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ढोलेवार कुंबी समाज एवं गुगनानी परिवार की पहल ने गौसेवा के नए आयाम रचे ।

The initiative of Dholewar Kumbi Samaj and Gugnani family created new dimensions of cow service. हरिप्रसाद गोहेआमला । गौसेवा और गौपूजा पीढ़ियों से सनातन संस्कृति की समृद्ध परम्पराओ का हिस्सा रहा है, आमला में इसी भाव को सहेजते हुए जनसहयोग से शहर की पहली गौशाला का निर्माण किया गया है। सहृदयी दानदाताओ व सहयोगियों के प्रयासों से यहां निरन्तर व्यवस्था को सुदृढ किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार का दिन भी श्री महावीर हनुमान गौशाला में उल्लेखनीय रहा। विस्तृत सांस्कृतिक विरासत,कृषि कार्यो से जुड़ाव एवं आधुनिक जगत से सामंजस्य बनाकर स्वयं की विशेष पहचान बनाने वाले ढोलेवार कुंबी समाज द्वारा रविवार को श्री महावीर हनुमान गौशाला,आमला में सेवा व सहयोग दिया गया। समाज के जिलाध्यक्ष,पदाधिकारीगण,वरिष्ठ जन एव युवा सदस्य उत्साह के साथ गौशाला पहुँचे, एवं अपना पूरा दिन गौसेवा को समर्पित किया, गौपूजा के साथ शुरुआत करते हुए उन्होंने गौमाताओं को हर चार खिलाया,व सफाई कार्यो में भी योगदान दिया। ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा के इस कार्य के प्रति जागरूकता दिखा कर एक उत्तम नवाचार किया है, जो कि इस बात का प्रमाण है कि ढोलेवार कुंबी समाज के मन मंदिर में कृषि, भूमि एवं गौमाताओं के प्रति कितनी अगाध श्रद्धा है। समाज के बुजुर्ग एवं युवा सदस्यों ने जिस उत्साह के साथ रविवार को गौसेवा के कार्य मे हाथ बटाया एवं आगे भी इसी तरह सहयोगी बनने का वचन दिया,वो अपने आप में बेहद अनुकरणीय है, अगर ढोलेवार कुंबी समाज की तरह ही अन्य समाज भी पहल करें तो गौसेवा का ये प्रकल्प बहुत जल्द एक नई ऊंचाई प्राप्त कर लेगा। इस नवाचार के लिए परोपकारी ढोलेवार कुंबी समाज वास्तविक प्रसंशा का हकदार है।इसके अलावा इस जागरूक समाज द्वारा 5100 रुपए की राशि भी सहयोग स्वरूप गौशाला को प्रदान की गई, एवं एक ट्राली गन्ने की बांड भी उनके द्वारा गौमाताओं के चारे के लिए लाई गई तथा आगे भी ऐसे ही सहयोग के साथ जुड़े रहने का संकल्प उनके द्वारा किया गया। जिस भाव से ढोलेवार कुंबी समाज ने गौसेवा का नया आयाम रचा उसी तरह एक परिवार द्वारा भी गौसेवा के साथ अपनत्व का मधुर संदेश दिया गया। जिले के प्रतिष्ठित गुगनानी परिवार का सहयोग भी आज बेहद प्रसंशनीय रहा, “नमन्ति फलिनो वृक्षा: , नमन्ति गुणिनो जना:” के विशुद्ध उदाहरण श्री दाताराम गुगनानी जी के परिवार के राजेश गुगनानी जी द्वारा आज उनकी ओर से स्वरूचि भोज का आयोजन गौशाला परिसर में किया गया, विनम्र, संवेदनशील, सरल हृदय व्यक्तित्व के धनी राजेश गुगनानी जी गौशाला के प्रारंभिक दौर से इस प्रकल्प के लिए सहयोग करते आ रहे है और काफी पहले उन्होंने वादा किया था कि गौशाला का संचालन जब सुव्यवस्थित रूप से शुरू हो जाएगा तब सभी सहयोगियों को उनके द्वारा भोजन करवाया जाएगा,एवं अपने वादे को पूर्ण करते हुए उन्होंने आज भोज का आयोजन किया,जिसमे लगभग 200 से अधिक गौसेवकों ने उनके द्वारा आयोजित भोज एवं उनके मधुर व्यवहार का स्वाद ग्रहण किया। गुगनानी परिवार के ही ज्येष्ठ पुत्र, कलम के धनी,एवं जिले में ही नही अपितु राष्ट्रीय स्तर पर अपने ज्ञान के बूते विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रवीण गुगनानी जी द्वारा गौशाला परिसर में गौमाताओ के लिए एवं विभिन्न उपयोग के लिए होने वाले बोर का सम्पूर्ण व्यय प्रदान करने की घोषणा की। सेवाभावी व्यक्तित्व से ओतप्रोत श्री प्रवीण गुगनानी जी को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अटल बिहारी साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया है एवं उनके व्यक्तित्व की विराटता ही है कि उन्होंने प्राप्त एक लाख रुपये की राशि को भी साहित्य परिषद को भेंट कर दिया है, अब यहां उनके माध्यम से होने वाले बोर से गौमाताओं को निर्मल जल लगातार प्राप्त होते रहेगा। स्वरूचि भोज का कार्य जिस प्रेम से पूर्ण हुआ उससे राजेश गुगनानी भाव विभोर हुए एवं उन्होंने कहा कि भोज के दौरान एक विशेष अनुभूति मुझे हुई,ऐसा लगा जैसे गौसेवक नही अपितु साक्षात गोविंद भोजन का आनंद ले रहे हों।इसलिए अब मन है कि स्वरूचि भोज का ये कार्यक्रम अब अगले वर्ष मैं और ज्यादा बड़े पैमाने पर करूंगा,ताकि गोविंद की कृपा का ऐसा ही पात्र बना रहूं। सहयोग की इस धारा में शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी पंजाबराव देशमुख जी द्वारा भी विशेष सहयोगी भाव दिखाया एवं गौशाला में होने वाले बोर के लिये अपनी ओर से मोटर प्रदान करने की घोषणा की।गौशाला परिवार के सदस्यों ने बताया कि दानदाताओं व सहयोगियों के प्रयास ही है जिससे गौशाला में लगातार व्यवस्थाओ में वृद्धि की जा रही है। भूसे की पर्याप्त व्यवस्था के साथ हरे चारे के लिए भी यहां व्यवस्था की गई है, साथ ही बीमार व घायल गौमाताओ के उपचार की भी व्यवस्था लगातार शानदार होते जा रही है, वहीं हाल ही में रोशनी के लिए विशेष तरह की एलईडी लाइट्स परिसर में लगवाई गयी है, साथ ही गौशाला परिवार ने आह्वान किया कि सभी नगरवासी गौशाला अवश्य पधारें एवं गौसेवा के इस कार्य मे अपना योगदान अवश्य दें।

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे

34 दागी आईएफएस 11 राज्य वन सेवा के अफसर की कुंडली मारकर बैठे हैं प्रमुख सचिव वन की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन

34 tainted IFS are sitting on the horoscope of 11 State Forest Service officers. Brainstorming on the issue of targeted officer in the meeting of the Chief Secretary Forest. उदित नारायणभोपाल। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल जंगल महकमे के सेवानिवृत्ति सहित 34 दागी आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के कुंडली मारकर बैठे हैं। यानी दागी अफसरों की जांच प्रतिवेदन अंतिम निर्णय के लिए अपर मुख्य सचिव वन के पास लंबित है। वे उस पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसके कारण उन पर लगे आरोप के मामले में अफसर दोषी है अथवा नहीं, इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी है। एसीएस को केवल एक लाइन का फैसला लेना है। इसके कारण सेवारत अधिकारी मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं तो वहीं रिटायर्ड होने के बाद अफसर कार्यालय की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से कुछ अवसर प्रमोशन की दहलीज पर खड़े हैं प्रशासन में बैठे अफसर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। टीएल की बैठक में टारगेटेड अफसर का प्रकरण पर चलता मंथन और निर्णय किया जाता है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला प्रताड़ना के आरोप में दोषी करार दिए गए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीणा का मामला जुलाई 23 से शासन के पास निर्णय के लिए बेचाराधीन है। पिछले दिनों बैतूल दौरे पर गए वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मोहन मीणा के मामले में शासन को कार्रवाई करनी है। सूत्र बताते हैं कि एसपी बैतूल के मांगने पर वन विभाग से विपासा कमेटी कमेटी की रिपोर्ट उन्हें भेज दी है। इसी प्रकार बालाघाट सर्किल में पदस्थ एपीएस सेंगर पर वर्ष 2022 में आरोप है कि उन्होंने भंडारा क्रय नियम का उल्लंघन कर निम्न गुणवत्ता की सामग्री की खरीदी थी। आरोप का निराकरण किया बिना ही मैनेजमेंट कोटा से इन्हें बालाघाट सर्किल का मुखिया बना दिया गया। सेंगर ने स्वयं को बचाने के लिए टीकमगढ़ वन मंडल के बाबू और उनके ट्रांसफर के बाद प्रभार लेने वाले डीएफओ अनुराग कुमार को कसूरवार बता दिया है। उत्तर बैतूल वन मंडल में पदस्थ आईएफएस देवांशु शेखर की जांच प्रतिवेदन भी शासन के पास जून 24 से लंबित है। सूत्रों की माने तो जांच प्रतिवेदन में उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया है और शासन को सिर्फ निर्णय करना है। खंडवा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच प्रतिवेदन निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। वन मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल पर मैं 2006 में आरोप लगे थे। वन विभाग में 26 जून को निर्णय के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजे हैं पर निर्णय नहीं हो पाया। प्रदेश में सबसे सीनियर डीएफओ एवं 1994 बैच विश्वनाथ एस होतगी का प्रकरण भी अक्टूबर 23 से शासन के पास अनिर्णय की स्थिति में है। इसके अलावा बृजेंद्र श्रीवास्तव और नवीन गर्ग के मामले में राज्य शासन ऊहापोह में है।ये आईएफएस रिटायर्ड हो गएशासन द्वारा आरोपित अफसरों के मामले में टाइम लिमिट में निर्णय नहीं होने की स्थिति में अजीत श्रीवास्तव, आरपी राय, एम कालीदुरई, सुशील कुमार प्रजापति, इंदु सिंह गडरिया, ओपी उचाड़िया, आर एस सिकरवार, डीएस कनेश, निज़ाम कुरैशी, वीएस प्यासी और जीपी वर्मा सेवानिवृत हो गए।रावसे के 11 अफसरों के मामले भी विचाराधीनआईएफएस अफसर की तरह ही राज्य वन सेवा के करीब 11 अधिकारियों के मामले में शासन निर्णय नहीं कर पा रहा है। जबकि वन विभाग ने जांच करवा कर उसका प्रतिवेदन भी शासन को भेज दिया है। इनमें राज्य वन सेवा के कुछ अधिकारियों के मामले है, जो आईएफएस बनने की दहलीज पर खडे है। उनके प्रकरण में शासन द्वारा निराकरण नहीं किए जाने से उनका प्रशासनिक भाग्य के सूरज का उदय नहीं हो पा रहा है। दागी अफसर की सूची में शामिल राहुल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बगैर सामग्री प्राप्त किए सीधे प्रमाणक पर हस्ताक्षर कर दिए। वन विभाग ने 30 अप्रैल 24 को निर्णय के लिए शासन के पास भेजा तब से अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी प्रकार कैलाश वर्मा, आरएन द्विवेदी, श्रीमती मनीषा पुरवार, आरएस रावत, सुधीर कुमार पाठक, योगेंद्र पारधे, मनोज कटारिया, मणि शंकर मिश्रा, अजय कुमार अवस्थी और प्रियंका चौधरी के मामले भी शासन के पास निर्णय के लिए लंबित है। प्रियंका चौधरी पर आरोप है कि वरिष्ठ अफसर को मोबाइल पर अशब्द भरे मैसेज करना और टेलीफोन पर गाली-गलौज करना है।

MP में कई IAS को मिला नए साल का तोहफा : कोठारी, पी.नरहरि बने PS, 2009 और 2011 बैच के इन अफसरों को भी मिला प्रमोशन

Many IAS in MP got New Year gift: Kothari, P.Narhari became PS, these officers of 2009 and 2011 batch also got promotion. मध्यप्रदेश में 2025 से पहले कई आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अफसरों को वेतनमान (पे-मैट्रिक्स) के हिसाब से पदोन्नत किया गया है। इनमें सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि को प्रमुख सचिव बनाया गया है। इस तरह का प्रमोशन पाने वाले अन्य अधिकारियों में 2009 से 2011 बैच के अफसरों के साथ ही 2016 बैच के 26 अफसर भी शामिल हैं। डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत

दिल्ली गए नीतीश कुमार महागठबंधन में करेंगे वापसी? सियासी अटकलों पर तेजस्वी यादव की दो टूक

Will Nitish Kumar, who went to Delhi, return to the Grand Alliance? Tejashwi Yadav bluntly on political speculations बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या महागठबंधन में वापसी करने जा रहे हैं? यह सवाल इन दिनों प्रदेश के सियासी गलियारों में तैर रहा है। बीते कुछ समय से जोर पकड़ रही ऐसी चर्चाओं पर अब नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस पर अपना दो टूक जवाब दे दिया है।बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली गए हुए हैं। तेजस्वी यादव ने इसके साथ ही बीपीएससी छात्रों के प्रदर्शन, उन पर लाठीचार्ज, परीक्षा रद कराने की मांग और भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने 2025 में होने वाले चुनावों की तैयारी पर भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री टायर्ड हैं और रिटायर्ड अधिकारी चला रहे सरकार: तेजस्वी बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सबसे पहले कहा कि मुख्यमंत्री टायर्ड हैं और रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं। प्रतियोगिता परीक्षा का पेपरलीक बिहार में पहली बार नहीं हुआ है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?उन्होंने सवाल करते हुए कहा है कि बिहार की जनता जानना चाहती है। दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? वे सोमवार को शहर के राजोपट्टी स्थित परिसदन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम, के तहत सीतामढ़ी पहुंचे हैं। हमारे सरकार से हटने के बाद होने लगे पेपरलीक : तेजस्वी उन्होंने कहा कि हमारे सरकार से हटने के तीन माह बाद से ही पेपरलीक होने लगा। मैट्रिक से लेकर बीपीएससी तक की परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब शिक्षा विभाग मेरे पास था तो कहां पेपर लीक हो रहा था?उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी बात का जवाब नहीं देते हैं न सदन में और न बाहर। यह सरकार जनता की नहीं है। आने वाले समय में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। भाजपा की बी टीम ने छात्रों को गुमराह किया: यादव राजद नेता तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि राजधानी पटना के गर्दनीबाग में छात्र 15 दिन से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। लेकिन भाजपा की बी टीम के नेताओं ने गुमराह कर उन्हें गांधी मैदान में ले गए, जो प्रतिबंधित क्षेत्र है और उन पर वहां बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया गया।पानी के बौछार हो रही है। मुकदमा हो रहा है। सभी परेशान हैं। छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से कहा कि जात-पात में नहीं बंटें, तभी सफलता मिलेगी। तेजस्वी ने नीतीश को बताया पलटू ‘चाचा’ इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर पलटने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पलटू चाचा के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद हैं। बता दें कि नीतीश कुमार इस समय दिल्ली में हैं। ऐसे में सियासी अटकलों को और हवा मिल रही है।हालांकि, तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह पटना लौटने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए समय मांगेंगे। यदि सीएम के ऑफिस से समय मिलता है तो मुख्यमंत्री से मिलकर बीपीएससी के छात्रों की मांगों पर चर्चा जरूर करेंगे।इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर उनका नाम लिए बिना हमला बोला।तेजस्वी यादव ने जीतन राम मांझी, चिराग पासवान के साथ दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि कहां हैं ये लोग?पेपर लीक होने पर परीक्षा रद करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज हो रहा है, समस्या आती है तो गायब रहते हैं। नहीं तो ऊंची-ऊंची बातें करते हैं।

सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या; सरकार मुहैया कराए सुरक्षा, जीतू पटवारी ने उठाई मांग

Saurabh Sharma may be murdered; Government should provide security, Jitu Patwari raised demand Saurabh Sharma Case: मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम खूब चर्चा में हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि उसके पकड़े जाने से कई बड़े चेहरों के नाम का खुलासा हो जाएगा। सरकार को उसे गिरफ्तारी देकर सुरक्षा देनी चाहिए साथ इस मामले का सच उजागर करना चाहिए। महाकाल मंदिर में घोटाला पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर में जिन लोगों को प्रशासक बना रखा है। उन्होंने 1-1.50 करोड़ के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए हैं। ये भ्रष्टाचार भोलेनाथ को भी नहीं छोड़ रहा है। पहले महाकाल लोक में करप्शन किया था। उसमें मुख्यमंत्री समेत कई लोगों पर उंगली उठी थी। इन्हें भगवान के दर्शन में भी पैसे चाहिए। ये भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। भोलेनाथ के ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए अलग से पैसे दो और अपनी जेब में डालकर परिवार का पालन-पोषण करेंगे। बंगले बनाएंगे और प्लॉट खरीदेंगे। ये हैं बीजेपी और आरएसस से जु़ड़े हुए लोगों के नैतिक दायित्व। रिश्वत नहीं पहुंची तो हत्या हुई आगे पटवारी ने कहा कि देवास के सतवास थाने में 35 साल का बेटा। जिसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बूढ़ी मां घर में अकेली है। एक 6 हजार की रिश्वत देने में देरी हुई तो इसमें हत्या कर दी। मैंने खुद ने जब इस पाठ का निरीक्षण किया तो कंधे बराबर जाली से लटके फांसी लेने का पुलिस का बयान आया या उन्होंने प्रचारित किया। जो सरासर गलत है। सीएम को मैंने कहा था कि पूरा थाना सस्पेंड करो मैसेज जाएगा कि अगर रक्षक भक्षक बनते हैं तो सरकार अलर्ट रहेगी। मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि 1 करोड़ रुपए परिवार को दो।पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि NCRB की रिपोर्ट के अनुसार दलितों परल अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश भारत में सबसे ऊपर है। यह स्थिति तब है। जब भाजपा प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता में हैं।

सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवाल

food why packaged food items under question items included in research भारत में लोगों के खाने-पीने का तरीका बदल रहा है और यह बदलाव सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ICMR ने बताया कि देश में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारतीयों की पसंद और नापसंद बदल रही है, खासकर तब जब बात खाने की होती है. पहले के समय में लोग ज्यादातर कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाते थे, लेकिन आजकल पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ गया है.कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर भारत में बिकने वाले पैकेट बंद फूड की जांच की है. यह जानने के लिए कि ये फूड सेहत के लिए कितने अच्छे या बुरे हैं. उन्होंने यह भी देखा कि पैकेट पर जो कुछ लिखा है, वह सही है या नहीं. यह रिसर्च Plos One नाम की एक मशहूर मैगजीन में छपी है. इस रिसर्च को करने वालों में ये लोग शामिल थे: चेन्नई के मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर, भारत के मेडिकल रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर. पैकेट बंद फूड: लेबल पर सही जानकारी, फिर भी सेहत के लिए खतरा! पैकेट बंद फूड के लेबल पर लिखी पोषण जानकारी हमें उस फूड में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताती है. यह जानकारी ग्राहकों के लिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे वे यह तय कर सकते हैं कि वह फूड उनकी सेहत के लिए कितना अच्छा या बुरा है.इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजार में उपलब्ध 432 पैकेट बंद फूड के लेबल की जांच की. इनमें इडली मिक्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, दलिया मिक्स, बेवरेज मिक्स और फूले हुए स्नैक्स जैसे पैकेज्ड फूड शामिल थे.रिसर्च में पाया गया कि 80% पैकेट बंद फूड में लेबल पर लिखी जानकारी सही थी. यानी जो पोषक तत्व लेबल पर लिखे थे, वे प्रोडक्ट में मौजूद थे. ज्यादातर पैकेज्ड फूड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दरअसल, हमारे शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है. फूले हुए स्नैक्स में वसा की मात्रा ज्यादा मिली. वसा भी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा वसा से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से क्या होता है? जब हम खाना खाते हैं तो वह ग्लूकोज में बदल जाता है. यह ग्लूकोज हमारे खून में मिल जाता है. इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है.ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारे अग्न्याशय को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. अगर यह ज्यादा समय तक चलता रहे, तो अग्न्याशय कमजोर हो सकता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. पैकेट बंद फूड की जांच: कैसे पता चला कौन सा सेहतमंद है? पैकेट बंद फूड की जांच करने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हिसाब से पैकेज के आगे और पीछे लिखी पोषण जानकारी की जांच की. इस अध्ययन में सिर्फ प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े पोषण संबंधी दावों का मूल्यांकन किया गया. विशेषज्ञों ने पैकेट बंद फूड में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच की. फिर उन्होंने एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सा फूड सेहतमंद है और कौन सा नहीं. यह जानकारी लोगों को सेहतमंद पसंद चुनने में मदद कर सकती है. पैकेट बंद फूड में क्या मिला? ज्यादातर पैकेट बंद फूड में 70% से ज्यादा एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिल रही थी. सिर्फ फूले हुए स्नैक्स ही ऐसे थे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम थी. फूले हुए स्नैक्स में 47% से ज्यादा एनर्जी वसा से मिल रही थी. ज्यादा वसा से भी सेहत को नुकसान हो सकता है. सभी पैकेज्ड फूड में प्रोटीन की मात्रा 15% से कम थी. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी होता है, इसलिए इसकी कमी सेहत के लिए अच्छी नहीं है.यह अध्ययन दिखाता है कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में कार्बोहाइड्रेट, वसा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए हमें पैकेट बंद फूड का सेवन सीमित करना चाहिए. ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए. सभी पैकेट बंद फूड के लेबल पर पूरी जानकारी नहीं भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, पैकेट बंद फूड के लेबल पर एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और कुल वसा की मात्रा ‘प्रति 100 ग्राम’ या ‘100 मिलीलीटर’ या ‘प्रति सर्विंग’ के हिसाब से लिखी होनी चाहिए. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में यह जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी. सिर्फ कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पेय पदार्थों में ही प्रति सर्विंग जानकारी दी गई थी.कुछ प्रोडक्ट ने यह दावा किया कि उनमें साबुत अनाज हैं लेकिन इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में साबुत अनाज का जिक्र नहीं था. यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला है. अध्ययन में यह बात कही गई है कि एक स्पष्ट लेबलिंग सिस्टम होना चाहिए ताकि ग्राहक आसानी से सेहतमंद प्रोडक्ट का चयन कर सकें. घरेलू खर्च के आंकड़े क्या कहते हैं? 2022-23 के घरेलू खर्च सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय अब पैकेट बंद फ़ूड, पेय पदार्थों और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि घर पर बने खाने पर खर्च कम हो रहा है. यह बदलाव शहरों और गांवों दोनों जगह देखा जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान में यह बदलाव देश में मोटापा, डायबिटीज, हार्टअटैक जैसे बढ़ते बोझ का एक बड़ा कारण है. इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भी यह बात कही गई है कि भारत में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. कितना बड़ा है पैकेज्ड फूड का बाजार भारत में पैकेट बंद फूड का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2023 में ये बाजार करीब 76.28 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक इसके 116 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि … Read more

देवास पुलिस का ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’, 10 लाख के CCTV कैमरों से अपराध पर लगेगी लगाम

Dewas Police’s ‘Operation Trinetram’, crime will be controlled with CCTV cameras worth Rs 10 lakh मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्रम शुरू किया है. इस अभियान के तहत लोगों ने 10 लाख रुपए खर्च किए हैं. अभी भी अभियान जारी है. इस अभियान का उद्देश्य देवास जिले में अपराधों की रोकथाम करना है. एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि यह अभियान के जरिए पूरे जिले में 275 कैमरे लगाए गए हैं. देवास एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि देवास जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्रम के जरिए लोगों और व्यापारियों को सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी कड़ी में लगभग 10 लाख रुपए कीमत के 275 नए कैमरे पूरे जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में स्थापित किए गए. उन्होंने बताया कि कैमरा कानून व्यवस्था का पालन करने और अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है. कैमरा स्थापित करने के लिए लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. इसके अलावा जो इस अभियान में आगे बढ़कर कैमरा लगा रहे हैं, उन्हें पुलिस सम्मानित भी कर रही है. यह अभियान 1 नवंबर से शुरू किया गया था. वैज्ञानिक साक्षी के रूप में अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक में चर्चा के दौरान बताया कि सीसीटीवी कैमरा अपराध रोकने के साथ-साथ अपराध निराकरण एवं न्यायालयीन विचाराधीन प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है. पुलिस द्वारा प्रतिदिन चौपाल के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक कैमरा स्थापित करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर लोगों द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है. चोरी और गंभीर अपराधों पर नकेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी और गंभीर अपराधों में सीसीटीवी कैमरा लगने से कहीं ना कहीं कमी आती है. इसके अलावा जहां अपराध घटित होता है, वहां सबूत के रूप में कैमरे के फुटेज सामने आ जाते हैं, जिससे आरोपी को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती है. इसके अलावा इसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में न्यायालय भी काफी महत्व दे रही है, इसलिए लोगों को लगातार सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.

जन्मदिन (29 दिसंबर) पर विशेष: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

मुंबई हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित हुए जिन्हें दर्शको ने ‘सुपर स्टार’ की उपाधि दी। पंजाब के अमृतसर में 29 दिसंबर 1942 को जन्में जतिन खन्ना उर्फ राजेश खन्ना का बचपन के दिनों से ही रूझान फिल्मों की और था और वह अभिनेता बनना चाहते थे हांलाकि उनके पिता इस बात के सत खिलाफ थे।राजेश खन्ना अपने करियर के शुरूआती दौर में रंगमंच से जुड़े और बाद में यूनाईटेड प्रोड्यूसर ऐसोसियिशेन द्वारा आयोजित ऑल इंडिया टैलेंट कान्टेस्ट में उन्होंने भाग लिया। जिसमें वह प्रथम चुने गये।राजेश खन्ना ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1966 में चेतन आंनद की फिल्म ‘आखिरी खत’ से की । वर्ष 1966 से 1969 तक राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। राजेश खन्ना के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत की क्लासिकल फिल्म ‘अराधना’ से चमका। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की गोल्डन जुबली कामयाबी ने राजेश खन्ना को ‘स्टार’ के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म ‘अराधना’ की सफलता के बाद अभिनेता राजेश खन्ना शक्ति सामंत के प्रिय अभिनेता बन गये। बाद में उन्होंने राजेश खन्ना को कई फिल्मों में काम करने का मौका दिया। इनमें ‘कटी पतंग’, ‘अमर प्रेम’, ‘अनुराग’, , ‘अजनबी’, ‘अनुरोध’ और ‘आवाज’ आदि शामिल है । फिल्म अराधना की सफलता के बाद राजेश खन्ना की छवि रोमांटिक हीरो के रूप में बन गयी। इस फिल्म के बाद निर्माता निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी रूमानी छवि को भुनाया। निर्माताओं ने उन्हें एक कहानी के नायक के तौर पर पेश किया। जो प्रेम प्रसंग पर आधारित फिल्में होती थी। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना लोकप्रियता के शिखर पर जा पहुंचे और उन्हें हिंदी फिल्म जगत के पहले सुपरस्टार होने का गौरव प्राप्त हुआ। यूं तो उनके अभिनय के कायल सभी थे लेकिन खासतौर पर टीनएज लड़कियों के बीच उनका क्रेज कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया। एक बार का वाकया है जब राजेश खन्ना बीमार पड़े तो दिल्ली के कॉलेज की कुछ लड़कियों ने उनके पोस्टर पर बर्फ की थैली रखी जिससे उनका बुखार जल्द उतर जाये।इतना ही नहीं लड़कियां उनकी इस कदर दीवानी थी कि उन्हें अपने खून से प्रेम पत्र लिखा करती थी और उससे ही अपनी मांग भर लिया करती थी। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पर यह आरोप लगने लगे कि वह केवल रूमानी भूमिका ही निभा सकते है। राजेश खन्ना को इस छवि से बाहर निकालने में निर्माता -निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने मदद की और उन्हें लेकर 1972 में फिल्म ‘बावर्ची’ जैसी हास्य से भरपूर फिल्म का निर्माण किया और सबको आश्चर्यचकित कर दिया । 1972 में ही प्रदर्शित फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के अभिनय का नया रंग देखने को मिला। ऋषिकेश मुखर्जी निदेर्शित इस फिल्म में राजेश खन्ना बिल्कुल नये अंदाज में देखे गये। फिल्म के एक दृश्य में राजेश खन्ना का बोला गया यह संवाद ‘बाबूमोशाय ..हम सब रंगमंच की कठपुतलियां है जिसकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों से बंधी हुई है कौन कब किसकी डोर जाये ये कोई नही बता सकता उन दिनों सिने दर्शको के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था और आज भी सिने दर्शक उसे नहीं भूल पाये। 1969 से 1976 के बीच कामयाबी के सुनहरे दौर में राजेश खन्ना ने जिन फिल्मों में काम किया उनमें अधिकांश फिल्में हिट साबित हुयी लेकिन अमिताभ बच्चन के आगमन के बाद परदे पर रोमांस का जादू जगाने वाले इस अभिनेता से दर्शकों ने मुंह मोड़ लिया और उनकी फिल्में असफल होने लगी। अभिनय मे आयी एकरूपता से बचने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिये और दर्शकों का प्यार फिर से पाने के लिये राजेश खन्ना ने अस्सी के दशक से खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इसमें 1980 मे प्रदर्शित फिल्म ‘रेडरोज’ खास तौर पर उल्लेखनीय है। इस फिल्म में राजेश खन्ना ने नेगेटिव किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 1985 में प्रदर्शित फिल्म ‘अलग अलग’ के जरिये राजेश खन्ना ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। राजेश खन्ना के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेत्री मुमताज और शर्मिला टैगोर के साथ काफी पसंद की गयी। राजेश खन्ना को उनके सिने कैरियर में तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से समानित किया गया। फिल्मों में अनेक भूमिकाएं निभाने के बाद राजेश खन्ना ने समाज सेवा के लिए राजनीति में भी कदम रखा और वर्ष 1991 में कांग्रेस के टिकट पर नयी दिल्ली की लोकसभा सीट से चुने गए । राजेश खन्ना अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 125 फिल्मों में काम किया। अपने रोमांस के जादू से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले किंग ऑफ रोमांस 18 जुलाई 2012 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

विक्क कौशल और कटरीना कैफ वेकेशन के लिए हुए रवाना

मुंबई वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल को आखिरी बार ‘बैड न्यूज’ में देखा गया था। इसमें तृप्ति डिमर और एमी विर्क भी थे। अब विक्की को ‘छावा’ में देखा जाएगा, जो अगले साल रिलीज होगी। उनके पास संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ भी है, जिसमें वो आलिया भट्ट और रणबीर कपूर के साथ नजर आएंगे। कटरीना ने अभी अपनी फिल्म अनाउंस नहीं की है। उन्हें ‘मैरी क्रिसमस’ में देखा गया था। कटरीना कैफ और विक्क कौशल को रविवार, 29 दिसंबर की सुबह-सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। दोनों घर से दूर नया साल सेलिब्रेट करेंगे, लेकिन कहां पर, अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इन फिल्मों में विक्की कौशल वर्कफ्रंट की बात करें तो तृप्ति डिमरी और एमी विर्क के साथ ‘बैड न्यूज’ में नजर आने के बाद विक्की कौशल को अब ‘छावा’ में देखा जाएगा। इसके अलावा उनके पास संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ भी है, जिसमें वो आलिया भट्ट और रणबीर कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। कटरीना की बात करें तो उन्हें ‘मैरी क्रिसमस’ में देखा गया था। इसके बाद उनकी अगली फिल्म की अनाउंसमेंट अभी नहीं हुई है। वो फिलहाल पर्दे से दूर हैं। उनके पास ‘जी ले जरा’ और ‘टाइगर वर्सेस पठान’ फिल्म है, लेकिन फरहान अख्तर की ‘जी ले जरा’ काफी समय से अटकी हुई है और ‘टाइगर वर्सेस पठान’ की शूटिंग में अभी काफी वक्त बाकी है। साल 2021 में हुई थी शादी विक्की और कटरीना ने 9 दिसंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से राजस्थान में शादी की थी। इससे पहले दोनों ने एक-दूसरे को डेट भी किया था, लेकिन कभी पब्लिकली अपने रिश्ते पर मुहर नहीं लगाई थी। दोनों ने चोरी-छिपे इश्क फरमाया था और फिर शादी कर ली।

एक्ट्रेस डेल हैडन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

एक्ट्रेस, एक्टिविस्ट और मॉडल रहीं डेल हैडन की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई है। उनके पेंसिल्वेनिया स्थित घर पर उनकी लाश मिली। अधिकारियों का मानना है कि उनकी मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई है। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस लीक होने से हुई मौत! पुलिस ने कहा कि जांच करने वाले अधिकारियों के मुताबिक, गैस हीटिंग सिस्टम और एग्जॉस्ट पाइप (चिमनी) में खामी होने के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड गैस लीक हुई। घर में ये गैस इतनी ज्यादा फैली थी कि उसके संपर्क में आने से 2 डॉक्टर और एक पुलिस अधिकारी बेहोश हो गए। कई फेमस मैगजीन कवर पेज पर छपी फोटो डेल हैडन बतौर मॉडल 1970 और 1980 के दशक में वोग, कॉस्मोपॉलिटन, एले और एस्क्वायर के कवर पेज पर दिखाई दीं। 1973 के स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड स्विमसूट एडिशन में नजर आईं। दो दर्जन से ज्यादा फिल्मों में आईं नजर IMDb.com के अनुसार, वह 1970 से 1990 के दशक तक लगभग दो दर्जन फिल्मों में भी दिखाई दीं, जिनमें 1994 की जॉन क्यूसैक की ‘बुलेट्स ओवर ब्रॉडवे’ भी शामिल है। पति की मौत के बाद काम पर लौटीं डेल हैडन ने बेटी रयान को जन्म देने के बाद मॉडलिंग छोड़ दी थी। लेकिन 1991 में पति की मौत के बाद उन्हें वापस काम पर लौटना पड़ा। पर इस बार मॉडलिंग इंडस्ट्री ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। उनसे कहा गया कि अब वो 38 साल की हैं और सक्षम नहीं हैं। विज्ञापन एजेंस में किया काम इसके बाद उन्होंने एक विज्ञापन एजेंस में मामूली नौकरी की। फिर एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स का प्रचार करना शुरू किया। वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहीं और वूमेनवन नाम का संगठन शुरू किया। इसका लक्ष्य महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा मुहैया कराना था।

‘लाफ्टर शेफ्स सीजन 2’ का प्रोमो हुआ रिलीज, मन्नारा चोपड़ा के साथ बनी सुदेश लहरी की जोड़ी

मुंबई ‘लाफ्टर शेफ्स’ शो को खूब पसंद किया गया था। अब ये फिर से वापसी कर रहा है। नए सीजन के साथ। ये कब शुरू होगा, अभी मेकर्स ने इसकी जानकारी नहीं दी है, लेकिन ‘लाफ्टर शेफ्स सीजन 2’ में कौन-कौन नजर आएगा, इसका प्रोमो जारी कर दिया गया है। इस बार शो में रुबीना दिलैक से लेकर एल्विश यादव तक नजर आने वाले हैं। कलर्स चैनल पर मेकर्स की तरफ से ‘लाफ्टर शेफ्स 2’ का प्रोमो शनिवार रात को जारी किया गया। एकसाथ कई प्रोमो रिलीज किए हैं। एक में रुबीना दिलैक और राहुल वैद्य की मस्ती है तो दूसरे में राहुल को एल्विश यादव के साथ शिमला घुमाते हुए देखा जा सकता है। मन्नारा चोपड़ा को सुदेश लहरी और समर्थ जुरेल के साथ चाय पीनी है तो समर्थ और अभिषेक कुमार किचन में खाना बनाते-बनाते खूब मस्ती करते दिख रहे हैं। फैंस मिस कर रहे हैं पुरानी जोड़ियों को! इस शो के पहले सीजन को भारती सिंह ने होस्ट किया था। जज हरपाल सिंह थे, जोकि शेफ हैं। जोड़ियों की बात करें तो कृष्णा अभिषेक अपनी वाइफ कश्मीरा शाह, सुदेश लहरी और निया शर्मा, अंकिता लोखंडे अपने पति विक्की जैन के साथ नजर आईं। जन्नत जुबैर और उनकी दोस्त रीम शेख ने ग्लैमर का खूब तड़का लगाया। अली गोनी और राहुल वैद्य, अर्जुन बिजलानी और करण कुंद्रा ने दर्शकों को खूब हंसाया। फैंस पुरानी जोड़ियों को मिस कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले सीजन की जोड़ियों का कोई मुकाबला नहीं है।

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

Death of Dalit youth in police custody in Dewas, sharp attack by Congress’s Jitu Patwari, allegation of demanding money. देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। पैसे की मांग का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। सड़क पर उतरे लोग घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। न्याय की मांग मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने की 13 दिवसीय ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’

BJYM State President Vaibhav Panwar did 13-day ‘Maa Bainganga River Darshan and Study Tour’ सिवनी/बालाघाट। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने 15 दिसंबर 2024 को माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ का शुभारंभ किया। यह यात्रा सिवनी जिले के मुंडारा (परतापुर) में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल से आरंभ हुई। पंवार ने विविधत पूजन और आरती के बाद इस यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा के दौरान लगभग 160 किलोमीटर की पदयात्रा की गई, जबकि शेष यात्रा सहयात्रियों के साथ बस से पूरी की गई। यह यात्रा मध्यप्रदेश के सिवनी-बालाघाट के अधिकांशतः गांवों से होते हुए महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ जिलों की सीमाओं से होकर गुजरी। इस दौरान पंवार ने स्थानीय लोगों से चर्चा कर माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण, घाटों के निर्माण और उससे जुड़ी सांस्कृतिक मान्यताओं पर संवाद किया। यात्रा का समापन तेलंगाना के गोदावरी किनारे स्थित संगम घाट पर पूजन के साथ हुआ। पंवार ने माँ बैनगंगा की पवित्रता और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह यात्रा नदी संरक्षण के प्रति जनजागृति फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि“माँ बैनगंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला है। प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी उन्होंने कहा कि ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ के माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नदियाँ केवल हमारे भौतिक जीवन का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हमें यह महसूस हुआ कि नदी संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। माँ बैनगंगा के संरक्षण और घाटों के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र धरोहर को संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है।” 30 दिसंबर को होगा प्रसादी वितरण 30 दिसंबर 2024 को सोमवती अमावस्या के दिन मुंडारा (परतापुर) सिवनी में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल पर पूजन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

नेशनल खेलकर गृह वापसी पर रेलवे स्टेशन आमला पहुंच किया स्वागत ।

He was welcomed at Amla Railway Station on his return home after playing National cricket. हरिप्रसाद गोहे  आमला । पैराडाइज स्कूल के छात्र मोहित ठाकरे जो की राष्ट्रीय वॉलीबॉल में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने तेलंगाना गया था । वहां दिनांक 28.12.2024 को नेशनल खेल कर वापस आमला आने पर छात्र मोहित ठाकरे का रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया । स्टेशन  पर पैराडाइज स्कूल के समस्त स्टाफ के साथ प्राचार्य अनुराग मालवीय, संतोष पांसे,  महेश देशमुख, राजेश नागले, सुनील करारे,  ममता पवार, मल्लिका पाल, पुष्पा पवार, आशा विश्वकर्मा उपस्थित थे । इस अवसर पर सी एम राइस स्कूल के प्रधान पाठक एवं राज्य स्तरीय वॉलीबॉल रेफरी  गणेश बारस्कर  का भी सम्मान संदीप देवडे,  आशीष माकोड़े द्वारा किया गया । सभी ने छात्र की सराहना की एवं भविष्य हेतु बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी । रेलवे स्टेशन से गाजे बजे के साथ छात्र को ग्राम रमली ले जाया गया जहां ग्राम के समस्त ग्रामीणों ने विशाल संख्या में पहुंचकर छात्र का स्वागत किया ।

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