकेरी गयी है तो साथ ही सूर्य, चंद्र व कामदेव की मूर्तियां भी अंकित हैं। ये मूर्तियां सन् 644 में स्थापित की गयी थीं। गणेश की मूर्ति के नीचे चीनी भाषा में लिखा हुआ है कि ये हाथियों के अमानुष राजा है। चीन में भी गणपति कांतिगेन कहलाते हैं। कम्बोडिया की प्राचीन राजधानी अंगकोखाट में जो मूर्तियों का खजाना मिला है, उसमें भी गणेश के विभिन्न रंग-रूप पाये गये हैं। वैसे यहां कांसे की मूर्तियों का प्रचलन है। स्याम देश जहां पर बसे भारतीयों ने वैदिक धर्म को कई सौ वर्ष पूर्व ही प्रचारित कर दिया था, के कारणवश यहां पनपी धार्मिक आस्था के फलस्वरूप यहां निर्मित की गयी गणेश की मूर्तियां अयूथियन शैली में दिखाई देती है। स्याम देश में वैदिक धर्म राजधर्म के रूप में प्रसिद्ध था जिसके कारण यहां आज भी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक रीति से ही सम्पन्न होते हैं। अमेरिका में तो लंबोदर गणेश की प्रतिमाएं बनायी जाती हैं। वैसे अमेरिका की खोज करने वाले कोलम्बस से पूर्व ही वहां सूर्य, चंद्र तथा गणेश की मूर्तियां पहुंच गयीं थी। विश्व के कई देश ऐसे भी हैं जहां खुदाई के दौरान भारतीय देवताओं की मूर्तियां मिली हैं लेकिन विशेषता यह रही कि इनमें गणेशजी हर जगह विद्यामान थे। ये मूर्तियां हजारों वर्ष पूर्व की होने का अनुमान लगाया गया है। कुल मिलाकर विघ्नहरण विनायक, जहां समूचे विश्व में पूजा जा रहे हैं, वहीं भारत में भी विभिन्न प्रांतों में 10वीं शताब्दी की प्राचीन मूर्तियों में भी गणेशजी के अनेकानेक रूप मिले हैं जिन्हें प्रदेशों की स्थानीय बोली में विभिन्न नामों से पुकारा जाता है।  

करवा चौथ पर भोपाल -इंदौर में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें यूपी के हाल

भोपाल हिन्दू धर्म में करवा चौथ का व्रत सबसेअधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन में के लिए निर्जला उपवास रखती है. ये व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए पति की लंबी आयु के लिए उपवास करती है और रात को चांद देखने के बाद अपना व्रत तोड़ती करती हैं. करवा चौथ का पर्व पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है. उत्तर प्रदेश में भी इस पर्व की धूम देखने को मिलती है. देश में हर साल की तरह इस बार भी करवाचौथ का त्योहार आज धूमधाम से मनाया जा रहा है. आज के दिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. दिन भर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं रात को चांद दिखने पर चंद्रमा को अर्ध्य देकर उपवास तोड़ती हैं.  करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सरगी खाने के साथ होती है. सूर्योदय से शुरू हुआ यह व्रत रात में महिलाओं द्वारा चंद्रमा की पूजा और छलनी से चांद को देखने के बाद होती है. इस दौरान महिलाएं अपने पति की आरती भी उतारती हैं. पति अपने हाथों ने पत्नी को पानी पिलाते हैं.  करवा चौथ का व्रत गणपति जी और करवा माता को समर्पित है. यहां पर आपको ये भी बता दें कि यह व्रत चांद की पूजा के बिना अधूरा माना जाता है. करवा चौथ 2024 पूजा मुहूर्त  करवा चौथ पूजा समय- शाम 05.46 – रात 07.09 (अवधि 1 घंटा 16 मिनट) करवा चौथ व्रत समय – सुबह 06.25 – रात 07.54 (अवधि 13 घंटे 29 मिनट) हिन्दू धर्म में करवा चौथ को सुहागिन स्त्रियों को सबसे बड़ा माना जाता है. ये व्रत सूर्योदय से लेकर रात में चंद्रोदय तक चलता हैं. महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती है और अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत करती है. महिलाएं पूरा दिन न तो अन्न ग्रहण करती और न ही जल. रात को जब चंद्रोदय होता है तब महिला चांद अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु की मंगल कामना करते हुए अपना उपवास पूरा करती है. करवा चौथ पर चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी और 21 अक्टूबर को सुबह 04 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में शाम होने के बाद से ही महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहता है. लेकिन, इस बार चांद देखने के लिए महिलाओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा. इस बार रविवार को चंद्रमा का उदय शाम 7 बजकर 40 मिनट पर हो जाएगा. राजधानी दिल्ली-नोएडा से लेकर प्रयागराज और अयोध्या तक तमाम बड़े शहरों में चांद इस समय दिखाई देगा. किस शहर में कब दिखेगा चांद शहर का नाम चांद निकलने का समय लखनऊ 07 बजकर 42 मिनट कानपुर 07 बजकर 47 मिनट नोएडा 07 बजकर 52 मिनट दिल्ली 9 बजकर 10 मिनट प्रयागराज 07 बजकर 42 मिनट अयोध्या 07 बजकर 38 मिनट वाराणसी 07 बजकर 32 मिनट बरेली 07 बजकर 46 मिनट गाजियाबाद 07 बजकर 52 मिनट आगरा 07 बजकर 55 मिनट कोलकाता 07 बजकर 46 मिनट देहरादून 07 बजकर 09 मिनट अमृतसर 07 बजकर 54 मिनट भोपाल 08 बजकर 29 मिनट अहमदाबाद 07 बजकर 38 मिनट चेन्नई 08 बजकर 43 मिनट मुंबई 08 बजकर 59 मिनट कुरुक्षेत्र 08 बजे शिमला 07 बजकर 47 मिनट जम्मू 07 बजकर 52 मिनट पंजाब 07 बजकर 48 मिनट बिहार 08 बजकर 29 मिनट झारखंड 08 बजकर 35 मिनट कुछ ऐसी है मान्यता ऐसा माना जाता है कि पूजा के दौरान करवा (मिट्टी का पात्र) का प्रयोग किया जाता है, जिसे पति की प्रतीकात्मक सुरक्षा के रूप में देखा जाता है. महिलाएं करवा को भगवान गणेश और चंद्रमा के सामने रखकर पूजा करती हैं. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का समापन करती हैं. पति पत्नी को आवश्यक रूप से विशेष उपहार देते हैं, इसमें आभूषण, कपड़े और अन्य उपहार शामिल होते हैं. करवा चौथ 2024 मून टाइम  20 अक्टूबर 2024 को रात 7 बजकर 54 मिनट पर चांद निकलेगा. दिल्ली में चांद दिखने का सही समय सात बजकर 53 मिनट है. नोएडा में यह समय 7 बजकर 52 मिनट है. शहर के अनुसार चंद्रोदय समय कुछ मिनट के अंतर से अलग-अलग हो सकता है.  क्या है करवा चौथ की अहमियत? दिल्ली सहित पूरे देश में करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के अखंड प्रेम, सम्मान और त्याग की चेतना का प्रतीक है. ये व्रत दांपत्य जीवन में अपार खुशियां लेकर आता है. करवाचौथ की सबसे पहले शुरुआत सावित्री की पतिव्रता धर्म से हुई. महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलती हैं.  करवा चौथ के पीछे मान्यता यह है कि देवी पार्वती ने भी ये व्रत किया था. दूसरी मान्यता है कि करवा चौथ व्रत महाभारत काल में द्रोपदी ने भी किया था. जब पांडवों पर संकट के बादल मंडराए थे तो श्रीकृष्ण के कहे अनुसार द्रोपदी ने करवा चौथ का व्रत पूजन किया था, जिसके प्रभाव से पांडवों का संकट टल गया था.  इस त्योहार को लेकर एक मान्यता यह है जो सुहागिन स्त्री इस दिन अन्न-जल का त्याग कर व्रत रखती हैं, उसके सुहाग पर कभी कोई आंच नहीं आती.

राशिफल रविवार 20 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों के लिए खास रहने वाला है। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। आर्थिक मामलों में लापरवाही न बरतें। खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। करियर से जुड़े डिसीजन बहुत सोच-समझकर लें। ऑफिस में चैलेंजिंग टास्क की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में मुनाफा होगा। आज आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल होगी। वृषभ राशि- आज प्रोफेशनल लाइफ में किए गए कार्यों की शुरुआत के अच्छे रिजल्ट मिलने लगेंगे। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाएं। शैक्षिक कार्यों में कामयाबी हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। आज आपकी आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रह सकता है। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। पार्टनरशिप के साथ नए बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। शाम को प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करने के लिए कुछ स्पेशल प्लान कर सकते हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को अपना टैलेंट साबित करने का कई मौका मिलेगा। बॉस आपके परफॉर्मेंस से इंप्रेस होंगे। बिजनेस में कुछ नया ट्राई कर सकते हैं। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में भी मन लगेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। पारिवारिक जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। नौकरीपेशा वालों का प्रमोशन हो सकता है। ऑफिस के कुछ कार्य तनाव बढ़ा सकते हैं। धैर्य बनाए रखें और स्ट्रेस कम करने के लिए फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। कर्क राशि- कर्क राशि के कुछ जातकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर चले रहे विवादों से छुटकारा मिलेगा। करियर में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी। फैमिली इश्यूज को दूर करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। कानूनी मामलों में जीत हासिल होगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। ऑफिस में स्किल और टैलेंट को प्रदर्शित करने का कई मौका मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। बॉस आपके कार्यों से इंप्रेस होंगे। वैवाहिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। भावुकता से बचें। फैमिली के साथ पिकनिक पर जा सकते हैं। आज आपकी लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है। कन्या राशि- आज का दिन सामान्य रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी में किसी चीज की खरीदारी न करें। लंबी यात्राओं के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भी अच्छा दिन है। विद्यार्थियों को करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को गुड न्यूज मिल सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। रोजाना योग व मेडिटेशन करें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। आलस्य से दूर रहें। निवेश के नए मौकों पर नजर रखें। घर खरीदने या बेचने का प्लान बन सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी, लेकिन साथी से ऐसी कोई बात न कहें, जिससे उनके मन को ठेस पहुंचे। आज आपके ऑफिस के सभी कार्य सफल होंगे। करीबी दोस्त या रिश्तेदारों की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों को आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आपको अचानक से किसी महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहने वाला है। मनचाहे प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिल सकता है। पार्टनर का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और तनाव से बचें। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज बेकार से वाद-विवाद से बचना चाहिए। आज विरोधी एक्टिव रहेंगे। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। परिजनों से वैचारिक मतभेद संभव है। क्रोध से बचें। इमरजेंसी सिचुएशन के लिए पैसे बचाएं। फैमिली मेंबर्स के सपोर्ट से लाइफ की सभी चुनौतियों को पार कर सकेंगे। विद्यार्थियों को परीक्षाओं में सफलता हासिल होगी। करियर की बाधाएं समाप्त होंगी। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। खर्चों पर नजर रखें। जल्दबाजी में किसी चीज की खरीदारी करने से बचें। मकर राशि- आज मकर राशि वालों के लिए लकी दिन रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। निवेश के नए मौके मिलेंगे, लेकिन आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह लेने लाभकारी साबित हो सकता है। घर में मेहमानों का आगमन संभव है। सुखद यात्रा का आनंद लेंगे। गृह-निर्माण के कार्य शुरू कर सकते हैं। कुछ जातकों को जीवनसाथी से अनबन संभव है। सामाजिक कार्यों मे दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप नए कार्यों की भी शुरुआत कर सकते हैं। कुंभ राशि- आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। प्रियजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों का आनंद लेंगे। लंबी यात्रा के योग हैं। कुछ जातकों को प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। कुछ मामलों में शांति बनाए रखें। अपने करियर गोल्स पर फोकस करें। आपको कड़ी मेहनत और लगन का फल जरूर मिलेगा। करियर में खूब तरक्की करेंगे। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति में दिलचस्पी बढ़ सकती है। मीन राशि- मीन राशि वालों को दिन की शुरुआत में छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इससे डेली रूटीन पर कोई असर नहीं होगा। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आज लाइफ पार्टनर के लिए कुछ स्पेशल प्लान कर सकते हैं। इससे लव लाइफ में खुशियां आएंगी। कुछ जातक नए वाहन की खरीदारी का भी प्लान बना सकते हैं। आज आपको अपने करीबी दोस्त से आर्थिक मदद भी मिल सकती है।

करवा चौथ पर भद्रा का साया, पूजा के दौरान पढ़ें ये मंत्र

करवा चौथ हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास बढ़ाता है। इस पर्व को प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ व्रत की शुरुआत सरगी खाने से होती है, जो सूर्योदय से लगभग 2 घंटे पहले तक खाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष 20 अक्तूबर 2024 को करवा चौथ का उपवास रखा जाएगा। इस दिन भद्रा का साया भी बना हुआ है। यह भद्रा दिन में केवल 21 मिनट के लिए ही रहेगी, जिसका वास स्थान स्वर्ग है। ज्योतिष गणना के मुताबिक करवा चौथ पर भद्रा का साया सुबह 06 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह 06:46 तक रहेगा। ऐसे में पूजा के दौरान करवा माता की इस आरती और मंत्र का जाप करने से व्रत पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। आइए इसके बारे में जानते हैं। करवा चौथ के मंत्र श्रीगणेश का मंत्र – ॐ गणेशाय नमः शिव का मंत्र – ॐ नमः शिवाय पार्वतीजी का मंत्र – ॐ शिवायै नमः स्वामी कार्तिकेय का मंत्र – ॐ षण्मुखाय नमः चंद्रमा का पूजन मंत्र – ॐ सोमाय नमः ‘मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।’ ‘नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।’ करवा चौथ की आरती ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।  

20 अक्टूबर को करवा चौथ, नोट करें पूजा का मुहूर्त, विधि

पति की सालमती के लिए करवा चौथ के दिन निर्जल व्रत रखा जाता है। शाम के टाइम चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। सनातन धर्म में सुहागिनों द्वारा रखे जाने वाला करवा चौथ का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे आमतौर पर शादी-शुदा महिलाएं मनाती हैं। पति की सालमती के लिए इस दिन निर्जल व्रत रखा जाता है। शाम के टाइम चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। कब है करवा चौथ आचार्य अशोक पांडे के अनुसार, इस साल यह पर्व 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाएं इस दिन कठिन व्रत का पालन करती हैं और विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से पति को लंबी उम्र और सुरक्षा प्राप्त होती है। साथ ही घर में समृद्धि आती है। पूजा का मुहूर्त चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 20, 2024 को 06:46 बजे चतुर्थी तिथि समाप्त – अक्टूबर 21, 2024 को 04:16 बजे करवा चौथ व्रत समय – सुबह 06:25 से शाम19:54 अवधि – 13 घण्टे 29 मिनट्स करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 05:46 बजे से शाम 07:02 बजे तक अवधि – 01 घण्टा 16 मिनट्स करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय का समय- शाम 07:54 बजे करवा चौथ पूजा सामग्री मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन, पान, सींक, कलश, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, हल्दी, लकड़ी का आसान, देसी घी,कच्चा, दूध, दही, शहद, शक्कर का बूरा, रोली, मौली, मिठाई, चलनी या चलनी आदि। करवा चौथ पूजा-विधि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें मंदिर और घर की साफ-सफाई करें सभी देवी-देवताओं की विधि-विधान पूजा करें करवा चौथ व्रत रखने का संकल्प लें संध्या के समय शुभ मुहूर्त में करवा चौथ की व्रत कथा का पाठ करें फिर चंद्रमा की पूजा करें चंद्र दर्शन करने के बाद अर्घ्य दें पति को छलनी से देखकर आरती उतारें फिर पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत पारण किया जाता है।

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

करवा चौथ: प्रकृति प्रेम का प्रतीक पर्व, परिवार और परंपराओं का मिलन

Karva Chauth: Festival symbolizing love of nature, union of family and traditions हम कोई भी व्रत-त्योहार मनाएं, वह किसी न किसी रूप में प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. यह संदेश जल, जमीन और पेड़-पौधों को संरक्षित और सुरक्षित करने के प्रण से जुड़ा होता है. यह सच है कि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे, तभी हम दीघांयु होंगे, हम पीढ़ी- दर-पीढ़ी आगे बढ़ेंगे. दशहरा के बाद हम अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली मनाते हैं, लेकिन इससे पहले हम कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ भी मनाते हैं. स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं. स्त्रियां जानती हैं कि जिस धरा पर हमारा सुखमय दांपत्य जीवन बीत रहा है, उसके लिए पृथ्वी और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करना जरूरी है, इसलिए वह करवा चौथ के अवसर पर ऐसे अनुष्ठान संपन्न करती है, जो प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षण का भी संदेश देता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन स्त्रियां सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण दांपत्य-जीवन की कामना लिये करवा चौथ का व्रत रखती हैं. वास्तव में यह वत न सिर्फ स्त्रियों, बल्कि पुरुषों के भी प्रेम, समर्पण और त्याग का महापर्व है. यदि हम इसे विस्तृत रूप में देखें, तो यह सृष्टि और प्रकृति प्रेम का भी संदेश देता है. पौराणिक पात्र से जुड़ा है करवा चौथ मान्यता है कि महाभारत काल में द्रौपदी ने यह व्रत रखा था. पांडवों पर आयी विपत्ति को दूर करने की कामना के लिये द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी और करवा चौथ का व्रत रखा. सावित्री और सत्यवान के अलौकिक प्रेम संबंध की कथा को भी इससे जोड़ कर देखा जाता है. व्रत के शुभ मुहूर्त में सबसे पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है. इसके बाद शिव- पार्वती और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. व्रत खोलने से पहले इस दिन छलनी करवा चौथ 20 अक्तूबर के माध्यम से चंद्रमा दर्शन का विधान है. यह इंगित करता है कि दांपत्य संबंधों में तभी शीतलता होगी, जब हम एक-दूसरे के अवगुणों को छलनी से छान कर देखेंगे. करवा चौथ मानवीय मनोभावों के साथ- साथ प्रकृति के प्रति भी प्रेम प्रकट करने का संदेश देता है. संपूर्ण ब्र‌ह्मांड के प्रति आभार यदि आपने कभी करवा चौथ करती हुई स्त्री को गौर से देखा होगा, तो पाया होगा कि इस दिन वह चंद्रमा को मिट्टी के पात्र में शीतल कलश में मौजूद पानी और अन्य तत्व वनस्पति और खनिजों सहित हमारी धरती की समृद्धि का प्रतीक हैं. हम कलश को पांच तत्वों- आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी से जोड़ सकते हैं. इसके आधार पर मिट्टी या किसी धातु का बर्तन पृथ्वी या धरती का प्रतीक है. जीवन का आधार गंगा जल कलश हिंदू अनुष्ठानों में गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतिनिधित्व करता है. कलश या करवा को पवित्र गंगा नदी के जल से भरा जाता है. यहां गंगा जल जीवन को बनाये रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है. जल जीवन का आधार है. गंगा तभी हमें ऊर्जा पूरित करेगी, जब उसका जल स्वच्छ रहेगा. जल लेकर अर्घ्य देती है. इसका आशय है, जहां से शीतलता और रोशनी मिले, उसके प्रति संवेदना की आर्द्रता जरूर प्रदान करना चाहिए, साथ ही यह संदेश मिलता है कि जल, थल और नभ यानी संपूर्ण ब्रह्मांड के प्रति हम आभार प्रकट करें. हम उन्हें स्वच्छ व संरक्षित रखने की कोशिश करें, हम ऐसा कोई भी कार्य न करें, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे. ईश्वर के करीब लाता है यह पर्व करवा चौथ में पति के स्वास्थ और लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है. इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास किया जाता है. इस अनुष्ठान के अंतर्गत शिव-पार्वती पूजा की थाली तैयार करना, चंद्रमा की पूजा करना और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल और मठरी से व्रत तोड़ने का विधान है. यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम-सम्मान और भक्ति का प्रतीक है. मन अशांत होने पर न हम मनुष्य के प्रति प्रेम प्रकट कर पाते हैं और न ही ईश्वर- पृथ्वी का चित्रण है कलश करवा चौथ के नाम में ‘करवा’ शब्द मिट्टी के बर्तन को संदर्भित करता है. पूर्ण कलश पृथ्वी का चित्रण है. भक्ति में ध्यान लगा पाते हैं. यदि हम गौर करें, तो करवा चौथ उपवास का मुख्य उद्देश्य मन को शांत कर ईश्वर और गुरु के करीब आना है.

राशिफल शनिवार 19 अक्टूबर 2024

मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। आप आर्थिक तौर पर उन्नति महसूस करेंगे। आपकी मेहनत और कमिटमेंट आपको पेशेवर मोर्चे पर अपने लिए जगह बनाने में मदद करेगी। लव लाइफ में चीजों को रोमांचक बनाने के लिए आपकी तारीफ की जाएगी। कुछ लोग सोना खरीदने पर विचार कर सकते हैं। काम के साथ-साथ घूमना-फिरना भी जरूरी है, जो तनाव कम कर सकता है। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। वृषभ राशि :वृषभ राशि वालों को किसी प्रोजेक्ट से बड़ी धनराशि मिलने की संभावना है। जब आप शारीरिक गतिविधि के साथ अपनी डाइट को कंट्रोल करते हैं तो स्वास्थ्य अच्छा रहता है। पेशेवर क्षेत्र में काम का बोझ बढ़ने की संभावना है, लेकिन आप सब कुछ सराहनीय ढंग से संभाल लेंगे। किसी यात्रा पर किसी सेलिब्रिटी से मुलाकात होना संभव है। सेल्फ-केयर पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी में किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। मिथुन राशि :मिथुन राशि वालों के जीवन में बड़े बदलाव हो सकते हैं। आज नए अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकते हैं। आप नया व्यायाम ट्राई करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं और स्वास्थ्य के मोर्चे पर लाभ उठा सकते हैं। पहली बार में कुछ सही करने से आपको अच्छा फील होगा। आपके विचारों को मैनेजमेंट द्वारा लागू करने की संभावना है। कुछ लोग ट्रिप पर जाने का प्लान बना सकते हैं। कोर्ट-कचहरी में संपत्ति के मामले पर अच्छी खबर की उम्मीद की जा सकती है। कर्क राशि :कर्क राशि वाले आर्थिक रूप से आज थोड़ा सावधान रहें। पैसा बनाने वाली योजना में निवेश करना रिसकी साबित हो सकता है। फिटनेस के मोर्चे पर शुरू की गई कोई नई एक्सरसाइज आपको फिट और एनर्जेटिक बनाए रखेगी। प्रोजेक्ट या डील से अच्छा प्रॉफिट मिलने पर आप बॉस की नजरों में आ सकते हैं। लव के मामले में आज वाद-विवाद करने से दूर रहें। प्रेमी के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करें। सिंह राशि :सिंह राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा। किसी योजना में निवेश किया गया पैसा बेहतरीन रिटर्न दे सकता है। फिटनेस के मोर्चे पर योग करने से मोटापा और तनाव कम कर सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से किसी कार्यक्रम या समारोह का इन्विटेशन मिल सकता है। यात्रा आनंददायक रहेगी। अच्छी फाइनेंशियल स्थिति के चलते आप संपत्ति खरीदने के बारे में सोचने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। लोगों से मिलने-जुलने की पहल करें। प्रेमी के साथ समय व्यतीत करेंगे। कन्या राशि :आज कन्या राशि वालों को आय में वृद्धि के कई मौके मिलेंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। नई प्रॉपर्टी या घर की खरीदारी संभव है। व्यापार में विस्तार होगा। भाई-बहन संग रिश्ते अच्छे होंगे। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माता-पिता के सेहत पर ध्यान दें। तुला राशि :कन्या राशि वाले आज आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे। मानसिक तनाव से बचने के लिए आप ध्यान या योग का सहारा ले सकते हैं। पेशेवर मोर्चे पर आपको अपनी पहचान बनाने का खास मौका मिलेगा। परिवार का सहयोग आपके सपने को पूरा करने में मदद करेगा। प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेना कुछ लोगों के स्ट्रेस को दूर करेगा। आप में से कुछ लोग संपत्ति खरीदने का मन बना सकते हैं। किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है। वृश्चिक राशि :वृश्चिक राशि वालों को पिछले निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आपके द्वारा चुने गए हेल्दी फूड्स आपको फिटनेस के एक कदम और करीब लाएंगे। काम के सिलसिले में आप जो पहल करेंगे, उसका जल्द ही पॉजिटिव रिजल्ट मिलेगा। नया व्यवसाय शुरू करने का यह अच्छा समय है। पार्टनर के साथ लॉंग ड्राइव पर जाने का प्लान बना सकते हैं। धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए शुभ दिन कहा जा सकता है। पैसे कमाने वालों के लिए एक बेहतरीन दिन होने की उम्मीद है। अपनी डाइट पर कंट्रोल रखना और व्यायाम करना जरूरी है। पेशेवर मोर्चे पर रोज एक जैसा काम आपको बोर करने वाला लग सकता है, लेकिन आपको इसे जारी रखना चाहिए। आज परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। विदेशी यात्रा का योग है। रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े लोग आज संपत्ति का सौदा करने में सफल हो सकते हैं। मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। धन वृद्धि की योजनाएं सफल होंगी और आपकी आर्थिक सिचूऐशन मजबूत होगी। आप आसानी से अपनी रोजाना की लाइफस्टाइल में एक्सरसाइज शामिल कर पाएंगे। कामकाज के मोर्चे पर आपकी ईमानदारी और समर्पण का रिजल्ट जल्द मिलने की संभावना है। कुछ लोग घर का रिनोवेशन करा सकते हैं। व्यावसायिक तौर पर पुराने कनेक्शन को बढ़ाने के लिए आज का दिन बहुत बढ़िया है। कुंभ राशि : कुंभ राशि वाले को आज अच्छी कमाई की उम्मीद कर सकते हैं। शारीरिक फिटनेस को मेन्टेन करने पर फोकस करें। प्रोफेशनल्स को अच्छा प्रॉफिट होने की संभावना है। पारिवारिक तौर पर कोई शुभ समाचार मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। किसी पुराने रिश्तेदार से मुलाकात भी हो सकती है। संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अच्छा है। लव लाइफ में कड़वाहट दूर करने के लिए साथी के साथ हॉलिडे पर जाएं। मीन राशि : मीन राशि वाले जिस मौके का इंतजार कर रहे हैं, वह जल्द ही मिलने वाला है। अंतिम समय में आपको सौंपा गया काम सही ढंग से पूरा हो जाएगा। रोजाना वर्कआउट करने की आपकी आदत से आपको स्वास्थ्य के मामले में सकारात्मक रिजल्ट मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग आपको चुनौती स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। पार्टनर की तलाश कर रहे लोगों के लिए सपना साकार होने की संभावना है। किसी लंबी यात्रा पर दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने का मौका मिलेगा। संपत्ति की बिक्री से कुछ लोगों को प्रॉफिट मिलने की संभावना है।

राशिफल शुक्रवार 18 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज मेष राशि वालों को कानूनी विवादों से मुक्ति मिलेगी। पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। धन का आवक बढ़ेगा। फैमिली या दोस्तों के साथ वेकेशन पर जाने के मौके मिल सकते हैं। कार्यस्थल में अपने कार्यों पर फोकस करें। ऑफिस पॉलिटिक्स से बचने की कोशिश करें। वाद-विवाद से दूर रहें। आज घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को अपने सभी काम डेडलाइन से पहले कंपलीट करने होंगे। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। विरासत में मिले घर को मरम्मत कराने का प्लान बना सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आने वाली परेशानियां समाप्त होंगी। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे, लेकिन पार्टनर के जिद्दी स्वभाव से दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है। आज करियर की बाधाएं दूर होंगी। सेहत पर ध्यान दें। रोजाना योग व एक्सरसाइज करें। मिथुन राशि- आज मिथुन राशि वालों को करियर में आने वाली बाधाओं से छुटकारा मिलेगा। प्रियजन से मुलाकात संभव है। नई प्रॉपर्टी खरीदने की शानदार डील मिल सकती है। आज आपको स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। घर में बड़ों के सुझावों का सम्मान करें। बड़े अमाउंट में किसी को पैसे उधार देने से बचें। इसे वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यों में चुनौतियों आएंगी, लेकिन आप हर कार्य आसानी से पूरा करने में सफल होंगे। कर्क राशि- आज कर्क राशि वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। परिस्थिति को अनियंत्रित न होने दें। आज धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। कारोबार में विस्तार के लिए ज्यादा मेहनत करना पड़ेगा। हालांकि, किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के भी नए मौके मिलेंगे। सिंह राशि- आज सिंह राशि वाले आय के नए साधनों की तलाश करने में सफल होंगे। प्रियजन से मुलाकात के लिए यात्रा के योग बनेंगे। आज आप घर मरम्मत कराने का प्लान बना सकते हैं। पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। रिश्तों में स्वार्थी होने से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखें। स्वास्थ्य पर खास ध्यान दें। ऑफिस का प्रेशर घर न लाएं और फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी और तनाव भी कम होगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज धन बचत करने पर फोकस करना होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। प्रोफशनल लाइफ में बदलाव के संकेत हैं। यह फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बनाने का बेस्ट टाइम है। कुछ जातक पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ हो सकता है। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कारोबार में विस्तार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वाणी में सौम्यता का प्रभाव रहेगा। तुला राशि- आज तुला राशि वालों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। ऑफिस में कार्यों की तारीफ होगी। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। विरासत की संपत्ति से धन लाभ होगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। ऑफिस के कार्यों में लापरवाही न बरतें। आज आपके अटके हुए कार्य सफल होंगे। नए व्यापार की शुरुआत के लिए भी आज का दिन अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि- आज वृश्चिक राशि वालों को छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सोच-समझकर धन खर्च करें। बेकार के खर्चों पर नियंत्रण रखें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कुछ जातक नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। ऑफिस में आपके सुझावों की तारीफ होगी। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। धनु राशि- आज का दिन धनु राशि वालों के लिए शानदार रहेगा। ऑफिस में बॉस आपके कार्यों से इंप्रेस होंगे। मन प्रसन्न रहेगा। नेगेटिविटी से मुक्ति मिलेगी। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। नौकरीपेशा वालों के प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेमी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। आप हेल्दी और फिट रहेंगे। मकर राशि- आज मकर राशि वालों को निवेश से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लेना होगा। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कते रहेंगी। आज आप प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने का प्लान बना सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ी चुनौतियां रहेंगी। लाइफ पार्टनर संग सोच मैच नहीं खाएगी। जिससे अनबन संभव है। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। विरोधी एक्टिव रहेंगे। सिर दर्द या थकान की समस्या हो सकती है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कुंभ राशि- आज कुंभ राशि वालों को प्रोफेशनल लाइफ में आने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। आप फैमिली के साथ किसी पार्टी में शामिल होंगे। यात्रा के योग बनेंगे। धन-संपदा में वृद्धि होगी। आय के नए साधन बनेंगे। पार्टनर के साथ लव लाइफ के रोमांटिक पलों को एंजॉय करेंगे। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। जिससे सभी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। हालांकि, कुछ कार्यों को पूरा करने में ज्यादा मेहनत करनी होगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान देना होगा। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के कई मौके मिलेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवाद सुलझ जाएंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी हासिल होगी। शैक्षिक कार्यों में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। स्टूडेंट्स को अपने पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। नए फिटनेस रूटीन में शामिल हों। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। आज पार्टनर संग आपका इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा।

राशिफल गुरुवार 17 अक्टूबर 2024

मेष राशि : आज मेष राशि वालों को कर्ज से मुक्ति मिलेगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। करियर में बड़े बदलाव के संकेत हैं। आज आप नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। करियर में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी। लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। पार्टनरशिप के बिजनेस में प्रॉफिट होगा। शाम को पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट का प्लान बना सकते हैं। वृषभ राशि :वृषभ राशि वालों को आज विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। पार्टनर या परिजनों के आलसी स्वभाव से चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। बिजनेस से जुड़ी गुड न्यूज मिल सकती है। आज आप नए टास्क की शुरुआत कर सकते हैं। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट मिलेगा। इससे करियर ग्रोथ के चांस बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति का माहौल रहेगा। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। मिथुन राशि :आज मिथुन राशि वालों को शैक्षिक कार्यों में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। निवेश से जुड़े डिसीजन के लिए एक्सपर्ट से डिस्कस करना लाभकारी साबित होगा। कुछ जातकों को जॉब स्विच करने के सुनहरे मौके मिलेंगे। फैमिली या फ्रेंड्स के वेकेशन पर जा सकते हैं। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी या अपार्टमेंट खरीद सकते हैं। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। कर्क राशि :आज कर्क राशि वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सीनियर्स आपके आइडियाज की तारीफ करेंगे। घर के बड़े फैमिली मेंबर्स का भी सपोर्ट मिलेगा। यात्रा के योग बनेंगे। परिजनों से अपनी प्रॉब्लम को डिस्कस कर सकते हैं। आज आपको बकाया हुआ धन वापस मिल सकता है। कर्क राशि के सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात संभव है। सिंह राशि :आज सिंह राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। नौकरीपेशा वालों का स्थानांतरण हो सकता है। पारिवारिक जीवन में आपके योगदान की प्रशंसा होगी। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर रखें। इससे करियर में उन्नति के कई सुनहरे मैके मिलेंगे। सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन हो सकता है। परिजनों की सलाह को जरूर फॉलो करें। स्टूडेंट्स को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। कन्या राशि :आज कन्या राशि वालों को आय में वृद्धि के कई मौके मिलेंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। नई प्रॉपर्टी या घर की खरीदारी संभव है। व्यापार में विस्तार होगा। भाई-बहन संग रिश्ते अच्छे होंगे। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माता-पिता के सेहत पर ध्यान दें। तुला राशि :आज तुला राशि के जातक आर्थिक मामलों में कई बड़े फैसले लेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। भाई-बहन का सपोर्ट मिलेगा। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। मन शांत और प्रसन्न रहेगा। प्रतिस्पर्धी माहौल में आपको टैलेंट का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। बिजनेस में मुनाफा होगा। पुराने दोस्तों से लंबे समय के बाद मुलाकात होगी। अचानक से यात्रा के योग बन सकते हैं। किसी करीबी दोस्त की मदद से व्यापार में विस्तार होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वृश्चिक राशि :आज वृश्चिक राशि वालों के सभी सपने साकार होंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शैक्षिक कार्यों में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। नेगेटिविटी से दूर रहें और पॉजिटिविटी पर फोकस करें। सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। आज अचानक से बढ़ते खर्च से मन परेशान रह सकता है। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। ऑफिस में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को सुलझाने का प्रयास करें। धनु राशि : आज धनु राशि वालों को कोई भी डिसीजन बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। आज आपके लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे।हायर एजुकेशनल के लिए कई मौके मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियों को पार करने में सक्षम रहेंगे। आज आपको ऑफिस में सीनियर्स से किसी गलती की वजह से डांट मिल सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें। हताश न हों और अपने लक्ष्यों पर फोकस करें। काम के सिलसिले में की गई यात्रा लाभकारी साबित होगी। मकर राशि : आज लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन में बड़े बदलाव के संकेत हैं। बिजनेस के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। इससे तरक्की के कई मौके भी मिलेंगे। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। जीवनसाथी संग रिलेशनशिप की गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश करें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। स्वास्थ्य पर खास ध्यान दें। कुंभ राशि : आज प्रियजनों के साथ टाइम स्पेंड करें। स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता दें। हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें। प्रोफेशनल लाइफ में उन्नति के नए मौकों पर नजर रखें। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। आज आप नया घर या फ्लैट खरीदने का प्लान बना सकते हैं। स्टूडेंट्स को शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। कुछ लोगों को क्रश की तरफ से पॉजिटिव रिस्पान्स मिलेगा। लव लाइफ शानदार रहेगी। मीन राशि : आज मीन राशि वालों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। सामाजिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। फैमिली मेंबर्स की तरफ से गुड न्यूज मिलेगा। करियर में मनचाही सफलता मिलेगी। लाइफ पार्टनर से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। काम के सिलसिले में अचानक से यात्रा के योग बनेंगे। पिता के स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रह सकता है। ऑफिस में अच्छा माहौल रहेगा। सहकर्मियों के साथ अपने आइडियाज शेयर करने के मौके मिलेंगे।

राशिफल बुधवार 16 अक्टूबर 2024

मेष राशि: मेष राशि के जातकों को  अपने कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. आप किसी से  कोई भी बात इग्नोर ना करें, नहीं तो इससे लड़ाई झगड़ा होना संभव है. पारिवारिक व्यवसाय में यदि दूरी आ गई थी, तो आप एकजुट नजर आएंगे. परिवार में किसी मागंलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है. राजनीति की और कदम बढ़ा रहे लोगों को थोड़ा सा सावधान रहना होगा, जो लोग किसी प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं, वह कल रुक जाए, नहीं तो उनका धन फंसने की संभावना है. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए कल दिन विशेष रूप से फलदायक रहने वाला है. आपको अपने जीवनसाथी के मनमाने व्यवहार के कारण समस्या हो सकती है.  आप परिवार के सदस्यों के साथ आनंदमय समय व्यतीत करेंगे. किसी नए काम के प्रति आपकी रुचि जागृत हो सकती है.  आप ऊर्जावान रहेंगे, आपकी तरक्की की राह में आ रही बाधाएं दूर होगी. आपको अपने पिताजी से कोई मन की बात कहने का मौका मिल सकता है. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों को अपनी सेहत पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि मौसम का विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. आप अपने साथी के साथ रोमांटिक मूड में नजर आएंगे, लेकिन परिवार में बड़े सदस्य यदि आपको कोई सलाह दे, तो आप उस पर अम्ल अवश्य  करें. आप किसी मकान की खरीदारी के लिए ससुराल पक्ष के व्यक्ति से धन उधार ले सकते हैं, जो आपको आसानी से मिल जाएगी. कार्य क्षेत्र में आपको कुछ कठिनाईयां  आएंगी, लेकिन फिर भी आप अपने कामों को आसानी से पूरा कर सकेंगे. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को  अपनी पारिवारिक समस्याओं पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. जीवनसाथी के साथ मिलकर आपको उन्हें दूर करने की कोशिश करनी होगी. आप किसी से कोई भी ऐसी बात ना बोले, जिससे की बात बिगड़े. पारिवारिक संपत्ति में इजाफा होगा, क्योंकि किसी संपत्ति संबंधित मामले में आपको जीत मिलती दिख रही है. आपकी संतान पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगी, जिससे आपके मन में हर्षोल्लास बना रहेगा. सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को कल अपनी वाणी व व्यवहार पर संयम बनाए रखने की आवश्यकता है. आप पार्टनरशिप में कोई काम ना करें. आपकी किसी नए काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती हैं. आपको अपने आसपास रह रहे लोगों से सावधान रहना होगा. पिताजी का कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है, जो आपको समस्या देगा.  आप किसी की कही सुनी बातों में ना आए, नहीं तो कोई लड़ाई झगड़ा हो सकता है. कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए कल दिन मिलाजुला रहने वाला है.  आपको अपने परिवार को सदस्यों की बातों को इग्नोर करने से बचना होगा. आपकी किसी नए काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती है, जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षक ग्रहण करना चाहते हैं, उन्हे कोई अच्छा अवसर हाथ लग सकता है. आपका माता-पिता के आशीर्वाद से कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. आपकी कोई डील यदि लंबे समय से अटकी हुई थी, तो वह भी फाइनल हो सकती है. तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन अनुकूल रहने वाला है. आप अपने जीवन साथी के साथ पार्टनरशिप में किसी काम की शुरुआत कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. प्रेम जीवन जी रहे लोगों को  साथी की बातों  पर थोड़ा सोच समझकर ही भरोसा करना बेहतर रहेगा. आपको किसी प्रिय वस्तु के खोने का भय बना हुआ है, इसलिए आप थोड़ा ध्यान देकर ही कामों को करे. माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल दिन प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा. आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ खुशनुमा समय व्यतीत करेंगे. आपके दिए गए सुझावों का कार्य क्षेत्र में स्वागत होगा. प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे लोग  कोई दिल थोड़ा सोच समझकर ही फाइनल करें. आपकी किसी राजनीतिक  काम की ओर रुचि जागृत हो सकती है. आप अपनी संतान के कहने पर कोई नया वाहन घर लेकर आ सकते हैं. धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी लड़ाई झगड़े से दूर रहने के लिए रहेगा. आपके मन में किसी बात को लेकर दुविधा बनी रहेगी. आप अपनी संतान के लिए कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं. आपके घर  किसी अतिथि का आयोजन हो सकता है. आपको प्रमोशन के साथ-साथ  वेतन में भी वृद्धि होगी, जो आपकी खुशी का कारण बनेगी. आप अपने पिताजी की सेहत के प्रतिशत सचेत रहें, क्योंकि उनकी आंखों से संबंधित समस्या बढ़ने की संभावना है. मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए कल दिन कुछ कठिनाइयो भरा रहने वाला है. जीवन साथी से  आपकी अनबन होने की संभावना है, इसलिए आप कोई भी बात सोच समझ कर बोले. कार्य क्षेत्र में भी  आपको कामों  को करने में कुछ असुविधा रहेगी, क्योंकि आपके विरोधी सतर्क रहेंगे. आपके घर किसी अतिथि का आगमन हो सकता है. आपको कुछ काम अधिक रहने के कारण सिर दर्द, थकान, बदन दर्द आदि बना रहेगा. आपको किसी काम में माताजी से मदद लेनी पड़ सकती है. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए कल दिन मिश्रित रूप से फलदाक रहने वाला है. आप अपने परिवार के सदस्यों को लेकर कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. आप अपने व्यवसाय में किसी गलती को अनदेखा ना करें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछतावा होगा. आपको अपने कामों को पूरा करने में भाग दौड़ अधिक करनी होगी.  आपके सहयोगी कामों में आपका पूरा साथ देंगे. मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए कल दिन  कोई खुशखबरी लेकर आने वाला है. आपको अपने बिजनेस को और बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिसमें आपके साथ कोई पार्टनरशिप कर सकता है. परिवार में लोग आपको एकजुट रखने में कामयाब रहेंगे. प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए दिन थोडा सोच समझ कर चलने के लिए है, क्योंकि आपसे काम में कोई गलती हो सकती है. विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लिखाई पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है.

17 अक्टूबर को सूर्य देव करेंगे राशि परिवर्तन, जानें सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव

17 अक्टूबर को सूर्य देव राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस दिन सूर्य देव कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य देव के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे इसलिए इसे तुला संक्रांति कहेंगे। सूर्य देव को ज्योतिष में विशेष स्थान प्राप्त है। सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य के शुभ होने पर व्यक्ति का सोया हुआ भाग्य भी जाग जाता है तो कुछ राशि वालों को सावधान रहने की आवश्यकता है। सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि वालों का भाग्योदय होना तय है तो कुछ राशि वालों को सावधान रहने की आवश्यकता है। मेष-नौकरी में अच्छी स्थिति रहेगी। प्रेम विवाह की संभावनाएं हैं। वृषभ- यह गोचर आपके लिए थोड़ा सा शत्रु नासक रहेगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छे परिणाम प्राप्त होने से गोचर लगभग अच्छा रहेगा। मिथुन- क्रोध में वृद्धि हो सकती है। कर्क- गृह कलह के संकेत हैं। सिंह- एनर्जी या उत्साह की कमी रहेगी। कन्या- सरकारी तंत्र से जुड़ाव होगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। तुला- तबीयत खराब हो सकती है, हालांकि आमदनी बढ़ेगी। वृश्चिक- खर्चों में वृद्धि हो सकती है। धनु –आय में वृद्धि संभव है और इनकम के नए सोर्स बनेंगे। मकर- व्यवसाय में उत्थान होगा। कुंभ- भाग्य के रोड़े बने रहेंगे। मीन- यह गोचर अशुभ या खराब रहेगा।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष अष्टमी पर गुरुवार, 24 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा

 रोशनी का पर्व यानी कि दिवाली आने में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं और इसकी तैयारी बाजारों में दिखाई देने लगी है. वहीं लोगों ने भी खरीददारी की तैयारी शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत तो नवरात्रि से ही हो गई थी, लेकिन सबसे बड़ा और शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को बनने जा रहा है.  इस दिन गुरु पुष्य योग रहेगा. आपको बता दें कि, गुरु पुष्य योग में आभूषण, भूमि, घर और वाहनों से लेकर इलेक्ट्रिक सामानों की खरीददारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है. हालांकि, इसके अलावा भी कई सारे मुहूर्त दिवाली से पहले आएंगे. आइए जानते हैं इनके बारे में. शुभ मुहूर्त अक्टूबर के इस महीने में दिवाली से पहले 15 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि एवं सूर्य योग बन रहा है. वहीं 16 अक्टूबर को रवि योग का निर्माण होगा. इसी प्रकार 17 और 18 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग और 21 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग बनेगा. वहीं 22 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग, 24 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि बनेगा. इसी दिन सबसे बड़ा मुहूर्त यानि कि गुरु पुष्य योग बन रहा है. इसके बाद 29 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग और 30 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा 2 नवंबर को त्रिपुष्कर योग बनेगा. ‘दीपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्र के समूह में नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र की गणना से देखें तो पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है। शनि को काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, त्याग, शिक्षा और आध्यात्मिक का कारक बताया जाता है।’  ‘यही कारण है कि भौतिक समृद्धि को प्राप्त करने के लिए सुख – सुविधा की दृष्टि से खरीदारी करने की मान्यता है। इसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की मूर्तियां, दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन, वस्त्र, जमीन, प्लॉट, मकान, कारखाने आदि क्षेत्र में लोग निवेश करते हैं और समृद्धि का कारण इस नक्षत्र की शुभता को मानते हैं।’ नए कार्यों का श्री गणेश भी कर सकते हैं पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होने से इस दिन सभी प्रकार के कार्य को सिद्ध माना जाता है। अपने ग्रह नक्षत्र के आधार पर यदि कोई कार्य योजना बना रखी है, तो इस योजना का शुभारंभ इस दिन कर सकते हैं या कोई नया व्यापार या व्यवसाय या प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थापना है तो इस दिन का लाभ लिया जा सकता है। शनि गुरु के केंद्र त्रिकोण का मिलेगा लाभ ग्रह गोचर की गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि कुंभ राशि पर, बृहस्पति वृषभ राशि पर गोचर कर रहे हैं। इस दिन पुष्य नक्षत्र का प्रभाव दिनभर विद्यमान रहेगा। शनि का केंद्र योग और गुरु का त्रिकोण योग आदि की स्थिति बनेगी, जो समृद्धि को स्थायित्व प्रदान करेगा। इस दृष्टि से भी स्वर्ण का आभूषण, लोहे के उत्पाद या वाहनों का संचय कर सकते हैं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि होने से स्थाई संपत्ति की खरीदी की योजना भी बनाई जा सकती है, जिसमें भूमि, भवन, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, टेक्सटाइल मिल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केटिंग से जुड़े सभी प्रकार के विभिन्न क्षेत्रों में अपने स्थायित्व को आगे बढ़ाने के लिए इस दिन विशेष का लाभ लिया जा सकता है। भारतीय विदेश नीति का प्रभाव बढ़ेगा  ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र की गणना के अनुसार शनि विदेश नीति और कूटनीति का कारक हैं। वहीं गुरु ज्ञान, श्रेष्ठता और वरिष्ठता के साथ परम पद का भी कारक माना जाता है। दोनों के संयोजन से यह नक्षत्र आने वाले 3 महीने में भारत की विदेश नीति और कूटनीति को प्रबल बनाएगा। पश्चिमोत्तर दिशा और एशिया मध्य में अपने विशिष्ट प्रभाव की छाप छोड़ते हुए भारतीय बाजार को विश्व में आगे की पंक्तियों में खड़ा कर देगा।  

17 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा व्रत, जाने मुहूर्त, पूजा-विधि

हर महीने पूर्णिमा तिथि पड़ती है, जिसका व्रत मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन पूरे-विधि विधान से माता की पूजा करने से घर में संपन्नता आती है। इस महीने की पूर्णिमा को आश्विन पूर्णिमा के नाम से जाना जाएगा। उदया तिथि के चलते 17 अक्टूबर के दिन पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा। पूर्णिमा तिथि पर लक्ष्मी मां की पूजा-उपासना करने से घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य भी दिया जाता है। आश्विन पूर्णिमा पूजा-विधि पवित्र नदी में स्नान करें या पानी में गंगाजल मिलकर स्नान करें भगवान श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी का जलाभिषेक करें माता का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें अब मां लक्ष्मी को लाल चंदन, लाल रंग के फूल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें आश्विन पूर्णिमा की व्रत कथा का पाठ करें श्री लक्ष्मी सूक्तम का पाठ करें पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें माता को खीर का भोग लगाएं चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें अंत में क्षमा प्रार्थना करें मंत्र- ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः 17 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा व्रत पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 16, 2024 को 20:40 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त – अक्टूबर 17, 2024 को 16:55 बजे पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय – शाम 05:41 बजे आश्विन पूर्णिमा का महत्व आश्विन पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान स्नान और दान करने का खास महत्व है। आश्विन पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही आश्विन पूर्णिमा के दिन चंद्र देव और धन की देवी मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने का विधान है। इसलिए आश्विन पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान किया जाता है।

शरद पूर्णिमा 2024: धन, समृद्धि और सफलता के लिए उपाय और टोटके

शरद पूर्णिमा का दिन बहुत ही खास माना जाता है। सिद्धांत यह है कि इस दिन समुद्र तट के बीच मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस दिन को मां लक्ष्मी के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं। इसलिए इस दिन जो व्यक्ति मन से मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सभी काम आसानी से पूरे हो जाते हैं। साथ ही उस व्यक्ति को कभी भी धन धान्य की कोई कमी नहीं रहती है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस बार शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर, रविवार का दिन है। इस दिन अगर आप सुबह-सुबह कुछ आसान उपाय कर लें तो आपके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी। आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा के दिन कौन से पांच उपाय करें। शरद पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल शीघ्र अनादि काल से करें ये उपाय शरद पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल शीघ्र अनादिकाल में माँ लक्ष्मी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएँ और इसके बाद माँ लक्ष्मी के जप का जाप करें। ऐसा करने से घर में धन धान्य की कोई कमी नहीं होगी साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। शरद पूर्णिमा के दिन किसी भी गरीब व्यक्ति को जरूर दान करना चाहिए ये चीजें शरद पूर्णिमा के दिन किसी भी गरीब को ये चीजें जरूर दान करनी चाहिए। आप किसी भी प्रकार के अन्न का दान कर सकते हैं जैसे चावल, आटा आदि। अगर आप चावल का दान करते हैं तो यह काफी बेहतरीन रहेगा। इसके अलावा आप फ्लैट का दान भी कर सकते हैं। साधारण लोगों को कपड़े का दान करने से व्यक्ति को पुण्य मिलता है। शरद पूर्णिमा के दिन इस मंत्र के जाप से दूर होगी आर्थिक ऊर्जा शरद पूर्णिमा के दिन ऊँ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूर-दूरये स्वाहा:। ।। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को धन की प्राप्ति होती है। इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप अवश्य करें। ​शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ी इस दिन माता लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ी दिखाएं। कौड़ी निर्विकार करने से पहले मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाकर उनकी पूरी विधि विधान से पूजा करने के बाद ही कौड़ी निर्वाण करें। इसके बाद अगले दिन सुबह इन कौड़ियों को अपने घर की रसोई में किसी लाल रंग के वस्त्र में रखा जाता है। इस उपाय को करने से आपकी जीवनशैली कभी खाली नहीं होगी। शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को पान के पत्ते जरूर पहनने चाहिए। शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में पान के पत्तों का प्रयोग अवश्य करें। इसके बाद इस पान के पत्ते को लेकर घर परिवार के सभी लोग प्रसाद के रूप में बंट जाते हैं। ऐसा करने से घर में सुख शांति के साथ धन की वर्षा भी होगी। माँ लक्ष्मी भी कभी आपके धन के भंडार से खाली नहीं रहेंगी।

20 अक्टूबर करवा चौथ 80 साल बाद गजकेसरी योग में मानेगा

 हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठोर व्रत में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर काफी दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमक सकती है। बता दें कि अबकी बार करवा चौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य, जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर बन रहे शुभ योगों से किन राशियों की चमक सकती है किस्मत… ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अबकी बार सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वृषभ राशि (Vrishabha Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन काफी खास जाने वाला है। इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशनुमा वक्त बीतेगा। इस राशि के जातकों के ऊपर बुध, शुक्र, शनि के साथ-साथ मंगल ग्रह की विशेष कृपा हो सकती है। ऐसे में इस राशि के जातकों द्वारा किए गए कामों की सराहना हो सकती है। वाहन, संपत्ति आदि खरीदने की चाह पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि (Kanya Zodiac) कन्या राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन लाभकारी सि्द्ध हो सकता है। इस राशि के जातकों हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से चली रही पैसों की तंगी से निजात मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। इसके साथ ही आपकी भी थोड़ी सी टेंशन कम होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इसके साथ ही अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। सरकारी नौकरी पाने के भी चांसेस तेजी से बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ही अच्छा रहने वाला है। तुला राशि (Tula Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए भी करवा चौथ काफी खुशियां लेकर आने वाला है। एकाग्रता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही बौद्धिक क्षमता अच्छे होने के कारण आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भविष्य के लिए लिया गया ये निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं।

राशिफल मंगलवार 15 अक्टूबर 2024

मेष राशि:आपके द्वारा लिए गए निर्णय बड़ा लाभ देंगे। पुराने रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। धन लाभ हो सकता है। लोगों का उधार भी चुकाएंगे। घर में खुशीनूमा माहौल रहेगा। आपके ऊपर मुकदमा थोपा जा सकता है, सोच समझकर चलें। कार्य की अधिकता रहेगी। जीवनसाथी के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य ही रहेगा। वृषभ राशि :आज वृषभ राशि वालों को संपत्ति के व्यापार आदि से लाभ होगा। यह सफलता का सप्ताह है, जो चाहेंगे वही कार्य पूरा होने के योग हैं। आपको साझेदार से फायदा होगा। रोजमर्रा के काम फायदा देने वाले होंगे। मन में उधेड़बुन चलती रहेगी। पारिवारिक समस्याओं के समाधान का मौका मिलेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्याओं का सहयोग मिलेगा। आपको आर्थिक लाभ होने की आशा है। आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। यह दिन आपके लिए शुभ रहेगा। बीमारी आदि का पता चलेगा लेकिन जल्द ही छुटकारा पा लेंगे। कोई नई योजना बनेगी, जो भविष्य में लाभप्रद रहेगी। जीवन के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहे हैं। निजी और व्यवसायिक जीवन में तरक्की करेंगे। बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय है। अपने प्रोफेशनल लाइफ के बारे में माता-पिता से बात करने का सही समय। कर्क राशि :कर्क राशि वालों को आज किसी चिंता से मुक्ति मिल सकती है। आपकी आर्थिक स्थिति में बदलाव हो सकते हैं। किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति वैसे तो ठीक रहेगी, लेकिन कोई भी कार्य बेहद संभल कर करें। आप भू-संपत्ति का सौदा कर सकते हैं। खरीद-बिक्री में आपको लाभ हो सकता है। जीवन में आने वाली किसी भी चुनौती को अच्छे से संभालेंगे। सिंह राशि: सिंह राशि वाले आज पैसों का लेन-देन सोच-समझकर ही करें। पैसा न फंसाएं तो ही आप फायदे में रहेंगे। सावधान रहने की सख्त जरूरत है। कोई नया काम शुरू करने से पहले सावधान रहें। परेशानियां सामने आ सकती हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है। विद्यार्थी हैं तो आपको खेलकूद में बड़ी सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। कन्या राशि :कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। कोई शुभ समाचार मिलेगा। प्रियजनों के साथ आपके संबंध सुधरेंगे। निजी जीवन में छोटे-मोटे बदलाव संभव हैं जो आपके करियर को प्रभावित कर सकते हैं। आप खुद को मोटिवेटेड रखें। कोई नई नौकरी खोजनी पड़ सकती है। जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। तुला राशि:तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। मेहनत पूरी होगी लेकिन फल उसके अनुसार नहीं मिलेगा। आज के दिन सभी कार्य शांति और धैर्य से करें। हालांकि कोई पुरान रुके हुए काम पूरे होंगे। व्यापार में लाभ होगा। कोई भी कार्य आप जल्दबाजी में न करें। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएं। अपने निजी जीवन पर ध्यान दें और जरूरत हो तो जीवनशैली में बदलाव करें। इससे आपको प्रोफेशनल लाइफ में भी तरक्की मिलेगी। मानसिक शांति पर ध्यान देना जरूरी है। वृश्चिक राशि:वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा कहा जा सकता है। आपके सपनों के पूरे होने का समय आ गया है। पारिवारिक मामलों में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी। भाई–बहन से सपोर्ट मिलेगा। अपने काम पर ध्यान देने की जरूरत है। नई नौकरी पाने के लिए शुभ समय। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। इस समय किया गया निवेश आपको भविष्य में अच्छा लाभ देगा। धनु राशि: धनु राशि वाले आज कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न करें, नुकसान हो सकता है। कहीं बाहर घूमने जाना हो सकता है। व्यापार में नए लोगों से मुलाकात होगी। कोई शुभ समाचार मिल सकते हैं। छात्र हैं तो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की संभावना है। जीवन के प्रति आशावादी बने रहें। कुछ निजी और व्यवसायिक मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मकर राशि: मकर राशि वालों को आज के दिन सावधान रहने की खास जरुरत है। नकरात्मक विचार परेशान कर सकते हैं। संचित धन में कमी आए सकती है और धन की समस्या भी हो सकती है। आपको अपने करियर और काम के बारे में एनालिसिस करने का समय है। यदि इसमें आपको मानसिक शांति नहीं मिलती तो इसे छोड़ देना चाहिए। प्रॉपर्टी से संबंधित किसी भी मसले पर परिवार के सदस्यों से बात करना जरूरी है। प्रियजनों के साथ अधिक समय बिताएं। कुंभ राशि:कुंभ राशि वालों को भूमि और प्रॉपर्टी के कामों से धन लाभ होगा। नई योजनाएं बनेंगी लेकिन पूर्ण नहीं हो पाएंगी। हालांकि यह दिन आपके लिए अच्छा है। अधिकारियों से संबंध बेहतर होंगे। आज का दिन कारोबार के लिहाज से अच्छा है लेकिन लेनदेन में सावधानी बरतने की जरूरत है। दापंत्य जीवन सुखमय रहेगा। संतान पक्ष से भी शुभ फल की प्राप्ति होगी। मीन राशि:मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य कहा जा सकता है। निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। सही मौके का इंतजार करना चाहिए। किसी भी विवादों और झगड़ों से बचने के लिए अपने निजी जीवन में शांत रहें। आज आप व्यस्त रहेंगे। करियर में पॉजिटिव दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे। परिवार के साथ समय व्यतीत करें। सकारात्मक बने रहें और अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत बनाए रखें। जल्द ही आपको पॉजिटिव रिजल्ट दिखेगा। अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का समय है।

माता के इस चमत्कारी मंदिर में घी या तेल से नहीं पानी से जलता है दीपक

कालीसिंध नदी के किनारे एक ऐसा माता का मंदिर स्थित है जिसमें घी या तेल से नहीं बल्कि पानी से दीपक जलता है। अपनी अनोखी विशेषता के कारण यहां हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है। इस मंदिर में आपको घी, तेल की जरुरत नहीं पड़ती। यह क्रम आज से नहीं बल्कि पिछले 6 सालों से चल रहा है। इस मंदिर को गड़ियाघाट वाली माता के नाम से जाना जाता है। मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी ने बताया कि इस मंदिर में पहले हमेशा तेल का दीपक जला करता था। परंतु आज से लगभग 6 साल पहले माता ने सपने में मुझे दर्शन दिए और कहा कि तुम अब पानी का दीपक जलाओ। माता का आदेश मानकर मैने पानी से दीपक जलाया जो कि जल उठा। तब से मां के चमत्कार से यह दीपक ज्यों का त्यों जल रहा है। इस दीपक को जलाने के लिए कालीसिंध नदी से पानी लाया जाता है। इस मंदिर का यह दीपक सिर्फ बरसात के मौसम में नहीं जलता क्योंकि कालीसिंध नहीं में जल का स्तर बढ़ जाने के कारण ये मंदिर पानी में डूब जाता है। जिसके कारण दीपक बंद हो जाता है। इसके बाद ज्योत को पुनः शारदीय नवरात्र के पहले दिन जला दिया जाता है, जो कि अगली बारिश तक जलता रहता है। यह मंदिर अपनी इस विशेषता के कारण बहुत प्रसिद्ध हो चुका है और यहां दूर-दूर से भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। अगर आप भी इस चमत्कार को देखना चाहते हैं तो एक बार इस मंदिर में जाकर माता के दर्शन अवश्य करें। (इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)  

15 अक्टूबर को भौम प्रदोष व्रत, जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

सनातन धर्म में भौम प्रदोष व्रत के दिन शिवजी के साथ हनुमानजी की पूजा-आराधना बेहद शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इससे कर्ज समेत सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। प्रत्येक माह में आने वाले शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह विशेष दिन शिवजी की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, अश्विन माह का आखिरी प्रदोष व्रत 15 अक्टूबर दिन मंगलवार को रखा जाएगा। इसलिए इसे भौम प्रदोष कहा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं है कि अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है। भौम प्रदोष के दिन शिवजी के हनुमानजी की पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि इससे मांगलिक दोष से छुटकारा मिलता है। कब है भौम प्रदोष व्रत ? द्रिक पंचांग के अनुसार,अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 15 अक्टूबर 2024 को सुबह 03 बजकर 42 मिनट पर होगा और 16 अक्टूबर 2024 को सुबह 12 बजकर 19 मिनट पर इसका समापन होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 15 अक्टूबर 2024 को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 अक्टूबर 2024 को शाम 05 बजकर 51 मिनट से लेकर रात्रि 08 बजकर 21 मिनट तक प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। पूजा सामग्री लिस्ट फल,फूल,आक के फूल, मिठाई, चंदन, बेलपत्र, धतूरा, भांग, कपूर,आरती की थाली,गाय का घी समेत सभी पूजा सामग्री एकत्रित कर लें। प्रदोष व्रत की पूजाविधि भौम प्रदोष व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्वच्छ कपड़े धारण करें। घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और मंदिर को गंगाजल से छिड़कें। शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें। शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं। भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र,धतूरा,फल,फूल,भांग इत्यादि अर्पित करें। शाम को प्रदोष काल में भी शिव पूजा करें और भोलेनाथ के मंदिर जाएं। भौम प्रदोष व्रत के लाभ धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। शनि की साढ़ेसाती और मांगलिक दोषों से भी मुक्ति पाने के लिए यह व्रत खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी और भोलेनाथ की पूजा-आराधना से आत्मविश्वास, ओज और तेजस्विता की प्राप्ति होती है।

राशिफल सोमवार 14 अक्टूबर 2024

मेष राशिफल: मेष राशि के जातकों के लिए कल दिन अच्छा रहने वाला है, उनका कोई कानूनी मामला सुलझता दिख रहा है, जिसके लिए उनको काफी मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी. आपके काम अपने आप ही बनते चले जाएंगे, जिससे आपको हैरानी भी होगी.  आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी. आप भविष्य को लेकर कोई बड़ा निवेश कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छा रहेगा. बिजनेस में भी आपकी कोई डील यदि लंबे समय तक लटकी हुई थी, तो वह फाइनल हो सकती है. वृषभ राशिफल: वृषभ राशि के जातकों के लिए कल दिन तनावग्रस्त रहने वाला है. कार्य क्षेत्र में आप यदि कोई बदलाव करेंगे, तो वह आपके लिए अच्छा रहेगा, लेकिन आप यदि पार्टनरशिप करेंगे, तो उससे आपको कोई नुकसान अवश्य होगा. आपकी मेहनत रंग लाएगी. किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी. आपको अपने कामों को लेकर जल्दबाजी दिखाने से बचना होगा.  आपकी अपने किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी. मिथुन राशिफल: मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन शांतिपूर्ण रहने वाला है. आपको वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करना होगा, नहीं तो कोई दुर्घटना हो सकती है. स्वास्थ्य को लेकर आपके मन में टेंशन बनी रहेगी. आपका किसी बेवजह के काम से नुकसान हो सकता है. परिवार में लोगों को मनवाने व्यवहार से  आपको समस्या होगी.  आप किसी से कोई बात करने से पहले सोच विचार अवश्य करें. कार्य क्षेत्र में आपको कोई पुरस्कार मिलने की संभावना है. कर्क राशिफल: कर्क राशि के जातकों के लिए कल दिन किसी नए काम की शुरुवात करने के लिए रहेगा. आपको कुछ विशेष व्यक्तियों से मिलने का मौका मिलेगा. परिवार में किसी शुभ व मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहेंगे. रक्त संबंधी रिश्तों में चल रही समस्याओं से आपको काफी हद तक छुटकारा मिलेगी. आपने यदि किसी से कुछ कर्ज ले  रखा था, तो उसे भी आप काफी हद तक उतारने में सफल रहेंगे. आपको कोई डील यदि लंबे समय से लटक रही थी, तो वह कल फाइनल हो सकती है. सिंह राशिफल: सिंह राशि के जातकों के लिए कल खुशनुमा रहने वाला है. आपको कई बड़ा निवेश को समझ कर करना होगा. सामाजिक लोगों के प्रयास रंग लायेगे. आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उन्हें अपने प्रयास में तेजी लानी होगी, तभी उन्हें कोई अच्छा मौका हाथ लग सकता है.  संतान की तरक्की होने से परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. कन्या राशिफल: कन्या राशि के जातकों के लिए कल दिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कमजोर रहने वाला है. आपको किसी अपरिचित व्यक्ति से मिलने का मौका मिलेगा. आपकी कोई डील  फाइनल हो सकती है. आपकी सेहत आपको परेशान करेगी, जिसके लिए आपको सावधान रहना होगा. आपका कोई काम पूरा होने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बौझ से छुटकारा मिलेगा. जीवनसाथी के लिए आप कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं. तुला राशिफल: तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन किस वाद विवाद से दूर रहने के लिए रहेगा. आपको अपने परिवार के किसी सदस्य की कोई बात बुरी लग सकती है. परिवार में संपत्ति संबंधित विवाद में आप चुप लगाए, तो आपके लिए बेहतर रहने वाला है.  आपको अपनी संतान की संगति की ओर विशेष ध्यान देना होगा. आपका कोई लड़ाई झगड़ा पढ़ने मे समस्या होगी, इसलिए आपको कोई लेनदेन  पूरी लिखा पड़े करके करना ही बेहतर रहेगा. वृश्चिक राशिफल: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कल दिन नुकसानदायक रहने वाला है. आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो वह आपके लिए अच्छी रहेगी. आपको कुछ अपरिचित लोगों से दूरी बनाकर रखनी होगी. यदि आपके कुछ जरूरी कागजात लटके हुए थे, तो वह पूरे हो सकते हैं. आपको किसी काम के चलते अक्समात यात्रा पर जाना पड़ सकता है.  आपको अपने पिताजी से कोई बात सोच समझ कर बोलनी होगी. धनु राशिफल: धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन ऊर्जावान रहने वाला है, लेकिन आप अपनी ऊर्जा को सही कामों में लगाये, तो आपके लिए बेहतर रहेगा. आध्यात्म के कार्य में आपकी काफी रुचि रहेगी. आपको अपने कामों को लेकर योजना बनाकर चलने की आवश्यकता है. आपकी संतान से किसी बात को लेकर खटपट हो सकती है. प्रॉपर्टी को लेकर आप किसी वाद विवाद में ना पड़े और अपने भविष्य को लेकर कोई निर्णय थोड़ा सोच समझ कर ले, तो आपके लिए बेहतर रहेगा. मकर राशिफल: मकर राशि के जातकों  को कल अपने स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. बिजनेस में आप कोई उलट फेर ना करें, नहीं तो उससे कोई नुकसान हो सकता है. आपकी तरक्की की राह में आ रही बाधा  दूर होगी. आपको अपने पिताजी से मन की बात को कहने का मौका मिलेगा. आपकी संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी. विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बौझ से छुटकारा मिलेगा. कुंभ राशिफल: कुंभ राशि के जातकों के लिए कल दिन नुकसानदायक रहने वाला है.  आपकी कुछ नए लोगों से मुलाकात होगी. आपको  अपनी संतान के करियर को लेकर टेंशन बनी रहेगी. आप किसी को धन उधार देने से बचे. आप किसी जोखिम भरे काम में हाथ ना डालें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछतावा होगा. परिवार में किसी सदस्य के विवाह में आ रही समस्या को लेकर आप अपने किसी मित्र से बातचीत कर सकते हैं.  आपको कहीं घूमने फिरने जाने का मौका मिलेगा. मीन राशिफल: मीन राशि के जातकों के लिए कल दिन थोड़ा सावधान रहने के लिए रहेगा व कोई निर्णय  थोड़ा सोच समझ कर ले, क्योंकि उसमें उनसे कोई गड़बड़ी होने की संभावना है. परिवार में चल रहे आपसी वाद विवाद बातचीत के जरिए दूर करने की कोशिश करें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा. कार्य क्षेत्र में आपको किसी दूसरे से मन की बात शेयर करने से बचना होगा, नहीं तो वह इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.

16 अक्टूबर को मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल भर में 12 पूर्णिमा तिथियां होती हैं, जिसमें शरद पूर्णिमा को विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा और कोजागर पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं. शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग महारास रचाया था, इसलिए इसे रास पूर्णिमा कहते हैं. वहीं शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं, जिसे कोजागर पूर्णिमा के नाम से जानते हैं. शरद पूर्णिमा की रात में खुले आसमान के नीचे खीर रखते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि इस साल शरद पूर्णिमा कब है? शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में खीर रखने का समय क्या है? शरद पूर्णिमा 2024 तारीख वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल शरद पूर्णिमा के लिए जरूरी अश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर बुधवार की रात 8 बजकर 40 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि अगले दिन 17 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 55 मिनट तक मान्य रहेगी. ऐसे में शरद पूर्णिमा का पर्व 16 अक्टूबर बुधवार को मनाया जाएगा. रवि योग में है शरद पूर्णिमा 2024 इस साल शरद पूर्णिमा को रवि योग बन रहा है. शरद पूर्णिमा को रवि योग सुबह में 6 बजकर 23 मिनट से बनेगा, जो शाम को 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. उस दिन ध्रुव योग प्रात:काल से लेकर सुबह 10:10 बजे तक रहेगा. उसके बाद व्याघात योग है. शरद पूर्णिमा वाले दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र शाम को 07:18 बजे तक है, उसके बाद से रेवती नक्षत्र है. हालांकि शरद पूर्णिमा पर पूरे दिन पंचक भी रहेगा. शरद पूर्णिमा 2024 खीर रखने का समय 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम में 5 बजकर 5 मिनट पर होगा. शरद पूर्णिमा की रात खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की किरणों में खीर रखते हैं. इस साल शरद पूर्णिमा पर खीर रखने का समय रात में 08 बजकर 40 मिनट से है. इस समय से शरद पूर्णिमा का चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होकर अपनी किरणों को पूरे संसार में फैलाएगा. शरद पूर्णिमा की रात क्यों रखते हैं खीर? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है और उस रात अमृत की वर्षा होती है. चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों वाली होती हैं, जो शीतलता भी प्रदान करती हैं. इस वजह से शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाकर कुछ समय के लिए रखा जाता है, ताकि वह चंद्रमा की किरणों से औषधीय गुणों वाली हो जाए. उसे खाने से सेहत ठीक होती है.

पापांकुशा एकादशी में क्या खाएं और क्‍या नहीं खाएं?

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 13 अक्‍टूबर को पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे रामा एकादशी भी कहा जाता है। पापांकुशा एकादशी हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण मानी जाती है, और यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को नियमों का पालन करते हुए शुद्धता और सादगी के साथ भोजन करना होता है। पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान भी कुछ खाद्य पदार्थों को खाने और कुछ को न खाने की परंपरा है। पापांकुशा एकादशी में क्या खाएं फल और सूखे मेवे: फलाहार के रूप में सेब, केला, नारियल, अंगूर, पपीता और सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश आदि खा सकते हैं। दूध और दूध से बने उत्पाद: दूध, दही, छाछ, पनीर, मक्खन का सेवन किया जा सकता है। साबूदाना: साबूदाने की खिचड़ी या वड़ा बनाकर खा सकते हैं। सिंघाड़े और कुट्टू का आटा: सिंघाड़े और कुट्टू के आटे से रोटी, पूड़ी या हलवा बना सकते हैं। आलू और शकरकंद: आलू और शकरकंद को उबालकर या तलकर खाया जा सकता है। आप आलू की सब्जी या शकरकंद का हलवा बना सकते हैं। मखाना: मखाने को भूनकर खा सकते हैं या मखाने की खीर बना सकते हैं। सेंधा नमक: साधारण नमक की जगह केवल सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है। गुड़: चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग कर सकते हैं। पापांकुशा एकादशी में क्या नहीं खाएं? अनाज और दालें: चावल, गेहूं, बाजरा, जौ, मक्का, और अन्य अनाज वर्जित होते हैं। साथ ही, दालें भी नहीं खानी चाहिए। साधारण नमक: साधारण नमक का सेवन वर्जित है, केवल सेंधा नमक का ही उपयोग किया जाता है। तेज मसाले: हल्दी, हींग, मिर्च, गरम मसाले, लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित है। मांसाहारी भोजन और अंडे: मांस, मछली, अंडे आदि पूरी तरह से निषिद्ध हैं। तामसिक भोजन: शराब, तंबाकू, सिगरेट आदि तामसिक चीज़ों का सेवन भी पूरी तरह से वर्जित है। व्रत का महत्त्व पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। व्रत में नियम और संयम का पालन करना ज़रूरी होता है, ताकि मन और शरीर दोनों की शुद्धि हो सके।  

पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं मनाती करवा चौथ, जाने इसके नियम

सनातन धर्म में करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस त्योहार पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दौरान वह सूर्योदय होने पर व्रत शुरू करती है। चंद्रोदय के साथ ही उनका व्रत समाप्त हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को रखनी वाली महिलाओं का वैवाहिक जीवन बहुत ही शानदार रहता है। उनको अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस आर्टिकल में हम आपको करवा चौथ व्रत के नियमों के बारे में बताएंगे। इन नियमों का करें पालन     करवा चौथ के व्रत के दौरान सुहागिन महिलाओं को लाल वस्त्र पहनना चाहिए। लाल रंग का वस्त्र सुहाग की निशानी होता है।     पूजा अर्चना के दौरान सुहागिन महिलाओं को 16 श्रृंगार करना चाहिए। उसके बाद पूजा-अर्चना करनी चाहिए।     महिलाओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत को पूरा करना चाहिए।     व्रत के दौरान किसी के खिलाफ गलत विचार नहीं लेकर आने चाहिए।     व्रत के दौरान अन्न व जल का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इस विधि से करें व्रत को करें पूरा करवा चौथ का व्रत चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है। महिलाएं इस दिन का चांद का सबसे ज्यादा इंतजार करती हैं, क्योंकि इस व्रत में वह पानी तक नहीं पीती हैं। चांद के निकलने के बाद व्रत को पूरा करने के लिए पूजा करें। एक दीपक जलाएं और छलनी से चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पति को देखें। उसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल को ग्रहण करें। करवा चौथ 2024 का समय पंचाग के अनुसार 20 अक्टूबर को सूर्योदय के साथ करवा चौथ के व्रत की शुरूआत हो जाएगी। करवा चौथ के व्रत का समय सुबह 06 बजकर 34 मिनट से शाम 07 बजकर 22 मिनट तक है। करवा चौथ में पूजा का मुहूर्त शाम 05 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 04 मिनट तक है। करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय शाम 07 बजकर 22 मिनट पर है।

राशिफल शनिवार 12 अक्टूबर 2024

मेष राशि- धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। सन्तान के स्वास्थ्‍य में सुधार होगा। रहन-सहन में कुछ दि‍क्‍कतें बनी रहेंगी। भवन के रखरखाव एवं साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वृषभ राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होना। खर्च भी बढ़ेंगे। यात्रा पर जा सकते हैं। घर-परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। भाई-बहन के सहयोग से कारोबार का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। कारोबार का विस्तार हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। पिता का सहयोग मिलेगा। खर्च अधिक रहेंगे। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। धार्मि‍क कार्यों में रुचि‍ बढ़ेगी। कर्क राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। परिवार में शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क बन सकते हैं। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। मानसिक शान्ति रहेगी। शैक्ष‍िक कार्यों में सफलता के योग बन रहे हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। अफसरों का सहयोग मिलेगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। खर्चों से परेशान हो सकते हैं। किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं। बातचीत में सन्तुलन बनाए रखें। कन्या राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। आय वृद्धि के साधन विकसित हो सकते हैं। तुला राशि- कार्यों के प्रति जोश एवं उत्साह रहेगा। माता-पिता का सानिध्य मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य का भी ध्यान रखें। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। वृश्चिक राशि- मन अशान्त हो सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिश्रम अधिक रहेगा। माता-पिता का साथ रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान हो सकता है। नौकरी में कठिनाइयों का सामना हो सकता है। धनु राशि- आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परिवार से दूर किसी दूसरी स्थान पर जा सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में अफसरों का सहयोग मिलेगा। मकर राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। कारोबार के लिए यात्रा पर जाना हो सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सतर्क रहें। आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। माता के सहयोग से धन की प्राप्‍त‍ि होगी। म‍ित्रों के साथ यात्रा के योग हैं। कुंभ राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मन अशान्त रहेगा। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होगा। मीन राशि- मानसिक शान्ति‍ रहेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है।

भारत में एक मात्र जगह…जहां दशहरे पर रावण नहीं, महिषासुर का होता है दहन, इसके पीछे अनोखी कहानी

 ब्यावर राजस्थान में ब्यावर जिले के बिजयनगर के निकट शक्तीपीठ श्री बाड़ी माता मंदिर में आसोज नवरात्रि में रावण की जगह महिषासुर के दहन की परंपरा है। ये प्रदेश का ऐसा पहला स्थान है, जहां महिषासुर के पुतले का दहन होता है। दरअसल, ये सिलसिला आज से करीब 23 साल पहले शुरू हुआ था। वहीं, कल यानी 11 अक्टूबर को मंदिर परिसर में मां भगवती मर्दिनी 41 फीट के महिषासुर के पुतले का दहन करेंगी। एक और संपूर्ण देश व प्रदेश में बुराई के प्रतिक रावण का दहन किया जाता है। वहीं बिजयनगर के निकट स्थित बाड़ी माताजी में पिछले 23 वर्षों से महिषासुर के पुतले का दहन किया जा रहा है। इस बार 11 अक्टूबर को मंदिर परिसर में मां भगवती मर्दिनी द्वारा 41 फीट के महिषासुर के पुतले का दहन किया जाएगा। जानें-क्यों होता है महिषासुर का दहन बिजयनगर के निकट स्थित प्रमुख शक्तिपीठ श्री बाड़ी माता मंदिर ट्रस्ट प्रमुख कृष्णा टांक ने बताया की महिषासुर एक राक्षस था। जिसका वध करने के लिए ब्रह्नमा, विष्णु और महेश के तेज पुज से व देवी-देवताओं ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित कर मां भगवती को शक्ति प्रदान की। इसके बाद मां भगवती ने सिंह पर सवार हो अपना विकराल रूप धारण कर महिषासुर का वध किया। बाड़ी माता भी एक मां का ही रूप है। इसलिए यहां पर महिषासुर के पुतले का दहन किया जाता है। 23 सालों से महिषासुर का दहन कार्यक्रम बाड़ी माता तीर्थ धाम पर पिछले 23 सालों से महिषासुर का दहन का कार्यक्रम होता आया है। हर साल जगह-जगह पर दशहरे पर रावण दहन का कार्यक्रम होता है। लेकिन, प्रदेश व देश में शायद एक मात्र बिजयनगर शहर के निकट बाड़ी माता मंदिर है। जहां महिषासुर का दहन होता है। महिषासुर के दहन बाड़ी माताजी मंदिर में महिषासुर के दहन का कोई विशेष कारण नहीं बताया जा रहा है। बस वर्षों पहले माताजी के परमभक्त स्मृतिशेष चुन्नीलाल टांक ने ये परमंपरा शुरू की थी। जिसने अब एक विशाल रूप ले लिया है। हर साल दशहरे पर यहां मेला भरने सहित भव्य झांकिया का भी आयोजन होतो है। साथ ही शानदार आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाता है। बाड़ी माता मंदिर में विराजित माता की प्रतिमाएं मूल स्वरूप में बाड़ी माता मन्दिर के शिखर की ऊंचाई 185 फीट है मन्दिर में भगवान शिव, मां लक्ष्मी, धर्मराज, श्रीकृष्ण राधा, श्रीराम दरबार, चारभुजानाथ, गंगा मैया, चित्रगुप्त, सूर्यनारायण भगवान, रामदेव, गायत्री माता, शीतला माता सहित की अन्य देव प्रतिमाएं विराजित है। नवरात्र के दौरान यहां भक्तजनो का तांता लगा रहता है।

पाकिस्तान से धमकी: मंडला के महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी महाराज की सुरक्षा पर चिंता

Threat from Pakistan: Concern over the safety of Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri Maharaj of Mandla. मध्‍य प्रदेश में मंडला के निवास में Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri महाराज को मोबाइल में फोन आया। बोले- उन नंबर से मुझे जान से मारने व सर कलम कर मेरे टुकडे़ टुकडे़ करने की धमकी दी गई है और साथ ही कहा गया है कि तुम वफ्फ बोर्ड की संपात्ति के विरुद्ध बहुत बयान दे रहे हैं। मुझे जान का खतरा है। मंडला । Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri महाराज को पाकिस्तान से धमकी भरा फोन किया गया है। जान से मारने व सि‍र कलम कर टुकड़े करने की धमकी दी गई है। इसकी लिखित शिकायत निवास थाने में मंहामंडलेश्वर स्वामी ने की है। महाराज बोले-ये काल पाकिस्तान से आए थेजिले की निवास तहसील में Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri श्रीराम कथा कह रहे हैं। यह धमकी उन्हें कई नंबरों से धमकी दी गई है। ये काल पाकिस्तान से आए थे। उन्हाेंने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि तहसील निवास में श्री राम कथा की जा रही है। Read More : https://saharasamachaar.com/the-game-of-charge-in-the-forest-department/ पैसों का लेन देन करना, के संबंध में बताया गया थाबोले-मैंने प्रवचन के दौरान वफ्फ वोर्ड की संपत्ति जिसमे इनके द्वारा जबरन भूमियों पर अतिक्रमण करना एवं अनैतिक पैसों का लेन देन करना, के संबंध में बताया गया था। निवास थाना प्रभारी वर्षा पटेल बोलीं-आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने लिया था आशीर्वादश्री राम कथा पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कथा पंडाल पर पहुंच कर कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज से आश्रीवाद लिया साथ ही कथा का श्रवण भी किया।

राशिफल शुक्रवार 11अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि के जातकों आज आपके और आपके पार्टनर के बीच की दूरियां दूर हो सकती हैं। साथी के साथ समय बिताकर दिन का आनंद उठाएं। इस बात की काफी संभावना है कि आज आपके काम की तारीफ हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। सेहत बिगड़ सकती है। सिंगल लोगों को उस व्यक्ति की ओर अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए, जिसे वे पसंद करते हैं। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों अगर आप लंबे समय से सिंगल हैं तो डेटिंग ऐप्स के जरिए आज आपका स्पेशल पर्सन आपको मिल सकता है। ऑफिस में अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करें। आज के दिन का आनंद लें। खर्च बढ़ सकते हैं। कमिटेड लोग कुछ पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझे रहेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातक आज सोच पॉजिटिव सोच बनाए रखें। आपको ऐसा लग रहा है कि आप ही किसी रिश्ते को संभाले हुए हैं, तो आपको बात पर गौर करने की जरूरत है। आपको अपने बॉस के साथ बातचीत बढ़ानी चाहिए। काम में कम इन्टरेस्ट होने के कारण का पता लगाएं। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों ऑफिस में ईर्ष्या की भावना से बचें। पिछले कुछ समय से अपने पार्टनर को अच्छा कमाता हुआ देखना आपके ऊपर असर कर रहा है। आज आपको किसी भी तरह के झगड़े में पड़ने से बचने की जरूरत है। अपने साथी के साथ मुद्दों पर बातचीत करें। अपने खराब मूड के पीछे का असली रीजन भी बताएं। सिंह राशि- सिंह राशि वालों आज कुछ सिंगल जातकों का दिल टूटने की संभावना है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नकारात्मक साबित हो सकती है। आज ड्राइव करते समय आपको सावधान रहना चाहिए। एक रिश्ते से दूसरे रिश्ते में न जाने की जल्दबाजी न करें। पुराने रिश्ते से उबरने के लिए खुद को समय दें। कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों आपका साथी आज अनोखे तरीकों से रोमांस दिखा सकता है। सिंगल लोग अपने क्रश के प्रति अधिक आकर्षित महसूस कर सकते हैं। आज के दिन का उपयोग अपने खर्चों व बजट की योजना बनाने लिए करें। डाइट में हरी साग सब्जी शामिल करें। तुला राशि- तुला आज करियर में कई बदलाव हो सकते हैं। कुछ लोगों के लिए मूव ऑन करने का टाइम आ गया है। काम का ज्यादा प्रेशर न लें। एक दूसरे के साथ टाइम स्पेन्ड करें। आर्थिक स्थिति पर विचार करने के लिए वक्त निकालें। काम के मामले में वर्क लाइफ बैलेंस बनाने पर ध्यान दें। सिंगल लोगों को कोई नया व्यक्ति मिल सकता है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों आपके और आपके साथी के बीच चल रही प्रॉब्लम आज दूर हो सकती है। अपनी मां के साथ कुछ वक्त बिताएं और उनकी सेहत पर भी ध्यान दें। अगर आप थोड़ा एक्साइटमेंट महसूस करना चाहते हैं तो आपको अपने दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएं। कुछ लोगों की कैजुअल डेटिंग आज कमिटेड रिश्ते में बदल सकती है। धनु राशि- धनु राशि वालों गलतियां दोहराने के लिए नहीं होती हैं। यह सबक आपने पहले ही सीख लिया है। सिंगल लोग आज डेट पर जा सकते हैं। आज अपनी स्किल्स दिखाने का कोई भी मौका हाथ से न जाने दें। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। मकर राशि- मकर राशि के जातकों पैसों का लेनदेन करते समय सावधानी बरतें। इस बात की अधिक संभावना है कि आप किसी बहस में उलझ सकते हैं। अपनी जुबान पर कंट्रोल रखें क्योंकि इससे आपके साथी को ठेस पहुंच सकती है। अगर आप कुछ समय से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं तो आज अच्छा मौका है। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों को आज के दिन ईमानदार रहना चाहिए। काम से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए आज ही कदम उठाएं। टीम मीटिंग के दौरान गुस्से पर कंट्रोल रखें। धन का मामला आपके पक्ष में रहेगा। सिंगल लोगों को पार्टनर ढूंढने से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए क्योंकि जो आपका है वह खुद ही आपके पास आएगा। मीन राशि- मीन राशि के जातकों अपनी फिलिंग्स को आज खुलकर शेयर करें। काम की वजह से आज कमिटेड जातकों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं बचेगा। तनाव कम करने के लिए अपनी फेवरेट एक्टिविटी को समय दें। खर्चों पर पकड़ बनाएं। जीवनसाथी की सेहत पर ध्यान दें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें।

राशिफल गुरुवार 10 अक्टूबर 2024

मेष: आज के दिन मेष राशि के जातक अपना फोकस बनाए रखें। बेतहाशा सपनों का पीछा करने और उस चीज से मुक्त होने का दिन है, जो आपको रोक रही है। जंक फूड को नो कहें और सेल्फ-लव पर फोकस करें। सावधान रहें और उत्साह में अपने खर्च को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। अगर आप किसी बदलाव या नए प्रोजेक्ट के बारे में सोच रहे हैं, तो अब जरूरी डिसीजन लेने का सही वक्त है। वृषभ: वृषभ राशि के जातकों को आज सेल्फ-केयर पर ध्यान देना चाहिए। आपका कॉन्फिडेंस व लीडरशिप स्किल्स दूसरों को प्रभावित करेंगी। मेडिटेशन के लिए समय अवश्य निकालें। धन से जुड़े निर्णय सोच समझकर ही लें। फिजिकल और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। संयम से काम लें और खुद को बीजी रखें। बाहर के खाने से परहेज करें। मिथुन: आज मिथुन राशि के जातक नए लोगों के साथ बात-चीत शुरू करने से न डरें। जो जातक रिलेशनशिप में हैं, वो आज अपनी फीलिंग्स और विचार अपने साथी के साथ शेयर करें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। चाहे आप नई नौकरी पाना चाहते हों या प्रोमोशन पाना चाहते हों, आज का दिन लकी है। खुद पर विश्वास करें। आपको अपनी खर्च करने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। कर्क: कर्क राशि के जातकों आज अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। करियर के मामले में आज सावधानी के साथ प्लान करें। आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देखेंगे। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। अपने रूटीन में जरूरी बदलाव करें। सिंह: आज के दिन सिंह राशि के जातकों आपकी सेहत ही आपका धन है। आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण बड़े पैमाने पर फल देंगे। पैसे कमाने के आज कई मौके मिल सकते हैं। रोमांस से भरपूर रहेंगे आज आप। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में संकोच न करें। अपने एनर्जी लेवल को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी, जैसे कि कोई नया वर्कआउट ट्राई कर सकते हैं। कन्या: आज कन्या राशि के जातक अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए समय निकालें। नए अवसर पर अपना फोकस रखें, जो आपके करियर को अगले लेवल तक ले जा सकते हैं। अपने साथी से जुड़ने और अपना प्यार बांटने के लिए अपने अट्रैक्शन और कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें। धन संबंधी मामलों में आज आप सफलता देखेंगे। संतुलित जीवनशैली बनाए रखें। तुला: तुला राशि के लोगों आज आपके लिए पैसों के लेन-देन से बचना बेहतर रहेगा। मौजूदा रिश्तों को आपकी सूझ-बूझ से आज काफी लाभ हो सकता है। हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। लव के मामले में कुछ बातों को इग्नोर करने से रिश्ते में दरार पड़ने से रोका जा सकता है। वित्तीय सलाह लेने या फ्यूचर के लिए प्लान बनाने के लिए भी आज एक अच्छा दिन है। अपने सभी टास्क समय पर पूरे करें। वृश्चिक: वृश्चिक राशि के जातकों आज के दिन आप बेहतर महसूस करेंगे। बेहतर दिखेंगे और दिनभर में जो भी चैलेंज आएंगे, उनसे निपटने के लिए आपके पास अधिक एनर्जी होगी। रिलेशन में रहने वालों के लिए रोमांस को फिर से जगाने का बेस्ट समय है। अपने कार्यों और डीसीजन को गाइड करने के लिए खुद पर भरोसा रखें। शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर जांच करवाते रहें। धनु: आज धनु राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे खुद के प्रति सच्चे रहें। नया प्रोजेक्ट या कोई जिम्मेदारी आपके सामने आ सकती है। हमेशा अपने स्वास्थ्य को पहले स्थान पर रखना याद रखें, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यूनिवर्स आज आपके पक्ष में रहेगा। धन के मामले में सावधानी जरूरी है। आपका कनेक्शन इमोशनल रूप से आज मजबूत होगा। मकर: आज मकर राशि के जातकों के लिए उत्साह से भरा दिन रहने वाला है। अपनी फीलिंग्स को खुलकर एक्सप्रेस करें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या करने में सक्षम हैं। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आज आप। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार रहें। प्रोफेशनल ग्रोथ जरूरी है। खुद को हाइड्रेटेड रखें। कुंभ: कुंभ राशि के जातकों आज के दिन फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। हेल्दी डाइट का सेवन करें। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। सावधानी के साथ योजना बनाने से आप अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को बढ़ा सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का समय आ गया है। आज कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। मीन: आज मीन राशि के जातकों का दिन पॉजिटिव रहेगा। जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देने से छोटी-मोटी समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है। आज पैसों से जुड़े मामलों को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ रहेगा।

राशिफल बुधवार 09 अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि के जातक आज प्रोफेशनल लाइफ में खुद पर फीलिंग्स को हावी न होने दें। आपको पैसों को सही तरीके से मैनेज करने की सलाह दी जाती है। पूरी लगन से अपना प्रदर्शन दिखाने की कोशिश करें। अपनी क्षमताओं को काम न समझें। अपनी पर्सनालिटी को चमकने दें। ऑफिस का काम आपके दिन को बिजी बना सकता है। हाइड्रेटेड रहना न भूलें। डाइट में सुधार करें। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि के जातकों को क्रिएटिविटी बढ़ाने पर फोकस रखना चाहिए। अपने प्रेम जीवन में हो रहे बदलावों को अपनाएं। ब्रह्मांड आपके जुनून को आगे बढ़ाने और आपके नए विचारों को लाइफ में लाने की अड्वाइस दे रहा है। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखना जरूरी है। आर्थिक दृष्टि से अच्छा अवसर आज दरवाजे पर दस्तक दे सकता है। रोजाना एक्सरसाइज करें। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए पैसों की सिचूऐशन आज पॉजिटिव रहने वाली है। लेकिन लेन-देन के मामले में होशियार रहना आज बेहद जरूरी रहेगा। आपका शरीर और दिमाग दोनों ताल-मेल में रहने वाले हैं। नए प्रोजेक्ट्स के अवसर सामने आएंगे, जो आपके ध्यान और समर्पण की मांग करेंगे। मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। कर्क राशि- कर्क राशि के जातकों आज के दिन सफलता के नए रास्ते तलाशना जरूरी है। अगर निवेश की बात आए तो केलकुलेटेड रिस्क लें। स्ट्रेस और बिजी शेड्यूल से कुछ जातक परेशान हो सकते हैं। दुनिया को आपके क्रिएटिव विचारों की आवश्यकता है। अगर आप सिंगल हैं, तो आप खुद को किसी नए व्यक्ति की ओर आकर्षित पा सकते हैं। जंक फूड्स से दूरी बनाएं। सिंह राशि- आज सिंह राशि के जातकों का परिश्रम रंग लाएगा। सहकर्मियों और नए प्रोफेशनल्स से जुड़ें। पैसों के मामले में आप समृद्धि का आनंद लेंगे। रिलेशन में दोबारा स्पार्क लाने के लिए एक-दूसरे के करीब आने की कोशिश करनी चाहिए। बर्नआउट से बचने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। तनाव दूर करने के लिए अपनी पसंदीदा एक्टिविटी के लिए भी कुछ वक्त निकालें। कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों आपके लिए आज का दिन अपने सपनों की ओर बढ़ने के बारे में है। अपनी क्रिएटिव एनर्जी का भरपूर लाभ उठाएं। हेल्दी रहने के लिए जंक फूड से दूरी बनाएं। धन से जुड़े निर्णय लेने के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। सिंगल लोग खुद को किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित पा सकते हैं, जो उनको समझता हो। योग करने से तनाव भी कम हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों आज खुद को फिट रखने के लिए कुछ देर एक्सरसाइज करें। धन संबंधी मामलों में कुछ व्यापारियों को सफलता मिल सकती है। छोटे-मोटे रिस्क लेने से न डरें क्योंकि लंबे समय में इसका फायदा हो सकता है। अप्रत्याशित खर्चे हो सकते हैं। शांति और सुकून पाने के लिए मेडिटेशन करें। पार्टनर को अपनी इच्छाओं को क्लियर तौर पर बताने के लिए समय निकालें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों नए मौके खोजने के लिए आज आपको कमर कस लेनी चाहिए। प्यार के मामले में ईमानदारी के साथ दिक्कतों पर बात करें। डिसिप्लिन में रहना आपको किसी भी अप्रत्याशित खर्च से निपटने में मदद करेगा। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें की आप कितने काबिल हैं। थकान या बेचैनी को नजरअंदाज न करें। आज सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। धनु राशि- आज के दिन धनु राशि के जातकों को सेहत पर ध्यान देने की खास जरूरत पड़ सकती है। नई जिम्मेदारियां लेने का यह एक बढ़िया समय है। भले ही आपकी शादी को काफी समय हो गया हो लेकिन साथ में समय व्यतीत करना जरूरी है। कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। काम या पर्सनल लाइफ के कारण तनाव बढ़ सकता है। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। मकर राशि- आज मकर राशि के जातकों को सलह दी जाती है कि वे भीड से अलग होने से न डरें। फाइनेंशियल दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने पार्टनर से सलह लें। नए अवसरों और बदलावों के लिए तैयार रहें। सितारे करियर को विकास की ओर ले जाने में मदद करने के लिए संरेखित हो रहे हैं। अपने पार्टनर की जरूरतों को समझें। गुस्से को काबू में रखें। हेल्दी डाइट का सेवन करें। कुंभ राशि- आज के दिन कुंभ राशि के जातकों को सोच-समझकर रिस्क उठाने की जरूरत है। कुछ दोस्तों का घर पर आगमन होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर इनवेस्टमेंट करना अच्छा रहेगा। याद रखें निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलह लेना बेहद जरूरी है। परिवार में वाद-विवाद से बचने की कोशिश करें। आज किचन में काम करते वक्त आपको सावधानी बरतनी चाहिए। खुश रहें। मीन राशि- मीन राशि के लोगों आज आप खुद को पॉजिटिव फीलिंग्स से भरा हुआ पाएंगे। नए चैलेंज का सामना करने से न डरें। ध्यान या योग जैसी एक्सरसाइज मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं। प्राकृतिक आकर्षण और कम्यूनिकेशन स्किल्स आज काम आएंगी। निवेश के मामले में आपको सावधानी बरतनी चाहिए। अपनी फीलिंग्स को ईमानदारी से जाहिर करें। साथी की बात भी सुनें।

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन माँ कात्यायनी पूजा विधि

माँ दुर्गा का छठा स्वरूप है माँ कात्यायनी, नवरात्रि के छठे दिन इन्ही की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी का जन्म ऋषि कात्यायन के घर हुआ था इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति को काम, मोक्ष, धर्म और अर्थ की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन की पूजा, मां कात्यायनी का भोग, मंत्र और उनकी आरती। मां कात्यायनी की पूजा से लाभ और जन्म की कथा मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। माँ कात्यायनी अपने भक्तों के सभी पाप हर पाती हैं। साथ ही मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां के जन्म की बात करें तो विश्वप्रसिद्ध ऋषि कात्यायन ने मां से बात की भगवती की उपासना की और कठिन तपस्या की। जब माँ भगवती ने उनके दर्शन किये तो उन्होंने माँ भगवती सा से कहा कि उनके घर उनके पुत्र का जन्म हो। इसके बाद मां भगवती ने स्वंय के घर में जन्म लिया। इसलिए उनका नाम कात्यायनी लिखा। इतना ही नहीं गोपियों ने भी भगवान कृष्ण को पति रूप में लाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा की थी। कैसा है माँ कात्यायनी का स्वरूप माँ कात्यायनी का स्वरूप बहुत ही आकर्षक है। हमारे चार भुजाएँ हैं। उनका दाई तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में रहता है। और उसका नीचे वाला हाच वर मुद्रा में। माँ के बायीं ओर के ऊपर वाले में तलवारें हैं और नीचे वाली बात में कमल का फूल विराजमान हैं। माँ कात्यायनी भी सिंह की सवारी करती हैं। धार्मिक पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी मंत्र कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। कंचनाभा वरभयं पद्मधरां मुक्तोज्ज्वलां। स्मेर्मुखिं शिवपत्नी कात्यायनी नमोस्तुते।’ मां कात्यायनी का भोग मां कात्यायनी को पीला रंग अधिक प्रिय है। इसलिए उन्हें पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाना चाहिए। साथ ही माता को शहद से बने हलवे का भोग भी लगाना चाहिए। माता को सूजी के हलवे में शामिल करके आप अकेले भी रह सकते हैं। मां कात्यायनी की पूजा विधि इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करके पीले रंग के वस्त्र धारण करें। आप अगर चाहें तो लाल रंग के कपड़े भी पहन सकते हैं।  इसके बाद सबसे पहले गंगाजल से पूजा स्थल की फिल्म से शुद्ध कर लें। इसके बाद सर्व प्रथम कलश का पूजन करें।  फिर मां कात्यायनी के मंत्र का जाप करते हुए उन्हें वस्त्रहीन कर दें।  इसके बाद घी का दीपक पूजन शुरू करें। सबसे पहले माता को रोली का तिलक करें। अक्षत, धूप और पीले रंग के फूल निकेश।  माँ को पान के पत्ते पर शहर में रुकें और बताएं कि लौं की तलाश में जरूर जाएं। अंत में कपूर पूजन मां कात्यायनी की आरती करें। माँ कात्यायनी की आरती जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। बैजनाथ स्थान। वहाँ वरदाती नाम पुकारा। अनेक नाम हैं, अनेक धाम हैं। यह स्थान भी तो सुखधाम है। हर मंदिर में जोत विवाह। अन्यत्र योगेश्वरी महिमा न्यारी। हर जगह उत्सव होता रहता है। हर मंदिर में भक्त कहते हैं। कात्यायनी रक्षक काया की। ग्रंथ काते मोह माया की। मोहो से सिद्धांत बनाने वाली। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। अपना नाम जपने वाली। पुरोहितों को पूजा करियो। ध्यान कात्यायनी का धरियो। हर संकट को दूर करें। भंडारे की व्यवस्था। जो भी माँ को भक्त कहे। कात्यायनी सब कष्ट निवारे। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी।

राशिफल मंगलवार 08 अक्टूबर 2024

मेष: मेष राशि वालों को आज चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खुद पर भरोसा करें। अपने फैसलों के बारे में क्लियर रहें। जल्दबाजी मे गलतियां करने से बचें। सेहत पर ध्यान दें। अगर कोई टास्क ज्यादा रिस्की लगता है तो दूसरों को काम सौंपने या हेल्प लेने में संकोच न करें। कुछ बदलाव आपको परेशान कर सकते हैं लेकिन सावधानी से आगे बढ़ें। अपने काम में समझदारी बरतना महत्वपूर्ण है। वृषभ: वृषभ राशि वालों आज उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखती हैं। याद रखें कि सफलता ऐसे विकल्प चुनने से आती है, जो आपके लक्ष्य के अनुसार हों। आप वास्तव में जो चाहते हैं उस पर ध्यान देकर आप जीवन के नए अवसरों को अपनाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे। अपने गोल्स पर फोकस करने के लिए समय निकालें। मिथुन: मिथुन राशि के जातक आज अपनी प्राथमिकताओं पर फोकस करें। सफलता पाना ही आपका मोटिव होना चाहिए। आज इस बात पर गौर करें की आपके लक्ष्य आपकी जरूरतों और इच्छाओं के साथ मेल खा रहे हैं या नहीं। कभी-कभी हम जो सोचते हैं, वह पूरा नहीं कर पाते हैं। इसमें उदास होने वाली कोई बात नहीं है। ऐसे विकल्प चुनने के लिए समय निकालें, जो आपके लॉंग टर्म गोल्स से मेल खाते हों। कर्क: कर्क राशि के जातकों को आज अपने रास्ते में आने वाली अच्छी चीजों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन मौकों को अपनाएं जो आपका इंतजार कर रहे हैं। जीवन में विकास की प्रक्रिया पर भरोसा रखें। याद रखें कि हर बंद दरवाजा नए अवसरों की ओर ले जाता है। हो सकता है जल्द ही एक और मौका आपके सामने आने वाला है। आगे क्या होने वाला है उस पर ध्यान केंद्रित करें। सिंह: आज सिंह राशि के जातकों के लिए बदलावों भरा दिन साबित हो सकता है। कभी-कभी हमारी इच्छा के बावजूद, लोग उस तरह नहीं बर्ताव कर पाते जैसा हम उम्मीद करते हैं। चेंज की भावना भीतर से आनी चाहिए। यह ऐसी चीज नहीं है, जिसे हम दूसरों पर थोप सकते हैं। इस बात को स्वीकार करने से शांति की फीलिंग और समझ के साथ आगे बढ़ने की क्षमता पैदा हो सकती है। कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन पॉजिटिव न्यूज लेकर आ सकता है। जल्दबाजी में आकर गलत डिसीजन न लें। अपने आस-पास की पॉजिटिव एनर्जी को अपनाएं। चाहे यह किसी प्रोजेक्ट पर पॉजिटिव फीडबैक हासिल करना हो या आइडिया एक्सेप्ट किए जाने और जश्न मनाने की भावना हो, संकेत एक शानदार दिन की ओर इशारा कर रहे हैं। अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल बनाए रखें। तुला: तुला राशि के जातकों आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। करियर, परिवार और पार्टनरशिप के मामलों में आज खास ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आपका पार्टनर वास्तव में आपकी परवाह करता है, तो यह जानने के लिए आपकी उनके एक्शन व हाव-भाव पर नजर रखनी होगी। अपने आस-पास की पॉजिटिविटी पर ध्यान दें। अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। वृश्चिक: आज के दिन वृश्चिक राशि वाले एक साथ कई कार्य करने में सक्षम हो सकते हैं। सेहत को लेकर काम और पर्सनल लाइफ के बीच बाउन्ड्री बनाना अच्छा रहेगा। पहचानें कि आपके लिए क्या बेस्ट है, भले ही इसका मतलब कभी-कभी दूसरों को निराश करना हो। दिल की आवाज पर भरोसा रखें। याद रखें कि नो कहना ठीक है और जब जरूरत पड़े तो खुद को ही चुनें। खुद की देखभाल को प्राथमिकता देना जरूरी है। धनु: धनु राशि के जातकों को अपनी खर्च करने की आदतों पर आज नजर रखनी चाहिए। फालतू चीजों की खरीदारी आकर्षक लग सकती है, लेकिन अच्छे और स्टेबल फ्यूचर के लिए बैलेंस जरूरी है। याद रखें, बचाया गया पैसा कमाया हुआ पैसा है। अपने सेविंग्स प्लान पर बारीकी से नजर डालें। देखें कि आप कहां बदलाव कर सकते हैं। संयम बरतने से, आप लंबे समय में अधिक लाभ कमाने के लिए खुद को तैयार कर लेंगे। मकर: मकर राशि वाले खुद को आज के दिन की एनर्जी का आनंद लेते हुए पाएंगे। ग्रहों की चाल के अनुसार, प्यार और धन के मामले में चीजें बेहतर हो रही हैं। इस बारे में डाउट होना नॉर्मल है कि आपके प्रयासों की तारीफ की जाएगी या नहीं। आज का राशिफल आपको पॉजिटिव सोच अपनाने की सलाह दे रहा है। रिलेशन को बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा वक्त पार्टनर के साथ स्पेन्ड करें। जरूरी मुद्दों पर बात करें। कुंभ: आज कुंभ राशि वाले खुद को मुश्किल सिचूऐशन का सामना करते हुए पा सकते हैं। आज का दिन थोड़ा कठिन लग सकता है। याद रखें कि ऐसा कुछ भी ऐसा नहीं है, जिसे आप संभाल नहीं सकते। कठिन परिस्थितियों से निपटने की अपनी क्षमता पर विश्वास करें। फिट रहने के लिए हेल्दी खाएं। आपके रास्ते में जो भी आएगा, उससे निपटने के लिए आपके पास आपकी क्रिएटिविटी और स्किल्स हैं। मीन: मीन राशि के लोगों अब समय आ गया है कि टॉक्सिक चीजों को लेट गो किया जाए। सेहत पहले से बेहतर होगी। कुछ अच्छा करने की दिशा में नए प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है। आज खुद को ऐसी सिचूऐशन में पाएंगे, जहां आपको थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है। भरोसा रखें कि आपके जीवन का अगला चैप्टर सुधार का है। हो सकता है इसका मतलब किसी व्यक्ति को अलविदा कहना हो।

शारदीय नवरात्रि 2024: पांचवे दिन मां स्कंदमाता पूजा विधि

नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। स्कंदमाता माता की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का माश होता है। स्कंदमाता अपने भक्तों के सभी काम बना देती हैं। असंभव से असंभव कार्य उनकी पूजा से पूरे हो जाते हैं। साथ ही स्कंदमाता की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति भी होती है। साथ ही व्यक्ति को सभी दुख दर्द से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं स्कंदमाता की पूजा विधि, भोग, मंत्र और स्तोत्र आदि… स्कंदमाता का स्वरुप भगवान शिव की अर्धांगिनी के रुप में मां ने स्वामी कार्तिकेय को जन्म दिया था। भगवान कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है इसलिए मां दुर्गा के इस रुप को स्कंदमाता कहलाया। मां स्कांदमाता की चार भुजाएं हैं। मां भगवान कार्तिकेय को अपनी गोद में लेकर शेर पर सवार रहती है। मां के दोनों हाथों में कमल है। साथ ही स्कंदमाता की पूजा में धनुष बाण अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता का भोग स्कंदमाता को पीले रंग की वस्तुएं सबसे अधिक प्रिय है। माता को केले का भोग लगाना चाहिए। उन्हें पीले रंग के फूल और फल अर्पित करने चाहिए। स्कंदमाता को आप चाहे तो केसर की खीर का भोग लगा सकते हैं। साथ ही मां को हरी इलायची भी अर्पित करके लौंग का जोड़ा चढ़ाएं। स्कंदमाता को कौनसा रंग प्रिय है स्कंदमाता की पूजा में पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। आप चाहे तो सुनहरे रंग के वस्त्र भी पहन सकते हैं। साथ ही स्कंदमाता को भी इसे रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां स्‍कंदमाता का ध्यान मंत्र सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।। या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। स्कंदमाता की पूजा विधि     रोजाना की तरह सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर लें।     इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा लें और स्कंदमाता की मूर्ति या फिर तस्वीर को स्थापित करें।     फिर स्कंदमाता को पीले फूल से श्रृंगार का सामान अर्पित करें। साथ ही पीले रंग के वस्त्र भी पहनाएं।     इसके बाद स्कंदमाता का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का 108 बार जप करें और उन्हें पान का पत्ता, इल्याची, लौंग आदि चीजें अर्पित करें। फिर दुर्गासप्तशती का पाठ करें।     इन सबसे बाद स्कंदमाता की आरती करके सभी को प्रसाद वितरीत कर दें। अंत में मां के सामने शिश झुकार आपकी जो भी मनोकामना हो उसे बोंलें। मां स्‍कंदमाता की आरती जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। सब के मन की जानन हारी। जग जननी सब की महतारी।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं। हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।। कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। कही पहाड़ो पर हैं डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा।। हर मंदिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भगत प्यारे।। भगति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।। इंद्र आदी देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे।। दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं। तुम ही खंडा हाथ उठाएं।। दासो को सदा बचाने आई। ‘चमन’ की आस पुजाने आई।। जय हो स्कंद माता। पांचवा नाम तुम्हारा आता।। अंत में क्षमा प्रार्थना जरूर पढ़े अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥1॥

राशिफल सोमवार 07 अक्टूबर 2024

मेष: आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। आपसे जिम ज्वाइन करने या फिटनेस रूटीन अपनाने के बारे में बात की जा सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। आपको पैसे के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।   वृषभ: करियर में नई पहचान बना सकते हैं। मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। आज एक्सरसाइज करने से आप ज्यादा एनर्जी महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  आज आप परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। मिथुन: करियर में कोई बड़ी उपलब्धि पा सकते हैं। मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें तथा बातचीत में भी संतुलित रहें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। जो लोग खराब मौसम का अनुभव कर रहे हैं उनमें सुधार दिखने की संभावना है। आज किसी बुजुर्ग से महत्वपूर्ण मामले में सलाह ले सकते हैं।  आज शहर से बाहर यात्रा के योग बन रहे हैं। कर्क: मन परेशान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। सेहत के मोर्चे पर आपके फिट रहने के प्रयास सफल होंगे। आज किसी को ऑफिस में अचानक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।  कोई मित्र या रिश्तेदार आज आपके घर आ सकता है और दिन को खुशनुमा बना सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज अच्छा करेंगे। सिंह: आज शाम तक कोई सुखद समाचार मिल सकता है। मन अशांत रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आज व्यापारी धन जुटाने में सफल रहेंगे।  आज कुछ लोगों को पैतृक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। कन्या: आज आपको धन जुटाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। कार्यस्थल पर किसी मुश्किल काम को करने से आप प्रसन्न होंगे। आपका पॉजिटिव एटीट्यूड घर को एक खुशहाल जगह बनाने में मदद करेगा। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की आवश्यकता होगी। मित्रों से सद्भाव बनाए रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कुटुंब की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि। तुला: आज आपने जो सोचा है उसे लागू करने के लिए दिन अच्छा है। शैक्षणिक मोर्चे पर आज लो प्रोफाइल रहना महत्वपूर्ण रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आज आपको एक्सरसाइज करने का पूरा लाभ मिलेगा। आप आज कर्ज चुकाने की स्थिति में आ सकते हैं। संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए दिन पॉजिटिव रहेगा। वृश्चिक: आज किसी सोशल प्रोग्राम में आपकी कई महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने की संभावना है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आज आपकी सेहत में सुधार होगा। आर्थिक रूप से आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज आपके पास पैसा आएगा। अच्छी नेटवर्किंग आपको जगह दिलाएगी, लेकिन आपको अपने संपर्कों को फ्रेश करने की जरूरत होगी। धनु: आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। आप अपने पैसे के मामले में किसी पर भरोसा करके अपनी उंगलियां जला सकते हैं। बार-बार यात्रा करने वालों को फिट रहने के लिए मौसम का ध्यान रखना होगा।  धन की स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बढ़े हुए खर्च आपका मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। मकर: किसी बड़े बुजुर्ग से अच्छी सलाह मिल सकती है। मन परेशान रहेगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। आपको निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आज आपको पर्याप्त मात्रा में धन मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपको कोई नया प्रोजेक्ट मिल सतता है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सेहत अच्छी रहेगी। कुंभ: मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। आज आप फिट रहेंगे। आज आपके सामने खर्चे सामने आ सकते हैं। करियर में कोई नई उपलब्धि हासिल हो सकती है। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। मीन: आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपका प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। मीठे खान-पान के प्रति रुझान बढ़ेगा। आज ऑफिस में गलतियों से बचने के लिए अपने दिमाग को तनावमु्क्त रखें। आज अपने करीबियों के साथ समय बिता सकते हैं।

शारदीय नवरात्रि 2024: चौथे दिन माँ कुश्मांडा पूजा विधि, भोग और मंत्र

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा शुरू की जाती है। मां कूष्मांडा की मंदबुद्धि मुस्कान से ही इस दुनिया ने ली थी सांस, यानि कि सृष्टि से ही हुई थी सृष्टि की शुरुआत। जब सृष्टि में चारों तरफ का अंधेरा फैला हुआ था। तब देवी कूष्माण्डा ने अपनी मंदबुद्धि मुस्कान से अंधकार का नाश करके सृष्टि में प्रकाश डाला था। माँ कूष्माण्डा को मध्य में ब्रह्मा का वास माना जाता है और वह पूरे ब्रह्मा की रक्षा करती हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा कैसे शुरू होती है। माँ कूष्माण्डा की पूजा से क्या लाभ होता है जो व्यक्ति माँ कूष्माण्डा के हृदय से पूजा करवाता है उससे उसके सभी रोग दोष नष्ट हो जाते हैं। साथ ही मां कूष्मांडा श्यामा पूजा से व्यक्ति को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन से सारा डार्कनेस दूर होता है। यदि विद्यार्थी मां कूष्माण्डा की पूजा करते हैं तो विवेक बुद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही व्यक्ति की सारी भावनाएं भी पूरी होती हैं। माँ कूष्माण्डा का स्वरूप माँ कूष्माण्डा को अष्टभुजा देवी कहा जाता है। उनके आठ भुजाएँ हैं। मां कूष्मांडा के हाथों में धनु, बाण, पुष्प कमल, चक्र, गदा, कमंडल, जप माला और अमृतपूर्ण कलश कहा जाता है। मां कुष्मांडा सिंह की सवारी है। मां कूष्मांडा की पूजा में हरे रंग का प्रयोग सबसे ज्यादा करना चाहिए। माँ कूष्माण्डा को हरा रंग और नीला रंग अति प्रिय है। मां कूष्मांडा की पूजा विधि सबसे पहले सूर्योदय से पहले ही स्नान कर लें और हरे रंग के वस्त्र धारण करें। इसके अलावा आप नीले रंग के परिधान भी धारण कर सकते हैं।  सबसे पहले रोज की तरह कलश की पूजा करें। कलश का तिलक करें।  मां कूष्मांडा का पंचामृत से स्नान कराके उन्हें हरे रंग के वस्त्र से निर्वस्त्र करें।  इसके बाद मां कूष्मांडा का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का जाप करें। ध्यान के बाद इन्हें लाल फूल, सफेद कुम्हड़ा, फल, सुखे मेवे आदि सुरक्षित करें।  इसके बाद मां कूष्मांडा की आरती करें और फिर अंत में मां को भोग लगाएं। मां कूष्मांडा का ध्यान मंत्र या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। जिस देवी की पूजा में आप भी उनकी पूजा करें, ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ मंत्र से सुरक्षित करें। माँ कूष्माण्डा का भोग देवी कूष्माण्डा को पेठा जिसे कुम्हारा भी कहते हैं अधिक प्रिय है। इसके अलावा मां कूष्माण्डा को दही और हलवे का भोग भी लगाया जा सकता है। कूष्माण्डा माता की आरती कूष्माण्डा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला विद्वत निराली। शाकंबरी माँ भोली भाली॥ करोड़ नाम निराले तेरे। भक्त मतवाले तेरे॥ भीमा पर्वत पर स्थित है। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ ब्रह्माण्ड सुनती हो जगंबे। सुख पसंद हो माँ अम्बे॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा। पूर्ण कर दो मेरी आशा॥ माँ के मन में ममता भारी। क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥ तेरा दर पर काम है। दूर करो माँ संकट मेरा॥ मेरा कर्ज पूरा कर दो। मेरे तुम भंडारे भर दो॥ तेरा दास तू ही ध्याए। भक्त तेरा दर शीश झुकाए॥

31 अक्टूबर या 1 नवंबर, कब मनाई जाएगी दीपावली कन्फ्यूजन जारी ? ज्योतिषी ने दूर किया भ्रम

 हर साल की तरह इस साल भी दिवाली का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार तिथि की शुरुआत और समापन के बीच त्योहार मनाने की तारीखों को लेकर असमंजस खड़ी हो गई है. हिंदू धर्म के बड़े त्योहारों में से एक दिवाली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है. इसकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है. इस दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद वापिस अयोध्या आए थे, लेकिन इस बार दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी या फिर 1 नवंबर को इसको लेकर बड़ी असमंजस बनी हुई है. सनातन धर्म के पर्वों की तिथियों को लेकर अक्सर मतभेद रहता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग पंचांगों के अनुसार ज्योतिर्विद पर्वों की तिथियों का निर्धारण कर देते हैं. ऐसा ही कुछ इस बार दीपावली के पर्व पर भी हुआ है. काशी में जहां एक ओर दीपोत्सव का पर्व 31 अक्टूबर तय हो गया है तो वहीं अयोध्या सहित पश्चिम यूपी में 1 नवंबर को दिवाली के मनाने की बात सामने आ रही है. तो आइए जानते हैं कि ज्योतिष और धर्म शास्त्र के मुताबिक, दीपावली का यह महत्वपूर्ण पर्व कब मनाया जाएगा. काशी के ज्योतिष ने दिवाली की तिथि को लेकर क्या कहा काशी के ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ने बताया कि सनातन धर्म में कार्तिक अमावस्या को दीपोत्सव या दीपावली मनाया जाता है. जिसका सभी पर्वों में अपना एक विशिष्ट स्थान है. वहीं, कार्तिक अमावस्या इस बार दो दिन है. इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट से लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को सायं 5 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. देखा जाए तो इस बार दीपावली की तिथि के निर्णय ने लोगों में संशय प्रकट कर दिया है. ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ऐसे संदर्भ में धर्म सिंधु का निर्णय सर्वोपरि माना जाता है. जिसके अनुसार कहा गया है कि “पूर्वत्रैव प्रदोष व्याप्तौ लक्ष्मीपूजनादौ पूर्वा अभ्यंग स्नान दौ परा” अर्थात यदि कार्तिक अमावस्या दो दिन हो तो उसमें पूर्व दिन लेना चाहिए. कारण है कि अमावस्या प्रदोष और रात्रि व्यापिनी में होनी चाहिए जो कि इस बार 31 अक्टूबर की अमावस्या प्रदोष और रात्रि में ही मिलेगी. इसलिए, दीपावली शास्त्रानुसार 31 अक्टूबर को मनाना शास्त्र संवत है. क्योंकि 1 अक्टूबर को रात्रि काल में अमावस्या नहीं मिल रही है इसलिए उस 1 नवंबर को दीपावली मनाना शास्त्र संवत नहीं है. उन्होंने आगे यह चुनौती भी दी कि जो लोग 1 नवंबर को दीपावली मनाने का दावा कर रहें हैं उन्हें शास्त्र की आज्ञा को प्रकट करना चाहिए. वाराणसी ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय का पक्ष वहीं, वाराणसी के ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय ने बताया कि दीपावली की पूजा अमावस्या में होती है और अमावस्या की रात्रि महाकाली की रात्रि होती है. 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट के बाद अमावस्या लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को शाम 5 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. इसलिए, दीपावली का मान 31 अक्टूबर को ही है. दीपावली के पर्व पर महारात्रि में अमावस्या मिलनी चाहिए और इसमें उदया तिथि की मान्यता नहीं होती है. ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय माना जाता है कि अमावस्या की काली रात में माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं. उस समय जो लोग अपने घरों और दरवाजे पर दीपक जलाते हैं और महानिशा काल में पूजन करते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है. कई जगहों पर उदया तिथि का तर्क देकर दीपावली को 1 नवंबर को मनाने का प्रचार अपने-अपने पंचांग के मुताबिक किया जा रहा है जो सरासर गलत और भ्रमित करने वाला है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात्रि ही दीपावली मनाई जाएगी. ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा का तथ्य वाराणसी के एक अन्य ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा ने बताया कि 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. क्योंकि, रात्रि में अमावस्या का मिलना आवश्यक होता है और काशी से जितने भी पंचांग निकलते हैं उनकी गणित शास्त्रीय विधि से पूर्ण रहती है. सिंधु ग्रंथ में संदेहास्पद तिथि और पर्व को नक्षत्र और तिथि के अनुसार तय किया जाता है कि कब और किस दिन पर्व मनाए जाएंगे. निर्णय सिंधु के आधार पर पूर्ण रूप से दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी. पूर्वांचल की तुलना में पश्चिम में सूर्योदय का समय भिन्न होता है जिसकी वजह से उदया तिथि के अनुसार चलने वाले कई जगहों पर 1 नवंबर को दीपावली मनाने की बात सामने आ रही है. जो शास्त्र संवत नहीं है. प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताई दीपावली की तिथि वहीं, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री और बी.एच.यू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रो. रामनारायण द्विवेदी के अनुसार 31 अक्टूबर को पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी अमावस्या मिलने के कारण और धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार यदि ये खास अमावस्या जिस दिन प्राप्त होती है उसी दिन दीपोत्सव मनाने के विधान शास्त्रों में बताए गए हैं. प्रो. रामनारायण द्विवेदी श्री काशी विद्वत परिषद तिथि पर्व निर्णय के अनुसार भी, 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. दरअसल, 1 नवंबर को अमावस्या पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी से न मिलकर अंशकालिक ही मिल रही है जिस वजह से जो शास्त्र संवत नहीं है. इसलिए दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाना ही शास्त्र संवत है. काशी के सभी पंचांगकारों ने 31 अक्टूबर को ही दीपोत्सव मनाने का विधान लिखा है. दीपावली का पर्व प्रदोष काल का ही पर्व होता है. इसलिए इसमें उदया तिथि के गृहीत का विधान नहीं है. यह है दिवाली का शुभ मुहूर्त  इस बार तारीख के साथ ही दिवाली के शुभ मुहूर्त को लेकर भी असमंजस है. ऐसे में दिवाली का पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर रात के 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. वहीं वृषभ काल में शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस समय में लक्ष्मी पूजन करना शुभ होगा. 

राशिफल रविवार 06 अक्टूबर 2024

मेष राशि कल का राशिफल मेष राशि के जातकों के लिएआज दिन कुछ टेंशन लेकर आने वाला है. आपको अपने कामों को पूरा करने में काफी मेहनत मशक्कत लगेगी. स्वास्थ्य भी आपका कुछ उतार-चढाव भरा रहेगा, जो आपकी समस्या को बढ़ाएगा. आपको पारिवारिक समस्याओं को किसी बाहरी व्यक्ति के सामने उजागर नहीं करना है, नही तो वह इसका फायदा उठा सकते है. ससुराल पक्ष से  आपको धन लाभ मिलने की संभावना है. आपकी कार्यक्षेत्र में किसी से बेवजह बहस बाजी हो सकती है. वृषभ राशि कल का राशिफल वृषभ राशि के जातकों को  अपने कामों में जोखिम थोड़ा सोच समझ कर उठना होगा. आपको कोई किसी से कोई वादा करने से पहले उसे पूरा करने के बारे में अवश्य सोचें, क्योंकि आपके पास धन को लेकर कुछ समस्याएं बनी रहेगी. कुछ मौसमी बीमारियां आपको अपनी चपेट में ले सकती है, जिससे आपको बचना होगा. आप जीवनसाथी के लिए कोई डिसीजन बहुत ही सोच विचार कर लें. विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लिखाई में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. मिथुन राशि कल का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए आज दिन बिजनेस के मामले में अच्छा रहने वाला है. आप अपने कामों को लेकर काफी उत्साहित रहेंगे. कोई बड़ा टेंडर भी आपको मिलने की संभावना है. आप अपना कुछ समय परिवार के सदस्यों के साथ व्यतीत करेंगे, जिससे आपको अपनी संतान के मन में चल रही बातों को जानने की कोशिश करनी होगी. आपका कोई मित्र  आपसे मेल मिलाप करने आ सकता है. आपको अपने आसपास रह रहे विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है. कर्क राशि कल का राशिफल कर्क राशि के जातकों को  अकस्मात धन लाभ मिलने की संभावना है व अपने किसी नए घर को लेकर काम शुरू कर सकते हैं, जो उनके लिए अच्छा रहेगा. शेयर मार्केट में भी आपको मार्किट की चाल को देखकर निवेश करने की आवश्यकता है.  आपके परिवार में कोई  मांगलिक कार्यक्रम होने से माहौल खुशनुमा रहेगा. आपको अपने कामों को किसी दूसरे के भरोसे नहीं डालना है. सिंह राशि कल का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए आज दिन को समस्याओं भरा रहने वाला है. आपका कोई पुराना विवाद उभरने की संभावना है. आप अपनी पर्सनल बातें किसी मित्र से शेयर ना करें. आपको वैवाहिक जीवन में कुछ समस्याएं हो सकती हैं.  आप अपने करियर को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे, लेकिन आपको किसी नई नौकरी का ऑफर भी आने की संभावना है. पिताजी को  आप कोई उपहार दे सकते हैं. आपको अधिक काम करने के कारण शारीरिक थकान व कमजोरी होने हो सकती है. कन्या राशि कल का राशिफल कन्या राशि के जातको के लिए दिन  आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है. आपके किसी पर आंख मूंद कर भरोसा ना करें, नहीं तो समस्या हो सकती है. परिवार के सदस्यों का सहयोग आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा. आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे. आपको कार्य क्षेत्र में अपने पार्टनर से धोखा मिलने की संभावना है, इसलिए आप अपनी आंख व  कान खुले रखें . तुला राशि कल का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए आज दिन कुछ खास रहने वाला है. परिवार में आप अपनी संतान से कुछ जरूरी कामों को लेकर बातचीत कर सकते हैं. आपका कोई पुराना काम पूरा होने से आपको खुशी होगी.  आप अपने घर परिवार में कामों को लेकर प्लानिंग करके आगे बढ़ेंगे, जिसमें माता-पिता आपको कोई अच्छी सलाह दे सकते हैं.  आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होंगे, जिससे आपके मन में उत्साह बना रहेगा. वृश्चिक राशि कल का राशिफल वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन आपके लिए किसी बड़े परिवर्तन को करने के लिए रहेगा, जो विद्यार्थी विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें  कोई अच्छा असर मिल सकता है.  आपको अपने घर परिवार के कुछ कामों को पूरा करने के लिए काफी मेहनत मश्कत करनी होगी, नहीं तो आपको अपने बिजनेस में भी सफलता मिलेगी. आप किसी से धन उधार ले सकती है और चुटपुट लाभ की योजनाओं पर पूरा ध्यान देना होगा. धनु राशि कल का राशिफल धनु राशि के जातक किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी. आपके स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव बने रहेंगे. आपको पार्टनरशिप में किसी काम को करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है. संतान आपकी उम्मीदो पर खरी उतरेगी. आपको अपनी तरक्की की राह में आ रही बाधाओ को दूर करने की आवश्यकता है. आप बिजनेस में किसी से धन उधार ना लें, नहीं तो आपको उसमें समस्या हो सकती है. मकर राशि कल का राशिफल मकर राशि के लिए आज दिन स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है.  आपको अपने कामों में अच्छा लाभ न मिलने से मन में थोड़ी निराशा तो रहेगी. किसी नए काम को शुरुआत करने से बचें, कोई वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो, तो आप उसमें चुप लगाये. छोटे बच्चों के लिए आप कोई उपहार लेकर आ सकते हैं. आपको संतान की पढ़ाई लिखाई पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वह किसी गलत राह पर आगे बढ़ सकते हैं. कुंभ राशि कल का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के लिए आज दिन बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है.  आप अपने घर की साज सज्जा पर ज्यादा ध्यान देंगे, जिसके लिए आप कहीं शॉपिंग  पर भी जा सकते हैं. आपको  किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. विद्यार्थीयो के मन में यदि किसी बात को लेकर भय बना हुआ है, तो उसके लिए आप अपने अध्यापकों से बातचीत कर सकते हैं. आपको  किसी से कोई वादा करने से बचना होगा और अपने खर्चों पर पूरा ध्यान दें. मीन राशि कल का राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज दिन लाभदायक रहने वाला है. नौकरी को लेकर यदि आप परेशान चल रहे थे, तो आपकी वह चिंता भी दूर होगी और किसी कानूनी मामले में आपको जीत मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. जीवन साथी को  कार्य क्षेत्र में कोई नया पद मिल सकता है. कल आपको कार्यक्षेत्र में कोई गलती दौहराने  से बचना होगा, नहीं तो उसमे आपसे कोई गलती हो सकती है.

शारदीय नवरात्रि 2024: तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि मनुष्य अत्यंत सौम्य और शांत है, जो सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से वैभव बढ़ता है, सुखों में वृद्धि होती है और सामाजिक प्रभाव भी बढ़ता है। लोग आपको सम्मान देना शुरू कर देते हैं। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि माँ अत्यंत सरल सौम्य, शांत और ममतामयी है। माँ इस रूप में अपने भक्‍तों की सुख-समृद्धि में वृद्धि करती है। मां चंद्रघन माता की पूजा करने से आपके सुखों और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है और मां दुर्गा समाज में आपका प्रभाव बढ़ता है। आइए विस्तार से जानें मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, भोग और पूजा मंत्र व आरती। माँ का चंद्रघंटा नाम कैसे मनाया जाता है? माँ की पूजा से जीवन में सफलता मिलती है। माँ के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा होता है, इसलिए उन्हें चंद्रघन कहते हैं। मां चंद्रघन को अलौकिक, किशोरी और ममतामयी के रूप में माना जाता है। माँ के इस रूप की पूजा करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में आदर्श की स्थापना होती है। माँ की पूजा सूर्योदय से पहले करनी चाहिए। पूजा में लाल और पीली गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए। माँ के मस्तक पर अर्धचन्द्र के आकार का शोभायमान है, इसलिए देवी का नाम चन्द्रघन बताया गया। पूजा में शंख और घंटियाँ के साथ पूजा करने से माँ की शोभा होती हैं और कृपालु मोती मिलते हैं। माँ चंद्रघंटा का रूप नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा होती है। माँ का रंग सोने जैसा चमकीला है और वह शेर की सवारी करती है। उनके आठ हाथों में कमल, धनुर्धर, बाण, तलवारें, कमंडल, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं। माँ के गले में सफेद फूलों की माला और सिर पर चंद्रमा से रत्नजड़ित मुकुट है। माँ सदैव युद्ध की मुद्रा में तंत्र साधना में लीन रहती हैं। उनकी पूजा करने से आपके तेज और प्रभाव में वृद्धि होती है। आपके समाज में आपका एटमविश्लेषण विशाल है और आपके समाज में विशेष वर्गीकरण होता है। माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि नवरात्रि में तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा का महत्व बताया गया है।  सुबह स्नान करके साफ-सुथरा साबुन और मां का ध्यान करें।  मां चंद्रघंटा की मूर्ति को लाल या पीले वस्त्रों में स्थापित करें।  मां को कुमकुम और अक्षत से सुरक्षित करें और विधान से पूजा करें।  मां चंद्रघंटा का रंग पीला अत्यंत प्रिय है। माँ को मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग।  पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती और चंद्रघंटा माता की आरती का पाठ भी करें। ऐसा करने से मां खुश होती हैं और भक्त अपनी कृपा बरसाती हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा में मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग लगाया जाता है। माँ को केसर की खीर बहुत पसंद है. आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयाँ बनाकर भी माँ को भोग लगा सकते हैं। ब्लॉग में मिसरी जरूर रखें और पेड़े भी चढ़ा सकते हैं। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग का महा सिद्धांत लाल रंग की शक्ति और तीरंदाजी का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है। ऐसा करने से मां चंद्रघंटा आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाती हैं। इससे आपके सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। आपकी टार्की होती है और आपके अंदर एक नया एटमविश्लेषणवास पैदा होता है। माँ चन्द्रघन पुष्पा का पूजा मंत्र पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।। वन्दे शाश्वत लाभाय चन्द्राधिकृत शेखरम्। सिंहरूढ़ा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ सामुदायिक स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। रंग, गदा, त्रिशूल, चापचर, पदम् कमण्डलु मंगल वरभीतकराम॥ मां चंद्रघंटा आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चन्द्र समान तुम शीतल दाती। चन्द्र तेज किराए में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। गैजेट बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को वापस लाने वाली। हर संकट में डूबने वाली। हर रविवार जो तुम ध्यान करो। श्रद्धा जो विनय सुनाएं। मूर्तिपूजक चंद्र आकार सन्मुख घी की ज्योत जलें। नज़र कहे मन की बात. पूर्ण आस करो जगदाता। काँची पुर स्थान। कर्नाटिका में मन प्रियजन। नाम तेरा रतु महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।

राशिफल शनिवार 05 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आत्मविश्वास बहुत रहेगा, परन्तु आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। किसी राजनेता से मिलना हो सकता है। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। जीवनसाथी से नोंकझोंक हो सकती है। कुटुम्ब की किसी महिला से धन की प्राप्ति हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वृष राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। व्यर्थ की चिंताओं से मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संयत रहें। किसी मित्र के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। जीवन में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। उच्च शिक्षा के लिए विदेश प्रवास के योग बन रहे हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। मिथुन राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। आत्मसंयत रहने के प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में बदलाव की स्थिति बन रही है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में मनवांछित सफलता के योग हैं। भाइयों से मनमुटाव हो सकता है। कर्क राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्म संयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में वाणी पर नियंत्रण रखें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कारोबार का विस्तार होगा। परिश्रम की अधिकता होगी। लाभदायक परिणाम मिलेंगे। रोजगार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। शासकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। सिंह राशि- मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संयत रहें। कारोबार में कुछ कठिनाइयां आ सकती हैं। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी। खर्च भी अधिक रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिल सकता है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय कम एवं खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। कारोबार का विस्तार हो सकता है। लाभ के अवसर मिलेंगे। कन्या राशि- नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा।तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। धैर्यशीलता बनाये रखने का प्रयास करें। वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। यात्रा लाभप्रद रहेगी। कारोबार का विस्तार हो सकता है। पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। मन में शान्ति रहेगी। तुला राशि- क्रोध के अतिरेक से बचें। बातचीत में सन्तुलन बनाकर रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। माता-पिता का साथ मिलेगा, परन्तु रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। सुस्वादु खानपान में रुझान बढ़ सकता है। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। खर्च अधिक रहेंगे। वृश्चिक राशि- आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। कारोबार के प्रति सचेत रहें। परिश्रम अधिक रहेगा। माता-पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मन परेशान रहेगा। धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। धनु राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परन्तु अति उत्साही होने से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। पारिवारिक सुख में कमी आ सकती है। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है। मकर राशि- वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। मानसिक शान्ति के लिए धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता की सेहत का ध्यान रखें। अध्ययन में रुचि रहेगी। आय के कुछ नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। कुंभ राशि- आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। मन में आलस्य के भाव सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में अवरोध आ सकते हैं। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की स्थिति रहेगी। परिवार के साथ यात्रा-देशाटन के लिए जा सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। मीन राशि- मन में शान्ति एवं प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिश्रम में कमी आएगी। अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। खर्च अधिक रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आय की स्थिति में सुधार होगा। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। व्यर्थ के विवादों से बचने का प्रयास करें।

नवरात्रि 2024 विशेष-वित्तीय स्थिरता और व्यवसाय में लाभ के लिए करें ये 6 ज्योतिषीय उपाय

नवरात्रि 2024 की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा के नौ सिद्धांतों को मनाया जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा करने से साहस, बुद्धि, बल और प्रभाव में वृद्धि होती है। साथ ही व्यक्ति हर तरह के संकट से मुक्ति पाता है। इसके अलावा नवरात्रि को धन प्राप्ति के लिए भी बहुत विशेष माना जाता है। माता दुर्गा का एक रूप महालक्ष्मी भी है इसलिए लक्ष्मी जी की विशेष कृपा पाने के लिए आपको नवरात्रि में धन प्राप्ति के कुछ विशेष उपाय भी करने चाहिए। ​नवरात्रि की शाम के समय या फिर नदी के किनारे दीया जलाना। दीया के बाद हाथ जोड़कर माता लक्ष्मी की पूजा करें और फिर बिना कुछ कहे उस स्थान से प्रस्थान करें। ​नवरात्रि पर बरगद के पेड़ की जड़े अपने घर ले जाएं। कैंची को बंद करने से पहले माता लक्ष्मी सहित नव दुर्गा का नाम लेकर अपनी संपूर्ण मूर्ति की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। इससे आपको धन प्राप्ति होगी। ​नवरात्रि में श्री सूक्त का पाठ करना होता है। ऐसा 108 दिनों तक लगातार करने से धन से जुड़ी सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही इस दौरान माता लक्ष्मी की आरती भी करें। ​माता लक्ष्मी को केसरयुक्त प्रसाद का भोग लगाएं कनकधारा स्त्रोत​ आपको माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए आज शाम माता लक्ष्मी को केसरयुक्त मां लक्ष्मी को कनकधारा स्त्रोत का पाठ 9 बार प्राप्त करें। इससे नौ देवियों की कृपा से न केवल आपके जीवन में धन धान्य की कमी होती है बल्कि आपके धन समृद्धि का संकट भी दूर हो जाता है। ​पीपल पर लाल रंग का झंडा और जलता हुआ दीपक ​अगर आप नवरात्रि में अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, तो आपको लाल रंग का झंडा लगाना चाहिए। साथ ही पीपल के पेड़ के पास देसी घी का एक दीपक भी जलाएं। इससे माता भगवती की विशेष कृपा होती है जिससे आपको अचानक धन लाभ होता है और आपकी आर्थिक तंगी दूर हो जाती है। ​नवरात्रि में कमल को बनाए रखना बहुत खास होता है लेकिन नवरात्रि में शुक्रवार के दिन आप कमल के फूल की सजावट करते हैं इसे लाल रंग के कपड़े में लपेटकर अपनी सालगिरह या पैसिफिक में रखने वाली अलमारी में रख देते हैं, इससे आप पर भी माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

राशिफल शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज मेष राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आर्थिक रूप से मन परेशान रहेगा। हालांकि धैर्य से काम लें, वरना नुकसान हो सकता है। बेवजह के गुस्से से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पिता की सेहत पर नजर रखें। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए आज का दिन सौभाग्य लेकर आया है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को आज परिवार का साथ मिलेगा। धैर्य बनाए रखें। कारोबार का विस्तार हो सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कुटुंब के किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। संतान पक्ष से सुख मिलने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति बेहतर होगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्यशाली रहने वाला है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को तरक्की के साथ आय में बढ़ोतरी मिल सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारियों को मनमुताबिक मुनाफा होने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का आज धर्म की ओर रुझान रहेगा। घरेलू सुख में वृद्धि होगी। किसी शुभ कार्य में रुपए-पैसे खर्च हो सकते हैं। व्यापारियों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। लिखने-पढ़ने के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के योग भी बन रहे हैं। अपनों का साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। सिंह राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण सिंह राशि वालों का मन परेशान रह सकता है। मन में उतार-चढ़ाव के भाव आ सकते हैं। ऑफिस में बातचीत में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। आपको अपनी स्किल दिखाने के अवसर भी प्राप्त होंगे। सेहत अच्छी रहने वाली है। फिलहाल आर्थिक बजट बनाकर ही काम करें, वरना मानसिक तनाव हो सकता है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लोग आज आर्थिक रूप से स्थिर रहेंगे। आज आप आपा खो सकते हैं, इसलिए छोटी बातों को नजरअंदाज करना ठीक रहेगा। व्यापपारियों को लाभ के मौके मिलेंगे। सेहत पर नजर रखना अनिवार्य है। किसी मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। अपने मन की बात जीवनसाथी या पार्टनर से कहने से झिझकें। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। कार्यस्थल पर कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल सकती है। अपनी भावनाओं को वश में रखें। यात्रा से लाभ होगा। हालांकि अतीत की बातों से मन परेशान हो सकता है। कारोबारियों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। किसी कर्ज से मुक्ति मिलने के संकेत हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज धन लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे, जिनका आप लाभ उठाने में सफल रहेंगे। नौकरी पेशा करने वालों को जॉब के नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। कुछ लोगों के स्थान में परिवर्तन हो सकता है। वाहन सुख में वृद्धि के योग हैं। परिवार में शांति बनाए रखना ठीक रहेगा। जीवनसाथी की भावनाओं की कद्र करें। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। फिलहाल जरूरी फैसले अभी रोक कर रखें। धन का निवेश करना आपके लिए वर्जित रहेगा। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी लापरवाही भी आपके लिए खतरनाक सिद्ध हो सकती है। ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज बिना वजह गुस्सा करने से बचना चाहिए। किसी छोटी बात से बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। कुछ लोगों को लीगल मामलों में खर्च करने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार की स्थिति ठीक रहेगी। व्यापारियों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में काम के प्रेशर होने से आपको ज्यादा घंटे बिताने पड़ सकते हैं। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के मन में आज आशा-निराशा का भाव रहेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे हैं तो फिलहाल के लिए टाल दें। कुछ जातकों को बैंक लोन मिल सकता है। व्यापारी अपना बकाया चुकाने में सफल हो सकते है। लाइफस्टाइल थोड़ी परेशानी भरी रहने वाली है। मीन राशि- मीन राशि के लोगों की पठन-पाठन में रुचि रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय में वृद्धि भी होगी। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल पर अपने विचारों को खुलकर शेयर करें। कोई कलीग आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, लेकिन आपको अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।

नवरात्री 2024 : मां दुर्गा की आराधना से धुल जाते हैं जन्म जन्मांतर के पाप

इस वर्ष 03 अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है, सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा की पूजा की। फलस्वरुप दुर्गा जी प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। तब दुर्गा की ममतामयी वाणी सुनकर देवतागण बोले-हे देवी हमारे शत्रु महिषासुर को, जो संपूर्ण जगत के लिये त्रासद का कारण था जिसे अपने हाथों से आपने संहार किया था. तब से समस्त विश्व निरापद होकर चैन की सांस ले पा रहें हैं। आपने पृथ्ची के समस्त दृष्टों अत्याचारियों का वध करके सब देवताओं को भयमुक्त कर दिया है। अतः अब हमारे मन में कुछ भी पाने की अभिलाषा नहीं है। हमें संब कुछ मिल गया। तथापि आपकी आज्ञा है, इसलिये हम जगत की रक्षा के लिये आपसे कुछ पूछना चाहते हैं-महेश्वरी! कौन सा ऐसा उपाय है कि जिससे आप शीघ्र प्रसन्न होकर संकट में पड़े जीव की रक्षा करती हैं। देवश्वरी यह बात सर्वथा गोपनीय हो तो भी हमें अवश्य बताइये! देवताओं के इस प्रकार प्रार्थना करने पर दयालू मां ने कहा देवगण यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ है। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार के दुःखों और विपत्तियों का नाश करने वाली है। तीनों लोकों में इसके समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं। यह स्तुति रहस्य रूप है। इमे बताती हूं। सुनो ये बत्तीस नाम हैं (1) दुर्गा (2) दुर्गर्तिशमनी (3) दुर्गा पाद्धि निवारिणी (5) दुर्ग नाशिनी(6) दुर्गा साधिनी (7)) दुर्ग तौधरनी (8) दुर्ग मच्छेदनी(9) दुर्गमापडा (10) दुर्गमज्ञानदा(11) दुर्गा दैत्यलोक दानवला(12) दुर्गमा(13) दुर्गमालोका(14) दुर्गामात्म स्वरूपिणी(15) दुर्गमार्गप्रभा(16) दुर्गम विद्या(17) दुर्गा मांश्रिता(18) दुर्गम ज्ञानस्थाना(19) दुर्ग मोहा(20) दुर्ग मध्यानभाषिनी (21) दुर्गमना(22) दुर्गमार्थ स्वरुपिणी (23) दुर्गमासूर सहंस्त्री(24) दुर्गमां युद्धधारिणी(25) दुर्गभीमा (26) दुर्गामता (27)दुर्गम्या(28) दुर्गमेश्वरी(29) दुर्गमांगी (30)दुर्गभामा (31) दुर्गभाऔर (32) दुर्गमांगी “नामावलिमियां यस्तु दुर्गाया मम मानव:। पढेत् सर्वभवान्मुक्तों भविष्यति न संशयः। । कहा जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन दुर्गाजी के इन नामों का एक सौ आठ बार पाठ करता है उसके लिये तीनों लोकों में कुछ भी असाध्य नहीं रहता है। वह निःसंदेह सब प्रकार के भय के मुक्त हो जाता है। कोई शत्रुओं से पीड़ित हो दुर्भेट्य बंधन में पड़ा हो, इन बत्तीस नामों के उच्चारण मात्र से संकट से छुटकारा पा जाता है। विपत्ति के समय इसके समान अवनाशक उपाय दूसरा नहीं है। देवगण! इस नाम माला का पाठ करने वाले मनुष्यों की कभी कोई हानि नहीं होती। हमारे देश में दुर्गाजी की प्रतिमा जो मूर्तिकारों द्वारा बनाई जाती है अक्सर आप सभी ने देखा होगा वे सभी शेर पर सवार एवं अष्टभुजी, हर हाथों में ‘ढाल, तलवार, आदि हथियार रहते हैं, तो इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। जब देवताओं ने मां दुर्गा जी से उनकी प्रसन्नता का रहस्य पूछा था तो देवी ने उनके समक्ष उपरोक्त बत्तीस नामों के पाठ का उल्लेख तो किया ही, साथ ही यह भी कहा था कि उनकी सुंदर मिट्टट्टी की क्रमशः गदा, खड़ग, त्रिशूल बाण, धनुष, वाली बाल, मुग्दर और कमल धारण करावें एवं अष्टभुजा मूर्ति बनायें! मूर्ति के मस्तक में चंद्रमा का चिन्ह हो उसके तीन नेत्र हो, उसे लाल वस्त्र पहनाया गया हो, वह सिंह पर सवार हो और महिषासुर का वध कर रही हो। मां का 16 श्रृंगार होना चाहिए। सोलह श्रृंगारों में यथा (1) शौच (2) उबटन (3) स्नान (4) केश बंधन) (5) अंगराज (6) अंजन (7) महावर (8) दंतरंजन (9) तांबूल (10) वसन (11) भूषण (12) सुगंध (13) महावर (14) कुंमकुम (15) भाल तिलक एवं (16) चिबुक बिंदु। को शामिल किया गया है। इस प्रकार मां की प्रतिमा बनाकर नाना प्रकार की सामग्रियों से भक्तिपूर्वक मूर्ति का पूजन करने से भक्तों की सब मनोकामना पूर्ण होती है। दुर्गापूजा भारत के अलावा कई देशों में भी की जाती है। दुर्गापूजा की परंपरा सिंधु कालीन सभ्यता के समय से इतिहास वेत्ताओं ने माना है। खुदाई से प्राप्त मूर्तियों, सिक्को में अंकित लिंग, वोनी, नंदीपद, स्त्री की सिंह सवार मूर्ति आदि से उक्त मान्यता को बल मिलता है कि प्राचीन समय से ही शक्ति पूजा की परंपरा थी। वर्तमान में दुर्गा पूजा को जापान में चनेष्टि यूनान में दीमेतारे तिब्बत में लामो मिश्र में आईसिस हैथर के नाम से पूजित किया जाता है। महाभारत के युद्ध के समय भी दुर्गा पूजा का एक विशेष उल्लेख आता है। जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन की विजय श्री के लिए माँ दुर्गा की पूजा एवं उपासना की थी। श्री दुर्गा सप्तशती में दुर्गा देवी के जन्म की और उनके द्वारा अनेक राक्षसों का वध कर देवताओं को सुरक्षा प्रदान करने का विस्तार से वर्णन है। इसी परम धार्मिक ग्रंथ में देवी के नौ रूपों का भी उल्लेख है, जिसमें प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंध माता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी एवं नवम व अंतिम दुर्गा सिद्धिदात्री का पूर्ण वर्णन किया गया है।  

राशिफल गुरुवार 03 अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि व्यापारियों को कार्यों में व्यस्तता रह सकती है। मित्रों के साथ अच्छा तालमेल बनाकर रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक रूप से अच्छे रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि-  आज कार्यों को धैर्य के साथ पूरा करें। अनुशासन व ईमानदारी से कार्यों को करने से आप उच्चाधिकारियों को प्रभावित भी कर पाएंगे। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि किसी भी काम में बहुत जल्दबाजी ने करें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। व्यापारियों के लिए शुभ दिन। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कर्क राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संतुलन बनाकर रखें, वरना ऑफिस में वाद-विवाद हो सकता है। बेकार के क्रोध से बचें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ होगा, जिससे धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश के अच्छे विकल्प सामने आ सकते हैं। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर अनबन हो सकती है। बच्चों की सेहत अच्छी रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज अतीत की बातों को लेकर मन परेशान रह सकता है। हालांकि शाम तक मूड अच्छा हो जाएगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए इंटरव्यू कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। ऑफिस में उच्चाधिकारी आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आर्थिक रूप से संतुलन बनाकर चलें। तुला राशि- आज तुला राशि के जातक आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, लेकिन कुछ चीजों को लेकर मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह समय अच्छा रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ के योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आय में कमी व खर्च ज्यादा की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सानिध्य मिलेगा। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। धनु राशि- आर्थिक रूप से मुश्किलों का सामना करने के कारण मन परेशान रह सकता है। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ के अवसर भी मिलेंगे। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। धैर्य से काम लें। अटके हुए कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। मकर राशि- आज मकर राशि के कुछ जातकों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कुंभ राशि- आज शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। बेकार के गुस्से से बचें। बातचीत में बैलेंस बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आय के नवीन सोर्स बनेंगे, पुराने सोर्स से भी पैसे आएंगे। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें। व्यापार अच्छा दिख रहा है। मीन राशि- मीन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में धैर्य के काम लेना होगा। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीददारी संभव है। अपनों का साथ होगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का सानिध्य प्राप्त होगा।

कल से नवरात्रि शुरू, वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में लगाए माता की चौकी

सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। इसमें पूजा-पाठ से संबंधित नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि देवी-देवताओं की मूर्ति को शुभ दिशा में लगाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। ऐसे में इस लेख में जानते हैं कि शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा की चौकी को किस दिशा में लगाना चाहिए? शारदीय नवरात्र 2024 डेट और टाइम पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 03 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 04 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 03 अक्टूबर से होगा। वहीं, इसका समापन 11 अक्टूबर को होगा। इस मुहूर्त में लगाएं मां दुर्गा की चौकी घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक। इस दिशा में लगाएं मां की चौकी शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी लगाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जान लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। मां की चौकी उत्तर-पूर्व दिशा दिशा की ओर स्थापित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा मां दुर्गा की चौकी लगाने के लिए पश्चिम दिशा भी शुभ मानी जाती है। पूजा के दौरान साधक का मुख पूर्व या फिर दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। माना जाता है कि पूर्व दिशा की ओर मुख कर उपासना करने से चेतना जागृत होती है। साथ ही घर में सुख-शांति का वास होता है। मां दुर्गा के किस रूप की किस दिन करें पूजा?     03 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा करें।     04 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।     05 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा करें।     06 अक्टूबर को मां कूष्मांडा की पूजा करें।     07 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा करें।     08 अक्टूबर को मां कात्यायनी की पूजा करें।     09 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा करें।     10 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा करें।     11 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा करें।  

20 अक्टूबर को मनाया जाएगा करवाचौथ का व्रत

करवा चौथ 2024 का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। खासकर उत्तर भारत में इसका खास महत्व है, जहां महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत तोड़ती हैं। करवाचौथ का महत्व करवा चौथ का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत खास है। इस दिन का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत को पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन के सौभाग्य के लिए रखा जाता है। महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी, जो सास द्वारा दी जाती है, को ग्रहण करती हैं। दिनभर जल-अन्न का त्याग कर व्रत करती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त होता है, जिससे वैवाहिक प्रेम और संबंधों की मजबूती का प्रतीक है। सरगी, जो करवाचौथ की परंपरा का अहम हिस्सा है, महिलाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत होती है। सरगी में फल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, और हल्का भोजन होता है, जिसे व्रत शुरू करने से पहले खाया जाता है। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं। पूजा में करवा चौथ की कथा सुनी जाती है, और फिर चंद्रमा के उदय होने पर उसे अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया जाता है। शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय 2024 में करवाचौथ पर चंद्रमा के दर्शन का समय रात्रि लगभग 8:24 बजे है। महिलाएं इस समय का बेसब्री से इंतजार करती हैं ताकि चंद्रमा के दर्शन कर वे व्रत खोल सकें। इस समय चंद्र दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। त्योहार की तैयारी और बाजार की रौनक करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। महिलाएं इस दिन को खास बनाने के लिए मेहंदी लगाती हैं, नई साड़ियां पहनती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं। बाजारों में इस दिन की खरीदारी की खूब रौनक रहती है, विशेष रूप से मेहंदी, चूड़ियों, और साज-सज्जा का सामान लेने के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ती है। करवाचौथ का आधुनिक रूप आजकल करवाचौथ केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा। इसे एक सांस्कृतिक और सामाजिक पर्व के रूप में भी देखा जाने लगा है। आधुनिक समय में कई पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं और इसे अपने रिश्ते की मजबूती और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक मानते हैं।  

नवरात्रि 2024: गृह स्थापना शुभ मुहूर्त, मंत्र और महत्व | कलश रखने के नियम

नवरात्रि का आरंभ आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि 3 अक्टूबर से हो रही है। अश्विन माह में आने वाले नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना होती है। सिद्धांत यह है कि जो व्यक्ति 9 दिनों में मां दुर्गा की भक्ति से दिल से प्रार्थना करता है, उसकी सभी भावनाएं पूरी हो जाती हैं। इसी के बीच नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना शुभ उत्सव में अत्यंत पूजनीय है। आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के शुभ उत्सव। ईसाईयों और धर्मग्रंथों के अनुसार, घाट स्थापना और देवी पूजा प्रात: काल में करने का विधान है। लेकिन, इसमें चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को वर्जित माना गया है। 3 अक्टूबर गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग दोनों नहीं हैं। इसलिए लाभ: काल घट स्थापना संभव है। आइए जानते हैं आपके शहर के अनुसार, घाट स्थापना का शुभ उत्सव क्या है। नवरात्रि 2024 घट स्थापना का शुभ उत्सव 1) दिल्ली – सुबह 6 बजे से 19 मिनट तक 8 बजर 39 मिनट तक। इसके बाद अभिजित मुखर्जी 11 नागालैंड 46 मिनट से 12 बंगला 33 मिनट तक। 2)कोलकाता – 5 बागान 32 मिनट से 7 तूफान 53 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 1 मिनट से 11 नागालैंड 48 मिनट तक। 3) नागालैंड – 6 नागालैंड 30 मिनट से 8 मकान 50 मिनट तक। इसके बाद अभिजित मस्जिद 11 तूफान 57 मिनट से 12 तूफान 43 मिनट तक। 4) मुंबई – सुबह 6 बजे तक 33 मिनट से 8 बजे तक 55 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 12 नागालैंड 03 मिनट से 12 बंगला 51 मिनट तक। 5) चेन्नई – सुबह 6 नागालैंड 02 मिनट से 8 नागालैंड 24 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 34 मिनट से 12 नागालैंड 21 मिनट तक। 6)नालाँग – सुबह 6 बजे से 04 मिनट तक 8 बजे तक। इसके बाद अभिजीत गोस्वामी 12 बजे से 12 बजे 50 मिनट तक। 7) वाराणसी – सुबह 5 बजे तक 55 मिनट से 8 बजे तक 16 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागालैंड 23 मिनट से 12 बंगला 1 मिनट तक। 8) डेमोक्रेटिक – सुबह 6 नागालैंड 16 मिनट से 8 नागालैंड 36 मिनट तक। इसके बाद अभिजित 11 नागार्जुन 43 मिनट से 12 नागालैंड 29 मिनट तक। 9) बेंगलुरु – सुबह 6 बजे 12 मिनट तक, 8 बजे तक, 35 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 44 मिनट से 12 तूफान 32 मिनट तक। 10) भोपाल – सुबह 6 बजे 6 मिनट तक, 6 मिनट पर, 8 मिनट पर, 37 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 45 मिनट से 12 तूफान 32 मिनट तक। 11) बेंगलुरु – सुबह 6 बजे से 10 मिनट तक, 8 बजे तक, 32 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 41 मिनट से 12 तूफान 28 मिनट तक। 12) चंडीगढ़ – सुबह 6 बजे 22 मिनट से 8 बजे तक 2 मिनट तक। इसके बाद अभिजीत मस्जिद 11 तूफान 48 मिनट से 12 तूफान 34 मिनट तक। कलश स्थापना का मंत्र ॐ ऐं जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशांतविन्दव:। पुनरूर्जा नि वर्तस्व सा नः सहस्रं दुखोरुधारा पयस्वति पुनर्मा विष्टादयः।। इस मंत्र का जाप करते हुए कलश की स्थापना करें। कलश स्थापना में बताई ये बातें -नवरात्रि के पहले दिन जब आप कलश स्थापना करें तो खुद को शुद्ध रखें और मन को भी नकारात्मक विचार न दें। नवरात्रि के पहले दिन, कलश की स्थापना उत्तर-पूर्व दिशा में करें। इसके अलावा आप उत्तर या पूर्व दिशा में भी कलश की स्थापना कर सकते हैं। कलश स्थापना के साथ ही यह भी है पवित्र बात आप 9 दिन तक पूरे विधि विधान से प्रतिदिन कलश की पूजा करें। नवमी तक दैनिक कलश की पूजा करने से बाद दशमी तिथि में कलश का विसर्जन करें।

राशिफल बुधवार 02 अक्टूबर 2024

मेष (Aries) कार्य क्षेत्र में कोई विश्वास पात्र व्यक्ति छल कर सकता है. अतः सजग एवं सावधान रहे. नौकरी में आपकी बौद्धिक क्षमता के कारण कुछ साथी जलन का अनुभव करेंगे. व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी. यात्रा में किसी अनजान व्यक्ति से कुछ भी लेकर खाना आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है. मार्ग में किसी जानवर के कारण दुर्घटना हो सकती है. परिवार में किसी वरिष्ठ प्रियजन के कारण वाद हो सकता है. बेरोजगार को भी सिर्फ आश्वासन ही मिलेगा. जेल से मुक्त होंगे. आध्यात्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करेंगे. समाज में मान बढ़ेगा. कैसी रहेगी आर्थिक स्थिति? आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. किसी व्यापारीक अनुबंध से बड़ा लाभ हो सकता है. सही निर्णय लेने का प्रयास करें. किसी मित्र से धन प्राप्त होगा. नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के साथ आमदनी भी बढ़ेगी. कोई गुम हुई कीमती वस्तु पुनः मिल सकती है. कैसा रहेगा निजी जीवन? प्रेम प्रसंग में विघ्न आने से मन अशांत रहेगा. किसी पुराने मित्र से पुनः मुलाकात होगी. शत्रुओं का नाश होगा. दुख और चिंताएं दूर होगी. परिवार में आपकी बातों को महत्व मिलेगा. कार्य क्षेत्र में आपके प्रति लोगों के मन में सम्मान का भाव रहेगा. जिससे आपके मन को सुकून, शांति मिलेगी. कैसी रहेगी आपकी सेहत? बुखार से कष्ट होगा. अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत एवं सावधान रहें. किसी प्रियजन के खराब स्वास्थ्य की चिंता रहेगी. स्वास्थ्य में सुधार होगा. मानसिक तनाव अधिक न लें. अन्यथा सर दर्द अथवा चक्कर आदि आ सकते हैं. जिन लोगों को हृदय रोग है. वह अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें. उपाय :- ॐ भूमि पुत्राय नमः मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें. वृषभ (Taurus) कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा. विचार योजना को कार्य रूप देने में सफलता मिलेगी. अतीत के संदर्भ में कोई लाभ मिलेगा. घनिष्ठ साथी पदोन्नति में बाधक बन सकता है. गुप्त शत्रु ईर्ष्या का भाव रखेगा. कोई नया काम करने में आप समक्ष बनेंगे. कृषकों को खेती में लाभ होगा. घूमने फिरने का कार्यक्रम बनेगा. समय के स्वरूप को देखते हुए कार्य करें. व्यवसाय में उन्नति होगी. राजनीति के क्षेत्र में वर्चस्व कायम होगा. कैसी रहेगी आर्थिक स्थिति? महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होगा. योजना पूर्ति का पूरा लाभ मिलेगा. जन समुदाय में संपर्क बढ़ेगा. धन लाभ के योग बनेंगे. सम्मान, उपहार का लाभ मिलेगा. चिरस्थाई योजना में धन खर्च होगा. भ्रम एवं भय की चिंता की स्थिति में अनावश्यक व्यय संभव है. दान, पुण्य ,सत्कर्म में अभीष्ट सिद्धि के योग हैं. आय एवं व्यय में सामान्यता रहेगी. कैसा रहेगा निजी जीवन? बंधु विरोध से बचे रहे. किसी अनजान व्यक्ति से मित्रता ना करें. दूर देश से शुभ समाचार प्राप्त होगा. दांपत्य जीवन में परस्पर वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इस दिशा में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है. कहीं प्रेम प्रसंग का चक्कर चलेगा. विवाह कार्य में आ रही बाधा दूर होगी. कैसी रहेगी आपकी सेहत? प्रकृति के सानिध्य में रहने का मौका मिलेगा. पुराने रोगोपद्रव से छुटकारा मिल जाएगा. उदर विकार से बचें. जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा. मानसिक परेशानी एवं लंबी बीमारी से राहत मिलेगी. यात्रा में अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें. चोट आदि की संभावना है. उपाय :- निम्न मंत्र का 108 बार जाप करें. ॐ अमृतलक्ष्मयै नमः. मिथुन (Gemini) माता से अकारण मतभेद हो सकते हैं. भूमि संबंधित कार्य में हानि होने की संभावना है. अन्यथा झगड़ा हो सकता है. कोई भी नया कार्य करने से बचें. अन्यथा हानि हो सकती है. पेट दर्द होने से कार्य क्षेत्र में असुविधा होगी. राजनीति में विरोधी प्रबल सिद्ध हो सकते हैं. परिवार में कोई अत्यधिक तनाव एवं का सामना करना पड़ सकता है. व्यापार में विघ्न बाधा आने से आपका मूड खराब हो जाएगा. कोई कीमती वस्तु अथवा धन चोरी हो सकता है. शराब पीकर बात करने पर हवालात की हवा खानी पड़ सकती है. कैसी रहेगी आर्थिक स्थिति? आर्थिक स्थिति चिंताजनक रहेगी. व्यापार में आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा. नौकरी में आपको बिना कारण बताएं निकाल दिया जाएगा. जिससे आपको आर्थिक कमजोरी का सामना करना पड़ेगा. परिवार में प्रियजनों द्वारा धन अधिक हस्तक्षेप किया जाएगा. जिससे विवाद योग बन सकता है. कैसा रहेगा निजी जीवन? किसी परिजन से दूर जाना पड़ सकता है. नए मित्रों को अपने पारिवारिक बातों को बताने से बचना चाहिए. प्रेम संबंधों में धोखा मिल सकता है. निर्माण संबंधी कार्य में अकारण विघ्न बाधा आने से आपकी भावनाएं आहत हो सकती है. कार्य क्षेत्र में अधीनस्थ कोई षड्यंत्र खर्च कर आपको फसा सकता है. कैसी रहेगी आपकी सेहत? मानसिक एवं शारीरिक रूप से बेहद कष्ट होगा. त्वचा संबंधी रोग गंभीर रूप ले सकता है. आपके मन में नकारात्मक विचारों की अधिकता रहेगी. परिवार में एक साथ कई प्रियजन बीमार होने से आपकी हिम्मत टूटने लगेगी. उपाय :- ॐ शुं शुक्राय नमः मंत्र का स्फटिक की माला पर जाप करें. कर्क (Cancer) कार्य क्षेत्र में आने वाली बाधाएं कम होगी. किसी महत्वपूर्ण कार्य के सिद्ध होने से मन में प्रशंसा बढ़ेगी. किसी अनचाही लंबी दूरी बनेंगे अथवा किसी पर्यटक स्थल की आदि की यात्रा पर जाने की योग बनेंगे. कार्यक्षेत्र में चली आ रही विघ्न बाधा समाप्त होगी. व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यरत लोगों का नवीन व्यवसाय के प्रति अभिरुचि बढ़ेगी. मजदूर वर्ग को रोजगार के लिए दर दर भटकना पड़ सकता है. कोर्ट कचहरी के मामले में पैरवी ठीक से करें. अन्यथा कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है. कैसी रहेगी आर्थिक स्थिति? आर्थिक क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे. पारिवारिक सदस्यों के साथ कार्य करने से लाभ होने की संभावना रहेगी. पूंजी निवेश के संबंध में अपने परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय ले. नवीन संपत्ति के क्रय विक्रय के लिए समय स्थिति अनुकूल रहेगी. कैसा रहेगा निजी जीवन? माता-पिता की ओर से सुख सहयोग प्राप्त होगा. जीवनसाथी के साथ किसी पर्यटक स्थल की यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं. अपनी भावनाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करें. प्रेम संबंधों में अनुकूल परिस्थितियां कम रहेगी. परस्पर एक दूसरे के प्रति विश्वास की भावना बनाए रखें. प्रेम विवाह की योजना बन जाएगी. कैसी रहेगी आपकी सेहत? स्वास्थ्य की दृष्टि से समय थोड़ा कष्ट कारक हो सकता है. खाने पीने की वस्तुओं में अधिक … Read more

दिवाली 31 अक्टूबर या 1 नवंबर इस दिन मनेगी, ये है अपडेट

दिवाली को लेकर बहस चल पड़ी है। कुछ पंडित 1 नवंबर को दिवाली मनाने की बात कह रहे हैं, तो कई ने 31 अक्टूबर को सही माना। उज्जैन के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 31 अक्टूबर को ही दिवाली मनाना विधि सम्मत है। 1 नवंबर को प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दौरान अमावस्या नहीं रहेगी। इसलिए 31 अक्टूबर को ही दिवाली मनाना ठीक होगा। ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने बताया, चौदस और अमावस 31 अक्टूबर को रहेगी। 1 नवंबर को दोपहर 3.45 बजे तक अमावस्या मानी जाएगी। इसके बाद एकम तिथि शुरू होगी। तिथि बदलने के बाद लक्ष्मी पूजन ठीक नहीं होगा। कालगणना में 31 को अमावस्या ज्योतिषाचार्य  ने बताया, 31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन सही है। कालगणना के अनुसार 31 को अमावस्या है। 1 नवंबर को शाम से पहले अमावस्या खत्म होगी। ज्योतिषाचार्य अजयशंकर व्यास कहते हैं, सनातन में 5 दिन दीपोत्सव की परंपरा है। 31 को दिवाली मनाएं। इंदौर में अलग राय वहीं इंदौर के ज्योतिषाचार्यों ने दिवाली मनाए जाने को लेकर बैठक आयोजित की। सभी की राय में 1 नवंबर को दिवाली मनाना ठीक रहेगा। बद्रीप्रसाद पुजारी ज्योतिष संस्थान के पं. राजाराम शर्मा ने बताया, अमावस्या का आरंभ 31 अक्टूबर को होगा। 1 नवंबर को पूर्ण होगा। तिथितत्व के अनुसार 1 नवंबर को दिवाली मनाना शास्त्र सम्मत है। यहां जानें कब मनाया जाएगा कौन सा त्योहार (Diwali 2024) 29 अक्टूबर – धनतेरस 31 अक्टूबर- रूप चतुर्दशी 01 नवंबर- दिवाली 02 नवंबर- गोवर्धन पूजा 03 नवंबर- भाईदूज दो प्रकार के है पंचाग बता दें कि देश में दो प्रकार के पंचांग प्रकाशित होते हैं। एक दृश्य गणित पर आधारित पंचांग और दूसरा लाघव पद्धति पर आधारित पंचांग। एक ट्रेडिशनल तो दूसरा कम्प्यूटराइज्ड है, इस वजह से दीपावली की तारीखों को लेकर तय नहीं हो पा रहा था कि आखिर किस दिन दीपावली मनाई जानी चाहिए!

मैहर के मां शारदा मंदिर में इस वर्ष नवरात्रि के लिए नई व्‍यवस्‍था

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar मैहर ! 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि मेले के दौरान भक्तों को मातारानी के दर्शन के लिए वीआईपी व्यवस्था नहीं मिल सकेगी। नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां शारदा मंदिर के गर्भगृह के अंदर से वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वीआईपी सुविधा की मांग न करें मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार एसडीएम और प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है। इस दौरान प्रशासक ने बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे मां शारदा देवी के दर्शन और व्यवस्था के लिए वीआईपी सुविधा की मांग न करें। मांस-मछली की बिक्री पर पाबंदी एक अन्य आदेश में नवरात्रि मेले के मद्देनजर एसडीएम मैहर विकास सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा। बता दें कि मध्य प्रदेश शासन पर्यटन विभाग द्वारा घोषित धार्मिक नगरी मैहर में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां शारदा देवी के दर्शन के लिए आते हैं।

गणेश पंडालों में सजाई झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी , कही संत तुकाराम तो कही दगडू सेठ हलवाई वाले के रूप में विराजे गजानन ।

The tableau decorated in Ganesh pandals became the center of attraction for the people

The tableau decorated in Ganesh pandals became the center of attraction for the people, in some places Gajanan was present in the form of Saint Tukaram and in some places Dagdu Seth confectioner. हरिप्रसाद गोहेआमला। आमला शहर में गणेश उत्सव की चहुं ओर धूम मची है। शहर में गणेश उत्सव पर जगह जगह आकर्षक झांकियां सजी है।अलग अलग जगह पर अलग अलग थीम पर झांकी सजी है।सार्वजनिक पंडालों के साथ साथ घरों में भी सुंदर सुंदर झांकियां सजी है।आमला के वार्ड क्रमांक 12 स्थित रेलवे कर्मी पीयूष यादव के निवास स्थान पर प्रसिद्ध संत तुकाराम के प्रतिरूप में गणेश जी विराजमान है यहां पर उनके निवास की सुंदर झांकी बनी है जिसमे निवास के दालान में संत की वेशभूषा में गणेश जी विराजमान है। साथी ही आंगन में तुलसी का वृंदावन की प्रतिकृति भी दर्शनीय है।वही दूसरी ओर मनोज,संजय विश्वकर्मा के निवास पर पुणे के प्रसिद्ध दगडू सेठ हलवाई वाले गणपति की सुंदर झांकी सजाई है।इस झांकी को देखने रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है।उल्लेखनीय है की इन सुंदर झांकियों को आमला के प्रसिद्ध कलाकार संजय विश्वकर्मा ने बनाई है संजय विश्वकर्मा जो की प्रसिद्ध चित्रकार और कलाकार है।

डाफने निवास पर विराजी महालक्ष्मी, धूमधाम से की जा रही पूजा अर्चना ।

Mahalaxmi is enthroned at Daphne residence, worship is being done with great pomp and show.

Mahalaxmi is enthroned at Daphne residence, worship is being done with great pomp and show. हरिप्रसाद गोहे  आमला । नगर के रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड स्थित आमवाले बाबा इलाके में पंडित श्रीकांत डाफने के निज निवास पर महालक्ष्मी जी की भव्य प्रतिमा की स्थापना कर मनमोहक झांकी सजाई गई है जो आकर्षण का केंद्र लग रही है । पंडित श्रीकांत डाफने ने बताया गणेश उत्सव के दौरान महालक्ष्मी की स्थापना कर विधिविधान से पूजा अर्चना की जाती है । यों प्रचलन में तो ‘लक्ष्मी’ शब्द सम्पत्ति के लिए प्रयुक्त होता है, पर वस्तुतः वह चेतना का एक गुण है, जिसके आधार पर निरुपयोगी वस्तुओं को भी उपयोगी बनाया जा सकता है। मात्रा में स्वल्प होते हुए भी उनका भरपूर लाभ सत्प्रयोजनों के लिए उठा लेना एक विशिष्ट कला है। वह जिसे आती है उसे लक्ष्मीवान्, श्रीमान् कहते हैं। शेष अमीर लोगों को धनवान् भर कहा जाता है। गायत्री की एक किरण लक्ष्मी भी है। जो इसे प्राप्त करता है, उसे स्वल्प साधनों में भी अथर् उपयोग की कला आने के कारण सदा सुसम्पन्नों जैसी प्रसन्नता बनी रहती है।

गणेश चतुर्थी पर चढ़ाएं नारियल की बर्फी, ये रही फटाफट बनने वाली रेसिपी

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में ढोल नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत करते हैं और फिर उनकी पूजा में कई तरह के व्यंजन अर्पित करते हैं. मोदक के अलावा मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू, और नारियल की बर्फी आदि मिठाइयां भगवान गणेश की पसंदीदा मानी गई हैं. गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग तो लगाया ही जाता है, इसके साथ ही आप बप्पा को प्रसन्न करने के लिए नारियल की बर्फी अर्पित कर सकते हैं. इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है. इस बार गणेश चतुर्थी 6 सितंबर को है और यह उत्सव पूरे दस दिनों तक चलेगा जिसके बाद 17 सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा. इस दौरान लोग हर दिन बप्पा को अलग-अलग व्यंजनों के भोग लगाते हैं. फिलहाल जान लेते हैं नारियल की बर्फी की रेसिपी. नारियल की बर्फी बनाने के लिए इनग्रेडिएंट्सनारियल की बर्फी बनाने के लिए आप सूखा गोला या फिर एक नारियल ले सकते हैं. इसके साथ ही आपको चाहिए होगा कम से कम दो से तीन चम्मच देसी घी, दो से तीन हरी इलायची का पाउडर, गार्निश करने के लिए पिस्ता, बादाम, काजू जैसे नट्स ले सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, करीब एक से डेढ़ कप पानी, बर्फी जमाने के लिए एक प्लेट. बर्फी बनाने का पहला स्टेपसबसे पहले नारियल का छिलका हटाकर इसे कद्दूकस कर लें और फिर एक पैन में घी डालकर नारियल को हल्का भून लें, बस ध्यान रखें कि ये क्रिस्प न हो और न ही जलने पाए. इसके बाद खोया को भी सुनहरा भून लें और ठंडा होने के लिए रख दें. इस तरह तैयार करें चाशनीएक मोटे तले के पैन में नारियल और खोया के हिसाब से कम से कम एक या डेढ़ कप पानी लें और फिर उसमें चीनी डालें. चीनी जब पूरी तरह से घुल जाए और चाशनी चिपचिपी लगने लगे तो इसे पानी में या फिर थाली में एक बूंद डालकर देंखें, अगर चाशनी सही से सेट हो रही है तो इसमें खोया और नारियल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें, साथ में चुटकीभर इलायची पाउडर भी डाल दें. बर्फी तैयार करने का फाइनल स्टेपमिश्रण तेजी से सेट होता है, इसलिए इसे गर्म रहते हुए ही घी लगी हुई प्लेट में मोटी लेयर में फैला दें. इसके बाद पिस्ता, बादाम और काजू जैसे नट्स से सजा लें या फिर ताजे नारियल को महीन काटकर ऊपर से फैला दें. 15 से 20 मिनट में बर्फी अच्छी तरह से सेट हो जाएगी फिर इसे चाकू से काट लें.

2 अक्टूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, पढ़ें पूरी डिटेल्स

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete details

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete detailsसाल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगेगा। इससे पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, जो अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, अटलांटिक, इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा गया था। भारत में ग्रहण प्रभावी नहीं था। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा। इस दौरान रिंग ऑफ फायर नजर आएगा, जो सात मिनट 25 सेकंड तक दिखाई देगा। कहां दिखाई देगा 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण2 अक्टूबर 2024 का सूर्य ग्रहण की शुरुआत उत्तरी प्रशांत महासागर में हवाई के दक्षिण से होगी। यह दक्षिणी अटलांटिक महासागर में दक्षिण जॉर्जिया में खत्म होगा। सूर्य ग्रहण जिस इलाके से शुरू होगा और खत्म होगा। वह यात्रा 14 हजार 163 किमी की होगी। रिंग ऑफ फायर की घटना साउथ अमेरिका में चिली और अर्जेंटीना के दक्षिण एरिया में दिखाई देगी। स्पेस डॉटकॉम के अनुसा, रिंग ऑफ फायर का सबसे अच्छा नजारा रापा नुई नाम के सुदूर वोल्केनो द्वीप से दिखेगा। क्या भारत में दिखेगा साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण?अप्रैल में लगा पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था। अब दूसरा ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जिस वक्त सूर्य ग्रहण शुरू होगा, तब भारत में रात होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी नासा के यूट्यूब चैनल पर इस ग्रहण को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। सूर्य ग्रहण के सूतक काल का समयसूतक काल उस अवधि को कहा जाता है जब सूर्य ग्रहण लगता है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

सृष्टि स्कूल जंबबाड़ा में धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्म उत्सव ।

Shri Krishna's birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada.

Shri Krishna’s birth anniversary was celebrated with great pomp at Srishti School Jambada. हरिप्रसाद गोहेआमला । भगवान श्री कृष्ण जन्म उत्सव की धूम शहर सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में देखी गई। वहीं इस बार निजी स्कूलों में अध्यनरत नोनिहालो का उत्साह श्री कृष्ण जन्म उत्सव पर देखते ही बन रहा था। राधा और कृष्ण की वेशभूषा धारण किए बच्चे लोगो का मन मोह रहे थे साथ ही बच्चों द्वारा सजाई गई झांकी लोगो के आकर्षण का केंद्र रही । इधर अंचल के ग्राम जंबबाड़ा स्थित सृष्टि स्कूल में दिनांक 26 /08/2024 को श्री कृष्ण भगवान का जन्म दिन धूम ,,धाम से मनाया गया । इस शुभ अवसर पर श्री कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना के बाद नन्हे,,मुन्ने स्कूल के छात्रों ने राधा कृष्ण बनकर कृष्ण लीला का मंचन किया । श्री कृष्ण के सभी अवतारों के स्वरूप बच्चो के द्वारा आज अवतरित किए गए । इस दौरान भगवान श्री कृष्ण की झाकी निकाली गई बाद मटकी फोड का भी आयोजन आयोजित किया गया। कार्य कर्म का समापन श्री कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ । इस मौके पर स्कूल के सभी छात्र,शिक्षक,शिक्षिका, उपस्थित थे। शाला संचालक श्री विजय सोलंकी की उपस्थित में सभी बालक,बालिका शिक्षक,शिक्षिका को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी की बधाई प्रेषित की गई । बाद श्री कृष्ण भगवान के जय कारे लगाकर, छात्रों और नगर बंधुओ ने भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति भावना का जोश हर उल्लास नजर आया ।

धूमधाम से मनाया गया भुजारिया का पर्व, चंद्रभागा नदी में किया गया विसर्जन

Bhujariya festival celebrated with pomp, immersion in Chandrabhaga river.

Bhujariya festival celebrated with pomp, immersion in Chandrabhaga river. हरिप्रसाद गोहेआमला। प्राकृति के स्वागत उपासना से जुड़ा पारंपरिक पर्व भुजारिया आमला सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया वहीं आमला के इतवारी चौक स्थित श्री कृष्ण मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर भुजारिया का पर्व माना भुजारिया का विसर्जन स्थानीय चंद्रभागा नदी में किया गया इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही । भाजपा महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी सपना सोनी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी कृष्ण मंदिर में भुजरिया एकत्रित हुए और पूंजा की गयी!!सुबह से इस पर्व को लेकर उल्लास का माहोल था । इस दौरान भुजरियों को एक जगह एकत्रित कर पूरे परिवार के साथ बैठकर लोगों ने पूजा-अर्चना की । बाद भुजरियों को चंद्रभागा नदी पर जाकर विसर्जन कर प्रसाद का वितरण किया गया। साथ मे बचे भुजरिया को सर्व प्रथम भगवान को भेंट किया गया। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से भुजरियां बदलकर अपने गिले-सिकवे भुलाकर गले मिले । यह है भुजरियां पर्व भुजरियां का पर्व सौभाग्य और भाईचारे का प्रतीक भी माना जाता है। पारंपरिक त्योहार प्रकृति के स्वागत और उसकी उपासना से जुड़ा है। माना जाता है कि मैहर में विराजित मां शारदा देवी के वरदान से अमर हुए आल्हा-ऊदल की बहन से भी इस पर्व का गहरा संबंध है। आल्हा की मुंह बोली बहन चंदा के सुरक्षित बचने पर लोगों ने एक-दूसरे को हरित तृण देकर खुशियां मनाईं थीं। हालांकि, यह पर्व भारत की कृषि आधारित परंपरा से जुड़ा है । इसमें बारिश के बाद खेतों में लहलहाती खरीफ की फसल से आनंदित किसान एक-दूसरे को हरित तृण यानी कजलियां भेंट करके सुख और सौभाग्य की कामना करते हैं। यही कजलियां सबसे पहले कुलदेवता व अन्य देवताओं को अर्पित कर सुख-सौभाग्य की कामना की जाती है। एक-दूसरे का सुख-दुख बांटकर जीवन की खुशहाली की कामना करते है

वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage

Trains will start from September 14 to take senior citizens on pilgrimage भोपाल ! मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है। आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं। उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी। मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी। योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी। योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी। सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी। छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

श्रावण माह की आखिरी सवारी में भगवान महाकाल पांच रूप में दर्शन देंगे

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month.

Lord Mahakaal will appear in five forms in the last ride of Shravan month. सावन माह में निकलने वाली अंतिम सवारी में भगवान महाकाल पांच रूपों में दर्शन देंगे. सावन की अंतिम सवारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे. सवारी को भव्य रूप देने के लिए इसमें सीआरपीएफ का बैंड भी शामिल होगा. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर भगवान की श्रावण माह में निकलने वाली सवारी के क्रम श्रावण माह की आखिरी सवारी 19 जुलाई रक्षाबंधन के पर्व पर निकलेगी. इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद सम्मिलित रहेगा. पालकी में विराजित भगवान को दी जाएगी सलामीमहाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा. उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि सावन माह की अंतिम सवारी में सीआरपीएफ का बैंड शामिल होगा. वह खुद भी सवारी में शामिल होंगे. गोण्ड जनजातीय का दल सवारी में सम्मिलित होगाश्री महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा. सवारी में शामिल होने वाले दल के प्रमुख प्रताप सिंह धुर्वे ने बताया कि आदिवासी गोड़ जनजाति का मैला करमा नृत्य कर्म की प्रेरणा देने वाला नृत्य है. ग्राम वासियों में श्रम का महत्व है, श्रम को ही कर्मदेवता के रूप में मानते है..पूर्वी मध्यप्रदेश में कर्मपूजा का उत्सव मनाया जाता है. उसमें करमा नृत्य किया जाता है. इस नृत्य में युवक-युवतियाँ दोनों भाग लेते है और उनके बीच गीत रचना होड़ लग जाती है.

भारत दर्शन: मां वैष्णो देवी घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video. क्या आप अपने व्यस्त दैनिक जीवन से आराम करने के लिए अद्भुत यात्रा अनुभवों की तलाश करते हैं? उसके बाद वैष्णो देवी की यात्रा की योजना बनाएं। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में से एक है। यह आपको अस्थायी रूप से अपनी सभी चिंताओं और कठिनाइयों को एक तरफ रखने की अनुमति देता है और आपको माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर की शांति में डुबो देता है। वैष्णो देवी के पास घूमने के लिए कई तरह की जगहें हैं। जम्मू-कश्मीर में यह क्षेत्र त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में स्थित है। यदि आप इस स्थान की यात्रा करने का निर्णय लेते हैं तो नीचे वैष्णो देवी के पास घूमने के स्थानों की जाँच करें। आप अपने यात्रा कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं और उसके आधार पर एक शानदार यात्रा कर सकते हैं। आप वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं: ट्रेन से: वैष्णो देवी तक पहुँचने के कई रास्ते हैं। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन वैष्णो देवी का मुख्य रेलवे स्टेशन है, और त्रिची और इसके आसपास के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह वैष्णो देवी से 16.5 किमी दूर स्थित है। हवाई मार्ग से: यदि आप हवाई मार्ग से वैष्णो देवी पहुंचना चाहते हैं, तो आप जम्मू हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर सकते हैं। यह हवाई अड्डा शहर से 50 किमी दूर स्थित है। सड़क मार्ग से : यदि आप जम्मू और कश्मीर में रहते हैं, तो आप कार या सार्वजनिक परिवहन द्वारा वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं। दुनिया में सबसे प्रसिद्ध तीर्थ मार्गों में से एक वैष्णो देवी यात्रा है, जो यात्रा करती है कटरा से वैष्णो देवी मंदिर। 13 किमी यात्रा का प्रारंभिक स्थान बाणगंगा है, जो कटरा के प्रमुख शहर से लगभग 2 किमी दूर है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ, यह पवित्र गुफा का समापन करता है। कटरा से वैष्णो देवी पहुंचने के लिए आप पालकी, पिठू, पोनी या पैदल भी जा सकते हैं। यदि आप पैसा खर्च करना चाहते हैं, तो आप नियमित रूप से निर्धारित रोपवे या हेलीकॉप्टर सेवा ले सकते हैं। रोपवे और हेलीकॉप्टर प्रस्थान समय की जाँच के बाद अपनी यात्रा की योजना बनाएं। आपको किसी भी चीज़ की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि रोपवे टिकट भवन में आसानी से उपलब्ध हैं। भले ही वैष्णो देवी जाने के लिए कभी भी बुरा समय न हो, लेकिन उत्सव के समय जाना सबसे अच्छा है। यह आपको देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और शहर को एक अलग दृष्टिकोण से देखने में सक्षम बनाता है। आप वैष्णो देवी यात्रा पर एक स्थान ऑनलाइन आरक्षित कर सकते हैं क्योंकि यात्रा में भाग लेने से पहले पंजीकरण आवश्यक है। घूमने का समय: सारा दिन दूरी: वैष्णो देवी से 13 किमी माता वैष्णो देवी की यात्रा में सबसे पहले बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करवा कर आरएफआईडी प्राप्त कर ले। पैदल चलने के लिए लाठी या डंडा खरीदकर पैदल चलते हुए बाणगंगा के मुख्य द्वार पर पहुंच जाएं। बाणगंगा द्वार से ही यात्रा की शुरुआत होती है। गेट पर चेक करने के बाद पैदल चलते हुए आगे बढ़ाते जाना है। आगे जानें पर दो रास्ते विभाजित हो जाते हैं जो माता के दरबार तक जाते हैं। एक रास्ता है अर्धकुवारी से जो KM लंबा है और दूसरा रास्ता हिमकोटी मार्ग का है जो 5.5 किमी लंबा है। अधिकतर भक्त अर्धकुवारी के रास्ते हाथीमाता मार्ग से होकर जाते हैं। हाथीमाता मार्ग के रास्ते में बहुत ही लुभावने दृश्य देखने को मिलते हैं। बाणगंगा से पैदल रास्ता 12 किमी का है। रास्ते में अनेकों होटल, खानें पीने की अनेकों दुकानें देखने को मिलती हैं। वैष्णो देवी यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम | Vaishno Devi Kab Jaye वैष्णो माता की यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से जून तक माना जाता है। मार्च से जून के बीच दर्शन करने के लिए मौसम अनुकूल रहता। सर्दियों के मौसम में यहां बहुत ठंडी पड़ती है और बर्फबारी होती रहती है। जिस कारण सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान माइनस में पहुंच जाता है और ठंडी के कारण यात्रियों के आवागमन की संख्या कम हो जाती है। माता वैष्णो देवी के द्वार भक्तो के लिए हमेशा खुले रहते हैं। भक्त साल में किसी भी मौसम में घूमने जा सकते है।

जबलपुर : बोल बम के जय करो से गुजा शहर

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर ! समाज सेवक श्री रतन यादव ओर सभी बम बम बोले के भक्त गण विगत 30 सालों से नाग पंचमी के दिन यह पताका आज गोरखपुर से गुप्तेश्वर महादेव के मन्दिर में जाकर चढ़ाया जाता है बोल-बम के उद्घोष से शहर गूंज उठा। शिवभक्त बोल-बम, बम-बम के जयकारे लगाते हुए गंतव्य की ओर रवाना होते गए। भगवान शिव की भक्ति को समर्पित श्रावण मास में पूरा शहर शिवमय होने लगा है। ज्यों-ज्यों शिवरात्रि के आगमन की तिथि निकट आ रही है त्यों-त्यों शहर में भक्ति की लहरें उफान पर पहुंच रही हैं।

खूबसूरत पहाड़ियों और मंदिरों से घिरा हुआ मध्यप्रदेश का अमरकंटक, जानिये यहां के बारे में सबकुछ

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples

Amarkantak of Madhya Pradesh is surrounded by beautiful hills and temples, know everything about it अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. Amarkantak Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश स्थित अमरकंटक हिंदुओं का प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है जो अनूपपुर और शहडोल के तहसील पुष्पराजगढ़ में मेकल की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ शहर है. यहां सुप्रसिद्ध अमरकंटक मंदिर है जो 1065 मीटर की ऊंचाई पर बसा है. पहाड़ों और घने जंगलों मे बीच इस मंदिर की खूबसूरती अलग ही प्रतीत होती है. यह छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा है. यह जगह विंध्य, सतपुड़ा और मैदार की पहाड़ियों का मिलन स्थल है, जिसका दृश्य मन मोह लेने वाला होता है. अमरकंटक तीर्थराज के रूप में भी काफी प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इस मंदिर को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं. अमरकंटक नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम अमरकूट बताया है क्योंकि यहां आम (अमरा) के बहुत सारे पेड़ थे. कहा जाता है किबाद में अमरकूट अमरकंटक बन गया. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जब भगवान शिव ने आग से त्रिपुरा को नष्ट कर दिया तो तीन में से एक राख अमरकंटक पर गिर गई, जो हजारों शिवलिंगों में बदल गई. ऐसा ही एक लिंग ज्वलेश्वर में आज भी पूजा जाता है. संस्कृत में अमरकंटक का अर्थ है अनंत स्त्रोत, जो भारत कि सबसे पवित्र नदी नर्मदा नदी से जुड़ा हुआ है. यहां कई सारे मंदिर हैं जो कि विभिन्न शासकों के युग का वर्णन करते हैं. अमरकंटक में प्रमुख आकर्षण नर्मदाकुंड और कलचुरी काल के प्राचीन मंदिर हैं. नर्मदाकुंड के मंदिर परिसर के भीतर 16 छोटे मंदिर हैं, जो शहर के मध्य में स्थित हैं. अमरकंटक के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलअमरकंटक में कई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं. यहां टूरिस्ट नर्मदा नदी का उद्गम स्थल देख सकते हैं. कलचुरी का प्राचीन कालीन मंदिर देख सकते हैं. इसके अलावा, कर्ण मंदिर, पातालेश्वर मंदिर,सोनमुडा अमरकंटक, दूधधारा प्रपात अमरकंटक, कपिल धारा प्रपात अमरकंटक इत्यादि जगहों पर पर्यटक घूम सकते हैं. नर्मदा नदी का उद्गम स्थलअमरकंटक में नर्मदा नदी और सोनभद्रा नदियों का उद्गम स्थल है. यह आदिकाल से ही ऋषि और मुनियों की तपोभूमि रही है. नर्मदा का उद्गम यहां के एक कुंड से और सोनभद्रा के पर्वत शिखर से हुआ है. नर्मदा नदी यहां पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है. इस नदी को “मध्यप्रदेश और गुजरात की जीवनदायनी नदी” भी कहा जाता है. ऐसे में आप यहां नर्मदा नदी का उद्गम स्थल घूम सकते हैं.

Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर खीरे की क्यों करते हैं पूजा, जानें रहस्य

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं (Married Women) के लिए बहुत ही खास होता है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह पर्व रखती हैं. वैसे तो साल भर में तीन प्रकार की तीज होती हैं, जिसमें हरियाली तीज सबसे पहले पड़ता है. हरियाली तीज का पर्व सावन महीने (Sawan Month 2024) की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है, जोकि आज बुधवार 7 अगस्त 2024 को है. आज विवाहिताएं हरियाली तीज का व्रत रखेंगी और शिव-पार्वती (Shiv Parvati) की पूजा करेंगी. पूजा में कई तरह की सामग्रियों (Puja Samagri) की जरूरत पड़ती है, जिसमें खीरा (Kheera) भी शामिल है. हरियाली तीज की पूजा (Hariyali Teej ki Puja) में खीरा का होना बहुत जरूरी होता है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. आइये जानते हैं आखिर क्यों हरियाली तीज में होती है खीरा की जरूरत और क्या है तीज में खीरा पूजन का रहस्य. हरियाली तीज की पूजा में खीरा का महत्व (Cucumber Importance of Hariyali Teej Puja) ज्योतिष शास्त्र (Jyotish Shastra) में खीरा का संबंध चंद्रमा (Chandrama) से बताया गया है. दरअसल जितने भी तरल पदार्थ होते हैं, उनका संबंध चंद्र ग्रह से होता है. हरियाली तीज में शिव शक्ति के साथ ही चंद्रमा पूजन का भी महत्व है. इसलिए पूजा के दौरान खीरा रखना अनिवार्य माना जाता है. एक अन्य कारण यह भी है कि, चंद्रमा शिव को अधिक प्रिय है. इसे शिवजी (Shiv ji) ने अपने माथे पर इसे सुशोभित किया है. चंद्रमा से खीरे का संबंध है और चंद्र का शिव से. इसलिए हरियाली तीज की पूजा में खीरा को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे कि चंद्रमा के शुभ फल से मन के विकार दूर हों, शुभता प्राप्त हो और व्रत में किसी तरह का दोष न रहे.

Aaj Ka Panchang:हरियाली तीज का पंचांग क्या कहता है, जानें शुभ मुहूर्त

Today's Panchang: What does the Panchang of Hariyali Teej say, know the auspicious time

Today’s Panchang: What does the Panchang of Hariyali Teej say, know the auspicious time Aaj Ka Panchang 2024: आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानि हरियाली तीज (Hariyali teej) है. हरियाली तीज के दिन सुहागिन स्त्रियों को दुल्हन की तरह तैयार होकर माता पार्वती (Parvati ji) और भोलेनाथ (Shiv ji) की पूजा करनी चाहिए. आज के दिन हरे रंग (Green color) के वस्त्र पहनें, हरी चूड़ी का दान करें मान्यता है इससे महिला को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है, पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है. दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती है. जन्मों-जन्मांतर का साथ बना रहता है. हरियाली तीज के दिन शाम के समय भोलेनाथ के मंदिर में लाल रंग की बत्ती बनाकर गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं. दीये में केसर डालें और और दीपक शिवजी को अर्पित करें. मान्यता है कि इससे धन प्राप्ति की कामन पूरी होती है. आज का उपाय हरियाली तीज के दिन शिवजी पर दूध और माता पार्वती को 11 हल्दी की गांठ चढ़ाए ‘‘ऊँ गृहस्थ सुख सिद्धये रुद्राय नमःइस मंत्र का जाप करें. शिवलिंग पर चंदन, पुष्प से श्रृंगार करें. मान्यता है इससे मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा जल्द पूरी होती है.

Tirupati Balaji : जाने का बना रहे हैं मन, तो जाने से पहले मंदिर के बारे में जान लें कुछ खास बातें

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before going तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, जहां हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं। यह भारत में सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के पहाड़ी शहर तिरुमाला में स्थित है, जो भगवान विष्णु के अवतार वेंकटेश्वर को समर्पित है। कहा जाता है कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर मानवता को ‘कलियुग’ की कठिनाइयों और क्लेशों से मुक्ति दिलाने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इस अवधारणा के अनुसार, इस क्षेत्र को कलियुग वैकुंठम के रूप में जाना जाता है, और भगवान को कलियुग प्रत्यक्ष दैवम के रूप में जाना जाता है। आइये जानते हैं तिरुपति मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य। तिरुपति मंदिर के कुछ रोचक तथ्य भगवान तिरुपति बालाजी की जो मूर्ति रखी गई है वह गर्भगृह के मध्य में खड़ी हुई प्रतीत हो सकती है, लेकिन यह मूर्ति वास्तव में गरबा गुड़ी के दाहिने कोने की ओर थोड़ी सी है। तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम भारत के सबसे अमीर मंदिरों में आता है और यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे इसने टूरिस्ट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर के गर्भगृह में देवता की मूर्ति के सामने रखे गए मिट्टी के दीपक भी बुझते नहीं हैं। ये दीपक कब जलाए गए और किसने जलाए, इसके बारे में कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड नहीं है। जब आप मुख्य मूर्ति की पीठ पर अपना कान लगाते हैं, तो आपको एक गरजते हुए समुद्र की आवाज सुनाई देती है। पहाड़ियों के बारे में एक तथ्य यह है कि,इनमें में से एक पर स्वामी का चेहरा है। देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह सो रहें हैं और आप वास्तव में उनका चेहरा देख सकते हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति इतनी मजबूत है कि कभी क्षतिग्रस्त नहीं हो सकती है। जब सिनामोमम कैम्फोरा पेड़ से प्राप्त कच्चा कपूर या हरा कपूर किसी पत्थर पर लगाया जाता है, तो इससे वस्तु पर दरारें पड़ जाती हैं। लेकिन, श्री तिरुपति बालाजी की मूर्ति पर कपूर की अस्थिर रासायनिक प्रतिक्रियाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भगवान वेंकटेश्वर का अभिषेक करने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुएं केवल जंगल से एकत्र की जाती हैं। हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पैसों में करोड़ों की विदेशी मुद्रा होती है, RBI उस पैसे को बदलने में TTD बोर्ड की मदद करता है। तिरुपति बालाजी- दर्शन नियम तिरूपति बालाजी मंदिर के सामान्य तौर पर दर्शन सुबह 6.30 बजे से शुरु हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि जब आप तिरुपति दर्शन करने जाते हैं तो, यहां दर्शन करने के भी कुछ नियम भी हैं। नियम के अनुसार दर्शन करने से पहले आपको कपिल तीर्थ पर स्नान करके , कपिलेश्वर के दर्शन करने होते हैं। इसके बाद ही वेंकटाचल पर्वत पर जाकर बालाजी के दर्शन करने चाहिए। वहीं इसके पश्चात देवी पद्मावती के दर्शन करें। यहां ये भी जान लें कि पद्मावती देवी का मंदिर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पत्नी पद्मावती लक्ष्मी जी को समर्पित है। माना जाता है कि जब तक भक्त इस मंदिर के दर्शन नहीं करते, तब तक आपकी तिरुमला की यात्रा पूरी नहीं होती।

सावन का तीसरा सोमवार कब ? शिव जी पर चढ़ाएं ये खास चीज

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva Sawan Somwar 2024: चातुर्मास में संसार का संचालन शिव जी करते हैं और सावन चातुर्मास (Chaturmas) का पहला महीना होता है. इसलिए श्रावण की विशेष मान्यता है. इस साल सावन में पांच सोमवार (Sawan somwar) का संयोग बन रहा है. सावन सोमवार के दिन शिव जी का रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) और जलाभिषेक (Jalabhishek) करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. सावन सोमवार के व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहती है. जिन लोगों की शादी में अड़चने आ रही हैं वे सावन सोमवार के दिन कुछ खास उपाय जरुर करें. जानें 2024 में तीसरा सावन सोमवार कब है ? तीसरा सावन सोमवार 2024 (Sawan Third Somwar 2024) तीसरा सावन सोमवार 5 अगस्त 2024 को है. इस दिन सावन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 4 अगस्त 2024 को शाम 04.42 मिनट पर शुरू हो रही है, इसका समापन 5 अगस्त 2024 को शाम 06 बजकर 03 मिनट पर होगा. तीसरे सावन सोमवार पर करें ये उपाय (Sawan Somwar Upay) सफलता – बहुत मेहनत करने के बाद भी करियर में मन मुताबिक सफलता नहीं मिल रही है तो तीसरे सावन सोमवार के दिन गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें. इस उपाय को करने से मनोवांछित सफलता मिलती है. बाधाओं का नाश होता है.व्यापार में वृद्धि – व्यापार मंद पड़ा है तो, बिजनेस को बढ़ाने की योजनाएं लाभ नहीं दे पा रही है या फिर किसी ने काम बांध रखा है तो सावन के तीसरे सोमवार पर शिवजी को केसर अर्पित करें. मान्यता है इससे भाग्योदय होता है. व्यक्ति कारोबार में तरक्की पाता है.घर में सुख-शांति – जिन लोगों के घर में आए दिन किसी बात को लेकर विवाद होता है. उन्हें सावन के पूरे महीने खासकर सोमवार के दिन शिव पुराण का पाठ करना चाहिए. शिव पुराण सुन भी सकते हैं. इससे तनाव दूर होता है. घर में हो रहे क्लेश मिटते हैं.धन लाभ – सावन सोमवार की पूजा में शिवलिंग पर लौंग अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. माना जाता है कि इससे धन से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं.

‘बेरोजगारी-महंगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्द गायब : बजट पर बोले अखिलेश यादव

'The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget

‘The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget Union Budget 2024 News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट मंगलवार (23 जुलाई) को पेश किया है. मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता जमकर तारीफ कर रही हैं. तो वहीं विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोदी 3.0 के पहले बजट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है.” अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी के मुद्दे गायब हो गए हैं. तो वहीं किसान, देश में बढ़ती महंगाई और महिला-युवा का मुद्दा भी गायब हो गया है.

गुरूपूजन कर पंच कुण्‍डीय गायत्री महायज्ञ में समर्पित की आहुतियां

After worshiping Guru, offerings were made in Panch Kundiya Gayatri Mahayagya.

After worshiping Guru, offerings were made in Panch Kundiya Gayatri Mahayagya. हरिप्रसाद गोहेआमला । अखिल विश्‍व गायत्री परिवार आमला द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ आमला में गुरूपुर्णिमा पर्व हर्षोल्‍लास के साथ मनाया गया । इस मौके पर सैकड़ों साधको ने अपने अनुष्‍ठान की पुर्णाहुती समर्पित कि व बृम्‍हास्‍त्र साधना के साथ 40 दिवसीय सवा लक्ष गायत्री पुरष्‍चरण हेतु संकल्‍प लिया वहीं साधको द्वारा गुरूदिक्षा लेकर साधना के मार्ग को अपनाया । इस अवसर पर प्रज्ञापीठ के मुख्‍य ढ्रस्‍टी बी पी धामोड़े,एस पी डढोरे ने गायत्री साधना हेतु मार्गदर्शन दिया ।पंच कुण्‍डीय गायत्री महायज्ञ और महाप्रसादी कार्यक्रम में साधको द्वारा बढ चढकर हिस्‍सा लिया वहीं भरत धोटें और नर्मदा सोलंकी द्वारा गुरूपुर्णिमा पर्व पर संगीत की प्रस्‍तुती दी गई । कार्यक्रम में भोजनालय में प्रसादी बनाने हेतु त्रषभ पंवार एवं महिला मंडल द्वारा प्रसादी निर्माण कर सभी परिजनो को वितरित किया । इस अवसर पर सभी ट्रस्टी एवं समन्‍वयक समिति के सदस्‍यों द्वारा आगामी 4 सितम्‍बर 2024 को हसलपुर की रामटेक पहाड़ी पर वृक्षगंगा अभियान के तहत करंजी के पौधों का रोपण कर अपने अभियान को गति देने हेतु योजना बनाकर परिजनो से पौधो को लगाने हेतु चर्चा कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आग्रह किया । गुरूपुर्णिमा पर्व पर गायत्री परिवार के के सूर्यवंशी, वंदना ढढोरे, विमला पंवार, माधुरी मालवीय ,श्रद्धा मालवीय ,पंचफूला देशमुख ,उमा देशमुख, गुलाबराव ओडुकले, देवकरण टिकारिया ,राजेश मालवी, वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अनिल पाठक, राजेन्‍द्र उपाध्‍याय, नितिन देशमुख, अनिल सोनी आदि परिजन मौजूद रहे । ट्रस्‍टी ठाकुर दास पंवार ने बताया कि गायत्री परिवार बृम्‍हास्‍त्र साधना का क्रम चला रहा है जिसमे एक बैठक में 10 माला गायत्री महामंत्र के साथ एक माला महामृत्‍युंजय मंत्र का जप वंदनीय माता जी जन्‍म शाताब्‍दी तक परिजनो द्वारा चलाया जाना है । इस हेतु इच्‍छुक परिजन अपना पंजीयन करवा ले जिसकी जानकारी शांतिकुंज हरिद्वार दोष परिमार्जन हेतु भेजी जायेगी । गायत्री परिवार के निलेश मालवीय ने बताया की आगामी 04 अगस्‍त दिन रविवार को हसलपुर की रामटेक पहाड़ी पर करंजी के पौधे लगाकर वृक्षगंगा अभियान को गति देने ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में पंहुचकर श्रम दान करने जिससे इस प्रकृति का संरक्षण हो ।

पैराडाइज स्कूल में विद्या की देवी मां सरस्वती की स्थापना कर धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा का महापर्व 

The great festival of Guru Purnima was celebrated with great

The great festival of Guru Purnima was celebrated with great pomp by installing Goddess Saraswati, the goddess of knowledge, in Paradise School. हरिप्रसाद गोहे  आमला । गुरु,शिष्य, गुरुजी एवं विद्यार्थी के बीच अमिट कड़ी का महापर्व गुरु पूर्णिमा रविवार पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल बंधा रोड आमला में स्कूल शिक्षण समिति अध्यक्ष केपी सिक्केवाल शाला परिवार सदस्य एवं शाला में अध्ययनरत विद्यार्थियों की गरिमामय उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर स्कूल में मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई बाद सुंदर कांड का आयोजन किया गया । शाला के प्राचार्य अनुराग मालवीय से प्राप्त जानकारी अनुसार  गुरू पूर्णिमा पर्व पर माता सरस्वती की स्थापना आमला स्थानीय पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्या की देवी माता सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की गई । इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री के पी सेक्केवाल द्वारा विधिवत पूजन कर विद्यालय परिसर में माता की प्रतिमा की स्थापना की गई । विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक शिक्षिका इस अवसर पर उपस्थित थे साथ ही विद्यालय की छात्राए नौ देवियों के रूप में कार्यकम में उपस्थित थी । मूर्ति स्थापना के बाद सुंदर काण्ड का की सुंदर प्रस्तुति निलेश खड़गड़े वा ग्रुप के द्वारा की गई ।  कार्यक्रम में विद्यालय के राजेश नागले, प्रवीण दिघडे, सुनील करारे, अभीकेश सातनकार, श्रीमती ममता पवार, श्रीमती आशा विश्वकर्मा, श्रीमती हीरा कापसे, श्रीमती दुर्गा देशमुख, श्रीमती पायल सातनकार, कुमारी प्रिय झारबड़े, कुमारी खुशबू साहू,  कुमारी तेजस्विनी मथनकर, कुमारी डॉली साहू, कुमारी पूजा हरोड़े, कुमारी करुणा चौकीकर, कुमारी कंचन चौकीकर, कुमारी प्रज्ञा मकोड़े, कुमारी शारदा झरबडे, श्रीमती अनिता डोंगरे, श्रीमती रश्मि देशमुख, श्रीमती प्रियंका ठाकुर, कुमारी सोनल सिंह, कुमारी शिखा यादव, श्रीमती बनायित, श्रीमती तयवाड़े,  श्रीमती सोनाली खातरकर, श्रीमती प्रियंका बेडरे आदि उपस्थित थे ।

Devshayani Ekadashi 17 जुलाई को मनाई जाएगी, इस दिन घर के इन जगहों पर रखें तुलसी पत्ता, समस्याओं का होगा अंत

एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। यह प्रत्येक चंद्र माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को आती है, यानी एक माह में दो बार एकादशी होती है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। वहीं, सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व है। इसे आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मनाया जाता है। इसे हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन से चतुर्मास की शुरुआत होती है। इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार महीनों तक शयन करते हैं। इस अवधि के दौरान शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, आदि नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के व्रत का पालन करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है। साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इस दिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर के कुछ स्थानों तुलसू का पत्ता रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इन जगहों पर रखें तुलसी पत्ता     रसोई घर को घर का अग्नि कोण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। रसोई घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने से घर में समृद्धि बनी रहती है। खाना बनाने वाली का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इस स्थान पर तुलसी का पत्ता अवश्य रखें।     घर की पूर्व दिशा को सूर्य की ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। इस दिशा को साफ-सुथरा और खुला रखना चाहिए। पूर्व दिशा में खिड़कियां और दरवाजे होने चाहिए ताकि सुबह सूर्य की किरणें घर में प्रवेश कर सकें। इसलिए ऐसी जगह पर भी तुलसी का पत्ता अवश्य रखें।     मुख्य द्वार को घर की सबसे महत्वपूर्ण दिशा माना जाता है। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। मुख्य द्वार पर शुभ प्रतीकों (जैसे स्वस्तिक, ओम) का चिह्न बनाएं। दरवाजे पर सुंदर रंगोली और दीपक लगाने से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।     पूजा कक्ष में तुलसी दल रखने से पूजा की पवित्रता और प्रभावशीलता बढ़ती है। यह देवताओं को प्रसन्न करता है और उनकी कृपा प्राप्त होती है।     देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते इन स्थानों पर रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और बरकत आती है। इस दिन उपवास रखने और तुलसी की पूजा करने से भी विशेष लाभ होता है।  

12 जुलाई शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- आज आपका स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातकों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिलेगा। रिलेशनशिप की दिक्कतें दूर होंगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव मन मे हो सकते हैं। मन परेशान रहेगा। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। स्‍थान परिवर्तन भी संभव है। स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर परेशानी हो सकती है। सावधान रहें। वृषभ राशि-प्रोफेशनल लाइफ में अच्छा परफॉर्म करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन बचत पर फोकस करें। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। सिंगल जातकों की आज किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात होगी। आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इस दौरान अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दें। वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। अफसरों का सहयोग रहेगा। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। बातचीत में सन्तुलित रहें। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। माता से धन की प्राप्‍त‍ि होगी। मिथुन राशि-पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आपकी लाइफस्टाइल बेहतर होगी। जीवन में ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। उद्यमियों को नए व्यापार की शुरुआत के लिए कई जगहों से फंड मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। आपकी रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। मन में निराशा एवं असन्तोष रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी आएगी। भाइयों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- अपने एकस्ट्रा खर्चों पर नजर रखें। ऑफिस में वातावरण अनुकूल रहेगा। लेकिन भावनाओं का उतार-चढ़ाव संभव है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी सफलता मिलेगी। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। धन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता मिलेगी। सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में तरक्‍की के मार्ग प्रशस्‍त होंगे। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ में बड़े बदलाव होंगे। जीवन में ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं होगी। ऑफिस में लोग आपके कार्यों से प्रेरित होंगे। आज करियर ग्रोथ के नए अवसरों पर नजर रखें। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। भूमि या वाहन की खरीदारी के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में बहुत अच्छे मार्क्स मिलेंगे। सिंगल जातकों की किसी व्यक्ति के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। व्यवधान आ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्‍थान की यात्रा पर जा सकते हैं। परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी।  क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। कन्या राशि- आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। प्रोफेशनल लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी।  व्यापार में विस्तार होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। अपने बिजी शेड्यूल से थोड़ा टाइम निकालें और फैमिली के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आज आपकी अट्रैक्टिव पर्सनैलिटी से लोग इंप्रेस होंगे। समाज में सराहे जाएंगे। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। पठन-पाठन में मन लगेगा। शैक्षिक कार्यों में सुखद परिणाम मिलेंगे। नौकरी के लिए परीक्षा एवं साक्षात्कार आदि कार्यों में सफलता मिलेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। माता-पिता का साथ मिलेगा। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ सकती है। आत्मसंयत रहें। आत्‍मविश्वास में वृद्धि होगी। तुला राशि- : कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। हर कार्य में मनचाही सफलता मिलेगी। लेकिन आज अप्रत्याशित खर्चे बढ़ेंगे। अपने खर्च करने की आदतों पर नजर रखें। लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव लाएं। हेल्दी रूटीन फॉलों करें। प्रोटीन और न्यूट्रीशन से भरपूर डाइट लें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। आज घर के छोटे भाई या बहन को करियर में बड़ी सफलता हासिल होगी। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। बातचीत में संयत रहें। शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। वाहन की प्राप्ति‍ हो सकती है। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन किसी दूसरे स्‍थान पर जाना पड़ सकता है। तनाव से बचें। वृश्चिक राशि- अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मोटिवेटेड रहेंगे।प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। ऑफिस में बॉस आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे। सीनियर्स के सपोर्ट से करियर में तरक्की करेंगे। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लेकिन अज्ञात भय से मन परेशान रह सकता है। नेगेटिविटी से दूर रहें। प्रियजन के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। कारोबारी कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। कारोबार में कोई नया निवश हो सकता है। मित्रों का सहयोग भी मिलेगा। लाभ में वृद्धि भी होगी। परिवार की जिम्‍मेदारी बढ़ सकती हैं। माता-पिता से वैचारिक मतभेद हो सकती हैं। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। संतान सुख की वृद्धि‍ होगी। धनु राशि- सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जीवन में पॉजिटिविटी भरपूर रहेगी। ऑफिस में टैलेंट का प्रदर्शन करने के कई अवसर मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। निवेश के नए अवसरों पर नजर रखें। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास करें। आज का दिन फैमिली और फ्रेंड्स के साथ कहीं घूमने जाने के लिए बिल्कुल पर परफेक्ट है। इससे पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों से धन प्राप्ति‍ होगी। आत्मविश्वास में कमी आएगी। पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। मकर राशि-आज विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे मार्क्स मिलेंगे। आपकी आर्थिक … Read more

गजकेसरी योग: आज वृषभ, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि के लिए अत्यंत शुभ और सौभाग्यशाली

कल 11 जुलाई दिन गुरुवार को चंद्रमा सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करने वाले हैं। साथ ही कल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है इस दिन गजकेसरी योग, रवि योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे कल के दिन का महत्व बढ़ गया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कल बन रहे शुभ योग का फायदा कर्क, तुला, मकर समेत अन्य 5 राशियों को मिलने वाला है। इन राशियों को रोजगार से जुड़ी कोई नई खबर सुनने को मिलेगी और धर्म कर्म के कार्यों में मन लगेगा। राशियों के साथ कुछ ज्योतिष उपाय भी बताए गए हैं, इन उपायों को करने से कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति मजबूत होगी और भगवान नारायण का आशीर्वाद भी प्राप्त होगी, जिससे इन 5 राशियों के जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। आइए जानते हैं कल यानी 11 जुलाई का दिन किन किन राशियों के लिए लकी रहने वाला है। वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा 11 जुलाई का दिन कल यानी 11 जुलाई का दिन वृषभ राशि वालों के लिए अनुकूल रहने वाला है। वृषभ राशि वाले कल अपने लक्ष्यों को लेकर काफी गंभीर रहेंगे और दूसरों से अपनी बात मनवाने में सफल भी होंगे। नौकरी पेशा जातक कल अतिरिक्त मेहनत और समर्पण के माध्यम से कार्यों को पूरा करेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और प्रमोशन के योग भी बन रहे हैं। वहीं व्यापारी कल अच्छा मुनाफा अर्जित करेंगे और बिजनस में प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते जाएंगे। भाई-बहनों और पड़ोसियों के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहेगी और आपके आसपास हो रहे कार्यों में आपकी सलाह भी ली जाएगी। साथ ही पूरे परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जाने के योग भी बन रहे हैं। भगवान विष्णु की कृपा से कल आपके कुछ अधूरे कार्य पूरे होने की संभावना बन रही है, जिससे आपका मानसिक शांति मिलेगी। वृषभ राशि वालों के लिए गुरुवार का उपाय : मनोकामना पूर्ति के लिए गुरुवार शाम को पीले कपड़े में एक सिक्का, एक गुड़ की डाल और सात साबुत हल्दी की गांठ बांधकर रेलवे लाइन के पास फेंक दें और फिर मंदिर चले जाएं। कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा 11 जुलाई का दिन कर्क राशि वालों के लिए कल यानी 11 जुलाई का दिन अत्यंत फलदायी साबित होगा। कर्क राशि वालों की कल भाग्य का साथ मिलने से सभी इच्छाएं पूरी होंगे और आपका व्यक्तित्व आकर्षक बनेगा। आपके संबंध समाज के कुछ प्रभावशाली लोगों से बनेंगे, जिनका फायदा आपको निकट भविष्य में मिलेगा। अगर आप कोर्ट कचहरी के मामलों में फंसे हुए हैं तो कल आपकी विजय हो सकती है, जिससे आप राहत की सांस ले पाएंगे। नौकरी पेशा जातक कल अपने काम से अधिकारियों का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे और किसी दूसरी कंपनी से अच्छी आमदनी के साथ ऑफर मिल सकता है। आपके द्वारा किए गए निवेश से अच्छा रिर्टन प्राप्त होगा, जिससे आपका मनोबल बढ़ेगा। लव लाइफ वाले कल पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे और किसी रोमांटिक डिनर पर भी जा सकते हैं। कर्क राशि वालों के लिए गुरुवार का उपाय : घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए गुरुवार को केसर, पीला चंदन, हल्दी का दान करें। साथ ही इनका तिलक भी लगाएं। इससे कुंडली में गुरु की स्थिति भी मजबूत होती है। तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा 11 जुलाई का दिन कल यानी 11 जुलाई का दिन तुला राशि वालों के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। तुला राशि वालों को कल भाग्य का पूरा सहयोग मिलने से आय के नए स्रोत मिलेंगे और दूसरों की मदद के लिए भी तैयार रहेंगे, जिससे आपके यश और सम्मान में वृद्धि होगी। अगर आप खुद का बिजनस कर रहे हैं तो कल अच्छा लाभ प्राप्त करेंगे और अपने क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करेंगे। सराकर के कुछ बड़े लोगों से आपकी पहचान बढ़ेगी, जिससे आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे और धन प्राप्ति के नए मार्ग भी मिलेंगे। परिवार में आपसी तालेमल होने से आपके रिश्ते सभी सदस्यों के साथ मजबूत होंगे और संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। कल आपकी सुख सुविधाओं में इजाफा होगा और जीवनसाथी के साथ किसी संपत्ति की खरीदारी भी कर सकते हैं। परिवार में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिलने पर मन प्रसन्न रहेगा। तुला राशि वालों के लिए गुरुवार का उपाय : गुरुवार को केले के वृक्ष की पूजा करें और देसी घी का दीपक जलाकर विधिवत पूजा करें। इसके साथ ही पीले कपड़े पहनें और पीली चीजों का सेवन करें। मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा 11 जुलाई का दिन मकर राशि वालों को कल यानी 11 जुलाई के दिन लाभ मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मकर राशि वालों के जीवन स्तर में सुधार आने की संभावना बन रही है और लाभ प्राप्ति के लिए बनाई गईं योजनाएं भी सफल होंगी। अगर आप निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो भाग्य का साथ मिलने से आगे चलकर अच्छा लाभ मिलने की संभावना बन रही है। धर्म कर्म के कार्यों में आपका मन लगेगा और दान धर्म के कार्यों में धन भी खर्च कर सकते हैं। नौकरी और व्यापारियों की कल पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती नजर आ रही है और आमदनी वृद्धि के नए मार्ग भी मिलेंगे। संतान को लेकर कोई परेशानी चल रही थी तो कल उसमें कुछ राहत मिलती नजर आ रही है। विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों से शुभ समाचार मिलेगा और उच्च शिक्षा के लिए छात्रों का विदेश जाने का सपना पूरा होगा। परिवार में विवाह योग्य जातकों के लिए कल अच्छे रिश्ते आ सकते हैं।  

11 जुलाई गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि वालों फाइनेंशियली आप अच्छे रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में खुद पर फीलिंग्स को हावी न होने दें। जल्दबाजी में आकर आज कोई जरूरी डिसीजन न ही लें तो बेहतर है। ब्रेक लेते रहें, जो आपको पूरी लगन से अपना प्रदर्शन दिखाने में मदद करेगा। शाम रोमांटिक रहने वाली है। ऑफिस का काम आपके दिन को व्यस्त बना सकता है। हाइड्रेटेड रहना न भूलें। वृषभ राशि वालों आज ब्रह्मांड आपके जुनून को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। थोड़ा स्ट्रेस फील कर सकते हैं। आज का राशिफल नए विचारों को लाइफ में लाने की अड्वाइस दे रहा है। करियर तौर पर प्रोडक्टिव रहेंगे। आर्थिक दृष्टि से अच्छा अवसर आज दरवाजे पर दस्तक दे सकता है। आज आपको अपने स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए। बॉस की सलाह पर ध्यान दें। मिथुन राशि वालों आज सीनियर्स के साथ किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं। वित्तीय स्थिति आज पॉजिटिव रहने वाली है। वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस मेन्टेन करके रखना बेहद जरूरी है। आपका शरीर और दिमाग दोनों तालमेल में रहने वाले हैं। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा साबित होगा। स्ट्रेस दूर करने के लिए मेडिटेशन या योग का सहारा लें। कर्क राशि वालों जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। आज की एनर्जी आपको अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देखेंगे। अपनी मां की सेहत पर ध्यान दें। हाइड्रेटेड रहें। फिटनेस को मेंटेन करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें।  सिंह राशि वालों आज का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। आपकी सेहत ही आपका धन है। फाइनेंशियल सिचूऐशन थोड़ी गड़बड़ा सकती है। आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण बड़े पैमाने पर फल देंगे। क्रिएटिव महसूस कर सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में संकोच न करें। रोमांस से भरपूर रहेंगे आज आप। कन्या राशि वालों जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। अपने साथी से जुड़ने और प्यार बांटने के लिए अपने अट्रैक्शन और कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए समय निकालें। स्ट्रेस से दूर रहें। धन संबंधी मामलों में आज आप सफलता देखेंगे। तुला राशि वालों आज डाइट को हेल्दी रखें। तनाव दूर करने के लिए वॉक पर जा सकते हैं। भले ही आपकी शादी को काफी समय हो गया हो लेकिन साथ में समय व्यतीत करना जरूरी है। ऑफिस का काम घर लेकर न आएं। सेहत पर ध्यान देने की आज जरूरत है। इन्वेस्टमेंट करना आज ठीक नहीं रहेगा। कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। वृश्चिक राशि वालों आज आपको सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। नई रास्ते खोजने के लिए आप तैयार हैं। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें की आप कितने काबिल हैं। काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लें। सुख-समृद्धि भरा दिन रहेगा दिन। हेल्दी ड्रिंक का देवान करें। पैसे के मामले में होशियार रहना आज बेहद जरूरी है। धनु राशि वालों करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। फाइनेंशियल दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने पार्टनर से सलह लें। आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। भीड से अलग होने से न डरें। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। वर्क प्रेशर आज ज्यादा फील हो सकता है। मकर राशि वालों उत्साह से भरा रहेगा दिन। आज आपको काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या कर सकते हैं। सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आज आप। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। अर्थीक स्थिति मजबूत रहेगी। कुंभ राशि वालों आज का दिन काफी लकी माना जा रहा है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। बिजनेस कर रहे लोगों की किस्मत साथ देगी। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का सही समय आ गया है। आज का दिन थोड़ा बिजी फील हो सकता है। मीन राशि वालों, जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने जुनून को जगाने और अपनी पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ है। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। आज आपको अपने फाइनेंस को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। हेल्थ पर आज कड़ी नजर रखें।

सावन में यह सपना देखें तो बनेंगे सबसे भाग्यशाली

: हिंदू धर्म शास्त्रों में सावन का महीना बेहद खास माना गया है. ये माह भगवान शिव को समर्पित है. इस माह में शिव भक्त पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कई उपाय करते हैं. इस माह में महादेव के साथ मां पार्वती की उपासना की जाती है. बता दें कि स्वप्न शास्त्र में सावन में दिखने वाले शुभ और अशुभ सपनों के बारे में बताया गया है. कुछ सपने भविष्य में होने वाली शुभ घटनाओं के बारे में संकेत देती हैं. आइए जानें ऐसे ही कुछ सपनों के बारे में. सपने में भगवान शिव और मां पार्वती के दर्शन स्वप्न शास्त्र में सावन के महीने में भगवान शिव और मां पार्वती के दर्शन होना बहुत शुभ माना गया है. ज्योतिष के अनुसार इसे बहुत ही शुभ माना गया है. अगर सावन के महीने में आपको भी ऐसा सपना दिखता है, तो इसका अर्थ है वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होने वाला है. साथ ही, व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सपने में शिवलिंग के दर्शन सावन के महीने में अगर किसी जातक को सपने में शिवलिंग के दर्शन होते हैं, तो ये भविष्य में होने वाली शुभ घटना की ओर संकेत करता है. बता दें इसका अर्थ है, आपकी इच्छा भगवान शिव तक पहुंच गई है और वे जल्द ही इसे पूरा कर देंगे. सपने में शिव जी का मंदिर दिखना स्वप्न शास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक को सपने में शिव जी के मंदिर के दर्शन होते हैं, तो इसे भी बहुत ही शुभ स्वप्न माना गया है. अगर आपके साथ ऐसा होता है, तो इसका मतलब है कि जल्द ही आपकी समस्याओं का समाधान होने वाला है. साथ ही, स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा. शिव जी की पूजा करते हुए दिखना अगर सावन के महीने में आप खुद को शिव जी की उपासना करते हुए देखते हैं तो ये इस बात का संकेत हैं, कि जल्द ही आपकी कोई मनोकामना पूर्ण होने वाली है. नाग देवता के दर्शन सपने में नाग देवता के दर्शन भविष्य में शुभ घटना की ओर संकेत करता है. इसका अर्थ है, जल्द ही आपको धन लाभ होगा. बेल पत्र और डमरू का दिखना सपने में बेल पत्र, डमरू और त्रिशूल का दिखना ये संकेत देता है कि आपको शिव जी की खास कृपा प्राप्त होने वाली है. इससे आपके जीवन में स्थिरता आएगी. और परिवार वालों के साथ खुशी के पल बिता पाएंगे.

10 जुलाई बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि : मेष राशि वालों का आज लव-करियर में भाग्य साथ देगा। रिश्तों की कड़वाहट दूर होगी। आज आप पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर का प्लान बना सकते हैं या उनके साथ नाइट ड्राइव पर जा सकते हैं। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में भी सबकुछ बढ़िया रहेगा। कार्यों की चुनौतियों से निपटने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। आपके सभी सपने साकार होंगे। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। फीमेल्स ज्वेलरी की खरीदारी कर सकती हैं। आज कुछ लोगों को भाई-बहन की आर्थिक मदद भी करनी पड़ सकती है। वृषभ राशि : आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए बेहद लकी साबित होगा। रिश्तों में गलतफहमी दूर होगी। साथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। हालांकि, मैरिड फीमेल्स को ससुराल पक्ष से कष्ट मिल सकता है। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बहुत अच्छी रहेगी। व्यापार में विस्तार होगा। करियर ग्रोथ के कई मौके मिलेंगे। निवेश करने के लिए लिए बेहद शुभ दिन रहेगा। कुछ जातक प्रॉपर्टी को खरीदने या बेचने का प्लान बना सकते हैं। घर में धार्मिक कार्यों के आयोजन के लिए धन खर्च होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ट्रेन या बस से चढ़ते-उतरते समय थोड़ी सावधानी बरतें। मिथुन राशि : आज मिथुन राशि वालों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। रिश्तों की कड़वाहट दूर होगी। लव लाइफ के सुहाने पलों को एंजॉय करेंगे। ऑफिस में क्लाइंट आपके कार्यों का पॉजिटिव फीडबैक देंगे। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सहकर्मियों के सपोर्ट से सभी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। ऑफिस मैनेजमेंट में आपकी अच्छी छवि बरकरार रहेगी। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। कुछ जातक घर के मरम्मत या वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च कर सकते हैं। दान-पुण्य के कार्यों में हिस्सा लेंगे। शाम तक आप वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा, लेकिन प्रेग्नेंट लेडीज सेहत का ज्यादा ख्याल रखें। कर्क राशि : आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। लव लाइफ में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अविवाहितों का शादी-विवाह तय हो सकता है। प्रोफेशनल लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगी। कुछ लोगों को अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिलेगा। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। व्यापार में मुनाफा होगा। हालांकि, आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लें। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। धन का आवक बढ़ेगा। स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। सिंह राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। आज साथी से अपनी फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर बनाने की कोशिश करें। रिश्ते में किसी तीसरे का दखल ज्यादा न बढ़ने दें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। आज आपको करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सरकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण हो सकता है। विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिलेंगे। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। आर्थिक मामलों में धन-समृद्ध रहेंगे। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। कन्या राशि : आज कन्या राशि वालों के लव लाइफ में खुशियां आएंगी। आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। करियर की बाधाएं दूर होंगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। हालांकि, रिलेशनशिप की प्रॉब्लम्स को नजरअंदाज न करें। पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें और उनके इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें। आज आपकी कड़ी मेहनत रंग लाएगी। नौकरी-कारोबार में खूब तरक्की करेंगे। बिजनेस में प्रॉॉफिट होगा। ऑफिस मीटिंग में अपने आइडियाज खुलकर व्यक्त करें। करियर ग्रोथ के नए अवसरों का भरपूर लाभ उठाएं। आज आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें। कुछ जातक नए वाहन या प्रॉपर्टी की खरीदारी का प्लान बना सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। तुला राशि : आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा। रिलेशनशिप की दिक्कतों को समझदारी से हैंडल करें। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। करियर में चुनौतियों बढ़ सकती हैं। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा, लेकिन पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। ऑफिस का स्ट्रेस घर न लाएं। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड करें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। धन को लेकर चल रहे विवाद सुलझ जाएंगे। धन बचत के नए अवसर मिलेंगे। आज का दिन दान-पुण्य के कार्यों के लिए बेहद शुभ रहेगा। वृश्चिक राशि : आज जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रोफेशनल लाइप में नए कार्यों की जिम्मेदारी मिलेगी। पार्टनर संग रिलेशनशिप के रोमांटिक पलों को एंजॉय करेंगे।लव लाइफ में कई बड़े सरप्राइज मिलेंगे। कुछ लोगों की लाइफ में एक्स-लवर की वापसी हो सकती हैं। हालांकि, मैरिड लोगों को ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बहुत अच्छी रहेगी। बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। आईटी और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश में जॉब करने का ऑफर मिल सकता है। आज आप आर्थिक रूप से धन-समृद्ध रहेंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे। धन-संपदा में वृद्धि होगी। धनु राशि : धनु राशि वालों की लव लाइफ बढ़िया रहेगी। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। सिंगल जातकों की लव लाइफ में किसी दिलचस्प व्यक्ति की हो सकती है। आज पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें और उनका ख्याल रखें। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज के साथ किए गए कार्य बेहतरीन परिणाम देंगे। बिजनेमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर हो सकता है। आज आपको आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। दान-पुण्य के कार्यों में धन खर्च कर सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करने में संकोच न करें। मकर राशि : आज मकर राशि के लोगों के जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। लव लाइफ में एक्स-लवर की वापसी हो सकती है। पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। साथी से अपने फ्यूचर प्लान और ड्रीम्स के बारे में डिस्कस करें। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। … Read more

2024 में शुक्राणु गोचर: इन राशियों के लिए शुभ संकेत

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है. इसका प्रभाव किसी पर शुभ तो किसी पर अशुभ होता है. जुलाई में भी कई ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं. 7 जुलाई को धन के देवता मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और ऐसे में कई राशि वाले अपनी किस्मत चमकाने वाले हैं. ग्रहों के शुभ प्रभाव से तनाव से मुक्ति और धन वर्षा होगी. इस दौरान लोगों के बिगड़े काम बनेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जुलाई में शुक्र एक बार नहीं बल्कि दो बार गोचर करने जा रहे हैं. बता दें कि 7 जुलाई को कर्क में गोचर करने के बाद 31 जुलाई को एक बार फिर सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे. जानें शुक्र ग्रह के परिवर्तन से किन राशियों को विशेष लाभ होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जुलाई में शुक्र का गोचर मेष राशि वालों को विशेष लाभ प्रदान करेगा. इस दौरान शुक्र का प्रभाव मेष राशि वालों के मान-सम्मान में बढ़ोतरी करेगा. इतना ही नहीं, इस समय इनकम के सोर्स बनेंगे.  वहीं, आपको प्रोफेशनल लाइफ में प्रमोशन आदि मिल सकता है. इसके साथ ही, अगर आप व्यापार करने की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो इस समय आपको सफलता मिल सकती है. कर्क राशि बता दें कि शुक्र का गोचर कर्क राशि वालों के लिए शुभ फलदायी साबित होगा. इस दौरान शुक्र कर्क में प्रवेश कर कर्क राशि वालों को धन लाभ प्रदान करेगा. इस अवधि में इन राशि वालों को धन की तंगी से छुटकारा मिलने वाला है. धन संचय होगा, पैसा कमाने में सफलता हासिल करेंगे. इतना ही नहीं, परिवार का पूरा साथ मिलेगा और इन जातकों को  जीवन में ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी. तुला राशि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जुलाई का महीना तुला राशि वालों के लिए लाभकार रहने वाला है. इस माह में इन्हें कोई बड़ी खबर मिल सकती है. अचानक से धन आगमन होगा और धन प्राप्ति के योग बनेंगे. ये राशि वाले करियर में सफलता पाएंगे. वहीं, अगर आप व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इससे आपको कामयाबी हासिल होगी. वृश्चिक राशि वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र का गोचर कर्क राशि वालों के लिए विशेष रूप से शुभ फलदायी साबित होगा. इस दौरान पिछले कुछ समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी. व्यक्ति को संकटों से मुक्ति मिलेगी. धन आगमन के नए रास्ते बनेंगे. जीवम में मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी. जीवन में खुशियां आएंगी. इन राशि वालों को शुक्र देव की प्राप्ति होगी.

09 जुलाई मंगलवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष-मंगलवार का राशिफल (Mesh Rashi) मेष राशि के जातकों के लिए दिन आपके लिए नुकसानदायक रहने वाला है.   आपको वाणी व व्यवहार पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है. आप अपने व्यवसाय में यदि कोई परिवर्तन करने वाले थे, तो वह आपके लिए अच्छा रहेगा. आपका मन किसी बात को लेकर परेशान रहेगा. संतान को कल किसी नई नौकरी की प्राप्ति हो सकती है, आपको  किसी नई नौकरी की प्राप्ति हो सकती है. राजनीति में कार्यरत लोगों को  अपने कामो में ढील नहीं देनी है. वृषभ-मंगलवार का राशिफल (Taurus Rashi) वृषभ राशि के जातकों के लिए कल दिन नौकरी के मामले में अच्छा रहने वाला है. आपको अपने व्यावसायिक कार्य पर पूरा ध्यान देना होगा. यदि आप किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जा रहे थे, तो उसमें अपने कीमती सामानों के सुरक्षा अवश्य करें. माता-पिता के आशीर्वाद से  आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा. आपका कोई विरोधी  आपको परेशान कर सकता है. लेनदेन से संबंधित मामलों में आपको सावधान रहने की आवश्यकता है. मिथुन- मंगलवार का राशिफल (Gemini Rashi) मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन आपके लिए भाग्य के दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है. आपकी सोच समझ से काफी काम पूरे होंगे. आप अपने घर  किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं. आपको अपने किसी मित्र की सेहत की चिंता सता सकती हैं, लेकिन आप अपनी संतान को यदि कोई जिम्मेदारी देंगे, तो वह उस पर खरी उतरेगी. आपको किसी सहयोगी से अपने मन की बात को कहने का मौका मिलेगा.  कर्क- मंगलवार का राशिफल (Cancer Rashi) कर्क राशि के जातकों के लिए कल दिन पैतृक संपत्ति संबंधित मामले में अच्छा रहने वाला है. आपका किसी नए घर, मकान, दुकान आदि को खरीदने का सपना पूरा होगा.  सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को  अपनी मेहनत जारी रखनी होगी. यदि आप किसी से धन उधार लेने के लिए सोच रहे थे, तो वह आपको आसानी से मिल जाएगा. आप  किसी प्रॉपर्टी की खरीदारी कर सकते हैं. शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को  अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. सिंह-मंगलवार का राशिफल (Leo Rashi) सिंह राशि के जातकों के लिए दिन  आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है. आपके आस पड़ोस में यदि कोई वाद विवाद हो, तो आपस उसमें चुप लगाये. पारिवारिक समस्याओं से आपको छुटकारा मिलेगा और  कार्य क्षेत्र में यदि आप कोई परिवर्तन करेंगे, तो वह आपके लिए अच्छा रहेगा. आप अपने दिनचर्या में कोई बदलाव न करें, नहीं तो इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ेगा. आपको अपनी कामों को लेकर योजना बनाकर आगे बढ़ना होगा. कन्या- मंगलवार का राशिफल (Virgo Rashi) कन्या राशि के जातकों के लिए  दिन मिश्रित  रुप से फलदायक रहने वाला है.   आपका कोई कानूनी ममला यदि लंबे समय से विवादित था, तो उसमें आपको जीत मिलेगी और आप किसी काम को करने की योजना बना सकते हैं. परिवार के सदस्यों के साथ आप मिल बैठकर  कुछ पारिवारिक समस्याओं को लेकर बातचीत करेंगे. आपकी किसी पुरानी गलती से  पर्दा उठ सकता है. आपने यदि किसी से कोई वादा किया था, तो उसे बहुत ही समय रहते पूरा करें, नहीं तो आपकी समस्याएं बढ़ सकती हैं. तुला- मंगलवार का राशिफल (Libra Rashi) तुला राशि के लिए दिन  लाभदायक रहने वाला है.   व्यवसाय में आप किसी को  पार्टनर बनाने के लिए यदि सोच विचार कर रहे थे, तो आपकु पार्टनरशिप अच्छे चलेगी. आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी. आपको शीघ्रगामी वाहनों के प्रयोग से सावधान रखने की आवश्यकता है. परिवार में  किसी मांगलिक कार्यक्रम के होने के योग बनते दिख रहे हैं, जिसमें परीजनो का आना-जाना लगा रहेगा. यदि आपने किसी योजना में धन का निवेश किया था, तो  उससे आपको अच्छा लाभ मिलेगा. वृश्चिक -मंगलवार का राशिफल (Scorpio Rashi) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है. आप अपने कुछ शारीरिक समस्याओं को  लेकर परेशान रहेंगे, जिनको आपको दूर करने के लिए डॉक्टरी परामर्श की आवश्यकता होगी. परिवार में चल रही कलह  फिर से उठाएगी, जिसे आप वरिष्ठ सदस्यों की मदद से आसानी से दूर कर पाएंगे. यदि आप किसी यात्रा पर जाने की तैयारी में थे, तो उसके लिए  आपको सावधान रहना होगा. आपका कोई पुराना मित्र  आपसे लंबे समय बाद मेल मुलाकात करने आ सकता है. धनु -मंगलवार का राशिफल (Sagittarius Rashi) धनु राशि के जातको के लिए दिन सामान्य रहने वाला है. आपको काम अधिक रहने के कारण आप थोड़ा परेशान रहेंगे. आपको कुछ बड़े व्यक्तियों से मिलने का मौका मिलेगा, जो आपके खूब काम आएंगे. आपकी किसी पुरानी गलती से  पर्दा उठ सकता है. विद्यार्थियों को किसी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा. आपके घर  किसी अतिथि का आगमन हो सकता है. रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को  कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. मकर -मंगलवार का राशिफल (Capricorn Rashi) मकर राशि के जातकों के लिए दिन  बाकी दिनों की तुलना में अच्छा रहने वाला है. आपको अपने पिताजी की ओर से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. यदि आपको कोई शारिरीक कष्ट सता रहा था, तो उसमें भी आपके कष्टो में कमी होगी. किसी नए वहां को  आप अपने घर लेकर जा सकते हैं. यदि आपने पहले किसी से धन उधार लिया था, तो उसे भी  आप काफी हद तक उतारने में सफल रहेंगे. आपको नौकरी में प्रमोशन मिलने की संभावना है, इसलिए आप अपने बॉस की बातों पर पूरा ध्यान दें. कुंभ- मंगलवार का राशिफल (Aquarius Rashi) कुंभ राशि के जातकों के लिए कल दिन अच्छा रहने वाला है. बिजनेस की योजनाएं से आपको अच्छा लाभ मिलेगा और आपकी सोच समझ से सभी काम पूरे होंगे. आपको किसी काम को लेकर यदि लंबे समय से समस्या चल रही थी, तो वह दूर होती दिख रही है. आपको कोई प्रॉपर्टी  की खरीदारी करना अच्छा रहेगा. आप जीवनसाथी के लिए किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो वह कल कर सकते हैं. विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लिखाई में आ रही समस्याओं को दूर करने की कोशिश करनी होगी. मीन- मंगलवार का राशिफल (Pisces Rashi) मीन राशि के जातकों के लिए कल दिन नुकसानदायक रहने वाला है. आपने यदि किसी पर आंख मूंदकर भरोसा किया, तो वह आपका कोई भारी नुकसान … Read more

गुप्त नवरात्रि में करें ये उपाय, पाएं कई दोषों से मुक्ति

– गुप्‍त नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. बेहतर होगा कि कम से कम 9 या 11 बार पाठ करें. हर बार पाठ करने के बाद एक लौंग अर्पित करते जाएं. फिर कटोरी में हर लौंग के दाने को जलाते जाएं. यह उपाय कई कष्‍टों से राहत देगा. ग्रह दोष दूर होगा. – यदि आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो गुप्‍त नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करें. फिर मातारानी के चरणों में 7 लौंग अर्पित करें और अगले दिन वे लौंग लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें. फिर हर शुक्रवार को माता की पूजा करें और माता के चरणों में लौंग अर्पित करके तिजोरी में रखी लौंगों से बदल दें. साथ ही पुरानी लौंग को कपूर के साथ जला दें. ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आने शुरू हो जाएं. – गुप्‍त नवरात्रि के दौरान रोज शाम को घर में चांदी की कटोरी में लौंग और कपूर जलाएं. इससे घर की नकारात्‍मकता, झगड़े-कलह दूर होते हैं. घर में शांति आती है. वास्‍तु दोष भी दूर होते हैं. – घर पर बुरी नजर है या कोई समस्‍या हो तो गुप्‍त नवरात्रि में ये उपाय कर सकते हैं. इसके लिए एक कटोरी में 11 लौंग, 11 कपूर, 11 तेजपत्ता और 11 काली मिर्च के दाने लें और फिर मां दुर्गा के बीज मंत्र का जाप करें. शाम को कटोरी में रखी सारी चीजें जला लें. फिर पूरे घर में धुआं करें, इससे घर की नकारात्‍मक ऊर्जा दूर होगी. घर में सुख-समृद्धि आएगी. तरक्‍की के रास्‍ते खुलेंगे.

08 जुलाई सोमवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि : आज मेष राशि वाले करियर में नई उपलब्धि हासिल करेंगे। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। मैरिड लोगों को ऑफिस रोमांस से दूर रहना चाहिए। व्यापार में विस्तार होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आज आप दान-पुण्य के कार्यों में भी धन खर्च कर सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा। वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन तरक्की के नए अवसर लाएगा। कार्यों की बाधाएं दूर होंगी। ऑफिस में कार्यों की चुनौतियों से निपटने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। विद्यार्थियों को शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। भाई-बहन से प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवादों से छुटकारा मिलेगा। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। नौकरी-कारोबार में खूब तरक्की करें। आज आप पार्टनर के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। मिथुन राशि : आज मिथुन राशि वालों के जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस बहुत अच्छी रहेगी। करियर में उन्नति के कई अवसर मिलेंगे। आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखें। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। आज कुछ जातकों को धन को लेकर भाई-बहनों से विवाद हो सकता है। कानूनी मामलों से दूर रहें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करें। ऑफिस मैनेजमेंट में अपनी सकारात्मक छवि बरकरार रखें। ऑयली और जंक फूड के सेवन से परहेज करें। घर का खाना खाएं। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप हेल्दी और फिट रहेंगे। कर्क राशि : आज कर्क राशि वालों की रोमांटिक लाइफ बहुत अच्छी रहेगी। सिंगल जातकों को प्रपोजल का पॉजिटिव फीडबैक मिलेगा। कुछ लोगों के रिलेशनशिप को पैरेंट्स का अप्रूवल मिल सकता है। आज आपको आय के नवीन स्त्रोतों से धन लााभ होगा। निवेश के कई अवसर मिलेंगे। अटका हुआ धनव वापस मिलेगा। हालांकि, धन बचत जरूर करें। आज ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। चैलेंजिंग टास्क को कॉन्फिडेंस के साथ हैंडल करें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। सिंह राशि : आज रिलेशनशिप की दिक्कतें दूर होंगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। करियर में उन्नति के अनगिनत अवसर मिलेंगे। हालांकि, महत्वपूर्ण कार्यों को कंपलीट करने के लिए ऑफिस में ज्यादा टाइम स्पेंड करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों को आज प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। आर्थिक मामलों में दिन काफी अच्छा है। पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय ट्रैफिक के नियमों का कड़ाई से पालन करें। कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। रिलेशनशिप में छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पार्टनर के मूड स्विंग के चलते परेशानियां बढ़ेंगी, लेकिन क्रोध से बचें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालें और साथी का ख्याल रखें। आज आपको आर्थिक मामलों में बहुत सावधानी बरतनी होगी। लॉन्ग टर्म फाइनेंसशियल गोल्स बनाएं। धन बचत करें। लग्जरी आइटम्स की खरीदारी के लिए बड़े अमाउंट में धन खर्च न करें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। स्ट्रेस मैनेजमेंट एक्टिविटी में शामिल हों। तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला है। ऑफिस में नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। हालांकि, आज साथी से वैचारिक मतभेद संभव है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। साथी से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। रिलेशनशिप में किसी तीसरे का दखल ज्यादा बढ़ने न दें। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसरों पर नजर रखें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। खर्चे नियंत्रित होंगे। व्यापार में विस्तार होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद शुभ साबित होगी। ऑफिस में उच्चाधिकारियों का सपोर्ट मिलेगा। नौकरी-कारोबार में खूब तरक्की करेंगे। कुछ लोगों के रिलेशनशिप को पैरेंट्स सपोर्ट करेंगे। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति में दिलचस्पी बढ़ सकती है।ऑफिस मीटिंग में अपने आइडियाज को खुलकर शेयर करें। करियर ग्रोथ के नए अवसरों का भरपूर लाभ उठाएं। आज आर्थिक मामलों में भाग्य साथ देगा। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देना होगा। स्मोकिंग और एल्कोहल के सेवन से परहेज करें। धनु राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। रिश्तों में प्यार और रोमांस बरकरार रहेगा। साथी से भरपूर प्यार लुटाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कई बड़े बदलाव होंगे। ऑफिस में आपको टैलेंट का प्रदर्शन करने का कई अवसर मिलेगा। क्लाइंट आपके कार्यों का पॉजिटिव फीडबैक देंगे। व्यापार में बढ़ोत्तरी होगी। आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ रहेगा। आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। कुछ जातक सोच-समझकर स्टॉक मार्केट, ट्रेड या नए बिजनेस में इनवेस्ट कर सकते हैं। स्वास्थ्य आपका ठीक-ठाक रहेगा, बस ऑयली फूड के सेवन से परहेज करें। मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। रिश्तों में तकरार बढ़ सकती है। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव है। हालांकि, बातचीत के जरिए समस्या को सुलझाने का प्रयास करें। आज कुछ जातकों के रिलेशनशिप को पैरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। लव लाइफ में खुशियां आएंगी। ऑफिस में कार्यों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। धैर्य बनाए रखें। क्रोध से बचें। करियर से जुड़े डिसीजन सोच-समझकर लें। धन लाभ के नए अवसरों पर नजर रखें। आज आपको इंकम के नए सोर्स से धन लाभ होगा। सेहत पर ध्यान देना होगा। यात्रा के दौरान मेडिकल किट अपने साथ रखें। कुंभ राशि : आज कुंभ राशि वालों के जीवन में कई बड़े बदलाव होंगे। ऑफिस के कार्यों में बहुत सावधानी बरतना होगी। आपको कार्यों के पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे। कड़ी मेहनत रंग लाएगी। ऑफिस में बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक टॉक्सिक रिलेशन से बाहर निकलने का प्लान बना सकते हैं। आज आप अपने … Read more

जगन्नाथ रथ यात्रा आज से शुरू, जानें 1000 यज्ञों का पुण्य देने वाली इस यात्रा का महत्व

 पुरी उड़ीसा के पुरी में 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होने जा रही है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजते हैं। ऐसी मान्यता है कि रथ यात्रा का साक्षात दर्शन करने भर से ही 1000 यज्ञों का पुण्य फल मिल जाता है।आपको बता दें कि हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा का आरंभ होता है। इसके साथ ही आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के 11वें दिन जगन्नाथ जी की वापसी के साथ होता है।  53 साल बाद बन रहा अद्भभुत संयोग पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तिथियां घट गई है। ऐसे में रथयात्रा के पहले की सभी परंपराएं 7 जुलाई तक चलेंगी। इसके बाद सुबह के बजाय शाम को रथयात्रा शुरू होगी। लेकिन रथयात्रा के बाद रथ नहीं हांका जाता है। इसलिए रात को रथ रोक दिया जाएगा और 8 जुलाई को जल्द सुबह रख चलाना शुरू होगा।बता दें कि तिथियों का ऐसा संयोग साल 1971 को बना था। अलग-अलग रथ में सवार होते हैं श्री कृष्ण, बलराम और सुभद्रा जी जगन्नाथ रथयात्रा में 3 रथ निकाले जाते हैं, जो कृमश: श्री कृष्ण, बलराम और उनकी बहन सुभद्रा का होता है। हर एक रथ अपने आप पर खास होता है। पहला रथ जगन्नाथ जी का होता है, जिसे नंदीघोष कहा जाता है। इसके साथ ही इसमें लहरा रही ध्वजा को त्रैलोक्य मोहिनी कहा जाता है। इस रथ में कुल 16 पहिए होते हैं। दूसरा रथ भगवान बलराम का होता है। इस रथ को तालध्वज कहा जाता है। इसके साथ ही रथ में लगे ध्वज को उनानी कहा जाता है। इस रथ में कुल 14 पहिए होते हैं। बता दें की तीसरा रथ भगवान जगन्नाथ की छोटी बहन सुभद्रा का होता है। इस रथ को पद्म ध्वज कहा जाता है। इस रथ में कुल 12 पहिए होते हैं।   कैसे शुरू हुई जगन्नाथ रथ यात्रा धार्मिक मान्‍यता के अनुसार एक बार बहन सुभद्रा ने अपने भाइयों कृष्‍ण और बलरामजी से नगर को देखने की इच्‍छा प्रकट की। फिर दोनों भाइयों ने बड़े ही प्‍यार से अपनी बहन सुभद्रा के लिए भव्‍य रथ तैयार करवाया और उस पर सवार होकर तीनों नगर भ्रमण के लिए निकले थे। रास्‍ते में तीनों अपनी मौसी के घर गुंडिचा भी गए और यहां पर 7 दिन तक रुके और उसके बाद नगर यात्रा को पूरा करके वापस पुरी लौटे। तब से हर साल तीनों भाई-बहन अपने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं और अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। इनमें सबसे आगे बलराम जी का रथ, बीच में बहन सुभद्रा का रथ और सबसे पीछे जगन्‍नाथजी का रथ होता है। जगन्‍नाथ यात्रा का महत्‍व भगवान जगन्‍नाथ और उनके भाई-बहन के रथ नीम की परिपक्‍व और पकी हुई लकड़ी से तैयार किए जाते हैं। इसे दारु कहा जाता है। रथ को बनाने में केवल लकड़ी को छोड़कर किसी अन्‍य चीज का प्रयोग नहीं किया जाता है। भगवान जगन्‍नाथ के रथ में कुल 16 पहिए होते हैं और यह बाकी दोनों रथों से बड़ा भी होता है। रथ यात्रा में कुछ धार्मिक अनुष्‍ठान भी किए जाते हैं। मान्‍यता है कि इस रथ यात्रा का साक्षात दर्शन करने भर से ही 1000 यज्ञों का पुण्य फल मिल जाता है। जब तीनों रथ यात्रा के लिए सजसंवरकर तैयार हो जाते हैं तो फिर पुरी के राजा गजपति की पालकी आती है और फिर रथों की पूजा की जाती है। उसके बाद सोने की झाड़ू से रथ मंडप और रथ यात्रा के रास्‍ते को साफ किया जाता है। हर साल इस मजार पर क्‍यों रुकता है यह रथ भगवान जगन्‍नाथ का रथ अपनी यात्रा के दौरान मुस्लिम भक्‍त सालबेग की मजार पर कुछ देर के लिए जरूर रुकता है। माना जाता है कि एक बार जगन्‍नाथजी का एक भक्‍त सालबेग भगवान के दर्शन के लिए पहुंच नहीं पाया था। फिर उसकी मृत्‍यु के बाद जब उसकी मजार बनी तो वहां से गुजरते वक्‍त रथ खुद ब खुद वहां रुक गया। फिर उसकी आत्‍मा के लिए शांति प्रार्थना की गई तो उसके बाद रथ आगे बढ़ पाया। तब से हर साल रथयात्रा के दौरान रास्‍ते में पड़ने वाली सालबेग की मजार पर जगन्‍नाथजी का रथ जरूर रुकता है।   यात्रा में शामिल होने दिल्ली से जगन्नाथ पुरी कैसे पहुंचे दिल्ली से जगन्नाथ पुरी का सफर 31 घंटे का है। आप यहां के लिए सबसे पहले तो फ्लाईट लें। इसमें 2h 39m लग सकते हैं। इसके लिए आपको दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान लेना है, जो पुरी का निकटतम हवाई अड्डा है। वहां से, आप पुरी पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या बस ले सकते हैं, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा आप दिल्ली से सीधे जगन्नाथ पुरी के लिए ट्रेन भी ले सकते हैं। आपको यहां के लिए कई सारी ट्रेन मिल जाएंगी बस आपको पहले से टिरट बुक करके रखना चाहिए। जगन्नाथ पुरी में रत्र यात्रा में शामिल होने या देखने के लिए कोई टिकट की जरूरत नहीं है। पर जब आप मंदिर जाना जा रहे हैं और यहां प्रसाद लेने की सोच रहे हैं तो यहां की ऑनलाइन साइट की मदद ले सकते हैं। 3 दिन की ट्रिप में ऐसे घूमें पुरी- -सबसे पहले तो आप जगन्नाथ मंदिर जाएं। -आप रामचंडी बीच (Ramchandi Beach) पर जाएं। -कोणार्क सूर्य मंदिर घूमकर आएं। यहां आप एक खूबसूरत सुबह और शाम बीता सकते हैं। कोणार्क में कई बाज़ार हैं जो सजावटी सामान, हस्तनिर्मित वस्तुएं, सहायक उपकरण, शॉल, हैंडबैग, पट्टा पेंटिंग, कढ़ाई के काम और बहुत कुछ बेचते हैं। सरकार द्वारा संचालित एम्पोरिया कोणार्क में सबसे अधिक बार देखी जाने वाली दुकानों में से एक है जो खरीदारी करने वालों का दिल जीत लेती है। अपनी कुछ पसंदीदा चीज़ें खरीद सकते हैं और यहां के फेमस फूड्स का स्वाद ले सकते हैं।

07 जुलाई रविवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि का राशिफल आज कार्य क्षेत्र में कोई ऐसी घटना घट सकती है जिससे कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. सत्ता शासन में बैठे लोगों को नए दायित्व प्राप्त होंगे. महत्वपूर्ण कार्यों में धीरे-धीरे प्रगति होगी. अपनी महत्वाकांक्षाओं को अधिक न बढ़ने दें. उन पर अपना नियंत्रण बनाए रखें. सामाजिक क्रियाकलापों के प्रति सतर्कता बढ़ेगी. सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लाभ उन्नति का अवसर प्राप्त हो सकते हैं. व्यावसायिक क्षेत्र में संलग्न लोगों को व्यापार को बढ़ाने की ओर ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी. खेलकूद प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त होगी. रोजगार की तलाश पूरी होगी. संतान के दायित्व की पूर्ति होगी. किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के संकेत प्राप्त होंगे. उपाय :- आज हनुमान जी को चोला चढ़ाएं हनुमान जी को लाल बूंदी का भोग लगाएं. वृष राशि का राशिफल आज राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई महत्वपूर्ण पद मिल सकता है. सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों के साहस एवं पराक्रम के कारण विरोधी अथवा शत्रु से सफलता प्राप्त होगी. किसी आवश्यक कार्य से यात्रा करनी पड़ सकती है. संघर्ष करने से भाग्य साथ देगा गुप्त विरोधी गुप्त रूप से आपके विरुद्ध सक्रिय रहेंगे. सावधानी बनाए रखें. सामाजिक कार्य में अभिरुचि बढ़ेगी. कार्य क्षेत्र में लाभ उन्नति के योग बन सकते हैं. व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए समान रूप से लाभकारी समय रहेगा. व्यापार में उन्नति के संकेत प्राप्त होंगे. रोजगार की तलाश पूरी होगी. विद्यार्थी पर को विद्यार्थी संबंधी किसी बाधा से मुक्ति मिलेगी. नौकरी के लिए दिए गए साक्षात्कार एवं प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त होगी. आध्यात्मिक कार्यों में अभिरुचि बढ़ेगी. पारिवारिक समस्या का समाधान किसी मित्र के सहयोग से होगा. उपाय :- आज स्फटिक की एक माला शुद्ध एवं सिद्ध कर गले में धारण करें. गुलाब का इत्र लगाएं. मिथुन राशि का राशिफल आज नौकरी में उच्च अधिकारियों से अधीनस्थ के साथ उनकी हां में हां मिलाते रहे. व्यर्थ वाद विवाद से बचें. बनते बनते कार्यों में बाधाएं आएगी. विरोधी पक्ष आपकी कमजोरी का लाभ उठाने का प्रयास करेंगे. आपकी सूझबूझ से परिस्थितियों अनुकूल होने लगेंगे. मन में नई आशा की किरण जागेगी. कार्य क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने पर स्थिति में सुधार होगा. अपनी कार्यशैली में सकारात्मक परिवर्तन करने का प्रयास करें. व्यर्थ के तर्क वितर्क में न फंसे. खेलकूद प्रतियोगिता में उच्च सफलता प्राप्त होगी. दूर देश से किसी परिजन का शुभ समाचार प्राप्त होगा. साइज लॉटरी ,दलाली आदि के कार्य में लगे लोगों को यकायक बड़ी सफलता मिल सकती है. बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी की तलाश में लगे लोगों को नौकरी मिलने के संकेत मिल रहे हैं. उपाय :- आज किसी गरीब व्यक्ति को हरे कपड़े धन सहित दान करें. गणेश जी की आराधना करें. कर्क राशि का राशिफल आज आजीविका के क्षेत्र में संलग्न व्यक्तियों के लिए परिस्थितियां अधिकांशत: अनुकूल रहेंगी. व्यवसाय करने वाले लोगों को व्यापार में धीमी गति से लाभ होगा. योजनाबद्ध रूप से कार्य करें. अपने व्यवहार को अधिक सकारात्मक बनाने का प्रयास करें. विरोधियों को अपनी निजी योजनाओं के बारे में पता न चलने दें. परोपकार, दया, धर्म में अभिरुचि बढ़ेगी. किसी पुराने कोर्ट कचहरी के मामले में सफलता प्राप्त होगी. संतान के दायित्व की पूर्ति होगी. मजदूर वर्ग को रोजगार संबंधी समस्या से छुटकारा मिलेगा. किसानों को सरकार की योजना का लाभ मिलेगा. जुआ, सट्टा खेलने से बचें. अन्यथा किसी मुसीबत में फंस सकते हैं. उपाय :- आज उगते हुए चंद्रमा को नमस्कार करें. अपनी माता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें. सिंह राशि का राशिफल आज बैंक में जमा पूंजी धन में वृद्धि होगी. कोई महत्वपूर्ण कार्य सफल होगा. व्यापार में किसी परिजन का सहयोग मिलेगा. नौकरी की तलाश में इधर से उधर भटकना पड़ सकता है. आपको शारीरिक परिश्रम अधिक करना पड़ सकता है. पहले के रुके हुए कार्य पर फोकस करना होगा. उद्योग धंधे से जुड़े लोगों को अपेक्षा से कम सफलता मिलेगी. राजनीति में आपकी वाकपटुता एवं प्रभावपूर्ण भाषण शैली के कारण उच्च पद मिल सकता है. किसी मित्र के साथ साझेदारी में कार्य करने से हानि हो सकती है. कार्य क्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण कार्य के बारे में अपने शत्रु अथवा विरोधियों को अपने कमजोरी का पता न चलने दें. अन्यथा वह आपकी कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं . उपाय :- आज हरा रुमाल अपने पास रखें. कन्या राशि का राशिफल आज रोजगार प्राप्त होगा. नौकरी में उच्च अधिकारी का साथ बना रहेगा. राजनीति में वर्चस्व स्थापित होगा. कला अथवा लेखन कार्य से जुड़े लोगों को उच्च सफलता प्राप्त होगी. किसी पुराने मुकदमे से छुटकारा मिलेगा. जेल से मुक्त होंगे. समाज में आपके कार्यों की सराहना होगी. व्यापार में नए मित्र बनेंगे. शासन सत्ता का लाभ मिलेगा. किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए लंबी यात्रा पर जाना सफल होगा. धार्मिक आयोजन के संयोजन की जिम्मेदारी मिल सकती है. अपने कार्य पर फोकस करने के लिए आप पूरी कोशिश करेंगे. कार्यस्थल पर सुख सुविधा प्राप्त होगी आपके नेतृत्व में कोई बड़ी सफलता मिलेगी. उपाय :- पीपल के पांच का पेड़ लगाएं. तुला राशि का राशिफल आज कार्यक्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण कार्य करने में सफल होंगे. व्यापार में कड़ा परिश्रम लाभकारी सिद्ध होगा. भाई बहनों का व्यवहार सहयोगात्मक रहेगा. नौकरी में पदोन्नति के योग बनेंगे. पैतृक धन संपत्ति आपको मिल सकती है. भूमि, भवन आदि के कार्य में लगे लोगों को विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी. कोई काफी समय से रुका हुआ कार्य संपन्न होगा. राजनीति में आपके नेतृत्व की सराहना होगी. दलाली दबंग यदि करने वालों को उन्नति एवं सफलता प्राप्त होगी. बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत लोगों को उनके पुरुषार्थ एवं साहस लिए अपने बॉस से सराहना प्राप्त होगी. उपाय :- गलत कामों से दूर रहें. वृश्चिक राशि का राशिफल आज वाणी पर नियंत्रण रखें. पारिवारिक जिम्मेदारी परेशानी का सबब बनेगी. किसी प्रियजन से दूर जाना पड़ सकता है. घर अथवा व्यापारिक स्थल में अग्नि लगने का भय बना रहेगा. राजनीति में मिली असफलता अपमान का सबब बनेगी. व्यापार में तनाव होने से मन खिन्न रहेगा. यात्रा में किसी अनजान व्यक्ति पर अधिक विश्वास करना हानिकारक सिद्ध होगा. खेलकूद प्रतियोगिता में उच्च सफलता मिलेगी. नौकरी में अधीनस्थ साथी से संबंध मधुर होंगे. विदेश यात्रा की योजना में यकायक कुछ बाधा आ सकती है. खेती किसानी से जुड़े लोगों को … Read more

06 जुलाई शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मार्केटिंग, सेल्स पर्सन आज काम के सिलसिले में यात्रा कर सकते हैं और कुछ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश जाना पड़ सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स का प्रभाव आप पर भी पड़ सकता है, सुनिश्चित करें कि आप इससे खुद को दूर रखेंगे। आप गोल्ड और डायमंड में निवेश कर सकते हैं।  कुछ जातक ऑनलाइन लॉटरी में अपनी रुचि दिखा सकते हैं। आपको अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो आपको सही मायने में समझे और जो आपके साथ डील कर सके। किसी ऐसे व्यक्ति को खोजें जो आपको वैसे ही स्वीकार करे जैसे आप हैं। वृषभ राशि- यह अपने टैलेंट, नई खोज करने और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का समय है। अपने आप पर भरोसा रखें। यह समय आपको अप्रत्याशित अवसरों की ओर ले जाएंगी। यह दिन आपको आर्थिक उन्नति के रास्तों पर मार्गदर्शन करेगा। अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो मेंटल हेल्थ को बढ़ावा दें। आप मेडिटेनशन कर सकते हैं या डायरी लिख सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि आप फिजिकल एक्टीविटीज में भी शामिल होतें है, जो आपके शरीर और आत्मा दोनों को ऊर्जा प्रदान करती हो। अपने साथी की इच्छाओं का सम्मान करें और उन्हें बताएं कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं। अपनों के लिए आपको अपने साथी से प्रशंसा मिलेगी। कुछ स्थितियों में विचारशील होना अधिक महत्वपूर्ण है। बोलने वाले चतुर दिमाग के बजाय आपको धैर्यवान बनने की आवश्यकता है। मिथुन राशि- लव लाइफ में आ रही समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। इससे आप दोनों रिश्ते में एक बेहतर सुधार देखेंगे। स्वास्थ्य और धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सावधानी से निपटने की जरूरत होगी। आपको प्रोफेशनल लाइफ में काफी तरक्की मिलेगी। इमरजेंसी में मिले कामों को सावधानी से हैंडल करें। सावधानी से धन खर्च करें। इस सप्ताह पैसों की थोड़ी तंगी हो सकती है। कुछ लोगों को भाई-बहन की दवाओं के लिए धन खर्च करने की आवश्यकता पड़ेगी। प्रतिबद्धता पर चर्चा करने का सबसे अच्छा समय अभी है क्योंकि वे इसकी पेशकश करेंगे। अगर आप प्रपोज करने के बारे में सोच रहे हैं तो आज का दिन महत्वपूर्ण है। उस व्यक्ति को खोजने का प्रयास करें जिसके साथ आप गांठ बांध सकते हैं। कर्क राशि- लव लाइफ में अधिक धैर्य रखने की जरूरत है। कर्क राशि के कुछ जातक बातचीत के दौरान अपना आपा खो सकते हैं, जिससे मुश्किलें अधिक बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर समझदारी से काम करें और ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें। साथी ही किसी से ऑफिस गॉशिप डिस्कस ना करें। कुछ लोगों को फंड प्राप्त करने में संघर्ष करना पड़ेगा। हालांकि बिजनेसमैन को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उन्हें बिजनेस पार्टनर्स का सहयोग मिलेगा। यह दिन निवेश के लिए अच्छा रहेगा। कुछ जातकों को सीने में दर्द या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। अगर आपका प्यार कम हो रहा है, तो आपको अपने रिश्ते पर करीब से नजर डालनी चाहिए। पता लगाएं कि समस्या का कारण क्या है और यह अपने साथी को बताएं कि यह क्या है। फिर पार्टनर को बताएं कि आपके मन में क्या है।  सिंह राशि- आपकी लव लाइफ प्यार और खुशियों से भरपूर रहेगी। साथी संग आपका बंधन मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में परिवर्तनों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन यह बदलाव तरक्की के मार्ग सुनिश्चित करेंगे। आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। ऐसी एक्टिविटीज में शामिल हों, जो आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करें। धन-संपन्नता के अप्रत्याशित अवसर मिलेंगे। नए अवसरों की तलाश करें, जिससे आय में वृद्धि की संभावना हो। संभव है कि आप अपने रोमांटिक जीवन में किसी उलझन का अनुभव कर रहे हों। आप दोनों कुछ अलग खोजते नजर आते हैं। यह आपके मौजूदा संबंध या प्रतिबद्धता के एक नए स्तर की शुरुआत का संकेत दे सकता है। अपने डर से छुटकारा पाएं। कन्या राशि- आज आप आर्थिक रूप से संपन्न रहेंगे। इस धन का उपयोग आप म्यूचुअल फंड या स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। मिथुन राशि की कुछ महिलाएं आज गाड़ी खरीद सकती हैं। अपने लाइफ में नए लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। आज आपको किसी के प्रति प्यार का एहसास होगा। आज आप उन्हें प्रपोज भी कर सकते हैं और आपको पॉजिटिव फीडबैक भी मिलेगा। नवविवाहित जातक आज जीवनसाथी संग अच्छे पल बिता सकते हैं। अपनी कल्पना का प्रयोग करते हुए अपनी भावनाओं को उस व्यक्ति तक पहुंचाएं जिसकी आप सबसे ज्यादा परवाह करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप एक संभावित रोमांटिक साथी को जीतने की कोशिश करते समय रचनात्मक शब्दों और सुखदायक स्वर का प्रयोग करें। प्रभावी ढंग से संचार करना आपके सफलता की कुंजी है। तुला राशि- आज आप की नए लोगों से मुलाकात हो सकती हैं, जिसके साथ आपकी रिलेशनशिप की शुरुआत हो सकती है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन आपको इससे बाहर निकलने की कोशिश करना पड़ेगा। आज निवेश के अच्छा दिन है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ हो सकता है। कुछ जातकों को पेमेंट से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपकी रोमांटिक संभावनाओं के बारे में दूसरे लोगों का क्या कहना है, इसे न सुनें। लोगों की टिप्पणियां और राय आपके विचारों और भावनाओं के रास्ते में आती हैं।  फिलहाल लोगों की बात न सुनें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश करें। वृश्चिक राशि- अपने जीवन में नए व्यक्ति का स्वागत करने के लिए तैयार रहें। मिथुन राशि के सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। सप्ताह के मध्य तक आप प्रपोज कर सकते हैं। आपको अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। प्रोफेशनल लाइफ में आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। खुद को साबित करने के लिए आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और आप सभी काम को डेड लाइन से पहले पूरा करने में सक्षम होंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। आय के कई स्त्रोंतो से धन लाभ होगा और यह सप्ताह सुख-समृद्धि से भरपूर होगा। अपने आप को उन प्रतिबंधों को जाने दें जो आपने अपने लिए स्थापित किए हैं। अपने प्यार को आकर्षित करने के लिए प्रयास करें। जब सामाजिककरण की बात … Read more

सपने में सांप के रंग का मतलब

स्वप्न शास्त्र में स्वप्न के अर्थ वर्णित किए गए हैं। ये बताता है कि सपने भविष्य में कैसा फल देंगे, सपने हमें आने वाले फायदों के बारे में भी बताते हैं और नुकसान भी पहुंचाते हैं। इसलिए ज्योतिष शास्त्र में स्वप्न को बहुत महत्व दिया गया है। सपने में सांप देखने का मतलब बहुत खास होता है। ये शुभ और अशुभ दोनों हो सकते हैं। सपने में अलग-अलग रंग के सांप देखने का मतलब भी अलग-अलग होता है। आइए जानते हैं आज सांप से जुड़े सपने और उनके फल। सपने में सांप देखने का मतलब सांप कई रंग के होते हैं और इनके अलग-अलग रंग के सपने में सांप देखने का मतलब क्या है। सपने में सफेद रंग का सांप देखना: सपने में सफेद रंग का सांप दिखाई देना तो यह बहुत शुभ सपना है। यह सपना अपार धन लाभ का संकेत देता है। ऐसे जातक को अप्राप्य पैसा मिलता है. सपने में भूरे रंग का सांप देखना: सपने में भूरे रंग का सांप देखना अचंता फल देता है। चेहरे पर यदि यह सांप के पेड़ पर चढ़ता हुआ दिखाई दिया तो इसका मतलब है कि आपको जल्द ही काम या व्यापार में विकास मिलने वाला है। आपको नई जॉब का ऑफर मिल सकता है या बिजनेस में बड़ा मुकाम या ऑर्डर मिल सकता है। सपने में हरे रंग का सांप देखना: सपने में हरे रंग का सांप देखने का मतलब है कि आपको जल्द ही कोई अच्छी नौकरी मिल सकती है। आपको मनचाहा काम या सफलता मिल सकती है. साथ ही आर्थिक उन्नति भी मिलने के योग बनते हैं। सपने में रंगीला या रंग-बिरंगा सांप देखने का अर्थ है आपके जीवन में बड़ी सफलता मिलने वाली है। आपका जीवन खुशियों और धन-समृद्धि से भरने वाला है। ऐसा सपना गरीब आदमी को भी आए तो कुछ ही समय में वो बड़ा आदमी बन सकता है। सपने में पीले रंग का सांप देखना: सपने में पीले रंग का सांप देखना अच्छा भी है और बुरा भी है। यह आपके घर से दूर जाने का संकेत दे सकता है। जैसे काम या व्यवसाय के चलते आपको लंबे समय के लिए अपना घर छोड़ना पड़ता है। सपने में काला नाग देखना : सपने में काला सांप देखना अच्छा होता है। यह आर्थिक स्थिति बेहतर होने का संकेत है। नौकरी में पदोन्नति, नई नौकरी मिलने, वेतन और मान-सम्मान में वृद्धि का योग बनता है। किसी महतत्वपूर्ण काम में सफलता पाने के योग बनते हैं। सपने में लाल रंग का सांप देखना: सपने में लाल रंग का सांप देखने का मतलब है कि आपको किसी महान कार्य में अड़चन आ सकती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या कर रहे हैं या आपको कोई धोखा दे सकता है। सपने में काले रंग का सांप देखना: सपने में काले रंग का सांप देखना दो तरह के संकेत देता है। एक ओर तो यह धन लाभ का संकेत देता है. वहीं यदि सुनहरा सांप धर्मस्थल के साथ देखा जाए तो यह बताता है कि आपने शायद मनोकामना का चढ़ावा नहीं चढ़ाया है। अपने मन्नत के बाद वादा पूरा करें.

05 जुलाई शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-  आज आपका भाग्य साथ देगा। सभी कार्यों में मनचाहे परिणाम मिलेंगे। नौकरी-बिजनेस में तरक्की के कई अवसर मिलेंगे। व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आद अपनी फेवरेट हॉबी के लिए थोड़ा टाइम निकालें। सेल्फ केयर एक्टिविटी में शामिल हों। हेल्दी डाइट लें। रोजाना एक्सरसाइज करें। आज प्रोफेशनल लाइप में आप कार्यों की चुनौतियों को हैंडल करने में सक्षम होंगे। शैक्षिक कार्यों में बड़ी कामयाबी मिलेगी। जीवन की नई शुरुआत के लिए तैयार रहें। पास्ट को भूलकर लाइफ में नए परिवर्तनों को स्वीकार करें। पुरानी गलतियों को न दोहराएं और करियर में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। अगर आप रिलेशनशिप में हैं तो आज आपको रिश्ते में दबाव महसूस होगा। यह ब्रेक लेने का एक अच्छा समय है। आप सोलो ट्रिप पर जा सकते हैं या खुद के साथ थोड़ा टाइम स्पेंड कर सकते हैं। मेष राशि के सिंगल जातकों को लोगों से मिलना चाहिए। इससे साथी की तलाश पूरी हो सकती है। वृषभ राशि- आज स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़े बदलाव आएंगे। कार्यों की धीरे-धीरे अच्छे परिणाम मिलेंगे। फैमिली या फ्रेंड्स के साथ ट्रिप के प्लान बनेंगे। लंबे समय से बकाया हुआ धन वापस मिलेगा। आय के कई सोर्स बनेंगे। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ अच्छा व्यवहार रखें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में किसी को ऐसी बात न कहें, जिससे उनके मन को ठेस पहुंचे। प्रेम और संबंधों के मामले आज आपके लिए कांटेदार हो सकते हैं। यह संभव है कि आपकी और आपके महत्वपूर्ण अन्य की प्राथमिकताएं बिल्कुल अलग हों और आप दोनों कार्य में कूदने के लिए उत्सुक हों, जबकि वे बैठकर बात करेंगे, और चीजों को एक साथ समझेंगे। तनाव बढ़ने की स्थिति में आपको समझौता करने के लिए तैयार रहना चाहिए। गर्म रुख अपनाने से मामलों में मदद नहीं मिलेगी। मिथुन राशि- आज आय के मल्टीपल सोर्स से रुपए-पैसे आएंगे। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। घर-परिवार में शुभ समाचार मिलेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। जीवन में खुशियों का माहौल होगा। प्रॉपर्टी की खरीदारी के कई अवसर मिलेंगे।शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। लव लाइफ अच्छी रहेगी। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे।  आज वातावरण में रोमांस है। आपके समर्पण के साथ आपकी संवेदनशीलता आपको किसी भी बातचीत या अपने प्रिय व्यक्ति से मिलने में बहुत दूर ले जाएगी। रोमांस का स्तर बहुत अच्छा है, इसलिए स्नेह का कोई भी प्रदर्शन आपको निराश नहीं करेगा। जब तक आप कुछ कल्पना छिड़कते हैं, तब तक दूसरा व्यक्ति आपके सतर्क दृष्टिकोण की सराहना करेगा। कर्क राशि- आज आपमें ऊर्जा और आत्मविश्वास भरपूर होगा। पुराने निवेशों से धन लाभ होगा।  ऑफिस में आपके स्किल और टैलेंट की प्रशंसा होगी। फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते है। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे मार्क्स मिलेंगे। आज आप सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। जीवन में खुशियों और उत्साह का माहौल होगा। आज आप भाग्य में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि आपको उन्हें अपने आत्मविश्वास से अभिभूत नहीं करना चाहिए। आपके भीतर एक जबरदस्त एनर्जी है जो आपको कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर रही है। सावधान रहें कि यह आपके जीवन को इस हद तक ले जाने न दे कि यह अन्य लोगों को भी कंट्रोल करता है। आपको पता नहीं है कि आपकी उपस्थिति का दूसरों पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ता है, इसलिए सावधान रहें। सिंह राशि- आप कभी-कभी थोड़े ज्यादा निर्णय लेने वाले भी हो सकते हैं। आप अपने स्वयं के कार्यों पर एक बहुत ही आलोचनात्मक और सटीक दृष्टिकोण रखते हैं। इसके विपरीत, आप अपने महत्वपूर्ण दूसरे की मांग के समान ही हो सकते हैं। आज आप अपने आप को किसी प्रियजन की कमियों के बारे में सोच सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें। इस बारे में सोचें कि आप जिन मुद्दों का सामना कर रहे हैं वे वास्तव में कितने महत्वपूर्ण हैं और फिर कॉल करें। नई फिटनेस रूटीन फॉलो करें।  रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। आज अप्रत्याशित खर्च बढ़ेंगे। कुछ लोगों को ऑफिस में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेगी। कुछ जातकों को ऑफिशियल ट्रिप का अवसर मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से मुक्ति मिलेगी। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी। कन्या राशि- करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता मिलेगी। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। जिससे फैमिली के साथ रहने में थोड़ी मुश्किलें आएंगी। शैक्षिक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर जीत हासिल होंगी। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी के योग बनेंगे। आज की व्यवस्था कुछ सोची-समझी चुनौतियां लेकर आएगी और कुछ विचारशील प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होगी। एक-दूसरे के लिए आपके प्यार की गहराई को कोई नकार नहीं सकता है, लेकिन आपके पास अभी भी कुछ अनसुलझे मामले हैं जिन पर काम करना है। इसके लिए आपकी ओर से तालमेल की आवश्यकता है, इसलिए आप इसे टाल रहे हैं। अभी रुकिए, क्योंकि हो सकता है कि आप इस समय का आनंद लेने से खुद को रोक रहे हों। तुला राशि- ऑफिस के कार्यों को कड़ी मेहनत और लगन के साथ कंपलीट करें। इससे सभी कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। आज आपको अपनी प्रोफेशनल स्किल को भी बेहतर करने के भरपूर चांस मिलेंगे। फैमिली में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। कुछ जातकों को प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। यह संभव है कि रहस्य की आभा जो किसी निश्चित व्यक्ति को ढंक दे, वही आपको उनकी ओर खींचे। आज आपको उनसे और ज्यादा परिचित होने का अवसर मिलेगा। उनका पूरा जीवन शक्ति के साथ फूट रहा है और आप खुद को उनके दोस्तों के घेरे में घसीटे जा रहे हैं, इस फैक्ट के बावजूद कि वे काफी संयमित और विवेकपूर्ण होने का आभास दे सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज आपका प्रेम जीवन ज्यादा स्थिर और स्थायी महसूस हो सकता है। अगर आप और आपका … Read more

2024 केतु नक्षत्र परिवर्तन: ब्रह्मांडीय बदलाव और आकाशीय समरेखन

वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह की तरह राहु और केतु को उन ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है, तो जीवन पर समान शुभ फल बहुत भारी पड़ता है। राहु-केतु वर्ष में राशि परिवर्तन करते हैं और सदैव वक्री चाल चलते हैं। इसलिए इनके शुभ-अशुभ फल का प्रभाव भी लंबे समय तक रहता है। आने वाली 8 जुलाई 2024 को केतु हस्त नक्षत्र के तीसरे चरण से निकलकर दूसरे चरण में प्रवेश करने वाले हैं। केतु का नक्षत्र परिवर्तन सभी राशियों पर प्रभावित डालेगा। वहीं 3 राशि वालों की तो चांदी हो जाएगी. हस्त नक्षत्र के दूसरे चरण में वक्री होकर राहु इन राशि वाले जातकों को खूब धन-दौलत देंगे। साथ ही बड़ी प्रसिद्धि मिलेगी और प्रभाव भी महंगा होगा। इन जातकों को सर्वोच्च पद प्राप्त हो सकता है। समाज में प्रतिष्ठा प्रकाशित. तो आइए जानते हैं कि 8 जुलाई से हो रहा केतु का नक्षत्र परिवर्तन किन 3 राशि वालों के लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। केतु देंगे इन राशियों को लाभ मेष राशि: केतु ग्रह का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इन जातकों का साहस-पराक्रम बढ़ता है। करियर में उन्नति मिलेगी। आय में वृद्धि होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. वेटता हुआ धन प्राप्त होने से राहत मिलेगी। प्रॉपर्टी-वाहन खरीद सकते हैं. निवेश के लिए समय अच्छा है. कोई इछेदा पूरी होगी. वृष राशि : वृष राशि वालों को केतु बहुत लाभ देने वाले होते हैं। आपकी इनकम में टैगड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. एक से उच्चतम सितारों से पैसा मिलेगा. इससे आपका बड़ा काम या आर्थिक जरूरत पूरी हो सकती है। आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा. नौकरी पेशा जातकों को संगीत में अच्छा बदलाव मिलेगा। साथ ही आपको पद, पहचान और रुतबा भी मिलेगा. वाहन और संपत्ति का सुख मिलेगा. नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को नौकरी मिलेगी। मकर राशि : केतु आपको समय-समय पर आकस्मिक धन लाभ कराएंगे। आपका साहस और पराक्रम बढ़ेगा, जिससे कठिन काम भी पूरे हो जाएंगे। निवेश से अच्छा लाभ होगा. पारिवारिक जीवन में हर्षित रहेगी. प्रतिस्पर्धी छात्रों के लिए यह समय अच्छा रहेगा. आपको परीक्षा में सफलता भी मिल सकती है.

4 जुलाई गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि वालों के लिए आज बदलाव का आनंद लेने का समय है। पेशेवर मोर्चे पर आपने काम को आसान बनाने के लिए किसी सीनियर की एडवाइस ले सकते हैं। आज परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का दिन है। पैसों के मामले में आज सोच-समझकर निर्णय लें। छुट्टियों पर जाने की योजना बनाएं। कुछ लोगों के लिए बचपन के किसी दोस्त से मुलाकात होना संभव है। बॉडी कों हाइड्रेटेड रखें। वृषभ राशि वालों अच्छे रिटर्न के लिए संपत्ति में निवेश करने का यह अच्छा समय है। शिक्षा के मामले में किसी की मदद करने से आपको काफी तारीफ मिलेगी। आपके करियर में लगातार अच्छा प्रदर्शन आपके करियर ग्राफ को ऊपर उठा सकता है। जल्द ही घूमने का प्लान बना सकते हैं। सोशल नेटवर्किंग के बहुत सारे फायदे हैं, जो आपके काम आ सकते हैं। हेल्दी खान-पान से स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है। मिथुन राशि के जातकों प्रोफेशनल मोर्चे पर अपनी स्किल्स का अच्छी तरह से इस्तेमाल करें। किसी बुजुर्ग की सलाह आपको अपने रिश्ते को बचाने में मदद करेगी। आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट पर ध्यान देना होगा। अगर आपके मन में संपत्ति खरीदने का विचार है, तो एक अच्छा सौदा आज मिल सकता है। यात्रा थका देने वाली साबित हो सकती है। ऑफिस में चीजें पलट सकती हैं। हेल्थ के मामले में योग आपकी हेल्थ को अच्छा बना सकता है। कर्क राशि के लोगों अगर आप फाइनेंशियल तौर पर मजबूत हैं तो ही आपको कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। किसी पर्सनल कारण से आपको काम से छुट्टी लेनी पड़ सकती है। कोई लंबी यात्रा रोमांचक साबित होगी। आपमें से कुछ लोग जगह बदल सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों से बातचीत करना आपको शांति दे सकता है। सिंह राशि-स्वास्थ्य की देखभाल करने की आवश्यकता है। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करके आप अच्छी पोजीशन हासिल कर सकते हैं। घर-परिवार के लिए आपने जो सोच था, वह जल्द ही पूरा हो सकता है। आपकी संपत्ति की कीमत कई गुना बढ़ने और आपके सैलरी में वृद्धि होने की संभावना है। किसी इवेंट को मैनेज करने में कुछ परेशानी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर अपने पार्टनर से कुछ अच्छी सलाह की उम्मीद कर सकते हैं। कन्या राशि-आज आपको कैंडल लाइट डिनर प्लान कर अपने पार्टनर की शाम को खास बनाना चाहिए। आप अच्छी कमाई करने में सफल रहेंगे। हेल्दी फूड्स चुनने से आपके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आपकी व्यावहारिकता आपको कार्यस्थल पर पॉपुलर बनाएगी। कुछ लोग अपने घर को डेकोरेट करने के बारे में सोच सकते हैं। काम का प्रेशर बढ़ने की संभावना है। प्रेमी के साथ रोमांटिक मोमेंट बिता सकते हैं। तुला राशि– कुछ समय के लिए आपको अपनी सेहत पर खास ध्यान रखने की सलह दी जाती है। अच्छे रिटर्न का वादा करने वाले निवेश को अपना ऑप्शन बनाएं। जैसे-जैसे आप अपने प्रदर्शन में सुधार करते हैं, पेशेवर मोर्चे पर चीजें आपके पक्ष में होती जाती हैं। कोई पारिवारिक कार्यक्रम आपका शेड्यूल चेंज कर सकता है। कुछ लोगों को प्रमोशन मिलने की संभावना है। किसी संपत्ति सौदे को लेकर घबराहट महसूस करना अच्छा नहीं है, इसलिए सतर्क रहें। स्टूडेंट्स के लिए समय मुश्किल नजर आ रहा है। वृश्चिक राशि– आप में से कुछ लोग व्यायाम को बीच में ही छोड़ सकते हैं, जिससे फैट बढ़ सकता है। संपत्ति के मुद्दे पर बात करते समय सावधानी से डीसीजन लें। बकाया धन मिलने में कुछ समय लग सकता है। कार्यक्षेत्र में आज आपको कोई महत्वपूर्ण काम सौंपा जा सकता है। उन मुद्दों से दूर रहना ही बेहतर है, जो घरेलू माहौल को खराब करने का खतरा पैदा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वालों का समय अच्छा रहने वाला है। भाग्य उन लोगों का साथ देगा, जो प्यार की तलाश में हैं। धनु राशि- कुछ लोगों के लिए विदेश यात्रा के संकेत हैं। पेशेवर मोर्चे पर आप वहां से आगे बढ़ने में सफल रहेंगे, जहां से आपने क्विट किया था। किसी बीमारी से पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लग सकता है। फाइनेंशियल सिचूऐशन को देखते हुए आपके लिए थोड़ा कंजूस हो जाना ही बेहतर रहेगा। आपको अपने काम को अपने तरीके से करने के लिए परिवार के किसी सदस्य पर दबाव बनाना होगा। किसी ऐसे व्यक्ति से मनमुटाव दूर करना, जो आपको पसंद नहीं है, आज आपका एजेंडा रहेगा। कुछ लोग संपत्ति को लेकर गंभीर हो सकते हैं। मकर राशि- आज आर्थिक मोर्चे पर कुछ उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। शिक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव हो सकता है। रोमांचक समय बिताने की आपकी इच्छा आज पूरी होने की संभावना है। परिवार के किसी सदस्य की जीत आपके जीवन में उत्साह भर देगी। ट्रिप आपके मन से नेगेटिव विचारों से दूर रखने में मदद करेगी। आप में से कुछ लोग संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। काम के मोर्चे पर बहुत सारी एक्टिविटी होने की उम्मीद है और आप इसके मुख्य पात्र होंगे। कुंभ राशि– कुछ लोगों को पेशेवर मोर्चे पर अपनी प्रतिष्ठा को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता होगी। स्टूडेंट्स के लिए पर सुधार समय की मांग है। हेल्थ के मामले में थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। खर्च पर लगाम लगाने के लिए प्लान बनाने की जरूरत ज्यादा है। दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप न करने से घरेलू शांति बनी रहेगी। आप में से कुछ लोग प्रॉपर्टी की खरीदारी को लेकर गंभीर हो सकते हैं। विदेश जाने वालों को यात्रा में आनंद आएगा। मीन राशि– संपत्ति से जुड़े मामलों में कुछ दिक्कतें आने की संभावना है। आपको अपने फ्यूचर के लिए बचत करने की आवश्यकता होगी। इसलिए अपने पैसों को अच्छी तरह से संभालें। पारिवारिक उत्सव या परिवार और दोस्तों के साथ सैर पर जाना रोमांचक साबित होगा। सेहत हेल्दी बनी हुई है, लेकिन आपका लक्ष्य संपूर्ण फिटनेस होना चाहिए। किसी विशेष मौके की इच्छा रखने वालों को अपना ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता होगी। आज दोस्तों के साथ यात्रा करना मजेदार रहेगा।

प्रदोष व्रत आज: पूजा शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department

राष्ट्रीय मिति आषाढ़ 12, शक सम्वत् 1946, आषाढ़, कृष्ण, द्वादशी, बुधवार, विक्रम सम्वत् 2081। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 20, जिल्हिजा 26, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तिथि 03 जुलाई सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि प्रातः 07 बजकर 11 मिनट तक त्रयोदशी तिथि का आरंभ। रोहिणी नक्षत्र अगले दिन 04 बजकर 08 मिनट तक पश्चात मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। शूल योग प्रारम्भ 09 बजकर 02 मिनट तक गण्ड योग का आरंभ होता है। तैंतिल करण प्रातः 07 बजकर 11 मिनट तक वनीज करण की शुरुआत के बाद। चन्द्रमा दिन रात्रि वृष राशि पर संचार करेगा। आज के व्रत त्यौहार प्रदोष व्रत, सर्वार्थ सिद्धि योग। सूर्योदय का समय 3 जुलाई 2024 : सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर। सूर्यास्‍त का समय 3 जुलाई 2024 : शाम 7 बजकर 23 मिनट पर। आज का शुभ मुहूर्त 3 ​​जुलाई 2024 : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 47 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात्रि में 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक। अमृत ​​काल सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक। आज का अशुभ मुहूर्त 3 ​​जुलाई 2024 : राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक। उपाय : आज गणेशजी को 21 दूर्वा घास अर्पित करें।

3 जुलाई बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

Madhya Pradesh is moving towards becoming a solar energy state: Chief Minister Dr. Yadav

मेष राशि : मेष राशि वालों की आज आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। प्रोफेशनल लाइफ में कार्यों की बाधाओं से छुटकारा मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। यात्रा के योग बनेंगे। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी संभव है। अपने डाइट पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। लव लाइफ में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। साथी संग इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा। वृषभ राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुछ जातक जॉब स्विच करने का प्लान बना सकते हैं। परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आईटी या हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को विदेश में जॉब करने का ऑफर मिल सकता है। कुछ जातकों की नई प्रॉपर्टी खरीदने की इच्छा बढ़ेगी। पार्टनर के साथ कोई रोमांटिक प्लान बना सकते हैं। इससे लव लाइफ में खुशहाली आएगी। रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। मिथुन राशि : आज का मिथुन राशि वालों के जीवन में कई बड़े बदलाव लाएगा। आय में वृद्दि के नए अवसर मिलेंगे। घर-परिवार में खुशियां आएंगी। आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़े फैसले लेते समय परिजनों से सलाह जरूर लें, ताकि कोई डिसीजन गलत साबित न हो। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातकों को पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। कर्क राशि : कर्क राशि वालों को आज पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। कुछ जातकों को आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। आज आप प्रॉपर्टी में निवेश करने का प्लान बना सकते हैं। जीवन में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। आज आप पार्टनर के साथ डिनर पर जा सकते हैं या उन्हें सरप्राइज गिफ्ट दे सकते हैं। इससे रिश्तों में प्यार और जुनून बरकरार रहेगा। सिंह राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी से फैसले लें। धन बचत करें। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। घर में मेहमानों के आगमन से खुशहाली का माहौल रहेगा। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। प्रॉपर्टी से जुड़े शुभ समाचार प्राप्त होंगे। ऑफिस में बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। समाज में सराहे जाएंगे। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। कन्या राशि : आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। अपने सेहत पर ध्यान दें। जंक फूड अवॉइड करें। प्रोफेशनल लाइफ में सबकुछ बढ़िया रहेगा। करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी रहेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। दोस्तों या प्रियजन के साथ यात्रा के योग बनेंगे। पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अपार सफलता मिलेगी। रोमांटिक लाइफ शानदार रहेगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। तुला राशि : तुला राशि वालों को आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। ऑफिस मैनेजमेंट में सकारात्मक छवि बरकरार रहेगी। घर में परिजनों का सपोर्ट मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। लंबे समय से अटका हुआ कार्य सफल होगा। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। वृश्चिक राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। व्यापार में विस्तार होगा। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। घर-परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। आज आप सोच-समझकर प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कर सकते हैं। रोमांटिक लाइफ में मूड अच्छा रहेगा। पार्टनर के ज्यादा समय बिताएं। रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर बनाने की कोशिश करें। धनु राशि : आर्थिक मामलों में होशियारी से फैसले लें। ऑफिस में महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। इससे करियर ग्रोथ के चांसेस बढ़ेंगे। छोटे भाई-बहन करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे। जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा। आपके सभी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। समाज में सराहे जाएंगे। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। साथी संग रिश्ता मजबूत और गहरा होगा। मकर राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। व्यापार में मुनाफा होगा। साथी से रिलेशनशिप की दिक्कतों को लेकर खुलकर बात करें। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। आज आपको यात्रा के कई अवसर मिलेंगे। नया घर या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली के साथ किसी पार्टी या फंक्शन में शामिल होंगे। शुभ कार्यों में भाग्य साथ देगा। हर कार्य के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। सिंगल जातकों की आज सच्चे जीवनसाथी की तलाश पूरी हो सकती है। कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों को आज प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। ऑफिस मींटिग में अपने आइडियाज को शेयर करने में संकोच न करें। आज आपको जीवनसाथी या फैमिली मेंबर्स की ओर से सरप्राइज मिल सकता है। नए वाहन की खरीदारी संभव है। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगी। जीवनसाथी का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। मीन राशि : अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। अपने खर्चों पर नजर रखें। अपने बजट पर ध्यान दें। नया फाइनेंसशियल प्लान बनाएं। आज कुछ जातक नई प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना सकते हैं। वाहन सावधानी से चलाएं और ट्रैफिक के नियमों का कड़ाई से पालन करें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें।

गरुड़ पुराण: पापियों के लिए नर्क के 16 भयानक नगर

गरुड़ पुराण के अनुसार भूलोक पर जीवन जीने के बाद जब मनुष्य अपने शरीर का त्याग करता है, तो उसकी आत्मा को इस संसार को छोड़कर एक नए संसार में जाना पड़ता है। इस नए संसार में आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार फल भोगना पड़ता है। जिस मनुष्य ने भूलोक पर अच्छे कर्म किए होते हैं, उसकी आत्मा को मृत्यु के बाद नारकीय कष्ट नहीं झेलना पड़ता। गरुड़ पुराण के अनुसार आत्मा को नया जन्म लेने के लिए अपने कर्मों का हिसाब देते हुए यमलोक में 16 नगरों से होकर गुजरना पड़ता है। अगर किसी मनुष्य ने अपने जीवन में बुरे कर्म किए हैं, तो उसे यमलोक के इन 16 नगरों में हिसाब चुकाना पड़ता है। आइए जानते हैं यमलोक के इन 16 नगरों के बारे में।  1. तमिश्रम नरक इस नरक में उन लोगों को भेजा जाता है, जिन्होंने अपने जीवन में दूसरे लोगों की संपत्ति हड़पी होती है। तमिश्रम नरक में आने वाले बुरे लोगों को मारा-पीटा भी जाता है।  2. अंधतामिस्त्र नरक यह नगर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिनमें स्वार्थ की भावना कूट-कूट के भरी होती है। जो स्त्री-पुरुष एक-दूसरे को केवल उपभोग और उपयोग की वस्तु समझते हैं, उन्हें इस नरक में भेजा जाता है। 3. वैतरणी नरक गरुड़ पुराण के अनुसार मरने के बाद आत्मा को एक नदी पार करनी पड़ती है। इस नदी में गंदगी, कीड़े-मकौड़े, सांप, मांस और आग होती है। जो लोग जीवन में बुरे कर्म करते हैं, उन्हें इस नदी से गुजरना पड़ता है। 4. तप्तमूर्ति नरक जिन लोगों ने जीवन में कभी भी रत्नों और धातुओं की चोरी की होती है या किसी को धोखा देकर ये रत्न चुराए होते हैं, उन्हें तप्तमूर्ति नरक की आग में रखा जाता है। 5. पुयोड़कम नरक जो लोग किसी के साथ विश्वासघात करते हैं, खासतौर पर जो लोग विवाह का झांसा देकर किसी का लाभ उठाते हैं, उन्हें इस नरक में एक कुएं में रखा जाता है, जिसमें रक्त, मल-मूत्र और कई तरह की घृणित वस्तुएं होती हैं। 6. कुंभीपाकम नरक जो लोग अपने लालच और स्वार्थ के लिए जीव-जंतुओं को यातना देते हैं और उनकी हत्या करते हैं, उन्हें कुंभीपाकम नरक में उबलते हुए गर्म तेल में डाला जाता है। 7. विलपक नरक इस नरक से उन लोगों को गुजरना पड़ता है, जो ज्ञानी होने का ढोंग करते हैं और भगवान के नाम के पीछे छुपकर सारे गलत काम करते हैं। 8. अविसी नरक जो लोग बहुत झूठ बोलते हैं, उन्हें अविसी नरक में घूमना पड़ता है। इस नरक में आत्मा के सूक्ष्म शरीर को बहुत ऊंचाई से उठाकर नीचे फेंका जाता है।  9. ललाभक्षम नरक जो लोग किसी के शरीर के साथ खिलवाड़ करते हैं या मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाते हैं या बलात्कार करते हैं, ऐसे लोगों को ललाभक्षम नरक में भेजा जाता है। इस नरक में शरीर पर बहुत-सी सूई चुभाई जाती हैं। 10. असितापत्रम नरक जो लोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह नहीं करते हैं और अपने कर्तव्य से पीछा छुड़ाने के लिए भाग जाते हैं, उन्हें असितापत्रम नरक का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को चाकू मार-मारकर घायल किया जाता है। 11. कलसूत्रम नरक जो लोग अपने से बड़ों का तिरस्कार करते हैं, उन्हें कलसूत्रम नरक में रखा जाता है। यहां उन्हें असहनीय गरम तापमान में रखा जाता है। 12. सुकरमुखम नरक दूसरों की बातों में आकर अच्छे लोगों को दुखी करने वाले लोगों को सुकरमुखम नरक में भेजा जाता है। बुरे बर्ताव करने वाले लोगों को भी यहां यातना भोगने के लिए भेजा जाता है। 13. महावीचि नरक जो लोग गायों की हत्या करते हैं या अपने लाभ के लिए उन्हें प्रताड़ित करते हैं, उन्हें महावीचि नरक में भेजा जाता है। यहां पर उन्हें बहुत यातनाएं दी जाती हैं। 14. शाल्मलि नरक जो लोग किसी दूसरे के साथ अनैतिक संबंध बनाते हैं, उन्हें जलते हुए कांटों के ऊपर सोने के लिए कहा जाता है। साथ ही उन्हें इस नरक में कई यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। 15. वज्रा कुठार नरक जो लोग अपने ऐशो-आराम के लिए पेड़ों को काटते हैं या फिर उनके साथ लापरवाही करते हैं, उन्हें नरक में डंडे से बुरी तरह पीटा जाता है। इस नरक को वज्रा कुठार नरक नाम से जाना जाता है। 16. दुर्धर नरक जो लोग किसी की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ऊंचे दरों पर ब्याज देते हैं और असहायों से सूद वसूलते हैं, उन्हें दुर्धर नरक में रखा जाता है। इस प्रकार, गरुड़ पुराण के अनुसार, इन 16 भयानक नगरों से होकर आत्मा को अपने कर्मों का हिसाब चुकाना पड़ता है। अपने कर्मों को सुधारें और अच्छे कर्म करें ताकि आपको इन नारकीय कष्टों का सामना न करना पड़े।

कलियुग के 10,000 वर्षों के बाद क्या होगा? ब्रह्मवैवर्त पुराण की भविष्यवाणियां

कलियुग को लेकर पुराणों में काफी वर्णन किया गया है। बाकी युगों की तुलना में कलियुग की आयु सबसे कम होगी। ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है कि जब कलयुग के 10 हजार वर्ष बीत जाएंगे तो बहुत ही विचित्र तरह की घटनाएं घटेंगी। ब्रह्मवैवर्त पुराण में कलयुग को लेकर जिस तरह की भविष्यवाणियां की गई हैं उसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, कलियुग को लगभग 5 हजार वर्ष बीत चुके हैं। जैसे जैसे कलियुग आगे बढ़ेगा और 10 हजार वर्ष बीत जाएंगे। संसार में जिस तरह की घटनाएं घटेंगे वह आपको स्तंभ कर सकती हैं। आइए जानते हैं कलियुग के 10 हजार वर्ष बाद क्या होने वाला है। कलियुग में विलुप्त हो जाएंगे गंगा, सरस्वती और तुलसी ब्रह्मवैवर्त पुराण में कलियुग को लेकर बहुत ही चौकाने वाली बाते बताई गई हैं। पुराण में बताया गया है कि जब कलियुग के 5 हजार वर्ष बीत जाएंगे। तो सबसे पहले गंगा, तुलसी और सरस्वती धरती से विलुप्त होने लगेंगी। ये तीनों बैकुंठ धाम में चले जाएंगी। जब ये तीनों देवियां धरती से वापस जाएंगे तो उनके साथ वृंदावन और काशी को छोड़कर बाकी सारे तीर्थ भी इनके साथ वापस बैकुंठ चले जाएंगे। कलियुग में भगवान जगन्नाथ धरती से चले जाएंगे इसी के साथ जब कलियुग का 10 हजार वर्ष बीतेंगे तो शालिग्राम, श्री हरि की मूर्ति, पुरुषोत्तम भगवान जगन्नाथ धरती को छोड़कर अपने धाम को पधार जाएंगे। इसी के साथ लोग पूजा पाठ करना बंद कर देंगे। लोग उपवास करना बंद कर देंगे और ग्राम देवी देवता का पूजन बंद कर देंगे। कलियुग में लोग करेंगे मांस मंदिरा का अधिक सेवन कलियुग के 10 हजार वर्ष बीत जाने के बाद लोग मांस मदिरा का अधिक सेवन करने लगेंगे। लोग झूठ का सहारा लेंगे। पुरुष और स्त्री एक दूसरे को धोखा देने लगेंगे। कलियुग में अपने परिवार के बैर रखेंगे लोग कलियुग जैसे जैसे अपने चरम पर पहुंचेगा लोग अपने परिवार के लोगों से अपरिचित व्यक्तियों की तरह व्यवहार करने लगेंगे। भाई भाई से बात नहीं करेगा। बहन भाई से कोई संबंध नहीं रखेगी। संबंधों में मधुरता खत्म होती जाएगी। सगे रिश्ते भी एक दूसरे का साथ नहीं देंगे। कलियुग में कम होगी अनाज की पैदावार कलियुग के 10 हजार वर्ष के बाद जमीन में अनाज की पैदावार नहीं होगी। लोग बुरे शब्दों का प्रयोग करेंगे। लोगों के व्यवहार में मिठास नहीं रहेगी।

आषाढ़ में कब रहेगी गुप्त नवरात्रि, जाने महत्व और पूजा विधि

Youth Congress's ruckus, came out to surround the Chief Minister's residence

नवरात्रि पर्व शक्ति उपासना का पर्व है । ब्रह्मांड में विद्यमान प्रकृति वह शक्ति है जो जीवन की गतिविधियों में अपना योगदान देती है। आषाढ़ माह में मनाया जाने वाला यह गुप्त नवरात्रि पर्व सौभाग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद लेकर आता है। इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई 2024 दिन शनिवार से प्रारंभ हो रही है। गुप्त नवरात्रि के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए और मां दुर्गा के सभी स्वरूपों का स्मरण करना चाहिए। नवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर मां का स्मरण करना चाहिए और उनके सामने तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करके उनकी पूजा शुरू करनी चाहिए। साल में कितनी बार मनाई जाती है नवरात्रि? नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा को समर्पित है। इस दौरान शक्ति के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। शक्ति की पूजा में कई नियमों का पालन किया जाता है।  साल में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें से दो बार बहुत ही विस्तार से मनाई जाती है। पहली चैत्र माह में  मनाई जाने वाली चैत्रीय नवरात्रि और दूसरी आश्विन माह में मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि।  दूसरी दो नवरात्रि होती है जो गुप्त रूप से मनाई जाती हैं। यह नवरात्तंरी तन्त्रत्र सिद्धि प्राप्त करने के लिए सामान्य जन से अलग रह रहे लोग करते हैं। यह गुप्त नवरात्रि माघ माह और आषाढ़ माह में मनाई जाती है। मान्यता है कि  इस गुप्त नवरात्रि में मां की आराधना करने से दस महाविद्याओं की सिद्धियां प्राप्त होती हैं।   कब से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई, शनिवार से शुरू होगी, जो 15 जुलाई, सोमवार तक रहेगी। यानी इस बार ये गुप्त नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 10 दिनों की होगा, ऐसा चतुर्थी तिथि की वृद्धि होने के कारण होगा। गुप्त नवरात्रि के में होती है महाविद्या की पूजा की गुप्त नवरात्रि एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया है जिसमें शक्ति के सभी रंग प्रकट होते हैं। देवी काली, देवी तारा, देवी ललिता, देवी मां भुवनेश्वरी, देवी त्रिपुर भैरवी, देवी चिन्नमस्तिका, देवी मां धूमावती, देवी बगलामुक्की, देवी मातंगी और देवी कमला इस शक्ति पूजा में प्रकट होंगी। इन सभी शक्तियों की पूजा मुख्य रूप से तांत्रिक साधना में की जाती है। गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा को बहुत महत्व दिया जाता है। यह शक्ति के दस रूप हैं। प्रत्येक रूप अपने आप में पूर्ण है। इसमें ब्रह्मांड की कार्यप्रणाली और उसके भीतर छिपे रहस्य शामिल हैं। महाविद्या सभी जीवित प्राणियों का पालन करती है। इन दस महाविद्याओं को तांत्रिक साधना में बहुत शक्तिशाली माना गया है। कैसे करें कलश स्थापना     आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि पर देवी की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।     स्नान आदि करके शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए पवित्र स्थान पर देवी की मूर्ति या चित्र को एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर रखें     गंगा जल छिड़क कर स्थान को पवित्र करें।     देवी की विधि-विधान से पूजा प्रारंभ करने से पहले मिट्टी के पात्र में जौ के बीज बो दें     इसके उपरान्त माता की पूजा के लिए कलश स्थापित करें।     अखंड ज्योति का दिया जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ और उनके मंत्रों का पूरी श्रद्धा के साथ जप करें ।   आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024 की तिथियां     6 जुलाई, शनिवार- इस दिन से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत होगी। पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा जाएगी।     7 जुलाई, रविवार- ये आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन रहेगा। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।     8 जुलाई, सोमवार- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।     9 जुलाई, मंगलवार- ये गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस दिन देवी कूष्मांडा का विधान है।     10 जुलाई, बुधवार- इस दिन भी गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस तरह 2 दिन चतुर्थी तिथि होने से ये नवरात्रि 10 दिनों की मानी जाएगी।     11 जुलाई, गुरुवार- गुप्त नवरात्रि की पंचमी तिथि पर देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है।     12 जुलाई, शुक्रवार- इस दिन गुप्त नवरात्रि की षष्ठी तिथि रहेगी। इस तिथि पर देवी कात्ययानी की पूजा की जाती है।     13 जुलाई, शनिवार- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर देवी कालरात्रि की पूजा का विधान है।     14 जुलाई, रविवार- इस दिन आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाएगी।     15 जुलाई, सोमवार- ये गुप्त नवरात्रि की अंतिम दिन रहेगा। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा मुख्य रूप से की जाती है।  

गुरुवार 20 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- इस समय आपको अपने इमोशनल होने की आदतों में बदलाव करना होगा। अपनी भावनाओं को एक -दूसरे तक पहुंचाने के लिए आपको अपनी आदतों में कुछ बदलाव करना होगा। जिससे आपके रिश्तों में काफी गहराई आ सके। पास्ट में मिले इमोशनल ट्रामा को स्वीकार ककर आगे बढ़ने की कोशिश करें इससे आप पूरी तरह से खुलकर जीने में मदद कर सकता है।  वृष राशि- आपके पास इरोजेनस जोन तक पहुंचने की शक्ति है जो आपके साथी को घुटनों पर ला सकती है। यहां न सिर्फ आकर्षक होना जरूरी है। इस समय यह महसूस करना है कि आपके पास अपनी इच्छाओं को जाहिर करने की क्षमता है और आप उन्हें पाने के बिल्कुल योग्य हैं।  प्यार में अपना विश्वास रखो, अच्छी चीजें होंगी। मिथुन राशि- महत्वाकांक्षी मानसिकता आज किसी रिश्ते में खटास पैदा कर सकती है।  आप जानते हैं कि अडिग रहने से आपके लक्ष्य को पूरा करने की संभावना में सुधार हो सकता है। लेकिन आपको यह तय करना चाहिए कि आपका साथी भी स्थिति को उसी तरह समझता है जैसे आप। अपने साथी को लक्ष्य को अपना मददगार बनाने के लिए आपको कोई न कोई रणनीतिक तरीका अपनाना पड़ेगा।  कर्क राशि- आज का दिन अपने जीवनसाथी के प्रति अपनी सच्ची भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शायद सबसे अच्छा दिन नहीं है। आप अक्सर एक ठंडा, अलग रुख अपनाते हैं, आप अभी खुद को इसके विपरीत महसूस कर रहे हैं, यह अंदर यह सबूत पाने को लेकर निराशा है कि आपका साथी असल में आपको महत्व देता है। ऐसा नहीं है कि आप आमतौर पर किसी रिश्ते में चीजों को कैसे संभालते हैं इसलिए यह वास्तव में आपके लिए परेशान करने वाला है। सिंह राशि- आपके रिश्ते में कुछ चिंताएं पैदा हो सकती हैं, जिन पर आज आपको अपने साथी के साथ चर्चा करने की जरूरत है।  आप और आपका साथी अचानक उन संभावित एरिया पर चर्चा करने की  जरूरत के बारे में अवेयर हो जाते हैं जिनमें आप भविष्य के संघर्ष से बचने के लिए एक दूसरे से बताने से रोक रहे हैं।  यदि आप अभी शुरुआत करते हैं तो यह सब काम करेगा। कन्या राशि- खुद को एक डेट पर लेकर जाएं। अकेले रहना उतना ही फायदेमंद हो सकता है जितना कि प्रेमी के साथ रहना।  एक साथी की हर वक्त न रहना दुनिया को देखने का एक नया अनुभव देगा जो आपको लिए एक नई और अच्छी दुनिया होगा। यदि आप दूसरों के साथ अच्छी स्तर की बातचीत करना चाहते हैं तो पहले खुद का विकास करना आपके लिए बहुत जरूरी है। जितना अधिक समय आप खुद को बेहतर बनाने में लगाते हैं, उतनी ज्यादा संभावना है कि आपको एक अच्छा साथी मिल जाए। तुला राशि- रोमांटिक रिश्तों में आपका विश्वास बढ़ सकता है। बस वहआप हो। आप दूसरे लोगों से झूठी स्वीकृति पाना बंद कर सकते हैं और उनके साथ गहरे स्तर पर जुड़ना सीख सकते हैं। अब आपके पास क्लियर पिक्चर है कि आप अपने पार्टनर से क्या चाहते हैं।  वृश्चिक राशि- इस समय आपका पूरा ध्यान इस ओर है कि आपका साथी सहज है। हालांकि, आपके प्रयासों के लिए आपको पर्सनल तौर पर अवार्ड भी मिल रहे हैं। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिक प्रभावी तरीके विकसित करना या एक साथ आकर एक टीम के रूप में काम करना हो सकता है। यह जानना कि आपको क्या चाहिए, आपको सही परिवर्तन की दिशा में ले जा सकता है।  धनु राशि-  रोमांटिक रिश्तों को लेकर पॉजिटिव नजरिए अचानक हुई एक मुलाकात के जरिए आपके जीवन में प्रवेश कर सकता है। इस समय अपनी बेवफाई की परेशानियों से राहत पाना संभव है।  रोमांस के साथ, यह कुछ चीजों के लिए कुछ हद तक लचीलेपन को बनाए रखने का समय है। यदि आप और आपका साथी दोनों रिश्ते में कुछ बदलाव करना चाहते हैं, तो किसी भी समस्या पर सहयोग करना स्वाभाविक रूप से आ सकता है। मकर राशि- रिश्तों के प्रति आपका जो दायित्व है आप उसके साथ आगे बढ़ेंगे। इस समय इन बातों पर ध्यान दें कि आपके अनुसार पार्टनरशिप के अंदर क्या- क्या आता है। आपके रिश्ते को मजबूत करने के लिए क्या चीजें जरूरी है इस पर फोकस करने से आपके रिश्तों में सुधार और बदलाव हो सकता है। यदि प्रेजेंट समय में आप अपने साथी से उतना जुड़ा हुआ महसूस नहीं कर रहे तो अपने रिश्ते का फिर से मूल्यांकन करें।  कुंभ राशि-  मधुर और उदासीन क्या है, इसके बारे में आपका विचार किसी और के विचारों के जैसा नहीं हो सकता है क्योंकि रोमांस एक पर्सनल अनुभव है। आपनी बात किसी अन्य व्यक्ति के साथ करना फायदेमंद है क्योंकि इससे आपके बीच अपनेपन की भावना पैदा हो सकती है। ऐसा पॉसिबल है की आप दोनों इस बात से अनजान हो कि आप किसी भी चीज को लेकर एक जैसा नहीं सोचते। लेकिन इस बारे में बात करने के आपको एक दूसरे के साथ लंबी बातचीत करनी होगी। जिससे आप दोनों अपने विचार खुलकर रख पाए।   मीन राशि- नए रिश्ते में प्रवेश करते समय, यह सोचना अजीब हो सकता है कि क्या आपको तुरंत पारिवारिक रहस्य का खुलासा करना चाहिए या ऐसा करने के लिए इंतजार करना चाहिए। संभव है कि  आप यह बता कर अधिक सहज महसूस करेंगे कि आप अभी कौन हैं।

जुलाई में इस दिन से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त, कर सकेंगे जनेऊ, मुंडन, गृह प्रवेश; सिर्फ 8 दिन बजेगी शहनाई

 शुक्र ग्रह का उदय आषाढ़ कृष्ण सप्तमी को बुध की राशि मिथुन में हो रहा है. इस राशि परिवर्तन से सभी शुभ और मांगलिक कार्य शादी- विवाह, जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, द्विरागमन, भवन-वाहन, आभूषण की खरीदारी शुरू हो जाएगी.  धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य और सुख- समृद्धि के दाता शुक्र ग्रह 29 अप्रैल को पूर्व दिशा में अस्त हो गए थे. वह 28 जून की शाम 5 बजे पश्चिम दिशा में उदय होंगे. शुभ मुहूर्त शुरू होते ही बाजारों में रौनक दिखनी शुरू हो जाएगी. 9 जुलाई से मुहूर्त शुरू ज्योतिषाचार्य के अनुसार गुरु 2 जून को उदय हो चुके हैं. अब शुक्र 28 जून को उदय हो रहे हैं. हालांकि वे इस समय बाल स्वरूप में होंगे. युवा स्वरूप में वह 3 जुलाई में आ जाएंगे. इस दिन रोहणी नक्षत्र लग जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई से मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. विवाह में शुभ मुहूर्त का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है. शादी के शुभ योग के लिए नौ ग्रहों में गुरु, शुक्र का उदित होना जरूरी माना जाता है. विवाह का आखिरी मुहूर्त भड़ली नवमी 17 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा. चातुर्मास में विवाह मुहूर्त नहीं होते हैं. पंडित पंकज पाठक ने बताया कि भड़ली नवमी पर सिद्ध योग सुबह 07:00 बजे तक है. इसके बाद साध्य योग का निर्माण हो रहा है. साध्य योग व रवि योग का संयोग बन रहा है जो पूरे दिन रहेगा. विवाह का आखिरी मुहूर्त भड़ली नवमी 15 जुलाई को है. इससे पहले विवाह के मुहूर्त 9 से 15 जुलाई तक रहेंगे. कुल आठ दिन मुहूर्त रहेंगे. इसके बाद मुहूर्त सीधे नवंबर में देव उठनी एकादशी से प्रारंभ होंगे.

सपने में मृत्यु देखना: क्या है इसका मतलब? जानें विस्तार से

Heavy bullets were fired on Tehsildar-Patwari, officers ran away to save their lives, watch video

सपनों की एक अपनी मायावी दुनिया है। व्यक्ति जो भी सपने देखता है उनका आपके जीवन से संबंध जरुर होता है। कुछ सपने आपको सुखद अहसास दिलाते है जबकि कुछ सपने आपको भय का अनुभव कराते हैं। कई बार तो बहुत ही विचित्र सपने आते हैं जिनका अर्थ समझना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन, स्वप्न शास्त्र में सभी सपनों का अर्थ बताया गया है। स्वप्न शास्त्र में कुछ ऐसे सपनों का भी जिक्र किया गया है जिनके आते ही व्यक्ति को सतर्क हो जाने की जरूरत है। आइए जानते हैं मृत्यु के समान कष्ट देने वाले सपनों के बारे में। सपने में तेल पीते देखना स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि व्यक्ति सपने में खुद को तेल पीते देखता है या फिर खुद के शरीर पर तेल को लगाते हुए देखता है तो इस तरह के सपने आने पर आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है। इस तरह के सपनों का अर्थ है कि आपको आने वाले समय में बहुत कष्ट होने वाला है। इसका अर्थ है कि आपको आने वाले दिनों में शारीरिक पीड़ा हो सकती है। सपने में खुद को दक्षिण दिशा में जाते देखना यदि आप सपने में देखते हैं कि आप किसी ऊंट, सर्प, गधा या भैंस पर बैठकर दक्षिण दिशा की तरफ जा रहे हैं तो इस तरह से सपने में आपको बहुत कष्ट पहुंचाने वाले होते हैं। सपने में देवताओं का क्रोध होना यदि आपको सपने में कोई देवी देवता, राजा आदि क्रोधित रूप में दिखाई देता है तो इस तरह के सपने आने पर आपको सतर्क होने की सख्त जरूरत है। इस तरह के सपने आपको कोई बड़ा रोग का कष्ट पहुंचा सकते हैं। सपने में लाल फूल का माला देखना स्वप्न शास्त्र के अनुसार, जो व्यक्ति सपने में लाल फूल की माला पहने हुए या खुद को तेल लगाते हुए देखें तो इस तरह के सपने आपके प्राणों के लिए कष्टदायक हो सकता है। सपने में यदि आपके पीछे कोई सिंगवाला जानवर भागता हुआ दिखाई देता है तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति को सत्ताधारी अधिकारियों से हानि पहुंच सकती है। सपने में पर्वत को नीचे गिरा हुआ देखना जो व्यक्ति सपने में पर्वत, वृक्ष आदि को ऊंचे स्थानों से गिरा हुआ देखता है या खुद को पानी में डूबा हुआ देखे या फिर अग्नि में जला हुआ देखता है तो इस तरह के सपने गंभीर बीमारी होने की तरफ संकेत करते हैं।

बुधवार 19 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लें। पारिवारिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विरोधी एक्टिव रहेंगे। काम के सिलसिले में ज्यादा ट्रैवल करना पड़ेगा। कुछ जातकों को प्रॉपर्टी में लॉस हो सकता है। जो स्टूडेंट्स विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, आज उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। वृषभ राशि- आज आपका दिन सामान्य रहेगा। अज्ञात भय से मन चिंतित रहेगा। धन से जुड़े फैसले बड़ी होशियारी से लें। नौकरीपेशा वालों को क्लाइंट की ऑफिस में विजिट करना पड़ सकता है। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। परिजनों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।  मिथुन राशि- आज स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। हालांकि, ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल होगा। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। दोस्त की मदद से करियर में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। कर्क राशि- मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातकों को प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित नजर आएंगे। सिंह राशि- फैमिली मेंबर्स के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। सोच-समझकर रियल एस्टेट में निवेश करने से लाभ होगा। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन धन बचत पर फोकस करें। व्यर्थ की चीजों की खरीदारी से बचें। विद्यार्थियों के लिए ग्रुप स्टडी लाभदायक साबित होगा। आज सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने का सुनहरा अवसर मिलेगा। कन्या राशि- धन-संपत्ति से जुड़े फैसले लेते समय थोड़ा सावधान रहें। आज आप दोस्तों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता हासिल करेंगे। करियर में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। आज आपको मल्टी टास्किंग स्किल से करियर ग्रोथ के भरपूर अवसर मिलेंगे। तुला राशि- परिस्थितियां अनुकूल होंगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आज फैमिली मेंबर्स से अपनी फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें। कुछ जातकों को बिजनेस के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। शैक्षिक कार्यों में अपने लक्ष्य पर फोकस करें। आज ऑफिस में अपने टैलेंट और स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। इससे बॉस आपके कार्यों से इंप्रेस होंगे। वृश्चिक राशि- आज आपमें ऊर्जा और आत्मविश्वास भरपूर होगा। आर्थिक दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। धन का आवक बढ़ेगा। धन-संपत्ति में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ लोगों का अज्ञात भय से मन परेशान रहेगा। परिस्थितियां प्रतिकूल रहेंगी। सोच-समझकर फैसले लें। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। धनु राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। घर-परिवार में खुशियों का माहौल होगा। फैमिली के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। घर की जरूरी चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। आज करियर से जुड़े डिसीजन बहुत सोच-समझकर लें। क्रोध पर काबू रखें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन हानि के संकेत हैं। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। मकर राशि- स्वास्थ्य में सुधार आएगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। फैमिली के सपोर्ट से धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। काम के सिलसिले में ट्रैवल करेंगे। प्रॉपर्टी डिलर्स को बिजनेस में लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। घर-परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है।  कुंभ राशि- आलस्य से दूर रहें। निवेश से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाने की कोशिश करें। करियर से जुड़े डिसीजन लेने में कनफ्यूजन महसूस हो सकता है। जरूरत पड़ने पर सीनियर्स की हेल्प लेने में संकोच न करें। फैमिली और फ्रेंड के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन प्रसन्न रहेगा और तनाव से मुक्ति मिलेगी। मीन राशि- सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। आज उद्यमियों के लिए नए बिजनेस की शुरुआत के लिए शुभ दिन है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बरकरार रहेगी। व्यापार में धन लाभ होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। लव लाइफ की प्रॉब्लम्स को इग्नोर न करें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें।

कमजोर बुध के संकेत और समाधान: जानें बुध ग्रह को मजबूत करने के उपाय

बुध ग्रह, बुद्धि और ज्ञान का कारक माने जाते हैं. कुंडली में बुध मजबूत होने पर व्यक्ति को तीक्ष्ण बुद्धि और कुशाग्रता प्रदान करते हैं. वहीं, कमजोर बुध ग्रह भूलने की बीमारी और खराब निर्णय क्षमता का कारण बन जाता है. चंद्रमा भी स्मरण शक्ति को प्रभावित करता है. इसके अलावा बुढ़ापे में शनि ग्रह भी दिमाग पर नकारात्‍मक असर डालते हैं. शनि डालते हैं दिमाग पर असर उम्र बढ़ने के साथ, विशेष रूप से 50 वर्ष के बाद, शनि ग्रह का नकारात्मक प्रभाव मस्तिष्क पर बढ़ता है. जिससे स्मरण शक्ति और बुद्धि कमजोर हो सकती है उसका सीधा असर ब्रेन पर पड़ता है.  फिर इसके कारण मेमोरी और बुद्धि प्रभावित होती है. याददाश्त सुधारने के लिए हर उम्र में अलग-अलग उपाय किए जा सकते हैं. यदि उम्र के अनुसार इन ग्रहों को मजबूत करने के उपाय कर लिए जाएं तो बहुत लाभ पाया जा सकता है. बच्चों की याददाश्‍त बढ़ाने के उपाय – बच्चा बहुत छोटा है और जल चढ़ाने में असमर्थ है, तो उसे सुबह के समय सूर्य के सामने कुछ देर यूं ही खड़े रहकर हाथ जोड़ कर प्रार्थना करनी चाहिए. – बच्चे को गायत्री मंत्र याद कराना चाहिए और उसकी उम्र के अनुसार उतनी ही बार मंत्र का पाठ करना चाहिए. – 12 वर्ष तक के बच्चों को नित्य प्रातः सूर्योदय के समय जल का अर्घ्य देना चाहिए और जल को अर्घ्य देने के बाद उनकी उम्र के अनुसार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. किशोर करें यह उपाय – किशोर से युवा यानी 13 से 21 वर्ष तक की आयु के लोगों को याददाश्त बढ़ाने के लिए सूर्योदय के पहले ही स्नान करने के बाद नमः शिवाय का पाठ करना चाहिए. – यदि सूर्योदय के पहले नहीं नहा सकते तो जितना भी जल्दी हो नहाने के बाद नमः शिवाय मंत्र का पाठ करें. वृद्धावस्था में तेज याददाश्‍त पाने के उपाय – 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को गाय को नित्य चारा खिलाना चाहिए, यदि संभव न हो तो किसी गौशाला में उनकी क्षमतानुसार चारे का दान करना चाहिए. – सूर्योदय के समय गायत्री मंत्र का जाप करके ध्यान लगाना चाहिए, सूर्यदेव का स्मरण करने से तेज आने लग जाता है और भूलने जैसी समस्या कम होने लगती है.

मंगलवार 18 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। आज परिजनों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। इसके अलावा पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। उनसे अपने इमोशन्स शेयर करें। इससे लव लाइफ में प्यार और रोमांस बरकरार रहेगा। वृषभ राशि- आज लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। नए बदलावों के लिए तैयार रहें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। शैक्षिक कार्यों में उतार-चढ़ाव आएंगे। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बरकरार रहेगी। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। मिथुन राशि- प्रोफेशनल लाइफ की बाधाएं दूर होंगी। लंबे समय से बकाया हुआ धन वापस मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से मुक्ति मिलेगी। घर में धार्मिक कार्यों के आयोजन से खुशनुमा माहौल रहेगा। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। बच्चों के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें और पार्टनर की बातों को नजरअंदाज न करें। कर्क राशि- आज आपकी ऑफिस परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। निवेश के नए अवसरों पर  नजर रखें। रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। आज आप ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की करेंगे। आज प्रेमी के साथ डिनर का प्लान बना सकते हैं। इससे रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ की प्रॉब्लम्स को सुलझाने की कोशिश करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड करें। आज आप जिम की शुरुआत कर सकते हैं। इससे आपकी फिटनेस अच्छी रहेगी। इसके अलावा अपने फेवरेट हॉबी के लिए थोड़ा टाइम निकाल सकते हैं। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। एग्जाम में अच्छे मार्क्स मिलेंगे। सिंगल जातकों की फैमिली फंक्शन के दौरान किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। कन्या राशि- आज पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। उनसे अपने लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप गोल्स शेयर करें। विद्यार्थियों को आज प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन मिल सकता है। सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन हो सकता है। ऑफिस के सभी टास्क को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। तुला राशि- आज आपका दिन बेहद शुभ रहने वाला है। व्यापार में धन लाभ होगा। उद्यमियों को बिजनेस में प्रॉफिट होगा। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। समय का सही सदुपयोग करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें।फैमिली या फ्रेंड्स के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं।  वृश्चिक राशि- आज आप सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। निवेश से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। जल्दबाजी में धन खर्च करने से बचें। आज आप पार्टनर के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। धैर्य बनाए रखें और परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धनु राशि- जीवन में ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं रहेगी। ऑफिस में नेटवर्किंग बढ़ेगी। सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। टीम वर्क से सभी कार्य आसानी से सफल होंगे। आज आपको नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। मकर राशि- विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिलेंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। प्रोफेशनल लाइफ में बड़े बदलाव होंगे। लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे। आज पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से मुक्ति मिलेगी। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। करियर में भी नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। कुंभ राशि- प्रोफेशनल लाइफ में उच्चाधिकारियों का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। ऑफिस में नेटवर्किंग बढ़ेगी। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी। मीन राशि- आज आपका दिन शुभ रहेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। प्रोफेशनल लाइप में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। ऑफिस में प्रमोशन या अप्रेजल के चांसेस बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बरकरार रहेगी। यात्रा के योग बनेंगे। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खूब मेहनत करना चाहिए। आज आपके सभी प्रयास सफल होंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के कई अवसर मिलेंगे।

शादी के सपने का अर्थ: स्वप्न में विवाह देखने के विभिन्न अर्थ

शादी करने का सपना हर युवक-युवती का होता है. वे इसके लिए कई योजनाएं बनाते हैं. शादी के दिन से लेकर भावी जीवन के हर पड़ाव को लेकर सपने देखते हैं. अपने जीवनसाथी को लेकर कई उम्‍मीदें पालते हैं. स्‍वप्‍न शास्‍त्र में शादी से जुड़े सपनों के बारे में विस्‍तार से बताया गया है. इसके अनुसार कुछ खास तरह के सपने आना इस बात का संकेत देता है कि जातक का जल्‍द विवाह हो सकता है. आइए शादी से जुड़े सपनों और उनके मतलब के बारे में जानते हैं. शादी का संकेत देते हैं ये सपने सपने में इंद्रधनुष देखना : स्वप्न में इन्द्रधनुष देखने का मतलब होता है कि आपकी विवाह करने की इच्‍छा जल्‍दी ही पूरी होने वाली है. सपने में मोरपंख देखना : सपने में मोरपंख देखने का मतलब है कि आपका शीघ्र ही विवाह हो सकता है और आपका भावी जीवन सुखद रहेगा. सपने में खुद को नाचते हुए देखना : सपने में स्वयं खुश होकर नाचते हुए देखना भी शीघ्र विवाह के योग बनाता है. यदि शादीशुदा जातक को ऐसा सपना आए तो उसका दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है. सपने में सुंदर वस्‍त्र देखना : यदि किसी लड़के को सपने में सुंदर रंग-बिरंगे कढ़ाईदार वस्‍त्र दिखें तो उसे बेहद सुंदर पत्‍नी मिलती है. उसका वैवाहिक जीवन अच्‍छा गुजरता है. सपने में सोने के गहने देखना : यदि सपने में सोने के आभूषण देखें या सपने में कोई आपको गोल्‍ड ज्‍वैलरी गिफ्ट में दे तो ऐसी लड़की का विवाह अमीर घराने में होता है. उसका पति बहुत रईस होता है. सपने में मेले में घूमना : सपने में खुद को मेले में घूमते हुए देखना योग्य जीवनसाथी मिलने का संकेत है. सपने में शहद खाना : सपने में खुद को शहद खाते हुए देखें तो इसका मतलब है कि घर-परिवार में किसी का विवाह तय होने वाला है. सपने में दाढ़ी बनाते या बनवाते देखना : कोई पुरुष सपने में अपनी दाढ़ी बनाते या दाढ़ी बनवाते हुए देखे तो इसे भी मैरिड लाइफ के लिए शुभ सपना माना जाता है. ऐसे में जातक के वैवाहिक जीवन की समस्‍याएं दूर हो जाती हैं और खुशहाली आती है.

सोमवार 17 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि : आज का दिन मेष राशि वालों के लिए बेहद शुभ साबित होगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। व्यापार में विस्तार होगा। धन से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। दोस्तों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आज आपके पास घरेलू उपकरण या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की खरीदारी के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध होगा। प्रोफेशनल लाइफ में भी महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। लंबे समय से रुके हुए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। लव लाइफ में सबकुछ सामान्य रहेगा। वृषभ राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। घर में मांगलिक कार्यों के आयोजन के लिए धन खर्च करना पड़ सकता है। करियर-व्यापार में खूब तरक्की करेंगे। कड़ी मेहनत और लगन का फल मिलेगा। सफलता आपके कदम चूमेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आज साथी से अपनी फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। मिथुन राशि : आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आएंगे। आज आपके हर कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। फैमिली और फ्रेंड्स की मदद से धन लाभ के कई मौके मिलेंगे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। कुछ जातक पार्टनर के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। इससे रिश्तों में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होगा। कर्क राशि : कर्क राशि वालों को आज धन कमाने के कई मौके मिलेंगे। करियर में खूब तरक्की करेंगे। घर में मेहमानों के आगमन से खुशियां आएंगे। ट्रैवलिंग के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात होगी। लाइफ में नई चीजों को एक्सप्लोर करने के इच्छुक होंगे। सोशल इवेंट में शामिल होने के लिए इनविटेशन मिल सकता है। जीवन में ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं होगी। रोमांटिक लाइफ बढ़िया रहेगा। साथी का खूब प्यार और सपोर्ट मिलेगा। सिंह राशि : आज आपके स्वास्थ्य में सुधार आएगा। कुछ जातक जॉब स्विच कर सकते हैं। आज आपको अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिल सकता है। काम के सिलसिले में यात्रा के भी योग बनेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आज घर में धर्म-कर्म के कार्यों का आयोजन हो सकता है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। लव लाइफ में थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। अपने बिजी शेड्यूल में से पार्टनर के लिए थोड़ा टाइम निकालें और उनके इमोशन्स को लेकर सेंसिटिव रहें। कन्या राशि : आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। बड़े भाई-बहनों की सपोर्ट से करियर में अपार सफलता अर्जित करेंगे। हालांकि, ऑफिस के कार्यों में लापरवाही न बरतें। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। इससे प्रमोशन के चांसेस बढ़ेंगे। आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। आज आप अपनी किसी फेवरेट प्लेस पर घूमने जा सकते हैं। पार्टनर के साथ नाइट डेट या लॉन्ग ड्राइव का प्लान बनाएं। इससे रिश्तों में खुशहाली आएगी। आज आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। तुला राशि : आज तुला राशि वाले किसी महंगी वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं। कुछ जातक फैमिली मेंबर्स के साथ विदेश घूमने जा सकते हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। करियर से जुड़े शुभ समाचार मिलेंगे। विद्यार्थिों को प्रतियोगी परीक्षा में अपार सफलता मिलेगी। समाज में सराहे जाएंगे। आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव लाएं। नई फिटनेस एक्टिविटी में शामिल हों। ऑफिस का स्ट्रेस घर न लाएं और फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे आपको तनाव से मुक्ति मिलेगी। वृश्चिक राशि : आज आय के अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को लेकर चल रहे कानूनी मामलों में आपकी जीत होगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। सरकारी कार्य बिना किसी बिघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। आज आपके सभी सपने साकार होंगे। लव लाइफ में रोमांचक मोड़ आएंगे। सिंगल जातकों की लाइफ में किसी दिलचस्प व्यक्ति की एंट्री होगी। धनु राशि : आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। लंबे समय के बाद पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। फैमिली और फ्रेंड्स का सपोर्ट मिलेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिजनों के साथ किसी धार्मिक स्थल पर घूमने जा सकते हैं। सिंगल जातकों की ट्रैवलिंग या ऑफिस इवेंट के दौरान किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, वह रिश्तों में गलतफहमी ज्यादा बढ़ने न दें। बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें। मकर राशि : आज आप सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। बचपन के दोस्तों से मुलाकात होगी। जिससे पुरानी यादे ताजा होंगी। मन प्रसन्न रहेगा। आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। ऑफिस के कार्यों में छोटी-मोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसका असर आपके ओवर ऑल परफॉर्मेंस पर नहीं होगा। बॉस कार्यों की प्रशंसा करेंगे। साथी से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने में कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। कुंभ राशि : आज कुंभ राशि वालों को कई सरप्राइज मिलेंगे। आर्थिक मामलों में बड़े बदलाव आएंगे। धन का आवक बढ़ेगा। हालांकि, परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। क्रोध के अतिरेक से बचें। स्ट्रैस मैनेजमेंट एक्टिविटी में शामिल हों। इससे आप मेंटली और फिजिकली हेल्दी रहेंगे। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। इससे हर क्षेत्र में आपकी बड़ी कामयाबी मिलेगी। जो लोग लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं, वह पार्टनर को एकस्ट्रा टाइम दें और लव लाइफ के इश्यूज को सुलझाने की कोशिश करें। मीन राशि : आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। फैमिली और फ्रेंड्स के सपोर्ट से करियर में बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे। सामाजिक कार्यों में योगदान देंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे। कपल्स वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। कुछ लोगों को छोटे भाई-बहन या करीबी दोस्त की आर्थिक मदद करनी … Read more

आज गंगा दशहरा पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग: इन राशियों की खुलेगी किस्मत

वृषभ दैनिक राशिफल नौकरी के कई नए अवसर मिलेंगे जो आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद करेंगे. किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग मिलेगा. आप मानसिक शांति महसूस करेंगे. दिन शुभ है. सिंह दैनिक राशिफल समय बेहतर रहेगा. अटका हुआ पैसा मिलेगा. व्‍यवसाय में लाभ होगा. नौकरी से जुड़ी कोई अच्छी खबर आएगी. आपकी तरक्‍की हो सकती है. किसी विवाद का हल आपके पक्ष में होगा. कन्या दैनिक राशिफल आज आप खुश और सकारात्‍मक रहेंगे. तरक्‍की के लिए प्रयास करेंगे, जिसका भविष्‍य में लाभ मिलेगा. शिक्षा के लिए समय अच्‍छा है, पढ़ाई पर ध्‍यान दें. निजी जीवन में आनंद रहेगा. मकर दैनिक राशिफल धन लाभ होगा. आपको अपने लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद मिलेगी. आपकी सामाजिक स्थिति बेहतर होगी. कोई महत्‍वपूर्ण टाईअप या डील फाइनल हो सकती है. मीन दैनिक राशिफल नुकसान भी अब लाभ में बदल दिया जाएगा. आपको बिजनेस अच्‍छा चलेगा. आपकी नए स्‍त्रोतों से आय होगी. लव बर्ड्स शादी करने का फैसला ले सकते हैं. विरोधी परास्‍त होंगे

रविवार 16 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि : स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य थोड़ा नरम-गरम रहेगा। संतान की स्थिति अच्छी है और व्यापार भी अच्छा है। सूर्य देव को जल देते रहें। वृषभ राशि : मानसिक अवसाद की स्थिति रहेगी। बच्चों के सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में तू-तू, मैं-मैं के संकेत हैं। बाकी व्यापार सही चलता रहेगा। हरी वस्तु पास रखें। मिथुन राशि : घरेलू सुख बाधित रहेगा। भूमि और वाहन की खरीदारी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मध्यम, सीने में विकार संभव, प्रेम-संतान ठीक-ठाक और व्यापार भी ठीक रहेगा। काली जी को प्रणाम करते रहें। कर्क राशि : नाक, कान और गला की परेशानी हो सकती है। भुजाओं में थोड़ी दर्द या कोई चोट-चपेट लग सकता है। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार भी अच्छा है। फिर भी कोई नए व्यापार की शुरुआत 1-2 दिन मत करिएगा। हरी वस्तु का दान करें। सिंह राशि : निवेश मत करिएगा और जुबान का उपयोग बहुत सोच-समझकर करिएगा, वरना कुछ ऐसा बोल जाएंगे कि आपस में प्रॉब्लम हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार अच्छा है। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि : स्वास्थ्य थोड़ा ऊपर-नीचे होगा। प्रेम-संतान का साथ होगा। व्यापार भी अच्छा होगा। ऊर्जा का स्तर घटता-बढ़ता रहेगा। इस वजह से बेचैनी और घबराहट बनी रहेगी। हरी वस्तु पास रखें। तुला राशि : पार्टनरशिप में प्रॉब्लम होगी। खर्च की अधिकता रहेगी। सिरदर्द और नेत्रपीड़ा संभव है। प्रेम-संतान और व्यापार अच्छा रहेगा। पीली वस्तु पास रखें। वृश्चिक राशि : अभी यात्रा का प्रोग्राम न बनाएं। आसंमजस की स्थिति में मीडिया से कोई समाचार मिल सकता है। आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बाकी स्वास्थ्य, अच्छा, प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार भी लगभग ठीक रहेगा। हरी वस्तु का दान करें। धनु राशि : कोर्ट-कचहरी से बचें। पैतृक संपत्ति की स्थिति थोड़ी प्रॉब्लम में रहेगी। पिता का स्वास्थ्य गड़बड़ रहेगा। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार अच्छा है। हरी वस्तु का दान करें। मकर राशि : अपमानित होने का भय रहेगा। यात्रा में कष्ट संभव है। धर्म-कर्म में अतिशय से बचें।बाकी प्रेम-संतान अच्छा है और व्यापार भी अच्छा है। काली जी को प्रणाम करते रहें। कुंभ राशि : परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। थोड़ा बचकर पार करें। कोई रिस्क न लें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वाहन धीरे चलाएं। प्रेम-संतान ठीक-ठाक और व्यापार भी अच्छा रहेगा। हरी वस्तु पास रखें। मीन राशि : जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नौकरी-चाकरी में कोई रिस्क न लें। प्रेमी और प्रेमिका बहुत हिसाब से मिलें। एक-दूसरे पर कोई बड़ा आरोप न लगाएं। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम-संतान मध्यम और व्यापार लगभग ठीक रहेगा। शिवजी को प्रणाम करते रहें।

गीता उपदेश: भाग्य और कठिन परिश्रम का जीवन में महत्व

Annagiri becomes the new president of IFS Association

धन, जीवनसाथी, संतान, बंगला, मोटर, मोक्ष, धर्म इत्यादि अनेक वस्तुओं को प्राप्त करने की उसकी उत्कृष्ठ इच्छा व कामना होती है। अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष, इन चारों पदार्थों को मनुष्य को अपने बुद्धि, बल, विवेक से प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये। धर्म से अर्थ (धन) प्राप्त करे, क्योंकि अधर्म से प्राप्त किया हुआ अर्थ अनर्थ बन जाता है। धर्म और अर्थ से प्राप्त काम के तृप्त हो जाने पर जीवन का अंतिम ध्येय मोक्ष प्राप्त करना होना चाहिये। इन चार पदार्थों में से धर्म और मोक्ष के लिए मनुष्य को सतत पुरुषार्थ करना चाहिये, उन्हें कदापि प्रारब्ध यानि भाग्य पर नहीं छोड़ना चाहिये। जबकि अर्थ और काम प्राप्त करने में मनुष्य को प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देना चाहिये। उनके लिए पुरुषार्थ करने की आवश्यकता ही नहीं है। परंतु कलियुग के प्रभाव के कारण अधिकांश मनुष्य उससे उल्टी ही दिशा में चक्कर काट रहे हैं। अर्थ और काम को प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देने के बदले उनके लिए मनुष्य सतत रात-दिन पुरुषार्थ करता है और अंत में प्रारब्ध के आगे ढीला पड़ जाता है। जबकि धर्म और मोक्ष जिनके लिए मनुष्य को सदा सर्वदा जाग्रत रहकर पुरुषार्थ करना चाहिये उन्हें बिल्कुल प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देता है और इस प्रकार वह दोनों तरफ ही गोता खा जाता है। गीता के चार स्पष्ट आदेश – भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से हमें चार स्पष्ट आदेश दिये हैं, कर्मण्येवाधिकारस्ते -तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में ही है, जिसमें तुम पूर्णतया स्वतंत्र हो; मा फलेषु कदाचन – फल पर तुम्हारा कोई अधिकार नहीं, फल भोगने में तुम परतंत्र हो; मा कर्मफलहेतुर्भू – तुम कर्म के फल का हेतु मत बनो; और मा ते संगोऽस्तु अकर्मणि – तुम अकर्म में भी रत मत होओ। एक सनातन सत्य – महाभारत में महर्षि व्यास ने कहा है कि, ‘‘ऊर्ध्व बाहुः प्रवक्ष्यामि न च कश्चित् श्रुणोति मे।” ‘‘दोनों हाथ ऊंचा करके मैं सारे जगत को चेता रहा हूं पर कोई मेरी सुनता ही नहीं। अर्थ और काम का मैं शत्रु नहीं हूं। अर्थ और काम की बेशक उपासना करो पर धर्म की आड़ में रहकर तथा मोक्ष की प्राप्ति के लिए”। इस एक सनातन सत्य को मानवमात्र को बताने के लिए ऐतिहासिक दृष्टांत के रूप में उपयोग करके महर्षि व्यास ने सारी महाभारत रच डाली। आप भी प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन अवश्य करें।

शुक्रवार 14 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज आप फिर से प्यार में पड़ जायेंगे। ऑफिस में आपकी व्यावसायिकता अच्छे परिणाम लाएगी। हालांकि आपको स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि आज गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। आज आपका आर्थिक जीवन बहुत बढ़िया है। आपको कई स्रोतों से धन प्राप्त होगा। नौकरी के साथ-साथ बिजनेस में भी सफलता मिलेगी। धन को सावधानी से संभालें। कुछ आईटी पेशेवरों को किसी प्रोजेक्ट को लेकर कस्टमर्स की आलोचना का सामना करना पड़ेगा। वृषभ राशि- आज आपकी मुलाकात किसी दिलचस्प व्यक्ति से होगी और दिन का दूसरा भाग प्रपोज करने के लिए शुभ है। पेशेवर रूप से व्यस्त रहने के साथ-साथ प्रियजनों के लिए समय निकालना भी महत्वपूर्ण है। आज आप पेशेवर रूप से अच्छे हैं। कुछ सरकारी अधिकारी आज नये कार्यालय में चले जायेंगे। कलाकारों एवं रचनात्मक व्यक्तियों को सफलता मिलेगी। कुछ जातक आज घर या कार खरीदने में सफल होंगे। मिथुन राशि- अपने पार्टनर को रोमांटिक डिनर पर ले जाना या सरप्राइज गिफ्ट देना कोई गलत बात नहीं है। छात्र आज प्रतियोगी परीक्षा में सफल होंगे। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, खासकर यात्रा और पर्यटन उद्योग में काम करने वाले लोगों के लिए। नए व्यापारिक सौदों और कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के लिए आज का दिन अच्छा है। पुराना बकाया कर्ज भी आज आप चुकाने में सफल रहेंगे। अपने स्वास्थ्य के बारे में सावधान रहें।  कर्क राशि- अगर आप में आत्मविश्वास है तो कोई भी समस्या आपके मनोबल को प्रभावित नहीं कर सकती। आज आपकी लव लाइफ आनंदमय रहेगी क्योंकि खुली बातचीत से सभी मुद्दे सुलझ सकते हैं। आपकी आधिकारिक जिम्मेदारियां आज आपको बिजी रखेंगी। मिथुन राशि के कुछ जातक ऑफिस में अपना आपा खो देंगे और इससे टीम के भीतर अफरा-तफरी मच जाएगी। वित्तीय समस्याएं स्थायी नहीं हैं और आप जल्द ही एक मजबूत वित्तीय स्थिति का दावा कर सकते हैं। सिंह राशि- रिश्ते के सभी मुद्दों को सावधानी से संभालें। कुछ संवेदनशील मिथुन राशि के जातकों को रिश्ते में तालमेल बिठाने के लिए एक साथ ज्यादा समय की आवश्यकता होगी। नए प्रेम संबंध बनेंगे लेकिन समय दें। आज कस्टमर्स के साथ व्यवहार करते समय धैर्य और संयम बरतें। आज भावनात्मक निर्णय ठीक नहीं हैं। उद्यमी दिन के दूसरे भाग में नए सौदों और कॉन्ट्रैक्ट पर साइन कर सकते हैं। किसी को बड़ी रकम उधार न दें तो ही अच्छा है। आज आपको संपत्ति खरीदने या बेचने से भी दूर रहना चाहिए। कन्या राशि- भाग्यशाली जातकों को पुराने विवादों को निपटाने के लिए पूर्व प्रेमी वापस मिल सकते हैं। हालांकि जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें ऐसी किसी भी एक्टिविटी से बचना चाहिए जो रिश्ते पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। कुछ छात्र जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे हैं उन्हें भी अच्छी खबर मिलेगी। हो सकता है कि आज आप बड़ा निवेश करने की स्थिति में न हों।हालांकि व्यवसायियों को धन जुटाने में परेशानी नहीं होगी। और यह आज व्यापार के सुचारू प्रवाह का वादा करता है। तुला राशि- आज खुश रहने के लिए प्रेम जीवन में चली आ रही  समस्याओं को दूर करें। व्यावसायिक तौर पर आपका दिन अच्छा रहेगा क्योंकि सकारात्मक बदलाव आएंगे। आज आर्थिक पक्ष भी अच्छा रहेगा और स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। कुछ वरिष्ठ लोग धन को बच्चों में बाँट देंगे। धन की वजह से भाई-बहन के साथ हुए मतभेदों को आज सुलझाने की जरूरत है। कुछ जातक निवेश पर विचार करेंगे। व्यवसाय पर अत्यधिक देखभाल और ध्यान देने की आवश्यकता है। वृश्चिक राशि- लव लाइफ में प्यार और रोमांस की कमी नहीं होगी। साथीसे बातचीत के लिए समय निकालें। अपने पार्टनर के लिए ईमानदार रहें और साथ में क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नए विचार लाएं और प्रयास करें। ऑफिस की राजनीति से बचने की कोशिश करें और अपनी तरक्की पर फोकस करें। नए व्यापार की शुरुआत करने का यह अच्छा समय है। मन को शांत करने वाले एक्टिविटीज में शामिल हों।   धनु राशि- आप में परिस्थिति के अनुकूल ढलने का विशेष गुण है।  सोच-समझकर कोई काम करने से आपको जीवन के हर एक पहलू में सफलता हासिल होगी। करियर हो, फाइनेंस हो या लव लाइफ हो, लोगों से बेकार में बहस करने से बचें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। अपनी बुद्धिमत्ता और समझदारी से आय कए नए जरिए का रास्ता खोज लेंगे। हालांकि, धन के मामले में थोड़ा सतर्क रहें। दोस्तों और परिजनों से उधार ना लें। मकर राशि- आगे बढ़ने का समय आ गया है। अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में बड़े कदम उठा सकते हैं। बस ध्यान केंद्रित रखना और अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करना याद रखें। आज सितारे आपके पक्ष में हैं। आप अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए ऊर्जावान और प्रेरित महसूस करेंगे। आप आर्थिक रूप से स्थिर रहेंगे, लेकिन सतर्क रहना और किसी भी जोखिम भरे निवेश या खरीदारी से बचना महत्वपूर्ण है। कुंभ राशि- डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वालों लोगों को साथी पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। सिंगल जातकों को नया प्यार मिल सकता है, उन्हें प्रपोज करने में संकोच ना करें। भाई-बहनों से धन संबंधी विवादों को सुलझा सकते हैं। आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखेंगे। अपनी डाइट में खूब सब्जियां और फल शामिल करें। परिस्थिति के अनुकूल ढलने के गुण से आपको करियर में तरक्की मिलेगी। मीन राशि- आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध रहेंगे। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रिलेशनशिप में थोड़ी-बहुत दिक्कतें बनी रहेंगी। जीवनसाथी से बेकार की चीजों पर चर्चा ना करें। इससे लव लाइफ पर असर पड़ सकता है। आज आपकी प्रोफेशनल लाइफ अच्छी रहेगी। आप अपने सभी कार्य डेडलाइन के अंदर पूरा करेंगे। आज एग्जाम पास करने का अच्छा दिन है। आज आप आर्थिक रूप से सौभाग्यशाली रहेंगे। आप ज्वेलरी या रियल एस्टेट में निवेश कर सकते हैं।

सूर्य को अर्घ्य देने के फायदे: जानें स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए इसके लाभ

सूर्य को पृथ्वी पर साक्षात देवता माना गया है, जो जीवन के लिए आवश्यक ऊर्जा के साथ ही बल, पराक्रम, यश, उत्साह एवं नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है। जो कि आपके लिए धन प्राप्ति के रास्ते भी खोलता है। कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर व्‍यक्ति समाज में मान सम्‍मान प्राप्‍त करता है। सूर्य से आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें प्रतिदिन जल चढ़ाकर अर्घ्‍य दिया जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं सूर्य को जल कैसे चढ़ाएं और सूर्य को रोजाना अर्घ्‍य देने के क्‍या हैं लाभ। सूर्य को अर्घ्य देने की संपूर्ण विधि : 1. सर्वप्रथम प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान करें। 2. तत्पश्चात उदित होते सूर्य के समक्ष कुश का आसन लगाएं। 3. आसन पर खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल लें। 4. उसी जल मिसरी मिलाएं और साथ ही लाल चंदन और लाल फूल डालें। कहा जाता है कि सूर्य को मीठा जल चढ़ाने से जन्मकुंडली के दूषित मंगल का उपचार होता है। 5. जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्यागमन से पहले नारंगी किरणें प्रस्फुटित होती दिखाई दे, आप दोनों हाथ से तांबे के पात्र को पकड़कर इस तरह जल चढ़ाएं कि सूर्य जल चढ़ाती धार से दिखाई दें। 6. प्रात:काल का सूर्य कोमल होता है उसे सीधे देखने से आंखों की ज्योति बढ़ती है। 7. सूर्य को जल इस तरह से चढ़ाएं कि जलधारा आसन पर आ गिरे ना कि जमीन पर। 8. जमीन पर जलधारा गिरने से जल में समाहित सूर्य-ऊर्जा धरती में चली जाएगी और सूर्य अर्घ्य का संपूर्ण लाभ आप नहीं पा सकेंगे। 9. अर्घ्य देते समय निम्न मंत्र का 3 बार पाठ करें – ‘ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते। अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:।।’ ‘ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय। मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा: ।।’ 10. तत्पश्चात सीधे हाथ की अंजूरी में जल लेकर अपने चारों ओर छिड़कें। 11. अपने स्थान पर ही तीन बार घूमकर परिक्रमा करें। 12. उसके बाद आसन उठाकर उस स्थान को नमन करें। सूर्य को अर्घ्‍य चढ़ाने के लाभ ज्‍योतिष में सूर्य को अर्घ्‍य देने के खास लाभ बताए गए हैं। माना जाता है कि सूर्य को रोजाना अर्घ्‍य देने से आपके सम्‍मान में वृद्धि होती है और यश की प्राप्ति होती है। जिन कन्‍याओं के विवाह में देर हो रही है वे रोजाना सूर्य को अर्घ्‍य दें तो उनके जीवन में शीघ्र ही विवाह के योग बनने लगते हैं। सूर्य को आरोग्‍य, आत्‍मा और पिता का भी कारक माना जाता है। इसलिए सूर्य को रोजाना अर्घ्‍य देने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर होता है। साथ ही पिता के साथ आपके रिश्‍ते मजबूत होते हैं।

भगवान को निर्जला एकादशी पर लगाएं इन चीजों का भोग, प्रसन्न होंगे लक्ष्मी-नारायण; कभी नहीं होगी धन की कमी 

हिन्दू धर्म में एकादशी का बहुत ही महत्व है. वहीं, निर्जला एकादशी सबसे बड़ी एकादशी मानी जाती है. इस साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तिथि 18 जून को आ रही है. इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. निर्जला एकादशी का खास महत्व है. मान्यता है कि निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाने से प्रभु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन आप भगवान विष्णु को उनका मनपसंद भोग चढ़ाते हैं तो इस व्रत का लाभ दोगुना हो जाएगा. एकादशी को भगवान विष्णु को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए. जानिए कब है निर्जला एकादशी व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 17 जून सुबह 4:43 पर शुरू हो रही है. इसका समापन 18 जून सुबह 06:24 पर होगा. उदया तिथि के अनुसार 18 जून 2024 को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. जरूर लगाएं निर्जला एकादशी पर यह भोग – मान्यताओं के अनुसार विष्णु जी को पीले रंग की चीजें अत्यंत प्रिय हैं. ऐसे में निर्जला एकादशी पर आप उन्हें केले का भोग जरूर लगाएं. इसके अलावा पीले रंग की मिठाई और मिश्री का भोग लगाना चाहिए. – धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पंजीरी का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है. प्रभु श्री विष्णु को पंजीरी का भोग अति प्रिय है. पंजीरी का भोग लगाने से अशुभ ग्रहों के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता है और इससे भगवान प्रसन्न होते है. – विष्णु भगवान की पूजा में एकादशी पर विष्णु जी को पंचामृत का भोग लगाना चाहिए. इसे भगवान विष्णु के प्रिय भोग में शामिल किया जाता है.माना जाता है कि इसके भोग लगाने से घर में धन वैभव की कभी कमी नहीं होती है. – निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को मखाने की खीर का भोग लगाए. भगवान को यह खीर बेहद प्रिय है. इसका भोग लगाने से उनकी असीम कृपा बनी रहती है.

गुरुवार 13 जून 2024 का राशिफल

मेष राशिफल: किसी पुराने मित्र से अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। आपके जीवन में कोई नया सदस्य आने वाला है जो आपकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देगा। कोई पूर्व प्रेमी आपके जीवन में वापस आने की कोशिश कर सकता है और आपको नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा। इसलिए ऐसी परिस्थितियों से समझदारी से निपटें। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या परेशान कर सकती है। वृषभ राशिफल: आपके आस-पास के लोग जो आपके मित्र और शुभचिंतक होने का दावा करते हैं, हो सकता है कि वे वास्तव में आपके मित्र न हों। इस बात की प्रबल संभावना है कि आपका कोई करीबी आपको धोखा दे सकता है। आपकी निजी और व्यावसायिक दोनों ही ज़िंदगी में मज़बूती आएगी। शिक्षण पेशे से जुड़े लोगों को पदोन्नति मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर रहेगी। दूसरों से संवाद करते समय बहुत ज़्यादा मुखर होने से बचें। मिथुन राशिफल: जो लोग किसी तरह के कानूनी मामले में उलझे हुए हैं, उन्हें न्याय मिलने की संभावना है। व्यापार के अवसर आपके सामने आ रहे हैं। ऐसे अवसरों का लाभ उठाने का यह बहुत अच्छा समय है। आपके द्वारा कोई नई संपत्ति खरीदने की प्रबल संभावना है। आज शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने से बचें। साथ ही, कागजी कार्रवाई में भी सावधानी बरतें। आज स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ आपको परेशान कर सकती हैं। कर्क राशिफल: आपके प्रेम जीवन में कुछ ग़लतफ़हमियाँ बढ़ सकती हैं। आपको लग सकता है कि आपका साथी आप पर हावी होना चाहता है। आज आपको निजी और पेशेवर जीवन में कुछ कठिन फ़ैसले लेने पड़ सकते हैं। अपनी जेब पर कड़ी नज़र रखें क्योंकि निकट भविष्य में जब आपको इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होगी, तब आपके पास पैसे नहीं होंगे। सिंह राशिफल: प्रियजनों के साथ मिलना-जुलना हो सकता है। आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना है। ब्लू कॉलर कर्मचारियों को पदोन्नति की उम्मीद है। किसी करीबी रिश्तेदार से आर्थिक मदद मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के लिहाज से कुछ सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। आप खुशी और आनंद के दौर में प्रवेश करने वाले हैं। अपने पिता/पति/साथी या अपने जीवन में समान महत्व रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति पर भरोसा करें और मदद मांगें, सफलता आपकी होगी। कन्या राशिफल: छात्रों के लिए आने वाला दिन अच्छा रहेगा। प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए भी यह दिन अच्छा है, क्योंकि उनके जीवन में रोमांस की वापसी होने की संभावना है। आपके आस-पास के लोग आपकी और आपके कामों की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन उन्हें खुद को परेशान न करने दें। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिलने की उम्मीद है। आमदनी में बढ़ोतरी से उन्हें राहत मिलेगी और वे आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होने की संभावना है। तुला राशिफल: आज कोई करीबी दोस्त आपको धोखा दे सकता है और आपकी पीठ में छुरा घोंप सकता है, इसलिए अपनी आँखें और कान खुले रखें और देखें कि अपराधी कौन है। वित्तीय स्थिरता का अनुमान लगाया जा सकता है। अपनी दिनचर्या में कुछ फिटनेस से संबंधित गतिविधि शुरू करने से आपको उन फिटनेस लक्ष्यों को आपकी अपेक्षा से कहीं अधिक तेज़ी से प्राप्त करने में मदद मिलेगी। वृश्चिक राशिफल: आपको दुविधा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें आपको सही और गलत रास्ते के बीच चुनाव करना होगा। लेकिन अंत में सब ठीक हो जाएगा। छोटे बच्चे आपको प्रेरणास्रोत के रूप में देख सकते हैं, इसलिए उन्हें नई और नैतिक बातें सिखाने के लिए अच्छा व्यवहार करें। स्वास्थ्य और धन की स्थिति में मजबूती देखने को मिल सकती है। धनु राशिफल: रचनात्मक पेशे से जुड़े लोगों को उच्च पद पर पदोन्नति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अवसर आपके सामने आ रहे हैं, इसलिए अपने जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में संकोच न करें। भविष्य में कोई नया प्रोजेक्ट आपको अच्छा मुनाफ़ा दिलाएगा। इस प्रकार, वित्तीय वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से, आप डाइट पर जाने का फैसला कर सकते हैं, लेकिन आपके रास्ते में बहुत सी बाधाएँ होंगी। मकर राशिफल: प्रेम जीवन में सुधार देखने को मिल सकता है क्योंकि रोमांस किसी तरह आपके जीवन में प्रवेश करेगा। आप अपने सहकर्मी के साथ बहस में पड़ सकते हैं, लेकिन शांत रहने की कोशिश करें और आपत्तिजनक शब्द न बोलें। बड़ी मात्रा में नकदी खर्च होने की संभावना है, जिससे आपका मासिक बजट गड़बड़ा सकता है। आज स्वस्थ भोजन करें, नहीं तो आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएँ हो सकती हैं। कुंभ राशिफल: अपने आत्मसम्मान को बनाए रखें और अपनी आवाज़ पर नियंत्रण रखें। आपकी ज़बान तीखी है इसलिए बोलने से पहले हर शब्द पर ध्यान दें। आपको अपने पेशेवर जीवन में कुछ जल्दीबाज़ी में फ़ैसले लेने पड़ सकते हैं। इन फ़ैसलों के दूरगामी परिणाम होंगे इसलिए इन्हें बनाते समय अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है। लेखन के पेशे से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से तरक्की मिलने की उम्मीद है। मीन राशिफल: आज आप जो भी प्रोजेक्ट हाथ में लेंगे, उसमें आपको सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। आज का दिन आपके जीवन में ताज़गी और सकारात्मकता लेकर आएगा। प्रेम जीवन में सुधार देखने को मिल सकता है। धन आगमन की संभावना है। स्वास्थ्य के लिहाज से दवाइयों ने आखिरकार अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

16 जून 2024 को मनाया जाएगा गंगा दशहरा

हिंदू धर्म में प्रत्येक व्रत और त्योहार का बड़ा महत्व है। हर साल ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, इस साल 16 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन गंगा नदी में स्नान किया जाता है। साथ ही धर्म-कर्म और दान-पुण्य के कार्य बेहद शुभ फलदायी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की विधिवत पूजा-आराधना करने से जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा मिलता है और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल गंगा दशहरा पर कई शुभ संयोग का भी निर्माण हो रहा है। जिससे पूजा-पाठ समेत सभी धार्मिक कार्यों के दोगुना शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं गंगा दशहरा की सही डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व… कब है गंगा दशहरा ? दृक पंचांग के अनुसार,ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 16 जून को 02:32 एएम पर होगा और अगले दिन यानी 17 जून 2024 को सुबह 04:45 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 16 जून 2024 को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त : इस साल गंगा दशहरा के दिन अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग,हस्त नक्षत्र समेत 4 शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा-उपासना और दान-पुण्य के कार्यों का बड़ा महत्व है। स्नान-दान का शुभ मुहूर्त : गंगा नदी में स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सुबह 04:03 मिनट से लेकर 04:45 मिनट तक पूजा का स्नान-दान का शुभ मुहूर्त बन रहा है। गंगा दशहरा का महत्व : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मनुष्य से जाने-अनजाने में हुए पाप से मुक्ति पाने के लिए गंगा दशहरा के मां गंगा की पूजा-आराधना करना चाहिए और पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इस दिन श्रद्धापूर्वक मां गंगा की पूजा करने से समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन मां गंगा का पूजा-उपासना की जाती है।  

तुलसी को जल अर्पित करते समय बस 1 चीज मिला लें, बरसेगा धन

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व होता है। हर घर में तुलसी मां की पूजा की जाती है। । धार्मिक कार्य में भी तुलसी के पत्तो का इस्तेमाल किया जाता है। रोजाना हम सभी तुलसी के पौधे को जल चढ़ाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करने से धन से जुड़ी समस्या दूर होती है। अगर आप भी अपने घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करना चाहते हैं, रोजाना आप इस उपाय जरुर पालन करें। मां लक्ष्मी का वास तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। प्रतिदिन तुलसी के पौधे पर जल अर्पित करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इन उपायों को जरुर करें। जल में मिलाएं यह चीज तुलसी पर जल चढ़ाते समय पानी में अक्षत जरुर मिलाएं। ऐसा करने से धन संबंधी समस्या दूर होती है। जब तुलसी को जल अर्पित करें तो इस मंत्र का जाप जरुर करें। स्नान करने के बाद तुलसी पर जल अर्पित करते समय ऊँ सुभद्राय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस दिशा में लगाएं तुलसी का पौधा घर में तुलसी का पौधा लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। वहीं,रोजाना शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलना चाहिए। तुलसी के पौधे के पास दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।  

बुध का मिथुन राशि में प्रवेश: भद्र राजयोग से इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

ज्योतिष शास्त्र मुताबिक हर ग्रह एक निश्चित अंतराल पर राशि परिवर्तन करता है और शुभ-अशुभ योग बनाता है. इन योगों का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. आने वाली 14 जून को बुध गोचर करके मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. मिथुन राशि के स्‍वामी बुध ग्रह ही हैं. ऐसे में बुध ग्रह का स्‍वराशि मिथुन में संचरण करना भद्र राजयोग बनाएगा. ज्‍योतिष में भद्र महापुरुष राजयोग को बेहद शुभ माना गया है. इस राजयोग का बनना 3 राशि वालों की किस्‍मत चमका देगा. इन लोगों को नौकरी-व्‍यापार में बड़ी तरक्‍की देगा. आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं, जिनकी 14 जून 2024 से किस्‍मत बदलने वाली है. 14 जून से होगा लाभ ही लाभ वृषभ राशि : भद्र राजयोग का बनना वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है. क्योंकि बुध इन जातकों को ध्‍धन और वाणी संबंधी लाभ देने वाले हैं. आपका कम्‍युनिकेशन अच्‍छा रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट मिलेगा. समय- समय पर आकस्मिक धन की प्राप्ति होगी. कारोबार में अच्‍छा मुनाफा होगा. अटका हुआ धन मिलेगा. बैंक बैलेंस में इजाफा होगा. आप बचत करने में सफल रहेंगे. कन्या राशि : कन्‍या राशि वालों के लिए भी भद्र राजयोग बहुत लाभ देगा. आपको कर्म के लिहाज से बहुत लाभ होगा. आपको काम- कारोबार में विशेष तरक्की मिल सकती है. व्‍यापार का विस्‍तार होगा. धन के साथ मान-सम्‍मान भी बढ़ेगा. नौकरी करने वालों को नया ऑफर मिल सकता है. पदोन्‍नति हो सकती है. आपके पिता के साथ संबंध मजबूत होंगे. घर में खुशहाली रहेगा. तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए भी बुध गोचर से बन रहा भद्र राजयोग बहुत लाभप्रद साबित हो सकता है. आपको किस्‍मत का साथ मिलेगा. हर काम आसानी से पूरा होता जाएगा. अटके हुए कार्य अब बन जाएंगे. नौकरी-व्‍यापार में उन्‍नति होगी. पर्याप्‍त धन लाभ होगा. आपको सम्‍मान की प्राप्ति होगी. आपका मन धार्मिक कार्य में लगेगा. लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं. कोई सपना पूरा हो सकता है.

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होगी धन की वर्षा करें ये उपाय, चमक उठेगा भाग्य, हर काम में मिलेगी सफलता

 हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि सबसे शुभ तिथियों में से एक मानी जाती है. इस तिथि पर भगवान चंद्र अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं. इसके साथ ही उनकी किरणें धरती पर समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करती हैं. इस दिन स्नान और दान-धर्म करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. इस दिन अगर कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो जातक के जीवन में आ रहे तमाम संकटों का नाश होता है. कब है ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा वैदिक पंचांग के अनुसार, इस तिथि की शुरुआत 21 जून 2024 को सुबह 6 बजकर 01 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 22 जून 2024 को सुबह 5 बजकर 07 मिनट पर होगा. ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 21 जून, शुक्रवार को किया जाएगा. साथ ही पूर्णिमा पर स्नान-दान 22 जून शनिवार के दिन किया जाएगा. ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जरूर करें यह उपाय – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पीपल के पेड़ पर भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी वास करती हैं. इसलिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यदि कोई व्यक्ति एक लोटे में पानी भर कर उसमें कच्चा दूध और पतासा डालकर पीपल के पेड़ को अर्पित करे तो इससे उस व्यक्ति का फंसा धन वापस मिल जाएगा और उसे बिजनेस में भी लाभ मिलेगा.

बुधवार 12 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि: मेष राशि वाले आज जातक किसी यात्रा पर परिवार या दोस्तों के साथ जाएंगे। भाग्य से लाभ मिलेगा, ऑफिस में शुभ समाचारों कि प्राप्ति होगी। नौकरी करने वालों के लिए भी दिन काफी अच्छा है उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। सेहत के प्रति सचेत रहें। आज जातक के लिए आलस से भरा रहेगा। घर में मेहमानो का आना जाना लगेगा। वृष राशि: वृष राशिवालों के लिए जातक के साथ कुछ ऐसा होगा, जिससे परिवार के मान सम्मान में वृद्धि होगी और परिवार का नाम रोशन होगा। परिवार से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, पारिवारिक सुख देखने को मिलेगा। आज के दिन बनाई गयी योजना सफल होगी, बिजनेस में कोई नई योजना कार्य करेगी। जो व्यक्ति सरकारी नौकरी कि तलाश में है। उनकी किस्मत उनका साथ दे सकती है। मिथुन राशि: मिथुन राशिवाले मन में नकारात्मक विचार न आने दें, किसी के साथ मन मुटाव होगा, पूरा दिन किसी न किसी चिंता में रहेंगे। बड़े बुजुर्गों की सेवा करें, शुभ फल मिलेगा। किसी कि बातों में आकर धन खर्च करेंगे तो नुकसान होगा। प्रेम में किसी का साथ मिलेगा। जिसका आपको इंतजार था। नौकरी व बिजनेस में सतर्क रहे। कर्क राशि: कर्क राशिवाले जातक का समय चुनौतियों से भरा रहेगा, हर काम के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, परिवार के सहयोग में कमी आएगी। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी योग्यता और बुद्धिमत्ता का प्रयोग अच्छे से करे, तभी परिणाम सकारात्मक होगा। घर में पति पत्नीमें मनमुटाव होंगे। घर परिवार की बातों को लेकर मनमुटाव हो सकता है। उपहार का आदान-प्रदान करेंगे सिंह राशि: सिंह राशि वाले जातक के लिए मेहनत का फल मिलेगा। दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा समय बताएंगे। कुल मिलाकर आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती वाला होगा। देश-विदेश की यात्रा का योग बन रहा है। सेहत से सावधानी बरतें और अपनी उर्जा को सही दिशा में लगाएं। समय आपके अनुकूल है। जितना मेहनत करेंगे उतना आपका भाग्य आपका साथ देगा। कन्या राशि: कन्या राशि के जातक को धैर्य बनाये रखने की जरूरत है। शांत रहे और समस्या से निपटने की कोशिश करें। अपने आसपास के लोगों से भी बहस से बचने की कोशिश करें। नए बिजनेस करने के अवसर मिलेंगे। शुभ कार्य का योग बन रहा है। जमीन एवं वाहन खरीदने का योग बन रहा है। तुला राशि: तुला राशिवाले आज भावुकता से घिरे होंगे। अगर आप अपने शादी के लिए पार्टनर खोज रहे हैं, तो इस संबंध में कोई अच्छी खबर आपको मिल सकती है।नए बिजनेस से लाभ मिलेगा। विदेश में नया व्यवसाय खोलने के अवसर प्राप्त होंगे। साहित्यिक जगत के लोगों के लिए साहित्यिक जगत से आय का साधन मिलेगा। आपको न्यायालय से लाभ मिलेगा। वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशिवाले आज काम में किसी नये मिलने वाले मौके लिए तैयार रहने की जरूरत है। आज आत्मविश्वास भी चरम पर होगा और इस वजह से मिले मौके को आप खुले दिल से स्वीकर करेंगे। अति-उत्साह से बचने की कोशिश करें। मान-सम्मान प्राप्त होने का योग बन रहा है। जमीन जायदाद के खरीदने का उत्तम समय है।आप को संतान सुख मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए उत्तम समय चल रहा है। धनु राशि: धनु राशि वाले आज आर्थिक मामलों में बेहतर बने रहेंगे। मित्रों से मिलेंगे। कला को बल मिलेगा। किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे घर में खुशहाली रहेगी। नए कार्य की शुरूआत के लिए समय अच्छा है। कोई शुभ समाचार मिल सकता है। खुद को मानसिक रूप से काफी मजबूत महसूस करेंगे। कामकाज में अधिक समय देने की सोचें। आलस्य से बचें। मकर राशि: मकर राशिवाले जातक कुछ सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकता है।आकस्मिक खर्च बढऩे से तनाव होगा,खर्चों पर नियंत्रण रखें। अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी। परिवार के साथ समय बिताएंगे। परिजनों के साथ घूमने जा सकते हैं। काम की व्यस्तता रहेगी। खान-पान का ध्यान रखें। कुंभ राशि: कुंभ राशिवाले आज जातक अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में कामयाब होंगे, नौकरी में उन्नति और बिजनेस में अच्छा लाभ होने की संभावना है। अपने ज्ञान और बुद्धि से दूसरों का प्रभावित करेंगे। सफलता और सहयोग के अच्छे संकेत हैं। नई कोशिशों से सभी को आकर्षित करेंगे। अनुशासन का ध्यान रखें। मीन राशि: मीन राशिवाले आज जातक के लिए मिला-जुला रहेगा। आज जातक काफी प्रसन्न रहेंगे। खर्च और निवेश बढ़ा हुआ रहेगा। लोगों से सराहना मिलेगी। यात्रा में सतर्कता रखें। अनजान लोगों से करीबी बढ़ाने में सावधान रहें। दोस्तों का साथ मिलेगा और उनके साथ समय बिताएंगे। बिना वजह किसी से विवाद करने से बचें, बेवजह झगड़ा हो सकता है। धार्मिक कार्यों की रूझान तरफ रहेगा।

साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा, 2 अक्टूबर को लगेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई नहीं देगा

नई दिल्ली सूर्य ग्रहण एक खगोलिय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है। सनातन धर्म में चंद्र और सूर्य दोनों ग्रहों का विशेष महत्व है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता। इस बार साल 2024 का दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है। साल का पहला ग्रहण 8 अप्रैल को लगा था। हालांकि पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आया था। तो आइए जानते हैं कि इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगने जा रहा है- When is the second solar eclipse in 2024 में दूसरा सूर्य ग्रहण कब है इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आश्विन मास की अमावस्या तिथि यानी 2 अक्टूबर, 2024 को लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 13 मिनट से आरंभ होगा और अगले दिन यानी 3 अक्टूबर की सुबह 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। दूसरे सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 6 घंट तक की रहेगी। यह ग्रहण काफी लंबे समय तक रहेगा। कहां-कहां दिखाई देगा दूसरा सूर्य ग्रहण साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन 2 अक्टूबर, 2024 को लगने वाला दूसरा सूर्य ग्रहण अमेरिका, अर्जेटीना, अंटार्कटिका, उरुग्वे, होनोलूलू, ब्यूनत आयर्स, आर्कटिक, प्रशांत महासागर, पेरी, चिली, और आइलैंड के उत्तरी भाग में दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण में सूतक काल का समय शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। 2 अक्टूबर को लगने वाला दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। जब सूतक काल लगता है तो सभी शुभ और मांगलिक कार्यों के साथ-साथ पूजा-पाठ भी नहीं किए जाते। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर को गंगा जल से पवित्र करके कपाट खोले जाते हैं। कहां लगेगा सूर्य ग्रहण भारत में जो लोग इस सूर्य ग्रहण को देखने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें निराश होना पड़ेगा। भारत के हिसाब से यह सूर्य ग्रहण रात में लगेगा, इसलिए यह हमें नहीं दिखेगा। भारत में अदृश्य रहते हुए भी वलयाकार ग्रहण दुनिया के कई देशों में दिखेगा। दक्षिण अमेरिका के उत्तरी हिस्सों, आर्कटिक, अर्जेंटीना, ब्राजील, पेरू, फिजी, चिली और प्रशांत महासागर में इस खगोलीय घटना को देखा जा सकेगा। इस इलाके में मौजूद खगोल विज्ञानी उत्साह के साथ सूर्य ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं। क्या होता है सूर्य ग्रहण हमारे सौर मंडल में सभी ग्रह सूर्य का चक्कर लगाते हैं। पृथ्वी भी उनमें से एक है। लेकिन चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। नासा के मुताबिक जब चक्कर लगाते हुए चंद्रमा जब पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाए तो यह सूर्य ग्रहण कहलाता है। इस दौरान धरती के कुछ हिस्सों में प्रकाश नहीं पहुंच पाता है। अंतरिक्ष से अगर देखें तो एक विशाल परछाई पृथ्वी की सतह पर दिखाई देगी। वहीं जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाए तो यह चंद्र ग्रहण कहलाता है।

घर में रखें ये यंत्र और बदलें अपनी किस्मत: सफलता के लिए अचूक उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य यंत्र को सभी नव ग्रहों से उच्चतम सूर्य ग्रह से जोड़ कर देखा गया है. इसमें सूर्य ग्रह की लगभग सभी विशेषताएं पाई जाती है. यही वजह है कि सूर्य यंत्र को घर में रखने से ना केवल बिजनेस में बल्कि नौकरी में तरक्की देखने को मिलती है. आइए विस्तार में जानें कि सूर्य यंत्र व्यक्ति के जिंदगी में कैसा प्रभाव डाल सकती है! सूर्य यंत्र के फायदे सूर्य ग्रहों के राजा माने जाते हैं. यदि यह किसी व्यक्ति की कुंडली में मजबूत हो तो उस व्यक्ति को जीवन में तरक्की हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता. उस व्यक्ति को अपने जीवन में भाग्य का भरपूर साथ मिलने लगता है. सूर्य की मजबूत स्थिति व्यक्ति को जीवन में धनवान तो बनाती ही है साथ ही समाज में उसका मान और सम्मान भी बढ़ता है. सूर्य यंत्र के फायदे वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के भाग्य को प्रबल बनाना है तो उसे अपने घर या कारोबार वाली जगह पर सूर्य यंत्र रखना चाहिए, जो कि उसके जिदंगी में काफी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, आइए जाने कैसे!? क्या है सूर्य यंत्र वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्य यंत्र के दर्शन मात्र से ही इसका लाभ मिलना निश्चित हैं. सूर्य यंत्र को घर में इसलिए स्थापित करते हैं ताकि सूर्य ग्रह की शुभता विशेष रूप से हासिल हो सके. यदि कुंडली में सूर्य की अशुभ स्थिति हो तो इसी सूर्य यंत्र की पूजा कर इसे ठीक किया जा सकता है. भाग्य को मजबूत करता है सूर्य यंत्र यदि व्यक्ति को अपने भाग्य को प्रबल बनाना है तो उसे सूर्य यंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए. यदि मेहनत के बाद भी व्यक्ति के काम नहीं बन पाते हैं तो उसे घर में सूर्य यंत्र को स्थापित कर पूजा करनी चाहिए जिसके बाद उसे भाग्य का साथ मिलने लगेगा. जॉब में होगी तरक्की यदि मेहनत के बावजूद नौकरी में तरक्की हासिल नहीं हो पा रही है तो अपने दफ्तर की टेबल पर जहां काम करते हैं वहां पर सूर्य यंत्र रखें. प्रतिदिन इसकी ऑफिस पहुंचते ही पूजा करें और फिर तरक्की आपके कदम चूमने लगेंगी. कारोबार में मिलेगा मुनाफा यदि कोई व्यक्ति नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहा है तो उसे ऑफिस में वर्क प्लेस पर सूर्य यंत्र स्थापित कर काम शुरू करने से पहले प्रतिदिन उसकी पूजा करनी चाहिए. इससे बिजनेस में मुनाफा होना निश्चित हैं.

मंगलवार 11 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज आपका दिन सामान्य रहेगा। आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करेंगे। कार्यस्थल पर अफसरों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल होगा। अपने भावनाओं को वश में रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। अपने जीवन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नए प्रयास करें। परिजनों के साथ व्यर्थ में वाद-विवाद से बचें। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन कार्यों के तनाव से बचें। वृषभ राशि- आज का दिन सामान्य रहने वाला है। व्यापार में धन लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन धन से जुड़े फैसले बड़ी सावधानी से लें। बजट के अनुसार ही खर्च करें। मुश्किल घड़ी से निपटने के लिए धन बचत जरूर करें। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। वैवाहिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। आज जीवनसाथी से वाद-विवाद करने से बचें। इससे रिश्तों में मनमुटाव बढ़ सकता है। मिथुन राशि- रिलेशनशिप की दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश करें। ऑफिस में कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी टास्क हैंडल करें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और धन से जुड़े फैसले बड़ी होशियारी से लें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। धन से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। आज नया बजट बनाएं और जरूरी वस्तुओं की प्राथमिकताओं के अनुसार ही धन खर्च करें। विद्यार्थियों के ट्यूशन फीस या बुक खरीदने के लिए पैसे खर्च होंगे। कर्क राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। धर्म-कर्म के कार्यों में व्यस्थ रहेंगे। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। ऑफिस में नई पहचान बनेगी। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। माता के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे, लेकिन अनियोजित खर्चों में वृद्धि भी होगी।  आलस्य से बचें और जीवन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आत्मसंयत रहें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। वाणी में मधुरता आएगी। ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं होगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और प्रेम-संबंधों में मिठास आएगी। आज इंकम कम और खर्चों की अधिकता रह सकती है। इसलिए सोच-समझकर धन खर्च करें। कन्या राशि- सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। लेखानादि-बौद्धिक कार्यों से आय के नए साधन बनेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं। कार्यों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय व्यतीत होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। तुला राशि- रिश्तों की कड़वाहट दूर होगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। ऑफिस में प्रमोशन या अप्रेजल के अवसर मिलेंगे। बच्चों की ट्यूशन की फीस के लिए धन खर्च करते रहें। आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए नए प्लान बनाएं। निवेश के नए अवसर मिलेंगे। वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि- कार्यों की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करेंगे। कार्यों की जिम्मेदारियां बड़ी सावधानी से संभालें। जीवन में बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। आज आपका किसी अज्ञात भय से मन परेशान रह सकता है। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क को कंपलीट करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। इससे आपको मनचाही सफलता जरूर मिलेगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन शुभ है। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे। धनु राशि- प्रेम-संबंधों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में खुशनुमा माहौल होगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। हालांकि, क्रोध पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए नया बजट बनाएं। सोच-समझकर धन खर्च करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोचान न करें। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मकर राशि- एक्स-पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। रिश्ते की नई शुरुआत कर सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। कारोबारियों को आंख मूंदकर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। दोस्त की सहायता से नौकरी-कारोबार में आ रही बाधाएं दूर होंगी। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़े उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन परिस्थियां जल्द ही सामान्य हो जाएंगी। कुंभ राशि- आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। भौतिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगी। निवेश का फैसला बड़ी सावधानी से लें। अपने खर्चों पर नजर रखें। व्यर्थ की चीजों पर धन खर्च करने से बचें। नौकरी और कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। करियर में तरक्की करेंगे। शुभ समय रहने वाला है। मीन राशि- सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे, लेकिन वाहन के रखरखाव में धन खर्च करना पड़ सकता है। आज धन से जुड़े फैसले बड़ी सावधानी से लें। शैक्षिक कार्यों में शुभ परिणाम मिलेंगे। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता प्राप्त होगी। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। व्यर्थ में वाद-विवाद से बचें। सकारात्मक रहें और अपने परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

मंगल की कामना को लेकर मंगलनाथ पहुंचे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, पत्नी के साथ चढ़ाया भात

Deputy Chief Minister Rajendra Shukla reached Mangalnath to wish for Mars, offered rice along with his wife. मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक केके पाठक ने बताया कि मध्यप्रदेश उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने प्रदेश में अच्छी वर्षा और समृद्धि के लिए मंगलनाथ मंदिर पर भात पूजन किया और हल्दी से होने वाली विशेष पूजा अर्चना भी की। इस दौरान उनके साथ पत्नी सुनीता शुक्ला भी मौजूद रहीं। उज्जैन। मंगल की कामना को लेकर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पत्नी सुनीता शुक्ला के साथ मंगलनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर के गर्भग्रह में भगवान श्री मंगलनाथ की हल्दी से होने वाली विशेष पूजा अर्चना की और भगवान का आशीर्वाद लिया।मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक केके पाठक ने बताया कि मध्यप्रदेश उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने प्रदेश में अच्छी वर्षा और समृद्धि के लिए मंगलनाथ मंदिर पर भात पूजन किया और हल्दी से होने वाली विशेष पूजा अर्चना भी की। इस दौरान उनके साथ पत्नी सुनीता शुक्ला भी मौजूद थी। मंदिर में पंडित अर्पित गुरु के द्वारा शुक्ला दंपति से मंगलनाथ जी का पूजन अर्चन करवाया गया। मंदिर प्रशासक केके पाठक के द्वारा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला का स्वागत सम्मान भी किया गया।

उज्जैन में 21 जुलाई से होगा अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव, कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित

All India Shravan Mahotsav will be held in Ujjain from July 21, entries invited from artists इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा 21 जुलाई से 19 वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। रुद्रसागर के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों को भी मंच साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। इस बार गीत,संगीत व नृत्य की रस वर्षा से सराबोर सात शाम आयोजित होगी। मंदिर प्रशासक मृणाल मीना ने बताया महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा अनुसार श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में गीत, संगीत व नृत्य की शास्त्रीय विद्या के कलाकार प्रस्तुति देंगे। नटराज बाबा महाकाल के आंगन में होने वाले इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कलाकारों को अपेक्षित मानदेय, साथी कलाकारों के साथ अपेक्षित यात्रा व्यय व मानदेय की जानकारी भी देना होगी। मंदिर समिति की वेबसाइट पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मंदिर समिति प्राप्त प्रविष्टियों का अवलोकन कर चयनित कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगी।

धार्मिक स्थलो पर शासन के निर्देश अनुसार साउंड सिस्टम बजाए , थाना आमला में बैठक का हुआ आयोजन

As per government instructions, sound system was played at religious places, meeting was organized at Amla police station. हरिप्रसाद गोहे आमला । थाना आमला में आज शासन के निर्देशों के पालानार्थ धार्मिक स्थलों पर साउंड सिस्टम बजाने को लेकर मंदिर, मजस्जिद प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था । बैठक में प्रमुख रूप से नयाब तहसीलदार आमला, थाना प्रभारी आमला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आमला मौजूद रहे । इस दौरान थाना आमला क्षेत्र अंतर्गत महत्वपूर्ण मंदिर, मस्जिद, जैन मंदिर, गुरुद्वारा आदि के पुजारी, मौलवी, ग्रंथि आदि के साथ थाना आमला परिसर में भजन, अजान आदि साउंड सिस्टम बजाय जाने के संबंध में बैठक ली गई ।जिसमे मंदिर, मस्जिद प्रमुखों को सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही साउंड सिस्टम बजाय जाने एवं शासन द्वारा निर्धारित डेसीवल में बजाय जाने के संबंध में निर्देश दिए गए ।

भागवत कथा जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है:देवी सत्यार्चा जी

Bhagwat Katha shows the purpose and direction of life: Devi Satyarcha Ji हरिप्रसाद गोहे  आमला। हारोडे परिवार द्वारा सिटी मैरिज लान आमला में भागवत कथा का आयोजन 18 मई से 25 मई तक किया जा रहा है। आयोजन के मुख्य जजमान धर्मराज हारोडे तथा हारोडे परिवार के धनराज हारोड़े,धर्मराज हारोडे,युवराज हारोडे,बलराज हारोडे,प्रमोद हारोडे है।आयोजित भागवत कथा में राष्ट्रीय कथा वाचिका  देवी सत्यार्चा जी के मुखार बिंद से कथा की रसधार प्रवाह मान है। श्रीमद् भागवत कथा में राष्ट्रीय कथावाचिका देवी सत्यार्चा जी ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह को एकाग्रता से सुना। श्रीकृष्ण-रुक्मणि का वेश धारण किए बाल कलाकारों पर भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने विवाह के मंगल गीत गाए। देवी सत्यार्चा जी ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व, जरासंध, दंतवक्त्र, विदु रथ और पौंडरक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। वे द्वारिकापुरी आ ही रहे थे कि उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा। तब युद्ध में श्रीकृष्ण व बलराम ने रुक्मी को पराजित करके दंडित किया। तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया आयोजन करता परिवार  जयेश, विनोद,हारोडे,स्वराज,कर्मराज , आदित्य, क्रिस,सक्षम,पिपराज सभी भक्तजनों कथा श्रवण करने आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत कर धन्य अनुभव कर रहे है।  

गंगोत्री में जाम में फंसे मप्र के तीन श्रद्धालुओं की मौत, सीएम ने जताया दुख, सहायता राशि का एलान

Death of three devotees of Madhya Pradesh stuck in traffic jam in Gangotri, CM expressed grief, announced assistance amount प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यात्रा में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 011-26772005, 0755-2708055 एवं 0755-2708059 पर संपर्क कर सकते हैं। मध्य प्रदेश से चारधाम यात्रा पर गए तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख सहायता राशि की घोषणा की है। वहीं, उत्तराखंड में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उत्तराखंड में मृत तीनों श्रद्धालु अलग-अलग शहर इंदौर, सागर और नीमच के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन श्रद्धालुओं की मौत पर दु:ख जताया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चार धाम यात्रा पर गए मध्य प्रदेश के तीन श्रद्धालुओं के जाम में फंसने से हुए असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं की शांति एवं परिजनों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। इन यात्रियों की हुई मौतसागर के रहने वाले 71 वर्षीय राम गोपाल, नीमच की 62 वर्षीय संपत्ति बाई और इंदौर के 39 वर्षीय रामप्रसाद की मौत हुई है। राम गोपाल और संपत्ति बाई की मौत 10 मई और रामप्रसाद की मौत 14 मई को हुई। अधिकारियों ने अनुसार तीनों की मौत यमुनौत्री धाम की यात्रा के दौरान हुई है। मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्कप्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यात्रा में फंसे प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 011-26772005, 0755-2708055 एवं 0755-2708059 जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। भीड़ बढ़ने से सरकारी इंतजाम फेलउत्तराखंड में यमुनोत्री धाम की यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू हो गई है। यमुनोत्री धाम की कठिन पैदल यात्रा के दौरान कई बार ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण तीर्थ यात्रियों की तबीयत बिगड़ जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पहाड़ी यात्रा को रुक रुक कर पूरा करने की सलाह दी जाती है। वहीं, इसके अलावा सैकड़ों यात्री गंगोत्री-यमुनोत्री धामों पर बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचने के कारण फंस गए हैं। इसके चलते सरकार की व्यवस्था चरमरा गई है। लोग जाम में फंसने के कारण भी परेशान हो रहे हैं।

देश में डर का माहौल; हमारा सरकार से मोहभंग – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान

An atmosphere of fear in the country; Our disillusionment with the government – Swami Avimukteshwaranand Saraswati’s big statement अलवर ! ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि अभी देश में डर का माहौल है, लोकतंत्र को चलने नहीं दिया जा रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में गौसेवक प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है, प्रशासन की ओर से उनके प्रस्तावकों को डराया जा रहा है। वहां के मेयर रात के दो बजे प्रस्तावकों के दरवाजे खटखटा कर उन्हें प्रस्तावक से नाम वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को अलवर में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्र की मोदी सरकार, भाजपा, कांग्रेस व आप सहित अन्य पार्टियों पर भी खूब बरसे। उन्होंने कहा कि इस बार वाराणसी में गौसेवक आंध्र प्रदेश के पोलीसती के शिवकुमार ने सबसे पहले नामांकन दाखिल किया है। वे गौमाता गठबंधन में शामिल हैं और उनके अधिकत प्रत्याशी हैं। अब वाराणसी के मेयर उनके प्रस्तावकों को डरा उनसे हटने के लिए दवाब डाल रहे हैं। भाजपा का प्रयास है कि प्रस्तावकों को हटाकर गौसेवक शिवकुमार का नामांकन खारिज कराने का है। उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए उनकी ओर से देश में कई जगह प्रत्याशी खड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गौहत्या पर रोक लगाने के लिए पांच महीने पहले भाजपा, कांग्रेस, आप सहित अन्य बड़ी पार्टियों से शपथ देने को कहा था, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। देश में एक लोकसभा चुनाव ही नहीं, हर रोज होते हैं कोई न कोई चुनावजगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हम लोग गौमाता की रक्षा की बात उठा रहे हैं। यह प्रयास कोई लोकसभा चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि हर रोज कोई न कोई चुनाव होते हैं। इस कारण हम देश में 35 करोड़ मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए संकल्पित कर रहे हैं। खूब धमकियां मिल रही, लेकिन पीछे नहीं हटेंगेशंकराचार्य ने कहा कि उन्हें खूब धमकियां मिल रही है, उन्हें बोलने से रोका जा रहा है, मारने की बात कही जा रही है, मठ उजाड़ने, नकली शंकराचार्य खड़े करने की बात हो रही है, लेकिन देश में गोमाता की रक्षा के कार्य से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है। भाजपा के हारने या जीतने से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। वे केवल गौहत्या का कानून चाहते हैं, राजनीति से उनका कोई सरोकार नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके अनुयायियों के माथे पर लग रहा गौहत्या का पाप हटे। कारण है कि उनके वोट से सरकार बनती है और फिर वही सरकार गायों को कटवाने का कार्य करती है। देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरतशंकराचार्ज ने कहा कि देश में सच्चे हिंदुत्व की जरूरत है, न कि राजनीतिक हिंदुत्व की। दस साल सरकार में रहकर भी गायों को कटने से रोकने का कानून नहीं बना पाए, वे राजनीतिक हिन्दू हैं। उन्होंने कहा कि सच बोलने वालों का विरोध होता है, हमें भी लाखों लोगों ने गालियां दी हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं, केवल इवेंट हुआजगदगुरू शंकराचाय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है, बल्कि एक इवेंट हुआ है। शास्त्रों में उल्लेखित है कि जब तक मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। अयोध्या में अभी राम मंदिर का केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, इस कारण वहां मंदिर निर्माण पूरा होने पर ही प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी, अभी तो केवल इवेंट हुआ है।

खाटू श्याम, वैष्णोदेवी सहित इन धार्मिक स्थलों का दर्शन, IRCTC लाया किफायती टूर पैकेज

Visit these religious places including Khatu Shyam, Vaishnodevi, IRCTC brings affordable tour package, know the cost भोपाल ! मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इस ट्रेन की मदद से एमपी के पर्यटक उत्तर दर्शन यात्रा के साथ खाटूश्याम जी के दर्शन भी आसानी से कर सकेंगे. ये ट्रेन 05 जून 2024 से शुरू होने वाली है, जो की भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरू होगी. यह ट्रेन मध्यप्रदेश के रानी कमलापति, सीहोर, शुजालपुर, देवास, इंदौर, रतलाम, नागदा, श्यामगढ़, कोटा स्टेशनों से होते हुए जाएगी. इन स्टेशन से यात्री ट्रेन में यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन की यात्रा कुल 10 रातों और 11 दिन की होगी. जिसमें ट्रेन जयपुर, खाटूश्याम जी, मथुरा, हरिद्वार, अमृतसर एवं वैष्णोदेवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराएगी. मात्र इतने रुपए में कर सकते हैं यात्राइस ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों को स्लीपर श्रेणी की टिकट 18,110 रुपए प्रति व्यक्ति मिलेगी. 3AC स्टैण्डर्ड श्रेणी की टिकट 28,650 रुपए प्रति व्यक्ति एवं 2AC कम्फर्ट श्रेणी की टिकट 37,500 रुपए प्रति व्यक्ति की होगी. जिसमें यात्रियों को पूरे 11 दिन और 10 रातों में प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाए जायेंगे. मिलेंगी ये सारी सुविधाएंआईआरसीटीसी द्वारा शुरू की गई इस गौरव ट्रेन में यात्रियों को कई सेवाएं दी जाएंगी. जिसमें खाना, विशेष एलएचबी रैक, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्‍त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा प्रदान की जाएंगी. इस प्रकार करें टिकट की बुकिंगअगर आप इस ट्रेन में अपनी बुकिंग करना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या फिर अधिकृत एजेंट से भी करवा सकते हैं.

जानिए बजरंगबली ने क्यों अपना हृदय चीरा और कैसे पड़ा हनुमान नाम ?

Know why Bajrangbali tore his heart and how he got the name Hanuman? देशभर में आज बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ है। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद महाकाल का हनुमान जी के स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान शंकर से हनुमानजी को मिला वरदानहनुमान से शंकरजी के अवतार हैं और भोलेनाथ से हनुमान जी को वरदान मिला है कि हनुमान जी को किसी भी अस्त्र से नहीं मारा जा सकता। हनुमान जी क्यों रखते हैं अपने पास गदाहनुमान जी दुष्टों को संहार और भक्तों की समस्याओं का निदान गदा से करते हैं। हनुमान जी हाथ में हमेशा गदा होती है। क्या आपको ये मालूम है हनुमान जी को गदा कैसे प्राप्त हुई है। दरअसल बजरंगबली को गदा कुबेर देव मिली थी और साथ में ये भी आशीर्वाद दिया कि हनुमान को कभी भी किसी युद्ध में परास्त नहीं किया जा सकता है। भगवान हनुमान को यमराज से मिला वरदानभूत पिशाच निकट नहि आवै, महावीर जब नाम सुनावै…भगवान हनुमान का नाम लेते ही सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां फौरन ही भाग जाती हैं। धर्मराज यमराज से भी हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है, उन्हें कभी भी यमराज का शिकार नहीं होने का वरदान प्राप्त है। सूर्यदेव से मिला हनुमान जी को तेजधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को अमरता का वरदान मिला है। हनुमानजी कलयुग में साक्षात और जाग्रत देवता हैं। यह भक्तों की पूजा से जल्दी प्रसन्न होकर हर तरह की मनोकामनाओं का पूरा करते हैं। हनुमान जी भगवान शिव के ग्याहरवें अवतार हैं और उन्हें कई तरह की शक्तियां मिली है। मान्यता है कि सूर्यदेव से हनुमान जी को तेज प्राप्त है। सूर्य देव ने उन्हें अपने तेज का सौवां अंश दिया है इसी कारण हनुमान जी के सामने कोई नहीं टिक पाता। जब हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया…हनुमानजी आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। कलयुग में हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियां हनुमानजी की आराधना करने से भाग जाती हैं। हनुमानजी ने भगवान राम के दिल में ऐसी जगह बनाई कि दुनिया उन्हें प्रभु राम का सबसे बड़ा भक्त मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार दिए जा रहे थे। इसी दौरान माता सीता ने रत्न जड़ित एक बेश कीमती माला अपने प्रिय हनुमान को दी। प्रसन्न चित्त से उस माला को लेकर हनुमान जी थोड़ी दूरी पर गए और उसे अपने दांतों से तोड़ते हुए बड़ी गौर से माला के मोती को देखने लगे। उसके बाद उदास होकर एक-एक कर उन्होंने सारे मोती तोड़-तोड़ कर फेंक दिए। यह सब दरबार में उपस्थित लोगों ने देखा तो सब के सब आश्चर्य में पड़ गए। जब हनुमान जी मोती तो तोड़ कर फेंक रहे थे तब लक्ष्मणजी को उनके इस कार्य पर बहुत क्रोध आया,इस बात को उन्होंने श्री राम का अपमान समझा। उन्होंने प्रभु राम से कहा कि ‘हे भगवन, हनुमान को माता सीता ने बेशकीमती रत्नों और मनकों की माला दी और इन्होंने उस माला को तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैंने इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती। अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि दिखाई दे रही थी। यह घटना देख कर लक्ष्मण जी से आश्चर्यचकित रह गए,और अपनी गलती के लिए उन्होंने हनुमानजी से क्षमा मांगी । आज यानी 23 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। उन्हें उनके पिता पवन देव और माता अंजनी के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक दिन पवन पुत्र अपनी निद्रा से जागे तो उन्हें तीव्र भूख लगी। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे। उस दिन अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला था, लेकिन जब तक सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। सारे संसार में अन्धकार व्याप्त हो गया। मनुष्य से लेकर सभी देवता तक बड़े व्याकुल हो गए और हनुमानजी को मनाने के लिए आ गए लेकिन, मारुति हठ करके बैठ गए। सभी देवताओं ने देवराज इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने विवश होकर अपने वज्र से मारुति के हनु यानी ठोड़ी पर प्रहार किया, जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पूरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी। इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं … Read more

मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में रामनवमी पर हुआ सीताराम कीर्तन का समापन

Sitaram Kirtan concludes on Ramnavmi in Manokamna Nath Nageshwar Shiv Temple हरिप्रसाद गोहे आमला ! रामनवमी के पावन अवसर पर हवाई पट्टी स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में नौ दिवसीय सीताराम कीर्तन का समापन हुआ।श्री श्री 1008 महंत रघुवरदास जी महाराज चतुर्भुजी भगवान का मंदिर विद्याकुण्ड अयोध्या निवासी के मार्गदर्शन में आयोजित सीताराम कीर्तन को 40 वर्ष पूर्ण हुए । पूर्णाहुति महंत श्री विशंभरदास जी महाराज निवासी अयोध्या के मुखरबिंद से संपन्न हुई ।साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन भी हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद गृहण किया। लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि 9.4.2024 से प्रारंभ होकर 17.4. 24 रामनवमी पर सीताराम कीर्तन संपन्न हुआ । प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र पर शिव मंदिर में नौ दिनों तक सीताराम कीर्तन का आयोजन होता है, उमराव चौकीकर भगत जी के रामायण मंडल द्वारा पिछले 40 वर्षो से रामनवमी के अवसर पर कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने अपनी धर्मपत्नी मंजू पंडाग्रे के साथ शिव मंदिर पहुंचकर प्रसाद गृहण किया और आशीर्वाद लिया । इस अवसर पर बोड़खी,आमला, सारणी, बैतूल, देवगांव, छावल, खापा, बोरी, रतेड़ा, जमदेही, नांदीखेड़ा, धौसरा, खिड़की,भारत भारती, जामठी, आवरियां, अंधारिया, अंबाडा, पंखा, बेलमंडई सहित विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भंडारे में प्रसाद गृहण किया ।

मां वैष्णवी धाम तिरनघाट में देवी भागवत महापुराण का हो रहा आयोजन 

Devi Bhagwat Mahapuran is being organized at Maa Vaishno Dham Kiran Ghat. हरिप्रसाद गोहे  आमला । चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर शहर सहित अंचल के विभिन्न देवीधामो में नवरात्रि की धूम है । अयोजन को लेकर सभी देवीधामों में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन आयोजित किए जा रहे है। इधर ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम बरंगवाडी स्थित मां वैष्णवी देवीधाम तिरनघाट में दिनांक  09 अप्रैल 2024 से संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन बाबा बारंगदेव की तपोधरा में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा हे । जहां देवी भागवत कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जन पहुंच रहे हे। प्राप्त जानकारी अनुसार संगीतमय देवी भागवत महा पुराण का वाचन स्थानीय कथा वाचक व्यास महेश महाराज के मुखारबिंद से श्रवण कराया जा रहा हैं । क्था का आयोजन तिरंनघाट परिवार एवं समस्त क्षेत्रवासी के सौजन्य से किया जा रहा है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिक महेश साहू, किशोरी राठौर, दादा शिवपाल सिंह ठाकुर, दिलीप सागरे, अभिमन्यु सोनपुरे ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से बुधवार दिनांक 17/4/2024 को भागवत कथा समापन अवसर, पर आयोजित विशाल भंडारे एवं डंडार प्रतियोगिता में पहुंच कार्यक्रम को सफल बनाने अपील की है। मंगलवार कथा समाप्ति उपरांत आरती में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे ।

चैत्र नवरात्र के अवसर पर सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ ,कीर्तन का ये 40 वाँ वर्ष है

Sitaram Kirtan was started on the occasion of Chaitra Navratri This is the 40th year of Kirtan हरिप्रसाद गोहे आमला । चैत्र नवरात्र के अवसर पर हवाई पट्टी स्थित मनोकामना नाथ नागेश्वर शिव मंदिर में आज सीताराम सीताराम कीर्तन का शुभारंभ हुआ । शिव मंदिर में प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के अवसर पर नौ दिवसीय सीताराम कीर्तन आयोजित किया जाता है । कीर्तन 9 अप्रैल से आरंभ होकर 17 अप्रैल रामनवमी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा । सीताराम कीर्तन में आमला बोड़खी के रामायण मंडल एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के भजन मंडल और महिला मंडल सम्मिलित होते है ।  मंदिर समिति के लक्ष्मण चौकीकर ने बताया कि कीर्तन का ये 40 वांँ वर्ष है । विगत 39 वर्षो से प्रतिवर्ष उमराव चौकीकर भगत जी के रामायण मंडल द्वारा चैत्र नवरात्र रामनवमी के अवसर पर अखंड सीताराम कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है । मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओ से कीर्तन में सम्मिलित होने का आगृह किया  है।

उज्जैन : महाकाल परिसर में प्रसाद न खरीदने पर श्रद्धालुओं को पीटा

Ujjain: Devotees beaten for not buying Prasad in Mahakal complex मुंबई से आए परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। प्रसाद नहीं लेने की बात पर आरोपियों ने इतना पीटा कि एक का सिर फट गया तो एक के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी बदसलूकी की। उज्जैन ! धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां आते हैं। जहां विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही अन्य मंदिरों पर भी पहुंचते हैं। लेकिन, मंदिरों के बाहर पार्किंग, प्रसाद और तिलक लगाने वाले श्रद्धालुओं के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने के साथ ही मारपीट तक कर देते हैं। जिससे उज्जैन नगरी का नाम शर्मशार हो रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा रविवार सुबह काल भैरव क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मुंबई से आए एक परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने इस कदर मारपीट कि एक का सिर फट गया तो एक श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने उनके कपड़े फाड़ दिए। हद तो तब हो गई जब महिलाओं ने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी से बचाने की मिन्नतें की। लेकिन, उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।जानकारी के अनुसार रिषीकेश भट्टाचार्य अपने भाई अमरदीप पिता रमेश (43) निवासी मुंबई, पत्नी अनुपमा, भाभी सेजल, बच्चे जीन, युवराज, नेत्र और इशिता बैनर्जी के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। वे रविवार सुबह होटल से कालभैरव मंदिर दर्शन के लिए मैजिक वाहन लिया और मंदिर पहुंचे। ड्राइवर ने वाहन पार्किंग में लगाया और वे लोग लोग दर्शनों के दिए चले गए। वापस आकर पार्किंग में खड़े मैजिक वाहन में बैठे तो कुछ लोगों ने कहा कि पार्किंग में वाहन खड़ा किया है तो प्रसाद खरीदना पड़ेगा। उनसे दूसरी जगह से प्रसाद लेने की बात कही तो उन्होंने मैजिक ड्राइवर के साथ गाली गलौज शुरू कर दी। 100 डायल से भी नहीं मिली मददबताया गया कि उन्होंने प्रसाद लेने से इनकार कर दिया तो प्रसाद गाड़ी में फेंक दिया और रुपये की मांग की। साथ ही चालक को भी धमकाया। परिवार का कहना है कि करीब 50 से 70 लोगों ने उनके वाहन को घेर लिया और हमला कर दिया। वहीं महिलाओं और बच्चियों से भी छेड़छाड़ की। डायल 100 पर भी कॉल करने पर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उन्हें वहां से निकाला और अस्पताल पहुंचे, साथ ही भैरवगढ़ थाने में भी मामले की शिकायत की गई है।इन लोगों ने की गई मारपीटअमरदीप भट्टाचार्य, ऋषिकेश, इशिता, अमरदीप, युवराज, अनुपमा, जीत, नेत्रा, शेजल पीड़ित परिवार ने विवाद कर रहे लड़कों को रोका तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के इकट्ठे हो गए और उन्होंने लोहे की रॉड, डंडे और पाइप से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अमरदीप का सिर फट गया और उसके भाई के पैरों में चोट है। इस दौरान बदमाशों ने बच्चों और महिलाओं के कपड़े फाड़कर बुरी नीयत से छुआ और ड्रायवर को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे लोग भीड़ में मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई बचाने नहीं आया। मंदिर के पास चौकी पर एक एएसआई ड्यूटी कर रहा था। सेजल उसके पास गई, हाथ जोड़े और पैर पड़े तब वह चौकी से उठकर पार्किंग तक आया और ड्रायवर से गाड़ी बाहर निकालने की बात कही। इसके बाद ये लोग उसी मैजिक वाहन से भैरवगढ़ थाने पहुंचे, जिसके बाद एक होमगार्ड सैनिक घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और इलाज शुरू कराया। जानकारी के अनुसार रिषीकेश वकील हैं और उनके भाई अमरदीप मुंबई कोर्ट में सरकारी वकील हैं। रिषीकेश की पत्नी अनुपमा और भाभी सेजल भी वकील हैं। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। रिषीकेश ने बताया कि बदमाशों ने बेटे के कपड़े फाड़ दिये इस कारण उसे बिना कपड़ों के घायल हालत में अस्पताल लेकर आना पड़ा है। कालभैरव पार्किंग में मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अमरकंटक पहुंचे, नर्मदा उद्गम स्थल पर मां नर्मदा की पूजाअर्चना की

अनूपपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ मोहन भागवत पवित्र नगरी अमरकंटक में रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। सुबह करीब आठ बजे नर्मदा मंदिर में पहुंचकर मोहन भागवत ने मुख्य नर्मदा उद्गम स्थल पर मां नर्मदा की पूजाअर्चना की।उन्‍होंने मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया। इसके उपरांत वे अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम पहुंचे और यहां चल रहे शिव अभिषेक पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। अमरकंटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन भागवत के साथ भैयाजी जोशी भी हैं। पूजन के दौरान मृत्युंजय आश्रम के स्वामी हरिहरानंद महाराज सहित अन्य प्रचारकगण मौजूद रहे।यहां पर मोहन भागवत ने अमरकंटक के समस्त आश्रमों के संतों के साथ मुलाकात की। संघ प्रमुख डाॅ मोहन भागवत अमरकंटक में आरएसएस प्रचारकों की बैठक के बाद शाम को बिलासपुर रवाना हो जाएंगे। मोहन भागवत शनिवार की रात अमरकंटक पहुंच गए थे।

कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण , देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ascension to the post of Acharya in Kundalpur, flood of devotees will come from India and abroad दमोह जिले के कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के लिए 11 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। दमोह ! कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश और विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों और देश भर से आमंत्रित अतिथियों के रुकने, भोजन जैसी व्यवस्थाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। सबसे खास यहां बन रहा मुख्य पंडाल, जो 11 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। जो अब तक का सबसे बड़ा पंडाल बताया जा रहा है। कुंडलपुर में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इसमें एक साथ 80 हजार से एक लाख लोगों तक के बैठने की व्यवस्था की गई है। 16 अप्रैल को करीब तीन लाख लोगों के आने की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं यहां की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में मंचीय व्यवस्था भी अलग-अलग रहेगी। आचार्य संघ के करीब 400 मुनि, आर्यिकाओंके लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग नजर आएगा। इसके अलावा बतौर अतिथि पहुंचने वाले हिंदू संतों के लिए भी एक मंच बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने देश के ख्याति प्राप्त लोगों के लिए अलग मंच रहेगा। इसके अलावा दो और मंच इस पंडाल में होंगे। जहां से सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रावक श्रेष्ठियों के लिए मंच व्यवस्था रहेगी। दस हजार लोग एक साथ कर सकेंगे भोजनतीन बड़ी भोजन शालाएं यहां बनाई जा रही हैं, जिसमें वीआईपी से लेकर आम तक भोजन करेंगे। यह भोजनशालाएं भी आधुनिक होगी, जिसमें भोजन तैयार करने के सिस्टम से लेकर मेन्यू तक अलग होंगे। एक बार में 10 हजार लोग तक भोजन कर सकेंगे। वीआईपी आवास व्यवस्था पंडाल के सामने तालाब की ओर की गई है। एलईडी, साउंड के साथ कूलिंग की व्यवस्थामहोत्सव प्रभारी वीरेश सेठ ने बताया कि मुख्य पंडाल की छटा अपने आप में अलग होगी। इसमें 80 हजार से एक लाख लोग बैठकर महोत्सव देख सकेंगे। पंडाल में 50 से अधिक बड़ी एलईडी और साउंड भी लगाए जा रही है, जिससे दूर के लोगों को भी कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई और सुनाई दे। इसके अलावा गर्मी को ध्यान रखते हुए भी पंडाल में व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके अलावा पानी, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं मुख्य पंडाल में होंगी। कमिश्नर ने बैठक कर ली जानकारीकुंडलपुर महोत्सव की व्यवस्था देखने के लिए सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक शुश्रकीर्ति सोमवंशी पहुंचे थे। कमिश्नर ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पदारोहण महोत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आयेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में जाकर उनसे मुलाकात की और कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार्य करते हुए आने की सहमति दी। इसके साथ ही लगातार मुनि संघ कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे हैं।

उत्सव की तरह मनाया गया रामकृष्ण परमहंस का जन्म महोत्सव

Ramakrishna Paramhansa’s birth anniversary was celebrated like a festival. हरिप्रसाद गोहेआमला। हर्ष वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां महाकाली मंदिर समिति सासाबड़ द्वारा महाकाली के परम् भक्त श्री, श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म उत्सव सोमवार को महोत्सव की तरह मनाया गया । जन्म उत्सव को मानने महाकाली मंदिर में व्यापक स्तर पर त्ययारी कर मंदिर में बेहतर रंग रोगन, आकर्षक विद्युत साज सज्जा झंडे तोरण लगा भव्य रूप दिया गया था । महाकाली दरबार की भव्यता देखते ही बन रही थी । इस मौके पर मंदिर समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आयोजित कर मंदिर परिसर में महा भंडारे का आयोजन आयोजित किया गया था । जहां बढ़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो ने पहुंच धूमधाम से जन्म उत्सव मना महाकाली के दर्शन कर भंडारे की भोजन प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया मिली जानकारी अनुसार महाकाली मंदिर समिति द्वारा बीते कई वर्षो से महाकाली के भक्त श्री राम कृष्ण परम् हंस का जन्म उत्सव मनाया जा रहा है उक्त परंपरा का निर्वहन आज भी सतत जारी है। महाकाली के परम् भक्त कमल मालवीय ने चर्चा के दौरान बताया प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाकाली मंदिर परिसर में श्री रामकृष्ण परमहंस जी के जन्म उत्सव के मौके पर सोमवार अल सुबह से भगवान राम, महाकाली, की पूजा अर्चना एवं अनुष्ठान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । बाद श्री परम् हंस जी का जन्म दिन मनाया गया । इस मौके पर भजन कीर्तन के साथ महा भंडारे का आयोजन किया गया जहा बड़ी संख्या में भक्तो ने पहोंच प्रसाद ग्रहण किया ।

गौ-शालाओं को मिलने वाली राशि में होगा इजाफा ,सीएम मोहन यादव

The amount received by cow shelters will increase, CM Mohan Yadav announces सीएम मोहन यादव ने कहा कि गायों के लिए गौ-शालाओं को प्रति गाय की राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रदान की जायेगी। इसके अलावा अधूरी गौ-शालाओं का निर्माण पूर्ण किया जायेगा। भारतीय नव वर्ष अर्थात इस चैत्र माह से अगले वर्ष तक वह गौ- वंश रक्षा वर्ष मनाया जाएगा। चरनोई की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाएंगे। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-माता और गौ-वंश के संरक्षण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। गौ-शालाओं के बेहतर संचालन के लिए उन्हें दी जा रही राशि में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेश में चरनोई की भूमि पर अतिक्रमण हटाने, प्रति 50 किलोमीटर पर सड़कों पर दुर्घटना का शिकार हुई गायों को इलाज के लिए भिजवाने और सड़कों पर बैठने वाले पशुधन को बैठने से रोकने या अन्य स्थानांतरित करने के लिये आधुनिक उपकरणों की सहायता ली जायेगी। उपकरणों पर मिलेगा अनुदानसीएम ने आगे कहा कि गायों के लिए चारा काटने के उपकरणों पर अनुदान की व्यवस्था की जायेगी। पंचायतों को आवश्यक सहयोग और प्रेरणा मिले, इसके लिए गौ-संवर्धन बोर्ड प्रयास करेगा। गायों के लिए गौ-शालाओं को प्रति गाय की राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रदान की जायेगी। अधूरी गौ-शालाओं का निर्माण पूर्ण किया जायेगा। नई गौ-शालाएं भी बनेंगी। बता दें कि मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में “गौ-रक्षा संवाद” के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख घोषणाएं मेरे परिवार में भी गाय पालने की परंपराउन्होंने ये भी कहा कि गौ-पालक ही गाय का महत्व समझता है। हमारे देश में गाय पालना, गौ-शाला चलाना पवित्र कार्य है। गौ-शाला संचालन से ज्यादा बेहतर काम यह है कि घर में ही गौ-पालन किया जाये। यदि पर्याप्त जगह है, तो गाय अवश्य पालें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवार में भी गाय पालने की पुरानी परंपरा है। आज भी वयोवृद्ध पिता, बूढ़ी गायों की सेवा करते हैं। गाय को मां स्वरूप मानते हैं। गौ-पालक परिवार यदि गाय के दूध का उपयोग करता है, तो सेवा में भी पीछे नहीं रहना चाहिये। इस अवसर पर अखिलेश्वरानंद गिरि, गोपालानंद सरस्वती जी महाराज, पूर्व सांसद मेघराज जैन, प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, संचालक पशुपालन एवं प्रबंध संचालक म.प्र.गौ संवर्धन बोर्ड एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉको गुजरात से आए पूर्व सांसद एवं चेयरमैन राष्ट्रीय कामधेनु आयोग श्री वल्लभ भाई कठेरिया ने अपनी पुस्तक “कल्याण गौ-सेवा अंक” भेंट की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि वे स्वयं गौ-पालक हैं। इसलिये इस कार्यशाला से उनका विशेष जुड़ाव है। आज यहां इस क्षेत्र के अनेक जानकारों और विशेषज्ञों के विचार एवं सुझाव जानने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने गौ-पालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर कैबिनेट के संकल्प को पूरा किया है। कार्यशाला में प्राप्त अनुशंसाएं उपयोगी हैं। इनसे संबंधित आवश्यक निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिये हैं। निश्चित ही मध्यप्रदेश की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।

समृद्धि के नये द्वार खोलेगा अष्ट महालक्ष्मी मंदिर

Ashta Mahalaxmi Temple will open new doors of prosperity  समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी सुख, संपत्ति और वैभव प्रदान करती हैं। माँ लक्ष्मी को धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों एवं पुराणों में माँ लक्ष्मी के आठ स्वरूपों का वर्णन है, जिन्हें अष्ट महालक्ष्मी कहा जाता है। माँ के ये अष्ट स्वरूप अपने नाम और रूप के अनुसार समस्त दुःखों का नाश कर  सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी की कृपा के बिना जीवन में समृद्धि और संपन्नता संभव नहीं है।  डॉ. केशव पाण्डेय सात मार्च गुरुवार का दिन आध्यात्मिक, धार्मिक एवं ग्रह-नक्षत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा और भविष्य के लिए सुखद संकेत देने वाला रहेगा। कारण इस दिन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर के पट आमजन के लिए खुल जाएंगे। आम हो या खास सभी वैभव की देवी महालक्ष्मी के द्वार धन और समृद्धि की मनौती मांग सकेंगे। ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के जौरासी में करीब 15 करोड़ की लागत से भव्य एवं विशाल श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण किया गया है। ट्रस्ट हनुमान मंदिर जौरासी द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। जिसका उद्देश्य शनि और सूर्य की युति के चलते शहर में उत्पन्न हो रहे वास्तुदोष को दूर करना है।  श्री अष्ट महालक्ष्मी के अष्ट रूप यानी यह  आठ प्रकार के धन सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति में यह आठ धन अधिक या कम मात्रा में होते हैं। हम उन्हें कितना सम्मान करते हैं, उनका कैसे उपयोग करते हैं, हमारे ऊपर निर्भर है। इन आठ लक्ष्मी की अनुपस्थिति को-अष्ट दरीद्रता कहा जाता है। चाहे लक्ष्मी है या नहीं, नारायण को अभी भी अनुकूलित किया जा सकता है। नारायण दोनों के हैं – लक्ष्मी नारायण और दरिद्र नारायण! दरिद्र नारायण परोसा जाता है और लक्ष्मी नारायण की पूजा की जाती है। पूरे जीवन का प्रवाह दरिद्र नारायण से लक्ष्मी नारायण तक, दुख से समृद्धि तक, जीवन में सूखेपन से दैवीय अमृत तक जा रहा है।  आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, जय और विद्या ये महालक्ष्मी के अष्ट रूप हैं। पहले इनके प्रत्येक रूप की महिमा को वर्णन करते हैं।    आदि लक्ष्मी = श्रीमद्भागवत पुराण में माँ लक्ष्मी का पहला स्वरूप कहा गया है। इन्हें मूल लक्ष्मी या महालक्ष्मी भी कहा गया है। मान्यता है कि आदि लक्ष्मी माँ ने ही सृष्टि की उत्पत्ति की है। भगवान विष्णु के साथ जगत का संचालन करती हैं। आदि लक्ष्मी की साधना से भक्त को जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति होती है।  धन लक्ष्मी = माँ लक्ष्मी का दूसरा स्वरूप है। इनके एक हाथ में धन से भरा कलश है तो दूसरे में कमल का फूल है। धन लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है। कर्ज से मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार माँ लक्ष्मी ने ये रूप भगवान विष्णु को कुबेर के कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिया था।  धान्य लक्ष्मी = यह माँ का तीसरा रूप है। संसार में धान्य या अनाज के रूप में वास करती हैं। धान्य लक्ष्मी को माँ अन्नपूर्णा का ही एक रूप माना जाता है।   गज लक्ष्मी = चतुर्थ रूप में गज लक्ष्मी हाथी के ऊपर कमल के आसन पर विराजमान हैं। माँ गज लक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। इनकी आराधना से संतान की प्राप्ति होती है। राजा को समृद्धि प्रदान करने के कारण इन्हें “राज लक्ष्मी“ भी कहा जाता है।  संतान लक्ष्मी = माँ के पंचम रूप को स्कंदमाता के रूप में भी जाना जाता है। इनके चार हाथ हैं तथा अपनी गोद में कुमार स्कंद को बालक रूप में लेकर बैठी हुई हैं। माना जाता है कि संतान लक्ष्मी भक्तों की रक्षा अपनी संतान के रूप में करती हैं।  वीर लक्ष्मी = माँं लक्ष्मी का यह छठवां रूप भक्तों को वीरता, ओज और साहस प्रदान करता है। वीर लक्ष्मी माँ युद्ध में विजय दिलाती है। अपने हाथों में तलवार और ढाल जैसे अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं।  जय लक्ष्मी =  माँ के इस रूप को विजय लक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है। इनकी साधना से भक्तों के जीवन के हर क्षेत्र में जय-विजय की प्राप्ति होती है। जय लक्ष्मी माँ यश, कीर्ति तथा सम्मान प्रदान करती हैं।  विद्या लक्ष्मी माँ लक्ष्मी का यह आठवां रूप विद्या लक्ष्मी है। इनका रूप ब्रह्मचारिणी देवी के जैसा है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। विश्व विख्यात श्री विद्या साधक एवं जन्म कुंडली विशेषज्ञ श्रीजी रमण योगी महाराज “साइंटिस्ट बाबा” के मुताबिक नारायण लक्ष्य है और लक्ष्मी जी उन तक पहुँचने का एक साधन। उन्होंने आठ प्रकार के धन या अष्ट लक्ष्मी के बारे में विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि माता महालक्ष्मी की नजर जिस तरफ पड़ेगी उस क्षेत्र का विकास होगा। महालक्ष्मी देवी का आभा मंडल आस-पास के इलाकों में अपना प्रभाव छोड़ेगा। अष्टभुजाओं का प्रकाश टेकनपुर और डबरा में तीव्र गति से विकास कराकर समृद्धि के द्वार खोलेगा। कारोबार के  साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। आय बढ़ने से जीवन स्तर में बदलाव आएगा और सुखद होगा।  पंडितों एवं त्योतिषाचार्यां की मानें तो ग्वालियर से 15 किलोमीटर दूर ऐंती पर्वत पर त्रेता युगीय शनि देव मंदिर है। कहा जाता है कि भगवान शनि देव उल्का पिंड के रूप में ऐंती पर्वत पर आए। जबकि गोला का मंदिर इलाके में सूर्य मंदिर स्थित है।  शनि-सूर्य की युति एक साथ होने से लोगों के जीवन पर खासा प्रभाव होता है। दोनों ही जीवन को पूर्णतः संघर्षमय बनाते हैं। जब यह युति लग्न, पंचम, नवम या दशम भाव की स्थिति में हो या फिर  दोनों में से कोई भी एक ग्रह इन भावों का कारक भी हो तो यह योग जीवन में विलंब लाता है। बेहद मेहनत के बाद समय बीत जाने पर सफलता मिलती है। क्योंकि सूर्य और शनि दोनों पिता-पुत्र होने पर भी परस्पर शत्रुता रखते हैं। वेसे भी प्रकृति की मान्यता है कि ज्ञान और अंधकार साथ मिलने पर शुभ प्रभाव अनुभूत नहीं होते हैं। ऐसे में ग्वालियर शहर में तो यह युति एक लंबे समय से बनती चली आ रही है। इस वजह से … Read more

महाशिवरात्रि के लिए फूलों से सजा महाकाल का दरबार, 750 कैमरों से रखेंगे हर आने जाने वाले पर नजर

Mahakal’s court decorated with flowers for Mahashivratri, will keep an eye on every visitor with 750 cameras महाशिवरात्रि महापर्व के पहले ही भगवान महाकाल के दरबार में फूलों से सजावट की गई है। मंदिर के मुख्य शिखर से लेकर गर्भगृह तक को फूलों से सजाया गया है। उज्जैन ! श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि पर्व पर एक भक्त ने मंदिर के नंदी हॉल, गर्भ गृह के साथ बाहर ओंकारेश्वर महादेव, नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर और शिखर पर भी आकर्षक फूलों से सजावट करवाई है। शिवरात्रि के पहले नौ दिवसीय पर्व के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में साज-सज्जा कराने वाले भक्त अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं। रात से ही मंदिर में फूलों से सजावट का काम शुरू हो गया था। वहीं, मुख्य पर्व महाशिवरात्रि पर भी देशी-विदेशी फूलों के साथ विद्युत रोशनी कर सजावट करने का काम 7 मार्च से शुरू होगा। शिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना श्री महाकालेवर मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के आगमन का रिकॉर्ड टूटेगा। संभावना है कि करीब 15 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालु कहां से आएंगे और कहां से जाएंगे, इसके लिए रूट प्लान जारी कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्किंग स्थल से महाकाल मंदिर तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। बाबा के दर्शन के लिए जगह-जगह लगेगी मेगा स्क्रीन श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के लिए लगाए गए बैरिकेड के साथ ही कुछ स्थानों पर मंच बनाए जाएंगे। यहां भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। सामान्य दर्शनार्थियों के प्रवेश द्वार पर मेगा स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालु स्क्रीन पर भी बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को महाकाल महालोक के मानसरोवर भवन से फैसेलिटी सेंटर से कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कराएंगे। कैमरों के साथ ड्रोन से भी रखी जाएगी नजर दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से करीब 750 सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रखी जाएगी। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से लगने वाले करीब 750 सीसीटीवी कैमरों से पार्किंग स्थल से मंदिर तक नजर रखी जाएगी। भीड़ वाले क्षेत्र में ड्रोन कैमरे लगेंगे। सभी कैमरे मंदिर के श्री महाकाल लोक और फैसेलिटी सेंटर स्थित कंट्रोल रूम से अटैच रहेंगे। यहां पर मंदिर समिति व पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नजर रख सकेंगे।

अमीरों के चक्कर में बेचारा गरीब पिसता ,हल्दी रस्म या फिजूल खर्ची

Haldi ritual or wasteful expenditure, the poor suffer for the sake of the rich. कमलेश अहिरवार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिनके मां-बाप ने हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया लेकिन ये नवयौवन लड़के-लड़कियां बिना समझे अपने मां- बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा करते हैं। हल्दी रस्म के दौरान हजारों रूपये खर्च कर के विशेष डेकोरेशन किया जाता है, उस दिन दूल्हा या दुल्हन विशेष पीत (पीले) वस्त्र धारण करते हैं। साल 2020 से पूर्व इस हल्दी रस्म का प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी देखने को नहीं मिलता था, लेकिन पिछले साल दो-तीन साल से इसका प्रचलन बहुत तेजी से ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ा है। पहले हल्दी की रस्म के पीछे कोई दिखावा नहीं होता था, बल्कि तार्किकता होती थी। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आज की तरह साबुन व शैम्पू नहीं थे और ना ही ब्यूटी पार्लर था। इसलिए हल्दी के उबटन से घिसघिस कर दूल्हे-दुल्हन के चेहरे व शरीर से मृत चमड़ी और मेल को हटाने, चेहरे को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए हल्दी, चंदन, आटा, दूध से तैयार उबटन का प्रयोग करते थे। ताकि दूल्हा-दुल्हन सुंदर लगे। इस काम की जिम्मेदारी घर-परिवार की महिलाओं की थी। लेकिन आजकल की हल्दी रस्म मोडिफाइड, दिखावटी और मंहगी हो गई है। जिसमें हजारों रूपये खर्च कर डेकोरेशन किया जाता है। महंगे पीले वस्त्र पहने जाते है। दूल्हा दुल्हन के घर जाता है और पूरे वातावरण, कार्यक्रम को पीताम्बरी बनाने के भरसक प्रयास किये जाते हैं। यह पीला ड्रामा घर के मुखिया के माथे पर तनाव की लकीरें खींचता है जिससे चिंतामय पसीना टपकता है। पुराने समय में जहां कच्ची छतों के नीचे पक्के इरादों के साथ दूल्हा-दुल्हन बिना किसी दिखावे के फेरे लेकर अपना जीवन आनंद के साथ शुरू करते थे, लेकिन आज पक्के इरादे कम और दिखावा और बनावटीपन ज्यादा होने लगा है। आजकल देखने में आ रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से असक्षम परिवार के लड़के भी इस शहरी बनावटीपन में शामिल होकर परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा रहे है। क्योंकि उन्हें अपने छुट भईए नेताओं, वन साइड हेयर कटिंग वाले या लम्बे बालों वाले सिगरेट का धुंआ उड़ाते दोस्तों को अपना ठरका दिखाना होता है। इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि के लिए रील बनानी है। बेटे के रील बनाने के चक्कर में बाप की कर्ज़ उतरने में ही रेल बन जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिनके मां-बाप ने हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया लेकिन ये नवयौवन लड़के-लड़कियां बिना समझे अपने मां-बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा करते हैं। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हो उन परिवारों के बच्चों को मां-बाप से जिद्द करके इस तरह की फिजूल खर्ची नहीं करवानी चाहिए। आजकल काफी जगह यह भी देखने को मिलता है कि बच्चे (जिनकी शादी है) मां-बाप से कहते है आप कुछ नहीं जानते, आपको समझ नहीं है, आपकी सोच वही पुरानी अनपढ़ों वाली रहेगी, यह कहते हुए अपने माता-पिता को गंवारू, पिछड़ा, थे तो बौझ्अ बरगा हो कहते हैं। मैं जब भी यह सुनता हूं सोचने को विवश हो जाता हूं, पांव अस्थिर हो जाते हैं। बड़ी चिंता होती हैं कि मेरा युवा व छोटा भाई-बहिन किस दिशा में जा रहे हैं। आज किसी को चींटी के पैरो के सूपरू की आवाज सुनने की फुर्सत नहीं है क्योंकि सब-के-सब फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर खुद को बढ़ा-चढ़कर कर परोसते हैं, दिखावटीपन को चासनी में आकंठ इसे हुए हैं। इसलिए व्यक्ति बाजारवाद की गिरफ्त में जल्दी आता जा रहा है और यह पूर्णतः बाजारवाद द्वारा आजाद की हुई नई-नवेली रस्म है. इसका गला यहीं पर घोट दो अन्यथा पीसना तय इस तरह की फिजूलखनों वाली रस्म को रोकने के समाचार पढ़ कर खुशी होती है लेकिन अपने घर, परिवार, समाज, गांव में ऐसे कार्यक्रम में शरीक होकर लुत्फ उम्र रहे हैं, फोटो खिचवाकर स्टेटस लगा रहे हैं। फिर तो वही बात हो गई कि तुझे रोकना तो चाहता हूं, मगर तू रूकना नहीं, मुझे तेरी महफिल में रोकना तो बाह रहे है मगर तू रुकना नहीं हमें महफिल में शरीक होना है, यानि कथनी और करनी में अंतर स्याह है।

गोस्वामी चौक तोरनवाड़ा में  शिवलिंग की हुई स्थपना 

Shivalinga established in Goswami Chowk Toranwada हरिप्रसाद गोहे आमला । ब्लाक मुख्यालय आमला से सटी ग्राम पंचायत तोरावाड़ा स्थित गोस्वामी चौक पर गोस्वामी परिवार द्वारा भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग, भगवान गणेश प्रतिमा एवं नंदी की प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापना की गई । प्राप्त जानकारी अनुसार तीन दिवशीय आयोजन में प्रतिदिन विविध धार्मिक आयोजन आयोजित किए गए । गुरुवार क्षेत्र के ख्याति प्राप्त महाराज गणेश गिरी पुत्र वरुण गिरी द्वारा विधिविधान से पूजा अर्चना कर तोरनवाड़ा के गोस्वामी चौक पर गोस्वामी परिवार द्वारा निर्मित मंदिर में शिवलिंग, नंदी एवं भगवान गणेश की सगमरमर से निर्मित मूर्ति की स्थापना की गई । गोस्वामी परिवार प्रमुख महाराज लखन गिर ने बताया परिवार की मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान भोलेनाथ की विधिविधान से पूजा अर्चना कर शिवलिंग स्थापना की गई । महाराज भरत गिर ने बताया इस मौके पर विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन आयोजित किया गया । महाराज खेमगीर, महाराज बबलू गोस्वामी ने बताया गुरुवार महा आरती उपरांत महा भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में भोले के भक्तो ने पहोंच प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया ।

ब्रह्माकुमारीज की द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा से शिवमय हुआ आमला

Amla became Shiva-like due to Brahma Kumaris’ Dwadash Jyotirlinga Yatra. हरिप्रसाद गोहे आमला । अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा मंगलवार आमला नगर में विशाल एवं भव्य द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा का आयोजन किया गया । ब्रह्माकुमारीज के अनुयायियों द्वारा ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर शिव ध्वज फहराकर शिवरात्रि पर्व मनाया बाद यात्रा निकाली गई । इस यात्रा के द्वारा इस धरा पर परमात्मा शिव के अवतरण का दिव्य संदेश दिया गया । यात्रा के द्वारा बताया गया कि कलयुग रूपी घोर रात्रि के समय परमात्मा शिव का इस धरा पर अवतरण होता है और वह अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर हमारे जीवन में ज्ञान प्रकाश से दिव्य गुण लाते हैं और जब मनुष्य गुणवान बन जाता है तो नई सतयुगी सृष्टि , स्वर्ग की सृष्टि में जाने की वह पात्रता धारण कर लेता है अर्थात मानव ही देव मानव बन जाता है देवता बन जाता है तथा परमात्मा इस पुरानी कलयुग की दुनिया को परिवर्तन कर नई सतयुग की दुनिया लाते हैं। ब्रह्मा कुमारीज ने इस यात्रा के द्वारा सभी का आह्वान किया है की इस सृष्टि पर अवतरित हो चुके परमात्मा को पहचान कर वे भी अपने संस्कारों के परिवर्तन से संसार परिवर्तन के इस देवी कार्य में सहयोगी बने और अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बनाएं । द्वादश ज्योतिर्लिंग का रथ बनाकर हुआ नगर भ्रमण ।यात्रा में परमात्मा शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग को रथ पर सजाकर सारे नगर का भ्रमण कराया गया। द्वादश ज्योतिर्लिंग में महाकालेश्वर, त्रयंबकेश्वर, घृष्णेश्वर, विश्वनाथ, बैद्यनाथ, रामेश्वरम, सोमनाथ,मल्लिकार्जुन आदि 12 ज्योतिर्लिंग को सजाकर यात्रा निकाली गई। इस यात्रा से आमला निवासी सभी शिव भक्तों ने बाबा भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए। यात्रा का नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत भी हुआ। यात्रा ब्रह्माकुमारी की सेवा केंद्र से निकलकर शहर के मुख्य स्थान से होते हुए पुनः ब्रह्माकुमारी केंद्र पहुंची। यात्रा ने बोड़खी की और आमला के मुख्य मार्ग का भ्रमण किया तथा भक्तों को शिव बाबा के दर्शन कराए। मनाई 88वी त्रिमूर्ति शिव जयंतीसारनी से पधारी बी के सुनीता दीदी ने बताया कि परमात्मा शिव को इस धरा पर अवतरित हुए 88 वर्ष हो चुके है। वे साधारण मानव ब्रह्मा तन का आधार लेकर श्रृष्टि परिवर्तन का कार्य कर रहे है। निकट भविष्य में शीघ्र ही स्वर्गिक सृष्टि की स्थापना होने वाली है। इसके लिए परमात्मा हमे राजयोग सीखा रहे है। वही आमला सेवाकेंद्र संचालिका बी के हेमलता बहन ने बताया की ब्रह्माकुमारीज के सेवाकेंद्र पर निशुल्क राजयोग प्रशिक्षण दिया जाता हैं जिसे कोई भी व्यक्ति आके सिख सकता है ।

इस साल कब है होली? जानिए होलिका दहन का मुहूर्त और पूजा विधि

When is Holi this year? Know the auspicious time and worship method of Holika Dahan होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। होली हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। बसंत का महीना लगने के बाद से ही इसका इंतजार शुरू हो जाता है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। घरों में गुझिया और पकवान बनते हैं। लोग एक दूसरे के घर जाकर रंग-गुलाल लगाते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल होली की सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है… पूर्णिमा तिथिफाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। होलिका दहन 202424 मार्च को होलिका दहन है। इस दिन होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक है। ऐसे में होलिका दहन के लिए आपको कुल 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा। कब है होली 2024?होलिका के अगले दिन होली मनाई जाती है, इसलिए इस साल 25 मार्च को होली है। इस दिन देशभर में धूमधाम से होली मनाई जाएगी। होलिका दहन पूजा की विधिहोलिका दहन की पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करना जरूरी है।स्नान के बाद होलिका की पूजा वाले स्थान पर उत्तर या पूरब दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं।पूजा करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं।वहीं पूजा की सामग्री के लिए रोली, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,.मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 से 7 तरह के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें।इसके बाद इन सभी पूजन सामग्री के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा करें। मिठाइयां और फल चढ़ाएं।होलिका की पूजा के साथ ही भगवान नरसिंह की भी विधि-विधान से पूजा करें और फिर होलिका के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

आमला में होगा द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा का भव्य आयोजन

A grand event of Dwadash Jyotirlinga Yatra will be held in Amla. हरिप्रसाद गोहे आमला । महा शिवरात्रि के पावन शुभ अवसर को उत्सव का रूप देने इस बार विश्व विख्यात नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्य शिक्षण संस्थान ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवा केंद्र बैतूल, सारणी, भौरा आदि स्थानों पर पूर्व में ब्रह्माकुमारीज के बैनर तले द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा निकाली जा चुकी है । जिसमें श्रद्धालु शिव भक्तों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ के ज्योर्तिलिंग स्वरूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया । उक्त आयोजित दर्शन यात्रा अंतर्गत आगामी दिनांक 27/04/2024 दिन मंगलवार को आमला स्थित स्थानीय ब्रह्मकुमारीज आश्रम के बैनर तले द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा का आयोजन आयोजित किया जा रहा है । आमला ब्रह्मकुमारी सेवा आश्रम संचालिका बहन बीके हेमलता ने बताया अन्य सेवा केंद्रों की तरह आमला में भी दिनांक 27/02/2024 को द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा निकाली जाएगी । यात्रा में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग को सजाकर नगर भ्रमण कराया जाएंगा । भ्रमण के दौरान शिव भक्त भगवान भोलेनाथ के बारह ज्योतिर्लिंग स्वरूपों का दर्शन कर सकेंगे । दर्शन यात्रा बैतूल रामनगर ब्रह्मकुमारीज सेवाकेंद्र से निकलकर शहर के सभी मुख्य मार्गो से होकर वापस आमला पहुंच आमला में दर्शन यात्रा भ्रमण करेंगी l सभी भक्तों से निवेदन रहेगा की अपने-अपने स्थान पर यात्रा का स्वागत करें तथा शिव ज्योतिर्लिंगम की पूजा अर्चना करते हुए ज्योतिर्लिंग दर्शन का लाभ अवश्य उठाएं ।

जय शिवाजी जय भवानी जय घोष से गुंजायमान हुआ अमला शहर

Amla city echoed with Jai Shivaji Jai Bhavani Jai Ghosh. हरिप्रसाद गोहे आमला । जय शिवाजी जय भवानी जय घोष से आज आमला शहर गुंजायमान रहा । सोमवार शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के मौके पर क्षत्रिय लोनारी कुनबी समाज संगठन आमला के बैनर तले सामाजिक लोगों द्वार धूमधाम से शिवाजी जयंती मनाकर सामुहिक खुशी का इजहार किया गया । इस मौके सामाजिक संगठन द्वार महिला, पुरूष, बच्चो बुजर्गो की गरिमामय उपस्थिति में मगर के गोविंद कालोनी क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भव्य चल समरोह नगर के मुख्य मार्ग से निकाला । चल समरोह में सामाजिक संगठन से जुडे लोग आकर्षक वेशभूषा एवं परिधान धारण कर पहुंचे थे । इस मौके पर महिलाएं अपने हाथो में ध्वज लेकर चल रही थीं । साथ ही अपने अपने हाथों को उठाकर जय शिवाजी जय भवानी के जय घोष लगा रही थीं । वहीं युवा, बच्चें बाजे की धुन पर जमकर थिरक रहे थे । चल समरोह के दौरान सामाजिक बुजुर्गो द्वारा सामाजिक परंपरा का निर्वाहन करते हुऐ अपने हाथों में प्राचीन वाद्य यंत्रों को लेकर गीत,संगीत , भजन, कीर्तन करते पैदल चल रहे थे । चल समरोह में शिवाजी महाराज एवं भवानी की वेश भूषा में सजाई गई शानदार झाकी आयोजित चल समरोह में मुख्य आकर्षण का केंद्र रही । मिली जानकारी अनुसार चल समरोह का समापन बोडखी स्थित माथ नकर मैरिज लान में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सह भोज के साथ किया गया ।

धूमधाम से मनाई गई मां शेरावाली की 29 वी वर्षगांठ

29th anniversary of Maa Sherawali celebrated with pomp.The committee organized a huge bhandara, हरिप्रसाद गोहे आमला । नगर के बस स्टेंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध देवीधाम मां शेरावाली दरबार में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर समिति सदस्यों द्वारा धूमधाम से मंदिर की 29 वी वर्षगांठ मनाई गई । प्राप्त जानकारी अनुसार मंदिर समिति द्वारा मां शेरावाली दरबार मंदिर की वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार सुबह मातारानी की विशेष पूजा अर्चना कर दोपहर बाद विशाल महा भंडारे का आयोजन मंदिर परिसर में आयोजित किया था । जहां श्रद्धालू भक्त जनों ने बड़ी संख्या में पहुंच हलवा, पूरी सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया । उक्त भंडारे का आयोजन देर शाम तक चलता रहा । रात्रि नव बजे से भव्य देवी जागरण का आयोजन मंदिर समिति द्वारा आयोजित किया गया था । कार्यक्रम को उत्सव का रूप देने इस बार बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से महाकाल सरकार कलाकार सनी अलबेला ने आमला पहुंच एक से बडकर भजन की प्रस्तुति देकर उपस्थित जन समुदाय को आनंदित किया । वहीं जबलपुर की प्रसिद्ध गायिका आरती मिश्रा,राधिका यदुवंशी छिंदवाड़ा ने शानदार देवी भक्ति भजनों की प्रस्तुति देकर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया । जागरण देखने अपार जन सैलाब उमड़ा था कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा ।

तीन दिवसीय सरस्वती पूजन महोत्सव का रंगा रंग कार्यक्रम हुआ समापन 

The colorful program of the three-day Saraswati Puja Mahotsav concluded. हरिप्रसाद गोहे आमला । रेल्वे कालोनी आमला में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सरस्वती पूजन महोत्सव मनाया गया । तीन दिवसीय इस आयोजन में कई कार्यक्रम सम्पन्न हुए । आयोजन समिति के अध्यक्ष एसके सुमन,सचिव रविशंकर कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार ओर उनकी टीम के कुशल संयोजन में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । प्रथम दिन मां सरस्वती जी की प्रतिमा की स्थापना लोकों ग्राउंड मंच पर हुई । पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुवात हुई । कार्यक्रम स्थल पर सुंदरकांड का पाठ हुआ ओर शाम को रेलवे परिवार के बच्चो द्वारा सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई । बच्चो ने मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।  दूसरे दिन कार्यक्रम स्थल पर महिला मंडल द्वारा हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम हुआ । शाम को स्थानीय आर्केस्टा ग्रुप के कलाकारों द्वारा गीत संगीत का शानदार कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के सत्यप्रकाश सक्सेना टी आई थाना आमला उपस्थित थे । वही मुख्य अतिथि के तौर पर श्री मदन मोहन कटियार प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल आमला उपस्थित थे । कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की प्रस्तुति ने लोगो का मन मोहा।सुमित महतकर के गाए गीत, राम आयेंगे आयेंगे पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।अपने उद्बोधन में प्राचार्य मदन मोहन कटियार ने कहा कि विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना का यह महोत्सव कई मायनों में श्रेष्ठ है अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ साथ यह प्रतिभाओं को मंच भी प्रदान करता है । लोगो के आग्रह पर सत्य प्रकाश सक्सेना टी आई आमला ने सुमधुर गीत गाकर कार्यक्रम की श्रेष्ठता को बढ़ाया ।  जबलपुर से पधारी कलाकार ने लता मंगेशकर की आवाज में हुबहु गीत गाकर खूब तालियां बटोरी।वही प्रसिद्ध गायक रेलवे परिवार के विशाल आमले के गाए गीत ने शमा बांधा।वही आयोजन समिति के रितेश कुमार के बेहतरीन नृत्य ने सभी को झूमने पर मजबूर किया ।शानदार गीत ओर प्यारे नृत्य ने सभी को बांधे रखा । उपस्थित अतिथि श्री निरंजन जी थाना प्रभारी आर पी एफ आमला,ओमवती विश्वकर्मा पार्षद रेलवे कालोनी आमला, बी के सूर्यवंशी एस एस ई , बी आर साहू जी एल आई, पी के चौधरी एस एस ई इलेक्ट्रिक,संजीव कुमार,उमेश शाह, वाय आर घोटे,सतीश मीणा,अनिल पाल, डी के सागरे सहित अन्यअतिथियों के हस्ते पुरस्कार वितरण हुआ।बाद में सभी ने सहभोज का आनंद लिया।तीसरे दिन सरस्वती प्रतिमा को चल झांकी के माध्यम से आमला शहर में घूमाकर रेलवे बांध में विसर्जन किया गया। चल झांकी में लोक थिरकते हुए निकले।ढोल नगाड़ों की थाप पर सभ झूम उठे। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सुमन जी,सचिव रविशंकर कुमार पटेल,कोषाध्यक्ष रितेश कुमार जी,सहसचिव अजय कुमार,सहसचिव धरमपाल शर्मा,रामानुज कुमार,हेमंत कुमार,बबलू कुमार, सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

1100 फीट लंबी चुनरी की जाएगी अर्पित, लोक निर्माण मंत्री होंगे शामिल

1100 feet long chunri will be offered Public Works Minister will be involved जबलपुर। पुण्य सलिला मां नर्मदा जी के प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर आज जबलपुर में कई भव्य कार्यक्रम होंगे। जगह-जगह मां नर्मदा की प्रतिमा रखी गई है। कई स्थानों पर भंडारे भी होंगे। मां नर्मदा जयंती पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह स्वामी गिरीशानंद सरस्वती जी के साथ चुनरी यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान मां नर्मदा को 1100 फीट लंबी चुनरी भी अर्पित की जाएगी।  राकेश सिंह सुबह 11.30 बजे नर्मदा पूजन करेंगे, इसके उपरांत दोपहर 12 बजे उमाघाट में 1100 फीट लंबी चुनरी मां नर्मदा को अर्पित करेंगे। बताया जा रहा है कि नर्मदा जयंती के अवसर पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दर्शन करने के लिए गौरीघाट पहुंच सकते हैं। जाने मां नर्मदा का इतिहास सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम… द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम… कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे… त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे। नर्मदा मां मात्र नदी ही नहीं हैं, बल्कि कंकर-कंकर में शंकर को प्रकट करने वाली हैं, अपने पावन तट पर आद्य जगतगुरु शंकराचार्य जी को सनातन संस्कृति को दिशा देने वाली रचनाओं की प्रेरणा प्रदान करने वाली हैं, साथ ही अन्नदाताओं को समृद्धि प्रदान करने वाली हैं। पवित्र नदियों में स्नान से पुण्य फल प्राप्ति की मान्यता है, जबकि मां नर्मदा के दर्शन से ही कहीं ज्यादा पुण्य मिल जाता है। कल-कल, छल-छल प्रवाहित अविरल धारा हमें जीवन, समृद्धि और खुशहाली देती है, साथ ही सतत आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। सहायक नदियों को समाहित करती मां नर्मदा आगे बढ़ती हैं और मानों संदेश देती हैं कि हम सभी को साथ लेकर चलें। मां नर्मदा की प्रेरणा से जब हम सृजन के लिए आगे बढ़ते हैं तो समाज का हर वर्ग साथ देने आता है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक उद्गम कुंड से मां नर्मदा प्रवाहमान होती हैं, और विन्ध्य व सतपुड़ा के पहाड़ों, जंगलों को पार करते हुए ओंकारेश्वर से आगे बढ़कर गुजरात में प्रवेश करके खम्भात की खाड़ी तक जाती हैं। लगभग 1,312 किलोमीटर की यह यात्रा लोक कल्याण, सतत परिश्रम और समर्पण का संदेश देती है। यह यात्रा कब शुरू हुई, इसका अंदाजा भी लगाना संभव नहीं है। नर्मदा नदी ने प्रकृति को, मानव सभ्यता को और मध्य प्रदेश को इतना कुछ दिया है कि उसकी न गणना की जा सकती है, न कल्पना। यह संकल्प जरूर लिया जा सकता है कि हम भी मां नर्मदा की सेवा से अपना जीवन धन्य करें। नर्मदा घाटी में मानव सभ्यता का न केवल विकास हुआ है, बल्कि हमारे वैभवशाली इतिहास को समेटे नगरों ने भी आकार लेते हुए समृद्धि के प्रतिमान स्थापित किए हैं। महिष्मती (महेश्वर), नेमावर, हतोदक, त्रिपुरी, नंदीनगर, भीमबैठका आदि ऐसे कई प्राचीन नगर हैं, जहां उत्खनन में 2200 वर्ष पुराने प्रमाण मिले हैं। मां नर्मदा की सेवा के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जाए और अनुशासनात्मक जीवन शैली अपना लें, तो काफी बदलाव संभव है। नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए हम दूषित पदार्थों को नदी तक पहुंचने ही न दें, धार्मिक आस्था के नाम पर कोई भी अनुपयोगी वस्तु नदी में प्रवाहित न करें। यह नदी पहाड़ों और जंगलों में विशाल वृक्षों के जड़ों में संचित जल के माध्यम से पल्लवित हैं, ऐसे में हम अधिक से अधिक पौधारोपण करें, यह सेवा ही मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञ होने के लिए पर्याप्त है। मां नर्मदा वर्ष पर्यंत हमें जीवन देने के लिए ही प्रवाहमय रहती हैं। मां नर्मदा के रौद्र रूप में भी सृजन की अद्भुत संभावना है। आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा नर्मदाष्टक की रचना इसका प्रमाण है। कम उम्र में वेदांत और उपनिषद देने वाले आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी जन्म स्थान केरल से चलकर अमरकंटक के रास्ते पवित्र धरा मध्य प्रदेश पहुंचे थे। उन्होंने 16 साल की उम्र में वेदांत दर्शन की व्याख्या कर सहस्त्राधिक रचनाएं दीं। देश के चारों कोनों पर चार पीठों की स्थापना कर देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोया। वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक देखें, तो मां नर्मदा के विस्तृत तट पर अनेक ऋषि, मुनि गणों ने विश्व कल्याण की कामना के साथ घोर तपस्या की और अपने तब को फलीभूत भी किया है। मां नर्मदा के पावन तट का एक-एक कण पुण्य प्रताप से ओजस्वी है। नर्मदा पुराण के अनुसार माँ नर्मदा को 13 नामों से जाना जाता है। जिनमे शोण, महानदी, मंदाकनी, महापुण्य प्रदा त्रिकुटा, चित्रोपला, विपाशा, बालवाहिनी, महार्णव विपाषा, रेवा, करभा, रुद्रभावा और एक जो हम सभी जानते है नर्मदा । अनेको पौराणिक ग्रंथो के अनुसार कई बार प्रलय से संसार का अंत हुआ और कई बार भगवान शिव ने संसार को पुनः स्थापित किया लेकिन माँ नर्मदा कभी क्षीण नहीं हुई। हर बार वह संसार की उत्पत्ति में भोलेनाथ के साथ रही और तब श्रृष्टि की पुनः रचना के बाद भोले नाथ ने उन्हें वरदान देते हुए कहा की तुम्हारे दर्शन से पाप रुपी रोगो से मनुष्यो को मुक्ति मिलेगी। सभी पापो को नष्ट करने वाली महानदी नर्मदा दक्षिण दिशा की और निकल गई। घोर महार्णव में दिखाई देने के कारण माँ महार्णव कहलाई।

सी आर एम एस रेलवे महिला टीम द्वारा हल्दी कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन हुआ

Haldi Kumkum program was organized by CRMS Railway Women Team. हरिप्रसाद गोहे आमला । सींट्रल रेलवे मजदूर संघ आमला के तत्वाधान में आज हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का आयोजन रेलवे बैडमिंटन हाल रेलवे कालोनी आमला में संपन्न हुआ । कार्यक्रम में रेलवे कालोनी आमला के रेलवे परिवारों की महिलाओं ने एक से बढ़ कर एक मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी । सी आर एम एस की मीना करोले के कुशल संयोजन में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में महिलाओं ने एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगाकर सौभाग्य का आशीर्वाद लिया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा पार्षद रेलवे कालोनी आमला उपस्थित थी । कार्यक्रम में रेलवे परिवार की महिलाओं ने बहुत ही अच्छे अच्छे सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी । सुंदर गीत गाकर ओर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोहा । अतिथियों के हस्ते दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ । कार्यक्रम के अंत में आमंत्रित महिलाओ को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का कुशल संचालन भावना पंत ने किया स्वागत भाषण मीना करोले ने दिया ।आभार प्रदर्शन अनिता झा ने किया । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कु प्राची आनंद,अनिता साहू,भारती कुशवाहा,प्रेमलता,हेमलता,नेहा अरुण,श्रीमती निगम,रजनी पाल,प्रमिला चौधरी,श्रीमती पहाड़े,श्रीमती वर्मा,श्रीमती सिन्हा,विनीता पाटिल,श्रीमती शमा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी । उल्लेखनीय है की सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ आमला द्वारा साल भर विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है उसी कड़ी में आज यह आयोजन सम्पन्न हुआ ।

पशुपतिनाथ मंदिर में महिलाओं ने किया हल्दी कुमकुम का आयोजन

Women organized Haldi Kumkum in Pashupatinath temple. हरिप्रसाद गोहे आमला । राष्ट्रीय राजपूत क्षत्रिय महासंघ महिला इकाई आमला के बैनर तले नगर के बंधा रोड़ स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में सामाजिक महिलाओं द्वारा सामूहिक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस मौके पर सर्व प्रथम सम्राट महाराणा प्रताप जी की छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया बाद महिलाओं द्वारा एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगा शुभकामनाएं प्रेषित की । इस दौरान उपस्थित महिलाओं द्वारा अपने, अपने स्तर पर कार्यक्रम को संबोधित कर समाज उत्थान पर अपने विचार रखे । अंत में महिला इकाई आमला के पद पर आसीन महिलाओं द्वारा उदभोषण किया भोजन प्रशादी वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया ।

पंचवटी हनुमान मंदिर अनदेखी के चलते खो रहा अपनी चमक

Panchavati Hanuman temple is losing its shine due to neglect लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, पंचवटी हनुमान मंदिर अनदेखी के चलते खो रहा अपनी चमकप्राचीन धरोवर सहेजने होने चाहिए प्रयास । हरिप्रसाद गोहे आमला । बीते लंबे अरसे से आमला की पहचान बना रहा पंचवटी मन्दिर अनदेखी के चलते आंसू बहा रहा है । गौरतलब हो की कभी शहर का एक धार्मिक स्थल पंचवटी हनुमान मंदिर की सुंदरता लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा करती थी।यहां की सुंदरता देखते ही बनती थी । लेकिन देख रेख के आभाव में यह धार्मिक स्थल अपनी चमक खोता नजर आ रहा है । ज्ञात हो कि राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक मोतीलाल पांडे जी द्वारा रामायण के पात्रों व हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को कड़ी मेहनत करके अपने हाथों से बनाया था, उनके अथक प्रयासों से आमला को एक भव्य स्थान मिला था आस्था व सुकून के पल बिताने के लिए यह बेहतर स्थल था, लेकिन जिम्मेदारो की लापरवाही के चलते ये स्थान अवस्था मे पहुँच गया । शोरगुल से दूर स्थित पंचवटी मन्दिर की तमाम प्रतिमाएं लोगो का ध्यान खिंचती है, जिनमे हनुमान जी की पर्वत उठाती मूर्ति, सुरसा के मुंह मे खड़े बजरंगबली, वनवास को जाते सियाराम-लक्ष्मण, शबरी के झूठे बेर खाते राम, बाली वध, लक्ष्मण रेखा एव शारदा माता के साथ अन्य आकर्षक व दिव्य मूर्तियां श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है, पर अन्य व्यवस्थाओ के अभाव में मन्दिर में आगन्तुको की कमी होने लगी है। अगर प्रशासन चुने हुए क्षेत्र के जन प्रतिनिधि थोड़ा सा प्रयास करें तो ये स्थान पुनः वही चमक दोबारा प्राप्त कर सकता है । लोगों की जन चर्चा अनुसार नगरपालिका अगर पंचवटी मंदिर को बढ़िया फेंसिंग कर कवर्ड करवा दे एवं लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच एवं बच्चो के लिए झूले व अन्य साधन की व्यवस्था करवा दी जाए, तो लोगो का यहां आना सार्थक हो जाएगा एवं उन्हें सुगम दर्शन के साथ सुकून से बैठने की जगह भी मिल जाएगी। स्वर्गीय पांडे जी द्वारा जिस भाव से कड़ी मेहनत कर पंचवटी की रचना की गई थी वो भाव हाल के वर्षों में लुप्त हो गया एवं पंचवटी मंदिर शहर से कट सा गया, एक दौर था जब शहरवासी बाहर से आये अपने मेहमानों को यहां आकर्षक मूर्तियां दिखाने लाया करते थे, वे दिन वापस आ सके इसके लिए नगरपालिका को पहल करनी होगी, जरा सी पहल से शहर की ये अमूल्य धरोहर पुनः अपना सौंदर्य प्राप्त कर सकती है ।

जय श्रीराम घोष से गुंजा सीताराम, संकट मोचन हनुमान मंदिर,

Sitaram echoed with Jai Shri Ram Ghosh, Sankat Mochan Hanuman Temple. हरिप्रसाद गोहेआमला। मंगलवार अयोध्या मे भगवान श्रीराम जी के मंदिर में भगवान राम लला जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई । आज के इस दिन को राम दीपावली का नाम दिया गया श्रीराम भक्तों ने सोमवार आमला सहित अंचल के ग्रामों में भी श्री राम दीपावली जगह , जगह उत्सव की तरह मनाई । नगर के मुख्य चौराहा जनपद चौक को आकर्षक रूप दे सजाया गया था । इस मौके पर चौक को भगवा ध्वजों से पाट दिया गया था । स्वागत द्वार लगाए गए थे वही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा जनपद चौक पर सुंदरकांड का आयोजन किया गया । साथ ही जनपद चौक पर स्थित प्रसिद्ध सीताराम संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी अयोध्या में राम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर को उत्सव का रूप देने दिन भर विविध धार्मिक आयोजन आयोजित कर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु भक्तो को भंडारे की प्रसादी का वितरण किया गया । मंदिर समिति प्रमुख हनुमान भक्त श्याम सरमैया ने बताया इस मौके पर सीताराम संकट मोचन हनुमान मंदिर आमला एवं स्वर्ग आश्रम दुर्गा मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में उपस्थित श्रद्धालु भक्तजनों ने ग्यारह सौ द्वीप प्रज्वलित कर धूमधाम से राम दीपावली मनाई । प्रज्वलित द्वीप अयोध्या में राम आए हैं संदेश दे रहे थे । वहीं स्वर्ग आश्रम दुर्गा मंदिर में सुसज्जित गुंबज आकर्षण का केंद्र लग रहा था । उधर जनपद चौक पर विहिप ने महाआरती की गई जिसमें जनसैलाब उमड़ा था । महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया और देर शाम हजारो दीप जलाकर दीपावली मनाई गई ।

श्री राम चंद्र जी के स्वरूप में बाबा बटेश्वर 5100 दीपों से सजा शिवालय

Baba Bateshwar pagoda decorated with 5100 lamps in the form of Shri Ram Chandra Ji भोपाल । पुराने शहर के प्राचीन से श्री बड़वाले महादेव मंदिर में अयोध्या में प्रभु श्री राम लाल विराजमान होने के उपलक्ष्य में बाबा बटेश्वर को प्रभु श्री राम जी के स्वरुप में विराजमान किया गया, समिति के संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया कि 5100 दीपों से पूरे मंदिर को सजाया गया। मंदिर गर्भ ग्रह में रंगोली और दीपमालाएं जलाई रात्रि 8 बजे श्रृंगार दर्शन कर महाआरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। श्री बड़वाले महादेव मंदिर से ॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा निकली प्रभातफेरीॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा प्रात: 7:00 बजे प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें मंडल के सदस्यों द्वारा अखण्ड ॐ नम: शिवाय एवं राम घुन के भजन गाये फेरी श्री बड़वाले महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर पुराने शहर के दयानंद चौक, लोहा बाजार, पीपल चौक, सराफा, लखेरापुरा से सोमवारा होते हुए शिवालय भवन में समापन हुआ। प्रभु राम मंदिर निर्माण का गवाह बन हरि हरात्मक शक्ति महायज्ञ मां दुर्गा धाम शक्तिपीठ मंदिर में सोमवार 10:00 बजे ढोल तसो बाजे झांकियां के साथ सैकड़ो भक्तगण नर नारियों राममय होकर श्री राम के जयकारे लगाते हुए। राम शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर राम मंदिर निर्माण का उत्सव भव्यता और जोश के साथ मनाया जो अशोका गार्डन के मुख्य मुख्य मार्ग से होकर पुन: दुर्गा धाम मंदिर में संपन्न हुई । दोपहर 2:00 बजे से मुख्य यज्ञाचारी पंडित युगल किशोर शास्त्री ने सर्वप्रथम महायज्ञ के 9 हवन कुंडों में श्री राम प्रभु के 1001 आहुतियां डलवा कर महायज्ञ को 26 वा ऐतिहासिक पर्व मनाया।

साईं की 42 वर्षगाठ पर मंदिर में उमड़ा भक्तों का अपार जन सैलाब

A huge crowd of devotees gathered in the temple on the 42nd anniversary of Sai Baba आमला । नगर के रमली रोड रेल्वे बांध स्थित प्रसिद्ध साई मंदिर की 42 वी वर्षगाठ रविवार साई मंदिर समिति द्वारा धूमधाम एवं हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई । समिति के आमंत्रण पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु साई भक्त मंदिर परिसर में पहुंचे थे । कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ साई वस्त्र अभिषेक कर हवन एवं पूजा अर्चना कर किया गया। इस मौके पर साई मंदिर समिति द्वारा विशाल महा भंडारे एवं संगीतमय जागरण का आयोजन किया गया था । जहां उपस्थित भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया एवं जागरण की प्रस्तुति का आनंद उठाया । समिति के शैलेंद्र दुबे ने बताया साई बाबा की वर्षगांठ मानाने एक सप्ताह से आयोजन की तैयारी की जा रही थी । कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु भक्त साई बाबा की पूजा अर्चना अभिषेक करने यहा पहुंचे थे । दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में पहुचकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया । इस वर्ष भी रमली रोड स्थित साईं बाबा की 42 वी वर्षगांठ मनाई गई सुबह 7:00 बजे हवन पूजन एवं बाबा का अभिषेक किया गया भंडारा प्रसादी वितरण और शिव भोले जागरण द्वारा भजन कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई ।

ग्वालियर सेंट्रल जेल में राम धुन ,भजन कीर्तन का आयोजन

Ram Dhun, Bhajan Kirtan organized in Gwalior Central Jail ग्वालियर ! सेंट्रल जेल में बने नवनिर्मित मंदिर में राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन 22 जनवरी को होगा जिसके लिए ग्वालियर सेंट्रल जेल में राम धुन शुरू हो चुकी है और 22 जनवरी तक अनवरत यह जारी रहेगी.खास बात यह है कि इस मंदिर में भी प्राण प्रतिष्ठा भगवान राम की होगी और वह भी जिस घड़ी अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी तभी खास बात है कि सेंट्रल जेल में चल रही राम धुन में हिंदू कैदियों के साथ ही मुस्लिम धर्म से जुड़े बंदी भी इस आयोजन में अपना सहयोग दे रहे हैं. केंद्रीय जेल में भी भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी इसके लिए जेल में एक नया मंदिर भी बनाया गया है इसके अलावा इसी मंदिर के साथ-साथ जेल के दूसरे सेक्टर में मां भगवती के लिए भी एक नया मंदिर बनाया गया है जिसमें मां माता रानी की भी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी इस दौरान मंदिर में पूरा भक्ति में माहौल देखने को मिल रहा है कैदी भी भजन कीर्तन करने में लगे हुए हैं। यहां 24 घंटे रामधन बजाई जा रही है जिसमें सेंट्रल जेल के कैदी शामिल हो रहे हैं और 22 जनवरी तक प्राण प्रतिष्ठा होने तक अनवरत जारी रहेगा. जेलर विदित सिरवैया ने बताया किभगवान राम की जो स्थापना की जानी है। उसके लिए भगवान की मूर्ति जयपुर से लाई गई है इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग ढाई फीट बताई जा रही है। मूर्ति में पूरा राम दरबार समाया हुआ है। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से पहले संपूर्ण हवन चल रहा है। और रोजाना प्राण प्रतिष्ठा के लिए पाठ किया जा रहा है। जिसमें जेल के कैदी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और निरंतर जाप भी कर रहे हैं।

ग्वालियर में वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई

Shri Ram flags were also installed on vehicles in Gwalior. ग्वालियर ! 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर देश भर में उत्साह का माहौल है ! ऐसे में ग्वालियर में नमो नमो ग्रुप द्वारा शहर के बाजारों और चौराहों में अभियान चलाकर वाहन चालकों के वहां पर श्री राम नाम की झंडिया लगाई गई ! ग्वालियर फूलबाग पर पहुंचे नमो नमो ग्रुप के सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अभय चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे ! जहां वाहन चालकों को रोक कर 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे ! प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजन की जानकारी दी गई इसके साथ वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई ! इस दौरान जय श्री राम के नारों से फूल बाग चौराहा गूंज उठा !

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्व रोशनी से जगमगा उठी अयोध्या नगरी

Ayodhya city illuminated with lights before Ram Mandir consecration ceremony अयोध्या में दिवाली जैसा माहौल… प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले रोशनी से नहाए राज सदन, पुराने मंदिर अयोध्या ! अयोध्या के पूर्व राजा का भव्य आवास राज सदन, विभिन्न मंदिर और यहां अन्य इमारतें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर रोशनी से जगमगा उठी है, जिससे इस मंदिर नगरी में दिवाली उत्सव जैसा माहौल बन गया है। प्राचीन ‘अयोध्या नगरी’ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है खासतौर से राम पथ और धर्म पथ की साज-सज्जा देखने लायक है। अयोध्या की गलियों में ‘राम आएंगे’ और ‘अवध में राम आए हैं” जैसी गीतों की गूंज सुनायी दे रही है और मंदिर शहर की इमारतें भगवा ध्वज से पटी पड़ी हैं।‘प्राण प्रतिष्ठा’ के दिन शहर में चकाचौंध रहने की उम्मीद है क्योंकि कई मकान, मंदिर और अन्य इमारतें रोशनी से नहायी हैं। अयोध्या के शाही परिवार का घर रहा राज सदन रोशनी से जगमग है। सैकड़ों लोग, स्थानीय निवासी और दर्शक शनिवार देर रात तक इसके सुशोभित द्वार ‘लक्ष्मीद्वार’ के सामने तस्वीरें या सेल्फी लेने के लिए उमड़ पड़े। प्रवेश द्वार के शीर्ष पर भगवान राम की धनुष और बाण लिए तस्वीर लगायी गयी है और ‘जय श्री राम’ के नारे गूंज रहे। प्रवेश द्वार के मेहराब के नीचे एक झूमर लगाया गया है। यह साज-सज्जा नजदीकी राम पथ से गुजरने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। अयोध्या में 22 जनवरी को दिवाली उत्सव या संभवतः उससे बड़े पैमाने पर उत्सव मनाएँ जाने की उम्मीद है। बेगमपुरा इलाके में कई महीनों पहले खुला लॉज प्रभाराज पैलेस शुक्रवार रात को रोशनी से जगमग हो उठा। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे।

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

साहू समाज द्वारा हल्दी कुमकुम कार्यक्रम किया

Haldi Kumkum program organized by Sahu Samaj आमला।।साहू समाज की महिलाओं ने हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम सम्पन्न किया।आमला नगर की सभी साहू समाज की महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल हुई।कार्यक्रम बोडखी बाजार में मनोहर साहू के भवन में हुआ।जिसमे दुर्गा अनिल साहू,आशा विजय साहू द्वारा सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दी और सभी के जीवन में खुशहाली की प्रार्थना कर हल्दी कुमकुम भेट की गई।

मोहन सरकार का बड़ा ऐलान चित्रकूट बनेगा धर्म नगरी

Mohan government’s big announcement, Chitrakoot will become a religious city चित्रकूट ! मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा की – ‘मध्यप्रदेश सरकार द्वारा श्री राम वन गमन पथ के विकास के लिए चरणबद्ध योजना को अमल में लाया जाएगा।’मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा की, ‘मध्यप्रदेश सरकार चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकास करेगी। इसे भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ा सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। यहां श्री राम वन गमन पथ के विकास के लिए चरणबद्ध योजना को भी अमल में लाया जाएगा।’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पथ को सभी स्थानों व सड़क से जोड़ा जाएगा, जहां से भगवान राम गुजरे थे। विश्वविद्यालय सभागार में हुई बैठक: चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यहां विभिन्न मेले, दिवाली, और अमावस्या मेला आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रदर्शनी लगेगी। इस बैठक में, अमरकंटक में प्रसाद योजना, चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा पथ, और बृहस्पति कुंड के विकास कार्यों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, लीला गुरुकुल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल थे।चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने का एलान करते हुए, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिवाली और अमावस्या मेले में प्रदर्शनी लगेगी, जिससे स्थानीय आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। चित्रकूट में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का विकास करके, सरकार ने इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल बनाने का दृष्टिकोण रखा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट को अयोध्या जैसा बड़ा धार्मिक स्थल बनाने का बड़ा एलान किया है। जहां जहां से भगवान् राम वन के के लिए गुजरे थे उस पथ को मध्यप्रदेश सरकार ने राम वन गमन पथ बनाने का एलान किया है।

भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, झाडू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

Food and Civil Supplies Minister reached Bhuteshwar Temple भोपाल। सागर के प्राचीन भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर परिसर में साफ-सफाई एवं झाड़ू लगाते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता के लिए अभियान चलाया है, जिसका असर पूरे देश सहित छोटे-छोटे गांव में भी दिख रहा है। 22 जनवरी को प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, जिसको लेकर हम सब अपने-अपने आसपास क्षेत्र के मंदिरों में भी साफ-सफाई करें, जिससे 22 जनवरी को रामलला के स्वागत में मंदिर, शहर, हर घर-आंगन साफ और स्वच्छ रहे। प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव हमें इस तरह मनाना है कि हर घर अयोध्या धाम बन जाये। उन्होंने शहरवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि 22 जनवरी को सभी शहरवासी अपने घर में दीवाली जैसा उत्सव मनायें। मंत्री श्री राजपूत द्वारा सीताराम रसोई में भोजन प्रसादी वितरण कर सभी को भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर नगर निगम महापौर संगीता तिवारी उपस्थित थीं।

हर्ष उल्लास से गौरव दिवस मनाया व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 

Pride Day celebrated with joy and cultural program organized हरिप्रसाद गोहे आमला । विकास खंड आमला के ग्राम केदार खेड़ा में हर्ष उल्लास से गौरव दिवस मनाया गया । कार्यक्रम में ग्राम के बच्चे युवा साथी बुजुर्ग गण तथा माताओं बहनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । कार्यक्रम प्रातः 8:00 बजे राम धुन व साथ डिंडी शोभा यात्रा के साथ शुरू हुआ । डिंडी श्री सदाराम हुडे के घर से प्रारंभ होकर ग्राम के हनुमान मंदिर, माता मैया होते हुए नांदया घाट स्थित शिवालय होकर हनुमान मंदिर पर महा आरती के साथ यात्रा संपन्न हुई । गांव में डिंडी का घरोघर पूजन किया गया जिससे पूरा गांव राममय हो गया । तत्पश्चात हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुत ही आकर्षण का केंद्र रहे । बालमानुहार बच्चों ने गीत, नृत्य के जरिए अनेक शिक्षा प्रद एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया । बाद भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया । ग्राम के मुख्य अतिथि माननीय पटेल गुरुबक्स जी पुण्डे,श्री हरिश्चंद जी हुडे एवं भीमराज जी हुडे ने सभा को संबोधन कर इनाम वितरण किया । मुख्य अतिथि श्रीमती तारा हुडे तथा कौशल्या हुडे ने भी इनाम वितरण किया । कार्यक्रम का संचालन प्रवीण हुडे ने तथा आभार प्रदर्शन संजय कायस्थ ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में टिया, राधा लुभी चानू अर्पणा सुरुचि पूर्वी एकु तिक्छू ,लक्की ड्रा कांटेस्ट  खुशबू तथा दीक्षा ने संपन्न कराया । कार्यक्रम में शामिल श्री शिवपाल जी हुडे ,चिरोजी ,राजेश उत्तम कमलेश भूषण  लीलाधर ऊदल गौरीशंकर कायस्थ नीलू परसराम दिलीप , अरविंद मारोती सतपूते, राजू कायस्थ केदार कायस्थ रोजगार सहायक हेमंत हुडे ,सरपंच प्रमोद चौकीकर ख्यालीराम मोड़क हरिराम  सतपुते कमल पुंडे  टीकाराम  संतोष कवराई  राजेंद्र धनराज जग्गू बसंत चौकीकर तथा गांव की सभी मातृशक्ति तथा ग्रामीणों ने भरपूर सहयोग किया ।

गांव के अंतिम छोर तक पहुंचे जन कल्याणकारी योजनाओं का पहुंचे लाभ

Benefits of public welfare schemes reach the last reaches of the village हरिप्रसाद गोहे आमला । यह विकसित भारत संकल्प यात्रा हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच है। की हम भारत को दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा करे। हमारी सरकार की सोच है, की 2024 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाकर खड़ा करे । विकसित राष्ट्र तब बनेगा जब लोगों के जीवन स्तर में सुधार होंगा  । गांव की रोड़े अच्छी होंगी, लोगों में शिक्षा के प्रति पूर्ण जागृति आ जायेगी। लोग पूर्ण रूप से शिक्षित हो जायेंगे तब हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आ जाएंगे । जिसके लिए सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की है। जिसका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हम सभी लोग विकसित भारत यात्रा के सहभागी बने सभी अपने, अपने स्तर पर अपनी भूमिका निभाए उक्त आसय के विचार जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला गणेश यादव ने ग्राम पंचायत बामला में आयोजि त विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान कहीं । स्वागत बेला के साथ कार्यक्रम का हुआ आगाज शनिवार 13/01/2024 को विकसित भारत संकल्प यात्रा ग्राम बामला पहुंची थी ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव,  अध्यक्ष जनपद पंचायत आमला, जनपद सदस्य सुजीत खाडागरे,नंद किशोर सूर्यवंशी, प्रकाश सूर्यवंशी, संतोष सूर्यवंशी,वहीं समस्त विभाग प्रमुख एवं ग्राम की जनता मौजूद रही । विकास यात्रा रथ का स्वागत एवं मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया । सर्व प्रथम उपस्थित विभाग प्रमुखों ने विभागीय जानकारी उपस्थित लोगों के समक्ष रखी। एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जनता कैसे प्राप्त करे जिस संबंध में विस्तार से बताया । बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति  सरकार की संचालित योजना थीम पर आयोजित सांस्कृतिक गीत नृत्य की प्रस्तुति माध्यमिक शाला बामला की कक्षा 3 एवं 7 की क्षात्राओ ने एक से बढ़कर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया वहीं उपस्थित जन समुदाय ने भी तालिया बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया । कार्यक्रम के प्रभारी नोडल शिक्षक पवन सूर्यवंशी द्वारा सरस्वती पूजन एवं मंच संचालन गोविंद सूर्यवंशी अथिति शिक्षिक एवं पंचायत सचिव खैमराज सूर्यवंशी द्वारा किया गया । सांस्कृतिक कार्यक्रम को त्य्यार करने में सरयाम सर एवं कुरेशी सर का विशेष योगदान रहा । वहीं आंगनवाड़ी द्वारा पोषण आहार पर प्रादर्श सजा स्टाल लगाया । कार्यक्रम में ग्राम सरपंच दीना देशराज उईके, उप सरपंच राहुल यदुवंशी, पंच रूखमणी, राजू यादव, दयावती, जितेंद्र परते , एवं रोजगार सहायक दीपक सूर्यवंशी संजय खादीकर आदि मौजूद रहे।

श्री राम जन्मोत्सव समिति का महा आयोजन महा प्रभात फेरी मे 40 गांव के प्रभात फेरी मंडल होंगे शामिल 

Prabhat Pheri Mandals of 40 villages will participate in the grand event of Shri Ram Janmotsav Samiti, Maha Prabhat Pheri. हरिप्रसाद गोहे आमला । श्री राम जन्मोत्सव समिति आमला के द्वारा 15 जनवरी सोमवार को महाप्रभात फेरी का आयोजन किया गया है जिसमें लगभग 40 ग्रामों की श्री राम प्रभात फेरी मंडल शामिल होंगे श्री राम जन्मोत्सव समिति की और से मिली जानकारी के अनुसार श्री राम जन्मोत्सव समिति के द्वारा 21 वर्ष में प्रवेश करने पर 21वां वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है जिसमें महाप्रभात फेरी का आयोजन किया गया है महाप्रसाद फेरी श्री कृष्ण मंदिर इतवारी चौक आमला से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गो से भ्रमण करती हुई भवानी लान खानापुर रोड पर समाप्त होगी समापन के पश्चात सभी प्रभात फेरियो के ध्वजवाहक को का सम्मान किया जाएगा 22 जनवरी सोमवार को अयोध्या में श्री राम प्रभु के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भी श्री राम जन्मोत्सव समिति आमला के द्वारा अमला नगर में जन जागरण अभियान चलाकर सभी को घरों के सामने रंगोली डालने व दीप जलाने हेतु प्रेरित किया जाएगा साथ ही 22 जनवरी को प्रभात फेरी का आयोजन भी श्री राम जन्मोत्सव समिति के द्वारा किया जाएगा

पूजित अक्षत के साथ सामूहिक संगठनों ने दिया राम प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण,

Along with revered Akshat, collective organizations invited Ram Pran Pratishtha, हरिप्रसाद गोहे आमला । 22 जनवरी को अयोध्या में होने जा रहे प्राण-प्रतिष्ठा एवं मंदिर उद्घाटन का निमंत्रण आज आमला नगर में सभी हिंदू संगठनों द्वारा, एयर फोर्स गेट से होते हुए, मेन रोड बोड़खी से आमला गंज के मुख्य मार्गो में प्रत्येक दुकनदारो, व्यापारियों एवं आम-जन को पूजित अक्षत के साथ निमंत्रण दिया गया। साथ ही सभी लोगो से आग्रह किया गया कि 22 जनवरी को सभी उत्सव की तरह मनाये। यह राम मंदिर हम सभी सनातनियो की आस्था एंव भावनाओ का प्रतीक है, हम वह गौरान्वित पीढ़ी है जिन्हे यह अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रभु श्री राम जी के जय घोष के साथ किया गया। जिसमे मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष रोमी बिलगाये,राजु हारोडे़, यमुना यादव,मोहित ठाकुर,बजरंग दल के अंकित वायकर, गोलू सोनी, कमलेश मथलाने, मन सातनकर, विजय यादव, अनुराग डाफने राजा बोड़के एवं मातृ शक्ति की सिंधु देशमुख, माधुरी, नंदनी, शोभा देशमुख, आरती पाटिल,लाजवन्ती नागले आदि माताएं और बहने उपसथित रही।

श्रेष्ठ समाज से बनता है सशक्त और समृद्ध राष्ट्रः भिसे

A strong and prosperous nation is created from an excellent society: Bhise प्रबुद्ध नागरिकों ने किया उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक का सम्मान।ग्वालियर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का भाषा शोध अनुसंधान केंद, साहित्यिक पत्रिकाओं पर होगा काम। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। स्वर्गीय श्रीमती प्रवीणा पाण्डेय इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस (आईकॉम) के तत्वावधान में आईकॉम सेंटर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक का सम्मान किया। 99वां विश्व संगीत समागम-तानसेन समारोह के उपलक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि निदेशक जयंत माधव भिसे थे। अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष प्रकाश पराढ़कर ने की। कार्यक्रम के सूत्रधार और सेंटर डायरेक्टर डॉ. केशव पाण्डेय ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि 99 साल के इतिहास में शहर में पहली बार ऐसा नेक कार्य हुआ है जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं तारीफ की। तबला वादन शहर में हुआ लेकिन देश और दुनिया में इसकी गूंज सुनाई दी। वर्ल्ड रिकॉर्ड ने वास्तविक रूप से संगीत नगरी की सार्थकता को सिद्ध कर दिया। अध्यक्षता कर रहे श्री पराढ़कर ने कहा कि ग्वालियर संगीत, हॉकी और राजनीति में अजातशत्रु जैसे व्यक्तित्व अटलजी की वजह से अपनी खास पचान रखता है। अब नई पहचान बनने जा रही है वह होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का भाषा शोध अनुसंधान केंद्र। जहां देश और दुनिया के साहित्यकार और शब्द शिल्पी शोध कर सकेंगे। नई पीढ़ी जो होती है उसका कर्तव्य बनता है कि वह इस पहचान को आगे बढ़ाए। इस तरह के आयोजन से अच्छे कार्य और व्यक्ति के बारे में प्ररेणा मिलती है।पारिवारिक दृढ़ता बनाएं रखेंमुख्य अतिथि भिसे ने कहा कि हमें संघर्षों से आजादी मिली। इसे टिकाए रखना कठिन कार्य होता है। डॉ. हेडगेवार जी ने ऐसे देशभक्तों को तैयार करना या समूह बनाना आवश्यक समझा, जो इस देश की आजादी को कायम रख सकें। इसलिए उन्होंने पराढ़कर जैसे कुछ पारस तैयार किए- जो, जिसे स्पर्श करें तो वह देशभक्त जैसे सोना बन जाएं।हमें अच्छे लोगों के समूह बनाने होंगे, जो संगीत की बेहतरी के साथ ही नगर की भलाई के लिए काम कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले हमें स्वस्थ्य मानसिकता के साथ अपने लिए जीना होगा। जब स्वस्थ्य होकर सकारात्मक सोच रखेंगे तभी हम परिवार, समाज और राष्ट्र का भला कर सकेंगे। क्योंकि पाश्चात्य देशों में अंतिम इकाई व्यक्ति होता है जबकि हमारे देश में परिवार। जब परिवार श्रेष्ठ होगा तभी हमारा देश सशक्त और समृद्ध बनेगा। इसके लिए जरूरी हो जाता है कि हमें भारतीयता, मानसिकता और पारिवारिकता को पुनर्जीवित करने और उसे सुदृढ़ करना होगा। क्योंकि पारिवारिक दृढ़ता ही सुखी, समृद्ध और सशक्तता की प्रतीक है।कार्यक्रम का संचालन महेश मुदगल ने तथा आभार व्यक्त पंडित रामबाबू कटारे ने किया। इससे पूर्व डॉ. केशव पाण्डेय ने मुख्यअतिथि श्री भिसे और अध्यक्षता कर रहे पराढ़कर का शॉॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिंह भेंट कर सम्मान किया। उनके बाद शहर के प्रबुद्धजनों ने भी उन्हें सम्मानित किया। इन्होंने किया सम्मानमहेश दत्त पाराशर, विवेक सुडेले, एसके शर्मा, विनोद शर्मा, पीडी पाण्डेय, सुरेंद्र सिंह कुशवाह, डॉ. बृजेश शर्मा, विजय पाराशर, डॉ. आदित्य भदौरिया, एवेंजल चाकौ, आदेश सक्सेना, सुरेश शर्मा, डॉ. निर्मला कंचन, एसके शर्मा, विजय पाण्डेय, मनीष मौर्य, जितेंद्र जादौन, जितेंद्र शर्मा सरपंच, संतोष पाण्डेय, संतोष वशिष्ठ, हितेश डेमला, सचिन पाण्डेय, हरिओम गौतम, राजेंद्र मुदगल एवं मनीष शर्मा प्रमुख हैं।

राम प्राण प्रतिष्ठा के दिन क्षेत्र में राम दीपावली मनाई जायेंगी

People busy in preparations to celebrate Ram Diwali, हरिप्रसाद गोहेआमला। आगामी 22 जनवरी 2024 दिन सोमवार को अयोध्या में होने जा रहे श्री राम प्राण प्रतिष्ठा के दिन क्षेत्र में राम दीपावली मनाई जायेंगी । जिसके लिए मंदिरों, घरों में रंग रोगन, साफ सफाई, कर विधिवत विधि विधान से पूजन, सुंदरकांड , अखंड रामायण, रात्रि में दीप उत्सव रंगीन रोशनी से मंदिर व घरों को सजाने के साथ पटाखे फोड़ना आतिशबाजी की तैयारी की जा रही है । इस मौके पर मंदिर समितियो द्वारा भव्य शोभा यात्रा श्री रामनवमी की तरह निकाले जाने पर विचार किया जा रहा है । मंदिर और घरों को पूर्ण रूप से दीपावली की तरह सजाने की तैयारी हो रही है 22 जनवरी 2024 को राम दीपावली के दिन भारत में शासकीय अवकाश के लिए माननीय राष्ट्रपति जी को ज्ञापन देने की भी तैयारी है जल्द ही लोगों के साथ ज्ञापन दिया जाएगा । भारत में इस दिन अवकाश हो जाता है । तो समय अनुसार सभी भक्तगण राम दीपावली मना लेंगे श्री राम भक्त हनुमान मंदिर रेलवे कॉलोनी के कार्यकर्ता मनोज दीवाने उमेश तायवाडे राजेश अमरोही राकेश मिश्रा लवली शिवहरे गोलू जोंजारे, रवि जोंजारे, अनंत साबरे सहित अन्य लोग राम दीपावली की तैयारी में अति उत्साहित होकर जुटे हुए हैं ।

क्रिसमस डे, का धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने किया विरोध

Dhirendra Krishna Shastri opposed Christmas Day सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने कहा उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। कटनी ! बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को यहां पुरैनी में बागेश्वर धाम आश्रम का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। सांता क्लाज को सांता क्रूज़ में भेज दिया जाए। क्रिसमस पर सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, तिलक लगाओ, बच्चों को वहां गिफ्ट दो।इससे तुम्हारी पीढ़ी व पूर्वज प्रसन्न होंगे, बालक संस्कारी बनेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। हकीकत है कि हम अपने धर्म के कट्टर हैं। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम अयोध्या में विराजित हो रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करेंगे, सीएम. 

Chief Minister will participate in the country’s renowned music festival. ग्वालियर । देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार को ही भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन भी है। इसे लेकर महाराज बाड़े पर गौरव दिवस का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह तानसेन संगीत समारोह में इस साल के तानसेन अलंकरण के लिए पंडित गणपति भट्ट हासणगि को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री किले पर जाएंगे जहां तबला वादक रिकॉर्ड के लिए एक साथ 1650 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।कलेक्टर ने रविवार को तानसेन समारोह महाराज वाडा़ और मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से इंटक मैदान में रात को रिचा शर्मा के प्रोग्राम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी तानसेन संगीत समारोह को यादगार बनाने के लिए शहर वासी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे।

जहाँ जहाँ पड़े श्रीकृष्ण के पाँव, वहीँ बनेगा तीरथ धाम…. मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान.

Wherever the feet of Lord Krishna touch, there will become a pilgrimage site… Announcement by the Chief Minister of Madhya Pradesh. उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश मे जहाँ जहाँ भगवान कृष्ण के पाँव पड़े है उनको तीर्थ स्थलों के स्वरुप मे विकसित किया जायेगा, मध्य प्रदेश संस्कृति धरोहरों, अध्यात्म और पौराणिक कहानियो के लिए जाना जाता है धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन मे हमेशा मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है, इसी क्रम मध्यप्रदेश के नये मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की उन विरासत को जहाँ भगवान ने लीलाएं की थी उन्हें तीर्थ स्थल के स्वरुप मे विकसित करने का ऐलान किया है. ज्ञात हो कि महाकाल की नगरी उज्जैन मे भगवान ने गुरु संदीपन जी के आश्रम मे शिक्षा ग्रहण की थी जहाँ पर उन्होंने 18 दिनों मे 18 पुराण, 4 दिनों मे चारों वेद, 6 दिनों मे 6 शास्त्र, 16 दिनों मे 16 कलाएं और 20 दिनों मे गीता का ज्ञान प्राप्त किया था, उज्जैन मे मंगालनाथ मार्ग पर क्षिप्रा नदी के पावन तट पर गंगा घाट पर महर्षि संदीपन की तपोभूमि पर आज से तकरीबन 5235 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और सखा सुदामा जी के साथ विद्यारम्भ संस्कार धारण किया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पक्षकार राजेश मणि त्रिपाठी जी बताते हैँ कि उज्जैन मे भगवान ने 64 दिन मे 64 कलाएं सीखी थी, यही पर गुरु संदीपन जी ने भगवान को 3 मंत्र लिखवाये थे तथा भगवान ने गुरु दक्षिणा के रूप मे उनके मृत पुत्र को वापस कराया था,श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी उदित नारायण बता रहे थे कि मध्य प्रदेश के धार ज़िले मे स्थित अमझेरा जहाँ जानापाव वही स्थल है जहाँ प्रवास के दौरान भगवान परसुराम जी ने श्रीकृष्ण जी को उनका पावन अस्त्र सुदर्शन भेंट किया था तथा द्वापर युग मे धर्म कि स्थापना का उपदेश दिया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय सहप्रमुख तथा संगठन मंत्री महेंद्र तिवारी ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री जी का इस पावन पहल हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हुये बताया कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण का बहुत गहरा नाता रहा है भगवान कि शिक्षा के अतिरिक्त उज्जैन कि अवंतिका नगरी को भगवान कि ससुराल भी माना जाता है मान्यता है कि यहाँ के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंद्रा से विवाह किया था जहाँ के मंदिर मे भगवान मित्रविंद्रा जी के साथ विराजमान हैँ कृष्ण विद्रा धाम के पुजारी श्री गिरीश गुरु बालक महराज बताते हैँ कि मित्रविंद्रा जी भगवान की पाँचवी पटरानी थी जिनसे भगवान ने स्वयंबर मे विवाह किया था. मुख्य्मंत्री की यह पहल विश्व मे श्री कृष्ण के अनुनायियों के लिए हर्ष का विषय है और इससे मध्यप्रदेश पर्यटन को भी सनातन के साथ विश्व पटल पर आकर्षित करेगी

शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में दुनिया के प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह”

In the field of classical music, the world-renowned festival “Tansen Samaroh. ग्वालियर ! शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में दुनिया के प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” के आयोजन की शुभ घड़ी आ गई है। आज समारोह के तहत संगीत की नगरी ग्वालियर के 15 स्थानों पर एक साथ “तानसेन संगीत महफिल” सजी है। हर स्थल पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इस दौरान ग्वालियर के बैजाताल तैरते रंगमंच पर अंतर्राष्ट्रीय ध्रुपद गायक सुदीप भदौरिया ओर राजेन्द्र विश्वरूप ने सुर बहार की प्रस्तुति दी। आपको बता दें कि अखिल भारतीय तानसेन समारोह की शुरुआत इस बार 24 दिसंबर से होने जा रही है। इसके पूर्व यह आयोजन किया जा रहा है। वहीं 23 दिसंबर को गमक कार्यक्रम होगा, जिसमें सूफी गायिका रिचा शर्मा परफार्म करेंगी।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में भव्य स्वागत.

The Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh, Rajendra Shukla, received a grand welcome at Mahatma Gandhi Chitrakoot Gramodaya Vishwavidyalaya. चित्रकूट – मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो भरत मिश्रा ने शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह ( राम दरबार) भेंट कर ग्रामोदय परिवार की ओर से भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को महामानव के रूप में बताते हुए कहा कि नाना जी देशमुख ने इस विश्वविद्यालय की संकल्पना और स्थापना की थी। यह विश्वविद्यालय केवल सामान्य विश्वविद्यालयो की भांति न होकर संस्कार युक्त शिक्षा देने का उत्कृष्ट केंद्र भी है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के इस परिसर में आने में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा मिलती है। नानाजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है कि नानाजी देशमुख के सदप्रयासों से इस विश्विद्यालय के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के प्रकाश को देश विदेश में प्रकाशित कर रहे है। उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा के नेतृत्व में आज ग्रामोदय परिवार द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और अभिनंदन के लिए आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सतत विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामोदय परिवार की भावनाओ को समझते हुए आश्वस्त किया कि आने वाले समय में मैं स्वयं ग्रामोदय विश्वविद्यालय कैंपस आकर प्राध्यापको,अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से विचार मंथन कर अपेक्षित मदद करूंगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल की धर्म पत्नी, भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा, कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्वागत समारोह का संचालन डॉ कुसुम सिंह ने किया।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर भोपाल में अमल शुरू, कानून का उल्लंघन करने वालों की होगी धरपकड़.

Implementation begins in Bhopal following the Chief Minister’s announcement; those violating the law will face arrests. नगर निगम आयुक्त ने दिए खुले में मांस व मछली बेचने के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खुले में व बिना अनुमति के मांसए मछली के विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंधित करने संबंधी निर्देशों के परिपालन में नगरीय विकास व आवास विभाग द्वारा जारी आदेशों के परिपालन में नगर निगम भोपाल की सीमांतर्गत खुले व बिना अनुमति के मांस विक्रय को प्रतिबंधित करने हेतु अभियान 15 दिसम्बर से चलाया जाएगा।निगम आयुक्त फ्रैंक नोबल ए ने निगम के स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की गुरुवार को बैठक आयोजित की। इसमें उन्होंने शहर में खुले में व बिना अनुमति के मांस विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। साथ ही मध्यप्रदेश निगम पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त ने निर्देशित किया कि शहर में कहीं भी खुले तौर पर व बिना अनुमति के मांस विक्रय करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाए। 15 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक विशेष अभियान चलाया जाए और मांसए मछली विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार अपारदर्शी दरवाजेए कांच लगानेए साफ.सफाई रखने व लायसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही जो भी मांसए मछली विक्रेता लायसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। निगम आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि शहर के सभी क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार के सामने 100 मीटर के दायरे में मांसए मछली आदि सामग्री का विक्रय या प्रदर्शनन हो।

काशी के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सर्वे को मंजूरी.

After Kashi, now approval for a survey in the Mathura Shri Krishna Janmabhoomi case. श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. हाईकोर्ट ने विवादित परिसर का सर्वे कराने के आदेश दिया है.मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने विवादित जमीन का सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने की मांग को भी मंजूरी दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की याचिका को मंजूरी दे दी है. इस मामले में जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच दोपहर करीब दो बजे अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में ज्ञानवापी विवाद की तर्ज पर मथुरा के विवादित परिसर का भी सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने का आदेश दिया है. यह याचिका भगवान श्री कृष्ण विराजमान और सात अन्य लोगों द्वारा अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और देवकी नंदन के जरिए दायर की गई थी. जिसमें दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है और ऐसे कई संकेत हैं जो यह साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है .याचिका में किया गया था ये दावा हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार याचिका में दावा किया गया था कि वहां कमल के आकार का एक स्तंभ है जोकि हिंदू मंदिरों की एक विशेषता है और शेषनाग की एक प्रतिकृति है जो हिंदू देवताओं में से एक हैं और जिन्होंने जन्म की रात भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपने के विशेष निर्देश के साथ एक आयोग का गठन किया जाये. इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का भी अनुरोध किया गया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस वर्ष मई में मथुरा की अदालत में लंबित श्री कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े सभी मुकदमे अपने पास स्थानांतरित कर लिए थे. प्रयागराज कोर्ट के इस फैसले पर ,राजेश मणि त्रिपाठी पक्षकार एवं राष्ट्रीय प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल,महेंद्र तिवारी राष्ट्रीय सह प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल और उदित नारायण संगठन प्रभारी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ने खुशी जाहिर करते हुए माननीय न्यायलय का आभार ब्यक्त किया

22 जनवरी को होगा राम मंदिर का उद्घाटन, इससे पहले गर्भ गृह की फोटो आई सामने.

The inauguration of the Ram Temple will take place on January 22, and before this, a photo of the sanctum sanctorum has been revealed. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर है। जिसका उद्घाटन आने वाले नए साल यानी साल 2024 में 22 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। The construction work of the Ram Temple in Ayodhya is in full swing. Its inauguration is set to take place on January 22, 2024, by the Prime Minister of the country, Narendra Modi, in the upcoming new year.” इसके प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी भी तेज हो चुकी है। मंदिर के लोकार्पण को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है। इसी बीच मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई है। बता दें कि इन तस्वीरों को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महासचिव चंपत राय ने अपने ऑफिशियल पेज एक्स (ट्वीटर पहले) पर शेयर किया है। महासचिव ने लिखी ये बातेंदरअसल, राम मंदिर ट्रस्च के महासचिव चंपत राय ने फोटोज शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “भगवान श्री रामलला का गर्भ गृह स्थान लगभग तैयार हो चुका है। हाल ही में लाइटिंग और फिटिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। जिसकी कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं।” इस तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दीवार और गुंबद पर शानदार नकाशी की गई है जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कितना प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा?मंदिर के निर्माण कार्य को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि 95% कार्य पूरा कर लिया गया है और बाकी के कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि 22 जनवरी को मंदिर परिसर समेत पूरे शहर में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। जिसका सीधा लाइव प्रसारण किया जाएगा। इस दौरान भजन, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का भी प्रसारण होगा। इस भव्य समारोह के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएगी ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। वहीं, मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पुजारी को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। राम भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे।

साल 2024 में इन चमत्कारिक पेड़-पौधों को लाएं घर, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

In the year 2024, bringing these miraculous plants to your home will strengthen your financial situation. वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में लगाई हर चीज में कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ता है। यह नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही हो सकता है। अपने घर और दफ्तर में भूलकर भी कुछ ऐसा न लेकर आएं, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़े। वास्तु शास्त्र की मानें तो घर में लगाई हर चीज में कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ता है। यह नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही हो सकता है। अपने घर और दफ्तर में भूलकर भी कुछ ऐसा न लेकर आएं, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़े। यह आपके आर्थिक, मानसिक और शारीरिक विकास के गलत हो सकता है। वास्तु शास्त्र में कुछ पेड़-पौधे ऐसे बताए गए हैं, जिनको लगाने से आर्थिक विकास में सहायता मिलती है। साल 2024 आने वाला है। आप नए साल के मौके पर इन पेड़-पौधों को अपने घर पर लगाने के लिए ला सकते हैं। रातरानी का पौधा,आप घर में पौधा लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो रातरानी का पौधा अच्छा रहेगा। रातरानी के फूल खुशबू देते हैं, जिससे मानसिक तनाव दूर होता है। यह आपको शांति देता है। ज्योतिष की माने तो परिवार में प्रेम को बढ़ावा मिलता है। चंपा का पौधा,चंपा के पौधे में हल्के-पीले रंग के फूल निकलते हैं। यह घर में बेहद अच्छे लगते हैं। इसके होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती है। घर के सदस्यों की सेहत पर सकारात्मक असर रहता है। चमेली का पौधा ,चमेली के पौधे में खूबसूरत फूल निकलते हैं, जिसमें अच्छी महक आती है। वास्तु शास्त्र की माने तो चमेली का पौधा घर में लगाना शुभ होता है। परिवार के सदस्यों में आत्मविश्वास पैदा होता है। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

भ्रष्टाचार दुःख का कारण, दंड ही इसका निवारण.

Corruption is the cause of sorrow; punishment is the solution to its elimination. काटनी होगीं भ्रष्टाचार की मजबूत होती जडेमहिला असिस्टेंट इंजीनियर करोड़ों के भ्रष्टाचार में फंसी…नगर निगम का अफसर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा …महिला सब इंस्पेक्टर का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल…बाबू ने मांगी रिश्वत… रिश्वत लेने और भ्रष्टचार से जुड़े अनेक मामलों की ऐसी खबरें आए दिन समाचार-पत्रों की प्रमुख हेडलाइंस होती हैं। जिन्हें पढ़कर और सुनकर लगता है कि मानों आज भ्रष्ट आचरण वाले अधिकारी और कर्मचारी नियम विरुद्ध कार्य कर बनाई व्यवस्था को ध्वस्त कर तंत्र को दीमक की तरह चाट रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर पढ़िए मौजूदा परिवेश में जड़ जमाते भ्रष्टाचार की हकीकत को दर्शाती खास रिपोर्ट। डॉ. केशव पाण्डेय अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस आज भ्रष्टाचार@भ्रष्ट+आचार : भ्रष्ट यानी बुरा या बिगड़ा हुअ…आचार का मतलब आचरण… अर्थात भ्रष्टचार का शाब्दिक अर्थ है वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो। जब कोई न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरुद्ध जाकर अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है।मौजूदा दौर में भ्रष्टाचार एक जटिल सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्या है, जो सभी देशों को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर आर्थिक विकास को धीमा करता है और सरकारी अस्थिरता में योगदान देता है।भ्रष्टाचार वर्तमान में एक नासूर बनकर समाज को खोखला करता जा रहा है। धर्म का नाम लेकर लोग अधर्म को बढ़ावा दे रहे हैं। दोषी व अपराधी धन के प्रभाव में स्वच्छंद घूम रहे हैं। धन-बल का प्रदर्शन, लूट-पाट, तस्करी आदि आम बात हो गई है। भ्रष्टाचार का समाज और राष्ट्र में व्यापक असर हो रहा है।भ्रष्टाचार ऐसा अनैतिक आचरण है, जिसमें व्यक्ति खुद की छोटी इच्छाओं की पूर्ति हेतु देश को संकट में डालने से परहेज नहीं करता है। देश के भ्रष्ट नेताओं द्वारा किया गया घोटाला ही भ्रष्टाचार नहीं है अपितु एक ग्वाले द्वारा दूध में पानी मिलाना भी भ्रष्टाचार का स्वरूप है।सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश में आज भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। दुनियाभर में पीढ़ियों के सामने भ्रष्टाचार एक सबसे बड़ी चुनौती है। यही चुनौती दुनिया भर के लोगों की समृद्धि और स्थिरता को खतरे में डाल रही है। क्योंकि आज अधिकांश लोग अवैध तरीकों से धन अर्जित करने की चाह में भ्रष्टाचार कर रहे हैं और निजी लाभ के लिए देश की संपत्ति का शोषण। यह देश की उन्नति के पथ पर सबसे बड़ा बाधक तत्व है। व्यक्ति के व्यक्तित्व में दोष निहित होने पर देश में भ्रष्टाचार की मात्रा बढ़ रही है।यही वजह है कि भ्रष्टाचार का समाज के हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह संघर्ष और अस्थिरता के साथ गहराई से जुड़ रहा है। जो सामाजिक और आर्थिक विकास को खतरे में डालकर लोकतांत्रिक संस्थानों और कानून के शासन को कमजोर कर रहा है।भ्रष्टाचार न केवल संघर्ष का कारण बनता है, बल्कि अक्सर इसके मूल कारणों में से एक है। यह कानून के शासन को कमजोर करके, गरीबी को बदतर बनाकर, संसाधनों के अवैध उपयोग को सुविधाजनक बनाकर और सशस्त्र संघर्ष के लिए वित्तपोषण प्रदान करके संघर्ष को बढ़ावा देता है और शांति प्रक्रियाओं को रोकता है।हैरान करने वाली बात यह है कि देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार के मामले में चौथे नंबर पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 294 मामले पंजीबद्ध हुए थे।प्रदेश में रिश्वत लेने के मामले सबसे ज्यादा हैं। इनमें लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के पास 257 मामले आए। ट्रेप के मामले में भी प्रदेश तीसरे पायदान पर है। अनुपातहीन संपत्ति के मामले में भी पिछले वर्ष 2022 में 17 मामले दर्ज हुए थे। इस मामले में प्रदेश का पांचवा नंबर है।भ्रष्टाचार के बढ़ते संकट को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार विरोधी और शांति, सुरक्षा और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करना चाहता है। इसके मूल में यह धारणा है कि इस अपराध से निपटना हर किसी का अधिकार और जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति और संस्था के सहयोग और भागीदारी से ही हम इस अपराध के नकारात्मक प्रभाव पर काबू पा सकते हैं। राज्य, सरकारी अधिकारी, सिविल सेवक, कानून प्रवर्तन अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, शिक्षाविद, जनता और युवा सभी को समान रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने में भूमिका निभानी होगी।क्योंकि भ्रष्टाचार वह दीमक है जो अंदर ही अंदर देश को खोखला कर रहा है। यह व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना है जो यह दिखाता है व्यक्ति लोभ, असंतुष्टि, आदत और मनसा जैसे विकारों के वजह से कैसे मौके का फायदा उठा सकता है।भ्रष्टाचार होने का प्रमुख कारण देश का लचीला कानून है। पैसे के दम पर ज्यादातर भ्रष्टाचारी बाइज्जत बरी हो जाते हैं, अपराधी को दण्ड का भय नहीं होता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भ्रष्टाचारियों को कठोर से कठोर दंड मिले।यदि सतत विकास लक्ष्यों में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है तो भ्रष्टाचार को रोकना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना और संस्थानों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। कह सकते हैं कि समाज व राष्ट्र की उन्नति और लोगों की तरक्की के लिए भ्रष्टाचार की मजबूत होती जड़ों को समूल काटना होगा।

प्रदेश पंचायत सचिवों कि सौ प्रतिशत अनुकम्पा, विभाग में संवेलियन मुख्य मांग रखेंगे, हाकिम सिंह यादव.

Hakim Singh Yadav stated that ninety percent of the District Panchayat Secretaries will demand compassion in the department with a focus on supervision भोपाल ! विगत दिनों में बिधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड बहुमत से पुनः सरकार बनने जा रही इस के लिए 20 हजार पंचायत सचिवों कि और से आजाद पंचायत सचिव कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हाकिम सिंह यादव ने शुभकामनाएं दी साथ ही आने बाले सरकार से प्रदेश के पंचायत सचिवों कि प्रमुख मांगे सौ प्रतिशत अनुकम्पा, विभाग में संवेलियन, सेवानिवृत्त सचिव साथियों को अर्जित अवकाश,नगदीकरण का लाभ दिया जाए यही मांग मजबूती से रखेंगे और सरकार हमारी मांगों को पूरा करेगी यह पूर्ण उम्मीद है प्रदेश के पंचायत सचिवों कि और से मैं सरकार को भरोसा दिलाता हूं कि प्रदेश के विकास और जन मानस तक योजना का लाभ पहुंचाने में पूर्ण सहयोग करेंगेप्रदेश में संचालित होने बाली योजनाओं में आने बाली समस्या जैसे फ़र्जी सी सी एम हेल्प लाइन, मनरेगा के कार्यों का ओनलाइन मूल्यांकन, पोर्टल संम्बधि कार्यों को सरलीकरण किया जाने हेतु प्रयास करेंगे

पुलिस आरक्षक का मंदिर में रिश्वत लेने का विडियो वायरल

The viral video depicts a police constable accepting a bribe inside a temple. कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी के न्यायालय परिसर में एक आरक्षक का खुलेआम रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस वर्दी में एक आरक्षक कुछ युवकों से रुपए लेते दिख रहा है। इस दौरान किसी ने यह पूरा वाक्या मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। हालांकि सहारा समाचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत लेने वाला आरक्षक कुठला थाने में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि आरक्षक काफी समय से कुठला थाने से चालानी पेपर लेकर न्यायालय में आ रहा हैं। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि न्यायालय परिसर में आरक्षक युवकों से किस बात के रुपए ले रहा है। इधर वीडियो सामने आने के बाद इस वायरल वीडियो की जांच की भी पुलिस के द्वारा बात की जा रही है। अगर इसमें अवैध तरिके से आरक्षण पैसा लेते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जा सकती है। फिलहाल आरक्षक का पैसे लेते वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

डॉ भीमराव अंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया

अजाक्स संघ के पदाधिकारी महापरिनिर्वाण मनाते हुए ग्यारसपुर में रविदास धाम पर डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पण किए और बाबा साहब के विचारों पर प्रकाश डाला एवम उनके विचारों पर चलने का निर्णय लिया जिसमें अजाक्स अधिकारी कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष देवी सिंह अहिरवार ज्ञान सिंह अहिरवार विक्रम सिंह चिड़ार मनोज कुमार चिडार नंदकिशोर रामकृष्ण सिसोदिया मनोज कुमार प्रदीप कुमार बाबूलाल अहिरवार एवं समाज के वरिष्ठ नागरिक बंधु उपस्थित रहे।

22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. वहीं खबर है कि कार्यक्रम में मंदिर बनाने वाले श्रमिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या.

National Karni Sena Chief Mr. Sukhdev Singh Gogamani was shot dead in Jaipur. जयपुर। बहुत ही दुखद घटना 05/12/2023 को राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या कर दी गई है उनका इस तरह आकस्मिक निधन पूरे राजपूत समाज की अपूरणीय क्षति है पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब तक आरोपी भाग गए। मामले की पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की एवं आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। वहीं लोगों ने राज्यशासन और प्रशासन से मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।

भारतीय-संविधान दिवस आत्मचिंतन का पर्व………..

Indian Constitution Day is a day of introspection सलाहकार संपादक,,शीतला शंकर मिश्राहम भारत के लोगों ने 26नवम्बर1949को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व लोकतंत्रात्मक गण राज्य बनाने के लिए संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित व आत्मार्पित किया था।यही संविधान 26जनवरी 1950को लागू किया गया था।विश्व के सबसे बड़े संविधान की 74वीं वर्ष गाँठ का उल्लास स्वाभाविक है, लेकिन निराशा की खाइयाँ ढेर सारी हैं।संविधान दिवस को आत्मचिंतन दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता है। भारत का संविधान किसी क्रांति का परिणाम नहीं है। ब्रिटिश सरकार ने पराजित क़ौम की तरह भारत नहीं छोड़ा था। स्वाधीनता भी ब्रिटिश संसद के भारतीय स्वतंत्रता क़ानून 1947से मिली। भारतीय संविधान में ब्रिटिशसंसद द्वारा पारित 1935 के अधिनियम की ही अधिकांश बातें हैं। भारत ने भारत शासन अधिनियम 1935को आधार बनाकर गलती की थी। यह आरोप मै ही लगा रहा हूँ ऐसा नहीं है उस समय के विचारकों, क़ानून विदों ने भी लगाया था और आरोपों का उत्तर देते हुए डाक्टर अम्बेडकर ने स्पष्टीकारण दिया था कि उनसे इसी अधिनियम के आधार की अपेक्षा की गई है। भारत की संसदीय व्यवस्था, प्रशासनिक तंत्र व प्रधानमंत्री ब्रिटिश व्यवस्था की उधारी है। दुःखद है कि भारत ने अपनी संस्कृति व जन गण मन की भावना के अनुरूप अपनी राजव्यवस्था नहीं गढ़ी।जिसका परिणाम आप सबके समक्ष है।एक सैकड़ा से ऊपर संविधान संशोधनों के पश्चात् भी परिस्थितियों में मूल भूत सुधार नहीं हो सका है। सम्प्रति भारतीय संविधान और गणतंत्र संकट में है। संविधान सभा ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में मात्र 63 लाख 96हज़ार रुपए ही खर्च किये। जम कर बहस हुई,2473संशोधनों पर चर्चा हुई। आज संसद और विधान मंडलों के स्थगन शोर शराबे और करोड़ों रुपयों के खर्च विस्मय कारी हैं।संविधान में शतक से अधिक संशोधन हो चुके हैं। संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है।राजनीति भ्रष्ट उद्योग बन गई है। संविधान के शपथी मंत्री, सांसद, विधायक जेल जा रहे हैं। अनेक जेल में रहकर मंत्री पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जेल में रहकर अनेक जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जीत भी रहे हैं।निराशा की खाईं गहरी है , राष्ट्रीय उत्सव अब उल्लास नहीं पाते। संवैधानिक संस्थाएँ धीरज नहीं देतीं। आम जन हताश और निराश हैं। राजनीतिक अड्डों में ही गण तंत्र के उल्लास का जग मग आकाश है 15-20%लोग ही संविधान के सुख और गणतंत्र के माल से अघाए हैं। शेष अस्सी प्रतिशत लोग भुखमरी में हैं। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था मोदी मय है और राजनीतिक व्यवस्था गणतंत्र विरोधी है।मेरी दृष्टि में संविधान दिवस राष्ट्रीय आत्मचिंतन का पर्व होना चाहिए।जयहिंद

बरसों से चली आ रही परंपरा आज भी जिंदा, कार्यक्रम में सम्मिलित गांव के लोग.

The tradition that has been ongoing for decades is still alive today, with the people from the participating village in the program. Sitaram Kushwahaविदिशा, ग्यारसपुर के औलिजा ग्राम के लोग आज भी वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं ग्राम के सभी लोग ठाकुर बाबा के यहां पर पहुंचकर ढाल चढ़ाते हैं । ग्राम के सभी लोग धूमधाम से यह उत्सव मनाते हैं पूरा गांव इस कार्यक्रम में उमड पड़ता है जंगल के बीचो-बीच ठाकुर बाबा का स्थान है जहां पर लोग, आसपास से भी पहुंचते हैं और सैकड़ो लोग अपनी मन्नत लेकर ठाकुर बाबा के स्थान पर पहुंचते हैं और लोगों की यहां से मन्नत पूरी होती है ऐसा मानते हैं कि जो भी ढाल चढ़ते हैं बाबा उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं, गांव की सरपंच प्रतिनिधि किशोर कुशवाहा ने बताया है कि वर्षों से हम इस परंपरा को मनाते आ रहे हैं हमारे पूर्वज भी यहां पर आकर ग्यारस के बाद बारस को चबूतरा पर पहुंचकर पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं , और सभी ग्रामीण इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर प्रसाद चढ़ाते हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं । और सभी को प्रसाद वितरण करते हैं ।

धर्म संसद में गाय को गौमाता का राष्ट्रीय दर्जा देने संतों ने उठाई आवाज.

Saints raised their voices in the Parliament of Religion to confer the national status of ‘Gau Mata’ (Mother Cow) on the cow. सरकार से जल्द गौमाता का राष्ट्रीय पशु का दर्जा हटाने की मांग, दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के संतों ने किया आंदोलन, हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में यह एक अच्छा कदम साबित होगा Udit Narayan दिल्ली। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौमाता की रक्षा धर्म रक्षा है और गोमाता की हत्या धर्म हत्या है। अगर धर्म का रक्षण और पोषण करना है तो गाय का रक्षण और पोषण करना शुरू कर दें, धर्म का रक्षण और पोषण अपने आप हो जाएगा। जगतगुरु शंकराचार्य सोमवार को रामलीला मैदान में आयोजित गौमाता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा आंदोलन के विशाल महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। शंकराचार्य ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि गोमाता के प्रति हमारी भावना को सत्ता में बैठे लोग नहीं समझ रहे है। एक तरफ देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ सबको अमृत देने वाली गौमाता की दुर्दशा हो रही है। महासम्मेलन में अलग-अलग राज्यों से गौमाता के लिए समर्पित साधु-संत, गौभक्त, गौशाला संचालक, सामाजिक, धार्मिक और सनातन संस्कृति से संबंधित संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तीन पीठों के शंकराचार्य ने आंदोलन को दिया अपना समर्थन भारतीय गौ क्रांति मंच के संस्थापक और महासम्मेलन के आयोजक गोपालमणि महाराज ने बताया कि अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य ने वीडियो संदेश भेजकर इस आंदोलन को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि गौमाता का खोया गौरव लौटाने का एकमात्र रास्ता है कि केंद्र सरकार गाय को पशु के दर्जे से हटाए और राष्ट्रमाता का दर्जा दे। गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय हमारे धर्म का हिस्सा है। जबसे हम लोगों ने गाय को धर्म से अलग किया, तभी से गौमाता की दुर्दशा शुरू हो गई है। जो इंसान गौमाता को धर्म की दृष्टि से देखेगा, वही उसकी रक्षा कर सकता है, इसलिए गाय को धर्म की तरह अपनाना होगा। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता का वास: देवकीनंदन ठाकुर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता बसते है। अगर गाय की हत्या होती है तो वह सनातन धर्म की हत्या है। आरएसएस की ममता दास ने कहा कि गौमाता के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना जरूरी है। इसके लिए हम सबको मिलकर संकल्प लेना होगा। राजस्थान के स्वामी प्रकाशानंद ने कहा कि हमारे जितने भी वैदिक कर्म है, वे सभी गौमाता के बिना संपन्न नहीं होते। हमारी सनानत संस्कृति के अनुसार गाय को माता माना गया है, लेकिन हम गाय का दूध पीने के बाद उसे बाहर निकाल देते हैं, जबकि भगवान ने भी कहा है कि मैं गौ के भीतर रहता हूं। हमारी पूरी संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना गौमाता के इर्द गिर्द घूमती है। इसलिए सभी देशवासी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करवाने के लिए आंदोलन करने के साथ-साथ स्वयं भी गौमाता का सम्मान करें। भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करेअब देखना यह है कि केंद्र सरकार संतों की मांग गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देती है या विचार में किसान आंदोलन जैसा स्वरूप लेने के लिए संत महात्माओं को विवश होना पडेगा। कुछ धार्मिक गुरूओं से चर्चा करने के बाद यह कहा जा सकता है कि जैसा कि भाजपा अपने आपको सनातन के प्रति वचनवद्ध है, तो फिर भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करनी चाहिए। पूर्व में भी भाजपा सरकार द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सनातन की रक्षा के लिए अनुकरणीय कदम उठा चुकी है। भाजपा सरकार के लिए यह अच्छा मौका है कि वह गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देती है। जिससे हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में एक अच्छा कदम साबित होगा।

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य का आमरण अनशन 11वें दिन अनवरत जारी।

The fast unto death of the ascetic Chhawni Peethadhishwar Jagatguru Paramhans Acharya continues for the 11th day continuously for the demand of Hindu Rashtra. अन्न जल का परित्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में कर रखा है कैद। समर्थन में उतरे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने गदा भेंट कर किया सम्मान। संतोष सिंह तोमर अयोध्या। भारत देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य को उनके सहयोगियों ने आज अनशन के 11 दिन बीतने पर करीब आधा घंटे के लिए अनशन कक्ष से बाहर बुलाया। इस दौरान तपस्वी छावनी में मौजूद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख ने संघठन के सदस्यों के साथ आमरण अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर को हनुमान जी का गदा भेंट कर उनका सम्मान किया। हम आपको याद दिला दें की विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने विगत 7 नवंबर मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सुबह 4 बजे से ही अन्न जल का त्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में बंद कर लिया था वह तब से लेकर आज तक अपने आश्रम पर अन्न जल के बिना खुद को कमरे में बंद किए हुए हैं। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन पर जबरन आमरण अनशन तुड़वाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। हम आपको बता दें कि परमहंसाचार्य ने हिंदू राष्ट्र घोषित ना होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी बहुत पहले ही दे दी थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी लिख चुके हैं कई पत्र आमरण अनशन से जगतगुरु परमहंसाचार्य एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए वह एक लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे देश में घूम- घूमकर हिंदू राष्ट्र की अलख जगाई। हिंदू राष्ट्र की मुहिम से भारत के कई हिंदूवादी संगठनों को भी जोड़ा। उनकी मांग थी कि 6 नवंबर 2023 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। नही तो 7 नवंबर से अन्न जल का त्याग कर वह आमरण अनशन पर बैठ जायेंगे इसके लिए वह कई बार देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके कारण उन्हें भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने हेतु अन्न जल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। इससे पूर्व राममंदिर के लिए उन्होंने 16 दिनों तक आमरण- अनशन किया था जो श्रीरामजन्मभूमि के फैसले में निर्णायक भी साबित हुआ था। पाकिस्तान मुस्लिम राष्ट्र बना, भारत हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर उन्होंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई और आमरण अनशन किया। आज हिंदू राष्ट्र की मांग पूरे देश की आवाज बन चुका है। विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया। जो मुस्लिम राष्ट्र बन चुका है, तो भारत हिंदुराष्ट्र क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे से भारत का जो भाग बचा हुआ है। उसको जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता को बचाने के लिए भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि देश में लगातार लव जेहाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सनातन धर्म को मिटाने की चुनौती दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और मानवता को बचाने के लिए भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए हमारी मांग मान ली जाए। नही तो मेरा शरीर छूट जाए कोई बात नहीं एक परमहंस जायेंगे, तो न जानें कितने हजारों-लाखों परमहंस आयेंगे। परमहंसाचार्य के समर्थन में ओजस्वी फाउंडेशन महाराष्ट्र के एकनाथ महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी समेत उनके तमाम समर्थक आमरण अनशन स्थल पर मौजूद रहते हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने दिया है संपूर्ण समर्थन जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को समर्थन देने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी अनशन शुरू होने के साथ ही तपस्वी छावनी पहुंच गए थे। जहां उन्होंने स्पष्ट कर दिया था श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल जगतगुरु परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है। यह कोई नाजायज नहीं बल्कि जायज मांग है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मैं तपस्वी छावनी पहुंचा तो महाराज श्री एक कमरे में अपने आपको बंद करके आमरण अनशन कर रहे थे। पता चला कि पुलिस प्रशासन उनको उठाने के लिए तपस्वी छावनी पहुंच गया था। आज ग्यारह दिन बाद अनशन पर बैठे आचार्य श्री से निवेदन कर उन्हें अनशन कक्ष से बाहर बुलाया। इस दौरान हिंदू राष्ट्र के लिए प्रयत्नशील तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु श्री परमहंस आचार्य को हिन्दू राष्ट्र के लिए शुरू की गई इस लड़ाई में विजय हेतु महाबली श्री हनुमान जी का गदा प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस बीच करीब तीस मिनट तक आचार्य श्री अनशन कक्ष से बाहर ही रहे लेकिन तीस मिनट के बाद उन्होंने फिर से अपने आपको तालों के बीच कैद कर लिया। भारत का शायद पहला ऐसा आमरण अनशन होगा। जहां पर किसी अनशनकारी ने खुद की सुरक्षा के लिए अपने आपको तालों में बंद कर रखा हो, ऐसा शायद इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। संत के आमरण अनशन से बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेश मणि त्रिपाठी ने महाराज जी के इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक जनमानस जिस लिए भाजपा को चुनाव जीताकर यहां पहुंचाया इसका मुख्य आधार इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाया जाना ही था, लेकिन हिंदू राष्ट्र का सपना आम जनमानस का साकार नहीं हुआ। आज एक संत हिंदू राष्ट्र के लिए आमरण आसान कर … Read more

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य आमरण अनशन पर बैठे।

The ascetic Chhawni Peethadhishwar Jagatguru Paramhans Acharya sat on a fast unto death demanding a Hindu nation. अन्न जल का परित्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में कर लिया कैद। अनशन रत परमहंसाचार्य के समर्थन में उतरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल। संतोष सिंह तोमर अयोध्या। हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह अपने आश्रम पर सुबह के 4 बजे से ही अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने खुद को आश्रम के एक कमरे में कैद कर लिया। है। साथ ही जिला प्रशासन पर जबरन आमरण अनशन तुड़वाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। हम आपको बता दें कि परमहंसाचार्य ने हिंदू राष्ट्र घोषित ना होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी पहले ही दे दी थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी लिख चुके हैं कई पत्र आमरण अनशन से जगतगुरु परमहंसाचार्य एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए वह एक लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे देश में घूम- घूमकर हिंदू राष्ट्र की अलख जगाई। हिंदू राष्ट्र की मुहिम से भारत के कई हिंदूवादी संगठनों को भी जोड़ा। उनकी मांग थी कि 6 नवंबर 2023 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। नही तो 7 नवंबर से अनजल का त्याग कर वह आमरण अनशन पर बैठ जायेंगे इसके लिए वह कई बार देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके कारण उन्हें भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने हेतु अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। राममंदिर के लिए उन्होंने 16 दिनों तक आमरण- अनशन किया था जो श्रीरामजन्मभूमि के फैसले में निर्णायक भी साबित हुआ था। सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है हिंदू राष्ट्र हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर उन्होंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई और आमरण अनशन किया। आज हिंदू राष्ट्र की मांग पूरे देश की आवाज बन चुका है। जगतगुरु ने कहा कि हिंदू राष्ट्र सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया। जो मुस्लिम राष्ट्र बन चुका है, तो भारत हिंदुराष्ट्र क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे से शेष जो भाग भारत बचा हुआ है। उसको जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता को बचाने के लिए भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बने। एक परमहंस जाएंगे,तो लाखों परमहंस आयेंगे देश में लगातार लव जेहाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सनातन धर्म को मिटाने की चुनौती दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और मानवता को बचाने के लिए भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए हमारी मांग मान ली जाए। नही तो मेरा शरीर छूट जाए कोई बात नहीं एक परमहंस जायेंगे, तो न जानें कितने हजारों-लाखों परमहंस आयेंगे। परमहंसाचार्य के समर्थन में ओजस्वी फाउंडेशन महाराष्ट्र के एकनाथ महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी समेत सैंकड़ों आमरण अनशन स्थल पर मौजूद रहे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने दिया संपूर्ण समर्थन जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को समर्थन देने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी तपस्वी छावनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल जगतगुरु परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है। यह कोई नाजायज नहीं बल्कि जायज मांग है। आखिर दुनिया में सबके तो अपने कहने के देश हैं। 85 प्रतिशत हिंदुओं को अपना कहने का कौन सा देश है। भाजपा की केंद्र सरकार से उम्मीद भी यही की जा रही थी कि हिंदू राष्ट्र जल्दी बन जाएगा। लेकिन जिस तरह हिंदू राष्ट्र बनाने में हीलाहवाली हो रही है उससे भाजपा सरकार से विश्वास उठता जा रहा है। अनशन पर बैठे आचार्य ने खुद को किया ताले में कैद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मैं तपस्वी छावनी पहुंचा तो महाराज श्री एक कमरे में अपने आपको बंद करके आमरण अनशन कर रहे थे। पता चला कि पुलिस प्रशासन उनको उठाने के लिए तपस्वी छावनी पहुंच चुकी थी। मजबूरी में उन्होंने अपने आपको तालों के बीच कैद कर अपना अनशन जारी रखा है। भारत का शायद पहला ऐसा आमरण अनशन होगा। जहां पर किसी अनशनकारी को खुद की सुरक्षा के लिए अपने को तालों में बंद करना पड़ा। ऐसा शायद इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। यह काम सरकार को खुद करना चाहिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि जो काम सरकार को खुद कर देना चाहिए था। उसके लिए एक संत को आमरण अनशन करना पड़ रहा है और उससे भी बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी की पावन धरती पर ऐसा हो रहा है। जबकि भारत सरकार को खुद ही आगे बढ़कर देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए। परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल का पूर्ण समर्थन है और अंत तक रहेगा। जरूरत पड़ी तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल परमहंसाचार्य के समर्थन में अयोध्या की गलियों में भी समर्थन जुटाने के लिए निकलेगी ।

पितृपक्ष में तर्पण और श्राद्धकर्म की महिमा।

हमारे हिन्दू धर्म में पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष की महिमा विशेष मानी जाती है, और इसे पितरों की पूजा और श्राद्ध का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। हिदू धर्म के अनुसार माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ी पूजा माना गया है। इसलिए हिंदू धर्म शास्त्रों में पितरों का उद्धार करने के लिए पुत्र की अनिवार्यता मानी गई हैं। जन्मदाता माता-पिता को मृत्यु-उपरांत लोग विस्मृत न कर दें, इसलिए उनका श्राद्ध करने का विशेष विधान बताया गया है। भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक के सोलह दिनों को पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन 16 दिनों के पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष में पितृ देवता अर्थात पंचतत्व में विलीन हो चुके परिजनों की मृतात्माओं को भोजन और जल अर्पित किया जाता है, जिसे तर्पण और श्राध्द कर्म कहा गया है। मान्यता यह है कि पितृपक्ष के 16 दिनों में मृत्यु तिथि अनुसार किये गए तर्पण एवं श्राद्धकर्म से पितृदेवताओं को भोजन और जल प्राप्त होता है। पितृदेवताओं के लिए मनाये जाने वाले 16 दिवसीय पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष का वर्णन हमारे वेद-पुराणों ओर धर्मग्रंथों में भी मिलता है। हिन्दुओं के प्रमुख धर्मग्रंथ श्रीराम चरित मानस से प्राप्त वर्णन के अनुसार स्वयं भगवान श्री राम चन्द्र जी ने भी अपने पिता महाराज दशरथ जी की मृत्यु के बाद उचित समय पर पितृदेवताओं के लिए श्राद्धकर्म एवं तर्पण किया था। इसके साथ ही गरुण पुराण और महाभारत आदि में भी तर्पण और श्राद्धपक्ष का वर्णन मिलता है इसकी महिमा कुछ मुख्य तत्वों पर आधारित होती है। जिसमें से कुछ विशेष कारणों से आपको अवगत कराते हैं। इन कारणों से, पितृपक्ष को हिन्दू समुदाय में एक महत्वपूर्ण और समर्पित त्योहार माना जाता है, जिसके कारण प्रत्येक हिन्दू परिवार में इन 16 दिनों को पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष को धर्म, और पितरों के स्मरण में बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है और सभी को अपने पितृदेवताओं की आत्मतृप्ति के लिए पितृपक्ष में तर्पण और श्राद्धकर्म अवश्य करना चाहिए। पितरों की आत्मा की शांति पितृपक्ष के दौरान, परिवार के पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। यह विश्वास किया जाता है कि श्राद्ध के द्वारा पितरों की आत्माओं को शांति मिलती है और वे स्वर्ग में आनंद से रहते हैं। पितृऋण हिन्दू धर्म में, पुत्र या पुत्री का धर्म है कि वे अपने पितरों के ऋण को चुकाएं। पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध करके, यह ऋण चुकाया जाता है। परिवार के महत्व पितृपक्ष एक परिवारी त्योहार होता है जिसमें परिवार के सभी सदस्य एक साथ आते हैं और अपने पितरों के स्मरण में एकत्र होते हैं। इसके माध्यम से परिवार के बंधन मजबूत होते हैं। धार्मिक महत्व पितृपक्ष का पालन करने से व्यक्ति अपने धर्म के मान्यता और तात्पर्य को दिखाता है। यह धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है और आत्मा के मोक्ष की दिशा में मदद करता है।

महान खेल प्रशासक कै.माधवराव सिंधिया। कैलाशवासी माधवराव सिंधिया जी की 22वी पुण्यतिथि पर विशेष।

कैलाशवासी महाराज माधवराव सिंधिया का नाम देश के सक्रिय राजनेताओं में शुमार है। उन्होंने पांचवी लोकसभा से लेकर तेरहवीं लोकसभा तक लगातार नौ बार सांसद के रूप प्रतिनिधित्व किया। वे भारत सरकार के कई जिम्मेदार विभागों में मंत्री रहे। जिसमें उनके रेलमंत्री के कार्यकाल (1984-1989)को विशेष रूप से याद किया जाता है। नागरिक उड्डयन, पर्यटन व मानव संसाधन एवं विकास जैसे मंत्रालयों का दायित्व भी उन्होंने कुशलतापूर्वक संभाला। माधवराव सिंधिया का जन्म 10 मार्च 1945 ई. को समुद्रमहल, बम्बई (मुंबई), महाराष्ट्र में हुआ था। माधवराव सिंधिया, महाराजा जीवाजीराव सिंधिया एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया के एकमात्र पुत्र थे। माधवराव सिंधिया ने खेलों के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्यों का संपादन किया। उन्होंने खेल प्रशासक के रूप में देश-विदेश में खासी ख्याति प्राप्त की थी। उन्होंने क्रिकेट, हॉकी सहित कई खेलों को अपना प्रत्यक्ष समर्थन दिया। उन्होंने संसद में रहते हुए भी खेलों की आत्मा को जीवित रखा और कई बार संसद की क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे। वे स्वयं क्रिकेट, हॉकी, ब्रिज, गोल्फ आदि के अच्छे खिलाड़ी थे। माधवराव सिंधिया को क्रिकेट से अत्यधिक लगाव था, इसी कारण वे क्रिकेट प्रशासनिक बॉडी के सदस्य बने एवं कई बार विभिन्न क्रिकेट संघों के अध्यक्ष भी रहे। 1967 ई. में ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना हुई और 1976 ई. में माधवराव सिंधिया इस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान माधवराव सिंधिया की कप्तानी में ग्वालियर ने सीनियर डिवीजन क्रिकेट टूर्नामेंट के मुकाबले में उज्जैन को हराया। माधवराव सिंधिया वर्ष 1982-83 ई. में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने और तब से लगातार 19 वर्षो तक, मृत्युपर्यंत एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर काबिज रहे। इस पद पर रहते उन्होंने एसोसिएशन और प्रदेश के क्रिकेट के विकास में जो महत्वपूर्ण कदम उठाए, वे मील के पत्थर साबित हुए। माधवराव सिंधिया 1991-1993 ई. तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने देश के इस संगठन को विश्व का सबसे धनी क्रिकेट संगठन के रूप में बदल दिया। माधवराव सिंधिया भारत में 1996 ई. में हुए ‘विल्स विश्वकप’ क्रिकेट मैंचों की समिति ‘पिल्कॉम’ के अध्यक्ष रहे। यह विश्वकप भारत, पाकिस्तान एवं श्रीलंका ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था। उनके नेतृत्व मेंं विश्वकप का सफल आयोजन हुआ था। माधवराव सिंधिया ने खेल प्रशासक के तौर पर ग्वालियर में क्रिकेट सुविधाओं का विकास पूर्ण मनोयोग से किया। ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। ग्वालियर के कैप्टन रूपसिंह क्रिकेट स्टेडियम को अत्याधुनिक एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया एवं उसमें सभी अत्यावश्यक सुविधाओं का विकास करवाया। ग्वालियर का रूपसिंह क्रिकेट स्टेडियम सेन्ट्रल जोन का पहला और देश का छठवां ऐसा क्रिकेट स्टेडियम है, जहॉं खिलाडियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। वे रूपसिंह स्टेडियम को इंग्लैण्ड के लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम की तरह भव्य और आकर्षक बनाना चाहते थे। माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अनेकों कार्य किए। रूपसिंह स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित हो सकें, इस हेतु 1984 ई. में पिच विशेषज्ञ सीताराम को नियुक्त किया। ग्वालियर स्टेडियम की गैटिंग पिच को निकलवाकर उसकी जगह ‘टर्फ पिच’ बनवायी। रूपसिंह स्टेडियम में 1989 ई. में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय मैच भारत एवं वेस्टइंडीज के बीच हुआ। रूपसिंह स्टेडियम, ग्वालियर में दिन-रात का मैच आयोजित करने के लिए फ्लड लाईट्स लगवाईं। यह फ्लड लाईट्स 1995 ई. में लगकर तैयार हुई और 21 फरवरी 1996 ई. में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूधिया रोशनी में पहला मैच रूपसिंह स्टेडियम में हुआ। रूपसिंह स्टेडियम में 1997 ई. में विश्व में प्रथम बार पांंच दिवसीय दिन-रात का मैच रणजी ट्राफी क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत ग्वालियर में खेला गया। माधवराव सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रहते क्रिकेट खिलाड़ियों की सुख सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा। रेलमंत्री रहते उन्होंने रेलवे में खिलाड़ियों को नौकरी दिलवायी। उनके अध्यक्ष बनने के पहले मध्यप्रदेश के रणजी ट्राफी खिलाड़ियों को द्वितीय श्रेणी में यात्रा करनी पड़ती थी। उनके अध्यक्ष बनने के बाद खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी में यात्रा करने की सुविधा मिलना शुरू हुई। उन्होंने क्रिकेट खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवायीं। माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए भी कई कार्य किए। माधवराव सिंधिया स्वयं भी हॉकी बहुत अच्छी खेला करते थे। उन्हें ग्वालियर की जनता ने प्रत्यक्षत: छतरी मंडी खेल मैदान में स्थानीय खिलाड़ियों के साथ हॉकी खेलते देखा है। ग्वालियर के सिंधिया शासकों ने हॉकी की लोकप्रियता को देखते हुए 1919 ई. में स्थानीय स्तर पर ‘सिंधिया हॉकी गोल्ड कप’ की शुरुआत करवायी। 1924 ई. में इस प्रतियोगिता को अखिल भारतीय स्तर का दर्जा मिला। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मध्यभारत हॉकी संघ ने सिंधिया गोल्ड कप हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन कराने की जिम्मेदारी ली। माधवराव सिंधिया ने रेल मंत्री बनते ही 1986 ई. में ग्वालियर में पृथक से ‘रेलवे हॉकी स्टेडियम’ की आधारशिला रखी एवं 1987 ई. में ‘एस्ट्रोटर्फ मैदान’ की व्यवस्था करवायी। इसका उद्घाटन भारत और पाकिस्तान के बीच हुए टैस्ट मैच के साथ हुआ। इस प्रकार माधवराव सिंधिया ने हॉकी को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवायीं। माधवराव सिंधिया जीवन पर्यन्त खेल एवं खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए कार्य करते रहे। माधवराव सिंधिया की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हुई। जब वे उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रचार हेतु दिल्ली से कानपुर जा रहे थे। 30 सितम्बर, 2001 को हुई इस दुर्घटना के समय उनकी आयु 56 वर्ष, 6 माह, 19 दिन की थी। माधवराव सिंधिया के अचानक निधन से सारा देश स्तब्ध रह गया। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, ‘वज्रपात हो गया! क्या काल भी इतना कू्र हो सकता हैं?’ ऐसे महान नेता एवं पथ प्रदर्शक सदियों में जन्म लेते हैं।

महाकुंभ के नाम पर गुर्जर समाज ने मचाया आतंक।

ग्वालियर। शहर के फूलबाग मैदान पर गुर्जर समाज द्वारा आयोजित गुर्जर महाकुंभ के दौरान गुर्जर युवाओं ने जमकर हंगामा किया। पहले फूलबाग चौराहे पर चक्काजाम किया। पथराव किया। फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर, एसपी, नगर निगम कमिश्नर, एसडीएम समेत 50 से ज्यादा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियों में तोड़फोड़ दीं। कलेक्ट्रेट में घुसने पर जो सामने आया, उसे पीटा। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में बाहर लगे कांच भी तोड़ दिए। इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं बख्शा। हिंसक प्रदर्शन कर रहे युवकों ने पुलिस के अधिकारी सहित कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस अधिकारियों ने और फोर्स बुलाकर कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया लेकिन हिंसा और उपद्रव मचाने पर आमादा गुर्जर युवाओं ने मुरार, थाटीपुर आदि कई स्थानों पर भी हंगामा कर बाजार बंद करा दिये। यहां से पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद उपद्रवियों का हुजूम हाइवे पर स्थित सिकरौदा तिराहे पर जा पहुंचा और यहां भी भारी उत्पात मचाते हुए हाइवे से गुजर रहे वाहनों में तोड़फोड़ और लोगों से मारपीट कर हाइवे पर जाम लगा दिया। हाइवे जाम की खबर मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ तमाम अधिकारी हाइवे पर जा पहुंचे और बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और जाम खुलवाया। इस घटना के बाद से चिरवाई नाके पर राजा मिहिर भोज की प्रतिमा के आसपास फोर्स तैनात करने के साथ ही पुलिस पूरे इलाके पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस ने 25 संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। ये सभी बाइक से आए थे। उन्होंने पास ही के पेट्रोल पंप पर बाइक पार्क की थी। पुलिस ने पेट्रोल पंप पर खड़ी 150 से ज्यादा बाइक जब्त कर ली हैं। फूलबाग मैदान पर आयोजित था गुर्जर महाकुंभ सोमवार को फूलबाग मैदान पर गुर्जर पंचायत के बैनर तले गुर्जर महाकुंभ का आयोजन किया गया था। इसमें अंचल के सभी जिले सहित अन्य प्रदेशों से गुर्जर समाज के लोग आए थे। इसमें पांच प्रमुख मांगों को रखा गया था। सबसे बड़ी मांग गुर्जर सम्राट मिहिर भोज को लेकर है। असल में, ग्वालियर में पिछले दो साल से चिरवाई नाका पर लगी सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को विवाद के चलते टीन शेड से कवर कर दिया गया था। ये कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन और पुलिस ने की थी। इसी को लेकर गुर्जर समुदाय में आक्रोश है। इनकी मांग है कि प्रतिमा के आसपास लगाए गए टीनशेड कवर हटाए जाएं। कलेक्ट्रेट जाना पहले से तय था, पुलिस का इंटेलिजेंस फैल ग्वालियर में सोमवार को गुर्जर समुदाय का गुर्जर महाकुंभ कब उपद्रव में बदल गया पुलिस को पता भी नहीं लगा। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कई बड़े नेताओं के साथ ही अंचल के हजारों गुर्जर युवा महाकुंभ के नाम पर फूलबाग मैदान में जमा थे। पुलिस और प्रशासन को पता ही नहीं चला शांतिपूर्ण आंदोलन कब और कैसे उग्र आंदोलन में बदल गया ? यह सब पहले से तय था, पुलिस चाहती तो इस उपद्रव को रोका जा सकता था, लेकिन पुलिस का इंटेलीजेंस पूरी तरह फेल रहा है। फूलबाग मैदान में चल रहे गुर्जर महाकुंभ में भडकाऊ भाषण के बाद दोपहर 1.30 बजे करीब 800 से 900 युवा फूलबाग चौराहा पर आए और यहां जाम लगाने बैठ गए। यहां जब पुलिस ने उन्हें काबू करना चाहा, तो उपद्रवियों ने सिरोल थाना की मोबाइल (गाड़ी) के कांच तोड़ दिए। इसके बाद किसी तरह पुलिस ने कन्ट्रोल कर लिया। पुलिस को पता था कि यह तो कुछ युवक थे। महाकुंभ में आए सभी सदस्य एक साथ कलेक्ट्रेट जाएंगे। उसके बाद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पहली घटना के तीन घंटे बाद 4.30 बजे के लगभग गुर्जर युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां उपद्रव मचा दिया। यहां उन्हें रोकने के लिए पर्याप्त फोर्स नहीं था। पहले से तय था कलेक्ट्रेट का घेराव गुर्जर महाकुंभ का आयोजन पहले से तय था। गुर्जर महाकुंभ के संयोजक दिनेश कंसाना ने दो दिन पहले ही घोषणा की थी कि गुर्जर महाकुंभा में मंच से सभा होने के बाद सभी सदस्य रैली के रूप में कलेक्ट्रेट जाएंगे और यहां कलेक्टर ग्वालियर को अपनी मांगों से अवगत कराने ज्ञापन सौंपा जाएगा। जब यह कार्यक्रम तय था तो पुलिस ने इंतजाम क्यों नहीं किए। जबकी पूर्व में सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार की मूर्ती के मामले में चिरवाई नाका,गोला का मंदिर , दीनदयाल नगर चौराहा सहित अन्य स्थानों पर गुर्जर समाज ने उग्र आंदोलन किये हैं। उपद्रवियों के वाहनों के नंबर से होगी पहचान पुलिस को कलेक्ट्रेट के सामने पेट्रोल पंप पर खड़े लगभग डेढ़ सैकड़ा वाहन मिले हैं। यह वाहन उन लोगों के हैं जो कलेक्ट्रेट में हंगामा करने आए थे। उपद्रवी पुलिस के खदेड़ने के बाद बिना वाहनों के भागे हैं। अब पुलिस ने यह वाहन जब्त कर लिए हैं। अब इनके रजिस्ट्रेशन नंबर से पुलिस एक-एक उपद्रवी का पता लगाकर उनके घर पहुंचेगी। इन मांगों को लेकर अड़ा था गुर्जर समाज *1, गुर्जर समाज को भाजपा-कांग्रेस संख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व दें। 2, गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के आसपास लगाए गए टीनशेड कवर हटाए जाएं। 3, भिंड में भूरेश्वर मंदिर से हटाया गया गुर्जर बोर्ड वापस लगाया जाए। 4, गुर्जर प्रतिहार वंश की ऐतिहासिकता से छेड़छाड़ बंद की जाए। 5, गुर्जर समाज का निर्दोष सदस्य आकाश गुर्जर के एनकाउंटर पर उसके परिवार को आर्थिक मदद दी जाए 6, जहां-जहां से गुर्जर नाम हटाया गया है वहां उसका उल्लेख वापस किया जाए*

स्लीमनाबाद क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर पलक झपकते ही निकले पैसे

शब्द पावर, कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के सेंट्रल बैंक एटीएम में रुपए निकालने गए एनटीपीसी के रिटायर्ड मैनेजर का एटीएम कार्ड पलक झपकते एक युवक ने बदलकर खाते से रुपए गायब कर दिए। घटना के संबंध में चर्चा करते हुए एनटीपीसी के रिटायर्ड मैनेजर नरेश कुमार पांडे ने बताया कि 22 सितंबर की शाम लगभग साढ़े सात बजे वे तेवरी स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम में रुपए निकालने गए थे। जब वह एटीएम में रुपए निकालने की कोशिश कर रहे थे तो बार बार रुपए निकालने के बाद भी प्रोसेस नहीं हो रहा था। इसी दौरान पीछे से एक लगभग 25 से 30 वर्षीय युवक आया और उसने कहा कि दीजिए चाचा मैं मदद करता हूं। युवक ने महज 10 सेकंड के भीतर एटीएम कार्ड बदल दिया और वहां से चलता बना। कुछ देर बाद ही खाते से रुपए निकाले जाने के एसएमएस मेरे मोबाइल पर आने लगे। देखते ही देखते खाते से 40 हजार रुपए निकल गए। खाते से पैसे निकालने की शिकायत करते हुए उसने किसी तरह मोबाइल को लॉक कराया और इस घटना की शिकायत पुलिस से की। यह पहला अवसर नहीं है कि जब इस तरह का फ्रॉड जिले में सामने आया हो ऐसे मामले पहले भी हो चुके हैं लेकिन अभी तक ऐसे मामलों में पुलिस के हाथ खाली ही हैं।

“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं”

“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं” AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान

यू एन ह्यूमन राइट चीफ वोल्कर ने, भारत में मुस्लिमों के प्रति हो रही हिंसा, भेदभाव और बयानबाज़ी पर बयान जारी किया

यू एन ह्यूमन राइट चीफ वोल्कर तुर्क ने भारत में मुस्लिमों के प्रति हो रही हिंसा, भेदभाव और भड़काव बयानबाज़ी पर बयान जारी कर कहा है कि : “भारत रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय हिंसा और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। मुसलमान अक्सर ऐसे हमलों का निशाना बनते हैं, हाल ही में उत्तर भारत में हरियाणा और गुरुग्राम में , मणिपुर में अन्य समुदाय भी मई से हिंसा और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं “।

गठबंधन की ओट में सनातन धर्म पर चोट।

ग्वालियर। कांग्रेस पार्टी द्वारा क्षेत्रीय घटक दलों को साथ लेकर बनाये गए I.N.D.I.A गठबंधन का असली चेहरा सनातन धर्म एवं संस्कृति के प्रमुख विरोधी के रूप में खुलकर उजागर हो रहा है। ऐसा लगता है जैसे देश मे विपक्षी राजनीतिक दलों के द्वारा सनातन धर्म को लेकर खुद को सबसे बड़ा सनातन संस्कृति का विरोधी दिखाने की एक होड़ सी लगी हुई है। कांग्रेस एवं सहयोगी विपक्षी दलों द्वारा लगातार सनातन धर्म एवं संस्कृति को लेकर जिस तरह की अमर्यादित, अनर्गल एवं धर्म विरोधी और अपमानजनक भाषा का उपयोग करते हुए सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है। वह इस I.N.D.I.A गठबंधन को ही पतन की ओर ले जाता दिखाई दे रहा है। जहाँ एक ओर कांग्रेस विपक्षी दलों को साथ लेकर बनाए गए I.N.D.I.A गठबंधन के भरोसे भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए हुंकार भर रही है। वहीं गठबंधन के द्वारा लगातार सनातन धर्म पर तीखे प्रहार कर समस्त सनातनियों को अपमानित कर रही है। अभी हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री स्टॉलिन के बेटे एवं कर्नाटक सरकार में खेल मंत्री उदय निधी स्टॉलिन ने जिस तरह सनातन धर्म की तुलना कॉरोना वायरस और डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियों से करते हुए सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही गई है। वह बहुत ही गंभीर एवं चिंताजनक है। इसके भी दो कदम आगे आकर कर्नाटक सरकार के ही एक ओर मंत्री जी परमेश्वर द्वारा सनातन हिन्दू धर्म का अपमान करते हुए यहां तक कह दिया कि जैन और बौद्ध धर्म का उदय भारत में हुआ है और ईसाई और इस्लाम धर्म बाहर से भारत में आये हैं लेकिन हिन्दू धर्म का कहीं कोई इतिहास नहीं मिलता है। जबकि इसके पूर्व गठबंधन के प्रमुख घटक दल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी कभी सनातनियों के प्रमुख धार्मिक ग्रंथ श्री राम चरित मानस का खुले आम अपमान किया तो कभी अयोध्या में राम मंदिर, काशी के विश्वनाथ मंदिर, उत्तराखंड के प्रमुख केदारनाथ सहित तमाम हिंदु मंदिरों को बौद्धमठ तोड़कर बनाया जाना बताकर एक नया विवाद खड़ा करते हुए देश की शांति और धार्मिक सदभावना को तोड़ने का प्रयास किया। इतना ही नहीं खुद कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी द्वारा कई वार हिन्दू धर्म को लेकर विवादित बयान दिए गए हैं। अपने आप को जनेऊधारी ब्राह्ममण बताने वाले राहुल गांधी तो यहाँ तक कह चुके हैं कि हिन्दू मंदिरों में लोग लड़कियां छेड़ने जाते हैं। इस तरह के एक नहीं कई बयान हैं। जिनमें कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे सहित कई नेताओं द्वारा हिन्दू धर्म के ऊपर कुठाराघात किया गया है। यहाँ गौरतलब है कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े नेताओं को सिद्ध सनातन हिंदु धर्म और भारत देश के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों को अपमानित करने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि जिस तरह लगातार सनातन धर्म एवं संस्कृति का अपमान किया जा रहा है। इस अपमान से आक्रोशित होकर यदि सनातनियों ने एकजुटता दिखाई तो भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करने का सपना देख रहे कांग्रेसनीत I.N.D.I.A गठबंधन के दिग्गज नेताओं को अपनी-अपनी सीटों को बचाने के लाले न पड़ जाएं और भाजपा विहीन भारत का स्वपन कहीं कांग्रेस सहित विपक्ष विहीन भारत में तब्दील न हो जाए।

धर्म संस्थापक योगेश्वर श्री कृष्ण के जन्म दिवस की आप सभी महानुभावों को हार्दिक अनंतशुभकामनाएं…

भारतीय इतिहास में श्री कृष्ण के सदृश्य कोई दूसरा इतना महान व्यक्ति नही हुआ जिसे योगेश्वर पुकारा जाता हो। श्री कृष्ण के जन्म के समय भारत खण्ड-खण्ड में विभक्त था। ‘*गृहे गृहे ही राजानं: स्वस्य स्वस्य प्रियं करा:’ * अर्थात घर घर राजा हैं और अपने ही हित में लगे हुए हैं। सम्पूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बाँधने वाला कोई व्यक्ति नहीं था। कंस, जरासन्ध, शिशुपाल, दुर्योधन आदि जैसे दुराचारी व विलासियों का वर्चस्व निरन्तर बढ़ रहा था। राज्य के दैवीय सिद्धान्त और प्रतिज्ञा से भीष्म जैसे योद्धा तक बंधे हुए थे। श्री कृष्ण के जन्म से पहले ही उनके माता-पिता मथुरा के राजा कंस के कारावास में क़ैदी थे। कंस ने उनके सात भाइयों की हत्या भी करवा दिया था।ऐसे घोर अन्धकार और अन्याय पूर्ण काल में श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस के कारागृह में हुआ। ऐसे वातावरण में उन्होंने अपने अद्भुत कुशल पूर्ण चातुर्य नीति एवं कौशल से इन राजाओं को समूल नष्ट करवाकर धर्म राज युधिष्ठिर को भारत का चक्रवर्ती सम्राट बनवा दिया था। श्री कृष्ण के संदर्भ में तथ्य विशेष …….. 1 – जन्म व शैक्षणिक – श्री कृष्ण का जन्म लगभग 5300 वर्ष पूर्व हुआ था। वे वेद-वेदांग, धनुर्वेद, गन्धर्व-वेद, स्मृति, मीमांसा, न्यायशास्त्र व सन्धि, विग्रह, यान, आसन, द्वैत व आश्रय इन छः भेदों से युक्त राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया और श्रेष्ठतम पारंगता प्राप्त की । 2 – लोकनायकत्व – अरिष्ट नामक पागल बैल व कैशी नामक दुर्दम्य घोड़े को मारकर वे बचपन से ही गोकुल वासियों के नायक बन गए थे। 3 – संघ राज्य के समर्थक – कंस का वध करके वे पुनः राजतंत्र की परम्परा का परित्याग करके प्रजातन्त्र यानी संघ राज्य की स्थापना की थी। 4 – अर्ध्यदान के पात्र यानी सर्वाधिक प्रतिष्ठित युगपुरुष – राजसूय यज्ञ की समाप्ति पर पितामह भीष्म ने सम्राट युधिष्ठिर से यह कह कर अर्ध्य दिलवाया कि, समस्त पृथ्वी पर मानव जाति में अर्ध्य प्राप्त करने के सर्वोत्तर अधिकारी श्री कृष्ण ही हैं।क्योंकि वेद-वेदांग का ज्ञान, बल- विद्या और नीति का ज्ञान सम्पूर्ण धरती पर इनके बराबर किसी अन्य मनुष्य में नही है। 5 – संयम एवं ब्रह्मचर्य की साधना – विवाह के उपरान्त सामवेद के विधान के अनुसार अपने पत्नी के साथ 12 वर्ष बाद तक ब्रह्मचर्य की साधना की । ऐसे महात्मा के लिए 8-8 पटरानियां व 16000 रानियां और 18000 पुत्रों के पिता होने के अनर्गल प्रलाप आधुनिक विद्वानों ने किया उनके एक पुत्र और एक पत्नी को छोड़कर महाभारत या श्रीमद्भागवत में राधा नाम का कोई दूसरा पात्र नही है। ब्रह्मवैतादि पुराणकारों ने उनके उज्जवल चरित्र को कलंकित करने की कुत्सित चेष्टा की हैं। 6 – ज्ञान के क्षेत्र में श्रीकृष्ण – ज्ञान के क्षेत्र में श्रीकृष्ण अप्रतिम थे। गीता का ज्ञान संसार का सर्वोच्च उदाहरण है। वे शास्त्रों में पारंगत, शस्त्रों में निपुण व राजनीति के बृहस्पति थे। 7 – महान योगी – श्रीकृष्ण महान योगी थे। महाभारत में श्रीकृष्ण ने तीन बार दृष्टि अनुबन्ध का प्रयोग किया। दुर्योधन के समक्ष राजदरबार में, युद्ध के समय अर्जुन को और तीसरी बार कौरवों को सूर्यास्त का भान कराया। 8 – कूटनीतिज्ञ – शुक्राचार्य ने अपने नीतिसार में लिखा है कि,” श्री कृष्ण के समान कुटनीतिज्ञ कोई इस धरती पर दूसरा नही हुआ। 9 – मनोविज्ञानी – कर्ण से हारने के बाद युधिष्ठिर का मनोबल गिर गया था। पुनः शल्य के साथ युद्ध करने की अनुमति देकर उनका मनोबल बढ़ाया। 10 – पाखण्ड का विरोध – धर्म के नाम पर ढोंग फैलाने वालों को श्रीकृष्ण मिथ्याचारी तथा विमूढ़ कहकर भर्त्सना करते हैं। कर्मेन्द्रियणि संयम्य य आस्ते मन्सास्मरन्। इन्द्रीयर्थानिविमूढात्मा मिथ्याचारः स उच्यते।। ( गीता ३/१३ ) कर्म ब्रह्मोदभवम विद्वि ब्रह्माक्षर समुद्र भवम। ( गीता ३/१४ ) अर्थात – कर्म को तू वेद से उत्पन्न जान। और वेद परमात्मा से उतपन्न हुआ है। अतः श्रीकृष्ण वेद को ही सर्वोपरि मानते हैं। श्रीकृष्ण भगवान क्यों? सम्पूर्ण ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान, और वैराग्य इन छः का नाम ‘भग’ है। जिसके पास इनमें से एक वान भी हो वह भगवान कहलाता है। इसीलिए हम श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों को भगवान कहा जाता है। (ईश्वर के पास ये सभी गुण है इसीलिए ईश्वर भी भगवान है। किन्तु भगवान ईश्वर नहीं है। श्रीकृष्ण स्वयं कहते है कि मैं ईश्वर नही हूँ। महाभारत में वे कहते है कि, मैं यथासाध्य मनुष्योचित प्रयत्न कर सकता हूँ, किन्तु देव ( ईश्वर ) के कार्यो में मेरा कोई वश नहीं इस प्रकार यह स्पस्ट है कि श्रीकृष्ण महान योगी,महान राजनीतिज्ञ, महान कूटनीतिज्ञ, महान योद्धा, महान विद्वान तथा एक आप्त पुरुष थे यतो धर्मस्य ततो जय: शीतला शंकर विजय मिश्र

“ये जो राजनीति करते हैं वो मेरे और सुभाष चंद्र बोस के आदर्श सब धर्म को एकसाथ करने के मुताबिक नहीं है” – चंद्र कुमार बोस ने इस्तीफे पर कहा

“ये जो राजनीति करते हैं वो मेरे और सुभाष चंद्र बोस के आदर्श सब धर्म को एकसाथ करने के मुताबिक नहीं है” – चंद्र कुमार बोस ने इस्तीफे पर कहा

Lord Hanuman : महाबली हनुमान को मनाने के लिए मंगलवार की पूजा में करें ये सरल उपाय

कलयुग में हनुमान जी (Lord Hanuman) की उपासना अत्यंत ही कल्याणकारी मानी गई है. पवनपुत्र हनुमान जी उन सात चिरंजीवी में से एक हैं, जो हर युग में अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं. एकादश रुद्र के रूप में पूजे जाने वाले श्री हनुमान जी को शिव (Lord Shiva) पुराण में शम्भु, रुद्राक्ष महादेवात्मज, रुद्रावतार, कपीश्वर आदि नामों से संबोधित किया गया है. संकटमोचक हनुमान जी की साधना के लिए मंगलवार (Tuesday) का दिन अत्यंत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है. आइए जानते हैं रामदूत कहलाने वाले बजरंगी की पूजा का महाउपाय (Lord Hanuman worship Tips in Hindi) . हनुमान चालीसा का करें सात बार पाठ सनातन परंपरा में श्री हनुमान जी की साधना, उनकी सेवा और भक्ति सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है. हनुमत साधना सभी संकटों को दूर करने वाली है. यदि आप जीवन से जुड़े किसी कष्ट से जूझ रहे हैं या फिर आपको किसी लक्ष्य या लाभ की प्राप्ति की कामना है तो आप मंगलवार के दिन पूरे श्रद्धा एवं भाव के साथ श्री हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का सात बार पाठ करें. श्री हनुमान जी की महिमा का गुणगान करने वाली इस चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी भय, रोग और शोक दूर होते हैं और उसे सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. बड़े संकट से बचाता है बजरंग बाण का पाठ मंगलवार के दिन श्री हनुमान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए गये हैं, लेकिन यदि आप किसी बड़े संकट में फंसे हुए हैं या फिर आपको किसी ज्ञात-अज्ञात शत्रु से हर समय खतरा बना रहता है या फिर आपके घर में कलह का प्रवेश हो गया है और आप उसे दूर करना चाहते हैं तो आपको इन सभी परेशानियों से उबरने के लिए न सिर्फ मंगलवार को बल्कि प्रतिदिन भक्ति भाव से बजरंग बाण (Bajrang Baan) का पाठ करना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि बजरंग बाण का पाठ महिलाओं को नहीं करना चाहिए. बजरंग बाण का पाठ चमत्कारिक रूप से बड़ी से बड़ी बाधा को दूर कर मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है. श्री हनुमान जी की पूजा में बजरंग बाण का पाठ करने से शिक्षा, व्यवसाय, कॅरिअर आदि में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं. सुंदरकांड के पाठ से संवरेगा भाग्य मान्यता है कि जिस जगह पर श्री रामचरित मानस (Ramcharitmanas) का पाठ होता है, वहां पर श्री हनुमान जी अप्रत्यक्ष रूप से विराजमान रहते हैं. ऐसे में मंगलवार के दिन पूरे श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मुक्त कंठ से यदि कोई व्यक्ति सुंदरकांड (Sunder Kand) का पाठ करता है तो उस पर श्री हनुमान जी की कृपा अवश्य बरसती है. मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करने के लिए तन एवं मन से पवित्र होकर सबसे पहले विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करें और उसके बाद आप अपनी मनोकामना के अनुसार श्री रामचरित मानस की चौपाई का संपुट बनाकर सुंदरकांड का पाठ करें. सुंदरकांड का भक्ति भाव के साथ पाठ करने पर बजरंगबली की कृपा बहुत ही जल्द प्राप्त हो जाती है. जो लोग नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हैं, उन्हें कभी भी रोग-शोक नहीं सताता है और उन्हें सभी प्रकार के सुखाों की प्राप्ति होती है. सुंदरकांड का पाठ जीवन में सभी प्रकार की सफलता दिलाने वाला है. (यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

Maha Shivratri 2022 : साल 2022 में कब है महाशिवरात्रि, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2022) हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. ये पर्व भगवान शिव की आराधना करके मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) मनाई जाती है. इस साल महाशिवरात्रि 1 मार्च को मनाई जाएगी. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि के खास मौके पर भक्त भगवान शिव (Lord Shiv) को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. माता पार्वती की तरह मनचाहा वर पाने के लिए लड़कियां व्रत रखती हैं और सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा करती हैं. ये भी माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा ये भी माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है. इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा करने का सही तरीका. शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त इस साल महाशिवरात्रि का शुभ दिन मंगलवार, 1 मार्च को सुबह 3.16 बजे से शुरू होगा. चतुर्दशी तिथि बुधवार, 2 मार्च को सुबह 10 बजे समाप्त होगी. महाशिवरात्रि की पूजा चार चरणों में की जाती है. चार चरणों में पूजा के शुभ मुहूर्त हैं. प्रथम चरण पूजा – 1 मार्च शाम 6.21 बजे से रात 9.27 बजे तक दूसरे चरण की पूजा – 1 मार्च रात 9.27 बजे से 12.33 बजे तक तीसरे चरण की पूजा – 2 मार्च को दोपहर 12:33 से 3.39 बजे तक चौथा चरण पूजा – 2 मार्च को सुबह 3:39 बजे से सुबह 6:45 बजे तक शिवरात्रि पूजा विधि फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि को साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि में से एक माना जाता है. अपने दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके करें. इसके बाद घर में पूजा स्थल पर जल से भरा कलश स्थापित करें. बाद में कलश के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों को रखें. भगवान शिव और माता पार्वती को अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा और फल चढ़ाएं. पूजा करें और अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. शिवरात्रि पूजा मंत्र लोग इस दिन महामृत्युंजय और शिव मंत्र का पाठ करते हैं. महामृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् 2. शिव मंत्र – ॐ नमः शिवाय अगर आप सभी अनुष्ठानों के साथ पूजा करते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि भगवान आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

क्या मठ की अथाह संपत्ति बनी महंत नरेंद्र गिरि की मौत की वजह?

महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उनका शव उनके कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला था. उनके कमरे से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी बरामद हुआ है. वहीं महंत की आत्‍महत्या को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी की मौत को बाघंबरी गद्दी मठ (Baghambari Math) और निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) की अकूत धन-संपदा और वैभव को लेकर भी जोड़ा जा रहा है. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े से जुड़े लोग हत्‍या की भी आशंका जता रहे हैं. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े की अकूत धन-संपदा (Property Dispute) को लेकर विवादों का रिश्ता पुराना रहा है. मीडिया में आई तमाम रिपोर्ट के मुताबिक, मठ और अखाड़े की सैकड़ों बीघे जमीनें बेचने, सेवादारों और उनके परिवारीजनों के नाम मकान, जमीन खरीदने को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके करीबी शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद लंबे समय से रहा है. मंहत नरेंद्र गिरि के अधीन संपत्तियां: बाघंबरी मठ: प्रयागराज के अल्लापुर इलाके में बाघंबरी गद्दी और मठ है, जो करीब 5 से 6 बीघे जमीन में है. यहां निरंजनी अखाड़े के नाम एक स्कूल और गौशाला भी है. दारागंज में भी अखाड़े की जमीन है. प्रयागराज में हनुमान मंदिर जिसे संगम तट पर लेटे हुए हनुमान जी के नाम से जाना जाता है, वो भी इसी बाघंबरी मठ का ही मंदिर है. जहां प्रयागराज और संगम आने वाले सभी श्रद्धालु मत्था जरूर टेकते हैं. मांडा (प्रयागराज) में 100 बीघा और मिर्जापुर के महुआरी में भी 400 बीघे से ज्यादा की जमीन बाघंबरी मठ के नाम है. मिर्जापुर के नैडी में 70 और सिगड़ा में 70 बीघा जमीन अखाड़े की है. प्रयागराज और आसपास के इलाकों में निरंजनी अखाड़े के मठ, मंदिर और जमीन की कीमत 300 करोड़ से ज्यादा की है, जबकि हरिद्वार और दूसरे राज्यों में संपत्ति की कीमत जोड़े तो वो हजार करोड़ के पार है. निरंजनी अखाड़े की कुंभ नगरी उज्जैन और ओंकारेश्वर में 250 बीघा जमीन, आधा दर्जन मठ और दर्जनभर आश्रम हैं. कुंभ नगरी नासिक में 100 बीघा से अधिक जमीन, दर्जनभर आश्रम और मंदिर हैं. बड़ोदरा, जयपुर, माउंटआबू में भी करीब 125 बीघा जमीन, दर्जन भर मंदिर और आश्रम हैं. हरिद्वार स्थित मुख्यालय के अधीन दर्जनभर मठ-मंदिर हैं. नोएडा में मंदिर और जमीन है तो वहीं वाराणसी में मंदिर और आश्रम के साथ करोड़ों की जमीन है.

Chant Mantra For Life Problems : रोजाना कर लें इन तीन मंत्रों का जाप, कुछ ही दिनों में दूर होंगी सभी परेशानियां

Chant mantra For Life Problems ग्रह-नक्षत्र में बदलाव से व्यक्ति के जीवन में भी अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिससे व्यक्ति कभी सुख तो कभी दुःख में रहता है। नई दिल्ली। Chant mantra For Life Problems: हर कोई अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि चाहता है। इसके लिए वह कई प्रकार के यत्न भी करते हैं, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिलती है। दरअसल, भौतिक संसार में लोगों की इच्छाएं अनेक हैं, जिनकी पूर्ति होना संभव नहीं है। इसके साथ ही ग्रह-नक्षत्र में बदलाव से व्यक्ति के जीवन में भी अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे व्यक्ति कभी सुख तो कभी दुःख में रहता है। अगर सुख मिले तो व्यक्ति खुश रहता है। वहीं, अगर दुःख मिले तो व्यक्ति निराश और हताश हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको पुराणों में निहित उन वैदिक मंत्रो के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके जप से आप सभी बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। साथ ही आपके घर में सुख शांति और समृद्धि भी आएगी। आइए जानते हैं। शत्रु पर विजय के लिए इस मंत्र का जाप करें ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा। इस मंत्र का रोजाना स्नान के बाद 11 बार जाप करें। आप चाहे तो शाम में भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। समस्त प्रकार की बाधा से मुक्ति पाने के लिए इस मंत्र का जाप करें ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥ वेदों में बताया गया है कि इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को सर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है। साथ ही समस्त प्रकार के पाप, दु:ख, भय एवं शोक से भी निजात मिलता है। स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जाप करें ॐ भूर् भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥ गायत्री मंत्र के जाप से नव जीवन संचार की ऊर्जा मिलती है। साथ ही समस्त प्रकार की मानसिक चिंताओं से मुक्ति के साथ स्मरण शक्ति बढ़ाने और जीवन में नई ऊर्जा संचरण के लिए गायत्री मंत्र का जाप सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। ऐसे में रोजाना स्नान-ध्यान के बाद गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है, कैसे करें सरल पूजन, प्रामाणिक विधि

हर वर्ष भाद्रपद की कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाता हैं। इस बार 30 अगस्त 2021, सोमवार को यह त्योहार मनाया जाएगा। हम सभी भगवान श्रीकृष्ण को मनमोहन, केशव, श्याम, गोपाल, कान्हा, श्रीकृष्णा, घनश्याम, बाल मुकुंद, गोपी मनोहर, गोविंद, मुरारी, मुरलीधर जाने कितने सुहाने नामों से पुकारते हैं। यह खूबसूरत देव दिल के बेहद करीब लगते हैं। इनकी पूजा का ढंग भी उनकी तरह ही निराला है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था और व्रत हमेशा उदया तिथि में रखना ही उत्तम माना जाता है। इसलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त को मनाई जाएगी। भगवान कृष्ण के पूजन के लिए 30 अगस्त की रात्रि 11.59 मिनट से देर रात्रि 12.44 मिनट तक रहेगा। यानी कुल अवधि 45 मिनट रहेगी। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी 29 अगस्त, रविवार को रात्रि 11.25 मिनट से शुरू होगी और सोमवार, 30 अगस्त को देर रात्रि 1.59 मिनट पर यह तिथि समाप्त होगी। आइए अब जानें इस जन्माष्टमी पर कैसे करें श्रीकृष्ण का पूजन… 1. चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए। 2. भगवान् कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए। 3. अब दीपक जलाएं और साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिए। 4. भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करें कि, ‘हे भगवान् कृष्ण ! कृपया पधारिए और पूजा ग्रहण कीजिए। 5. श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं। 6. फिर गंगाजल से स्नान कराएं। 7. अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार कीजिए। 8. भगवान् कृष्ण को दीप दिखाएं। 9. इसके बाद धूप दिखाएं। 10. अष्टगंध चन्दन या रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत (चावल) भी तिलक पर लगाएं। 11. माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण कीजिए और तुलसी का पत्ता विशेष रूप से अर्पण कीजिए. साथ ही पीने के लिए गंगाजल रखें। 12. अब श्री कृष्ण का इस प्रकार ध्यान कीजिए : श्री कृष्ण बच्चे के रूप में पीपल के पत्ते पर लेटे हैं। 13. उनके शरीर में अनंत ब्रह्माण्ड हैं और वे अंगूठा चूस रहे हैं। 14. इसके साथ ही श्री कृष्ण के नाम का अर्थ सहित बार बार चिंतन कीजिए। 15. कृष् का अर्थ है आकर्षित करना और ण का अर्थ है परमानंद या पूर्ण मोक्ष। 16. इस प्रकार कृष्ण का अर्थ है, वह जो परमानंद या पूर्ण मोक्ष की ओर आकर्षित करता है, वही कृष्ण है। 17. मैं उन श्री कृष्ण को प्रणाम करता/करती हूं। 18. वे मुझे अपने चरणों में अनन्य भक्ति प्रदान करें। 19. विसर्जन के लिए हाथ में फूल और चावल लेकर चौकी पर छोड़ें और कहें : हे भगवान् कृष्ण! पूजा में पधारने के लिए धन्यवाद। 20. कृपया मेरी पूजा और जप ग्रहण कीजिए और पुनः अपने दिव्य धाम को पधारिए।

हर संकट की काट हैं ये शक्तिशाली मंत्र, प्रतिदिन जाप करने से घर में आएगी खुशहाली

नई दिल्ली। ‘जहां दो बर्तन होंगे वहां आवाज तो आएगी ही’ ये कहावत ​तो आप सब ने सुनी होगी। इस कहावत का मतलब है कि एक छत के निचे जब दो लोग रहेंगे तो थोड़ी नोंक झोंक तो होगी ही, लेकिन कभी-कभी ये छोटे मोटे झगड़े बड़े तनाव का कारण बन जाते हैं जिससे रिश्ता टूटने तक की नौबत आ जाती है। लड़ाई-झगड़े ​हर घर में ​होते रहते हैं, लेकिन अधिकतर घरों में देखने को मिलता है कि अक्सर घर के सदस्यों में मतभेद होते रहते हैं जिससे रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाते हैं। अगर आप अपने घर में होनें वाले रोज रोज के झगड़ों से परेशान हैं तो इसका उपाय भी हमारे हिंदू ग्रंथों में दिया गया है। हिंदू पुराणों के अनुसार हमारे प्राचीन ग्रंथों में हर समस्या का हल दिया हुआ है। अलग-अलग तरह के मंत्रों का जाप कर के आप अपनी ​कई तरह की मुश्किलों का हल निकाल सकते हैं। घर में लड़ाई झगड़ों की ऐसी हालतों में घर का कोई एक पक्ष भी अगर इन मंत्रों का जाप करें तो घर में शां​ति का माहौल बन स​कता है। हिंदू धर्म में इसलिए किया जाता है भगवान की पूजा में तांबे के बर्तन का इस्तेमाल घर में शांति के लिए मंत्र मंत्र: धां धी धूं धूर्जटे पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी। क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवी, शां शीं शूं में शुभं कुरू। विधि: इस मंत्र का जाप करनें के लिए इच्छुक व्यक्ति को काली माता की मूर्ति अथवा चित्र पर पुष्प माला अर्पण कर के और दीप जलाकर देवी मां का मन में ध्यान करना चाहिए। इस मंत्र का जाप लगातार 108 बार और 28 से 43 दिनों तक करने से घर में शांति का वास होता है। शादी में आ रही अड़चनों को दूर करने का मंत्र मंत्र: हे गौरी शंकराद्वांगि यथा त्व शंकरप्रिया। तथा मां कुरू कल्याणि कांतकांता सुदुर्लभाम्। विधि: इस मंत्र का जाप लड़का या लड़की की शादी में आ रही रूकावटों को दूर करने के लिए ​किया जाता है। इसके लिए सुबह प्रात: स्नान करने के बाद भगवती पार्वती के चित्र के सामने पुष्प माला अर्पण कर के और दीप जलाकर लड़की या लड़के को 40 दिनों तक लगातार 22 माला का जाप करना चाहिए। हर सोमवार अपनी राशि के अनुसार शिव को चढ़ाएं यह सामग्री, मिलेगी मनचाही खुशियां भयनाशक मंत्र मंत्र: ओम ऐं हरीं हनुमते रामदूताय नम: विधि: इस मंत्र का जाप भय को भगाने या लगातार आ रहे डरावने सपनों को दूर रखने के लिए किया जाता है। इसके लिए हनुमान जी के किसी भी बलशाली चित्र के सामने एकांत स्थान पर बैठ कर 108 बार इस मंत्र का जाप करें। इससे आपके अंदर आत्मविश्वास आएगा।

क्यों करना चाहिए सुंदरकांड का पाठ, जानें इसका सही तरीका और महत्व

— जो भी व्यक्ति नियमित अंतराल में घर पर सुंदरकांड का पाठ करता है उसे बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त होता है. — मान्यता है कि सुंदरकांड (Sundarkand) का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. हनुमान जी (Hanuman Ji) अपने भक्तों पर आने वाले तमाम तरह के कष्टों (Pains) और परेशानियों (Problems) को दूर करते हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान (Lord Hanuman) बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं. उनकी पूजा पाठ में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती. हिंदू धर्म में सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व होता है. सुंदरकांठ पाठ में भगवान हनुमान के बारे में विस्तार से बताया गया है. तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति नियमित अंतराल में घर पर सुंदरकांड का पाठ करता है उसे बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए जानते हैं सुंदरकांड के पाठ का इतना महत्व क्यों हैं और इसको करने की क्या है पूजा विधि… सुंदरकांड का महत्व हनुमान जी जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं. वह बल, बुद्धि और कृपा प्रदान करने वाले माने जाते हैं. मान्यता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. जो भी जातक प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करता है उसकी एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ऐसे में उसके द्वारा किए जाने वाले किसी भी काम का परिणाम हमेशा सकारात्मक ही मिलता है. इसलिए हर घर में सुंदरकांड का पाठ अवश्य करने को बताया गया है. सुंदरकांड का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के अंदर से नकारात्मक शक्तियां दूर चली जाती है. जानें सुंदरकांड पाठ करने का सही तरीका -अगर आप विशेष फल की प्राप्ति के लिए सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं तो इसकी शुरुआत मंगलवार या शनिवार के दिन से ही करें. -सुंदरकांड का पाठ शुरू करने से पहले स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. -सुंदरकांड का पाठ करने से पहले पूजा स्थल पर रखी हनुमानजी की मूर्ति की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. साथ ही सीता-राम की मूर्तियां भी हनुमान जी पास जरूर रखें. -हनुमानजी की पूजा फल-फूल, मिठाई और सिंदूर से करें. -सुंदरकांड का पाठ शुरू करने से पहले गणेश वंदना जरूर करें. -सुंदरकांड करते समय तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस की भी पूजा करनी चाहिए.

महाकाल मंदिर में खुदाई में निकला शिवलिंग

उज्जैन. उज्जैन के महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण के लिए चल रही खुदाई के दौरान मंगलवार को शिवलिंग निकला है. फिलहाल प्रशासन ने इस शिवलिंग (Shivling) को चादर से ढांक दिया है. आगे की खुदाई पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में शुरू की जाएगी. उसके बाद शिवलिंग बाहर निकाला जाएगा. महाकाल मंदिर कैंपस के विस्तारीकरण के लिए एक साल से चल रही खुदाई में 11 वीं शताब्दी के 1000 साल पुराने परमार कालीन मंदिर का ढांचा सामने आया था. उसके बाद भोपाल से आयी पुरातत्व विभाग की टीम की देख रेख में खुदाई चल रही है. काम आगे बढ़ा तो उसमें परमार कालीन वास्तुकला का बेहद खूबसूरत मंदिर निकला था. शिवलिंग निकला आगे की तरफ चल रही खुदाई के दौरान एक बड़े शिवलिंग का भाग भूगर्भ में दिखाई दिया. धीरे-धीरे खोदा गया तो शिवलिंग की पूरी जिलहरी बाहर आ गई. इसकी सूचना मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को मिली तो उन्होंने खुदाई वाले स्थान पर पहुंच कर फिलहाल शिवलिंग को चादर से ढांक दिया. इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग के शोध अधिकारी दुर्गेंद्र सिंह जोधा को दी गयी है. इस स्थान पर अब आगे पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में खुदाई कर शिवलिंग निकाला जाएगा. लगातार मिल रहे हैं अवशेष पुरातत्व अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि आज टीम के सदस्य उज्जैन पहुचंगे उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. 30 मई को महाकाल मंदिर के आगे के भाग में खुदाई के दौरान माता की प्रतिमा और स्थापत्य खंड सहित कई पुरातत्व अवशेष मिले थे. उन पर पुरातत्व विभाग का शोध जारी है. महाकाल मंदिर विस्तारीकरण खुदाई में निकले 11 वीं शताब्दी के 1000 वर्ष पुराने परमार कालीन मंदिर का ढांचा पूरा साफ़ साफ बाहर दिखाई देने लगा था. माता की प्रतिमा और स्थापत्य खंड मिलने की जानकारी जैसे ही संस्कृति विभाग को लगी थी उन्होंने तुरंत पुरातत्व विभाग भोपाल की एक चार सस्दय टीम को उज्जैन महाकाल मंदिर में अवलोकन के लिए भेजा था. टीम ने बारीकी से मंदिर के उत्तर भाग और दक्षिण भाग का निरक्षण किया. टीम को लीड कर रहे पुरातत्वीय अधिकारी डॉ रमेश यादव ने बताया था कि ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी का मंदिर नीचे दबा हुआ है जो उत्तर वाले भाग में है. दक्षिण की तरफ चार मीटर नीचे एक दीवार मिली है जो करीब करीब 2100 साल पुरानी हो सकती है

Gayatri Mantra : गायत्री मंत्र का जाप कब और कैसे करें, जानिए अर्थ और आश्चर्यजनक फायदे

भोपाल। मंत्र जप एक ऐसा उपाय है, जिससे सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। शास्त्रों में मंत्रों को बहुत शक्तिशाली और चमत्कारी बताया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावी मंत्रों में से एक मंत्र है गायत्री मंत्र। इसके जप से बहुत जल्दी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। गायत्री मंत्र जप का समय : गायत्री मंत्र जप के लिए 3 समय बताए गए हैं, जप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है। * गायत्री मंत्र के जप का पहला समय है सुबह का। सूर्योदय से थोड़ी देर पहले मंत्र जप शुरू किया जाना चाहिए। जप सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए। * मंत्र जप के लिए दूसरा समय है दोपहर का। दोपहर में भी इस मंत्र का जप किया जाता है। * इसके बाद तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त से कुछ देर पहले। सूर्यास्त से पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना चाहिए। यदि संध्याकाल के अतिरिक्त गायत्री मंत्र का जप करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से करना चाहिए। मंत्र जप अधिक तेज आवाज में नहीं करना चाहिए। पवित्र और चमत्कारी गायत्री मंत्र : ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।। गायत्री मंत्र का अर्थ : – सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें। गायत्री मंत्र जप की विधि : * इस मंत्र के जप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ होता है। * जप से पहले स्नान आदि कर्मों से खुद को पवित्र कर लेना चाहिए। * मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। * घर के मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर गायत्री माता का ध्यान करते हुए मंत्र का जप करना चाहिए। गायत्री मंत्र जप के 8 फायदे * उत्साह एवं सकारात्मकता बढ़ती है। * धर्म और सेवा कार्यों में मन लगता है। * पूर्वाभास होने लगता है। * आशीर्वाद देने की शक्ति बढ़ती है। * स्वप्न सिद्धि प्राप्त होती है। * क्रोध शांत होता है। * त्वचा में चमक आती है। * बुराइयों से मन दूर होता है।

धन के देवता कुबेर देव की 10 खास बातें

पुलस्त्य पुलस्ति ऋषि को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना जाता है। कर्दम प्रजापति की कन्या हविर्भुवा से इनका विवाह हुआ था। कहते हैं कि ये कनखनल के राजा दक्ष के दामाद और भगवान शंकर के साढू थे। इनकी दूसरी पत्नी इडविला थी। पुलस्त्य और इडविला के पुत्र विश्रवा थे और विश्रवा के पुत्र रावण और कुबेर थे। विश्रवा की पहली पत्नी भारद्वाज की पुत्री देवांगना थी जिसका पुत्र कुबेर था। विश्रवा की दूसरी पत्नी दैत्यराज सुमाली की पुत्री कैकसी थी जिसकी संतानें रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और सूर्पणखा थीं। खर, दूषण, कुम्भिनी, अहिरावण और कुबेर रावण के सगे भाई बहन नहीं थे। आओ जानते हैं धन के देवता कुबेर के बारे में 10 खास बातें। 1. हिन्दू धर्म में कुबेर को धन का देवता माना गया है। धनतेरस और दीपावली पर माता लक्ष्मी और श्रीगणेश के साथ इनकी भी पूजा होती है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को इनकी विशेष पूजा की जाती है। 2. कुबेरदेव को यक्षों का राजा माना जाता है और उनके राज्य की राजधानी अलकापुरी है। कैलाश के समीप इनकी अलकापुरी है। श्वेतवर्ण, तुन्दिल शरीर, अष्टदन्त एवं तीन चरणों वाले, गदाधारी कुबेर अपनी सत्तर योजन विस्तीर्ण वैश्रवणी सभा में विराजते हैं। 3. कुबेर को यक्ष के अतिरिक्त राक्षस भी कहा गया है, क्योंकि वे रावण के भाई हैं। यक्ष के रूप में वे खजानों के रक्षक है पुराने मंदिरों के वाह्य भागों में कुबेर की मूर्तियां पाए जाने का रहस्य भी यही है कि वे मंदिरों के धन के रक्षक हैं और राक्षस होने के नाते वे धन का भोग भी करते हैं। 4. दीपावली की रात्रि को यक्ष अपने राजा कुबेर के साथ हास-विलास में बिताते व अपनी यक्षिणियों के साथ आमोद-प्रमोद करते थे। सभ्यता के विकास के साथ यह त्योहार मानवीय हो गया और धन के देवता कुबेर की बजाय धन की देवी लक्ष्मी की इस अवसर पर पूजा होने लगी, क्योंकि कुबेर जी की मान्यता सिर्फ यक्ष जातियों में थी पर लक्ष्मीजी की देव तथा मानव जातियों में। 5. कुबेरे देवता देवताओं के कोषाध्यक्ष थे। सैन्य और राज्य खर्च वे ही संचालित करते थे। यक्षों के राजा कुबेर उत्तर के दिक्पाल तथा शिव के भक्त हैं। भगवान शंकर ने इन्हें अपना नित्य सखा स्वीकार किया है। देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को पूजने से भी पैसों से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर रहती हैं। 6. कुबेर पहले श्रीलंका के राजा था परंतु रावण ने उनसे लंका को हथिया लिया। कुबेरदेव के पास एक महत्वपूर्ण पुष्पक विमान और चंद्रकांता मणि भी थी जिसे भी रावण ने हथिया लिया था। 7. कुबेर के संबंध में लोकमानस में एक जनश्रुति प्रचलित है। कहा जाता है कि पूर्वजन्म में कुबेर चोर थे-चोर भी ऐसे कि देव मंदिरों में चोरी करने से भी बाज न आते थे। एक बार चोरी करने के लिए एक शिव मंदिर में घुसे। तब मंदिरों में बहुत माल-खजाना रहता था। उसे ढूंढने-पाने के लिए कुबेर ने दीपक जलाया लेकिन हवा के झोंके से दीपक बुझ गया। कुबेर ने फिर दीपक जलाया, फिर वह बुझ गया। जब यह क्रम कई बार चला, तो भोले-भाले और औघड़दानी शंकर ने इसे अपनी दीपाराधना समझ लिया और प्रसन्न होकर अगले जन्म में कुबेर को धनपति होने का आशीष दे डाला। बाद में भगवान ब्रह्मा ने इन्हें समस्त सम्पत्ति का स्वामी बनाया। यह भी कहा जाता है कि यह कुबड़े और एक आंख वाले थे परतुं भगवती की अराधना से धनपति और निधियों के स्वामी बन गए थे। 8. कुबरे की शादी मूर दानव की पुत्री से हुई थी जिनके दो पुत्र नलकूबेर और मणिग्रीव थे। कुबेर की पुत्री का नाम मीनाक्षी था। अप्सरा रंभा नलकुबेर की पत्नी थी जिस पर रावण ने बुरी नजर डाली थी। यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श नहीं कर पाएगा और यदि करेगा तो उसका मस्तक सौ टुकड़ों में बंट जाएगा। नलकूबेर और मणिग्रीव भगवान श्री कृष्णचन्द्र द्वारा नारद जी के शाप से मुक्त होकर कुबेर के साथ रहते थे। 9. कुबेर मंत्र : ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥ कुबेर धन प्राप्ति मंत्र : ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥ कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥ 10. घर की उत्‍तर दिशा को कुबेर देव की दिशा माना जाता है। अत: इस दिशा की दशा सही रखने से घर में सुख, शांति और धन धान्य बना रहता है।

राजा विक्रमादित्य को दिए थे दर्शन मां बगलामुखी देवी ने, पढ़ें कहां और कैसे

डोंगरगढ़ (छत्‍तीसगढ़) जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर पहाड़ों में विराजित है मां बम्लेश्वरी का मंदिर। यहां मां बम्लेश्वरी के दो मंदिर है। पहला मंदिर ऊंची पहाड़ी पर और दूसरा मंदिर के प्रवेश द्वार से पश्चिम दिशा में स्थित है। पहाड़ वाली मां बम्लेश्र्वरी देवी के गर्भगृह के चारों ओर गुफाएं हैं। अंचल के लोग नीचे मंदिर में स्थापित माता को छोटी बम्लाई और पहाड़ावाली मां को बड़ी बम्लाई कहते है। लगभग 1 हजार से सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ों वाली मां के दर्शन होते है। यहां तक पहुंचने के लिए रोप-वे भी बना हुआ है। मां बम्लेश्र्वरी मंदिर की स्थापना की एक रोचक कथा है। आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व कामाख्या नगरी जिसे आज डोंगरगढ़ के नाम से जाना जाता है, वहां पहले राजा वीरसेन का शासन था। राजा वीरसेन की कोई संतान नहीं थी। जिसके कारण उन्होंने शिवजी और मां दुर्गा की उपासना की। उपासना के एक वर्ष बाद रानी ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम मदनसेन रखा गया। मां दुर्गा और भगवान शिव का उपासक होने के कारण वीरसेन ने यहां कामाख्या नगरी में मां बम्लेश्वरी का मंदिर बनवाया। इसके बाद राजा मदनसेन के पुत्र कामसेन ने यहां शासन किया। कामसेन के दरबार में नृत्यकला में प्रवीण कामकंदला व अलौकिक संगीतज्ञ और मधुर गायक माधवनल थे। दोनों के बीच अथाह प्रेम था। परिस्थतिवश माधवनल को कामाख्या नगरी का त्याग करना पड़ा। माधवनल कामख्या नगरी से सीधे उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के पास पहुंचा और उन्हें अपनी करुण कथा सुनाई। कथा सुनकर राजा विक्रमादित्य ने कामाख्या नगरी पर आक्रमण कर दिया। कामसेन और विक्रमादित्य के बीच भयंकर युद्ध हुआ। युद्ध में राजा विक्रमादित्य विजयी हुए। युद्ध में कामख्या नगरी पूरी तरह तबाह हो गई। नगर में सिर्फ डोंगर बचा और माता का मंदिर। युद्ध के बाद विक्रमादित्य ने माधवनल और कामकंदला की प्रेम की परीक्षा लेने के लिए यह अफवाह फैला दी कि युद्ध में माधवनल वीरगति को प्राप्त हो गया है। जैसे ही यह समाचार कामकंदला को मिला उसने एक तालाब में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। यह तालाब आज भी मंदिर के पास पहाड़ी के नीचे स्थित है। कामकंदला की मृत्यु का समाचार पाकर माधवनल ने भी अपना जीवन समाप्त कर लिया। राजा विक्रमादित्य को जब यह समाचार मिला तो उन्हें गहरा पश्चाताप हुआ। उन्होंने मां बगलामुखी की आराधना शुरू कर दी। लेकिन माता ने दर्शन नहीं दिए। इसके बाद राजा विक्रमादित्य भी अपने प्राण त्यागने के लिए तत्पर हो गए। इसी समय मां बगलामुखी ने राजा को दर्शन दिए। वरदान मांगने पर राजा ने कामकंदला और माधवनल का जीवन और मां बगलामुखी के कामाख्या में ही निवास करने का वर मांगा। तभी मां बगलामुखी साक्षात् रूप में यहां है। ऐसा कहा जाता है बगलामुखी का ही परिवर्तित नाम बम्लेश्वरी है।

जीवन में उन्नति चाहते हैं तो नियमित पढ़ें आदित्य हृदय स्तोत्र

आदित्य ह्रदय स्तोत्र का नियमित पाठ करने से अप्रत्याशित लाभ मिलता है। लंबी उम्र, नौकरी में पदोन्नति, धन प्राप्ति, प्रसन्नता, आत्मविश्वास तथा सभी कार्यों में सफलता मिलती है तथा हर मनोकामना सिद्ध होती है। इतना ही नहीं यह पाठ हर तरह के शत्रु से मुक्ति भी दिलाता है। सरल शब्दों में कहें तो आदित्य ह्रदय स्तोत्र हर क्षेत्र में चमत्कारी सफलता देता है। यहां पढ़ें आदित्य हृदय स्तोत्र संपूर्ण पाठ- आदित्य ह्रदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्‌ । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्‌ ॥1॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्‌ । उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा ॥2॥ राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम्‌ । येन सर्वानरीन्‌ वत्स समरे विजयिष्यसे ॥3॥ आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्‌ । जयावहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम्‌ ॥4॥ सर्वमंगलमागल्यं सर्वपापप्रणाशनम्‌ । चिन्ताशोकप्रशमनमायुर्वर्धनमुत्तमम्‌ ॥5॥ रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम्‌ । पुजयस्व विवस्वन्तं भास्करं भुवनेश्वरम्‌ ॥6॥ सर्वदेवात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावन: । एष देवासुरगणांल्लोकान्‌ पाति गभस्तिभि: ॥7॥ एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिव: स्कन्द: प्रजापति: । महेन्द्रो धनद: कालो यम: सोमो ह्यापां पतिः ॥8॥ पितरो वसव: साध्या अश्विनौ मरुतो मनु: । वायुर्वहिन: प्रजा प्राण ऋतुकर्ता प्रभाकर: ॥9॥ आदित्य: सविता सूर्य: खग: पूषा गभस्तिमान्‌ । सुवर्णसदृशो भानुर्हिरण्यरेता दिवाकर: ॥10॥ हरिदश्व: सहस्त्रार्चि: सप्तसप्तिर्मरीचिमान्‌ । तिमिरोन्मथन: शम्भुस्त्वष्टा मार्तण्डकोंऽशुमान्‌ ॥11॥ हिरण्यगर्भ: शिशिरस्तपनोऽहस्करो रवि: । अग्निगर्भोऽदिते: पुत्रः शंखः शिशिरनाशन: ॥12॥ व्योमनाथस्तमोभेदी ऋग्यजु:सामपारग: । घनवृष्टिरपां मित्रो विन्ध्यवीथीप्लवंगमः ॥13॥ आतपी मण्डली मृत्यु: पिगंल: सर्वतापन:। कविर्विश्वो महातेजा: रक्त:सर्वभवोद् भव: ॥14॥ नक्षत्रग्रहताराणामधिपो विश्वभावन: । तेजसामपि तेजस्वी द्वादशात्मन्‌ नमोऽस्तु ते ॥15॥ नम: पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नम: । ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नम: ॥16॥ जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नम: । नमो नम: सहस्त्रांशो आदित्याय नमो नम: ॥17॥ नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नम: । नम: पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते ॥18॥ ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सुरायादित्यवर्चसे । भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नम: ॥19॥ तमोघ्नाय हिमघ्नाय शत्रुघ्नायामितात्मने । कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नम: ॥20॥ तप्तचामीकराभाय हरये विश्वकर्मणे । नमस्तमोऽभिनिघ्नाय रुचये लोकसाक्षिणे ॥21॥ नाशयत्येष वै भूतं तमेष सृजति प्रभु: । पायत्येष तपत्येष वर्षत्येष गभस्तिभि: ॥22॥ एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठित: । एष चैवाग्निहोत्रं च फलं चैवाग्निहोत्रिणाम्‌ ॥23॥ देवाश्च क्रतवश्चैव क्रतुनां फलमेव च । यानि कृत्यानि लोकेषु सर्वेषु परमं प्रभु: ॥24॥ एनमापत्सु कृच्छ्रेषु कान्तारेषु भयेषु च । कीर्तयन्‌ पुरुष: कश्चिन्नावसीदति राघव ॥25॥ पूजयस्वैनमेकाग्रो देवदेवं जगप्ततिम्‌ । एतत्त्रिगुणितं जप्त्वा युद्धेषु विजयिष्यसि ॥26॥ अस्मिन्‌ क्षणे महाबाहो रावणं त्वं जहिष्यसि । एवमुक्ता ततोऽगस्त्यो जगाम स यथागतम्‌ ॥27॥ एतच्छ्रुत्वा महातेजा नष्टशोकोऽभवत्‌ तदा ॥ धारयामास सुप्रीतो राघव प्रयतात्मवान्‌ ॥28॥ आदित्यं प्रेक्ष्य जप्त्वेदं परं हर्षमवाप्तवान्‌ । त्रिराचम्य शूचिर्भूत्वा धनुरादाय वीर्यवान्‌ ॥29॥ रावणं प्रेक्ष्य हृष्टात्मा जयार्थं समुपागतम्‌ । सर्वयत्नेन महता वृतस्तस्य वधेऽभवत्‌ ॥30॥ अथ रविरवदन्निरीक्ष्य रामं मुदितमना: परमं प्रहृष्यमाण: । निशिचरपतिसंक्षयं विदित्वा सुरगणमध्यगतो वचस्त्वरेति ॥31॥

Shriram Sharma aachary : पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 8 प्रेरक विचार

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्म तिथि के अनुसार आश्विन मास में उत्तरप्रदेश के आगरा जनपद के आंवलखेड़ा गांव में हुआ था। वर्तमान युग में हर व्यक्ति धर्म-कर्म की राह से भटक रहा है। ऐसे व्यक्तियों को सही रास्ता दिखलाने के लिए प्रस्तुत है शांतिकुंज गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पं. श्रीराम शर्मा के 8 प्रेरक विचार- * जिस भी व्यक्ति ने अपने जीवन में स्नेह और सौजन्य का समुचित समावेश कर लिया है, वह सचमुच ही सबसे बड़ा कलाकार है। * जीवन को प्रसन्न रखने के दो ही उपाय है- एक अपनी आवश्यकताएं कम करें और दूसरा विपरित परिस्थितियों में भी तालमेल बिठाकर कार्य करें। * संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना ही गृहस्थ का तपोवन है। * अपने आचरण से प्रस्तुत किया उपदेश ही सार्थक और प्रभावी होता है, अपने वाणी से किया गया नहीं। * दूसरों के साथ वह व्यवहार न करो, जो तुम्हें अपने लिए पसंद नहीं है। * जिन्हें लंबी जिंदगी जीनी हो, वे बिना तगड़ी (ज्यादा, कड़ी) भूख लगे कुछ भी न खाने की आदत डालें। * किसी भी व्यक्ति के द्वारा किए गए पाप उसके साथ रोग, शोक, पतन और संकट साथ लेकर ही आते है। * हर व्यक्ति को अपना मूल्य समझना चाहिए और अपने आप पर यह विश्वास करना चाहिए कि वे संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है।

Sawan Month 2021 Start Date : इस बार कब शुरू होगा शिव का श्रावण मास

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास वर्ष का पांचवां माह होता है। अंग्रेजों के कैलेंडर के अनुसार यह जुन-जुलाई के बीच आता है। इस बार इस माह की शुरुआत 25 जुलाई 2021 रविवार से हो रही है। 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार रहेगा। 22 अगस्त रविवार रक्षा बंधन के दिन श्रावण मास समाप्त हो जाएगा और भाद्रपद माह की शुरुआत हो जाएगी। दक्षिण भारत में श्रावण मास का प्रारंभ देर से होता है। अषाड़ माह के शुक्ल पक्ष की समाप्ति के पश्चात श्रावण माह का प्रारंभ होता है। अषाड़ माह से ही वर्षा ऋतु का प्रारंभ हो जाता है और इसी माह की शुक्ल एकादशी के दिन देव सो जाते हैं। देवशयनी एकादशी से ही चतुर्मास का प्रारंभ हो जाता है। श्रावण माह से व्रत और साधना के चार माह अर्थात चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। ये 4 माह हैं- श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक। पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती ने अपने दूसरे जन्म में शिव को प्राप्त करने हेतु युवावस्था में श्रावण महीने में निराहार रहकर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया था। इसलिए यह माह विशेष है। श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। इस माह में सत्संग का महत्व है। इस माह में पतझड़ से मुरझाई हुई प्रकृति पुनर्जन्म लेती है। श्रावण माह में सिर्फ सावन सोमवार ही नहीं संपूर्ण माह ही व्रत रखना जाता है। जिस तरह गुड फ्राइडे के पहले ईसाइयों में 40 दिन के उपवास चलते हैं और जिस तरह इस्लाम में रमजान माह में रोजे (उपवास) रखे जाते हैं उसी तरह हिन्दू धर्म में श्रावण मास को पवित्र और व्रत रखने वाला माह माना गया है। पूरे श्रावण माह में निराहारी या फलाहारी रहने की हिदायत दी गई है। इस माह में शास्त्र अनुसार ही व्रतों का पालन करना चाहिए। मन से या मनमानों व्रतों से दूर रहना चाहिए। संपूर्ण माह नहीं रख सकते हैं तो सोमवार सहित कुछ खास दिनों व्रत का पालन अवश्य करें। उत्तर भारतीयों के लिए सावन सोमवार के दिन : 1. रविवार, 25 जुलाई 2021 श्रावण मास का पहला दिन 2. सोमवार, 26 जुलाई 2021 पहला श्रावण सोमवार 3. सोमवार, 02 अगस्त 2021 दूसरा श्रावण सोमवार 4. सोमवार, 09 अगस्त 2021 तीसरा श्रावण सोमवार 5. सोमवार, 16 अगस्त 2021 चौथा श्रावण सोमवार 6. रविवार, 22 अगस्त 2021 श्रावण मास का अंतिम दिन पश्‍चिम और दक्षिण भारत में श्रावण माह : वहां 9 अगस्त 2021 से श्रावण मास प्रारंभ होगा और 7 सितंबर 2021 को श्रावण मास का अंतिम दिन होगा। 9 अगस्त, 19 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त और 6 सितंबर को श्रावण के सोमवार रहेंगे।

सुंदरकाण्ड का पाठ करने के चमत्कारिक 10 फायदे

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण पर आधारित तुलसीकृत महाकाव्य रामचरित मानस का पंचम सोपान है सुंदरकाण्ड। सुंदरकाण्ड में रामदूत, पवनपुत्र हनुमान का यशोगान किया गया है। आओ जानते हैं सुंदरकाण्ड का पाठ करने के चमत्कारिक लाभ। 1. सुंदरकाण्ड का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट हो, सुंदरकाण्ड के पाठ से यह संकट तुरंत ही दूर हो जाता है। 2. सुंदरकांड के पाठ से भूत, पिशाच, यमराज, शनि राहु, केतु, ग्रह-नक्षत्र आदि सभी का भय दूर हो जाता है। 3. हनुमानजी के सुंदर काण्ड का पाठ सप्ताह में एक बार जरूर करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र, ज्योतिष के अनुसार भी विषम परिस्थितियों सुंदरकांड पाठ करने की सलाह दी जाती है। 4. जीवन में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो आप संकल्प लेकर लगातार सुंदरकांड का पाठ करें। सुंदरकांड पाठ से एक नहीं बल्कि अनेक सैकड़ों समस्याओं का समाधान तुरंत मिलने लगता है। 5. श्रीराम चरित्र मानस को रचने वाले गोस्वामी तुलसीदास के अनुसार हनुमान जी को जल्द प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड का पाठ 1 रामबाण उपाय है सुंदरकांड पाठ करने वालों के जीवन में खुशियों का संसार होता है और आपका जीवन सुखमय होता है। 6. सुंदरकांड करने वाले व्यक्ति के अंदर सकारात्मक और विचारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। वह व्यक्ति किसी भी कार्य में अपनी रुचि दिखाता है तो उसमें सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। 7. सुंदरकाण्ड का पाठ करने से व्यक्ति के मन से भय जाता रहता है और आत्मविश्वास एवं इच्छाशक्ति प्रबल हो जाती है। 8. साप्ताहिक पाठ करने से गृहकलेश दूर होता है और परिवार में खुशियां बढ़ती हैं। 9. नियमित पाठ करने से कर्ज और रोग से छुटकारा मिलता है। 10. हनुमानजी की भक्ति करने और नियमित सुंदरकाण्ड का पाठ करने से व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता से आगे बढ़ता है।

आषाढ़ मास के 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व

भोपाल। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते हैं इस माह के प्रमुख 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व। 1. वट सावित्री पूर्णिमा : 25 जून शुक्रवार को वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत रहेगा। 25 जून को गुरु हरगोविन्दजी की जयंती भी है। 2. सीतलाष्टमी : 2 जुलाई 2021 को सीतलाष्टमी का पर्व है जिसे बसोरा या बसोड़ भी कहते हैं। 3. हलहारिणी अमावस्या : 9 जुलाई 2021 को हलहारिणी अमावस्या है। यह श्राद्ध, दान पुण्य की अमावस्या भी है। 4. गुप्त नवरात्रि : 11 जुलाई 2021 को अषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा और इसी दिन गुप्त नवरात्रि का भी प्रारंभ होगा जो 18-19 जुलाई तक चलेगी। 5. जगन्नाथ रथयात्रा : 12 जुलाई 2021 को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा प्रारंभ होगी। हालांकि इस बार भी भक्तों के बगैर यात्रा होगी। 6. ताप्ती जयंती : 16 जुलाई 2021 को मां ताप्ती जयंती रहेगी और इसी दिन कर्क संक्रांति भी होगी। कर्क संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। ताप्ती नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है। 7. हरिशयनी एकादशी : 20 जुलाई 2021 को हरिशयनी एकादशी से चतुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इसे देवशयनी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से देव सो जाएंगे और सभी तरह के मांगलिक और चार माह के लिए शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। 8. वामन द्वादशी : 21 जुलाई 2021 को प्रदोष व्रत के दिन वामन द्वादशी और वासुदेव द्वादशी रहेगी। इसी दिन मुस्लिमों का ईद उल जुहा का पर्व भी रहेगा। 9. विजया पार्वती व्रत : 22 जुलाई को विजया पार्वती व्रत और मंगला तेरस रहेगी। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि एवं कथा 10. गुरु पूर्णिमा : 23 जुलाई को व्रत की पूर्णिमा प्रारंभ होगी और 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा रहेगी। 23 जुलाई को चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक की जयंती भी है। पूर्णिमा के दिन व्यास पूजा होती है अर्थात महाभारत के लेखक वेद व्यासजी की पूजा। इसी दिन से आषाढ़ माह समाप्त हो जाएगा। अन्य : इस माह में 5 जुलाई को योगिनी एकादश, 7 जुलाई को प्रदोष व्रत, 8 जुलाई को शिव चतुर्दशी अर्थात मासिक शिवरात्रि, 13 जुलाई को विनायकी चतर्दशी व्रत, 18 जुलाई को गुप्त नवरात्रि पारण दिवस और भड़ली नवमी और 19 जुलाई को आशा दशमी का व्रत रहेगा। 28 जून से पंचक काल प्रारंभ होगा जो 3 जुलाई तक रहेगा।

Numerology Rashifal 2021: मूलांक से जानें, आपके लिए कैसा रहेगा नया साल

भोपाल.  हर किसी के मन में ये जिज्ञासा रहती है कि नया साल उनके लिए कैसा रहेगा. साल 2021 को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है. जन्म तिथि का हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसे मूलांक भी कहा जाता है. आइए अंक ज्योतिष राशिफल 2021 (Ank Jyotish Rashifal 2021) से जानते हैं कि अगला साल किन लोगों के लिए शुभ रहेगा और किन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. मूलांक 1- 1, 10, 19, 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है. साल 2021 मूलांक 1 वालों के लिए सामान्य रहने वाला है. वर्ष की शुरुआत से ही आपको अपने अंदर एक नई ऊर्जा का एहसास होगा. कार्य क्षेत्र में आप खूब मेहनत करेंगे और आपकी ये मेहनत जल्द रंग लाएगी. ऑफिस के काम में आपको सफलता मिलेगी. प्रमोशन के पक्के योग बन रहे हैं. छात्रों के लिए भी साल 2021 बहुत अच्छा है. हालांकि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. व्यापार से जुड़े लोगों को इस साल सावधानी से काम लेना होगा. 2021 में किसी भी तरह का निवेश ना करें तो ही अच्छा होगा. वर्ष के मध्य में आपका बिजनेस सही दिशा में आगे बढ़ेगा. आर्थिक तौर पर यह साल आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा. पारिवारिक जीवन बढ़िया रहेगा. दांपत्य जीवन में कुछ मतभेद आ सकते हैं जिन्हें आप जल्द दूर कर लेंगे. मूलांक 2- 2, 11, 20, 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 2 होगा. नया साल मूलांक 2 में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. इस साल आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा. छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने में सफलता मिलेगी. इस साल आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे. प्रेम संबंधों के लिए ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है. आप अपने रिश्ते में आगे बढ़ेंगे और विवाह के बारें में विचार करेंगे. नौकरी वालों के इस साल आपके ट्रांसफर के योग बनेंगे. इस साल लोगों के बीच आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी. शादीशुदा लोगों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इस साल आप किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं. आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा और लोगों के साथ आपका स्नेह बढ़ेगा. इस साल अपने लिए भी कुछ समय निकालें. मूलांक 3- 3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 3 होता है. मूलांक 3 वालों के लिए वर्ष 2021 सामान्य रहने वाला है. इस साल आपके कुछ जरूरी कार्यों में रुकावट आ सकती है. आप आध्यात्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी. छात्र इस साल शुरूआत से ही मेहनत करेंगे. प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने की पूरी संभावनाएं बनेंगी. प्रेम संबंधों के लिए यह साल सामान्य रहने वाला है. कुछ लोगों का प्रेम विवाह हो सकता है. सरकारी क्षेत्र में आपको लाभ हो सकता है. नौकरी कर रहे लोगों को इस साल शुभ समाचार मिल सकते हैं. इस साल आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. इस साल आपके खर्चे बहुत बढ़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी. आपकी आमदनी इस साल ठीक रहेगी. साल 2021 में आपको मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा. मूलांक 4- 4, 13, 22, 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है. साल 2021 मूलांक 4 वालों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आ रहा है. इस साल आपकी ईमानदारी काम आएगी. आपकी लगनशीलता आपको इस साल सफलता दिलाएगी. आप की बहुत सारी इच्छाएं इस साल पूरी हो जाएंगी और आप खुशी का अनुभव करेंगे. नए साल में आपकी लव लाइफ आगे बढ़ेगी. यह साल प्यार से भरा रहेगा. विद्यार्थियों के लिए साल की शुरुआत अच्छी रहेगी. साल के मध्य में प्रतियोगिता में सफलता के प्रबल योग बनेंगे. मैनेजमेंट, सोशल सर्विस, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए ये साल उत्तम परिणाम लेकर आएगा. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी साल 2021 लाभ लेकर आ रहा है. आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपको धन लाभ होगा. शादीशुदा जीवन के लिए नया साल सामान्य रहेगा. साल के मध्य में कुछ समस्याएं आ सकती हैं. मूलांक 5- 5, 14, 23 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 5 होता है. साल 2021 मूलांक 5 वालों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा क्योंकि वर्ष 2021 का कुल योग 5 (2+0+2+1=5) है. मूलांक 5 वाले लोगों को इस साल का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए. इस साल आपकी सेहत अच्छी रहेगी और आप पूरी मेहनत से चुनौतियों का सामना करेंगे. इस साल छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी. इस साल आपको मेहनत का फल मिलेगा. प्रेम संबंधों के लिए भी ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है. कुछ लोगों का प्रेम विवाह भी हो सकता है. पारिवारिक जीवन में कुछ उथल-पुथल हो सकती है. नौकरी करने वालों को साल 2021 में खुद पर ध्यान देने की जरूरत होगी. आर्थिक स्थिति से ये साल आपके लिए मिलाजुला रहेगा. व्यापार करने वालों को विदेशी संपर्कों का लाभ मिलेगा. मूलांक 6- 6, 15, 24 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होता है. अंक ज्योतिष के अनुसार यह वर्ष आपके लिए उत्तम परिणाम देने वाला साबित होगा. इस पूरे साल आप अपने प्रियतम को प्रसन्न रखने की कोशिश करेंगे. किसी लंबी यात्रा पर जानेंगे योग बनेंगे. विद्यार्थियों के लिए साल 2021 काफी अच्छा रहने वाला है. इस साल आप पढ़ाई में पूरी तरह मन लगाएंगे. आपको मेहनत के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे. साल की शुरूआत पारिवारिक जीवन के लिए अच्छी रहेगी. आपके मन में सबके लिए स्नेह की भावना रहेगी. इस साल आपकी नौकरी बदलने की पूरी संभावना है. इसमें आपको ज्यादा संतुष्टि मिलेगी. बिजनेस से जुड़े लोगों को इस साल जबरदस्त लाभ मिलेंगे. रिश्तो के मामले में आप काफी ईमानदार रहेंगे. इस साल आपको अपनी क्षमताओं का आंकलन करना चाहिए. मूलांक 7- 7, 16, 25 तिथि को जन्‍मे लोगों का मूलांक 7 होता है. मूलांक 7 वाले लोगों के लिए साल उन्नतिशील रहेगा. आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आपकी आमदनी बढ़ेगी. धन की प्रबलता से आप अपनी कई इच्छाओं को इस साल पूरा करने में सफल रहेंगे. छात्रों को इस साल पढ़ाई पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है. मेहनत से हीआपको सफलता का परिणाम मिलेगा, इसलिए खूब मेहनत करें. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे … Read more

ब्रह्मलीन हुए बर्फानी बाबा, भक्तों का दावा- 150 साल थी उम्र

जयपुर। बर्फानी बाबा महाराज बुधवार देर रात अहमदाबाद में ब्रह्मलीन हो गए। गुरुवार को उनकी पार्थिव देह मेहंदीपुर बालाजी स्थित आश्रम में लाई गई। यहां शुक्रवार को आश्रम में उनको समाधि दी जाएगी। बर्फानी बाबा के अंतिम दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त आश्रम पहुंचे हैं। बाबा के कुछ भक्तों का दावा है कि कुछ दिन पहले ही बाबा ने अपना समाधि स्थल मेहंदीपुर बालाजी में बनाने के लिए कहा था। यहां उनका आश्रम भी है। भक्तों का दावा- 150 साल थी उम्र बर्फानी दादा के भक्तों का दावा है कि उनकी उम्र करीब 150 साल थी। उन्होंने कुंडलिनी जागरण में सिद्धी पा रखी थी। 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय बर्फानी बाबा मानसरोवर में साधना कर रहे थे। जिसके बाद युद्ध के अशांत माहौल को छोड़कर हरिद्वार आ गए थे। जहां से अमरकंटक पहुंचे और फिर वहां साधना की। अनुयायियों का दावा- पहले भी शरीर छोड़ चुके हैं बाबा अनुयायियों का दावा है कि बाबा पहले भी अपना शरीर छोड़ चुके हैं। इसके बाद वे नए शरीर में फिर से प्रकट होते हैं। कुंडलिनी जागरण के जरिए ही उन्होंने ये सिद्धी प्राप्त की है। इंदौर के मालवीय नगर में भी बर्फानी धाम की स्थापना की गई। जहां हर साल शरद पूर्णिमा पर हजारों अस्थमा रोगियों को औषधियुक्त खीर का वितरण किया जाता है।

घर में लाएं सूर्यदेव की प्रतिमा, हर मुश्किल हो जाएगी आसान

भोपाल। सूर्यदेव को अग्नि का स्वरूप एवं प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वास्तु शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व है। ऊर्जा के असीम भंडार सूर्यदेव को लेकर वास्तु में कुछ रोचक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर हम अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में। सूर्योदय से पहले ब्रह्ममुहूर्त का समय अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विद्यार्थियों को इस समय का सदुपयोग करना चाहिए। ब्रह्ममुहूर्त का समय स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम माना जाता है। सूर्योदय के समय घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां खोल देनी चाहिए। सूर्योदय के समय की किरणें स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम मानी जाती हैं। घर में कृत्रिम रोशनी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। घर का कोई हिस्सा ऐसा है जहां सूर्यदेव का प्रकाश नहीं आ पा रहा तो वहां सूर्यदेव की तांबे की प्रतिमा लगाई जा सकती है। रसोईघर और स्नानघर में भी सूर्य का प्रकाश पहुंचे ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। घर में सूर्यदेव के साथ सात घोड़ों की तस्वीर पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। घर में जहां कीमती जेवरात रखे हों, वहां तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में कभी आर्थिक परेशानी नहीं आती है। बच्चों के स्टडी रूम में सूर्यदेव की प्रतिमा लगाने से सकारात्मक परिणाम सामने आने लगते हैं। परिवार में अगर कोई व्यक्ति रोगी है तो उसके कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं। वास्तु के अनुसार रसोईघर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से कभी अन्न की कमी नहीं होती। कार्यालय या दुकान में सूर्य प्रतिमा लगाने से उन्नति के अवसर मिलते हैं। घर के मंदिर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर-परिवार पर सूर्य देव की कृपा बनी रहती है।

मंगल ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, इन राशियों को मिलेगी तरक्की और होगा जबरदस्त लाभ

भोपाल।  मंगल ग्रह का 24 दिसंबर को राशि परिवर्तन होने जा रहा है। मंगल ग्रह, मेष राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में मंगल ग्रह 22 फरवरी 2020 तक रहेंगे। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीच और मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं। मंगल ग्रह का यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के लिए अच्छी खबर लेकर आएगा तो कुछ राशियों के लिए परेशानियां पैदा होंगी। मंगल देव का यह राशि परिवर्तन कुछ जातकों के लिए शुभ समाचार लेकर आएगा। जानिए किन राशियों के जातकों को राशि परिवर्तन का मिलेगा लाभ- 1. मेष- मेष राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में प्राप्ति होगी। इस गोचर के दौरान नए कार्य शुरू करना शुभ होगा। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का भी निपटारा होगा। उच्च अधिकारियों से मधुर संबंध होंगे। 2. मिथुन- इस राशि के जातकों की परेशानियों का अंत होगा। नौकरी और बिजनेस में तरक्की होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसले आपके पक्ष में आ सकते हैं। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। 3. कर्क- नौकरी और व्यापार में तरक्की होगी। कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन संभव है। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। इस राशि के जातकों को सरकारी नौकरी मिलने का भी योग बन सकता है। 4. सिंह- इस राशि के जातकों की धर्म और अध्यात्म में गहरी रुचि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सफलता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। किसी बड़े सम्मान को प्राप्त कर सकते हैं। 5. धनु- छात्रों को सफलता मिलेगी। व्यापारियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। विदेशी कंपनी में नौकरी का प्रयास कर रहे हैं तो सफल होंगे। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। 6. कुंभ- इस गोचर के दौरान आपके फैसले और कार्यों की प्रशंसा होगी। धर्म और अध्यात्म के प्रति रूचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलने की संभावना है।

अगर आपको भी नहीं मिल रहा हनुमान चालीसा पाठ का लाभ जानें सही विधि और इसके लाभ

भोपाल। जब कभी भी किसी भक्त की निष्ठा की बात होती है तो हनुमान जी से बढ़कर और कोई नहीं | भगवान श्री राम के प्रति उनकी भक्ति सभी भक्तों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है | हनुमान जी के जैसा भक्त न कोई हुआ है और न होगा | इसलिए भगवान श्री राम के आशीर्वाद से हनुमान जी को यह वरदान प्राप्त है कि उनकी आराधना करने वाले भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान श्री राम का भी आशीर्वाद स्वतः ही पा लेते है | हमारे शास्त्रों में हर समस्या का समाधान वर्णित है | हनुमान चालीसा के पाठ द्वारा हनुमान जी की आराधना करना भी इन शास्त्रीय उपायों में से एक है | गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा में वो सभी चमत्कारी शक्तियाँ निहित है जो हमारे सभी संकटों को पल भर में दूर कर सकती है | हनुमान चालीसा पाठ का महत्व : – बचपन में हनुमान जी अपनी क्रीडाओं द्वारा ऋषि-मुनियों को तंग किया करते थे जिससे तंग आकर ऋषि द्वारा उन्हें यह श्राप मिला कि वे अपनी शक्तियों को भूल जाया करेंगे और दूसरों के द्वारा स्मरण कराने पर ही उन्हें अपनी शक्तियों का अहसास होगा | सम्पूर्ण हनुमान चालीसा के पाठ में हनुमान जी की शक्तियों का वर्णन किया गया है | इस पाठ के माध्यम से ही हम हनुमान जी की आराधना करने के साथ-साथ उन्हें उनकी शक्तियों का भी स्मरण कराते है जिससे वे शीघ्र प्रसन्न होकर हमें फलीभूत करते है | हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन करना चाहिए | इसलिए जितना शीघ्र हो सके आप इसे याद कर ले | सुबह का एक समय निश्चित कर प्रतिदिन उसी समय पर हनुमान चालीसा का पाठ करे | समय के चुनाव में ध्यान दे सुबह 6.15 am , 7.15 या 8.15 am इस प्रकार का समय चुने, व 6.45 am , 7.45 am ऐसे समय पर कोई भी पाठ-पूजा न करें | हनुमान जी के ऐसे मंदिर जहाँ हनुमान जी को चौला चढ़ाया जाता हो, उस मंदिर में जाकर हनुमान जी के चरणों से थोड़ा सा सिन्दूर एक डिब्बी में घर ले आये अब डिब्बी में और सिन्दूर व थोडा चमेली का तेल मिलाकर रखे ले | रोजाना पूजा पर बैठते समय सबसे पहले हनुमान जी का ध्यान करते हुए इस सिन्दूर से स्वयं को तिलक करे | लाल या पीले वस्त्र धारण कर लाल ऊनी आसन बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठ जाये साथ में एक लौटे में जल और प्रसाद रूप में कुछ मीठा रखे | अब चमेली के तेल का दीपक प्रज्वल्लित करे | पानी के लौटे को हनुमान जी की प्रतिमा के सम्मुख रखकर आदरपूर्वक उन्हें ग्रहण करने को कहे | अब थोड़े मीठे को भोग स्वरुप उनकी प्रतिमा के आगे रखे |

मेष राशि के लिए मंत्र … मेष लग्न या राशी के जातक इस मंत्र का जप करें

भोपाल। मेष राशि, सभी 12 राशियों की संख्या में प्रथम राशि है | मेष राशि का स्वामी मंगल गृह है | मेष राशि के जातक उर्जावान, उर्वर मष्तिष्क के स्वामी और प्रग्रतिशील विचारधारा के होते है | मंगल गृह के शुभ और अशुभ प्रभाव मेष राशि के जातकों को सीधे प्रभावित करते है | शास्त्रों में ग्रहों में अशुभ प्रभावों को कम करने व गृह को बल देने हेतु सभी रशियों के लिए विशेष मन्त्रों का उल्लेख मिलता है | राशी के अनुसार मंत्र जप न केवल आपके राशि गृह को बल देते है अपितु अन्य ग्रहों के भी अशुभ प्रभावों को शांत करते है | ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायण नमः का जाप जिंदगी बदल देगा। मेष राशि के जातक उपरोक्त मंत्र का जप नियमित रूप से करें | प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर साफ़ कपड़े धारण कर पूजास्थल पर बैठ जाए | श्री लक्ष्मीनारायण जी की प्रतिमा पूजास्थल पर स्थापित कर ले | धुप-दीप आदि लगाकर पहले गणेश जी के स्तुति मंत्र द्वारा उनका स्मरण करें इसके पश्चात् आप उपरोक्त मंत्र का जप कम से कम 21 बार अवश्य करें | मेष राशि के जातक उपरोक्त मंत्र का जप पूर्ण करने के पश्चात् अपने ईष्ट देव या देवी के मंत्र का जप कर सकते है | इस मंत्र जप के कार्य को नियमित रूप से किया करें | एक से दो महीने में ही आपके जीवन में चमत्कारिक बदलाव होने लग जायेंगे | उपरोक्त मंत्र का जप न केवल मेष राशि वाले जातक को करना चाहिए अपितु जिस जातक के लग्न में मेष हो उसे भी इस मंत्र का जप करना चाहिए | दोनों स्थिति में उपरोक्त मंत्र के जप से समान फल की प्राप्ति होती है |

कर दो कृपा महारानी मोरी शारदा भवानी …मैहर में शारदा मां के दरबार में पहुंचे 50 हजार भक्त

सतना. नवरात्र का 8वां दिन यानी महाअष्टमी है। पहले की तरह न भव्य पंडाल हैं, न देवी मां की बड़ी प्रतिमाएं, न मेले …लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था परवान पर है। खासकर मध्य प्रदेश के मंदिरों में कोरोना पर भक्ति भारी है। मैहर मध्य प्रदेश के सतना जिले में है। यहां त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा विराजमान हैं। देवी मां के दरबार में तड़के 4 बजे से ही भक्त आना शुरू हो गए। दोपहर होते-होते एक अनुमान के मुताबिक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मां के दर्शन कर चुके हैं। मैहर धाम में पुजारी सुमित महाराज ने बताया कि महाष्टमी पर सुबह 3.30 से 4 बजे तक विशेष पूजन हुआ। इसके बाद देवी मां के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। रात 8.30 बजे शयन आरती के बाद पट बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन भक्तों का आना जारी रहेगा तो पट खुले रखेंगे। सलकनपुर की बीजासन माता मध्य प्रदेश में सलकनपुर में बीजासन माता विराजमान हैं। हर साल अष्टमी और नवमी पर यहां दर्शनार्थियों की संख्या 1 लाख तक रही है। इस बार कोरोना की वजह से भक्तों की संख्या कम है, लेकिन सुबह 9 बजे तक 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। शाम तक यह संख्या 50 हजार से ज्यादा पहुंचने की संभावना है।

बुधवार का दिन होता है मां लक्ष्मी का, पढ़ें श्री लक्ष्मी सूक्त का हिन्दी अनुवाद

भोपाल। काम, क्रोध, लोभ वृत्ति से मुक्ति प्राप्त कर धन, धान्य, सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए उपयोगी स्तोत्र है। यहां इस सूक्त को हिन्दी में अनुवाद सहित दिया जा रहा है। मां लक्ष्मी के पूजन के दिन शुक्रवार और बुधवार माने गए हैं। प्रस्तुत है श्री लक्ष्मी सूक्त का हिन्दी अनुवाद श्री लक्ष्मीसूक्तम्‌ पाठ पद्मानने पद्मिनि पद्मपत्रे पद्मप्रिये पद्मदलायताक्षि। विश्वप्रिये विश्वमनोऽनुकूले त्वत्पादपद्मं मयि सन्निधत्स्व॥ – हे लक्ष्मी देवी! आप कमलमुखी, कमल पुष्प पर विराजमान, कमल-दल के समान नेत्रों वाली, कमल पुष्पों को पसंद करने वाली हैं। सृष्टि के सभी जीव आपकी कृपा की कामना करते हैं। आप सबको मनोनुकूल फल देने वाली हैं। हे देवी! आपके चरण-कमल सदैव मेरे हृदय में स्थित हों। पद्मानने पद्मऊरू पद्माक्षी पद्मसम्भवे। तन्मे भजसिं पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्‌॥ – हे लक्ष्मी देवी! आपका श्रीमुख, ऊरु भाग, नेत्र आदि कमल के समान हैं। आपकी उत्पत्ति कमल से हुई है। हे कमलनयनी! मैं आपका स्मरण करता हूँ, आप मुझ पर कृपा करें। अश्वदायी गोदायी धनदायी महाधने। धनं मे जुष तां देवि सर्वांकामांश्च देहि मे॥ – हे देवी! अश्व, गौ, धन आदि देने में आप समर्थ हैं। आप मुझे धन प्रदान करें। हे माता! मेरी सभी कामनाओं को आप पूर्ण करें। पुत्र पौत्र धनं धान्यं हस्त्यश्वादिगवेरथम्‌। प्रजानां भवसी माता आयुष्मंतं करोतु मे॥ – हे देवी! आप सृष्टि के समस्त जीवों की माता हैं। आप मुझे पुत्र-पौत्र, धन-धान्य, हाथी-घोड़े, गौ, बैल, रथ आदि प्रदान करें। आप मुझे दीर्घ-आयुष्य बनाएँ। धनमाग्नि धनं वायुर्धनं सूर्यो धनं वसु। धन मिंद्रो बृहस्पतिर्वरुणां धनमस्तु मे॥ – हे लक्ष्मी! आप मुझे अग्नि, धन, वायु, सूर्य, जल, बृहस्पति, वरुण आदि की कृपा द्वारा धन की प्राप्ति कराएँ। वैनतेय सोमं पिव सोमं पिवतु वृत्रहा। सोमं धनस्य सोमिनो मह्यं ददातु सोमिनः॥ – हे वैनतेय पुत्र गरुड़! वृत्रासुर के वधकर्ता, इंद्र, आदि समस्त देव जो अमृत पीने वाले हैं, मुझे अमृतयुक्त धन प्रदान करें। न क्रोधो न च मात्सर्यं न लोभो नाशुभामतिः। भवन्ति कृतपुण्यानां भक्तानां सूक्त जापिनाम्‌॥ – इस सूक्त का पाठ करने वाले की क्रोध, मत्सर, लोभ व अन्य अशुभ कर्मों में वृत्ति नहीं रहती, वे सत्कर्म की ओर प्रेरित होते हैं। सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतरांशुक गंधमाल्यशोभे। भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरी प्रसीद मह्यम्‌॥ – हे त्रिभुवनेश्वरी! हे कमलनिवासिनी! आप हाथ में कमल धारण किए रहती हैं। श्वेत, स्वच्छ वस्त्र, चंदन व माला से युक्त हे विष्णुप्रिया देवी! आप सबके मन की जानने वाली हैं। आप मुझ दीन पर कृपा करें। विष्णुपत्नीं क्षमां देवीं माधवीं माधवप्रियाम्‌। लक्ष्मीं प्रियसखीं देवीं नमाम्यच्युतवल्लभाम॥ – भगवान विष्णु की प्रिय पत्नी, माधवप्रिया, भगवान अच्युत की प्रेयसी, क्षमा की मूर्ति, लक्ष्मी देवी मैं आपको बारंबार नमन करता हूँ। महादेव्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्‌॥ – हम महादेवी लक्ष्मी का स्मरण करते हैं। विष्णुपत्नी लक्ष्मी हम पर कृपा करें, वे देवी हमें सत्कार्यों की ओर प्रवृत्त करें। चंद्रप्रभां लक्ष्मीमेशानीं सूर्याभांलक्ष्मीमेश्वरीम्‌। चंद्र सूर्याग्निसंकाशां श्रिय देवीमुपास्महे॥ – जो चंद्रमा की आभा के समान शीतल और सूर्य के समान परम तेजोमय हैं उन परमेश्वरी लक्ष्मीजी की हम आराधना करते हैं। श्रीर्वर्चस्वमायुष्यमारोग्यमाभिधाच्छ्रोभमानं महीयते। धान्य धनं पशु बहु पुत्रलाभम्‌ सत्संवत्सरं दीर्घमायुः॥ – इस लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने से व्यक्ति श्री, तेज, आयु, स्वास्थ्य से युक्त होकर शोभायमान रहता है। वह धन-धान्य व पशु धन सम्पन्न, पुत्रवान होकर दीर्घायु होता है। ॥ इति श्रीलक्ष्मी सूक्तम्‌ संपूर्णम्‌ ॥

नवरात्रि में जपें दुर्गा सप्तशती 6 सबसे अधिक शक्तिशाली मंत्र

नवरात्रि में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है; क्योंकि श्री दुर्गा सप्तशती दैत्यों के संहार की शौर्य गाथा से अधिक कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की त्रिवेणी हैं। मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परमगोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी की नौ मूर्तियां-स्वरूप हैं, जिन्हें ‘नव दुर्गा’ कहा जाता है, उनकी आराधना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है। यह श्री मार्कण्डेय पुराण का अंश है। यह देवी महात्म्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है। सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्रोत एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है। यहां पढ़ें खास 6 मंत्र- * बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए- सर्वाबाधा वि निर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥ * सर्वकल्याणकारी मंत्र- सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके । शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥ * आरोग्य एवं सौभाग्य- देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥ * विपत्ति नाश के लिए- शरणागतर्दनार्त परित्राण पारायणे। सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥ * आरोग्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य, संपदा एवं शत्रु भय मुक्ति- ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः। शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥ * विघ्नहरण मंत्र- सर्वबाधा प्रशमनं त्रेलोक्यसयाखिलेशवरी। एवमेय त्याया कार्य मस्माद्वैरि विनाशनम्‌॥ जाप विधि- नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लेकर प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें। मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।

नवरात्रि : 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक देवी पूजा, 58 साल बाद शनि-गुरु अपनी राशियों में रहेंगे

BHOPAL > शनिवार, 17 अक्टूबर से देवी पूजा का नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि शुरू हो रहा है। ये पर्व 25 अक्टूबर तक रहेगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत में 17 तारीख को ही सूर्य का राशि परिवर्तन भी होगा। सुर्य तुला में प्रवेश करेगा। तुला राशि में पहले से वक्री बुध भी रहेगा। इस कारण बुध-आदित्य योग बनेगा। इसके साथ ही 58 साल बाद शनि-गुरु का भी दुर्लभ योग बन रहा है। इस नवरात्रि में शनि मकर में और गुरु धनु राशि में रहेगा। ये दोनों ग्रह 58 साल बाद नवरात्रि में एक साथ अपनी-अपनी राशि में स्थित रहेंगे। 2020 से पहले 1962 में ये योग बना था। उस समय 29 सितंबर से नवरात्रि शुरू हुई थी। इस बार पूरे नौ दिनों की रहेगी नवरात्रि इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी। इसी दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करके नीच का हो जाएगा। 17 तारीख को बुध और चंद्र भी तुला राशि में रहेंगे। चंद्र 18 तारीख को वृश्चिक में प्रवेश करेगा। लेकिन सूर्य-बुध का बुधादित्य योग पूरी नवरात्रि में रहेगा। नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी देवी शनिवार से नवरात्रि शुरू होने से इस बार देवी का वाहन घोड़ा रहेगा। नवरात्रि जिस वार से शुरू होती है, उसके अनुसार देवी का वाहन बताया गया है। अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू होती है तो देवी का वाहन हाथी रहता है। शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि शुरू होती है तो वाहन घोड़ा रहता है। गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर देवी डोली में सवार होकर आती हैं। बुधवार से नवरात्रि शुरू होती है तो देवी का वाहन नाव रहता है।

सिर्फ चार श्लोक के जाप करने से ही मिल सकता है श्रीमद्भागवत पढ़ने का पुण्य

भोपाल. पुरुषोत्तम महीने में भागवत कथा सुनने का महत्व है। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत का पाठ किया जाए तो उसका अनंत पुण्य फल मिलता है। हालांकि कई लोगों के लिए ऐसा करना संभव नहीं है। इसलिए पुरुषोत्तम महीने में चतु:श्लोकी भागवत मंत्र पढ़ने से ही पूरी श्रीमद्भागवत पाठ का फल मिल जाता है। नर्मदापुरम के भागवत कथाकार पं. हर्षितकृष्ण बाजपेयी का कहना है कि भगवान विष्णु ने ब्रह्माजी 4 श्लोक सुनाए थे। फिर ब्रह्मा जी ने नारद जी को और उन्होंने व्यासजी को सुनाए। व्यास जी ने उन्हीं 4 श्लोकों से ही 18000 श्लोक का श्रीमद्भागवत महापुराण बना दिया। भगवान विष्णु के ही मुंह से निकले उन 4 श्लोक को ही चतु:श्लोकी भागवत कहा जाता है। पुरुषोत्तम माह में इनको पढ़ने से ही हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। मंत्र अहमेवासमेवाग्रे नान्यद् यत् सदसत् परम्। पश्चादहं यदेतच्च योऽवशिष्येत सोऽस्म्यहम् ॥(1) ऋतेऽर्थं यत् प्रतीयेत न प्रतीयेत चात्मनि। तद्विद्यादात्मनो मायां यथाऽऽभासो यथा तमः ॥(2) यथा महान्ति भूतानि भूतेषूच्चावचेष्वनु। प्रविष्टान्यप्रविष्टानि तथा तेषु न तेष्वहम्॥(3) एतावदेव जिज्ञास्यं तत्त्वजिज्ञासुनाऽऽत्मनः। अन्वयव्यतिरेकाभ्यां यत् स्यात् सर्वत्र सर्वदा॥(4) अर्थ – श्री भगवान कहते हैं – सृष्टि की शुरुआत से पहले केवल मैं ही था। सत्य भी मैं था और असत्य भी मैं था। मेरे अलावा कुछ भी नहीं था। सृष्टि खत्म हो जाने के बाद भी सिर्फ मैं ही रहता हूं। यह चर-अचर सृष्टि स्वरूप केवल मैं हूं और जो कुछ इस सृष्टि में दिव्य रूप से है वह मैं हूं। प्रलय होने के बाद जो कुछ बचा रहता है वह भी मैं ही होता हूं। मूल तत्त्व आत्मा है जो दिखाई नहीं देती है। इसके अलावा सत्य जैसा जो कुछ भी दिखता है वह सब माया है। आत्मा के अलावा जो भी आभास होता है वो अन्धकार और परछाई के समान झूठ है। जिस प्रकार पंच महाभूत यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश संसार की छोटी या बड़ी सभी चीजों में होते हुए भी उनसे अलग रहते हैं। उसी तरह मैं आत्म स्वरूप में सभी में होते हुए भी सबसे अलग रहता हूं। आत्म-तत्त्व को जानने की इच्छा रखने वालों के लिए केवल इतना ही जानने योग्य है कि सृष्टि की शुरुआत से सृष्टि के अंत तक तीनों लोक (स्वर्गलोक, मृत्युलोक, नरकलोक) और तीनों काल (भूतकाल, वर्तमानकाल, भविष्यकाल) में जो हमेशा एक जैसा रहता है। वही आत्म-तत्त्व है। मंत्र जाप की विधि सुबह जल्दी उठकर नहाएं और पीले कपड़ें पहनें। इसके बाद भगवान की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन लगाकर बैठ जाएं। फिर नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र बोलते हुए भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान की मूर्ति पर जल, फूल और अन्य सुगंधित चीजें चढ़ाएं। इसके बाद ऊपर बताए गए चार मंत्र बोलें। फिर भगवान को नैवेद्य लगाकर प्रणाम करें।

इस गणेश मंदिर को माना जाता है चमत्कारी, उल्टा स्वास्तिक से पूरी होती हैं इच्छाएं

इंदौर . मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित खजराना गणेश मंदिर के चमत्कार की कहानी दूर दूर तक फैली है. भक्तों की आस्था का ये वो पावन स्थान है जहां चप्पे-चप्पे पर भगवान के चमत्कार मौजूद हैं. संतान की कामना, धन की ख्वाहिश, नौकरी की जरूरत से लेकर विद्या और बुद्धि तक का वरदान भक्तों को इस मंदिर में आकर मिलता है. इस चमत्कारी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में स्वयंभू गणपति अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. बस भक्तों को यहां आकर उल्टा स्वास्तिक बनाना होता है. खजराना मंदिर में भगवान गणेशजी के मंदिर के पीछे दीवार यानी गणेशजी की पीठ पर लोग उल्टा स्वस्तिक चिह्न बनाते हैं और मन्नत पूरी होने के बाद दोबारा आकर सीधा स्वस्तिक बनाते हैं. कहते हैं ये चलन यहां पर कई सालों से चला आ रहा है. माना जाता है कि इस मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाने से हर मुराद पूरी हो जाती है. एक अन्य मान्यता है कि मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हुए धागा बांधने से भी इच्छापूर्ति होती है. मंदिर का इतिहास खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में तत्कालीन होल्कर वंश की शासक अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था. कहा जाता है कि खजराना गणेश मंदिर के निर्माण के लिए गणेश भगवान ने एक पंडित को स्वप्न दिया था. स्वप्न आया कि यहां पर भगवान गणेश की मूर्ति जमीन में दबी हुई है, उसे वहां से निकालो. इस सपने के बारे में पंडित ने सभी को बताया. रानी अहिल्या बाई होलकर ने स्वप्न के अनुसार उस जगह खुदाई करवाई और खुदाई में ठीक वैसी ही भगवान गणेश की प्रतिमा प्राप्त हुई, जिसके बाद यहां मंदिर निर्माण करवाया गया. गणपति जी का यह मंदिर देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में से एक माना जाता है. श्रद्धालू अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद यहां आकर दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाते हैं. यूं तो रोजाना पूरे विधि विधान से इस मंदिर में पूजा की जाती है मगर बुधवार के दिन गणपति जी को विशेष तौर पर लड्डूओं का प्रसाद चढ़ाया जाता है. इस दिन यहां विशेष पूजा और आरती आयोजित की जाती है.

अधिकमास में विष्णु की पूजा करने की परंपरा, विष्णु के 5 मंत्र और जाप करने की सरल विधि

अधिकमास यानी मलमास शुरू हो गया है। ये माह 16 अक्टूबर तक चलेगा। इस माह में भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने की परंपरा है। क्योंकि, विष्णुजी ने इस माह अपना श्रेष्ठ नाम पुरुषोत्तम दिया है। साथ ही, मलमास को वरदान भी दिया है कि जो भी व्यक्ति इस माह में पूजा-पाठ, जाप और ध्यान करेगा, उसे सकारात्मक फल मिल सकते हैं। कैसे करें मंत्र जाप, जानिए जाप की सरल विधि रोज सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु और बाल गोपाल की पूजा करें। भगवान को पीले वस्त्र अर्पित करें। केसर, चंदन, पीले फूल चढ़ाएं। तुलसी के साथ माखन-मिश्री का भोग लगाएं। दीपक जलाकर आरती करें। आरती के बाद साफ आसन पर बैठकर भगवान के मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के लिए तुलसी की माला का उपयोग करना चाहिए। जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। मंत्र जाप के बाद भगवान से पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगे। पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें और खुद भी ग्रहण करें।

राम मंदिर ट्रस्ट के क्लोन चेक से फर्जीवाड़ा

राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए बैंक में पहुंचने के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से ठगी की कोशिश शुरू हो गई है। ट्रस्ट के खाते से लखनऊ के एक बैंक से क्लोन चेक के माध्यम से  लगभग  6 लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। तीसरे क्लोन चेक से की जा रही निकासी वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ में आ गई। ट्रस्ट ने अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी । सीओ अयोध्या राजेश राय के मुताबिक लखनऊ के एक बैंक से क्लोन चेक बनाकर 1 सितंबर को ढाई लाख और 3 सितंबर को साढ़े 3 लाख रुपये निकाल लिए गए। जब तीसरा फर्जी चेक लगाकर 9 लाख 86 हजार का बैंक ऑफ बड़ौदा में निकालने की कोशिश हुई, तो सत्यापन के लिए बैंक अधिकारियों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास फोन किया।

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