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राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा 15 जून को, एडमिट कार्ड जारी

 कोटा राजस्थान में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा ने पीटीईटी 2025 के एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने 2 वर्षीय बी.एड. कोर्स या 4 वर्षीय बी.ए.बी.एड./ बी.एससी.बी.एड. कोर्स के लिए आवेदन किया था, वे अब अपना हॉल टिकट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। 15 जून को है परीक्षा राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा 15 जून को प्रदेश के 41 जिलों में एक साथ आयोजित की जाएगी। परीक्षा केवल एक पाली में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक होगी। इस परीक्षा के जरिए राज्य के विभिन्न बीएड कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ptetvmoukota2025.in वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर अपने कोर्स (2-वर्षीय बी.एड. या 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स) के अनुसार लिंक पर क्लिक करें। PTET Admit Card 2025 लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन पेज पर जाकर अपनी डिटेल्स भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा। सभी जानकारियों को ध्यान से चेक करें और एडमिट कार्ड का प्रिंट निकाल लें और उसे सुरक्षित रखें। कुछ बातों का रखें विशेष ध्यान एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी का नाम, फोटो, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी साथ लाना अनिवार्य है, बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी या त्रुटि पाए जाने पर तुरंत यूनिवर्सिटी की हेल्पलाइन से संपर्क करें। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने सभी परीक्षार्थियों से अनुरोध किया है कि वे परीक्षा से जुड़ी ताजा जानकारियों और निर्देशों के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राजस्थान पीटीईटी 2025 की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। अब जब एडमिट कार्ड जारी हो चुका है, तो परीक्षा की अंतिम तैयारियों में कोई कमी न छोड़ें। समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखें।  

पुलिस ने 20.42 ग्राम हेरोइन, 68,800 नकदी के साथ चार आरोपी गिरफ्तार

हनुमानगढ़ हनुमानगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में हनुमानगढ़ टाउन पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20.42 ग्राम चिट्टा (हेरोइन), 68,800 की बिक्री राशि और एक हुंडई ईऑन कार के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दौराने गश्त हनुमानगढ़ टाउन के सतीपुरा बाईपास रोड पर जसविंद्र सिंह जटसिख, नवाब सिंह ओड, जतिन वाल्मिकी, विकास वाल्मिकी को 20.42 ग्राम चिट्टा (हेरोइन), 68,800 की बिक्री राशि सहित गिरफ्तार करते हुए चारों अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस उपनिरीक्षक अजय कुमार थानाधिकारी, पुलिस थाना सदर हनुमानगढ़ द्वारा जांच की जा रही है। हनुमानगढ़ जिले में जिला पुलिस अधीक्षक हरि शंकर द्वारा नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों, अवैध हथियारों, जुआ, सट्टा, और संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के विशेष अभियान चलाया जा रहा है।  

रणथंभौर में टाइगर ने पुजारी पर किया हमला, हुई मौत

सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ का आतंक देखने को मिला है। सोमवार सुबह रणथंभौर किले में स्थित गणेश मंदिर के पुजारी राधेश्याम शर्मा (60) को बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। पुजारी बीते 20 वर्षों से मंदिर में सेवा दे रहे थे। सुबह करीब 5 बजे जब वे शौच के लिए बाहर निकले, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमला इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में उनकी जान चली गई। इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग पर जाम लगा दिया और वन विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। लोगों ने पुजारी के परिजनों को उचित मुआवजा देने और बाघ को पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि वन विभाग की लापरवाही का नतीजा है। दो महीने में तीसरी जान ले चुका है बाघ इससे पहले 21 अप्रैल को रणथंभौर की बाघिन ‘कनकटी’ ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर दर्शन कर लौट रहे 7 वर्षीय मासूम को निशाना बनाया था। बच्चा अपनी दादी के साथ लौट रहा था, तभी बाघिन ने हमला कर उसे गहराइयों में खींच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाघिन काफी देर तक बच्चे की गर्दन पर पंजा रखकर बैठी रही। इसके बाद 12 मई को जोन नंबर-3 के जोगी महल इलाके में ट्रैकिंग के दौरान वन विभाग का रेंजर बाघ के हमले का शिकार हो गया। यह हमला ‘छोटी छतरी’ क्षेत्र में हुआ, जहां बाघ ने उसकी गर्दन पर झपट्टा मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 2 किलोमीटर के दायरे में तीन हमले गौर करने वाली बात यह है कि ये तीनों घटनाएं रणथंभौर दुर्ग और आसपास के महज 2 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमलों के पीछे एक ही बाघ या बाघों का कोई समूह हो सकता है, जो अब आदमखोर जैसा व्यवहार कर रहा है। क्या रणथंभौर बनता जा रहा है डेथ जोन? कम समय और सीमित क्षेत्र में लगातार तीन हमलों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को पहले से खतरे की आशंका थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ चेतावनी नोटिस लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पुजारी और रेंजर जैसे नियमित कर्मचारियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। इन घटनाओं के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या रणथंभौर का यह क्षेत्र डेथ जोन बनता जा रहा है? क्या इन बाघों का व्यवहार सामान्य है या वे इंसानों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं? वन विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई ठोस बयान नहीं आया है, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है।

बाड़मेर में सूरज की तेज तपिश से लोग हुए परेशान, पारा पहुंचा 45.9 डिग्री

बाड़मेर थार नगरी बाड़मेर में गर्मी का प्रकोप एक बार फिर से तेज हो गया है। सुबह से ही सूर्य की तेज तपिश लोगों को परेशान कर रही है। दिन चढ़ने के साथ ही दोपहर में तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को यहां का तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 6 सालों में सबसे अधिक है। मौसम विभाग ने 15 जून तक पश्चिमी राजस्थान में तेज गर्मी की संभावना जताई है।हालांकि 19- 20 जून के बाद जिले के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो सकता हैं, जिससे बारिश होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों के तापमान पर नजर डालें तो जून 2019 में पारा 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इसके बाद, 2020 में 45.5 डिग्री सेल्सियस, 2021 में 42.3 डिग्री सेल्सियस, 2022 में 45.5 डिग्री सेल्सियस, 2023 में 41.8 डिग्री सेल्सियस और 2024 में 44.0 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। इस बार, 6 साल बाद जून का तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। फिलहाल अगले 10-12 दिनों तक रेगिस्तान में धूल भरी आंधी और तेज गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि मई महीने के आखरी सप्ताह में कोई बारिश के बाद थार के लोगों को कुछ गर्मी से राहत मिली थी लेकिन अब एक बार फिर से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसके चलते चिलचिलाती गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।  

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आईआईटी जोधपुर की उपलब्धियों की सराहना की

जोधपुर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला रविवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पहुंचने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत करने वालों में महापौर वनिता सेठ, विधायक बाबूसिंह राठौड़, सांसद पीपी चौधरी, पूर्व महापौर राजेंद्र गहलोत, पूर्व सांसद नारायण पंचारिया, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, देहात अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी, उपमहापौर श्रीकृष्णा लड्डा और माहेश्वरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काबरा प्रमुख रूप से शामिल थे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने आईआईटी जोधपुर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में इस तरह के संस्थानों का विकास विद्यार्थियों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक है। इस दौरान अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बिड़ला ने कहा कि जब वे संगठन में सेवाएं दे रहे थे, तब उन्हें जोधपुर में संगठनात्मक दायित्व निभाने का अवसर मिला था। उन्होंने जोधपुर से जुड़ी कई यादें भी साझा कीं और इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक अहम हिस्सा बताया।

खाटूश्यामजी पहुंची दो महिलाओं के साथ आए बच्चे को लेकर बदमाश फरार

सीकर भोपाल से खाटूश्यामजी के दर्शन करने आई दो महिलाओं को बहला-फुसलाकर एक बदमाश उनके साथ मौजूद तीन वर्षीय बच्चे को लेकर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि यह व्यक्ति महिलाओं से जयपुर रेलवे स्टेशन पर मिला था और उसने महिलाओं को बातचीत में उलझाकर उनसे उनका गंतव्य पूछा। महिलाओं ने बताया कि वे खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रही हैं। इस पर बदमाश ने कहा कि वह भी उसी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा है,  इसके बाद तीनों खाटूश्यामजी पहुंचे। मंदिर में पहुंचने के बाद उस व्यक्ति ने महिलाओं से कहा कि वहां बहुत भीड़ है, इसलिए पहले वे मंदिर में जाकर दर्शन करें, तब तक वह उनके बच्चे की देखभाल कर लेगा। महिलाएं उसकी बातों में आ गईं और मंदिर के अंदर चली गईं। इसके बाद बदमाश बच्चे को लेकर फरार हो गया। रानौली थाना प्रभारी राजेश कुमार बुढ़ानिया ने बताया कि संभवतया यह घटना भीख मांगने वाली गैंग की हो सकती है। बच्चे की उम्र तीन वर्ष है। पुलिस ने राज्य भर में अलर्ट जारी कर दिया है और उसकी तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई।

भरतपुर में दर्दनाक हादसा : दीवार से टकराई अनियंत्रित कार, आग लगने से डॉक्टर की जिंदा जलकर हुई मौत

भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे में शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में कार में आग लगने से एक डॉक्टर की मौत हो गई। घटना भुसावर थाना परिसर के पास हुई, जब कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक केबिन से टकरा गई। मिली जानकारी के अनुसार भुसावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टर विनोद मीणा अपनी कार से वैर रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार थाना परिसर से कुछ आगे जाकर नियंत्रण खो बैठी और दूसरी तरफ स्थित एक केबिन से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। दुर्भाग्यवश डॉक्टर विनोद मीणा कार से बाहर नहीं निकल सके और आग में जिंदा जल गए। घटना की सूचना मिलते ही भुसावर थाना अधिकारी नरेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नगर पालिका की दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के बाद कार से डॉक्टर विनोद मीणा के शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भुसावर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पत्नीक श्री गोविन्द देव के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार सुबह सपत्नीक श्री गोविन्द देव जी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन किए। उन्होंने निर्जला एकादशी के बाद विधिवत् पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। श्री शर्मा ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस अवसर पर मंदिर के महंत ने मुख्यमंत्री को गोविन्द देव जी का चित्र एवं प्रसाद भेंट किया।

राज्यपाल बागडे ने उपराष्ट्रपति की अगवानी की

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने रविवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के जयपुर पहुंचने पर हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। राज्यपाल बागडे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भाव भरा स्वागत किया।

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के रजत जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं प्रधान कार्यालय भवन का राज्यपाल ने किया शिलान्यास

जयपुर, राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है, राजस्थान में सहकारिता क्षेत्र को और बढ़ाना होगा। राज्यपाल शनिवार को चित्तौड़गढ़ के इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती वर्ष के उद्घाटन एवं बैंक के प्रधान कार्यालय भवन के शिलान्यास समारोह में संबोधित कर रहे थे।   राज्यपाल ने कहा कि आज सहकारिता के क्षेत्र से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने राजस्थान में सरकारी क्षेत्र को और बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि यहां इस सहकारिता क्षेत्र में दुग्ध डेयरी की अपार संभावनाएं हैं, इसमें गरीब भी दुग्ध व्यवसाय कर सकता है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को मार्केटिंग की जगह उपलब्ध करानी होगी, इसमें प्रशासन एवं सरकार सहयोग करें। इससे समितियां भी अच्छी चलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता को मन एवं दिल से चलाना होगा, तो इसके अच्छे परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि सभी महिला पुरुषों को रोजगार मिले ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।   राज्यपाल ने कहा कि जिस राष्ट्र का वैभव बढ़ाना है तो वहां की बौद्धिक क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाना होगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की बौद्धिक एवं शारीरिक क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी करने एवं काश्तकार की फसल अच्छी हो इसके लिए आवश्यक है कि उसे काश्त करने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में ही रोका जाना चाहिए। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद सीपी जोशी ने त्याग, तपस्या एवं बलिदान की भूमि पर आगमन पर राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक ने नई तकनीक एवं अन्य बैंकों की तरह कार्य कर सफलता हासिल की है और यह अन्य जिलों में भी शाखाओं का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आज भारत चौथी अर्थव्यवस्था बना है, यह गर्व का विषय है।   इससे पहले राज्यपाल ने समारोह में चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के प्रधान कार्यालय भवन का शिला पूजन किया। प्रारंभ में बैंक के अध्यक्ष आईएम सेठिया ने राज्यपाल को मेवाड़ी पगड़ी पहनकर स्वागत किया और बैंक की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

राजस्थान में सियासी सरगर्मियां तेज, अशोक गहलोत के घर पहुंचे सचिन पायलट, 2 घंटे की मुलाकात ने बढ़ाई हलचल

जयपुर  राजस्थान की राजनीति में एक नया और दिलचस्प मोड़ तब आया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं AICC महासचिव सचिन पायलट ने पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी आवास का रुख किया। यह मुलाकात जयपुर स्थित सिविल लाइंस के उस सरकारी आवास पर हुई जहां अशोक गहलोत वर्षों से रहते हैं। यह सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से कहीं ज्यादा बड़ी मुलाकात मानी जा रही है क्योंकि दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ वर्षों से तनातनी बनी रही है। ऐसे में यह भेंट राजस्थान कांग्रेस में संभावित एकता और सुलह की तरफ इशारा करती है। क्यों पहुंचे पायलट गहलोत के घर? इस मुलाकात का औपचारिक कारण स्वर्गीय राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का निमंत्रण देना था। राजेश पायलट की पुण्यतिथि हर वर्ष 11 जून को दौसा जिले के भंडाना-जीरोता गांव स्थित स्मारक स्थल पर आयोजित की जाती है। इस बार कार्यक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनकी 25वीं पुण्यतिथि है। सचिन पायलट खुद इस आयोजन के प्रमुख आयोजक हैं और चाहते हैं कि इसमें कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हों। सचिन पायलट और अशोक गहलोत की यह मुलाकात केवल चाय-पानी की नहीं थी। दोनों नेता लगभग दो घंटे तक बंद कमरे में चर्चा करते रहे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगना शुरू हो गया है कि क्या कांग्रेस आलाकमान अब राजस्थान में दोनों गुटों को फिर से एक करने की कोशिश कर रहा है?   गहलोत ने दी प्रतिक्रिया, पुरानी यादें की साझा मुलाकात के बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा “AICC महासचिव सचिन पायलट आज मेरे निवास पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजेश पायलट की पुण्यतिथि कार्यक्रम का निमंत्रण देने आए। हम दोनों 1980 में साथ लोकसभा पहुंचे थे और लगभग 18 वर्षों तक संसद में साथ काम किया। उनके असमय निधन से पार्टी और मुझे व्यक्तिगत रूप से बड़ी क्षति हुई।” गहलोत के इस बयान को एक भावनात्मक और राजनीतिक रूप से संतुलित संदेश माना जा रहा है, जो पार्टी के भीतर एकजुटता का संकेत भी देता है।   राजेश पायलट की विरासत और दौसा का महत्व राजस्थान की राजनीति में राजेश पायलट एक ऐसा नाम है जो आज भी लोगों के दिलों में सम्मान और स्नेह के साथ याद किया जाता है। वह केवल एक कद्दावर नेता ही नहीं बल्कि आम जनता के बीच ‘अपनों जैसे’ थे। उनका नारा ‘राम राम सा’ आज भी गांव-गांव में गूंजता है। 11 जून 2000 को दौसा-जयपुर मार्ग पर एक सड़क हादसे में उनका असमय निधन हो गया था। वे कई बार दौसा से सांसद रहे और केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्यरत रहे। दौसा आज भी पायलट परिवार की राजनीतिक और भावनात्मक भूमि बनी हुई है, जहां हर साल उनकी पुण्यतिथि पर बड़ी श्रद्धांजलि सभा आयोजित होती है। सचिन पायलट के लिए यह इलाका केवल चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि पिता की विरासत का प्रतीक है। गहलोत-पायलट के बीच लंबे समय से तनाव साल 2018 में जब कांग्रेस ने राजस्थान में सत्ता में वापसी की थी, तब सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन पार्टी आलाकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री और पायलट को उपमुख्यमंत्री बनाया, जिससे अंदरूनी असंतोष शुरू हो गया। यह मतभेद धीरे-धीरे सार्वजनिक हो गया और 2020 में पायलट गुट ने खुले तौर पर बगावत कर दी। हालांकि मामला कांग्रेस आलाकमान की मध्यस्थता से शांत हुआ, लेकिन दोनों नेताओं के बीच की दूरी बनी रही। खास बात यह रही कि अशोक गहलोत और उनके समर्थक आमतौर पर राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर आयोजित आयोजनों में शामिल नहीं होते थे, जो राजनीतिक और व्यक्तिगत दूरी को दर्शाता था। लेकिन इस बार पायलट द्वारा दिए गए निमंत्रण को गहलोत ने स्वीकार किया, जो एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। कांग्रेस में नई एकता की शुरुआत? राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं थी बल्कि इसके पीछे गहरा राजनीतिक संदेश छिपा है। हाल ही में लोकसभा चुनावों में राजस्थान में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिससे पार्टी के भीतर यह सोच बन रही है कि अब गुटबाजी पार्टी को और नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए पार्टी आलाकमान दोनों नेताओं को सुलह और एकजुटता की राह पर लाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में गहलोत-पायलट की यह मुलाकात आने वाले समय में कांग्रेस के भीतर नई समझदारी और रणनीतिक मेलजोल की शुरुआत मानी जा रही है। अब सबकी नजर 11 जून पर 11 जून को भंडाना-जीरोता में होने वाला श्रद्धांजलि कार्यक्रम अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सियासी मंच बन सकता है। अगर अशोक गहलोत इस आयोजन में शामिल होते हैं तो यह साफ संकेत होगा कि कांग्रेस अब आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए गुटबाजी को भुला कर एकजुट होने की कोशिश कर रही है।  

मेधावी छात्राओं को अब तक स्कूटी नहीं मिलने से नाराज छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पर जमकर किया प्रदर्शन

कोटा राजस्थान में मेधावी छात्राओं को अब तक स्कूटी नहीं मिलने से नाराज छात्राओं ने प्रदर्शन का रास्ता चुना। कोटा और झालावाड़ में शनिवार को स्कूटी वितरण की मांग को लेकर छात्राओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया। कोटा में छात्राओं का कलेक्ट्रेट पर धरना कोटा जिले में छात्राओं ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। स्कूटी योजना में देरी से नाराज छात्राएं प्रशासनिक अधिकारी को बाहर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। मौके पर पुलिस ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन छात्राओं ने गेट पर ही धरना जारी रखा। एबीवीपी की मंहानगर मंत्री दिप्ति मेवाड़ा ने बताया कि 2022-23 में स्कूटी योजना की घोषणा के बाद से छात्राएं विभाग के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक न स्कूटी मिली और न ही कोई ठोस आश्वासन। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी एक महीने के भीतर स्कूटी वितरण का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। इस संबंध में आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। झालावाड़ में भी एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन झालावाड़ जिले में भी ABVP ने स्कूटी योजना में देरी पर नाराजगी जताई। संगठन के जिला संयोजक अंकित देव गुर्जर ने बताया कि जिन छात्राओं ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा योजना और देवनारायण स्कूटी वितरण योजना के लिए आवेदन किया था, उन्हें अब तक स्कूटी नहीं मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्कूटी वितरित नहीं की गई, तो छात्राएं संगठन के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।  

अजमेर में बकरीद की नमाज शांतिपूर्वक हुई अदा

अजमेर अजमेर शहर के केसरगंज स्थित ईदगाह में शनिवार सुबह ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज शांतिपूर्ण और धार्मिक उत्साह के साथ अदा की गई। सुबह से ही नमाजियों का ईदगाह में पहुंचना शुरू हो गया था और हजारों की संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज में हिस्सा लिया। नमाज के दौरान देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से कुर्बानी दी जाती है, जो त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। नमाज के बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए और कुर्बानी की रस्में निभाईं। पर्व के मद्देनज़र ईदगाह और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। मौके पर एडीएम सिटी गजेंद्र सिंह राठौड़, एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ ओमप्रकाश सहित अनेक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर अजमेर दरगाह के प्रमुख उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने केंद्र सरकार द्वारा माइनॉरिटी प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च किए गए पोर्टल की सराहना की। उन्होंने इसे पारदर्शिता और संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। चिश्ती ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे अपनी संपत्तियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराएं ताकि उन्हें संरक्षण मिल सके। प्रधानमंत्री की योजनाओं की प्रशंसा चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और कहा कि 11 वर्षों में उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ कार्य किया है। उन्होंने चिनाब ब्रिज के निर्माण को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह अंग्रेजों का सपना था, जिसे अब मोदी सरकार ने साकार किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर अब सही मायनों में भारत से जुड़ गया है और रेलवे की शुरुआत से पर्यटन एवं स्थानीय विकास को गति मिलेगी। चिश्ती ने कहा कि किसी की व्यक्तिगत राय से फर्क नहीं पड़ता और जो भी मामले सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं, उन पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने देश में शांति, एकता और समृद्धि की कामना की।

हनुमान बेनीवाल ने पायलट को भाजपा का खास आदमी दिया करार

जयपुर नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पायलट को भाजपा का खास आदमी करार दिया है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में बेनीवाल ने कह कि सचिन पायलट तो मानेसर में कांग्रेस सरकार गिराने गए थे, वह भाजपा के करीबी हैं। बेनीवाल ने कहा- सचिन पायलट बयानवीर हैं। कांग्रेस के सारे नेता सिर्फ बयान देना जानते हैं। बच्चों के भविष्य के लिए उन्हें धरने पर बैठना चाहिए, सड़कों पर उतरना चाहिए, आरपीएससी के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए। सिर्फ मीडिया में बोलने से कुछ नहीं होगा। अमित शाह के नजदीकी हैं पायलट बेनीवाल ने कहा- सचिन पायलट के पास दिल्ली और जयपुर में आलीशान बंगले हैं। अगर, वे दिल्ली फोन करते हैं तो काम हो जाता है, इसका मतलब साफ है कि उनके केंद्र सरकार में गहरे संपर्क हैं। वह तो अमित शाह के खास लोगों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का 2018 में कोई भविष्य नहीं था और अब तो पंचायत चुनाव में ही वह फ्री हो जाएगी। जिस तरह का जोश आज युवाओं में है, उससे साफ है कि कांग्रेस की इस बार कोई सीट नहीं आएगी। अगर, कांग्रेस की सीट ही नहीं आएगी तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री कैसे बनेंगे? गहलोत और वसुंधरा पर भी तंज बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पीएम नरेंद्र मोदी का खास आदमी बताया। साथ ही वसुंधरा राजे पर तंज कसते हुए कहा कि उनके संबंध सोनिया गांधी से अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने किसी नेता को नहीं बुलाया, लेकिन अगर कोई सड़कों पर उतरकर बच्चों के लिए कुछ करे तो उसका स्वागत है। जो कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम बात तो करें।

कुर्बानी के लिए दुबई भेजे 10 हजार बकरे, नियमों के खिलाफ एक्सपोर्ट हुए तो करेंगे कार्रवाई: मंत्री कुमावत

जयपुर आज बकर ईद है। राजस्थान की सबसे बड़ी बकरा मंडी अजमेर से हजारों की संख्या में बकरे कुर्बानी के लिए विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए गए हैं। एयर कार्गो के जरिए राजस्थान की बकरा मंडी से करीब 10 हजार बकरे दुबई भेजे गए हैं। इसे लेकर प्रदेश के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत का बयान भी आया गया है। उन्होंने कहा कि पशुओं की बली देश की संस्कृति के खिलाफ है। यदि, राजस्थान से कुर्बानी के लिए विदेश एक्सपोर्ट किए जा रहे बकरे नियमों के खिलाफ हैं तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। कुमावत ने कहा- हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से चलती है। हम गाय को माता मानते हैं और पशुओं से लेकर आग, पानी, पहाड़ और पत्थर तक को पूजते हैं। ऐसे में किसी भी जीव की हत्या, चाहे वह बकरा ही क्यों न हो, हमारी सनातनी परंपरा में स्वीकार्य नहीं है। पशुपालन मंत्री ने कहा कि कोई बकरों को एक्सपोर्ट कर रहा है तो नियमों के तहत ही करें। यह काम भारत सरकार की नीति के अंतर्गत आता है, इसलिए हमने केंद्र की गाइडलाइन मंगवाई है। मंत्री ने कहा कि ईदु उज अजहा किसी मजहब के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन हमारी संस्कृति में बकरे की बली देने की इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सभी जीव पशुपालक की रोजी रोटी का जरिया होते हैं और राजस्थान जैसे राज्य की जीडीपी में योगदान देते हैं। दुबई में डिमांउ ज्यादा गौरतलब है कि राजस्थान की सबसे बड़ी बकरा मंडी (अजमेर) से अहमदाबाद, मुंबई सहित दुबई तक बकरे भेजे जा रहे हैं। खासकर दुबई में राजस्थानी बकरों की डिमांड ज्यादा है। इनमें 7 फीट तक के बकरे शामिल हैं। डाइट में भी काजू, बादाम और दूध दिया जाता है। गौरतलब है कि कारोबारियों ने बकरों के नाम फिल्म स्टार्स के नाम पर शाहरुख, सलमान जैसे नाम भी रखे हैं।

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