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आजीविका मिशन की प्रबंधक ने मांगी रिश्वत, जिला पंचायत CEO ने 24 घंटे में दिए 2 अहम निर्देश

Manager of Livelihood Mission asked for bribe, District Panchayat CEO gave 2 important instructions in 24 hours उमरिया में Manager of Livelihood Mission में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। फोन पे के माध्यम से पैसे लिए जा रहे हैं। जिला प्रबंधक माधुरी शुक्ला पर बैंक सखी से रिश्वत लेने का आरोप है। सीईओ जिला पंचायत ने माधुरी शुक्ला को पद से हटा दिया है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उजागर हुआ। उमरिया ! उमरिया में आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां खुले आम फोन पे के माध्यम से पैसा लिया जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब फोन पे का स्क्रीन शॉट वायरल हुआ। सरकार की जीरो टोलरेंस नीति पर सवाल इस घटना से प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति पर सवाल उठ रहा है। उमरिया जिले में सरकारी कर्मचारी बिना डरे अपने मातहतों से पैसों की डिमांड कर अपनी जरुरतें पूरी कर रहे हैं। लोगों की आजीविका को सुधारने का जिम्मा जिस विभाग के पास है, वह इन दिनों स्वयं की आजीविका सुधारने में लगा हुआ है। क्या है मामला आजीविका मिशन में पदस्थ मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक (सूक्ष्म वित्त) माधुरी शुक्ला ने बैंक सखी से ऑडिट कराने के नाम पर फोन पे के माध्यम से रिश्वत ली। बैंक सखी ने इसकी शिकायत डीपीएम और सीईओ जिला पंचायत से कर दी है। वहीं, जिस फोन पे नंबर पर पैसा डाला गया, उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। लंबे समय से चल रहा है भ्रष्टाचार पूरा मामला वर्षों से चल रहे लेने देन से जुड़ा हुआ है। यह खेल पूर्व डीपीएम प्रमोद शुक्ला के समय से चला आ रहा है, जो अभी तक अनवरत जारी है। मामला तब सामने आया जब बैंक सखियों ने अपनी व्यथा शिकायती पत्र में लिखी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पैसा आजीविका मिशन में नौकरी करने वाली कंचन गुप्ता के नाम से गया है, जो फिर बाद में आपस में बांट लिया जाता है। बैंक सखी द्वारा की गई शिकायत का यह पहला नमूना है। इससे पहले भी न जाने कितने लोगों से पैसा वसूल किया गया है। अब सबसे खास बात यह है कि जिले में लगभग 45 से 50 FLRCP अर्थात फाइनेंशियल लिट्रेसी रिसोर्स पर्सन हैं, जिनको बिना कार्य के ही भुगतान कर दिया गया वह भी अधिया में। मानपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में बहुत सी ऐसी हितग्राही हैं, जिनको पैसा देकर आधा वसूल लिया गया है। Read More : https://saharasamachaar.com/gujarat-student-fell-from-the/ बैंक सखियों के पास नहीं हैं नियुक्ति पत्र इससे बड़ी बात यह है कि जिले में जो 45 से 50 बैंक सखी कार्य कर रही हैं, उनके पास किसी तरह का नियुक्ति पत्र नहीं है और न ही विधिवत उनकी नियुक्ति की गई है। बस सारा काम मिल बांट कर हो रहा है। जिसमें ‘जियो और जीने दो’ के सिद्धांत का पालन हो रहा है। बैंक सखियों के माध्यम से भी जम कर पैसा वसूला जा रहा है, जिसमें आरोप लगाया जा रहा है कि आधा माधुरी मैडम के पास आता है। जिला पंचायत सीईओ ने लिया एक्शन फोन पे का स्क्रीन शॉट और शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीपीएम तो शून्य रहे लेकिन सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ओहरिया ने मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने आनन फानन में एक आदेश जारी कर माधुरी शुक्ला को पदीय दायित्व से हटा दिया। उनकी जगह सुनील बारस्कर को दायित्व सौंपा गया। इसी बीच रात भर में ही कुछ ऐसा हो गया जिसके बाद इस आदेश में आंशिक संशोधन जारी किया गया। दूसरे आदेश में माधुरी शुक्ला को मात्र वित्त के कार्य दायित्व से अलग किया गया। वित्त मामलों का प्रभार अब सुनील बारस्कर संभालेंगे। हालांकि इन आदेशों पल लोग सवाल उठा रहे हैं।

“उद्योग मित्र योजना से कनेक्शन जोड़ने एवं विद्युत विक्रय में वृद्धि होने से राजस्व में वृद्धि भी होगी : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश के उच्चदाब एवं निम्नदाब श्रेणी के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये स्थायी रूप से विच्छेदित विद्युत कनेक्शनों को पुन: जोड़ने एवं बकाया राशि के भुगतान में राहत तथा नवीन औद्योगिक एवं वाणिज्यिक आवेदकों को आवश्यक अधोसंरचना निर्माण की लागत के भुगतान में राहत देने के लिये “उद्योग मित्र योजना-2024” लागू की गई है। यह योजना 2 वर्षों के लिये प्रभावशील रहेगी। मंत्री तोमर ने कहा है कि इस योजना से वितरण कंपनियों की स्थायी रूप से विच्छेदित उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली हो सकेगी। साथ ही फिर से कनेक्शन जोड़ने एवं नवीन कनेक्शनों से विद्युत विक्रय में वृद्धि होने से राजस्व में वृद्धि भी होगी। यह योजना राज्य के औद्योगिक विकास के लिये भी सहायक होगी। पात्रता योजना में सभी उच्च एवं निम्न दाब श्रेणी के स्थायी रूप से विच्छेछित औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता, जो कि योजना अनुसार बकाया राशि जमा कर पुनर्संयोजन या नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, पात्र होंगे। साथ ही ऐसे औद्योगिक एवं वाणिज्यिक श्रेणी के नवीन आवेदक भी पात्र होंगे, जो विद्युत कनेक्शन के लिये विद्युत अधोसंरचना का निर्माण विद्युत वितरण कंपनियों से करवाना चाहते हैं। प्रावधान योजना में उपभोक्ताओं को स्थाई विच्छेदन के दिनांक पर देय कुल बकाया राशि का न्यूनतम 20 प्रतिशत भुगतान कनेक्शन जोड़ने के पूर्व एक मुश्त देना होगा। नवीन कनेक्शनों के प्रकरणों में जरूरी अधोसंरचना लागत की राशि का न्यूनतम 20 प्रतिशत भुगतान आवेदन के साथ एक मुश्त देना होगा। शेष राशि का भुगतान मासिक बिल के साथ ब्याज सहित अधिकतम 3 वर्ष में किया जा सकेगा। योजना का लाभ लेने के लिये आवेदक को महाप्रबंधक/वृत्त कार्यालय में आवेदन देना होगा। साथ ही 500 रूपये के स्टॉम्प पेपर पर इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि वह योजना के प्रावधान के अनुसार राशि का भुगतान करेंगे। नवीन कनेक्शनों के लिये आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन देना होगा एवं विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क, सुरक्षा निधि आदि भी देय होगा। आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण बिजली कम्पनियों द्वारा निर्धारित एसओआर के अनुसार किया जायेगा। निर्धारित किश्तों एवं मासिक देयकों का भुगतान नहीं किये जाने पर 15 दिवस की सूचना देकर बिजली कनेक्शन काटा जा सकेगा। योजना का लाभ उपभोक्ताओं को केवल एक बार ही प्राप्त हो सकेगा। योजना अवधि में कोई उपभोक्ता अपने परिसर का हस्तांतरण किसी अन्य व्यक्ति को करता है, तो निर्धारित शर्तों के तहत सभी सुविधाएं नये उपभोक्ता को प्राप्त हो सकेंगी। योजनांतर्गत किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में प्रकरण का निराकरण विभागीय समिति द्वारा किया जायेगा। समिति में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा, प्रबंध संचालक एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और विधि विशेषज्ञ होंगे। समिति के संयोजक संबंधित विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक होंगे। योजनावधि में प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भी विचार किया जायेगा। योजनावधि समाप्ति के अंतिम दिन तक प्राप्त सभी आवेदनों के निराकरण हर स्थिति में योजना समाप्ति दिनांक से 30 दिन के अंदर कर दिया जायेगा।  

मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण चयनित जिलों में, एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बालकों में सकारात्मक सोच के लिये उज्ज्वल कार्यक्रम में प्रशिक्षण मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य बालकों को बढ़ती उम्र के साथ विभिन्न पहलुओं और बदलाव में उनकी सकारात्मक भूमिका के प्रति सजग करना है। यह एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी, जिससे वे सकारात्मक सोच के साथ विभिन्न मुद्दों को समझ पायें। किशोर अवस्था में अर्जित ज्ञान और कौशल का प्रभाव आजीवन रहता है। इसलिये आवश्यक है कि “पौरूष” की अवधारणा से बालक प्रारंभ से ही परिचित हो सकें और उनके अनुकूल जीवन में व्यवहार करने की सोच उनके अंदर विकसित हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फण्ड एक्टिविटी (यूएनएफपीए) के सहयोग से इस नवीन आवधारणा को लेकर मार्गदर्शिका उज्ज्वल का निर्माण किया है। उज्ज्वल में शामिल मुद्दे मार्गदर्शिका “उज्ज्वल” में भेदभाव, हिंसा, टकराव, सायबर अपराध, लैंगिक अपराधों और कुप्रथाओं को रोकने में बालकों की भूमिका, घरेलू कामों में बालकों व पुरूषों की बराबरी की भागीदारी जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल किये गये हैं। मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण प्रदेश के डिंडोरी, बैतूल, गुना एवं भोपाल जिलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। उनसे मिली प्रतिक्रियाओं और सुझावों को मार्गदर्शिका की विषय-वस्तु में शामिल किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका का प्रथम प्रारूप तैयार कर इसकी समीक्षा शिक्षकों के साथ की है। विभाग संशोधित मार्गदर्शिका को अंतिम स्वरूप देने पर काम कर रहा है। किशोरियों के लिये भी मार्गदर्शिका कन्या छात्रावासों में अध्ययन करने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं की किशोरियों के लिये भी सशक्त मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। मार्गदर्शिका के सहयोग से किशोरियां दक्षता अर्जित कर पाएंगी, जो उनके भावी जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी। किशोरियां विभिन्न जीवन कौशल विकसित कर जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम हो पायेंगी। किशोरियां अपने अधिकारों, कर्त्तव्यों और सामाजिक जिम्मदारियों के प्रति जागरूक होकर हॉस्टल, घर और समुदाय में परिवर्तन लाने की दिशा में भी सहयोग कर पायेंगी।  

चौथी मंजिल से गिरा गुजरात का छात्र, हादसा या आत्महत्या? पुलिस कर रही जांच

Gujarat student fell from the fourth floor, accident or suicide? Police are investigating 18 वर्षीय युवक गांधीनगर में स्थित Gujarat student fell from the नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू) के प्रथम वर्ष का छात्र था। वह मूलत: राजस्थान का रहने वाला था। वह भोपाल स्थित एनएलआईयू में जारी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने यूनिवर्सिटी की ओर से दोस्तों के साथ आया था। भोपाल : राजधानी में चेतक ब्रिज के नजदीक स्थित एक होटल की चौथी मंजिल से गिरकर छात्र की मौत हो गई। 18 वर्षीय Gujarat student fell from the के गांधीनगर से अपने दोस्तों के साथ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, भोपाल में स्पोर्ट्स इवेंट्स में शिरकत करने आया था। घटना गुरुवार रात की है। बताया जाता है कि छात्र उस वक्त होटल के कमरे में अपने दोस्तों के साथ मौजूद था। इसी दौरान वह पीछे की ओर बालकनी में गया और रेलिंग से गिरकर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस के हाथ घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज लगे है। हालांकि पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र ने आत्महत्या की है या फिर वह किसी हादसे का शिकार हो गया।गोविंदपुरा पुलिस के अनुसार 18 वर्षीय तुषार माली गांधीनगर में स्थित गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू) के प्रथम वर्ष का छात्र था। वह मूलत: राजस्थान का रहने वाला था। वह भोपाल स्थित एनएलआईयू में जारी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने यूनिवर्सिटी की ओर से अन्य साथियों के साथ बुधवार को भोपाल आया था।बताया जा रहा है कि हादसे के पहले होटल के रूम में पार्टी चल रही थी। जिसके बाद बालकनी से गिरकर तुरंत उसकी मौत हो गई। पुलिस एम्स अस्पताल में शव का पीएम करवाया है। युवक की मौत के कारण का पता लगाने होटल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। Read More : https://mysecretnews.com/mahamandaleshwar-swami-atmanand-giri/

पाकिस्तान से धमकी: मंडला के महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी महाराज की सुरक्षा पर चिंता

Threat from Pakistan: Concern over the safety of Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri Maharaj of Mandla. मध्‍य प्रदेश में मंडला के निवास में Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri महाराज को मोबाइल में फोन आया। बोले- उन नंबर से मुझे जान से मारने व सर कलम कर मेरे टुकडे़ टुकडे़ करने की धमकी दी गई है और साथ ही कहा गया है कि तुम वफ्फ बोर्ड की संपात्ति के विरुद्ध बहुत बयान दे रहे हैं। मुझे जान का खतरा है। मंडला । Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri महाराज को पाकिस्तान से धमकी भरा फोन किया गया है। जान से मारने व सि‍र कलम कर टुकड़े करने की धमकी दी गई है। इसकी लिखित शिकायत निवास थाने में मंहामंडलेश्वर स्वामी ने की है। महाराज बोले-ये काल पाकिस्तान से आए थेजिले की निवास तहसील में Mahamandaleshwar Swami Atmanand Giri श्रीराम कथा कह रहे हैं। यह धमकी उन्हें कई नंबरों से धमकी दी गई है। ये काल पाकिस्तान से आए थे। उन्हाेंने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि तहसील निवास में श्री राम कथा की जा रही है। Read More : https://saharasamachaar.com/the-game-of-charge-in-the-forest-department/ पैसों का लेन देन करना, के संबंध में बताया गया थाबोले-मैंने प्रवचन के दौरान वफ्फ वोर्ड की संपत्ति जिसमे इनके द्वारा जबरन भूमियों पर अतिक्रमण करना एवं अनैतिक पैसों का लेन देन करना, के संबंध में बताया गया था। निवास थाना प्रभारी वर्षा पटेल बोलीं-आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने लिया था आशीर्वादश्री राम कथा पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कथा पंडाल पर पहुंच कर कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज से आश्रीवाद लिया साथ ही कथा का श्रवण भी किया।

ग्वालियर में होगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सम-वैचारिक संगठनों के संगठन मंत्री और अन्य पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग इस बार ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है। 1 से 4 नवंबर तक यह वर्ग चलेगा। इसके लिए 30 अक्टूबर को सभी प्रचारक ग्वालियर के केदारधाम सरस्वती शिशु मंदिर में एकत्र होंगे। इसमें सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और अखिल भारतीय टोली के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। स्वयंसेवकों के लिए संघ शिक्षा वर्ग की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने प्रचारकों के लिए भी समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन करता है। आमतौर पर हर पांच वर्ष में संघ की ओर से सभी सम-वैचारिक संगठनों के उन संगठन मंत्रियों का प्रशिक्षण वर्ग किया जाता है, जो पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, आरोग्य भारती, प्रज्ञा प्रवाह, चित्र भारती जैसे संगठनों में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्वालियर में संघ के सम-वैचारिक संगठनों में कार्यरत प्रचारकों को संघ चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।   नए पाठ्यक्रम की बनेगी रूपरेखा संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। वर्ग के लिए संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत 30 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय टोली की बैठक हो सकती है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

कर्मचारियों के लिए वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए, अच्छे से मना पाएंगे दीपावली: मप्र सरकार

भोपाल दीपावली पर्व को देखते हुए सरकार 11 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को अक्टूबर का अग्रिम वेतन दे सकती है। वित्त विभाग ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस संबंध में प्रस्ताव दिया जा रहा है। अक्टूबर में कई त्योहार हैं। वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए। ऐसा होने से वह त्योहार अच्छे से मना सकेंगे। प्रदेश में नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या 7 लाख और पेंशनरों की 4 लाख के आसपास है। इन्हें वेतन, पेंशन और भत्ते देने में लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये लगते हैं। प्रतिमाह एक-दो तारीख को वेतन का भुगतान किया जाता है, जिसके लिए कोषालय में बिल 28-29 तारीख को लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री का होगा अंतिम निर्णय दीपोत्सव को देखते हुए इस बार वेतन चार-पांच दिन पहले दिया जा सकता है, जिससे सभी कर्मचारी अच्छे से त्योहार मना सकें। इसके लिए वित्त विभाग ने पूर्व के उदाहरण देते हुए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के माध्यम से अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। संगठनों ने की अग्रिम भुगतान की मांग कर्मचारी संगठनों ने भी अग्रिम भुगतान की मांग सरकार से की है। संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने मांग की है कि दीपावली को देखते हुए 25 अक्टूबर तक संविदा और आउटसोर्स वाले सभी कर्मचारियों को अग्रिम भुगतान किया जाए, जिससे वे अच्छे से त्योहार मना सकें।

ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन की नवीन प्रणाली पर विकसित “संपदा-2.0” पोर्टल और मोबाइल ऐप का हुआ शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है। जीरो बैलेंस खाता, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई- रजिस्ट्री जैसे नवाचार ने सभी का जीवन सरल और सुगम बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में नवीन तकनीक पर आधारित “संपदा-2.0” का नवाचार ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन में डिजिटल क्रांति का माइलस्टोन बनेगा। इस नवाचार को पूरा देश फॉलो करेगा। पहले प्रदेश में दस्तावेज पंजीयन और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आना पड़ता था लेकिन पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी लोग घर से ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन के नवीन प्रणाली पर विकसित “संपदा-2.0” पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 नए महत्वपूर्ण कार्य सौंपे हैं। इसमें 120 शहरों के जीआईएस कार्य को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आईटी विभाग द्वारा पूरा किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने जा रहे हैं। इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बहुत उन्नति कर रहा है। आईटी में नवाचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार पेपरलेस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “संपदा-2.0” की खूबियां बताते हुए कहा कि “संपदा-2.0” उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है। इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और युनिक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है। जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा। दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश लगातार नवाचार कर रहा है। इस दिशा में प्रदेश में संपदा-2.0 की नई व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुरूप ईज ऑफ लिविंग को दृष्टिगत रखते हुए लागू की जा रही है। इससे पंजीयन की व्यवस्था सुगम, सरल ओर करप्शन-फ्री बनेगी। नागरिकों को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की नवीन प्रणाली का लाभ मिलेगा। लोग घर बैठे अपनी प्रापर्टी को बेच भी सकेंगे और रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियाँ करवाई जा सकेंगी। इससे आम व्यक्ति का समय भी बचेगा और अनावश्यक रूप से लगने वाले आरोपों से मुक्ति भी मिलेगी। ई-पंजीयन कराने वालों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-पंजीयन एवं ई-स्टांपिंग के नवीन साफ्टवेयर “संपदा-2.0” का शुभारंभ कर इसका लाभ लेने वाले नागरिकों से वर्चुअल संवाद भी किया। हाँगकांग से श्री सुरेन्द्र सिंह चक्रावत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि “संपदा-2.0” के माध्यम से उन्होंने हाँगकांग से ही रतलाम में “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन करवाया है। इसी प्रकार जबलपुर में जन्मी 78 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. शक्ति मलिक जो वर्तमान में दिल्ली में निवासरत है, उन्होंने भी “संपदा-2.0” के माध्यम “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन ऑनलाइन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में डॉ. मलिक ने बताया कि म.प्र. में की गई इस नई व्यवस्था से वे बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि जो काम मुझे रतलाम जाकर करना पड़ता, वह दिल्ली में बैठे-बैठे हो गया। जो स्पेन में नहीं हुआ, वह हुआ मध्यप्रदेश में : श्री मरियानो मटियास मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअल संवाद में स्पेन के श्री मरियानों मटियास ने बताया कि आज तक स्पेन में भी ई-रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद के साथ कहा कि जो काम स्पेन में नहीं हुआ, वह मध्यप्रदेश ने उनके नेतृत्व में टीम ने करके दिखा दिया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वर्क कॉट्रेक्ट का ऑनलाईन पंजीयन “संपदा-2.0” से कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों और दिल्ली में मौजूद स्पेन से आये श्री मरियोनो मटियास अलवरेज अर्स की कंपनी Ayesa Ingeniera Y Arquitecura S.A.U. एवं श्री पुष्पेन्द्र गुप्ता (Ayesa India Pvt Ltd) द्वारा किया गया।  

दशहरा के दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा

अनूपपुर दिनांक 11.10.2024 को श्री दुर्गाष्टमीं व नवमीं तथा दिनांक 12.10.2024 को विजयदशमीं के अवसर पर दुर्गा प्रतिमा के दर्शन व दशहरा देखने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का आवागमन जिले के प्रमुख कस्बों व स्थानों पर होता है। जिससे अत्यधिक भीड़भाड की स्थिति निर्मित होती है। उक्त त्यौहारों के शांतिपूर्ण व सफल आयोजन हेतु जिला कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के द्वारा कोतमा अनुभाग के समस्त थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के द्वारा क्षेत्र के विसर्जन स्थल का भी निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुरक्षा इंतजाम लगाने हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देषित किया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के द्वारा बताया गया कि उक्त त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले में उपलब्ध पुलिस बल के अलावा सहायक पुलिस महानिरीक्षक शहडोल श्रीमती प्रतिमा मैथ्यु, 100 अतिरिक्त जिला पुलिस बल एवं 150 ग्राम/नगर रक्षा समिति के सदस्यों सहित कुल 500 का पुलिस बल जिले के विभिन्न संवेदनषील स्थानों पर तैनात किया जाएगा, जिससे आगामी त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया जा सकें।

एसएनसीयू के समर्पित प्रयास से दो गंभीर शिशुओं को मिला नवजीवन, उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने की सराहना

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रयासों से ही हम प्रदेश के नवजात शिशुओं और माताओं को बेहतर जीवन देने में सफल हो रहे हैं। उन्होंने बड़वानी एसएनसीयू के समर्पित चिकित्सकों और स्वास्थ्य-कर्मियों की कड़ी मेहनत और सेवा भावना की सराहना की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम से अपील की है कि समर्पण और सेवा-भाव से कार्य करते रहें। समेकित प्रयासों से मध्यप्रदेश को हम स्वास्थ्य मानकों में शीर्ष पर ले जाने में सफल होंगे। कम-वजन और स्वास्थ्य समस्याओं में एसएनसीयू की समर्पित सेवा हुआ सुधार कलमानी, कुक्षी जिला धार की निवासी श्रीमती सविता की डिलीवरी 19 अगस्त 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुक्षी में गर्भावस्था के साढ़े 6 महीने में हुई थी। नवजात शिशु का वजन मात्र 900 ग्राम था और सांस की गंभीर समस्या के कारण शिशु को तुरंत बड़वानी एसएनसीयू रेफर किया गया। 53 दिनों के सफल उपचार के बाद, शिशु का वजन बढ़कर 1.26 किलोग्राम हो गया। शिशु को स्वास्थ अवस्था में 10 अक्टूबर 2024 को डिस्चार्ज किया गया है। 72 दिनों तक सतत उपचार और देखभाल से मिली सफलता कल्याणपुरा, बड़वानी की श्रीमती काजल को गर्भावस्था के 6 महीने में अचानक प्रसव पीड़ा के चलते महिला अस्पताल बड़वानी लाया गया। समय से पहले हुए प्रसव के कारण नवजात शिशु का वजन मात्र 800 ग्राम था और उसे धीमी श्वास और कमजोर हृदय गति की स्थिति पर संज्ञान लेकर तुरंत एसएनसीयू में भर्ती किया गया। विशेषज्ञों की देखरेख में 72 दिनों तक चले उपचार के बाद शिशु का वजन बढ़कर 1.29 किलोग्राम हो गया और 10 अक्टूबर 2024 को उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। दोनों शिशुओं के माता-पिता ने एसएनसीयू टीम का आभार व्यक्त किया और उनके समर्पित प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया, जिनकी मेहनत और सेवाभाव ने उनके बच्चों को नया जीवन दिया है।  

फोर्टिफाइड चावल का नि:शुल्क वितरण दिसम्बर-2028 तक जारी रहेगा, खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने केन्द्र सरकार के निर्णय पर आभार व्यक्त किया

भोपाल   खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने केन्द्र सरकार के दिसंबर-2028 तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) सहित सभी सरकारी योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति जारी रखने के निर्णय की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि फोर्टिफाइड चावल वितरण का उद्देश्य एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करना है। प्रदेश में 5 करोड़ 45 लाख हितग्राहियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नि:शुल्क फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। आँगनवाड़ी केन्द्रों और मध्यान्ह भोजन के लिये भी फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिमाह लगभग 1.75 लाख मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। इससे लगभग 5 करोड़ 45 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। क्या है फोर्टिफाइड चावल भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अनुसार सामान्य चावल में पोषक तत्व मिलाकर फोर्टिफाइड चावल तैयार किया जाता है। फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन-बी एवं जिंक सम्मिलित हैं। ये सूक्ष्म पोषक तत्व लोगों की आहार जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मिलाए जाते हैं।  

राज्य आनंद संस्थान द्वारा प्रदान किया जायेगा ऑनलाइन अल्प-विराम प्रशिक्षण

भोपाल राज्य आनंद संस्थान द्वारा शासकीय एवं अशासकीय व्यक्तियों के लिए 14 से 18 अक्टूबर एवं 21 से 25 अक्टूबर तक 5 दिवसीय ऑनलाइन अल्प-विराम प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए 14 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जा सकता है। राज्य आनंद संस्थान की वेबसाइट पर इसकी जानकारी उपलब्ध है। राज्य आनंद संस्थान के कार्यक्रम निदेशक श्री सत्य प्रकाश आर्य ने बताया कि अल्प-विराम कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय सेवक एवं नागरिकों को उनके कार्य स्थल पर नियमित अंतराल पर ऐसे कार्यों एवं क्रियाओं में सम्मिलित किया जाये जो उनके जीवन में आनंद प्रदान कर सकें।  

अब मीटर रीडर कहलाएंगे विद्युत सहायक

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्णय लिया गया है कि कंपनी कार्यक्षेत्र में बाह्य स्रोत एजेंसी के मार्फत अनुबंधित किए गए मीटिर रीडरों को अब विद्युत सहायक पदनाम दिया गया है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल नर्मदापुरम, ग्‍वालियर तथा चंबल संभाग के 16 जिलों में मीटर रीडर अब विद्युत सहायक कहलाएंगे। कंपनी ने मीटर रीडरों की जिम्मेदारी में भी बढ़ोतरी की है। अब वे लाइनों के रखरखाव एवं कुशल तकनीकी कार्य जैसे राजस्‍व संग्रह आदि भी कर सकेंगे।

संपदा पोर्टल 2.0 के नवाचार से होंगे किसान भाई भी लाभान्वित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान संघ पदाधिकारियों ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी का उत्सव गौवर्धन पूजा के साथ पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। साथ ही जन-प्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में कृषक कल्याण के फैसलों और किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सजग है। किसान हितेषी फैसले निरंतर लिए जाएंगे, साथ ही किसानों के साथ नियमित संवाद भी होता रहेगा। बैठक में जानकारी दी गई की भारत सरकार की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूट्राइजेशन के अंतर्गत प्रदेश में 4536 पैक्स में कार्यवाही की गई है। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल और श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, कृषि सचिव श्री एम सेलवेन्द्रन, राजस्व सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर, के अलावा श्री राघवेन्द्र जी, श्री राजेन्द्र पालीवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री आर.सी. पटेल, श्री भवानी शंकर शर्मा, श्री नमो नारायण दीक्षित, श्री शिवनंदन रघुवंशी आदि उपस्थित थे। संपदा पोर्टल 2.0 किसानों को देगा ई रजिस्ट्री की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय किसान संघ के विभिन्न सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत ई-रजिस्ट्री की नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा 2.0 पोर्टल और मोबाइल एप का आज ही शुभारंभ किया है। इस नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में किसान वर्ग को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने आज हांगकांग निवासी श्री चंद्रावत और दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपत्ति से संपदा 2.0 की विशेषताओं पर चर्चा भी की। सभी वर्गों द्वारा डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में इसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। नवीन तकनीक पर आधारित संपदा 2.0 ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन एक क्रांतिकारी कदम है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पोर्टल और एप के माध्यम से नागरिकों को घर में ही यह सुविधा प्रदान किए जाने की शुरूआत और प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने का महत्वपूर्ण फैसला मध्यप्रदेश की नई पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी। किसान अपनाएं सोलर संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कृषि कार्य में सोलर पम्प के उपयोग और उद्योग क्षेत्र में भी औद्योगिक संस्थानों को अपनी बिजली बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना में बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सहयोग देने पर सहमति दी है। निश्चित ही यह योजना किसानों को सोलर संयंत्रों के उपयोग पर आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास बढ़ाएं किसान मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन, किसानों की आय बढ़ाने का जरिया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करारनामा हुआ है। किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहन के लिए बोनस देने का विचार है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जा रहा है। देसी गाय और अच्छी नस्ल के देसी नंदी के पालन के लिए मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना में भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। किसान खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए भी आगे आएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को लगभग 80 एफपीओ (फार्मर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन) बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए भी किसान आगे आएं। कोदो-कुटकी के उत्पादन पर राज्य सरकार रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि की मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनसे विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे किसानों को भी अधिक आय प्राप्त होगी। मटर एवं अन्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि का लाभ भी तभी प्राप्त हो सकेगा, जब फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाए जाएं। किसान संघ के पदाधिकारी इस क्षेत्र में किसानों का मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की चर्चा में भूमि अधिग्रहण, बंटवारा, नामांतरण, इंद्राज दुरूस्ती, क्षेत्रीय स्तर पर फसल कटाई प्रयोग, सीमांकन कार्य के लिए मशीनों की संख्या … Read more

अवैध कॉलोनी में रहने वालो के लिए सरकार ने सुगम विद्युत योजना बनाई, परमानेंट बिजली कनेक्शन मिलेगा आसानी से

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए बड़ी खबर है. अब अवैध कॉलोनी में रहने वाले लोग भी परमानेंट बिजली कनेक्शन ले सकेंगे. हालांकि, उन्हें सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट देनी होगी. ये कीमत वे किश्तों में दे सकते हैं. इससे पहले इन कॉलोनी के रहवासियों के लिए परमानेंट बिजली कनेक्शन लेना आसान नहीं था. उन्हें इसके लिए बहुत बड़ी कीमत एक साथ देनी होती थी. इस वजह से वे इस तरह का बिजली कनेक्शन नहीं ले पाते थे. ऐसे लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. सरकार ने इन लोगों के लिए सुगम विद्युत (सुविधा) योजना बनाई है. ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए ही यह योजना लाई गई है. यह योजना दो साल तक लागू रहेगी. इस योजना का लाभ लेने वाले लोगों को इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट देनी होगी. वे इस कॉस्ट को किश्तों में दे सकेंगे. दो साल बाद इस योजना का रिव्यू किया जाएगा. उसी के आधार पर फैसला किया जाएगा कि इस योजना को जारी रखें या नहीं. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरकार की इस योजना में नए ग्राहक भी शामिल हो सकते हैं. जिन लोगों की कॉलोनियां रेरा में रिजस्टर्ड नहीं हैं वे भी इसका लाभ ले सकते हैं. इसके अलावा वे लोग भी लाभ ले सकते हैं जो एक साथ इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट नहीं दे सकते. दो साल में चुकाना होगा सारा रुपया सूत्रों ने बताया कि इस योजना में लोग व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से शामिल हो सकते हैं. यह योजना हाउसिंग सोसायटी, बिल्डर और कॉलोनाइजर के लिए नहीं है. लोगों को योजना की शुरुआत में आवेदन के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट का 25 फीसदी रुपया देना होगा. उनका बिजली कनेक्शन चालू होने के बाद उन्हें बिल के साथ-साथ ब्याज भी देना होगा. उन्हें दो साल में सारा रुपया सरकार को चुकाना होगा.

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