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लगभग 1 करोड़ 49 लाख रुपये के अवैध गांजे के पौधे जब्‍त

भोपाल. प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही सख्त एवं निरंतर कार्यवाहियों के क्रम में खरगोन पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। ऑपरेशन “प्रहार” के अंतर्गत खरगोन पुलिस द्वारा चौकी हेलापडावा, थाना चैनपुर क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से 5900 गांजे के पौधे, कुल वजन 2979 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 4 हजार 200रूपए(लगभग एक करोड़ उनचास लाख चार हजार दो सौ रुपये) का अवैध मादक पदार्थ जप्त किया है।यह कार्रवाई दुर्गम एवं शेडो एरिया (नो मोबाइल नेटवर्क जोन) में की गई, जहाँ पुलिस टीम को कई घंटों तक कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण)  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन  सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  बिट्टू सहगल के मार्गदर्शन में की गई। दिनांक 18 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर चौकी हेलापडावा थाना चैनपुरपुलिस ने ग्राम सेन्द्रीयाघाटीगुवाडा स्थित खेत से कुल 5500 गांजे के पौधे, कुल वजन 2811 किलोग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 55 हजार रूपए का जप्त किए। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने ग्राम तिखलीबैडीपीडीजामली स्थित खेत से कुल 400 गांजे के पौधे, कुल वजन 168 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 8 लाख 49 हजार 200रूपए काजप्त किया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध पूर्ण गंभीरता, रणनीतिक योजना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।    

कौशल और तकनीक से विकसित भारत@2047 की संकल्पना होगी साकार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से “कौशल” का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना “स्वावलंबन” के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा।  परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।  परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की।  परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी।  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है। समारोह में मंत्री  परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ज्ञातव्य है कि “स्वावलंबन” परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है। इस अवसर पर संचालक क्रिस्प  अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी)  अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।  

गिफ्ट की आड़ में खूनी खेल, इंदौर में सनसनी—पीयूष की हैवानियत ने दहला दिया शहर

इंदौर इंदौर में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पीयूष ने जिस तरह से प्रेमिका की जान ली, उसने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने घटनास्थल का रीक्रिएशन किया है। इसमें नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीयूष ने सरप्राइज गिफ्ट के बहाने उसे बुलाया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। सीने पर चाकू टूटने तक वार करता रहा। ‘गिफ्ट’ के बहाने बांधे हाथ-पैर और फिर कर दी हत्या पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीयूष ने वारदात वाले दिन छात्रा को कमरे में बुलाया था। वहां उसने छात्रा से कहा कि वह उसे एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है। इसी ‘गिफ्ट’ का झांसा देकर उसने छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी और कमरे में पहले से मौजूद रस्सी और टेप की मदद से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा ने खुद को बंधा हुआ पाया और विरोध किया, तो पीयूष अपनी असलियत पर उतर आया। उसने छात्रा का मुंह कपड़े से बंद कर दिया और उसके सीने पर बैठकर तब तक गला घोंटा और बेहोश कर दिया। हत्या के बाद दरिंदगी, लाश के पास बैठकर पी शराब पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या करने के बाद भी वह नहीं रुका। उसने पक्का करने के लिए छात्रा के सीने पर चाकू से जोरदार वार किया। प्रहार इतना तेज था कि चाकू का ब्लेड टूटकर शरीर में ही फंस गया। इसके बाद आरोपी कमरे से बाहर गया, शराब खरीदी और वापस आकर शव के पास बैठकर शराब पी। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शव के साथ दुष्कर्म भी किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़कर फरार हो गया। जांच में बड़े खुलासे पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। हत्या में इस्तेमाल टूटा हुआ चाकू, रस्सी, चिपकाने वाला टेप और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा के मोबाइल चैट्स को लेकर उस पर शक करता था। इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। छात्रा के लापता होने के बाद 13 फरवरी को उसका शव किराए के कमरे से मिला था। आरोपी पीयूष वारदात के बाद मुंबई भाग गया था, जिसे पुलिस ने 14 फरवरी को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और मामले की आगे की जांच जारी है। शक ने छात्रा की जान ले ली पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मोबाइल चैट्स को लेकर उपजा शक एक बड़ी वजह हो सकता है। पीयूष ने छात्रा के सहपाठियों के साथ हुई बातचीत को पढ़ लिया था। घटना वाले दिन छात्रा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है, जिसके बाद उसके पिता ने उसे कलेक्ट्रेट के पास छोड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी छोटी बहन को बताया कि वह पीयूष के साथ एक बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कुछ दिनों बाद किराए के एक कमरे से उसका शव बरामद हुआ।

रोजगार की ओर बड़ा कदम: सीखो-कमाओ योजना के तहत 979 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत पंजीयन कराकर मध्‍यप्रदेश के 979 युवाओं को ऑन द जॉब ट्रैनिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कराएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा अलग-अलग 10 ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उदृदेश्‍य से विभिन्‍न विषयों के इच्‍छुक युवाओं से MMSKY पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’’ के तहत आवेदन करने के लिए इच्‍छुक अभ्‍यर्थी प्रशिक्षण से संबंधित अर्हताओें, रिक्‍त स्‍थानों के विवरण तथा अन्‍य आवश्‍यक जानकारी MMSKY पोर्टल पर देख सकते हैं। गौरतलब है कि “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन पास बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, लाइनमैन, स्टेनोग्राफर (हिंदी/अंग्रेजी),इंजीनियरिंग (सिविल/ इलेक्ट्रिकल),एग्जीक्यूटिव (एच आर/ आकाउंट) आदि पदों पर 979 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने कहा है कि “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को कंपनी में छात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में ऑन द जॉब ट्रैनिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे एक ओर जहां युवाओं को औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण मिलेगा वहीं दूसरी ओर उन्हें काम के बदले स्टाइपेंड भी मिलेगा।

जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मध्यप्रदेश की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग पूरी तरह हुई ऑनलाइन

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग पूरी तरह हुई ऑनलाइन संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क, https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/पर करें बुकिंग उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उज्जैन में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया का विस्तार करते हुए, समिति ने बाबा महाकाल की ‘संध्या आरती’ और ‘शयन आरती’ की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आरती में शामिल होने के लिये अपना स्थान सुनिश्चित कर सकेंगे। श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकते हैं। संध्या आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी और शयन आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से की जा सकेगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रूपये का शुल्क (शीघ्र दर्शन के समान) निर्धारित किया गया है। बुकिंग की यह प्रक्रिया पूर्णतः ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित होगी। बाबा महाकल की आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही प्रवेश दिया जाएगा। संध्या आरती के लिए शाम 6:00 बजे तक प्रवेश करना अनिवार्य होगा। शयन आरती के लिए रात 10:00 बजे तक ही प्रवेश मिल सकेगा। आरती के दौरान जारी रहेंगे चलित दर्शन मंदिर प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान ‘चलित दर्शन’ की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहेगी। इससे वे श्रद्धालु जो आरती की बुकिंग नहीं कर पाए हैं, वे भी कतार में चलते हुए सुगमता से बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है, ताकि उज्जैन पहुँचने वाले हर भक्त को एक सुखद और दिव्य अनुभव प्राप्त हो सके।  

साइनाइड बम की चेतावनी के बाद पीपुल्स यूनिवर्सिटी खाली, पुलिस जांच में जुटी

भोपाल  राजधानी के करोंद क्षेत्र स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय को गुरुवार सुबह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरा संदेश विश्वविद्यालय के डीन को भेजा गया, जिसमें सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और छात्रों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल में साइनाइड युक्त बम लगाए जाने का दावा भी किया गया था। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया और एहतियातन पूरे परिसर को खाली करा लिया। क्लास रूम, ओपीडी और प्रशासनिक भवनों से छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची भोपाल पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। निर्धारित समय तक न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार ई-मेल की तकनीकी जांच जारी है। मेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सर्वर लोकेशन क्या है, इसकी पड़ताल साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत हो रहा है, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। धमकी की खबर फैलते ही परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों में चिंता देखी गई। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

भोपाल से दिल्ली तक बढ़ी राजनीतिक गतिविधि, BJP विधायक दल की बैठक के बाद CM ने लिया ऐक्शन की तैयारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में आज सियासी गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और दिनभर कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दिन के अंत में वे भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है। सीएम का आज का पूरा शेड्यूल सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। दोपहर 12:30 बजे वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 2:00 बजे एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति तय है। दोपहर 3:30 बजे वे पुनः विधानसभा पहुंचकर कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक आयोजित होगी। रात 9:20 बजे सीएम भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सदन में गूंजेंगे तीखे मुद्दे विधानसभा में आज पानी की किल्लत और वित्तीय अनियमितताओं पर जोरदार बहस के आसार हैं। भाजपा विधायक नर्मदा जल योजना की अव्यवस्था का मुद्दा उठाएंगे, वहीं कांग्रेस विधायक फूड मार्को कॉलेज में फीस बढ़ोतरी का मामला सदन में रख सकते हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा नई आबकारी नीति पर बयान दे सकते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चर्चा जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, आज सदन में करीब 80 याचिकाएं पेश की जा सकती हैं। कई वरिष्ठ मंत्री विभागीय जवाब और दस्तावेज भी प्रस्तुत करेंगे। शाम की बैठक पर टिकी नजरें शाम 6:30 बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में आगामी दिनों के लिए सदन की रणनीति तय की जाएगी और विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रूपरेखा बनाई जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली दौरे के दौरान वे संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। भोपाल से दिल्ली तक आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अब नजरें सदन की कार्यवाही और शाम की रणनीतिक बैठक पर टिकी हैं।

जबलपुर जिले में 1,000 करोड़ का बजट, नई सड़क परियोजनाओं से शहर में होगी विकास की बारिश

जबलपुर   देश शासन के बजट में जबलपुर को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई सौगाते मिली हैं। सड़कों का निर्माण होगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 34 सड़कों का निर्माण यातायात को सुगम सुगम बनाने का काम करेगा। जिले में पर्यटन की बेहतर संभावनाएं लंबे समय से हैं। कोई बड़ा पैकेज तो नहीं दिया लेकिन भेड़ाघाट में दूसरे रोपवे का प्रावधान कहीं न कहीं पर्यटकों को आकर्षित करेगा। उद्यानिकी क्षेत्र में जबलपुर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सब्जियों के साथ ही औषधियों की खेती में किसान रुचि ले रहे हैं। ऐसे में उद्यानिकी विद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र के लिए मददगार बनेगा। उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों को बड़ी ग्रांट मिलेगी। सरकार दूध के उत्पादन पर फोकस कर रही है। इसके लिए जिले में सहकारी समितियो की संख्या बढ़ाने के लिए भी मदद मिलेगी। कक्षा आठवीं तक के बच्चों को अब ट्रेट्रा पैक में दूध मिलेगा। इसका लाभ जिले के सवा लाख विद्यार्थियों को होगा। जिले में किसानों को सोलर पंप का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार जैविक खेती का रकबा बढ़ाने का फायदा भी जबलपुर को मिलेगा।  मिलेगा फायदा 399 करोड़ रुपए से होगा जिले की नहरों का उन्नयन: बरगी बांध की दायीं और बायीं तट नजर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हाल में सगड़ा-झपनी में नहर फूटने से बड़े क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हो गई। राज्य सरकार ने दोनों नहरों की मरम्मत व उन्नयन के लिए बजट में 399 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। बहोरीबंद माइनर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत 100 करोड़ रुपये राशि का प्रावधान किया है। किसानों को बिल से राहत: बजट में कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्र के लिए बड़ा बजट दिया गया है। जिले में ढाई लाख किसान हैं। ज्यादा के पास बिजली से चलने वाले पंप हैं। एक लाख किसानों को सोलर पम्प देने की योजना बनाई गई है। इससे उन्हें बिजली बिल से राहत मिलेगी। वर्तमान में दो लाख हेक्टेयर में खेती होती है। किसानों को बिजली बिल के कारण काफी परेशानी बिल के कारण काफी परेशानी होती है। ई-बसों की जल्द मिलेगी सौगात: नगर को शीघ्र ई बसों की सौगात मिलेगी। बजट में इसकी जानकारी दी गई। पहले लॉट में 40 बस की सौगात मिल सकती है। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी। वर्तमान में नगर में सिटी बस की संख्या घटकर 50 के लगभग रह गई है। हर रूट में यात्रियों को ई बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। चौंसठयोगिनी मंदिर तक बनेगा रोपवे भेड़ाघाट के चौसठयोगिनी मंदिर में पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए रोपवे का निर्माण होगा। राज्य सरकार ने बजट में रोपवे निर्माण की योजना का संकेत दिया है। चौसठयोगिनी मंदिर तक पहुंचने के लिए 108 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। बड़ी संख्या में पर्यटक, विशेषकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से असमर्थ लोग, सीढ़ियां नहीं चढ़ पाने के कारण मंदिर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में रोपवे बनने से पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। यह भेड़ाघाट क्षेत्र में बनने वाला दूसरा रोपवे होगा। अभी धुआंधार से न्यू भेड़ाघाट छोर तक रोपवे पहले से संचालित है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक सफर करते हैं। भेड़ाघाट की ऊंचाई पर स्थित चौसठयोगिनी मंदिर परिसर में बाबा वैद्यनाथ महादेव विराजमान है। यह मंदिर करीब 870 वर्ष पुराना बताया जाता है और इसे कलचुरी काल की अद्वितीय कृति माना जाता है। इतिहासकार राजकुमार गुप्ता के अनुसार, मंदिर में सात चक्र भेदन और नाड़ी शोधन से जुड़ी योगनियां गर्भगृह बनने से लगभग 200 वर्ष पहले ही स्थापित हो चुकी थीं। लेबर चौक-अहिंसा चौक के बीच 17 करोड़ से हाईटेक रोड जिले में सड़क नेटवर्क को विस्तार देने के लिए सरकार ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की घोषणा की है। यह योजना निजी भागीदारी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निर्धारित अवधि तक रखरखाव सुनिश्चित करेगी ताकि टिकाऊ और आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार हो सके। इसमें जिले के लिए 382 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से जिले में 34 नई सड़को का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। इनमें शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की सड़कें शामिल है। इससे यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें मेहता पेट्रोल पम्प से अहिंसा चौक के बीच तीन किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिस पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

संस्कृति जैन को न्याय की बड़ी जीत, हाईकोर्ट ने आवमानना मामले में फैसला सुनाया

जबलपुर   मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने बुधवार को नगर निगम भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई निरस्त कर दी। एकलपीठ ने उन्हें अवमानना में दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई निर्धारित की थी। जिसके खिलाफ महिला आईएएस अधिकारी ने अपील दायर की थी। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद एकलपीठ के आदेश को निरस्त करते हुए महिला आईएएस अधिकारी के पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किए। बिल्डिंग अनुमति कर दी थी निरस्त गौरतलब है कि नगर निगम भोपाल के द्वारा मर्लिन बिल्डकॉन प्रा लि. कि श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में स्थित उसकी 3520 वर्ग फीट में बिल्डिंग की अनुमति 28 अगस्त 2025 को निरस्त कर दी गयी थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका के लंबित रहने के दौरान नगर निगम ने विगत 18 जनवरी को बिल्डिंग का एक हिस्सा तोड़ दिया था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने नगर निगम की कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत पारित दिशा-निर्देश के विपरीत पाते हुए मनमानी कार्यवाही किए जाने पर नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन को तलब किया था। कमिश्नर हुईं थी उपस्थित याचिका की सुनवाई के दौरान 5 फरवरी को नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित हुईं। सुनवाई पहले के चरण में नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित होकर बिना शर्त माफी मांगते हुए हलफनामा प्रस्तुत करने की बात कही थी। दूसरे चरण में हुई सुनवाई के दौरान हलफनामा पेश नहीं किया गया। एकलपीठ ने मौखिक माफी स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता की तोड़ी गयी बिल्डिंग को बहाल करने के संबंध में जानकारी मांगी। नियम अनुसार हुई कार्रवाई एकलपीठ को बताया गया कि नियम अनुसार बिल्डिंग को तोड़ा गया है, उसे बहाल नहीं किया जा सकता है। एकलपीठ ने सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत जारी की गयी गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर अवमानना का दोषी करार देते हुए 6 फरवरी को सजा के लिए सुनवाई निर्धारित की गयी थी। नगर निगम ने दायर की अपील भोपाल नगर निगम की तरफ से एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की गयी थी। अपील के सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने 6 फरवरी को महिला आईएएस अधिकारी संस्कृति ने अपीलकर्ता बनने की इजाजत प्रदान एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। उनकी तरफ से तर्क दिया गया कि गया कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971 के सेक्शन 10 के तहत हाई कोर्ट को सिर्फ अपने आदेश या अपने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन के लिए अवमानना कार्यवाही कर सकता है। हाईकोर्ट के पास अपने से बड़ी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं है। अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार तभी है, जब न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन हुआ हो। मर्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की पूरी याचिका में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि नगर निगम ने उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश या निर्देश का उल्लंघन किया है। पूर्व में अपील की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। बुधवार को अपील की सुनवाई करते हुए उक्त आदेश के साथ युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद अपील का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किए।  

रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला मरीज को अपने कमरे में रखा, नशीला पदार्थ खिलाकर वारदात को दिया अंजा

भोपाल   ग्वालियर के 65 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर पर 30 वर्षीय महिला ने संगीन आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर भोपाल ले आए। इसके बाद एमपी नगर के जोन-2 स्थित होटल में रेप किया है। महिला स्किन की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर ने कहा था कि इलाज के लिए भोपाल चलना पड़ेगा, वही पर इसके स्पेलिस्ट हैं। दवाइयों मिला दी नींद की गोली महिला का आरोप है कि इलाज के नाम पर लाकर रिटायर्ड डॉक्टर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गया। यहां उसकी दवाइयों में नींद की गोली मिला दी। इस दौरान वह चाहकर भी विरोध नहीं कर सकी। रिटायर्ड डॉक्टर ने इसी का फायदा उठाया और रेप किया। महिला की शिकायत पर एमपी नगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाउस वाइफ है महिला दरअसल, पीड़ित 30 वर्षीय महिला हाउस वाइफ है। आरोपी डॉक्टर का नाम अमरीश सेंगर है। महिला चर्मरोग से पीड़ित थी। वह डॉक्टर के पास इलाज कराने गई थी। अमरीश पहले सरकारी अस्पताल में कार्यरत रहे हैं। रिटायर्ड होने के बाद वह क्लिनिक चलाते हैं। महिला की बीमारी में कोई सुधार नहीं हो रहा था और स्किन की बीमारी और फैलने लगी। चर्म रोग का इलाज चल रहा था भोपाल में एक होटल में रुके और खाने में नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। डॉक्टर अमरीश सेंगर से पिछले 7 महीने से महिला का चर्म रोग का इलाज चल रहा था। पीड़िता ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है। पुलिस डॉक्टर की तलाश और मामले की जांच में जुटी है। स्पेशलिस्ट दिखाने की बात कहकर आया भोपाल इसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला से कहा कि उसे भोपाल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह लेने होगी। उसने दावा किया कि वहां कुछ टेस्ट होंगे जो ग्वालियर में नहीं हो सकते हैं। होटल में कोई दूसरा कमरा नहीं आरोपी डॉक्टर 14 फरवरी को महिला को लेकर भोपाल आया। इस दौरान एमपी नगर स्थित होटल में लाया। महिला ने डॉक्टर से कहा कि मुझे अलग कमरा चाहिए। इस पर डॉक्टर ने कहा कि इस होटल में कोई दूसरा कमरा खाली नहीं है। 14 फरवरी की रात ही आरोपी ने होटल में उसके साथ रेप किया है। पुलिस महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, डॉक्टर की तलाश की जा रही है। घटना के बाद महिला ने अपने पति को सारी बात बताई थी। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई है।

CM मोहन की घोषणा: किसानों के नाम जमीनें होंगी रजिस्टर्ड, सरकार उठाएगी सभी खर्च

 ग्वालियर किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पट्टाधारी किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम मोहन ने कहा कि, जिन किसानों के पास पट्टे की जमीन है, जल्द ही उन जमीनों की रजिस्ट्री उन किसानों के नाम कराई जाएगी, इससे वो अपनी कर्मभूमि की गारंटी पर लोन भी ले सकेंगे। सीएम ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा, रजिस्ट्री शुक्ल के खर्च को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि रजिस्ट्री का पूरा खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी, जिसपर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कार्यक्रम में 87 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ। सीएम मोहन यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  कुलैथ गांव में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान कहा कि, प्रदेश सरकार पट्टे वाली जमीन की रजिस्ट्री किसान के नाम करेगी।। इससे किसानों को अपनी जमीन पर बैंक से लोन लेने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री पर होने वाला पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और इस योजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट MP Budget 2026 को समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करनेवाला करार दिया है। बजट में जरूरतमंदों के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं। सीएम मोहन यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जमीन के मालिकाना अधिकार के लिए नवाचार किया गया है। इसके अंतर्गत मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क राज्‍य सरकार वहन करेगी। प्रदेश के बजट में उज्जैन में होनेवाले सिंहस्‍थ 2028 महापर्व के लिए बड़ी राशि रखी गई है। सिंहस्थ से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 3 हजार 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना बनाई गई है बजट में इसके लिए 700 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बजट में विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क वहन करेगा राज्‍य शासन बजट के संबंध में सीएम मोहन यादव ने अहम योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार के लिए नई योजना बनाई गई है। इसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए प्रदेश के बजट में 3 हजार 800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस प्रदेश सरकार ने बजट में गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस किया है। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का प्रावधान है। असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह से प्रदेश में गरीबों को आवास देने की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के लिए वित्त मंत्री ने 4500 करोड़ रुपए रखे हैं। विकास कार्यों का भूमिपूजन सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 87 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कुलैथ के लोगों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को भी स्वीकार करते हुए सभी कार्यों को पूरा कराने ता वादा किया। प्रोत्साहन राशि की घोषणाएं कार्यक्रम स्थल पर कन्हैया गायन करने वाली प्रत्येक टीम को पांच-पांच हजार रुपये देने की घोषणा की गई। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में शामिल प्रत्येक किसान को भी पांच-पांच हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले किसान को 21 हजार रुपये और द्वितीय स्थान पर रहने वाले किसान को 11 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। कुलैथ के लिए ये घोषणाएं भी हुईं -महेश्वरा खदान को चालू करने के लिए भारत सरकार से अनुमति दिलाने का प्रयास करेंगे। -डांडेवाले बाबा मंदिर तक सड़क को बनाया जाएगा व ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। -जगन्नाथ भगवान मंदिर पर आने वाले यात्रियों के रुकने के लिए भवन बनाया जाएगा और सड़क भी बनाई जाएगी। -गांव में खेल का मैदान भी बनाया जाएगा। -गांव के आसपास के क्षेत्र में उद्योग भी लगाए जाएंगे।

MP व्यापमं मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, घोटाले पर कोर्ट ने दी तीखी चेतावनी

भोपाल  हाईकोर्ट की एक सुनवाई में ऐसा मोड़ आया जिसने सबको चौंका दिया। अदालत में दाखिल एक याचिका पर अचानक उठे सवालों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। जजों की सख्त टिप्पणी और नाराजगी ने माहौल गरमा दिया। दरअसल, फर्जी लोगों से परीक्षा दिलवाने वाले और व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी सुनीता सगर को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। सगर दंपती ने एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में अपनी अपील लंबित होने की बात छिपाते हुए याचिका दायर की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान यह बात सामने आने पर जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने नाराजगी जताई।  याचिका पर कोर्ट ने जताई नाराजगी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीज की थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई शुरू होते ही सगर दंपती के वकील ने याचिका वापस लेने की गुजारिश की। इस दौरान ईडी की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस याचिका में उनकी संपत्ति अटैच करने को चुनौती दी गई थी, लेकिन याचिका में यह बात छिपाई गई कि इस अटैचमेंट के खिलाफ उनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जवाब तलब किया तो सगर दंपती के वकील ने बताया कि याचिका किसी अन्य वकील ने ड्रॉफ्ट कर हाईकोर्ट में दायर की थी, इसलिए इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। दंपत्ति का व्यवहार गलत- हाईकोर्ट कोर्ट ने अपने आदेश में भी लिखा है कि दूसरे वकील द्वारा पीटिशन ड्रॉफ्ट करने की दलील अपील के पेंडिंग होने के बारे में न बताने पर विचार करने का आधार नहीं हो सकती। कोर्ट ने सगर दंपती के व्यवहार को गलत बताते हुए टिप्पणी में इसकी बुराई भी की है। कोर्ट ने लिखा है कि याचिका वापस लेने की याचना की गई है, इसलिए हम याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई प्रोसिडिंग शुरू नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने उनकी याचिका को वापस मानकर खारिज कर दिया। 

कलेक्टर की कार्रवाई से हड़कंप, तहसीलदार-नायब तहसीलदार को नोटिस, पटवारी सस्पेंड

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व विभाग की लापरवाही पर बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। औचक निरीक्षण के दौरान उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर एक तहसीलदार और दो प्रभारी नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल कलेक्टर गौरव बैनल देवसर तहसील अंतर्गत उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार न्यायालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे सैकड़ों राजस्व प्रकरण लंबित पाए गए। कई मामलों में महीनों से सुनवाई नहीं होने और फाइलों में पटवारी रिपोर्ट तक संलग्न नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।  राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रभारी नायब तहसीलदार बरगवा नागेश्वर पनिका और प्रभारी नायब तहसीलदार बड़ोखर दिनेश कुमार पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पटवारी सस्पेंड, कड़ा संदेश राजस्व प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर हल्का देवरा के पटवारी अजमेर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक सुनवाई नियमित होनी चाहिए और जिन मामलों में पटवारी रिपोर्ट लंबित है, वहां तुरंत बैठक कर समय-सीमा में रिपोर्ट पेश कराई जाए। लापरवाही जारी रहने पर आगे और निलंबन व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिस्टम में सुधार का अल्टीमेटम कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर प्रकरण की समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग होगी। आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों में भी औचक निरीक्षण किए जाने की संभावना है।

ऑनलाइन आरती बुकिंग का पूरा तरीका, महाकाल मंदिर की संध्या और शयन आरती की टाइमिंग और शुल्क

उज्जैन  उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इसी वजह से यह हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और श्रद्धालु इनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. यहां पर रोज होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जो जीवन और मृत्यु को दर्शाती है. अब उज्जैन के महाकाल मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है. इसको लेकर खास जानकारी सामने आई है. उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है. ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो. कौन-सी वेबसाइट से होगी सकेगी बुकिंग अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा. ऐसी रहेगी व्यवस्था अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी। दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है। ऐसा रहेगा प्रवेश का समय संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा, जबकि शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा। दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें। इसलिए बदली गई व्यवस्था मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें। यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे वे आसानी से आरतियों की बुकिंग कर सकेंगे और भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। क्या है बुकिंग करने का समय 1)संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी. 2)शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से शुरू होगी. महाकालेश्वर मंदिर में आरती की ऑनलाइन बुकिंग श्रद्धालुओं को आरती के लिए देना होगा इतना पैसा दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है. बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी. दोनों आरतियों के लिए भक्तगणों को प्रवेश द्वार क्रमांक एक से मिलेगा. दोनों आरतियों के लिए क्या है प्रवेश का अंतिम समय 1)संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा. 2)शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा. दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें. मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है. शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए महाकालेश्वर मंदिर समिति पहले से ही श्रद्धालुओं से भस्मारती के ऑनलाइन प्रवेश के लिए 200 रुपए और शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए शुल्क ले रही है। इसके अलावा विभिन्न पूजन विधियों के लिए अलग से राशि ली जाती है। मंदिर में रोज लगभग 1200 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन भस्मारती प्रवेश दिया जाता है। मंदिर में सामान्य कतार के अलावा वीआईपी लाइन से दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से 250 रुपए देकर रसीद लेकर दर्शन किए जा सकते हैं। गर्भगृह प्रवेश अब भी बंद पहले श्रद्धालु 1500 रुपए शुल्क देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकते थे, लेकिन 4 जुलाई 2023 को सावन की भीड़ के कारण इसे 11 सितंबर 2023 तक अस्थायी रूप से बंद किया गया था। उस समय आश्वासन दिया गया था कि सावन के बाद गर्भगृह फिर खोल दिया जाएगा, लेकिन ढाई साल बाद भी आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश शुरू नहीं हुआ है।

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