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गोरखपुर में धूमधाम से संपन्न हुई भव्य “निशान यात्रा”, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

The grand Nishan Yatra concluded with great fanfare in Gorakhpur, thousands of devotees participated. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। गोरखपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब श्री खाटू श्याम मंदिर गोरखपुर से भव्य “निशान यात्रा” श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया। निशान यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई गुजरी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में निशान लिए भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यात्रा के सुचारु संचालन में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं प्रशासन का विशेष सहयोग रहा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक आयोजनों के सफल आयोजन का संकल्प दोहराया। यदि आप चाहें तो मैं इसे वेब पोर्टल स्टाइल, अखबार हेडलाइन स्टाइल या सोशल मीडिया पोस्ट फॉर्मेट में भी तैयार कर दूं।

कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ीं? नीलकंठ महादेव मंदिर की शासकीय भूमि पर दोबारा कब्जे की कोशिश

Court order flouted? Attempt to reclaim government land belonging to the Neelkanth Mahadev Temple संवाददाता चंदा कुशवाह नलखेड़ा । नगर के सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 स्थित शासकीय माफी छतरी नीलकंठ महादेव मंदिर की भूमि (रकबा 0.857 हेक्टेयर), जिसका प्रबंधन कलेक्टर महोदय के अधीन है, एक बार फिर अतिक्रमण के कारण चर्चा में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेवाड़ा विश्वकर्मा सामाजिक विभाग एवं सेवा समिति द्वारा मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 248 के अंतर्गत तहसील न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई थी। सुनवाई उपरांत तहसील न्यायालय ने नलखेड़ा निवासी पवन विश्वकर्मा सहित अन्य व्यक्तियों को मंदिर की शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित किया था। न्यायालय ने संबंधित पक्षों पर ₹5000-₹5000 का अर्थदंड भी अधिरोपित किया था तथा पटवारी को अतिक्रमण हटवाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में प्रकरण क्रमांक 13/2023 में न्यायालय द्वारा उक्त सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 पर स्थगन आदेश प्रभावी है। बताया जाता है कि संबंधित पक्ष द्वारा न्यायालय में अंडरटेकिंग प्रस्तुत की गई थी कि प्रकरण लंबित रहने तक न तो स्वयं निर्माण करेंगे और न ही किसी अन्य से करवाएंगे। इसके बावजूद विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बीते सोमवार को पवन, जगदीश, कमल एवं घनश्याम आदि द्वारा पुनः निर्माण की तैयारी एवं गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी गईं। आरोप है कि अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेश एवं स्थगन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा अवमानना की स्थिति में संबंधितों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। अब पूरे प्रकरण में प्रशासनिक कदमों पर नगरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं। न्यायालय के आदेश और ज़मीनी हकीकत के बीच खिंची यह रेखा कब स्पष्ट होगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा।

तीन मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस ने किया पुतला दहन, दोषियों पर की कार्यवाही की मांग।

Congress burnt effigies of three ministers and demanded action against the culprits. हरिप्रसाद गोहे आमला। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आज नगर के जनपद चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के खिलाफ पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच खींचतान देखने को मिली, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर केनन का उपयोग किया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मालवे एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजेंद्र भावसार ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कप सिरप से हुई मौतों के मामले में मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सेना और महिलाओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ नाराजगी जताई गई। इसके अलावा इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख, गणेश ढोमने, नीरज सोनी, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, नपा अध्यक्ष नितिन गाडरे, उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, पार्षद पद्मनी भूमरकर, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष यशवंत हुड़े, विजय पारधी, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनीष नागले सहित कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव जैन की सख्त हिदायत—प्राथमिकता वाले सेक्टर में बेहतर अमल से पूर्ण लक्ष्य प्राप्त करें

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के विकास कार्यों को प्रमुखता दे। मुख्य सचिव  जैन ने मंत्रालय में कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करें। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना बनाकर क्रियान्वयन में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव  जैन ने ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में चयनित गांवों को बुनियादी सुविधाओं, गौपालन और डेयरी विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित करने के लिए 31 मार्च तक विजन डॉक्यूमेंट को पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में उन्होंने पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव  जैन ने जल जीवन मिशन में एकल नल जल योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड कलेक्टर्स को कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के नवीन स्वीकृत भवनों के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड को शीघ्रता से भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र है जो समाज के भविष्य को प्रभावित करते है। प्रदेश और समाज के विकास के लिए इन दोनों क्षेत्र में काम करना आवश्यक है। शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर दिया। उन्होंने शाला के बाहर के चिन्हांकित बच्चों में से एजुकेशन पोर्टल 3.0 में दर्ज विद्यार्थियों के प्रोफाइल प्रतिशत बढ़ाने पर जबलपुर संभाग और पन्ना एवं बालाघाट जिले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य प्रदेश में किया जाना है, इसलिए जनगणना कार्य की अवधि को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालित करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि बच्चों का एलिमेंट्री प्री स्कूल एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। यही पढ़ाई उनके आईक्यू में परिलक्षित होती है, इसलिए आगनबाड़ी में 3-6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन को बढ़ाये। गाँव में जाकर सैंपलिंग चेकिंग करें पालकों से वन टू वन चर्चा करे। इसके लिए अपने जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के अधिकारियों के समन्वय से कार्य कराये। मुख्य सचिव  जैन ने 8 मार्च, महिला दिवस तक सभी शासकीय शालाओं में बालिका शौचालय के निर्माण को पूर्ण करने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव  जैन ने शासकीय विद्यालयों के भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल कराये और जरूरी होने पर बच्चों को दूसरे भवन में स्थानांतरित भी करें। रोजगार, उद्योग और निवेश से संबंधित केंद्र और राज्य की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और संत रविदास स्वरोजगार योजना आदि की जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिए निर्देशित किया। मुख्य सचिव  जैन ने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के उत्पादों को जीआई टैग दिलवाने के प्रयास करें। उत्पादों की मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल संवर्धन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार एक से अधिक उत्पादों को ‘एक जिला-एक उत्पाद’ में शामिल करने के लिए भी प्रस्ताव भेजे। मुख्य सचिव  जैन ने डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की पहल के अंतर्गत जिलो में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिये। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि इसमें जितना अधिक कार्य किया जाएगा प्रदेश के लिए उतना अच्छा होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है। सभी कलेक्टर अपने जिलों में इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव  जैन ने सुशासन, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, संकल्प से समाधान, सीएम हेल्पलाइन का समय सीमा में निराकरण, कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषकों को योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। बैठक में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित रहें।  

इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों का जायजा, जायका और ट्रांसको अधिकारियों की अहम बैठक

भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दिये गये जायका-दो लोन से हुये कार्यों की समीक्षा के लिये मुख्यालय शक्तिभवन जबलपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जायका, जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने जायका वित्त पोषित विभिन्न कार्यों में एमपी ट्रांसको द्वारा अपनायी गई तकनीकी एवं वित्तीय प्रबंधन के बारे में जानकारी प्राप्त की। पारेषण हानि कम करना बडी उपलब्धि जायका टीम ने लोन समझौते की शर्तों में शामिल पारेषण हानि को कम करने के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में 2.82 प्रतिशत रही पारेषण हानि को वर्ष 2024-25 में घटाकर 2.60 प्रतिशत तक लाना एक बड़ी उपलब्धि है। जायका टीम ने राइट आफ वे (आर ओ डब्ल्यू ) एवं फारेस्ट अप्रूवल से जुडी चुनौतियों के बावजूद मध्यप्रदेश में ट्रासमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के लिये किये गये प्रयासों की सराहना की। बैठक में जायका के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत योजना एवं तय मानकों के अनुसार होना आवश्यक है। निरीक्षण उपरांत प्रस्तुत की जायेगी विस्तृत रिपोर्ट बैठक में सहमति बनी कि टीम द्वारा जायका वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में एमपी ट्रांसको द्वारा किये गये विभिन्न कार्यो का निरीक्षण कर विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय समीक्षा की रिपोर्ट निर्धारित प्रश्नावली में प्रस्तुत की जाएगी। एमपी ट्रांसको द्वारा मानीटरिंग एवं प्रोजेक्ट पूर्णता रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जायका द्वारा रेटिंग दी जायेगी । ट्रांसको ने प्रस्तुत किया प्रतिवेदन कार्यपालक निदेशक(योजना और डिजाइन) श्री संदीप गायकवाड़ ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कई कार्य दक्ष प्रबंधन एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण कम लागत में पूर्ण हुए हैं। साथ ही यह भी आश्वस्त किया गया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुदृढ़ीकरण के लिये पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दो बार जायका द्वारा लोन दिया गया था। जायका-दो में 434 करोड रुपये का एमपी ट्रांसको द्वारा युटिलाइजेशन किया गया है।  

बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपितों के विरूद्ध बिजली कंपनी ने दर्ज कराई एफआईआर

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल शहर वृत्त के पूर्व शहर संभाग अंतर्गत शर्मा कॉलोनी में बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कंपनी के सुल्तानिया रोड कार्यालय प्रबंधक  धनराज सिंह ने बताया कि शर्मा कालोनी निवासी  अनूप कुमार द्वारा विद्युत देयक बकाया 55,818 रुपए जमा नहीं किया जा रहा था। विद्युत कर्मचारियों द्वारा मीटर सर्विस लाइन निकालने के दौरान मौके पर मौजूद  मनोज कुमार एवं उनके भाई  यशवंत कुमार के द्वारा विद्युत कंपनी के अधिकारी जूनियर इंजिनियर  धनराज सिंह, और कर्मचारी  प्रशांत सिंह,  शाकिब अली,  आदिल,  ज़ीशान एवं गार्ड  उमेश आर्मड के साथ गाली गलौज एवं बदसलूकी की गई। बाहस्त्रोत कर्मचारी आदिल को सर्विस लाइन निकालने के दौरान पत्थर से हमला किया गया, जिस कारण उसके पीठ एवं सर पर चोट आई है। मौके पर हंगामा करके सभी विद्युत कर्मियों को घेर लिया गया था। तदुपरांत शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी को कॉल पर अवगत कराने पर पुलिस बल ने बीच बचाव किया एवं मीटर सर्विस लाइन को जप्त किया गया। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आरोपितों  मनोज कुमार तथा  यशवंत कुमार के खिलाफ शाहजहांनाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 296(ए), 115(2), 132, 351(2), 3(5) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना शाहजहांनाबाद ने भी प्रकरण पर संज्ञान लेकर विवेचना शुरू कर दी है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

खंडवा के डायल-112 हीरोज: संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की मिसाल

भोपाल  डायल-112 आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और विश्वास का सशक्त माध्यम बन रही है। खंडवा जिले में डायल-112 जवानों ने सूझबूझ और करुणा का परिचय देते हुए घर की राह भटके 07 वर्षीय दिव्यांग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया। 18 फरवरीको खंडवाजिले के थाना मूंदी क्षेत्र अंतर्गत छलायी गाँव के पास सड़क पर एक 07 वर्षीय बालक मिलने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि बालक परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है और पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना मूंदी क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक अमित चौहानएवं पायलट नासिर खानने बालक को संरक्षण में लिया। प्रारंभिक बातचीत और निरीक्षण में पाया गया कि बालक बोलने में असमर्थ (दिव्यांग) है तथा अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। डायल-112 जवानों ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ बालक की देखभाल सुनिश्चित की। इसके पश्चात डायल-112एफआरव्ही वाहन के साथ बालक को लेकर आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ एवं परिजनों की तलाश में जुटे। स्थानीय नागरिकों से संपर्क और पूछताछ के दौरान बालक के परिजनों के परिचित मिले, जिनसे आवश्यक जानकारी प्राप्त कर बालक के परिजनों से संपर्क किया गया। डायल-112 जवान बालक को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से चौकी लेकर पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को उसके पिता के सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय सेवा पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के मूल्यों को सुदृढ़ करती है।  

बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित

अनूपपुर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत परिवहन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बालिकाओं और महिलाओं के लिए निःशुल्क पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें विधिवत ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रीति रमेश, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी, जिला परिवहन अधिकारी  सुरेंद्र गौतम, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग मती मंजूषा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर और संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर की छात्राओं ने भी शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी ने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ वाहन चलाने के लिए सक्षम बनाना है। इससे महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी और वे शिक्षा, रोजगार और अन्य गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगी। शिविर के दौरान बालिकाओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सक्षम बनाती है। शिविर में 114 बालिकाओं/महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए।

दमोह में स्व. आरक्षक के परिजनों को 1 करोड़ रूपएकी दुर्घटना बीमा राशि का भुगतान

भोपाल . मध्यप्रदेश पुलिस की कल्याण शाखा द्वारा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के आर्थिक कल्याण के उद्देश्य से लागू की गई पुलिस वेतन पैकेज योजना का लाभ अब प्रदेश के अनेक परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम भारतीय स्टेट बैंक , दमोह मुख्य शाखा द्वारा पुलिस वेतन पैकेज योजना के तहत स्वर्गीय आरक्षक श्री प्रदीप रैकवार के आकस्मिक निधन पर उनके नामिनी को 1 करोड़ रूपए की दुर्घटना बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया। स्वर्गीय श्री प्रदीप रैकवार थाना रनेह, जिला दमोह में पदस्थ थे,जिनका कुछ माह पूर्व एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। मध्यप्रदेश पुलिस और एसबीआई के बीच संपन्न हुए एमओयू के तहत सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

लगभग 1 करोड़ 49 लाख रुपये के अवैध गांजे के पौधे जब्‍त

भोपाल. प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही सख्त एवं निरंतर कार्यवाहियों के क्रम में खरगोन पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। ऑपरेशन “प्रहार” के अंतर्गत खरगोन पुलिस द्वारा चौकी हेलापडावा, थाना चैनपुर क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से 5900 गांजे के पौधे, कुल वजन 2979 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 4 हजार 200रूपए(लगभग एक करोड़ उनचास लाख चार हजार दो सौ रुपये) का अवैध मादक पदार्थ जप्त किया है।यह कार्रवाई दुर्गम एवं शेडो एरिया (नो मोबाइल नेटवर्क जोन) में की गई, जहाँ पुलिस टीम को कई घंटों तक कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण)  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन  सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  बिट्टू सहगल के मार्गदर्शन में की गई। दिनांक 18 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर चौकी हेलापडावा थाना चैनपुरपुलिस ने ग्राम सेन्द्रीयाघाटीगुवाडा स्थित खेत से कुल 5500 गांजे के पौधे, कुल वजन 2811 किलोग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 55 हजार रूपए का जप्त किए। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने ग्राम तिखलीबैडीपीडीजामली स्थित खेत से कुल 400 गांजे के पौधे, कुल वजन 168 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 8 लाख 49 हजार 200रूपए काजप्त किया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध पूर्ण गंभीरता, रणनीतिक योजना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।    

कौशल और तकनीक से विकसित भारत@2047 की संकल्पना होगी साकार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से “कौशल” का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना “स्वावलंबन” के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा।  परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।  परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की।  परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी।  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है। समारोह में मंत्री  परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ज्ञातव्य है कि “स्वावलंबन” परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है। इस अवसर पर संचालक क्रिस्प  अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी)  अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।  

गिफ्ट की आड़ में खूनी खेल, इंदौर में सनसनी—पीयूष की हैवानियत ने दहला दिया शहर

इंदौर इंदौर में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पीयूष ने जिस तरह से प्रेमिका की जान ली, उसने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने घटनास्थल का रीक्रिएशन किया है। इसमें नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीयूष ने सरप्राइज गिफ्ट के बहाने उसे बुलाया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। सीने पर चाकू टूटने तक वार करता रहा। ‘गिफ्ट’ के बहाने बांधे हाथ-पैर और फिर कर दी हत्या पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीयूष ने वारदात वाले दिन छात्रा को कमरे में बुलाया था। वहां उसने छात्रा से कहा कि वह उसे एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है। इसी ‘गिफ्ट’ का झांसा देकर उसने छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी और कमरे में पहले से मौजूद रस्सी और टेप की मदद से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा ने खुद को बंधा हुआ पाया और विरोध किया, तो पीयूष अपनी असलियत पर उतर आया। उसने छात्रा का मुंह कपड़े से बंद कर दिया और उसके सीने पर बैठकर तब तक गला घोंटा और बेहोश कर दिया। हत्या के बाद दरिंदगी, लाश के पास बैठकर पी शराब पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या करने के बाद भी वह नहीं रुका। उसने पक्का करने के लिए छात्रा के सीने पर चाकू से जोरदार वार किया। प्रहार इतना तेज था कि चाकू का ब्लेड टूटकर शरीर में ही फंस गया। इसके बाद आरोपी कमरे से बाहर गया, शराब खरीदी और वापस आकर शव के पास बैठकर शराब पी। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शव के साथ दुष्कर्म भी किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़कर फरार हो गया। जांच में बड़े खुलासे पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। हत्या में इस्तेमाल टूटा हुआ चाकू, रस्सी, चिपकाने वाला टेप और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा के मोबाइल चैट्स को लेकर उस पर शक करता था। इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। छात्रा के लापता होने के बाद 13 फरवरी को उसका शव किराए के कमरे से मिला था। आरोपी पीयूष वारदात के बाद मुंबई भाग गया था, जिसे पुलिस ने 14 फरवरी को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और मामले की आगे की जांच जारी है। शक ने छात्रा की जान ले ली पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मोबाइल चैट्स को लेकर उपजा शक एक बड़ी वजह हो सकता है। पीयूष ने छात्रा के सहपाठियों के साथ हुई बातचीत को पढ़ लिया था। घटना वाले दिन छात्रा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है, जिसके बाद उसके पिता ने उसे कलेक्ट्रेट के पास छोड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी छोटी बहन को बताया कि वह पीयूष के साथ एक बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कुछ दिनों बाद किराए के एक कमरे से उसका शव बरामद हुआ।

रोजगार की ओर बड़ा कदम: सीखो-कमाओ योजना के तहत 979 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत पंजीयन कराकर मध्‍यप्रदेश के 979 युवाओं को ऑन द जॉब ट्रैनिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कराएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा अलग-अलग 10 ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उदृदेश्‍य से विभिन्‍न विषयों के इच्‍छुक युवाओं से MMSKY पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’’ के तहत आवेदन करने के लिए इच्‍छुक अभ्‍यर्थी प्रशिक्षण से संबंधित अर्हताओें, रिक्‍त स्‍थानों के विवरण तथा अन्‍य आवश्‍यक जानकारी MMSKY पोर्टल पर देख सकते हैं। गौरतलब है कि “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन पास बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, लाइनमैन, स्टेनोग्राफर (हिंदी/अंग्रेजी),इंजीनियरिंग (सिविल/ इलेक्ट्रिकल),एग्जीक्यूटिव (एच आर/ आकाउंट) आदि पदों पर 979 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने कहा है कि “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को कंपनी में छात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में ऑन द जॉब ट्रैनिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे एक ओर जहां युवाओं को औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण मिलेगा वहीं दूसरी ओर उन्हें काम के बदले स्टाइपेंड भी मिलेगा।

जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मध्यप्रदेश की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग पूरी तरह हुई ऑनलाइन

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग पूरी तरह हुई ऑनलाइन संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क, https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/पर करें बुकिंग उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उज्जैन में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया का विस्तार करते हुए, समिति ने बाबा महाकाल की ‘संध्या आरती’ और ‘शयन आरती’ की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आरती में शामिल होने के लिये अपना स्थान सुनिश्चित कर सकेंगे। श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकते हैं। संध्या आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी और शयन आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से की जा सकेगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रूपये का शुल्क (शीघ्र दर्शन के समान) निर्धारित किया गया है। बुकिंग की यह प्रक्रिया पूर्णतः ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित होगी। बाबा महाकल की आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही प्रवेश दिया जाएगा। संध्या आरती के लिए शाम 6:00 बजे तक प्रवेश करना अनिवार्य होगा। शयन आरती के लिए रात 10:00 बजे तक ही प्रवेश मिल सकेगा। आरती के दौरान जारी रहेंगे चलित दर्शन मंदिर प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान ‘चलित दर्शन’ की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहेगी। इससे वे श्रद्धालु जो आरती की बुकिंग नहीं कर पाए हैं, वे भी कतार में चलते हुए सुगमता से बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है, ताकि उज्जैन पहुँचने वाले हर भक्त को एक सुखद और दिव्य अनुभव प्राप्त हो सके।  

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