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नीट परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, 23 जून को होने वाली, इस Direct Link पर करें डाउनलोड

23 जून को होने वाली नीट परीक्षा का एडमिट कार्ड नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जारी कर दिया है. ग्रेस मार्क्स वाले जिन कैंडिडेट्स को इस परीक्षा में बैठना है वो एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. NEET UG 2024 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:     सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट https: //nta.ac.in/  पर जाएं.     “नीट यूजी 2024 एडमिट कार्ड” के लिंक पर क्लिक करें.     अपना आवेदन नंबर, जन्म तिथि और सुरक्षा पिन दर्ज करें.     अपना क्रेडेंशियल जमा करें और एडमिट कार्ड डाउनलोड करें.     भविष्य के संदर्भ के लिए एडमिट कार्ड की एक प्रति प्रिंट करें. ग्रेस मार्क्स वालों का एग्जाम दोबारा क्यों? 67 छात्रों को 720 में से 720 मार्क्स मिलने पर जब एनटीए से सवाल पूछा गया था तो एनटीए इसके पीछे की वजह ग्रेस मार्क्स बताया था. एनटीए ने अपनी सफाई में कहा था कि कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम की वजह से कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से 44 छात्रों के मार्क्स 720 हुए. इसके बाद एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो ग्रेस मार्क्स रद्द करके इन छात्रों का री-एग्जाम 23 जून को आयोजित करवाएंगे. इसके अलावा जो स्टूडेंट्स अपने पुराने स्कोर के साथ ही आगे बढ़ना चाहते हैं वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन उनके स्कोर कार्ड से ग्रेस मार्क्स हटा दिए जाएंगे. NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर छात्र का कबूलनामा NEET पेपर लीक केस में आरोपी अनुराग यादव का कबूलनामा सामने आया है. उसने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया और 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे. मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था. अनुराग का कहना था कि फूफा ने सेटिंग करवाई थी और उसे कोटा से पटना बुलवाया था. रात में हर प्रश्न का उत्तर रटवाया गया था. परीक्षा के बाद पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था.

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र को IT की दिग्गज कंपनी में 3 करोड़ रुपये का पैकेज, 1100 से अधिक छात्रों को 10 लाख और उससे अधिक का पैकेज

नई दिल्ली उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) हमेशा से ही छात्र-छात्राओं की पहली पसंद रही है। अपनी प्लेसमेंट उपलब्धियों के साथ ये यूनिवर्सिटी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। बता दें कि LPU छात्र यासिर एम ने आईटी कंपनी में 3 करोड़ रुपये का पैकेज हासिल करके इतिहास रचा है। कई अन्य क्षेत्रों में संस्थान के छात्र प्लेसमेंट (LPU Placements 2024) पाकर शानदार पैकेज का लाभ उठा रहे हैं। LPU Placements 2024: एलपीयू के छात्र को IT की दिग्गज कंपनी में 3 करोड़ रुपये का पैकेज, 1100 से अधिक छात्रों को 10 लाख और उससे अधिक का पैकेज 2022-2023 बैच के 1100 से अधिक छात्रों को 10 लाख और उससे अधिक का पैकेज मिला है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी अपनी प्लेसमेंट (LPU Placements 2024) उपलब्धियों के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। इसके 2023 बैच ने अपने क्लास में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की, जिसमें कई छात्रों ने बेहतरीन वेतन पैकेज हासिल किए, विशेष रूप से 2018 क्लास के LPU छात्र यासिर एम ने आईटी कंपनी में 3 करोड़ रुपये का पैकेज हासिल करके इतिहास रचा है। एक अन्य छात्र पवन कुंचला को भी आईटी कंपनी टीसी सेंट्रल से 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है। LPU में यासिर एम का अनुभव जानने के लिए यह वीडियो देखें इसके अलावा, 2022-2023 बैच के 1100 से अधिक छात्रों को 10 लाख और उससे अधिक का पैकेज मिला है। LPU के छात्रों का शानदार प्रदर्शन यह दिखाता है कि उन्होंने अपनी मेहनत से सीमित सीमाओं को पार किया है। बीटेक कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के छात्र यशस्वी यदुवंशी को हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा 52.08 लाख रुपये के शानदार पैकेज के साथ चुना गया है। इसके अलावा, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 54.9 लाख रुपये की उच्चतम सीटीसी हासिल की। जबकि आर्किटेक्चर और एमबीए के छात्रों को क्रमशः 31.69 और 29.3 लाख रुपये तक का पैकेज मिला है। 2023-24 के इस बार के LPU बैच ने प्लेसमेंट सीजन में जबरदस्त सफलता दर्ज की है, जिसमें टॉप 10% छात्रों को 12.3 लाख रुपये का शानदार औसत पैकेज मिला है। ये संख्या कई टॉप IITs के औसत से अधिक है और इससे टैलेंट डेवलपमेंट में अग्रणी संस्थान के रूप में LPU की प्रतिष्ठा मजबूत हुई है। इस तरह LPU का शैक्षणिक माहौल और छात्रों के विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता छात्र को जॉब प्राप्त करने में मदद करती है। वैसे LPU के एल्युमिनाई की सफलता की कहानियां यूनिवर्सिटी की उत्कृष्टता की गवाही देती हैं। LPU से ग्रेजुएट होने वाले पूर्व छात्र वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन जैसे प्रसिद्ध कंपनियों में 1 करोड़ से अधिक पैकेज के साथ प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं। यह शानदार उपलब्धि असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है, जिन्हें LPU तैयार करता है। विशेष रूप से, LPU के छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, IBM, सैमसंग, हेवलेट पैकर्ड, हिताची, बार्कलेज, बैंक ऑफ अमेरिका और कई अन्य प्रतिष्ठित फॉर्च्यून 500 कंपनियों से 5500 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए हैं। LPU के कैंपस रिक्रूटमेंट में इन कंपनियों की लगातार भागीदारी प्रोफेशनल वर्ल्ड में मूल्यवान संपत्ति के रूप में LPU के छात्रों की मान्यता की पुष्टि करती है। LPU एल्युमिनाई का क्या है संदेश? यह वीडियो देखें LPU के चांसलर और संसद सदस्य (राज्यसभा) डॉ. अशोक मित्तल ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों पर हार्दिक बधाई दी है। वह अपने छात्रों के बीच इंटेलेक्चुअल और इंटरपर्सनल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए LPU की अटूट प्रतिबद्धता पर जोर देते हैं। डॉ. मित्तल छात्रों के सपनों को साकार करने में मदद करने में LPU के करियर सर्विसेज डिवीजन और मेंटर्स द्वारा निभाई गई अपरिहार्य भूमिका को स्वीकार करते हैं, जिससे छात्रों को शानदार पैकेज प्राप्त करने में मदद मिलती है। LPU की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मि मित्तल ने कहा कि LPU के इंजीनियरिंग प्रोग्राम ने विश्वभर में ख्याति हासिल की है। इसने टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग 2023 में भारत में दूसरा स्थान और रियल इम्पैक्ट (WURI) -2023 के साथ विश्व के विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान हासिल किया है। ये प्रतिष्ठित सम्मान इस बात की मिसाल है कि यूनिवर्सिटी छात्रों को वास्तविक दुनिया में सफलता के लिए आवश्यक कौशल और जरूरी ट्रेनिंग देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

अब NEET विवाद में ‘मंत्रीजी’ की एंट्री… NHAI गेस्ट हाउस में कैसे बुक हुआ आरोपी अभ्यर्थी का कमरा?

नईदिल्ली नीट पेपर लीक कांड चर्चा में बना हुआ है. बिहार में इसकी जांच चल रही है. इस मामले में मंगलवार को कुछ आरोपियों से पूछताछ की गई, जिस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. एक अहम खुलासा ये हुआ कि आरोपी जिस होटल में ठहरे थे, वहां के रजिस्टर में एक आरोपी ने अपने नाम के आगे मंत्री जी लिखवाया था. इस पेपर लीक कांड में पटना जेल भेजे गए अभ्यर्थी कुबूल कर चुके हैं कि उन्हें नीट परीक्षा से चार घंटे पहले प्रश्नपत्र और उसका उत्तर मिल गया था. इसके बाद इसका प्रिंट आउट लिया गया और पांच मई को सुबह 10 बजे इन्हें रटाना शुरू किया गया. बिहार का ये मंत्रीजी कौन है? पेपर लीक मामले में अनुराग यादव नाम के अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया गया है. इस बात की पुष्टि हुई है कि यादव पटना के NHAI गेस्ट हाउस में ठहरा था. दावा है कि उसे NHAI के गेस्ट हाउस में इसलिए ठहराया गया था, ताकि उसे बाद में तय जगह ले जाकर नीट के लीक हुए पेपर से सवाल दिखाकर जवाब रटाया जा सके. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि आरोपी का ये कमरा किसी मंत्री जी के जरिए बुक किया गया था. नीट पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु ने कुबूल किया है कि उसकी मुलाकात अमित आनंद से हुई थी. यादवेंदु का कहना है कि अमित ने बताया कि वो नीट-BPSC-UPSE की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करके बच्चों को याद करवाकर पास करवाता है. इसके लिए 30-32 लाख रुपये लगते हैं. मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु की तरह आरोपी अभ्यर्थी भी कुबूल कर चुके हैं कि उन्हें परीक्षा से पहले प्रशनपत्र मिला था. इस आधार पर पुलिस पेपर लीक का केस दर्ज कर चुकी है. लेकिन सवाल ये है कि आरोपी अभ्यर्थी के लिए NHAI गेस्ट हाउस में कमरा कौन से मंत्रीजी के कहने पर बुक करवाया गया? आठ जुलाई को है अब सुनवाई अब आठ जुलाई को इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी. लेकिन सवाल है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट को क्यों ये कहना पड़ा है कि अगर सिस्टम में 0.01 प्रतिशत भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे. सिस्टम में कितनी खामी है, उसकी अंदाजा आपको पटना पेपर लीक में मामले में NTA के टालने वाले रवैये से लगेगा, जिसने 28 दिनों तक बिहार आर्थिक अपराध शाखा को लीक हुए प्रश्नपत्र की मूल प्रति नहीं भेजी. बता दें कि नीट परीक्षा के वक्त ही बिहार पुलिस को पेपर लीक की खबर मिली थी. बिहार पुलिस ने चार अभ्यर्थी समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया हैं. जांच के दौरान कुछ प्रश्नपत्र के जले हुए टुकड़े मिले थे. ये कहा गया कि जले हए पेपर के टुकड़े उसी प्रश्नपत्र के थे, जिसे नीट परीक्षा में आना था. इस बीच इस मामले की जांच बिहार पुलिस से आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई और NTA से असली प्रश्नपत्र मुहैया कराने को कहा गया ताकि जले पेपर से एफएसएळ जांच कराई जा सके. पटना में पेपर लीक की जांच कर रही ईओयू की टीम ने 21 मई को ही एनटीए से मूल प्रश्न पत्र मुहैया करवाने को कहा था. लेकिन 28 दिन गुजर जाने के बावजूद अब तक एनटीए ने यह मूल प्रश्नपत्र मुहैया नहीं कराया है. इस रवैये के बाद ईओयू की जांच टीम ने खुद दिल्ली जाकर मिलान करने का फैसला किया है.  

एआई ऐप ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में 200 में से 170 अंक प्राप्त किये

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

नई दिल्ली कृत्रिम बुद्धिमता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऐप ‘पढ़ाई’ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा-2024 का प्रश्नपत्र मात्र सात मिनट में हल करते हुए 200 में से 170 अंक प्राप्त किये। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘पढ़ाई’ द्वारा अर्जित अंक राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 स्थानों में शामिल हैं। इस ऐप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विद्यार्थियों की एक टीम ने तैयार किया है। दिल्ली के ‘द ललित होटल’ में शिक्षा जगत के अतिथियों, यूपीएससी से जुड़े लोगों और कई मीडिया पेशेवरों की मौजूदगी में रविवार को ऐप के जरिये प्रश्नपत्र को हल किया गया। यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा होने के बाद प्रश्नपत्र को एआई से हल करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विज्ञप्ति के मुताबिक, पूरे प्रश्नपत्र को हल करने में सिर्फ सात मिनट लगे। विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब और ऐप से जुड़ी एक वेबसाइट पर किया गया, जहां प्रश्न और उत्तर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थे। ‘पढ़ाई’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय मंगलम ने कहा, ”ये पिछले 10 वर्षों में यूपीएससी की परीक्षाओं में अर्जित सबसे ज्यादा अंक हैं। हमारा मानना है कि यह अपनी तरह का पहला आयोजन है लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में इस तरह के आयोजन आम हो जाएंगे क्योंकि कई शैक्षणिक संस्थान एआई की मदद से जल्दी और सटीक रूप से प्रश्नपत्रों को हल करने की होड़ में लगे हुए हैं।”  

नीट परीक्षा में एनटीए अधिकारी समेत कोई भी दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी: प्रधान

भुवनेश्वर  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), 2024 के आयोजन में अनियमितताओं में यदि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारी शामिल पाए गए तो सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। प्रधान ने रविवार को ओडिशा के संबलपुर की अपनी यात्रा के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीट के आयोजन में दो प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ छात्रों को कृपांक (ग्रेस मार्क) दिए गए थे क्योंकि वे निर्दिष्ट अवधि से कम समय दिए जाने से असंतुष्ट थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृपांक वापस ले लिए हैं और उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार 1,563 अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘दो स्थानों पर और भी अनियमितताएं सामने आई हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों दोनों को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। हम इसे तार्किक परिणति तक ले जाएंगे।’’ प्रधान ने कहा कि एनटीए के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत कोई भी अधिकारी यदि दोषी पाया जाता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए में सुधारों की भी वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि एनटीए एक स्वायत्त इकाई है, लेकिन इसके कामकाज में बहुत से सुधारों की जरूरत है। सरकार इसे लेकर चिंतित है। मैं पुन: विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’’    

PG की पढ़ाई बदल गई, पोस्ट ग्रेजुएशन करने का सोच रहे हैं तो जान लें UGC के नये नियम

Budget 2024: 'We do not want anyone's alms, PM Modi is jealous of Bengal', Mamata Banerjee

नईदिल्ली ग्रेजुएशन की चार साल की पढ़ाई करने के बाद अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने पोस्ट ग्रेजुएशन छात्रों को लिए फैसला लिया है. यूजीसी ने पीजी कोर्सेस के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसमें स्टूडेंट्स के पास बीच में कभी भी पढ़ाई छोड़ने और शुरू करने का विकल्प होगा. यह फ्रेमवर्क नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन करने का सोच रहे हैं तो यूजीसी के नये फ्रेमवर्क को अच्छे से समझ लें. क्या हैं यूजीसी के नये नियम? अगर आपने तीन साल का ग्रेजुएशन कोर्स किया है तो आप दो साल का पीजी प्रोग्राम चुन सकते हैं, जिसमें दूसरे साल आप रिसर्च पर पूरा ध्यान दे सकते हैं. अगर आपने चार साल का ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स प्रोग्राम किया है तो आपके लिए एक साल का पीजी प्रोग्राम भी होगा. नए करिकुलम में आपको अपनी पसंद के कोर्स चुनने की आजादी होगी. अगर आप एंट्रेंस क्रैक कर लें, तो ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट से हटकर, कोई और विषय भी चुन सकते हैं. इसमें ऑफलाइन, ऑनलाइन, या दोनों तरीकों से पढ़ाई करने का विकल्प भी होगा. बीई-बेटक वाले छात्रों को करना होगा 2 साल का पीजी कोर्स नए फ्रेमवर्क के तहत चार साल का बीई-बीटेक वालें छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएशन दो साल के लिए ही करनी होगी. वहीं, अन्य कोर्सेस के छात्र अब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई एक साल में पूरी कर सकते हैं. दो साल के पीजी कोर्स में छात्रों को 260 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे. वहीं, एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पर छात्रों को 240 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे. यूजीसी ने पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सों को लेकर जारी किए गए इन फ्रेमवर्क को सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को अमल में लाने के भी निर्देश दिए है. पीजी फ्रेमवर्क को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCF) के साथ जोड़ा जाएगा. छात्रों की पढ़ाई, असाइनमेंट, क्रेडिट जमा करने, ट्रांसफर करने और उनका इस्तेमाल करने का पूरा हिसाब-किताब होगा. यूजीसी अध्यक्ष ने नये फ्रेमवर्क को लेकर कही ये बात उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) को 1-वर्षीय, 2-वर्षीय और इंटीग्रेटेड 5 वर्षीय पाठ्यक्रमों सहित अलग-अलग पीजी कोर्सेस करने की सुविधा दी गई है, जो छात्रों की आवश्यकताओं और एआई और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में पढ़ाई करने का मौका देता है. यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से इस फ्रेमवर्क को अपनाने का आग्रह किया है, जो राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (NHEQF) और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrf) के साथ छात्रों को अपने पाठ्यक्रम चुनने और विषयों को बदलने की अनुमति देगा.

लातूर में दर्जी के बेटे ने 24 की उम्र में चार प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं

Health: Eating habits have a bad effect on the skin, know when and what to eat will be beneficial

लातूर  महाराष्ट्र के लातूर में एक दर्जी के 24 वर्षीय बेटे ने प्रतिभा और दृढ़ निश्चय का असाधारण उदाहरण पेश करते हुए बहुत कम समय के भीतर चार प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं, हालांकि उनका इरादा यहीं रुकने का नहीं बल्कि प्रथम श्रेणी का अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने का है। महाराष्ट्र के लातूर जिले के निलंगा कस्बे में रहने वाले नरसिंह विश्वनाथ जाधव एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। नरसिंह के पिता विश्वनाथ जाधव पेशे से दर्जी हैं। नरसिंह जाधव अपने पहले ही प्रयास में सिविल इंजीनियर सहायक (सीईए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर परभाणी जिले के सेलु में लोक निर्माण विभाग में सीईए के पद पर तैनात हुए हैं। परीक्षा के परिणाम की घोषणा 16 मार्च 2024 को हुई थी। उनकी अन्य उपलब्धियों में पालघर जिला परिषद में कनिष्ठ अभियंता और जल संसाधन विभाग में सीईए के परीक्षा उत्तीर्ण करना है। नरसिंह ने कनिष्ठ अभियंता की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया था, जिसके नतीजों को घोषणा मार्च में ही हुई थी। नरसिंह जाधव ने पालघर जिला परिषद में सीईए की परीक्षा भी पास की, जिसका परिणाम बुधवार को घोषित किया गया। चूंकि ये सभी पद प्रथम श्रेणी में नहीं आते इसलिए नरसिंह ने राजपत्रित अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई जारी रखने और अधिक परीक्षाएं देने का संकल्प लिया है। नरसिंह जाधव ने कहा, ”मैंने प्रथम श्रेणी अधिकारी का पद हासिल करने की महत्वाकांक्षा के साथ अपना सफर शुरू किया और इस दिशा में लगातार कड़ी मेहनत की। हालांकि मैं लोक निर्माण विभाग में सीईए के रूप में शामिल हो गया हूं लेकिन मैं अपनी पढ़ाई यहां नहीं रोकूंगा और प्रथम श्रेणी का अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास जारी रखूंगा। मुझे अपने चाचा डॉ. सतीश जाधव से प्रेरणा मिली।” नरसिंह के चाचा शिक्षक हैं। नरसिंह जाधव ने अपनी स्कूली शिक्षा निलंगा के महाराष्ट्र विद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने लातूर के पूरनमल लाहोटी पॉलिटेक्निक से पढ़ाई की और फिर पुणे के सिंहगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। नरसिंह ने कई चुनौतियों और वित्तीय समस्याओं का सामना करते हुए कड़ी मेहनत की है। नरसिंह जाधव प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एक आदर्श बन गए हैं।

2 जुलाई से DAVV में एमबीए-एमसीए पाठ्यक्रम मेंआनलाइन काउंसिलिंग, शेड्यूल जारी

इंदौर  मास्टर आफ मैनेजमेंट (एमबीए) और मास्टर आफ कम्प्युटर साइंस (एमसीए) पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर डायरेक्टोरेट आफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीटीई) ने आनलाइन काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। दोनों पाठ्यक्रम में 2 जुलाई से पंजीयन शुरू होंगे। पहले चरण में प्रवेश परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को मौका दिया जा सकेगा। डीटीई ने प्रवेश प्रक्रिया संबंधित दिशा-निर्देश भी पोर्टल पर दिए है। विद्यार्थियों को 10वीं-12वीं व स्नातक अंतिम वर्ष की अंकसूची के अलावा प्रवेश परीक्षा का स्कोर कार्ड भी उपलोड करना होगा। डीटीई के मुताबिक प्रदेशभर में एमबीए की 80 हजार और एमसीए में 30 हजार सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 76 कालेजों की 13 हजार विद्यार्थियों प्रवेश ले सकेंगे। जबकि एमसीए में 2 हजार सीटें है। विद्यार्थियों को दस दिनों का समय आवेदन करने के लिए दिया जाएगा। पंजीयन की प्रक्रिया होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की जाएगी। निजी कालेज संचालक संघ की पदाधिकारी डा. कविता कासलीवाल का कहना है कि दूसरे चरण से स्नातक उत्तीर्ण वाले विद्यार्थियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के परिसर में बनेगा मेट्रो स्टेशन और पार्किंग शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के परिसर में मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। परिसर के नवग्रह नक्षत्र उद्यान में स्टेशन और मेट्रो की पार्किंग बनाई जाएगी। पुस्तकालय की परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष दीपक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस पर सैद्धान्तिक सहमति मिल चुकी है। संभागायुक्त दीपक सिंह द्वारा मेट्रो पार्किंग के साथ इसे पुस्तकालय एवं सभागृह की कॉमन पार्किंग बनाने की बात कही गई। मेट्रो से इसके बदले पुस्तकालय के लिए राजस्व भी दिया जाएगा। शासकीय अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय में संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रीतमलाल दुआ सभागृह के आंतरिक भाग के नवीनीकरण कार्य किये जाने पर चर्चा की गई। बताया गया कि एक करोड़ 55 लाख रूपये की लागत से प्रीतमलाल दुआ सभागृह के आंतरिक भाग का नवीनीकरण किया जायेगा। इस कार्य के लिए अभी पुस्तकालय द्वारा 50 लाख रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा 25 लाख रूपये की राशि रेडक्रॉस से देने की बात कही गई। बैठक में स्मार्ट सिटी द्वारा डिजिटल लाइब्रेरी बनाए जाने के प्रस्ताव को समिति द्वारा सहमति दी गई।

1563 नीट में ग्रेस मार्क्स वाले उम्मीदवारों स्कोर-कार्ड रद्द, फिर से देना होगी परीक्षा

नई दिल्ली नीट यूजी धांधली मामले में आज छात्रों की बड़ी जीत हुई है. सुप्रीम ने नीट परीक्षा परिणाम में अनियमितता को देखते हुए एनटीए को 1563 छात्रों का ग्रेस मार्क्स रद्द करके फिर से नीट एग्जाम आयोजित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई की. ग्रेस मार्क्स पर सुप्रीम कोर्ट का यू-टर्न! 67 छात्रों को 720 में से 720 मार्क्स मिलने पर जब एनटीए से सवाल पूछा गया था तो एनटीए इसके पीछे की वजह ग्रेस मार्क्स बताया था. एनटीए ने अपनी सफाई में कहा था कि कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम की वजह से कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से 44 छात्रों के मार्क्स 720 हुए. हालांकि आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद एनटीए को ग्रेस मार्क्स रद्द करने का निर्देश दिया गया. ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के पास ये दो ऑप्शन जिन स्टूडेंट्स को एनटीए की तरफ से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं उन्हें दो ऑप्शन दिए हैं. ये छात्र या तो 23 जून को री-एग्जाम में बैठ सकते हैं या फिर बिना ग्रेस मार्क्स वाले पुराने स्कोर के साथ ही काउंसलिंग की तरफ आगे बढ़ सकते हैं. जिन कैंडिडेट को कॉन्फिडेंस है कि वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो वे री-एग्जाम में शामिल होने का फैसला ले सकते हैं. केवल 1563 छात्रों का ही नीट एग्जाम दोबारा होगा NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का ही री-एग्जाम कराया जाएगा. इससे पहले एनटीए ने कहा था करीब 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों के परीक्षा परिणाम तक समस्या सीमित है. बाकी स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं है. नीट यूजी काउंसलिंग पर रोक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी. स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड में शामिल हो सकते हैं. 23 जून को दोबार नीट एग्जाम होगा और 30 जून को इसका रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद है. ताकि जुलाई में नीट की काउंसलिंग शुरू हो सके. NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है. ग्रेस मार्क्स देने से क्या नुकसान हुआ? दरअसल, पांच मई को देशभर में हुई नीट परीक्षा कराने वाली एनटीए ने 4 जून को जब रिजल्ट जारी किया तो देश भर में हंगामा खड़ा हो गया. वजह 67 बच्चों को जहां 720 में 720 नंबर मिले थे, वहीं इससे भी ज्यादा 1563 बच्चों को ग्रेस मार्किंग दी गई थी. यह ग्रेस मार्किंग 10, 20 या 30 नंबर की नहीं 100 से 150 नंबर तक की दी गई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे जो मेरिट में बाहर थे वो मेरिट में आ गए और जो मेरिट वाले बच्चे थे उनके लिए गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन पाना मुश्किल हो गया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट एग्जाम में क्या-क्या होंगे बदलाव? मेरिट लिस्ट में परिवर्तन: 1563 स्टूडेंट्स के ग्रेस मार्क्स रद्द होने के बाद, तीन बड़े बदलावों में सबसे बड़ा मेरिट लिस्ट में परिवर्तन होगा. क्योंकि इस साल लॉस ऑफ टाइम की वजह से एनटीए द्वारा दिए गए ग्रेस मार्क्स की वजह से नीट की एवरेज मेरिट लिस्ट में अचनाक चार गुना ऊपर पहुंच गई थी. इससे जो छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज की रेस से बाहर हो गए थे, वे वापस इस मेरिट लिस्ट में आ सकते हैं.

आज से बैंक ऑफ बड़ौदा में आवेदन प्रक्रिया शुरू, 627 पदों पर होनी है भर्ती

बैंक ऑफ़ बड़ोदा में 627 पदों के लिए भारतीय अभियान की घोषणा की है. इसके आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे और उनके फार्म 12 जून से शुरू हो गए हैं. इस भर्ती अभियान में 459 संविदा पद और 168 रेगुलर पद शामिल है जो विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं और जिम्मेदारियां को पूरा करते हैं उनकी अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है. बैंक द्वारा आज यानी बुधवार, 12 जून 2024 को जारी विज्ञापन (सं.BOB/HRM/REC/ADVT/2024/05) के अनुसार IT, MSME, डिजिटल, डिफेंस बैंकिंग, बीसीएमएस और डब्ल्यूएमएस में मैनेजर व अन्य के कुल 459 पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की जानी है. इनमें सबसे अधिक 234 रिक्तियां डब्ल्यूएमएस विभाग में सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर की हैं. भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 627 रिक्तियों को भरना है. इनमें 459 रिक्तियां अनुबंध के आधार पर और 168 नियमित आधार पर भरी जाएंगी. योग्यता बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा विज्ञापित पदों पर भर्ती के लिए आवेदन हेतु उम्मीदवारों को रिक्तियों से सम्बन्धित क्षेत्र में स्नातक/पीजी/प्रोफेशनल योग्यता (पदों के अनुसार अलग-अलग) उत्तीर्ण होना चाहिए. साथ ही उम्मीदवारों की आयु 22 वर्ष से कम तथा 62 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. हालांकि, आवेदन से पहले उम्मीदवारों को पदों के अनुसार निर्धारित योग्यता मानदंडों की जांच कर लेनी चाहिए. आवेदन शुल्क बैंक ऑफ बड़ौदा भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है. सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों को 600 रुपये का शुल्क देना आवश्यक है. जबकि एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और महिला उम्मीदवारों को 100 रुपये का आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा.

UGC ने दी इजाजत, अब साल में 2 बार एडमिशन दे सकेंगे विश्वविद्यालय व कॉलेज

नई दिल्ली देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के रेगुलर कोर्सेज में छात्र छात्राओं को साल में दो बार एडमिशन लेने का मौका मिलेगा। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को साल में दो मर्तबा एडमिशन लेने की अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी।  कुमार ने बताया कि यह निर्णय 5 मई को आयोजित यूजीसी की बैठक के दौरान लिया गया था। वर्तमान में विश्वविद्यालय और कॉलेज हर साल जुलाई-अगस्त में रेगुलर कोर्सेज में छात्रों को एडमिशन देते हैं और भारत में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में जुलाई-अगस्त से सेशन शुरू होता है और मई-जून में समाप्त होता है। पिछले साल, यूजीसी ने शैक्षणिक वर्ष के दौरान जनवरी और जुलाई में दो बार ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) और ऑनलाइन मोड में छात्रों को दाखिला देने की अनुमति दी थी। कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष के फैसले का फायदा लगभग पांच लाख स्टूडेंट्स को मिला। उन्होंने एक साल का इंतजार नहीं कर पड़ा। उन्हें अकादमिक वर्ष के पूछ में ही अपने डिग्री कोर्स में शामिल होने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “यूजीसी द्वारा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) और ऑनलाइन मोड के लिए एक वर्ष में दो बार एडमिशन लेने की अनुमति देने के बाद यूजीसी पोर्टल पर उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जुलाई 2022 में कुल 19,73,056 छात्रों का एडमिशन हुआ और जनवरी 2023 में ओडीएल और ऑनलाइन कोर्सेज अतिरिक्त 4,28,854 छात्र शामिल हुए।” यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि इस शानदार रिजल्ट को देखते हुए काउंसिल ने रेगुलर कोर्सेज के लिए भी साल में दो बार एडमिशन (जनवरी-फरवरी और जुलाई -अगस्त)  लिए जाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। कुमार ने कहा, ‘साल में दो बार यूनिवर्सिटी एडमिशन होने से उन स्टूडेंटस् को फायदा होगा जिनके 12वीं बोर्ड रिजल्ट देरी से घोषित हुए हैं या फिर हेल्थ या निजी समस्याओं के चलते वह एग्जाम में नहीं बैठ सका था। दो बार एडमिशन होने से इंडस्ट्री साल में दो बार कैंपस प्लेसमेंट के लिए आएगी, इससे संस्थान में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुमार ने कहा कि दुनिया भर के विश्वविद्यालय पहले से ही द्विवार्षिक (छह छह माह में) एडमिशन सिस्टम का पालन कर रहे हैं। यदि भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान द्विवार्षिक एडमिशन प्रक्रिया को अपनाते हैं, तो हमारे उच्च शिक्षा संस्थान अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ा सकते हैं। इससे हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा, और हम वैश्विक शैक्षिक मानकों के अनुरूप होंगे।”  

UGC की बड़ी घोषणा, साल में दो बार होगा विवि-कॉलेजों में दाखिला, छात्रों को होगा लाभ

 नईदिल्ली छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एडमिशन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब विदेशी यूनिवर्सिटी की तरह भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में भी साल में दो बार छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इस योजना को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी मंजूरी दे दी है। सत्र 2024-25 से दो सत्र होंगे। पहला सेशन जुलाई-अगस्त और दूसरा सेशन जनवरी-फरवरी होगा। यह फैसला 5 मई को आयोजित यूजीसी मीटिंग के दौरान लिया गया है। ओडीएल के लिए द्विवार्षिक प्रवेश व्यवस्था से हुआ फायदा बता दें कि पिछले साल आयोग ने ओपन और डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड के लिए साल में दो प्रवेश चक्र की अनुमति प्रदान की थी। जिससे लाखों छात्रों को लाभ हुआ। कुमार ने कहा, “ओडीएल और द्विवार्षिक प्रवेश में ऑनलाइन कार्यक्रमों में छात्रों की जबरदस्त प्रतिक्रिया और रुचि को देखते हुए परिषद ने रेगुलर कार्यक्रम पेश करने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को साल में दो बर्र प्रवेश देने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया है। आयोग के फैसले से रोजगार के अवसरों में आएगा सुधार यूजीसी अध्यक्ष ने कहा, “यदि भारत के विश्वविद्यालयों में साल में दो बार प्रवेश मिलता है तो इससे कई छात्रों को लाभ होगा। जो छात्र बोर्ड रिजल्ट की घोषणा में देरी, स्वास्थ्य समस्याओं या व्यक्तिगत कारणों से जुलाई/अगस्त सेशन में प्रवेश लेने चूक गए थे। इस व्यवस्था के जरिए दो बात अपना कैंपस एडमिशन करवा पाएंगे। जिससे ग्रेजुएट के लिए रोजगार के अवसरों में भी सुधार आएगा। द्विवार्षिक प्रवेश चक्र के अन्य फायदे यूजीसी अध्यक्ष ने कहा, “यदि भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान द्विवार्षिक प्रवेश चक्र को अपनाते हैं तो हमारे विश्वविद्यालय और कॉलेज अंतर्राष्ट्रीय अहयोग और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ा सकते हैं। इसके परिणाम स्वरूप हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में भी सुधार होगा। हम वैश्विक शैक्षिक मानकों के साथ जुड़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “इस व्यवस्था के सकल नामांकन अनुपात में कफू वृद्धि हो सकती है। भारत को एनईपी 2020 में कल्पना के अनुसार वैश्विक अध्ययन गंतव्य बनाया जा सकता है।” उच्च शिक्षा संस्थानों को अच्छी प्लानिंग की जरूरत एम जगदीश कुमार के मुताबिक द्विवार्षिक प्रवेश चक्र के जरिए उच्च शिक्षा संस्थान को प्रशासनिक जटिलताओं, उपलब्ध संसाधनों के बढ़ते इस्तेमाल के लिए अच्छी योजना और वर्ष के अलग-अलग समय में प्रवेश पाने वाले छात्रों के सुचारू बदलाव के लिए निर्बाध सहायता प्रणाली प्रदान करने पर काम करने की जरूरत है।

SC में NEET पर NTA के ख‍िलाफ श‍िकायतों की बौछार, दोबारा परीक्षा कराने की मांग

नईदिल्ली  नीट यूजी 2024 परीक्षा को लेकर मेडिकल फील्ड में खलबली मची हुई है. परीक्षा में धांधली को लेकर छात्र एनटीए पर तरह-तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं. 67 टॉपर्स, ग्रेस मॉर्क्स, एक ही सेंटर से कई टॉपर्स होने की वजह से एनटीए शक के घेरे में खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट में एनटीए के खिलाफ कई याचिका दायर हो चुकी हैं, जिसके जवाब में एनटीए अपना पक्षा भी समाने रख चुका है और अब जांच कमेटी भी बिठा दी गई है. इसी बीच आंध्र प्रदेश से एक और याचिक दायर कर दी गई है. अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (NEET) के घोषित परिणामों में विसंगतियों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है. नई याचिका में NEET-UG 2024 के नतीजों को वापस लेने और नई परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई है. यह याचिका तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मूल निवासी अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन द्वारा दायर की गई है, जो इन राज्यों में छात्रों के लिए काम करते हैं और ग्रेस मार्क्स देने में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए कहते हैं कि 718 और 719 के उच्च अंक लाना असंभव हैं. याचिका में कही गईं ये बातें याचिका में कहा गया है कि एक विशेष केंद्र से 67 छात्रों को पूरे 720 अंक मिले. “छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स के लिए कोई परिभाषित तर्क नहीं है और साथ ही छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स के अनुसार कोई सूची साझा नहीं की गई है. इसके अलावा, ग्रेस मार्क्स देने का कारण समय की बर्बादी है. परीक्षा से पहले इस बारे में छात्रों का बताया भी नहीं गया था. एक सवाल के दो जवाब को लेकर आंसर की पर जताई थी आपत्ति याचिका में आगे कहा गया है कि एनटीए द्वारा जारी एक आखिरी उत्तर कुंजी ने उम्मीदवारों को दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुने, लेकिन 13,000 से अधिक छात्रों ने इस आधार पर कुंजी को चुनौती दी कि किताब में ऐसी जानकारी थी जो एक अलग उत्तर बताती है. जांच के बाद यह सामने आया कि दोनों उत्तर सही हैं. इसके बाद जिन कैंडिडेट्स ने दोनों में से कोई भी एक उत्तर चुना, उन्हें अंक दे दिए गए. याचिका में कहा गया कि प्रवेश परीक्षाओं में नकल करने से योग्यता और समान अवसरों के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचता है, जो सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देने और समाज में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है. यह उन लोगों के पक्ष में असमानता को बढ़ावा देता है जो लीक हुए परीक्षा पत्रों के लिए भुगतान कर सकते हैं या धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं, जबकि उन लोगों को नुकसान पहुंचाता है जो सफल होने के लिए अपनी कड़ी मेहनत और योग्यता पर भरोसा करते हैं और यह पूरे समाज को भी प्रभावित करता है. मेडिकल फील्ड में लापरवाही मंजूर नहीं य़ाचिका में आगे कहा गया कि मेडिकल फील्ड में साइंटिस्ट और स्पेशिलिस्ट की जरूरत होती है. परीक्षा पास करने के लिए नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने से योग्यता की कमी हो सकती है, जिससे संभावित रूप से रोगियों के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा हो सकता है. शीर्ष अदालत में दायर की गई सभी याचिकाओं में 5 मई की परीक्षा से प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों का आरोप लगाया गया है. 17 मई को शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया था, लेकिन परिणामों की घोषणा पर रोक नहीं लगाई थी. एक हफ्ते में आएगा एनटीए का फैसला इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने फैसला किया है कि एक उच्चस्तरीय समिति उन 1,600 छात्रों की शिकायतों का विश्लेषण करेगी जो पहले ही नीट 2024 में शामिल हो चुके हैं. नीट 2024 पेपर लीक पर भी केंद्र सरकार का जवाब आया है. प्रेस वार्ता के दौरान हायर एजुकेशन सेक्रेटरी ने कहा कि सिर्फ सवाई माधोपुर में पेपर लेकर छात्रों के केंद्र से बाहर आने का मामला आया था. उसी समय वहां परीक्षा रोक दी गई और दोबारा नए पेपर के साथ एग्जाम लिया गया था. सिर्फ 6 केंद्रों पर दिक्कतें आई हैं. अन्य सभी जगह बिना किसी गड़बड़ी के नीट परीक्षा पूरी हुई थी. पेपर लीक जैसी कोई घटना नहीं हुई है. वहीं, एनटीए ने परीक्षा की जांच के लिए एक कमेटा का गठन किया. कमेटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेगी.  

एलन भोपाल के जेईई (एडवांस्ड) परीक्षाफल की विजय यात्रा

भोपाल एलन भोपाल ने देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षा जी (एडवांस्ड) में श्रेष्ठता सिद्ध की है। एलन भोपाल के सेंटर हेड हृषिकेश शर्मा ने बताया कि एलन भोपाल क्लासरूम के छात्र आदित्यराज AIR 412 हासिल कर भोपाल सिटी टॉपर बने हैं। एलन के बच्चों के उत्कृष्ट नतीजों को एलन भोपाल ने आज विजय जुलूस के रूप में सेलिब्रेट किया। ये विजय यात्रा एलन भोपाल के नव निर्मित परिसर से प्रारंभ हुई। सबसे पहले सभी क्वालिफाइड बच्चों का हार्दिक स्वागत किया गया। उसके बाद हर्ष और उल्लास के साथ सभी बच्चे, माता-पिता, एलन फैकल्टी और स्टाफ प्रसन्न मुद्रा में नृत्य और शोरगुल करते हुए न्यू कैंपस से एमपी नगर कैंपस तक गए। बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। एलन भोपाल आईआईटीजी और नीट जैसी परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों को सही मार्गदर्शन और हर संभव सहायता के लिए सदैव कटिबद्ध है और पूरी तरह सक्षम भी। एलन भोपाल प्रति वर्ष आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता के नए मानक गढ़ता रहेगा।

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