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रीवा बजरंग खाद भंडार में एसडीएम और कृषि विभाग की छापे मार कार्यवाई मिली खासा अनियमितता

रीवा  मध्य प्रदेश का रीवा जिला आए दिन किसी-न-किसी मुद्दे को लेकर चर्चा का विषय बना रहता है। कभी यहां चोरी, तो कभी डकैती, कभी हत्या जैसे मामले सामने आते ही रहते हैं। इससे लोगों में अलग सा भय देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों पर ताला लगा कर चंद घंटों के लिए भी बाहर नहीं निकलते हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अपराधों को रोकने के लिए धड़-पकड़ अभियान चलाए जाते हैं। जिनमें उन्हें सफलता भी मिलती है। इसके बावजूद, शहर में नशे का कारोबार भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इसका एक ताजा मामला हाल ही सामने आया है, जब पुलिस प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए खाद और बीज की दुकान पर छापामारा है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। मिल रही थी शिकायत दरअसल, पुलिस प्रशासन को लगातार खाद और बीज की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद टीम का गठन कर गुढ़ चौराहे में स्थित बजरंग खाद बीज भंडार दुकान पर दबीश दी गई। इस दौरान दुकानदार को भी जमकर फटकार लगाई गई। संबंधित दस्तावेज नहीं पाए जाने पर दुकान की गोदाम को सील कर दिया गया है। साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई कृषि विभाग को सौंप दी गई है। गोदाम सील इस दौरान एसडीएम वैशाली जैन, तहसीलदार शिव कुमार शंकर सहित पूरी प्रशासन टीम मौजूद रही। दुकान पहुंचने के बाद दुकानदार से सवाल भी किए गए, लेकिन दुकानदार ने कोई जवाब नहीं दिया। मामले को लेकर एसडीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता की बयान दर्ज कर लिए गया है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नगरपालिका परिषद ने मुलताई को अलग जिला घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया

मुलताई  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में संभाग, जिलों और तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर बनाए गए आयोग ने बैतूल की मुलताई (Multai) तहसील को पांढुर्ना जिले में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन, दूसरी तरफ ना सिर्फ इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध हो रहा है, बल्कि मुलताई नगरपालिका परिषद ने तो इसे जिला घोषित करवाने का एक प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया है और सारे राजनीतिक दल और संगठन इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. बता दें कि ताप्ती नदी (Tapti River) के उद्गम स्थल मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर पिछले 15 सालों से आंदोलन जारी है, जो इस प्रस्ताव के बाद और तेज हो सकता है. 15 साल से हो रही जिला बनाने की मांग बैतूल की मुलताई तहसील को जिले और राज्य की पवित्र नगरी माना जाता है. पवित्र ताप्ती नदी का उद्गम स्थान मुलताई में है. मुलताई बैतूल जिले की पहचान है. इसे जिला घोषित किए जाने की मांग पिछले 15 साल से लगातार हो रही है, लेकिन अब राज्य पुनर्गठन आयोग के एक प्रस्ताव ने इस आग में घी का काम कर दिया है. आयोग ने मुलताई को जिला नहीं, बल्कि पांढुर्ना जिले में शामिल किए जाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर मुलताई में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. मुलताई के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. नगरपालिका ने पारित किया प्रस्ताव जैसे ही मुलताई को पांढुर्ना में शामिल करने की बात सामने आई, वैसे ही मुलताई नगरपालिका परिषद ने मुलताई को जिला बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मुलताई या तो जिला बनेगा या फिर बैतूल में ही रहेगा. बैतूल के सांसद और केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सहित जिले के सभी पांच भाजपा विधायकों ने ये कह दिया कि मुलताई तहसील किसी भी हाल में पांढुर्ना जिले का हिस्सा नहीं बनेगी. आयोग के प्रस्ताव ने दी हवा धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से मुलताई तहसील बैतूल जिले का एक अहम हिस्सा है. पिछले 15 साल से मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर कई आंदोलन हुए हैं, जो आश्वासनों के बाद स्थगित हो गए. लेकिन, अब पुनर्गठन आयोग के प्रस्ताव ने इस मुद्दे को दोबारा हवा दे दी है. इससे मुलताई को जिला बनाने की मांग फिर से तेज हो रही है. इस मुद्दे पर आगामी दिनों में बड़े आंदोलन की संभावना है. अगर मुलताई पांढुर्ना जिले में शामिल नहीं भी हुआ, तब भी इसे जिला बनाने की मांग जारी रहेगी.

इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू होगी

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू हो रही है. यह यात्रा दस दिन की होगी और दक्षिण भारत के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का पर्यटक भ्रमण कर सकेगे. रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत ट्रेन 16 दिसंबर को इंदौर शहर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल स्टेशनों से होते हुए जाएगी, जहां से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे. यह यात्रा नौ रात और 10 दिन की है. इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. आईआरसीटीसी की ओर से पेश सर्व समावेशी टूर में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और लग्‍जरी बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है. बताया गया है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों के लिए आईआरसीटीसी ने भोपाल के अलावा जबलपुर व इंदौर के रेलवे स्टेशन के कार्यालय पर विशेष प्रबंध किए है. राज्य के बड़े हिस्से के लोग बड़ी संख्या में दक्षिण भारत की यात्रा पर जाते हैं. इसी को ध्यान में रखकर इस यात्रा को प्राथमिकता दी गई है. पर्यटन में दिलचस्पी रखने वालों को ध्यान में रखकर ही यह यात्रा शुरू की जा रही है. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का मकसद संस्कृति और धार्मिक विरासत को देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देना है. ट्रेन में इकॉनमी और डीलक्स दोनों तरह की सुविधाएं हैं. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए देश के कई ऐतिहासिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों का दर्शन कराया जाता है.

इंदौर में देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया

 इंदौर इंदौर में शुक्रवार को सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर एक भव्य रथयात्रा (रथावर्तन) निकाली गई, जिसमें देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया। बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यात्रा में दो रथ सोने के, दो रजत के, और 35 से अधिक रथ सोने-चांदी, अन्य धातुओं और बहुमूल्य लकड़ियों से बनाए गए थे। यह संभवतः पहली बार हुआ कि इतने बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों से इतने सारे रथ एक ही शहर में एकत्र हुए हों, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद यह भव्य यात्रा विजय नगर स्थित बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से शुरू हुई। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को देखने आए थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस यात्रा का गवाह बनने के लिए मौजूद थी, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद इस यात्रा का रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है। कई राज्यों की संस्कृति दिखी यात्रा बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से आरंभ होकर एलआईजी चौराहा और पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंची। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक परिधान और देशभक्ति की भावना में लीन दिखे। पारंपरिक भारतीय पोशाकों में सजे हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को एक रंग-बिरंगी छटा प्रदान की। इसके साथ ही, आदिवासी परिधान में मौजूद लोगों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे यात्रा में सांस्कृतिक विविधता भी झलकी। रथयात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपना योगदान दिया और यात्रा के उल्लास को बढ़ाया। यहां से गुजरेगी रथ यात्रा एलआईजी चौराहा, पाटनीपुरा चौराहा, भमोरी चौराहा, रसोमा चौराहे होते हुए पुन: दोपहर 12 बजे तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। यहां समापन होगा। मालवा में पहली बार इतना भव्य आयोजन राहुल जैन, जो धर्म प्रभावना समिति के प्रचार प्रमुख हैं, ने बताया कि यह 108 सिद्ध चक्र महामंडल विधान, जो संभवतः पहली बार मालवा की धरती पर हो रहा है, मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस यात्रा में कुछ रथ ऐसे भी शामिल हैं जो विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलते, केवल भारत में ही पाए जाते हैं। महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा ने बताया कि यह रथयात्रा 4 से 4.50 किमी लंबी रहेगी और हर रथ की अपनी एक विशेष महिमा है। परंपरागत रूप से महावीर जयंती पर रथ यात्रा निकाली जाती है, लेकिन इस बार गुरु प्रमाण सागर जी के सानिध्य में सभी विशेष रथों को इंदौर बुलवाया गया है। एक महीने तक की तैयारियां धर्म प्रभावना समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जैन के अनुसार, मुनि महाराज की आज्ञा पर दिगंबर जैन समाज के सभी प्रसिद्ध रथों को एकत्र करने का कार्य किया गया है। इन रथों को इंदौर में एकत्र करने के लिए एक महीने पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नेमीनगर बंडा से सर्वाधिक 30 रथ शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों और जिलों के भी रथ यात्रा का हिस्सा बने हैं। इस यात्रा में भारत के 28 राज्यों से आए जैन धर्मावलंबी शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। देशभर से आए भक्त रथों के विशेष महत्व और धार्मिक महत्ता ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है। मुनि श्री प्रमाण सागर जी के सानिध्य में पहली बार इंदौर में आयोजित इस रथ यात्रा का जैन समाज के लोगों में विशेष आकर्षण है। रथों की सजावट, धार्मिक माहौल, और भक्तों का उत्साह इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने के लिए शहर और देश भर से हजारों लोगों को खींच लाया है।  

एकतरफा प्यार में ‘आप’ नेता ने लड़की को बनाया बंधक, रीवा से लड़ चुका है चुनाव

  रीवा रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एकतरफा प्यार में आम आदमी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने एक युवती का अपहरण करउसे बंधक बना लिया. आरोप है कि आम आदमी पार्टी का नेता युवती पर शादी करने का दबाव बना रहा था. वहीं मौका मिलते ही ड्राइवर की मदद से युवती आरोपियों के चंगुल से छूटकर पुलिस के पास पहुंच गई. पीड़ित युवती ने पुलिस से मामले की शिकायत की. वहीं पुलिस ने घेराबंदी करके 3 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. पूरा मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का है. घटना उस समय हुई जब युवती किसी काम से स्टेडियम तिराहे के पास से गुजर रही थी. उसी समय आरोपी गौरव वर्मा ने उसे सस्ता टैबलेट दिलाने का झांसा देकर कार में बैठा लिया. गौरव वर्मा के साथ पहले युवती ने काम किया था जिससे उसकी जान पहचान थी. गौरव उसे बाईपास, कैलाशपुरी और रिंग रोड सहित अन्य स्थानों पर घुमाने के बाद नेहरू नगर स्थित एक घर में ले गया. वहां उसने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बंधक बना लिया. गौरव और उसके साथी खाना लेने बाहर गए थे इस दौरान ड्राइवर ने कमरे का दरवाजा खोलकर युवती को छुड़ाया और उसे सुरक्षित घर तक पहुंचा दिया. घर पहुंचते ही युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजन युवती को थाने लेकर पहुंचे. पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने एसडीओपी डभौरा रुपेन्द्र धुर्वे, विवि थाना प्रभारी हितेन्द्रनाथ शर्मा और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया. इन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी गौरव वर्मा, उसके साथी निखिल साकेत और शनि साकेत को गिरफ्तार कर लिया है. नौकरी छोड़ ज्वाइन की थी AAP गौरव वर्मा पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. दिल्ली में एक आईटी कंपनी में अच्छे खासे पैकेज पर नौकरी करता था. इस दौरान उसका रुख आम आदमी पार्टी की तरफ बढ़ने लगा. अरविंद केजरीवाल से नजदीकियां बढ़ी और उसने नौकरी छोड़ दी. रीवा विधानसभा क्षेत्र से उसे 2018 विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया था. इस चुनाव में गौरव की जमानत जब्त हो गई साथ ही चुनाव हारने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई. गौरव पहले से शादीशुदा था लेकिन चुनाव के बाद उसका तलाक हो गया था.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माँ क्षिप्रा के पावन स्नान का सौभाग्य सभी संतो और श्रद्धालुओं को वर्ष भर मिलना चाहिए। इसके लिए वर्षाकाल में क्षिप्रा नदी के मूल पानी को संचित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी में स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सिंहस्थ के शुरू होने से पहले सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कराएं। उज्जैन के लोगों को पेयजल की आपूर्ति पूर्ण रूप से हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। विक्रम उद्योगपुरी में पानी की आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत की योजना बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन तथा नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए जाने के लिए निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत 614 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से ग्राम सेवरखेड़ी में बांध बनाया जाएगा, जिसमें वर्षाकाल के क्षिप्रा नदी के जल का उद्वहन करके ग्राम सिलारखेड़ी में स्थित सिलारखेड़ी तालाब में संचित किया जाएगा। सिलारखेड़ी तालाब से संग्रहित जल को वर्षाकाल के बाद क्षिप्रा नदी में पुन: प्रवाहित किया जाएगा।  

छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में खजुराहो में हुई जुआरियों पर एक बड़ी कार्यवाही

खजुराहो इस बड़ी कार्यवाही से जिले के जुआरियों में मच गया हड़कंप !नौगांव एसडीओपी ने खजुराहो के सारांश होटल में 18 जुआरियों सहित 20 लाख का जुआ पकड़ा ! पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में नौगांव एसडीओपी चंचलेश मरकाम के नेतृत्व में  हरपालपुर टीआई पुष्पक शर्मा और खजुराहो थाना प्रभारी अतुल दीक्षित एवं संयुक्त टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए खजुराहो के सारांश होटल में 18 जुआरियों सहित 20 लाख का जुआ पकड़ा !

विशाल बाल मेले में विद्यार्थियों ने लगाए एक से बढ़कर एक स्टॉल ।

Students set up multiple stalls in the huge children’s fair. हरिप्रसाद गोहेआमला। भीमनगर स्थित लाईफ कैरियर सीनियर सेकेंडरी एवं इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में बाल दिवस के मौके पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर धूमधाम से बाल दिवस मनाया गया । इस मौके पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गरबा नृत्य एवं गायन की शानदार प्रस्तुति दे उपस्थित जनों का मन मोहा वहीं इस दौरान विशाल बाल मेले का आयोजन किया गया था। जिसमे विद्यार्थियों द्वारा व्यंजनों, पेय पदार्थों तथा विभिन्न खेलों के कोई 100 स्टाल सजाएं थे। जो आयोजित बाल मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । लाईफ केरियर स्कूल से प्राप्त जानकारी अनुसार लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सी. बी. एस. ई.स्कूल एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में “विशाल बाल मेला” का आयोजन प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बाल दिवस के उपलक्ष में लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सी.बी.एस.ई.स्कूल एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल आमला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन किया गया यह कार्यक्रम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेंद्र बडोनिया के मुख्य आतिथ्य ,थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सक्सेना ,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, हरि मोहन निरंजन टी.आई.आर.पी.एफ., एम.के .पाटिल टी आई जी आर पी शिवराम सिंह सब इंस्पेक्टर आर. पी. एफ. के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विशाल बाल मेले मे विभिन्न व्यंजनो एवं पेय पदार्थो तथा विभिन्न खेलों के लगभग 100 स्टाल विद्यार्थियो द्वारा लगाए गए ।बाल मेले के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गरबा, नृत्य और गायन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई।छिंदवाड़ा की गायिका श्रीमती अंजू विश्वकर्मा ने आकर्षक गीतों द्वारा उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष किशोर माथनकर , समाजसेवी मनोज विश्वकर्मा ,पार्षद श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा , पार्षद सुनील उईके ,पार्षद रोहित हारोडे, लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल की प्राचार्या श्रीमती छंदा सरकार, यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल आमला की प्राचार्या श्रीमती रश्मि सोनी, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर के एडवोकेट शाहीद उल्ला बेग तथा विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती सोनिका जोशी एवं रितु गुगनानी ने किया हसिब बेग ने उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया ।

आठ घंटे के अंदर ही सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त, भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पकड़ी 8.4 किलो चरस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आज 14 नवम्बर को सुबह 8 बजे से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सुबह से शाम तक कार्रवाही कर मात्र आठ घंटो में 10 करोड़ रूपए से अधिक की कीमत के सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। भोपाल, खरगौन, सिवनी, छिंदवाड़ा और नीमच में हुई बड़ी कार्रवाही प्रदेशव्यापी अभियान के पहले दिन पुलिस ने 43 स्थानों पर अवैध मादक पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है। भोपाल में क्राइम ब्रांच ने 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन जिले के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी जिले के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना में 42.100 किलोग्राम गांजा तथा नीमच के रतनगढ़ थाना में 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ है। साथ ही 18 आरोपियों सहित 6 कार एवं एक ट्रक भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार प्रदेश में पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाही कर 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलो डोडा चूरा, 61 ग्राम एमडी सहित 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अवैध मादक पदार्थो के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में मादक पदार्थों के उत्पादन और वितरण में शामिल आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाना है, बल्कि जनता में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस पहल के माध्यम से सरकार राज्य को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें हर संभव प्रयास कर रही है।  

मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।  

संकल्प, सफलता और परम्परा से आधुनिकता की ओर, उन्नत बकरी पालन एक नई शुरूआत

छतरपुर छतरपुर जिले के लखनगुवां गांव में वाटरसेड के माध्यम से बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। यह कहानी उसी बदलाव की है, जो न केवल गाँव के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद कर रहा है, बल्कि उनके जीवन में आशा की किरण भी जगा रहा है। जिसमें मुख्य रूप से बकरी पालन में वाटरसेड की भूमिका है। गांव की अधिकांश महिलाएं आर्थिक रूप से निर्भर हैं और उन्हें अपने परिवारों की भलाई के लिए महत्वपूर्ण स्रोतों की आवश्यकता है। इस विचार के तहत, वाटरसेड के माध्यम से स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाएं शामिल थीं। वाटर सेड के माध्यम से ओम साई स्व-सहायता समूह को 7 नग, मां दुर्गा स्व-सहायता समूह को 12 यूनिट एवं श्री गणवेश स्व-सहायता समूह को 12 यूनिट बकरी प्रदान की। इन बकरियों की नस्ल सिरोही, बरबरी एवं देशी है विशेष रूप से दूध एवं मांस उत्पादन के लिए प्रजनित की गई थी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा सके। सिर्फ बकरियाँ ही नहीं, बल्कि आजीविका मिशन ने रिवोलिंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के माध्यम से इन महिलाओं की मदद की। इस फंड का उपयोग उचित प्रबंधन के साथ अपने व्यवसाय को बढ़ाने में किया जा सकता था। सामुदायिक निवेश निधि ने उन्हें अपने व्यवसाय में निवेश करने का एक और रास्ता प्रदान किया, जिससे वे अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। * उन्नत बकरी पालन के लिए पशु सखी की भूमिका जब महिलाएँ अपने बकरी पालन के कार्य में जुट गईं, तब यह महसूस किया गया कि उन्हें प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसलिए, गाँव में पशु सखी की नियुक्ति की गई, जो बकरी पालन में आवश्यक ज्ञान और प्रशिक्षण प्रदान करती थी। पशु सखी गाँव की एक आत्मनिर्भर महिला थीं, जिन्होंने पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, और खानपान का पर्याप्त ज्ञान प्राप्त किया था। पशु सखी ने गाँव में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया, जिसमें सभी समूह की महिलाएँ शामिल हुईं। इस कैंप में उन्हें यह सिखाया गया कि बकरियों को कैसे स्वस्थ रखा जाए, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाएं, और उन्हें कौन-कौन सी बीमारियों से बचाने की आवश्यकता है। महिलाओं को यह समझ में आया कि सही टीकाकरण से उन्हें न केवल बकरियों की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि यह उनके आर्थिक लाभ में भी योगदान देगा। इसके आगे, पशु सखी ने भोजन प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने बताया कि बकरियों को कौन-कौन से खाद्य पदार्थ दिए जा सकते हैं ताकि उनकी दूध एवं मांस उत्पादन क्षमता बढ़ सके। महिलाएँ अब जानती थीं कि पौष्टिक भोजन का मतलब केवल खाना ही नहीं, बल्कि उसकी मात्रा और गुणवत्ता भी होती है। इसके अलावा, बकरियों की देखभाल के प्रति उचित ध्यान रखने की दिशा में भी उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि बकरियों को किस प्रकार की जगह पर रखा जाए, ताकि उन्हें पर्याप्त जगह मिले। बकरियों की सफाई और स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी था जितना कि उनका भोजन। ग्राम लखनगुवां में समूह सदस्यों को बकरी पालन से एक अच्छी आय प्राप्त होने लगी है जिसमें एक महिला को औसतन मासिक आय 10 हजार रूपए की होने लगी। इस प्रकार, ग्राम लखनगुवां में बकरी पालन के इस स्व-सहायता समूह की कहानी एक प्रेरणा बनी है।

पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वालों को अब नहीं करना पड़ेगा शहरों से अपडाउन, बनेगी विशाल टाउनशिप

पीथमपुर  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी-अफसरों को इंदौर और आसपास के शहरों से अपडाउन न करना पड़े, इसलिए मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) उद्योगों के समीप ही आवासीय टाउनशिप तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। दरअसल केंद्र सरकार की मंशा है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उसी क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाए ताकि उन्हें कार्यस्थल तक जाने में परेशानी न हो। टाउनशिप विकसित की जाएगी इसलिए एमपीआईडीसी ने दो प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा है। जिसमें इंदौर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली आवासीय सोसायटियों की तर्ज पर पीथमपुर में टाउनशिप विकसित की जाएगी। पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में दो टाउनशिप में बनने वाली 22 इमारतों में 1362 फ्लैट तैयार किए जाएंगे। टाउनशिप परिसर में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी आदि सुविधाएं मिलेंगी। पीथमपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत टाउनशिप विकसित की जाएंगी। प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। लोग रोज अपडाउन करते हैं पीथमपुर में एक हजार से अधिक उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। इन उद्योगों में मप्र सहित अन्य प्रदेशों से आए लाखों कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से एक लाख से अधिक लोग इंदौर, राऊ और महू से अपडाउन करते हैं। हर वर्ष इस औद्योगिक क्षेत्र में सात फीसद की दर से कर्मचारियों की बढ़ोतरी हो रही है। एमपीआईडीसी ने इन्हीं बिंदुओं को लेकर कुछ समय पहले सर्वे किया था, जिसमें पता चला कि पीथमपुर में इन कर्मचारियों के लिए किफायती बजट में 15 से 20 हजार घरों की जरूरत है। इधर पीथमपुर के आसपास निजी कॉलोनियों में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग श्रमिकों को मलिन बस्तियों और अवैध बस्तियों में अस्वच्छ परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसलिए एमपीआईडीसी ने पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग की है। हाल ही में इन दोनों टाउनशिप का मसौदा तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। संभवत: आगामी वर्ष में इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। दोनों टाउनशिप में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी जैसी अनेक सुविधाएं रहेंगी।

अब भोपाल में खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में अब खादी के कपड़ों के भी दिन बदलने वाले हैं. खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे. राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला खादी मॉल बनने जा रहा है. अगले छह माह में खादी माॅल संचालित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. राजधानी भोपाल में बनने जा रहे खादी माॅल में खादी के कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और अन्य कुटीर उत्पाद मिलेंगे. इसमें हस्तशिल्प, हथकरघा, माटीकला, रेशम और ग्रामोद्योग से जुड़े सभी उत्पाद मिलेंगे. माॅल में उत्पादों के लिए विशेष डिस्प्ले स्पेस भी तैयार किए जाएंगे. भोपाल के एमपी नगर के जोन वन स्थित तीन मंजिला चित्तौड़ कॉम्पलेक्स को मॉल में परिवर्तित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने कॉम्पलेक्स में स्थित सरकारी कार्यालय व बीमा कंपनियों के दफ्तर खाली करा लिए हैं. कॉम्प्लेक्स को माॅल बनाने के लिए मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने टेंडर निकाले हैं. वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर पर खादी एम्पोरियम संचालित है. माॅल निर्माण के दौरान इसका भी रिनोवेशन होगा. माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है. ताकि उपभोक्ताओं को इन परंपरागत उत्पादों की होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा सके. फर्स्ट फ्लोर पर बनेगा हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन मॉल का फर्स्ट फ्लोर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन के लिए आरक्षित रखा जाएगा. यहां प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कला और संस्कृति से जुड़े हैंडीक्राफ्ट की स्थाई एग्जिबिशन लगाई जाएगी. यहां फैशनेबल खादी ब्रांड व सिल्क के उत्पाद का एक सेगमेंट होगा. सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड और ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा. छत पर ओपन कैफेटेरिया भी संचालित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने इसके टेंडर निकाले हैं। माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि इसमें फर्स्ट फ्लोर पर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन बनेगा।  सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड, ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा। वहीं छत पर ओपन कैफेटेरिया संचालित किया जाएगा।

सर्दियों में जंगल सफारी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रकृति और वन्यजीवों का अद्भुत संगम

Jungle Safari in Winter: Amazing confluence of nature and wildlife in Bandhavgarh Tiger Reserve Kanha and Bandhavgarh tiger reserve घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है। अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ कान्हा पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं। उमरिया। Kanha and Bandhavgarh tiger reserve ऊंचे-ऊंचे साल के वृक्षों के बीच से होकर धरती को चूमती सूर्य रश्मियां, पक्षियों के कलरव, कुलांचे मारते हिरणों के झुंड और उन्मुक्त विचरण करते बाघ। घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है।अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं।पर्यटकों से संकोच नहीं करते बजरंग और छोटा भीमटाइगर स्टेट में सर्वाधिक बाघों की संख्या वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व है। 165 बाघों वाले इस राष्ट्रीय उद्यान में बजरंग और छोटा भीम नाम के बाघ लोगों को सर्वाधिक आकर्षित करते हैं। यह दोनों पर्यटकों के समक्ष आने में संकोच नहीं करते। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटक एक ही दिन में कम से कम दो टाइगर रिजर्व की सफारी कर सकते हैं। बांधवगढ़ में सुबह की सफारी करने के बाद पर्यटक कान्हा टाइगर रिजर्व, संजय धुबरी टाइगर रिजर्व अथवा मुकुंदपुर टाइगर सफारी का भ्रमण आसानी से कर सकते हैं। इन सभी स्थानों की दूरी चंद घंटों की है। टाइगर स्टेट के टाइगर रिजर्व की बुकिंग के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर के दूसरे पखवाड़ा से जनवरी के पहले पखवाड़ा तक एक लाख से ज्याद पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। अन्य प्रमुख स्थल बांधवगढ़ से कान्हा की दूरी महज 210 किलोमीटर है और सड़क बेहद शानदार है। पर्यटक रास्ते में पड़ने वाले घुघुवा जीवाश्म पार्क का भ्रमण भी कर सकते हैं। बांधवगढ़ आने वाले पर्यटक मुकुंदपुर टाइगर सफारी इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वहां सफेद बाघ की सतवीं-आठवीं पीढ़ी के दर्शन सुगम होते हैं। यहां से 129 किमी की दूरी पर मुकुंदपुर टाइगर सफारी तथा 84 किमी की दूरी पर संजय धुबरी टाइगर रिजर्व है। इस तरह पहुंचे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और दुबरी टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए जबलपुर केंद्र बिंदु है। जबलपुर हवाई अड्डे से सभी प्रमुख शहरों की कनेक्टिवटी है। जबलपुर और कटनी रेलवे स्टेशन से भी पर्यटक बांधवगढ़ पहुंच सकते हैं इसके लिए उमरिया स्टेशन उतरना होता है। कान्हा नेशनल पार्क जबलपुर से 160 किमी तथा पेंच पार्क 170 किमी दूर है। वहीं संजय दुबरी टाइगर रिजर्व जबलपुर से 350 किमी की दूरी पर है। ठहरने की व्यवस्था बांधवगढ़, पेंच, कान्हा और संजय दुबरी में रुकने के लिए अच्छे होटल और सर्वसुविधा संपन्न होम स्टे सुविधा है। यहां मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के गेस्ट हाउस भी पर्यटकों की अच्छी आवभगत करता है।

गुलाब उद्यान में 15 से 17 नवंबर तक बोनसाई प्रदर्शनी आयोजन

 भोपाल राजधानी में लिंक रोड नंबर एक स्थित गुलाब उद्यान में आज से 17 नवंबर तक बोनसाई प्रदर्शनी आयोजन किया जा रहा है। भोपाल लेक सिटी बोनसाई एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में चार सौ से अधिक बोनसाई पौधों की अनूठी प्रतिकृतियों का प्रदर्शन होगा। 15 नवंबर को शाम चार बजे प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश के खेल व युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह द्वारा की जाएगी। प्रदर्शनी में बोनसाई को लेकर कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी 16 और 17 नवंबर को सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक खुली रहेगी। भोजपुर क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में भोपाल लेक सिटी बोनसाई एसोसिएशन की संस्थापक सदस्य अरुंधति तिवारी ने बताया कि इंडोनेशिया के बोनसाई विशेषज्ञ ययात हिदायत, अधित्य आजी पमुनगकास के साथ ही सौमिक दास नई दिल्ली, अनुपमा वडेचला बेंगलुरु, गोविंद राज हैदराबाद आदि बोनसाई प्रेमियों को इस विधा की बारीकियों से अवगत कराएंगे। भोपाल के 40 साल से ज्यादा समय से बोनसाई से जुड़े लोग इसमें अपने पुराने संग्रह का प्रदर्शन करेंगे। दशकों पुराने पौधे होंगे प्रदर्शित उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में जैड, मधुकामिनी, फाइकस, बुद्धा पीपल के 50 से 55 साल पुराने पेड़ विशेष रूप से प्रदर्शित होंगे। इन्हें बड़े गमलों में विशेष आकार दिया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएन बिंद्रा ने बताया कि इस दौरान कार्यशालाएं और सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रतिभागियों को बोनसाई की देखभाल, पेड़ों के आकार को नियंत्रित करने के तरीकों और उन्हें सही आकार में बनाए रखने के लिए टिप्स दिए जाएंगे। बोनसाई कला का इतिहास और विकास विषय पर विशेष सत्र भी रखा गया है।

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