LATEST NEWS

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा के चलते मध्य प्रदेश की पुलिस सहित उत्तर प्रदेश की पुलिस भी अलर्ट

छतरपुर बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी. उनकी यात्रा की शुरुआत आज  21 नवंबर से शुरू होगी. यात्रा मप्र सहित यूपी के जिले में भी प्रवेश करेगी, जिसके चलते मध्य प्रदेश की पुलिस सहित उत्तर प्रदेश की पुलिस भी यात्रा को लेकर अलर्ट है. बता दें हिंदू एकता की अलख जगाने के लिए बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर पदयात्रा निकाली जा रही है. पदयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है. बागेश्वर धाम से लेकर ओरछा तक के रास्ते भर के गांव के श्रद्धालु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यात्राआज 21 नवंबर से बागेश्वर धाम से शुरू होगी, जो कि 29 नवंबर को ओरछा में समाप्त होगी.   यात्रा में ये संत होंगे शामिल यात्रा में मूलक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज, जगत गुरू रामभद्राचार्य महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास महाराज, इन्द्रशेश महाराज, सुदामा कुटी के सतीक्ष्णदास, संजीव कृष्ण ठाकुर, अनुरुद्धाचार्य महाराज, जगतगुरू वल्लभाचार्य महाराज, गोरीलाल कुंज के महंत किशोर दास महाराज शामिल होंगे. यात्रा का 7 दिवसीय प्लान • पहला दिन: 21 नवंबर को यात्रा बागेश्वर धाम से शुरू होगी, इसके बाद फोर लेन रोड होते हुए पहला स्टॉप कदारी गांव में होगा. • दूसरा दिन: दूसरे दिन यात्रा करीब 18 किलोमीटर चलकर छतरपुर जिले के पेप्टेक टाउन पहुंचेगी. • तीसरा दिन: 23 तारीख को यात्रा का नौगांव में विश्राम होगा. • चौथा दिन: चौथे दिन पं. धीरेन्द्र शास्त्री देवरी डेम में विश्राम करेंगे. • पांचवां दिन: यात्रा मऊरानीपुर में विश्राम करेगी. • छठवां दिन: यात्रा निवाड़ी में विश्राम करेगी. • सातवां दिन: अंतिम दिन यात्रा यादव ढाबा होते हुए ओरछा धाम पहुंचेगी, जहां यात्रा का समापन होगा. • सनातनी हिंदू एकता पदयात्रा को लेकर जबरदस्त तैयारियां की गई है. छतरपुर की सड़कें और यात्रा मार्ग पोस्टरों से पट गए हैं.

बेखौफ बदमाश, आमजन तो छोड़िए यहां पुलिस भी सुरक्षित नहीं, जवान पर जानलेवा हमला कर लूट

Fearless scoundrels, leave the common man, even the police are not safe here, a soldier was fatally attacked and looted. शहडोल ! मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था के दावों के बावजूद गुंडे-बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। आलम ये है कि, बदमाशों पर से कानून तक का खौफ मानों खत्म हो चुका है। यही वजह है कि बदमाश आमजन के साथ किसी जुर्म को अंजाम देना तो छोड़िए लोगों की सुरक्षा में लगी पुलिस तक को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली शहडोल जिले में, जहां कुछ बदमाशों ने एक पुलिसकर्मी पर ही न सिर्फ जानलेवा हमला किया, बल्कि लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हमले में पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि, ये हैरान कर देने वाला मामला अमलाई थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले बटुरा मौहरी दाई माता मंदिर के पास घटा है। यहां बुधवार रात अनूपपुर यातयात में पदस्थ आरक्षक सुखसेन कोल पर राजू सरंगिया ,संजय सूरज समेत अन्य बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पुलिस आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यही नहीं, जान से मारने की नियत से आए बदमाश पुलिसकर्मी को गंभीर हालत में पड़ा छोड़कर उसका मोबाइल, वायरलेस और कैश लूटकर भाग निकले। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर, घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने आरक्षक को गंभीर हालत में पड़ा देखा तो वो तत्काल ही उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरु कर दिया गया है। वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर और शहडोल पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की सुरक्षा के लिए सैटेलाइट कॉलरिंग सफल

Umaria News: Satellite collaring successful for the protection of wild elephants in Bandhavgarh Tiger Reserve उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के संरक्षण के लिए सैटेलाइट कॉलरिंग तकनीक का प्रयोग सफल रहा है। मार्च 2024 में शहडोल के जयसिंहनगर वन क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए एक जंगली हाथी को सैटेलाइट कॉलर लगाकर ताला वन परिक्षेत्र की दमना बीट में छोड़ा गया। इसके माध्यम से हाथी के मूवमेंट पर नजर रखी गई, जो संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक जंगली हाथियों के मूवमेंट और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती है। इससे न केवल हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में भी सहायता मिलेगी। अब सरकार इस तकनीक को प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व और हाथी संरक्षण क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना बना रही है।इस प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक डॉ. नितिन गुप्ता, सहायक संचालक ताला, और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीक हाथियों के प्राकृतिक वास के अध्ययन और संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की सैटेलाइट कॉलरिंग पहली बार की गई है, जो अन्य टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में इस तकनीक के उपयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। इससे न केवल हाथियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि उनके संरक्षण में नए आयाम जोड़े जाएंगे।

ट्रेन लेट होने से भड़के यात्री अब अपने गुस्से को ट्रेन और रेल कर्मचारियों पर निकाल रहे, इंजन की खिड़की का कांच तोड़

जबलपुर ट्रेन की धीमी रफ्तार, यात्रियों का तनाव और गुस्सा बढ़ा रही है। यहां तक की यात्री अब अपने गुस्से को ट्रेन और रेल कर्मचारियों पर निकाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जबलपुर के मदनमहल स्टेशन में सामने आया। ज्‍यादा रुकने की वजह से यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा मदनमहल स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने ट्रेन लेट होने का गुस्सा ट्रेन के इंजन और कर्मचारियों पर निकाला। घटना 15 नवंबर की बताई जा रही है। ट्रेन के समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचने और कई स्टेशनों पर अधिक समय तक रुकने की वजह से यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए तत्काल ट्रेन तो रवाना कर दी इस दौरान कुछ यात्रियों ने ट्रेन के इंजन की खिड़की का कांच फोड़ दिया गया। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए तत्काल ट्रेन तो रवाना कर दी और घटना को दबा दिया गया।  कई बार विरोध जताने के बाद यात्रियों का गुस्‍सा सातवें आसमान पर यात्रियों ने कई बार विरोध जताया। ट्रेन जब 15 नवंबर की सुबह 7.30 बजे मदन महल स्टेशन आकर खड़ी हुई। ट्रेन को करीब आधे घंटे तक खड़ा रखा, जिससे यात्री नाराज हुए और उन्होंने स्टेशन पर हंगामा कर दिया। इसी बीच में कुछ यात्रियों ने लोको इंजन की खिड़की के एक तरफ का कांच फोड़ दिया। लोको पायलट ने किसी तरह से ट्रेन को आगे रवाना किया हंगामा के बीच लोको पायलट ने किसी तरह से ट्रेन को आगे रवाना किया और इसकी सूचना कंट्रोल को भेजी। जबलपुर स्टेशन को रेलवे अधिकारियों ने अटेंंड कर सुरक्षित आगे के लिए रवाना किया। इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीर सामने आने के बाद मामला खुला मामले का ठंडा कर दिया। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीर सामने आने के बाद रेलवे हरकत में आया और अब ट्रेन लेट करने वाले रेलवे कर्मचारी और यात्रियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

आयुष्मान कार्ड से मिली बैगा परिवारों को स्थायी राहत, पुष्पा का भी बना आयुष्मान कार्ड

भोपाल सिंगरौली जिले के बैगा जनजाति के सभी परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) किसी वरदान से कम नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना ने जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के उपचार का एक मजबूत सहारा दे दिया है। इसी योजना के तहत एक छोटी बच्ची पुष्पा पुत्री कुमरशाह बैगा के परिजन के चेहरे पर आज राहत, संतोष और खुशियों की मुस्कान आ गई है। बैगा जनजाति प्रदेश की विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पुष्पा बैगा के परिवार की माली हालत बेहद कमजोर है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में उन्हें कई बाधाओं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस महती योजना के कारण पुष्पा का परिवार अब निश्चिंत महसूस कर रहा है। सबके समर्पित प्रयासों से इस योजना का लाभ सभी बैगा परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी दिशा में सिंगरौली में हुए एक शिविर में पुष्पा का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। आयुष्मान कार्ड बनने से अब पुष्पा का परिवार उसकी चिकित्सा के खर्च को लेकर चिंतामुक्त हो चुका है। किसी भी गंभीर बीमारी या छोटी-बड़ी शारीरिक परेशानी में पुष्पा का इलाज अब 5 लाख रुपये तक सीमा में नि:शुल्क हो सकेगा। यह न केवल पुष्पा के परिवार के लिए, वरन् समाज के पिछड़े व कमजोर आय वर्ग के सभी परिवारों के लिए भी एक बड़ी राहत है। आयुष्मान कार्ड से मिले इस आर्थिक सुरक्षा कवर के कारण अब पुष्पा के माता-पिता अपने बच्चों के शारीरिक विकास एवं उनके भविष्य को लेकर अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं। यह योजना उनके जीवन में स्थायित्व और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आयी है।  

मध्यप्रदेश में 4 हजार मेगावॉट क्षमता के लिये कोयला मंत्रालय समिति

भोपाल कोयला मंत्रालय की स्टेंडिंग लिंकेज समिति (लांग टर्म) आगामी सप्ताह में मध्यप्रदेश के लिये 4 हजार मेगावॉट की थर्मल पॉवर कैपेसिटी के लिये दीर्घकालिक कोयला लिंकेज के लिये विद्युत मंत्रालय की सिफारिश की समीक्षा करेगी। मध्यप्रदेश में कोयला भण्डार की खपत वर्ष 2029-30 तक अनुमानित है। विद्युत मंत्रालय द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार राज्य को दीर्घकालिक ऊर्जा की आवश्यकता है। इसके लिये एसएलसी (एलटी) की बैठक आगामी 26 नवम्बर, 2024 को प्रस्तावित है। विद्युत मंत्रालय ने जुलाई-2024 को मध्यप्रदेश को शक्ति नीति के तहत दीर्घकालिक कोयला लिंकेज प्रदान करने की सिफारिश की थी, जिससे 4 हजार मेगावॉट की कोल-आधारित पॉवर क्षमता के लिये कोयला का आवंटन किया जा सके और देश में कोयला आधारित क्षमता के लिये आवश्यक विस्तार को पूरा किया जा सके। बैठक में इस सिफारिश की समीक्षा की जायेगी। बिजली की खपत में हो रही वृद्धि के कारण विद्युत मंत्रालय का उद्देश्य वर्ष 2032 तक 80 गीगावॉट अतिरिक्त कोल आधारित क्षमता जोड़ना है। लगभग 26 गीगावॉट के कोल-आधारित प्लांट्स पहले से निर्माणाधीन है, जिसमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। कोयला मंत्रालय ने राज्य को स्वयं के संसाधनों से या फिर ट्रैफिक पॉलिसी-2016 के तहत बिजली खरीद के लिये निविदा जारी कर इस अंतर को पूरा करने के लिये योजना बनायें या फिर शक्ति नीति के तहत योजना बनाने के लिये कहा। मध्यप्रदेश के लिये 2024-35 के लिये तैयार की गयी संसाधन उपयुक्तता योजना के अनुसार वर्ष 2032 तक राज्य को 4100 मेगावॉट अतिरिक्त कोल-आधारित विद्युत क्षमता की आवश्यकता होगी। विद्युत मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के लिये 4100 मेगावॉट के अतिरिक्त कोल-आधारित क्षमता की आवश्यकता पहले से ही शक्ति नीति के तहत निर्धारित 1230 मेगावॉट (नेट) से अतिरिक्त होगी। उल्लेखनीय है कि सितम्बर-2022 में एसएलसी (एलटी) ने शक्ति नीति के तहत कोयला लिंकेज की समीक्षा की थी। एसएलसी (एलटी) ने शक्ति नीति के तहत मध्यप्रदेश के लिये कोयला लिंकेज जारी रखने की सिफारिश की थी। बैठक में केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने राज्य में एक नये पॉवर स्टेशन के लिये 1230 मेगावॉट बिजली की लम्बी अवधि की खरीद के लिये निविदा प्रक्रिया की थी। इस पॉवर स्टेशन के लिये कोयला लिंकेज से ईंधन आपूर्ति की योजना थी।  

विधानसभा अध्यक्ष तोमर की अध्यक्षता में हुई नेवा हाउस कमेटी की बैठक

भोपाल विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की विधानसभा को मानसून सत्र, 2025 तक पेपरलेस किया जाए। इसके लिए विधानसभा में नेशनल ई-विधान परियोजना (नेवा) लागू की जाये। उन्होंने इस परियोजना के लागू होने से पहले विधानसभा सदस्यों को भी इसकी पर्याप्त जानकारी देने को भी निर्देश दिये हैं। विधानसभा अध्यक्ष तोमर आज विधानसभा में नेवा हाउस कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना जल्द से जल्द लागू करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब तक 23 प्रदेशों के 25 सदनों ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित ई-विधान परियोजना लागू करने के लिए MOU पर हस्ताक्षर किये हैं। देश के 13 प्रदेशों के 14 सदनों में यह परियोजना लागू की जा चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि अब प्रत्येक दो माह में परियोजना की प्रगति से समिति को अवगत कराया जाये। बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के लिये केन्द्र सरकार के “संसदीय कार्य मंत्रालय” को नोडल विभाग बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ई-विधान परियोजना में एन.आई.सी. का जिला स्तर तक सहयोग लिये जाने की बात कही। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस परियोजना को लागू करने के लिए विधायकों की जो समिति बनायी गयी है वह समिति जल्द उन राज्यों का दौरा करे, जहां इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। उन्होंने ई-विधान परियोजना के लिए साइबर सिक्यूरिटी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में विधानसभा के प्रमुख सचिव, अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अंश केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन किया जायेगा। केन्द्र सरकार ने अभी तक 19 करोड़ 36 लाख रूपये लागत के परियोजना कार्यों का अनुमोदन कर दिया है। बैठक में टेबलेट, नेटवर्क और ई-लर्निंग एवं ई-फेसिलिटी सेंटर पर भी विचार किया गया। बैठक में तय हुआ कि विधायकों की सुविधा के लिए जिले के एन.आई.सी. सेंटर को नोडल ट्रेनिंग एजेंसी के तौर पर कहा जायेगा, जिससे विधायक सुविधाजनक तरीके से इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। परियोजना का प्रस्तुतिकरण अपर सचिव वीरेन्द्र कुमार ने दिया। बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत देश की समस्त विधानसभाओं को पेपरलेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से ई-विधान (नेवा) लाँच किया गया है। बैठक में समिति के सदस्य विधायक सर्वअजय विश्नोई, बाला बच्चन, श्रीमती रीति पाठक, सुरेश राजे, नीतेन्द्र सिंह राठौर, गौरव सिंह पारधी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संजय दुबे मौजूद थे।

राजस्थान के जल संसाधन मंत्री ने दिलाया भरोसा कि जल्द ही पूरा पानी छोड़ा जायेगा

भोपाल चंबल नहर प्रणाली से मध्यप्रदेश के हिस्से का पूरा पानी प्राप्त करने के लिये प्रदेश के जल संसाधन एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट लगातार प्रयासरत हैं। इस सिलसिले में उन्होंने बुधवार को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत से टेलीफोन पर चर्चा की। राजस्थान के जल संसाधन मंत्री श्री रावत ने मध्यप्रदेश के हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराने के लिए श्री सिलावट को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा है कि चंबल नहर प्रणाली से पार्वती एक्वाडक्ट पर जल्द ही मध्यप्रदेश के हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। ज्ञात हो चंबल नहर प्रणाली से चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना व भिण्ड जिले की सिंचाई के लिये पानी मिलता है। ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि चंबल नहर प्रणाली से श्योपुर, मुरैना व भिण्ड जिले के अंतर्गत 3 लाख 62 हजार 100 हैक्टेयर में सिंचाई होती है। उन्होंने बताया बीते दिनों मध्यप्रदेश – राजस्थान अंतर्राज्यीय नियंत्रण मण्डल कोटा की 29वी तकनीकी समिति की बैठक में चंबल मुख्य नहर से मध्यप्रदेश की मांग के अनुसार पार्वती एक्वाडक्ट पर 3900 क्यूसेक पानी निरंतर उपलब्ध कराने का निर्णय हुआ था, लेकिन मात्र 1800 से लेकर 2100 क्यूसेक पानी ही मध्यप्रदेश को दिया जा रहा है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री से चर्चा की है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि राजस्थान के जल संसाधन मंत्री ने जल्द से जल्द मध्यप्रदेश के हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराने का को आश्वास्त किया है। श्री सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार अपने हिस्से का पूरा पानी प्राप्त करने के लिये कटिबद्ध है और इसके लिये लगातार राजस्थान सरकार के संपर्क में है।  

वन अधिकारियों का जंगली हाथी प्रबंधन अध्ययन दल पहुँचा कर्नाटक

भोपाल मध्यप्रदेश के वन अधिकारियों का जंगली हाथी प्रबंधन अध्ययन दल बुधवार को कर्नाटक पहुँच गया है। अध्ययन दल ने पहले दिन कर्नाटक वन विभाग के द्वारा मानव-हाथी संघर्ष (एचईसी) प्रबंधन के लिये लागू की गई सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को जानने के लिये कर्नाटक राज्य के एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट एलीफेंट) डॉ. मनोज कुमार से विस्तृत चर्चा कर जानकारी प्राप्त की। मध्यप्रदेश के अध्ययन दल ने बेंगलुरू के बांदेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। इस दौरान बांदेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान बेंगलुरू के डीसीएफ श्री प्रभाकर प्रियदर्शी ने दल को विभिन्न एचईसी न्यूनीकरण उपायों के बारे में फील्ड-बेस्ड जानकारी दी। उन्होंने अध्ययन दल को हाथी नियंत्रण कक्ष, निगरानी कक्ष के अलावा रेलवे बाधाएं, सौर बाड़, लटकते टेंटकल बाड़ और उन्नत चेतावनी प्राणी जैसे विभिन्न फील्ड रणनीतियाँ के संबंध में जानकारी दी। मध्यप्रदेश अध्ययन दल ने ईटीएफ स्टॉफ और आरआरटी सदस्य के साथ भी बातचीत की, जिससे अध्ययन दल को कर्नाटक में जंगली हाथी प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुई।  

संभाग आयुक्त श्री खत्री ने मिलावली पहुँचकर जागरूक किसानों का किया उत्साहवर्धन

भोपाल ग्वालियर संभाग के आयुक्त श्री मनोज खत्री ने बुधवार को मिलावली गाँव पहुँचकर किसानों का गुलदस्तों से स्वागत कर उत्साहवर्धन किया। यहाँ के किसान संभाग के सभी किसानों के लिये उदाहरण बने हैं। जो किसान पराली व फसल के अन्य अवशेष जलाकर अपने खेतों एवं पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं, वे ग्वालियर जिले के मिलावली गाँव के जागरूक किसानों से सीख लेकर अपना एवं पर्यावरण का भला कर सकते हैं। यहाँ के किसानों ने सुपर सीडर के जरिए पराली, नरवाई व फसलों के अन्य प्रकार के अवशेषों का प्रबंधन कर पराली जलाने से तौबा कर ली है। संभाग आयुक्त श्री खत्री ने कृषि अभियांत्रिकी एवं किसान कल्याण व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमले के माध्यम से गाँव-गाँव में सुपर सीडर के बारे में प्रचार-प्रसार करें, जिससे पराली जलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लग सके। उन्होंने कहा किसानों को यह भी बताएं कि सुपर सीडर के लिये सरकार द्वारा बड़ा अनुदान दिया जाता है। संभाग आयुक्त श्री खत्री ने ग्राम मिलावली के जागरूक किसान श्री अमृतलाल के धान के खेत पर पहुँचकर सुपर सीडर से नरवाई प्रबंधन के साथ गेहूँ की बोवनी देखी। अमृतलाल धान कटाई के बाद खेत में सुपर सीडर के जरिए सीधे ही गेहूँ की बोवनी कर रहे हैं। सुपर सीडर से बोवनी करने से होने वाले फायदों के बारे में बताते हुए अमृतलाल बोले कि धान की कटाई के बाद नरवाई जलाने से गेहूँ की बोवाई समय पर नहीं हो पाती, जिससे फसल पकने के समय अधिक तापमान होने से गेहूँ के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति तो कम होती ही है, इससे उठने वाले धुँए से पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुँचता है। सुपर सीडर ने किसानों की यह समस्या हल कर दी है। मिलावली गाँव के सर्वश्री अमृतलाल, गिर्राज सिंह, कौशलेन्द्र व अंजेश सहित अन्य कृषकगणों का कहना था कि सुपर सीडर नरवाई को मिट्टी में मिला देता है, जिससे गेहूँ की फसल के लिये हरी खाद की पूर्ति हो जाती है। साथ ही नरवाई जलाए बगैर सीधे बोवनी से समय व लागत की बचत भी होती है। इन सभी का कहना था कि हमारे गांव में पिछले तीन साल से धान की कटाई के बाद सुपर सीडर से बोवनी की जा रही है। पहले हमारे गाँव में एक सुपर सीडर आया था। इसकी बोवनी से हुए फायदे से प्रेरित होकर अब हमारे गाँव में पाँच सुपर सीडर हो गए हैं। जिले के सभी किसानों को पराली जलाने के बजाय सुपर सीडर से बोवनी करनी चाहिए। संभागीय कृषि यंत्री श्री जीसी मर्सकोले ने बताया कि सुपर सीडर खरीदने के लिये किसानों को सरकार द्वारा कृषि अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से एक लाख 5 हजार रूपए का अनुदान दिया जाता है। सुपर सीडर की कीमत ढ़ाई से तीन लाख के बीच होती है। भ्रमण के दौरान संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री ने किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्यायें व कठिनाईयां भी सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से जल के संरक्षण व संवर्धन संबंधी कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया। श्री खत्री ने ग्राम रोजगार सहायक व पंचायत सचिव को गाँव में मनरेगा के तहत जल सहेजने संबंधी कार्य कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संभागीय कृषि यंत्री श्री जी सी मर्सकोले एवं उप संचालक कृषि श्री आर एस शाक्यवार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं ग्राम मिलावली के कृषकगण मौजूद थे।  

बिजली चोरी के मामले में 22 हजार 810 रूपये जुर्माना, अदायगी नहीं करने पर 4 माह की सजा

भोपाल मुलताई जिला बैतूल की विशेष न्‍यायालय ने विद्युत चोरी के मामले में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बैतूल वृत्त के मुलताई वितरण केंद्र अंतर्गत आरोपी श्री अर्जुन बुवाडे को 22 हजार 810 रूपये जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर 4 माह की सजा सुनाई है। मुलताई न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (विद्युत) श्री पंकज चतुर्वेदीने 19 नवंबर 2024 को निर्णय पारित कर आरोपी श्री अर्जुन बुवाडे को दोषी मानते हुए जुर्माना अधिरोपित किया है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी केसहायक प्रबंधक श्री बी.के. मरावी ने ग्राम सावरी, तहसील मुलताई का आकस्मिक निरीक्षण किया तो उस दौरान आरोपी श्री अर्जुन बुवाडे द्वारा सौ मीटर सर्विस लाइन से इनकमिंग टेपिंग कर घरेलू बिजली चोरी करते हुए पाया गया। मौके पर आरोपी द्वारा 1625 वॉट विद्युत का अवैध उपयोग करते पाया गया। प्रकरण में कार्यवाही करते हुए विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी का अपराध कारित कर पंचनामा बनाया और आरोपी को 22 हजार 07 रुपये प्रोविजनल बिल दिया गया। जब आरोपी श्री अर्जुन बुवाडे ने निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं की तो बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक द्वारा विशेष न्‍यायालय में परिवाद प्रस्‍तुत किया। साक्ष्‍य तथा आरोपी द्वारा अपना जुर्म कबूलने के बाद मुलताई जिला बैतूल की विशेष न्‍यायालय ने 22 हजार 810 रूपये जुर्माना तथा जुर्माना अदायगी न करने पर आरोपी को 4 माह की सजा सुनाई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।

प्रदेश में 17 हजार 871 बहनों को पोर्टल के माध्यम से मिलेगी नियुक्ति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले राजधानी में सरकारी मकानों के आवंटन से संबंधित नए पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग को इस पहल के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस तरह के पोर्टल का निर्माण नहीं हुआ था। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार संपूर्ण आवास आवंटन प्रक्रिया का संचालन अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। पोर्टल www.sampada.mp.gov.in के माध्यम से आवंटिती अर्थात शासकीय सेवक को ऑनलाइन आवास आवंटन की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर गृह विभाग की ओर से एसएमएस गेटवे MPHOME के माध्यम से रियल टाईम बेसिस पर प्रेषित की जाएगी। शासकीय सेवक के हित में वरीयता क्रम से आवासों के आवंटन का कार्य पोर्टल के माध्यम से जनरेट किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप और पक्षपात के मामले शून्य हो जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को न्यू मार्केट के पास निर्मित साऊथ टी.टी. नगर के बहुमंजिला आवास गृहों का आवंटन भी किया। इन नवनिर्मित आवास गृहों में “जी” और “एच” श्रेणी के कुल 1210 आवास शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से शासकीय आवास का आधिपत्य प्राप्त करने की सूचना दी जा सकेगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी। नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल https://chayan.mponline.gov.in/ की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी। इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा।  

अनियमितता, गंभीर लापरवाही के चलते बिजली कंपनी के 4 इंजीनियर निलंबित

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कार्य़ में अनियमितता और कार्य में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 4 इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह के निर्देश पर की गई है। निलंबित इंजीनियरों में इंदौर संचारण संधारण संभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अभिषेक रंजन, भौंरासला बिजली वितरण केंद्र प्रभारी सहायक यंत्री श्री राहुल खत्री, भौंरासला वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री श्री शैलेंद्र पाटकर और चिकलौंडा (बेटमा) बिजली वितरण केंद्र प्रभारी कनिष्ठ यंत्री श्री प्रेम सिंह कनेश शामिल है। श्री रंजन को निलंबन अवधि में सतर्कता कार्यालय इंदौर, श्री खत्री को बुरहानपुर सर्कल कार्यालय, श्री पाटकर को सर्कल कार्यालय खरगोन, श्री कनेश को बदनावर संभागीय़ कार्यालय में अटैच किया गया है। इसी के साथ श्री ज्ञानेंद्र कुमार गौड़ को एसटीसी इंदौर ग्रामीण से हटाकर कार्पोरेट कार्यालय भेजा गया है। श्री गौड़ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कार्मिकों से नियमों, प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करने एवं समय पालन के साथ ही अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिये हैं।  

मध्यप्रदेश के शहरी स्व-सहायता समूह नई दिल्ली में पुरस्कृत, मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को किया पुरस्कृत

भोपाल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को “मध्यप्रदेश दिवस” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले में विभिन्न विभागों से शामिल स्व-सहायता समूह, उद्यमियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 2 स्व-सहायता समूहों को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिले। प्रथम स्थान पर धार के मांडव का रेवा स्व-सहायता समूह रहा, जिन्हें बाग प्रिंट के लिए पुरस्कार मिला। वहीं संत रविदास स्व-सहायता समूह उज्जैन को बांस से बनी हुई सामग्री एवं कलात्मक खिलौने गुड़िया के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनके अनुभव भी सुने। स्व-सहायता समूह की दीदीयों ने डॉ. यादव को समूहों के उत्पाद भी भेंट किए। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सविता ठाकुर, मध्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री श्री चेतन कॉश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुक्त श्री भरत यादव व मिशन संचालक एवं अपर आयुक्त श्री कैलाश वानखेड़े ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी है।  

राज्यपाल श्री पटेल ने प्रो. त्रिपाठी को राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा का कुलगुरू नियुक्त किया

भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने राजा शंकर शाह  विश्वविद्यालय,  छिन्दवाड़ा   के  कुलगुरू के पद पर प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को नियुक्त किया है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, जिला सतना (म.प्र.) के विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता प्रो. त्रिपाठी है। प्रो. त्रिपाठी का कार्यकाल, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 4 वर्ष की कालावधि  अथवा  70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए रहेगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet