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मध्यप्रदेश में इन विभागों में होगी तबादलों की बारिश, शिक्षा और स्वास्थ में लम्बी सूची

भोपाल  एक मई से हटे तबादलों पर प्रतिबंध की अवधि दो दिन में खत्म हो जाएगी। मंगलवार, 17 जून के बाद तबादलों की समय-सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। यह साफ हो चुका है। लेकिन कई विभागों ने अभी तक तबादला सूची जारी नहीं की है। जिन प्रमुख विभागों ने इस अवधि में तबादले नहीं किए हैं, उनमें स्कूल शिक्षा, वन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी), खनिज संसाधन (माइनिंग), परिवहन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी (हार्टिकल्चर) जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य विभागों ने भी अभी आधी-अधूरी सूची ही जारी की है। स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा तबादले होने हैं, और इसके लिए विभाग ने 16 जून, सोमवार तक का समय तय किया है। इसलिए सबसे बड़ी सूची इसी विभाग से जारी होने की संभावना है। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग के भी तबादला आदेश जारी होना बाकी हैं। इस विभाग में ट्राइबल टीचर्स के अलावा सहायक संचालक, जिला संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक समेत उच्च पदों पर पदस्थ अफसरों और कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वन्य जीवों की सुरक्षा और व्यवस्थापन को लेकर काफी गंभीर हैं, लेकिन इस विभाग में रेंजर, उप वन मंडल अधिकारी, वन मंडल अधिकारी, फॉरेस्ट गार्ड समेत वन भवन में पदस्थ अफसरों के तबादले भी अटके हुए हैं। खनिज संसाधन विभाग में जिला खनिज अधिकारी समेत खनिज निरीक्षकों के तबादले लंबित हैं।  शिक्षा और स्वास्थ में लम्बी सूची प्रदेश में सोमवार और मंगलवार को तबादलों की बारिश हो सकती है। कई विभागों में रुके तबादलों की सूची जारी होने की पूरी सम्भावना है। एक मई से हटे तबादलों पर प्रतिबंध की अवधि दो दिन में खत्म हो जाएगी। इस बार तबादलों के लिए पूरे 47 दिन का वक्त मिला था। स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री भी तबादला सूची में संशोधन कर चुके हैं, जिसके चलते सूची जारी होने में देर हो रही है। 17 जून के बाद तबादलों की समय-सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। यह साफ हो चुका है। लेकिन कई विभागों ने अभी तक तबादला सूची जारी नहीं की है। जिन प्रमुख विभागों ने इस अवधि में तबादले नहीं किए हैं, उनमें स्कूल शिक्षा, वन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी), खनिज संसाधन (माइनिंग), परिवहन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी (हार्टिकल्चर) जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य विभागों ने भी अभी आधी-अधूरी सूची ही जारी की है। स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा तबादले होने हैं, और इसके लिए विभाग ने 16 जून, सोमवार तक का समय तय किया है। इसलिए सबसे बड़ी सूची इसी विभाग से जारी होने की संभावना है। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग के भी तबादला आदेश जारी होना बाकी हैं। इस विभाग में ट्राइबल टीचर्स के अलावा सहायक संचालक, जिला संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक समेत उच्च पदों पर पदस्थ अफसरों और कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार है। स्वास्थ्य विभाग में भी नर्सिंग ऑफिसरों की एक या दो सूचियाँ जारी होना तय माना जा रहा है। डॉक्टरों, सर्जनों, विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों के तबादलों की सूची अब तक जारी नहीं की गई है। केवल उच्च शिक्षा विभाग ने भारी-भरकम तबादला सूची जारी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर और आईएएस अफसरों की कोई तबादला सूची जारी नहीं की है। 37 संयुक्त कलेक्टर मार्च 2023 से ही अपर कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पदस्थापन नहीं मिल पाई है और वे अभी भी जिलों में संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस वर्ष तबादलों के लिए विभागों को कुल 47 दिन का समय मिला है। पहले मोहन कैबिनेट ने 29 अप्रैल को तबादला प्रतिबंध हटाते हुए एक मई से 30 मई तक तबादले करने का अधिकार मंत्रियों और विभागाध्यक्षों को दिया था। इसके बाद मंत्रियों की मांग और 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश दौरे के मद्देनज़र इसे 10 जून तक बढ़ाया गया। पिछली कैबिनेट में इस अवधि को सात दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी गई थी। मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी से सूची अटकी हुई है। तबादला सूची जारी न होने का मुख्य कारण मंत्रियों और अफसरों के बीच तालमेल की कमी को बताया जा रहा है। कई विभागों में प्रमुख सचिव, आयुक्त और मंत्रियों के बीच तबादला सूची में शामिल नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण सूची अटकी हुई है। स्वास्थ्य विभाग में भी नर्सिंग ऑफिसरों की एक या दो सूचियाँ जारी होना तय माना जा रहा है। डॉक्टरों, सर्जनों, विशेषज्ञों और फार्मासिस्टों के तबादलों की सूची अब तक जारी नहीं की गई है। केवल उच्च शिक्षा विभाग ने भारी-भरकम तबादला सूची जारी की है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अब तक तबादले नहीं किए हैं सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर और आईएएस अफसरों की कोई तबादला सूची जारी नहीं की है। 37 संयुक्त कलेक्टर मार्च 2023 से ही अपर कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पदस्थापन नहीं मिल पाई है और वे अभी भी जिलों में संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी तरह दतिया में कलेक्टर का पद 15 दिन से खाली है। यहां जिला पंचायत के सीईओ को कलेक्टर का प्रभार सौंपा गया है। दतिया के कलेक्टर रहे संदीप माकिन 31 मई को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी माह 30 जून को सागर कमिश्नर वीरेंद्र सिंह रावत भी रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी बदलाव को लेकर बीते 15 दिनों से मंत्रालय के गलियारों में चर्चाएं हैं, लेकिन सूची जारी नहीं हो पा रही है। इस साल तबादलों के लिए 47 दिन मिले इस वर्ष तबादलों के लिए विभागों को कुल 47 दिन का समय मिला है। पहले मोहन कैबिनेट ने 29 अप्रैल को तबादला प्रतिबंध हटाते हुए एक मई से 30 मई तक तबादले करने का अधिकार मंत्रियों और विभागाध्यक्षों को दिया था। इसके बाद मंत्रियों की मांग और 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश दौरे के मद्देनज़र इसे 10 जून तक बढ़ाया गया। पिछली कैबिनेट में इस अवधि को सात दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी गई थी। 9 और 10 जून को कई विभागों ने तबादला सूची जारी की, लेकिन … Read more

सांसद MLA प्रशिक्षण वर्ग का अंतिम दिन, आज समापन सत्र को संबोधित करेंगे राजनाथ

 पचमढ़ी  मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में चल रहे बीजेपी विधायकों और सांसदों के प्रशिक्षण वर्ग का आज, सोमवार को अंतिम दिन है। शुरुआत में सभी विधायक और सांसद प्रशिक्षण स्थल परिसर में योग के लिए पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शीर्षासन, मयूरासन सहित कई दुर्लभ आसन किए। इसके बाद उन्होंने चार-पांच विधायकों से कहा, मेरा हाथ झुकाकर दिखाओ। सीएम ने अपनी भुजा फैलाई, लेकिन चार-पांच विधायक भी उनका हाथ नहीं झुका सके। बता दें कि इस प्रशिक्षण वर्ग का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। 14 जून से पचमढ़ी के होटल ग्लेन व्यू में इस वर्ग की शुरुआत हुई थी। प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। पहले  दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सत्रों को संबोधित किया था। दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे़, सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित तमाम सीनियर नेताओं ने सत्रों को संबोधित किया था। दूसरा दिन: पचमढ़ी में भाजपा के ट्रेनिंग कैंप में निकला सांप प्रशिक्षण वर्ग का रविवार को दूसरा दिन रहा। इस दौरान भाजपा सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को सोच समझकर बोलने की नसीहत दी गई। उन्हें ये भी कहा गया है कि अपने स्टाफ का चयन भी सोच-समझकर करें। अपने ऑफिस में अच्छे लोगों को बैठाए। सीएम डॉ. मोहन यादव और पार्टी संगठन के सीनियर लीडर्स ने सांसद-विधायकों से सामाजिक और भोगौलिक कार्य विस्तार की दृष्टि से एससी-एसटी प्रभाव वाली सीटों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा भाजपा की कार्यपद्धति के बारे में बताया गया। ऑफिस मैनेजमेंट, मोबाइल मैनर और सामाजिक शिष्टाचार की भी सीख दी गई।

जबलपुर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, मचा हड़कंप

जबलपुर  मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में एक 27 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। महिला ने दो दिन पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक बच्चे को जन्म दिया था। इस दौरान सांस लेने में समस्या होने पर उसकी जांच कराई गई थी, जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रविवार को महिला ने दम तोड़ दिया।     सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मृतक महिला मंडला जिले के नारायणगंज की रहने वाली थी। उसे शुक्रवार को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था, जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद महिला को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिस पर डॉक्टरों ने उसका कोरोना टेस्ट कराया गया। शनिवार को आई रिपोर्ट में वह संक्रमित पाई गई। महिला को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया, इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। डिलीवरी के बाद बढ़ी फेफड़ों की समस्या डॉ. मिश्रा ने बताया, ‘महिला शुक्रवार को प्रसव के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आई थी. शनिवार को उसने बच्चे को जन्म दिया. बाद में उसे फेफड़ों में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद कोरोना जांच कराई गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई.’ एक हफ्ते में कोरोना के तीन केस रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महिला को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी मौत हो गई. डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि अस्पताल में इस समय 70 साल के एक बुजुर्ग का कोरोना संक्रमण का इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते में जबलपुर में तीन कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिनमें एक व्यक्ति कटनी जिले का निवासी था और एक यह मृतक महिला थी. कोरोना के दो मरीज डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में जबलपुर में दो कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इनमें एक जबलपुर और एक कटनी का रहने वाला है। मंडला निवासी महिला की मौत हो गई है। यह जबलपुर में कोरोना संक्रमित किसी मरीज की इस साल पहली मौत है। 

1.27 करोड़ लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, आज CM अकाउंट में भेजेंगे 25वीं किस्त व सिलेंडर रिफिलिंग की राशि, संबल योजना की राशि भी होगी जारी

बरगी  लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त का इंतजार खत्म हो गया है। आज 16 जून सोमवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जबलपुर के बरगी विधानसभा क्षेत्र के बेलखेड़ा गांव से मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 1.27 करोड़ लाभार्थ‍ियों के खाते में 1555.44 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, संबल योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना के लाभार्थियों को भी पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। दरअसल यह पैसा 13 जून को ही ट्रांसफर होना था, लेकिन अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश के बाद इस कार्यक्रम को टाल दिया गया था। आज जबलपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सीएम कई अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी करेंगे। इस बार भी महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ही आएंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 56.68 लाख लाभार्थियों के खाते में 341 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। राज्य के श्रमिकों के लिए चल रही मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबंल) योजना के तहत 6,821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की जाएगी। 27 लाख महिलाओं के खाते में आएगा ज्यादा पैसा राज्य की 27 लाख लाडली बहनों को इस महीने अलग से बोनस भी मिलेगा। दरअसल मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना के तहत लाभार्थियों को 450 रुपये प्रति सिलेंडर के एलपीजी सिलेंडर मिलता है। बाकी पैसा सब्सिडी के रूप में सरकार की ओर से वापस मिल जाता है। जून महीने की किस्त के रूप में 27 लाख महिलाओं को यह पैसा मिलेगा। उनके खाते में कुल 39.14 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। पेंशन, रसोई गैस और संबल योजना की राशि भी होगी जारी लाड़ली बहनों को योजना की 25वीं किस्त जारी करने के साथ ही सीएम मोहन यादव सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (CM Social Security Kalyani Scheme) के तहत 341 करोड़, गैस सिलेंडर रिफिल योजना (Gas Cylinder Refill Yojana) के लिए 39.14 करोड़ और मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना (Mukhyamantri Jan Kalyan Sambal Yojana) के अंतर्गत 150 करोड़ की अप्रूव्ड राशि भी ट्रांसफर करेंगे. यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा कदम है. ई-केवाईसी नहीं कराने वालों को लग सकता है झटका हाल ही में समग्र आईडी में फर्जीवाड़ा कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों पर शिंकजा कसने के लिए प्रशासन ने समग्र आईडी का ईकेवाईसी जरूरी कर दिया है। अगर किसी महिला लाभार्थी ने ई-केवाईसी नहीं कराया है तो उन्हें झटका लग सकता है। अगर सरकार ने अपना डाटा इसी हिसाब से अपडेट किया है तो 25वीं किस्त का पैसा भी अटक सकता है। लिस्ट में ऐसे चेक करें नाम अगर आपको लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो आप लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं। यहां आपको अंतिम सूची और अनंतिम सूची के विकल्प दिखेंगे। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर भरना होगा। ओटीपी से वेरिफाई करने के बाद आपको जानकारी मिल जाएगी। खाते में पैसा आने का स्टेटस चेक करने के लिए आप ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ पर जाकर ताजा जानकारी हासिल कर सकती हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों के खाते में भी भेजेंगे 341 करोड़ लाड़ली बहना योजना की 25वीं किस्त के साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर के बरगी से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 341 करोड़ की राशि भी जारी करेंगे. सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य की 18 साल से ऊपर की विधवा महिलाओं (कल्याणी) को हर महीने 600 रुपये की पेंशन सहायता दी जाती है. यह योजना साल 2018 से शुरू हुई है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग प्रदान करना है. गैस सिलेंडर रिफिल योजना के भी मिलेंगे पैसे सीएम आज गैस सिलेंडर रिफिल योजना के तहत 39.14 करोड़ का राशि लाभार्थियों को जारी करेंगें. मध्यप्रदेश सरकार ने 1 सितंबर 2023 से गैस सिलेंडर रिफिल योजना शुरू की है, जिसके तहत उज्ज्वला योजना और लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत महिलाओं को सिर्फ 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है. यह सुविधा केवल उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी जिनका नाम दोनों योजनाओं में दर्ज है और जिनके नाम पर गैस कनेक्शन है. यह पहल रसोई खर्च कम करने और महिलाओं को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. संबल योजना के लाभार्थियों को भी मिलेंगे पैसे इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव जनकल्याण संबल योजना के लाभार्थियों के खातों में भी 150 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे. इस योजना के तहत अगर किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो 4 लाख रुपये, और सामान्य मौत पर 2 लाख रुपये दिए जाते हैं. अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह अपंग हो जाए तो 2 लाख रुपये, और आंशिक अपंगता होने पर 1 लाख रुपये की मदद दी जाती है. अंत्येष्टि (अंतिम संस्कार) के लिए 5 हजार रुपये की सहायता भी दी जाती है.  

पचमढ़ी में भाजपा का सांसद विधायक प्रशिक्षण वर्ग दूसरा दिवस …

पचमढ़ी में भाजपा का सांसद विधायक प्रशिक्षण वर्ग दूसरा दिवस … इस दौरान सत्रों में वरिष्ठ वक्ताओं के सारगर्भित उदबोधन श्रवण किया आष्टा   14 जून से मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में चल रहे भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में शामिल आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दूसरे दिन प्रशिक्षण वर्ग के 6 सत्र में शामिल हुए । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया कि वे रातः योगा के बाद सभी शाखा में शामिल हुए  । प्रातः 9.30 बजे से प्रशिक्षण वर्ग में प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ ।प्रथम सत्र जिसमें हमारे कार्य विस्तार की दृष्टि- सामाजिक एवं भौगोलिक विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता,मार्गदर्शक अजय जी जामवाल का मार्ग दर्शन मिला । इसके बाद के सत्रों में हमारी कार्य पद्धति, सांसद विधायक कार्यालय प्रबंधन- सामाजिक एवं मोबाइल शिष्टाचार, विकसित मध्य प्रदेश- 2047-अवसर एवं चुनौती:- एक दृष्टि, सोशल मीडिया/ मीडिया, स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विमर्श निर्माण:हमारी भूमिका, समन्वय-प्रक्रिया, समस्या एवं समाधान (संगठन अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासन, विचार परिवार एवं स्वयं का परिवार ।  जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्य वक्ता के रूप में अजय जामवाल हितानंद जी, राकेश सिंह जी, विष्णु दत्त शर्मा,सीआर पाटील, डॉ मोहन यादव, विनोद तावडे, शिवप्रकाश जी आदि का वर्ग विषयो पर सारगर्भित उद्बोधन श्रवण किया । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया कि रिक्त समय मे अन्य साथी विधायक गणों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय जामवाल जी,राज्यसभा के सांसद संत उमेशनाथ महाराज सहित अन्य वरिष्ठ जनों से सौजन्य भेंट कर उनसे चर्चा करने,सानिध्य पाने का सुअवसर मिला ।

शराब दुकानों पर नहीं चलेगी ठेकेदारों की मनमानी, आबकारी विभाग ने लगाया QR कोड, जाने सही कीमत

शहडोल शराब दुकानों पर मनमाने दाम वसूली की शिकायतों के बाद अब शहडोल जिले में आबकारी विभाग ने एक बड़ी और स्मार्ट पहल शुरू की है। अब शराब लेने वाले ग्राहक QR कोड स्कैन कर के अपनी बोतल की वास्तविक बिक्री दर जान सकेंगे, इससे दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से अधिक दाम वसूलने पर रोक लगेगी। दुकानदारों की ‘मौका देखकर चौका’ मारने की आदत शहडोल जिले की सभी देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों पर QR कोड लगाए जा रहे हैं। ग्राहक अपने मोबाइल फोन से इस कोड को स्कैन कर आसानी से देख सकेंगे कि संबंधित ब्रांड की निर्धारित मूल्य क्या है। जिले में लंबे समय से ठेकेदारों द्वारा MRP से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। कई स्थानों पर ग्राहक अनभिज्ञता के चलते 20 से 100 तक प्रति बोतल अधिक चुका रहे थे। QR कोड व्यवस्था से अब दुकानदारों की ‘मौका देखकर चौका’ मारने की आदत पर लगाम लगेगी। शराब लेते समय QR कोड जरूर स्कैन करें जिल के आबकारी अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि हर बार शराब लेते समय QR कोड जरूर स्कैन करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करता है तो इसकी शिकायत तुरंत विभाग को करें। जानकारी सतीश कश्यप आबकारी अधिकारी ने दी।

छात्रों अकाउंट में आएंगे ड्रेस के पैसे: कैबिनेट बैठक में लगेगी अंतिम मुहर

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्रों को पहले सरकार ड्रेस देती थी. लेकिन इस बार ड्रेस नहीं बांटी जाएगी. क्योंकि अब सीधे छात्रों के बैंक अकाउंट में यूनिफॉर्म के पैसे आएंगे. 17 जून को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी. दरअसल, स्व सहायता समूह जो यूनिफॉर्म बांटती थी, उसकी क्वालिटी खराब थी. जिसे लेकर कई बार शिकायतें भी की गई थी. जिसके बाद यह फैसला लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कक्षा 1 से 8वीं तक के लगभग 60 लाख स्टूडेंट्स के खातों में 600-600 रुपये डाले जाएंगे. ताकि वो दो जोड़ी स्कूल यूनिफॉर्म खुद खरीद सकें. क्वालिटी खराब, इसलिए सरकार ने किया बदलाव सरकार को यह फैसला लेने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि यूनिफॉर्म वितरण के पुराने ढर्रे में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं। स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए कपड़ों की क्वालिटी अक्सर बेहद खराब होती थी, जबकि रिकॉर्ड में अच्छी क्वालिटी बताई जाती थी। ड्रेस का साइज गलत होता था, जिससे विद्यार्थियों को पहनने में दिक्कत होती थी। इसके अलावा कई बड़े कॉन्ट्रैक्टर, समूहों के नाम पर टेंडर लेकर काम करते थे और अधिक लाभ कमाते थे, जबकि असली समूह के सदस्यों को उचित भुगतान तक नहीं मिलता था।  

4.74 करोड़ हितग्राहियों की ई-केवायसी पूर्ण- खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में अति शीघ्र स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू की जानी है। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) अंतर्गत राशन सामग्री प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की ई-केवायसी शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाना है। फरवरी 2025 से ई-केवायसी के लिये चलाये जा रहे अभियान में 1 करोड़ 11 लाख हितग्राहियों की ई-केवाईसी करायी गयी है। साथ ही प्रदेश के कुल 5.32 करोड़ हितग्राहियों में से 4.74 करोड़ हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो गयी है। यह मध्यप्रदेश के कुल हितग्राहियों का 89% है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में ई-केवायसी से शेष 54.8 लाख पात्र हितग्राहियों का भी ई-केवाईसी जून माह में किया जाना है। इन हितग्राहियों की ई-केवायसी जून माह में पूर्ण कराने के लिये पूरे प्रदेश में ग्राम एवं वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर ई-केवायसी करने के निर्देश समस्त कलेक्टर्स को जारी किये गये हैं। अभियान के विषय में अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा प्रदेश के सभी संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर्स को अभियान को प्राथमिकता में लेकर ई-केवायसी के लिये सभी आवश्यक प्रयास करने के लिये निर्देशित किया गया है। हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाईल फोन पर ई-केवायसी की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है। इसके लिए मध्यप्रदेश के हितग्राहियों के लिए मेरा ई-केवायसी एप प्रदेश में लांच किया गया है। इस एप के माध्यम से राशन लेने वाले वृद्ध, दिव्यांग, छोटे बच्चे आदि कोई भी हितग्राही किसी भी एन्ड्राईड मोबाईल फोन से अपना व अपने परिवारजनों का आधार नम्बर व ओटीपी दर्ज करके घर बैठे ई-केवायसी कर सकते हैं। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश के सभी राशन लेने वाले हितग्राही, जिन्होंने अभी तक ई-केवायसी नहीं करवाई है, उन सभी से अपील की है कि मोबाईल फोन अथवा पीओएस मशीन से अतिशीघ्र अपनी व अपने परिवारजनों की शतप्रतिशत ई-केवायसी पूर्ण करायें। इससे आप सभी को राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी। 

मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान के रूप में जल संरक्षण के संकल्प की सिद्धि का मिशन बन गया

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान के रूप में जल संरक्षण के संकल्प की सिद्धि का मिशन बन गया है। यह अभियान प्रदेश में जन-सहभागिता की ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ है। प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून, 2025 तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य नदियों, जल स्रोतों और वेटलैंड्स का संरक्षण तथा पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों को देश भर में सराहना मिली है। प्रदेश में रिकॉर्ड खेत तालाब बनाए जा रहे हैं। खेत तालाबों के लिए स्थान चयन में नवाचार किया जा रहा है। इसके लिए सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद ली जा रही है। सिपरी (सॉफ्टवेयर फॉर आइडेंटिफिकेशन एंड प्लानिंग ऑफ रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर) सॉफ्टवेयर को राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल ने इसरो के सहयोग से तैयार कराया है। इस साफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह सॉफ्टवेयर जीआईएस आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से जल सरंचना स्थलों के चयन को अधिक सटीक बनाता है। प्राचीन जल धरोहरों को सहेजने का उत्सव ‘बावड़ी-उत्सव’ देवास जिले ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जन अभियान परिषद की कन्नौद इकाई ने धूत कृषि फार्म की प्राचीन बावड़ी ‘बाग कन्नौद’ में पौधारोपण किया। इसके साथ हनुमान चालीसा का पाठ और भजन कीर्तन कर प्राचीन बावड़ी की सफाई की गई। बावड़ी को लाइटिंग और दीपों से सजाया गया। अग्निहोत्र गंगा जी और नर्मदा जी की आरती और प्रसाद वितरण के साथ वावड़ी-उत्सव मानाया गया। जल संरक्षण के प्रति जागरुकता के लिए संगोष्ठी जल गंगा संवर्धन अभियान में जनअभियान परिषद की नरसिंहपुर इकाई ने चिनकी के गांव श्रीराम आरण्यक में जल व पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित की। संगोष्ठी के बाद ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सामूहिक पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण का संरक्षण संदेश दिया। संगोष्ठी में आने वाली पीढ़ी के प्रति जिम्मेदारी के निर्वाह के लिए पर्यावरण और जल संरक्षण के उपायों पर अमल करने का आह्वान किया गया। विशेषज्ञों ने आगामी मानसून के दिनों में जल का संरक्षण के उपाय बताये। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत रायसेन जिले में सिलवानी विकासखण्ड के आदर्श ग्राम ऊषापुर में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने जल चौपाल का आयोजन किया। चौपाल में ग्रामवासियों को जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता का आहवान करते हुये जल संरक्षण का महत्व समझाया गया। गांव में सोख्ते गड्ढे बनाने, मेढ़ बंधान बनाने और नदी, तालाब, कुओं की साफ-सफाई रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सभी ग्रामवासियो को जल संरक्षण और संवर्धन की शपथ भी दिलाई गई।  

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा चरण आज से, द्वितीय चरण के लिए ऑनलाइन लाटरी 25 जून 2025 को होगी

भोपाल प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश का दूसरा चरण 16 जून सोमवार से शुरू होगा। प्रथम चरण के बाद जिन स्कूलों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उन स्कूलों में रिक्त सीटों की जानकारी द्वितीय चरण प्रवेश प्रक्रिया के लिए पोर्टल पर प्रदर्शित की गई है। आवेदकों द्वारा स्कूलों के च्वाइस को अपडेट किये जाने का कार्य 20 जून तक किया जा सकेगा। द्वितीय चरण के लिए ऑनलाइन लाटरी 25 जून 2025 को होगी। आवंटन के बाद स्कूल में प्रवेश एवं संबंधित स्कूल द्वारा मोबाइल ऐप से  एडमीशन रिपोर्टिंग 25 जून से 30 जून 2025 तक की जा सकेगी। द्वितीय चरण के लिए नवीन आवेदन पंजीयन नहीं होगा और पुन: सत्यापन प्रक्रिया भी नहीं होगी। वह आवेदक जिन्होंने प्रथम चरण में आवेदन किया था और सत्यापन के बाद पात्र पाए गए थे, उनका प्रथम चरण में कोई स्कूल आवंटित नहीं हुआ था वह द्वितीय चरण के लिए स्कूल की च्वाइस अपडेट कर सकते हैं। जिन आवेदकों को प्रथम चरण में स्कूल आवंटन हुआ है, लेकिन स्कूल पसंद नहीं आने के कारण आवंटित स्कूल में एडमीशन नहीं लिया है, वह द्वितीय चरण में च्वाइस अपडेट कर सकते हैं।

पीएम मोदी के आर्थिक सशक्तिकरण के विजन को साकार करने देशभर में चलाया जा रहा अभियान: सीएम यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गरीब, महिला, किसान और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के विजन को साकार करने के लिये देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार इस अभियान को मिशन मोड में संचालित कर रही है। प्रदेश में कमजोर वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मनरेगा योजना गरीबों किसानों और श्रमिकों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस योजना के माध्यम से न सिर्फ गरीब, श्रमिकों और किसानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला रहा है, बल्कि सिंचाई की उपलब्धता भी बन रही है। योजना के अंतर्गत खेत-तालाब, अमृत-सरोवर, कुएं, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, मेड़बंदी, बागवानी, जल निकायों का निर्माण, जीर्णोद्धार और वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण सहित जल संचयन के अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मनरेगा योजना से जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक प्रदेश के 32 लाख लोगों को रोजगार मिला है। वर्ष 2025-26 में मजदूरों को अब तक लगभग 1500 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। 22 लाख परिवारों को मिला लाभ ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में निवासरत लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिले, इसके लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा योजना चलाई जा रही है। मनरेगा योजना में लोगों को स्थानीय स्तर पर 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश में अप्रैल माह से अब तक 22 लाख परिवारों के 32 लाख लोगों को मनरेगा योजना का लाभ मिला है। वृहद स्तर पर किए जा रहे जल संरचना के कार्य प्रदेश में बारिश के पानी का बड़े स्तर पर संचयन किया जा सके, लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश में बड़े स्तर पर जल संरचना के कार्य किए जा रहे है। 14 जून की स्थिति में प्रदेश में 80 हजार 496 खेत तालाब, एक लाख एक हजार 61 कूप रिचार्ज पिट और एक हजार 283 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिल रहा है। कारगर साबित हो रहा जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश सरकार द्वारा तीन माह के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। वह भी ऐसे समय में जब खेती-किसानी का समय नहीं रहता है। किसानों, गरीबों और श्रमिकों को रोजगार की तलाश रहती है। ऐसे में जल गंगा संवर्धन अभियान कारगर साबित हुआ है। मनरेगा के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला। जिससे काम की तलाश में दूसरे राज्यों या जिलों में नहीं जाना पड़ा। साथ ही लोगों के पलायन में भी कमी आई। खेती-किसानी और घरेलू खर्चों में बनी मददगार मनरेगा योजना से मिलने वाली मजदूरी श्रमिकों-किसानों-गरीबों के लिए केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि खेती-किसानी, घरेलू ज़रूरतों और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मददगार बन रही है। योजना के माध्यम से खेत-तालाब, अमृत सरोवर, कूप रिचार्ज पिट, सड़कों का सुधार, वर्षा जल संचयन सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मज़बूत बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य क्षेत्र में रायसेन ज़िले के 31 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सुधार और विस्तार की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 जून को उदयपुरा रायसेन में प्रदेश के 375 स्वास्थ्य संस्थानों में 425 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 267 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 108 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। उक्त के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के 138 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें 89 करोड़ 36 लाख के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं 49 करोड़ 6 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इनमें 1 करोड़ रुपए तक की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक सुविधाएं एवं संजीवनी क्लीनिक के 318 कार्य (218 लोकार्पण एवं 100 भूमिपूजन) शामिल हैं। 1 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये की लागत में कुल 38 कार्य हैं, जिनमें 33 लोकार्पण एवं 5 भूमिपूजन सम्मिलित हैं। इनमें 90 उप स्वास्थ्य केंद्र, 10 बी.पी.एच.यू., 118 संजीवनी क्लीनिक, 1 सिविल अस्पताल का उन्नयन, 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 2 आई.पी.एच.एल. लेब, 1 सीएमएचओ कार्यालय, 1 पी.आई.सी.यू. तथा 1 डी.ई.आई.सी. के निर्माण कार्य सम्मिलित हैं। वहीं 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले कुल 19 कार्यों में 16 कार्यों का लोकार्पण एवं 3 कार्यों का भूमिपूजन होगा। इनमें में 3 जिला अस्पतालों का उन्नयन, 7 सिविल अस्पतालों का उन्नयन, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 3 नए सिविल अस्पतालों का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य क्षेत्र में रायसेन ज़िले के 31 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे, जिसकी कुल लागत राशि लगभग 27.98 करोड़ रुपए है। इनमें 14 उप स्वास्थ्य केंद्र, 5 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 1 आई.पी.एच.एल. लैब एवं 1 डी.ई.आई.सी. का लोकार्पण और 10 उप स्वास्थ्य केंद्रों का भूमिपूजन शामिल है।  

आज लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के रूप में 1,551.44 करोड़ रुपए हस्तांतरित करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार (16 जून) को जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान 1.27 करोड़ लाभार्थियों के खातों में लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के रूप में 1,551.44 करोड़ रुपए हस्तांतरित करेंगे। इस योजना के तहत, प्रत्येक पात्र महिला को सीधे उनके बैंक खातों में प्रति माह 1,250 रुपये मिलते हैं। इस लोकप्रिय योजना को 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान पेश किया गया था। हाल ही में, शिवराज चौहान की उपस्थिति में सीहोर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मोहन यादव ने घोषणा की थी कि मध्य प्रदेश सरकार ‘लाडली बहना योजना’ की मासिक किस्त को 3,000 रुपए तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। ऊपर बताई गई योजनाओं के लिए फंड ट्रांसफर करने के अलावा, मुख्यमंत्री जबलपुर कार्यक्रम के दौरान 6,821 वंचित परिवारों को अनुग्रह सहायता के रूप में 150 करोड़ रुपए भी ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा, वह एलपीजी सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 39.14 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर करेंगे। मध्य प्रदेश में मजदूरों को सहायता देने के लिए संबल योजना एक और लोकप्रिय योजना है, जिसके तहत सरकार हर साल एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए और आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपए दिए जाते हैं। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 5,000 रुपए दिए जाते हैं। इसके अलावा महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता के रूप में 16,000 रुपए दिए जाते हैं। एकमुश्त वित्तीय सहायता के अलावा सरकार श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पूरी ट्यूशन फीस भी वहन करती है। इस दौरान मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 56.68 लाख लाभार्थियों के खातों में 341 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। इस अवसर पर वे जबलपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। जबलपुर जिले के बरगी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल समेत कई अन्य मंत्री शामिल होंगे।

ग्वालियर में सालों से एक ही दफ्तर में बने बैठे थे बाबू, अब 150 से ज्यादा पुलिकर्मियों का होगा तबादला

ग्वालियर बाबू बनकर सालों से पुलिस की अलग-अलग इकाई और अधिकारियों के दफ्तरों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी हटाया जाएगा। यहां से हटाकर थानों और अन्य दफ्तरों में स्थानांतरित किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। पहली बार ऐसा है, जब आदेश में ही लिखा है- इस तरह की स्थिति में पुलिस कार्यप्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित होती है। निहित स्वार्थ की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।   150 से ज्यादा पुलिसकर्मी परेशान ऐसे में अब वह पुलिसकर्मी परेशान हैं, जो पांच से लेकर 10 साल से एक ही दफ्तर में तैनात हैं। ग्वालियर में ऐसे 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी हैं। जिन्होंने पूरी नौकरी ही दफ्तरों में बिना वर्दी के काट दी। आइजी कार्यालय, डीआइजी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय, सभी एएसपी, डीएसपी कार्यालयों के साथ अवकाश, स्थापना, आर्म्स, आवास, वारंट सेल, चुनाव सेल सहित अन्य शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जाएगी। जो यहां लंबे समय से तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा। ग्वालियर में बन रही सूची दफ्तरों में तैनात बाबूओं को हटाने से कुछ दिन पहले थानों में चार साल से अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मियों को हटाने के आदेश पुलिस मुख्यालय से आए थे। ग्वालियर में अब इसकी सूची बन रही है। एसएसपी कार्यालय से सभी थानों को इस संबंध में पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई है। इससे पूर्व भी सूची बनी थी। इसमें जो पुलिसकर्मी सालों से थे, उनसे स्थानांतरण के लिए तीन थानों के विकल्प भी पूछे गए थे, लेकिन इस बार सिर्फ ऐसे नाम मांगे गए हैं। ऐसे 500 से अधिक पुलिसकर्मी प्रभावित होंगे। इनका तबादला किया जाएगा। हर आवेदन से लेकर डायरी पर बाबूओं की नजर पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों में सालों से जिन बाबूओं ने कुर्सी पर कब्जा कर रखा है, ऐसे बाबू आवेदन से लेकर कुछ प्रमुख केस डायरी पर नजर रखते हैं। सीएसपी इंदरगंज, लश्कर, यूनिवर्सिटी सर्किल में तैनात ऐसे कई पुलिसकर्मी हैं, जो सीधे थानों तक में हस्तक्षेप रखते हैं। यह सालों से यहां तैनात हैं। अक्सर इनकी शिकायतें भी अधिकारियों तक पहुंचती हैं। अब सिफारिशों का दौर जिन पुलिसकर्मियों के निजी स्वार्थ थानों और दफ्तरों में तैनाती से जुड़े हैं। वह यहां से जाना नहीं चाहते, इसके चलते अब सिफारिशों का दौर शुरू हो गया है। कोई पुलिस अधिकारी तो कोई माननीयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन इस बदलाव के आदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा दिए गए हैं, इसलिए इसका पालन बेहतर तरीके से होगा। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने इस मामले में कहा कि पुलिस मुख्यालय से जो आदेश आए हैं, उसका पालन किया जा रहा है। थानों से ऐसे पुलिसकर्मियों की जानकारी मांगी गई है। दफ्तरों में लंबी अवधि से तैनात पुलिसकर्मियों को भी बदला जाएगा। 

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा शिवपुरी में 10 से 15 दिन बाद ही संपन्न कराने की तैयारी

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा शिवपुरी में ही होगी। शिवपुरी जिला प्रशासन से एक-दो दिन में लिखित अनुमति सेना के अधिकारियों को मिल जाएगी। ग्वालियर में तीन परीक्षा केंद्रों पर 30 जून से 10 जुलाई के बीच ऑनलाइन लिखित परीक्षा होगी। सागर में भी दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ऑनलाइन परीक्षा में सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना के साथ-साथ स्थानीय पुलिस के पास भी होगी। लिखित परीक्षा प्रारंभ होने से पहले सेना के अधिकारी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।   10 से 15 दिन बाद ही शारीरिक परीक्षा ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिंड, मुरैना, सागर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़ के 32 हजार 700 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। 20 जुलाई तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इसके 10 से 15 दिन बाद ही शारीरिक परीक्षा संपन्न कराने की तैयारी है। ग्वालियर में फिर नहीं हो सकी शारीरिक परीक्षा, पिछली बार अचानक रद्द की थी अनुमति 2014 में उपद्रव का जो दाग ग्वालियर पर लगा था, इसके बाद से ही ग्वालियर में पुलिस-प्रशासन यहां भर्ती कराने को लेकर अनुमति जारी करने से बचते हैं। पिछली बार दिव्यांग खेल स्टेडियम में शारीरिक परीक्षा कराने की अनुमति केंद्रीय सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दी गई थी, लेकिन परीक्षा के एक सप्ताह पहले इसे रद्द कर दिया गया था। 2024 में जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में चयनित हुए थे। उनकी शारीरिक परीक्षा इस साल सागर में हुई थी। पूरे एक साल बाद वह ट्रेनिंग पर जा सके थे। एक साल तक अभ्यर्थी उलझन में रहे, इसलिए अब सेना ने निर्णय लिया है कि ग्वालियर जिला प्रशासन से इस संबंध में अब कोई चर्चा या पत्राचार न कर शिवपुरी में ही परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। ग्वालियर के परीक्षा केंद्र 1- भारतीय विद्या मंदिर शिक्षा समिति, चितौरा रोड 2- मालवा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी, सिकरोदा, बड़ोरी, झांसी रोड 3- भारतीय विद्या मंदिर- यमुना नगर, दर्पण कालोनी, थाटीपुर सागर के परीक्षा केंद्र 1- एसएसएचसी जैन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च- नरसिंहपुर रोड, एमपीइबी कालोनी के पीछे, सागर 2- एडीना इंस्टीट्यूट आफ साइंड एंड टेक्नोलाजी- एनएच- 86, भोपाल रोड, बम्होरी सीड फार्म, सागर शिवपुरी में शारीरिक परीक्षा के लिए मौखिक अनुमति दे दी गई है। जल्द ही लिखित अनुमति भी मिल जाएगी। अगस्त के पहले सप्ताह में शारीरिक परीक्षा कराने के लिए मैदान को तैयार करना शुरू कर देंगे। अब ग्वालियर में हम स्थानीय प्रशासन से इस संबंध में कोई कम्युनिकेशन नहीं करेंगे, क्योंकि वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है कर्नल पंकज कुमार, डायरेक्टर, सेना भर्ती कार्यालय

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