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ChatGPT मेकर की नई तैयारी, टेक मार्केट में उतरेगा खास हार्डवेयर प्रोडक्ट

नई दिल्ली OpenAI का नाम आते ही लोगों के जेहन में एक सॉफ्टवेयर का ख्याल आता है. मगर कंपनी अब हार्डवेयर सेक्टर में एंट्री करना चाहती है. कंपनी ने कुछ वक्त पहले ही ऐलान किया है कि वो इस साल के अंत तक AI इनेबल हार्डवेयर प्रोडक्ट लॉन्च कर सकते हैं. कंपनी इससे पहले एक नया प्रोडक्ट लॉन्च कर सकती है.  2026 के अंत में कंपनी AI इनेबल डिवाइस को लॉन्च करेगी, जो लोगों के लिए 2027 में मिलेगा. अब एक लीक सामने आई है, जिसमें कंपनी के अपकमिंग हार्डवेयर की जरूरी डिटेल्स हैं. ये एक नॉन-AI डिवाइस हो सकता है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.  क्या होगा कंपनी का पहला डिवाइस? टिप्स्टर स्मार्ट पिकाचू के मुताबिक, OpenAI का पहला हार्डवेयर ईयरबड्स होंगे. इन ईयरबड्स का नाम Dime हो सकता है. हालांकि, कंपनी इसका बेसिक वर्जन रिलीज करेगी. ये संभवतः कंपनी के अपने ड्रीम डिवाइस के लॉन्च से पहले का वॉर्मअप हो सकता है.  OpenAI से जुड़ी एक पेटेंट फाइलिंग चीन में पब्लिक की गई है. इस फाइलिंग के मुताबिक प्रोडक्ट का नाम Dime होगा. टिप्स्टर का कहना है कि कंपनी पहले सिंपल ईयरबड्स लॉन्च करेगी. इसके अलावा OpenAI के स्मार्टफोन जैसे डिवाइस को लॉन्च होने में वक्त लगेगा.  फोन जैसा डिवाइस भी लाएगी कंपनी इसकी वजह HBM स्टोरेज है जो मैटेरियल की कीमत को बढ़ा सकती है. कंपनी का स्मार्टफोन जैसा डिवाइस कंप्यूटर जैसी पावर के साथ आएगा. इससे पहले OpenAI के चीफ ग्लोबल अफेयर ऑफिसर क्रिस लेहेन ने बताया था कि इस साल के अंत तक वे पहला AI डिवाइस लॉन्च करेंगे. हालांकि, लॉन्च की निश्चित तारीख की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई हैं. OpenAI ने हाल में ही नया AI मॉडल एजेंटिक कोडिंग को लॉन्च किया है, जिसका नाम GPT-5.3-Codex है. ये मॉडल सभी पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध है. कंपनी का कहना है कि ये डिवाइस पिछले वर्जन के मुकाबले 25 परसेंट फास्ट होगा.

रूस का कड़ा फैसला, WhatsApp, Facebook और YouTube पर प्रतिबंध

रूस टेलीग्राम पर रोक लगाने के बाद रूस की पुत‍िन सरकार ने अमेर‍िकी सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मीड‍िया र‍िपोर्टों के अनुसार, रूस में वॉट्सऐप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय अमेर‍िकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। कहा जा रहा है क‍ि वहां लोग इन पॉपुलर ऐप्‍स को इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को रूस ने पॉपुलर मैसेजिंग ऐप Telegram पर रोक लगा दी थी। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है, ताकि लोग सरकारी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने लगें। रूस की नियामक संस्था ‘रोसकोमनाडजोर’ ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। अब अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लग गई है। इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन सरकार ने सिर्फ अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों पर भी रोक लगाई है। इससे प्रभावित हुई वेबसाइट्स में बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप रेडियो लिबर्टी शामिल हैं। इसके अलावा, टॉर ब्राउजर (Tor Browser) को भी ब्लॉक कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल गुमनाम ब्राउजिंग के लिए किया जाता था। राष्ट्रीय DNS सिस्टम इस्तेमाल करना हुआ अनिवार्य बता दें कि रूस में इंटरनेट सेवा देने वालों के लिए देश के राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य हो गया है। यह सिस्टम Roskomnadzor नाम की सरकारी एजेंसी की निगरानी में काम करता है। सिस्टम का काम “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत इंटरनेट कंट्रोल को लागू करना है। क्यों उठाया रूस ने ये कदम? कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूस ने यह कदम देश में विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया वेबसाइट्स के इस्तेमाल को लगभग खत्म कर देने के लिए उठाया है। हालांकि, इससे रूस में रहने वाले लोग कई ग्लोबल सर्विस और खबरों के सोर्स से दूर हो गए हैं। वॉट्सऐप कॉल‍िंंग फीचर पर पहले से बैन बता दें कि रूस में पहले से ही वॉट्सऐप की कई सर्विस पर बैन लगा हुआ है। पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा, रूस ने दिसंबर में ऐपल के फेसटाइम और स्नैपचैट को भी देश में बैन कर दिया था।

डायबिटीज अलर्ट देगी स्मार्टवॉच? दुबई में शुरू हुई नई टेक्नोलॉजी की जांच

दुबई में एक ऐसी स्मार्टवॉच की टेस्टिंग चल रही है, जो लोगों को डायबटीज रिस्क के बारे में बताएगी। मंगलवार को दुबई में वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो (WHX) 2026 का आयोजन किया गया। इसमें डायबिटीज के खतरे का पता लगाने के लिए स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के बारे में बताया गया है। इसका मकसद बढ़ते डायबिटीज संकट से निपटना है। दुनिया भर में लाखों लोगों को यह भी नहीं पता चल पाता है कि उन्हें डायबटीज का खतरा है। इस कारण स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के जरिए लोगों की मदद की जा रही है। इसके लिए नए स्टडी हो रही है, जिसमें स्मार्टवॉच की टेस्टिंग हो रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वॉच डायबटीज रिस्क के बारे में कितनी सटीक जानकारी दे सकती है। Huawei Watch GT 6 Pro की हो रही टेस्टिंग आजकल मार्केट में अलग-अलग तरह के गैजेट्स आते हैं। स्मार्टवॉच के जरिए लोग अपनी कई हेल्थ एक्टिविटीज को ट्रैक कर पाते हैं। दुनिया में डायबटीज के मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। Gulf News की रिपोर्ट के अमुसार, दुबई हेल्थ के तहत मोहम्मद बिन राशिद यूनिवर्सिटी (MBRU) में असिस्टेंट प्रोफेसर और एंडोक्राइनोलॉजी डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. मरियम अल सईद ने बताया कि रिसर्च में 150 मरीजों और वॉलंटियर्स पर Huawei Watch GT 6 Pro को टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्टिंग इसलिए है ताकि यह देखा जा सके कि वॉच बढ़े हुए ब्लड ग्लूकोज लेवल को पहचानने में कितनी सही है। टेस्टिंग में शामिल होंगे कई लोग इस ट्रायल में 50 हेल्दी वॉलंटियर्स, 50 जाने-माने डायबिटीज के मरीज के साथ दुबई हेल्थ हॉस्पिटल और शहर भर के प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर से 50 प्री-डायबिटीज वाले मरीज भी शामिल होंगे। डॉ. सईद ने प्री-डायबिटीज ग्रुप में खास दिलचस्पी दिखाई। बता दें कि यह ग्रुप उन लोगों का है, जिनका ब्लड शुगर लेवल कभी ज्यादा और कभी कम हो सकता है और जिन्हें अपनी हालत के बारे में पता हो भी सकता है और नहीं भी। ​ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से होगी तुलना स्टडी में स्मार्टवॉच की रीडिंग की तुलना ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से की जाएगी। यह वह टेस्ट होता है, जिसमें एक्यूरेसी टेस्ट करने के लिए उंगली पर सुई चुभाते हैं और बल्ड की एक बूंद से टेस्ट किया जाता है। बता दें कि Huawei ने WHX में Huawei Health Strategy and Research Platform इवेंट में Huawei Watch GT 6 Pro के लिए डायबिटीज रिस्क के नए फीचर की घोषणा की थी। इसके बाद यह स्टडी की घोषणा हुई। क्या है टेक्नोलॉजी? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Huawei Watch GTX में फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PPG) का इस्तेमाल होता है। यह एक ऑप्टिकल तरीका है, जो लाइट सेंसर के जरिए ब्लड ग्लूकोज का अंदाजा लगा सकता है। कलाई पर पहना जाने वाले एक बाहरी और नॉन-इनवेसिव डिवाइस होने के कारण यह मिनिमली इनवेसिव कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर से अलग है, जिन्हें स्किन के नीचे लगाना पड़ता है। डॉ. अल सईद ने कहा कि वॉच यह नहीं बताएगी कि आपको डायबिटीज है, लेकिन यह उन्हें बताएगी कि ग्लूकोज बढ़ा हुआ है। इस तरह वॉच आपको सिग्नल देगी कि शायद आपको अपने डॉक्टर के पास जाकर लैब टेस्ट करवाना चाहिए। जल्दी पता लगाना है जरूरी डॉ. सईद ने कहा कि दुनिया भर में 500 मिलियन से भी ज्यादा लोग टाइप 2 या टाइप 1 डायबिटीज के डायग्नोसिस के साथ जी रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों को डायग्नोस नहीं हुआ है, उन्हें ये पता ही नहीं है कि उनको डायबिटीज है, क्योंकि उन्होंने कभी चेकअप ही नहीं करवाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्री-डायबिटीज वाले दो-तिहाई लोगों में कुछ समय बाद यह बीमारी पूरी तरह हो जाती है, इसलिए इसका जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी है।

एक्ने से बचना है? पहले जान लें कौन-सा क्लींजर है आपकी स्किन के लिए सही

स्किन केयर रूटीन की शुरुआत हमेशा चेहरे की सफाई यानी क्लींजिंग से होती है। अक्सर हम विज्ञापनों या दोस्तों की सलाह पर कोई भी फेसवॉश खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत फेसवॉश आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा, रूखा या मुंहासों से भर सकता है? चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए सबसे जरूरी है अपनी स्किन टाइप को समझना और उसके अनुसार सही इंग्रिडिएंट्स वाला फेसवॉश चुनना। आइए जानते हैं अपनी स्किन के लिए सही फेसवॉश कैसे चुनें। ऑयली स्किन के लिए अगर आपका चेहरा धोने के कुछ देर बाद ही चिपचिपा और चमकदार दिखने लगता है, तो आपकी स्किन ऑयली है। ऐसी त्वचा के पोर्स अक्सर बंद हो जाते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स और मुंहासे होते हैं। इसलिए अगर स्किन ऑयली है, तो आपको फोमिंग या जेल-बेस्ड फेसवॉश चुनना चाहिए। इसमें सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड, टी-ट्री ऑयल या नीम होना चाहिए। ये स्किन के ऑयल प्रोडक्शन को कंट्रोल करते हैं और पोर्स की गहराई से सफाई करते हैं। ड्राई स्किन के लिए चेहरा धोने के बाद अगर त्वचा खिंची-खिंची और सफेद दिखने लगे, तो आपकी स्किन ड्राई है। ऐसी त्वचा को ऐसे क्लींजर की जरूरत होती है जो सफाई तो करे, लेकिन नेचुरल ऑयल्स को न छीने। आपको क्रीमी या लोशन-बेस्ड फेसवॉश का चुनाव करना चाहिए, जिसमें हयालूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन, एलोवेरा या विटामिन-ई हो। ये सफाई के साथ-साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखते हैं। कॉम्बिनेशन स्किन के लिए यह सबसे आम स्किन टाइप है, जिसमें ‘T-Zone’ (माथा, नाक और ठुड्डी) ऑयली होता है, जबकि गाल सूखे या नॉर्मल होते हैं। इसके लिए आपको एक जेंटल फेसवॉश की जरूरत है जो न तो बहुत ज्यादा ऑयली हो और न ही बहुत ज्यादा ड्राई। ऐसे फेसवॉश चुनें जो बैलेंसिंग हों। लैक्टिक एसिड या विटामिन-सी वाला माइल्ड क्लींजर आपके लिए बेहतरीन काम करेंगे। सेंसिटिव स्किन के लिए ऐसी त्वचा पर कोई भी नया प्रोडक्ट लगाते ही जलन, रेडनेस या खुजली होने लगती है। आपको फ्रेग्रेंस-फ्री और हाइपोएलर्जेनिक फेसवॉश की तलाश करनी चाहिए। इसमें कैमोमाइल, ओट्स या सेरामाइड्स होने चाहिए, जो स्किन बैरियर को मजबूत करते हैं। फेसवॉश खरीदते समय इन 3 बातों का भी रखें खास ध्यान     pH बैलेंस- हमारी त्वचा का प्राकृतिक pH लगभग 5.5 होता है। हमेशा ‘pH Balanced’ फेसवॉश ही चुनें ताकि त्वचा का नेचुरल बैलेंस न बिगड़े।     सल्फेट और पैराबेन से बचें- सल्फेट (जैसे SLS) फेसवॉश में झाग तो बहुत बनाता है, लेकिन यह त्वचा को बहुत ज्यादा रूखा कर देता है। हमेशा सल्फेट-फ्री फेसवॉश चुनें।     मौसम का मिजाज- याद रखें कि मौसम के साथ आपकी स्किन की जरूरतें बदलती हैं। सर्दियों में माइल्ड क्रीमी क्लींजर और गर्मियों में डीप क्लीनिंग फेसवॉश का इस्तेमाल करना समझदारी है।     दिन में दो बार इस्तेमाल करें- सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले हरा साफ करना न भूलें।  

महंगे ट्रीटमेंट को कहें अलविदा, अपनाएं प्याज का तेल

आजकल के प्रदूषण, खराब लाइफस्टाइल और केमिकल प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल के कारण बाल झड़ना एक आम समस्या बन गई है। इसके लिए बाजार में कई तरह के महंगे तेल और ट्रीटमेंट्स उपलब्ध हैं, लेकिन जो बात प्राकृतिक नुस्खों में है, वह कहीं और नहीं। बालों की मजबूती और उन्हें दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सदियों भारतीय घरों में इस्तेमाल होता आया है। प्याज में भरपूर मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो बालों को टूटने से बचाता है और उन्हें जड़ों से पोषण देता है। अगर आप भी हेयर फॉल से परेशान हैं, तो प्याज के रस से हेयर ऑयल बना सकते हैं। आइए जानें कैसे। प्याज के तेल के फायदे     सल्फर से भरपूर- सल्फर को बालों का बिल्डिंग ब्लॉक माना जाता है, जो केराटिन प्रोडक्शन में मदद करता है।     एंटी-बैक्टीरियल गुण- यह स्कैल्प के इन्फेक्शन और डैंड्रफ को दूर रखता है।     ब्लड सर्कुलेशन- यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे नए बाल उगने में मदद मिलती है।     बाल सफेद होने से बचाव- प्याज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं। घर पर प्याज का तेल बनाने की विधि सामग्री-     प्याज- 2-3 बड़े आकार के (लाल प्याज सबसे बेहतर होते हैं)     नारियल का तेल- 200 मिली     कढ़ी पत्ता- एक मुट्ठी     मेथी दाना- एक चम्मच बनाने का तरीका     सबसे पहले प्याज को छीलकर टुकड़ों में काट लें और मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें। आप चाहें तो इसमें बिना पानी डाले प्याज का रस भी छानकर निकाल सकते हैं।     अब एक भारी तले वाली कड़ाही लें और इसमें नारियल का तेल डालें और मध्यम आंच पर गरम करें।     जब तेल गरम हो जाए, तब इसमें प्याज का पेस्ट, कढ़ी पत्ता और मेथी दाना डालें। आंच को बिल्कुल धीमा रखें।     इसे धीरे-धीरे तब तक चलाएं जब तक प्याज का पेस्ट गहरा भूरा न हो जाए। ध्यान रहे कि प्याज जलना नहीं चाहिए, बस उसका अर्क तेल में उतरना चाहिए। इसमें करीब 15-20 मिनट लग सकते हैं।     जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे एक सूती कपड़े से छान लें। अब इस तेल को एक कांच की बोतल में भर कर रख लें। इस्तेमाल का तरीका     उंगलियों के टिप्स से तेल को स्कैल्प पर धीरे-धीरे लगाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मालिश करें।     तेल को कम से कम 1 घंटा बालों में लगा रहने दें।     किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू से बालों को धो लें। प्याज की महक हटाने के लिए आप नींबू के रस वाले पानी से भी बाल धो सकते हैं।  

फेस स्वैप की तैयारी में इंस्टाग्राम! AI फीचर से फोटो-वीडियो होंगे और भी मजेदार

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते चलन को देखते हुए मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से एआई से बनी फोटो और वीडियो में यूजर डिजिटली अपना चहरा जोड़ सकेंगे। कंपनी जल्द ही एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर ला सकती है। इंस्टाग्राम का यह फीचर OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। एक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके इस अपकमिंग टूल के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इंस्टाग्राम में आने वाला यह टूल, सिंपल इमेज फिल्टर के बजाय पर्सनलाइज्ड “लाइकनेस” बनाने पर फोकस करता है। अभी तक इंस्टाग्राम ने इस फीचर के लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, टिप्सटर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि इस सुविधा पर काफी पहले से काम चल रहा है। फेस स्वैप टूल लाने की तैयारी Alessandro Paluzzi ने X पर इंस्टाग्राम के अपकमिंग फीचर की डिलेट शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है। इसे फेस स्वैप टूल भी कहा जाता है। हालांकि, इंस्टाग्राम में इसे “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से लाया जा सकता है। लीक हुई इमेज के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप बना सकते हैं। एआई से बनाई गई इन क्लिप में उनका चहरा भी जोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंस्टाग्राम यह लाइकनेस डेटा कैसे इकट्ठा करेगा। उम्मीद है कि सिस्टम मौजूदा पोस्ट और हाइलाइट्स को एनालाइज करेगा या फिर ऑप्शन को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को एक डेडिकेटेड सेल्फी अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है। सेटअप हो जाने के बाद यूजर अलग-अलग सिनेरियो में खुद को दिखाते हुए कस्टमाइज्ड इमेज या वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना होगा। शेयरिंग और क्रिएटिव को मिलेगा बढ़ावा इस फीचर की मदद से एआई कंटेंट को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। यूजर डायरेक्ट मैसेज के जरिए प्राइवेटली क्रिएशन भेज सकते हैं या उन्हें स्टोरीज और फीड पर पब्लिकली पोस्ट भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी किसी भी डिटेल के लिए कोई कन्फर्मेशन नहीं है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह टूल मेटा के अपने ऐप्स में जेनरेटिव AI में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ अलाइन होगा। इससे यूजर्स को ज्यादा इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड कंटेंट क्रिएशन टूल मिलेंगे। लेनी होगी परमिशन रिपोर्ट की मानें तो यूजर्स डायरेक्ट मैसेज से इनवाइट या रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। AI से बने मीडिया में उनके अपीयरेंस का इस्तेमाल करने से पहले दूसरे यूजर को मंजूरी देनी होगी। यह परमिशन बेस्ड तरीका गलत इस्तेमाल को रोकने और पर्सनल आइडेंटिटी को प्रोटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अभी इस अपकमिंग फीचर की इतनी जानकारी ही सामने आई है। आगे आने वाले समय कंपनी इसके बारे में अन्य डिटेल शेयर कर सकती है।

सेहत का काला जादू: Black Coffee के रोज़ाना फायदे

आजकल की भागती हुई स्ट्रेसफुल लाइफ में सुबह की शुरुआत ताजगी और एनर्जी के साथ करना हर किसी की जरूरत है। कई लोग इसके लिए ब्लैक कॉफी का सहारा लेते हैं। ब्लैक कॉफी न सिर्फ आपको नींद और थकान से बाहर निकालती है बल्कि सेहत के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है। बिना दूध और चीनी के बनी यह कॉफी कैलोरी में बेहद कम और पोषक तत्वों में भरपूर होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, कैफीन, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं रोजाना एक कप ब्लैक कॉफी पीने से मिलने वाले कुछ बड़े लाभ के बारे में विस्तार से- एनर्जी लेवल को बढ़ाए ब्लैक कॉफी का सबसे पहला फायदा है एनर्जी बूस्ट। इसमें मौजूद कैफीन तुरंत दिमाग को सक्रिय करता है और थकान को मिटाकर शरीर में चुस्ती-फुर्ती भर देता है। कामकाजी लोगों और स्टूडेंट्स के लिए यह दिन की बेहतरीन शुरुआत है। वेट लॉस करने में मददगार ब्लैक कॉफी मेटाबॉलिज्म को तेज करके फैट बर्निंग में मदद करती है। यह कैलोरी में बहुत कम होती है और भूख को कुछ समय के लिए दबाकर ओवरईटिंग से बचाती है। वजन कम करने वालों के लिए यह नेचुरल सपोर्ट है। दिल की सेहत के लिए फायदेमंद रोजाना ब्लैक कॉफी का संतुलित सेवन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। डायबिटीज के खतरे को कम करे ब्लैक कॉफी इंसुलिन की सेंसटिविटी को सुधारती है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखती है। इसके नियमित सेवन से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। लिवर को स्वस्थ रखे ब्लैक कॉफी लिवर के लिए बेहद लाभकारी है। यह फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव करती है। लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया को भी यह सपोर्ट करती है। दिमाग की क्षमता बढ़ाए ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन न्यूरॉन्स को उत्तेजित करता है, जिससे मेमोरी, एकाग्रता और अलर्टनेस बढ़ती है। इसके सेवन से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस ब्लैक कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है,जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से बचाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है। यह एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और स्किन को हेल्दी ग्लो देती है। स्ट्रेस और डिप्रेशन से राहत ब्लैक कॉफी दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” को बढ़ाती है, जिससे मूड अच्छा होता है और स्ट्रेस व डिप्रेशन कम होता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाए ब्लैक कॉफी पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है जिससे खाना आसानी से पचता है। यह कब्ज जैसी समस्या को भी कम करती है और पेट को हल्का रखती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि: हेपेटाइटिस-बी की जांच होगी अब सरल और विश्वसनीय

आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट  स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्ट एक घंटे के अंदर नतीजे दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में भी किया जा सकता है। टेस्ट में देरी को करेगा कम आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला आधारित टेस्टिंग की वजह से होने वाली देरी को दूर करने में मदद कर सकता है। किर्बी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गैल मैथ्यूज ने कहा, परिणामों ने पाया कि फिंगरस्टिक प्वाइंट आफ केयर परीक्षण अत्यधिक सटीक है, जो पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के करीब है। मैथ्यूज ने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच को बढ़ाने की क्षमता रखती है, विशेष रूप क्लिनिक में फिंगर स्टिक ब्लड सैंपल का से जहां परीक्षण की पहुंच सीमित है । हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर पर हमला करता है । ग्लोबल डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं और हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। हालांकि वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, क्रानिक हेपेटाइटिस बी से पीड़ित लोगों में से सिर्फ आठ प्रतिशत को ही इलाज मिल पाता है। अभी हेपेटाइटिस बी डीएन टेस्टिंग, निदान और निगरानी दोनों के लिए, एक केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रोसेस करने के लिए वीनस ब्लड सैंपल इकट्ठा करने की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और फिर अक्सर रिजल्ट के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह देरी इलाज और देखभाल में रुकावट डाल सकती हैं। 60 मिनट के अंदर रिजल्ट   इसकी तुलना में नया प्वाइंट आफ केयर टेस्ट छोटे हेल्थ इस्तेमाल करके किया जा सकता है, जिसे ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर कर सकते हैं और 60 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल जाता है। यह कई संक्रामक रोगों जिसमें हेपेटाइटिस सी भी शामिल है, के लिए लैब टेस्ट का एक प्रभावी विकल्प है। नया परीक्षण डब्ल्यूएचओ के 2030 तक हेपेटाइटिस बी को स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन कर सकता है।  

नीम करोली बाबा की 5 बातें: जो पैसा, सफलता और शांति दिला सकती हैं

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करके हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।

आजमाएं गुस्से को छूमंतर करने के लिए ये लाजबाव उपाय

कहते हैं क्रोध बुद्धि को खा जाता है, यह बात कई लोग जानते हैं फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथी को परेशान करते हैं। वैसे अगर आपको कभी गुस्सा आ भी जाए तो इन उपायों से आप अपने गुस्से को काबू में रख सकते हैं। अमूमन देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति गुस्सा होता है तो उसके आस-पास का माहौल भी प्रभावित होता है। ऐसे में अगर आपको गुस्सा आ रहा हो तो एकांत मे चले जाइए और उस समस्या के बारे में एक बार सोचिए क्या आप जिस बात या जिस पर गुस्सा कर रहे हैं। क्या वह जायज है? अगर हां तो उसका निवारण तलाशिए। आपकी एक पहल गुस्से को छूमंतर कर सकती है। अगर आपको किसी व्यक्ति का बात करने का तरीका पसंद नहीं है लेकिन उसके हाव-भाव अच्छे लगते हैं तो अपने गुस्से को शांत करने के लिए ध्यान लगाएं। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि एक तालाब काई से ढका हुआ है। वहां एक प्यासा और थका हुआ आदमी पहुंचता है। वह उस काई को हटाता है, पानी पीता है, उसमें नहाता है और अपनी थकावट दूर करता है। ठीक इसी तरह आप उस व्यक्ति के हाव-भाव पर ध्यान न देकर उसकी बातों पर ध्यान लगाएंगे तो आपको कभी गुस्सा नहीं आएगा और आप हमेशा खुश रहेंगे। ऐसा गुस्सा किस काम का जिसके कारण गुस्सा समाधान की वजह खुद एक समस्या बन जाए। बेहतर है गुस्से को शांत करने के बोलना बंद कर दें। ऐसे में आपको उसका खुले दिल से स्वागत करना चाहिए और उसके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। अगर कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसकी बातें अच्छी हैं, हाव-भाव अच्छे हैं और वह दयालु भी है लेकिन आपको उस पर फिर भी खीझ आती है तो अपने गुस्से पर काबू करने के लिए ध्यान लगाएं। एक तालाब का पानी बहुत मीठा और साफ है। एक प्यासा और गर्मी से बेहाल आदमी उस तालाब के पास पहुंचता है, जिसका पानी पीकर और उसमें नहा कर उसे परम सुख की अनुभूति होती है और उसकी परेशानियां दूर हो जाती हैं। ठीक ऐसे ही आप भी अपना सारा ध्यान उस आदमी की अच्छाइयों पर लगाएं और अपने गुस्से को खुद पर हावी न होने दें।  

फोन स्लो हो गया है? Google Photos का ये गुप्त फीचर मिनटों में खाली करेगा स्टोरेज

नई दिल्ली  स्मार्टफोन में स्टोरेज भरने की समस्या बहुत आती है। ज्यादा स्टोरेज वाले फोन मंहगे आते हैं। इस कारण लोगों को कम स्टोरेज वाले फोन में ही किसी ऐसी ट्रिक की तलाश होती है, जो हैंडसेट के स्टोरेज को खाली रखे। अगर आप भी ऐसी ही कोई ट्रिक चाहते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल काफी उपयोगी साबित होने वाला है। नई फोटो क्लिक करने या ऐप्स डाउनलोड करने पर ‘Storage Full’ का नोटिफिकेशन किसी को भी परेशान कर देता है। अक्सर हमारे फोन में एक ही फोटो के कई वर्जन होते हैं। उदाहरण के लिए जैसी कई सारी सेल्फी या व्हाट्सऐप से डाउनलोड की गई डुप्लीकेट फाइलें। ये फोन में काफी स्पेस लेते हैं। इन्हें एक साथ डिलीट करके फोन के स्टोरेज को खाली किया जा सकता है। Google Photos का एक छिपा हुआ और बेहद स्मार्ट फीचर स्मार्टफोन यूजर्स को बिना किसी फोटो को सर्च किए तुरंत सैकड़ों MB या GB जगह खाली करने में मदद कर सकता है। यह फीचर आपके स्टोरेज को क्लीन करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है, जिससे आपका फोन फिर से सुपरफास्ट हो जाएगा। स्टोरेज खाली होने के फायदा     स्टोरेज खाली होने से आपके स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है।     डुप्लिकेट, धुंधली और एक जैसी फोटो अपने आप हट जाती हैं।     आपकी फोटो लाइब्रेरी को ऑर्गनाइज करना और नेविगेट करना आसान हो जाता है। डिलीट करने से पहले जरूर कर लें ये काम     फोटोज डिलीट करने से पहले स्मार्टफोन पर Google Photos ऐप खोलें।     स्क्रीन के ऊपर राइट साइड में आ रही अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें।     इसके बाद फोटो सेटिंग्स पर क्लिक करें और फिर ‘बैक अप एंड सिंक’ पर क्लिक करें।     इससे क्लाउड पर आपकी फोटोज का बैकअप आ जाएगा।     पहले से बैकअप की गई फोटो और वीडियो देखने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें।     उन्हें अपने स्मार्टफोन से डिलीट करने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें सजेस्ट डिटेक्शन टूल का इस्तेमाल करें     ‘लाइब्रेरी’ टैब पर जाएं और ‘यूटिलिटीज’ एरिया में जाएं।     यहां धुंधली, मिलती-जुलती या पुरानी इमेज को पहचानने और मार्क करने के लिए ‘Suggest Deletion’ को सिलेक्ट करें।     सुझावों को देखें और उन्हें एक-एक करके, एक साथ डिलीट करें, या आर्काइव में ले जाएं। बड़े वीडियो आर्काइव करें     Google Photos ऐप से एक बड़ा वीडियो ढूंढें और सिलेक्ट करें।     वीडियो को दबाकर रखें और ‘मूव टू आर्काइव’ चुनें।     अपने फोन पर काफी जगह खाली करने के लिए इन वीडियो को क्लाउड में सेव करें।

पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से निजात पाने के लिए गर्भासन अपनाएं, जानिए इसके लाभ

 पीरियड्स शुरू होते ही कई महिलाओं को तेज दर्द, ऐंठन और पेट में सूजन की शिकायत होती है, जो बेहद कष्टदायक होता है। ऐसे में हर बार पेन किलर का सहारा लेना जरूरी नहीं। योग के माध्यम से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसी क्रम में गर्भासन एक बहुत प्रभावी योग मुद्रा है। गर्भासन के रोजाना अभ्यास से पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियां कम होती हैं, गर्भाशय स्वस्थ रहता है और मासिक चक्र भी नियमित बनता है। यह आसन तनाव दूर कर शरीर-मन को संतुलित रखने में भी मदद करता है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गर्भासन को बहुत फायदेमंद बताया है। यह योगासन खासतौर पर स्वस्थ गर्भाशय बनाए रखने और पीरियड्स के दर्द में राहत के साथ ही उसे नियमित करने में मदद करता है। रोजाना कुछ मिनट इस आसन का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों को शांति मिलती है। गर्भासन का नाम ‘गर्भ’ यानी भ्रूण और ‘आसन’ यानी मुद्रा से मिलकर बना है। इस आसन में शरीर की स्थिति भ्रूण जैसी हो जाती है, इसलिए इसे गर्भासन कहते हैं। नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता काफी कम होती है, मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। महिलाओं के लिए यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि यह प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और पीरियड्स से जुड़ी कई समस्याओं में राहत देता है। इस आसन को सही तरीके से करने के लिए पहले कुछ तैयारी जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, गर्भासन शुरू करने से कुछ दिन पहले कुक्कटासन का अभ्यास करें। कुक्कटासन में शरीर का संतुलन अच्छा होने पर ही गर्भासन को आजमाएं। सबसे पहले पद्मासन में बैठें, हाथों को जांघों-पिंडलियों के बीच फंसाकर कोहनियां बाहर निकालें। कोहनियां मोड़कर दोनों कान पकड़ने की कोशिश करें। भार कूल्हों पर रहे। क्षमता अनुसार 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएं। एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ती है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। हालांकि, कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। गर्भासन का अभ्यास सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है। कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो, जैसे गर्दन, कंधे या कमर में दर्द, तो सलाह लेकर ही करें।

सावधान! मौसम में बदलाव बन रहा है वायरल बुखार का कारण

बदलता मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। यह सब जानते हुए भी हम असावधान रहते हैं और वायरल बुखार की चपेट में आ जाते हैं। प्रायः बुखार वायरल की शुरुआत खांसी, जुकाम और बुखार से होती है। विशेषकर सर्दियां प्रारंभ होते ही मौसम की शुष्कता वायरल बुखार की जिम्मेदार होती है। इस दौरान नाक, कान, गले की एलर्जी सांस लेते समय छाती में परेशानी, आवाज बैठना, खांसी, जुकाम का होना आम बात है। कौन कौन से होते हैं वायरल इंफेक्शन:- -हैजा भी वायरल इंफेक्शन है। यह किसी भी मौसम में हो सकता है। -डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, पीलिया, हेपेटाइटिस, डायरिया आदि वायरस से फैलते हैं। ये भी साल में कभी भी हो सकते हैं। -जुकाम-खांसी आदि साधारण वायरल इंफेक्शन हैं। जुकाम में नाक बंद रहती है, छींके आती हैं, गला खराब रहता है, खांसी होती है। ये अधिकतर सर्दियों में फैलते हैं। -शरीर में दर्द और बुखार भी वायरल इंफेक्शन से होता है। -बच्चों में डायरिया का मुख्य कारण भी वायरल इंफेक्शन होता है। कैसे फैलता है वायरल -वातावरण में फैला प्रदूषण वायरल इंफेक्शन को फैलाने में मदद करता है। उसी प्रदूषित वातावरण में हम सांस लेते हैं जिसमें हजारों वायरस होते हैं। -भीड़भाड़ वाले स्थान में जाने से वायरल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। -एयर कंडीशंड रूम में हम ताजी हवा का सुख नहीं ले पाते। अगर कोई खांसता है तो उसका वायरस वहीं रहता है जिससे अन्य कमजोर लोग उसकी चपेट में आ जाते हैं। -आस-पास की गंदगी भी वायरस फैलाने में मददगार होती है। कोई भी काम करने के बाद हाथों का न धोना, नाखूनों का गंदा होना, गंदे बर्तनों में खाना पकाना या खाना, सब्जियों और फलों को बिना धुले खाना आदि से भी संक्रमण हो सकता है। वायरल हो जाए तो क्या करें -नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें। -ज्यादा खट्टे फलों का सेवन न करें। -पानी अधिक लें। विटामिन सी वाली चीजें लें। -पौष्टिक और संतुलित आहार लें। -गर्म सब्जियों का सूप, खिचड़ी, दलिया और रसदार सब्जियों का भरपूर सेवन करें। -अदरक व शहद वाली चाय लें। -च्यवनप्राश का सेवन करें। -शहद व गुड़ का प्रयोग करें। -तुलसी पत्र को प्रातःखाली पेट पानी के साथ निगल लें। -गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी रात्रि में सोने से पहले ले सकते हैं। लाभ मिलेगा। ताकि स्वयं को बचा सकें वायरल की चपेट से -मौसम के अनुसार पूरे वस्त्र पहनें। -खाली पेट बाहर न निकलें। खाली पेट रहने से शरीर में कमजोरी आती है और संक्रमण का प्रभाव जल्दी होता है। -खांसी और जुकाम होने पर रूमाल का प्रयोग करें। अगर आसपास कोई खांस रहा है तो आप रूमाल अपने मुंह पर रख लें। -खाना मौसम के अनुसार लें। अगर बाहर खाएं तो सफाई का पूरा ध्यान रखें। -ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज रखें। -बदलते मौसम में फ्रिज का पानी न पिएं। -डब्ल्यू एच ओ साल में दो बार एंटी-फ्लू वैक्सीन निकालता है, सितंबर और मार्च में। 6 महीने तक के छोटे बच्चों को साल में दो बार टीका लगवाएं। छः माह से बड़े बच्चों और बुजुर्गों को भी यह टीका लगवाया जा सकता है।  

वायरल स्किन फास्टिंग ट्रेंड—फायदा ज्यादा या नुकसान? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

सुबह के क्लींजर से लेकर रात के नाइट जेल तक, हम रोज अपनी स्किन को केमिकल प्रोडक्ट्स की कई परतों में दबा देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी स्किन की नेचुरल ग्लो को छीन सकता है? ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड काफी चर्चा में है। लेकिन सवाल आता है कि क्या वाकई यह फायदा होता है, या सिर्फ एक ट्रेंड है? आइए जानते हैं इसके बारे में। क्या है स्किन फास्टिंग? स्किन फास्टिंग का मतलब है कुछ दिनों या हफ्तों के लिए अपनी स्किनकेयर रूटीन को बेहद सिंपल कर देना। इस दौरान त्वचा की देखभाल के लिए सिर्फ क्लींजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक तरह का डिटॉक्स है, जिसमें स्किन को एक्टिव इंग्रिडिएंट्स से ब्रेक मिलता है और वह खुद को रिपेयर करती है। क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड? आजकल मल्टी-स्टेप रूटीन में ढेर सारे एक्टिव इंग्रेडिएंट्स इस्तेमाल होते हैं, जिससे स्किन का नेचुरल बैरियर कमजोर होने लगता है। ऐसे में स्किन फास्टिंग के दौरान स्किन को रिपेयर होने का मौका मिलता है। साथ ही, कम प्रोडक्ट्स लगाने से स्किन उसे बेहतर अब्जॉर्ब कर पाती है। स्किन फास्टिंग के फायदे     स्किन के नेचुरल बैरियर को रिपेयर करने में मदद करती है।     इससे स्किन का पीएच बैलेंस बरकरार रहता है और त्वचा में नमी बनी रहती है।     स्किन फास्टिंग इरिटेशन और सेंसिटिव को कम करने में मदद करती है। यह रोजेसिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होती है।     ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से होने वाले ब्रेकआउट, कंजेशन और रिएक्शन का खतरा भी कम होता है।     रेटिनॉल और एक्सफोलिएशन जैसे प्रोडक्ट्स से ब्रेक लेने पर स्किन खुद को रिपेयर कर पाती है। क्या हर किसी के लिए सही है? स्किन फास्टिंग पर रिसर्च सीमित है। इसलिए हर व्यक्ति पर इसका अलग असर देखने को मिल सकता है, जैसे-     अगर आपकी स्किन ज्यादा ड्राई है, तो आपको रूखापन या स्किन डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसके कारण स्किन बैरियर डैमेज होने का रिस्क रहता है।     स्किन फास्टिंग का असर रातों-रात नहीं दिखता। इसलिए अच्छे नतीजों के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।     एक्ने या हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी परेशानियों के लिए सही ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। ऐसे में स्किन फास्टिंग ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं होगी।     स्किन फास्टिंग के बाद दोबारा एक्टिव इंग्रिडिएंट्स को स्किनकेयर में शामिल करने पर इरिटेशन हो सकती है।     इसी तरह अचानक कुछ एक्टिव इंग्रिडिएंट्स का इस्तेमाल बंद करने पर भी रिएक्शन होने का खतरा रहता है। कुल मिलाकर बात यह है कि स्किन फास्टिंग कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, तो कुछ के लिए नुकसानदेह। इसलिए अपनी स्किन की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।  

पीली हल्दी के बाद अब ‘नीली हल्दी’ की बारी: सेहत के लिए क्यों मानी जाती है खास?

हल्दी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में गहरा पीला रंग आता है। हम सभी जानते हैं कि पीली हल्दी हमारी रसोई की शान है, क्योंकि यह सेहत और स्किन दोनों के लिए काफी फायदेमंद होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत की मिट्टी में एक ऐसी दुर्लभ हल्दी भी उगती है जो पीली नहीं, बल्कि अंदर से नीले रंग की होती है? जी हां, इसे ‘नीला सोना’ भी कहा जा सकता है क्योंकि यह सामान्य मसाले से कहीं बढ़कर, एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है। आइए, शारदा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से जानते हैं इसके बारे में। क्या है नीली हल्दी? यह एक बहुत ही दुर्लभ पौधा है जिसे विज्ञान की भाषा में करकुमा कैसिया (Curcuma Caesia) कहा जाता है। आम बोलचाल में लोग इसे ‘काली हल्दी’ के नाम से भी जानते हैं। यह सामान्य हल्दी से बिल्कुल अलग दिखती है। जब आप इसकी जड़ को तोड़ते हैं, तो यह अंदर से चमकदार पीली नहीं, बल्कि गहरे नीले या नीले-काले रंग की निकलती है। यह मुख्य रूप से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ चुनिंदा इलाकों में ही पाई जाती है। क्यों है यह इतनी खास? हम जो पीली हल्दी खाते हैं, उसमें ‘करक्यूमिन’ होता है, जो उसे पीला रंग और स्वाद देता है, लेकिन नीली हल्दी का मामला थोड़ा अलग है। इसमें करक्यूमिन बहुत कम होता है, लेकिन इसमें कपूर और कई तरह के ‘एशेंशियल ऑयल्स’ भरपूर मात्रा में होते हैं। इसका स्वाद कड़वा होता है और इसमें कपूर जैसी तेज महक आती है। यही कारण है कि इसका इस्तेमाल खाना पकाने में नहीं, बल्कि आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में दवा के तौर पर किया जाता है। नीली हल्दी के अद्भुत फायदे नीली हल्दी को इसके औषधीय गुणों के कारण ‘सुपरचार्ज्ड’ माना जाता है। सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर इसके कई फायदे हैं:     जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की अकड़न या किसी चोट के दर्द में यह बहुत राहत देती है। यह सूजन को कम करने में भी कारगर मानी जाती है।     इसमें रोगाणुओं से लड़ने की ताकत होती है, जो इन्फेक्शन को दूर रखने और घावों को भरने में मदद करती है।     पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल खांसी, अस्थमा और छाती में जकड़न जैसी समस्याओं के लिए किया जाता है। इसके अलावा, यह पाचन को भी सुधारती है और पेट की गैस को कम करती है। साथ ही, त्वचा की खुजली, रशेज और छोटे-मोटे घावों पर इसका लेप बहुत फायदेमंद होता है। सावधानी भी है जरूरी चूंकि, नीली हल्दी में बहुत शक्तिशाली तत्व होते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत संभलकर करना चाहिए। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इसे हमेशा कम मात्रा में ही यूज करें। गर्भवती महिलाओं और किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के इसका उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में लेने पर इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।  

जो बनना चाहो, वो बन जाओगे—स्वामी विवेकानंद की प्रेरक 7 सीखें

स्वामी विवेकानंद का नाम सुनते ही मन में आशा, उम्मीद, प्रेरणा, जीत, सफलता जैसे शब्द चलने लगते हैं और खुद में आत्मविश्वास महसूस होता है। उन्होंने अपने विचारों से सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बातें, विचार आज भी युवाओं को सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर आप उनके मार्ग पर चलें या फिर उनकी बातों को गांठ बांध लें, तो जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। चलिए आपको उनकी कुछ प्रभावशाली बातें बताते हैं, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचार- 1- सोच बड़ी करो जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे। अगर आप सोचते हैं कि आप सफल होंगे, तो उसी दिशा में मेहनत करना शुरू करें और एकदिन आप जरूर सफल होंगे। 2- रिस्क लें जीवन में जोखिम उठाइए, यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व करेंगे, यदि हारते हैं तो आप दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। जीत-हार सब आपकी सफलता के राह के साथी है, जो भी मिले उसे स्वीकार कर आगे बढ़ें और फिर मेहनत करें। 3- गलत मार्ग न चुनें किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या न आए, तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं। विवेकानंद जी ने कहा था कि सही रास्ता वही है, जिसमें रिस्क हो, कठिनाई हो, हर चीज जो सरलता से मिले वो गलत मार्ग हो सकता है। 4- त्याग करो जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि आपकी सफलता के बीच में जो भी चीज बाधा बन रही है, उसे त्याग करने की कोशिश करें। फिर चाहे वो नींद हो, गर्मी-सर्दी हो या फिर आपकी कोई इच्छा या आदत। 5- सीखते रहो जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। जिस दिन आप सोच लेंगे कि अब सीखने को कुछ बाकि नहीं है, उस दिन आपको करने के लिए कुछ नहीं होगा। आखिरी सांस तक सीखना व्यक्ति का गुण होना चाहिए। 6- संगत का असर स्वामी जी कहते थे कि संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है, इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें। इसलिए हमेशा उन लोगों के साथ रहें, जो आपको सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें न कि आपके कदम पीछे खींच लें। 7- लक्ष्य तय करें उठो, जागो और तबतक न रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते। अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसपर काम करना शुरू करें। इस बीच आपकी लोग बुराई करें या तारीफ इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

छोटी सी चिप, बड़ा सपना: अश्विनी वैष्णव की 2nm चिप और भारत की तकदीर का सवाल

नई दिल्ली द‍िग्‍गज कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने भारतीय केंद्रों में 2nm च‍िप के ड‍िजाइन को व‍िकसि‍त क‍िया है। केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्‍णव ने इस कामयाबी को देखा। यह उपलब्‍ध‍ि भारत को सेमीकंडक्‍टर के क्षेत्र में बहुत आगे ले जा सकती है। 2nm बेहद एडवांस्‍ड च‍िप है, ज‍िस एआई से लेकर गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल क‍िया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव की दो उंगलियों के बीच आपको एक छोटी सी चीज दिख रही होगी। यह 2nm (नैनोमीटर) चिप है। इस चिप को बड़ी अमेरिकी कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में विकसित किया है, जो भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है। शनिवार को कंपनी ने इस चिप के डिजाइन के सफल टेप-आउट (डिजाइन के अंति‍म चरण) का ऐलान क‍िया। क्‍या 2nm चिप भारत की तकदीर को बदल सकती है? इसका जवाब है हां, क्‍योंकि यह सबसे एडवांस्‍ड चिप है जिसे आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस से लेकर हमारे गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल करने की तैयारी है। क्‍यों खास है 2nm (नैनोमीटर) चिप? 2nm (नैनोमीटर) चिप को नेक्‍स्‍ट-जेनरेशन सेमीकंडक्‍टर टेक्‍नोलॉजी कहा जाता है। इसकी ट्रांजिस्‍टर डे‍ंसिटी बहुत अधिक है। इस चिप का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन इस साल शुरू होने की उम्‍मीद है। दावा है कि इस चिप का इस्‍तेमाल शुरू होने के बाद किसी भी गैजेट या अन्‍य इस्‍तेमाल वाली चीज में ऊर्जा की खपत 45 फीसदी कम हो जाएगी। दावा है कि यह मौजूदा 3nm और 5nm चिपसेट से बेहतर परफॉर्मेंस देगी। इस चिप को आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस सर्वरों, स्‍मार्टफोन्‍स, IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। स्‍मार्टफोन्‍स की बात करें तो सबसे पहले यह चिप प्रीमियम स्‍मार्टफोन्‍स में देखने को मिल सकती है। इनमें iphone 18 सीरीज और Google की अपकमिंग पिक्‍सल स्‍मार्टफोन सीरीज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। Samsung S26 सीरीज में भी आ सकती है चिप कहा जाता है कि 2nm चिप तकनीक को सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी एस26 सीरीज के स्‍मार्टफोन्‍स में लाया जा सकता है। ऐसी अफवाहें हैं कि Exynos 2600 प्रोसेसर में 2एनएम प्रोसेस का इस्‍तेमाल किया गया है। इसके अलावा, एआई सर्वरों, डेटा सेंटरों और उन एआई ऐप्‍ल‍िकेशंस के लिए भी यह चिप कारगर होने वाली है, जो बहुत ज्‍यादा बिजली इस्‍तेमाल करते हैं। क्‍या सिर्फ क्‍वाॅलकॉम ये चिप बना रही या अन्‍य कंपनियां भी? 2nm (नैनोमीटर) चिप पर काम करने वाली क्‍वॉलकॉम अकेली नहीं है। TSMC (N2 process), सैमसंग, इंटेल, आईबीएम जैसी कंपनियां इसे तैयार कर रही हैं। भारत के लिए यह उपलब्‍ध‍ि अहम क्‍यों? क्‍वॉलकॉम का बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में 2nm चिप को विकस‍ित करना भारत के लिए बड़ी उपलब्‍ध‍ि है। कंपनी ने खुद कहा है कि अमेरिका के बाहर यह उसका सबसे बड़ा इंजीनियर‍िंग टैलंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव के अनुसार, इस तरह की उपलब्‍ध‍ियां यह बताती हैं कि भारत का डिजाइन इकोसिस्‍टम कितना आगे निकल गया है। दुनिया में सेमीकंडक्‍टर को लेकर जो मुकाबला चल रहा है, उसमें हमारी तैयारी भी काफी मजबूत है। खबर में जिस टेप-आउट का जिक्र हमने शुरू में किया था, उसका मतलब होता है चिप डिजाइनिंग की फाइनल स्‍टेज। कैसे बदल सकती है भारत की तकदीर? भारत मैन्‍युफैक्‍चरिंग का दुनिया में बड़ा हब बनता जा रहा है। इस कामयाबी के बाद वह प्रोडक्‍ट डिजाइनिंग का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में सेमीकंडक्‍टर का क्षेत्र आने वाले समय में काफी अहम होने वाला है। अगर भारत सेमीकंडक्‍टर के विकास में आगे निकलता है तो वह अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा होकर दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। इससे भारतीय टैलंट की साख और मजबूत होगी।

कम बजट में iPhone! लॉन्च डेट फाइनल, जानिए 4 बड़े बदलाव और संभावित कीमत

नई दिल्ली ऐपल लवर्स के लिए खुशखबरी है कि इस महीने ऐपल अपना iPhone 17 लॉन्च कर सकती है। पिछले साल फरवरी 2025 में ही ऐपल ने iPhone SE को बंद कर iPhone 16e पेश किया था। रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐपल 19 फरवरी को नया iPhone 17e लॉन्च कर सकती है। यह मॉडल ऐपल की लेटेस्ट सीरीज का सबसे सस्ता iPhone होगा। ऐसी खबरें हैं कि इस iPhone में पिछली बार के मुकाबले 4 बड़े अपग्रेड्स देखने को मिल सकते हैं। क्या बदलेगा iPhone 17e में? iPhone 17e के लुक्स में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। यह दिखने में काफी हद तक iPhone 16e की तरह होगा। हालांकि इस बार ऐपल iPhone 17e में नॉच की जगह डायनामिक आइलैंड दे सकता है। हालांकि खबरें ऐसी भी आ रही हैं कि शायद ऐपल डायनामिक आइलैंड इसके अगले मॉडल में लेकर आए। ऐसे में देखना होगा कि ऐपल डायनामिक आइलैंड के साथ क्या फैसला लेता है। iPhone 17e में A19 चिपसेट दिया जाएगा, जो कि इसके पिछले मॉडल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और एफीशिएंट बनाएगा। इसके अलावा iPhone 17e में N1 चिप भी होगी, जो Wi-Fi 7 और ब्लूटूथ 6 जैसे एडवांस फीचर्स को सपोर्ट देगी। iPhone 17e की कनेक्टिविटी में भी होंगे सुधार iPhone 17e में ऐपल अपना नया C1X मॉडम दे सकता है। ऐपल का दावा है कि यह दूसरी पीढ़ी का मॉडम पहले के मुकाबले दोगुना तेज है और अब तक का सबसे ज्यादा पावर-एफिशिएंट मॉडम है। इसका मतलब है कि आपको सुपरफास्ट 5G स्पीड के साथ बेहतर बैटरी लाइफ भी मिलेगी। इस फोन में बाकी मॉडल्स की तरह MagSafe सपोर्ट मिल सकता है। बता दें कि ऐपल ने iPhone 16e में सिर्फ 7.5W की स्लो वायरलेस चार्जिंग ही दी थी। वहीं iPhone 17e में 20W-25W की मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग मिलने की उम्मीद है। ऐसे में यूजर्स सस्ते iPhone के साथ भी मैग्नेटिक वॉलेट या बैटरी पैक जैसी एक्सेसरीज का इस्तेमाल कर पाएंगे। क्या रहेगी कीमत और कितने मिलेंगे कैमरे? iPhone 17e के कैमरा की बात करें, तो इसमें पीछे की तरफ सिंगल 48-मेगापिक्सल का कैमरा मिलने की उम्मीद है।वहीं कीमत को लेकर ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि iPhone 16e की तरह ही iPhone 17e की शुरुआत 599 डॉलर से हो सकती है। iPad 12 भी हो सकता है पेश रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐपल iPad 12 पर भी काम कर रहा है। उम्मीद है कि iPhone 17e के साथ ऐपल इसे भी लॉन्च कर दे। इसका डिजाइन iPad 11 जैसा ही होगा। हालांकि चिप A18 और रैम 8 GB तक बढ़ सकती है। इसके अलावा इसमें ऐपल इंटेलिजेंस का सपोर्ट भी मिलेगा। आईपैड की कीमतों को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

ASUS ने लॉन्च किए 6 नए लैपटॉप्स, AI फीचर्स के साथ मिलेगा बेहतरीन बैटरी बैकअप

नई दिल्ली ASUS ने अपने लेटेस्ट लैपटॉप की प्रीबुकिंग शुरू कर दी है. ये लैपटॉप्स कंपनी की Zenbook और Vivobook सीरीज का हिस्सा हैं, जो AMD Ryzen AI प्रोसेसर के साथ आते हैं. कंपनी के पोर्टफोलियो में कई लैपटॉप शामिल हैं, जिन्हें आप प्रीबुक कर सकते हैं. जल्द ही इनकी सेल भी शुरू होगी.  इन लैपटॉप्स की कीमत और फीचर्स का खुलास कंपनी ने कर दिया है. ब्रांड का कहना है कि इन प्रोडक्ट्स को AI असिस्ट प्रोडक्टिविटी, मल्टीटास्किंग, क्रिएटिव वर्कलोड और रोजमर्रा की कम्प्यूटिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आइए जानते हैं इनकी खास बातें.  क्या हैं फीचर्स? ASUS Zenbook S16 में AMD Ryzen AI 9 465 प्रोसेसर दिया गया है. ये लैपटॉप Copilot+ PC कैपेबिलिटी और ASUS AI ऐप्लिकेशन्स के साथ आता है. इसका वजन 1.5 किलोग्राम है और ये लैपटॉप ऑल-मेटल चैसी के साथ आता है. इसमें 16-inch का OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. कंपनी की मानें तो डिवाइस 23 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आता है.  Zenbook 14 को कंपनी ने AMD Ryzen AI 5 430 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया है. इसमें 14-inch का FHD+ OLED टच स्क्रीन डिस्प्ले मिलता है. ब्रांड का कहना है कि ये लैपटॉप सिंगल चार्ज में 25 घंटे तक की बैटरी लाइफ ऑफर करता है.  इसके अलावा Vivobook S16 को कंपनी ने इंट्रोड्यूस किया है, जो AMD Ryzen AI 400 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें Copilot+ PC फीचर मिलता है. डिवाइस FHD+ OLED डिस्प्ले के साथ आता है. ये मशीन सिंगल चार्ज में 23 घंटे तक चल सकती है.  इनके अलावा कंपनी ने Vivobook 16, Vivobook 15 और दूसरे मॉडल्स को लॉन्च किया है. सभी में कंपनी ने AMD Ryzen प्रोसेसर दिया है, जो अगल-अगल कैपेबिलिटी के साथ आते हैं. इनमें कंपनी ने SSD स्टोरेज दिया है.  कितनी है कीमत?  इन सभी मॉडल्स को 12 फरवरी से खरीदा जा सकेगा. हालांकि, ASUS Vivobook 16 मार्च में उपलब्ध होगा. Zenbook S16 की कीमत 1,69,990 रुपये है. वहीं Zenbook 14 की कीमत 1,15,990 रुपये है. Vivobook S16 की कीमत 1,04,990 रुपये से शुरू है.  Vivobook 16 को कंपनी ने 87,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. वहीं Vivobook 15 की कीमत 62,990 रुपये से शुरू होती है. ASUS Vivobook 16 (M1605NAQ) की कीमत 65,990 रुपये से शुरू होती है. प्रीऑर्डर पर 5,599 रुपये का फायदा सिर्फ 1 रुपये में मिलेगा. ये ऑफर जेनबुक मॉडल्स पर है.

दांपत्य जीवन भी होगा खुशहाल, मनचाहे पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि पर करें खास उपाय

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान और माता पार्वती की पूजा अर्चना होती है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को है। यह पर्व भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव-पार्वती की पूजा मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से मनचाहे पार्टनर की प्राप्ति होती है। क्योंकि मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए सनातन धर्म में इस दिन को बहुत ही अच्छा माना गया है। चलिए जानते हैं कि मनचाहा पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि के दिन कौन से उपाय करने चाहिए। मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए उपाय 1. महाशिवरात्रि के दिन अगर आप मनचाहा वर चाहती हैं, तो इस दिन पूजा के समय गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ होगा। अभिषेक करते समय इस समय ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जप करते रहें। मान्यता है कि इससे प्रेम विवाह करने में सफलता प्राप्त होती है। 2. अगर आप विवाह के बंधन में जल्द से जल्द बंधना चाहती हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर पूरे विधि-विधान से शिव-शक्ति की पूजा आरधना करें। पूजा के समय अविवाहित लड़कियां मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। 3. इस दिन कच्चे दूध में शहद और काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है। इस उपाय से शादी के योग बनते हैं। 4.महाशिवरात्रि के दिन शुद्ध घी या दही से भगवान शिव का अभिषेक करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। 5. वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए महाशिवरात्रि के दिन वर और वधु एक साथ जोड़े में पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ फलदायी माना जाता है। 6. महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती का एक साथ पूजन करें। पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें। वहीं, शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय से रिश्तों में संवाद और समझ बढ़ती है। 7. महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से धन संबंधी अड़चनें कम होती हैं। 8 ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए ये अभिषेक करने से मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है।

पीरियड्स में चिड़चिड़ापन और थकान? सही देखभाल से रखें शरीर और मन स्वस्थ

 पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन महसूस होना बहुत आम बात है और हर लड़की या महिला कभी न कभी इससे गुजरती है। पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, कमर दर्द, सिर दर्द, उलझन या बिना किसी खास वजह के मूड खराब होना हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस समय शरीर थोड़ा कमजोर भी महसूस करता है, इसलिए खुद को समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। सबसे पहले खाने-पीने पर ध्यान देना चाहिए। पीरियड्स के दिनों में हल्का, पोषण से भरपूर खाना जैसे हरी सब्जियां, फल, दालें और आयरन से भरपूर चीजें शरीर को ताकत देती हैं। खूब पानी पीना भी बहुत जरूरी है, इससे पेट की सूजन और थकान कम होती है। ज्यादा नमक, जंक फूड, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहता है क्योंकि ये दर्द और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही आराम और हल्की-फुल्की गतिविधि का संतुलन भी जरूरी है। बहुत ज्यादा बिस्तर पर पड़े रहना भी शरीर को सुस्त बना देता है, इसलिए हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। हालांकि, भारी एक्सरसाइज या ज्यादा थकाने वाला काम करने से बचना चाहिए। अगर मन करता है तो गुनगुने पानी से नहाना या पेट पर गर्म पानी की थैली रखना भी काफी आराम देता है। नींद पूरी लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से मूड स्विंग्स और थकान बढ़ सकती है। पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। समय-समय पर सैनिटरी पैड या साफ कपड़ा बदलना चाहिए, आमतौर पर हर 6 घंटे में। इस्तेमाल किए गए पैड को ठीक से लपेटकर फेंकें और अंडरगारमेंट्स रोज बदलें। अंडरगारमेंट्स को अच्छे से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कीटाणु न पनपें। इस दौरान गंदे या नम कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हाथों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें। मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक सेहत का। पीरियड्स के समय भावनाएं जल्दी आहत हो सकती हैं, गुस्सा या उदासी बिना वजह महसूस हो सकती है। ऐसे में खुद पर ज्यादा सख्त न हों। मनपसंद काम करें, हल्का संगीत सुनें, किताब पढ़ें या किसी अपने से बात करें। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या पीरियड्स बहुत अनियमित हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Google ने दी चेतावनी, 40% स्मार्टफोन में है खतरा – जानें सेफ्टी के लिए क्या करें

 नई दिल्ली अमेरिकी कंपनी गूगल ने एक बड़ी वॉर्निंग दी है और बताया है कि करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स पर मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में है. ये खतरा पुराने Android OS वर्जन होने की वजह से है.  ये जानकारी फॉर्ब्स ने दी है. रिपोर्ट में बताया है कि इस खतरे की वजह पुराना एंड्रॉयड ओएस वर्जन है. जो एंड्रॉयड 13 या उससे भी पुराने ओएस पर काम करते हैं. पुराने Android OS को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलता है, जिसकी वजह से उनपर सबसे ज्यादा खतरा है. ऐसे स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या दुनियाभर में 1 अरब से ज्यादा है.  Android 16 इतने यूजर्स के फोन में  दुनियाभर में Android 16 अभी सिर्फ 7.5% डिवाइस में ही मौजूद है, जो दिसंबर तक का डेटा है. Android 15 पर 19.3 परसेंट फोन काम करते हैं. Android 14 पर 17.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं और Android 13 पर 13.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं. सिर्फ इतने परसेंट लोग सिक्योरिटी अपडेट के तहत आते हैं रिपोर्ट्स में बताया है कि 58 परसेंट स्मार्टफोन ऐसे हैं, जो सिक्योरिटी सपोर्ट के अंदर आते हैं, जबकि 40 परसेंट स्मार्टफोन के लिए सिक्योरिटी अपडेट अवेलेबल नहीं है.  पुराना स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर्स को सलाह  स्मार्टफोन यूजर्स को सलाह दी गई है कि जिनके मोबाइल पुराने OS पर काम करते हैं, उनको लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस के साथ अपडेट कर लेना चाहिए. साथ ही सिक्योरिटी सपोर्ट को रेगुलर अपडेट करते रहना चाहिए. iPhone को मिलते हैं सिक्योरिटी अपडेट  पुराने iPhone को समय रहते अपडेट मिल जाते हैं और कई पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जरूरी सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल पाते हैं. अगर कंपनी की तरफ से सपोर्ट बंद किया जा चुका है तो नया स्मार्टफोन खरीद लेना चाहिए.   कंपनियां 4-5 साल के लिए देती हैं सिक्योरिटी अपडेट  स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से अपने हैंडसेट के लिए एक फिक्स टाइम तक सिक्योरिटी अपडेट दिया जाता है. आमतौर पर कंपनियां इसे 4 साल या 5 साल के लिए देती हैं. अब Samsung और गूगल पिक्सल हैंडसेट में 7 साल से ज्यादा के लिए सिक्योरिटी अपडेट देने का ऐलान किया है.  सिक्योरिटी अपडेट क्या होता है? स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से हैंडसेट की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए जाते हैं. यह अपडेट बग्स और उन खामियों को दूर करने का काम करता है, जो कई बार गलती से पुराने OS में आ जाती हैं. इन कमजोरियों और बग्स का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक एक्सेस कर सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं. कई बार स्मार्टफोन को हैक तक किया जा सकता है.     एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्या दुनियाभर में बहुत ज्यादा है. वहीं iPhone के iOS का यूज सिर्फ ऐपल के स्मार्टफोन को ही मिलता है और उनकी संख्या भी बहुत कम है. Android OS के साथ मिलकर सैमसंग, रियलमी, रेडमी, ओप्पो, वनप्लस जैसे स्मार्टफोन तैयार करते हैं और उनको ग्लोबल मार्केट में सेल करते हैं.     

क्या आपने सोचा है—कीबोर्ड के बटन सीधे ABCDE में क्यों नहीं लगे होते?

नई दिल्ली क्या आपको पता है कि कीबोर्ड पर अक्षर एक पंक्ति में क्यों नहीं होते? ज्यादातर लोग कहेंगे कि ऐसा टाइपिंग की स्पीड बढ़ाने के लिए होता है। जबकि असर वजह इससे ठीक उलट है। कीबोर्ड पर अक्षर ABCDE की तरह एक पंक्ति में इसलिए नहीं होते ताकि टाइपिंग की स्पीड को कम किया जा सके। टाइपराइटर की समस्या 1870 के दशक में पहले टाइपराइटर के बटन ABCDE के क्रम में ही थे। उस समय मशीनें मकैनिकल थीं और इस वजह से तेजी से टाइप करने के चलते टाइपराइटर जाम हो जाया करते थे। इस वजह से काम बार-बार रुकता था और देरी भी होती थी। फिर आया QWERTY फॉर्मुला इस समस्या से निपटने के लिए QWERTY फॉर्मुला पेश किया गया। इसे लाने वाले शख्स का नाम क्रिस्टोफर लैथम शोल्स था। इसने कीबोर्ड पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले अक्षरों जैसे E, I, T, A एक-दूसरे से दूर रख दिया। इससे टाइप करने वाले की उंगलियों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे टाइपिंग की स्पीड थोड़ी कम हो गई और मशीनें जाम होना बंद हो गईं। कीबोर्ड के इस लेआउट का नाम बाद में QWERTY पड़ा। समय के साथ क्यों नहीं बदला गया? सवाल उठता है कि समय के साथ टेक्नोलॉजी के बेहतर होने पर कीबोर्ड के ले आउट को बदला क्यों नहीं गया। दरअसल ऐसा मसल मेमोरी के चलते किया गया। प्रैक्टिकली कीबोर्ड की टेक्नोलॉजी उन्नत होने के बाद ABCDE वाले फॉर्मेट पर वापिस जाया जा सकता था लेकिन दुनिया भर के लोगों को क्वर्टी (QWERTY) की आदत पड़ चुकी थी। आज भी अगर इसे बदला जाए, तो पूरी दुनिया की टाइपिंग स्पीड जीरो हो जाएगी।

कंपनियों में AI कर्मचारियों की एंट्री, OpenAI का Frontier टूल लॉन्च—क्या इंसान होंगे आउटडेटेड?

नई दिल्ली OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि आने वाले समय में कंपनियों में AI का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होगा और ऑफिस में AI टीम्स काम करेंगी। इस काम के लिए OpenAI ने Frontier नाम का एक नया एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए AI कर्मचारी बनाने का काम करेगा। बतौर सैम ऑल्टमैन लोग कंपनियों में AI एजेंट्स की टीम को संभालेंगे। इसका मतलब है कि भविष्य में इंसानी कर्मचारियों की जगह AI एजेंट्स लें लेंगे और उन AI कर्मचारियों को संभालने का काम कुछ लोगों का होगा। X पर एक पोस्ट कर सैम ऑल्टमैन ने कहा है कि भविष्य में वही कंपनियां कामियाब होंगी, जो AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेंगी और जहां लोग इन AI एजेंट्स की टीमों को मैनेज करेंगे। क्या है Frontier और क्या काम करेगा? रिपोर्ट के अनुसार, (REF.) Frontier को खास तौर पर बड़ी एंटरप्राइज कंपनियों के लिए ही बनाया गया है। इसके जरिए वह अपने इंटरनल सिस्टम में काम करने वाले AI एजेट्स को आसानी से मैनेज कर पाएंगी। गौर करने वाली बात है कि AI एजेंट्स इंसानी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं। इन्हें इंसानों की तरह ही कंपनी के बारे में समझाया जाता है, इनकी भी ट्रेनिंग होती है और यह भी फीडबैक से सीखते हैं। इसके साथ ही हर एजेंट की पहचान और सुरक्षा सीमाएं होती हैं। कैसे काम करेंगे AI एजेंट्स Open AI का Frontier प्लेटफॉर्म कंपनियों के डेटा वेयरहाउस, CRM सिस्टम और टिकट टूल्स जैसे इंटरनल ऐप्स से कनेक्ट हो जाएगा। इससे कंपनी और उनके कामकाज के तरीके को लेकर AI की समझ और भी बेहतर होती है। इस तहह से AI एजेंट्स फाइलों के साथ काम कर सकेंगे, कोड चला सकेंगे और बिना किसी नए डेटा फॉर्मेट के मौजूदा एंटरप्राइज टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। ऑल्टमैन के मुताबिक, (REF.) उनका प्लेटफॉर्म Codex का इस्तेमाल करता है ताकि कंपनिया या थर्ड पार्टी डेवलपर्स सुरक्षित एजेंट बना सकें। OpenAI ने इन्हें बेहतर बनाने के लिए इन-बिल्ट इवैल्यूएशन और ऑप्टिमाइजेशन टूल्स भी दिए हैं। अब आगे क्या? लॉन्च के साथ ही दुनिया के ढेरों कंपनियां Frontier को अपना चुकी हैं। इनमें HP, Oracle, Uber, और Thermo Fisher जैसी कंपनियों के नाम शामिल है। इतना ही नहीं Cisco और T-Mobile जैसी कंपनियों में इसके पायलट प्रोग्राम चल रहे हैं। OpenAI अपने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है ताकि उद्योगों के हिसाब से खास समाधान पेश किए जा सकें। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म कुछ कंपनियों के लिए उपलब्ध हैं लेकिन जल्द ही इसे सभी के लिए खोल दिया जाएगा।

प्राइवेट पार्ट की सफाई से जुड़ी जानकारी से 85% पुरुष अनजान, डॉक्टर से जानें हाइजीन के जरूरी टिप्स

महिलाओं की हाइजीन, वजाइना क्लीनिंग टिप्स पर अक्सर हम बात करते रहते हैं लेकिन पुरुषों के हाइजीन की बात काफी कम होती है। शरीर की सफाई हर किसी को करनी चाहिए फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला। अगर प्राइवेट पार्ट की सही से सफाई न की जाए, तो इंफेक्शन फैल जाता है और फिर ये गंभीर समस्या बन जाती है। ज्यादातर पुरुष जल्दबाजी में प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से नहीं करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो संभल जाइये। स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर विहान सिंह का कहना है कि महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से करना काफी जरूरी है। चलिए कुछ हाइजीन टिप्स बताते हैं। प्राइवेट पार्ट साफ करने का सही तरीका डॉक्टर के मुताबिक, यूरिन पास करने के बाद ज्यादातर पुरुष ऐसे ही अंडरवियर पहन लेते हैं लेकिन ज्यादातर केसेस में इंफेक्शन इसी वजह से होता है। यूरिन स्टेन रहने और नमी बनी रहने के कारण फंगल इंफेक्शन फैलता है। कुछ और भी बातें हैं, जो पुरुषों को मालूम होनी चाहिए, चलिए जानते हैं- 1- प्राइवेट पार्ट की सफाई कभी भी साबुन से न करें। हमेशा किसी क्लीनिंग जेल या प्राइवेट पार्ट फ्रेंडली सोप से करें। केमिकल वाले साबुन के पार्टिकल्स स्किन पर जम जाते हैं। 2– सेक्स के बाद पेनिस को पानी से धोते हुए अच्छे से साफ करें। कई पुरुष ऐसा नहीं करते और इंफेक्शन फैलता है। 3– प्राइवेट पार्ट में अगर गीलापन है, तो अंडरवियर न पहनें। गीलेपन से खुजली, रैशेस की समस्या हो सकती है। 4- प्राइवेट पार्ट के प्यूबिक को भी समय-समय पर ट्रिम करें। प्यूबिक बाल बैक्टीरिया और पसीने को फंसा सकते हैं। 5– कभी भी गीले अंडरवियर न पहनें। टाइट और गीले अंडरवियर पहनने से भी प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन फैल सकता है। कैसे करें साफ प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और केमिकल फ्री साबुन का इस्तेमाल करें। नहाते समय पेनिस एरिया के आस-पास की स्किन को अच्छे से क्लीन करें।

महिलाओं से 10 साल पहले पुरुषों को होती है हार्ट डिजीज, स्टडी ने किया डरावना खुलासा

मुंबई  अक्सर हम यह मान लेते हैं कि दिल की बीमारी उम्र बढ़ने के साथ ही होती है. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी परेशानियां सिर्फ 60–70 साल की उम्र के बाद ही आती हैं. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. आज की भागदौड़ भरी लाइफ, गलत खानपान, तनाव, कम नींद और फिजिकल एक्टिविटी की कमी ने दिल की बीमारियों को चुपचाप युवाओं तक पहुंचा दिया है सबसे खतरनाक बात यह है कि दिल की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है.  शुरुआत में न तो तेज दर्द होता है और न ही कोई साफ चेतावनी मिलती है. इसी वजह से लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं और जब तक समझ आता है, तब तक नुकसान काफी बढ़ चुका होता है. अब एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने दिल की बीमारी को लेकर एक और अहम बात सामने रखी है, जो खासतौर पर पुरुषों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है.    क्या कहती है नई स्टडी?    अमेरिका में 18 से 30 साल की उम्र के 5,000 से ज्यादा युवाओं पर लंबे समय तक किए गए एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में कोरोनरी हार्ट डिजीज (CHD) लगभग 10 साल पहले विकसित हो जाती है. यह अध्ययन CARDIA (Coronary Artery Risk Development in Young Adults) नाम से जाना जाता है और इसके नतीजे जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (JAHA) में प्रकाशित हुए हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार 20 से 29 साल की उम्र तक पुरुष और महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा लगभग समान रहता है, लेकिन 35 साल की उम्र के आसपास पुरुषों में यह खतरा तेजी से बढ़ने लगता है. यह अंतर मध्य आयु तक बना रहता है. हैरानी की बात यह है कि ब्लड प्रेशर, धूम्रपान और कोलेस्ट्रॉल जैसे कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी यह अंतर खत्म नहीं होता है.    पुरुषों में दिल की बीमारी पहले क्यों होती है? रीजेन्सी हॉस्पिटल, लखनऊ के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हर्षित गुप्ता बताते हैं कि इसके पीछे कई कारण हैं. जैसे पुरुषों में हार्मोनल सुरक्षा महिलाओं की तुलना में कम होती है, महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कुछ समय तक दिल को सुरक्षा देता है, पुरुषों में कम उम्र से ही धूम्रपान, शराब, तनाव और अनियमित जीवनशैली अधिक देखने को मिलती है, जैविक (Biological) अंतर भी इस जोखिम को बढ़ाते हैं, हालांकि डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि महिलाओं को मिलने वाली हार्मोनल सुरक्षा स्थायी नहीं होती है. उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में भी दिल की बीमारी का खतरा तेजी से बढ़ता है.  दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में होने वाली कुल मौतों में से 32 प्रतिशत मौतें हार्ट डिजीज के कारण होती हैं. साल 2022 में करीब 19.8 मिलियन लोगों की मौत दिल की बीमारियों से हुई. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि दिल की बीमारी कोई छोटी समस्या नहीं है.  समाधान क्या है? शोधकर्ताओं का मानना है कि दिल की बीमारी से बचाव की शुरुआत युवावस्था से ही होनी चाहिए.  20–30 साल की उम्र में ही दिल की सेहत की जांच और सही लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है. बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव से दूरी, धूम्रपान से बचाव और समय-समय पर हेल्थ चेकअप, यही दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखते हैं. 

हर दिन करें ये 5 आसान चीज़ें, और देखें कैसे ज़िंदगी की मुश्किलें 90% कम हो जाती हैं

क्या आप अपनी लाइफ से खुश हैं? ज्यादातर लोगों से अगर ये सवाल पूछा जाए तो अपनी लाइफ से जुड़ी सैकड़ों कमियां वो आपको गिना देंगे। कुल मिलाकर कहें तो अधिकतर लोगों की जिंदगी में शिकायतें ज्यादा भरी हुई हैं और खुशियां कम। खैर, सुख और दुख दोनों ही जिंदगी का हिस्सा हैं, आप चाहें या ना दुख तो जरूर आएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाइफ में ज्यादातर प्रॉब्लम्स हमारी ही बनाई हुई होती हैं। कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को इतना इग्नोर करते हैं कि आगे चलकर वो एक बड़ी समस्या बनकर हमारे आगे खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप अपने लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव कर लें तो आपकी ज्यादातर प्रॉब्लम्स अपने आप सॉल्व हो सकती हैं। यकीन मानें ये कोई जादू-टोने का मामला नहीं है, बल्कि प्रैक्टिकल लाइफस्टाइल हैक्स हैं जो लाइफ की प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में मदद करेंगे। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें बचपन से ही आप घर के बड़ों से सुनते आए होंगे कि सुबह जल्दी उठने से सब ठीक हो जाता है। कुछ हद तक ये बात बिल्कुल सही है। ज्यादातर सफल लोगों की दिनचर्या उठाकर देखेंगे तो उसमें सुबह जल्दी उठने की आदत कॉमन पाएंगे। दरअसल जब आप जल्दी उठते हैं, तो आपके पास दिन का पूरा कंट्रोल होता है। आप हड़बड़ी में नहीं होते बल्कि आराम से पूरे दिन की प्लानिंग कर पाते हैं, जिससे पूरा दिन प्रोडक्टिव होता है। आप फ्रेश भी फील करते हैं और बेहतर फैसले ले पाते हैं। अपने स्क्रीन टाइम को कम कर दें आजकल हमारे दिन का आधा से ज्यादा समय फोन, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के आगे ही गुजर जाता है। इसमें काम के घंटे कम होते हैं बल्कि फालतू का टाइम पास ज्यादा होता है। जितना समय आप स्क्रीन के आगे गुजारते हैं उतने ही नाखुश और डिप्रेस महसूस करते हैं। घंटों मोबाइल के आगे बैठकर परिवार के साथ भी आपकी बॉन्डिंग खराब होती है, स्लीप साइकिल डिस्टर्ब होती है, मूड पर नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है और समय भी बर्बाद होता है। इसकी जगह एक अच्छी किताब पढ़ें, दोस्तों और फैमिली से बातचीत करें और लाइफ की प्लानिंग करें; आप खुश भी रहेंगे और बहुत चीजें आसान भी हो जाएंगी। रोज किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करें अपने बिजी लाइफस्टाइल के चलते लोग जरा सा भी समय अपनी हेल्थ को नहीं देते, फिर बिगड़ती तबियत और बढ़ता मोटापा उन्हें परेशान करता है। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कम से कम आधा घंटा अपने शरीर को दिया जाए। आप हल्के फुल्की वॉक या स्ट्रेचिंग से भी शुरुआत कर सकते हैं। फिजिकल एक्टिविटी ना सिर्फ आपके हेल्दी और फिट रखने में मदद करती है, बल्कि आपके मूड, हार्मोन और स्ट्रेस लेवल को भी बैलेंस रखती है। हर रोज थोड़ा वक्त खुद को दें काम के लिए समय निकाल लिया, परिवार के लिए भी समय निकाल लिया, लेकिन क्या खुद के लिए समय निकाला? अगर आपको याद नहीं कि लास्ट टाइम आप कब अकेले खुद के साथ बैठे थे तो यकीन मानिए आप अपने साथ बड़ी ज्यादती कर रहे हैं। क्योंकि आप जबतक खुद के साथ कनेक्ट नहीं करेंगे, तब तक किसी और के साथ भी खुश नहीं रह सकेंगे। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कुछ देर अपने साथ बिताएं, एक कप चाय पीएं और अपना मनपसंद काम करें। वो कोई हॉबी हो सकती हैं या फिर आप खुद से बात कर सकते हैं। कुल मिलाकर कुछ भी ऐसा करें जो आप इंजॉय कर सकें। दूसरे से कंपेयर करना बंद करें खुद को या अपनी लाइफ को दूसरों से कंपेयर करना जबतक बंद नहीं करेंगे, तब तक ना खुश रह पाएंगे और ना ही आगे बढ़ पाएंगे। आपको समझना होगा कि हर किसी की लाइफ जर्नी अलग-अलग होती है। आप सिर्फ वही देख पाते हैं, जो आपको दिखाया जाता है। उसके पीछे की असलियत आपकी समझ से बहुत अलग भी हो सकती है। इसलिए दूसरे को देखकर सिर्फ खुश हों लेकिन खुद से कंपेयर करने ना बैठ जाएं। आपका फोकस सिर्फ खुद को आज से बेहतर बनाने पर होना चाहिए, फिर देखना कैसे आप खुश भी रहते हैं और सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं।

Pixel 10a लॉन्च डेट हुई कंफर्म, सस्ता स्मार्टफोन होगा ये फीचर्स के साथ

नई दिल्ली  Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता हैंडसेट Pixel 10a होगा. अब गूगल ने ऑफिशियली इस स्मार्टफोन के लुक को अनवील कर दिया है. साथ ही लॉन्चिंग डेट भी कंफर्म कर दी है.   Youtube पर गूगल ने एक शॉर्ट टीजर वीडियो पोस्ट किया है, जो 16 सेकेंड का है. इस शॉर्ट वीडियो में कंपनी ने स्मार्टफोन का लुक और लॉन्चिंग डेट की जानकारी शेयर की है. यह हैंडसेट ग्लोबल मार्केट में 18 फरवरी 2018 को लॉन्च होगा. Pixel 10a एंट्री लेवल फोन होगा  Pixel 10a, अपनी सीरीज का एंट्री लेवल का स्मार्टफोन होगा. कंपनी ने बीते साल Pixel 9a को अनवील किया था, जो पिक्सल 9 सीरीज का एंट्री लेवल स्मार्टफोन था. कंपनी हर साल सभी सीरीज के एंट्री लेवल स्मार्टफोन को A नाम के साथ लॉन्च करती है.  Pixel 10a के स्पेसिफिकेशन्स  Pixel 10a के स्पेशिफिकेशन्स का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है, लेकिन इसमें भी Pixel 9a के जैसा 6.3-inch 120Hz Actua डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. वीडियो देखकर पता चलता है कि बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, हालांकि अभी सेंसर की जानकारी नहीं है.  Pixel 9a की इतनी थी कीमत  बीते साल Pixel 9a की शुरुआती कीमत 499 अमेरिकी डॉलर और भारत में 49,999 रुपये रखी गई थी. अब 18 फरवरी को लॉन्च होने वाले Pixel 10a की कीमत क्या होगी, वो तो ऑफिशियल लॉन्चिंग के  बाद ही पता चलेगी.  Pixel 10a इन चार कलर में होगा लॉन्च  टिप्स्टर Evan Blass ने बताया है कि Pixel 10a को ग्लोबल मार्केट में चार कलर वेरिएंट में पेश किया जाएगा. यह चार कलर के नाम ऑब्सिडियन, लेवेंडर, बेरी और फॉग है.  नए AI फीचर्स भी मिलेंगे  Pixel 10a की मदद से यूजर्स को सस्ते में गूगल का ईकोसिस्टम यूज करने को मिल जाता है.  इसमें ढेरों न्यू AI फीचर्स का भी एक्सेस मिलेगा. कंपनी लंबे समय से 7 साल तक Android OS वर्जन का अपडेट दे रही है और इस बार भी उम्मीद है कि कंपनी 7 साल तक OS अपडेट देने का ऐलान करेगी. 

क्या आपके ठंडे पैर बिगाड़ रहे हैं आपकी नींद? एक्सपर्ट्स बताते हैं इसके पीछे की साइंस

अक्सर कहा जाता है कि एक अच्छी और गहरी नींद सेहत के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसोम्निया या नींद न आने की समस्या आम हो गई है। हम अक्सर अच्छी नींद के लिए गैजेट्स से दूरी बनाने या अंधेरे कमरे की बात करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पैरों का तापमान आपकी नींद की क्वालिटी तय करता है? जी हां, कई रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों के हाथ और पैर गर्म होते हैं, उन्हें ठंडे हाथ-पैर वाले लोगों की तुलना में जल्दी और गहरी नींद आती है। आइए जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान और कैसे आप अपने पैरों को जल्दी गर्म कर सकते हैं। इसके पीछे का साइंस क्या है? दरअसल हमारे शरीर का तापमान हमारी स्लीप साइकिल को कंट्रोल करता है। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन हमारे शरीर को ठंडा करने के लिए पैरों को गर्म करना जरूरी है।     गर्मी रिलीज- जब हम सोने की तैयारी करते हैं, तो हमारे शरीर का आंतरिक तापमान गिरना शुरू हो जाता है। यह दिमाग को संकेत देता है कि अब आराम करने का समय है। हमारे हाथ और पैर शरीर के हीट रिलीज जोन होते हैं।     वैसोडिलेशन- जब आप अपने पैरों को गर्म करते हैं, तो वहां की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिसे वैसोडिलेशन कहा जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर की आंतरिक गर्मी त्वचा के जरिए बाहर निकलने लगती है। अगर आपके पैर ठंडे रहते हैं, तो ब्लड वेसल्स सिकुड़ी रहती हैं और अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे शरीर को ठंडा होने में ज्यादा समय लगता है और नींद आने में देरी होती है। पैरों को गर्म करने के असरदार तरीके     गर्म पानी से नहाना- सोने से लगभग 1-2 घंटे पहले गर्म पानी से नहाना बहुत फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो। यह आपके पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।     ऊनी या मोटे मोजे पहनें- यह सबसे आसान तरीका है। बिस्तर पर जाने से पहले अपने आरामदायक मोजे पहन लें। यह पैरों की गर्मी को बरकरार रखता है और वैसोडिलेशन की प्रक्रिया को तेज करता है।     हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल- आप अपने पैरों के पास हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल रख सकते हैं। यह न केवल गर्मी देता है बल्कि मांसपेशियों को आराम भी पहुंचाता है।     पैरों की मालिश- सोने से पहले हल्के गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से भी गर्मी पैदा होती है और थकान मिटती है।  

WhatsApp Premium की एंट्री: पैसे खर्च करने पर मिलेंगे 5 खास फीचर्स, क्या सच में लेना चाहिए सब्सक्रिप्शन?

नई दिल्ली WhatsApp बहुत जल्द सबस्क्रिप्शन फीचर लेकर आने वाला है और इस बात की पुष्टि खुद Meta कर चुका है। इसका मतलब है कि आज नहीं, तो कल WhatsApp चलाने के लिए लोगों को पैसे खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक WhatsApp का सब्सक्रिप्शन मॉडल काफी हद तक यूट्यूब जैसा रहेगा। कहने का मतलब है कि लोगों को बिना सब्सक्रिप्शन के भी ऐप इस्तेमाल करने दिया जाएगा और लोग बेसिक फीचर्स भी इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि Tech Crunch की रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp अपने प्रीमियम यूजर्स को अगग से खास फीचर्स उपलब्ध करवाएगा। ऐसा ही कुछ यूट्यूब भी करता है। लोग फ्री में यूट्यूब को एक्सेस कर सकते हैं लेकिन ज्यादा फीचर्स और विज्ञापनों से बचने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। चलिए डिटेल में जानते हैं कि WhatsApp के सब्सक्रिप्शन फीचर में क्या कुछ मिलेगा और क्या आपको इसके लिए पैसे खर्च करने चाहिए? सब्सक्रिप्शन में क्या देगा WhatsApp? रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp अपना सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को कुछ खास फीचर्स उपलब्ध कराएगा। इसमें से एक स्टेटस टैब में विज्ञापन न दिखाना होगा। इसके अलावा खास स्टीकर्स, ऐप थीम, 3 से ज्यादा चैट्स पिन करने की सुविधा, ऐप का आइकन बदलने की सुविधा और खास रिंगटोन आदि। बता दें कि सब्सक्रिप्शन प्लान में सिर्फ यही फीचर्स नहीं होंगे। बाकी के फीचर्स और सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत का खुलासा होना अभी बाकी है। क्या Chat करने के भी लगेंगे पैसे? WhatsApp के सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में सुनकर यूजर्स को लग सकता है कि उन्हें ऐप पर चैट करने के लिए भी पैसे देने होंगे। हालांकि ऐसा नहीं है। WhatsApp मुख्य रूप से सब्सक्रिप्शन विज्ञापन मुक्त अनुभव देने के लिए बेचेगा। कहने का मतलब है कि स्टेटस फीचर का इस्तेमाल करते हुए विज्ञापन न देखने के लिए लोगों को पैसे चुकाने होंगे। WhatsApp सब्सक्रिप्शन खरीदना सही होगा? लोगों के मन में अभी से सवाल आने लगे हैं कि क्या WhatsApp का सब्सक्रिप्शन खरीदना ठीक होगा। हालांकि इस बात का फैसला तब करना ज्यादा बेहतर होगा, जब कंपनी सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत और फीचर्स का खुलासा करेगी। हालांकि लीक्स पर मिल रही जानकारी के आधार पर देखें, तो ज्यादातर लोगों के लिए फ्री WhatsApp चलाते रहना ठीक रहेगा। हर कोई खास फीचर्स या 3 से ज्यादा चैट्स को पिन करना नहीं चाहता। इसके अलावा स्टेटस टैब में दिखने वाले विज्ञापन से भी लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टेटस काफी छोटे होते हैं और यूट्यूब की तरह वहां लोग लंबे वीडियो नहीं देखते। बता दें कि फिलहाल इंस्टाग्राम स्टोरीज में विज्ञापन दिखते हैं और लोगों को उससे परेशानी नहीं है। कब शुरू होगा WhatsApp का सब्सक्रिप्शन मॉडल? रिपोर्ट्स के मुताबित, WhatsApp के आने वाले सब्सक्रिप्शन मॉडल पर अभी Meta की ओर से ऑफिशियली सिर्फ यह जानकारी मिली है कंपनी इस पर काम कर रही है। इसके अलावा WhatsApp के सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में ऐप के एक बीटा वर्जन 2.26.3.9 के कोड से भी पता चला है। ऐसे में हो सकता है कि WhatsApp तुरंत अपना सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश न करे लेकिन ऐसा जल्द हो सकता है।

क्या आप जानते हैं Pen Drive के दो छेद का रहस्य? सही इस्तेमाल से काम हो जाएगा बेहद आसान

क्या आपने कभी पेन ड्राइव को गौर से देखा है? हर पेन ड्राइव के आगे वाले मेटल पार्ट पर दो चौकोर छेद होते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ पेन ड्राइव के डिजाइन से ज्यादा कुछ नहीं मानते और नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि गौर करने वाली बात है कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ भी फिजूल में नहीं बनाया जाता। यही वजह है कि हर पेन ड्राइव पर दिखने वाले दो छेद, उसके सही ढंग से काम करने की वजह से जुड़े हैं। आज आपको इनका मकसद समझाएंगे ताकि अगली बार आप जब भी पेन ड्राइव का यूज करें, तो उसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाएं। सही दिशा बताने के लिए जरूरी लोग कई बार पेन ड्राइव लगाते हुए समझ नहीं पाते कि उसे किस तरफ से फिट करना है। ऐसे में पेन ड्राइव पर बने दो चौकोर छेद काम आते हैं। इनकी मदद से आप समझ सकते हैं कि पेन ड्राइव किस तफर से सीधी है और किस तरफ से उल्टी। आमतौर पर जिस तरफ ये पेन ड्राइव के छेद खुले होते हैं और उनके आर-पार दिखाई दे रहा होता है, वही हिस्सा ऊपर की ओर रहता है। इससे पोर्ट मेें ड्राइव उल्टा लगाने से उसके खराब होने का जोखिम नहीं रहता। मजबूत पकड़ के लिए जब आप पेन ड्राइव को पोर्ट में लगाते हैं, तो पेन ड्राइव के उन दो चौकोर छेदों में मेटल के दो उभार घुस जाते हैं। इससे आपकी पेन ड्राइव को पोर्ट में ढीली नहीं रहती और उसके मेटल पॉइंट सिस्टम के पॉइंट्स से सही तरीके से मैच कर पाते हैं। ऐसे में यह दो छेद आपके ड्राइव के सही तरह से फिट होने और काम करने के लिए लिहाज से भी जरूरी होते हैं। डेटा ट्रांसफर के लिए जरूरी पेन ड्राइव पर मौजूद दो चौकोर छेद डेटा ट्रांसफर को सही तरीके से पूरा होने में मदद करते हैं। इनकी मदद से आपकी पेन ड्राइव के कनेक्टर्स पीसी या उस सिस्टम से सही तरीके से अटैच हो पाते हैं, जिसमें डेटा भेजना या रिसीव करना होगा। ये छेद पेन ड्राइव को स्थिर भी बनाए रखते हैं और इससे आप आसानी से डेटा ट्रांसफर कर पाते हैं। अगर पेन ड्राइव के पॉइंट ठीक से सिस्टम से कनेक्ट न हों, तो आप डेटा को ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे। एक स्टैंडर्ड के तौर पर जरूरी USB का डिजाइन ‘USB-IF’ जो कि एक ग्लोबल संस्था है, द्वारा तय किया जाता है। दुनिया भर की कंपनियां इसी स्टैंडर्ड को मानती हैं ताकि किसी भी कंपनी की पेन ड्राइव किसी भी कंप्यूटर के पोर्ट में आसानी से फिट हो सके। यह एक ग्लोबल स्टैंडर्ड की तरह काम करता है। यही वजह है कि ये दो चौकोर छेद आपको हर यूएसबी पेन ड्राइव पर जरूर मिल जाएंगे। पेन ड्राइव की अपनी मजबूती के लिए पेन ड्राइव के अंदर मौजूद प्लास्टिक के हिस्से को मेटल के खोल के साथ मजबूती से जोड़ने के लिए ये छेद एक ‘एंकर’ का काम करते हैं। साथ ही, बहुत मामूली स्तर पर ये गर्म होने वाली चिप के लिए दबाव कम करने में भी मदद करते हैं। इस तरह से हर पेन ड्राइव पर दिखने वाले चौकोर छेद आपकी पेन ड्राइव की मजबूती के लिए भी जरूरी होते हैं।

ठंड में चेहरे की नमी बरकरार रखने का घरेलू नुस्खा: दही से बने 5 असरदार फेस पैक

दही में लैक्टिक एसिड और नेचुरल फैट्स होते हैं, जो न केवल डेड स्किन को हटाते हैं बल्कि त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज भी करते हैं। ऐसे में, आज हम आपको दही से बने 5 ऐसे फेस पैक्स के बारे में बता रहे हैं, जो इस सर्दी आपके चेहरे को मक्खन जैसा मुलायम बना देंगे। दही और शहद अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो यह पैक आपके लिए बेस्ट है। शहद एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट है, यानी यह हवा से नमी खींचकर आपकी स्किन में लॉक करता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच गाढ़े दही में 1 चम्मच शहद मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। चेहरा तुरंत सॉफ्ट हो जाएगा। दही और बेसन यह सदियों पुराना नुस्खा है जो कभी फेल नहीं होता। बेसन त्वचा की गंदगी साफ करता है और दही नमी देता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच दही में 1 चम्मच बेसन और चुटकी भर हल्दी मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और सूखने पर हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। इससे टैनिंग भी दूर होती है। दही और केला सर्दियों में झुर्रियां ज्यादा दिखाई देती हैं। केला और दही मिलकर त्वचा में कसाव लाते हैं और उसे जवां बनाए रखते हैं। कैसे बनाएं: आधे पके हुए केले को अच्छी तरह मैश करें और उसमें 1 चम्मच दही मिलाएं। इसे चेहरे पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं। यह पैक स्किन को बहुत ही स्मूथ टेक्सचर देता है। दही और ओट्स सर्दियों में अक्सर डेड स्किन जमने से चेहरा काला पड़ने लगता है। ओट्स एक बेहतरीन नेचुरल स्क्रब है जो बिना रूखापन दिए सफाई करता है। कैसे बनाएं: 2 चम्मच दही में 1 चम्मच पिसा हुआ ओट्स मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाकर 2-3 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें और फिर धो लें। आपकी स्किन सांस लेने लगेगी। दही और ऑलिव ऑयल अगर आपकी स्किन इतनी ड्राई है कि पपड़ी निकलने लगती है, तो दही के साथ तेल का कॉम्बिनेशन जादुई असर करेगा। कैसे बनाएं: 1 चम्मच दही में आधा चम्मच ऑलिव ऑयल या बादाम का तेल मिलाएं। इसे रात को सोने से पहले लगाएं तो और भी अच्छा है। यह त्वचा को अंदर तक पोषण देता है। हफ्ते में कम से कम दो बार इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करें। बस एक बात का ध्यान रखें, अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है या आपको डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले हाथ पर एक पैच टेस्ट जरूर कर लें।  

खूबसूरती पर खतरा: पिंपल्स फोड़ने से बढ़ सकता है इन्फेक्शन और दाग-धब्बों का जोखिम

चेहरे पर एक छोटा-सा पिंपल भी दिख जाए, तो हमारा मन उसे फोड़ने के लिए मचलने लगता है। पिंपल फोड़ना भले ही मन काफी संतोषजनक लगता है, लेकिन यह आदत आपकी स्किन के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिंपल फोड़ने के कारण चेहरे पर दाग हो सकते हैं और इन्फेक्शन का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपके चेहरे पर कभी पिंपल निकल भी जाए, तो भले ही आपका जी कितना भी मचले, इसे फोड़ने की गलती बिल्कुल मत करिएगा। आइए जानें पिंपल फोड़ने की आदत कैसे आपके लिए सजा बन सकती है। इन्फेक्शन का बढ़ता खतरा जब आप एक पिंपल को फोड़ते हैं, तो आप त्वचा पर एक तरह का खुला घाव बना देते हैं। हमारे हाथों और नाखूनों में अनगिनत बैक्टीरिया होते हैं। जैसे ही पिंपल फटता है, ये बैक्टीरिया उस खुले छेद के जरिए त्वचा के अंदर जा सकते हैं। इससे पिंपल वाली जगह पर गंभीर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दर्द और मवाद की समस्या और भी बढ़ सकती है। त्वचा में जलन और सूजन हमारी त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है, जबकि हमारे नाखून उसकी तुलना में काफी सख्त और मजबूत होते हैं। पिंपल निकालने के लिए जब आप नाखूनों से त्वचा पर तेज दबाव डालते हैं, तो आसपास के सेल्स डैमेज हो जाते हैं। इससे त्वचा में जलन और गंभीर सूजन पैदा हो सकती है। अक्सर लोग पिंपल्स निकालने वाले टूल्स का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इनका इस्तेमाल त्वचा को छील सकता है। इसलिए खुद से इन टूल्स का इस्तेमाल कभी न करें। त्वचा पर निशान पिंपल को दबाने का सबसे बुरा नतीजा स्कारिंग यानी स्थायी निशान के रूप में सामने आता है। अगर आप पिंपल निकालने के लिए बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं, तो खून निकल सकता है और त्वचा के टिश्यू गहराई तक डैमेज हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि कई पिंपल्स त्वचा की ऊपरी सतह पर नहीं बल्कि गहराई में होते हैं। ऐसे में उन्हें दबाने से वे बाहर निकलने के बजाय अंदर ही रह जाते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, जो बाद में गहरे गड्ढों या काले निशानों का रूप ले लेते हैं। भले ही पिंपल को फोड़ना उस वक्त सही लगे, लेकिन इसके नतीजे आपकी खूबसूरती को बिगाड़ सकते हैं। इसलिए अगर पिंपल्स की समस्या ज्यादा है, तो उन्हें खुद ठीक करने के बजाय किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना ही समझदारी है।  

महिलाओं में कम उम्र में कैंसर क्यों हो रहा है? डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले कारण

कैंसर को अक्सर बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाला बदलाव देखा है। 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। हालांकि, बुजुर्गों की तुलना में इस आयु वर्ग में जोखिम अब भी कम है, लेकिन बदलता ट्रेंड चिंता का विषय है। ऐसे में इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए इसके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है, ताकि समय पर पहचान करके बीमारी का बेहतर इलाज किया जा सके। डॉक्टरों के अनुसार, युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं, जो अक्सर काफी अग्रेसिव होते हैं। इसके अलावा, 30 से 40 की उम्र के बीच महिलाओं में कोलोरेक्टल कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं। अनियमित स्क्रीनिंग के कारण सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भी कमी देखने को नहीं मिल रही। थायरॉइड और कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं। क्यों बढ़ रहा है यह खतरा? इस बढ़ते जोखिम के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- मोटापा, शारीरिक गतिविधि में कमी, शराब पीना और अल्ट्रा प्रोसेस्ड डाइट। ये फैक्टर्स हार्मोनल बदलाव पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा-     लाइफस्टाइल- देर से शादी और बच्चों के जन्म में देरी, कम प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग की कम अवधि भी ब्रेस्ट कैंसर के पैटर्न को प्रभावित कर रही है।     पर्यावरण और तनाव- प्लास्टिक से लेकर कॉस्मेटिक्स तक में पाए जाने वाले एंडोक्राइन-डिस्ट्रप्टिंग केमिकल्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं। सुस्त जीवनशैली, बढ़ता तनाव और नींद की कमी भी कैंसर का कारण बन रहा है।     जेनेटिक्स- युवा महिलाओं में कैंसर का एक हिस्सा BRCA जैसे जीन म्यूटेशन से जुड़ा होता है। अगर परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, तो खतरा बढ़ जाता है। देर से पहचान अक्सर युवा महिलाओं में कैंसर की पहचान देरी से होती है, क्योंकि लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उम्र कम होने का मतलब यह नहीं है कि आपको खतरा नहीं है। ब्रेस्ट में गांठ, लगातार पेट से जुड़ी समस्याएं, बिना कारण वजन कम होना, असामान्य ब्लीडिंग या लंबे समय तक थकान को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। बचाव और जागरूकता जल्दी जांच से इलाज के नतीजों में बड़ा अंतर आ सकता है। महिलाओं को अपने शरीर को समझना चाहिए और इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-     नियमित जांच- 50 की उम्र से पहले ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड और 50 के बाद मैमोग्राफी मददगार होती है।     सेल्फ एग्जामिन- ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन यानी से  खुद से जांच की आदत डालें।     पारिवारिक इतिहास- अगर परिवार में किसी को कैंसर रहा है, तो समय से पहले स्क्रीनिंग शुरू कर दें।  

न रिफाइंड, न ऑलिव—ये देसी तेल है स्वास्थ्य का खजाना, 3 जबरदस्त फायदे जानिए

रसोई में तड़के की छनछनाहट से लेकर सर्दियों की गुनगुनी धूप तक, सरसों का तेल सदियों से हर भारतीय घर का हिस्सा रहा है। यह सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का वो जादुई संगम है, जो बेस्वाद खाने और थके बदन, दोनों में फौरन जान फूंक देता है। सरसों के इन्हीं फायदों के बारे आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के कुछ बेमिसाल फायदे- दिल के लिए फायदेमंद सरसों का तेल दिल की अच्छी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसे रोजाना डाइट में शामिल करने से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, ये शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। हालांकि, दिल की सेहत पर सरसों तेल के प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है। स्किन और बालों के लिए अच्छा सरसों का तेल स्किन और बालों दोनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल अक्सर दादी-नानी छोटे बच्चों के शरीर की मालिश के लिए करती हैं। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है और ड्राईनेस को भी कम करता है। साथ ही, यह फटी एड़ियों को भी ठीक करने के लिए भी बेहतरीन तरीका है। सरसों के तेल में थोड़ा मोम मिक्स करके आप रूखी और फटी एड़ियों को हील भी आसानी से कर सकते हैं। इतना ही नहीं, मस्टर्ड ऑयल झुर्रियों, फाइन लाइन्स और बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका कोई साइड इफेक्ट्स न हो इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। कैंसर का खतरा करें कम क्या आप जानते हैं कि खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों तेल कैंसर के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि यह कई तरह के कैंसर सेल्स के ग्रोथ को कम करता है। एक अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि मक्के के तेल या फिश ऑयल के मुकाबले सरसों का तेल चूहों में कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में ज्यादा प्रभावी साबित हुआ। वहीं, जानवरों पर किए गए एक और अध्ययन में पता चला है कि इसमें मौजूद एलिल आइसोथियोसाइनेट ब्लैडर कैंसर की ग्रोथ को लगभग 35% तक कम कर सकता है और यह ब्लैडर में कैंसर के इन्फेक्शन को फैलने से रोकने में भी मदद करता है। हालांकि, इंसानों पर इसके प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।

पोस्टपार्टम पीरियड में सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से समझें माइग्रेन और उससे निपटने के उपाय

मां बनना बेहद खूबसूरत एहसास है, लेकिन इसके बाद कई फिजिकल और मेंटल बदलावों से गुजरना पड़ता है, जो आसान नहीं होते। डिलीवरी के बाद कई महिलाएं तेज सिरदर्द से भी परेशान रहती हैं, जिसे पोस्टपार्टम माइग्रेन कहा जाता है। कई महिलाएं इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। इस बारे में डॉ. मानसी कुमार (सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानते हैं कि यह समस्या है क्या और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है।   क्या है पोस्टपार्टम माइग्रेन और इसके लक्षण? प्रसव के बाद होने वाला माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से कहीं ज्यादा गंभीर होता है। यह बार-बार होने वाला एक तेज दर्द है, जिसके साथ महिला को कुछ समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-     जी मिचलाना     रोशनी या शोर के परेशानी होना     देखने में दिक्कत या धुंधलापन हैरानी की बात यह है कि यह माइग्रेन उन महिलाओं को भी हो सकता है जिन्हें प्रेग्नेंसी से पहले कभी माइग्रेन की शिकायत नहीं रही हो। आखिर क्यों होता है यह दर्द? इसका मुख्य कारण प्रसव के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में अचानक आने वाली गिरावट है। इसके अलावा कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं-     नींद की भारी कमी और शारीरिक थकान     तनाव और बच्चे की देखभाल का दबाव     शरीर में पानी की कमी और एनीमिया (खून की कमी)     ब्रेस्ट फीडिंग से जुड़े शारीरिक बदलाव इसे मैनेज करने के तरीके     आराम को प्राथमिकता- जब भी मौका मिले, भरपूर नींद लें और आराम करें।     खान-पान का ध्यान- शरीर में पानी की कमी न होने दें और आयरन व पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं।     ट्रिगर्स की पहचान- समय पर खाना न खाना या बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम माइग्रेन को बढ़ा सकता है, इनसे बचें।     स्ट्रेस मैनेजमेंट- हल्की वॉक और रिलैक्सेशन तकनीकें रिकवरी में मदद करती हैं। डॉक्टर से सलाह कब लें? डॉ. मानसी कुमार चेतावनी देती हैं कि अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या गंभीर है, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है, खासकर ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाओं के लिए। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि कुछ पेनकिलर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान असुरक्षित हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं अगर सिरदर्द अचानक और बहुत तेज हो, सिरदर्द के साथ धुंधला दिखे या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, बुखार,कन्फ्यूजन या बहुत ज्यादा बेचैनी महसूस हो।

मौसम पूर्वानुमान में क्रांति: NVIDIA के AI से 500 गुना तेजी से मिलेगा तूफान का अलर्ट

मौसम का सटीक अनुमान लगाने के लिए वैज्ञानिक अलग-अलग तकनीकों का इस्‍तेमाल करते हैं। भविष्‍य में आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस काम में भी मददगार होगा। AI की मदद से तूफान की भविष्‍यवाणी और सटीकता से की जाएगी जिससे जानमाल का नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। यह सब संभव होगा दिग्‍गज कंपनी एनवीड‍िया (Nvidia) के नए एआई मॉडल से, जिसका नाम Earth-2 है। कहा जा रहा है कि सुपरकंप्‍यूटर से भी फास्‍ट इन एआई मॉडलों की मदद से मौसम भी भविष्‍यवाणी और जलवायु परि‍वर्तन का अनुमान लगाना पूरी तरह से बदल सकता है। इनमें से कुछ का इस्‍तेमाल शुरू भी हो गया है। क्‍या है Earth-2 दुनिया की दिग्‍गज टेक कंपनी एनवीड‍िया ने Earth-2 नाम से एआई मॉडलों को पेश किया है। इन मॉडलों में CorrDiff, FourCastNet3, Medium Range, Nowcasting, Global Data Assimilation और PhysicsNeMo जैसे फ्रेमवर्क शामिल हैं। इनमें से PhysicsNeMo को AI-फिजिक्स मॉडलों को ट्रेनिंग देने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए लाया गया है। ये सभी मॉडल- सैटेलाइट और रडार व मौसम स्‍टेशनों से मिली जानकारी को एक जगह इंटीग्रेट करके हमारे वायुमंडल की स्‍थि‍त‍ि का सटीक आकलन करते हैं। जेनरेट‍िव एआई का इस्‍तेमाल Earth-2 एआई मॉडलों के कई फ्रेमवर्क जेनरेट‍िव एआई का इस्‍तेमाल करते हैं। इससे भविष्‍यवाणी करना ज्‍यादा फास्‍ट हो जाता है। दावा है कि मौजूदा तकनीक से 500 गुना फास्‍ट यह एआई मॉडल मौसम की भविष्‍यवाणी कर सकते हैं। अलग-अलग मॉडलों के अलग-अलग काम Earth-2 एआई मॉडलों में जितने भी फ्रेमवर्क हैं, उनके अलग-अलग काम हैं। टेक रडार की रिपोर्ट के अनुसार, CorrDiff फ्रेमवर्क, जनरेटिव AI आर्किटेक्चर का इस्‍तेमाल करके महाद्वीप के लेवल से जुड़े अनुमानों को रीजनल अनुमानों में बदल देता है। इसी तरह से FourCastNet3 का काम हवा, टेंपरेचर और नमी का सटीक अनुमान लगाना है। दावा है कि यह ट्रेड‍िशनल मॉडल से 60 गुना तेज भविष्‍यवाणी करता है। इसी तरह से PhysicsNeMo मॉडल का काम AI-फिजिक्स मॉडलों को ट्रेन करना है। रिपोर्ट के अनुसार, मौसम की भविष्‍यवाणी करने वाले संगठनों और वैज्ञानिक रिसर्च, दोनों के लिए यह उपयोगी है। इसके आगे सुपरकंप्‍यूटर भी फेल Earth-2 इतना एडवांस और होशियार है कि यह वायुमंडल में हो रहे बदलावों को चंद सेकंड में भांप लेता है। इस काम को करने में सुपरकंप्‍यूटरों को घंटों लग जाते हैं। अगर किसी बदलाव को कुछ सेकंड में भांप लिया जाए तो लोगों तक अलर्ट जल्‍दी भेजा जा सकता है। एनवीड‍िया के कुछ फ्रेमवर्क का इस्‍तेमाल कई देशों के मौसम विभाग पहले से कर रहे हैं। इस्राइल में हो रहा इस्‍तेमाल इस्राइल की मौसम बताने वाली सर्विस में CorrDiff का उपयोग किया जा रहा है। जैसाकि हमने बताया, यह महाद्वीप स्‍तर होने वाली हलचलों को से क्षेत्रीय आकलन करके एक अनुमान बना देता है। इस्राइल बहुत जल्‍द Nowcasting को भी अपनाने वाला है, जिसके बाद एक द‍िन में 8 बार मौसम की भविष्‍यवाणी हाई-रेजॉलूशन ग्राफ‍िक्‍स से की जा सकेगी। इस्राइल के अलावा, ताइवान के मौसम विज्ञानी भी एनवीड‍िया के कई फ्रेमवर्क्‍स को इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

खूबसूरत त्वचा का दुश्मन! ये 3 फूड्स अंदर से कर रहे हैं स्किन डैमेज, तीसरा सबसे खतरनाक

अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ महंगी क्रीम और सीरम आपकी स्किन को हेल्दी बनाए रखेंगे, तो आप सिर्फ एक पहलू पर ध्यान दे रहे हैं। दरअसल, हमारी स्किन की हेल्थ इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है कि हमारा खान-पान सही है या नहीं। सही खान-पान आपकी त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बना सकता है, लेकिन गलत डाइट इसे गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इनसे परहेज करना आपकी स्किन को हेल्दी और जवां बनाए रखने के लिए जरूरी है। आइए जानें इनके बारे में। फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप यह एक आर्टिफिशियल स्वीटनर है, जो अक्सर सोडा, पैकेट वाले जूस, बिस्कुट और प्रोसेस्ड जंक फूड में पाया जाता है। डॉक्टर के अनुसार, यह चीनी की तुलना में 10 गुना ज्यादा खतरनाक है और आपकी त्वचा के प्रोटीन को तेजी से नुकसान पहुंचाता है। यह शरीर में AGE (Advanced Glycation End products) बनाता है, जो सीधे आपकी त्वचा के कोलेजन को खत्म कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि त्वचा सख्त हो जाती है, झुर्रियां तेजी से बनने लगती हैं और यह आपके लिवर को भी नुकसान पहुंचाता है। अगर आप पैकेट बंद प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाते हैं, तो आप प्रीमैच्योर एजिंग को बुलावा दे रहे हैं। बार-बार गर्म किया गया रिफाइंड तेल अक्सर हम बाहर के समोसे या डीप-फ्राइड स्नैक्स का आनंद लेते हैं, लेकिन समस्या यह है कि दुकानदार एक ही तेल को बार-बार गर्म करते हैं। बार-बार गर्म करने से तेल की संरचना बदल जाती है। डॉ. रेड्डी बताती हैं कि हर बार तेल गर्म होने पर उसमें मौजूद सुरक्षात्मक विटामिन-ई डैमेज हो जाता है। इस ऑक्सीडाइज्ड फैट से शरीर और त्वचा में अंदरूनी सूजन पैदा होती है। क्रिस्पी और ज्यादा तले हुए फूड्स फ्रेंच फ्राइज, पकौड़े और चिप्स का सुनहरा भूरा रंग और कुरकुरा टेक्सचर हमें बहुत लुभाता है। लेकिन यही कुरकुरापन सेहत के लिए खतरनाक है। डॉक्टर के अनुसार, जब खाने को बहुत अधिक तापमान पर कुरकुरा किया जाता है, तो उसमें एक्रिलामाइड बनता है। खाना जितना गहरा और क्रिस्पी होगा, उसमें AGEs की मात्रा उतनी ही ज्यादा होगी। ये तत्व सीधे आपकी त्वचा की संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं और कोलेजन को तेजी से डैमेज करते हैं, जिससे त्वचा अपनी फ्लेक्सिबिलिटी खो देती है।  

कोलेस्ट्रॉल कम करने का घरेलू नुस्खा या सिर्फ मिथक? सुबह लहसुन खाने की हकीकत

नसों में जमा हो रहा ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ आपके दिल के लिए एक खतरे की घंटी है। अगर बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल समय रहते काबू में न आए, तो यह हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है। खासतौर से, जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल हाई है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि कुदरत के पास भी इसका इलाज मौजूद है। रिसर्च के मुताबिक, आपकी रसोई में मौजूद लहसुन इस खतरे को कम करने की ताकत रखता है। आइए जानते हैं कैसे। लहसुन में छिपा है सेहत का राज लहसुन में ‘एलिसिन’ नाम का एक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। केवल खराब कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) को घटाने के अलावा, लहसुन के कई अन्य फायदे भी हैं, जैसे:     ब्लड प्रेशर को कम करना     रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार     शरीर को भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स देना कैसे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है लहसुन? ऐसा माना जाता है कि सुबह के समय लहसुन की एक कली छीलकर चबाने से 15 से 20 दिनों के भीतर हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। इस बारे में इजराइल के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ लिपिड एंड एथेरोस्क्लेरोसिस रिसर्च’ ने एक राय भी दी है। स्टडी में बताया गया है कि लहसुन में मौजूद ‘एलिसिन’ लिवर की कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स के साथ जुड़कर खराब कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को रोक देता है। यह प्रक्रिया सेलुलर स्तर पर होती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इसका गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। क्या है इसे खाने का सही तरीका? अध्ययन बताते हैं कि दिन में एक से दो कलियां कच्चा लहसुन खाना सुरक्षित होता है। आप इसे भोजन के साथ या उसके बिना भी खा सकते हैं। हालांकि, लहसुन के सेवन को लेकर कोई सख्त गाइडलाइंस नहीं हैं, लेकिन सप्लीमेंट्स लेने वालों को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने से कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जैसे- गैस और बदहजमी, सीने में जलन, डायरिया और मुंह से बदबू आना इत्यादि। सावधानी है जरूरी लहसुन में खून को पतला करने वाले गुण होते हैं। इसलिए, यह उन लोगों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है जो किसी प्रकार के ब्लीडिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, लहसुन कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकता है। इसलिए, डाइट में कुछ भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।  

सिचुएशन कैसी भी हो, अगर खुद पर कंट्रोल है तो सफलता तय है

किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।  

जब जीवन दे इम्तिहान—ऋण, रोग और शत्रु से बचने के चाणक्य नीति के 10 अमोघ उपाय

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है। कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

मेडिकल ब्रेकथ्रू: AIIMS दिल्ली ने स्ट्रोक इलाज को बनाया आसान और सस्ता

नई दिल्ली भारत में आज स्ट्रोक एक गंभीर और तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता स्ट्रेस, गलत खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण स्ट्रोक के मामले हर साल लगातार बढ़ रहे हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि हर साल लाखों भारतीय स्ट्रोक का शिकार होते हैं, जिनमें से कई लोगों की जान चली जाती है. जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती, हाल के कुछ सालों में कई जानी-मानी हस्तियां स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर चुकी हैं. इससे साफ है कि यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. स्ट्रोक के बाद कई मरीजों में शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या लकवा, बोलने-समझने में परेशानी, चलने-फिरने में दिक्कत और रोजमर्रा के कामों में दूसरों पर निर्भरता बढ़ जाती है.  AIIMS की नई स्टडी से नई उम्मीद ऐसे में AIIMS दिल्ली की एक नई स्टडी स्ट्रोक के मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है. इस स्टडी के अनुसार, रोजाना सिर्फ 30 मिनट धूप में समय बिताना स्ट्रोक से उबर रहे मरीजों की रिकवरी, नींद और मूड में सुधार कर सकता है. वो भी बिना किसी अधिक खर्च के… एम्स की यह स्टडी नवंबर 2023 से अप्रैल 2025 के बीच की गई और इसे संस्थान के पांचवें रिसर्च डे पर पेश किया गया. इसमें पाया गया कि जिन स्ट्रोक मरीजों को नियमित इलाज और फिजियोथेरेपी के साथ सनलाइट थेरेपी दी गई, उनकी जिंदगी की गुणवत्ता उन मरीजों की तुलना में काफी बेहतर रही जिन्हें केवल सामान्य इलाज दिया गया.  कैसे की गई स्टडी? इस स्टडी में 18 से 80 वर्ष के उन मरीजों को शामिल किया गया, जिन्हें पिछले एक महीने के अंदर मिडियम लेवल का स्ट्रोक हुआ था.     200 से ज्यादा मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद 40 मरीजों को चुना गया और फिर उन्हें दो ग्रुप में बांटा गया.      पहला ग्रुप सिर्फ स्टैंडर्ड मेडिकल ट्रीटमेंट और रिहैबिलिटेशन और दूसरा ग्रुप स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट और करीब दो हफ्तों तक हर दूसरे दिन 30 मिनट धूप में बैठना.      धूप की तीव्रता 10,000 से 25,000 लक्स के बीच रखी गई, जो हल्की आउटडोर डे-लाइट के बराबर होती है. सुरक्षा के लिए लक्स मीटर से लगातार निगरानी की गई.     तीन महीने तक मरीजों की शारीरिक क्षमता, मूड, नींद, रोजाना के काम करने की शक्ति और ओवरऑल वेल-बीइंग को देखा गया. स्टडी का नतीजा क्या हुआ? डॉक्टरों के मुताबिक, सनलाइट थेरेपी लेने वाले मरीजों में नींद की क्वालिटी  बेहतर हुई. नींद के साथ मूड और मानसिक स्थिति में सुधार देखा गया और खुद रोजाना के काम में आत्मनिर्भरता बढ़ी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि धूप शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को ठीक करती है, विटामिन D बढ़ाने में मदद करती है और सूजन को कम कर सकती है, जो स्ट्रोक रिकवरी में अहम रोल निभाते हैं.  भारतीयों के लिए क्यों है खास? भारत में स्ट्रोक रिकवरी एक लंबा और महंगा प्रोसेस माना जाता है, जिसकी वजह से कई बार लोग इसको अफोर्ड नहीं कर पाते हैं. कई मरीजों को लंबे समय तक फिजियोथेरेपी और देखभाल की जरूरत होती है, जो हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं. ऐसे में 30 मिनट की धूप जैसी फ्री, सुरक्षित और आसानी से मौजूद थेरेपी खासतौर पर गांव के इलाकों और घर पर रिकवरी कर रहे मरीजों के लिए बेहद  उपयोगी हो सकती है. हालांकि स्टडी का सैंपल साइज छोटा था और यह एक ही सेंटर पर की गई, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर आगे बड़े लेवल पर इस पर रिसर्च होती है, तो सनलाइट थेरेपी पोस्ट-स्ट्रोक केयर का अहम हिस्सा बन सकती है. स्ट्रोक पर क्या कहते हैं ICMR के आंकड़े ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में भारत में करीब 12 लाख नए स्ट्रोक के मामले सामने आए. इतना ही नहीं, लगभग 94 लाख लोग ऐसे थे जो स्ट्रोक के बाद इसके लंबे समय तक रहने वाले असर जैसे कमजोरी, बोलने में दिक्कत या याददाश्त की समस्या से जूझ रहे थे. ICMR के 2021 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में स्ट्रोक आज मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है. यह डिसेबिलिटी की छठी सबसे बड़ी वजह भी है, यानी बड़ी संख्या में लोग स्ट्रोक के बाद नॉर्मल जिंदगी नहीं जी पाते हैं. 2023 में लैंसेट जर्नल में पब्लिश एक स्टडी, जो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ की गई थी. उस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर हालात नहीं सुधरे तो साल 2050 तक कम और मिडियम इनकम वाले देशों में करीब 1 करोड़ लोगों की मौत स्ट्रोक की वजह से हो सकती है, और इस खतरे से भारत भी बाहर नहीं है.

पानी के बाद अब सब्जियों में भी जहर! प्रदूषण बोर्ड का खुलासा; हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

After water, now vegetables are also poisoned! Pollution Board reveals; High Court asks government for report सार मप्र हाईकोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जबलपुर के नालों का पानी सीवेज से अत्यंत दूषित है। इस पानी से उगाई जा रही सब्जियां मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। युगलपीठ ने सरकार को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। विस्तार हाईकोर्ट में मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की तरफ से तरफ से पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि नाले के दूषित पानी से उगाई जाने वाली सब्जी मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं। शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवेज मिलता है। जिस कारण वह अत्यंत दूषित हो गया है और उसका उपयोग निस्तार और सिंचाई के लिए किया जाना मानव जीवन के लिए खतरनाक है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि प्रदूषण बोर्ड के सुझावों पर तत्काल अमल करते हुए रिपोर्ट पेश करें। याचिका पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को नियत की गई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक विधि छात्र के द्वारा पत्र लिखकर बताया गया था कि जबलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को नाले के दूषित पानी का उपयोग की सब्जी की खेती होती है। ऐसी सब्जी का उपयोग मानव जीवन के लिए खतरनाक है। चीफ जस्टिस ने पत्र की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के आदेश जारी किये थे। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल नाले की पानी की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये थे। याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार को पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कृषि अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और प्रदूषण बोर्ड की संयुक्त टीम ने 23 नवंबर 2025 को ओमती नाला, मोती नाला , खूनी नाला, उदरना नाला सहित अन्य नालों से पानी का सैंपल लेकर जांच की थी। जांच के बाद इनके पानी में बीओडी, टोटल कोलीफार्म या फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानक सीमा से अधिक है। नमूना रिपोर्ट और जांच से स्पष्ट है कि यह अनुपचारित सीवर का जल है जो पीने, नहाने या खेती सहित किसी भी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया था कि जबलपुर में 174 मेगा लीटर प्रतिदिन वेस्ट वॉटर नालों में जाता है, जिसमें से नगर निगम द्वारा 13 सीवेज प्लांट्स के जरिए केवल 58 मेगालीटर प्रतिदिन पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है। यह पानी नर्मदा तथा हिरन नदी में मिलाया जाता है। प्लांट्स की कुल क्षमता 154.38 मेगा लीटर प्रतिदिन की है। इसके लिए समय-समय पर करोड़ों रुपये की राशि का आवंटन भी किया गया है। हाल ही में नगर निगम जबलपुर को अमृत 2.0 सीवर योजना अंतर्गत 1202.38 करोड़ राशि स्वीकृत हुई है। पीबीसी की तरफ से नाले के पानी को दूषित होने के बचाने के लिए सुझाव भी दिये गये थे। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये।

बिना स्क्रीनशॉट लिए इस तरह व्हाट्सएप पर किसी भी मैसेज को करें सेव

आज यूजर्स के बीच व्हाट्सएप काफी लोकप्रिय हो चुका है। इससे टेक्सट मैसेज ही नहीं बल्कि वीडियो और वॉयस कॉलिंग भी की जा सकती है। किसी को फोटो भेजने से लेकर वीडियो और अहम डॉक्यूमेंट भेजने तक यूजर्स इससे कई काम आसानी से कर सकते हैं। पिछले वर्ष एफ8 डेवलपर कॉन्फ्रेंस में फेसबुक ने बताया था कि व्हाट्सएप यूजर रोजाना 65 बिलियन मेसेज भेजते हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कई बार ऐसा होता है कि हम किसी से कोई चैट करते हैं तो उसे सेव करना चाहते हैं जिसके लिए हम स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। हालांकि, इसका एक तरीका और है जिसके जरिए आप बिना स्क्रीनशॉट लिए किसी के मैसेज को सेव कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए यूजर्स ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। इस फीचर को एंड्रॉइड, आईओएस और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। एंड्रॉइड यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव: सबसे पहले आपको व्हाट्सएप ओपन करना होगा। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उस पर जाएं। अब उस मैसेज को सेलेक्ट करे जिसे आप बुकमार्क करना चाहते हैं। इसके लिए आपको मैसेज को टैप कर होल्ड करना होगा। अब आपकी स्क्रीन पर ऊपर की तरफ के स्टार आइकन दिखाई देगा। इस पर टैप कर दें। इससे आपका मैसेज स्टार मार्क यानी बुकमार्क हो जाएगा। आईओएस यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव: सबसे पहले व्हाट्सएप पर जाएं। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उसे ओपन करें। अब मैसेज को टैप कर होल्ड करें और स्टार आइकन पर क्लिक करें। इससे आपका मैसेज सेव हो जाएगा।  

तेज गर्मी में बारिश और मौसम के बदलाव से बढ़ा मलेरिया का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

तेज गर्मी के बीच अचानक बारिश और तापमान में जल्दी-जल्दी बदलाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। देश के कई हिस्सों से मलेरिया के मरीजों की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया बहुत खतरनाक हो सकता है। यह तो आप भी जानते हैं कि मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं। मौसम में नमी और गर्मी एक साथ होने पर मच्छरों को प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल मिलता है। वैसे भी बैक्टीरिया और जीवाणुओं के पलने के लिए बारिश का मौसम अनुकूल होता है। आइए आपको बताते हैं मलेरिया फैलने का कारण और इससे बचाव के लिए जरूरी टिप्स। 27 डिग्री सेल्सियस पर सबसे तेज फैलता है मलेरिया हाल में हुए एक शोध में बताया गया है कि आमतौर पर मच्छर जनित रोगों का खतरा 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान होने पर बढ़ जाता है, इसलिए जिन इलाकों में 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान है, वहां मलेरिया फैलने का ज्यादा खतरा होता है। इसके अलावा बारिश के मौसम में जगह-जगह जमा होने वाला पानी में मच्छर तेजी से प्रजनन करते हैं और आसपास के इलाकों में मलेरिया, डेंगू फैलने का कारण बनते हैं। मलेरिया के लक्षण सिद्धार्थ नगर के चिकित्साधिकारी डॉ. राम आशीष बताते हैं कि आजकल ओपीडी में रोजाना 30-40 मरीज ऐसे आते हैं जो बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें से कई मरीज मलेरिया टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। आमतौर पर मलेरिया होने पर बुखार आता है और शरीर में कंपकंपी होती है। डॉ. आशीष के अनुसार मलेरिया से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। आजकल इमरजेन्सी वार्ड में रोजाना मलेरिया से प्रभावित 8-10 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। टायफाइड और वायरल बुखार का खतरा डॉ. राम आशीष के अनुसार इस मौसम में टायफाइड और वायरल बुखार के मामले बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि बारिश के बाद सड़कों और जगह-जगह गंदगी बढ़ जाती है। शहरों के किनारे बसी जगहों पर जमा पानी के कारण मच्छर पनपते हैं, तो गांवों और जंगलों के आसपास के इलाकों में भी डेंगू-मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगता है। मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें? अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें और पानी न जमा होने दें। गंदगी से मच्छर बढ़ेंगे और फिर मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां बढ़ेंगी। रात में सोते समय मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या कॉइल, मस्कीटो रिपेलेंट का प्रयोग करें। खाने से पहले खुद भी साबुन से धोएं और बच्चों के हाथ भी धुलवाएं। बारिश के मौसम में भीगे और नम कपड़े देर तक न पहनें। खुले में बिकने वाली चीजें, बासी खाना आदि न खाएं।  

कौनसा मोबाइल कवर हैं आपके फोन के लिए सही

नई दिल्ली अपने फोन के साथ मोबाइल कवर हर कोई इस्तेमाल करता है लेकिन एक सवाल सबके मन में आता है कि क्या स्मार्टफोन के लिए महंगे कवर लेने चाहिए? दरअसल मार्केट में आपका 100 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक के मोबाइल कवर देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में क्या स्मार्टफोन कवर पर इतना पैसा खर्च करने का कोई मतलब बनता है? या फिर जो सस्ते कवर आमतौर पर लोग इस्तेमाल करते हैं उनसे स्मार्टफोन को कोई नुकसान होता है। इस सवाल का जवाब आज हमेशा-हमेशा के लिए जान लेते हैं। इंश्योरेंस का विकल्प हैं महंगे कवर सस्ते और महंगे कवर के बीच जो सबसे बड़ा फर्क होता है वह प्रोटेक्शन का होता है। एक महंगा कवर, सस्ते कवर के मुकाबले में और कुछ अलग भले न कर पाए लेकिन प्रोटेक्शन के मामले में काफी अच्छा होता है। इसे आप अपने फोन के लिए इंश्योरेंस का विकल्प मान सकते हैं। अगर आप अपने फोन की सुरक्षा के लिए 2 से 4 हजार का इंश्योरेंस लेते हैं, तो उसकी जगह एक अच्छे फोन कवर में इनवेस्ट करके फोन को लाइफटाइम के लिए सिक्योर कर सकते हैं। दरअसल Spigen, ESR, Ringke, Totem जैसे ब्रांड के कवर खास ड्रॉप टेस्टिंग के साथ बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल करते हुए आपका फोन अगर ऊंचाई से गिर भी जाए, तो फोन खराब होने के चांस काफी कम होते हैं। मन की यह शांति आपको सस्ते कवर्स के साथ नहीं मिलती। फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट ब्रांडेड कवर फिटिंग और डिजाइन में बेस्ट होते हैं। अगर आप एक ब्रांडेड कवर इस्तेमाल करते हैं, तो आपके फोन के किसी भी सेंसर के कवर में छिप जाने का डर नहीं रहता। इन कवर्स को फोन की हर डायमेंशन और सेंसर को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। वहीं अगर आप एक नॉन ब्रांडेड या सस्ते कवर इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि आपके फोन का कोई सेसंर या माइक कवर के नीचे छिप जाए और फोन की परफॉर्मेंस पर असर डाले। जैसे कि अगर आपके फोन का माइक कवर के नीचे छिपा रह जाए, तो सामने वाले तक आपकी आवाज पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इस वजह से ब्रांडेड कवर फोन के लिए अच्छे रहते हैं। बेहतर हीट मैनेजमेंट गिरने के अलावा जिस चीज से आपके फोन को सबसे ज्यादा खतरा होता है वह है हीटिंग। जब-जब आपका फोन गर्म होता है, तब-तब उसकी बैटरी की हेल्थ पर खराब असर पड़ता है। बता दें कि फोन की हीटिंग की सबसे बड़ी वजह आपका फोन का कवर भी हो सकता है। अगर आपके फोन का कवर फोन के ऐसे हिस्सों को कवर कर देता है, जहां से फोन की हीट बाहर निकलती है, तो आपके फोन की बैटरी जल्द खराब हो सकती है। ब्रांडेड फोन कवर बनाने वाली कंपनियां इन बारीकियों का ख्याल रखती हैं। वहीं लोकल या सस्ते फोन कवर फोन में हीटिंग की बड़ी वजह साबित हो सकते हैं। कितना पैसा लगाना है सही? अब सवाल उठता है कि एक फोन कवर पर कितना पैसा खर्च किया जाना चाहिए। दरअसल मार्केट में तो 6 हजार रुपये तक के भी फोन कवर मिल जाते हैं, लेकिन इतना पैसा फोन कवर पर लगाना कहीं से भी समझदारी नहीं हो सकता। दरअसल फोन कवर पर पर कितना खर्च करना चाहिए इसका अंदाजा आप फोन के इंश्योरेंस के दाम को ध्यान में रखकर लगा सकते हैं। नए फोन का इंश्योरेंस 2 से 4 हजार रुपये में मिलता है। इसमें आपके फोन को एक साल की सुरक्षा दी जाती है। ऐसे में अगर आप फोन की लाइफटाइम सुरक्षा चाहते हैं, तो दो हजार रुपये तक ब्रांडेड कवर पर खर्च कर सकते हैं। बता दें कि अच्छे कवर 1000 रुपये तक में भी मिल जाते हैं, यह आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं।

दुनिया का सबसे स्लिम फोल्ड फोन जल्द आ रहा , 2 जुलाई को लॉन्च होगा, Samsung Fold 7 से होगा मुकाबला

मुंबई  फोल्ड हैंडसेट की थिकनेस एक बड़ी प्रोब्लम है, कई हैंडसेट की मोटाई तो 2 स्मार्टफोन के बराबर होती. अब Honor ने कंफर्म कर दिया है कि वह 2 जुलाई को HONOR Magic V5 लॉन्च करने जा रहा है. इस हैंडसेट को लेकर कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा. यह लॉन्चिंग चीन में होगी.  MWC Shanghai 2025 के दौरान HONOR के CEO James Li ने अपने अपकमिंग फोल्डेबल हैंडसेट की ऑफिशियल लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया है कि उनका यह हैंडसेट सबसे पावरफुल AI फोल्ड स्मार्टफोन होगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह दुनिया का सबसे स्लिम और लाइटवेट फोल्ड स्मार्टफोन होगा.  HONOR Magic V3 की थिकनेस  बताते चलें कि कंपनी की रेंज में पहले से एक स्लिम हैंडसेट मौजूद है, जिसका नाम Magic V3 है. अनफोल्ड होने पर इसकी थिकनेस 4.35mm है, वहीं फोल्ड होने के बाद इसकी थिकनेस 9.2mm की है. इसका वजन 226 ग्राम है. HONOR Magic V5 की थिकनेस पुराने वर्जन की तुलना में ज्यादा होगी.  Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा मुकालबा  कंपनी ने बताया है कि उनके इस अपकमिंग हैंडसेट का सीधा मुकाबला Samsung Galaxy Z Fold7 से होगा, जो 8 जुलाई में लॉन्च हो सकता है. कंपनी का दावा है कि HONOR Magic V5 के अंदर पावरफुल परफोर्मेंस, बेहतरीन टेक्नोलॉजी और पोर्टेबिलिटी देखने को मिलेगी.  HONOR Magic V5 में मिलेगा ये प्रोसेसर  पुरानी रिपोर्ट्स में इस हैंडसेट की कई लीक्स सामने आ चुके हैं. Honor का अपकमिंग फोल्ड फोन Snapdragon 8 Elite के साथ लॉन्च हो सकता है. इसमें 7.95 Inch का 2K+LTPO foldable स्क्रीन मिलेगा. इसमें 50MP का रियर कैमरा और 6100mAh की बैटरी मिलेगी, जो थर्ड जेनेरेशन सिलिकन कार्बन बैटरी होगी. इसके साथ 66W का फास्ट चार्जर दिया जा सकता है. आने वाले दिनों में इस हैडंसेट को लेकर और भी डिटेल्स सामने आएंगी.  

जानलेवा हो सकता है डायरिया, जानें उल्टी-दस्त होने पर क्या करें

डायरिया या दस्त  लगना पेट की गड़बड़ी से जुड़ी एक आम समस्या  है। यह बड़ी असहज स्थिति होती है, लेकिन अगर आप अपने खानपान पर ध्या़न नहीं देंगे तो आपको यह समस्याह होती रहेगी। आमतौर पर दस्त् दो या तीन दिन में ठीक हो जाते हैं लेकिन कभी-कभी हालात खराब हो जाते हैं और डॉक्ट री देखरेख की जरूरत पड़ती है। कारण डायरिया में कहने को तो उल्टी दस्त ही होता है, लेकिन शरीर का सारा पानी निकल जाने की वजह से यह कभी-कभी जानलेवा भी हो जाता है। कमजोरी की वजह से मरीज बिस्तर पकड़ लेता है। डायरिया प्रमुख रूप से बैक्टीरिया और वायरस की वजह से होता है। इसके कई और भी कारण होते हैं- -घबराहट -संक्रमण -खानपान में बदलाव -बदहजमी -किसी दवा का साइड इफेक्ट ये हैं डायरिया के लक्षण -दस्त -उल्टी -पेट में दर्द -कमजोरी और थकान -बुखार -चक्कर आना छोटे बच्चे में डायरिया के लक्षण -बच्चे का मुंह सूख रहा हो -बच्चे का पेट, आंख और गाल सिकुड़े से हों -बच्चे ने काफी देर से पेशाब न किया हो -बुखार हो -बच्चा रो रहा हो लेकिन आंसू न निकल रहे हों क्या करें जब डायरिया हो? -डायरिया से शरीर में हुई पानी की कमी को तुरंत पूरा करना चाहिए। इसके लिए खूब पानी पिएं। -ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) लें -खाना कम खाएं -पानी/जूस पर्याप्त मात्रा में लेते रहें -अनाज खाने से बचें -फैटी, मसालेदार खाना न खाएं बचाव खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छे से धो लें। जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं और साफ पानी पीएं। खुले में बिकने वाले खाने से परहेज करें। नाखून छोटे रखें और उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।  

अगर आप भी चाहते हैं कि लोग आपका साथ पसंद करें, तो करें ये काम

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें देखकर चेहरे पर मुस्कान अपने आप आ जाती है। उनके आने भर से माहौल हल्का हो जाता है, वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ बैठना भी भारी लगने लगता है। इसका सिर्फ एक कारण है कि इंसान सोच, बोलने का तरीका और बरताव कैसा है। यही वह चीज है जिससे एक इंसान सबका प्रिय, तो दूसरा अप्रिय हो जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि लोग आपका साथ पसंद करें, आपके आने से उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो यहां कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताया गया है, जिन्हें अपनाकर आप भी हर किसी के अजीज बन सकते हैं। मुस्कुराकर जीतें लोगों का दिल मुस्कान एक ऐसी चीज है जो बिना कुछ कहे आपके बारे में बहुत कुछ कह जाती है। ये आत्मविश्वास, अपनापन और पॉजिटिविटी दिखाती है। जब आप मुस्कुराते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति आपके साथ कंफर्टेबल महसूस करता है। मुस्कुराने से आपके चारों ओर एक हल्का और प्यारा सा माहौल बना देती है। जब आप मुस्कुरा कर लोगों से मिलते हैं, तो इससे ना केवल दूसरों को खुशी मिलती है, बल्कि आप खुद भी स्ट्रेस से दूर रहते है। इसलिए होठों पर एक प्यारी सी मुस्कान रखें और फिर देखें कैसे लोग खुद-ब-खुद आपकी ओर खिंचने लगेंगे। कुछ अच्छा लगे तो जरूर करें तारीफ लोगों की गलतियों पर ध्यान देने की बजाय उनकी अच्छाइयों की तारीफ करें। अगर आप हर बार किसी की गलती बताने के बजाय, उसकी सराहना करते हैं, तो लोग आपके साथ ज्यादा सहज महसूस करते हैं। जब आप दूसरों को महसूस कराते हैं कि वे खास हैं, तो वे आपको दिल से पसंद करने लगते हैं। इसके अलावा तारीफ करने की आपकी आदत रिश्तों को मजबूत बनाती है और इससे आपकी एक पॉजिटिव इमेज भी बनती है। अच्छे श्रोता बनें अधिकतर लोग बस बोलने में लगे रहते हैं, लेकिन जो व्यक्ति ध्यान से सुनता है, वो सबका दिल जीत लेता है। जब आप सामने वाले की बातों को तवज्जो देते हैं, तो वह महसूस करता है कि आप उसकी भावनाओं की कद्र कर रहे है। इसलिए किसी को बीच में टोकने की बजाय उसकी पूरी बात सुनें और आंखों में आंखें डालकर रिस्पॉन्स दें। इससे आपके व्यवहार में अपनापन झलकता है और लोग आपको एक सच्चे दोस्त के रूप में देखने लगते हैं। हल्के-फुल्के मजाक के साथ माहौल को रखें पॉजिटिव खुशमिजाज लोग अक्सर हल्के-फुल्के मजाक से माहौल को खुशनुमा बना देते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके आसपास पॉजिटिविटी बनी रहे और लोग आपके साथ को एंजॉय करें, तो हल्का-फुल्का मजाक का माहौल बनाकर रखें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कोई ऐसा मजाक ना करें जिससे किसी का अपमान हो। आपकी पॉजिटिव सोच और मजाकिया अंदाज आपको लोगों को जरूर पसंद आएगा और आपको देखकर लोगों को खुशी जरूर होगी।  

आधार कार्ड के लिए आ रहा नया ऐप, अब घर बैठे ही बदल पाएंगे मोबाइल नंबर और बहुत कुछ

नई दिल्ली चाहे कोई सरकारी काम हो या फिर प्राइवेट, आजकल भारत में सभी जगहों पर लोगों को आधार कार्ड  की जरूरत होती है। इस कारण उन्हें हर जगह अपने साथ आधार कार्ड रखना होता है। कई जगहों पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी देना पड़ती है। हालांकि, जल्द एक ऐसी सुविधा आने वाली है, जिसके बाद लोगों को अपने आधार की फोटो कॉपी की जरूरत नहीं होगी। जी हां, वे आधार कार्ड की फोटोकॉपी की जगह इलेक्ट्रॉनिक आधार कार्ड शेयर कर पाएंगे। ऐसा एक नए QR Code बेस्ड ऐप के जरिए हो पाएगा। आइये, इस नए तरह के आधार कार्ड की पूरी डिटेल जानते हैं। इस नए ऐप से लोगों के कई काम आसान हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवंबर तक आपको अपना बायोमेट्रिक डिटेल जमा करने के अलावा, पता अपडेट करने और अन्य डिटेल जमा करने के लिए आधार सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया प्रोटोकॉल तैयार किया है। यह जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन, पीडीएस और मनरेगा डेटाबेस से आपका पता और अन्य डिटेल ले लेगा। इससे न केवल लोगों का काम आसान होगा, बल्कि आधार बनवाने के लिए नकली दस्तावेजों के यूज होने पर भी काफी हद तक रोक लगेगा। इतना ही नहीं, UIDAI बिजली बिल डेटाबेस तक पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है। इससे और भी सुविधा होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, UIDAI के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भुवनेश कुमार ने बताया है कि एजेंसी के द्नारा नया ऐप डेवलप किया जा रहा है और एक लाख मशीन में से लगभग 2 हजार मशीन अब नए टूल में मूव हो गई हैं। घर बैठे ही दे पाएंगे फिंगरप्रिंट अधिकारी का कहना है कि आप जल्द ही घर बैठे फिंगरप्रिंट और आईरिस देने के अलावा बाकी सभी काम कर सकेंगे। इसमें पता अपडेट करना, फोन नंबर, नाम बदलना और गलत जन्मतिथि में सुधार करना भी शामिल होगा। आधार के क्यूआर कोड बेस्ड मोबाइल-टू-मोबाइल या ऐप-टू-ऐप ट्रांसफर की सुविधा को, आधार के गलत उपयोग से रोकने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इसका यूज कई उद्देश्यों के लिए किया जाना है, जिसमें होटलों में चेक-इन से लेकर चलती ट्रेन में आइडेंटिटी कार्ड तक, काफी कुछ शामिल है। कुमार ने कहा है कि यह आपके अपने डेटा पर अधिकतम यूजर्स कंट्रोल देता है। इसे केवल सहमति से ही शेयर किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसका यूज सब-रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार द्वारा प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय भी किया जा सकता है। यहां अक्सर धोखाधड़ी होती है। कुमार ने कहा कि यूआईडीएआई राज्य सरकारों को प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले लोगों की वेरिफिकेशन करने के लिए आधार का यूज करने के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।

सेल्फ कॉन्फिडेंस के लिए लाइफ से निकाल दें ये आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।  

Apple iPhone 17 की कीमत लॉन्च से पहले लीक

नई दिल्ली Apple iPhone 17 सीरीज पिछले काफी समय से चर्चा में बना हुआ है। इस सीरीज में कंपनी कई स्मार्टफोन आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो, आईफोन 17 प्रो मैक्स और आईफोन 17 एयर लेकर आ सकती है। अभी तक कंपनी ने सीरीज की लॉन्च डेट अनाउंस नहीं की है। हालांकि, हर साल की तरह ही इस साल भी सितंबर में सीरीज को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। लीक रिपोर्ट्स में लॉन्च से पहले ही सीरीज के स्मार्टफोन्स की डिटेल पता चल गई है। फोन्स के खास स्पेसिफिकेशन का खुलासा भी हो गया है। अब एक लेटेस्ट रिपोर्ट में आईफोन 17 की भारत समेत अन्य देशों में कीमत और लॉन्च डेट रिवील हुई है। आइये, जानें किस देश में सबसे सस्ता मिलेगा आईफोन 17। भारत में इतनी होगी आईफोन 17 की कीमत मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईफोन 17 की कीमत 89,900 रुपये से शुरू होगी। अगर ऐसा हुआ को यह आईफोन 16 से लगभग 10 हजार रुपये मंहगा होगा। अमिरका की बात करे तो फोन को 899 डॉलर में पेश किए जाने की उम्मीद है। वहीं, UAE में फोन की कीमत AED 3,799 हो सकती है। आईफोन 17 सितंबर की इस तारीख को लेगा मार्केट में एंट्री Apple के अभी तक के शेड्यूल को देखकर लग रहा है कि आईफोन 17 सीरीज 11 से 13 सितंबर, 2025 के बीच लॉन्च की जाएगी। हालांकि, ध्यान रखें कि कंपनी ने अभी लॉन्चिंग को लेकर कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की है। उम्मीद है कि जल्द कंपनी की ओर ने सीरीज की लॉन्चिंग को टीज किया जाना शुरू हो जाएगा। आईफोन 17 के खास स्पेसिफिकेशन लीक रिपोर्ट की मानें तो आईफोन 17 में 6.3 इंच का डिस्प्ले मिल सकता है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz हो सकता है। इसके अलावा, फोन में कंपनी की नई इन-हाउस चिपसेट A19 मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आईफोन 17 को दो रैम वेरिएंट में लाया जा सकता है। फोन के बेस वेरिएंट में 8जीबी रैम और दूसरे वेरिएंट में 12जीबी रैम मिलने की उम्मीद है। स्मार्टफोन 33वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आ सकता है। इस फोन को कंपनी कैमरा अपग्रेड के साथ ला सकती है। फोन में सेल्फी और वीडियो कलिंग के लिए लिए 12 की जगह 24एमपी का मेन कैमरा मिल सकता है। इसके बैक में 48एमपी मेन कैमरा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, रियर में 12एमपी अल्ट्रा वाइड एंगल सेंसर मिल सकता है। स्मार्टफोन को एक या दो नहीं 5 कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जा सकता है।

आधार कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या से निजात दिलाएगा mAadhaar ऐप

नई दिल्ली अगर आप भी आधार कार्ड से जुड़ी किसी समस्या से दो-चार हो रहे हैं, तो mAadhaar ऐप आपके लिए रामबाण इलाज साबित हो सकता है। दरअसल यह सरकारी ऐप आधार से जुड़े आपके सभी कामों को आसान बना देता है। इस ऐप की मदद से आप घर बैठे-बैठे आधार से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं, जैसे कि आधार डाउनलोड करना, अपडेट की स्थिति चेक करना, या किसी डिटेल को ठीक कराना। यह ऐप न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि इस्तेमाल में बेहद आसान भी है। चलिए जानते हैं इस ऐप के उन खास फीचर्स के बारे में जो आधार से जुड़े हर काम को आसान बना देंगे। आधार डाउनलोड करना mAadhaar ऐप से आप अपना आधार कार्ड कभी भी, कहीं भी मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए बस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की जरूरत होती है। यह डिजिटल आधार पीडीएफ फॉर्म में होता है। इसे आप जरूरत पड़ने पर कहीं भी दिखा सकते हैं। पता अपडेट करना अगर आपके आधार कार्ड में पता गलत है या आपने घर बदला है, तो mAadhaar ऐप से आप अपना पता अपडेट के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ वैध एड्रेस प्रूफ की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। अपडेट स्टेटस चेक करना आधार में किए गए किसी भी अपडेट जैसे नाम, पता या जन्मतिथि में बदलाव का स्टेटस आप इस ऐप के जरिए ट्रैक कर सकते हैं। आपको सिर्फ अपना आधार नंबर और ओटीपी दर्ज करना होगा, और कुछ ही सेकंड में अपडेट का स्टेटस सामने आ जाता है। बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक करना अगर आप अपने आधार की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं, तो ऐप से बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे कि फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। लॉक करने पर कोई भी आपकी अनुमति के बिना आधार का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। ये फीचर सुरक्षा के लिहाज से बेहतरीन है। परिवार के आधार प्रोफाइल जोड़ना इस ऐप की मदद से आप एक ही मोबाइल पर अपने परिवार के अधिकतम 3 लोगों के आधार प्रोफाइल जोड़ सकते हैं। इससे आप बच्चों, माता-पिता या जीवनसाथी के आधार से जुड़े काम भी एक जगह से कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए मददगार साबित होती है। ऐसे करें इस्तेमाल इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले Google Play Store या Apple App Store से इसे ऐप को डाउनवोड करना होगा। इसके बाद अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर का इस्तेमाल करके आप इस ऐप में एक OTP के जरिए लॉगइन कर पाएंगे। इसके बाद आप Aadhaar से जुड़ी तमाम सर्विसेद का लाभ घर बैठे उठा सकेंगे।

6000mAh की बैटरी के साथ आज भारत में लॉन्च होगा Realme Narzo 80 Lite 5G फोन

नई दिल्ली नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Realme आज भारत में अपना नया फोन Realme Narzo 80 Lite 5G फोन लॉन्च करने के लिए तैयार है। लॉन्च के बाद इसे अमेजन पर बेचा जाएगा, क्योंकि कंपनी ने फोन की माइक्रोसाइट को अमेजन पर लाइव कर दिया है। जहां कंपनी ने इसके कुछ खास फीचर्स को भी टीज किया है। कहा जा रहा है कि अपकमिंग फोन के बजट प्राइस टैग के साथ आने की उम्मीद है। कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि फोन में 6000mAh की बैटरी होगी और इसकी मोटाई 7.94 एमएम होगी। यह कम से कम ब्लैक और पर्पल कलर ऑप्शन में आएगा। Amazon पर कंपनी ने इसे ‘इंडिया का लॉन्ग लास्टिंग 5G बैटरी चैंपियन’ टैगलाइन के साथ टीज किया है। फोन में 6000mAh बैटरी होगी, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि इसे एक बार फुल चार्ज कर पूरे दिन इस्तेमाल किया जा सकेगा। 6000 एमएएम की बड़ी बैटरी होने के बावजूद इसकी मोटाई केवल 7.94 एमएम होगी। टीजर में कंपनी ने इसके कलर ऑप्शन और बैक पैनल डिजाइन को भी टीज कर दिया है। टीजर इमेज में इसे ब्लैक और लाइट पर्पल कलर में देखा जा सकता है। बैटरी लाइफ को लेकर कंपनी का दावा है कि इसमें 46.6 घंटे का कॉलिंग टाइम और 13.3 घंटे तक लगातार कैंडी क्रैश गेम खेला जा सकता है। इसमें रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलेगा। इससे आप दूसरे गैजेट्स जैसे कि ईयरबड्स चार्ज कर सकेंगे। प्रमोशनल इमेज से पता चलता है कि Realme Narzo 80 Lite 5G में एक रैक्टेंगुलर कैमरा मॉड्यूल के अंदर एक डुअल रियर कैमरा सेटअप होगा। स्मार्टफोन में सामने की तरफ पतले बेजल्स के साथ एक फ्लैट डिस्प्ले और स्क्रीन के बीचोंबीच एक सेंटर्ड होल-पंच कैमरा कटआउट होगा, जिसमें सेल्फी कैमरा लगा होगा। फोन के दाएं किनारे पर वॉल्यूम रॉकर और पावर बटन है। मजबूती के लिए फोन को मिलिट्री-ग्रेड MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन दिया गया है। इतनी हो सकती है अलग-अलग वेरिएंट की कीमत टिप्स्टर पारस गुगलानी ने बताया कि Realme Narzo 80 Lite 5G 120 हर्ट्ज डिस्प्ले, मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 चिपसेट, 15W चार्जिंग के साथ 6000 एमएएच बैटरी, 4GB/6GB रैम के साथ 12GB डायनामिक रैम सपोर्ट, 64GB/128GB स्टोरेज ऑप्शन, 32-मेगापिक्सेल का प्राइमरी रियर कैमरा, IP64 रेटिंग, AI फीचर्स, रियलमी यूआई 6.0, 5G+5G डुअल मोड एचडी प्लस रिजॉल्यूशन सपोर्ट वाली स्क्रीन के साथ आ सकता है। इसकी शुरुआती कीमत 9,999 रुपये हो सकती है।

मौसमी बुखार जरा संभलकर

बदलते मौसम में वायरल फीवर होना आम बात है। मौसम बदलने और तापमान के उतार-चढाव के कारण हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर हो जाता है और वायरस से शरीर संक्रमित हो उठता है। आमतौर पर लोग वायरल फीवर को आम बुखार समझ कर घर में पडी कोई भी दवा खा लेते हैं लेकिन इसे ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज कर देने से गंभीर परेशानियां भी हो सकती हैं। गले में दर्द या खराश, शरीर में टूटन और खांसी का रह-रह कर आना वायरल फीवर के शुरुआती लक्षण हैं। इन लक्षणों को इग्नोर करने पर इसके वायरस पनपने लगते हैं। इसके बाद सप्ताह भर तक शरीर बुखार की चपेट में घिरा रहता है वायरल फीवर के लक्षण… 1. गले में दर्द होना 2. बदन दर्द या मसल्स पेन 3. खांसी आना 4. सिरदर्द या त्वचा में रैशेज होना 5. सर्दी-गर्मी लगना 6. आंखों में जलन 7. थकान महसूस होना 8. तेज बुखार। आम फीवर से अलग:- वायरस शरीर पर हमला करता है तो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता उस वायरस को खत्म करने की कोशिश करती है। संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खांसने से हवा में फैलने वाले वायरस के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ जाता है। ऐसे कई तरह के वायरल फीवर होते हैं, जिनमें प्रमुख हैं डेंगू, चिकनगुनिया और मच्छरों के काटने से होने वाले कई तरह के बुखार आदि। क्या है इसका इलाज:- वायरल होने पर शरीर में थकान का एहसास होता है और बहुत कमजोरी महसूस होती है। तेज बुखार होने पर पैरासिटामोल जैसी दवा ही लेनी चाहिए। बुखार के दौरान गला काफी सूखता है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। गले में खराश या दर्द हो तो गर्म पानी में नमक डाल कर उससे गरारा करें। सुबह-शाम ऐसा करने पर राहत महसूस होगी। जितना हो सके, आराम करें। इसके अलावा दिन भर हलका गुनगुना पानी पीते रहें। ध्यान रखें कि इस दौरान किसी भी एंटीबायोटिक दवा का सेवन न करें क्योंकि एंटीबायोटिक लेने से बुखार पर इसका असर नहीं होता, बल्कि शरीर में थकान और कमजोरी का एहसास ज्यादा होने लगता है। तीन दिन से अधिक बुखार रहे तो अपने नजदीकी चिकित्सक से जांच कराएं। बरतें सावधानी… -विटमिन सी का सेवन अधिक करें। यह हमारे इम्यून सिस्टम को सही रखता है। -हलका खाना ही खाएं -पत्तेदार सब्जियां, फूलगोभी और अरबी न खाएं -हल्दी, अजवाइन, अदरक और हींग का अधिक सेवन करें -ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पिएं -रेस्ट करें और बासी खाना न खाएं -गर्म पानी की भाप लें -छींकते वक्त मुंह पर रूमाल बांधें -घर पर इलाज न करें, तुरंत चिकित्सक को दिखाएं  

चंद मिनटों में ऐसे करें करप्ट पेनड्राइव को रिकवर

लगभग हर व्यक्ति अपना अहम डाटा, फोटोज, वीडियोज आदि को अपनी पेनड्राइव में रखता है, पर तब क्या हो जब आपकी पेनड्राइव करप्ट हो जाए और आपके पास उसे ठीक करने का कोई उपाय भी न हो। क्या हुआ ये सोचकर ही परेशान हो गए न आप। अरे अब चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि हम आपके लिए लेकर आएं हैं एक ऐसा तरीका जिससे आप अपनी करप्ट पेनड्राइव को रिकवर कर सकते हैं। ऐसे करें करप्ट पेनड्राइव को रिकवर… 1. सबसे पहले अपनी पेनड्राइव को कंप्यूटर से कनेक्ट कर दें। 2. अब अपने कंप्यूटर के स्टार्ट बटन पर जाएं और राइट क्लिक कर दें। 3. आपके सामने कुछ ऑप्शन्स आएंगे जिसमें से आपको क्लिक कमांड प्रमोप्ट पर क्लिक करना है। 4. फिर आपके पीसी पर एक सीएमडी विंडो ओपन होगी जिसमें आपको डिस्कपार्ट टाइप करना होगा और एंटर प्रेस करना होगा। 5. अब जो भी डिवाइस आपके पीसी से कनेक्ट हैं वो सभी आपको यहा दिखाई देंगी। 6. यहां से अपनी पेनड्राइव की डिस्क को सेलेक्ट कर एंटर करें। (नोटः ध्यान रहे कि आप बिल्कुल सही डिस्क नंबर को सेलेक्ट कर रहे हैं, अगर ऐसा नहीं होता है तो आपका इंटरनल हार्ड ड्राइव भी फॉर्मेट हो सकती है। कुछ भी सेलेक्ट करने से पहले उसे पूरी तरह जांच लें या हो सके तो उस नंबर या सिंबल को कहीं नोट कर लें।) 8. अब आपको क्लिक टाइप पर टैप करना है और फिर पार्टीशन प्राइमरी टाइप करना है। 9. फिर एक्टिवेट टाइप कर दें और उसके बाद पार्टीशन 1 को सेलेक्ट करें। 10. इसके बाद फॉर्मेट एफएस-एफएटी32 टाइप करें और एंटर कर दें। 11. बस चंद मिनटों में ही फॉर्मेट प्रोसेस पूरा हो जाएगा। 12. इसके बाद अगर आप 4 गीगाबाइट्स से बड़ी फाइल लेना चाहते हैं तो एनटीएफएस टाइप करें। 13. मेमोरी फॉर्मेट होते ही आपकी पेनड्राइव रिकवर हो जाएगी।  

गर्मी में हीटस्ट्रोक का रहता है खतरा, ऐसे करें बचाव

इस मौसम में गर्मी से बचने का आसान तरीका है कि आप धूप के संपर्क में कम से कम आएं। कोशिश करें कि आप गर्म मौसम में बाहर न जाएं। अगर आपका जाना जरूरी हो तो सुबह जल्दी या शाम के समय जाने का प्रयास करें। अगर आप घर पर हैं तो भी घर को ठंडा रखने का प्रयास करें। गर्मी के मौसम में जिन लोगों को ज्यादातर बाहर रहना पड़ता है, उन्हें हीटस्ट्रोक का खतरा काफी अधिक होता है। दरअसल, गर्म हवाएं और शरीर के निर्जलीकरण के कारण व्यक्ति को हीटस्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर इस मौसम थोड़ी भी लापरवाही बरती जाए तो इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। आपको भी इस मौसम में लू न लगे, इसके लिए आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- पीएं पर्याप्त पानी इस मौसम में लू से बचने के लिए शरीर को निर्जलीकृत होने से बचाना बेहद आवश्यक है। इसके लिए अपने साथ पानी की बोतल कैरी करें और हर थोड़ी देर में पानी या अन्य पेय पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नींबू पानी, नारियल पानी, आम का पन्ना आदि पीएं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि वह बहुत अधिक ठंडा न हो क्योंकि इससे पेट में दर्द या ऐंठन होने की संभावना बढ़ जाती है। धूप से बचाव इस मौसम में गर्मी से बचने का आसान तरीका है कि आप धूप के संपर्क में कम से कम आएं। कोशिश करें कि आप गर्म मौसम में बाहर न जाएं। अगर आपका जाना जरूरी हो तो सुबह जल्दी या शाम के समय जाने का प्रयास करें। अगर आप घर पर हैं तो भी घर को ठंडा रखने का प्रयास करें। इसके लिए परदे आदि का प्रयोग करें ताकि धूप की तेज रोशनी घर के भीतर प्रवेश न कर सके। कपड़े व खानपान तपिश भरे इस मौसम में बाहर का खाना खाने से बचें। घर पर ही लाइट भोजन ही करें। कभी भी खाली पेट घर से बाहर न निकलें। साथ ही आपके कपड़े भी ऐसे होने चाहिए जो आरामदायक, हल्के रंग के व नेचुरल फैब्रिक जैसे कॉटन व लिनन के बने हों। वहीं गर्मी के मौसम में बाहर निकलते समय खुद को धूप से बचाएं। इसके लिए आप हैट, सनग्लासेज आदि का प्रयोग करें। खुद को रखें ठंडा शरीर का तापमान भीतर से बनाए रखने के लिए तरल पदार्थों पर अधिक फोकस करें। वहीं अगर बाहर से आपकी बॉडी गर्म हो रही हैं तो आप तौलिए को गीला करके उसे अपने पैरों या सिर पर रख सकते हैं। वहीं पैरों को ठंडे पानी की बाल्टी में कुछ देर के लिए रखें। इससे भी शरीर का तापमान सामान्य होता है।  

कैसे कम करें आंखों की सूजन

व्यस्त दिनचर्या, नींद की कमी, नाइट शिफ्टस और बढ़ती उम्र के कारण आंखों के आस पास सूजन आ जाती है जिसे आईज पफीनेस भी कहा जाता है। इस पफीनेस के कारण व्यक्ति उम्रदराज और थका हुआ दिखने लगता है। आमतौर पर लोग इसके लिये डॉक्टर से भी परामर्श लेते हैं लेकिन हम आपको कुछ ऐसे चमत्कारिक घरेलू उपाय बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आंखों के नीचे की सूजन दूर की जा सकती है। आंखों की सूजन कम करने के टिप्स… -आंखों के नीचे विटामिन-ई युक्त तेल लगाएं इसके लिये हाथों को अच्छी तरह धोकर पोंछ लें, अब अंगुलियों के पोरों पर तेल लगाकर आंखों के चारों तरफ मालिश करें। -थोड़े से ठंडे पानी में विटामिन-ई युक्त तेल डालें, अब इस पानी में भीगी हुई कॉटन बॉल्स को आंखों पर रखकर 20 मिनट के लिये आंखें बंद करके लेट जायें। -कॉटन बॉल्स को गुलाब जल में भिगोकर आंखों पर रखकर लेट जाये। आधे घंटे बाद इसे हटा दें। -गर्मी के मौसम में खीरा सभी के घर में खाया जाता है तो जब भी खीरा काटे 2 टुकड़े अपनी आंखों के लिये भी निकाल लें। इन टुकड़ों को आंखों पर रख लें। 20 मिनट बाद हटा दें। -आइस क्यूब में ठंडे किये गए चम्मच को आंखों पर रखें जिससे आंख पूरी ढक जाये, इस प्रक्रिया को दोनों आंखों पर चम्मच के गर्म होने और सूजन के समाप्त होने तक दोहरायें। चम्मच को फ्रीजर में करीब एक घंटे तक रखकर भी प्रयोग किया जा सकता है। -दो टी-बैग्स को पानी में भिगोकर फ्रिज में रख दें। दो या तीन मिनट बाद उसे फ्रिज से निकालकर 20-25 मिनट तक आंखों पर रखें और इसके बाद चेहरे को पानी से धो लें। -अंडे के सफेद भाग को एक ब्रश की सहायता से अपनी आंखों के आस-पास लगाएं। करीब 20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें। ऐसा करने से आपकी त्वचा में भी कसाव आ जाएगा। -इन उपायों के अलावा आप मेकअप के जरिये तुरंत पफी-आईज से छुटकारा पा सकते हैं। कंसीलर, एंटी पफीनेस आई-क्रीम, अंडर-आईज पैचेज, आदि प्रोडक्ट्स से भी आंखों की सूजन को दूर किया जा सकता है। लेकिन इनका प्रयोग डॉक्टर की सलाह से ही करें। अगर नियमित रूप से इन घरेलू उपायों को अपनाया जाये तो कुछ ही समय में आपको इस समस्या से जरूर राहत मिलेगी।  

इन एप्स की मदद से बचा सकते हैं हजारों रुपए

आज के समय में हर किसी को शिकायत रहती है कि ही महिने की शुरुआत में ही पूरी सैलरी ऐसे उड़ जाती है जैसे कुछ आया ही न हो और फिर आखिरी में कुछ भी नहीं बचता। ऐसे में, अब आप चिंता करना बंद कर दें, हम आपकी मदद करेंगे। चूंकि आज हम आपके लिए 5 ऐसी मोबाइल एप्लीचकेशन लाए है जो न सिर्फ आपके रोजमर्रा खर्चों पर नजर रखेगी बल्किर पैसे बचानें में मद्द भी करेगी। स्मार्ट स्पेन्ड अपने सभी व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन के लिए स्मार्ट स्पेन्ड एक शानदार विकल्प है। वास्तव में, यह एक व्यय प्रबंधक की तरह काम करते हुए ऑटोमेटिक सभी लेनदेन की कुल राशि को श्रेणियों में दर्ज करता रहता है। इसके दूसरे टूल्स में शामिल हैं-पहला इनवेस्टमेंट ट्रेकर एवं बिल। साथ ही साथ, यह ऐप आपको प्रत्येक खरीदारी पर व्यक्तिगत ऑफर और छूट के बारे में भी जानकारी देता है। चिल्लर चिल्लर आपके मोबाइल बैंकिंग और यूटिलिटी पेमेंट की जरूरतों का ख्याल रखने वाला एक ईजी ऐप है। यह एप्लिकेशन मनी ट्रांसफर, रिचार्ज एकाउंट और खर्चों को ट्रैक करने की सुविधा देता। यह आपके मित्रों को याद भी दिलाता है कि तुम्हें पैसे का भुगतान करना है। इस ऐप को ग्रुप में विभाजित बिलों, मासिक लेनदेन की समरी और स्टेटमैंस के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। तत्काल भुगतान विकल्प आपको क्यूआर कोड स्कैनिंग से स्टोर कर भुगतान करने की सुविधा देता है। मनी मैनेजर एक्स्पेन्स एवं बजट मनी मैनेजर एक्स्पेन्स एवं बजट ऐप आपके निजी वित्त की दोहरी एंटी एकांउट्स प्रणाली के आधार पर करता हैं। यह ऑटोमैटिकली आपके खाते में जैसे ही आय इनपुट आती है उस पैसे को डिपाजिट करता है ऐसे ही जब खर्च इनपुट होता है तो उसे एक्स्पेन्स में दिखात है। यह खर्च की रिपोर्ट और समीक्षा को दैनिक, साप्ताहिक और मासिक वित्तीय डेटा में जनरेट करता हैं ताकि आप अपनी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन कर सकें। फाइनेंशियल मॉनिटर बुककिपिंग अगर आप परिवार के सदस्यों के साथ एक संयुक्त बजट का प्रबंधन और उपकरणों के बीच डेटा सिंक्रनाइज करना चाहते हैं, तो फाइनेंशियल मॉनिटर बुककिपिंग ऐप वास्तव में आपके बहुत काम आ आ सकता है। यह आपको ऐप को नियंत्रित करने के लिए पिन कोड से डेटा के उपयोग को प्रतिबंधित करने या पैटर्न अनलॉक करने का विकल्प देता है। यह ऐप एक साधारण इंटरफेस के साथ आता है जोकि आपको भविष्य के अभियानों की योजना बनाने की सुविधा देता है। इजी करेन्सी कन्वर्टर यदि आप बहुत सारा ट्रैवल करते हैं, तो इजी करेन्सी कन्वर्टर ऐप आपके लिए जरूरी हो जाता है। इजी करेन्सी कन्वर्टर ऐसा ही एक ऐप है जिससे आप विभिन्न करेन्सीज को आसपास में कनवर्ट कर सकते हैं यहां तक कि ऑफलाइन मोड में भी। यह ऐप लाइव एक्सचेंज रेट प्रदान करता है और एक बार में अनेक करेन्सीज को परिवर्तित करने में सक्षम है।  

लावा ने 8 हजार रुपये में 5जी स्‍मार्टफोन लावा Storm Lite 5G किया लॉन्‍च

नई दिल्ली भारतीय कंपनी लावा ने 8 हजार रुपये में 5जी स्‍मार्टफोन लावा Storm Lite 5G को लॉन्‍च किया है। एक और फोन Storm Play 5G भी उतारा गया है, जिसकी कीमत 10 हजार रुपये के करीब है। दोनों फोन्‍स में 6.75 इंच का एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट के साथ दिया गया है। Storm Lite 5G उन शुरुआती फोन्‍स में शामिल है जिसमें मीडियाटेक का डाइमेंसिटी 6400 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 4जीबी रैम मिलती है। 5 हजार एमएएच की बैटरी है। 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा दिया गया है। जानते हैं इसके प्रमुख फीचर्स और प्राइस Lava Storm Lite 5G और Storm Play 5G की कीमत Lava Storm Lite 5G को एस्‍ट्रल ब्‍लू और कॉस्मिक टाइटेनियम कलर्स में लाया गया है। इसकी कीमत 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्‍टोरेज मॉडल के लिए 7999 रुपये है। हालांकि कंपनी ने इसे लिमिटेड पीरियड प्राइस कहा है यानी आने वाले दिनों में फोन महंगा हो सकता है। एमेजॉन पर यह फोन 24 जून दाेपहर 12 बजे से लिया जा सकेगा। वहीं, Lava Storm Play 5G की कीमत 6GB + 128GB मॉडल के लिए 9,999 रुपये है। यह भी लिमिटेड पीरियड प्राइस हैं। इसे एमेजॉन पर 19 जून की दोपहर 12 बजे से लिया जा सकेगा। Lava Storm Lite 5G और Storm Play 5G के फीचर्स व स्‍पेसिफ‍िकेशंस दोनों ही फोन्‍स में 6.75 इंच का एचडी प्‍लस एलसीडी डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जिसका रिफ्रेश रेट 120 हर्त्‍ज है। डिस्‍प्‍ले में 1612 × 720 पिक्‍सल रेजॉलूशन उभरता है। Storm Lite 5G में कंपनी ने मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6400 प्रोसेसर दिया है, जबकि Storm Play में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7060 चिपसेट है, उसके नाम का पता नहीं चल पाया है। Storm Lite 5G में कम से कम 4 जीबी रैम मिलती है। दूसरे मॉडल में 6 जीबी रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 128 जीबी तक है। मिलेगा एंड्रॉयड 15 और 50 मेगापिक्‍सल कैमरा दोनों फोन्‍स डुअल सिम सपोर्ट के साथ आते हैं और एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर चलते हैं। इनमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है, जोकि सोनी का सेंसर है। साथ में 2 मेगापिक्‍सल का सेकंडरी कैमरा मिलता है। फ्रंट कैमरा सेल्‍फी के लिए 8 मेगापिक्‍सल का है। सिक्‍योरिटी के लिए इन फोन्‍स में साइड माउंटेड फ‍िंग‍रप्रिंट सेंसर दिया गया है। 3.5mm का ऑडियो जैक मिल जाता है, जिसका मतलब है कि इन फोन्‍स को वायर्ड हेडफोन से कनेक्‍ट किया जा सकेगा। 5 हजार एमएएच बैटरी को कितना चार्जिंग सपोर्ट Lava Storm Lite 5G और Storm Play 5G में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। पहले मॉडल के साथ कंपनी 18 वॉट का चार्जिंग सपोर्ट दे रही है, जबकि दूसरे मॉडल के साथ 15 वॉट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। ये फोन आईपी64 रेटिंग के साथ आते हैं। यानी धूल और छींटों से होने वाले नुकसान से बचे रह सकते हैं।

आंवले का एक गिलास जूस पीने से होते हैं अनगिनत फायदे

हम इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि अगर सेहत अच्छी होगी तभी हम अपने काम पर और परिवार की सेहत पर ध्यान दे सकते हैं। दिन की अच्छी शुरूवात एक गिलास आंवले के जूस के साथ की जाए तो सारा दिन स्फूर्ति भरा हो सकता है। सुबह खाली पेट आंवले का जूस पीने से शरीर से जुड़ी बहुत सी परेशानियों से राहत पाई जा सकती है।   गैस की समस्या आजकल लोग ज्यादातर बाहर का खाने खाते हैं जैसे जंक फूड, मसाले वाला खाना जिससे पेट में गैस की समस्या हो जाती है। आंवले के जूस से इस परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। आंवले में कई तरह के शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, साथ ही यह पेट के टॉक्सिक लेवल को कम करने में भी मदद करता है, जिससे पेट में होने वाले दर्द व अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है। सर्दी-जुकाम से राहत आंवले में बहुत से औषधिय गुण पाय जाते हैं। जिससे सर्दी जुकाम जैसी बिमारियां पास नही आती।   बालों के लिए फायदेमंद आंवले के जूस का रोजाना सेवन आपके बालों के लिए वरदान है। ये बालों को तेजी से बढ़ाने के अलावा उन्हें मजबूत और काला बनाए रखता है।   डायबिटीज को कंट्रोल करना आंवले में गैलिक एसिड, गैलोटेनिन, एलैजिक एसिड और कोरिलैगिन पाए जाते हैं जो ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करते हैं और डायबिटीज को नियंत्रण में रखते हैं। इसलिए सुबह आंवले के जूस पीना न भूलें।   आपसी सबंध बेहतर इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।जिस कारण सेक्स के दौरान क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करते हैं। जिससे सेक्स लाइफ और बेहतर हो जाती है।   मुंह के छालों से बचाव आंवले का जूस आपको मुंह में होने वाले अल्सर से बचाने में मदद करता है।   त्वचा चमकाए आंवले में एंटी-आक्सीडेटिव क्षमताएं होने के कारण यह आपकी त्वचा को बढती उम्र के प्रभावों को दूर रखने मेें मददगार हैं।   कैंसर से रोकथाम आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, विटामिन सी और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी, (पउउनदवउवकनसंजवतल ) के गुण पाए जाते है। इसके जूस का नियमित सेवन हमारे शरीर को कैंसर से बचाने में मदद करता है।   कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल हाई कोलेस्ट्रॉल परेशान हैं तो सिर्फ एक गिलास आंवले का जूस आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके नियमित सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है।  

जीवन में भाग्यशाली लोगों को ही मिलती हैं ये चीजें

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं।  

हवाई यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते ये 4 गैजेट्स

नई दिल्ली अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के लंदन जाने वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आई है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की जानकारी मिल रही है। हवाई जहाज में अक्सर कुछ गैजेट्स को लेकर जाने की मनाही होती है। इसका मुख्य कारण यही होता है कि यह हवाई यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। हम आपको 4 ऐसे गैजेट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको एयर प्लेन में लेकर यात्रा नहीं करनी चाहिए। इनमें अधिक्तर गैजेट्स ऐसे होते हैं, जो कि बैटरी की मदद से काम करते हैं। ऐसे गैजेट्स के बारे में जान लेते हैं। 27000 mah से बड़ा पावर बैंक अगर आप प्लेन में सफर करने वाले हैं, तो कभी भी अपने साथ 27000mah से बड़ा पावर बैंक लेकर सफर न करें। इसे हवाई यात्रा के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जाता है। इससे प्लेम में आग लगने का खतरा बना रहता है। वहीं नॉर्मल पावरबैंक जो कि आमतौर पर 10,000mah से 20,000mah तक आते हैं, उन्हें आप प्लेम में लेकर जा सकते हैं। ई-सिगरेट या वेप एयर प्लेन में ई-सिगरेट या वेप नहीं लेकर जाना चाहिए। दरअसल ई-सिगरेट और वेप्स में लिक्विड निकोटिन और लिथियम बैटरी होती है इसकी वजह से इसमें आग लगने का खतरा लगातार बना रहता है। कुछ कंपनियां इन्हें कैबिन बैग में रख कर सफर करने की अनुमति देती हैं। हालांकि कोई भी इनका इस्तेमाल प्लेन में करने की अनुमति नहीं देता। बेहतर होगा कि आप हवाई यात्रा में इसे लेकर सफर न करें। नॉन डिटैचेबल बैटरी वाले स्मार्ट बैग स्मार्ट बैग, यानी ऐसे ट्रॉली या बैग जिनमें GPS ट्रैकिंग, चार्जिंग पोर्ट, वजन नापने जैसे फीचर होते हैं, उनमें आमतौर पर लिथियम बैटरी लगी होती है। अगर ये बैटरी बैग से अलग नहीं की जा सकती तो एयरपोर्ट सुरक्षा के नियमों के अनुसार ऐसे बैग को प्लेन में ले जाना मना होता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि बैग को चेक-इन लगेज में रखने पर बैटरी से आग लगने का खतरा होता है। अगर बैग की बैटरी को बैग से अलग किया जा सकता है, तो उसे निकालकर केबिन में साथ ले जाया जा सकता है। इस संबंध मे यात्रा से पहले एयरलाइन की पॉलिसी जरूर पढ़ लेनी चाहिए।

त्वचा को कालेपन से बचाने के लिए अपनाए ये आसान तरीके

गर्मियों में त्वचा का कालापन बेहद आम समस्या है, लेकिन इससे छुटकारा पाना आसान नहीं है। त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप त्वचा को कोई नुकसान पहुंचाए बिना ही कालेपन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। खीरा, नींबू का रस और गुलाब जलः खीरा और नीम्बू त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए बेहतरीन है। नींबू त्वचा की रंगत को हल्का करता है, जबकि खीरा और गुलाब जल त्वचा को ठंडक प्रदान करते हैं। इन्हें मिलाकर त्वचा पर लगाएं। 10 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें। रोज यह पैक लगाएं और देखें चेहरे की रंगत। पपीता और शहद का फेसपैक: पपीते में मौजूद एंजाइम्स के कारण यह पैक चेहरे के कालेपन को दूर करने में मदद करता है। पपीते में मौजूद एंजाइम्स त्वचा की रंगत को हल्का करते हैं और दाग-धब्बे दूर करते हैं। शहद त्वचा में नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाता है। आधा कप पके पपीते को मसलकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। इस पैक को लगाएं और पानी से धो लें। टमाटर, दही और नींबू का रस: इस पैक में नींबू, दही और टमाटर के रंगत निखारने वाले गुण हैं। नींबू त्वचा के गहरे धब्बों को दूर करता है, टमाटर का रस खुले रोमछिद्रों को बंद करता है और त्वचा के तैलीयपन को कम करता है, जबकि दही त्वचा को नमी देती है और त्वचा को पोषण देती है। यह पैक बनाने के लिए तीन बड़े चम्मच टमाटर का गूदा, एक बड़ा चम्मच नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच दही लें। इन्हें अच्छी तरह मिलाकर त्वचा पर लगाएं। इसे आधा घंटा सूखने दें और फिर धो लें। चंदन का पाउडर और नारियल पानी: चंदन का पाउडर त्वचा की सफाई करता है और त्वचा से मृत कोशिकाओं को दूर करता है और गंदगी मिटाता है। एक बड़ा चम्मच चंदन पाउडर को नारियल पानी में मिलाएं और उसमें बादाम के तेल की कुछ बूंदें डालें। 20 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें।    

बाथरूम जानें पर दिखें ये संकेत तो भूलकर भी न करें इग्नोर, हो सकता है कैंसर

बदलती जीवनशैली और खराब खानपान के कारण ज़्यादातर लोग कैंसर जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. इन्हीं में से एक है कोलन कैंसर. कोलन कैंसर यानी बड़ी आंत का कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है. कोलन कैंसर का पता काफी देर से चलता है. इसके कुछ लक्षण ऐसे हैं जो सुबह-सुबह या टॉयलेट जाते समय नजर आते हैं. ऐसे में आइए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षण के बारे में… बड़ी आंत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक पेट और पाचन तंत्र छोटे-छोटे अंगों से जुड़े होते हैं. पाचन तंत्र का सबसे आखिरी हिस्सा बड़ी आंत यानी कोलन होता है. कोलन कैंसर एक गंभीर बीमारी है. इसलिए गलत जीवनशैली, बहुत ज़्यादा तेल वाला खाना खाने और रेड मीट का सेवन करने से आंतों को बहुत नुकसान हो सकता है. कब्ज की समस्या होना खराब खानपान और जीवनशैली के कारण अक्सर लोगों को कब्ज जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है. अगर आप लंबे समय से कब्ज से परेशान हैं या आपको अक्सर कब्ज की समस्या हो रही है, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है. ऐसे में कब्ज की समस्या को नजरंदाज न करें. मल त्यागने के दौरान खून आना सुबह के समय मल त्याग के दौरान खून आना भी कोलन कैंसर का कारण हो सकता है. अगर मल त्यागने के बाद भी पेट साफ नहीं होता है तो यह कोलन कैंसर का संकेत हो सकता है.  

अगर खो जाए आपका ऐंड्रॉयड फोन तो फौरन करें ये काम

ऐंड्रॉयड फोन खो कब खो जाए या चोरी हो जाए, कोई नहीं जानता। ऐसे में बहुत जरूरी है कि कि आपकी फोन में मौजूद जानकारी और डेटा की प्रिवेसी बरकरार रहे और वह किन्हीं गलत हाथों में न जाए। एक बार फोन खो जाने के बाद उसे ढूंढ पाना शायद मुश्किल स्टेप हो, लेकिन ऐसे में बिना घबराए फौरन कुछ कदम उठाना जरूरी हो जाता है। अच्छी बात यह है कि ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स आपके गूगल अकाउंट से सीधे लिंक होते हैं इसलिए गूगल की मदद ली जा सकती है। सभी ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में इसके लिए खास फीचर भी दिए जाते हैं। स्मार्टफोन खोने पर आपको फौरन ये स्टेप्स लेने चाहिए, -किसी दूसरे स्मार्टफोन या पीसी पर गूगल में फाइंड माई फोन टाइप करें। -यहां आपको अपने गूगल अकाउंट में लॉगिन करना होगा। ध्यान रहे कि आपके फोन में भी उसी अकाउंट से लॉगिन होना चाहिए। -गूगल इसके बाद आपके स्मार्टफोन की लास्ट सीन लोकेशन दिखा देगा। एक बार ‘फाइंड माई फोन’ पर फोन की लोकेशन मिलने के बाद आप स्मार्टफोन की रिंग प्ले कर सकते हैं। जरूरी नहीं है कि इसके लिए आपका सिम फोन में हो और आप उस नंबर पर कॉल करें। इसके लिए आपको मौजूदा गूगल पेज पर दिख रहे ‘प्ले साउंड’ ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद डिवाइस साइलेंट या वाइब्रेशन पर होने पर भी फुल वॉल्यूम में बजने लगेगा और अगले पांच मिनट तक उससे आवाज आती रहेगी। ऐसे में फोन आसपास होने पर आपको मिल जाएगा। हालांकि, हमेशा खोए हुए फोन पर रिंग करने अच्छा आइडिया नहीं है। इसके जगह आप अपने डिवाइस को गूगल फाइंड माई फोन से ही लॉक कर सकते हैं। इसके लिए आपको पहले बताए तरीके से फोन को खोजने और सेलेक्ट करने के बाद ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे, -आपको ‘इनेबल लॉक एंड इरेस’ पर क्लिक करना होगा। -इससे आप डिवाइस को पिन, पैटर्न या पासवर्ड से लॉक कर सकेंगे। अगर आपके फोन में कोई लॉक नहीं है तो यहीं से आप उसे सेट भी कर सकते हैं। -इतना ही नहीं, कोई आपका फोन वापस कर सके इसलिए लॉक स्क्रीन पर आप कोई मेसेज या अपना नंबर भी सेट कर सकते हैं। -अगर आप ‘इरेस’ चुनते हैं तो आपके डिवाइस के इंटरनल स्टोरेज का पूरा डेटा डिलीट हो जाएगा। हालांकि, एसडी कार्ड का डेटा डिलीट नहीं होगा और ऐसा करने के बाद फाइंड माई फोन इस डिवाइस पर काम नहीं करेगा। -ध्यान रखें कि इरेस को आखिरी विकल्प के तौर पर ही इस्तेमाल करें।  

लीची का भरपूर मजा लें, करेगी रोगमुक्त

देश में इस बार एन्टीआक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर लीची की फसल न केवल अच्छी हुई है बल्कि बेहतर गुणवत्ता और मिठास से भरपूर है। पेड़ से तोड़ने के बाद जल्दी खराब होने वाली लीची इस बार अधिक तापमान के कारण रोगमुक्त और मिठास से भरपूर है। कैंसर और मधुमेह की रोकथाम में कारगर लीची का फल इस बार न केवल सुर्ख लाल है बल्कि कीड़े से अछूती भी है। लीची के बाग की नियमित अंतराल पर सिंचाई करने वाले किसानों ने 20 टन प्रति हेक्टेयर तक इसकी फसल ली है। लीची में सुक्रोज, फ्रूक्टोज और ग्लूकोज तीनों ही तत्व पाए जाते हैं। पाचनतंत्र और रक्त संचार को बेहतर बनाने वाली लीची के 100 ग्राम गूदे में 70 मिलीग्राम विटामिन सी होता है। इसमें वसा और सोडियम नाम मात्र के लिए होता है। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुजफ्फरपुर के निदेशक विशाल नाथ ने बताया कि देश में सालाना लगभग छह लाख टन लीची की पैदावार होती है जिसमें बिहार की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। तेज धूप तथा वर्षा नहीं होने की वजह से इस बार लीची के फल में कीड़ा नहीं लगा है। लीची का रंग भी काफी आकर्षक है और मिठास से भरपूर है। डा. विशाल नाथ ने मुजफफरपुर, समस्तीपुर, वैशाली और कई अन्य जिले के लीची के बागों का जायजा लेने के बाद बताया कि जिन जागरुक किसानों ने समय समय पर लीची के पौधों की सिंचाई की है उनकी फसल बहुत अच्छी है और लीची मिठास से भरपूर है। ऐसे किसानों ने प्रति हेक्टेयर 16 से 18 टन की पैदावार ली है। कुछ किसानों ने वैज्ञानिकों की सलाह और उनकी देखरेख में प्रति हेक्टेयर 20 टन तक लीची की पैदावार ली है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 25 मई के बाद पेड़ से लीची तोड़ने वाले किसानों को प्रतिकिलो 70 रुपए का मूल्य मिला है। इससे पहले जिन किसानों ने लीची को बाजार में उतार दिया था उसमें मिठास कम था। आम तौर पर किसान प्रति हेक्टेयर आठ टन लीची की पैदावार लेते हैं। देश में 84000 हेक्टेयर में लीची के बाग हैं। बिहार लीची उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, अभी बिहार में 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से लगभग 300 हजार मीट्रिक टन लीची का उत्पादन हो रहा है। बिहार का देश के लीची के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है। लीची के महत्व को देखते हुए वर्ष 2001 को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की गई। इसको अधिक से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके इसके लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र एवं राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने लीची फल को उपचारित करके और कम तापमान पर 60 दिनों तक भंडारित करके रखने में सफलता पाई हैं। इसका एक प्रसंस्करण संयंत्र भी विकसित किया गया है। अब 10 राज्यों में इसका दायरा बढ़ा है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड में लीची की पैदावार होने लगी है। देश में लीची की खेती बढ़ सके इसके लिए राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र प्रत्येक साल लगभग 35-40 हजार पौधे देश के विभिन्न संस्थानों और राज्यों को उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा यह केन्द्र आईसीएआर के अन्य संस्थानों, राज्यों के कृषि विष्वविद्यालयों एवं केन्द्र, राज्य सरकारों के विकास प्रतिष्ठानों जैसे राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, एपीडा और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। दुनियाभर में मशहूर लीची की देश के अन्य हिस्सों में भी पहचान स्थापित करने के लिए इसे को-आर्डिनेटेड हॉर्टिकल्चर असेसमेंट एंड मैनेजमेंट (चमन) परियोजना से जोड़ा गया है । इसे लीची की पैदावार में नई क्रांति के रूप में देखा जा रहा। उपग्रह के माध्यम से वैज्ञानिक पद्धति से इसपर काम शुरू हो गया है। दूर संवेदी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर लीची में होने वाली बीमारी, इसके रोकथाम के उपाय, फसल की स्थिति आदि की समय से पहले जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके साथ ही लीची की फसल के लिए कौन कौन से क्षेत्र अनुकूल हैं इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। देश से कनाडा, फ्रांस, कतर, कुवैत, नार्वे, बहरीन, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, सउदी अरब तथा कुछ अन्य देशों को लीची का निर्यात भी किया जाता है। चीन, थाईलैंड, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल, फिलीपींस, इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया, अमरीका और इजराइल में लीची के बाग हैं।  

एंड्रॉयड 16 के साथ आया नया फीचर

नई दिल्ली एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन चलाने वाले करोड़ों-अरबों यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। गूगल ने Android 16 के स्‍टेबल अपडेट का रोलआउट शुरू कर दिया है। कुछ महीनों पहले इसे बीटा टेस्टिंग के लिए पेश किया था। नए एंड्रॉयड में कई फीचर्स ऑफर किए गए हैं। अब नोटिफ‍िकेशन में ही लाइव अपडेट्स मिलेंगे। उदाहरण के लिए आपका फूड डिलिवरी, ग्रॉसरी डिलिवरी वाला यानी ब्‍ल‍िंकिट, जेप्‍टो वाला कितनी देर में आएगा, नोटिफ‍िकेशन में पता चल जाएगा। ऐप खोलकर उसमें ट्रैक करने की जरूरत नहीं रहेगी। नए एंड्रॉयड में सिक्‍योरिटी के लिए एडवांस्‍ड प्रोटेक्‍शन मिलेगा। दावा है कि एंड्रॉयड ओएस पर चलने वाले टैबलेट की प्रोडक्‍ट‍िविटी पहले से ज्‍यादा बढ़ जाएगी। किन फोन्‍स को सबसे पहले एंड्रॉयड 16 मिलने जा रहा है, आइए जानते हैं। एंड्रॉयड 16 के सबसे खास फीचर रिपोर्टों के अनुसार एंड्रॉयड 16 के सबसे खास फीचर्स में शामिल है- राइड शेयरिंग ऐप्‍स और फूड डिलिवरी ऐप्‍स के लिए रियल टाइम नोटिफ‍िकेशन। आसान भाषा में समझाएं तो अगर आप ब्‍लिंकिट, जेप्‍टो, जोमैटो, स्विगी आद‍ि से कुछ ऑर्डर करते हैं या उबर, ओला से कैब बुक करवाते हैं। आपको बार-बार ऐप में जाकर नहीं देखना होगा कि कैब वाला या ब्‍ल‍िंकिट वाला कहां पहुंचा है। नोटिफ‍िकेशन में जाकर ही पता चल जाएगा कि वह आपके घर, ऑफ‍िस पहुंचने से कितनी दूर है। कहा जा रहा है कि दूसरे ऐप्‍स में भी इस फीचर को लाए जाने पर काम किया जा रहा है। ओपो, वनप्‍लस के लाइव अलर्ट्स में यह फीचर मिलने की उम्‍मीद है। स्‍कैम कॉल से बचाएगा नया एंड्रॉयड 16 अन्‍य फीचर्स की बात करें तो अब स्‍क्रीन पर ज्‍यादा नोटिफ‍िकेशन भी नहीं दिखेंगे। एक ही ऐप से जुड़े नोटिफ‍िकेशन अपने आप एक ग्रुप में आ जाएंगे। नए एंड्रॉयड में एडवांस्ड प्रोटेक्शन नाम से फीचर दिया गया है। दावा है कि यह किसी भी मोबाइल डिवाइस के लिए सबसे पावरफुल सिक्‍योरिटी है। यह फीचर लोगों को ऑनलाइन अटैक्‍स, खतरनाक ऐप्‍स, स्‍कैम कॉल से बचाव में मदद करेगा। फोन में डेस्‍कटॉप वाला एक्‍सपीरियंस कंपनी “डेस्कटॉप विंडोइंग” फीचर भी लाई है। इसे सैमसंग के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इस फीचर की मदद से लोग एक स्‍क्रीन पर कई ऐप विंडो खोल पाएंगे। यूजर को एकदम डेस्‍कटॉप जैसा फीचर मिलेगा। हालांकि यह फीचर कुछ समय बाद दिया जाएगा। कंपनी टैबलेट्स और फोन को एक्‍सटर्नल डिस्‍प्‍ले से कनेक्‍ट करने पर भी काम कर रही है यानी आने वाले वक्‍त में आप अपने टैब, फोन को सीधे डेस्‍कटॉप से कनेक्‍ट करके वहां काम कर पाएंगे। इसके अलावा एंड्रॉयड 16 में एचडीआर स्‍क्रीनशॉट लिए जा सकेंगे। सबसे पहले किन फोन्‍स में चलेगा एंड्रॉयड 16 रिपोर्टों के अनुसार, एंड्रॉयड 16 फ‍िलहाल पिक्‍सल स्‍मार्टफोन्‍स, पिक्‍सल फोल्‍ड और पिक्‍सल टैबलेट के लिए उपलब्‍ध है। फोन्‍स में Pixel 6, 6 Pro, 6a, Pixel 7, 7 Pro, 7a, Pixel 8, 8 Pro, 8a, Pixel 9, 9 Pro, Pixel 9 Pro Fold, 9a शामिल हैं। यूजर्स ओटीए अपडेट के जरिए नए एंड्रॉयड को चला पाएंगे। कंपनी ने यह भी बताया है कि कुछ और अपडेट्स को इस साल के आखिर तक लाया जाएगा। गूगल की अपकमिंग पिक्‍सल फोन सीरीज में एंड्रॉयड 16 को आउट ऑफ द बॉक्‍स लाया जा सकता है यानी उसमें एंड्रॉयड 16 पहले से इंस्‍टॉल मिलेगा। उसके बाद सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी सीरीज में यह आ सकता है। आने वाले दिनों में शाओमी, वीवो, ओपो, वनप्‍लस जैसे ब्रैंड इसे अपने फोन्‍स के लिए रोलआउट कर सकते हैं।

भारतीय बाजार में लॉन्च हुआ Vivo T4 Ultra 5G स्मार्टफोन

नई दिल्ली Vivo T4 Ultra 5G स्मार्टफोन भारतीय बाजार में लॉन्च हो गया है। इस फोन को दो रैम और स्टोरेज वेरिएंट में लाया है। इस फोन में 5500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। स्मार्टफोन में चार कैमरा दिए गए हैं। वीवो के स्मार्टफोन को पहली सेल में डिस्काउंट के साथ खरीदने का मौका मिलेगा। बता दें कि भारतीय बाजार में पहेल ही वीवो टी सीरीज के कई स्मार्टफोन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के इस नए 5जी फोन की कीमत और सभी स्पेसिफिकेशन जानने के लिए नीचे पढ़ें। Vivo T4 Ultra 5G की भारत में कीमत स्मार्टफोन को दो कलर ऑप्शन में लाया गया है। इसके बेस वेरिएंट में 8जीबी रैम के साथ 256जीबी स्टोरेज मिलता है। कंपनी ने फोन के बेस वेरिएंट को 37,999 रुपये में लॉन्च किया गया है। 12जीबी रैम और 256जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है। वहीं, 12जीबी रैम और 512जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 41,999 रुपये है। इसकी सेल फ्लिपकार्ट और वीवो की ऑफिशियल वेबसाइट पर 18 जून से शुरू हो जाएगी। पहली सेल में HDFC और SBI के कार्ड पर फ्लैट 3000 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। फोन के सभी स्पेसिफिकेशन फीचर्स की बात करें तो इस स्मार्टफोन में 6.78 इंच का 1.5k AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz और 5500 nits है। फोन में ऑक्टा कोर डाइमेंसिटी 9300+ प्रोसेसर दिया गया है। वीवो का नया 5जी फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड फनटच ओएस 15 पर काम करता है। फोन में डुअल सिम स्लॉट मिलते हैं। कैसा है फोन का कैमरा सेटअप? इसके अलावा, वीवो के इस स्मार्टफोन के बैक साइड में 50MP का रियर कैमरा मिलता है, जो OIS को सपोर्ट करता है। साथ ही, रियर में 50MP का टेलीफोटो लेंस और 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल सेंसर दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 32MP का कैमरा मिलता है। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है। इतना ही नहीं, फोन में 5500mAh की बैटपी दी गई है। यह 90W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसका मतलब है कि वीवो का यह फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो फोन में चार्जिंग के लिए यूएसबी टाइप सी पोर्ट दिया गया है। फोन में स्टीरियो स्पीकर्स मिलते हैं।

लाइफ शांति और सुकून बितानी हो तो इन लोगों से रहे दूर

हर कोई चाहता है कि उनकी लाइफ शांति और सुकून से भरी रहे। जीवन में खूब तरक्की करना भी सभी चाहते हैं। कुल मिलाकर किसी के लाइफ गोल पूछें तो मोटा-मोटा यही तीन-चार चीजें निकल कर आती हैं। अब सवाल है कि खुद के लिए ऐसी लाइफ कैसे बनाई जाए। मेहनत और किस्मत, तो दो जरूरी फैक्टर्स हैं ही लेकिन आपके इर्द गिर्द कैसे लोग हैं, ये भी बहुत मायने रखता है। आपने बड़े-बुजुर्गों से भी सुना होगा कि आपकी संगति ही आपके जीवन की दिशा और दशा तय करती है। कई बार हमारे सर्कल में ऐसे लोग मौजूद होते हैं, जो आसपास एक नेगेटिविटी का जैसे घेरा सा बना देते हैं। इनके आसपास रहकर शांति, सुकून और सफलता की तलाश करना, लगभग नमकुकिन होता है। अगर आप भी जीवन में पॉजिटिव बदलाव चाहते हैं, तो इन खास किस्म के लोगों से दूर रहें। जो हमेशा करें आपकी तुलना ‘अरे तुम्हारी दोस्त तुमसे ज्यादा सुंदर है ‘, ‘देखो उन्होंने तो ये कर लिया लेकिन तुम अभी तक नहीं कर पाए’। ऐसा कितनी बार कुछ लोग मजे-मजे में बोल जाते हैं, जो कहीं ना कहीं आपके मन में बैठ जाता है। ये उस किस्म के लोग होते हैं, जिन्हें खूब मजा आता है आपकी दूसरों से तुलना करने में। इनका मकसद ही होता है कि कैसे आपको छोटा दिखाया जाए, ताकि आप भी अपनी नजरों में खुद को ले कर ऐसा ही सोचें। अगर आसपास भी आपको ऐसे लोग दिखते हैं, तो इन्हें अवॉइड करने की कोशिश करें। कभी अवॉइड ना कर पाएं तो खुद के लिए जरूर स्टैंड लें। जो दूसरों की चुगली में हों एक्सपर्ट इस खास किस्म के लोग हमारे आसपास अक्सर मिल जाते हैं। इन्हें दूसरों की बुराई करने, किसी को छोटा दिखाने में खूब मजा आता है। लेकिन एक बात याद रखिएगा जितनी शिद्दत से ये दूसरों की चुगली आपके साथ करते हैं, उतने ही मजे से आपकी चुगलियां भी दूसरों के आगे उड़ेलते नजर आएंगे। वैसे भी किसी की बुराई कर के खुशी कभी मिलने से तो रही। इसलिए आसपास शांति और सुकून चाहिए जो ऐसे लोगों को अपनी लाइफ से कट कर दें। जो आपके सपनों का उड़ाते हों मजाक कुछ लोग होते हैं जो आपके सपनों का मजाक उड़ाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने कहा कि आपको फ्यूचर में एक बड़ा घर या गाड़ी लेनी है। तो इनका सबसे पहला रिएक्शन यही होगा ‘रहने दो आपसे हो गया’, ‘अरे अपनी औकात में रहकर सपने देखो’। इस तरह के टॉक्सिक लोग कभी आपको कुछ ऊंचा सोचने ही नहीं देंगे। आप कुछ अच्छा भी कर लें तो उसमें कमियां निकाल देंगे कि ये तो हर कोई कर लेता है। ऐसे लोगों से अगर समय रहते ना बचे, तो ये आपको नेगेटिविटी, डर, इनसिक्योरिटी जैसी नेगेटिव चीजें दिए बिना नहीं छोड़ने वाले। सिर्फ अपना मतलब निकालने वाले कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो आपके आसपास सिर्फ तभी दिखाई पड़ते हैं, जब इन्हें आपसे कुछ चाहिए होता है। सिर्फ अपने मतलब के लिए ये आपसे अपने रिश्ते ठीक रखते हैं। वहीं जैसे ही आपको इनकी कभी जरूरत पड़ जाए, ये फोन उठाना तक बंद कर देते हैं। ऐसे मतलबी लोगों को पहचानना सीखें और जितना हो सके इनसे दूर रहें। इन्हें आपके इमोशन, आपके स्ट्रगल किसी की कोई परवाह नहीं होती। ऐसे टॉक्सिक लोगों सिर्फ आपकी एनर्जी, टाइम और पैसा जाया करते हैं; बिना किसी वैल्यू एडिशन के। हमेशा नेगेटिव रहने वाले वाले लोग कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ थोड़ी देर बैठ जाने से ही सबकुछ बड़ा नेगेटिव सा लगने लगता है। ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने सारी एनर्जी सोख ली हो। ये होते हैं नेगेटिव किस्म के लोग, जो हर चीज में नेगेटिविटी ढूंढ लेते हैं। ये हमेशा सिर्फ दुखड़ा रोते हैं, हर चीज की शिकायत करते रहते हैं लेकिन उसे बदलने के लिए करना कुछ भी नहीं चाहते। ऐसे लोगों के साथ रहने से ना सिर्फ आपकी मेंटल पीस खराब होती है, बल्कि जिंदगी को देखने का आपस रवैया की नेगेटिव होने लगता है।  

आपके पुराने फोन से होगी हजारों की कमाई, बस इन तरीकों को आजमाना मत भूलना

अगर आपके पास कोई पुराना फोन पड़ा है, जो किसी काम का नहीं और अलमारी या दराज में पड़ा धूल खा रहा है तो हम आपके लिए कुछ खास लेकर आए हैं। क्या आप जानते हैं कि यही पुराने मोबाइल आपके लिए कमाई का तरीका बन सकते हैं? आइए जानते हैं कि ऐसा कैसे संभव है। पुराने स्मार्टफोन को बेचें सबसे सीधा तरीका है पुराने फोन को बेच देना। लेकिन बात सिर्फ बेचने की नहीं, समझदारी से बेचने की है। Cashify, OLX और Quikr जैसे प्लेटफॉर्म पर आप अपने फोन की सही कीमत पा सकते हैं। इसके अलावा फोन की कंडीशन साफ-सुथरी हो, चार्जर हो और बॉक्स हो तो कीमत बेहतर मिलती है। रिफर्बिश्ड मोबाइल बिजनेस शुरू करें अगर आपके पास थोड़ी तकनीकी समझ है, तो आप पुराने मोबाइल को ठीक करके (repair/recondition) उन्हें दोबारा बेच सकते हैं। इसके लिए लोकल मोबाइल रिपेयर एक्सपर्ट से पार्टनरशिप करें। आप OLX या Facebook Marketplace पर थोक में पुराने मोबाइल खरीदकर ठीक करने के बाद उन्हें अच्छे दाम पर बेच सकते हैं। यूट्यूब चैनल के लिए करें यूज अगर आप क्रिएटिव हैं, तो पुराने फोन को एक प्रॉप या रिकॉर्डिंग डिवाइस की तरह भी यूज कर सकते हैं। मोबाइल से टेक रिव्यू, अनबॉक्सिंग या टिप्स से जुड़ा यूट्यूब चैनल शुरू किया जा सकता है। आप वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए भी पुराने फोन का कैमरा यूज कर सकते हैं। Adsense और Affiliate Marketing से इसमें अच्छी कमाई हो सकती है। पुराने मोबाइल को बनाएं सर्विलांस कैमरा या GPS ट्रैकर आप पुराने स्मार्टफोन को होम सिक्योरिटी के लिए IP कैमरा में बदल सकते हैं। Alfred, Manything या Presence जैसे ऐप्स से फोन को कैमरा बनाया जा सकता है। आप गाड़ी, बाइक या बच्चों के बैग में पुराने मोबाइल को GPS ट्रैकर की तरह भी यूज कर सकते हैं। यह सिस्टम दूसरों के लिए इंस्टॉल करके सर्विस चार्ज भी कमाया जा सकता है। मोबाइल पार्ट्स बेचें और स्क्रैप से कमाएं अगर कोई स्मार्टफोन पूरी तरह खराब है, तो भी उसके पार्ट्स बिक सकते हैं। डिवाइस के स्क्रीन, बैटरी, कैमरा, मदरबोर्ड जैसे कंपोनेंट्स अलग-अलग बेचे जा सकते हैं। लोकल रिपेयर शॉप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे eBay पर आपको खरीदार मिल जाएंगे। ऐसे हर पार्ट का अलग दाम होता है, जिससे खराब मोबाइल से भी कुछ पैसे बनाए जा सकते हैं।  

बालों पर लगाएं मेथी दाना वाला हेयर मास्क, हर कोई पूछेगा लंबे-घने बाल पाने की ट्रिक

अच्छे बाल पाने के लिए केयर करना बहुत जरूरी है। बालों के झड़ने की समस्या के अलावा महिलाएं बालों के पतलेपन से परेशानी हैं। कुछ महिलाओं के बाल तो लंबे होते हैं लेकिन घने और मोटे न होने की वजह से स्कैल्प दिखाई देता है। ऐसे में अगर आप थिक हेयर ग्रोथ चाहती हैं तो बालों पर मेथी दाना और कलौंजी से बने हेयर मास्क को लगाना शुरू कर दें। यहां सीखिए मेथी दाना वाले हेयर मास्क को बनाने और लगाने का तरीका। इस मास्क को बनाने के लिए आपको चाहिए 2 चम्मच मेथी दाना 1 चम्मच कलौंजी 1 इंच अदरक 2 चम्मच चावल का आटा जरूरत के मुताबिक पानी कैसे बनाएं ये हेयर मास्क इस हेयर मास्क को बनाने के लिए मेथी दाना और कलौंजी के बीजों को पानी में भिगो दें। कम से कम 1 घंटे के लिए इन बीजों को पानी में भीगा रहने दें। भीगने के बाद ये बीज फूल जाएंगे। तो इन्हें ब्लेंडर जार में डालें। इसके साथ चावल का आटा भी डालें। ध्यान रखें की बीजों के साथ उसके पानी को भी ब्लेंडर में डालना है इसलिए भिगोते समय सिर्फ उतने ही पानी का इस्तेमाल करें जितने में बीज भीग जाएं और थोड़ा एक्सट्रा पानी बचे। अब अच्छे से इन तीनों चीजों को ब्लेंड कर लें। एक पेस्ट बन जाने के बाद इस मास्क को कॉटन कपड़े से छान लें। अगर मास्क ज्यादा पतला हो जाए तो चिंता न करें बस इसमें एक पका केला मिला दें। गाढ़ा हेयर मास्क तैयार है। कैसे लगाएं अगर आपने काफी दिनों से अपने बालों को वॉश नहीं किया है तो हेयर मास्क लगाने से पहले बालों को शैम्पू से साफ कर लें और फिर इन्हें 80 परसेंट तक सुखा लें। अब नम बालों पर इस मास्क को जड़ों से लेकर सिरे तक समान रूप से लगाएं। 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर अच्छी तरह शैम्पू से धो लें। अच्छे रिजल्ट के लिए आप महीने में दो बार इस मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।  

ठंडा पानी गर्मियों में आखिर क्यों पीना है अच्छा, जान लेंगे तो शुरू कर देंगे पीना

ठंडे पानी को पीने के हमेशा नुकसान बताए जाते हैं। लेकिन ऐसा नही है, एक नियत टेंपरेचर का पानी अगर पिया जाए तो ये सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है। कई रिसर्च में पता चला है कि खास मौकों पर ठंडा पानी पीने से बॉडी को फायदा भी होता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में रूम टेंपरेचर से ठंडे तापमान का पानी शरीर को ये 5 तरह के फायदे दे सकता है। जिसे जानने के बाद आप भी ठंडा पानी इन मौकों पर पीना शुरू कर देंगे। एक्सरसाइज के वक्त 2012 की स्टडी के मुताबिक एक्सरसाइज के बीच में कुछ घूंट ठंडे पानी की पीने से बॉडी ओवरहीट होने से बचती है और वर्कआउट करना आसान हो जाता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में एक्सरसाइज करने से बॉडी तेजी से हीट होती है। जिससे शरीर जल्दी थक जाता है। थोड़ा सा ठंडा पानी आपके वर्कआउट को आसान बना देता और आप पूरी एक्सरसाइज कर पाते हैं। हार्ट बर्न के लिए पिएं ठंडा पानी खाना खाने के बाद काफी सारे लोगों को सीने में जलन या एसिडिटी की शिकायत हो जाती है। सीने में जलन से बचने के लिए थोड़े से घूंट ठंडे पानी के लेना अच्छा होता है। हालांकि, एक स्टडी के मुताबिक ठंडे पानी को अगर मुंह में कुछ देर के लिए रखकर कुल्ला कर लिया जाए। तो इससे एसिडिटी और हार्ट बर्न की प्रॉब्लम में आराम मिलता है। दरअसल, ठंडे पानी की मदद से वेगस नर्व्स स्टिमुलेट होती हैं और स्टमक एसिड न्यूट्रलाइज हो जाता है। जिससे एसिड रिफ्लक्स का अटैक भी कम हो जाता है। तो अगली बार जब हार्ट बर्न या एसिडिटी बने तो ठंडे पानी को पीने की बजाय कुल्ला करें। इससे राहत मिलेगी। वेट लॉस में मदद वेट लॉस करना चाहते हैं लेकिन ठंडा-ठंडा कुछ पीने का मन करता है तो उस वक्त किसी शुगरी ड्रिंक को पीने की बजाय ठंडा पानी पिएं। ये पानी आपके कैलोरी इनटेक को कम कर कुछ कैलोरी को बर्न करने में मदद करेगा। क्योंकि बॉडी को अपने अंदर के टेंपरेचर को मेंटने करने के लि कैलोरी को बर्न करने की जरूरत पड़ेगी। इसलिए जब कुछ शुगरी ड्रिंक गर्मी में पीने का मन करे तो ठंडा पानी पिएं। हाइड्रेटिंग और रिफ्रेशिंग तपती गर्मी में रूम टेंपरेचर से थोड़ा सा ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर तेजी से हाइड्रेट होता है और साथ ही रिफ्रेशमेंट भी मिलती है। ब्रेन फंक्शन स्मूद हो जाता है शरीर को मिलने वाला हाइड्रेशन माइंड को भी रिफ्रेश करता है। जिससे ब्रेन फंक्शन स्मूद हो जाता है और आप तेजी से काम कर पाते हैं। तो अगली बार ठंडा पानी पीने का मन करें तो इन मौकों पर पीकर फायदे उठाएं।  

सैमसंग जल्द ही ला रहा तीन बार मुड़ने वाला फोन

नई दिल्ली सैमसंग जल्द अपना तीन बार मुड़ने वाला फोल्डिंग फोन लेकर आने वाला है। इस फोन को ट्राई फोल्ड कहा जाता है। इस तरह का फोन पहले Huawei ने Mate XT Ultimate के नाम से पेश किया था। अब सैमसंग इस कड़ी में अगला नाम होगा। सैमसंग अपने इस फोन में ड्युअल हिंज डिजाइन देगा, जिसकी मदद से यह फोन दो बार फोल्ड हो सकेगा। दो बार फोल्ड होकर खुलने के बाद यह फोन से सीधे टैबलेट के साइज में बदल जाएगा। जल्द आने वाले इस खास फोन के बारे में डिटेल में जानते हैं। कब हो सकता है लॉन्च? सैमसंग के ट्राई फोल्ड फोन के बारे में ज्यादा जानने से पहले जान लेते हैं कि यह फोन लॉन्च कब होगा। इस बारे में सैमसंग की ओर से कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है लेकिन टिप्स्टर योगेश बरार ने X पर बताया है कि यह फोन 2025 की तीसरी तिमाही में लॉन्च हो सकता है। इस लिहाज से इस फोन के सितंबर के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद की जा सकती है। इससे पहले खबरें आई थीं कि सैमसंग अपना ट्राईफोल्ड फोन Z सीरीज की सातवीं जेनरेशन के लॉन्च के बाद लाएगा। क्या हो सकती है कीमत टिप्स्टर के अनुसार इस फोन की कीमत करीब 2.5 से 3 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं उन्होंने यह भी बताया है कि इस फोन का प्रोडक्शन बहुत ही सीमित संख्या में होगा और इसे पहले दक्षिण कोरिया के बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं खबरें ऐसी भी हैं कि इसके लॉन्च के समय यह भारत में भी साथ में लॉन्च किया जाएगा। इस कीमत पर आने वाले इस फोन को जाहिर तौर पर आम पब्लिक के लिए नहीं बल्कि टेक लवर्स के लिए बनाया जाएगा। कीमत के मामले में यह फोन सैमसंग या ऐपल के प्रीमियम फोन्स के दाम से भी ऊपर है। नॉर्मल फोल्ड फोन से कैसे अलग सैमसंग का नया ट्राई फोल्ड फोन अभी तक के नॉर्मल फोल्ड फोन से कई मायनों में अलग होगा। इस फोन में सैमसंग पहली बार ड्युअल हिंज डिजाइन का इस्तेमाल करेगा। इस ड्युअल हिंज डिजाइन की वजह से फोन Z के आकार में खुलेगा। अभी तक के फोल्ड फोन का कॉन्सेप्ट कुछ ऐसा है कि यह फोन के साइज को उसके दुगने आकार का बना देता है। वहीं ट्राई फोल्ड फोन एक फोन को दुगने आकार के साथ-साथ टैबलेट के साइज में भी बदल पाएगा। यह जेब में टैबलेट लेकर चलने जैसा होगा।

अर्थराइटिस के दर्द से पाना है छुटकारा तो महिलाओं को करने चाहिए ये 9 काम, फिट हो जाएंगे घुटने

आज अधिकांश बीमारियों की जड़ हमारा लाइफस्टाइल है। जिसमें अर्थराइटिस की समस्या भी शामिल है। अर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में दर्द के साथ सूजन आने लगती है। लंबे समय तक जब हम इस दर्द को इग्नोर कर देते हैं तो ये गंभीर बीमारी यानी अर्थराइटिस का रूप ले लेती है। जिससे कई बार हम अपने डेली टास्क को करने में भी असमर्थ हो जाते हैं। पहले इस बीमारी को सिर्फ उम्रदराज लोगों से ही जोड़ कर देखा जाता था। लेकिन अब बच्चे, बड़े सब इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। जिसका पीछे शारीरिक गतिविधियों में कमी मुख्य वजह है। ऐसे में जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने की जरूरत है। इस संबंध में सर्टिफाइड योगा इंस्ट्रक्टर प्रियंका आर्या द्वारा कुछ योग आसन बताए जा गए हैं, जिन्हें करके आप जोड़ों के दर्द से राहत पा सकती हैं। ब्रीदिंग एक्सरसाइज  इसके लिए सबसे पहले सुखासन मुद्रा में बैठें।  फिर वायुमुद्रा बनाने के लिए दोनों हाथों की इंडेक्स फिंगर को अंगूठे के नीचे अच्छे से प्रेस करें।  वहीं बाकी की उंगलियों को सीधे रखें।  फिर कमर को सीधा रखकर ब्रीद इन व आउट करें।  ध्यान दें ब्रीद इन के समय आपको अपने पेट को फुलाना है, वहीं ब्रीथ आउट करते वक्त आपको अपने पेट को अंदर की तरफ करना है।  थोड़ी देर इसका अभ्यास करने के बाद धीरे धीरे अपनी आंखों को खोलें। क्लिकिंग  सुखासन मुद्रा में बैठकर सबसे पहले हैंड क्लिकिंग करेंगे।  इसके लिए हाथों को खोलें व बंद करें।  फिर ब्रीद इन करते हुए हाथों को खोलना है और ब्रीद आउट करते हुए हाथों को बंद करना है।  फिर अपने हाथों को धीरे से नीचे रखें। रिस्ट बैंडिंग  इस आसान में हमें सबसे पहले अपने हाथों को आगे करना है।  फिर ब्रीद इन के समय कलाई को नीचे की तरफ करना है और ब्रीद आउट के समय कलाई को ऊपर की तरफ करें।  फिर धीरे से अपने हाथों को नीचे रखें। रिस्ट रोटेशन  इसके लिए आप अपने हाथों को आगे करके अंगूठे को अंदर बंद करके मुट्ठी बंद करें।  अब हमें इन्हें पांच बार क्लॉक वाइज घुमाना है।  फिर इसे एंटी क्लॉक वाइज करते हुए पांच बार और दोहराएंगे।  फिर हाथों को नीचे रखकर आराम देंगे। एल्बो बैंडिंग  सबसे पहले दोनों हाथों को आगे रखें।  फिर हथेली को फेस की तरफ करके ब्रीदिंग के साथ एक बार एल्बो को बंद करें।  फिर ब्रीदिंग के साथ एक बार खोलें।  इसे पांच बार दोहराएं।  फिर हाथों को नीचे रखें। स्ट्रेचिंग  इसमें हम अपने दोनों हाथों को पहले साइड में रखेंगे।  फिर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ लेकर जाएंगे।  ऊपर की तरफ हाथों को खींचकर ब्रीद इन व आउट करें।  ऐसा पांच बार करें और फिर हाथों को नीचे लाकर रिलैक्स करें। एंकल रोटेशन  इसमें दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला लें।  फिर पंजों को पांच बार क्लॉक वाइज घुमाना है।  फिर इन्हें पांच बार एंटी क्लॉक वाइज घुमाएं।  अंत में पैरों को रिलैक्स करें। हॉफ बटरफ्लाई  इसमें आप अपने दाएं पैर को मोड़ कर बाएं जांघ पर रखें।  इस पोजिशन में आपकी दाईं एड़ी कमर के पास होनी चाहिए।  बाएं हाथ से दाएं पंजे को पकड़े और दाएं हाथ से दाईं जांघ को नीचे की तरफ धक्का दें।  फिर घुटने को थोड़ा सा नीचे की ओर होल्ड करें।  कुछ सेकेंड बाद घुटने को नॉर्मल पोजीशन में ले आएं और दूसरे पैर के साथ यही प्रक्रिया दोहराएं। नी रेज  इसके लिए सबसे पहले सीधे लेट कर अपने एक पैर के घुटने को मोड़ें।  इस दौरान आपके मुड़े पैर की एड़ी कूल्हे के पास आ जाएगी।  फिर आप स्ट्रेप या दुपट्टा लेकर उसे घुटने के पास रखें।  दुपट्टे से खींचकर घुटने को पेट की तरफ लाएं।  फिर धीरे-धीरे नीचे ले जाएं और दूसरे पैर से भी ऐसा करें।  

WhatsApp पर आपकी पहचान आपका फोन नंबर नहीं अब आपकी ID होगी

नई दिल्ली अभी तक WhatsApp पर आपकी पहचान आपका फोन नंबर होता था लेकिन अब ऐसा ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। WhatsApp एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। यूजर की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए अब WhatsApp यूजरनेम सेट करने का फीचर लेकर आने वाला है। इस फीचर को इस्तेमाल करते हुए यूजर अपना फोन नंबर WhatsApp से हाइड कर पाएंगे। इसके बाद आप बिना अपना फोन नंबर दिखाए किसी से भी चैट कर पाएंगे। इस तरह का फीचर पहले ही Telegram ऐप पर उपलब्ध है। अब यह WhatsApp पर भी आने वाला है। क्या है नया फीचर? अभी तक WhatsApp पर आपका फोन नंबर ही आपकी पहचान होता था। आप चाहे किसी से भी बात करें वह आपका फोन नंबर देख सकता था। WhatsApp ने अब इसे बदलने का फैसला लिया है। अब आप WhatsApp पर अपने लिए एक यूजरनेम सेट कर पाएंगे। इसके बाद जब भी कोई आपसे चैट करेगा, तो उसे आपका नंबर नहीं बल्कि आपका यूजरनेम दिखाई देगा। यह यूजरनेम फीचर खास तौर पर ग्रुप चैट्स या नए लोगों से कनेक्ट होने में मददगार होगा। नए फीचर से जुड़े कुछ नियम WhatsApp अपने इस नए फीचर से जुड़े कुछ नियम भी लाने वाला है। इस नियम के मुताबिक यूजरनेम में कम से कम एक लेटर होना चाहिए और यह “www” से शुरू नहीं हो सकता। इसमें सिंबल्स लिमिटेड होंगे, सिर्फ लोअरकेस लेटर्स, नंबर्स, अंडरस्कोर और पीरियड्स के इस्तेमाल की अनुमति होंगी। एक बार आपका यूजरनेम एक्सेप्ट हो जाएगा तो आपको कन्फर्मेशन भी मिलेगा। मिलेगी सुरक्षा की एक और लेयर बता दें कि पिछले दिनों इस अपडेट से संबंधित एक जानकारी सामने आई थी कि यूजरनेम सेट करने वाले यूजर अपने यूजरनेम पर एक कोड भी सेट कर सकेंगे। इस कोड की वजह से कोई भी अनजान शख्स आपको मैसेज नहीं भेज पाएगा। यूजरनेम पर कोड सेट करने के बाद किसी भी शख्स को आपको मैसेज भेजने से पहले उस कोड को एंटर करना होगा। इससे लोगों की प्राइवेसी में एक लेयर और जुड़ जाएगी। WhatsApp लगातार अपने यूजर्स की प्राइवेसी को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रहा है। कब आएगा नया फीचर WhatsApp के इस यूजरनेम फीचर को आने में अभी समय है। फिलहाल यह बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इसकी जानकारी WABetaInfo ने दी है, जो कि WhatsApp के आने वाले फीचर्स के बारे में बताने वाला एक विश्वसनीय स्त्रोत है। अपने WhatsApp पर इस अपडेट को पाने के लिए अपना WhatsApp ऐप अप टू डेट रखें।

OPPO K13x जल्द भारत में लॉन्‍च करेगी ओपो

नई दिल्ली ओपो भारत में एक नया स्‍मार्टफोन लॉन्‍च करने जा रही है। इसका नाम OPPO K13x होगा। कंपनी ने लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म नहीं किया है। यह बताया है कि अपकमिंग ओपो फोन, टिकाऊ होने के साथ-साथ अच्‍छी परफॉर्मेंस देगा। सामने आई जानकारी के अनुसार, OPPO K13x में लंबी चलने वाली बैटरी दी जाएगी। एआई-पावर्ड कैमरा फीचर्स इस फोन में होंगे। यह अल्‍ट्रा फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। कंपनी का कहना है कि नया ओपो फोन उन यूजर्स की जरूरत पूरी करेगी, जिन्‍हें परफॉर्मेंस के साथ एक ऐसी डिवाइस चाहिए जो ड्यूरेबल हो यानी गिरने पर टूटने के चांस कम रहें। हर मौसम में साथ निभाए। फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस ओपो ने इस फोन के किसी फीचर से पर्दा नहीं हटाया है। लेकिन कंपनी जिन चीजों पर फोकस करने जा रही है, उससे अनुमान है कि इसमें 6500 एमएएच या उससे बड़ी बैटरी ऑफर की जाएगी। यह फोन 67 वॉट तक चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है। मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ आ सकता है, ताकि कठिन मौसमी हालात में भी फोन की परफॉर्मेंस में कमी ना आए। ओपो K13 स्‍मार्टफोन में स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 च‍िपसेट दिया गया है। ऐसे में K13x से भी हम स्‍नैपड्रैगन चिपसेट की उम्‍मीद कर रहे हैं। फोन में 8 जीबी तक रैम दी जा सकती है, ताकि डेली परफॉर्मेंस में लैग की दिक्‍कत ना आए। प्राइस इन इंडिया OPPO K सीरीज 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में अधिक फोकस्‍ड है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि फोन को 20 हजार रुपये वाली प्राइस कैटिगरी में लाया जाएगा। हालांकि यह सभी सिर्फ कयास हैं। कंपनी ने कुछ भी कन्‍फर्म नहीं किया है और हमें आधिकारिक प्रतिक्र‍िया का इंतजार करना चाहिए। क्‍योंकि ओपो का कोई लॉन्‍च जून में अबतक सामने नहीं आया है, इसलिए यह डिवाइस इसी महीने दस्‍तक दे सकती है। वैसे भी अगले महीने रेनो सीरीज भारत में लॉन्‍च होने जा रही है, तो कंपनी उससे पहले मिड रेंज में नया फोन ला सकती है।  5G फीचर्स ओपो ने अप्रैल में Oppo K13 5G को लॉन्‍च किया था। इसे 17999 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया था। फोन में 6.7 इंच का एमोलेड फुल एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स की पीक ब्राइटनैस ऑफर करता है। फोन में क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। 8GB LPDDR4X रैम इसमें मिलती है और 256 जीबी तक स्‍टोरेज है। फोन में 7 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा है। यह एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर रन करता है। फोन में स्‍टीरियो स्‍पीकर्स, आईआर ब्‍लास्‍टर की सुविधा है।

छोटी-छोटी फोन परेशानियों के लिए बार-बार सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं, बस डायल करें ये कोड

नई दिल्ली अब फोन की छोटी-छोटी फोन परेशानियों के लिए बार-बार सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं। अगर आप कुछ खास कोड पता हों, तो आपका स्मार्टफोन खुद ही बता सकता है कि उसमें क्या गड़बड़ी है। यह कोड आपके फोन के हार्डवेयर, स्क्रीन, सेंसर, बैटरी और बाकी कई फीचर्स को चेक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ आपको अपने फोन के लिए सही कोड का पता होना चाहिए। अगर आप भी इस ट्रिक को जान जाएंगे, तो फोन को चेक करवाने के लिए आपको बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं मारने पड़ेगे। चलिए जानते हैं हर ब्रांड के स्मार्टफोन के लिए जरूरी कोड्स के बारे में। Samsung स्मार्टफोन्स के लिए हर फोन में एक हिडन टेस्ट मेन्यू होता है। इसका इस्तेमास सर्विस सेंटर पर फोन की समस्या के बारे में जानने के लिए किया जाता है। हर फोन के हिडन टेस्ट मेन्यू तक पहुंचने के लिए अलग कोड का इस्तेमाल किया जाता है। सबसे पहले Samsung के स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाले कोड के बारे में जानते हैं। अगर आप सैमसंग का हिडन टेस्ट मेन्यू एक्सेस करना चाहते हैं, तो आपको *#0*# डायल करना होगा। इसके बाद आपके सैमसंग के फोन में हिडन मेन्यू खुल जाएगा। जहां आप फोन की डिस्प्ले, बैटरी, अलग-अलग सेंसर्स आदि को चेक कर पाएंगे। यहां एक बात गौर करने लायक है कि अगर आपके सैमसंग फोन में ऑटो ब्लॉकर फीचर ऑन है, तो आप इस हिडन टेस्ट मेन्यू तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसके लिए आपको अपने फोन में ऑटो ब्लॉकर फीचर को ऑफ करना होगा। Oppo, Vivo, Realme और OnePlus के फोन के लिए Realme, Oppo और OnePlus के फोन को चेक करने के लिए आप डायलर में *#808# कोड डाल सकते हैं। वहीं Vivo के फोन के लिए *#558# या *#*#7777#*#* को़ड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे एक सर्विस टेस्ट मोड खुलता है, जहां डिस्प्ले, कैमरा, सेंसर, वाइब्रेशन, माइक जैसी चीजों को चेक किया जा सकता है। यह कोड फोन की परफॉर्मेंस जांचने का सबसे आसान तरीका है। Xiaomi, Redmi और Poco के स्मार्टफोन्स के लिए अगर आपके पास Xiaomi, Redmi या Poco का फोन है, तो उसका हिडन टेस्ट मेन्यू एक्सेस करने के लिए डायलर में *#*#6484#*#* या *#*#4636#*#* कोड डालें। इससे आप फोन के सभी फीचर्स जैसे स्क्रीन, साउंड, सेंसर, कैमरा आदि को चेक कर पाएंगे। इससे आसानी से पता चल जाएगा कि फोन के किस हिस्से में परेशानी है। Infinix और Techno स्मार्टफोन्स के लिए Infinix और Tecno स्मार्टफोन्स में हार्डवेयर टेस्ट के लिए डायलर में *#9646633# कोड डालना होगा। इससे MTK Engineer Mode खुलता है, जहां आप ऑडियो, नेटवर्क, सेंसर, कैमरा और दूसरी तकनीकी चीजों को चेक कर पाएंगे। यह तरीका फोन की असली परफॉर्मेंस चेक करने में मदद करता है। Motorola के स्मार्टफोन के लिए Motorola स्मार्टफोन में हार्डवेयर और सिस्टम टेस्ट करने के लिए *#*#2486#*#* कोड डायल करें। इससे फोन का Engineer Mode खुल जाता है। इस मोड में आप स्क्रीन, कैमरा, बैटरी, साउंड और सेंसर जैसी चीजों को चेक कर सकते हैं। यह कोड फोन की हालत जानने के काम आता है।

आंखों के नीचे के काले घेरे इस नुस्खे से हो जाएंगे छूमंतर

मेरी आंखों के नीचे पहले कभी काले घेरे नहीं रहे हैं। पर, पिछले कुछ महीनों से मैं इनसे परेशान हो गई हूं। न ही मेरा स्क्रीन टाइम ज्यादा है और न ही मैं कम सोती हूं। कृपया कुछ घरेलू नुस्खे बताएं, जिनकी मदद से एक माह के भीतर ये काले घेरे गायब हो जाएं। डार्क सर्कल के लिए सिर्फ कम नींद या फिर स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल ही जिम्मेदार नहीं होता। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, थायरॉइड की समस्या और विटामिन-बी, के, ई और डी की कमी भी आंखों के नीचे के काले घेरे के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अगर आप बिना सन्सक्रीन के लंबे समय तक धूप में रहती हैं, तो भी आपके आंखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं। आंखों को रगड़ने और तनाव के कारण भी यह समस्या हो सकती है। आंखों के नीचे के काले घेरे को ठीक करने के लिए कच्चे आलू को कद्दूकस करके आंखों के नीचे लगाकर कुछ देर छोड़ दें। कच्चे आलू में एक एंजाइम होता है, जो ब्लीच का काम करता है। नियमित रूप से कच्चे आलू के इस्तेमाल से आपको काले घेरे से छुटकारा मिल जाएगा। अगर आप चाहें तो रात में सोने से पहले कच्चे दूध में रुई को डुबोएं और उसे आंखों के नीचे कुछ देर रखें। कच्चे दूध में भी त्वचा की रंगत को सुधारने की क्षमता होती है। इसके अलावा एलोवेरा जेल में थोड़ा-सा नारियल तेल या बादाम का तेल मिलाकर उससे आंखों के नीचे वाले हिस्से का मसाज करें। इससे भी डार्क सर्कल को दूर करने में मदद मिलेगी।

गरीबी और असफलता में जीवन बितता है इन आदतों वाले लोग

इंसान अपनी आदतों का ही बाय प्रोडक्ट होता है। जहां कुछ आदतें उसे जीवन में सफलता और खुशियों की ओर ले जाती हैं तो वहीं अपनी ही कुछ गलत आदतों के चलते वो जीवन में बहुत पीछे छूट जाता है। दरअसल इंसान की आदतें ही उसका व्यक्तित्व और व्यवहार तय करती हैं, जो समाज में उसके सम्मान और स्थान दोनों को तय करते हैं। कई बार इंसान किसी दूसरे की वजह से नहीं बल्कि अपनी ही कुछ आदतों के चलते अपनी तरक्की का रास्ता खुद रोक देता है। कई बार तो ऐसा लगता है मानों अपना सबसे बड़ा दुश्मन वो खुद ही बन बैठा है। आज हम कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बता रहे हैं, जो यदि आपके अंदर हैं तो आपको तुरंत उनसे दूरी बना लेनी चाहिए। आइए जानते हैं इन्हीं आदतों के बारे में। अपनी गलतियों का दोष दूसरों पर डालना अगर आप भी अपनी गलतियों का दोष अक्सर दूसरों पर ही डाल देते हैं तो समझ लें कि आप अपनी ही सफलता के रास्ते में बाधा बन रहे हैं। जो लोग कभी अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं वो असल में कभी अपनी गलतियों से कुछ सीख ही नहीं पाते। दूसरों पर दोष मढ़ते-मढ़ते कई बार इतनी देर हो जाती है कि इंसान कहीं का नहीं रहता। अंत में ये अपनी लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को कोसते हुए ही नजर आते हैं। हमेशा नेगेटिव सोच रखना अगर लाइफ को ले कर आपका नजरिया बहुत नेगेटिव है या यूं कहें कि आप हर चीज में कोई ना कोई नेगेटिविटी ढूंढने के आदी हैं, तो यकीन मानिए आप अपने ही सबसे बड़े दुश्मन हैं। नकारात्मक सोच और नजरिया रखने वाले लोगों के हाथ अक्सर जीवन में निराशा, हताशा और असफलता ही लगती है। वो कहते हैं ना कि कोई भी काम पहले दिमाग से ही शुरू होता है। ऐसे में जब तक आप किसी चीज को ले कर अच्छा और पॉजिटिव सोचेंगे ही नहीं तब तक भला वो होगा भी कैसे। आलस और काम को टालने की आदत आपने सुना ही होगा कि आलस्य से बड़ा मनुष्य का शत्रु कोई और हो ही नहीं सकता। बात में पूरी सच्चाई भी है। आपकी आलस करने और काम को टालने की एक आदत, आपको जीवन में इतना पीछे ला कर खड़ी कर सकती है कि शायद उसका अंदाजा आपने कभी लगाया भी ना हो। कहते हैं ना ‘काल करे जो आज कर, आज करे सो अब ‘। तो जीवन में सफल होना है तो इस छोटी सी बात को गांठ बांध लें। जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास हर इंसान में आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है लेकिन हद से ज्यादा कॉन्फिडेंस भी व्यक्ति को नीचे गिराने का काम करता है। कई बार ओवर कॉन्फिडेंस के चलते इंसान ऐसी-ऐसी हरकतें कर बैठता है, जो बाद में उसी को नुकसान पहुंचाती हैं। अपने ओवर कॉन्फिडेंस के चलते वो अक्सर खुद को ही सही समझता है, जिससे ना तो वो कुछ नया सीख पाता है और ना ही लोगों को अपने आगे कुछ समझता है। यही अहंकार और हद से ज्यादा कॉन्फिडेंस इंसान की दुर्गति का कारण बनता है। अतीत और भविष्य को ज्यादा महत्व देना कुछ लोग वर्तमान में रहने की बजाए या तो अपने अतीत में बने रहते हैं या फिर भविष्य को ले कर ओवरथिंकिंग करते रहते हैं। ये दोनों ही आदतें व्यक्ति की सफलता में बाधा बनती हैं। ऐसे लोग अक्सर अपने पास्ट या फ्यूचर में फंसे रह जाते हैं, जिसकी वजह से ये वर्तमान में मौजूद अवसरों को खो देते हैं। दिमाग में भविष्य को ले कर ज्यादा ओवर थिंकिंग करने से स्ट्रेस और एंग्जाइटी के सिवाय कुछ भी हाथ नहीं लगता।  

क्या हैं सैटेलाइट इंटरनेट, जाने इसके फायदे और नुकसान

नई दिल्ली भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने एलन मस्क की कंपनी Starlink को भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SatComm) सेवाएं देने के लिए आधिकारिक लाइसेंस जारी कर दिया है, हालांकि इसकी जानकारी फिलहाल पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से दी है। सरकार या स्टारलिंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत में एलन मस्क का सैटेलाइट इंटरनेट स्टारलिंक लॉन्च तो हो रहा है लेकिन जियो और एयरटेल इसके विरोध में हैं। आइए जरा समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर सैटेलाइट इंटरनेट क्या है और कैसे काम करता है? क्या है सैटेलाइट इंटरनेट? सैटेलाइट इंटरनेट एक प्रकार की इंटरनेट सेवा है, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए सैटेलाइट (उपग्रह) का उपयोग किया जाता है। यह उन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने में मदद करता है जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध नहीं होतीं, जैसे दूरस्थ गांव, पहाड़ी इलाके या समुद्री क्षेत्र। सैटेलाइट इंटरनेट कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट में एक सैटेलाइट डिश और मॉडेम की आवश्यकता होती है। जब यूजर्स कोई इंटरनेट रिक्वेस्ट करते हैं, जैसे किसी वेबसाइट को खोलना, तो यह रिक्वेस्ट पहले सैटेलाइट डिश से एक सैटेलाइट तक भेजा जाता है। सैटेलाइट यूजर्स की रिक्वेस्ट को धरती पर स्थित नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर (NOC) पर भेजता है। यह सेंटर इंटरनेट से जुड़ा होता है। वहां से आवश्यक डेटा एकत्रित कर सैटेलाइट के माध्यम से वापस यूजर्स की डिवाइस तक भेजा जाता है। सैटेलाइट द्वारा भेजा गया डेटा यूजर्स की डिश पर रिसीव होता है फिर मॉडेम इसे डिकोड करता है और इसे यूजर्स के कंप्यूटर या अन्य डिवाइस तक पहुंचाता है। सैटेलाइट इंटरनेट के प्रमुख हिस्से     ग्राउंड स्टेशन: ये स्टेशन सैटेलाइट को डेटा भेजते और प्राप्त करते हैं और इन्हें NOC कहा जाता है।     सैटेलाइट: सैटेलाइट को धरती की कक्षा में रखा जाता है और यह दूरसंचार के लिए इस्तेमाल होता है।     यूजर डिवाइस: यूजर्स के पास एक सैटेलाइट डिश और मॉडेम होता है जो सैटेलाइट से सिग्नल भेजने और प्राप्त करने के लिए जरूरी होता है। सैटेलाइट इंटरनेट के फायदे     दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी: यह उन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रदान करता है जहां केबल या मोबाइल टावर की पहुंच नहीं होती।     मोबिलिटी: आप इसे कहीं भी सेट कर सकते हैं जहां सैटेलाइट सिग्नल उपलब्ध हो। सैटेलाइट इंटरनेट के नुकसान     लेटेंसी (विलंब): सिग्नल को सैटेलाइट तक और वापस आने में समय लगता है, जिससे विलंब (Latency) बढ़ सकता है।     मौसम पर प्रभाव: खराब मौसम, जैसे बारिश या बर्फबारी, सिग्नल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।  

इन पौधों को जरूर बनाएं अपने किचन गार्डन का हिस्सा

आपका किचन किसी खजाने से कम नहीं। यह वो जगह है जहां हर बीमारी का इलाज मिलता है और हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन। लेकिन अगर आप अपने किचन के गार्डन को और भी इफेक्टिव बनाएं तो आपका किचन भी किसी अलादीन के खजाने से कम भी नहीं होगा। जानिए कुछ ऐसे पौधों के बारे में जिन्हें आपको अपने किचन गार्डन जरूर शामिल करना चाहिए…. तुलसी:– तुलसी एक पारंपरिक पौधा है। तुलसी का महत्व हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा है। इस पौधे की आपको ज्यादा देखभाल नहीं करनी पड़ती। तुलसी एक औषधीय पौधा है जिससे आप ठंड के कारण होने वाली बीमारियों से निजात पा सकते हैं। एलोवेरा:- एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसकी देखभाल करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत-मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इसे एक प्रॉपर जगह देकर आप उगा दें और पानी देते रहें। कुछ दिन बाद आप देखेंगी कि पौधा अपने आप अपनी जगह से फैलता जा रहा है धनिया:- धनिया आपके खाने को एक नया स्वाद देता है। लगभग हर खाने में हाउसवाइव्स धनिए का इस्तेमाल जरूर करती हैं। ऐसे में ये साफ और स्वच्छ धनिया होना आपकी जरूरत होनी चाहिए। इसलिए कोशिश करें कि धनिया आप अपने किचन गार्डन में ही उगाएं। पुदीना:- पाचन संबंधी दिक्कतों में पुदीना बहुत कारगर है। इसे एक बड़े गमले में उगाएं क्योंकि यह तेजी से फैलता है। ताजा पुदीना के पत्तों का इस्तेमाल आप चाय में, चटनी के रूप में और सब्जी को एक नया टेस्ट देने के लिए कर सकते हैं।  

सफल और धनवान बनने के लिए अपनाए सुबह की ये आदतें

दिन की शुरुआत कैसी है इसका असर बाकी के पूरे दिन पर पड़ता है। आपने खुद भी नोटिस किया होगा कि जिस दिन आप नेगेटिविटी के साथ दिन की शुरुआत करते हैं, उस दिन सारा दिन बेकार ही जाता है और आप कुछ भी काम ढंग से नहीं कर पाते। इसलिए एक अच्छे मॉर्निंग रूटीन का होना बहुत ही जरूरी है। सफल लोगों में एक आदत आपको कॉमन देखने को मिलेगी कि उन सभी एक फिक्स मॉर्निंग रूटीन होता है, जिसे वो रोज बिना रुके फॉलो करते हैं। यही एक-एक दिन फॉलो किया गया रूटीन उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाता है। अगर आपको भी लाइफ में बहुत आगे जाना है तो अपने दिन की शुरुआत को बेहतर बनाने के लिए एक हेल्दी और कंसिस्टेंट मॉर्निंग रूटीन फॉलो करने की आदत डालें। यहां कुछ ऐसी ही मॉर्निंग हैबिट्स बताई गई हैं, जिन्हें आपको अपने रूटीन में शामिल करना चाहिए। ब्रह्ममुहुर्त में उठने की डालें आदत दिन की हेल्दी और पॉजिटिव शुरुआत के लिए सुबह जल्दी उठना बहुत जरूरी है। पहले के समय में लोग सूर्योदय से पहले बिस्तर त्याग देते थे लेकिन बदलते समय के साथ लोगों में ये आदत कहीं खो सी गई है। हालांकि अगर आप अपनी लाइफ में पॉजिटिव बदलाव देखना चाहते हैं तो सुबह जल्दी उठने की आदत डालना जरूरी है। सुबह जल्दी उठने से ना सिर्फ स्वास्थ्य सही रहता है बल्कि दिनचर्या भी मेंटेन रहती है। सुबह जल्दी उठने पर आप शांत मन से अपने पूरे दिन की प्लानिंग कर सकते हैं और बिना हड़बड़ी के अपने दिन भर के काम को आसानी से निपटा सकते हैं। पॉजिटिव एनर्जी के साथ करें दिन की शुरुआत वो कहते हैं ना दिन की शुरुआत जैसी होगी पूरा दिन वैसा ही होगा। इसलिए सुबह की शुरुआत हमेशा पॉजिटिव एनर्जी के साथ करनी चाहिए। सुबह नेगेटिव थॉट्स और उलझनों को दूर रखकर, पॉजिटिव एनर्जी और अच्छे ख्यालों के साथ दिन की शुरुआत करने से पूरे दिन पॉजिटिविटी बनी रहेगी। साथ ही आपकी इस आदत का आपके मेंटल हेल्थ पर भी बहुत ही पॉजिटिव इफेक्ट पड़ेगा। इसलिए सुबह आंख खुलने के बाद सबसे पहले ईश्वर को एक नए दिन के लिए धन्यवाद करें और फिर पॉजिटिविटी के साथ अपने दिन की शुरुआत करें। खाली पेट पीएं पानी अच्छी दिनचर्या के लिए स्वास्थ्य का अच्छा होना बहुत जरूरी है। इसलिए सुबह की शुरुआत अपने हेल्थ का ध्यान रखने के साथ करें। इसके लिए सुबह खाली पेट हल्का गुनगुना पानी पीएं। दरअसल रात भर सोने के बाद सुबह शरीर को हाइड्रेशन की जरूरत होती है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से बॉडी से टॉक्सिंस बाहर निकलती है और बॉडी हाइड्रेटेड होती है। इससे शरीर को दिन भर के लिए एनर्जी मिलती है और काम बेहतर ढंग से काम कर पाते हैं। रोज करें एक्सरसाइज शरीर को हेल्दी और फिट बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। इसलिए सुबह के समय थोड़ा सा टाइम एक्सरसाइज के लिए जरूर निकालें। सुबह फ्रेश होने के बाद थोड़ी देर एक्सरसाइज करें। इससे शरीर और दिमाग दोनों रिलैक्स होगा। बॉडी में फ्लैक्सिबिलिटी आएगी और शरीर को दिन भर के लिए एनर्जी मिलेगी। कहते हैं ना कि एक हेल्दी शरीर में ही हेल्थ माइंड पाया जाता है। तो बस जीवन में सफलता की पीछे दौड़ना है तो पहले अपने शरीर की और ध्यान देने की भी आदत डालें। मेडिटेशन करना भी जरूरी शरीर को स्वस्थ रखने के साथ दिमाग को स्वस्थ रखना भी जरूरी है। इसके लिए सुबह की रूटीन में मेडिटेशन को शामिल करना बहुत जरूरी है। रोजाना सुबह के समय थोड़ा टाइम मेडिटेशन के लिए जरूर निकालें। इससे दिमाग से स्ट्रेस कम होता है, माइंड रिलैक्स होता है, साथ ही सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है। रोजाना मेडिटेशन करने से आप अपने लक्ष्य पर बेहतर ढंग से फोकस कर पाते हैं और बाकी लोगों की तुलना में सफलता की और अधिक तेजी से आगे बढ़ते हैं।  

वीवो टी4 अल्‍ट्रा जल्द भारत में होगा लॉन्‍च

नई दिल्ली  कई दिनों से चर्चाओं में चल रहा स्‍मार्टफोन ‘वीवो टी4 अल्‍ट्रा’ भारत में 11 जून को लॉन्‍च किया जाएगा। कंपनी ने लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म कर दिया है। कुछ फीचर्स भी आउट हो गए हैं, जिनमें यह दावा है कि अपकमिंग वीवो स्‍मार्टफोन में सेगमेंट का पहला 10एक्‍स टेलिफोटो मैक्रो कैमरा दिया जाएगा। जो प्रमोशन इमेजेस सामने आई हैं, उसमें एक चीटीं को मैक्रो कैमरा से क्‍लिक किया हुआ दिखाया गया है। फोटों में चीटीं की आंखें भी साफ दिख रही हैं। अब यह तो फोन रिव्‍यू के बाद ही पता चलेगा कि टी4 अल्‍ट्रा का कैमरा कितना प्रभावी है। कंपनी इस फोन में 100एक्‍स जूम देने वाली है। vivo T4 Ultra फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस vivo T4 Ultra के कुछ फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस को कंपनी ने कन्‍फर्म किया है। बताया है कि वीवो टी4 अल्‍ट्रा में 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा दिया जाएगा, जोकि सोनी आईएमएक्‍स921 सेंसर होगा। यह ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। फोन में 8 मेगापिसल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा होगा। 50 मेगापिक्‍सल का एक और 3एक्‍स पेरिस्‍कोप टेलिफोटो कैमरा दिया जाएगा। उसमें ओआईएस के साथ ईआईएस यानी इलेक्‍ट्रॉनिक इमेज स्‍टैबलाइजेशन का सपोर्ट मिलेगा। दावा है कि सेगमेंट में पहला फोन होगा वीवो टी4 अल्‍ट्रा जिसमें 10एक्‍स टेलिफोटो मैक्रो कैमरा दिया जाएगा। vivo T4 Ultra में प्रोसेसर vivo T4 Ultra को मीड‍ियाटेक डाइमेंस‍िटी 9300 प्‍लस चिपसेट से पैक किया जाएगा। यह टी3 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन में दिए गए 9200 प्‍लस चिपसेट का अपग्रेड होगा। दावा है कि टी4 अल्‍ट्रा में आ रहे चिपसेट ने AnTuTu पर 20 लाख पॉइंट्स स्‍कोर किए हैं। कंपनी ने यह संकेत भी दिया है कि वीवो टी4 अल्‍ट्रा को 40 हजार रुपये के प्राइस सेगमेंट में लाया जा रहा है। ध्‍यान देने वाली बात है कि टी3 अल्‍ट्रा फोन को 32 हजार रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया है। इस कीमत में अब कंपनी वी सीरीज के फोन ऑफर कर रही है। जाहिर तौर पर वीवो टी सीरीज में आने वाले फोन थोड़े महंगे बिकेंगे। नए वीवो फोन को फ्लिपकार्ट पर टीज कर दिया गया है। फोन की सेल वीवो इंडिया के ऑनलाइन स्‍टोर पर भी होगी। वीवो टी4 अल्‍ट्रा के बैटरी साइज पर अभी कुछ कन्‍फर्म नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में 7 हजार एमएएच बैटरी के संकेत दिए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में 6 से 6500 एमएएच बैटरी की बात है। आने वाले दिनों में और फीचर्स कन्‍फर्म हो सकते हैं।

OnePlus का पहला कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन आज होगा लॉन्च

नई दिल्ली OnePlus के फैन्स के लिए बड़ी खबर है। आज OnePlus 13s लॉन्च होने जा रहा है और उससे पहले ही वनप्लस के कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन की कीमत को लेकर अलग-अलग खबरें आने लगी हैं। बता दें कि OnePlus 13s को लेकर काफी क्रेज देखने को मिल रहा है। यह OnePlus का पहला कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन होने वाला है, जो कि दमदार स्पेक्स के साथ लॉन्च किया जाएगा। ऐसे में इस फोन की एक अलग ही हाइप पब्लिक के बीच देखने को मिल रही है। इस फोन को लेकर यूजर्स का उत्साह इंडियन स्मार्टफोन मार्केट में कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन्स के लिए एक उम्मीद जगाता है। कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि भारत में कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन की मार्केट अच्छी नहीं है। वहीं अब OnePlus 13s को लेकर पब्लिक का क्रेज कुछ अलग ही कहानी कह रहा है। क्या रहेगी कीमत OnePlus 13s की ऑफिशियल कीमत के बारे में अभी किसी को कुछ नहीं पता है। हालांकि अलग-अलग सूत्रों से इसे लेकर जानकारी मिल रही है। तमाम खबरों को देखते हुए माना जा सकता है कि OnePlus के इस कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन की कीमत 50 से 55 हजार रुपये के बीच होगी। ऐसा भी संभव है कि इसकी शुरुआती कीमत 50 हजार रुपये हो और इसका टॉप वेरिएंट 55 से 65 हजार रुपये तक का हो। हालांकि इस बारे में फिलहाल पुख्ता रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। कीमत की पूरी जानकारी आपको कल लॉन्च के बाद दी जा सकेगी। Apple हुआ फेल, क्या OnePlus होगा कामियाब? OnePlus 13s का क्रेज देखते हुए एक्सपर्ट्स का कहना है कि OnePlus उस काम में कामियाब हो सकता है, जिसमें Apple फेल हो गया था। दरअसल Apple ने भी कुछ साल पहले अपने मिनी मॉडल लॉन्च किए थे लेकिन दो ही मॉडल्स के बाद Apple ने अपनी मिनी सीरीज को डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या Oneplus का कॉम्पैक्ट फोन कुछ बेहतर करके दिखा पाएगा? Apple मिनी और OnePlus के कॉम्पैक्ट फोन का फर्क जानकारों का मानना है कि OnePlus 13s उन कमियों की पूर्ति करने वाला है जो कि Apple ने अपनी मिनी सीरिज में छोड़ी थी। OnePlus फ्रेश और नए डिजाइन के साथ इस फोन को लॉन्च करेगा। वहीं Apple ने अपनी मिनी सीरीज में नॉच वाला पुराना डिजाइन ही यूजर्स को दिया था। इससे मिनी फोन की छोटी स्क्रीन और छोटी लगने लगती थी। इसके अलावा OnePlus इस फोन में पहली बार अलर्ट स्लाइडर की जगह एक्शन बटन जैसा फीचर देने जा रही है। इससे भी यूजर और OnePlus के फैन इस फोन की ओर आकर्षित होंगे। साथ ही OnePlus 13s का नया कैमरा मॉड्यूल और 6200mah की संभावित बैटरी पूरा गेम बदल सकती है। इससे फोन नया और बैटरी बैकअप के मामले में स्ट्रांग हो जाएगा। इन कमियों को सुधारने की वजह से OnePlus की कहानी Apple से अलग हो सकती है।

India में एक और ब्रांड की होगी एंट्री, तीन नए फोन्स लॉन्च करेगा NxtQuantum

भारतीय बाजार में एक नई कंपनी अपना पहला स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रही है. इस कंपनी का नाम NxtQuantum Shift Technologies है और इस फोन का नाम NOVA सीरीज होगा. कंपनी ने इसको लेकर AI+ की ब्रांडिंग की है. यह एक बजट 5G फोन होगा. एक फोटो भी सामने आई है, जिसको लेकर दावा किया है कि वह नोवा सीरीज का हैंडसेट है. NxtQuantum Shift Technologies की कमान माधव सेठ संभाल रहे हैं, जो इससे पहले Realme और भारत में Honor ब्रांड के फोन सेल करने वाली कंपनी Htech की कमान संभाल चुके हैं. Nova सीरीज के तहत तीन मॉडल्स को लॉन्च किया जा सकता है.   ये हो सकती है कीमत Fonearena की रिपोर्ट्स के मुताबिक,  इन हैंडसेट की कीमत 5 हजार रुपये से 8 हजार रुपये के बीच हो सकती है. इसमें यूजर्स को 5G सपोर्ट, एडवांस्ड AI फीचर, भारतीय यूजर्स के लिए ईको फ्रेंडली डिजाइन मिलेगा. मेड इन इंडिया के तहत प्रोडक्शन Nova सीरीज के हैंडसेट को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया जाएगा. इस स्मार्टफोन के अंदर यूजर्स को कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम यूज करने को मिलेगा, जिसे इंडियन इंजीनियर्स द्वारा तैयार किया गया है. रिफर्बिश्ड पार्ट्स का होगा यूज Nova सीरीज के तहत सस्टेनेबिलिटी पर फोक किया जाएगा, जिसमें कई रिफर्बिश्ड पार्ट्स का यूज कियाजाएगा. इसकी मदद से कंपनी इलेक्ट्रोनिक वेस्ट को कम करना चाहती है. इस हैंडसेट में हाई क्वालिटी रिफर्बिश्ड कंपोनेंट का यूज किया जाएगा. 25 जून से ही होगी सेल Nova सीरीज के हैंडसेट की सेल 25 जून से शुरू होगी. इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट के जरिए सेल किया जाएगा. सीरीज की शुरुआती की कीमत 5 हजार रुपये है. हालांकि अभी इन हैंडसेट को लेकर और भी डिटेल्स सामने आएंगी. सामने आई लीक फोटो GSMArena पोर्टल ने एक फोटो शेयर की है, जिसमें दावा किया है कि यह फोटो AI+ Nova 2 5G की है. यह Nova series 5G सीरीज का ही स्मार्टफोन होगा. इस हैंडसेट में बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप LED फ्लैश को दिखाया गया है. साथ ही फोन के बैक पैनल पर AI+ की ब्रांडिंग भी है.  

परवरिश: मोबाइल की लत बच्चों के भविष्य पर भारी, जानें इससे छुटकारा पाने के उपाय

Parenting: Mobile addiction is harmful for children’s future, know the ways to get rid of it सूर्य प्रताप सिंह सिसोदिया (हेल्थ डेस्क) क्या आपका बच्चा मोबाइल के बिना रह सकता है?आज यह सवाल हर माता-पिता के मन में गूंज रहा है। तकनीक के इस दौर में मोबाइल बच्चों की जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है, मानो उनका एक नया अंग हो। चाहे भोजन हो, पढ़ाई या आराम का समय हर क्षण मोबाइल उनके साथ है। यह डिजिटल डिवाइस केवल उनके शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। बच्चों पर मोबाइल का असर: सिर्फ आंखें नहीं, पूरी सोच पर असर धैर्य में गिरावट:स्क्रीन पर मिलने वाला त्वरित मनोरंजन बच्चों को अधीर बना रहा है। किसी भी असफलता या देरी पर वे गुस्से में आ जाते हैं। माता-पिता या शिक्षकों की मामूली बात भी उन्हें आहत कर देती है। एकाग्रता में कमी:लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स और ऑनलाइन एक्टिविटी बच्चों की एकाग्रता को कमजोर कर रही है। वे लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान नहीं दे पाते। संवादहीनता और सामाजिक दूरी:मोबाइल की लत बच्चों को परिवार और दोस्तों से दूर कर रही है। अब वे भावनाओं को शब्दों में नहीं, इमोजी में बयां करते हैं। इसका असर उनके आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सामाजिकता पर पड़ रहा है। ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक स्वास्थ्य:गेमिंग ऐप्स बच्चों के लिए एक नशे की तरह बन चुके हैं। लेवल पार करने का जुनून, पैसे हारने का डर और त्वरित सफलता की उम्मीद उन्हें तनाव, एंग्ज़ायटी और यहां तक कि आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम तक ले जा रही है। नींद और शारीरिक समस्याएं:देर रात तक स्क्रीन देखने से मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बिगड़ता है, जिससे नींद की गुणवत्ता घटती है। इससे चिड़चिड़ापन, मोटापा और आंखों की समस्याएं जैसे डिजिटल आई स्ट्रेन और दृष्टि दोष उत्पन्न होते हैं। अभिभावकों की भूमिका: शुरुआत घर से ही होती हैआमतौर पर मोबाइल की लत के बीज माता-पिता ही बोते हैं—कभी बच्चे को चुप कराने के लिए, तो कभी उसे व्यस्त रखने के लिए। एक साल के बच्चे को मोबाइल पर राइम्स दिखाना आज सामान्य बात हो गई है। फिर जब वही बच्चा 12-13 साल में मोबाइल मांगता है, तो माता-पिता उसे रोक नहीं पाते। समाधान: स्क्रीन से दूरी, जीवन से जुड़ाव स्क्रीन टाइम तय करें:परिवार में मोबाइल उपयोग का एक साझा नियम बनाएं। बच्चे को 15 साल की उम्र तक अपना व्यक्तिगत मोबाइल न दें। मैदानी खेल और आउटडोर एक्टिविटी:हर दिन कम से कम दो घंटे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी में व्यस्त रखें। फैमिली आउटिंग में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित करें। बातचीत और समय:बच्चों से बात करें, उनकी समस्याएं समझें। जब वो आपकी बात सुनते हैं, तो आप भी उनकी दुनिया से जुड़ पाते हैं। तकनीक से नहीं, रिश्तों से जुड़ाव बढ़ाएं:उन्हें यादें लिखने के लिए प्रेरित करें, न कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के लिए। मोबाइल कोई बुरा उपकरण नहीं है, लेकिन उसके गलत इस्तेमाल ने बच्चों को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। माता-पिता यदि आज सतर्क नहीं हुए, तो कल बहुत देर हो जाएगी। सही परवरिश तकनीक से नहीं, समय और समझ से होती है। Tag: Parenting, Screen Addiction, Children Mental Health, Digital Detox

WhatsApp iPad App Launch,जल्द आएगा iPad के लिए नया ऐप

नई दिल्ली  मेटा ने करोड़ों iPad यूजर्स को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, कंपनी ने iPad के लिए भी अब एक डेडिकेटेड WhatsApp ऐप लॉन्च कर दिया है। बता दें कि iPad यूजर्स लंबे वक्त से डेडिकेटेड WhatsApp ऐप की मांग कर रहे थे। इसी को देखते हुए कंपनी ने अब आखिरकार Apple App Store पर WhatsApp ऐप को iPad के लिए रिलीज कर दिया है। इस ऐप में भी आपको iPhone पर मिलने वाले WhatsApp ऐप जैसे ही फीचर्स मिलने वाले हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानें… मिलते हैं ये जबरदस्त फीचर्स नए iPad ऐप के साथ यूजर्स 32 लोगों के साथ वीडियो और ऑडियो कॉल कर सकते हैं, अपनी स्क्रीन शेयर कर सकते हैं और फ्रंट और रियर कैमरे के बीच स्विच कर सकते हैं। अब तक iPad पर WhatsApp का इस्तेमाल करने के लिए ब्राउजर के जरिए वेब वर्जन की जरूरत पड़ती थी। वहीं, अब ये नया ऐप यूजर्स को अपने iPhone, Mac और अन्य डिवाइस पर सब कुछ सिंक रखने की भी सुविधा दे रहा है। जबकि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन इसे और भी ज्यादा सेफ बना रहा है। मल्टीटास्किंग हुई आसान iPad पर WhatsApp ऐप आने के बाद यह iPadOS मल्टीटास्किंग फीचर्स जैसे स्टेज मैनेजर, स्प्लिट व्यू और स्लाइड ओवर का पूरा लाभ उठाता है। इन फीचर्स के साथ यूजर्स एक साथ कई ऐप्स देख सकते हैं, वेब ब्राउज करते टाइम मैसेज रीड और सेंड कर सकते हैं और कॉल पर रहते हुए अन्य कोई काम भी कर सकते हैं। पहले यूजर्स को इस तरह के काम करने के लिए WhatsApp से दूर जाना पड़ता था। व्हाट्सएप ने यह भी बताया कि नया आईपैड ऐप मैजिक कीबोर्ड और एप्पल पेंसिल के साथ अच्छे से काम करता है। 15 साल बाद iPad पर आया WhatsApp कई सालों तक मेटा ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि उसने दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आईपैड पर क्यों नहीं पेश किया। यकीनन यह मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाला टैबलेट है। व्हाट्सएप ने आईपैड पेश किए जाने से छह महीने पहले 2009 में एप्पल ऐप स्टोर पर शुरुआत की थी। यानी अब 15 साल बाद iPad पर WhatsApp आया है। मेटा ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण किया, लेकिन फिर भी कभी भी एक डेडिकेटेड आईपैड ऐप जारी नहीं किया।

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, “एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।” ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी    

अमेरिका-भारत के बीच टशन का तमाचा सीधे पाकिस्‍तान को, आईफोन 17 सीरीज पाकिस्‍तान की हैसियत से बहार

नई दिल्ली अमेरिका की ट्रंप सरकार कभी इधर की बात करती है, कभी उधर की। मार्च से जारी उसका टैरिफ ‘कलह’ चीन से होते हुए भारत पहुंच गया है। कतर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति का यह कहना कि वह नहीं चाहते ऐपल अपने आईफोन भारत में बनाए, कई सवाल खड़े कर गया। अब तो ट्रंप प्रशासन यह फैसला लेने जा रहा है कि वह अमेरिका में बिकने वाले सभी स्‍मार्टफोन्‍स पर 25 फीसदी इंपोर्ट टैरिफ लगाएगा। ऐसा लगता है कि अमेरिकी सरकार उसके देश में बिकने वाली सभी फोन्‍स को मेड इन अमेरिका बनाना चाहती है। ट्रंप सरकार के निशाने पर भारत समेत तमाम एशियाई देश हैं जहां स्‍मार्टफोन्‍स का बड़े पैमाने पर प्रोडक्‍शन होता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सरकार की नई और पल-पल बदलती नीतियां कंपनियों को मजबूर कर रही हैं कि वो अपने फोन्‍स के प्राइस बढ़ा दें। कई रिपोर्टों में बताया जा चुका है कि ऐपल अपनी अपकमिंग आईफोन 17 सीरीज को महंगा बेच सकती है। ऐसा हुआ तो अमेरिका-भारत के बीच टशन का तमाचा सीधे पाकिस्‍तान को पड़ेगा, क्‍योंकि डॉलर से बदलकर जब पाकिस्‍तानी रुपये में आईफोन 17 सीरीज की कीमत आएगी तो उसे खरीदने की हैसियत पाकिस्‍तान की खत्‍म हो सकती है। आईफोन 17 सीरीज महंगी होने के संकेत मी‍डिया रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल आईफोन 17 सीरीज के दाम बढ़ा सकती है। कहा जाता है कि भले ही अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ सुलह कुछ हद तक हो गई है लेकिन चीनी आयात पर अभी भी अमेरिका में 30 फीसदी टैक्‍स लगेगा। अब अगर भारत व अन्‍य एशियाई देशों से होने वाले इम्‍पोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगा तो आईफोन 17 सीरीज को महंगा किया जा सकता है। ऐपल ने इस बारे में ऑफ‍िशियली कुछ नहीं कहा है लेकिन रिपोर्ट्स में दावा है कि आईफोन 17 प्रो मैक्‍स मॉडल को देश में 1 लाख 64 हजार 900 रुपये में लाया जा सकता है। यह कीमत पाकिस्‍तान में साढ़े 5 लाख रुपये के करीब पहुंच जाएगी। याद रखने वाली बात है कि आईफोन 16 प्रो मैक्‍स मॉडल की कीमत पाकिस्‍तान में 3 लाख 70 हजार रुपये के करीब है। (mega.pk के अनुसार)। इसका सीधा मतलब है कि आईफोन 17 सीरीज का टॉप वेरिएंट पाकिस्‍तान में दो लाख रुपये तक महंगा हो सकता है। आईफोन 17 सीरीज के अनुमानित फीचर्स सितंबर में होने वाले अनुमानित लॉन्‍च इवेंट में ऐपल की तरफ से आईफोन 17, आईफोन 17 एयर को लॉन्‍च किया जा सकता है। कहा जाता है कि कंपनी आईफोन 17 मैक्‍स या अल्‍ट्रा मॉडल लेकर आएगी। मैक रुमर्स की रिपोर्ट के अनुसार इन फोन्‍स में 6.3 इंच से 6.9 इंच तक डिस्‍प्‍ले दिया जा सकता है। आईफोन 17 एयर कंपनी का स्लिम मॉडल होगा,‍ जिसका मुकाला सैमसंग एस25 ऐज से रहेगा। नए आईफोन्‍स में कंपनी एलटीपीओ डिस्‍प्‍ले, 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट के साथ दे सकती है। कैमरों के लेवल पर भी नए आईफोन्‍स में अपग्रेड आ सकता है। कहा जाता है कि कंपनी अपडेटेड 24 मेगापिक्‍सल के फ्रंट कैमरा पर काम कर रही है। पीछे की तरफ 48 मेगापिक्‍सल का कैमरा भी अपग्रेडेड हो सकता है। 12 मेगापिक्‍सल के एक और सेंसर को इम्‍प्रूव किया जा सकता है।

बिना इंटरनेट डाटा ट्रांसफर, जानें कैसे करें

अगर आपको डाटा ट्रांसफर करना है तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी ही। पीसी से डाटा मोबाइल पर भेजना तो इंटरनेट का इस्तेमाल करना ही होगा और स्मार्टफोन पर रिसीव करना है तो भी इंटरनेट डाटा की खपत तय है, लेकिन इन सिंपल ट्रिक्स से आप बिना इंटरनेट के डाटा ट्रांसफर कर सकते हैंः 1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से जेंडर एप डाउनलोड करें। यह एक डाटा ट्रांसफर एप है। इसकी खासियत है कि यह एप बिना इंटरनेट, यूएसबी और वाई-फाई के डाटा ट्रांसफर करता है। 2. अब पीसी में जेंडर एप डाउनलोड करें। 3. इसके बाद पीसी और मोबाइल दोनों को डाटा ट्रांसफर के लिए साथ रखें। 4. अब जैसे ही आप फोन पर जेंडर एप खोलेंगे, उसे पता चल जाएगा कि साथ रखें डिवाइस में जेंडर इंस्टॉल है। 5. इसके बाद डिवाइस के ग्रुप में ऐड करें। 6. अब जिन फाइल्स को भेजना है उन्हें सेलेक्ट करके सेंड ऑप्शन पर क्लिक करके भेज दें। 7. इस एप की खासियत है कि आप किन्हीं भी दो डिवाइसेज के बीच डाटा ट्रांसफर कर सकते है। आप चाहे तो दो स्मार्टफोन्स के बीच या फिर चार डिवाइसेज को कनेक्ट उनके बीच भी डाटा ट्रांसफर कर सकते है।  

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्याहयाम करें। पर्याप्त नींद हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्य यन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्हेंु दिल की बीमारी अन्यव लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती हैद्य कोलेस्ट्रॉल कम करें रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वॉरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है। नियमित रूप से व्यायाम करें नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्याकदा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी दिल की बीमारी के कारण होती हैं। फैट से बचें भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही जंक फूड का सेवन कम से कम करें। भोजन समय पर करें। धूम्रपान न करें सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्य म वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वजन को नियंत्रित करें यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तनाव में कमी मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और नियमित रूप से व्यायाम आपके स्वापस्य्नी  पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। शराब का सेवन कम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन हाई बीपी ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से कोलेस्ट्रॉल सही रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।  

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन से मेडिकल टेस्ट है जरूरी

गर्भधारण के दौरान समय-समय पर कई तरह की जांच की जाती हैं। इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है। साथ ही कोई कंप्लीकेशन ना हो इसकी जानकारी भी चिकित्सक को मिल जाती है। यदि कोई कंप्लीकेशन होती भी है तो चिकित्सक समय रहते उसका इलाज कर बच्चे और मां को किसी भी परेशानी से बचाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि गर्भधारण के दौरान डिलिवरी तक कौन-कौन सी चिकित्सा जांच की जाती हैं सीबीसी यानी कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट डॉक्टर आपका सीबीसी टेस्ट आपके गर्भवती होने के बाद करेगा। इससे आपके रक्त में लाल और सफेद कोशिकाओ का पता लगाया जाता है । इसके साथ ही हीमोग्लोबिन, हेमैटक्रीट और प्लेटलेट्स कणों को भी काउंट किया जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त में मौजूद प्रोटीन होता है जो कि सेल्स को ऑक्सीजन देता है और हेमैटक्रीट शरीर में लाल रक्त कणों को जांचने का माप है। दोनों में से किसी के भी कम होने पर एनीमिया कहा जाता है। प्लेटलेट्स रक्त में थक्का जमने में सहायता करती हैं। महिला नार्मल डिलिवरी के दौरान तकरीबन आधा लीटर रक्त खो देती है। ऐसे में रक्त की कमी होने पर बच्चे और मां दोनों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती है। आरएच फैक्टर टेस्ट आरएच फैक्टर टेस्ट में लाल रक्त कणों के सरफेस में प्रोटीन की मात्रा देखने को किया जाता है। अगर प्रोटीन होता है तो इसे आरएच पॉजिटिव कहा जाता है अन्यथा नेगेटिव। यह टेस्ट लगभग 85 प्रतिशत महिलाओं में पॉजिटिव ही आता है। यूरिन टेस्ट डॉक्टर यूरिन टेस्ट से ही गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की सही जानकारी लगा पाते हैं। इसमें मुख्यत शुगर की जांच की जाती है। इसके साथ ही किडनी के इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए यूरिन में प्रोटीन की मात्रा, जांच की जाती है। इस टेस्ट के माध्यम से बैक्टीरिया की जांच की जाती है जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का पता चल पता  है। केटोन्स की भी जांच होती है जिससे यह पता लगता  है कि शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह वसा का  इस्तेमाल ऊर्जा के लिए तो नहीं कर रहा है। रक्तचाप की जांच गर्भवती महिला के रक्तचाप की जांच की जाती है ताकि रक्तचाप ज्यादा या कम दोनों ही होने की स्तिथी में महिला को किसी भी प्रकार की हानि से बचाया जा सके। भ्रूण का अल्ट्रासाउंड भ्रूण के शारीरिक विकास को देखने के लिए समय समय पर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसमें प्लेसेंटा की स्थिति और बच्चे के शरीर का हर माप देखा जाता है। बच्चे की मूवमेंट और अन्य क्रियाओं का भी पता अल्ट्रासाउंड से ही चलता है। मल्टीपल मार्कर स्क्रीनिंग यह दो तरह का होता है। ट्रिपल स्क्रीन टेस्ट और क्वाड स्क्रीन टेस्ट। यह आहार नाल न्यूरल टयूब में किसी भी तरह के डिफेक्ट को देखने के लिए किया जाता है। भ्रूण की हृदय गति मापना हर महीने भ्रूण की हृदय गति में बदलाव आता है। जन्म के समय भी यह बदल जाती है। डॉक्टर समय-समय पर जांच कर यह चेक करते हैं की हार्ट बीट सामान्य है या नहीं। यदि ह्रदय गति कम आये तो माना जाता है कि बच्चे को ऑक्सीजन कम मिल रही है।  

रियलमी जीटी 7 स्मार्टफोन ने 24 घंटे मूवी चलाकर गिनीज बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली Realme के एक जल्द लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन ने कमाल का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। दरअसल हम बात कर रहे हैं Realme GT 7 की जिसने पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करके एक अनोखा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह स्मार्टफोन जल्द ही लॉन्च होने वाला है। Realme ने 23 मई को पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करने का रिकॉर्ड बनाया। क्या है रिकॉर्ड बता दें कि Realme की “Endless Power Journey” नाम की एक खास मुहिम के तहत कंपनी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है। यह इवेंट यूरोप में एक क्रूज पर आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत रोम, इटली से हुई। इस चैलेंज की शुरुआत 22 मई 2025 को रात 9:30 बजे (भारतीय समय के अनुसार) शेनझेन, चीन से एक लाइवस्ट्रीम के जरिए की गई थी। लगातार 24 घंटे तक मूवी प्लेबैक करने के इस रिकॉर्ड को 23 मई 2025 की रात 9:30 बजे आधिकारिक रूप से पूरा किया गया। जहां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जजेस ने इसे मान्य घोषित किया। Realme ने क्या बताया Realme ने हाल ही में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन GT7 सीरीज से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी शेयर की हैं। कंपनी के मुताबिक, इस शानदार रिकॉर्ड के पीछे फोन की पावरफुल 7000mAh की बैटरी है, जो 120W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी बड़ी बैटरी और तेज चार्जिंग की वजह से ही Realme GT 7 ने बिना रुके 24 घंटे लगातार मूवी चलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। Realme ने यह भी बताया कि GT 7 की बैटरी की क्वालिटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार TÜV Rhineland की 5-Star बैटरी सर्टिफिकेशन से नवाजा गया है। यह इस फोन में इस्तमाल की गई बैटरी की क्वालिटी और सेफ्टी को साबित करता है। बता दें कि यह सर्टिफिकेशन सिर्फ उन्हीं डिवाइसेज को दिया जाता है, जो लंबी बैटरी लाइफ, तेज चार्जिंग और सुरक्षित इस्तेमाल के सभी स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं। कब होगा लॉन्च Realme GT 7 सीरीज का ग्लोबल और इंडिया लॉन्च 27 मई 2025 को होने वाला है। यह खास लॉन्च इवेंट पेरिस, फ्रांस में होगा। इस मौके पर कंपनी GT 7 और GT 7T दोनों ही पेश किए जाएंगे। लॉन्च के बाद इन दोनों स्मार्टफोन मॉडल्स को realme.com, Amazon.in और अन्य रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा। कुल मिलाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के जरिए Realme GT 7 ने साबित कर दिया है कि बैटरी को लेकर इस फोन से किसी को कोई शिकायत नहीं होने वाली है।

ये 5 गैजेट्स कोरोना में आपकी फैमिली की करेंगे सुरक्षा

नई दिल्ली पिछले कुछ समय से मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु और पुडुचेरी में कोविड-19 के 12-12 नए मामले सामने आए हैं। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी जानकारी दी थी कि कर्नाटक में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले सामने आए हैं। ऐसे में भले WHO ने 2023 में ही इस महामारी के खत्म होने की घोषणा कर दी हो लेकिन वैश्विक स्तर पर यह बीमारी लगातार फैल रही है। ऐसे में स्थिति बिगड़ने से पहले ही अगर हम कुछ बेसिक तैयारियां कर लें, तो खुद को और अपने परिवार को कोरोना की आहट से बचा सकते हैं। आज हम आपको 5 ऐसे गैजेट्स के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने घर में कोरोना को आने से रोक सकते हैं। ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर पिछली बार जब कोविड फैला था, तो हैंड सैनेटाइजर हर घर में इस्तेमाल होने लगा था। हालांकि जैसे-जैसे यह बीमारी दूर हुई लोगों ने हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल कम कर दिया। अब जब कोरोना के मामले फिर से सामने आने लगे हैं, तो अपने घर में एक ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर रख लेना समझदारी होगी। इससे कोरोना के फैलने की रिस्क काफी हद तक कम हो जाती है। इस डिवाइस को अपने घर के एंट्री गेट पर लगा दें और हर आने-जाने वाले को इसका इस्तेमाल करने को कहें। UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग कोराना के बढ़ते मामलों के बीच UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग को घर में रखना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। यह एक स्मार्ट गैजेट है जो कि उन सामानों को वायरस और बैक्टीरिया से मुक्त करने में मदद करता है जो आपके साथ रोज घर से बाहर जाते हैं। इस डिवाइस में खास तरह की UV-C लाइट होती है, जो कोरोना वायरस जैसे सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देती है। इस डिवाइस में आप अपना मोबाइल, चाबी, वॉलेट, पैसे या छोटे पार्सल को रखकर कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से सैनिटाइज कर सकते हैं। इसमें किसी तरह के कैमिकल का इस्तेमाल नहीं होता और यह कोरोना के खिलाफ एक बहुत ही कारगर हथियार है। नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर कोरोना की आहट के बीच घर में एक नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर रखना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल अगर इस दौरान घर का कोई भी सदस्य बीमार होता है, तो शरीर के किसी हिस्से को छुए बिना तापमान मापा जा सकता है। कोरोना के लक्षणों में बुखार सबसे आम है, और इस थर्मामीटर से आप खुद या घर आने वाले लोगों का तापमान दूर से ही जांच सकते हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है क्योंकि किसी को छूने की जरूरत ही नहीं पड़ती। यह तेज, सुरक्षित और आसान तरीका है कोरोना की पहचान और उसे फैलने से रोकने के लिए। HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर कोरोना हवा के जरिए भी फैलता है। ऐसे में एक HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर घर में रखना अच्छा हो सकता है। यह हवा को साफ करने में बहुत कारगर होता है और हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, धूल, एलर्जी फैलाने वाले कणों को 99.97% तक सोंख लेने मे सक्षम होता है। कोरोना जैसे संक्रमण के समय जब हवा के जरिए वायरस फैल सकता है, तब यह डिवाइस घर के अंदर की हवा को शुद्ध और साफ रखता है। डोर ओपनर रिंग यह एक बहुत ही प्रैक्टिकल गैजेट है जिसे साथ में कैरी करना भी बेहद आसान है। दरअसल कोरोना वायरस अक्सर दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन, एटीएम या अन्य पब्लिक जगहों पर छूने वाली सतहों से फैलता है। जब हम इन्हें हाथों से छूते हैं और फिर उसी हाथ से चेहरा या नाक-मुंह छू लेते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह गैजेट हमें यही सब करने से रोकता है। इसकी मदद से आप दरवाजे खोलने और एटीएम के बटन दबाने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसकी मदद से आप अपने फोन को भी ऑपरेट कर सकते हैं, ताकि आपको फोन की स्क्रीन को भी अपने हाथों से छूना न पड़े। इसे आप चाबी के छल्ले की तरह अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इस डिवाइस के इस्तेमाल से संभव है कि आप कोरोना के वायरस अपने घर तक न ला पाएं।

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए लाया TRAI DND ऐप

नई दिल्ली ट्राई यानी टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारतीय मोबाइल यूजर्स को स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए नए नियम बनाए थे। ऐसा लगता है कि लोगों को पूरी जानकारी है ही नहीं कि नियमों का इस्‍तेमाल कैसे करके वह स्‍पैम कॉल्‍स से खुद को बचा सकते हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में मोबाइल कॉल इस्‍तेमाल करने वाले 25 फीसदी से भी कम लोगों ने कमर्शल मैसेज को लेकर अपनी पसंद बताई है। इसका मतलब है कि देश की आबादी में 87 करोड़ मोबाइल ग्राहक अभी भी टेलीमार्केटर से आने वाली कॉल्‍स से परेशान होते हैं। इस मुश्किल को मिनटों में सुलझाया जा सकता है एक ऐप पर अपनी प्रेफरेंस बताकर। TRAI का DND 3.0 ऐप प्‍लेस्‍टोर से लेकर ऐप स्‍टोर में उपलब्‍ध है। इसे फ्री में डाउनलोड करके और अपनी पसंद सेट करके आप स्‍पैम कॉल्‍स को ब्‍लॉक कर सकते हैं। फालतू कॉल्‍स पर खीझते हैं, पर कुछ करते नहीं लोगों को अक्‍सर फालतू कॉल्‍स पर खीझते हुए देखा जाता है, लेकिन कोई उसका सॉल्‍यूशन नहीं ढूंढता। कुछेक स्‍पैम नंबर्स जो याद रह जाते हैं, उनसे कॉल आने पर हम कॉल कट कर देते हैं या फोन साइलेंट में रख देते हैं, लेकिन यह समस्‍या का हल नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 1.15 अरब मोबाइल ग्राहकों में से सिर्फ 28 करोड़ लोगों ने ही अपनी प्रेफरेंस तय की है। यही वजह है कि टेलीमार्केटर 87 करोड़ लोगों को बिना रुकावट कमर्शल मैसेज भेज रहे हैं। TRAI DND 3.0 ऐप है सबसे आसान तरीका स्‍पैम कॉल्‍स पर लगाम कसने का सबसे आसान तरीका है ट्राई का DND 3.0 ऐप। प्‍ले स्‍टोर या ऐप स्‍टोर पर आप TRAI DND लिखेंगे तब भी यह ऐप दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर लीजिए। ऐप डाउनलोड होने के बाद आपको अपने मोबाइल नंबर से रजिस्‍टर करना होगा। फोन में दो सिम हैं, तो दोनों नंबरों से रजिस्‍टर करना होगा। ऐप की मदद से स्‍पैम कॉल्‍स और एसएमएस को ब्‍लॉक किया जा सकता है। टेलीमार्केटर की तरफ से आने वालीं कॉलें भी ब्‍लॉक हो सकती हैं। इस तरह से इस्‍तेमाल करें TRAI DND 3.0 ऐप स्‍टेप 1 : ऐप ओपन करने के बाद लॉगइन पर क्लिक करें। स्‍टेप 2 : सिम 1 और ऐड सिम 2 का विकल्‍प दिखेगा। ​स्‍टेप 3 : फोन में एक सिम है तो सिम ऑपरेटर को चुनें जैसे-बीएसएनएल, वोडा-आइडिया, एयरटेल, जियो और फ‍िर मोबाइल नंबर डालें। दूसरा सिम भी है तो नीचे ‘ऐड सिम 2’ पर जाकर नंबर टाइप करें। स्‍टेप 4 : साइन इन पर क्लिक करें। आपके फोन पर ओटीपी आएगा। उसे डालकर आगे बढ़ें। स्‍टेप 5 : ओटीपी डालते ही ऐप आपके मोबाइल नंबरों पर डीएनडी का स्‍टेटस दिखाएगा। मेरे दोनों नंबरों पर डीनएडी के लिए रजिस्‍टर नहीं किया गया था। स्‍टेप 6 : अपने नंबर पर डीएनडी लागू करने के लिए चेंज प्रीफरेंस का विकल्‍प चुनें। दिए गए विकल्‍पों का चुनाव करें। उसके बाद सबमिट कर दें। TRAI DND के फायदे ट्राई डीएनडी ऐप उन सभी के लिए काम का साबित हो सकता है जो स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान हैं। यह ऐप सरकारी संस्‍था की तरफ से बनाया गया है, इसलिए धोखाधड़ी की गुंजाइश कम है। सबसे अच्‍छी बात कि ऐप का यूजर इंटरफेस साफ सुथरा है। 6 से 7 स्‍टेप्‍स में आपकी रिक्‍वेस्‍ट सबमिट हो जाती है। डीएनडी एक्टिवेट होने के बाद आपको कभी भी प्रमोशनल और स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान नहीं होना पड़ेगा।

पिछले दिनों Ghibli ट्रेंड, अब बेबी वर्जन वीडियो का क्रेज़

नई दिल्ली पिछले दिनों Ghibli (घिबली) फोटोज काफी ट्रेंड में थे। जिसे देखो अपने फोटोज का घिबली वर्जन बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था। अब इसी तरह का एक और ट्रेंड सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रहा है। इस लेटेस्ट ट्रेंड में लोग अलग-अलग हस्तियों के बेबी वर्जन वाले वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ लोग अपने खुद के बेबी वर्जन वाले वीडियो भी बनाकर ऑनलाइन डाल रहे हैं। अगर आप भी इस तरह के वीडियो बनाना चाहते हैं, तो चलिए आज हम आपको बताते है कि किस तरह ये ट्रेंडिंग वीडियो बनाए जा सकते हैं। इस बार लगेंगे दो AI जैसा कि अभी तक होता आया था, इस तरह के एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए किसी न किसी AI का इस्तेमाल किया जाता था। इस बार जो ट्रेंड चल रहा है उसके लिए आपको दो AI का इस्तेमाल करना पड़ेगा। दरअसल बेबी वर्जन वीडियो के लिए पहले आपको एक AI का इस्तेमाल करके अपना या किसी किरदार का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके बाद आपको उसे वीडियो में कन्वर्ट करने के लिए एक अलग AI का इस्तेमाल करना होगा। चलिए पूरा प्रोसेस समझते हैं। पहले करें ChatGPT का इस्तेमाल सबसे पहले आपको अपनी किसी फोटो का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके लिए सबसे पहले अपनी वह फोटो चुन लें जिसे आप बेबी वर्जन के तौर पर तैयार करना चाहते हैं। इसके बाद अपनी फोटो को ChatGPT में अपलोड करके इस प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करें – “Create a baby version of the person in the image, maintaining similar facial features, hairstyle, and skin tone. The baby should be wearing a miniature version of the same clothes as the original person. Keep the background, lighting, and overall setting the same or closely matched to the original photo.” इसके बाद आपके फोटो में मौजूद इंसान का एक बेबी वर्जन तैयार हो जाएगा। अब इमेज को बदलें वीडियो में इसके बाद आपको इस फोटो को Hedra वेबसाइट में ले जाकर उसे वीडियो में कन्वर्ट करना होगा। Hedra वेबसाइट पर आप लिख कर बता सकते हैं कि वीडियो में आप बेबी वर्जन को क्या करते देखना चाहते हैं। जैसे कि Talking on a phone या Dancing in a pub. यह वेबसाइट आपकी फोटो को आपकी कमांड के अनुसार वीडियो में बदल देगी। अगर आप किसी फेमस किरदार या फिल्म के सीन पर आधारित फोटो वीडियो बना रहे हैं, तो आपको ओरिजनल वीडियो से ऑडियो निकाल कर Hedra ऐप में डालना होगा। इससे आप हूबहू किसी फिल्म या सीरियल के सीन का बेबी वर्जन तैयार कर पाएंगे। ध्यान देने वाली बात ChatGPT ने कुछ समय पहले फोटो जेनरेट करने वाले फीचर को सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया था। हालांकि फ्री यूजर्स के फोटो तैयार होने में काफी समय लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपना बेबी वर्जन बनाने वाले हैं, तो याद रहे कि ChatGPT आपकी फोटो तैयार करने में कुछ समय लेगा। वहीं अगर आप पेड यूजर हैं, तो आपको इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।

स्‍मार्टफोन मार्केट में फ‍िर से सनसनी मचाने आए लावा का 5G स्‍मार्टफोन

नई दिल्ली भारतीय कंपनी लावा ने शुक्रवार को स्‍मार्टफोन मार्केट में फ‍िर से सनसनी मचाई है। कंपनी ने Lava Shark 5G नाम से नया और सस्‍ता 5जी फोन लॉन्‍च कर दिया है। ऐसे लोग जो अभी तक 4जी स्‍मार्टफोन चला रहे हैं या जिनके पास फीचर फोन है, उन्‍हें 5जी में स्विच करने के लिए एक सस्‍ता विकल्‍प मिल गया है। कंपनी दावा कर रही है कि इस फोन के जरिए लोगों को हाई-स्‍पीड कनेक्टिविटी मिलेगी और परफॉर्मेंस में भी कोई रुकावट नहीं आएगी। नए लावा फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी, बड़ा डिस्‍प्‍ले ऑफर किया गया है। आइए जानते हैं कि इसकी सटीक कीमत, कलर ऑप्‍शंस और बाकी खूबियां। कीमत Lava Shark 5G की कीमत 7 हजार 999 रुपये है। इसे दो कलर्स- स्‍टीलर गोल्‍ड और स्‍टीलर ब्‍लू में लाया गया है। फोन की सेल लावा के रिटेल आउटलेट्स और ई-स्‍टोर पर आज से शुरू हो गई है। स्‍पेसिफ‍िकेशंस Lava Shark 5G में 6.75 इंच का एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जिसमें 90 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट मिलता है। इस फोन में यूनिसॉक का T765 ऑक्‍टा-कोर 5जी चिपसेट दिया गया है, जोकि 6एनएम प्रोसेस पर बना है। फोन में 4जीबी रैम दी गई है, जो 4जी वर्चुअल रैम को भी सपोर्ट करती है। वर्चुअल रैम से मतलब है कि फोन के खाली स्‍टोरेज का इस्‍तेमाल करके रैम को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि फोन में 64 जीबी स्‍टोरेज मिलता है। ऐसे में उम्‍मीद कम है कि आप ज्‍यादा स्‍टोरेज बचा पाएंगे और वर्चुअल रैम का इस्‍तेमाल कर पाएंगे। कैमरों की बात करें तो Lava Shark 5G में 13 मेगापिक्‍सल का एआई रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट में 5 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा मिलता है। फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 18 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि बॉक्‍स में सिर्फ 10वॉट का चार्जर कंपनी दे रही है। लेकिन प्राइस के आगे हम इसे कोई कमी नहीं मानते क्‍योंकि बड़ी कंपनियों और फ्लैगशिप फोन बेचने वाले ब्रैंड्स ने तो अपने बॉक्‍स से चार्जर ही हटा दिया है। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 ओएस Lava Shark 5G फोन एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर चलता है। यह अभी तक मार्केट में मौजूद लेटेस्‍ट एंड्रॉयड सिस्‍टम है। लावा फोन्‍स में स्‍टॉक एंड्रॉयड का एक्‍सपीरियंस मिलता है। ऐसे में आपको ब्‍लोटवेयर ना के बराबर मिलेंगे और यूजर एक्‍सपीरियंस बेहतर रहेगा। कंपनी ने फोन के डिजाइन पर भी जानकारी दी है। बताया है कि Lava Shark 5G में स्‍टाइल‍िश ग्‍लॉसी बैक दिया गया है। 5जी कनेक्टिविटी के अलावा यह फोन आईपी54 रेटिंग के साथ है, जिसका मतलब है कि काफी हद तक धूल और पानी से होने वाले नुकसान से बचा रहेगा। कंपनी फ्री सर्विसऐटहोम की सुविधा एक साल की वॉरंटी के साथ दे रही है। यानी अगर एक साल तक कोई परेशानी आई तो आपको कस्‍टमर सर्विस सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। सर्विस आपको घर पर पहुंचकर दी जाएगी।

सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो हर काम में दिलाती है जीत

सफलता की कुंजी हमेशा कड़ी मेहनत को माना जाता है। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी कुछ लोगों को सफलता नहीं मिल पाती है। क्या आप जानते हैं मेहनत करने के बावजूद भी क्यों कुछ लोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में असफल बने रहते हैं? इस सवाल का जवाब सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो अकसर कॉमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं सफल लोगों की 5 ऐसी आदतों के बारे में, जो उन्हें आम से खास बनाकर सफलता का रास्ता तय करने में मदद करती हैं। मीठा बोलने का गुण व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके व्यवहार की बड़ी भूमिका होती है। मधुरभाषी यानी मीठे बोल बोलने वाला व्यक्ति हमेशा लोगों के बीच पसंद किया जाता है। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए सभी लोग हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे लोग अपनी भाषा से सबका दिल जीतने में कामयाब रहते हैं। जो भविष्य में उनके लिए सफलता का रास्ता तय करने में आसानी पैदा करते हैं। याद रखें, आपके शब्द आपके व्यक्तित्व की ताकत हैं। इन्हें अनमोल बनाएं और देखें कैसे ये आपकी जिंदगी को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हैं। सुलझा स्वभाव वाणी में मिठास और अपने व्यवहार में सौम्यता रखने वाला मनुष्य अपने सुलझे हुए स्वभाव से लोगों को हमेशा प्रभावित कर लेता है। उनकी यह खासियत उसे हर क्षेत्र में तरक्की दिलाती है। अनुशासन अनुशासन से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता, और आत्मविश्वास का विकास होता है। जिस व्यक्ति के पास ये गुण मौजूद होता है, उसे जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति सफल व्यक्ति हमेशा अपने समय का सदुपयोग करते हुए नए कामों की योजनाएं बनाते हैं। इससे उनके भविष्य के लिए उन्हें एक रास्ता मिलता है, जिस पर काम करके वे सफलता की ऊंचाईयों को चूमते हैं। मेहनती जो लोग ईमानदारी से कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें देर से ही सही, लेकिन सफलता जरूर मिलती है। इसीलिए सफलता मिलने में देरी होने पर व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।  

ये दो सरकारी ऐप्स कर लें इंस्टॉल, हर समस्या का होगा समाधान

नई दिल्ली जैसे-जैसे लोगों की पहुंच इंटरनेट तक बढ़ी है वैसे-वैसे सभी टेलिकॉम कंपनियों के नेटवर्क पर लोड बढ़ा है। इसके चलते अक्सर लोग खराब नेटवर्क और स्लो इंटरनेट स्पीड का सामना करते हैं। अगर आप भी कभी कॉल ड्रॉप या बहुत ही धीमे इंटरनेट की वजह से परेशान हुए हैं, तो TRAI के दो ऐप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं। दरअसल टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी कि TRAI मोबाइल फोन यूजर्स के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस सुनिश्चित करने का काम करता है। TRAI और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन समय-समय पर अपनी सर्विसेज को बेहतर करने के निर्देश टेलिकॉम कंपनियों को देते रहते हैं। हालांकि फिर भी अगर आप कभी खराब नेटवर्क की वजह से कॉल ड्रॉप या स्लो इंटरनेट का सामना करें, तो TRAI के TRAI MySpeed और TRAI MyCall को फोन में इंस्टॉल करके रख लें। TRAI MySpeed इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं के लिए TRAI ने यह ऐप लॉन्च ही इसलिए किया था ताकि लोगों को अच्छी इंटरनेट स्पीड मिल सकें। अगर किसी को अच्छी इंटरनेट स्पीड नहीं मिल रही है, तो वह यूजर इस ऐप की मदद से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके बाद TRAI और आपका सर्विस प्रोवाइडर उस समस्या को दूर करने की दिशा में काम करते हैं। इस ऐप को इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। आपको सिर्फ इस ऐप को Google Play Store से डाउनलोड करना है और ऐप में Begin Test पर टैप करना है। इसके बाद आपको आपके ऑपरेटर का नाम और मौजूदा इंटरनेट स्पीड दिखाई जाएगी। यहां आपको शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन भी मिलेगा। Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, MySpeed ने 10 लाख से ज्यादा यूजर्स को स्पीड से संबंधित समस्याओं को रिपोर्ट करने में मदद की है. TRAI MyCall ऐप, कॉल ड्रॉप या खराब नेटवर्क के लिए इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स खराब नेटवर्क की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। इस ऐप को भी Google Play Store से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें आपको कॉल ड्रॉप, कमजोर सिग्नल, या इनडोर/आउटडोर कवरेज की समस्या को रिपोर्ट करने का ऑप्शन मिलेगा। आपको अपनी शिकायत में नेटवर्क ऑपरेटर, लोकेशन, और समस्या डिटेल्स देनी होंगी। TRA0 के इस ऐप की मदद से टेलिकॉम ऑपरेटर्स सिग्नल और कॉल क्वालिटी की समस्याओं को जल्दी पहचानने में मदद मलती है। ध्यान देने वाली बात इन ऐप्स पर किसी भी तरह की शिकायत के बाद आपको कुछ दिन इंतजार करना होगा। हालांकि इन ऐप्स पर की गई शिकायतों के बाद समस्याओं को ठीक किए जाने की संभावना काफी ज्यादा है। सरकारी विभाग की ऐप्स होने के चलते इनकी परफॉर्मेंस काफी अच्छी है और टेलिकॉम कंपनियां इन ऐप्स के जरिए मिली शिकायतों को काफी गंभीरता से लेती हैं।

मोबाइल नंबर फ्रॉड तो नहीं, सरकार लाई नया टूल

नई दिल्ली देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों ने सरकार को भी चिंता में डाला है। इससे निपटने के लिए सरकारी स्‍तरों पर काम तेज किए गए हैं। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग यानी डीओटी ने एक टूल पेश किया है। इसका नाम है फाइनेंशल फ्रॉड रिस्‍क डिटेक्‍टर यानी एफआरआई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टूल डिजिटल इंटेलिजेंस प्‍लेटफॉर्म का हिस्‍सा है जिसका मकसद ऐसे मोबाइल नंबरों को आइडेंटिफाइ करना है जो साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे नंबरों को बहुत जल्‍द फाइनेंशल इंस्‍टीट्यूशंस के साथ जैसे बैंक आदि से शेयर किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि किसी ऑनलाइन पेमेंट से पहले यूजर को यह मालूम चल जाएगा कि जिस नंबर पर पर पेमेंट करने जा रहे हैं, कितना रिस्‍की है। तीन कैटिगरी में बांटे जाएंगे मोबाइल नंबर मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एफआरआई के अंतर्गत आने वाले मोबाइल नंबरों को तीन कैटिगरी में बांटा जाएगा। मीडियम, हाई या वेरिहाई। वेरिहाई का मतलब ऐसे मोबाइल नंबरों से है, जिन पर पेमेंट करने पर धोखाधड़ी की संभावना बहुत अधिक है। सवाल हो सकता है कि नंबर आइडेंटिफाई कैसे किए जाएंगे। दरअसल, सरकार को उसके अलग-अलग पोर्टलों पर लोगों की कंप्‍लेंट मिल रही हैं, जिनमें ऐसे मोबाइल नंबरों की शिकायत है जिनके जरिए धोखाधड़ी की गई। ये नंबर चक्षु प्‍लेटफॉर्म, एनसीआरपी यानी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल आदि पर रिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा बैंकों के पास भी ऐसी शिकायतें आती हैं, जिनमें ग्राहक अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताते हैं और मोबाइल नंबरों का जिक्र करते हैं। PhonePe इस्‍तेमाल कर रहा नया टूल रिपोर्टों के अनुसार, फोनपे ने एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह ऐप ऐसे नंबरों पर ट्रांजैक्‍शंस को रोकता है जिन्‍हें हाई रिस्‍क कैटिगरी में रखा गया है। ऐसे नंबर जो मीडियम रिस्‍की होते हैं उन पर पेमेंट करने वालों को अलर्ट भेजा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अब पेटीएम, गूगलपे जैसे यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स ने एफआरआई सिस्‍टम को इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई सर्विस प्राेवाइडर तो इस टूल का इस्‍तेमाल करेंगे ही, NBFC भी इस टूल की मदद से लोगों को आगाह करेंगी। दूरसंचार विभाग चाहता है कि एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल हर जगह किया जाएगा ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिले। इससे देश का डिजिटल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और मजबूत व‍ सिक्‍योर होगा। दावा है कि यह टूल, रियल टाइम में काम करता है और जैसे-जैसे फ्रॉड से जुड़े नंबर सामने आते हैं उन्‍हें बैंकों और यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स के साथ शेयर किया जाता है।

बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से कट गया टोल टैक्स, ऐसे मिलेगा रिफंड

नई दिल्ली पिछले दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए थे जहां बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से टोल टैक्स कट गया था। वहीं 250 मामलों में भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ने टॉल ऑपरेटरों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह मामले FASTag वॉलेट से गलत कटौती या टोल की तय रकम से ज्यादा टैक्स वसूलने से जुड़े थे। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार IHMCL को हर महीने औसतन लगभग 50 ऐसी शिकायतें मिलती हैं।अगर कभी आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपके FasTag से गलत या जरूरत से ज्यादा रकम काट ली जाए, तो परेशान होने की जरूरत बिलकुल नहीं है। दरअसल आप कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल करके गलत या ज्यादा कटे पैसे का रिफंड पा सकते हैं। अगर आपके साथ ऐसा नहीं भी हुआ है, तो भी इस तरह की जानकारी होना फायदेमंद रहता है। चलिए जानते हैं पैसे वापस पाने का आसान तरीका। गलत डिडक्शन क्यों होता है FasTag से गलत पैसे कट जाने पर रिफंड कैसे पाना है, इस बारे में जानने से पहले यह जान लेना चाहिए कि FasTag से पैसों की गलत कटौती होती कैसे है? दरअसल इस बारे में जानकारों का कहना है कि ऐसा तब होता है जब किसी की गाड़ी का FasTag टोल प्लाजा पर ठीक से रीड नहीं हो पाता। इसके बाद टोल ऑपरेटर मैनुअल तरीके से गाड़ी की डिटेल्स सिस्टम में भरता है। इस डिटेल को भरने में हुई गलती से उन लोगों के टैग से पैसा कट जाता है जिनका नंबर सिस्टम में गलत भरा जा रहा होता है। कॉल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत कॉल के जरिए करना चाहते हैं, तो आप 1033 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कॉल पर आपसे डिडक्शन के संबंध में मांगी गई सारी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद आपकी शिकायक की जांच IHMCL करेगा और गलत डिडक्शन होने पर आपको रिफंड जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं ऐसा होने पर टोल ऑपरेटर पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। ईमेल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत ईमेल के जरिए करना चाहते हैं, तो falsededuction@ihmcl.com पर सारी डिटेल्स के साथ ईमेल कर सकते हैं। इसमें आपको अपने FasTag ID, गाड़ी के नंबर, गलत डिडक्शन से जुड़ी सारी जानकारी भेजनी होगी। इसके बाद आपके रिफंड का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। बैंक या FasTag प्रोवाइडर को शिकायत अगर आप FasTag में हुए गलत डिडक्शन की शिकायत बैंक या FasTag प्रोवाइडर से करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप ट्रांजेक्शन आईडी (Transaction ID), कटौती की तारीख और समय, गाड़ी नंबर जैसी डिटेल्स के साथ इनकी वेबसाइट या कस्टमर केयर अधिकारी से बात करके कर सकते हैं।

चल रहा है बुरा वक्त तो करें ये काम, सुख-समृद्धि और सफलता चूमेगी कदम

भारत के स्वर्णिम इतिहास में कई बड़े-बड़े विद्वान हुए जिनकी कही गई बातें आज भी हमारे जीवन को सही दिशा दिखाने का काम करती हैं। इन्हीं में से एक थे महान दार्शनिक और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य।जीवन का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जिसके बारे में आचार्य को ज्ञान नहीं था। आज हम आचार्य के बताए कुछ कुछ जीवन सूत्रों के बारे में ही जानेंगे। जैसा कि हम सभी को अपने जीवन में कई उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ता हैं। कई बार व्यक्ति के जीवन में इतना बुरा समय भी आ जाता है कि उस दौरान सब कुछ एकदम खत्म सा हो गया लगता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बताया है कि जब व्यक्ति के सामने ऐसा बुरा समय आए तो उसे क्या करना चाहिए कि वो बुरा समय जल्द की अच्छे समय में तब्दील हो जाए। आइए जानते हैं- कड़ी मेहनत का ना छोड़ें साथ आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि व्यक्ति के जीवन में बहुत ही बुरा समय चल रहा है तो उसे हताश या निराश हो कर बैठने के बजाए कड़ी मेहनत का सहारा लेना चाहिए। यदि व्यक्ति अपने मजबूत इरादों के साथ कड़ी मेहनत पर अटल रहता है, तो बुरा समय भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता। वहीं अगर वह निराश हो कर मेहनत से किनारा कर लेता है तो ये बुरा समय उसे कहीं का नहीं छोड़ता। जीवन में रखें लक्ष्य आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में एक निश्चित लक्ष्य का होना बेहद जरूरी है। यदि जीवन का लक्ष्य तय है तो मुश्किल से मुश्किल समय भी आसानी से कट जाता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति को अपना लक्ष्य ही नहीं पता तो वो कठिन परिस्थितियों के आते ही भटकाव की स्थिति में चला जाता है, जहां से निकालना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। आचार्य के अनुसार यदि कठिन परिस्थितियों के चलते आपका लक्ष्य पाना असंभव लग रहा है, तो उसे छोड़ने के बजाय उसे पाने के तरीके में बदलाव करें और निरंतर प्रयास में लगे रहें। करते रहें नए और बेहतर अवसरों की तलाश केवल प्रतिभावान होना ही काफी नहीं है बल्कि सही समय पर सही अवसर मिलना भी बेहद जरूरी है। आचार्य चाणक्य की नीति के अनुसार बुरा वक्त होते हुए भी नए और बेहतर अवसरों की तलाश में लगे रहना चाहिए। आचार्य कहते हैं कि आलसी लोग हमेशा सही अवसर ना मिलने की शिकायत में लगे रहते हैं। वहीं मेहनती इंसान स्वयं सही अवसर की तलाश करता है और अपना अच्छा समय खुद लाता है। आचार्य के अनुसार परेशानी को ले कर बैठने के बजाए उसके समाधान को ले कर चिंतित होना ज्यादा बेहतर है। चीजों को ना समझें असंभव आचार्य चाणक्य के अनुसार संसार की कोई भी चीज असंभव नहीं है। अगर आप किसी ऐसी स्थिति में फंसे हुए हैं जहां से निकालना आपको असंभव लग रहा है, तो सबसे पहले खुद को समझाएं कि असंभव जैसा कुछ भी नहीं है। आचार्य के मुताबिक सही दिशा में लगातार कठिन परिश्रम करते रहने से आप हर स्थिति को अपने अनुकूल मोड़ सकते हैं।

फोन में नहीं है नेटवर्क तो मत हो परेशान, ऐसे करें कॉल

लिफ्ट, बेसमेंट या फिर किसी ऐसी जगह जहां मोबाइल में नेटवर्क न आ रहा हो और आपका कॉल करना निहायत जरूरी हो तो आप क्या करेंगे? यदि आपके मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा तब भी लोगों को न केवल कॉल कर सकते है बल्कि उनकी कॉल रिसीव भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको ये करना होगा… 1. सबसे पहले आपको लिबोन एप्प अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करना होगा। इस ऐप का नया फीचर रीच मी आपको बिना मोबाइल नेटवर्क के भी बात करने की सहूलियत देता है। 2. इस फीचर का फायदा उठाने के लिए आपको वाई-फाई ऑन करना होगा। दरअसल वाई-फाई ऑन होने से आप बिना मोबाइल नेटवर्क के भी आसानी से कॉल कर सकेंगे। 3. इस नए फीचर की अच्छी बात यह है कि अगर आप किसी कॉल को नहीं लेना चाहते तो उसे वॉयस मेल भेज सकते है, इसके लिए आप वीओआईपी सर्विस का सहारा ले सकते है। 4. रीच मी फीचर की खासियत है कि सभी कॉल आपके रेगुलर मोबाइल नंबर से ही रिसीव होंगे। 5. बस एक बात का ध्यान रखें कि लिबन ऐप से कॉल करने के लिए जरूरी है कि रिसीवर (जिसे व्यक्ति को आप कॉल मिलाना चाहते है) के मोबाइल में भी यह ऐप होना जरूरी है।  

नजरअंदाज करना मतलब खतरा, यदि डेस्क जॉब है तो ये जरूर करें

मॉर्निंग वॉक, रेगुलर एक्सरसाइज करने के बाद भी कई बार प्रॉपर तरीके से फिटनेस मेंटेन नहीं हो पाती। खासकर उनके लिए फिटनेस मेंटेन करना ज्यादा मुश्किल होता है, जो डेस्क जॉब करते हैं। डेस्क जॉब में लम्बी सिटिंग थकान पैदा कर देती है। साथ ही कमर दर्द, गर्दन में दर्द, सर्वाइकल पेन जैसी फिजिकल प्रॉब्लम भी ले आती है। इसका काम पर भी असर पड़ता है। इन्हें नजरअंदाज करना मतलब अपने लिए और खतरा बढ़ाना। ऐसे में जॉब डेस्क वाले एक्सपर्ट के बताए कुछ टिप्स फॉलो करें, तो किसी हद तक फिटनेस प्रॉब्लम्स को दूर किया जा सकता है… -अपनी गाड़ी को ऑफिस से दूर पार्क करें, जिससे थोड़ा पैदल चल सकें। क्योंकि ऑफिस में पूरा दिन बैठने की वजह से शरीर अकड़ जाता है। ऐसे में गाड़ी तक ले जाने वाली छोटी-सी वॉक तो बनती ही है। -लिफ्ट का इस्तेमाल कम से कम करें। स्टेयर्स चढ़ें, जिससे शरीर की नसें खुलेंगी और शरीर मूवमेंट करता रहेगा। इससे पेन की प्रॉब्लम कम होगी। -खूब पानी पीएं। पानी पीने से शरीर हमेशा हाइड्रेट रहेगा। आंखों को थोड़ी देर आराम देने के लिए ठंडे पानी के छींटे मारें या फिर उन्हें बंद करके रिलेक्स हो जाएं। -सोशल साइट्स या फोन पर गेम खेलकर टाइमपास करने के बजाय ऑफिस में थोड़ा चलें। अपने सहकर्मी की सीट तक जाएं, उससे बातें करें। ऑनलाइन टाइमपास को अवॉइड करें। -ऑफिस में जिम है, तो उसका इस्तेमाल करें। नहीं है तो सीट पर बैठकर भी थोड़ी एक्सरसाइज की जा सकती है। ऐसा करके शरीर फिट रहेगा। -डेस्क पर बैठै-बैठे अगर आपकी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, तो सीट थोड़ी स्ट्रेच कर लीजिए। बॉडी का पॉश्चर देखें, उसे सही करें। फिटनेस के लिए ये भी बढिया ऑप्शन है।  

उम्र से पहले लग रही हैं बूढ़ी तो लेना शुरू करें ये चीज

अगर आप उम्र से पहले बूढ़ी नजर आ रही हैं तो अपने खान-पान में पर्याप्त विटामिन लेना शुरू कर दें। विटामिन की कमी से आपकी खूबसूरती धीरे-धीरे गायब होने लगती है। आंखों के नीचे काले घेरे और बालों का झड़ना भी विटामिन्स की कमी से होता है। विशेषज्ञों की मानें तो ब्यूटी क्रीम कभी वह असर नहीं दिखा सकती जो अच्छा खाने से शरीर के अंदर से आपको मिल सकता है। सिर्फ जरूरत है जो खाना आप खा रहे हैं उसमे कौन-कौन से जरूरी पोषक तत्व हैं, इस पर गौर करने की। आप जो खा रहे हैं वह केवल स्वाद के लिए नहीं हो बल्कि उससे शरीर के लिए जरूरी विटामिन और मिनरल भी मिलना जरूरी है। अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जानें किस खाद्य पदार्थ को लेने से आप कौन सा विटामिन मिलता है… 1. विटामिन ए से पाएं स्वस्थ त्वचा आमतौर पर महिलाएं झुरियों से परेशान रहती हैं, अगर आप अपनी त्वचा से झुर्रियां, महीन रेखाएं और बढ़ती उम्र के अन्य लक्षणों को कम करना चाहती हैं तो अपनी डाइट में विटामिन ए शामिल कर सकती है। विटामिन ए की कमी से चेहरा ड्राई और बेजान होने लगता है। मुहांसे होने की वजह भी विटामिन ए की कमी होती है। विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन ए त्वचा के दोबारा निर्माण में सहायक होती है। घाव को जल्दी भरने, डैमेज स्किन को ट्रीट करने और दाग धब्बों से बचाने में भी सहायक है। स्किन डिजीज सोरायसिस होने पर भी रेटिनोइड्स अप्लाई करने की सलाह दी जाती है जो की विटामिन ए का स्त्रोत है। अंडा, दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, कद्दू आदि से विटामिन ए की पूर्ति होती है। 2. विटामिन ई करता है फ्री रेडिकल्स से त्वचा का बचाव स्वस्थ त्वचा के लिए विटामिन ई से बेहतर कोई नहीं है। यह एक प्रभावी एंटी ऑक्सीडेंट है जो कि फ्री रेडिकल्स से त्वचा का बचाव करता है। स्मोकिंग, पोलुशन और सन एक्सपोजर की वजह से फ्री रेडिकल होती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन ई त्वचा को एजिंग से बचाव करता है। विटामिन ई को भोजन में शामिल करने से त्वचा के सेल्स मजबूत होते हैं, जिससे त्वचा पर प्रदूषण या सुन एक्सपोजर का प्रभाव कम पड़ता है। अपनी डाइट में ओलिव, सुंफ्लोवेर सीड, मूंगफली, बादाम, वीट जर्म और हरी पत्ते दार सब्जी शामिल कर सकते हैं। 3. विटामिन सी से पाएं चमकता चेहरा चमकता चेहरा पाना है तो विटामिन से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। विटामिन ई की तरह विटामिन सी भी एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। यह कोलेजन को उच्च मात्रा में प्रोड्यूस करता है जो त्वचा के सेल्स की मरम्मत का काम करता है। विटामिन सी से त्वचा में चमक आती है। विटामिन सी त्वचा को जवां और मुलायम बनाता है और त्वचा में कसाव लाता है। अधिकतर फ्रूट में विटामिन सी पाया जाता है। डाइट में खट्टे रसीले फल, ब्रॉकली, फूल गोभी, टमाटर और खीरा आदि फ्रूट को शामिल कर चेहरे की रंगत को बरकरार रख सकते हैं। 4. विटामिन बी काम्प्लेक्स से चेहरा बनेगा बेदाग चेहरे पर दाग होते ही टेंशन शुरू हो जाती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विटामिन बी1 शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है। बी3 त्वचा में ऑक्सीजन के स्तर को बनाये रखता है। इससे त्वचा मुहांसोे और दाग धब्बों से बची रहती है। विटामिन बी काम्प्लेक्स त्वचा की चमक बढ़ाकर उसे प्रॉब्लम फ्री रखता है। त्वचा में नेचुरल ग्लो का कारण भी विटामिन बी काम्प्लेक्स को माना जाता है। रोजाना अंडे का पीला हिस्सा, नट और किशमिश, टमाटर, ओटमील, केला और चावल को डाइट में शामिल कर इसे पाया जा सकता है। 5. विटामिन के लिए खूब पीएं पानी आखों के नीचे काले घेरे होना आम समस्या होती जा रही है। विटामिन के आंखों के नीचे के काले घेरे दूर करने में सहायक है। इसके लिए पानी प्रचुर मात्रा में पीजिये। विशेषज्ञों की मानें तो पानी में प्राकर्तिक तौर पर त्वचा के लिए जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। खूब पानी पीने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इससे आप त्वचा को स्वस्थ बना सकती हैं। बस जरूरत है खूब पानी पीने की। एक्सपर्ट ओपिनियन… ब्यूटी एक्सपर्ट टीना का कहना है कि डाइट में तो विटामिन से युक्त खाद्य पदार्थ उपयोग में लेना ही चाहिए। साथ ही फ्रूट फेशियल से त्वचा को हैल्दी बनाया जा सकता है। डाइट एक्सपर्ट सुधा शर्मा की मानें तो अच्छी डाइट से व्यक्ति की पर्सनेलिटी शो होती है। रोजाना डाइट में विटामिनयुक्त भोजन लेने से शरीर को पूरा पोषण मिलता है और आपके चेहरे पर अलग ही ग्लो नजर आता है।  

खुद में करें ये सुधार नहीं टूटेगा रिश्ता

लव मैरिज के बाद जिंदगी शादी के पहले जैसी नहीं रहती. ऐसे में कई कपल्स रिश्ते को संभालने की बजाय झगड़े में पड़ जाते हैं. कई मामलों में रिश्ता टूटने की कगार तक पहुंच जाता है. ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखें. आज तमाम युवा लव मैरिज करते हैं लेकिन इस रिश्ते को आपको एक जिम्मेदारी के साथ निभाना भी पड़ता है. कई बार देखने को मिलता है कि प्रेम विवाह के वाद भी कपल्स के बीच लड़ाई-झगड़े होने लगते हैं. लेकिन वो झगड़े कम होने बजाय बढ़ने लगें तो ये आपके रिलेशनशिप के लिए खतरे की घंटी हो सकती है. दरअसल, लव मैरिज के बाद भी रिश्ते को उतनी इज्जत देनी जरूरी है, जबकि ज्यादातर कपल लव मैरिज के बाद रिश्ते को सामान्य बना देते हैं. जब आप अपने पार्टनर को लेकर बहुत ही लापरवाह होने लगते हैं, तब रिश्ते में समस्या आने लगती है. असल जिंदगी को समझें कई लोग फिल्मों को देखकर प्यार तो कर बैठते हैं, लेकिन उसे निभाने के वक्त पर उस तरह से गंभीरता नहीं दिखा पाते. यही कारण है कि अपनी बचकानी हरकतों के कारण आप शादी के बाद इस प्यारभरे रिश्ते को संभाल पाने में असक्ष्म रह जाते हैं. ऐसे में आपको यह समझना होगा कि रियल लाइफ फिल्मी दुनिया से बेहद अलग होती है. असल जिंदगी से उसकी तुलना करना सही नहीं है. एक-दूसरे को समय देना भी है जरूरी शादी के पहले आप एक-दूसरे के साथ अक्सर क्वालिटी टाइम बिताते रहे होंगे, लेकिन मैरिज के बाद कपल्स ज्यादातर घर के कामों में इतने व्यस्त हो जाते है कि एक-दूसरे को वक्त देना भूल जाते हैं. ऐसे में उनके बीच दूरियां बढ़ने लगती है और हर छोटी बात पर नोक-झोक शुरू हो जाती है. इसलिए पार्टनर्स के बीच एक-दूसरे के साथ बिताए गए लम्हों की कमी नहीं होनी चाहिए, जो न सिर्फ उनके बीच प्यार को बरकरार रखता है बल्कि लड़ाई से ज्यादा प्यारभरे पल याद दिलाता है. एक-दूसरे से हमेशा सच बोलने की कोशिश करें हर एक रिश्ते की नींव सच्चाई पर टिकी होती है. ऐसे में अगर आप सोचते हैं कि अपने पार्टनर से झूठ बोलकर काम चला लेंगे, तो ऐसा मुमकिन नहीं है. एक न एक दिन आपका झूठ सामने आ ही जाएगा और आपका रिश्ता पूरी तरह से बिखर जाएगा. बेहतर यही है कि अगर आप अब तक अपने साथी से सच नहीं बोलते आए, तो अब शादी के बाद इसमें सुधार करें और सच के आधार पर अपने रिलेशनशिप को चलाएं. अपने पार्टनर का विश्वास जीतें और उनसे कुछ भी छिपाने का प्रयास न करें. एक-दूसरे का सम्मान करें अपने साथी का सम्मान करना कभी न छोड़ें भले ही आपके वीच कितनी भी वड़ी वहस क्यों न हो जाए. लड़ाई के दौरान हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि शब्दों की गरिमा कभी टूटने न पाएं, वरना आपके वोले गए शब्द तीर की तरह पार्टनर के दिल को चुभसकते हैं. साथ ही हमेशा के लिए आपका रिश्ता कमजोर हो सकता है. बात चाहें कैसी भी हो, लेकिन कभी भी पब्लिक प्लेस या किसी के सामने अपने पार्टनर को उल्टा सीधा न तोलें. उनकी रिस्पेक्ट हमेशा करें.

गूगल का नया अपडेट बदल देगा मोबाइल की दुनिया

नई दिल्ली Google I/O शुरू होने वाला हो और आने वाले नए फीचर्स की बात न हो भला ऐसे कैसे हो सकता है। दरअसल Google भी Samsung और Motorola की तरह एक बड़े ही काम का फीचर लेकर आने वाला है। इस फीचर की मदद से आपकी जेब में रखा स्मार्टफोन सिर्फ एक फोन नहीं रहेगा बल्कि पूरी तरह से कंप्यूटर बन जाएगा। बता दें कि हम बात कर रहे हैं डेस्कटॉप मोड की जो कि फिलहाल Samsung, डेक्स मोड के नाम से और Motorola Smart Connect के नाम से उपलब्ध कराती हैं। चलिए डिटेल में जानते हैं कि यह फीचर कैसे काम करेगा और कब आएगा। क्या है नया फीचर जैसा कि हमने पहले बताया यह नया फीचर Samsung के Dex और Motorola के Smart Connect फीचर के जैसा डेस्कटॉप मोड होगा। अगर आप dex और smart connect फीचर से परीचित नहीं हैं, तो बता दें कि यह एक ऐसा मोड है जिसमें आप अपने स्मार्टफोन को एक कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोन को एक बड़ी डिस्प्ले से कनेक्ट करना होता है और अलग से माउस और कीबोर्ड को भी कनेक्ट करना पड़ता है। इसके बाद डिस्प्ले पर आपको एक पीसी जैसा इंटरफेस इस्तेमाल करने के लिए मिलता है। इसे आप एक कंप्यूटर की ही तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि कुछ कंपनियां फोन को डिस्प्ले के साथ वायरलेस तरीके से कनेक्ट करने का ऑप्शन भी देते हैं। बशर्ते डिस्प्ले में वायरलेस कनेक्शन का ऑप्शन मौजूद हो। इसी तरह कुछ कंपनियों के डेक्सटॉप मोड में आप फोन की स्क्रीन को ही एक ट्रैक पैड की तरह इस्तेमाल करते हुए माउस का काम ले सकते हैं। कब आएगा डेस्कटॉप मोड फिलहाल Google I/O के चलते एंड्रॉयड 16 के चर्चे चारों तरफ हैं। ये नया एंड्रॉयड वर्जन अगले महीने से एलिजिबल यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि Google के डेस्कटॉप मोड के आने की उम्मीज एंड्रॉयड 17 में है। जानकारों का मानना है कि गूगल अपनी नई पिक्सल लाइनअप के साथ पेश कर सकता है। बता दें कि Google के डेस्कटॉप मोड का खुलासा 2023 में एक सोर्स कोड के जरिए हुआ था। हालांकि अब लगने लगा है कि Google इसे जल्द लॉन्च करने के मूड में है। क्या खास होगा Google के फीचर में इस फीचर को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक इस फीचर को Google ‘डेस्कटॉप मोड’ का नाम देगा। इसमें मल्टीटास्किंग फीचर्स के साथ साइज में छोटा बड़ा होने वाली विंडोज का फीचर भी मिलेगा। इसके अलावा इसके काफी हद तक क्रोम OS की तरह दिखने की भी उम्मीद है। बता दें कि क्रोम OS गूगल का अपना ही ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि वह गूगल की क्रोमबुक्स में इस्तेमाल करता है। इसे मोबाइल के एंड्रॉयड और पीसी के विंडोज OS के बीच का माना जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मोड को इस्तेमाल करने के लिए फोन को एक तार के जरिए स्क्रीन से कनेक्ट करना होगा। वहीं कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि Google वायरलेस कनेक्शन का सपोर्ट भी इस फीचर के साथ दे सकता है। जानकारों का यह भी कहना है कि दूसरे एंड्रॉयड फोन्स पर आने से पहले ये फीचर गूगल अपने पिक्सल डिवाइसेज पर उपलब्ध करा सकता है।

Google स्टोरेज टेंशन खत्म!, Gmail लाया नया फीचर

नई दिल्ली Google आपको फ्री अकाउंट के साथ 15GB की स्टोरेज मुफ्त देता है। आज के डेटा वाले युग में यह 15GB कहां खप जाती है पता ही नहीं चलता। ऐसे में लोग Google को पैसे चुका कर अतिरिक्त स्टोरेज प्लान खरीदते हैं। बता दें कि Google द्वारा दी जाने वाली 15GB की फ्री स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा आपके ईमेल भी इस्तेमाल करते हैं। यहां बड़ी बात यह है कि इस फ्री स्टोरेज में से अधिक्तर हिस्सा ऐसी ईमेल खर्च कर देती हैं, जो कि आपके किसी काम की नहीं होतीं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए, Google आपके लिए Gmail ऐप में एक बड़े ही काम का फीचर लेकर आया है। इसकी मदद से आप ऐसे ईमेल से एक क्लिक में छुटकारा पा सकेंगे जो कि बेकार में आपकी Gmail स्टोरेज को खर्च कर रहे हैं। साथ ही हो सकता है कि इसकी मदद से आप अपने Google अकाउंट में इतनी जगह खाली कर सकें कि आपको अतिरिक्त स्टोरेज के लिए कोई पैसा न खर्च करना पड़े। Manage Subscription फीचर क्या है? Google अपने Gmail ऐप में बहुत ही काम का फीचर लेकर आया है। इसकी मदद से आप उन ईमेल्स से छुटकारा पा सकेंगे जो कि रोजाना हजारों की तादाद में आपके इनबॉक्स को भरती हैं। अक्सर जब हम किसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं या किसी वेबसाइट की कोई सर्विस इस्तेमाल करते हैं, तो अनजाने में उसके न्यूजलेटर या सर्विस से जुड़े अपडेट्स के ईमेल के लिए भी साइन अप कर देते हैं। कुछ वेबसाइट्स जान-बूझ कर इन ईमेल लेटर्स के लिए सब्सक्राइब करवाती हैं। इन ईमेल्स से छुटकारा दिलाने के लिए ही Google ने Gmail ऐप में Manage Subscription नाम का फीचर जोड़ा है। इसका इस्तेमाल करते हुए आप सभी फालतू के ईमेल अनसब्सक्राइब कर सकेंगे और अपनी Google स्टोरेज को भी बेकार की चीजों में खर्च होने से बचा सकेंगे। ऐसे करें इस्तेमाल इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने अपने Gmail ऐप को अपडेट कर लें। इसके बाद आपको अपने Gmail ऐप में टॉप लेफ्ट कॉर्नर में दिए हैमबर्गर मेन्यू में जाना है। वहां नीचे की ओर स्क्रॉल करने के बाद आपको Manage Subscription नाम का फीचर मिलेगा। इस पर टैप करने के बाद आपको उन सभी जगहों की एक लंबी लिस्ट मिलेगी जहां से आपको रोजाना ढेरों ईमेल्स भेजे जा रहे है। इनके नाम के आगे आपको अनसब्सक्राइब करने का आइकन दिखाई देगा। इन पर क्लिक करके आप आसानी से इस तरह के ईमेल्स को अनसब्सक्राइब कर पाएंगे। इससे आपकी Google स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा बच पाएगा। गौर करने वाली बात इस फीचर को Google धीरे-धीरे रोलआउट कर रहा है। खबर लिखने तक यह फीचर हमारे Android स्मार्टफोन पर उपलब्ध था लेकिन iPhone के लिए यह अभी नहीं आया था। ऐसे में अगर आपके लिए भी यह फीचर फिलहाल नहीं आया है, तो अपनी Gmail या Google ऐप को अपडेट रखें और चेक करते रहें।

किसी को भी हो सकती है आंखों की बीमारी काला मोतिया

चालीस वर्षीय संतोष पिछले कुछ दिनों से इस बात से परेशान हैं कि बार-बार उनके चश्मे का नंबर बदल रहा है। साथ ही उन्हें अंधेरे में बहुत कम दिखाई देता है। उन्होंने तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क किया। विभिन्न परीक्षणों से इस बात की पुष्टि हुई कि उन्हें ग्लूकोमा है। डॉक्टर ने बताया चूंकि उनका रोग अभी पहले चरण में ही है इसलिए दवा से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।   ग्लूकोमा या काला मोतिया आंखों की एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। इस बीमारी के विषय में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इससे ग्रस्त ज्यादातर लोग इस बात को नहीं जानते कि उन्हें ग्लूकोमा है क्योंकि इस बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते इसलिए मरीज को तभी चल पाता है जबकि उसकी आंखों की दृष्टि क्षमता का ह्रास शुरू हो चुका होता है। इलाज शुरू होने के बाद भी नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती। सही इलाज के द्वारा केवल आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।   आक्वेयस हयमर एक तरल पदार्थ है जो हर वक्त हमारी आंखों में बहता रहता है। यह तरल पदार्थ हमारी आंखों के लैंस, आयरिस तथा कार्निया को पोषण देता है। इस तरल पदार्थ को प्रवाहित करने वाले नाजुक जाल में यदि कोई रुकावट आ जाती है या उसे सही जगह तक ले जाने वाली नस में कोई रुकावट उत्पन्न हो जाती है तो आईओपी अर्थात इंट्रा आक्सुलर प्रेशर (आंखों में दबाव) इतना बढ़ जाता है कि आप्टिक नर्व को रक्त पहुंचाने वाली रक्त वाहिनी को नुकसान पहुंचने लगता है। यदि इसका जल्द से जल्द इलाज न किया जाए तो आइओपी के कारण आप्टिक नर्व को बहुत नुकसान पहुंचता है जिस कारण दिमाग से आंखों का सम्पर्क खत्म हो जाता है और व्यक्ति पूरी तरह अंधा हो जाता है। आप्टिक नर्व में हुए नुकसान की पुनः भरपाई संभव नहीं होती।   ग्लूकोमा बहुत हद तक अनुवांशिक भी होता है। लघु दृष्टि दोष अर्थात् मायोपिया एवं मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को भी ग्लूकोमा होने की आशंका ज्यादा होती है। वे लोग जिनकी आंखों में आंतरिक दबाव असामान्य रूप से बहुत अधिक हों उन्हें भी यह बीमारी होने की पूरी-पूरी संभावना होती है। वे लोग जो लंबे समय से स्टीरायड या कोर्टिजोन का उपयोग कर रहे हों उन्हें भी ग्लूकोमा होने की संभावना होती है। आंखों में किसी प्रकार की चोट लगने के कारण भी यह रोग हो सकता है।   समय रहते ग्लूकोमा को पकड़ने के लिए जरूरी है कि साल में कम से कम एक बार आंख की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। इसके कई ऐसे अप्रत्यक्ष लक्षण होते हैं जिन पर ध्यान दिया जाए तो ग्लूकोमा पर जल्दी नियंत्रण किया जा सकता है जैसे अंधेरे में कम दिखना, चश्मे का नबंर बार-बार बदलना या प्रकाश के चारों ओर इन्द्रधनुषी मंडल दिखना।   मरीज को ग्लूकोमा है यह जानने के बाद डॉक्टर कई प्रकार की जांचों के द्वारा ग्लूकोमा के प्रकार तथा उससे हुई दृष्टि क्षमता की क्षति का पता लगाते हैं। टोनोमेट्री टैस्ट आंखों में इंट्रा आक्युलर प्रेशर जांचने के लिए किया जाता है। आप्थल्मोस्कोपी टैस्ट आप्टिक नर्व में होने वाली हानि को जांचने के लिए किया जाता है। प्रत्येक आंख की दृष्टि क्षेत्र का परीक्षण करने के लिए पेरिमेट्री टैस्ट किया जाता है। एक अन्य टैस्ट गोनियोस्कोपी के द्वारा आंखों के ड्रेनेज एंगल का निरीक्षण किया जाता है।   ग्लूकोमा के इलाज के लिए दवाई, लेजर तथा सर्जरी का सहारा लिया जाता है। यदि प्रारंभिक अवस्था में ही इसका पता लग जाए तो दवाई द्वारा इसका उपचार किया जाता है। बाद में डॉक्टर ग्लूकोमा के प्रकार तथा उसके कारण हुई दृष्टिक्षमता की हानि को ध्यान में रखकर लेजर या सर्जरी की सलाह देते हैं।   ग्लूकोमा के सही इलाज के लिए जरूरी है कि किसी विशेषज्ञ से इसका इलाज करवाएं। सबसे जरूरी है कि दवा से संबंधित डॉक्टरी निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें। दवा की मात्रा को कभी खुद ही कम या ज्यादा नहीं करें। चूंकि इस रोग से पूर्ण मुक्ति संभव नहीं है इसलिए आंखों की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है इसमें लापरवाही आंखों के लिए घातक हो सकती है।  

कंपनी ला रही भारत में तीन स्मार्टफोन्स, एक क्लिक में बदल जाएगी स्क्रीन

Alcatel भारतीय बाजार में रिएंट्री कर रहा है. कंपनी भारत में अपने नए स्मार्टफोन्स को लेकर आ रही है. कंपनी तीन नए स्मार्टफोन को लॉन्च करने वाला है, जो Alcatel V3 सीरीज का हिस्सा होंगे. ब्रांड के अपकमिंग स्मार्टफोन्स इस महीने के आखिरी में यानी 27 मई को लॉन्च होंगे. इन स्मार्टफोन्स को भारत में Nxtcell की टीम लॉन्च करेगी, जिसके साथ माधव सेठ भी जुड़े हुए हैं. Alcatel के स्मार्टफोन्स Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. कंपनी ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर माइक्रो साइट लाइव कर दी है, जिस पर कई सारी डिटेल्स मौजूद हैं. तीन फोन्स को लॉन्च करेगी कंपनी कंपनी 27 मई को होने वाले इवेंट में तीन नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च करेगा. कंपनी Alcatel V3 Pro, Alcatel V3 Classic और Alcatel V3 Ultra को लॉन्च करेगी. ब्रांड का कहना है कि उनके स्मार्टफोन्स में गेम चेंजिंग डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मिलेगी. हाल में कंपनी ने अपने अपकमिंग फोन्स के कुछ फीचर्स की जानकारी दी है. Alcatel के स्मार्टफोन में NXTPAPER प्लेटफॉर्म दिया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के साथ TCL के स्मार्टफोन्स यूरोपियन मार्केट में उपलब्ध हैं. इस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की वजह से यूजर्स एक क्लिक में स्मार्टफोन Ink Mode में चला जाएगा. क्या होगा फोन में खास? कंपनी ने अपने तमाम स्मार्टफोन्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है. हालांकि, ब्रांड अपने अल्ट्रा मॉडल को स्टायलस के साथ लॉन्च कर सकता है. इसके अलावा यूजर्स को एक एडिशनल बटन मिलेगा, जिसकी मदद से वे NXTPAPER मोड में एंट्री कर पाएंगे. इस मोड को ऑन करते ही स्मार्टफोन नॉर्मल और कलरफुल मोड से मोनोक्रोम मोड में चला जाएगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो ब्रांड ग्लोबल मार्केट में मौजूद TCL 50 Pro NXTPAPER फोन को रिब्रांड करके भारत में लॉन्च कर सकता है. ये स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर, 32MP के फ्रंट कैमरा और 108MP के रियर कैमरा के साथ आ सकता है. फोन में 5010mAh की बैटरी दी जा सकती है.  

गर्मियों में ऐसे रहे बीमारियों से दूर

गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ऐसे में तापमान के 42 डिग्री पर पहुंचने पर यह जरूरी हो जाता है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, फ्लू, चिकन पॉक्स और डायरिया से बचने के लिए सावधानी बरती जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, गर्मियों में उम्रदराज लोगों, बच्चों और दिल के रोगियों, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बचाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहना चाहिए। दिल के रोगियों को तीव्र गर्मी में घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ज्यादा मेहनत जानलेवा हो सकती है। जंक फूड और सड़क किनारे से कुछ खरीदकर न खाएं, क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। कुछ आम बीमारियां: हीट स्ट्रोक गर्मी में ज्यादा देर काम करने से शरीर के ओवरहीट होने से होता है। ऐसे व्यक्ति का इमरजेंसी इलाज करना चाहिए, नहीं तो उसके कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं। लगातार तरल पदार्थ लेने, गर्मी से बचने, हवादार कपड़े पहनने से काफी राहत मिलती है। शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन होता है। ज्यादा व्ययाम, गंभीर डायरिया, उल्टी, बुखार या ज्यादा पसीना इसके आम कारण हैं। व्यायाम के वक्त पानी न पीना या गर्मी में वैसे भी डीहाइड्रेशन हो सकता है। छोटे बच्चों, उम्रदराज लोगों और पुरानी बीमारी वालों को ज्यादा खतरा है। इसलिए गर्मी में पानी पीते रहना जरूरी है। चिकनपॉक्स और मीजल्स भी गर्मी में होते हैं, क्योंकि तब इसके वायरस तेजी से फैलाते हैं। इसलिए सबको इसका वैक्सीनेशन लेना जरूरी है। मूत्र मार्ग में संक्रमण भी बच्चों और बड़ों की आम बीमारी है। औरतों को अक्सर पता नहीं चलता कि उनमें पानी की कमी हो रही है और पानी न पीने से संक्रमण होता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में भी पानी उबालकर पीना चाहिए, क्योंकिपानी की गुणवत्ता में कमी हो जाती है। पानी में अगर ऑर्सेनिक, जंग, कीटनाशक आदि मिला हो तो उसे पीने से डायरिया, हैजा, टायफायड वगैरह हो सकता है।  

ऐसे पता लगाएं कहीं आपका फोन भी तो नहीं हो रहा है टैप?

स्मार्टफोन आज जिंदगी की जरूरत बन चुका है, गलती से कहीं छूट जाए तो ढ़ेरों बातें दिमाग में हलचल मचा देती है कि कहीं किसी ने चुरा तो नहीं लिया, कहीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया। वैसे भी टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि कोई चाहे तो वह न केवल आपकी बातें सुन सकता है बल्कि आपके मैसेजेस भी आसानी से पढ़ सकता है, इतना ही नहीं आपकी लोकेशन को जीपीएस के द्वारा मॉनिटर भी कर सकता है। यह सब काम आपका फोन टैप करके आसानी से किए जा सकते हैं। ऐसे में प्राइवेसी को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन पता कैसे चलेगा कि आपका फोन टैप हो रहा है? आपकी नजर में तो वह हमेशा आपके ही पास रहता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिनसे आप समझ जाएंगे कि कोई आपके फोन को टैप कर रहा है… -जब फोन इस्तेमाल न कर रहे हो तो सुनें अगर आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो फोन चुपचाप पड़े रहना चाहिए, लेकिन बिना यूज के भी अगर आप इसमें बीप, क्लिक या अन्य किसी प्रकार के शोर की आवाज सुन रहे हैं तो बहुत संभव है कि इसमें टैपिंग सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर इंस्टॉल किया गया है। -बैटरी के टेम्परेचर पर ध्यान दें बिना इस्तेमाल के भी अगर आपके फोन की बैटरी असाधारण तरीके से गर्म हो जाती है और आपको इसका कारण समझ नहीं आ रहा तो बहुत हद तक संभव है कि इसमे कोई टैपिंग सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में चल रहा है और आपके फोन की बैटरी का लगातार इस्तेमाल कर रहा है तभी वह इतना गर्म हो रही है। -फोन को बंद करने की कोशिश में देरी हो अगर फोन देर से बंद हो या फिर पूरी तरह न हो, यह अजीब व्यवहार संकेत देता है कि कोई आपके फोन को टैप करके कंट्रोल कर रहा है। -जब आपके सीक्रेट लीक हो जाए अगर आपने अपनी कोई निजी या सीक्रेट बात चंद विश्वसनीय लोगों को बताई है और अचानक उसी बात का हल्का सा जिक्र किसी के मुंह से सुन लें तो समझ लें कि आपका फोन टैप हो रहा है। जैसे-आप किसी ऊंची पोजिशन पर ऑफिस में हैं तो बहुत संभव है कि आपकी बातें छिपकर सुनी जाए ताकि आपको नीचे किया जा सकें। अगर आपको जानना है कि कोई विश्वासपात्र यह कर रहा है या नहीं तो उससे कोई झुठी बात कहिए और फिर देखिए क्या वह फैल जाती है, अगर हां तो समझ लीजिए कि फोन पर उससे डिस्कस की गई आपकी सीक्रेट बात सीक्रेट नहीं रही। -बैकग्राउंड के शोर को सुने अगर बात करते समय आप बैकग्राउंड में बहुत शोर सुने तो बहुत संभव है कि पीछे से आने सुनाई दे रहा यह शोर फोन टैप करने के कारण हो रहा है। -अपने फोन को अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के पास इस्तेमाल करें अगर आपको शक है कि आपका फोन टैप हो रहा है तो अपनी अगली कॉल आने पर रेडियो या टेलीविजन के पास जाए, अगर यहां फोन पर बात करते समय कुछ बाधा पैदा हो तो समझ लें कि फोन टैप हो रहा है। दरअसल कुछ बग्स या टैप एफएम रेडियो के पास फ्रीकवेंसी का इस्तेमाल करते हैं। -ध्यान दें कि फोन कितना जल्दी चार्ज करना पड़ता है अगर फोन की बैटरी लाइफ बिना किसी कारण के अचानक कम होने लगी है, इसे जल्दी-जल्दी चार्ज करना पड़ता है तो हो सकता है कि टैपिंग सॉफ्टवेयर बैटरी की खपत कर रहा है क्योंकि वह बैकग्राउंड में लगातार चल रहा है।  

आधार कार्ड, पैन कार्ड को मौत के बाद ऑनलाइन कर सकते है बंद

नई दिल्ली  व्‍यक्ति के जीते-जी उसके पास कई डॉक्‍युमेंट्स होते हैं जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जिनका इस्‍तेमाल रोजमर्रा के कागजी कामों में होता है। जब किसी की मृत्‍यु हो जाती है तो अक्‍सर परिवार के लोग उसके आधार, पैन समेत बाकी डॉक्‍युमेंट्स काे संभालकर रख देते हैं। लेकिन जिम्‍मेदारी यहीं खत्‍म नहीं होती। एक्‍सपर्ट का कहना है कि व्‍यक्ति की मौत के बाद कम से कम उसके आधार और पैन कार्ड को कैंसल करवा देना चाहिए, क्‍योंकि उसके मिसयूज होने का खतरा रहता है। अपराधी कई बार ऐसे डॉक्‍युमेंट्स को हासिल करके फ्रॉड और आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं। व्‍यक्ति की मौत के बाद उसके पैन और आधार को ऑनलाइन कैंसल करवाया जा सकता है। कैसे? आइए जानते हैं। ​मौत के बाद व्‍यक्ति का पैन कार्ड कैसे कैंसल कराएं कोई भी पैन कार्ड उसकी ऑफ‍िशियल एक्‍सपायरी डेट तक वैलिड रहता है। अगर किसी का आकस्मिक निधन हो जाए तो उसके पैन कार्ड को कैंसल करा देना चाहिए। ऐसा नहीं कराने पर कोई उस पैन कार्ड पर अकाउंट खोल सकता है, गलत तरह से लोन ले सकता है। पैन कार्ड कैंसल कराने का ऑफलाइन तरीका भी है और ऑनलाइन भी। ऑफलाइन तरीके में एक आवेदन पत्र देना होता है। पत्र में मृतक का पूरा नाम, मृत्‍यु की तारीख, पैन कार्ड कैंसल करवाने का कारण और साथ में उस व्‍यक्ति की डिटेल दी जाती है जो पैन कार्ड कैंसल करवा रहा है जैसे मृतक व्‍यक्ति का बेटा या पत्‍नी। साथ में कुछ डॉक्‍युमेंट्स जैसे- डेथ सर्टिफ‍िकेट आदि अटैच करना होता है। वह आवेदन इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में एओ के पास जमा कराया जाता है। इनकम टैक्‍स के ई-फाइलिंग पोर्टल से एओ की डिटेल मिल जाती है। NSDL की वेबसाइट पर जाएं अगर आप यह काम ऑनलाइन करवाना चाहते हैं तो Form 49A भरना होगा, जोकि NSDL की वेबसाइट पर मिल जाएगा। वहां पैन करेक्‍शन ऐप्‍लिकेशन के ऑप्‍शन में जाकर पैन कैंसल की रिक्‍वेस्‍ट देनी होगी। उसके बाद तमाम डॉक्‍युमेंट नजदीकी NSDL PAN सर्विस सेंटर में जमा करवाने होंगे। मौत के बाद व्‍यक्ति का आधार कार्ड कैसे कैंसल कराएं रिपोर्टों के अनुसार, आधार कार्ड को कैंसल कराने का कोई विकल्‍प फ‍िलहाल उपलब्‍ध नहीं है। लेकिन आप मृतक का बायोमेट्रिक डेटा लॉक करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक डेटा लॉक होने से मृतक के फ‍िंगरप्रिंट्स, आइरिस स्‍कैन आदि से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने का सबसे आसान तरीका है एसएमएस के जरिए। मृतक के रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर से 1947 पर एसएमएस भेजना होगा। उसमें टाइप करना होगा GETOTP और स्‍पेस देकर आधार नंबर के आखिरी 4 डिजिट लिखने होंगे। ओटीपी आने के बाद एक और एसएमएस इस फॉर्मेट में करें- LOCKUID < आधार के आखिरी 4 नंबर > <6 डिजिट OTP> आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर भी यह काम कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें। माई आधार सेक्‍शन में जाकर Lock/Unlock Biometrics को सिलेक्‍ट करें। वहां फ‍िर से आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफाई करें। आखिर में Lock Biometrics पर क्लिक कर दें। ऐसा करना क्‍यों जरूरी है हाल के दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड काफी ज्‍यादा बढ़ गए हैं। यह कोई नहीं जानता कि कब किसके साथ साइबर अपराध हो जाए। अगर कोई मृत व्‍यक्ति के आधार-पैन के साथ फर्जीवाड़ा होता है तो उसके परिवार के लिए सिचुएशन को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इन डॉक्‍युमेंट्स काे कैंसल करवा दिया जाए प्रोटेक्‍ट कर लिया जाए।

इन स्टेप्स को फॉलो कर गलत UPI पेमेंट को ले वापस

नई दिल्ली UPI सर्विस के आने के बाद से कैश का इस्तेमाल कम होता गया है। हालांकि डिजिटली पेमेंट करने का एक नुकसान ये है कि अगर कभी गलती से किसी गलत अकाउंट पर पेमेंट हो जाए, तो उसे वापस पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। दरअसल गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट करने पर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर पैसे वापस पाने की एक आसान प्रक्रिया है, जिसे फॉलो करके आप बड़े आसानी से जल्द से जल्द अपने पैसे वापस पा सकते हैं। चलिए आज इस पूरे प्रोसेस के बारे में जानते हैं। पहले उस अकाउंट होल्डर से बात करें कभी भी किसी गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट हो जाने पर सबसे पहले आपको तुरंत उस अकाउंट के मालिक से बात करनी चाहिए। अक्सर लोग समझते हैं कि गलती से पेमेंट हो जाना आम बात है। अगर आपको सीधा उसी शख्स से पैसे वापस मिल जाएं, तो आपको बाकी की प्रक्रिया में जाना ही नहीं पड़ेगा और आपका काफी समय बच जाएगा। हालांकि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच हो सकता है कि अगर आप उस शख्स से संपर्क करें जिसके खाते में गलती से पेमेंट कर दी गई है, तो वह आपको सही से जवाब न दें। ऐसे में आपको आगे बताई गई प्रक्रिया को फॉलो करना है। तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क करें गलत अकाउंट में UPI पेमेंट करने के तुरंत बाद आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। आप कस्टमर केयर या ब्रांच जाकर संपर्क कर सकते हैं। बैंक आपसे पेमेंट की डिटेल लेगा और एक जांच प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में बैंक उस बैंक से संपर्क करता है जिसमें पैसा गया है। अगर पैसे रिसीवर ने खर्च नहीं किया होगा, तो बैंक आपकी मदद से उसे रिवर्स करा सकता है। ध्यान रहे कि गलत पेमेंट होने के 48 घंटे के अंदर बैंक से संपर्क करना जरूरी होता है। बैंक से संपर्क न हो पाने की स्थिति में 18001201740 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। UPI ऐप के कस्टमर सपोर्ट से शिकायत करें आपने जिस भी UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि से पेमेंट की है उसके अपने “Help” या “Support” सेक्शन में जाकर कस्टमर केयर से बात करें। वहां आप अपनी गलत पेमेंट की शिकायत करवा सकते हैं। इसके बाद ऐप की टीम आपके बैंक और रिसीवर बैंक से मिलकर केस की जांच करती है। अगर गलती साबित होती है और पैसे रिसीवर ने वापिस देने पर सहमति दी, तो रिफंड मिल सकता है। यह प्रक्रिया कुछ दिन ले सकती है, लेकिन कई मामलों में मदद जल्द भी मिलती है। NPCI या RBI को शिकायत दर्ज करें अगर बैंक या UPI ऐप से समाधान नहीं मिलता है, तो आप NPCI यानी कि National Payments Corporation of India या RBI के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। NPCI की वेबसाइट https://www.npci.org.in और RBI की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in है। वहां शिकायत फॉर्म भर कर और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें। NPCI या RBI आपके मामले की जांच करके बैंक को निर्देश दे सकता है कि वो उचित कदम उठाए। यह थोड़ा लंबा प्रोसेस हो सकता है, लेकिन असरदार होता है।

एक दशक बाद गूगल ने G आइकन बदला

नई दिल्ली टेक दुनिया की बड़ी दिग्‍गज गूगल ने एक दशक यानी 10 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने लोगो को रिफ्रेश किया है। उसका आइकॉनिक G आइकन अब बदल गया है। भले यह फर्क मामूली सा लगे, लेकिन कंपनी की सोच को दर्शाता है कि अब वह एआई की दुनिया में पूरी तरह से गोता लगाने काे तैयार है। रिपोर्टों के अनुसार, गूगल ने रिड‍िजाइन किए गए ‘जी’ आइकन को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह सब 20 मई को प्रस्‍तावित गूगल के सालान I/O 2025 डेवलपर कॉन्‍फ्रेंस से पहले हाे रहा है। नए लोगो में स्‍मूद ग्रेडिएंट ट्रांजिशन दिखाई देता है। पहले वाले लोगो में सभी कलर्स अलग-अलग बंटे हुए थे, जिन्‍हें अब मिक्‍स कर दिया गया है। इनमें रेड, येलो, ग्रीन और ब्‍लू कलर्स शामिल हैं। कहां दिखेगा नया गूगल लोगो रिपोर्टों के अनुसार, नया ‘G’ आइकल अब लेटेस्‍ट गूगल सर्च ऐप अपडेट में लाइव हो गया है। यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्‍ध है। कहा जा रहा है कि गूगल का नया ‘जी’ एआई की दिशा में कंपनी के विजन को दिखाता है। गौरतलब है कि ओपनएआई और परप्‍लेक्‍स‍िटी जैसी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए गूगल लगातार अपने जेमिनी एआई को एडवांस बना रही है। वह अपने प्रोडक्‍ट्स में एआई फीचर्स को इंटीग्रेट कर रही है। 2015 में बदला था गूगल लोगो गूगल ने आखिरी बार साल 2015 में अपने जी आइकन में बड़ा बदलाव किया था। उससे पहले गूगल के लोगो का कलर नीला था, जिसे मल्‍टीकल में बदला गया था। हालांकि अभी यह कन्‍फर्म नहीं है कि अन्‍य गूगल प्रोडक्‍ट्स जैसे- क्रोम, मैप्‍स के लोगो बदले गए हैं या नहीं। कहा जा रहा कि उनमें भी कंपनी ग्रेडिएंट फ‍िनिश दे सकती है। गूगल का नया लोगो अभी सिर्फ गूगल सर्च ऐप और मोबाइल डिवाइस में दिखने वाले गूगल के होमस्‍क्रीन लोगाे में है। इससे पहले मंगलवार रात Google ने “The Android Show: I/O Edition” में Android 16 के कुछ खास फीचर्स और मजेदार डिजाइन एलिमेंट्स पर से पर्दा उठाया। यह शो 20-21 मई को होने वाले Google I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले Android पर फोकस करता हुआ एक इवेंट था। पिछले साल के Google I/O में ज्यादा फोकस AI पर किया गया था लेकिन इस बार इस शो के जरिए Google ने Android में होने वाले बदलावों पर भी ध्यान दिया है। इस स्टैंडअलोन इवेंट में Android 16, Wear OS 6, डिजाइन, AI इंटीग्रेशन, सिक्योरिटी और डिवाइस ट्रैकिंग जैसी चीजों पर खासा ध्यान दिया गया। बता दें कि Google I/O गूगल का सालाना टेक इवेंट है, जहां वह अपने नए प्रोडक्ट्स, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और इनोवेशन पेश करता है।

अब फोटो खींचेने के लिए नहीं पड़ेगी कैमरे की जरूरत, चश्‍मे से खींचेंगे फोटो

नई दिल्ली स्‍मार्टग्‍लास यानी चश्‍मों की दुनिया एडवांस हो चुकी है और यह तकनीक अब भारत में भी हाजिर हो गई है। फेसबुक और इंस्‍टाग्राम जैसी कंपनियों पर मालिकाना हक रखने वाली मेटा ने भारत में रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को लॉन्‍च किया है। चश्‍मे में हाथ लगाए बिना यूजर्स इसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे वॉइस कमांड दे सकते हैं। म्‍यूजिक और पॉडकास्‍ट को कंट्रोल कर सकते हैं और तस्‍वीरें व वीडियोज ले सकते हैं। मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लासेज में बिल्‍ट-इन स्‍पीकर्स भी हैं, जिनकी मदद से आप चश्‍मा लगाकर म्‍यूजिक सुन सकते हैं। कॉल पर बात कर सकते हैं। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत 29 हजार 900 रुपये से शुरू होती है और 35 हजार 700 रुपये तक जाती है। कंपनी ने कई मॉडल उतारे हैं जिनमें शाइनी और मैट ब्‍लैक जैसे विकल्‍प शामिल हैं। रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को Ray-Ban.com से ऑर्डर किया जा सकता है। इनका रोलआउट 19 मई से ऑनलाइन और स्‍टोर्स पर शुरू होगा। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के फीचर्स मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास सबसे पहले अमेरिका में साल 2023 में आए थे। कंपनी ने खूब टेस्‍ट किया और लोगों के बीच चर्चा की वजह बनाया। अब इन ग्‍लासेज को भारत में उतारा गया है। इस दफा एआई क्षमताओं को भी इस चश्‍मे में जोड़ा गया है, ताकि यूजर्स हाथ लगाए बिना इससे कई सारे काम करवा पाएं। रिपोर्ट के अनुसार, Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के साथ वॉइस कमांड के जरिए इंटरेक्‍ट किया जा सकता है। रे-बैन ग्‍लास से कनेक्‍ट होने बाद ये आपके फोन का म्‍यूजिक कंट्रोल कर सकते हैं। इन्‍हें लगाकर पॉडकास्‍ट सुना जा सकता है। कॉल पर बात की जा सकती है। फोटोज ली जा सकती है और वीडियो भी बना सकते हैं। फोटो खींचने के लिए रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास में 12 मेगापिक्‍सल का कैमरा लगा है। इसमें क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन AR1 Gen1 चिपसेट यूज हुआ है, जो किसी भी टास्‍क को तेजी से पूरा कर सकता है। यह एक स्‍लीक चार्जिंग केस के साथ आता है और कंपनी दावा कर रही है ग्‍लासेज की बैटरी 36 घंटे चल जाती है। कर पाएंगे फेसबुक लाइव इन चश्‍मों को पहनकर यूजर्स फेसबुक और इंस्‍टाग्राम पर लाइवस्‍ट्रीम कर पाएंगे। इन्‍हें IPX4 रेटिंग मिली है, जो ग्‍लासेज को पानी से होने वाले नुकसान से सुरक्ष‍ित रखती है। कंपनी का कहना है कि बहुत जल्‍द इस ग्‍लासेज की मदद से सीधे मैसेज किया जा सकेगा। फोटो भेजी जा सकेंगी। ऑडियो-वीडियो कॉल हो पाएगी। हालांकि ऑडियो-वीडियो कॉल और मैसेज भेजने का काम वॉट्सऐप और मैसेंजर के जरिए किया जाएगा।

गर्मी में तैलीय त्वचा दे सकती है मुहांसे, जानें 5 टिप्स

अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो गर्मी के दिनों में यह आपकी खूबसूरती छीन सकती है। तैलीय त्वचा पर इन दिनों में सीबम अधिक बनता है, साथ ही पसीने के कारण बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे आपके चेहरे पर मुहांसे निकल सकते हैं। इससे बचने के लिए जानिए यह 5 टिप्स…   1. समय-समय पर अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोते रहें ताकि उस पर जमा ऑइल व चिपचिपाहट निकल जाए। ऐसा करने से बैक्टीरिया अपनी जगह नहीं बना पाएंगे और त्वचा सुरक्षित रहेगी। 2. जितना हो सके फल, सलाद एवं जूस का सेवन करें ताकि त्वचा अंदर से हाइड्रेट रहे और त्वचा में तेल की मात्रा कम हो। इससे आपकी त्वचा आंतरिक रूप से साफ और ताजगीयुक्त बनी रहेगी। 3. अगर धूप में या गर्म मौसम में कहीं बाहर निकल रहे हैं, तो लौटकर चेहरे पर बर्फ की मसाज करें। इससे तेल, गंदगी सभी समाप्त हो जाएगी और त्वचा साफ रहेगी। ऐसा करने से आपको भी काफी रिफ्रेशिंग महसूस होगा। 4. दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। पानी पीते रहने से शरीर हाइड्रेट रहेगा और नमी बरकरार रहेगी। यह त्वचा को अंदर से साफ रखने का बेहतरीन तरीका है। इसके साथ ही आपको पाचन पर भी ध्यान देना होगा। 5. हो सके तो इन दिनों में ज्यादा ऑइली व मसालेदार खाने से बचें। आप जैसा खाना खाते हैं उसका असर आपकी त्वचा पर दिखाई देता है। ऑइली व मसालेदार खाना त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं भी पैदा कर सकता है।  

मोटिवेशन: खपत और बचत के बीच बनाये रखें संतुलन

उदारीकरण के मौजूदा दौर में सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम होते जा रहे हैं. दूसरी ओर निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में नौकरी के मौके में बढ़ोतरी देखी जा रही है. नौकरी के स्वरुप आदि में भी अनेक बदलाव दिखाई पड़ते रहे हैं. सरकारी नौकरी में प्रचलित वेतन के स्थान पर अब निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में पैकेज या सी टी सी जैसी शब्दावली का चलन बढ़ गया है. जैसा कि हम जानते रहे हैं, वेतन का सरल व सीधा अर्थ होता है महीने के अंत में हाथ में मिलने वाली राशि. लिहाजा उस राशि से महीने भर की सारी जरूरतें पूरी करनी की अपेक्षा होती है और साथ में भविष्य के लिए कुछ बचत की भी. सामान्यतः बचत के लिए आम नौकरीपेशा आदमी गुल्लक से लेकर डाकघर या बैंक में बचत या मियादी जमा खाते का सहारा लेता रहा है. कुछ लोग बेशक सोने -चांदी खरीद कर बचत को अंजाम देते रहे हैं. जीवन बीमा को भी जोखिम प्रबंधन के साथ दृसाथ बचत का एक बेहतर जरिया माना जाता रहा है. बहरहाल, पैकेज और सी टी सी के इस जमाने में कहने को तो बहुत कमाने का एहसास होता है, परन्तु महीने के अंत में खाते में बैलेंस देखकर निराशा होती है. दिलचस्प बात तो यह भी है कि इसके बावजूद आज हमें चिंता नहीं सताती, क्यों कि हमें आजकल चार्वाक के सिद्धांत, ऋण लो और घी पीओ को घुट्टी में पिलाने की हर संभव संस्थागत कोशिशें होती हैं, जिसमें क्रेडिट कार्ड, ओवर ड्राफ्ट जैसी लुभावने व आसान, पर वास्तव में काफी मंहगी सुविधाएं शामिल हैं. ऐसे में कमाने की एक सीमा होने के बावजूद खर्च करने की सीमा उससे आगे चली जाती है. गौरतलब बात है कि जब हम अपने कमाए हुए पैसे को कैश (नकद) के रूप में खर्च करने जाते हैं तो मनोवैज्ञानिक दवाब के तहत हम सोचने लगते हैं कि खरीदे जाने वाली चीज की हमें आवश्यकता है भी कि नहीं, या हम यूं ही बिना वजह उसे खरीद रहे हैं. लेकिन अगर कैश के बजाय क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए सामान खरीदने की बात हो, तो फिर कहने ही क्या ? ज्ञातव्य है कि निम्न या मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बचत अनायास शायद ही हो पाता है. इसके लिए तो सोच दृविचार कर निर्णय लेना पड़ता है और लेना चाहिए भी. कहते है न, लक्ष्मी चंचल होती है. ऐसे भी, हमारे पॉकेट में रखा सौ रुपया अपने आप एक सौ दस रूपये होने से रहे, लेकिन इसके उलट शाम तक जरुरत दृ बेजरूरत खर्च हो कर सौ से कम होने की संभावना प्रबल रहती है. दरअसल, बचत के मुख्यतः तीन सिद्धांत प्रचलन में है . एक जिसे अधिकांश लोग अपनाते हैं और वह है, कुल मासिक कमाई से 30 दिनों में होने वाले खर्चे के बाद जो राशि बची रहे, उसे बचत के लिए रखा जाय. दूसरा यह कि महीने में सभी आवश्यक चीजों पर होने वाले अनुमानित औसत खर्च के लिए राशि अलग रख कर बची हुई राशि को वेतन मिलते ही बचत के मद में रख दें या फिर तीसरा तरीका जैसा प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफेट कहते हैं वह यह कि बचत की राशि निर्धारित कर अलग रख लें, फिर बची राशि से महीने भर खर्च करें. कुछ भी करें-कहें, पैसे की फिजूलखर्च से बचने और उसकी बचत के एकाधिक फायदे तो हैं ही, व्यक्ति, समाज और देश – सबके लिए.    

क्या आप जानते हैं, तरबूज के यह 5 फायदे

गर्मी के दिनों में ठंडा-ठंडा, मिठास से भरा तरबूज किसे पसंद नहीं होता। लेकिन यह केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन फल है। यकीन न हो, तो जरूर जानिए तरबूज के यह 5 अनमोल लाभ… -गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी से निपटने के लिए यह बढ़िया विकल्प है। तरबूज में पानी की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है जिसे खाने पर आपके शरीर में पानी की आपूर्ति होती है। -वजन कम करने के लिए रोजाना तरबूज का सेवन बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने पर पेट भी जल्दी भरता है और शरीर में वसा का संग्रह भी नहीं होता। इतना ही नहीं, यह आपके शरीर को पोषण भी देता है। -तरबूज में विटामिन-ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता में तो इजाफा करता ही है साथ ही आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। -तरबूज का सेवन आपकी त्वचा में ताजगी और नमी बनाए रखने के साथ ही खूबसूरती को बढ़ाने में भी मददगार है। यह झुर्रियों से बचाने में भी कारगर है। तरबूज के टुकड़े को त्वचा पर रगड़ने पर त्वचा की बेहतर सफाई की जा सकती है। -तरबूज में मौजूद लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर इस गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करता है। तरबूज को काला नमक और काली मिर्च के साथ खाने पर अपचन की समस्या दूर होता है और पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है।  

12 जीबी रैम के साथ सोनी Xperia 1 VII लॉन्‍च

नई दिल्ली एक जमाना था जब सोनी के स्‍मार्टफोन्‍स भारत में खूब बिकते थे और जिस हाथ में सोनी का फोन होता, वो बंदा अलग ही नजर आता था। धीरे-धीरे कंपनी ने स्‍मार्टफोन बिजनेस को सीमित कर दिया लेकिन अभी भी वह फोन लॉन्‍च कर रही है। मंगलवार को कंपनी ने नया सोनी Xperia 1 VII पेश कर दिया है। यह कंपनी का लेटेस्‍ट फ्लैगशिप स्‍मार्टफोन है। नए सोनी फोन में 6.5 इंच का फुल एचडी प्‍लस एलटीपीओ डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120 हर्त्‍ज तक रिफ्रेश रेट मिलता है। इसका डिजाइन काफी हद तक पिछले साल आए सोनी फ्लैगशिप जैसा है। नए फोन को सबसे तेज प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite की ताकत दी गई है। इसमें 12 जीबी रैम और यह लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर रन करता है। कंपनी 4 ओएस अपडेट्स और 6 साल तक सिक्‍योरिटी अपडेट्स का वादा कर रही है। Sony Xperia 1 VII की कीमत Sony Xperia 1 VII को मॉस ग्रीन, ऑर्किड पर्पल और स्‍लेट ब्‍लैक कलर्स में लाया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 1499 यूरोप यानी करीब 1 लाख 41 हजार रुपये के आसपास है। एक वेरिंएट करीब 1 लाख 56 हजार रुपये का है। फ‍िलहाल यह फोन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्‍ध है। सबसे पहले जापान में मिलेगा। 4 जून से इसे यूके, यूरोप और अन्‍य देशों में पेश किया जाएगा। Sony Xperia 1 VII के स्‍पेसिफ‍िकेशंस Sony Xperia 1 VII में 6.5 इंच का डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जिसका रेजॉलूशन 1080 x 2340 पिक्‍सल्‍स है। यह एक FHD+ OLED HDR डिस्‍प्‍ले है, जो 1 से 120 हर्त्‍ज तक रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। फोन के डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस 2 का प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Sony Xperia 1 VII में स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर लगाया गया है। एड्र‍िनो 830 जीपीयू इसमें मिलता है। फोन में 12 जीबी रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 256 जीबी है। एसडी कार्ड लगाकर स्‍टाेरेज को 2टीबी तक बढ़ाया जा सकता है। फोन में दो सिम लगाए जा सकते हैं, लेकिन एक स्‍लॉट ई-सिम के लिए है। Sony Xperia 1 VII के कैमरा स्‍पेसिफि‍केशंस Sony Xperia 1 VII में तीन बैक कैमरा है। पहला सेंसर 48 मेगापिक्‍सल का है। यह एक्‍समॉर टी सेंसर है, जो मोबाइल पर काम करता है। यह सेंसर हाइब्र‍िड ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन और इलेक्‍ट्रॉनिक इमेज स्‍टैबलाइजेशन ऑफर करता है यानी आपका हाथ फोटो खींचते समय हिल भी गया तब भी फोटो स्‍टेबल आएगी। फोन में 48 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा और 12 मेगापिक्‍सल का टेलिफोटो लेंस दिया गया है। टेलिफोटो लेंस से 21.3X तक हाइब्र‍िड जूम लिया जा सकता है। फोन में 12 मेगापिक्‍सल का ही फ्रंट कैमरा है, तो सेल्‍फी लेने के अलावा 4के वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। 3.5mm का ऑडियो जैक इसमें दिया गया है। स्‍पीकर्स में डॉल्‍बी एटमॉस साउंड है। साइड माउंटेड फ‍िंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा दी गई है। फोन का वजन 192 ग्राम है। यह कई रेटिंग्‍स के साथ आता है और धूल व पानी से होने वाले नुकसान से बचा रह सकता है। Sony Xperia 1 VII में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 30वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Samsung Galaxy S25 Edge लॉन्च , S सीरीज का सबसे महंगा फोन

नई दिल्ली Samsung ने अपना सबसे स्लिम और स्लीक फोन Samsung Galaxy S25 Edge लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह बेहद ही स्लिम, स्लीक और फीचर रिच स्मार्टफोन है। S25 Edge मात्र 5.8 mm की थिकनेस और 163 ग्राम के वजन के साथ आता है। हालांकि कंपनी का कहना कि S25 Edge एक स्लिम फोन से कई ज्यादा है। यह फोन 12GB+256GB और 12GB+512GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। इस फोन को आप आज से ही प्री-बुक कर पाएंगे। चलिए जानते हैं इस शानदार स्मार्टफोन की कीमत क्या रखी गई है। कीमत S25 Edge के लॉन्च के बाद इसकी कीमत पर से भी आज पर्दा उठ गया। इस फोन के 12GB+256GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,09,999 रुपये और 12GB+512GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,21,999 रुपये होगी। बता दें कि इस फोन को प्रीबुक करने पर ग्राहकों को 12 हजार का फायदा होगा। दरअसल S25 Edge का 256GB वाला वेरिएंट प्रीबुक करने पर आपको उसी दाम में 512GB वाला वेरिएंट मिल पाएगा। इस फोन को 9 महीने की No Cost EMI पर भी खरीदा जा सकेगा। स्पेसिफिकेशन्स Samsung Galaxy S25 Edge में 6.9 inch का QHD+ डिस्प्ले मिलेगा। यह डिस्प्ले 120Hz, HDR10+ और 2600 nits की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगा। सिर्फ 163 ग्राम के Samsung Galaxy S25 Edge में Qualcomm Snapdragon 8 Elite चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। इससे यह स्लीक होने के साथ-साथ परफॉर्मेंस में बेहज पावरफुल हो जाता है। कैमरा Samsung Galaxy S25 Edge के कैमरा फीचर्स की बात करें, तो इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें से प्राइमरी कैमरा 200MP है। S25Ultra में भी इसी प्राइमरी कैमरा का इस्तेमाल किया गया है। Samsung Galaxy S25 Edge को लेकर कंपनी का दावा है कि इससे बेहतरीन पिक्चर क्लिक किए जा सकते हैं। इसमें Night Photography और Samsung Log वीडियो फीचर भी मिलेगा। इसका दूसरा कैमरा 12MP का अल्ट्रा वाइड लेंस है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। S25 Edge, Samsung के सभी मशहूर AI फीचर्स के साथ आएगा। में यूजर्स को फोटो और वीडियो दोनों में गैर जरूरी चीजों को रिमूव करने का ऑप्शन देता है। वहीं Samsung के राइटिंग AI टूल्स की मदद से आप लंबे-लंबे ईमेल और लिखने से जुड़े बाकी के काम आसानी से कर पाएंगे। सेफ्टी के लिए इस फोन में Samsung की Knox सेफ्टी भी दी गई है।

मोटोरोला का razr 60 ultra किया लॉन्‍च

नई दिल्ली मोटोरोला ने अपना नया फ्लिप स्‍मार्टफोन भारत में लॉन्‍च कर दिया है। इसका नाम ‘मोटोरोला रेजर 60 अल्‍ट्रा’ है। नए मोटो फोन में 7 इंच का फुल एचडी प्‍लस फोल्‍डेबल डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह फोन के अंदर है और मुड़ जाता है। बाहर की ओर 4 इंच की फुलएचडी प्‍लस पीओलेड स्‍क्रीन दी गई है। दोनों डिस्‍प्‍ले में 1 से 165 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट मिलता है। नए मोटो फोन में क्‍वॉलकॉम का सबसे पावरफुल स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 50 मेगापिक्‍सल के तीन कैमरा मिलते हैं। कंपनी ने एक एआई बटन भी दिया है, जिससे फोन में मौजूद एआई फीचर्स को एक क्लिक में एक्‍सेस किया जा सकता है। हालांकि बैटरी के मामले में यह 4700 एमएएच की कैपिसि‍टी ऑफर करता है, जो 68वॉट की फास्‍ट चार्जिंग और 30वॉट की वायरलैस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।  कीमत Motorola razr 60 ultra की कीमत 99 हजार 999 रुपये है। यह फोन सिंगल वेरिएंट 16GB + 512GB मॉडल में आता है। इसे पेंटोन स्‍कार्ब, पेंटोन रियो रेड और पेंटोन माउंटेन ट्रेल कलर्स में लाया गया है। कंपनी बैंक ऑफर्स भी लाई है, जिसके जरिए फोन को 10 हजार रुपये कम में लिया जा सकता है। इसे 21 मई से एमेजॉन, मोटोरोलाडॉटकॉम, रिलायंस डिजिटल और ऑफलाइन स्‍टोर्स से लिया जा सकेगा। फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस Motorola razr 60 ultra में दो डिस्‍प्‍ले है। पहला डिस्‍प्‍ले फोन के अंदर है, जोकि मुड़ जाता है। वह 6.96 इंच का है। एक pOLED LTPO डिस्‍प्‍ले और 1.5K रेजॉलूशन ऑफर करता है। इसका रिफ्रेश रेट 1 से 165 हर्त्‍ज है। फोन में डॉल्‍बी विजन की सुविधा है और इसकी पीक ब्राइटनैस 4 हजार निट्स है। Motorola razr 60 ultra में क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट दिया गया है। इसमें एड्रिनो 830 जीपीयू मिलता है। 16 जीबी रैम लगाई गई है और इंटरनल स्‍टोरेज 512 जीबी है। नया मोटो फोन एंड्रॉयड 15 ओएस पर चलता है। यह 3 साल के ओएस अपग्रेड और 4 साल के सिक्‍योरिटी अपग्रेड के साथ आता है। दो सिम इसमें लगाए जा सकते हैं, जिसमें से एक स्‍लॉट ई-सिम के लिए है।  कैमरा नए मोटो फ्लिप फोन में तीन कैमरा हैं। पहला 50 मेगापिक्‍सल का मेन लेंस है, जोकि ऑप्टिकल इमेज स्‍टेबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। दूसरा कैमरा 50 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रावाइड सेंसर है और तीसरा कैमरा 50 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी लेंस है। यह यूएसबी टाइप-सी ऑडियो, स्‍टीरियो स्‍पीकर्स और डॉल्‍बी एटमॉस की खूबियों के साथ आता है। नया मोटो फोन वजन में 189 ग्राम है। बंद होने पर यह 88.12एमएम मोटा हो जाता है यानी आम स्‍मार्टफोन्‍स से अधिक थिक लगेगा। इसकी 4700एमएएच की बैटरी 68 वॉट की टर्बोपावर फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन में 30वॉट की वायरलैस चार्जिंग भी मिलती है।

भारत में Ray-Ban ने Meta AI से लैस स्मार्ट चश्मा किया लॉन्च, 12MP कैमरे से है लैस; कीमत 30 हजार से कम

Ray-Ban Meta Glasses को भारत में लॉन्च किया गया है। ये स्टाइल और टेक्नोलॉजी का शानदार कॉम्बिनेशन है। इसमें 12-मेगापिक्सल कैमरा ओपन-ईयर स्पीकर्स और मेटा AI फीचर दिया गया है। ये स्मार्ट ग्लास म्यूजिक फोटो वीडियो और रियल-टाइम ट्रांसलेशन ऑफर करता है। क्वालकॉम प्रोसेसर और 32GB स्टोरेज के साथ ये हैंड्स-फ्री एक्सपीरियंस देता है। आइए इनके स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।  टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।Ray-Ban Meta Glasses को सोमवार को भारत में लॉन्च किया गया। EssilorLuxottica के साथ मिलकर डेवलप किया गया, ये स्मार्ट ग्लास 12-मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड कैमरा, ओपन-ईयर स्पीकर्स और माइक्रोफोन के साथ आता है। ये यूजर्स को फोटो/वीडियो कैप्चर करने, म्यूजिक सुनने और बातचीत करने की सुविधा देता है। मेटा AI इंटीग्रेशन के साथ, यूजर्स हैंड्स-फ्री म्यूजिक रिकग्निशन, लाइव ट्रांसलेशन और वॉयस-बेस्ड प्रॉम्प्ट्स से आसपास की जानकारी ले सकते हैं। रे-बैन मेटा ग्लासेस की भारत में कीमत रे-बैन मेटा ग्लासेस की भारत में कीमत Skyler और Wayfarer डिजाइन्स के लिए Shiny Black कलर ऑप्शन में 29,900 रुपये से शुरू होती है। Wayfarer Matte Black ऑप्शन की कीमत 32,100 रुपये है। वहीं, Skyler Chalk Grey और Wayfarer Matte Black डिजाइन्स की कीमत 35,700 रुपये है। ये स्मार्ट ग्लासेस आज प्री-ऑर्डर किए जा सकते हैं और 19 मई से Ray-Ban.com और मेजर ऑप्टिकल और सनग्लास स्टोर्स से इसकी बिक्री की जाएगी। खबर को पूरा पढ़ने और फीचर्स के लिए लॉगिन करें  

आईफोन की बैटरी को लम्बे समय तक इन तरीकों से बढाएं

एप्पल यूं तो अपनी डिवाइसेज में पहले से ही अच्छी बैटरी लाइफ देती है चाहे फिर वह आईफोन, आईपैड, मैक, एप्पल वाच या अन्य कोई डिवाइस हो। फिर भी बीते समय एप्पल पर अपने आई-फोन मॉडल्स में जल्दी लाइफ खोने वाली बैटरी का इस्तेमाल कर फोन को स्लो करने के आरोप लगे थे। इसके लिए कंपनी ने 113 मिलियन डॉलर (लगभग 819 करोड़ रुपये) केवल अपने ‘बैटरी गेट’ केस को सुलझाने में अदा किए थे। जबकि एप्पल का कहना है कि यह केवल इसलिए किया गया था कि लम्बे समय तक बैटरी की क्षमता बरकरार रहे। उसके बाद से ही कंपनी ने यूजर्स के लिए बैटरी और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट जैसे फीचर्स भी अपने मॉडल्स में देना शुरू कर दिए। इन फीचर्स में कुछ सामान्य प्रयास जो कि एप्पल अपनी ओर से यूजर्स को प्रयोग करने की सिफारिश करता है वे हैं- लेटेस्ट सॉफ्टवेयर को अपडेट रखना, उच्च परिवेश तापमान से बचाव रखना, चार्जिंग के समय कुछ केस को डिवाइस से अलग कर देना और जब लम्बे समय तक डिवाइस को स्टोर करना हो तो उसे आधी चार्ज हुई अवस्था में ही स्टोर करके रखना। एप्पल ने अपनी वेबसाइट पर एक पेज भी इसके लिए बनाया है जिसमें बैटरी लाइफ को बढ़ाने और आईफोन की लाइफ ज्यादा से ज्यादा बनाए रखने के कुछ टिप्स दिए गए हैं। इनमें से सबसे प्रथम स्टेप है डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर से अपडेट रखा जाए।   हाउ तो अपडेट आईफोन -अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं। -यहां पर जनरल पर टैप करें। -उसके बाद सॉफ्टवेर अपडेट पर टैप करें। यहां पर आपको उपलब्ध अपेडट दिखाई देता है। यदि आपको अपडेट यहां पर उपलब्ध दिखाई दे जाता है तो इस पर टैप करें और आपका आईफोन अपडेट होना शुरू हो जाएगा। इसके लिए यह सुनिश्चित कर लें कि फोन में पर्याप्त बैटरी हो। वैकल्पिक तौर पर आप अपने आईफोन को कम्प्यूटर से कनेक्ट करके इसे लेटेस्ट आईट्यून्स वर्जन से अपडेट कर सकते हैं। बैटरी लाइफ को स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करके भी बढाया जा सकता है। जहां तक संभव हो सके वाइ-फाई कनेक्शन का प्रयोग करें। इससे बैटरी अधिक समय तक चल पाती है। आप आईफोन स्क्रीन की ब्राइटनेस डिम भी कर सकते हैं या फिर ऑटो-ब्राइटनेस को टर्न-ऑन कर सकते हैं।   How to Dim display brightness, Turn on auto brightness -इसके लिए Control Centre को ओपन करें। -ब्राइटनेस स्लाइडर को बिल्कुल नीचे तक ड्रैग करके ले आएं। -ऑटो ब्राइटनेस को एक्टिवेट करने के लिए Settings में जाएँ। -यहां पर General पर टैप करें। -इसके बाद Accessibility पर टैप करें। -अब Display Accommodations पर टैप करें। -यहां पर Auto-Brightness को On पर सेट कर दें। How to Enable Low Power Mode आईफोन यूजर बैटरी कम होने की स्थिति में लो-पावर मोड को भी सक्रिय कर सकते हैं। जब हैंडसेट की बैटरी 20 प्रतिशत या उससे कम पर आती है तो आपको एक नोटिफिकेशन प्राप्त होती है। यहीं से आप एक सिंगल टैप के द्वारा ही Low Power Mode को टर्न ऑन कर सकते हैं।   How to manually turn on Low Power Mode: -सबसे पहले Settings में जाएँ। -स्क्रॉल डाउन करके Battery पर टैप करें। -अब Low Power Mode पर जाएं और On पर सेट कर दें। आईफोन बैटरी की खपत को जांचने के लिए यूजर्स बैटरी सेटिंग्स में जाकर चेक सकते हैं। बैटरी की खपत को कम करने के लिए यूजर्स Background App Refresh और location services को टर्न-ऑफ कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स देखें-   How to Prevent apps from refreshing in the background     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब General पर टैप करें।     इसके बाद Background App Refresh पर टैप करें।     यहां पर Off को सिलेक्ट करें और Background App Refresh अब पूर्ण रूप से रुक जाएगा।   How to Turn off location services for apps     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब Privacy पर टैप करें।     उसके बाद Location Services पर टैप करें। यहां पर आपको उन ऐप्स की जानकारी मिलेगी जो कि लोकेशन सर्विसेज का प्रयोग कर रही हैं। यहां से ऐप की लोकेशन सर्विस को टर्न-ऑफ करने का ऑप्शन मिल जाता है। जिसके बाद फोन की बैटरी लम्बे समय तक चल पाती है।  

जल्द से जल्द वजन घटाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

जल्दी ही आपको किसी समारोह में जाना है और कहीं न कहीं आपको मन में ऐसा लगता है कि आपका वजन, आपकी सुंदरता के आड़े आ रहा है और फंक्शैन में आपकी ड्रेस, बढ़े हुए वजन की वजह से अच्छी नहीं लगेगी, तो हमारे पास आपके लिए एक सरप्राइज है। हम आपको कुछ डायटिशियन की सलाह पर बताएंगे कि 15 दिनों के भीतर बिना अपने आपको नुकसान पहुंचाये आप किस प्रकार वजन घटा सकती हैं। कई महिलाएं घर पर नींबू पानी पी-पीकर अपना हाल बुरा कर लेती हैं और जिम में भयानक पसीना बहाती हैं, ऐसा करने से वजन कम हो सकता है लेकिन उतना नहीं जितना आप करना चाहती हैं। 15 दिनों के भीतर वजन कम करना एक बड़ा टास्को है जिसके लिए आपको निम्नग बातों का ध्याीन रखना होगा… अधिक से अधिक पानी पिएं वजन कम करना है तो सारा दिन थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं। इससे आपमें ऊर्जा बनी रहेगी और कमजोरी नहीं आएगी। शरीर में डिहाईड्रेशन भी नहीं होगा। किचन से दूर करें फास्टट फूड किचेन से सारे फास्टज फूड हटा दें, ताकि आप उनमें से कुछ खा ही न पाएं। इनमें हाई-कैलोरी होती है जो शरीर में एक्ट्रा फैट ला देते हैं। शुगर और स्टाईर्च से दूर रहें चीनी और स्टाईर्च युक्तट फूड जैसे- आलू, पापड़, पेस्ट्री, ब्रेड, चावल आदि का सेवन न करें। इससे वजन घटाने में सहायता मिलेगी। प्रोटीनयुक्त भोजन खाने में ज्याभदा से प्रोटीन युक्तै फूड लें। दालें, अंडा, मीट आदि का सेवन खुराक में करें। हरी सब्जियों का सेवन अगर वजन कम करना चाहती हैं तो ज्यातदा से ज्यांदा सब्जियों का सेवन करें। बहुत तेल में बनी सब्जियों का सेवन कतई न करें। उबली सब्जियां या सब्जियों का सूप व स्टॉंक, लाभ पहुंचाता है। इनमें फैट कम होता है और कैलोरी भी बहुत ज्या दा नहीं होती है। कैलोरी पर ध्यान दें आप दिन भर में कितनी कैलोरी लेते हैं इसका ध्यान रखना चाहिए। इससे आपको पता रहेगा कि आप क्या ऐसी चीज सबसे ज्याधदा खाती हैं जिससे मोटापा बढ़ रहा है। उस चीज को ही लिस्टत से हटा दें। भोजन करना बंद न करें जो लोग वजन कम करने के लिए भोजन नहीं करते हैं वो सबसे बड़ी भूल करते हैं। किसी भी समय का भोजन न करके आप अपने शरीर के साथ अन्योय करते हैं। इससे वजन कम नहीं बल्कि शरीर थुलथुल हो जाएगा। फास्टी फूड न खाएं बर्गर, हॉटडॉग, पिज्जां व कोल्डनड्रिंक से जितनी दूरी बना सकें, बेहतर होगा। फास्टल फूड शरीर को वजनदार बनाने के लिए पूरी तरह से जिम्मेंदार होते हैं। वर्तमान समय में मोटापे का सबसे बड़ा कारण, फास्टो फूड ही होता है। डाईट प्लाहन करें फॉलो अगर वाकई में आप वजन कम करने के लिए आतुर हैं तो डाईट प्ला न बनाएं। फूड चार्ट तैयार करवाएं और उसी के अनुसार भोजन लें। इससे आपको आराम रहेगी। शीशे के सामने खाना आपको सुनकर अटपटा लग सकता है लेकिन यह सच है कि अगर आप शीशे के सामने खाती हैं तो आपको अपनी डाईट पर कंट्रोल रहेगा और आपका वजन कम हो ही जाएगा। भोजन करने से पहले टहलें कई लोग भोजन करने के बाद टहलते हैं जो कि गलत है। इससे अच्छाब होगा कि आप भोजन करने से पहले टहलें। इससे पाचन तंत्र पर अच्छार प्रभाव पड़ता है और कैलोरी बर्न करने में भी मदद मिलती है। खुराक को कम कर दें अगर आप 6 रोटी का सेवन करती हैं तो चार ही खाएं। तीन रोटी खाने वाली लड़कियां दो रोटी से ही गुजारा करें। इससे कमजोरी भी नहीं आएगी और वजन भी कम हो जाएगा।  

वेजाइनल वॉश खरीदने से पहले चेक करें ये 5 चीजें

हर महिला को अपने शरीर की सुंदरता और स्वास्थ्य पर जरुर ध्यान देना चाहिये, जिसमें खासतौर पर बात आती है योनि की। अगर इसकी साफ-सफाई पर ध्यान ना दिया गया तो आपको इंफेक्शन तो होगा ही साथ में योनि में सूखापन, रैश और मूत्र पथ संक्रमण भी हो सकता है। कई स्पेशलिस्ट महिलाओं को वेजाइनल वॉश यूज करने की सलाह देते हैं, जो योनि की सफाई के लिये प्रयोग किया जाता है। योनि को मात्र पानी और साबुन से धोना ही काफी नहीं होता है, बल्किो इसके लिये आपको एक अच्छे वेजाइनल वॉश की जरुरत पड़ती है। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप बाजार से इसको खरीदने की सोंच रही हैं तो, इसमें ऐसी कौन-कौन सी चीजें होनी चाहिये जो जरुरी हैं। तेज गंध वाले सेंट से दूर रहे जिस वेजाइनल वॉश में तेज गंध होती है, उसमें कठोर रसायन होते हैं, जो वेजाइना की एलर्जी और जलन पैदा कर सकते हैं। आप चाहें तो हल्के खुशबू वाला वेजाइनल वॉश खरीद सकती हैं। देंखें कि उसमें लैक्टितक एसिड हैं या नहीं बरसों से महिलाएं कच्चे दूध का प्रयोग अपने नीचे के पार्ट को साफ करने के लिये कर रही हैं। यह आपके वेजाइना की पीएच वेल्यू को बैलेंस करता है। इसलिये हमेशा वेजाइनल वॉश खरीदते वक्त यह देंखें कि उसमे लैक्टिक एसिड है। ग्लीसरीन होना चाहिये ग्लीसरीन में एक तत्व पाया जाता है जो वेजाइना तथा उसके आस पास की जगहों में नमी भरता है और उसे हाइड्रेट रखता है। इससे वेजाइना में ड्रायनेस नहीं होती है तथा रूखी त्वचा से मुक्ती मिलती है। सोडियम लौरयल सलफेट भी होना चाहिये यह आपको साबुन और शैंपू में मिलेगा जो कि बैक्टीरिया से मुक्तीा दिलाता है और इंफेक्शेन से बचाता है। लेकिन अगर यह ज्यादा मात्रा में प्रयोग किया जाएगा तो इससे त्वचा पर रैश पड़ सकते हैं और उस जगह पर खुजली भी हो सकती है। इसमें कैप्रिक गल्य्सरिदे भी होना चाहिये इसका काम है त्व्चा में नमी भरना। एक अच्छे वेजाइनल वॉश में ग्लीसरीन के साथ साथ इस सामग्री का होना भी जरुरी है।  

ऐसे रख सकते हैं आप अपने स्मार्टफोन का ध्यान

अब स्मार्टफोन तो सभी प्रयोग करते होंगे. कुछ समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने के बाद कुछ न कुछ परेशानियां आने लगती हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं होता की यह परेशानियां फोन के सॉफ्टवेयर की वजह से आए बल्कि इसका कारण हमारी लापरवाही होती है. जैसे कभी हमारा फोन पानी में चला जाता है तो कभी गिरने या किसी और कारण से इसकी स्क्रीन टूट जाती है या स्क्रैच आ जाता है. अब इन परेशानियों के लिए आपको पैसे खर्चने की जरुरत नहीं. आइए जानते हैं कि कैसे इसका घर पर ही समाधान किया जा सकता है- -अगर आपका फोन गिर गया है या किसी कारणवश उसपर स्क्रैच आ गए हैं, तो कॉटन पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लेकर हल्के हाथ से स्क्रीन पर लगाएं. स्क्रैच धीरे धीरे कम हो जाएंगे और डिसप्ले साफ नजर आएगा. -यदि आपका फोन मैटेलिक फ्रेम और बैक कवर वाला है और उसपर स्क्रैच पड़ गए हैं तो सैंडपेपर से उन स्क्रैचेज को कम किया जा सकता है. सैंडपेपर को हल्के हाथ से स्क्रैचेज पर घिसने से स्क्रैच कम हो जाएंगे. -अगर आपका फोन पानी में गिर गया है तो उसकी बैटरी तुरंत निकाल दें और बैटरी को सूखे चावल के कटोरे में 24 से 48 घंटे तक रख कर छोड़ दें. इससे फोन के इंटरनल पार्ट्स सूख जाएंगे. -फोन को सूखाने का एक तरीका और भी है. फोन पर सिलिका जेल पैक लगा दीजिए. सिलिका जेल पैक से क्ैस्त् को ड्राई रखा जाता है. -पावर बैंक की इफिशिएंसी कम होने लगी है, तो इसका भी समाधान है. इसके लिए पावर बैंक को महीने में कम से कम एक बार पूरी तरह से चार्ज जरुर करें और उसे पूरी तरह से डिसचार्ज भी होने दें. इससे पावर बैंक इफिशिएंसी बढ़ जाएगी. -हैडफोन जैक और यूएसबी पोर्ट को साफ करने के लिए टूथपिक के सिरे में रुई लगाकर साफ कीजिए. इससे वहां जमी डस्ट साफ हो जाएगी. -सिग्नल कम आते हैं. सिग्नल न मिलने से परेशान हैं. ये है समाधान. वाईफाई राउटर के पास सोडा कैन या एलुमिनियम फॉइल लगा दीजिए. सिग्नल थोड़े बेहतर हो जाएंगे.  

26 मई को आईकू भारत में लॉन्‍च करेगी iQOO Neo 10

नई दिल्ली वीवो के सब ब्रैंड के तौर शुरुआत करने वाले आईकू ने अपनी अलग पहचान बना ली है। ब्रैंड एक के बाद एक ऐसी डिवाइसेज ला रहा है, जो जेनजी यानी युवाओं पर फोकस करती हैं। आईकू ने बताया है कि वह iQOO Neo 10 को भारत में इसी महीने लॉन्‍च करेगी। इसकी लॉन्‍च डेट 26 मई तय की गई है। आईकू ने यह भी कन्‍फर्म किया है कि अपकमिंग फोन में क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 8s Gen 4 चिपसेट लगा होगा साथ में Q1 सुपरकंप्‍यूटिंग चिप इनबिल्‍ट होगी। हालांकि यह चिपसेट सबसे फास्‍ट नहीं, पर सुपीरियर तो है ही। आईकू ने यह भी कन्‍फर्म किया है कि वह Neo 10 को दो कलर्स- टाइटेनियम क्रोम और इन्‍फर्नो रेड कलर्स में लाएगी। iQOO Neo 10 में क्‍या होगा खास आईकू ने बताया है कि टाइटेनियम क्रोम कलर वेरिएंट के साथ यूजर्स को एक ऐसी डिवाइस ऑफर की जाएगी, जो स्‍लीक और प्रीमियम फ‍िनिश वाली होगी। रेड कलर वेरिएंट थोड़ा रफ एंड टफ फील वाला होगा। ब्रैंड ने जो प्रमोशनल इमेज शेयर की है, उसमें डिवाइस का पीछे का हिस्‍सा दिखाया गया है। फोन में चौकोर कैमरा मॉड्यूल नजर आता है। इसका लुक एंड फील जेनजी पर फोकस्‍ड करता है। iQOO Neo 10 के प्रमुख फीचर्स iQOO Neo 10 के फीचर्स अभी कन्‍फर्म नहीं हैं। पहले आई रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया था कि इसके फीचर पिछले महीने चीन में लॉन्‍च हुए iQOO Z10 Turbo Pro से मिलते-जुलते हो सकते हैं। iQOO Neo 10 में 6.78 इंच का 1.5K डिस्‍प्‍ले दिया जा सकता है। यह एमोडेल डिस्‍प्‍ले होगा, जिसमें 144FPS पर गेमिंग की जा सकेगी। iQOO Neo 10 में 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा दिया जा सकता है। वह एक सोनी सेंसर होगा और ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा, फोन में 8 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा दिया जा सकता है। फोन को आईपी65 रेटिंग दी जा सकती है। इसमें 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने की उम्‍मीद है, जो 120 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। iQOO Neo 10 में 32 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा होने की उम्‍मीद है। फोन की सेल आईकू इंडिया की वेबसाइट और एमेजॉन पर होगी। फोन के अन्‍य फीचर्स जैसे- डिस्‍प्‍ले स्‍पेसिफ‍िकेशंस, एंड्रॉयड ओएस के बारे में अभी जानकारी नहीं है। कुछ फीचर्स लॉन्‍च से पहले कन्‍फर्म होने की उम्‍मीद है।

जानिए गरमियों में कैसे पाए फटे हुए होंठो से निजात

गरमी के मौसम में भी होंठों का सूखना या फटना आम बात है. लेकिन इन की नियमित देखभाल और घरेलू उपचार से होंठों को ठीक किया जा सकता है. सब से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर होंठ फटते क्यों हैं? इस बारे में मुंबई के द कौस्मैटिक सर्जरी इंस्टिट्यूट के कौस्मैटिक सर्जन डा. मोहन थौमस बताते हैं कि गरमियों में गरम, सूखी हवा और लू के चलने से भी होंठ फटने लगते हैं. इन के फटने की और वजहें निम्न हैंः जब होंठों के सूख जाने पर उन्हें बारबार जीभ से चाटते हैं, तो लार होंठों की नमी को सोख लेती है. इस से होंठों पर पपड़ी बनती है और फिर जब आप पपड़ी निकालती हैं तो नीचे की परत सूख जाती है. इस तरह होंठों का फटना लगातार जारी रहता है. -होंठों को नमीयुक्त बनाए रखने के लिए कोई ग्रंथि नहीं होती. गरम हवा में ड्राईनैस होती है, जिस से होंठ फटते हैं. -अगर होंठ ज्यादा फटते हैं, तो यह शरीर के डीहाइड्रेशन की ओर संकेत करता है. -अगर आप अपने होंठों को ठीक तरह से सनस्क्रीन से प्रोटैक्ट नहीं करती हैं तो भी वे फटते हैं. -गरमी में धूल, मिट्टी, पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी होंठ फटते हैं. -जब आप मुंह से सांस लेती हैं, तो गरम हवा होंठ के ऊपर से बाहर आती है, जिस से लिप कै्रक होता है. -कुछ टूथपेस्ट कई बार होंठों की त्वचा को सूट नहीं करते. ऐसे में होंठों का फटना जारी रहता है. -कई बार अगर खट्टे फल, जूस, सौस आदि होंठों में ऐलर्जी पैदा करें तो भी उन के फटने की संभावना रहती है. -कुछ दवाओं के सेवन से भी होंठ फटते हैं. इसलिए उन दवाओं का सेवन करते हुए ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ, जूस और पानी पीना चाहिए. इस संदर्भ में कौस्मैटिक सर्जन डा. जेम्स डिसिल्वा बताते हैं कि यह जरूरी नहीं कि केवल धूप में जाने वाली महिलाओं के ही होंठ फटते हों. घर में रहने वाली महिलाओं को भी अगर गरम और सूखी हवा लगेगी, तो उन के भी होंठ फटेंगे. होंठों की त्वचा संवेदनशील होती है. अगर सही तरह से इन्हें लुब्रिकैंट नहीं करेंगी तो क्रैक्स आएंगे ही. कुछ घरेलू उपायों को अपना कर आप स्वस्थ होंठ पा सकती हैं… -गरमी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें. इस से शरीर की नमी के साथसाथ होंठों की नमी भी बनी रहेगी. -सुबह ब्रश करते समय अगर लगे कि होंठों में ड्राईनैस है, तो लिप ब्रश को हलके हाथों से होंठों पर फेर लें. बाद में अच्छी तरह लिपबाम लगाएं. -रात में सोते समय पैट्रोलियम जैली या कोकोनट औयल अथवा फ्रैश मलाई लगाएं. इस से होंठों के अंदर की नमी अंदर ही रहेगी और वे मुलायम रहेंगे. -मेकअप करते समय लिपग्लौस का प्रयोग न कर यूवी रेज को सोख लेने वाला लिपबाम लगाएं. यह अच्छे ब्रैंड का ही खरीदें. -होंठ ज्यादा फटें तो लिप मौइश्चराइजर और लिपबाम दोनों दिन में 3-4 बार लगाएं. खानपान में पोषक तत्त्वों की पर्याप्त मात्रा हो. विटामिन सी, विटामिन ई, हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन हमेशा करें. -गरमी के मौसम में लस्सी का सेवन जितना अधिक करेंगी होंठों की सेहत के लिए वह उतना ही अच्छा रहेगा. डा. आमोद राव कहते हैं कि आजकल की लड़कियां स्लिमट्रिम होने के चक्कर में अपना खानपान सही तरीके से नहीं करतीं. जंक फूड खाती हैं. ऐसे में शरीर में पोषक तत्त्वों की मात्रा में कमी आ जाती है, जिस का असर सब से पहले होंठों पर ही पड़ता है. इस के अलावा धूम्रपान करने से भी होंठ फटते हैं. होंठों को सुंदर बनाने के घरेलू नुसखेः -थोड़ा सा शहद, चीनी और नीबू का रस मिला कर फ्रिज में रख लें. फिर जब भी समय मिले होंठों पर लगाएं. धूप में काम करने वाली महिलाएं इसे जरूर लगाएं. -अगर होंठ अधिक फटे हों तो टमाटर के रस में देशी घी या मलाई मिला कर होंठों पर लगा कर त्वचा के चिकना होने तक लगा रहने दें.  

realme GT 7 सीरीज 27 मई को देगी दस्‍तक

नई दिल्ली realme GT 7 सीरीज कई दिनों से सुर्खियों में है। अब कंपनी ने इसकी लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म कर दिया है। realme GT 7 सीरीज को 27 मई को ग्‍लोबली पेश किया जाएगा। एक इवेंट फ्रांस के पेरिस में होने जा रहा है। रियलमी ने यह भी कन्‍फर्म किया है कि वह realme GT 7 Pro में सबसे तेज प्रोसेसर स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट देने जा रही है। बताया गया है कि नया जीटी फोन इंडस्‍ट्री में पहला होगा, जिसमें ग्राफेन कवर आइससेंस डिजाइन होगा। आंकड़े गवाह हैं कि रियलमी का यूजर बेस एक बार फ‍िर से बढ़ने लगा है। भारत में भी उसके प्रोडक्‍ट्स जोर पकड़ रहे हैं। इस साल हुए मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस (MWC) में कंपनी ने अपना विजन पेश किया था। वह अपना ग्‍लोबल यूजर बेस बढ़ाने पर फोकस कर रही है। realme GT 7 सीरीज को भारत में भी पेश किया जाएगा। हाल ही में इसे बीआईएस लिस्टिंग में देखा गया था, जिसके बाद माना जा रहा है कि फोन को इंडिया में ग्‍लोबल लॉन्‍च के साथ ही दिखाया जा सकता है। नई रियलमी सीरीज के बारे में अभी ज्‍यादा जानकारी नहीं है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ स्‍पेसिफ‍िकेशंस का अनुमान जरूर लगाया गया है। Realme GT 7 के अनुमान‍ित स्‍पेसिफ‍िकेशंस कहा जाता है कि Realme GT 7 इं‍डस्‍ट्री का पहला स्‍मार्टफोन होगा, जिसमें 120 फ्रेम प्रति सेकंड तक लगातार 6 घंटे स्‍टेबल गेमिंग की जा सकेगी। डिवाइस को पबजी बनाने वाली क्राफ्टन के साथ मिलकर टेस्‍ट भी किया गया है। इससे पहले गीकबेंच लिस्टिंग के हवाले से कहा गया था कि फोन में मीडियाटेक का डाइमेंसिटी चिपसेट होगा, लेकिन अब स्‍नैपड्रैगन प्रोसेसर होने की बात कन्‍फर्म है। कहा जाता है कि फोन में 8 जीबी रैम ऑफर की जाएगी। यह लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर रन कर सकता है। कंपनी इस फोन में कई एआई फीचर्स भी ऑफर करेगी, लेकिन उनके बारे में ज्‍यादा डिटेल अभी नहीं मिली है। भारत में नए रियलमी फोन को कंपनी की ऑफ‍िशियल वेबसाइट के अलावा एमेजॉन से लिया जा सकेगा। 10 हजार एमएएच बैटरी वाला रियलमी फोन रियलमी ने हाल ही में एक कॉन्‍सेप्‍ट फोन के बारे में भी बताया है। वह भी रियलमी जीटी फोन है, जिसमें 10 हजार एमएएच बैटरी लगाई गई है। फोन में इतनी बड़ी बैटरी लगाने के लिए उसके आर्किटेक्‍चर में भी बदलाव किए गए हैं। क्‍योंकि 10 हजार एमएएच बैटरी वाला फोन एक कॉन्‍सेप्‍ट फोन है, इसलिए इसके लॉन्‍च होने की उम्‍मीद नहीं है।

Meta WhatsApp में जोड़ेगा दो नए AI आधारित फीचर्स

नई दिल्ली Meta की ओर से लगातार बेहतरीन फीचर्स WhatsApp में जोड़े जा रहे हैं। इससे WhatsApp को इस्तेमाल करने का यूजर्स का अनुभव समय के साथ और भी अच्छा होता गया है। अब इसी कड़ी में Meta, WhatsApp में दो नए AI आधारित फीचर्स लेकर आने वाला है। इनके बारे में WhatsApp के बीटा वर्जन में पता चला है। इन नए फीचर्स की मदद से यूजर अपने मैसेजेस को आसानी से मैनेज कर पाएंगे और साथ ही अपनी चैट्स को अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज कर सकेंगे। चलिए इन फीचर्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। मैसेज समराइजेशन फीचर कई बार ऐसा होता है कि जिस समय आप WhatsApp पर एक्टिव नहीं होते उस दौरान ग्रुप्स में लंबी-लंबी बातचीत हो रही होती है। ऐसे में जब आप उन मैसेजेसे को देखते हैं, तो आपके लिए पूरी बातचीत को समझ पाना आसान नहीं रह जाता। इसके लिए आपको सारे मैसेजेस एक-एक कर पढ़ने पड़ते हैं। इस समस्या को दूर करने के इरादे से WhatsApp, मैसेज समराइजेशन फीचर लेकर आ रहा है। इस फीचर के बाद आपको “Summarise with Meta AI” फीचर अपनी चैट्स में दिखाई देगा। यह सिर्फ तभी दिखेगा जब आपने किसी चैट में ढेर सारे मैसेजेस पढ़े नहीं होंगे। इस बटन पर क्लिक करते ही आपको सारी बातचीक का सारांश पढ़ने को मिल जाएगा। इससे आपको एक-एक कर सारे मैसेजेस पढ़ने की जरूरत नहीं रहेगी और आप कम से कम समय में पूरी चैट को समझ जाएंगे। Meta का कहना है कि यह फीचर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को सपोर्ट करेगा। यानी AI मैसेज की समरी तैयार करते वक्त यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। AI वॉलपेपर्स दूसरा फीचर AI से लैस वॉलपेपर बनाने से संबंधित होगा। यह Meta AI के जरिए काम करेगा। यह यूजर्स को अपने चैट बैकग्राउंड को पर्सनलाइज करने की सुविधा देगी। इस फीचर के आने के बाद WhatsApp की वॉलपेपर सेटिंग्स मेन्यू में एक नया “Create with AI” ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें यूजर्स अपनी पसंद का सीन या स्टाइल टेक्स्ट में डिस्क्राइब करके अपने पसंद का वॉलपेपर Meta AI से बनवा पाएंगे। AI आपके टेक्सट के आधार पर कई वॉलपेपर के ऑप्शन्स देगा। इस फीचर की मदद से चैट्स को क्रिएटिव और पर्सनल बनाने का मौका मिलेगा. AI फीचर्स के साथ बदलेगा WhatsApp? WhatsApp पर आने वाले ये दोनों ही फीचर्स बताते हैं कि AI को रोजमर्रा के ऐप फंक्शन्स में शामिल किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आगे-आगे ऐसे और फीचर्स देखने को मिलेंगे जिन्हें AI की मदद से पूरा किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि WhatsApp अब सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं है रह जाएगा बल्कि यह AI के जरिए कम्युनिकेशन, ऑर्गनाइजेशन और पर्सनलाइजेशन का नया तरीका बना जाएगा। फिलहाल ये फीचर्स बीटा टेस्टिंग में हैं। ऐसे में आम यूजर्स के लिए यह जल्द उपलब्ध करवाए जाएंगे। आपको ये फीचर्स मिले कि नहीं यह चेक करने के लिए अपने ऐप का अपडेट रखें। फिलहाल ये Android बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है लेकिन जल्द इसे iOS के लिए भी तैयार किया जाएगा।

Lava Agni 3 की कीमत में कटौती

नई दिल्ली भारतीय स्‍मार्टफोन ब्रैंड लावा ने लिमिटेड पीरियड ऑफर के लिए Lava Agni 3 की कीमत में कटौती की है। यह दो डिस्‍प्‍ले वाला स्‍मार्टफोन है, जो 5जी कनेक्टिविटी ऑफर करता है। Lava Agni 3 को बैंक ऑफर्स के साथ 5 हजार रुपये कम में लिया जा सकता है। यह फोन 20,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्‍च किया गया था। कंपनी ने यह भी बताया है कि डिस्‍काउंट को लिमिटेड टाइम के लिए लाया गया है और यह अग्‍न‍ि3 के सभी मॉडलों पर लागू होगा। 10 मई से 18 मई तक खरीदारी करने पर छूट की पेशकश की जाएगी। Lava Agni 3 पर ऑफर यूजर्स Lava Agni 3 का जो भी मॉडल लेंगे, उस पर डिस्‍काउंट लागू होगा। यूजर्स को एमेजॉन पर जाकर एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड ईएमआई पेमेंट का विकल्‍प चुनना होगा। Lava Agni 3 के फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस Lava Agni 3 में 6.78 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह फुल एचडी प्‍लस रेजॉलूशन ऑफर करता है। पीक ब्राइटनैस 1200 निट्स है। वाइडवाइन एल1 सपोर्ट होने का दावा कंपनी करती है, जिसका मतलब है कि नेटफ्लिक्‍स व अन्‍य ओटीटी के कंटेंट को ऑनलाइन एचडी में देखा जा सकता है। फोन का दूसरा डिस्‍प्‍ले इसके बैक साइड में है। छोटा सा है। कैमरा मॉड्यूल के पास है, जिसमें नोटिफ‍िकेशन देखे जा सकते हैं। Lava Agni 3 में मीडियाटेक का डाइमेंस‍िटी 7300एक्‍स च‍िपसेट दिया गया है। फोन में 8 जीबी रैम है। 5 हजार एमएएच की बैटरी इसमें दी गई है, जो 66 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि पिछले साल जब कंपनी ने यह फोन लॉन्‍च किया था, जब बॉक्‍स में चार्जर नहीं दे रही थी। चार्जर के साथ फोन की कीमत अधिक थी। इसलिए डिवाइस खरीदते समय यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें चार्जर मिलता है या नहीं। Lava Agni 3 में 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा सेंसर है। साथ में 8 मेगापिक्‍सल के दो कैमरा लगाए गए हैं। रियर कैमरा सपोर्ट करता है ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन यानी ओआईएस को। यह डिवाइस 16 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा ऑफर करती है। हालांकि एंड्रॉयड 14 ओएस पर रन करती है। इस साल गूगल एंड्रॉयड 16 को पेश करने वाली है। लावा अग्नि 3 में वह आएगा या नहीं, अभी स्‍पष्‍ट नहीं है। हालांकि कंपनी एंड्रॉयड अपग्रेड देने का दावा करती है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान हिला, कर रहा साइबर वार, खुदको ऐसे रखे सेफ

नई दिल्ली भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गई है। अब पाकिस्तान के ऊपर भी कुछ न कुछ करता हुआ दिखने का प्रेशर है। भारतीय सेनाओं की मुस्तैदी को देखते हुए पाकिस्तान और कुछ न कर पाए लेकिन साइबर अटैक बढ़ा सकता है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान द्वारा डिफेंस वेबसाइट्स को हैक करने की खबरें भी आई थीं। ऐसे में हो सकता है कि आम नागरिकों पर भी साइबर अटैक तेज हो जाएं। ऐसे में आज हम आपको 5 ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहा हैं जिन्हें अपना कर आप किसी भी तरह के साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। मजबूत पासवर्ड बनाएं आप ये समझ सकते हैं कि आपके और साइबर अटैक करने वाले के बीच कोई है, तो वह आपका पासवर्ड है। ऐसे में आपका पासवर्ड मजबूत होना जरूरी है। अगर आपका पासवर्ड बहुत ही आसान या अनुमान लगाने लायक है, तो कोई भी हैकर उसे कुछ ही समय में तोड़ सकता है। इसलिए हमेशा ऐसा पासवर्ड चुनें जिसमें अंग्रजी के बड़े अक्षर जैसे कि A-Z, छोटे अक्षर जैसे कि a-z, नंबर्स जैसे कि 0-9 और स्पेशल कैरेक्टर जैसे कि @, #, $, ! आदि शामिल हों। एक और ज़रूरी बात यह है कि हर वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें। अगर आप एक ही पासवर्ड हर जगह इस्तेमाल करते हैं, और वह कहीं लीक हो जाए, तो बाकी सभी अकाउंट भी खतरे में आ सकते हैं। इस एक चीज का ध्यान रख कर आप आसानी से ज्यादातर साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें आजकल साइबर अटैक का सबसे आसान तरीका है नकली ईमेल या मैसेज भेजकर लोगों को धोखा देना। इन ईमेल में अक्सर कोई लुभावनी बात लिखी होती है। जैसे कि कोई ऑफर, इनाम या जरूरी जानकारी। इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से वायरस आपके फोन या कंप्यूटर में आ सकता है, या आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है। ऐसे में साइबर अटैक से बचने का सबसे आसान तरीका है कि किसी भी अनजान लिंक आदि पर क्लिक न करना। सॉफ्टवेयर और ऐप को अपडेट रखें आपके मोबाइल, लैपटॉप और ऐप्स में समय-समय पर अपडेट आते हैं। इन अपडेट्स में सिर्फ नए फीचर्स ही नहीं, बल्कि पुरानी सुरक्षा खामियों, जिन्हें कि बग्स भी कहा जाता है, को भी ठीक किया जाता है। अगर आप अपने डिवाइस या ऐप्स को बिना अपडेट के लंबे समय तक इस्तेमाल करते रहते हैं, तो साइबर अटैक करने वाले पुराने बग्स का फायदा उठाकर हैकिंग को अंजाम दे सकते हैं। पब्लिक Wi-Fi से दूर रहें किसी कैफे, मॉल, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जैसी जगहों पर मिलने वाला फ्री Wi-Fi भले लुभाता हो लेकिन इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए। दरअसल इस तरह के नेटवर्क से जुड़कर कोई हैकर आपका डेटा चोरी कर सकता है जैसे कि आपके बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या चैट। अगर कभी मजबूरी में इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल करना भी पड़े, तो कोई संवेदनशील काम कभी न करें जैसे बैंकिंग, खरीदारी या OTP से होने वाले लॉग-इन। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन कर लें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सुरक्षा की एक अरिक्त लेयर की तरह है। सुरक्षा की पहली लेयर आपका पासवर्ड होता है। अगर कभी किसी वजह से आपके पासवर्ड का तोड़ साइबर अटैक करने वाले निकाल लें, तो आपकी सुरक्षा का काम टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन करती है। इस फीचर को आप जहां भी ऑन करेंगे वहां लॉग-इन करने के बाद एक और स्टेप को पूरा करना पड़ता है। इस स्टेप में जब तक आप या हैकर उस OTP को उपलब्ध न कराए जो कि आपके दिए हुए फोन नंबर या ईमेल पते पर आता है, तब तक कोई भी आपके अकाउंट में लॉग-इन नहीं कर सकता। इससे आपकी सुरक्षा किसी भी साइबर हमले से निपटने के लिए बढ़ जाती है।

कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने जारी किए निर्देश, इन जगहों को टार्गेट कर सकता है पाकिस्‍तान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्‍तान को जबरदस्‍त चोट पहुंचाई है। आतंकी ठिकाने तो उसके तबाह हुए ही हैं, पाक की सैन्‍य विफलता भी सामने आई है। भारत से मुकाबला करने में अक्षम पाकिस्‍तान अब देश में कुछ खास जगहों को टार्गेट करना चाह रहा है। पाक की इस हिमाकत को रोकने के लिए कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम (CERT-In) ने कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं। यह खतरा साइबर हमले का है, जिसके तहत महत्‍वपूर्ण संस्‍थानों को निशाना बनाया जाने की कोशिश की जा सकती है। हाल के दिनों में पाकिस्‍तान ने भारतीय संस्‍थानों को टार्गेट करते हुए कई साइबर अटैक किए, लेकिन उनमें से ज्‍यादातर विफल रहे हैं। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने देश के प्रमुख वित्तीय संस्‍थानों और अन्‍य महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर हमले से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सरकार ना सिर्फ सरकारी संस्‍थानों पर ध्‍यान दे रही है, वह प्राइवेट सेक्‍टर पर भी फोकस कर रही है। सरकार यह सुनिश्‍चित करना चाहती है कि सभी सेक्‍टर अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करें ताकि दुश्‍मन देश के किसी भी नेटवर्क पर ना घुस पाए। साइबर हमलों से निपटने पर काम तेज साइबर हमलों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पहलगाम हमले के बाद ही साइबर अटैक को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी। अब CERT-In ने बैंकों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। सभी को साइबर सुरक्षा पर अलर्ट रहने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नैस्‍कॉम के साथ मिलकर सरकार साइबर सुरक्षा को पुख्‍ता बनाने पर काम कर रही है। एक बड़ा अलर्ट सिस्‍टम बनाने की तैयारी है, ताकि दुश्‍मन के किसी भी ऑनलाइन हमले से निपटा जा सके। DDoS अटैक से हैकिंग की कोशिश रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्‍तान की तरफ से DDoS अटैक करके भारतीय वेबसाइटों को हैक करने की खूब कोशिश हुई है। इस तरह के अटैक में किसी वेबसाइट के सर्वर पर बहुत ज्‍यादा ट्रैफ‍िक भेजा जाता है। उससे वेबसाइट डाउन हो जाती है और हैकर्स को उसे कंट्रोल करने के रास्‍ते मिल जाते हैं। हाल में देखा गया था कि कुछ हैकरों ने भारत के सरकारी विभागों से जुड़ी वेबसाइटों को हैक करके उनके जरिए अपना प्रोपोगैंडा फैलाने की कोशिश की। ऐसे खतरों से निपटने के लिए साइबर सिक्‍योरिटी पर काम करना बहुत जरूरी है। तमाम राज्‍य सरकार के कई ऐसे डिपार्टमेंट हैं, जिनकी वेबसाइटों को अक्‍सर निशाना बनाया जाता है। पहलगाम हमले के बाद पाक‍िस्‍तानी हैकरों ने राजस्‍थान सरकार की एक वेबसाइट को टार्गेट किया था।

बोल सफलता पाने में मदद करेंगे स्वामी विवेकानंद जी के ये बोल

लाइफ में सफलता बेहद जरूरी है। पढ़ाई से लेकर रिश्तों और करियर, हर जगह आप खुद को टॉप पर देखना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूर होती है। अगर आप खुद को लाइफ में सक्सेस पाने के लिए मोटिवेट करना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद के इन स्लोगन को जरूर याद रखें। जो आपको लक्ष्य से भटकने नहीं देंगे और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। -उठो, जागो और तब तक ना रुको जब तक कि तुम अपने लक्ष्य को हासिल ना कर लो। -एक विचार को उठाओ और उसे अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो, उसी के सपने देखो, उसी विचार के साथ जियो। शरीर के हर अंग में अपने लक्ष्य, विचार को भरो। जीवन की बाकी सभी बातों, विचारों को छोड़ दें। यहीं सफल होने का रास्ता है। स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि तभी सफलता मिलेगी। -अपने स्वभाव और व्यवहार के प्रति सच्चा रहना ही सबसे बड़ा धर्म है। खुद पर विश्वास रखो और आगे बढ़ो। स्वामी विवेकानंद के ये बोल बताते हैं कि हमेशा अपने ऊपर भरोसा करते हुए अपने मन की बातों को जरूर सुनना चाहिए। तभी सफलता हासिल होती है। -स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि बह्मांड की सभी शक्तियां पहले से ही हमारी हैं। ये हम ही हैं तो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और रोते हैं कि अंधेरा है। -जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आए, इसका मतलब है कि आप गलत रास्ते पर चल रहे है। जीवन के लक्ष्य हासिल करने में मुश्किल और चुनौतियों का सामना करना ही पड़ता है। -खड़े हो, साहसी बनो, मजबूत बनों और सारी जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर लो। जानों कि अपने भाग्य के निर्माता तुम खुद हो। तभी जीवन में सफलता हाथ लगेगी। -स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि ये दुनिया एक अखाड़ा है, जहां तुम खुद को मजबूत बनाने के लिए आए हो।

AI को लोग मानने लगे भगवान! रिश्तों पर भारी पड़ रहा ChatGPT

नई दिल्ली OpenAI के एआई टूल ChatGPT का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अब लोगों के रिश्तों पर भारी पड़ने लगा है। एक रिपोर्ट निकल कर आई है जिसमें बताया गया है कि ‘ChatGPT इंड्यूस्ड साइकोसिस’ नाम की एक कंडीशन के चलते लोग अब ChatGPT का ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से अपने रिश्तों से हाथ धो रहे हैं। इस कंडीशन में किसी को भी ChatGPT के ज्यादा इस्तेमाल से ऐसा आभास हो सकता है कि उसे ChatGPT की ओर से स्पिरिचुअल मैसेजेस मिल रहे हैं। ये मामले आए सामने इस कंडीशन की वजह से लोगों के रिश्तों पर आने वाली आंच के कई मामले ऑनलाइन चर्चा का विषय बन चुके हैं। एक मामला कैट नाम की महिला से जुड़ा है। वह एक एनजीओ में काम करती हैं और पैनडेमिक के दौरान उन्होंने शादी की थी। शादी के एक साल बाद कैट के पति ने ChatGPT का इस्तेमाल करना शुरू किया। धीरे-धीरे वह इसका इस्तेमाल मैसेजेस लिखने और अपने रिश्ते को परखने के लिए करने लगे। इसके चलते 2023 तक कैट को अपने पति से अलग होना पड़ा। कुछ समय बात कैट को अपने दोस्तों से पता चला कि उनके पति काफी विचित्र तरह का कंटेंट ऑनलाइन पोस्ट कर रहे थे। इसके कुछ समय बाद जब कैट अपने पति से मिलीं, तो उनके पति ने उन्हें बताया कि ChatGPT ने उन्हें कई स्थितियों से उबरने में मदद की है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि ChatGPT की मदद से वह अपनी बचपन की कुछ यादों से रूबरू हो पाए हैं। Reddit पर दिखा एक और मामला इसी तरह का एक और वाक्या रेडिट पर एक महिला ने शेयर किया कि उनका साथी ChatGPT का इस्तेमाल अपना डेली शेड्यूल व्यवस्थित रखने के लिए करता था। हालांकि एक महीने में उन्हें यह विश्वास होने लगा कि ChatGPT उन्हें ब्रह्माण से जुड़े जवाब दे रहा है। उस महिला ने यह भी बताया कि ChatGPT उनके साथी को रिवर वॉकर और स्टार चाइल्ड नाम से संबोधित करता था। इसकी वजह से उनका साथी यह सोचने लगा कि वह किसी दैवीय शक्ति से बातचीत कर रहा है। उस महिला ने रेडिट पर लिखा कि उनके साथी ने कुछ समय बाद उनसे रिश्ता खत्म करने की बात कही क्योंकि वह ChatGPT को अपने साथी की तरह भगवान नहीं मान रहीं थी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि AI का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल इस तरह की स्थितियों की वजह बना है। दरअसल एक थेरेपिस्ट जानता है कि उसके पेशेंट की क्या समस्या है और उसे किस तरह से सही रास्ते पर लाना है और इसके लिए किन तरीकों का इस्तेमाल सही है। हालांकि AI इस तरह की सीमाओं को नहीं समझता है। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी बताया है कि ChatGPT की वजह से अपने पार्टनर के साथ उनका कम्युनिकेशन बेहतर हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की मदद करने स्मार्टफोन यूजर बरते ये सावधानियां

नई दिल्ली भारत ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पाकिस्तान व POK के कई इलाकों में कार्रवाई की। इसके बाद हो सकता है कि पाकिस्तान की तरफ से भी किसी तरह की गुस्ताखी की जाए। ऐसे में हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय सेनाएं पूरी तरह से तैयार हैं। इन स्थितियों में अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर हैं, तो कुछ सावधानियां आपको भी बरतनी चाहिए। आज हम कुछ ऐसी ही जरूरी एहतियातों के बारे में बताएंगे जिनका ध्यान रखते हुए आप न सिर्फ अपनी बल्कि भारतीय सेनाओं की भी मदद कर सकते हैं। सेना की गतिविधियां शेयर न करें पिछले दिनों भारतीय सेना के प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी और लेखक रहे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने सभी नागरिकों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सैन्य टुकड़ी या वाहन की फोटो या वीडियो शेयर न करें। इस तरह की अपील मीडिया चैनलों से भी हुई है। आजकल क्योंकि हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन के रूप में एक कैमरा है इसलिए आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके आस-पास होती किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर न किया जाए। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने अपनी अपील में कहा था कि ऐसा करके लोग अनजाने में दुश्मन की मदद कर सकते हैं। ऐसे में एक स्मार्टफोन यूजर के तौर पर इस एहतियात का जरूर पालन करें। लोकेशन बंद रखें अपने स्मार्टफोन की GPS लोकेशन चालू रहने से आपकी रियल-टाइम मूवमेंट ट्रैक हो सकती है। दुश्मन इस तकनीक के जरिए आपकी जगह का पता लगा सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप मॉक ड्रिल या किसी युद्ध की स्थिति में बंकर में छिपे हैं और फोन में लोकेशन ऑन है, तो वह पकड़ा जा सकता है। इसलिए तनाव की स्थिति में अपनी लोकेशन को बंद रखें। अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें युद्ध जैसी स्थितियों में पाकिस्तान खुद को मजबूर पाता है, तो हो सकता है कि वह साइबर हमले तेज कर दे। ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें। इन लिंक्स या मैसेजेस में वायरस या ट्रैकिंग टूल हो सकता है। इस समय आपको ऐसे मैसेजेस के साथ लिंक मिल सकते हैं कि “क्लिक करो और जानो कहां हमला हुआ” हालांकि ऐसी चीजें सच नहीं होतीं। ये फोन को हैक करने या आपका बैंक साफ करने की साजिश भी हो सकती है। फेक न्यूज से बचें और न फैलाएं सोशल मीडिया पर झूठी खबरें बहुत जल्दी फैलती हैं। तनाव की स्थिति में अफवाहें अफरा-तफरी की वजह बन सकती हैं। ऐसे में किसी भी खबर को आगे शेयर करने से पहले उसकी ऑनलाइन जांच कर लें। ऐसा करके आप अपनी सरकार को व्यर्थ की अफरा-तफरी को समेटने की स्थिति में लाने से रोक सकते हैं। इस तरह की कोशिशों का असली मकसद लोगों में तनाव और समाज में अफरा-तफरी फैलाना ही होता है। ऐसे में गलत खबरों को फैलाने से रोक कर और अगर संभव हो, तो इस तरह के ग्रुप्स को रिपोर्ट करके आप एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज अदा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा को रोकें तनाव की स्थितियों में अक्सर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं। ऐसे में आप किसी प्रोपेगेंडा की सही जानकारी उपलब्ध करवा कर उसकी पोल खोल सकते हैं। ऐसा करते हुए ध्यान दें कि आप पुख्ता सूत्रों से जानकारी को शेयर करें और अपनी बात सोशल मीडिया पर रखते हुए किसी से उलझने और खराब भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। आपका मकसद प्रोपेगेंडा की पोल खोलना होना चाहिए न कि किसी से बहस में उलझना।

पुराने लहंगे के लुक को यूं बदलें ट्रेंडी स्टाइल में

अगर आप अपनी शादी के लहंगे को कई बार पहन चुकी हैं और अब उसे पहनते- पहनते बोर हो चुकी हैं, तो हम आपको बता रहे हैं 4 तरीके, जिससे आप अपने लहंगे को रिसाइल कर सकती हैं। सबसे पहले बदले लहंगे का लुक सबसे पहले आप अपने लहंगे का लुक बदल डालें। लहंगे को आप साड़ी स्टाइल, गुजराती लंहगा स्टाइल या रिस्ट स्टाइल (जिसमें दुपट्टे का एक कोना अपनी कलाई पर बांधते हैं) में पहन सकती हैं। इसमें आपको केवल करना होगा अपने लहंगे के साथ थोड़ा एक्सपेरिमेंट। इसमें आपके काम आएगा आपका टेलर। आप इसे ट्रडिशनल से हटाकर वेस्टर्न भी बना सकती हैं और वो हो सकता है साड़ी गाउन के रूप में। लहंगे को बनाएं अनारकली अगर आपके पास कोई अच्छा टेलर है, तो आप अपने लहंगे या चोली (ब्लाउज) का अनारकली भी बनवा सकती हैं। ऊपर के लिए सिंपल फैब्रिक को लहंगे के घेरे के साथ सिलवा लें। ऐसे ही अगर चोली का अनारकली बनवाना है, तो इसके नीचे किसी अच्छे फैब्रिक की कलियां जुड़वा लें। चोली से बनाएं ब्लाउज शादी के लहंगे की चोली के साथ एक्सपेरिमेंट करें और इसे किसी साड़ी के साथ पहनें। जैसे अगर आपके पास एम्ब्रॉयडरी वाली क्रेप चोली है, तो इसे सिंपल क्रेप साड़ी के साथ पेयर करें। वेलवेट चोली को नेट साड़ी या वेलवेट साड़ी के साथ पहनें। दोस्त की शादी या कोई फंक्शन अटेन्ड करना हो, तो कोई सिंपल लहंगा खरीदें और उसे शादी की चोली और दुपट्टे के साथ पहन लें। ऐसा करके आपके पैसे भी बचेंगे और लहंगा भी यूज हो जाएगा। अलग- अलग ड्रेस के साथ पेयर करें दुपट्टा लंहगे के दुपट्टे को स्ट्रेट फिट वाले सूट, अनारकली या फिर पटियाला सलवार-कमीज के साथ मिक्स एंड मैच करके पहनें। अगर आपका वेडिंग दुपट्टा नेट या टिशू का है, तो इसे सिर्फ उसी कलर के रॉ सिल्क सूट या वेल्वेट अनारकली के साथ ट्राय करें। अगर आपका दुपट्टा जॉर्जेट का है तो इसे क्रेप या कॉटन सलवार-कमीज के साथ पहनें। मिक्स एंड मैच दुपट्टा आप लहंगे के साथ का दुपट्टा छोड़ दें। इसके साथ मिक्स एंड मैच करवाएं कॉट्रस्ट दुपट्टा। यह आपके लहंगे का पूरा लुक बदल देगा।  

Sony लॉन्‍च कर रही नया Xperia 1 VII स्‍मार्टफोन

नई दिल्ली आज से करीब 10 साल पहले सोनी स्‍मार्टफोन मार्केट में अलग पहचान बनाकर चलती थी। उसके एक्‍सपीरिया फोन जिस हाथ में होते, अलग ही लुक्‍स बिखेरते थे। उसके स्‍पीकरों की छनछनाहट कानों में घुल जाती थी। तब एमपी3 म्‍यूजिक प्‍लेयर सोनी एक्‍सपीरिया के फोन में खूब बजाया जाता था। वक्‍त ने करवट बदली और चीनी कंपनियों के आगे सोनी की चमक फीकी पड़ गई। ये और बात है कि तमाम चीनी कंपनियां अपने स्‍मार्टफाेन कैमरों में सोनी का सेंसर लगाती आई हैं। सोनी अब एक बार फ‍िर से स्‍मार्टफोन मार्केट में नया फोन लेकर आ रही है। Sony Xperia 1 VII को 13 मई को लॉन्‍च किया जाएगा। पर क्‍या यह फोन भारतीय मार्केट में खरीदा जा सकेगा, आइए जानते हैं। Sony Xperia 1 VII लॉन्‍च डेट Sony Xperia 1 VII की घोषणा 13 मई को की जाएगी। एंड्रॉयड हेडलाइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी जापान में लॉन्‍च इवेंट करने जा रही है। हालांकि यह फोन ग्‍लोबल मार्केट्स में थोड़े दिनों बाद ही आएगा। रिपोर्टों के अनुसार, जापान से बाहर यह डिवाइस जुलाई में दस्‍तक दे सकती है। भारत में फोन आएगा या नहीं, अभी जानकारी नहीं है। उसके बाद ही पता चलेगा कि भारतीय यूजर्स इसे कब और कैसे खरीद पाएंगे। सोनी ने इस बारे में अभी कुछ नहीं बताया है। सिर्फ लॉन्‍च डेट का खुलासा किया है। पुराने फोन्‍स जैसा डिजाइन रिपोर्टों के अनुसार, Sony Xperia 1 VII में इसके पिछले मॉडल जैसा डिजाइन ही दिया जाएगा। रेंडर्स में भी फोन का डिजाइन सामने आ चुका है। खास बात है कि कंपनी लंबे वक्‍त से एक जैसा डिजाइन फॉलो कर रही है। इसीलिए सोनी फोन्‍स भीड़ में भी अलग दिखाई देते हैं। अपकमिंग सोनी स्‍मार्टफोन को गीकबेंच पर भी स्‍पॉट किया जा चुका है। इसमें अबतक का सबसे तेज स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर मिलेगा। फोन में 12 जीबी रैम दी जाएगी। Sony Xperia 1 VII के अनुमानित फीचर्स Sony Xperia 1 VII में 6.5 इंच का डिस्‍प्‍ले दिया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार यह फोन एंड्रॉयड 15 ओएस पर चलेगा और लॉन्‍च होने के कुछ टाइम बाद ही इसमें एंड्रॉयड 16 सपोर्ट भी आ जाएगा। कहा जाता है कि फोन में 48 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा दिया जाएगा, जो ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। साथ में 12 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा फोन में होगा। तीसरे सेंसर के तौर पर 12 मेगापिक्‍सल का पेरिस्‍कोप कैमरा दिया जाएगा। फोन में 12 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा मिलेगा। हाल ही में इस डिवाइस को US FCC से सर्टिफ‍िकेशन मिला है। इससे पता चलता है कि अन्‍य स्‍मार्टफोन्‍स के मुकाबले डिजाइन में यह थोड़ा मोटा होगा। फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी जाएगी। चार्जिंग स्‍पीड के बारे में अभी जानकारी नहीं है।

जंग छिड़ी तो आपके काम आएंगे ये 5 गैजेट्स

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि युद्ध की आहट अब सिर्फ सीमा पर नहीं, आपके शहरों तक गूंज रही है। भारत सरकार ने 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान किया है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि अगर आने वाले दिनों में ये मॉक ड्रिल असल युद्ध के हालात में बदलती है, तो किन हाई-इम्पैक्ट गैजेट्स को अपने साथ रखना समझदारी होगी? पहलगाम हमले के बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि युद्ध की आहट अब सिर्फ सीमा पर नहीं, आपके शहरों तक गूंज रही है। भारत सरकार ने 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान किया है। इस दिन हवाई हमले के सायरन, बंकर की प्रैक्टिस और अलर्ट मोड आदि से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि अगर आने वाले दिनों में ये मॉक ड्रिल असल युद्ध के हालात में बदलती है, तो किन हाई-इम्पैक्ट गैजेट्स को अपने साथ रखना समझदारी होगी? आज हम ऐसे ही 5 गैजेट्स के बारे में बात करेंगे जो युद्ध जैसी आपात स्थिति में आपके “साइलेंट सोल्जर्स” की तरह काम आएंगे। सोलर पावर बैंक युद्ध जैसी आपात स्थिति में बिजली की आपूर्ति समय-समय पर ठप होती है। ऐसे में अगर आपके पास एक सोलर पावर बैंक हो, तो आपके कई काम बेहद आसान हो जाएंगे। इस पावरबैंक को बिजली से चार्ज नहीं करना पड़ता। यह पावरबैंक सूरज की रोशनी से चार्ज होकर आपके मोबाइल, टॉर्च या रेडियो जैसे गैजेट्स को बार-बार चार्ज कर सकता है। अगर आप एक अच्छी क्वालिटी का सोलर पावर बैंक खरीदते हैं, तो उसमें आपको 10,000–20,000mAh की बैटरी मिल सकती है। इस तरह के पावर बैंक में आपको USB पोर्ट, टॉर्च और कभी-कभी डिजिटल डिस्प्ले जैसे फीचर भी मिल जाते हैं। इस एक छोटे से गैजेट की मदद से आप अपने कई अलग-अलग जरूरी गैजेट चार्ज रख पाएंगे और आपकी कनेक्टिविटी भी नहीं टूटेगी। हैन्ड क्रैंक रेडियो युद्ध की स्थिति में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार जानकारी रेडियो पर देती है। युद्ध के हालात में अपने पास एक रेडियो रखना समझदारी हो सकता है। अगर आप रेडियो को चार्ज करने को लेकर चिंतित हैं, तो Hand Crank Radio आपके काम आ सकता है। इसमें एक ऐसा मकैनिज्म होता है जिसे आप हाथ से घुमा कर चार्ज कर सकते हैं। रेडियो से आप सरकारी अलर्ट, मौसम की जानकारी और सुरक्षा निर्देश आदि सुन सकते हैं। कुछ रेडियो में टॉर्च, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और सोलर पैनल जैसे फीचर भी होते हैं। इसे आप आसानी से जेब में भी रख सकते हैं। मुश्किल समय में सही जानकारी पाना बेहद जरूरी हो जाता है और ऐसे में रेडियो को अपने जरूरी गैजेट्स में शामिल कर लेना चाहिए। टैक्टिकल फ्लैशलाइट इसमें कोई शक नहीं कि आपात स्थिति में एक टॉर्च बेहद मददगार साबित हो सकती है। हालांकि एक साधारण टॉर्च से कहीं ज़्यादा मज़बूत टैक्टिकल फ्लैशलाइट होती है। इसकी रौशनी भी एक आम टॉर्च के मुकाबले काफी तेज होती है। इसे रात में रास्ता देखने और इशारा देने के काम में भी लिया जा सकता है। इस तरह की कुछ फ्लैशलाइट वाटरप्रूफ भी होती हैं और इनमें SOS मोड, स्टन मोड और बैटरी सेविंग ऑप्शन भी होते हैं। ये फ्लैशलाइट एलुमिनियम की बिल्ड के साथ आती हैं और गिरने या टकराने से जल्दी टूटती नहीं। मल्टीटूल किट एक मल्टीटूल में चाकू, कैंची, स्क्रूड्राइवर, ओपनर, और प्लास जैसी कई चीजें एक साथ होती हैं। युद्ध जैसी स्थिति में एक मल्टीटूल किट बेहद काम का साबित हो सकता है। यह एक पॉकेट साइज गैजेट होता है जो स्टेनलेस स्टील से बना होता है और इसे बहुत आसानी से फोल्ड या अनफोल्ड किया जा सकता है। कुछ मल्टीटूल में फायर स्टार्टर या ग्लास ब्रेकर को भी शामिल किया जाता है। आपके आपातकालीन बैग में इस एक चीज का होना बहुत जरूरी है। पोर्टेबल स्टोव युद्ध की स्थिति में हो सकता है कि गैस या बिजली की सुविधा न हो, तो ऐसे में एक पोर्टेबल स्टोव बहुत काम आ सकता है। यह छोटा गैस स्टोव होता है जो खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसमें चाय, सूप या सादा खाना आसानी से बना सकते हैं। यह हल्का और फोल्डेबल डिजाइन के साथ आता है।

Vivo जल्द भारत में लॉन्च करेगा Vivo X200 FE

नई दिल्ली Vivo जल्द अपना कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन Vivo X200 FE भारत में लॉन्च कर सकता है। लीक्स में निकल कर आ रही जानकारी से पता चला है कि यह इसी साल जुलाई में लॉन्च हो सकता है। यह फोन चीन में अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुआ था। इससे पहले आशंका थी कि Vivo भारत में Vivo X200 Pro Mini को लॉन्च करेगा लेकिन भारत में Vivo की ओर से Vivo X200 FE को लॉन्च किया जाएगा। यह फोन Vivo X200 and X200 Pro से नीचे के मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा। SmartPrix ने अपनी एक रिपोर्ट में इस फोन के कुछ फीचर्स और लॉन्च डेट को लेकर जानकारी पेश की है। Vivo X200 FE के संभावित फीचर्स रिपोर्ट्स से पता चला है कि इस फोन के दो स्टोरेज वैरिएंट देखने को मिलेंगे। यह 12GB+256GB स्टोरेज और 16GB+512GB स्टोरेज के साथ आएगा। यह Vivo का एक कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन होने वाला है। इसमें 6.31-इंच की LTPO 1.5K OLED डिस्प्ले मिल सकती है। यह 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने वाला पैनल होगा। ये फोन MediaTek Dimensity 9300+ के साथ लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट में यह जानकारी भी दी गई है कि कंपनी इस प्रोसेसर की जगह Dimensity 9400e का इस्तेमाल भी कर सकती है। MediaTek Dimensity 9300+ के मुकाबले Dimensity 9400e चिपसेट ज्यादा बेहतर है। Vivo X200 FE के संभावित कैमरा फीचर्स Vivo X200 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 50MP Sony IMX921 प्राइमरी सेंसर, 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 50MP का 3X टेलीफोटो कैमरा मिल सकता है। सेल्फी लवर्स के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा होगा। वहीं X200 FE के अन्य फीचर्स में IP68/69 रेटिंग, 6,500mAh की बड़ी बैटरी, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और 90W फ़ास्ट चार्जिंग मिलेगी। इसके अलावा फोन में ढ़ेरों AI फीचर्स भी मिलेंगे। कीमत और लॉन्च डेट Vivo X200 FE के जुलाई में आने की उम्मीद है। वहीं इसके दोनों वेरिएंट 50,000 से 60,000 रुपये के बीच उपलब्ध होंगे। ऐसे में इस कॉम्पैक्ट फोन को लेकर लोगों के बीच क्रेज दिखने को मिल सकता है।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर दिन आ रहे नए आयाम, अगले 5 सालों में बदल देगी हमारी जिंदगी

नई दिल्ली टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन नए आयाम सामने आ रहे हैं। आने वाले 5 सालों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव देखने को मिलेंगे। रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पर्यावरण तक सभी इसके गवाह बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G से 6G नेटवर्क, स्मार्ट हेल्थ डिवाइसेज़, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे कुछ बदलाव हम आने वाले समय में देखेंगे। ये बदलाव हमें स्मार्ट बनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार करेंगे। इससे आम लोगों की जिंदगी की क्वालिटी पर गहरा असर भी होगा। आज हम भविष्य में आने वाली 5 ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में बात करेंगे जो अगले पांच साल में हमारी जिंदगी का चेहरा पूरी तरह से बदल देंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनरेटिव AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐसी तकनीक है जो इंसानों की तरह सोच सकती है। इस पर आज तेजी से काम हो रहा है और आने वाले समय में यह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा। जैसे अब कुछ समय से लोगों के लिए ChatGPT से सवाल-जवाब करना आम हो गया है, कुछ उसी तरह आने वाले सालों में AI हमारी पढ़ाई, ऑफिस का काम, हेल्थ और खरीदारी सबमें मदद करेगा। जैसे कि अगर आप एक बिजनेस चलाते हैं, तो AI आपके लिए ऑटोमैटिक रिपोर्ट बनाएगा, ग्राहक के सवालों का जवाब देगा। इसी तरह जनरेटिव AI जैसे टूल्स से आप वीडियो, म्यूजिक, या डिजाइन बेहद आसानी से खुद बना पाएंगे। आने वाले 5 सालों में बच्चे होमवर्क में, शिक्षक पढ़ाने में और बुज़ुर्ग दवा की जानकारी के लिए AI की मदद लेते नजर आएंगे। 5G और 6G टेक्नोलॉजी 5G इंटरनेट पहले से कहीं तेज है, और 6G इससे भी 100 गुना तेज होगा। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि ऑनलाइन सर्विसेज का इस्तेमाल इस तरह से किया जा सकेगा कि मानो वह आपके डिवाइस का इनबिल्ट हिस्सा हैं। कहने का मतलब है कि मोबाइल, टीवी, और स्मार्ट डिवाइसेज बिना रुकावट बहुत तेजी से काम कर पाएंगे। 5G और आगे 6G की वजह से आप गांव में डॉक्टर से लाइव वीडियो कॉल पर तुरंत इलाज ले पाएंगे। बच्चों की पढ़ाई भी AR और VR क्लासरूम से होगी। स्टूडेंट्स घर बैठे वर्चुअल क्लासरूम में पढ़ाई कर पाएंगे। साथ ही, स्मार्ट होम्स में हर चीज जैसे पंखा, बल्ब, दरवाजा जैसी चीजें ऐप से कंट्रोल हो सकेंगी। ये टेक्नोलॉजी हमारे जीवन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम कंप्यूटर बहुत ही एडवांस कंप्यूटर होते हैं जो एक साथ लाखों गणनाएं कर सकते हैं। अभी के कंप्यूटर एक समय में एक काम करते हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटर एक साथ कई मुश्किल काम बहुत तेजी से कर पाएंगे। इसे कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि अगर आज एक दवा बनाने में 5 साल का समय लगता है, तो क्वांटम कंप्यूटर से वही काम कुछ घंटों में हो सकता है। ये तकनीक बैंकिंग में धोखाधड़ी रोकने, मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने और साइबर सुरक्षा में भी जबरदस्त बदलाव लाएगी। आम आदमी के लिए ये तकनीक धीरे-धीरे काम में आएगी लेकिन इसका असर पूरे सिस्टम पर दिखने लगेगा। मेडिकल, रिसर्च और यहां तक कि सरकार की योजनाओं में भी इसे अपनाया जाने लगेगा। हेल्थ टेक्नोलॉजी और बायोटेक आज भी हेल्थ टेक्नोलॉजी इतने जबरदस्त तरीके से आगे बढ़ रही है कि आपकी घड़ी या अंगूठी भी बता सकती है कि आपका ब्लड प्रेशर या ऑक्सीजन लेवल कितना है। आने वाले सालों में ये टेक्नोलॉजी और बेहतर होगी। आप स्मार्टवॉच से पता लगा पाएंगे कि आपको डायबिटीज का खतरा है या नहीं? या फिर दिल तंदरुस्त है कि नहीं। इतना ही नहीं फोन में मौजूद AI डॉक्टर आपकी हेल्थ रिपोर्ट देखकर तुरंत इलाज का सुझाव देगा। वर्चुअल डॉक्टर से वीडियो कॉल पर सलाह लेना आज भी एक आम बात हो गई है। दवाओं की डिलीवरी भी ड्रोन या रोबोट के जरिए हुआ करेगी। इस तकनीक के गांवों तक पहुंचने से कई लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी के विकास की रफ्तार भले तेज हुई हो लेकिन अब कंपनियां पृथ्वी की खातिर ऐसी तकनीकें लेकर आ रही हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं। इसे ही सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी कहते हैं। आने वाले सालों में सोलर पैनल से बिजली बनाना, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, प्लास्टिक की जगह बायोडिग्रेडेबल चीजें इस्तेमाल करना आम हो जाएगा। ये सब ग्रीन टेक्नोलॉजी का हिस्सा होगा। सरकार भी ऐसी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगी और आम जनता के लिए इन्हें सस्ता बनाया जाएगा। ये बदलाव आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।

एक ही वैक्सीन से 15 तरह के कैंसर की रोकथाम, ब्रिटेन में शुरू हुई नई सुविधा

लंदन ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई वैक्सीन (vaccine) विकसित की है, जिसे ‘सुपर जैब’ नाम दिया गया है। यह वैक्सीन 15 प्रकार के कैंसर को रोकने में मदद करेगा, जिससे हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस अभियान की शुरुआत की है, और इसमें हर महीने लगभग 1,200 मरीजों को यह वैक्सीन दी जाएगी। इस प्रकार के अभियान वाला ब्रिटेन पहला यूरोपीय देश है। कैसे करेगी काम     इस वैक्सीन में मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का उपयोग किया गया है, जो शरीर की टी कोशिकाओं पर पीडी-1 नामक प्रोटीन से चिपककर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय हो जाती है और यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करती है। इसका प्रमुख लाभ यह है कि यह प्री-कैंसर स्टेज में कैंसर कोशिकाओं को भी टारगेट करेगी, जिससे कैंसर के विकास की संभावना को समाप्त किया जा सकता है। नई दवा का असर और तरीका यह दवा निवोलुमैब नाम की इम्यूनोथेरेपी है, जो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कहलाती है। यह शरीर की T-सेल्स पर PD-1 नाम के प्रोटीन से चिपकती है और कैंसर कोशिकाओं को बचने नहीं देती। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय होकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर पाती है। NHS के अनुसार, यह टीका अगले महीने से योग्य मरीजों को लगेगा और इससे हर महीने लगभग 1,000 घंटे का इलाज समय भी बच सकेगा। विशेषज्ञों की राय और उम्मीदें NHS के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे इलाज में बहुत बड़ी प्रगति बताया है। उन्होंने कहा कि यह टीका हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाएगा और ज्यादा मरीजों तक इलाज पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री एशले डाल्टन ने कहा कि यह ब्रिटेन के नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन ने कहा कि इससे त्वचा और गुर्दे के कैंसर सहित कई मरीजों की जिंदगी बेहतर हो सकेगी। बेहतर होगा इलाज एनएचएस के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के जरिए हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाया जा सकेगा, जिससे अधिक मरीजों को इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा, वैक्सीन के उपयोग से चिकित्सकों को समय की बचत होगी, और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने इसे कैंसर मरीजों के लिए उपयोगी बताया है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन का मानना है कि इस वैक्सीन से त्वचा और गुर्दे के कैंसर से जूझ रहे मरीजों की जीवनशैली में सुधार होगा। कैंसर रोकने के वैक्सीन पर काम इसके अलावा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा एक और कैंसर वैक्सीन पर काम चल रहा है, जो 20 साल पहले ही कैंसर को पनपने से रोक सकेगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर का विकास धीरे-धीरे होता है और यह प्रक्रिया लगभग 20 साल तक चल सकती है। इस वैक्सीन के जरिए कैंसर कोशिकाओं को शुरूआत में ही पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, जब वे अदृश्य होती हैं।  

हृदय रोगों से सुरक्षित रखेंगे ये 8 नुस्खे

हृदय रोगों के बारे आप अपने अनुवांशिकी और पारिवारिक इतिहास को तो नहीं बदल सकते लेकिन कई ऐसी चीजें हैं, जिनके पालन से आप हृदय रोगों के खतरों को कम कर सकते हैं। ब्रिटेन की पहली महिला वैट लॉस सर्जन डॉ. सैली नोर्टन ने आठ ऐसे नुस्खे बताएं हैं, जिनसे भविष्य में हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है। धूम्रपान पर रोक: ब्रिटिश महिला के पिछले साल प्रकाशित एक शोध के मुताबिक धूम्रपान करने वाले लोगों की आयु सामान्य लोगों की तुलना में 10 साल कम होती है। अपने वजन पर ध्यान दें: हृदय रोग और अत्यधिक वजन के बीच का संबंध काफी सशक्त होता है। इससे हृदयघात और उच्च रक्त चाप का खतरा अधिक होता है। फैट मुक्त होना सर्वश्रेष्ठ: लोगों को वसायुक्त की बजाए ऐसा भोजन खाना चाहिए, जिसमें इसकी मात्रा कम हो या न के बराबर हो। प्रोसेस्ड मांस न खाएंः क्योंकि ऐसा करने से हृदयघात की संभावना बढ़ जाती है। कम नमक खाएं: ब्रिटिश हॉर्ट फाउंडेशन का कहना है कि अधिक नमक के सेवन से रक्तचाप बढम् सकता है। कम चीनी खाएं: अधिक चीनी खाने से मधुमेह का खतरा भी बना रहता है। सक्रिय रहें: व्यायाम शुरू करने के लिए कोई भी समय सही है। रोजाना के व्यायाम से कई फायदे होते हैं। तनाव मुक्त रहें: तनाव होने के कारण वजन बढ़ने का खतरा भी रहता है, जिसके कारण हृदय रोगों की संभावना भी अधिक होती है।  

अगर भूल गए है पैटर्न लाॅक, तो इन उपायों से अनलाॅक करें अपना स्मार्टफोन

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आप अपने स्मार्टफोन का पैटर्न भूल गए और ये सोचकर परेशान हो जाते है कि डिवाइस को अनलॉक कैसे करेंगे। ये स्थिति किसी के भी साथ हो सकती है। इसलिए आज आपको इससे कैसे निपटना है आसान टिप्स में बताते हैः 1.सबसे पहले अपने फोन को स्विच ऑफ कर दें। 2.इसके बाद फोन का अप वॉल्यूम बटन, पावर बटन और होम स्क्रीन बटन तीनों को एक साथ प्रैस करें। 3. अब आपको पांच विकल्प दिखेंगे। 1.रिबूट डाटा 2. वाइप डाटा/फैक्ट्री रीसेट 3. इंस्टॉल अपडेट 4. पावर डाउन 5.एडवांस्ड ऑप्शन 6. इसमें से वाइप डाटा/फैक्ट्री रीसेट के विकल्प का चयन करें और यस कर दें। यहां ध्यान रखें कि अगर आप वाइप डाटा/फैक्ट्री रीसेट के आप्शन को सेलेक्ट करते है तो आपका पूरा डाटा डिलीट हो जाएगा। इसलिए ऐसा करने से पहले फोन का बैकअप लें या फिर सोच-समझ कर ही इस स्टेप को अपनाएं। 7.वाइप/फैक्ट्री रीसेट में कुछ मिनट का समय लगेगा और फिर इसके बाद आप फोन को रीस्टार्ट करें। बस अब आपका फोन आसानी से अनलॉक हो जाएगा।  

इन उपायों को अपनाकर बनाएं रखें चेहरे की सुंदरता

आपके चेहरे की खूबसूरती पर दाग-धब्बों, फटे होंठों या थकी-थकी फूली आंखों का ग्रहण न लगे इसके लिए बस थोड़ी सी सावधानियां बरतने और सदियों से आजमाए गए नुस्खे अपनाने की जरूरत है। यहां हम ऐसी ही समस्याओं और उनके निदान का जिक्र कर रहे हैं…   ब्लैक हैड्स:- यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो आपके चेहरे पर कहीं भी ब्लैक हैड्स उभर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप इन्हें किसी सौंदर्य विशेषज्ञ से दूर कराएं क्योंकि आपके लिए इन्हें स्वयं दूर करना मुश्किल होगा। छिद्र फैल भी सकते हैं।   यदि एक बार चेहरे पर से ब्लैक हैड्स दूर हो जाएं तो सप्ताह में दो-तीन बार फेस मास्क अवश्य लगाएं ताकि फिर चेहरे पर ब्लैक हैड्स न होने पाएं। इस बीच तेल रहित फाउंडेशन हमेशा उंगलियों के पोरों को गोल-गोल घुमाते हुए लगाएं।   दाग-धब्बे:- अकसर लोगों के चेहरे पर मुंहासों जैसे छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। दाना निकलते ही हम उसे दबाकर कील निकलाने की कोशिश करते हैं पर इन्हें दबाने और कील निकालने में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर तो यही होगा कि इन फुंसियों पर आप कोई भी एंटीसेप्टिक लोशन या क्रीम लगाएं और फिर फाउंडेशन लगाएं। इसके अतिरिक्त रात में लोशन लगाकर सोएं।   झुर्रियां:- आंखों के इर्द-गिर्द लकीरों का उभरना चिंताजनक होता है। पर ऐसा उम्र के बढ़ने के साथ होता है। आंखों के इर्द-गिर्द की त्वचा बहुत ही महीन और पतली होती है। इस पर बहुत ही कम तेल ग्रंथियां होती हैं। इसलिए अकसर यहां की त्वचा को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। इस जगह आईक्रीम लगाना चाहिए। आंखों के इर्द-गिर्द बहुत ही हल्का फाउंडेशन या कम से कम पाउडर लगाना चाहिए क्योंकि कोई भी प्रसाधन गाढा लगाने से उस पर लोगों की नजर पड़ती है और कमियां साफ नजर आती हैं।   फूली हुई आंखें:- यदि आपकी आंखें नींद पूरी न होने के कारण फूली हुई हैं या थकावट से सूज गई हैं तो थोड़ी देर लेट जाइए और बादाम के तेल या गुलाब जल में एक रुई का फाहा भिगोकर अपनी आंखों पर 10 मिनट रखिए। इससे आराम मिलेगा। इसके अलावा खीरे के पतले स्लाइस, आलू के स्लाइस या साधारण टी-बैग आंखों पर रखकर थोड़ी देर लेटी रहें। इससे भी आंखों को आराम मिलेगा।   होठों का फटना:- सर्दियों के दिनों में अकसर होंठ फटने लगते हैं। फटे हुए होठों पर ऑलिव ऑयल या मलाई लगाएं। ये होठों को पोषण भी देंगे और उन्हें चिकना भी बनाएंगे। इसके अतिरिक्त विटामिन ई के तत्व भी जल्दी उपचार करने में सहायक होते हैं।  

अब 5 स्‍टार रेटिंग के साथ आएंगे स्मार्टफोन और टैबलेट

नई दिल्ली एसी और रेफ्रि‍जरेटर समेत तमाम होम अप्‍लायंसेज में आपने रेटिंग देखी होगी। 3 स्‍टार या 5 स्‍टार रेटिंग सबसे कॉमन होती है। कुछ ऐसा ही कदम स्‍मार्टफोन्‍स और टैबलेट को लेकर भी उठाया जाने वाला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों को अपने प्रोडक्‍ट्स को रेटिंग देनी होगी। इसका मकसद ग्राहकों को यह बताना है कि प्रोडक्‍ट को रिपेयर करना कितना आसान होगा। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की एक कमिटी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें ऐसा ढांचा बनाने की बात कही गई है, जिससे कंस्‍यूमर्स को सही जानकारी मिल पाए और वो किसी प्रोडक्‍ट को खरीदने से पहले फैसला ले सकें। नया प्रोडक्‍ट खरीदने को मजबूर करती हैं कंपनियां उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव निधि खरे ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि कंपन‍ियां हमेशा चलने वाली डिवाइस नहीं बना रहीं। वो ग्राहकों को नया प्रोडक्‍ट खरीदने को मजबूर कर रही हैं। कंपनियां जानबूझकर ऐसे प्रोडक्‍ट बना रही हैं, जो जल्‍दी खराब हो जाएं और कम टाइम तक चलें। उन्‍होंने कहा कि रिपेयरबिल‍िटी इंडेक्‍स को इसीलिए लाने की योजना है। इसका मकसद है कि कंपनियों को उनकी जिम्‍मेदारी का एहसास हो। वह एक सिस्‍टम बनाएं। अपने प्रोडक्‍ट को रेट करें, जिससे कस्‍टमर उसे खरीदते वक्‍त सही फैसला कर पाए। लैपटॉप, डेस्‍कटॉप को भी दायरे में लाने की तैयारी नेशनल कंस्‍यूमर हेल्‍पलाइन पर इस मामले को लेकर 20 हजार शिकायतें मिली हैं। जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। शुरुआत में नियमों के दायरे में स्‍मार्टफोन और टैबलेट आएंगे। बाद में इसमें लैपटॉप, डेस्‍कटॉप और अन्‍य प्रोडक्‍ट्स को भी शामिल किया जाएगा। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिस पर मिनिस्‍ट्री को आगे काम करना है। जल्‍द कुछ गाइडलाइंस जारी हो सकती हैं। प्रोडक्‍ट और वेबसाइट पर दिखानी होगी रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने 5 पॉइंट रेटिंग स्‍केल का सुझाव दिया है। उसे प्रोडक्‍ट पैकेजिंग और वेबसाइट पर दिखाना की सलाह दी गई है। फोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों को रेटिंग दिखानी होगी। रेटिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि डिस्‍प्‍ले, बैटरी, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट और स्‍पीकर को रिपयेर करना कितना आसान है। प्रोडक्‍ट ओपन करना कितना ईजी और उसमें किस तरह के स्‍क्रू व टूल्‍स यूज हुए हैं। स्‍पेयर पार्ट्स कितनी आसानी से मिल जाते हैं और सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर क्‍या पॉलिसी है। अगर कोई सर्विस अच्‍छी है तो उसे 5 रेटिंग दी जाएगी, जो ठीकठाक है, उसे तीन रेटिंग मिलेगी। शुरुआत में फीचर फोन्‍स को इस नियम से बाहर रखा जाएगा।

गुर्दे की पथरी से निजात पाने के लिए अपनाये ये घरेलू उपाय

आजकल हर एक व्यक्ति गुर्दे की पथरी से परेशान है। हमारे पित्ताशय में दो तरह की पथरी बनती है। एक कोलेस्ट्रोल निर्मित पथरी और दूसरी पिग्मेन्ट से बनने वाली पथरी। पित्त लिवर में बनता है और इसका भंडारण गॉल ब्लेडर में होता है। यह हमारे खाने को पचाने में मदद करता है। गुर्दे की पथरी ज्यादातक तीस से साठ वर्ष की उम्र के लोगों में पाई जाती है। इसका दर्द बहुत ही भयकर होता है। ऐसे में हमें पेशाब करने में ज्यादा दिक्कत भी आती है। आज हम आपको गुर्दे की पथरी को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बचाएगें। तो आइए जानते हैं पथरी को दूर करने के घरेलू उपाय… -पित्त की पथरी में दर्द को दूर करने के लिए आप हर रोज दिन में दो बार गाजर और ककडी का रस 100उस मिला कर पीएं। -अगर किसी को पित्त की पथरी की दिक्कत है तो, वह शराब, सिगरेट, चाय, कॉफी तथा शकर का सेवन न करें। ऐसे में वह हर रोज खाली पेट 50एमएल नींबू का रस पीएं। -खूब सारी नाशपाती खाएं क्योंकि इसमें रासायनिक तत्व पाए जाते हैं जो इस रोग को दूर करते हैं। -दिन में हर रोज विटामिन सी की 3-4 गोली खाएं। इसे खाने से शरीर का प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनता है। -हरी सब्जियां व फलो का ज्यादा सेवन करें क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रोल कम मात्रा में होता है। ऐसे में आप तली और मसालेदार चीजों से दूर रहें। -खट्टे फलों में विटामिन सी होता है। इसलिए गॉलब्लैडर की पथरी दूर करने केलिए जितना हो सके इनका सेवन करें। -हल्दी का सेवन करने से भी पथरी की दिक्कच को दूर किया जा सकता है।  

स्माकर्टफोन की मदद से खोजिए छिपे हुए कैमरों को

  आप कहीं ट्रायल रूम, होटल, रिजॉर्ट, लिफ्ट या फिर किसी कैब में हैं, अगर वहां कोई स्पाई कैमरा छिपा हो तो क्या करेंगें? यह ख्याल ही खुद में कितना डरा देने वाला है कि आपकी हर हरकत या एक्टिविटी पर किसी की नजर है और आप कहीं भी सुरक्षित नहीं, लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि आपका स्मार्टफोन ही आपको बचा सकता हैं। आप अपने स्मार्टफोन की मदद से कहीं भी छिपे कैमरा को डिटेक्ट करके खुद को सुरक्षित बना सकते हैं, बस इसके लिए आपकी एंड्रॉयड डिवाइस में यह 3 कैमरा डिटेक्टर एप्स होने चाहिए… हिडन कैमरा डिटेक्टर एंड्रॉयड यूजर्स के लिए हिडन कैमरा डिटेक्टर एक बेहतर एप है। यह एप इस्तेमाल में एकदम आसान है क्योंकि यह रेडिएशन डिटेक्शन का प्रयोग करता है, यह एल्गोरिदम अन्य इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेज के रेडिएशन के शोर को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है जैसे-सेलफोन टॉवर या नॉन कैमरा हार्डवेयर। जब इसका इस्तेमाल होता है तो डिटेक्टर सॉफ्टवेयर कहीं भी कैमरा छिपा होने पर रेड ग्लो को दिखाएगा। वैसे अन्य प्रकार के हार्डवेयर के नजदीक भी यह चमकेगा या ग्लो करेगा। इसलिए जब आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन पर 100 से नंबर दिखने लगे तो समझ ले कि छिपे कैमरा को डिटेक्ट कर लिया गया है यानि आपको स्क्रीन के मध्य पर नजर रखनी होगी। गूगल प्ले स्टोर पर यह फ्री में उपलब्ध है। ग्लिंट फाइंडर ग्लिंट फाइंडर कैमरा फ्लैश की रेट्रो-रिफ्लेक्शन को इस्तेमाल करता है और यूजर इसकी हेल्प से कैमरा व्यू के शाइनी ऑब्जेक्ट्स को बेहतर तरीके से पहचान लेता है। छिपे कैमरा लेंस को पहचानने में यह बहुत बढ़िया काम करता है।यह बिल्कुल प्रोफेशनल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले टूल की तरह काम करता है और छिपे कैमरा के चमकदार लेंस को पहचान लेता है। गूगल प्ले स्टोर पर यह फ्री में उपलब्ध है। वायरलेस कैमरा डिटेक्टर वायरलेस कैमरा डिटेक्टर एक छोटी सी बैटरी से चलने वाली डिवाइस है, जो छिपे हुए वायरलेस कैमराज की फ्रीक्वेंस को सिग्नल्स के द्वारा डिटेक्ट कर सकता है। अगर आप वायरलेस कैमरा डिटेक्टर के बारे में जानना चाहते हैं तो यह एक उपयोगी एप है, जो आपके वायरलेस कैमरा डिटेक्टर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देगा। एंड्रॉयड के लिए यह एक बेहतर कैमरा डिटेक्टर एप्लीकेशन है।  

कारपेट खरीदने जाते समय ध्यान में रखें ये बातें…

साफ-सुथरा घर हर किसी को पसंद होता है। घर को साफ-सुथरा रखने के लिए हम बाजार से बहुत सी चीजें लाते हैं, ताकि हमारा घर देखने के लिए बहुत सुदंर लगे। आज हम आपको घर के सजाने के लिए कारपेट का चुनाव करने के बारे में बताएंगे। बाजार में कारपेट बहुत से रंगों और डिजाइनों में देखने के मिलते हैं। हमें टाइल और वुड फ्लोरिंग की तरह कारपेट को खरीदते समय भी बहुत सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि इन का रंग छूटता है जिसके कारण यह खराब हो जाते हैं। तो आइए जानते हैं कार्पेट खरीदने के टिप्स। -कारपेट खरीदते समय रबर या फोम की भराव सामग्री लें, ताकि फर्श पर बिछाने पर जल्दी न उधड़े। -हमेशा स्टाइल के अनुसार ही कारपेट को चुनें। मखमल की कार्पेट्स कभी न खरीदें क्योंकि इन पर पैरों के निशान, वैक्यूम के निशान आदि रह जाते हैं। हम सभी इनका इस्तेमाल घर में ऐसी जगह पर बिछा कर करते है यहां पर लोग कम आते-जाते हैं, जैसे कि फॉर्मल लिविंग रूम, मास्टर बेडरूम में ज्यादा करते है। -बजट में रह कर ही कारपेट खरीदें और महंगे कारपेट पर अपने पैसे खराब न करें।आप अलग-अलग डीलर्स के पास जाकर इसकी यही कीमत का पता लगा सकते हैं। -कारपेट प्रोवाइडर का चुनाव करते समय पहले ध्यान में रखें कि इसकी वैराइटी अच्छी हो और यह आपके बजट में है या नहीं। आप इसे किसी शोरूम, फ्लोरिंग कंपनी, बड़े डिपार्टमेन्टल स्टोर, या फिर ऑनलाइन भी ले सकते हैं। -अगर आपके घर में बच्चे या डौगी है तो ऐसा कारपेट ही चुनें जिसकी देखभाल करनी आसान हो और मैंटेनेंस पर खर्च भी कम आता हो। -कारपेट खरीदते समय उसकी लंबी वारंटी न देखें। कारपेट वही खरीदें जिसे अच्छे मटेरियल से बनाया जगा हो। अगर कारपेट अच्छी क्वालिटी का बना हो तो उसकी वारंटी भी ज्यादा होती है। -हमेशा ऊन या जैविक सामग्री जैसे प्राकृतिक उत्पादों से बने कार्पेट्स ही खरीदें। जो वाष्पशील पदार्थों से बने होते है उन्हें कभी न खरीदें क्योंकि इन में इन्स्टालेशन के बाद बदबू आती रहती है।    

अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का ऐपल पर भारी असर, 76 अरब का पड़ेगा बोझ

वॉशिंगटन अमेरिकी सरकार, वहां के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने जिस जोश में दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया, वो अब उसी पर भारी पड़ रहा है। ऐपल के सीईओ टिम कुक ने अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ और ऐपल पर इसके असर को लेकर बात की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्‍होंने बताया है कि टैरिफ के कारण कंपनी की कॉस्‍ट में 900 मिलियन डॉलर यानी करीब 76 अरब रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बोझ से बचने के लिए कंपनी भारत में अपने प्रोडक्‍शन को बढ़ा रही है। टिम कुक ने उम्‍मीद जताई है कि आने वाले वक्‍त में सभी आईफोन, भारत में बनाए जाएंगे। ऐपल अपने बाकी प्रोडक्‍ट्स जैसे-आईपैड, मैक, ऐपल वॉच और एयरपॉड्स को वियतनाम में बनाएगी। मुख्‍यतौर पर वह चीन में अपने प्रोडक्‍शन को कम कर रही है, क्‍योंकि अमेरिका ने चाइना पर 145 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। तो क्‍या आईफोन महंगे हो जाएंगे जब भी किसी कंपनी पर बोझ बढ़ता है तो वह अपने प्रोडक्‍ट्स की कीमतों में इजाफा करती है। बिजनेस मॉडल भी यही कहता है। लेकिन ऐपल अभी आईफोन्‍स की कीमतों को बढ़ाने के बारे में नहीं सोच रही। दरअसल, उसने बड़ी संख्‍या में ऐपल प्रोडक्‍ट्स जैसे-आईफोन का स्‍टॉक अमेरिका में जमा कर लिया है। टैरिफ लागू होने से पहले ही ऐपल ने हवाई जहाजों में आईफोन भरकर अमेरिका पहुंचा दिए। इससे फौरी तौर पर उसे कीमतें कंट्रोल करने में मदद मिली है। तो कारोबार पर क्‍या असर होगा टिम कुक ने ऐपल के कारोबार पर भी बात की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्‍होंने कहा कि टैरिफ इसी तरह रहे और पॉलिसीज में कोई बदलाव ना हुआ तो कॉस्‍ट में 900 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि कंपनी को जून में खत्‍म होने वाली त‍िमाही में फायदा होने की उम्‍मीद है। इसकी वजह है कि जून में अमेरिका में बिकने वाले आईफोन्‍स मेड इन इंडिया होंगे, जो चीन टैरिफ के असर से बचे रहेंगे। चिंता इस बात की है कि ऐपल अभी कई एक्‍सेसरीज चीन में बनवाता है। ऐपल केयर और कुछ एक्‍सेसरीज पर चीन में कुल टैरिफ 145 फीसदी तक पहुंच जाएगा। हालांकि टिम कुक ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि जून के बाद क्‍या होगा। मौजूदा वक्‍त में अमेरिका ने ज्‍यादातर देशों पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया है, लेकिन चीन पर 145 फीसदी टैरिफ लागू किया है। बाकी देशों को राहत के आसार भी हैं, लेकिन चीन को राहत देने के मूड में डोनाल्‍ड ट्रंप कतई नहीं हैं। इसीलिए ऐपल समेत तमाम कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है।

पिछले तीन सालों में यूट्यूब ने भारतीय क्रिएटर्स को दिए 21 हजार करोड़ रुपये : सीईओ मोहन

मुंबई जब कोई ये कहता है कि अरे तुझे पता है वो यूट्यूब चैनल से बढ़‍िया कमाई कर रहा है। ज्‍यादातर बार बात सच लगती है, तो कई बार झूठ भी। अब यूट्यूब ने खुद बताया है कि उसने भारतीयों के जेबें भरने में कितना बड़ा रोल प्‍ले किया है। यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने कहा है कि बीते तीन साल में यूट्यूब ने भारत के क्र‍िएटर्स यानी यूट्यूबर्स, एक्‍टर्स और मीडिया कंपनियों को 21 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। यह आगे और बढ़ सकता है, क्‍योंकि यूट्यूब इन तमाम क्र‍िएटर्स को बढ़ावा देने के लिए 850 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह सारी बातें मुंबई में चल रहे मेगा इवेंट वेव्‍स में सामने आईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इवेंट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। ‘लोगों को मिलेंगे कारोबार के नए रास्‍ते’ यूट्यूब सीईओ ने कहा कि उनके न‍िवेश से भारत के कंटेट क्र‍िएटर्स, मीडिया कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। कर‍ियर और कारोबार के नए रास्‍ते खुलेंगे। खास यह है कि पिछले साल भारत में बने कंटेंट को दूसरे देशों में 45 अरब घंटे तक देखा गया, जो दर्शाता है कि भारतीय यूट्यूबर्स इंटरनेट पर छाए हुए हैं। नील मोहन तो भारत को क्र‍िएटर नेशन बताया। दिलचस्‍प हैं यूट्यूब के आंकड़े यूट्यूब सीईओ ने बताया कि पिछले साल भारत के 10 करोड़ से ज्‍यादा यूट्यूब चैनलों ने कंटेंट अपलोड किया। उनमें से 15 हजार से ज्‍यादा चैनल ऐसे है, जिनके पास 10 लाख से अधिक सब्‍सक्र‍ाइबर्स हैं। हाल के समय में 10 लाख से ज्‍यादा सब्‍सक्र‍ाइबर्स वाले यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़े हैं। नील मोहन ने यह भी कहा कि पीएम मोदी भारत की संस्‍कृत‍ि, इतिहास को दुनियाभर में पहुंचा रहे हैं। याद रहे कि पीएम के यूट्यूब चैनल पर ढाई करोड़ से ज्‍यादा सब्‍सक्राइबर्स हैं। 20 साल का हुआ यूट्यूब, नए फीचर्स का ऐलान हाल में यूट्यूब 20 साल का हो गया। कंपनी ने कई नए फीचर्स को लाने की बात कही है। आने वाले दिनों में एक ऐसे फीचर को लाया जा सकता है, जिसके बाद कमेंट में बोलकर अपनी बात कही जा सकेगी। इसके साथ ही आस्‍क म्‍यूजिक फीचर को लाया जा रहा है। इसके तहत यूट्यूब प्रीमियम और म्‍यूजिक यूजर्स अपने मूड के बारे में बता सकेंगे, उस बेस पर उन्‍हें म्‍यूजिक सुनाई देगा। शुरुआत में यह सपोर्ट अंग्रेजी में होगा। टीवी में यूट्यूब देखने वाले यूजर्स को जल्‍द मल्‍टीव्‍यू की सुविधा मिलेगी। वह अपनी टीवी स्‍क्रीन पर अलग-अलग कंटेंट एकसाथ देख पाएंगे। कई और फीचर भी आने वाले हैं।

टिम कुक ने किया खुलासा, अमेरिका में बिकने वाले आईफोन होंगे मेड इन इंडिया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस मेक इन इंडिया इन‍िशिएटिव की बात बरसों से करते आए हैं, उसके परिणाम अब सामने हैं। ये मोदी का मास्‍टरस्‍ट्रोक ही है कि ऐपल अपने सबसे पॉपुलर प्रोडक्‍ट आईफोन की मैन्‍युफैक्‍चरिंग लगातार इंडिया में शिफ्ट कर रहा है। अब ऐपल के सीईओ टिम कुक के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आई है। एक इंटरव्‍यू में टिम कुक ने कहा है कि मार्च की तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच अमेरिका में बिकने वाले आधे से ज्‍यादा आईफोन भारत से आए थे। यही नहीं, कंपनी जून में खत्‍म होने वाली तिमाही यानी अप्रैल, मई और जून में अमेरिका में बिकने वाले ज्‍यादातर आईफोन्‍स को भारत से मंगवाएगी। आईफोन भारत से, बाकी प्रोडक्‍ट्स वियतनाम, चीन का नाम नहीं कंपनी अपनी सप्‍लाई चेन में लगातार बदलाव कर रही है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल के अमेरिका में बिकने वाले आईफोन अब मेड इन इंडिया होंगे, जबकि आईपैड, ऐपल वॉच, मैक और एयरपॉड्स वियतनाम से आएंगे। चीन का तो नाम ही नहीं है। गौरतलब है कि कंपनी चीन से अपनी मैन्‍युफैक्‍चरिंग को कम कर रही है। अमेरिकी टैक्‍स से पिछड़ा चीन, भारत को मौका अमेरिका ने चीन पर जो टैक्‍स लगाए हैं, उससे ऐपल को चीन में बनने वाले प्रोडक्‍ट्स महंगे पड़ रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों ने बीते हफ्ते हुए एक मीटिंग में यह जानकारी दी, जो अब सामने आई है। वहीं, ऐपल सीईओ टिम कुक ने उम्‍मीद जताई है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्‍यादातर आईफोन्‍स अब भारत में बनेंगे। चीन में बनने वाले प्रोडक्‍ट्स को अमेरिका के बजाए अन्‍य देशों में भेजा जाएगा। नए टैरिफ से ऐपल का बढ़ सकता है खर्च अमेरिका ने चीन पर जो टैक्‍स लगाया है, उसका असर ऐपल पर होगा। कंपनी का कहना है कि मार्च में टैक्‍स का ज्‍यादा असर नहीं हुआ, लेकिन जून की तिमाही में उस पर 900 मिलियन डॉलर का खर्च बढ़ सकता है। दिलचस्‍प आंकड़ा यह भी है कि कंपनी की कमाई इस साल की पहली त‍िमाही में बढ़ी है। इसकी वजह उसके सभी प्रोडक्‍ट्स की अच्‍छी सेल बताई जा रही है। हाल ही में आई काउंटरपॉइंट इंडिया की रिपोर्ट भी कहती है कि प्रीमियम स्‍मार्टफोन कैटिगरी में ऐपल का दबदबा बढ़ रहा है। भारत में भी लोग ऐपल आईफोन्‍स को खूब खरीद रहे हैं। भारत से हवाई जहाज में भरकर भेजे आईफोन पिछले महीने यह खबर आई थी कि ऐपल ने अमेरिका का नया टैरिफ लागू होने से पहले ही कई हवाई जहाजों में आईफोन भरकर उन्‍हें अमेरिका पहुंचा दिया था। अब S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के अनुसार, कंपनी ने मार्च में भारत से अमेरिका को 98 फीसदी एक्सपोर्ट किया। कुल 31 लाख यूनिट अमेरिका पहुंचाईं गईं। टैक्‍स की बात करें तो अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर 26 फीसदी, जबकि चीन से आने वाले सामान पर 145 फीसदी टैक्‍स लगाता है। कंपनी भारत में नए रिटेल स्‍टोर्स भी खोलने जा रही है।

गर्मियों में स्‍कि‍न रेडनेस की समस्‍या आम है, ट्राई करें ये ट‍िप्‍स

गर्मियां शुरू हो चुकी हैं। ये मौसम अपने साथ जहां कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है, वहीं स्किन से जुड़ी परेशानियां भी उभर कर सामने आ जाती हैं। ऐसे में चेहरे की रंगत डल हो जाती है। गर्मी में धूल, प्रदूषण और पसीने के कारण सुंदरता पर गहरा असर पड़ता है। खूबसूरती निखारने के लिए लोग महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स खरीदते हैं। हालांकि इससे भी कोई खास फर्क देखने को नहीं मिलता है। वहीं कुछ लोग घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। कोई हल्दी दूध बेसन लगाता है, तो कोई एलोवेरा जेल, दही, शहद से अपनी त्‍वचा की देखभाल करता है। इन दिनों चेहरे पर लाल चकत्ते भी पड़ जाते हैं। इसे ही स्किन रेडनेस या त्वचा का लाल होना कहते हैं। यह एक आम समस्या है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह बढ़ सकती है। आज हम आपको अपने इस लेख में स्किन रेडनेस के कारण के बारे में बताने जा रहे हैं। इससे बचाव के टिप्स भी देंगे। आइए जानते हैं विस्तार से- तेज धूप गर्मी में तेज धूप हमारे स्किन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। जब हम बिना सनस्क्रीन लगाए बाहर जाते हैं, तो सूरज की UV किरणें त्वचा को जला देती हैं। इससे स्किन रेड हो जाती है। टैनिंग की समस्या भी देखने को मिलती है। इससे त्वचा छिलने लगती है। जलन और हल्की सूजन भी इसके मुख्य लक्षण हैं। पसीना और घमौरी तेज गर्मी में पसीना आना तो आम बात है। कभी कभार जब ज्यादा पसीना आता है तो चेहरे को साफ करते-करते चेहरा छिल जाता है। ऐसे में स्किन रेडनेस हो जाती है। इस दौरान छोटे-छोटे लाल दाने (घमौरी), खुजली और चुभन की समस्या झेलनी पड़ती है। एलर्जी या रिएक्शन अगर आप कोई भी केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करती हैं तो गर्मी में इससे एलर्जी या रिएक्शन हो सकता है। इससे भी रेडनेस की समस्या देखने को मिलती है। डिहाइड्रेशन गर्मी में पसीने के जरिये हमारे शरीर से पानी बाहर निकल जाता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन होना तो आम बात है। पानी की कमी से भी अक्सर चेहरे पर लालिमा आ जाती है। इसके लिए दिनभर में कम से कम चार से पांच लीटर पानी जरूर पिएं। गर्म वातावरण जब गर्मी में लू के थपेड़े चेहरे पर पड़ते हैं तो इससे हमारी स्किन झुलस जाती है। दरअसल इससे त्वचा की नमी सूख जाती है जिससे रेडनेस की समस्या झेलनी पड़ती है। रेडनेस से बचने के लिए क्या करें?     धूप में निकलते समय सनस्क्रीन लगाएं।     हर 2-3 घंटे में पानी पीते रहें।     ढीले और सूती कपड़े पहनें।     दो बार फेसवाश करें।     गर्म पानी से नहाने से बचें।  

लाइफ में कैसी भी हो सिचुएशन खुद को शांत

लाइफ में कई बार आप मुश्किल और अनजानी मुसीबत में फंस जाएंगे। इन सारी सिचुएशन से खुद को निकालने के लिए घबराकर रिएक्ट करने की बजाय खुद के माइंड को शांत कर रिएक्ट करना सिखाएं। जानें कैसे माइंड को कंट्रोल किया जा सकता है। किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।

कुछ नेचुरल चीजों से आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं फेस टोनर

धूप की तपिश, पसीने की चिपचिपाहट और चेहरे पर चढ़ती धूल- गर्मियां आते ही हमारी स्किन मानो मदद के लिए पुकारने लगती है। महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की एक लंबी लिस्ट हो सकती है आपके पास, लेकिन असली निखार तो तब आता है जब आप अपनी त्वचा को नेचर के करीब लाते हैं। सोचिए, अगर हर सुबह आप आईने में खुद को एक दमकते चेहरे के साथ देखें- जैसे शीशे पर चमक आ गई हो! तो चलिए इस बार गर्मी को हराते हैं 3 ऐसे नेचुरल फेस टोनर से, जो न सिर्फ आपकी स्किन को ठंडक देंगे बल्कि हर दिन बढ़ाएंगे उसका ग्लो, वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट और बिना जेब पर भारी पड़े! सबसे अच्छी बात? ये टोनर आप खुद अपने किचन की कुछ चीजों से घर पर ही बना सकत हैं। आइए जानें। खीरे और एलोवेरा का कूलिंग टोनर खीरा स्किन को ठंडक देता है और ऑयल बैलेंस में मदद करता है। वहीं एलोवेरा त्वचा को हाइड्रेट करता है और चमक लाता है। कैसे बनाएं:     1 खीरा छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें।     उसे ब्लेंड कर लें और रस निकाल लें।     अब उसमें 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं।     थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें।     इस मिश्रण को स्प्रे बॉटल में भर लें और फ्रिज में रखें। कैसे इस्तेमाल करें: दिन में दो बार चेहरे पर स्प्रे करें या कॉटन से लगाएं। गर्मियों में ये स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ उसे फ्रेश भी बनाए रखेगा। ग्रीन टी और नींबू का डीटॉक्स टोनर ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन से टॉक्सिन्स हटाते हैं। नींबू स्किन को साफ और टाइट बनाता है। कैसे बनाएं:     1 कप पानी में ग्रीन टी बैग डालें और 10 मिनट तक छोड़ दें।     ठंडा होने पर उसमें 1 चम्मच नींबू का रस मिलाएं।     चाहें तो इसमें कुछ बूंदें टी ट्री ऑयल की भी मिला सकते हैं। कैसे इस्तेमाल करें: हर बार चेहरा धोने के बाद इस टोनर को कॉटन से लगाएं। इससे चेहरे के रोमछिद्र (pores) साफ होंगे और स्किन में निखार आएगा। गुलाब जल और चंदन का क्लासिक टोनर गुलाब जल त्वचा को हाइड्रेट करता है और चंदन से स्किन ग्लो करती है। ये टोनर गर्मियों में पसीने और जलन की समस्या से भी बचाता है। कैसे बनाएं:     3 बड़े चम्मच गुलाब जल लें।     उसमें 1 चम्मच चंदन पाउडर मिलाएं।     अच्छी तरह मिलाएं और छान लें ताकि चंदन के कण न रहें।     इसे एक बोतल में भरकर फ्रिज में रखें। कैसे इस्तेमाल करें: रोज सुबह और रात को सोने से पहले इसे चेहरे पर लगाएं। ये स्किन को ठंडक देगा और गहराई से निखार लाएगा। इन जरूरी बातों का भी रखें ध्यान     होममेड टोनर 5-7 दिनों तक ही फ्रिज में स्टोर करें।     किसी भी टोनर का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।     नियमित इस्तेमाल से ही बेहतर रिजल्ट्स मिलते हैं। गर्मियों में त्वचा की देखभाल थोड़ा-सा समय मांगती है, लेकिन अगर आप हर दिन इन घरेलू टोनर का इस्तेमाल करेंगे तो आपकी स्किन न सिर्फ हेल्दी रहेगी बल्कि उसपर शीशे जैसी चमक भी देखने को मिलेगी।  

वजन कम करना चाहते हैं, तो 7 फूड्स को कर दें लंच से बाहर

वजन कम करने के लिए सही डाइट प्लान फॉलो करना बहुत जरूरी है। अक्सर लोग एक्सरसाइज तो करते हैं, लेकिन डाइट में गलत फूड्स का शामिल करके अपना वेट लॉस गोल पूरा नहीं कर पाते। लंच दिन का सबसे जरूरी मील होता है। इसलिए इसमें अगर हेल्दी और लो-कैलोरी फूड्स न खाएं, तो वजन कम करना मुश्किल हो सकता है। आइए जानते हैं कि वजन घटाने के दौरान लंच में किन फूड्स से परहेज करना चाहिए। रिफाइंड कार्ब्स वाले फूड्स सफेद चावल, मैदा से बनी रोटी, ब्रेड, नूडल्स और पास्ता जैसे रिफाइंड कार्ब्स ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं और जल्दी भूख लगने का कारण बनते हैं। इनकी जगह ब्राउन राइस, क्विनोआ, बाजरा या मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाना बेहतर विकल्प है। डीप-फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड्स समोसे, कचौरी, पकोड़े, फ्रेंच फ्राइज और चिप्स जैसे तले हुए स्नैक्स हाई कैलोरी और अनहेल्दी फैट से भरपूर होते हैं। ये न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं बल्कि पाचन को भी धीमा कर देते हैं। अगर तला हुआ खाने का मन करे, तो एयर फ्रायर या कम तेल में शैलो-फ्राई करके खाएं। शुगरी ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और पैकेट वाले जूस में ज्यादा शुगर और कैलोरीज होती हैं, जो वजन घटाने में मुश्किल खड़ी कर सकती हैं। इनकी जगह नारियल पानी, नींबू पानी या ग्रीन टी पीना फायदेमंद होगा। हाई-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स पनीर, चीज, मक्खन और फुल-क्रीम दूध जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ा सकते हैं। इनकी जगह लो-फैट दही, स्किम्ड मिल्क या टोफू का इस्तेमाल करें। रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट बर्गर, सॉसेज, बेकन और रेड मीट में संतृप्त वसा और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो मोटापे और दिल की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। प्रोटीन के लिए मछली, चिकन या दालें बेहतर ऑप्शन हैं। हाई-कैलोरी सॉस और ड्रेसिंग मेयोनीज, टोमेटो केचप और क्रीम बेस्ड सॉस में कैलोरीज और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। इनकी जगह घर में बनी हुई हरी चटनी, दही या ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। ज्यादा नमक वाले फूड्स अचार, चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड्स में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर में वॉटर रिटेंशन होता है और वजन कम करने में दिक्कत आती है।  

नया स्मार्टफोन खरीदने की कर रहे हैं प्लानिंग, कितनी होनी चाहिए रैम और स्टोरेज?

जब आप प्रीमियम, फ्लैगशिप या कोई हाई एंड स्मार्टफोन खरीदते हैं तो आपको पर्याप्त रैम और स्टोरेज मिलता है। लेकिन, बजट और मिड रेंज फोन में एक समय के बाद स्टोरेज की कमी के चलते फोन की परफार्मेंस में गिरावट आने लगती है। आज 2025 में जब फोन में एआई फीचर्स, ढेर सारे ऐप्स, गेमिंग जैसी जरूरतें बढ़ रही हैं, तो पर्याप्त रैम और स्टोरेज आवश्यक है। हालांकि, अधिकांश एंड्रायड फोन अब 128 जीबी स्टोरेज वैरिएंट में उपलब्ध हैं, लेकिन इसका काफी हिस्सा ऑपरेटिंग सिस्टम और प्री-इंस्टाल्ड ऐप्स में खर्च हो जाता है, शेष थर्ड पार्टी ऐप्स और यूजर डाउनलोड के लिए बचता है। देश में अब भी 16 जीबी या 32 जीबी स्टोरेज स्पेस वाले स्मार्टफोन के उपभोक्ता हैं, ऐसे में क्या इन लोगों को एंड्रायड के नए वर्जन का लाभ मिल पाएगा, तो इसका जवाब है- नहीं। ‘एंड्रायड अथॉरिटी’ की एक रिपोर्ट मानें तो गूगल ने एंड्रायड 15 के लिए न्यूनतम स्टोरेज की सीमा को बढ़ाकर 32 जीबी कर दिया है। नए फोन में पर्याप्त स्टोरेज का ध्यान एंड्रायड 15 के फुल वर्जन आधारित स्मार्टफोन में न्यूनतम 32 जीबी स्टोरेज की अनिवार्यता के साथ न्यूनतम चार जीबी रैम (रैंडम एक्सेस मेमोरी) की भी अनिवार्यता की गई है। खास बात है कि 32 जीबी स्टोरेज स्पेस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा डेटा पार्टिशन में प्रयोग होता है। दरअसल, डेटा पार्टिशन ऐसा एरिया होता है, जहां सिस्टम फाइल्स, प्री-इंस्टाल्ड ऐप्स और सिस्टम ऐप डेटा आदि स्टोर होते हैं। साल 2022 में एंड्रायड-13 के लांच के साथ स्टोरेज की यह सीमा 16 जीबी थी। समय के साथ स्टोरेज की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसमें वृद्धि होती रही। हालांकि, गूगल किसी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी को आधिकारिक तौर पर न्यूनतम 32 जीबी स्टोरेज स्पेस के लिए बाध्य नहीं कर सकता। लेकिन, गूगल मोबाइल सर्विसेज (जीएमएस) के लिए एंड्रायड डिवाइसेज में यह अनिवार्यता संभव है। जीएमएस गूगल सर्च, गूगल प्ले, गूगल ड्राइव, जीमेल, यूट्यूब और गूगल सपोर्टेड एपीआइ आदि प्रोप्रायरिटी ऐप्स का संग्रह है। बढ़ते रैम के साथ स्मार्ट होता फोन आज के 10 वर्ष पहले तक एंड्रायड डिवाइसेज में 512 एमबी या एक जीबी की मेमोरी होती थी। लेकिन समय के साथ डिवाइसेज में औसत रैम बढ़ता गया। साल 2014 की बात करें तो कई सारे प्रीमियम डिवाइसेज में अमूमन तीन जीबी की रैम होती थी, लेकिन इसके बाद चार जीबी रैम वाले फोन को एक मानक के तौर पर देखा जाने लगा। आज के समय में चार जीबी रैम तो न्यूनतम जरूरत है। अब बजट फोन में भी आठ जीबी रैम वाले फोन आ रहे हैं, तो वहीं प्रीमियम और प्लैगशिप फोन में 12 जीबी और उससे अधिक रैम के फोन उपलब्ध हैं। स्टोरेज को करें मैनेज नियमित क्लीनअप : फोन की परफॉर्मेंस सही रखने के लिए प्रयोग में नहीं आने वाले ऐप्स, फोटो, वीडियो को डिलीट करते रहना चाहिए। एक्सटर्नल स्टोरेज : माइक्रो एसडी सपोर्ट या बाहरी ड्राइव के जरिए स्टोरेज बढ़ाने की सुविधा वाले फोन देख सकते हैं। क्लाउड स्टोरेज : लोकल स्टोरेज को फ्री करने के लिए गूगल ड्राइव या आइक्लाउड जैसी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। क्यों जरूरी है रैम और स्टोरेज को मैनेज करना आपके डिवाइस में कितना रैम है, इससे अधिक यह समझने की जरूरत है कि डिवाइस में यह एक सीमित संसाधन है, जिसे हमें मैनेज करना होता है। जब आप किसी ऐप को ओपन करते हैं तो वह मेमोरी का एक हिस्सा कवर कर लेता है। जहां सामान्य ऐप्स और गेम कुछ सौ मेगाबाइट्स का प्रयोग करते हैं, तो वहीं बड़े गेम फोन के रैम का एक गीगाबाइट तक का हिस्सा कवर कर सकते हैं। आप चार जीबी रैम वाले डिवाइस में ओएस के साथ सामान्य ऐप्स या गेम चला सकते हैं, पर कुछ समय बाद स्पेस बिल्कुल कवर हो जाएगा। फिर आपको बार-बार पुराने एप्स को हटाना पड़ेगा, वहीं अधिक रैम वाले डवाइस लंबे समय तक बेहतर ढंग से काम करते रहेंगे।  

2 दिन बाद फ्लैट 14999 रुपये में खरीद पाएंगे आईफोन

नई दिल्ली आईफोन लवर्स किसी भी कीमत पर फोन को अपना बनाना चाहते हैं, लेकिन कई बार उनकी जेब जवाब नहीं देती। आड़े आ जाते हैं पैसे। ईएमआई पर हर कोई तो फोन नहीं खरीद सकता, लेकिन एक डील ऐसी आ रही है, जिसमें आप बिना सोचे आईफोन पर दांव लगा सकते हैं। 4 मई को iPhone 11 को सिर्फ 14999 रुपये की फ्लैट कीमत में लिया जा सकता है। फ्लैट कीमत से हमारा मतलब है कि कोई कार्ड ऑफर या बैंक डिस्‍काउंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। पेमेंट कीजिए और फोन खरीदिए। Control Z नाम की वेबसाइट पर यह डील मिलने वाली है। Control Z पर प्रीमियम स्‍मार्टफोन्‍स को रिन्‍यू करके बेचा जाता है। इसका मतलब है कि मॉडल फ्रेश नहीं होगा, वह एक रिन्‍यू मॉडल होगा। कंपनी का दावा, 300 से ज्‍यादा क्‍वॉलिटी टेस्‍ट Control Z दावा करती है कि रिन्‍यू किए गए आईफोन्‍स को 300 से ज्‍यादा ऑटोमै‍टेड क्‍वॉलिटी टेस्‍ट से गुजारा जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि वह किसी ब्रैंड-न्‍यू स्‍मार्टफोन की तरह परफॉर्म करें। इसका मतलब है कि 4 मई को बिकने वाला iPhone 11 मॉडल एक नया मॉडल नहीं होगा। उसे रिन्‍यू करके बेचा जाएगा, लेकिन कंपनी दावा कर रही है कि यूजर्स को न्‍यू फोन की फीलिंग आएगी और एक्‍सपीरियंस मिलेगा। iPhone 11 पर मिल रही यह डील iPhone 11 के रिन्‍यू मॉडल को लिमिटेड टाइम के लिए 14999 रुपये में बेचा जाएगा। कंपनी 64 जीबी वेरिएंट को सेल करेगी। यह लिमिटेड टाइम ऑफर है, जोकि प्रोडक्‍ट के येलो और रेड कलर वेरिएंट पर मिलेगा। 500 रुपये का अत‍िरिक्‍त पेमेंट करके ब्‍लैक और वाइट मॉडल को लिया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार, 2500 रुपये और ज्‍यादा देने पर 128 जीबी मॉडल लिया जा सकेगा। 4 मई को यह सेल Control Z के ई-स्‍टोर पर होगी। अगर आप एचडीएफसी बैंक कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो 5 फीसदी इंस्‍टेंट डिस्‍काउंट ले पाएंगे। कंपनी 18 महीनों की वॉरंटी दे रही है। इसके साथ ही 100 फीसदी बैटरी हेल्‍थ की गारंटी भी दी गई है। iPhone 11 के फीचर्स, स्‍पेसिफि‍केशंस iPhone 11 में 6.1 इंच का डिस्‍प्‍ले दिया गया है। फोन में ऐपल का A13 बायोनिक चिपसेट लगा है। इसमें 4 जीबी रैम दी गई है और 64 से लेकर 256 जीबी स्‍टोरेज मिलता है। iPhone 11 में 12 मेगापिक्‍सल के तीन कैमरा लगे हैं। उनमें से 2 कैमरा बैक साइड में और एक फ्रंट साइड में दिया गया है। फोन 3110 एमएएच की बैटरी है। हालांकि यह फोन 5जी कनेक्टिविटी को सपोर्ट नहीं करता। माना जा रहा है कि इसमें ऐपल का लेटेस्‍ट iOS 18 अपडेट जल्‍द मिलने वाला है।

Reno 14 सीरीज़ जल्द ही चीन में होगी लॉन्च

नई दिल्ली  Oppo ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसकी अगली पीढ़ी की Reno 14 सीरीज़ जल्द ही चीन में लॉन्च होने जा रही है. चीनी माइक्रोब्लॉगिंग साइट Weibo पर एक पोस्ट के माध्यम से कंपनी ने सिर्फ आगामी Reno 14 सीरीज़ का नाम टीज़ किया है. जारी किए गए टीज़र में चीन के तीन अलग-अलग शहरों में मई माह में होने वाले प्रचार अभियानों की तारीखें दर्शाई गई हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि Reno 14 सीरीज़ का लॉन्च मई में तय है. हालांकि Oppo ने फिलहाल स्मार्टफोन से जुड़ी अन्य जानकारियाँ गोपनीय रखी हैं. हालांकि कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन लीक और अफवाहों के आधार पर डिवाइस की झलक सामने आ चुकी है. प्रसिद्ध टिप्स्टर Digital Chat Station ने Weibo पर दो नई इमेज शेयर की हैं, जिनमें आगामी Oppo Reno 14 का डिज़ाइन देखा जा सकता है. इन लीक रेंडर्स में फोन के बैक और साइड व्यू का खुलासा हुआ है, जिससे इसके नए डिज़ाइन और कैमरा लेआउट की जानकारी मिलती है. Reno 14 का रियर डिज़ाइन एक फ्लैट, स्कल्प्टेड ग्लास पैनल के साथ आता है, जिसमें कैमरा मॉड्यूल के चारों ओर उभरी हुई आकृति नजर आती है. फोन के ऊपरी हिस्से में चमकदार सफेद फिनिश और चिकनी chamfered एज दिखाई देती हैं, जो कुछ हद तक पुराने iPhone 12 की डिज़ाइन लैंग्वेज की याद दिलाती हैं. फोन के फ्रेम के लिए एल्युमिनियम का उपयोग किया गया है, और पावर बटन तथा वॉल्यूम रॉकर दाईं ओर स्थित हैं. वहीं, अफवाहें हैं कि डिवाइस के बाईं ओर एक नया “मैजिक क्यूब” बटन हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है. कैमरा सेटअप को R-आकार के लेआउट में एक हल्के आयताकार मॉड्यूल में सजाया गया है. इसमें दो लेंस वर्टिकल फॉर्म में बाईं ओर स्थित हैं, जबकि तीसरा लेंस एक कैप्सूल-आकार की रिंग में है, जिसके साथ ट्रिपल LED फ्लैश भी मौजूद है. पिछली लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Reno 14 में 50 मेगापिक्सल का मुख्य सेंसर (OIS के साथ), 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड लेंस और 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा (3.5x ज़ूम के साथ) हो सकता है. साइड व्यू से यह भी स्पष्ट होता है कि पेरिस्कोप कैमरा मुख्य कैमरा मॉड्यूल के भीतर ही एकीकृत है. दिलचस्प बात यह है कि Reno 14 का डिज़ाइन काफी हद तक Reno 13 Pro से मेल खाता है, जिससे प्रतीत होता है कि Oppo ने लुक में बड़ा बदलाव करने के बजाय उसे और निखारने पर ज़ोर दिया है. हालांकि एक बड़ा बदलाव यह है कि इस बार कर्व्ड डिस्प्ले की जगह 120Hz फ्लैट OLED पैनल देखने को मिल सकता है. इसके अतिरिक्त, Reno 14 Pro के IP68/IP69 वॉटर रेजिस्टेंस रेटिंग के साथ आने की उम्मीद है, जो डस्ट और वॉटर से पूरी सुरक्षा प्रदान करेगा. हालांकि Oppo ने अब तक इन सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अब तक सामने आए संकेत एक परिष्कृत और दमदार अपग्रेड की ओर इशारा कर रहे हैं.

नया डिस्प्ले साइज के साथ जल्द हो लॉन्चिंग सकती है Apple Watch SE 3

मुंबई Apple ने पहली बार 2020 में अपनी किफायती स्मार्टवॉच Apple Watch SE पेश की थी, जो कुछ फीचर्स में कटौती करते हुए एक अफॉर्डेबल विकल्प के तौर पर आई थी. 2022 में लॉन्च हुई Apple Watch SE 2 भी इसी राह पर चली थी, जिसमें 1.57-इंच और 1.73-इंच डिस्प्ले साइज के विकल्प दिए गए थे. लेकिन अब ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी Apple Watch SE 3 में डिस्प्ले साइज में बदलाव देखने को मिल सकता है. प्रसिद्ध विश्लेषक Ross Young के अनुसार, Apple ने अपनी अगली SE सीरीज़ की वॉच पर काम शुरू कर दिया है और इसमें 1.6-इंच और 1.8-इंच डिस्प्ले साइज पेश किए जा सकते हैं. यानी वर्तमान मॉडलों की तुलना में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे. Apple ने Watch SE को खासतौर पर किफायती सेगमेंट और युवा यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया था. ऐसे में एक कॉम्पैक्ट बॉडी के साथ बड़ी स्क्रीन और पतले बेज़ल्स वाला नया डिज़ाइन काफी आकर्षक हो सकता है. पिछली बार Watch SE का डिज़ाइन Series 6 पर आधारित था. माना जा रहा है कि इस बार भी Apple इसी डिज़ाइन लैंग्वेज को फॉलो कर सकता है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि कंपनी इसमें Series 7 के बड़े केस साइज (41mm और 45mm) से भी प्रेरणा ले सकती है. इसके अलावा, कुछ अफवाहें बताती हैं कि Apple एक हार्ड प्लास्टिक बॉडी वाला वेरिएंट भी प्लान कर रहा है, जो कई चमकीले रंगों में आ सकता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह योजना वास्तविकता की ओर बढ़ी है या नहीं. अगर ऐसा होता है, तो Apple Watch SE 3 एक पतली बॉडी के साथ 1.6-इंच और 1.8-इंच डिस्प्ले पेश कर सकती है, जो पुराने 38mm और 42mm मॉडल्स के साइज के क़रीब हो सकता है. इससे यूज़र्स को कॉम्पैक्ट साइज में ज़्यादा स्क्रीन एरिया मिल सकेगा. यह भी ध्यान देना ज़रूरी है कि रिपोर्ट किए गए डिस्प्ले साइज में मामूली राउंडिंग का अंतर हो सकता है. फिर भी, नए डिज़ाइन और बेहतर स्क्रीन के साथ Watch SE 3 में कई दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं. Apple Watch Series 11 और Ultra 3 भी जल्द लॉन्च के लिए तैयार 2025, Apple Watch के लिए एक महत्वपूर्ण साल साबित हो सकता है. इस साल कई नई खूबियाँ और हेल्थ-फोकस्ड अपडेट्स आने की उम्मीद है, हालांकि डिज़ाइन में ज़्यादा बदलाव नहीं होंगे. प्रसिद्ध टेक जर्नलिस्ट Mark Gurman के अनुसार, आगामी Apple Watch Series 11 और Ultra 3 का डिज़ाइन मौजूदा मॉडलों के जैसा ही रहेगा. लेकिन इनमें कुछ बड़े अपग्रेड्स देखने को मिल सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर, Ultra 3 में सैटेलाइट कनेक्टिविटी और 5G RedCap टेक्नोलॉजी का सपोर्ट मिल सकता है, जिससे कनेक्टिविटी के नए दरवाज़े खुलेंगे. हेल्थ फीचर्स की बात करें तो Series 11 और Ultra 3 में ब्लड प्रेशर डिटेक्शन जैसे एडवांस्ड फीचर्स दिए जाने की चर्चा है. यह फीचर यूज़र को हाई ब्लड प्रेशर के संभावित संकेतों के बारे में अलर्ट करेगा, हालांकि यह पूरी डिटेल्ड रीडिंग नहीं देगा. इसके अलावा, Apple एक नए AI-ड्रिवन हेल्थ कोचिंग सर्विस और एक अपडेटेड Health App पर भी काम कर रहा है, जो यूज़र्स को पर्सनलाइज़्ड वेलनेस सपोर्ट देगा. उम्मीद है कि ये नए फीचर्स आगामी AirPods के साथ भी पेश किए जा सकते हैं, जो हार्ट रेट मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी से लैस होंगे. यानी भले ही डिज़ाइन में बड़े बदलाव न हों, लेकिन Apple आने वाले समय में अपने स्मार्टवॉच एक्सपीरियंस को और ज़्यादा हेल्थ-केंद्रित और स्मार्ट बनाने पर ज़ोर देने वाला है.

लाइफ में सक्सेज पाने के लिए ये चीजे है जरूरी

लाइफ में सक्सेज तो सभी चाहते हैं। लेकिन सफलता उसे ही मिलती है जो मेहनत करता है। हालांकि इसके साथ मेहनत किस दिशा में और कितनी की जा रही है, ये बात भी निर्भर करती है। अगर आप अपने करियर, फैमिली या किसी भी चीज में सफलता चाहते हैं तो इन तीन चीजों को जरूर याद रखें। तभी सक्सेज मिलने में आसानी होगी। जानें क्या हैं वो तीन चीजें, जिसे करने के लिए हर सफल इंसान कहता है। आत्मविश्वास किसी भी काम को करने के लिए आत्मविश्वास का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब आप खुद पर भरोसा करेंगे कि ये काम आप कर सकते हैं। फिर वो चाहे आसान हो या कठिन पूरा जरूर होता है। स्पष्टता लाइफ में किस इंसान के साथ जिंदगी बितानी है या फिर किस दिशा में करियर बनाना है। आपकी सोच और माइंड बिल्कुल क्लियर होना चाहिए। तभी आप सफल हो सकते हैं। जब आपका माइंड बिल्कुल क्लियर होगा उसमे दुविधा की स्थिति नहीं होगी तभी आप सही दिशा में मेहनत कर पाएंगे और खुद में आत्मविश्वास भी महसूस करेंगे। निरंतरता यानी कंस्सिटेंसी ‘करत-करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान’ इस दोहे का अर्थ है कि लगातार अभ्यास करने से मूर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है। जब आप किसी काम को लगातार करते हैं, बिना रुके करते हैं। तो एक ना एक दिन सफलता आपको जरूर मिलती है। इसलिए अपने काम में निरंतरता बनाकर रखें। बिना रुके सही दिशा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ किया गया काम आपको सफलता जरूर दिलाता है।

आज से चार धाम यात्रा शुरू, ये 5 गैजेट जरूर साथ रखें, मुसीबत में आएंगे काम

नई दिल्ली अक्षय तृतीया के मौके पर आज से चार धाम यात्रा शुरू हो रही है। ये यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और आत्मिक अनुभव प्रदान करती है। हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों और बदलते मौसम की वजह से यह यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में कुछ काम के गैजेट्स साथ रखना जरूरी हो जाता है। ये गैजेट्स न सिर्फ आपकी यात्रा को सुविधाजनक बनाते हैं, बल्कि कई मौकों पर आपको सुरक्षा भी प्रदान कर सकते हैं। आज हम 5 ऐसे गैजेट्स के बारे में बात करेंगे जिन्हें साथ ले जाने से आप न सिर्फ अपनी यात्रा को आराम से पूरा कर पाएंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरे श्रद्धालुओं की भी मदद कर पाएंगे। मोबाइल फोन जाहिर सी बात है कि आप अपना स्मार्टफोन तो यात्रा पर लेकर जाएंगे ही। हालांकि हम यहां बात एक फीचर फोन की कर रहे हैं। यात्रा में अपने साथ एक बटन वाला फीचर फोन जरूर रखें। इस तरह के फोन की बैटरी कई दिनों तक चलती है और जरूरत पड़ने पर इसका साथ होना काफी काम आ सकता है। हमारी सलाह है कि इस एक्स्ट्रा फोन को पूरा चार्च करने के बाद ऑफ करके अपने पास रखें। इससे फोन की बैटरी खर्च नहीं होगी और अगर किसी वजह से आपको इस फोन को इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ती है, तो आप इसे ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर पाएंगे। पावर बैंक चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं, तो अपने साथ एक पावर बैंक जरूर लेते जाएं। अच्छा होगा कि आप अपने साथ कम से कम 20,000mah का पावर बैंक रखें। दरअसल 10,000 mah का पावर बैंक आपके स्मार्टफोन को ज्यादा से ज्यादा दो या ढाई बार चार्ज कर पाएगा। वहीं एक 20,000mah का पावर बैंक आपके स्मार्टफोन को 4 से 5 बार चार्च कर सकता है। इसके अवाला आपके साथ मौजूद फीचर फोन आपको बैटरी की कमी महसूस नहीं होने देगा। GPS डिवाइस या ऑफलाइन मैप ऐप्स जरूरी नहीं कि चार धाम यात्रा पर आपको हर जगह मोबाइल नेटवर्क मिल पाए। ऐसे में अपने साथ एक ऑफलाइन मैप या GPS डिवाइस लेते जाएं। आप चाहें तो अपने फोन में भी ऑफलाइन मैप डाउनलोड करके रख सकते हैं। यह ऐसे समय में आपको रास्ता ढूंढ़ने में मदद कर सकता है जब आपके पास रास्ता पता करने के लिए कोई न हो। इसकी मदद से आप निश्चिंत होकर अपनी यात्रा को पूरा कर पाएंगे। कंपास यात्रा में अपने साथ एक कंपास भी जरूर रखें। यह दिशा बताने के काम आएगा और इसके लिए कभी भी फोन में मौजूद कंपास ऐप पर निर्भर न हों। दरअसर फोन में मौजूद कंपास ऐप तब तक ही काम के हैं, जब तक कि उन्हें GPS का सिगनल मिल रहा है। बिना GPS सिग्नल के वह आपको सही रास्ता नहीं बता पाएगा। ऐसे में यात्रा के दौरान अपने साथ एक छोटा कंपास जरूर रखें। स्मार्ट वॉच या फिटनेस ट्रैकर आप अपने साथ एक अच्छा फिटनेस ट्रैकर या स्मार्ट वॉच भी लेकर जा सकते हैं। यह वॉच या ट्रैकर आपकी हेल्थ से जुड़ा जरूरी डेटा जैसे कि ऑक्सीजन लेवल, हार्ट बीट या स्टेप काउंट आदि देता रहेगा। कुछ अच्छे और प्रीमियम स्मार्टवॉच में हाइकिंग के लिए खास तौर पर कुछ फीचर्स दिए जाते हैं। इनमें आप अपना ट्रैक आदि भी मैप कर सकते हैं। इससे रास्ता भटकने की गुंजाइश नहीं बचती। इसके अलावा प्रीमियम स्मार्टवॉच में आपको लंबा बैटकी बैकअप भी मिल पाएगा। इससे हर दिन उसे चार्ज करने की समस्या नहीं रहेगी।

पाकिस्‍तान साइबर हमले की ‘हवा’ बनाने में जुटा, जिसका कोई फायदा नहीं

नई दिल्ली भारत से युद्ध की आशंका में डरा पाकिस्‍तान दर-दर की ठोंकरे खाकर दुनिया के अन्‍य देशों में मदद के लिए ग‍िड़‍डिड़ा रहा है। धमकी तो वह न्‍यूक्लियर हमले की देता है, लेकिन बचकानी हरकत के रूप में भारत पर साइबर हमले कर रहा है। इन साइबर हमलों में वह पहलगाम आतंकी हमले से अपना पल्‍ला झाड़ रहा है। भारत को धमकियां दे रहा है। हकीकत यह है कि पाकिस्‍तान ऐसी ‘हवा’ बनाने में जुटा है, जिसका कोई फायदा उसे नहीं हुआ है। पड़ोसी की ऐसी हरकतों पर देश की सरकार रिएक्‍ट करना तक सही नहीं समझती। लेकिन हम और आप इसी बहाने साइबर अटैक की गुत्‍थी को समझते हैं। क्‍या होते हैं साइबर अटैक एक्‍सपर्ट के अनुसार, साइबर अटैक में किसी देश के नेटवर्क, उसके कंप्‍यूटर सिस्‍टम और डिजिटल डिवाइस को टार्गेट किया जाता है। उन तक पहुंचने की कोशिश की जाती है और सिस्‍टम में स्‍टोर डेटा, ऐप्‍स या बाकी चीजों को चुराने का प्रयास होता है। कई बार सिस्‍टम में मौजूद डेटा को बर्बाद करने के लिए भी ऐसे अटैक किए जाते हैं। साइबर हमला करने वाले किसी भी देश से हो सकते हैं। वो सरकारी वेबसाइटों से लेकर प्राइवेट कंपनियों की वेबसाइटों को निशाना बना सकते हैं। क्‍याें किया जाता है साइबर अटैक एक्‍सपर्ट के अनुसार, साइबर अटैक के पीछे तीन तरह की मानसिकताएं होती हैं। यह क्र‍िमिनल एक्टिविटी के लिए किया जाता है। राजनीतिक वजह या फ‍िर पर्सनल वजहों से भी साइबर अटैक होता है। क्र‍िमिनल एक्टिवि‍टी में पैसे चुराने या बैंक अकाउंट हैक करने की कोशिश होती है। या फ‍िर डेटा को चुराकर पैसों के लिए उसे डार्क वेब पर बेचा जाता है। लोगों से उनकी जानकारी बदलने पैसे भी ऐंठे जाते हैं। जो साइबर अटैक पर्सनल वजहों से होता है, उसमें कई बार कंपनियों के पूर्व कर्मचारी ही ऑफ‍िसेज को टार्गेट करते हैं। वह संवेदनशील डेटा में सेंध लगाते हैं। वहीं, पॉलिटिकल कारणों में साइबर वॉर जैसी चीज को अंजाम दिया जाता है। इसमें एक देश अपने दुश्‍मन देशों की सरकारी एजेंसियों से जुड़ी वेबसाइटों को टार्गेट करता है। पाकिस्‍तान भी इन दिनों यही करने की कोशिश में जुटा है। इसका कोई खास फायदा उसे होता हुआ नहीं दिख रहा। किसे टार्गेट करता है साइबर अटैक साइबर अटैक में मुख्‍य तौर पर एक कंप्‍यूटर नेटवर्क को टार्गेट किया जाता है। नेटवर्क में सेंध लगाने का मकसद होता है पैसा चुराना, फाइनेंशल डेटा चुराना, क्‍लाइंट लिस्‍ट पर कब्‍जा करना, कस्‍टमर डेटा चुराना जिसमें ग्राहकों की पर्सनल जानकारी भी शामिल होती है। इसके साथ ही इमेल अड्रेस, लॉगइन क्रेडेंशियल को हथियाने की कोशिश होती है। कई मामलों में हमलवार कुछ भी चोरी नहीं करते, बल्कि सिस्‍टम को बाधित करके गलत सूचनाएं फैलाते हैं जैसा कि मौजूदा केस में हुआ है। कई हैकर्स वेबसाइटों के होम पेज को टार्गेट करके वहां अपना मैसेज दिखाते हैं।

सफलता की सीढ़ी चढ़ना है तो इन जगहों पर नहीं करना चाहिए संकोच और शर्म

शर्म और लिहाज को सभ्य व्यक्ति की निशानी माना जाता है। वहीं बात अगर महिलाओं की करें तो उनके लिए ये दो गुण गहनों के समान महत्वपूर्ण बताए गए हैं। बावजूद इसके चाणक्य ने अपनी किताब नीति शास्त्र में 5 ऐसे मौके बताए गए हैं, जहां शर्म करने से व्यक्ति को हमेशा असफलता का मुंह देखना पड़ता है। इन जगह पर शर्म या संकोच करने से व्यक्ति सफलता की सीढ़ी नहीं चढ़ पाता है। आइए जानते हैं ऐसे कौन से वो 5 मौके हैं, जहां व्यक्ति को बिल्कुल भी शर्म नहीं करना चाहिए। भोजन करते समय न करें शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति भोजन करते समय शर्म या संकोच महसूस करता है, वह हमेशा ही नुकसान में रहता है। ऐसे व्यक्ति का पेट खाली रहता है और उसका ध्यान भूख की वजह से किसी और काम में नहीं लगता है। चाणक्य नीति के अनुसार भूखे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से वो कई बार जीवन में गलत फैसले ले सकता है। पैसों से जुड़े मामले में शर्म चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी व्यक्ति को पैसों के लेन-देन के मामले में शर्म नहीं करनी चाहिए। अगर आप किसी को उधार दिए पैसों को मांगने में शर्म करेंगे तो आपको हमेशा पैसों से जुड़े नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। ऐसे में बिना किसी झिझक के आपको दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार दिए पैसे वापस मांग लेने चाहिए। शिक्षा लेने में शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को हमेशा नई-नई चीजें सीखते रहनी चाहिए। कई बार आपसे कम उम्र का व्यक्ति भी आपको कई नई चीजें सीखा सकता है। ऐसे में कभी भी नई चीज सीखने में संकोच महसूस ना करें वरना जीवन में आगे बढ़ने में आपको काफी परेशानी हो सकती है। अपनी बातों रखने में शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार एक व्यक्ति को अपनी बात दूसरों के सामने रखने से कभी भी संकोच महसूस नहीं करना चाहिए। अगर आपको किसी दूसरे व्यक्ति की कोई बात बुरी या गलत लग रही हो तो उसे तुरंत कह डालें। याद रखें, जो व्यक्ति अपने मन की बात दूसरों के सामने रखने में संकोच महसूस करता है, वह जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाता है। मेहनत करने में शर्म जो व्यक्ति कठिन परिश्रम करने में संकोच या आलस महसूस करता है, वह भी अपने जीवन में कभी सफलता का मुंह नहीं देख पाता है। एक सफल जीवन की बुनियाद कड़ी मेहनत ही है। दोस्तों या आलस के चक्कर में मेहनत करने से ना बचें।

OpenAI ने ChatGPT में एक नया शॉपिंग फीचर जोड़ा

नई दिल्ली OpenAI, ChatGPT के लिए बड़ा अपडेट लेकर आया है। दरअसल अब ChatGPT पर शॉपिंग भी की जा सकेगी। इस अपडेट के बाद लोग ChatGPT पर किसी आइटम को सर्च करने से लेकर ऑर्डर तक कर पाएंगे। इसके अलावा किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए यूजर को किसी अलग साइट पर नहीं जाना पड़ेगा। ChatGPT के साथ शॉपिंग करते समय प्रोडक्ट को सर्च करने से लेकर ऑर्डर करने तक का सारा काम उसी चैट विंडो में पूरा हो सकेगा। इस अपडेट के बाद जानकारों का मानना है कि जिस तरह से लोगों का जानकारी इक्ट्ठा करने का तरीका ChatGPT ने बदला है उसी तरह यह लोगों के ऑनलाइन शॉपिंग करने के तरीके को भी बदल कर रख देगा। क्या है शापिंग फीचर अभी तक ChatGPT पर किसी भी प्रोडक्ट को सर्च करने पर उससे जुड़े लिंक आपको मिल जाते थे। अब ChatGPT आपको प्रोडक्ट और उसके बारे में सारी जानकारी चैट विंडो में ही उपलब्ध कराएगा। अगर आप चाहेंगे, तो यह एक से ज्यादा प्रोडक्ट्स को कंपेयर भी कर पाएगा और साथ ही बता पाएगा कि वह प्रोडक्ट सस्ता कहां मिल रहा है। इसके अलावा इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि प्रोडक्ट यूजर की पसंद के हिसाब से दिखाया जाए न कि विज्ञापनों के अनुसार। फिलहाल ChatGPT में फैशन, ब्यूटी, घर का सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कैटेगरी को शामिल किया गया है। Google से होगा मुकाबला इस फीचर की वजह से ChatGPT का मुकाबला Google से होगा। दरअसल ChatGPT पर लोग अपनी पसंद के हिसाब से सामान खरीद पाएंगे और सामान को लोगों की इच्छा के अनुसार पेश किया जाएगा। वहीं Google पर शॉपिंग करते समय विज्ञापन वाले प्रोडक्ट्स को पहले दिखाया जाता है। बता दें कि OpenAI की ओर से जानकारी दी गई है कि पिछले एक हफ्ते में यूजर्स ने एक बिलियन वेब सर्च ChatGPT पर की हैं। शॉपिंग फीचर ऐसे करेगा काम ChatGPT पर लोग बहुत ही आसान भाषा में अपने काम का प्रोडक्ट सर्च कर पाएंगे और ChatGPT भी लोगों के प्रॉम्प्ट के अनुसार उन प्रोडक्ट्स को पेश कर पाएगा जो कि लोग असल में खरीदना चाहते हैं। ChatGPT पर शॉपिंग करने के लिए:     उस प्रोडक्ट के बारे में लिखें जो आप खरीदना चाहते हैं जैसे कि “Best earbuds under rs 500” आप जितना बेहतर तरीके से अपनी पसंद को बता पाएंगे ChatGPT उतने अच्छे रिजल्ट आपके लिए लेकर आएगा।     इसके बाद ChatGPT प्रोडक्ट को सर्च करके आपको रिजल्ट दिखाएगा। यह नतीजे विज्ञापनों से प्रभावित नहीं होंगे।     इसके बाद आप अपनी पसंद का प्रोडक्ट चुनकर, चैट विंडो में ही उसे खरीद पाएंगे। फिलहाल यह फीचर ChatGPT और ChatGPT Pro इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को मिलेगा।

वाई-फाई के फुल सिग्नल के लिए आजमाएं ये आसान हैक्स

नई दिल्ली आज वाई-फाई सभी घरों में बेहद आम है लेकिन इसके साथ आने वाली एक समस्या भी आम तौर पर सभी घरों में मिलती है। दरअसल कई बार ऐसा होता है कि वाई-फाई के सिग्नल सही से पूरे घर में नहीं आते। इसकी वजह से इंटरनेट स्लो हो जाता है या बार-बार रुकने लगता है। ऐसी समस्या हो सकता है आप भी झेल रहे हों और घर के किसी भी कोने में आपको भी वाई-फाई के कम सिगनल मिल रहे हों। ऐसा खासकर पर तब होता है जब घर बड़ा हो या दीवारें मोटी हों। लोग इसे ठीक करने के लिए नया राउटर या महंगे डिवाइस पर पैसे खर्च करने के बारे सोचने लगते हैं लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं है। कुछ आसान और घरेलू तरीकों से भी वाईफाई के सिग्नल को बेहतर किया जा सकता है। आज हम ऐसे ही 5 तरीके बताएंगे, जिन्हें कोई भी खुद घर पर बिना किसी टेक्निकल जानकारी के आजमा सकते हैं और अपने वाई-फाई को कहीं ज्यादा तेज और मजबूत बना सकते हैं। राउटर की जगह सोच कर चुनें घर में वाईफाई के सिग्नल अच्छे से आ पाएं इसके लिए राउटर को हमेशा घर के बीचों बीच और खुली जगह पर रखने की सलाह दी जाती है। अगर आपने राउटर किसी कोने में या अलमारी के अंदर रखा है, तो सिग्नल को पूरे घर में ट्रैवल करने में समस्या आएगी। एक्सपर्ट कहते हैं कि राउटर को ऊंचाई पर रखना चाहिए, जैसे किसी मेज या ऊंचे शेल्फ पर। आज चाहें तो इसे छत पर भी अटैच करवा सकते हैं। अक्सर दफ्तरों में राउटर सीलिंग के साथ अटैच करके इस्तेमाल किए जाते हैं। एक ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि राउटर के आस-पास माइक्रोवेव, वायरलेस फोन या बड़े मेटल के सामान न रखें हों क्योंकि ये सिग्नल को जाम करते हैं। अगर आप राउटर को सही जगह पर रखते हैं, तो सिग्नल पूरे घर में आसानी से पहुंच पाएगा। पुराने राउटर का सॉफ्टवेयर अपडेट करें जैसे मोबाइल में सॉफ्टवेयर अपडेट जरूरी होता है, वैसे ही वाईफाई राउटर का फर्मवेयर अपडेट करना भी जरूरी होता है। राउटर के लिए आने वाले अपडेट में बेहतर सिक्योरिटी और तेज नेटवर्क फीचर्स दिए जाते हैं। अगर आपके राउटर में स्पीड या सिग्नल से जुड़ी को समस्या आ रही है, तो हो सकता है कि कंपनी उसे नए अपडेट में ठीक कर चुकी हो। ऐसे में अगर आपका राउटर बहुत पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रहा है, तो उसकी परफॉर्मेंस कमजोर हो सकती है। आप राउटर की सेटिंग्स में जाकर उसका फर्मवेयर अपडेट कर सकते हैं।​ राउटर को रीस्टार्ट करते रहें अक्सर देखा गया है कि लोग एक बार राउटर को लगाने के बाद उसे कभी ऑफ नहीं करते। इससे वाईफाई की स्पीड धीमी हो जाती है क्योंकि राउटर में बहुत ज्यादा लोड या छोटे-छोटे एरर आ जाते हैं। जैसे इंसानों को लगातार काम करने से थकावट होती है वैसे ही आपका राउटर भी थक कर स्लो हो जाता है। इसे ठीक करने के लिए हफ्ते में एक बार राउटर को बंद करके 1-2 मिनट बाद फिर से चालू करना चाहिए। ऐसा करने से राउटर का सिस्टम रिफ्रेश होता है और नेटवर्क की छोटी-मोटी दिक्कतें अपने आप ठीक हो जाती हैं। अगर आपके राउटर में ऑटोमैटिक रीस्टार्ट का ऑप्शन है, तो उसे ऑन रखना चाहिए। वाईफाई रिपीटर या बूस्टर का इस्तेमाल करें अगर आपका घर काफी बड़ा है और सिग्नल एक कोने से दूसरे कोने तक नहीं पहुंच पाता, तो वाईफाई रिपीटर या बूस्टर का इस्तेमाल करें। इस डिवाइस की मदद से आप राउटर के सिग्नल की पहुंच को बढ़ा सकते हैं। इसे प्लग में लगाकर आसानी से सेट किया जा सकता है। इसकी मदद से घर के दूर-दराज के हिस्सों में भी तेज वाईफाई सिग्नल पहुंच सकते हैं। यह तरीका बड़े घरों, दफ्तरों या दो मंजिल वाले मकानों के लिए बहुत अच्छा रहता है। बता दें कि आप पुराने राउटर को भी रिपीटर या बूस्टर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।​ बेकार के डिवाइस नेटवर्क से हटाएं घर में जब बहुत सारे डिवाइस एक साथ वाईफाई से जुड़े रहते हैं, तो नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में वाइफाई की परफॉर्मेंस कमजोर होना लाजमी है। ऐसे में जिन डिवाइसेज की जरूरत न हो, उन्हें वाईफाई से डिस्कनेक्ट कर देना बेहतर होता है। आप राउटर की सेटिंग में जाकर चेक कर सकते हैं कि कौन-कौन से डिवाइस उससे कनेक्ट हैं। इसके बाद आप आसानी से उन डिवाइसेज को राउटर से डिस्कनेक्ट कर सकते हैं जो बेकार ही आपके राउटर का लोड बढ़ा रहे हैं।

एमेजॉन की सैटेलाइट इंटरनेट एंट्री, 27 सैटेलाइट इंटरनेट का पहला बैच अंतरिक्ष में पहुंचाया

नई दिल्ली सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया में अबतक हमने सिर्फ एलन मस्‍क की इंटरनेट कंपनी स्‍टारलिंक का नाम सुना है या कहें ज्‍यादा सुना है। स्‍टारलिंक, भारत में भी अपनी सेवाएं शुरू करना चाहती है और उसने जियो व एयरटेल के साथ पार्टनरशिप की है। कई और कंपनियां जैसे- वनवेब भी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस दुनिया तक पहुंचा रही हैं। अब इस क्षेत्र में एमेजॉन ने एंट्री कर ली है। एमेजॉन बरसों से अपने प्रोजेक्‍ट कुइपर (Project kuiper) को पूरा करने का ख्‍वाब देख रही थी। वह एक-दो नहीं, बल्कि 3 हजार से ज्‍यादा सैटेलाइट्स को पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पहुंचाएगी। इसकी शुरुआत सोमवार को हो गई, जब कंपनी ने 27 सैटेलाइट इंटरनेट का पहला बैच अंतरिक्ष में पहुंचाया। 2019 में ऐलान, अब फ्लोरिडा से लॉन्‍च रिपोर्टों के अनुसार, एमेजॉन ने साल 2019 में प्रोजेक्‍ट कुइपर का ऐलान किया था। साेमवार को कंपनी ने इसकी शुरुआत की। 27 इंटरनेट टर्मिनल्‍स को लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुंचा दिया। एमेजॉन का यह प्रोजेक्‍ट करीब 10 अरब डॉलर का है। कंपनी कुल 3236 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में पहुंचाने का लक्ष्‍य रखती है। इस क्षेत्र में उसका सीधा मुकाबला एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक से होगा। प्रोजेक्‍ट कुइपर का मकसद क्‍या है जिस तरह से स्‍टारलिंक दुनियाभर में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं उपलब्‍ध कराती है। उसी तरह से एमेजॉन भी कुइपर प्रोजेक्‍ट के जरिए यह काम करेगी। रिपोर्टों के अनुसार, वह उन इलाकों तक सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाएगी, जहां इंटरनेट की पहुंच नहीं है। सोमवार को हुए लॉन्‍च के दौरान कंपनी ने स्‍टारलिंक से कोई मदद नहीं ली। उसने अपने सैटेलाइट को बोइंग और लॉकहीड मार्टिन की कंपनी यूनाइटेड लॉन्च एलायंस (ULA) की मदद से अंतरिक्ष में भेजा। एटलस रॉकेट के जरिए सैटेलाइट को अंतरिक्ष में पहुंचाया गया। देरी से लॉन्‍च हुआ है प्रोजेक्‍ट एमेजॉन अपने प्रोजेक्‍ट कुइपर को पिछले साल ही लॉन्‍च कर देना चाहती थी, लेकिन इसमें देरी होती गई। अमेरिका के फेडरल कम्‍युनिकेशंस कमीशन ने कंपनी से कहा है कि वह तेजी से काम करे। अगले साल जून तक कम से कम आधे सैटेलाइट लॉन्‍च कर दे। यानी कंपनी को 15 सौ से ज्‍यादा सैटेलाइट लॉन्‍च करने होंगे। स्‍टारलिंक से मुकाबले के लिए यह जरूरी भी है। अगर कंपनी और देर करती है तो वह एलन मस्‍क की कंपनी से पिछड़ सकती है। मस्‍क की स्‍टारलिंक अब अमेरिका से बाहर निकलकर अफ्रीकी देशों, एशियाई देशों में अपनी सर्विस पहुंचा रही है। एमेजॉन को अमेरिका से शुरुआत करनी होगी और सिर्फ 27 सैटेलाइटों के दम पर यह नहीं हो पाएगा। ज्‍यादा से ज्‍यादा टर्मिनल्‍स को समय रहते स्‍पेस में पहुंचाना होगा।

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्याहयाम करें। पर्याप्त नींद हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्य यन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्हेंु दिल की बीमारी अन्यव लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती हैद्य कोलेस्ट्रॉल कम करें रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वॉरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है। नियमित रूप से व्यायाम करें नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्याकदा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी दिल की बीमारी के कारण होती हैं। फैट से बचें भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही जंक फूड का सेवन कम से कम करें। भोजन समय पर करें। धूम्रपान न करें सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्य म वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वजन को नियंत्रित करें यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तनाव में कमी मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और नियमित रूप से व्यायाम आपके स्वापस्य्नी  पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। शराब का सेवन कम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन हाई बीपी ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से कोलेस्ट्रॉल सही रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।  

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन से मेडिकल टेस्ट है जरूरी

गर्भधारण के दौरान समय-समय पर कई तरह की जांच की जाती हैं। इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है। साथ ही कोई कंप्लीकेशन ना हो इसकी जानकारी भी चिकित्सक को मिल जाती है। यदि कोई कंप्लीकेशन होती भी है तो चिकित्सक समय रहते उसका इलाज कर बच्चे और मां को किसी भी परेशानी से बचाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि गर्भधारण के दौरान डिलिवरी तक कौन-कौन सी चिकित्सा जांच की जाती हैं सीबीसी यानी कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट डॉक्टर आपका सीबीसी टेस्ट आपके गर्भवती होने के बाद करेगा। इससे आपके रक्त में लाल और सफेद कोशिकाओ का पता लगाया जाता है । इसके साथ ही हीमोग्लोबिन, हेमैटक्रीट और प्लेटलेट्स कणों को भी काउंट किया जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त में मौजूद प्रोटीन होता है जो कि सेल्स को ऑक्सीजन देता है और हेमैटक्रीट शरीर में लाल रक्त कणों को जांचने का माप है। दोनों में से किसी के भी कम होने पर एनीमिया कहा जाता है। प्लेटलेट्स रक्त में थक्का जमने में सहायता करती हैं। महिला नार्मल डिलिवरी के दौरान तकरीबन आधा लीटर रक्त खो देती है। ऐसे में रक्त की कमी होने पर बच्चे और मां दोनों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती है। आरएच फैक्टर टेस्ट आरएच फैक्टर टेस्ट में लाल रक्त कणों के सरफेस में प्रोटीन की मात्रा देखने को किया जाता है। अगर प्रोटीन होता है तो इसे आरएच पॉजिटिव कहा जाता है अन्यथा नेगेटिव। यह टेस्ट लगभग 85 प्रतिशत महिलाओं में पॉजिटिव ही आता है। यूरिन टेस्ट डॉक्टर यूरिन टेस्ट से ही गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की सही जानकारी लगा पाते हैं। इसमें मुख्यत शुगर की जांच की जाती है। इसके साथ ही किडनी के इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए यूरिन में प्रोटीन की मात्रा, जांच की जाती है। इस टेस्ट के माध्यम से बैक्टीरिया की जांच की जाती है जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का पता चल पता  है। केटोन्स की भी जांच होती है जिससे यह पता लगता  है कि शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह वसा का  इस्तेमाल ऊर्जा के लिए तो नहीं कर रहा है। रक्तचाप की जांच गर्भवती महिला के रक्तचाप की जांच की जाती है ताकि रक्तचाप ज्यादा या कम दोनों ही होने की स्तिथी में महिला को किसी भी प्रकार की हानि से बचाया जा सके। भ्रूण का अल्ट्रासाउंड भ्रूण के शारीरिक विकास को देखने के लिए समय समय पर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसमें प्लेसेंटा की स्थिति और बच्चे के शरीर का हर माप देखा जाता है। बच्चे की मूवमेंट और अन्य क्रियाओं का भी पता अल्ट्रासाउंड से ही चलता है। मल्टीपल मार्कर स्क्रीनिंग यह दो तरह का होता है। ट्रिपल स्क्रीन टेस्ट और क्वाड स्क्रीन टेस्ट। यह आहार नाल न्यूरल टयूब में किसी भी तरह के डिफेक्ट को देखने के लिए किया जाता है। भ्रूण की हृदय गति मापना हर महीने भ्रूण की हृदय गति में बदलाव आता है। जन्म के समय भी यह बदल जाती है। डॉक्टर समय-समय पर जांच कर यह चेक करते हैं की हार्ट बीट सामान्य है या नहीं। यदि ह्रदय गति कम आये तो माना जाता है कि बच्चे को ऑक्सीजन कम मिल रही है।  

सरकार ने Sarvam नाम की कंपनी को भारत का पहला स्वदेशी AI मॉडल तैयार करने के लिए चुना

नई दिल्ली इंडिया AI मिशन में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने Sarvam नाम की कंपनी को भारत का पहला स्वदेशी AI मॉडल तैयार करने के लिए चुना है। यह कंपनी देश का पहला LLM यानी कि लार्ज लेंग्वेज मॉडल बनाएगी। यह अपने आप में एक ऐसा AI मॉडल बनाने की पहली कोशिश होगी जो भारतीय भाषाओं को समझने में माहिर हो, रीजनिंग कर सकता हो और जिसे भारत जितने बड़े देश की जनसंख्या के लिए ऑप्टिमाइज किया गया हो। बता दें कि इसकी घोषणा खुद आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की और उन्होंने AI मॉडल तैयार करने के लिए आए 67 प्रपोजल में से Sarvam को चुना। देश का पहला AI मॉडल इस बारे में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश का पहला AI फाउंडेशनल मॉडल तैयार करने के लिए Sarvam AI नाम के स्टार्टअप को चुना गया है, आने वाले समय में दो से तीन और स्टार्टअप इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं। बता दें कि Sarvam AI नाम का यह स्टार्टअप पहले ही मेटा के LLAMA2-7B पर आधारित हिंदी भाषा में काम करने वाला भाषा मॉडल तैयार किया था। इतना ही नहीं यह मॉडल हिंदी, इंग्लिश और हिंग्लिश में माहिर है और यह ChatGPT 3.5 जितनी परफॉर्मेंस दे सकता है। सरकार का समर्थन सरकार Sarvam AI को करीब 200 करोड़ के GPU उपलब्ध कराएगी ताकि वह अपने प्रोजेक्ट को पूरा कर सकें। इससे AI की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले डेटा को भारत में रखने में भी मदद मिलेगी और यह भारत के AI सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा। Sarvam AI नाम का यह स्टार्टअप विवेक राघवन और प्रतीयुष कुमार ने साल 2023 में शुरू किया था और इसी साल अपनी सीरीज ए फंडिंग राउंड में 41 मिलियन डॉलर जुटाने में कामियाब रहे थे। विवेक राघवन और प्रतीयुष कुमार इंफोसिस के सह संस्थापक नंदन निलेकणी के AI4Bharat में भी काम कर चुके हैं। विवेक राघवन ने इस मौके पर बताया कि “Sarvam AI भारतीय उद्यमों के डेटा का इस्तेमाल करेंगा और खास डोमेन वाले AI मॉडल तैयार करेगा।” ये है लक्ष्य Sarvam AI का लक्ष्य है कि वह भारतीय भाषाएं समझने वाला AI मॉडल तैयार करे। यह स्वास्थय, शिक्षा और कृषि जैसी जगहों में मददगार साबित होगा। इस तरह से देखा जाए, तो Sarvam देश के AI सेक्टर की वह पहली सीढ़ी साबित होगा, जो आगे जाकर भारत को इस क्षेत्र के विश्व गुरू के तौर पर स्थापिक कर सके।

इन आसान तरीको से बचाये व्हाट्सऐप का खोया हुआ डाटा

नई दिल्ली व्हाट्सऐप पर हम कई किस्म की बातें करते हैं। आम चैट से लेकर दफ्तर की जरूरी बातें। कई चीजें इतनी महत्वपूर्ण होती हैं कि आप उन्हें बाद में भी आकर खोजते रहते हैं। अगर आपने अपना फोन खो दिया या फिर उसे किसी कारण से फॉर्मेट करना पड़ा तो आपको व्हाट्सऐप फिर से इंस्टॉल करना पड़ेगा। ऐसे में आपके पुराने चैट गायब जाएंगे। लेकिन आप व्हाट्सऐप का बैकअप बनाना जानते हैं तो इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। एंड्रॉयड पर व्हाट्सऐप का बैकअप गूगल ड्राइव पर बनाया जा सकता है। आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं ताकि आपके सारे चैट, फोटो और वीडियो सुरक्षित स्टोर रहें। और जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से रीस्टोर किया जा सके। अगर आपने अब तक इस फीचर को इस्तेमाल नहीं किया है तो पहली बार जब आप व्हाट्सऐप इंस्टॉल करेंगे तो आपसे इस फीचर को स्विच ऑन करने के बारे में पूछा जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो मेन्यू में जाकर इसे सेटअप कर सकते हैं। आपको ऐप के मुख्य इंटरफेस पर दायीं तरफ टॉप में तीन बिन्दु नजर आ आएंगे। उन पर टैप करें। इसके बाद सेटिंग्स में जाएं, फिर चैट्स एंड कॉल्स में। इसके बाद चैट बैकअप पर टैप करें। यहां आपको गूगल ड्राइव सेटअप करने का विकल्प मिलेगा।   आपको बता दें कि यहां पर इंटरनल बैकअप भी बनता है। आप पहले बैकअप पर टैप करके फोन की इंटरनल स्टोरेज में बैकअप रख सकते हैं। लेकिन फोन का डेटा डिलीट होते ही यह बैकअप भी डिलीट हो जाएगा। इसी पेज पर निचले हिस्से में गूगल ड्राइव सेटिंग्स नजर आएगा। सबसे पहले बैकअप टू गूगल ड्राइव पर टैप करें। यहां पर बैकअप का समय निर्धारित कर सकते हैं। आपको कभी नहीं, दैनिक, साप्ताहिक और मासिक जैसे विकल्प मिलेंगे। हमारा सुझाव होगा कि आप दैनिक चुनें। इसके बाद चूज एन अकाउंट पर टैप करें। यहां पर आप तय कर सकते हैं कि किस जीमेल आईडी पर व्हाट्सऐप का बैकअप बने। आपको पहला विकल्प उस मेल आईडी का मिलेगा जिसका इस्तेमाल एंड्रॉयड डिवाइस को इंस्टॉल करने के लिए किया गया है। अगर आपने चाहते हैं तो किसी और ईमेल आईडी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको एड अकाउंट पर टैप करना होगा। और आ दिए गए निर्देशों का पालन भी करना होगा।   अब आप यह तय कर सकते हैं कि आप बैकअप किस किस्म के इंटरनेट पर बनाना चाहेंगे। सिर्फ वाई-फाई पर, या वाई-फाई प्लस सेल्युलर पर। बैकअप सेटिंग्स में आपको वीडियो का भी बैकअप बनाने का विकल्प मिलता है। आप इन्क्लुड वीडियो पर क्लिक करके व्हाट्सऐप पर आने वाले वीडियो का भी बैकअप बना सकते हैं। ध्यान रहे कि यहां पर बैकअप किया गया डेटा आपके गूगल ड्राइव अकाउंट में स्टोर होता रहता है। उसे ड्राइव क्लाइंट के तौर पर ब्राउज करके नहीं पढ़ा जा सकता। आईफोन पर बैकअप:- आईफोन पर व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर भी कुछ इस अंदाज में ही बैकअप बना सकते हैं। आईओएस पर व्हाट्सऐप खोलें। फिर सेटिंग्स में जाकर चैट सेटिंग्स में जाएं। यहां पर चैट बैकअप का विकल्प मिलेगा। यहां पर दिए गए विकल्पों में अपनी सुविधा अनुसार चुनाव कर लें। आईओएस में बैकअप बनाने की सुविधा आईक्लाउड पर होती है। ऐसे करें रीस्टोर:- आप जैसे ही नए व्हाट्सऐप को इंस्टॉल करते हैं तो आपको रीस्टोर करने के बारे में पूछा जाएगा। ध्यान रहे कि आपको अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर उसी गूगल अकाउंट से साइन इन करना होगा जिस पर आपने व्हाट्स ऐप  का बैकअप बनाया था।  

60% भारतीयों को नहीं है AI की जानकारी

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भले ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही हो, लेकिन एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में इसकी पहुंच अब भी शुरुआती दौर में है. Google और मार्केट रिसर्च कंपनी Kantar India की एक संयुक्त स्टडी के मुताबिक, भारत में 60% से ज्यादा लोग अभी भी AI से अनजान हैं, और सिर्फ 31% लोगों ने ही कभी कोई जनरेटिव AI टूल इस्तेमाल किया है. यह रिपोर्ट 18 से 44 वर्ष के बीच के 8,000 लोगों पर आधारित है, जिन्हें टियर-1 और टियर-2 शहरों से चुना गया. इसका खुलासा Google के पहले “Gemini Day India” इवेंट में किया गया, जहां कंपनी ने अपने लेटेस्ट AI टूल्स जैसे Veo 2 (टेक्स्ट-टू-वीडियो जनरेटर), Gemini Live with Video, Gemini Canvas, Deep Research और Audio Overviews का लाइव डेमो भी दिया. 100 भारतीय भाषाओं की समझ के साथ आगे बढ़ रहा Gemini AI Google DeepMind के सीनियर डायरेक्टर मनीष गुप्ता ने इवेंट के दौरान बताया कि Gemini Live फिलहाल 9 भारतीय भाषाओं में काम करता है, और उनकी टीम इसे 100 से ज्यादा भाषाओं तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि Gemini 2.5 मॉडल की लंबी कंटेंट प्रोसेसिंग क्षमता इसकी एक बड़ी ताकत है. “यह मॉडल न केवल पूरी नॉवेल सीरीज़ या दो घंटे की वीडियो समझ सकता है, बल्कि कोड की बड़ी लाइब्रेरी को भी डिटेल में ट्रैक कर सकता है.” AI अपनाने की भारत में अब भी बड़ी संभावना Google इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) शेखर खोसला ने कहा— “हमारा लक्ष्य है कि हम Google की तकनीकी ताकत का इस्तेमाल कर हर व्यक्ति के लिए एक पर्सनल, हेल्पफुल AI असिस्टेंट बनाएं.” Google-Kantar स्टडी को दो चरणों में किया गया:     पहले फेज में 5,133 लोगों से AI टूल्स की जागरूकता और उपयोग के बारे में जानकारी ली गई.     दूसरे फेज में 3,415 लोगों पर Gemini के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया. Gemini यूजर्स को मिला जबरदस्त फायदा रिपोर्ट में सामने आया कि Gemini यूजर्स को काफी सकारात्मक अनुभव हुए:     93% यूजर्स ने प्रोडक्टिविटी में इजाफा बताया     95% ने कहा कि इससे उनकी क्रिएटिविटी को प्रेरणा मिली     80% को कॉम्प्लेक्स डिसीजन मेकिंग में मदद मिली     69% ने स्किल डेवेलपमेंट में इसे फायदेमंद बताया     77% ने किसी नई क्रिएटिव या प्रोफेशनल दिशा में कदम बढ़ाया दुनियाभर में 35 करोड़ यूजर्स, लेकिन ChatGPT से पीछे हालांकि भारत में Gemini के यूजर्स की संख्या रिपोर्ट में नहीं बताई गई, लेकिन हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में Gemini के यूजर्स की संख्या 350 मिलियन (35 करोड़) को पार कर गई है. फिर भी यह OpenAI के ChatGPT से पीछे है, जिसके 600 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) हैं. वहीं Meta AI के भी लगभग 500 मिलियन MAUs हैं. रिपोर्ट से यह साफ है कि भारत में AI को लेकर अभी बड़ी संभावनाएं और अवसर मौजूद हैं. लेकिन इसके लिए जागरूकता बढ़ाने और भाषाई पहुंच को मजबूत करने की जरूरत है—जिस दिशा में Google का Gemini बड़ा कदम साबित हो सकता है.

मुहांसों से बचने के लिए अपनाए ये 8 कारण

क्या चेहरे पर जब-तब उभर आने वाले मुहांसो का कारण आप जानते हैं। सिर्फ ऑइली फूड खाने से ही नहीं बल्कि इन 5 कारणों से भी हो सकते हैं मुहांसे। मुहांसों के यह 8 कारण आप नहीं जानते होंगे, लेकिन मुहांसों से बचने के लिए इन्हें जानना जरूरी है… 1 तनाव – जी हां तनाव भी मुहांसों का एक कारण हो सकता है। दरअसल जब आप तनाव में होते हैं तो शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्त्राव होता है। कार्टिसोल, सिबेकस द्वारा त्वचा पर सीबम या तेल के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है जिसके कारण त्वचा पर मुहांसे होने लगते हैं। 2 कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद भी त्वचा पर मुहांसों का कारण बनते हैं, जैसे कोल्ड क्रीम, फाउंडेशन, चिकनाई युक्त उत्पाद, तेल आदि के कारण त्वचा पर मुहांसे हो सकते हैं, खास तौ से तब, जब आपकी त्वचा तैलीय है। 3 कभी-कभी कुछ विशेष दवाओं का सेवन भी आपकी त्वचा पर मुहांसे पैदा कर सकता है। स्टीरॉयड्स, लिथियम, आयोडाइड्स के कारण त्वचा पर मुहांसों की संभावना बढ़ जाती है। 4 तापमान और मौसम में परिवर्तन के कारण भी अक्सर त्वचा पर मुहांसों की समस्या होती है। खास तौर से गर्म या नमीयुक्त मौसम पसीने के साथ ही बैक्टीरिया पैदा करता है, जो मुहांसों का भी कारण बनता है।   5 शरीर में हार्मोन परिवर्तन के कारण मुहांसों का उभरना बेहद सामान्य घटना है। महिलाओं में मासिकधर्म के पहले या उस दौरान मुहांसे होना इसका ही एक उदाहरण है, जब हार्मोन्स परिवर्तत या असंतुलित होते हैं। 6 कई बार मुहांसों का लगातार होना अनुवांशिकता भी हो सकता है। अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी को यह समस्या रही है, तो हो सकता है कि आपको यह समस्या अनुवांशिक रूप से प्राप्त हुई हो। 7 अत्यधिक तेल व मसालेदार भोजन करना और फास्ट फूड का सेवन त्वचा पर मुहांसे पैदा करने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके अलावा पेट खराब होना या पाच संबंधी समस्याएं भी मुहांसों का एक कारण है। 8 त्वचा पर किसी भी प्रकार की गंदगी, चाहे वह धूल मिट्टी या मृत त्वचा के जमाव के कारण हो, त्वचा पर मुहांसे पैदा करने में अहम भूमिका निभाती है। इसके लिए त्वचा की सफाई का विशेष ध्यान रखें।  

प्रतिदिन कॉफी के सेवन से घटाएं वजन, जानिए कैसे

अगर आप वजन घटाने के लिए जिम जाना, वॉक करना एवं कई तरह की कवायदें कर रहे हैं, तो कॉफी आपके इस मिशन में काफी मददगार साबित होगी। जरूर जानिए कॉफी कैसे करेगी आपकी मदद, वजन कम करने में –   -अगर आप वजन घटाने के लिए जिम जा रहे हैं, तो जूस, फल या हल्के नाश्ते के बजाए 1 कप कॉफी पीकर जाएं। यह आपको जिम में एक्सरसाइज के लिए अतिरिक्त ऊर्जा देगी और आप नियमित दिनचर्या से ज्यादा और बेहतर तरीके से एक्सरसाइज कर पाएंगे, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को और आसान करेगा। -प्रतिदिन एक्सरसाइज या वॉक करने से पहले कॉफी का सेवन आपके शरीर के तापमान को बढ़ाएगा और आप एक्सरसाइज के दौरान पहले से अधिक पसीना बहा पाएंगे। इससे शरीर से हानिकारक तत्व और केलोरी शरीर से बाहर होंगे।   -कॉफी का सेवन न केवल आपको ऊर्जा देगा, बल्कि मस्तिष्क को भी ऊर्जा देगा। इससे आपको एक्सरसाइज के दौरान सजग रहकर एक्सरसाइज करने में मदद मिलेगी और बेहतर परिणाम मिलेंगे। -एक्सरसाइज के बाद अगर आपको जल्दी भूख लगती है तो कॉफी पीने की यह आदत मददगार साबित होगी। कॉफी आपकी भूख को कुछ समय के लिए कम कर देती है, जिसका फायदा आपको एक्सरसाइज के बाद मिलेगा।   -सामान्य कॉफी तो सेहत के लिए फायदेमंद होती ही है, आजकल ग्रीन कॉफी भी बाजार में उपलब्ध है जो तेजी से वजन कम करने के लिए जानीजर रही है। आप इसका प्रयोग करके भी आसानी से वजन कम कर सकते हैं।  

यदि आपके पास हैं ये चीजें, तो खुद को समझे बहुत किस्मतवाला

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं।

Samsung अपने इस सबसे स्लिम स्मार्टफोन को 13 मई को कर सकता है लॉन्च

नई दिल्ली Samsung का सबसे पतला स्मार्टफोन Galaxy S25 Edge जल्द लॉन्च होने वाला है। उम्मीद जताई जा रही है कि Samsung अपने इस सबसे स्लिम स्मार्टफोन को 13 मई को लॉन्च कर सकता है। Samsung अपने आने वाले इस स्मार्टफोन को Apple के iphone 17 Air के मुकाबले में उतारने वाला है। स्मार्टफोन के चाहने वालों के बीच Galaxy S25 Edge को लेकर खासा क्रेज है। इसी कड़ी में Samsung से अपने इस आने वाले स्मार्टफोन की कीमत गलती से लीक हो गई। Galaxy S25 Edge की लीक हुई कीमत से पता चला है कि यह S25+ और S25 Ultra के बीच कहीं फिट होगा। क्या होगी कीमत? Galaxy S25 Edge के 256GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,678 CAD (1,01,488 रुपये) तक हो सकती है। वहीं इसके 512GB वाले वेरिएंट की कीमत 1858 CAD (1,14,453 रुपये) हो सकती है। Samsung से इस फोन की कीमत Samsung कनाडा वेबसाइट के फ्रेच वर्जन वाली वेबसाइट पर गलती से लीक कर दी थी। कीमत के साथ-साथ Samsung फोन के स्टोरेज वेरिएंट और कलर के बारे में भी जानकारी लीक कर बैठा। लीक हुआ जानकारी के अनुसार Galaxy S25 Edge स्मार्टफोन titanium silver और titanium jet black रंग मे आ सकता है। iPhone 17 Air जैसा हो सकता डिजाइन इससे पहले फोन को लेकर सामने आई जानकारी से पता चला था कि Galaxy S25 Edge Samsung का अब तक का सबसे पतला फोन हो सकता है, जिसकी मोटाई सिर्फ 5.84mm हो सकती है। यह शायद iPhone 17 Air से थोड़ा मोटा हो सकता है, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में यह पीछे नहीं रहेगा। प्रीमियम लुक और मजबूती के लिए इसमें टाइटेनियम फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जो हल्का और स्क्रैच-रेसिस्टेंट होता है। Galaxy S25 Edge के स्पेसिफिकेशन Galaxy S25 Edge में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite चिपसेट मिल सकता है। Samsung S25 सीरीज के बाकी फोन्स में भी यही चिपसेट दिया गया है। यह चिप गेमिंग, मल्टीटास्किंग और मीडिया के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। इसमें 12GB रैम दी जा सकती है, जो हेवी यूसेज के लिए काफी होगी। कैमरे की बात करें तो इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है- 200MP का मेन सेंसर और 50MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया जा सकता है। फ्रंट में 12MP का कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉल्स के लिए हो सकता है। भले ही यह ट्रिपल कैमरा न हो, लेकिन फिर भी फोटो क्वालिटी काफी अच्छी मिल सकती है। बैटरी के मामले में इसमें 4,000mAh की बैटरी हो सकती है।

जून में भारत में हो सकता है Vivo X200 FE

नई दिल्ली Vivo अपना दमदार स्मार्टफोन Vivo X200 FE जल्द भारत में लॉन्च कर सकता है। Vivo इसे Vivo X200 Pro Mini की जगह लॉन्च कर सकता है। पिछले साल भारत में Vivo ने X200 और X200 Pro लॉन्च किए थे। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि Vivo अपने The X200 Pro Mini और X200 Ultra वेरिएंट को भारत में उतारेगा। वहीं अब खबर आ रही है कि Vivo X200 Pro Mini की जगह Vivo X200 FE को भारत में लाएगा। इससे उन लोगों का दिल टूट सकता है जो X200 Mini का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि Vivo के X200 Ultra के भारत में आने की उम्मीद अभी भी बरकरार है। ऑनलाइन इस पर चल रही चर्चा के बारे में ज्यादा जानते हैं। कब हो सकता है लॉन्च? Smartprix से मिल रही जानकारी के अनुसार Vivo X200 FE भारत में जून 2025 के आखिर में लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट्स यह भी कहती हैं कि इसे Vivo X200 Ultra के साथ ही लॉन्च किया जाएगा। Vivo X200 FE में Dimensity 9400e चिप का इस्तेमाल हो सकता है। इस चिप के साथ आने वाला यह पहला डिवाइस हो सकता है। Dimensity 9400e चिपसेट Dimensity 9400 का हल्का वेरिएंट हो सकता है। Vivo X200 FE के संभावित फीचर्स रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि इस फोन में 6.31-इंच की कॉम्पैक्ट 1.5K LTPO OLED डिस्प्ले मिल सकती है। जो कि 120Hz का रिफ्रेश रेट लेकर आ सकती है। इसमें 50MP के मेन, टेलिफोटो और सेल्फी कैमरा दिए जाने की उम्मीद है। यानी के तीनों ही कैमरा 50MP के हो सकते हैं। बैटरी mah को लेकर जानकारी नहीं मिली है लेकिन बताया जा रहा है कि ये फोन 90W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। यही डिवाइस Vivo S30 Pro Mini के नाम से चीन में भी कंपनी लॉन्च कर सकती है। अब देखना होगा कि Vivo की ओर से आने वाले महीने में क्या फैसला लिया जाता है। क्या कहते हैं जानकार? स्मार्टफोन इंडस्ट्री की जानकारी रखने वालों का मानना है कि Vivo X200 और X200 Pro अपने कैमरा की वजह से भारतीय बाजार में जगह बनाने में कामयाब रहे थे। हालांकि भारत में लोग X200 Mini का भी काफी इंतजार कर रहे थे। अब ऐसे में देखना होगा कि X200 Mini की जगह X200 FE को लाकर क्या कंपनी भारतीय यूजर्स को लुभा पाएगी। बता दें कि X200 FE काफी कम दाम में आ सकता है।

WhatsApp आया दमदार प्राइवेसी फीचर, अब किसी और के हाथ नहीं लगेंगी आप की चैट

नई दिल्ली भारत में हर वो शख्स WhatsApp यूजर है, जिसके पास एक स्मार्टफोन है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए WhatsApp एक दमदार प्राइवेसी फीचर लेकर आया है। अगर आप इस प्राइवेसी फीचर को ऑन कर लेते हैं, तो आपको अपनी WhatsApp चैट्स लीक होने का कोई खतरा नहीं रहेगा। दरअसल WhatsApp के ताजा अपडेट में “advanced chat privacy” फीचर को पेश किया गया है। इस फीचर की मदद से आपकी बातचीत की प्राइवेसी और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। बता दें कि WhatsApp पहले ही यूजर की प्राइवेसी के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का फीचर देता है। ऐसे में “advanced chat privacy” फीचर उस एक लूप होल को भी खत्म कर देगा जिससे किसी यूजर की चैट लीक हो सकती थी। क्या था प्राइवेसी में लूप होल? जैसा कि हमने बताया WhatsApp अपने यूजर्स को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का फीचर देता है। इसका मतलब है कि आप जिस किसी से WhatsApp पर बात करते हैं, आपकी बातचीत आपके और उस शख्स के बीच ही रहती है। ऐसा WhatsApp आपकी चैट को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के जरिए एन्क्रिप्ट करके कर पाता है। हालांकि इस सिस्टम में भी एक लूप होल था। दरअसल जब आप किसी ग्रुप में बात करते हैं, तो बातचीत में कई लोग शामिल होते हैं। ऐसे में कोई भी शख्स उस ग्रुप में हुई चैट को एक्सपोर्ट करके आपकी चैट्स को लीक कर सकता था। हालांकि WhatsApp ने अपने इस नए फीचर की मदद से इस समस्या को दूर कर दिया है। ऐसे काम करेगा फीचर अगर आप इस फीचर को शुरू कर देते हैं, तो कोई भी आपकी चैट्स को एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इससे आपकी चैट्स WhatsApp में पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगी। इस फीचर को शुरू करने के बाद आप चाहे किसी एक शख्स से बातचीत करें या फिर किसी ग्रुप में चर्चा का हिस्सा बनें आपकी बातचीत कोई भी एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इस फीचर को WhatsApp अपने End to End Encryption के ऊपर प्राइवेसी की एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया है। बता दें कि हाल ही में WhatsApp ने यूजर की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कई फीचर्स लॉन्च किए हैं। ऐसे करें शुरू     अगर आप इस फीचर को ऑन करना चाहते हैं, तो सबसे पहले WhatsApp को Google Play Store या Apple App Store पर जाकर अपडेट कर लें।     इसके बाद उस चैट को खोलें जिसमें आप “advanced chat privacy” को ऑन करना चाहते हैं।     चैट में जाने के बाद उस शख्स के नाम पर टैप करें।     इसके बाद “advanced chat privacy” फीचर को ऑन कर दें।बता दें कि WhatsApp की ओर से इस फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया गया है। ऐसे में जल्द से जल्द इस फीचर को पाने के लिए अपने WhatsApp को अपडेट रखें। ध्यान देने वाली बात बता दें कि “advanced chat privacy” फीचर किसी भी यूजर को चैट के स्क्रीनशॉट लेने से नहीं रोकता है। जानकारों का कहना है कि स्क्रीनशॉट को रोकने वाला फीचर भी WhatsApp जल्द ला सकता है। हाल ही में WhatsApp ने अपने मैसेज को पूरी तरह से डिलीट करने का ऑप्शन भी उपलब्ध कराया था। इससे यूजर्स किसी के द्वारा मेंशन किए जाने पर दिखने वाले मैसेज के छोटे से हिस्से को भी डिलीट कर सकते हैं। इस तरह WhatsApp लगातार अपने यूजर्स के लिए ऐप को इस्तेमाल करने का अनुभव बेहतर बना रहा है।

धूप की कमी आपकी सेक्स लाइफ बिगाड़ रही है? जानिए चौंकाने वाली स्टडी

लंदन  क्या आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है? अगर हां, तो समय आ चुका है कि आप एक बार अपना विटामिन डी लेवल चेक करवा लें. शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर थकान, हड्डियों में दर्द, मसल्स में कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि शरीर में इस पोषक तत्व की कमी से आपकी सेक्सुअल लाइफ पर भी काफी बुरा असर पड़ सकता है. ब्रिटिश जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में छपी एक स्टडी में  विटामिन डी की कमी और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बीच में लिंक का खुलासा किया है. स्टडी में सुझाव दिया गया है कि विटामिन डी की कमी से सिर्फ हड्डियों की सेहत और इम्यून हेल्थ पर बुरा असर नहीं पड़ता बल्कि इससे पुरुषों की सेक्सुअल परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है. क्या होता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन? इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को नपुंसकता भी कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुषों को यौन संबंध के दौरान उत्तेजना नहीं होती या फिर उसे बनाए रखने में परेशानी होती है. कभी कभार इस समस्या का सामना सभी पुरुषों को करना पड़ सकता है. लेकिन अगर आपको हर बार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो जरूरी है कि आप इसकी जांच करवाएं. ब्लड फ्लो के रुकने, नर्व डैमेज, साइकोलॉजिकल स्ट्रेस या सेहत से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के कारण आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है. जीवन की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे से कहीं ज्यादा, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को खराब हार्ट हेल्थ के शुरुआती संकेत के रूप में पहचाना जाता है, जिसमें दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा भी शामिल है. अब विटामिन डी की कमी डायबिटीज, मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी कंडिशन के साथ-साथ एक अन्य खतरे के रूप में उभर रही है. क्या कहती है स्टडी ब्रिटिश जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में पब्लिश इस  स्टडी में शोधकर्ताओं ने पुरुषों और चूहों के प्राइवेट पार्ट्स के टिश्यूज की जांच की. उन्होंने पाया कि विटामिन डी की कमी से इरेक्शन में समस्या आती है. चूहों में देखा गया कि विटामिन डी की कमी के कारण लिंग के ऊतकों (Tissues) में 40% तक अधिक कोलेजन जमा हो गया, जिससे फाइब्रोसिस यानी ऊतक का कठोर होने की समस्या बढ़ी. मनुष्यों में भी यह पाया गया कि जिन लोगों में विटामिन डी कम था, उनके प्राइवेट पार्ट के ब्लड वेसेल्स में प्रोक्रेस्टिनेशन कम थी, और उनका शरीर नर्व स्टिमुलेटर पर सही रिएक्शन नहीं दे पा रहा था. इसके अलावा, विटामिन डी की कमी से ईडी के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी कम असरदार हो जाती हैं. भारत में विटामिन डी की कमी भारत में विटामिन डी की कमी एक आम समस्या बन गई है. ICRIER के एक एनालिसिस के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति विटामिन डी की गंभीर कमी से पीड़ित है. खासकर पूर्वी भारत में विटामिन डी की कमी का स्तर 38.81% तक है. भारत में विटामिन डी का सही डोज खुराक 400-600 IU है. ज्यादा उम्रदराज को 800 IU तक की जररूत हो सकती है. कैसे बढ़ाएं विटामिन D का लेवल सुबह की धूप रोज 15-20 मिनट तक लें. विटामिन D से भरपूर डाइट जैसे अंडा, मछली, दूध, मशरूम खाएं. डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट लें. कभी-कभी डाइट से पूरा नहीं हो पाता, तो डॉक्टर विटामिन D की गोलियां या सिरप सजेस्ट कर सकते हैं.   स्टडी में क्या बताया गया है? स्टडी के लिए, शोधकर्ताओं ने इंसानों और लेबोरेर्टीरी में रखे गए जानवरों दोनों के प्राइवेट पार्ट के टिशू का विश्लेषण किया और पाया कि विटामिन डी की कमी से उत्तेजना (इरेक्शन) में कमी आती है. विटामिन डी की कमी वाले चूहों में, इरेक्शन टिशू में 40% तक ज्यादा कोलेजन जमा हुआ था जो फाइब्रोसिस का संकेत है, जो टिशू को कठोर बनाता है और इरेक्शन को ट्रिगर करने वाले संकेतों को कम प्रभावी बनाता है. इंसानों में, शोधकर्ताओं ने अलग-अलग विटामिन डी लेवल वाले लोगों पर शोध किया. शोध में जिन पुरुषों के शरीर में विटामिन डी के लेवल को कम पाया गया उन पुरुषों में प्राइवेट पार्ट तक ब्लड का फ्लो काफी कम पाया गया. हालांकि यह रिसर्च काफी कम लोगों पर की गई थी इसलिए स्टडी के परिणाम कितने सही इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इसे लेवल और भी कई रिसर्च होने अभी जरूरी हैं.  

गर्मी में ही नहीं हर मौसम में लगाएं सनस्क्रीन

हम में से कई लोग सोचते हैं कि Sunscreen सिर्फ गर्मियों में या तभी लगानी चाहिए जब तेज धूप हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूरज की किरणें सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि साल भर हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं? यही कारण है कि Dermatologists रोजाना सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं, फिर चाहे आप घर पर हों, बाहर हों या आसमान में काले बादल छाए हों। आइए विस्तार से जानें इसके बारे में। हमें यह समझना होगा कि सूरज सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसी किरणें भी छोड़ता है जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं UVA और UVB किरणें। UVB किरणें मुख्य रूप से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं और सनबर्न का कारण बनती हैं। वहीं, UVA किरणें त्वचा की गहरी परतों तक पहुंच सकती हैं और समय से पहले बुढ़ापा , झुर्रियां और यहां तक कि Skin Cancer का भी खतरा बढ़ा सकती हैं। अब सवाल यह है कि जब धूप नहीं होती, या बादल छाए रहते हैं, तो क्या इन किरणों का खतरा टल जाता है? जवाब है, नहीं! UVA किरणें बादलों को भी आसानी से पार कर सकती हैं। इसका मतलब है कि भले ही आपको सीधी धूप महसूस न हो, आपकी त्वचा लगातार इन हानिकारक किरणों के संपर्क में रहती है। एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं हर दिन सनस्क्रीन लगाने की सलाह? Dermatologists का कहना है कि हमें अपनी त्वचा को UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से बचाना चाहिए और इसके लिए हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, चाहे मौसम कैसा भी हो।     बुढ़ापे के लक्षणों से बचाव: UVA किरणें त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाती हैं, जो त्वचा को जवां और लचीला बनाए रखते हैं। हर दिन सनस्क्रीन लगाने से इन किरणों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और झुर्रियों, महीन रेखाओं और त्वचा के ढीलेपन को रोका जा सकता है।     स्किन कैंसर का खतरा कम: सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा कैंसर का एक प्रमुख कारण हैं। नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।     सनबर्न से बचाव: भले ही बादल छाए हों, UVB किरणें अभी भी मौजूद रहती हैं और सनबर्न का कारण बन सकती हैं, खासकर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए।     त्वचा की रंगत में सुधार: सूरज की किरणें त्वचा पर काले धब्बे और असमान रंगत पैदा कर सकती हैं। सनस्क्रीन लगाने से इन समस्याओं से बचाव होता है और त्वचा की रंगत एक समान बनी रहती है। कौन-सी सनस्क्रीन है सही? अब जब यह समझ आ गया है कि हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, तो यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सही है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ऐसे सनस्क्रीन का चुनाव करें जिसमें कम से कम SPF 30 हो और जो UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा प्रदान करे (ब्रॉड-स्पेक्ट्रम)। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सनस्क्रीन का चुनाव करना भी जरूरी है। सनस्क्रीन को बनाएं रूटीन का हिस्सा हर दिन सनस्क्रीन लगाना आपके डेली रूटीन का एक जरूरी हिस्सा होना चाहिए। जैसे आप हर सुबह ब्रश करते हैं, वैसे ही सनस्क्रीन लगाना भी अपनी आदत में शामिल करें। इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर, यानी उन सभी हिस्सों पर लगाएं जो धूप के संपर्क में आते हैं। कब और कैसे लगाएं सनस्क्रीन?     Sunscreen को घर से निकलने के 15-20 मिनट पहले लगाना चाहिए।     इसे चेहरे के अलावा गर्दन, कान, हाथ और जहां भी त्वचा खुली हो, वहां लगाएं।     हर 2-3 घंटे बाद दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप बाहर हैं या बहुत पसीना आता है। सनस्क्रीन से जुड़ी आम गलतफहमियां “मैं तो डार्क स्किन वाला हूं, मुझे इसकी जरूरत नहीं।” – सच ये है कि हर स्किन टोन को UV Rays से खतरा होता है। “मैं ऑफिस में ही रहता हूं, बाहर नहीं जाता।” – ऑफिस की खिड़कियों से आने वाली धूप और स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light भी नुकसान पहुंचा सकती है। “Sunscreen सिर्फ महिलाओं के लिए होती है।” – यह पूरी तरह गलत है। यह स्किन के सेहत से जुड़ा मामला है, जो हर किसी के लिए जरूरी है – चाहे महिला हों या पुरुष।

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए डाइट में शामिल करें सफेद तिल

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना जरूरी है। सफेद तिल कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये न केवल हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं , बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) जैसी बीमारियों से बचाव में भी मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि सफेद तिल हड्डियों को मजबूत बनाने में कैसे सहायक है। कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्व है। सफेद तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। लगभग 100 ग्राम सफेद तिल में 975 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो दूध से भी ज्यादा है। नियमित रूप से तिल को डाइट में शामिल करने से हड्डियों की डेंसिटी बढ़ती है और फ्रैक्चर का खतरा कम होता है। मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी मिलता है कैल्शियम के अलावा, हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी जरूरी हैं। मैग्नीशियम कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन में मदद करता है, जबकि फॉस्फोरस हड्डियों के ढांचे को मजबूत बनाता है। सफेद तिल में ये दोनों मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। जिंक और कॉपर भी हैं मौजूद सफेद तिल में जिंक और कॉपर भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है। जिंक हड्डियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है, जबकि कॉपर कोलेजन के निर्माण में मददगार होता है, जो हड्डियों की फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने में मदद करता है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण तिल में सेसमिन और सेसामोलिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं। हड्डियों से जुड़ी बीमारियां जैसे आर्थराइटिस (Arthritis) में सूजन एक मुख्य समस्या है। तिल खाने से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रोटीन और हेल्दी फैट्स हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन भी जरूरी है, क्योंकि यह हड्डियों के टिश्यू के निर्माण में मदद करता है। सफेद तिल में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स (जैसे ओमेगा-3 और ओमेगा-6) होते हैं, जो हड्डियों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। सफेद तिल को कैसे करें डाइट में शामिल?     तिल के लड्डू- गुड़ या शहद के साथ तिल के लड्डू बनाकर खाएं।     तिल की चिक्की- मूंगफली और गुड़ के साथ तिल की चिक्की एक हेल्दी नाश्ता है।     सलाद में छिड़कें- सलाद या सूप पर भुने हुए तिल छिड़ककर खाएं।     तिल का तेल- तिल के तेल की मालिश से भी हड्डियों को मजबूती मिलती है।  

फौरन सुधार लें ये आदतें, मिलेगा मनचाहा सम्मान

मान-सम्मान और इज्जत हर इंसान को अच्छी लगती है। इज्जत कमाने में सालों लगते हैं लेकिन गंवाने में एक पल नहीं लगता। कुछ लोगों की शिकायत होती है कि उन्हें बाकी लोगों की तुलना में कम इज्जत मिलती है। या फिर अक्सर लोगों के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनका लोग सम्मान नहीं करते। अगर आप चाहते हैं कि आपका लोग सम्मान करें और इज्जत से बातचीत करें तो अपनी इन आदतों को फौरन बदल दें। जो आपके सम्मान को कम करने में खास योगदान देती हैं। बेईमानी मान-सम्मान के कम होने की सबसे बड़ी वजह बेईमानी है। अगर आप लगातार झूठ बोल रहे हैं और बेईमानी कर रहे हैं। लोगों के विश्वास को तोड़ रहे हैं तो जिस दिन झूठ पकड़ा जाएगा। लोगों की नजरों में इज्जत कम हो जाएगी। इसलिए खुद को हमेशा ईमानदार बनाने की कोशिश करें। दूसरों की इज्जत ना करना अगर आप दूसरों की इज्जत करना नहीं जानते हैं तो दूसरों से आपको भी वो इज्जत और मान-सम्मान नहीं मिलेगा। सम्मान हमेशा दो तरफा चीज है। जब आप किसी की इज्जत करते हैं तभी आपको भी लोग सम्मान देते हैं। अपनी बात पर टिके ना रहना अगर आप बोलते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं। तो इस तरह की आदत आपकी इज्जत को दूसरों की नजरों में गिरा रही है। मूड चाहे जैसा भी हो आपका लेकिन जब आप किसी से मिलें तो हमेशा अच्छे व्यवहार के साथ मिले और हमेशा एक जैसा ही व्यवहार करें। इससे सामने वाले के मन में सम्मान का भाव ज्यादा आएगा। घमंड और अतिआत्मविश्वास ‘घमंडी का सिर नीचा’ ये बहुत ही पुरानी कहावत है। अगर आपको अपने पद, प्रतिष्ठा और पैसों का घमंड है तो आपको वो मान-सम्मान और इज्जत नहीं मिलेगी। इसी तरह से ओवरकॉन्फिडेंस भी आपके सम्मान को खराब कर सकता है। स्वार्थी व्यवहार हमेशा अपने फायदे और जरूरतों को पूरा करना और दूसरे पर ध्यान ना देना भी लोगों के मन में आपकी इज्जत को कम कर देता है।

‘प्‍लीज’ और ‘थैंक्‍स’ कहने पर OpenAI को आ रहा लाखों का खर्चा

नई दिल्ली कुछ ही हफ़्ते पहले हमने देखा कि Ghibli ट्रेंड इंटरनेट पर छा गया था, हर कोई अपनी तस्वीरों को जापानी शैली की कला में बदलने के लिए ChatGPT पर दौड़ रहा था। यही वह समय था जब OpenAI ने लोगों से थोड़ा धीमा होने के लिए कहा, क्योंकि इससे उनके सर्वर डाउन हो रहे थे। अब कुछ ही दिनों बाद सैम ऑल्टमैन ने फिर से जनता के लिए खुलासा किया है और कुछ और भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने खुलासा किया है कि उपयोगकर्ता जो साधारण इशारे करते हैं, जैसे ‘कृपया’ या ‘धन्यवाद’, वास्तव में AI दिग्गज के लिए काफी महंगे हैं और इसके परिचालन खर्च में लाखों डॉलर का खर्च आता है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज     हैरान करने वाला, है ना? X (पूर्व में ट्विटर) पर एक जिज्ञासु उपयोगकर्ता ने ऑल्टमैन से पूछा, “OpenAI को लोगों द्वारा उनके मॉडल को ‘कृपया’ और ‘धन्यवाद’ कहने पर बिजली की लागत में कितना पैसा गंवाना पड़ा है?”     ऑल्टमैन ने जवाब दिया, “करोड़ों डॉलर अच्छी तरह से खर्च किए गए।” उन्होंने आगे कहा, “आप कभी नहीं जानते।”     अब यह सब तब तक मज़ेदार लगता है जब तक हम उस बड़े पैमाने पर बढ़ते ऊर्जा बुनियादी ढांचे को ध्यान में नहीं रखते हैं जिसकी इस कदम की मांग है, जो ChatGPT जैसे भाषा मॉडल से जुड़ा है, खासकर जब जनता पागल हो जाती है और उनका उपयोग आसमान छूने लगता है।     प्रत्येक बातचीत, चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, कम्प्यूटेशनल लोड को बढ़ाती है, जिससे बदले में ऊर्जा का उपयोग और उससे जुड़ी लागत बढ़ जाती है।     ChatGPT उपयोगकर्ताओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, और अब तक औसत साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 150 मिलियन को पार कर गई है।    गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट ने बताया है कि प्रत्येक ChatGPT-4 क्वेरी/प्रॉम्प्ट 2.9 वाट-घंटे बिजली की खपत करता है, जो Google पर आपके द्वारा की जाने वाली सामान्य खोज से कई गुना अधिक है।     अब अगर आपको लगता है कि यह ज्यादा नहीं है, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि इसे एक दिन में एक अरब से ज्यादा प्रॉम्प्ट मिलते हैं; इसका मतलब है कि लगभग 2.9 मिलियन किलोवाट-घंटे ऊर्जा की खपत रोजाना हो रही है।     हालांकि ये चैटबॉट अपने-अपने फायदों के साथ आते हैं, लेकिन एक उच्च छिपी हुई लागत है जिसे हम आमतौर पर नहीं देखते हैं, और यह बढ़ रही है।     लोगों द्वारा अपनी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए AI पर अधिक निर्भर होने के साथ, ऊर्जा की मांग भी बढ़ जाती है।     यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कुछ नेटिज़न्स संभावित समाधानों के साथ सैम ऑल्टमैन की मदद करने के लिए भी काफी तत्पर थे।     एक उपयोगकर्ता ने प्रस्ताव दिया कि OpenAI क्लाइंट-साइड कोड का उपयोग करके “आपका स्वागत है” के साथ प्रतिक्रिया देकर बिजली की कटौती कर सकता है।     एक अन्य ने मजाक में कहा कि ChatGPT को बिजली बचाने के लिए हर प्रतिक्रिया को एक प्रश्न के साथ समाप्त करना बंद कर देना चाहिए।     इसके साथ ही, यह इन AI दिग्गजों द्वारा बिजली के बड़े पैमाने पर उपयोग पर सवाल उठाता है, और क्या मौजूदा ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए इससे निपटना संभव है?     जबकि AI हमारे दैनिक जीवन में खुद को एकीकृत कर रहा है, हमें बढ़ती ऊर्जा लागत और पर्यावरण पर इसके बाद के प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।  

गर्मियों के लिए वॉर्डरोब में जरूर शामिल करें ये फैशन ट्रेंड्स

डिजाइनर आरती विजय गुप्ता और स्नेहा अरोड़ा के लाइन में बनीज, हिरन और अन्य जानवर रनवे पर मिल जाते हैं। सिद्धार्थ बंसल के नेचर-इंस्पायर्ड मोटिफ्स भी पसंद किए जाते हैं। ज्यादातर इंडियन डिजाइनर्स के लिए ब्राइडल वेयर मस्ट-ट्राय हैं। इस तरह डिजाइंस में अलग-अलग तरह के चमकदार गोटा-पट्टी का काम किया जाता है। यहां हमें जयंति रेड्डी और अनीता डोंगरे क्लेकशन दिखाई दे रहा है। योगेश चैधरी और मोनिशा रेड्डी कलेक्शन में रिफ्लेक्टिव एम्बेलिशमेंट भी देखे जा सकते हैं। टैसल अभी भी ज्यादा बड़े हैं। मसाबा गुप्ता ने इन्हें ईयरिंग्स, साड़ी पल्लू और सूट एक्सेंट्स के लिए यूज किया। शिवन और नरेश ने बिजवेल्ड वर्जन शोकेस किए। नीता लुल्ला और पायल खंडवला की तरह ऑफ-शोल्ड्र और वन-शोल्ड्र टॉप्स पहनकर सूरज की रोशनी स्किन पर पड़ने दीजिए। इस ट्रेंड को ध्रुव कपूर और वेरांडा प्राइव ने भी एम्ब्रेस किया।  

ऐसे बचाइए अपने स्मार्टफोन को हैकिंग से

एसएमएस के जरिए ऐप्स डाउनलोड करने से बचें। इससे आपकी डिवाइस जल्द ही वायरस से ग्रस्त हो सकती है। -समय-समय पर स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करें। कंपनियां अपडेट वर्जन में हैकर्स से डिवाइस को बचाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करती रहती है। -स्मार्टफोन को हमेशा पासकोड से सुरक्षित रखे। इससे डिवाइस के आसानी से हैक होने या फिर बिना अनुमति के स्मार्टफोन के उपयोग करने की संभावना 100 गुना तक कम हो जाती है। -एसएमएस या फिर ईमेल में आई अज्ञात वेबसाइट लिंक्स को खोलने से बचें। -सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा समय ब्लूटूथ बंद रखने की कोशिश करें। ब्लूटूथ की कम रेंज में हैकर्स बेहद आसानी से स्मार्टफोन को अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। स्मार्ट ऐप्स से सुरक्षित रखे स्मार्टफोन… लास्टपास यह एक पासवर्ड मैनेजर ऐप है जिससे आप अपने ईमेल तक के पासवर्ड सुरक्षित रख सकते हैं। स्मार्टफोन पर किसी भी वेबसाइट को खोलने पर यह ऐप खुद ही उस पर आपका ईमेल और पासवर्ड डाल देती है। साइजः डिवाइस के अनुसार अलग-अलग कीपर इस पासवर्ड मैनेजर ऐप को खासतौर पर आईफोन के लिए बनाया गया है। इसमें आप पासवर्ड के अलावा, फाइल, फोटो और वीडियो सुरक्षित रख सकते हैं। इसके जरिए आप ऐपल वॉच का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साइजः 37.7एमबी परफेक्ट ऐपलॉक इससे आप स्मार्टफोन पर वॉट्सऐप, ईमेल, कैमरा और फोटो गैलरी को सुरक्षित रख सकते हैं। आम ऐप्स की तरह गलत पासवर्ड डालने पर ऐप खुद यूजर की तस्वीर ले लेती है।  

जब कम हो जाए शरीर में प्रोटीन

हर पोषक तत्व की ही तरह शरीर को प्रोटीन की भी जरूरत एक निश्चित मात्रा में होती है। इसकी अधिकता और कमी दोनों ही सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसी संदर्भ में जानिए प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में। समस्याएं जो उभरती हैं… इस महत्वपूर्ण पोषक तत्व के न होने या पर्याप्त मात्रा में न होने से मसल्स और हड्डियों के अलावा हृदय संबंधी दिक्कतें भी उपज सकती हैं। इसकी कमी से होने वाली समस्याएं कुछ इस तरह के लक्षण दर्शा सकती हैं- -वजन का अधिकता से कम होना इसकी कमी का संकेत हो सकता है। यह लक्षण मसल्स के बर्बाद होने के कारण जन्म ले सकता है। दरअसल शरीर को जब प्रोटीन नहीं मिलता तो वह मसल्स को तोड़कर प्रोटीन लेने की कोशिश शुरू कर देता है। परिणामस्वरूप मसल्स खोने लगती हैं। इससे वजन में गंभीर कमी हो सकती है। बालों का कमजोर होना, टूटना या झड़ना भी इस कमी को दर्शा सकता है। बालों के बनने में चूंकि प्रोटीन का योगदान होता है, ऐसे में बाल इसकी कमी से तकलीफ में आ सकते हैं। इसी तरह नाखूनों की कमजोरी भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकती है। इसके कारण हाथ पैरों के नाखूनों पर उभार उठना, सफेद लकीरें बनना और नाखूनों का टूटना आदि समस्याएं हो सकती हैं। एडेमा यानी शरीर के कुछ हिस्सों में पानी या द्रव्य का इकठ्ठा हो जाना। यह परेशानी भी प्रोटीन की कमी से हो सकती है, क्योंकि प्रोटीन शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मददगार होता है। इसका असर ज्यादातर पैरों, एड़ियों आदि पर दिखाई देता है। मुरझाई हुई स्किन या स्किन पर पड़े रैशेस भी इस कमी से पनप सकते हैं। साथ ही कमजोरी, नींद में असंतुलन, घावों को ठीक होने में देर लगना, बार-बार भूख लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चिड़चिड़ापन और ऊर्जा में कमी, सिरदर्द और चक्कर आना, आदि तकलीफें भी प्रोटीन की कमी से हो सकती हैं। इस तरह पनपती है मुश्किल… प्रोटीन की कमी से होने वाली परेशानियों में सामान्य से लेकर विशेष और गंभीर समस्याएं तक शामिल होती हैं। इसके पीछे कई सारे कारण हो सकते हैं, जैसे डाइट का बैलेंस्ड न होना, प्रोटीन के स्रोत की सही जानकारी न होना तथा किसी विशेष प्रकार की डाइट को ही फॉलो करना, आदि। इन तमाम चीजों से प्रोटीन की कमी पनप सकती है। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि प्रोटीन्स की आवश्यकता केवल एथलीट्स या बॉडी बनाने वालों को होती है। जबकि हर सामान्य व्यक्ति को एक निश्चित परिमाण में प्रोटीन की जरूरत होती है। भोजन को बनाएं संतुलित… -प्रोटीन की कमी से बचने के लिए चावल, गेहूं, मक्का, ओट्स आदि साबुत अनाज, सोया, मूंगफली, पालक, मटर, आलू, शकरकंद, डेयरी उत्पाद, फिश, अंडे आदि को अपने भोजन का जरूरी हिस्सा बनाएं। यदि आपको इसके लक्षण ज्यादा तीव्र नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से जांच करवाकर सप्लीमेंट्स और औषधियां भी लें। समय पर इस ओर ध्यान देने से बहुत हद तक समस्या पर काबू पाया जा सकता है।  

स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखता है आम

गर्मियों का मौसम यानि कि छुटियों का मौसम और ऐसे में बिना आम के छुटियां और गर्मी स्वादहीन लगती है। गर्मियों में मिलने वाला फलों के राजा आम के खट्टा-मीठा स्वाद सभी को लुभाता है। दरअसल आम सिर्फ स्वाद में ही अच्छा नहीं है बल्कि यह सेहत बनाने का भी काम करता है। इसमें विटामिन प्रोटीन वसा और फाइबर बड़ी मात्रा में पाया जाता है और खनिजों में कैल्शियम सोडियम पोटेशियम और कॉपर भी अच्छी मात्र में पाए जाते है, साथ ही विटामिन ए बी सी भी बहुत्तायत मात्रा में पाए जाते है। तो आइए जानतें हैं आम के कुछ और फायदो के बारे में… 1. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है आम में प्रचूर मात्रा में विटामिन पाए जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। हाई ब्लड प्रेशर के रोगी के लिए आम एक प्राकृति उपचार है, क्योंकि इसमें पोटेशियम (156 मिलीग्राम में 4 प्रतिशत) और मैग्निशियम (9 मिलीग्राम में 2 प्रतिशत) भारी मात्रा में पाए जाते हैं। 2. कैंसर के खतरे को कम करता है और कोलेस्ट्रोल की मात्रा घटाता है आम में एक घुलनशील आहार संबंधी फाइबर पेक्टिन पाया जाता है। पेक्टिन ब्लड कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में प्रभावी रूप से कार्य करता है। यह हमें ग्रंथि में होने वाले कैंसर से भी बचाता है। 3. वजन बढ़ाने में मददगार आम का सेवन करना वजन बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। 150 ग्राम आम में करीब 86 कैलोरी ऊर्जा होती है, जो हमारे शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित कर ली जाती है। इतना ही नहीं, आम में स्टार्च पाया जाता है, जो सूगर में परिवर्तित होकर अंततः वजन को बढ़ाता है। 4. पाचन प्रक्रिया में सहायक आम अपच और एसीडीटी जैसी समस्याओं को भी दूर करता है। आम में पाए जाने वाले एंजाइम्स भोजन को पचाने में मदद करते हैं। 5. एनीमिया का उपचार जो लोग एनियामा से ग्रसित हैं, उनके लिए आम काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें प्रचूर मात्रा में आइरन पाया जाता है। नियमित और पर्याप्त रूप से आम का सेवन शरीर में खून की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे एनीमिया जैसी बीमारी दूर रहती है। 6. गर्मवती महिला के लिए लाभदायक गर्मवती महिला को आयरन की विशेष जरूरत होती है। इसलिए उनके लिए आम काफी लाभदायक होता है। यूं तो डॉक्टर आयरन की गोली लेने की सलाह देते हैं, पर अगर आप चाहें तो आयरन से भरपूर आम के जूस का सेवन भी कर सकते हैं। 7. मुंहासे को रखे दूर आम त्वचा पर होने वाले मंहासे पर भी प्रभावी रूप से असर करता है। यह मुंहासे के बंद पड़े छिद्रों को खोल देता है। एक बार जब यह छिद्र खुल जाते हैं, तो मुंहासों का निर्माण अपने-आप बंद हो जाता है। देखा जाए तो त्वचा के बंद पड़े छिद्रों को खोलना ही मुंहासों से छुटकारा पाने से सबसे अच्छा तरीका है। पर इसके लिए आपको नियमित आम खाने की जरूरत नहीं है। आप आम के गूदे को त्वचा पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। 8. समय से पहले बुढ़ापे को रोकता है आम में बड़ी मात्रा में विटामिन ए और विटामिन सी पाए जाते हैं, जो कि शरीर के अंदर कोलाजेन प्रोटीन के निर्माण में सहायक होते हैं। कोलाजेन ब्लड वेसल और शरीर के कनेक्टिव टिशू को सुरक्षित रखता है, जिससे त्वचा की उम्र ढलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। 9. मस्तिष्क को बनाए स्वस्थ्य आम में विटामिन बी-6 प्रचूर मात्रा में पाया जाता है, जो कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। 10. शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाता है गाजर की तरह आम में भी बीटा-केरोटीन और कार्टेन्वाइड उच्च मात्रा में पाया जाता है। आम में पाए जाने वाले यह तत्व शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बेहतर और मजबूत बनाते हैं। 11. मधुमेह से लड़ता है कुछ अध्ययन से पाया गया कि आम मधुमेह के लिए एक बढिया प्राकृतिक उपचार है। हालांकि इस पर अभी शोध जारी है। पहले लोगों में यह मिथक था कि मीठा होने के कारण मधुमेह के रोगी को आम नहीं खाना चाहिए। पर अब यह सिद्ध हो चुका है कि न सिर्फ आम बल्कि इसकी पत्तियां भी मधुमेह से निजात दिला सकती है। 12. आंखों का भी रखे ख्याल एक कप आम का जूस पीने से हमें एक दिन के लिए जरूरी विटामिन ए का 25 प्रतिशत हिस्सा मिल जाता है। यह आंख की रोशनी को बेहतर बनाता है और रतौंधी व आंख के सूखेपन को भी दूर रखता है। 13. सेक्स को बढ़ाता है आम विटामिन ई का बेहतरीन स्रोत होता है। सेक्स और विटामिन ई के संबंध को सबसे पहले चूहे पर किए गए अध्ययन के द्वारा जाना गया था। बाद में कुछ अन्य शोध से पता चला कि संतुलित और पर्याप्त मात्रा में आम का सेवन सेक्स को बढ़ाता है। 14. लू का करता है उपचार कच्चे आम के जूस को पानी के साथ मिला कर पीने से शरीर में ठंडक रहती है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो भूमध्यवर्ती क्षेत्र में सूर्य की तेज रोशनी के कारण शरीर से भारी मात्रा में पसीना निकलता है। इससे लोग जल्दी थक जाते हैं। ऐसे में इस प्रक्रिया से किडनी टॉक्सिन्स से भर जाता है।  

गर्भावस्था के दौरान करें इन बातों पर अमल, रहेंगी एकदम स्वस्थ्य

गर्भावस्था के सुखद और सुंदर पहलू का आंनद आप तभी उठा सकती हैं जब गर्भावस्था के दौरान आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे और यह तभी हो सकता है जब गर्भवती महिला कुछ बातों पर अमल करे। यह देखा गया है कि गर्भावस्था के शुरू के तीन महीनों में कई महिलाओं को जी मचलाने या उल्टी आने की शिकायत होती है। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान दें। सुबह बिस्तर से उठने से पहले ही बिस्किट खा लें। थोड़ी बहुत चाय-कॉफी और हल्का खाना, फल, सलाद खाते रहें। बच्चे के समुचित विकास के लिए मां की खुराक में ज्यादा कैलोरी, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम आवश्यक है। तो जानते हैं गर्भावस्था के दौरान आपको कैसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है.. 1. संतुलित आहार का सेवन करें ज्यादातर महिलाएं इन दिनों में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान नहीं रख पातीं। जिससे उनके शरीर में लौह तत्व की कमी से एनीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सलाद खाना आवश्यक है। इसके साथ ही खाने में प्रोटीन की आपूर्ति के लिए दाल और अंकुरित अनाज भी खाना आवश्यक है। सोयाबीन भी प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। कैल्शियम के लिए आहार में रोज प्रचुर मात्रा में दूध, दही या मट्ठा होना चाहिए।   2. पूरी नींद लें गर्भावस्था के दौरान समय पर खाना और अपने शरीर को पूर्ण रूप से आराम देने के लिए आपको पूरी नींद का लेना बहुत जरूरी है। हर गर्भवती महिला को अपने शरीर का पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए। नींद पूरी हो सके इसके लिए रात में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेना चाहिए और इसके साथ ही दिन में भी एक-दो घंटे का आराम समय-समय पर लेना जरूरी होता है।   3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं गर्भावस्था के समय शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अपने शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है। इसलिए दिनभर में कम से कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। साथ ही घर में नारियल का पानी व फलों का जूस बना कर भी नियमित अंतराल पर पीती रहें। बाहर का जूस या पानी आदि न पिएं। इंफेक्शन से दूर रहें। 4. थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाएं गर्भावस्था के दौरान खाने के लिए किसी भी प्रकार के नखरे ना करते हुए अपनी और होने वाले बच्चे की तंदुरुस्ती के लिए भरपूर पोषण युक्त डाइट लें, क्योंकि उस समय आप का खाया हुआ आहार आपके लिये ही नहीं, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी होता है। इसलिए खाने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करनी चाहिए। 5. धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें कहते हैं कि बच्चे की पहली पाठशाला उसकी मां होती है और जब बच्चा गर्भ में पल रहा होता है तो हमें अपने आचार-विचार भी बदल लेने चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर हमारे बच्चे पर पड़ता है। इन दिनों में हमारा रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल यहां तक कि हमारी सोच का असर भी हमारे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए हमें धूम्रपान और शराब आदि के सेवन से बचना चाहिए। 6. डॉक्टरी जांच समय-समय पर अपनी डॉक्टरी जांच कराते रहें। सबसे पहले तो मासिक धर्म रुकने के तुरंत बाद ही डॉक्टरी जांच करवाकर आप निश्चिंत हो जाएं कि आप गर्भवती हैं। उसके बाद हर महीने के अंतराल में चेकअप करवाते रहना चाहिए क्योंकि बच्चे की ग्रोथ दिन प्रतिदिन बढ़ती है। उसके आकार और वजन की जानकारी लेते रहना चाहिए। फिर इसके बाद नवां महीना लगने पर हर हफ्ते जांच की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर कम से कम दस बार जांच होनी चाहिए। 7. सातवें, आठवें महीनों में रहें सावधान गर्भवती स्त्री के लिए सबसे सावधानी वाला महीना सातवां व आठवां होता है। इन महीनों में सोनोग्राफी से गर्भनाल की स्थिति, शिशु का वजन, बच्चेदानी के अंदर का पानी सभी की जांच करवा लेनी चाहिए, जिससे आने वाली परेशानियो से सही समय पर बचा जा सकता है। 8. व्यायाम करें व्यायाम शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, पर आप जो भी व्यायाम करें वह काफी हल्का हो। इससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर की ऊर्जा और हमारी कार्यक्षमता के साथ-साथ मानसिक दक्षता भी बढ़ती है। योगाभ्यास से ऊर्जा की दिन प्रतिदिन वृद्धि होती है। शरीर के प्रत्येक अंग एवं अवयव ऊर्जावान होते हैं।  

इन तीन तरीकों से बिना फाॅरमेट किए बढ़ाएं अपने कंप्यूटर की स्पीड

कंप्यूटर या लैपटॉप कुछ दिन पुराने होने के बाद इनकी स्पीड पर असर पड़ने लगता है। काफी समय बाद ये अपने आप हैंग होने लगते हैं। इनकी धीमी गति से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर इन्हें फॉरमैट कर देते हैं। ऐसे में कई बार जरूरी डाटा भी नष्ट हो जाता है। कुछ सरल उपायों के जरिए बिना फॉरमैट किए भी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ाई जा सकती है। टेंपररी फाइल डिलीट करें कंप्यूटर में वर्चुअल मेमोरी फुल हो जाने की वजह से धीमे हो जाते हैं। इससे बचने के लिए समय-समय पर टेंपररी फाइल डिलीट करते रहें। इसके लिए प्रोग्राम विकल्प में दिए गए सर्च बॉक्स में:टेम्पः लिखकर एंटर करें। इससे कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद सभी टेंपररी फाइलें खुल जाएंगी। इन्हें चुनकर डिलीट कर दें स्टार्टअप प्रोग्राम बंद करें कई प्रोग्राम ऐसे होते हैं जो कंप्यूटर चालू होते ही अपने आप चलने लगते हैं। इन्हें स्टार्टअप प्रोग्राम कहते हैं। ये कंप्यूटर के धीमा काम करने की सबसे बड़ी वजह होते हैं। स्टार्टअप प्रोग्राम में स्क्रीन न्यूज फीड, जी-टॉक, स्काइप, बिट टोरेंट जैसे प्रोग्राम भी शामिल हैं। इन्हें स्टार्ट मेन्यू में जाकर अनइंस्टॉल किया जा सकता है। इसके अलावा सी ड्राइव को खाली रखें। यह हार्ड डिस्क का वह हिस्सा होता है जिसमें सभी सॉफ्टवेयर रहते हैं। रिसाइकिल बिन खाली रखें कंप्यूटर में जो भी फाइल डिलीट करते हैं वह पूरी तरह से डिलीट होने के बजाय रिसाइकल बिन में स्टोर हो जाती है। लगातर कई दिनों तक एक साथ कई फाइलें डिलीट करने से रिसाइकिल बिन भर जाता है और कंप्यूटर की मेमोरी फुल हो जाती है। इससे बचने के लिए समय-समय पर रिसाइकिल बिन खाली करते रहें। अगर आपको कोई फाइल हमेशा के लिए ही डिलीट करनी है तो उसे सिलेक्ट कर शिफ्ट-डिलिट कमांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फाइल रिसाइकिल बिन में नहीं जाएगी बल्कि पूरी तरह कंप्यूटर से डिलीट हो जाएगी।  

देश में लॉन्च हुई नई 2025 Skoda Kodiaq, जानें क्या है कीमत और फीचर्स

हैदराबाद  Skoda Auto India ने भारतीय बाजार में अपनी दूसरी-जनरेशन की Skoda Kodiaq को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इसके Sportline ट्रिम को 46.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है, जबकि इसके Laurin & Klement (एलएंडके) ट्रिम को 48.69 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत पर लॉन्च किया गया है. बता दें कि Skoda India पहले की तरह ही नई Skoda Kodiaq को भारत में स्थानीय रूप से असेंबल करना जारी रखेगी और इसमें मौजूदा 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन लगाया जाएगा. दूसरी-जनरेशन की एसयूवी में विकासवादी स्टाइलिंग, पहले से ज्यादा फीचर्स के साथ बिल्कुल नया इंटीरियर और पावर में भी मामूली बढ़ोतरी की गई है. Skoda ने नई Kodiaq के लिए बुकिंग शुरू कर दी है और इसकी डिलीवरी 2 मई से शुरू होगी. 2025 Skoda Kodiaq का एक्सटीरियर डिजाइन नई Skoda Kodiaq पिछली-जनरेशन की एसयूवी की तुलना में थोड़ी ज़्यादा गोल दिखती है, जिसकी खासियत शार्प डिज़ाइन लैंग्वेज थी. इसमें स्प्लिट हेडलैंप सेटअप को बरकरार रखा गया है, लेकिन इसमें नए एलईडी डेटाइम रनिंग लैंप सिग्नेचर हैं, जो ग्रिल तक फैले हुए हैं. बम्पर के दोनों किनारों पर फंक्शनल एयर वेंट्स दिए गए हैं, और बोनट पर भी अच्छे पावर बल्ब लगाए गए हैं. व्हीलबेस में कोई बदलाव नहीं इस कार के प्रोफाइल की बात करें तो L&K ट्रिम में 18-इंच के अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं, जिसके लिए नया एयरो-ऑप्टिमाइज़्ड लुक और डी-पिलर के लिए कंट्रास्टिंग फ़िनिश दी गई है. रियर प्रोफाइल की बात करें, तो नई Kodiaq में लाइट बैंड से जुड़े नए सी-आकार के टेल-लैंप लगाए गए हैं. आकार की बात करें, तो इसके व्हीलबेस को 2,791 मिमी के साथ अपरिवर्तित रखा गया है, लेकिन इसकी कुल लंबाई 59 मिमी तक बढ़ गई है. Skoda Kodiaq Sportline ट्रिम में ग्रिल, विंग मिरर, डी-पिलर गार्निश और रियर बम्पर के लिए ब्लैक-आउट फिनिश इस्तेमाल की गई है. इसमें 18-इंच के अलॉय के लिए स्पोर्टियर डिज़ाइन भी है. 2025 Skoda Kodiaq का इंटीरियर वैसे तो इसका एक्सटीरयिर अभी भी पुराने Skoda Kodiaq से काफी मिलता-जुलता है, लेकिन इसके इंटीरियर को कंपनी ने पूरी तरह से नया डिजाइन दिया है. इसके डैशबोर्ड में विंग्ड डिज़ाइन दिया गया है, जिसमें नया 13-इंच का फ्लोटिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम सबसे बड़ा अपडेट है. इसमें HVAC कंट्रोल के लिए तीन फिजिकल डायल भी दिया गया हैं. नेविगेशन फीड के साथ नया 10-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और ‘Skoda’ बैजिंग (स्पोर्टलाइन पर तीन-स्पोक) के साथ नया टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील है. दूसरी पंक्ति की सीटों को स्पेस एडजस्ट करने के लिए आगे और पीछे खिसकाया जा सकता है, और उनमें रिक्लाइन फ़ंक्शन भी है. 2025 Skoda Kodiaq के फीचर्स नई Skoda Kodiaq के अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें कॉन्फ़िगरेबल एम्बिएंट लाइटिंग, एक पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, एक 13-स्पीकर कैंटन साउंड सिस्टम, 3-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, मेमोरी फंक्शन के साथ पावर-एडजेस्टेबल फ्रंट सीट्स, मसाज फंक्शन के साथ हीटेड/वेंटिलेटिड फ्रंट सीट्स (L&K), हीटिंग के साथ स्पोर्ट्स सीट्स (Sportline), जेस्चर कंट्रोल के साथ एक इलेक्ट्रिक टेलगेट, एक 360-डिग्री कैमरा और पार्क असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. 2025 Skoda Kodiaq के सेफ्टी फीचर्स सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो नई Skoda Kodiaq में 9 एयरबैग, ईएससी, फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक, मल्टी-कोलिजन ब्रेक, ड्राइवर अटेंशन और स्लोनीसिटी मॉनिटर, तथा डिसेंट कंट्रोल के साथ हिल स्टार्ट असिस्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. 2025 Skoda Kodiaq का पावरट्रेन इसमें मिलने वाले इंजन की बात करें, तो नई Skoda Kodiaq में 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन लगाया गया है, जो अब 203bhp की पावर और 320Nm का अधिकतम टॉर्क उत्पन्न करता है. यह इंजन पिछले Kodiaq की तुलना में पावर 13bhp ज़्यादा पावर देता है, लेकिन इसके टॉर्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस इंजन के साथ 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स से जोड़ा गया है, और Kodiaq के दोनों ट्रिम में ऑल-व्हील ड्राइव स्टैण्डर्ड तौर पर मिलता है. Skoda का दावा है कि ARAI-रेटेड फ्यूल दक्षता 14.86kpl की है.

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए रोजाना खाएं ये फल, चेहरे पर बरकरार रहेगी चमक

स्वस्थ आहार न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बल्कि हमारी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. खासकर गर्मियों के मौसम में त्वचा का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. इस मौसम में अक्सर धूप की वजह से चेहरे की चमक डल हो जाती है. ऐसे में कुछ लोग गर्मियों में सनस्क्रीन का उपयोग करके, सिगरेट, धूम्रपान और शराब आदि से परहेज करके अपनी त्वचा की देखभाल करने लगते हैं. लेकिन इसके अलावा आप अपनी डाइट में कुछ फलों को शामिल करके भी ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं. पपीता, आम, अनानास और तरबूज जैसे फल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. जो त्वचा को चमकदार बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आइए जानते हैं कुछ फलों के बारे में… गर्मियों के मौसम में पपीता खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं. पपीते में पपेन नामक पोषक तत्व एक एंजाइम होता है जो आपके चेहरे को टैन और मुंहासों को कम करने में मदद करता है. तरबूज तरबूज में फाइबर और लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है, जो आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है. गर्मियों में नियमित तरबूज का सेवन करने से शरीर को हाइड्रेट करने में मदद मिलती है. आम आम में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में होता है. गर्मियों के मौसम में आम खाने से आपकी त्वचा को सही मात्रा में पोषण मिलता है. अगर आपके चेहरे पर ज्यादा झुर्रियां हैं, तो आपको आम जरूर खाना चाहिए. अनानास गर्मियों के मौसम में अनानास का सेवन करना फायदेमंद होता है. इसमें विटामिन सी अधिक मात्रा में होती है. जो आपकी त्वचा को भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान करता है. गर्मियों में अनानास खाने से न सिर्फ चेहरे की रंगत निखरती है बल्कि चेहरे पर काले धब्बे और हाइपरपिग्मेंट भी कम होते हैं.  

Google Gemini के फ्री मिलेंगे एडवांस्ड फीचर्स, जानिए कैसे यूजफुल हैं?

मुंबई Google पहले ही अपने Gemini के एडवांस्ड फीचर्स का ऐलान कर चुका है, जिसमें कैमरा और स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन मिलता है. इसकी मदद से यूजर्स AI से बातचीत कर सकते हैं. अभी तक ये फीचर्स सिर्फ सब्सक्रिप्शन बेस्ड यूजर्स को मिलता है. रिपोर्ट्स में दावा किया है कि ये फीचर्स जल्द ही फ्री वर्जन को भी मिलेंगे. लेटेस्ट रिपोर्ट्स में दावा किया है कि ये नए फीचर्स जल्द ही फ्री वर्जन पर भी दिए जाएंगे. ये जानकारी 9to5Google ने दी है. आइए इन फीचर्स के बारे में बताते हैं. Google Gemini Live के ये लेटेस्ट एडवांस्ड फीचर्स में कैमरा और स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन शामिल है. अब ये दोनों फीचर्स सभी एंड्रॉयड यूजर्स को मुफ्त में मिल सकते हैं. हालांकि अभी टाइम लाइन की जानकारी नहीं दी है. Gemini Live पर यूजर्स 45 अलग-अलग लैंग्वैंज में बातचीत कर सकते हैं. Google Gemini Live कैसे करें यूज? Google ने ब्लॉगपोस्ट पर कुछ वीडियो शेयर करके बताया है कि Gemini Live का आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं और उससे बातचीत कर सकते हैं. इसके लिए यूजर्स को Gemini एक्टिवेट करने के साथ फोटो में दिखाए गए सबसे ऊपर वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. उसके बाद आप इस फीचर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे. पूछ सकेंगे सवाल इसके बाद यूजर्स अपनी स्क्रीन पर नजर आने वाले कंटेंट के बारे में सवाल-जवाब कर सकेंगे. यहां यूजर्स किसी विदेशी शब्द, किसी पेंटिंग या फोटो में नजर आने वाले शख्स के बारे में भी पूछ सकते हैं. घर का सामान ऑर्गनाइज कर सकते हैं Google अपने ब्लॉगपोस्ट में बता चुका है कि कैसे Gemini Live का इस्तेमाल करके यूजर्स घर का सामान ऑर्गनाइज कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपने घर में पड़े सामान को Gemini live को दिखाना होगा. यूजर्स को इसके बाद Gemini Live से उस सामान को ऑर्गनाइज करने का सजेशन मांगना होगा.

WhatsApp स्टेटस पर आप एक बार में 60 सेकंड तक लगेगा वीडियो

नई दिल्ली अगर अभी तक आप WhatsApp पर लंबे वीडियो स्टेटस लगाने के लिए अलग-अलग जुगाड़ ढूंढ़ते थे, तो एक अच्छी खबर है। अब Meta अपने WhatsApp प्लेटफॉर्म पर स्टेटस की लिमिट बढ़ाने वाला है। इससे उन लोगों को फायदा होगा जो अभी तक अपने वीडियो को स्टेटस पर टुकड़ों में लगाने पर मजबूर होते थे। दरअसल अभी तक WhatsApp स्टेटस पर आप एक बार में 60 सेकंड तक का वीडियो लगा सकते थे। अब इसकी लिमिट को बढ़ाया जा रहा है। अब इतने बड़े स्टेटस लगाएं अब आप अपने WhatsApp स्टेटस में 60 सेकंड की जगह 90 सेकंड का वीडियो लगा पाएंगे। बता दें कि यह फीचर फिलहाल के लिए बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। बीटा यूजर्स वो होते हैं जो ऐप के टेस्टिंग वर्जन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। किसी भी ऐप के बीटा वर्जन में बग्स हो सकते हैं। ऐसे में यूजर्स के लिए कंपनियां मुख्य वर्जन उपलब्ध कराती हैं। बीटा वर्जन पर इस फीचर के आ जाने का मतलब है कि अब जल्द यह आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो जाएगा। WhatsApp के आने वाले इस फीचर की जानकारी WABetaInfo नाम के विश्वसनीय स्त्रोत से मिली है। WhatsApp के इस वर्जन पर होगा उपलब्ध यह फीचर WhatsApp के Android 2.25.12.9 वर्जन पर उपलब्ध होगा। इस अपडेट के बाद यूजर्स अपने स्टेटस में 90 सेकंड का वीडियो एक बार में लगा पाएंगे। इससे पहले पिछले साल 30 सेकंड की लिमिट को बढ़ा कर 1 मिनट किया गया था। इस तरह करें चेक चेक करने के लिए कि यह फीचर आपके लिए उपलब्ध है या नहीं आप Google Play Store पर जाकर देख सकते हैं कि आपका ऐप अपडेट है या नहीं। ऐप को अपडेट कर ऐप के स्टेटस वाले टैब में जाकर देखें कि क्या अब आप 90 सेकंड का वीडियो लगा पा रहे हैं या नहीं? वहीं अगर आप एक बीटा यूजर हैं, तो अगर आपके लिए Android 2.25.12.9 वर्जन उपलब्ध हो, तो उस पर ऐप को अपडेट कर लें। इसके बाद आप एक बार में 90 सेकंड का वीडियो लगा पाएंगे।

ओपनएआई ला रही AI सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म, फेसबुक, इंस्‍टा की होगी छूटी !

  नई दिल्ली सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म के तौर पर फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, एक्‍स, टिकटॉक जैसे प्‍लेटफॉर्म ने दबदबा बनाया हुआ है। लेकिन जल्‍द इसे ओपनएआई से चुनौती मिल सकती है। वही ओपनएआई, जिसने पॉपुलर एआई टूल चैटजीपीटी को बनाया है और जिसकी मदद से आपने भी अपनी तस्‍वीरों को‍ घिबली आर्ट में बदला होगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई एक सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर काम कर रही है, जिसमें एआई फीचर्स को शामिल किया जाएगा। कहा जाता है कि यह एक ऐप होगा जो एक्‍स और मेटा जैसे प्‍लेटफॉर्म्‍स को टक्‍कर देगा। यह ऐप भी चैटजीपीटी पर बेस्‍ड हो सकता है। एलन मस्‍क को भी मिलेगी टक्‍कर एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपनएआई भी एक्‍स जैसा सोशल नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक्‍स का नाम पहले ट्विटर हुआ करता था, जिसे एलन मस्‍क ने खरीदकर बदल दिया। कहा जाता है कि ओपनएआई ने अपने ऐप का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। उसमें चैटजीपीटी की काबिलियत होगी। ऐप में पब्लिक फीड वाला एक हिस्‍सा होगा, जिसमें लोग अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त कर पाएंगे। कहा जाता है कि ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्‍टमैन इस प्रोजेक्‍ट को लेकर गंभीर हैं। वह कई लोगों से ऐप के बारे में राय मांग रहे हैं। उन्‍होंने इंडस्‍ट्री से भी कुछ लोगों का फीडबैक मांगा है। अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि कंपनी कोई नया ऐप लॉन्‍च करेगी या फ‍िर चैटजीपीटी के साथ ही सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म को इंटीग्रेट किया जाएगा। फेसबुक, इंस्‍टा से अलग होगा ऐप रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई जिस ऐप पर काम कर रही है, वह फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से अलग होगा। फेसबुक-इंस्‍टा ने अपने ऐप में एआई की खूबियों को जोड़ा है, लेकिन ओपनएआई के ऐप में एआई के साथ सोशल अनुभवों को शामिल किया जाएगा। यानी वहां एआई का रोल आम लोगों से ज्‍यादा होगा। कहा जाता है कि मेटा को ओपनएआई से मिलने वाली चुनौती का आभास है। इसीलिए तो फरवरी में यह खबर सामने आई थी कि कंपनी मेटाएआई ऐप पर काम कर रही है। अगर दोनों ऐप लॉन्‍च हो जाते हैं तो यह आपस में मुकाबला करेंगे। इससे लोगों को एआई सोशल मीडिया की दुनिया में गोता लगाने का मौका मिलेगा। नए फीचर्स आएंगे, जिससे यूजर्स का एक्‍सपीरियंस दोगुना होगा। वहीं दूसरी तरफ, ओपनएआई से मिल रही चुनौती को एलन मस्‍क नहीं सहन कर पा रहे। वह ओपनएआई और सैम ऑल्‍टमैन की कई बार आलोचना कर चुके हैं। वह ऑल्‍टमैन की कंपनी को खरीदने की कोशिश कर चुके हैं। इस पर ऑल्‍टमैन ने ही ट्विटर यानी एक्‍स को खरीदने का प्रस्‍ताव दे दिया था।

कुछ घरेलू चीजों की मदद से स्ट्रेच मार्क्स होंगे दूर

 क्या आपने कभी आईने में देखकर सोचा है- “काश ये स्ट्रेच मार्क्स न होते!” प्रेग्नेंसी, वजन का उतार-चढ़ाव या हार्मोनल बदलाव, कारण कोई भी हो, लेकिन जब ये सफेद या गुलाबी लकीरें त्वचा पर दिखती हैं, तो अच्छे-अच्छों का कॉन्फिडेंस थोड़ा तो हिल ही जाता है। महंगे क्रीम, सीरम और ट्रीटमेंट्स के वादे तो बड़े-बड़े ब्रांड्स बहुत करते हैं, लेकिन रिजल्ट की बात आती है, तो ज्यादातर मायूसी ही हाथ लगती है। ऐसे में, राहत की बात ये है कि कुछ घरेलू और नेचुरल चीजें हैं जो बिना जेब हल्की किए, आपके स्ट्रेच मार्क्स को धीरे-धीरे गायब कर सकती हैं और वो भी सिर्फ एक महीने में! चलिए जानते हैं ये कौन-सी चीजें हैं और कैसे आप इनका सही इस्तेमाल कर सकते हैं। एलोवेरा जेल एलोवेरा स्किन के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन-E स्किन को रिपेयर करने में मदद करते हैं और स्ट्रेच मार्क्स को हल्का करने में बेहद कारगर होते हैं। कैसे इस्तेमाल करें? ताजा एलोवेरा जेल लें और प्रभावित जगहों पर हल्के हाथों से 5-10 मिनट तक मसाज करें। इसे रातभर के लिए छोड़ दें और सुबह हल्के गुनगुने पानी से धो लें। रोज़ाना इस्तेमाल करने से असर जल्दी दिखने लगता है। नारियल तेल नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और स्किन-रिपेयरिंग गुण होते हैं जो त्वचा की कोशिकाओं को फिर से बनाते हैं। यह स्किन को हाइड्रेट करता है और स्ट्रेच मार्क्स को धीरे-धीरे हल्का कर देता है। कैसे इस्तेमाल करें? रोज रात को सोने से पहले शुद्ध नारियल तेल को हल्का गुनगुना करें और स्ट्रेच मार्क्स पर 10 मिनट तक मसाज करें। लगातार एक महीने तक इसे अपनाएं और बदलाव खुद महसूस करें। विटामिन-E कैप्सूल विटामिन-E स्किन को अंदर से रिपेयर करता है और उसकी इलास्टिसिटी बढ़ाने में मदद करता है। यह स्ट्रेच मार्क्स को हल्का करने और स्किन टोन को सुधारने के लिए जाना जाता है। कैसे इस्तेमाल करें? मार्केट में आसानी से मिलने वाले विटामिन-E कैप्सूल को काटकर उसका तेल निकालें और प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। मसाज करते समय इसे एलोवेरा या नारियल तेल के साथ भी मिक्स किया जा सकता है। बेहतर रिजल्ट के लिए अपनाएं ये टिप्स     रोजाना दो बार स्ट्रेच मार्क्स पर इन चीजों का यूज करें।     खूब पानी पिएं ताकि स्किन हाइड्रेटेड रहे।     विटामिन-C और प्रोटीन से भरपूर डाइट लें।     स्क्रबिंग से बचें, ताकि त्वचा को नुकसान न पहुंचे।     सब्र रखें क्योंकि घरेलू नुस्खे धीरे असर दिखाते हैं लेकिन उनका प्रभाव गहरा होता है।  

चिया सीड्स दही में मिलाकर खाएंगे तो होंगे अनेक फायदे

 दही और चिया सीड्स दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। जब इन दोनों को एक साथ मिलाकर खाया जाता है, तो यह एक सुपरफूड की तरह काम करता है। चिया सीड्स में प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व होते हैं। वहीं, दही प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन न सिर्फ पाचन को दुरुस्त रखता है, बल्कि वजन घटाने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं दही के साथ चिया सीड्स खाने के क्या फायदे हैं। दही के साथ चिया सीड्स खाने के फायदे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और चिया सीड्स में हाई फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करता है। चिया सीड्स पानी में फूलकर जेल जैसा बन जाते हैं, जो आंतों की सफाई करके कब्ज से राहत दिलाते हैं। दही के साथ इसे खाने से गट हेल्थ बेहतर होती है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। वजन घटाने में सहायक अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो दही और चिया सीड्स का कॉम्बिनेशन आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अनहेल्दी क्रेविंग्स कम होती हैं। दही में मौजूद प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार दही कैल्शियम का एक बेहतरीन सोर्स है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। चिया सीड्स में भी कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों की डेंसिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसलिए, दही और चिया सीड्स खाने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव हो सकता है। इम्युनिटी बढ़ाता है दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। चिया सीड्स में एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो इंफ्लेमेशन को कम करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से इन्हें खाने से सर्दी-जुकाम और अन्य इन्फेक्शन्स का खतरा कम होता है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद दही और चिया सीड्स दोनों ही त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं। दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और ग्लो बढ़ाता है। चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन इंफ्लेमेशन को कम करके मुंहासों और झुर्रियों से बचाता है। साथ ही, यह कॉम्बिनेशन बालों को मजबूत और चमकदार बनाने में भी मदद करता है। एनर्जी बूस्टर चिया सीड्स में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं। दही के साथ इसे खाने से शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है, जिससे थकान कम होती है और स्टैमिना बढ़ता है। यह एथलीट्स और फिटनेस एन्थूजियास्ट्स के लिए एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन हो सकता है। डायबिटीज कंट्रोल में मददगार चिया सीड्स ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो ग्लूकोज के अब्जॉर्प्शन को धीमा कर देता है। दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इसलिए, दही और चिया सीड्स का कॉम्बिनेशन डायबिटीज मैनेजमेंट में भी फायदेमंद हो सकता है।

व्हाट्सएप पर फोटो और वीडियो ऑटोमेटिक हो जाती हैं डाउनलोड, कैसे बंद करें?

व्हाट्सएप हम सभी की लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। हम सभी इसका इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सएप के फीचर यूजर्स के लिए बड़े काम के होते हैं लेकिन कई बार ये सिर दर्द बन जाते हैं। ऐसा ही एक फीचर ऑटो डाउनलोड है, जिससे फोन की स्टोर तेजी से भर जाती है। अगर आप भी व्हाट्सएप के ऑटो-डाउनलोड फीचर से परेशान हैं तो हम आपके लिए खास टिप्स लेकर आए हैं। इससे आप व्हाट्सएप पर ऑटो डाउनलोड फीचर को बंद कर फोन की स्टोरेज को बचा सकते हैं। व्हाट्सएप पर ऑटो-डाउनलोड कैसे बंद करें? जैसा कि हम जानते हैं व्हाट्सएप ऐप में आने वाली सभी मीडिया फाइल को ऑटोमैटिकली फोन में स्टोर करता है। ऐप में यह सेटिंग डिफॉल्ट रूप से इनेबल रहता है। इसे डिसेबल किया जा सकता है। व्हाट्सएप मीडिया फाइल को फोन की गैलरी में सेव होने से कैसे रोके? स्टेप 1. सबसे पहले फोन में व्हाट्सएप के सेटिंग मैन्यू पर जाएं। इसके बाद आपको चैट पर जाना है। स्टेप 2. अब आपको सेव टू फोटो को बंद कर देना है। एंड्रॉयड में इसके लिए आपको मीडिया विजिबिलिटी को डिसेबल करना होगा। इन सेटिंग को आप जब चाहे बदल भी सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि गैलरी में व्हाट्सएप के मीडिया फाइल चाहते हैं तो इन सेटिंग को चेंज कर सकते हैं। इसके साथ ही ये सेटिंग जिस दिन आप इनेबल या डिसेबल करेंगे उसी दिन से काम करेगी। यानी अगर आपने इसे अभी बंद कर दिया तो पुरानी फाइल गैलरी में दिखती रहेंगी। इन्हें आपको खुद ही डिलीट करनी होंगी। ग्रुप और चैट की मीडिया फाइल सेव होने से कैसे रोकें? व्हाट्सएप पर हम कई तरह के ग्रुप में जुड़े रहते हैं। इनमें तमाम फोटोज और वीडियो फाइल आती हैं, जो ऑटोमैटिक सेव हो जाती हैं। इससे हमारे फोन की स्टोरेज भर जाती है। ग्रुप चैट में आने वाली इन मीडिया फाइल को सेव होने से रोकने का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ ही अगर आप चाहें तो सलेक्टेड चैट के लिए फोटो सेव का ऑप्शन चुन सकते हैं। व्हाट्सएप पर चैट टैब पर आपको किसी एक चैट या ग्रुप को सलेक्ट करना है। अब आपको कॉन्टैक्ट इन्फो या ग्रुप इन्फो पर टैप करना है। यहां आपको सेव टू फोटो का ऑप्शन दिखेगा, जिसमें आपको तीन सेटिंग मिलेंगी। डिफॉल्ट – इस ऑप्शन को सलेक्ट कर आपकी डिफॉल्ट सेटिंग इनेबल रहेगी। अगर आपने व्हाट्सएप की सेटिंग से फोटो सेव बंद किया है तो यह बंद रहेगी। ऑलवेज – यानी आपको चैट या ग्रुप में आई मीडिया फाइल सेव हो जाएंगी। नेवर – व्हाट्सएप पर आने वाली मीडिया फाइल डिवाइस में सेव नहीं होंगी।  

स्ट्रेस, खराब डाइट और नींद की कमी के कारण होते है डार्क सर्कल्स, ऐसे करें दूर

 खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स हो सकते हैं। आमतौर पर यह थकान, नींद की कमी, स्ट्रेस और पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकता है। डार्क सर्कल्स को कम करने के लिए बाजार में कई केमिकल प्रॉडक्ट्स मिलते हैं, लेकिन इनकी तुलना में, कुछ ऑयल इन्हें कम करने और आंखों को फ्रेशनेस देने में ज्यादा असरदार साबित होते हैं। ये तेल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो स्किन को पोषण देकर उसे हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं। यहां आंखों के नीचे काले नीचे घेरों को कम करने वाले कुछ बेस्ट ऑयल के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में। डार्क सर्कल्स कम करने के लिए ऑयल     बादाम तेल- बादाम का तेल विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो आंखों की सेंसिटिव स्किन को पोषण देता है और डार्क सर्कल्स को हल्का करने में मदद करता है। इसे हल्के हाथों से मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।     नारियल तेल- नारियल तेल में मॉइश्चराइजिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो स्किन को डीप नरिशमेंट देते हैं और डार्क सर्कल्स को कम करते हैं। इसे रातभर लगाने से बेहतर रिजल्ट्स मिलते हैं।     अरंडी का तेल- अरंडी का तेल स्किन की गहराई से सफाई करता है और हाइड्रेट करता है। इसमें राइसिनोलेक एसिड होता है, जो डार्क सर्कल्स को हल्का करने और स्किन की बनावट को सुधारने में सहायक होता है।     जैतून का तेल- जैतून का तेल एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो स्किन को मॉइश्चराइज करता है और डार्क सर्कल्स को धीरे-धीरे कम करता है।     विटामिन-ई ऑयल- विटामिन-ई ऑयल स्किन की मरम्मत और रिजुविनेट करने में मदद करता है। ये फ्री रेडिकल्स से लड़कर डार्क सर्कल्स को हल्का करता है और त्वचा को मुलायम बनाता है।     आर्गन ऑयल- आर्गन ऑयल में विटामिन-ई और फैटी एसिड होते हैं, जो स्किन की इलास्टिसिटी को बढ़ाकर डार्क सर्कल्स को कम करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन सॉफ्ट कोमल और शाइनी बनती है।     गुलाब का तेल- गुलाब के तेल में विटामिन-ए, सी, और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो काले घेरों को हल्का करके स्किन की रंगत को सुधारते हैं।     टी ट्री ऑयल- टी ट्री ऑयल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो डार्क सर्कल्स और सूजन को कम करता है। इस्तेमाल का तरीका ऑयल को हल्के हाथों से आंखों के आसपास लगाएं और धीरे-धीरे मसाज करें। बेहतर रिजल्ट के लिए रातभर छोड़ दें और सुबह गुनगुने पानी से धो लें। नियमित इस्तेमाल से डार्क सर्कल्स कम होएंगे। अगर डार्क सर्कल्स लंबे समय से हैं, तो डॉक्टर से दिखाना बेहतर रहेगा।  

वर्ल्ड लिवर डे: कहीं आपका लिवर खराब तो नहीं, ऐसे करें पता

हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे  2025 मनाया जाता है ताकि लोगों को इस जरूरी अंग की देखभाल और इसके प्रति जागरूक किया जा सके। हमारे शरीर में लिवर का काम बेहद अहम होता है। यह न केवल खाना पचाने में मदद करता है बल्कि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने एनर्जी स्टोर करने और इन्फेक्शन से लड़ने जैसे कई जरूरी काम भी करता है। डॉक्टर कहते है कि “लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो चुपचाप काम करता है और जब तक यह बहुत ज्यादा खराब न हो जाए, तब तक कोई खास संकेत नहीं देता, लेकिन कुछ शुरुआती लक्षण ऐसे होते हैं जिन पर ध्यान देकर हम समय रहते इसकी बीमारी को पकड़ सकते हैं।” सबसे सामान्य संकेतों में बार-बार थकान महसूस होना और एनर्जी की कमी है। अगर आप बिना ज्यादा मेहनत के भी दिनभर थकान महसूस करते हैं, तो यह लिवर की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। चलिए जानें ऐसे ही 5 संकेत, जिनसे आप पहचान सकते हैं कि आपका लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं। थकान और कमजोरी बनी रहना अगर आपको बिना किसी भारी काम के भी अक्सर थकान महसूस होती है या शरीर में कमजोरी रहती है, तो ये लिवर की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकता है। लिवर जब सही से काम नहीं करता, तो शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिल पाती। त्वचा या आंखों का पीला पड़ना डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपकी आंखें या त्वचा पीली दिखने लगे, तो यह जॉन्डिस यानी पीलिया हो सकता है। यह तब होता है जब लिवर बिलीरुबिन को प्रोसेस नहीं कर पाता। यह लिवर के संक्रमण या हेपेटाइटिस का संकेत हो सकता है। पेट में सूजन या भारीपन महसूस होना अगर पेट के ऊपरी हिस्से में सूजन, गैस, या भारीपन लगातार बना रहता है, तो इसे मामूली गैस समझकर न छोड़ें। यह फैटी लिवर या लिवर इंफ्लेमेशन की निशानी हो सकती है। बार-बार उल्टी जैसा महसूस होना लिवर खराब होने पर पाचन क्रिया पर असर पड़ता है, जिससे बार-बार मिचली, उल्टी, या जी घबराने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर अगर ये लक्षण लंबे समय से चल रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। त्वचा पर खुजली और दाने लिवर अगर विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर नहीं निकाल पा रहा, तो ये असर त्वचा पर दिख सकता है। लगातार खुजली रहना या छोटे-छोटे दाने होना भी लिवर की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

बड़ा बदलाव : आने वाले समय में दुनियाभर में सभी यूजर्स Google Dot com पर ओपेन होंगे

 नई दिल्ली Google ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद दुनियाभर के यूजर्स को बदलाव देखने को मिलेगा.  मंगलवार को किए गए ऐलान के मुताबिक, कंपनी जल्द ही Google के लोकल डोमेन्स को बदलने जा रही है. अभी तक अलग-अलग देशों के लिए लोकल Google डोमेन होते हैं, जैसे भारत में Google Dot co Dot in और फ्रांस के लिए Google Dot fr है. Google के इन लोकल डोमेन्स का कई साल से इस्तेमाल किया जा रहा है और इन्हें लोकल सर्च रिजल्ट देने के लिए यूज किया जाता है. अब नए बदलाव के तहत कंपनी कंट्री कोड टॉप लेवल डोमेंस को हटाने जा रहे है, जिसकी जगह पर यूजर्स सीधे google.com पर पहुंच जाएंगे. Google रियल टाइम फिजिकल लोकेशन को एक्सेस करता बताते चलें कि साल 2017 से Google रियल टाइम फिजिकल लोकेशन को एक्सेस करता है ताकि यूजर्स तक रेलेवेंट सर्च रिजल्ट को पहुंचाया जा सके, फिर चाहें आप किसी भी देश का Google Donain चला रहे हों. आने वाले दिनों में यूजर्स को दिखेगा बदलाव बड़ा बदलाव करने जा रहा Google, दुनियाभर का डोमेन होगा चेंज Google का ऐलान जल्द ही रीजन बेस्ट डोमेन्स को रिमूव कर दिया जाएगा बड़ा बदलाव : आने वाले समय में  दुनियाभर में सभी यूजर्स Google Dot com पर ओपेन होंगे  नई दिल्ली Google ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद दुनियाभर के यूजर्स को बदलाव देखने को मिलेगा.  मंगलवार को किए गए ऐलान के मुताबिक, कंपनी जल्द ही Google के लोकल डोमेन्स को बदलने जा रही है. अभी तक अलग-अलग देशों के लिए लोकल Google डोमेन होते हैं, जैसे भारत में Google Dot co Dot in और फ्रांस के लिए Google Dot fr है. Google के इन लोकल डोमेन्स का कई साल से इस्तेमाल किया जा रहा है और इन्हें लोकल सर्च रिजल्ट देने के लिए यूज किया जाता है. अब नए बदलाव के तहत कंपनी कंट्री कोड टॉप लेवल डोमेंस को हटाने जा रहे है, जिसकी जगह पर यूजर्स सीधे google.com पर पहुंच जाएंगे. Google रियल टाइम फिजिकल लोकेशन को एक्सेस करता बताते चलें कि साल 2017 से Google रियल टाइम फिजिकल लोकेशन को एक्सेस करता है ताकि यूजर्स तक रेलेवेंट सर्च रिजल्ट को पहुंचाया जा सके, फिर चाहें आप किसी भी देश का Google Donain चला रहे हों. आने वाले दिनों में यूजर्स को दिखेगा बदलाव Google ने कहा कि जल्द ही यह अपडेट सभी यूजर्स तक पहुंच जाएगा. इसमें कुछ महीने तक का समय लग सकता है. एक बार यह प्रोसेस कंप्लीट हो जाता है, तो उसके बाद आप किसी भी देश के कोड URL में टाइप करेंगे तो वह ऑटोमैटिक Google.com के साथ रिडायरेक्ट हो जाएगा. Google के इस बदलाव के बाद यूजर्स के सर्च रिजल्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि कुछ यूजर्स को प्रीफ्रेंसेस रिसेट करनी पड़ सकती है, जिसमें लैंग्वेज या रीजन सिलेक्शन शामिल हो सकता है. इसको लेकर आने वाले दिनों में जानकारी मिलेगी. स्थानीय रिजल्ट नजर आते रहेंगे इस अपडेट के बाद भी यूजर्स को स्थानीय कंटेंट और सर्च रिजल्ट मिलते रहेंगे. जैसे अगर आप जापान में हैं तो आपको जापान से संबंधित से संबंधित सर्च रिजल्ट नजर आते रहेंगे और अगर आप ब्राजील से हैं तो वहां के लोकल रिजल्ट नजर आते रहेंगे. ने कहा कि जल्द ही यह अपडेट सभी यूजर्स तक पहुंच जाएगा. इसमें कुछ महीने तक का समय लग सकता है. एक बार यह प्रोसेस कंप्लीट हो जाता है, तो उसके बाद आप किसी भी देश के कोड URL में टाइप करेंगे तो वह ऑटोमैटिक Google.com के साथ रिडायरेक्ट हो जाएगा. Google के इस बदलाव के बाद यूजर्स के सर्च रिजल्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि कुछ यूजर्स को प्रीफ्रेंसेस रिसेट करनी पड़ सकती है, जिसमें लैंग्वेज या रीजन सिलेक्शन शामिल हो सकता है. इसको लेकर आने वाले दिनों में जानकारी मिलेगी. स्थानीय रिजल्ट नजर आते रहेंगे इस अपडेट के बाद भी यूजर्स को स्थानीय कंटेंट और सर्च रिजल्ट मिलते रहेंगे. जैसे अगर आप जापान में हैं तो आपको जापान से संबंधित से संबंधित सर्च रिजल्ट नजर आते रहेंगे और अगर आप ब्राजील से हैं तो वहां के लोकल रिजल्ट नजर आते रहेंगे.  

स्टूडेंट्स को करियर और लाइफ में सफलता पाने के लिए अपनाना चाहिए ये आदतें

स्टूडेंट्स को करियर और लाइफ में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। केवल क्लास करने और अपना प्रोजेक्ट पूरा करने से सारी तैयारियां नहीं हो जाती। जरूरी है कि लाइफ स्किल में सुधार किया जाए। जिससे कि फ्यूचर में सफलता मिल सके। परीक्षाएं खत्म हो चुकी है लेकिन आने वाले समय के लिए आप इन आदतों को अभी से अपनाएं। जिससे कि सफलता मिलनी आसान हो जाए। टाइम मैनेजमेंट है जरूरी अगर अभी तक आपको टाइम मैनेजमेंट करना नहीं आता तो आज से ही इसे शुरू कर दें। स्टडी टाइम, प्ले टाइम, एक्स्ट्रा एक्टीविटी और रिलैक्स होने के लिए टाइम सेट करें। जिससे कि सारी चीजों को आसानी से बैलेंस कर सकें। प्लानिंग और गोल सेटिंग अपने करियर और पढाई को लेकर बिल्कुल स्पष्ट लक्ष्य तय करें और उसे पूरा करने के लिए सही तरीके से प्लानिंग करें। जिससे कि कामयाबी मिल सके। हर दिन अपने गोल और प्लान को चेक करें कि आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं या नहीं। जिससे कि मोटिवेशन मिलता रहे। सुनना और नोट्स बनाना जरूरी है क्लास में लेक्चर बनना और उसका नोट्स बनाना बेहद जरूरी है। जिससे कि जरूरत पड़ने पर आप उन चीजों को दोहरा सके और कॉन्सेप्ट क्लियर हो सके। हर दिन पढ़ने की आदत डालें हर दिन कुछ ना कुछ पढ़ने की आदत डालें। नई बुक्स आपकी नॉलेज बढ़ाने में मदद करेगी। कोर्स के अलावा बहुत सारी किताबे हैं जो आपके ज्ञान को बढ़ाएंगी और फ्यूचर में काम आएंगी। खुद की देखभाल भी जरूरी है रोजाना एक्सरसाइज और अपनी ग्रूमिंग पर भी कुछ समय जरूर दें। जिससे कि हेल्थ अच्छी बनी रहे और आपका ध्यान पूरी तरह से अपने लक्ष्य को पूरा करने पर रहे। कम्यूनिकेशन जरूरी है अपने नॉलेज और अपने फील्ड में आगे बढ़ना चाहते हैं तो कम्यूनिकेशन स्किल को सुधारें। साथ ही अपने नेटवर्किंग में रिलेशनशिप को मेंटेन करें।

अब होंडा के नए स्कूटर में स्मार्ट चाबी के साथ ऐप कनेक्टिविटी भी मिलेगी

मुंबई होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने भारत में नया 2025 डियो 125 (Dio 125) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 96,749 रुपए है। इस स्कूटर को युवाओं को ध्यान में रखकर अपडेट किया गया है। अपडेटेड डियो 125 शानदार डिजाइन, अपग्रेडेड फीचर्स और बेहतर इफिसियंसी के साथ आता है, जो इसे स्पोर्टी और स्टाइलिश मोटो-स्कूटर के तौर पर अट्रेक्टिव बनाते हैं। होंडा ने डियो के पॉपुलर डिजाइन सिल्हूट को बरकरार रखा है, जबकि इसमें नए सिरे से ग्राफिक्स और कलर ऑप्शन के साथ रिफ्रेश किया है। इसे दो वैरिएंट में DLX और H-स्मार्ट में खरीद पाएंगे। DLX की एक्स-शोरूम कीमत 96,749 रुपए और H-स्मार्ट की कीमत 1,02,144 रुपए है। नया डियो 125 अब OBD2B-अनुरूप है। इसमें 123.92cc, सिंगल-सिलेंडर, PGM-Fi इंजन है, जो 6.11 kW और 10.5 Nm का टॉर्क देता है। बेहतर फ्यूल इकॉनोमी के लिए इसमें आइडलिंग स्टॉप सिस्टम भी है। इस 5 कलर ऑप्शन मैट मार्वल ब्लू मेटैलिक, पर्ल डीप ग्राउंड ग्रे, पर्ल स्पोर्ट्स येलो, पर्ल इग्नियस ब्लैक और इंपीरियल रेड में खरीद पाएंगे। इसके फीचर्स की बात करें तो इसमें नया 4.2-इंच TFT डिस्प्ले शामिल किया गया है, जिसमें माइलेज, ट्रिप मीटर, रेंज और इको इंडिकेटर्स जैसे रियल-टाइम डेटा दिखता है। नया मॉडल Honda RoadSync ऐप के साथ भी कम्पेटेबल है, जो कॉल/मैसेज अलर्ट और नेविगेशन को कैपेबिल बनाया है। इसमें स्मार्ट चाबी, USB टाइप-C चार्जर और इंजन स्टार्ट/स्टॉप सिस्टम जैसी फीचर्स भी मिलते हैं। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रेसिडेंट और CEO, त्सुत्सुमु ओटानी ने कहा कि 21 सालों से अधिक समय से डियो भारतीय बाजार में एक प्रतिष्ठित नाम रहा है, जो स्टाइल, प्रदर्शन और भरोसे का प्रतीक है। यह हमेशा से ही ट्रेंडी और भरोसेमंद मोटो-स्कूटर की तलाश करने वाले ग्राहकों की पहली पसंद रहा है। नए OBD2B डियो 125 के लॉन्च के साथ हम अपने ग्राहकों के लिए अतिरिक्त मूल्य और उत्साह के साथ, मोटो-स्कूटर के मूल कॉन्सेप्ट को बरकरार रखते हुए।

Apple सितंबर में iPhone 17 Air कर सकती है लॉन्च

नई दिल्ली Apple इस साल अपनी iPhone सीरीज़ में एक नया ट्विस्ट ला सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी iPhone 17 सीरीज़ के साथ एक नई और स्लिम मॉडल लाइन – iPhone 17 Air लॉन्च कर सकती है। यह मॉडल मौजूदा Plus वर्जन की जगह लेगा, जैसे Plus ने पहले Mini को रिप्लेस किया था। माना जा रहा है कि इस बार सीरीज़ में iPhone 17, iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max के साथ ये नया iPhone 17 Air शामिल होगा। हालांकि Apple ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन लीक्स और रिपोर्ट्स ने इसके कुछ धमाकेदार फीचर्स की झलक दी है। आइए जानते हैं संभावित टॉप 5 फीचर्स: सबसे पतला iPhone हो सकता है – Ultra-Slim डिज़ाइन iPhone 17 Air का डिज़ाइन इसकी सबसे खास बात हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सिर्फ 5.5mm पतला हो सकता है, जो कि अब तक का सबसे स्लिम iPhone होगा। यहां तक कि ये iPhone 6 (6.9mm) से भी पतला हो सकता है। स्लिम डिज़ाइन फोन को हल्का और स्टाइलिश बनाएगा, हालांकि इससे बैटरी थोड़ी छोटी हो सकती है। सिर्फ एक रियर कैमरा – लेकिन स्टाइलिश लेआउट जहां बाकी iPhone 17 मॉडल्स में मल्टी-कैमरा सेटअप हो सकता है, वहीं iPhone 17 Air में हो सकता है सिंगल 48MP कैमरा, जिसे एक हॉरिज़ॉन्टल कैमरा बार में लगाया जाएगा। ये डिज़ाइन इसे बाकी iPhones से अलग बनाएगा, और आम यूज़र्स के लिए कैमरा क्वालिटी काफी होगी। बड़ी स्क्रीन, लेकिन कॉम्पैक्ट लुक iPhone 17 Air में 6.6 से 6.7 इंच की बड़ी डिस्प्ले हो सकती है। ये iPhone 17 से बड़ी लेकिन Pro Max से थोड़ी छोटी होगी — यानी बड़ी स्क्रीन का मज़ा, बिना भारीपन के। Apple का खुद का 5G मोडेम iPhone 17 Air में Apple अपना खुद का 5G मोडेम इस्तेमाल कर सकता है, जो कि Qualcomm का विकल्प होगा। इसमें 4Gbps तक की डाउनलोड स्पीड हो सकती है, लेकिन mmWave सपोर्ट संभवतः नहीं मिलेगा। इससे Apple की थर्ड-पार्टी पर निर्भरता घटेगी और डिवाइस का कंट्रोल और बेहतर होगा। A19 चिपसेट – दमदार पर किफायती iPhone 17 Air में Apple का A19 चिपसेट हो सकता है, जो कि Pro वेरिएंट्स में इस्तेमाल होने वाले A19 Pro से थोड़ा कमज़ोर होगा, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में ज़्यादातर यूज़र्स के लिए पर्याप्त रहेगा। इससे फोन की कीमत भी अपेक्षाकृत कम रखी जा सकती है। iPhone 17 Air उन यूज़र्स के लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है जो स्लिम डिज़ाइन, बड़ी स्क्रीन और दमदार परफॉर्मेंस चाहते हैं, लेकिन Pro मॉडल्स की भारी कीमत से बचना चाहते हैं।

देश की एक-तिहाई आबादी के सामने तोंद बड़ी समस्या, बढ़ता पेट डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज और कई गंभीर बीमारियों की घंटी

नई दिल्ली भारत में ‘पॉट बेली’ यानी  कटोरेनुमा तोंद को लोग बहुत सीरियस नहीं लेते. पुराने जमाने में बढ़ी तोंद को रईसी और खाते-पीते घर की निशानी मान लिया जाता था. लेकिन आज मेट्रो स‍िटीज में रह रहे परिवारों के सामने तोंद एक बड़ी समस्या बन चुका है. लैंसेट की नई स्टडी के मुताब‍िक आज भारत उस मुकाम पर खड़ा है, जहां पेट का मोटापा सिर्फ अच्छा द‍िखने की चिंता तक सीमित नहीं रह गया है. अब ये तोंद डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज और कई गंभीर बीमारियों की घंटी है. The Lancet की ताजा स्टडी बताती है कि 2021 में भारत में 180 मिलियन लोग मोटापे से जूझ रहे थे और 2050 तक यह संख्या 450 मिलियन तक पहुंच सकती है. इसको आसान भाषा में कहें तो देश की एक-तिहाई आबादी के सामने तोंद बड़ी समस्या बनने वाली है. कैसे बढ़ रही तोंद की समस्या, देखें आंकड़े नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के अनुसार भारत में 40% महिलाएं और 12% पुरुष abdominal obesity यानी पेट की चर्बी से प्रभावित हैं. वहीं 30 से 49 साल की महिलाओं में तो हर दो में से एक महिला इस स्थिति में है. भारतीय मानकों के अनुसार पुरुषों में 90cm (35 इंच) से ज्यादा और महिलाओं में 80cm (31 इंच) से ज्यादा कमर होना abdominal obesity की पहचान है. खास बात ये है कि ये समस्या शहरी आबादी में ज़्यादा पाई जा रही है. तोंद क्यों खतरनाक है? बेली फैट दिखने में चाहे जितना हल्का लगे लेकिन इसका असर शरीर के सबसे संवेदनशील सिस्टम्स पर होता है. जानिए- बढ़ी हुई तोंद का असर कैसे शरीर को बीमार कर रहा है. 1. इंसुलिन रेजिस्टेंस: पेट की चर्बी शरीर की इंसुलिन को पहचानने और इस्तेमाल करने की क्षमता को बिगाड़ती है. इससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. 2. हार्ट डिजीज: चर्बी जब लीवर और पैंक्रियाज जैसे अंगों में जमती है तो मेटाबॉलिज्म गड़बड़ाता है और कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ता है. 3. कमज़ोर जोड़ और थकान: हमारा भारी शरीर खासतौर पर पेट, घुटनों और पीठ पर दबाव बढ़ाता है. इससे शरीर में तमाम तरह के दर्द रहते हैं. South Asians के लिए ज्यादा अलार्मिंंग South Asians यानी हम भारतीय और हमारे दूसरे पड़ोसी देशों के लोग वेस्टर्न लोगों के मुकाबले कम BMI पर भी ज़्यादा फैट रखते हैं. यानी वो दिखने में पतले हो सकते हैं लेकिन अंदर से मोटे. इसे TOFI (Thin Outside, Fat Inside) भी कहा जाता है. नई गाइडलाइन में हैं मोटापे की दो स्टेज Indian Obesity Commission ने मोटापे की नई क्लासिफिकेशन दी है. इसमें स्टेज वन में ऐसे लोग आते हैं जिनका हाई BMI लेकिन बेली फैट नहीं है. न कोई बड़ी मेडिकल कंडीशन है. वहीं दूसरी स्टेज में पेट की चर्बी के साथ ही डायबिटीज या दिल की बीमारी जैसे लक्षण नजर आते हैं. ये हाई रिस्क ग्रुप है. वो 4 आदतें जो पेट बढ़ा रहीं – प्रोसेस्ड और इंस्टेंट फूड – दिनभर बैठकर काम करना – नींद की कमी और तनाव – फिजिकल एक्टिविटी में गिरावट क्या है समाधान डाइट कंट्रोल: तला-भुना, चीनी, मैदा कम करें और फाइबर, फल और सब्ज़ी ज़्यादा लें. एक्सरसाइज़: भारतीयों को 250–300 मिनट प्रति हफ्ते की एक्सरसाइज़ की ज़रूरत है (वेस्ट में ये 150 मिनट होती है). नए मेडिकेशन: सेमाग्लूटाइड, टिर्जेपाटाइड जैसे वजन घटाने वाली दवाएं अब मौजूद हैं. डॉक्टर की सलाह से ही इसे ले सकते हैं. Early detection: समय समय पर कमर की माप ज़रूर लें. अपने वजन को मॉनीटर करने से ज्यादा जरूरी ये है. ‘बड़े पेट’ से फैलती बीमारी, क्या कहते हैं एक्सपर्ट छत्रपति शाहू महाराज मेड‍िकल यून‍िवर्स‍िटी लखनऊ के मेड‍िस‍िन डिपार्टमेंट के वर‍िष्ठ प्रोफेसर और डायबिटीज रोग व‍िशेषज्ञ डॉ कौसर उस्मान कहते हैं कि तोंद सिर्फ एक फैट डिपॉजिट नहीं है, ये मेटाबॉलिक डिजीज का पहला लक्षण है. कई लोग नॉर्मल वज़न के बावजूद बीमार हो सकते हैं अगर उनकी कमर का घेरा ज़्यादा है. इसलिए बचपन से ही बच्चों को सही खानपान की आदत डालनी चाहिए. ये स‍िर्फ लुक्स की बात नहीं है, ये जिंदगी और मौत के बीच की डील है. समय रहते तोंद पर काबू नहीं पाया तो देश को डायबिटीज और हार्ट डिजीज की सुनामी झेलनी पड़ेगी.  

फिटकरी का इस्तेमाल कर गर्मियों में स्किन की करे देख भाल

गर्मियों में हमारी स्किन को अलग तरह की देखभाल की जरूरत होती है। धूप, पसीना और प्रदूषण से त्वचा डल और थकी हुई सी लगने लगती है। ऐसे में, अगर आप महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बजाय एक सस्ता और नेचुरल उपाय ढूंढ रहे हैं, तो फिटकरी  एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है। फिटकरी का इस्तेमाल सिर्फ शरीर की सफाई के लिए नहीं, बल्कि त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जा सकता है। आइए जानते हैं गर्मियों में फिटकरी के इस्तेमाल से आपको कौन-कौन से कमाल के फायदे हो सकते हैं। स्किन प्रॉब्लम्स से मिलेगा छुटकारा गर्मियों में पसीने और गंदगी के कारण स्किन पर एक्ने, पिंपल्स और रैशेज हो सकते हैं। फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं और पिंपल्स को कंट्रोल करते हैं। अगर आप फिटकरी को पानी में घोलकर फेस पैक के रूप में लगाते हैं, तो यह आपकी त्वचा को साफ और स्वस्थ रखता है। सनबर्न से मिलेगी राहत गर्मियों में सूरज की तेज किरणों से स्किन जल सकती है, जिससे सनबर्न हो जाता है। फिटकरी का पानी सनबर्न से राहत दिलाने में मदद करता है। फिटकरी में टैनिंग को कम करने की क्षमता होती है, जिससे आपकी त्वचा में निखार आता है। इसे चेहरे पर लगाने से सनबर्न की जलन कम होती है और स्किन की जलन ठीक हो जाती है। स्किन टोन में करे सुधार फिटकरी का इस्तेमाल स्किन टोन को समान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें प्राकृतिक तत्व होते हैं जो त्वचा के रंग को हल्का करने में मदद करते हैं। यदि आप नियमित रूप से फिटकरी के पानी से चेहरे को धोते हैं, तो यह आपकी त्वचा को साफ और हल्का बनाए रखेगा, जिससे आपके चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो आएगा। ऑयली स्किन के लिए परफेक्ट अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो फिटकरी एक बेहतरीन उपाय हो सकती है। फिटकरी ऑयल कंट्रोल करने में मदद करती है और त्वचा को ताजगी देती है। यह त्वचा के पोर्स को अच्छे से क्लींज करती है और एक्स्ट्रा ऑयल को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे त्वचा निखरी और फ्रेश दिखती है। पसीने की बदबू को कम करे गर्मियों में पसीने की बदबू एक आम समस्या है। फिटकरी को पसीने वाले हिस्सों पर लगाना, जैसे कि अंडरआर्म्स, पसीने की बदबू को खत्म करने में मदद करता है। फिटकरी में नेचुरल एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म कर पसीने की बदबू को रोकते हैं। इसे पाउडर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर इसे पानी में घोलकर लगाया जा सकता है। कैसे करें फिटकरी का इस्तेमाल?     फिटकरी और पानी का पैक: एक छोटे बाउल में पानी और फिटकरी का घोल बनाएं। इस घोल को अपने चेहरे और शरीर पर लगाएं, और थोड़ी देर बाद धो लें।     फिटकरी का पाउडर: फिटकरी को पाउडर की तरह इस्तेमाल करें और इसे अपनी स्किन पर लगाएं। यह खासकर पसीने और बदबू की समस्या के लिए बहुत प्रभावी है।     फिटकरी और गुलाब जल: फिटकरी को गुलाब जल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को शांति और ताजगी देता है, साथ ही स्किन के रूखापन को भी कम करता है।  

यूरिक एसिड कम करने के लिए पिएं ये ड्रिंक्स

 यूरिक एसिड , एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जिसके बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया  जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके क्रिस्टल किडनी में जमा होकर किडनी स्टोन की वजह भी बन सकते हैं। इसलिए अगर आप भी यूरिक एसिड की समस्या से परेशान हैं, तो कुछ ड्रिंक्स की मदद से आप यूरिक एसिड कम कर सकते हैं। सुबह उठते ही कुछ नेचुरल ड्रिंक्स पीने से इस समस्या को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। ये ड्रिंक्स शरीर से यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती हैं। आइए जानें यूरिक एसिड कम करने के लिए सुबह क्या पिएं। नींबू पानी नींबू विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो यूरिक एसिड को घोलने में मदद करता है। साथ ही, यह शरीर के पीएच लेवल को बैलेंस करके एसिडिटी को कम करता है। कैसे बनाएं?     एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ें।     इसमें थोड़ा-सा शहद मिला सकते हैं।     सुबह खाली पेट इसे पिएं। फायदे-     किडनी को डिटॉक्स करता है।     यूरिक एसिड क्रिस्टल्स को तोड़ने में मदद करता है।     मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। सेब का सिरका सेब का सिरका शरीर को अल्कलाइन बनाता है और यूरिक एसिड को नेचुरली बाहर निकालता है। इसमें मौजूद मैलिक एसिड यूरिक एसिड को तोड़ने में मदद करता है। कैसे बनाएं?     एक गिलास पानी में 1-2 चम्मच कच्चा, अनफिल्टर्ड एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं।     इसमें शहद मिलाकर सुबह पिएं। फायदे-     शरीर की सूजन कम करता है।     ब्लड प्यूरीफायर का काम करता है।     पाचन को बेहतर बनाता है। चेरी का जूस चेरी में एंथोसायनिन नामक एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं, जो यूरिक एसिड को कम करते हैं। चेरी का जूस गठिया के दर्द से राहत दिलाने में मददगार है। कैसे बनाएं?     ताजी या फ्रोजन चेरी को ब्लेंड करके जूस निकालें।     बिना चीनी मिलाए सुबह खाली पेट पिएं। फायदे-     यूरिक एसिड लेवल कम करता है।     जोड़ों के दर्द और सूजन से आराम दिलाता है।     एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इन बातों का भी ध्यान रखें     ज्यादा पानी पिएं- दिन में 3-4 लीटर पानी पीने से यूरिक एसिड पतला होकर बाहर निकलता है।     प्रोटीन कम लें- रेड मीट, दालें, राजमा जैसी चीजें कम खाएं।     एक्सरसाइज करें- नियमित वॉक या योग करें।  

निराशा के अंधेरों से खुद को कैसे निकाले बाहर

किसी व्यक्ति के लिए उसके मुश्किल समय में इस बात का निश्चय कर पाना मुश्किल हो जाता है, कि वो निराशा के अंधेरों से खुद को बाहर कैसे निकाले। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए क्या करना सही होगा और क्या गलत। अगर आप भी जीवन के किसी मोड़ पर खुद को ऐसी ही किसी असमंजस से घिरा हुआ पा रहे हैं तो आपको राह दिखाएंगे ये सक्सेस मंत्र। धैर्य से काम लें- किसी व्यक्ति के जीवन में जब मुश्किल समय आता है तो वो स्वाभाविक रूप से परेशान होकर झटपटाने लगता है। अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करता है कि वो जल्द से जल्द उस समस्या से बाहर निकल जाएं। लेकिन ऐसे समय में व्यक्ति को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए, कि समय चाहे कितना भी खराब क्यों ना हो परिवार और धैर्य की शक्ति के आगे वो झुक ही जाता है। परिवार के साथ मिलकर धैर्य के गुण को साथ लिए हुए अपने सभी फैसला को लें। सफलता की किरण आपको जरूर नजर आएगी। धन की बचत- व्यक्ति को संकट से निकालने के लिए धन की भी बहुत आवश्यकता होती है। संकट के समय धन ही सच्चा मित्र होता है। जिस व्यक्ति के पास संकट के समय धन का अभाव होता है ,उसके लिए संकट से उभर पाना बड़ा कठिन हो जाता है। नकारात्मक सोच से रहें दूर- व्यक्ति के जीवन में मुश्किलें आते ही सबसे पहले उसके मन को नकारात्मक सोच घेरने लगती है। निगेटिव एनर्जी से घिरा व्यक्ति यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि उसे उसकी समस्या का कोई हल नहीं मिलने वाला है। ऐसे में व्यक्ति को बड़ी से बड़ी मुश्किल में भी मन में नकारात्मक विचार नहीं लाने देने चाहिए। मन को शांत रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपनी हर मुश्किल का हल निकालने की कोशिश करें, सफलता जरूर मिलेगी। जल्दबाजी में न लें फैसला- कई बार व्यक्ति मुश्किल समय में समस्या से निकलने के लिए जल्दबाजी में कई फैसला ले लेता है। जिसकी वजह से उसकी मुश्किलें कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ जाती हैं। अगर आप किसी मुश्किल में फंसे हैं तो समस्या को अच्छे से समझकर ही उसे दूर करने के उपाय के बारे में सोचें, जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। सावधानी- चाणक्य नीति कहती है कि मुश्किल समय में व्यक्ति को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि संकट के समय में व्यक्ति के पास सीमित अवसर और चुनौतियां बड़ी होती हैं। ऐसे में जरा सी चूक आपका बड़ा नुकसान कर सकती है। ऐसे में सावधानी बरतकर ही आप अपने काम में सफलता हासिल कर सकते हैं।

क्या बिकेंगे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम, मार्क जुकरबर्ग फंसे केस में

  नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम बेचने पड़ सकते हैं. इसकी वजह अमेरिका के वाशिंगटन में कंपनी के खिलाफ एंटीट्रस्ट केस की सुनवाई है. यूएस कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) खरीदा था. अगर एफटीसी केस जीत जाता है, तो प्लेटफॉर्म बेचने पड़ सकते हैं फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने खुद व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने की अनुमति दी थी. लेकिन नियमों के तहत एफटीसी को डील के नतीजों पर भी नजर रखनी होती है. इसलिए उसे मेटा के खिलाफ केस करना पड़ा. अगर (एफटीसी) केस जीत जाता है, तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है. जुकरबर्ग और पूर्व सीओओ को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एंटी-ट्रस्ट मामले की सुनवाई 6 सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है. जुकरबर्ग के खिलाफ दलीलें… वैंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हो एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक से मिल रही प्रतिस्पर्धा को बेअसर करने के लिए इंस्टाग्राम को खरीदा. जुकरबर्ग की बातचीत और उनके ईमेल इस मामले में सबसे ठोस सबूत हो सकते हैं. जुकरबर्ग ने कहा था कि बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उस कंपनी को खरीदना बेहतर है. मार्क जुकरबर्ग की दलील… मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगी क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का अनुभव बेहतर हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, मेटा यह तर्क दे सकती है कि एंटीट्रस्ट केस में इरादा बहुत प्रासंगिक नहीं होता है.

बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान में Starlink को मिला अप्रूवल, भारत में नहीं मिली अनुमति

नई दिल्ली सैटेलाइट इंटरनेट के लिए एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक को भारत में अप्रूवल मिलना बाकी है, लेकिन दुनिया के कई देश मंजूरी देते जा रहे हैं। भारत के पड़ोसी पाकिस्‍तान और बांग्‍लोदश स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का अप्रूवल दे चुके हैं। अब कंपनी को सोमालिया में भी काम करने का लाइसेंस मिल गया है। वही सोमालिया जहां बड़ी संख्‍या में समुद्री लुटेरे रहते हैं, जो समुद्र से गुजरने वाले शिप्‍स को निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एलन मस्‍क ने यह जानकारी शेयर की है। गौरतलब है कि कंपनी अफ्रीकी मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाती जा रही है। अफ्रीकी देशों की लिस्‍ट में अब सोमालिया भी स्‍टारलिंक की सेवाएं अफ्रीका के कई देशों में चल रही हैं। अब इस लिस्‍ट में सोमालिया का नाम जुड़ गया है। कहा जा रहा है कि सोमालिया में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू होने से वहां के लोगों को बिजनेसमैन को फायदा होगा। हालांकि इसके लिए लोगों को कितनी रकम खर्च करनी होगी, यह जानकारी अभी नहीं है। गौरतलब है कि सोमालिया की गिनती गरीब देशों में होती है और स्‍टारलिंक की सेवाएं काफी खर्चीली मानी जाती हैं। क्‍या कंपनी वहां के लोगों के लिए सस्‍ता प्‍लान लेकर आएगी, यह देखने वाली बात होगी। भारत में जियो-एयरटेल कर चुके हैं पार्टनरशिप भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जियो और एयरटेल ने स्‍टारलिंक के साथ साझेदारी कर ली है। कहा जाता है कि दोनों बड़ी टेलिकॉम कंपनियां स्‍टारलिंक के प्रोडक्‍ट्स को अपने स्‍टोर्स पर बेचेंगी। लेकिन भारत में अभी यह सर्विस कमर्शल रूप से शुरू नहीं हो पाई है। भारत सरकार सुरक्षा संबंधी पहलुओं को निपटाना चाहती है और आश्‍वस्‍त होना चाहती है कि स्‍टारलिंक अपनी सेवाएं पूरी तरह देश से ही ऑपरेट करे। यही वजह है कि हमारे यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू होने में वक्‍त लग रहा है। बांग्‍लोदश और पाकिस्‍तान भी स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए अनुमति दे चुके हैं। हालांकि दिलचस्‍प बात है कि पाकिस्‍तान ने एलन मस्‍क के एक्‍स को अपने यहां बैन किया हुआ है। इस पर वहां का हाई कोर्ट तक सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुका है। स्‍टारलिंक की सेवाएं शुरू होने से तमाम देशों में उन इलाकों तक भी हाईस्‍पीड इंटरनेट उपलब्‍ध होगा, जहां अभी तक फाइबर सेवाएं नहीं पहुंच सकी हैं। इस साल सर्विस शुरू होने की उम्‍मीद विभिन्‍न एक्‍सपर्ट ने स्‍टारलिंक की सेवाएं भारत में इस साल शुरू होने की उम्‍मीद जताई है। हालांकि यह सब स्‍पेक्‍ट्रम वितरण पर निर्भर करेगा। अगर इसमें देरी हुई तो सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में देर हो सकती है।

ChatGPT 4.1 लॉन्च, पहले से ज्यादा समझदार हुआ AI

नई दिल्ली OpenAI ने अपनी लेटेस्ट ChatGPT 4.1 सीरीज को लॉन्च कर दिया है। इसके बाद ChatGPT की कोडिंग करने की क्षमता, लंबे सवालों और कंटेंट को समझने की काबिलियत में काफी सुधार आया है। इस सीरीज में GPT 4.1, GPT 4.1 mini और GPT 4.1 nano को लॉन्च किया गया है। बता दें कि ChatGPT के आने के बाद से ही यह चर्चाओं में है। ऐसे में इसका नया वर्जन आने पर लोगों के बीच उत्सुकता देखी जाती है। बताया जा रहा है कि इस नए वर्जन के बाद ChatGPT की क्षमताओं में काफी सुधार होगा। ChatGPT 4.1 के नए फीचर्स पहले के मुकाबले अब ChatGPT ज्यादा समझदार हो गया है। अब यह सवालों को ज़्यादा अच्छे से समझता है और ज़्यादा सटीक और स्मार्ट जवाब देता है। इसका मतलब है कि अगर आप थोड़ा उलझा हुआ या अधूरा सवाल भी पूछें, तो ये अब ज़्यादा सही जवाब देने में सक्षम है। इससे पहले तक सवाल साफ न होने पर यह उसके बारे में ज्यादा जानकारी मांगता था या फिर जवाब देने से मना कर देता था। लंबा कंटेंट अब बाएं हाथ का खेल अभी तक ChatGPT को लंबा कंटेंट समझने में मुश्किल होती थी। ChatGPT 4.1 के बाद ये समस्या दूर हो जाएगी। अब आप लंबा कंटेंट या बड़ें सवाल ChatGPT से पूछेंगे, तो वह उनके जवाब भी आसानी से दे पाएगा। इससे यह बड़े दस्तावेज़, रिपोर्ट, या स्क्रिप्ट को बेहतर तरीके से समझ सकता है। कंपनी का यहां तक भी कहना है कि अब आप एक पूरी किताब भी ChatGpt को देकर उसे प्रोसेस करने के लिए कह सकते हैं। गलतियों में कमी और ज्यादा सटीक ChatGPT 4.1 में गलतियों की गुंजाइश और कम हो जाएगी। पहले ChatGPT से गलत जानकारी भी मिलती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पहले देखने में आता कि ChatGPT तथ्यों तक सीमित रहने की जगह मनगढ़ंत बातें भी बताने लगता था। नई सीरीज में इस समस्या को भी दूर किया गया है। मल्टीटास्किंग और लॉजिक में बेहतर अब यह कई काम एक साथ कर पाएगा और लॉजिक का इस्तेमाल करने की इसकी क्षमताओं का विकास किया गया है। कहने का मतलब है कि ये अब मुशकिल मैथ्स, लॉजिकल पज़ल्स, और कोडिंग से जुड़ी समस्याओं को पहले से बेहतर तरीके से हल कर सकता है। इसका मतलब है कि ये अब सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि एक सच्चा असिस्टेंट बन गया है।

1000 मिनटों तक UPI के जरिए पैसों का नहीं हो सका लेन-देन, 5 साल में 17 बार हुआ क्रैश

नई दिल्ली पिछले दिनों UPI के एक महीने में तीसरी बार ठप होने की वजह से इस पर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं अब UPI डाउन होने को लेकर कुछ डेटा निकल कर सामने आया है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2020 से लेकर मार्च 2025 तक कुल 17 बार UPI ठप रहा। इस दौरान लगभग 1000 मिनटों तक UPI के जरिए पैसों का कोई लेन-देन नहीं हो सका। बता दें कि NPCI की वेबसाइट पर फिलहाल अप्रैल 2025 में इसके ठप होने का डेटा अपडेट नहीं किया गया है। इसे लेकर सोशल मीडिया साइट X पर NPCI ने यह बयान दिया था- ‘NPCI को रुक-रुक कर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे UPI लेनदेन में गिरावट आ रही है।’ NPCI ने इसे लेकर खेद जताया और माफी भी मांगी। जुलाई 2024 में सबसे ज्यादा देर ठप रहा UPI डेटा से पता चला है कि जुलाई 2024 में सबसे ज्यादा देर के लिए UPI ठप रहा था। उस महीने में यह 207 मिनट बंद रहा। वहीं जानकारी यह भी दी गई है कि UPI का अपटाइम हर महीने 99% से ज्यादा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 घंटे के लिए UPI ठप होने का मतलब है कि तकरीबन 4 करोड़ UPI लेनदेन का प्रभावित होना। बता दें कि मार्च में UPI के जरिये रोजाना औसतन 59 करोड़ का लेनदेन हुआ। 26 मार्च को UPI पहली बार ठप हुआ था और उस दिन 55 करोड़ का लेनदेन हुआ, जो इससे पिछले दिन किए गए 58.1 करोड़ के लेनदेन से 7% कम है। उठ चुकी है UPI पर चार्ज लगाने की मांग बता दें कि पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया इस तरीके की तकनीकी खामियों से निपटने के लिए PM मोदी से जीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नीति पर पुनर्विचार करने की मांग कर चुका है। इसके लिए पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। दरअसल पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया चाहता है कि UPI और रुपे डेबिट कार्ड के ट्रांजेक्शन पर 0.3% का चार्ज लगाया जाए। बताया यह भी जा रहा है कि छोटे व्यापारियों के लिए किसी भी तरह की फीस को न लगाते हुए बड़े व्यापारियों को इस दायरे में लाने पर बात चल रही है। बताया जा रहा कि इस चार्ज का इस्तेमाल UPI सिस्टम को मेंटेन करने के लिए किया जाएगा। किसकी कितनी हिस्सेदारी हाल के दिनों में UPI पर दो कंपनियों का वर्चस्व देखने को मिला है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार मार्च में UPI से होने वाले लेनदेन में 47.25% हिस्सा phonepe का रहा। वहीं दूसरे नंबर पर 36.04% हिस्सेदारी के साथ google pay रहा। वहीं अब paytm की हिस्सेदारी 6.67% रह गई है।

मार्च में यूपीआई के जरिए 18.30 अरब का हुए लेनदेन

नई दिल्ली भारत में यूपीआई लेनदेन लगातार बढ़ रहा है। मार्च में यूपीआई के जरिए लेनदेन में 13.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। यूपीआई पेमेंट के लिए लोग बड़ी संख्‍या में फोनपे, गूगलपे और पेटीएम जैसे ऐप्‍स का इस्‍तेमाल करते हैं। यूपीआई पेमेंट इसलिए भी सुर्खियों में है, क्‍योंकि हाल में लोगों को इसकी वजह से परेशान होना पड़ा है। यूपीआई डाउन होने से लोग पेमेंट, फंड ट्रांसफर जैसे जरूरी काम नहीं कर पाए। सोशल मीडिया में यूजर्स ने तीखी प्रतिक्र‍िया के साथ मजेदार कमेंट्स किए कि जेब में वॉलेट और वॉलेट में पैसे हमेशा रखने चाहिए। इन सबके बावजूद यूपीआई पेमेंट की ग्रोथ जारी है। ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि भारत के टॉप 5 यूपीआई ऐप्‍स कौन से हैं। भारत में टॉप 5 यूपीआई ऐप्‍स आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 में भारत के टॉप 5 यूपीआई ऐप्‍स में फोनपे, गूगलपे, पेटीएम, नावी और सुपरमनी ऐप शामिल हैं। सुपरमनी ऐप ने फरवरी में ही क्रेड को पांचवीं पोजिशन से नीचे धकेला था। आंकड़ों से पता चलता है कि 47.25% मार्केट शेयर के साथ फोनपे सबसे आगे है। गूगलपे का मार्केट शेयर 36.04 फीसदी है। यह दोनों पेमेंट ऐप यूपीआई पेमेंट का 83 फीसदी मार्केट शेयर रखते हैं। एक जमाने में बेहद पॉपुलर रहा पेटीएम 6.67 फीसदी मार्केट शेयर रखता है। लिस्‍ट में इसके बाद मौजूद यूपीआई ऐप्‍स छोटे-छोटे मार्केट शेयर के साथ अपनी मजबूती बनाए हुए हैं। भीम ऐप की क्‍या है पोजिशन भीम ऐप की पोजिशन पर बात करने से पहले क्रेड के बारे में बताना जरूरी है। फरवरी में क्रेड को सुपरमनी ऐप ने पांचवीं पोजिशन से हटाया था और मार्च में इस ऐप को एक्सिस बैंक ऐप ने छठी पोजिशन से हटाकर सातवें नंबर पर कर दिया। एक्सिस बैंक अब छठे नंबर पर है। उसके बाद क्रेड और 8वें नंबर पर आता है भीम ऐप। हाल के दिनों में भीम ऐप एडवांस हुआ है और इसका यूजर बेस लगातार बढ़ रहा है। भीम ऐप को एनपीसीआई ने डेवलप किया है। हाल में भीम 3.0 लॉन्‍च किया गया है, जिसका रोलआउट इस महीने से शुरू होने वाला है। भीम ऐप के बाद एमेजॉनपे और मोबिक्विक का नंबर आता है। मार्च में हुआ कितना लेनदेन यूपीआई के जरिए होने वाला लेनदेन लगातार बढ़ रहा है। यह 13.6 फीसदी बढ़ा है। आंकड़ों से पता चलता है कि कुल 18.30 अरब लेनदेन मार्च में हुए। यह दर्शाता है कि लोग पहले से ज्‍यादा यूपीआई ऐप्‍स का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। यूपीआई पेमेंट में सबसे आगे रहा फोनपे, जिसके जरिए 864.7 करोड़ लेनदेन किए। यह कुल UPI लेनदेन का 47.25% है। कुल 12.57 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यह कुल UPI लेनदेन का 50.74 फीसदी है। यूपीआई डाउन होने से न‍िराश यूजर्स हाल के दिनों में कई बार यूपीआई डाउन होने से लोगों को परेशानी हुई है। पीक आवर्स में यूपीआई पेमेंट नहीं हो पाने से लोग दिक्‍कत में आए हैं, क्‍योंकि अब लोगों ने वॉलेट रखना या वॉलेट में पैसे रखना कम कर दिया है। बीते शनिवार को भी यूपीआई पेमेंट डाउन रहा। खास बात है कि एनपीसीआई हर बार तकनीकी गड़बड़ी की बात कहता है। यूपीआई डाउन होने पर सोशल मीडिया में भी लोग मजेदार जोक शेयर करते हैं। हाल ही में एक यूजर ने लिखा था कि आज तो बर्तन धोने ही पड़ेंगे। उसका इशारा रेस्‍टोरेंट में यूपीआई पेमेंट नहीं होने की ओर था। शनिवार से पहले 2 अप्रैल को भी कुछ बैंकों के यूपीआई पेमेंट सर्वर में परेशानी आ गई थी।

केवल स्वाद नहीं सेहत के लिए भी फायदेमंद है पान का पत्ता

पान भारत के इतिहास एवं परंपराओं से गहरे से जुड़ा है। भारतीय संस्कृति में पान को हर तरह से शुभ माना जाता है। इसके अलावा पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। खाना खाने के बाद और मुँह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल भी लाभकारी सिद्ध होता है। आइए आपको बताते हैं पान के पत्ते के कुछ औषधीय गुण… -हवन व पूजा-पाठ आदि में इस्तेमाल होने वाले पान के पत्तों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, टैनिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयोडीन व पोटेशियम जैसे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। -सर्दी-जुकाम में इनका उपयोग आयुर्वेदिक इलाज के रूप में किया जा सकता है। -हल्दी का टुकड़ा सेंककर पान पत्ते में डालकर खाने से लाभ होगा। -रात में तेज खांसी चलती हो तो पान के पत्ते में अजवाइन व मुलैठी का टुकड़ा डालकर खा सकते हैं।सरकारी नौकरी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें -बच्चों को सर्दी-जुकाम हो तो एक पत्ते पर हल्का गर्म सरसों का तेल लगाकर बच्चों के सीने पर रखने से आराम मिलता है। -2-3 पत्तों के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से लाभ होगा। बच्चों को आधा चम्मच रस ही दें। ये न करें उपयोग:- हालांकि चरक संहिता में बतौर माउथ फ्रेशनर इलायची, लौंग, जावित्री के साथ पान पत्ता खाना बताया गया है। लेकिन जिन्हें टीबी, पित्त संबंधी रोग, नकसीर, त्वचा व गले में रूखापन, आंखों से जुड़ी समस्या या बेहोशी जैसी बीमारियां हों तो वे पान के पत्तों का उपयोग न करें।  

OnePlus 13T में होगा Snapdragon 8 Elite चिपसेट

नई दिल्ली OnePlus 13T को लेकर हाइप बनी हई है। इसके कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ Snapdragon 8 Elite चिपसेट का कॉम्बीनेशन OnePlus के चाहने वालों के सर चढ़ कर बोल रहा है। हालांकि अभी फोन को लेकर कोई ऑफीशियल जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन एक लीक हुई वीडियो में इसके डिजाइन की झलक मिली है। इस वीडियो के बाद इस फोन के पिछले रेंडर्स सही साबित होते दिख रहे हैं। बता दें कि हाल ही में स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने सिलिकॉन कार्बन बैटरी तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू किया है। इससे स्मार्टफोन को कॉम्पैकट रखते हुए बड़ी बैटरी दे पाना संभव हो पाया है। इस तकनीक के साथ कई कंपनियां अपने कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में हैं। Oneplus का 13T मॉडल भी इन्हीं में से एक होने वाला है। OnePlus 13T का डिजाइन लीक्ड वीडियो में OnePlus 13T की झलक मिली है। इसे देखकर पता चलता है कि OnePlus 13T का कैमरा मॉड्यूल गोल न होकर चौकोर होगा। जैसा कि पहले बताया जा रहा था यह फोन 3 कैमरों के साथ आ सकता है। वीडियो में दिखे डिजाइन से भी इस बात की पुष्टी होती दिख रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी और 50 मेगापिक्सल का 2X टेलिफोटो लेंस मिल सकता है। वहीं तीसरा कैमरा एक अल्ट्रावाइड लेंस होने की संभावना है। एक बार फिर बता दें कि ऑफिशियल जानकारी सामने आना अभी बाकी है। ऑनलाइन कुछ लोग इस डिजाइन को पसंद करते हुए लिख रहे हैं कि वह ऐसा ही डिजाइन OnePlus की मुख्य सीरीज में भी देखना चाहते हैं। वहीं जिन्हें यह डिजाइन पसंद नहीं आया उन्होंने इसे iPhone की कॉपी बताया। वीडियो में और क्या दिखा? लीक हुए वीडियो में दिखाया गया है कि OnePlus 13T अच्छे वेट बैलेंस के साथ आने वाला है। वीडियो में एक शख्स इस फोन को उंगली पर घुमाता दिख रहा है। इसी तरह से OnePlus चाइना के प्रेजिडेंट लुइस ली ने एक पेन पर फोन को बैलेंस करती फोटो चीनी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इन तमाम तरीकों से कंपनी दिखाना चाहती है कि एक 6000mah जितनी बड़ी बैटरी के साथ आने वाला स्मार्टफोन बहुत अच्छे से वेट को बैलेंस करता है। बता दें कि अच्छे वेट बैलेंस का मतलब है कि यूजर इसे ज्यादा समय तक हाथ में पकड़ पाएंगे। और क्या नया आ रहा है? Oneplus ने फोन में शॉर्टकट बटन होने की भी हिंट दी है। दरअसल अभी तक Oneplus के फोन्स में अलर्ट स्लाइडर देखने को मिलता था। वहीं अब बताया जा रहा है कि इसे बदलकर कंपनी iPhone जैसा एक्शन बटन फोन में दे सकती है। यूजर्स इस बटन के फंक्शन को अपने हिसाब से कस्टमाइज कर पाएंगे।

मलेरिया, मच्छरों से होने वाली एक खतरनाक बीमारी, प्रेग्नेंसी में मां और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती

नई दिल्ली प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का शरीर बहुत संवेदनशील होता है, और इस दौरान इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियां जल्दी हो सकती हैं। मलेरिया, मच्छरों से होने वाली एक खतरनाक बीमारी है, जो प्रेग्नेंसी में मां और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। प्रेग्नेंसी में मलेरिया के कारण गर्भावस्था में शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे मलेरिया का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसके अलावा, मलेरिया के कारण गर्भवती महिला को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे समय से पहले प्रसव, गर्भपात, बच्चेदानी में संक्रमण, और खून की कमी (एनीमिया)। अगर इलाज समय पर न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। प्रेग्नेंसी में मलेरिया के लक्षण बार-बार बुखार आना ठंड लगना और कंपकंपी होना सिरदर्द उल्टी या जी मिचलाना थकान और कमजोरी महसूस होना शरीर में दर्द कभी-कभी पीली त्वचा (एनीमिया का संकेत) प्रेग्नेंसी में मलेरिया से बचाव के उपाय मच्छरों से बचें मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और मच्छर भगाने वाले लिक्विड या क्रीम का प्रयोग करें। फुल बाजू के कपड़े पहनें और शाम के समय बाहर जाने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो मच्छरदानी या कीटनाशक का उपयोग करें। घर में सफाई रखें घर में पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले और पानी की टंकी में पानी की सफाई करें, क्योंकि मच्छर इन स्थानों पर प्रजनन करते हैं। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर की सफाई पर ध्यान दें। डॉक्टर से सलाह लें प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित चेकअप कराएं और मलेरिया की प्रिवेंटिव दवाइयों के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। कुछ क्षेत्रों में मलेरिया के प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है, इसलिए लापरवाही न बरतें। बुखार आने पर डॉक्टर से जांच कराएं और खुद से दवाइयों का सेवन न करें। मां और बच्चे की सुरक्षा पर ध्यान दें मलेरिया से बचाव पूरी तरह से संभव है, बस इसके लिए सावधानी और ध्यान की जरूरत है। सही समय पर उपचार और रोकथाम से मां और बच्चा दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। मलेरिया प्रेग्नेंसी के दौरान खतरनाक हो सकता है, लेकिन सही समय पर इलाज और कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर इससे बचा जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ढीले-ढाले कपड़े आजकल बहुत चलन में हैं, दशक बीत गए, मगर कम नहीं हुआ ओवरसाइज कपड़े का चलन

नई दिल्ली अब वो वक्त गया जब हम फैशन की बात करते थे और हमारे दिमाग में अक्सर चमकदार, फिटेड और परफेक्ट शेप में सजे आउटफिट्स की तस्वीर उभरती थी। जी हां, आज की फैशन दुनिया एक नया रुख ले चुकी है- अब परफेक्ट बॉडी को दिखाना जरूरी नहीं, बल्कि उसे ढककर भी स्टाइलिश दिखना एक ट्रेंड बन चुका है। यही वजह है कि ओवरसाइज कपड़े (Oversized Clothes), जो कभी आलसी या ‘अनफ्लैटरिंग’ माने जाते थे, आज की यंग जेनरेशन के वॉर्डरोब का सबसे हॉट ट्रेंड बन चुके हैं। चाहे बात बड़े-बड़े ब्लेजर्स की हो या बैगी जींस की, लोग अब उन कपड़ों को पसंद कर रहे हैं जो न सिर्फ उन्हें आराम देते हैं, बल्कि उनकी सोच, उनकी पहचान और आजादी को भी बयां करते हैं। तो सवाल ये है कि जब पूरी दुनिया फिटनेस, बॉडी टोनिंग और वर्कआउट की दीवानी हो चुकी है, तो ऐसे ढीले-ढाले कपड़े (Loose-fitting clothes) कैसे फैशन का चेहरा बन गए? आइए जानें कि आखिर ओवरसाइज फैशन में ऐसा क्या खास है (Why loose fit is popular), जिसने इसे सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक सोच बना दिया है। फैशन का नया फॉर्मूला हैं ओवरसाइज कपड़े फैशन वीक में आमतौर पर वही ट्रेंड दिखते हैं जो आने वाले महीनों में सड़कों पर छाए रहेंगे, लेकिन ओवरसाइज फैशन तो बीते कई सालों से लगातार फेमस बना हुआ है। ये ढीले-ढाले, आरामदायक कपड़े हर तरह के बॉडी टाइप के लिए बनाए जाते हैं और लोगों ने इन्हें दिल से अपनाया है। आज के दौर में ओवरसाइज कपड़े स्टाइल का सिंबल बन चुके हैं। ये सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं हैं, बल्कि कम्फर्ट और आत्म-स्वीकृति का प्रतीक भी हैं। आरामदायक और सुपर स्टाइलिश चाहे ओवरसाइज ब्लेजर हो, जंपर, स्वेटर या फिर बैगी जींस- इन सभी में एक खास बात है कि ये पहनने में बेहद आरामदायक होते हैं और मौके के हिसाब से इन्हें कैजुअल या फॉर्मल दोनों तरह से स्टाइल किया जा सकता है। पतले लोगों पर ये कपड़े उनके शरीर और कपड़ों के बीच की खाली जगह को दिखाते हैं, जिससे उनकी ‘स्लिमनेस’ और भी ज्यादा हाइलाइट होती है। वहीं, भारी शरीर वाले लोगों के लिए ये कपड़े उनके शरीर के शेप को ढक लेते हैं, जिससे वे बिना किसी सोशल प्रेशर के कॉन्फिडेंस के साथ बाहर निकल सकते हैं। जेंडर के दायरे तोड़ता फैशन ओवरसाइज कपड़ों की लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण है- जेंडर रोल्स को तोड़ना। पहले ऑफिस में महिलाएं फिटेड और स्लिम आउटफिट्स में दिखती थीं, लेकिन अब ओवरसाइज सूट्स के जरिए वे एक न्यूट्रल और प्रोफेशनल लुक अपना रही हैं, जो न केवल स्टाइलिश है, बल्कि किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है कि अब कपड़े सिर्फ ‘लड़की है तो पिंक पहने, लड़का है तो ब्लू’ वाली सोच से बाहर निकल चुके हैं। अब फैशन हर किसी के लिए है- जैसे वो हैं, वैसे ही। एक्सप्रेशन का आजाद तरीका ओवरसाइज कपड़े न सिर्फ आराम और स्टाइल का मेल हैं, बल्कि ये एक सोच का हिस्सा भी हैं। ये दर्शाते हैं कि किसी महिला का मूल्य सिर्फ उसकी खूबसूरती या बॉडी शेप से नहीं तय किया जा सकता। ये एंड्रोजिनी (जहां मर्दाना और औरतों वाला फैशन मिलकर एक नया रूप लेते हैं) को बढ़ावा देते हैं और व्यक्ति की असली पहचान को बिना किसी जजमेंट के सामने लाते हैं। ओवरसाइज फैशन सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक सोशल स्टेटमेंट है। ये उन सभी लोगों के लिए राहत की तरह है जो जेंडर की पारंपरिक परिभाषाओं से बाहर आना चाहते हैं।

इन घरेलू उपायों से मिनटों में दूर भगाए एसिडिटी…

आजकल हर कोई एसिडिटी की समस्या से परेशान रहता है। यह दिक्कत हमें तली-भुनी चीजें और मसालेदार खाना खाने से होती है। इसलिए हमें इन सब चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंची है। पेट में जब सामान्य से अधिक मात्रा में एसिड निकलता है तो उसे एसिडिटी कहते हैं। इसलिए डॉक्टर हमें रात को सोने से तीन-चार घंटे पहले डिनर करने के लिए कहते हैं। आज हम आपको एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बचाएगें। इन्हें अपनाकर आप इस समस्या से जल्द ही छुटकारा पा सकते है। तो आइए जानते हैं… -मुलेठी का चूर्ण का काढ़ा बनाकर पीने से एसिडिटी में ज्यादा फायदा होता है। -रात के समय नीम की छाल का चूर्ण पानी में भीगो के रखें और सुबह उठकर पी लें। ऐसा करने से आपको एसिडिटी से जल्द आरम मिल जाएगा। -एसिडिटी समाप्त करने के लिए दूध में त्रिफला चूर्ण मिला कर पीए। -दूध में मुनक्का डालकर उबालें। जब यह आधा रह जाए तो इसे ठंडा कर लें। बाद में रात को खाना खाने के एक घंटे के बाद दूध को पी लें। एसिडिटी की दिक्कत जल्द ठीक हो जाएगी। -हर रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च और नींबू निचोड़कर पीएं। -रोज सुबह-शाम आधा चम्मच सौंफ और गुलाब के फूलों का चूर्ण लें। -अगर एसिडिटी की दिक्कत है तो खाने के साथ सलाद के रूप में मूली पर काला नमक या काली मिर्च छिडक कर जरूर खाएं। -घर में आप जायफल तथा सोंठ को मिलाकर चूर्ण बना कर रख लें। जब भी आपको एसिडिटी की दिक्कत हो तो इसे खा लें। तुरंत आराम मिल जाएगा। -एसिडिटी होने पर कच्ची सौंफ चबाने और लौंग चूसने से यह दिक्कत जल्द ही ठीक हो जाती है। -हर रोज सुबह-शाम अदरक और परवल का काढ़ा पीने से एसिडिटी की समस्या खत्म हो जाती है। -रोज सुबह खाली पेट गुनगुना पानी और नारियल का पानी पीने से एसिडिटी की दिक्कत नहीं होती। -एसिडिटी से जल्दी आराम पाने कि लिए खाने में गुड़, केला, बादाम और नींबू शामिल कर लें। -पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डालकर उबाल पीने से एसिडिटी में फायदा होता है।  

नए आधार ऐप से मिलेंगे कई फायदे

  नई दिल्ली आधार कार्ड के इस्‍तेमाल को और आसान बनाने के लिए एक नया आधार ऐप लॉन्‍च किया गया है। दावा है कि ऐप से लोगों का वेरिफ‍िकेशन चु‍टकियों में हो जाएगा। यह यूपीआई पेमेंट जितना आसान होगा। जिस तरह आप किसी दुकानदार को पेमेंट करने के लिए अपने फोन से क्‍यूआर कोड स्‍कैन करते हैं, उसी तरह से आने वाले दिनों में अपने फोन से क्‍यूआर कोड स्‍कैन करके आप अपनी आइडेंटिटी प्रूफ कर पाएंगे। भारत के लिए इस ऐप को गेमचेंजर बताया जा रहा है, क्‍योंकि तमाम सेवाओं में आजकल आधार का यूज होता है। नया ऐप वेरिफ‍िकेशन को तेजी से पूरा करने में मददगार साबित होगा। आइए जानते हैं, नए आधार ऐप के क्‍या फायदे मिलने वाले हैं। नए ऐप का नाम क्‍या है नए ऐप का नाम अभी सामने नहीं आया है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि m-Aadhaar ऐप को ही अपडेट किया गया है। नया ऐप भी UIDAI के साथ बनाया गया है। ऐप की मदद से किसी भी व्‍यक्ति की पहचान को सत्‍यापित किया जा सकेगा। इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि सामने वाले व्‍यक्ति की पहचान सही है या नहीं। इससे फर्जीवाड़े को रोकने में मदद मिलने की उम्‍मीद है। कैसे काम करेगा नया आधार ऐप अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार इसका मेथड बहुत सिंपल है। आपको अपने वॉलेट में आधार कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी। जेब में बस मोबाइल होना चाहिए। आप जिस जगह जा रहे हैं जैसे- किसी परीक्षा केंद्र या हॉस्पिटल या बैंक में किसी काम के लिए। वहां पहुंचकर आपको अपने मोबाइल में नया आधार ऐप खोलना होगा। फ‍िर वहां लगे क्‍यूआर कोड को स्‍कैन करना होगा। स्‍कैन होते ही आपकी पहचान वेरिफाई हो जाएगी। नए ऐप से भारत को डिजिटल इंडिया के रूप में दुनिया में पहचान मिलेगी। यह लोगों की जिंदगी को आसान बना सकता है। यह इस दिशा में भी अहम कदम होगा कि भारत अपनी टेक्‍नोलॉजी को किस तरह से इस्‍तेमाल कर रहा है। नए आधार ऐप के 6 अहम फायदे     होटल के रिसेप्‍शन, दुकानों, बैंकों आदि में आधार कार्ड की फोटो कॉपी नहीं दिखानी पड़ेगी।     क्‍यूआर कोड स्‍कैन करके आप वेरिफाई हो जाएंगे, इससे आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी।     आपको आधार वेरिफाई करने के लिए अपना फ‍िंग‍रप्रिंट या आइरिस स्‍कैनर नहीं देना होगा।     कोई भी आपकी आधार कॉपी का गलत इस्‍तेमाल करके फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा।     आधार कॉपी शेयर करने के बाद लोग चिंतित रहते हैं कि उसका गलत इस्‍तेमाल ना हो जाए, अब यह चिंता नहीं करनी होगी।     स्‍मार्टफोन से वेरिफ‍िकेशन होने से ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग सुविधा को इस्‍तेमाल कर पाएंगे।

Apple के लेटेस्ट iPhone 16 Plus पर मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट

नई दिल्ली अक्सर लोग पुराने iPhone खरीद कर पैसे बचाने की कोशिश करते हैं। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि Apple के लेटेस्ट iPhone 16 Plus पर जबरदस्त डिस्काउंट मिल रहा है। अगर Flipkart से आप iPhone 16 Plus खरीदते हैं, तो 14,900 रुपये तक की बचत कर पाएंगे। बता दें कि लेटेस्ट मॉडल्स पर आने वाले डिस्काउंट और ऑफर ज्यादा देर के लिए नहीं टिकते। ऐसे में संभव है कि यह ऑफर भी ज्यादा समय तक एक्टिव न रहे। ऐसे में बिना किसी देरी किए जानते हैं कि iPhone की 16 सीरीज का यह Plus मॉडल सस्ते में कैसे खरीदा जा सकता है। ऐसे मिलेगा iPhone 16 Plus पर डिस्काउंट भारत में iPhone 16 Plus 89,900 की कीमत पर लॉन्च हुआ था। इस कीमत पर इसका 128 GB वाला वेरिएंट मिल रहा था। इस पर फ्लिपकार्ट फिलहाल 9,901 रुपये का डिस्काउंट दे रहा है। जिससे इसकी कीमत 79,999 रुपये रह जाती है। इसके अलावा आप किसी भी बैंक के क्रेडिट कार्ड पर 5000 का अतिरिक्त डिस्काउंट पा सकेंगे। याद रहे यह अतिरिक्त डिस्काउंट उन लोगों को मिलेगा जो इसकी फुल पेमेंट करेंगे। EMI पर फोन खरीदने वालों के लिए यह अतिरिक्त डिस्काउंट उपलब्ध नहीं होगा। इसके अलावा अगर आप अपना पुराना फोन ट्रेड इन करते हैं, तो फोन के मॉडल और कंडीशन के हिसाब से अतिरिक्त डिस्काउंट पा सकेंगे। iPhone 16 Plus के फीचर्स इस डिस्काउंट के चलते अगर आप फोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इसके फीचर्स भी जान लीजिए। iPhone 16 Plus में ऐपल ने 6.7 इंच की Super Retina XDR डिस्प्ले, Dynamic Island, True Tone और 2000 निट्स की पीक ब्राइटनेस दी है। यह फोन आपको 8GB RAM और 128, 256 और 512GB के स्टोरेज ऑप्शन के साथ मिलेगा। इसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा मिलेगा। यह OIS के सात आता है। इसके अलावा इसमे 12 मेगापिक्सल का एक अल्ट्रावाइड कैमरा दिया गया है। इसके अलावा फोन में Apple AI और कैमरा बटन और एक्शन बटन मिल जाता है। इस बात का रखें ध्यान बता दें कि कई प्रीमियम फोन्स की तरह इस फोन के साथ भी चार्जर नहीं मिलता है। फोन के बॉक्स में आपको एक चार्जिंग केबल और पेपरवर्क मिलेगा। ऐसे में फोन के चार्जर पर आपको अलग से खर्च करना होगा। हमारी सलाह है कि अच्छे बैटरी बैकअप और बैटरी हेल्थ को बेहतर रखने के लिए ओरिजनल Apple चार्जर का इस्तेमाल करें।

इन आदतों को लाइफ में करें शामिल, सफलता मिलने से कोई नहीं रोक पाएगा

हर इंसान अपने करियर में सफल होना चाहता है। खुश रहना चाहता है और अपने सारे लक्ष्यों को पूरा करना चाहता है। लेकिन अपने लक्ष्यों को पाने का रास्ता कहां से शुरू होगा। इसके बारे में नहीं जानता। अगर आपको लाइफ में सक्सेज, हैप्पीनेस चाहिए। तो सबसे पहले इन 6 आदतों को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं। ये आपको आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन करेंगे। खुद का आंकलन करें सबसे पहले अपना आंकलन करें। खुद के विचारों, भावनाओं और अनुभवों की मदद से सीखें और पर्सनल ग्रोथ करें। जब आप अपने एक्सपीरिएंस से सीखते हैं तो दिमाग में अपने लक्ष्यों के प्रति ज्यादा क्लियर हो जाते हैं। आपको अपनी कमियों और खूबियों के बारे में पता चलता है। इसके साथ ही आप उन कमियों को दूर करने की कोशिश में लग जाएं। किताबें पढ़ें किताबें पढ़ना अच्छी हैबिट के साथ ही पर्सनल ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। सेल्फ हेल्प, मोटिवेशन, गाइडेंस से जुड़ी बुक्स पढ़ें या फिर कोई नॉवेल। डेली रूटीन में बुक्स पढ़ने से स्ट्रेस कम होता है बल्कि आपकी नॉलेज भी दिन पर दिन ज्यादा होती जाती है। बुक रीडिंग की आदत आपके पर्सनल ग्रोथ में मदद करती है। भगवान को धन्यवाद देना ना भूलें प्रैक्टिस ग्रैटीट्यूड मतलब जो कुछ भी आपके पास अभी है। उसके लिए भगवान को थैंक्स कहना ना भूलें। जब आप अपने आसपास की अच्छी चीजों पर फोकस करते हैं तो माइंड में पॉजिटिव वाइब्स बनती है और आप खुश रहते हैं। ऐसा करने से स्ट्रेस, डिप्रेशन जैसी समस्या भी खत्म होने लगती है। मेडिटेशन करें मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से ना केवल फिजिकल हेल्थ अच्छी होती है। बल्कि ये मेंटल हेल्थ पर भी असर डालती है। साथ ही आपकी मेमोरी और ब्रेन पावर बूस्ट होती है। जिससे आपकी समझने की क्षमता भी बढ़ती है। लक्ष्य तय करें और टाइम मैनेजमेंट इन सारी आदतों को अपनाने के बाद आप अपने लक्ष्यों को जब सेट करते हैं तो उन्हें पूरा करना आसान होता है। साथ ही अपने गोल्स को पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट करें। हॉबी जरूर पूरी करें अपने गोल्स को पूरा करने के बीच खुद के लिए टाइम निकालें और अपनी हॉबी को पूरा करें। इससे आपको खुशी मिलती है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं।

ये संस्कृत सूक्तियां, देती हैं जीवन जीने की सीख

लाइफ को कैसे जिया जाए कि इंसान खुश, कामयाब और स्वस्थ रह सके। इसके लिए आजकल लोग सोशल मीडिया पर और गूगल पर सर्च करते हैं। और कई सारे आध्यात्मिक गुरुओं का चक्कर लगाते हैं। लेकिन जीवन को सक्सेजफुली और हैप्पी तरीके से जीने की सीख हमारे वेद-पुराणों में लिखी गई है। जिसे अक्सर आध्यात्मिक गुरु भी बताते हैं। साथ ही इस बात की सीख हमें स्कूल में भी दी जाती है। संस्कृति की कुछ सूक्तियां जो वेदों-उपनिषदों में विद्वानों ने लिखी हैं। अगर उनका मतलब समझ लें तो लाइफ को जीना आसान हो जाएगा और बहुत सारे दुखों से छुटकारा भी मिल जाएगा। सूक्ति- सहसा विदधीत न क्रियाम्। अर्थ- इस सूक्ति में बताया गया है कि कभी भी किसी भी काम को बिना सोच-विचार के नहीं करना चाहिए। इससे फायदा कम और नुकसान होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जब भी किसी नए काम को शुरू करें तो उसके भावी परिणाम के बारे में विचार जरूर कर लें। सूक्ति- अशांतस्य कुत: सुखम्। अर्थ- इस सूक्ति का बहुत ही गहरा अर्थ है। अगर आप मानसिक रूप से अस्तव्यस्त और अशांत रहते हैं। मन में विचारों की लहर चलती रहती है और आप एकचित्त नहीं रह पाते हैं तो ऐसे इंसान को कभी भी सुख नहीं मिलता है। अगर आप सुखी जीवन जीना चाहते हैं तो हमेशा मन को शांत करें। तभी सुख का अनुभव होगा। सूक्ति- अनार्य: परदारव्यवहार:। अर्थ– जीवन में सदाचार जिसे अंग्रेजी में मोरैलिटी भी कहते हैं। बहुत जरूरी है नैतिकता होना ही लाइफ में सक्सेज की निशानी भी है। संस्कृत की ये सूक्ति कहती है कि पराई स्त्री के विषय में बात करना भी अपराध के समान है। सूक्ति- अनुलड़्घनीय: सदाचार:। अर्थ- हमेशा अच्छे विचारों और अच्छे कामों को करना चाहिए। सदाचार का कभी उल्लड़्घन नहीं करना। सूक्ति- अनतिक्रमणीया नियतिरिति। अर्थ– अक्सर विद्वान कहते हैं कि नियति हर इंसान की अलग-अलग होती है। इसे कोई नहीं टाल सकता। इसलिए जब लाइफ आपके अनुसार ना चल रही हो तो उसे नियति मानकर शांत रहना चाहिए और घबराना नहीं चाहिए। सूक्ति- न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्य। अर्थ- मनुष्य धन की इच्छा से कभी तृत्प नहीं होता, उसका लालच बढ़ता जाता है। इसलिए धन के पीछे भागने की गलती नहीं करनी चाहिए बल्कि अपने कर्मों को स्ट्रांग बनाना चाहिए। सूक्ति- विभूषणं मौनमपण्डितानाम्। अर्थ- अक्सर विद्वान कहते हैं कि मूर्खों के लिए मौन रहना ही सबसे बेहतर होता है। इसका मतलब है कि कभी भी किसी के साथ बहस में जीतने की बजाय चुप रह जाना ज्यादा अच्छा होता है।

इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका?

medication into the body

injection tablet or liquid what is the fastest way to get medication into the body Way to Get Medication into the Body : किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर डॉक्टर उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हे दवाएं देते हैं. डॉक्टर अपने मरीजों को दवाएं कई रूपों में देते हैं, जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड सिरप, इंजेक्शन या फिर इन्हेलर जैसे अन्य विकल्प होते हैं. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि इनमें से किस तरह की दवाएं सबसे अधिक असरदार होती हैं? तो आपको बता दें कि इसका जवाब इस पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह की समस्या हुई है और आपकी स्थिति कितनी गंभीर है. आइए जानते हैं इस बारे में- टैबलेट और कैप्सूल टैबलेट और कैप्सूल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है. इन्हें लेना आसान होता है, ये लंबे समय तक स्टोर की जा सकती हैं और कम खर्चीली भी होती हैं. हालांकि, इन्हें पचने और खून में घुलने में समय लगता है, इसलिए ये उन बीमारियों में दी जाती हैं जिनमें तुरंत असर की जरूरत नहीं होती, जैसे – सामान्य बुखार, दर्द, एलर्जी, ब्लड प्रेशर इत्यादि स्थितियों में टैबलेट और कैप्सूल जैसी दवाएं दी जाती हैं. लिक्विड जिन मरीजों के निगलने की क्षमता कम होती है, जैसे- छोटे बच्चे या बुजुर्ग, उन्हें दवाएं लिक्विड दी जाती हैं. लिक्विड में मिलने वाली दवाएं जल्दी अवशोषित होती हैं और स्वाद के अनुसार बनाई जाती हैं. पर इनकी मात्रा का सही निर्धारण जरूरी होता है. इंजेक्शन किसी भी मरीज को इंजेक्शन तब दिया जाता है, जब दवा को शरीर में तुरंत पहुंचाना होता है. इंजेक्शन सबसे सबसे प्रभावी तरीका होता है. ये सीधे खून में (IV), मांसपेशी (IM) या स्किन के नीचे (SC) दिए जाते हैं. इंजेक्शन गंभीर संक्रमण, एलर्जी रिएक्शन या सर्जरी के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है. मुख्य रूप से तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, गंभीर संक्रमण, डायबिटीज (इंसुलिन) जैसी स्थितियों में दिया जाता है. सबसे सही तरीका कौन सा है? दवाएं देने का कोई सही तरीका नहीं होता है. यह पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि बीमारी की गंभीरता क्या है? दवा कितनी जल्दी असर दिखानी चाहिए? मरीज की उम्र और शारीरिक स्थिति क्या है? हर दवा देने का तरीका अपनी जगह सही होता है. डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं. खुद से दवाओं का रूप या तरीका बदलना खतरनाक हो सकता है, इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है.

Haier ने लॉन्च की Gravity AC सीरीज, मात्र 10 सेकंड्स में मिलेगी सुपरसोनिक कूलिंग

Haier ने भारतीय बाजार में ग्रैविटी सीरीज के AC लॉन्च कर दिए हैं. ये 5-स्टार रेटिंग वाले एयर कंडीशनर हैं, जो AI फीचर्स के साथ आते हैं. इसमें AI क्लाइमेट कंट्रोल और प्रीमियम फैब्रिक फिनिश मिलती है. वैसे तो मार्केट में मार्बल फिनिश, मिरर फिनिश जैसे कई ऑप्शन मिलते हैं, लेकिन फैब्रिक फिनिश नया है. फैब्रिक फिनिश की वजह से आपको कई कलर का विकल्प मिलता है. इस AC रेंज को आप मॉर्निंग मिस्ट, गैलेक्सी स्टेल और एक्वा ब्लू जैसे कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं AC की कीमत और फीचर्स. मिलते हैं कमाल के फीचर्स ग्रैविटी सीरीज में AI क्लाइमेट असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मिलती है, जो यूजर की प्राथमिकताओं को समझता है. यूजर की जरूरत और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ये AC ऑटोमेटिक कूलिंग एडजस्ट करता है. कंपनी की मानें, तो सिस्टम रियल टाइम में इन-डोर और आउटडोर कंडीशन को समझकर कूलिंग करता है. इसकी वजह से यूजर्स को मैन्युफली एडजस्टमेंट नहीं करने होते हैं. AI इलेक्ट्रिसिटी मॉनिटरिंग का फीचर भी इसमें मिलता है, जो HaiSmart ऐप पर यूजर्स को AC यूज की पूरी जानकारी देता है. यहां आपको पता चलेगा कि आपका AC कितनी बिजली इस्तेमाल कर रहा है. इसके अलावा Supersonic Cooling का फीचर भी आपको Haier Gravity AC में मिलता है. कंपनी का कहना है कि इस फीचर की वजह से सिर्फ 10 सेकंड्स में AC का कंप्रेसर एक्टिव हो जाता है. इसके अलावा नए एयर कंडीशनर में AI ECO मोड मिलता है, जो पावर ऑप्टमाइजेशन के लिए यूज पैटर्न से सीखता है. कितनी है कीमत? Haier Gravity सीरीज AC की कीमत 51,990 रुपये से शुरू होती है. इसे आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकेंगे. ये AC प्रमुख रिटेल शॉप्स पर उपलब्ध होगा. कंपनी ने बताया है कि ये AC टर्बो मोड में 20-मीटर तक एयर थ्रो करता है. इसमें हेक्सा इन्वर्टर टेक्नोलॉजी मिलती है.  

गडरा कांड के बाद आईजी रीवा गौरव सिंह राजपूत ने तत्काल प्रभाव से मऊगंज एसडीओपी अंकिता शुल्या का स्थानांतरण किया

रीवा रीवा जिले में गडरा कांड के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। इस कांड के बाद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रीवा गौरव सिंह राजपूत ने तत्काल प्रभाव से मऊगंज एसडीओपी अंकिता शुल्या का स्थानांतरण कर उन्हें आईजी ऑफिस में अटैच कर दिया है। उनके स्थानांतरण के बाद मऊगंज एसडीओपी का पद रिक्त हो गया था, जिसे देखते हुए डीएसपी हेड क्वॉर्टर हिमाली पाठक को मऊगंज एसडीओपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हिमाली पाठक अब मऊगंज सर्कल के अंतर्गत आने वाले सभी थाना क्षेत्रों की निगरानी करेंगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगी। उनके पास पहले से डीएसपी हेड क्वॉर्टर का कार्यभार है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार के साथ उनका कर्तव्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। सूत्रों के अनुसार, गडरा कांड के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे, जिस पर संज्ञान लेते हुए आईजी ने त्वरित कार्रवाई की। अंकिता शुल्या को हटाने का निर्णय इसी क्रम में लिया गया। हालांकि, अब हिमाली पाठक जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती से पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हिमाली पाठक को उनकी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए जाना जाता है। उनके कार्यभार संभालने के बाद मऊगंज क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था में मजबूती और पारदर्शिता आने की संभावना है। मऊगंज जैसे संवेदनशील इलाके में यह बदलाव आमजन की सुरक्षा और विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा यह संकेत भी दिया गया है कि आने वाले समय में और भी प्रशासनिक फेरबदल संभव हैं, ताकि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जा सके।

S26 Ultra से S Pen हटा सकता है Samsung!

नई दिल्ली सैमसंग ने इस साल अपना फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S25 Ultra लॉन्च किया था। यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले एक माइनर अपग्रेड था। अब रिपोर्ट्स निकल कर आ रही हैं कि अगले साल आने वाले Samsung Galaxy S26 Ultra में सैमसंग कुछ ऐसा कर सकता है जो शायद लोगों का पसंद न आए। दरअसर कुछ लीक्स निकल कर आए हैं कि सैमसंग S26 Ultra में S Pen न देने पर विचार कर रहा है। बता दें कि इस साल लॉन्च हुए S25 Ultra के S Pen से भी सैमसंग ने ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को हटा दिया था। क्या दावा कर रही हैं रिपोर्ट्स जब सैमसंग ने इस साल के S25 Ultra के S Pen से ब्लूटुथ फंक्शनैलिटी को हटाया था, तो इंटरनेट पर लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि सैमसंग अपने अगले मॉडल में ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को वापस ला सकता है। हालांकि अब सामने आ रही रिपोर्ट्स कुछ और ही दावा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि सैमसंग अपने अगले फ्लैगशिप से S Pen को हटा कर फोन की बैटरी 7000mah करने पर विचार कर रहा है। S Pen को मिलेगी नई जगह! रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सैमसंग अगले फ्लैगशिप में बैटरी कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए S Pen की जगह बदल सकता है। हो सकता है कि S26 Ultra में S Pen फोन के पीछे मैगनेट्स की मदद से अटैच किया जा सके। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि S26 Ultra में S Pen के लिए खास तरह का फोन कवर भी आ सकता है। यह सैमसंग की फोल्ड सीरीज के जैसा हो सकता है। जिसमें S Pen के लिए एक खास तरह का फोन कवर सैमसंग लेकर आता है। बड़ी बैटरी या S Pen? इस बात में दो राय नहीं है कि अगर S26 Ultra में 7000mah की बैटरी मिलती है, तो फोन का बैट्री बैकअप कमाल का होगा। इसकी बड़ी वजह फोन में इस्तेमाल होने वाला फ्लैगशिप प्रोसेसर भी होगा। फ्लैगशिप प्रोसेसर कम बैट्री खर्च करते हैं और बड़ी बैट्री के साथ ये कॉम्बीनेशन अच्छा रह सकता है। हालांकि इस बात को लेकर संशय है कि सैमसंग के फ्लैगशिप को पसंद करने वाले लोग S Pen के बिना इसे कितना पसंद करेंगे। बता दें कि S Pen सैमसंग के फ्लैगशिप की पहचान रही है। पहले सैमसंग की नोट सीरीज में S Pen देखने को मिलता था। बाद में सैमसंग ने इसे अपनी फ्लैगशिप S सीरीज के अल्ट्रा मॉडल के साथ देना शुरू कर दिया।

स्किन केयर प्रॉडक्ट लगाने का भी होता है अपना एक तरीका

रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। हर व्यक्ति अपनी त्वचा की देखभाल के लिए कुछ स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करता ही है लेकिन क्या आप जानती है कि इन्हें प्रयोग करने का भी अपना एक तरीका होता है। यह ठीक वैसे ही है, जैसे आप खाने की शुरूआत मीठे से नहीं करते, बल्कि उसका भोजन के अंत में खाया जाता है। खासतौर से, अगर आप रात में स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर रही हैं तो पहले उसे लगाने का सही तरीका जानना बेहद आवश्यक है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में… डबल क्लीजिंग रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। सबसे पहले आप ऑयल बेस्ड क्लींजर की मदद से स्किन की सारी गदंगी को साफ करें और फिर अंत में वॉटर बेस्ड क्लींजर से स्किन को साफ करना अच्छा रहता है।   टोनर क्लीनिंग के बाद बारी है टोनर की। इसके जरिए आप अपने पोर्स को बंद करने के साथ−साथ स्किन को एक्सफोलिएट करती हैं व डेड स्किन सेल्स से भी निजात पाती हैं। आप स्किन पर टोनर लगाएं और फिर कुछ देर उसे अब्जार्ब होने दें। उसके बाद अगले स्टेप पर जाएं।   आई क्रीम आपकी स्किन के साथ आंखों के आसपास की त्वचा को भी देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप अपनी दो उंगलियों में आई क्रीम लेकर आंखों के आसपास की त्वचा पर धीरे से मालिश करें। इसके बाद कुछ देर तक उसे स्किन में गहराई तक समा जाने का इंतजार करें। स्पॉट टीटमेंट क्रीम चूंकि रात में आपकी स्किन खुद ही रिपेयरिंग मोड पर होती है और अगर इस समय स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल किया जाए तो कई तरह के दाग−धब्बों आदि से छुटकारा मिलता है। वैसे जिन महिलाओं के चेहरे पर धब्बे या निशान हैं, उन्हें स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल दिन में दो बार अवश्य करना चाहिए। नाइट क्रीम अंत में बारी आती है नाइट क्रीम की। इसके लिए आप जेल आधारित, हल्का व हाइडेटिंग क्रीम का चयन करें। यह न केवल स्किन में जल्दी अवशोषित होता है, बल्कि रात में आपकी त्वचा की नमी को भी बनाए रखता है। अगर इस तरह की नाइट क्रीम का प्रयोग नियमित रूप से किया जाता है तो कुछ ही दिनों में स्किन में काफी अंतर नजर आता है।  

मुश्किल है लेकिन ये 7 हुनर सीख लिये तो सफलता आपके कदम चूमेगी

इंसान को सीखना कभी भी बंद नहीं करना चाहिए. सीखते रहने से आप नई चीजें तो जानते ही हैं, साथ ही खुद को बेहतर भी बनाते हैं, जो आपको भविष्य में फायदा दे सकता है. इसी कड़ी में कुछ स्किल्स भी शामिल हैं, जिन्हें सीखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता लेकिन अगर कोई उन्हें सीख ले तो वे उसे हमेशा फायदा देते हैं. फिर चाहे बात करियर की हो या फिर जिंदगी के पड़ावों की. बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में ऐसे ही 7 स्किल्स का जिक्र है. आइए बताते हैं इन स्किल्स के बारे में… कब रहना है चुप हर इंसान कभी न कभी किसी न किसी बात पर गुस्सा होता है या किसी बहस में पड़ता है. ऐसे में अक्सर ऐसी स्थिति आती है, जब हमारा खुद पर कंट्रोल नहीं रहता है और हम अपना गुस्सा या गुबार निकाल देते हैं. लेकिन हर जगह और हर बार ऐसा करना सही नहीं है. इससे आपके संबंध खराब हो सकते हैं. इसलिए कब चुप रहना है और कब आवाज बुलंद करनी है, इसका पता होना जरूरी है. साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जब हम खुद के लिए स्टैंड ले रहे हों तो शब्दों और आवाज पर कैसे कंट्रोल रखा जाए. इमोशनल इंटेलीजेंस इमोशनल इंटेलीजेंस (ईक्यू) व्यवहार को मैनेज करने के तरीके, सामाजिक जटिलताओं को संभालने और पॉजिटिव रिजल्ट देने वाले फैसलों को प्रभावित करती है. ईक्यू अपने अंदर के और दूसरों के इमोशंस को पहचानने और समझने की योग्यता है. इससे आपको इमोशंस को लेकर आई अवेयरनेस का इस्तेमाल कर अपने व्यवहार और संबंधों को मैनेज करने में मदद मिलती है. दशकों की रिसर्च के बाद सामने आया है कि इमोशनल इंटेलीजेंस स्टार परफॉरमर्स बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. टाइम मैनेजमेंट टाइम मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण स्किल है, जो न केवल करियर में बल्कि पूरी जिंदगी फायदा देता है. टाइम मैनेजमेंट से अर्थ है कि हर काम अपने सही वक्त से हो जाए. टाइम मैनेजमेंट सीखना आपको हाईएस्ट लेवल की परफॉरमेंस तक ले जाता है. दूसरों को सुनना कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी बात तो रख देते हैं लेकिन जब दूसरों के कहने का नंबर आता है तो या तो उन्हें सुनना पसंद ही नहीं करते या फिर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते. वास्तव में सुनने से मतलब है कि हम सामने वाले की कही गई बात पर ध्यान दें और केवल अपनी कहने पर न लगे रहें. ‘न’ कहना न कहना कई लोगों के लिए सबसे मुश्किल स्किल है. सैन फ्रांसिस्को की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च के मुताबिक आपको न कहने में जितनी ज्यादा कठिनाई होती है, आप उतना ही स्ट्रेस, गुबार फील करते हैं. यहां तक कि कुछ लोग डिप्रेशन में भी चले जाते हैं. इसलिए इन्सान को न कहना भी आना चाहिए, साथ में यह भी इसे सही वक्त और सही जगह पर कहा जाए. इससे आप गैर—जरूरी बोझ से फ्री रहते हैं और अपने वक्त व एनर्जी को जिंदगी की जरूरी चीजों के लिए रख सकते हैं. उम्दा नींद सभी जानते हैं कि अच्छी नींद दिमाग के लिए अच्छी है. हाल ही में University of Rochester की एक स्टडी में पाया गया कि जब आप सोते हैं तो दिमाग हानिकारक प्रोटीन्स को रिमूव करता है. ये प्रोटीन आपके जागते रहने के दौरान की गई न्यूरल एक्टिविटीज से बनते हैं. लेकिन ये प्रोटीन उचित रूप से तभी खत्म होते हैं, जब आप उम्दा नींद यानी सही मात्रा में नींद लेते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो ये हानिकारक प्रोटीन ब्रेन सेल्स में रह जाते हैं और आपके सोचने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. इससे परेशानियां हल करने की आपकी योग्यता कम हो जाती है, क्रिएटिविटी खत्म होने लगती है और इमोशनल रिएक्टिविटी बढ़ जाती है. पॉजिटिव रहना पॉजिटिविटी आपको हर तरह की चुनौती से निपटने में मदद करती है. हालांकि कभी—कभी कुछ स्थितियों में पॉजिटिव सोच रखना मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी कोशिश करनी चाहिए. इससे संघर्ष करने की क्षमता में इजाफा होता है. पॉजिटिव रहने के लिए फोकस और अटेंशन की जरूरत होती है.  

सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है जौ

जौ ऐसा अनाज है, जिसके सेवन से हमारे शरीर को कई पोषक तत्व तो मिलते ही हैं। साथ ही ये हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। जौ, गेहूं की ही जाति का एक अनाज है, लेकिन ये गेहूं की अपेक्षा हल्का और मोटा अनाज है। जौ में मुख्य रूप से लैक्टिक ऐसिड, सैलिसिलिक ऐसिड, फास्फोरिक ऐसिड, पोटेशियम और कैल्शियम उपलब्ध होता है। आइए जानते हैं जौ के फायदे। मोटापा खत्म करे 95 प्रतिशत लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते हैं। जौ के सत्तू और त्रिफला के काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त हो जाता है। इसके अलावा जो व्यक्ति कमजोर हैं, वे जौ को दूध के साथ खीर बना कर खाने से मोटे हो जाते हैं। रंग निखारता है जौ सिर्फ आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से भी लाभकारी है। ये रंग को निखारने के लिए वरदान है। जौ का आटा, पिसी हुई हल्दी और सरसों के तेल को पानी में मिलाकर लेप बना लें। रोजाना शरीर में इसका लेप करके गर्म पानी से नहाने से रंग निखरता है। शुगर करे नियंत्रित शुगर को अगर धीमी मौत कहें तो कुछ गलत नहीं होगा। ये बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इसलिए इस बीमारी से छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। शुगर के रोगी जौ के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खा सकते हैं। जौ के आटे में चने का आटा मिलाकर भी खाया जा सकता है। पथरी में आराम खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की समस्या से परेशान रहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग जौ को पानी में उबालें। इसे ठंडा करने के बाद रोज 1 ग्लास पिएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलती है। इसके अलावा ऐसे लोग जौ की रोटी या सत्तू भी ले सकते हैं।  

वर्ल्ड हेल्थ डे: दुनिया में तनाव एक आम समस्या, ऐसे करें दूर

आज की तेजी से भागती दुनिया में तनाव एक आम समस्या बन चुका है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक चिंताएं और सोशल मीडिया का प्रभाव- ये सभी हमारी मेंटल हेल्थ पर नकारात्मक असर डालते हैं। लेकिन अगर स्ट्रेस को सही तरीके से मैनेज किया जाए, तो हम अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। आइए वर्ल्ड हेल्थ डे  2025 के मौके पर जानते हैं 5 स्ट्रेस मैनेजमेंट टिप्स , जो आपको शांत और पॉजिटिव बनाए रखने में मदद करेंगे। स्ट्रेस कम करने के 5 टिप्स नियमित एक्सरसाइज और योग फिजिकल एक्टिविटीज स्ट्रेस को कम करने का सबसे अच्छा तरीका हैं। एक्सरसाइज करने से एंडोर्फिन हार्मोन निकलता है, जो मूड को अच्छा बनाता है। रोजाना 30 मिनट की वॉक, जॉगिंग, साइक्लिंग या योग करने से तनाव कम होता है। योगासन जैसे शवासन, बालासन और प्राणायाम (भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम) मन को शांत करने में मदद करते हैं। पूरी नींद लें नींद और मेंटल हेल्थ का गहरा कनेक्शन है। कम सोने से चिड़चिड़ापन, एंग्जाइटी और डिप्रेशन बढ़ सकता है। अच्छी नींद के लिए-     रात को सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।     सोने का एक समय तय करें।     कैफीन और ज्यादा तला-भुना व मसाले वाला खाना खाने से परहेज करें।     सोने से पहले हल्का म्यूजिक सुनें या मेडिटेशन करें। माइंडफुलनेस और मेडिटेशन माइंडफुलनेस का मतलब है वर्तमान में जीना। अक्सर हम बीते समय की गलतियों या भविष्य की चिंताओं में उलझे रहते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मन शांत होता है। रोजाना 10-15 मिनट ध्यान लगाने से मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है और स्ट्रेस लेवल कम होता है। हेल्दी डाइट और हाइड्रेशन हमारा खानपान सीधे हमारी मेंटल हेल्थ पर असर डालता है। जंक फूड, ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड स्ट्रेस बढ़ाते हैं। इनके बजाय-     फल, सब्जियां, नट्स और ओमेगा-3 से भरपूर डाइट लें।     ग्रीन टी या हर्बल टी पिएं, जो एंग्जाइटी कम करती है।     दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है। सोशल सपोर्ट और हॉबीज अकेलापन तनाव को बढ़ाता है। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने से इमोशनल सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, अपनी पसंदीदा हॉबीज जैसे पेंटिंग, गार्डनिंग, डांसिंग या म्यूजिक सुनने में समय बिताएं। ये एक्टिविटीज दिमाग को पॉजिटिव एनर्जी देती हैं।

हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जो समय के साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता बनी : डॉक्टर

नई दिल्ली हार्ट अटैक के जोखिम बढ़ने के बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेंद्र एन. सिंह बताते हैं, हॉस्पिटल में आ रहे हार्ट अटैक के मामलों को देखें तो पता चलता है कि इसके लिए कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहें और डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर फुल बॉडी चेकअप जरूर कराते रहें। हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जो समय के साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है। ये अब सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या नहीं रह गई है, कम उम्र के लोग (यहां तक कि 20 से भी कम उम्र में) भी हार्ट अटैक का शिकार देखे जा रहे हैं। हाल ही के दो मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या ये समस्या महामारी का रूप ले लेगी? पहला मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है। यहां द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 18 साल के युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। रात को उसे सीने में तेज दर्द उठा और घबराहट महसूस हुई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई। परिजनों बताया कि रामनवमी की पूर्व संध्या पर घर में पूजा रखी थी। अर्जुन भी उसमें शामिल हुआ था। रात तक वह सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन रात ढाई बजे वह जागा और सीने में दर्द की बात करने लगे। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया था। दूसरा मामला महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के शिंदे कॉलेज का है जहां फेयरवेल के दौरान मंच पर स्पीच दे रही 20 वर्षीय छात्रा की अचानक गिरने के बाद मौत हो गई। वायरल वीडियो में वर्षा स्पीच दे रही होती है लेकिन कुछ ही पलों में मंच पर गिर जाती हैं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने डराया पिछले कुछ वर्षों के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि खेलते-दौड़ते, ऑफिस में आराम से काम करते-करते कई लोगों की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई है। आश्चर्यजनक रूप से इसमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी उम्र 30 से कम है। जब भी बात हृदय को स्वस्थ रखने की आती है तो लोगों को आहार को ठीक रखने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। हालांकि पिछले दिनों में कुछ ऐसी भी खबरें सामने आईं जिसमें नियमित योग करने वाले और शारीरिक रूप से फिट रहने वाले खिलाड़ियों को भी हार्ट अटैक हुआ।   फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध योग गुरु और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन सिंहल की हाल ही में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉ. पवन सिंहल अपनी सादगी और स्वस्थ जीवन शैली के लिए मशहूर थे। डॉ. सिंहल ने वर्ष 2022 में 11 घंटे में 100 किमी की दौड़ का रिकॉर्ड बनाया था। वह नियमित रनिंग और योग करते थे। इसी तरह एक अन्य मामले में बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल को भी एक मैच के दौरान हार्ट अटैक हुआ, तुरंत उपचार मिलने के कारण वह फिलहाल ठीक हैं। फिटनेस एक्सपर्ट्स और खिलाड़ियों को हार्ट अटैक होने की घटनाओं ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ये मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ते जा रहे हैं। क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ? हार्ट अटैक के जोखिम बढ़ने के बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेंद्र एन. सिंह बताते हैं, हॉस्पिटल में आ रहे हार्ट अटैक के मामलों को देखें तो पता चलता है कि इसके लिए कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी तो इसे बढ़ा ही रही है साथ ही काम के दबाव में लोगों की बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता को भी इसका एक कारण माना जा सकता है। जिम जाने वाले लोगों में भी इसके मामले बढ़े हैं, इसके लिए बिना प्रशिक्षक या फिर शरीर की जांच के तेज स्तर के व्यायाम करना एक कारण हो सकता है। तेज स्तर के व्यायाम के दौरान खून का संचार को बढ़ जाता है हालांकि कई मामलों में देखा गया है कि इसके साथ मुख्य धमनियों से जुड़ी कोलेट्रल वेसल्स यानी छोटी-छोटी नसें समय पर नहीं खुल पाती हैं। ये रक्त के प्रवाह को हार्ट के कुछ हिस्सों में बाधित कर सकती हैं जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप भी जिम जाते हैं तो एक बार कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर कराएं। अक्सर इन पर लोगों का ध्यान नहीं जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण भी बहुत स्पष्ट नहीं होते, ऐसे में अगर आप तीव्र व्यायाम करते हैं तो इससे रक्त का प्रवाह तेज होने से धमनियों पर दबाव बढ़ता है जिससे भी आपको हार्ट अटैक हो सकता है। अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहें और डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर फुल बॉडी चेकअप जरूर कराते रहें, ताकि शरीर में होने वाली समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सके।  

वॉट्सऐप पर मिलेंगे 3 नए फीचर

नई दिल्ली WhatsApp आज के वक्त में वीडियो और वॉइस कॉलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला सबसे पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। वॉट्सऐप पर वीडियो कॉलिंग और मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सिक्योर माना जाता है। वॉट्सऐप की तरफ से वीडियो और वॉइस कॉलिंग को रेकॉर्ड करने की सुविधा नहीं दी जाती है। साथ ही वॉट्सऐप की वॉइस और वीडियो कॉल एंड टू एंड इन्क्रिप्टेड होती है। मतलब वॉट्सऐप वीडियो और वॉइस कॉल लीक नहीं हो सकती है। ऐसे में वॉट्सऐप वीडियो और वॉइस कॉल को बेहद सिक्योर माना जाता है। हालांकि कुछ यूजर्स वॉट्सऐप के वीडियो और वॉइस कॉल को लेकर कुछ शिकायत दर्ज करा रहे थे। ऐसे में कंपनी ने इन फीचर्स में कुछ सुधार किये हैं। क्या हैं नए फीचर्स? वॉट्सऐप अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट की मानें, तो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध वॉट्सऐप बीटा वर्जन के एंड्रॉइड वर्जन में इन बदलावों को देखा गया है, जिससे कंफर्म होता है कि वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉल के लिए तीन नए फीचर्स को जोड़ जा रहा है। हालांकि अभी यह सुविधाएं बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं। वॉट्सऐप म्यूट बटन वॉट्सऐप की ओर से म्यूट बटन फीचर पेश किया जा रहा है, जो इनकमिंग वॉइस कॉल नोटिफिकेशन को साइलेंट करने की सुविधा देता है। यानी अब यूजर्स कॉल उठाते समय अपना माइक्रोफोन म्यूट रख सकेंगे। यह फीचर गैरजरूरी कॉल को रोकने की सुविधा देता है। मतलब अगर आप किसी की कॉल को वॉइस और वीडियो कॉल नहीं उठाना चाहते हैं, तो यह फीचर काफी मददगार साबित होगा। वॉट्सऐप कैमरा फीचर वॉट्सऐप की ओर से वीडियो कॉलिंग के लिए नया फीचर पेश किया जाएगा। नए अपडेट के साथ यूजर्स वीडियो कॉल उठाने से पहले अपनी वीडियो बंद कर सकेंगे, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। पहले कॉल उठाने के बाद कैमरा ऑफ करना पड़ता था। हालांकि नया फीचर यूजर के लिए काफी सुविधाजनक हो सकता है। वॉट्सऐप इमोजी फीचर वॉट्सआप की ओर से इमोजी फीचर को पेश किया जा रहा है। वॉट्सऐप जल्द ही वीडियो कॉल के दौरान इमोजी रिएक्शन फीचर लाने की योजना बना रहा है, जिससे यूजर्स चैट करते हुए अपने एक्सपीरिएंस को रियल-टाइम में पेश कर सकेंगे। वॉट्सऐप के नए फीचर्स वॉट्सऐप आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप बन चुका है, जो चैटिंग, वॉइस कॉल और वीडियो कॉल के लिए अहम है। आज के वक्त में करीब 3.5 बिलियन यूजर्स का इस्तेमाल किया जाता है। साल 2025 के पहले तीन माह में ही वॉट्सऐप ने कई नए फीचर्स पेश किए हैं।

सैमसंग के S24 Ultra को सस्ते में खरीदने का मौका

नई दिल्ली अगर आप एक अल्ट्रा प्रीमियम फ्लैगशिप फोन खरीदना चाहते हैं, तो यह एक दम सही समय होगा सैमसंग के S24 Ultra को अपना बनाने का। एक लाख रुपए से ज्यादा की कीमत पर लॉन्च हुए इस डिवाइस पर भारी डिस्काउंट मिल रहा है। इस साल Samsung ने अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप S25 Ultra है। इसके बाद अब S24 Ultra की कीमतों में भारी गिरावट आई है। S24 Ultra भले ही पिछले साल का फ्लैगशिप डिवाइस है लेकिन एक्सपर्ट्स ने इसे S25 Ultra के टक्कर का ही पाया है। S24 Ultra के नोटबुक जैसे फॉर्म के चलते कई लोग इसे लुक्स के मामले में S25 Ultra से बेहतर भी मानते हैं। कहां और कैसे मिलेगा डिस्काउंट Samsung S24 Ultra पर यह डिस्काउंट Amazon पर मिल रहा है। इसका 12GB+256GB वाला वेरिएंट1,19,999 की जगह 91,749 रुपए में मिल रहा है। कस्टमर्स Amazon Pay Credit Card का इस्तेमाल करके इसकी कीमत 2,752 रुपए और घटा सकते हैं। Amazon से आप इसे 4,448 की मासिक किश्तों पर भी खरीद सकते हैं। अगर आप अपना पुराना डिवाइस इसके साथ एक्सचेंज करते हैं, तो आपको 22,800 रुपए का अतिरिक्त डिस्काउंट मिल सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज किए जा रहे डिवाइस की कीमत Amazon उसकी कंडीशन और मॉडल के अनुसार तय करता है। फीचर्स और तुलना Samsung Galaxy S25 Ultra में 6.9 इंच की डिस्प्ले मिलती है। जबकि S24 Ultra में 6.8 इंच की डिस्प्ले दी गई है। एक इंच के फर्क से फोन को इस्तेमाल करने के आपके अनुभव में कोई खासा फर्क नहीं पड़ेगा। डिजाइन की बात करें तो जैसा कि हमने पहले बताया S24 Ultra का नोटबुक जैसा लुक Samsung Galaxy S25 Ultra में मिसिंग है। S25 Ultra के कॉर्नर्स को राउंड कर दिया गया है जिसकी वजह से लोग S24 Ultra के लुक को और पसंद करने लगे हैं। कैमरा की बात करें तो दोनों ही फोन में आपको लगभव सेम कैमरा दिए गए हैं। दोनो में ही प्राइमरी रियर कैमरा 200 मेगापिक्सल का है। ऐसे में कैमरे की परफॉर्मेस को लेकर भी आप निश्चिंत रह सकते हैं। दोनो ही फोन की बैटरी कैपेसिटी भी बराबर है। दोनों में ही 5000mah की बैट्री दी गई है। नए चिपसेट की वजह से S25 Ultra में आपको लगभग एक घंटे का अतिरिक्त वीडियो प्लेबैक टाइम मिल जाएगा। यानी कि यह फर्क भी बहुत ज्यादा नहीं है। इसके अलावा S24 Ultra को कंपनी ने 7 साल के अपडेट्स उपलब्ध कराने का वादा किया था। ऐसे में इसे भी वही अपडेट्स मिलेंगे जो कि S25 Ultra को मिल रहे हैं।

योगासन कर पाए दमकती त्‍वचा

खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए लोग तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और घरेलू उपाय आजमाते हैं, लेकिन अगर आप नेचुरली ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो योग सबसे अच्छा उपाय है। योग करने से न सिर्फ वजन और फैट कम होता है, बल्कि इसके निरंतर अभ्यास से आप लंबे समय तक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं। कई सारी छोटी-मोटी समस्याओं का इलाज योग से संभव है। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ खास योगासनों के अभ्यास से आप चेहरे की चमक भी बढ़ा सकते हैं? अगर आप हेल्दी, ग्लोइंग स्किन पाना चाहती हैं, तो इसके लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि इन आसनों को अपने रूटीन में शामिल कर लें। आपको कुछ ही द‍िनों में फर्क मालूम पड़ने लगेगा। आपको खूबसूरत द‍िखने के ल‍िए क्रीम पाउडर और लाली ल‍िपस्‍ट‍िक भी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिंहासन इसे करने के ल‍िए सबसे पहले जमीन पर वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटने पर रखें और कमर सीधी रखें। अब गहरी सांस लें और मुंह खोलकर हा की आवाज निकालते हुए छोड़ें। इस प्रक्रिया को लगभग 5 बार दोहराएं। इससे चेहरे की मसल्‍स में खिंचाव आता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे प्राकृतिक रूप से चेहरे पर चमक आती है। सर्वांगासन यह योगासन शरीर के रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है और त्वचा को पोषण देता है। इसे करने के ल‍िए पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाएं और हाथों की मदद से कमर को सहारा दें। सिर और कंधों को जमीन पर टिकाकर शरीर को सीधा रखें। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे वापस आएं। भुजंगासन यह आसन त्वचा में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है। पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। सिर को पीछे झुकाकर कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। उष्ट्रासन उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए घुटनों के बल पर खड़े हो जाएं। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें। इसके बाद दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें। इसमें कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे वापस नॉर्मल पोजिशन में आ जाएं और कुछ मिनट विश्राम करें। इससे भी ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। साथ ही चेहरे पर गजब का नि‍खार आता है। उत्तानासन इस योगासन से भी स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनती है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर गहरी सांस लें। धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस मुद्रा में रहें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं।

साइकिल चलाना एक तरह की एरोबिक एक्सरसाइज, रहेंगे सेहतमंद

बचपन में ज्‍यादातर बच्‍चे साइक‍िल चलाते हैं। हालांक‍ि बड़े हाेने पर ये आदत छूट ही जाती है। आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग इतने व्‍यस्‍त हो चुके हैं क‍ि उन्‍हें साइक‍िल चलाने की फुर्सत ही नहीं रहती है। लोग बाइक‍, स्‍कूटी या कार ही चलाते हैं। ऐसे में वे कई बीमारि‍यों का श‍िकार हो जाते हैं। कहा जाता है क‍ि सेहतमंद रहना है तो रोजाना सुबह वॉक, जॉग‍िंग या साइक‍िल जरूर चलाना चाहि‍ए। एक बार आप फिर से आप साइकिल चलाना शुरू कर दीजिए। हालांक‍ि आपको बस 10 म‍िनट का टाइम देना होगा। एक सप्ताह के अंदर ही आपको अपनी सेहत में कई बदलाव देखने को म‍िलेंगे। आज हम आपको रोजाना 10 म‍िनट साइ‍क‍िल चलाने से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- हार्ट को रखे हेल्‍दी साइकिल चलाने से द‍िल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इससे ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है। वेट लॉस में फायदेमंद अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो आपको साइक‍िल जरूर चलाना चाह‍िए। आप रोजाना 10 मिनट की साइकिलिंग करें। ये भी कारगर हो सकती है। इससे कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। स्‍ट्रेस दूर करे साइकिल चलाने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है। ये तनाव और चिंता को कम करने में कारगर हो सकता है। दरअसल, सुबह की ताजी हवा में साइकिलिंग करने से मानसिक शांति मिलती है। आप द‍िनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाए जब आप साइकिलिंग करते हैं तो आपकी सांस लेने की क्षमता भी बढ़ती है। यह फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन लेने और शरीर में सही तरीके से पहुंचाने में मदद करता है। इम्युनि‍टी बूस्‍ट करे अगर आप रोजाना साइक‍िल चलाते हैं तो इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। यह सर्दी, जुकाम और अन्य संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। पर्यावरण के लिए भी जरूरी आपको बता दें क‍ि साइकिल चलाने से प्रदूषण का स्‍तर भी कम होता है। अगर छोटी दूरी के लिए साइकिल से जाया जाए तो यह पर्यावरण संरक्षण में मदद कर सकता है। स्‍लीप क्‍वाल‍िटी भी सुधारे अगर आप अन‍िद्रा की समस्‍या से जूझ रहे हैं तो आपको रोज साइकिलिंग करना चाह‍िए। इससे नींद की क्‍वाल‍िटी बेहतर होती है। यह अनिद्रा की समस्या को दूर करने में सहायक होता है।

किडनी को सेहतमंद रखना के लिए करें ये काम

खाने की चीजों में नमक का अहम रोल होता है। आप कुछ भी अच्‍छा क्‍यों न बना लें, अगर उसमें नमक न डाला जाए तो खाना बेस्‍वाद ही हो जाता है। नमक हमारे शरीर के ल‍िए भी जरूरी होता है। हालांक‍ि कई लोग इसे सीमि‍त मात्रा में ही खाना पसंद करते हैं। तो वहीं कुछ लोग ज्‍यादा नमक खाते हैं। ये बात आपको मालूम होनी चाह‍िए क‍ि क‍िसी भी चीज की अत‍ि होना, हमेशा नुकसानदाय‍क ही होता है। दरअसल, अगर आप खाने में ज्यादा नमक खाते ह‍ैं तो इससे आपकी सेहत पर नकारात्‍मक असर देखने काे म‍िल सकता है। ये हमारी क‍िडनी पर बुरा प्रभाव डालता है। अगर आप भी अभी तक इस बात से अनजान थे क‍ि ज्‍यादा नमक खाने से क‍िडनी खराब हो सकती है तो हम आपको इसके बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं। आपको बता दें क‍ि ज्यादा नमक खाने से किडनी पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे ट‍िप्‍स देने जा रहे हैं ज‍िससे आप अपनी डाइट से नमक को कम कर सकते हैं। पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड से बचें ज्‍यादातर प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स और पैक्ड स्नैक्स में बहुत ज्यादा नमक की मात्रा होती है। इन्हें कम करने से आपके शरीर में सोडियम की मात्रा घटेगी और किडनी को बढ़ा दबाव भी कम होगा। कुक‍िंग करें तो ज्‍यादा नमक न डालें अगर आप खुद कुक‍िंग करते हैं तो खाना बनाते समय कम नमक का ही इस्‍तेमाल करें। स्वाद के लिए नींबू, धनिया, हरी मिर्च या हल्के मसाले डाल सकते हैं। इससे खाने का स्वाद तो बढ़ेगा ही, ये सेहत के ल‍िहाज से भी सही रहेगा। बाहर के खाने से बचें होटल या रेस्टोरेंट का खाना स्वादिष्ट तो होता है, लेकिन इसमें नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। रोजाना बाहर खाने की आदत आपकी किडनी के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे में आप हमेशा घर का बना खाना ही खाएं। नमक का वि‍कल्‍प तलाशें आप खाने में सफेद नमक की जगह सेंधा नमक या काला नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें सोडियम की मात्रा कम होती है और ये पाचन के लिए भी अच्छे होते हैं। घर का ताजा खाना खाएं आपकाे अपनी डाइट में हमेशा ताजे फल, सब्जियां, दाल और रोटी जैसी घरेलू चीजें ही शाम‍िल करनी चाह‍िए। इससे शरीर को सही पोषण मिलता है और नमक की मात्रा भी कंट्रोल होती है। ज्यादा पानी पिएं पानी ज्यादा पीने से शरीर में जमा हुआ अतिरिक्त नमक आसानी से बाहर निकल जाता है। इससे किडनी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है। आप द‍िनभर में कम से कम चार लीटर पानी प‍िएं। अगर आपकाे पहले से ही क‍िडनी में कोई समस्‍या है तो डाॅक्‍टर की सलाह से पानी प‍िएं।

Xiaomi का अगला जनरेशन फ्लिप फोन चीन में होगा लॉन्च

नई दिल्ली चीनी टेक कंपनी Xiaomi का अगला जनरेशन फ्लिप फोन हाल ही में 3C डेटाबेस पर देखा गया है। यहां इस फोन का मॉडल नंबर 2505APX7BC और 2505APX7BG दिखाई दे रहा है। इसमें पहला मॉडल चीन के लिए है, जबकि दूसरा मॉडल Mix Flip 2 को ग्लोबल वर्जन माना जा रहा है। इस सर्टिफिकेशन में ज्यादा डिटेल्स तो सामने नहीं आईं, लेकिन यह जरूर बताया गया है कि Mix Flip 2 में MDY-15-EQ पावर ब्रिक दिया गया है, जो कि 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। फोन को लेकर किया गया था दावा फरवरी 2025 में एक टिप्सटर ने Xiaomi के इस नए फ्लैगशिप फ्लिप फोन की कई अहम स्पेसिफिकेशन्स लीक की थीं। कहा गया कि Mix Flip 2 में Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर होगा। साथ ही कंपनी इसके कवर डिस्प्ले में भी कुछ बड़े बदलाव ला सकती है। इस डिवाइस में IPX8 रेटिंग दी जा सकती है जो इसे वाटर-रेसिस्टेंट बनाएगी। इसके अलावा, इसमें 5,050mAh की बैटरी और 50W वायरलेस फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी शामिल हो सकता है। OLED डिस्प्ले के साथ मिलती है 120Hz रिफ्रेश रेट कैमरे की बात करें तो Mix Flip 2 में पीछे की तरफ डुअल कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें OIS सपोर्ट के साथ 50MP का मेन कैमरा और 50MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस होगा। अन्य खास फीचर्स में 6.85 इंच का LTPO फोल्डेबल OLED डिस्प्ले शामिल है, जिसका 1.5K रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट होगा। इसमें NFC सपोर्ट, स्लिम 7.6mm बॉडी, और साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर भी होगा। हालांकि Xiaomi ने अभी तक Mix Flip 2 की लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि यह 2025 की दूसरी तिमाही में बाजार में पेश किया जाएगा। फोल्ड को लेकर पहले आई थी रिपोर्ट पिछले साल शाओमी ने फोल्ड और फ्लिप को मार्केट में उतारा था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फोल्ड को कंपनी फिलहाल चीनी मार्केट तक ही सीमित रखने का प्लान बना रही है। जबकि फ्लिप के साथ ऐसा नहीं है। नए वैरिएंट्स के साथ फोन को ग्लोबल मार्केट में लाने पर भी विचार किया जा सकता है। हाल ही में Xiaomi की तरफ से 15 सीरीज को मार्केट में उतारा गया है। फोल्ड के बेस वैरिएंट की कीमत करीब 1 लाख रुपए से शुरू होती है। ये फोन 4 कलर वैरिएंट में आता है। अब ये देखना होगा कि नई सीरीज को लेकर कंपनी क्या प्लान बनाती है। साथ ही इन्हें कब लाया जा सकता है।

Google ने रिलीज किया Android 16 का Beta 3.2 वर्जन

नई दिल्ली गूगल ने बीटा टेस्टर और डेवलपर्स के लिए Android 16 का बीटा 3.2 वर्जन लॉन्च किया है। इस वर्जन में कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिससे फोन की पर्फॉर्मेंस बेहतर और बैट्री ड्रेन की शिकायत दूर होगी। इसके अलावा भी सिस्टम से जुड़े कई सुधार इस बीटा वर्जन में शामिल किए गए हैं। बता दें कि पिछले साल पिक्सल 9 लाइनअप के साथ गूगल ने Android वर्जन 15 लॉन्च किया था। उसके बाद से कंपनी ने Android 16 पर काम शुरू कर दिया था। Android 16 के बीटा वर्जन पिक्सल डिवाइस पर चलाए जा सकते हैं। हालांकि अगर आप पिक्सल यूजर हैं, तो Android 16 का स्टेबल वर्जन रिलीज होने तक इसे इंस्टॉल करने से बचें। क्या कुछ होगा नया? Android के पिछले वर्जन के बाद से टेस्टर्स ने पेश आ रही दिक्कतों को गूगल को रिपोर्ट किया था। उन्हीं से जुड़े सुधार इस वर्जन में किए गए हैं। यह आपको बिल्ड नंबर BP22.250221.015 के साथ मिलेगा और Google Play Service को 25.07.33 वर्जन पर अपडेट कर देगा। चेंजलॉग के अनुसार इस वर्जन में हैप्टिक्स से जुड़े सुधार किए गए हैं। यूजर्स ने रिपोर्ट किया था कि उन्हें UI में कई जगह हैप्टिक्स का फीडबैक सही नहीं मिल रहा था। इसके अलावा Pixel 6 और 6 pro में फोटो या वीडियो बनाते समय फ्लिकर की समस्या आ रही थी। उसे भी इस अपडेट में सही किया गया है। यानी अगर आप Pixel 6 और 6 pro यूजर हैं, तो आपके फोन की समस्या को जल्द दूर कर दिया जाएगा। मार्च का सिक्योरिटी पैच भी शामिल इस बीटा वर्जन में बताए गए सुधारों के अलावा मार्च महीने का सिक्योरिटी पैच भी शामिल किया गया है। जो भी यूजर इस बीटा वर्जन को इंस्टॉल करेंगे उनका फोन मार्च महीने के सिक्योरिटी पैच पर अपडेट हो जाएगा। यहां इस बात का ध्यान रखें कि Android के बीटा वर्जन में कई तरह के बग्स होना आम बाता है। ऐसे में आम यूजर्स के पास भले इसे कम्पैटिबल डिवाइस पर अपडेट करने का ऑप्शन हो लेकिन इसकी सलाह नहीं दी जाती है। बेहतर होगा कि अपने डिवाइस के लिए इसके स्टेबल वर्जन के आने का इंतज़ार करें। Android 16 साथ लाएगा कुछ कमाल के फीचर्स Android 16 के आने के बाद कुछ कमाल के फीचर्स आपके फोन का हिस्सा बन जाएंगे। जैसे कि फोन के लॉक होने पर भी आप अपने फोन को फिंगरप्रिंट से अनलॉक कर पाएंगे। स्क्रीन लॉक होने पर फिंगरप्रिंट लॉक इस्तेमाल करने का फीचर सैमसंग डिवाइसेज पर पहले ही उपलब्ध है लेकिन Android 16 आ जाने के बाद यह सभी के लिए उपलब्ध होगा।

जीवन में सफलता पानी है तो सही दिशा में करें प्रयास

लाइफ में सक्सेज तो सभी चाहते हैं। लेकिन सफलता उसे ही मिलती है जो मेहनत करता है। हालांकि इसके साथ मेहनत किस दिशा में और कितनी की जा रही है, ये बात भी निर्भर करती है। अगर आप अपने करियर, फैमिली या किसी भी चीज में सफलता चाहते हैं तो इन तीन चीजों को जरूर याद रखें। तभी सक्सेज मिलने में आसानी होगी। जानें क्या हैं वो तीन चीजें, जिसे करने के लिए हर सफल इंसान कहता है। आत्मविश्वास किसी भी काम को करने के लिए आत्मविश्वास का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब आप खुद पर भरोसा करेंगे कि ये काम आप कर सकते हैं। फिर वो चाहे आसान हो या कठिन पूरा जरूर होता है। स्पष्टता लाइफ में किस इंसान के साथ जिंदगी बितानी है या फिर किस दिशा में करियर बनाना है। आपकी सोच और माइंड बिल्कुल क्लियर होना चाहिए। तभी आप सफल हो सकते हैं। जब आपका माइंड बिल्कुल क्लियर होगा उसमे दुविधा की स्थिति नहीं होगी तभी आप सही दिशा में मेहनत कर पाएंगे और खुद में आत्मविश्वास भी महसूस करेंगे। निरंतरता यानी कंस्सिटेंसी ‘करत-करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान’ इस दोहे का अर्थ है कि लगातार अभ्यास करने से मूर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है। जब आप किसी काम को लगातार करते हैं, बिना रुके करते हैं। तो एक ना एक दिन सफलता आपको जरूर मिलती है। इसलिए अपने काम में निरंतरता बनाकर रखें। बिना रुके सही दिशा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ किया गया काम आपको सफलता जरूर दिलाता है।

iPhone की बैटरी क्यों हो जाती है इतनी जल्दी ख़त्म, करें ये स‍ेटिंग्‍स ऑन

नई दिल्ली अगर आप भी अपने iPhone के आइडल बैटरी ड्रेन से परेशान हैं, तो आप सही खबर पढ़ रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसी ट्रिक बताने वाले हैं जिससे आपके iPhone का आइडल बैटरी ड्रेन न के बराबर रह जाएगा। इस ट्रिक के बारे में जानने से पहले बताते हैं कि आइडल बैटरी ड्रेन होता क्या है? मान लीजिए कि रात को सोते समय आपके फोन की बैटरी 100% चार्ज थी और सुबह उठने पर वह 95% रह जाती है, तो यहां 5% के बैटरी ड्रेन को आइडल बैटरी ड्रेन माना जाएगा। कहने का मतलब है कि जब आप लंबे समय तक फोन इस्तेमाल नहीं कर रहे होते उस समय ड्रॉप होने वाली बैटरी को आइडल बैटरी ड्रेन कहते हैं। तो चलिए जानते हैं उस ट्रिक के बारे में जिससे आपकी यह समस्या बिल्कुल ठीक हो जाएगी। Shortcuts ऐप डाउनलोड या अपडेट करें हम जिस ट्रिक के बारे में आपको बता रहे हैं उसके लिए पहले अपने iPhone में Apple का Shortcuts ऐप का होना जरूरी है। वैसे तो यह ऐप हर iPhone में प्री इंस्टॉल्ड आता है लेकिन अगर किसी वजह से यह आपके iPhone में न हो, तो ऐप स्टोर से इसे डाउनलोड और अपडेट कर लें। इसके बाद Shortcuts ऐप को खोलें। नया ऑटोमेशन बनाएं इसके बाद Automations के ऑप्शन पर जाएं और New Automation पर टैप करें। बता दें कि इस फीचर की मदद से आप अपने iPhone में कुछ सेटिंग्स को ऑटोमैटिक तरीके से चालू करवा सकते हैं। सिर्फ कुछ कंडीशन सेट करके और लगभग कुछ भी अपने iPhone से ऑटोमैटिक तरीके से करवा सकते हैं। टाइम सेट करें इसके बाद कई ऑप्शन्स की एक लिस्ट आपको दिखाई देगी। उसमें से Time of Day पर टैप करें। हर रात के लिए इस ऑप्शन को चुनें इसके बाद आपको वह समय सेट करना है जिस वक्त आप अमूमन सो जाते हैं। हमने यहां 12.30 बजे का समय चुना है। साथ ही Daily के ऑप्शन पर भी टैप कर दें। इसका मतलब है कि यह ऑटोमेशन हर रात 12.30 बजे चलेगा। ऑप्शन को चालू करना न भूलें यहीं पर आपको थोड़ा नीचे Run Immediately का ऑप्शन चुनना होगा। ऐसा करने से आपके iPhone को ऑटोमेशन को चलाने के लिए आपकी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। रात 12.30 बजे यह खुद-ब-खुद चल जाएगा। ब्लैंक ऑटोमेशन को चुनें इसके बाद ग्रे रंग के New Blank Automation को चुनें। इसका मतलब है कि रात 12.30 बजे के लिए आप एक नया ऑटोमेशन बनाना चाहते हैं। बैटरी खाने वाली सेटिंग्स को ऐड करें अगले स्टेप में सर्च बार में Wifi, Bluetooth, Mobile data और Low Power Mode को सर्च करके ऐ़ड करते जाएंं। बताए गए तरीके से सेटिंग्स को सेट करें अब आपको Wifi, Bluetooth, Mobile Plan के लिए Off और Low Power Mode के लिए On को सेट करना है। अब हर रात बचाएं बैटरी ड्रेन अंत में आपका ऑटोमेशन तैयार होकर कुछ इस तरह का दिखेगा। अब हर रात 12.30 बजे आपके iPhone का wifi, bluetooth और mobile data खुद ऑफ हो जाएगा। इससे आपके फोन के बैकग्राउंड में चलने वाले प्रोसेस रुक जाएंगे। इससे रात को जब आप सो रहे होंगे तो एक तरह से आपका फोन भी आराम करेगा। बैट्री बेकार खर्च नहीं होगी और Low Power Mode के On होने से आइडल बैट्री ड्रेन और कम हो जाएगा।

कंधे के दर्द काे दूर करने के ल‍िए अपनाएं ये तरीके

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। न समय पर खाना हो पाता है और न ही सोना। लोग ऑफ‍िस में घंटों बैठकर काम करते हैं। इससे उन्‍हें कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। ऐसे में हमें थकान घेरे रहती है। जोड़ाें में दर्द होने लगता है। इनमें से एक आम समस्‍या है, और वो है कंधों का दर्द होना। आज के समय में ज्‍यादातर लोग कंधों के दर्द से परेशान हैं। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और कभी-कभी इतना तेज कि रोजमर्रा के कामों को करना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी कंधों के दर्द से परेशान हैं तो हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं। इस लेख में हम ये भी जानेंगे क‍ि इस भयंकर दर्द से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- गलत मुद्रा में बैठना अगर आप लंबे समय तक झुककर बैठते हैं या फ‍िर गलत तरीके से सोते हैं तो इससे कंधे की मांसपेशियों पर तनाव पड़ता है। यही कारण है क‍ि कंधों में दर्द शुरू हो जाता है। भारी सामान उठाना अगर आप जरूरत से ज्‍यादा भारी सामान उठाते हैं तो इससे भी कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, जिससे दर्द हो सकता है। आपको भारी सामान उठाते समय ध्‍यान देने की जरूरत है। फ्रोजन शोल्डर जब कंधे के जोड़ के आसपास के कनेक्टिव टिश्यू (जो एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने का काम करते हैं) ठोस, संक्रमित और जाम हो जाते हैं, तो इससे भी कंधों को मूव करने में दर्द होने लगता है। इसे फ्रोजन शोल्डर के नाम से जाना जाता है। गठिया बढ़ती उम्र के साथ-साथ गठिया की समस्या हो सकती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। ऐसे में कंधों में दर्द होने का आम कारण गठ‍िया भी हो सकता है। कंधे के दर्द से ऐसे पाएं राहत     गर्म और ठंडी सिकाई करें। दरअसल, बर्फ की सिकाई से सूजन कम होती है और दर्द में राहत मिलती है। वहीं गर्म पानी की सिकाई से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।     हल्के कंधे घुमाने वाले व्यायाम करने से जकड़न कम होती है। नियमित रूप से योग और स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं।     सरसों या नारियल के तेल से मालिश करने से भी मसल्‍स को आराम मिलता है। हालांक‍ि मसाज के लिए किसी एक्‍सपर्ट की मदद लें।     कंप्यूटर पर काम करते समय पीठ और गर्दन को सीधा रखें।     अगर दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।  

गर्मियों में त्वचा रहे निखरी-निखरी

गर्मियों में हमारी त्वचा में तेल की बारीक तह चढ़ने लगती हैं जो कील मुंहासों को निमंत्रण देती है। प्रातः एक गिलास ताज़े पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीने से चेहरे की त्वचा में ताज़गी और निख़ार आता है। साथ ही त्वचा की चिकनाहट दूर होती है और कील मुंहासों की समस्याओं का समाधान होता है। -त्वचा की अतिरिक्त चिकनाहट को दूर करने के लिए गुलाब जल का प्रयोग भी लाभदायक रहता है। इसके लिए आप थोड़े से बेसन में गुलाब जल मिलाएं फिर इस मिश्रण को लेप की भांति चेहरे पर लगाएं। कुछ समय के उपरांत चेहरे को स्वच्छ जल से धो लें, इससे आपके चेहरे की रंगत में निखार आएगा और त्वचा भी चिपचिपाहट से बची रहेंगी। -चेहरे की रंगत निखारने के लिए नारंगी के छिलके बहुत लाभदायक रहते हैं। इन छिलकों को चेहरे और हाथ-पांव पर रगड़ें। इसका रस त्वचा को मुलायम तो बनाता ही है, साथ ही ताज़गी भी प्रदान करता है। -आलू काट कर त्वचा पर मलने से त्वचा के दाग धब्बे दूर हो जाते हैं। अपने चेहरे की त्वचा को स्वच्छ रखें। इसके लिए आप तीन चम्मच मैदा और बेसन लें, थोड़ी-सी हल्दी ले। इन सबको मिलाकर रख लें और जब प्रयोग करना हो उसमें चन्द बूंदे नींबू के रस और जैतून के तेल की मिला लें और उसे चेहरे की त्वचा पर मलें। ताजे पानी से मुंह को अवश्य साफ कर लें। इस मिश्रण विधि का प्रयोग चेहरे की त्वचा पर दिन में दो बार अवश्य करें। इससे आप अपने चेहरे की त्वचा में काफी परिवर्तन महसूस करेंगी। -ग्रीष्म ऋतु में खीरे का प्रयोग जहां तक हो अत्यधिक करें। एक बात का विशेषकर ध्यान रखें कि अपने चेहरे की अतिरिक्त चिकनाहट की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बाजारू लोशन और क्रीम से स्वयं को बचाए रखें, क्योंकि ये लोशन चेहरे की त्वचा को लाभ पहुंचाने के बजाय नुकसान ही पहुंचाते हैं। आपकी त्वचा का सबसे अधिक संबंध आपके आहार से होता है। अतः भोजन हमेशा पौष्टिक आहारों से युक्त ही करें। ग्रीष्म ऋतु में चेहरे को धूप से बचाएं। सौन्दर्य प्रसाधनों का प्रयोग समय के अनुसार करने से चेहरे की त्वचा पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है जबकि हर समय त्वचा पर सौन्दर्य प्रसाधनों का प्रयोग चेहरे की त्वचा को अनाकर्षक भी बना देता है।  

दाग-धब्बों और एक्ने छिपाने के लिए सही करेक्टर का करे चुनाव

लड़कियां अक्सर खुद को और खूबसूरत या बेहतर दिखाने के लिए मेकअप का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, कई बार मेकअप करने के बाद भी चेहरे पर मौजूद मुंहासे और दाग-धब्बे छिप नहीं पाते हैं। अगर आपका भी कंसीलर मुंहासे को ज्यादा उभार रहा है या डार्क सर्कल्स अब भी नजर आ रहे हैं, तो फिर आपको करेक्टर को अपने मेकअप किट का दोस्त बना लेना चाहिए। आइए जानते करेक्टर्स से जुड़ी जरूरी जानकारी- क्या करेक्ट करते हैं ये करेक्टर्स कलर करेक्टिंग मेकअप से डिस्कलरेशन को छिपाने में हेल्प मिलती है, वहीं इसके ऊपर कंसीलर अप्लाई कर लेने से वो और भी अच्छी तरह कवर हो जाता है। इसके लिए सबसे जरूरी है अपनी स्किन की उन खामियों को छिपाने के लिए सही कलर करेक्टर चुनना। लैवेंडर, ऑरेंज और ग्रीन जैसे शेड्स इस्तेमाल में थोड़े ट्रिकी हो सकते हैं। कलर करेक्टर लगाने से पहले फाउंडेशन लगाना चाहिए। करेक्टर जहां असामान्य रंगत को एक जैसा बनाता है, वहीं फांउडेशन कवरेज देकर स्किन टोन को एकसमान बनाता है।     येलो कलर करेक्टर: ये स्किन के पिंक कलर और रेडनेस को करेक्ट करता है। यह चेहरे की डलनेस से लड़ने के लिए काफी अच्छा है, क्योंकि मीडियम से फेयर स्किन टोन को इससे और भी निखार मिलता है।     ग्रीन कलर करेक्टर: अगर किसी के चेहरे पर रेडनेस हो गई है, तो ये शेड काफी हेल्पफुल है। ये शेड रेड स्पॉट, लाल रंग के बर्थमार्क, एक्ने को छिपाता है। इतना ही नहीं सनबर्न में भी ग्रीन करेक्टर इस्तेमाल किया जा सकता है।     पीच या ऑरेंज करेक्टर: ऑरेंज शेड्स के अंदर आने वाले कलर करेक्टर चेहरे के दाग-धब्बों और डार्कनेस को ठीक करते हैं। इस शेड का कोई भी करेक्टर चुनने के दौरान अपनी स्किन टोन का जरूर ध्यान रखें। लाइट स्किन पर जहां पीच ज्यादा सूट करता है, वहीं डार्क स्किन टोन पर ऑरेंज।     ब्लू करेक्टर: ये आपके चेहरे के पीलेपन को बैलेंस करता है। डार्क ऑरेंज वाले पिग्मेंटेशन में भी ये करेक्टर काफी काम का है। ग्रीन की तरह ही ब्लू को किसी भी स्किन टोन पर इस्तेमाल किया जा सकता है। कंसीलर या करेक्टर ये आपकी जरूरत पर निर्भर करता है कि आप किसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। करेक्टर को स्किन के कुछ खास तरह के दाग-धब्बों, रेडनेस या डार्क सर्कल्स को बेअसर करने के लिए बेहतर माना जाता है। वहीं, कंसीलर को आम कवरेज के लिए।

इंटरव्यू में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जरूरी हैं ये सामान्य सवाल, जानें क्या पूछे जाएंगे

किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में साक्षात्कार सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। यह एक दो-तरफा प्रक्रिया है, जिसमें उम्मीदवार और कंपनी, दोनो एक-दूसरे का मूल्यांकन करते हैं। अगर आप आए दिन इंटरव्यू देते रहते हैं, तो ध्यान रखें कि भले ही आप किसी भूमिका के लिए आदर्श उम्मीदवार हों, लेकिन बगैर ठोस तैयारी के इंटरव्यू में शामिल होने से आपको फायदा कम नुकसान ज्यादा झेलना पड़ सकता है। ऐसे में, आपका प्रदर्शन पूर्व में की गई आपकी तैयारी पर निर्भर करता है। इंटरव्यू में किसी भी जोखिम से बचने के लिए आपको पहले से ही उसकी एक ऐसी सुनियोजित योजना बनानी चाहिए, जो भूमिका, जिम्मेदारियों और कंपनी से आपकी अपेक्षाओं पर आधारित हो। जॉब डिस्क्रिशन की तैयारी इंटरव्यू में जाने से पहले जॉब डिस्क्रिप्शन (जेडी) के बारे में अच्छे से जान लें। इससे आपको उस पद से जुड़ी, जिसके लिए आप आवेदन कर रहे हैं, जिम्मेदारियों और उन्हें अच्छी तरह से निभाने के लिए जरूरी कौशल की जानकारी मिलती है। एक उम्मीदवार के पास भूमिका से जुड़ी जो जानकारियां होनी चाहिए, उन्हें लिख लेना बेहतर तरीका है। वार्मअप प्रश्नों का अभ्यास इंटरव्यू लेने वाले सीधे आपसे कठिन सवाल नहीं पूछेंगे। आपसे सबसे पहले आपके व्यक्तित्व, अनुभव, पृष्ठभूमि या अनुभव से जुड़े वार्मअप सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब आप सहजता से और अच्छी तरह से दे सकते हैं। ऐसे प्रश्नों की एक सूची बना लें और उन पर काम करें। क्या, कैसे और क्यों इंटरव्यू चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, एक संरचित प्रारूप का पालन करके ही आप उसमें सफल हो सकते हैं। इसके लिए आपको प्रत्येक साक्षात्कारकर्ता के सवालों को ध्यान से सुनने और उनका आकलन करके उत्तर देने का अभ्यास करना चाहिए। ऐसा आप तभी कर सकते हैं, जब आप प्रश्न में छिपे क्या, कैसे और क्यों जैसे कारकों की पहचान कर पाएं। पिछले इंटरव्यू के सवालों या किसी पेशेवर की मदद लेकर आप ऐसा कर सकते हैं। योग्यता और डिग्री से जुड़ें सवाल योग्यता से जुड़ें सवाल आपको यह पता लगाने का मौका देते हैं कि आप किन क्षेत्रों में अच्छे हैं और किनमें सुधार करने की जरूरत है। इससे जुड़ें सवालों का अभ्यास करके आप आकलन कर पाएंगे कि नौकरी में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कौन-से कौशल होने जरूरी हैं। जोखिम और उच्च दबाव साक्षात्कार में आपसे ऐसे अनुभवों के बारे में भी पूछा जा सकता है, जिनमें कुछ नया करने के लिए आपने जोखिम उठाया हो या जब आपको उच्च दबाव वाली स्थिति में कठिन निर्णय लेने पड़ें हों। ऐसे प्रश्नों के लिए भी तैयार रहें।  

बैगेज की टेंशन खत्‍म, एयर इंडिया ने अपने सिस्‍टम में जोड़ा ऐपल एयर टैग

नई दिल्ली विमान से सफर करने वालों टेंशन रहती है कि कहीं उनका सामान खो ना जाए। बैगेज पॉइंट पर भी लोग इंतजार में रहते हैं कि उनका बैग कब आएगा या कहां पहुंचा है। यह प्रॉब्‍लम काफी हद तक सॉल्‍व हो सकती है। एयर इंडिया ने एक नया फीचर शुरू किया है। इसकी मदद से खोये हुए सामान को या अपने बैगेज को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया ने अपने सिस्‍टम में ऐपल एयर टैग (Apple AirTag) को जोड़ लिया है। अब जो भी यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर करेंगे और उनके पास आईफोन, आईपैड या आईमैक है तो वह अपने सामान को ट्रैक कर पाएंगे। एयर इंडिया का दावा है कि वह इस सुविधा को पेश करने वाली एशिया की पहली एयरलाइन कंपनी है। कंपनी के मुताबिक वह हर साल 10 करोड़ से ज्‍यादा सामान को जिम्‍मेदारी के साथ यात्रियों तक पहुंचाती है। 99.6 फीसदी सामान यात्रियों को टाइम पर मिल जाता है, लेकिन कुछ सामान एयरपोर्ट पर फ्लाइट छूटने की वजह से लेट हो जाता है। अब एयरटैग की मदद से उस सामान की ढूंढने में मदद ली जा सकेगी। कहां ढूंढ पाएंगे लोग अपना सामान     एयर इंडिया ने बताया है कि लोग अपना खोया हुआ सामान वेबसाइट पर “Track My Bags” टैब में देख पाएंगे। अगर आप ऐपल यूजर हैं और आपका सामान एयर इंडिया की फ्लाइट में खो जाए, तो जानते हैं कि AirTag कैसे काम करेगा।     अगर एयर टैग लगा हुआ सामान खो गया है, तो यात्रियों को एयर इंडिया के बैगेज काउंटर में इसकी जानकारी देनी होगी। वहां मौजूद कर्मचारी एक फॉर्म भरने में मदद करेंगे।     उसके बाद यात्री को एयरटैग की लोकेशन शेयर करनी होगी। इसके लिए अपने आईफोन में फाइंड माई ऐप में जाकर शेयर आइटम लोकेशन का लिंक एयर इंडिया को भेजना है।     अब यह लिंक भेजना कैसे है, वह भी जानते हैं। अगर आप एयर इंडिया का मोबाइल ऐप यूज करते हैं तो कस्‍टमर सपोर्ट पोर्टल में जाएं। वहां बैगेज सिलेक्‍ट करें। फ‍िर लॉस्‍ट एंड फाउंड चेक-इन बैगेज पर जाकर लिंक ऐड कर दें।     इसी तरह वेबसाइट पर लिंक ऐड करने के लिए भी आपको लॉस्‍ट एंड फाउंड चेक-इन बैगेज पर जाना होगा। वहां लिंक सबमिट करके पीआईआर नंबर डालना होगा। यह वही नंबर है, जो फॉर्म भरते वक्‍त आपको मिला होगा।     इसके बाद आप अपना स्‍टेटस चेक कर सकते हैं। एयर इंडिया की ओर से भेजे गए ई-मेल लिंक में स्‍टेटस देखा जा सकेगा।     जैसे ही एयर इंडिया की टीम को आपका सामान मिलेगा, वह आपको हैंडओवर कर देगी। ध्‍यान देने वाली बात है कि ऐपल एयरटैग का फायदा उन यात्रियों को ही मिलेगा, जो ऐपल डिवाइसेज जैसे-आईफोन, आईपैड आदि यूज करते हैं।

अब WhatsApp स्टेटस में फोटो के साथ लगाए म्यूजिक

नई दिल्ली WhatsApp अब सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रह गया है। Meta द्वारा खरीदे जाने के बाद से WhatsApp में नए-नए फीचर्स जोड़े जाते रहे हैं। इसी कड़ी में अब WhatsApp पर Instagram का एक खास फीचर लाया गया है। आप अब WhatsApp स्टेटस में फोटो के साथ म्यूजिक भी लगा पाएंगे। अभी तक फोटो के साथ म्यूजिक लगाने का फीचर WhatsApp पर उपलब्ध नहीं था। इस फीचर के आने के बाद से सोशल मीडिया पर यूजर्स काफी खुश नजर आए हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें इस फीचर का काफी समय से इंतजार था। इस फीचर के आने से पहले तक WhatsApp यूजर्स स्टेटस में लगाई जाने वाली फोटोज के साथ किसी तरह का ऑडियो नहीं लगा सकते थे। इसके लिए उन्हें अन्य ऐप्स का सहारा लेना पड़ता था। अब यूजर्स आसानी से अपने फोटोज के साथ म्यूजिक भी स्टेटस में शेयर कर पाएंगे। WhatsApp स्टेटस में इस तरह लगाएं गाने WhatsApp स्टेटस में फोटोज के साथ गाने लगाने के लिए पहले चेक कर लें कि आप WhatsApp का नया वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। अगर आप WhatsApp का पुराना वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हो सकता है कि यह फीचर आपके लिए उपलब्ध न हो। गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल ऐप स्टोर पर जाकर WhatsApp को अपडेट कर लें। इसके बाद- इस तरह से म्‍यूजिक का आइकन बना हुआ दिखाई देता है।     अपने मोबाइल में WhatsApp ऐप खोलें।     ऐप में नीचे द‍िख रहे अपडेट्स टैब पर जाएं।     स्टेटस लगाने के लिए फोटो को सिलेक्‍ट करें।     फोटो के ऊपर दिखाई दे रहे म्यूजिक के ऑप्शन पर टैप करें।     पसंदीदा गाने को चुनें और स्टेटस को पोस्ट करें। कोई और इस्‍तेमाल नहीं कर पाएगा इसे बता दें कि स्टेटस अपडेट पर शेयर किये गये म्यूजिक को कोई दूसरा एक्सेस नहीं कर पाएगा, क्योंकि यह चैट की तरह ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ आएगा। iOS यूजर्स के लिए यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट में है। अगर आप iOS यूजर हैं, तो WhatsApp को नए वर्जन पर अपडेट रखें ताकि लॉन्च होने के बाद यह आपके लिए उपलब्ध हो सके। पहले भी आते रहे हैं नए-नए फीचर्स WhatsApp पहले भी इसी तरह के कई कमाल के फीचर्स समय-समय पर लॉन्च करता रहा है। कुछ समय पहले WhatsApp ने चैट्स की सुरक्षा के लिए उन्हें लॉक करने का फीचर उपलब्ध कराया था। इसके अलावा डॉक्यूमेंट स्कैन करने का फीचर, टाइपिंग इंडिगेटर और वॉइस नोट्स ट्रांस्क्रिप्शन फीचर भी WhatsApp ने हाल ही में पेश किया था।

सेहत दुरुस्त बनाने के लिए पपीता किसी वरदान से काम नहीं

हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट में लोग कई ऐसे फूड्स शामिल करते हैं, जो उन्हें सभी पोषक तत्व दें और सेहत से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाए। पपीता ऐसा ही एक सुपरफूड है, जिसे डाइट में शामिल करने से सेहत को कई सारे फायदे मिलते हैं। खासकर कच्चा पपीता ज्यादा फायदेमंद होता है। यह जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और शक्तिशाली एंजाइम्स से भरपूर होता है। यह पपेन से भरा होता है, जो एक पाचन एंजाइम है, जिससे प्रोटीन को तोड़ने में मदद मिलती है। साथ ही यह गट हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। विटामिन सी, विटामिन ए, फोलेट, पोटेशियम और फाइबर से भरपूर होने की वजह से कच्चा पपीता पाचन बेहतर बनाता है और स्किन को भी हेल्दी बनाता है। ये सभी फायदे आप हफ्ते में सिर्फ 3 बार इसे खाकर भी पा सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे हफ्ते में 3 बार कच्चा पपीता खाने के बेमिसाल फायदे- ब्लड शुगर कंट्रोल करें कच्चे पपीते का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए शानदार साबित होगा। लो जीआई होने की वजह से यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकता है। साथ ही कच्चे पपीते में मौजूद हाई फाइबर कंटेंट शुगर अब्जॉर्प्शन को धीमा कर देते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इम्युनिटी बढ़ाएं अगर आप अपनी इम्युनिटी बढ़ाना चाहते हैं, तो विटामिन सी से भरपूर कच्चा पपीता डाइट में जरूर शामिल करें। यह इम्यून सिस्टम मजबूत करने और बीमारियों से बचाव में करने में मदद करता है। हफ्ते में सिर्फ तीन दिन इसे खाने से आपकी सेहत में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं। हार्ट हेल्थ बेहतर करे कच्चे पपीते में पोटैशियम भी होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। साथ ही इसमें मौजूद हाई फाइबर कंटेंट हेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। वेट मैनेजमेंट में मददगार लो कैलोरी और हाई डाइटरी फाइबर से भरपूर कच्चा पपीता लंबे समय तक पेट भरा रखता है। इससे आपको भूख कम लगती है और आप ज्यादा खाने से बचते हैं। इसके अलावा, कच्चे पपीते के एंजाइम फैट के टूटने में मदद कर सकते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। पाचन के लिए गुणकारी पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी कच्चा पपीता गुणकारी होता है। इसमें पपेन होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करने वाला एक एंजाइम है। यह ब्लोटिंग और अपच को कम करने में मदद करता है। साथ ही पेट के एसिड और एसिड रिफ्लक्स को बेअसर करने में मदद करता हैं। इसके अलावा यह गैस्ट्राइटिस या अल्सर वाले लोगों के लिए फायदेमंद होता है। आंखों के लिए फायदेमंद कच्चे पपीते में पाया जाने वाला विटामिन-ए आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। ऐसे में इसे डाइट में शामिल करने से उम्र संबंधी मेकुलर डिजनरेशन को रोकने में भी मदद मिलती है। साथ ही आई हेल्थ बेहतर होती है। स्किन को हेल्दी बनाए विटामिन ए और सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कच्चा पपीता फ्री रेडिकल्स से लड़ने, उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने और स्किन को रंगत को बढ़ावा देने में मदद करता है। ये पोषक तत्व त्वचा की लोच बनाए रखने और डैमेज को रोकने के लिए जरूरी हैं।

Amazon भी TikTok को खरीदने की दौड़ में हुआ शामिल

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से TikTok को बेचने के लिए मिला समय जल्द पूरा होने वाला है। ऐसे में खबरें आ रही हैं कि जेफ बेजोस की कंपनी Amazon भी TikTok को खरीदने की दौड़ में शामिल हो गई है। हालांकि सिर्फ Amazon ही नहीं है जिसने आखिरी समय पर TikTok को खरीदने के लिए बोली लगाई है। Zoop नाम का स्टार्टअप भी पॉपुलर वीडियो ऐप TikTok को खरीदने की दौड़ में शामिल हो गया है। इस मामले में फिलहाल ताजा जानकारी यह है कि व्हाइट हाउस की ओर से TikTok की डील पर बहुत जल्द मुहर लग सकती है। TikTok की डील को लेकर हर दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है। अभी बीते दिनों एंड्रेसन होरोविट्ज के TikTok डील की रेस में कूदने की खबर आई थी। अब इसमें Amazon का नाम भी शामिल हो गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Amazon ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक को लिखे एक पत्र के जरिए TikTok के यूएस बिजनेस को खरीदने की इच्छा जताई है। Amazon, TikTok डील की रेस में शामिल होने वाला आखिरी नाम है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कोई भी Amazon की दावेदारी को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा है। दरअसल, अमेरिका का मानना है कि TikTok उसके नागरिकों के निजी डेटा को चीन भेज सकता है। इसी के चलते पिछले साल अमेरिका में एक कानून पास किया गया था। जिसमें TikTok को किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने की शर्त रखी गई थी। पहले यह कानून इसी साल जनवरी में लागू होने वाला था, लेकिन बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बदलकर 5 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया था। बता दें कि इस शर्त को पूरा न करने पर TikTok अमेरिका में बैन हो जाएगा। इस बारे में फिलहाल Amazon ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। क्या पू हो पाएगी डील? भारत में फिलहाल TikTok ऐप बैन है, लेकिन जिन देशों में यह काम कर रहा है, वहां अब यह सिर्फ एक शॉर्ट वीडियो ऐप नहीं रह गया है। अमेरिका में इस ऐप के 17 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। यह एक शॉपिंग हब भी बन गया है। यहां इंफ्लुएंसर्स लोगों को कई तरीके का सामान खरीदने के लिए प्रभावित करते हैं। बता दें कि TikTok की अपनी ई-कॉमर्स सर्विस TikTok Shop भी है। Amazon भी इसी तरह की सर्विस अपने प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करने की असफल कोशिश कर चुकी है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि TikTok को खरीद कर Amazon फिर से अपने बिजनेस में नए फीचर्स जोड़ने की कोशिश करेगी। अमेरिका से आ रही खबरों की मानें तो एंड्रेसन होरोविट्ज, ब्लैक स्टोन, सिल्वर लेक जैसे जाइंट्स को TikTok के बिजनेस का आधा हिस्सा मिल सकता है। वहीं, ओरेकल को TikTok यूएस बिजनेस का डेटा संभालने का काम मिल सकता है। देखना होगा कि TikTok के कितने हिस्से होते हैं और किस-किस के हाथ लगते हैं।

ऐपल से टक्‍कर की तैयारी में Oneplus 13T

नई दिल्ली जहां एक समय पर बड़ी स्क्रीन वाले स्मार्टफोन्स का बोलबाला था, वहीं अब कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन्स का समय बड़े स्‍तर पर वापस आ रहा है। कई स्मार्टफोन कंपनियां अपने मिनी स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में हैं। OnePlus 13T भी इन्हीं में से एक हो सकता है। मंगलवार को कंपनी ने यह फोन अपने अप्रैल फूल डे वीडियो में टीज किया था। अब इसकी बैटरी को लेकर नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि OnePlus 13T में 6200mah की बैटरी हो सकती है। बताया जा रहा है कि OnePlus 13T में 6200mah की बैटरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो मिनी स्मार्टफोन्स में आम तौर पर मिलने वाली कम बैटरी बैकअप की शिकायत दूर हो सकती है। यह लोगों के बीच छोटी स्क्रीन वाले स्मार्टफोन्स के क्रेज को वापस ला सकता है। OnePlus ने टीज किया नया फोन अप्रैल फूल डे के दिन OnePlus ने अपनी 13 सीरीज के लाइनअप में मिनी मॉडल को टीज किया था। OnePlus 13T के नाम से आने वाली इस डिवाइस को लेकर OnePlus चाइना के प्रेजीडेंट ली जी ने भी हिंट दिया है कि OnePlus 13T की बैटरी कैपेसिटी का नंबर ‘6’ से शुरू होगा। इसका मतलब साफ है कि इस स्मार्टफोन में कम से कम 6000mah की बैटरी होने वाली है। इस तरह एक मिनी फोन होने के बावजूद OnePlus 13T में हम OnePlus 13 जितनी बैटरी देख पाएंगे। यह छोटे स्क्रीन साइज की वजह से बेहतर बैटरी बैकअप दे पाएगा। यही वजह कि OnePlus दावा कर रही है कि OnePlus 13T अब तक की सबसे अच्छे बैटरी बैकअप वाला फोन साबित होगा। सिलिकन कार्बन बैटरी का कमाल! दरअसल कुछ समय से स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों ने सिलिकन कार्बन बैटरियों का इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसे आप बैटरी की दुनिया में एक नया अपग्रेड समझ सकते हैं। ऐसी बैटरियों के इस्तेमाल से स्मार्टफोन में कम जगह में ज्यादा एमएएच दे पाना संभव हो गया है। इससे बड़ी कैपेसिटी की बैटरी होने के बावजूद स्मार्टफोन की मोटाई या वजन पर कोई असर नहीं पड़ता। जानकारों का यह भी मानना है कि जैसे-जैसे इस तकनीक पर आधारित बैटरियों का इस्तेमाल चलन में आएगा वैसे-वैसे स्मार्टफोन्स में 6000 से 8000mah की बैटरी कैपेसिटी आम हो जाएगी। इससे लोगों को लंबा बैटरी बैकअप और फोन को बार-बार चार्ज करने के झंझट से छुट्टी मिलेगी। इस नई तकनीक का इस्तेमाल फिलहाल चीनी कंपनियां ज्‍यादा कर रही हैं। Samsung, Apple और Google की ओर से इस तकनीक को अपनाया जाना बाकी है। इससे पहले भी Oneplus 13T के कुछ स्पेक्स लीक हुए थे। उसमें पता चला था कि यह 6.2 इंच की डिस्‍प्‍ले के साथ आएगा और 80W की चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। इसमें आपको 1.5K रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश देखने को मिल सकता है। यह इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी सपोर्ट करेगा।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस महिलाओं में होने वाली समस्या

बैक्टीरियल वेजिनोसिस, वजाइना (योनि) में होने वाला एक सामान्य प्रकार का इन्फेक्शन है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है दुनिया की 3 में से 1 महिला इससे प्रभावित होती है। ऐसे में भावनगर, गुजरात की ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. पूजा घोरी बता रही हैं कि कैसे यह सामान्य इन्फेक्शन आपके लिए परेशानी का कारण बन जाता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। क्या है बैक्टीरियल वेजिनोसिस? ये वजाइना में बैक्टीरिया के ज्यादा मात्रा में बढ़ जाने की वजह से होने वाला इन्फेक्शन है। वैसे हेल्दी वजाइना में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं और एक-दूसरे को बैलेंस करने का काम करते हैं। कई बार “बैड” बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा बढ़ जाती है और वो “गुड” बैक्टीरिया पर हावी होने लगते हैं। इस स्थिति में वजाइना में बैक्टीरिया का ये संतुलन बिगड़ जाता है और बैक्टीरियल वेजिनोसिस की समस्या हो जाती है। आम है ये समस्या 15-44 साल की महिलाओं में होने वाली ये एक सामान्य समस्या है। ये सामान्यतौर पर सेक्सुअली एक्टिव महिला में होता है। कई बार कुछ महिलाओं में नेचुरली बैक्टीरिया ज्यादा संख्या में पैदा हो सकते हैं और उनमें बैक्टीरियल वेजिनोसिस होने की आशंका रहती है। इन्हें ज्यादा रहता है खतरा     प्रेग्नेट महिलाओं को     कंडोम का इस्तेमाल न करने वालों को     यूट्रस में आईयूडी लगा हो     एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर वालों को     डूश का इस्तेमाल करने वालों को     अगर आप कोई एंटीबायोटिक ले रहे हों पहचान कैसे करें लगभग 84% में बैक्टीरियल वेजिनोसिस के लक्षण नजर नहीं आते हैं। अगर आपको इसके लक्षण नजर आ रहे हैं, तो वो इस तरह हो सकते हैं:     वजाइना से क्लाउडी, ग्रे रंग का डिस्चार्ज होना     डिस्चार्ज से मछली जैसी तेज बदबू आना     वजाइना में खुजली या असहजता महसूस होना     यूरिन करने के दौरान जलन होना इस तरह करें बचाव     साफ-सफाई का ध्यान रखें     डूशिंग न करें     ज्यादा मात्रा में प्रोबायोटिक्स लें     वजाइना को बिना खुशबू वाले साबुन से अच्छी तरह धोएं     वजाइना और एनस की सफाई आगे से पीछे की ओर करें     पीरियड के दौरान बार-बार पैड बदलें     वर्कआउट के बाद पसीने वाले कपड़ों में न रहें     सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें     ब्रीदेबल अंडर गारमेंट्स पहनें     सेक्स पार्टनर की संख्या सीमित रखें     खुशबू वाले मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें     पब्लिक वॉशरूम का इस्तेमाल करने से बचें वजाइनल पीएच इस टेस्ट से पता चलता है कि आपका डिस्चार्ज कितना एसिडिक है। पीएच का ज्यादा स्तर कई बार बैक्टीरियल वेजिनोसिस की ओर इशारा करता है।

गर्मियों में पहने लिनेन के कपड़े

गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है और इसी के साथ लोगों के खानपान और पहनावे में भी बदलाव होने लगा है। इस मौसम में लोग न सिर्फ हल्का खाना पसंद करते हैं, बल्कि कपड़े भी हल्के ही पहनना चाहते हैं। ऐसे में लिनेन एक बढ़िया ऑप्शन है, इस मौसम में कुछ लाइट पहनने का। गर्मी के मौसम में लिनेन कपड़े आपको कूल रखने के साथ क्लासी और खूबसूरत भी दिखाते हैं। चाहे कैजुअल हो या पार्टी लुक ये किसी भी वॉर्डरोब का बेहतरीन एडिशन हो सकते हैं। वुमन के लिए लिनेन से बने कई ऑप्शन मौजूद हैं, जिन्हें आप ओकेजन के हिसाब से पहन सकती हैं। आइए इस कूल और कम्फर्टेबल लिनेन पर डालते हैं एक नजर: लिनेन शॉर्ट्स ये शॉर्ट्स लाइटवेट, ब्रीदेबल और गर्मियों के लिए परफेक्ट होते हैं। इन्हें आप कैजुअल आउटिंग या फिर छुट्टियों वाले मोड में पहन सकती हैं। कम्प्लीट लुक के लिए आप इसे लिनेन टॉप के साथ पेयर करें। लिनेन श्रग ये किसी भी आउटफिट की खूबसूरती बढ़ा सकता है। सस्टेंबल मटेरियल से बने होने की वजह से आप इन्हें कैजुअल और स्पेशल दोनों ही लुक के लिए पहन सकती हैं। लिनेन शर्ट वुमन के लिए प्योर लिनेन शर्ट हर दिन पहने जाने के लिए डिजाइन किया गया है। चाहे आप दफ्तर में हों या फिर वर्क फ्रॉम कर रही हों ये आपको रिलेक्स और कूल रखती है। लिनेन टॉप इस टॉप को किसी भी ओकेजन पर पहना जा सकता है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि आपका लुक और भी क्लासी लगे। लिनेन को-ऑर्ड सेट कम से कम स्टाइल में भी ये आपके लुक में एक स्मार्ट ट्विस्ट लेकर आता है। ये कई रंगों के ऑप्शन के साथ आता है। परफेक्ट समर लुक के लिए आप इसे सैंडल्स के साथ पेयर कर सकती हैं। लिनेन जॉगर पैंट ऑफिस, पार्टी या किसी भी मौके लिए यह परफेक्ट लुक देती है। कूल व स्टाइलिश लुक के लिए जॉगर पैंट को क्रॉप टॉप के साथ पेयर करें। वीकेंड आउटिंग के लिए आप इसके साथ कैजुअल टी-शर्ट भी पहन सकती हैं। लिनेन ड्रेस ये किसी भी ओकेजन के लिए एक स्टाइलिश और सोबर लुक देती है। बीच या दोस्तों के साथ नाइट आउट के लिए ये बिल्कुल परफेक्ट है। इसे हर समर वॉर्डरोब में होना चाहिए।

रोजाना साबुन लगाने से स्किन को हो सकता है नुकसान

हेल्दी रहने के लिए अच्छी डाइट के साथ-साथ साफ-सफाई भी बेहद जरूरी है। इसलिए हम रोजाना नहाते हैं। खासकर गर्मियों में पसीने की वजह से रोज नहाना और भी ज्यादा जरूरी होता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या रोज साबुन से नहाना जरूरी है? क्या रोज साबुन से नहाने से कोई नुकसान होता है? आइए डॉक्टर से जानते हैं जवाब। लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सेहतमंद रहने के लिए कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अच्छे खानपान के साथ-साथ हमारा रहन-सहन भी काफी हद तक हमारी सेहत पर असर डालता है। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स भी हमेशा हाइजीन का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। खासतौर पर पर्सनल हाइजीन काफी मायने रखती हैं और इसलिए खुद को साफ रखने के लिए हम रोजाना नहाते हैं। खासकर गर्मियों में नहाना और भी ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि इस मौसम में अक्सर गर्मी की वजह से पसीना आता है, जो कई सारे जर्म्स को बढ़ने का मौका देता है। ऐसे में हेल्दी और साफ रहने के लिए नहाना काफी जरूरी है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि रोज नहाना तो ठीक है, लेकिन क्या रोज साबुन से नहाना जरूरी है। ऐसे में इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने एलांटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली में डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन (एमबीबीएस, एमडी) डॉ. चांदनी जैन गुप्ता से बातचीत की। आइए जानते हैं डॉक्टर की राय- क्या होगा अगर रोज साबुन से नहाएंगे? डॉक्टर बताती हैं कि साबुन, खास तौर पर हार्श साबुन, आपकी स्किन से नेचुरल ऑयल को छीन सकते हैं। ये ऑयल स्किन की नमी को बनाए रखने में मदद करते हैं, इसलिए अगर आप रोजाना साबुन से स्किन धोते हैं, तो आपकी स्किन रूखी और खराब हो सकती है। खासकर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है। यही कारण है कि एक्जिमा, सोरायसिस या ड्राई स्किन वाले लोगों को कोमल, मॉइस्चराइजिंग साबुन या सोप-फ्री क्लींजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है। त्वचा के माइक्रोबायोम को नुकसान आपकी त्वचा में बैक्टीरिया का एक डेलिकेट बैलेंस होता है, जो स्किन को संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर आप साबुन से स्किन को ज्यादा साफ करते हैं, तो यह बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे आपकी त्वचा मुहांसे, रूखापन या यहां तक कि संक्रमण जैसी समस्याओं के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो सकती है। गर्म पानी और साबुन का कॉम्बो साबुन का रोजाना इस्तेमाल तब और भी ज्यादा हानिकारक हो जाता है, जब आप हर दिन साबुन के साथ गर्म पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। गर्म पानी और साबुन के इस कॉम्बो से आपकी स्किन से नमी को हट सकती हैं, जिससे रूखापन और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए नहाते समय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और रोजाना साबुन से नहाने से बचें।

घंटों रील्स देखने की है लत, सेहत के लिए कैसे बन रही है खतरनाक, डॉक्टर ने दी अंधेपन की चेतावनी

नई दिल्ली मानसिक स्वास्थ्य पर रील के प्रभाव के बारे में चिंताओं के बाद, डॉक्टर अब एक नए बढ़ते संकट के बारे में चेतावनी दे रहे हैं। अत्यधिक स्क्रीन टाइम, विशेष रूप से इंस्टाग्राम, टिकटॉक, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील देखने से सभी आयु समूहों में, विशेष रूप से बच्चों और युवा वयस्कों में आंखों से जुड़ी बीमारियों की वृद्धि हो रही है। यह बात एशिया पैसिफिक एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी और ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी की यशोभूमि – इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका, नई दिल्ली में चल रही संयुक्त बैठक के दौरान प्रमुख नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई है। ड्राई आई सिंड्रोम क खतरा बढ़ा एशिया पैसिफिक एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर ललित वर्मा ने अत्यधिक स्क्रीन एक्सपोजर के कारण होने वाली ‘डिजिटल आई स्ट्रेन की महामारी’ के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, “हम ड्राई आई सिंड्रोम, मायोपिया प्रोग्रेस, आई स्ट्रेन और यहां तक ​​कि शुरुआती दौर में ही भेंगापन के मामलों में तेज वृद्धि देख रहे हैं, खासकर उन बच्चों में जो घंटों रील देखते रहते हैं।” “हाल ही में एक छात्र लगातार आंखों में जलन और धुंधली दृष्टि की शिकायत लेकर हमारे पास आया था। जांच के बाद, हमने पाया कि घर पर लंबे समय तक मोबाइल पर रील देखने के कारण उसकी आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं आ रहे थे। उसे तुरंत आई ड्रॉप दी गई और 20-20-20 नियम का पालन करने की सलाह दी गई। इस नियम में हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लेकर 20 फीट दूर किसी चीज को देखना होता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष और अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हरबंश लाल ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझाया, “छोटी, आकर्षक रीलें लंबे समय तक ध्यान खींचने और बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। हालांकि, लगातार स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने से पलकें झपकने की दर 50% कम हो जाती है, जिससे ड्राई आई सिंड्रोम और एकोमोडेशन स्पाज़्म (निकट और दूर की वस्तुओं के बीच फ़ोकस बदलने में कठिनाई) की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर यह आदत अनियंत्रित रूप से जारी रहती है, तो इससे दीर्घकालिक दृष्टि संबंधी समस्याएं और यहां तक ​​कि स्थायी रूप से आंखों में तनाव हो सकता है। डॉ. हरबंश लाल ने आगे कहा कि “जो बच्चे रोजाना घंटों तक रील से चिपके रहते हैं, उनमें शुरुआती मायोपिया विकसित होने का जोखिम होता है, जो पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से बढ़ रहा है। वयस्कों को भी नीली रोशनी के संपर्क में आने से अक्सर सिरदर्द, माइग्रेन और नींद संबंधी विकार का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, हाल के अध्ययनों के अनुसार 2050 तक दुनिया की 50% से ज़्यादा आबादी मायोपिक होगी, जो अंधेपन का सबसे आम कारण है। अब स्क्रीन टाइम बढ़ने के साथ हम 30 साल की उम्र तक चश्मे का नंबर में बदलाव देख रहे हैं, जो कुछ दशक पहले 21 साल था। अध्ययनों से पता चलता है कि बढ़ती संख्या में लोग, विशेष रूप से छात्र और कामकाजी पेशेवर, उच्च गति, दृष्टि उत्तेजक सामग्री के लंबे समय तक संपर्क के कारण डिजिटल आंखों के तनाव, स्क्विंटिंग और खराब दृष्टि से जूझ रहे हैं। डॉक्टर लगातार रील से जुड़े सामाजिक अलगाव, मानसिक थकान और संज्ञानात्मक अधिभार की एक परेशान करने वाली प्रवृत्ति को भी देखते हैं। AIOS के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समर बसाक ने अत्यधिक स्क्रीन समय के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक नुकसान पर प्रकाश डाला: “हम एक चिंताजनक पैटर्न देख रहे हैं जहां लोग रील में इतने लीन हो जाते हैं कि वे वास्तविक दुनिया की बातचीत को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे पारिवारिक रिश्ते खराब हो जाते हैं और शिक्षा और काम पर ध्यान कम हो जाता है। AIOS के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और आने वाले अध्यक्ष डॉ. पार्थ बिस्वास ने कहा, “कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था, तेजी से दृश्य परिवर्तन और लंबे समय तक निकट-फोकस गतिविधि का संयोजन आंखों को अत्यधिक उत्तेजित कर रहा है, जिससे एक ऐसी दिक्कत हो रही है जिसे हम ‘रील विजन सिंड्रोम’ कहते हैं। समय आ गया है कि हम इसे गंभीरता से लें, इससे पहले कि यह एक पूर्ण विकसित सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन जाए।” अत्यधिक रील देखने के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने के लिए, नेत्र रोग विशेषज्ञ 20-20-20 नियम का पालन करने की सलाह देते हैं, जो कहता है कि हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर देखें। पलक झपकने की दर बढ़ाएं, स्क्रीन देखते समय अधिक बार पलकें झपकाने का सचेत प्रयास करें, स्क्रीन का समय कम करें और डिजिटल डिटॉक्स लें क्योंकि नियमित स्क्रीन ब्रेक निर्भरता को कम करने और दीर्घकालिक नुकसान को रोकने में मदद कर सकता है। अनियमित रील खपत के कारण नेत्र विकारों में वृद्धि के साथ, स्वास्थ्य विशेषज्ञ माता-पिता, शिक्षकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से तत्काल निवारक उपाय करने का आग्रह करते हैं। डॉ लाल चेतावनी देते हैं, “रील छोटी हो सकती है, लेकिन आंखों के स्वास्थ्य पर उनका प्रभाव जीवन भर रह सकता है।” “यह समय है कि हम दृष्टि खोने से पहले नियंत्रण करें।

बढ़ती उम्र में भी चेहरे के ग्लो को बनाए रखने के लिए ऐसे करें उसकी देखभाल

लंबे समय तक स्किन प्रॉब्लम्स से दूर रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी उम्र के मुताबिक स्किन की केयर करें। स्किन की सही तरीके से केयर सिर्फ पिंपल्स, डॉर्क स्पॉट्स को ही दूर नहीं रखते बल्कि स्किन के ग्लो को भी बनाए रखते हैं। तो जानेंगे कि कैसे उम्र के हिसाब से करें सही स्किन केयर।   20 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. इस एज में आपकी स्किन अनप्रिडिक्टिबल हो जाती है। 2. स्किन सेरामाइड्स प्रोड्यूस करना बंद कर देती है, जिससे ड्राइनेस होती है। 3. रोजाना सनस्क्रीन लगाना शुरू कर दें। 4. कभी भी मेकअप अप्लाई किए हुए न सोएं। 5. अगर एक्ने की प्रॉब्लम जॉ लाइन तक पहुंच गई है तो ये हॉरमोन-रिलेटेड प्रॉब्लम है। 30 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. कोलेजेन और इलास्टिक फाइबर्स ब्रेक होने लगते हैं। 2. फाइन लाइंस और रिंकल्स साफ तौर पर दिखने लगते हैं। 3. रोजाना अपनी स्किन को एक्सफोलिएट करना जरूरी हो जाता है। 4. हाइड्रोलिक्सल एसिड वाला क्लेंजर यूज करें। 5. आई-केयर क्रीम्स का यूज करना शुरू कर दें। 40 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. डार्क स्पॉट्स होने से स्किन टोन अनईवेन होने लगती है। 2. रिंकल्स गहरे हो जाते हैं। 3. स्किन वॉल्यूम लूज करने लगती है। 4. सुबह और शाम को जेंटल क्लेंजर का इस्तेमाल करें। 5. एंटी-ऑक्सीडेंट्स वाले सिरम यूज करें, इससे स्किन रिपेयरमेंट में हेल्प मिलेगी। 6. नाइट क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करें। 50 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. आपकी स्किन लाइट और लटकी हुई दिखने लगती है। 2. फैट लॉस की वजह से आपको गहरा और डल लुक मिल सकता है। 3. अपनी स्किन को मॉइश्चराइज करना बिल्कुल भी न भूलें। 4. अपनी स्किन को क्लीन करने के लिए भी मॉइश्चराइजिंग क्लेंजर का ही यूज करें। 5. मॉइश्चराइजर बेस्ड नाइट क्रीम का ही यूज करें।  

सेहत पर उल्टा असर डालता है केले के साथ ये फूड्स खाना

केला एक बहुत ही हेल्दी फ्रूट माना जाता है और ये आसानी से पच भी जाता है। ये इंस्टेंट एनर्जी देने वाला और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि, इसे कुछ फूड्स के साथ खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। खुद हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि कुछ फूड्स के साथ केला खाने से हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह से पेट में गैस, एसिडिटी, एलर्जी के साथ-साथ अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। आइए विस्तार से जानें कि किन फूड्स को केले के साथ खाने से बचना चाहिए और इसके पीछे का कारण क्या है- दूध आमतौर पर लोग अक्सर केला और दूध साथ में खाते हैं, लेकिन आयुर्वेद की माने तो ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में टॉक्सिन्स पैदा कर सकता है, जिससे शरीर में कफ, एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे खाने से पेट में भारीपन के साथ-साथ सुस्ती महसूस हो सकती है। दही दही और केला दोनों ही ठंडी तासीर वाले होते हैं। इसलिए इन्हें एक साथ खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और कफ बढ़ सकता है। यह सर्दी-जुकाम और गले की खराश को भी बढ़ावा देता है। तरबूज तरबूज में बहुत ज्यादा पानी होता है, जबकि केले में नेचुरल शुगर और फाइबर। दोनों का कॉम्बिनेशन डाइजेस्टिव सिस्टम में असंतुलन पैदा कर सकता है, जिससे गैस,भारीपन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। आलू आलू और केले दोनों में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें एक साथ खाने से डाइजेशन धीमा हो जाता है, जिससे गैस,पेट फूलना और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सिट्रस फ्रूट्स विटामिन-सी से भरपूर एसिडिक फ्रूट्स जैसे संतरा, नींबू और केले दोनों की संरचना अलग-अलग होती है। इसकी वजह से इन्हें साथ में खाने से पेट में एसिडिटी, जलन और अपच जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। मांस और मछली केले को हाई प्रोटीन फूड जैसे मांस या मछली के साथ खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर नेगेटिव असर पड़ता है। यह पेट में भारीपन और सुस्ती का कारण बन सकता है।     केले को अकेले खाएं या हल्के स्नैक्स जैसे ओट्स, अखरोट या अन्य फलों के साथ मिलाएं।     केला खाने के तुरंत बाद भारी भोजन से बचें।     दूध या दही के साथ केला खाना हो, तो इसे स्मूदी के रूप में संतुलित मात्रा में लें।  

गर्मी के मौसम में खरबूजा खाना बेहद फायदेमंद

खरबूजा एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, जिसे गर्मियों में खाना बहुत फायदेमंद   माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खरबूजे के बीज भी सेहत के लिए बहुत लाभदायक होते हैं? अक्सर लोग इन बीजों को फेंक देते हैं, लेकिन इनमें कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं खरबूजे के बीज खाने के फायदे। पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ए, सी और ई, मिनरल्स (जैसे मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक और आयरन) और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। ये सभी तत्व शरीर की फंक्शनिंग को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं खरबूजे के बीज में डाइटरी फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इन बीजों को भूनकर या पीसकर खाने से पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार खरबूजे के बीज में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। नियमित रूप से इन्हें खाने से सर्दी-जुकाम और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है। दिल की सेहत के लिए फायदेमंद इन बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और पोटैशियम होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने और दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। वजन घटाने में सहायक खरबूजे के बीज में प्रोटीन और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो भूख को कंट्रोल करते हैं। इससे ज्यादा खाने की इच्छा कम होती है और वजन घटाने में मदद मिलती है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद इन बीजों में मौजूद विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं। साथ ही, इनमें जिंक और प्रोटीन होता है, जो बालों को मजबूत बनाने और झड़ने से रोकने में मदद करता है। डायबिटीज में फायदेमंद खरबूजे के बीज ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर और हेल्दी फैट्स शुगर के अब्जॉर्प्शन को स्लो करते हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा होता है। एनर्जी बूस्टर इन बीजों में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होता है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। थकान और कमजोरी महसूस होने पर इन्हें खाना फायदेमंद हो सकता है। खरबूजे के बीज को डाइट में कैसे शामिल करें?     बीजों को धूप में सुखाकर भून लें और नमक के साथ स्नैक्स की तरह खाएं।     इन्हें पीसकर स्मूदी या दही में मिलाकर लें।     बीजों को पानी में भिगोकर उनका छिलका निकालकर भी खाया जा सकता है।  

UPI के जरिए मार्च महीने में ट्रांजैक्शंस के टूटे सारे रिकॉर्ड, 24.77 लाख करोड़ रुपए का हुआ लेन-देन

नई दिल्ली भारत के डिजिटल पेमेंट रेवोल्यूशन ने एक और नया मील का पत्थर छू लिया है। मार्च 2025 में UPI के जरिए 24.77 लाख करोड़ रुपये के लेन-देन हुए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लगातार बढ़ रही है UPI की लोकप्रियता नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, UPI ट्रांजैक्शंस का ग्रोथ रेट जबरदस्त बना हुआ है। पिछले 11 महीनों से हर महीने लेन-देन का कुल मूल्य 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है।     सालाना तुलना: मार्च 2024 की तुलना में इस साल 25% की वृद्धि हुई है।     वॉल्यूम ग्रोथ: लेन-देन की संख्या में 36% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।          मार्च में कुल ट्रांजैक्शंस: 18.3 बिलियन (यानी 1830 करोड़ ट्रांजैक्शंस)। तिमाही प्रदर्शन भी शानदार जनवरी से मार्च 2025 के दौरान UPI ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू 70.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी अवधि से 24% ज्यादा है।     दैनिक औसत लेन-देन: ₹79,903 करोड़, जो फरवरी से 1.9% अधिक रहा।     UPI ट्रांजैक्शंस की संख्या: 2.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।     प्रति ट्रांजैक्शन औसत मूल्य: ₹1,353.6, जो दर्शाता है कि लोग अब छोटे लेकिन अधिक फ्रीक्वेंट ट्रांजैक्शंस कर रहे हैं।  UPI की बढ़त जारी रहेगी? UPI की सफलता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत जल्द ही डिजिटल पेमेंट्स के मामले में नया वैश्विक बेंचमार्क सेट कर सकता है। सरकार, NPCI और फिनटेक कंपनियों की लगातार कोशिशों से आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और भी ऊंचाई छू सकता है।  

जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो अपने भीतर तुरंत उतार लें ये खूबियां

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।

मूवी ट्रेलर के नाम पर फर्जी वीडियो डालने वाले चैनलों पर Youtube का सख्त एक्‍शन

नई दिल्ली Youtube की तरफ से पॉलिसी को लेकर सख्ती बरती जा रही है। यूट्यूब की तरफ से लगातार इसको लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। अब एक ऐसा ही मूवी ट्रेलर को लेकर कंपनी मुहिम चला रही है। इसी क्रम में कुछ ऐसे चैनल पर कार्रवाई की गई है जो फर्जी वीडियो अपलोड करते हैं। कई चैनल पर मूवी ट्रेलर के नाम पर फर्जी वीडियो अपलोड किया गया था। अब इन वीडियो पर सख्ती बरती गई है और मोनेटाइजेशन तक को बंद कर दिया गया है। मूवी स्टूडियो की तरफ से फेक मूवी ट्रेलर अपलोड करके मनी क्रिएट की जा रही थी। Youtube ने लिया सख्त कदम यूट्यूब ने ऐसे बहुत सारे चैनल पर कार्रवाई की है जो ऐसे वीडियो पब्लिश कर रहे थे। हॉलीवुड स्टूडियो नाम का एक चैनल AI की मदद से वीडियो बना रहा था और फिर इसे मूवी ट्रेलर के नाम से पब्लिश कर रहा था। यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम से Screen Culture (1.4 million subscribers) और KH Studio (685K subscribers) हटा दिया गया है। इन चैनल्स को अब ऐड रेवेन्यू नहीं मिलने वाला है। क्यों लिया गया फैसला ? Youtube की तरफ से बीते कई महीनों से कॉन्टैन्ट पर काम किया जा रहा है। इसी के तहत चैनल्स के मोनेटाइजेशन पर रोक लगा दी गई है। ये चैनल रिपीट और डुप्लीकेट वीडियो बना रहे थे। यूट्यूब का कहना है कि इसकी वजह से यूजर्स गुमराह हो रहे थे। व्यूज लाने के लिए चैनल्स की तरफ से ऐसा किया जा रहा था। जबकि, यूट्यूब का ये कदम दर्शाता है कि इससे चैनल को वीडियो अपलोड करने से नहीं रोका जाएगा। बस, उसे मिलने वाला रेवेन्यू प्रभावित होगा। AI वीडियो बनाता था एक चैनल Screen Culture की बात करें तो ये चैनल नए वीडियो बनाता था। AI-जनरेटेड फुटेज की मदद से ऐसा किया जाता था। मूवी और ट्रेलर तक भी इसकी मदद से बनाया जाता था। कुछ दिनों पहले, चैनल की तरफ से मूवी और गेम का नया ट्रेलर जारी किया गया था। GTA 6 का इस्तेमाल करके AI-जनरेटेड फुटेज और क्लिप को लिया गया था। KH Studio की बात करें तो ये चैनल अलग वीडियो अपलोड कर रहा था। Fake Movie Trailer चैनल के फाउंडर ने एंड्रॉयड हेडलाइन्स को कहा कि उनके कंटेंट से समाज को कोई नुकसान नहीं हो रहा था। उनका कहना है कि दर्शक पहले ही इसको लेकर जागरूक थे। उन्हें पता था कि ये वीडियो ओरिजनल नहीं हैं। ऐसे में व्यूअर्स को कहीं धोखा नहीं दिया गया है।

मोटोरोला का नया स्‍मार्टफोन motorola edge 60 fusion भारत में लॉन्‍च

नई दिल्ली मोटोरोला का नया स्‍मार्टफोन motorola edge 60 fusion भारत में लॉन्‍च हो गया है। नए मोटो फ्यूजन फोन में 6.7 इंच का 1.5K रेजॉलूशन वाला कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जो pOLED पैनल वाला है। डिस्‍प्‍ले में 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट मिलता है। 12 जीबी तक रैम दी गई है। 256 जीबी इंटरनल स्‍टाेरेज मिलता है। नया मोटोरोला फोन लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर चलता है। इसमें इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर, 5500 एमएएच बैटरी, 68 वॉट चार्जिंग जैसी खूबियां दी गई हैं। यह फोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी प्रोसेसर से पावर्ड है। और क्‍या खास है motorola edge 60 fusion में, क्‍या है इसकी कीमत, आइए जानते हैं। motorola edge 60 fusion की कीमत motorola edge 60 fusion को तीन कलर्स- पैनटोन स्लिपस्ट्रीम, पैनटोन जेफायर और पैनटोन अमेजोनाइट कलर्स में लाया गया है। इसके 8GB + 256GB मॉडल के दाम 22,999 रुपये हैं। फोन के 12GB + 256GB मॉडल की कीमत 24999 रुपये है। इस फोन की सेल 9 अप्रैल की दोपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर शुरू होगी। मोटोरोला के ऑनलाइन स्‍टोर और प्रमुख रिटेल स्‍टोर्स से भी इसे लिया जा सकेगा। motorola edge 60 fusion पर डिस्‍काउंट motorola edge 60 fusion के साथ लॉन्‍च ऑफर्स भी आए हैं। एक्सिस बैंक और IDFC बैंक क्रेडिट कार्ड से फोन खरीदने पर 2 हजार रुपये का ऑफ लिया जा सकता है। फ्लिपकार्ट से फोन लेने पर 2 हजार रुपये की एक्‍सचेंज वैल्‍यू दी जा रही है। फोन खरीदने पर रिलायंस जियो की तरफ से 10 हजार रुपये के बेनिफ‍िट दिए जा रहे हैं। motorola edge 60 fusion के प्रमुख फीचर्स motorola edge 60 fusion में 6.7 इंच का FHD+ डिस्‍प्‍ले है, जिसका रेजॉलूशन 2712 x 1220 पिक्‍सल्‍स है। यह एक OLED डिस्‍प्‍ले है। HDR10+ और 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट डिस्‍प्‍ले में मिलता है। डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास 7आई का प्रोटेक्‍शन दिया गया है और 4500 निट्स की पीक ब्राइटनैस मिलती है। मीडियाटेक का प्रोसेसर, 12 जीबी तक रैम motorola edge 60 fusion में मीडियाटेक का डाइमेंसिटी 7400 प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ 12 जीबी तक रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 256 जीबी तक मिलता है। स्‍टोरेज को एसडी कार्ड लगाकर और बढ़ाया जा सकता है। नया मोटोरोला फोन लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर रन करता है। फोन में डुअल सिम स्‍लॉट दिया गया है। एसडी कार्ड का स्‍लॉट अलग से मिलता है।

Realme मार्केट में उतारने जा रहा Narzo 80 Pro 5G, Narzo 80x 5G

नई दिल्ली Realme की तरफ से नए स्मार्टफोन्स को मार्केट में उतारा जा सकता है। नार्जो सीरीज का इंतजार कर रहे यूजर्स को थोड़ी राहत मिलने वाली है। क्योंकि नई नार्जो सीरीज 9 अप्रैल 2025 को दस्तक देने वाली है। इन स्मार्टफोन सीरीज में Realme Narzo 80 Pro 5G और Narzo 80x 5G होंगे, जो Realme Narzo 70 Pro और Narzo 70x के अपग्रेडेड वर्जन होंगे। कंपनी ने 6000mAh बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की पुष्टि की है। Realme Narzo सीरीज को 9 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे (IST) लाया जा सकता है। इन स्मार्टफोन्स की कीमत 20 हजार रुपए से कम होने वाली है। साथ ही इन्हें अमेजन से ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है। Realme Narzo 80 Pro 5G की कीमत 20,000 से कम हो सकती है। वहीं, Realme Narzo 80x 5G की कीमत 13,000 रुपए से कम हो सकती है। प्रोसेसर और बैटरी की बात करें तो Narzo 80x 5G में MediaTek Dimensity 6400 SoC, Narzo 80 Pro 5G में MediaTek Dimensity 7400 SoC मिलने वाला है। बैटरी बैकअप भी अच्छा मिल रहा बैटरी बैकअप का भी कंपनी की तरफ से पूरा ध्यान रखा गया है। फोन में 6000 mAh बैटरी दी जाती है। साथ ही Narzo 80 Pro 5G में 80W फास्ट चार्जिंग मिलती है। जबकि Narzo 80x 5G में 45W फास्ट चार्जिंग दी जाती है। Narzo 80 Pro 5G में 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस, 2500Hz इंस्टेंट टच सैंपलिंग रेट, 120Hz रिफ्रेश रेट मिलने वाला है। साथ ही इसमें BGMI के लिए 90fps सपोर्ट दिया जा सकता है। Realme Narzo सीरीज डिमांड में रहती है। क्योंकि फोन का डिजाइन काफी अच्छा दिया जाता है। साथ ही खास बात है कि इसकी कीमत काफी कम होती है। यानी कम बजट में आपको सभी फीचर्स मिलने वाले हैं। Realme P3 सीरीज पर सेल Realme P3 सीरीज की बात करें तो इसकी सेल की शुरुआत हो गई है। यूजर्स को पहली सेल के दौरान अच्छा डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। इस सीरीज में realme P3 Ultra 5G, realme P3 Pro 5G, realme P3 5G और realme P3x 5G को लाया गया है। पहली सेल में स्मार्टफोन्स पर यूजर्स को 4 हजार रुपए तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस सीरीज के बेस वैरिएंट की शुरुआत 19,999 रुपए से शुरू होती है। इसके बाद आने वाले स्मार्टफोन्स की कीमत अलग-अलग होती है। EMI ऑप्शन भी यूजर्स को दिया जा रहा है।

अब फ्री में बना सकेंगे Ghibli इमेज, CEO Sam Altman ने किया बड़ा ऐलान

ChatGPT मेकर OpenAI ने बीते सप्ताह GPT 4o इमेज मेकर टूल को इंट्रोड्यूस किया था और लॉन्चिंग के दूसरे दिन ही यह वायरल हो गया. अब OpenAI के CEO Sam Altman ने इसको लेकर पोस्ट किया है और बताया है कि यह सभी के लिए फ्री होगा. बताते चलें कि Ghibli इमेज जनरेटिव की पॉपुलैरिटी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि वहां पर इस इमेज को तैयार करने को लेकर प्रोम्प्ट की बाढ़ सी आ गई है. इसकी वजह से ChatGPT के सर्वर पर भी दबाव पड़ा. इसके बाद Sam Altman ने रविवार को पोस्ट करके बताया था कि यूजर्स को थोड़ा स्लो हो जाना चाहिए ताकि उनकी टीम भी नींद ले सके. X प्लेटफॉर्म पर Sam Altman ने पोस्ट करके बताया, Chatgpt Image Gen अब सभी के लिए मुफ्त में उपलब्ध हो गया है. Ghibli क्या है ? Ghibli स्टाइल फोटो में पेंटिंग जैसी सॉफ्ट कलर टोन, डिटेलिंग और मैजिकल थीम यूज होती है, जो देखने में बहुत ही सुंदर लगती है. अब OpenAI के न्यू टूल की मदद से इस स्पेशल आर्ट स्टाइल को आसानी से रीक्रिएट किया जा सकता है. फ्री में ऐसे तैयार करें इमेज ChatGPT Plus के साथ इस सर्विस को लॉन्च किया था और अब यह फ्री में भी सर्विस मिल रही है. यहां आपको इसका पूरा तरीका बताने जा रहे हैं.     इसके लिए ChatGPT वेबसाइट या App को ओपेन करें. यहां आपको चैटबॉक्स के अंदर Plus का आइकन मिलेगा.      ‘+’ sign  पर क्लिक करके आप फोटो को अपलोड कर सकते हैं. इसके बाद यूजर्स को प्रोम्प्ट देना होगा.     फोटो एक बार प्रोम्प्ट बॉक्स में आने का बाद उसमें Ghiblify this या turn this image in Studio Ghibli theme लिख दें.     इसके बाद कुछ समय का इंतजार करना होगा. फिर वहां आपको रिजल्ट के रूप में Ghibli फॉर्मेट में फोटो नजर आने लगेगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं.     इस इमेज को डाउनलोड करने के बाद उसे सोशल मीडिया या फिर प्रोफाइल पिक्चर के रूप में लगा सकते हैं. Ghibli से जापान से क्या कनेक्शन है?   Ghibli स्टाइल फोटो की शुरुआत, असल में जापान की एक मशहूर एनीमेशन कंपनी से हुई है. इस कंपनी को हयाओ मियाजाकी ने तैयार किया था. यह स्टूडियो Spirited Away, My Neighbor Totoro और Kiki’s Delivery Service जैसी शानदार फिल्मों के लिए जाना जाता है.  

शरीर को मजबूत बनाने के लिए रोज करें 20 पुश-अप्स

अगर आप फिट और हेल्दी रहना चाहते हैं, लेकिन जिम जाने या भारी-भरकम एक्सरसाइज करने का समय नहीं मिल पाता, तो Push-Ups आपके लिए बेस्ट एक्सरसाइज हो सकती है। सिर्फ 20 पुश-अप्स रोज करने से शरीर में कई बड़े बदलाव आने लगते हैं। यह एक्सरसाइज न सिर्फ आपके शरीर को मजबूत बनाती है, बल्कि स्टैमिना, मसल्स और मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर करती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे करने के लिए किसी महंगे टूल्स या ज्यादा समय की जरूरत नहीं पड़ती। अगर आप एक महीने तक रोज सुबह 20 पुश-अप्स करने की आदत डाल लें, तो आपको पहले हफ्ते से ही 5 गजब बदलाव दिखने लगेंगे। आइए जानते हैं वे कौन से बदलाव हैं जो आपके शरीर में आएंगे। मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती रोजाना पुश-अप्स करने से आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं, खासतौर पर छाती, कंधे, पीठ और बाजुओं की ताकत बढ़ती है। जब आप नियमित रूप से 20 पुश-अप्स करते हैं, तो शरीर को धीरे-धीरे ज्यादा ताकतवर बनने की आदत पड़ जाती है। इससे आपकी एनर्जी और स्टैमिना भी बढ़ता है, जिससे दिनभर आप ज्यादा एक्टिव और एनर्जेटिक महसूस करेंगे। शेप में आएगी बॉडी अगर आप चाहते हैं कि बिना जिम जाए आपका शरीर फिट और टोन्ड दिखे, तो पुश-अप्स आपके लिए बेस्ट एक्सरसाइज है। यह छाती, कंधे, ट्राइसेप्स, बाइसेप्स और कोर मसल्स को टोन करने में मदद करता है। कैसे होता है असर?     पहले हफ्ते से ही आपकी बाजुओं और छाती में कसावट महसूस होगी।     धीरे-धीरे आपकी मसल्स उभरने लगेंगी और शरीर ज्यादा अट्रैक्टिव दिखेगा।     जिन लोगों की बाहें या छाती ढीली पड़ रही हो, उनके लिए यह एक्सरसाइज बेहद फायदेमंद है। पेट की चर्बी होगी कम अगर आपका पेट निकला हुआ है और आप उसे कम करना चाहते हैं, तो पुश-अप्स इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। यह एक फुल बॉडी वर्कआउट की तरह काम करता है, जिससे पेट, कंधे, कमर और बाहों की चर्बी तेजी से घटती है। कैसे मिलेगी मदद?     पुश-अप्स करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है।     अगर इसे सही डाइट और हल्की कार्डियो एक्सरसाइज के साथ जोड़ा जाए, तो यह वजन कम करने में काफी असरदार साबित हो सकता है।     कुछ ही दिनों में आपके शरीर का शेप बेहतर दिखने लगेगा। पीठ को मिलेगी मजबूती अगर आपको अक्सर कमर दर्द या शरीर में कमजोरी महसूस होती है, तो पुश-अप्स करने से यह समस्या दूर हो सकती है। यह आपकी रीढ़ की हड्डी (Spine) और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है और कमर दर्द की समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। पहले हफ्ते में क्या बदलाव दिखेंगे?     बैठने और खड़े होने की पोश्चर सुधरने लगेगा।     झुककर बैठने या खड़े होने की बुरी आदतें कम होंगी।     बैकपेन की समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगेगी। हार्ट हेल्थ होगी बेहतर पुश-अप्स न सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि यह आपके दिल को भी सेहतमंद बनाए रखते हैं। जब आप पुश-अप्स करते हैं, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे हार्ट को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है और यह मजबूत बनता है। साथ ही, यह तनाव और चिंता को भी कम करने में मदद करता है।     पुश-अप्स करने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो आपको खुश और एनर्जेटिक बनाए रखता है।     यह तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से लड़ने में मदद करता है।     अगर दिन की शुरुआत पुश-अप्स से की जाए, तो पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है। रोज कैसे करें 20 पुश-अप्स? अगर आपको पुश-अप्स करने की हैबिट नहीं हैं, तो शुरुआत में मुश्किल हो सकती है, लेकिन चिंता न करें, धीरे-धीरे आदत डालने से यह आसान हो जाएगा।     धीरे-धीरे बढ़ाएं नंबर: पहले दिन 5-10 पुश-अप्स से शुरुआत करें, फिर हर दिन 1-2 बढ़ाते जाएं।     सही टेक्नीक अपनाएं: पुश-अप्स करते समय शरीर को सीधा रखें और बाजुओं को 90 डिग्री के एंगल पर मोड़ें।     सांस लेने का सही तरीका अपनाएं: नीचे जाते समय सांस अंदर लें और ऊपर आते समय सांस छोड़ें।     ब्रेक लें: अगर सीधे 20 पुश-अप्स करना मुश्किल लगे, तो 10-10 के 2 सेट में करें।     कंसिस्टेंसी रखें: रिजल्ट पाने के लिए इसे रोज करना जरूरी है।  

इन 6 आदतों को बनाएं अपनी डेली लाइफ का हिस्सा, मिलेगी सफलता

हर इंसान अपने करियर में सफल होना चाहता है। खुश रहना चाहता है और अपने सारे लक्ष्यों को पूरा करना चाहता है। लेकिन अपने लक्ष्यों को पाने का रास्ता कहां से शुरू होगा। इसके बारे में नहीं जानता। अगर आपको लाइफ में सक्सेज, हैप्पीनेस चाहिए। तो सबसे पहले इन 6 आदतों को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं। ये आपको आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन करेंगे। खुद का आंकलन करें सबसे पहले अपना आंकलन करें। खुद के विचारों, भावनाओं और अनुभवों की मदद से सीखें और पर्सनल ग्रोथ करें। जब आप अपने एक्सपीरिएंस से सीखते हैं तो दिमाग में अपने लक्ष्यों के प्रति ज्यादा क्लियर हो जाते हैं। आपको अपनी कमियों और खूबियों के बारे में पता चलता है। इसके साथ ही आप उन कमियों को दूर करने की कोशिश में लग जाएं। किताबें पढ़ें किताबें पढ़ना अच्छी हैबिट के साथ ही पर्सनल ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। सेल्फ हेल्प, मोटिवेशन, गाइडेंस से जुड़ी बुक्स पढ़ें या फिर कोई नॉवेल। डेली रूटीन में बुक्स पढ़ने से स्ट्रेस कम होता है बल्कि आपकी नॉलेज भी दिन पर दिन ज्यादा होती जाती है। बुक रीडिंग की आदत आपके पर्सनल ग्रोथ में मदद करती है। भगवान को धन्यवाद देना ना भूलें प्रैक्टिस ग्रैटीट्यूड मतलब जो कुछ भी आपके पास अभी है। उसके लिए भगवान को थैंक्स कहना ना भूलें। जब आप अपने आसपास की अच्छी चीजों पर फोकस करते हैं तो माइंड में पॉजिटिव वाइब्स बनती है और आप खुश रहते हैं। ऐसा करने से स्ट्रेस, डिप्रेशन जैसी समस्या भी खत्म होने लगती है। मेडिटेशन करें मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से ना केवल फिजिकल हेल्थ अच्छी होती है। बल्कि ये मेंटल हेल्थ पर भी असर डालती है। साथ ही आपकी मेमोरी और ब्रेन पावर बूस्ट होती है। जिससे आपकी समझने की क्षमता भी बढ़ती है। लक्ष्य तय करें और टाइम मैनेजमेंट इन सारी आदतों को अपनाने के बाद आप अपने लक्ष्यों को जब सेट करते हैं तो उन्हें पूरा करना आसान होता है। साथ ही अपने गोल्स को पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट करें। हॉबी जरूर पूरी करें अपने गोल्स को पूरा करने के बीच खुद के लिए टाइम निकालें और अपनी हॉबी को पूरा करें। इससे आपको खुशी मिलती है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं।

दुनियाभर में सोशल मीडिया पर छाया घिबली आर्ट

दुनियाभर में सोशल मीडिया पर इस वक्त जो एक चीज हर प्रोफाइल पर दिख रही है, वह है घिबली आर्ट। एक्स से लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक तक लोग लगातार एआई के जरिए अपनी और सेलिब्रिटीज की कार्टून नुमा तस्वीरों को देखते और इनका इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। इन सबके बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पहुंच और इसके खतरों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई है। दरअसल, जापान की कॉमिक बुक्स और कार्टून शो के लिए इस्तेमाल होने वाली जिस घिबली आर्ट को बनाने में एक जमाने में कई दिनों से लेकर महीनों का समय लग जाता था, अब एआई ने उन्हें कुछ ही सेकंड्स या मिनट्स में बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह घिबली आर्ट है क्या? इसकी शुरुआत कहां से हुई? चैटजीपीटी ने इसे वायरल ट्रेंड कैसे बनाया? कौन-कौन इस फीचर का इस्तेमाल कर सकता है? जापान के एक स्टूडियो की आर्ट को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बार-बार बनाना कानूनी हद तक कितना सही है? घिबली की शुरुआत करने वाले कलाकारों का इस पर क्या कहना है? और इस आर्ट को लेकर एआई की पहुंच के बारे में क्या चर्चाएं हैं? लोगों को इतनी पसंद क्यों आ रही घिबली स्टाइल तस्वीरें? घिबली तस्वीरों की खास बात यह है कि इसके कैरेक्टर हाथ से बनाए जाते थे। इनमें हमेशा हल्के पेस्टल रंगों का इस्तेमाल होता था और इन्हें तड़क भड़क से दूर ही दिखाया गया। घिबली आर्ट के विश्लेषकों का कहना है कि घिबली की सादगी और शांति ही लोगों को अपनी ओर खींचती है। ऐसे में कुछ ही वर्षों के अंदर इस स्टूडियो ने करोड़ों लोगों को अपना फैन बना लिया है। चैटजीपीटी ने इसे वायरल ट्रेंड कैसे बनाया? चैटजीपीटी ने बीते मंगलवार को अपना बिल्ट-इन इमेज जेनरेशन फीचर शुरू किया। ओपनएआई के जीपीटी-4o टूल ने एआई चैटबॉट को घिबली स्टाइल की तस्वीरें प्रॉसेस करने के फीचर से जोड़ दिया। नतीजा यह रहा कि एआई ने ऐसी फोटोज बनाना शुरू कर दिया, जो कि जापानी एनिमेटर हयाओ मियाजाकी की हाथ से बनाई हुई आर्ट जैसी ही लगती थीं। इसके चलते बुधवार तक घिबली इमेज पूरी दुनिया में वायरल होना शुरू हो गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि यूजर्स के निर्देशों और उसके आधार पर तस्वीरों को घिबली स्टाइल में तैयार करने की चैटजीपीटी की क्षमता ने इसे बाकी चैटबॉट से अलग खड़ा कर दिया। जहां मेटा एआई और एक्स का ग्रोक अभी भी घिबली स्टाइल तस्वीरों में मियाजाकी की तस्वीरों जैसी डिटेल्स नहीं ला पाए हैं, वहीं चैटजीपीटी का यह स्पेशल फीचर देखते ही देखते वायरल हो रहा है। प्रोफाइल फोटोज से लेकर बॉलीवुड फिल्म और बहुत कुछ, सब घिबली में बदला? घिबली आर्ट लोगों को किस कदर पसंद आई हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया में बॉलीवुड फिल्मों से लेकर सेलिब्रिटीज, लोगों की अपनी प्रोफाइल पिक्चर्स, निजी यादों की तस्वीरों से लेकर खेल के दृश्यों तक सब कुछ घिबली के अंदाज में बदल चुका है। 2024 के पेरिस ओलंपिक से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क तक, सबसे घिबली स्वरूप दुनिया में आ चुके हैं। घिबली बनाने के लिए चैटजीपीटी पर अभी भी होड़ मची है। कुछ यूजर्स ने पहले एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया था कि घिबली वर्जन इमेज चैटजीपीटी के प्रीमियम वर्जन में बनाया जा सकता है। हालांकि, बाद में कई यूजर्स ने पाया कि यह फ्री वर्जन में काम कर रहा है। इसके बाद चैटजीपीटी यूजर्स के बीच तस्वीरों को घिबली में बदलने की होड़ लग गई। इसी बीच सैम अल्टमैन ने X पर ट्वीट कर बताया कि उनके जीपीयू ‘पिघल’ रहे हैं। दरअसल, चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट कमांड से तस्वीरों को क्रिएट करने के लिए ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट, यानी GPU का इस्तेमाल करते हैं। ट्रेंड के बढ़ने से इनके GPU में दबाव बढ़ता है और ये ओवरहीट होने लगते हैं, जिससे प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है। ऐसे में GPU को नुकसान से बचाने के लिए कुछ प्रोसेसिंग को रोकना या सीमित करना पड़ता है। सैम अल्टमैन ने पोस्टा किया- “यह देखना बहुत मजेदार है कि लोग चैटजीपीटी की बनाई तस्वीरों को पसंद कर रहे हैं। लेकिन हमारे जीपीयू पिघल रहे हैं। हम इसे और अधिक कुशल बनाने पर काम करते हुए अस्थायी रूप से कुछ दर सीमाएं लागू करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि इसमें ज़्यादा समय नहीं लगेगा! चैटजीपीटी फ्री टियर को जल्द ही प्रतिदिन 3 जनरेशन मिलेंगी।” हालांकि, उनके इस पोस्ट पर शायद ही किसी का ध्यान गया हो, क्योंकि शनिवार-रविवार को चैटजीपीटी पर घिबली बनाने वालों की इतनी संख्या जुड़ी कि प्लेटफॉर्म क्रैश कर गया। इसके बाद ऑल्टमैन ने पोस्ट कर कहा कि क्या आप सब प्लीज इमेज जनरेट करना थोड़ा कम कर सकते हैं? हमारी टीम को नींद चाहिए! कैसे बना सकते हैं घिबली इमेज? चैटजीपीटी अपने लेटेस्ट मॉडल GPT-4o का इस्तेमाल कर रहा है। घिबली इमेज जनरेशन इसी मॉडल से संभव हो पाया है। इसका सबसे रोचक पहलू यह है कि यह Studio Ghibli की प्रसिद्ध कार्टून शैली को बखूबी दोहरा सकता है। आप भी आसानी के घिबली इमेज जनरेट कर सकते हैं…  घिबली वायरल हुई तो इसके कॉपीराइट से जुड़ा मसला क्या है? जैसे-जैसे घिबली तस्वीरें दुनिया में वायरल हुई हैं। वैसे ही इसे लेकर विवाद की भी शुरुआत हुई है। सबसे बड़ा विवाद है एआई की पहुंच को लेकर। दरअसल, सोशल मीडिया पर विवाद है कि कैसे एआई कलाकारों के रचनात्मक कार्यों को कुछ ही क्षणों में कॉपी कर लेता है। वह भी इसके लिए उन्हें जरूरी श्रेय और आर्थिक मुआवजा दिए बिना। चैटजीपीटी पर घिबली आर्ट बनाने को लेकर कॉपीराइट का विवाद इन्हीं चर्चाओं के बाद शुरू हुआ है। खुद चैटजीपीटी ने भी प्रीमियम सेवा का इस्तेमाल न करने वाले कई यूजर्स को यह संदेश दिया कि वह कॉपीराइट के अंतर्गत आने वाले एनिमेशन स्टूडियो की तरह की तस्वीरें नहीं बना सकता, क्योंकि उसकी आर्ट स्टाइल सुरक्षा मानकों में आती है। इसके बावजूद कुछ ही घंटों बाद चैटजीपीटी पर लोगों ने फिर से घिबली तस्वीरें बनाना जारी रखा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनएआई जो कर रहा है, वह न तो कानूनी तौर पर सही है और न … Read more

लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए

Lifestyle:Sugarcane juice is beneficial in summers: Protects from heat wave, keeps the body hydrated, know from dietician who should not drink it हेल्थ डेस्क: आपने गर्मी के मौसम में अपने आसपास गन्ने का जूस बिकते जरूर देखा होगा। तेज धूप और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लोग इसे खूब पीते हैं। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को हाइड्रेट के साथ-साथ एनर्जेटिक भी रखता है। इसके अलावा गन्ने का रस पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी बूस्ट करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में भी मददगार है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। फार्माकोग्नॉसी जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने के जूस के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। आयुर्वेद और यूनानी पद्धति में पीलिया व यूरिन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए गन्ने का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है। गन्ना अनुसंधान केंद्र की एक स्टडी के मुताबिक, इसके जूस में हाई पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो पावरफुल फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं। गन्ने के जूस में बैड कोलेस्ट्रॉल से लड़ने की क्षमता होती है। साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है। इसलिए, आज जरूरत की खबर में गन्ने का जूस पीने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- क्या इसे ज्यादा पीने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं? किन लोगों को गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गन्ने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? जवाब- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज (नेचुरल शुगर) और 10-15% फाइबर होता है। हालांकि गन्ने का जूस निकालने की प्रक्रिया में फाइबर लगभग खत्म हो जाता है। नीचे दिए ग्राफिक में 250ml जूस की न्यूट्रिशनल वैल्यू जानिए- सवाल- गन्ने का जूस सेहत के लिए किस तरह से फायदेमंद है? जवाब- गन्ने के जूस में मौजूद विटामिन C और फ्लेवोनोइड्स व फेनोलिक जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ये एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है। गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर, फाइबर और इनवर्टेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। गन्ना सुक्रोज और ग्लूकोज जैसे कार्बोहाइड्रेट का एक नेचुरल सोर्स है, जो इंस्टेंट एनर्जी देता है। गन्ने के डाइयूरेटिक गुण यूरिन के जरिए शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं। गन्ने में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं और स्किन के दाग-धब्बे को कम करते हैं। वहीं पॉलीफेनोल और पोटेशियम जैसे कंपाउंड कार्डियो प्रोटेक्टिव होते हैं। गन्ने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आर्टरीज की सूजन और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। इसका जूस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट को भी बैलेंस करता है। इस तरह ये हमें गर्मी में हीट स्ट्रोक के खतरे से बचाता है। नीचे दिए ग्राफिक से गन्ने का जूस पीने के कुछ फायदे समझिए- सवाल- गन्ना या गन्ने का जूस क्या ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि चाहे गन्ने की बाइट चबाएं या उसका जूस पिएं दोनों ही फायदेमंद है। हालांकि गन्ने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए जूस पीने से ज्यादा इसे चबाना बेहतर है। सवाल- क्या गन्ने में बर्फ डालकर पीना सेहत के लिए अच्छा है? जवाब- बर्फ डालने से गन्ने का रस ठंडा हो जाता है, जिससे गर्मी में ताजगी मिलती है। ठंडा गन्ने का जूस पीने से गर्मी से तुरंत राहत मिलती है। लेकिन कुछ लोगों को इससे सर्दी-जुकाम, खांसी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बहुत ज्यादा बर्फ वाला गन्ने का रस पीने से बचना चाहिए। सवाल- गन्ने का जूस पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- गन्ने का जूस निकालने के तुरंत बाद पीना सबसे अच्छा होता है। बासी गन्ने के जूस में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। गन्ने का जूस हमेशा किसी साफ और स्वच्छ दुकान से ही पिएं। जिस मशीन से जूस निकाला जा रहा है, वह साफ-सुथरी होनी चाहिए। गन्ने का जूस पीने का सबसे अच्छा समय दोपहर से पहले का होता है। खाली पेट गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है। गन्ने के जूस में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का जूस और पुदीना मिलाकर पीने से इसका स्वाद और न्यूट्रिशन दोनों बढ़ जाता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस किडनी स्टोन में फायदेमंद है? जवाब- गन्ने का जूस किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सालेट कम होता है। जो शरीर में पथरी बनने से रोकने में मदद कर सकता है। इसके डाइयूरेटिक गुण टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और नए स्टोन्स के प्रोडक्शन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा गन्ने के जूस में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई अन्य ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। गन्ने का रस शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे किडनी में पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है। सवाल- क्या डायबिटिक लोग गन्ने का जूस पी सकते हैं? जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटिक लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। सवाल- एक दिन में कितना गन्ने का जूस पीना सुरक्षित है? जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में एक गिलास गन्ने का जूस पी सकता है। इससे ज्यादा पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस पीने के कोई साइड इफेक्ट भी हैं? जवाब- गन्ने का जूस पीना आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है। साथ ही ब्लड शुगर हाई हो सकता है। इसके अलावा दांत खराब हो सकते हैं और पाचन … Read more

बालों के लिए मेथी का पानी किसी वरदान से कम नहीं

मेथी में प्रोटीन, निकोटिनिक एसिड, आयरन, विटामिन-सी और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को मजबूत, घने और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि बालों में मेथी का पानी लगाने से क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। बालों का झड़ना कम करता है मेथी में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने वाले गुण होते हैं, जो बालों के गिरने की समस्या को कम करते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाते हैं, जिससे बालों का टूटना और झड़ना कम होता है। डैंड्रफ और स्कैल्प इन्फेक्शन से राहत मेथी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को इन्फेक्शन से बचाते हैं। यह डैंड्रफ, खुजली और ड्राईनेस को दूर करने में मदद करता है। नियमित रूप से मेथी का पानी लगाने से स्कैल्प हेल्दी रहता है। बालों की ग्रोथ बढ़ाता है मेथी के बीजों में लेसिथिन पाया जाता है, जो बालों को पोषण देकर उनकी ग्रोथ को बढ़ावा देता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे नए बाल तेजी से उगते हैं। बालों को प्राकृतिक चमक देता है मेथी का पानी बालों को डीप कंडीशनिंग करता है, जिससे वे मुलायम, चमकदार और घने हो जाते हैं। यह बालों की रूखापन और फ्रिजीनेस को भी कम करता है। सफेद बालों की समस्या को रोकता है मेथी में एंटीऑक्सीडेंट्स और आयरन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो समय से पहले बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं। यह बालों के नेचुरल कलर को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। स्कैल्प को हाइड्रेट रखता है मेथी का पानी स्कैल्प को मॉइश्चराइज करता है, जिससे ड्राईनेस और खुजली की समस्या दूर होती है। यह बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें स्वस्थ बनाता है। बालों के लिए मेथी का पानी कैसे बनाएं? सामग्री:     2-3 चम्मच मेथी दाना     1 कप पानी विधि:     मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें।     सुबह इसे पीसकर पेस्ट बना लें और पानी छान लें।     इस पानी को स्कैल्प और बालों में लगाकर 30-40 मिनट तक रखें।     हल्के शैम्पू से बाल धो लें।  

छोटी-सी लौंग आपके बढ़ते वजन को कर सकती है कम

अगर आप पेट की निकली हुई चर्बी से परेशान हैं और घंटों एक्सरसाइज करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं दिख रहा है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। आपके किचन में मौजूद छोटी-सी लौंग आपके बढ़ते वजन को काबू में कर सकती है। जी हां, लौंग सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। यह एक बेहतरीन मेटाबॉलिज्म बूस्टर है, जो शरीर की चर्बी तेजी से कम करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर से टॉक्सिन्स निकालकर फैट बर्निंग के प्रोसेस को तेज कर देते हैं। अगर आप बिना किसी स्ट्रिक्ट डाइट प्लान और घंटों वर्कआउट किए वजन घटाना चाहते हैं, तो लौंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा। आइए जानते हैं लौंग के 5 सबसे असरदार तरीके, जो आपकी जिद्दी चर्बी को तेजी से पिघलाने में मदद कर सकते हैं। लौंग की चाय अगर आप दिन की शुरुआत हेल्दी और एनर्जी से भरपूर तरीके से करना चाहते हैं, तो लौंग की चाय आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है। यह न केवल शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मदद करती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है। कैसे बनाएं लौंग की चाय?     2-3 लौंग को हल्का सा भून लें, ताकि इसका स्वाद और पोषण गुण बढ़ जाएं।     1 कप पानी में इन्हें डालकर 5 मिनट तक उबालें।     आप इसमें थोड़ा-सा शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं।     इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। लौंग की चाय शरीर की चर्बी गलाने के साथ-साथ इम्युनिटी भी मजबूत करती है। शहद और लौंग का पानी शरीर से टॉक्सिन्स निकालना और मेटाबॉलिज्म को तेज करना वजन घटाने का सबसे जरूरी प्रोसेस होता है। लौंग और शहद का मिश्रण इन दोनों कामों में जबरदस्त तरीके से मदद करता है। कैसे बनाएं यह डिटॉक्स ड्रिंक?     रात में 2-3 लौंग को पानी में भिगोकर रख दें।     सुबह उस पानी को हल्का गुनगुना करें और उसमें 1 चम्मच शहद मिला लें।     इसे खाली पेट पिएं। यह मिश्रण शरीर को डीटॉक्स करने में मदद करता है और फैट बर्निंग प्रोसेस को तेज करता है। लौंग और दालचीनी दालचीनी और लौंग दोनों ही शक्तिशाली वेट लॉस एजेंट माने जाते हैं। इन दोनों का सही तरीके से सेवन करने से शरीर का एक्स्ट्रा फैट तेजी से कम होने लगता है। कैसे करें इस्तेमाल?     2 लौंग और 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी को रातभर पानी में भिगो दें।     सुबह इस पानी को उबालें और हल्का गुनगुना करके पिएं। इस ड्रिंक को पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और भूख कम लगती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। लौंग और नींबू अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन जल्दी से कम हो, तो लौंग और नींबू का कॉम्बिनेशन आजमाइए। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि शरीर को अंदर से साफ भी करता है। कैसे करें इस्तेमाल?     लौंग की चाय में नींबू का रस मिलाकर पिएं।     आप चाहें तो लौंग को पीसकर गुनगुने नींबू पानी में भी मिला सकते हैं और इसे सुबह खाली पेट पी सकते हैं। नींबू में मौजूद विटामिन सी शरीर से एक्स्ट्रा फैट कम करने में मदद करता है और इसे लौंग के साथ लेने से वजन घटाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। कच्ची लौंग चबाएं अगर आपको किसी ड्रिंक या चाय को बनाने में समय नहीं मिलता, तो आप सीधे लौंग चबाकर भी इसका फायदा उठा सकते हैं। कैसे करें?     हर दिन सुबह 1-2 लौंग चबाएं।     इसके बाद हल्का गुनगुना पानी पिएं। लौंग चबाने से न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म भी तेजी से बढ़ता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। कई वजहों से फायदेमंद है लौंग     पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है – लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पाचन को सही रखने में मदद करते हैं।     इंफ्लेमेशन को कम करती है – शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) वजन बढ़ाने की बड़ी वजह हो सकती है, जिसे लौंग कम करने में मदद करती है।     ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करती है – अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा, तो वजन घटाना आसान हो जाएगा।     भूख को कम करती है – लौंग के सेवन से आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है।  

लाइफ में सक्सेस पाने के लिए कुछ खास टिप्स

लाइफ में सफल होने के लिए सभी मेहनत करते हैं। बहुत सारे लोग सक्सेज टिप्स भी देते हैं। लेकिन इन टिप्स के अलावा कुछ ऐसे लाइफ लेसन हैं जिन्हें कोई नहीं बताता। ये केवल खुद के एक्सपीरिएंस से ही मिलते हैं। ऐसे ही कुछ खास लाइफ लेसन हैं जो आपको सफलता पाने में मदद करेंगे। इन सक्सेज टिप्स को हमेशा याद रखें और अपने गोल्स को पाने की कोशिश करें। अपनी वैल्यू बनाएं हमेशा खुद को यूजफुल बनाने की कोशिश करें। ऐसे काम करें जिससे आप कुछ नया सीखे, बनाएं जिसकी जरूरत दूसरों को हो। खुद में किसी स्किल को डेवलप करें। सफलता पाने का ये सबसे बढ़िया रास्ता है। विचारों को पॉजिटिव रखें आपके विचार किसी बूमरैंग की तरह हैं। जो आप सोचते हैं वहीं लौटकर आपके पास भी आता है। मतलब जैसा आप अपने बारे में या दूसरों के बारे में सोचेंगे वैसा ही दूसरे भी सोचेंगे। इसलिए हमेशा पॉजिटिव बातों को भी दिमाग में लाने की कोशिश करें। बोलने के तरीके पर ध्यान दें पॉवर ऑफ स्पीच, खुद के बोलने पर खास ध्यान दें। आपकी बोली आपको जीता भी सकती है और हार भी दिला सकती है। इसलिए हमेशा सौम्य और अच्छा बोलने की कोशिश करें। स्मॉल स्टेप लें लाइफ में, करियर में या फिर किसी भी रिश्ते में छोटे कदम उठाने से ना झिझकें। पहला छोटा स्टेप ही सक्सेस के रास्ते पर ले जाएगा। इसलिए अगर करियर बनाना है तो किसी छोटी चीज से भी शुरुआत की जा सकती है। अपने दिमाग पर कंट्रोल रखें अगर आप अपने दिमाग, निगेटिविटी पर कंट्रोल रखते हैं तो सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता। संदेह और नकारात्मकता पर काबू रखें और दिमाग की बातों को सुनने की बजाय आगे बढ़ने पर यकीन रखें। रेपुटेशन बनाएं अच्छी रेपुटेशन अच्छे कैरेक्टर से आती है। जो कई बार पैसे से भी ज्यादा कीमती होती है। इसलिए अपने सम्मान पर काम जरूर करें।

खूबसूरती बढ़ाने का काम करता है अदरक

भारतीय घरों में चाय की दीवानगी सर चढ़कर बोलती है। ब‍िना अदरक की चाय का स्‍वाद तो समझ ही नहीं आता है। अदरक स‍िर्फ चाय का स्‍वाद नहीं बढ़ाती बल्कि सब्‍ज‍ियों में भी दोगुना स्‍वाद बढ़ा देती है। हालांक‍ि इन सबसे हटकर बात करें तो अदरक खूबसूरती बढ़ाने का भी काम करता  है। अदरक में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो स्किन की रंगत सुधारने से लेकर स्किन पर मौजूद दाग-धब्बों को भी दूर करने में फायदेमंद माने जाते हैं। स्किन पर अदरक का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को कई बेहतरीन फायदे मिलते हैं। गर्मियों में स्किन से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऑयली फेस, मुंहासे, जलन और रैशेज की समस्‍या आम होती है। इस मौसम में त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप नैचुरल तरीके से अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखना चाहती हैं तो अदरक इसमें आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं क‍ि अदरक कैसे आपकी त्‍वचा की रंगत न‍िखारता है- त्‍वचा को करे डि‍टॉक्स गर्मियों में धूल, पसीने और प्रदूषण के कारण त्वचा पर गंदगी जम जाती है। अदरक का सेवन करने या इसका फेस पैक लगाने से स्किन डि‍टॉक्स होती है और अंदर से साफ रहती है। मुंहासों और इंफेक्शन से बचाए गर्मियों में चेहरे पर पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इससे मुंहासे और स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अदरक में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म करके पिंपल्स और रैशेज को कम करते हैं। त्‍वचा की रंगत न‍िखारे त्‍वचा की रंगत बढ़ाने के ल‍िए अदरक का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद गुण आपकी स्किन पर मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा होता है। ऐसे में खुद-ब-खुद स्‍क‍िन पर नेचुरल ग्‍लो आ जाता है। टैनिंग कम करे गर्मियों में च‍िलच‍िलाती धूप से स्किन टैन हो जाती है। अदरक में स्किन ब्राइटनिंग गुण होते हैं, जो टैनिंग को कम करके चेहरे की रंगत निखारते हैं। हालांक‍ि गर्मी में सीम‍ित मात्रा में ही अदरक का सेवन करना चाह‍िए क्‍योंकि अदरक की तासीर गर्म होती है। ऐसे में इसका अध‍िक सेवन आपको फायदे के बजाय नुकासान पहुंचा सकता है। कैसे करें अदरक का इस्‍तेमाल?     अदरक और गुलाब जल का टोनर बनाकर इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है। ये स्‍क‍िन को ठंडक प्रदान करता है।     अदरक और एलोवेरा फेस पैक बनाकर भी स्‍क‍िन लगाया जा सकता है। ये हफ्ते में एक बार ट्राई कर सकते हैं।     गर्मी में शरीर को ठंडा रखने की जरूरत होती है। ऐसे में अदरक वाली डिटॉक्स ड्रिंक फायदेमंद हो सकती है।  

Apple MacBook Pro में मिल सकता नया डिजाइन

 नई दिल्ली Apple की तरफ से समय समय पर प्रोडक्ट्स में बदलाव किए जाते हैं। अब एक और ऐसी ही खबर सामने आ रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि मैकबुक प्रो में आने वाले समय में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट की मानें तो डिजाइन और हार्डवेयर में कई जरूरी सुधार किए जा सकते हैं। ब्लूमबर्ग में प्रकाशित मार्क गुरमैन के नवीनतम Power On न्यूजलेटर के अनुसार, इस अपडेट में OLED डिस्प्ले, पतला डिजाइन और नया M6 चिप शामिल होगा, जिससे यह हाल के वर्षों में मैकबुक प्रो के लिए सबसे बड़े अपग्रेड्स में से एक बन जाएगा। सबसे बड़े बदलावों में से एक OLED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की ओर बदलाव होगा, जो 2024 में iPad Pro में पहली बार पेश किया गया था। इस कदम से ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट रेशियो और कलर एक्यूरेसी में सुधार होगा, जिससे मैकबुक प्रो यूजर्स को बेहतर विज़ुअल एक्सपीरियंस ऑफर करेगा। TheElec की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल Two-Stack Tandem OLED डिस्प्ले का उपयोग करेगा, जिसमें लाल, हरे और नीले पिक्सल की दो परतें होंगी। यह तकनीक न केवल ब्राइटनेस बढ़ाती है बल्कि डिस्प्ले की लाइफ भी लंबी करती है। एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple MacBook Pro के डिस्प्ले से नॉच को हटाया जा सकता है और फ्रंट-फेसिंग कैमरे के लिए एक छोटा होल-पंच कटआउट पेश कर सकता है। यह कटआउट हाल के आईफोन मॉडल्स में मौजूद डायनामिक आइलैंड डिजाइन जैसा होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस बदलाव से डिस्प्ले अधिक इमर्सिव और स्मूद होने वाला है। डिजाइन के मामले में, ऐपल मैकबुक प्रो को पहले से पतला बनाने की योजना बना रहा है। हालांकि, इस पर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल ने शुरुआत में इस नए डिजाइन को 2025 में लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन डिस्प्ले टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसमें देरी हुई। डिजाइन में अन्य बड़े बदलाव होंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ऐपल की परंपरा को देखते हुए, कंपनी पोर्टेबिलिटी और एस्थेटिक्स को बेहतर बनाने के लिए थोड़े सुधार कर सकती है। 2026 का मैकबुक प्रो एप्पल के M6 चिप के साथ आएगा, जो TSMC के 2nm प्रोसेस पर बनने वाला पहला Apple Silicon चिपसेट होगा। इस बदलाव से प्रदर्शन और पावर एफिशिएंसी में बड़े सुधार होने की उम्मीद है। यह मैकबुक प्रो 14-इंच और 16-इंच मॉडल्स में उपलब्ध होगा, जिसमें M6, M6 Pro और M6 Max वेरिएंट पेश किए जाएंगे ताकि प्रोफेशनल यूजर्स की विभिन्न जरूरतों को पूरा किया जा सके।

Ghibli मूमेंट के बीच Google ने जारी किया Gemini 2.5 Pro

नई दिल्ली Ghibli Style Image सोशल मीडिया पर तेजी से वायल हो रही हैं। इस बीच Google की तरफ से भी Gemini का नया वर्जन रोल आउट कर दिया है। AI को लेकर दोनों कंपनियों अभी तक आमने-सामने नजर आ रही हैं। यही वजह है कि Google ने भी Gemini 2.5 Pro को रोल आउट कर दिया है। नया मॉडल अभी तक एक्सपेरिमेंटल फेज में है। Gemini 2.5 Pro को यूजर्स के लिए फ्री लाया गया है। कैसे किया जा सकता है सलेक्ट Gemini 2.5 Pro के नए मॉडल को ड्रॉप डाउन मेन्यू की मदद से सलेक्ट किया जा सकता है। iOS और Android मोबाइल ऐप्स पर ये सपोर्ट जल्द मिल सकता है। Google ने Gemini 2.5 Pro को इस हफ्ते की शुरुआत में अनाउंस कर दिया था। ChatGPT अभी पूरी तरह लाइमलाइट में है क्योंकि नया इमेज जनरेशन फीचर हर तरफ चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटी तक इसका यूज कर रहे हैं। यही वजह है कि गूगल को अचानक ये फैसले लेना पड़ा है। Google Gemini 2.5 Pro रीजनिंग मॉडल है। OpenAI के o3 Mini या DeepSeek R1 की तरफ ही ये वर्क करेगा। पहले के ट्रेंड या GPT की तरह, इस मॉडल का काम एक्युरेसी पर होगा। अगर इसकी मदद से किसी भी रीजनिंग को सुलझाया जाएगा तो वह मशीनी कम और मानव सपोर्ट वाली ज्यादा लगेगी। इसमें ऐसे फीचर्स को जगह दी गई है। Gemini 2.5 Pro के साथ नया क्या है ? Google दावा करता है कि Gemini 2.5 Pro मुश्किल रीजनिंग और कोडिंग संबंधी टास्क को पूरा करने में भी सक्षम है। लेटेस्ट लैंग्वेज मॉडल में कॉम कोडिंग, मैथ्स और साइंस संबंधी टास्क को भी पूरा किया जा सकेगा। ये बिल्कुल मानव के आखिरी एग्जाम और LMArea की तरह काम करेगा। Google के अभी तक AI सपोर्ट में कोडिंग कैपेबिलिटी कम देखने को मिल रही थी। यही वजह है कि कंपनी की तरफ से इसे लाने का फैसला किया गया है। Window के 1 मिलियन यूजर्स को Google Gemini 2.5 Pro को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। कॉन्टैक्स्ट विंडो एक प्रकार का अमाउंट ऑफ टेस्क्ट है जो चैटबॉट एक ही बार में रोलाउट हो सकता है। Google ने जारी किया वीडियो Google ने Gemini 2.5 Pro का एक नया वीडियो भी जारी किया है। इसमें सिंगल लाइन की मदद से बताया गया है कि ये कैसे काम करेगा। वीडियो से पता चलता है कि आपको महज एक लाइन लिखनी होगी। उदाहरण के तौर पर अगर आपको कोई गेम चाहिए तो आपको महज ये लिखना होगा- Create a new cricket game. ये लिखते ही आपको गेम बनकर मिल जाएगी।

अब क्रोम-फायरफॉक्स को टक्कर देगा भारत का Ajna स्वदेशी ब्राउजर

भारत अब डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की राह पर है. हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक खास मुकाबले के जरिए देश का अपना वेब ब्राउजर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. वर्ल्ड हैप्पीनेस डे के मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडियन वेब ब्राउजर डेवलपमेंट चैलेंज (IWBDC) के विजेताओं का ऐलान किया. ये कदम आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने की ओर एक बड़ी छलांग है, जिसका मकसद भारत को ‘सर्विस नेशन’ से ‘प्रोडक्ट नेशन’ बनाना है. 434 टीमों ने लिया हिस्सा इस चैलेंज में देशभर से स्टार्टअप्स, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स ने हिस्सा लिया. इसमें जोश और जुनून ऐसा था कि कुल 434 टीमें शामिल हुईं. तीन चरणों – आइडिया, प्रोटोटाइप और प्रोडक्ट बनाने के बाद आखिरकार आठ टीमें फाइनल में पहुंचीं. इसमें पहला स्थान Zoho कॉर्पोरेशन ने हासिल किया, जिसे 1 करोड़ रुपये का इनाम मिला. वहीं, स्टार्टअप टीम PING ने दूसरा और टीम Ajna ने तीसरा स्थान पाया, जिन्हें 75 लाख और 50 लाख रुपये दिए गए. Jio Vishwakarma को भी खास मेंशन मिला, क्योंकि उनकी टीम ने कई प्लेटफॉर्म्स के लिए शानदार डिज़ाइन पेश किया. खास बात ये कि विजेता टीमें टियर-2 और टियर-3 शहरों से आईं, जो दिखाता है कि भारत का टैलेंट अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. Ajna के विनय सिंह ने कही ये बात Ajna इंक के संस्थापक विनय सिंह (Vinay Singh) ने कहा कि इस उपलब्धि से हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है कि हम भारत के लिए एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर वेब अनुभव तैयार करें हमारा लक्ष्य देश को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाना है और हम अपने उत्पाद को और बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं उन्होंने यह भी बताया कि स्वदेशी ब्राउजर का विकास इसलिए आवश्यक है क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय ब्राउजर्स भारतीय अधिकारियों की सुरक्षा संबंधित अनुरोधों की अनदेखी कर देते हैं इसके अलावा अगर भविष्य में किसी कारणवश गूगल या अन्य वैश्विक टेक कंपनियां भारतीय उपयोगकर्ताओं की सेवाओं को सीमित करती हैं तो देश के पास अपना स्वतंत्र और सुरक्षित ब्राउजर होना आवश्यक है.

Samsung ला रहा नया फोन Galaxy XCover 7 Pro, चेक करें लीक स्पेसिफिकेशन्स

नई दिल्ली Samsung की तरफ से एक नए स्मार्टफोन लॉन्च की तैयारी चल रही है। यह अपकमिंग स्मार्टफोन Galaxy XCover Phone है, जिसे जल्द भारत में लॉन्च किया जा सकता है। लीक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सैमसंग का अपकमिंग स्मार्टफोन अब तक का सबसे मजबूत डिवाइस होगा। इस अपकमिंग स्मार्टफोन को मजबूत डिजाइन के साथ पेश किया गया है। सैमसंग गैलेक्सी XCover 7 प्रो को अमेरिकी FCC से मंजूरी मिल गई है, जिससे संकेत मिलता है कि Samsung Galaxy XCover सीरीज को जल्द लॉन्च किया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी XCover 8 प्रो स्मार्टफोन लेटेस्ट FCC लिस्टिंग के साथ आएगा। इस अपकमिंग डिवाइस को गैलेक्सी Xover 7 प्रो के नाम से पेश किया जा सकता है। Samsung Galaxy XCover हाइपर फास्ट 5G कनेक्टिविटी के साथ आता है। गैलेक्सी XCover 7 प्रो का FCC प्रमाणन गैलेक्सी XCover 7 प्रो ने गीकबेंच टेस्ट भी पास कर लिया है। बेंचमार्क ने कंफर्म किया है कि यह डिवाइस स्नैपड्रैगन 7s जेन 3 चिपसेट सपोर्ट के साथ आएगा। इसमें 6GB रैम सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही फोन एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। सैमसंग गैलेक्सी XCover 7 को IP68 रेटिंग के साथ पेश किया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी XCover डिस्प्ले और ब्राइटनेस सैमसंग गैलेक्सी XCover स्मार्टफोन की डिटेल लीक हो चुकी हैं। फोन ऑक्टा-कोर चिपसेट के साथ आएगा। फोन में 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ ही एक्ट्रा 1TB रैम सपोर्ट दिया जाएगा। लीक रिपोर्ट की मानें, तो फोन में 6.6 इंच फुलएचडी प्लस डिस्प्ले सपोर्ट मिल सकता है। फोन डिस्प्ले 500 nits पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। फोन को सैमसंग के इन-हाउस एमोलेड या फिर सुपर एमोलेड डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के साथ पेश किया जा सकता है। Samsung Galaxy XCover 7 के स्पेसिफिकेशन्स अगर बैटरी लाइफ की बात करें, तो फोन में 4050mAh बैटरी दी जा सकती है। फोन में 4 साल सॉफ्टवेयर के साथ 5 साल सिक्योरिटी अपडेट दिया जाएगा। फोन में Samsung Knox सिक्योरिटी दी जा सकती है। फोन XCover Key के साथ आएगा। सैमसंग के अपकमिंग फोन का वजन 240 ग्राम होगा। मतलब यह एक भारी-भरकम होगा। लेकिन जैसा मालूम है कि यह एक रफ एंट टफ स्मार्टफोन होगा, ऐसे में फोन का वजन होना बनता है। हालांकि कंपनी ने सैमसंग के अपकमिंग स्मार्टफोन की कुछ डिटेल का खुलासा नहीं किया है – जैसे Samsung Galaxy XCover स्मार्टफोन में कौन सा कैमरा सेंसर दिया जाएगा? फिलहाल इसकी जानकारी कंपनी की तरफ से उपलब्ध नहीं कराई गई है।

ChatGPt का नया इमेज जनरेटर टूल छाया, Grok चैटबॉट से बनाएं Ghibli स्टाइल इमेज

नई दिल्ली ChatGPt का नया इमेज जनरेटर टूल इंटरनेट पर काफी पॉपुलर हो रहा है। इसकी मदद से यूजर स्टूडियो Ghibli स्टाइल इमेज जनरेट कर सकते हैं। साथ ही अन्य इफेक्ट जनरेट कर सकते हैं। हालांकि ओपनएआई के इस फीचर के लिए सब्सक्रिप्शन की जरूरत होती है। ऐसे में कई यूजर इस वायरल जापानी स्टाइल ट्रेंड का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में एलन मस्क के xAI के Grok चैटबॉट की तरफ से Ghibli स्टाइल इमेज बनाने की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए किसी तरह के सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं होती है। बता दें कि चैटजीपीटी का मंथली सब्सक्रिप्शन 20 डॉलर में आता है। कैसे Grok से बनाएं Ghibli स्टाइल इमेज     सबसे पहले Grok वेबसाइट या ऐप को ओपन करें। इसके बाद आपको सीधे X ऐप पर जाना होगा या फिर Grok आइकन पर क्लिक करना होगा।     अगर आप एक बार Grok पेज को स्टार्ट करते हैं, तो चेक करें यह Grok 3 मॉडल होना चाहिए।     आपको अपनी पसंद के फोटो को पेपर इमेज आइकन पर क्लिक करके अपलोड करना होगा, जो कि बॉटम लेफ्ट कॉर्नर में मौजूद होगा।     इसके बाद आपको एक टेक्स्ट प्रॉम्ट को लिखना होगा। इसके बाद Grok से कहना होगा कि ‘Ghiblify’ the image     इसके बाद इमेज जनरेट हो जाएगी। अगर आपको यह इमेज पसंद नहीं आती है, तो आप Grok पर इमेज पर को री-जनरेट कर सकते हैं। Ghibli इमेज ट्रेंड क्या है? OpenAI ने हाल ही में ओपनएआई ने GPT-4o के लिए इमेज जनरेशन टूल विकसित किया है, जो यूजर्स को Ghibli स्टाइल इमेज बनाने की सुविधा देता है। बता दें कि Ghibli जापान का एक आर्ट फॉर्म है। इस इमेज को चैटजीपीटी की मदद से बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर अपनी फोटो को स्टूडियो घिबली एनिमेशन में बदलकर शेयर कर रहे हैं। इसकी मदद से यूजर अपनी फोटो को पॉपुलर जापानी एनीमेशन में बदल रहे हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर खासा पॉपुलर है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी अपनी X प्रोफाइल तस्वीर को घिबली इमेज से बदल दिया है। Ghibli स्टाइल स्टूडियो क्या है? स्टूडियो घिबली एक जापानी एनिमेशन फिल्म स्टूडियो है, जिसकी स्थापना 1985 में मियाजाकी हायाओ, ताकाहाता इसाओ और सुजुकी तोशियो ने की थी। यह कंपनी अपनी अपनी हाई क्वॉलिटी फोटो बनाने के लिए जानी जाती है, जिसमें हाथ से बनाई गई एनिमेशन इमेज शामिल थी। घिबली इमेज ट्रेंड का मतलब घिबली इमेज ट्रेंड में यूजर्स अपनी फोटो को AI टूल्स जैसे चैटजीपीटी के जरिए स्टूडियो घिबली स्टाइल में बदल रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। यह ट्रेंड टेक्नोलॉजी और आर्ट का मेल है।

ये Ai टूल से सिर्फ 2 मिनट में बन जाएगी Ghibli इमेज

सोशल मीडिया पर इन दिनों घिबली (Ghibli) इमेज का ट्रेंड वायरल है. जिसे देखो वही Ghibli इमेज बनाकर पोस्ट कर रहा है. लोग Ghibli इमेज को अपनी प्रोफाइल पिक और डीपी भी लगा रहे हैं. अगर आप भी अपनी एक शानदार घिबली इमेज फ्री में बनाना चाहते हैं लेकिन इसका टूल और प्रोसेस नहीं पता तो ये जानकारी आपके लिए ही है. Grok की मदद से फ्री में बनेगी Ghibli इमेज कॉमिक फीचर की तरह दिखाई देने वाली Ghibli इमेज को फ्री में बनाने के लिए आपको सबसे पहले X पर अकाउंट बनाना होगा. अगर पहले से ही आपका X पर अकाउंट है तो फिर Grok एआई टूल का इस्तेमाल करके आप फ्री में Ghibli इमेज जनरेट कर सकते हैं. बस ये सिम्पल स्टेप्स फॉलो करते जाइये और 2 मिनट में एक शानदार Ghibli इमेज आपके सामने होगी. आपको बस करना ये है कि अपने  X अकाउंट पर लॉग इन करने के बाद लेफ्ट हैंड साइड पर बने  Grok के आइकन पर क्लिक करना है. इसमें नीचे की ओर आपको अटेचमेंट का ऑप्शन दिखाई देगा. इस पर क्लिक कर फोटो को अटैच करें. आप अपनी फोटो भी यहां अटैच कर सकते हैं. इमेज अटैच करने के बाद Convert to Ghibli लिखना होगा. बस हो गया काम. ऐसा करते ही चंद मिनटों में Ghibli इमेज जनरेट हो जाएगी. Ghibli इमेज की खासियत Ghibli के पात्र आमतौर पर आकर्षक और देखने में प्यारे लगते हैं. इनके चेहरे पर बड़ी आंखें होती हैं. आंखों से ही आप पात्र की भावनाओं को स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं. पात्रों के कपड़े भी साधारण और प्यारे होते हैं. इनके कपड़े स्टोरी और जगह से मेल खाते हैं. Ghibli में  3D और 2D एनीमेशन का मिश्रण होता है.

Portronics Beem 520 लॉन्च, कम दाम में मिलेगा बड़ी स्क्रीन का मजा

मुंबई Portronics Beem 520 स्मार्ट LED प्रोजेक्टर लॉन्च कर दिया है. ये डिवाइस 720p HD नेटिव आउटपुट रेजोल्यूशन के साथ आता है. Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर पर आपको 4K Ultra-HD का सपोर्ट मिलता है. कंपनी इसमें कई प्री-इंस्टॉल्ड OTT ऐप्स भी देती है, जिसे आप प्रोजेक्टर पर सीधे एक्सेस कर सकते हैं. इस पर Amazon Prime Video, JioHotstar, Netflix और YouTube प्री-इंस्टॉल्ड मिलेगा. कंपनी की मानें, तो इस प्रोजेक्टर से 3.4  मीटर की दूरी और 105-inch तक प्रोजेक्ट किया जा सकता है. इसमें 3W का स्पीकर भी मिलता है. कितनी है कीमत? Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर को आप इंट्रोडक्ट्री प्राइस पर खरीद सकते हैं. ये प्रोजेक्टर 6,999 रुपये का मिल रहा है. इसे आप Amazon और Portronics की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकते हैं. डिवाइस सिंगल कलर ऑप्शन वॉइट में आएगा. इस पर 12 महीने की स्टैंडर्ड वारंटी मिलेगी. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर में 2200 Lumens का LED लैम्प मिलता है, जिसकी वजह से आपको दिन की रोशनी में भी अच्छी विजिबिलिटी मिलती है. ये डिवाइस 720p HD रेज्योलूशन के नेटिव सपोर्ट के साथ आता है, जिसे आप 4K Ultra-HD तक स्केल कर सकते हैं. इस प्रोजेक्टर को 1.5 मीटर की दूरी से 40-inch स्क्रीन पर बीम किया जा सकता है. वहीं 3.4 मीटर की दूरी से इसे 105-inch तक के स्क्रीन साइज पर प्रोजेक्ट किया जा सकता है. कनेक्टिविटी ऑप्शन की बात करें, तो इसमें Wi-Fi, ब्लूटूथ, HDMI, Ethernet, USB पोर्ट और 3.5mm का ऑडियो जैक मिलता है. प्रोजेक्टर में 3W का स्पीकर इन-बिल्ट मिल जाता है. कंपनी का कहना है कि ये डिवाइस हाई-परफॉर्मेंस CPU के साथ आता है. इसमें इन-बिल्ट कूलिंग फैन भी मिलता है. यूजर्स को हाइट एडजस्ट करने का भी ऑप्शन मिलता है. Portronics Beem 520 में JioHotstar, Netflix, Amazon Prime Video और YouTube जैसे ऐप्स प्री-इंस्टॉल मिलते हैं.  

असफलता मिल रही तो खुद से कहें ये बातें

जब मनचाहा काम पूरा नहीं होता तो पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही जगह पर मुश्किलें आने लगती है। इंसान ज्यादा स्ट्रेसफुल महसूस करता है और कठिनाईयों में घिरा रहता है। ऐसे में केवल पॉजिटिव सोच और एटीट्यूड ही सफलता का रास्ता बनाती हैं। इन सिंपल पॉजिटिव चीजों को सोचने से आपकी फीलिंग्स से लेकर सोचने के तरीके और एक्शन में बदलाव आता है। जो सफलता का रास्ता तय करता है। खुद से ये बातें बोलें जो कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में मदद करती हैं मैं अपने लक्ष्य पाने में समर्थ हूं खुद से इन बातों को जरूर बोलते रहें। ये केवल बातें नही है बल्कि आपको आपकी स्ट्रेंथ, कमियां और पोटेंशियल को याद दिलाने का तरीका है। जिससे आप मोटिवेटेड बने रहते हैं। मैं सफलता और लोगों का प्यार डिजर्व करता हूं अक्सर लोग काम या प्यार में असफल होने पर सोचते हैं कि वो इसके लायक ही नही थे। लेकिन अपने बारे में ऐसा बिल्कुल ना बोलें। पॉजिटिव एटीट्यूड सफलता के लिए रास्ता बनाते हैं। खुद से कहें कि आप भी सफलता डिजर्व करते हैं और लोग आपको प्यार जरूर करेंगे। मैं सम्मान पाने के काबिल हूं जब आप खुद पर भरोसा रखते हैं तो दूसरे भी भरोसा दिखाते हैं। अपने आप से कभी मत कहें कि आप काबिल नही है। आप सम्मान डिजर्व करते हैं। ऐसी बातें मन में रखने से ही आप काबिल बन पाएंगे। मन में पॉजिटिव बातें सोचने से ही वो हकीकत में बदलती हैं। इसलिए हमेशा अच्छी बातों पर गौर करना चाहिए और बुरी बातों को मन से निकाल देना चाहिए। ये बातें ना केवल सफलता दिलाती हैं बल्कि लाइफ में खुश रहने में मदद करती हैं।

गर्मियों में आपकाे जरूर करना चाह‍िए शहतूत का सेवन

गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। गर्मी ने अपना प्रचंड रूप भी द‍िखाना शुरू कर दि‍या है। अभी धूप के तेवर और भी तल्‍ख होंगे। मौसम व‍िभाग ने भी इस बार भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। गर्मी के मौसम में सेहतमंद रहने के ल‍िए खानपान का अध‍िक ख्‍याल रखना पड़ता है। ऐसे में लोग ऐसी चीजें खाना पसंद करते हैं जो शरीर को ठंडक पहुंचाने में मददगार है। कई लोग मौसमी फल खाते हैं जि‍नमें पानी की मात्रा अध‍िक होती है। वहीं कुछ लोग दही, लस्‍सी, छाछ, नार‍ियल का पानी पीते हैं। आप चाहें तो एक बार शहतूत ट्राई कर सकते हैं। ये खाने में भी बेहद स्‍वाद‍िष्‍ट होते हैं। ये आसानी से मुंह में घुल जाता है। आपको बता दें क‍ि शहतूत में विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आइए इनके फायदों के बारे में व‍िस्‍तार से जानते हैं- खूबसूरती भी न‍िखारे आजकल लोगों में डार्क सर्कल या बाल झड़ने की समस्‍या बढ़ गई है। शहतूत एक ऐसा फल है जेा आपको इन समस्‍याओं से राहत द‍िला सकता है। ये स्‍क‍िन और बालों के ल‍िए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। ये त्‍वचा को रूखेपन से बचाता है। वहीं बालों में नेचुरल शाइन लाने में भी मददगार है। इससे आपके बालों का झड़ना भी बंद हो जाता है। माइग्रेन और सिरदर्द से द‍िलाए राहत गर्मियों में लू और तेज धूप आपके स‍िरदर्द को बढ़ा सकती है। ऐसे में आपको शहतूत को अपनी डाइट में जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। इससे माइग्रेन की समस्‍या से भी छुटकारा म‍िलता है। ये शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी मददगार है। डिहाइड्रेशन से बचाए शहतूत में पानी की अच्छी मात्रा होती है। ये शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार है। आप रोजाना अपनी डाइट में शहतूत को शाम‍िल कर सकते हैं। हीट स्ट्रोक से बचाए गर्मियों में लू लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। शहतूत के ठंडक देने वाले गुण शरीर के तापमान को कंट्रोल में रखते हैं। इसके अलावा ये हीट स्ट्रोक के खतरे को भी कम करने में मददगार हैं। आंखों की रोशनी बढ़ाए गर्मी में आंखों में जलन होना आम बात है। शहतूत में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाने में मदद करते हैं। लिवर की करे सफाई गर्मी में ऑयली या मसालेदार खाना खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में शहतूत डिटॉक्सिफाइंग फूड की तरह काम करता है और लिवर को साफ रखता है। पेट की समस्याओं से द‍िलाए राहत गर्मियों में अक्सर पेट में जलन, एसिडिटी, कब्‍ज और गैस की समस्या बढ़ जाती है। शहतूत फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पाचन दुरुस्त रहता है और पेट की समस्याएं कम होती हैं।

गर्मी में पुरुष भी जरूर लगाएं सनस्‍क्रीन

गर्मी की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में लोग स्‍क‍िन से जुड़ी समस्याओं से बचने के ल‍िए तरह-तरह के उपाय करते हैं। हालांक‍ि ये ज्‍यादातर लड़क‍ियों को ही आपने करते देखा होगा। लेक‍िन आपको बता दें क‍ि पुरुषों को भी स्‍क‍िन केयर की जरूरत होती है। जी हां, गर्मी में त्‍वचा की नमी छ‍िन सकती है। इससे आपको कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ेगी। ऐसे में जरूरी है क‍ि आप अभी से अपनी स्‍क‍िन का ख्‍याल रखना शुरू कर दें। आप बाहर जब भी जाएं तो सनस्‍क्रीन लगा कर जाएं। ये आपकी त्‍वचा काे पूरा पोषण देगी और आप स्‍क‍िन से जुड़ी बीमार‍ियों से भी बचे रहेंगे। आज हम आपको अपने इस लेख में बताने जा रहे हैं क‍ि पुरुषों काे सनस्‍क्रीन लगाने से क्‍या-क्‍या फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- सूरज की हानिकारक किरणों से करे बचाव धूप में मौजूद UVA और UVB Rays त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। UVB Rays सनबर्न का कारण बनती हैं। जबकि UVA Rays झुर्रियां और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ा देती ह‍ैं। सनस्क्रीन लगाने से इन हानिकारक किरणों से बचा जा सकता है। टैनिंग को करे कम लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग हो जाती है। इससे त्वचा का रंग काला होने लगता है। रोजाना सनस्क्रीन लगाने से टैनिंग से बचा जा सकता है। झुर्रियों और बुढ़ापे के लक्षणों को रोके अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा जवान और ताजगी से भरी रहे तो बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह फ्री-रेडिकल्स को कम करके झुर्रियों और बुढ़ापे के अन्य लक्षणों को रोकता है। स्‍क‍िन कैंसर से करे बचाव लगातार बिना सनस्क्रीन के धूप में रहने से आपकी त्‍वचा को गंभीर पर‍िणाम झेलने पड़ सकते हैं। दरअसल ज्‍यादा देर तक धूप में रहने से स्‍क‍िन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। सनस्क्रीन लगाने से इससे बचा जा सकता है। स्‍क‍िन को रखे हाइड्रेट सनस्क्रीन आपकी स्‍क‍िन में नमी बनाए रखने में कारगर होता है। ये रूखेपन की समस्‍या से भी बचाता है। खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा शुष्क होती है, उनके लिए सनस्क्रीन बहुत फायदेमंद होता है। इससे त्‍वचा में नमी बरकरार रहती है।

Tiktok वाला फीचर अब Instagram पर, 2X स्‍पीड में चलने लगेगी रील

नई दिल्ली Instagram पर नए-नए फीचर्स आते रहते हैं, लेकिन अब जो फीचर आया है, वह रील्‍स को जल्‍दी देखने में मदद करेगा। कई बार ऐसी रील्‍स हमारी फीड में आ जाती हैं, जिन्‍हें देखने का बहुत मन नहीं करता। ज्‍यादातर लोग ऐसी रील्‍स को स्किप करके दूसरी रील देखने लगते हैं। अब इंस्‍टाग्राम पर नया फीचर आया है, जिसकी मदद से आप किसी भी रील को 2X स्‍पीड में देख पाएंगे। इसका फयदा तब होगा, जब आप किसी रील को जल्‍दी देखना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नए फीचर को लोगों के फीडबैक के बाद लाया गया है और यह टिकटॉक से प्रेरित नजर आता है। यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में इंस्‍टा रील्‍स 3 मिनट तक की हो सकती हैं, ऐसे में नया फीचर रील्‍स को जल्‍दी खत्‍म करने में काम आएगा। टिकटॉक पर पहले से मौजूद है फीचर इंस्‍टाग्राम पर जो फीचर आया है, वह टिकटॉक पर पहले से मौजूद है। कंपनी टिकटॉक जैसे कई फीचर पहले ला चुकी है, जिनमें र‍ीमिक्‍स टूल शामिल है। वहीं, 2x स्पीड फीचर को पूरी दुनिया में रोलआउट कर दिया गया है। हमने इसे इस्‍तेमाल करके देखा। यह काफी आसान और इफेक्टिव है। हालांकि 2एक्‍स स्‍पीड में जब रील चलती है तो उसे समझने के लिए भी आपको अपना दिमाग 2एक्‍स स्‍पीड में दौड़ाना होगा! इंस्‍टा रील्‍स को कैसे देखें 2x स्पीड में यह फीचर दुनियाभर के इंस्‍टा यूजर्स के लिए रोलआउट हो गया है। अगर आप इसे इस्‍तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, तो ऐप को अपडेट करना पड़ेगा।     इंस्‍टाग्राम रील्‍स को 2एक्‍स स्‍पीड में देखने के लिए इंस्‍टा ऐप पर जाएं तो रील्‍स सेक्‍शन पर क्लिक करें।     जो भी रील आप देखना चाहते हैं, उसे प्‍ले करें।     रील को 2एक्‍स स्‍पीड में देखने के लिए आपको स्‍क्रीन पर दायीं या बायीं ओर प्रेस करके रखना होगा।     इसके बाद रील 2x प्लेबैक में चलने लगेगी। जैसे ही आप स्‍क्रीन से उंगली हटा देंगे, वह नॉर्मल स्‍पीड में चलने लगेगी। लोगों की डिमांड पर आया नया फीचर रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा का कहना है कि लोगों की डिमांड पर नया फीचर लाया गया है। कंपनी के मुताबिक कम्‍युनिटी फीडबैक के बाद फीचर को लाया गया। अब लोग रील्‍स को फटाफट देख पाएंगे। इसका सबसे ज्‍यादा फायदा उन लोगों को होगा जो कम टाइम में ज्‍यादा रील्‍स देखना चाहते हैं। भारत में यह फीचर इसलिए भी लोगों को पसंद आ सकता है, क्‍योंकि यहां टिकटॉक बैन है और लोग शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म के तौर पर इंस्‍टाग्राम ही ज्‍यादा इस्‍तेमाल करते हैं।

सेहत के लिए बहुत जरूरी है आंवले का सेवन…

आंवले का सेवन सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इसके नियमित सेवन से न केवल स्वास्थ्य सही रहता है, बल्कि सुंदरता भी बढ़ती है… आवला को यदि गुणों की खान कहा जाए तो गलत न होगा। सर्दी के मौसम में मिलने वाला आंवला बहुत सारे गुणों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला का कहना है कि अगर जाड़े के मौसम में प्रतिदिन आंवले का सेवन किया जाए तो शरीर पूरी तरह स्वस्थ रहेगा। -आंवला बहुत सारे रोगों से राहत दिलाता है। इसमें कई सारे विटामिन्स और मिनरल्स जैसे विटामिन ए, बी-6, थियामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कैरोटीन, कॉपर, पोटैशियम, मैंग्नीज आदि पाए जाते हैं। इसमें कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। -आंवले को कई प्रकार से खाया जा सकता है। आप चाहें तो इसे कच्चे रूप में खा सकते हैं। इसका जूस भी निकाला जा सकता है। इसकी चटनी बनाने के साथ ही इसका हलुआ भी बनाया जा सकता है। आंवले के लच्छों को मीठा या नमकीन बनाकर खाया जा सकता है। इसका मुरब्बा तो हर मौसम में खाया जाता है। आंवला के रस को शहद या एलोवेरा में मिलाकर लिया जा सकता है। -आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के कारण आंवला बालों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से न केवल बालों की ग्रोथ अच्छी होती, बल्कि उनमें चमक भी आती है और बालों का गिरना भी कम हो जाता है। इसके रस को बालों की जड़ों में लगाने से भी लाभ मिलता है। -विटामिन ए और कैरोटीन से भरपूर होने के कारण आंवला आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से न केवल आंखों की रोशनी सही रहती है, बल्कि वे कई सारी समस्याओं से भी बची रहती हैं। -आंवले में मौजूद कैल्शियम दांतों, नाखूनों, त्वचा और हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे त्वचा में निखार भी आता है। इसमें मिलने वाला प्रोटीन शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखता है। -डाइबिटीज वाले लोग भी आंवले का सेवन कर सकते हैं। इसमें मिलने वाला क्रोमियम ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखता है। हां, यह ध्यान रखें कि बगैर शक्कर वाले आंवले का ही सेवन करें। -आंवले में पानी भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसके सेवन करने पर पेशाब के साथ शरीर के हानिकारक तत्व जैसे अतिरिक्त पानी, नमक और यूरिक एसिड बाहर हो जाते हैं। यही कारण है कि यह किडनी को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। -इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र अर्थात पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से कब्ज की शिकायत दूर होती है। साथ ही डायरिया होने का भी खतरा नहीं रहता है। -आंवले में मिलने वाले पोषक तत्व जैसे आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय को दुरुस्त रखने में बहुत सहायक हैं। आंवले के नियमित सेवन से हृदय में रक्तसंचार सही रूप से होता है। यह कोलेस्ट्राल के स्तर को भी सही रखता है। -पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण आंवला एंटी एजिंग का भी काम करता है। साथ ही विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाव करता है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को सही रखता है। सर्दी-जुकाम से बचाव करने के साथ ही यह एनीमिया होने से भी बचाता है। एक्ने और पिंपल्स से भी बचाव करने में भी यह सहायक है।  

iPhone यूजर्स WhatsApp को अपने डिफॉल्ट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप के रूप में कर सकेंगे सेट

नई दिल्ली Apple ने iOS 18.2 अपडेट के साथ iPhone यूजर्स को थर्ड-पार्टी ऐप्स को डिफॉल्ट मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप सेट करने की सुविधा दी थी। अब जल्द ही iPhone यूजर्स WhatsApp को अपने डिफॉल्ट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप के रूप में सेट कर सकेंगे। WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के iPhone बीटा वर्जन 25.8.10.74 के कुछ यूजर्स को यह फीचर मिल रहा है। यानी, जब भी कोई यूजर किसी ऐप में किसी नंबर पर टैप करेगा, तो कॉल या मैसेज के लिए Apple के Phone और Messages ऐप की बजाय WhatsApp का इस्तेमाल होगा। सभी यूज़र्स के लिए कब आएगा यह फीचर? यह फीचर फिलहाल चुनिंदा WhatsApp बीटा यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है। अभी यह साफ नहीं है कि इसे सभी यूजर्स के लिए कब तक रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp इससे पहले भी बहुत सारे फीचर्स लेकर आया है। व्हाट्सऐप स्टेटस को लेकर भी नया फैसला लिया गया है। व्हाट्सऐप स्टेटस लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो एक नया फीचर लाया गया है। WhatsApp की तरफ से iOS ऐप के लिए नया फीचर लाया गया था। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपने वॉट्सऐप स्टेटस में म्यूजिक को शेयर कर पाएंगे। स्टेटस इंटीग्रेड होगा आसान बीटा ट्रैकर की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई थी, इसमें कहा गया था कि इस लेटेस्ट फीचर को वॉट्सऐप के लेटेस्ट बीटा वर्जन में स्पॉट किया गया है। वॉट्सऐप यूजर्स जिस म्यूजिक को स्टेटस में शेयर करना चाहते हैं, उसे अपने स्टेटस में इंटीग्रेट कर पाएंगे। यह फीचर यूजर्स के वाट्सऐप स्टेटस लगाने की प्रक्रिया को आसान बना देगा। जबकि इससे पहले तक यूजर्स को म्यूजिक को कॉपी और पेस्ट करना होता था, उसके बाद उसे शेयर करना होता है। लेकिन अब म्यूजिक को स्टेटस पर शेयर करना आसान हो गया है। Spotify से हाथ मिला रहा व्हाट्सऐप व्हाट्सऐप की तरफ से फीचर ट्रैकर के लिए Spotify से इंटीग्रेट कर रहा है। यहां यूजर्स को प्रीव्यू का ऑप्शन भी दिया जाएगा। दूसरी तरफ वॉट्सऐप चैट और चैनल के लिए नया मोशन फोटो शेयर करने का फीचर दिया जा रहा है। कंपनी की तरफ से बहुत जल्द इस सर्विस की शुरुआत की जा सकती है। इस नए फीचर में यूजर्स को फोटो लेते समय रिकॉर्ड किए गए ऑडियो और वीडियो के साथ एक शार्ट क्लिप शेयर करने की सुविधा भी दी जाती है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में ये नया फीचर देखने को मिल सकता है। iOS यूजर्स लाइव फोटो के लिए इसका इस्तेमाल कर पाएंगे।

Motorola Edge 60 Pro को लॉन्च के लिए तैयार

नई दिल्ली Motorola अपने अगले बड़े मिड-बजट स्मार्टफोन Motorola Edge 60 Pro को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह स्मार्टफोन Edge 50 Pro का अपग्रेडेड वर्जन होगा और इसमें चार कैमरे, 12GB RAM और 512GB स्टोरेज जैसी टॉप-टियर फीचर्स मिलेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola एक नया Extra Button पेश करेगा, जो iPhone 16 और Nothing Phone 3a सीरीज की तरह होगा। फीचर्स की झलक Motorola Edge 60 Pro में चार कैमरा सेटअप मिलने वाला है। साथ ही Sony LYTIA सेंसर के साथ OIS सपोर्ट भी इसमें दिया जाएगा। नया Action Button बेहतर कंट्रोल्स के लिए मिलने वाला है। साथ ही 5100mAh की बैटरी, 68W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा। Android 15 OS और 144Hz AMOLED डिस्प्ले भी दिया जाएगा। iPhone जैसा Action Button और दमदार कैमरा सेटअप लीक्स के मुताबिक, Motorola Edge 60 Pro में लेफ्ट साइड पर एक Extra Button होगा, जो iPhone 16 के कैमरा कंट्रोल फीचर की तरह काम करेगा। स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होगा, जिसमें- 50MP प्राइमरी कैमरा (Sony LYTIA सेंसर, OIS सपोर्ट), 10MP सेकेंडरी कैमरा, 13MP थर्ड कैमरा और 20MP सेल्फी यानी फ्रंट कैमरा मिलेगा। Motorola Edge 60 Pro की कीमत कितनी हो सकती है ? रिपोर्ट्स के अनुसार, Motorola Edge 60 Pro की कीमत EUR 649.89 (लगभग 60,000 रुपए) हो सकती है। स्मार्टफोन ब्लू, ग्रीन और पर्पल कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। अभी Motorola के इस फोन का बज भी इंटरनेट पर बना हुआ है। दरअसल ये फोन मोटोरोला का अपग्रेडेड डिवाइस होने वाला है। जिसका यूर्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब फोन के आने की घोषणा हो चुकी है। Motorola Edge 60 Fusion दूसरी तरफ, इससे पहले Motorola Edge 60 Fusuion को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। फोन को लेकर कहा गया था कि यह नया स्मार्टफोन Moto Edge 50 Fusion का अपग्रेडेड वर्जन होगा और इसकी ऑफिशियल लॉन्च डेट 2 अप्रैल को तय की गई है। लीक्स में फोन की कीमत और स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा भी किया गया था। Moto Edge 60 Fusion की कीमत 25,000 रुपये से कम हो सकती है, क्योंकि इसके पिछले मॉडल Moto Edge 50 Fusion की शुरुआती कीमत 22,999 रुपये थी। लीक हुई तस्वीरों से यह भी पता चला है कि यह स्मार्टफोन ब्लू, पिंक और पर्पल रंगों में उपलब्ध होगा। फोन की स्पेसिफिकेशन भी लीक हुई थीं। इसमें दावा किया गया था, Moto Edge 60 Fusion में 6.7-इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

Telegram का बड़ा कदम, आया Grok AI, बस ये यूजर्स कर सकेंगे यूज

कुछ दिनों पहले ही Elon Musk के Grok AI ने अपने बेबाक जवाबों से इंटरनेट पर हलचल मचा दी थी। अब यह AI चैटबॉट एक और बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है। Grok AI अब Telegram पर भी उपलब्ध होगा। इससे पहले उपयोगकर्ता केवल X (पहले Twitter) या Grok एप के जरिए ही इस चैटबॉट से बातचीत कर सकते थे, लेकिन अब Telegram यूजर्स भी इससे चैट कर सकेंगे। यह कदम Grok AI की पहुंच को बढ़ाने और Telegram को AI मार्केट में  बनाए रखने की रणनीति हो सकती है। सिर्फ Premium यूजर्स को मिलेगा एक्सेस एलन मस्क का ग्रोक AI सिर्फ Telegram Premium और X Premium यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, हालांकि यह WhatsApp के MetaAI की तरह आसानी से दिखाई नहीं देगा। उपयोगकर्ता इसे एक्सेस करने के लिए Telegram पर “GrokAI” सर्च कर सकते हैं और उससे बातचीत शुरू कर सकते हैं। अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि फ्री यूजर्स को यह सुविधा मिलेगी या नहीं। Telegram ने यह भी पुष्टि की है कि इस एप में Grok 3, जो इसका सबसे नया वर्जन और सबसे एडवांस मॉडल है, को इंटीग्रेट किया गया है। व्हाट्सएप पर चैटजीपीटी आपको बता दें कि आज भले ही ग्रोक एआई को टेलीग्राम पर उपलब्ध कराया गया है लेकिन इसका प्रतिद्वंदी चैटजीपीटी पहले से ही व्हाट्सएप पर उपलब्ध है। कोई भी चैटजीपीटी के आधिकारिक नंबर पर मैसेज करके इस टूल का इस्तेमाल कर सकता है। यह भी संभावना है कि आने वाले समय में ग्रोक को व्हाट्सए पर भी उपलब्ध कराया जाए।  

EPFO : UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल से निकल निकाल सकेंगे पैसे

नई दिल्ली EPFO यूजर्स के लिए सरकार की तरफ से लगातार नए फैसले लिए जाते हैं। UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल तक की योजना बनाई जा रही है। बीते दिनों एक रिपोर्ट आई थी, इसमें दावा किया गया था कि यूजर्स UPI की मदद से 1 लाख रुपए तक का EPFO निकाल सकेंगे। इसके साथ ही ATM की मदद से EPFO निकालने की बात भी कही जा रही थी। अब साफ हो गया है कि सरकार ने इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही NPCI से भी बात की जा रही है। EPFO पेमेंट को लेकर योजना बनाई जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए लेबर सचिव सुमिता डावरा ने खुद पुष्टि की है। सुमिता बताती हैं, EPFO की तरफ से इसके लिए योजना बनाई जा रही है और आने वाले महीनों में इसे लागू करने का भी काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘ये सभी मेंबर्स के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है। वह EPFO अकाउंट भी देख पाएंगे। लेकिन इसमें खास बात होगी कि वह UPI की मदद से EPFO अकाउंट देख पाएंगे। यहीं वह ऑटो क्लेम भी कर सकते हैं। सब्सक्राइबर्स को इसकी मदद से जल्दी अप्रूवल लेने में मदद मिलेगी और पेमेंट भी तुरंत उनके अकाउंट में आ जाएगी।’ 1 लाख रुपए तक लिमिट EPFO की तरफ से इसके लिए लिमिट भी तय कर दी गई है। इसके लिए 1 लाख रुपए तक की लिमिट तय की गई है। क्योंकि यूजर्स को जल्द फंड मिल जाएगा और वह इसका इस्तेमाल अलग-अलग चीजों के लिए कर सकते हैं। वह मेडिकल एक्पेंस, हाउसिंग एडवांस, एजुकेशन और शादी के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।’ दरअसल ये पूरा प्रोसेस यूजर्स के लिए फास्ट पोर्टल के लिए बनाया जा रहा है। यानी यूजर्स आसानी से पेमेंट की निकासी कर सकें और उन्हें इसको लेकर कोई परेशानी न हो। EPFO ने बनाया डेटा बेस सुमिता डावरा आगे कहती हैं, ‘EPFO ने इसके लिए नया डेटा बेस बना लिया है। हमारा पूरा उद्देश्य UPI को सिस्टम में लाना है। हमें NPCI की तरफ से फीडबैक भी मिल रहा है। EPFO उसी कदम के साथ आगे भी बढ़ रहा है। टेस्टिंग करने के बाद, EPFO क्लेम के लिए हम UPI सिस्टम को दुरुस्त करने पर काम कर रहे हैं। ये सभी मेंबर्स को फायदा दे सकता है। इसकी मदद से EPFO अकाउंट्स को डायरेक्ट देखना भी आसान होने वाला है। ऐसा करने से ये साफ हो जाएगा कि ये सही है या नहीं। सब्सक्राइबर्स को किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी। क्योंकि उन्हें जल्दी पैसे मिल पाएंगे।’

Oppo ने हाल ही में बाजार में उतारी F29 सीरीज

नई दिल्ली Oppo ने हाल ही में F29 सीरीज को बाजार में उतारा है। भारतीय बाजार में आने के साथ ही इसकी चर्चा भी शुरू हो गई है। आज हम आपको फोन पर चल रहे डिस्काउंट के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप एक किफायती स्मार्टफोन की तलाश में हैं, तो ये डिवाइस आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। अच्छी खबर यह है कि इन स्मार्टफोन्स की सेल भारत में शुरू हो चुकी है, और कंपनी शुरुआती सेल के दौरान ग्राहकों के लिए कई ऑफर्स लेकर आई है। Oppo F29 5G सीरीज में कंपनी की तरफ से 2 मॉडल्स को लॉन्च किया गया है। इसमें Oppo F29 5G और Oppo F29 Pro 5G को शामिल किया गया है। इनमें से Oppo F29 5G की सेल 27 मार्च से Flipkart पर शुरू हो चुकी है। Oppo F29 5G में आपको 2 कलर ऑप्शन्स दिए जाते हैं। इसमें सॉलिड पर्पल और ग्लेशियर ब्लू को शामिल किया गया है। साथ ही इस फोन की शुरुआती कीमत 24 हजार रुपए है। इसे 2 वैरिएंट्स में लॉन्च किया गया है। जो 8GB RAM + 128GB स्टोरेज के साथ आते हैं। जबकि दूसरा वैरिएंट 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाला है जिसकी कीमत 26 हजार रुपए तय की गई है। बैंक ऑफर्स Oppo F29 Pro पर आपको बैंक ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं। अगर आप HDFC, Axis या SBI बैंक कार्ड से भुगतान करते हैं, तो आपको 10% तक का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा, एक्सचेंज ऑफर के तहत ग्राहक 2000 रुपए का अलग से डिस्काउंट मिल सकता है। Oppo F29 के फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.7-इंच का फुल HD+ डिस्प्ले मिलता है। साथ ही 8GB तक की रैम और 128GB/256GB स्टोरेज ऑप्शन मिलता है। कैमरा की बात करें तो फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जाता है, जिसका प्राइमरी कैमरा 50MP है। इसके अलावा फ्रंट कैमरा 16MP का मिलता है। इसमें Snapdragon 6 Gen 1 चिपसेट भी दिया जाता है। 6500mAh की दमदार बैटरी के साथ 45W फास्ट चार्जिंग भी मिलने वाला है। अगर आप Oppo F29 5G खरीदना चाहते हैं, तो यह Flipkart पर उपलब्ध है। शुरुआती सेल ऑफर्स का लाभ उठाने के लिए जल्द खरीदारी करें। फोन को लेकर कंपनी दावा करती है कि मजबूत बॉडी से बना है। साथ ही इसकी स्पीड भी अच्छी मिलने वाली है। ऐसे में आपको फोन को लेकर कोई शिकायत नहीं होने वाली है। यही वजह है कि यूजर्स इस प्राइस रेंज में इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। कॉम्पैक्ट डिजाइन की वजह से फोन ट्रेंड में भी बना हुआ है।

अब वॉट्सऐप पर तलाश सकते हैं रील्‍स

नई दिल्ली रील्‍स देखने के लिए हर कोई अपने फोन में पहले इंस्‍टाग्राम खोलता है। अगर आप किसी और ऐप पर है, तो भी आपको इंस्‍टाग्राम पर स्विच करना पड़ता है। लेकिन वॉट्सऐप यूजर्स अपने ही ऐप यानी वॉट्सऐप पर रील्‍स ढूंढ सकते हैं। भले आपको यकीन ना हो, लेकिन ऐसा मुमकिन है। वॉट्सऐप ऐप पर रील्‍स ढूंढी जा सकती हैं और फ‍िर जो रील पसंद आए आप उसे देख भी सकते हैं। क्‍या आपने कभी ये ट्रिक ट्राई की है, अगर नहीं तो हम आपको बताने जा रहे हैं। एंड्रॉयड और आईओएस यानी ऐपल यूजर्स दोनों इस ट्रिक की मदद से अपने वॉट्सऐप पर रील्‍स तलाश सकते हैं। वॉट्सऐप से कैसे देखें रील्‍स अगर आपको वॉट्सऐप से रील्‍स देखनी है, तो सबसे पहले अपने ऐप को ओपन करें। ऐप पर आपकाे मेटा आइकन नजर आएगा। एंड्रॉयड और आईफोन में इसकी प्‍लेसिंग अलग-अलग हो सकती है। किसी को यह आइकन एकदम नीचे दिखेगा, तो किसी थोड़ा ऊपर नजर आ सकता है। मेटा आइकन पर क्लिक करने के बाद एक नया यूजर इंटरफेस आपके सामने होगा। फ‍िर आपकाे कमांड देनी है। जैसे- शो मी रील्‍स या फ‍िर शो मी बॉलीवुड रील्‍स। इसके बाद मेटा एआई आपको 4 से 5 रील्‍स दिखाएगा। पहली तस्‍वीर में नीचे दायीं तरफ मेटा आइकन दिख रहा है। उस पर टैप करते ही आपको सामने मेटा एआई ओपन हो जाएगा, जहां आप रील्‍स ढूंढ पाएंगे। पसंदीदा टॉपिक पर देख सकते हैं रील्‍स अगर आपको मेटा एआई द्वारा दिखाई गई रील्‍स समझ नहीं आ रहीं, तो आप और कमांड दें। अगर आप टेक्‍नोलॉजी पर रील्‍स देखना चाहते हैं तो उसकी कमांड दें। मोबाइल अनबॉक्सिंग पर रील देखना चाहते हैं तो उसकी कमांड दें। याद रहे कि आपको चैटबॉक्‍स में अपना मैसेज लिखना है। मेटा एआई आपको रील्‍स दिखाता जाएगा। क्लिक करते ही चलने लगती है रील हालां‍कि यहां एक ट्रिक है। मेटा एआई की दिखाई अगर कोई रील आपको पसंद आती है और आप उस पर क्लिक करते हैं तो आप इंस्‍टाग्राम पर ही स्विच हो जाएंगे। यानी वह रील आपको वॉट्सऐप पर तो मिली, लेकिन वह चलेगी इंस्‍टाग्राम पर। वॉट्सऐप पर मेटा एआई का यह इंटीग्रेशन ना सिर्फ यूजर्स को रील दिखा सकता है, बल्कि उनके कई और काम पूरे कर सकता है। यह आपकी बताई हुई कमांड पर जवाब देता है। जैसे आप अपने इलाके के मौसम की जानकारी चाहते हैं तो मेटा एआई से पूछ सकते हैं। यूजर्स की सुविधा के लिए वॉट्सऐप की तरफ से नए फीचर लाए जाते रहते हैं। वॉट्सऐप iOS ऐप के लिए नया फीचर डेवलप कर रहा है। फीचर की मदद से यूजर्स अपने वॉट्सऐप स्टेटस में म्यूजिक को शेयर कर पाएंगे। वह जिस म्यूजिक को स्टेटस में शेयर करना चाहते हैं, उसे अपने स्टेटस में इंटीग्रेट कर पाएंगे।

खुद को स्मार्ट दिखाना है तो जान ले ये ट्रिक

दोस्तों या रिश्तेदारों की भीड़ में खुद के लिए रिस्पेक्ट तो हर किसी की चाह होती है। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों के साथ बहस में नहीं जीत पाते हैं या फिर खुद की बेइज्जती को भी नहीं रोक पाते। क्योंकि हर किसी के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को नीचा दिखाने या बेइज्जती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है और बेइज्जती करने वाले का मुंह बंद करना है तो ये 3 माइंड ट्रिक जरूर जान लें। ह्यूमन साइकोलॉजी में बिहेवियर को लेकर काफी सारे बातें बताई गई हैं। जिसमे से ये तीन बातें ज्यादातर स्मार्ट लोगों को पता होती है। बहस में पड़ जाएं तो कैसे जीतें जब भी कोई आपसे बहस करने लगे या झगड़ा कर रहा हो तो ऐसे मौके पर आवाज को ऊंची या तेज करने की बजाय धीमी ही रखें। जिस आवाज में आप बात करते हैं उसी आवाज में उससे बहस करें फिर वो चाहे जितनी भी तेजी से चिल्लाए। आपका ये व्यवहार सामने वाले को और भी ज्यादा गुस्सा दिलाएगा क्योंकि वो आपके अंदर चीखने-चिल्लाने वाला लक्षण नहीं देख पाता। इससे खुद ही पीछे हट जाएगा। यानी कि आप बहस जीत जाएंगे। अगर आपको पता है कि सामने वाला इंसान झूठ बोल रहा कई बार ऐसा होता है कि हमारे सामने ही कोई झूठ बोलता है लेकिन हम उससे ये नहीं कह पाते कि भाई तुम झूठ बोल रहे हो। ऐसे में माइंड ट्रिक कहती है कि बस झूठ बोलने वाले की आंखों में देखो। अगर तुम जान गए हो कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसकी आंखों में देखने से वो समझ जाता है कि उसका झूठ पकड़ा गया। अगर कोई बेइज्जती करे काफी बार देखा गया है कि भरी महफिल में लोग एक दूसरे को ताने या बातों के जरिए बेइज्जत करते हैं। ऐसे वक्त में आप उससे लड़ भी नहीं पाते। जब भी ऐसी सिचुएशन सामने आए तो बेइज्जती करने वाले इंसान को देखकर पूछे क्या तुम ठीक हो। ऐसा पूछने से वो सकपका जाएगा और सोचने लगेगा क्या जो उसने बोला वो सही था या गलत। इस तरह से आप अपनी बेइज्जती को होने से रोक सकते हैं और उसे एहसास दिला सकते हैं।

नवरात्र व्रत में मखाना खाने से शरीर में बनी रहेगी एनर्जी

इस बार 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हाे रहा है। इसका समापन 6 अप्रैल को होगा। नवरात्र में 9 दि‍नों तक मां दुर्गा के व‍िभ‍िन्‍न स्‍वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र व्रत में खानपान का व‍िशेष ध्‍यान रखने की सलाह दी जाती है ताक‍ि शरीर में एनर्जी बनी रहे। आपको कमजोरी भी महसूस न हो। वैसे तो व्रत में कई तरह की चीजें खाई जाती हैं। इनमें आलू, साबूदाना, कुट्टू के आटे की पूड़ी, हरी सब्‍ज‍ियां और फल-मेवे शाम‍िल होते हैं। उन्‍हीं में से मखाना भी एक है। यह एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो आपको पूरे द‍िन तरोताजा रखेगा। आपके शरीर में एनर्जी की कमी नहीं होने देगा। अगर आप इसे व्रत के दौरान खाते हैं तो इससे आपको कुछ और खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल व्रत के दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसे मखाना आसानी से पूरा कर सकता है। आइए जानते हैं व्रत में मखाना खाने से सेहत को क्‍या फायदे म‍िल सकते हैं। मखाने में भरपूर पोषण मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है और व्रत के दौरान कमजोरी महसूस नहीं होने देता है। इसके अलावा इसे पचाना भी बेहद आसान होता है। लंबे समय तक बनी रहेगी एनर्जी व्रत में अक्सर एनर्जी डाउन होने से कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में मखाना आपको ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है और शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। डाइजेशन को रखे दुरुस्‍त व्रत के दि‍नों में अक्सर पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, लेकिन मखाने में मौजूद फाइबर पेट को स्वस्थ रखता है। यह कब्ज और अपच की समस्या को दूर करता है। हड्डियों को बनाए मजबूत मखाने में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। व्रत में ज्‍यादातर कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन कम हो जाता है, ऐसे में मखाना हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद करते हैं। द‍िल को रखे सेहतमंद मखाने में कोलेस्ट्रॉल, सोडियम और फैट की मात्रा कम होती है, जिससे यह द‍िल के ल‍िए बेहतरीन दवा का काम करता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को स्वस्थ बनाए रखता है। ऐसे डाइट में शाम‍िल करें मखाना     रोस्टेड मखाना     मखाने की खीर     मखाने का चिवड़ा     सिंपल स्नैक  

हाथों पर रचाएं खूबसूरत मेहंदी

नई दिल्ली चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक पवित्र त्योहार है, जो नए साल और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। नवरात्रि के मौके पर महिलाएं और लड़कियां मेहंदी लगाना बहुत पसंद करती हैं। मेहंदी न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। मेहंदी को सोलह शृंगार का अहम हिस्सा है। इसलिए सुहागन महिलाएं नवरात्रि पर खासतौर से मेहंदी लगाती हैं। अगर आप भी इस चैत्र नवरात्रि पर मेहंदी लगाना चाहती हैं, तो हम यहां कुछ खास मेहंदी डिजाइन बता रहे हैं, जो इस खास मौके के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी दुर्गा से जुड़े प्रतीकों वाली मेहंदी लगाना बहुत शुभ माना जाता है। आप अपने हाथों पर स्वास्तिक, कलश, त्रिशूल या दुर्गा मां की आकृति बना सकती हैं। इन डिजाइन्स को हथेली के बीचों-बीच या उंगलियों पर उकेरा जा सकता है। फूल-पत्तियों वाली ट्रेडिशनल मेहंदी पारंपरिक भारतीय मेहंदी में फूल, पत्तियां और जालीदार पैटर्न बहुत लोकप्रिय हैं। चैत्र नवरात्रि पर आप गुलाब, कमल या मोगरे के फूलों की डिजाइन चुन सकती हैं। इन्हें हाथों और पैरों पर बेहद खूबसूरती से उकेरा जा सकता है। मांडला पैटर्न अगर आप मॉडर्न और यूनिक मेहंदी पसंद करती हैं, तो मांडला (Mandala) डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। ये डिजाइन हाथों पर बेहद खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देते हैं। पंखुड़ियों वाली मेहंदी चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में मनाई जाती है, इसलिए फूलों और पंखुड़ियों से जुड़ी मेहंदी डिजाइन बिल्कुल सही रहेगी। आप अपनी उंगलियों पर छोटी-छोटी पंखुड़ियां बनवा सकती हैं या हथेली पर एक बड़ा फूल डिजाइन करवा सकती हैं। ओम और मंत्रों वाली मेहंदी धार्मिक महत्व वाली मेहंदी में आप “ओम नमः शिवाय”, “दुर्गा माता की जय” या अन्य मंत्रों को शामिल कर सकती हैं। इन्हें सुंदर कैलिग्राफी के साथ हाथों पर उकेरा जा सकता है। पीकॉक (मोर) डिजाइन मोर भारतीय संस्कृति में सौंदर्य और अनुग्रह का प्रतीक है। नवरात्रि पर मोर की आकृति वाली मेहंदी लगाना बहुत लकी माना जाता है। आप मोर के पंखों को हथेली या हाथ के पिछले हिस्से पर बनवा सकती हैं। मिनिमलिस्टिक मेहंदी अगर आप साधारण पर स्टाइलिश मेहंदी पसंद करती हैं, तो मिनिमल डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें छोटे-छोटे फूल, बेल-बूटे या डॉट्स शामिल हो सकते हैं। यह डिजाइन कामकाजी महिलाओं के लिए भी बिल्कुल सही है।

शैम्पू करने से पहले जान ले आपके बालों के लिए क्या है सही

कहीं ऐसा तो नहीं कि आप हर दिन शैम्पू करके अपने बालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, या फिर हफ्ते में सिर्फ एक बार शैम्पू करने से आपके बाल ज्यादा गंदे और कमजोर हो रहे हैं? बालों की सही देखभाल हर किसी के लिए जरूरी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत शैम्पू रूटीन की वजह से बाल कमजोर, रूखे और डैमेज हो सकते हैं? कई लोग सोचते हैं कि रोजाना शैम्पू करने से स्कैल्प क्लीन और हेल्दी रहती है, जबकि कुछ का मानना है कि अक्सर शैम्पू करने से बालों की नेचुरल नमी खत्म हो जाती है। लेकिन असल में सच क्या है? क्या आपके बालों को रोजाना धोना चाहिए या हफ्ते में एक-दो बार शैम्पू करना ही सही रहेगा? इसका जवाब आपके हेयर टाइप, लाइफस्टाइल और स्कैल्प की जरूरत पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके बालों के लिए कौन-सा तरीका ज्यादा सही रहेगा और बाल धोने का सही नियम क्या है । क्या रोजाना शैम्पू करना सही है? अगर आपको लगता है कि रोजाना शैम्पू करने से बाल हेल्दी और मजबूत रहेंगे, तो यह पूरी तरह सही नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों को रोजाना शैम्पू की जरूरत होती है, खासकर जिनकी स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली होती है या जो हर दिन जिम जाते हैं, लेकिन अगर आपके बाल पहले से ही कमजोर और ड्राई हैं, तो रोजाना शैम्पू करने से वे और ज्यादा रूखे और बेजान हो सकते हैं।     ऑयली स्कैल्प को क्लीन रखता है: जिन लोगों के बाल बहुत जल्दी ग्रीसी हो जाते हैं, उन्हें रोजाना शैम्पू करने से फायदा हो सकता है।     पसीने और धूल-मिट्टी को हटाता है: अगर आप रोजाना बाहर जाते हैं, तो शैम्पू करने से बालों में जमी गंदगी साफ हो जाती है।     फ्रेश और हेल्दी फील होता है: हर दिन बाल धोने से स्कैल्प साफ रहती है और बाल हेल्दी दिखते हैं। रोजाना शैम्पू करने के नुकसान     बालों की नेचुरल नमी खत्म हो सकती है, जिससे ड्रायनेस और हेयर फॉल बढ़ सकता है।     रोज शैम्पू करने से स्कैल्प ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस कर सकती है, जिससे बाल जल्दी ग्रीसी लग सकते हैं।     अगर हार्श केमिकल वाला शैम्पू यूज कर रहे हैं, तो बाल जल्दी डैमेज हो सकते हैं। किन लोगों को रोजाना शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ऑयली स्कैल्प वाले लोग     जिम जाने वाले या ज्यादा पसीना आने वाले लोग     धूल-मिट्टी में ज्यादा रहने वाले लोग हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के फायदे अगर आपके बाल ड्राई, घुंघराले या ज्यादा डैमेज हो चुके हैं, तो रोजाना शैम्पू करना आपके बालों के लिए सही नहीं है। कम शैम्पू करने से स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।     बालों की नैचुरल नमी बनी रहती है, जिससे वे हेल्दी और चमकदार दिखते हैं।     हेयर फॉल कम होता है, क्योंकि बार-बार शैम्पू करने से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।     बालों की ग्रोथ बेहतर होती है, क्योंकि स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं।     अगर बाल कलर-ट्रीटेड हैं, तो उनका रंग ज्यादा दिनों तक टिकता है। हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के नुकसान     अगर स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली है, तो हफ्ते में एक बार शैम्पू करना काफी नहीं होगा।     धूल-मिट्टी और पसीना जमा होने से स्कैल्प में डैंड्रफ और खुजली हो सकती है।     अगर बाल जल्दी गंदे हो जाते हैं, तो कम शैम्पू करने से वे चिपचिपे और बेजान लग सकते हैं। किन लोगों को हफ्ते में एक बार शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ड्राई और घुंघराले बाल वाले लोग     पतले और जल्दी टूटने वाले बालों वाले लोग     कलर किए हुए या केमिकल ट्रीटमेंट वाले बाल आखिर कौन-सा तरीका सही है?     अगर आपके बाल बहुत ऑयली हैं, तो हर दूसरे दिन हल्का शैम्पू करें।     अगर बाल ड्राई और डैमेज्ड हैं, तो हफ्ते में 1-2 बार ही शैम्पू करें।     हमेशा सल्फेट-फ्री और माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें, ताकि बालों की नमी बनी रहे।     शैम्पू के साथ कंडीशनर और हेयर ऑयलिंग को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।  

Vivo ने दिखाया अपना पहला MR हेडसेट Vision, Apple को देगा टक्कर!

चीनी स्मार्टफोन मेकर Vivo ने अपना नया डिवाइस अनवील किया है. कंपनी ने अपना पहला मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट Vivo Vision को पेश किया है. फिलहाल ये एक प्रोटोटाइप है, जिसे कंपनी ने Boao Forum में दिखाया है. इसका डिजाइन Apple Vision Pro हेडसेट से काफी मिलता है. इस इवेंट में सिर्फ प्रोडक्ट को दिखाया गया है. इसकी लॉन्चिंग और उपलब्धता की जानकारी मिड-2025 में दी जाएगी. कंपनी ने इसके स्पेक्स और फंक्शन को लेकर कोई खास जानकारी नहीं दी है. आइए जानते हैं इसकी खास बातें. Vivo Vision हेडसेट में क्या है खास? Vivo Vision मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट ski गूगल स्टाइल डिजाइन के साथ आता है. फ्रंट में आपको ब्लैक ग्लास देखने को मिलेंगे. वहीं हेडबैंड या स्ट्रैप ब्लू कलर का दिया गया है. फ्रंट ग्लास से कुछ फीचर्स साफ दिख रहे हैं, जिनके बारे में कंपनी ने आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है. इसमें कैमरा सेंसर लगा हुआ है. इन कैमरा सेंसर का इस्तेमाल मोशन ट्रैकिंग और हैंड गेस्चर के लिए किया जा सकता है. Vision MR हेडसेट में भी आपको ऐपल Vision Pro की तरह अगल से बैटरी पैक मिलेगा. संभवतः इसे Type-C पोर्ट से कनेक्ट किया जा सकेगा. इस्तेमाल करते हुए आपको इसे कैरी करना होगा. कंपनी ने डिवाइस को अनवील करते हुए इसके फीचर्स की जानकारी नहीं दी है. हालांकि, कंपनी ने ये जरूर बताया है कि ये डिवाइस मिड 2025 तक लॉन्च हो सकता है. इसके अलावा कंपनी चीन में नई रोबोटिक लैब की भी घोषणा की है. वीवो इस लैब में रोबोट्स के लिए ‘ब्रेन’ और ‘आखें’ तैयार करने पर काम करेगा. Vivo Vision ग्लोबल मार्केट में लॉन्च होगा या नहीं कंपनी ने इसकी जानकारी नहीं दी है. ऐपल ने भी अपने Vision Pro को सभी मार्केट में लॉन्च नहीं किया है. इसे चुनिंदा मार्केट में लॉन्च किया गया है. बहुत से लोगों को ये डिवाइस पसंद भी नहीं आया है. शायद ये भी एक वजह है कि कंपनी ने इसका दूसरा वर्जन अभी तक लॉन्च नहीं किया है.  

Vivo X200 Ultra इस महीने लॉन्च होने की उम्मीद

 नई दिल्ली Vivo के प्रीमियम स्मार्टफोन्स ट्रेंड में रहते हैं। कुछ समय पहले ही ने Vivo X200 को बाजार में उतारा गया था। अब कंपनी की तरफ से Vivo X200 Ultra लाने की तैयारी की जा रही है। इस फोन को कंपनी बेहतर फोटोग्राफी के लिए डिजाइन करेगी। इसमें यूजर्स को काफी मदद मिलने वाली है। साथ ही इसकी खासियत है कि फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी का एक्स्ट्रीम लेवल ऑप्शन दिया जाएगा। Vivo ने Boao Forum for Asia में इसकी घोषणा की है। वह चीन में Vivo X200 Ultra स्मार्टफोन लॉन्च करेगी। यह लॉन्च अप्रैल 2025 में होगा। चीन में पहले ही Vivo X200, Vivo X200 Pro, और Vivo X200 Mini लॉन्च हो चुके हैं। इसके अलावा, Vivo X200s को भी चीन में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। Vivo ने अभी तक लॉन्च की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है। Vivo X200 Ultra में कंपनी की नई इमेजिंग टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी। इसे ‘Boao Forum for Asia के ऑफिशियल स्मार्टफोन’ का दर्जा दिया गया है। बॉक्सियाओ के अनुसार, Vivo X200 Ultra में 200MP Samsung HP9 प्राइमरी सेंसर होगा, जिसमें 85mm पेरिस्कोप टेलीफोटो सेंसर के साथ 50MP 1/1.28-इंच Sony LYT-818 सेंसर दिया जाएगा। यह 35mm और 14mm अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर के साथ आएगा। फ्रंट में 50MP सेल्फी कैमरा मिलने की संभावना है। Vivo X200 Ultra को Qualcomm Snapdragon 8 Elite SoC से लैस किया जाएगा, जिसमें 6000mAh बैटरी होगी और यह 90W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। लॉन्च के करीब आते ही इस डिवाइस से जुड़ी और अधिक जानकारियां सामने आएंगी। लेकिन एक बात तो साफ है कि इस डिवाइस में नेक्स्ट लेवल फोटोग्राफी एक्सपीरियंस मिलने वाला है। अभी तक Vivo X200 में भी कई शानदार फीचर्स दिए जा रहे हैं। ऐसा ही फोन ये भी साबित होता है। Vivo X200 5G की कीमत और खासियत अभी मार्केट में Vivo X200 उपलब्ध है। इस फोन की 12GB RAM और 256GB स्टोरेज की कीमत 65,999 रुपए है। हालांकि अभी डिस्काउंट के साथ फोन इतना सस्ता मिल रहा है। फोटोग्राफी एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए Vivo ने इस फोन में 50MP का मेन कैमरा दिया है। साथ ही दूसरा कैमरा भी 50MP का मिलता है। ऐसे में ये फोन हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। खासकर फोटोग्राफी के शौकीन यूजर्स के लिए ये स्पेशल होने वाला है। बैटरी भी 5800 mAh की दी जाती है जो 90W फ्लैश चार्ज के साथ आती है। वजन भी X100 की तुलना में काफी कम देखने को मिलता है।

ऐपल के बड़े इवेंट WWDC 2025 की तारीख आई सामने

नई दिल्ली टेक दिग्‍गज ऐपल की हर साल होने वाली वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) का ऐलान हो गया है। ऐपल ने बताया है कि वह 9 जून से 13 जून तक WWDC 2025 का आयोजन करेगी। कंपनी ने यह नहीं बताया है कि WWDC में क्‍या पेश किया जाएगा। उम्‍मीद की जा रही है कि नया iOS 19, अपडेटेड ऐपल इंटेलिजेंस फीचर्स और कई सॉफ्टवेयर अपडेट्स यूजर्स के लिए लाए जाएंगे। इस इवेंट को ऑनलाइन किया जाएगा। लोग ऐपल के ऐप पर, वेबसाइट पर और यूट्यूब पर इवेंट देख पाएंगे। डेवलपर्स के लिए यह इवेंट खास होने वाला है, क्‍योंकि उन्‍हें ऐपल एक्‍सपर्ट्स से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा। साथ ही नए टूल्‍स के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। क्‍यूटिपर्नो स्थित ऐपल में आयोज‍ित होने वाले इवेंट के पहले दिन ऐपल सीईओ टिट कुक अपनी बात रखेंगे। उसके बाद ऐपल प्रोडक्‍ट्स में मिलने वाले बदलावों से पर्दा हटाया जाएगा। उम्‍मीद की जा रही है कि कंपनी iOS 19, iPadOS 19, macOS 16, tvOS 19, watchOS 12 और visionOS 3 को पेश कर सकती है। यानी हर लेटेस्‍ट ऐपल गैजेट, सॉफ्टवेयर के स्‍तर पर एडवांस नजर आएगा। बदल सकता है आईफोन्‍स का इंटरफेस कहा जाता है कि iOS 19 के साथ एक रीडिजाइन इंटरफेस ऐपल डिवाइसेज में दिया जा सकता है। यूजर्स अपनी डिवाइस को और ज्‍यादा कस्‍टमाइज कर पाएंगे। कंट्रोल सेंटर में फोकस मोड का ऑप्‍शन मिलेगा। इसके अलावा विजनओएस के कैमरा ऐप में अहम बदलाव दिख सकता है, जिससे वीडियोज देखने का एक्‍सपीरियंस बढ़ने की उम्‍मीद है। ऐपल इंटेलिजेंस पर कुछ नए की उम्‍मीद ऐपल इंटेलिजेंस को लेकर कंपनी ने जितने वादे और दावे किए थे, उनकी रफ्तार अभी स्‍लो है। बताया जाता है कि सिरी एन्‍हैंस्‍मेंट में दिक्‍कतों के चलते कंपनी को एआई-पावर्ड फीचर्स को शुरू करने में परेशानी हो रही है। कई मीडिया रिपोर्टों में टचस्‍क्रीन वाले Mac की बात भी की जा रही है। हालांकि अभी इसमें देरी है। टच स्‍क्रीन मैकबुक की एंट्री साल 2027 में होने की उम्‍मीद है। क्‍या नए हार्डवेयर भी आएंगे WWDC में मुख्‍य रूप से सॉफ्टवेयर पर फाेकस किया जाता है। हालांकि कुछ वर्षों में कंपनी नए हार्डवेयर भी लेकर आई है। उसने साल 2023 के डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूडीसी में विजन प्रो हेडसेट को पेश किया था। मैकबुक एयर भी अपडेट किया गया था। ऐसे में यूजर्स पूछ रहे हैं कि क्‍या कंपनी नया आईफोन ला सकती है। इसकी उम्‍मीद कम ही है। नए आईफोन को सितंबर-अक्‍टूबर में होने वाले ऐपल इवेंट में दिखाया जाता है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी iPhone 17 सीरीज के बारे में जानकारी दे सकती है, जिसमें iPhone 17 Air भी शामिल होगा।  

BHIM 3.0 हुआ लॉन्च, धीमे इंटरनेट स्पीड पर भी होगी UPI पेमेंट

 नई दिल्ली नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया (NPCI) ने भारत इंटरफेस फॉर मनी यानी BHIM 3.0 ऐप को लॉन्च कर दिया है. इस पर आपको कई ऐसे फीचर मिलेंगे, जो पुराने ऐप में नहीं मिलते थे. इस पर UPI पेमेंट के लिए स्प्लिट एक्सपेंस, स्पेंड एनालिटिक्स और बिल्ड-इन असिस्टेंट जैसे फीचर मिलेंगे. ऐप पर ना सिर्फ नए फीचर्स को जोड़ा गया है. बल्कि इसे स्लो और अनस्टेबल इंटरनेट कनेक्शन के साथ काम करने के लिए भी तैयार किया गया है. आइए जानते हैं BHIM 3.0 ऐप के बारे में जरूरी बातें. क्या है BHIM 3.0 ऐप में खास? BHIM 3.0 अपडेट कई नए बदलाव के साथ आता है. इस ऐप को 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसे अब तक का सबसे बड़ा अपडेट दिया गया है. इसकी मदद से आप अपने खर्चों को स्प्लिट कर सकते हैं. यानी यूजर्स किसी खर्च का एक बिल क्रिएट करके उसे दोस्तों और परिवार के साथ स्प्लिट कर सकते हैं. ऐप की मदद से किसने अपने हिस्से की पेमेंट की है और किसने नहीं, उसकी जानकारी भी मिलेगी. इसके अलावा आप परिवार के लोगों को भी अपने अकाउंट से जोड़ सकते हैं और उनके खर्च को ट्रैक कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल रेंट, बिल पेमेंट या किसी अन्य प्रकार की पेमेंट को असाइन करने के लिए किया जा सकता है. साथ ही आप इसकी मदद से अपने खर्च को ट्रैक भी कर सकते हैं. कितना किया खर्च, कर पाएंगे पता? BHIM ऐप आपके खर्च का ब्रेकडाउन भी दिखाएगा. NPCI का कहना है कि ऐप का डिजाइन यूजर फ्रेंडली रखा गया है, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से अपने खर्च को ट्रैक कर सकते हैं. इसमें आपको बिल्ट-इन असिस्टेंट भी मिलेगा, जो यूजर्स को उनके बिल पेमेंट की तारीख की जानकारी देगा. BHIM 3.0 ऐप को लो और अनस्टेबल नेटवर्क पर काम करने के लिए तैयार किया गया है. इसकी मदद से आप स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर भी पेमेंट कर पाएंगे. साथ ही आपको पेमेंट फंसने की चिंता भी नहीं रहेगी. ऐप का लेटेस्ट वर्जन बेहतर सिक्योरिटी अपग्रेड्स के साथ आता है.  

एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड ने लॉन्च किया भीम 3.0 ऐप

नई दिल्ली एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड ने बहुप्रतीक्षित भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी) 3.0 ऐप लॉंन्च किया. इसमें उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर अनुभव के साथ वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई नई सुविधाएँ शामिल की गई हैं. भीम 3.0, 2016 में अपने आरंभिक लॉन्च के बाद से ऐप में तीसरा बड़ा अपग्रेड है. इस नए संस्करण के साथ, ऐप न केवल समग्र उपयोगकर्ता अनुभव और पहुँच को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं की उभरती हुई ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शक्तिशाली वित्तीय उपकरण पेश करने पर भी ध्यान केंद्रित करता है. भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक विवेक दीप ने कार्यक्रम में कहा, “ग्राहक संतुष्टि की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए कि जो लोग पहले से ही जुड़े हुए हैं, उनके लिए उपयुक्त पता तंत्र उपलब्ध हो, ताकि वे अन्य स्थानों पर न जाएं.” BHIM 3.0 में नई सुविधाएँ Bhim Vega – BHIM 3.0 में एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त, भीम वेगा एक इन-ऐप भुगतान समाधान है ,जो ऑनलाइन मर्चेंट प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहजता से एकीकृत होता है. यह सुविधा ग्राहकों को ऐप के भीतर तुरंत भुगतान पूरा करने में सक्षम बनाती है, जिससे लेन-देन के लिए तीसरे पक्ष के ऐप पर स्विच करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है. 15 भाषाओं का समर्थन – BHIM 3.0 15 से अधिक भारतीय भाषाओं का समर्थन करके अपनी पहुँच को व्यापक बनाता है, जिससे ऐप भारत के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक समावेशी और सुलभ हो जाता है. व्यय विभाजित करना – यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को परिवार या दोस्तों के साथ आसानी से व्यय विभाजित करने की अनुमति देती है. चाहे वह किराए का भुगतान हो, बाहर खाना हो या समूह में खरीदारी हो, उपयोगकर्ता कुल राशि को विभाजित कर सकते हैं और सीधे ऐप के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं, जिससे त्वरित और परेशानी मुक्त निपटान सुनिश्चित होता है. पारिवारिक मोड – BHIM 3.0 एक पारिवारिक मोड सुविधा पेश करता है जो उपयोगकर्ताओं को परिवार के सदस्यों को शामिल करने, साझा खर्चों को ट्रैक करने और व्यक्तियों को विशिष्ट भुगतान सौंपने में सक्षम बनाता है. यह उपकरण घरेलू वित्त का समेकित दृश्य प्रदान करके बेहतर वित्तीय नियोजन की सुविधा प्रदान करता है. व्यय विश्लेषण – एक नया डिज़ाइन किया गया डैशबोर्ड उपयोगकर्ता के मासिक व्यय पैटर्न का सहज अवलोकन प्रदान करता है. ऐप स्वचालित रूप से खर्चों को वर्गीकृत करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को जटिल स्प्रेडशीट की आवश्यकता के बिना अपने बजट का अधिक कुशलता से विश्लेषण और प्रबंधन करने में मदद मिलती है. आवश्यक कार्रवाई – यह अंतर्निहित कार्य सहायक सुविधा एक अनुस्मारक उपकरण है जो उपयोगकर्ताओं को उनकी वित्तीय गतिविधियों पर नज़र रखने में मदद करता है. यह उपयोगकर्ताओं को उनके BHIM खाते से जुड़े लंबित बिलों के बारे में सचेत करता है, उन्हें UPI लाइट सक्षम करने के लिए प्रेरित करता है, और जब उनका लाइट बैलेंस कम हो रहा होता है, तो उन्हें सूचित करता है. एनपीसीआई भीम सर्विसेज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललिता नटराज ने कहा. “देखिए, जब आप एक साफ-सुथरा UI UX बनाते हैं और ग्राहकों को अनुभव देते हैं, तो बाजार हिस्सेदारी में जैविक वृद्धि होगी. और हम प्रतिधारण पर काम करना जारी रखेंगे, क्योंकि इस दौरान, हम इसे एक वाणिज्यिक ऐप के रूप में नहीं पेश कर रहे थे, हम इसे एक संदर्भ ऐप के रूप में देख रहे थे. इसलिए मुझे यकीन है कि जैविक अधिग्रहण और प्रतिधारण जारी रहेगा. और जैसे-जैसे हम अपनापन देखेंगे, हम एक सार्थक व्यावसायिक योजना तैयार कर पाएंगे,” 30 दिसंबर, 2016 को लॉन्च किए गए भीम ऐप ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का उपयोग करके भुगतान करने का एक सरल और तेज़ तरीका पेश करके डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी. ऐप उपयोगकर्ताओं को अपने UPI आईडी और पिन का उपयोग करके किसी भी बैंक खाते में सीधे बैंक भुगतान करने की अनुमति देता है. यह पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक क्यूआर कोड को स्कैन करने की सुविधा भी प्रदान करता है, जो इसे निर्बाध वित्तीय लेनदेन के लिए एक बहुमुखी उपकरण बनाता है.

इन आदतों को अपनाएंगे तो सफल होने से कोई नहीं रोक पाएगा

हर इंसान अपने करियर में सफल होना चाहता है। खुश रहना चाहता है और अपने सारे लक्ष्यों को पूरा करना चाहता है। लेकिन अपने लक्ष्यों को पाने का रास्ता कहां से शुरू होगा। इसके बारे में नहीं जानता। अगर आपको लाइफ में सक्सेज, हैप्पीनेस चाहिए। तो सबसे पहले इन 6 आदतों को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं। ये आपको आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन करेंगे। खुद का आंकलन करें सबसे पहले अपना आंकलन करें। खुद के विचारों, भावनाओं और अनुभवों की मदद से सीखें और पर्सनल ग्रोथ करें। जब आप अपने एक्सपीरिएंस से सीखते हैं तो दिमाग में अपने लक्ष्यों के प्रति ज्यादा क्लियर हो जाते हैं। आपको अपनी कमियों और खूबियों के बारे में पता चलता है। इसके साथ ही आप उन कमियों को दूर करने की कोशिश में लग जाएं। किताबें पढ़ें किताबें पढ़ना अच्छी हैबिट के साथ ही पर्सनल ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। सेल्फ हेल्प, मोटिवेशन, गाइडेंस से जुड़ी बुक्स पढ़ें या फिर कोई नॉवेल। डेली रूटीन में बुक्स पढ़ने से स्ट्रेस कम होता है बल्कि आपकी नॉलेज भी दिन पर दिन ज्यादा होती जाती है। बुक रीडिंग की आदत आपके पर्सनल ग्रोथ में मदद करती है। भगवान को धन्यवाद देना ना भूलें प्रैक्टिस ग्रैटीट्यूड मतलब जो कुछ भी आपके पास अभी है। उसके लिए भगवान को थैंक्स कहना ना भूलें। जब आप अपने आसपास की अच्छी चीजों पर फोकस करते हैं तो माइंड में पॉजिटिव वाइब्स बनती है और आप खुश रहते हैं। ऐसा करने से स्ट्रेस, डिप्रेशन जैसी समस्या भी खत्म होने लगती है। मेडिटेशन करें मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से ना केवल फिजिकल हेल्थ अच्छी होती है। बल्कि ये मेंटल हेल्थ पर भी असर डालती है। साथ ही आपकी मेमोरी और ब्रेन पावर बूस्ट होती है। जिससे आपकी समझने की क्षमता भी बढ़ती है। लक्ष्य तय करें और टाइम मैनेजमेंट इन सारी आदतों को अपनाने के बाद आप अपने लक्ष्यों को जब सेट करते हैं तो उन्हें पूरा करना आसान होता है। साथ ही अपने गोल्स को पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट करें। हॉबी जरूर पूरी करें अपने गोल्स को पूरा करने के बीच खुद के लिए टाइम निकालें और अपनी हॉबी को पूरा करें। इससे आपको खुशी मिलती है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं।

भारतीय चिप लाने पर चल रहा काम, चीन की होगी छूटी

नई दिल्ली स्मार्टफोन मार्केट की बात होती है भारत का जिक्र जरूर होता है। क्योंकि भारत एक बड़ी स्मार्टफोन मार्केट है और हर कंपनी इसमें एंट्री करना चाहती है। बढ़ती डिमांड और यूजर्स को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से एक नई शुरुआत की गई है। इसमें मोबाइल चिप पर काम किया जा रहा है। अभी तक इस मार्केट चीन और अमेरिका का दबदबा है। इसके अलावा साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग के स्मार्टफोन भी डिमांड में रहते हैं। इन सबके बावजूद भारतीय कंपनियों के स्मार्टफोन की डिमांड नहीं रहती है। अब सरकार एक ऐसा प्लान बना रही है, जिसके तहत भारतीय मोबाइल चिप लाई जा सकती है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स (MeitY) और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) की तरफ से काम किया जा रहा है। खास बात है कि अब दोनों ही डिपार्टमेंट इस पर साथ आ गए हैं। दोनों की तरफ से मोबाइल चिप पर काम किया जा रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत इस काम को पूरा किया जा रहा है। एक वरिष्ठ मिनिस्ट्री ऑफिशियल ने ET को इसकी जानकारी दी है। भारतीय चिप की मदद से स्मार्टफोन मार्केट को बूस्ट मिल सकता है। साथ ही इससे स्मार्टफोन की डिमांड में भारतीय चिप का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय चिप पर क्या बोले सेक्रेटरी कृष्णन मिनिस्ट्री ऑफ इलेट्रॉनिक्स और IT के सचिव एस कृष्णन ने कांग्रेस में कहा, ‘जब हम भारत में विकसित किए जा रहे मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम की बात कर रहे हैं, तो मोबाइल फोन के चिपसेट की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। इस दिशा में हम डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) इसे “इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन” और “डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम” के तहत समर्थन दे रहा है।’ बजट में भी था सेमीकंडक्टर पर फोकस भारत ने इस बार के बजट में सेमीकंडक्टर पर फोकस किया है। यही वजह है कि बजट में 83 फीसद का इजाफा किया गया है। इस तरह सेमीकंडक्टर का बजट करीब 7,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि मोबाइल फोन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव यानी पीएलआई स्कीम का बजट 55 फीसद बढ़कर 9,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही ये साफ हो गया है कि सरकार की तरफ से भी इस पर फोकस किया जा रहा है। वहीं, चीन का सेमीकंडक्टर बजट करीब 47 बिलियन डॉलर यानी करीब 4 लाख करोड़ रुपये है, जो कि भारत के मुकाबले में काफी ज्यादा है। AI सपोर्ट वाली सेमीकंडक्टर चिप AI के लिए भी सेमीकंडक्टर चिप महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। इसकी मदद से AI एप्लीकेशन को भी बढ़ावा मिल सकता है। कृष्णन की तरफ से इस पर भी फोकस किया जाता है। वह कहते हैं, ‘इनमें से कई AI एप्लिकेशन टेलीकॉम से जुड़ी बुनियादी संरचना का उपयोग करेंगे, डेटा को एक साथ लाएंगे, और यह एक सहज प्रक्रिया होगी जो सभी चीजों को जोड़कर रखेगी।’ यानी भारत सरकार की स्कीम को भी इससे लाभ मिलने वाला है। भारत में नौकरियों पर पड़ेगा असर ? भारत में AI की वजह से नौकरियों पर भी असर पड़ेगा ? ये सवाल हर किसी के मन में है। कृष्णन ने इसके जवाब सीधा नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि भारत में AI की वजह से नौकरियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। क्योंकि यहां व्हाइट कॉलर जॉब बहुत कम हैं। हमारे यहां ऑफिस जॉब्स कम देखने को मिलती है। अभी AI ऐसे काम पर असर डाल सकता है जो रोजाना एक जैसा होता है। लेकिन भारतीय बाजार पर फिलहाल इसका असर कम देखने को मिल सकता है।’

फोल्डेबल iPhone लॉन्च कर सकता है Apple

नई दिल्ली Apple की तरफ से हर साल 4 नए iPhone मॉडल लॉन्च किए जाते हैं। 2025 में इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि Apple iPhone 17 Air लॉन्च कर सकता है। ये फोन Plus वैरिएंट की जगह ले सकता है। इसके अलावा, कंपनी 2026 में एक फोल्डेबल iPhone भी पेश करने की योजना बना रही है। iPhone 17 Air और फोल्डेबल iPhone की नई जानकारी टेक रिपोर्टर Mark Gurman (Bloomberg) के अनुसार, Apple का फोल्डेबल iPhone क्लैमशेल (Flip) डिजाइन की बजाय बुक-स्टाइल डिजाइन अपनाएगा। यह डिजाइन Samsung Galaxy Z Fold की तरह हो सकता है। iPhone 17 Air Apple का सबसे पतला फोन होगा, जिसकी मोटाई सिर्फ 5.5mm होगी। इस अल्ट्रा-स्लिम डिजाइन के चलते स्पीकर और कैमरा पर कुछ समझौते हो सकते हैं, लेकिन बेहतर बैटरी लाइफ मिलेगी। यह iPhone 16e के बैटरी परफॉर्मेंस से मिलता-जुलता होगा। यह फोन फोल्डेबल iPhone के विकास के लिए एक प्रयोग के रूप में काम करेगा। Apple का फोल्डेबल iPhone: क्या कुछ खास होगा? रिपोर्ट्स और लीक के मुताबिक, Apple के फोल्डेबल iPhone में कुछ फीचर्स खास हो सकते हैं। 7.8-इंच की मेन डिस्प्ले (फोल्ड ओपन करने पर) हो सकती है। जबकि 5.5-इंच की एक्सटर्नल स्क्रीन हो सकती है। इसके अलावा लिक्विड मेटल हिंज होगी जो ज्यादा मजबूती और स्क्रीन क्रीजिंग को कम करने के लिए इस्तेमाल होगी। फोल्ड ओपन होने पर 4.5mm और बंद होने पर 9mm – 9.5mm हो सकता है। Face ID हटाकर Touch ID दिया जा सकता है, यह पावर बटन में इंटीग्रेटेड हो सकता है ताकि अंदर ज्यादा जगह बचाई जा सके। टाइटेनियम चेसिस – प्रीमियम लुक और मजबूती के लिए डिजाइन के साथ ही फोन की बैटरी लाइफ पर भी काम किया जाएगा। इस फोन की बैटरी लाइफ बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा। हालांकि अभी तक ज्यादा स्पेसिफिकेशन को तय नहीं किया गया है। Mark Gurman के मुताबिक, इसका संभावित दाम $2000 (लगभग 1,71,885 रुपए) हो सकता है। शुरुआत में इसकी प्रोडक्शन लिमिटेड हो सकती है, जिससे इसकी उपलब्धता कम रहेगी। अगर सब कुछ सही रहा, तो इसे iPhone 18 सीरीज के तहत लॉन्च किया जा सकता है। Apple के इस फोल्डेबल iPhone को लेकर टेक कम्युनिटी में काफी एक्साइटमेंट है। अगर ये अफवाहें सही साबित होती हैं, तो यह iPhone के इतिहास का सबसे बड़ा डिजाइन में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐपल की तरफ से बहुत समय से लाइट वेट iPhone लाने पर विचार किया जा रहा था। अब ऐसा होता नजर आ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में भी अब एआई का इस्‍तेमाल, मौखिक दलीलें लिखना होगी आसान

नई दिल्ली देश की सर्वोच्‍च अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी अब आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। भारत का सुप्रीम कोर्ट, न्यायिक प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग (ML) टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से कोर्ट के काम, केस फाइल करने और कानूनी अनुवाद में तेजी आने की उम्‍मीद है। जज भी कानूनी रिसर्च आसानी से कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक लिखित बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, AI और ML बेस्‍ड टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे कोर्ट का काम और तेजी से होगा। बताया गया है कि एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है। एआई की मदद से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी नेशनल इन्‍फर्मेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर एआई और एमएल बेस्‍ड टूल्स का इस्‍तेमाल कर रही है। इसका मकसद अंग्रेजी भाषा से 18 भारतीय भाषाओं जैसे- असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, खासी, कोंकणी, मलयाली, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संताली, तमिल, तेलुगु और उर्दू में फैसलों को ट्रांसलेट करना है। आईआईटी मद्रास की भी मदद बताया गया है कि हाल ही में 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को प्रोटोटाइप तक पहुंच दी गई है, ताकि वो एआई टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर पाएं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी आईआईटी मद्रास की मदद से एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) टूल्स के प्रोटोटाइप्स का परीक्षण कर रही है। इन टूल्‍स को इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर यानी इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। न्‍यायिक फैसलों को एआई का इस्‍तेमाल नहीं सरकार की तरफ से स्‍पष्‍ट किया गया है कि AI का इस्तेमाल न्यायिक फैसले लेने के लिए नहीं किया जा रहा है। अभी इसका इस्‍तेमाल सिर्फ संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान कही गई बातों को लिखने में किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे नियमित सुनवाई के दिनों में भी इस्तेमाल करने की योजना है। गौरतलब है कि एआई टूल्‍स अब हर जगह बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हो रहे हैं। मेटा के मालिकाना हक वाला वॉट्सऐप में अपने ऐप में एआई टूल को राइटिंग के स्‍तर पर लाने वाला है। उसकी मदद से यूजर्स को अपना मैसेज लिखने में आसानी होगी। मैसेज रिराइट कराया जा सकेगा।

अरविंद श्रीनिवास की कंपनी खरीद सकती है टिकटॉक

नई दिल्ली चाइनीज कंपनी बाइटडांस का शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म टिकटॉक अमेरिका में मुसीबतों में है। ट्रंप सरकार के आने से पहले यह लगभग बंद ही हो गया था, लेकिन फ‍िर उसे वापसी का मौका मिला। शर्त यह है कि टिकटॉक को अमेरिका में अपना कारोबार बेचना होगा। अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए कई कंपनियां उसका बिजनेस खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इस दौड़ में अब AI कंपनी Perplexity भी शामिल हो गई है। एंड्रॉयड हेडलाइन्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्‍क और Mr. Beast जैसे लोगों के नाम पहले से टिकटॉक खरीदने की रेस में हैं। अब परप्‍लेक्सिटी भी इसे खरीदना चाहती है। कंपनी के सीईओ 31 साल के अरविंद श्रीनिवास हैं, जिनका जन्‍म साल 1994 में चेन्‍नई में हुआ था। कौन हैं अरविंद श्रीनिवास साल 1994 में चेन्‍नई में जन्‍मे अरविंद श्रीनिवास, एआई कंपनी Perplexity के को-फाउंडर और सीईओ हैं। यह एक एआई आधारित सर्च इंजन है। अरविंद श्रीनिवास ने आईआईटी-मद्रास से पढ़ाई की है। उसके बाद वह कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी करने चले गए। खास बात है कि श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत ओपनएआई से की थी, जिसे चैटजीपीटी बनाने के लिए जाना जाता है। बाद में उन्‍होंने गूगल और डीपमाइंड जैसी कंपनियों में भी काम किया। आखिरकार उन्‍होंने Perplexity शुरू की। क्‍या काम करती है Perplexity Perplexity एक एआई कंपनी है। यह एआई से चलने वाला सर्च इंंजन बनाती है। कंपनी सैन फ्रांसिस्‍को से ऑपरेट करती है। बताया जाता है कि टिकटॉक के अमेरिकी हिस्‍से को खरीदने के लिए 18 अरब डॉलर जुटाने पर काम कर रही है। अगर कंपनी अपने मकसद में कामयाब हो गई तो वह टिकटॉक एल्‍गोरिदम को ओपन-सोर्स बना सकती है यानी वह हर किसी के लिए ओपन होगा। कंपनी यह भी कह रही है कि अगर उसे टिकटॉक को खरीद लिया तो अमेरिका में डेटा सेंटर्स बनाएगी ताकि टिकटॉक पर अमेरिका की निगरानी रहे। टिकटॉक पर छाए हैं संकट के बादल टिकटॉक को लेकर अमेरिका में संकट के बादल हैं। टिकटॉक यूजर्स भी इसके भविष्‍य को लेकर असमंजस में हैं। अमेरिका में यह प्‍लेटफॉर्म तभी ऑपरेट हो सकता है, जब बाइटडांस इसके अमेरिकी बिजनेस को बेच दे। ऐसा नहीं होने पर टिकटॉक को अमेरिका से लौटना होगा। भारत में टिकटॉक बहुत पहले ही बैन किया जा चुका है। अगर यह अमेरिका में भी बंद होता है तो कंपनी को बड़ा झटका लगेगा। अमेरिकी कंपनियां टिकटॉक को एक मौके की तरह देख रही हैं। एलन मस्‍क इसमें पहले ही दिलचस्‍पी दिखा चुके हैं।

संभल जाओ नहीं तो हो जाएगा सब बर्बाद! इन गलतियों के कारण महिलाओं पर ज्यादा अटैक कर रहा कैंसर

नई दिल्ली भारत के प्रमुख चिकित्सा पैनल ने खुलासा किया है कि निदान के बाद पाच में से तीन लोग कैंसर से मर जाते हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले दशक में कैंसर की घटनाओं में वृद्धि हुई है, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति ज्यादा खराब है।  चिंता की बात तो यह है कि दुनियाभर में कैंसर से हो रही मौतों के 10% से ज्यादा मामले सिर्फ भारत में ही आ रहे हैं। दुनिया में हर मिनट में एक महिला की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो रही है. डब्ल्यूएचओ ने इसके लिए कई कारण भी बताए हैं, इसमें अनहेल्दी खानपान, बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती उम्र समेत कई समस्याएं शामिल हैं. ब्रेस्ट कैंसर की ज्यादा शिकार हो रही महिलाएं रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में कैंसर के नए केस में करीब 30% मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं, इसके बाद गर्भाशय कैंसर के करीब 19% मामले हैं.। पुरुषों में सबसे ज्यादा माउथ कैंसर पाया गया है, जिससे 16% नए मामले दर्ज किए गए। रिसर्च टीम ने अलग-अलग एज ग्रुप में कैंसर बढ़ने के लेवल में भी बदलाव पाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर की सबसे ज्यादा बीमारी वृद्धावस्था में देखी गई है, इनमें 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोग हैं। इसके बाद 15 से 49  साल की उम्र वालों में कैंसर के मामले पाए गए । खुलकर बात करने से बचती हैं महिलाएं हमारा समाज अभी भी स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के बारे में नियमित रूप से बात करने में सहज नहीं है।  महिलाएं अभी भी इसे वर्जित मानती हैं और किसी भी स्त्री रोग संबंधी समस्या के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने में झिझकती हैं, जिससे उपचार में देरी होती है। कभी-कभी उनके लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके शरीर में क्या सामान्य है और क्या असामान्य। महिलाओं में कैंसर की स्क्रीनिंग कम होती है, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है। देर से पहचान होने के कारण कैंसर के मामलों की संख्या और मृत्यु दर बढ़ जाती है।   महिलाओं को कैंसर अधिक क्यों होता है? स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) और ओवेरियन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, जागरूकता की कमी, और जेनेटिक कारण शामिल हैं। महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन** के उतार-चढ़ाव से स्तन और ओवरी से जुड़े कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।  रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद कैंसर का खतरा अधिक होता है।   जिन महिलाओं के परिवार में स्तन या सर्वाइकल कैंसर का इतिहास रहा हो, उनमें इसकी संभावना बढ़ जाती है।   स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा भारत में हर 8 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने की संभावना रहती है। भारत में हर साल 1 लाख से अधिक महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है। इन दोनों प्रकार के कैंसरों की दर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों (फेफड़े, लीवर, मुँह के कैंसर) की तुलना में अधिक होती है।  स्तन कैंसर की सेल्फ-चेकिंग, पैप स्मीयर टेस्ट, और नियमित हेल्थ चेकअप** की कमी के कारण महिलाओं को देर से डायग्नोस किया जाता है।   देरी से मां बनना भी खतरनाक  जो महिलाएं  30-35 की उम्र के बाद मां बनती हैं, उनमें स्तन और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।  ब्रेस्टफीडिंग न करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। पुरुषों के मुकाबले कम प्रतिशत में सही, लेकिन जो महिलाएं शराब या तंबाकू का सेवन करती हैं, उनमें कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में धूम्रपान से फेफड़ों का कैंसर और गले का कैंसर बढ़ रहा है।   घरेलू और कॉस्मेटिक उत्पादों में मौजूदकेमिकल्स (BPA, पैराबेन्स, फॉर्मल्डिहाइड) से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।  पानी और खाने में मौजूद कीटनाशक (Pesticides) और भारी धातुएं महिलाओं के प्रजनन अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।      कैंसर से बचाव के लिए क्या करें? -40 वर्ष की उम्र के बाद स्तन कैंसर की जांच के लिए हर साल मैमोग्राफी करवाएं। -सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए 21 साल के बाद हर 3-5 साल में पैप स्मीयर टेस्ट कराएं।   – हरी सब्जियां, फल, होल ग्रेन्स और एंटीऑक्सीडेंट युक्त फूड्स खाएं।   – रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज या योग करें और वजन को नियंत्रण में रखें।   – मेडिटेशन, योग और रिलैक्सेशन तकनीकों से मानसिक शांति पाएं।   -एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine)सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद कर सकती है।   इन बातों से अनजान हें महिलाएं जब 45 वर्षीय महिला गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से पीड़ित होती है, तो उसके कैंसर की प्रक्रिया कई साल पहले ही शुरू हो चुकी होती है। इसलिए गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण की सिफारिश 9-14 वर्ष की बहुत कम उम्र में की जाती है (यानी एचपीवी वायरस के संपर्क में आने से पहले)।मो टापा अब एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के लिए प्रमुख परिवर्तनीय जोखिम कारक के रूप में तंबाकू चबाने के समान है। एंडोमेट्रियल कैंसर के लगभग 50% मामले मोटापे के कारण होते हैं। और दुखद बात यह है कि ऐसी अधिकांश महिलाएँ अभी भी 30 वर्ष की आयु में हैं, इस प्रकार वे अपना गर्भाशय और आगे गर्भधारण करने की क्षमता खो देती हैं। लगभग 99.9% गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर विभिन्न प्रकार के HPV वायरस के कारण होता है, जिनमें सबसे आम HPV 16 और 18 प्रकार हैं। दस में से आठ महिलाएँ अपने जीवन में किसी न किसी समय HPV वायरस से संक्रमित होती हैं।

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है फाइबर

कभी वर्क कभी फोटो शूट तो कभी मार्केटिंग कॉल पर आउटडोर जाना इनके काम में शुमार है। होटल की ब्रैंडिंग के लिए लोगों से मिलना और होटल में ही खाना इनके रुटीन में शामिल होता है। जी हां, होटल्स मार्क कॉम मैनेजर का प्रोफेशन ही कुछ ऐसा है कि इन्हें अपने लिए भी समय नहीं मिलता। ऐसे में यह अपनी सेहत और खानपान का खयाल कैसे रखते हैं, डीडी ने की पड़ताल। साथ ही इनकी लाइफस्टाइल को दुरुस्त करने के लिए डाइटीशियन से जानें कुछ खास टिप्स। दिनचर्या: मेरे दिन की शुरुआत सुबह 7 बजे होती है। मुझे घर से होटल के लिए लगभग 8.30 बजे निकल जाना होता है। 7.30 से 8 के बीच मैं ब्रेकफस्ट करती हूं। सुबह का इतना बिजी शेड्यूल होता है कि कोई एक्सरसाइज या वर्कआउट तक नहीं कर पाती। मैं पिछले एक साल से इस जॉब में हूं। व्यस्तता के कारण वॉक नहीं कर पाती। सुबह भागमभाग रहती है। ब्रेकफस्ट: मैं सुबह 7.45 बजे ब्रेकफस्ट करती हूं जिसमें आमतौर पर एक ग्लास दूध या चाय, कॉर्नफ्लेक्स, फ्रूट्स, ब्रेड बटर या फिर ऑमलेट होते हैं। इससे ज्यादा समय नहीं होता। मैं नॉनवेजटेरियन हूं। मैं होटल पहुंचने के बाद 9.30 तक ग्रीन टी लेती हूं। मन हुआ तो साथ में बिस्किट भी ले लेती हूं। 12.30 बजे तक कोई फल खाती हूं या ज्यादा भूख हो तो लंच जल्दी कर लेती हूं। मैं 2-3 घंटे के अंतर पर थोड़ा-थोड़ा कुछ न कुछ खाती रहती हूं। लंच: आमतौर पर मैं लंच 1 बजे तक कर लेती हूं। होटल में ही खाती हूं, जिसमें दाल, चपाती, सब्जी और दही या सैलेड होते हैं। स्नैक्स: शाम 4-5 बजे कभी कोल्ड कॉफी-बिस्किट या जूस या फिर सैंडविच लेती हूं। कोल्ड कॉफी पंद्रह दिन में एक बार लेती हूं। फिर घर पहुंचकर 7.00-7.30 बजे तक मेयोनीज चिकेन या हैम सैंडविच लेती हूं या फिर 1 ग्लास दूध लेती हूं। मैं सप्ताह में 2-3 दिन रात में या शाम को दूध लेती हूं। डिनर: रात 10 बजे तक डिनर में दाल, रोटी, सब्जी और थोड़ा चावल लेती हूं। जब बाहर जाती हूं तो सिर्फ सैलेड, फ्रूट्स या सूप ही प्रेफर करती हूं। रात 12 बजे तक सो जाती हूं।  

परिवार के हर सदस्य को सफलता दिलाता है घर के मुखिया

बात जब सफलता की होती है तो लोग अकसर मेहनत के जरिए लक्ष्य हासिल करने वाले युवाओं के बारे में जिक्र करते हैं। लेकिन सक्सेस मंत्रा में आज बात सफलता का रास्ता ढूंढने वाले युवाओं की नहीं बल्कि घर के मुखिया के गुणों के बारे में की जाएगी। जी हां, किसी भी घर का मुखिया उस घर का आईना होता है। जिसे देखकर कोई भी घर में रहने वाले सदस्यों के बारे में काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकता है। चाणक्य नीति में भी घर के मुखिया के बारे में कई जरूरी बातें बताई गई हैं। चाणक्य नीति के अनुसार घर के मुखिया में ये गुण मौजूद होने पर वह घर काफी तरक्की करता है। उस घर में रहने वाले हर सदस्य को सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं घर के मुखिया में कौन से गुण मौजूद होने चाहिए। बेहतर फैसले लेने की क्षमता- घर का मुखिया ऐसा होना चाहिए, जो घर से जुड़े सभी फैसले खुद लेने की क्षमता रखता हो। उसके फैसले ऐसे होने चाहिए जो ना सिर्फ बेहतर हों बल्कि उनसे घर के किसी सदस्य को तकलीफ या नुकसान भी न पहुंचें। बेकार खर्चों पर लगाए रोक- घर के मुखिया का दिमाग तेज होने के साथ दूरदर्शी भी होना चाहिए। उसे इच्छा और जरूरत में फर्क करना आना चाहिए। घर के मुखिया को इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए कि वह परिवार के सदस्यों की जरुरत पर पैसा खर्च करते हुए फिजूल खर्च करने से बचें। उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पैसों का सही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। भेदभाव करने से बचें- परिवार का हर सदस्य अपनी हर समस्या का हल खोजने के लिए घर के मुखिया के पास ही आता है। ऐसे में घर के मुखिया के पास ही सबकी परेशानियों का हल निकालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में घर के मुखिया को घर के किसी सदस्य के साथ भेदभाव किए बिना एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहिए। और किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करना चाहिए. मुखिया को एक ही क़ानून बनाना चाहिए और वही कानून सभी पर लागू होना चाहिए. सतर्क रहें- घर के मुखिया को हर समय सतर्क रहते हुए आसानी से किसी की भी बात पर भरोसा नहीं कर लेना चाहिए। घर के किसी भी सदस्य के बीच विवाद होने पर उसे दोनों पक्षों का निर्णय ध्यान से सुनना चाहिए। जिसके बाद ही उसे किसी भी तरह का कोई फैसला देना चाहिए। ध्यान रखें आपका एक गलत निर्णय किसी की लाइफ खराब कर सकता है। अनुशासन का पालन- व्यक्ति के जीवन में अनुशासन मौजूद होने से वो किसी भी काम को सफलतापूर्वक कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की लाइफ में सफलता पाने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिस घर का मुखिया अनुशासन प्रिय होता है, वहां रहने वाले सदस्य हमेशा तरक्की हासिल करते हैं।

आधी कीमत में मिल रहा Samsung Galaxy F16 5G फोन

नई दिल्ली Samsung की तरफ से शानदार डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है, जिससे आप बेहद कम कीमत में 5G स्मार्टफोन खरीद सकते हैं। दरअसल अगर आप नया 5G स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Samsung Galaxy F16 5G एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जिसे आप एक्सचेंज ऑफर के साथ आधी कीमत में खरीद पाएंगे। मतलब 16,499 रुपये कीमत वाले फोन पर 9,500 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। ऐसे में आपके फोन की वास्तविक कीमत काफी कम हो जाती है। कीमत और डिस्काउंट ऑफर Samsung Galaxy F16 5G स्मार्टफोन की कीमत MRP 18,999 रुपये है, जिसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर 18 फीसद डिस्काउंट के साथ 15,499 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। फोन की खरीद पर 9,500 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। अगर आप फुल एक्सचेंज ऑफर का लुत्फ उठा लेते हैं, तो आपके फोन की कीमत 5,499 रुपये रह जाती है। इसके बावजूद आप 5 फीसद अनलिमिटेड कैशबैक का लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड पर 1000 रुपये की अतिरिक्त छूट हासिल कर सकते हैं। SBI डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर 1000 रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अलावा फोन को 2,584 रुपये मंथली ईएमआई ऑप्शन में खरीद पाएंगे। Samsung Galaxy F16 5G के स्पेसिफिकेशन्स फोन को तीन स्टोरेज वेरिएंट 4जीबी, 6 जीबी और 8 जीबी रैम ऑप्शन में पेश किया जाता है। फोन में 6.65 इंच फुल एचडी प्लस सुपर एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जो कि 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका मेन कैमरा 50MP सेंसर के साथ आता है। इसके अलावा 5MP सेकेंड्री कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 2MP कैमरा सेंसर दिया गया है। फोन में 13MP फ्रंट कैमरा मिलता है। अगर बैटरी की बात करें, तो फोन में 5000 mAh की बैटरी दी गई है। वही प्रोसेसर सपोर्ट के तौर पर Dimensity 6300 सपोर्ट दिया गया है। फोन एंड्रॉइड 14 सपोर्ट के साथ आता है। क्या होता है एक्सचेंज ऑफर Samsung Galaxy F16 5G स्मार्टफोन की खरीद पर एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा हैं, तो सबसे पहले समझ लेते हैं कि आखिर एक्सचेंज ऑफर क्या होता है? तो बता दें कि एक्सचेंज ऑफर पुराने फोन के बदले नए फोन पर छूट हासिल करने को एक्सचेंज ऑफर कहते हैं। एक्सचेंज ऑफर की कीमत पुराने फोन की मौजूदा कंडीशन पर निर्भर कती है। मतलब अगर पुराने फोन की कंडीशन ठीक हैं, तो आपको ज्यादा पैसे एक्सचेंज ऑफर के तौर पर मिलेंगे।

ChatGPT की एक हरकत आई सामने, शख्‍स को बता दिया बच्‍चों की हत्‍या का आरोपी

एलन मस्‍क के ग्रोकआई के कारनामे सुर्खियों में हैं, इस बीच ओपनएआई के ChatGPT की एक हरकत सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नॉर्वे के एक व्‍यक्ति ने चैटजीपीटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शख्‍स का आरोप है कि एआई ने उसे उसके दो बच्‍चों की हत्‍या का आरोपी बता दिया। यह भी कहा कि उसने अपने तीसरे बच्‍चे को मारने की कोशिश की। चैटजीपीटी पर आरोप लगाया गया है कि उसने यूरोप के नियमों का उल्‍लंघन किया है। नियमों के अनुसार, पर्सनल डेटा सही होना चाहिए। क्‍या है मामला शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम अर्वे हल्मार होलमेन है। वह हमारी-आपकी तरह ही नॉर्वे के एक आम नागरिक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन उन्‍होंने चैट जीपीटी से अपने बारे में जानकारी मांगी। लिखा कि अर्वे हल्मार होलमेन कौन है? इस पर जवाब मिला- ”अर्वे हल्मार होलमेन नॉर्वे के रहने वाले हैं। एक घटना के बाद उन्‍होंने सबका ध्‍यान खींचा। उनके दो बेटे थे। एक दस साल और दूसरा सात। दोनों बच्चे दिसंबर 2020 में अपने घर के पास एक तालाब में मृत मिला। चैटजीपीटी ने आगे लिखा कि घटना ने पूरे देश को चौंका दिया। होलमेन को उनके बच्‍चों की हत्‍या के लिए 21 साल की सजा सुनाई गई।” चिंता, लोग झूठ को सच मान सकते हैं अपने बारे में यह सुनकर अर्वे हल्मार होलमेन को झटका लगा। इसके बाद Noyb नाम के डिजिटल राइट्स ग्रुप ने ओपनएआई की शिकायत की है। इसमें ओपनएआई पर जुर्माना लगाने की मांग की गई है। होल्‍मेन की चिंता इस बात को लेकर है कि लोग इस झूठ को सच मान सकते हैं। चैटजीपीटी के पुराने वर्जन की शिकायत डिजिटल राइट्स ग्रुप के वकील का कहना है कि कोई भी झूठी जानकारी नहीं फैला सकता। इस मामले में ओपनएआई ने कहा है कि शिकायत चैटजीपीटी के पुराने वर्जन के बारे में है। कंपनी के मुताबिक वह अपने मॉडल्‍स को बेहतर बनाने और गलतियों को कम करने के तरीके खोज रही है। डिजिटल राइट्स ग्रुप का कहना है कि चैटजीपीटी को लोगों के बारे में गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए। ग्रोकएआई भी विवादों में चैटजीपीटी के अलावा एलन मस्‍क का ग्रोकएआई भी विवादों में है। भारत में इसने कई यूजर्स को गाली दी है। उनके अपमाजनक भाषा में बात की है। ग्रोकएआई ने कई बड़े नेताओं को भी अपशब्‍द कहे हैं। यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस को भी सख्‍त लहजे में जवाब दिया है, जिससे कई यूजर्स नाराज दिख रहे हैं। ग्रोक एआई के मामले में सरकार ने अपने स्‍तर पर जांच की बात कही है। इन घटनाक्रमों ने सवाल उठाया है कि एआई टूल्‍स को किस स्‍तर तक इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। ओपनएआई और एलन मस्‍क के टूल्‍स क्‍या इतने भरोसेमंद हैं कि उन पर विश्‍वास किया जाए। चैटजीपीटी और ग्रोक एआई की तरह ही गूगल का जेमिनीएआई भी विवादों में आ चुका है।

1 अप्रैल से UPI पेमेंट सर्विस से जुड़ा नया नियम होगा लागू, इन नंबरों पर नहीं चलेगा UPI

नई दिल्ली अगर आप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए लेन-देन करते हैं और बैंक से जुड़ा आपका मोबाइल नंबर लंबे समय से निष्क्रिय है, तो उसे तुरंत सक्रिय कर लें. अन्यथा, आपको पेमेंट करने में दिक्कत आ सकती है, क्योंकि 1 अप्रैल से UPI पेमेंट सर्विस से जुड़ा नया नियम लागू होने जा रहा है. इस नियम के तहत, बैंक अकाउंट से जुड़े वे मोबाइल नंबर, जो लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं या जो बंद होने के बाद दोबारा सक्रिय किए गए हैं, उन्हें UPI सिस्टम से हटा दिया जाएगा. इस बदलाव का असर उन यूजर्स पर पड़ेगा, जिनके बैंक अकाउंट से कोई पुराना या बंद नंबर जुड़ा हुआ है. साइबर फ्रॉड रोकने के लिए लिया गया फैसला UPI को रेगुलेट करने वाली संस्था नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐसे मोबाइल नंबरों को डीलिंक (हटाने) करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, NPCI जल्द ही Pull Transaction फीचर को भी बंद कर सकता है. NPCI ने यह फैसला साइबर फ्रॉड और अनधिकृत ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए लिया है. कई बार मोबाइल नंबर बंद होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां उसे किसी अन्य उपयोगकर्ता को अलॉट कर देती हैं, जिससे पुराने नंबर से जुड़े बैंक अकाउंट पर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से NPCI ने बैंकों और Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप्स को हर हफ्ते निष्क्रिय मोबाइल नंबरों की पहचान कर उन्हें अपने सिस्टम से हटाने का निर्देश दिया है. इसका मतलब यह है कि यदि आपका नंबर लंबे समय से सक्रिय नहीं है, तो उसे बैंक के रिकॉर्ड से स्वतः हटा दिया जा सकता है. सर्विस बंद करने से पहले भेजा जाएगा अलर्ट मैसेज UPI सर्विस बंद करने से पहले यूजर्स को अलर्ट मैसेज भेजे जाएंगे. यदि चेतावनी के बावजूद कोई मोबाइल नंबर निष्क्रिय रहता है, तो उसे UPI सिस्टम से हटा दिया जाएगा. NPCI Pull Transaction फीचर हट सकता है UPI के जरिए Pull Transaction की वजह से धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं. इसी कारण NPCI पेमेंट ऐप्स में इस फीचर को सीमित या बंद करने की योजना बना रहा है. हालांकि, यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है. इसका क्रियान्वयन कब और कैसे होगा, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

5 पॉजिटिव मंत्र जो बेस्ट लाइफ जीने में करेंगे आपकी मदद

हर कोई चाहता है कि वह लाइफ में हमेशा खुश और संतुष्ट रहे। लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि हमारे लिए क्या जरूरी है। ऐसे में कुछ पॉजिटिव जीवन मंत्र आप बेस्ट लाइफ के लिए अपना सकते हैं। यहां हम 5 ऐसे पॉजिटिव मंत्र के बारे में बता रहे हैं, जो बेस्ट लाइफ जीने में आपकी मदद करेंगे।  ग्रेटिट्यूड की प्रेक्टिस करें जीवन में मौजूद चीजों को स्वीकार करें और उनकी सराहना करें। बेस्ट और पॉजिटिव लाइफ जीने के लिए ग्रेटिट्यूड का होना बहुत जरूरी है। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिनके लिए हमें आभारी होना चाहिए। खासकर उन चीजों के लिए जो अभी हमारे पास हैं। जितना ज्यादा आप चीजों की सराहना करेंगे तो आप खुद में खुशहाल और संतुष्ट महसूस करेंगे। माफ करने की प्रेक्टिस करें माफ करना कोई आसान काम नहीं है। मन में नाराजगी रखने से हम शारीरिक और भावनात्मक रूप से कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में शिकायतों को दूर करने से पॉजिटिविटी के लिए हमारा दिमाग में जगह खाली हो सकती है। ऐसा काम करें जिनसे आपको खुशी मिले पॉजिटिव लाइफ जीने का मतलब है ऐसी एक्टिविटीज करना जो हमें खुशी, संतुष्टि और उपलब्धि की भावना दें। वे लोग सबसे अच्छा जीवन जीते हैं जो उस काम को करते हैं जो उन्हें पसंद होता है। खुशी बेहतर जीवन जीने का मुख्य सार है। अगर आप खुश रहते हैं तो जीवन पूरी तरह तैयार और संपन्न हो जाता है। अपने आप को पॉजिटिविटी से घेरें हमें ऐसे लोगों के साथ समय बिताने की कोशिश करना चाहिए जो आपको अपलिफ्ट कर सकते हैं और मोटिवेट कर सकते हैं। पॉजिटिविटी के संपर्क में आने से अक्सर हमें अपने अंदर पॉजिटिवीटी बनाए रखने में मदद मिलती है। सेल्फ केयर पर ध्यान दें खुद की देखभाल को प्राथमिकता देने से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक भलाई में मदद मिल सकती है। नियमित व्यायाम, संतुलित डायट लेना, पर्याप्त नींद लेना और आराम करने के लिए समय निकालना पॉजिटिव माइंड में मदद कर सकता है। जितना ज्यादा आप सेहत का ध्यान रखेंगे उतना ज्यादा आप खुद को पॉजिटिव और पूर्ण पाएंगे।

भारत में लॉन्च हुआ Infinix Note 50 Pro+ 5G स्मार्टफोन

नई दिल्ली Infinix ने हाल ही में अपनी नई स्मार्टफोन सीरीज में Note 50 Pro+ 5G को ग्लोबली लॉन्च किया है। इस स्मार्टफोन में शानदार फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ उपयोगकर्ताओं को एक बेहतरीन अनुभव देने का वादा किया गया है। Note 50 Pro+ 5G का यह नया वेरिएंट कंपनी की Note 50 सीरीज का तीसरा स्मार्टफोन है, जो पहले से ही Note 50 और Note 50 Pro के रूप में इंडोनेशिया में उपलब्ध है। Infinix ने इस स्मार्टफोन को शानदार डिजाइन और ताकतवर स्पेसिफिकेशन्स के साथ पेश किया है, जिससे यह एक बेहतरीन ऑप्शन बनता है। डिस्प्ले और प्रोसेसर:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1,300 निट्स तक पीक ब्राइटनेस है। यह स्क्रीन TÜV Rheinland लो ब्लू लाइट सर्टिफाइड है, जो आंखों की सुरक्षा के लिए आदर्श है।     स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 8350 Ultimate प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए उपयुक्त है। कैमरा:     फोटोग्राफी के लिए Infinix Note 50 Pro+ 5G में शानदार कैमरा सेटअप है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50 मेगापिक्सल का Sony IMX896 प्राइमरी कैमरा है।     इसमें 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस है, जो 6x लॉसलेस जूम और 100x अल्टीमेट जूम का समर्थन करता है। यह कैमरा सेटअप उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो शूट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बैटरी और चार्जिंग:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 5,200mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड चार्जिंग, 10W वायरलेस चार्जिंग और 7.5W वायरलेस रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। PowerReserve मोड में 1% बैटरी के साथ 2.2 घंटे तक टॉक टाइम देने का दावा किया गया है।     यह बैटरी चार्जिंग के मामले में एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे यूजर्स को बिना रुकावट के लंबे समय तक उपयोग का अनुभव मिलता है। AI फीचर्स:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में AI आधारित Infinix AI∞ Beta Plan शामिल है। इस फीचर के तहत, यूजर्स को एक बेहतरीन AI असिस्टेंट Folax मिलता है, जो स्क्रीन कंटेंट को पहचानने, टेक्स्ट ट्रांसलेट करने, क्रॉस-ऐप वॉयस कमांड्स और बहुत कुछ करने में सक्षम है।     इसमें AI Eraser, AI Cutout, AI Writing, AI Note और AI Wallpaper Generator जैसे फीचर्स भी हैं, जो स्मार्टफोन के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। कीमत     Infinix Note 50 Pro+ 5G की कीमत अमेरिका में $370 (लगभग 32,000 रुपये) से शुरू होती है। यह स्मार्टफोन Enchanted Purple, Titanium Grey और Special Racing Edition वेरिएंट्स में उपलब्ध होगा।     Special Racing Edition में रेसिंग कार्स से प्रेरित डिजाइन और सैफायर क्रिस्टल एम्बेडेड पावर बटन शामिल है। इसके अलावा, Note 50 और Note 50 Pro की कीमतें क्रमशः $180 (लगभग 15,000 रुपये) और $210 (लगभग 18,000 रुपये) से शुरू होती हैं।  

स्‍मार्टफोन्‍स की दुनिया में मेड इन इंडिया धमक

नई दिल्ली कुछ साल पहले तक सब यही कहते थे कि भैया फोन तो चाइनीज है, चाइना से आता है और भारत में बिकता है। मोदी सरकार के दौर में चीजें बदल गईं। आज आप और हम चाहे जिस कंपनी का स्‍मार्टफोन खरीदें, वो कंपनी जिस देश से भी ताल्‍लुक रखती हो, बेच तो मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन ही रही है। ना सिर्फ बेच रही है बल्कि मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन का शिपमेंट दुनियाभर में बढ़ रहा है। काउंटरपॉइंट की ‘मेक इन इंडिया’ सर्विस रिपोर्ट के अनुसार भारत में बने स्मार्टफोन के शिपमेंट में 2024 में 6% की बढ़ोतरी हुई है। इसमें बड़ा योगदान दिया है सैमसंग और ऐपल ने। दोनों कंपनियों के भारत से बढ़ रहे निर्यात की वजह से खुश होने का यह मौका आया है। काम कर रही सरकार की पीएलआई स्‍कीम मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स को हकीकत बनाने में भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने अहम भूमिका निभाई है। इस स्‍कीम की वजह से दुनियाभर की स्‍मार्टफोन्‍स कंपनियों और मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों के लिए भारत में काम करना आसान हुआ है। काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट बताती है कि 2023 के मुकाबले 2024 में सैमसंग का भारत से स्‍मार्टफोन शिपमेंट 7 फीसदी बढ़ा है। ऐपल स्‍मार्टफोन्‍स बनाने वाले फॉक्‍सकॉन के शिपमेंट में 17 फीसदी का उछाल आया है। चाइनीज प्‍लेयर वीवो का शिपमेंट 14 फीसदी बढ़ा है, लेकिन ओपो के शिपमेंट में गिरावट देखी गई है, वह भी पूरे 34 फीसदी की। DBG ने किया सबसे ज्‍यादा शिपमेंट मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स के शिपमेंट में DBG सबसे आगे है। डीबीजी देश के दो प्रमुख स्‍मार्टफोन्‍स प्‍लेयर शाओमी और रियलमी के लिए काम करती है। शाओमी और रियलमी भारत की प्रमुख स्‍मार्टफोन कंपनियों में शामिल हैं। इनके साथ काम करने का फायदा डीबीजी को हुआ है। टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स की ग्रोथ सबसे तेज साल 2024 में टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी बनी है। इसकी शिपमेंट 107% बढ़ी है। याद रहे कि iPhone 15 और iPhone 16 मॉडल को टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स भी बना रही है। कंपनी अब सेमीकंडक्‍टर के काराेबार में उतर गई है। इसके लिए उसने गुजरात में प्‍लांट लगाया है और अब असम में भी एक प्‍लांट लगाने की तैयारी है। 2025 में और ज्‍यादा ग्रोथ की उम्‍मीद रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि साल 2025 में भारत में स्‍मार्टफोन्‍स का प्रोडक्‍शन डबल डिजिट में बढ़ सकता है। ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियों का भारत से निर्यात बढ़ने की वजह से मेड इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स की शिपमेंट में भारत को और फायदा होने की उम्‍मीद है।

गूगल ने आईपीएल के लिए बनाया खास डूडल

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का आगाज आज से हो रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े क्र‍िकेट इवेंट को गूगल भी सेलिब्रेट कर रहा है। उसे गूगल डूडल के जरिए दुनिया को आईपीएल की ओपनिंग की जानकारी दी है। इस साल भी आईपीएल में 10 टीमें हिस्‍सा ले रही हैं। यह इवेंट पूरे 90 दिनों तक चलेगा। कोलकाता के ईडन गार्डन्‍स में ओपनिंग सेरेमनी आयोजित की जाने वाली है। इसी मैदान पर पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। बहरहाल, गूगल ने अपने डूडल में बैट्समैन को बॉल हिट करते हुए दिखाया है। क्र‍िकेट पिच पर जैसे ही बैट्समैन शॉट खेलता है, अपांंयर के हाथ बॉल को चार रन देने के लिए उठ जाते हैं। आईपीएल जैसी टी20 लीग्‍स में बैट्समैन की भूमिका अधिक होती है। इन इवेंट्स में रनों की बारिश होती है। गूगल डूडल में और क्‍या खास डूडल पर क्लिक करते ही आईपीएल की डिटेल्‍स सामने आ जाती है। किन टीमों के बीच मैच खेला जाएगा, कितने बजे से मैच आयोजित होगा। आगे खेले जाने वाले मुकाबले समेत तमाम डिटेल्‍स सामने आ जाती हैं। नीचे की तरफ आईपीएल से जुड़ी खबरें, आईपीएल की ऑफ‍िशियल वेबसाइट, आईपीएल का एक्‍स हैंडल, आईपीएल का इंस्‍टाग्राम हैंडल जैसी जानकारियां दी गई हैं। कुल मिलाकर गूगल डूडल ना सिर्फ आईपीएल के आगाज को सेलिब्रेट कर रहा है, बल्कि उससे जुड़ी तमाम जानकारियों को एक जगह पर इकट्ठा करके पेश कर रहा है। टेलिकॉम कंपनियां ले आईं रिचार्ज प्‍लान आईपीएल देखने वाले दर्शकों की एक बड़ी संख्‍या इस इवेंट को अपने मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट पर स्‍ट्रीम करती है। यूजर्स को ध्‍यान में रखते हुए देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनियों जैसे- रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया ने अपने प्रीपेड रिचार्ज प्‍लान्‍स में जियोहॉटस्‍टार के सब्‍सक्र‍िप्‍शन को जोड़ा है। याद रहे कि आईपीएल को जियोहॉटस्‍टार पर स्‍ट्रीम किया जाएगा। जियो सिनेमा और हॉटस्‍टार के विलय से यह नया प्‍लेटफॉर्म उभरकर आया है। अपने मोबाइल पर कैसे देखें आईपीएल आईपीएल को अपने मोबाइल पर देखने के लिए आपको जियोहॉटस्‍टार का सब्‍सक्र‍िप्‍शन लेना होगा। आप प्रीपेड रिचार्ज के साथ इसे बंडल कर सकते हैं या फ‍िर जियो हॉटस्‍टार की वेबसाइट पर जाकर अलग से सब्‍सक्रि‍प्‍शन लिया जा सकता है। जियोहॉटस्‍टार अपने यूजर्स को मोबाइल ओनली प्‍लान भी ऑफर कर रहा है। यह उन यूजर्स के लिए बेस्‍ट होगा, जिन्‍हें फोन पर आईपीएल देखना है और ज्‍यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते। आईपीएल में आज सिर्फ एक मैच खेला जाएगा जो शाम साढ़े 7 बजे से शुरू होगा। ज्‍यादातर दिनों में दो मैच खेले जाते हैं।

विटामिन बी 12 को स्पीड से बढ़ाएंगे ये मसाले

विटामिन केवल शरीर के काम के लिए जरूरी नहीं होते, ये ताकत और एनर्जी भी देते हैं। इनकी कमी नसों, मांसपेशी, दिमाग, दिल, हड्डियों को कमजोर कर देती हैं। सबसे ज्यादा तो विटामिन बी12 की चिंता होती है, क्योंकि यह बहुत कम चीजों में होता है। कई बार विटामिन बी-12 से भरपूर फूड खाने के बाद भी डेफिशिएंसी खत्म नहीं होती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्योंकि शरीर विटामिन बी12 का इस्तेमाल नहीं कर पाता। खाने का सारा पोषण गंदगी बनकर बाहर निकल जाता है। इस स्थिति में 5 मसाले काम आ सकते हैं। यह कोबालामिन बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन बी12 के लिए क्या खाएं? अगर शरीर में इसकी कमी हो गई है तो मसालों से पहले इन फूड्स को डाइट में शामिल करें। दूध-डेयरी प्रोडक्ट, जानवरों की कलेजी, जानवरों का गुर्दा, अंडे, मछली, न्यूट्रिशनल यीस्ट आदि। अगर जरूरत पड़े तो डॉक्टर से बात करके सप्लीमेंट भी शुरू कर सकते हैं। B12 बढ़ाने में मसालों का रोल आंतों के अंदर खाने से सारे पोषक तत्व निकाले जाते हैं। यह काम गट बैक्टीरिया करते हैं, जो अरबों की संख्या में आंत के अंदर होते हैं। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक अगर इन गट बैक्टीरिया की संख्या कम होती है जो इस विटामिन का अवशोषण और उपयोग बाधित हो सकता है। जिससे विटामिन बी12 की कमी बन सकती है। मसाले खाने का फायदा मसालों में कई सारे औषधीय गुण होते हैं। यह गट के हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम भी करते हैं। अगर आपको पेट और पाचन से जुड़ी कोई परेशानी होती है तो इनका सेवन करके फायदा उठा सकते हैं। आइए जानते हैं कि कोबालामिन बढ़ाने में कौन से मसाले ज्यादा मदद करते हैं। दालचीनी ​एक स्टडी के मुताबिक पोलीफेनोल के पर्याप्त सेवन से गट बैक्टीरिया की सही संख्या देखी गई है। शोध में दालचीनी के अंदर इन पोलीफेलोन की सबसे ज्यादा मात्र देखी गई। यह मसाला ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करता है और इंफ्लामेशन में कमी लाता है। काली मिर्च काली मिर्च कई तरह से लाभ पहुंचा सकती है। यह पोलीफेनोल्स देती है, डायजेशन बढ़ाती है, हल्दी के पाचन के लिए जरूरी है और इम्यूनिटी बढ़ाती है। सारी मिर्च में से इसका सेवन बेस्ट माना गया है। लौंग यह भी एक शक्तिशाली मसाला है, जिसे चावल से लेकर चाय बनाने तक उपयोग किया जाता है। यह काफी मात्रा में पोलीफेनोल्स होते हैं। अगर आप इंफ्लामेशन और कमजोर इम्यूनिटी से परेशान हैं तो भी इसका सेवन कर सकते हैं। पुदीना यह पेट के लिए लाभकारी होता है और उसे ठंडा रखता है। एसिडीटी, पेट दर्द, ब्लोटिंग, गैस में इसका सेवन किया जाता है। आप सूखा पुदीना खाने, छाछ में डालकर पी सकते हैं। छाछ के साथ खाने पर ज्यादा असर मिलता है क्योंकि यह एक प्रोबायोटिक फूड है। चक्र फूल इस मसाले का सेवन कम किया होगा, लेकिन यह भी औषधीय गुणों से भरपूर है। विटामिन बी12 की कमी दूर करने के लिए यह गट बैक्टीरिया सुधारने में मदद कर सकता है।

Google जल्द ही जीमेल के सर्च इंजन को भी AI से करेगी लैस

नई दिल्ली दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ईमेल ऐप Gmail का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। टेक्नोलॉजी में एआई (AI) के बढ़ते प्रभुत्व को देखते हुए अब Google जल्द ही जीमेल (Gmail) के सर्च इंजन को भी AI से लैस करेगी। इसके बाद किसी ईमेल को सर्च करना आसान हो जाएगा। इसके बाद जीमेल के इनबॉक्स में यूजर्स की पसंद के हिसाब से ईमेल नजर आएंगे। यह अपडेट आने के बाद ईमेल में सबसे ऊपर सबसे रिसेंट की जगह यूजर्स की पसंद के ईमेल दिखेंगे। जानकारों के मुताबिक AI अपग्रेड की मदद से जीमेल के सर्च रिजल्ट बेहतर हो सकेंगे। इससे यूजर्स को कोई ईमेल सर्च करने में ज्यादा टाइम खर्च नहीं करना पड़ेगा। कंपनी ने बताया कि नई अपडेट में कीवर्ड पर बेस्ड क्रॉनोलॉजिकल ऑर्डर में ईमेल दिखाने की बजाय सबसे ज्यादा क्लिक किए गए और फ्रीक्वैंट कॉन्टैक्ट आदि के ईमेल ऊपर दिखाए जाएंगे। यानी अब इनबॉक्स में रिसेंट की जगह उन ईमेल को सबसे ऊपर दिखाया जाएगा, जो AI को लगता है कि आपके लिए सबसे जरूरी है। अब ईमेल सर्च होगी पहले से तेज पहले जीमेल में जब कोई ईमेल खोजा जाता था, तो सिर्फ कीवर्ड के आधार पर ईमेल दिखते थे, लेकिन अब नया फीचर कई और चीजों को ध्यान में रखेगा। इससे जरूरी ईमेल जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। गूगल का कहना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और वे अपनी जरूरी जानकारी आसानी से खोज सकेंगे।यह फीचर वेब ब्राउजर, एंड्रॉयड और iOS के जीमेल ऐप में उपलब्ध होगा, जिससे किसी भी डिवाइस से इसका फायदा लिया जा सकेगा। यूजर को दिया जाएगा कंट्रोल गूगल इस फीचर का पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में देगी। यानी यूजर इस फीचर को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। उनके हाथ में AI-पावर्ड सर्च इंजन या ट्रेडिशनल सर्च फीचर में से एक चुनने का ऑप्शन होगा। इसके लिए ऐप में एक टॉगल दिया जाएगा। इसकी मदद से यूजर मोस्ट रेलिवेंट या मोस्ट रिसेंट में से एक चुन सकेंगे। कंपनी ने इस फीचर को धीरे-धीरे रोलआउट करना शुरू कर दिया है और कई पर्सनल गूगल अकाउंट्स पर यह नजर भी आने लगा है। वेब के अलावा एंड्रॉयड और iOS पर जीमेल ऐप में यह फीचर उपलब्ध होना शुरू हो गया है। गूगल अन्य जगहों पर जोड़ रही AI जीमेल के अलावा, गूगल अपने सर्च और शॉपिंग पोर्टल में भी AI का इस्तेमाल बढ़ा रही है। इस महीने ही कई नए AI-संबंधित अपडेट देखने को मिले हैं। अगर कोई यूजर AI की मदद से सर्च नहीं करना चाहता, तो जीमेल में एक टॉगल ऑप्शन होगा, जिससे वे पुराने तरीके से ईमेल खोज सकते हैं।गूगल लगातार अपने प्लेटफॉर्म पर AI का उपयोग बढ़ा रही है, ताकि लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकें।

अमरूद की पत्ति‍यों में कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं, सुबह-सुबह बासी मुंह चबा लें पत्ति‍यां, 5 बीमार‍ियां होगी दूर

नई द‍िल्‍ली अमरूद की पत्तियां सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं मानी जातीं हैं। खासतौर पर, बासी मुंह अमरूद की पत्तियां चबाने से सेहत को कई तरह के लाभ म‍िलते हैं। आयुर्वेद में इन्हें पाचन तंत्र सुधारने, मुंह की दुर्गंध दूर करने और दांतों को मजबूत बनाने के लिए फायदेमंद बताया गया है। आपको बता दें क‍ि अमरूद की पत्तियां एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती हैं। ये  मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं। इसके अलावा अमरूद की पत्तियां चबा कर डायब‍िटीज को कंट्रोल क‍िया जा सकता है। ये पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक हो सकती हैं। अगर आप दिन की शुरुआत अमरूद की पत्तियों को चबाने के साथ करते हैं तो यह आपकी इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद कर सकती है। लेकिन इन्हें खाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा। आइए इनके फायदों के बारे में जानते हैं व‍िस्‍तार से- मुंह के छाले से द‍िलाए राहत गर्मियां शुरू होते ही पेट संबंधी द‍िक्‍कतें शुरू हो जाती हैं। पेट की गर्मी क कारण मुंह में छाले न‍िकल आते हैं। कई लोगों को तो ये समस्या बार-बार परेशान करती है। अगर आप भी छाले से परेशान हैं और ये परेशानी पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही है तो आपको रोज सुबह बासी मुंह अमरूद की पत्‍त‍ियां चबानी चाह‍िए। इससे आपको तुरंत छाले से राहत म‍िलेगी। पाचन रखे दुरुस्‍त सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से आपको पाचन और पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा म‍िल सकता है। आप रोजाना तीन से चार अमरूद की पत्‍त‍ियां चबाना शुरू कर दें। आपको खुद की फर्क मालूम पड़ जाएगा। दांत दर्द से द‍िलाए राहत अगर आपको ओरल हेल्‍थ की समस्‍या है तो अमरूद की पत्‍त‍ियां आपके ल‍िए फायदेमंद हो सकती हैं। कई लोगों को मसूड़ों से खून आना या दांतों में दर्द की समस्या रहती है, उन्‍हें अमरूद की पत्तियां जरूर चबानी चाह‍िए। ये एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं। ये दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। वजन घटाने में मददगार अगर आप रोजाना अमरूद की पत्तियां चबाते हैं तो आपका वजन तेजी से कम होता है। लगातार बढ़ रहे मोटापे से अमरूद की पत्तियां आपको राहत दिला सकती हैं। डायबिटीज करे कंट्रोल अगर आप डेली सुबह खाली पेट अमरूद के पत्ते चबाते हैं तो इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा अमरूद के पत्ते चबाने से कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल क‍िया जा स‍कता है। ध्‍यान रखें ये बातें     अमरूद की पत्तियाें को धुलकर ही चबाएं।     अमरूद की पत्ति‍यां ताजी होनी चाहिए।     अत्यधिक सेवन से बचें।     गर्भवती महिलाएं परहेज करें।  

लाफ्टर थेरेपी से मिलते हैं 8 जबरदस्त फायदे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव और चिंता के शिकार होते जा रहे हैं। हंसना या खुश रहना किसी भी इंसान के हेल्‍थ के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। फिर चाहे आप टीवी पर कार्टून को देख कर हंस रहे हों या न्यूज पेपर के जोक्‍स पढ़कर। हंसने से आपकाे कई तरह के फायदे  म‍िल सकते हैं। हंसने से आपका स्ट्रेस कम होता है। आपकी एक हंसी स्ट्रेस को दूर करने के साथ-साथ आपकी मांसपेशियों को 45 मिनट तक का आराम पहुंचाती हैं, जिससे आप रिलैक्स फील करते हैं। हंसने से शरीर में स्ट्रेस का हार्मोन  लेवल कम हो जाता है, जो शरीर में बने एंटीबॉडीज के लिए फायदेमंद है। हंसना दिल की सेहत को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ डिप्रेशन, एंग्‍जायटी जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करता है। इससे हार्ट और कई अन्य बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कई र‍िसर्च में भी यह साबित हो चुका है कि जो लोग खुलकर हंसते हैं, वे अधिक खुशहाल और सेहतमंद रहते हैं। यही कारण है कि आजकल लाफ्टर थेरेपी को भी बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। इम्यून सिस्टम बनता है मजबूत आप जब खि‍लख‍िलाकर हंसते हैं तो इससे शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। ये स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायक होता है। इससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार कहते हैं हंसने से बड़ी से बड़ी बीमार‍ियां छूमंतर हो जाती हैं। अगर आप हंसते हैं तो इससे शरीर में ब्‍लड का सर्कुलेशन बेहतर तरीके से होता है। इससे द‍िल से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम क‍िया जा सकता है। मूड बेहतर बनाता है हंसी शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे हमारा मूड बेहतर बना रहता है और डिप्रेशन और एंजाइटी का खतरा कम होता है। कम होता है डिप्रेशन और एंग्‍जायटी हंसने से एडोर्फिन हार्मोन का उत्पादन होता है, जो स्ट्रेस, एंग्‍जायटी और डिप्रेशन को दूर करता है। हंसने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जिससे याददाश्त भी बढ़ती है। नींद से जुड़ी समस्या होती है दूर लाफ्टर थेरेपी से अनिंद्रा की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। एक अच्छी हंसी से आपके शरीर में मेलानिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है, जो आपको अच्छी नींद लाने में मदद करता है। दर्द कम करने में मददगार लाफ्टर थेरेपी के जरिए शरीर में नेचुरल पेनकिलर हार्मोन रिलीज होते हैं, जिससे सिरदर्द, माइग्रेन और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। डायबिटीज का खतरा करे कम आपको बता दें क‍ि हंसने से हाई ब्लड शुगर के लेवल काे कंट्रोल क‍िया जा सकता है। इससे डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। साथ ही आप अंदर से खुश रहने लगते हैं। याददाश्त करे तेज हंसने से दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे याददाश्त बेहतर होती है और दिमागी थकान भी दूर होती है। ये आपकी बॉडी को र‍िचार्ज कर देता है। क्या है लाफ्टर थेरेपी? लाफ्टर थेरेपी एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है, जिसमें हंसने को एक एक्सरसाइज की तरह अपनाया जाता है। यह थेरेपी खासतौर पर तनाव, चिंता, डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से राहत दिलाने के लिए की जाती है। कैसे अपनाएं हंसने की आदत     रोजाना कॉमेडी फिल्में या मजेदार वीडियो देखें।     लाइफ की छोटी-छाेटी चीजों को एंजॉय करें।     परिवार और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताएं और खुलकर हंसें।     लाफ्टर योगा क्लब या ग्रुप जॉइन करें।  

इन कमियों को दूर कर के पर्सनैलिटी को करें इम्प्रूव

सक्सेज होना तो सभी चाहते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है सही दिशा में कदम बढ़ाना। लगातार मेहनत और बार-बार प्रयास। लेकिन कड़ी मेहनत और बार-बार प्रयास कहां किए जाएं ये भी पता होना जरूरी है। कुछ लोग इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उनके व्यक्तित्व में कमी होती है। अगर आप के अंदर ये कमियां हैं तो इन्हें दूर कर अपनी पर्सनैलिटी को और भी ज्यादा निखारा जा सकता है। साथ ही लाइफ में सफलता हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अच्छा श्रोता बनना है जरूरी हमेशा अपनी बात रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी जरूरी होता है। कई बार हम लोगों को ध्यान से ना सुनकर लाइफ के जरूरी लेसन मिस कर देते हैं। इसलिए हमेशा धैर्य से सुनने की कोशिश करें। किताबें पढ़ें और इंटरेस्ट बढ़ाएं किताबें पढ़ने से केवल नया ज्ञान ही नही मिलता बल्कि ये आपको नई चीजों को जानने समझने और उसमे इंटरेस्ट बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे आपका नॉलेज बढ़ेगा और आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगेंगे। नए लोगों से मिलें हमेशा नयी जगह जाने और नये लोगों से मिलने को लेकर खुद को रोकना नहीं चाहिए। जितना नये लोगों से मिलेंगे आपको अपने बारे में और भी ज्यादा समझ आएगी। नये लोगों से मिलते वक्त आपकी बॉडी लैंग्वेज, सुनने की क्षमता, समझने की क्षमता और आपकी नॉलेज का भी टेस्ट होता है। जो कि पर्सनैलिटी को निखारने में मदद करता है। दूसरों की इज्जत है जरूरी आपको भले ही लगे कि आपको बहुत सारी नॉलेज है लेकिन इसका मतलब नहीं कि आप दूसरों का सम्मान ना करें। या उनके ज्ञान को कम समझें। खुद बातों, विचारों पर टिके रहना और दूसरों को सम्मान देना आपकी पर्सनैलिटी को और भी निखारेगा। दूसरों को सपोर्ट करें जब भी आप लो फील करते हैं तो किसी ना किसी की मदद चाहते हैं। उसी तरह से हमेशा दूसरों को सपोर्ट करने और इनकरेज करने का काम करें।

इन 5 बीमारियों से छुटकारा दिलाएगा गर्म पानी

गर्मियों में लोग अक्सर ठंडा पानी पीना ही पसंद करते हैं। कई लोग बस इंतजार में रहते हैं कि जल्दी से गर्मियां शुरू हों तो वह ठंडा पानी पीना शुरू करें। ठंडे पानी का नशा ही ऐसा है। लोग बाहर से घर में जैसे ही घुसते हैं तो सबसे पहले फ्रिज की तरफ ही रूख करते हैं। लेकिन ठंडा पानी लोगों को नुकसान कितना कर रहा है इसका शायद ही किसी को अंदाजा हो। ठंडा पानी लोगों की तबियत को खराब कर रहा है। आज हम आपको गर्मियों में गर्म पानी पीने के फायदे बता रहे हैं। बता दें कि गर्मियों में गर्म पानी पीने के कई फायदे हैं। यहां 5 बीमारियों के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिनसे गर्म पानी पीने से छुटकारा मिल सकता है। पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं दूर  गर्म पानी पीने से पाचन तंत्र को सुधारने में मदद मिलती है। गर्म पानी पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कि कब्ज, गैस, और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है। रेगुलर गर्म पानी पीना आपकी सेहत को ठीक करता है। अगर आप रेगुलर गर्म पानी पीते रहें तो आपको पेट से संबंधी दिक्कते दूर होने लगती हैं। सर्दी और खांसी से मिलती है राहत गर्म पानी पीने से सर्दी और खांसी से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी गले की सूजन को कम करता है और खांसी को नियंत्रित करता है। इससे सर्दी और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। वहीं ठंडा पानी खांसी और जुकाम को उभारने में काफी मददगार होता है। शरीर की चर्बी पिघलती है गर्मियों में लगातार गर्म पानी पीने से आपके शरीर की चर्बी घटने लगती है। गर्म पानी की मदद से मोटापे को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। गर्म पानी पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। स्किन में आता है निखार गर्म पानी पीने से आपके चेहरे पर भी काफी निखार आता है। गर्म पानी पीने से त्वचा की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी त्वचा को साफ करता है और त्वचा की समस्याओं जैसे कि मुंहासे, दाग-धब्बे, और त्वचा की सूजन को कम करता है। जोड़ों के दर्द में मिलता है आराम गर्म पानी पीने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी जोड़ों की सूजन को कम करता है और जोड़ों के दर्द को नियंत्रित करता है। इससे जोड़ों के दर्द के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। लगातार गर्म पानी पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

331 खतरनाक ऐप्स Google ने Play Store से हटाए

नई दिल्ली Google Play Store ने हाल ही में 331 खतरनाक ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है, जो यूजर्स की निजी जानकारी चुराने और फर्जी विज्ञापन दिखाने में शामिल थीं. ये ऐप्स अब तक 60 मिलियन (6 करोड़) से अधिक बार डाउनलोड किए जा चुके थे. IAS Threat Lab और Bitdefender की रिपोर्ट साइबर सुरक्षा फर्म IAS Threat Lab ने 2024 की शुरुआत में “Vapor” ऑपरेशन का खुलासा किया था, जिसमें 180 ऐप्स के ज़रिए 200 मिलियन से अधिक फर्जी विज्ञापन अनुरोध भेजे गए थे. बाद में, Bitdefender ने इन ऐप्स की संख्या बढ़ाकर 331 बताई और चेतावनी दी कि ये ऐप्स यूजर्स को फिशिंग अटैक (phishing attack) के ज़रिए संवेदनशील जानकारी, जैसे कि लॉगिन क्रेडेंशियल्स और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स साझा करने के लिए मजबूर कर रहे थे. कैसे काम कर रहे थे ये खतरनाक ऐप्स? इन मैलिशियस ऐप्स में कई ख़तरनाक फीचर्स थे:     सेटिंग्स में खुद को छिपाना: कुछ ऐप्स खुद को Google Voice जैसी विश्वसनीय ऐप्स के रूप में दिखाने के लिए अपना नाम और आइकन बदल लेते थे.     बैकग्राउंड में चोरी-छुपे काम करना: बिना यूजर की अनुमति के ये ऐप्स बैकग्राउंड में अपने आप शुरू हो जाते थे और हाल ही में खुले ऐप्स की लिस्ट से गायब हो जाते थे.     फुल-स्क्रीन विज्ञापन और फेक लॉगिन पेज: कुछ ऐप्स फुल-स्क्रीन एड्स दिखाते थे और Facebook, YouTube जैसी लोकप्रिय साइट्स के नकली लॉगिन पेज बनाकर यूजर्स से पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स मांगते थे. Google ने हटाए सभी संदिग्ध ऐप्स Google ने इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए सभी 331 खतरनाक ऐप्स को Play Store से हटा दिया है. Bleeping Computer से बात करते हुए Google के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि “इस रिपोर्ट में पहचाने गए सभी ऐप्स को हटा दिया गया है.” किन ऐप्स से था खतरा? Bitdefender की रिपोर्ट के अनुसार, ये खतरनाक ऐप्स सामान्य उपयोगी ऐप्स के रूप में Play Store पर लिस्टेड थे, जैसे:      AquaTracker      ClickSave Downloader      Scan Hawk      Water Time Tracker      Be More      TranslateScan इनमें से हर ऐप के 10 लाख से अधिक डाउनलोड थे. कैसे बचें ऐसे खतरनाक ऐप्स से?     किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर की विश्वसनीयता जांचें.     ऐप इंस्टॉल करने के बाद अनावश्यक अनुमतियां (Permissions) देने से बचें.     अगर कोई ऐप संदिग्ध व्यवहार करता है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें.      Play Store के रिव्यू और यूजर कमेंट्स को ध्यान से पढ़ें.  अपने फोन में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें.     Google Play Store पर सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं, और इस घटना से साफ है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर यूजर्स को ठगने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए सतर्क रहना और जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.  

बच्चे के लिए गेमचेंजर साबित होगा AI ‘अप्पू’

नई दिल्ली भारत में प्रारंभिक शिक्षा बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. इसी दिशा में दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी संगठन रॉकेट लर्निंग ने हाल ही में ‘अप्पू’ नामक एक AI-आधारित लर्निंग टूल लॉन्च किया है, जिसे Google के सहयोग से विकसित किया गया है. यह तीन से छह साल तक के बच्चों को व्यक्तिगत और संवादात्मक तरीके से सीखने में मदद करता है. खासतौर पर कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए इसे गेमचेंजर माना जा रहा है. रॉकेट लर्निंग के को-फाउंडर विशाल सुनील और अज़ीज़ गुप्ता के अनुसार, पारंपरिक एडटेक प्लेटफॉर्म अक्सर एक जैसी सामग्री दोहराते हैं, जिससे बच्चों की बौद्धिक जिज्ञासा प्रभावित होती है. अप्पू इसे बदलता है, क्योंकि यह बच्चों को संवाद के जरिए सीखने में मदद करता है. अगर कोई बच्चा किसी विषय को समझने में संघर्ष करता है, तो यह उसे नए उदाहरणों और तरीकों से सिखाने की कोशिश करता है. आवाज के ज़रिए सीखने पर जोर भारत में वॉयस नोट्स का उपयोग दुनिया में सबसे अधिक होता है. इसे ध्यान में रखते हुए अप्पू को आवाज़-आधारित लर्निंग टूल के रूप में डिजाइन किया गया है. फिलहाल यह हिंदी में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही मराठी, पंजाबी समेत 20 भाषाओं में लॉन्च किया जाएगा. AI का मानवीय पक्ष अप्पू को केवल ज्ञान देने वाली मशीन नहीं, बल्कि एक संरचित और संवादात्मक अनुभव देने वाला ट्यूटर बनाया गया है. रॉकेट लर्निंग ने इसे विकसित करने से पहले बेहतर शिक्षकों और देखभालकर्ताओं के तरीकों का अध्ययन किया, ताकि यह बच्चों के लिए संस्कृति-संगत और व्यावहारिक बन सके. गूगल का सपोर्ट गूगल के ग्लोबल प्रोग्राम डायरेक्टर एनी लेविन के अनुसार, गूगल ऐसी संस्थाओं को समर्थन देता है, जो बड़े सामाजिक मुद्दों को हल करने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं. उन्होंने बताया कि गूगल ने अब तक $200 मिलियन से अधिक की राशि AI-आधारित सामाजिक परियोजनाओं को दी है. चुनौतियां और आगे की राह हालांकि, AI पर अत्यधिक निर्भरता से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. इसीलिए अप्पू को बच्चों के जिज्ञासु दिमाग को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. एक बड़ी चुनौती डिजिटल साक्षरता की कमी भी है. इसे देखते हुए अप्पू को व्हाट्सएप के जरिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि माता-पिता इसे आसानी से उपयोग कर सकें. साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इसमें सक्रिय रूप से जोड़ा गया है. 50 मिलियन बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रॉकेट लर्निंग का लक्ष्य 2030 तक 50 मिलियन परिवारों तक अप्पू को पहुंचाना है. संगठन का मानना है कि अगर AI-आधारित शिक्षा का फायदा केवल विशेष वर्ग तक सीमित रहा, तो समाज में AI डिवाइड बढ़ सकता है. इसे रोकने के लिए वे इसे एक सार्वजनिक डिजिटल संसाधन के रूप में विकसित कर रहे हैं. सरकार के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों को शुरुआती शिक्षा के मजबूत केंद्र में बदलने की योजना है. AI की मदद से भारत में प्रारंभिक शिक्षा को समावेशी और प्रभावी बनाने की यह एक बड़ी पहल है.

निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही, लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जा सकती है जान

नई दिल्ली आजकल के बदलते मौसम और खराब जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं में निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही है। यह बीमारी फेफड़ों में संक्रमण के कारण होती है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरे की वजह बन सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है। हालांकि, निमोनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। अगर आप भी अपने शरीर में निमोनिया के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो उसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है, यहां तक की जान भी जा सकती है। तो चलिए जानते हैं निमोनिया के लक्षण और इलाज के बारे में। निमोनिया क्या है? निमोनिया एक फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, जिसे बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से हो सकता है। यह संक्रमण हवा के जरिए फैल सकता है। जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो संक्रमित हवा के कण दूसरे व्यक्ति के शरीर में घुस सकते हैं। इसके अलावा निमोनिया से फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह मौत का कारण बन सकती है। निमोनिया के प्रमुख लक्षण निमोनिया के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिनमें खांसी, बुखार, थकावट और शरीर में दर्द शामिल हैं। अगर आप भी इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस कर रहे हैं तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। खांसी और बुखार निमोनिया के सबसे आम लक्षण खांसी और बुखार होते हैं। अगर आपको लगातार खांसी आ रही है और बुखार भी बना हुआ है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ अगर आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, या फिर सीने में दर्द हो रहा है तो यह भी निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। सिर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द निमोनिया के साथ सिर में दर्द और मांसपेशियों में भी दर्द हो सकता है। यह लक्षण आमतौर पर फ्लू या सामान्य बुखार के दौरान होते हैं, लेकिन यदि ये लक्षण ज्यादा बढ़ जाएं तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान और एनर्जी की कमी अगर आपको दिन भर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है और आपका शरीर पूरी तरह से कमजोर महसूस कर रहा है, तो यह निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। मतली और उल्टी निमोनिया के मरीजों में अक्सर मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको ये लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। निमोनिया का इलाज निमोनिया का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी है। अगर इसके लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इसका इलाज जल्दी हो सकता है। निमोनिया का इलाज मुख्यत: एंटीबायोटिक्स (बैक्टीरियल निमोनिया के लिए) या एंटीवायरल दवाओं से किया जाता है। इसके अलावा आराम और पर्याप्त पानी का सेवन भी इसे ठीक करने में मदद करता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। क्यों नहीं करना चाहिए लक्षणों को नजरअंदाज? निमोनिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर इसे सही समय पर न पहचाना जाए, तो यह व्यक्ति के शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर डाल सकता है। निमोनिया फेफड़ों को संक्रमित करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह स्थिति मौत का कारण भी बन सकती है। इसीलिए अगर निमोनिया के किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।  

32 बिलियन डॉलर में गूगल ने विज को खरीदने का किया ऐलान

नई दिल्ली टेक दिग्‍गज गूगल ने एक बड़ी डील का ऐलान किया है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि वह विज (Wiz) को 32 बिलियन डॉलर में खरीदने जा रही है। भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 27 खरब 63 अरब 35 करोड़ 68 लाख (27,63,35,68,00,000) रुपये है। दिलचस्‍प यह है कि पूरा सौदा नकद में किया जाएगा। यह गूगल का अबतक किया गया सबसे बड़ा अधिग्रहण है। विज की पहचान क्लाउड साइबर सिक्‍योरिटी स्टार्टअप की है। गूगल काफी वक्‍त से विज को खरीदना चाहती थी। उसने 23 बिलियन डॉलर का प्रस्‍ताव पहले रखा था, जिसे पिछले साल विज की ओर से ठुकर दिया गया था। तब विज के ओनर कंपनी को स्‍वतंत्र रखने के बारे में सोच रहे थे। अब बताया गया है कि डील फ‍िर से शुरू हो गई है और गूगल साल 2026 तक विज को अपने नाम कर लेगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करके विज को क्‍यों खरीदा जा रहा है। Wiz को खरीदने की वजह मी‍डिया रिपोर्टों के अनुसार, विज को खरीदकर गूगल, क्लाउड सर्विसेज मार्केट में अपनी पोजिशन को मजबूत करना चाहती है। इस मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ता जा रहा है। जेनरेटिव एआई के आने से और भी कंपनियां आ गई हैं और गूगल का क्‍लाउड प्‍लेटफॉर्म अन्‍य सर्विसेज जैसे- माइक्रोसॉफ्ट एज्‍यूर और एमेजॉन वेब सर्विसेज से पीछे है। इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल को उम्‍मीद है कि विज को खरीदने से उसे क्लाउड सर्विसेज मार्केट में अपनी पोजिशन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। Wiz के पास कौन से प्रोडक्‍ट विज की शुरुआत इस्राइल में हुई थी। इसे तैयार करने वालों ने अपने पहले साइबर सिक्‍योरिटी स्‍टार्टअप को साल 2015 में बेच दिया था। उसके 5 साल बाद 2020 में विज की शुरुआत हुई। महज 18 महीनों में कंपनी का रेवेन्‍यू आसमान छूने लगा। पिछले साल इसका वैल्‍यूएशन 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। यह कंपनी मूल रूप से ऐसे सॉल्‍यूशंस बनाती है जिससे साइबर खतरों को रोका जा सके। उनका पता लगाया जा सके। बढ़ रहे हैं साइबर हमले हाल के वर्षों में साइबर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में उन कंपनियों की डिमांड बढ़ रही है, जो साइबर सुरक्षा से जुड़े सॉल्‍यूशंस देती हैं। विज ना सिर्फ कंपनियों को बल्कि बड़े क्‍लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को भी सर्विस देती है। कंपनी के पास कुल 2500 लोगों की वर्कफोर्स है। उनमें से करीब 116 इम्‍प्‍लॉयी इंडिया में काम करते हैं। विज को खरीदना गूगल की अबतक की सबसे बड़ी डील है।

बेसन और दही से घर पर बनाएं बेहतरीन फेस पैक, दाग-धब्बे होंगे गायब

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा बेदाग, मुलायम और चमकदार हो, लेकिन बढ़ते प्रदूषण, गलत खान-पान और स्किन केयर में लापरवाही के कारण चेहरे की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगती है। महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बावजूद त्वचा से दाग-धब्बे और टैनिंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है! अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और रुखी त्वचा से परेशान हैं, तो घर पर ही एक बेहतरीन बेसन-दही फेस पैक  बना सकती हैं। यह न सिर्फ स्किन को डीप क्लीन करता है, बल्कि उसे ग्लोइंग और सॉफ्ट भी बनाता है। इस खास फेस पैक में जब हल्दी को शामिल किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। कैसे काम करता है यह फेस पैक? यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी त्वचा को निखारने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसमें शामिल सामग्रियों के फायदे।     बेसन: यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। यह स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी निकालता है, जिससे चेहरा साफ और फ्रेश नजर आता है।     दही: इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ उसे मॉइस्चराइज भी करता है। इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है।     हल्दी: यह एक बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह पिंपल्स और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है और स्किन की रेडनेस को भी कम करता है। फेस पैक बनाने का तरीका सामग्री:     2 चम्मच बेसन     1 चम्मच दही     1/2 चम्मच हल्दी     1 चम्मच गुलाब जल (ऑयली स्किन के लिए)     1 चम्मच शहद (ड्राई स्किन के लिए) कैसे बनाएं और लगाएं?     एक कटोरी में बेसन, दही और हल्दी को अच्छे से मिक्स करें।     अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो गुलाब जल मिलाएं। वहीं, अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो इसमें शहद मिलाकर अच्छे से मिला लें।     इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें।     हल्के हाथों से स्क्रब करते हुए गुनगुने पानी से धो लें।     इसके बाद चेहरे पर एक अच्छे मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें। क्या हैं फायदे?     दाग-धब्बे और पिंपल्स धीरे-धीरे हल्के होते हैं।     स्किन टोन निखरता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।     स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है।     टैनिंग दूर होती है और डेड स्किन हटती है।     यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और किसी तरह के केमिकल से फ्री है। कितनी बार लगाना चाहिए? अगर आपकी त्वचा ज्यादा डल और बेजान नजर आती है, तो हफ्ते में 2-3 बार इस फेस पैक का इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा और आपका चेहरा पहले से ज्यादा निखरा हुआ दिखाई देगा।

गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का करें सेवन

कई लोग मोटापे की समस्या से परेशान होते हैं तो कई लोग इस वजह से परेशान होते हैं कि उनका वजन नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि डाइट में कुछ ऐसी चीजें शामिल की जाएं जिससे वजन बढ़ सके। बता दें कि कई लोग बहुत ज्यादा खाते हैं लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ता है। वजन नहीं बढ़ने की वजह से भी ऐसे लोग परेशान रहते हैं। उनका कहना रहता है कि पर्याप्त summer diet for weight gain खाना खाने के बाद भी उनका वजन नहीं बढ़ता। ऐसे में आज हम आपको वजन बढ़ाने के लिए कुछ ऐसी चीजे बताने जा रहे हैं। जिन्हें डाइट में शामिल करने से आपा वजन बढ़ने लगता है। गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार में कुछ विशेष चीजें शामिल करनी होंगी। ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूरी  गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन सबसे योग्य है। इसके सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है।ड्राई फ्रूट्स जैसे कि किशमिश, बादाम, और अखरोट वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। ये फ्रूट्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। नट्स और सीड्स नट्स और सीड्स जैसे कि अलसी, चिया सीड्स, और पंपकिन सीड्स भी वजन को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। बता दें कि ये नट्स और सीड्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। इनके सेवन से वजन बढ़ने लगता है। दही और पनीर का सेवन दही और पनीर वजन बढ़ाने में काफी मददगार साबित होते हैं। ये दोनों चीजें प्रोटीन से भरपूर होती हैं जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। दही और पनीर का सेवन वेट गेन करने में काफी कारगर उपाय है। इसकी मदद से आपका वजन बढ़ सकता है। शहद, दूध और केला शहद वजन बढ़ाने में मदद करता है। शहद में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है जो वजन बढ़ाने में मददगार साबित होती है।  आप शहद को अपने आहार में शामिल करने के लिए इसे अपने दलिया या दही में मिला सकते हैं। इसके साथ ही आप केला और दूध का सेवन लगातार करके वजन बढ़ा सकते हैं।

सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाता है मे‍कअप

सोशल लाइफ हो या फिर सोशल मीडिया, खुद को ठीक ढंग से प्रेजेंट करने के लिए मेकअप का इस्तेमाल कई लोग करते हैं। आज कल लड़क‍ियों के साथ-साथ लड़के भी मेकअप कराने लगे हैं। मेकअप न केवल खूबसूरती को निखारने का काम करता है बल्कि यह आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। ये अब अपनी पहचान को संवारने का भी माध्यम बन चुका है। हालांक‍ि कई लोग मेकअप को केवल दिखावे से जोड़कर देखते हैं लेकिन वास्तव में मेकअप के कई फायदे होते हैं। यह न केवल अच्छा लुक देता है, बल्कि कई तरह से मानसिक और सामाजिक प्रभाव भी डालता है। आज हम आपको ये बताने जा रहे हैं क‍ि मेकअप क्‍यों जरूरी होता है। इसके क्या फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- मेकअप करने से लुक काफी अच्‍छा आ जाता है। जब आप अच्‍छी द‍िखती हैं तो हर कोई आपकी तारीफ करता है। ऐसे में खुद-ब-खुद आपमें सेल्फ कॉन्फिडेंस आ जाता है। खासकर जब किसी पार्टी, इंटरव्यू या खास मौके पर जाना हो तो मेकअप आत्मविश्वास को दोगुना कर सकता है। स्‍क‍िन को करता है प्रोटेक्‍ट आपको बता दें क‍ि मेकअप सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने का ही जर‍िया नहीं है। ये हमारी स्‍क‍िन की सुरक्षा भी करता है। फाउंडेशन और प्राइमर चेहरे को धूल, धूप और प्रदूषण से बचाने का काम करते हैं। सनस्क्रीन भी त्वचा को हानिकारक UV Rays से बचाते हैं। खामियों को छुपाता है मेक‍अप कई बार चेहरे पर पिंपल्स, दाग-धब्बे या डार्क सर्कल्स हुए रहते हैं। मेकअप करने से इन्‍हें छ‍िपाने में मदद म‍िलती है। एक क्लीन और फ्रेश लुक मेकअप से पाया जा सकता है। खुद को एक्सप्रेस करने का बेस्‍ट तरीका मेकअप एक आर्ट की तरह होता है। कोई हल्का और नेचुरल लुक पसंद करता है, तो कोई बोल्ड और ग्लैमरस लुक अपनाना चाहता है। अलग-अलग रंग और स्टाइल आजमाकर अपने लुक में नयापन लाया जा सकता है। मूड को करता है बेहतर मेकअप करने से आप अपने आपको खुशी दे सकती हैं। दरअसल ये मूड को भी बेहतर बनाने का काम करता है। जब आप अपने लुक से खुश होती हैं तो पूरे दिन एनर्जी और पॉजिटिविटी बनी रहती है। पड़ता है अच्छा इम्प्रेशन कई बार हमें ऑफ‍िस की मीट‍िंग्‍स अटेंड करने बाहर जाना होता है। ऐसे में आपका लुक एकदम परफेक्‍ट होना चाह‍िए। मेकअप ही वह जर‍िया है जो आपकी पर्सनालिटी को निखारने में मदद करता है और Positive Impression डालता है।

30 द‍िनों तक खाएं मखाने जबरदस्‍त होंगे फायदे

मखाने को फॉक्स नट्स और लोटस सीड्स के नाम से भी जाना जाता है। ये खाने में ज‍ितने स्‍वाद‍िष्‍ट होते हैं उतने ही पौष्टिक भी हैं। मखाने में विटामिन मिनरल्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। मखाने की तासीर ठंडी होती है इसील‍िए लाेग गर्मियों में इसे खाना पसंद करते हैं। लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई दि‍ल्‍ली। मार्च से ही गर्मी की शुरूआत हो चुकी है। इस बार मौसम व‍िभाग ने भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। इस मौसम में शरीर को ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में लोग जूस का सहारा लेते हैं। उन फलों को डाइट में शाम‍िल करते हैं जि‍नमें पानी की मात्रा अध‍िक हो। हालांक‍ि फलों के अलावा कुछ नट्स भी ऐसे होते हैं जो हमारे शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं। उन्‍हीं में से मखाना एक है। मखाना आपके शरीर को ठंडक प्रदान करने में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह खाने में बेहद हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होता है। ये गर्मियों में शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है। इसके अलावा ये तुरंत एनर्जी देने में भी मदद करता है। मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि स्किन और हार्ट के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इसे स्नैक के रूप में खाने से वजन नियंत्रित रहता है और शरीर में ठंडक बनी रहती है। आज हम आपको गर्मी में मखाना खाने के जबरदस्‍त फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- कैसी होती है मखाने की तासीर? मखाने की तासीर ठंडी होती है। यही कारण है क‍ि लोग गर्मियों में मखाने को प्राथम‍ि‍कता देते हैं। यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। इसकी ठंडी तासीर होने के कारण इसका सेवन कुछ स्थितियों में सावधानी पूर्वक करना चाहिए। हालांकि यह वजन घटाने में सहायक है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर करता है कंट्रोल जिनका ब्‍लड प्रेशर हाई रहता है वे रोजाना मखाने को खा सकते हैं। इसमें सोडियम कम और पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। ये दोनों चीजें ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है। अगर आपका बीपी हाई रहता है तो आप रोजाना मखाने का सेवन करें। शुगर रहता है नॉर्मल हाई ब्‍लड शुगर की समस्‍या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में मखाना जरूर शाम‍िल करना चाहि‍ए। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है। आप इसे स्‍नैक्‍स के रूप में ले सकते हैं। कब्ज से द‍िलाए राहत मखाने में भरपूर मात्रा में फाइबर पाए जाते हैं। जो पेट को गैस, अपच की समस्या से बचाने का काम करते हैं। ये पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में मददगार है। मोटापे में सहायक मखाने में एथेनोल नाम का तत्व पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कैलोरी की मात्रा भी बेहद कम होती है। मखाना खाने से मोटापे को कंट्रोल क‍िया जा सकता है। दिल की सेहत को सुधारे मखाना खाने से द‍िल की सेहत दुरुस्‍त रहती है। मखाने में एल्केलाइड जैसे तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट संबंधी खतरे से बचाने में मदद कर सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान     अगर पहले से एलर्जी है तो मखाना खाने से बचना चाह‍िए।     मखाने खाने के बाद आपको त्वचा में खुजली, चकत्ते या कोई एलर्जी हो रही तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।     अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है।  

सफलता कायम रखने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

एक सफल जीवन का सपना हर व्यक्ति देखता है। कुछ लोग अपने इस सपने को काफी हद तक पूरा भी कर लेते हैं। लेकिन सफलता के साथ लंबे समय तक दोस्ती कायम रखने का गुण बहुत कम लोग ही जानते हैं। सफलता पाने से ज्यादा सफलता को मेंटेन रखना बेहद कठिन काम है। जो लोग इस गुण को जान लेते हैं, वो लंबे समय तक इसका स्वाद चखते रहते हैं। अगर आप भी अपने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने का सीक्रेट जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये आसान सक्सेस टिप्स। निरंतरता है जरूरी- सफलता को कायम रखने के लिए सबसे पहले निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। अपने लक्ष्य से जुड़े महान और सेलेब्रिटीज के जीवन और करियर पर नजर दौड़ाते हुए उनसे अच्छी चीजें सीखनी होंगी। विनम्रता- जीवन में सफलता हासिल करने के बाद कभी भी अपने मन में अंहकार ना लाएं। हमेशा विनम्रता के साथ अपनी सफलता को कायम रखने के लिए मेहनत करते रहें। विनम्रता का गुण विषम परिस्थिति में भी आपकी सफलता की इमारत को कायम रखेगा। सफलता के लिए भूख जगाए रखें- सफल व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने के बाद एक जगह कभी नहीं रूकते हैं। उनके भीतर लगातार आगे बढ़ने की इच्छा और लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करने का गुण, एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल करने में मदद करता है। स्पष्ट सोच और विचार रखें- कई बार व्यक्ति का लक्ष्य स्पष्ट ना होने की वजह से भी उसे सफलता हासिल नहीं हो पाती है। सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने के लिए भी इस बात का स्पष्ट होना जरूरी है कि आप क्या करना चाहते हैं और आपने अपने अगले लक्ष्य के लिए क्या सोचा हुआ है। ऐसा करने से आप अपनी सफलता को लंबे समय तक बरकरार रखेंगे।

8 हजार से कम कीमत में मिलेगा Vivo Y19e

नई दिल्ली Vivo ने भारत में अपनी Y सीरीज में नया बजट 4G स्मार्टफोन Y19e लॉन्च कर दिया है। ये फोन पिछले साल के Y18e का सक्सेसर है। यह फोन SGS और मिलिट्री-ग्रेड शॉक रेसिस्टेंस सर्टिफिकेशन के साथ आता है। कंपनी ने फोन की ड्यूरेबिलिटी पर काफी काम किया है। कंपनी दावा करती है कि ये गिरने, ठोकर लगने में भी मजबूती प्रदान करता है। यानी ये ऐसे यूजर्स के लिए स्पेशल बनाया गया है जो थोड़ा मजबूत फोन सर्च करते हैं। फोन में IP64 रेटिंग दी गई है। Vivo Y19e के स्पेसिफिकेशन Vivo के फोन में 6.74-इंच HD+ LCD स्क्रीन मिलती है जो 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है। फोन में ऑक्टा-कोर UniSoC T7225 (12nm) प्रोसेसर मिलता है। GPU की बात करें तो इसमें 650MHz ARM Mali-G572 दिया गया है। ये फोन 4GB LPDDR4X रैम सपोर्ट के साथ आता है और इसमें 64GB स्टोरेज मिलती है। Android 14 पर आधारित Funtouch OS 14 सॉफ्टवेयर इसमें दिया जाता है। कैमरा का भी इसमें पूरा ध्यान रखा गया है। ये फोन 13MP (f/2.2) + 0.08MP (f/3.0) सेकेंडरी रियर कैमरा के साथ आता है। Vivo Y19e में 5MP (f/2.2) फ्रंट कैमरा मिलता है। बैटरी भी इसमें दमदार दी जाती है। फोन में 5500mAh बैटरी मिलती है जो 15W चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। डिजाइन पर भी कंपनी ने काफी काम किया है। इस फोन में मिलिट्री-ग्रेड मजबूती (MIL-STD-810H), डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंस (IP64) दी जाती है। इस फोन का वजन महज 199 ग्राम है। बजट स्मार्टफोन के लिहाज से ये फोन काफी हल्का है। कीमत और उपलब्धता vivo Y19e Titanium Silver और Majestic Green कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। इसकी कीमत 7,999 रुपए (4GB + 64GB वेरिएंट) रखी गई है। यह Amazon, Flipkart, vivo India e-store और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर आज से, 20 मार्च से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। लॉन्च ऑफर्स: Vivo Y19e खरीदने वाले ग्राहक Jio के ₹449 प्रीपेड प्लान का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें शामिल हैं: 84GB डेटा (3GB प्रतिदिन) अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग 100 SMS प्रतिदिन JioTV, JioCinema, और JioCloud का फ्री एक्सेस अतिरिक्त बेनेफिट्स (5000 रुपए तक): पहले 40 रिचार्ज पर 50 रुपए का कैशबैक EaseMyTrip वाउचर 1500 रुपए Ajio डिस्काउंट वाउचर 1000 रुपए Netmeds पर 20% की छूट (500 रुपए तक) vivo Y19e बजट सेगमेंट में एक शानदार विकल्प है, जिसमें दमदार बैटरी, टिकाऊ डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस मिलती है। अगर कोई कम कीमत में फोन खरीदने का प्लान बना रहे है तो इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकता है।

QR कोड स्कैन करना पड़ सकता है भारी, छोटी गलती से बड़े नुकसान का डर, इन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर क्रिमिनल आए दिन नए-नए तरीकों से यूजर्स को चूना लगा रहे हैं। QR कोड से होने वाले स्कैम भी इन्हीं में से हैं। इस स्कैम के खतरे को देखते हुए CERT-In (Ministry of Electronics & Information Technology) ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट से कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स को शेयर किया है। इन सेफ्टी टिप्स को फॉलो करके आप QR कोड के जरिए होने वाले फ्रॉड्स से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। CERT-In ने X अकाउंट से एक पोस्टर शेयर किया है, जिसमें QR कोड स्कैन करते वक्त ध्यान रखने वाली बातों का जिक्र किया गया है। शेयर किए पोस्टर में CERT-In ने कहा कि स्कैम फेक QR कोड का इस्तेमाल करके यूजर्स को मलीशियस वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर देते हैं या फेक ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं, ताकि उन्हें यूजरनेम, पासवर्ड के साथ सेंसिटिव इन्फर्मेशन का ऐक्सेस मिल जाए। इस स्कैम से बचने के लिए आप CERT-In की इन बातों का ध्यान रखें: 1- किसी भी QR कोड को स्कैन करते वक्त यह जरूर कन्फर्म कर लें कि वह कि भरोसेमंद सोर्स का है। 2- QR कोड स्कैन करते वक्त यह जरूर ध्यान रखें कि कहीं वह आपको किसी शॉर्ट URL पर तो रीडायरेक्ट नहीं कर रहा। 3- सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद QR कोड से सावधान रहें। अक्सर जालसाज सार्वजनिक स्थानों पर लगे पोस्टर में फेक QR को चिपका देते हैं, जो स्कैन किए जाने पर मलीशियस वेबसाइट पर रिडायरेक्ट कर देगा। साइबर फ्रॉड की शिकायत करने के लिए डायल करें 1930 साइबर फ्रॉड की शिकायत करने के लिए आप CERT-In की वेबसाइट- www.cybercrime.gov.in पर जा सकते है। आप चाहें तो 1930 पर कॉल करके भी अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। बताते चलें कि रेग्युलर अपडेट्स के लिए आप CERT-In को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं।

2 नए रियलमी स्‍मार्टफोन भारत में लॉन्‍च Realme P3 Ultra 5G और Realme P3 5G

नई दिल्ली Realme ने अपनी P3 सीरीज में नए नाम ऐड कर दिए हैं। Realme P3 Ultra 5G और Realme P3 5G स्मार्टफोन लॉन्च हो चुके हैं। कंपनी ने पहले ही इन डिवाइसेज को लेकर जानकारी दी थी, और अब इन्हें ऑफिशियली बाजार में उतार दिया गया है। दोनों स्मार्टफोन दमदार फीचर्स और कीमत के साथ आते हैं। Realme P3 Ultra 5G में 6.83-इंच का 1.5K 120Hz कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 1.6mm अल्ट्रा नैरो बेजल और 3840Hz PWM डिमिंग है। यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 8350 Ultra प्रोसेसर पर काम करता है और इसमें 12GB तक की रैम के साथ 14GB तक की वर्चुअल रैम एक्सपेंशन का ऑप्शन है। खास फीचर कौन से हैं ? कैमरा की बात करें तो फोन में डुअल रियर कैमरा मिलने वाला है जो50MP OIS मेन कैमरा + 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा होगा। वहीं, 6000mAh की बड़ी बैटरी मिलेगी जो 80W SuperVOOC चार्जिंग के साथ आती है। इसमें Android 15 आधारित Realme UI 6.0 (2 साल के Android अपडेट और 3 साल के सिक्योरिटी अपडेट) मिलने वाला है। इसके अलावा इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, IP66 + IP68 + IP69 रेटिंग मिलती है। फोन का “ग्लो-इन-द-डार्क” लूनर डिजाइन दिया गया है, जो कम रोशनी में ग्रीन ग्लो देता है। फोन में 2 कलर ऑपशन मिलने वाले हैं। Neptune Blue और Orion Red (वीगन लेदर फिनिश) के साथ आएगा। Realme P3 Pro की कीमत कितनी है ? 8GB + 128GB: 26,999 रुपए 8GB + 256GB: 27,999 रुपए 12GB + 256GB: 29,999 रुपए यह फोन Realme.com, Flipkart और ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध होगा, और इसकी प्री-बुकिंग आज दोपहर 2 बजे से शुरू हो चुकी है। Realme P3 5G: किफायती कीमत में दमदार फीचर्स Realme ने अपने किफायती सेगमेंट में भी Realme P3 5G लॉन्च किया है, जिसमें 6.67-इंच का FHD+ 120Hz AMOLED डिस्प्ले और Snapdragon 6 Gen 4 SoC प्रोसेसर दिया गया है। यह भारत का पहला स्मार्टफोन है जो इस प्रोसेसर पर काम करता है। कितनी मिलेगी बैटरी, कैमरा फीचर्स ? इस फोन में भी मेन कैमरा 50MP का मिलेगा। जबकि 2MP पोर्ट्रेट कैमरा मिल सकता है। इसमें 6000mAh बैटरी और 45W फास्ट चार्जिंग दी जाती है। Android 15 आधारित Realme UI 6.0 मिलने वाला है। इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, IP69 रेटिंग, 90fps BGMI सपोर्ट भी मिलने वाला है। डिजाइन की बात करें तो इस फोन में “Mecha Design” के साथ Space Silver, Comet Grey और Nebula Pink कलर मिलेगा। कितनी होगी कीमत ? 6GB + 128GB: 16,999 रुपए 8GB + 128GB: 17,999 रुपए 8GB + 256GB: 19,999 रुपए Realme P3 5G की सेल 26 मार्च से शुरू होगी, और 19 मार्च को 6PM से 10PM के बीच अर्ली बर्ड सेल आयोजित की जाएगी। लॉन्च ऑफर्स: 2000 रुपए का बैंक ऑफर पुराने Realme फोन को अपग्रेड करने पर 500 रुपए की छूट

OnePlus 12 सिर्फ 34 हजार OnePlus 12 सिर्फ 34 हजार

नई दिल्ली OnePlus स्मार्टफोन्स अक्सर ट्रेंड में रहते हैं। हाल ही में OnePlus 13 सीरीज ने दस्तक दी है। अगर आप भी नया स्मार्टफोन सर्च कर रहे हैं तो OnePlus 12 पर चल रहे डिस्काउंट ऑफर के बारे में बताने जा रहे हैं। इस फोन को आप काफी सस्ता खरीद सकते हैं। क्योंकि अभी इस पर डिस्काउंट भी चल रहा है तो यूजर्स को ये काफी पसंद आ रहा है। साथ ही इसे खूब ऑर्डर भी किया जा रहा है। आज हम अमेजन पर चल रही सेल के बारे में भी बताएंगे और फोन पर चल रहे एक्स्ट्रा ऑफर्स की भी जानकारी देंगे- OnePlus 12 (12GB RAM, 256GB Storage) को आप अमेजन से 56,999 रुपए में ऑर्डर कर सकते हैं। जबकि इसी फोन की MRP 64,999 रुपए है। इसमें आपको 12% का सीधा डिस्काउंट मिल रहा है। फोन पर आपको कई बैंक ऑफर्स भी मिल रहे हैं। No Cost EMI ऑप्शन भी दिया जा रहा है। साथ ही क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर सीधा 4 हजार रुपए तक की छूट मिल सकती है। अब हम आपको सबसे भारी डिस्काउंट के बारे में बताने जा रहे हैं। पुराना फोन अमेजन को वापस करने पर 22,800 रुपए का डिस्काउंट मिल सकता है। लेकिन इतना डिस्काउंट हासिल करने के लिए आपके पुराने फोन की कंडीशन ठीक होनी चाहिए और ये पुराने फोन के मॉडल पर भी डिपेंड करता है। अगर ये डिस्काउंट भी आपको मिल जाता है तो ये फोन महज 34,199 रुपए में मिल सकता है। ऐसे ये डील आपके लिए काफी अच्छी साबित हो सकती है। क्योंकि आपको डील के साथ काफी अच्छा डिस्काउंट मिल रहा है। स्पेसिफिकेशन अब बात करें अगर स्पेसिफिकेशन की तो OnePlus 12 में ट्रिपल रियर कैमरा दिया जाता है, जिसका प्राइमरी कैमरा 50MP का मिलता है। साथ ही सेकेंडरी कैमरा 64MP का दिया जाता है। तीसरा कैमरा 48MP का मिल रहा है। ऐसे में आपको कैमरे से तो ज्यादा शिकायत नहीं होने वाली है। इसमें बेहतर स्पीड के लिए Qualcomm Snapdragon 8 Gen 3 मोबाइल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है। फोन में Aqua Touch भी मिलता है। यानी आप गीले हाथों से भी इस फोन को यूज कर सकते हैं। ये फोन कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ आता है। इसे कैरी करना भी आसान हो जाता है। फोन में 5400 mAh बैटरी दी जाती है। साथ में 100W Supervooc चार्ज दिया जाता है। बैटरी बैकअप को लेकर मिला-जुल एक्सपीरियंस रहा है। लेकिन खास बात है कि फोन चार्ज होने में ज्यादा समय नहीं लेता है। OnePlus स्मार्टफोन्स अक्सर ट्रेंड में रहते हैं। हाल ही में OnePlus 13 सीरीज ने दस्तक दी है। अगर आप भी नया स्मार्टफोन सर्च कर रहे हैं तो OnePlus 12 पर चल रहे डिस्काउंट ऑफर के बारे में बताने जा रहे हैं। इस फोन को आप काफी सस्ता खरीद सकते हैं। क्योंकि अभी इस पर डिस्काउंट भी चल रहा है तो यूजर्स को ये काफी पसंद आ रहा है। साथ ही इसे खूब ऑर्डर भी किया जा रहा है। आज हम अमेजन पर चल रही सेल के बारे में भी बताएंगे और फोन पर चल रहे एक्स्ट्रा ऑफर्स की भी जानकारी देंगे- OnePlus 12 (12GB RAM, 256GB Storage) को आप अमेजन से 56,999 रुपए में ऑर्डर कर सकते हैं। जबकि इसी फोन की MRP 64,999 रुपए है। इसमें आपको 12% का सीधा डिस्काउंट मिल रहा है। फोन पर आपको कई बैंक ऑफर्स भी मिल रहे हैं। No Cost EMI ऑप्शन भी दिया जा रहा है। साथ ही क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर सीधा 4 हजार रुपए तक की छूट मिल सकती है। अब हम आपको सबसे भारी डिस्काउंट के बारे में बताने जा रहे हैं। पुराना फोन अमेजन को वापस करने पर 22,800 रुपए का डिस्काउंट मिल सकता है। लेकिन इतना डिस्काउंट हासिल करने के लिए आपके पुराने फोन की कंडीशन ठीक होनी चाहिए और ये पुराने फोन के मॉडल पर भी डिपेंड करता है। अगर ये डिस्काउंट भी आपको मिल जाता है तो ये फोन महज 34,199 रुपए में मिल सकता है। ऐसे ये डील आपके लिए काफी अच्छी साबित हो सकती है। क्योंकि आपको डील के साथ काफी अच्छा डिस्काउंट मिल रहा है। स्पेसिफिकेशन अब बात करें अगर स्पेसिफिकेशन की तो OnePlus 12 में ट्रिपल रियर कैमरा दिया जाता है, जिसका प्राइमरी कैमरा 50MP का मिलता है। साथ ही सेकेंडरी कैमरा 64MP का दिया जाता है। तीसरा कैमरा 48MP का मिल रहा है। ऐसे में आपको कैमरे से तो ज्यादा शिकायत नहीं होने वाली है। इसमें बेहतर स्पीड के लिए Qualcomm Snapdragon 8 Gen 3 मोबाइल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है। फोन में Aqua Touch भी मिलता है। यानी आप गीले हाथों से भी इस फोन को यूज कर सकते हैं। ये फोन कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ आता है। इसे कैरी करना भी आसान हो जाता है। फोन में 5400 mAh बैटरी दी जाती है। साथ में 100W Supervooc चार्ज दिया जाता है। बैटरी बैकअप को लेकर मिला-जुल एक्सपीरियंस रहा है। लेकिन खास बात है कि फोन चार्ज होने में ज्यादा समय नहीं लेता है।

रियलमी ने लॉन्‍च किया realme Buds Air7

नई दिल्ली रियलमी ने बुधवार को भारत में अपने नए ईयरबड्स realme Buds Air7 को लॉन्‍च किया। कंपनी realme Buds T200 Lite नाम से किफायती ईयरबड्स भी लाई है। Buds Air7 को लेकर दावा है कि सिंगल चार्ज में यह 52 घंटों तक साथ निभा सकते हैं। स्‍मार्ट ए‍क्टिव नॉसइ कैंसिलेशन की सुविधा इनमें दी गई है। 12.4mm के ड्राइवर लगाए गए हैं, जिनमें अच्‍छा बास यानी साउंड में धनक जनरेट होती है। तीन कलर्स में आने वाले नए रियलमी ईयरबड्स की सेल 24 मार्च से शुरू होगी। इन्‍हें 3 हजार रुपये से कम कीमत में लिया जा सकता है। realme Buds Air7 की कीमत realme Buds Air7 के दाम वैसे तो 3,299 रुपये हैं, लेकिन 500 रुपये के बैंक डिस्‍काउंट से कीमत 2,799 रुपये पर सिमट जाती है। इन्‍हें आइवरी गोल्‍ड, लैवेंडर पर्पल, मोस ग्रीन कलर्स में लाया गया है। realme Buds T200 Lite के दाम 1399 रुपये हैं। उनमें भी 200 रुपये का बैंक डिस्‍काउंट दिया जा रहा है, जिससे कीमत और कम हो जाती है। ईयरबड्स की सेल 24 मार्च को दोपहर 12 बजे से रियलमी की ऑफ‍िशियल वेबसाइट, फ्लिपकार्ट और लोकल स्‍टोर्स पर होगी। realme Buds Air7 के प्रमुख फीचर्स realme Buds Air7 मुख्‍य रूप से डिजाइन और साउंड पर मेहतन करके बनाई गई डिवाइस लगती है। इसके बनाने में क्र‍िस्‍टल अलॉय का इस्‍तेमाल हुआ है। बड्स में 12.4mm के डायनेमिक बास ड्राइवर लगाए गए हैं। उनमें टाइटेनियम की कोटिंग वाला डायाफ्राम है, जिससे कानों को ज्‍यादा नुकसान ना पहुंचाते हुए अच्‍छा साउंड जनरेट कर सकता है। यह कई तरह के ऑडियो जैसे- हाई-रेस, स्‍पेशल ऑडियो को सपोर्ट करता है। इनमें नॉइस कैंसिलेशन की सुविधा दी गई है। स्‍मार्ट नॉइस कैंसिलेशन से बाहर के शोर को 52डेसिबल तक कम किया जा सकता है। बैटरी लाइफ को लेकर दावा है कि realme Buds Air7 सिंगल चार्ज में 30 घंटों तक साथ निभा सकते हैं, अगर उन्‍हें एएनसी में इस्‍तेमाल किया जाए। इस दौरान साढ़े सात घंटो की बैटरी बड्स में मिलेगी और 30 घंटों की केस में। बिना एएनसी के ये बड्स कुल 52 घंटे तक चलने का दम रखते हैं। 10 मिनट चार्ज करके चलेंगे 10 घंटे! कंपनी यह भी क्‍लेम कर रही है कि बड्स को 10 मिनट चार्ज करके 10 घंटे इस्‍तेमाल किया जा सकता है। ये गूगल फास्‍ट पेयर को भी सपोर्ट करते हैं। स्‍मार्ट टच कंट्रोल इनमें दिए गए हैं। रियलमी लिंक ऐप का सपोर्ट भी मिलता है। इन्‍हें आईपी55 रेट किया गया है। इसका मतलब है कि यह पानी, धूल और पसीने से होने वाले नुकसान से बचे रह सकते हैं।

जिसमे दिख रहें ये 6 तरह के लक्षण उनसे रहे हमेश दूर

लाइफ में हर किसी को उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। अगर आपने कभी किसी इंसान से धोखा खाया है तो फ्यूचर में जरूर आप हर इंसान की पर्सनैलिटी को परखते होंगे। अगर किसी व्यक्ति की पर्सनैलिटी में ये 7 तरह के व्यवहार दिख रहे हैं तो फौरन संभल जाएं। इस तरह का व्यवहार करने वाले लोग खतरनाक प्रवृत्ति के होते हैं और साइकोलॉजी कहती है कि ऐसे इंसानों पर कम भरोसा करना चाहिए। अपने प्लान को सीक्रेट रखने वाले ऐसे इंसान जो अपने प्लान के बारे में किसी को भी नहीं बताते। हमेशा अपने मूव्स और प्लान को सीक्रेट रखते हैं तो इसका मतलब है कि ये दूसरों पर भरोसा नहीं करते। ऐसे इंसान की खुद की प्रवृत्ति दूसरों को धोखा देने वाली होती है। इसलिए दूसरों पर भी भरोसा नहीं करते। अपने इमोशन को कंट्रोल करते हैं ऐसे इंसान जो अपने इमोशन को पूरी तरह से कंट्रोल में करके रखते हैं और सबसे करीबी इंसान को भी इमोशन जाहिर नहीं करते। ऐसे लोगों की पर्सनैलिटी काफी डेंजरस मानी जाती है। ऐसे लोगों पर भरोसा कम करना चाहिए। ये हमेशा खुद के फायदे के बारे में ही सोचते हैं। स्ट्रांग आई कान्टेक्ट ऐसे इंसान सामने वाले से स्ट्रांग आई कान्टेक्ट बनाते हैं और जब तक वो नजरें ना झुका ले खुद का आई कान्टेक्ट नहीं हटाते। ऐसे लोग काफी ज्यादा डेंजरस माने जाते हैं। इनसे दूरी ही अच्छी होती है। अनप्रिडिक्टिबल होते हैं ऐसे लोग ऐसे इंसान जिनके व्यवहार या फिर किसी काम के बारे में ना पता हो। कब क्या करेंगे, क्या बोलेंगे? ऐसे इंसान डेंजरस होते हैं और इन पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। अटेंशनसीकर होते हैं ऐसे इंसान लोगों का अटेंशन मांगते नहीं है बल्कि कुछ ऐसा करते हैं कि खुदबखुद लोग उन्हें देखें। उनके काम को पूछें और तारीफ करें। ऐसे लोगों पर भरोसा कम किया जा सकता है। बहुत कम बोलते हैं व्यवहार से डेंजरस इंसान बहुत कम बोलते हैं लेकिन अपने आसपास की चीजों को पूरी तरह से ऑब्जर्व करते हैं और खुद को पावरफुल दिखाते हैं।

4 नए AI लैपटॉप्स HP ने लॉन्च किए, मिलेंगे दमदार फीचर्स, इतनी है कीमत

नईदिल्ली HP ने अपने नए AI PCs की रेंज को भारत में लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने EliteBook Ultra, EliteBook Flip, EliteBook X और दूसरे AI PCs को लॉन्च किया है. ये लैपटॉप्स AMD Ryzen और Intel Core Ultra प्रोसेसर के साथ आते हैं. इनमें HP की एक्सक्लूसिव न्यूरल प्रॉसेसिंग यूनिट (NPU) मिलता है. पर्सनलाइज्ड यूजर एक्सपीरियंस के लिए इन लैपटॉप्स में HP AI Companion और Poly Camera Pro जैसे फीचर्स मिलते हैं. इन सभी में Microsoft Copilot के लिए अलग से बटन मिलती है. आइए जानते हैं इनकी कीमत और दूसरी डिटेल्स. कितनी है कीमत? HP EliteBook X G1a 14-inch की कीमत 2,21,723 रुपये है. ये लैपटॉप ग्लेशियर सिल्वर कलर में आता है. वहीं EliteBook X G1i 14-inch की कीमत 2,23,456 रुपये है, जो एटमॉस्फियर ब्लू और ग्लेशियर सिल्वर कलर में आता है. वहीं EliteBook X Flip G1i 14-inch की कीमत 2,58,989 रुपये है. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? HP EliteBook Ultra G1i कंपनी का टॉप ऑफ दि लाइन AI बिजनेस नोटबुक है. इसमें आपको 120Hz रिफ्रेश रेट वाली 3K OLED स्क्रीन मिलती है. लैपटॉप में हैप्टिक ट्रैकपैड दिया गया है, जो यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर करेगा. इसमें Intel Core Ultra 5 और 7 (सीरीज 2) प्रोसेसर का विकल्प मिलता है. बेहतरी वीडियो कॉल्स के लिए इसमें 9MP का कैमरा दिया गया है, जो डुअल मैक्रोफोन और AI पावर्ड Poly Camera Pro फीचर के साथ आता है. EliteBook X G1i 14-inch और EliteBook X Flip G1i 14-inch में भी आपको Intel Core Ultra 5 और 7 प्रोसेसर दिया गया है. लैपटॉप में पावर बटन के साथ फिंगरप्रिंट सेंसर को जोड़ा गया है. इसके अलावा कंपनी ने HP Endpoint सिक्योरिटी कंट्रोलर दिया गया है, जो साइबरथ्रेट्स से सुरक्षित रखेगा. इस सीरीज में सबसे सस्ता डिवाइस EliteBook X G1a 14-inch है. इसमें कंपनी ने AMD Ryzen 7 Pro और 9 Pro प्रोसेसर दिया गया है.  

इस प्रोसेस का इस्तेमाल कर आप आसानी से शादी के बाद करे सकते है आधार कार्ड अपडेट

नई दिल्ली आधार कार्ड हर भारतीय नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है। इसकी मदद से आपके बहुत सारे काम होते हैं, इसका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए भी किया जाता है। इसे अपडेट करना भी समय के साथ बहुत जरूरी होता है। आज हम आपको शादी के बाद आधार कार्ड अपडेट करने के प्रोसेस के बारे में बताने जा रहे हैं। इस प्रोसेस का इस्तेमाल कर आप आसानी से आधार को अपडेट कर सकते हैं। तो चलिये शुरू करते है। शादी के बाद नाम बदलने के लिए आपको नजदीकी आधार सेंटर पर जाना होगा। आधार नामांकन फॉर्म भरें, जिसमें आपका 12-अंकों का आधार नंबर, नया पूरा नाम और विवाह प्रमाणपत्र की कॉपी अटैच करनी होगी। अगर मैरिज सर्टिफिकेट में आपके पति/पत्नी का नाम दर्ज है, तो आप ‘आधार कार्ड लिंकिंग फॉर्म’ के जरिए अपने आधार को उनके आधार से लिंक कर सकते हैं। नाम बदलने के लिए 50 रुपए फीस देनी होगी। ऑनलाइन कैसे कर सकते हैं अपडेट ? UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। “My Aadhaar” सेक्शन में “Update Demographics Data” के ऑप्शन पर क्लिक करें। अपना 12-अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड एंटर करें। अपडेट करने के लिए “Name” ऑप्शन चुनें। इसके बाद आपको नया नाम दर्ज करना होगा। मैरिज सर्टिफिकेट और पति के आधार की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। आधार अपडेट करने के लिए आपको 50 रुपए फीस देनी होगी। एक बार अपडेट होने के बाद सभी डिटेल नजर आने लगेगी। किन डॉक्यूमेंट्स की होती है जरूरत ? सरकारी आधिकारी की तरफ से जारी किया गया मैरिज सर्टिफिकेट देना होगा। पति का आधार कार्ड जरूरी है। मौजूदा एड्रेस का आधार कार्ड चाहिए होगा या अपडेटेड डॉक्यूमेट चाहिए होगा। आधार अपडेट करने के लिए 50 रुपए की फीस लगेगी। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए फिंगरप्रंट स्कैन करना होगा। एप्लीकेशन सब्मिट करने के बाद एक स्लिप मिलेगी, जिसकी मदद से सभी चीजें अपडेट कर सकते हैं। विवाह के बाद आधार कार्ड में एड्रेस कैसे बदलें? अगर शादी के बाद आपका नया पता है, तो उसे अपडेट करने केलिए आधार करेक्शन फॉर्म में नया एड्रेस मेंशन करें। सपोर्टेड डॉक्यूमेंट्स को ऐड करना होगा। इसके लिए आप बिजली का बिल भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक बार एप्लीकेशन सब्मिट होने के बाद आपको URN मिलेगा, और 90 दिनों के भीतर आपका पता अपडेट हो जाएगा। आपके पास मैरिज सर्टिफिकेट होना चाहिए। साथ ही पति का आधार कार्ड भी चाहिए होगा।

पहली नौकरी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आपने परीक्षा, इंटरव्यू आदि तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपनी पसंद की नौकरी हासिल कर ली। यह मौका संतुष्ट होकर बैठ जाने का नहीं है, बल्कि आपसे यह अपेक्षा है कि आप पहले ही दिन अपने बॉस व साथियों से अपना लोहा मनवा लें और फिर लगातार स्वयं में सुधार लाते जाएं। अपनी पहली नौकरी में अच्छा काम कर दिखाना सफल करियर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। आपको खूब मेहनत करनी होगी। पढ़ाई के दिनों की आदतें छोड़नी होंगीं। यह समझना होगा कि अब आप स्टूडेंट नहीं, प्रोफेशनल हैं। जानिए कि अपनी पहली नौकरी में आपको किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। टाइम मैनेजमेंट इस बात का खास ध्यान रखें कि आप तय समय से कुछ पहले ऑफिस पहुंच जाएं। कॉलेज में पहला पीरियड निकल जाने के बाद पहुंचना चल जाता था लेकिन ऑफिस में यह रवैया नहीं चल सकता। स्कूल-कॉलेज में साल के अंत में आपको परीक्षा देनी होती थी मगर यहां आपको रोज-रोज परीक्षा देनी है और उसमें पास भी होना है। तय समय से पहले ऑफिस न छोड़ें। जो भी काम आपको सौंपा गया है, उसे समय-सीमा के अंदर पूरा कर दें। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। ऑफिस का माहौल जानें हर ऑफिस का अपना खास माहौल, अपनी खास संस्कृति होती है। पहले दिन से ही इसका अध्ययन कर इसे समझने की कोशिश करें। यह देखें कि क्या कर्मचारी कैजुअल कपड़े पहनकर आते हैं या फिर फॉर्मल। यह भी कि वे ईमेल के जरिये संवाद करते हैं या रूबरू मिलकर। कुछ काम बच जाए, तो उसे घर से करने का चलन है या नहीं…। जानें आपसे क्या चाहा गया है आपको स्वयं पहल करके अपने बॉस के साथ बातचीत करनी होगी। उनसे जानें कि आपकी जिम्मेदारियां ठीक-ठीक क्या हैं। यह भी कि कंपनी के लक्ष्यों को पाने की प्रक्रिया में आप कहां ठहरते हैं। अच्छे दिखें फर्स्ट इंप्रेशन का अहम पहलू यह है कि आप दिखते कैसे हैं। स्मार्ट और प्रोफेशनल तरीके से कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। आपके कपड़े आरामदायक होने चाहिए, जिनमें आप पूरा दिन काम करते हुए बिता सकें। सुनें, देखें आपको लग सकता है कि आप बहुत कुछ जानते हैं और आपके आइडिया के दम पर कंपनी का बहुत फायदा हो सकता है लेकिन यह मत भूलिए कि कंपनी में अन्य लोग आपसे बहुत पहले से काम करते आ रहे हैं। उनके पास अनुभव है। इसलिए बिन मांगे अपने सुझाव न दें, खास तौर पर डींगें हांकने वाले अंदाज में तो कतई नहीं। शुरूआत में बेहतर यही होगा कि आप दूसरों की सुनें, उनके काम को देखें। जब पूछा जाए, तो ही अपनी राय दें और वह भी विनम्रता से। यदि कोई बात समझ में न आ रही हो, तो सवाल पूछने में झिझकें नहीं। कंपनी जानती है कि आप फ्रेशर हैं। कोई यह उम्मीद नहीं कर रहा कि आपको सब कुछ आता है। सो आपका सवाल पूछना सामान्य ही माना जाएगा। इससे यह समझा जाएगा कि आपमें काम सीखने की लगन है। तमीज का रहे ध्यान भले ही ऑफिस का माहौल अनौपचारिक हो लेकिन किसी साथी की सैलरी के बारे में पूछना अच्छा नहीं माना जाएगा। इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप क्या बोलते हैं और किससे बोलते हैं। किसी साथी से अनबन की स्थिति आ जाए, तो भी दूसरों से सामने उसकी बुराई कतई न करें। राजनीति से दूर रहें लगभग हर दफ्तर में ऑफिस पॉलिटिक्स होती ही है। नए रंगरूट के तौर पर आप इससे जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। आप नहीं जानते कि कौन किस खेमे में है। आपको नहीं पता कि किसको कही गई बात किस तक पहुंच सकती है। कोई बॉस की बुराई करके आपको भी ऐसा करने के लिए उकसा सकता है। ऐसे में सबकी सुन लें लेकिन किसी के बहकावे में न आएं। अपने काम से काम रखें। अपना आकलन करें पहला महीना खत्म होने पर अपने इमिडिएट बॉस से पूछें कि आपका काम उन्हें कैसा लग रहा है और आपको स्वयं में क्या बदलाव लाने की जरूरत है। स्वयं में सुधार लाने की प्रक्रिया कभी बंद न होने दें।  

अगले महीने लॉन्च होगा Samsung Galaxy S25 Edge

नई दिल्ली Samsung Galaxy S25 Edge अगले महीने लॉन्च होने वाला है, और इसके लॉन्च से पहले बहुत सारी खबरें सामने आ रही हैं। एक रिपोर्ट में फोन के कलर ऑप्शन, स्टोरेज वेरिएंट्स और कीमतों की जानकारी सामने आई है। आज हम इसी रिपोर्ट की चर्चा करेंगे। एंड्रॉयड हेडलाइनन्स ने इसको लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इसमें यूरोपीय बाजार की जानकारी दी गई है। लेकिन इसके अलावा ये फोन अन्य वैरिएंट्स में भी लाया जा सकता है। Galaxy S25 Edge के कलर ऑप्शंस Samsung का यह नया सुपर-स्लिम स्मार्टफोन तीन रंगों में लाया जा सकता है। इसमें Titanium Icyblue, Titanium Silver और Titanium Jetblack का नाम शामिल किया गया है। Samsung अपने इस फोन के कलर ऑप्शंस के लिए ‘Titanium’ ब्रांडिंग को बरकरार रख रहा है, जैसा कि उसने Galaxy S25 Ultra के साथ किया था। हाल ही में एक अफवाह थी कि यह फोन एल्यूमीनियम और सेरामिक बॉडी के साथ आएगा। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि इसमें टाइटेनियम का कितना इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इन रंगों के नाम से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसकी बॉडी में टाइटेनियम हो सकती है, जैसे कि Galaxy S25 Ultra में देखा गया था। स्टोरेज वेरिएंट्स और स्पेसिफिकेशंस Galaxy S25 Edge 12GB रैम के साथ आएगा और इसमें दो स्टोरेज ऑप्शंस होंगे। पहला वेरिएंट 256GB स्टोरेज वाला होगा जबकि दूसरा 512GB स्टोरेज वेरिएंट होने वाला है। संभावना है कि इसमें LPDDR5X रैम और UFS 4.0 फ्लैश स्टोरेज का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि अभी तक कंपनी की तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। Galaxy S25 Edge की कीमत कितनी हो सकती ? कीमत की बात करें तो Samsung Galaxy S25 Edge के 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,200 से 1,300 यूरो (लगभग 1,07,000-1,16,000 रुपए) के बीच होगी। वहीं, 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,300 से 1,400 यूरो (लगभग 1,16,000-1,25,000 रुपए) के बीच होगी। कीमत यूरोप के अलग-अलग देशों में अलग-अलग हो सकती हैं। लेकिन औसत यही रेंज होने वाली है। Galaxy S25 Edge की कंडीशन Samsung के Galaxy S25+ की तुलना में Galaxy S25 Edge थोड़ा महंगा हो सकता है। लेकिन यह Galaxy S25 Ultra से सस्ता रहेगा। कीमत के मामले में इसे S25+ और S25 Ultra के बीच रखा गया है। Samsung Galaxy S25 Edge के अप्रैल 2025 में लॉन्च होने की संभावना है, यानी अगले महीने यह स्मार्टफोन ऑफिशियली पेश किया जाएगा। कंपनी की तरफ से फोन की ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है। एक बार इसकी जानकारी सामने आने के बाद सभी चीजें क्लियर हो जाएंगी।

अमेरिका में Pornhub को ब्लॉक करने की मांग

अमेरिका और कनाडा के बीच टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच एक नई टेंशन देखने को मिल रही है। दोनों देश अभी ट्रेड वॉर में फंस चुके हैं। अमेरिका के एक्शन का जवाब भी कनाडा के कुछ नागरिक देना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने कनाडा से भी इस पर एक्शन लेने के लिए कहा है। इसमें कहा गया है कि कनाडा को भी अमेरिका के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए और Pornhub साइट का एक्सेस बंद कर देना चाहिए। पोर्नहब एक पॉपुलर एडल्ट साइट है। अब कनाडा के लोग इसको लेकर सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर अमेरिका उनके खिलाफ फैसले ले सकता है तो उनके देश को भी अमेरिका पर सख्ती बरतनी चाहिए। Pornhub का स्वामित्व Aylo के पास है और अभी ये साइट अमेरिका में भी काफी पॉपुलर है। टोरंटो के रहने वाले Matthew Puzhitsky ने इसको लेकर इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट की है। मैथ्यू ने अपनी पोस्ट में वीडियो शेयर किया है। इसमें वह फनी अंदाज में अपनी बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। इसमें कहा जाता है कि वह Tim Hortons के स्टोर्स को अमेरिका में बंद कर सकते हैं। इसमें वह कहते हैं कि अगर Tim Hortons के स्टोर्स को अमेरिका में बंद किया जाता है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। इसके अलावा दूसरी तरफ पोर्नहब को अगर अमेरिका में बंद कर दिया जाता है तो अमेरिकन को इससे सीधा फर्क पड़ेगा। इसी के साथ वह कनाडा सरकार से तुरंत एक्शन लेने के लिए कहते हैं। अमेरिका में कितने लोग देखते हैं Pornhub ? अगर हम अमेरिका की बात करें तो यहां साइट को काफी लोग देखते हैं। साइट पर उपलब्ध डेटा पर नजर मारें तो पता चलता है कि करीब 40 प्रतिशत ट्रैफिक अमेरिका से आता है। ऐसे में बॉर्डर पर चल रही टेंशन को देखते हुए ये एक्शन काफी प्रभावशाली साबित हो सकता है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपने भाषण में अमेरिका पर सीधा निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कनाडा के वर्कर पर ये सीधे तौर पर असर डाल रहा है। साइट को बैन करने वाली एक ऑनलाइन पेटीशन शुरू कर दी गई है। इसमें कई लोग अपना जवाब भी दे चुके हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के 16 राज्यों में पोर्नहब का एक्सेस बंद कर दिया गया है। ये कार्रवाई उम्र की सीमा का पालन नहीं करने पर की गई है। कंपनी का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर इससे कंप्रोमाइज नहीं करना चाहती है।

गर्मियों में पिंपल्स और दाग-धब्बों से छुटकारा चाहिए तो लगाए चंदन का फेस पैक

 खूबसूरत, बेदाग और मुलायम त्वचा पाने की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन पिंपल्स, दाग-धब्बे और रूखापन हमारी स्किन की नैचुरल चमक को कम कर सकते हैं। अगर आप भी ऐसे ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है! प्राकृतिक चीजों में चंदन एक ऐसा उपाय है जो आपकी स्किन को बेबी सॉफ्ट बना सकता है। चंदन का इस्तेमाल प्राचीन समय से ही स्किन केयर में किया जाता रहा है। यह एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और स्किन सूदिंग प्रॉपर्टीज से भरपूर होता है, जो पिंपल्स, झाइयों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि चंदन को सही तरीके से इस्तेमाल कर कैसे पाएं दमकती और कोमल त्वचा। पिंपल्स हटाने के लिए चंदन फेस पैक कैसे बनाएं?     1 चम्मच चंदन पाउडर लें।     उसमें गुलाब जल मिलाएं और गाढ़ा पेस्ट बना लें।     इस पेस्ट को पिंपल्स पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें। फायदे     यह पैक स्किन में बैक्टीरिया को खत्म कर पिंपल्स को सुखाने में मदद करता है।     त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और सूजन कम करता है। दाग-धब्बे और झाइयों के लिए चंदन पैक कैसे बनाएं?     1 चम्मच चंदन पाउडर में आधा चम्मच हल्दी और दूध मिलाएं।     इसे चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक सूखने दें और फिर धो लें। फायदे     चंदन और हल्दी स्किन को ग्लोइंग बनाते हैं और दाग-धब्बों को हल्का करते हैं।     दूध त्वचा को मॉइश्चराइज कर उसे बेबी सॉफ्ट बनाता है। ऑयली स्किन के लिए चंदन फेस मास्क कैसे बनाएं?     1 चम्मच चंदन पाउडर में मुल्तानी मिट्टी और नींबू का रस मिलाएं।     इसे पूरे चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। फायदे     यह मास्क एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करता है और स्किन को मैट-फिनिश देता है।     नींबू त्वचा के पोर्स को टाइट करता है और मुंहासों से छुटकारा दिलाता है। ड्राई स्किन के लिए चंदन और शहद पैक कैसे बनाएं?     1 चम्मच चंदन पाउडर में 1 चम्मच शहद मिलाएं।     इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। फायदे     यह पैक त्वचा को डीप मॉइश्चर देता है और रूखेपन को दूर करता है।     शहद और चंदन स्किन को स्मूद और सॉफ्ट बनाते हैं। ग्लोइंग स्किन के लिए चंदन और एलोवेरा जेल कैसे बनाएं?     1 चम्मच चंदन पाउडर में 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं।     इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। फायदे     यह स्किन को रिफ्रेश करता है और नेचुरल ग्लो देता है।     एलोवेरा त्वचा की जलन को शांत करता है और चंदन ठंडक पहुंचाता है। अगर आप पिंपल्स, दाग-धब्बे और रूखी त्वचा से परेशान हैं तो चंदन का इस्तेमाल आपकी स्किन को बेबी सॉफ्ट बना सकता है। इसे हफ्ते में 2-3 बार आजमाकर आप कुछ ही दिनों में फर्क देख सकते हैं।

तेजी से फैट बर्न करता है जम्पिंग स्क्वॉट्स

आजकल तेजी से लोगों का वजन बढ़ता जा रहा है। इसका एक ही कारण है ब‍िगड़ती द‍िनचर्या। देर रात जगना, घंटों बैठकर काम करना, ऑयली फूड्स को खाने से ये समस्‍या आम हो गई है। इससे लोग कई तरह की बीमार‍ियों से घ‍िरते जा रहे हैं। अगर आप वेट लॉस या मसल्‍स गेन करना चाहते हैं तो एक ही एक्सरसाइज आपके काम की हो सकती है। आपको बता दें क‍ि जम्पिंग स्क्वॉट्स इन दोनों ही जरूरतों को पूरा करता है। यह एक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट है, जो आप आसानी से अपने फ‍िटनेस रूटीन में शामिल कर सकते हैं। दरअसल शारीरिक ताकत और स्टैमिना बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज का सही चुनाव बहुत जरूरी है। जंप स्क्वाट एक बेहतरीन व्यायाम है, जो न केवल आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है बल्कि सहनशक्ति यानी क‍ि Stamina भी बढ़ाता है। इस एक्सरसाइज से पैर को मजबूती म‍िलती है। इसके साथ ही ग्लूट्स, कोर और द‍िल के लि‍ए भी ये फायदेमंद है। आज हम आपको अपने इस लेख में जंप स्क्वॉट्स के कुछ अलग-अलग तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके फिट रहने के सपने को पूरा कर सकती है। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- बेसिक जंप स्क्वॉट आपकाे बता दें क‍ि यह जंप स्क्वाट का सबसे आसान और सामान्‍य तरीका है। इसे करने के ल‍िए सीधे खड़े होकर पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना खोल लें। अब घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की ओर बैठ जाएं जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हों। अब पूरे बल के साथ ऊपर कूदें और फिर धीरे-धीरे वापस स्क्वॉट पोजीशन में आ जाएं। ये प्रक्र‍िया कम से कम 15 से 20 बार दोहराएं। बॉक्स जंप स्क्वॉट अगर आप अपनी ताकत और स्टैमिना दोनों को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको बॉक्स जंप स्क्वॉट जरूर ट्राई करना चाह‍िए। इसे करना बेहद ही आसान है। आप अपने सामने एक बॉक्स या किसी ऊंचे प्लेटफॉर्म को रख लें। अब स्क्वॉट पोजीशन से जोर लगाकर बॉक्स पर कूदें और फिर वापस नीचे आ जाएं। ये कम से कम 10 बार जरूर करें। बर्पी जंप स्क्वॉट बर्पी जंप स्‍क्वॉट एक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए शानदार ऑप्‍शन हो सकता है। इसे करने के ल‍िए सबसे पहले प्लैंक पोजीशन में आ जाएं। अब स्क्वॉट करें और जोर लगाकर जंप करें। इस प्रक्र‍िया काे कम से कम 10 बार दोहराएं। आपको बता दें क‍ि जंप स्क्वॉट न सिर्फ मसल्‍स को मजबूती प्रदान करता है बल्कि स्टैमिना भी बढ़ाता है। रोजाना इस एक्सरसाइज को करने से शरीर टोन होता है और फिटनेस लेवल सुधरता है।

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बच्चों को खिलाएं तिल से बनी चीजें

नई दिल्ली हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन कई लोगों को दूध पीना बिल्कुल भी पसंद नहीं आता। अक्सर देखा जाता है कि माता पिता यह शिकायत करते हैं कि उनके बच्चे दूध नहीं पीते। रात को वह उन्हें दूध देते हैं तो वह उसे नहीं पीते। सुबह तक दूध ग्लास में ऐसे ही रखा रहता है। दूध पीने की सलाह भी इसलिए दी जाती है कि ताकि बच्चों की हड्डियां मजबूत बनी रहें। अगर कुछ लोग जो दूध पीना पसंद नहीं करते तो उनके लिए तिल एक बेहतर ऑप्शन है। यह कैल्शियम से भरपूर होता है। तिल एक प्राकृतिक औषधि है जो हड्डियों को मजबूत रखने में काफी मददगार साबित होता है। आज हम आपको तिल का सेवन करने के फायदों के बारे में बता रहे हैं। कैल्शियम का अच्छा स्रोत तिल में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और हड्डियों को कमजोर होने से रोकता है। अगर आप रोजाना तिल का सेवन करना शुरू कर दें तो आपकी हड्डियां काफी मजबूत हो जाएंगी। विटामिन डी का अच्छा स्रोत तिल में विटामिन डी की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए काफ। विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है। तिल का सेवन आप कई प्रकार से कर सकते हैं। इसे आप भूनकर भी खा सकते हैं। यह आपकी सेहत के लिए काफी लाभकारी है। तिल में है एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण तिल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हड्डियों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आप तिल को रोज रात को भी सेवन कर सकते हैं। मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है तिल तिल की तासीर गर्म होती है। बता दें कि तिल में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है। मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और हड्डियों के टूटने को रोकने में मदद करता है। यह ध्यान रखें कि तिल का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आपके शरीर में कैल्शियम की अधिक मात्रा हो सकती है।

रंगों से त्वचा हुई रूखी तो करे ये काम, फिर से दिखेगी हेल्दी और ग्लोइंग स्किन

होली की मस्ती में रंगों से खेलना जितना मजेदार होता है, उतना ही मुश्किल होता है इसके बाद स्किन की खोई हुई चमक वापस लाना! केमिकल वाले रंग त्वचा को रूखा बना देते हैं, पोर्स बंद कर देते हैं और कभी-कभी जलन और एलर्जी भी कर सकते हैं। हालांकि, परेशान होने की जरूरत नहीं है! कुछ आसान और असरदार स्किन केयर टिप्स अपनाकर आप अपने चेहरे की खोई हुई चमक दोबारा पा सकते हैं! तो आइए, जानते हैं 5 बेस्ट स्किन केयर हैक्स, जो आपकी त्वचा को फिर से हेल्दी और ग्लोइंग बना देंगे। दूध और शहद से करें जेंटल क्लीनिंग होली के रंगों को हटाने के लिए रफ तरीके अपनाने से बचें! इसके बजाय कच्चे दूध में थोड़ा शहद मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करें। दूध डर्ट और रंगों को बाहर निकालेगा, जबकि शहद स्किन को मॉइश्चर देगा।     टिप: रंग हटाने के लिए कभी भी साबुन का ज्यादा इस्तेमाल न करें, इससे स्किन ड्राई हो सकती है! एलोवेरा और गुलाबजल का इस्तेमाल होली के बाद स्किन में जलन या रेडनेस हो रही है? तो फ्रेश एलोवेरा जेल में गुलाबजल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देगा और रेडनेस कम करेगा।     टिप: रात को सोने से पहले भी एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाएं, इससे स्किन जल्दी रिपेयर होगी! बेसन और दही का पैक अगर रंगों की वजह से चेहरा ड्राई और बेजान लग रहा है, तो बेसन, दही और हल्दी का फेस पैक लगाएं। यह नेचुरल स्क्रबर की तरह काम करेगा और चेहरे की खोई हुई चमक लौटाएगा।     टिप: इसे 15 मिनट तक लगाकर हल्के हाथों से रगड़ें और गुनगुने पानी से धो लें! नारियल तेल से करें डीप क्लींजिंग अगर चेहरे पर वॉटरप्रूफ रंग लगे हैं, तो डायरेक्ट साबुन से धोने की बजाय नारियल तेल से हल्की मसाज करें। तेल रंगों को घोलकर स्किन से बाहर निकाल देगा और स्किन को अंदर से पोषण देगा।     टिप: ऑयली स्किन वाले लोग नारियल तेल की जगह जोजोबा ऑयल या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। भरपूर पानी और डिटॉक्स ड्रिंक्स होली के बाद सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी त्वचा को डिटॉक्स करना जरूरी है! इसके लिए दिनभर में खूब पानी पिएं और नींबू-पानी, ग्रीन टी या नारियल पानी का सेवन करें। इससे स्किन जल्दी रिपेयर होगी और अंदर से ग्लो करने लगेगी!     टिप: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए होली के बाद कैफीन और सोडा से दूरी बनाएं।  

रोजाना 5 बार जरूर सूर्य करें नमस्‍कार, दिनभर रहेंगे ऊर्जावान

सूर्य नमस्कार एक प्राचीन योग अभ्यास है। ये शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। हर दिन को ऊर्जावान और सकारात्मक रूप से शुरू करने के लिए सही रूटीन अपनाना जरूरी होता है। योग में सूर्य नमस्कार को एक ऐसा व्यायाम माना जाता है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है। अगर आप रोजाना 5 बार सूर्य नमस्कार करते हैं तो यह न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि दिनभर आपको ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है। आज हम आपको ऐसे ही सूर्य नमस्‍कार से होने वाले कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- सूर्य नमस्‍कार करने से सेहत को म‍िलते हैं ये फायदे     सूर्य नमस्कार उन योगासनों में से एक है ज‍िसे करने से शरीर के सभी अंगों और मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है। यह पूरे शरीर को एक्टिव करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।     अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो सूर्य नमस्कार बेहद प्रभावी एक्‍सरसाइज माना जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे शरीर में कैलोरी तेजी से बर्न होती है।     Surya Namaskar पैरों, बाहों, पीठ और पेट की मांसपेशियों को टोन करता है। रोजाना 5 राउंड सूर्य नमस्‍कार करने से शरीर की ताकत और लचीलापन बढ़ता है, जिससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।     इस याेगासन से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और डाइजेस्‍ट‍िव स‍िस्‍टम भी बेहतर होता है। इसके अलावा गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।     सूर्य नमस्कार के दौरान गहरी सांस लेने से मानस‍िक रूप से शांत‍ि म‍िलती है। यह तनाव, चिंता और डिप्रेशन को कम करने में भी मदद करता है। इससे आपका फोकस भी बढ़ता है।     सूर्य नमस्‍कार करने से ब्‍लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। इससे द‍िल को सेहतमंद रखा जा सकता है। साथ ही ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।     सूर्य नमस्कार करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर का पोस्चर सही रहता है, जिससे कमर दर्द की समस्या नहीं होती है।     अगर आप रोजाना सुबह 5 राउंड सूर्य नमस्कार करते हैं तो इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और ताजगी का अनुभव होता है। यह व्‍यायाम पूरे दिन शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है। सूर्य नमस्‍कार के हैं आध्यात्मिक फायदे     सूर्य नमस्कार में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने वाले आसन शामिल होते हैं, जो आत्म-जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।     सूर्य नमस्कार में मानसिक शांति प्राप्त करने वाले आसन शामिल होते हैं, जो आत्म-शांति को बढ़ावा देते हैं।     सूर्य नमस्कार में आत्म-सम्मान बढ़ाने वाले आसन शामिल होते हैं, जो आत्म-मूल्य को बढ़ावा देते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सूर्य नमस्कार को नियमित रूप से करने से ही इसके फायदे प्राप्त होते हैं।  

iPhone 17 Pro Max की जगह पर iPhone 17 Ultra होगा लॉन्च, लीक रिपोर्ट में किया गया दावा

नई दिल्ली Apple को लेकर अफवाहों का दौर गर्म रहता है। खासतौर पर जब नया आईफोन लॉन्च होने को हो, उस वक्त अफवाहों का दौर बढ़ जाता है। ऐसी ही एक अफवाह अपकमिंग iPhone 17 Pro Max को लेकर है। लीक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इस बार iPhone 17 Pro Max को नहीं लॉन्च किया जाएगा। ऐसा दावा किया जा रहा है कि iPhone 17 Pro Max की जगह पर iPhone 17 Ultra को लॉन्च किया जाएगा। हालांकि इस दावे में कितनी सच्चाई है। इस बारे में लॉन्च के बाद ही जानकारी मिलेगी। साथ ही इस तरह के दावे पहले भी किये जा चुके हैं। इससे पहले iPhone 15 और iPhone 16 सीरीज के रिलीज लॉन्च से ठीक पहले भी दावा किया गया था कि कंपनी इस बार Ultra को Pro Max की जगह लॉन्च किया जा सकता है। यही अफवाह फिर से सुर्खियों में है। मिलेगा छोटा डायनैमिक आइसलैंड फीचर Naver ब्लॉग की एक रिपोर्ट के मुताबिक iPhone 17 Ultra स्मार्टफोन पुराने Pro Max की जगह ले सकता है। यह दावा सप्लाई चेन मार्केट एक्सपर्ट की तरफ से किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐपल एक नए हार्डवेयर फीचर्स वाले फोन की तैयारी में है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Ultra मॉडलॉ में छोटा डायनैमिक आइसलैंड फीचर दिया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Ultra एक अकेला ऐसा मॉडल होगा, जिसमें वेपर चेंबर कूलिंग सिस्टम दिया गया है। इसमें पिछले साल के Pro Max से बड़ी बैटरी होगी। साथ ही यह पहले से मोटा होगा। ऐपल का बढ़ सकता है मुनाफा बता दें कि ऐपल पहले से ही अपने कुछ प्रोडक्ट्स में Ultra नाम का इस्तेमाल कर रहा है। ऐपल की तरफ से Apple Watch Ultra और M3 Ultra चिपसेच को पेश किया गया है। अगर iPhone Ultra में बड़े हार्डवेयर अपग्रेड दिये जाते हैं, तो ऐपल को इसकी कीमत बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे ऐपल का मुनाफा भी बढ़ सकता है। इससे मार्केट में ऐपल की पोजिशन मजबूत होगी। iPhone 17 Ultra में क्या होगा खास? iPhone 17 Ultra में एक छोटी Dynamic Island डिजाइन दी जाएगी, जो यूजर्स को एक नया एक्सपीरिएंस दे सकता है। इसमें वेपर चेंबर कूलिंग सिस्टम दिया जा सकता है। फोन हाई परफॉरमेंस सिस्टम के साथ आएगा। इसमें गेमिंल के लिए खास फीचर्स दिये जा सकते हैं। फोन में बड़ी बैटरी लंबी बैटरी लाइफ का वादा किया जा सकता है।

आईओएस 19 पर टिकी सबकी नजरें, जल्द होगा रोलऑउट

नई दिल्ली Apple ने पिछले साल iOS 18 को एक बड़े अपग्रेड के रूप में पेश किया था, लेकिन अब सबकी नजरें आईओएस 19 पर टिकी हैं. जून में होने वाले WWDC 2025 इवेंट से पहले ही कई लीक और अफवाहें सामने आ चुकी हैं. आइए जानते हैं iOS 19 के नए फीचर्स, डिज़ाइन, रिलीज़ डेट और सपोर्टेड डिवाइसेज़ के बारे में. iOS 19: नए फीचर्स और बड़ा डिज़ाइन बदलाव     टेक दिग्गज Apple इस बार iOS में अब तक का सबसे बड़ा डिज़ाइन ओवरहॉल करने की तैयारी में है.     रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए आइकन, मेनू, ऐप्स, विंडो एलिमेंट्स और सिस्टम बटन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.     अफवाहें यह भी कहती हैं कि आईओएस 19 का डिज़ाइन VisionOS (Apple Vision Pro के लिए बनाया गया OS) से प्रेरित हो सकता है.     कैमरा ऐप को भी नया इंटरफेस मिलने की उम्मीद है, जिसमें ट्रांसलूसेंट (पारदर्शी) पॉप-अप मेनू होंगे और फोटो प्रीव्यू के लिए अधिक स्क्रीन स्पेस मिलेगा. AI और Siri में बड़ा अपग्रेड     Apple अब “Apple Intelligence” को और स्मार्ट बनाने की तैयारी में है.     iOS 19 में AI-पावर्ड Siri मिलने की संभावना है, जो ऑन-स्क्रीन अवेयरनेस, पर्सनलाइजेशन और डीपर ऐप इंटीग्रेशन को सपोर्ट कर सकती है.     अफवाहों के मुताबिक, Siri अब ChatGPT, Gemini और Claude जैसे AI मॉडल्स को टक्कर दे सकती है, हालांकि इसका पूर्ण AI वर्जन शायद iOS 20 में आएगा.     iOS 19 में Apple AI को Samsung Galaxy S25 की तरह बिल्ट-इन ऐप्स के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है. iOS 19 की रिलीज़ डेट     WWDC 2025 (जून): पहला प्रिव्यू मिलेगा.     जुलाई-अगस्त: बीटा वर्जन रिलीज़ होगा.     सितंबर 2025: iPhone 16 सीरीज के साथ आईओएस 19 का फाइनल रोलआउट होगा. अगर आपका iPhone iOS 18 को सपोर्ट करता है, तो संभावना है कि उसेआईओएस 19 भी मिलेगा. iPhones जो आईओएस 19 को सपोर्ट करेंगे:     iPhone XR, XS, XS Max     iPhone 11, 11 Pro, 11 Pro Max     iPhone 12, 12 mini, 12 Pro, 12 Pro Max     iPhone 13, 13 mini, 13 Pro, 13 Pro Max     iPhone 14, 14 Plus, 14 Pro, 14 Pro Max     iPhone 15, 15 Plus, 15 Pro, 15 Pro Max     iPhone 16, 16 Plus, 16 Pro, 16 Pro Max     iPhone SE (2nd और 3rd Gen) क्या iOS 19 iPhone के इस्तेमाल के तरीके को बदल देगा? नया डिज़ाइन और स्मार्ट AI iPhone यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है. क्या आप iOS 19 से खुश हैं, या किसी खास फीचर का इंतजार कर रहे हैं?

भारत में जल्द लॉन्च होगा Oppo Find X8 Ultra

 नई दिल्ली ओप्पो का अपकमिंग स्मार्टफोन भारत में लॉन्च के लिए तैयार है। इस सीरीज के तहत फ्लैगशिप स्मार्टफोन को लॉन्च किया जा सकता है, जिस स्मार्टफोन को लॉन्च किया जाएगा, उसमें Oppo Find X8 Ultra स्मार्टफोन शामिल है। अपकमिंग ओप्पो फाइंड X8 अल्ट्रा स्मार्टफोन के कैमरा सेंसर की डिटेल को ऑनलाइन पोस्ट की गई है। फोन में मिलेंगे 5 कैमरा सेंसर लीक रिपोर्ट की मानें, तो Oppo Find X8 Ultra में पहली बार 5 कैमरा सेंसर का सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में शानदार पोर्टेट और शानदार स्किन टोन के लिए नया हार्डवेयर सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में मल्टी-स्पेक्ट्रल सेंसर दिये जाने की उम्मीद है। इसमें शानदार इमेजिंग और कलर करेक्शन मिलेगा। कौन से कैमरा सेंसर का मिलेगा सपोर्ट रिपोर्ट की मानें, तो Oppo Find X8 अल्ट्रा में एक बड़ा कैमरा सेंसर सपोर्ट दिया जाएगा, जो कि 50MP के कैमरा सेंसर सपोर्ट के साथ आएगा। फोन में सोनी IMX906 3X पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा सेंसर दिया जाएगा। साथ ही एक 50MP सोनी LYT-600 6x पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा सेंसर दिया जाएगा। इसके अलावा टेलीफोटो मैक्रो लेंस सपोर्ट दिया जा सकता है। अगर ओप्पो फाइंड X7 अल्ट्रा की बात करें, तो फोन में 50MP का कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। इसमें सोनी LYT-900 सेंसर सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। Oppo Find X8 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स Oppo Find X8 Ultra में 6.82 इंच क्वाड HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया जाएगा। फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही फोन में LTPO फ्लैट स्क्रीन दी जा सकती है। फोन में अल्ट्रा-नैरो बेजल्स दिये जा सकता है। साथ ही उम्मीद है कि फोन में स्नैपड्रैगन 8 एलीट SoC चिपसेट सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में 16GB रैम सपोर्ट दिया जा सकता है। इसके अलावा 1TB तक स्टोरेज दिये जाने की उम्मीद है। अगर बैटरी की बात करें, तो फोन में 6000mAh की बैटरी दी जा सकती है। फोन में 100W सुपरVOOC वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा 50W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट दिया जा सकता है। अप्रैल में हो सकती है फोन की लॉन्चिंग लीक रिपोर्ट की मानें, तो ओप्पो के अपकमिंग स्मार्टफोन को लेदर टच के साथ पेश किया जा सकता है। Oppo Find X8 Ultra में 8.xmm थिकनेस दी जा सकती है। फोन में IP68 + IP69 रेटिंग दी जाएगी, जिससे फोन धूल और पानी में जल्दी खराब नहीं होगा। ओप्पो फाइंड X8 अल्ट्रा को अप्रैल में लॉन्च किया जा सकता है।

Super Money ऐप का बड़ी छलांग, टॉप 5 यूपीआई ऐप की रैकिंग में हुआ शामिल

नई दिल्ली देश में गूगल पे, फोन पे और पेटीएम को छोड़ दिया जाए, तो देश में किसी को शायद ही मालूम हो कि Super Money ऐप क्या है? साथ ही इसकी टॉप 5 यूपीआई ऐप में रैकिंग क्या है? यह किसी को मालूम नहीं होगा। साथ ही कुछ लोगों को शायद Super Money ऐप के बारे में भी मालूम नहीं होगा। हालांकि सुपर मनी ऐप ने हाल ही में टॉप-5 यूपीआई पेमेंट ऐप में जगह बनाई है, जिसने इसे चर्चा में ला दिया है। अब सवाल उठता है कि आखिर सुपर मनी ऐप क्या है? तो बता दें कि सुपर मनी ऐप फ्लिपकार्ट ग्रुप की पेमेंट ऐप है। यह कुछ दिनों पहले ही टॉप-5 यूपीआई पेमेंट की लिस्ट में शामिल हुई है। Cred छूट गया पीछे Super Money ऐप ने Cred को पीछे छोड़ दिया है। कुणाल शाह की लीडरशिप वाली क्रेड छठवें पायदान पर पहुंच गई है। ऐसा दावा नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI के आंकड़े से हुआ है। रिपोर्ट की मानें, तो मार्च UPI के लिए एक शानदार माह रहा है। यह पहला मौका रहा है, जब पेमेंट का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। बता दें कि 1 मार्च को UPI को 1,01,628 करोड़ रुपये के लेनदेन दर्ज किये गये हैं। UPI की स्थिति में बदलाव इससे पहले नवंबर में सचिन बंसल की फिनटेक और क्रेडिट प्लेटफॉर्म Navi ने Cred को पीछे छोड़कर देश का टॉप 4 UPI ऐप बन गया था। वही फरवरी तक दिग्गज UPI प्लेटफॉर्म और यूपीआई मार्केट लीडर Phonepe के पेमेंट में माह दर माह मामूवी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि नवी और सुपर मनी में ग्रोथ दर्ज की गई है। किसका कितना मार्केट शेयर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान ऐप क्रेड लगभग एक साल से 130 मिलियन लेनदेन करके मार्केट में टॉप-5 यूपीआई पेमेंट ऐप बनी हुई है। हालांकि सच यह भी है कि Navi, Super Money और Cred का मार्केट शेयर काफी कम है। अगर फोनपे, गगूल पे और पेटीएम के मुकाबले की बात करें, तो Cred Super money और Navi के लेनदेन का आंकड़ा काफी कम है। यह तीनों UPI यूपीआई पेमेंट में काफी योगदान देते हैं। जनवरी में Navi का मार्केट शेयर 1.5 फीसद था। वही सुपर मनी का मार्केट शेयर 0.9 फीसद था, जबकि 0.7 फीसद के साथ Cred का नंबर आता है। NPCI की कैपिंग योजना गूगल की UPI ऐप गूगल पे का मार्केट शेयर करीब 36 फीसद है। फोनपे भी करीब 35 से 37 फीसद मार्केट शेयर कवर करता है, जबकि पेटीएम का मौजूदा मार्केट शेयर करीब 6.7 फीसद है। NPCI ने 2024 के अंत तक यूपीआई मार्केट में किसी एक कंपनी की मनमानी रोकने के लिए कैप नियम की योजना बनाई थी, जिसे फिलहाल अभी तक लागू नहीं किया जा सका है। इस योजना के तहत किसी भी एक UPI ऐप मार्केट में 30 फीसद से ज्यादा की हिस्सेदारी को रोकता है। फोनपे और गूगल पे मिलकर UPI लेनदेन का 84 फीसद हिस्सा कवर किया है। पार किया 90 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पिछले साल के अंत से UPI ने कई बार डेली लेनदेन मूल्य में 90,000 करोड़ रुपये को पार किया है, जो 1 फरवरी को यह ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंचा, जब इसने 99,835 करोड़ रुपये का मूल्य दर्ज किया।

भारत में जल्द लॉन्च होगा Motorola का Edge 60 Fusion

नई दिल्ली Motorola का नया स्मार्टफोन जल्द भारत में लॉन्च होगा। मोटोरोला के अपकमिंग स्मार्टफोन को टीज करना शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोटोरोला का अपकमिंग स्मार्टफोन Motorola Edge 60 हो सकता है। फोन की बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से होगी। हालांकि इस टीजर से अपकमिंग स्मार्टफोन के नाम का खुलासा नहीं होता है। लेकिन लीक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यह Motorola Edge 60 Fusion हो सकता है। नया मोटोरोला फोन का टीजर फ्लिपकार्ट मोबाइल ऐप पर एक नए मोटोरोला फोन के लॉन्च का टीजर लाइव हो गया है। इस वीडियो क्लिप में #MotoEdgeLegacy का जिक्र किया गया है, जो कि एज लाइनअप की तरफ इशारा करता है। मोटोरोला अपकमिंग स्मार्टफोन को गेम चेंजिंग फोन के तौर पर लिस्ट कर रहा है। फ्लिपकार्ट से होगी बिक्री इस लिस्टिंग से कंफर्म होता है कि यह हैंडसेट बाकी मोटोरोला एज मॉडल की तरह फ्लिपकार्ट के जरिए उपलब्ध होगा। टीजर वीडियो के अलावा फ्लिपकार्ट लिस्टिंग में फोन या लॉन्च टाइमलाइन के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है। मोटोरोला एज 60 फ्यूजन के स्पेसिफिकेशन्स लीक रिपोर्ट की मानें, तो मोटोरोला एज 60 फ्यूजन को तीन स्टोरेज ऑप्शन में पेश किया जा सकता है। यह हैंडसेट 8GB रैम और 256GB स्टोरेज ऑप्शन में आएगा। इसके अलावा भारत में Motorola Edge 50 Fusion स्मार्टफोन को 8GB रैम और 128GB स्टोरेज ऑप्शन में पेश किया जा सकता है, जबकि अन्य मॉडल 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट में आएगा। लीक रिपोर्ट की मानें, तो Motorola Edge 60 fusion स्मार्टफोन ब्लू, पिंक, बैंगनी और लैवेंडर कलर ऑप्शन में आएगा। फोन में सेल्फी के लिए एक एक पंच-होल कैमरा कटआउट दिया गया है। साथ ही कर्व्ड डिस्प्ले सपोर्ट दिया जाएगा। इसके अलावा वॉल्यूम रॉकर और पावर बटन दिया जा सकता है। फोन के रियर में एक चौकोर कैमरा मॉड्यूल दिया जा सकता है, जिसमें ट्रिपल कैमरे के साथ एक एलईडी फ्लैश लाइट सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में ड्यूल सेंसर अपग्रेड दिया जा सकता है। फोन का कैमरा लेंस पर 50MP Sony LYT OIS सेंसर के साथ आएगा। Motorola Edge 60 Fusion की संभावित कीमत Motorola Edge 60 Fusion को 33 हजार रुपये के प्राइस प्वाइंट में पेश किया जा सकता है। इसके 8GB रैम और 256GB मॉडल की कीमत 350 यूरो करीब 33,100 रुपये हो सकती है। मोटोरोला एज 50 फ्यूजन के 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में 22,999 रुपये हो सकती है। साथ ही 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 24,999 रुपये हो सकती है।

गैस की समस्या को दूर करेगी किचन में रखी ये चीज

खाना खाने के बाद गैस की समस्या से लगभग हर कोई परेशान रहता है। खाना खाने के तुरंत बाद कई लोगों को पेट में गैस बनने की शिकायत रहती है। कई लोगों का पेट फूलने लगता है। हालांकि यह गंभीर समस्या है। इससे इंसान पूरी तरह से परेशान हो जाता है। कई बार महंगी दवाएं तक खाने के बावजूद आराम नहीं मिलता। हालांकि आर्युेवेद में इसका ईलाज है। अगर आपको भी खाना खाने के बाद गैस बनने की शिकायत रहती है तो आप जीरा चबा सकते हैं। जीरा पेट के लिए रामबाण मसाला है। गैस और पेट दर्द को करता है कम जीरा गैस और पेट दर्द को कम करने में मदद करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो पेट में सूजन और दर्द को कम करते हैं। कुछ लोगों को खाने के तुरंत बाद अपच, गैस, पेट दर्द और पेट फूलने की समस्या रहती है। गैस्ट्रिक समस्याओं से राहत दिलाने में जीरा काफी उपयोगी है। खाना होता है जल्दी हजम जीरा पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है जो पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं और कब्ज, गैस, और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करते हैं। जीरा को भुनकर चबाने से आपका खाना हजम होता है। इसको भुनकर इसका चूर्ण भी बनाया जा सकता है। इस चूर्ण को आप गर्म पानी से सेवन करते हैं तो पेट को काफी राहत मिलती है। ब्लड प्रेशर को भी रखता है कंटोल में जीरा रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाता है। बता दें कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ब्लड में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं और आंतों को क्लीन करने में मदद करते हैं। खाने के बाद जीरा चबाने के फायदे खाना खाने के बाद आप एक चम्मच जीरा मुंह में लेकर चबा लें। ऐसा करने से एक तो आपका खाना बहुत जल्दी डाइजेस्ट होगा। इसके साथ ही आपके पेट में बनने वाली गैस को जीरा खत्म करने या कम करने में मदद करता है। वहीं जीरा आपकी आंतों को भी साफ करने में मदद करता है।

Apple का नया ऐप Surveyor लॉन्च

नई दिल्ली   दिग्गज टेक कंपनी Apple का नया ऐप Surveyor लॉन्च हो गया है। इस ऐप को रियल-टाइम मैपिंग डेटा को कलेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे ऐपल मैप्स की लोकेशन की सटीकता और बाकी डिटेलिंग को बेहतर बनाया जा सके। Mac Rumors की मानें, तो इस ऐप के नए ऐप की मदद से स्ट्रीट साइन, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क किनारे की रियल टाइम अपडेटेड जानकारी मिल सकेगी। इससे ऐपल मैप्स सटीकता बरकरार रहेगी। साथ ही यह ऐप लगातार अपडेट होता रहेगा। कौन कर पाएगा Surveyor ऐप का इस्तेमाल हालांकि ऐप का नया ऐप आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसकी जगह ऐपल का नया ऐप मैपिंग असाइनमेंट के लिए जिम्मेदार पार्टनर कंपनियों के लिए बनाया गया है। ऐसा मालूम होता है कि ऐप डाउनलोड करने पर यूजर्स को ओपन पार्टनर ऐप का संकेत मिलेगा, जो उन्हें एक अन्य प्रिमाइस एप्लिकेशन पर रीडायरेक्ट करता है। क्या है प्रिमाइस ऐप प्रिमाइस एक थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को तमाम तरह के कार्य को पूरा करके रिवार्ड की सुविधा देता है। इसमें सर्वे, लोकल रिपोर्टिंग जैसे कंस्ट्रक्शन, अपडेट और फोटोग्राॉफिक स्पेसिफिक लोकेशन शामिल हैं। मिलेगी सटीक लोकेशन डिटेल रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रिमाइस के जरिए मैपिंग टास्क असाइन होने पर यूजर्स को एक आईफोन माउंट करने, लैंडस्केप मोड में स्विच करने और ड्राइविंग के दौरान एक तय रूट पर तस्वीरें खींचने के लिए निर्देशित किया जाएगा। डेटा कलेक्शन में करेगा मदद ऐपल के अनुसार, सर्वेयर ऐप सड़क पर बुनियादी इंफ्रॉस्ट्रक्चर के डेटा को कैप्चर करता है और इसे ऐपल को भेजता है, जहां यह मैप पर वस्तुओं को सटीक रूप से रखने में मदद करता है। ऐपल अपने मैपिंग सिस्टम को ज्यादा मजूबत बनाने पर जोर दे रहा है। यह मैपिंग डिटेल को अपडेट रखने के लिए क्राउडसोर्स्ड डेटा संग्रह का उपयोग कर रहा है। कम्यूनिटी डेटा कलेक्शन पर होगा जोर हालांकि प्रिमाइस को ऑफिशियल तौर पर ऐपल मैप्स पार्टनर के तौर लिस्ट नहीं किया गया है। दोनों ऐप्स का इंटीग्रेशन ऐपल मैप्स के रेगुलर अपडेट के लिए एक सहयोग का संकेत देता है। इस कदम के साथ, ऐपल अपने मैपिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कम्यूनिटी बेस्ड डेटा कलेक्शन को अपनाता दिख रहा है। गूगल मैप को मिलेगी जोरदार टक्कर इसके गूगल मैप्स को जोरदार टक्कर मिलने की उम्मीद है। ऐपल मैप्स को बेहतर बनाने के लिए सर्वेयर ऐप एआई बेस्ड रियल-टाइम मैपिंग होगी, जिससे यूजर्स को ज्यादा सटीक नेविगेशन मिल सकेगा।

विटामिन-डी की कमी को पूरा करेंगी ये ड्रिंक्स

विटामिन-डी हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों की मजबूती, इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यह विटामिन सूरज की किरणों के संपर्क में आने से त्वचा में खुद बनता है, लेकिन मॉडर्न लाइफस्टाइल, घर के अंदर ज्यादा समय बिताने और खानपान में कमी के कारण कई लोगों में विटामिन-डी की कमी देखी जाती है। इस कमी को दूर करने के लिए खानपानमें सुधार और विटामिन-डी से भरपूर ड्रिंक्स पीना फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं 4 ऐसे ड्रिंक्स के बारे में, जो विटामिन-डी की कमी को पूरा करने में मददगार हैं। संतरे का जूस संतरे का जूस न केवल विटामिन-सी से भरपूर होता है, बल्कि अगर इसे फोर्टिफाइड किया जाए, तो यह विटामिन-डी का भी एक अच्छा सोर्स बन सकता है। फोर्टिफाइड संतरे के जूस में विटामिन-डी मिलाया जाता है, जो शरीर की रोज की जरूरत को पूरा करने में मदद करता है। एक गिलास फोर्टिफाइड संतरे का जूस पीने से न केवल विटामिन-डी की कमी दूर होती है, बल्कि यह शरीर को एनर्जी भी देता है। दूध दूध विटामिन-डी और कैल्शियम का एक नेचुरल सोर्स है। फोर्टिफाइड दूध में एक्स्ट्रा विटामिन-डी मिलाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्युनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है। रोजाना एक गिलास फोर्टिफाइड दूध पीने से विटामिन-डी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। दूध में मौजूद कैल्शियम और विटामिन-डी का कॉम्बिनेशन हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। सोया मिल्क जो लोग लैक्टोज इंटॉलरेंट हैं या वीगन डाइट फॉलो करते हैं, उनके लिए सोया मिल्क एक बेहतरीन विकल्प है। फोर्टिफाइड सोया मिल्क में विटामिन-डी और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है। यह न केवल विटामिन-डी की कमी को पूरा करता है, बल्कि यह प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। सोया मिल्क पीना दिल के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड मिल्क जो लोग डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं खाते-पीते हैं, उनके लिए फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड मिल्क जैसे कि बादाम मिल्क, ओट मिल्क या काजू मिल्क एक अच्छा विकल्प है। इन प्लांट-बेस्ड मिल्क में विटामिन-डी और कैल्शियम मिलाया जाता है, जो शरीर की पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करता है। यह ड्रिंक्स न केवल विटामिन-डी की कमी को दूर करते हैं, बल्कि यह वजन घटाने और पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इन ड्रिंक्स को पीकर आप विटामिन-डी की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए डाइट प्लान को शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें। साथ ही, नियमित रूप से धूप में समय बिताना भी विटामिन-डी के लेवल को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

चिया सीड्स में नींबू मिलाकर पीने से तेजी से कम होगी पेट की चर्बी

मौजूदा समय में बिगड़ते खानपान और हेल्दी खाना नहीं खाने की वजह से लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं। कई स्टडी में पता चलता है कि हर चौथा व्यक्ति बढ़ते मोटापे से परेशान है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि लोग फास्ट फूड बहुत खा रहे हैं। वहीं हेल्दी खाना लोगों ने छोड़ रखा है। अगर आप चिया सीड्स में नींबू मिलाकर पी लेते हैं तो आपको वेट लॉस करने में काफी मदद मिल सकती है। पेट की चर्बी होगी कम  चिया सीड्स पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है जो पेट को भरता है और भूख को कम करता है। वहीं नींबू भी फैट कटर के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इन दोनों का कंबीनेशन पेट की चर्बी को कम करने के लिए काफी मददगार है। इससे पेट की चर्बी तेजी से कम होती है। वजन कम करने में मदद चिया सीड्स वजन कम करने में मदद करता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है जो पेट को भरता है और भूख को कम करता है। चिया सीड्स पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। इसमें फाइबर होता है जो पाचन में सुधार करने में मदद करता है और कब्ज, गैस, और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है। एक महीने में मिलेगा आराम चिया सीड्स का सेवन अगर आप नींबू के साथ एक महीने तक करते हैं तो आपको बहुत जल्दी इसका परिणाम देखने को मिलेगा। इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाता है। चिया सीड्स त्वचा को सुधारने में काफी मदद करती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं  

गेहूं के आटे में मिलाये ये चीजें, रोटी नहीं करेगी नुकसान

गेहूं के आटे की रोटी के लिए कहा जाता है कि यह ब्लड शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदेह है। इसके साथ ही मोटापे से परेशान लोगों को भी डॉक्टर हिदायत देते हैं कि वह गेहूं की रोटी न खाएं। लेकिन बावजूद इसके आपको गेहूं की रोटी खाना ही पसंद है तो हम आपको कुछ ऐसे देसी नुस्खे बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप गेहूं की रोटी टेंशन फ्री होकर खा सकते हैं। मेथी दाना पीसकर आटे में मिलाएं मेथी दाना एक प्राकृतिक औषधि है जो शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अगर आप मेथी दाना पीसकर इसे गेहूं के आटे में मिलाकर इसकी रोटी खाते हैं तो यह काफी हद तक आपकी शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। अजवाइन भी है फायदेमंद अजवाइन एक प्राकृतिक औषधि है जो शुगर को कंट्रोल करती है। बता दें कि अजवाइन में फाइबर और प्रोटीन होता है जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। ऐसे में अजवाइन के बीजों को गेहूं के साथ पीसवाकर आप इसकी रोटी खा सकते हैं। अलसी है रामबाण बीज अलसी एक प्राकृतिक औषधि है जो शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित होता है।  इन तीनों चीजों को गेहूं के आटे में मिलाकर शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। गेहूं पिसवाने के दौरान मिलाएं यह तीनों चीज गेहूं पिसवाने के दौरान आप यह तीनों चीजें गेहूं के आटे में पिसवा सकते हैं। गेहूं के हिसाब से यह तीनों चीजों का मिश्रण बनाकर इन्हें भी साथ में पिसवा सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप घर में भी इन तीनों चीजों को पीसकर रख लेते हैं और आटा गूंथने के दौरान इन्हें इसमें मिला लेते हैं तो भी यह आपके लिए काफी ठीक है।

जिसका मन रहता है अशांत, उन्हें जीवन में कभी नहीं मिलती सफलता

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – “अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।” जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।

पेट के ऊपरी हिस्से में होता है दर्द तो यह है गंभीर बीमारी का संकेत!

नई दिल्ली आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। खासकर खराब लाइफस्टाइल की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से एक आम समस्या फैटी लिवर है। यह तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कैसे होती है फैटी लिवर की समस्या? हम जो भी खाते-पीते हैं उसका सीधा असर हमारे लिवर, पेट, आंतों और किडनी पर पड़ता है। गलत खान-पान की वजह से लिवर में फैटी एसिड और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है जिससे लिवर में चर्बी जमा होने लगती है। आमतौर पर यह समस्या ज्यादा तला-भुना, ऑयली फूड और मीठा खाने से होती है। फैटी लिवर के लक्षण अगर आपका लिवर फैटी हो रहा है तो आपके शरीर में कुछ संकेत दिखने लगते हैं: ➤ पेट के आसपास चर्बी जमा होना ➤ चेहरे पर मुंहासे या त्वचा से जुड़ी समस्याएं ➤ आंखों और त्वचा का पीला पड़ना ➤ अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना ➤ त्वचा पर काले धब्बे दिखना अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपने खान-पान में सुधार करें।   फैटी लिवर के प्रकार फैटी लिवर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: ➤ नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर (NAFLD) – यह अधिकतर गलत खान-पान और मोटापे की वजह से होता है। ➤ अल्कोहोलिक फैटी लिवर (AFLD) – यह अधिक शराब पीने से लिवर में चर्बी बढ़ने की वजह से होता है। ➤ अगर शुरुआत में ही इस समस्या को पहचाना जाए तो इसे आसान तरीकों से ठीक किया जा सकता है। फैटी लिवर से बचने के लिए डाइट में करें ये बदलाव फैटी लिवर को ठीक करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। अगर आप प्राकृतिक उपायों को अपनाएंगे तो लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। धनिया और इलायची की चाय – लिवर के लिए रामबाण इलाज धनिया और इलायची से बनी चाय लिवर को डिटॉक्स करने और उसकी सेहत सुधारने में मदद करती है। यह लिवर टॉनिक की तरह काम करती है और शरीर से फालतू चर्बी को हटाने में मदद करती है। कैसे बनाएं धनिया और इलायची की चाय? ✔ सामग्री: 1 मुट्ठी धनिया पत्तियां 3 इलायची 2 कप पानी ✔ बनाने का तरीका: : धनिया पत्तियों और इलायची को पीस लें। : एक पैन में 2 कप पानी डालकर गर्म करें। : इसमें पिसी हुई इलायची और धनिया पत्ती डालें। : पानी को तब तक उबालें जब तक यह आधा (1 कप) न रह जाए। :  इसे छानकर सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले पिएं।   धनिया और इलायची की चाय के फायदे ➤ लिवर को डिटॉक्स करती है ➤ पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है ➤ ब्लड शुगर कंट्रोल करती है ➤ इम्यूनिटी को मजबूत करती है ➤ लिवर को रिपेयर करने में मदद करती है इलायची में मौजूद डिटॉक्सिफाइंग एजेंट शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही यह लिवर एंजाइम्स को सक्रिय कर लिवर के काम को आसान बनाती है। फैटी लिवर से बचने के लिए जरूरी टिप्स ➤ तला-भुना और ज्यादा मीठा खाने से बचें ➤ ज्यादा पानी पिएं और डिटॉक्स ड्रिंक्स अपनाएं ➤ रोजाना हल्का व्यायाम और योग करें ➤ शराब और धूम्रपान से दूर रहें ➤ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें खाएं अगर आप सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हैं तो फैटी लिवर को आसानी से ठीक किया जा सकता है। धनिया और इलायची की चाय लिवर को साफ करने और फैटी लिवर से बचाने में मदद कर सकती है। अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  

कई समस्याओं का एक ही समाधान विटामिन-ई

क्या आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा? या फिर आपकी स्किन बेजान और रूखी हो गई है? अगर हां, तो विटामिन-ई आपकी कई समस्याओं का एक ही समाधान हो सकता है! इसे सिर्फ एक विटामिन मत समझिए, यह एक सुपरफूड की तरह काम करता है- वजन घटाने से लेकर ग्लोइंग स्किन, मजबूत बालों और इम्युनिटी बढ़ाने तक, यह हर तरह से फायदेमंद है। बस जरूरत है इसे सही तरीके से अपने लाइफस्टाइल में शामिल करने की। तो चलिए, बिना देर किए जानते हैं कि Vitamin E आपके शरीर के लिए कितना जरूरी है और इसे किस तरह अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। वेट लॉस में कैसे मदद करता है Vitamin E? अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो विटामिन E आपकी जर्नी को आसान बना सकता है।     मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: यह शरीर के फैट-बर्निंग प्रोसेस को तेज करता है।     एनर्जी लेवल बढ़ाता है: जिससे एक्सरसाइज के दौरान आप ज्यादा एक्टिव रहते हैं।     पाचन को बेहतर बनाता है: जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और फैट लॉस आसान हो जाता है। त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए Vitamin E आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह एक नेचुरल एंटी-एजिंग एजेंट है जो झुर्रियों और डलनेस को दूर करता है।     स्किन को हाइड्रेट करता है: ड्राई और रफ स्किन को मुलायम बनाता है।     फ्री रेडिकल्स से बचाव करता है: जिससे एजिंग के निशान जल्दी नहीं दिखते।     सन डैमेज से प्रोटेक्ट करता है: सूरज की हानिकारक किरणों से स्किन को बचाता है। मिलते हैं मजबूत और घने बाल अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या रूखे-सूखे हो गए हैं, तो Vitamin E एक बेहतरीन उपाय हो सकता है।     बालों को जड़ों से मजबूत करता है     स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है     डैंड्रफ और स्कैल्प इन्फेक्शन से बचाता है इम्युनिटी को करे बूस्ट आज के समय में बीमारियों से बचने के लिए इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। विटामिन E एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और हमें इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है। आंखों के लिए फायदेमंद क्या आपकी आंखें जल्दी थक जाती हैं या कमजोर हो रही हैं? Vitamin E आंखों की हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। यह रेटिना को हेल्दी रखता है और मोतियाबिंद (Cataract) जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। किन फूड्स से मिलता है Vitamin E? अगर आप नेचुरल तरीके से Vitamin E लेना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में यहां बताई 5 चीजें शामिल कर सकते हैं।     अवोकाडो: स्किन और हेल्थ दोनों के लिए फायदेमंद     बादाम और अखरोट: ब्रेन और हड्डियों के लिए जरूरी     सूरजमुखी के बीज: बालों और त्वचा के लिए बेस्ट     ब्रोकली और पालक: इम्युनिटी और हेल्थ को बूस्ट करने के लिए     ऑलिव ऑयल: हेल्दी फैट और ग्लोइंग स्किन के लिए  

WhatsApp की बड़ी तैयारी, बदल जाएगा ऐप का डिजाइन

वॉट्सऐप एक के बाद एक यूजर्स के लिए तगड़े फीचर रोलआउट कर रहा है। बीते कुछ दिनों से कंपनी ने नए फीचर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब कंपनी इस और फीचर रोलआउट करने की तैयारी कर रही है, जिससे आपके वॉट्सऐप कॉलिंग का अंदाज बदल जाएगा। WABetaInfo की रिपोर्ट के वॉट्सऐप चैट्स और ग्रुप्स के लिए रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू लाने वाला है। रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू को WABetaInfo ने गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद वॉट्सऐप बीटा फॉर ऐंड्रॉयड 2.25.5.8 में देखा है। WABetaInfo ने पोस्ट में इस नए फीचर का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में दिखा वॉट्सऐप का नया फीचर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में आप रिडिजाइन्ड कॉल ऑप्शन को इंडिविजुअल और ग्रुप चैट्स के अंदर टॉप ऐप बार में देख सकते हैं। अभी की बात करें, तो वॉट्सऐप में यूजर्स को वॉइस और वीडियो कॉल के लिए दो अलग बटन मिलते हैं। नए अपडेट में कंपनी इन दोनों बटन को एक में करके एक सिंगल मेन्यू ऑफर करने की तैयारी कर रही है। नए डिजाइन से यूजर्स को कॉल्स को मैनेज करने में आसानी होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप चैट्स में होगा क्योंकि अक्सर ग्रुप में गलती से कॉल बटन टैप होने पर न चाहते हुए भी कॉल शुरू हो जाती है। ग्लोबल यूजर्स के लिए जल्द आ सकता है स्टेबल अपडेट नया फीचर यूजर्स को मेन्यू में कॉल टैब और अटैचमेंट मेन्यू को ओपन किए बिना कॉल लिंक जेनरेट और शेयर करने का ऑप्शन देगा। नए फीचर की खासियत है कि यह ऐक्सिडेंटल कॉल्स की समस्या को खत्म कर देगा। इस फीचर के आने से यूजर्स को पहले वॉइस या वीडियो कॉल में से किसी एक को मेन्यू में से सेलेक्ट करना होगा। कुल मिलाकर कहा जाए यह फीचर यूजर्स को कॉलिंग एक्सपीरियंस को पहले से काफी बेहतर करने वाला है। कंपनी इस फीचर को अभी बीटा वर्जन में ऑफर कर रही है। बीटा टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसके स्टेबल वर्जन को ग्लोबल यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।

वजन कम करने के लिए डाइट में शामिल न करें ये चीजें

सही डाइट और एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग वेट लॉस के लिए सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, क्योंकि इनमें कैलोरी कम और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। हालांकि, कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। यदि आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो इन सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं उन 6 सब्जियों के बारे में, जो वजन बढ़ा सकती हैं। आलू आलू एक ऐसी सब्जी है, जो लगभग हर घर में इस्तेमाल की जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में एनर्जी लेवल को बढ़ाती है। हालांकि, अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आलू को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। आलू में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसके अलावा, तले हुए आलू या फ्रेंच फ्राइज तो बिल्कुल नहीं खाने चाहिए। मटर मटर एक पौष्टिक सब्जी है, जिसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट भी काफी होता है, जो वजन बढ़ा सकता है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो मटर सीमित मात्रा में ही खाएं। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। शकरकंद शकरकंद को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन-ए, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा भी ज्यादा होती है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो शकरकंद को सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। कॉर्न (मक्का) कॉर्न यानी मक्का एक स्वादिष्ट सब्जी है, जिसे लोग उबालकर या भूनकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो कॉर्न कम ही खानी चाहिए। इसके अलावा, बटर कॉर्न या क्रीमी कॉर्न जैसी डिशेज से, तो बिल्कुल दूर रहना चाहिए। अरबी अरबी एक ऐसी सब्जी है, जिसमें स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है। अगर आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो अरबी सीमित मात्रा में खानी चाहिए। इसके अलावा, अरबी को तलकर या घी में पकाकर खाने से बचना चाहिए। प्याज प्याज का इस्तेमाल ज्यादातर सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, प्याज में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो प्याज कम खाना चाहिए। इसके अलावा, प्याज को तलकर या भूनकर खाने से बचना चाहिए।

बीपी और क‍िडनी के मरीजों को नहीं पीना चाहिए ये जूस

मार्च का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम में हल्की ठंडक अब भी बनी हुई है। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए सही डाइट लेना जरूरी है। चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस इस समय भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह जूस आयरन, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इससे इम्युनिटी बढ़ाने में मदद म‍िलती है। वहीं खून की कमी दूर होती है। त्‍वचा भी चमकदार बनती है। इसके अलावा जि‍न्‍हें तेजी से वजन कम करना होता है वह भी इसका जूस पीते हैं। हालांकि, हर किसी के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता है। कुछ ऐसे भी लोग होते हैं ज‍िन्‍हें इस जूस को पीने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह उनकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अगर आप भी इस जूस को अपनी डाइट में शामिल करने की सोच रहे हैं, तो पहले आपको यह जान लेना जरूरी है कि किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। लो बीपी वाले मरीज न पिएं ये जूस आपको बता दें क‍ि ज‍िन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हाेती है उन्‍हें चुकंदर, गाजर और आंवला का जूस भूल से भी नहीं पीना चाह‍िए। अगर आप इस जूस को पीते हैं तो ब्लड प्रेशर की समस्या और बढ़ सकती है। जिस वजह से आपको अचानक से चक्कर आ सकता है। वहीं सिरदर्द की समस्‍या भी आपको परेशान कर सकती है। क‍िडनी की परेशानी से जूझ रहे मरीज अगर आपको किडनी से संबंध‍ित कोई बीमारी है तो इस स्थित‍ि में चुकंदर का जूस आपकी बीमारी काे और भी बढ़ा सकता है। ये आपके ल‍िए जहर के समान है। खासकर, किडनी स्टोन वाले लोगों को चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस पीने से परहेज करना चाहिए क्‍योंकि चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट किडनी में पथरी की समस्या काे और बढ़ा सकता है। प्रेग्‍नेंट मह‍िलाएं न प‍िएं ये जूस गाजर, चुकंदर और आंवले के जूस से प्रेग्‍नेंट म‍ह‍िलाओं को दूरी बना लेनी चाह‍िए। ये वही समय होता है जब खाने-पीने का खास ध्यान रखा जाता है। साथ ही यह उनके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। अगर आप प्रेग्‍नेंट हैं और ऐसे में ये जूस पीने का सोच रहीं हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसे प‍िएं। एलर्जी होने पर अगर आप क‍िसी भी एलर्जी से परेशान हैं तो चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस बिल्कुल न पिएं। इस जूस को पीने से एलर्जी बढ़ सकती है। दरअसल, एलर्जी से जूझ रहे लोगों को यह कॉम्‍बिनेशन जल्दी सूट नहीं करता है। इससे त्‍वचा में सूजन, खुजली या उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।

हर मर्ज की है दवा हल्दी

भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले इस्तेमाल होते हैं, जो खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाते हैं। हल्दी इन्हीं मसालों में से एक है, जो कई सारे भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल की जाती हैं। हल्दी अपने विशेष स्वाद और रंग के लिए जानी जाती है। साथ ही यह अपने औषधीय गुणों के लिए भी काफी मशहूर है। ये मात्र एक मसाला नहीं, बल्कि एक ऐसा सुपरफूड है, जो कि लंबे जीवन के लिए फायदेमंद होता है। ये घाव भरने में मददगार होती है, कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित बनाए रखने में मदद करती है, एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और कैंसर से भी बचाव करती है। ये एक ब्लड प्यूरीफायर है और एक हिमास्टैटिक एजेंट का काम भी करती है और पीरियड्स के क्रैम्प्स से राहत दिलाती है। सेहत के साथ-साथ यह स्किन के लिए भी फायदेमंद होती है। खाने के अलावा दूध में हल्दी डाल कर पीने के भी ढेरों फायदे हैं। साथ ही अपनी सुबह की चाय में भी एक चुटकी हल्दी डालकर पिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे हल्दी आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है- दर्द और सूजन से राहत दिलाए हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने तेज एंटी- इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जाना जाता है। ऐसे में इसे डाइट में शामिल करने से शरीर में होने वाले दर्द और सूजन से राहत मिलती है। सेल डैमेज से बचाए हल्दी में कुछ ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते हैं और शरीर में होने वाले सेल डैमेज से बचाव करते हैं। इम्युनिटी बूस्ट करे हेल्दी रहने के लिए इम्युनिटी मजबूत रहना जरूरी है। ऐसे में हल्दी आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर आपको कई तरह की बीमारियों और इन्फ्केशन से बचाती है। अगर आप भी अपना इम्यून सिस्टम बूस्ट करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में हेल्दी जरूर शामिल करें। हार्ट हेल्थ बेहतर रखे हल्दी एंडोथीलियम, जो ब्लड वेसल की लाइनिंग होती है, उसकी फंक्शनिं में सुधार लाता है। इससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है। पाचन तंत्र में सुधार हल्दी के नियमित सेवन से पाचन तंत्र में सुधार होता है। इससे ब्लोटिंग और गैस जैसी समस्या से राहत मिलती है। इसलिए अपने रोज की डाइट में हल्दी किसी न किसी रूप में जरूर शामिल करनी चाहिए। बेहतर स्किन हल्दी को किसी मास्क या फेस पैक के रूप में स्किन पर लगाने से स्किन हेल्थ बेहतर होती है। इससे स्किन साफ होती है, डार्क सर्कल्स कम होते हैं, मुंहासों से छुटकारा मिलता है, ड्राई स्किन मॉइश्चराइज होती है और असमय एजिंग से बचाव होता है।

अब पालतू जानवरों के खोने का नहीं होगा डर, लाइव कॉल फीचर के साथ ट्रैकिंग भी आसान

नई दिल्ली पेट लवर्स के लिए सबसे बड़ा डर उनके पालतू जानवर का कहीं खो जाना है. इस समस्या को दूर करने के लिए अब एक खास ‘मोबाइल’ आ गया है. यह न सिर्फ पालतू जानवर की ट्रैकिंग करेगा, बल्कि इसमें लाइव कॉल फीचर भी दिया गया है. इससे पालतू जानवरों के गुम होने का खतरा कम हो जाएगा. इस डिवाइस को uCloudlink नामक कंपनी ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2025 में लॉन्च किया है. कैसे काम करेगा यह डिवाइस? uCloudlink ने पालतू जानवरों के लिए खास वीयरेबल डिवाइस तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि यह दुनिया का पहला पेटफोन है. यह मोबाइल नेटवर्क और GPS के जरिए पालतू जानवर की रियल-टाइम लोकेशन की जानकारी दे सकता है. इससे पेट लवर्स के लिए अपने पालतू जानवरों को ट्रैक करना आसान हो जाएगा. इसके अलावा इसमें AI-बेस्ड कॉलिंग फीचर भी है. यह पालतू जानवरों की एक्टिविटी पर नजर रखकर उसके मालिक के साथ कम्युनिकेट करने में मदद करता है. यह डिवाइस पालतू जानवरों के मालिकों को एक ग्लोबल कम्युनिटी का हिस्सा बनने की भी सुविधा देता है. इसमें पालतू जानवरों की सेहत पर नजर रखने के लिए AI हेल्थ मॉनिटरिंग फीचर भी मिलता है. MWC में पेश हुआ फोल्डेबल ब्रीफकेस लैपटॉप मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2025 में कई शानदार प्रोडक्ट्स और कॉन्सेप्ट देखने को मिल रहे हैं. Samsung ने यहां एक गजब का लैपटॉप पेश किया है, जो फोल्ड होकर ब्रीफकेस बन जाता है. फोल्ड होने के बाद इसे बिल्कुल ब्रीफकेस की तरह कैरी किया जा सकता है. यह एक फोल्डेबल लैपटॉप कॉन्सेप्ट है. इसमें 18.1 इंच का QD-OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 2,000 x 2,664 पिक्सल रेजॉल्यूशन और 184 PPI पिक्सल डेन्सिटी को सपोर्ट करता है. यह अपने गजब के डिजाइन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. इसमें दो हैंडल लगे हुए हैं, जो फोल्ड होने पर ब्रीफकेस के हैंडल की तरह काम करते हैं.

होली के त्योहार पर आउटफिट का चुनाव बेहद खास होता है, पहनें ये स्टाइलिश आउटफिट्स, लगेंगे खूबसूरत

नई दिल्ली होली के त्योहार पर आउटफिट का चुनाव बेहद खास होता है क्योंकि इस दिन रंगों के साथ मस्ती करने के साथ-साथ हमें ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो आरामदायक भी हों और लुक में भी आकर्षक लगें। क्योंकि हम होली सेलिब्रेशन में बहुत सारी फोटो भी खिंचवाते हैं, इसलिए जरूरी है कि हमारा ड्रेस भी परफेक्ट हो। आज हम आपको कुछ आउटफिट आइडियाज बताएंगे, जो आपको होली के दौरान परफेक्ट लुक दे सकते हैं। कॉटन कुर्ता और पलाज़ो गर्मी के मौसम में हल्का और आरामदायक आउटफिट सबसे अच्छा होता है। आप एक रंग-बिरंगे कॉटन कुर्ते के साथ पलाज़ो पहन सकती हैं, जो न केवल आरामदायक होगा बल्कि आपको स्टाइलिश भी दिखाएगा। साफा के साथ अनारकली सूट अगर आप ट्रेडिशनल लुक चाहती हैं तो अनारकली सूट के साथ साफा (पगड़ी) पहनें। यह आपको एक क्लासिक और एथनिक लुक देगा, और होली के रंगों के साथ यह परफेक्ट कॉम्बिनेशन होगा। चूड़ीदार और टॉप अगर आपको कुछ सिंपल और मॉडर्न चाहिए तो आप चूड़ीदार के साथ एक ब्राइट रंग का टॉप पहन सकती हैं। इस लुक में आप आराम से रंग खेल सकती हैं और हर जगह ट्रेंडी दिख सकती हैं। कुर्ती और स्कर्ट इस होली में अगर आप कुछ नया ट्राई करना चाहती हैं तो स्कर्ट और कुर्ती का कॉम्बिनेशन एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यह लुक न सिर्फ स्टाइलिश है बल्कि इसमें मूवमेंट भी आरामदायक है। फ्लोरल साड़ी किसी भी त्योहार में साड़ी पहनने से अलग ही लुक आता है। होली पर भी आप वाइट साड़ी में फ्लोरल प्रिंट ट्राई कर सकती हैं। सफेद साड़ी में बड़े-बड़े रेड, पिंक, येलो कलर के फ्लावर वाला डिज़ाइन बहुत ही ज़्यादा अट्रैक्टिव लुक देगा। इसमें आप मल्टीकलर ब्लाउज़ पेयर कर सकती हैं। इसके अलावा, होली के दिन हल्के रंगों के कपड़े चुनें क्योंकि रंग जल्दी लग सकते हैं और कम से कम ज्वेलरी पहनें ताकि ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित महसूस करें।

नीम की पत्तियां खाने से शरीर में दिखेंगे कई बदलाव

नीम के पेड़ के तो फायदे हर किसी ने सुने ही हैं। नीम का पेड़ छायादार तो होता ही है। इसके साथ ही यह हवा को फिल्टर करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नीम के पेड़ की पत्तियों से लेकर इसकी टहनियां तक इंसानी शरीर के लिए काफी लाभकारी होती हैं। आज हम आपको नीम के पत्ते चबाने के फायदे बताने जा रहे हैं। खून को करता है साफ  अगर आप सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाकर खाते हैं तो यह आपके ब्लड को साफ करने में अहम भूमिका निभाती है। नीम की पत्तियां आपके पेट के लिए भी काफी लाभकारी होती हैं। यह खून को साफ करने में मदद करती हैं। खून साफ होता है तो चेहरे की चमक भी बढ़ जाती है। हाजमे को करती हैं दुरुस्त नीम की पत्तियां पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करती हैं। यह पाचन में सुधार करने में मदद करती है और कब्ज, गैस, और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करती है। अगर आप रेगुलर नीम की पत्तियां चबा लेते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। वजन कम करना नीम की पत्तियां वजन कम करने में मदद करती हैं। यह शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करती है और वजन को नियंत्रित करने में मदद करती है। अगर किसी को कलस्ट्रेाल की दिक्कत है तो नीम की पत्तियां सुबह उठकर खाले। यह बैड कलस्ट्रोल को खत्म करने में काफी मददगार है। चेहरे पर आती है चमक नीम की पत्तियां अगर आप रेगुलर खाते हैं तो आपके चेहरे पर चमक बढ़ने लगती है। नीम की पत्तियां आपके पाचन को सुधारने में मदद करती हैं। यह त्वचा में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करती है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाती है। यही कारण है कि कई साबुन कंपनियां अपने साबुन और फेस वॉश में नीम की पत्तियां होने का दावा करते हैं। इस तरह भी कर सकते हैं इस्तेमाल – नीम की पत्तियों को सुबह उठते ही खाली पेट खाएं। – नीम की पत्तियों को पानी के साथ पिएं। – नीम की पत्तियों को सलाद या सब्जी में मिलाकर खाएं। – नीम की पत्तियों को सुखाकर भी खाया जा सकता है।

सीने की जलन को इन घरेलू नुस्खे से मिलेगा आराम

सीने की जलन बैचेन कर देती है। आजकल सीने की जलन से हर कोई परेशान है। खानपान का सही ध्यान नहीं रखना और समय पर खाना नहीं खाना सीने की जलन का कारण बनता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप अपने खानपान पर ध्यान दें और समय पर खाना खाएं। आज हम आपको सीने की जलन से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू और आसान नुस्खे बताने जा रहे हैं। इन नुस्खों को अपनाकर आप सीने की जलन से छुटकारा पा सकते हैं। अजवाइन और हल्दी का मिश्रण अजवाइन और हल्दी का मिश्रण सीने की जलन से राहत दिलाने में काफी मददगार साबित होता है। आपअजवाइन और हल्दी को मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और इसे पानी के साथ पी लें। कुछ देर में ही इससे आपके सीने की जलन कम हो जाएगी और काफी हद तक आराम मिलेगा।  दही और काली मिर्च दही और काली मिर्च का मिश्रण सीने की जलन को कम करने के लिए काफी लाभकारी है। दही और काली मिर्च को मिलाकर आप इसे खा सकते हैं। दही सीने की जलन को कम करने के लिए काफी बेहतरीन नुस्खा है। दही पेट में भी गर्मी को शांत करता है। अदरक और शहद चूसें अदरक और शहद सीने की जलन को कम करने के लिए बेहतरीन नुस्खा है। अदरक को शहद में डूबोएं और इसे काफी देर तक आप चूसते रहें। ऐसा करने से आपको सीने की जलन से छुटकारा मिलेगा। अदरक सीने की जलन को कम करने के लिए एक बेहतरीन उपचार है। पुदीना और अजवाइन पुदीना पाचन में सुधार करने में मदद करता है और अपच, गैस, और दस्त जैसी समस्याओं को कम करता है। इसके साथ ही पुदीना जलन और सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे यह मुंह, गले, और पेट की समस्याओं में राहत दिलाने में भी काफी मददगार है। गर्म पानी से मिलेगी राहत गर्म पानी पीने से भी सीने की जलन से राहत मिलती है। गुनगुना पानी आपके सीने की जलन को कम करता है। अगर आप कोई चूर्ण भी खा रहे हैं तो इसे गर्म पानी के साथ खाएं। यह सीने की जलन से राहत दिला सकता है। इन घरेलू नुस्खों को आजमाकर आप सीने की जलन से राहत पा सकते हैं। लेकिन यदि समस्या बनी रहती है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

गर्मियों का मौसम वजन कम करने के लिए सबसे अच्छा मौसम

गर्मियों का मौसम वजन कम करने के लिए सबसे अच्छा मौसम माना जाता है। इस मौसम में तापमान अधिक होने के कारण शरीर में पसीना अधिक आता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। ऐसे में अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो यह मौसम आपके लिए बेस्ट है। इस मौसम में आप तेजी से वजन घटा सकते हैं। तरबूज तरबूज गर्मियों का एक अच्छा फल है जो वजन कम करने में मदद करता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर में हाइड्रेशन बना रहता है और वजन कम करने में मदद मिलती है। तरबूज में विटामिन सी और लाइकोपीन भी होता है, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है। तरबूज का सेवन करने से आपका लीवर भी फिट रहता है। जिससे शरीर में खून का संचार भी बेहतर होता है। नारियल पानी नारियल पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं। नारियल पानी में विटामिन सी और पोटैशियम भी होता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। गर्मियों में आप रोजाना सुबह नारियल पानी पीकर खुद को फिट और हेल्दी रख सकते हैं। इससे आपके शरीर में भी एनर्जी बनी रहती है। सलाद सलाद गर्मियों में वजन कम करने के लिए एक अच्छा सोर्स है। इसमें सब्जियां, फल, और नट्स होते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं। सलाद में विटामिन सी, विटामिन के, और फाइबर होता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सलाद में आप ककड़ी, खीरा, ब्रोकली और हरी गोभी का भी सेवन कर सकते हैं। सलाद से आपका पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप गर्मियों में वजन कम करने में मदद पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि वजन कम करने के लिए नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार का पालन करना भी जरूरी है।

सेहत के साथ आपके दिल के लिए भी काफी फायदेमंद है काला नमक

काला नमक खाने के कई फायदे हैं। काला नमक आपके खाने में न केवल जायका बढ़ाता है बल्कि आपकी सेहत को भी दुरुस्त रखने में मदद करता है। अगर आप अपने खाने में काला नमक का प्रयोग बढ़ाते हैं तो इसके कई फायदे आपको जल्द महसूस होने लगेंगे। काला नमक आपकी सेहत के साथ आपके दिल के लिए भी काफी फायदेमंद है। डाइजेस्टिव सिस्टम को बनाता है मजबूत काला नमक पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं और कब्ज, गैस, और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करते हैं। अगर आपको लगता है कि खाना जल्दी नहीं पचता तो आप खाने के बाद एक चुटकी काला नमक का सेवन कर सकते हैं। यह आपके खाने को पचाने में काफी मदद करता है। गैस और दर्द को करता है कम काला नमक पेट की गैस और दर्द को कम करने में मदद करता है। इसमें कार्बोनिक एसिड होता है जो पेट में गैस को कम करता है और दर्द को कम करता है। कई बार खाना खाने के बाद गैस बन जाती है जो बहुत देर तक परेशान करती है। मुंह की बदबू को करता है खत्म काला नमक मुंह की बदबू को कम करने में भी काफी लाभकारी है। काला नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह में बैक्टीरिया को मारते हैं और बदबू को कम करते हैं। अगर आपके मुंह से लगातार बदबू आती है तो आप काले नमक का सेवन करके इस समस्या से भी छुटकारा पा सकते हैं। त्वचा को स्वस्थ बनाता है काला नमक त्वचा को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। रोजाना पानी में काला नमक घोलकर पीने से काफी फायदे हैं। अगर आप काला नमक पानी में घोलकर पीते हैं तो यह आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इस तरह भी खा सकते हैं काला नमक – काला नमक को सलाद, सूप, या अन्य व्यंजनों में मिलाकर खाया जा सकता है। – काला नमक को पानी में मिलाकर पीया जा सकता है। – काला नमक को सुखाकर प्रयोग में लाया जा सकता है।

इन जगहों पर खर्च किया गया धन हमेशा होता है दोगुना

हमारे देश के इतिहास में कई बड़े महान विद्वान और ज्ञानी हुए जिनका गौरव गान आज भी सुनाई देता है। इन्हीं में से एक थे महान कूटनीतिक आचार्य चाणक्य जिन्होंने अपनी नीतियों में जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने स्पष्ट विचार रखे। उन्होंने अपनी नीति के जरिए लोगों का ऐसा मार्गदर्शन किया कि आज भी लोग आचार्य की बातों को अपने जीवन में उतारते हैं और उसका लाभ भी पाते हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में धन के सही इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। उनके मुताबिक यूं तो व्यक्ति को हमेशा सोच-समझकर ही धन खर्च करना चाहिए लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां खर्च करने से बिल्कुल भी परहेज नहीं करना चाहिए। आचार्य के अनुसार इन जगहों पर पैसा खर्च करने से धन और भी ज्यादा बढ़ता है और घर में बरकत बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसी कौन से जगहें हैं। बच्चों की शिक्षा पर धन खर्च करने में ना दिखाएं कंजूसी आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चों की शिक्षा पर धन खर्च करते हुए भी ज्यादा सोच-विचार नहीं करना चाहिए। क्योंकि विद्या पर खर्च किया गया धन कभी भी व्यर्थ नहीं जाता। यहां तक कि भविष्य में इसका दोगुना ही वापस मिलता है। आचार्य के अनुसार जिस भी चीज से आपके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती हो या वो कुछ नया सीखते हों, वहां कंजूसी दिखाना बेवकूफी ही है। अपने से कमजोरों की मदद करने में रहें आगे आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को हमेशा अपने से कमजोर लोगों की मदद करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। अपने और अपने परिवार के लिए धन अर्जित करना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन हमेशा केवल धन संचय में लगे रहना भी ठीक नहीं है। इस धन के कुछ हिस्से का इस्तेमाल अपने से कमजोर, गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए भी करना चाहिए। आचार्य के अनुसार लोगों की मदद में लगाया हुआ धन हमेशा दोगुना हो कर ही वापस मिलता है, ऐसे में इस पुण्य कार्य में कंजूसी बिल्कुल भी ठीक नहीं है। समाज सेवा से करें धन का सदुपयोग आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति को अपनी आय का कुछ हिस्सा सामाजिक कार्यों में भी लगाना चाहिए। आप चाहें तो किसी स्कूल, अस्पताल या संस्था बनवाने के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्सा निकाल कर रख सकते हैं। आचार्य के अनुसार ऐसा करने से भाग्य में वृद्धि होती है और व्यक्ति दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है। ऐसे लोगों को समाज में खूब मान-सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। बीमारी में मदद करने से ना चूकें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में जिक्र करते हैं कि व्यक्ति को कभी भी किसी बीमार की सहायता करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। आचार्य के अनुसार अपने सामर्थ्य के अनुसार हमेशा बीमार व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। आपके एक उपकार से किसी का जीवन बच सकता है और पूरा परिवार दोबारा खुशहाली भरी जिंदगी जी सकता है। आचार्य कहते हैं कि बीमारी में किसी की मदद करने वाले व्यक्ति पर भगवान की हमेशा कृपा बनी रहती है और उसे खूब मान-सम्मान और सुख-समृद्धि भी मिलती है। धार्मिक स्थलों को दें दान आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को धार्मिक स्थलों को दान देने में भी किसी तरह की कंजूसी नहीं दिखानी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि किसी मंदिर या अन्य धार्मिक स्थल को दान देने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है। इस तरह का दान देने से ना सिर्फ धर्म की रक्षा होती है बल्कि दान-पुण्य के चलते कई गरीब बेसहारा लोगों को भी भोजन मिल जाता है। आचार्य के अनुसार जो व्यक्ति अपनी आय का एक हिस्सा धार्मिक स्थलों के लिए दान देता है, उसके जीवन में कभी भी किसी चीज की को कमी नहीं रहती है।

रक्तदान किसी की जान बचाने के लिए तो काम आता ही है, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, हुआ खुलासा

नई दिल्ली रक्तदान किसी की जान बचाने के लिए तो काम आता ही है, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।  हाल ही में किए गए एक शोध से यह पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से रक्तदान करते हैं, उनमें कैंसर होने का खतरा कम हो सकता है। यह शोध लंदन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने किया। उन्होंने पाया कि लंबे समय तक रक्तदान करने वालों के खून में जेनेटिक बदलाव होते हैं, जो कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने 60 साल के 2 समूह के रक्तदाताओं के खून की तुलना की। पहले समूह में वे लोग शामिल थे, जिन्होंने पिछले 40 सालों से हर साल 3 बार रक्तदान किया। दूसरे समूह में ऐसे लोग थे, जिन्होंने अब तक केवल 5 बार रक्तदान किया। पहले समूह के 50% लोगों के खून में खास जेनेटिक बदलाव पाए गए, जो शरीर में कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। खून में म्यूटेशन और रक्तदान का असर शोधकर्ताओं का कहना है कि समय के साथ शरीर में खून में म्यूटेशन होते रहते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। लेकिन रक्तदान से नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे शरीर के स्टेम सेल्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं और नया, स्वस्थ खून बनता है। रक्तदान से पुराने और हानिकारक ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं, जिससे शरीर में स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर होती है। आज सुबह एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती कांप गई। भारत और ताइवान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत के गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित अमरेली शहर में लोग भूकंप के झटकों से डर गए। ताइवान में भी 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोग परेशान हो गए।

Holi Eyes Care Tips : होली खेलते समय आंखो को रंगो से बचाना हैं? तो अपनाएं ये नुस्खे

होली का त्योहार खुशियों और रंगों का प्रतीक होता है, और इस दिन सभी लोग जमकर होली खेलते हैं। हालांकि, इस रंगीन उत्सव के दौरान अपनी सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है, खासकर आंखों की सुरक्षा। केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल न केवल हमारी त्वचा पर असर डालता है, बल्कि यह आंखों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए, होली के दौरान कुछ खास उपायों का पालन करना चाहिए, ताकि आपकी आंखें सुरक्षित रहें। आंखों को साफ पानी से धोए होली के दौरान अगर आंखों के आस-पास रंग लग जाए, तो इसे तुरंत पानी से धो लेना चाहिए। इसके अलावा, गुलाब जल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, क्योंकि यह आंखों से रंग और गंदगी हटाने में मदद करता है। गुलाब जल की ताजगी और शीतलता आपकी आंखों को आराम पहुंचाती है और जलन को कम करती है। सनग्लासेस पहनें, आंखों को सुरक्षित रखें केमिकल युक्त रंगों से बचने के लिए होली के दिन सनग्लासेस का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। ये आपकी आंखों को रंगों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और केमिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं। अगर आप संपर्क लेंस (कंटेक्ट लेंस) पहनते हैं, तो कोशिश करें कि डेली डिस्पोजेबल लेंस का उपयोग करें, क्योंकि इससे आंखों में संक्रमण का खतरा कम होता है। आंखों के साथ क्या न करें: इन बातों का रखें ध्यान     आंखों को बार-बार न रगड़ें: होली खेलते समय अगर आपकी आंखों में रंग लग जाए तो इसे बार-बार रगड़ने से बचें। हाथों पर लगे रंगों के कारण आंखों में जलन और संक्रमण हो सकता है। अगर आंखों में जलन या खुजली हो, तो आई टिश्यू वाइप्स का इस्तेमाल करें या साफ पानी से आंखों को धोएं।     आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें: अगर होली के दौरान आपकी आंखों में कोई परेशानी हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का उपयोग न करें। स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप्स से बचें, क्योंकि ये तुरंत राहत देती हैं, लेकिन लंबे समय में आंखों की समस्या पैदा कर सकती हैं।

नाखूनों के ये संकेत न करे अनदेखा, नहीं तो पहुंच सकते हैं अस्पताल

हमारा शरीर बिना कुछ कहे भी हमसे काफी कुछ कहता है। अगर सेहत दुरुस्त है, तो यह शरीर में साफ नजर आता है। वहीं, अगर शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ होती है, तो शरीर इसके बारे में भी संकेत देने लगता है। शरीर के किसी पोषक तत्व की कमी हो या फिर कोई बीमारी, कुछ संकेतों की मदद से शरीर पहले ही चेतावनी  देना शुरू कर देता है। ऐसा ही कुछ शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर भी होता है। यूं तो शरीर कई तरीकों से न्यूट्रिएंट्स की कमी का संकेत देता है, लेकिन इसके कुछ चेतावनी संकेत नाखून पर भी नजर आते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये संकेत- नाखूनों का टूटना अगर आपके नाखून अक्सर टूटते हैं या उसमें क्रेक आ जाता है, तो यह शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा यह डिहाइड्रेशन या थायरॉयड जैसी समस्याओं का संकेत भी होता है। ऐसे में अंडे, नट्स और पत्तेदार साग को डाइट में शामिल करना फायेदमंद होगा। पीले नाखून अगर आपके नाखून का रंग पीला नजर आ रहे हैं, तो यह फंगल इन्फेक्शन, स्मोकिंग, डायबिटीज या फेफड़ों की बीमारी जैसी हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकता है। इसके लिए अच्छी हाइजीनिक रहना बेहद जरूरी है। साथ ही एंटीफंगल ट्रीटमेंट और विटामिन-ई नाखूनों की सेहत को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, बहुत ज्यादा पीले नाखूनों का होना एनीमिया, लिवर डिजीज या कुपोषण का संकेत हो सकता है। नाखून पर सफेद धब्बे नाखून पर नजर आने वाले छोटे सफेद धब्बे आमतौर मामूली चोट के कारण होते हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक यह धब्बे बने रहते हैं, तो यह जिंक या कैल्शियम की कमी की निशानी हो सकते हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए न्यूट्रिएंट रिच डाइट फॉलो करें। नीले नाखून नाखूनों का नीला रंग शरीर में अपर्याप्त ऑक्सीजन फ्लो की तरफ इशारा करता है। ऐसा आमतौर पर फेफड़ों की बीमारी, डार्ट डिजीज या रेनॉड फिनोमेनन के कारण होता है। अगर यह लक्षण लगातार बना रहते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। नाखून पर गहरे रंग की रेखाएं नाखूनों के नीचे भूरी या काली रंग की रेखाएं मेलेनोमा का संकेत हो सकती हैं, जो एक गंभीर स्किन कैंसर है। नाखूनों में होने वाले किसी भी असामान्य रंग के बदलाव की जल्द से जल्द जांच जरूर कराएं। नाखून के आसपास सूजन नाखून के आसपास रेडनेस या सूजन इन्फेक्शन, ल्यूपस या अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसा कोई संकेत नजर आता है, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्लबिंग नाखून गोल सिरे और उभरे हुए नाखून अक्सर फेफड़ों की बीमारी, हार्ट डिजीज या शरीर में कम ऑक्सीजन का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इन संकेतों के नजर आते ही बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

पिता ने बच्चों संग खाया जहर, तीन की मौत

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के बेलवानिया गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक पिता ने अपने चार बच्चों के साथ जहर खा लिया, जिससे तीन मासूमों की मौत हो गई, जबकि पिता और एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस त्रासदी के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक की पत्नी की पिछले साल ही मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में था। माना जा रहा है कि डिप्रेशन के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। बच्चों को खिलाया जहर, फिर खुद की आत्महत्या की कोशिश सूत्रों के मुताबिक, व्यक्ति ने पहले अपने चारों बच्चों को जहर खिलाया और फिर खुद जहर खा लिया। जब परिवार के अन्य सदस्यों को इस घटना की जानकारी मिली, तो सभी को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि पिता और एक बच्चे का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बिहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ शुरू की है, लेकिन अब तक जहर खाने की असली वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहराई से छानबीन की जाएगी और जल्द ही सच्चाई का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और आगे की कार्रवाई जारी है। गांव में मातम, हर कोई सदमे में इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि व्यक्ति पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव में था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। गांव में हर कोई गमगीन है, और लोगों में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश दोनों है। प्रशासन ने कहा है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।  

बदलते मौसम में आयुर्वेद के इन टिप्स से रखें सेहत का ख्याल

आयुर्वेद में सभी मौसम के हिसाब से अलग-अलग दिनचर्या का महत्व बताया गया है। इसे ऋतुचर्या कहा जाता है। अगर इन दिनों में ऋतुचर्या के अनुसार आपका रहन-सहन रहे, तो शरीर पर बदलते मौसम का दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका कम हो जाती है। इस समय सुबह-शाम हल्की ठंड रहती है और दिन के समय सूर्य की किरणें प्रखर होने लगी हैं। हवा में अभी रूखापन भी है, ऐसे में सेहत को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, इस आदान काल की अवधि में ऊर्जा की कमी महसूस होती है। शरीर शिथिलता महसूस करने लगता है। बता दें कि हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ के दोषों का संतुलन बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है। बढ़ते तापमान के बीच इस मौसम में कफ का प्रभाव बढ़ा होता है, इसलिए आपका पूरा ध्यान कफ के निकास पर होना चाहिए और इसे बढ़ने से रोकने का भी प्रयास करना चाहिए। अभी आप मौसम के अनुकूल आहार-विहार अपनाकर आप मौसमी समस्याओं जैसे, एलर्जी, सर्दी-खांसी या बुखार आदि से निजात पा सकते हैं। ध्यान रहे स्वस्थ आहार का सेवन तभी लाभकारी होता है जब हेल्दी लाइफस्टाइल भी अपना सकें। खानपान में बरतें सावधानी     सुपाच्य और हल्का भोजन करें।     भोजन की तासीर ठंडी नहीं होनी चाहिए।     भोजन गर्म और ताजा होना चाहिए।     पुराने गेहूं और बाजरा का सेवन इन दिनों उपयोगी है।     भोजन में खट्टे पदार्थों को कम रखें।     शहद का सेवन सेहत के लिए लाभप्रद है।     मुनक्का से तैयार आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन मौसमी बदलावों के लिए अच्छा है।     गले में खराश, खांसी होने पर नमक मिलाकर गुनगुने पानी से गरारा करें। इन बातों का रहे ध्यान     इस मौसम में पंचकर्म के दौरान वमन का विशेष महत्व है। इसके द्वारा शरीर में जमे हुए कफ को निकाला जाता है।     इस समय शरीर में सुस्ती होती है। दिन के समय नींद आती है, पर प्रयास करें कि दिन की अवधि में न सोएं।     इस मौसम में कसरत करें। निष्क्रियता से दूर रहें। जठराग्नि को समझें आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह जरूरी है कि जठराग्नि संतुलन में हो जठराग्नि का संतुलन अच्छे पाचन और समग्र स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक माना गया है। भूख से थोड़ा कम भोजन करना चाहिए, यह जठराग्नि के संतुलन के लिए जरूरी है।

ज्यादा तनाव और लगातार स्ट्रेस सेहत के लिए खतरनाक, इन आसान तरीको से करे कम

स्ट्रेस सिर्फ मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी असर डालता है। हल्का तनाव सामान्य है लेकिन ज्यादा और लगातार स्ट्रेस सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यह हार्ट अटैक हाई ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। एक्सरसाइज अच्छी नींद और सोशल इंटरैक्शन से इसे कम किया जा सकता है। आइए जानें आखिर एक इंसान कितना स्ट्रेस लेने के लिए बना है? हमारे आस-पास स्ट्रेस या तनाव के बारे में लोग काफी मजाकिया लहजे में बात करते हुए मिल जाते हैं। कई तो स्ट्रेस से गुजर रहे लोगों पर कमेंट करने से भी चूकते हैं कि तुम्हें किस बात का स्ट्रेस है भला! लेकिन क्या आपको पता है ये आम सा लगने वाला स्ट्रेस गंभीर असर भी छोड़ सकता है। क्या आपके भी मन में ये सवाल उठता है कि आखिर एक इंसान कितना स्ट्रेस झेल सकता है? ये भी स्ट्रेस है क्या वैसे तो किसी मुश्किल काम के दौरान स्ट्रेस होने की आशंका ज्यादा होती है, लेकिन कई बार डरावनी फिल्म देखकर या डेट पर जाने जैसी बातों से भी स्ट्रेस हो सकता है। खतरा या कुछ आसामान्य महसूस होने पर आपका शरीर अचानक ही एड्रेनलाइन या कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन से भर जाता है। ऐसे में आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है, ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है, एनर्जी भी बढ़ी हुई महसूस होती है ताकि आप अचानक आए इस स्ट्रेस से लड़ पाएं। इसका असर तो कुछ देर रहता है और शरीर फिर सामान्य स्थिति में भी आ जाता है। ऐसा किसी खास स्थिति या काम को लेकर होता है जब आप तनाव महसूस करते हैं। लेकिन जैसे ही स्थिति सामान्य होती है आपको अच्छा महसूस होने लगता है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक हमारा शरीर कम मात्रा में स्ट्रेस लेने के लिए बना है, लेकिन जब यह स्ट्रेस लंबा या क्रॉनिक हो जाता है, तो हमारे शरीर पर उसके कई बुरे परिणाम देखने को मिलते हैं। पेट में भी कुछ-कुछ होता है पेट में तितली उड़ने की बात तो करते हैं, लेकिन स्ट्रेस उसे सही मायने में महसूस कराता है। कोई भी प्रेजेंटेशन देने से पहले आपको पेट में कुछ गड़बड़ या दर्द जैसा महसूस हो सकता है। कई बार स्ट्रेस के पीछे बड़े कारण भी दिख सकते हैं, जैसे पति-पत्नी की आपसी लड़ाई या फिर भूकंप या आतंकवादी हमले जैसी स्थिति में भी ऐसा हो सकता है। बार-बार होने से क्या होता है अगर बार-बार एक्यूट स्ट्रेस रहता है, तो उससे दिल की आर्टरीज में सूजन तक हो सकती है। हार्ट अटैक आने के कई सारे कारणों में ये भी एक कारण होता है। वहीं, कोई व्यक्ति स्ट्रेस से किस तरह लड़ता है, उसका असर कोलेस्ट्रॉल लेवल पर भी पड़ता है। कैसे मैनेज करें इसे     दोस्त बनाएं और लोगों से मिलते-जुलते रहें     एक्सरसाइज करना ना भूलें     हर रात अच्छी नींद लें     अगर आपको लगातार स्ट्रेस महसूस हो रहा है, तो किसी साइकोलॉजिस्ट से मिलें।  

सिगरेट फेफड़ों के अलावा कई अंगों को पहुंचाती है नुकसान

क्या आपको लगता है कि सिगरेट पीने से सिर्फ फेफड़े खराब होते हैं? अगर हां, तो आपको सच जानकर झटका लग सकता है! सिगरेट का धुआं धीरे-धीरे पूरे शरीर को जहर की तरह नुकसान पहुंचाता है। दिल से लेकर दिमाग तक, त्वचा से लेकर आंखों तक – कोई भी अंग इस जहर से बच नहीं पाता। क्या आपने कभी सोचा है कि जो सिगरेट आपको कुछ मिनटों की राहत देती है, वो आपकी जिंदगी के सालों को चुरा रही है? धूम्रपान की वजह से दिल के दौरे, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी कम होने और यहां तक कि अंधेपन का खतरा भी बढ़ जाता है। इस नेशनल नो स्मोकिंग डे 2025 , आइए मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. सुनील सेखरी से जानते हैं कि सिगरेट किन-किन अंगों को नुकसान पहुंचाती है और क्यों इसे छोड़ना आपकी सेहत के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट होगा। दिल     सिगरेट पीने वालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 2 से 4 गुना ज्यादा होता है!     सिगरेट का निकोटीन और टार रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को संकीर्ण कर देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।     धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।     ब्लड प्रेशर हमेशा हाई रहता है, जिससे धीरे-धीरे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिल लंबे समय तक हेल्दी रहे, तो सिगरेट से दूरी बना लें! दिमाग     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद केमिकल्स ब्रेन सेल्स को डैमेज करते हैं, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।     यह नर्व सिस्टम को कमजोर करता है, जिससे एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता कम होती जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज रहे और भविष्य में भूलने की बीमारी से बचना है, तो सिगरेट छोड़ दें! त्वचा     सिगरेट का धुआं आपकी स्किन से नमी और जरूरी पोषक तत्वों को छीन लेता है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां, झाइयां और बेजान त्वचा नजर आने लगती है।     कोलेजन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे त्वचा लटकने लगती है और आप समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं।     सिगरेट पीने वालों की त्वचा जल्दी डल और सांवली पड़ जाती है, क्योंकि धूम्रपान से त्वचा की ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। किडनी     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से किडनी कैंसर होने का खतरा 50% तक बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद टॉक्सिन्स  किडनी के टिशूज को डैमेज कर देते हैं, जिससे किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है।     यह ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जो किडनी फेलियर की सबसे बड़ी वजह बन सकता है। आंखें     सिगरेट का धुआं आंखों की नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे रक्त संचार धीमा हो जाता है और दृष्टि कमजोर होने लगती है।     लंबे समय तक धूम्रपान करने से मोतियाबिंद और धुंधली दृष्टि की समस्या जल्दी हो सकती है।     सिगरेट पीने वालों में एज-रेलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा 3 गुना ज्यादा होता है, जिससे उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी पूरी तरह जा सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहें और आपको बुढ़ापे में भी साफ दिखे, तो सिगरेट से जल्द से जल्द दूरी बना लें।

लाइफ में परफेक्ट निर्णय लेने में ये ट्रिक्स देंगे मदद

हम रोजाना की लाइफ में कई फैसले लेते हैं। वहीं कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जिसमें हम थोड़ा बहुत सोचते हैं। अधिकतर लोग इस तरह के फैसले लेने में कंफ्यूज होते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको इन 4 तरीकों को अपनाएं। ऐसा करके आप आसानी से परफेक्ट फैसला ले सकेंगे। वैसे तो हर एक फैसला सोच-विचार के साथ ही लेना चाहिए क्योंकि जब भी कोई फैसला लिया जाता है तो फायदे, नुकसान, परिणाम और सभी विकल्पों पर विचार किया जाता है। लेकिन ज्यादा सोचने से आप निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। बहुत ज्यादा सोचने से आप ऐसा निर्णय ले सकते हैं जो आप नहीं लेना चाहेंगे। आप जितना ज्यादा सोचेंगे आपको निर्णय लेने में कंफ्यूजन हो सकता है। इसलिए बहुत अधिक सोचने से बचें। अपने निर्णय के विपरीत की सोचें आपको जो अंतिम निर्णय लगता है उस पर आगे बढ़ने से पहले फैसले के बिल्कुल विपरीत पर विचार करें। अपने निर्णयों के बारे में कॉन्फिडेंट होना जरूरी है। हमेशा दूसरे विकल्पों के बारे में सोचें। ऐसा करने से आपको विश्वास मिलेगा की आप सही निर्णय ले रहे हैं या नहीं। अपनी गलतियों का सामना करें अपनी गलतियों का सामना करना आसान नहीं है। जब निर्णय लेने का समय हो, तो पिछली समान स्थितियों के बारे में सोचें जब आपने गलती की होगी। पता लगाएं कि आपने क्या किया या क्या नहीं किया जिससे आपकी गलती हुई। अपनी गलतियों का सामना करके आपको एहसास होगा की निर्णय लेते समय किन गलतियों से बचना चाहिए। दबाव में स्पष्ट रूप से सोचना मुश्किल होता है। कभी-कभी आपका पहला विचार सबसे अच्छा नहीं होता। इसलिए अपने आप को कुछ समय के लिए किसी समस्या पर बैठने का मौका दें ताकि आप अपने विकल्पों पर विचार कर सकें।

Xiaomi 16 को लेकर चर्चा शुरू , 3D-प्रिंटेड होगा फ्रेम

नई दिल्ली Xiaomi की 15 सीरीज फाइनली लॉन्च हो चुकी है। 11 मार्च से फोन की सेल का आगाज होने वाला है। इस बीच Xiaomi 16 को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अभी ये जल्दबाजी होगा कि Xiaomi 16 पर चर्चा हो रही है। लेकिन अफवाहों का बाजार तेज हो चुका है। फोन के डिजाइन को लेकर नया दावा किया गया है। साथ ही इस बार फोन का डिजाइन काफी अलग हो सकता है। क्योंकि इसमें काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। Ming-Chi Kuo ने X पर इसको लेकर नया दावा कर दिया है। Xiaomi 16 Pro में होगा 3D-प्रिंटेड फ्रेम? एक नई लीक के मुताबिक, Xiaomi 16 Pro में 3D प्रिंटेड फ्रेम दिया जा सकता है। यह जानकारी TF Securities International के विश्लेषक Ming-Chi Kuo ने X पर शेयर की है। Kuo के अनुसार, Xiaomi 16 Pro में मेटल मिड-फ्रेम होगा, जिसे चाइनीज सप्लायर Bright Laser Technologies की 3D प्रिंटिंग तकनीक से तैयार किया जाएगा। 3D प्रिंटिंग से फोन को क्या फायदा होगा? Kuo का कहना है कि 3D-प्रिंटेड फ्रेम का हल्का और खोखला डिजाइन फोन के वजन को कम करने में मदद करेगा। साथ ही, इससे थर्मल परफॉर्मेंस भी बेहतर होगी, यानी फोन अधिक हीटिंग के बिना लंबे समय तक अच्छी परफॉर्मेंस देगा। खास बात यह है कि इससे फोन की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 3D प्रिटिंग के सामने कुछ चुनौतियां भी देखने को मिल सकती हैं- हालांकि, 3D प्रिंटिंग तकनीक इतनी आसान नहीं है। इसे लेयर वाइज बनाया जाता है, जिससे प्रोडक्शन के मेकिंग में ज्यादा टाइम लगता है। साथ ही ये टेक्नोलॉजी थोड़ी महंगी भी साबित होती है। क्योंकि इसकी मैनुफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी की कीमत भी ज्यादा होती है। पहले भी हुआ था 3D टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल 3D-प्रिंटेड स्मार्टफोन फ्रेम्स पहली बार नहीं आ रहे हैं। 2000 के दशक की शुरुआत में, Sharp ने mova SH251iS नामक पहला ग्लास-फ्री 3D डिस्प्ले वाला फोन लॉन्च किया था। हालांकि, यह टेक्नोलॉजी कुछ समय के लिए थी और सिर्फ कुछ स्पेशल एंगल्स पर ही वर्क करती थी। अभी टेक्नोलॉजी काफी आगे जा चुकी है। उदाहरण के लिए, ZTE Nubia Pad 3D जैसे डिवाइसेस में बिना चश्मे के 3D डिस्प्ले दिए जा रहे हैं। 3D प्रिंटेड स्मार्टफोन फ्रेम कब तक आ सकते हैं? हालांकि, 3D-प्रिंटेड फ्रेम्स को अपनाने में समय लग सकता है। यह टेक्नोलॉजी उतनी जटिल नहीं है जितनी ग्लास-फ्री 3D डिस्प्ले बनाना, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर उत्पादन में लाने के लिए कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।

Google Pixel 9a को लेकर तैयारियां शुरू, Pixel 8a हुआ सस्ता

मुंबई Google Pixel 9a को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। Google Pixel 9 सीरीज का ही ये पार्ट होने वाला है। इसमें चार नए मॉडल आएंगे, इसमें फोल्डेबल ऑप्शन को भी शामिल किया गया है। खास बात है कि इस फोन में कई खास फीचर्स भी दिए जा रहे हैं। Google ने इसके बाद Pixel 8a की कीमत कम कर दी है। आज हम आपको फोन पर चल रहे डिस्काउंट के बारे में जानकारी देने वाले हैं, तो चलिये आपको भी बताते हैं- Google Pixel 8a ने यह स्मार्टफोन फ्लैगशिप-लेवल फीचर्स और प्रीमियम डिजाइन के साथ लॉन्च किया था। अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart अपने ग्राहकों के लिए इस स्मार्टफोन पर शानदार डील लेकर आया है, जिससे आप इसे अब तक की सबसे कम कीमत पर खरीद सकते हैं। Pixel 8a पर भारी छूट! फिलहाल, Google Pixel 8a को Flipkart पर 52 हजार 999 रुपए की लिस्टेड कीमत पर बेचा जा रहा है। लेकिन कंपनी इस पर 28% का भारी डिस्काउंट दे रही है। इस छूट के बाद आप यह स्मार्टफोन सिर्फ 37 हजार 999 रुपए में खरीद सकते हैं। Google के इस फोन पर HDFC Bank Credit Card से EMI ट्रांजैक्शन करने पर 3 हजार रुपए का इंस्टेंट डिस्काउंट दे रहा है। एक्सचेंज ऑफर के तहत आप अपने पुराने फोन को एक्सचेंज कर 36 हजार 950 रुपए तक की छूट पा सकते हैं। हालांकि, एक्सचेंज वैल्यू आपके पुराने डिवाइस की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर करेगी। अगर आपको 13 हजार रुपए की भी एक्सचेंज छूट मिलती है, तो Pixel 8a सिर्फ 24 हजार 999 रुपए में मिल सकता है। Google Pixel 8a के फीचर्स स्मार्टफोन में मजबूत प्लास्टिक बैक और एल्यूमीनियम फ्रेम दिया गया है। यह IP67 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे पानी और धूल से बचाव प्रदान करता है। इसमें 6.1-इंच का OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो HDR सपोर्ट और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए Corning Gorilla Glass 3 दिया गया है। यह स्मार्टफोन लेटेस्ट Android 14 पर काम करता है। यह फोन 4nm Google Tensor G3 चिपसेट पर चलता है, जो 8GB तक RAM और 256GB स्टोरेज ऑप्शन के साथ आता है। कैमरा सेटअप फोटोग्राफी के लिए 64MP + 13MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 13MP फ्रंट कैमरा मिलता है। अगर आप एक प्रीमियम एंड्रॉयड फोन लेना चाहते हैं, तो Flipkart का यह ऑफर बेहतरीन डील साबित हो सकता है।

POCO M7 5G का एयरटेल एडिशन लॉन्‍च

मुंबई  POCO M7 5G स्‍मार्टफोन को पिछले सप्‍ताह भारत में लॉन्‍च किया गया था। अब कंपनी ने इसका एयरटेल एक्‍सक्‍लूसिव एडिशन लॉन्‍च कर दिया है। एक्‍सक्‍लूसिव एडिशन का मतलब है कि फोन में सिर्फ एयरटेल की सिम काम करेगी। जो यूजर्स एयरटेल का प्रीपेड या पोस्‍टपेड कनेक्‍शन यूज कर रहे हैं, उनके लिए यह फोन एक अच्‍छी डील साबित हो सकता है, क्‍योंकि इसके प्राइस POCO M7 5G के नॉर्मल मॉडल से कम रखे गए हैं। याद रहे कि किसी और नेटवर्क जैसे- वीआई या जियो के साथ यह फोन काम नहीं करेगा। स्‍मार्टफोन की कीमत POCO M7 5G एयरटेल ए‍क्‍सक्‍लूसिव एडिशन के दाम 9249 रुपये रखे गए हैं। हालांकि यह कीमत सभी ऑफर्स को मिलाकर है और POCO M7 के स्‍टैंडर्ड मॉडल से कम है। उस फोन को 10,499 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया है। इस फोन को होली से ठीक पहले 13 मार्च से फ्लिपकार्ट के जरिए खरीदा जा सकेगा। दोपहर 12 बजे से फोन की सेल स्‍टार्ट हाेगी। इस फोन को भी तीन कलर्स- मिंट ग्रीन, स्‍टैन ब्‍लैक और ओशियन ब्‍लू में लाया गया है। फोन में ऐसी कई खूबियां होने का दावा है, जो आमतौर पर इस प्राइस कैटिगरी में नहीं मिलतीं।  स्‍पेसिफ‍िकेशंस, फीचर्स एयरटेल एडिशन वाले POCO M7 5G में 6.88 इंच का एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले है। कंपनी क्‍लेम कर रही है कि इस सेगमेंट में इतने बड़े डिस्‍प्‍ले वाला फोन नहीं मिलता। डिस्‍प्‍ले में 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 600 निट्स की ब्राइटनैस मिलती है। फोन में क्‍वॉलकॉम के स्‍नैपड्रैगन 4 जेन 2 चिपसेट की ताकत दी गई है, जो इसे 5जी नेटवर्क का सपोर्ट ऑफर करती है। यह चिपसेट एंंट्री लेवल और शुरुआती मिड-रेंज फोन्‍स के लिए बनाया गया है। फोन के ज्‍यादातर स्‍पेसिफ‍िकेशंस POCO M7 5G के नॉर्मल मॉडल वाले ही हैं। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। फ्रंट में 8 मेगापिक्‍सल का कैमरा मिलता है। फोन में 5,160mAh की बैटरी दी गई है जो 18 वॉट की वायर्ड फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह डिवाइस एंड्रॉयड 14 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर रन करती है। रेडमी और पोको के ज्‍यादातर फोन्‍स में अभी तक एंड्रॉयड 15 की एंट्री नहीं हो पाई है, जबकि गूगल ने एंड्रॉयड 16 की तैयारी कर ली है। कनेक्टिविटी ऑप्‍शंस की बात करें तो एयरटेल एक्‍सक्‍लूसिव पोको एम7 5जी में 5G, 4G LTE और डुअल बैंड वाई-फाई का सपोर्ट है। इसमें ब्‍लूटूथ 5.4 कनेक्टिविटी मिलती है। यह यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट के साथ आता है।

चीन एआई रेस में नया माइल्सटोन सेट करने जा रहा Manus

नई दिल्ली चाइनीज एआई चैटबॉट DeepSeek पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा है। इसके DeepSeek-R1 मॉडल ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि चीन एआई रेस में नया माइल्सटोन सेट करने जा रहा है। इसके नए स्टार्टअप Monica ने Manus नाम का अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई एजेंट रिलीज किया है। जटिल काम करने का हुनर Manus के पास रियल वर्ल्ड के कॉम्प्लैक्स टॉस्क को हल करने का हुनर है। यह एआई एजेंट मौजूदा वक्त में इन्वेंशन ओनली वेब प्रीव्यू के तौर पर उपलब्ध है। इसमें स्टेप बाय स्टेप प्रॉसेस के जरिए वेबसाइट क्रिएट करने जैसे प्रैक्टिकल टॉस्क की स्किल है। कंपनी ने अपने ऑफिशियल वेबसाइट manus.im पर AI एंजेंट का एक डेमो वीडियो शेयर किया है। इसका प्री-व्यू लॉन्च होने के 20 घंटे से भी कम समय में viral हो गया। Manus क्या है? Manus को दुनिया का पहला ट्रू जनरल एआई एजेंट कहा जा रहा है। यह स्वतंत्र तौर पर सोचने के साथ टास्क एक्जीक्यूट करने के साथ पूरा रिजल्ड डिलीवर कर सकता है। Manus AI agent को जब जापान ट्रिप बनाने का टॉस्क दिया गया, तो उसने इसे बेहतर ढ़ंग से किया। क्लाउड बेस्ड सिस्टम पर करता है काम ऐसा दावा किया जा रहा है कि Manus AI अलग-अलग इंडस्ट्री में कॉम्प्लैक्स टॉस्क खुद-ब-खुद कर सकता है। इसमें खास फीचर्स दिये गये हैं। इसमें क्लाउड बेस्ड फंक्शन यूज किया गया है। Manus डिस्कनेक्ट होने के बाद भी क्लाउड में काम करता रहता है और रिजल्ट प्रोवाइड करता है। इसे लेकर बीते बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक डेमो वीडियो शेयर किया गया था, जो दोपहर तक करीब 200,000 से ज्यादा बार देखा गया था। कई यूजर्स AI एजेंट एक्सेस करने के लिए इनविटेशन कोड रिक्वेस्ट कर रहे हैं। कौन हैं Peak Ji Yichao बता दें कि मौजूदा वक्त में कंपनी के बारे में ज्यादा डिटेल मौजूद नहीं है, लेकिन इस डेमो वीडियो को Peak Ji Yichao ने होस्ट किया है, जो एक 33 वर्षीय चाइनीज है। इन्हें Mammoth नाम का mobile ब्राउजर बनाने के लिए जाना जाता है। चीन और अमेरिका के बीच जारी रेस बता दें कि पूरी दुनिया में एआई मॉडल बनाने की रेस जारी है। इस रेस में अमेरिका और चीन दो अहम खिलाड़ी है, जो हर संभव कोशिश करके एक दूसरे को पीछे छोड़ना चाहते हैं। चाइजीन एआई प्रोग्राम को रोकने के लिए अमेरिका ने कुछ एडवांस्ड एआई चिप के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बाद चीन ने DeepSeek R1 मॉडल को पेश कर दिया था।

Google पर एक बार फिर से गूगल क्रोम ब्राउजर को बेचने का दबाव

नई दिल्ली Google पर एक बार फिर से गूगल क्रोम ब्राउजर को बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब गूगल को क्रोम ब्राउजर को बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा दबाव पहली बार नवंबर 2024 में बनाया गया था। अब आपका सवाल होगा कि जब प्रोडक्ट गूगल का हैं, तो कोर्ट कैसे गूगल पर क्रोम ब्राउजर को बेचने का दबाव बना सकता है? तो दरअसल मामला यह है कि गूगल का ऑनलाइन सर्च में काफी दबदबा रहा है। इसी दबदबे को कम करने और बाकी प्लेयर को लेवल फील्ड देने के लिए गूगल को क्रोम ब्राउजर से दूरी बनाने का दबाव बनाया जा रहा है। क्या गूगल से हट जाएगा सर्च इंजन का कंट्रोल? एंड्रॉइड अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस यानी DOJ ने दोबारा से Google को अपना Chrome browser को बेचने की सलाह दे रहा है। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट की मानें, तो Google का क्रोम ब्राउजर लाखों करोड़ों मोबाइल यूजर का प्राइमरी सर्चिंग सोर्स है। डिपार्टमेंट का मानना है कि क्रोम ब्राउजर को बेचने के बाद गूगल का क्रिटिकल सर्च प्वाइंट से कंट्रोल हट जाएगा। साथ ही गूगप के मुकाबले में बाकी सर्च कंपनियों को सही मौका मिल सकेगा। क्या आईफोन में डिफॉल्ट सर्च इंजन नहीं होगा क्रोम ब्राउजर इतना ही नहीं, यूएस डिपार्टमेंट यह भी चाहता है कि Google को Apple स्मार्टफोन और Mozilla जैसी कंपनियों को डिफाल्ट तौर पर क्रोम ब्राउजर दिखाने पर बैन किया जाएगा। ऐसी प्रैक्टिस गूगल के ऑनलाइन सर्चिंग सेक्टर में दबदबे को बढ़ाती हैं। जिन लोगों को मालूम नहीं है, उन्हें बता दें कि गूगल आईफोन में गूगल सर्च इंजन को प्री-इंस्टॉल करने के लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च करती है। गूगल की गलत प्रैक्टिस यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस का कहना है कि गूगल के इस मनमाने रवैय्ये ने मार्केट प्लेस को खराब कर दिया है। साथ ही कंप्टीशन के गलत नियमों को पेश करता है। गूगल को इस मामले में कई बार अलर्ट किया गया है। लेकिन गूगल इस मामले में पीछे हटने को तैयार नहीं है, क्योंकि गूगल को सर्च इंजन से मोटी कमाई होती है। क्या है गूगल की दलील गूगल का इस मामले में कहना है कि उसे Apple और Mozilla जैसे साझेदारों के साथ डिफाल्ट सर्च इंजन के लिए पेमेंट करने की सुविधा को बहाल किया जाए। साथ ही उनके पार्टनर को बाकी सर्च इंजन के साथ एग्रीमेंट करने की परमिशन दी जाए। जैसे कि Apple अपने iPhones और iPads के लिए अलग-अलग डिफॉल्ट सर्च इंजन को ऑफर कर सकता है।

बेली फैट कम करने के लिए मेथी का करें इस्तेमाल

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनहेल्दी खाने-पीने की आदत के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। पेट की चर्बी न सिर्फ हमारे शरीर की सुंदरता को कम करती है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। ऐसे में अगर आप भी अपने पेट की चर्बी से परेशान हैं और इसे कम करना चाहते हैं , तो मेथी आपके लिए एक नेचुरल और असरदार उपाय हो सकती है। मेथी का सही तरीके से इस्तेमाल करके आप महज 20 दिनों में ही अपने पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं। आइए जानें बेली फैट कम करने के लिए कैसे करना चाहिए मेथी का इस्तेमाल ? मेथी एक ऐसा मसाला है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। मेथी में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे वजन कम करने में आसानी होती है। साथ ही, मेथी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। बेली फैट कम करने के लिए मेथी का इस्तेमाल कैसे करें? मेथी का इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं, लेकिन अगर आप अपने पेट की चर्बी को कम करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए तरीकों को अपनाएं- मेथी का पानी मेथी का पानी पीना पेट की चर्बी कम करने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। इसके लिए रात को एक चम्मच मेथी के दानों को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को छानकर पी लें। इस पानी को पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है। मेथी की चाय मेथी की चाय भी वजन कम करने में बहुत मददगार होती है। इसके लिए एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी के दाने डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर पी लें। इस चाय को दिन में दो बार पीने से पेट की चर्बी तेजी से कम होती है। मेथी का पाउडर मेथी के दानों को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट कम होने लगती है। मेथी के अंकुरित दाने मेथी के दानों को अंकुरित करके भी खाया जा सकता है। अंकुरित मेथी में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जो वजन कम करने में और भी ज्यादा मददगार होती है। इसे सलाद के रूप में या सीधे चबाकर खाया जा सकता है। इन बातों का जरूर ध्यान रखें     मेथी का इस्तेमाल करते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखें। ज्यादा मात्रा में मेथी खाने से पेट में गैस या अपच की समस्या हो सकती है।     अगर आप किसी बीमारी से परेशान हैं या कोई दवा ले रहे हैं, तो मेथी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।     मेथी के साथ-साथ बैलेंस्ड डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज भी जरूरी है। इससे आपको जल्दी और बेहतर परिणाम मिलेंगे।  

सस्ते में खरीदें iPhone 16 सीरीज

नई दिल्ली ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने फ्लिपकार्ट ने Big Savings Days Sale सेल का ऐलान किया है। यह सेल 7 मार्च 2025 से शुरू हो रही है, जो कि 13 मार्च 2025 तक जारी रहेगी। इस सेल में ऐपल प्रोडक्ट को शानदार डिस्काउंट ऑफर में खरीदा जा सकेगा। Apple के लेटेस्ट iPhone 16 सीरीज को सस्ते में खरीद पाएंगे। इन प्रोडक्ट पर क्रेडिट कार्ड और बैंक डिस्काउंट के साथ एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है, जिससे सस्ते में स्मार्टफोन प्रोडक्ट को खरीदा जा सकेगा।     iPhone 16e की भारत में कीमत 59,900 रुपये है, जिसे 4,000 रुपये इंस्टैंट कैशबैक पर खरीदा जा सकता है। यह ऑफर ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक क्रेडिट कार्ड पर दिया जा रहा है। साथ ही 8,000 एक्सचेंज बोनस का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसके बाद फोन की कीमत 47,900 रुपये रह जाती है।     इसी तह iPhone 16 की भारत में कीमत 79,900 रुपये है, जिस पर 9,901 रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अलावा बैंक क्रेडिट कार्ड पर 5 फीसद तक की छूट मिल रही है। ऐसे में इफेक्टिव प्राइस 56,205 रुपये रह जाती है।     iPhone 15 की भारत में कीमत 69,900 रुपये है। इसकी खरीद पर 4,901 रुपये की छूट मिल रही है। साथ ही 2,799 रुपये एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। इसके अलावा HDFC बैंक कार्ड पर 1,000 रुपये की छूट मिल रही है। वही क्रेडिट कार्ड पर 5 पीसद की अतिरिक्त छूट मिल रही है। इसके बाद इफेक्टिव प्राइस 61,200 रुपये हो जाती है।     iPhone 15 Plus की भारत में कीमत 79,900 रुपये है। साथ ही 10,901 रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अलावा 6,799 रुपये एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। साथ ही 5 फीसद कार्ड डिस्काउंट दिया जा रहा है। HDFC बैंक कार्ड पर 1,000 रुपये छूट दी जा रही है।     iPhone 16 Plus की कीमत 89,900 रुपये है। इसके खरीदा पर 13,000 रुपये एक्सचेंज बोनस दिया जा राह है। सात ही UPI लेनदेन पर 2,000 रुपये और HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड पर 1000 रुपये की छूट मिल रही है। इस तरह इफेक्टिव कीमत 58,504 रुपये रह जाएगी।     iPhone 16 Pro की कीमत 1,19,900 रुपये है। इसकी खरीद पर 65,200 रुपये एक्सचेंज बोनस, 2,000 का डिस्काउंट यूपीआई लेनदेन पर और 1,000 रुपये कार्ड डिस्काउंट दिया जा रहा है।     iPhone 16 Pro Max की कीमत 1,44,900 रुपये है, जिसकी खरीद पर 65,200 रुपये एक्सचेंज बोनस दिया जा रहा है। साथ ही 2,000 रुपये की छूट के साथ कार्ड पर 5 फीसद की छूट मिल रही है। इस तरह से इफेक्टिव कीमत 61,655 रुपये रह जाती है।

सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है ये मसालों का पानी

मसाले सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। इन्हीं में से जीरा, सौंफ और धनिया तीन ऐसे मसाले हैं, जिनका आयुर्वेद में भी काफी समय से इस्तेमाल होता आया है। इन तीनों को मिलाकर बनाया गया पानी पीने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। यह नुस्खा पाचन तंत्र को दुरुस्त करने से लेकर त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाने तक कई समस्याओं का इलाज करता है। आइए जानते हैं कि जीरा, सौंफ और धनिए से बना पानी पीने के क्या-क्या फायदे हैं। पाचन तंत्र को मजबूत बनाना जीरा, सौंफ और धनिया तीनों ही पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। जीरा पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है और गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या को दूर करता है। सौंफ में मौजूद एंटी-स्पास्मोडिक गुण पेट की ऐंठन और दर्द को कम करते हैं। वहीं, धनिया पेट की जलन और सूजन को शांत करने में मदद करता है। इन तीनों को मिलाकर बना पानी पीने से पाचन सुधरता है और खाना आसानी से पच जाता है। वजन घटाने में सहायक जीरा, सौंफ और धनिए का पानी वजन घटाने के लिए एक नेचुरल उपाय है। जीरा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है। सौंफ शरीर में जमा एक्स्ट्रा पानी और टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। धनिया भी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और शरीर के फैट को कम करने में मदद करता है। नियमित रूप से इस पानी को पीने से वजन कंट्रोल रहता है। इम्युनिटी बढ़ाना जीरा, सौंफ और धनिया में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाते हैं। यह पानी शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है और हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। इस पानी को नियमित रूप से पीने से सर्दी-जुकाम, इन्फेक्शन और अन्य बीमारियों से बचाव होता है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद इस पानी का सेवन त्वचा और बालों के लिए भी बेहद लाभदायक है। जीरा और सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। यह मुंहासे, झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है। धनिया त्वचा की सूजन और जलन को शांत करता है। साथ ही, यह पानी बालों को मजबूत बनाता है और उन्हें झड़ने से रोकता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करना जीरा और धनिया ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जीरा इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जबकि धनिया ब्लड शुगर को कम करने में सहायक होता है। यह पानी डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। शरीर को ठंडक देना सौंफ और धनिया की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को ठंडक मिलती है। गर्मियों में इस पानी को पीने से शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है और लू लगने का खतरा कम हो जाता है। कैसे बनाएं जीरा, सौंफ और धनिए का पानी? इस पानी को बनाने के लिए एक बर्तन में 1 लीटर पानी लें और उसमें 1 चम्मच जीरा, 1 चम्मच सौंफ और 1 चम्मच धनिया के बीज डालें। इसे 10-15 मिनट तक उबालें और फिर छानकर ठंडा कर लें। इस पानी को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पिएं।

जीवन में सफलता पानी है तो इन चीजों का होना जरूरी

लाइफ में सक्सेज तो सभी चाहते हैं। लेकिन सफलता उसे ही मिलती है जो मेहनत करता है। हालांकि इसके साथ मेहनत किस दिशा में और कितनी की जा रही है, ये बात भी निर्भर करती है। अगर आप अपने करियर, फैमिली या किसी भी चीज में सफलता चाहते हैं तो इन तीन चीजों को जरूर याद रखें। तभी सक्सेज मिलने में आसानी होगी। जानें क्या हैं वो तीन चीजें, जिसे करने के लिए हर सफल इंसान कहता है। आत्मविश्वास किसी भी काम को करने के लिए आत्मविश्वास का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब आप खुद पर भरोसा करेंगे कि ये काम आप कर सकते हैं। फिर वो चाहे आसान हो या कठिन पूरा जरूर होता है। स्पष्टता लाइफ में किस इंसान के साथ जिंदगी बितानी है या फिर किस दिशा में करियर बनाना है। आपकी सोच और माइंड बिल्कुल क्लियर होना चाहिए। तभी आप सफल हो सकते हैं। जब आपका माइंड बिल्कुल क्लियर होगा उसमे दुविधा की स्थिति नहीं होगी तभी आप सही दिशा में मेहनत कर पाएंगे और खुद में आत्मविश्वास भी महसूस करेंगे। निरंतरता यानी कंस्सिटेंसी ‘करत-करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान’ इस दोहे का अर्थ है कि लगातार अभ्यास करने से मूर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है। जब आप किसी काम को लगातार करते हैं, बिना रुके करते हैं। तो एक ना एक दिन सफलता आपको जरूर मिलती है। इसलिए अपने काम में निरंतरता बनाकर रखें। बिना रुके सही दिशा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ किया गया काम आपको सफलता जरूर दिलाता है।

गर्भावस्था में बढ़ा हुआ वजन आसानी से होगा कम, बस डेली रूटीन में शामिल कर ले यें ड्रिंक्स

गर्भावस्था के बाद वजन कम करना महिलाओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हार्मोनल परिवर्तन, जीवनशैली में बदलाव और मेटाबॉलिज्म परिवर्तनों के कारण बढ़े हुए वजन को कम करना काफी मुश्किल हो जाता है. कई अध्ययनों के अनुसार, नींद की कमी, तनाव, शारीरिक गतिविधि में कमी और आहार में परिवर्तन जैसे कारण इस अवधि में वजन घटाने को और मुश्किल बना देते हैं. हालांकि अगर आप अपने मेटाबॉलिज्म को मेंटेन रखते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक्स को अपने रूटीन में शामिल करते हैं तो आपको वजन घटाने के साथ-साथ प्रेग्नेंसी की दिक्कतों से रिकवरी में भी मदद मिल सकती है. 1. गुनगुना पानी और नींबू नींबू पानी पाचन में सहायता करता है, लिवर को डिटॉक्स करता है और हाइड्रेशन में मदद करता है. इस ड्रिंक में मौजूद विटामिन सी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करता है. जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि नींबू में पॉलीफेनोल नामक कुछ यौगिक होते हैं, जो खानपान से होने वाले मोटापे को रोकने के लिए फायदेमंद होते हैं. यही कारण है कि यह प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए एक बहुत ही प्रभावी ड्रिंक है. अगर आप इसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाना चाहते हैं तो इसमें चीनी न डालें. साथ ही बेहतर अवशोषण के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें. 2. मेथी का पानी प्रसव के बाद वजन घटाने में तेजी लाने के लिए एक और बढ़िया ड्रिंक है मेथी का पानी. जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि मेथी के बीज ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने, पाचन में सुधार करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. ये स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तनपान को भी बढ़ावा देते हैं जो न केवल इस ड्रिंक को प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए अच्छा बनाता है बल्कि दूध के उत्पादन में भी मदद करता है. इस ड्रिंक को बनाने के लिए बीजों को रात भर भिगोएं और ज्यादा से ज्यादा फायदे के लिए सुबह पिएं. 3. ग्रीन टी ग्रीन टी में कैटेचिन होता है जो मेटाबॉलिज्म और फैट लॉस को बढ़ावा देता है. यह प्रसव के बाद रिकवरी के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट भी देता है. जर्नल क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन टी की अच्छी खुराक से तीन महीने में महिलाओं में काफी वजन कम हुआ, कमर का साइज कम हुआ और कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल प्लाज्मा के स्तर में लगातार कमी आई.  

एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का बन रही जरिया

नई दिल्ली एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का जरिया बन रही है। एक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पूर्व एशिया में “स्कैम कंपाउंड” चलाने वाले अपराधी, स्‍टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इस बारे में अमेरिका के कैलिफोर्निया के एक प्रोसिक्‍यूटर ने पिछले साल मस्‍क की कंपनी को पत्र भेजा था। वह पत्र स्‍टारलिंक की मूल कंपनी स्‍पेसएक्‍स को भेजा गया था। इसमें कहा कहा गया था कि कंपनी को उन खास इलाकों में अपनी सर्विस बंद कर देनी चाहिए, जहां साइबर अपराध के लिए स्‍टारलिंक डिश का इस्‍तेमाल हो रहा है। हालांकि पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया। स्‍पेस एक्‍स ने नहीं दिया लेटर का जवाब ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया की पूर्व डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एरिन वेस्ट ने पत्र लिखा था। उन्‍होंने एबीसी न्‍यूज को बताया कि स्‍पेस एक्‍स ने लेटर का कोई जवाब नहीं दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन से जुड़े संगठ‍ित अपराध समूह स्‍टारलिंक की हाई-स्‍पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी को इस्‍तेमाल करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकोल को अनदेखा कर रहे हैं। बीते कुछ साल में ऐसी कई सूचनाएं मिली हैं, जिनमें अपराधी स्‍टारलिंक सैटेलाइट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ऑनलाइन बेचे जा रहे स्‍टारलिंक के उपकरण रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन विक्रेता, दूर-दराज के एरिया में स्‍कैम कंपाउंड चलाने वाले अपराधियों को स्‍टारलिंक के उपकरण बेच रहे हैं। रिपोर्ट में बेनेडिक्ट हॉफमैन नाम के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि टेलिग्राम के जरिए स्‍टारलिंक की सेवाओं का प्रचार किया जा रहा है। यह जानकारी ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर चलाने वालों तक पहुंच रही है। म्‍यांमार में की जा चुकी है उपकरणों की जब्‍ती अध‍िकारी यह मान रहे हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए स्‍टा‍रलिंक का इस्‍तेमाल करना चिंता का विषय है। म्‍यांमार में ऐसे उपकरणों को जब्‍त किया गया है। जाहिर तौर पर म्‍यांमार में ऐसे उपकरण आसपास के देशों से पहुंचाए जा रहे हों, जहां स्‍टारलिंक की सर्विस मौजूद है। गौरतलब है कि हाल ही में म्‍यांमार में एक बड़े ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। वहां बड़ी संख्‍या में चीनी और भारतीय नागरिक की मौजूदगी पाई गई थी। 2019 में लॉन्‍च की गई थी स्‍टारलिंक की इंटरनेट सर्विस स्‍टारलिंक का दायरा पूरी दुनिया में तेज हो रहा है। इसे एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स ने साल 2019 में डेवलप किया था। स्‍टारलिंक का मसकद दुनिया के उन हिस्‍सों में इंटरनेट पहुंचाना है, जो कनेक्टिविटी से दूर हैं। यूक्रेन, गाजा के युद्ध प्रभावित इलाकों में तक स्‍टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। हालांकि नई रिपोर्ट ने इसके बेजा इस्‍तेमाल पर चिंता को बढ़ा दिया है।

WhatsApp पर मिलेगा कलरफुल थीम्स के साथ मिलेगा वीडियो प्लेबैक स्पीड सेट करने का मौका

नई दिल्ली प्राइवेसी और सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के लिए WhatsApp पर समय समय पर बदलाव होते रहते हैं। साथ ही इसमें नए फीचर्स को भी ऐड किया जाते हैं। यह प्लेटफॉर्म प्राइवेसी, सिक्योरिटी और कस्टमाइजेशन को मजबूत करने के लिए खुद को लगातार अपडेट कर रहा है। अब कंपनी ने 5 नए फीचर्स रोलआउट करने शुरू कर दिए हैं, जिससे मैसेजिंग और भी सुविधाजनक हो जाएगी। वीडियो प्लेबैक में सुधार करने के लिए भी ये फीचर्स काफी काम आने वाले हैं। कलरफुल थीम्स से चैट को कस्टमाइज करें अब WhatsApp यूजर्स अपनी चैटिंग को और भी ज्यादा पर्सनलाइज कर सकते हैं। पहले यूजर्स के पास कम ऑप्शन थे। अब WhatsApp 20 नए वाइब्रेंट चैट थीम्स और 30 नए वॉलपेपर्स जोड़े हैं। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार कलर सेट कर सकते हैं, जिससे चैटिंग का अनुभव नया और फ्रेश लगेगा। क्लियर चैट नोटिफिकेशन से मिलेगी राहत अब नोटिफिकेशन को भी कस्टमाइज करने का ऑप्शन दिया जा रहा है। कई यूजर्स को अनरीड मैसेज का नोटिफिकेशन डॉट परेशान करता है, खासकर जब कई मैसेज एक साथ आते हैं। अब WhatsApp ने क्लियर चैट नोटिफिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे यूजर्स खुद तय कर सकेंगे कि नोटिफिकेशन कैसे दिखें। साथ ही, बेकार के नोटिफिकेशन को हटाने का भी ऑप्शन मिलेगा। यह फीचर सेटिंग्स > नोटिफिकेशन सेक्शन में उपलब्ध होगा। Meta AI विजेट से मिलेगा AI चैटबॉट का इंस्टेंट एक्सेस WhatsApp अब AI फीचर्स को गहराई से इंटीग्रेट कर रहा है। यूजर्स अब अपने होम स्क्रीन पर Meta AI विजेट जोड़ सकते हैं, जिससे AI चैटबॉट तक इंस्टेंट एक्सेस मिलेगा। इस फीचर को ऑन करने के लिए यूजर्स को Personalization > Widgets सेक्शन में जाना होगा और फिर Meta AI विजेट को अपने फोन की होम स्क्रीन पर ऐड करना होगा। इसके बाद, सिर्फ एक टैप में AI चैटबॉट खुल जाएगा और यूजर्स की सहायता करेगा। वीडियो प्लेबैक स्पीड को करें एडजस्ट WhatsApp में अब वीडियो प्लेबैक स्पीड बदलने का ऑप्शन आ गया है! पहले यह सुविधा केवल वॉयस नोट्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब यूजर्स वीडियो को 1.5x या 2x स्पीड पर भी देख सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर लंबे वीडियो को जल्दी देखने के लिए काफी उपयोगी रहेगा। अनरीड चैट काउंटर अब चैट फिल्टर में भी WhatsApp ने पिछले साल चैट फिल्टर फीचर पेश किया था, जिससे मैसेज को बेहतर तरीके से ऑर्गनाइज किया जा सकता है। अब इसमें नया अनरीड चैट काउंटर जोड़ा गया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स को सीधे चैट फिल्टर में ही यह पता चलेगा कि कितने अनरीड मैसेज हैं, जिससे कोई भी जरूरी मैसेज मिस नहीं होगा।

स्वाद के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है नींबू

हम जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अपनी डाइट में अक्सर हेल्दी फूड्स शामिल करने की सलाह देते हैं। नींबू इन्हीं में से एक है, जिसे कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। यह एक पौष्टिक फल है, जो फायदे पहुंचाता है। इसे डाइट में शामिल करने से न सिर्फ हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, बल्कि कैंसर से भी बचाव होता है। आमतौर पर लोग इसका इस्तेमाल बेक्ड फूड्स, सॉस, सलाद ड्रेसिंग, मैरिनेड, ड्रिंक्स और डेसर्ट में स्वाद को जोड़ने के लिए कम मात्रा में करते हैं। हालाँकि, वे अपने तीखे, खट्टे स्वाद के कारण शायद ही कभी अकेले इसका सेवन करते हैं। स्ट्रोक से बचाए साल 2012 के एक अध्ययन के अनुसार, खट्टे फलों में मौजूद फ्लेवोनोइड महिलाओं में इस्केमिक स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। 14 साल में लगभग 70,000 महिलाओं के डेटा के एक अध्ययन से पता चला कि जो सबसे ज्यादा खट्टे फल खाते हैं, इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा 19% कम था। साल 2014 के एक अध्ययन के मुताबिक जो महिलाएं नियमित रूप से टहलती हैं और रोजाना नींबू को डाइट में शामिल करती हैं, उनका ब्लड प्रेशर उन महिलाओं की तुलना में कम होता है, जो ऐसा नहीं करती हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी और शोध की जरूरत है। कैंसर की रोकथाम नींबू और नींबू का रस एंटीऑक्सीडेंट विटामिन-सी का एक बेहतरीन स्रोत है। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को सेल डैमेज का कारण बनने से रोकने में मदद कर सकते हैं, जिससे कैंसर हो सकता है। रंगत बनाए रखने में मददगार कोलेजन के निर्माण में विटामिन सी अमह भूमिका निभाता है, जो स्किन को हेल्दी बनाने में करता है। सूर्य के संपर्क में आना, प्रदूषण, उम्र और अन्य कारक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में विटामिन सी की मदद से इन नुकसानों से बचा जा सकता है और नींबू विटामिन-सी का एक बढ़िया सोर्स है। इम्युनिटी मजबूत करे विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड आइटम्स कॉमन फ्लू और फ्लू का कारण बनने वाले कीटाणुओं के खिलाफ इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही विटामिन सी उन लोगों की इम्युनिटी को भी बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जो बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं।

घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से बीमार‍ियों का घर बन जाएगा शरीर

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ठीक से ख्याल भी नहीं रख पा रहे हैं। इस डिजिटल युग में भले ही दुनिया एडवांस हो चुकी हो लेकिन ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है। अगर आप रोजाना छह घंटे या उससे ज्यादा समय तक बिना किसी ब्रेक के बैठे रहते हैं तो यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। आपको बता दें कि लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से मसल्स कमजोर हो जाते हैं। वजन भी बढ़ जाता है। इसके साथ ही दिल की बीमारियां, डायबिटीज, कमर दर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं। इसके अलावा, ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक से नहीं हो पाता है। आज हम आपको आपने इस लेख में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से होने वाली दिक्कतों के बारे में बताने जा रहे हैं। इससे बचाव के तरीके भी बताएंगे। आइए जानते हैं विस्तार से- लगातार बैठे रहने से बढ़ जाता इन बीमारियों का खतरा     कुर्सी पर लगातार बैठे रहने से मसल्स में जकड़न हो जाती है। जिससे गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।     इसके अलावा एक ही पोश्चर में बैठे रहने से कंधों में जकड़न हो जाती है। इससे आपके हाथों में भी दर्द बना रहता है। जो एक समय बाद परमानेंट शिकायत बन जाती है।     लगातार बैठे रहने से कैलोरी बर्न नहीं होती है जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।     जब आप लगातार कुर्सी पर बैठकर स्क्रीन पर देखते हैं तो तनाव का खतरा बढ़ जाता है।     काफी समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है।     घंटों बैठे रहने से थकान भी हो सकती है।     अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहेंगे, कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं होगी तो नींद न आने की समस्या भी घेर लेगी।     इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है। ऐसे रखें सेहत का ख्याल अगर आपकाे घंटों बैठकर काम करना होता है तो हर 30 से 40 मिनट पर उठकर एक बार वॉक जरूर कर लें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है। इसके अलावा आप ऑफिस में ही छोटी-छोटी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। ये मांसपेशियों को राहत देने का काम करेंगी। साथ ही जकड़न को भी कम करेंगी। काम के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। इससे आप खुद को फिजिकली एक्टिव रख पाएंगे। इससे मोटापे को भी कंट्रोल किया जा सकता है। ऑफिस के टाइम पर ब्रेक लेने से दिमाग को भी आराम मिलता है। ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। ऐसे में आप समय-समय पर पानी पीते रहें। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर रहेगा। आप हेल्दी डाइट भी लें।

शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट खाए ये नट्स

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए लोग कई उपाय करते हैं। कोई ए‍क्‍सरसाइज करता है तो कोई अपनी डाइट में बदलाव करता है। अगर आप ब‍िना मेहनत के खुद को हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो आपको रोजना सुबह खाली पेट नट्स खाना शुरू कर दें। अगर आप हेल्दी नाश्ते की तलाश में है तो नट्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें प्रोटीन, निकोटिन एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, खनिज, आयरन, फॉस्फोरस और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांक‍ि कई लोग इन्हें गलत तरीके से खाते हैं। अगर आप सही तरीके से नट्स खाते हैं, तो सेहत को ढेरों फायदे मिलेंगे। ये आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। आ‍ज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि आपको क‍ौन-कौन से नट्स खाने चाह‍िए, इनके फायदों के बारे में भी जानकारी देंगे। ये भी बताएंगे क‍ि इसे खाने का सही तरीका क्‍या है। तो आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- ब्‍लैक किशमिश ब्‍लैक किशमिश में एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो त्‍वचा और बालों की हेल्‍थ के लिए बेहद अच्‍छे माने जाते हैं। इनमें एल-आर्जिनिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आयरन से भरपूर होते हैं। ये यूट्रस और ओवरीज में ब्‍लड फ्लो में सुधार करते हैं। पिस्ता पिस्‍ता में हेल्‍दी फैट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी-6 और थायमिन जैसे जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। ये आंखों की रोशनी तेज करने में मददगार है। आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य को भी सही रखते हैं। इसे खाने से रात में अच्‍छी नींद आती है। बादाम बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम और राइबोफ्लेविन, आयरन, पोटेशियम, जिंक और विटामिन-बी से भरपूर होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं, ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं। खजूर खजूर में सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने से तुरंत एनर्जी आती है और ये त्वचा के ल‍िए भी फायदेमंद है। ये हड्डियों के ल‍िए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अखरोट ये एंटी-ऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। रोजाना अखरोट खाने से आपकी मांसपेशियों में ताकत भर जाएगी। ये दिल और दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा फाइबर, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी6, फोलेट, मैंगनीज जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन्‍हें खाने का सही तरीका आप रात में नट्स को पानी में भि‍गोकर रख दें। सुबह सोकर उठने के बाद खाली पेट इन्‍हें खा लें। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि बादाम का छ‍िलका उतार लें। ये आपको ढेरों फायदे पहुंचाएंगे। नट्स और सीड्स को नाश्ते में शामिल करने से आप अपने स्वास्थ्य में सुधार देख सकते हैं।

प्रियंका चोपड़ा से लेकर मारग्रेट थैचर तक महिला दिवस पर दे रही सफलता का मंत्र

महिला अधिकारों की बातों को हम सिर्फ एक दिन में सीमित करके नहीं रख सकते। पर, हां इस एक दिन यानी 08 मार्च को हम महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलता जश्न थोड़ा और ज्यादा जरूर मना सकते हैं। 1909 में पहली दफा महिला दिवस मनाया गया था। पिछले 116 सालों में हमने एक लंबा सफर तय किया है। पर, इस बात में कोई दोराय नहीं कि बराबरी और बेहतरी की राह अभी काफी लंबी है। दुनिया भर की प्रसिद्ध महिलाओं द्वारा महिला अधिकार और बराबरी के बारे में कही गई ये बातें अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आपको जोश से भर देंगी: प्रियंका चोपड़ा, अदाकारा कोई आपको यह नहीं बताएगा कि यहां तुम्हारे लिए खास अवसर है। जाओ, अपने लिए अवसर तलाशो। आपको यह करना ही पड़ेगा, क्योंकि लोग आपसे सिर्फ मौके छीनेंगे ही। हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं एक-दूसरे की ताकत बनें। हमें दुनिया जीतने की कोई जरूरत नहीं। क्वीन रानिया अल अब्दुला, जॉर्डन अगर एक हिम्मती लड़की क्रांति ला सकती है, तो कल्पना करके देखिए कि हम सब साथ मिलकर क्या कर सकते हैं। मेलिंडा गेट्स, समाज सेवी ताकतवर महिला की क्या परिभाषा होती है? वह महिला जिसकी अपनी आवाज हो। पर, उस आवाज की तलाश का सफर बहुत ही मुश्किल भरा होता है। सेरेना विलियम्स, टेनिस खिलाड़ी हर महिला की सफलता दुनिया भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए। हम जब एक-दूसरे को आगे बढ़ते देखकर खुशी के ठहाके लगाते हैं, तब सबसे ज्यादा ताकतवर और मजबूत होते हैं। रूपी कौर, कनाडाई कवयित्री वह कौन-सी सबसे बड़ी सीख है, जो महिलाओं को अपनानी चाहिए? वह सीख है कि शुरुआत से ही उसके भीतर वह सब कुछ है, जो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उसे चाहिए। यह दुनिया है, जिसने महिलाओं को खुद की क्षमताओं पर शक करना सिखाया है। माया एंजेलो, अमेरिकी लेखिका हर बार जब एक महिला अपने हक के लिए खड़ी होती है, तो यह मजबूती भरा कदम वह सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दुनिया भर की सभी महिलाओं के लिए उठाती है। मारग्रेट थैचर, पहली महिला प्रधानमंत्री, ब्रिटेन राजनीति में अगर आप चाहते हैं कि कोई बात सिर्फ कही जाए, तो पुरुष राजनेता के पास जाएं। वहीं, अगर आप चाहते हैं कि कोई काम वाकई हो, तो महिला राजनेता के पास जाएं। जे. के. रॉलिंग, प्रसिद्ध हैरी पॉटर सिरीज की लेखिका दुनिया को बदलने के लिए हमें किसी जादू की जरूरत नहीं। वह ताकत हमारे भीतर पहले से है। हमारे पास बेहतर कल्पना शक्ति की ताकत है। मलाला यूसुफजई, सामाजिक कार्यकर्ता मैं अपनी आवाज उठाती हूं इसलिए नहीं ताकि मैं चिल्ला सकूं बल्कि इसलिए ताकि जिनके पास आवाज नहीं है, उनकी बात भी सुनी जा सके।

खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए रोज खाएं कद्दू के बीज

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में खुद की सेहत का ख्‍याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। लोग बाहर के जंक फूड्स खा रहे हैं जो मोटापा डायब‍िटीज का कारण बन रहा है। अगर समय रहते इन पर ध्‍यान न द‍िया गया तो आपको कई गंभीर बीमार‍ियां घेर सकती हैं। सेहतमंद रहने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि खानपान पर व‍िशेष ध्‍यान द‍िया जाए। इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, जिसके वजह से सेहत भी काफी प्रभावित हो रही है। ऐसे में खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए लोग अपनी डाइट में कई हेल्दी चीजें शामिल करते हैं। सीड्स इन्हीं में से एक हैं जो ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते ह‍ैं। आज हम कद्दू के बीज यानी क‍ि Pumpkin Seeds के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको ढेरों फायदे पहुंचाने में सक्षम होते हैं। ये कई सारे जरूरी विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीज द‍िखने में छोटे जरूर होते हैं लेकिन इनमें पोषण तत्‍वों की मात्रा कई गुणा अध‍िक होती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगर आप अपनी सुबह की शुरुआत कद्दू के बीज के साथ करते हैं, तो यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- डाइजेशन को सुधारे पंपक‍ि‍न सीड्स में मौजूद फाइबर हमारे डाइजेस्टिव स‍िस्‍टम को दुरुस्‍त रखते हैं। यह कब्ज की समस्या से भी राहत दि‍लाने में मददगार है। कुल म‍िलकार ये हमारे पेट को स्वस्थ बनाए रखता है। तेजी से करे अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो आपको अपनी डाइट में कद्दू के बीज को शाम‍िल कर लेना चाह‍िए। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। इसके साथ ही अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाने में मदद करता है। कोश‍िश करें क‍ि रात में कुछ बीज पानी में भ‍िगो दें और सुबह खाली पेट इसे खाएं। इससे तेजी से असर दि‍खेगा। मजबूत करे इम्‍युन‍िटी सेहतमंद रहने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आपकी इम्‍युन‍िटी स्‍ट्रॉन्‍ग हो। कद्दू का बीज आपके इम्‍यून‍ सि‍स्‍टम को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इस बीज में जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह शरीर को इंफेक्शन और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। दिल को रखे सेहतमंद आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम होता है जो हार्ट रेट को नियंत्रित करने में मदद करता है और आपके पूरे स्वास्थ्य बनाए रखता है। मैग्नीशियम के नियमित सेवन से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। ब्लड शुगर करे कंट्रोल अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कद्दू के बीज को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट पाया जाता है जो ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने और इंसुलिन रेगुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। स्‍लीप साइक‍िल सुधारे कद्दू के बीजों में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जो अच्छी नींद लाने में मदद करता है। अगर आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

35 की उम्र के बाद मह‍िलाओं में बढ़ जाता इस गंभीर बीमारी का खतरा

आजकल लोगों की लाइफस्‍टाइल बेहद खराब होती जा रही है। जंक फूड, देर रात तक जगना, घंटों स्‍क्रीन पर टाइम बि‍ताना, हाइजीन मेंटेन न करने से लोग कई तरह की बीमार‍ियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्‍हीं में से एक कैंसर भी है। कैंसर इन दिनों तेजी से फैलने वाली एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिन्हें शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने की वजह से उन्हीं के नामों से जाना जाता है। सर्वाइकल कैंसर इस गंभीर बीमारी का ऐसा ही एक प्रकार है जो महिलाओं के लिए काफी घातक होता है। आज हम आपको इसके र‍िस्‍क फैक्‍टर्स व बचाव के बारे में बताने जा रहे हैं। क्‍या है सर्वाइकल कैंसर? आपको बता दें क‍ि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के रीप्रोडक्टिव ऑर्गन को प्रभावित करने वाले पांच गंभीर कैंसर में से एक है। जब कैंसर महिलाओं के सर्विक्स में शुरू होता है, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) नामक वायरस के कारण होता है। एचपीवी से संक्रमित सभी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा होता है। संकेतों को पहचानें कुछ बीमारियां बिना किसी खास लक्षण के शरीर में नजर आती हैं। जब तक हमें पता चलता है, तब तक हालत खराब हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अगर हम शरीर के संकेतों को समझें तो इसे जल्दी पहचानकर इलाज किया जा सकता है। आमतौर पर ये बीमारी मह‍ि‍लाओं में 35 की उम्र के बाद देखी जाती हैं। इन सामान्य लक्षणों से करें इस गंभीर बीमारी की पहचान     बार-बार यूरिन आना     सफेद पानी निकलना     सीने में जलन और लूज मोशन     असामान्य ब्लीडिंग     भूख न लगना या बहुत कम खाना     बहुत अधिक थकान महसूस करना     पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन     अक्सर हल्का बुखार और सुस्ती रहना     सेक्स के दौरान दर्द     सेक्‍स के बाद खून निकलना     पीरियड्स में सामान्य से ज्यादा खून निकलना     पीठ में लगातार दर्द     योनि में गांठ या मस्से सर्वाइकल कैंसर का कारण शरीर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस फैलने की वजह से सर्वाइकल कैंसर की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा आनुवंशिकता भी इसका प्रमुख कारण है। कई स्टडीज में ऐसा पाया गया है कि फैमिली हिस्ट्री होने पर भी महिलाओं में इस कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं सर्वाइकल कैंसर एक सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज (एसटीडी) भी है। ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से भी यह बीमारी हो सकती है। ऐसे करें बचाव     इस गंभीर बीमारी को रोकने के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ वैक्‍सीनेशन करा सकते हैं।     वैक्सीनेशन का सबसे सही समय किसी भी संभावित वायरस से संक्रमित होने से पहले का होता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए यह समय आमतौर पर प्रारंभिक किशोरावस्था में होता है।     कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित यौन संबंध के दौरान एचपीवी ट्रांसमिशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांक‍ि इसकी 100 प्रत‍िशत गारंटी नहीं है।     फलों और सब्जियों से भरपूर आहार काे डाइट में शामि‍ल करने से भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम क‍िया जा सकता है।  

लाइफ में हर चीज में नहीं करनी चाहिए जल्दबाजी , हो जाएगा नुकसान

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर किसी को सबकुछ फटाफट करना होता है। किसी भी काम और डिसीजन को लेने में जल्दीबाजी दिखाई जाती है। लेकिन काफी सारे काम ऐसे होते हैं। जिन्हें जल्दीबाजी में कभी नहीं करना चाहिए। इस बारे में हमारे शास्त्र भी कहते हैं और कई सारे मोटिवेशनल स्पीकर भी। तो अगर आप लाइफ में सक्सेज की सीढ़ी चढ़ना चाह रहे हैं तो भूलकर भी इन कामों को करने में जल्दीबाजी ना दिखाएं। जल्दीबाजी में ना लें फैसलें आजकल की फास्ट लाइफ में इंसान दिनभर में कई सारे छोटे-छोटे फैसले लेता है। जिससे माइंड थक जाता है और जब बड़े फैसलों का नंबर आता है तो अक्सर वहां पर गलती हो जाती है। इसलिए कभी भी किसी भी फैसले को लेने में जल्दीबाजी नहीं दिखानी चाहिए। फिर वो छोटे हो या फिर बड़े। हर किसी पर जल्दी से ना करें विश्वास विश्वास बनाने में समय लगता है। फिर वो चाहे रिलेशनशिप में हो या फिर बिजनेस में। हमेशा समय लेकर और सोच-समझकर ही विश्वास करना चाहिए। ना करें किसी को जज अक्सर लोग फर्स्ट इंप्रेशन में ही सामने वाले को जज करने लगते हैं। यानी कि उसके प्रति मन में एक धारणा बना लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। हमेशा सामने वाले के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही जज करना चाहिए। जल्दीबाजी में ना बनाएं रिलेशन किसी भी नए रिश्ते या दोस्ती की शुरुआत जल्दी में नहीं करना चाहिए। हमेशा सोच समझकर और अच्छी तरह से परखने के बाद ही रिलेशनशिप आगे बढ़ाना चाहिए। जल्दी में ना खाएं खाना खाना हमेशा धीरे-धीरे और चबाकर खाना चाहिए। साइंस और शास्त्र दोनों में ऐसा कहा गया है। जल्दी-जल्दी खाना खाना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है।

फिर से चलाइए फ्रिल्स का जादू

बचपन में आपने घेरदार फ्रॉक जरूर पहनी होगी। बड़े होने पर इस स्टाइल को अपनाने के बारे में कभी सोचा है क्या? फ्रिल्स फिर से फैशन में है। इसे कैसे अपने वॉर्डरोब का हिस्सा बनाएं, बता रहे हैं हम। बात जब फैशन की हो तो कुछ चीजें सदाबहार ही रहती हैं। ये चीजें बार-बार लौटकर आती हैं और लोगों पर अपना जादू चलाती हैं। अब फ्रिल्स को ही लें। फैशन की दुनिया में फ्रिल्स अब फिर से अपना जादू बिखेर रही है। अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत के जाने-माने नाम मार्क जैकोब्स, सिमोन रोका, विकी मार्टिन से लेकर भारतीय डिजाइनर और बॉलीवुड के कलाकर फिर से फ्रिल्स से अपना स्टाइल स्टेटमेंट बना रहे हैं। कान फिल्म फेस्टिवल में सोनम कपूर की स्टाइलिश फ्रिल साड़ी से लेकर अन्य खास मौकों पर सिलेब्रिटीज के फ्रिल वाले क्रॉप टॉप और गाउन, फैशन की दुनिया में फ्रिल की वापसी की गवाही दे रहे हैं। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्रिल बेहद आसानी से ध्यान आकर्षित करने के मामले में उपयोगी है, लेकिन इसे किसी भी आउटफिट में बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आपका लुक ज्यादा स्टाइलिश दिखे। फ्रिल से आप भी स्टाइलिश लुक पा सकती हैं, लेकिन इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातों को जानना भी जरूरी है, ताकि हर नजर आप पर ही जाकर टिके। संतुलन है जरूरी नजाकत भरा लुक देने में परफेक्ट फ्रिल्स को जब बेहद संतुलित तरीके से किसी भी परिधान पर सजाया जाता है तो यह आपको विक्टोरियन दौर का स्टाइलिश लुक देता है। इसलिए इस खास नियम को याद रखिएगा कि फ्रिल के इस्तेमाल में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर आप फ्रिल की नाजुक लेयर से सजी स्मार्ट शर्ट या गोल गले का टॉप पहन रही हैं तो ध्यान रखें कि ऐसे ही पैटर्न को अपनी स्कर्ट या पैंट में बिल्कुल न दोहराएं। फ्रिल को अपने आउटफिट के केवल एक हिस्से तक ही सीमित रखकर आप अपनी ड्रेस की खूबसूरती बरकरार रख सकती हैं। फ्रिल का इस्तेमाल बॉडी फ्रेम को संतुलित करने के लिए बेहद अच्छी तरह किया जा सकता है। जैसे कि अगर आपका ऊपरी हिस्सा भारी है, तो ड्रेस में नीचे की ओर फ्रिल लगाएं और अगर निचला हिस्सा भारी है तो फ्रिल को टॉप पर लगाना ठीक रहेगा। ऐसे पाएं स्लिम लुक फ्रिल्स आपकी चैड़ाई को बढ़ाएंगे, इसलिए अगर आप अपनी फिगर को स्लिम दिखाना चाहती हैं, तो लंबाई में सजे फ्रिल्स वाली ड्रेस ही पहनें। यह पहनकर न सिर्फ आप दुबली लगेंगी, बल्कि लंबी भी दिखेंगी। इसके अलावा अगर आपके नेकलाइन या शोल्डर के ऊपर फ्रिल है, तो फिगर की चैड़ाई को कम दिखाने के लिए टॉप को स्कर्ट या पैंट के अंदर डाल लें। बनाएं एक केंद्र बिंदु अपने लुक को स्टाइलिश बनाए रखने और फैशन में बने रहने के लिए फ्रिल को अपने लुक का केंद्र बिंदु बनाएं। यानी ऊपर या नीचे की फ्रिल के अलावा बाकी सब कुछ सादा और शालीन होना जरूरी है। निचले हिस्से को सादा रखना टॉप के आकर्षण को बढ़ा देगा। ऐसे मिलेगा फॉमर्ल लुक फॉर्मल लुक के लिए केवल कॉलर या कंधों पर फ्रिल वाला टॉप पहना जा सकता है। इस खूबसूरत टॉप को फॉर्मल ट्राउजर और ओपन-टो हील्स के साथ पहनें। बालों को पीछे बांध कर रखें, ताकि पूरी लुक में अधिक लेयर से बचा जा सके। एक्सेसरीज हों बेहद कम फ्रिल्स के साथ एक्सेसरीज कम-से-कम ही पहना जाए। खासतौर पर ड्रेस के जिस हिस्से में फ्रिल है, वहां कोई भी एक्सेसरी पहनने से बचें। कंधे के इर्द-गिर्द फ्रिल है, तो लंबे, भारी ईयररिंग्स या नेकपीस पहनने से बचें और अगर बांह पर फ्रिल है तो ब्रेसलेट या रिंग्स न पहनें। साथ में सादा क्लच लिया जा सकता है। फुटवियर में हाई हील शूज पहनें। इन्हें न भूलें -जरूरी है कि फ्रिल्स आपको व्यवस्थित लुक दें, न कि बेतरतीब दिखाई दें। -अगर आपकी फिगर भारी है तो ज्यादा फ्रिल वाली ड्रेस से आप और ज्यादा भारी दिखेंगी। अगर फैशन के अनुरूप -फ्रिल पहनना चाहती हैं तो हल्की फ्रिल या पैरों में फ्रिल वाली फुटवियर पहन सकती हैं। -ज्यादा बड़े फ्रिल्स आपके लुक को बनाने की जगह बिगाड़ देंगे, इसलिए इन्हें सादा और शालीन रखें और ऊंची हील्स पहनें।  

पित्त और कफ विकारों का घरेलू उपचार है गूलर

मोरासी परिवारी का सदस्य गूलर लंबी आयु वाला वृक्ष है। इसका वनस्पतिक नाम फीकुस ग्लोमेराता रौक्सबुर्ग है। यह सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। यह नदी−नालों के किनारे एवं दलदली स्थानों पर उगता है। उत्तर प्रदेश के मैदानों में यह अपने आप ही उग आता है। इसके भालाकार पत्ते 10 से सत्रह सेमी लंबे होते हैं जो जनवरी से अप्रैल तक निकलते हैं। इसकी छाल का रंग लाल−घूसर होता है। फल गोल, गुच्छों में लगते हैं। फल मार्च से जून तक आते हैं। कच्चा फल छोटा हरा होता है पकने पर फल मीठे, मुलायम तथा छोटे−छोटे दानों से युक्त होता है। इसका फल देखने में अंजीर के फल जैसा लगता है। इसके तने से क्षीर निकलता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार गूलर का कच्चा फल कसैला एवं दाहनाशक है। पका हुआ गूलर रुचिकारक, मीठा, शीतल, पित्तशामक, तृषाशामक, श्रमहर, कब्ज मिटाने वाला तथा पौष्टिक है। इसकी जड़ में रक्तस्राव रोकने तथा जलन शांत करने का गुण है। गूलर के कच्चे फलों की सब्जी बनाई जाती है तथा पके फल खाए जाते हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर या अन्य प्रकार से उपयोग किया जाता है। गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है। इसलिए पित्त एवं कफ विकार नहीं होते। साथ ही इससे उदरस्थ अग्नि एवं दाह भी शांत होते हैं। पित्त रोगों में इसके पत्तों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन भी फायदेमंद होता है। गूलर की छाल ग्राही है, रक्तस्राव को बंद करती है। साथ ही यह मधुमेह में भी लाभप्रद है। गूलर के कोमल−ताजा पत्तों का रस शहद में मिलाकर पीने से भी मधुमेह में राहत मिलती है। इससे पेशाब में शर्करा की मात्रा भी कम हो जाती है। गूलर के तने को दूध बवासीर एवं दस्तों के लिए श्रेष्ठ दवा है। खूनी बवासीर के रोगी को गूलर के ताजा पत्तों का रस पिलाना चाहिए। इसके नियमित सेवन से त्वचा का रंग भी निखरने लगता है। हाथ−पैरों की त्वचा फटने या बिवाई फटने पर गूलर के तने के दूध का लेप करने से आराम मिलता है, पीड़ा से छुटकारा मिलता है। गूलर से स्त्रियों की मासिक धर्म संबंधी अनियमितताएं भी दूर होती हैं। स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर इसकी छाल के काढ़े का सेवन करना चाहिए। इससे अत्याधिक बहाव रुक जाता है। ऐसा होने पर गूलर के पके हुए फलों के रस में खांड या शहद मिलाकर पीना भी लाभदायक होता है। विभिन्न योनि विकारों में भी गूलर काफी फायदेमंद होता है। योनि विकारों में योनि प्रक्षालन के लिए गूलर की छाल के काढ़े का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद होता है। मुंह के छाले हों तो गूलर के पत्तों या छाल का काढ़ा मुंह में भरकर कुछ देर रखना चाहिए। इससे फायदा होता है। इससे दांत हिलने तथा मसूढ़ों से खून आने जैसी व्याधियों का निदान भी हो जाता है। यह क्रिया लगभग दो सप्ताह तक प्रतिदिन नियमित रूप से करें। आग से या अन्य किसी प्रकार से जल जाने पर प्रभावित स्थान पर गूलर की छाल को लेप करने से जलन शांत हो जाती है। इससे खून का बहना भी बंद हो जाता है। पके हुए गूलर के शरबत में शक्कर, खांड या शहद मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में पैदा होने वाली जलन तथा तृषा शांत होती है। नेत्र विकारों जैसे आंखें लाल होना, आंखों में पानी आना, जलन होना आदि के उपचार में भी गूलर उपयोगी है। इसके लिए गूलर के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसे साफ और महीन कपड़े से छान लें। ठंडा होने पर इसकी दो−दो बूंद दिन में तीन बार आंखों में डालें। इससे नेत्र ज्योति भी बढ़ती है। नकसीर फूटती हो तो ताजा एवं पके हुए गूलर के लगभग 25 मिली लीटर रस में गुड़ या शहद मिलाकर सेवन करने या नकसीर फूटना बंद हो जाती है।  

Lenovo लैपटॉप 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया

नई दिल्ली केंद्र सरकार की मुहिम रंग ला रहा है। दरअसल कुछ वक्त पहले केंद्र सरकार ने लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों पर मेड इन डिवाइस बनाने का दबाव बनाया था। हालांकि उस वक्त विदेशी लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का कहना था कि भारत लैपटॉप का एक छोटा मार्केट है। ऐसे में उसके लिए भारत में लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग करना मुश्किल होगा। लेकिन अब विदेशी लैपटॉप कंपनियां घरेलू 100 फीसद मेड इन इंडिया पीसी बनाने जा रही है। कंपनी ने बनाया 3 साल का प्लान ग्लोबल टेक कंपनी लेनोवो ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी अगले 3 साल में भारत में मेड इन इंडिया पीसी मैन्युफैक्चिरिंग के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। कंपनी की तरफ से पीसी बिजनेस के मामले में 100 फीसद लोकल प्रोडक्शन के टारगेट को हासिल कर लेगी। इसमें एआई पॉवर्ड पीसी के साथ लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट होंगे। 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया प्रोडक्ट बता दें कि लेनोवो ने ऐसा ऐलान उस वक्त किया है, जब लेनोवो इंडिया में अपने 20 साल पूरे कर लिये हैं। लेनोवो इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र कटियाल ने कहा कि अभी कंपनी की देश में पीसी सेल का 30 फीसद लोकल मैन्युफैक्चरिंग से आता है। यह आंकड़ा अगले साल 50 फीसद और तीन साल में 100 फीसद तक पहुंचने का अनुमान है। पुडुचेरी में बनेगी प्रोडक्शन फैलिसिटी कटियाल ने ये भी बताया कि Lenovo के पहले AI-पावर्ड सर्वर 1 अप्रैल से इसके इंडिया मैन्युफैक्चरिंग हब से रोल आउट होने शुरू हो जाएंगे। पिछले साल सितंबर में Lenovo ने पुडुचेरी में एक प्रोडक्शन फैसिलिटी लॉन्च की थी, जो हर साल करीब 50,000 एंटरप्राइज AI सर्वर और 2400 हाई-एंड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) बनाएगी। लेनोवो भारत में करेगा रिसर्च एंड डेवलपमेंट का विस्तार कंपनी बेंगलुरु में एक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। साथ ही भारत में अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) कैपेसिटी का विस्तार कर सकती है। कंपनी का मानना है कि भारत एक बड़ा मार्केट है। साथ ही भारत से बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि साल 2024 के लिए 18,000 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट्स बनाये गये हैं। भारत में बनाए जा रहे ज्यादातर मोटोरोला फोन लेनोवो की तरफ से भारत में AI में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका रेवेन्यू साल दर साल के हिसाब से 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। Lenovo भारत से ग्लोबल मार्केट में Motorola स्मार्टफोन एक्सपोर्ट कर रहा है। कंपनी ने ऐलान किया है कि अब सभी Motorola फोन का प्रोडक्शन भारत में हो रहा है।

Oppo F27 Pro+ पर मिल रहा शानदार ऑफर

नई दिल्ली Oppo के स्मार्टफोन्स अक्सर ट्रेंड में रहते हैं। अगर आप भी कोई नया फोन तलाश रहे हैं तो Oppo F27 Pro+ की भी तलाश कर सकते हैं। इस फोन में आपको काफी शानदार फीचर्स मिलते हैं। साथ ही आज हम आपको इसके बारे में जानकारी भी देने वाले हैं। साथ ही फोन के डिजाइन के बारे में भी बताएंगे। Oppo F27 Pro+ की स्पेसिफिकेशन भी काफी खास होने वाली है। ऐसे में आप इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। कार्ड डिस्काउंट- OPPO F27 Pro+ (8GB+128GB) को आप फ्लिपकार्ट से ऑर्डर कर सकते हैं। इस फोन की MRP 32,999 रुपए है और आप इसे 21% डिस्काउंट के बाद 25,999 रुपए में खरीद सकते हैं। इस फोन पर कई कार्ड डिस्काउंट्स भी चल रहे हैं। सभी ऑफर्स मिलने के बाद आपको ये फोन 11,149 रुपए का मिल सकता है। PhonePe UPI Transaction की मदद से पेमेंट करने पर 1% तक का डिस्काउंट मिल सकता है। Flipkart Axis Bank Credit Card से पेमेंट करने पर 5% का अनलिमिटेड कैशबैक मिल सकता है। IDFC First Women Plantinum कार्ड पर 5% की छूट मिल सकती है। एक्सचेंज ऑफर के साथ मिल रहा डिस्काउंट- एक्सचेंज ऑफर के तहत आपको ज्यादा डिस्काउंट मिलने वाला है। अगर आप पुराना फोन फ्लिपकार्ट को वापस करते हैं तो 14,850 रुपए की छूट मिल सकती है। इतना भारी डिस्काउंट हासिल करने के लिए आपके पुराने फोन की कंडीशन ठीक होनी चाहिए और ये पुराने फोन के मॉडल पर भी डिपेंड करता है। फोन की कंपनी की तरफ से 1 साल की वारंटी दी जा रही है। Accessories की अलग से 6 महीने की वारंटी मिल रही है। स्पेसिफिकेशन- Oppo F27 Pro+ में 8GB RAM और 128GB स्टोरेज मिल रही है। इस फोन में 6.7 इंच फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया जा रहा है। इस डुअल रियर कैमरा मिल रहा है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64MP का मिल रहा है। साथ ही फ्रंट कैमरा 8MP का मिल रहा है। 5000 mAh Battery की वजह से बैकअप भी अच्छा दिया जा रहा है। इसमें Dimensity 7050 Processor मिल रहा है जिसकी वजह से आपके फोन की स्पीड भी काफी अच्छी दी जा रही है। डिजाइन को लेकर भी आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये लाइट वेट स्मार्टफोन है। साथ ही ये डुअल सिम सपोर्ट के साथ आता है। कॉम्पैक्ट डिजाइन की वजह से आपके लिए इसे कैरी करना भी आसान हो जाता है। यही वजह है कि मिड रेंज फोन के साथ इसे काफी पसंद भी किया जाता है।

अंकुरित मूंग खाने से इम्यूनिटी होगी स्‍ट्रॉन्‍ग

घर के बड़े-बूढ़े हमेशा से कहते आए हैं क‍ि सुबह का नाश्‍ता हेल्‍दी और पोषक तत्‍वों से भरपूर हाेना चाह‍िए। साथ ही पेट भर करना चाह‍िए। अगर ऐसा कर ल‍िया गया ताे आप द‍िनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं। ये शरीर को भी कई तरह से फायदा पहुंचाता है। अंकुरित मूंग उन्‍हीं में से एक है। यह ऐसा ही एक सुपरफूड है, जिसे सुबह खाली पेट खाने से सेहत को जबरदस्त फायदे मिलते हैं। अंकुर‍ित मूंग प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। इससे हमारा डाइजेशन मजबूत होता है। ये तेजी से वजन घटाने में भी मददगार है। इसके अलावा ये दिल की सेहत सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने में भर मदद करती है। अंकुरित मूंग शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर त्वचा को ग्लोइंग बनाने में भी सहायक होती है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे अनहेल्दी स्नैक्स खाने की आदत भी कम हो जाती है। अगर आप दिन की शुरुआत हेल्दी और एनर्जेटिक तरीके से करना चाहते हैं, तो रोज सुबह अंकुरित मूंग को अपने आहार में जरूर शामिल करें। सुबह खाली पेट अंकुर‍ित मूंग खाने के फायदे     शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इम्युनिटी स्‍ट्रॉन्‍ग होना जरूरी है। सुबह अंकुरि‍त मूंग दाल खाने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। दरअसल, इसमें विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसे खाने से आप कई तरह की बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आने से बच सकते हैं।     अगर आप नाश्ते में अंकुरित मूंग रोजाना खाते हैं, तो इससे आपकी स्किन हेल्‍दी रहती है, जिससे आप जवां नजर आएंगे।     अंकुरित मूंग में विटामिन-ए पाया जाता है। जो आंखों के लिए फायदेमंद है। इसे डेली डाइट में खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है।     अंकुरित मूंग में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसे खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाती है, जिससे एनीमिया की समस्या को मात दे सकते हैं।     अंकुरित मूंग खाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसे खाने से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी दूर होती है।     फाइबर युक्त अंकुरित मूंग डाइजेस्टिव स‍िस्‍टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। एसिडिटी, खट्टे डकार आदि पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।     हाई फाइबर से भरपूर मूंग दाल खाने से पेट के भरे होने का एहसास लंबे समय तक बना रहता है, जिसकी वजह से ओवरइटिंग नहीं होती, जो वजन कम करने में सहायक होता है।  

ऐसे फल और सब्जियां जो खुद बताते हैं कि मैं किस चीज के लिए फायदेमंद हूं…

Fruits and vegetables that tell me what they are good for… हमारी प्रकृति हमें वो सब कुछ देती है जिसकी हमारे शरीर को जरूरत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फल और सब्जियां अपने आकार और बनावट से यह संकेत देती हैं कि वे हमारे शरीर के किस अंग के लिए फायदेमंद हो सकती हैं? प्रकृति ने हमें जो भी दिया है, वह किसी न किसी रूप में हमारे शरीर के लिए लाभकारी है। जरूरत है तो बस इसे सही तरीके से समझने और अपने आहार में शामिल करने की!

सेहत में जबरदस्त सुधार के लिए रोज खाएं एक कीवी

क्या आप जानते हैं कि कीवी विटामिन-सी का पावरहाउस है। यह छोटा, स्वादिष्ट फल पोषक तत्वों से भरा होता है, जिसे रोज खाने से आपकी सेहत में कई सुधार देखने को मिलेंगे। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-के, विटामिन-ई, फोलेट, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व कूट-कूटकर भरे होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप रोजाना एक कीवी खाना शुरू कर दें, तो आपके शरीर में क्या-क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोज एक कीवी खाने के फायदे । इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है कीवी में विटामिन-सी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। विटामिन-सी शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जो इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। रोजाना एक कीवी खाने से सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी समस्याओं से बचाव होता है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है कीवी में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की गतिविधि को बेहतर तरीके से चलाने में मदद करता है। कीवी में मौजूद एक्टिनिडिन एंजाइम प्रोटीन को पचाने में मदद करता है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद कीवी में पोटैशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके अलावा, कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी सहायक होते हैं। त्वचा के लिए गुणकारी कीवी में विटामिन-सी और विटामिन-ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हैं। ये तत्व त्वचा को निखारने, झुर्रियों को कम करने और त्वचा की इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करते हैं। कीवी खाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और यह उम्र बढ़ने के लक्षणों को धीमा करता है। नींद की गुणवत्ता में सुधार कीवी में सेरोटोनिन पाया जाता है, जो नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है। रोजाना सोने से पहले एक कीवी खाने से नींद अच्छी आती है और नींद न आने की समस्या दूर होती है। आंखों के लिए लाभदायक कीवी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। ये तत्व आंखों को मोतियाबिंद और उम्र से जुड़ी आंखों की परेशानियों से बचाने में मदद करते हैं। वजन घटाने में सहायक कीवी में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन घटाने में मदद करता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा को कम करता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छा फल है। हड्डियों को मजबूत बनाता है कीवी में विटामिन-के और कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव करता है। तनाव कम करने में मददगार कीवी में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव को कम करने में मदद करते हैं। यह मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाता है और मूड को अच्छा रखता है।

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामलो में तेजी, दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 3 हजार ज्यादा मामले

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। अभी ठंड पूरी तरह से गई नहीं है और इस वजह से लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। बदलते मौसम की वजह से दिल्ली में भी वायरल इन्फेक्शन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इनमें स्वाइन फ्लू के भी काफी मामले हैं (H1N1 Virus Outbreak)। भारत में दिसंबर 2024 तक लगभग 220,414 लोग स्वाइन फ्लू से इन्फेक्टेड थे और इसकी वजह से 347 लोग अपनी जान गंवा चुके थे। यह आंकड़ा छोटा नहीं है और गंभीर चिंता का मुद्दा है। दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के लगभग 3141 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। दिल्ली के अलावा, भारत के अन्य राज्यों में भी इसके मामले बढ़े हैं। इसलिए स्वाइन फ्लू से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। इसके कुछ लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में हम यहां बताने वाले हैं। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक फैलने वाली बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। यह इन्फेक्शन फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह वायरस मुख्य रूप से सूअरों में पाया जाता है, लेकिन यह इंसानों में भी फैल सकता है। इसलिए इसका नाम स्वाइन फ्लू रखा गया। स्वाइन फ्लू पहली बार 2009 में एक महामारी के रूप में उभरा और तब से यह दुनिया भर में फैल चुका है। यह बीमारी इन्फेक्टेड व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से फैलती है। स्वाइन फ्लू के लक्षण कैसे होते हैं? स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर भी हो सकता है।     बुखार- स्वाइन फ्लू में तेज बुखार आना एक आम लक्षण है। बुखार अचानक से शुरू हो सकता है और कई दिनों तक बना रह सकता है।     खांसी और गले में खराश- इन्फेक्टेड व्यक्ति को सूखी खांसी और गले में तेज खराश हो सकती है।     सिरदर्द और शरीर में दर्द- स्वाइन फ्लू में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है।     थकान और कमजोरी- इस बीमारी में मरीज को बेहद थकान और कमजोरी महसूस होती है।     सर्दी-जुकाम- नाक बहना, छींक आना और नाक बंद होना भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।     उल्टी और दस्त- कुछ मामलों में रोगी को उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।     सांस लेने में तकलीफ- गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जो एक गंभीर लक्षण है। स्वाइन फ्लू से बचाव कैसे करें? स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है।     हाथों की सफाई- नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं। अगर साबुन न हो, तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। खांसने या छींकने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करें।     मास्क का इस्तेमाल- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अगर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनकर जाएं। यह इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है।     सोशल डिस्टेंसिंग- बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कम से कम 2 फीट की दूरी बनाए रखें।     मुंह ढंककर खांसें और छींकें- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रुमाल से ढकें। उसके बाद टिश्यू को डस्टबिन में फेंक दें और हाथ धो लें।     इम्युनिटी बढ़ाएं- हेल्दी डाइट लें, पूरी नींद लें और नियमित एक्सरसाइज करें। विटामिन-सी और डी वाले फूड्स खाएं, ताकि इम्युनिटी मजबूत बने।     वैक्सीनेशन- स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए H1N1 वैक्सीन है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।     डॉक्टर से संपर्क करें- अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से कोई दवा न लें।  

इन लक्षणों की मदद से पता करें डिहाइड्रेशन

हमारे शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से बना है। यह न केवल शरीर के तापमान को कंट्रोल करता है, बल्कि पाचन, ब्लड सर्कुलेशन और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी होना काफी खतरनाक हो सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण शरीर को काफी गंभीर नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, कुछ लक्षणों की मदद से आप इसे पहचानकर इसका इलाज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी के संकेत क्या हैं और इसे कैसे पहचाना जा सकता है। प्यास लगना प्यास लगना डिहाइड्रेशन का सबसे सामान्य और शुरुआती संकेत है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो दिमाग प्यास का संकेत देता है। यदि आपको बार-बार प्यास लग रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है। मुंह सूखना पानी की कमी होने पर मुंह और गले में सूखापन महसूस होता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर लार का बनाना कम कर देता है, जो मुंह को नम रखने के लिए जरूरी है। मुंह सूखने पर बोलने और निगलने में भी दिक्कत हो सकती है। थकान और कमजोरी पानी की कमी होने पर शरीर में एनर्जी लेवल गिर जाता है। इससे थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है। अगर आप बिना किसी कारण के थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। सिरदर्द डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। पानी की कमी से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, जिससे सिरदर्द होता है। अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। यूरिन का रंग गहरा होना यूरिन का रंग शरीर में पानी की मात्रा को दिखाता है। अगर यूरिन का रंग गहरा पीला या भूरा है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत है। सामान्य रूप से, यूरिन का रंग हल्का पीला या साफ होना चाहिए। त्वचा का रूखापन पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। त्वचा में इलास्टिसिटी कम हो जाती है और यह डिहाइड्रेशन का एक अहम लक्षण है। अगर आपकी स्किन रूखी और खिंची हुई लग रही है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। चक्कर आना डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे चक्कर आने की समस्या हो सकती है। यदि आपको बार-बार चक्कर आ रहे हैं, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। मांसपेशियों में ऐंठन पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है। यह स्थिति तब होती है, जब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। इलेक्ट्रोलाइट्स, जैसे सोडियम और पोटेशियम, मांसपेशियों के सही फंक्शन के लिए जरूरी हैं। कब्ज की समस्या पानी की कमी होने पर पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे कब्ज की समस्या हो सकती है। पानी मल को नरम बनाने और आंतों में आसानी से मूव करने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज की शिकायत है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। हार्ट रेट बढ़ना डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट बीट बढ़ सकती है। पानी की कमी से खून का वॉल्यूम कम हो जाता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अगर आपका दिल सामान्य से ज्यादा तेज धड़क रहा है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है।

शार्प ने भारतीय बाजार में अपने AC को लॉन्च किया, 32,499 रुपये से शुरू है कीमत, मिलेंगे खास फीचर्स

Sharp ने भारतीय बाजार में अपनी नई AC सीरीज को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने तीन Reiryou, Seiyro और Plasma Chill सीरीज को लॉन्च किया है, जो आकर्षक कीमत पर आती हैं. कंपनी का कहना है कि ये नई सीरीज बेहतर कूलिंग के साथ ही बिजली भी बचाएगी. इसमें एडवांस फिल्टर का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से यूजर्स को साफ हवा मिलेगी. लेटेस्ट AC में कंपनी ने 7 स्टेज फिल्टरेशन, 7-in-1 कन्वर्टिबल फंक्शन, सेल्फ डायग्नोसिस और सेल्फ क्लिनिंग टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स मिलेंगे. यानी इसमें कन्फर्ट, हेल्थ और कन्वीनियंस का कैम्बो मिलता है. क्या है Sharp AC में खास? कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में कई कैपेसिटी ऑप्शन दिए हैं, जो अलग-अलग साइज के कमरों के लिए परफेक्ट हैं. कंपनी का कहना है कि उसके नए प्रोडक्ट्स में टेक्नोलॉजी के साथ इनोवेशन को ब्लेंड करना उनका कमिटमेंट दिखता है, जिससे कंज्यूमर्स को बेहतर प्रोडक्ट्स मिलेंगे. Reiryou सीरीज में कंपनी ने परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी पर फोकस किया है. इसमें आपको 1.5 टन और 2 टन की क्षमता के AC मिलते हैं, जो 5000W से 6270W की कूलिंग कैपेसिटी के साथ आते हैं. आपको 3 स्टार और 5 स्टार रेटिंग का भी विकल्प मिलेगा. इस सीरीज के साथ कंपनी 7 साल की कॉम्प्रिहेंसिव वारंटी ऑफर करेगी. इसमें 7-in-1 कन्वर्टिबल 4 वे स्विंग मिलेगा. ब्रांड की मानें, तो ये AC 58 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी में काम कर सकते हैं. Seiryo सीरीज में आपको 1 टन और 1.5 टन की क्षमता वाले AC का विकल्प मिलेगा. इस सीरीज में कंपनी ने एडवांस कूलिंग और रोजमर्रा के कम्फर्ट पर फोकस रखा है. इसमें भी आपको 3-स्टार और 5-स्टार का विकल्प मिलेगा. इसके अलावा कंपनी ने Plasma Chill सीरीज को लॉन्च किया है. इस सीरीज में आपको 1 टन से 1.5 टन के 3-स्टार AC मिलेंगे. कितनी है कीमत ये सभी AC टर्बो मोड, गोल्ड फिन कोटिंग, सेल्फ क्लीनिंग टेक्नोलॉजी, रेफ्रिजरेंट लीकेज डिटेक्शन, हिडेन डिस्प्ले, हाई एम्बिएंट कूलिंग, ऑटो रिस्टार्ट, सेल्फ डायग्नॉसिस जैसे कई फीचर्स मिलते हैं. Reiryou की कीमत 39,999 रुपये से शुरू होती है. वहीं Seriyo सीरीज की कीमत 32,499 रुपये और Plasma Chill की कीमत 32,999 रुपये से शुरू होती है. इन सभी को आप प्रमुख रिटेल शॉप से खरीद पाएंगे.  

आत्मविश्वास को कमजोर कर देती हैं ये आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।

न्यू Apple iPad Air भारत में लॉन्च हुआ, इतनी है कीमत और ये हैं फीचर्स

Apple ने अपना नया iPad Air लॉन्च कर दिया है, जो M3 chip के साथ आता है. इस लेटेस्ट चिप की मदद से इस लेटेस्ट प्रोडक्ट में बेहतर परफोर्मेंस और एनहेंस्ड AI फीचर्स मिलेंगे. इस नए Apple iPad को दो स्क्रीन साइज में पेश किया है. यह एक लाइटवेट प्रोडक्ट है. न्यू Apple iPad Air के अंदर नया रिडिजाइन Magic Keyboard और एडवांस्ड ग्राफिक्स आर्किटेक्चर मिलेगा. इसमें न्यू M3 चिपसेट का इस्तेमाल किया है, जो M1 चिप की तुलना में दोगुना फास्ट परफोर्मेंस दे सकती है. iPad Air M3 में लेटेस्ट iPadOS के साथ Apple Intelligence का सपोर्ट मिलेगा.  यहां ऑप्शनल 5G कनेक्टिविटी का ऑप्शन मिलेगा, उसके लिए यूजर्स को सेल्यूलर वेरिएंट खरीदना होगा. इस न्यू iPad में USB-C port दिया गया है. यहां दो स्क्रीन साइज 11 इंच और 13 इंच मिलेंगे. Apple Intelligence की मदद से इसमें ये फीचर्स शामिल होंगे. Clean Up in Photos : फोटो से गैर जरूरी एलिमेंट्स को रिमूव कर सकेंगे Enhanced search : फोटो और वीडियो सर्च करने के लिए सपोर्ट मिलेगा. Image Wand in Notes : अपनी स्केच को आप प्रोफेशनल टच दे सकेंगे. Image Playground : टेक्स्ट प्रोम्प्ट की मदद से इमेज जनरेट कर सकेंगे. न्यू Siri:  ChatGPT के साथ इंटीग्रेशन मिलेगा. न्यू iPad Air M3 के साथ न्यू Magic Keyboard कंपेटेबल होगा, जो 14-key Function Row के साथ आता है. यह iPad के साथ मैग्नेटिकली अटैच हो सकता है. Apple iPad Air की कीमत iPad Air M3 का प्री ऑर्डर 4 मार्च से शुरू हो चुका है और इसकी सेल 12 मार्च से शुरू होगी. यह हैंडसेट दो डिस्प्ले साइज और चार कलर वेरिएंट में आता है, जिनके नाम ब्लू, पर्पल, स्टारलाइट और स्पेस ग्रे हैं.   11-inch iPad Air (Wi-Fi) की कीमत 11-inch iPad Air (Wi-Fi) के शुरुआती वेरिएंट की कीमत  59,900 रुपये है, जिसमें 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. 256GB storage के लिए 69,900 रुपये और 512GB स्टोरेज के लिए 89,900 रुपये खर्च होंगे. इसमें 1TB वेरिएंट 1,09,900 रुपये का मिलेगा.   11-inch iPad Air with Wi-Fi + Cellular की कीमत 11-inch iPad Air with Wi-Fi + Cellular वेरिएंट की शुरुआती कीमत 74,900 रुपये है, इसमें 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 84,900 रुपये और 512GB स्टोरेज के लिए 1,04,900 रुपये खर्च होंगे.यहां इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 1,24,900 रुपये है, जिसमें 1TB स्टोरेज मिलेगी. 13-inch iPad Air (Wi-Fi)  की कीमत   13-inch iPad Air (Wi-Fi) की शुरुआती कीमत  79,900 रुपये है, जिसमें 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. इसके अलावा 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 89,900 रुपये देने होंगे. इसके अलावा 512GB स्टोरेज के लिए 1,09,900 रुपये और 1TB storage के लिए 1,29,900 रुपये देने होंगे. 13-inch iPad Air (Wi-Fi + Cellular) की कीमत 13-inch iPad Air (Wi-Fi + Cellular) के 128GB स्टोरेज की कीमत 94,900 रुपये है. 256GB स्टोरेज के लिए 1,04,900 रुपये, 512GB स्टोरेज के लिए 1,24,900 रुपये और 1TB स्टोरेज के लिए 1,44,900 रुपये खर्च करने होंगे. 11th-generation iPad भी हुआ अनवील Apple ने 11th-generation iPad को भी लॉन्च कर दिया है, जो A16 चिप के साथ आता है. यह A13 chip के साथ आने वाले 9th-generation iPad की परफोर्मेंस की तुलना में 50 परसेंट ज्यादा फास्ट है. 11th-generation iPad की शुरुआती कीमत 34,900 रुपये है, जिसमें 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. सेल्यूलर मॉडल की शुरुआती कीमत 49,900 रुपये है. इसके Magic Keyboard के लिए 24,900 रुपये खर्च करने होंगे.  

इन टिप्स से ब्लड शुगर वाले दुबले भी बढ़ा सकते है अपना वजन

ब्लड शुगर का असंतुलन डायबिटीज पेशेंट के शरीर की ऊर्जा को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। दरअसल, जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में असफल रहता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों और फैट को तोड़ने लगता है। इससे व्यक्ति अचानक से दुबला और कमजोर हो जाता है। ऐसे में वजन बढ़ाने के लिए सही डाइट और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि वेट ट्रेनिंग करें, कैलोरी बढ़ाने के लिए स्मूदी और ड्राई फ्रूट्स खाएं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करें, और ब्लड शुगर लेवल को नियमित जांचें। डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लें। इस लेख में वजन बढ़ाने के लिए कुछ बेहद प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानिए… डॉक्टर से सलाह लें वजन बढ़ाने के लिए अपनी दवाइयों और इंसुलिन का सही डोज डॉक्टर से निश्चित कराएं। संतुलित और पौष्टिक आहार लें दिनभर में छोटे-छोटे और पौष्टिक मील्स लें। प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे दाल, पनीर, अंडे, चिकन और नट्स को अपनी डाइट में शामिल करें। हेल्दी फैट्स जैसे कि एवोकाडो, नारियल तेल और घी का सेवन करें। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स खाएं लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स जैसे कि ओट्स, जौ, रागी, बाजरा को अपनी डेली डाइट रूटीन में शामिल करें। ये फूड्स ब्लड शुगर को स्थिर रखते हुए वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। डाइट में कैलोरी बढ़ाएं घर का बना स्मूदी, प्रोटीन शेक और फुल क्रीम दूध का सेवन करें। ड्राई फ्रूट्स जैसे खजूर, बादाम और अखरोट के सेवन से अपनी कैलोरी बढ़ाएं। व्यायाम को प्राथमिकता दें वेट ट्रेनिंग और योगासन करें। ये मांसपेशियों को मजबूत बनाकर स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाते हैं। कार्डियो एक्सरसाइज की बजाय स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर फोकस करें। खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें शरीर को हाइड्रेट रखने से पोषक तत्व सही तरीके से एब्जॉर्ब होते हैं। इसलिए प्रतिदिन आठ से दस गिलास पानी जरूर पिएं। तनाव और नींद का ध्यान रखें रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। नींद वजन बढ़ाने में मददगार होती है। तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और प्राणायाम करें। इन सावधानियों का भी रखें ध्यान 1.जंक फूड या शुगर रिच फूड्स को खाने से बचें। 2. जंक फूड ब्लड शुगर को कर सकते हैं असंतुलित। 3.अपने ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच कराएं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से सिर्फ हृदय रोग ही नहीं इन गंभीर समस्याओं का भी बढ़ जाता है खतरा, बरतें सावधानी

नई दिल्ली कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक वसा (लिपिड) है, जो कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन और पाचन के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। कोलेस्ट्रॉल शब्द से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही हृदय रोगों का ख्याल आ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कंट्रोल में रखना चाहिए। वैसे तो कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक वसा (लिपिड) है, जो कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन और पाचन के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल लगभग 40% हृदय रोगों के मामले हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से होते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति सिर्फ हृदय रोग ही नहीं शरीर को कई अन्य प्रकार से भी प्रभावित करने वाली मानी जाती है, इसलिए इसे कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी कई गड़बड़ आदतें कोलेस्ट्रॉल सहित संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती है। असंतुलित आहार (फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें), शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, धूम्रपान-शराब का सेवन, तनाव की समस्या के साथ कुछ अनुवांशिक कारण कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। इस बारे में जानना और इससे बचाव करते रहना बहुत जरूरी है।   हृदय रोगों का जोखिम हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति का सबसे ज्यादा नुकसान हृदय स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। विशेषतौर पर अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो ये रक्त धमनियों में जमकर ब्लॉकेज बनाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 70% हार्ट अटैक के मामलों में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन देखा जाता रहा है। कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हाई कोलेस्ट्रॉल के दुष्प्रभाव सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं हैं, इसके कारण स्ट्रोक का भी जोखिम हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क तक जाने वाली कुछ धमनियों को भी संकीर्ण कर देता है। अगर मस्तिष्क तक रक्त ले जाने वाली कोई वाहिका पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है तो इसके कारण मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे स्ट्रोक हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली इन समस्याओं को भी जानिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण शरीर पर और भी कई तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल से रक्त वाहिकाएं कठोर हो जाती हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में 60% को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं काफी बढ़ जाती हैं। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना फैटी लिवर की वजह बनता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण नपुंसकता बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है। लंबे समय में, कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक रहने के कारण जननांग की छोटी रक्त वाहिकाओं के संकुचित होने का भी खतरा हो सकता है इससे इरेक्शन प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है।  

हाल ही में लॉन्च स्मार्टफोन Vivo V50 पर 23,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर

नई दिल्ली वीवो की तरफ से हाल ही में एक स्मार्टफोन Vivo V50 को लॉन्च किया गया था। यह एक मिड-बजट सेगमेंट का स्मार्टफोन है, जो 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में आता है। यह कंपनी का अल्ट्रा स्लिम क्वॉड कर्व्ड डिस्प्ले फोन है। इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। साथ ही पावरफुल चिपसेट दी गई है। फोन में 50MP के तीन कैमरे दिये गये हैं। इस फोन को फ्लिपकार्ट से भारी डिस्काउंट ऑफर पर खरीद पाएंगे। फोन की खरीद पर 23,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। कीमत और डिस्काउंट ऑफर Vivo V50 स्मार्टफोन की कीमत 34,999 रुपये है। इस फोन की खरीद पर 23,100 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। इसके बाद फोन की कीमत 11,888 रुपये रह जाती है। फोन की खरीद पर 1,250 रुपये का अतिरिक्त एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है। PNB क्रेडिट कार्ड से फोन खरीदने पर 500 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जा रहा है। साथ ही 5000 रुपये कैशबैक और कूपन दिया जा रहा है। फोन को 5,834 रुपये मंथली ईएमआई ऑप्शन पर खरीदा जा सकेगा। अगर आप फोन खरीदते हैं, तो 1 साल मैन्युफैक्चरिंग वारंटी के साथ 6 माह इन-बॉक्स एसेसरीज दी जाएगी। Vivo V50 के स्पेसिफिकेशन्स Vivo V50 में 6.78 इंच क्वाड-कर्व्ड FHD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। फोन एडॉप्टिक रिफ्रेश रेट सपोर्ट में आता है। इसमें 60 Hz से लेकर 90 Hz और 120 Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया गया है। फोन में 4500 nits पीक ब्राइटनेस दिया गया है। Vivo V50 इनहैंड फील फोन टाइटेनियम ग्रे, रोज रेड और स्टाररी नाइट कलर ऑप्शन में आता है। इसमें ग्लास बैक पैनल और स्लिमर बॉडी दी गई है। इसकी थिकनेस 7.39mm है। साथ ही इसका वजन करीब 199 ग्राम है। Vivo V50 कैमरा और प्रोसेसर Vivo V50 में Snapdragon 7 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है। फोन एंड्रॉइड 14 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें ड्यूल रियर कैमरा सेंसर दिया गया है। इसका मेन कैमरा 50 मेगापिक्सल सेंसर के साथ आता है। साथ ही 50MP सेकेंड्री कैमरा दिया गया है। इसके अलावा फ्रंट में 50MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है। Vivo V50 बैटरी फोन में 6000mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है। इसमें IP68 और IP69 दोनों रेटिंग्स मिलती हैं। साथ ही एआई फीचर्स के तौर पर सर्कल टू सर्च, AI ट्रांसक्रिप्ट, AI लाइव कॉल ट्रांसलेशन जैसे AI फीचर्स दिये गये हैं।

Samsung ने लॉन्च किए Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G को

नई दिल्ली Samsung ने आज Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G को लॉन्च कर दिया है। नए Galaxy A सीरीज में इंटेलिजेंस सपोर्ट दिया गया है। साथ ही सुपर एमोलेड डिस्प्ले सपोर्ट दिया गया है। फोन में 50MP मेन कैमरा सेंसर दिया गया है। इसमें One UI 7 सिक्योरिटी सपोर्ट दिया गया है। फोन में सर्कल टू सर्च जैसे एआई फीचर्स का सपोर्ट मिलेगा। फोन में ऑटो-ट्रिम और बेस्ट फेस फ्लैगशिप-लेवल AI फीचर्स दिये गये हैं। Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G को नए डिजाइन लैंग्वेज में पेश किया गया है। Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G की थिकनेस 7.4mm है। डिस्प्ले Galaxy A56 5G और Galaxy A36 5G दोनों में 1200 nits ब्राइटनेस दी गई है। फोन 6.7 इंच FHD+ सुपर AMOLED डिस्प्ले में आता है। है। इसमें नए स्टीरियो स्पीकर्स दिये गये हैं। फोन में ट्रिपल कैमरा सेंसर दिया गया है। इसका मेन कैमरा 50MP का है। साथ ही Galaxy A56 5G में 12MP अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया गया है। साथ ही फ्रंट में 12MP सेल्फी कैमरा दिया गया है। चिपसेट और अपडेट दोनों मॉडल मल्टी-टास्किंग के साथ आते हैं। Galaxy A56 5G स्मार्टफोन Exynos 1580 चिपसेट और Galaxy A36 5G स्मार्टफोन में Snapdragon 6 Gen 3 मोबाइल चिपसेट सपोर्ट दिया गया है। दोनों फोन में 5000mAh बैटरी दी गई है। इन फोन्स में IP67 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंस सपोर्ट मिलता है। साथ ही फोन्स एडवांस्ड Corning Gorilla Victus+ के साथ आते हैं। इसमें 6 जेनरेशन एंड्रॉइड OS और 6 साल सिक्योरिटी अपडेट्स मिलता है। Galaxy A सीरीज One UI 7 के साथ आता है। इसमें Samsung Knox Vault सिक्योरिटी मिलती है। Galaxy A56 5G     12GB + 256GB – 47,999 रुपये     8GB + 256GB – 44,999 रुपये     8GB + 128GB – 41,999 रुपये फोन की खरीद पर 3000 रुपये का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। फोन ऑलिव, लाइटिंग ग्रे और ग्रेफाइट कलर ऑप्शन में आएगा। Galaxy A36 5G     12GB + 256GB – 38,999 रुपये     8GB + 256GB – 35,999 रुपये     8GB + 128GB – 33,999 रुपये     इनकी खरीद पर भी 3000 रुपये की छूट दी जा रही है। यह एक लिमिटेड पीरियड डील होगी। फोन ब्लैक, लैवेंडर और व्हाइट कलर ऑप्शन में आएगा। डिस्काउंट ऑफर     ग्राहकों को सैमसंग की तरफ से मात्र 999 रुपये में एक साल के लिए स्क्रीन प्रोटकेसन दिया जा रहा है, जिसकी वास्विक कीमत 2,999 रुपये है। फोन को 18 माह नो-कॉस्ट ईएमआई ऑप्शन में खरीदा जा सकेगा। साथ ही 400 रुपये वाला अमेजन वाउचर का लुत्फ उठा पाएंगे।     दोनों फोन्स को सैमसंग वेबसाइट और सैमसंग स्टोर के साथ ऑनलाइन पोर्टल से खरीदा जा सकेगा।

दिल का ख्याल रखना है तो जरूर करें ये योगासन

दिल हमारे शरीर का सबसे अहम अंग होता है, जो पूरे शरीर में खून पहुंचाने में मदद करता है। इसके अलावा हार्ट कई सारे जरूरी काम करता है और इसलिए अपने दिल का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इन दिनों दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में हेल्दी डाइट के साथ-साथ दिल को दुरुस्त रखने के लिए फिजिकली एक्टिव रहना भी बेहद जरूरी है। इसलिए आप कुछ योगासनों की मदद से खुद को फिजिकली एक्टिव और अपने दिल को हेल्दी रख सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आसान योगासनों के बारे में, जिन्हें आप आसानी से घर पर ही कर सकते हैं। ताड़ासन अपने दिल को हेल्दी बनाने के लिए आप ताड़ासन कर सकते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और डीप ब्रीदिंग को बढ़ावा देता है, जिससे हार्ट बीट और ऑक्सीजन का फ्लो कंट्रोल करने, तनाव को कम करने और पूरे हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देने में मदद करता है। साथ ही यह पोश्चर सही करने में भी मददगार है। अधोमुख श्वानासन अधोमुख श्वानासन ब्लड फ्लो को बढ़ाता है, रीढ़ और हैमस्ट्रिंग को फैलाता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने से शरीर के लचीलेपन में सुधार आता है, जिससे दिल पर दबाव कम होता है और दिल हेल्दी बनता है। त्रिकोणासन यह साइड-स्ट्रेचिंग आसन ब्लड फ्लो को बढ़ाकर, स्टीफनेस को कम करता है और छाती को खोलता है, जिससे हार्ट फंक्शनिंग में सुधार होता है। इससे दिल मजबूत होता है और पूरे लचीलेपन को बढ़ावा मिलता है। भुजंगासन भुजंगासन, जिसे कोबरा आसन भी कहते हैं, दिल को हेल्दी बनाने वाला एक जरूरी आसन है। यह आसन दिल को खोलता है और हार्ट फंक्शनिंग को बेहतर करता है, जिससे बेहतर सर्कुलेशन को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह पीठ की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है, फेफड़ों की क्षमता में सुधार करता है और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। उष्ट्रासन उष्ट्रासन यानी कैमल पोज छाती को चौड़ा करता है, फेफड़ों की फंक्शनिंग में सुधार करता है और तनाव को भी कम करता है। इसे रोजाना करने से ब्ल फ्लो बेहतर होता है और दिल की सेहत को बढ़ावा मिलता है। पश्चिमोत्तानासन एक बेहतरीन स्ट्रेस से छुटकारा दिलाने वाला आसन है, जो नर्वस सिस्टम को शांत करता है, हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है और सर्कुलेशव को बढ़ाता है, जिससे यह हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो जाता है।

आटे में कुछ चीजें मिलाकर रोटी खाने से यूरिक एसिड से मिलेगा छुटकारा

शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसमें जोड़ों का दर्द, सूजन,गाउट, किडनी स्टोन, हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं आदि शामिल हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की वजह बन सकते हैं। ऐसे में इसे कंट्रोल में करने के लिए बैलेंस्ड डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी हो जाता है। रोटी हमारी डेली डाइट का अहम हिस्सा होती है। इसके बिना कई लोगों का खाना पूरा नहीं होता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोटी में कुछ खास इंग्रीडिएंट्स मिलाकर आप न सिर्फ अपनी मील पूरा कर सकते हैं, बल्कि शरीर से यूरिक एसिड भी बाहर निकाल सकते हैं। आइए आपको बताते हैं आटे में क्या मिलाए, जो इसे स्वादिष्ट बनाने के साथ ही यूरिक एसिड कम करने में भी मदद करे। जौ का आटा जौ के आटे में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। इस तरह ये यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और पाचन सुधारने में मददगार होता है। इसलिए इसे अपनी रोटी बनाने वाले गेहूं के आटे में थोड़ा- सा जौ का आटा मिलाएं और यूरिक एसिड से छुटकारा पाएं। अलसी का पाउडर अलसी में ओमेगा-थ्री फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो सूजन को कम करते हैं और यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करते हैं। ऐसे में गेहूं के आटे में 1-2 चम्मच अलसी का पाउडर मिलाकर इस्तेमाल करें। अजवाइन अजवाइन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्सिफाइंग गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ों की सूजन को कम करती है और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ऐसे में यूरिक एसिड को कम करने के लिए आप आटे में 1-2 चम्मच अजवाइन मिला सकते हैं। मेथी पाउडर मेथी के बीजों का पाउडर भी यूरिक एसिड कम करने में मदद करेगा। मेथी के बीज शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं और सूजन को कम करते हैं। ऐसे में अगर आप भी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम करना चाहते हैं, तो गेहूं के आटे में एक चम्मच मेथी पाउडर मिलाकर इसकी रोटी बनाएं। इन बातों का ध्यान रखें     रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं, जिससे शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा यूरिक एसिड निकल सके।     मांसाहार, शराब और जंक फूड को खाने से जितना हो सके उतना बचें।     हरी सब्जियां और फाइबर रिच डाइट को फॉलो करना फायदेमंद होगा।  

नेचुरल चीजों से बालों की समस्या का जड़ से करे इलाज, होममेड शैम्पू करें तैयार

क्या आपके बाल जल्दी-जल्दी गिर रहे हैं? डैंड्रफ ने आपको परेशान कर रखा है? या फिर आपके बाल रूखे और बेजान हो गए हैं? अगर हां, तो अब केमिकल वाले शैंपू पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं! क्योंकि हम लाए हैं एक ऐसा होममेड शैम्पू, जो एक-दो नहीं, बल्कि बालों से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान करेगा। आजकल ज्यादातर शैंपू में सल्फेट, पैराबेन और कई अन्य हार्श केमिकल्स होते हैं, जो बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। ये शैंपू शुरुआत में भले ही अच्छे रिजल्ट दें, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बाल ड्राई, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। दूसरी ओर, प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चीजों से बने होममेड शैंपू न सिर्फ बालों की सेहत को बेहतर बनाते हैं, बल्कि जड़ों को भी मजबूत करते हैं, जिससे बालों की हर समस्या जड़ से खत्म हो जाती है। होममेड शैम्पू बनाने के लिए जरूरी चीजें     रीठा (Soapnut) – 7 से 8 टुकड़े     शिकाकाई – 5 से 6 टुकड़े     आंवला – 4 से 5 टुकड़े     मेथी दाना – 1 चम्मच     एलोवेरा जेल – 2 चम्मच     पानी – 3 कप होममेड शैम्पू बनाने की विधि     सभी सामग्री को रातभर पानी में भिगोकर रखें।     अगली सुबह इन्हें धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए।     अब इस मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर इसे अच्छे से मसलकर छान लें।     इस पानी में 2 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें।     लीजिए, आपका 100% नेचुरल और केमिकल-फ्री होममेड शैम्पू तैयार है। कैसे करें इस्तेमाल?     गीले बालों पर इस शैम्पू को हल्के हाथों से लगाएं और 5-7 मिनट तक मसाज करें।     फिर गुनगुने पानी से धो लें।     हफ्ते में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करें। होममेड शैम्पू के चमत्कारी फायदे     बालों का झड़ना कम होगा और वे मजबूत बनेंगे।     डैंड्रफ और खुजली की समस्या से छुटकारा मिलेगा।     बाल घने, मुलायम और चमकदार बनेंगे।     स्कैल्प हेल्दी रहेगा और ड्राइनेस दूर होगी।     बालों की प्राकृतिक नमी बरकरार रहेगी।  

व्यक्ति की ये बुरी आदतें जीवन में कर देती असफल

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो खुद को अपने जीवन में सफल देखने की ख्वाहिश ना रखता हो। हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए वो समय-समय पर कड़ी मेहनत भी करता है। लेकिन कई बार मेहनती होने के बावजूद कुछ लोगों से सफलता कोसों दूर बनी रहती है। जिसके पीछे उनकी 4 बुरी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। अतीत में फंसे रहना ऐसा व्यक्ति जो हमेशा अपने अतीत में फंसा रहता है, कभी भी अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले आसानी से नहीं ले पाता है। ऐसा करते समय वो हमेशा खुद को कमजोर महसूस करता है, जिसकी वजह से सफलता उनसे हमेशा दूर बनी रहती है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालें। जितना जल्दी हो सके अपने अतीत से बाहर निकलने की कोशिश करें। अविश्वासी होना जो व्यक्ति दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करते हैं, वो हमेशा अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं। किसी पर भी भरोसा न कर पाने की आदत उन्हें जीवन में आगे नहीं बढ़ने देती है। जिसकी वजह से उन्हें बाकी लोगों की तुलना में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। अकेलेपन की वजह से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। जबकि टीम के साथ मिलकर काम करने से आपको प्रोत्साहन और समर्थन मिलता है, जिससे आपकी उपलब्धियां और ज्यादा बढ़ती हैं। चुनौतियों का सामना करने से पीछे हटना जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियां लेने से घबराता है, वह अंदर ही अंदर खोखला और कमजोर होता चला जाता है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। गलतियों को अनदेखा करना जो व्यक्ति अपनी गलतियों को हमेशा अनदेखा करता रहता है, उनसे कोई सीख नहीं लेता है, उसे जीवन में असफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हर सफल व्यक्ति में अपनी गलतियों से सीखने का गुण होता है।

UPI Lite सर्विस का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नया फीचर हुआ रोलआउट

नई दिल्ली नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी (NPCI) की तरफ से UPI Lite सर्विस का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नया फीचर रोलआउट किया जा रहा है। इस फीचर का नाम Transfer Out है। दरअसल नए फीचर की मदद से यूजर अपने यूपीआई लाइट बैलेंस को सीधे बैंक के बैलेंस में ट्रांसफर कर पाएंगे। इस मामले में NPCI की ओर से 21 फरवरी 2025 को एक सर्कुलर जारी करके जानकारी दी गई है। साथ ही सभी बैंक, PSP बैंक, और UPI ऐप्स को 31 मार्च 2025 तक जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिये हैं। बिना अकाउंट डिसेबस के कर पाएंगे फंड ट्रांसफर NPCI ने साफ किया है कि सभी को Transfer Out फीचर रोलआउट करना होगा। यह यूजर्स को UPI Lite को बिना डिसेबल किये अपने UPI लाइट बैंलेंस को अपने बैंक अकाउंट में पैसे वापस भेजने की सुविधा देगा। क्या है TRANSFER OUT? इस नए फीचर के साथ यूजर्स को UPI Lite फीचर को डिसेबल नहीं करना होगा। यूजर  बिना अपने UPI Lite बैलेंस से अपने बैंक में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह फंक्शन यूजर को अपने फंड पर कंट्रोल की इजाजत देता है। सिक्योरी को मजबूत बनाने के लिए एक्टिव UPI Lite वाले UPI ऐप्स को लॉग इन करते समय पासकोड, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन या पैटर्न-बेस्ड लॉक से अथेंटिकेशन की जरूरत होगी। UPI LITE क्या है? UPI Lite एक फास्ट पेमेंट यूपीआई पेमेंट सर्विस है, जिसे रोजाना के कम लेनदेन के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 500 रुपये से कम के छोटे अमाउंट के लिए बिना पिन के लेनदेन करने की सुविधा मिलती है। RBI ने अक्टूबर 2024 में UPI Lite की लिमिट को बढ़ा दिया था NPCI की तरफ से UPI Lite सर्विस को पेश किया गया था। इस सर्विस में बिना पिन डाले आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। दरअसल हर छोटे-बड़े ऑनलाइन पेमेंट के लिए पिन डालना होता है। इससे बचने के लिए यूपीआई लाइट सर्विस को पेश किया गया था। इसमें यूजर्स को बिना इंटरनेट और पिन के ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मिलती है। हालांकि यूपीआई लाइट में आपको पहले से एक बार कुछ पेमेंट को ऐड करना होगा। UPI Lite की लिमिट में किया गया इजाफा UPI Lite वॉलेट लिमिट को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही रोजाना ट्रांजेक्शन लिमिट को 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा UPI 123Pay के लिए रोजाना लेनदेन को 5,000 रुपये की जगह 10,000 रुपये कर दिया गया है।

iPhone 16e को बिक्री के लिए उपलब्ध , मिल रही 21000 रुपये की छूट

नई दिल्ली Apple की तरफ से iPhone 16e को बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। यह एक बजट फ्रेंडली iPhone है। नए iPhone 16e को 21,000 रुपये डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं। iPhone 16e को तीन स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया गया है। फोन के बेस वेरिएंट 128GB की कीमत 59,900 रुपये है। वही 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 69,900 रुपये है, जबकि 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 89,900 रुपये है। फोन को ICICI, Kotak और SBI क्रेडिट कार्ड पर 4,000 रुपये इंस्टैंट डिस्काउंट ऑफर पर खरीद पाएंगे। ऐसे में iPhone 16e के बेस वेरिएंट की कीमत 55,900 रुपये रह जाती है। मिल रहा कार्ड पर एक्सचेज बोनस का फायदा iPhone 16e स्मार्टफोन खरीद पर 13,000 रुपये एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। ऐसे में फोन की कीमत 42,900 रुपये रह जाएगी। हालांकि एक्सचेंज ऑफर आपके फोन की कंडीशन पर निर्भर करेगा। अगर आपके फोन की कंडीशन अच्छी है, तो आपको ज्यादा रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जाएगा। कार्ड डिस्काउंट पर 4000 रुपये का एक्सचेंज बोनस दिया जा रहा है। अगर आप सभी ऑफर का लुत्फ उठा लेते हैं, तो iPhone 16e को 38,900 रुपये में खरीद पाएंगे। साथ ही फोन को 2496 रुपये प्रति माह EMI पर खरीदने का ऑफर होगा। iPhone 16e के स्पेसिफिकेशन्स अगर स्पेसिफिकेशन्स की बात करें, तो iPhone 16e में 6.1 इंच सुपर रेटीना एक्सडीआर ओएलईडी डिस्प्ले दी जाएगी, जो अपने नॉच डिजाइन से अलग है। यह लेटेस्ट मॉडल iOS 18 पर चलता है और इसमें प्रोटेक्टिव सिरेमिक शील्ड दिया गया है। यह कटिंग एज 3nm A18 Bionic चिप सपोर्ट के साथ आता है। iPhone 16e में ऐपल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी का सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में 48MP मेन कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। फोन में 2x डिजिटल जूम का सपोर्ट मिलेगा। फोन HDR, नाइट मोड, पोर्टेट मोड दिया गया है। इसके अलावा फोन के रियर कैमरे से 60fps पर 4k वीडियो को रेकॉर्ड किया जा सकेगा। यह कैमरा सेंसर ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट के साथ आता है, जबकि 12MP का फ्रंट-फेसिंग सेल्फी कैमरा सेंसर दिया गया है। फोन में एक्शन बटन के साथ USB टाइप-C चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। फोन में Face ID फीचर के साथ ब्लूटूथ 5.3, NFC, और Wi-Fi 6 कनेक्टिविटी मिलती है। जैसा आपको मालूम है कि iPhone 16e में A18 बायोनिक चिपसेट दी गई है। यह चिपसेट ऐपल इंटेलिजेंस को सपोर्ट करेगा। मतलब फोन में चैटजीपीटी इंटीग्रेशन, जेनइमोजी, राइटिंग टूल का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही विजुअल इंटेलिजेंस को जोड़ा जा सकता है।

गूगल ला रहा खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर , फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली गूगल अपना खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर ला रहा है। यह फीचर गूगल के सभी प्रोडक्ट में रोलआउट किया जा सकता है। इस फीचर की मदद से स्पैम को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल स्पैम रोकने को लेकर लंबे वक्त से गूगल पर दबाव बना हुआ था। ऐसे में गूगल फ्रॉड रोकने का नया सिस्टम विकसित कर रहा है। Android Authority ने गूगल के नए फीचर को स्पॉट किया है। रिपोर्ट के मुताबिक गूगल शील्ड ईमेल कंपनी के ऑटो सिस्टम का पार्ट होगा। यह फीचर उन ऐप्स या स्क्रीन पर शील्ड की तरह काम करेगा, जहां आपके सेव पासवर्ड और यूजरनेम पर ऑटोफिल डिटेल पॉप अप होती है। उदाहरण के लिए जब आप कोई ओटीपी मंगवाते हैं, तो ओटीपी डालने के लिए ऑटोमेटिक सजेशन आता है। हालांकि अब उसकी जगह पर Use Shieled Email का ऑप्शन चुन सकते हैं। लाइव नहीं हुआ है फीचर हालांकि मौजूदा वक्त में नया Use Shielded Email ऑप्शन काम नहीं कर रहा है, लेकिन उस पर टैप करने से कुछ नहीं होता है, क्योंकि यह फीचर अभी लाइव नहीं है, लेकिन इस नए ऑप्शन पर काम बढ़िया तरीके से चल रहा है। जब यह फीचर लाइव हो जाएगा, तो ऐप या वेबसाइट के लिए Apple Hide My Email की तरह एक नया सिंगल-यूज या लिमिटेड-यूज ईमेल एड्रेस जेनरेट करने का ऑफर मिलेगा। डेटा ब्रीच से बचाएगा नया फीचर उस नए एड्रेस पर आपको मिलने वाला कोई भी ईमेल आपके मेन एड्रेस पर ऑटो-फॉरवर्ड हो जाएगा, जो प्राइवेट रहेगा, और आप किसी भी खराब स्पैम से बचने के लिए किसी भी पॉइंट पर फॉरवर्डिंग को रोक सकते हैं। गूगल के नए फीचर से ऐप्स आपको अलग-अलग सर्विसेज पर ट्रैक नहीं कर पाएंगे। यह फीचर आपको कुछ डेटा ब्रीच से बचाएगा, क्योंकि आप अपना प्राइमरी ईमेल नहीं दे रहे हैं। Gmail लाएगा नया क्यूआर कोड वेरिफिकेशन्स सिस्टम कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि जीमेल लॉगिन के लिए नया क्यूआर कोड फीचर दिया जा रहा है। यह एक टू-स्टेप QR वेरिफिकेशन प्रॉसेस होगा। दरअसल कंपनी नया 6 डिजिट SMS क्यूआर कोड स्कैनर फीचर ला रहा है। कंपनी की कहना है कि इस क्यूआर कोड वेरिफिकेशन फीचर की वजह से साइबर फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल जीमेल वेरिफिकेशन की मदद से फोन हैकिंग, सिम स्वैपिंग और फिशिंग जैसे मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। नया फीचर SMS कोड वेरिफिकेशन्स की कमियों को दूर करने में मददगार साबित होगा। क्या है Gmail सर्विस? Gmail एक ऑनलाइन ईमेल सर्विस है। यह गूगल ओन्ड मुफ्त सर्विस है, जिसकी मदद से ऑनलाइन ईमेल किये जाते हैं। साथ ही गूगल फोन को एक्टिवेट रखने के लिए जीमेल की जरूरत होती है। अगर जीमेल यूजर की बात करें, तो साल 2019 तक देशभर में करीब 1.5 अरब एक्टिव जीमेल यूजर थे। जीमेल सर्विस में गूगल की तरफ से नए-नए फीचर को रोलआउट किया जा रहा है। जीमेल में एआई सर्विस को रोलआउट किया जा रहा है।

दो हफ्ते फर्श पर सोने से शरीर में दिखेंगे बदलाव

हमारी नींद काफी हद तक हमारी सेहत को प्रभावित करती है। हम कब और कितना सोते हैं, इसके साथ-साथ हम कैसे सोते हैं, यह भी काफी मायने रखता है। इन दिनों लोग अपने कम्फर्ट के हिसाब से सोने के लिए अलग-अलग मैट्रेस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है कि अगर आप बिना गद्दे जमीन पर सोएंगे तो क्या होगा। आइए आज इस आर्टिकल में इसी सवाल का जवाब ढूढंते हैं। फर्श पर सोना सदियों से विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का हिस्सा रहा है। अक्सर यह माना जाता है कि जमीन पर सोने से पोश्चर, स्पाइनल अलाइनमेंट और पूरी हेल्थ को फायदा मिलता है। हालांकि, कई मौजूद समय में इस्तेमाल होने वाले गद्दे ज्यादा आराम पहुंचाते हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोगों का मानना है कि फर्श पर सोने से शरीर को ज्यादा प्राकृतिक स्थिति में आराम करने को मिलता है। शारीरिक परिवर्तन ऐसे में अगर आप सिर्फ दो हफ्तों तक जमीन यानी फर्श पर सोते हैं, तो इससे रीढ़ की हड्डी के अलाइनमेंट महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। इतना ही नहीं कुछ लोगों के लिए, खासकर नरम गद्दे के कारण पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिए, फर्श पर सोना फायदेमंद हो सकता है। एक कठोर सतह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखती है। इसके कुछ अन्य फायदे निम्न हैं-     जमीन पर सोने से पीठ दर्द से राहत मिलती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के मुताबिक पीठ दर्द से पीड़ित लोगों को सख्त सतह पर सोने से फायदा मिल सकता है।     नर्म गद्दे पर सोने से पीठ दर्द के अलावा कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें कम लचीलापन, रीढ़ की हड्डी का डिस्प्लेस होने और चोट का खतरा शामिल हैं। ऐसे में फर्श पर सोने से अपनी रीढ़ को सीधा रखना आसान हो सकता है।     खराब गद्दे पर सोने की वजह से अक्सर नींद प्रभावित होती है, जिससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है। अगर आप गद्दा भी आपको परेशान कर रहा है, तो फर्श पर सोने से आपको अच्छी नींद आएगी।     फर्श पर सोने से आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और शरीर के सभी अंगों तक ब्लड फ्लो बेहतर होता है। नीचे सोने के कुछ नुकसान भी यूं तो नीचे सोने से फायदे होते हैं, लेकिन इसकी वजह से कई समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए इनका ध्यान रखना जरूरी है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन (2011) के एक अध्ययन से पता चला है कि सही गद्दे पर सोने से लंबे समय तक निर्बाध नींद मिलती है। ऐसे में कठोर सतहों पर सोने वालों को असुविधा के कारण कम नींद का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा कठोर सतहों पर सोने से जोड़ों की परेशानी बढ़ सकती है, विशेष रूप से कूल्हों और कंधों में। साथ ही बुजुर्गों या ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को भी कठोर सतहों पर सोते समय हड्डियों पर दबाव या जोड़ों में अकड़न का अनुभव हो सकता है। नीचे सोते समय इन बातों का रखें ध्यान इसलिए जमीन पर सोते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। फर्श पर सोने का मतलब यह नहीं कि आप सीधा जमीन पर ही सो जाए। फर्श पर सोने के लिए आप किसी चटाई या दरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही नीचे सोते समय बहुत ऊंचा तकिया न लगाएं। आप एक पतले तकिए का इस्तेमाल करें, ताकि सिर ज्यादा ऊपर न हो और इससे होने वाले दर्द से बचा जा सके। इसके अलावा आप नीचे कैसे होते, यह भी काफी मायने लगता है। इसलिए सोने के लिए सही पोजीशन का चुनाव करें। आप करवट लेकर, पेट के बल या पीठ के बल किसी भी तरह से सो सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि आपको किस पोजीशन में आराम मिल रहा है। साथ इसका भी ध्यान रखें कि आप बहुत ज्यादा दर्द में नहीं सोएं।

बेदाग-निखरी त्वचा के लिए अपनाए कोरियन स्किन का सीक्रेट फॉर्मूला

इन दिनों लोगों के लिए बीच कोरियन लाइफस्टाइल काफी ट्रेंड में हैं। खासकर लड़कियां कोरियन कल्चर काफी पसंद कर रही है। यही वजह है कि खानपान से लेकर फैशन और ब्यूटी तक के लिए आजकल लड़कियां कोरियन्स को फॉलो कर रहे हैं। बात जब भी ब्यूटी और स्किन केयर की आती है, तो सभी के मन में ग्लास स्किन पाने की चाहत होती है। ग्लास स्किन असल में बिना पोर्स वाली सही फिनिशिंग के साथ अल्ट्रा-हाइड्रेटेड, स्मूद और चमकदार त्वचा होती है। हालांकि, कई बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से भी आपको मनचाही स्किन नहीं मिल पाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे कोरियन DIY मास्क के बारे में बताएंगे, जिनके इस्तेमाल से आप इंस्टेंट ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं और ग्लास स्किन पाने का आपका सपना भी पूरा हो जाएगा। चावल का पानी कोरियन ग्लास स्किन पाने का सबसे पॉपुलर और सरल तरीका राइस वॉटर का इस्तेमास है। इसे बनाने के लिए पके हुए चावल को राइस वॉटर और शहद के साथ मिलाकर मुलायम पेस्ट बना लें। इस इस मास्क को लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। एलोवेरा जेल और ग्रीन टी एलोवेरा जेल हमेशा से ही स्किन के लिए लोगों की पहली पसंद रहा है। ऐसे में अगर इसमें शहद और ग्रीन टी मिला दिए जाए, तो दमकती स्किन का आपका सपना पूरा हो सकता है। इसके लिए एलोवेरा जेल और शहद के साथ पीसा हुआ ग्रीन टी मिलाएं। इसे 20 मिनट तक लगाए रखें और फिर मुंह धो लें। ओट्स और दही दही कई तरह से स्किन को फायदा पहुंचाता है। साथ ही सेहत को फायदा पहुंचाने वाला ओट्स भी आपकी स्किन के लिए गुणकारी साबित होगा। सॉफ्ट स्किन के लिए ओट्स को सादे दही और शहद के साथ मिलाएं। इसे त्वचा पर मालिश करें और फिर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। दस मिनट बाद पानी से धो लें। हल्दी, शहद और दही कोरियन ग्लास स्किन पाने के लिए आप हल्दी, शहद और दही का फेस मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए तीनों को मिलाकर एक स्मूद पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को 15 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। यह मास्क हाइपरपिगमेंटेशन से निपटने में मददगार है। खीरे का रस और एलोवेरा परफेक्ट स्किन के लिए आप खीरे के रस और एलोवेरा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए खीरे के रस को एलोवेरा और हयालूरोनिक एसिड सीरम की कुछ बूंदों के साथ मिलाएं। 20 मिनट के लिए लगाएं रखें और फिर धो लें। यह भी ध्यान रखें चेहरे पर इन मास्क को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। अगर आप जलन, खुलजी या कोई और समस्या हो, तो इसका इस्तेमाल न करें। साथ ही बहुत ज्यादा एक्सफोलिएशन से बचें।

भारत में कई शानदार स्मार्टफोन कल होंगे लॉन्च

नई दिल्ली आने वाले दिनों में भारत में कई शानदार स्मार्टफोन को पेश किया जा सकता है। मार्च 2025 में पोको, सैमसंग जैसे स्मार्टफोन को लॉन्च किया जा सकता है। इस महीने कई बड़ी कंपनियां अपने नए स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रही हैं। बजट से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक यूजर्स के लिए कई शानदार ऑप्शन उपलब्ध होंगे। आने-वाले दिनों में Poco M7 5G, iQOO 11, Nothing 4 और Xiaomi 2 को पेश किया जा सकता है। Poco M7 5G Poco की तरफ से मार्च की शुरुआत में भारत में Poco M7 5G स्मार्टफोन को पेश किया जा सकता है। फोन के भारत में 3 मार्च 2025 को लॉन्च होने की उम्मीद है। रिपोर्ट की मानें, तो पोको का नया अपकमिंग M-सीरीज स्मार्टफोन अफोर्डेबल प्राइस प्वाइंट में आएगा। Poco M7 5G स्मार्टफोन को भारत में करीब 10,000 और 12,000 रुपये के प्राइस प्वाइंट में पेश किया जा सकता है। Poco ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर Poco M7 लॉन्च को टीज किया गया है। इसमें Snapdragon प्रोसेसर और circular कैमरा मॉड्यूल दिया जा सकता है। iQOO Neo 10R लॉन्च डेट – 11 मार्च 2025संभावित कीमत – 32,000 रुपये फोन में Snapdragon 8s Gen 3 SoC प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन में 80W फास्ट चार्जिंग के साथ 6400mAh बैटरी सपोर्ट दिया जा सकता है। डिवाइस में 144 Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.78-इंच 1.5K AMOLED डिस्प्ले पैनल दिया जा सकता है। कैमरा के लिए डिवाइस में OIS के साथ 50MP प्राइमरी शूटर और 8MP अल्ट्रावाइड सेंसर दिया जा सकता है। सेल्फी के लिए डिवाइस में 32 MP का फ्रंट फेसिंग कैमरा दिया जा सकता है। Nothing Phone (3a) सीरीज लॉन्च डेट – 4 मार्च 2025 फोन को खास डिजाइन और Glyph लाइटिंग के साथ पेश किया जा सकता है। कंपनी दो मॉडल लॉन्च कर सकती है। Nothing Phone (3a) और Nothing Phone (3a) Pro दोनों फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.77-इंच डिस्प्ले दिया जा सकता है। साथ ही फोन में 5000mAh बैटरी और Snapdragon 7s Gen 3 चिपसेट दिया जा सकता है। फोन में पिल-शेप्ड मॉड्यूल में ट्रिपल-कैमरा सेटअप दिया जा सकता है, जबकि Pro वर्जन में सर्कुलर कैमरा मॉड्यूल और इन्हैंस्ड जूम सपोर्ट के साथ पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस दिया जा सकता है। Xiaomi 15 Ultra लॉन्च डेट – 2 मार्च 2025 फोन में स्टनिंग लो-लाइट शॉट्स के लिए 200MP पेरिस्कोप लेंस और नया ऑप्टिकल सिस्टम दिया जा सकता है। फोन Snapdragon 8 Elite चिपसेट पॉवर्ड होगा। फोन में 16GB रैम सपोर्ट दिया जा सकता है। साथ ही फोन Hyper OS 2.0 पर चलता है, जो Android 15 पर बेस्ड है। इसमें 6.73 इंच 2K माइक्रो क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन में 90W वायर्ड चार्जिंग के साथ 6100mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है। इसकी कीमत करीब 1 लाख रुपये होने की उम्मीद है। Samsung Galaxy A-सीरीज लॉन्च डेट – 2 मार्च 2025 Samsung भारत में अपने तीन नए मॉडल को पेश कर सकता है। यह मॉडल Galaxy A36, Galaxy A56, और Galaxy A26 हो सकते हैं। फोन में 6 OS अपडेट और पहले से इंस्टॉल One UI 7.0 के साथ आएंगे। Galaxy A56 में एल्युमीनियम फ्रेम, 50MP प्राइमरी कैमरा और 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5000mAh बैटरी दी जा सकती है। फोन IP67 वाटर और डस्ट रेजिस्टेंस के साथ आ सकता है। Vivo T4x लॉन्च डेट – मार्च 2025 Vivo T4x स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 7300 चिपसेट सपोर्ट दिया जा सकता है। इसमें 50MP AI कैमरा सिस्टम दिया जा सकता है। यह एक यूनिक हाइलाइट Dynamic Light फीचर है, जो आपको कूल लाइटिंग इफेक्ट्स के साथ नोटिफिकेशन्स को कस्टमाइज की सुविधा देता है। इसमें 44W फास्ट चार्जिंग के साथ 6500mAh की बैटरी दी जाएगी। इसकी कीमत 15000 से कम होने की उम्मीद है। Honor X9c लॉन्च डेट – मार्च 2025 Honor MWC 2025 में Honor X9c को पेश किया जा सकता है। फोन में OIS के साथ 108MP प्राइमरी कैमरा सेंसर का सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.78-इंच कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन में Snapdragon 6 Gen 1 चिपसेट सपोर्ट दिया जाएगा।

Vitamin B12 की कमी पूरी करने के लिए दही में ये पोषक चीजें मिलाकर खाएं

बदलता मौसम अपने साथ कई सारी स्वास्थ्य सम्बंधित चुनौतियां लेकर आता है। ऐसे में इन दिनों में शरीर को ज्यादा पोषण और एनर्जी की जरूरत होती है। साथ ही शरीर में सभी विटामिन और मिनरल्स का होना भी जरूरी है। विटामिन बी12 इन्हीं में से एक है, जिसकी कमी आजकल एक आम समस्या बनी हुई है। इसकी कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर याददाश्त और त्वचा व बालों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वैसे तो विटामिन बी12 मुख्य रूप से नॉनवेज फूड्स में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी लोगों को इसकी कमी का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में वेजिटेरियन लोगों के लिए दही एक शानदार विकल्प हो सकता है, जो पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स होने के साथ विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने में भी मदद करता है। अगर दही में कुछ खास चीजें मिलाई जाएं, तो इसका पोषण और ज्यादा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में- अलसी के बीज अलसी के बीज ओमेगा-थ्री फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होते हैं। ऐसे में दही में 1-2 चम्मच पिसे हुए अलसी के बीज मिलाकर खाने से विटामिन बी12 की कमी तो पूरी होती ही है, साथ में यह मेल इम्यून पॉवर को स्ट्रॉन्ग है और डाइजेशन में भी सुधार करता है। न्यूट्रिशनल यीस्ट न्यूट्रिशनल यीस्ट विटामिन बी12 का एक बेहतरीन स्रोत है। जिसे दही में छिड़ककर खाने से न केवल इसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि विटामिन बी12 की कमी भी पूरी होती है। यह एनर्जी लेवल को बनाए रखने में भी सहायक होता है। अखरोट और बादाम अखरोट और बादाम विटामिन ई, हेल्दी फैट्स और प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इन्हें दरदरा पीसकर दही में मिलाएं। हेल्दी पोषक तत्वों का ये मेल स्किन और बालों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है । कद्दू के बीज कद्दू के बीज आयरन, मैग्नीशियम और जिंक का अच्छा स्रोत होते हैं। इन्हें हल्का भूनकर दही में मिलाएं। यह न केवल पोषण बढ़ाता है, बल्कि शरीर को ठंड के मौसम में गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करता है। करी पत्तों का पाउडर करी पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट्स और सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में दही में 1-2 चुटकी करी पत्ते का पाउडर मिलाकर खाने से डाइजेशन टू बेहतर होता ही है,पोषण भी मिलता है ।

इन 4 आदतों की वजह से हमेशा पीछे रह जाते हैं लोग, जीवन में कभी नहीं मिलती सफलता

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – “अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।” जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।

प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन के मोबाइल ऐप्स में आधार-इनेबल फेस ऑथेंटिकेशन को शामिल करने की अनुमति दी

नई दिल्ली भारत सरकार ने प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन के मोबाइल ऐप्स में आधार-इनेबल फेस ऑथेंटिकेशन को शामिल करने की अनुमति दे दी है। इससे यूजर्स के लिए Identity Verification को आसान और सिक्योर बनाया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने, सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और Ease of Living बढ़ाने में मदद करेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो, ई-कॉमर्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और एग्रीगेटर सेवा प्रोवाइडर्स जैसे कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। आधार ऑथेंटिकेशन कैसे होगा यूज इस अपडेट के बाद, प्राइवेट कंपनियां आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल अब कस्टमर ऑनबोर्डिंग, ई-केवाईसी वेरिफिकेशन, एग्जाम रजिस्ट्रेशन और इंप्लॉई अंटेंडेंस मार्क सकते है। यह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन यूजर्स को तेज, सिक्योर और झंझट मुक्त सेवा प्रदान करेगा, जिससे ओटीपी (OTP) या दस्तावेजों पर डिपेंडेंसी कम होगी। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) के अनुसार, यह फैसला आधार ऑथेंटिकेशन फॉर गुड गवर्नेंस संशोधन नियम, 2025 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य सुशासन और सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल लॉन्च MeitY ने आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल (swik.meity.gov.in) भी लॉन्च किया है, जहां ऑथेंटिकेशन सेवाओं के लिए एप्लीकेशन और ऑनबोर्डिंग प्रोसेस से जुड़ी गाइडलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इस पोर्टल को MeitY के सेक्रेटरी एस. कृष्णन द्वारा लॉन्च किया गया। इस मौके पर UIDAI के CEO भुवनेश कुमार, NIC के डायरेक्टर जनरल इंदर पाल सिंह सेठी, UIDAI के डीडीजी मनीष भारद्वाज और अमोद कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने कहा कि इस पोर्टल के लॉन्च और अन्य प्रोसेस को सुगम बनाने में काम करता है। आधार की मदद से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। आधार कार्ड की मदद से गुड गवर्नेंस पोर्टल को दुरुस्त किया जा रहा है। आधार करेक्शन नियम आधार करेक्शन एक जरूरी प्रोसेस है। अगर आप भी आधार कार्ड करेक्शन करना चाहते हैं तो हम इसके बारे में बताने जा रहे हैं। आधार कार्ड करेक्शन की लिमिट भी तय की गई है। अगर आप मोबाइल नंबर अपडेट करना चाहते हैं तो इसके लिए कोई लिमिट नहीं रखी गई है। यानी आप अनलिमिटेड टाइम इसे करेक्ट कर सकते हैं। नाम को भी आधार कार्ड में अपडेट किया जा सकता है। लेकिन ये करेक्शन महज 2 बार हो सकती है। लेकिन इसके लिए आपको सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट देना होगा। डेट ऑफ बर्थ चेंज करने की बात करें तो आप इसे सिर्फ 1 बार बदल सकते हैं। एड्रेस को लेकर कोई डेडलाइन तय नहीं की गई है। इसे आप कितनी भी बार बदल सकते हैं। इसके लिए आपको सिंपल करेक्शन प्रोसेस फॉलो करना होगा।

डाइट में शामिल करें ये फूड्स है होगी किडनी की समस्या

किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने, ब्लड को साफ करने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस को बनाए रखने में मदद करती है, लेकिन आजकल के भागदौड़ भरी अनहेल्दी लाइफस्टाइल में लोग कई ऐसे अनहेल्दी फूड्स खाने लगे हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचाने लगी है। ऐसे में किडनी को हेल्दी बनाए रखने के लिए सही डाइट फॉलो करना बेहद जरूरी हो जाता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे फूड्स ते बारे बताएंगे, जो किडनी की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। तो आअए जानते हैं इन फूड्स के बारे में- सेब सेब में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती हैं, जो किडनी को डिटॉक्स करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखता है। लाल शिमला मिर्च लाल शिमला मिर्च में पोटैशियम कम और विटामिन-सी और ए ज्यादा होता हैं, जो किडनी के लिए बेहद फायदेमंद हैं। साथ ही यह टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है। ग्रीन टी आमतौर पर वेट लॉस के लिए इस्तेमाल होने वाली ग्रीन टी भी आपकी किडनी के लिए फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स किडनी के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। यह किडनी की सूजन को कम करती है और किडनी की फंक्शनिंग को बेहतर बनाती है। फूलगोभी फूलगोभी में विटामिन-सी, फोलेट और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो किडनी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है और डिटॉक्स प्रोसेस में मददगार होती है। लहसुन लहसुन में सूजनरोधी गुण पाया जाता है, जो किडनी को हेल्दी बनाए रखता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और किडनी के कार्यों को बेहतर बनाने में सहायक है। मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली सूजन कम करने और किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है। खासकर सैल्मन और ट्यूना फायदेमंद हैं। प्याज एसिलिन और क्वेरसेटिन जैसे एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर प्याज में पोटैशियम कम होता है, जो किडनी के लिए फायदेमंद होता है। यह पाचन को सुधारकर किडनी पर पड़ने वाले प्रेशर को कम करता है। तरबूज तरबूज किडनी को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। जैतून का तेल जैतून का तेल एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो किडनी के लिए लाइट होने के साथ-साथ लाभकारी है।

हड्डियों के दर्द की छुट्टी कर देगी लौंग

 आयुर्वेद में लौंग को एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल हजारों सालों से कई परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है (Clove Health Advantages)। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना खाने के बाद एक लौंग चबाते हैं, तो इससे शरीर को कई जरूरी स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह छोटा-सा मसाला हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी फायदेमंद है। रोज एक लौंग चबाने के फायदे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखे- लौंग डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करने में मदद करती है, जिससे गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या कम होती है। इसलिए इसके नियमित खाने से पेट की जलन और सूजन से राहत मिलती है।

शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च

नई दिल्ली शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च कर दिया गया है। यह फोन इसलिए भी चर्चाओं में है, क्‍योंकि मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस 2025 (MWC) में शाओमी इसे दिखाने वाली है। Xiaomi 15 Ultra में 16 तक जीबी रैम दी गई है। 6.73 इंच वाली 2K TCL स्‍क्रीन इस फोन में है। यह सबसे फास्‍ट प्रोसेसरों में शामिल Snapdragon 8 Elite से पैक्‍ड है और 6000 एमएएच की बैटरी ऑफर करता है। नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरे हैं, जिनमें सबसे बड़ा सेंसर 200 मेगापिक्‍सल का है। इसका टॉप मॉडल डुअल सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन सपोर्ट के साथ आता है। ग्‍लोबल मार्केट्स में यह फोन कबतक आएगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। Xiaomi 15 Ultra कीमत, उपलब्‍धता Xiaomi 15 Ultra फोन को क्‍लासिक ब्‍लैक एंड सिल्‍वर, पाइन और साइप्रस ग्रीन, वाइट और ब्‍लैक कलर्स में लाया गया है। शुरुआती कीमत 6499 युआन यानी करीब 78 हजार रुपये है। टॉप मॉडल में 16GB + 1TB कॉन्‍फ‍िगरेशन मिलता है और वह डुअल सैटेलाइट वर्जन के साथ आता है। कीमत 7999 युआन यानी करीब 96 हजार रुपये है। चीन में यह फोन ऑर्डर के लिए उपलब्‍ध है और 3 मार्च से सेल में जाएगा। Xiaomi 15 Ultra का ग्‍लोबल लॉन्‍च Xiaomi 15 फोन के साथ 2 मार्च को होना है। इंडिया लॉन्‍च भी मार्च में होने वाला है। Xiaomi 15 Ultra स्‍पेसिफ‍िकेशंस, फीचर्स Xiaomi 15 Ultra में 6.73 इंच का 2K OLED डिस्‍प्‍ले दिया गया है। डिस्‍प्‍ले में 3100 x 1440 पिक्‍सल्‍स रेजॉलूशन मिलता है। पीक ब्राइटनैस 3200 निट्स है और यह वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ आता है। HDR10+, डॉल्‍बी विजन ऐसी खूबियां हैं, जो Xiaomi 15 Ultra में दी गई हैं। डिस्‍प्‍ले में सिरेमिक ग्‍लास प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Xiaomi 15 Ultra रैम और प्रोसेसर Xiaomi 15 Ultra रन करता है लेटेस्‍ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर। फोन में मिनिमम 12 जीबी रैम और अधिकतम 16 जीबी रैम जोड़ी गई है। इंटरल स्‍टोरेज 256 जीबी से 1 टीबी तक है। यह फोन शाओमी हाइपरओएस 2.0 पर काम करता है। Xiaomi 15 Ultra में कितने कैमरे नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरा दिए गए हैं। 50MP का मेन कैमरा इसमें है, जो लाइका का सेंसर है और ऑप्टिकल इमेज स्‍टेबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। फोन में 50MP का अल्‍ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 एमपी का टेल‍िफोटो कैमरा दिया गया है। 200 एमपी का एक सुपर टेलिफोटो कैमरा इस फोन में है, जो 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। सेल्‍फी कैमरा 32 मेगापिक्‍सल का है। 90वॉट फास्‍ट चार्जिंग का सपोर्ट Xiaomi 15 Ultra में 6 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 90 वॉट की वायर्ड फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और 80 वॉट की वायरलैस चार्जिंग ऑफर करती है। रिवर्स वायरलैस चार्जिंग का ऑप्‍शन भी फोन में है। अन्‍य खूबियों के तौर पर इस फोन में इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर, इन्‍फ्रारेड सेंसर जैसी खूबियां हैं। IP68 रेटिंग इसे मिली है, जो फोन को डस्‍ट और वॉटरप्रूफ बनाती है। फोन का वजन करीब 229 ग्राम है।

दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है तो अपनाए ये ट्रिक

दोस्तों या रिश्तेदारों की भीड़ में खुद के लिए रिस्पेक्ट तो हर किसी की चाह होती है। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों के साथ बहस में नहीं जीत पाते हैं या फिर खुद की बेइज्जती को भी नहीं रोक पाते। क्योंकि हर किसी के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को नीचा दिखाने या बेइज्जती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है और बेइज्जती करने वाले का मुंह बंद करना है तो ये 3 माइंड ट्रिक जरूर जान लें। ह्यूमन साइकोलॉजी में बिहेवियर को लेकर काफी सारे बातें बताई गई हैं। जिसमे से ये तीन बातें ज्यादातर स्मार्ट लोगों को पता होती है। बहस में पड़ जाएं तो कैसे जीतें जब भी कोई आपसे बहस करने लगे या झगड़ा कर रहा हो तो ऐसे मौके पर आवाज को ऊंची या तेज करने की बजाय धीमी ही रखें। जिस आवाज में आप बात करते हैं उसी आवाज में उससे बहस करें फिर वो चाहे जितनी भी तेजी से चिल्लाए। आपका ये व्यवहार सामने वाले को और भी ज्यादा गुस्सा दिलाएगा क्योंकि वो आपके अंदर चीखने-चिल्लाने वाला लक्षण नहीं देख पाता। इससे खुद ही पीछे हट जाएगा। यानी कि आप बहस जीत जाएंगे। अगर आपको पता है कि सामने वाला इंसान झूठ बोल रहा कई बार ऐसा होता है कि हमारे सामने ही कोई झूठ बोलता है लेकिन हम उससे ये नहीं कह पाते कि भाई तुम झूठ बोल रहे हो। ऐसे में माइंड ट्रिक कहती है कि बस झूठ बोलने वाले की आंखों में देखो। अगर तुम जान गए हो कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसकी आंखों में देखने से वो समझ जाता है कि उसका झूठ पकड़ा गया। अगर कोई बेइज्जती करे काफी बार देखा गया है कि भरी महफिल में लोग एक दूसरे को ताने या बातों के जरिए बेइज्जत करते हैं। ऐसे वक्त में आप उससे लड़ भी नहीं पाते। जब भी ऐसी सिचुएशन सामने आए तो बेइज्जती करने वाले इंसान को देखकर पूछे क्या तुम ठीक हो। ऐसा पूछने से वो सकपका जाएगा और सोचने लगेगा क्या जो उसने बोला वो सही था या गलत। इस तरह से आप अपनी बेइज्जती को होने से रोक सकते हैं और उसे एहसास दिला सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल समेत कई समस्याओं का रामबाण इलाज, सुबह-सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाएं, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

कच्चे लहसुन में विटामिन बी6, विटामिन सी, मैंगनीज और सेलेनियम समेत कई पोषक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। कच्चे लहसुन के कुछ कमाल के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। महज एक महीने तक हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट कच्चे लहसुन का सेवन करें। यकीन मानिए आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेगा। हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद कच्चे लहसुन की मदद से हाई ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कच्चा लहसुन गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी कारगर साबित हो सकता है। कच्चे लहसुन का सेवन कर आप अपनी हार्ट हेल्थ को मजबूत बनाकर दिल से जुड़ी गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। मिलेंगे जबरदस्त फायदे कच्चे लहसुन को गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। अपच या फिर एसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी आप कच्चे लहसुन का सेवन कर सकते हैं। अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो रेगुलरली कच्चे लहसुन को कंज्यूम करना शुरू कर दीजिए। कच्चे लहसुन में पाए जाने वाले तत्व आपकी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने में भी असरदार साबित हो सकते हैं। गौर करने वाली बात बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सही मात्रा में और सही तरीके से कच्चे लहसुन का सेवन करना बेहद जरूरी है। कच्चे लहसुन को भूनकर या फिर पानी में भिगोकर कंज्यूम किया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक दिन में 2 से 3 कली लहसुन खाया जा सकता है। ज्यादा लहसुन की कली का सेवन करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद की जगह नुकसानदायक भी हो सकता है।

Samsung ने लॉन्च किए दो कम कीमत के 5G फोन, 10 हजार से कम है शुरुआती कीमत

10 हजार रुपये से कम में सैमसंग का 5G स्मार्टफोन खरीदने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि सैमसंग ने आज भारत में M सीरीज लेटेस्ट लो-बजट Samsung Galaxy M06 5G फोन को लॉन्च कर दिया है। इस फोन में यूजर्स को HD+ रेजोल्यूशन के साथ एक बड़ी स्क्रीन, अच्छी फोटो क्लिक करने के लिए 50MP कैमरा और दमदार बैटरी मिल जाएगी। चलिए आपको बताते हैं Samsung Galaxy M06 5G की कीमत, सेल ऑफर्स और सभी फीचर्स के बारे में: Samsung Galaxy M06 5G की कीमत और सेल डेट सैमसंग गैलेक्सी M06 5G को सिर्फ एक ही वैरिएंट में पेश किया गया है। फोन के 4GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 9,499 रुपये रखी गई है। गैलेक्सी M06 5G की फर्स्ट सेल 7 मार्च को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। फोन को आप ई-कॉमर्स प्लेटफार्म अमेजन.इन, सैमसंग.कॉम, सिलेक्टेड रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध है। Galaxy M06 5G की कीमत Samsung Galaxy M06 5G के फीचर्स और स्पेक्स सैमसंग गैलेक्सी M06 5G में LCD तकनीक, HD+ रेजोल्यूशन, 90Hz रिफ्रेश रेट और 800 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ 6.7-इंच डिस्प्ले है। सैमसंग ने इसे मीडियाटेक डाइमेंशन 6300 SoC के साथ पैक किया है और फोन को एंड्रॉयड 15-आधारित वन यूआई 7.0 के साथ फोन को पैक कर रहा है। फोन में 25W चार्जिंग स्पीड और माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट के साथ 5,000mAh की बैटरी है। कैमरा की बात करें तो गैलेक्सी M06 5G में पीछे की तरफ दो कैमरे हैं, एक 50MP प्राइमरी कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर। सेल्फी के लिए आपको 8MP का कैमरा मिलता है। कनेक्टिविटी ऑप्शन में 5जी, डुअल-बैंड वाई-फाई एसी, ब्लूटूथ 5.3, जीपीएस और एक 3.5 मिमी ऑडियो जैक शामिल हैं। इस लो-बजट फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है। फोन का माप 167.4 x 77.4 x 8 मिमी और वजन 191 ग्राम है।

iPhone यूजर्स के लिए आया Adobe का नया फोटोशॉप ऐप

नई दिल्ली Adobe ने अपनी पॉपुलर ऐप का मोबाइल वर्जन जारी कर दिया है। फोटो एडिटिंग और डिजाइन टूल के लिहाज से ये बेस्ट ऑप्शन साबित होता है। अब iPhone यूजर्स को भी ये ऐप मिलने वाली है। पहले भी ये ऐप उपलब्ध थी, लेकिन ये डेस्कटॉप वर्जन था। लेकिन अब Adobe की तरफ से ऐप को स्पेशल तैयार कर दिया गया है। ऐसे में आईफोन यूजर्स के लिए ये बड़ी खबर है। खासकर ऐसे यूजर्स जो मोबाइल की मदद से कंटेंट क्रिएट करते हैं, उनके लिए ये ऐप काफी मददगार साबित होने वाली है। ऐप में फोटोशॉप के टूल और फीचर्स मिलने वाले हैं। इसमें सलेक्शन टूल, अनलिमिटेड लेयर और मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी मदद से इमेज और डिजाइन को अलग तरीके बनाया जा सकता है। सिलेक्ट टूल की मदद से भी इसे यूज किया जा सकता है। इसमें रिमूव, रिकलर, रिप्लेस पार्ट का भी ऑप्शन दिखाई देता है। स्पॉट रिमूवल क लिए स्पॉट हीलिंग ब्रश का इस्तेमाल किया जाता है। AI-बेस्ड जनरेटिव की मदद से फिल और जनरेटिव एक्सपेंड का ऑप्शन मिलता है। Adobe Express और Adobe Fresco में क्लाउड PSD को लाया जा सकता है और इसकी मदद से Adobe Lightroom Photos को भी एडिट करने का ऑप्शन मिलता है। PSD Format में एडिटिंग का ऑप्शन मिलता है। यहां से लाइब्रेरी का एक्सेस भी मिल जाता है। Adobe ने नया फोटोशॉप इंट्रोड्यूस किया है। ये मोबाइल और वेब प्लान के साथ आता है। ऐप स्टोर की मदद से क्रिएटर्स को प्रीमियम मोबाइल फीचर्स और फोटोशॉप का ऑप्शन मिल जाता है। यानी यूजर्स इसकी मदद से सभी काम को पूरा कर पाएंगे। साथ ही कंटेंट क्रिएशन में क्रिएटिविटी को भी जगह दी गई है। मौजूदा फोटोशॉप डेस्कटॉप सब्सक्राइबर्स को भी iPhone में फोटोशॉप एक्सेस करने का ऑप्शन दिया जाएगा। Cloud Sync फॉर एडिट वेब एक्सेस की मदद से कैमरा रॉ फिल्टर, शेप्स, लेयर इफेक्ट्स, क्विक एक्शन, जनरेटिव AI फीचर्स मिलते हैं। AI बेस्ड फीचर्स Genrative Fill, Generative Expand, और टेक्स्ट टू इमेज जैसे ऑप्शन देते हैं जो यूजर्स को काफी पसंद आते हैं। साथ ही इन फीचर्स की खासियत होती है कि आप इन्हें आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। मोबाइल के लिए फोटोशॉप को iPhone यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। एड्रॉयड के लिए कंपनी की तरफ से काम चल रहा है। अभी ऐप को फ्री रखा गया है और आप इसे मोबाइल, वेब प्लान के लिए ऐप स्टोर की मदद से खरीद सकते हैं।

Microsoft Office का जल्द ही आने वाला एक फ्री वर्जन

नई दिल्ली Microsoft Office यूज करने के लिए अब पैसे चुकाने की जरूरत खत्म हो सकती है. दरअसल, कंपनी Microsoft Office के एक नए वर्जन की टेस्टिंग कर रही है, जिसमें यूजर्स Microsoft 365 का सब्सक्रिप्शन या लाइसेंस की खरीदे बिना भी डॉक्यूमेंट क्रिएट और एडिट कर पाएंगे. हालांकि, इसके पेड वर्जन के मुकाबले इसके फीचर कम रहेंगे और यूजर्स को विज्ञापन भी देखने पड़ सकते हैं. आइए, जानते हैं कि इस बारे में अभी तक क्या-क्या जानकारी सामने आई है. फ्री वर्जन में क्या-क्या होगा? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विंडोज के लिए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के फ्री वर्जन में यूजर्स को कुछ सेकंड के विज्ञापन देखने पड़ सकते है. पावरप्वाइंट, एक्सेल या वर्डन में डॉक्यूमेंट ओपन करने पर विज्ञापन दिखेंगे. बताया जा रहा है कि कुछ घंटों के नियमित अंतराल पर 15 सेकंड के म्यूटेड विज्ञापन चलेंगे. इसके अलावा इस वर्जन में क्रिएट और एडिट किए गए डॉक्यूमेंट को केवल वनड्राइव पर सेव किया जाएगा. फिलहाल इन्हें कंप्यूटर पर सेव करने का ऑप्शन नहीं दिया जाएगा. फ्री वर्जन में यूजर्स को ऐड-ऑन्स, वॉटरमार्क ऐड करने और डेटा एनलाइज करने जैसे फीचर्स भी नहीं मिलेंगे. ऐसे करें डाउनलोड माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का फ्री वर्जन यूज करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इसका सेटअप डाउनलोड करें. अब किसी भी ऑफिस ऐप को ओपन करें और साइन-इन कर लें. इसके बाद कंटिन्यू फॉर फ्री पर क्लिक करें. इसके बाद अगली स्क्रीन पर सेव टू वनड्राइव का ऑप्शन सेलेक्ट करें. ध्यान रहे कि अभी तक फ्री वर्जन सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हुआ है. ऐसे में आपको कंटिन्यू फॉर फ्री का ऑप्शन न दिखे. कंपनी ने कहा है कि वह अभी इसकी लिमिटेड टेस्टिंग कर रही है. आगे चलकर कंपनी इसकी डेस्कटॉप ऐप लॉन्च कर सकीत है, लेकिन फिलहाल कंपनी की एड-सपोर्टेड और फ्री ऐप लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है.

बालों को नेचुरली काला बनाएंगे ये नुस्खे

बालों का सफेद होना आजकल एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या न केवल उम्र बढ़ने के कारण होती है, बल्कि स्ट्रेस, खराब लाइफस्टाइल और पोषण की कमी के कारण भी हो सकती है। हालांकि, बाजार में कई केमिकल वाले प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, जो बालों को काला करने का दावा करते हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। ऐसे में नेचुरल तरीके से बालों को काला करना एक सुरक्षित और असरदार विकल्प है। यहां हम आपको बालों को नेचुरल तरीके से काला करने के 5 उपाय बताएंंगे। आंवला और नारियल तेल आंवला विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों के रंग को काला करने में मदद करता है। नारियल तेल बालों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है। इसके लिए आंवला पाउडर को नारियल तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें। इस मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर इसे बालों की जड़ों में लगाएं। इसे 1-2 घंटे तक लगा रहने दें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें। नियमित इस्तेमाल से बालों का सफेद होना कम होगा और वे कालें व स्वस्थ दिखेंगे। मेहंदी और कॉफी पाउडर मेहंदी बालों को नेचुरल रंग देने के लिए जानी जाती है। इसमें कॉफी पाउडर मिलाकर बालों को काला और चमकदार बनाया जा सकता है। इसके लिए मेहंदी पाउडर में कॉफी पाउडर मिलाएं और इसे पानी के साथ गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों में लगाएं और 2-3 घंटे बाद धो लें। यह बालों को काला करने के साथ-साथ उन्हें मजबूत भी बनाता है। भृंगराज तेल भृंगराज एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो बालों को काला करने और उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करती है। भृंगराज तेल को नियमित रूप से बालों की जड़ों में लगाने से सफेद बाल कम होते हैं और बालों की ग्रोथ बढ़ती है। इसे रात भर लगा रहने दें और सुबह हल्के गर्म पानी से धो लें। काली चाय काली चाय में टैनिन होता है, जो बालों को काला करने में मदद करता है। इसके लिए 2-3 चम्मच काली चाय को पानी में उबालें और ठंडा होने दें। इस पानी से बालों को धोएं या इसे बालों में लगाएं। 1 घंटे बाद बालों को धो लें। यह बालों को काला और चमकदार बनाने का एक आसान तरीका है। तिल के बीज और बादाम तेल तिल के बीज और बादाम तेल का मिश्रण बालों को काला करने के लिए बहुत फायदेमंद है। तिल के बीज को पीसकर बादाम तेल में मिलाएं और इसे बालों की जड़ों में लगाएं। इसे 1-2 घंटे तक लगा रहने दें और फिर धो लें। यह बालों को काला करने के साथ-साथ उन्हें मुलायम और चमकदार भी बनाता है।

अलसी के बीज खाने से मिलेंगे ये फायदे

अलसी के बीज, जिन्हें फ्लैक्ससीड्स भी कहा जाता है, काफी पौष्टिक होता है, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद  होते हैं। यह छोटे-छोटे बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। हालांकि, कई लोग इन्हें खाने का सही तरीका नहीं जानते। जिसके कारण इनका पूरा पोषण उन्हें नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं अलसी के बीज के फायदे और इन्हें खाने का सही तरीका। अलसी के बीज के फायदे दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाए अलसी के बीज में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की सफाई करने में मददगार होता है। वजन घटाने में सहायक अलसी के बीज में मौजूद फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड भूख को कंट्रोल करते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। डायबिटीज को कंट्रोल करे अलसी के बीज ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद अलसी के बीज में एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। यह बालों को मजबूत और घना बनाने में भी मदद करता है। हार्मोनल संतुलन बनाए रखे अलसी के बीज में लिग्नन्स नाम का कंपाउंड पाया जाता है, जो हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह महिलाओं में मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में भी सहायक होता है। अलसी के बीज खाने का सही तरीका कई लोग अलसी के बीजों को कच्चा खाना पसंद करते हैं या इस तरह खाना ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। लेकिन यह सही तरीका नहीं है। कच्ची अलसी में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो पोषक तत्वों को अब्जॉर्ब नहीं होने देते। इनकी वजह से पाचन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए अलसी के बीजों को खाने का सबसे अच्छा तरीका है, उन्हें भूनकर खाना। भुनी हुई अलसी आसानी से पच जाती है और इसके पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब होते हैं।

लाइफ में सक्सेस पाने के लिए कुछ खास टिप्स

लाइफ में सफल होने के लिए सभी मेहनत करते हैं। बहुत सारे लोग सक्सेज टिप्स भी देते हैं। लेकिन इन टिप्स के अलावा कुछ ऐसे लाइफ लेसन हैं जिन्हें कोई नहीं बताता। ये केवल खुद के एक्सपीरिएंस से ही मिलते हैं। ऐसे ही कुछ खास लाइफ लेसन हैं जो आपको सफलता पाने में मदद करेंगे। इन सक्सेज टिप्स को हमेशा याद रखें और अपने गोल्स को पाने की कोशिश करें। अपनी वैल्यू बनाएं हमेशा खुद को यूजफुल बनाने की कोशिश करें। ऐसे काम करें जिससे आप कुछ नया सीखे, बनाएं जिसकी जरूरत दूसरों को हो। खुद में किसी स्किल को डेवलप करें। सफलता पाने का ये सबसे बढ़िया रास्ता है। विचारों को पॉजिटिव रखें आपके विचार किसी बूमरैंग की तरह हैं। जो आप सोचते हैं वहीं लौटकर आपके पास भी आता है। मतलब जैसा आप अपने बारे में या दूसरों के बारे में सोचेंगे वैसा ही दूसरे भी सोचेंगे। इसलिए हमेशा पॉजिटिव बातों को भी दिमाग में लाने की कोशिश करें। बोलने के तरीके पर ध्यान दें पॉवर ऑफ स्पीच, खुद के बोलने पर खास ध्यान दें। आपकी बोली आपको जीता भी सकती है और हार भी दिला सकती है। इसलिए हमेशा सौम्य और अच्छा बोलने की कोशिश करें। स्मॉल स्टेप लें लाइफ में, करियर में या फिर किसी भी रिश्ते में छोटे कदम उठाने से ना झिझकें। पहला छोटा स्टेप ही सक्सेस के रास्ते पर ले जाएगा। इसलिए अगर करियर बनाना है तो किसी छोटी चीज से भी शुरुआत की जा सकती है। अपने दिमाग पर कंट्रोल रखें अगर आप अपने दिमाग, निगेटिविटी पर कंट्रोल रखते हैं तो सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता। संदेह और नकारात्मकता पर काबू रखें और दिमाग की बातों को सुनने की बजाय आगे बढ़ने पर यकीन रखें। रेपुटेशन बनाएं अच्छी रेपुटेशन अच्छे कैरेक्टर से आती है। जो कई बार पैसे से भी ज्यादा कीमती होती है। इसलिए अपने सम्मान पर काम जरूर करें।

स्मार्टफोन, वॉट्सएप या फेसबुक नहीं, पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद

आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर किसी के शरीर को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। क्योंकि पोटैशियम दिल, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सुचारू ढ़ग से चलाने में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया और मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। आज हम आपको इसकी कमी के कुछ संकेत बता रहे हैं, जिनकी कमी से होने वाली समस्याओं को आप आसानी से पहचान सकते हैं। पोटैशियम की कमी के लक्षण अनिद्रा की समस्या अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं। तनाव अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मूड स्विंग जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं। अपने मानसिक स्वा स्य् म  के लिए आज से ही अपनाएं ये चीजें हमेशा रहती है थकान लगातार थकान बनी रहना शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है। एसिड बढ़ना पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। त्वचा में बदलाव इसकी कमी का असर त्वचा पर दिखाई देती है। इसलिए पोटैशियम की कमी होने पर त्वचा रूखी और खुश्क हो जाती है और आपको पसीना भी अधिक आने लगता है। उल्टी और दस्त शरीर में पोटैशियम की कमी होने पर उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि इसकी कमी होने पर पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे उल्टी और दस्त होने लगते हैं। इनमें मिलता है पोटैशियम पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आप सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, आलू, गाजर आदि का सेवन करें। इसके अलावा बींस, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद, मांस, मछली में भी पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। केला, संतरा, एप्रिकॉट, अवोकेडो और स्ट्राबेरी जैसे फूट्स भी शरीर में पौटेशियम की कमी को पूरा करते हैं।  

बढ़ती उम्र में भी चेहरे के ग्लो को बनाए रखने के लिए ऐसे करें उसकी देखभाल

लंबे समय तक स्किन प्रॉब्लम्स से दूर रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी उम्र के मुताबिक स्किन की केयर करें। स्किन की सही तरीके से केयर सिर्फ पिंपल्स, डॉर्क स्पॉट्स को ही दूर नहीं रखते बल्कि स्किन के ग्लो को भी बनाए रखते हैं। तो जानेंगे कि कैसे उम्र के हिसाब से करें सही स्किन केयर।   20 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. इस एज में आपकी स्किन अनप्रिडिक्टिबल हो जाती है। 2. स्किन सेरामाइड्स प्रोड्यूस करना बंद कर देती है, जिससे ड्राइनेस होती है। 3. रोजाना सनस्क्रीन लगाना शुरू कर दें। 4. कभी भी मेकअप अप्लाई किए हुए न सोएं। 5. अगर एक्ने की प्रॉब्लम जॉ लाइन तक पहुंच गई है तो ये हॉरमोन-रिलेटेड प्रॉब्लम है। 30 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. कोलेजेन और इलास्टिक फाइबर्स ब्रेक होने लगते हैं। 2. फाइन लाइंस और रिंकल्स साफ तौर पर दिखने लगते हैं। 3. रोजाना अपनी स्किन को एक्सफोलिएट करना जरूरी हो जाता है। 4. हाइड्रोलिक्सल एसिड वाला क्लेंजर यूज करें। 5. आई-केयर क्रीम्स का यूज करना शुरू कर दें। 40 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. डार्क स्पॉट्स होने से स्किन टोन अनईवेन होने लगती है। 2. रिंकल्स गहरे हो जाते हैं। 3. स्किन वॉल्यूम लूज करने लगती है। 4. सुबह और शाम को जेंटल क्लेंजर का इस्तेमाल करें। 5. एंटी-ऑक्सीडेंट्स वाले सिरम यूज करें, इससे स्किन रिपेयरमेंट में हेल्प मिलेगी। 6. नाइट क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करें। 50 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. आपकी स्किन लाइट और लटकी हुई दिखने लगती है। 2. फैट लॉस की वजह से आपको गहरा और डल लुक मिल सकता है। 3. अपनी स्किन को मॉइश्चराइज करना बिल्कुल भी न भूलें। 4. अपनी स्किन को क्लीन करने के लिए भी मॉइश्चराइजिंग क्लेंजर का ही यूज करें। 5. मॉइश्चराइजर बेस्ड नाइट क्रीम का ही यूज करें।  

बहुत जल्द हो सकती है Samsung Galaxy Z Fold 7 की एंट्री

नई दिल्ली Samsung Galaxy Z Fold फैन्स के लिए खुशखबरी है। क्योंकि Samsung Galaxy Z Fold 7 की बहुत जल्द एंट्री हो सकती है। जुलाई 2025 में Samsung का ये नया स्मार्टफोन दस्तक दे सकता है। फोन में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब इस फोन की लीक्स में भी ऐसी ही जानकारी मिल गई है। इसमें कहा गया है कि फोन के डिजाइन को स्लिम किया जा सकता है। पिछले वेरिएंट के लॉन्च होने के बाद बहुत सारे यूजर्स ने इसके बारे में नाराजगी जाहिर की थी। यही वजह है कि इस बार सैमसंग ऐसी सभी चीजों का ध्यान रखने वाला है। ऑनलीक्स के हवाले से एंड्रॉयड हेडलाइन्स ने बताया, Samsung Galaxy Z Fold 7 की थिकनेस अनफोल्ड करने के बाद 4.5mm तक हो सकता है, वहीं फोल्ड होने के बाद ये 9.5mm तक हो सकता है। कैमरा डिजाइन में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके कैमरा मॉड्यूल में थोड़ा उभार देखने को मिल सकता है। Galaxy Z Fold 6 से ये 1.1mm थिनर हो सकता है। हालांकि अभी भी ये फोन उतना स्लिम नहीं है जितना इसे होना चाहिए। क्योंकि Oppo Find N5 अभी भी 4.2mm स्लिम है और Honor Magic V3 4.4mm स्लिम है। डिस्प्ले में क्या हो सकता है बदलाव? Samsung Galaxy Z Fold 7 में 8.2 इंच इनर डिस्प्ले और आउटर डिस्प्ले 6.5 इंच का हो सकता है। दोनों ही जगहों पर फोन का डिस्प्ले साइज में बड़ा देखने को मिलेगा। Oppo Find N5 का टाइटल 8.12 इंच है। Samsung Galaxy Z Fold 7 खा डायमेंशन 158.4 x 143.1 x 4.5mm हो सकता है। इसका मतलब है कि फ्रंट डिस्प्ले भी बड़ा हो सकता है। सैमसंग की तरफ से आउटर डिस्प्ले को बड़ा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पहला फोल्ड साल 2019 में आया था और तभी से सैमसंग के साथ ऐसा देखने को मिल रहा है। फोन में Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी स्पीड को लेकर आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं होगी। यही चिप Samsung Galaxy S25 सीरीज में भी देखने को मिली थी। संभव है कि सैमसंग में 7-कोर वर्जन देखने को मिलेगा, यही Oppo ने Find N5 में इस्तेमाल किया था। Samsung कुछ जगहों पर अभी भी Exynox 2500 का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन आगे ऐसा देखने को नहीं मिल सकता है। क्योंकि कंपनी ने Qualcomm के साथ हाथ मिलाया है और इसी वजह से Snapdragon 8 Elite देखने को मिल सकता है। फोन का कैमरा भी 200 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर के साथ आ सकता है। यानी कैमरा में काफी सुधार किया जा सकता है। जबकि बैटरी की बात करें तो ये 4,400 mAh कैपेसिटी के साथ आ सकती है। हालांकि अभी कंपनी की ऑफिशियल घोषणा का इंतजार करना चाहिए।

MWC 2025 में Realme दिखाएगी नया Ultra, स्मार्टफोन में DSLR जैसा कैमरा

नई दिल्ली Realme की स्मार्टफोन मार्केट में अलग इमेज है। सस्ते स्मार्टफोन से लेकर प्रीमियम डिवाइस तक में Realme की अलग पहचान है। हाल ही में Realme ने साफ कर दिया है कि वह बारसेलोना में होने जा रहे MWC 2025 में मौजूद रहेगी। इसके साथ ब्रांड ने टीजर जारी करते हुए बताया कि कंपनी इवेंट में अल्ट्रा फ्लैगशिप स्मार्टफोन भी ला सकती है। इस फोन का पूरा फोकस फोटोग्राफी पर होने वाला है। फोन में कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि ब्रांड की तरफ से क्लियर नहीं किया गया है कि फोन का शोकेस होगा या इसे पूरी तरह लॉन्च किया जाएगा। फ्लैगशिप फोन्स जैसे शानदार हो सकते हैं फीचर्स टीजर इमेज बताती है कि फोन में बड़ा सर्कुलर मॉड्यूल हो सकता है। फोन में अल्ट्रा लार्ज सेंसर और ऑप्टिकल टेलीफोटो लेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है। रियलमी ने कहा कि अल्ट्रा फोन में मिलने वाले कैमरा सेंसर मौजूदा फ्लैगशिप स्मार्टफोन से काफी बड़े होने वाले हैं। ब्रांड की तरफ से जूम की तुलना करते हुए भी शॉट्स (फोटो सैंपल) शेयर किए गए हैं। कंपनी के इन फोन्स के कैमरा सेंसर iPhone 16 Pro Max और Samsung Galaxy S25 Ultra जैसे हो सकते हैं। क्योंकि दोनों ही फोन्स में 1-इंच सेंसर और 10X ऑप्टिकल जूम मिलता है। टीजर वीडियो में सामने आया लुक टीजर वीडियो में फोन का लुक नजर आया है। साथ ही कंपनी दावा करती है कि इसमें DSLR-Level की फोटोग्राफी मिलने वाली है। लैंस अटेचमेंट सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा सकता है। रियलमी अल्ट्रा फोन में इंटरचेंज लैंस फंक्शन भी मिल सकता है। स्मार्टफोन फोटोग्राफी में रियलमी का ये कदम सबको हैरान करने वाला है। क्योंकि फोन में बिल्कुल DSLR की तरह लैंस में बदलाव करने का ऑप्शन दिया जाता है। अभी तक साफ नहीं है कि ये डिवाइस कमर्शियल मॉडल होगा या इसे सभी के लिए रोल आउट किया जा सकता है। Realme के नए फोन्स का हो रहा इंतजार Realme Ultra फ्लैगशिप को 3-6 मार्च के बीच MWC 2025 में अनवील किया जा सकता है। अगर ये मार्केट में आता है तो इसका सीधा मुकाबला अन्य ब्रांड के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से होने वाला है। इसमें Samsung Galaxy S25 Ultra, Xiaomi 15 Ultra, Vivo X200 Ultra, Oppo Find X8 Ultra का नाम शामिल है। Realme 14 Pro सीरीज के ग्लोबल लॉन्च का इंतजार किया जा रहा है। भारत में भी 14 Pro सीरीज के नए फोन्स की एंट्री हो सकती है। Realme 14 Pro और 14 Pro+ की कीमत $440 और $590 हो सकती है।

लाइफ में सफलता चाहते हैं तो इन कामों को जरूर करें

लाइफ में सफल होने के लिए बहुत सारे काम करने होते हैं। और, सफल इंसान वो है जो ना केवल पैसे से रिच हो बल्कि फैमिली और रिलेशनशिप के साथ ही अपनी हेल्थ से भी रिच हो। तो अगर आप लाइफ में सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो 30 की उम्र आते-आते इन चीजों को जरूर कर लें। एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो अपने शहर में एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें। ये आपको शहर में पहचान देने और एक स्थायी ठिकाना देती है। फैमिली जरूर बनाएं अगर सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो ऐसे प्यार और रिस्पेक्टफुल फैमिली बनाएं। जहां आप अपने पैरेंट्स के साथ ही अपने लाइफपार्टनर और बच्चों के साथ सुकून से रह सकें। इन्वेस्ट करें कम उम्र में अर्निंग शुरू कर दी है तो इन्वेस्ट जरूर करें। जिससे कि फ्यूचर के लिए आपके पास पर्याप्त मनी हो। जितने भी इनवेस्टमेंट प्लान हैं वो आपको कम उम्र में इन्वेस्ट करने पर ही अच्छा रिटर्न देते हैं। मल्टीटास्किंग बने सक्सेजफुल होने के लिए आपको एक साथ कई कामों में निपुण होना जरूरी है। सोशल स्किल के साथ ही ऐसी करियर से जुड़ी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। जिससे करियर और फैमिली आगे बढ़े। हेल्थ पर ध्यान दें सक्सेजफुल होने के लिए खुद की सेहत पर भी ध्यान दें। मेंटल और फिजिकल हेल्थ होगी तभी आप करियर पर फोकस कर पाएंगे।

दिनभर आराम, फिर भी खूब हो रही थकान? हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

Fatigue- Weakness Causes : ज्यादा काम और भागदौड़ से थकान होना काफी आम है. यह शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की हो सकती है. लेकिन अगर अच्छा-खासा आराम करने के बावजूद भी थकान और कमजोरी हो रही है तो स्थिति गंभीर है. ये किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, थकान और कमजोरी के एक नहीं कई कारण हो सकते हैं. खानपान में पोषण की कमी, मानसिक तनाव, खराब लाइफस्टाइल, पर्याप्त नींद न लेना या फिर बीमारियों की वजह से ऐसा हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं बिना काम थकान-कमजोरी महसूस होना कितनी खतरनाक, क्या करना चाहिए.. बहुत ज्यादा थकान होने का कारण हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे लोग जिन्हें पोषक तत्व सही तरह नहीं मिल पाते हैं, उन्हें ज्यादा थकान महसूस हो सकती है. खासतौर पर शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का लेवल घट जाता है और ऑक्सीजन की सही तरह सप्लाई नहीं हो पाती है. जिससे ज्यादा थकान महसूस होती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में करीब 30% लोगों में आयरन की कमी है. इसके अलावा विटामिन-D और B12 की कमी से भी थकान हो सकती है. अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, लंबे समय तक तनाव बने रहने से शरीर की एनर्जी खत्म होने लगती है. क्रॉनिक स्ट्रेस और डिप्रेशन से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे थकान महसूस होने लगती है. इसका एक कारण यह भी है कि ज्यादा चिंता नींद को प्रभावित करने लगती है, जिससे थकान ज्यादा होने लगती है. एनीमिया (Anemia) की वजह से भी ज्यादा थकान महसूस हो सकती है. दरअसल, इस बीमारी में शरीर पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता है और ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने लगती है,जो थकान और कमजोरी का कारण बन सकती है. इसके अलावा थायरॉइड (Thyroid) में भी शरीर में सुस्ती और थकान हो सकती है. थकान होने के अन्य कारण

लावा के सबब्रैंड प्रोवॉच ने एक नई स्‍मार्टवॉच को किया लॉन्‍च

नई दिल्ली भारतीय स्‍मार्टफोन ब्रैंड लावा के सबब्रैंड प्रोवॉच ने एक नई स्‍मार्टवॉच को लॉन्‍च किया है। इसका नाम Prowatch X है। दावा है कि यह अपने प्राइस सेगमेंट में आने वाली पहली घड़ी है, जिसमें कई प्रमुख हेल्‍थ फीचर दिए गए हैं। यह वायु प्रदूषण का हाल यानी एक्‍यूआई बताती है और कलाई में पहनने के बाद अपने यूजर की बॉडी एनर्जी की मॉनिटरिंग कर सकती है। Prowatch X को आकर्षक दिखाने की कोशिश कंपनी ने की है। यह राउंड डायल में आती है और 1.43 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले ऑफर करती है। डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास 3 का प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Prowatch X को कंपनी 2 साल की वॉरंटी के साथ बेच रही है। इसकी कीमत 4499 रुपये रखी गई है, जोकि इंट्रोडक्‍टरी प्राइस हैं। आइए जानते हैं Prowatch X के प्रमुख फीचर और इसे कहां से खरीदा जा सकता है। Prowatch X Price Prowatch X की कीमत 4499 रुपये है। 15 फरवरी से 18 फरवरी के बीच प्री-ऑर्डर करने पर इस वॉच को 1 हजार रुपये के फ्लैट डिस्‍काउंट के साथ लिया जा सकेगा। वॉच की सेल 21 फरवरी से शुरू होगी। यह Flipkart पर मिलेगी। Prowatch X की प्रमुख खूबियां Prowatch X को तीन स्‍ट्रैप वेरिएंट्स में लाया गया है। इनमें सिलिकाॅन, नायलॉन और मेटल स्‍ट्रैप शामिल हैं। जैसाकि हमने बताया इस वॉच में 1.43 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जो ऑलवेज ऑन की सुविधा भी देता है। IP68 रेटिंग इस वॉच को मिली है जिसका मतलब है कि यह पानी से होने वाले नुकसान से बची रह सकती है। डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास 3 का प्रोटेक्‍शन है, जो वॉच को स्‍क्रैच से प्रोटेक्‍ट करने में मददगार होगा। ब्‍लूटूथ कॉलिंग का है सपोर्ट Prowatch X सपोर्ट करती है ब्‍लूटूथ 5.3 कनेक्टिविटी को। दावा है कि वॉच के जरिए ब्‍लूटूथ कॉलिंग की जा सकती है और मैसेजों का क्विक रिप्‍लाई किया जा सकता है। एल्‍युमीनियम अलॉय का हुआ इस्‍तेमाल Prowatch X को बनाने में एल्‍युमीनियम मेटल अलॉय का इस्‍तेमाल किया गया है। कंपनी ने बेहतर फ‍िनिश देने की कोशिश की है। वॉच में 300 एमएएच की बैटरी मिलती है। दावा है कि सिंगल चार्ज में यह 8 से 10 दिन चल सकती है और जीपीएस का इस्‍तेमाल करने पर 17 घंटों का बैकअप दे सकती है। हार्ट रेट मॉनिटर Prowatch X को एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के साथ कनेक्‍ट किया जा सकता है। इसमें कई सारे सेंसर दिए गए हैं, जिनकी मदद से यूजर अपनी हार्ट रेट को मॉनिटर कर सकता है। ब्‍लड में ऑक्‍सीजन के लेवल का पता लगाया जा सकता है। इन-बिल्‍ट जीपीएस तो इसमें मिलता ही है। मिलेगी स्लीप ट्रैकिंग Prowatch X में 110 से ज्‍यादा स्‍पोर्ट्स मोड हैं। दौड़ से जुड़े कई कोर्स को शामिल किया गया है। इस वॉच को पहनकर ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज की जा सकती है। यह नींद को भी ट्रैक करने में सक्षम है यानी आप कितनी देर गहरी नींद सोए, यह वॉच बता देगी। और क्‍या है खास Prowatch X में एयर क्‍वॉलिटी इंडेक्‍स यानी एक्‍यूआई से जुड़े अपडेट मिलते हैं। जेस्‍टर कंट्रोल की सुविधा है। 150 से ज्‍यादा वॉच फेस दिए गए हैं।

इंस्‍टाग्राम पर बहुत जल्‍द आ सकता है एक नया फीचर

नई दिल्ली   पॉपुलर शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म इंस्‍टाग्राम पर बहुत जल्‍द एक नया फीचर आ सकता है। कहा जा रहा है कि इंस्‍टाग्राम यूजर्स को डिसलाइक की सुविधा मिलने वाली है। फ‍िलहाल इस फीचर को टेस्‍ट किए जाने की खबरें हैं। न्यू यॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्‍टाग्राम का नया फीचर यूजर्स को इंस्टा कमेंट पसंद नहीं आने पर उसे डिसलाइक करने का ऑप्शन देता है। यह बटन डाउनग्रेड एरो की तरह दिखता है। मतलब नीचे की तरफ वाला एक तीर नजर आएगा। यह ऑप्शन आपको कमेंट सेक्शन में दिखेगा। यह फीचर Reddit के डाउनवोट की तरह है। इंस्टाग्राम अब तक इस फीचर से इनकार करता रहा है। लेकिन अब कंपनी ने ऑफिशयिली इस फीचर का ऐलान कर दिया है। कितने डिसलाइक आए, नहीं दिखेगा नंबर इंस्टाग्राम के एडम मोसेरी ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म थ्रेड्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने साफ किया कि डिसलाइक की गिनती नहीं दिखेगी। यानी कितने लोगों ने कमेंट को डिसलाइक किया है, यह पता नहीं चल पाएगा। साथ ही किसी को मालूम नहीं चलेगा कि कितने लोगों ने कंटेंट को डिसलाइक किया है। डिसलाइक को कमेंट्स की रैंकिंग में गिना जाएगा।इसे लेकर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है। उसमें देखा जा सकता है कि कमेंट सेक्शन में डाउन एरो है। कई यूजर्स को पसंद नहीं आ रहा फीचर हालांकि इंस्टाग्राम का डिसलाइक फीचर काफी यूजर्स को पसंद नहीं आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स का कहना है कि यह फीचर बुलिंग और नेगिटेविटी को बढ़ावा देगा। इंस्टाग्राम की तरह ही यूट्यूब में भी डिसलाइक बटन मौजूद है। वहां थम्सअप और थम्सडाउन बटन मिलता है। क्‍या मेंटल हेल्‍थ की समस्‍या बढ़ाएगा डिसलाइक बटन कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स का कहना है कि डिसलाइक बटन मेंटल हेल्थ की वजह बनेगा। एक्सपर्ट का कहना है कि सोशल मीडिया पर डिसलाइक कमेंट ज्यादा मिलने से लोगों में निगेटिविटी के साथ चिड़चिड़ापन देखने को मिल सकता है। साथ ही यह अवसाद की वजह बन सकता है। कंटेंट इंप्रूवमेंट में मिलेगी मदद रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि मेटा के प्रवक्‍ता ने कहा है कि नया फीचर यूजर को प्राइवेटली सिग्नल देता है कि वो किसी खास कंटेंट को पसंद नहीं करते हैं। मतलब नया बटन कंटेंट क्रिएटर्स को कंटेंट मैनेज करने में मदद कर सकता है। क्रिएटर्स इसकी विजिबिलिटी को कम कर सकता है। मेटा के प्रवक्‍ता का कहना है कि डिसलाइक बटन को कमेंट सेक्शन में बाद में नीचे की तरफ मूव किया जा सकता है।  

अटक सकता है आपका FASTag पेमेंट, 17 फरवरी से पहले कर ले ये काम

नई दिल्ली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से FASTag बैलेंस वैलिडेशन नियम लागू किए जा रहे हैं। नए FASTag नियम 17 फरवरी 2025 से लागू हो रहे हैं। इसमें यूजर को अपने FASTag स्टेटस के बारे में ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत है। ऐसा न होने पर FASTag पेमेंट अटक सकता है। क्या हैं FASTag के नए नियम NPCI ने 28 जनवरी, 2025 को नियम जारी किया है, जिसके मुताबिक, 17 फरवरी 2025 से अगर टोल प्लाजा पर टैग रीड करने से पहले 60 मिनट से ज्यादा समय तक टैग को ब्लैकलिस्ट रहा है। या फिर टैग रीड करने के कम से कम 10 मिनट तक ब्लैकलिस्ट रहा है, तो पेमेंट नहीं होगा। यह नया नियम यूजर्स को अपने FASTag स्टेट्स में सुधार के लिए 70 मिनट की विंडो देता है। FASTag नियम में बदलाव से यूजर्स पर क्या होगा असर? FASTag नियमों में बदलाव का सीधा असर यूजर पर पड़ेगा। अब आप टोल बूथ पर ब्लैकलिस्टेड FASTag को अंतिम समय रिचार्ज करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपका फास्टैग टोल के पास पहुंचने पर पहले से ही ब्लैकलिस्टेड है, तो तुरंत रिचार्ज करने से पेमेंट नहीं होगा। ऐसे समझ सकते हैं. अगर आपका FASTag आपके टोल पर पहुंचने से पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, और टैग पढ़ने के बाद भी ब्लैकलिस्टेड है, तो पेमेंट नहीं होगा। और आपसे दोगुना टोल वसूला जाएगा।     अगर आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट है। लेकिन आप टैग को रीड होने से 60 मिनट के अंदर या फिर रीड होने के 10 मिनट में रिचार्ज करते हैं, तो आपका पेमेंट रिसीव कर दिया जाएगा और आपसे नार्मल चार्ज लिया जाएगा।     अगर आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट है और आप टोल क्रॉस कर जाते हैं, तो आपसे डबल चार्ज लिया जाएगा। लेकिन अगर आप टैग रीड होने के बाद 10 मिनट     में रिचार्ज कर लेते हैं, तो आप पेनल्टी रिफंड के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आपको कोई एक्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा।     इसका मतलब है कि आपको अपने फास्टैग बैलेंस में मेनटेन रखना चाहिए। साथ ही केवाई से जुड़े मुद्दों को हल कर लेना चाहिए। आखिरी वक्त रिचार्ज नहीं करना चाहिए। कैसे ब्लैकलिस्ट स्टेटस को करें चेक     परिवहन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।     “Check E-Challan Status” या इसी तरह के ऑप्शन को सेलेक्ट करें।     अपना व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।     इस तरह से पता लग सकेगा कि आपका वाहन ब्लैकलिस्टेड है या नहीं. कैसे FASTag करें अनब्लॉक     सबसे पहले फास्टैग रिचार्ज करें। इसके बाद न्यूनतम बैलेंस करें।     फिर पेमेंट वेरिफाईकरें।     इसके बाद फास्टैग का स्टेट्स मालूम हो जाएगा।     थोड़ी देर में फास्टैग एक्टिवेट हो जाएगा।

सही निर्णय लेते हुए सफलता हासिल करने के लिए भगवद् गीता की ये 3 बातें अपने जीवन में उतार लें

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए उसे कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है। लेकिन कई बार ये दोनों ही गुण मौजूद होने के बावजूद व्यक्ति लक्ष्य की राह में आने वाली कठिनाइयों से घबराकर खुद के लिए सही निर्णय नहीं ले पाता है, जिसकी वजह से उसे कई बार निराशा का मुंह तक देखना पड़ता है। अगर आप भी लाइफ में कई बार ऐसी परिस्थिति से होकर गुजर चुके हैं तो आपको भगवद् गीता की ये 3 बातें जरूर याद रखनी चाहिए। ये बातें ना सिर्फ आपका सफलता का रास्ता आसान बनाएंगी बल्कि जीवन में अपने लिए सही निर्णय कैसे लिए जाते हैं, इसका ज्ञान भी देंगी। अच्छा और सही रास्ता हमेशा आसान नहीं होता अर्जुन जब कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में खड़े थे, तो उनका सामना सिर्फ कौरवों की सेना से नहीं था बल्कि उनके सामने भी दो विकल्प मौजूद थे। पहला, विकल्प युद्ध, जो मुश्किल लेकिन सही था और दूसरा युद्ध से पीछे हट जाना, जो सुरक्षित लेकिन गलत था। अधिकांश लोगों की प्रवृत्ति असल जीवन में युद्ध जैसे कठिन निर्णयों का सामना करने से बचने की होती है। लेकिन गीता में कृष्ण कहते हैं कि कर्तव्य के स्थान पर आराम को चुनना बुद्धिमानी नहीं है। जो कठिन है उससे दूर नहीं भागा जा सकता है। व्यक्ति यह जानते हुए भी कि उसके लिए क्या सही है कोई कदम उठाने से झिझकता है क्योंकि यह उसके लिए असुविधा पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए व्यक्ति किसी ऐसी नौकरी या रिश्ते में कई साल तक बना रहता है जो उसे कई समय पहले ही छोड़ देनी चाहिए थी। ऐसी चीजें व्यक्ति को स्थिर बनाए रखती हैं क्योंकि उसके लिए बदलाव कठिन है। लेकिन गीता व्यक्ति को ज्ञान देती है कि सही रास्ता हमेशा आसान नहीं होता और जो आसान है वह हमेशा सही नहीं होता। जीवन के फैसले अपनी भावनाओं को ना करने दें कुरुक्षेत्र में कौरवों से युद्ध से पहले अर्जुन का भावुक होना लाजमी था। वह परिवार के प्रति प्रेम और एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों के बीच उलझा हुआ था। शुरूआत में उसने कुरुक्षेत्र के युद्ध को सिर्फ भावनाओं के नजरिए से देखा लेकिन कृष्ण ने उन्हें समझाया कि कभी भी अपनी भावनाओं को अपने निर्णयों पर हावी न होने दें। उन्हें महसूस करें, उन्हें स्वीकार करें, लेकिन कोई भी फैसला उनके आधार पर ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि भावनाएं अस्थायी होती हैं, डर खत्म हो जाता है, उत्साह ठंडा हो जाता है और गुस्सा शांत हो जाता है। यदि आप भावनाओं के आधार पर कोई निर्णय लेते हैं कि आप अभी क्या महसूस कर रहे हैं, तो आपका कोई भी फैसला भविष्य में टिक नहीं पाएगा। ऐसे में कोई भी कार्य करने से पहले थोड़ा रुकें और खुद से पहले यह सवाल करें कि अगर आप इन भावनाओं से दूर होकर किसी काम को करने की सोचते हैं तो उसका परिणाम क्या हो सकता है। गलत चुनाव करने का डर कृष्ण कहते हैं अगर आप कोई भी निर्णय लेने से पहले उसकी पूर्ण निश्चितता की प्रतीक्षा करते हैं, तो आप अपना जीवन प्रतीक्षा में ही बिता देंगे। मैं विफल हो गया तो क्या हुआ?, यदि यह मार्ग सही नहीं हुआ तो क्या होगा? अगर इस काम को करने के बाद मुझे बाद में पछताना पड़ा तो क्या होगा?, ऐसे प्रश्नों को सोचने से बचें। तभी जाकर आप कुछ सीखकर आगे बढ़ते हैं। याद रखें, सही या गलत, कोई भी निर्णय व्यर्थ नहीं जाता। अच्छा फैसला सफलता तो खराब निर्णय आपको सबक देकर जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि जब आप गलत मोड़ लेते हैं, तो यात्रा समाप्त नहीं होती है बल्कि मंजिल तक पहुंचने के आपको कई और रास्ते पता चलते हैं। गलत निर्णय लेना गलती नहीं है बल्कि असफलता के डर से कोई निर्णय ही ना लेना गलती है।

Samsung जल्द ही लॉन्च करने वाला है स्मार्टफोन Galaxy A56 5G

नई दिल्ली Samsung जल्द ही अपने नए स्मार्टफोन Galaxy A56 5G को लॉन्च करने वाला है। यह फोन Galaxy A55 का सक्सेसर होगा और हाल ही में लीक हुई जानकारियों से इसके फीचर्स और डिजाइन के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्मार्टफोन मार्च में लॉन्च हो सकता है। डिजाइन और कलर ऑप्शंस मशहूर टिपस्टर Evan Blass ने हाल ही में Galaxy A56 के 360-डिग्री रेंडर्स शेयर किए हैं, जिससे फोन के डिजाइन और कलर ऑप्शंस का पता चलता है। इस स्मार्टफोन को ग्रे, पिंक, ब्लैक और ग्रीन रंगों में पेश किया जाएगा। फोन में फ्लैट एज और होल-पंच AMOLED डिस्प्ले देखने को मिलेगा। इसके अलावा, Galaxy A55 में देखा गया पावर और वॉल्यूम बटन के लिए उठे हुए फ्रेम सेक्शन को Galaxy A56 में भी बरकरार रखा गया है। कैमरा डिज़ाइन में बदलाव Galaxy A56 के बैक पैनल में नए डिज़ाइन का कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जिसमें तीन कैमरा लेंस ब्लैक आउट वर्टिकल आइलैंड में मौजूद होंगे। इसमें LED फ्लैश भी शामिल किया गया है। फोन का बैक पैनल ग्लास का बना होगा, जबकि फ्रेम में मेटल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह पहले के पॉलीकार्बोनेट फ्रेम वाले मॉडल से अलग होगा। स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स डिस्प्ले: 6.7-इंच AMOLED डिस्प्ले, फुल HD+ रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट प्रोसेसर: Samsung Exynos 1580 चिपसेट रैम और स्टोरेज: 12GB तक की रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज बैटरी: 5000mAh की बैटरी, 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट गौर करने वाली बात यह है कि Samsung Galaxy S25 जैसे फ्लैगशिप फोन में भी सिर्फ 25W चार्जिंग दी गई है, जबकि Galaxy A56 में 45W चार्जिंग सपोर्ट मिल सकता है। कैमरा सेटअप Galaxy A56 में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:     50MP प्राइमरी सेंसर (OIS के साथ)     12MP अल्ट्रा-वाइड लेंस     5MP मैक्रो लेंस सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में 12MP फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है, जो कि इसके पिछले मॉडल से अपग्रेड होगा। सॉफ्टवेयर और अन्य फीचर्स Galaxy A56 स्मार्टफोन Android 15 आधारित One UI 7 के साथ लॉन्च हो सकता है। इसके अलावा, लीक हुई जानकारी के अनुसार, यह स्मार्टफोन डुअल सिम सपोर्ट के साथ आएगा। लॉन्च डेट और उपलब्धता Galaxy A56 के ऑफिशियल सपोर्ट पेज भारत और यूके जैसे देशों में लाइव हो चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इसका लॉन्च अब बहुत करीब है। फोन के मॉडल नंबर A566E/DS और A566B/DS सामने आए हैं, जो डुअल-सिम सपोर्ट की पुष्टि करते हैं। Samsung के इस स्मार्टफोन को लेकर टेक इंडस्ट्री में काफी चर्चा हो रही है। अब देखना यह होगा कि यह फोन अपने प्राइस सेगमेंट में कितना दमदार साबित होता है।

Apple का नया इवेंट 19 फरवरी को होगा, कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स वाली डिवाइस पर होगा फोकस

iPhone SE 4 और MacBook का इंतजार कर रहे Apple फैन्स के लिए एक नई खबर सामने आई है। Apple 19 फरवरी को एक इवेंट करने जा रहा है। इसमें कंपनी की तरफ से कई नए प्रोडक्ट्स लाए जा सकते हैं। टिम कुक ने ‘X’ पर जानकारी देते हुए लिखा, ‘Apple के नए सदस्य से मिलने के लिए तैयार हो जाइये। ऐपल का लॉन्च 19 फरवरी (बुधवार) को होगा।’ कुक की तरफ से शेयर की गई जानकारी से साफ हो गया है कि ऐपल के नए प्रोडक्ट दस्तक देने जा रहे हैं। कौन-से प्रोडक्ट हो सकते हैं लॉन्च ? Bloomberg से मिली जानकारी से पता चलता है कि iPhone SE 4 (2025) को मार्केट में उतारा जा सकता है। इस फोन को iPhone 14 की तर्ज पर लॉन्च किया जाएगा। डिस्प्ले को लेकर टिप्सटर की तरफ से दावा किया गया है कि इसमें नॉच मिलने वाला है। यानी इस फोन में Apple की तरफ से Dynamic Island का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। साथ ही डिजाइन भी काफी हद तक iPhone 14 जैसा ही हो सकता है। SE 2 और SE 3 मॉडल्स की बात करें तो इसे ज्यादा यूजर्स ने पसंद नहीं किया था। यही वजह है कि ऐपल को एक समय बाद इन प्रोडक्ट्स को डिस्कंटीन्यू भी करना पड़ा था। iPhone SE मॉडल पर कंपनी कोई बड़ा इवेंट नहीं करेगी। वीडियो अनाउंसमेंट की मदद से ही नया प्रोडक्ट लाया जा सकता है। इस बार कंपनी का पूरा फोकस ऐसे iPhone को लाने पर रहेगा जिसमें कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स मिल सकें। भारत में iPhone से सस्ते मॉडल्स की डिमांड हमेशा रहती है। सामने आई जानकारी से पता चलता है कि लॉन्च के एक हफ्ते बाद 28 फरवरी को इसकी सेल शुरू हो सकती है। क्या फीचर्स हो सकते हैं खास ?     6.1 Inch OLED 460ppi Super Retina XDR Display     A18 Chip के साथ 8GB रैम सपोर्ट     Apple Intelligence सपोर्ट और Apple का मॉडम     48MP का मेन कैमरा, 12MP का फ्रंट कैमरा

चाइनीज एआई चैटबॉट DeepSeek AI को अमेरिका में बैन करने की योजना

नई दिल्ली चाइनीज एआई चैटबॉट DeepSeek AI को अमेरिका में बैन करने की योजना है। साथ ही बैन के बावजूद अगर DeepSeek का इस्तेमाल किया जाता है, तो ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ जेल भेजा जा सकता है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट की मानें, तो कुछ अमेरिकी सीनेटर चीनी AI चैटबॉट को बैन करने के एक बिल को पेश करने की योजना बना रहे हैं। DeepSeek AI के इस्तेमाल पर भारी जुर्माना और सजा The Independent की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल के लागू होने के बाद अगर कोई डीपसीक इस्तेमाल करते पाया जाता है, तो ऐसा करने वाले व्यक्तियों पर 1 मिलियन डॉलर करीब 6.5 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। वही नियम उल्लंघन पर 20 साल तक की जेल हो सकती है। वही अगर कारोबार के लिए DeepSeek का उपयोग किया जाता है, तो 100 मिलियन डॉलर करीब 8 अरब का जुर्माना लगाया जा सकता है। क्यों लगाया जा रहा है DeepSeek पर प्रतिबंध? इस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉले (Josh Hawley) ने प्रस्तावित किया है। सरकार का मानना है कि डीपसीक यूएस नागरिकों के डेटा चीन सरकार तक पहुंचा सकता है। सीनेटर हॉले ने DeepSeek AI की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर चिंता जाहिर की थी। पहले भी कई देशों में हो चुका है प्रतिबंध अगर अमेरिका DeepSeek पर प्रतिबंध लगाता है, तो यह ऐसा करने वाला पहला देश नहीं होगा। इससे पहले इटली, अमेरिकी राज्य टेक्सास, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अगर भारत की बात करें, तो आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि DeepSeek को जल्द ही भारत के सर्वरों पर होस्ट किया जाएगा, जिससे प्राइवेसी की टेंशन नहीं रहेगी। DeepSeek AI क्यों हुआ पॉपुलर? हाल ही में DeepSeek AI को काफी सुर्खियां मिलीं। दरअसल डीपसीक ने जनवरी 2025 के आखिरी में R1 मॉडल लॉन्च किया गया। अमेरिका ने चीन को AI चिप्स के निर्यात पर रोक लगा दिया था, जिसके जवाब में DeepSeek ने ChatGPT के मुकाबले कम लागत में बेहतर एआई मॉडल बना डाला।

ये हैं 7000mAh बैटरी Phone, बार-बार चार्ज का झंझट होगा खत्म

नई दिल्ली अगर आपके लिए फोन को बार-बार चार्ज करना मुश्किल है, तो आपको बड़े बैटरी साइज वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहिए। आज के वक्त में मार्केट में 7000mAh बैटरी साइज वाले स्मार्टफोन मौजूद हैं। इन स्मार्टफोन में 7000mAh बैटरी के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाता है। साथ ही फोन प्रोसेसर के मामले में पावरफुल हैं। इन फोन्स में 5000mAh बैटरी दी जाती है। इसमें 6.9-इंच FHD+ 90Hz डिस्प्ले दी जाती है। फोन में MediaTek Helio G88 चिपसेट दिया गया है। फोन में 6GB रैम सपोर्ट भी मिलता है। इसके अलावा 8MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। साथ ही फोन में 50MP AI ट्रिपल-कैमरा सेटअप दिया गया है। पावर बैकअप के लिए फोन में 7000mAh बैटरी और 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। फोन एंड्रॉइड 12 बेस्ड HiOS पर काम करता है। Samsung Galaxy M51 यह एक मिड-रेंज स्मार्टफोन है, जो 7,000mAh की बड़ी साइज के साथ आता है। इसमें 6.7 इंच Super AMOLED डिस्प्ले मिलता है। फोन में 64MP क्वाड-कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में Snapdragon 730G प्रोसेसर दिया गया है। फोन 8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है। Itel P40 Plus यह एक बजट स्मार्टफोन है, जिसमें 6.8-इंच HD+ IPS डिस्प्ले और 90Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। अगर चिपसेट की बात करें, तो फोन में Unisoc T606 प्रोसेसर दिया गया है। फोन 4GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है। फोन में 13MP ड्यूल रियर कैमरा दिया गया है। साथ ही 8MP फ्रंट कैमरा मिलता है। पावर बैकअप के लिए फोन में 7000mAh बैटरी के साथ 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। फोन एंड्रॉइड 12 बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। Samsung Galaxy F62 फोन 6.7 इंच सुपर एमोलेड प्लस डिस्प्ले में आता है। फोन में 64MP क्वाड-कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन Exynos 9825 प्रोसेसर के साथ आता है। इसमें 7000mAh की बैटरी मिलती है। फोन एंड्रॉइड 11 बेस्ड One UI पर काम करता है।

सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण इलाकों में पहुंचा इंटरनेट

नई दिल्ली एलन मस्क हो या जियो… अभी सभी कंपनियों का पूरा फोकस सैटेलाइट नेटवर्क पर है। दरअसल इस नेटवर्क की मदद से सभी कंपनियों की यूजर्स तक पकड़ काफी आसान होने वाला है। लेकिन अभी बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है कि आखिर सैटेलाइट नेटवर्क या सैटेलाइट इंटरनेट क्या चीज है और ये कैसे काम करता है। ऐसे बहुत सारे मौके साबित हुए हैं जब इस तकनीक ने लोगों की काफी मदद की है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं- सैटेलाइट नेटवर्क सैटेलाइट नेटवर्क की जगह पहले हम अभी उपलब्ध नेटवर्क की बात करते हैं। इंटरनेट की बात करें तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सिग्नल Fiber की मदद से मिलता है और ये डेटा सर्वर से आता है। इस सिग्नल को सेंट्रल स्टेशन पर भेजा जाता है और फिर इसे मॉडम या सब्सक्राइबर्स को वितरित किया जाता है। अब इसमें क्या होगा कि बीच में सैटेलाइट की एंट्री होगी और इंटरनेट सिग्नल सैटेलाइट की मदद से वितरित किया जाएगा। पृथ्वी से सिग्नल सैटेलाइट को दिया जाएगा और फिर इसे अलग-अलग राउटर पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ग्राउंड स्टेशन की मदद से नेटवर्क को सैटेलाइट को भेज दिया जाएगा और ये हर किसी को नेटवर्क ट्रांसफर करेगा। सैटेलाइट की मदद से नेटवर्क वितरित करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि ये ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। यही इसका सबसे बड़ा फायदा होता है। साथ ही नेटवर्क की पहुंच भी ज्यादा हो जाती है। सैटेलाइट नेटवर्क हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। एलन मस्क की तरफ से भी इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वोडाफोन-आइडिया की तरफ से हाल ही में सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से कॉलिंग भी की गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी बहुत जल्द इस नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है।

चॉकलेट खाने के हैं कई फायदे

क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है? इसमें थियोब्रोमाइन और फेनिलथाइलामाइन होते हैं, जो दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर आनंद और आराम का एहसास कराते हैं। हर साल 9 फरवरी को चॉकलेट डे मनाया जाता है। इस दिन लोग चॉकलेट गिफ्ट कर अपने प्यार और देखभाल का इज़हार करते हैं। चॉकलेट को लव, पैशन और हैप्पी लाइफ का प्रतीक माना जाता है, जो हर किसी को खुश कर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है? इसमें थियोब्रोमाइन और फेनिलथाइलामाइन होते हैं, जो दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर आनंद और आराम का एहसास कराते हैं। डार्क चॉकलेट सबसे हेल्दी मानी जाती है, जिसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और मैंगनीज भरपूर मात्रा में होते हैं। यह दिल, दिमाग और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। इस चॉकलेट डे पर अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें! इसके अलावा ये शादीशुदा मर्दों के ल‍िए काफी फायदेमंद माना जाता है। चॉकलेट डे पर जानते हैं डार्क चॉकलेट क‍िस तरह सेहत के ल‍िए फायदेमंद हैं। ब्लड प्रेशर को रखता है नियंत्रित डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवनॉल्स एंडोथेलियम को उत्तेजित करते हैं, जो नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन करता है। यह धमनियों को आराम देने का संकेत भेजता है, जिससे ब्लड फ्लो रेसिस्टेंट कम होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। इसलिए, डार्क चॉकलेट हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती है। हृदय रोग से बचाव डार्क चॉकलेट में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने की क्षमता होती है। इससे धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने का खतरा घटता है, जिससे हृदय रोग से बचाव में मदद मिलती है। नियमित रूप से डार्क चॉकलेट का सेवन दिल की सेहत को बेहतर बनाता है और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है।

आपकी स्किन के ल‍िए कोरियन और जापानी स्किन केयर कोनसा है बेहतर, ऐसे जाने

लोग  ब्यूटी को मेंटेन रखने के लिए घरेलू नुस्खों से लेकर ब्यूटी ट्रीटमेंट तक कई उपाय आजमाते हैं। हाल के वर्षों में कोरियन ब्यूटी और जापानी ब्यूटी ट्रेंड्स ने दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। कोरियन ब्यूटी में 10-स्टेप स्किनकेयर रूटीन, हाइड्रेशन, और ग्लास स्किन का फोकस है, जबकि जापानी ब्यूटी मिनिमलिस्टिक अप्रोच पर आधारित है, जिसमें स्किन की प्राकृतिक खूबसूरती को बरकरार रखने पर ध्यान दिया जाता है। कोरियन ब्यूटी त्वचा को चमकदार और हाइड्रेटेड बनाने में माहिर है, वहीं जापानी ब्यूटी स्किन को लंबे समय तक हेल्दी और एजिंग से बचाने में मदद करता है। दोनों ही ट्रेंड्स प्रभावी हैं, लेकिन आपकी त्वचा की जरूरतों पर निर्भर करता है कि कौन सा बेहतर है। कोरियन स्किन केयर कोरियन ब्यूटी, जिसे के-ब्यूटी भी कहा जाता है, दक्षिण कोरिया के स्किनकेयर और मेकअप प्रोडक्ट्स पर आधारित है। यह ट्रेंड ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए दुनियाभर में मशहूर हो चुका है। के-ब्यूटी की मुख्य विशेषताओं में 10-स्टेप स्किनकेयर रूटीन शामिल है, जो त्वचा की गहराई से सफाई, पोषण और हाइड्रेशन पर केंद्रित है। इसकी खासियतों में शीट मास्क भी शामिल हैं, जो विभिन्न पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये मास्क त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और ग्लोइंग लुक देने में मदद करते हैं। के-ब्यूटी का उद्देश्य त्वचा की प्राकृतिक चमक को बढ़ाना और रफ स्किन को नरम और चमकदार बनाना है, जो इसे बेहद लोकप्रिय बनाता है। जापानी स्किन केयर जापानी ब्यूटी, जिसे जे-ब्यूटी कहा जाता है, हेल्दी और नैचुरल स्किन पर ज्यादा जोर देती है। जबकि के-ब्यूटी में कई स्टेप्स और त्वचा की हाइड्रेशन पर फोकस किया जाता है, जे-ब्यूटी में क्वालिटी और सिंपल रूटीन पर ध्यान दिया जाता है। जे-ब्यूटी में कई उत्पादों का उपयोग करने के बजाय कुछ प्रमुख और प्रभावी उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक ही क्लींजिंग ऑयल का उपयोग किया जाता है, जो मेकअप हटाने और त्वचा को साफ करने में मदद करता है। यह त्वचा की प्राकृतिक खूबसूरती को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करता है। दोनों में से आपके ल‍िए क्‍या है बेहतर? कोरियन ब्यूटी में जहां कई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं जापानी ब्यूटी में कुछ प्रमुख और प्रभावी प्रोडक्ट्स पर ध्यान दिया जाता है। अगर आपकी त्वचा पर ज्यादा प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बुरा असर डालता है, तो जे-ब्यूटी स्किनकेयर आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। यह सिंपल और क्वालिटी पर आधारित रूटीन है, जो त्वचा की प्राकृतिक खूबसूरती बनाए रखता है और स्किन को हाइड्रेटेड और हेल्दी रखता है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विस BSNL के नेटवर्क अपग्रेड करने में करेगी मदद, Jio, Airtel, Voda की टेंशन बढ़ी

नई दिल्ली BSNL की तरफ से नेटवर्क मजबूत करने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। केरल में अब बीएसएनएल ने 5 हजार 4जी साइट्स की शुरुआत कर दी है। देशभर में कंपनी ने 65 हजार 4जी साइट्स पर काम कर दिया है। खास बात है कि BSNL की 4G साइट्स पर भारतीय टेक कंपनियों ने काम किया है। इतना ही नहीं, BSNL के 4G टैरिफ दुनियाभर में सबसे कम हैं। BSNL की तरफ से 1 लाख साइट्स पर काम किया जा रहा है। दरअसल कंपनी का टारगेट है कि वह 1 लाख 4G साइट्स पर काम कर रही है। ये बीएसएनएल का आखिरी कदम नहीं होगा। इसके अलावा भी कंपनी कई चीजों पर काम कर रही है। नेटवर्क को आगे लेकर जाने के लिए कंपनी लगातार काम क रही है। देशभर के कई इलाकों में BSNL नई साइट्स को लाने पर विचार कर रही है। 1 लाख 4जी साइट्स के बाद, BSNL अपना नेटवर्क मजबूत करने के लिए आगे काम शुरू कर देगी। BSNL ने शुरू किया काम BSNL की तरफ से 1 लाख 4G साइट्स के बाद 5G नेटवर्क लगाने पर काम किया जाएगा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) भी BSNL की मदद करने के लिए तैयार है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भी BSNL का नेटवर्क अपग्रेड करने लिए तैयार हैं। टाटा की मदद से ही BSNL अपने 4G नेटवर्क को अपग्रेड करके 5G करना चाहती है। सॉफ्टवेयर अपग्रेड के साथ BSNL की तरफ से 4G को 5G नेटवर्क में बदला जा रहा है। BSNL की तरफ से 5G NSA को देशभर में एयरटेल की तरह फैलाया जा रहा है। जबकि, BSNL की तरफ से 5G SA की टेस्टिंग की जा रही है। हालांकि अभी तक पूरी तरह इसकी शुरुआत नहीं की गई है। अभी कंपनी की तरफ से टेंडर की जांच की जा रही है। दिल्ली में 5G SA की टेस्टिंग हो रही है।

अप्रैल में लॉन्च होगा iPhone का नया iOS 18.4

नई दिल्ली Apple ने पिछले महीने iPhone के लिए iOS 18.3 अपडेट जारी किया था और अब अगले बड़े अपडेट iOS 18.4 को अप्रैल में लॉन्च करने की तैयारी में है। लेकिन इससे पहले, Apple एक और नया अपडेट लाने की योजना बना रहा है। iOS 18.3.1 नामक यह अपडेट एक माइनर अपडेट होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बग फिक्स और सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटी को दूर करना होगा। iOS 18.3.1 अपडेट: MacRumors की रिपोर्ट में हुआ खुलासा MacRumors की रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 18.3.1 अपडेट पर काम जारी है। वेबसाइट के एनालिटिक्स लॉग्स के आधार पर यह जानकारी सामने आई है, जो अक्सर आगामी iOS अपडेट्स के बारे में सटीक भविष्यवाणी करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अपडेट आने वाले कुछ हफ्तों में रिलीज़ किया जा सकता है। हालांकि, यह कोई बड़ा अपडेट नहीं होगा, बल्कि iOS 18.2.1 की तरह ही छोटे सुधार लाएगा, जो जनवरी के दूसरे हफ्ते में जारी किया गया था। क्या होगा iOS 18.3.1 अपडेट में खास?     पुराने बग्स और सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटी को फिक्स करेगा।     iOS 18.3 के साथ आई समस्याओं को ठीक करेगा।     Apple Intelligence फीचर में भी छोटे सुधार देखने को मिल सकते हैं। iOS 18.3 में Apple ने Notification Summaries फीचर को रोलबैक कर दिया था, क्योंकि BBC ने Apple AI Summaries में गलत जानकारी की शिकायत की थी। iOS 18.3.1 अपडेट में इस तरह की और भी कमियों को दूर किया जा सकता है। iOS 18.4 अपडेट: अप्रैल में हो सकता है बड़ा बदलाव! Apple अप्रैल में iOS 18.4 अपडेट लाने की तैयारी कर रहा है, जो नए Siri वर्जन के साथ आ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें कई AI पावर्ड फीचर्स होंगे, जो WWDC 2024 में दिखाए गए थे। नए Siri में ये होंगे नए फीचर्स: यूज़र के पर्सनल डेटा तक Siri की पहुंच होगी, जिससे यह स्क्रीन की कंटेंट को पढ़कर सटीक जवाब दे सकेगा। ईमेल, मैसेज, फोटोज, कैलेंडर इवेंट्स, फाइल्स और अन्य डेटा का विश्लेषण कर सकेगा। नई इमोजी और एक्स्ट्रा लैंग्वेज सपोर्ट जोड़ा जा सकता है। iOS 18.3.1 कब होगा लॉन्च? अभी तक Apple ने iOS 18.3.1 की रिलीज़ डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अगले कुछ हफ्तों में आ सकता है। इसके बाद, iOS 18.4 अप्रैल में बड़े बदलावों के साथ पेश किया जाएगा। अगर आप iPhone यूज़र हैं, तो इस अपडेट को ज़रूर इंस्टॉल करें ताकि आपको नया और सुरक्षित अनुभव मिल सके!

WhatsApp लाने वाला है नया बिल पेमेंट फीचर, सरल बनाएगा ट्रांज़ैक्शन

नई दिल्ली दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp लगातार नए फीचर्स लाकर अपने 3.5 अरब यूज़र्स के अनुभव को बेहतर बना रहा है। अब WhatsApp एक गेम-चेंजिंग अपडेट लाने वाला है, जिससे बिल पेमेंट और रिचार्ज करना पहले से आसान हो जाएगा। WhatsApp से कर सकेंगे ये पेमेंट्स WhatsApp जल्द ही एक नया बिल पेमेंट फीचर लाने की तैयारी में है, जिससे यूज़र्स सीधे ऐप के अंदर ही कई ज़रूरी बिलों का भुगतान कर सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। इस फीचर के आने के बाद यूज़र्स को अलग-अलग ऐप्स में स्विच करने की ज़रूरत नहीं होगी, और WhatsApp एक ऑल-इन-वन यूटिलिटी प्लेटफॉर्म बन जाएगा। WhatsApp से कर सकेंगे ये काम:     बिजली बिल का भुगतान     पानी के बिल का भुगतान     मोबाइल रिचार्ज     घर या फ्लैट का किराया देना यह फीचर उन यूज़र्स के लिए काफी फायदेमंद होगा, जो रोज़ाना अलग-अलग ऐप्स के ज़रिए घर के बिलों का भुगतान और मोबाइल रिचार्ज करते हैं। WhatsApp का डिजिटल पेमेंट में सफर WhatsApp ने भारत में 2020 में UPI-आधारित पेमेंट सेवा शुरू की थी, जिससे यूज़र्स इंस्टेंट मनी ट्रांसफर कर सकते थे। हालांकि, शुरुआत में National Payments Corporation of India (NPCI) ने इस फीचर पर यूज़र लिमिट लगा दी थी। लेकिन हाल ही में NPCI ने इस लिमिट को हटा दिया है, जिससे अब WhatsApp अपने पेमेंट सर्विस का विस्तार कर सकता है। WhatsApp का नया अपडेट कब होगा लॉन्च? रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp Android Beta वर्जन 2.25.3.15 में इस नए फीचर को देखा गया है। अभी यह टेस्टिंग फेज में है, इसलिए इसे सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट होने में थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन WhatsApp तेज़ी से डिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ रहा है, इसलिए यह फीचर जल्द ही ऑफिशियल तौर पर लॉन्च हो सकता है। WhatsApp बनेगा One-Stop ऐप WhatsApp अब सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं रहेगा, बल्कि एक कंप्लीट डिजिटल इकोसिस्टम बनने की ओर बढ़ रहा है। अब WhatsApp पर एक ही जगह पर:     मैसेजिंग और कॉलिंग     बिल पेमेंट और रिचार्ज     सिक्योर डिजिटल ट्रांज़ैक्शन WhatsApp का यह नया अपडेट डिजिटल पेमेंट सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है और भारत में करोड़ों यूज़र्स के लिए ट्रांज़ैक्शन को और आसान बना देगा!

हाथ मिलाने का तरीका आपकी पर्सनालिटी से जुड़े खोलता है ये राज

सफल लोगों में कुछ खास आदतें होती हैं जिनकी वजह से वे आम लोगों से अलग दिखते हैं। ये आदतें उनके बोलने, खाने, रहने और जीवन को देखने के नजरिए से जुड़ी हो सकती हैं। व्यक्ति की पर्सनालिटी उसके जीवन से जुड़े कई राज बिना कहे भी खोल सकती है। ऐसा ही एक राज उसके हाथ मिलाने के तरीके से भी खुल सकता है। आइए जानते हैं व्यक्ति के हाथ मिलाने के तरीके से उसके व्यक्तित्व के बारे में क्या पता चलता है। कसकर हाथ मिलाना कई लोगों को दूसरे व्यक्ति से कसकर हाथ मिलाने की आदत होती है। ऐसे लोग आत्मविश्वासी प्रवृत्ति के होने के साथ सामने वाले व्यक्ति को सम्मान देना अच्छी तरह जानते हैं। ये लोग दूसरे लोगों में भेद नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। दोनों हाथों से पकड़कर हाथ मिलाना अगर कोई व्यक्ति अपने दोनों हाथों से सामने वाले व्यक्ति की हथेली को थामकर हाथ मिलाता है तो उस पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता बड़े संघर्ष के बाद मिलती है। ये लोग सिर्फ अपना हित देखकर आगे बढ़ने पर विश्वास रखते हैं। कंधे पर हाथ रखना कई लोग सामने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाते समय उसके कंधे पर हाथ रख देते हैं। ऐसे लोग स्वभाव से सब का भला सोचने वाले होते हैं और अपने आसपास के लोगों की उन्नति और समृद्धि की चाहत रखते हैं। ऐसे लोग अपने दोस्त-रिश्तेदारों का हर सुख-दुख और हंसी-खुशी में साथ देते हैं। देर तक हाथ पकड़ना अगर कोई व्यक्ति हाथ मिलाते समय देर तक सामने वाले व्यक्ति का हाथ पकड़कर रखता है तो इसका मतलब होता है उसे दूसरों पर नियंत्रण करना अच्छा लगता है। ऐसे लोग चाहते हैं कि सभी लोग इनकी बातें माने और जब ऐसा नहीं होता तो यह चिढ़ जाते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ऐसे लोग सामने वाले व्यक्ति में गहरी रुचि और भरोसे को दर्शाते हैं। हल्का हाथ मिलाना जो लोग हल्का हाथ मिलाते है, यह उनकी झिझक और आत्मविश्वास की कमी को दिखाता है।

वित्त मंत्रालय ने एआई टूल जैसे ChatGPT और DeepSeek के इस्तेमाल को लेकर जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली सरकार ने एआई टूल जैसे ChatGPT और DeepSeek के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को ChatGPT और DeepSeek टूल न इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। इस एडवाइजरी में सरकार ने कहा कि एआई टूल संवेदनशील सरकारी डॉक्यूमेंट और डेटा के लिए रिस्क पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारियों को ऐसे टूल के इस्तेमाल से बचना चाहिए। डेटा सिक्योरिटी को लेकर जारी की चिंता भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया और इटली की तरफ से DeepSeek को लेकर ऐसी ही चेतावनी जारी की गई थी। सरकार ने डेटा सिक्योरिटी पर गंभीर चिंता जाहिर की थी। इस एडवाइजरी को सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। बता दें कि ChaTGPT टूल बनाने वाले OpenAI के चीफ सैम ऑल्टमैन भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान उनकी मीटिंग भारत के वित्त मंत्री के साथ प्रस्तावित है। डीपसीक और चैटजीपीटी को बताया खतरनाक वित्त मंत्रालय की ओर से 29 जनवरी को एक एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसके मुताबिक दफ्तर के कंप्यूटर और डिवाइस पर एआई टूल जैसे चैटजीपीटी और डीपसीक चलाने को खतरनाक बताया है। इस मामले में भारत के वित्त मंत्रालय, चैटजीपीटी और डीपसीक की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है। लेकिन वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नोट बिल्कुल सही था साथ ही इस इंटरनल यूज के लिए इसी हफ्ते जारी किया गया है। रॉयटर ने कहा कि उसके पास जानकारी नहीं है कि इस तरह की एडवाइजरी बाकी मंत्रालय में जारी किया गया है या नहीं। डीपसीक पर भी डेटा चोरी के आरोप बता दें कि OpenAI इन दिनों भारत में काफी चर्चा में है, क्योंकि चैटजीपीटी पर टॉप मीडिया हाउस के हाई-प्रोफाइल कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगा है। कंपनी ने कहा है कि यह भारत के सर्वर का मामला नहीं है। ऐसे में भारतीय कोर्ट इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता है। बता दें कि DeepSeek पर भी इसी तरह के डेटा चोरी के आरोप लगे हैं, क्योंकि डीपसीक चीन में मौजूद सर्वर पर डेटा को स्टोर करता है। साथ ही सीमा विवाद की वजह से भारते के नॉर्थ ईस्ट और कश्मीर पर कोई जवाब नहीं दे रहा है।

जानें घरेलू काम-काज क‍ितना फ‍िट रखते हैं आपको

वॉकिंग सेहत के लिए एक प्रभावी और आसान तरीका है, जो न केवल वजन कम करने में मदद करता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। यह एक नियमित शारीरिक गतिविधि है, जो मांसपेशियों को सक्रिय करती है और कैलोरी बर्न करती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एक घंटे की वॉक से लगभग 200-300 कैलोरी बर्न होती हैं। वॉकिंग एक स्थिर रफ्तार से होती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर लगातार कैलोरी जलाता है। इसके विपरीत, घरेलू काम-काज से भी कैलोरी बर्न होती है, लेकिन यह वॉकिंग जितनी प्रभावी नहीं मानी जाती क्योंकि इसमें निरंतरता और गति की कमी होती है। वॉकिंग तनाव को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में भी सहायक है। चलना एक सरल और प्रभावी एक्सरसाइज है, जो पूरे शरीर को सक्रिय कर कैलोरी बर्न करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। वहीं, बर्तन धोना, सफाई करना, कपड़े धोना और पोछा लगाना भी शारीरिक गतिविधियां हैं, जो फिटनेस बनाए रखने में मदद करती हैं। आइए दोनों में वेटलॉस में क्‍या ज्‍यादा हेल्‍प करता है। घरेलू काम-काज भी फिजिकल एक्टिविटी का हिस्सा हैं और इनमें कैलोरी बर्न होती है। बर्तन धोना, झाड़ू-पोंछा लगाना, सफाई करना, और कपड़े धोने जैसे कार्यों में शरीर सक्रिय रहता है। हालांकि, इन कामों की गति स्थिर नहीं होती-कभी तेज तो कभी धीमी होती है। अनुमान के अनुसार, एक घंटे तक बर्तन धोने से करीब 150-200 कैलोरी बर्न हो सकती है, जबकि झाड़ू और पोंछा लगाने से भी पर्याप्त कैलोरी खर्च होती है। हालांकि, यह वॉकिंग की तुलना में कम प्रभावी है, क्योंकि वॉकिंग एक निरंतर और स्थिर गति वाली गतिविधि है, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में अधिक सहायक होती है। वॉक करने से क‍ितना फ‍िट रहते हैं आप वॉकिंग और घरेलू कामों के बीच कैलोरी बर्न की तुलना करने पर वॉकिंग अधिक प्रभावी साबित होती है। 30 मिनट की तेज गति वाली वॉक से लगभग 150-200 कैलोरी बर्न होती हैं, जबकि घरेलू कामों से इतनी कैलोरी बर्न करने में करीब एक घंटा लगता है। हालांकि, यदि आप सभी घरेलू काम लगातार करते हैं, तो वॉकिंग से अधिक कैलोरी बर्न हो सकती है। इसलिए, यदि आपके पास समय है, तो वॉकिंग को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह अधिक नियमित और प्रभावी है। लेकिन समय की कमी में घर के कामों के जरिए भी फिटनेस बनाए रखना संभव है।

तेज़ वॉल्यूम पर लंबे समय तक न सुने गाने, नहीं तो जल्दी ख़राब होगा स्मार्टफोन का स्पीकर

नई दिल्ली आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत इस्तेमाल से आपके फोन के स्पीकर को नुकसान पहुंच सकता है? अक्सर लोग स्पीकर की सही देखभाल नहीं करते, जिससे आवाज़ कम होना, फटने जैसी दिक्कतें आने लगती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके स्मार्टफोन का स्पीकर लंबे समय तक बेहतरीन साउंड क्वालिटी प्रदान करे, तो इन सावधानियों का पालन करें। तेज़ वॉल्यूम पर लगातार ऑडियो न चलाएं हाई वॉल्यूम पर लंबे समय तक म्यूजिक या वीडियो चलाने से स्पीकर की परफॉर्मेंस खराब हो सकती है। इससे स्पीकर के अंदर मौजूद डायफ्राम डैमेज हो सकता है और आवाज़ फटने लगती है। बेहतर होगा कि मध्यम वॉल्यूम पर ही ऑडियो सुने। पानी और धूल से बचाएं स्पीकर में पानी या धूल जाने से उसकी साउंड क्वालिटी प्रभावित होती है। बारिश में या नमी वाली जगहों पर फोन इस्तेमाल करने से बचें। अगर फोन में पानी चला जाए, तो तुरंत सुखाने के लिए इसे चावल में रखें या ब्लोअर से हल्की हवा दें। ब्लूटूथ स्पीकर और ईयरफोन का उपयोग करें अगर आप लंबे समय तक गाने या वीडियो देखते हैं, तो बेहतर होगा कि ब्लूटूथ स्पीकर या ईयरफोन का उपयोग करें। इससे आपके फोन के इनबिल्ट स्पीकर पर ज़्यादा लोड नहीं पड़ेगा। सॉफ़्टवेयर अपडेट करें कभी-कभी स्पीकर की खराब आवाज़ का कारण सॉफ़्टवेयर इशू भी हो सकता है। फोन के ऑडियो सेटिंग्स को जांचें और समय-समय पर अपडेट करें। अनावश्यक ऐप्स से बचें कई थर्ड-पार्टी ऐप्स स्पीकर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि कोई ऐप अचानक अत्यधिक लाउड साउंड प्ले कर रहा है, तो उसे तुरंत हटा दें। कंप्रेस्ड या लो-क्वालिटी ऑडियो से बचें कम गुणवत्ता वाले या ज़रूरत से ज़्यादा कंप्रेस्ड ऑडियो फाइल्स स्पीकर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। हमेशा हाई-क्वालिटी म्यूजिक या वीडियो फाइल्स को ही सुनें। स्पीकर साफ करें लेकिन सही तरीके से समय-समय पर स्मार्टफोन के स्पीकर की सफाई करें। इसके लिए सॉफ्ट ब्रश या कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करें। पानी या किसी हार्ड केमिकल का उपयोग करने से बचें। अगर आप चाहते हैं कि आपके स्मार्टफोन का स्पीकर लंबे समय तक बेहतर काम करे, तो उपरोक्त सावधानियों का पालन करें। सही देखभाल से न सिर्फ आपके फोन की साउंड क्वालिटी बनी रहेगी, बल्कि यह लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के चलेगा।

पीरियड्स के दौरान कम ब्लड फ्लो और दर्द जैसी समस्याएं से निपटने के लिए करे ये उपाए

पीरियड्स के दौरान कम ब्लड फ्लो और दर्द जैसी समस्याएं कई कारणों से हो सकती हैं, जैसे हॉर्मोनल बदलाव, तनाव, बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन, या वजन में बदलाव। अगर आपके पीरियड्स 1-2 दिन ही चलते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी हो सकता है। हालांकि, आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों को अपना सकती हैं, जैसे अदरक का सेवन, ताजे फल और हरी सब्जियों का आहार, और गर्म पानी से सेक लेना। इसके अलावा, नियमित रूप से योग और प्राणायाम करना भी ब्लड फ्लो को बेहतर बना सकता है और पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम कर सकता है। अगर समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं क‍िन आयुर्वेद‍िक उपायों से आप पीर‍ियड फ्लो को नॉर्मल कर सकते हैं। रेगुलर पीर‍ियड के ल‍िए ये चीजें खाना बंद करें पीरियड्स की समस्याओं से बचने के लिए जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड्स, और तेल-मसाले वाले खाने से दूर रहना चाहिए। पैकेट बंद फूड्स और मैदा का सेवन भी बंद कर देना चाहिए, और गेहूं-चावल का सेवन कम या बंद करना चाहिए। हेल्दी पीरियड्स के लिए दिन में सिर्फ एक बार अनाज का सेवन करें। इसके बजाय, आप ताजे फल और हरी सब्जियां खा सकती हैं, जो न केवल आपके शरीर को पोषण देंगे, बल्कि पीरियड्स के दौरान ब्लड फ्लो को भी बेहतर बनाए रखेंगे। आयुर्वेद में ऐसे खाद्य पदार्थों की अहमियत है जो शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखें। मेथी दाना खाएं अगर आप पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं से बचना चाहती हैं, तो डाइट में मेथी दाने का सेवन कर सकती हैं। इसके लिए 1 छोटा चम्मच मेथी दाने को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट खाएं। मेथी दाने पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, जलन और ऐंठन से राहत देने में मदद करते हैं। ये हार्मोनल संतुलन को सुधारने और ब्लड फ्लो को तेज करने में भी सहायक होते हैं। अशोक की छाल का इस्‍तेमाल करें इसके अलावा, अशोक की छाल का उपयोग भी पीरियड्स की समस्याओं से बचाव के लिए एक बेहतरीन उपाय है। अशोक की छाल के 1/4 टुकड़े को पानी में उबालकर दिन में 1 से 2 बार पीने से जल्दी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यह महिलाओं के लिए सुपरफूड माना जाता है, क्योंकि यह पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से राहत देने के साथ-साथ ल्यूकोरिया (वाइट डिस्चार्ज) की समस्या को भी नियंत्रित करता है। इसके अलावा, यह त्वचा के लिए लाभकारी है और डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।

ऐसे करें असली और नकली गुलाब जल की पहचान, नहीं तो त्‍वचा को होगा नुकसान

असली और नकली गुलाब जल के बीच फर्क जानना बहुत जरूरी है, क्‍योंकि नकली गुलाब जल हमारी त्‍वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। असली गुलाब जल प्राकृतिक और शुद्ध होता है, जबकि नकली गुलाब जल में कैमिकल्स होते हैं। असली गुलाब जल की खुशबू हल्‍की और ताजगी से भरी होती है, जबकि नकली गुलाब जल में तीव्र और आर्टिफिशियल खुशबू होती है। असली गुलाब जल की रंगत हल्‍की गुलाबी होती है, जबकि नकली गुलाब जल गहरे रंग का होता है। इसके अलावा, असली गुलाब जल पानी में घुलकर तुरंत समा जाता है, जबकि नकली गुलाब जल में ऑयल हो सकता है। असली गुलाब जल लगाने से त्‍वचा में कोई जलन नहीं होती, जबकि नकली गुलाब जल में जलन हो सकती है। इस बारे में डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉक्‍टर पुष्‍पेंद्र शर्मा से उन्‍होंने बताया इस बारे में। लिक्विड रूप में होता है असली गुलाब जल असली गुलाब जल की पहचान करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखें। असली गुलाब जल हमेशा लिक्विड रूप में होता है, न कि चिपचिपा या जेल फॉर्म में। बाजार में कई तरह के गुलाब जल बिकते हैं, जिनमें जेल बेस्ड मॉइश्चराइज़र भी शामिल हैं, लेकिन यदि गुलाब जल जेल फॉर्म में है तो यह शुद्ध नहीं होता। गुलाब जल में धुंधलापन और थोड़ी सी थिकनेस होती है इन दिनों गुलाब जल में मिलावट बहुत बढ़ गई है, इसलिए शुद्ध गुलाब जल को पहचानना जरूरी हो गया है। शुद्ध गुलाब जल में हल्का धुंधलापन और थोड़ी सी गाढ़ाई (थिकनेस) होती है। उसकी शुद्धता का पता जीभ पर लगाने से चलता है; यदि हल्का तीखापन महसूस हो, तो समझिए वह शुद्ध गुलाब जल है। यह संकेत उसके असली होने का प्रमाण है। गुलाब जल में नहीं होता है एल्‍कोहल असली गुलाब जल में कभी भी एल्कोहल नहीं होता। अगर आपका गुलाब जल जल्दी खत्म हो जाता है या भाप बनकर उड़ जाता है, तो यह नकली हो सकता है, क्योंकि इसमें एल्कोहल मिलाया जाता है। असली गुलाब जल धीरे-धीरे खत्म होता है और इसका इस्तेमाल करने से कोई समस्या नहीं होती। अगर यह जल्दी खत्म हो रहा हो, तो उसे बदल दें। खुशबू से पहचाने असली गुलाब जल पहचानने का सबसे आसान तरीका है उसे हाथ में लेकर रब करना। अगर रब करने पर गुलाब की तेज खुशबू आती है, तो उसमें केमिकल मिलाया गया है। अगर खुशबू हल्की या न के बराबर हो, तो उसकी क्वालिटी अच्छी मानी जा सकती है। असली गुलाब जल थोड़ा धुंधला और हल्का मैला दिखेगा, और जीभ पर तीखा महसूस होगा। उबालकर बनाया जाता है गुलाब जल आप जिस भी कंपनी का गुलाब जल खरीदें, उसके बारे में पूरी जानकारी लें कि उसे बनाने के लिए कौन सा तरीका अपनाया गया है। शुद्ध गुलाब जल डिस्टिलेशन (उबालकर) प्रक्रिया से बनता है, जबकि अगर किसी अन्य प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है, तो वह नकली हो सकता है। इन आसान तरीकों से आप गुलाब जल की शुद्धता का पता लगा सकते हैं और सुरक्षित उत्पाद का चयन कर सकते हैं।    

Apple ने लॉन्च किया पार्टी आयोजन के लिए नया ऐप ‘Apple Invites’

नई दिल्ली Apple ने उन यूजर्स के लिए एक नया ऐप लॉन्च किया है जो पार्टी और इवेंट होस्ट करना पसंद करते हैं। इस नए ऐप का नाम ‘Apple Invites’ है और इसे खासतौर पर iPhone यूजर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे वे आसानी से इवेंट की योजना बना सकें और उन्हें मैनेज कर सकें। Apple Invites के ज़रिए क्या-क्या किया जा सकता है? इस ऐप के ज़रिए यूजर्स:     इवेंट के लिए कस्टम इनविटेशन बना सकते हैं और इन्हें दोस्तों व परिवार के साथ शेयर कर सकते हैं।     RSVP ट्रैक कर सकते हैं, यानी यह देख सकते हैं कि कौन इवेंट में आ रहा है।     Shared Album में फोटो और वीडियो अपलोड कर सकते हैं ताकि सभी मेहमान इवेंट की यादों को साझा कर सकें।     Apple Music पर इवेंट के लिए प्लेलिस्ट बना सकते हैं और गेस्ट भी इसमें गाने जोड़ सकते हैं। किन iPhone यूजर्स के लिए उपलब्ध है ऐप? ‘Apple Invites’ iOS 18 या इससे नए वर्जन पर चलने वाले सभी iPhone मॉडल्स के लिए फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। हालांकि, ऐप के कुछ फीचर्स सभी देशों और भाषाओं में उपलब्ध नहीं होंगे, इसलिए यूजर्स को Apple की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी चेक करने की सलाह दी गई है। iCloud+ सब्सक्राइबर्स के लिए खास फीचर iCloud+ सब्सक्राइबर्स इनविटेशन क्रिएट कर सकते हैं, जबकि कोई भी व्यक्ति RSVP कर सकता है, चाहे उसके पास Apple अकाउंट या iPhone न हो। iCloud+ की सब्सक्रिप्शन डिटेल्स के लिए apple.com/icloud पर विजिट कर सकते हैं, जहां प्लान्स की कीमत ₹99 से शुरू होती है। ऐप कहां से डाउनलोड करें? Apple Invites ऐप आज से आधिकारिक ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। इसके अलावा, इसे वेब पर भी icloud.com/invites के ज़रिए एक्सेस किया जा सकता है। Apple के अधिकारी का बयान Apple के सीनियर डायरेक्टर Brent Chiu-Watson ने कहा, ‘Apple Invites के साथ इवेंट की योजना बनाना और यादें संजोना और भी आसान हो गया है। इनविटेशन क्रिएट करने के पल से ही इवेंट शुरू हो जाता है, और यूजर्स इवेंट के बाद भी अपनी यादें साझा कर सकते हैं।’ एडवांस्ड फीचर्स के साथ आएगा ऐप मैप्स और वेदर इंटीग्रेशन: गेस्ट को इवेंट की लोकेशन के लिए डायरेक्शन मिलेंगे और इवेंट के दिन का मौसम का पूर्वानुमान भी मिलेगा, जिससे यात्रा की योजना बेहतर बनाई जा सके। कस्टम इनविटेशन डिज़ाइन: यूजर्स अपने फोटो लाइब्रेरी से इमेज चुन सकते हैं या ऐप में उपलब्ध इवेंट-विशेष बैकग्राउंड्स का उपयोग कर सकते हैं। Apple Intelligence के साथ स्मार्ट इनविटेशन: ऐप में Image Playground फीचर होगा, जो यूजर्स को अपने फोटो लाइब्रेरी और टेक्स्ट डिस्क्रिप्शन के आधार पर कस्टम इमेज बनाने की सुविधा देगा। Writing Tools भी उपलब्ध होंगे, जिससे यूजर्स इनविटेशन का टेक्स्ट आकर्षक और इवेंट के अनुकूल बना सकते हैं।

हीटिंग टूल के बिना ऐसे करें घुंघराले बाल

महिलाएं अलग-अलग हेयरस्टाइल पसंद करती हैं, लेकिन हीटिंग टूल्स से बालों को नुकसान हो सकता है। अगर आप बिना किसी हीटिंग टूल के अपने बालों में खूबसूरत और नेचुरल कर्ल पाना चाहती हैं, तो कुछ आसान घरेलू तरीकों को आजमा सकती हैं। परफेक्ट कर्ल्स कर सकते हैं। ये तरीके न केवल सुरक्षित हैं बल्कि आपके बालों को नुकसान पहुंचाए बिना स्टाइलिश लुक भी देते हैं। रोजाना हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बाल कमजोर होकर टूट सकते हैं। ऐसे में नेचुरल तरीके अपनाना बेहतर होता है। एक अनोखा तरीका बैलून की मदद से कर्ल्स बनाना है। इसके अलावा आप ये हैक्‍स भी अपना सकते हैं ब्रेडिंग बालों को हल्का गीला करें और दो या चार भागों में बांट लें। हर सेक्शन में टाइट चोटी बनाकर रातभर छोड़ दें। सुबह चोटी खोलने पर आपको सॉफ्ट और नैचुरल कर्ल मिलेंगे। बेहतर रिजल्ट के लिए हल्का हेयर स्प्रे या सीरम लगा सकती हैं। अगर आप टाइट चोटी बनाएंगी, तो टाइट कर्ल मिलेंगे, और लूज़ चोटी से वेवी कर्ल मिलेंगे। ट्विस्ट एंड पिन बालों को थोड़ा गीला करें और छोटे-छोटे सेक्शन में बांट लें। हर सेक्शन को ट्विस्ट करके छोटी-छोटी बन बना लें और बॉबी पिन से फिक्स कर लें। 5-6 घंटे बाद इन्हें खोलें, तो आपको सॉफ्ट, बाउंसी और नैचुरल कर्ल मिलेंगे। जुराब से कर्लिंग लंबी जुराब को रोल करके डोनट शेप में बना लें। बालों को हाई पोनीटेल में बांधकर जुराब के चारों ओर लपेटें और बन बना लें। इसे रातभर छोड़ दें। सुबह खोलने पर आपको खूबसूरत वेवी कर्ल मिलेंगे, जो बहुत नैचुरल लगते हैं। रोलर्स या पेपर टॉवल रोलिंग बालों को हल्का गीला करें और छोटे-छोटे सेक्शन में बांट लें। हर सेक्शन को रोलर या पेपर टॉवल में लपेटें और क्लिप से फिक्स कर लें। 5-6 घंटे बाद रोलर्स खोलें और हल्के हाथों से सेट करें। इससे आपको क्लासिक और टाइट कर्ल मिलेंगे। हेयरबैंड कर्लिंग सिर पर एक बड़ा हेयर बैंड पहनें और बालों को छोटे-छोटे सेक्शन्स में बांटकर बैंड के चारों ओर लपेटें। इसे रातभर छोड़ दें और सुबह खोलकर उंगलियों से सेट करें। यह तरीका स्मूद और नैचुरल वेवी लुक देता है।

एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए Gemini में एक नई सुविधा जोड़ी

नई दिल्ली गूगल ने अपने एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए Gemini में एक नई सुविधा जोड़ी है. हाल ही में जारी एक ब्लॉग पोस्ट में बताया गया कि अब जेमिनी एक्सटेंशन को सीधे लॉकस्क्रीन से एक्सेस किया जा सकता है. इससे उपयोगकर्ता बिना डिवाइस अनलॉक किए ही AI-पावर्ड डिजिटल असिस्टेंट की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. क्या है Gemini एक्सटेंशन? जेमिनी एक्सटेंशन उपयोगकर्ताओं को मैप्स, फ्लाइट्स, होटल जैसी सेवाओं की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त करने और विभिन्न कार्यों को करने में मदद करता है. अब लॉकस्क्रीन से इसे एक्सेस करने पर, उपयोगकर्ता “Hey Google” वॉयस कमांड या पावर बटन को लंबे समय तक दबाकर जेमिनी को सक्रिय कर सकते हैं. लॉकस्क्रीन पर Gemini एक्सटेंशन सक्षम करने का तरीका:     अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर जेमिनी खोलें और टॉप-राइट में प्रोफाइल पिक्चर पर क्लिक करके ‘Settings’ में जाएं.     “जेमिनी on lock screen” विकल्प चुनें और “Use Gemini without unlocking” टॉगल को ऑन करें.     सेटिंग्स सक्रिय होने के बाद, आप बिना अनलॉक किए ही Gemini का उपयोग कर सकते हैं. ध्यान देने योग्य बातें: हालांकि, कुछ एक्सटेंशन जो व्यक्तिगत जानकारी (जैसे कैलेंडर और Gmail) से संबंधित हैं, उनके लिए डिवाइस अनलॉक करना जरूरी हो सकता है. इस नई सुविधा से उपयोगकर्ताओं को तेजी से और आसानी से महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिससे डिवाइस का उपयोग और भी सुविधाजनक हो जाएगा.

भारत में लॉन्चिंग के लिए तैयार है iQOO Neo 10R

नई दिल्ली iQOO का नया स्मार्टफोन iQOO Neo 10R भारत में लॉन्चिंग के लिए तैयार है। कंपनी ने अपकमिंग फोन की लॉन्च डेट को कंफर्म कर दिया है। फोन को भारत में 11 मार्च 2025 को लॉन्च किया जाएगा। फोन के रियर पैनल की डिजाइन और कलर ऑप्शन की जानकारी लीक हो गयी है, जिसके मुताबिक फोन ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा। फोन ड्यूल कैमरा सेटअप के साथ आएगा। इसमें ब्लू के साथ ड्यूल टोन कलर मिलेगा। लीक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि फोन को लूनार टाइटेनियम कलर ऑप्शन में आता है। iQOO इंडिया के सीईओ निपुन मार्या की मानें, तो जल्द iQOO Neo 10R एक पावरफुल स्मार्टफोन होगा, जो OIS टेक्नोलॉजी के साथ आता है। iQOO Neo 10R की अमेजन पर होगी बिक्री iQOO Neo 10R के रियर पैनल में लेफ्ट कॉर्नर में स्क्वॉयर रियर कैमरा मॉड्यूल दिया जाएगा। फोन की बिक्री अमेजन के साथ आईक्यू इंडिया स्टोर से होगी। फोन को क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 प्रोसेसर सपोर्ट के साथ पेश किया जाएगा। फोन LPDDR5x रैम और UFS 4.0 ऑनबोर्ड स्टोरेज के साथ आएगा। Amazon माइक्रोसाइट ने कंफर्म किया है कि फोन को 2000Hz टच सैंपलिंग रेट और 90fps गेमप्ले रेट के साथ पेश किया जा सकता है। iQOO Neo 10R की संभावित कीमत iQOO Neo 10R की कीमत करीब 30 हजार रुपये है। फोन में 1.5k OLED डिस्प्ले दिया जाएगा। फोन 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। फोन में 6400mAh बैटरी दी जाएगी। साथ ही 80W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। फोन को दो स्टोरेज वेरिएंट 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज के साथ ही 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज ऑप्शन में पेश किया जा सकता है। फोन के फ्रंट में 16MP कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। फोन के रियर में 50MP Sony LYT-600 प्राइमरी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। साथ ही एक 8MP अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया जाएगा। फोन 60fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ आएगा।

Nothing के अपकमिंग स्मार्टफोन में मिलेगा iPhone 16 जैसा फीचर

नई दिल्ली Nothing के अपकमिंग स्मार्टफोन Nothing Phone 3(a) में iPhone 16 जैसा फीचर दिया जाएगा। फोन को अगले माह 4 मार्च 2025 को लॉन्च किया जाना है। इस अपकमिंग फोन में डेडिकेटेड कैमरा बटन दिया जाएगा। यह कैमरा कंट्रोल बटन आईफोन 16 जैसा होगा, जिसकी मदद से फोन से फोटो और वीडियो को कैप्चर किया जा सकेगा। फोटो और वीडियो कैप्चर करने में होगी आसानी Nothing Phone 3 (a) के कैमरा कंट्रोल बटन का ऐलान सोशस मीडिया से किया गया है, जिसमें एक पोस्ट में फोन का साइड दिख रहा है, जिसमें कैमरा कंट्रोल बटन को देखा जा सकता है। इस कैमरा कंट्रोल बटन को स्टैंडर्ड पावर बटन के साथ दिया गया है। इन नए हार्डवेयर के साथ क्विक कैमरा एक्सेस कंट्रोल मिलेगा। इस तरह का फीचर आईफोन 16 सीरीज के साथ ही Oppo Find X8 सीरीज स्मार्टफोन में दिया गया है। कैमरे के मामले में दिखेगा अपग्रेड Nothing Phone 3(a) स्मार्टफोन में नए कैमरा बटन के साथ कुछ कैमरा अपग्रेड देखने को मिलेंगे। जैसे कंपनी पहली बार नया ट्रिपल कैमरा सेटअप दे सकती है। ऐसा रिपोर्ट हैं कि फोन में 50MP मेन कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। साथ ही 8MP अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया जा सकता है। इसके अलावा 50MP 2x टेलिफोटो लेंस सपोर्ट दिया जा सकता है। मिलेगी 5000mAh की बड़ी बैटरी रिपोर्ट की मानें, तो Nothing Phone 3(a) स्मार्टफोन में 6.8 इंच फुलएचडी प्लस एमोलेड डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। फोन में Qualcomm Snapdragon 7s Gen3 चिपसेट दिया जा सकता है। फोन में 5000mAh बैटरी सपोर्ट दिया जाएगा, जो 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा। कंपनी ने कंफर्म किया है कि फोन को एक्सक्लूसिव भारत के फ्लिपकार्ट स्टोर पर बेचा जाएगा। क्या होगा नया? Nothing ब्रांडेड स्मार्टफोन को कुछ नया करने के लिए जाना जाता है। इसी को आगे बढ़ाते हुए Nothing की तरफ से कैमरा कंट्रोल बटन दिया जा रहा है। हालांकि Nothing का नया कैमरा कंट्रोल बटन iPhone से कितना अलग होगा? क्योंकि आईफोन के कैमरा कंट्रोल बटन को ज्यादा पसंद नहीं किया गया है। इससे पहले Nothing ने Glyph इंटरफेस दिया था।

बिना इंस्टॉलेशन फीस दिए घर में लगाएं Jio AirFiber

नई दिल्ली जियो की तरफ से बहुत सारे बदलाव किए जाते हैं। साथ ही यूजर बेस बढ़ाने के लिए कंपनी नए-नए ऑफर्स लेकर आती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही प्लान्स बताने जा रहे हैं। आज हम आपको जियो फाइबर के बारे में बात करेंगे। दरअसल कंपनी की तरफ से प्रमोशनल ऑफर दिया जा रहा है। अगर आप इसे फॉलो करेंगे तो आसानी से घर पर जियो फाइबर लगवा सकते हैं। अभी जियो एयरफाइबर कस्टमर्स को इंस्टॉलेशन चार्ज नहीं देना पड़ेगा। जियो एयरफाइबर सर्विस लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन साबित होने वाला है। आप भी नया एयरफाइबर कनेक्शन लगवाने के बारे में सोच रहे हैं तो फ्री इंस्टॉलेशन के बारे में बताते हैं- जियो की तरफ से मिल रही फ्री इंस्टॉलेशन रिलायंस जियो एयरफाइबर इंस्टॉलेशन सालाना प्लान खरीदने वाले यूजर्स के लिए बिल्कुल फ्री है। सेमी-एनअल प्लान सर्च करने वाले यूजर्स को 500 रुपए चार्ज देना होगा जबकि सेमी-एनुअल प्लान के अलावा 3 महीने या महीने का प्लान खरीदने वालों को 1 हजार रुपए इंस्टॉलेशन फीस देनी होगी। न्यू इयर ऑफर के साथ, रिलायंस जियो ने कुछ प्लान्स को एयर फाइबर सेक्शन के तहत लॉन्च किया है। इसके लिए यूजर्स को कुछ इंस्टॉलेशन चार्ज नहीं देना होगा। जियो के न्यू इयर ऑफर 31 दिसंबर, 2024 तक ही उपलब्ध था। ऐसा लगता है कि कंपनी ने इन प्लान्स को आगे बढ़ा दिया है। Jio दे रहा फ्री सेट-टॉप-बॉक्स जियो यूजर्स को इससे कोई परेशानी नहीं होने वाली है। क्योंकि उन्हें बिल्कुल फ्री में ऑफर्स दिए जा रहे हैं। जियो एयरफाइबर के कुछ प्लान्स एंटरटेनमेंट बेनिफिट्स के साथ आते हैं। यूजर्स को कंपनी की तरफ से फ्री में सेट-टॉप बॉक्स की सुविधा भी दी जा रही है। जियो एयरफाइबर प्लान्स की बात करें तो आपके लिए लाइव टीवी बेनिफिट्स हासिल करना आसान होने वाला है। यही वजह है कि कस्टमर्स की ये पहली पसंद बन गया है।

बुद्धिमान लोगों की कुछ आदतें जो उन्हे बनती है अलग

महान कूटनीतिक और विद्वान आचार्य चाणक्य की बातें आज भी लोगों के जीवन को वैसा ही सरल बनाने का काम कर रही हैं, जैसा कभी सदियों पहले किया करती होंगी। आचार्य ने अपनी नीतियों के जरिए जीवन से जुड़े लगभग हर एक पहलू पर अपने विचार रखे हैं। किस स्थिति में इंसान को क्या करना चाहिए उससे ले कर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए क्या सूत्र अपनाएं जाएं, आचार्य की नीतियों में इन सभी का जिक्र है। आचार्य ने अपनी नीति में बुद्धिमान लोगों की आदतों का भी जिक्र किया है, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है। आज हम आचार्य की नीतियों से ही उन बातों के बारे में बता रहे हैं, जो उनके मुताबिक बुद्धिमान लोग कभी भी किसी दूसरे के साथ साझा नहीं करते हैं। आप भी इन सूत्रों को अपने जीवन पर लागू कर सकते हैं। अपनी आर्थिक तंगी का नहीं करते लोगों से जिक्र आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो लोग वाकई बुद्धिमान होते हैं, वो किसी के भी सामने अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र करते नहीं घूमते। खासतौर से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने वो ऐसी बातें कभी साझा नहीं करते। आचार्य कहते हैं कि जीवन में कभी भी अगर आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, तो उसे अपने तक ही सीमित रखें। लोग आपको इस स्थिति में नीचा दिखाने और झूठी सांत्वना देने के अलावा कुछ नहीं करते। और तो और वो आपके पीठ पीछे आपका मजाक ही बनाते हैं। पर्सनल लाइफ से जुड़ी परेशानियां आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति की समझदारी इसी में है कि वो अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का जिक्र हर किसी के आगे ना करे। जीवन में सुख-दुख और कई तरह की परेशानियां लगी ही रहती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी परेशानी आते ही आप आसपास के सभी लोगों के साथ शेयर कर दें। ज्यादातर लोग आपका मजाक बनाने और फायदा उठाने के अलावा कोई दूसरी मदद नहीं करने वाले। बुद्धिमान लोगों की यही खासियत होती है कि वो अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी बातें ज्यादातर लोगों के सामने नहीं रखते और अपनी प्राइवेट लाइफ जीते हैं। अपनी पत्नी से जुड़ी चीजें नहीं करते शेयर आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान लोग अपनी पत्नी के बारे में भी लोगों से ज्यादा बाते साझा करने से बचते हैं। अपनी पत्नी का चरित्र, उसके विचार और पर्सनेलिटी जैसी चीजें दूसरे लोगों के साथ ज्यादा खुलकर कभी भी शेयर नहीं करनी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि कभी लड़ाई-झगड़ा होने पर या यूं ही कई बार हो सकता है कि आप अपनी पत्नी के बारे में कुछ ऐसी बातों का जिक्र कर दें, जो कभी बतानी ही नहीं चाहिए थी। इस स्थिति में आपके रिश्ते और मान-सम्मान दोनों को खतरा हो सकता है। अपनी गरीबी का नहीं पीटते ढोल आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इस बात का जिक्र कई बार किया है कि किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति समाज में उसका स्थान तय करती है। जो लोग आर्थिक स्थिति से जितने कमजोर होते हैं, समाज में उन्हें उतनी ही कमजोर नजरों से देखा जाता है। ऐसे में आचार्य के मुताबिक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपनी गरीबी का जिक्र बार-बार नहीं करते। ये बिना बेचारा बनें मेहनत करते हैं और अपने दम पर अपना नाम बनाते हैं। अपने अहंकार से जुड़ी बातें कुछ लोगों की आदत होती है कि वो चार लोगों में बैठकर सिर्फ अपने बारे में ही बात करते हैं। सिर्फ यही नहीं बल्कि खुद को ऊपर दिखाने के चक्कर में लंबी-लंबी फेंकने से भी परहेज नहीं करते। आचार्य चाणक्य के मुताबिक यह मूर्खों और कम आत्मविश्वास वाले लोगों की पहचान है। बुद्धिमान लोग कभी भी इस तरह ऊंची-ऊंची नहीं फेंकते बल्कि समझदारी और धैर्य के साथ लोगों से अपनी बात कहते हैं।

इंडियन रेलवे का नया SwaRail ऐप लॉन्च, ऑनलाइन रिजर्व और अनरिजर्व टिकट की होगी बुकिंग

नई दिल्ली रेल मंत्रालय ने नया सुपर ऐप SwaRail लॉन्च कर दिया है। इस ऐप से ऑनलाइन टिकट बुकिंग, फूड आर्डर और पीएनआर चेक करने के साथ कई तरह काम किये जा सकेंगे। अभी तक इन सारी सुविधाओं के लिए अलग-अलग ऐप्स या फिर पोर्टल की जरूरत होती थी, लेकिन अब एक ही ऐप पर सारी सुविधाएं मिलेंगी। इससे ट्रेन में सफर करने वाले यूजर्स पहले से काफी सुविधा हो सकती है। इन दोनों ऐप को एंड्रॉइड और iOS प्लेटफॉर्म बीटा में उपलब्ध करा दिया गया है। SwaRail सुपरऐप में क्या मिलेंगे फायदे इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेंशन सिस्टम यानी CRIS ने विकसित किया है। SwaRail सुपरऐप से यूजर ऑनलाइन रिजर्व और अनरिजर्व टिकट की बुकिंग कर पाएंगे। साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा ऐप पर पर्सल और डिलीवरी को ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा ट्रेन में ऐप की मदद से फूड ऑर्डर कर पाएंगे। इसके अलावा Rail Madad से शिकायत दर्ज करने के साथ जानकारी हासिल कर पाएंगे। ऐप में कोच पोजिशन, और रिफंड क्लेम की सुविधा मिलेगी। कैसे कर पाएं Swarail ऐप का इस्तेमाल मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे की मानें, तो PNR चेक करने पर उस ट्रेन से जुड़ी सारी डिटेल भी डिस्प्ले की जाएगी। इसमें केवल एक बार साइन-अप करना होगा। इसमें मोबाइल नंबर या फिर यूजरनेम और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा। इसका इस्तेमाल अन्य इंडियन रेलवे ऐप जैसे IRCTC RailConnect और UTS Mobile App पर भी किया जा सकता है। मतलब आईआरसीटीसी ऐप पहले जैसे मौजूद रहेगा। बायोमेट्रिक डिटेस से कर पाएंगे लॉगिन इसके अलावा यूजर ऐप को ऑनबोर्ड करने के लिए अपने मौजूदा रेलकनेक्ट या यूटीएस ऐप क्रेडेंशियल्स का भी उपयोग कर सकते हैं। ऐप में एम-पिन और बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन लॉगिन ऑप्शन मिलता है। यूजर ऐप को लेकर फीडबैक दे सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर मौजूद है।

भारत में करीब 8 नए स्मार्टफोन फरवरी में देंगे दस्तक

फरवरी माह में भारत में करीब 8 नए स्मार्टफोन की लॉन्चिंग होगी। जिन स्मार्टफोन को लॉन्च किया जाना है, उसमें शाओमी का अल्ट्रा स्मार्टफोन है, जो एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है। साथ ही मिड बजट स्मार्टफोन Vivo V50 सीरीज को भारत में लॉन्च किया जा सकता है। इसके अलावा ASUS ROG Phone 9 सीरीज को लॉन्च किया जा सकता है। यह एक गेमिंग स्मार्टफोन होगा। Realme P3 Pro     लॉन्ड डेट- फरवरी के पहला हफ्ता     संभावित कीमत – 10 से 20 हजार रुपये फोन में 6.70 इंच डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन में Qualcomm Snapdragon 7s Gen 2 चिपसेट दिया जाएगा। फोन में 5200mAh बैटरी दी जाएगी। iQOO Neo 10R     संभावित कीमत – 30 हजार रुपये     संभावित लॉन्च डेट – मिड फरवरी फोन में Snapdragon 8s Gen 3 प्रोसेसर सपोर्ट दिया जा सकता है। साथ ही फोन में 144Hz एमोलेड डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन वर्सेटाइल कैमरा सिस्टम के साथ आएगा। Vivo V50 सीरीज संभावित कीमत – 40 से 50 हजार रुपये इस सीरीज के तहत दो स्मार्टफोन Vivo V50 और V50 Pro को लॉन्च किया जा सकता है। फोन 6.67 इंच फुल एचडी प्लस डिस्प्ले के साथ आएगा। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया जा सकता है। साथ ही 50MP मेन कैमरा के साथ 50MP अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया जा सकता है। फोन में 6000mAh बैटरी के साथ 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। Xiaomi 15 सीरीज इस सीरीज में Xiaomi 15 और 15 Pro को लॉन्च किया जा सकता है। फोन में Snapdragon 8 Elite चिपसेट दी जाएगी। साथ ही पावर बैकअप के लिए 5500mAh बैटरी और 90W चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। Samsung Galaxy A36/ Galaxy A56 सैमसंग गैलेक्सी A सीरीज के तहत दो स्मार्टफोन Galay A36 और Galaxy A56 को लॉन्च किया जा सकता है। Infinix Note 50 सीरीज संभावित कीमत – 15,000 रुपये फोन को फरवरी में लॉन्च किया जा सकता है। लेकिन कीमत और फीचर का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि ऐसा दावा किया जा रहा है कि फोन को बड़ी बैटरी के साथ पेश किया जा सकता है। TECNO Curve संभावित कीमत – 10 से 20 हजार रुपये यह कर्व्ड डिस्प्ले वाला सबसे सस्ता स्मार्टफोन होगा। फोन प्रीमियम बिल्ड क्वॉलिटी में आएगा। ASUS ROG Phone 9 सीरीज इस सीरीज के तहत दो स्मार्टफोन ASUS ROG Phone 9 और ROG Phone 9 Pro को लॉन्च किया जाएगा। फोन को इसी माह भारत में लॉन्च किया जाना है। फोन Snapdragon 8 Elite चिपसेट के साथ आएगा। साथ ही फोन में 5800mAh बैटरी सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन 165Hz एमोलेड डिस्प्ले में आएगा।

स्टूडेंट्स को जरूरत होती है सही स्ट्रेटजी और गोल्स सेटिंग की

स्टूडेंट्स को करियर और लाइफ में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। केवल क्लास करने और अपना प्रोजेक्ट पूरा करने से सारी तैयारियां नहीं हो जाती। जरूरी है कि लाइफ स्किल में सुधार किया जाए। जिससे कि फ्यूचर में सफलता मिल सके। परीक्षाएं खत्म हो चुकी है लेकिन आने वाले समय के लिए आप इन आदतों को अभी से अपनाएं। जिससे कि सफलता मिलनी आसान हो जाए। टाइम मैनेजमेंट है जरूरी अगर अभी तक आपको टाइम मैनेजमेंट करना नहीं आता तो आज से ही इसे शुरू कर दें। स्टडी टाइम, प्ले टाइम, एक्स्ट्रा एक्टीविटी और रिलैक्स होने के लिए टाइम सेट करें। जिससे कि सारी चीजों को आसानी से बैलेंस कर सकें। प्लानिंग और गोल सेटिंग अपने करियर और पढाई को लेकर बिल्कुल स्पष्ट लक्ष्य तय करें और उसे पूरा करने के लिए सही तरीके से प्लानिंग करें। जिससे कि कामयाबी मिल सके। हर दिन अपने गोल और प्लान को चेक करें कि आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं या नहीं। जिससे कि मोटिवेशन मिलता रहे। सुनना और नोट्स बनाना जरूरी है क्लास में लेक्चर बनना और उसका नोट्स बनाना बेहद जरूरी है। जिससे कि जरूरत पड़ने पर आप उन चीजों को दोहरा सके और कॉन्सेप्ट क्लियर हो सके। हर दिन पढ़ने की आदत डालें हर दिन कुछ ना कुछ पढ़ने की आदत डालें। नई बुक्स आपकी नॉलेज बढ़ाने में मदद करेगी। कोर्स के अलावा बहुत सारी किताबे हैं जो आपके ज्ञान को बढ़ाएंगी और फ्यूचर में काम आएंगी। खुद की देखभाल भी जरूरी है रोजाना एक्सरसाइज और अपनी ग्रूमिंग पर भी कुछ समय जरूर दें। जिससे कि हेल्थ अच्छी बनी रहे और आपका ध्यान पूरी तरह से अपने लक्ष्य को पूरा करने पर रहे। कम्यूनिकेशन जरूरी है अपने नॉलेज और अपने फील्ड में आगे बढ़ना चाहते हैं तो कम्यूनिकेशन स्किल को सुधारें। साथ ही अपने नेटवर्किंग में रिलेशनशिप को मेंटेन करें।

दुनिया भर में धूम मचा रहा डीपसीक ऐप, तो कई देश लगा रहे बैन

नई दिल्ली DeepSeek का जलवा पूरी दुनिया में देखा गया। इस ऐप ने अमेरिकी शेयर बाजार को क्रैश कर दिया। वही भारत में भी यह ऐप टॉप चार्ट पर बना हुआ है। DeepSeek ऐप 26 जनवरी को ऐपल ऐप स्टोर पर ग्लोबली पहला पायदान हासिल कर लिया था। Appfigures data डेटा की मानें, तो DeepSeek ऐप के डाउनलोड में भारत हिस्सेदारी 15.6 फीसद है। मतलब अगर पूरी दुनिया में 100 लोगों ने ऐप को डाउनलोड किया हैं, तो उसमें 16 भारतीय शामिल थे। डाउनलोडिंग में टॉप पर पहुंचा DeepSeek ऐप यह ऐप अमेरिका में Android Play Store पर टॉप पोजिशन पर पहुंच गया है। सेंसर टॉवर रिसर्च की मानें, तो लॉन्च के पहले 18 दिनों में ऐप को 16 मिलियन डाउनलोड मिले हैं। बता दें कि ऐप के लॉन्च होने के 18 दिनों में OpenAI के ChatGPT को लॉन्च पर करीब 9 मिलियन डाउनलोड मिले थे। वही डीपसीक को इससे करीब दोगुना डाउनलोड किया गया है। DeepSeek को किया जा रहा बैन हालांकि इसके अब तक के कुल यूजर ChatGPT के मुकाबले कम हैं। साथ ही DeepSeek ऐप को पॉपुलैरिटी पर रोक लग सकती है, क्योंकि कई देश इस ऐप पर बैन लगा रहे हैं। दरअसल कई देश डीपसीक के डेटा इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गए हैं। ब्लूमबर्ग न्यूज की मानें, तो सैकड़ों फर्मों और सरकारी संस्था ने एहतियात के तौर पर डीपसीक को ब्लॉक कर दिया है। किसने बनाया डीपसीक DeepSeek का फाउंडर देश चीन है। चीन के सीईओ लियांग वेनफेंग ने चैटजीपीटी को बनाया है। इनके पिता एक प्राइमरी स्कूल टीचर थे। सबसे खास बात है कि डीपसीक को मात्र 5 से 6 मिलियन डॉलर में बनाया गया है, जो कि चैटजीपीटी के मुकाबले काफी सस्ता है। बता दें कि चैटजीपीटी को बनाने में कई बिलियन डॉलर खर्च हुये थे। डीपसीक को पुराने कंप्यूटिंग चिप की मदद से तैयार किया गया है, क्योंकि यूएस ने चीन को इंपोर्ट किये जाने वाले एडवास्ड चिप पर बैन लगा दिया था।

ऐसे पता करें कहीं हैक तो नहीं हुआ आपका जीमेल खाता

हाल में ही याहू मेल इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों के यूजरनेम और पासवर्ड हैक हो गए हैं। पिछले दो महीने में याहू की ई-मेल सेवा में सेंधमारी की यह दूसरी घटना है। किसी का मेल अकाउंट के हैक होने की खबर नई नहीं है। ऐसे में हर किसी के लिए यह जानना जरूरी है कि अपने ई-मेल खाते को सेफ कैसे रखा जाए। दुनिया में ईमेल के लिए गूगल का जीमेल सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। जीमेल पर विश्व में लगभग 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं जो डेली 100 बिलियन ईमेल करते हैं। अगर आप भी जीमेल यूज करते हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि उसे कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। अकाउंट की सुरक्षा के लिए उपाय तो अलग बात हैं लेकिन आप को कैसे पता चलेगा कि किसी और ने आपका अकाउंट हैक कर लिया है। आइए आपको बताते हैं एक आसान तरीका जिससे जिससे आपको पता चल जाएगा कि कहीं आपका अकाउंट कोई और तो नहीं यूज कर रहा। गूगल ने जीमेल में कुछ ऐसे टूल्स दिए है जिनकी सहायता से आप अपने अकाउंट को लॉक कर सकते हैं। यह आपको बताएगा किस समय, किस ब्राउजर और किस आईपी एड्रेस से आपको जीमेल अकाउंट को खोला गया है। इस तरह आप अपने अकाउंट को सेफ रख सकते हैं। -सबसे पहले अपना जीमेल अकाउंट खोलें, स्क्राल डाउन करें और सबसे नीचे की तरफ आफको डिटेल्स का एक आइकन दिखाई देगा। -डिटेल्स पर क्लिक क्लिक करेंगे तो एक पॉप अप विंडो खुलेगी जिस पर ‘एक्टीविटी ईफोरमेशन’ दिखेगी। इस में आपको बताया जाएगा कि आपके अकाउंट को किस लोकेशन से, किस समय और कितने समय तक यूज किया गया है। साथ ही ब्राउजर और प्च् पता भी दिखेगा। आप अपने ऑफिस और घर के आईपी से मिलाकर देखा सकते हैं कि कहीं और से आपका अकाउंट यूज तो नहीं हुआ। -एक्टीविटी ईफोरमेशन विंडो में आपको एक और विकल्प मिलेगा जिसमें लिखा होगा कि ‘साईन आउट ऑल अदर सेशन’ (अगर आपका जीमेल कहीं और भी खुला है तो उसे लॉग आउट करें)। इसे यूज करके आप सभी डिवाइस से आप तुरंत ही लॉग आउट हो जाएंगे। -इस तरह से आपको पता चल जाएगा कि आपका अकाउंट कोई और व्यक्ति भी यूज कर रहा है। अगर ऐसा है तो तुरंत अपना पासवर्ड बदल लें।  

सच्ची प्रशंसा पाने का सही तरीका

लोगों के हाथों अपनी प्रसन्नता-अप्रसन्नता बेच नहीं देनी चाहिए। कोई प्रशंसा करे तो हम प्रसन्न हों और निंदा करने लगे तो दुखी हो चलें। यह तो पूरी पराधीनता हुई। हमें इस संबंध में पूर्णतया अपने ही ऊपर निर्भर रहना चाहिए और निष्पक्ष होकर अपनी समीक्षा आप करने की हिम्मत इकट्ठी करनी चाहिए। निंदा से दुःख लगता हो तो अपनी नजर में अपने कामों को ऐसे घटिया स्तर का साबित न होने दें। जिसकी निंदा करनी पड़े। यदि प्रशंसा चाहते हैं तो अपने कार्यों को प्रशंसनीय बनाएं। सच्ची प्रशंसा पाने का सही तरीका एक ही है की अपने को दिन-दिन सुधारते चले जाएं और भावना तथा क्रिया की दृष्टि से उस स्तर पर जा पहुंचे जिस पर पहुंचने में आत्मसंतोष प्राप्त होता है और आतंरिक उल्लास प्रस्फुटित होता है। अपनी दृष्टि में अपना प्रशंसित होना सारे संसार के मुंह से गाई जाने वाली प्रशंसा की अपेक्षा कहीं बेहतर है। जीवन की यात्रा के दौरान यदि व्यक्ति को प्रशंसा मिलती है तो उसका अपने कार्य के प्रति उत्साह बढ़ जाता है और वे अधिक ऊर्जा से अपने कर्तव्य का निर्वाह करता है। निंदा जहां होती है, खुशी वहां से पलायन कर जाती है। जिनका स्वभाव है निंदा करना, वे किसी भी परिस्थिति में निंदा प्रवृत्ति का त्याग नहीं कर सकते हैं इसलिए समझदार इंसान वही है जो ऐसे लोगों द्वारा की गई विपरीत टिप्पणियों की उपेक्षा कर अपने काम में मस्त रहता है।  

कूल सीजन का हॉट स्टाइल

सर्दी अपने शबाब पर है, इसलिए यह मौसम फैशन के अंदाज से बेहद हॉट होता है, परंतु ऐसे बहुत से युवा हैं जो इस मौसम में लगभग एक जैसे कपड़े पहन कर इसे बोर बना देते हैं। सर्दी से बचने के लिए वे एक ही जैकेट या कोट को इस्तेमाल करते हैं और स्टाइल मानो उनसे कहीं छूट जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ छोटी-छोटी बातों से अपना अंदाज बदल लें। मफलर, स्कार्फ या शॉल मैच्योर नहीं बल्कि आपको स्टाइलिश लुक भी दे सकते हैं। बस इन्हें अलग अंदाज में कैरी करने के स्टाइल सीख लें, क्योंकि कभी आऊटडेटिड मानी जाने वाली ये चीजें एक बार फिर से फैशन में लौट आई हैं… स्कार्फ से प्रोफैशनल लुक:- स्कार्फ अब स्वयं को ठंड से बचाने के लिए नहीं पहना जाता, बल्कि स्टाइलिश लुक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कहीं घूमने जाना है या फिर प्रोफैशनल गैटअप के लिए स्कार्फ इस सीजन में बैस्ट ऑप्शन माना जाता है। यही कारण है कि हर दिन बदलते फैशन में स्कार्फ ने अपनी एक खास जगह बना ली है, क्योंकि यह हर ड्रैस के साथ खूबसूरत लगता है। देखा जाए तो कैजुअल और प्रोफैशनल वियर दोनों के साथ यह परफैक्ट लुक देता है, इसीलिए कॉलेज गोइंग गल्र्ज से लेकर वर्किंग गल्र्ज को भी इस स्टाइल ने आकर्षित किया है। मफलर:- बॉलीवुड में शाहिद कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक ने अपनी फिल्मों में खूबसूरत अंदाज में मफलर पहना तो युवाओं ने भी इसे अपना लिया। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपकी ड्रैस को नोटिसेबल फ्लेयर देते हुए काफी स्टाइलिश दिखते हैं। यही नहीं, ज्यादा सर्दी में ये आपके कानों और गर्दन को भी ठंड से बचाते हैं। आप अपनी पसंद के फैब्रिक्स, कलर्स और पैटन्र्स का मफलर चुन सकते हैं। इसे आप पुलोवर या कार्डिगन के साथ ही नहीं, बल्कि कोट, टी-शर्ट एवं जैकेट के साथ भी पहन सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि मफलर आऊटफिट के साथ कंट्रास्ट में हो या फिर लाइनिंग और चैक में हो तो ज्यादा हॉट लुक देगा। यदि ब्लैक ड्रैस पहन रही हैं तो उसके साथ रैड, पिंक या अन्य कलर का मफलर यूज करें। यूं तो आप इसे दोनों साइड सेम लैंथ पर पहन सकती हैं, जो काफी कॉमन स्टाइल होने के बावजूद अच्छा लगता है। इसके अलावा आप इसे क्रॉस करके टाई की तरह भी ट्राई कर सकती हैं। मफलर में एक गांठ लगा कर भी आप इसे खूबसूरत लुक दे सकती हैं तथा लांग मफलर को आप गले में दो बार लपेट कर भी पहन सकती हैं। युवकों को भी भाया:- स्कार्फ का स्टाइल युवतियों को ही नहीं, बल्कि युवकों को भी भाने लगा है। वे इसे जींस और टी-शर्ट के साथ पहनने लगे हैं, परंतु प्रोफैशनल लुक के हिसाब से यह परफैक्ट नहीं माना जा सकता। युवकों को मफलर के कलर का चुनाव करते समय ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्हें अपनी ड्रैस के साथ मैच करके ही स्कार्फ का चयन करना चाहिए। कलर मैचिंग ध्यान से:- भले ही आप इसे मिसमैच का दौर मानें, परंतु डिजाइनर्स के अनुसार गुड लुकिंग के लिए सारा खेल मिसमैचिंग में मैचिंग का है, क्योंकि इसके लिए भी उसी कलर का चयन किया जाता है, जो एक-दूसरे के बिल्कुल अपोजिट होते हुए भी बेमेल न लगते हुए आपको गुड लुक दे। इसलिए स्कार्फ भी ड्रैस के कलर के अनुसार ही चुनें। यदि कुछ समझ न आए तो आप ब्लैक कलर का स्कार्फ भी यूज कर सकती हैं, क्योंकि यह जहां हर कलर की ड्रैस के साथ चलेगा, वहीं यह आपको परफैक्ट लुक भी देगा। इसके अलावा आप व्हाइट और रैड स्कार्फ को भी बिंदास अंदाज में यूज कर सकती हैं। शॉल ड्रेपिंग का बदल दें अंदाज:- कभी ट्रैडिशनल वियरर्स के साथ पै्रफर की जाने वाली शॉल अमूमन मां-दादी को ही भाती थीं, परंतु अपने डिफरैंट ड्रेपिंग स्टाइल के कारण यह मैच्योर लोगों के वार्डरोब से निकल कर यंगस्टर्स के वार्डरोब का भी हिस्सा बनने लगी है। यह उनके लिए स्टाइल स्टेटमैंट बन गई है। आप इसके लिए डिफरैंट साइज, फैब्रिक और डिजाइन की शॉल्स ट्राई कर सकती हैं। केवल कंधों पर पूरी तरह से ओढ़ लेना ही अब शॉल का स्टाइल नहीं रहा, बल्कि इसकी डिफरैंट ड्रेपिंग स्टाइल ने भी इन्हें ट्रैंडी बना दिया है। इसके लिए सिल्क और पश्मीना शॉल विशेष तौर पर पसंद की जाती है, क्योंकि सॉफ्ट फैब्रिक होने के कारण इसे ड्रेप करना आसान होता है।  

हेल्थ टिप्स – क्या ज्यादा फायदेमंद? आलू या शकरकंद, एक्सपर्ट से जानें बेनिफिट्स, ज्यादा खाने के नुकसान, किसे नहीं खाना चाहिए

Which is more beneficial? Potato or sweet potato

Which is more beneficial? Potato or sweet potato हर भारतीय रसोई में आलू और शकरकंद की खास जगह है। ये दोनों ही फूड हमारी थाली में अहम स्थान रखते हैं। इन दोनों में कई सारी समानताएं हैं, जो उन्हें एक जैसा बनाती हैं। अंग्रेजी भाषा में दोनों के नाम भी मिलते-जुलते हैं। आलू को ‘पोटैटो’ और शकरकंद को ‘स्वीट पोटैटो’ के नाम से जाना जाता है।आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है और हर भारतीय रसोई में हमेशा इसकी मौजूदगी होती है। वहीं शकरकंद अपने मीठे स्वाद और न्यूट्रिएंट्स की वजह से अलग पहचान रखता है।शकरकंद को कई डिश में मिठास के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सर्दी के मौसम में शकरकंद खूब खाया जाता है। हालांकि, जब बात सेहत की आती है, तो यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से क्या अधिक फायदेमंद है? ऐसे में आज हम सेहतनामा में जानेंगे कि- आलू और शकरकंद में क्या ज्यादा सेहतमंद है?इन दोनों के क्या फायदे और नुकसान हैं? आलू के फायदे आलू के कई सारे चाहने वाले हैं। लोग इसे अलग-अलग रूपों में पसंद करते हैं। हालांकि इसके स्वाद के साथ हेल्थ बेनिफिट्स की वजह से भी इसे पसंद किया जाता है। विटामिन C: एक मध्यम आकार का यानी तकरीबन 115 ग्राम का एक आलू खाने से विटामिन C की दैनिक जरूरत की 11% पूरा हो जाता है।विटामिन C कोलेजन बनाने में मदद करता है। यह आयरन के अवशोषण में सहायक होता है। इसके अलावा आलू में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट भी होता है।विटामिन B6: आलू में विटामिन B6 भी होता है, जो हमारी दैनिक आवश्यकता का 25% पूरा करता है। विटामिन B6 रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में मददगार है।यह ऊर्जा के रूपांतरण और ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है, जो मूड और नींद को नियंत्रित करते हैं। फाइबर: आलू में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।पोटेशियम: इसमें पोटेशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के कार्य में मदद करता है। स्टार्च: आलू में एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसे स्टार्च कहा जाता है। यह छोटी आंत में नहीं टूटता, बल्कि सीधे बड़ी आंत में जाता है। यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। हालांकि, पेट की समस्या हो तो आलू खाने से बचना चाहिए। शकरकंद के फायदे शकरकंद अपने लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर के कारण डायबिटीज कंट्रोल करने और वजन घटाने में मददगार है। शकरकंद फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। इसके छिलके में पाया जाने वाला फाइबर प्रीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है, जो गुड बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है और आंतों की हेल्थ को बेहतर बनाता है। विटामिन A: नारंगी शकरकंद में बीटा-कैरोटीन और प्रोविटामिन A की भरपूर मात्रा होती है, जो आंतों में जाकर विटामिन A में बदल जाता है। एक मध्यम आकार का शकरकंद (114 ग्राम) खाने से रोज की विटामिन A की जरूरत का 122% मिल जाता है। यह सेल्स के विकास, इम्यून सिस्टम, प्रजनन और आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। पॉलीफेनोल्स: शकरकंद में पॉलीफेनोल्स एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो सूजन को कम करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। बैंगनी शकरकंद में पाया जाने वाला एंथोसाइनिन सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक होता है। विटामिन C और विटामिन B6: शकरकंद विटामिन C और विटामिन B6 का भी अच्छा स्रोत है। इसमें भी आलू की तरह प्रतिरोधी स्टार्च पाया जाता है, जो आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। साथ ही इससे पेट भरे होने का एहसास होता है, जो वजन घटाने में मददगार हो सकता है।तो, क्या आपने यह सोच लिया है कि आपकी हेल्थ के लिए क्या बेहतर है– आलू या शकरकंद? आइए ग्राफिक के जरिए दोनों में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स और डेली वैल्यू के बीच के अंतर को समझते हैं। क्या आलू और शकरकंद का कुछ नुकसान भी है? आलू और शकरकंद दोनों ही हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से कई नुकसान हो सकते हैं। साथ ही एलर्जी की समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को शकरकंद खाने से बचना चाहिए।शकरकंद में विटामिन A की अधिकता होती है। इससे शरीर में पॉइजनिंग हो सकती है। वहीं अधिक मात्रा में आलू खाने से कई सारी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए जानते हैं। आपके लिए कौन सा बेहतर? आलू और शकरकंद दोनों ही हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। इनमें कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। शकरकंद में विटामिन A की मात्रा ज्यादा होती है, जो आंखों की सेहत और इम्यून फंक्शन के लिए बेहद जरूरी है।अपनी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए जरूरत के अनुसार, आलू और शकरकंद दोनों को हम अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में शामिल कर सकते हैं। अगर इनके साथ प्रोटीन रिच फूड, कई सारी हरी सब्जियां और हेल्दी फैट्स हो, तो ये हमारी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद साबित होते हैं। किसे आलू या शकरकंद नहीं खाना चाहिए क्रॉनिक डायबिटीज के मरीजों को आलू खाने से बचना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।आलू में स्टार्च की अधिक मात्रा होती है। ऐसे में गैस्ट्रिक या एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे लोगों को आलू से परहेज करना चाहिए।आलू में एक ऐसा केमिकल होता है, जो एनेस्थीसिया के असर को कम कर सकता है। साथ ही सर्जरी से रिकवरी में देरी का कारण बन सकता है। इसलिए किसी सर्जरी के बाद इसे खाने से बचना चाहिए।आलू में ऑक्सलिक एसिड पाया जाता है, जो ब्लैडर सर्जरी के बाद दर्द पैदा कर सकता है। इसलिए ब्लैडर सर्जरी से पहले आलू नहीं खाना चाहिए।क्रॉनिक डायबिटीज हो तो शकरकंद नहीं खाना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।लिवर की बीमारी से जूझ लोगों को भी शकरकंद नहीं खाना चाहिए। शकरकंद में पोटैशियम बहुत ज्यादा होता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

मस्तिष्क शांत रखता है शशांकासन

अभी जिस अवस्था में आप सब हैं, उस अवस्था में शरीर में बहुत-से रासायनिक  परिवर्तन होते हैं। ये रासायनिक परिवर्तन हमारे शरीर व मन के विकास को बाधित करते हैं, इसलिए बालपन में ही हमलोग शारीरिक या मानसिक या भावनात्मक रूप से अधिक चंचल हो जाते हैं। अपने आपको केंद्रित व एकाग्र नहीं कर पाते। आप लोगों ने अनुभव किया होगा कि पढ़ाई, तो हम खूब करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे परीक्षा के दिन निकट आते हैं, दिल में घबराहट बढ़ती है। रात को भी पढ़ाई के पश्चात सबेरे हमको याद नहीं रहता कि हमने क्या पढ़ा था। हमारे माता-पिता व शिक्षक कहते हैं कि बच्चे की बुद्धि ठीक तरह से विकसित नहीं हुई है। लेकिन अगर सच पूछा जाये, तो बच्च कभी पढ़ाई-लिखाई में कमजोर नहीं होता। बच्चे के शरीर के भीतर अनेक प्रकार की ग्रंथियां होती हैं। इन ग्रंथियों से जो हार्मोन या रसायन निकलता है, वह उसके शरीर व मन के विकास में या तो सहायक होता है या बाधक बनता है। जब उसके शरीर के भीतर उत्पन्न होनेवाले ये रसायन सहायक होते हैं, तब उसकी स्मृति, उसकी मेधाशक्ति, उसकी प्रतिभा बहुत तीव्र हो जाती है। थोड़ी-सी पढ़ाई करने पर वह अच्छे अंक भी ले आता है। लेकिन जब यही रसायन बाधा के रूप में आते हैं, तब अभिभावक बच्चों को चाहे कितने ही चिकित्सकों, हकीमों, वैद्यों या महात्माओं के पास ले जायें, बच्च ठीक नहीं हो सकता।  इन्हीं ग्रंथियों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए योग में विविध आसनों के अभ्यास हैं। इनमें पहला अभ्यास है शशांकासन। यह अभ्यास अगर तुम सब रोज सबेरे उठ कर दस बार कर सकते हो, तो बहुत उत्तम होगा, क्योंकि इस अभ्यास में हम अपने मस्तिष्क को शांत करते हैं। इसके साथ-साथ हमारे शरीर में विशेष ग्रंथि है, जिसको एड्रीनल ग्रंथि कहते हैं। इससे जब रस निकलता है, जिसे एड्रिनलिन कहते हैं, तो शारीरिक व मानसिक उत्तेजना बहुत बढ़ जाती है। उस रस को नियंत्रित करने में यह आसन बहुत सहायक होता है। दूसरा अभ्यास है उष्ट्रासन। उष्ट्रासन का मतलब होता है, ऊंट के समान आकृति। उष्ट्रासन का अभ्यास मेरु दंड व पीठ के लिए उपयोगी है, क्योंकि विज्ञान ने शोध के द्वारा देखा है कि जब बहुत देर तक सिर झुका कर पढ़ते हैं, तो हमारे कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं। यह अभ्यास पीठ को सीधा रखने के लिए बहुत उपयोगी है। एक और आसन है, जिसको सर्वागासन कहते हैं। यह शरीर के लिए बहुत उपयोगी अभ्यास है। इस आसन का प्रभाव गले की ग्रंथि पर पड़ता है, जिसे थायराइड ग्रंथि कहते हैं। यह थाइराइड ग्रंथि शरीर के विकास में अत्यंत उपयोगी व महत्वपूर्ण है। बचपन में कुछ लोग नाटे रहते हैं। कुछ लोग मोटे रहते हैं। नाटेपन व मोटेपन को दूर करने के लिए सर्वागासन व हलासन का अभ्यास होना चाहिए। ये तीन आसन हैं, जिनका अभ्यास तुम लोग रोज करोगे, तो अच्छे मानव के रूप में समाज को सही दिशा दे पाओगे।  

स्मार्टफोन सुरक्षित रखने की पांच टिप्स

अगर आप अपने सभी ऑफीशियल काम स्मार्टफोन में करते हैं तो आपको अपने फोन की सुरक्षा के लिए कुछ कड़े इंतजाम करने चाहिए। हम आपको 5 ऐसी टिप्स देंगे जिससे आप अपने फोन को सुरिक्षत रख सकते हैं। पासकोड:– अगर आप एंड्रायड फोन का प्रयोग कर रहे हैं तो स्मार्टफोन में पासकोड का प्रयोग करें, या फिर लॉक स्क्रीन पैटर्न सेट करें। इससे फोन का डेटा सुरिक्षत रख सकते हैं। वैरिफिकेशन:- अपने गूगल एकाउंट और आईक्लाउड एकाउंट को सुरिक्षत रखने के लिए सेटिंग में जाकर टू स्टेप वैरिफिकेशन ऑप्शन ऑन करें। इससे आपका आईक्लाउड स्टोरेज एकाउंट भी सेफ रहेगा। जेलब्रेकिंग:- इसकी मदद से आप फोन के सॉफ्टवेयर को अपनी तरह से सेट कर सकते हैं ये बिलकुल ऐसा ही जैसे किसी बाइक को मॉडीफाइ कर दें। एप्लीकेशन:- एप्लीकेशन इंस्टॉल करते समय सावधान रहें गूगल प्ले में एंड्रायड एप्लीकेशनों का ढेर लगा हुआ है लेकिन गूगल प्ले के अलावा ऑनलाइन कई फ्री एंड्रायड एप्लीकेशनें भी रहती है जिन्हें भूल कर भी डाउनलोड न करें। कोशिश करें कि एप्लीकेशन स्टोर से ही अलग से डाउनलोड कर इस्तेमाल करें, इससे सुरक्षा बढ़ती है। ब्राउजर:- जहां तक हो सके एप्लीकेशन का प्रयोग करें अगर आप अपने मोबाइल से बैंक से जुड़ा कोई काम कर रहे हैं या फिर शेयर मार्केट से जुड़े काम करते हैं तो इसके लिए मोबाइल ब्राउजर की जगह एप्लीकेशन का प्रयोग करें इसके लिए एप्लीकेशन स्टोर में जाकर एप्लीकेशन पहले डाउनलोड कर लें।  

कुदरती उपाय से भगायें बीमारियां

आज की भागदौड़ और व्यस्त जिंदगी में महिलाओं को अपने लिए समय नहीं मिल पाता है। घर और ऑफिस के काम से दबाव में उन्हें अपने स्वास्थ्य के साथ समझौता करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें दवा का सहारा लेना पड़ता है। ऊपर से शरीर की कुछ न कुछ परेशानियां हर रोज सताती है। पर, कुदरती तरीकों से कुछ खास शारीरिक समस्याओं को दूर किया जा सकता है। कमर और पीठ दर्द:- कमर और पीठ दर्द आमतौर पर हर महिला की समस्या है। 30 साल से ऊपर की महिलाओं में इसकी  शिकायत ज्यादा रहती है। कैल्सियम की कमी और मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कमर व पीठ में दर्द रहता है। इसके लिए  हर रोज बिना चीनी का हल्दी वाला दूध पीयें। पानी का फुट बाथ लें। रीढ़ स्नान करें। इसके लिए मग में पानी लेकर उसे गर्दन से रीढ़ में डालें। घुटनों का दर्द:- घुटनों में दर्द के समस्या अब तो हर उम्र की महिला एवं युवतियों में देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण अस्वस्थ जीवन शैली है। इसके लिए अजवाइन  के पानी  को गरम कर पट्टी के माध्यम से दर्द वाले हिस्से में सेकें। तिल एवं अश्वगंधा के तेल से मालिश करें। हल्दी वाला दूध पीयें। सिर दर्द:- दिन भर की थकान और तनाव के कारण सिर मे दर्द होने की शिकायत होने लगती है। इसके लिए योग, ध्यान और व्यायाम सबसे कारगर उपाय है। तुलसी वाली ग्रीन टी  पीयें।  अंकुरित दाल, गाजर पालक, कद्दू, शलगम, खीरा का सूप पीयें। चोकर युक्त आटा की रोटी खायें। हफ्ते में एक बार सिर में बादाम तेल से मालिश करें। गैस:- ज्यादा तला भूना और मसालदार खाना खाने से, रात में देर तक जागने एवं तनाव के कारण पेट में गैस बनती है। गैस से निजात पाने के लिए रोज सुबह दो गिलास गुनगुना पानी पीयें। धनिया, आंवला, मिश्रि,जीरे का आधा चम्मच चूर्ण खाना खाने के बाद लें। खाने में लहसुन एवं हींग का सेवन करे। नारियल पानी पीयें। साइनस:- महिलाएं घर का बचा खाना स्वयं खाती है। ठंठी चीजें खाने से साइनस की समस्या होती है। साइनस के मरीजों के लिए प्राणायाम बहुत कारगर है।  इसके लिए अदरक या तुलसी के रस को शहद में मिला कर लें। सौंफ, अदरक, तुलसी, छोटी इलायची, पुदीना का काढ़ा बना कर रोज पीयें। छुहारे वाला दूध पीयें।  

जीवन की असली परीक्षा शिक्षा पूरी करने के बाद होती है शुरू, अपनी किस्मत कर लें मुट्ठी में

हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। जीवन की असली परीक्षा शिक्षा पूरी करने के बाद शुरू होती है, जब व्यक्ति प्रतियोगिता के दौर में स्वयं का मुकाम हासिल करने की कोशिश करता है। कठिन प्रतियोगिता के इस दौर में स्वयं को स्थापित करना किसी चुनौती से कम नहीं होता, इसलिए हर व्यक्ति जी-तोड़ मेहनत करता है। जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने पर विश्वास रखें। किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले अपने अंदर यह विश्वास जगाएं कि आप उस काम को कर सकते हैं। कई बार कठिनाइयों को देखते हुए आप अपना विश्वास खोने लगते हैं। हम जब ऐसा करते हैं तो कई बार उस कार्य को पूरे फोकस से नहीं करते। ऐसा करना सफलता की राह में बड़ी परेशानी बन सकती है। व्यक्ति को हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। जब आप किसी कार्य को सकारात्मक सोच के साथ करते हैं तो आपको हमेशा यह सोच कर ही काम करना चाहिए कि जो कार्य आप कर रहे हैं, उसमें आपको सफलता जरूर मिलेगी। अगर किसी काम की शुरुआत में ही आप यह सोच लें कि आप जो कार्य कर रहे हैं, उसमें आपको सफलता नहीं मिलेगी, तो मुमकिन है कि आप उस कार्य में असफल हो जाएं।

छोटे बच्चों को पिलाते हैं बॉटल से दूध तो जान लें खतरे, हो सकती हैं ये बीमारियां

Baby Bottle Feeding Risks : छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे पौष्टिक माना जाता है. यह उनकी ओवरऑल हेल्थ की ग्रोथ में अहम रोल निभाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चा मां का दूध जितना ज्यादा करेगा, उसका विकास उतना ही ज्यादा होता है. इससे बीमारियों का खतरा भी कम होता है. हालांकि, आजकल बिजी लाइफस्टाइल की वजह से कई बार वर्किंग वुमन अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कीबजाय बॉटल का दूध पिलाती हैं, जो बच्चे की सेहत (Child Health) के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. यह उन्हें कई तरह से प्रभावित कर सकती है और ग्रोथ में भी समस्याएं पैदा कर सकती है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. कितने समय बाद बच्चे को दे सकते हैं बॉटल का दूध वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, न्यूबॉर्न बच्चे को पहले 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध (mother’s milk) ही पिलाना चाहिए. इससे बच्चों का डेवलपमेंट सही तरह होता है. उनकी बॉडी स्ट्रॉन्ग होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है.अगर किसी वजह से मां को दूध कम बन रहा है या नहीं मिल पा रहा है यानी ब्रेस्ट फीडिंग पॉसिबल नहीं हो पा रहा है तो जन्म के दो या तीन हफ्ते बाद बॉटल का दूध दे सकते हैं. हालांकि, यह सिर्फ अस्थायी उपाय ही है, कम से कम छह महीने तक इससे बचने की ही कोशिश करनी चाहिए. बच्चे को बॉटल का दूध पिलाने के खतरे बच्चे जब मां का दूध पीते हैं तो उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है. जब बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग की बजाय बॉटल से दूध पिलाया जाता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है. जिससे वह बार-बार सर्दी-खांसी, बुखार जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकता है. छोटे बच्चों को बॉटल का दूध पिलाने से उनमें मोटापा बढ़ सकता है. खासकर तब जब बच्चों को जानवरों या पाउडर वाले दूध ही पिलाए जाए. दरअसल, जानवरों के दूध में फैट ज्यादा होती है,जो बच्चे के वजन को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है. बॉटल का दूध पीने से बच्चों की ग्रोथ धीमी हो सकती है. बॉटल दूध से बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक प्रवेश कर सकता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को स्लो कर सकता है. इससे उनकी ओवरऑल हेल्थ कमजोर हो सकती है. रबड़ के निप्पल वाले बॉटल से दूध पीने से बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इससे लंग्स कमजोर हो सकते हैं. जिससे बच्चे को सांस की समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में यह निमोनिया का खतरा भी बढ़ा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

सर्दियों के लिए 5 हेल्दी आदतें आज ही अपनाएं

सर्दियों के दिनों में सुबह के वक्त उठना सबसे ज्यादा आलस भरा काम होता है और जब बात एक्सरसाइज करने की आती है तो ज्यादातर लोग इसे अगले दिन के लिए टाल देते हैं। दरअसल सर्दी के दिनों में रजाई की गरमाहट आपको उठने से रोकती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजों को करने भर से आप रजाई जितनी ही गर्मी प्राप्त कर सकते हैं? आइए आपको बताते हैं ऐसे कुछ आसान टिप्स के बारे में, जिनकी मदद से आप शारीरिक और मानसिक रूप से ठंड के दिनों में खुद को फिट रख सकते हैं। ये टिप्स आपको सर्दियों में हेल्दी रखने के अलावा आपका आलसपना दूर करने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों में 5 तरीकों से करें आलस को दूर वार्म अप करें सर्दियों के दिनों में सुबह उठकर, जो आपको सबसे पहले काम करना है वो ये कि आप हल्का-फुल्का वार्म अप करें। वार्म अप आपकी बंद आंखों को खोलने में मदद करेगा साथ ही शरीर को गर्माहट भी प्रदान करेगा। वार्म अप करने से न सिर्फ आपके शरीर को आलस दूर करने में मदद मिलेगी बल्कि आप पहले से ज्यादा बेहतर महसूस करेंगे। टहलें खाना खाने के बाद टहलना फायदेमंद माना जाता है लेकिन आप अगर सुबह-सुबह उठने के बाद थोड़ी दूर तक टहलने के लिए जाते हैं तो आप खुद को सर्दियों में फिट रख सकते हैं। आपको बस चलते वक्त अपने जोड़ों पर कम से कम दबाव डालना है और इतना ध्यान रखना है कि चलते वक्त आपके पैर बिल्कुल सही स्थिति में हों। इससे आपको अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी। फार्टलेक ट्रेनिंग आपको कम से कम 15 मिनट तक तेजी से भागने और पैरों को जितना हो सके उतना फैला कर भागना चाहिए। ये ट्रेनिंग आपको फिट रखने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखने में भी मदद करेगी। आप चाहें तो हर 2 मिनट बाद थोड़ी-थोड़ी दूर लंबी कूद भी कर सकते हैं या फिर हल्के-हल्के कदमों से भी दौड़ सकते हैं। स्किन का रखें ख्याल सर्दियों में अक्सर आपकी स्किन ड्राई हो जाती है इसलिए ये सलाह दी जाती है कि आपको मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। सर्दियों में आपके होंठ या फिर हाथों की स्किन न फटे इसके लिए आप पैट्रोलियम जेली का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छी डाइट लें सर्दियों में आपको अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दियों में गर्म खाने का मतलब ये नहीं है कि आप कुछ भी खा लें। बल्कि आपको ऐसे फूड्स का विकल्प चुनना चाहिए, जो आपका वजन बढ़ाए बिना आपको अंदर से गर्म रखने में मदद करें। आप एक्सरसाइज के साथ-साथ हेल्दी डाइट जरूर फॉलो करें।

कैसे इंस्टॉल करें अपने पीसी में फ्री एंटीवॉयरस

कंप्यूटर के लिए एंटीवॉयरस उसी तरह से काम करते हैं जैसे हमारे लिए सर्दी जुकाम से बचने के लिए दवाई। अगर आप बाजार में मौजूद महंगे एंटीवॉयरस नहीं खरीद सकते हें तो कई फ्री एंटीवॉयरस भी मौजूद है जिसे आप अपने कंप्यूटर या फिर लैपटॉप में डाउनलोड कर सकते हैं, अब इन्हें डाउनलोड कैसे करें इसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि एंटीवॉयरस को इंस्टॉल करना बेहद आसान है। नीचे दी गई स्टेप को फॉलों करके आप आसानी से अपने कंप्यूटर में एंटीवॉयरस इंस्टॉल कर सकते हैं। सबसे पहले जिस एंटीवॉयस को आप अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड कर लें। जहां पर एंटीवॉयरस इंस्टॉल किया हैं उस ऑइकॉन पर राइट यानी कंप्यूटर माउस की बाईं तरफ क्लिक करें क्लिक करते ही रन का ऑप्शन दिखेगा जिसमें क्लिक कर दें रन पर क्लिक करते ही एंटीवायरस कंप्यूटर में इंस्टॉल होने लगेगा। इंस्टॉल होने से पहले एंटीवायरस में कस्टम और मैन्यूअल का ऑप्शन आएगा मतलब आप जिन चीजों को इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे खुद सलेक्ट करेंगे या फिर एंटीवायरस खुद ही जरूरी अपडेट इंस्टॉल कर दे। एंटीवॉयरस इंस्टॉल हो जाने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर एंटीवॉयरस का आइकॉन आ जाएगा जिस पर क्लिक कर दें आईकॉन पर क्लिक करते ही एंटी वॉयरस का कंट्रोल पैनल ओपेन हो जाएगा ध्यान रहे अब आपको एंटीवॉयरस एक्टीवेट करना होगा जिसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ेगी। एक बार एंटीवॉयरस अपडेट हो जाने के बाद आपका कंप्यूटर सेफ हो जाएगा। पहली बार एंटीवॉयरस अपडेट करने पर हो सकता है थोड़ा समय लगे इसलिए थोड़ा सब्र करें एंटी वॉयरस अपडेट होने के बाद कंट्रोल पैनल में रेड की जगह ग्रीन कलर दिखनें लगेगा।  

लगातार काम करने से होती हैं ये शारीरिक समस्याएं, ऐसे बचें इनसे

भारत की 121 करोड़ से ज्यादा आबादी में 65 फीसदी लोगों की उम्र 35 साल या इससे कम है। देश के युवा अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर युवा प्राइवेट कंपनियों में जॉब करते हैं। कामयाबी हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं। पर हममे से कई लोग मेहनत के आगे अपनी हेल्थ को भूल जाते हैं। ऑफिस वर्क हो या फील्ड वर्क, लगातार काम करने और काम का प्रेशर लेने के चलते, कम उम्र में ही कुछ शारीरिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आप अगर इन्हें नजरअंदाज करते हैं तो ये आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं। हमने कुछ फिजियोथैरेपिस्ट से ऑफिस जाने वाले लोगों से जुड़ी शारीरिक समस्याओं और उनके रोकथाम को लेकर बातचीत की। शायद आपको भी इनमें से कुछ हेल्थ प्रॉब्लम शुरू हुई हों या कई दिनों से आप परेशान हों। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे खुद पर थोड़ा ध्यान देकर आप हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर रख सकते हैं या फिजियोथैरेपिस्ट की सलाह लेकर उन्हे जड़ से खत्म कर सकते हैं.. मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. आलोक मोहन कहते हैं, हमारे पास बैकपेन की समस्या लेकर ऐसे पेशेंट आते हैं, जो ऑफिस में ज्यादातर बैठकर काम करते हैं। पॉश्चर इमबैलेंस यानी ठीक ढंग से न बैठने की वजह से यह समस्या आती है। ग्वालियर के डॉ. गौरव त्रिपाठी के मुताबिक, ऑफिस गोइंग लोगों में स्पॉन्डलाइटिस और लंबर स्पॉन्डलाइटिस जैसी समस्याएं आम हैं। बचाव के उपाय डॉ. आलोक बताते हैं कि अगर आपको इन समस्याओं से बचना है तो ऑफिस में बैठने का सही तरीका काफी जरूरी है। लगातार सीट पर नहीं बैठना चाहिए। बीच में सीट पर बैठे-बैठे आप अपनी बॉडी को स्ट्रैच कर सकते हैं। इसके लिए एक्सरसाइज चार्ट देखिए। डॉ. गौरव बताते हैं कि सर्वाइकल या लंबर स्पॉन्डलाइटिस बढ़ जाने पर मशीन से एक्सराइज या अलग-अलग थैरेपी लेनी होगी। डॉ. आलोक बताते हैं कि फील्ड पर रहने वाले या लगातार बाइक चलाने वाले लोगों को कंधे में दर्द, अपर बैक पेन जैसी समस्याएं हो जाती हैं। डॉ. गौरव के मुताबिक, ज्यादा देर तक बैठकर काम करने से भी घुटने में दर्द हो सकता है। डॉ. गौरव ने कहा, सर्वाइकल बढ़ने पर सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, उल्टी और चक्कर शुरू हो जाते हैं। चिड़चिड़ेपन से बीपी प्रॉब्लम भी हो सकती है। ऑफिस जाने से पहले घर पर:- -सिंगल नी टू चेस्ट स्ट्रेच-पीठ के बल लेटें और पैरों को सीधा रखें। -एक घुटने को पकड़कर छाती तक लाएं। -20 सेकेंड तक होल्ड करें। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ भी ऐसा करें। -दोनों पैरों से 5 दफा रिपीट करें। स्टैंडिंग स्ट्रेच:- -पैर सीधे करके खड़े हो जाइए। -घुटने के पीछे से पैर को पकड़िए। -जितना हो सके पैर को ऊपर उठाइए। 20 सेकेंड तक होल्ड कीजिए। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ ऐसा कीजिए। दोनों साइड से 5 बार ऐसा कीजिए। हिप रोलिंग:- पहले सीधे लेटें और अपने दोनों पैरों को थोड़ा ऊपर उठाएं। अपने हाथों को बांधकर छाती पर रखें। फिर अपने सिर को दाएं घुमाएं और मुड़े हुए पैरों को बाएं। फिर धीमे-धीमे पैरों को सीधे करके रिलैक्स हों। फिर पैर को वापस मोड़कर सिर सेंटर पर करें। फिर सिर को बाएं और मुड़े हुए पैरों को दाएं घुमाकर यह प्रक्रिया दोहराएं। साइड बेंडिंग:- सीधे खड़े हों। पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें और हाथों को सीधे पैरों के सहारे नीचे। फिर अपने सिर को दाईं तरफ झुकाते हुए बायां हाथ सिर के सहारे दाईं तरफ ले जाएं और दायां हाथ सीधे रखें। फिर सीधे होने के बाद सिर को बाईं तरफ और दायां हाथ बाईं तरफ ले जाएं।  

जब आने वाला हो नन्हा मेहमान, इन बातों का रखें खास ध्यान

गर्भावस्था का पता चलने के बाद अक्सर महिलाएं कुछ बातों की जानकारी नहीं होने की वजह से ऐसे कदम उठा लेती हैं, जो आगे चलकर डिलिवरी के दौरान मुश्किल पैदा कर सकते हैं। कुछ एहतियात बरतकर इन कठिनाइयों से बचा जा सकता है। प्रेग्नेंसी एक ऐसा वक्त होता है, जो हर महिला के लिए बहुत खुशियां लेकर आता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए यह थोड़ा क्रिटिकल टाइम होता है। अब आप पर एक और जान की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ बातों का खास ध्यान रखकर इस दौरान आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। एकदम न बढ़ाएं डाइट:- अक्सर प्रेग्नेंसी की खबर मिलते ही घरवाले महिला की अधिक केयर करने लगते हैं। ऐसा करना ठीक है, लेकिन कुछ बातों को ध्यान रखने की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीनों में महिलाओं को जी-मचलाना, उल्टी, बदहजमी और गैस जैसी शिकायतें आम होती हैं। इसलिए इन महीनों के दौरान खाने की मात्रा को बढ़ाने की जरूरत नहीं होती। इसके स्थान पर डाइट में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल वाले हल्के खाने को शामिल करना चाहिए। नाश्ते को न करें दरकिनार:- प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में अक्सर महिलाएं ऑफिस या घर के कामकाज में सामान्य तौर पर लगी रहती हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन प्रेग्नेंसी का पता चलने के बाद नाश्ते को बिल्कुल अवॉइड नहीं करना चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ता लेने के बाद यदि महिलाओं को दिन के आहार में थोड़ा कम पोषण मिले, तो यह होने वाले बच्चे की सेहत पर ज्यादा असर नहीं डालता। इसके साथ ही सुबह के समय थोड़ा-बहुत खाने से दिनभर गैस और एसिडिटी की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। लालच पर नियंत्रण रखें:- महिलाओं में चटपटा खाने की आदत पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होती है। यह आदत प्रेग्नेंसी के दौरान और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में महिलाएं चुपचाप चाट, पानीपुरी, भेल जैसी चीजें खाने की कोशिश करती हैं। ये चीजें आने वाले नन्हे मेहमान की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा मसालेदार और चटपटी चीजों का सेवन करने से महिलाओं को कई तरह की परेशानी हो सकती है। कभी न भूलें एक्सरसाइज करना:- प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने खानपान के साथ ही फिजिकल फिटनेस की तरफ भी विशेष ध्यान देना चाहिए। एक बार प्रेग्नेंसी का पता चल जाने के बाद नियमित एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता है। इससे बॉडी आने वाले मेहमान को संभालने के लिए तैयार हो जाती है। एक्सरसाइज के साथ हल्का योग और प्राणायाम भी लाभकारी होगा। दिन में कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।  

लाइफ में खुश रहने के लिए इन 5 बातों को जरूर जानें और समझें

सक्सेजफुल होने के लिए खुद पर फोकस करना जरूरी है। जब तक आप खुश होकर किसी काम को करने की शुरुआत नहीं करेंगे। सक्सेज आसानी से हाथ नहीं लगेगी। इसलिए लाइफ कोच अक्सर अपने आप में इस तरह के 4-5 बदलावों को लाने के लिए बोलते हैं। जिससे ना केवल आप सक्सेजफुल बनें बल्कि लाइफटाइम हैप्पी भी रहे। खुद को एक्सेप्ट करना सीखें। दूसरों के प्रभाव में आकर खुद के अंदर फिजिकल या इमोशनल बदलाव लाने की जरूरत नही है। अगर आपको लगता है कि आप जैसे भी हैं अच्छे हैं तो किसी की बात का निगेटिव असर पर्सनैलिटी पर ना पड़ने दें। अपना बेस्ट दें जब भी किसी काम की शुरुआत करें तो अपना बेस्ट दें। उस काम को पूरा करने के लिए अपनी पूरी मेहनत और लगन लगा दें। भले ही उस काम में सक्सेज ना मिले लेकिन मन में किसी भी तरह का पछतावा नहीं रहना चाहिए। अपने आप पर भरोसा रखें आत्मविश्वास जरूरी है किसी भी काम को लाइफ में पूरा करने के लिए सेल्फ कॉन्फिडेंस रखें। तभी कठिन से कठिन काम को करना आासन हो पाएगा। खुद पर जुल्म ना करें किसी काम को पूरा करने के लिए या करियर में आगे बढ़ने के लिए भी अपनी फिजिकल या मेंटल हेल्थ के साथ खिलवाड़ ना करें। जितना हो सके बस उतना ही करें क्योंकि सेहत और लाइफ सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस चीज को पसंद करें वो काम करें अगर आपको कोई काम अच्छा लगता है और वो पॉजिटिव काम करके खुशी मिलती है तो जरूर करें। अपनी हॉबी और शौक को पूरा जरूर करें। इससे मेंटल पीस मिलता है और आप ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

अंगूर खाओगे, तो ये रोग होंगे दूर

अंगूर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अनेक पौष्टिक गुणों से युक्त होते हैं। इनमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की वृद्धि करता है व कमजोरी दूर करता है। एनर्जी:- अंगूर में मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। सफाई:- अंगूर शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है। अंगूर रक्त की क्षारीयता को संतुलित करता है। किसी कारणवश शरीर में अम्लता बढ़ जाए तो वह हानिकारक साबित होती है। ऐसा होने पर 20 से 30 ग्राम अंगूर खाएं। मिर्गी:- अंगूर को रोजाना खाने से कैंसर, एपेंडिक्स, बच्चों में कमजोरी, मिर्गी, रक्त संबंधी विकार, आमाशय में घाव और कमजोरी में लाभ मिलता है। पाचन:- यदि किसी ने धतूरा खा लिया हो तो उसे दूध में अंगूर का सिरका मिलाकर दें। यह टायफॉइड, मानसिक परेशानी और पाचन की गड़बड़ी में भी लाभकारी होता है।  

Hare Matar Kabab Recipe: सर्दियों का मजा दोगुना करें हरे मटर के तीखे कबाब के साथ, जानें इसे बनाने की पूरी रेसिपी

hare matar kabab recipe jane ise banane ki aasan recipe Hare Matar Kabab Recipe: सर्दी में कुछ खास और सेहतमंद खाने की तलाश में हैं तो हरे मटर के तीखे कबाब आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकते हैं। यह कबाब स्वाद में तो लाजवाब होते ही हैं, साथ ही आपकी सेहत का भी ध्यान रखते हैं। तो इस सर्दी आप भी स्वादिष्ट और पौष्टिक कबाबों को घर पर बनाकर स्वाद का आनंद ले सकते हैं। Hare Matar Kabab Recipe: सर्दियों की ठंडी हवाएं दस्तक देने के साथ ही गरमागरम और मसालेदार खाने की चाहत बढ़ा देता है। ऐसे में हरे मटर के तीखे कबाब (Hare Matar Kabab Recipe) न केवल आपके स्वाद को बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। अगर आप इस सर्दी कुछ अलग और मजेदार ट्राई करना चाहते हैं, तो ये रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है। आइए जानते हैं, इसे बनाने की शानदार रेसिपी। हरे मटर कबाब बनाने की विधि हरे मटर कबाब के फायदे हरे मटर के कबाब न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी बेहद फायदेमंद होते हैं। आइए जानते हैं इन कबाबों के कुछ प्रमुख लाभ

कोलेस्ट्रॉल को है ठीक से समझने की जरुरत

कोलेस्ट्रॉल लिवर द्वारा बनाया जाने वाला लिपिड है, जो शरीर की कई क्रियाओं के लिए जरूरी होता है। पिछले कुछ समय से कोलेस्ट्रॉल को सेहत का दुश्मन माना जाने लगा है, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। दिल, मधुमेह, ब्लड प्रेशर के लिए इसे खतरा मानने से पहले जानें इससे जुड़े कुछ मिथक… मिथक-1, हृदय रोगों का कारण रक्तप्रवाह के दौरान कोलेस्ट्रॉल एलडीएल और एचडीएल के जरिए एक जगह से दूसरी जगह जाता है। एचडीएल यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल रक्त से कोलेस्ट्रॉल को लिवर तक ले जाता है, वहीं एलडीएल (बुरा कोलेस्ट्रॉल) इसे लिवर से शरीर के दूसरे हिस्सों तक। आहार विशेषज्ञ अनुपमा मेनन कहती हैं, एचडीएल धमनियों में जमता नहीं है, वहीं एलडीएल धमनियों की दीवारों पर जम सकता है, जिससे रक्त प्रवाह सीमित होता है और हृदय रोगों की आशंका बढ़ती है। ऐसे में जरूरत एलडीएल के स्तर पर ध्यान देने की है। मिथक-2, प्रभावित होता है ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट आदर्श सीके के अनुसार, ब्लड कोलेस्ट्रॉल दो स्रोत से उत्पन्न होता है, इसमें से अधिकतर यानी 85ः शरीर खुद बनाता है और शेष भोजन से मिलता है। ध्यान रखें, यदि भोजन में कोलेस्ट्रॉल अधिक है तो उसमें उच्च संतृप्त वसा व ट्रांस फैट की अधिकता भी होगी, जो ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा कर नुकसान पहुंचा सकता है। हमारा शरीर आहार में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा के आधार पर शरीर में कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करता है। यदि आहार में कोलेस्ट्रॉल अधिक है तो शरीर इसका कम निर्माण करेगा। ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर जेनेरिक संरचना पर भी निर्भर करता है। मधुमेह पीड़ितों के लिए लिपिड प्रोफाइल व एलडीएल अधिक महत्व रखते हैं। मिथक-3, कोलेस्ट्रॉल कम करना है तो लें लो फैट डाइट अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में छपे अध्ययन के अनुसार, कम वसा वाली डाइट का खास फायदा नहीं होता। इससे शरीर कई बार फायदेमंद वसा से भी वंचित रह जाता है और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे हृदय रोग व मधुमेह का खतरा बढ़ता है। डॉ. अनुपमा मेनन कहती हैं, संतृप्त वसा जैसे रेड मीट, फुल क्रीम मिल्क प्रोडक्ट्स, घी और नारियल तेल शरीर में एलडीएल का स्तर बढ़ाते हैं, इसलिए इनका सेवन कम करना चाहिए। ट्रांस फैट, जो होइड्रोजेनेटेड वनस्पति तेल में पाए जाते हैं, सबसे हानिकर व शरीर के लिए अनुपयोगी वसा है, जिससे एलडीएल बढ़ता है और एचडीएल कम होता है। डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ जैसे आलू चिप्स, बेकरी प्रोडक्ट व मैदा आदि में फाइबर कम और ट्रांसफैट अधिक होता है। नारियल तेल को दोबारा इस्तेमाल करना भी ट्रांस फैट के स्तर को बढ़ाता है। मिथक-4, मेवा व अंडे का सेवन बढ़ाता है कोलेस्ट्रॉल पशु ऊतकों से ही कोलेस्ट्रॉल उत्पन्न होता है। मेवा वनस्पति जन्य है, इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। सूखे मेवे में असंत़ृप्त वसा होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार आता है। डॉ. अनुपमा के अनुसार, अंडे के पीले भाग में मिनरल, असंतृप्त वसा, विटामिन डी व बी-12 प्रचुरता में होते हैं। एक अंडे में 200 से 300 एमजी कोलेस्ट्रॉल होता है, जो शरीर के लिए अनुकूल नियमित 200 एमजी की सीमा से अधिक है। जिन्हें कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं है, वे सप्ताह में 5-6 दिन अंडा खा सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल को यूं करें मैनेज:- -प्रतिदिन साबुत अनाज, प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, फल व सब्जियां खाएं। -प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करें। -ट्रांस फैट व सेचुरेटेड फैट का सेवन कम करें। -अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लिए सूखे मेवे, अलसी के बीज, सूरजमुखी के बीज और फैटी फिश का सेवन करें। -कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना चाहिए।  

घरेलू उपचार से संवारें अपने सौंदर्य को

आज की इस व्यस्त जीवनशैली में सुन्दर और आकर्षक त्वचा पाने की तमन्ना लिए रोज-रोज पार्लर के चक्कर लगाना किसी के लिए भी मुश्किल काम हो सकता है। ऐसे में अपनी इस समस्या के समाधान के लिए घर पर ही घरेलू उपाय अपनाकर भी आप सौंदर्य के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करके आकर्षक स्किन पा सकती हैं। वो कैसे, आइये जानें.. ओपन पोर्स – एक टी स्पून कैलेमाइन पाउडर व एक टी स्पून चंदन पाउडर में टमाटर का जूस मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसकी लेयर अपने चेहरे पर लगाएं। इस पैक को 15-20 मिनट तक लगाए रखें और फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इस पैक में शामिल कैलेमाइन और चंदन पाउडर पोर्स को बंद करेंगे और टमाटर में मौजूद लाइकोपीन से स्किन टाइट होगी। ब्लैकहैड्स – एक टी स्पून मुल्तानी मिट्टी, एक टी स्पून जौ के आटे में थोड़ी सी खसखस, 4-5 चम्मच कच्च दूध और ताजी पुदीने की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर स्क्रब बना लें। इस पेस्ट को पूरे चेहरे पर लगाएं और फिर सकरुलर दिशा में स्क्रब करें। कुछ देर के लिए उसे यूं ही छोड़ दें और फिर पानी से धो दें। इस स्क्रब से स्किन डीप क्लीन होगी, साथ ही रोजाना स्क्रब करने से ब्लैकहैड्स जैसी कोई समस्या नहीं होगी। पिंपल्स – नीम व पुदीने की सूखी पिसी पत्तियों के पाउडर में आधा चम्मच कैलेमाइन पाउडर, चुटकी भर हल्दी और गुलाब-जल मिलाकर पेस्ट बनाएं और अपने चेहरे पर लगाएं। इस पैक का रोजाना इस्तेमाल करने से मुहांसे कुछ ही दिनों में सूख जाएंगे। नीम में मौजूद डिसइंफेक्टिंग गुण और पुदीने में शामिल एंटी-बैक्टीरियल गुण स्किन का एक्ने से बचाव करेंगे, उन्हें हील करेंगे और गुलाब जल से त्वचा पर निखार आएगा। एक्ने मार्क्स और स्कॉर्स – मुहांसों के निशानों को हल्का करने के लिए घर पर स्क्रब बना सकती हैं। सूखी नीम की पत्तियां, 5-6 लौंग, एक-एक कटोरी उड़द की धुली दाल, लाल मसूर की दाल, चने की दाल को दरदरा पीस लें, फिर उसमें चुटकी भर हल्दी, आधी कटोरी चंदन पाउडर व मुल्तानी मिट्टी को मिलाकर पाउडर बना लें। प्रतिदिन एक चम्मच पाउडर में पपीते का गूदा मिलाकर पेस्ट बना लें और अपने चेहरे पर लगाएं। इसे 2-4 मिनट तक चेहरे पर मलें और दस मिनट बाद पानी से धो दें। कच्चे पपीते में पैपीन नामक एंजाइम होता है, जो रंग साफ करता है साथ ही दाग-धब्बों को दूर करता है। यदि चेहरे पर मुहांसे हैं तो कोई भी स्क्रब करने से बचें। पिट्स यानी गड्ढे – घरेलू तौर पर आप इन निशानों को हल्का करने के लिए नारियल तेल से मसाज कर सकती हैं या विटामिन ई के कैप्सूल्स को फोड़कर भी लगा सकती हैं। अगर ये पिट्स काफी सालों से हैं तो इनका घरेलू तौर पर ठीक हो पाना मुश्किल है। इसके लिए आप किसी अच्छे कॉस्मेटिक क्लीनिक से लेजर ट्रीटमेंट की सिटिंग ले सकती हैं। रिंकल्स – अवोकेडो, मेल्टेड चॉकलेट, मिल्क पाउडर, आल्मंड पाउडर और फ्रेश क्रीम को मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं और हल्का सा सूख जाने पर कुछ देर के लिए स्क्रब करें। 15-20 मिनट फेस को यूं ही छोड़ देने के बाद उसे ठंडे पानी से धो दें। इस पैक में शामिल चीजों से आपकी स्किन को पोषण मिलेगा और वो जवां नजर आएगी।  

केवल दो मिनट में ऐसे बढ़ाए अपने स्मार्ट फोन की स्पीड

नई दिल्ली स्मार्ट फोन की धीमी गति के कारण यदि आप भी परेशान हैं तो आप ये आसान टिप्स अपनाकर उसकी गति तेज कर सकते हैं। -फोन में अगर ढेरों एप्लीकेशन हैं तो पहला काम यह करें कि जिन एप्लीकेशंस का प्रयोग आप नहीं करते हैं उन्हें तुरंत हटा दें। इससे आपके स्मार्ट फोन की स्पीड तेज हो जाएगी। -जिस भी ऐप का आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उसके कैश को नियमित रूप से डिलीट करते रहें। कैश को हटाने के लिए सबसे पहले सेटिंग्स-एप्स में जाएं। यहां उस ऐप पर क्लिक करें जिसके कैश को क्लियर करना है। क्लिक करने के बाद आपको ‘क्लियर कैश’ विकल्प पर क्लिक करना है। -कैश क्लीन करने के अतिरिक्त स्मार्टफोन में केवल उन्हीं ऐप्स को जगह दें जो आपके काम की हैं। यदि आपके फोन की भी इनबिल्ट स्टोरेज कम है तो सबसे अच्छा विकल्प है कि इंटरनल स्टोरेज में मौजूद तस्वीरें, म्यूजिक और वीडियो फाइल को माइक्रोएसडी कार्ड में मूव कर दें। -आपको सेटिंग्स को देखना चाहिए कि कंपनी द्वारा आपके फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट तो नहीं मिला है। जांच के लिए सेटिंग्स-सिस्टम-अबाउट-सॉफ्टवेर अपडेट में जाएं। यदि कोई सॉफ्टवेयर अपडेट मिलता है तो फोन को अपडेट करने से पहले बैकअप जरूर लें।  

सबके सामने महिला को कैसे करें अपनी तरफ आकर्षित

  सबके सामने किसी महिला को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ये कुछ आसान से टिप्स आप फॉलो कर सकते हैं।   आपकी स्माइल का जादू : अगर आपकी नज़रें उनसे टकरा जाती हैं तो एक प्यारी सी स्माइल देना तो बनता है और अगर वो भी बदले में स्माइल बैक करे तो मतलब आपकी चल पड़ी है।   ज़्यादा नहीं पर थोड़ी सी तारीफ़ : फीमेल्स बहुत ज़्यादा खुश तब होती हैं जब उनकी कोई तारीफ़ कर दे। और अगर वाकई में आपको लगता है कि वो बहुत सुन्दहर है, कुछ अलग है तो तारीफ़ ज़रूर करें।   क्वालिटी टाइम बिताएं : कभी भी इम्प्रेस करना हो तो जल्दबाज़ी बिलकुल भी ना करे। सब्र रखें। कोई भी रिश्ता समय मांगता है इसलिए समझदारी से चलें। प्यार में जल्दबाज़ी ठीक नहीं।   ड्रेसिंग स्टाइल अच्छा रखें : आपकी पर्सनालिटी कितनी भी अच्छी क्यों ना हो, जब भी आप उनसे मिलने जाएं तो अपना ड्रेसिंग अच्छा रखें। फर्स्ट इम्प्रेशन में आपके ड्रेसिंग का भी बहुत बड़ा हाथ होता है।   थोड़ा सा मस्तीला अंदाज़ : ज़ादा सीरियस नहीं, पर उनसे आप थोड़ा मस्ती-मज़ाक करते रहें, ताकि वो आपके साथ फ्रेंडली महसूस करें,  लेकिन याद रखें थोड़ा सा ही मजाक नहीं तो भग्वान ही आपका मालिक है।   सच बोलें : कोई भी लड़की आपकी सच्चाई पर वाकई में आकर्षित हो सकती है। इसलिए उसके सामने जो हैं वैसे ही रहें, ज़्यादा शोऑफ भूलकर भी न करें। कोई भी रिश्ता लंबे समय तक सिर्फ सच पर टिक सकता है।  

पेट साफ न होने पर कभी भूलकर भी न खाए इन 5 चीजों को

अगर पेट साफ ना हो तो पूरे दिन पेट में भारीपन महसूस होता है। अगर ऐसी स्थिति में आपको उन चीजों की जानकारी न हो, जिन्हें खाने पर पेट और ज्यादा खराब हो सकता है, तो उन्हें खाना आपको और भी परेशानी में डाल सकता है। आइए, जानते हैं ऐसी ही चीजों के बारे में जिन्हें पेट साफ नहीं होने पर आपको भूलकर भी नहीं खाना चाहिए- 1. पेट को दूध से बने किसी भी उत्पाद को पचाने में काफी समय लगता है, अगर आपका पेट पहले से ही साफ नहीं हैं तो दूध से बने उत्पाद को खाने से बचें, ऐसे में अगर उन्हें खाएंगे तो कब्ज हो सकता है। 2. पेट साफ नहीं होने पर चिप्स और तली-भुनी चीजों का सेवन करने से भी बचें, क्योंकि इनमें वसा ज्यादा होता है जो पचने में समय लगाता है। 3. फ्रोजन खाद्य पदार्थ भी खाने से बचें, ये आपके पेट को और ज्यादा खराब कर देती है। 4. बिस्कुट और कुकीज़ में मैदे की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो कि इस दौरान आपके पेट को ज्यादा नुकसान करेगी। 5. वैसे तो केला खाना पचाने में सहायता करता है, लेकिन पेट साफ नहीं होने की स्थिति में कच्चा केला भूलकर भी न खाएं।  

एप्पल सितंबर 2025 में आईफोन 17 सीरीज़ का लॉन्च करेगा

नई दिल्ली Apple पहले से ही साल के सबसे बड़े iPhone लॉन्च की तैयारी कर रहा है, जो सितंबर 2025 में होने वाला है। इस बार आईफोन 17 सीरीज़ में चार मॉडल शामिल होने की अफवाह है: आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स, जो इनोवेटिव डिज़ाइन, बेहतर फीचर्स और एक नया मिड-टियर मॉडल पेश करेंगे, जो स्टैंडर्ड और प्रो वेरिएंट्स के बीच की खाई को पाट सकता है। एप्पल सभी चार मॉडलों में महत्वपूर्ण डिज़ाइन अपग्रेड्स लाने की योजना बना रहा है। आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स में मजबूत एल्युमिनियम और ग्लास का संयोजन हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड आईफोन 17 के अधिक मिनिमलिस्टिक लुक में आने की संभावना है। एक प्रमुख आकर्षण है स्टैंडर्ड मॉडल पर होरिजेंटल कैमरा लेआउट, जो एप्पल के लिए पहली बार होगा। वहीं, आईफोन 17 एयर अपने सिंगल, सेंट्रली-प्लेस्ड कैमरा के साथ अलग और स्टाइलिश लुक प्रदान कर सकता है। डिस्प्ले में भी सुधार की उम्मीद है, जिसमें सभी मॉडलों में प्रोमोशन टेक्नोलॉजी के जरिए 120Hz रिफ्रेश रेट दिया जाएगा, जिससे पिक्चर और भी स्मूथ हो जाएगी। आईफोन 17 सीरीज़ के अंदर नेक्स्ट जेनरेशन A19 चिप होने की संभावना है, जो 3nm प्रोसेस पर आधारित होगा और सुपरफास्ट परफॉर्मेंस और दक्षता का वादा करता है। प्रो मॉडलों में 12GB रैम होने की अफवाह है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड मॉडल में 8GB रैम शामिल हो सकता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए, प्रो मैक्स में तीन 48MP लेंस के साथ एक ट्रिपल-कैमरा सेटअप हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर में सिंगल 48MP रियर कैमरा हो सकता है। पूरी सीरीज़ में, एप्पल फ्रंट कैमरा के रेजोल्यूशन को 24MP तक दोगुना कर सकता है, जिससे सेल्फी और वीडियो की गुणवत्ता बेहतर होगी। आईफोन 17 एयर एप्पल का अब तक का सबसे पतला स्मार्टफोन बनने की तैयारी में है, जिसकी मोटाई केवल 6.25mm होगी। इसे एक मिड-टियर विकल्प के रूप में पोजिशन किया जा रहा है, जो ‘प्लस’ मॉडल की जगह ले सकता है। इसकी 6.6-इंच डिस्प्ले और मिनिमलिस्ट डिज़ाइन उन उपयोगकर्ताओं को आकर्षित कर सकता है, जो किफायती कीमत में अत्याधुनिक फीचर्स की तलाश में हैं। एप्पल संभवतः सितंबर 2025 में अपने फॉल इवेंट के दौरान आईफोन 17 सीरीज़ का अनवील करेगा। कीमतें कितनी हो सकती हैं ? आईफोन 17 एयर: एक बजट-अनुकूल मिड-रेंज विकल्प स्टैंडर्ड आईफोन 17: 79,900 रुपए से शुरू प्रो मॉडल्स: 1,19,900 रुपए से शुरू

POCO X7 Pro 5G पहला स्मार्टफोन होगा Xiaomi HyperOS 2.0 पर आधारित

नई दिल्ली POCO ने घोषणा की है कि POCO X7 Pro 5G पहला स्मार्टफोन होगा जो Xiaomi HyperOS 2.0 पर आधारित होगा। Android 15 पर आधारित यह डिवाइस, यूजर एक्सपीरियंस में नया मानक स्थापित करने का दावा करता है। यह अत्याधुनिक तकनीक को रोज़मर्रा के उपयोग के साथ सहजता से जोड़ता है। Xiaomi HyperOS 2.0 एक सहज और सरल इंटरफ़ेस प्रदान करता है, जो गेमर्स, पेशेवरों और दैनिक उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह 20 से अधिक एआई-आधारित टूल्स के साथ आता है, जो ऐप्स की सिफारिशों को बेहतर बनाता है, कैमरा परफॉर्मेंस को बढ़ाता है और संसाधन प्रबंधन को ऑप्टिमाइज़ करता है। इस इंटरफ़ेस की खासियत है कि यह व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल लेता है, जिससे स्मार्टफोन का उपयोग अधिक पर्सनल और मज़ेदार हो जाता है। भविष्य के लिए तैयार डिवाइस POCO X7 Pro 5G तीन साल के Android अपडेट और चार साल के सुरक्षा पैच के साथ आता है, जो उपयोगकर्ताओं को नवीनतम फीचर्स और मजबूत सुरक्षा प्रदान करेगा। यह स्मार्टफोन अत्याधुनिक प्रोसेसर से लैस है, जो लैग-फ्री गेमिंग, आसान मल्टीटास्किंग और डिमांडिंग ऐप्स को चलाने में सक्षम है। इसकी तेज़ परफॉर्मेंस, विश्वसनीयता और स्टाइलिश डिज़ाइन इसे काम और मनोरंजन दोनों के लिए परफेक्ट बनाते हैं। लॉन्च की तारीख और समय POCO X7 5G और POCO X7 Pro 5G का आधिकारिक लॉन्च 9 जनवरी 2025 को शाम 5:30 बजे IST पर होगा। POCO ने एक बार फिर अपनी नवाचार और उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन मूल्य प्रदान करने की प्रतिबद्धता को साबित किया है। स्मार्टफोन में आपको शानदार डिस्प्ले दिया जाता है। साथ ही डिजाइन पर भी काफी काम किया गया है। बैक पैनल का डिजाइन भी कंपनी ने काफी अच्छा दिया है। यही वजह है कि आपके लिए ये अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इसे आप आज ही अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

जीवन में सफलता पाने मुखिया में होनी चाहिए ये खूबियां

बात जब सफलता की होती है तो लोग अकसर मेहनत के जरिए लक्ष्य हासिल करने वाले युवाओं के बारे में जिक्र करते हैं। लेकिन सक्सेस मंत्रा में आज बात सफलता का रास्ता ढूंढने वाले युवाओं की नहीं बल्कि घर के मुखिया के गुणों के बारे में की जाएगी। जी हां, किसी भी घर का मुखिया उस घर का आईना होता है। जिसे देखकर कोई भी घर में रहने वाले सदस्यों के बारे में काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकता है। चाणक्य नीति में भी घर के मुखिया के बारे में कई जरूरी बातें बताई गई हैं। चाणक्य नीति के अनुसार घर के मुखिया में ये गुण मौजूद होने पर वह घर काफी तरक्की करता है। उस घर में रहने वाले हर सदस्य को सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं घर के मुखिया में कौन से गुण मौजूद होने चाहिए। बेहतर फैसले लेने की क्षमता- घर का मुखिया ऐसा होना चाहिए, जो घर से जुड़े सभी फैसले खुद लेने की क्षमता रखता हो। उसके फैसले ऐसे होने चाहिए जो ना सिर्फ बेहतर हों बल्कि उनसे घर के किसी सदस्य को तकलीफ या नुकसान भी न पहुंचें। बेकार खर्चों पर लगाए रोक- घर के मुखिया का दिमाग तेज होने के साथ दूरदर्शी भी होना चाहिए। उसे इच्छा और जरूरत में फर्क करना आना चाहिए। घर के मुखिया को इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए कि वह परिवार के सदस्यों की जरुरत पर पैसा खर्च करते हुए फिजूल खर्च करने से बचें। उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पैसों का सही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। भेदभाव करने से बचें- परिवार का हर सदस्य अपनी हर समस्या का हल खोजने के लिए घर के मुखिया के पास ही आता है। ऐसे में घर के मुखिया के पास ही सबकी परेशानियों का हल निकालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में घर के मुखिया को घर के किसी सदस्य के साथ भेदभाव किए बिना एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहिए। और किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करना चाहिए. मुखिया को एक ही क़ानून बनाना चाहिए और वही कानून सभी पर लागू होना चाहिए. सतर्क रहें- घर के मुखिया को हर समय सतर्क रहते हुए आसानी से किसी की भी बात पर भरोसा नहीं कर लेना चाहिए। घर के किसी भी सदस्य के बीच विवाद होने पर उसे दोनों पक्षों का निर्णय ध्यान से सुनना चाहिए। जिसके बाद ही उसे किसी भी तरह का कोई फैसला देना चाहिए। ध्यान रखें आपका एक गलत निर्णय किसी की लाइफ खराब कर सकता है। अनुशासन का पालन- व्यक्ति के जीवन में अनुशासन मौजूद होने से वो किसी भी काम को सफलतापूर्वक कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की लाइफ में सफलता पाने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिस घर का मुखिया अनुशासन प्रिय होता है, वहां रहने वाले सदस्य हमेशा तरक्की हासिल करते हैं।

सफलता प्राप्त करने के लिए आप को उपयुक्त साफ्टवेयर की आवश्यकता

सफलता की विशेषताओं के बारे में जानना एवं विश£ेषण करना सरल है, परंतु इनको अपने व्यक्तित्व में समाहित करना एक वास्तविक चुनौती है। सफलता की विशेषताओं में सकारात्मक सोच, स्वयं पर विश्वास, साहस, लक्ष्य के प्रति समर्पण, कुशल समय प्रबंधन, ऊर्जा प्रबंधन आदि गुण सम्मिलित होते हैं। इनसे एक सजग व्यक्ति भली-भांति परिचित होता है। हर व्यक्ति इन गुणों को स्वयं में उतारने एवं बनाए रखने का इच्छुक होता है। किंतु जब उसका वास्तविकता से सामना होता है, तो पता चलता है कि इनका अभ्यास करना कठिन है। ऐसा आकांक्षा एवं इच्छाशक्ति के बीच एक बड़ा अंतर होने की वजह से होता है। सफलता के कारकों की सूची काफी लंबी हो सकती है, यदि इनको विभिन्न शीर्षकों-उपर्शीषकों में रखा जाए, परंतु सरल बनाने के क्रम में उनको चार शीर्षकों के अंतर्गत रखना पसंद करता हूं। जिनको सफलता के पहिए की चार तीलियां कहा जा सकता है। ये हैं-मस्तिष्क, समय, ऊर्जा एवं मानवीय संबंध। ईश्वर द्वारा मनुष्य को प्रदान किए गए इन चार बेशकीमती उपहारों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन कर आप जीवन की किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। सफलता की शुरुआत आप के स्वयं की पहचान के साथ होती है। प्रत्येक व्यक्ति जीवन में सफलता, शांति एवं प्रसन्नता हासिल करने एवं उसका अभिवर्धन हासिल करने की असीम क्षमता के साथ ईश्वर का एक अद्वितीय सृजन होता है। स्वयं की क्षमता एवं अद्वितीयता की समझ एवं पहचान एक अद्भुत अनुभव है। मैक्स लुकाडो कहते हैं-आप एक दुर्घटना नहीं हो सकते। आप थोक में पैदा नहीं हुए। आप जैसे तैसे पुर्जों को जोडकर बनाए गए उत्पाद नहीं हैं। आप सर्वशक्तिमान स्त्रष्टा द्वारा जानबूझकर नियोजित, विशिष्ट उपहार में दिए गए तथा बड़े प्यार से इस धरती पर उतारे गए हैं। हममें से हरेक व्यक्ति का इस धरती पर आने का एक उद्देश्य होता है और हर व्यक्ति में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कुछ अद्वितीयता होती है। फिलहाल इस आलेख में मैं मस्तिष्क प्रबंधन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाल रहा हूं। मानव मस्तिष्क में असीम स्मरणशक्ति और सोचने की क्षमता होती है। विश्व का कोई भी कंप्यूटर एक स्वस्थ मस्तिष्क की बराबरी नहीं कर सकता। यहां तक कि महान वैज्ञानिक आइंस्टीन भी अपने मस्तिष्क के 15 प्रतिशत से अधिक इस्तेमाल का दावा नहीं कर सके थे। इस विश्व में हमारे मस्तिष्क के परे कुछ भी नहीं है। वास्तव में, सिर्फ हमारे मस्तिष्क की वजह से ही हमारे लिए इस विश्व का कोई अर्थ है। हमें बचपन से ही खाना, पहनना, जीवन जीना, बातचीत करना, काम करना और आनंद लेना तो सिखाया जाता है, लेकिन यह नहीं सिखाया जाता कि हमें अपने मन व मस्तिष्क को कैसे इस्तेमाल करना चाहिए, जो हमारे लिए हर चीज को संचालित करता है। कल्पना करें, बिना हमारे मस्तिष्क के इस विश्व में हमारे अधीन अथवा हमारे आसपास की चीज का क्या अर्थ रह जाएगा? निस्संदेह, हमारे लिए अपने मस्तिष्क से परे किसी भी चीज का कोई अर्थ नहीं है। इसलिए हमारी सभी उपलब्धियां हमारे मस्तिष्क के कौशलपूर्ण इस्तेमाल से सीधे संबंधित होती हैं। सफलता की कला वास्तव में हमारे मस्तिष्क के दक्षतापूर्ण संचालन की एक कला है। यहां, यह समझना महत्वपूर्ण है कि साक्षरता एवं शिक्षा में बहुत बड़ा अंतर होता है। एक व्यक्ति बिना साक्षर हुए भी पूर्ण रूप से शिक्षित हो सकता है। अकबर महान इसका एक सर्वोत्तम उदाहरण हैं। बहुत से संत महात्मा एवं धार्मिक गुरु निरक्षर थे, किंतु वे काफी ज्ञानी थे। दूसरी ओर, हमारे देश में या विश्व में कहीं भी साक्षर और उच्च डिग्री प्राप्त लोगों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन उन लोगों की संख्या काफी कम होती है जो उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने तथा इस विश्व को कुछ अर्थपूर्ण योगदान दे जाने के लिए वास्तविक रूप से स्वयं को शिक्षित होने का दावा करते हैं। सच्चे अर्थ में शिक्षा का सीधा संबंध आत्मबोध से होता है। अकादमिक शिक्षा हमें साक्षर और सूचनाओं एवं ज्ञान से समृद्ध बना सकती है, लेकिन उनका इस्तेमाल एवं अर्थवत्ता हमारी वास्तविक शिक्षा की शक्ति पर निर्भर करती है। गैलीलियो का कहना है कि आप व्यक्ति को कुछ भी नहीं सिखा सकते। आप उसे स्वयं के अंदर ढूंढने में केवल सहायता कर सकते हैं। ईश्वर ने पहले से ही हमारे मस्तिष्क को शक्ति प्रदान कर रखी है, हमें सिर्फ इस बात की खोज करनी है कि हम अधिकतम लाभ के लिए उसका कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। एक सच्चा शिक्षक वही है, जो अपने विद्यार्थी के मस्तिष्क की मौलिकता को मारे नहीं, बल्कि उसे आत्मानुभूति करने में सहायता प्रदान करे। मैं इस संबंध में गौतम बुद्ध के दर्शन में काफी विश्वास करता हूं। वे कहते हैं कि किसी भी चीज पर तब तक विश्वास मत करो, जब तक कि वह तुम्हारे अपने विवेक एवं अपनी सहज बुद्धि को स्वीकार्य न हो, चाहे जहां से तुमने उसे पढ़ा हो, या जिसने भी कहा हो, यहां तक कि मैंने भी कहा हो। इस प्रकार सफलता की मेरी कला का उद्देश्य आप सबको उन गुणों को याद दिलाना है जो पहले से ही आप के मस्तिष्क में गहरे बैठे हुए हैं। आप को सिर्फ अनुभव करने और अपनी उच्च उपलब्धियों के लिए गति प्रदान करने की जरूरत है। यहां यह समझना प्रासंगिक होगा कि हम किसी भी चीज या उससे संबंधित चीज को सही परिप्रेक्ष्य में पहचान, समझ और व्यायाख्यित करने में असमर्थ होंगे, जिससे संबंधित सूचना हमारी स्मृति में न हो। दूसरे शब्दों में, हमें अपने मस्तिष्क से इच्छित परिणाम प्राप्त करने के लिए उपयुक्त मानव साफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। जिस प्रकार कंप्यूटर बिना उपयुक्त साफ्टवेयर के इच्छित परिणाम नहीं दे सकता, ठीक ऐसी ही स्थिति हमारे मस्तिष्क की होती है। जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आप को उपयुक्त साफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। सिविल सेवा के परीक्षा के मामले में, आप के व्यक्तित्व में प्रशासनिक गुणों वाले मानव साफ्टवेयर की जरूरत होगी।  

चेहरे पर निखार के साथ नमी और चमक बनाए रखता है उबटन

मौसम में परिवर्तन, तेज हवा, धूल और प्रदूषण से त्वचा निरंतर प्रभावित होती है। ऐसे में त्वचा की उचित देखभाल न की जाए तो असमय ही चेहरे पर झुर्रियां और झांइयां दिखने लगती हैं। अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुसार घरेलू उबटनों का प्रयोग करके आप अपने चेहरे को स्वस्थ, सुंदर और चमकदार बनाए रख सकती हैं। उबटन के इस्तेमाल से त्वचा में नमी व चमक बनी रहती है। उबटन मृत कोशिकाओं को हटा कर त्वचा को नई ताजगी प्रदान करता है। उबटन के प्रयोग से त्वचा का रक्तसंचार भी सुचारु रूप बना रहता है। हम आपको बता रहे हैं कि आखिर रसोई में इस्तेमाल होने वाली किन चीजों से उबटन बनाकर आप चेहरे की रंगत निखार सकती हैं… उड़द दाल और गुलाबजल एक चम्मच उड़द दाल को कच्चे दूध में भिगो दें। पीसकर पेस्ट बनाएं। फिर इसमें थोड़ा-सा गुलाबजल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। थोड़ी देर सूखने दें। फिर रगड़ते हुए उतार दें और चेहरे को धो लें। आपकी त्वचा चमक उठेगी। बेसन, सरसों का तेल और दूध 2 चम्मच बेसन, 1 चम्मच सरसों का तेल व थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें। पूरे शरीर पर इस उबटन को लगाएं। कुछ देर बाद हाथ से रगड़ कर छुड़ाएं और नहा लें। त्वचा मुलायम हो जाएगी। मसूर की दाल और अंडे की सफेदी मसूर की दाल को पीस कर पाउडर बना लें, फिर 2 चम्मच दाल के पाउडर में 1 अंडे की सफेदी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसमें 2 बूंद नींबू का रस और 1 बड़ा चम्मच कच्चा दूध मिलाकर रोज चेहरे पर लगाएं। सूखने पर छुड़ा लें और चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। खरबूजा और सीताफल खरबूजा और सीताफल के बीजों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर दूध मिला कर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। फिर छुड़ा कर नहा लें, कुछ दिनों के प्रयोग से त्वचा की रंगत निखरने लगेगी। पका केला और शहद पके केले को मसल कर पेस्ट बना लें। इसमें थोड़ा सा शहद व कुछ बूंदें नींबू का रस मिला कर चेहरे पर मलें। 5-6 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। इससे चेहरे में निखार तो आता है, झुर्रियां भी नहीं रहतीं। संतरे का छिलका और दूध 2 बड़े चम्मच संतरे के छिलकों के पाउडर में थोड़ा कच्चा दूध व गुलाबजल मिला कर गाढ़ा लेप तैयार करें। चेहरे पर लगाएं और थोड़ी देर लगा रहने दें। फिर चेहरा धो लें। त्वचा कांतिपूर्ण हो जाएगी।  

बिना ओपन हार्ट सर्जरी के अब वाल्व रिपेयर संभव

भारत में यह पहला अवसर है जब एक 69 वर्षीय एक मरीज के हार्टवाल्व की मरम्मत मिट्रा क्लिप की मदद से कैथेटर आधारित प्रक्रिया से की गई। मरीज को बार-बार हार्टफेलियर की शिकायत थी और इस मामले में हार्ट सर्जरी करनाना मुमकिन था। मरीज की 13 साल पहले बायपास सर्जरी हो चुकी है और हाल में उनका हार्ट फूलने लगा था, जो कि वाल्व में रिसाव का परिणाम था। ऐसे मरीजों के मामले में वाल्व की मरम्मत की जाती है या उसे बदला जाता है लेकिन अक्सर यह सर्जरी काफी जोखिम भरी होती है और कई बार ऐसे मामलों में मरीज को कोई फायदा भी नहीं मिलता। लिहाजा, इस मामले में डॉक्टरों ने उनके लिए मिट्राक्लिप प्रोसीजर चुना जो कि सफल रहा है। वास्तव में मिट्राक्लिप दरअसल, हृदय के भीतर स्थित वाल्व की मरम्मत करने की कैथेटर आधारित नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया है और इसे कैथ लैब में किया जाता है। इसमें मरीज के ग्रॉइन के भीतर एक बड़ी रक्त वाहिका से स्पेशल कैथेटर को हार्ट के दाएं चैंबर से होते हुए बाएं चैंबर में प्रविष्ट कराया जाता है और ऐसा करने के लिए दोनों के बीच मौजूद पार्टिशन, जिसे इंटर एट्रियल सैप्टम कहा जाता है में छेद करना पड़ता है। इसके बाद, इकोकार्डियोग्राफी और एक्स-रे की मदद से उस वाल्व पर एक क्लिप लगायी जाती है जिससे रिसाव हो रहा है होता है ताकि रिसाव को कम किया जा सके। इसके परिणाम स्वरूप मरीज की हालत में सुधार आने लगता है। मरीज को आमतौर पर 24-48 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाती है। हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ  मेडिसिन में प्रकाशित हाल में संपन्न सी ओएपीटी परीक्षण से यह साबित हुआ है कि मिट्राक्लिप प्रोसीजर से न सिर्फ  मरीज की हालत और उसके अन्य लक्षणों में सुधार होता है बल्कि उसे 2 साल से अधिक का जीवनदान भी मिलता है। भारत में मिट्राक्लिप के आने से हमें उम्मीद है कि उन मरीजों को निश्चित ही फायदा पहुंचेगा जिनकी हालत वाल्व में रिसाव के चलते, दवाओं के बावजूद लगातार बिगड़ रही है और जो कि किसी भी प्रकार की वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने लायक नहीं हैं। ‘‘ दरअसल बिना ओपन हार्ट सर्जरी किए मित्राक्लिप से मिट्रल वाल्व रिपेयर की प्रक्रिया हाल में विकसित इनोवेटिव वैज्ञानिक तकनीक है। कुछ साल पहले तक यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि हार्ट के भीतर स्थित वाल्व कोकैथेटर की मदद से रिपेयर किया जा सकता है, मसलन-हार्ट को खोले बगैर एंजियोप्लास्टी करना और मरीज को कार्डियो पल्मोनेरी बायपास पर रखना। मिट्रल वाल्व में रिसाव की समस्या कोरोनरी आर्टरीरोग, हार्ट अटैक अथवा बाय पास सर्जरी करवा चुके करीब 5 फीसदी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेती है और यह उम्र के साथ बढ़ती रहती है। वाल्व में लगातार रिसाव होने से हार्ट पर दबाव बढ़ता है जिसके चलते मरीज को सांस लेने में तकलीफ  होती है। इस स्थिति में इलाज नहीं कराने से हार्ट एन्लार्ज हो जाता है या फिर हार्ट फेल होने और मृत्यु की आशंका रहती है। ऐसे मरीज आम तौर पर या तो वाल्व सर्जरी के अधिक जोखिम को झेलते हैं या फिर उन्हें इससे कोई फायदा नहीं पहुंचता। क्या होती है हार्ट वाल्व की बीमारी: वैसे वाल्व हार्ट डिसिज होने के बहुत से कारण है जिनमें से बालवस्था में बार-बार गला खराब रहना, ब्लड में इंफेक्शन होने से, जन्मजात सिकुड़ होने से, डिजेनरेटिव डिसिज, कॉलाजन टिश्यू डिसॉडर होने और तनाव के कारण भी आजकल लोगों को हार्ट की बीमारी हो रही है। हृदय रोगियों की संख्या बढने का कारण हमारा खानपान व बदलती लाइफ  स्टाइल है, जिसमें शरीर के लिए लोगों को फुर्सत नहीं है। काम व टारगेट ने लोगों में तनाव बढ़ा दिया है। जिसके कारण ऐसा हो रहा है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों और गंदगी में पनपने वाले बैक्टीरिया मुंह के रास्ते गले तक जाते हैं, जिससे सबसे पहले गले में खराश होती है। फिर हृदय के वॉल्व के छेद छोटे होने लगते हैं, जिससे खून का बहाव रुक जाता है। अंत में यह बीमारी फेफड़ों तक पहुंच जाती है। इसकी वजह से फेफड़ों में पानी भर जाता है और मरीज को सांस लेने में तकलीफ  होने लगती है, जिसकी वजह से हार्ट फेल हो सकती है। वही इसके लक्षण भी बहुत आम होते है, जिससे इसको अधिकांश लोग नजरादांज कर देते है या सामान्य रोग समझकर अनदेखी कर देते है। लेकिन अगर बच्चों में रह रह कर थ्रोट इंफेक्शन या जोड़ों में दर्द जैसी शिकायतें रहती हैं तो यह रूमेटिक हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा लक्षण है। इसका एक कारण अनियमित लाइफ भी है। अक्सर पेरेंट्स बच्चों में इंफेक्शन को नजर अंदाज कर बड़ी बीमारी को न्यौता देते हैं। इसके साथ ही सांस चढने लगे, सांस लेने में दिक्कत होने लगें, हमेशा खांसी रहना, कमजोरी, थकान आदि का होना भी इसके अन्य लक्षण है। यदि बीमारी लंबे समय तक रहती है तो लीवर के साथ पैरों, एड़ी, पेट और फिर उससे गर्दन में सूजन हो जाती है। आमतौर पर मरीज की भूख कम लगती है जिसके फलस्वरूप मरीज का वजन कम हो जाता है।  

आईओएस डिवाइस पर ज्यादा फिशिंग अटैक, रिपोर्ट से हुआ खुलासा

नई दिल्ली ऐपल के आईओएस डिवाइस को दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऐपल डिवाइस में सेंधमारी करना बेहद मुश्किल है। यही वजह है कि एंड्रॉइड डिवाइस के मुकाबले में आईओएस डिवाइस को ज्यादा पसंद किया जाता है। लेकिन एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि iOS डिवाइस बेस्ड iPhone, Macbook, iPad समेत सभी ऐपल डिवाइस पर फिशिंग अटैक का ज्यादा खतरा है, जिसने आईओएस डिवाइस का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। आईओएस डिवाइस पर ज्यादा फिशिंग अटैक बोस्टन बेस्ड एक डेटा सेंट्रिक सिक्योरिटी कंपनी Lookout की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि एंड्रॉइड के मुकाबले में आईओएस डिवाइस वेब कंटेंट थ्रेड और फिशिंग के लिए ज्यादा खतरनाक है। साधारण शब्दों में कहें, तो साइबर अटैक सबसे ज्यादा आईओएस डिवाइस पर किये जाते हैं। इस शोध को जुलाई से अगस्त 2024 कैलेंडर ईयर के दौरान किया गया है। क्रिडेंशियल चोरी के सबसे ज्यादा हमले आईओएस डिवाइस पर रिसर्चर ने लुकआउट थ्रेड लैब के दावे में कहा है कि पिछले तिमाही में खासौतर पर आईओएस डिवाइस पर इंटरप्राइजेज फोक्स्ड क्रिडेंशियल की चोरी और फिशिंग अटैक किये गये हैं। इसमें करीब 17 फीसद का इजाफा हुआ है, जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले में मैलेशियल ऐप डिडेक्शन में 32 फीसद की ग्रोथ दर्ज की गई गई है। एंड्रॉइड के मुकाबले में आईओएस ज्यादा खतरनाक लुकआउट रिपोर्ट के अनुसार करीब 19 एंटरप्राइज iOS डिवाइस 2024 में पहली तीन तिमाही में से प्रत्येक में कम से कम एक मोबाइल फिशिंग हमले के संपर्क में थे। इससे अलग 10.9 फीसद एंटरप्राइज एंड्रॉइड डिवाइस प्रत्येक में कम से कम एक मोबाइल फिशिंग हमले के संपर्क में थे। लुकआउट ने कहा कि मोबाइल खतरे दर की दर में तेज ग्रोथ हो रही है, क्योंकि साइबर अपराधी समूह अपनी रणनीति बदल रहे हैं और मोबाइल डिवाइस को निशाना बना रहे हैं। कैसे करें बचाव फिशिंग अटैक से बचने के रास्त बेहद सिंपल हैं। इसके लिए यूजर्स को किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। साथ ही किसी भी ऐप को परमिशन देने से पहले जांच कर लेना चाहिए। फोन में एंटी वायरस का इस्तेमाल करना चाहिए।

भारत में सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है Whatsapp pay

नई दिल्ली WhatsApp एक पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। जिसका इस्तेमाल करोड़ों यूजर्स करते हैं। वॉट्सऐप का इस्तेमाल फोटो, वीडियो और बड़ी फाइल भेजने के साथ ही ऑडियो कॉलिंग और मैसेजिंग के लिए किया जाता है। इसके अलावा वॉट्सऐप की मदद से ऑनलाइन पैसों का लेनदेन किया जा सकता है। वॉट्सऐप की इस यूपीआई सर्विस को वॉट्सऐप पे के नाम से जाना जाता है, लेकिन या सर्विस ज्यादा पॉपुलर नही हो सकती है, लेकिन अब इस सर्विस को कोई भी इस्तेमाल कर सकता है, क्योंकि इस पर लगी कैपिंग को हटा दिया गया है। ​ NPCI ने हटा दी WhatsApp pay से लिमिट WhatsApp की ओर से लंबे वक्त से यूपीआई पेमेंट सर्विस WhatsApp Pay को ऑफर किया जा रहा है, लेकिन नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI की ओर से वॉट्सऐप पर लिमिट लगा रखी गई थी, जिससे एक लिमिटेड संख्या में ही लोग वॉट्सऐप पे सर्विस का इस्तेमाल कर पा रहे थे, लेकिन अब NPCI की ओर से इस पेमेंट लिमिट को खत्म कर दिया गया है। इसके बाद वॉट्सऐप ज्यादा संख्या में यूपीआई पेमेंट यूजर्स को अपने साथ जोड़ पाएगा। वॉट्सऐप पे सर्विस की सुविधा 1 जनवरी 2025 से शुरू हो गई है। UPI पेमेंट मार्केट शेयर अगर भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट की बात करें, तो यूपीआई पेमेंट में PhonePe का कब्जा मौजूद है। भारत के कुल यूपीआई मार्केट में फोनपे की हिस्सेदारी करीब 48 फीसद है। इसके बाद 37 फीसद मार्केट शेयर के साथ गूगल पे का नंबर आता है। साथ ही तीसरे पायदान पर पेटीएम मौजूद है, जिसका मार्केट शेयर करीब 17 फीसद है। लेकिन वॉट्सऐप के पास करीब 50 करोड़ यूजरबेस मौजूद है। ऐसे में वॉट्सऐप पे के यूजरबेस में आने वाले दिनों में इजाफा दर्ज किया जा सकता है। जो बहुत बड़ी है और इसलिए वॉट्सऐप डिजिटल पेमेंट के बाज़ार में काफी आगे जा सकता है. कब शुरू हुई वॉट्सऐप पेमेंट सर्विस मेटा ओन्ड वॉट्सऐप पेमेंट सर्विस को फरवरी 2020 में शुरू किया गया था। मतलब इस सर्विस के शुरू हुये करीब 4 साल हो गये हैं। हालांकि इसके बाद यूपीआई पेमेंट मार्केट में वॉट्सऐप पे का यूजरबेस बेहद कम है। हालांकि NPCI की लिमिट कैप हटने से मार्केट शेयर में इजाफा दर्ज किया जा सकता है। कौन कर पाएगा वॉट्सऐप यूपीआई पेमेंट वॉट्सऐप का इस्तेमाल वही यूजर्स कर पाएंगें, जिसका मोबाइल नंबर उसके बैंक अकाउंट से लिंक होगा। साथ ही बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर से ही वॉट्सऐप चलाना होगा, तभी वॉट्सऐप पे सर्विस का इस्तेमाल कर पाएंगे। कैसे वॉट्सऐप से करें पेमेंट     सबसे पहले आपको वॉट्सऐप ओपन करना होगा।     इसके बाद उस चैट पर विजिट करना होगा, जिसे आपको पैसे भेजने हैं।     चैट के बॉटम साइड में आपको रुपये का सिंबल दिखेगा, जिस पर क्लिक करना होगा।     फिर आपको Add your bank account के लिए Get Started ऑप्शन पर टैप करना होगा।     इसके बाद Accept and Continue ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     फिर आपको अपनी बैंक को सेलेक्ट करना होगा।     इसके बाद आपको मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा।     फिर आपको मैसेज ऑप्शन के Send बटन पर क्लिक करना होगा।     इस तरह से आपका मोबाइल नंबर सीधे वॉट्सऐप पे से कनेक्ट हो जाएगा। Whatsapp की 100 मिलियन की लिमिट इससे पहले NPCI ने वॉट्सऐप पे को चरणबद्ध तरीक से विस्तार की इजाजत दी थी। हालांकि अब एनपीसीआई की छूट के बाद WhatsApp यूजर्स की संख्या में उछाल देखने को मिल सकता है। NPCI ने साल 2022 में सिक्योरिटी कारणों से अधिकतम 100 मिलियन यूजर्स की लिमिट सेट की थी। इसके बाद NPCI ने वॉट्सऐप को थोड़ी राहत देते हुए 100 मिलियन की लिमिट को बदलकर 30 फीसद मार्केट शेयर कर दिया था। वॉट्सऐप की ओर से यूजर्स को बिना ऐप बदले पैसे भेजने और रिसीव करने की सुविधा मिलती है। यूजर्स सीधे वॉट्सऐप से यूपीआई पेमेंट कर पाएंगे। इसके लिए आपको अलग PhonePe या फिर Gpay ऐप की जरूरत नहीं होगी।

कुछ चीजों में नहीं करनी चाहिए जल्दबाजी, हो जाएगा नुकसान

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर किसी को सबकुछ फटाफट करना होता है। किसी भी काम और डिसीजन को लेने में जल्दीबाजी दिखाई जाती है। लेकिन काफी सारे काम ऐसे होते हैं। जिन्हें जल्दीबाजी में कभी नहीं करना चाहिए। इस बारे में हमारे शास्त्र भी कहते हैं और कई सारे मोटिवेशनल स्पीकर भी। तो अगर आप लाइफ में सक्सेज की सीढ़ी चढ़ना चाह रहे हैं तो भूलकर भी इन कामों को करने में जल्दीबाजी ना दिखाएं। जल्दीबाजी में ना लें फैसलें आजकल की फास्ट लाइफ में इंसान दिनभर में कई सारे छोटे-छोटे फैसले लेता है। जिससे माइंड थक जाता है और जब बड़े फैसलों का नंबर आता है तो अक्सर वहां पर गलती हो जाती है। इसलिए कभी भी किसी भी फैसले को लेने में जल्दीबाजी नहीं दिखानी चाहिए। फिर वो छोटे हो या फिर बड़े। हर किसी पर जल्दी से ना करें विश्वास विश्वास बनाने में समय लगता है। फिर वो चाहे रिलेशनशिप में हो या फिर बिजनेस में। हमेशा समय लेकर और सोच-समझकर ही विश्वास करना चाहिए। ना करें किसी को जज अक्सर लोग फर्स्ट इंप्रेशन में ही सामने वाले को जज करने लगते हैं। यानी कि उसके प्रति मन में एक धारणा बना लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। हमेशा सामने वाले के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही जज करना चाहिए। जल्दीबाजी में ना बनाएं रिलेशन किसी भी नए रिश्ते या दोस्ती की शुरुआत जल्दी में नहीं करना चाहिए। हमेशा सोच समझकर और अच्छी तरह से परखने के बाद ही रिलेशनशिप आगे बढ़ाना चाहिए। जल्दी में ना खाएं खाना खाना हमेशा धीरे-धीरे और चबाकर खाना चाहिए। साइंस और शास्त्र दोनों में ऐसा कहा गया है। जल्दी-जल्दी खाना खाना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है।

भारत में जल्द लॉन्च होगी POCO X7 सीरीज

नई दिल्ली Xiaomi के सब-ब्रांड POCO ने भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित POCO X7 सीरीज लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर ली है। यह सीरीज टेक्नोलॉजी प्रेमियों के बीच काफी चर्चा में है। इस सीरीज में POCO X7 और POCO X7 Pro मॉडल्स के लॉन्च होने की उम्मीद है। इन डिवाइसों की कई स्पेसिफिकेशंस पहले ही ऑनलाइन लीक हो चुकी हैं। POCO अपनी X7 सीरीज के लिए MediaTek चिपसेट्स का उपयोग करेगा, जिससे Xiaomi और POCO के बीच साझेदारी और मजबूत हो रही है। आइए जानते हैं इस सीरीज से जुड़ी पुष्टि हुई जानकारी। लॉन्च डेट और समय     POCO X7 सीरीज 9 जनवरी, 2025 को भारत में डेब्यू करेगी।     लॉन्च इवेंट भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे होगा।     कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस खबर को साझा किया।     Flipkart के लोगो के साथ लॉन्च पोस्टर से पुष्टि होती है कि डिवाइस Flipkart के माध्यम से बेचे जाएंगे।     POCO इंडिया के प्रमुख हिमांशु टंडन ने यह भी पुष्टि की है कि इस सीरीज में कोई “Neo” वेरिएंट नहीं होगा। स्पेसिफिकेशंस POCO X7: चिपसेट: MediaTek Dimensity 7300-Ultra SoC। रैम और स्टोरेज: 12GB तक रैम और 512GB इंटरनल स्टोरेज। POCO X7 Pro: चिपसेट: MediaTek Dimensity 8400-Ultra SoC। सॉफ़्टवेयर: दोनों डिवाइस एंड्रॉइड 15 पर आधारित HyperOS 2.0 के साथ आएंगे। डिस्प्ले     6.67 इंच की स्क्रीन।     120Hz रिफ्रेश रेट और 1.5K रेजोल्यूशन सपोर्ट।     पिछली सीरीज की सफलता और उम्मीदें     POCO की X6 सीरीज को 2024 में भारत में मिड-रेंज डिवाइस के रूप में बेस्ट वैल्यू माना गया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि POCO X7 सीरीज ग्राहकों को मजबूत अनुभव देते हुए कम कीमत पर बेहतर प्रदर्शन कर पाती है या नहीं। POCO X7 सीरीज की अधिक जानकारी लॉन्च के करीब आते-आते ब्रांड और भी ज्यादा स्पेसिफिकेशंस और डिटेल्स का खुलासा करेगा। POCO X7 सीरीज टेक प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनी हुई है।

नया साल में जीवन में सफलता हासिल करने करें ये बदलाव

नया साल हर व्यक्ति के जीवन में सफलता हासिल करने का एक दूसरा मौका होता है। जिसे वो अगर पूरे जोश, उत्साह और लगन के साथ अपनाता है तो उसे जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। एक आम व्यक्ति अकसर असफलता का मुंह इसलिए देखता है क्योंकि वो विवेक होते हुए भी अपनी कुछ खराब आदतों से अपना पीछा नहीं छुड़ा पाता है। ऐसे में अगर आप नए साल में अपनी पर्सनालिटी में बदलाव लाकर सफलता का रास्ता तय करना चाहते हैं तो ये 5 सक्सेस टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। सेहत पर दें ध्यान कई बार लोग अपने लक्ष्य के पीछे भागते-भागते, खुद को इतना व्यस्त कर लेते हैं कि उन्हें अपनी सेहत का भी ध्यान नहीं रहता है। लंबे समय तक बनी इस आदत की वजह से वो जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं और मौका मिलने पर उसका फायदा नहीं ले पाते हैं। अगर आप भी अपनी सेहत के प्रति इतने ही लापरवाह हैं तो इस नए साल अपने लक्ष्य के साथ अपनी सेहत को भी पूरा ध्यान रखें। इसके लिए नियमित व्यायाम, योग और संतुलित आहार को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। बचत की डालें आदत अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, जो आज को जीने में विश्वास करते हैं और अपने कमाए हुए पैसों को फिजूलखर्ची करके उड़ा देते हैं तो इस साल अपनी इस आदत को बदल डालिए। अपने खर्चों और बचत का एक स्पष्ट खाका तैयार करके अपने वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की कोशिश करें। अपनी इस आदत में बदलाव करके आ अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। बायोडाटा अपडेट करें नए साल में कदम रखते ही, सबसे पहले अपना बायोडाटा खोलकर उसे अपडेट करें। ताकि नए साल में नए मौके मिलने पर आप उसका तुरंत फायदा उठा सकें। स्लीपिंग हैबिट्स को सुधारें नए साल पर, अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए अपनी स्लीपिंग हैबिट्स पर भी खास ध्यान दें। इसके लिए एक तय समय पर जागने और सोने का समय निश्चित करें। इसे भी अपने एक लक्ष्य के रूप में ही देखें क्योंकि पूरी नींद ना मिलने की वजह से व्यक्ति अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर नहीं लगा पाता है। जिसकी वजह से वो अपने लक्ष्य से कोसों दूर हो जाता है। नेगेटिव विचार और आलस से बनाएं दूरी कई बार व्यक्ति मेहनती होते हुए भी सिर्फ अपने नेगेटिव विचार रखने और आलस की वजह से खुद को सफलता से दूर कर देता है। ऐसे में नए साल की शुरुआत में हर दिन एक सकारात्मक आदत अपनाने का प्रयास करें।

iPhone 17 सीरीज में सभी मॉडल्स के लिए ProMotion डिस्प्ले टेक्नोलॉजी का होगा यूज

नई दिल्ली iPhone 16 सीरीज में Action Button को सभी मॉडल्स में शामिल किया गया, जो पहले केवल iPhone 15 Pro मॉडल्स में उपलब्ध था। iPhone 16 सीरीज में Apple Intelligence Tools और नया Camera Control Button भी सभी मॉडल्स के लिए स्टैंडर्ड फीचर्स बनाए गए। हालांकि, Pro मॉडल्स में A18 Pro चिप का उपयोग होता है, जो स्टैंडर्ड A18 चिप की तुलना में अधिक क्षमताएं प्रदान करता है। यह संभावना है कि iPhone 17 सीरीज भी इस प्रवृत्ति को जारी रखेगी, जिसमें Pro और नॉन-प्रो मॉडल्स के बीच की खाई कम होगी, लेकिन कुछ भिन्नताएं बनी रहेंगी। iPhone 17 सीरीज में ProMotion टेक्नोलॉजी के विस्तार से Apple न केवल बेस मॉडल्स के उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देगा, बल्कि अपनी प्रतिस्पर्धा में एक कदम आगे रहेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि Apple अपनी आगामी सीरीज में और कौन-कौन से नए फीचर्स शामिल करता है।

नए साल में निखारे चेहरा, फॉलो करें ये टिप्स

नए साल का पहला दिन और आप में से कई लोगों के रेजोल्यूशन में हेल्दी, चमकती और ग्लासी स्किन पाना जरूर शामिल होगा। लेकिन जब तक आप इसपर सही से काम नहीं करते तब तक ये इच्छा पूरी कैसे होगी? इसे लिए आपको जरूरत है ऐसे स्किन केयर की जो आपकी त्वचा को और भी ज्यादा निखार दें। बस इसलिए आज हम आपको लिए लेकर आए हैं वेलनेस एजुकेटर शिल्पा अग्रवाल का बताई 10 दिन में चेहरा निखारने वाली ट्रिक्स। जी हां, इसमें आपके स्किन केयर में 6 चीजें शामिल होंगी, जिन्हें आपको नए साल के शुरुआती 10 दिनों तक करना है। ये आपके चेहरे पर ऐसा निखार देगा कि आप इन 6 स्किन केयर को अपना रुटीन ही बना लेंगे। आइए जानते हैं वेलनेस एजुकेटर और कंटेंट क्रिएटर शिल्पा अग्रवाल त्वचा की देखभाल करने के लिए क्या बताया है। डाइट में शामिल करें नट्स नट्स हमारी स्किन के लिए बहुत ही ज्यादा हेल्दी होते हैं। खासकर अखरोट, क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अखरोट त्वचा को हाइड्रेट रखने और उसकी इलास्टिसिटी को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे हमारी स्किन हेल्दी रहती है। तो अगर आप भी अपनी स्किन को स्वस्थ बनाना चाहते हैं तो डाइट में नट्स जरूर शामिल करें। आंवला और हल्दी ड्रिंक बात चाहे आंवला की हो या फिर हल्दी की, दोनों ही हमारी स्किन के लिए फायदेमंद होते हैं। इसलिए शिल्पा ने नए साल के स्किन केयर में आंवला-हल्दी शॉट्स शामिल किया है, जिसमें आप अपनी डाइट में शामिल करके एंटीऑक्सीडेंट को बढ़ा सकते हैं। ये त्वचा की सूजन को कम करने और पाचन में सुधार कर स्किन की हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करेगा। जीरा का पानी जीरा के पानी में एंटीऑक्सीडेंट, एक्ने ट्रीटमेंट, स्किन ब्राइटनिंग और स्किन रिपेयरिंग गुण होते हैं, इसलिए आप इसे भी अपने स्किन केयर में शामिल करें। साथ ही ये हमारे गट को हेल्दी रखने में मदद करता है,और जब हमारा गट हेल्दी रहेगा तो स्किन अपने आप स्वस्थ रहेगी। साथ ही स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल को सोखने के लिए भी जीरा का पानी फायदेमंद होता है। मॉर्निंग में करें इस फेस मास्क का इस्तेमाल अंदर ही नहीं बाहर से भी त्वचा को साफ रखना बहुत जरूरी है, इसलिए चावल का आटा, मुल्तानी मिट्टी, बेसन, हल्दी, शहद और गुलाब जल से फेस मास्क तैयार करे। इस नुस्खे को सुबह लगाएं और पाएं साफ चमकती त्वचा। रात को इस नुस्खे से करें फेस मसाज रात को हमारी पूरी बॉडी रिलैक्स करती है, ऐसे में अगर आप फेस मसाज करते हैं तो फेस मसल्स को भी आराम देता है। इसके लिए आप एक चम्मच कैस्टर ऑयल में शहद को अच्छे से मिला लें और फिर इससे चेहरे की मसाज करें।

UPI से जुड़ा नया नियम 1 जनवरी से होगा लागू, ज्यादा पैसे कर पाएंगे ट्रांसफर

नई दिल्ली 1 जनवरी से नियमों में कुछ बदलाव होने वाले हैं। लेकिन एक सबसे बड़ा बदलाव होने वाला है UPI नियमों में। आज हम आपको यूपीआई के नियमों की जानकारी देने वाले हैं। साथ ही बताएंगे कि इसमें क्या नया मिलने वाला है। RBI ने फैसला लिया है कि UPI 123Pay की ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने लिमिट में इजाफा करने का फैसला लिया है। UPI 123Pay का इस्तेमाल करके यूजर्स 5 हजार की जगह 10 हजार रुपए की ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। क्या होती है UPI 123Pay UPI 123Pay सर्विस यूजर्स को दी जाती है। ये एक ऐसी सर्विस है जिसमें यूजर्स को बिना इंटरनेट कनेक्शन पेमेंट करने का ऑप्शन दिया जाता है। यही वजह है कि आरबीआई की तरफ से ऐसी ट्रांजैक्शन को कंट्रोल करने के लिए पूरा प्रयास किया जाता है। लेकिन अब इसमें भी बदलाव कर दिया गया है। UPI 123Pay में यूजर्स को पेमेंट करने के अधिकतम 4 ऑप्शन दिए जाते हैं। इसमें IVR नंबर्स, मिस्ड कॉल्स, OEM-embedded Apps और साउंड बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। क्या है डेडलाइन UPI के नए नियमों को लेकर डेडलाइन जारी हो चुकी है। इसमें यूजर्स को 1 जनवरी 2025 तक का समय दिया जाएगा। यानी यूजर्स आसानी से इसके बाद 10 हजार रुपए तक की ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। हालांकि इसके साथ ही OTP बेस्ड सर्विस को ऐड कर दिया गया है। यानी आपको पेमेंट करने के लिए OTP की जरूरत होगी। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं तो OTP का इस्तेमाल करना होगा। क्योंकि सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए इसका फैसला लिया गया है। विदेश में पहुंच चुकी है UPI श्रीलंका समेत कई देशों में भी UPI सर्विस की शुरुआत हो चुकी है। भारतीय सिस्टम ने देखते ही देखते बाहर तक पैर पसार लिए हैं। सरकार की तरफ से इसको लेकर नए फैसले लिए जाते हैं।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल खत्म करने के घरेलू और असरदार उपाय

डार्क सर्कल पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें सोने, हार्मोन्स में परिवर्तन होने, अव्यवस्थित लाइफस्टाल होने या फिर हेरेडेट्री होने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं। इसके उपायों के लिए बाजार में कई बहुत से ऐसे रासायनिक उत्पाद मौजूद है जो डार्क सर्कल को खत्म करने में कारगर है परंतु सेंसटिव स्किसन वाले इन उत्पादों को यूज नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर डार्क सर्कल्स को दूर किया जा सकता है: 1. एक खीरा लें और इसे ब्लेंड कर लें। अब इसके गूदे में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं और पेस्ट बनाने के लिए इसे फिर से ब्लेंड करें। अब इस पेस्ट को डार्क सर्कल पर लगाएं और 15 मिनट के लिए लगा रहने दें। अब पानी से धो लें। 2. डार्क सर्कल दूर करने के लिए टमाटर सबसे कारगर उपाय है. ये नेचुरल तरीके से आंखों के नीचे के काले घेरे को खत्म करने का काम करताहै. साथ ही इसके इस्तेमाल से त्वचा भी कोमल और फ्रेश बनी रहती है. टमाटर के रस को नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर लगाने से जल्दी फायदा होता है. 3. डार्क सर्कल दूर करने के लिए आलू का भी प्रयोग किया जा सकता है. आलू के रस को भी नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिला लें. इस मिश्रण को रूई की सहायता से आंखों के नीचे लगाने से काले घेरे समाप्त हो जाएंगे. 4. ठंडे टी-बैग्स के इस्तेमाल से भी डार्क सर्कल जल्दी समाप्त हो जाते हैं. टी-बैग को कुछ देर पानी में डुबोकर रख दें. उसके बाद इसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. कुछ देर बाद इसे निकालकर आंखों पर रखकर लेट जाएं. 10 मिनट तक रोज ऐसा करने से फायदा होगा. 5. ठंडे दूध के लेप से भी आंखों के नीचे का कालापन दूर हो जाता है. कच्चे दूध को ठंडा होने के लिए रख दें. उसके बाद कॉटन की मदद से उसे आंखों के नीचे लगाएं. ऐसे दिन में दो बार करने से जल्दी फायदा होगा. 6. संतरे के छिलके को धूप में सुखाकर पीस लें. इस पाउडर में थोड़ी सी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर लगाने से काले घेरे खत्म हो जाएंगे. 7. दही से काले घेरे कम करने के लिए दो चम्मच दही में दो चम्मच नींबू का रस मिलाएं। अब इस पेस्ट को आंखों के नीचे डार्क सर्कल पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा छोड़ दें। अब पानी से इसे धो लें। बेहतरीन परिणाम के लिए इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार लगाएं।  

योगा करने से पहले और बाद में इन बातों का रखें ध्यान

योग संस्कृत शब्द ‘यूजी’ से बना है। योग शब्द का शाब्दिक अर्थ- जुड़ना या मिलना होता है। योग से सेहत को बेशुमार लाभ पहुंचता है। नियमित योग करने से दिमाग को शांति मिलती है और तनाव कम होता है। लेकिन योग करते समय कुछ बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है। शारीरिक और मानसिक व्यायाम के रूप में योग पूरी दुनिया में जोर-शोर से अपनाया जा रहा है। भारत में प्राचीन काल से लोग योग करते आए हैं। योग के लिए नियम और अनुशासन बेहद जरूरी हैं। नियमित रूप से और सही तरीके से योग करना सेहत के लिए न सिर्फ फायदेमंद होता है बल्कि घातक बीमारियों को खत्म करने में भी मददगार होता है। कठिन आसान से न करें शुरुआत हल्के आसन के चयन से योगासन की शुरूआत करनी चाहिए। पहले से प्रैक्टिस के बावजूद भी आसान योगासन शुरूआत करें। बिना शरीर को तैयार किए आप कठिन योग करने लगेंगे तो चोट लगने का डर रहता है। सही समय योग सूरज उगने से पहले और सूर्य डूबने के बाद किसी भी समय किया जा सकता है लेकिन दिन के समय योग न करें। योगासन सुबह के समय करने से अधिक लाभ मिलता है। मगर फिर भी अगर आप किसी कारण से सुबह योग नहीं कर पाएं तो शाम या रात को खाना खाने से आधा घंटा पहले भी कर सकते हैं। यह ध्यान रखें कि आपका पेट भरा न हो। इसलिए भोजन करने के 3-4 घंटे बाद और हल्का नाश्ता लेने के 1 घंटे बाद आप योगास करें। योगासन के दौरान न पीएं ठंडा पानी योग करते समय बीच में ठंडा पानी पीना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। योग के दौरान शारीरिक गतिविधि के बाद शरीर गर्म हो जाता है। ऐसे में ठंडा पानी पीने से सर्दी जुकाम, कफ और एलर्जी की शिकायत हो सकती है। इसलिए योगासन के समय और बाद में नार्मल पानी ही पीएं। बीमारी में न करें अगर आपको कोई भी गंभीर समस्या, जोड़ों, कमर, घुटनों में अधिक दर्द है तो योग करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा योग करने के दौरान बाथरूम नहीं जाना चाहिए बल्कि अपने शरीर का पानी पसीने के जरिए बाहर निकलना चाहिए। गलत पोज न करें इन्स्ट्रक्टर द्वारा बताए अनुसार ही योग करें। गलत आसन करने से कमर दर्द, घुटनों में तकलीफ या मसल्स में खिंचाव हो सकता है। इसके अलावा पीठ, घुटने या मसल्स की प्रॉब्लम हो तो योग करने से पहले ट्रेनर से सलाह जरूर ले। तुरंत बाद न नहाएं योगासन करने के तुरंत बाद न नहाएं बल्कि कुछ समय बाद स्नान करें। क्योकि किसी भी व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधि के बाद शरीर गर्म हो जाता है और आप एकदम से नहाएंगे तो सर्दी-जुकाम, बदन दर्द जैसी तकलीफ हो सकती है। इसलिए योग करने के एक घंटे बाद ही नहाएं। योगासन के समय ध्यान केंद्रित करना योगासन करते समय अपने मोबाइल फोन ऑफ कर दें। क्योंकि इसे करते समय आपका ध्यान इधर-उधर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा हंसी मजाक का माहौल न बनाए इससे आपसे योग में कोई गलत स्टेप हो सकता है। योग के लिए एक्सपर्ट से लें सलाह अक्सर लोग योग  करने के लिए टीवी या कोई किताब पढ़ने लगते हैं लेकिन योग हमेशा किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए योग कर रहें तो भी एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।  

गुस्से को करें कंट्रोल, तो नहीं पड़ेगा पछताना

गुस्सा आना और गुस्सा होना दो अलग बातें हैं। किसी इंसान को गुस्सा आ रहा है लेकिन उसने कंट्रोल कर लिया, तो वो कई सारी प्रॉब्लम से बच सकता है। लेकिन गुस्सा हो जाना मतलब कि आपका अपने गुस्से पर कंट्रोल नही है। इसलिए सबसे जरूरी है समझना कि अपने गुस्से पर कैसे कंट्रोल किया जाए। जिससे ना केवल आप बाद में किसी भी तरह की शर्मिंदगी से बचें बल्कि होने वाले नुकसान को भी टाल सकें। गुस्से पर कंट्रोल करने के लिए अगर सांइटिफिक तरीके की बात की जाए तो मायो क्लीनिक ने इसके कई तरीके बताएं हैं, जिससे गुस्से को कंट्रोल किया जा सकता है। गुस्से में बोलने से पहले सोचें किसी भी आध्यात्मिक गुरु से बात करें तो वो गुस्से में बोलने से मना करते हैं। ठीक यहीं बात साइंस भी कहता है कि जब भी आप गुस्सा हो तो बोलने से पहले सोचें। गुस्से में बोले गए शब्द बाद में शर्मिंदगी का कारण बन सकते हैं। इसलिए गुस्सा हो तो चुप हो जाए और सोचकर बोलें। फिजिकल एक्टीविटी करें गुस्से को कंट्रोल करना है तो फिजिकल एक्टीविटी करें। जैसे कि वॉक करना शुरू करें या रन करें। या फिर अपनी मनपसंद किसी फिजिकल एक्टीविटी को करें। काम के बीच से ब्रेक लें कई बार काम करते-करते दिमाग थक जाता है। ऐसे में स्ट्रेसफुल माइंड में एंगर कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इससे बचने के लिए ब्रेक लें और माइंड को रिफ्रेश करें। जिससे गुस्सा पर कंट्रोल हो सके। माफ करना सीखें मन में निगेटिव बातें रखना गुस्से को बढ़ाती है। जिसके प्रति गुस्सा हों उसे माफ करने से कड़वाहट कम होती है और आपके अंदर का गुस्सा भी कम होता है। सॉल्यूशन पर फोकस करें जब भी गुस्सा हो तो हमेशा सॉल्यूशन पर फोकस करें। वो कौन सी चीजें हैं जिससे गुस्सा आता है। उसके सॉल्यूशन निकालने की कोशिश करें। जिससे आपका गुस्सा कम हो।

एक दूसरे की हीनभावना को दूर करें पति-पत्नी

पति−पत्नी गृहस्थी के दो पहिए हैं। एक−दूसरे के बिना गृहस्थी की गाड़ी नहीं चल सकती। ऐसे में आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी एक का हीनभावना से ग्रस्त हो जाना पूरे परिवार की गाड़ी में ब्रेक लगा देता है। हीनभावना का कारण चाहे कुछ भी हो परन्तु पति−पत्नी को एक−दूसरे की हीनभावना को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। कई बार महिलाएं समझ ही नहीं पाती हैं कि उनके पति हीनभावना से ग्रस्त हैं। इसके लिए उनके व्यवहार में आए बदलाव को नोट किया जा सकता है। यदि पति आफिस से आकर अपने कपड़े तथा जूते−मोजे इधर−उधर फेंक कर कमरा अस्त−व्यस्त कर दे तो समझ जाइए कि उन्हें आफिस में कोई परेशानी है। कई बार होता यह है कि आफिस में महिला बॉस आ जाए और वह सख्ती शुरू करे तो पुरुष उसे आसानी से सहन नहीं कर पाते। महिला बॉस की एक−दो डांट से ही पुरुषों के मन में हीनभावना पनपने लगती है। कई बार पत्नी की खूबसूरती भी पति में हीनभावना पनपाने में सहायक होती है। हर कोई जब पत्नी की खूबसूरती की तारीफें करता रहे और पति को पूछे भी न और यह कहे कि तुम्हारी तो लाटरी खुल गई जो तुम जैसे को इतनी खूबसूरत पत्नी मिल गई। ऐसे में पति के मन में हीनभावना पनपना स्वाभाविक ही है। अपने पति को हीनभावना से निकालना आपका कर्तव्य है। पहले तो प्रयास करें कि ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपके गुणों के कारण नहीं बल्कि खूबसूरती के कारण आपकी तारीफ करते हैं। अपने पति को यह अहसास दिलाना जरूरी है कि आपकी नजरों में खूबसूरती से ज्यादा गुण महत्व रखते हैं और आप उन्हें इसीलिए चाहती हैं क्योंकि उनमें सब गुण मौजूद हैं। उन्हें बताइए कि आप उनके कुछ गुणों को अपनाना चाहती हैं। पति की उदासीनता के कई कारण माने गए हैं पर सबसे बड़ा कारण अहं होता है। जब किसी आदमी के अहं को ठेस पहुंचती है तो वह या तो दुनिया से स्वयं को काट लेता है या दुनिया पर हावी हो जाने की कोशिश करता है। जो व्यक्ति हावी हो जाता है वह अपनी हीनभावना की कड़वाहट को प्रसिद्धि पाने के प्रयास में उपयोग कर लेता है और जो व्यक्ति स्वयं को दुनिया से अलग कर एक जगह बंद हो जाता है उसका व्यक्तित्व ही समाप्त हो जाता है। कई बार पत्नी की शोहरत से ईष्र्या कर के भी पति के मन में हीनभावना आ जाती है। पति के मन में यदि हीनभावना घर कर जाए तो वह आपको नजरअंदाज तो करेगा ही और बच्चों की तरफ भी ज्यादा नहीं ध्यान देगा। निश्चय ही वह अपने लिए बाहर कोई सहारा तलाश करेगा। यदि आप पत्नी होकर पति से अपने बर्थडे व अन्य खास बातें याद रखने को कहती हैं तो पत्नी होकर आपका भी दायित्व बनता है कि आप पति के साथ कदम से कदम मिला कर दांपत्य जीवन को सफल बनाएं न कि पति के हीनभावना से ग्रस्त होने पर उनका दामन छोड़ कर मायके चली जाएं। पति−पत्नी दोनों के ही कुछ कर्तव्य होते हैं। जब आपको पति ने कुछ हक दिए हैं तो उसी के साथ आपके कुछ कर्तव्य भी हैं जिनका पालन करना आपके लिए बेहद जरूरी है। आपको चाहिए कि पति की हीनभावना दूर करने के लिए भरसक प्रयास करें।  

सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवाल

food why packaged food items under question items included in research भारत में लोगों के खाने-पीने का तरीका बदल रहा है और यह बदलाव सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ICMR ने बताया कि देश में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारतीयों की पसंद और नापसंद बदल रही है, खासकर तब जब बात खाने की होती है. पहले के समय में लोग ज्यादातर कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाते थे, लेकिन आजकल पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ गया है.कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर भारत में बिकने वाले पैकेट बंद फूड की जांच की है. यह जानने के लिए कि ये फूड सेहत के लिए कितने अच्छे या बुरे हैं. उन्होंने यह भी देखा कि पैकेट पर जो कुछ लिखा है, वह सही है या नहीं. यह रिसर्च Plos One नाम की एक मशहूर मैगजीन में छपी है. इस रिसर्च को करने वालों में ये लोग शामिल थे: चेन्नई के मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर, भारत के मेडिकल रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर. पैकेट बंद फूड: लेबल पर सही जानकारी, फिर भी सेहत के लिए खतरा! पैकेट बंद फूड के लेबल पर लिखी पोषण जानकारी हमें उस फूड में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताती है. यह जानकारी ग्राहकों के लिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे वे यह तय कर सकते हैं कि वह फूड उनकी सेहत के लिए कितना अच्छा या बुरा है.इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजार में उपलब्ध 432 पैकेट बंद फूड के लेबल की जांच की. इनमें इडली मिक्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, दलिया मिक्स, बेवरेज मिक्स और फूले हुए स्नैक्स जैसे पैकेज्ड फूड शामिल थे.रिसर्च में पाया गया कि 80% पैकेट बंद फूड में लेबल पर लिखी जानकारी सही थी. यानी जो पोषक तत्व लेबल पर लिखे थे, वे प्रोडक्ट में मौजूद थे. ज्यादातर पैकेज्ड फूड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दरअसल, हमारे शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है. फूले हुए स्नैक्स में वसा की मात्रा ज्यादा मिली. वसा भी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा वसा से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से क्या होता है? जब हम खाना खाते हैं तो वह ग्लूकोज में बदल जाता है. यह ग्लूकोज हमारे खून में मिल जाता है. इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है.ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारे अग्न्याशय को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. अगर यह ज्यादा समय तक चलता रहे, तो अग्न्याशय कमजोर हो सकता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. पैकेट बंद फूड की जांच: कैसे पता चला कौन सा सेहतमंद है? पैकेट बंद फूड की जांच करने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हिसाब से पैकेज के आगे और पीछे लिखी पोषण जानकारी की जांच की. इस अध्ययन में सिर्फ प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े पोषण संबंधी दावों का मूल्यांकन किया गया. विशेषज्ञों ने पैकेट बंद फूड में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच की. फिर उन्होंने एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सा फूड सेहतमंद है और कौन सा नहीं. यह जानकारी लोगों को सेहतमंद पसंद चुनने में मदद कर सकती है. पैकेट बंद फूड में क्या मिला? ज्यादातर पैकेट बंद फूड में 70% से ज्यादा एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिल रही थी. सिर्फ फूले हुए स्नैक्स ही ऐसे थे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम थी. फूले हुए स्नैक्स में 47% से ज्यादा एनर्जी वसा से मिल रही थी. ज्यादा वसा से भी सेहत को नुकसान हो सकता है. सभी पैकेज्ड फूड में प्रोटीन की मात्रा 15% से कम थी. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी होता है, इसलिए इसकी कमी सेहत के लिए अच्छी नहीं है.यह अध्ययन दिखाता है कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में कार्बोहाइड्रेट, वसा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए हमें पैकेट बंद फूड का सेवन सीमित करना चाहिए. ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए. सभी पैकेट बंद फूड के लेबल पर पूरी जानकारी नहीं भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, पैकेट बंद फूड के लेबल पर एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और कुल वसा की मात्रा ‘प्रति 100 ग्राम’ या ‘100 मिलीलीटर’ या ‘प्रति सर्विंग’ के हिसाब से लिखी होनी चाहिए. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में यह जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी. सिर्फ कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पेय पदार्थों में ही प्रति सर्विंग जानकारी दी गई थी.कुछ प्रोडक्ट ने यह दावा किया कि उनमें साबुत अनाज हैं लेकिन इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में साबुत अनाज का जिक्र नहीं था. यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला है. अध्ययन में यह बात कही गई है कि एक स्पष्ट लेबलिंग सिस्टम होना चाहिए ताकि ग्राहक आसानी से सेहतमंद प्रोडक्ट का चयन कर सकें. घरेलू खर्च के आंकड़े क्या कहते हैं? 2022-23 के घरेलू खर्च सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय अब पैकेट बंद फ़ूड, पेय पदार्थों और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि घर पर बने खाने पर खर्च कम हो रहा है. यह बदलाव शहरों और गांवों दोनों जगह देखा जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान में यह बदलाव देश में मोटापा, डायबिटीज, हार्टअटैक जैसे बढ़ते बोझ का एक बड़ा कारण है. इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भी यह बात कही गई है कि भारत में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. कितना बड़ा है पैकेज्ड फूड का बाजार भारत में पैकेट बंद फूड का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2023 में ये बाजार करीब 76.28 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक इसके 116 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि … Read more

सैमसंग स्मार्ट रिंग, गैलेक्सी रिंग 2, लॉन्च करने के लिए तैयार

नई दिल्ली सैमसंग स्मार्ट रिंग, गैलेक्सी रिंग 2, लॉन्च करने के लिए तैयार है। एडवांस फीचर्स और पहले से बेहतर मजबूती के साथ यह डिवाइस यूजर्स को और बेहतर अनुभव देने का वादा करती है। अगर लीक रिपोर्ट्स पर भरोसा किया जाए, तो गैलेक्सी रिंग 2 का डेब्यू 22 जनवरी को गैलेक्सी अनपैक्ड इवेंट में हो सकता है। बेहतर फिट और स्मार्ट फीचर्स के साथ आएगी गैलेक्सी रिंग 2 गैलेक्सी रिंग 2 में साइज के विकल्पों को बढ़ाकर नौ से ग्यारह किया जा सकता है, जिससे यह और अधिक यूजर्स के लिए बेहतर फिट सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, सैमसंग इसमें उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स जोड़ने की योजना बना रहा है, जिससे यह रिंग अपने पूर्ववर्ती से अधिक स्मार्ट और बहुउद्देश्यीय हो जाएगी। बैटरी लाइफ और वाटरप्रूफिंग में बड़े सुधार गैलेक्सी रिंग 2 की सबसे खास बात इसकी बेहतर बैटरी क्षमता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह स्मार्ट रिंग एक बार चार्ज करने पर 7 दिनों तक चल सकती है। डिवाइस का टाइटेनियम फ्रेम और वाटरप्रूफ क्षमता बनी रहेगी, लेकिन इसमें IP69 रेटिंग जोड़ी जाएगी, जो गैलेक्सी रिंग की IP68 रेटिंग से अधिक बेहतर है। गैलेक्सी रिंग की सफलता के बाद अगला कदम सैमसंग ने अपनी स्मार्ट रिंग का कॉन्सेप्ट पहली बार जनवरी 2024 में पेश किया था और इसे मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में प्रदर्शित किया। पहली गैलेक्सी रिंग को जुलाई 2024 में गैलेक्सी Z फोल्ड 6 के साथ लॉन्च किया गया था और यह अक्टूबर 2024 में भारत में उपलब्ध हुई। इसी पैटर्न के अनुसार, गैलेक्सी रिंग 2 के भी इसी तरह लॉन्च होने की संभावना है। नई पीढ़ी के वियरेबल्स को परिभाषित करेगा गैलेक्सी रिंग 2 एआई-संचालित फीचर्स, अधिक साइज विकल्प, बेहतर बैटरी लाइफ और IP69 रेटिंग के साथ, गैलेक्सी रिंग 2 स्मार्ट वियरेबल्स की परिभाषा को नया रूप देने का वादा करती है। प्रशंसक बेसब्री से इसके आधिकारिक अनावरण का इंतजार कर रहे हैं, जो सैमसंग के नवाचार यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित हो सकता है।

सब्जी और चावल के आटे निखारें चेहरा

हर लड़की अपने चेहरे पर नेचुरल निखार चाहती है, लेकिन फेस पर केमिकल घिसने से रिजल्ट नहीं मिलेगा, ग्लोइंग स्किन पाने के लिए आपको जरूरत है एक ऐसे नुस्खे की जो पहले ही इस्तेमाल के बाद चेहरे पर चमकदार निखार दे दे। वैसे तो आजकल बाजार में कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, लेकिन हम आपको आज एक सब्जी से ग्लो लाने का तरीका बताने वाले हैं। जी हां, आज हम आपको चावल के आटे के साथ स्किन के लिए फायदेमंद सब्जी से फेस पैक बनाने का तरीका बताने वाले हैं, जो चेहरे पर निखार लाने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स की लेयर को हटाने में भी मदद करेगा। आइए जानते हैं वो कौन सी सब्जी है जो खाने के साथ लगाने के भी काम आती है। ये नुस्खा है चुकंदर का जी हां, हम जिस सब्जी की बात कर रहे हैं वो और कोई नहीं बल्कि चुकंदर है, जिससे आज हम आपको फेस पैक बनाने का तरीका बताने वाले हैं। चुकंदर में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं और ये सभी पोषक हमारी त्वचा को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये हमारी स्किन को हाइड्रेट रखता है। आइए जानते हैं फेस पैक बनाने का तरीका। फेस पैक बनाने के लिए क्या चाहिए?     चुकंदर- 1     चावल का आटा – 2 चम्मच     शहद – 1 चम्मच ऐसे तैयार करें फेस पैक     सबसे पहले आप चुकंदर को धो लें और एक कटोरी में कद्दूकस कर लें।     इसके पानी कद्दूकस किए हुए चुकंदर को हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें।     अब आप एक दूसरी कटोरी में और उसमें 2 चम्मच चावल का आटा, जरूरत अनुसार चुकंदर का रस और एक चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिक्स कर लें।     अब आप इसे अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें।     जब समय पूरा हो जाए तो हल्के गुनगुने पानी से फेस वॉश कर लें।     देखिए कैसे पहले ही इस्तेमाल के बाद आपका चेहरे खिल उठा है।     आप इन नुस्खे को हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

नाक के ऊपर जमे ब्लैकहेड्स घर पर ही इन तरीकों से करे साफ

आजकल फेस पैक और स्क्रब को छोड़कर लोग नाक और चिन से ब्लैकहेड्स हटाने के लिए टिशु पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये सुनने में भले ही आपको थोड़ अटपटा लगे लेकिन कई महिलाओं ने इसे आजमाया है और इस नुस्खे को असरदार बताया है। हम बात कर रहे हैं ब्यूटी कंटेंट क्रिएकर इसरा अब्दुल्लाह के बताए घर पर नोज स्कीप बनाने के तरीके की। जी हां, और आज हम आपको भी घर पर नोज स्ट्रिप बनाने और इसे इस्तमाल करने का तरीका बताने वाले हैं। ये नुस्खा बनाने और लगाने, दोनों में ही आसान है। आपको इसके लिए टिशु पेपर के साथ कुछ और चीजों की भी जरूत होगी। आइए जानते हैं टिशु पेपस से नोज स्ट्रिप बनाने का तरीका। नोज स्ट्रिप बनाने के लिए क्या चाहिए?     टिशु पेपर- 1     अंडा- 1 छोटी कटोरी     चावल का आटा- 1/2 चम्मच     मुल्तानी मिट्टी- 1/2 चम्मच ऐसे तैयार और इस्तेमाल करें नुस्खा     सबसे पहले आप एक कटोरी लें और उसमें अंडे का सफेद भाग निकाल लें।     अब इसमें चावल का आटा और मुल्तानी मिट्टी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें।     अब नोज स्ट्रिप बनाने के लिए आप अपने ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स वाले एरिया पर टिशु की डबल लेयर लगाएं।     इसके लिए पहले आप अंडे वाले पैक को अपनी नाक पर लगाएं और फिर उसपर टिशू पेपर चिपका दें।     इसी तरह जहां-जहां आपके चेहरे पर जैसे की नाक और ठुड्डी पर ब्लैकहेड्स हैं वहां अंडा और टिशू पेपर लगा दें।     अब इसे सूखने के लिए चेहरे पर ऐसे ही लगा रहने दें।     जब ये सूख जाए तो हल्क हाथों से इस स्ट्रिप को निकाल लें।     आप देखेंगे कि नाक एकदम साफ हो गई है और त्वचा काफी फ्लॉलेस दिख रही है।     इसमें सभी नेचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया है इसलिए आप इस नुस्खे को हफ्ते में दो से तीन बार या अपनी जरूरत के अनुसार भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाने के लिए सही तरीके से खाएं मूंगफली

सर्दियों के मौसम में मूंगफली सिर्फ टाइमपास स्नैक्स नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है। ठंड के दिनों में लोग इसे खूब चाव से खाते हैं, क्योंकि यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को गर्म रखने के साथ एनर्जी भी देती है। सलाह रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली में आयरन, कैल्शियम, विटामिन-ई और जिंक जैसे जरूरी नुट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह न केवल इम्यूनिटी को मजबूत करती है, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाए रखने में भी मददगार है। मूंगफली का सेवन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें अच्छे फैट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखते हैं। साथ ही यह डायबिटीज और वेट कंट्रोल करने में भी सहायक है। सर्दियों में मूंगफली खाने के सही तरीके और फायदे मूंगफली को सर्दियों का सुपर फूड कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे सही तरीके से खाने से ही इसके अधिकतम फायदे मिल सकते हैं। रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली को खाने के सही तरीके अपनाकर आप इसके नुट्रिएंट्स को बेहतर तरीके से अपना सकते हैं। तो आइये जानते है मूंगफली खाने के सही तरीके और इसके फायदे।​ ​मूंगफली खाने के सही तरीके भुनी हुई मूंगफली का सेवन करें: डॉक्टर का मानना है कि भुनी हुई मूंगफली में नुट्रिएंट्स ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। इसे बिना तेल के तवे पर भूनना या हल्का सेक कर खाना सबसे अच्छा विकल्प है। इससे न केवल मूंगफली का स्वाद बेहतर होता है, बल्कि डाइजेशन में भी आसान होता है। – सुबह के नाश्ते के बाद या शाम के समय मूंगफली खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और यह डाइजेशन को भी बेहतर बनाती है। यह उन लोगों के लिए आदर्श स्नैक है जो लंबे समय तक भूखे नहीं रहना चाहते। – गुड़ और मूंगफली का कॉम्बिनेशन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर को आयरन और अन्य जरूरी नुट्रिएंट्स भी प्रदान करता है।​ ऊर्जा का बेहतर स्रोत मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करती है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर की व्यस्तता में थकावट महसूस करते हैं। दिल की सेहत के लिए अच्छा मूंगफली में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को स्वस्थ रखते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है और हार्ट डिसीसेस का खतरा कम करती है। हड्डियों को मिलती है मजबूती कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे नुट्रिएंट्स से भरपूर मूंगफली हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। यह बुजुर्गों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है।

ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा, जाने नहाने का सही तरीका

नहाने से शरीर की गंदगी दूर होती है और तरोताजा महसूस होता है। लेकिन ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर ने बताया कि ठंडे मौसम में नहाने का सही तरीका क्या है और सबसे पहले कहां पानी डालना चाहिए। सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामले बहुत ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें से कई सारे मामलों में बाथरूम के अंदर हार्ट अटैक आता है। जिसमें से कई सारे लोगों की जान बच नहीं पाती। नहाने का गलत तरीका इसके पीछे का कारण हो सकता है और करीब 90 प्रतिशत लोग ऐसे ही नहाते हैं। ठंड में खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं और दिल को ब्लड पंप करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय पर तनाव बढ़ जाता है और हार्ट अटैक आ सकता है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या इस खतरे को और ज्यादा कर देती हैं। इस मौसम में नहाते हुए गलती करना भारी पड़ सकता है। डॉक्टर निशांत गुप्ता का कहना है कि इस खतरे से गर्म पानी भी नहीं बचा सकता। ठंडे पानी से नहाएं या फिर गर्म पानी से, अगर तरीका सही नहीं है तो खतरा हमेशा मंडराता रहेगा। ​​ सिर पर पानी डालने की गलती जब कोई नहाने जाता है तो सबसे पहले सिर के ऊपर पानी डालता है और यहीं गलती हो जाती है। जो लोग शॉवर से नहाते हैं, वो अधिकतर बार यही गलती करते हैं। सिर पर पानी डालने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नहाने का बेस्ट तरीका डॉक्टर कहते हैं कि पानी ठंडा हो या गर्म, लेकिन ठंड में एकदम से सिर पर पानी नहीं डालना चाहिए। सबसे पहले थोड़े पानी को पैरों पर डालकर मलें। इसके बाद पेट पर पानी डालकर मलें और फिर छाती पर मलें। इसके बाद सिर पर पानी डालना चाहिए। ऐसे बचेगी जान डॉक्टर का कहना है कि ठंड में नहाने का यह तरीका शरीर के अंदर एक तरह का थर्मोस्टेट बनाता है। जो कि बदन का तापमान सामान्य रखता है। बता दें कि थर्मोस्टेट एक डिवाइस है जिसे तापमान को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये लोग रहें ज्यादा सावधान जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज हाई है उन्हें ज्यादा संभल कर रहना चाहिए। ठंड में पैरों में दर्द रहना, थकान, सीने में दर्द उठना जैसी दिक्कतें दिल की खराब हेल्थ का इशारा कर सकती हैं। जिसके बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बीते साल के साथ ही इन आदतों करें बॉय-बॉय, साल 2025 में मिलेगी सक्सेज

साल 2024 गुजरने वाला है और इसके साथ ही लोग अपने इस साल के अच्छे और बुरे पलों को याद कर रहे हैं। जो लोग इस साल कुछ बड़ा अचीवमेंट नहीं पा सके या जिन्हें सक्सेज नहीं मिली। उन्हें अपनी रूटीन और हैबिट्स से इन चीजों को नेक्स्ट ईयर जरूर निकाल देना चाहिए। जिससे साल 2025 में सक्सेज जरूर मिल जाए। तो चलिए जानें वो कौन सी आदतें हैं जिन्हें लाइफ से बाहर कर देने से सफलता मिलनी आसान हो जाएगी। टॉक्सिक फ्रेंड्स अभी भी आप किसी ऐसे फ्रेंड के साथ दोस्ती निभाने में बिजी हैं जो आपको केवल पीछे की ओर खींचता है और अच्छे रास्ते की बजाय बुरे रास्तों पर चलने की सलाह देता है। माइंड में हमेशा निगेटिविटी भरता है तो आने वाले साल 2025 में ऐसे टॉक्सिक फ्रेंड से दूरी बना लें। जिससे आप अपनी सही मंजिल की ओर बढ़ सकें। बीती बातों में उलझे रहना जो बातें बीत चुकी हैं और उन्हें ठीक नहीं किया जा सकता। उस बारे में सोचकर अपने फ्यूचर को खराब ना करें। हमेशा बीती हुई बातें ही सोचते रहते हैं तो इस आदत को फौरन खत्म करने की कोशिश करें। पास्ट को भूलकर और उन गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना सीखिए। तभी आने वाले साल में सफलता मिलेगी। बेवजह का स्ट्रेस हर इंसान की अपनी ओपिनियन होती है और जरूरी नहीं कि लाइफ में सबकुछ आपके मनमुताबिक हो। इसलिए हर छोटी बात को लेकर स्ट्रेस ना लें। अपने बिना वजह अंदर के डर को बाहर निकालें और स्ट्रेस ना लें। तभी 2025 में सक्सेज से मिलना आसान होगा। ‘ना’ कहना भी सीखें कुछ लोगों के सामने ना बोलना भी जरूरी होता है। ऑफिस हो या फिर घर, अगर कोई चीज बुरी लग रही या आप उसे नहीं कर सकते, तो फौरन ना बोलना सीखें। एक ना आपकी लाइफ को आसान बना देगी और माइंड पर अननेसेसरी बर्डेन से बच जाएंगे। बहाने बनाना बंद करें सक्सेज नहीं मिली क्योंकि मैं ये हो गया या फिर काम पूरा नहीं कर पाया क्योंकि वो हो गया। ऐसे टाइप के बहाने छोड़ दें। अपने फेलियर की जिम्मेदारी लेना सीखें। चीजों को कल पर टालने की बजाय पूरी लगन से करने और सीखने की कोशिश करें। तभी सफलता मिलेगी। अपनी सोच को छोटा रखना सोच को छोटा रखना या फिर फिक्स्ड माइंडसेट रखना। अगर सफलता चाहते हैं तो अपनी सोच के दायरे को बढ़ाएं। तभी नए साल में सफलता के रास्ते पर चल पाएंगे।

OnePlus ने नवीनतम टैबलेट, वनप्लस पैड किया लॉन्च

नई दिल्ली स्मार्टफोन और कंज्यूमर गुड्स की दुनिया में अग्रणी वनप्लस ने आधिकारिक तौर पर अपना नवीनतम टैबलेट, वनप्लस पैड, लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे सबसे पहले अपने घरेलू बाजार चीन में पेश किया है। यह डिवाइस वनप्लस ऐस 5 सीरीज के साथ लॉन्च किया गया है। वनप्लस पैड को ओप्पो पैड 3 के रीब्रांडेड वर्जन के रूप में पेश किया गया है। यह शानदार फीचर्स से लैस है, जिसमें एक बड़ी बैटरी और स्लीक डिस्प्ले शामिल है। कीमत और वेरिएंट्स वनप्लस पैड चार स्टोरेज वेरिएंट्स में उपलब्ध है: 8GB + 128GB: 2099 युआन (लगभग ₹24,000) 8GB + 256GB: 2399 युआन (लगभग ₹28,000) 12GB + 256GB: 2699 युआन (लगभग ₹31,000) 12GB + 512GB: 3099 युआन (लगभग ₹36,000) वनप्लस पैड के दमदार स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले 11.61-इंच का 2.8K रेजोल्यूशन वाला IPS LCD पैनल 144Hz का रिफ्रेश रेट, जो विजुअल्स को स्मूथ बनाता है 700 निट्स की पीक ब्राइटनेस परफॉर्मेंस 4nm टेक्नोलॉजी के साथ मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8350 चिपसेट एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है कैमरा 8-मेगापिक्सल का रियर कैमरा बेसिक फोटोग्राफी के लिए 8-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, सेल्फी और वीडियो कॉल्स के लिए बैटरी और चार्जिंग 9520mAh की विशाल बैटरी, जो एक पावर बैंक के बराबर है 67W सुपरवूक फास्ट चार्जिंग सपोर्ट वन प्लस के पैड हमेशा ट्रेंड में रहते हैं आपके लिए ये डिवाइस काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इसमें कई शानदार फीचर्स मिलते हैं। इसमें दमदार कैमरा दिया जाता है। साथ ही अच्छा प्रोसेसर भी मिल रहा है। वन प्लस पैड डिजाइन के लिहाज भी पॉजिटिव साउंड करता है। भारतीय मार्केट में वन प्लस पैड को काफी लोग पसंद करते हैं। बैटरी बैकअप भी पैड में काफी अच्छा मिलता है। वन प्लस पैड की सबसे बड़ी खासियत होती है कि इसमें डिस्प्ले अच्छा दिया जाता है। इस पैड के बैक पैनल को भी काफी सोच समझकर डिजाइन किया गया है।

मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या, पानी में उबालें ये चीजे, 15 दिन में घटेगी चर्बी

पेट पर जमी चर्बी गंदगी का रूप है। यह मोटापा बढ़ाती है और मोटापा कई सारी बीमारियों को जन्म देता है। इसके कारण चेहरे का निखार चला जाता है और बेजान लगने लगता है। डॉक्टर मोटापे को डायबिटीज, हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की जड़ मानते हैं। जिम-डाइटिंग के बिना वेट लॉस कैसे करें? लोगों को लगता है कि वेट लॉस करने के लिए जिम जाना या डाइटिंग करना बहुत जरूरी है। लेकिन अगर आप शारीरिक गतिविधि को बढ़ाकर गलत खानपान को छोड़कर सही घरेलू उपाय आजमाएं तो आसानी से वजन कम किया जा सकता है। डॉक्टर निशांत गुप्ता ने वेट लॉस का एक घरेलू नुस्खा बताया है, जो 15 दिन में असर दिखा देगा। यह आपके पेट की चर्बी कम करने के साथ चेहरे का निखार लाने में भी मदद करेगा। वेट लॉस के लिए काढ़ा एक चम्मच कटा हुआ अदरक 2 टुकड़े दालचीनी 2 इलायची आधा चम्मच सौंफ आधा चम्मच अजवाइन आधा चम्मच जीरा ऐसे बनाएं ड्रिंक 2 गिलास पानी लेकर सारी चीजें डाल दें। अब इसे 5 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। इसके बाद इसे हल्का ठंडा होने दें और छान लें। फिर इसमें आधा नींबू का रस डालकर पी लें। 15 दिन में घट जाएगा वजन डॉक्टर के मुताबिक वेट लॉस की इस ड्रिंक को लगातार 15 दिन सेवन करना है। इससे पेट की सारी गंदगी निकल जाएगी और मोटापा कम हो जाएगा। इस उपाय से चेहरे पर निखार आने लगेगा। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

सांस की बीमारी से परेशान होते बच्चे

वातावरण से हमारे श्वसन तंत्र का सीधा संबंध होता है। वातावरण में विशेष रूप से आधुनिक शहरी वातावरण में कई तरह के जीवाणु और दूषित तत्व हर वक्त मौजूद रहते हैं। इसी वजह से श्वसन तंत्र में संक्रमण आसानी से और लगातार होते रहते हैं। बचपन में तो श्वसन तंत्र की समस्या आम होती है। कई बार बचपन और बुढ़ापा दोनों अवस्थाओं में यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है और यही नहीं कई बार यह मौत का कारण भी बन सकती है। आमतौर पर श्वसन तंत्र का संक्रमण अगर युवा वर्ग के लोगों को होता है तो वे कुछ दिनों में स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बूढ़ों में इस रोग के गंभीर रूप धारण करने की आशंका होती है क्योंकि उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो कम होती ही है, साथ ही फेफड़ों की क्षमता भी कम होती है। श्वसन तंत्र के ऊपर के भाग में जुकाम, गले में खराश, कान में दर्द, मवाद आना, गला खराब होना आदि के रूप में संक्रमण हो सकता है या फिर श्वसन तंत्र के निचले भाग में स्वर तंत्र या श्वसन मार्ग में या फिर फेफड़ों में संक्रमण (न्यूमोनिया) हो सकता है। आज भी हर साल 40 लाख बच्चों की मृत्यु श्वसन तंत्र के रोग के गंभीर रूप के कारण हो जाती है। छोटे बच्चों में तो औसतन हर साल 5 से 8 बार श्वसन तंत्र में संक्रमण के मामले सामने आ ही जाते हैं। ज्यादातर मामलों में बच्चों को बीमारी मामूली ही होती है और बच्चे जल्दी ठीक हो जाते हैं पर बार−बार बीमार होने से माता−पिता परेशान रहते हैं। श्वसन तंत्र का संक्रमण कान में फैलने से बच्चे बहरे हो सकते हैं। यही नहीं संक्रमण अगर खतरनाक जीवाणु से हुआ हो या इलाज में लापरवाही बरती गई हो तो यह प्राणघातक भी हो सकता है। श्वसन तंत्र में संक्रमण कई तरह के वायरस की वजह से होता है जैसे बैक्टीरिया, फफूंद। बच्चों में धूल पराग कण, ठंडक, धुंआ, गरमी, खुशबू आदि से यह समस्या शुरू होती है। इसके अलावा बच्चे वायरस बैक्टीरिया के संक्रमण के शिकार भी हो सकते हैं। अगर बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, शरीर कई बीमारियों का घर है, दमा रोग है या फिर फेफड़ों का संक्रमण किसी खतरनाक जीवाणु से हुआ हो तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है। अगर घर के अंदर या आसपास का वातावरण अच्छा नहीं प्रदूषित है, घर के आसपास कोई फैक्टरी है, घर में धूम्रपान किया जाता है या जन्म के समय शिशु का वजन कम है, बच्चा निर्धारित समय से पहले पैदा हुआ है तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है। गांवों का वातावरण काफी खुला और शहरों की तुलना में काफी कम प्रदूषित होता है। इसलिए शहरी बच्चों खासकर गंदी बस्ती, झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों में श्वसन तंत्र के संक्रमण की ज्यादा संभावना होती है। इस रोग के लक्षण इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। बच्चों में नाक बहने, गले में खराश, बुखार, खांसी, गले या कान में दर्द, कान बहना, सांस लेने में परेशानी, हांफना, शरीर नीला पड़ना, छाती में दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। रोग की शुरुआत में छोटे बच्चे दूध पीना बंद कर देते हैं। कभी−कभी शरीर ठंडा पड़ जाता है वे चिड़चिडे हो जाते हैं। उनकी सांस भी तेजी से चलने लगती है और अगर बच्चा न्यूमोनिया से पीड़ित है तो शरीर नीला पड़ जाता है, सांस लेने पर छाती अंदर धंस जाती है। श्वसन तंत्र का संक्रमण मामूली भी हो सकता है और गंभीर भी। इसलिए रोग कितना गंभीर है यह जानना बहुत जरूरी होता है। रोग की गंभीरता के अनुसार ही इलाज और देखभाल की आवश्यकता होती है। इस रोग में बच्चों को तेज बुखार होता है वे ठीक से सो नहीं पाते और वे दूध भी नहीं पी पाते हैं। यहीं नहीं उन्हें झटके भी आ सकते हैं। अगर बच्चे शांत पड़े हैं तो छाती से तेज आवाज आती है। सांस लेते वक्त छाती अंदर को धंस जाती है। सांस काफी तेज गति से चलती है। ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरन्त अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए जहां पर समुचित उपचार आक्सीजन एंटीबायोटिक आदि दवाएं उसे दी जाती हैं। ऐसे में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि यह स्थिति अत्याधिक गंभीर बीमारी की होती है। अगर सांस लेते वक्त पसलियां अंदर को धंसती हैं, नथूने फूल जाते हैं, गले से गुर्राहट जैसी आवाज निकलती है, शरीर नीला पड़ जाता है तो समझ लें कि बच्चा गंभीर न्यूमोनिया की चपेट में है। ऐसे बच्चों को फौरन अस्पताल में भरती कराना आवश्यक होता है। श्वसन तंत्र के संक्रमण के रोग से पीड़ित अधिकतर बच्चे साधारण इलाज से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं फिर भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। अगर रोग गंभीर हों तो लक्षणों को पहचान कर तुरन्त डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अगर बचपन में खांसी, जुकाम, सांस फूलने की समस्या लगातार एक माह तक रहती है तो उसे टीवी, दमा, काली खांसी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में उचित जांच द्वारा लक्षणों की वजह जान कर इलाज करवाना चाहिए।  

ब्लैकफोनः इस फोन का दुरुपयोग संभव नहीं

अधिकांश लोगों को मोबाइल फोन खो जाने का उतना अफसोस नहीं होता जितना कि उसमें मौजूद डेटा के खो जाने या फिर गलत हाथों में पहुँच जाने को होता है। बड़ी कंपनियों के अधिकारियों और सरकारी नौकरशाहों के लिए तो यह बेहद चिंता का मुद्दा बन जाता है, जिनके फोन में कई संवेदनशील जानकारियाँ, सूचनाएँ, फोन नंबर आदि हो सकते हैं। इन्हीं चिंताओं के मद्देनजर एक अदद ऐसे स्मार्टफोन की तलाश लंबे समय से की जाती रही है जो या तो गुम ही न हो पाए और अगर गुम हो जाए तो कम से कम उसमें मौजूद डेटा गलत हाथों में न पड़ने पाए। बहरहाल, हैकर तो हैकर हैं। उनके हाथ में अगर कोई फोन पहुँच जाए तो भले ही उसमें सिक्यूरिटी के कितने भी ठोस इंतजाम क्यों न हों, आपके डेटा की सुरक्षा की गारंटी नहीं ली जा सकती। कहते हैं कि सुरक्षा के इंतजाम एक कदम आगे बढ़ते हैं तो अपराधी तत्व दो कदम आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में एक नये स्मार्टफोन ने इस समस्या के समाधान की उम्मीद जगाई है। इस फोन का नाम है- ब्लैक फोन और इसे बनाया है मशहूर विमान-निर्माता कंपनी बोइंग ने। बोइंग ने हाल ही में इस फोन का प्रदर्शन किया, जो है तो किसी भी आम-फहम स्मार्टफोन जैसा ही, लेकिन फर्क यह है कि वह एक अदृश्य सुरक्षा आवरण से लैस है। ब्लैक फोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर वह गलत हाथों में पड़ जाता है तो वह अपने भीतर मौजूद सारी सूचनाओं को खुद ही नष्ट कर देता है। जब कोई शख्स कई बार कोशिश करने के बाद भी सही पासवर्ड डालने में नाकाम रहता है और उसके बाद वह स्मार्टफोन के केस को खोलने की कोशिश करता है, तो फोन में मौजूद सुरक्षा प्रणाली समझ जाती है कि कोई व्यक्ति उसके अनधिकृत इस्तेमाल की कोशिश कर रहा है। नतीजा? तीस सैकंड के भीतर ही समूचे डेटा को डिलीट करने के साथ-साथ यह फोन अपनी संचार तथा संचालन प्रणाली को भी निष्क्रिय कर देता है जिससे वह इस्तेमाल के काबिल नहीं रह जाता। जेम्स बॉन्ड की किसी फिल्म की पटकथा जैसा लगता है ना? ब्लैकफोन को बड़े सरकारी अधिकारियों और बड़े कारोबारियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसके जरिए किए जाने वाले सभी टेलीफोन कॉल एनक्रिप्टेड होते हैं यानी कोई खुफिया एजेंसी या हैकर संचार नेटवर्क में सेंध लगाकर उन्हें सुन नहीं सकता। यह गूगल के एंड्रोइड ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है और सीडीएमए, जीएसएम तथा एलटीई (4जी) नेटवर्कों में काम कर सकता है। वाइ-फाई और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी भी मौजूद है। इसका आकार आइफोन से थोड़ा बड़ा है और इसमें ड्युअल सिम कार्ड मौजूद हैं। इसकी बैटरी सोलर पावर से भी चार्ज हो सकती है।  

भारत में जल्द दस्तक देगा iQoo नए Z9 Turbo Endurance एडिशन

नई दिल्ली iQoo ने नए स्मार्टफोन को लाने की तैयारी कर दी है। नए एडिशन का नाम Z9 Turbo Endurance दिया गया है। नए वैरिएंट में बेहतरीन बैटरी लाइफ मिलने वाली है। क्योंकि इसमें 6400 mAh बैटरी दी गई है जो यूजर एक्सपीरियंस काफी अच्छा देने वाली है। यानी यूजर्स को कोई परेशानी नहीं होगी। बैटरी कैपेसिटी में यूजर्स को कई शानदार अपडेट्स मिले हैं। Z9 Turbo के मुकाबले इस फोन में 400 mAh ज्यादा दी गई है। पावर के लिहाज से भी ये काफी पॉजिटिव साउंड करता है। फोन में फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 8s Gen 3 चिपसेट दिया जाता है। यानी यूजर्स को परफॉर्मेंस भी काफी अच्छी मिलती है। दमदार प्रोसेसर के साथ शानदार डिस्प्ले Endurance Edition में स्लिम डिजाइन दिया जाता है। साथ ही सिलिकॉन-कार्बन बैटरी मिलती है। बड़ी बैटरी के साथ फोन का डिजाइन काफी मदद करता है। iQoo की तरफ से फोन ‘Flying Blue’ कलर ऑप्शन में दिया जाता है। क्लासिक ब्लैक, व्हाइट और ब्लू में आपको ऑप्शन दिया जाता है। Z9 Turbo में यूजर्स को 6.78 इंच AMOLED डिस्प्ले मिलती है। यानी डिस्प्ले में यूजर्स को Full HD+ रेजोल्यूशन दियाजाता है और 144Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। विजुअल और व्यू एक्सपीरियंस भी आपको काफी अच्छा मिलता है। कब हो सकता है लॉन्च कैमरा सिस्टम भी अपग्रेड किया गया है। फोन में 50MP का प्राइमरी सेंसर कैमरा मिलता है और 8MP अल्ट्रावाइड लेंस भी दिया जाता है। फोटोग्राफी एक्सपीरियंस भी आपका काफी अच्छा होने वाला है। फोन में 80W वायर फास्ट चार्जिंग मिलती है। पावर अप भी आसानी से किया जा सकता है। अब बात करें कि ये फोन लॉन्च कब हो सकता है तो आपको बता दें कि ये फोन अगले महीने लॉन्च किया जा सकता है। चीन में ये फोन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होगा। भारत मार्केट में भी ये फोन बहुत जल्द उपलब्ध होगा। हालांकि अभी तक कीमत को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स की मानें तो जनवरी में ये फोन भारत में दस्तक दे सकता है।

भारत में जनवरी में लॉन्च हो सकता है OnePlus 13 और 13R

नई दिल्ली OnePlus नई सीरीज के साथ भारत में दस्तक देने वाला है। OnePlue 13 और 13R 7 जनवरी 2025 को भारत में दस्तक दे सकती है। फ्लैगशिप डिवाइस की कीमत और लॉन्च को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ गई है। हालांकि अभी तक इससे संबंधित कीमत का पता नहीं चल पाया है। टिप्सटर योगेश बरार ने कीमत और अन्य फीचर्स सामने आए हैं। कितनी हो सकती है कीमत OnePlus 13 की बात करें तो इसकी कीमत 67 हजार रुपए से 70 हजार रुपए तक हो सकती है। फोन को 12GB RAM + 256GB Storage और 16GB RAM + 512GB Storage वैरिएंट में लाया जा सकता है। यानी OnePlus 12 सीरीज के मुकाबले ये थोड़े से महंगे हो सकते हैं। क्योंकि OnePlus 12 सीरीज की शुरुआती कीमत 64,999 रुपए रखी गई थी। अब इसे ज्यादा कर दिया गया है। OnePlus 13R को 12GB+256GB स्टोरेज वैरिएंट के साथ लाया जा सकता है। OnePlus 13 की स्पेसिफिकेशन OnePlus 13 में 6.82-inch 2K AMOLED डिस्प्ले मिलती है। साथ ही 120Hz रिफ्रेश रेट मिलने वाली है। इसके अलावा QHD+ रेजोल्यूशन वाली स्क्रीन यूजर एक्सपीरियंस बेहतर कर सकती है। फोन में Qualcomm का Snapdragon 8 Gen 3 चिपसेट दिया गया है, जिसकी स्पीड काफी अच्छी दी जाती है। इस फोन में 50MP का डुअल रियर कैमरा दिया जाता है। साथ ही 32MP AI फ्रंट कैमरा मिलता है। फोन में 6000 mAh बैटरी मिलती है। यानी आपको बैटरी बैकअप भी काफी अच्छआ मिलने वाला है। Gorilla Glass Victus 2 की वजह से आपको ड्यूरेबिलिटी भी काफी अच्छी मिलेगी। OnePlus 13R की स्पेसिफिकेशन OnePlus 13R की बात करें तो इसमें 6.78 इंच Full HD+ AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के सात आता है। फोन में Snapdragon 8 Gen 3 processor मिलने वाला है। हालांकि इसमें बैटरी 6400 mAh मिलने वाली है जो 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है।

पुरानी नौकरी से इस्तीफा देने से पहले ध्यान रखें ये बातें

करियर की राह में आगे बढ़ने के लिए पुरानी नौकरी से इस्तीफा देने में कुछ भी गलत नहीं है। पर, यह निर्णय कभी भी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया जाना चाहिए। लिंक्डइन के द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक लगभग 88 प्रतिशत कामकाजी लोग इस साल अपनी नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में चार प्रतिशत ज्यादा है। सर्वे में शामिल 42 प्रतिशत लोग बेहतर वर्क-लाइफ संतुलन के लिए नौकरी बदलना चाहते हैं, तो वहीं 37 प्रतिशत लोग बेहतर सैलरी के लिए नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। सर्वे में शामिल हर 10 में से आठ लोगों ने माना कि वे अपने वर्तमान प्रोफेशन की जगह किसी और प्रोफेशन में भी अपना भविष्य तलाश सकते हैं। पर, यह भी सच है कि नई नौकरी और नए विकल्प की तलाश करने के लिए पुरानी नौकरी छोड़ने की बात करना जितना आसान है, वास्तव में वैसा कर पाना आसान नहीं है। एक स्थायी नौकरी को छोड़कर नई नौकरी की तलाश करना एक चुनौतीपूर्ण काम है। नौकरी छोड़ने के संबंध में अंतिम निर्णय लेने से पहले आपको अपनी आर्थिक स्थिति से लेकर करियर के किस मोड़ पर आप हैं, जैसे कई मुद्दों पर सोचने की जरूरत है। नौकरी से इस्तीफा देने या करियर से कुछ वक्त का ब्रेक लेने से पहले किन मुद्दों पर गौर करना है जरूरी, आइए जानें: बचत है पर्याप्त? नौकरी से इस्तीफा देने से पहले जरा अपना बैंक बैलेंस जांच कर देखें। आपके पास इतनी बचत होनी चाहिए कि आपको तीन से छह माह का खर्च निकल जाए। आपके पास इतने पैसे होंगे, तो अपने सपनों की नौकरी को तलाशने में आपको जल्दबाजी से काम लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपना हेल्थ इंश्योरेंस, रिटायरमेंट फंड और वर्तमान नौकरी से मिलने वाले अन्य लाभों पर गौर करने के बाद ही इस्तीफा दें। जॉब मार्केट के क्या हैं हाल? जॉब मार्केट हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी बहुत ज्यादा भर्तियां होती हैं, तो कुछ वक्त मार्केट पूरी तरह से ठंडा रहता है। वैसे तो नई नौकरी की तलाश किए बिना इस्तीफा देने का निर्णय कई दफा काफी जोखिम भरा साबित हो जाता है। पर, अगर आप पूरी तैयारी करके इंटरव्यू देना चाहती हैं, तो इसमें भी कुछ गलत नहीं। बस उससे पहले यह जरूर जांच-पड़ताल कर लें कि जॉब मार्केट की वर्तमान स्थिति कैसी है। आपके जॉब प्रोफाइल के मुताबिक मार्केट में अभी सैलरी के क्या हालात हैं? इस तरह के शोध करने का लाभ यह होगा कि आपको यह मालूम होगा कि इस नौकरी से इस्तीफा देना आपके लिए फायदे का सौदा साबित होगा या नहीं। जल्दबाजी में नौकरी से इस्तीफा ना दें बल्कि अच्छी तरह से सोच-विचार लें कि नौकरी छोड़ना आपको करियर की राह में लाभ देगा या फिर आप अपने इस निर्णय के कारण प्रोफेशनली थोड़ा और पीछे तो नहीं हो जाएंगी? सेहत पर क्या होगा असर? आपकी वर्तमान नौकरी का आपकी शारीरिक व मानसिक सेहत पर क्या असर हो रहा है, इस्तीफा देने से पहले आपको इस बात पर भी गौर करने की जरूरत है। अगर वर्तमान नौकरी आपकी सेहत बिगाड़ रही है, तो नौकरी से इस्तीफा देने के निर्णय पर आपको पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं है। इस बात पर भी गौर करें कि आपकी नौकरी का निजी जीवन व विभिन्न रिश्तों पर क्या असर पड़ रहा है। क्या वर्तमान नौकरी में आप ऑफिस व निजी जिंदगी के बीच संतुलन बना पा रही हैं? अगर आपकी वर्तमान नौकरी आपको अकेलेपन की ओर धकेल रही है और आप अपने परिवार व दोस्तों के लिए वक्त नहीं निकाल पा रही हैं, तो बेहतर होगा कि इस नौकरी से इस्तीफा देकर ऐसी नौकरी तलाशी जाए, जहां बेहतर वर्क-लाइफ संतुलन हो। कैसा है ऑफिस का माहौल? अगर आपको लगता है कि आपके वर्तमान ऑफिस में बहुत ज्यादा राजनीति होती है और वहां का माहौल आपकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, तो इस्तीफा देकर नई नौकरी तलाशने का निर्णय बिल्कुल ठीक है। पर, इस बात को ध्यान में रखें कि लड़ाई-झगड़ा करके नौकरी छोड़ने का निर्णय लेना ठीक नहीं होता। इसका नकारात्मक असर आपके भविष्य पर पड़ सकता है। अकसर कंपनियां किसी को नौकरी पर रखने से पहले पुराने नियोक्ता से उस व्यक्ति का फीडबैक लेती है। खराब व्यवहार के साथ नौकरी कभी न छोड़ें। हमेशा नोटिस पीरियड सर्व करने और अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाने के बाद ही इस्तीफा दें।

उबला अंडा और ऑमलेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं

अंडा पोषण से भरपूर सुपरफूड है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। उबला अंडा और ऑमलेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, अंडा दुनियाभर में सबसे पॉपुलर ब्रेकफास्ट ऑप्शन है। इसे लोग विभिन्न तरीकों से खाना पसंद करते हैं, जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतरीन है। सबसे ज्‍यादा लोग उबले अंडे या फ‍िर ऑमलेट खाना पसंद करते हैं। क्या उबला अंडा ज्यादा फायदेमंद है या ऑमलेट? दोनों के अपने फायदे हैं, आइए जानते हैं वेटलॉस से लेकर ज्‍यादा प्रोटीन इनटेक के ल‍िए दोनों में से कौनसा विकल्‍प खाना ज्‍यादा फायदेमंद हैं। उबले अंडे खाने के फायदे उबले अंडे सेहत के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि इन्हें बिना तेल या मसालों के पकाया जाता है, जिससे अतिरिक्त कैलोरी नहीं बढ़ती। एक उबले अंडे में लगभग 70-80 कैलोरी होती है, जो ऊर्जा प्रदान करती है। यह खासतौर पर वजन घटाने वालों और हल्का आहार पसंद करने वालों के लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने और स्वस्थ रखने में मदद करता है। ऑमलेट खाने के फायदे ऑमलेट एक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त विकल्प है, जिसमें अंडे के साथ सब्जियां, पनीर या हल्के मसाले मिलाकर इसे और भी हेल्दी बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे पकाने के लिए तेल या मक्खन का उपयोग होता है, जिससे कैलोरी बढ़ सकती है। सही मात्रा में तेल और कम मसालों के साथ बनाया गया ऑमलेट सेहतमंद विकल्प बन सकता है। सब्जियां और पनीर मिलाकर यह एक संपूर्ण आहार बन जाता है। दोनों में से क्‍या खाना ज्‍यादा फायदेमंद? उबले अंडे और ऑमलेट दोनों ही सेहतमंद हैं। कम कैलोरी के लिए उबले अंडे बेहतर हैं, जबकि स्वाद और पोषण का संतुलन चाहिए तो ऑमलेट चुनें। यह ऑमलेट की तैयारी पर निर्भर करता है-कम तेल और स्वस्थ सामग्री इसे हेल्दी बनाती है। अंडा सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है। रोजाना 2-3 अंडे खाना उचित है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर केवल अंडे का सफेद हिस्सा खाने की सलाह दी जाती है। वेटलॉस वालों को क्‍या खाना चाह‍िए? एक्टिव लोगों के लिए ऑमलेट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें एनर्जी देने वाले फैट्स होते हैं, जो दिनभर ऊर्जा प्रदान करते हैं। वहीं, उबला अंडा कम कैलोरी और हाई प्रोटीन होने के कारण वजन घटाने में मददगार है।

क्या बोतल बंद पानी सेफ? वैज्ञानिकों की यह रिसर्च उड़ा देगी आपकी नींद

Is bottled water safe? This research by scientists will blow your mind कुछ साल में हुए रिसर्च में पाया गया कि औसतन एक लीटर पानी की बोतल में 240,000 प्लास्टिक कण पाए जाते हैं.यह एक बहुत ही चिंताजनक आंकड़ा है, क्योंकि नल के पानी के एक लीटर में औसतन 5.5 प्लास्टिक कण होते हैं. नैनोप्लास्टिक के कारण कैंसर, जन्म दोष और प्रजनन जैसी समस्याओं से जोड़ा जाता है. नैनोप्लास्टिक अपने छोटे आकार के कारण खतरनाक होते हैं – जिससे वे सीधे रक्त कोशिकाओं और मस्तिष्क में प्रवेश कर सकते हैं. बोतलों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक में आमतौर पर थैलेट्स होते हैं, जिन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ साइंसेज के अनुसार, थैलेट्स ‘विकासात्मक, प्रजनन, मस्तिष्क, प्रतिरक्षा और अन्य समस्याओं से जुड़े हैं’. पॉलियामाइड नामक एक प्रकार का नायलॉन पानी की बोतलों में पाया जाने वाला एक और प्लास्टिक कण था. हाल ही में हुए एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक लीटर के पानी की बोतल में लगभग 2, 40,000 प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं. नॉर्मल एक लीटर के पानी की बोतल में पानी पी रहे हैं तो हो सकता है आप प्लास्टिक के टुकड़े पी रहे होंगे. हो सकता है आप प्लास्टिक के कण भी पी रहे होंगे. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना क्योंकि है नुकसानदायक? हमारी खराब लाइफस्टाइल के कारण अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का खूब इस्तेमाल करते हैं. घर हो या ऑफिस प्लास्टिक बंद बोतल में पानी पीना हम खूब पसंद करते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो संभल जाएं क्योंकि आपके शरीर में धीमा जहर पहुंच रहा है. प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की संस्थान ने एक स्टडी में डराने वाला खुलासा किया है. जिसमें बताया गया है कि एक लीटर बोतलबंद पानी में करीब 2.40 लाख प्लास्टिक के महीन टुकड़े मौजूद होते हैं.जिसकी वजह से सेहत को गंभीर और जानलेवा खतरे (Bottled Water Harmful Effects) हो सकते हैं.प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक प्लास्टिक के बोतल में पानी पीने के कारण कई गंभीर जानलेवा बीमारी हो सकती है. क्या है रिसर्च हाल ही में कुछ रिसर्च के मुताबिक बोतल में मौजूद बोतल बंद पानी में 100,000 से ज्यादा नैनोप्लास्टिक मिले हैं. यह इतने छोटे कण होते हैं कि ब्लड सर्कुलेशन तक को खराब कर सकते हैं. यह दिमाग और सेल्स को भी नुकसान पहुंचाते हैं. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा? डायबिटीज और दिल की बीमारी हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, पॉली कार्बोनेट की बोतलों के पानी में बिस्फेनॉल ए केमिकल होता है, जो जब शरीर में जाता है तो दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा कई गुना तक बढ़ा सकता है. कैंसर का खतरा एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता है. इससे ब्रेस्ट और ब्रेन कैंसर का जोखिम बढ़ता है. प्लास्टिक बर्तन में रखी गर्म चीजों को खाने से बचना चाहिए. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

क्या वेजिटेबल जूस में मिला सकते हैं फ्रूट्स, क्या यह सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक?

lifestyle health mixing fruits and vegetables in juice can be dangerous to your health कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कच्ची सब्जियों का जूस पीना पसंद करते हैं. फिटनेस फ्रिक वाले लोग हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे डाइट लेने वाले समर्थकों का दावा है कि कच्ची सब्ज़ियों में कई जरूरी विटामिन और खनिज होते हैं जो खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं और ये इम्युनिटी को बढ़ाने और बीमारियों को रोकने के लिए बहुत बढ़िया हैं. यह बात सही हो सकती है लेकिन किसी भी चीज़ को हद से ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सर्दियां आ रही हैं और यह वह मौसम है जब हरी पत्तेदार सब्जियां काफी ज्यादा मार्केट में होती हैं और लोग हर संभव दिलचस्प तरीके से उन्हें अपने आहार में शामिल करके उनका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग इस मौसम में कच्ची सब्जियों का जूस पीना भी पसंद करते हैं. लेकिन क्या ये सभी वाकई सेहतमंद और सुरक्षित हैं? आपको हरी सब्जियां किस तरह खानी चाहिए – उन्हें पकाकर या कच्चे रूप में खाकर. आयुर्वेद और आंत स्वास्थ्य कोच डॉ. डिंपल जांगडा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि अधिक मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में कुछ संक्रमण या अपच का खतरा हो सकता है. पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना शरीर के लिए अधिक कठिन होता है, क्योंकि पके हुए भोजन पहले से ही गर्मी, मसालों और पकाने की विधि से टूट जाते हैं. वे अवशोषण के लिए अधिक जैविक रूप से उपलब्ध होते हैं और पाचन अग्नि पर तनाव को कम करते हैं. कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों में एंटी-पोषक तत्व भी होते हैं जो वास्तव में खाद्य पदार्थों के पोषण अवशोषण को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं.हल्का खाना पकाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मतली, थकान, चक्कर आना, पेट फूलना, दस्त या आईबीएस जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपका शरीर आपसे बात कर रहा है. आयुर्वेद बड़ी मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों या ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह नहीं देता है, क्योंकि वे परजीवियों का घर होते हैं, जिन्हें केवल धोने से नष्ट नहीं किया जा सकता है. कच्ची सब्ज़ियां जिनसे बचना चाहिए Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लोहे की काली कड़ाही को मिनटों में चमका देगी 10 रुपये की फिटकरी, सालों पुरानी जमी कालिख भी हो जाएगी साफ

shopping how to clean cast iron pan or lohe ki kadhai quickly by using alum or fitkari लोहे की काली कड़ाही को साफ करने में अच्छे-अच्छों की हालत पतली हो जाती है। जलने के बाद कड़ाही पर लगे दाग इतने ज्यादा जिद्दी हो जाते हैं कि आसानी से निकलते ही नहीं है। ऐसे में हम आपको 10 रूपये की फिटकरी का इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं, जिससे सालों पुरानी जमी कालिख भी साफ हो जाएगी। माना जाता है कि लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने से स्वादिष्ट और पोष्टिक बनता है। मगर, सबसे बड़ी दिक्कत है कि यह बहुत जल्दी काली और गंदी हो जाती है। जिसकी वजह से पकने वाला भोजन भी काला हो जाता है और जल्दी जलने लगता है। अगर, ज्यादा दिनों तक कड़ाही को साफ ना किया जाए तो इसमें कालिख जमने लग जाती है। अब लोहे की काली कड़ाही को साफ करना बहुत ही मेहनत का काम होता है। आज भी गांव के लोग इसे साफ करने के लिए ईंट या राख की मदद लेते हैं। लेकिन हर कोई इतनी मेहनत नहीं कर सकता है और शहरों में ईंट या राख कड़ाही साफ करने के लिए मुश्किल ही है। ऐसे में 10 रुपये की फिटकरी वाला सस्ता और आसान तरीका बता रहे हैं। कड़ाही क्लीन करने की पहली स्टेप सबसे पहले आप काड़ाही को गैस पर रखकर गर्म कर लीजिए। अब इस पर फिटकरी को रगड़ दीजिए। जब आप लोहे की गर्म कड़ाही पर फिटकरी को रगड़ेंगी को कालिख छूटना शुरू हो जाएगी। रगड़ने के बाद आपको इसपर पानी डालना होगा। साथ ही बचे फिटकरी के तुकड़े को एक चम्मच नमक के साथ डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दीजिए। यूं चमक जाएगी लोहे की काली कड़ाही तय समय बाद आप कड़ाही में मिक्स घोल को किसी कटोरी में निकाल लीजिए। अब कड़ाही पर डिश बार या लिक्विड डालकर थोड़ा सा रगड़कर साफ कर लीजिए। इस दौरान फिटकरी घुले पानी का इस्तेमाल भी करते रहें। इस तरह थोड़ी देर में फिटकरी की मदद से आपकी काली कड़ाही नई जैसी चमक जाएगी।

व्यस्तता भरी लाइफ में दिमाग को दे ब्रेक

रोजाना की लाइफ में लोग अपने काम में काफी व्यस्त और स्ट्रेस में रहते हैं। हेल्दी डायट, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त आरामदायक नींद के साथ अपने शारीरिक स्वास्थ्य को बनाकर रखा जा सकता है। इन दिनों लोग अपने काम में इतना ज्यादा व्यस्त रहते हैं कि मानसिक और शारीरिक हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अपने ब्रेन को ब्रेक देना बेहद जरूरी है। जानिए दिमाग को ब्रेक देना क्यों जरूरी है और काम के दौरान दिमाग को कैसे ब्रेक दें। दिमाग को ब्रेक देना क्यों है जरूरी छोटे-छोटे ब्रेक लेने से फोकस और एकाग्रता को बढ़ावा मिलता है। वहीं ब्रेक लेने से तनाव के लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है। जब हम लगातार एक्शन मोड में होते हैं तो हमारा शरीर कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन जारी करता है, जो हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में ब्रेक लेने से कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे तनाव का लेवल कम होगा काम के दौरान दिमाग को ब्रेक कैसे दें पूरे दिन छोटे-छोटे ब्रेक लें हर एक घंटे में छोटे-छोटे ब्रेक लेने की कोशिश करें। अपने ब्रेक के दौरान केवल बैठे रहने के बजाय, कुछ एक्टिविटी को शामिल करने की कोशिश करें। इसके अलावा बाहर टहलने जाएं या हल्की स्ट्रेचिंग करें। टेकनोलॉजी से डिस्कनेक्ट करें अपने ब्रेक के दौरान टेकनोलॉजी से डिस्कनेक्ट करने की कोशिश करें। यह तनाव के लेवल को कम करने और आपके दिमाग को आराम करने का मौका देने में मदद कर सकता है। ब्रेक को प्राथमिकता दें कई लोग ब्रेक तो लेते हैं लेकिन उसे प्राथमिकता नहीं देते हैं और अपने अधूरे काम को परा करने में लग जात हैं। मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से हेल्दी रहने के लिए ब्रेक को प्राथमिकता दें।

Apple Face ID सपोर्ट वाला स्मार्ट डोरबेल

नई दिल्ली iPhone, iPad और अन्य वियरेबल्स बनाने के लिए मशहूर Apple अब स्मार्ट होम सेगमेंट में अपने कदम बढ़ा रहा है. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी Face ID और iCloud सपोर्ट वाले एक स्मार्ट डोरबेल पर काम कर रही है. Face ID सपोर्ट वाला स्मार्ट डोरबेल प्रसिद्ध Apple विश्लेषक Mark Gurman ने अपनी Power On न्यूज़लेटर में खुलासा किया कि यह स्मार्ट डोरबेल Face ID के साथ आएगा. यह डोरबेल उसी तरह से काम करेगा जैसे आप अपना iPhone अनलॉक करते हैं. डिवाइस में लगे कैमरे के सामने निवासी के आने पर दरवाजा स्वतः खुल जाएगा. यह सुविधा Apple Secure Enclave चिप का उपयोग करेगी, जो Face ID की जानकारी को सुरक्षित रूप से स्टोर और प्रोसेस करती है. इसके अलावा, यह डिवाइस HomeKit-संगत स्मार्ट लॉक के साथ काम करने की संभावना रखता है. Proxima चिप और iCloud इंटीग्रेशन डोरबेल में Apple की इन-हाउस “Proxima” Wi-Fi/Bluetooth चिप का उपयोग होगा. यह चिप Face ID से संबंधित इमेज को डिवाइस पर ही प्रोसेस करेगी, जिससे डेटा गोपनीय रहेगा. डेटा को iCloud पर बैकअप करने की सुविधा भी होगी, जिससे Apple के क्लाउड सब्सक्रिप्शन सर्विस को बढ़ावा मिलेगा. संभावित लॉन्च और अतिरिक्त फीचर्स यह स्मार्ट डोरबेल अभी विकास के शुरुआती चरण में है. Gurman के अनुसार, इसे 2025 के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है. यह 6-इंच टचस्क्रीन स्मार्ट होम हब के साथ लॉन्च हो सकता है, जिसमें Apple Intelligence और FaceTime का सपोर्ट होगा. स्मार्ट होम हब के लिए एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम आने की भी संभावना है. Apple का यह स्मार्ट डोरबेल और स्मार्ट होम हब न केवल सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि स्मार्ट होम डिवाइसेस के साथ कंपनी के एकीकृत इकोसिस्टम को भी और मजबूत बनाएगा. अगर यह प्रोडक्ट लॉन्च होता है, तो यह स्मार्ट होम इंडस्ट्री में Apple के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.

बिना फ्रिज के कैसे रखें खाद्य पदार्थ सुरक्षित

अगर आप अपने घर से दूर रहते हैं जहां आप के पास फ्रिज की व्यवस्था नहीं है, तो उस दौरान फल और सब्जियों को सुरक्षित रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यही नहीं अगर रात का बचा हुआ भोजन सुबह तक चलाना हो तो भी बड़ी कठिनाई आती है। बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बिजली का खर्चा बचाने के लिये भी फ्रिज का इस्तमाल नहीं करते। मगर दूध या मीट आदि अगर ठंडे स्थान पर ना रखा जाए तो वह जल्दी खराब हो जाता है। हांलाकि ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास फ्रिज नहीं है तो कोई खाद्य पदार्थ सुरक्षित नहीं रह सकता। आप अपने खाने को बड़ी ही आराम से सुरक्षित रख सकते हैं, हमारे ये टिप्स पढ़ कर। हम आपको ऐसे आसान से उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप रसोई में बचे हुए भोजन या फिर साग-सब्जियों को बिल्कुल सुरक्षित रा सकते हैं। आइये जानते हैं वह उपाय… पानी का भरा कटोरा सब्जियों को अगर सुरक्षित रखना हो तो उसे ठंडे पानी के कटोरे में रखें। इससे पानी में रखी हुई सब्जी जल्दी खराब नहीं होगी। लेकिन कोशिश करें कि इन्हें कुछ ही दिनों में खा कर खतम कर दें नहीं तो यह लंबे समय नहीं चलेंगी। ठंडी हवा में अगर रात में खाना बच जाए तो उसे कटोरे में रख कर किसी खुली हुई खिड़की के सामने रख दें, जिससे ठंडी हवा के बहाव से वह खराब ना हो। यदि आपके घर पर कूलर या एसी की व्यवस्था तो भी यह काम आसानी से किया जा सकता है। बर्फ का कटोरा भोजन को किसी बर्फ से भरे कटोरे में रख कर लंबे समय तक आराम से चलाया जा सकता है। बस आपको कहीं से बर्फ का इंतजाम अपने आप करना होगा। वैसे मार्केट में आइस क्यूब्स कम दामों में उपलब्ध हो जाती हैं। ऐसा नहीं है कि आप बर्फ में केवल सब्जियां और फलों को ही सुरक्षित रख सकती हैं बल्कि कई और भी खाद्य पदार्थ भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं। सुखा कर कुछ खाद्य पदार्थ को आप सूरज की धूप में सुखा कर भी कई दिनों तक चला सकती हैं।  

मुश्किल समय में ध्यान रखें ये सक्सेस मंत्र

किसी व्यक्ति के लिए उसके मुश्किल समय में इस बात का निश्चय कर पाना मुश्किल हो जाता है, कि वो निराशा के अंधेरों से खुद को बाहर कैसे निकाले। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए उसके लिए क्या करना सही होगा और क्या गलत। अगर आप भी जीवन के किसी मोड़ पर खुद को ऐसी ही किसी असमंजस से घिरा हुआ पा रहे हैं तो आपको राह दिखाएंगे ये सक्सेस मंत्र। धैर्य से काम लें- किसी व्यक्ति के जीवन में जब मुश्किल समय आता है तो वो स्वाभाविक रूप से परेशान होकर झटपटाने लगता है। अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करता है कि वो जल्द से जल्द उस समस्या से बाहर निकल जाएं। लेकिन ऐसे समय में व्यक्ति को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए, कि समय चाहे कितना भी खराब क्यों ना हो परिवार और धैर्य की शक्ति के आगे वो झुक ही जाता है। परिवार के साथ मिलकर धैर्य के गुण को साथ लिए हुए अपने सभी फैसला को लें। सफलता की किरण आपको जरूर नजर आएगी। धन की बचत- व्यक्ति को संकट से निकालने के लिए धन की भी बहुत आवश्यकता होती है। संकट के समय धन ही सच्चा मित्र होता है। जिस व्यक्ति के पास संकट के समय धन का अभाव होता है ,उसके लिए संकट से उभर पाना बड़ा कठिन हो जाता है। नकारात्मक सोच से रहें दूर- व्यक्ति के जीवन में मुश्किलें आते ही सबसे पहले उसके मन को नकारात्मक सोच घेरने लगती है। निगेटिव एनर्जी से घिरा व्यक्ति यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि उसे उसकी समस्या का कोई हल नहीं मिलने वाला है। ऐसे में व्यक्ति को बड़ी से बड़ी मुश्किल में भी मन में नकारात्मक विचार नहीं लाने देने चाहिए। मन को शांत रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपनी हर मुश्किल का हल निकालने की कोशिश करें, सफलता जरूर मिलेगी। जल्दबाजी में न लें फैसला- कई बार व्यक्ति मुश्किल समय में समस्या से निकलने के लिए जल्दबाजी में कई फैसला ले लेता है। जिसकी वजह से उसकी मुश्किलें कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ जाती हैं। अगर आप किसी मुश्किल में फंसे हैं तो समस्या को अच्छे से समझकर ही उसे दूर करने के उपाय के बारे में सोचें, जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। सावधानी- चाणक्य नीति कहती है कि मुश्किल समय में व्यक्ति को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि संकट के समय में व्यक्ति के पास सीमित अवसर और चुनौतियां बड़ी होती हैं। ऐसे में जरा सी चूक आपका बड़ा नुकसान कर सकती है। ऐसे में सावधानी बरतकर ही आप अपने काम में सफलता हासिल कर सकते हैं।

Vivo Y29 5G स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च

नई दिल्ली Vivo Y29 5G स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। Vivo Y29 5G स्मार्टफोन IP64 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है। इसमें मिलिट्री ग्रेड शॉक रेजिस्टेंट दिया गया है। फोन की थिकनेस 8.1mm है। साथ ही इसका वजन 198 ग्राम होगा। Vivo का कहना है कि Vivo Y29 5G, 20 हजार रुपये में आने वाला स्मार्टफोन है, जिसमें SGS शॉक रेजिस्टेंट के साथ मिलिस्ट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी दी जा रही है। Vivo Y29 5G की भारत में कितनी होगी कीमत Vivo Y29 5G स्मार्टफोन के 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। वही 6जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 15,499 रुपये है। फोन के 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 16,999 रुपये में आएगा। जबकि 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है। फोन को तीन कलर वेरिएंट ग्लेशियर ब्लू, टाइटेनियम गोल्ड और डायमंड ब्लैक में आएगा। अगर आप Vivo Y29 स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो आप 1500 रुपये कैशबैक हासिल करने के हकदार हो जाएंगे। इसके अलावा 1399 रुपये मंथली ईएमआई पर फोन को खरीदा जा सकेगा। Vivo Y29 5G के स्पेसिफिकेशन्स फोन में 6.68 इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है। साथ ही प्रोसेसर सपोर्ट के तौर पर फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन 5500mAh बैटरी सपोर्ट के साथ आएगा। इसमें 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा सेंसर मिलेगा। साथ ही 0.08MP QVGA सेकेंड्री कैमरा सपोर्ट मिलेगा। फोन एलईडी फ्लैश लाइट के साथ आएगा। साथ ही इसमें ऑरा लाइट दी जा सकती है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। फोन में AI फोटो इन्हैंस, एआई इरेजर जैसे कैमरा मोड मिलेंगे। फोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा, जिससे स्मूथ विजुअल्स और गेमिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। फोन LCD डिस्प्ले में आएगा। साथ ही ब्राइटनेस के लिए 1000 nits सपोर्ट दिया जाएगा। Vivo Y29 5G स्मार्टफोन IP64 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट रेटिंग दी जाएगी। इसमें मिलिट्री ग्रेड शॉक रेजिस्टेंट दिया जाएगा। फोन की थिकनेस 8.1mm है। साथ ही इसका वजन 198 ग्राम होगा।

Apple AirPods में आएंगे नए हेल्थ फीचर्स

नई दिल्ली इस साल की शुरुआत में, Apple ने AirPods Pro में कुछ हेल्थ फीचर्स पेश किए थे। इनमें एक हियरिंग टेस्ट फीचर और हियरिंग एड्स के रूप में उपयोग करने का विकल्प शामिल है। अब, Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple AirPods में हेल्थ फीचर्स को और उन्नत बनाने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, Apple AirPods में हार्ट रेट मॉनिटर, टेम्परेचर सेंसर और विभिन्न फिजियोलॉजिकल मेट्रिक्स को ट्रैक करने के लिए नए सेंसर्स जोड़ने पर काम कर रहा है। Apple की प्राथमिकता फिलहाल हार्ट रेट मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी पर है, जिसे AirPods में सेंसर के जरिए शामिल करने की योजना है। रिपोर्ट बताती है कि Apple ने AirPods में हार्ट रेट सेंसर का इंटरनल टेस्टिंग किया है। हालांकि, यह Apple Watch जितना सटीक नहीं है लेकिन इससे बहुत ज्यादा पीछे भी नहीं है। नए फीचर्स के लॉन्च की टाइमलाइन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये हेल्थ फीचर्स कब तक लॉन्च किए जाएंगे। संभावना है कि AirPods Pro 3 के साथ कुछ नए फीचर्स आ सकते हैं, लेकिन इसमें अभी कुछ साल लग सकते हैं। कैमरा इंटीग्रेशन पर भी हो रहा है काम Apple केवल हेल्थ फीचर्स पर ही नहीं, बल्कि AirPods में कैमरा इंटीग्रेशन की संभावनाएं भी तलाश रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया था, लेकिन अब कंपनी के AI-ड्रिवन प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने के कारण इसे फिर से शुरू किया गया है। AI और AirPods टीम के लिए AirPods में कैमरा इंटीग्रेशन प्राथमिकता बन चुका है। हालांकि, AirPods में कैमरा फीचर देखने के लिए कुछ सालों का इंतजार करना पड़ सकता है। साउंड क्वालिटी पर भी कंपनी की तरफ से काफी काम किया जा रहा है। इसमें डिजाइन भी आपको काफी अच्छा मिल रहा है। साथ ही आपको कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ कई चीजें मिलती हैं।

गैजेट्स की भी करें साफ-सफाई

दन दिनों पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की लहर चल रहीे है। सभी लोग इस अभियान से प्रेरित होकर अपने घर के साथ-साथ आसपास की साफ-सफाई के लिए प्रेरित हो रहे है। लेकिन जब बात अपने गैजेट्स की साफ-सफाई की होती है तो शुरुआत में बड़ा ध्यान रखा जाता है, लेकिन धीरे-धीरे लोग इसके प्रति लापरवाह हो जाते हैं। इसे एक उदाहरण से समझें। राहुल ने एक हाईएंड स्मार्टफोन खरीदा था। शुरू में तो इसकी खूब साफ-सफाई रखता था, लेकिन जैसे ही स्मार्टफोन पुराना हुआ उसने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। पसीने और धूल की वजह से फोन के स्क्रीन के साथ बॉडी पर भी धब्बे नजर आने लगे। सफाई नहीं होने से गैजेट्स के परफार्मेंस पर भी असर होता है। हालांकि कंपलेक्स इलेक्ट्रॉनिक्स की साफ-सफाई रखना आसान नहीं है। इनके सफाई के लिए कुछ उपकरण की जरूरत होती है, ताकि गैजेट्स की बेसिक साफ-सफाई अच्छे से हो सके। साफ-सफाई के टूल्स:- माइक्रोफाइबर लिंट-फ्री क्लॉथ:- आमतौर पर इसका इस्तेमाल आईग्लास की सफाई के लिए होता है। यह सस्ता होने के साथ ही हर जगह आसानी से उपलब्ध है। डस्ट ब्लोअर:- यह पोर्टेबल डस्ट ब्लोअर है। यह गैजेट्स के दरार में से डस्ट को हटाने में मददगार साबित होता है। यह इलेक्ट्रानिक स्टोर पर मात्र 50 रुपये में उपलब्ध हो जाता है। कंप्रेस्ड एयर:- यह डस्ट ब्लोअर का आल्टरनेटिव है लेकिन उसकी तुलना में महंगा। रबिंग अल्कोहल:- गैजेट्स को कभी भी पानी से साफ नहीं करना चाहिए। इसके लिए रबिंग अल्कोहल बढिय़ा ऑप्शन है। गुनगुना गर्म पानी:- प्लास्टिक कंपोनेंट जैसे कीबोर्ड के कीज को साफ करने के लिए आप इसका उपयोग कर सकते हैं। लेकिन भूलकर भी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के साथ इसका इस्तेमाल न करें। फ्लैटहेड स्क्रूड्राइवर:- कीबोर्ड की सफाई में इस औजार की जरूरत पड़ती है। टूथ पिक:- यह चार्जिंग पोट्र्स में जमा हुए लिंट को हटाने में मददगार होता है। स्मार्टफोन:- किसी भी स्मार्टफोन का सबसे मुख्य हिस्सा होता है श्डिस्प्ले्य। आजकर टचस्क्रीन बाजार में छाया हुआ है। अधिकतर स्मार्टफोंस के डिस्प्ले पर ओलियोफोबिक कोटिंग होती है। यह आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन को फिंगरप्रिंट और दाग से बचाती है। अगर आप स्क्रीन को साफ करने के लिए खुरदुरे कपड़े का इस्तेमाल करते हैं, तो स्क्रीन पर से यह कोटिंग धीरे-धीरे हटने लगती है। इसलिए स्क्रीन को साफ करने के लिए हमेशा माइक्रोफाइबर क्लॉथ का उपयोग करें। स्मार्टफोन के साथ एक समस्या लिंट ख्फाहा, की होती है। कई बार लिंट स्मार्टफोन के हेडफोन व चार्जिंग प्वाइंट में जमा हो जाते हैं। आप इसे टूथपिक की मदद से हटा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि सफाई करने के दौरान कोई हिस्सा टूटकर अंदर न रह जाए। की-बोर्ड:- बात चाहे डेस्कटॉप की हो या फिर लैपटॉप की, कीबोर्ड सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला हिस्सा है। इसकी सफाई के लिए सबसे पहले कंप्यूटर को बंद करें। अब आप फ्लैटहेड स्क्रू ड्राइवर, माइक्रोफाइबर क्लॉथ, डस्ट ब्लोअर, रबिंग अल्कोहल और गुनगुना गर्म पानी रख लें। अगर आपका कीबोर्ड डिटैचेबल है तो इसे उलट कर हिलाएं इससे इसके बीच फंसी गंदगी निकल आएगी। अगर आप कीबोर्ड के कीज निकालकर साफ करना चाहते हैं तो सावधानी से करें। अब आप डस्ट ब्लोअल या फिर एयर कंप्रेस्ड के जरिए की बोर्ड में फंसे डस्ट और और दूसरी चीजों को रिमूव कर सकते हैं। रबिंग अल्कोहल को माइक्रोफाइबर क्लॉथ में भीगो कर की-बोर्ड को क्लीन किया जा सकता है। इस दौरान ध्यान रखें कि सीधे रबिंग अल्कोहल से की-बोर्ड को साफ न करें। अगर की बोर्ड के कीज निकल जाते हैं तो एक बाउल में गुनगुने पानी में रख कर इसे साफ कर सकते हैं। ध्यान रखें कि पानी न तो ज्यादा गर्म हो न ज्यादा ठंढ़ा। ज्यादा गर्म पानी आपके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। माउस:- आप माउस को साफ करने के लिए डस्ट ब्लोअर और एयर कंप्रेस्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको लगता है माउस सही से मूव नहीं कर रहा है तो यह सही समय है कि माउस को पलट कर उसका ट्रैकबॉल निकाल उसकी सफाई की जाए। आमतौर पर माउस के नीचे काफी गंदगी जमा हो जाती है। अगर आप इसे साफ कर देते हैं, तो काफी हद तक माउस सही तरीके से काम करने लगेगा। रोलर के आस-पास जमा लिंट को सही तरीके से साफ करें। आम तौर पर हाथ से निकलने वाले पसीने से माउस गंदा होता है।   डिस्प्ले:- स्मार्टफोन हो या लैपटॉप, डिस्प्ले की सफाई करना थोड़ा आसान है। अगर आप कपड़े से डिस्प्ले की सफाई कर रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि क्लॉथ खुरदुरा न हो। खास तौर पर पेपर टॉवल से डिस्प्ले की सफाई न करें। इससे हो सकता है स्क्रीन पर स्क्रेच मार्क आ जाएं और यह भी हो सकता है कि इससे स्क्रीन पर लगे एंटी-फिंगरप्रिंट कोटिंग भी हट जाए। इससे स्क्रीन के कुछ हिस्से भी नष्ट हो सकते हैं। स्क्रीन की सफाई के लिए पानी व किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल कभी न करें। हमेशा माइक्रोफाइबर क्लॉथ का ही इस्तेमाल करें। साथ ही एक बात का जरूर ध्यान रखें कि सफाई से पहले आपका डिवाइस स्विच ऑफ हो।  

पांच मिनट के योग से दूर करें टेंशन रोग

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान तनाव और टेंशन से गुजर रहा है। लेकिन इस तनाव का सबसे बुरा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसे में हर दिन सिर्फ 5 मिनट के योग से ना सिर्फ आपका मन शांत होगा बल्कि टेंशन भी दूर होगी और शरीर और दिमाग भी फिट रहेगा। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें और जानें कुछ ऐसे ‘आसन’ जिससे दूर होगी आपकी टेंशन… बलासन:- इसे चाइल्ड पोज भी कहते हैं। बच्चों की मुद्रा में बैठने से दिमाग को आराम मिलता है, तनाव और चिंता में कमी आती है। ये आसन हमारे तंत्रिका-तंत्र और लसीका प्रणाली के लिए भी काफी अच्छी है। शवासन:- इस आसन में शरीर पूरी तरह से विश्राम की मुद्रा में होता है जिससे शरीर को तनाव से मुक्ति मिलती है। इस दौरान सांस लेने की क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है और तंत्रिका तंत्र को भी आराम मिलता है। सेतूबंद सर्वांगसन या ब्रिज पोज:- इस आसन के दौरान पीठ और पैरों को स्ट्रेच किया जाता है जिससे तनाव और टेंशन कम होते हैं। इस आसन की मदद से चिंता, थकान, पीठ दर्द, सिरदर्द और अनिद्रा में भी कमी आती है। गरुड़ासन:- स्फूर्ति और शक्ति देने वाले इस आसन से स्ट्रेस दूर करने में तो मदद मिलती ही है। साथ ही इससे एकाग्रता और संतुलन भी बेहतर होता है। इससे अलावा इस आसन की मदद से कंधे, कमर का ऊपरी हिस्सा भी खुलता है जिससे शरीर को आराम मिलता है। विपरिता करानी:- दीवार के सहारे दोनों पैरों को ऊपर कर रेस्ट करने से भी तनाव को कम करने में मदद मिलती है। इस आसन से एजिंग प्रोसेस यानी उम्रवृद्धि में भी कमी आती है।  

होम साल्ट स्पा से पाएं साफ त्वचा…

हर रोज फ्रेश रहना चाहती हैं। चाहे मौसम कोई भी हो, पसीने की बदबू आपके आसपास भी न फटके। जरूर अपनाएं सॉल्ट स्पा, ताकि रिलैक्सेशन, फ्रेशनेस आपके साथ चले हर पल। अगर आप सप्ताह में एक बार सॉल्ट स्पा करती हैं, तो आपकी बॉडी से पसीना आना धीरे-धीरे कम हो जाएगा। वहीं, इससे बॉडी के रोम छिद्र भी खुल जाएगें। अगर आपकी बॉडी पर पैच वर्क है, तोवह भी धीरे-धीरे रिमूव हो जाएंगे और आपकी बॉडी फ्रेश व क्लीन दिखने लगेगी।   आप सॉल्ट स्पा से न केवल रिफ्रेश फील करेंगी, बल्कि इसेस आपकी मसल्स भी रिलैक्स होंगी। दसरअसल, सॉल्ट स्पा से ऑथींटिक पेन और गठिया जैसी बीमारियों से आराम मिलता है। आप घर पर साल्ट स्पा लेना चाहती हैं, तो इसके लिए आप नॉर्मल नमक, सी साल्ट व सेंधा नमक ले सकती हैं। वैसे, मार्केट में स्पा के लिए अरोमा साल्ट, सी साल्ट और डैड सी मिनरल साल्ट भी आ रहे है। आप इन्हें भ्ीा इस्तेमाल कर सकती हैं। चूंकि यह बहुत हार्ड होते हैं और इन्हें खालिस इस्तेमाल करनेे से स्किन हार्ड सकती है, इसलिए आप साल्ट में दही, पपीता वगैरह मिला सकती है। वहीं, मसाज स्मूद हो इसके लिए ऑलिव ऑयल या आलमंड ऑयल मिला लें। साल्ट स्पा लेने से बॉडी से 50 पर्सट पसीना कम आएगा। वहीं पसीने की बदबू भी कम आएगी। अगर आप साल्ट से मसाज नहीं कर पा रहे हैं, तो आप रोजाना नहाने के पानीमें एक चम्मच सी साल्ट डालकर नहाएं। इसेस भी आपकी बॉडी क्लीन व स्किन ग्लो करने लगेगी।  

लाइफ में असफलता से उबरने में मदद करेंगी महाभारत में लिखी ये बातें

लाइफ में सफल और असफल होना सामान्य बात है। लेकिन कुछ लोग अपनी असफलता को आसानी से पचा नहीं पाते। फिर चाहे वो फेलियर रिलेशनशिप में मिला हो या फिर करियर, पढ़ाई में। असफलता कैसी भी हो, जरूरी है कि उससे निकलकर आगे बढ़ा जाए और फिर से कोशिश की जाए। इस बात को याद रखने के और लाइफ में लागू करने के लिए महाभारत के कोट्स मदद करेंगे। जिस तरह से धृतराष्ट्र ने पुत्रमोह में अपने सारे पुत्रों को नष्ट कर दिया। उसी तरह से भावुकता से दूर रहें। आप ज्यादा इमोशनल होकर अपना ही बुरा करते हैं। महाभारत में लिखा है कि जीवन योजनाओं से भरा होना चाहिए। मतलब कि जरूरी नहीं कि आपका एक प्लान सफल हो जाए। आपके पास प्लान बी यानी और भी योजनाएं होनी चाहिएं। जो जीवन में सफल बनाने में मदद करें। खुद में बदलाव करना जरूरी है नहीं तो समाज बदल देगा। इस दुनिया में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए थोड़ा बदलाव जरूरी होता है। तभी सफलता भी हाथ लगेगी। महाभारत में लिखा है कि शिक्षा पाने और योग्य बनने के लिए जुनून जरूरी है। अगर आप असफल हो गए तो बस रुकिए नहीं अपने अंदर जुनून पैदा करें। तभी सफलता मिलेगी और असफलता का साथ छूटेगा। खुद के अंदर गलत काम को करने पर सजा मिलने का डर जरूरी है। यहीं बात आपके कामों पर भी लागू होती है। असफल होने के डर से इतना प्रयास करें कि सफलता मिलनी तय हो जाए।

इन एंड्रॉइड स्मार्टफोन में 1 जनवरी से चलेगा WhatsApp

नई दिल्ली वॉट्सऐप एक पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। जिसके आज के वक्त में करोड़ों की संख्या में यूजर्स हैं। लेकिन वॉट्सऐप कुछ एंड्रॉइड स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद कर रहा है। दरअसल मेटा ओन्ड प्लेटफॉर्म पुराने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर बेस्ड स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद कर रहा है। जिन स्मार्टफोन के लिए वॉट्सऐप सपोर्ट बंद किया जा रहा है, उसमें एंड्रॉइड किटकैट और 10 साल से पुराने एंड्रॉइड स्मार्टफोन शामिल हैं। इन फोन्स में 1 जनवरी से वॉट्सऐप सपोर्ट को बंद किया जा रहा है। अगर आप पुराने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में वॉट्सऐप को इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको फोन अपग्रेड कर लेना चाहिए। iOS यूजर्स के लिए भी बंद हो रहा है सपोर्ट वॉट्सऐप की ओर से iOS 15.1 और उससे पुराने वर्जन वाले बेस्ड iPhone के लिए सपोर्ट बंद किया जा रहा है। मतलब iPhone 5s, iPhone 6 और iPhone 6 Plus के लिए सपोर्ट बंद कर दिया जाएगा। आईफोन यूजर्स के लिए 5 मई 2025 तक फोन माइग्रेट करने का ऑप्शन दिया गया है। क्यों वॉट्सऐप ने बंद किया सपोर्ट वॉट्सऐप की ओर से पुराने स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद किया जा रहा है, क्योंकि यह फोन वॉट्सऐप के नए फीचर्स को सपोर्ट नहीं करते हैं। बता दें कि वॉट्सऐप की ओर से एआई समेत कई नए फीचर्स को रोलआउट किया जा रहा है। किन स्मार्टफोन के लिए वॉट्सऐप बंद कर रहा है सपोर्ट जिन स्मार्टफोन के लिए 1 जनवरी 2025 से वॉट्सऐप सपोर्ट बंद किया जा रहा है, उसमें पॉपुलर स्मार्टफोन ब्रांड सैमसंग, एलजी, सोनी और एचटीसी शामिल है।     Samsung Galaxy S3     Galaxy Note 2     Galaxy Ace 3     Galaxy S4 Mini     HTC     One X     One X+     Desire 500     Desire 601     Sony     Xperia Z     Xperia SP     Xperia T     Xperia VLG Optimus G     Nexus 4     G2 Mini     L90     Motorola     Moto G     Razr HD     Moto E 2014 यूजर्स को डेटा स्टोर करने की सलाह वॉट्सऐप की ओर से यूजर्स को चैट और डेटा बैक को गूगल ड्राइव स्टोर करने की सुविधा दी जा रही है। अगर आपका स्मार्टफोन इस लिस्ट में शामिल हैं, तो आपको 1 जनवरी 2025 से पहले अपना वॉट्सऐप बैकअप ले लेना चाहिए। वरना आपका वॉट्सऐप डेटा परमानेंट डिलीट हो जाएगा।

पुराना iPhone इस्तेमाल करने वालो के लिए खुशखबरी, चेक करें किन iPhone को मिलेगा iOS 19 सपोर्ट

नई दिल्ली अगर आप पुराना iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है, क्योंकि ऐपल के किन स्मार्टफोन मॉडल में अपकमिंग iOS 18 सपोर्ट दिया जाएगा? उसे लेकर एक रिपोर्ट लीक हुई है। फ्रेंच वेबसाइट iPhoneSoft.fr की रिपोर्ट की मानें, तो ऐपल के उन पुराने आईफोन में iOS 19 सपोर्ट दिया जाएगा, जिन्हें iOS 18 सपोर्ट जारी किया गया है। मतलब अगर आपके आईफोन में iOS 18 सपोर्ट मिल रहा हैं, तो उसे अगले साल iOS 19 सपोर्ट दिया जाएगा। मतलब ऐपल की ओर से किसी भी पुराने फोन के अपडेट में कटौती नहीं की जाएगी। पुराने आईफोन को मिलेगा अपडेट आमतौर पर देखा जाता है कि ऐपल अपने कुछे पुराने आईफोन मॉडल में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं देता है, जिसके बाद वो आईफोन इस्तेमाल के लिहाज से सिक्योर नहीं रहते हैं। यह उन लोगों के लिए खुशखबरी हो सकती है, जो पुराने आईफोन मॉडल का इस्तेमाल कर रहे हैं। बता दें कि ऐपल का लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट iOS 18 है, जिसे पिछले साल जारी कर दिया गया था। आईफोन के जिन पुराने मॉडल में आईओएस 19 सपोर्ट दिया जाएगा, उसमें आईफोन एक्सआर, एक्स एस और एक्स एस मैक्सक स्मार्टफोन सीरीज शामिल हैं, जिसे साल 2018 में लॉन्च किया गया था। हालांकि इन सभी स्मार्टफोन को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट दिया जाएगा। हालांकि सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद iOS 19 कुछ फीचर्स का इस्तेमाल पुराने आईफोन यूजर नहीं कर पाएंगे, क्योंकि ऐसा हार्डवेयर की लिमिटेशन की वजह से होगा। एआई फीचर्स का दिया गया सपोर्ट बता दें कि हाल ही में ऐपल की ओर से एआई फीचर्स को रोलआउट किया गया है। लेकिन यह एआई फीचर्स केवल आईफोन 15 प्रो सीरीज और आईफोन 16 सीरीज के साथ काम करते हैं, क्योंकि इन दोनों में लेटेस्ट हार्डवेयर सपोर्ट दिया गया है, जो आईओएस 18 सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करते हैं। इससे पहले iOS 18 ने किसी भी मॉडल के लिए सपोर्ट नहीं बंद किया था। हालांकि उससे पहले iOS 17 अपडेट के वक्त iPhone 8, iPhone 8 Plus और iPhone X को सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं दिया गया था। आईफोन के अलावा iPad यूजर्स के लिए बुरी खबर है, क्योंकि iPadOS 19, iPad 7 को iOS 19 सपोर्ट नहीं दिया जाएगा। हालांकि जो iPad पहले से iPadOS 18 पर चल रहे हैं, उन्हें iOS 19 अपडेट दिया जाएगा। जल्द मिलेगा चैटजीपीटी का सपोर्ट Apple के सालाना आयोजित होने वाले वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) में iOS 19 लॉन्चिंग का ऐलान किया जा सकता है। ऐसे में उसे सितंबर 2025 में जारी किया जाएगा। ऐसी सूचना है कि सिरी बाद के iOS 19.4 अपडेट में चैटजीपीटी का अपडेट मिल जाएगा। इसे मार्च 2026 के आसपास दिया जा सकता है। सकता है।

जीवन में सफलता चाहते हैं तो इन खुद करे ये काम

लाइफ में सफल होने के लिए बहुत सारे काम करने होते हैं। और, सफल इंसान वो है जो ना केवल पैसे से रिच हो बल्कि फैमिली और रिलेशनशिप के साथ ही अपनी हेल्थ से भी रिच हो। तो अगर आप लाइफ में सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो 30 की उम्र आते-आते इन चीजों को जरूर कर लें। एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो अपने शहर में एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें। ये आपको शहर में पहचान देने और एक स्थायी ठिकाना देती है। फैमिली जरूर बनाएं अगर सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो ऐसे प्यार और रिस्पेक्टफुल फैमिली बनाएं। जहां आप अपने पैरेंट्स के साथ ही अपने लाइफपार्टनर और बच्चों के साथ सुकून से रह सकें। इन्वेस्ट करें कम उम्र में अर्निंग शुरू कर दी है तो इन्वेस्ट जरूर करें। जिससे कि फ्यूचर के लिए आपके पास पर्याप्त मनी हो। जितने भी इनवेस्टमेंट प्लान हैं वो आपको कम उम्र में इन्वेस्ट करने पर ही अच्छा रिटर्न देते हैं। मल्टीटास्किंग बने सक्सेजफुल होने के लिए आपको एक साथ कई कामों में निपुण होना जरूरी है। सोशल स्किल के साथ ही ऐसी करियर से जुड़ी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। जिससे करियर और फैमिली आगे बढ़े। हेल्थ पर ध्यान दें सक्सेजफुल होने के लिए खुद की सेहत पर भी ध्यान दें। मेंटल और फिजिकल हेल्थ होगी तभी आप करियर पर फोकस कर पाएंगे।

इन ट्रिक्स से मिलेगी जीवन परफेक्ट निर्णय लेने में मदद

हम रोजाना की लाइफ में कई फैसले लेते हैं। वहीं कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जिसमें हम थोड़ा बहुत सोचते हैं। अधिकतर लोग इस तरह के फैसले लेने में कंफ्यूज होते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको इन 4 तरीकों को अपनाएं। ऐसा करके आप आसानी से परफेक्ट फैसला ले सकेंगे। वैसे तो हर एक फैसला सोच-विचार के साथ ही लेना चाहिए क्योंकि जब भी कोई फैसला लिया जाता है तो फायदे, नुकसान, परिणाम और सभी विकल्पों पर विचार किया जाता है। लेकिन ज्यादा सोचने से आप निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। बहुत ज्यादा सोचने से आप ऐसा निर्णय ले सकते हैं जो आप नहीं लेना चाहेंगे। आप जितना ज्यादा सोचेंगे आपको निर्णय लेने में कंफ्यूजन हो सकता है। इसलिए बहुत अधिक सोचने से बचें। अपने निर्णय के विपरीत की सोचें आपको जो अंतिम निर्णय लगता है उस पर आगे बढ़ने से पहले फैसले के बिल्कुल विपरीत पर विचार करें। अपने निर्णयों के बारे में कॉन्फिडेंट होना जरूरी है। हमेशा दूसरे विकल्पों के बारे में सोचें। ऐसा करने से आपको विश्वास मिलेगा की आप सही निर्णय ले रहे हैं या नहीं। अपनी गलतियों का सामना करें अपनी गलतियों का सामना करना आसान नहीं है। जब निर्णय लेने का समय हो, तो पिछली समान स्थितियों के बारे में सोचें जब आपने गलती की होगी। पता लगाएं कि आपने क्या किया या क्या नहीं किया जिससे आपकी गलती हुई। अपनी गलतियों का सामना करके आपको एहसास होगा की निर्णय लेते समय किन गलतियों से बचना चाहिए। दबाव में स्पष्ट रूप से सोचना मुश्किल होता है। कभी-कभी आपका पहला विचार सबसे अच्छा नहीं होता। इसलिए अपने आप को कुछ समय के लिए किसी समस्या पर बैठने का मौका दें ताकि आप अपने विकल्पों पर विचार कर सकें।

कमाल का ब्यूटी प्रॉडक्ट है सरसों तेल, एलर्जी और ड्राईनेस रखता है दूर

सरसों के तेल में बना खाना जितना फायदेमंद होता है, उतना ही फायदेमंद होता है इस तेल को स्किन पर लगाना। लेकिन कुछ लोग इसकी झाल या कहिए कि इससे आनेवाली तीखी महक के कारण इसके उपयोग से बचते हैं। लेकिन ये तीखी महक इस तेल को अधिक प्रभावी बनाती है। यहां जाने त्वचा पर सरसों के तेल की मसाज और इसे लगाने के फायदे… त्वचा को मॉइश्चराइज करे सरसों का तेल बॉडी पर लगाने से यह स्किन मॉइश्चर को ब्लॉक करने का काम करता है। इससे त्वचा में रुखेपन की समस्या नहीं होती है। साथ ही सर्दियों में वुलन कपड़ों की वजह से होनेवाली ड्राईनेस को रोकता है। एलर्जी से बचाए सरसों का तेल ऐंटिऑक्सीडेंट्स की तरह काम करता है। बॉडी पर अगर डेली बेसिस पर सरसों तेल से मालिश की जाए तो यह फंगल इंफेक्शन, जलन और खुजली जैसी एलर्जी को पनपने नहीं देता है। रंगत निखारने में मददगार बेसन और हल्दी के साथ सरसों तेल मिलाकर उबटन तैयार करके लगाया जाए तो यह त्वचा की सुंदरता को बढ़ाने का काम करता है। यही वजह है कि भारतीय समाज में शादी के वक्त होनेवाली दुल्हन और दूल्हे को सरसों तेल का उबटन लगाया जाता है। फटी एड़ियों से निजात दिलाए सर्दियों में एड़ियां फटने की समस्या बेहद आम है। लेकिन अगर आप हर रोज सरसों तेल से पैरों की मसाज करते हैं तो यह एड़ियों को फटने से बचाता है। खास बात यह है कि यह थकान दूर कर मसल्स को रिलैक्स भी करता है, जिससे स्किन पर ग्लो बढ़ता है।  

एक्सरसाइज के बाद इन चीजों को खाने से मिलेगा डबल फायदा

अगर आप बॉडी को फिट रखने के लिए घंटों पसीना बहा रहें है। उन्हें अपनी डाइट पर अधिक ध्यान देना चाहिए। जरा सी लापरवाही से आपको विपरीत परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। घंटों वर्कआउट के बाद अगर आप सही डाइट नहीं ले रहे हैं तो आपकी इतनी मेहनत बेकार जा सकती है। डाइट और वर्क आउट में काफी गहरा संबंध होता है। जिसका सीधा असर आपके वर्कआउट या फिर एक्सरसाइज के परिणामों पर पड़ता है। इसलिए आपका यह जानना बहुत जरूरी है कि एक्सरसाइज के बाद आपको क्या खाना चाहिए जिससे आपकी मेहनत का पूरा फायदा आपको मिल सके। केला केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है। साथ ही साथ यह गुड कॉर्ब्स का भी अच्छा स्रोत होता है। वर्कआउट के बाद इनकी हमारे शरीर को बहुत जरूरत होती है। ये कॉर्ब्स शरीर में ग्लाइकोजेन के स्तर को बढ़ाने व क्षतिग्रस्त मांसपेशियों को ठीक करने में मदद करते हैं।   प्रोटीन रिच फूड अगर आप एक्सरसाइज के बाद अपने मसल्स की रिकवरी करना चाहते हैं तो सबसे पहले तो आपको एक्सरसाइज के आधे घंटे के भीतर कुछ न कुछ खाना चाहिए। दरअसल, वर्कआउट के दौरान हमारा शरीर न्यूटिएंट्स का इस्तेमाल करता है और इसलिए पोस्ट वर्कआउट मील शरीर को हील करने में मदद करता है। बेहतर होगा कि आप वर्कआउट के बाद आधे घंटे के भीतर एक प्रोटीन रिच फूड जरूर लेना चाहिए।   खाएं सैंडविच अगर आप कुछ लाइट और पौष्टिक खाना चाहते हैं तो वर्कआउट के बाद सैंडविच खाया जा सकता है। आप ब्राउन ब्रेड में कई तरह की वेजिटेबल्स का इस्तेमाल करके खाएं।   ब्राउन राइस आप वर्कआउट के बाद ब्राउन राइस भी खा सकते हैं। यह एंटी−ऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं और इनमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। जो आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और वजन घटाने में भी मदद करते हैं।   खूब पिएं पानी चूंकि एक्सरसाइज के दौरान आप काफी पसीना बहाते हैं, जिसके कारण शरीर से इलेक्टालाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि आप खुद को हाइडेट रखें। वैसे तो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पानी पिया जा सकता है। लेकिन अगर आप चाहें तो पानी के स्थान पर नारियल पानी पीएं। यह पोटेशियम का एक अच्छा स्त्रोत है, जो शरीर में फलूयड को बैलेंस करने में मदद करता है।  

सिरदर्द के हो सकते हैं ये 6 अजीब कारण, यकीन करना थोड़ा मुश्किल है

सिरदर्द बहुत की आम समस्या है। कब, कहां हमें यह परेशानी घेर ले कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन आमतौर पर हम जानते हैं कि आखिर हमारे सिर में दर्द क्यों हो रहा है? जैसे, अगर हम रात को ठीक से नहीं सो पाए, सुबह बहुत जल्दी उठ गए, कई घंटों से कुछ नहीं खाया…ये कुछ ऐसी बाते हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं। लेकिन कुछ बातें ऐसी भी हैं, जिन पर हम लोग गौर नहीं करते हैं कि ये भी हमारे सिर में दर्द की वजह बन सकती हैं। आइए, एक नजर डालते हैं… कई बार कॉफी पीना ऑफिस में काम करते हुए या दोस्तों को साथ गप्पे मारते हुए, चाय और कॉफी पीना आम बात है। लेकिन इनमें मौजूद कैफीन उस वक्त हमारे लिए सिरदर्द का कारण बन जाता है, जब हम अधिक मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन कर लेते हैं। कई घंटों से पानी ना पीना अगर आपने लगातार कई घंटों से पानी नहीं पिया है या आप हर रोज शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में खुस्की हो जाती है। इस कारण भी सिरदर्द की समस्या होती है। पेट में गैस कभी-कभी सिर्फ चाय-कॉफी पीते रहने से भी पेट में गैस बन जाती है तो कभी कुछ भी ना खाने के कारण पेट में गैस बनती है। इतना ही नहीं कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो हमारी बॉडी में गैस बढ़ाने का काम करते हैं। इस गैस के कारण भी सिर में दर्द की समस्या होती है। हॉर्मोनल चेंज महिलाओं में पीएमएस यानी प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंप्टम्स और पुरुषों में आईएमएस यानी इरिटेबल मेन्स सिंड्रोम के चलते हर महीने हॉर्मोनल चेज होते हैं। यह बदलाव कई बार अलग-अलग कारणों से सिरदर्द की वजह बन जाता है। बैठने का गलत तरीका अगर हम ऑफिस या कॉलेज में लंबे समय से गलत पॉश्चर में बैठे रहते हैं तो हमारा डायजेशन इफेक्ट होता है और अपच के कारण सिरदर्द की समस्या हो जाती है। या नसों में तनाव के कारण भी सिरदर्द की समस्या हो जाती है। गैजेट्स का बहुत अधिक उपयोग घंटों तक लगातार मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी के साथ वक्त बिताने पर भी सिरदर्द की समस्या हो जाती है। इसलिए अगर आपके सिर में दर्द अक्सर हो जाता है तो सोचने की जरूरत है कि आप अपने साथ क्या गलत कर रहे हैं।  

मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं। अपनी डेटा लिमिट सेट करें अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं। बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में ‘रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा’ पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं। डेटा कंप्रेशन का यूज करें गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें। अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और ‘ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली’ ऑप्शन पर टैप करें। स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं। ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं। मैलवेयर को रखें दूर ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे।  

नई उम्मीदें और नए अवसर लेकर आता है नया साल

नया साल हर व्यक्ति के जीवन में नई खुशियां, नई उम्मीद और नए सपने लेकर आता है। उम्मीदों का यह कारवां हर साल बनता और बिगड़ता है। यह वह समय होता है, जब हर व्यक्ति अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर नए साल में सफलता हासिल करने के लिए अपने लिए कुछ अलग न्यू ईयर रेजोल्यूशन बनाने की कोशिश करता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आने वाले नए साल में आपका सामना कभी भी निराशा से ना हो तो ये न्यू ईयर रेजोल्यूशन आइडियाज आपकी मदद कर सकते हैं। डिजिटल डिटॉक्स इस साल के रेजोल्यूशन में खुद से यह वादा करें कि आप दिनभर में कुछ तय घंटे अपने स्मार्टफोन से दूर रहेंगे। अपने दिनभर के सभी जरूरी काम निपटाने के बाद थोड़ा समय किताबों और अपनी हॉबी को दें। जरूरत से ज्यादा फोन यूज करने से मानसिक थकावट के साथ कई तरह की बीमारियां भी घेर सकती हैं। बचत इस साल फिजूलखर्ची को छोड़कर अपनी आय और खर्चों का हिसाब रखने की कोशिश करें। अगर आपको बचत की आदत नहीं है तो इस नए साल उसे प्राथमिकता देते हुए हर महीने अपनी आय का एक हिस्सा बचत के लिए अलग रख दें। यात्रा घर से ऑफिस और ऑफिस से घर के अपने रूटीन को बदलकर, इस साल नई जगहों को एक्सप्लोर करने का नियम बनाएं। अलग-अलग जगह की यात्रा करने से ना सिर्फ आपका मूड अच्छा बना रहता है बल्कि आपको नई संस्कृति और परंपराओं के बारे में जानकारी मिलती है। पॉजिटिव बने रहे नए साल में नेगेटिव सोच को छोड़कर खुद को पॉजिटिव बनाए रखने का प्रयास करें। हर परिस्थिति या विचार का सकारात्मक पहलू देखने की भी कोशिश करें। जब भी नेगेटिव विचार आएं, तो खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें। परिवार के साथ समय बिताएं भागदौड़ भरी जिंदगी में आज व्यक्ति के पास अपने परिवार को देने के लिए भी उचित समय नहीं है। जिसकी वजह से लोगों के बीच दूरियां आने लगती हैं। ऐसे में इस साल अपने करियर के साथ परिवार को भी साथ लेकर चलें। ऐसा करने से ना सिर्फ आपका परिवार और दोस्त बल्कि आप खुद भी खुश रहने लगेंगे। याद रखें एक प्रसन्न मन ही सफलता की नींव रख सकता है। खुद के लिए समय निकालें इस साल परिवार, ऑफिस और बच्चों के साथ खुद के लिए भी थोड़ा सा समय निकालने की कोशिश करें। अपने इस मी-टाइम के दौरान खुद को बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में सोचें। अगर आप अपने पेंटिंग, डांसिंग, सिंगिंग, गार्डनिंग जैसे शौक भूल चुके हैं तो इस साल एक बार फिर उन्हें दोबारा याद करके जिंदा करने की कोशिश करें। आपकी ये कोशिश आपके मन को खुशी और संतोष से भर देगी। योग का लें संकल्प अपने दिन की शुरुआत योग और ध्यान के साथ करने का संकल्प लें। सुबह-सुबह योग और ध्यान करने से शरीर में दिन भर ऊर्जा बनी रहने के साथ दिमागी सेहत भी अच्छी बनी रहती है। जिससे व्यक्ति किसी भी काम को करने में आलस महसूस नहीं करता है।

सक्सेजफुल होने के लिए गुड मैनर के बेसिक रूल्स

सक्सेजफुल लाइफ चाहिए तो इन गुड मैनर्स को कभी नहीं भूलना चाहिए। बच्चों से लेकर बड़ों को ये बातें जरूर पता होनी चाहिए। हर इंसान को लाइफ में कुछ बेसिक गुड मैनर्स के बारे में जरूर पता होना चाहिए। ये अच्छे मैनर लाइफ में सक्सेजफुल होने की गारंटी होते हैं। क्योंकि इन बेसिक रूल्स का अभाव कई बार आपको फेलियर बना सकता है। आमतौर पर बेसिक मैनर की बात करते हैं तो बस बच्चों को ही समझाते हैं लेकिन बड़े होने के बाद भी कुछ चीजों को फॉलो करना जरूरी है। जिनमे से ये 7 प्वाइंट बेहद जरूरी है। बड़ों को भी इन गुड मैनर जरूर फॉलो करने चाहिए घर के बड़े-बूढ़े अक्सर इन बातों को हमें समझाते आ रहे हैं और ये बातें आज भी सफलता के जरूर मंत्र है। 1) कभी भी उन बातों के बारे में नहीं बोलना चाहिए जिनके बारे में आपको ना जानकारी हो। हमेशा पूरी जानकारी के बाद ही किसी मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। 2) अगर किसी इंसान ने आपको नहीं इनवाइट किया है तो कभी भी ऐसी जगहों पर नहीं जाना चाहिए। 3) जो चीजें आपके मतलब की नहीं है उस मामले में कभी भी इंटरफेयर नहीं करना चाहिए। ये बेसिक मैनर घर से लेकर बाहर तक हर जगह जरूरी है। 4) किसी के घर गए हैं तो कभी भी बिना इजाजत के फ्रिज नहीं खोलना चाहिए। ये बहुत ही बेसिक मैनर है जिसकी जानकारी अपने बच्चे को जरूर देनी चाहिए। 5) बेसिक मैनर रूल ये भी कहता है कि रात 10 बजे के बाद किसी को भी फोन नहीं करना चाहिए। जब तक कि इमरजेंसी ना हो या फिर कोई आपके जानने वाले ने इजाजत ना दी हो, रात 10 बजे फोन करने की। 6) कभी भी किसी के घर में जाएं तो उसके बेडरूम में नहीं बिना परमिशन नहीं जाना चाहिए। 7) लंच टाइम पर किसी से मिलने नहीं जाना चाहिए।

नमी से निखरेगी खूबसूरती

सुन्दर व आकर्षक त्वचा पाने के लिए कई तरह के उपाय आजमाए जाते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। सिर्फ कॉस्मेटिक्स के बल पर मनचाही खूबसूरती हासिल नहीं की जा सकती। खूबसूरत दिखना है तो त्वचा को भीतर से चाहिए नमी। पानी क्यों जरूरी है आपकी खूबसूरती के लिए…. हम खूबसूरत त्वचा पाने के लिए क्या कुछ नहीं करते! टीवी पर आने वाले विज्ञापनों को देखकर कभी कोई क्रीम लगाते हैं तो कभी किसी खास फेसवॉश पर जोर देते हैं। इस दौरान आस-पड़ोस के लोगों द्वारा बताए गए नुस्खे भी बड़े महत्वपूर्ण लगते हैं। पर नतीजा जीरो ही आता है। पता है ऐसा क्यों? क्योंकि खूबसूरती सिर्फ बाहरी लेप लगाने से नहीं आती। इसके लिए हमारा खानपान भी बेहद मायने रखता है। बात अगर सुंदर त्वचा की हो रही है तो यहां यह बात भी मायने रखती है कि आप दिन भर में कितना पानी पीती हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट भी यही कहती है। लेडी हार्डिंग कॉलेज की डॉक्टर मोनिका पुरी के अनुसार त्वचा में निखार सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट से नहीं आता, बल्कि इसके लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण है। त्वचा जब तक हाईड्रेटेड नहीं होगी, उसमें चमक आना नामुमकिन है। हालांकि डॉ. मोनिका यह भी कहती हैं कि त्वचा को हाईड्रेटेड रखना सिर्फ त्वचा की सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर की सेहत के लिए भी जरूरी है। हमारा शरीर 70 फीसदी पानी से बना हुआ है। इसलिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम दिन में खूब सारा पानी पिएं, ताकि शरीर के भीतर पानी का स्तर बना रहे। त्वचा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि त्वचा पसीने के रूप में हमारे शरीर से विषाक्त बाहर निकालता है और यह तभी संभव है, जब त्वचा में भरपूर नमी होगी। खाने में करें बदलाव… चमकदार त्वचा चाहिए तो खाने-पीने के मामले में भी आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। अंदाजा लगाएं तो शरीर में जाने वाले 20 फीसदी पानी का स्रोत हमारा खाना ही होता है, जिसमें फल और सब्जियां शामिल हैं। इसलिए अगर आप खूब सारा पानी नहीं पी सकतीं तो ऐसे फल या सब्जी खाएं, जिनमें 90 फीसदी पानी होता है, जैसे खीरा। खीरे में 96.6 फीसदी पानी होता है। टमाटर में 95 प्रतिशत पानी होता है। ऐसे ही शिमला मिर्च, गोभी, तरबूज, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली, गाजर आदि को ज्यादा-से-ज्यादा मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इन सब में 90 फीसदी से ज्यादा पानी होता है। इनसे बनाएं दूरी… -सिगरेट, शराब, बीड़ी, गुटखा आदि से त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। जिस चीज में निकोटीन होगी, उससे आपकी त्वचा के हाईड्रेशन को खतरा है। कई बार आपने सुना होगा कि चाय ज्यादा पीने से रंग काला हो जाता है। यह मिथक है, पर इस बात में थोड़ी सच्चाई भी है। चाय में भी निकोटीन होती है। इसलिए आप चाय और कॉफी पर ज्यादा जोर न दें। -बाहर का तला-भुना, फास्ट फूड आदि पर अपनी निर्भरता कम करें। इससे हमारा पूरा सिस्टम प्रभावित होता है, त्वचा भी इससे अछूती नहीं है। -त्वचा काली हो, गोरी हो या सांवली, अगर सेहतमंद नहीं है तो कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट लगाकर वह खूबसूरत व आकर्षक नहीं बन सकती। इसलिए खूब पानी पिएं। सेहतमंद खाना खाएं और अपनी हाइजीन का ध्यान रखें। हाईड्रेशन की खातिर देखभाल जरूरी…. कभी-कभी चीजें बहुत सरल होती हैं, लेकिन हम उनसे इतने डरे होते हैं कि उन समस्याओं में खुद को बेहद उलझा हुआ महसूस करते हैं। त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी कुछ ऐसी ही होती हैं। त्वचा को हाईड्रेटेड रखने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आप त्वचा को साफ पानी से धोती रहें और धोने के तुरंत बाद चेहरा पोछें नहीं। त्वचा को कुछ देर पानी के साथ छोड़ दें और कुछ देर के बाद पोछ लें। इसके अलावा रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह धोना न भूलें। घर में अगर मलाई और बेसन है तो दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद उसके सूखने से पहले हल्के हाथ से रगड़ते हुए उसे हटाएं। यह पूरे दिन की गंदगी निकाल बाहर करेगा। बाजार में आने वाले फेसवॉश को इस्तेमाल करने से अच्छा है कि आप घर में ही एक लेप बनाकर रख लें। 100 एमएल रोज वाटर, 90 एमएल वेजिटेबल ग्लिसरीन, 90 एमएल एलोवेरा, किसी एसेंशियल ऑयल की 8 बूंदें और रोज एसेंशियल ऑयल को एक बाउल में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण को एक कांच की बोतल में रख लें और जब भी इस्तेमाल करें, पहले बोतल को अच्छी तरह हिला लें। इस लेप से चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें और फिर साफ पानी से धो लें। ना नहाएं ज्यादा देर… अगर आपको गुनगुने पानी से नहाने की आदत है तो दस मिनट से ज्यादा न नहाएं। गर्म पानी त्वचा की नमी चुरा लेता है। यही नहीं, त्वचा से निकलने वाले प्राकृतिक तेल, जो त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर का काम करते हैं, उन्हें भी खत्म कर देता है। ठंडे पानी से ही नहाएं। ठंड के मौसम में भी ज्याद गर्म पानी से न नहाएं। 10 नियम हर दिन त्वचा को ताजा रखने के… -रोजाना दिन में दो से ढाई लीटर पानी जरूर पिएं। ज्यादा काम करने से भी पानी की कमी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप शरीर की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। -पूरा दिन पानी पीती रहें, फिर चाहे आपको प्यास लगी हो या नहीं। अगर प्यास नहीं लग रही है तो इसका मतलब यह हुआ कि डीहाइड्रेशन की शुरुआत हो चुकी है। -जो भी ड्रिंक पसंद है, उसे साथ लेकर चलें। इससे ये होगा कि आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ लिक्विड लेती रहेंगी। -आप हाईड्रेटेड रहने के लिए पानी के अलावा हर्बल टी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस, दूध आदि भी पी सकती हैं। -फल और सब्जियां भी आपकी सहायता कर सकती हैं। इनमें काफी मात्रा में पानी होता है। -शराब से दूर रहें। शराब पीने के बाद बार-बार पेशाब लगती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। -अगर आप कोई खेल खेलती हैं तो खेल शुरू करने से पहले पानी पी लें, क्योंकि खेल के दौरान और उसके बाद पसीने के रूप में शरीर से ज्यादा … Read more

सही पोषण की सात अच्छी आदतें

हम क्या खाते हैं और कितना पानी पीते हैं, यह तय करता है कि हम कितने फिट और स्वस्थ रहेंगे। अच्छी सेहत के लिए खान-पान में पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जानते हैं कुछ बातें, जो कर सकती हैं इसमें आपकी मदद… नाश्ता जरूर करें खुद को यह बताएं कि सुबह का नाश्ता अच्छी सेहत के साथ-साथ शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए जरूरी है। टोंड दूध के साथ ओट्स लें। उच्च फाइबरयुक्त फल और एक चुटकी दालचीनी खाएं। इससे रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। आप चाहें तो मल्टीग्रेन ब्रेड और कुछ अंडे, हल्के तले हुए मशरूम और हरी पत्तेदार सब्जियां भी खा सकते हैं। ज्यादा चाय-कॉफी ठीक नहीं चाय और कॉफी की मात्रा का ध्यान देना बहुत जरूरी है। ग्रीन टी भी अधिक न पिएं। पांच कप से अधिक ग्रीन टी लेना शरीर में पानी की कमी पैदा करेगा। अगर आप सिर्फ दूध और चीनी वाली चाय पीते हैं तो यह तय है कि आप सीमा से अधिक चीनी डाइट में ले रहे हैं। खूब खाएं हरी पत्तेदार सब्जियां यह ध्यान रखें कि हररोज कितनी मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन कर रहे हैं। पालक और मेथी में फोलेट प्रचुरता में होते हैं। इस विटामिन से शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से बनती हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कैलरी बहुत कम होती है। तीनों समय हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करें। पानी है अनमोल हर आधे घंटे में पानी पिएं। पानी शरीर के पोषक तत्वों को भीतरी अंगों और ऊतकों तक ले जाता है। यह ध्यान रखें कि जूस और अन्य ड्रिंक्स पानी की बराबरी नहीं कर सकते। नींद का रखें ध्यान पोषक तत्व नींद पर भी असर डालते हैं। सोने से पहले कैफीन, चॉकलेट, अधिक चिकनाई वाली चीजें न खाएं। ये चीजें आंतों को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के लिए सोने से पहले अधिक तला हुआ खाना पित्त बनाता है और पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है। हर रोज व्यायाम करें अपने वर्कआउट में हृदय के लिए लाभकारी व्यायाम करें। शरीर को मजबूत और लचीला बनाए रखने वाले व्यायामों को शामिल करें। हेल्दी स्नेक्स हल्के-फुल्के नाश्ते के लिए स्वस्थ तरीके आजमाएं। इससे भूख नियंत्रित रहती है। सेब, अनार के दाने और बादाम का सलाद खाएं। शाम के समय गाजर और खीरे का सलाद खाएं।    

बीमारियों का घर बढ़ती तोंद

बढ़ती तोंद शरीर को बेडौल तो बना ही देती है, अब नए अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि इससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों के शिकार होने का खतरा भी बढ़ रहा है। हमारे देश में ज्यादातर लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते कि उनकी तोंद बढ़ रही है। शायद वे इस बात से भी अनजान हैं कि कमर का बढ़ता आकार उनके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। देश और दुनिया के स्तर पर हुए कई शोध साफ तौर पर यह कहते हैं कि पेट के उभार का सीधा संबंध उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी बीमारियों और मधुमेह से है। दुनिया भर में हुए शोधों में यह सामने आया है कि पुरुषों में तोंद ज्यादा होती है। वहीं महिलाओं में कूल्हे के आसपास अधिक मांस होता है। भारत में यह आंकड़ा कुछ उल्टा है। यहां छह राज्यों (ग्रामीण व शहरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और कर्नाटक) में 7,000 लोगों पर किए गए शोध से सामने आया है कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की तोंद अधिक है। पेट पर उभरा यह मांस 50 वर्ष की आयु के बाद हर चार में से एक महिला के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। ऑनलाइन जर्नल बीएमजी ओपन में दो सप्ताह पहले इस अध्ययन की रिपोर्ट छापी गई है। इसके अनुसार अध्ययन में शामिल लोगों में से 14 प्रतिशत ओवरवेट यानी तय सीमा से अधिक वजन वाले लोग थे। इनमें हर तीन में से एक की तोंद (35.4 इंच से अधिक कमर पुरुषों में, 31.4 इंच से अधिक कमर महिलाओं में) थी। लगभग दो तिहाई (69 फीसदी) तोंद वाली महिलाएं अमीर परिवारों की थीं, जबकि करीबन आधी यानी 46 प्रतिशत महिलाएं मध्यमवर्गीय व निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों से थीं। बीमारियों से संबंध:- ज्यादा परेशान करने वाले तथ्य उस अध्ययन से पता चलते हैं, जो अब तक प्रकाशित नहीं हुआ है। यह अध्ययन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी एम्स, दिल्ली ने किया है। यह 20 से 60 साल के आयु वर्ग के 500 से अधिक लोगों पर किया गया। इस अध्ययन में सामने आया कि पेट पर बढ़ता मांस महिलाओं के लिए कई बीमारियों की जद में आने का खतरा बन सकता है। इस अध्ययन में शामिल रहे एम्स में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम कहते हैं, हमने इस अध्ययन में पाया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ी तोंद वाले पुरुषों में 12 गुना व महिलाओं में 20 गुना अधिक हो जाता है। पेट पर जो मांस जमा है, उसके स्वरूप से भी बीमारियों के खतरे से आगाह किया जा सकता है। गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के अध्यक्ष डॉक्टर आर आर कासलीवाल कहते हैं, आन्त्र से निकलता फैट, खून में फैटी एसिड्स रिलीज करता है। यह एसिड्स हार्मोंस के साथ मिल कर सूजन, बैड कोलेस्ट्रॉल, क्रिगलीसेरेड्स, रक्त ग्लूकोज और रक्तचाप को बढ़ाते हैं। ये न केवल हृदय संबंधी बीमारियों और हृदयाघात के खतरे को बढ़ाते हैं, बल्कि कुछ एस्ट्रोजन सेंसिटिव कैंसर जैसे रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट और गर्भाश्य के कैंसर के खतरे को बढ़ा देते हैं। कैसे बढ़ी समस्या:– फोर्टिस सी-डॉक के अध्यक्ष डॉक्टर अनूप मिश्रा (जिन्होंने एम्स में अपने कार्यकाल के दौरान अध्ययन करने वाले दल की अध्यक्षता की थी) के अनुसार, भारत में हमने जो अध्ययन किया, उसमें पुरुषों के कमर का साइज 78 सेमी निर्धारित किया था और महिलाओं के लिए 72 सेमी। जो भी इससे अधिक कमर वाले पाए गए, वे अच्छा वजन होने के बावजूद भी कम से कम एक मेटाबॉलिक बीमारी की जद में आने के खतरे में थे। कई अन्य अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भी बढ़ती कमर और हृदय संबंधी बीमारियों व मधुमेह के संबंध को स्वीकार करते हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन में 45,000 महिलाओं का 16 साल के लिए अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि बढ़ी कमर वाली महिलाएं (35 इंच या इससे अधिक कमर) हृदयाघात से मरने के दोगुने खतरे में थीं, बनिस्पत उन महिलाओं के, जिनकी कमर 28 इंच से कम थी। यह शोध नर्सेज हेल्थ स्टडी में छपा था। डॉक्टर विक्रम कहते हैं, जब हमारा शरीर फैट एकत्रित करता है तो उसके कई कारण हो सकते हैं। यह आनुवंशिक हो सकता है या फिर हार्मोन के कारण भी। हालांकि सबसे प्रमुख कारण खान-पान पर नियंत्रण है। अच्छे वजन वाले फिट लोगों की भी तोंद हो सकती है, इसलिए पैकेट वाले भोजन से बचना चाहिए और शारीरिक तौर पर अधिक परिश्रमी होना चाहिए, ताकि शरीर शेप में रहे। तनाव पर नियंत्रण और पूरी नींद भी इसमें अहम रोल अदा करती है। डॉक्टर कासलीवाल कहते हैं, कुल मिला कर सब कुछ स्वस्थ जीवनशैली पर निर्भर करता है। जिस तरह से आप जीते हैं, वह आपके स्वास्थ्य पर भी झलकता है। इसलिए जितना जल्दी आप तनावमुक्त जीवन जीना आरंभ करेंगे, उतनी जल्दी आपका शरीर सही आकार में आ जाएगा। परेशान होने का समय… -अगर आपके शरीर में अतिरिक्त फैट है -अगर आप प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं -ट्रांस फैट वाला भोजन, पैकेट वाला खाना, प्रिजरवेटिव वाला भोजन अधिक मात्रा में कर रहे हैं -फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं कर रहे -दिन में दो गिलास शराब से अधिक पी रहे हैं -अत्यधिक तनाव में हैं और शारीरिक श्रम नहीं कर रहे -फैटी लिवर है तोंद है या पेट के आसपास सूजन है बढ़ता खतरा:– आन्त्र द्वारा निकला फैट शरीर के भीतर ही जमा होता जाता है। पेट के भीतर यह लिवर, किडनी और आंत के आसपास जमा हो जाता है। इसके कारण मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं, जो टोटल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देते हैं। इसके साथ एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और एचडीएल यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। पांच तरीके फ्लैट पेट के लिए:– पर्सनल ट्रेनर शालिनी भार्गव कहती हैं कि पेट को फ्लैट करने में समय लगता है। इसके लिए आपको वचनबद्ध, एकाग्र और धैर्यवान बनना होगा। इसके लिए ये उपाय अपनाएं… -पेट की चर्बी कम करने में सबसे कारगर है एरोबिक व्यायाम। पेट के व्यायाम करें। -स्टेबिलिटी बॉल और डंबल्स की मदद से क्रंचेज करें। -पेट … Read more

कैसे बनें स्मार्ट एम्प्लाई?

क्यों कोई छोटी-सी बात बड़ी बन जाती है! ऐसा क्यों होता है कि आप कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन आपके सहयोगी उसका दूसरा अर्थ लेते हैं। आखिर यह क्यों नहीं होता कि आप जैसा चाहते हैं, लोग उन बातों को उसी रूप में लें, आदि तमाम सवाल हैं, जिनका हल निकालना एक बेहतर कामकाजी संबंध के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन सच तो यह है कि आप बेहतर कामकाजी-संबंध बनाने में तभी सफल हो सकते हैं, जब कुछ खास बातों का ध्यान रखें। समय का रखें पूरा ध्यान:- ऑफिस में कई सारे काम ऐसे भी होते हैं, जिन पर आपसी सहमति की जरूरत होती है। इसलिए कामकाज की अत्यधिक व्यस्तता के बीच आपस में विचार-विमर्श करने का पर्याप्त समय जरूर निकालें। हां, कुछ खास समय होते हैं, जब थोड़ा कम वर्क-प्रेशर होता है, जैसे-काम के फस्र्ट ऑवर में, लंच के तुरंत बाद और ऑफिस ऑवर खत्म होने के बाद आप अपनी बात अपेक्षाकृत ज्यादा बेहतर ढंग से रख सकते हैं। दरअसल, ऐसा करने से इसका सकारात्मक आपके प्रोजेक्ट या काम पर भी पड़ेगा। रहें कूल कूल:- यदि आपको लगता है कि आपकी बात को आपके बॉस या कॅलीग ठीक से नहीं समझ पा रहे हैं, तो ऐसे समय में परेशान होने की बजाय कूल रहने का प्रयास करें। यदि आपकी बात में दम है और आपने उसे तार्किक रूप से पेश किया है, तो देर से ही सही, आपकी बात को वे जरूर समझेेंगे। हां, जब आपको कुछ समय बाद यह लगे कि आपको अपेक्षित रिस्पांस नहीं मिल पाया है, तो उस विषय पर आपको दोबारा जरूर मिलना चाहिए। लेकिन इस दौरान भी आपको अपनी बातें शांतिपूर्ण ढंग से ही रखनी चाहिए। ध्यान रहे, कूल रहकर आप अपनी बातों को और ज्यादा प्रभावी ढंग से कह सकते हैं। रखें अपनी बात:- यदि कोई बात आपको पसंद न आए या आपको लगता है कि किसी मसले पर आप अपनी राय देकर उसे और बेहतर बना सकते हैं, तो यह कहने में आपको बिल्कुल गुरेज नहीं करनी चाहिए। हां, इस दौरान यदि आप किसी की बात से आहत होते हैं, तो उस पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की बजाय, आपको उस बात से क्या तकलीफ हुई है, यह भी जरूर व्यक्त करें, जैसे-यह सही है कि हर किसी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता होती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी और की भावना को इससे आहत पहुंचे। समय रहते हो जाएं सतर्क:- यदि आपको लगता है कि आपकी बात को अन्यथा लिया जा रहा है, तो समय रहते इस स्थिति को जरूर सुधारने का प्रयास करें। मिलनसार बनें:- यदि आप मिलनसार हैं और सबसे मुस्कुराकर मिलते हैं और उनका अभिवादन करते हैं, तो इसमें कोई दो राय नहीं कि आपके कामकाजी संबंध जरूर अच्छे होंगे। दरअसल, मिलनसार व्यक्ति हमेशा एक सकारात्मक प्रभाव जरूर छोड़ते हैं। सच तो यह है कि ऐसे व्यक्तियों से मिलना हर किसी को अच्छा लगता है। वहीं दूसरी तरफ, जो मिलनसार या खुशमिजाज नहीं होते, उनके प्रति प्रायः एक नकारात्मक छवि बन ही जाती है। इसलिए हर कोई उनसे अत्यधिक जरूरत पडने पर मिलना पसंद करते हैं। जानें स्वभाव:- यदि आप अपने कॅलीग या बॉस का निजी स्वभाव जानते हैं और आपको यह अच्छी तरह पता होता है कि वे किस बात पर नाराज या खुश होते हैं, तो बेहतर संबंध स्थापना की दिशा में यह काफी मददगार हो सकता है।  

डाउनलोड किए बिना अपने स्मार्टफोन पर चलाएं सोशल मीडिया एप्स

आपने अपने स्मार्टफोन पर ढ़ेरों सोशल मीडिया एप्स डाउनलोड किए होंगे जैसे-फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, स्काइप इत्यादि। प्रत्येक एप के अकाउंट को इस्तेमाल करने के लिए आपको उन एप्स को अलग से प्ले स्टोर से डाउनलोड करना पड़ता है। मान लीजिए किसी कारणवश आपको अपना फोन बदलना पड़ा और आप नया फोन ले आएं हैं, ऐसे में आप अपने सभी एप्स खो देंगे और फिर आपको वापस सारे एप्स डाउनलोड करने के सिर दर्द से गुजरना पड़ेग, साथ ही इस प्रक्रिया में बहुत समय भी बर्बाद होगा, लेकिन फोल्डर लाॅक एडवांस एप की सहायता से आप इस परेशानी से बच सकते हैं। यह सिर्फ एक ही इंटरफेस के द्वारा सारे सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करने देता है और प्रत्येक सोशल मीडिया एप को अलग से डाउनलोड करने की परेशानी से बचाता है। इसका प्रयोग ऐसे करेंः -फोल्डर लाॅक एडवांस को खोलें। -मेन मेन्यु स्क्रीन पर सोशल मीडिया कैटेगिरी के अंदर जाएं। -जिस भी सोशल मीडिया अकाउंट को आप इस्तेमाल करना चाहते हैं,उसे एक्सेस कर सकते हैं। आपके लिए कुल 33 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उपलब्ध है। -एक बार उस विशेष अकाउंट के लिए अपना आइडी और पासवर्ड डालें, क्योंकि सुरक्षा की एक अन्य परत के तहत, एप आपके क्रिडेंसीयल सेव कर लेता है। -बस अब आप सोशल मीडिया एप डाउनलोड किए बिना इंजॉय करें। आप फोल्डर लाॅक एडवांस एप्लीकेशन से अपने निजी फोटोज, वीडियोज, ऑडियोज, डॉक्यूमेंट्स इत्यादि को छिपा सकते हैं और अपने एप्स को एप लॉक से प्रोटेक्ट भी कर सकते हैं।  

सुपर फूड जैसा है अंकुरित भोजन

शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर थकान महसूस होती हैं। ऐसे में लोग सप्लीमेंट के तौर पर प्रोटीन लेना शुरू करते हैं। नतीजा हमारे स्वास्थ्य पर उनका बुरा प्रभाव पड़ता है। जबकि प्रोटीन का भी विकल्प मौजूद है। दरअसल, स्प्राउट्स ऐसी चीज है, जिसके खाने से कभी परेशानी नहीं होती। यह प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व व प्रोटीन से भरा है। नट्स, अनाज और फलियों को जब पानी में डाला जाता है तो इनमें मौजूद फाइटेट्स खत्म हो जाते हैं। जिससे इसे पचाने में बेहद आसानी होती है। किसी भी अनाज को जब अंकुरित किया जाता है, तो उसमें मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं। जहां तक एंटी-आक्सीडेंट की बात है तो स्पाउट्स में प्रचुर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटी-आक्सीडेंट शरीर की प्रक्रिया के सही ढंग से चलाने में सहायक होते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम मंहगी से महंगी दवाइयां खरीद लेते हैं पर अपना देसी और सस्ता इलाज भूल जाते हैं। जबकि स्प्राउट्स सबसे बढ़िया व सस्ता विकल्प हैं अपने आप को स्वस्थ रखने का चना, मूंग, राजमा और मटर को रात भर पानी में डाल कर रखें और अगले दिन इसे सब्जी के साथ पका कर या फिर अंकुरित कर खा सकते हैं। स्प्राउट्स बनाने की विधि कच्चे अनाज को सुपर फूड बना देती है। उनमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे अचछा तरीका है स्प्राउट्स। यह हमें कई तरह की बीमारियों और लाइफस्टाइल संबंधी परेशानी से बचाती है। स्प्राउट्स को पोषक तत्वों का बंडल भी कहा जाता है। अनाज जैसे गेहूं, मक्का रागी, बार्ली और बाजरे को 12 घंटे पानी में भिगोकर मिट्टी में डाल दिया जाता हैं। इनके नन्हें पौधे 10-12 दिनों में तैयार हो जाते हैं। इनका जूस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। तिल, मूली और मेथी के बीज खाने में तो कड़वे होते हैं, पर इन्हें स्प्राउट्स के साथ मिलाकर खाया जा सकता हैं। हरे और काले चने, के स्प्राउट्स के साथ-साथ ओट्स, बकवीट में उच्च मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलफा अलफा को स्प्राउट्स का राजा कहा जाता है। इसमें मैंग्नीज की उच्च मात्रा पाई जाती हैं और साथ में विटामिन ए, बी, सी, ई और के की प्रचुर मात्रा भी होते हैं। इसमें एमिनो एसिड और दूध से काफी ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। स्प्राउट्स में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटाशियम, सोडियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन ए, थाइमिन या विटामिन बी-1, बी-2, बी-3, विटामिन सी मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं। यह क्लोरोफिल का अच्छा स्रोत है और इसमें एंटीबैक्टेरियल व एंटीइनफ्लैमेटरी गुण मौजूद होते हैं। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो स्प्राउट्स से बेहतर कुछ नहीं। इसे खाने से पेट भरा-भरा सा रहता है और काफी दूर तक भूख नहीं लगती। स्प्राउट्स खाना सबसे सुरक्षित है। इसमें सही मात्रा में मौजूद पोषक तत्व आप को स्वस्थ रखते हैं।  

नए गैजेट्स से रिमोट एक्सेस हुई आसान

नई दिल्ली अपने कंप्यूटर को दूर से एक्सेस करने की जरूरत कई बार महसूस होती है- जब आप बहुत ज़रूरी काम से किसी दूसरे शहर में गए हों, कोई इंटरव्यू या इम्तिहान देने के लिए घर से कुछ किलोमीटर दूर चल कर गए हों या फिर कहीं कोई महत्वपू्र्ण प्रेजेन्टेशन दे रहे हों। ऐसी परिस्थितियां दर्जनों बार आ सकती हैं, जब आप सोचते हैं कि काश इस समय मेरा कंप्यूटर मेरे पास होता। अब लैपटॉप तो आपके साथ कहीं भी यात्रा कर सकता है, लेकिन डेस्कटॉप के मामले में ऐसा नहीं है। अगर आप कोई जरूरी फाइल साथ ले जाना भूल गए हैं तो फिर घर या दफ्तर में रखे डेस्कटॉप कंप्यूटर के पास लौटने के सिवा कोई चारा नहीं है। बहरहाल, जो कंप्यूटर रिमोट एक्सेस युक्त नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (नैस) के साथ जुड़े हुए हैं, उनके साथ ऐसी कोई सीमा या मजबूरी नहीं है। डेन-इलेक माइडिट्टो नाम की नैस डिवाइस इसी श्रेणी में आती है। यूं तो नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज डिवाइसेज का काम है दफ्तर भर के लोगों को अपनी फाइलें स्टोर करने के लिए बाहरी (एक्सटर्नल) स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराना, लेकिन डेन-इलेक माइडिट्टो की बात कुछ और है। इसमें रिमोट एक्सेस की शानदार सुविधा शामिल है जो इंटरनेट के जरिए इसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस करने की सुविधा देती है। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर आप अपनी सारी कंप्यूटर फाइलें इस डिवाइस पर स्टोर करते हैं तो फिर कहीं से भी इन फाइलों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं। है ना कमाल की चीज! आपके घर या दफ्तर में पड़ी एक डिवाइस, जिसमें 1000 जीबी या उससे अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है, किसी अदृश्य सुविधा की तरह दुनिया भर में मौजूद रहती है। जरूरत है तो एक इंटरनेट कनेक्शन और थोड़ी सी सेटिंग्स की। माइ़डिट्टो नैस डिवाइस को एक्सेस करने के लिए एक फ्लैश ड्राइव साथ आती है, जिसमें एक डेन इलेक का एक खास सॉफ्टवेयर मौजूद रहता है। इस ड्राइव को किसी भी लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में डालिए और सॉफ्टवेयर लांच कीजिए। कुछ ही सैकंड में आप अपनी नैस डिवाइस से कनेक्ट हो जाएंगे और उसके बाद वैसे ही काम कर सकेंगे जैसे आप अपने घर या दफ्तर में ही हैं। शर्त यह है कि दोनों तरफ के सिस्टम इंटरनेट से कनेक्टेड होने चाहिए। विंडोज के साथ-साथ एपल मैकिन्टोश या लिनक्स कंप्यूटर पर भी अपनी नैस डिवाइस को एक्सेस करना संभव है। इसका सॉफ्टवेयर तीनों रूपों में उपलब्ध है। इतना ही नहीं, एक एप्लीकेशन की मदद से इसे आइफोन या आइपैड पर भी एक्सेस किया जा सकता है।  

लाइफ को पॉजिटिव रखते हुए सक्सेस का रील नहीं रियल मंत्र जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये टिप्स

जीवन में सफलता का स्वाद हर व्यक्ति चखना चाहता है। लेकिन यह कुंजी उसी व्यक्ति के हाथ लगती है, जिसके पास कुछ खास गुण मौजूद होते हैं। आज का युवा खुद को मोटिवेट करने के लिए घंटों इंस्टाग्राम की रील्स स्क्रॉल करता रहता है। लेकिन क्या वाकई सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स देखने से आपको लाइफ को बदलने वाला सच्चा मोटिवेशन मिल सकता है? तो जवाब है नहीं। जी हां, सफलता उसी व्यक्ति को मिलती है, जो उसे बाहरी मन से नहीं बल्कि भीतरी मन से पाने की इच्छा रखता है। सफल होने के लिए व्यक्ति को हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक रखते हुए खुद पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का कॉन्फिडेंस बढ़ता है और वो अपना लक्ष्य आसानी से हासिल कर पाता है। अगर आप भी लाइफ को पॉजिटिव रखते हुए सक्सेस का रील नहीं रियल मंत्र जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये टिप्स। हमेशा पॉजिटिव सोचें दुख और संकट की स्थिति में व्यक्ति का हताश या निराश होना स्वाभाविक है। लेकिन जो लोग दिल से सफलता का पीछा करते हैं वो बुरी स्थिति आने पर भी नकारात्मक विचारों से खुद को दूर रखते हुए पॉजिटिविटी के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करते रहते हैं। ताकि उनके आत्मविश्वास में किसी तरह की कोई कमी ना आए। याद रखें, लक्ष्य को हासिल करते समय आपके सामने आने वाली सभी चुनौतियां अस्थायी हैं। खुद पर विश्वास रखें कि आप सफल हो सकते हैं। यदि ऐसा करते समय आपके मन में कोई नकारात्मक विचार आएं तो उन्हें सकारात्मक विचारों से तुरंत बदल दें। गलतियों से सीखें दुनिया में कोई ऐसा बड़ा व्यक्ति नहीं है, जिसने अपने संघर्ष के समय कभी कोई गलती नहीं की होगी। जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है जो अपनी गलतियों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास हमेशा करता रहता है। लक्ष्य के प्रति रहें प्रतिबद्ध प्रतिबद्धता का अर्थ है सफल बनने के लिए स्वयं को समर्पित करना। आसान शब्दों में समझें तो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर हमेशा फोकस बनाए रखना। इसके लिए अपने छोटे और बड़े दोनों तरह के लक्ष्यों को निर्धारित करके उन पर रोज थोड़ा-थोड़ा काम करें। प्रतिबद्धता दिखाने से आपको इन लक्ष्यों को प्राप्त करते समय प्रेरित रहने में मदद मिल सकती है। खूब मेहनत करें जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे हटता है या घबराकर अपने लक्ष्य को बीच में ही छोड़ देता है, वह जल्दी ही सफलता के मार्ग से दूर हो जाता है। याद रखें, परिश्रम में ही सफलता के रहस्य छिपे होते हैं। सफलता हासिल करने के लिए कभी भी मेहनत करने से घबराएं नहीं बल्कि निरंतर परिश्रम करते रहे। लक्ष्य से ध्यान भटकाने वाली चीजों से रहें दूर अपने लक्ष्य को हासिल करते समय सबसे पहले उन चीजों की लिस्ट बनाएं, जो आपका समय खराब करने के साथ आपका आपके लक्ष्य से ध्यान भी भटकाती हैं। उस लिस्ट में आपका फोन, टीवी या फिर कोई व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। यह सुनिश्चित करें कि, आप इन सब चीजों से बचने के लिए उचित कदम उठाएंगे, ताकि आप खुद को तनाव से दूर रखकर अपने लक्ष्य पर अपना पूरा फोकस बनाए रख सकें।

आपके स्लो स्मार्टफोन को सुपरफास्ट बनाएगी ये सीक्रेट ट्रिक

नई दिल्ली स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्लो होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी उन यूजर्स में से हैं जिनके स्मार्टफोन की स्पीड काफी कम हो गई है, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको कुछ ऐसे आसान स्टेप्स के बारे में बता रहे हैं जिनके जरिए आप अपने स्मार्टफोन को सुपरफास्ट बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं फोन की स्पीड बढ़ाने वाली खास ट्रिक के बारे में। इन स्टेप्स को करें फॉलो: -सबसे पहले अपने फोन में दिए गए सेटिंग्स में जाएं। -नीचे स्क्रॉल करने पर आपको ‘बिल्ड नंबर’ का ऑप्शन दिखेगा। -इसपर जल्दी-जल्दी कई बार टैप करें। -ऐसा करने के बाद आपके स्मार्टफोन की सेटिंग्स में ‘डेवलपर आप्शन’ आ जाएगा। -डिवेलपर ऑप्शन में आपको नीचे तब तक स्क्रॉल करना है जब तक आपको टॉगल (ऑन/ऑफ बटन) वाले ऑप्शन न दिख जाएं। -फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए आपको यहां दिए गए तीन ऑप्शन्स के डिफॉल्ट सेटिंग को बदलना है। ये तीन ऑप्शन विंडो ऐनिमेशन स्केल, ट्रांजिशन ऐनिमेशन स्केल और ऐनिमेटर ड्यूरेशन स्केल हैं। -यहां आप पाएंगे कि ये पहले से 1 गुना पर सेट हैं। आपको इन्हें बदलकर 0.5 गुना पर सेट करना है। ऐसा करने के बाद आपके स्मार्टफोन की स्पीड नए के तरह हो जाएगी। सेटिंग्स में किए गए इन बदलाव को करने के बाद फोन में मल्टीटास्किंग, गो होम, स्वाइपिंग और सेटिंग्स अजस्टमेंट में आपको फर्क महसूस होगा। इन सेटिंग्स के बाद अगर आपको फोन की स्पीड काफी ज्यादा तेज लग रही है, तो आप फिर से 1 गुना पर कर सकते हैं। इस ट्रिक को सभी ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स पर ट्राई किया जा सकता है। हालांकि, फोन में दिए बिल्ड नंबर ऑप्शन की लोकेशन मॉडल के हिसाब से अलग हो सकता है।    

बच्चों को हुआ कब्ज, तो ये उपाय देंगे राहत

बच्चों को बहुत जल्दी कब्ज की समस्या हो जाती है। ऐसा उनके सही तरीके से खाना ना खाने के कारण होता है। छोटे बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग कराने से उन्हें बहुत कम कब्ज की समस्या होती है। कई बार बच्चे कुछ दिनों तक मल त्याग नहीं करते हैं इससे घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर यह समस्या ज्यादा दिनों तक रह जाएं तो यह कब्ज की समस्या बन जाती है। बच्चे को कब्ज होने का कारण: सोलिड फूड: अगर आपका बच्चा चबाने वाला खाना खा रहा है तो यह कब्ज का कारण हो सकते हैं। यह ज्यादातर चावल के सिरियल के कारण होता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा कम होती है। कभी-कभी जब आपका बच्चा स्तनपान करता है तो शरीर में पानी की कमी के कारण कब्ज की समस्या हो सकती है। बच्चे को बोतल से दिए जाने वाला फूड: जो बच्चे ब्रेस्टफीडिंग करते हैं उन्हें कब्ज की समस्या बहुत ही कम होती है। स्तन के दूध में संतुलित मात्रा में फैट और प्रोटीन होता है। अगर आप बच्चे को बोतल के माध्यम से दूध दे रहे हैं तो उसके कारण बच्चे को कब्ज हो सकता है। शरीर में पानी की कमी होना: अगर आपके बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो गई है तो वह कुछ भी खाता है शरीर उससे तरल पदार्थ अवशोषित करने लगता है। जिसकी वजह से बच्चे को मल त्यागने में परेशानी होती है। बीमार होना: बच्चे को कब्ज की परेशानी किसी बीमारी या फूड एलर्जी की वजह से भी हो सकती है। बच्चे को कब्ज जन्म दोष के कारण भी हो सकती है जो पेट को ठीक तरह से काम करने से रोकता है। बच्चे की कब्ज से आराम दिलाने के उपाय: -अपने बच्चे को थोड़ी सी एक्सरसाइज कराएं। अगर आपका बच्चा घुटनों के बल चलता है तो उसे थोड़ी देर घुटनों के बल चलने दें और अगर आपका बच्चा घुटनों के बल नहीं चलता है तो उसके पैरों को पंप करें। जब बच्चा पीठ के बल लेटा हुआ हो तो आराम से उसके पैरों को मूव कराएं। इस तरह से मूव कराएं जैसे साइकिल के पैडल चलाए जाते हैं। -अपने बच्चे के पेट की अच्छी तरह मसाज करें। बेली से थोड़ा सा नीचे नाभि पर अपनी अंगुलियों से आराम से दबाव डाले। तब तक प्रेस करें जब तक आपको दृढ़ महसूस ना हो। इस तरह से 3 मिनट तक करें। -ब्रेस्ट मिल्क में थोड़ा सा बेर का जूस मिलाकर दें। यह तभी करे जब आपका बच्चा कम से कम 4 हफ्तों का हो गया हो। बच्चे को जूस देना जरुरी नहीं है लेकिन इससे कब्ज से राहत मिलती है। अगर आपके बच्चे को सूखे बेर का स्वाद अच्छा नहीं लगता है को आप उसे सेब या नाशपाती का जूस भी दे सकते हैं। -अगर आपका बच्चा इतना बड़ा हो गया है कि वह चबाने वाली चीजे खा सके तो उसे चावल, केला और पके हुए गाजर देना बंद कर दें। आप उसे नाशपाती दे सकती हैं जिससे उसे मल त्यागने में मदद मिले।  

कर्ली हेयर को स्टाइलिश बनाने के टिप्स

कर्ली बालों को अगर सॉफ्ट रखना है तो उन्हेंम केमिकल वाले रंगों से दूर रखें और उन पर ज्यातदा एक्सीपेरिमेंट न करें. अगर आप अपने कर्ली बालों पर ध्याेन देंगी तो वे मुलायम और चमकदार बन जाएंगे. आइये जानते हैं कर्ली बालों को स्टाइलिश बनाने के कुछ खास टिप्स:- -बालों को प्राकृतिक रूप से ही सूखने दें क्यों कि हेयर ड्रायर से सुखाए हुए बालों से सिर की त्वदचा कठोर हो जाती है और बाल जल जाते हैं. -कर्ली हेयर जल्द ही रूखे दिखते हैं, इसलिए इन्हें नियमित रूप से ट्रिम कराते रहें. अगर आप ऐसा नहीं करेंगी तो बालों के अगले सिरे कमजोर हो सकते हैं. इससे बाल टूटने लगते हैं. -ऐसे शैंपू और कंडीशनर का चुनाव करें जो आपके बालों के टेक्सनचर को सूट करे. ऐसे केमिकल वाले प्रोडक्टश से बचें जो बालों की समस्यााओं को बढ़ा सकते हैं. -एक कप में गरम पानी लें और उसमें 1 चम्मयच एप्पतल साइडर वेनिगर मिलाएं. नहाते वक्त  शैंपू के बाद बालों पर इसे डाल कर बिना धोए इस पर कंडीशनर लगाएं. -बालों में प्राकृतिक नमी को बरकरार रखने के लिए उन्हें  ज्यापदा न धोएं वरना वे रूखे हो जाएंगे. -बालों में तेल लगाइए पर ज्‍यादा तेल लगाने की जरूरत नहीं है. बालों को रूखा न होने दें. -नहाने के बाद बालों से अत्य धिक पानी को निचोड़ कर निकाल दें. फिर बालों में अपनी इच्छाह से स्टानइल बनाएं और फिर बालों के सूखने का इंतजार करें. इससे बालों में अच्छेी से नमी समा जाएगी और वे लंबे समय तक कोमल रहेंगे.  

संतरे का छिलका बर्न करता है फैट

विटामिन सी और कई दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर संतरा तो वजन कम करने में मददगार है ही, उसका छिलका भी अपने कई गुणों के कारण फैट को बर्न करता है. संतरे के छिलके में विटामिन बी6, कैल्शियम, फॉलेट के अलावा पॉलिफेनॉल्स भी पाया जाता है जो डायबिटीज के साथ अल्जाइमर और मोटापा जैसी दिक्कतों को भी दूर करने में मदद करता है. संतरे के फल की तुलना में उसके छिलके में 4 गुना अधिक फाइबर होता है. इसलिए इसके सेवन के बाद देर तक भूख नहीं लगती. छिलके में मौजूद विटामिन सी फैट को बर्न करने में मदद करता है. संतरे में कैलरीज की मात्रा बेहद कम होती है. साथ ही संतरे में पानी की मात्रा अधिक होती है. एक संतरे में आमतौर पर करीब 87 प्रतिशत पानी होता है जिससे यह सर्दी के मौसम में आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है. संतरे में मौजूद फाइबर के कारण इसे खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होता है. पाचन तंत्र भी सही बना रहता है और कब्ज की दिक्कत भी नहीं होती. एक स्टडी के मुताबिक, संतरे में पाया जाने वाला वाटर-साल्यूबल यानि पानी में घुलनशील विटामिन मोटापे से लड़ने और वेट को मैनेज करने में मदद करता है. यह शरीर के फैट बर्निंग प्रोसेस को भी तेज करता है.  

6 आदतों को अपनाकर आप भी लाइफ में बन सकते हैं रिच पर्सन

पैसा कमाने की चाह तो हर किसी के अंदर होती है और हर इंसान रिच बनना चाहता है। लेकिन पैसा कमाने के लिए कुछ खास तरह के गुणों का होना जरूरी है। अगर आप पैसेवाले लोगों को देखेंगे तो सब में कुछ आदतें एक जैसी मिलेंगी। जिससे पता चलता है कि ये आदते पैसा कमाने और रिच बनने में मदद कर सकती है। तो अपने व्यवहार में जल्द से जल्द इन 6 आदतों को शामिल कर लें। गोल्स सेट करें और प्लानिंग करें रिच लोग हमेशा गोल्स सेट करते हैं और उसके मुताबिक प्लान करते हैं। छोटे प्लान को अचीव करने के लिए वो हफ्ते, महीने और साल का समय लेते हैं। फिर खुद को 20 साल बाद कहां देखेंगे इस बारे में सोचते हैं। वहीं कई सारे एक्सपर्ट्स का कहना है कि गरीब लोगों के पास अपनी लाइफ का कोई प्लान नहीं होता। इसलिए लाइफ में प्लान बनाने और उसे पूरा करने के लिए गोल्स सेट करें। पैसे बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि पैसे को बचाकर सही जगह इन्वेस्ट किया जाए। रोजाना के खर्चों को कम कर इन्वेस्टमेंट की तरफ ध्यान देना जरूरी है। जिससे कि गरीबी से बाहर निकला जा सके। आय के होने चाहिए कई स्त्रोत अगर आप सोचते हैं कि केवल एक नौकरी से आप पैसे वाले बन जाएंगे तो ये सोच पूरी तरह से गलत है। 2019 की यू एस सेनसस ब्यूरो स्टडी ने पाया कि अमेरिका में केवल 8.8 प्रतिशत महिलाओं के पास और 8 प्रतिशत पुरुषों के पास दो से ज्यादा जॉब है। जबकि पैसे कमाने के लिए कम से कम दो से तीन आय के स्त्रोत होने चाहिए। खुद को हमेशा अपग्रेड करना जरूरी है खुद को स्किलफुल बनाना जरूरी है। नई टेक्नोलॉजी, अपने फील्ड के नए वर्क और कुछ ना कुछ नया स्किल सीखने पर फोकस करना चाहिए। जब आपके अंदर स्किल होगी तो पैसा कमाना आसान होगा। टॉक्सिक रिलेशनशिप से दूर रहें हेल्थ का वेल्थ पर गहरा असर होता है। खासतौर पर मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। मेंटल हेल्थ को स्ट्रांग रखने के लिए टॉक्सिक लोगों से दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग जो आपके मनोबल गिराने की कोशिश करें, उनसे दूर रहें। टॉक्सिक रिलेशनशिप से दूर रहें हेल्थ का वेल्थ पर गहरा असर होता है। खासतौर पर मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। मेंटल हेल्थ को स्ट्रांग रखने के लिए टॉक्सिक लोगों से दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग जो आपके मनोबल गिराने की कोशिश करें, उनसे दूर रहें।

देश में कैंसर के मामलों में वृद्धि मुख्य रूप से जीवनशैली में बदलाव, पर्यावरणीय कारकों और बढ़ती उम्र की आबादी के कारण देखी जा रही: रिपोर्ट

मुंबई भारत में ऑन्कोलॉजी टेस्ट मार्केट (कैंसर डायग्नोस्टिक टेस्ट मार्केट) 2033 तक लगभग 2 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने की उम्मीद है। आई डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडेटा की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कैंसर के मामलों में वृद्धि मुख्य रूप से जीवनशैली में बदलाव, पर्यावरणीय कारकों और बढ़ती उम्र की आबादी के कारण देखी जा रही है। देश में कैंसर एक सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा बड़ा बोझ है दरअसल भारत में कैंसर एक सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा बड़ा बोझ है, जिससे एडवांस ऑन्कोलॉजी निदान और उपचार सेवाओं की मांग बढ़ रही है। हर साल 1 मिलियन से अधिक नए मामलों का निदान किया जाता है और हर साल लगभग 9,00,000 मौतें दर्ज की जाती हैं। रिसर्च से पता चलता है कि 2024 में, भारत एशिया-प्रशांत (एपीएसी) ऑन्कोलॉजी टेस्ट मार्केट का 3 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। लेकिन, इनोवेटिव समाधान विकसित करने और कटिंग-एज रिसर्च का समर्थन करने के प्रयासों में तेजी लाकर, देश अपनी आबादी और वैश्विक समुदायों दोनों की स्वास्थ्य सेवा आवश्यकताओं को तेजी से संबोधित करने की आकांक्षा रखता है। भारत में ऑन्कोलॉजी टेस्ट में कई चुनौतियां ग्लोबलडाटा में चिकित्सा उपकरण विश्लेषक श्रेया जैन ने कहा, “भारत में ऑन्कोलॉजी टेस्ट को पहुंच, सामर्थ्य और तकनीकी अपनाने से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता के कारण, एआई-असिस्टेड निदान जैसी नई अप्रोच को अपनाना और इंटीग्रेट करना, सटीक चिकित्सा, थैरेपी को लेकर समस्या बनी हुई है।” कैलिब्रेटेड जीनोमिक टेस्ट, जोखिम के स्तर में सुधार कर सकते हैं जैन ने कहा, “भारतीय जनरेशन के अलग-अलग ग्रुप के लिए कैलिब्रेटेड जीनोमिक टेस्ट जैसे अनुकूलित निदान प्रारंभिक पहचान सटीकता को बढ़ा सकते हैं और जोखिम के स्तर में सुधार कर सकते हैं। इसी के साथ यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि ट्रीटमेंट भारतीय मरीजों के यूनिक जेनेटिक प्रोफाइल से जुड़ा हो। यह न केवल भारत में जीवित रहने की दर में सुधार करने में मदद करता है, बल्कि कैंसर बायोलॉजी की वैश्विक समझ में भी योगदान देता है।” राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना मार्केट रिसर्च फर्म ‘रिसर्चएंडमार्केट्सडॉटकॉम’ की एक हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि भारत में कैंसर डायग्नोस्टिक टेस्ट मार्केट का भविष्य प्रवेश की इच्छुक कंपनियों के लिए आशाजनक बना हुआ है। यह सकारात्मक दृष्टिकोण राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना जैसी सरकारी पहल की वजह से बना हुआ है, जो कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और उपचार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

अपने फोन में ऐसे बढ़ाएं वाई-फाई की स्पीड

एंड्रॉइड फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को एक परेशानी का सामना करना पड़ता है वो है वाई-फाई की स्पीड कम हो जाना। अक्सर एड्रॉइड फोन में वाई-फाई की स्पीड बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं। लेकिन हम आपको कुछ आसान ट्रिक्स और टिप्स बता रहे है जिसके जरिए आपके फोन में वाई-फाई की स्पीड बढ़ जाएगी। फोन के ऐप्स का इस्तेमाल करेंः फोन में वाई-फाई की स्पीड बढ़ाने के लिए आप वाई-फाई बूस्टर का इस्तेमाल कर सकतें है। इस ऐप के जरिए आपके सामने एक ग्राफ बनकर आ जाएगा जिससे आप उसमें देख सकते है कि किस जगह वाई-फाई की रेंज ज्यादा है। इस ऐप में मैन्युअल का और ऑटोमैटिक का ऑप्शन होता है जिससे आप खुद भी वाई-फाई की स्पीड बढ़ा सकते हैं। रेडियो को अपडेट करेंः फोन में स्थित रेडियो को अपडेट करने पर इसके फीचर और कनेक्टिवीटी भी अच्छी हो जाती है। कुछ एंड्रॉइड फोन ऐसे भी होते है जिनमें कंपनी की ओर से रेडियो अपडेट भेजा जाता है। इसके लिए आप सेटिंग में जाकर अबाउट में जाकर साॅफ्टवेयर अपडेट पर क्लिक करें आपका रेडियो अपडेट हो जाएगा। इस सेटिंग को भी अपनाए: एंड्रॉइड स्मार्टफोन में एक ऐसा भी ऑप्शन है जो आपको खराब कनेक्शन से बचाएगा। इस ऑप्शन को क्लिक करते ही आपका फोन खराब वाई-फाई कनेक्शन को आने से रोकेगा। अपने फोन की सेटिंग में जाएं इसके बाद वाई-फाई को क्लिक करें अब एडवान्स में जाकर अवाईड पूअर कनेक्शन ऑप्शन पर टैप करें। कुछ फोन के केस ऐसे होते है जो वाई-फाई के सिग्नल को ब्रेक करते है। अगर आपके फोन का केस मेटल का है तो इससे आपके फोन के वाई-फाई सिग्नल ब्रेक होंगे। फोन से केस को हटाकर ओकला स्पीड टेस्ट करें। इसके बाद उसी जगह पर फोन पर केस लगाकर ये टेस्ट फिर से दोहराएं। कुछ एंड्रॉइड फोन में फ्रिक्वेंसी बैंड सपोर्ट का ऑप्शन होता है। इस सेटिंग को बदल कर आप अच्छे वाई-फाई सेटिंग पा सकते हैं। अपने फोन की सेटिंग में जाएं। इसके बाद वाई-फाई को क्लिक करें अब एडवान्स में जाकर वाई-फाई फ्रिक्वेंसी बैंड पर टैप करके आॅटो मोड पर सेव कर दें।  

नींद में बड़बड़ाना, जानें कारण और इलाज

नींद में कुछ लोग बड़बड़ाने लगते हैं जिससे ना सिर्फ उनकी नींद टूट जाती है बल्कि कमरे में मौजूद दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं। नींद में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि आपकी सेहत कुछ गड़बड़ है। आइए हम आपको बताते हैं कि इसके कारण और इलाज। क्यों बड़बड़ाते हैं नींद में लोग? नींद में बोलने को बड़बड़ा कहते हैं क्योंकि जब आप बड़बड़ाते हैं तो आपके वाक्य आधे-अधूरे और अस्पष्ट होते हैं। ये एक प्रकार का पैरासोमनिया है जिसका मतलब होता है सोते समय अस्वाभाविक व्यवहार का करना। लेकिन इसे बीमारी नहीं माना जाता। रात में बड़बड़ाते हुए आप कभी-कभी खुद से ही बात करने लगते हैं जो जाहिर है सुनने वाले को अजीब या भद्दा लग सकता है। नींद में बड़बड़ाने वाले एक समय में 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं बोलते है। कौन बड़बड़ाते हैं नींद में? 3 से 10 साल के करीब आधे से ज्यादा बच्चें अपनी नींद में बडबड़ा कर अपनी बात पूरी करते हैं। इसी तरह 5 फीसद बड़े में नींद में बड़बड़ाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि ऐसे लोग जो बात करते करते सो जाते है, उसी बात को वे नींद में बडबड़ाकर पूरा करते हैं। ऐसा कभी-कभी होता है या कई बार हर रात भी हो सकता है। 2004 के अध्ययन के अनुसार हर 10 में से 1 बच्चा सप्ताह में कई बार नींद में बड़बड़ाता है। ये समस्या लड़कियों और लड़कों में समान होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा अनुवाशिंक भी हो सकता है। नींद में बड़बड़ाने के लक्षण नींद के चार दौर होते हैं। पहले में नींद लगभग आने की स्थिति होती है। इस स्थिति में कोई भी व्यंक्ति 5 से 10 मिनट तक रहता है और इसके बाद वह नींद के अगले दौर में चला जाता है। दूसरे दौर में व्य्क्ति कम से कम 20 मिनट तक रहता है। इस दौर में दिमाग काफी सक्रिय होता है। तीसरे दौर में व्यबक्ति गहरी नींद में चला जाता है। इस दौरान दिमाग ज्यादा काम नहीं करता है और शरीर आराम की स्थिति में रहता है। इस दौर में आसपास होने वाले शोर शराबे आदि का सोने वाले व्येक्ति पर कोई असर नहीं होता। नींद में बड़बड़ाने के कारण बुरे या डरावने सपने भी नींद में बड़बड़ाने का कारण होत हैं। कई बार हम जिस बारें में सोच रहे होते है वहीं चीजे हमारे सपनों में आने लगती है। हालांकि डॉक्टर्स इस बात की पुष्टि नहीं करते है। नींद में बड़बड़ाना से कोई नुकसान तो नही होता लेकिन नींदमें बड़बड़ाना विकार या स्वास्थ्य संबंधी बीमारी के ओर संकेत करता है। आरईएम स्लीप डिसआर्डर सोते हुए चीखने-चिल्लाने या हाथ-पैर चलाने की आदत डिमेंशिया (निद्रारोग) अथवा पार्किंसन जैसी बीमारियों के लक्षण होते हैं। इस बीमारी को आरईएम स्लीप बिहैवियर डिसआर्डर कहा जाता है। आरईएम नींद वो नींद है जिस दौरान इंसान सपने देखता है। इस बात के कई सबूत हैं कि आरईएम नींद की ताजा यादों को प्रोसेस करने में भूमिका होती है। ऐसे लोग नींद में चीखने-चिल्लाने अथवा हाथ-पैर चलाने की जो हरकत करते हैं वह दरअसल उनकी नींद की गतिविधियां होती हैं। आरईएम के अलावा, दवाओं का रिएक्शन, तनाव, मानसिक स्वास्थ्य समस्या से भी लोग नींद में बड़बड़ाने लगते हैं। क्या है बड़बड़ाने का इलाज सामान्य तौर पर कोई इलाज जरूरी है। अगर आपको आरईएम या नींद में बहुत ज्यादा बात करने की समस्या हो तो आप किसी साइकोथैरेपिस्ट से मिल सकते है। नींद में बात करने का कारण नींद विकार, दुर्बल चिंता या तनाव हो सकता है। कुछ उपायों से नींद में बड़बड़ाने की संभावना को कम किया जा सकता है। अगर आप किसी के साथ अपना कमरा शेयर करते है तो उसे बोलें कि वो आपको बड़बड़ाने पर जगा दे इससे आप ठीक ढंग से सो सकेंगे। कैसे कम कर सकते है नींद में बड़बड़ना? इस समस्या से निपटने का वैसे तो कोई खास इलाज नहीं होता है लेकिन तनाव की कमी और योग के द्वारा आप अपना मन शांत कर सकते है। इससे आपको नींद में बोलने की समस्या कम हो जाएगी। इसके अलावा आप स्लीप डायरी बनाए। आप दो सप्ताह का पूरा डिटेल उसमें लिखें, जैसे कितने बजे आप सोने गए, कब सोए, कब उठे, कब बड़बड़ाए, आप कौन सी दवा का सेवन करते है आदि नोट करें। इससे आपको डॉक्टर को समझाने में भी मदद होगी। इसमें आप आपने दोस्त या घर वालों की मदद लें सकते है। साथ सोने जाते समय चाय, कॉफी आदि के सेवन से बचें।  

इंटरव्यू देने से पहले ऐसे करें खुद को तैयार

इंटरव्यू देने से पहले अक्सर लोगों को घबराहट होती है। लेकिन अगर पहले से तैयारी कर ली जाए तो ऐसा नहीं होगा, बल्कि कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। जानिए, इंटरव्यू से पहले कैसे बढ़ाएं कॉन्फिडेंस- किसी भी जॉब को जॉइन करने से पहले इंटरव्यू होता है। इस दौरान इंटरव्यू में वैसे तो प्रोफाइल से जुड़े कॉमन सवाल पूछे जाते हैं। इनके जरिए पता लगाया जाता है कि आप उस नौकरी के लिए सही हैं या नहीं। सवाल आपकी प्रोफाइल से जुड़े होते हैं लेकिन फिर भी इंटरव्यू सेशन से पहले कुछ को घबराहट होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो खुद को तैयार करें, इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। पहले से प्रेक्टिस करें सवालों के जवाब देने की कोशिश पहले से करें। शीशे में देखकर खुद से सवाल करें और उनके जवाब देने की प्रेक्टिस करें। आप अपने कॉम्यूनिकेशन स्किल्स को चेर करने के लिए मॉक इंटरव्यू भी आजमा सकते हैं। कंपनी के बारे में करें रिसर्च इंटरव्यू की तैयारी करने से पहले कंपनी और उसके बिजनेस को अच्छी तरह से जानें। अगर आप कंपनी के बारे में पहले से जान लेंगे तो इससे इंटरव्यू लेने वाला मैनेजर तो खुश होगा। साथ ही जब आपको पहले से चीजों की जानकारी होगी तो घबराहट कम होगी। अपने गोल्स पर नजर रखें इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब देने के लिए अपने फ्यूचर गोल्स के बारे में सोचें और खुद को याद दिलाएं कि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू क्यों दे रहे हैं। ऐसा करने से आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ध्यान लगाएं अगर आप इंटरव्यू से पहले चिंतित महसूस करते हैं, तो अपने दिमाग को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्यान लगाएं। अपनी सांसों पर सिर्फ 5 मिनट ध्यान केंद्रित करने से आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा। सफल होते हुए खुद को सोचें इंटरव्यू में खुद को सफल होते हुए देखने से आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आप सोच सकते हैं कि आप कमरे में कैसे जाते हैं, इंटरव्यू करने वाले से हाथ मिलाते हैं और आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देते हैं। ऐसा करने घबराहट को शांत करने में मदद मिल सकती है।

जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो अपने भीतर तुरंत उतार लें ये खूबियां

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।

काफी ट्रेंड में है Tata Play Fiber, रिचार्ज के साथ मिलेंगे OTT बेनिफिट्स, 750 में मिलेगी 100 Mbps इंटरनेट स्पीड

नई दिल्ली Tata Play Fiber काफी ट्रेंड में रहता है। दरअसल कंपनी की तरफ यूजर्स के लिए नए-नए ऑफर्स लाए जाते हैं। अभी कंपनी का एक प्लान काफी चर्चा में है क्योंकि इसमें 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ फ्री OTT बेनिफिट्स भी दिए जा रहे हैं। अभी मुख्य ISP की तरफ से OTT बेनिफिट्स तो दिए जा रहे हैं, लेकिन इसकी स्पीड का भी कोई जवाब नहीं है। Jio Fiber, Airtel Xstream Fiber, ACT या किसी अन्य से तुलना की जाए तो Tata Play Fiber काफी अच्छे ऑफर्स लेकर आता है। Tata Play Fiber का कनेक्शन मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में भी उपलब्ध है। आज हम आपको Tata Play के प्लान के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ आता है। Tata Play Fiber में 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और 12 महीने की वैलिडिटी मिलती है। ये सभी प्रीपेड प्लान्स हैं। अगर आप 1 महीने वाला प्लान OTT के साथ करीदते हैं तो ये 900 रुपए प्रति महीना के हिसाब से रहेगा। सालाना रिचार्ज पर मिलेगा सस्ता 900 रुपए के रिचार्ज के बाद आपको 100 Mbps Lite Plan मिल जाएगा। इसके अलावा 100 Mbps Prime और Mega Plans भी हैं। दोनों प्लान्स के बीच में अंतर कीमत और OTT बेनिफिट्स का है जो यूजर्स के लिए दिए जा रहे हैं। 12 महीने का सब्सक्रिप्शन हासिल करने पर आपको अच्छा डिस्काउंट मिल सकता है। अगर आप Lite Plan के साथ जाएंगे तो 750 रुपए महीने के हिसाब से मिल सकता है। यानी आपको 9000 + GST देने होंगे। डेटा 3.3TB भी मिलने वाला है। कस्टमर्स 4 OTT बेनिफिट्स हासिल कर सकते हैं। मेगा प्लान के लिए करवाएं 11,400 का रिचार्ज एक अन्य 100 Mbps प्लान भी है जो 800 रुपए प्रति महीने के हिसाब से आता है। ये 9600 + GST के साथ आता है। कस्टमर्स को इस प्लान में 6 ओटीटी का चयन करने का ऑप्शन दिया जाता है। अंत में एक 100 Mbps वाला मेगा प्लान भी है जो 950 रुपए प्रति महीने का मिलेगा। इसके लिए 11,400 + GST देने होंगे और आपको पूरे साल के लिए सब्सक्रिप्शन मिल जाएगा।

Galaxy S24 Ultra और Galaxy S24 के एंटरप्राइज एडिशन स्मार्टफोन लॉन्च

नई दिल्ली Samsung की तरफ से Galaxy S24 Ultra और Galaxy S24 के एंटरप्राइज एडिशन स्मार्टफोन को लॉन्च किया गया है। इन स्मार्टफोन को कॉरपोरेट यूजर के लिए भारत में लॉन्च किया गया है। यह स्मार्टफोन पहले से शानदार सिक्योरिटी के साथ आते हैं। इन फोन्स में इंप्रूव्ड सिक्योरिटी फीचर्स साथ ही एक्सटेंडेड डिवाइस सपोर्ट दिया गया है। बता दें कि Galaxy S24 Ultra और Galaxy S24 स्मार्टफोन 3 साल डिवाइस वारंटी के साथ आते हैं। साथ ही इन स्मार्टफोन के साथ 12 माह के लिए सैमसंग नॉक्स सिक्योरिटी का सब्सक्रिप्शन दिया जा रहा है। इसके अलावा फोन 7 साल सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आता है। मिलेगी टॉप नॉच सिक्योरिटी सैमसंग नॉक्स सिक्योरिटी इन स्मार्टफोन में रियर टाइम प्रोटेक्शन देती है। यह फोन डिफेंस ग्रेड प्रोटेक्शन के साथ आते हैं। साथ ही एंटरप्राइज एडिशन स्मार्टफोन में आईटी एडमिनिस्ट्रेशन के लिए शानदार फीचर्स दिये जाते हैं, जिससे डिवाइस की सिक्योरिटी के साथ समझौता न करना पडे़। डिवाइस के साथ 12 माह की सब्सक्रिप्सन नो-एक्स्ट्रा कॉस्ट के साथ आता है। साथ ही इसमें 50 फीसद डिस्काउंट दिया जा रहा है। कीमत और उपलब्धता Samsung Galaxy S24 और Galaxy S24 Ultra एंटरप्राइज एडिशन स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 78,999 रुपये है। इन फोन्स को सैमसंग कॉरपोरेट प्लस पोर्टल से खरीदा जा सकेगा। मिलेंगे कई शानदार फीचर्स इन फोन्स में लाइट ट्रांसलेशन के साथ रियल टाइम ट्रांसलेशन के लिए इंटरप्रिटर फीचर की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा नोट असिस्ट की सुविधा मिलेगी, जिससे आर्टिकल को समराइज कर पाएंगे। साथ ही शानदार नोट्स तैयार कर पाएंगे। इसके अलावा सर्किल टू सर्च जैसे फीचर्स मिलेंगे। फोन में मिलेंगे कई एआई फीचर्स Samsung Galaxy S24 और Galaxy S24 Ultra एंटरप्राइज एडिशन में वॉइस रिकॉर्डिंग की सुविधा दी जा रही है। साथ ही ट्रांसक्रिप्टि असिस्ट, स्पीच टू टेक्स्ट टेक्नोलॉजी और ट्रांसलेट रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स दिये जाएंगे, जो कॉरपोरेट के लिए काफी सुविधाजनक हो सकते हैं। बता दें कि फोन एआई बिल्ड की-बोर्ड के साथ आता है, जो हिंदी समेत 13 भाषाओं को सपोर्ट करता है। अगर बाकी फीचर्स Samsung Galaxy S24 Ultra और Galaxy S24 स्मार्टफोन की तरह ही हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सिर पर जमी डैंड्रफ की परत को एक हफ्ते में साफ कर देंगे ये नुस्खे

These remedies will clear the layer of dandruff on the head in a week एक हफ्ते में डैंड्रफ पूरी तरह से हटाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आप इसे काफी हद तक कम करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय अपना सकते हैं। भोपाल ! डैंड्रफ एक ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से बहुत से लोग तो काले रंग के कपड़े पहनना तक बंद कर देते हैं, क्योंकि रूसी उन कपड़ों पर झड़कर लोगों को शर्मिंदा करती है। खासतौर पर अब जब सर्दी का मौसम शुरू हो गया है तो हर दूसरा व्यक्ति इस परेशानी से जूझ रहा है। वैसे तो डैंड्रफ हटाने के लिए कई तरह के हेयर केयर ट्रीटमेंट आते हैं, लेकिन ये जेब पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इसी के चलते आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके इस्तेमाल से एक हफ्ते में सिर पर जमी डैंड्रफ की परत कम हो जाएगी। अगर आपके सिर पर रूसी काफी ज्यादा है तब एक हफ्ते में इसका कम होना मुश्किल है, लेकिन हां आपको इसका अच्छा असर ही देखने को मिलेगा। नींबू और नारियल तेल का उपयोग यदि आपको नींबू सूट करता है तो आप 2-3 चम्मच नारियल तेल में आधा नींबू का रस मिलाएं। इसे अपनी स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथों से मालिश करें। 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से बाल धो लें। नींबू का रस फंगस को खत्म करने में मदद करता है और नारियल तेल स्कैल्प को मॉइश्चराइज करता है। टी ट्री ऑयल का उपयोग टी ट्री ऑयल को कभी भी सीधा बालों में न लगाएं। इस्तेमाल के लिए इसकी 2-3 बूंदें टी ट्री ऑयल शैम्पू में मिलाकर बाल धोएं। टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होते हैं जो डैंड्रफ को तेजी से कम करते हैं। एप्पल साइडर विनेगर विनेगर यानी कि सिरके के इस्तेमाल से भी आप सिर पर जमी रूसी को कम कर सकते हैं। इसके लिए बराबर मात्रा में पानी और एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं। इस मिश्रण को स्कैल्प पर स्प्रे करें और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर अपने बालों को धो लें। मेथी का पेस्ट और दही मेथी के पेस्ट और दही दोनों में ही ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो सिर को साफ करते हैं और सिर पर जमी रूसी की परत को हटाने का काम करते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए 2 चम्मच मेथी के दानों को रातभर भिगोकर पीस लें। इसमें 2 चम्मच दही मिलाएं और स्कैल्प पर लगाएं। इससे भी रूसी की परत हटने लगेगी। एलोवेरा जेल यदि आपके घर में एलोवेरा का पौधा लगा है तो उससे बेहतर कोई विकल्प कुछ हो ही नहीं सकता। सिर से रूसी हटाने के लिए ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। ” सहारा समाचार ” इस लेख में दी गई जानकारी को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। त्वचा संबंधी किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

हरे एलोवेरा से कहीं अधिक फायदेमंद होता है लाल एलोवेरा

एलोवेरा एक बेहद लाभकारी पौधा है, लेकिन इसके दो प्रकार होते हैं – हरा और लाल। लाल एलोवेरा हरे एलोवेरा से कहीं अधिक फायदेमंद होता है। यह स्किन, बालों और सेहत के लिए कई लाभ प्रदान करता है। रेड एलोवेरा का उपयोग स्किन में नमी बनाए रखने, मुंहासों को कम करने, झुर्रियों से छुटकारा पाने, बालों को स्वस्थ बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। इसका एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार बनाते हैं। अगर आप इसे अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो इसके फायदे जल्द ही दिखाई देने लगेंगे। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर रेड एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सेंसिटिव स्किन पर सूजन, जलन और रेडनेस को कम करने में मदद करते हैं। यह कील-मुंहासों, रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं को भी ठीक करने में प्रभावी है, जिससे स्किन को राहत मिलती है और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। जल्‍द भरे घाव आजकल कई महिलाएं फेस रेजर का इस्तेमाल करती हैं, जिससे कट लगना आम बात है। रेड एलोवेरा में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण घावों को जल्दी भरने में मदद करते हैं और स्किन इंफेक्शंस को कम करने में भी फायदेमंद होते हैं। स्किन को हाइड्रेट गर्मी के मौसम में जब स्किन बेजान और रूखी हो जाती है, रेड एलोवेरा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसमें अधिक पानी की मात्रा होती है, जो त्वचा को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने में मदद करता है। यह ड्राई स्किन वालों के लिए भी रामबाण है। रेड एलोवेरा स्किन को ठंडा करता है, टैनिंग, एलर्जी और जलन को कम करने में भी फायदेमंद है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स और हाइड्रेटिंग गुण स्किन को कोमल और निखार देते हैं। आप इसे अपने स्किन केयर रूटीन में आसानी से शामिल कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स होता है खूब लाल एलोवेरा में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो स्किन को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मदद करता है, जिससे स्किन का लुक जवां और ताजगी से भरा रहता है। लाल एलोवेरा जेल का नियमित उपयोग स्किन से जुड़ी समस्याओं जैसे मुंहासे, दाग-धब्बे और ड्राईनेस को दूर करने में सहायक होता है। ऐसा लगाए लाल एलोवेरा आप लाल एलोवेरा से सीधे जेल निकालकर फेस पर लगा सकते हैं। यह स्किन को ठंडक पहुंचाने और हाइड्रेट करने में मदद करता है। आप बाजार में उपलब्ध रेड एलोवेरा जेल या क्रीम भी खरीद सकते हैं, जो आसानी से उपयोग किए जा सकते हैं। इसके अलावा, आप इसका इस्तेमाल फेस मास्क, स्क्रब और टोनर बनाने के लिए भी कर सकते हैं। रेड एलोवेरा एक प्राकृतिक उत्पाद है, जो सामान्यत: हमारी स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। हालांकि, कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।  

आपके लैपटॉप की लाइफ बढ़ाने के लिए 10 आसान टिप्स

अगर आपने नया लैपटॉप खरीदा है और आप चाहते हैं कि वह लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहे, तो आपको उसकी देख-रेख ठीक ढंग से करनी होगी। यह ठीक है कि शुरू के 1 या 2 साल तक लैपटॉप पर कंपनी वारंटी देती है और इस दौरान यदि उसमें कोई मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट आ जाए, तो कंपनी उसे ठीक भी कर देती है, पर उसके बाद भी आपका डिवाइस ठीक काम करता रहे, साफ सुधरा रहे, टूट-फूट से बचा रहे, यह सिर्फ आपके हाथ में है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी आसान टिप्स, जिनसे आप अपने लैपटॉप की लाइफ को बढ़ा सकते हैं।.. टैग लगाकर रखें गुम होने से बचाने के लिए लैपटॉप पर मार्कर से नाम और कॉन्टैक्ट नंबर लिख दें। ये जानकारी आप लैपटॉप के पीछे, डीवीडी ड्राइव के अंदर, पावर कॉर्ड, कीबोर्ड पर लिख सकते हैं। अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स के साथ लैपटॉप बैग पर लगेज टैग लगाकर रखें, ताकि गुम होने पर आपको संपर्क किया जा सके। इससे एक फायदा और है कि किसी मीटिंग में एक जैसे कई लैपटॉप होने पर भी आप अपने लैपटॉप की पहचान आसानी से कर सकते है। लैपटॉप की केयर करें लैपटॉप पर खाने-पीने के गंदे हाथ न लगाएं। चाय, कॉफी या पानी जैसी चीजें गिरने से सर्किट शॉर्ट हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें लैपटॉप के पास कोई भी इलैक्ट्रिक डिवाइस न रखें, क्योंकि उसमें से मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होती है जो आपके लैपटॉप को नुकसान पहुंचाती है। स्क्रीन का रखें ख्याल कई बार काम करते वक्त पेन की-बोर्ड पर रखकर भूल जाने से लैपटॉप के स्क्रीन को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि अगर ऐसे में की-बोर्ड बंद कर दिया जाए तो स्क्रीन खराब हो जाएगी। की-बोर्ड बंद करने से पहले हमेशा ध्यान दें कि इसके ऊपर कुछ न रखा हो। लैपटॉप बैग करता है टूट-फूट से सुरक्षा किसी भी सफर के दौरान लैपटॉप को एक अच्छी क्वालिटी के बैग में रखें। लैपटॉप जरा-सी ठोकर से भी टूट-फूट सकता है और लापटॉप की डेटा केबल, चार्जर और अन्य चीजें हमेशा बैग की अलग पॉकेट में रखें। लैपटॉप को रखें साफ-सुथरा लैपटॉप के स्क्रीन को हमेशा सॉफ्ट कपड़े से साफ करें। इसके लिए कभी भी विंडो क्लीनर का इस्तोमाल न करें। सफाई के लिए ड्रायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ करते वक्त सिर्फ उन कवर को हटाएं, जो आसानी से हटाएं जा सकते हैं। यूएसबी और चार्जर केबल को सीधा रखें कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद वायर्स को सीधा नहीं करते। उन्हें उलझा ही रहने देते है। ऐसे में वायर गर्म होती रहती है जिससे शॉर्ट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। लैपटॉप में पावर केबल लगाने के बाद ही पावर स्विच ऑन करें। कभी भी बिना स्विच को ऑफ किए प्लग न निकालें। डीवीडी ड्राइव लैपटॉप का डीवीडी ड्राइवर ध्यान से इस्तेमाल करें। एक जैसी डिस्क में कई बार लोग कंफ्यूज हो जाते है और उल्टी डिस्क लगा देते हैं। इसके कारण डीवीडी ड्राइव का लैंस खराब हो जाता है। ड्राइव में कभी भी टूटी या ज्यादा स्क्रैच वाली डिस्क का इस्तेमाल न करें। बैट्री की लाइफ बढ़ाएं बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए लैपटॉप चार्ज करने के बाद बैट्री को अलग रख दें अगर काम न करना हो तो। इसमें ऑटोलॉक सिस्टम होता है। जब भी काम करना हो उसे लगा लें। सॉफ्टवेयर्स लैपटॉप में हमेशा जरूरत अनुसार सॉफ्टवेटर्स रखें। सारे सॉफ्टवेयर्स ट्रस्टेड होने चाहिए और सिस्टम में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस होनी चाहिए ताकि पेन-ड्राइव या दूसरे सोर्स से आने वाले वायरस से प्रोटेक्ट किया जा सके। अपने डेटा को बचाने के लिए बैकअप जरूर रखें। मैंटेनेंस लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते रहने पर इसमें जंक फाइल और रजिस्ट्री में छोटी-मोटी फाइलें आ जाती हैं, जिसके कारण स्पीड स्लो हो जाती है। इससे निपटने के लिए महीने में एक बार डिस्क क्लीनअप और क्मतिंहउमदज जैसे टूल्स का इस्तेमाल जरूर करें। ये दोनों टूल्स विंडोज में मौजूद होते हैं। इन्हें स्टार्ट-प्रोग्राम-एक्सेसरीज पर जाकर ओपन किया जा सकता है।  

सर्दियां में हेयरफॉल के लिए फायदेमंद है आंवला

आंवला आयुर्वेद में एक चमत्कारी औषधि मानी जाती है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो बालों को मजबूत, चमकदार और स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। यदि आंवला को कुछ विशेष सामग्रियों के साथ मिलाकर बालों में लगाया जाए, तो यह हेयर फॉल और डैंड्रफ जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है। 1. आंवला और दही का हेयर पैक आंवला पाउडर को दही के साथ मिलाने से स्कैल्प को गहराई से पोषण मिलता है। दही में मौजूद प्रोटीन और लैक्टिक एसिड बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं और डैंड्रफ को कम करते हैं। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर लें। उसमें 3-4 चम्मच ताजा दही मिलाएं। मिश्रण को बालों की जड़ों और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें। 2. आंवला और नारियल तेल का मिश्रण आंवला और नारियल तेल का उपयोग बालों को झड़ने से रोकने और डैंड्रफ को दूर करने में प्रभावी है। नारियल तेल बालों को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और आंवला इसमें विटामिन सी का लाभ जोड़ता है। बनाने का तरीका 2-3 चम्मच नारियल तेल लें और उसे हल्का गर्म करें। उसमें 1 चम्मच आंवला पाउडर या आंवले का रस मिलाएं। स्कैल्प और बालों पर इस मिश्रण से मालिश करें। रातभर छोड़ दें और सुबह शैंपू कर लें। 3. आंवला, शिकाकाई और रीठा का हेयर पैक यह प्राकृतिक हर्बल पैक बालों को घना और मजबूत बनाता है। साथ ही, डैंड्रफ और गंदगी को साफ करता है। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर, 2 चम्मच शिकाकाई पाउडर और 2 चम्मच रीठा पाउडर लें। इसे पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस मिश्रण को बालों में 30-40 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। 4. आंवला और एलोवेरा जेल एलोवेरा स्कैल्प को हाइड्रेट करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है। आंवले के साथ इसका मिश्रण डैंड्रफ को जड़ से खत्म करता है। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर और 3 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल मिलाएं। इसे बालों पर लगाकर 20-25 मिनट तक रखें। गुनगुने पानी से धो लें।

स्वास्थ्य के लिए वरदान है प्याज

भारतीय रसोई में प्याज का बड़ा ही महत्व है। बिना प्याज के हमारे यहां रसोई को अधूरा माना जाता है। ऐसी कम ही डिशेज होगी जो प्याज के बनती हैं। प्याज खाने में स्वाद तो बढ़ाता है ही, वही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी एक वरदान है। प्याज एक अत्यंत गुणकारी पौधा है जिसमें औषधीय गुण भी पाएं जाते हैं। लाल प्यामज में ढेर सारे पोषक तत्वन होते हैं, जो बड़ी से बड़ी बीमारियों को खत्म करने की शक्तिा रखते हैं। इसके अलावा इसमें ग्लूकोस भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। हरा प्याज चेहरे की झुर्रियों को दूर करता है। इसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके इलावा मसूड़ो में सूजन और दांत में दर्द होने पर प्याज के रस और नमक का मिश्रण लगाने से दर्द में राहत मिलती है।   सर्दी-जुखाम इसमें एंटी-फंगल और एंटीऑक्सीाडेंट गुण पाए जाते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से सर्दी-जुखाम और बुखार से राहत मिलेगी। प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चाटने से कफ की समस्या से जल्द ही निजात मिलती है। ब्लतड प्रेशर और दिल के लिए लाल प्यागज शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉणल को निकाल कर हृदय को रोगों से बचाता है। इसे नियमित खाने से हाई ब्लतड प्रेशर मेंटेन रहता है। कैंसर का इलाज प्याज कैंसर सेल को बढ़ने से रोकता है। यह प्रोस्टेलट और पेट के कैंसर होने के खतरे को भी कम करता है। खाली पेट रोज सुबह प्याज खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। गठिया का दर्द और सूजन में आराम कई बीमारियों की वजह से होने वाले शारीरिक दर्द और सूजन से भी यह राहत दिलाता है। अगर आपको अस्थ मा, एलर्जी या गठिया रोग है तो अभी से ही लाल रंग की प्याभज खाना शुरु कर दें। गठिया में सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करें। एंटी फंगल प्याज में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। यदि प्याज के बीजों को सिरका में पीसा कर दाद-खाज और खुजली में लगाए तो जल्दी ही आराम मिलता है। बालों के लिए फायदेमंद बालों में प्याज का रस लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और साथ ही बालें की चमक भी बढ़ती है। अगर रूसी की समस्याय है तो आप इसके रस को भी सिर पर लगा सकते हैं। यूरिन प्रॉब्लम्स अगर किसी को यूरिन प्रॉब्लम हो और रुक-रुक कर पेशाब आता है तो पेट पर प्याज के रस की हल्की मालिश करनी चाहिए। इसके इलावा दो चम्मच प्याज का रस और गेहूं का आटा लेकर हलुवा बना लीजिए। इसको गर्म करके पेट पर इसका लेप लगाने से पेशाब आना शुरू हो जाता है। पानी में उबालकर पीने से भी पेशाब संबंधित समस्या खत्म हो जाती है। पथरी की समस्या में लाभ अगर आपको पथरी की शिकायत है तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है। प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी की समस्या से निजात मिलता है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने-आप कटकर बाहर निकल जाती है।   इम्यूनिटी पावर बढ़ाए यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम बनाए रखता है। हरे प्याज में क्रोमियम होता है। इसीलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। यह ब्लडप्रेशर पर नियंत्रण करता है। लंबी उम्र के लिए प्याज खाने से कई शारीरिक बीमारियां नहीं होती हैं। इसके आलावा प्याज कई बीमारियों को दूर भगाता है। इसलिए यह कहा जाता है कि प्याज खाने से उम्र बढती है, क्योंकि इसके सेवन से कोई बीमारी नहीं होती और शरीर स्वस्थ्य रहता है।  

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर होना चाहिए विश्वास

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर विश्वास होना बेहद जरूरी होता है। लोग अकसर सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से मेहनती होते हुए भी सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। आत्मविश्वास का मतलब है, खुद पर भरोसा करना और अपनी क्षमताओं के बारे में सकारात्मक सोचना। व्यक्ति को समझना चाहिए कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की कमी लोगों के रिश्तों, काम या पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जबकि व्यक्ति में सेल्फ कॉन्फिडेंस का अच्छा होना उसकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को सफल बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप भी अपने लक्ष्य को पूरा करके सफलता हासिल करना चाहते हैं तो रोजाना सुबह अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खुद से ये 5 बातें बोलना बिल्कुल ना भूलें। मैंने ये पहले किया है और मैं ये कर सकता हूं लाइफ के किसी भी मोड़ पर अगर आपको कोई काम करने में मुश्किल महसूस हो तो सबसे पहले शीशे के आगे खड़े होकर खुद से यह वाक्य जरूर कहें- ‘मैंने इस तरह का काम पहले भी किया हुआ है और मैं ये काम भी आसानी से कर सकता हूं’। आपके खुद से ऐसा कहने से आपको अपने भीतर एक नया जोश महसूस होगा और आप वो मुश्किल काम भी आसानी से कर पाएंगे। किसी काम को करते समय अगर आपको महसूस हो रहा है कि आपका आत्मविश्वास कमजोर पड़ रहा है तो खुद से कहें-मैंने इससे ज्यादा कठिन परिस्थितियां देखी हैं, मैं आगे भी सब आसानी से कर सकता हूं। मुझे खुद की मेहनत और विवेक पर पूरा भरोसा है। सोच से बड़ा कुछ नहीं होता है, सोच हो, तो जज्बा आसान हो जाता है आपने यह कहावत तो बचपन से सुनी होगी कि ‘जहां चाह, वहां राह’। इस कहावत को सच करने के लिए आप भी सुबह उठकर रोजाना खुद से कहते हुए महसूस करें, कि आप इस काम को करके ही विश्राम करेंगे। जब तक आप अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते आप शांत नहीं बैठेंगे। बाकी लोग कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं, मैं भी कर सकता हूं अपने भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने का यह सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। आप रोजाना खुद से पछें कि अगर कोई काम आपका दोस्त या परिचित कर सकता है तो आप खुद वो काम क्यों नहीं कर सकते हैं। यकीन मानिए खुद से यह सवाल पूछते ही आपको अपने भीतर एक नया जोश और आत्मविश्वास महसूस होने लगेगा। बिना मेहनत किए किसी भी व्यक्ति को सफलता नहीं मिल सकती है। ऐसे में जीवन के किसी मोड़ पर आपको मुश्किलें देखकर निराशा महसूस होने लगे तो खुद से यह वाक्य जरूर कहें- जीवन है तो मुश्किलें तो आती रहेंगी, हार उसकी होती है, जो कोशिश ही नहीं करते हैं। इसलिए आप भी संघर्षों से डरे बिना अपने हिस्से का परिश्रम करते हुए लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते रहें।

ये 5 संकेत हो सकते हैं गंभीर बीमारी का कारण, जानें इसका इलाज

These 5 signs can be the cause of serious illness, know its treatment Skin Disease: सोरायसिस इम्यून सिस्टम खराब होने की वजह से होती है, जो स्किन सेल्स को प्रभावित करता है। इसके कारण त्वचा लाल हो जाती है और अक्सर खुजली, दर्द और सूजन रहती है। सोरायसिस के कई कारण हो सकते हैं। दुनिया भर में लगभग 105 मिलियन लोग सोरायसिस से पीड़ित हैं, जो एक पुरानी ऑटोइम्यून त्वचा की समस्या है। एक्सपर्ट कहते हैं कि सोरायसिस के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन नेटिक फैक्टर्स, एनवायर्नमेंटल ट्रिगर्स और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी इसका मुख्य कारण हो सकते हैं। इसके इलाज के लिए सिस्टमिक ट्रीटमेंट , फोटोथेरपी, टोपिकल ट्रीटमेंट और कॉर्टिकोस्टेरॉइड उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं कि इसके और क्या-क्या इलाज हो सकते हैं? सोरायसिस के लक्षण सोरायसिस का इलाजरेगेन रेटिवे मेडिसिन- रेगेन रेटिवे मेडिसिन सोरायसिस मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें स्टेम सेल उपचार, प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) थेरेपी और ऊतक इंजीनियरिंग जैसे इलाज शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शरीर को नेचुरली हेल्दी रखना होता है। रेगेन रेटिवे मेडिसिन सोरायसिस के मूल कारण को संबोधित करने की संभावना प्रदान करती है। स्टेम सेल्स- स्टेम सेल सोरायसिस के इलाज में सबसे अच्छा इलाज माना जाता है। वे दागदार या डैमेज स्किन को हेल्दी बनाता हैं। साथ ही सोरायसिस से प्रभावित वाली त्वचा कोशिकाओं के तेजी से होने वाले बदलाव को धीमा करने के लिए इम्युन को बढ़ावा देता है। पीआरपी थेरेपी- पीआरपी थेरेपी भी सोरायसिस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ये स्किन से निकालना औक प्लेटलेट्स को कम करने में मदद करता है। ये थेरेपी घाव भरने में तेजी लाती है और सोरायसिस प्रभावित हिस्सों को अधिक प्रभावी ढंग से ठीक करके इसकी की गंभीरता को कम करती है।

व्यक्ति को अपने लिए एक बेहतर जिंदगी का निर्माण के लिए अकेले में करना चाहिए ये काम

यूं तो अपने जीवन में सफलता का स्वाद हर व्यक्ति चखना चाहता है। लेकिन यह सुख हर किसी को नसीब नहीं होता है। सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को कठिन परिश्रम और लगन की जरूरत होती है। जिसके ना होने पर व्यक्ति हमेशा निराशा का मुंह देखता है। बहरहाल, सफलता हासिल करने के इस मूल मंत्र को तो ज्यादातर सभी लोग जानते हैं, लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि मेहनत और लगन के अलावा भी सफलता पाने के लिए कुछ ऐसी चीजें हैं, जो व्यक्ति को हमेशा साथ में नहीं बल्कि हमेशा अकेले बैठकर करनी चाहिए। माना जाता है इन चीजों को अकेले बैठकर करने वाला व्यक्ति अपने लिए एक बेहतर जिंदगी का निर्माण कर सकता है। आइए जानते हैं जीवन से जुड़ी ऐसी ही 5 बातों के बारे में, जिन्हें सफलता पाने के लिए व्यक्ति को हमेशा अकेले करना चाहिए। अकेले बैठकर करें पढ़ाई किसी व्यक्ति या विद्यार्थी के लिए सफलता का पहला मंत्र यह है कि उसे हमेशा अकेले बैठकर ही अपना पाठ याद करना या नौकरी की तैयारी करनी चाहिए। अकेले में व्यक्ति अपने पाठ और लक्ष्य पर अच्छी तरह ध्यान लगा पाता है जबकि भीड़ में, दोस्तों के साथ बैठकर पढ़ने से उसका ध्यान सिर्फ पढ़ाई से इधर-उधर भटकता रहता है। जिससे ना सिर्फ उसका समय बल्कि पढ़ाई भी खराब होती है। पैसों से जुड़ा कोई काम आपने अकसर लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि अच्छी से अच्छी दोस्ती भी पैसों के बीच में आने से टूट जाया करती है। ऐसे में एक सफल व्यक्ति हमेशा इस बात का ध्यान रखता है और हमेशा पैसों से जुड़े काम अकेले में ही करना पसंद करता है। अगर आप पैसों के जुड़े काम दोस्तों या लोगों के साथ मिलकर करते हैं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। योग अगर आप रोजमर्रा का तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन और योग का सहारा लेते हैं तो उसे भी अकेले ही करने की कोशिश करें। योग और मेडिटेशन अन्य लोगों के साथ करने से आपके मन को शांति महसूस नहीं होगी, जिससे आप तनाव महसूस करेंगे और अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं। जीवन के निर्णय खुद लें जीवन में सफलता ही नहीं बल्कि अकेले रहने से कई बार जीवन सुखद भी बन जाता है। अकेले रहने से व्यक्ति को अपने लिए समय निकालने के साथ आत्मचिंतन और आत्ममंथन करने का मौका मिलता है। जिससे वह अपनी कमियों को दूर करके लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी नई बातें और तरीके सीखता है। अकेले चलने वाला व्यक्ति अपने जीवन के निर्णय खुद लेता है। जिससे उसकी दूसरों के प्रति निर्भरता कम हो जाती है और उसे अपने जीवन के लिए सही फैसले लेने आ जाते हैं। वहीं चार लोगों से ली गई सलाह आपको आपके लक्ष्य से भटका सकती है।

लाइफ में हो रही अच्छी और खराब बातों के वक्त रहे मौन

लाइफ में हमेशा कुछ ना कुछ अच्छा और खराब होता है। कई बार कुछ अच्छी बातें होने वाली होती हैं जिसे हम दूसरों को बता देते हैं और काम बिगड़ जाते हैं। जानें कौन से काम पूरा होने के पहले नहीं बताने चाहिए। हर किसी की लाइफ में कुछ ना कुछ अच्छा और खराब होता रहता है। लेकिन जरूरी नहीं कि उसके बारे में हर किसी को बताया जाए। आजकल सोशल मीडिया के जमाने में ज्यादातर लोग अपनी हर बातों को शेयर कर देते हैं। लेकिन बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि लाइफ में जब कुछ अच्छा होने वाला हो तो ऐसे मौके पर चुप रहना बेहतर होता है। इन बातों को लोगों के साथ काम पूरा होने से पहले शेयर नहीं करना चाहिए। नौकरी या प्रमोशन अगर आप नौकरी बदल रहे हैं या फिर नौकरी में प्रमोशन मिलने वाला है। तो ऐसे मौकों पर भी चुप रहना चाहिए और अपनी गुड न्यूज को केवल अपने करीबी तक ही रखना चाहिए। क्योंकि ज्यादा लोगों को बताने से निगेटिविटी अट्रैक्ट होती है और बनते काम बिगड़ सकते हैं। इसलिए जब तक काम हो ना जाए नई नौकरी या प्रमोशन के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। नई प्रॉपर्टी खरीदते वक्त इसी तरह से अगर आपने अपनी मेहनत की कमाई किसी प्रॉपर्टी में लगाई है और उसे खरीद रहे हैं। तो ये मौका भी खुशी और जश्न का होता है। लेकिन जब तक काम पूरा ना हो जाए मतलब कि प्रॉपर्टी खरीद ना लिए हों। तब तक इस बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। जब लाइफ में सक्सेज मिलने वाली हो कोई नयी डील फाइनल होने वाली है, बिजनेस में सक्सेज मिलने वाली है। तो काम पूरा होने से पहले इस बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। काम पूरा होने से पहले अगर इन बातों के बारे में बताया जाता है तो ज्यादातर काम अधूरे रह जाते हैं और उनमे निगेटिविटी बढ़ जाती है।

बदलते मौसम में विटामिन सी से बनें फेसपैक लगा निखरें अपनी स्किन

मौसम बदलते ही आपकी स्किन खराब होने लगती है। खाने- पने के साथ आपको अपनी स्किन की भी खास देखभाल करने की जरुरत होती है। विटामिन सी सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्किन के लिए भी काफी अच्छी होती है। विटामिन सी कई तरह की खाने की चीज़ों में होता है। स्किन के हिसाब से अगर आप विटामिन सी वाला फेस मास्क अपने चेहरे पर लगाएंगी तो आपकी स्किन पर चमक आ जाएगी। किसी भी घरेलू फेस मास्क को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप उसका पैच टेस्ट जरुर कर लें। ऐसा करने से आपकी स्किन पर एलर्जी का खतरा नहीं रहेगा। अगर आप अपनी स्किन ग्लोइंग, फेयर और शाइनी देखना चाहती हैं तो मौसम में जब बदलाव आ रहा हो तो आपको जो भी फेस मास्क सूट करे आप उसे जरुर यूज़ करें। संतरे के छिलके से बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : संतरे में विटामिन सी होता है ये तो सब जानते हैं। लेकिन संतरे का छिलका भी काफी फायदेमंद होता है। अगर आपकी स्किन को संतरा सूट करता हो यानि कोई एलर्जी ना हो तो आप संतरे के छिलके से भी फेस पेक बना सकती हैं। संतरे के छिलके से बना विटामिन सी फेस मास्क आपको ग्लोइंग और क्लीयर स्किन देगा जिससे आपकी त्वचा पर निखार नज़र आएगा। सबसे पहले इसके छिलके को धूप में सुखाकर लें फिर इसे पीसकर पाउडर बनाकर किसी जार में स्टोर कर लें। अब 1 बड़े चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में 2 बड़े चम्मच दही या दूध मिलाकर (जो भी आपकी स्किन को सूट करे) वैसे ऑयली स्किन के लिए दही और ड्राय स्किन के लिए दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे मिक्स करके आप फेस मास्क बना लें और फिर उसे अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं जब सूख जाए तो पानी से उसे साफ कर लें। आप ये फेस पेक डेली भी यूज़ कर सकती हैं। बस संतरे के छिलकों को धूप में सूखाकर आप एक जार में उसका पाउडर जरुर भर लें। टमाटर से ऐसे बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : कई बार मौसम बदलने से भी स्किन टैन होने लगती है। ऐसे में आपकी स्किन के लिए टमाटर सबसे फायदेमंद होता है। टमाटर ना सिर्फ स्किन टेनिंग को हटा़ता है बल्कि ये आपकी स्किन पर पड़ने वाली उम्र की लकीरों को भी कन्ट्रोल करता है। टमाटर वाला विटामिन सी फेस मास्क बनाने के लिए आप टमाटर को आधा काटकर आप उसका पेस्ट बनाकर एक कटोरी में डालें। टमाटर का गूदा भी बेहतर होगा फिर आप इसमें 2 बड़े चम्मच खीरे का रस और 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और फिर स्किन पर लगाएं और जब सूख जाए तो पानी से धो लें। वैसे ये फेस मास्क ऑयली स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। नींबू से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : विटामिन सी से भरपूर नींबू जितना खट्टा होता है उतना ही फायदेमंद भी होता है। अगर आप अपनी स्किन पर चमक देखऩा चाहती हैं और आपकी स्किन के दाग-धब्बे जाने का नाम नहीं ले रहे या बदलते मौसम से आपकी स्किन खराब हो रही है तो आप नींबू वाला फेस मास्क लगा सकती हैं। इसे आप दो तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। पहला, 2 बड़े चम्मच पाइनेपल का गुदा लें और इसे अच्छी तरह मसल लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लगाएं। 5-10 मिनट बाद धो लें। दूसरा, अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो 1 बड़े चम्मच नींबू के रस में 1 बड़ा चम्मच गुलाबजल मिलाकर लगाएं। कीवी से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : कई महिलाओं की स्किन पर मौसम बदलने की वजह से ड्रायनेस हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें इचिंग होती है और उनकी स्किन पर खुजली होने लगती है। इसके बाद स्किन पर दाने आ जाते हैं और स्किन खराब हो जाती है ऐसे में आपको कीवी वाला फेस पेक जरुर मदद करेंगा लेकिन फेस मास्क लगाने से पहले ये जरुर टेस्ट कर लें की आपकी स्किन पर कीवी से एलर्जी ना हो। कीवी वाला फेस मास्क घर पर बनाने के लिए आप एक कटोरी में कीवी का छिलका उतारकर उसका गूदा बना लें। फिर आप इसमें 2 चम्मच दही डालकर उसका पेस्ट बना लें और उसे हर फेस मास्क की तरह स्किन पर अप्लाई करें। सूखने के बाद फेस मास्क को पानी से हटा लें। ये सभी फेस मास्क आपकी स्किन के लिए हेल्दी है लेकिन आपकी ऑयली स्किन है या ड्राय स्किन है या फिर आपको एलर्जी तो नहीं है ये सब बाते ध्यान में रखकर ही आप कोई भी फेस मास्क इस्तेमाल करें। अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहती हैं तो आप ये घरेलू फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं।  

मेथी खाकर वजन घटाएं, बाल चमकाएं…

सर्दी का मौसम शुरू होते ही बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों की बहार आ जाती है। इनमें से एक मेथी भी है, जो अपने सेहत भरे गुणों के कारण बेहद लाभदायक होती है। न्यूट्रिशन से भरपूर मेथी आपकी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर सकती है। अगर आप अब तक अनजान हैं मेथी के इन गुणों से, तो जरूर पढ़िए मेथी के यह फायदे। कब्ज करे दूर: खाने-पीने के शौकीन लोगों को अक्सर पेट संबंधी समस्याएं परेशान करती हैं। इनमें कब्ज और गैस शामिल है। मेथी की हरी सब्जी खाने से आपका पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य करता है। पेट के कीड़ों को मारे: पेट में कीड़े होने पर भी मेथी सटीक उपचार है। बच्चों में यह समस्या काफी होती है। मेथी की पत्तियों का रस निकालकर, बच्चे को एक चम्मच रोज पिलाने पर कीड़े खत्म हो जाते हैं। बाल बनें चमकदार: मेथी की पत्तियों का पेस्ट बालों के लिए बहुत लाभकारी साबित होता है। इसकी पत्तियां पीसकर बालों में लगाने से बाल काले, घने व चमकदार होते हैं। साथ ही बालों का झड़ना भी रुक जाता है। डैंड्रफ भी नहीं होता है। डायबीटीज पर कंट्रोल: मधुमेह के मरीजों के लिए मेथी का सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। आप चाहें तो रोज मेथी की पत्तियों का रस निकालकर पिएं, इससे बढ़ी हुई शुगर कंट्रोल हो जाएगी। वजन नियंत्रित करे: मेथी की सब्जी रोज खाने से या फिर मेथी दाने का चूरन रोज लेने से आपका वजन नियंत्रित रहता है। इससे वसा की मात्रा धीरे-धीरे कम हो जाती है। यह वजन कम करने में भी काफी कारगर है। सर्दी से बचाए मेथी: मेथी आपको सर्दी लगने से भी बचाती है। इसका रोज किसी न किसी रूप में इस्तेमाल करने से सर्दी का बचाव होता है और आप इस मौसम की आम हेल्थ प्रॉब्लम से भी बच जाते हैं। जोड़ों का दर्द भगाए: बुजुर्गों को आपने सर्दियों में मेथी और मेवे के लड्डू खाते जरूर देखा होगा। इसका प्रमुख कारण है कि मेथी आपको जोड़ों के दर्द की परेशानी से भी मुक्ति दिलाता है। इसके बीज हों या फिर पत्तियां, दोनों ही जोड़ों के दर्द में समान रूप से फायदेमंद हैं।  

बचत के साथ खरीदारी में ही है समझदारी

शॉपिंग करने का क्रेज है, तो थोड़ा प्लान करके चलने से इसका मजा और भी बढ़ जाएगा। आखिर इस तरह कुछ बचत होगी और आपकी पसंद का सामान भी आएगा। जानते हैं इसी से जुड़े कुछ टिप्स… अगर आपको शॉपिंग करने का क्रेज है, तो आपका मन सेल सीजन में और भी उतावला हो जाता होगा। लेकिन शॉपिंग पर जाने से पहले उन बातों का जरूर ध्यान रखें, जिनसे सेविंग भी हो जाए और खरीदारी भी बढ़िया हो। सेल का इंतजार करें:- अगर आपको एक साथ ज्यादा चीजें खरीदने की आदत है, तो बेहतर होगा कि सेल सीजन का वेट करें। जब तक सेल ना लगे, तब तक मॉल में शॉपिंग करना बिल्कुल अवॉयड करें। यहां आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। शॉपिंग का अलग अकाउंट:- जब भी आपको पे चेक मिले, तो इसे दो अकाउंट्स में डिवाइड करें। एक को अपने बिल्स और जरूरतों के लिए रखें और दूसरे को शॉपिंग के लिए। दूसरे अकाउंट से शॉपिंग वाला दिन आने तक कोई ट्रांजैक्शन ना करें। फिजूल शॉपिंग से बचें:- ऐसा कुछ भी नहीं खरीदें, जिसकी जरूरत आपको तुरंत न हो। कभी तो इसकी जरूरत होगी वाली सोच रखेंगे, तो फालतू की शॉपिंग ज्यादा होगी। इस पैसे को बचाएं और अपनी जरूरत की चीजों पर खर्च करें। खर्चों का हिसाब-किताब:- अपने खर्चों का ट्रैक रखना बेहद जरूरी है। बेहतर है कि अपनी डिजिटल डायरी या मोबाइल फोन में नोट बनाकर आप रोजाना होने वाले खर्च का ध्यान रखें। हर महीने के अंत में चेक करें कि कहां सेविंग हो सकती थी। अगर हो सके, तो महीने की बजाय हफ्ते का हिसाब रखें। सेविंग कर दें शुरू:- आमतौर पर सेल जनवरी और अगस्त के आसपास लगती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एक-दो महीने पहले ही सेविंग्स करना शुरू कर दें। मॉनसून में भी बड़ी-बड़ी सेल लगा करती हैं। ऐसे में आप सेल शुरू होने से एक महीने पहले ही सेविंग शुरू कर दें। एक बार करेंगे, तो आपको खुद ही इसमें मजा आने लगेगा। तो मॉनसून सेल एन्जॉय करने की तैयारी अभी से शुरू कर दें!  

करियर के इन क्षेत्रों में बढ़ाएं रुचि ताकि तरक्की के साथ बरसता रहे धन

हर कोई देवी लक्ष्मी की कृपा चाहता है। बात अगर करियर की करें, तो हर युवा ऐसी नौकरी चाहता है, जिसमें खूब धन भी बरसे और लगातार तरक्की भी मिलती रहे। अगर आप भी चाहते हैं कि लक्ष्मी आप पर मेहरबान रहें, तो अपनी रुचि करियर के उन क्षेत्रों में बढ़ाएं, जिनमें आज और आने वाले दिनों में भी लगातार आकर्षक सैलरी मिलने की पूरी उम्मीद होती है। डाटा साइंटिस्ट: इंटरनेट के इस दौर में बढ़ते ऑनलाइन डाटा कलेक्शन को देखते हुए आजकल देश में डेटा साइंटिस्ट की काफी डिमांड है। आकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में इस पेशे की डिमांड करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। इस फील्ड में कमाई की भी बेहतर संभावनाएं हैं। हाल में आए एक सर्वे की मानें, तो अनुभवी डाटा साइंटिस्ट की टॉप सालाना सैलरी आजकल 60 लाख से 70 लाख रुपये तक है। इन्हें किसी भी आइटी प्रोग्रामर्स के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा सैलरी मिल रही है। इस हाईपे पैकेज के कारण ही यह फील्ड आज के टॉप 10 करियर में शुमार किया जाता है। दरअसल, डाटा साइंटिस्ट आइओटी, डिवाइसेज, सेंसर्स, सर्वर्स तथा बायोमेट्रिक मॉनीटर्स आदि के जरिए एकत्रित होने वाले डाटा को मेंटेन रखने तथा उसकी एनालिसिस करके महत्वपूर्ण जानकारियां निकालने में काफी कुशल होते हैं। यही वजह है कि तकरीबन सभी बड़ी कंपनियों को आज इनकी जरूरत है। इनकी मदद से बिजनेस कंपनियां पूर्वानुमान लगाकर अपनी सेल्स और मार्केटिंग रणनीति को और मजबूत कर सकती हैं और फायदे कमा सकती हैं। कोर्स एवं योग्यता: अगर आप ग्रेजुएट्स हैं या फिर बीई/बीटेक बैकग्राउंड के हैं, तो डाटा सांइस में पीजी डिप्लोमा कोर्स करके इस फील्ड में एंट्री पा सकते हैं। भारत में आइआइटी खड़गपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु और आइआइएम में डाटा साइंस से संबंधित कोर्स ऑफर किए जाते हैं। इनके अलावा, कई निजी संस्थानों में भी आजकल डाटा सांइस में अंडरग्रेजुएट इंटीग्रेटेड कोर्स ऑफर किए जा रहे हैं, जिसे 12वीं के बाद कर सकते हैं। यदि आप जॉब करते हुए अपनी स्किल बढ़ाकर इस फील्ड में आना चाहते हैं, तो जिगसॉ, एनालिटिक्सलैब जैसे कुछ इंस्टीट्यूट ऑनलाइन माध्यम से भी बिग डाटा एनालिटिक्स में शॉर्ट टर्म कोर्स कराते हैं, जिसे युवाओं द्वारा काफी पसंद भी किया जा रहा है। एआइ/एमएल एक्सपर्ट: कंपनियों में ऑटोमेशन पर जोर दिए जाने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग (एमएल) एक्सपर्ट की मांग भी लगातार बढ़ रही है। डाटा साइंटिस्ट की तरह ही यह फील्ड भी एक हाईपेइंग जॉब है। सैलरी डॉट कॉम के अनुसार, तीन से पांच साल के अनुभवी लोगों को इस फील्ड में 40 से 50 लाख रुपये तक सालाना पैकेज मिल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मांग और तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि इस तकनीक के फायदे देखते हुए हर जगह इसके उपयोग की संभावनाएं देखी जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक कंप्यूटर बेस्ड सिस्टम है और एमएल इसी का एक सॉफ्टवेयर है, जो उन सभी कार्यों को भी करने में सक्षम होता है जिसे सिर्फ इंसान ही कर सकते हैं। एआइ के इस्तेमाल की बात करें, तो अभी गूगल, फेसबुक, ट्विटर, अमेजन जैसी बड़ी सर्च इंजन, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स कंपनियों में एआइ तकनीक का सबसे अधिक उपयोग हो रहा है। इसके अलावा, रोबोटिक्स और डाटा माइनिंग के फील्ड में भी ऐसे प्रोफेशनल्स की काफी मांग देखी जा रही है। कोर्स एवं योग्यताएं: जो युवा इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, आइटी, डाटा साइंस या फिर मैथ्स बैकग्राउंड के हैं, उनके लिए यह सबसे अधिक उपयुक्त कोर्स है। हाल में इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद ने पहली बार एआइ/एमल में बीटेक डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। आइआइटी बांबे में भी एमएल में पीजी डिप्लोमा तथा मास्टर्स प्रोग्राम कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, आइबीएम जैसी कुछ टॉप आइटी कंपनियां भी इसकी ट्रेनिंग उपलब्ध करा रही हैं। ब्लॉकचेन डेवलपर: नई तकनीक के रूप में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की भी चर्चा आजकल खूब है। आने वाले समय में सरकारी प्रतिष्ठानों से लेकर प्राइवेट कंपनियों तक हर जगह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले ब्लॉकचेन एनालिस्ट/ब्लॉकचेन डेवलपर की भारी जरूरत होगी। यह जॉब भी नए जमाने की टॉप 10 नौकरियों में शुमार है, जिसमें प्रोफेशनल्स को 45 से 50 लाख रुपये तक का पैकेज मिल रहा है। विशेषज्ञों की मानें, तो क्रिप्टोकरेंसी के अलावा जल्द ही इस तकनीक का प्रभाव इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा डाटा सिक्युरिटी जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। कोर्स एवं योग्यता: ब्लॉकचेन तकनीक की मांग को देखते हुए भारत के कई आइआइटी संस्थानों के इंजीनियरिंग प्रोग्राम में अलग से एक माड्यूल के तौर पर इस विषय को जोड़ा जा रहा है ताकि छात्रों को इसकी जानकारी दी सके। इसके अलावा, आइबीएम, टैलेंट स्प्रिंट जैसे कुछ संस्थानों में यह कोर्स कराया जा रहा है। कोर्सेरा उडेमी जैसे पोर्टल्स के द्वारा भी इसके लिए शॉर्टटर्म कोर्स चलाए जा रहे हैं, जहां से आप इसे ऑनलाइन भी कर सकते हैं। यह कोर्स एक माह से लेकर तीन और छह माह की अवधि का है, जिसे कोई भी युवा कर सकता है। लेकिन जो लोग इंजीनियरिंग या प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड के हैं, कोडिंग/जावा जानते हैं या फिर सॉफ्टवेयर डेवलपिंग, बैंकिंग/फाइनेंशियल सेक्टर में हैं, उनके लिए यह कोर्स ज्यादा उपयुक्त है। सॉफ्टवेयर डेवलपर: वेबसाइट्स और एप्स के बढ़ते बाजार की वजह से दुनियाभर में सॉफ्टवेयर डेवलपर की मांग लगातार बढ़ रही है। सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में डेवलपर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, जहां ये प्रोफेशनल एप्लिकेशन की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट एक्टिविटी, लैंग्वेज की प्रोग्रामिंग, असेंबलिंग और टूल्स डेवलपमेंट जैसी तमाम चीजों को डेवलप करने का काम करते हैं। साथ ही पुराने हो चुके सॉफ्टवेयर एप्लिकेशंस में नए फंक्शन, स्पेसिफिकेशन, खामी व स्पीड पर काम करके उसे अपडेट रखने का काम भी इन्हीं का होता है। जो स्टूडेंट्स सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग या डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखते हैं, वे प्रोग्रामिंग, कंप्यूटर साइंस या सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए साइंस स्ट्रीम के साथ ग्रेजुएट होना जरूरी है। एंट्री लेवल डेवलपर्स को शुरुआत में 4 से 6 लाख रुपये तक पैकेज मिलता है, जो अनुभव बढ़ने पर 25 से 30 लाख रुपये तक हो सकता है। प्रोडक्ट मैनेजर: मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों तथा बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में … Read more

बादाम के मजेदार फायदे, आप भी खाएं और रहें तंदुरुस्त

कौन ऐसा है जो यह न जानता हो कि बादाम खाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. बादाम के फायदे जान कर अगर आपको बादाम पसंद नहीं है तो भी आप इसे खाने लगेंगे. बादाम डायबिटीज, पाचन जैसी समस्याओं से लड़ने में तो मदद करता ही है साथ ही वजन कम करने के लिए भोजन में भी शामिल किया जा सकता है. जी हां, बादाम को अगर आप सही तरह से आहार में शामिल करें तो यह आपको वेट लॉस डाइट में भी शामिल किया जा सकता है. इतना ही नहीं कई स्टडी यह भी साबित कर चुकी हैं कि बादाम कैंसर से लड़ने या रोकथाम में भी मदद कर सकता है. बादाम को मेवों का राजा कहा जाता है, तो इसकी वजह है बादाम के पोषक तत्व. तो चलिए आज जानते हैं बादाम के 5 फायदों के बारे में… 1.विटामिन ई- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सेल्स की सुरक्षा करता है। 2.फाइबर- बादाम में नेचुरल फाइबर होते हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं। 3.राइबोफ्लेविन- राइबोफ्लेविन (विटामिन बी2) थकान को कम करने में मदद करता है। 4.फॉस्फोरस- यह सेल मेम्बरेंस को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। 5.मैग्नीशियम- यह इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखता है और मसल फंक्शन्स को सामान्य रखता है। 6.प्रोटीन- यह हड्डियों के स्वास्थ्य और मसल मास को बढ़ाने में योगदान देता है। 7.कैल्शियम- यह हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के फंक्शन को नॉर्मल रखने में मदद करता है। 8.एनर्जी- बादाम ऊर्जा का अच्छा स्रोत होते हैं। 9.फोलेट- यह नॉर्मल साइकोलॉजिकल फंक्शन में योगदान देता है। 10.आयरन- यह लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है। 11.नियासिन- यह नर्वस सिस्टम को बेहतर तरीके से फंक्शन करने में मदद करता है। 12.थियामिन- हृदय को सही तरीके से काम करने के लिए थियामिन की आवश्यकता होती है। 13.जिंक- यह प्रोटीन सिंथेसिस और स्किन को नॉर्मल रखने में मदद करता है। 14.पोटेशियम- यह ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने में मदद करता है। प्रतिदिन अगर आप 45 ग्राम बादाम का सेवन करते है तो यह कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम और डिस्लिपिडेमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करता हैं। वही हर रोज मुट्ठी भर बादाम खाने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होते हैं जो आपको भोजन करने के बाद लगने वाली छोटी-छोटी भूख से बचाते हैं। बादाम में कार्बोहाइड्रेट्स कम होते हैं और इनमें फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह परफेक्ट स्नैक है। बादाम का सेवन करने से दिमाग को बेहतर तरीके से फंक्शन करने में मदद मिल सकती है। रिसर्च बताती हैं बादाम का सेवन ब्रेन में एसिटाइलकोलाइन के स्तर को बढ़ाता है और मेमोरी को बेहतर करने में मदद करता है।  

ठंड में ऐसे रखें अपने होठों का ध्यान

चेहरे में होठ एक ऐसा अंग है जो आकर्षण का केंद्र होता हैं। सभी चाहते है कि उनके होठ हमेशा ही अच्छे दिखे। अब अगर हम होठ का ध्यान रखने की बाते करे तो हमे उन्हें पॉल्यूशन और धूप से बचाना होगा। डेड स्किन को समय-समय से हटाना होगा। हमारे होठ बाकी शरीर के मुकाबले कहीं ज़्यादा मुलायम और सेंसिटिव होती है। अगर आप निचे दी गई चीज़ो पर थोड़ा भी ध्यान देंगे तो आपके होठ हमेशा अच्छे दिखेंगे। एक मुलायम टूथब्रश लें और इसकी मदद से हल्के हाथों से होंठों को रगड़ें। हो सके तो नये ब्रश का या बेबी ब्रश का इस्तेमाल करें। ब्रश को पहले हल्का सा गीला कर लें वरना होंठ कट सकते हैं। ऐसा करने से होंठों की सारी डेड स्किन लूज़ हो जाएगी और इन्हें हटाना आसान होगा। डेड स्किन को लूज़ करने के बाद इसे होंठों से हटाना बहुत ज़रूरी है। ऐसा करने के लिए 2 चम्मच चीनी में आधा चम्मच शहद मिलाएं। अब नींबू के एक टुकड़े की मदद से इसे अपने होंठों पर रगड़ें। 2-5 मिनट तक ऐसा करने के बाद होंठों को गुनगुने पानी से धो लें। चीनी के कण होंठों से डेड स्किन हटाने में मदद करेंगे, शहद होंठों को मुलायम बनाएगा और नींबू में मौजूद ब्लीचिंग एजेंट होंठों के कालेपन को कम करेगा।एक्सफॉलिएट करने के बाद होंठों को मॉइश्चराइज़ करना ना भूलें। शीया बटर और विटामिन ई वाले लिप बाम का इस्तेमाल करें। सिर्फ एक्सफॉलिएट करने के बाद ही नहीं, बल्कि पूरे दिन में अपने होंठों को हर थोड़ी देर में मॉइश्चराइज़ करते रहें। बेहतर रिज़ल्ट्स के लिए रात में सोने से पहले होंठों पर देसी घी लगा सकती हैं। टिप: होंठ बहुत ज़्यादा काले हो रहे हैं तो बाहर निकलने से पहले होंठों पर भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें या एसपीएफ वाले लिप बाम का इस्तेमाल करें। इसके अलावा देसी लाल गुलाब की पंखुड़ियों को थोड़े से दूध के साथ मिलाकर मैश करें। इस पेस्ट को रुई की मदद से होंठों पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें, कुछ ही दिनों में आपको फर्क महसूस होगा।  

कान दर्द की समस्या से अपने बच्चों को ऐसे छुटकारा दिलवाएं

ठंड के मौसम में सभी को कान दर्द की काफी परेशानी होती हैं। बड़े तो इस दर्द को बता कर तुरंत इलाज कर सकते हैं। लेकिन बच्चों के लिए ये बहुत दिक्कत का कारण हो जाता हैं। यह 3 साल तक के बच्चों में ज्यादा होता है। कुछ बच्चों को कान में इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है। इन बच्चों को किसी चीज से एलर्जी की वजह से भी ऐसा हो सकता है। बच्चे के कान में इन्फेक्शन होने पर अक्सर बच्चा कान पकड़ कर रोता है। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप बच्चे के आस पास सफाई रखे। सर्दी-जुकाम से रोकथाम करें: जिस तरह से तंबाकू के कण से कान में इंफेक्शन हो सकता है ठीक उसी तरह से बच्चे को सर्दी-जुकाम भी हो जाता है। अपने बच्चे को भीड़-भाड़ वाली जगह पर ना लेकर जाएं या कोई व्यक्ति बीमार है तो उनके हाथों में अपने बच्चे को ना दें। बच्चे के आस-पास धूम्रपान ना करें: तंबाकू या धूम्रपान करने से बच्चे को कान में इंफेक्शन होने का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। एक स्टडी के मुताबिक तंबाकू के कण बच्चे के कान की अंदरुनी ट्यूब में एकत्रित हो जाते हैं। यह कण ट्यूब से तरल पदार्थ निकलने नहीं देते हैं जिसके कारण कान में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप घर के बाहर धूम्रपान करते हैं तो यह कण आपके बालो और कपड़ों से बच्चे के पास जा सकते हैं। जब बच्चा लेटा हुआ हो तो उसे बोतल ना दें: जब बच्चा लेटकर बोतल को चूसता है तो उसके कान की अंदरुनी ट्यूब खुल जाती है। जिसकी वजह से गले से के जरिए कीटाणु कान में चले जाते हैं। यह कीटाणु कान को संक्रमित करते हैं। अगर आप अपने बच्चे को बोतल की मदद से फीड कराती हैं उसे फीड कराते समय बोतल को ऊपर से पकड़ कर रखें या बोतल से फीड कराते समय बच्चे को बेड पर ना लेटाएं। ब्रेस्टफीडिंग: ब्रेस्टफीडिंग कान में इंफेक्शन की रोकथाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही ब्रेस्टफीडिंग से कान के अंदर की ट्यूब को बेहतर फंक्शन में मदद मिलती है। आप जितने ज्यादा समय तक ब्रेस्टफीड कराते हैं तब तक आपका बच्चा कान में इंफेक्शन से बचा रहता है। अगर कान में इंफेक्शन की परेशानी ठीक ना हो तो डॉक्टर से बात करें: अगर आपका बच्चा बहुत समय से कान में इंफेक्शन से परेशान हैं तो भविष्य में कान में इंफेक्शन होने से बचाने के लिए आप उसे डॉक्टर से दवा लेने की सलाह ले सकते हैं। अगर बच्चे को काफी समय से इंफेक्शन है तो इसके इलाज का एक और उपाय है। आप टाइपमोपोस्टोमी ट्यूब को बच्चे के कान में डालकर जो कान से तरल पदार्थ निकालने में मदद करता है। यदि कान में इंफेक्शन से बच्चे को सुनने या पढ़ने में कोई परेशानी हो रही है तो इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करें।  

स्लो चार्ज होता है मोबाइल मतलब ये गलतियां कर रहे हैं आप

अक्सर लोगों को मोबाइल स्लो चार्ज होने की शिकायत रहती है। जाने-अनजाने वो कभी चार्जर तो कभी मोबाइल को दोष देने लग जाते हैं। हममे से कोई भी कभी यह नहीं सोचता कि मोबाइल को चार्ज करने का भी अपना एक तरीका होता है। आप में हर कोई चाहे सामान्य फोन इस्तेमाल कर रहे हो, एंड्रॉयड या फिर स्मार्ट फोन… चार्जिंग के दौरान कोई न कोई गलती करता ही है। आज हम अपनी खबर में आपको कुछ ऐसी ही गल्तियों को बारे में बताएंगे जिन्हें न करके आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से और तेज चार्ज कर पाएंगे। कम्प्यूटर से कभी चार्ज न करें अपना मोबाइल:- हममे से अधिकांश लोग ऑफिस गोइंग होते हैं और डेटा केबल के जरिए लैपटॉप या डेस्कटॉप से अपना मोबाइल बेधड़क चार्ज कर लेते हैं, लेकिन हम यहां गलती कर रहे होते हैं। अगर आप अपने पीसी से मोबाइल को चार्ज करते हैं तो चार्जिंग बहुत स्लो होगी। वायरलैस चार्जिंग से भी आपको बचना चाहिए क्योंकि इससे भी मोबाइल फोन स्लो चार्ज होता है। आपको हर हाल में अपना मोबाइल फोन सिर्फ उसके चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए, ऐसा करना आपके मोबाइल के लिए भी मुफीद होता है। हा वो दीगर बात है कि अगर आपके मोबाइल की बैटरी एकदम लो हो गई है और आपको अर्जेंट बात करनी है तो कभी कभार आपक अन्य माध्यम का सहारा ले सकते हैं। अपनाएं ये तरीके नहीं होगी स्लो चार्जिंग… ऐप्स को बंद कर चार्ज करें मोबाइल बहुत सारे लोगों के मोबाइल में मेल, फेसबुक, ट्विटर जैसी ऐप्स हरदम ऑन रहती हैं। इन ऐप्स के चालू रहने से आपकी बैटरी लगातार खर्च होती रहती है और इसी दौरान अगर आप अपना मोबाइल फोन चार्ज करते है तो वो स्लो चार्ज होता है। हो सके तो फोन चार्जिंग के दौरान इन ऐप्स को बंद करके ही मोबाइल को चार्जर से कनेक्ट करें। ऐसा करने से आपका फोन जल्दी चार्ज होगा। यूनीवर्सल नहीं कंपनी के एडॉप्टर का ही करें इस्तेमाल कुछ लोगों की आदत होती है कि वो यूनिवर्सल एडॉप्टर से अपना मोबाइल चार्ज करने में गुंरेज नहीं करते। हममे से अधिकांश नहीं जानते कि बाजार में आने वाले काफी सारे यूनीवर्सल एडॉप्टर घटिया क्वालिटी के होते हैं। इन एडॉप्टर से फोन चार्ज करने से भी चार्जिंग स्लो हो सकती है, इसलिए संभव हो तो आप उसी चार्जर का इस्तेमाल करें जिसे कंपनी ने आपको मोबाइल के साथ दिया है। चार्जिंग के दौरान न करें फोन का इस्तेमाल कुछ लोग इतने उतावले होते हैं कि वो चार्जिंग के दौरान भी फोन का पीछा नहीं छोड़ते और लगातार फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं। चार्जिंग के दौरान भी फोन का इस्तेमाल करने से चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए अगर संभव हो तो चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न के बराबर करें। किसी भी केबल से यू कनेक्ट न करें मोबाइल लोग फोन चार्जिंग को लेकर कभी कभी गलत केबल का भी इस्तेमाल कर लेते हैं। गलत केबल या यूएसबी के इस्तेमाल से भी फोन की चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए हो सके तो आपको फोन के साथ जो भी चार्जर मिला हो उसी का इस्तेमाल कर अपना मोबाइल चार्ज करें। ऐसा करने से आपका मोबाइल फोन जल्दी चार्ज होगा। अगर आपके पास कंपनी का चार्जर उपलब्ध नहीं है तो ही केबल का इस्तेमाल करे, लेकिन उसकी गुणवत्ता को भी पहले परख लें। हरदम हाईटेक बने रहना भी जरूरी नहीं कुछ लोगों में वाई-फाई, जीपीएस और ब्लूटूथ को एक साथ इस्तेमाल करने की आदत होती है। अगर चार्जिंग के दौरान ये सारे फीचर ऑन रहते हैं तो भी चार्जिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है यानी आपका मोबाइल स्लो चार्ज होगा। इसलिए चार्जिंग के दौरान हाईटेक न बने और इन फीचर्स को कम से कम चार्जिंग के दौरान बंद रखें।  

दही और केले से बना फेस पैक देगा आपको निखरी त्वचा

खूबसूरत त्वचा हर कोई चाहता है लेकिन बहुत से कारणों से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूल, धूप, गंदगी, प्रदूषण, सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप बाजार के कॉस्मेटिक्स के बजाय घर की ही कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। त्वचा को फिर से जवां और हाइड्रेट बनाने के लिए आप घर पर ही मौजूद कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। दही और केले का फेस पैक त्वचा को बेजान होने से बचाता है और खूबसूरत बनाने में मदद करता है। आर्टिकल में शामिल है- 1. केले और दही का फेसपैक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- एक केला, आधा कप दही, शहद 2. कैसे बनाएं केले और दही का फेसपैक- एक केला लें जो कि बहुत ज्यादा पका हुआ ना हो। केले को छीलकर मैश कर लें। मैश केले में दही को मिला लें और फ्लेवर्ड दही का इस्तेमाल ना करें। दही और केले के पेस्ट को अच्छी तरह से मिलाकर फेस पैक बना लें। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप उबटन भी लगा सकते है। इसका इस्तेमाल कैसे करें जानने के लिए क्लिक करें। 3.कैसे लगाएं केला और दही फेसपैक- इस पैक को आप गर्दन के चारों तरफ भी लगा सकते हैं। इसे कुछ देर तक लगाकर रखें और 15 मिनट तक सुखाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। चेहरे पर थोड़ा सा मॉइश्चराइजर लगाएं। 4.केले और दही से बने फेसपैक के फायदे- केले में विटामिन ए, बी, और ई होता है साथ ही इसमें पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। ये सभी तत्व प्राकृतिक रुप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए उपयोगी होते हैं। साथ ही दही में अल्फा-हाइड्रॉक्सिल एसिड होता है जो कि मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए लाभकारी होता है। केले और दही से बना फेसमास्क त्वचा को हर प्रकार से खूबसूरत और निखरी हुई तो बनाता ही है साथ ही मुंहासे और उनके दाग को खत्म करके त्वचा को पोषण भी देता है। सप्ताह में 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इस फेसपैक को लगाने के 2 महीने बाद परिणाम दिखाई देने लगते हैं।  

बच्चों को घुटने के बल चलना है तो फॉलो करें ये टिप्स

अगर आपका बच्चा 6-10 महीनें से बड़ा है और वो घुटनों के बल नहीं चल पाता है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है। बच्चे का वजन ज्यादा होने की वजह से ऐसा नहीं कर पाता है। जिन बच्चों का वजन ज्यादा होता है उनको घुटनों के बल चलने में थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप अपने बच्चे को खुद घुटनों के बल चलाना सिखा सकते हैं। बच्चे को पेट के बल लेटने की आदत डालवाएं : बच्चों को पेट के बल लेटकर खेलने में मजा आता है। उन्हें फर्श पर पेट के बल लेटाने से उन्हें हाथ और गर्दन की मांसपेशियां विकसित होती हैं। आप इसे थोड़ी-थोड़ी देर के लिए करते रहना चाहिए। जैसे ही बच्चा 4 महीने का होता है तब से वह अपना सिर घुमाना शुरु कर देता है जिससे वह अपने शरीर पर कंट्रोल करने लगता है और घुटनों के बल चलने के लिए तैयार होता है। बच्चे को बिठाएं ताकि उसकी कमर मजबूत हो सके : जब तक आपका बच्चा बैठना ना सीखे आपको उसकी मदद करनी चाहिए। लेकिन जब तक वह अपने आप बैठना ना सीखे तब उसके सिर और पीठ पर हाथ रखें ताकि बच्चे को सीधा रहने और घुटनों के बल चलते समय सिर ऊपर रखने में मदद मिले। इसके लिए आप अपने बच्चे को सिर के ऊपर कुछ दिखाएं ताकि जब वह ऊपर की तरफ देखे। इससे सिर, कमर और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। एक सुरक्षित स्थान ढूंढे : आपके बच्चे को घुटनों के बल चलाना एक सुरक्षित और कोमल जगह से शुरु करें। क्योंकि अगर जगह बच्चे के लिए सहज नहीं होगी तो उसे चलने में दिक्कत होगी। आप फर्श पर कोई मुलायम कारपेट बिछा सकते हैं, जिससे बच्चे को कोई परेशानी ना हो। ध्यान से बच्चे को पीठ के बल फर्श पर लेटाएं : आपका बच्चा जब खुश हो तो आराम से उसे पीठ के बल फर्श पर लेटाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक बच्चे को पीठ के बल लेटे रहने दें। जब तक वह आराम महसूस करने लगे। बच्चे को पेट के बल घुमाएं : अगर आपका बच्चा घुमते हुए सहज महसूस करता है तो उसे ऐसा करने दें। आप उसकी मदद करके उसे पेट के बल लेटा दें। वह अपने हाथ और सिर को सपोर्ट खुद करेगा। जैसे ही वह हाथ और सिर को सपोर्ट करे तो उसके सिर को ऊपर की तरफ करें। बच्चे का कोई खिलौना उससे थोड़ा दूर रख दें : आप अपने बच्चे को खिलौने के पास जाने के लिए प्रोत्साहित करें और उसे आगे चलने में मदद करें। इससे आपका बच्चा घुटनों के बल चलने की कोशिश करेगा। मगर ध्यान रहे खिलौना ज्यादा दूर ना रखें। इससे बच्चे को परेशानी हो सकती है। बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें : बच्चे को आपकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने की बजाय आप बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें। आप और आपका बच्चा दोनों खिलौने की तरफ घुटनों के बल चलकर जा सकते हैं। ऐसा करने से आपका बच्चा घुटनों के बल चलने के लिए प्रोत्साहित होता है।  

मानसिक रोगों को दूर करने में मदद करेंगे ये योगासन

मानसिक रोगों को काफी हद तक योगासन की मदद से ठीक किया जा सकता हैं। योग शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है। ये संज्ञान शक्ति में तत्काल वृद्धि का कारक भी हो सकता है। ये तनाव से मुक्त करता है और मस्तिष्क के द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं के संचालन में मदद करता है। नीचे दिए गए योगासनों की मदद से आप इसमें मदद पा सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम : नकारात्मक भावनाये जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। आत्म विश्वास को बढ़ाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है। पाद पश्चिमोत्तानासन : रीढ़ की हड्डी को खींच कर तनाव मुक्त करता है। मन से क्रोध और चिड़चिड़ाहट दूरकर शांत करता है। सेतुबंध आसन : गर्दन और रीढ़ में खिचाव के द्वारा मजबूती लाता है। मांसपेशियों को विश्राम देता है। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद को कम किया जा सकता है। सर्वांगासन : थाइरॉइड और पैरा-थाइरॉइड ग्रंथियों को नियमित करता और सुचारु करता है। पीनियल और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों में अधिक रक्त पहुंचाकर मस्तिष्क को पुष्ट करता है। सभी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। हलासन : मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर कर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। पीठ और गर्दन में खिचाव से तनाव और थकावट को कम करता है। अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।  

इंटरव्यू देने से पहले होती है घबराहट तो इस तरह करें खुद को तैयार, बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

किसी भी जॉब को जॉइन करने से पहले इंटरव्यू होता है। इस दौरान इंटरव्यू में वैसे तो प्रोफाइल से जुड़े कॉमन सवाल पूछे जाते हैं। इनके जरिए पता लगाया जाता है कि आप उस नौकरी के लिए सही हैं या नहीं। सवाल आपकी प्रोफाइल से जुड़े होते हैं लेकिन फिर भी इंटरव्यू सेशन से पहले कुछ को घबराहट होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो खुद को तैयार करें, इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। पहले से प्रेक्टिस करें सवालों के जवाब देने की कोशिश पहले से करें। शीशे में देखकर खुद से सवाल करें और उनके जवाब देने की प्रेक्टिस करें। आप अपने कॉम्यूनिकेशन स्किल्स को चेर करने के लिए मॉक इंटरव्यू भी आजमा सकते हैं। कंपनी के बारे में करें रिसर्च इंटरव्यू की तैयारी करने से पहले कंपनी और उसके बिजनेस को अच्छी तरह से जानें। अगर आप कंपनी के बारे में पहले से जान लेंगे तो इससे इंटरव्यू लेने वाला मैनेजर तो खुश होगा। साथ ही जब आपको पहले से चीजों की जानकारी होगी तो घबराहट कम होगी। अपने गोल्स पर नजर रखें इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब देने के लिए अपने फ्यूचर गोल्स के बारे में सोचें और खुद को याद दिलाएं कि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू क्यों दे रहे हैं। ऐसा करने से आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ध्यान लगाएं अगर आप इंटरव्यू से पहले चिंतित महसूस करते हैं, तो अपने दिमाग को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्यान लगाएं। अपनी सांसों पर सिर्फ 5 मिनट ध्यान केंद्रित करने से आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा। सफल होते हुए खुद को सोचें इंटरव्यू में खुद को सफल होते हुए देखने से आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आप सोच सकते हैं कि आप कमरे में कैसे जाते हैं, इंटरव्यू करने वाले से हाथ मिलाते हैं और आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देते हैं। ऐसा करने घबराहट को शांत करने में मदद मिल सकती है।

कल ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च होगा Red Magic 10 Pro

नई दिल्ली Red Magic 10 Pro को गुरुवार को ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च किया गया है। एक महीने पहले इसे चीन में लॉन्च किया गया था। प्रो मॉडल के ग्लोबल वेरिएंट में चीन वाले वेरिएंट की तरह ही स्पेसिफिकेशन्स दिए गए हैं। हालांकि, यहां 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की जगह 100W चार्जिंग सपोर्ट को रखा गया है। इस स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर दिया गया है। साथ ही इस फोन में लिक्विड मेटल कूलिंग के साथ डुअल-पंप वेपर चेंबर दिया गया है। Red Magic 10 Pro की कीमत रेड मैजिक 10 प्रो की कीमत 12GB + 256GB वेरिएंट के लिए $649 (लगभग 55,000 रुपये) से शुरू होती है। इस फोन को दो और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में भी उपलब्ध कराया गया है। फोन के 16GB + 512GB मॉडल की कीमत $799 (लगभग 68,000 रुपये) और 24GB + 1TB वेरिएंट की कीमत $999 (लगभग 85,000 रुपये) रखी गई है। ये फोन एशिया-प्रशांत, यूरोप, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व, यूके और अमेरिका में 12 दिसंबर से अर्ली एक्सेस के लिए उपलब्ध है। वहीं, फोन की ओपन सेल 18 दिसंबर से शुरू होगी। हैंडसेट तीन कलर ऑप्शन्स डस्क, मूनलाइट और शैडो में लॉन्च किया गया है। Red Magic 10 Pro के स्पेसिफिकेशन्स डुअल-सिम (नैनो+नैनो) वाला रेड मैजिक 10 प्रो एंड्रॉयड 15 पर आधारित Red Magic OS 10.0 पर चलता है। इसमें 6.8 इंच का फुल-एचडी+ (1,216×2,688 पिक्सल) BOE Q9+ डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz, पीक ब्राइटनेस 2,000 निट्स, 10-बिट कलर डेप्थ और 100 प्रतिशत DCI-P3 कलर गैमट कवरेज है। ये स्मार्टोन क्वालकॉम के फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर पर चलता है, जिसे 24GB तक LPDDR5X अल्ट्रा रैम और 1TB तक UFS 4.1 प्रो स्टोरेज के साथ पेयर किया गया है। इसमें एक डेडिकेटेड रेड कोर R3 ग्राफिक्स प्रोसेसर भी है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि ये डबल फ्रेम इंसर्शन, 2K अपस्केलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए स्टेबलाइजेशन के साथ विजुअल को बेहतर बनाता है। कंपनी ने कहा है कि टेम्परेचर को कंट्रोल में रखने के लिए, ये लेटेस्ट फोन 12,000 वर्ग मिलीमीटर के डुअल-पंप वेपर चेंबर, ग्राफीन शीट और लिक्विड मेटल कूलिंग के साथ ICE-X मैजिक कूलिंग सिस्टम से इक्विप्ड है। फोटोग्राफी के लिए Red Magic 10 Pro के रियर में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इस सेटअप का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। साथ ही इसमें 50MP अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 2MP मैक्रो कैमरा भी दिया गया है। सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 16MP का कैमरा मौजूद है। Red Magic 10 Pro में कनेक्टिविटी के लिहाज से 5G, 4G LTE, Wi-Fi 7, GPS, NFC, 3.5 मिमी हेडफोन जैक और USB 3.2 टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। Red Magic 10 Pro में 7,050mAh की डुअल-सेल बैटरी है जो 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

रियलमी जल्द ही Realme 14 Pro सीरीज के स्मार्टफोन करेगी लॉन्च

नई दिल्ली रियलमी अपनी लेटेस्ट नंबर सीरीज Realme 14 के प्रो लाइनअप स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च करेगा। Realme 14 Pro series को लेकर बताया जा रहा है कि कंपनी इन्हें जनवरी महीने में लॉन्च करेगी। रिपोर्ट्स की माने तो रियलमी इस सीरीज के तीन स्मार्टफोन – Realme 14 Pro, Realme 14 Pro Plus और Realme 14 Pro Lite लॉन्च करेगी। कुछ दिनों पहले ही अपकमिंग Realme 14 Pro स्मार्टफोन के रैम, स्टोरेज और कलर ऑप्शन को लेकर जानकारी सामने आ चुकी हैं। रियलमी का यह अपकमिंग स्मार्टफोन अब 3C सर्टिफिकेशन साइट और Camera FV 5 डेटाबेस में लिस्ट किया गया है। इससे यह बात को पक्की हो गई है कि कंपनी जल्द ही इसे लॉन्च कर सकते है। यहां हम आपको रियलमी के इन स्मार्टफोन को लेकर सामने आई नई डिटेल्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। Realme 14 Pro में क्या होगा खास Realme 14 Pro स्मार्टफोन को 3C सर्टिफिकेशन साइट में मॉडल नंबर RMX5055 के साथ स्पॉट किया गया है। MySmartPrice के मुताबिक यह इस स्मार्टफोन का चाइना वेरिएंट है। अगर इंडियन वेरिएंट की बात करें तो इसका मॉडल नंबर RMX5056 होगा। इस लिस्टिंग से फोन की स्पेसिफिकेशन्स को लेकर कुछ भी जानकारी नहीं मिलती है। हालांकि, यह साफ हो गया कि कंपनी जल्द ही Realme 14 Pro स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च कर सकते है। Camera FV 5 डेटाबेस की लिस्टिंग से पता चलता है कि रियलमी के इस स्मार्टफोन के प्राइमरी कैमरे का अपर्चर f/1.8 है, जो इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइजेशन (EIS) सपोर्ट करेगा। इस कैमरा सेंसर की फोकल लेंथ 26.6mm और रेजोल्यूशन 12.6MP है। इन डिटेल्स से पता चलता है कि Realme 14 Pro स्मार्टफोन का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। सेल्फी कैमरा की बात करें तो इसका अपर्चर f/2.4 है, जो EIS सपोर्ट करता है। इसका फोकल लंथ 27.2mm और रेजोल्यूशन 4MP है। यानी फोन में कंपनी 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर करेगी। Realme 14 Pro की संभावित खूबियां Realme 14 Pro स्मार्टफोन को तीन वेरिएंट: 8GB + 128GB, 8GB + 256GB, और 12GB + 512GB के साथ पेश किया जाएगा। यह स्मार्टफोन पर्ल व्हाइट और श्यूड ग्रे कलर ऑप्शन में रिलीज किया जाएगा। Realme 14 Pro के साथ-साथ कंपनी Realme 14 Pro+ और Realme 14 Pro Lite को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

घर पर स्क्रब करने का सही तरीका, चेहरा रहेगा खिला-खिला

फेस स्क्रब और बॉडी स्क्रब के अपने फायदे हैं। ये हमारी स्किन से डेड सेल्स हटाने में मददगार हैं। बदलते मौसम में यह दिक्कत नहीं ज्यादा होती है। खासतौर पर सर्दियों में ड्राइनेस के कारण स्किन जल्दी रूखी और बेजान नजर आने लगती है। इससे आपके चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप विंटर सीजन में हर दूसरे दिन घर पर ही स्क्रब करें। यहां जानें स्क्रब करने का आसान और सही तरीका… – स्क्रबिंग द्वारा डेड सेल्स को हटाने से अंदर की हेल्दी स्किन बाहर आती है। साथ ही इस स्किन की सफाई हो जाने से यह खुलकर सांस ले पाती है, जिससे हमारी त्वचा अधिक ग्लोइंग लगती है। – स्क्रबिंग एक ऐसी प्रकिया है, जो त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनती है। इस प्रक्रिया में त्वचा की बाहरी सतह पर जमा डेड सेल्स हटाने का काम किया जाता है। यह प्रॉसेस पार्लर में मौजूद मशीनों से या घर पर भी आसानी से की जा सकती है। -नियमित रूप से स्किन को स्क्रब करने पर हमारी त्वचा के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। स्क्रब का यूज करते समय पहले चेहरे को फेशवॉश से साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौंछ लें। -गुलाबजल में कॉटन भिगोकर चेहरे पल लगाएं और फिर उंगलियों पर स्क्रब लेकर सर्कुलर मोशन में घुमाएं। फॉरहेड और नेक को भी स्क्रब करें। -5 से 6 मिनट तक पूरे चेहरे, गर्दन और गले पर स्क्रब करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धोकर साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौछ लें। अब अपनी पसंद का क्रीम लगाकर हल्की मसाज करें। -जिन लोगों की स्किन ऑइली है या जिन्हें पिंपल्स की समस्या अक्सर हो जाती है, उनके लिए भी यह प्रक्रिया प्रभावकारी है। क्योंकि इससे त्वचा का अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। लेकिन जिस समय पिंपल्स चेहरे पर हों, उस समय इसे नहीं करना चाहिए। -स्किन को स्क्रब करने पर त्वचा नरम व मुलायम भी रहती है। रफनेस कम होती है और सुंदरता बढ़ती है। -ना केवल ऑइली स्किन वालों को बल्कि ड्राई स्किन वालों को भी इससे लाभ होता है। सफाई के बाद स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाने से यह त्वचा में अंदर तक समा जाता है और लंबे समय तक स्किन को सॉफ्ट बनाए रखता है। -स्क्रबिंग से त्वचा पर उम्र का असल जल्दी नहीं झलकता है। चेहरे की फाइनलाइन्स और उम्र के साथ खोनेवाली चमक पर यह कंट्रोल करता है।  

दांत-मसूड़ों के दर्द से छुटकारा पाने में काम आएंगे ये घेरलू उपाय

दांतों और मसूड़ों का दर्द आपको काफी परेशान कर देता है। दांत या मसूड़े में किसी भी तरह की समस्या में दर्द से तो परेशान होते ही हैं, इसके अलावा खाना-पीना भी ठीक से नहीं हो पाता है जिससे परेशानी बढ़ जाती है। आइए, आपको बताते हैं इनसे छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय। नमक पानी नमक का पानी आपको इनफेक्शन से बचाता है और दांतों के बीच में फंसे खाने को भी निकालने में मदद करता है। इससे सूजन भी खत्म हो जाती है और मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म होते हैं। गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर उस पानी को कुछ देर मुंह में रखें और कुल्ला कर लें। लहसुन लहसुन अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। इसे आमतौर पर सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने की भी क्षमता रखता है और पेनकिलर का भी काम करता है। लहसुन की एक कली को पील लें और इस पेस्ट को मसूड़े या दांत पर लगाएं। लौंग दांत में दर्द से राहत देने के लिए लौंग भी काफी कारगर है। इसे मुंह में दबाए रखें। दर्द से राहत मिलेगी। टी बैग्स चाय में टैनिन नाम का कम्पाउंड होता है जो बैक्टीरिया का खत्म कर सकता है। ऐसे में टी बैग्स भी आपको दांट के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। टी बैग को गर्म पानी में उबले हुए पानी में डालकर 5 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद इसे निकालें जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो उस जगह पर लगाएं जहां दर्द हो रहा है। तो डेन्टिस्ट से मिलें दांतों के हल्के दर्द को आप घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं लेकिन अगर दर्द ज्यादा है तो आपको डेन्टिस्ट से मिलना चाहिए।  

मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं। अपनी डेटा लिमिट सेट करें अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं। बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में ‘रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा’ पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं। डेटा कंप्रेशन का यूज करें गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें। अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और ‘ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली’ ऑप्शन पर टैप करें। स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं। ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं। मैलवेयर को रखें दूर ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे।    

किसी के घर जाएं तो ना करें ये गलती, चिढ़ने लगते हैं लोग

हिंदू धर्म में मेहमानों के लिए ‘अतिथि देवो भव:’ बोला जाता है। लेकिन इसका मतलब बिल्कुल नहीं कि किसी के घर जाकर आप बेसिक मैनर भूल जाएं। कई बार लोग मेहमान बनकर घर जाते हैं तो कुछ बहुत ही नॉर्मल बिहेवियर पर कंट्रोल नहीं करते। जिसकी वजह से ना केवल होस्ट को दिक्कत उठानी पड़ती है। बल्कि वो आपको नेक्स्ट टाइम अपने घर बुलाने से भी बचता है। आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में जब लोगों के पास टाइम नहीं है और घर में मेहमानों को पार्टी दे रखी है। तो आपकी कुछ हरकतें होस्ट को मुश्किल में डाल सकती हैं। सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन आपकी ये हरकते होस्ट के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है।’ ना करें अलग से खाने-पीने की चीजों की डिमांड नया साल और क्रिसमस वगैरह नजदीक है। ऐसे में काफी सारे लोग घर में पार्टी देते हैं और एक साथ कई सारे लोग आते हैं। अगर सारे गेस्ट चाय-कॉफी जैसी एक ही चीज को पीने के लिए राजी हैं तो अपने लिए स्पेशल अलग से किसी एक चीज की डिमांड ना करें। ऐसा करना होस्ट के लिए टाइम टेकिंग हो सकता है और उसे केवल एक इंसान के लिए खाने-पीने की चीज बनाने में भी मेहनत करनी पड़ेगी। इसलिए उन्हीं चीजों को खा-पी लें जो बाकी गेस्ट खा रहे हैं। सर्व फूड या ड्रिंक को खाली करवाना अक्सर घर में ऐसे मेहमान आते हैं जो सर्व फूड या ड्रिंक को आधा खाली कराए बगैर नहीं मानते। अगर आपकी आदत भी ऐसी ही है तो फौरन बदल दें। क्योंकि कोई भी होस्ट इस आदत को पसंद नहीं करता। घर के बाहर बातें करना अगर आप उन गेस्ट की लिस्ट में हैं जो घर के बाहर गेट, लिफ्ट या मेनडोर पर खड़े होकर आधा घंटा बात करते हैं। तो अपनी इस आदत को भी खत्म कर दें। अगर आपको लेट हो रहा तो फौरन टाटा-बाय कहकर निकल जाएं। गेट पर खड़े होकर बातें करना काफी सारे होस्ट को इरिटेटिंग लगता है। घर की पार्टी में साथ में बिन बुलाए इंसान को ले जाना अगर किसी ने घर में छोटी सी पार्टी दे रखी है और आपको पर्सनली इनवाइट किया है। तो अपने साथ किसी दोस्त या जानने वाले के साथ ना जाएं। ऐसा करना कम इरिटेटिंग नहीं होता। खाली हाथ जाना किसी के घर में खाली हाथ जाना भी बेसिक एटीकेट में कमी है। अगर आप गेस्ट बनकर कहीं पहुंचे हैं तो छोटा सा गिफ्ट जरूर साथ ले जाएं। जिसे होस्ट को दे सकें।  

अपने गैजट्स में जोड़िए फंक्शन, बनाइए बेहतर

आप अपने पास मौजूद कई गैजट्स (स्मार्टफोन, टैबलट, वाई-फाई राउटर, कैमरे) में ऐसे फीचर्स जोड़ सकते हैं, जिनकी सुविधा कंपनी ने नहीं दी है। इसके लिए बस आपको थोड़ा सा दिमाग लगाने की जरूरत होती है। बाकी हितेश राज भगत और करण बजाज बता देते हैं कि इसे आप कैसे कर सकते हैं, आगे क्लिक करते जाइए और जानिए… आपका मल्टिफंक्शनल स्मार्टफोन:- क्या आपके लैपटॉप में वेबकैम नहीं है? तो आपको फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है। फ्री ऐंड्रॉयड ऐप ड्रॉइडकैम के जरिए आप फोन के कैमरे और माइक्रोफोन का इस्तेमाल कर स्काइप, गूगल हैंगआउट और बाकी प्लैटफॉर्म पर दोस्तों से बात कर सकते हैं। इसके लिए फ्री ऐप और फ्री विंडोज, लाइनक्स सर्वर सॉफ्टवेयर चाहिए। इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी ‘डब्लूडब्लूडब्लू डॉट डीईवी7एप्पस डॉट कॉम’ पर मिल सकती है। वाई-फाई रेंज दुगनी-तिगुनी करिए:- वाई-फाई एक अजीब साइंस है। आप ठीक-ठीक नहीं पता लगा सकते कि आपका वाई-फाई कहीं पर क्यों कमजोर होता है, लेकिन आप कुछ गाइडलाइंस के मुताबिक काम करके वाई-फाई की रेंज बढ़ा सकते हैं। बेहतर कवरेज के लिए राउटर को घर के बीचो-बीच रखिए और इसे 6 फीट या इससे ज्यादा की ऊंचाई पर रखिए। ऐसा इस वजह से क्योंकि वाई-फाई सिग्नल ओमनी-डायरेक्शनल होते हैं और वे ऊपर जाने की जगह नीचे की तरफ आते हैं। अगर आपके पास दो ऐंटेना वाला राउटर है, तो एक को वर्टिकल रखिए, दूसरे को हॉरिजनटल। अगर आप ये न कर सकें या इन तरीकों से फायदा न हो, तो रेंज बढ़ाने के लिए पुराने राउटर्स को वाई-फाई सिग्नल रिपीटर्स के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं या आप किसी इलेक्ट्रिकल आउटलेट में सीधे लगाने के लिए डीलिंक और नेटगियर जैसे ब्रैंड्स के छोटे रिपीटर्स (कीमत करीब 1500 रुपए) खरीद सकते हैं। रिपीटर अपने नेटवर्क की सीमा पर लगाएं, जिससे वह वहां से सिग्नल को आगे भेज सके। इसे लगाना बहुत आसान होता है। इसमें रिपीटर मोड चुनिए, अपने वाई-फाई नाम और पासवर्ड को डालिए, बस हो गया। आप दुगना या तिगुना या आउटडोर तक सिग्नल पहुंचाने के लिए और रिपीटर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने कैमरे की क्षमता बढ़ाइए:- किसी कैमरे से आरएडब्लू फॉर्मैट की इमेज उस तस्वीर का डिजिटल नेगेटिव होता है। सही सॉफ्टवेयर की मदद से आप आरएडब्लू इमेज को बेहतर प्रोसेस कर सकते हैं, ताकि आपको अच्छी तस्वीर मिल सके। आम तौर पर डीएसएलआर कैमरों में आरएडब्लू का ऑप्शन होता है। कई मिड-रेंज और एंट्री लेवल कैमरों में यह नहीं होता, जबकि कई बार उनका हार्डवेयर इसे सपॉर्ट करता है। आप एक टेंपररी फर्मवेयर (एक तरह का सॉफ्टवेयर) की मदद से आप अपने कैमरे को ऐसा ऐसा बना सकते हैं कि वह आरएडब्लू इमेज ले सके और आपको कुछ अतिरिक्त सेटिंग्स दे सके। कैनन के कैमरे रखने वाले लोग ले सकते हैं। आप अपने कैमरा मॉडल को सर्च करिए और सही फर्मवेयर डाउनलोड कर लीजिए। इसमें स्टेप-बाई-स्टेप बताया गया है कि कैमरे में फर्मवेयर कैसे लोड करें। एक बार फर्मवेयर अपडेट होने के बाद आप आरएडब्लू ऑप्शन के अलावा कई और सेटिंग्स देख सकेंगे। यह ध्यान रखिएगा कि आरएडब्लू इमेज सेव करने में ज्यादा वक्त और ज्यादा जगह लगती है। कैनन डीएसएलआर यूजर मैजिक लैंटर्न नाम का फर्मवेयर ले सकते हैं। इससे वे अपने म्व्ै कैमरे में और फंक्शनैलिटी डाल सकते हैं। इससे लाइव हिस्टोग्राम, फोकस पीकिंग, स्पॉटमीटर, एचडीआर विडियो, अनकम्प्रेस्ड रॉ विडियो सपॉर्ट, मोशन डिटेक्शन जैसे कई फीचर मिलेंगे. सपोर्टेड डीएसएलआर कैमरों की लिस्ट के लिए डबलूडबलूडबलू डॉट मैजिकक्लैंटर्न डॉट एफएम पर जा सकते हैं। वायरलेस हार्ड ड्राइव और प्रिंटर:- वाई-फाई शेयर करने का शानदार जरिया है। लिहाजा आपके पास मौजूदा प्रिंटर (नॉन-वायरलेस) या एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव है, तो आपको इन बिल्ट यूएसबी पोर्ट और प्रिंट सर्वर से लैस राउटर लेना चाहिए। मिसाल के तौर पर बेल्किन का प्लेमैक्स एन600 (8, 000 रुपए) वाई-फाई एन सर्टिफाइड राउटर है और ड्यूल यूएसबी पोर्ट भी है। साथ ही, इसे परंपरागत वायरलेस राउटर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसमें एक साथ यूएसबी हार्ड ड्राइवर और यूएसबी प्रिंटर कनेक्ट कर सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इस नेटवर्क पर कोई भी कंप्यूटर घर में किसी जगह से प्रिंट करने में सक्षम होगा। साथ ही, हार्ड ड्राइव में मौजूद कॉन्टेंट का भी ऐक्सेस मुमकिन होगा। टीवी का वायरलेस विडियो सिग्नल:- अगर आपको अपने स्टाइलिश एलईडी-एलसीडी टीवी के केबल के कारण आने वाली खड़खड़ाहट पसंद नहीं है, तो आप अपने टीवी को वायरलेस बना सकते हैं। आपको अपनी मौजूदा डिवाइसेज (मसलन केबल सेट टॉप बॉक्स, डीवीडी प्लेयर और गेम कंसोल) के लिए वायरलेस एडीएमआई अडॉप्टर खरीदना होगा। इसके बाद टीवी के एचडीएमआई पोर्ट में रिसीवर और बाकी डिवाइस में ट्रांसमीटर लगाना होगा। वायरलेस एवी ट्रांसमीटर और रिसीवर की कॉस्ट 4, 000 लेकर 65, 000 रुपए तक बैठती है। कॉन्टेंट (फोटो, म्यूजिक, विडियो) की स्ट्रीमिंग के लिए मौजूदा वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल करते हुए स्मार्टफोन या टैबलट जैसी डिवाइस से टीवी को जोड़ने के लिए डीएलएनए टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। आईपैड को बनाइए दूसरा डिस्प्ले:- आईपैड का डिस्प्ले काफी शानदार है। चाहे आप आईपैड 2 इस्तेमाल करें या फस्र्ट जेनरेशन आईपैड मिनी, डिस्प्ले की क्वॉलिटी काफी बेहतरीन है। इस वजह से आपको इसे अपने कंप्यूटर के लिए दूसरे डिस्प्ले की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह ट्रिक विंडोज और मैक दोनों पर काम करती है। इसके लिए सबसे पहले यह पक्का करें कि कंप्यूटर और आईपैड दोनों एक ही वाई-फाई नेटवर्क से जुड़े हों। साथ ही, एयर डिस्प्ले 2 (9.99 डॉलर) या डिस्प्लेपैड (2.99 डॉलर) और कंप्यूटर के लिए संबंधित सर्वर ऐप लेना होगा। यह ऐप आपके आईपैड को वायरलेस सेकंड डिस्प्ले में बदल देगा, जो एक्सटेंडेड डिस्प्ले हो सकता है।  

ब्रेक पर जाना चाहते हैं तो..

कामकाजी जीवन में निजी या अन्य कारणों से कुछ न कुछ रुकावटें आती रहती हैं। कई प्रोफेशनल्स के करियर में चाहे-अनचाहे ब्रेक्स आ जाते हैं। हालांकि, महिलाओं के करियर में ऐसे ब्रेक्स ज्यादा आते हैं, फिर भी महिला कर्मचारी हों या पुरुष, ऐसे लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जो अपने काम से कुछ देर या लंबे समय के लिए दूर चले जाते हैं। पहले जरूरत यह समझने की है कि ब्रेक पर जाना क्यों जरूरी हो जाता है? आज वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण जरूरी हो गया है कि संस्थान अपने कार्यकारी ढांचे में जरूरी तब्दीलियां लाएं। इस कारण कुछ कर्मचारियों का काम से दूर जाना उनकी मजबूरी बन जाता है। एक अन्य कारण कर्मचारी का एक ही बंधे-बंधाए ढांचे में लंबे समय तक काम करने से जुड़ी बोरियत भी हो सकता है या फिर अपना काम शुरू करने के प्रयास में मिली असफलता, जिसके बाद उन्हें लौटने में कुछ समय लगता है। ऐसे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ब्रेक के दौरान:- हम अक्सर अपनी मान्यताओं के रूप में कई ऐसी भ्रामक धारणाएं पाले रखते हैं, जिन्हें खुद से दूर रखना ही बेहतर होता है। यह धारणाएं अपनी क्षमताओं (या कमियों) के रूप में भी हो सकती हैं या सही-गलत से जुड़े निजी पूर्वाग्रहों की भी। जाहिर है कि यह धारणाएं लंबे कार्यानुभव के आधार पर ही बनती हैं, जिन पर ब्रेक के दौरान आप पुनर्विचार कर सकते हैं। यह भी जरूरी है कि आप इस दौरान अपनी खूबियों-खामियों पर भी सोचें, ध्यान दें कि कार्य से जुड़ी आपकी असली दक्षता उसके किस पक्ष से जुड़ी है। बेशक आप अपने काम से दूर हैं, परंतु आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष, जो अभी तक कुछ पीछे रहा था, अब उसे आगे लाना होगा। यहां आशय है आपके परिवार से। परिवार के साथ फुर्सत के कुछ पल बिताना भी खासा स्फूर्तिदायक होता है, जो किसी भी समस्या पर नए सिरे से सोचने के लिए भी प्रेरित करता है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में लौटना ही है तो क्यों न किसी नए उद्देश्य को ध्यान में रख कर वापसी की जाए। फिर चाहे यह नयापन किसी नए करियर की ही नींव क्यों न रखे। इससे न केवल आप खुद से जुड़ी एक नई खोज कर पाएंगे, बल्कि एक नया परिदृश्य आपके सामने रूपांतरित होगा, जिसमें आप अपनी कुछ शर्तों को पूरा करने में सफल होंगे। मुमकिन है जब आप बाहर थे, तब इंडस्ट्री में कुछ व्यापक परिवर्तन आए हों; हो सकता है आपकी सोच-समझ के अनुसार इंडस्ट्री का नया रूप सामने आ चुका हो, इसलिए जरूरी है कि ब्रेक के दौरान कुछ नए हुनर भी सीख लें। अन्य जरूरी बातें:- विदेशों में करियर ब्रेक और विश्राम काल (सैबेटिकल) के बीच कुछ फर्क होता है। विश्राम काल से जुड़ी पॉलिसी किसी कंपनी में हो सकती है और वह अपेक्षाकृत अधिक औपचारिक होती है। इसके अंतर्गत, कर्मचारी मैनेजमेंट की रजामंदी से कुछ समय का ब्रेक लेता है, जिस दौरान आय और पेंशन के लिए कटने वाली राशि रोकी जा सकती है। विश्राम काल की अवधि कंपनी तय कर सकती है और इसकी जद में सीनियर मैनेजर्स या फुल-टाइम स्टाफ ही आता है। दरअसल यह सुविधा उन लोगों को मिलती है, जिन्हें लौट कर अपनी पुरानी जिम्मेदारी संभालनी हो। इस अवधि के दौरान व्यक्ति अपने करियर की दशा-दिशा को लेकर मनन कर सकता है। बेशक यह सुविधा सुनने में नई लगे, परंतु दुनिया में कई जगह इसका अभ्यास जारी है। क्या सोचते हैं एम्प्लॉयर्स:- करियर में ब्रेक लेने की जरूरत बेशक आपको महसूस हो रही हो, लेकिन इस बारे में कंपनी या मैनेजमेंट के भी कुछ विचार हो सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि उन्हें भी जान लिया जाए। आपका ब्रेक लेना इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस इंडस्ट्री से जुड़े हैं। यदि ब्रेक के दौरान आप अपने ही पेशे से जुड़ा कोई प्रोजेक्ट निजी तौर पर करते हैं तो उसका जिक्र अपने रिज्यूमे में कर सकते हैं, जो तथ्य संभवतः आपको भविष्य में किसी अन्य स्थान पर नौकरी खोजने में सहायक बने। आपकी एग्जिट स्ट्रैटजी:- आपकी एग्जिट स्ट्रैटजी यानी ब्रेक पर जाने की तैयारी बॉस के साथ आपके रिश्तों पर बहुत निर्भर करती है। इस बारे में अपनी कंपनी के नियम-कायदों को भी जान लें। उदाहरण के लिए यदि आप आगे शिक्षा प्राप्ति की योजना बना रहे हैं तो हो सकता है कि कंपनी इसमें आपकी कुछ मदद भी कर सके; शिक्षा से जुड़े कुछ भत्ते आपको मिल सकते हैं। यदि इस विषय में कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं है तो भी आप वेतनरहित छुट्टी की बात कर सकते हैं। यदि ब्रेक से जुड़ी बात कंपनी के साथ नहीं बन पाती और आपको मजबूरन नौकरी को अलविदा भी कहना पड़ता है तो पूरे शिष्ट तरीके से इस प्रक्रिया पर अमल करें। याद रखें, यह दुनिया अगर कई मायनों में बड़ी है तो छोटी भी है, इसलिए आपके भावी अवसर आपके व्यवहार की बलि न चढ़ें, ब्रेक पर जाने से जुड़ा नोटिस पीरियड भी दें, आपके स्थान पर जो काम संभालेंगे उन्हें काम समझा दें, आवेदन पत्र में शिष्टता झलकनी चाहिए और उसे आप खुद प्रेषित करें और अंततः एग्जिट इंटरव्यू में प्रोफेशनल व्यवहार दिखाएं। नई शुरुआत:- यदि आप अपने सहकर्मियों को अंतिम विदा देने जा रहे हैं तो इस बदलाव के कुछ शुरुआती हफ्तों की एक स्पष्ट योजना आपके दिमाग में या लिखित रूप से हो। सामाजिकता अपनाएं और अकेलेपन को दूर रखें। नए स्थानों, अनुभवों और काम सीखने में व्यस्त रहें और साथ ही पुराने संबंधों को भी ताजा करते रहें। यदि रिटायरमेंट से पहले कोई व्यक्ति लंबे ब्रेक पर जाने की मंशा रखता है तो इस अवधि की सफलता का सारा दारोमदार उसके अपने व्यवहार और योजना पर निर्भर करता है। यदि वह सही दिशा में जा रहा है तो उसे सहयोग भी स्वतः ही मिलेगा। जानें ये बातें भी:- निश्चित तिथि और विमर्श:- ब्रेक पर जाने के कई अलग-अलग कारण भी हो सकते हैं। जरूरी यह है कि ब्रेक की शुरुआत एक निश्चित तिथि से हो, जल्दी ही या निकट भविष्य में जैसी अनिश्चितता विकल्प नहीं होती। यदि संभव हो तो अपने ब्रेक को जीवन के किसी महत्वपूर्ण उपलक्ष्य से जोड़ें। ऐसा … Read more

जरा कान की भी सुनिए

आजकल सुनने की क्षमता में कमी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एक शोध कहता है कि 20 से 40 आयु वर्ग के 80 प्रतिशत लोगों में यह समस्या मोबाइल फोन के ज्यादा उपयोग के कारण बढ़ रही है। इसके अलावा भी इस समस्या के अनेक कारण हैं, जो आपके कानों को परेशान करते हैं। आप अपने कानों का कैसे रख सकते हैं ख्याल… विज्ञान के विकास ने हमारी जीवनशैली को काफी बदल दिया है। मोबाइल और गाडियों के बढ़ते उपयोग से ध्वनि प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है और उसी अनुपात में कानों की समस्याएं भी बढ़ी हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कानों की समस्याएं युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत के 20-22 प्रतिशत लोग कान की किसी न किसी बीमारी के शिकार हैं। इनमें कानों में दर्द होना, धीमी आवाजें सुनाई न देना, कान में किसी तरह का दबाव महसूस होना, कान में सूजन आ जाना या कान से तरल पदार्थ का बहना प्रमुख हैं। इसके अलावा कानों की एक गंभीर समस्या और है कि जब बाहर कोई आवाज नहीं है, तब भी आवाज सुनाई देना या कानों में घंटी बजना। ये समस्याएं आपके एक या दोनों कानों में हो सकती हैं। ध्वनि प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव:- ध्वनि प्रदूषण का सबसे अधिक जाना-पहचाना नुकसान है सुनने की क्षमता प्रभावित होना या कुछ निश्चित आवाजों को सुनने में अक्षमता, लेकिन ध्वनि प्रदूषण के कुछ दूसरे प्रभाव भी हैं। -ब्लड प्रेशर, हृदय की धड़कनें और सांस की गति बढ़ जाना -पाचन तंत्र गड़बड़ा जाना -कुछ लोगों में शोर माइग्रेन के ट्रिगर का कार्य करता है -ध्यान केंद्रन की शक्ति कमजोर होना और इम्यून तंत्र का कमजोर हो जाना -शोर घावों के भरने और स्वस्थ होने की गति को भी धीमा कर देता है -शोर तनाव के स्तर को बढ़ाता है -कभी-कभी अत्यधिक तेज ध्वनि या वायु दाब में परिवर्तन से कान का पर्दा फट जाता है -अधिक शोर वाले स्थानों में रहने वाले लोगों का व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है। ईयरफोन से दूरी जरूरी:- आजकल युवाओं में ईयरफोन या हेडफोन का बड़ा क्रेज है। इनके लगातार इस्तेमाल से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक तेज ध्वनि सुनने से कान के पर्दे की मोटाई प्रभावित होती है। इससे सुनने की क्षमता प्रभावित होती है और धीमी आवाजें सुनाई नहीं देती हैं। इसके अलावा इससे याददाश्त और बोलने की क्षमता भी प्रभावित होती है। शोधों में यह बात सामने आई है कि यदि कोई व्यक्ति रोज एक घंटे से अधिक 80 डेसीबल्स से तेज वॉल्यूम में संगीत सुनता है तो उसे अगले पांच वर्षों में सुनने में कठिनाई हो सकती है या स्थाई रूप से बहरा हो सकता है। कान के पर्दे में छेद होना:- जानलेवा घटना जैसे विस्फोट या वाहन चलाते समय कोई दुर्घटना घटित होने से कान में अचानक तेज दर्द हो तो हो सकता है कि कान के पर्दे में छेद हो गया हो। अगर दुर्घटना के समय तेज दर्द हो और फिर सुनाई पड़ना बंद हो जाए तो समझिए की कान के मध्य भाग को नुकसान पहुंचा है। अगर कान के पर्दे में छोटा छेद है तो वह खुद ही भर जाता है, लेकिन अगर बड़ा छेद हो जाए तो सर्जरी की आवश्यकता होती है। स्विमिंग से संक्रमण:- देर तक पानी में रहने से कानों में पानी चला जाता है। इससे कानों में दर्द होना या तरल पदार्थ बहने की समस्या हो सकती है। बचाव के लिए ईयर प्लग का इस्तेमाल करें। हवाई यात्रा में बरतें सावधानी:- हवाई यात्रा के दौरान अक्सर लोगों को कान में दर्द की शिकायत होती है। यह समस्या प्लेन के लैंडिंग करते समय अधिक होती है। बचाव के लिए ईयर प्लग का इस्तेमाल करें। च्यूइंगम चबा कर भी बच सकते हैं। सावधानी से करें सफाई:- कान से मैल अपने आप न निकल पाने के कारण अंदर जमा होने लगता है। इस पर तेल, धूल, धुआं, कचरा आदि लगने के कारण यह कड़ा हो जाता है, जिसे निकालना बेहद जरूरी होता है। कुछ दवाओं की मदद से मैल को मुलायम करके उसे निकाला जाता है। शोर-शराबे से रहें दूर:- मशीनों, फैक्ट्रियों और खासतौर पर ऑटोमोबाइल से निकलने वाले शोर के कारण वातावरण में ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इस शोर-शराबे का हमारे स्वास्थ्य पर दो तरह से प्रभाव होता है। प्राथमिक स्तर पर इससे हमारी सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। दूसरे स्तर पर एंग्जाइटी और अनिद्रा की समस्या होती है। 20-40 वर्ष की आयु वर्ग के 80 प्रतिशत लोगों में सुनने की समस्या अत्यधिक मोबाइल फोन का उपयोग करने से होती है। हालांकि अभी इसका कोई डॉंक्टरी आधार नहीं है, लेकिन कई शोधों में मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशंस को इसका सबसे प्रमुख कारण माना गया है। कानों को स्वस्थ रखने के टिप्स:- -अपने कानों को अत्यधिक सावधानी से साफ करें। कान में कोई नुकीली चीज न डालें। इससे ईयर कनैल या ईयरड्रम क्षतिग्रत हो सकता है। -ईयर वैक्स स्वयं ही कान की सफाई करता है। अगर यह अधिक मात्रा में एकत्र हो जाए और सुनने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। -कान के संक्रमण से बचने के लिए गले और नाक के संक्रमण को गंभीरता से लें और तुरंत इलाज कराएं। -कई बीमारियां भी सुनने की क्षमता को प्रभावित करती हैं, इसलिए अगर कोई ऐसा लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। -अगर कानों से मवाद बह रहा है तो इसे गंभीरता से लें और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखाएं। -कई दवाएं भी सुनने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। अगर कानों में घंटी बजे या दूसरी आवाजें आएं तो इसे गंभीरता से लें। -अत्यधिक तेज आवाज में संगीत न सुनें। -बारिश में भी कई बार नमी के कारण कान की नली में संक्रमण हो जाता है, इससे बचने के लिए कान को सूखा रखें। -कान का मैल साफ करने के लिए नुकीली चीजों या ईयर बड का उपयोग न करें। -नहाने के तुरंत बाद कानों को अच्छी तरह साफ करके सुखाना चाहिए। -कान में कभी कोई तेल न डालें।  

बर्तन में छुपा सेहत का खजाना

सेहतमंद खाना पकाने के लिए आप तेल-मसालों पर तो पूरा ध्यान देती हैं, पर क्या आप खाना पकाने के लिए बर्तनों के चुनाव पर भी ध्यान देती हैं? अगर आपका जवाब न है तो आज से ही इस बात पर भी ध्यान देना शुरू कर दें। बर्तन कैसे आपको सेहतमंद बना सकते हैं… खाना पौष्टिक और सेहतमंद हो इसके लिए हम न जाने कितने जतन करते हैं। कम तेल इस्तेमाल से लेकर सब्जियों और दालों को सफाई से धोना, आटा साफ हाथ से गुनना, घर और किचन में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना, भोजन की गुणवत्ता, ताजापन, सही मसालों का उपयोग और भी बहुत कुछ हमारी आदत में शुमार हो चुका है। लेकिन एक अहम चीज हम अकसर भूल जाते हैं और वह है हमारे बर्तन। जी हां, भोजन की पौष्टिकता में यह बात भी मायने रखती है कि आखिर उन्हें किस बर्तन में बनाया जा रहा है। आपको शायद मालूम न हो, लेकिन आप जिस धातु के बर्तन में खाना पकाते हैं उसके गुण भोजन में स्वतः ही आ जाते हैं। डाइटीशियन ईशी खोसला के मुताबिक भोजन पकाते समय बर्तनों का मैटीरियल भी खाने के साथ मिक्स हो जाता है। एल्यूमीनियम, तांबा, लोहा, स्टेनलेस स्टील और टेफलोन बर्तन में इस्तेमाल होने वाली आम सामग्री हैं। बेहतर है कि आप अपने घर के लिए कुकिंग मटेरियल चुनते समय कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखें और इसके लिए आपको उन बर्तनों के फायदे नुकसान के बारे में जानकारी होना जरूरी है। कास्ट लोहे के बर्तन:- देखने और उठाने में भारी, महंगे और आसानी से न घिसने वाले ये बर्तन खाना पकाने के लिए सबसे सही पात्र माने जाते हैं। शोधकर्ताओं की माने तो लोहे के बर्तन में खाना बनाने से भोजन में आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व बढ़ जाते है। एल्यूमीनियम के बर्तन:- एल्यूमीनियम के बर्तन हल्के, मजबूत और गुड हीट कंडक्टर होते हैं। साथ ही इनकी कीमत भी ज्यादा नहीं होती। भारतीय रसोई में एल्यूमीनियम के बर्तन सबसे ज्यादा होते हैं। कुकर से लेकर कड़ाहियां आमतौर पर एल्यूमीनियम की ही बनी होती हैं। एल्यूमीनियम बहुत ही मुलायम और प्रतिक्रियाशील धातु होता है। इसलिए नमक या अम्लीय तत्वों के संपर्क में आते ही उसमें घुलने लगता है। खासकर टमाटर उबालने, इमली, सिरका या किसी अम्लीय भोजन के बनाने जैसे कि सांभर आदि के मामले में यह ज्यादा होता है। इससे खाने का स्वाद भी प्रभावित होता है। खाने में एल्यूमीनियम होना गंभीर चिंता का विषय है। यह खाने से आयरन और कैल्शियम तत्वों को सोख लेता है। यानी यदि पेट में गया तो शरीर से आयरन और कैल्शियम सोखना शुरू कर देता है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। कुछ अल्जाइमर (याद्दाश्त की बीमारी) के मामलों में मस्तिष्क के उत्तकों में भी एल्यूमीनियम के अर्क पाए गए हैं। जिससे यह तो स्पष्ट है कि एल्यूमीनियम के तत्व मानसिक बीमारियों के संभावित कारण भी हो सकते हैं। शरीर में एल्यूमीनियम की मात्रा अधिक हो जाए, तो टीबी और किडनी फेल होने का सबब बन सकता है। यह हमारे लिवर और नर्वस सिस्टम के लिए भी फायदेमंद नहीं होता। शोधकर्ताओं की मानें तो एल्यूमीनियम के बर्तन में चाय, टमाटर प्यूरी, सांभर और चटनी आदि बनाने से बचना चाहिए। इन बर्तनों में खाना जितनी देर तक रहेगा, उसके रसायन भोजन में उतने ही ज्यादा घुलेंगे। तांबा और पीतल के बर्तन:- कॉपर और पीतल के बर्तन हीट के गुड कंडक्टर होते हैं। इनका इस्तेमाल पुराने जमाने में ज्यादा होता था। ये एसिड और सॉल्ट के साथ प्रक्रिया करते हैं। नेशनल इंस्टीटय़ूट आफ हेल्थ के अनुसार खाने में मौजूद ऑर्गेनिक एसिड, बर्तनों के साथ प्रतिक्रिया करके ज्यादा कॉपर पैदा कर सकता है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। इससे फूड प्वॉयजनिंग भी हो सकती है। इसलिए इनकी टिन से कोटिंग जरूरी है। जिसे कलई भी कहते हैं। स्टेनलेस स्टील बर्तन:- स्टेनलेस स्टील के बर्तन अच्छे, सुरक्षित और किफायती विकल्प हैं। इन्हें साफ करना भी बहुत आसान है। स्टेनलेस स्टील एक मिश्रित धातु है, जो लोहे में कार्बन, क्रोमियम और निकल मिलाकर बनाई जाती है। इस धातु में न तो लोहे की तरह जंग लगता है और न ही पीतल की तरह यह अम्ल आदि से प्रतिक्रिया करती है। इसकी सिर्फ एक कमी है कि इससे बने बर्तन जल्द गर्म हो जाते हैं। इसलिए इन्हें खरीदते वक्त ऐसे बर्तन चुनें जिनके नीचे कॉपर की लेयर लगी हो। लेकिन इसे साफ करते समय सावधानी बरती जानी चाहिए क्योंकि इसकी सतह पर खरोंच आने से क्रोमियम और निकल निकलता है। नॉन-स्टिक बर्तन:- नॉन-स्टिक बर्तनों की सबसे खास बात यह है कि इनमें तेल की बहुत कम मात्रा या न डालो तो भी खाना पढिया पकता है। नॉन-स्टिकी होने की वजह से इनमें खाना चिपकता भी नहीं। लेकिन नॉन-स्टिक बर्तनों को बहुत ज्यादा गर्म करने या इनकी सतह पर खरोंच आने से कुछ खतरनाक रसायन निकलते हैं। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा इन बर्तनों को बहुत ज्यादा गर्म करने या जलते गैस पर छोड़ने की सलाह नहीं देते हैं।  

पुराने डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम में सपोर्ट करना कर देगा बंद

नई दिल्ली वाट्सऐप अक्सर पुराने डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम को एक समय के बाद सपोर्ट करना बंद कर देता है. ऐसा इसलिए ताकि नए फीचर्स, एडवांस आर्किटेक्चर और सिक्योरिटी फीचर के साथ प्लेटफॉर्म को डेवलप किया जा सके. वॉट्सऐप अपने कस्टमर्स की सुविधा के लिए हर किसी ना किसी अपडेट पर काम करता ही रहता है. एडवांस फीचर्स और सिक्योरिटी कंसर्न के चलते अब वाट्सऐप साल 2025 से कुछ पुराने आईफोन मॉडल में सपोर्ट बंद करने वाला है. वॉट्सऐप ने पुराने iOS वर्जन को यूज करने वाले यूजर्स को सपोर्ट बंद करने का नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया है. जिन आईफोन में पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है, उसमें आने वाले साल में वाट्सऐप का सपोर्ट बंद हो जाएगा. लिस्ट में ये फोन हैं शामिल अगर हम बात करें कि आखिर वो कौन से आईफोन मॉडल्स हैं जिनमें वॉट्सऐप सपोर्ट बंद हो जाएगा तो उस लिस्ट में ये फोन शामिल हैं. नोटिफिकेशन के हिसाब से, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप आईओएस 15 से पहले के वर्जन के लिए सपोर्ट बंद कर देगा. इसका मतलब है कि जिन लोगों के पास आईओएस 15 या उससे पुराने वर्जन के आईफोन मॉडल है तो वो वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. ध्यान दें कि ये लोग इस साल तो वॉट्सऐप को चला सकते हैं लेकिन आने वाले साल 5 मई, 2025 के बाद ये सपोर्ट बंद हो जाएगा. 5 मई से छिन जाएगा वॉट्सऐप वॉट्सऐप केवल आईओएस 12 या इससे नए वर्जन को सपोर्ट करता है. लेकिन अगले साल 5 मई से प्लेटफॉर्म केवल आईओएस 15.1 या इससे नए वर्जन वाले आईफोन को ही सपोर्ट करेगा. क्या कर सकते हैं? वैसे तो पुराने सॉफ्टवेयर वाले आईफोन मॉडल्स का कुछ नहीं किया जा सकता है, लेकिन अगर आपका फोन को सॉफ्टवेयर अपेडट मिली हुई है तो आप उसे अपडेट जरूर करें. इसे आप ऐसे समझें- अगर आपका फोन iOS 15.1 को सपोर्ट करता है और अब भी आप पुराने iOS 15 या उससे पुराने वर्जन को यूज कर रहे हैं, तो इसे तुरंत अपडेट कर लें. ये करने के बाद आप 5 मई 2025 के बाद भी वॉट्सऐप की सर्विसेज यूज कर सकेंगे.  

चेहरे से दाग-धब्बे और पिंपल्स गायब करेगी ये रेमेडी

हर लड़की चाहती है कि उसके चेहरे से दाग-धब्बे और पिंपल्स गायब हो जाएं और त्वचा बहुत ही साफ और खूबसूरत हो जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, बल्कि आप अपने घर पर ही मौजूद कुछ चीजों से हर तरह की स्किन प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों घरेलु नुस्खों को बनाने का तरीका कई उपायों को आजमाने के बाद इन दो आसान और नेचुरल DIY मास्क ने मेरी स्किन के लिए बेहतरीन काम किया है। दोनों ही उन सामग्रियों से बने हैं जो आप अपनी रसोई में मिल सकते हैं और मुंहासों को शांत करने, लालिमा को कम करने और निशानों को कम करने के लिए बिल्कुल सही हैं। एलोवेरा को चम्मच से घिसकर बनाया फेस मास्क पहली रेमेडी एलोवेरा की है जिसे बनाना तो आसान है ही साथ ही इस्तेमाल करना भी आसान है। वहीं अगर हम फायदों की बात करें तो ये आपके चेहरे से दाग-धब्बों और एक्ने की समस्या को कम करने में मदद करेगी। इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत है-     एलोवेरा जेल- 2 चम्मच     चावल का आटा- 1 चम्मच ऐसे तैयार करें फेस पैक     सबसे पहले सिमोन ने एलोवेरा का एक पत्ता लिया है और उसे चम्मच की मदद से घिस कर जेल निकाला है।     आप भी इसी तरह फ्रेश एलोवेरा जेल बना लें। अगर आपके घर में एलोवेरा का पौधा नहीं है तो मार्केट से एलोवेरा जेल खरीद लें।     इसके बाद 2 चम्मच एलोवेरा में 1 चम्मच चावल का आटा डालकर अच्छे से फेंट लें और फिर चेहरे पर लगा लें।     फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ दें और जब समय पूरा हो जाए तो नॉर्मल पानी से फेस वॉश कर लें।     ये नुस्खा आपके चेहरे से एक्ने को दूर करने का काम करेगा और स्किन को क्लीयर बनाएगा।​ पीसी हुए असली से बनाएं फेस मास्क वैसे तो अलसी के बीजों का इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है, लेकिन हाल ही में इसे चेहरे पर लगाने का ट्रेंड बढ़ा है और तरह-तरह के फेस पैक और मास्क की रेमेडी पॉपुलर हुई हैं। सिमोन कथुरिया ने भी फ्लैक्स सीड्स से फेस पैक बनाने का तरीका बताया है, जिसके लिए इन चीजों की जरूरत है-     पानी- 1 गिलास     अलसी के बीज- 2-3 चम्मच     चावल का आटा- 2 चम्मच     दही- 1 चम्मच ऐसे तैयार करें अलसी फेस पैक     सबसे पहले आप एक पैन लें और उसमें पानी डालकर हल्की आंच में उबाल लें।     अब अलसी के बीज को मिक्सी में पीसकर पाउडर तैयार कर लें और फिर इसे पानी में डाल दें।     इसे अच्छे से पकाने के बाद पैन में चावल का आटा मिक्स कर लें और इसे तब तक पकाए जब तक की गायब हो जाए।     जब पेस्ट गाढ़ा हो जाए तो इसे एक कटोरी में डाल दें और ठंडा होने के लिए रख दें।     पेस्ट में एक चम्मच दही डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। लीजिए तैयार है आपके चेहरे से एक्ने दूर भगाने वाला फेस मास्क।     अब आप इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद नॉर्मल पानी से फेस वॉश कर लें।​

ये 3 सेटिंग करें ऑन नहीं होगा डेटा लीक

नई दिल्ली जब भी नया फोन लेते हैं तो उसमें पुराने फोन का डेटा डाल लेते हैं. लेकिन डेटा ट्रांसफर करने के प्रोसेस में एक टेंशन हमेशा रहती है कि कहीं डेटा लीक तो नहीं हो जाएगा? इस प्रोसेस में थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन की मदद ली जाती है जिसमें डेटा लीक के चांस हमेशा बने रहते हैं. ऐसे में हम आपको 3 ऐसी सेटिंग के बारे में बताएंग जिन्हें फॉलो करके डेटा लीक के चांस कम हो जाते हैं. इससे आपका पर्सनल डेटा भी सेफ रहता है और आपका काम भी हो जाता है. इसमें नए फोन में फाइल, फोटो, वीडियो शेयरिंग से लेकर नए ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने और सिस्टम अपडेट करने से पहले की सेटिंग बताई गई हैं. इन सेटिंग को पहले ही करले ताकि आप डेटा लीक की टेंशन से बच जाएं. ये तीन सेटिंग हैं जरूरी इसके लिए जब भी कोई फाइल, फोटो या वीडियो शेयर या रिसीव करें तो क्विक शेयर में जाना है, इसमें बाई डिफॉल्ट कॉन्टैक्ट्स सलेक्ट होता है, इसे हटाकर योर डिवाइस का ऑप्शन सलेक्ट करें. अगर कोई फाइल रिसीव करनी है तो एव्रीवन पर टिक करें. नए फोन में ऐप इंस्टॉल करने से पहले करें सेटिंग अब नया फोन लिया है तो उसमें ऐप्स की भी जरूरत पड़ेगी, तो नए ऐप्स इंस्टॉल कपने से पहले सेटिंग में जाएं. सेटिंग में सर्चबार में अननोन लिख कर सर्च करें, अननोन पर क्लिक करने के बाद नीचे स्क्रॉल करें और इंस्टॉल अननोन ऐप्स पर जाएं. यहां पर लिस्ट में आपको क्रोम, ड्राइव, फाइल्स, जीमेल और वॉट्सऐप शो होंगे इन सब को नॉट अलाउड करें. टाइम टू टाइम सिस्टम अपडेट ऊपर बताए गए स्टेप्स के बाद आपका फोन सेटअप हो जाएगा. आखिरी में आपको फोन की सेटिंग में जाना है और अपडेट लिख कर सर्च करना है. आपके सामने सिस्टम अपडेट का ऑप्शन दिख जाएगा इस पर क्लिक करें. इससे टाइम टू टाइम सिस्टम अपेडट होता रहेगा.  

जानिए अक्सर क्यों महसूस होती है उदासी और डिप्रेशन

ज्यादातर लोगों को अक्सर डिप्रेशन या उदासी महसूस होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं ऐसा महसूस होने की वजह। कई बार बेवजह उदासी और डिप्रेशन महसूस हो सकता है। जब भी किसी व्यक्ति को ये भावना आती है तो कई तरह की चीजें आपको महसूस हो सकती हैं। इस स्थिति में अपसेट रहने के साथ-साथ भूख में कमी और थकान भी हो सकती है। जब भी कभी ऐसा महसूस होता है तो सबसे पहले यही बात ध्यान में आती है कि आखिए ऐसा क्यों महसूस हो रहा है। अगर आपको भी अक्सर उदास और डिप्रेस महसूस होता है तो जानिए आखिर ऐसा होने की वजह। नींद की कमी अच्छा महसूस करने के लिए नींद जरूरी है और नींद की कमी से चिंता, हताशा और गुस्से की भावनाओं का अनुभव हो सकता है। लगातार नींद की कमी दिमाग की एक्टिविटीज को बदल सकता है। जिसकी वजह से फीलिंग्स को नियंत्रित करने और समस्याओं से निपटना मुश्किल हो सकता है। ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव गलत खान-पान और मीठे या पैकेज खाने को खाने से ज्यादा कैलोरी के कारण अस्थिर ब्लड शुगर का लेवल मूड को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मिक्स कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट वाले बेलेंस खाने और स्नैक्स को खाना चाहिए। ऐसा करे आप ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही एनर्जी लेवल को नुकसान पहुंचाने से रोकता है। जिससे चिड़चिड़ापन, खराब मूड और यहां तक ​​कि डिप्रेशन की फीलिंग हो सकती है। मौसमी बदलाव जैसे-जैसे दिन छोटे होते जाते हैं, तापमान गिरता जाता है और ठंड हो जाती है तो मौसम में बदलाव से उदासी, चिड़चिड़ापन और सुस्ती की भावनाएं हो सकती हैं। बदलते मौसम में इस तरह का डिप्रेशन महसूस हो सकता है, जो सर्दी के मौसम में अक्सर लोगों को महसूस हो सकता है। फैमिली और सोशल वातावरण कुछ लोगों के लिए निगेटिव, तनावपूर्ण या दुखी पारिवारिक जीवन डिप्रेशन का कारण बन सकता है। अपनों के साथ खाना शेयर करना, समय बिताना, पॉजिटिव रिलेशन रखने की प्रेक्टिस करने से जुड़ाव और भावनात्मक संतुष्टि की भावना महसूस हो सकती है।

Apple का नया OS Update आने के बाद यूजर्स को आ रही बैटरी की शिकायत

नई दिल्ली Apple का नया OS Update आने के बाद कई फैसले लिए जा रहे हैं। iOS 18 अपडेट के बाद बैटरी-ड्रेनिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। iPhone 16 और iPhone 16 Pro यूजर्स को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें बैटरी लाइफ कम मिल रही है। इसको लेकर ऑनलाइन शिकायत आ रही है। iPhone 16 यूजर्स के साथ बैटरी ड्रेन की समस्या आ रही है। iOS 18 अपडेट करने के बाद ये समस्या देखी जा रही है। Beta फेज़ में ये समस्या देखी गई है। सॉफ्टवेयर के पब्लिक रिलीज के बाद ऐसा देखा गया है। कम यूज़ के बाद भी कमजोरी हो रही बैटरी यूजर्स ने देखा कि यूजर्स को बैटरी की समस्या हो रही है। कई मौकों पर देखा गया कि कम यूज के बाद भी बैटरी तेजी से कम हो रही है। Reddit पर लोगों ने इस समस्या की शिकायत की है। एक यूजर ने बताया, ’45 मिनट से कम स्क्रीन टाइम और ढाई घंटे म्यूजिक सुनने के बाद बैटरी 68 प्रतिशत तक नीचे गिर गई।’ एक अन्य यूजर का कहना है, ‘iPhone 14 के मुकाबले iPhone 16 की बैटरी तेजी से गिर रही है। इस दौरान iPhone 14 की बैटरी 78 प्रतिशत थी जबकि iPhone 16 की कम होकर 45 प्रतिशत हो गई है।’ हर कोई इस समस्या का सामना नहीं कर रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि उनका स्मार्टफोन ठीक काम कर रहा है और अच्छे तरीके से चल रहा है। इन यूजर्स को कहना है कि iOS 18.1 beta अपडेट करने के बाद उन्हें कोई समस्या नहीं हो रही है। बैटरी ड्रेन एक नॉर्मल समस्या है जो यूजर्स फेस कर रहे हैं। ऐपल की तरफ से पहले भी इन समस्याओं का निपटारा किया गया है। कंपनी का कहना है कि वह इस समस्या से निपटने के लिए काम कर रही है। परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए नया अपडेट जारी किया जा सकता है। कैसे करें बैटरी चेक iPhone में Battery Health चेक करने का ऑप्शन भी दिया जाता है। इसमें आप ये देख सकते हैं कि फोन की बैटरी हेल्थ कितनी है। आपको सबसे पहले सेटिंग्स में जाना होता है। उसके बाद आपको बैटरी का ऑप्शन नजर आएगा, इसमें जाने के बाद आपको बैटरी हेल्थ में जाना होगा। यहां जाने के बाद आपको बैटरी हेल्थ नजर आएगी। इसकी मदद से आप iPhone की बैटरी का अंदाजा लगा सकते हैं।

बच्चों से चाहते हैं बुढ़ापे में प्यार और सम्मान तो छोड़ दें ये आदतें

बच्चों की परवरिश में कई बार पैरेंट्स ऐसी गलतियां करते हैं। जिनका पता उन्हें तब होता है जब वो बिल्कुल बूढ़े और असहाय हो जाते हैं। यानि बच्चा जब बड़ा हो जाता है। बच्चे के मन में खुद के लिए हमेशा रिस्पेक्ट और प्यार बनाकर रखना चाहते हैं तो अपनी इन आदतों को आज से ही अलविदा कह दें। जिससे बच्चे बड़े होने के बाद भी आप से प्यार करते रहें और सम्मान दें। ना दें हमेशा लेक्चर काफी सारे पैरेंट्स की आदत होती है कि अपने बच्चों को हर छोटी-बड़ी बात पर लेक्चर देना शुरू कर देते हैं। बच्चों को कभी भी समझने की कोशिश नहीं करते और ना ही बच्चों की बातों को समझना जरूरी समझते हैं। पैरेंट्स की ऐसी हरकतें बच्चों के मन पर बुरा असर डालती हैं और वो पैरेंट्स से हमेशा दूरी बनाकर रखते हैं। जिससे बुढ़ापे में भी उनका साथ नहीं देते। खुद की गलती को ना मानना पैरेंट्स भी इंसान होते हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। लेकिन अपने बच्चों के सामने अगर आप कभी भी अपनी गलती को एक्सेप्ट नहीं करते। अगर आप बच्चों के सामने अपनी गलती को एक्सेप्ट करते हैं तो इससे बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए प्यार और सम्मान का अलग लेवल देखने को मिलता है। दूसरों के साथ कंपेयर पैरेंटिंग में ये बात हमेशा सिखाई जाती है कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चे फिर चाहे खुद के हो या फिर पड़ोसी के, कभी ना करें। हर बच्चा यूनिक होता है और उसके पास अलग खूबी होती है। बच्चे की तुलना दूसरे से करना ना केवल कॉन्फिडेंस लेवल को हिला देता है बल्कि इससे बच्चे पैरेंट्स के प्रति निगेटिव सोचना शुरू कर देते हैं। रूल्स ना तोड़े बच्चों के लिए रूल्स तो सभी बनाते हैं लेकिन उन रूल्स को फॉलो करवाना टास्क होता है। अपने बच्चों से सेट बाउंड्री के आगे बढ़ना और रूल्स ना तोड़ने का एक्जाम्पल सेट करें। जिससे वो अपने रूल्स को फॉलो करने के लिए ज्यादा सीरियस हों। आपकी ये कुछ आदतें बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए रिस्पेक्ट लाती हैं। बच्चों से जो कहें वो खुद भी करें अगर आप बच्चों को अच्छी बातें, आदतें सिखा रहे हैं तो उन्हें वो करके दिखाएं। बच्चे वहीं सीखते हैं जो पैरेंट्स को करते देखते हैं। अगर आप खुद हेल्दी फूड नहीं खाते और एक्सरसाइज नहीं करते तो बच्चे को हेल्दी रहने के लिए नहीं बोल पाएंगे। ठीक यहीं बात लाइफ के रूल्स पर भी लागू होती है। बच्चों से रिस्पेक्ट चाहिए तो केवल बोलें नहीं बल्कि करके दिखाएं।

जल्द भारत में लॉन्च होगा वनप्लस का नया स्मार्टफोन OnePlus 13R

नई दिल्ली वनप्लस का नया स्मार्टफोन OnePlus 13R जल्द भारत में लॉन्च हो सकता है। यह अपकमिंग स्मार्टफोन OnePlus 12R का अपडेटेड मॉडल होगा, जिसे इस साल भारत में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि फोन को कब लॉन्च किया जाएगा? इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। फोन को लॉन्च से पहले कई बेंचमार्क वेबसाइट पर स्पॉट किया गया है। कंपनी ने फ्लैगशिप OnePlus 13 स्मार्टफोन को पहले ही चीन में लॉन्च कर दिया गया है। हैंडसेट को ग्लोबल मार्केट में अपकमिंग माह में पेश किया जा सकता है। OnePlus 13R के संभावित स्पेसिफिकेशन्स वनप्लस के नए हैंडसेट को मॉडल नंबर OnePlus CPH2645 के साथ लिस्ट किया गया है। स्मार्टफोन को भारत में वनप्लस 13R के नाम से पेश किया जा सकता है। हालांकि फोन के नाम को लेकर कोई कंफर्मेशन मौजूद नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में दो स्मार्टफोन को लॉन्च किया जा सकता है। इसमें एक फ्लैगशिप और दूसरा अफोर्डेबल मॉडल हो सकता है। अगर स्पेसिफिकेशन्स की बात करें, तो OnePlus 13R स्मार्टफोन को Snapdragon 8 Gen 3 चिपसेट के साथ पेश किया जा सकता है। यह वही चिपसेट है, जिसे मौजूदा वक्त में OnePlus 12 मॉडल में दिया जा रहा है। 12 जीबी रैम सपोर्ट के साथ आएगा फोन Geekbench लिस्टिंग के मुताबिक OnePlus 13R स्मार्टफोन में 12GB रैम सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन को एंड्रॉइड 15 सपोर्ट OxygenOS 15 स्किन सपोर्ट दिया जा सकता है। अगर परफॉर्मेंस की बात की जाए, तो OnePlus 13R स्मार्टफोन सिंगल-कोर टेस्ट में 2,238 प्वाइंट और मल्टीकोर टेस्ट में 6,761 प्वाइंट स्कोर दिया जा सकता है। OnePlus 12R के स्पेसिफिकेशन्स OnePlus 12R स्मार्टफोन में 6.78 इंच की डिस्प्ले दी गई है। फोन 2780×1264 पिक्सल रेजोल्यूशन के साथ आता है। अगर प्रोसेसर की बात करें, तो फोन में स्नैपड्रैगन 8 जेन 2 चिपसेट दिया गया है। फोन में 16MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। साथ ही फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 50MP का होगा। साथ ही 8MP और 2MP कैमरा सेंसर मिलता है। फोन 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज दिया गया है। फोन में पावर बैकअप के लिए 5500mAh बैटरी दी गई है। फोन एंड्रॉइड 14 बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट बन सकते हैं आप, अच्छे है करियर स्कोप

दुनिया में शायद ही ऐसी कोई महिला हो जो बिना मेकअप के घर से बाहर जाना पसंद करती हो, फिर चाहे बात ऑफिस की हो, गेट टू गेदर या फिर किसी पार्टी की। इतना ही नहीं, टेलीविजन से लेकर फिल्म इंडस्ट्री, एड वर्ल्ड व फैशन इंडस्ट्री में भी बिना मेकअप के आपको कोई चेहरा नजर नहीं आता। जहां पिछले कुछ समय तक सिर्फ महिलाएं ही मेकअप किया करती थीं, वहीं अब पुरूष भी मेकअप करने में पीछे नहीं हैं। इन सभी स्टार्स को खूबसूरत बनाने का काम करते हैं मेकअप आर्टिस्ट। मेकअप आर्टिस्ट ही वह व्यक्ति होता है जो किसी भी आर्टिस्ट को उसके किरदार में ढालने में एक अहम भूमिका निभाता है। अगर आप भी खुद को और दूसरों को खूबसूरत बनाने में रूचि रखते हैं तो बतौर मेकअप आर्टिस्ट अपना भविष्य देख सकते हैं… कार्यक्षेत्र एक मेकअप आर्टिस्ट का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत होता है। अगर आप समझते हैं कि मेकअप आर्टिस्ट का काम सिर्फ मेकअप करने तक सीमित है तो आप गलत हैं। एक मेकअप आर्टिस्ट के काम की शुरूआत सबसे पहले अपनी क्लाइंट की स्किन को समझने से शुरू होती है ताकि वह उसे सही और बेस्ट सर्विसेज दे सके। इसके बाद आपको क्लाइंट की डिमांड को ध्यान में रखकर उनकी खूबसूरती में इजाफा करना होता है। अगर आप टीवी या फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार का मेकअप कर रहे हैं तो आपको पहले किरदार को ध्यान में रखना होता है। इतना ही नहीं, एक मेकअप आर्टिस्ट को तय समय में अपना काम पूरा करना होता है। जो आर्टिस्ट डेडलाइन्स पूरी नहीं कर पाते, उनसे कोई भी सर्विस लेना पसंद नहीं करता।   स्किल्स इस क्षेत्र में आपका क्रिएटिव माइंड होना बेहद आवश्यक है ताकि आप अपने क्लाइंट की पर्सनैलिटी के अनुरूप मेकअप कर पाएं। हर चेहरा एक जैसा नहीं होता। इतना ही नहीं, जो व्यक्ति क्लाइंट की डिमांड और मौके के हिसाब से परफेक्ट मेकअप कर पाने में सक्षम होता है, उसे इस क्षेत्र में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। साथ ही एक मेकअप आर्टिस्ट को हर स्टाइल और गेटअप के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए आपको लेटेस्ट मेकअप ट्रेंड के बारे में हमेशा रिसर्च करती रहनी चाहिए। साथ ही मेकअप को लेकर हो रहे प्रयोगों पर भी आपको पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि आप अपने काम में भी उसे शामिल कर सकें। इतना ही नहीं, उसे अपने टूल्स, प्रॉडक्टस व उन्हें इस्तेमाल करने के बारे में भी सही तरह से पता होना चाहिए। एक मेकअप आर्टिस्ट को पब्लिक डील भी करना होता है, इसलिए आपका कम्यूनिकेशन लेवल भी बढ़िया होना चाहिए। आपकी रचनात्मकता के साथ−साथ आपके कम्युनिकेशन स्किल आपको आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं आपको लंबे समय तक बिना थके काम करना, धैर्य व टीम के साथ काम करना भी आना चाहिए।   योग्यता इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए आपको मेकअप की बारीकियों के बारे में पता होना चाहिए। जिसके लिए आप इस विषय में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपका दसवीं या बारहवीं पास होना ही पर्याप्त है।   यहां मिलेंगे मौके एक मेकअप आर्टिस्ट के पास काम की कभी भी कमी नहीं होती। आप चाहें तो किसी मेकअप स्टूडियो में जॉब कर सकते हैं या फिर खुद का पार्लर भी चला सकते हैं। अगर आप खुद का बिजनेस शुरू नहीं कर सकते तो बतौर फ्रीलासंर भी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते है। इसके अतिरिक्त टीवी इंडस्ट्री से लेकर फिल्म, एड कंपनियों आदि में संपर्क करके वहां पर भी काम की तलाश कर सकते हैं। इस क्षेत्र में काम और कमाई की कोई सीमा नहीं है, बशर्ते आप अपने काम में माहिर हों।   मिलेगी इतनी आमदनी इस इंडस्ट्री में आपकी आमदनी आपके अनुभव और वर्कप्लेस पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी बड़े कलाकार के पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करते हैं, तो फिर आपकी सैलरी लाखों में हो सकती है। वहीं जो लोग खुद का मेकअप स्टूडियो खोलते हैं, उनकी आमदनी भी उस स्टूडियो के चलने के ऊपर निर्भर करती है। फिर भी अनुभव और लोगों की तारीफ बटोरने के बाद आप इस क्षेत्र में काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं।   प्रमुख संस्थान पर्ल अकादमी, विभिन्न केन्द्र लैक्मे ट्रेनिंग अकादमी, दिल्ली ओरेन ब्यूटी अकादमी, विभिन्न केन्द्र ऑरा ब्यूटी अकादमी, पंजाब हेजल इंटरनेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ब्यूटी एंड वेलनेस, पंजाब  

वॉट्सऐप की तरफ से जल्द आ रहा QR कोड स्कैनर फीचर

नई दिल्ली वॉट्सऐप की तरफ से एक नए फीचर की टेस्टिंग की जा रही है। यह एक क्यूआर कोड बेस्ड फीचर है, जिसे स्कैन करके सीधे किसी चैनल को देखा जा सकेगा। साथ ही उसे ज्वाइन किया जा सकेगा। मतलब आपको किसी चैनल को सर्च करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग फेज में है। सीधे ज्वाइन कर पाएंगे वॉट्सऐप चैनल वॉट्सऐप के इस अपकमिंग फीचर की मदद से यूजर आसानी से चैनल सर्च कर पाएंगे। साथ ही नए चैनल को फॉलो कर पाएंगे। मौजूदा वक्त में किसी चैनल को ज्वाइन करने के लिए उसे सर्च करना पड़ता है। बीटा वर्जन में मौजूद है फीचर WABetaInfo की हालिया रिपोर्ट की मानें, तो नया फीचर उन यूजर के लिए उपलब्ध है, जो एंड्रॉइड और आईओएस का लेटेस्ट वॉट्सऐप बीटा वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। कैसे काम करेगा नया फीचर इस नए फीचर में क्यूआर कोड इमेज फॉर्मेट में होगा, जिसे फोन के कैमरे से स्कैन किया जा सकेगा। इसके बाद फोन का कैमरा यूजर को वॉट्सऐप चैनल पर रिडायरेक्ट कर देगा। इसकी मदद से चैनल को देख पाएंगे। साथ ही उसे ज्वाइन भी कर पाएंगे। कैसे एक्सेस कर पाएंगे क्यूआर कोड चैनल क्यूआर कोड चैनल को एक्सेस करने के लिए यूजर को चैनल पर नेविगेट करना होगा। इसके बाद चैनल के टॉप राइट कॉर्नर में थ्री वर्टिकल डॉट बटन दिखेंगे। यहां आपको क्यूआर कोड डिस्प्ले और जनरेट का ऑप्शन दिखेगा, जो आपके लिए चैनल शार्टकट का काम करेगा। इससे पहले तक चैनल को शेयर करना होता था। इसके लिए चैट पर लिंक को कॉपी पेस्ट करना होता था। बिजनेस के लिए होगा फायदेमंद नया क्यूआर कोड बेस्ड फीचर खासतौर पर बिजनेस यूजर के लिए बेहद फायदेमंद रहने वाला है, क्योंकि बिजनेस यूजर यूपीआई क्यूआर कोड की तरह अपने चैलन का क्यूआर कोड लगाकर सीधे चैनल तक एक्सेस हासिल कर लेंगे। इसके लिए क्यूआर कोड को प्रिंट करने लगाना होगा। वॉट्सऐप की ओर से लगातार नए-नए फीचर को यूजर्स की सुविधा के लिए रोलआउट किया जाता है, जिससे रोलआउट करने से पहले बीटा वर्जन में कुछ यूजर्स को उपलब्ध कराकर टेस्ट किया जाता है, जिसके बाद इसे बाकी यूजर के लिए रोलआउट कर दिया जाता है।

अक्टूबर के फेस्टिवल सीजन के दौरान भारत में जमकर हुई UPI पमेंट

नई दिल्ली भारत में अक्टूबर के फेस्टिवल सीजन के दौरान जमकर ऑलाइन पेमेंट किया गया है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ने अक्टूबर 2024 में 10 बिलियन से ज्यादा लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया है। इस माह में पिछले साल के मुकाबले 53 फीसद ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट किया गया है। इसमें कार्ड और मोबाइल वॉलेट से किया जाने वाला पेमेंट शामिल है। अगर अक्टूबर के ओवरऑल यूपीआई पेमेंट की बात करें, तो इस दौरान 16.5 बिलियन लेनदेन हुये हैं। इस डेटा को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI की तरफ से रिलीज किया गया है। दिवाली में बने UPI पेमेंट के नए रिकॉर्ड TOI की रिपोर्ट की मानें, तो 4 नवंबर से 31 दिसंबर 2024 के दिवाली सीजन के दौरान 644 मिलियन लेनदेन किये गये हैं। इस दौरान एक सिंगल दिन में सबसे ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट किया गया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। यूपीआई तेजी से बढ़ने वाला यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म है। इसमें क्रेडिट कार्ड से किये जाने वाले पेमेंट में 35 फीसद का उछाल दर्ज किया गया है। इस साल अक्टूबर में 433 मिलियन लेनदेन किये गये हैं, जो पिछले तक 320 मिलियन हुआ करते थे। यह जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की तरफ से दी गई है। डेबिट कार्ड से पेमेंट में गिरावट हालांकि डेबिट कार्ड से पेमेंट का दौर पुराना हो चुका है। इसके इस्तेमाल में 24 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। डेबिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट 144 मिलियन हो गया है, जो एक साल पहले तक 190 मिलियन हुआ करता था। इस दौरान क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में 35 से 50 फीसद का उछाल दर्ज किया गया है। मतलब आज के वक्त में लोग कैश की बजाय ईएमआई पर तेजी से चीजें खरीद रहे हैं। मोबाइल वॉलेट से पेमेंट में कमी डेबिट कार्ड की तरह ही मोबाइल वॉलेट से पेमेंट में गिरावट दर्ज की गई है। एक साल पहले तक जहां 533 मिलियन मोबाइल वॉलेट पेमेंट हुआ करते थे, जिसमें 17 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में यह आंकड़ा 442 मिलियन रह गया है। इससे पहले साल 2022 से साल 2023 के बीच मोबाइल वॉलेट से पेमेंट में 9.4 फीसद की ग्रोथ दर्ज की गई थी। यह वो वक्त था, जब पेटीएम पेमेंट बैंक पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।

जींस के साथ पहन सकते है ऐसे टॉप्स, कार्डिगन और लम्बे श्रग

आफिस हो या पार्टी सदाबहार जींस हर मौके पर फबती है। लेकिन जींस को सही मैच के टाॅप या कुर्ते के साथ पहनना जरूरी होता है। उसी से आपका लुक निखर कर सामने आता है। क्या आपके लिए भी मुश्किल है ये तय करना कि जींस को कैसे टॉप या कुर्ते से मैच करके पहने तो हम आपके लिए लेकर आएं है कुछ आप्शन जो आपको आपकी जींस के साथ सही मैच करने में मदद करेगें। लम्बे टॉप का कुल लुक: जब भी आप स्किन टच जींस पहनें तो इस पर लम्बे और थोड़े ढ़ीले टॉप चुनें। अगर जींस का रंग गहरा है तो इनपर हल्के या चटख रंग के टॉप चुनें। वहीं टॉप में गले का आकार वी या स्कूप चुनें। कार्डिगन और लम्बे श्रग से पाएं स्टाइल: जींस के साथ लम्बा श्रग अच्छा लगता है। जींस पर छोटा या क्राप टॉप पहनें और ऊपर से श्रग डालें। सर्दी के मौसम में इसे कार्डिगन के साथ भी पहन सकती हैं। जैकैट और ब्लेजर के साथ स्टाइलिश लुक: खासतौर पर सर्दी के मौसम में जींस सबसे सही ऑप्शन होता है। इस पर लैदर की जैकेट पहनकर आप खुद को स्टाइलिश लुक दे सकती हैं। इसके अलावा डेनिम की जैकेट और ब्लेजर भी खूब जंचेगा। कुर्ती के साथ करें मैच: इन दिनों स्लिट या फ्रंट ओपन कुर्तियों का काफी चलन है। जींस के साथ कुर्तियां इंडो-वेस्टर्न लुक देने के साथ-साथ अलग स्टाइल भी देंगी। जींस के साथ आप शॉर्ट कुर्तियां भी पहन सकती हैं। शर्ट के साथ दें फॉर्मल लुक: ऑफिस में जींस को शर्ट के साथ पहनने से फार्मल लुक आता है। आजकल शर्ट अंडर करके पहनने का भी फैशन है। ऐसे लुक पर जुड़ा आपको एकदम प्रोफेशनल दिखाता है।  

कब्ज, एसिडिटी और मल त्याग में दर्द की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है मलासन

आजकल खान-पान की गड़बड़ी, तनाव और लाइफस्टाइल के कारण लोगों में पेट संबंधी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। एक शोध के मुताबिक शहरों में रहने वाले हर 10 में से 6 व्यक्ति को कब्ज की समस्या है। एसिडिटी, अपच, हार्ट बर्न, कब्ज जैसी समस्याओं से आप भी कभी न कभी परेशान होते हैं। कई लोगों को मल त्याग में बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है और घंटों टॉयलेट में बैठे रहने के बाद भी पेट साफ नहीं होता है। इन सभी समस्याओं को मलासन चुटकियों में ठीक करता है। मलासन के अभ्यास से पेट संबंधी सभी बीमारियां दूर होती हैं और मल त्याग के समय आसानी होती है। कैसे करें मलासन: मलासन करने के लिए सबसे पहले अपने घुटनों को मोड़कर मल त्याीग की अवस्थार में बैठ जाएं। बैठने के बाद अपने दोनों हाथों की बगल को दोनों घुटनों पर टीका दें। अब दोनों हाथो की हथेलियों को मिलाकर नमस्कार मुद्रा बनाएं। अब धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें, आपको कुछ देर इसी अवस्था में बैठना है। अब धीरे-धीरे हांथो को खोलते हुए वापस उठ कर खड़े हो जाए। हिप्स के जोड़ों को बनाता है लचीला: मलासन हिप के जोड़ों में लचीलापन बनाये रखने में मदद करता है। यह लचीलापन हम सभी को जन्मब के समय मिलता है, लेकिन उम्र के साथ इसमें कमी आने लगती है। हिप ज्वाइंट्स को इमोशन्स का केंद्र कहा जाता है। इसलिए अगर आपके हिप ज्वाइंट्स मजबूत होंगे, तो आपका अपने इमोशन्स पर कंट्रोल बढ़ेगा। कब्ज के लिए है रामबाण: मलासन से कब्जप सहित पेट की सभी समस्याइओं से निजात पा सकते हैं। पुरानी कब्ज की परेशानी, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए हम दवाओं का सहारा लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए तो आराम मिल जाता है, लेकिन कुछ समय बाद यह समस्यााएं हमें घेर लेती है। लेकिन नियमित मलासन को करने से आप कब्जु की समस्याै से छुटकारा पा सकते हैं। मलासन का अर्थ होता है मल त्याग करते समय जिस आसन में हम बैठते है उसे ही मलासन कहते हैं। मलासन के अन्य लाभ: मलासन को करने से पेट एवं कमर को काफी लाभ होता है। इसे नियमित करने से गैस और कब्ज की परेशानी से छुटकारा मिलता है।कमर, घुटने, मेरुदंड की मांसपेशिया लचीली बनती है। मलासन से घुटनों, जोड़ों, पीठ और पेट का दर्द कम होता है। पेट की चर्बी दूर होती है।  

समाज में रिस्पेक्ट दिलाती हैं ये क्वालिटी, पर्सनैलिटी में जरूर कर लें शामिल

लाइफ में सक्सेज पाने का मतलब केवल अच्छे करियर या पैसे से नहीं लगाया जाता। कई बार समाज में आपकी प्रतिष्ठा, सम्मान से भी लगाया जाता है। जब आप किसी सोशल गैदरिंग में शामिल होते हैं और लोग आपकी तारीफ करते हैं तो भी समझ जाएं कि आप सामाजिक रूप से सफल इंसान है। किसी में अगर ये 5 तरह की क्वालिटी हैं तो वो एक सफल इंसान है और समाज में उसकी लोग रिस्पेक्ट करते हैं। ना हो एकतरफा बात करने की आदत बातचीत के दौरान हमेशा टू वे कम्यूनिकेशन होना चाहिए। अगर आपकी आदत केवल खुद के बारे में सुनने और बोलने की नहीं है बल्कि आप दूसरों के बारे में भी जानने और समझने के उत्सुक रहते हैं तो ये गुड क्वालिटी है। दूसरों की खूबियां देखना अगर आप सामने वाले के अंदर मौजूद खूबियों को देखते हैं, पहचानते हैं और उसे इस बारे में बताकर रिस्पेक्ट देते हैं। तो ये गुड क्वालिटी है जो समाज में आपकी अलग पहचान बनाने में मदद करेगी। सच बोलने के बाद भी दूसरों का दिल नहीं दुखाते अगर आपके अंदर ऐसी क्वालिटी है कि आप किसी के बारे में सच तो बोलते हैं लेकिन सामने वाले की फीलिंग्स का ख्याल करते हैं तो भी ये गुड क्वालिटी है और लोग आपकी रिस्पेक्ट करेंगे। बोलने से पहले सोचते हैं सिचुएशन कैसी भी हो अगर आप बोलने से पहले सोचते हैं और अपने रिएक्शन पर पूरा कंट्रोल रखते हैं तो ये गुड क्वालिटी है। खुद की कमियों को पहचानते हैं अगर आप खुद में मौजूद कमियों को पहचानते हैं और उसको एक्सेप्ट करते हैं। तो ये गुड क्वालिटी है।

हुआवेई ने खुद का नया ऑपरेटिंग सिस्टम HarmonyOS किया लॉन्च

नई दिल्ली चाइनीज टेलिकॉम कंपनी हुआवेई ने खुद का नया ऑपरेटिंग सिस्टम HarmonyOS लॉन्च किया है, जिससे गूगल और ऐपल को जोरदार टक्कर मिलने की उम्मीद है। दरअसल मौजूदा वक्त में दुनिया में बिकने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन Apple बेस्ड iOS और Google बेस्ड एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं। हालांकि चीन की टेक कंपनी Huawei की ओर से नया ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है, जिससे ऐपल और गूगल के दबदबे को कम किया जा जा सकता है। साल 2025 तक चीन की ज्यादातर नई डिवाइस में होगा HarmonyOS ऐसा माना जाता है कि हुआवेई का नया ऑपरेटिंग सिस्टम स्मार्टफोन की दुनिया में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। साथ ही माना जा रहा है कि यह यूएस और चीन के रिश्तों के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है। HarmonyOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर Huawei Mate 70 और Mate X6 फोल्डेबल स्मार्टफोन और नए MatePad Pro टैबलेट को लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी के सीईओ रिचर्ज यू ने कहा है कि यह अभी शुरुआत है। उन्होंने दावा किया है कि हुआवेई की सभी डिवाइस 2025 तक HarmonyOS Next ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। हुआवेई स्मार्टफोन कंपनी ने बनाया खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम बता दें कि अमेरिका की तरफ से लगातार हुआवेई पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। अभी तक हुआवेई की मजबूरी रही है कि उसे अमेरिकी बेस्ड कंपनी गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर बेस्ड स्मार्टफोन बनाना होता था। ऐसे में हुआवेई पूरी तरह से अमेरिकी तकनीक से स्वतंत्र होना चाहती थी। यही वजह है कि चाइनीज कंपनी हुआवेई ने खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया है, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके। वैसे तो हुआवेई ने गूगल एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम से साल 2019 से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। हुआवेई लॉन्च कर रही इनोवेटिव स्मार्टफोन हुआवेई की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी तेजी से काम कर रही है। इसमें फोटो एडिटिंग टूल जैसे फीचर्स शामिल हैं। हुआवेई ने अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद बीते कुछ साल में चाइनीज स्मार्टफोन मार्केट में तेज ग्रोथ दर्ज की है। साथ ही कई इनोवेटिव स्मार्टफोन को पेश किया है। हुआवेई की ओर से ट्रिपल फोल्डेबल स्मार्टफोन को लॉन्च किया गया है।

जानिए कॉफी कैसे रखे आपको रोगों से दूर

एक नई रिसर्च का कहना है कि प्रतिदिन तीन कप कॉफी पीने से कुछ बीमारियों के कारण समयपूर्व मौत का खतरा कम हो सकता है। हावर्ड युनिवर्सिटी के टीएच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के अध्ययन में पता चला है कि कैफीन युक्त या कैफीन रहित दोनों तरह की कॉफी पीने के कई फायदे हैं। इससे होने वाले फायदों में दिल के रोगों, मस्तिष्क संबंधी रोगों और टाइप टू डायबिटीज से रक्षा शामिल है। इतना ही नहीं इस नए शोध में यह बात भी कही गई है कि कॉफी के इतनी मात्रा में सेवन से आत्महत्या का खतरा भी कम हो सकता है। हर चार साल पर जांच के साथ 30 साल तक चला शोध इस शोध से जुड़े मिंग डिंग ने बताया कि कॉफी में मौजूद बायोएक्टिव यौगिक इंसुलिन प्रतिरोध और प्रणालीगत सूजन को कम करते हैं। कॉफी पीने के प्रभाव को स्वीकृत भोजन पर आधरित प्रश्नों की सूची के आधार पर हर चार वर्ष के अंतराल में 30 वर्षों की अवधि तक जांचा गया है। इस जांच में प्रमाणित हुआ कि संयत कॉफी सेवन से दिल के रोगों, पर्किंसन्स जैसे मस्तिष्क संबंधी रोगों, टाइप टू डायबिटीज सहित आत्महत्या से मौत का खतरा कम हो सकता है। जाने कॉफी के फायदे… -कुछ लोग सोचते हैं कि कॉफी पीने से बच्चों का विकास रुक जाता है। जबकि हकीकत में शोधों में इस बात को खारिज किया जा चुका है कि कॉफी की वजह से बच्चों का वजन या लंबाई नहीं बढ़ती है। -रोजाना कॉफी पीने से सेहत खराब होती है, जबकि इसके उलट हर दिन कॉफी पीना आपको तरोताजा रखने में मदद देता है और आपकी सेहत भी अच्छी रहती है। -अगर रोजाना दो से चार कप कॉफी पी जाए तो ऐसे लोगों में स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। जबकि जो लोग बिल्कुल भी कॉफी नहीं पीते, उनमें यह खतरा बरकरार रहता है। -काफी पीने से लिवर कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। स्तन कैंसर और फेफड़ों के कैंसर में थोड़ी मात्रा में कॉफी पीना मददगार साबित हो सकता है।   -पार्किंसन और अल्जाइमर की बीमारियों में भी कॉफी काफी फायदेमंद पाई गई।  

Realme ने चीनी बाजार में लॉन्च किया Realme V60 Pro

Realme ने चीनी बाजार में Realme V60 Pro लॉन्च कर दिया है. यह स्मार्टफोन मीडियाटेक के नए Dimensity 6300 प्रोसेसर, लंबी बैटरी लाइफ, और प्रीमियम डिजाइन के साथ आता है. Realme ने इसे V60 और V60s के अपग्रेड के रूप में पेश किया है. Realme V60 Pro की कीमत     12GB + 256GB वेरिएंट: ¥1,599 (लगभग 18,677 रु. ).     12GB + 512GB वेरिएंट: ¥1,799 (लगभग 20,958 रु. ). यह स्मार्टफोन रॉक ब्लैक, लकी रेड, और ऑब्सीडियन गोल्ड कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. इसमें 2 साल की सामान्य वारंटी और 1 साल की वॉटरप्रूफ वारंटी दी गई है. Realme V60 Pro स्पेसिफिकेशंस     डिस्प्ले     6.67 इंच की IPS LCD डिस्प्ले.     HD+ रेजॉल्यूशन: 720×1604 पिक्सल.     120Hz रिफ्रेश रेट. प्रोसेसर और परफॉर्मेंस     MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट.     Arm Mali-G57 MC2 GPU.     12GB LPDDR4X रैम और 512GB तक UFS 2.2 स्टोरेज.     2TB तक का माइक्रोएसडी कार्ड सपोर्ट. ऑपरेटिंग सिस्टम Android 14 पर आधारित Realme UI 5.0. कैमरा सेटअप     रियर कैमरा: 50MP का प्राइमरी सेंसर.     फ्रंट कैमरा: 8MP का सेल्फी कैमरा. बैटरी और चार्जिंग     5,600mAh की बड़ी बैटरी.     45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग. कनेक्टिविटी और सुरक्षा     5G और Dual 4G VoLTE.     ब्लूटूथ 5.3, Wi-Fi, GPS, ड्यूल सिम सपोर्ट.     साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर.     USB Type-C पोर्ट. डिजाइन और बिल्ड पानी और धूल से बचाव: IP68+IP69 रेटिंग. डायमेंशन:     लंबाई: 165.69 मिमी.     चौड़ाई: 76.22 मिमी.     मोटाई: 7.99 मिमी.     वजन: 196 ग्राम. Realme V60 Pro: विशेषताएं जो इसे खास बनाती हैं     शक्तिशाली प्रोसेसर: Dimensity 6300 चिपसेट से लैस, जो तेज और प्रभावी प्रदर्शन देता है.     लंबी बैटरी लाइफ: 5,600mAh बैटरी के साथ पूरे दिन का बैकअप.     प्रीमियम कैमरा: 50MP का मुख्य कैमरा, जो शानदार फोटोग्राफी अनुभव देता है.     IP68+IP69 रेटिंग: धूल और पानी से सुरक्षा.     120Hz डिस्प्ले: स्मूद विज़ुअल्स के लिए. Realme V60 Pro एक बजट सेगमेंट स्मार्टफोन है, जिसमें प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. इसका दमदार प्रोसेसर, लंबी बैटरी और प्रीमियम डिजाइन इसे 20,000 रुपये से कम की कैटेगरी में एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं. यह उन यूजर्स के लिए एक बढ़िया विकल्प है, जो किफायती दाम में अच्छा प्रदर्शन और स्टाइलिश लुक चाहते हैं.

ग्रस्त जीवन से ऑफिस में वापसी करने के सफर को एसे बनाएं आसान

दुनिया भर की कामकाजी महिलाओं को कभी परिवार तो कभी बच्चे की परवरिश और कभी अन्य व्यक्तिगत कारणों से अपने अच्छे-खासे करियर से ब्रेक लेना पड़ता है। हालांकि कुछ महिलाएं ब्रेक के बाद अपने काम पर लौट आती हैं, लेकिन सभी के लिए यह सफर आसान नहीं होता है। असल में लंबे समय के बाद काम पर वापसी की बात सोचकर ही आत्मविश्वास कम हो जाता है। लंबे समय तक अपने कार्यक्षेत्र से दूर रहने से नए कौशल और काम करने के तौर-तरीकों में आए बदलावों के बारे में पता नहीं चल पाता। नए लोगों के साथ काम करने की झिझक भी उन्हें काम पर वापस लौटने से रोकती है। लेकिन यह कोई गंभीर समस्या नहीं है क्योंकि आपको एक नए सिरे से शुरुआत नहीं करनी, बल्कि उस पीछे छूट चुके सिरे को दोबारा जोड़ना है। इसके लिए एक सही रणनीति बनाकर उस पर अमल करने की जरूरत है: परखें अपना कौशल लंबे समय बाद काम पर वापसी से पहले अपनी काबिलियत का मूल्यांकन करना बहुत जरूरी है। समय के साथ प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव आते हैं, ऐसे में संभव है कि आपका कौशल वर्तमान में बाजार की जरूरतों के अनुरूप सटीक ना बैठे। अपने कौशल और हुनर को डायरी में लिख लें और फिर जांचें कि दोबारा से काम शुरू करने के लिए आपको कौन से अतिरिक्त कौशल यानी अपस्र्किंलग की जरूरत होगी। मजबूत करें नेटवर्क रोजगार के बेहतर अवसर पाने के लिए आपके संपर्क सूत्र मजबूत होने चाहिए। लेकिन महिलाओं पर घर और दफ्तर की इतनी जिम्मेदारी होती है कि अपना नेटवर्क बढ़ाने का समय उन्हें मुश्किल से ही मिल पाता है। इसका विपरीत प्रभाव काम से लंबा ब्रेक लेने के दौरान ज्यादा पड़ता है क्योंकि उस समय जीवन की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। लेकिन नई नौकरी खोजने के लिए अपने नेटवर्क को दोबारा से मजबूत बनाएं। अपने दोस्तों और पुराने सहयोगियों से इस विषय पर चर्चा करें और ऐसे लोगों से बात करें, जो काम के नए अवसर दिलाने में आपकी सहायता कर सकते हों। करियर गैप को लेकर रहें सहज बहुत सी महिलाओं को लगता है कि एक बार काम से दूरी बना लेने के बाद वह उतनी मुस्तैदी से काम नहीं कर पाएंगी और यही सोच उनका आत्मविश्वास कमजोर करने लगती है। लेकिन याद रखें, अपने करियर से ब्रेक लेने वाली आप पहली महिला नहीं हैं। करियर में ब्रेक की बात को लेकर सहज रहें और इंटरव्यू में इस विषय पर सवाल पूछे जाने पर ईमानदारी के साथ अपने ब्रेक का कारण सामने रखें। इंटरव्यू की करें तैयारी बेहतर होगा कि इंटरव्यू पर जाने से पहले आप अपना होमवर्क अच्छी तरह कर लें ताकि गलती की कोई आशंका ही ना रहे। जिस इंडस्ट्री में आप काम करना चाहती हैं, उससे संबंधित नवीनतम जानकारी पहले से जुटा लें ताकि नियोक्ता पर आपका अच्छा प्रभाव पड़े। साथ ही उस संस्थान के विषय में भी जानकारी प्राप्त करें, जहां आप साक्षात्कार देने जाने वाली हैं। यदि आप इंटरव्यू में कोई प्रेजेंटेशन देना चाहती हैं, तो उसकी भी अच्छी तरह तैयारी करें। बेहतर होगा घर पर ही शीशे के सामने बोलने का अभ्यास कर लिया जाए। सर्टिफिकेट हासिल करें आज के समय में ज्यादातर संस्थान काम से लंबे ब्रेक को बड़ी अड़चन नहीं मानते हैं क्योंकि उनके लिए आवेदक की योग्यता ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। कहीं नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले जरूरी कोर्स करने के ऊपर ध्यान दें। साथ ही इंटर्नशिप के अवसर भी तलाशें ताकि आप काम करने के नए तरीकों से अवगत हो सकें। इन सभी कोर्सेज और इंटर्नशिप करने पर मिलने वाले सर्टिफिकेट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि यह प्रमाणपत्र आपकी योग्यता और हौसला दर्शाते हैं। दुरुस्त करें अपना रेज्यूमे एक समय था जब सिर्फ किसी की सिफारिश भर से ही नौकरी मिल जाती थी, लेकिन अब जमाना रेज्यूमे और सीवी का है और इसमें भी नए बदलाव होते रहते हैं। मौजूदा समय की मांग के अनुरूप अपने रेज्यूमे के फॉर्मेट, भाषा शैली तथा कवर लेटर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के ऊपर काम करें। अपने नए कौशल के विषय में प्रमुखता से बताएं। इस बात पर भी ध्यान दें कि आपका रेज्यूमे उस इंडस्ट्री के अनुरूप हो, जहां आप काम करना चाहती हैं। प्रभावी रेज्यूमे तैयार करने के लिए किसी पेशेवर की मदद भी ले सकती हैं।

चेहरे के डार्क स्पॉट्स हटाने या हल्का करने के आसान घरेलू उपाय

छोटा हो या बड़ा, चेहरे पर अगर बात हो तो वो खूबसूरती को कम कर ही देते हैं। ठीक करने और त्वचा को बिल्कुल साफ और फुलाने के लिए हम कई तरह के फेस वॉश, फेस पैक और त्वचा की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन डार्क स्पॉट होने का नाम ही नहीं लेते हैं। अच्छा ऐसे क्या किया जाए! अब आपको चिंता की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको डॉक्टर शिरीन फातिमा का एक ऐसा ऑफर लेकर आए हैं जिसे उन्होंने खुद दिखाया है। इस पैक को बनाने के लिए दो हानिकारक पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होते हैं। ये दोनों चीजें क्या हैं और इन्हें कैसे इस्तेमाल किया जाता है, आइए जानते हैं। पैक बनाने के लिए क्या करना चाहिए? बीट ब्लड वाले इस फेस पैक को बनाने के लिए आपके लिए सिर्फ दो चीजों की जरूरत है- चुकंदर का रस- 1 छोटी कटोरी दूध पाउडर- 2 मात्रा ऐसे तैयार करें फेस से दाग-धब्बे निकालने वाला पैक पैक बनाने के लिए सबसे पहले आपको 1 चॉक्कर चिपकने वाली मिक्सी में उसका टुकड़ा लेना है और रस निकालना है। इसके बाद एक छोटी कटोरी में आधा चुकंदर का रस निकाला लें। अब इसमें 2 ऑयल मिल्स पाउडर स्टैलिकाइट ग्रेट से मिक्स कर लें। आपका पैक तैयार हो गया है, अब आप इसे अपने प्लांट रूम रेवेन्यू तक फेस पर रखें। जब पैक अच्छे से ठीक हो जाए तो नाम पानी से चेहरा धो लें या फिर किसी अजीब कपड़े से चेहरा पोछ लें। फेसबुक पर देखें साफ-सुथरा, आपके चेहरे का निखार कई गुना बढ़ गया है और दाग-धब्बे कम हो गए हैं चेहरे पर मिल्क पाउडर बनाने के फायदे घटिया दूध हमारी त्वचा के लिए है, नारियल ही मिल्क पाउडर भी है। चेहरे पर मिक्सचर पाउडर लगाने से रंग साफ होता है, त्वचा के आभूषण बनते हैं और दाग-धब्बे लगते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन का कहना है कि ‘पुराने मसल्स को हील करने के लिए, टिशू रेजेनरेशन के और एक्ने वल्गेरिस या प्लाक सोराइसिस के इंजेक्शन के लिए, त्वचा संबंधी अल्कोहल के उपचार में मिल्क उत्पादों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। ‘इन्हें रैपिड से एक्टिव इंग्रेडिएंट्स भी माना जाता है जो एक्ने लैंस और ब्लैकहेड्स को कम करके, सीबम सिक्रेशन को कंट्रोल करते हैं और साथ ही स्क्रैचिंग, एसेसिव, टोनिंग, स्मूथिंग, एंटी-इरिएंटेशन डीक स्किन कंडीशन में सुधार कर सकते हैं।’

मार्केटिंग एटीट्यूड है सफलता का राज

  अधिकतर लोग सफलता का मूलमंत्र मेहनत को ही मानते हैं। यह सही भी है, क्योंकि कड़ी मेहनत-मशक्कत के बाद ही किसी भी फील्ड में कामयाबी की उम्मीद की जा सकती है। वहीं एक्सपर्ट कहते हैं कि बिना उद्देश्य और राइट एटीट्यूड के की गई मेहनत अक्सर व्यर्थ ही जाता है। बहरहाल, यदि आप मार्केटिंग जॉब में हैं, तो यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां आपको मेहनत के साथ-साथ राइट एटीट्यूड और पॉजिटिव माइंडसेट के तहत काम करना होगा। मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के रूप में आप पर कंपनी की साख को बढ़ाने और उसे कायम रखने की अहम जिम्मेदारी होती है। हालांकि मार्केटिंग फील्ड में आज ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो दिन-रात अपने निर्धारित टारगेट को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत तो करते हैं, लेकिन अपने वास्तविक टारगेट को पूरा करने में उनसे अक्सर चूक हो ही जाती है। दिलचस्प बात तो, यह है कि ऐसे मार्केटिंग प्रोफेशनल्स अपनी नाकामयाबी को बड़ी आसानी से यह कहते हुए टाल जाते हैं कि हमारे पास वे स्किल्स हैं ही नहीं, जिनसे प्रभावित होकर हमारे क्लाइंट्स इम्प्रेस हो सकें या मुझमें इतनी हिम्मत ही नहीं कि अमुक व्यक्ति की तरह मार्केटिंग कर सकूं! दरअसल, इस एटीट्यूड के साथ मार्केटिंग की जॉब न केवल मुश्किल हो सकती है, बल्कि आप इसमें कभी भी सफलता की उम्मीद नहीं कर सकते। या यूं कहें कि यह अप्रोच ही है, जो आपको राइट मार्केटिंग एटीट्यूड से दूर कर देता है। वहीं, यदि आप मार्केटिंग की जॉब में पॉजिटिव एटीट्यूड यानी आत्मविश्वास, उत्साह, अपने क्लाइंट की बातों में रुचि प्रदर्शित करते हैं, तो निःसंदेह इससे आपको आश्चर्यजनक परिणाम मिल सकते हैं! जॉब को बनाएं पैशन जॉब कोई भी हो, यदि आप उसे पूरे पैशन से करते हैं, तो कामयाबी जरूर मिलती है। जहां तक मार्केटिंग जॉब की बात है, तो यह जॉब आपसे शत-प्रतिशत पैशन की मांग करती है। क्योंकि पैशन से ही आपके वास्तविक वर्क-स्टाइल के बारे में पता चलता है।   निगॅटिव एप्रोच से रहें दूर कहा भी यही गया है कि हम जैसा सोचते हैं, हमारे काम में वही सोच परिलक्षित होता है। अब आप यदि निगॅटिव सोचेंगे, तो न आप अपनी जॉब से लगाव रख पाएंगे और न आपका टारगेट पूरा हो सकेगा! दिखाएं उत्साह याद रखें, किसी भी काम की कामयाबी में उत्साह का सबसे ज्यादा योगदान होता है। वैसे, आपने भी जरूर अनुभव किया होगा, जिन लोगों में उत्साह होता है, वे दूसरों में भी उत्साह का संचार कर जाते हैं। इसलिए मार्केटिंग की फील्ड में होने के कारण आपमें उत्साह का होना बहुत जरूरी है, ताकि आपके क्लाइंट आपकी प्रोडक्ट में दिलचस्पी दिखा सकें और आपको सही फीडबैक दे सकें। आत्मविश्वास है कुंजी आपको हर हाल में न केवल खुद पर, बल्कि अपने क्लाइंट पर भी पूरा भरोसा होना चाहिए। याद रहे, यह आत्मविश्वास ही है, जिसे सफलता की कुंजी कहा जाता है। चेंज के लिए रहें तैयार मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां हमेशा चेंज की गुंजाइश बनी रहती है। क्योंकि यहां आपका पहला मकसद होता है क्लाइंट को संतुष्ट करना और ज्यादा-से-ज्यादा क्लाइंट्स जोडना। इसलिए जब भी लगे कि अमुक तकनीक में बदलाव की जरूरत है, आपको तत्काल उस तकनीक को अपना लेना चाहिए।  

चीकू खाने हो सकता है कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से बचाव

चीकू एक प्रकार का फल है जो आपको हर मौसम में आसानी से मिल जाएगा। यह ऐसा फल होता है कि अगर इसे आप भोजन के बाद खाएगें तो इससे आपको काफी आराम मिलेगा। इसमें 71 प्रतिशत पानी, 1.5 प्रतिशत प्रोटीन, 1.5 प्रतिशत चर्बी और बचा हुई मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है। चीकू फल में अधिक मात्रा में विटामिन ए और विटामिन सी के साथ-साथ फास्फोरस और लौह भी होता है। इसको खानें से सेहत में कई फायदे मिलते है। जिससे कि आपको कई बीमारियों से निजात मिल सकता है। चीकू एक ऐसा स्वादिष्ट फल है। जिसका सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी के खतरें से बचा जा है। जानिए चीकू खाने से होनें वाले फायदों के बारें में। -चीकू में अधिक मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आपकी आंखों के लिए काफी फायदेमंद है। इसे खानें से आंखों की समस्या से निजात मिल जाता है। -चीकू हड्डियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। चीकू में अधिक मात्रा में कैल्शियम फॉस्फोरस और आयरन पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद है। इसको खानें से हमारें शरीर की हड्डियां मजबूत औ बढती भी है। -अगर आपको कैसंर जैसी गंभीर बीमारी से बचना है तो चीकू का सेवन करिए। क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और अन्य पोषक तत्व के साथ-साथ विटामिन ए और सी पाया जाता है। विटामिन ए फेफड़ों और मुंह के कैंसर से बचाता है। -चीकू गर्भावस्था के दौरान खानें से कई फायद होते है। इससे इस समय खानें से कमजोरी और उल्टी या फिर चक्कर जैसी समस्या उत्पन्न नही होती है। क्योकि इसमें अधिक मात्रा में पोषक तत्व और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। जिससे यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए फायदेमंद है। -चीकू शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। इसमें एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल, पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह शरीर में बैक्टीरिया को आने से रोकता है,विटामिन सी हानिकारक मुक्त कण को नष्ट करता है। -चीकू में हेमोसटाटिक प्रॉपर्टीज के गुण भी पाए जाते हैं यानी कि शरीर में होने वाले रक्त के नुकसान से भी बचाता है। इसी कारण चीकू बवासीर और जख़्म को भी जल्दी ठीक कर देता है, और इसके बीज को पीस कर उसे कीड़े के काटने की जगह पर भी लगाया जा सकता है। जिससे आपको काफी लाभ मिलेगा। -यह आपकी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि चीकू इसमें विटामिन ई पाया जाता है जो आपकी त्वचा को नमी देता है। जिससे त्वचा स्वस्थ और सुंदर हो जाती है। साथ ही यह आपके बालों के लिए काफी फायदेमंद। इसके बीज का तेल सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाता है और बालों को बढने में भी मदद करता है। चीकू के बीज को अरंडी के साथ मिलाकर सिर की स्केल्प पर लगाने से बाल चमकदार और डैन्ड्रफ फ्री हो जाते हैं। -अगर आपको कफ की समस्या है तो चीकू आपके लिए काफी फायदेमंद होगा। चीकू में एक प्रकार का खास तत्व पाए जाते हैं जिनसे श्वसन तंत्र से कफ और बलगम निकालकर यह पुरानी खांसी में राहत देता है। इस प्रकार यह सर्दी और खांसी से बचाता है। -पथरी के रोगियों के लिए भी चीकू बहुत अच्छा होता है। साथ ही इससे आपका वजन भी काफी फायदेमंद होगा। -यह दिमाग की तंत्रिकाओं को शांत और तनाव को कम करने में मदद करता है। -चीकू में एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने में सहायक है क्योंकि यह फ्री रेडिकल्स को समाप्त कर देता है, और यह झुर्रियों को भी कम कर देता है।  

शादी का लहंगा लेने जा रहे हैं, तो ध्यान रखें ये बातें

शादी एक लड़की के लिए बहुत मायने रखती है। और उसमें अपने पसंद की गहनें, मेकअप, लहंगा आदि न हो तो फिर बात ही क्या है। आज के दौर में फैशन का दौर है। छोटी सी पार्टी क्यो न हो उसमें भी पहले ड्रेस सोची जाती है कि क्या पहने। जिस लड़की की शादी हो तो फिर उसका तो पूरा हक है कि अपनी पसंद का लंहगा खरीदें। जिससे कि शादी के दिन वह बिल्कुल एक परी की तरह लगें और जिसे सभी देखते रह जाए। जब लड़कियां लहंगा खरीदने जाती है तो उन्हें समझ नही आता कि किस तरह का लंहगा खरीदें या फिर उनके ऊपर कैसा अच्छा लगेगा। कभी-कभी होता है कि ठीक तरह या अपने फेयर के रंग को लहंगा न लेने से आपको बात में पछतावा होता है कि यह लंहगा आप पर ठीक नही लगता है। अगर आप शॉपिंग करने जा रही है और लंहगा लेना है तो याद रखें खरीदते समय ये बातें जिससें लहंगा चुनते समय समस्या उत्पन्न न हो। -जब भी आप अपने लि लहंगा लेने जा रही हो तो इस बात का ध्यान रखे कि आपकी हाइट, स्किन का कलर. शारिरीक बनावट की तरह की है। क्योकि इसी से आप एक अच्छा लंहगा चुन सकती है। जिसे पहन कर आप बहुत खुबसूरत लगेगी। -अगर आपकी हाइट ज्यादा है और आप पतली है तो आप घेरदार लहंगा लें। जिससे आपकी हाइट ज्यादा नही लगेगी और आप अच्छी भी लगेगी। -लंहगा चुनते समय रंग का सबसे ज्यदा ख्याल रखा जाता है जिससे कि आप उसे पहने सो सुंदर लगे। इसीलिए अगर आपका रंग फेयर है यानी कि गोरा है तो आप किसी भी रंग का लहंगा ले सकती है। आप पर सभी रंग अच्छे लगेगे। आप चाहे तो सॉफ्ट पेस्टल, पिंक, पीच या लाइट सॉफ्ट ग्रीन कलर या फिर डार्क कलर ले सकती है। यह कलर आप पर अच्छे लगेगे। -अगर आपकी हाइट कम है यै फिर आपकी हेल्थ ज्यादा है तो आप घेरदार लहंगा के बारें में तो बिल्कुल न सोचे। क्योंकि यह आपकी हाइट और मोटापा ज्यादा दिखाएगा। साथ ही लहंगा में जो डिजाइन हो वह बारीक कढ़ाई की या फिर डिजाइन की हो। -आप लहंगा इतना भी भारी न हो कि आप उसे संभाल न सकें। अपने वजन के अनुसार ही लहंगे का चुनाव करें ताकि आप अपनी ही शादी में असहज न दिखाई दें। -अगर आपका रंग डस्की है तो आप ब्राइट कलर का लहंगा चुने। इसके अलावा आप मजेंटा, लाल, नारंगी, नीला रंग भी चुन सकते है यह आप पर खूब जंचेगा।  

क्या व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट हो गए हैं, ऐसे वापस पाएं

कई बार व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट होने पर हमें काफी अजीब-सा लगता है कि करीबी दोस्तों के साथ किया चैट हमेशा के लिए खत्म हो गया। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो एक खुशखबरी है। आप व्हाट्सऐप पर डिलीट हो चुके मैसेज को वापस पा सकते हैं। व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे ज्यादातर यूजर्स शायद यह बात नहीं जानते होंगे कि हर सुबह 4 बजे व्हाट्सऐप आपके मोबाइल फोन के सारे मैसेज को रिस्टोर करता है। ऐसे में अगर आपसे कोई मैसेज धोखे से डिलीट हो गया है, तो आप इसको आसानी से वापस पा सकते हैं। ये है प्रोसेस…. 1. व्हाट्सऐप को अपने मोबाइल में से अनइंसटाॅल कर दें। 2. इसके बाद स्टोर से व्हाट्सऐप को दोबारा अपने मोबाइल में इंसटाॅल करें। 3. इंस्टाॅलेशन के प्रोसेस के समय यह एप्लीकेशन आपसे पुराने मैसेज रिस्टोर करने को पूछेगा। 4. अगर आप यस पर क्लिक करते हैं तो पिछले रिस्टोर तक आपके सारे मैसेज वापस आ जाएंगे। आप अपने व्हाट्सऐप को कंप्यूटर या मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं… इसके लिए आपको गूगल क्रोम में व्हाट्सऐप वेब टाइप करना होगा। इसके बाद आप अपने मोबाइल में आ रहे अनुदेश को फॉलो करके व्हाट्सऐप को कम्प्यूटर या लैपटॉप से जोड़ सकते हैं। इसके बाद सभी मैसेज नोटिफिकेशन आपको आपके कम्प्यूटर या लैपटॉप पर मिलने लगेंगे। ध्यान रहे आपको फोन उस वक्त इंटरनेट से कनेक्ट होना चाहिए। यह सुविधा अभी आईफोन यूजर्स के लिए नहीं है। एन्ड्रॉयड और विडोज फोन के यूजर्स अपनी व्हाट्सऐप चैट, फोटो और वीडियो को पासवर्ड से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। प्ले स्टोर से व्हाट्सऐप लाॅकर एप इंस्टॉल करके आप पिन डालकर अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को लॉक कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस सुविधा को जेलब्रेकिंग के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं।  

सर्दियों में आंवला: मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और सर्दी की समस्याओं का प्रभावी समाधान

ओरिजिनल का सीजन आ गया है और इन दिनों इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए आपको आंवले का सेवन करना चाहिए। एक ऐसा सुपरफूड है जो सेहत के लिए छोटे से लेकर बड़ी तक कई स्वास्थ्य समस्याओं में मदद करता है। ​आंवला के कई फायदे हैं। यह थायर ऑर्केस्ट्रा को मदद करने में मदद करता है। बाल झड़ने से पहले फिल्म शुरू होती है और समय से पहले सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया जाता है। इसके अलावा यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और एसिडिटी, पेट फूलना और अन्य गैस्ट्रिक समस्याओं से राहत देता है। आयुर्वेद चिकित्सक संग्रहालय भावसार ने बताया कि आचार्य आचार्य ने आँवले को सबसे बेहतरीन औषधि देने वाली औषधि के बारे में बताया है। असली में रोजमर्रा की सब्जियों के फायदे क्या-क्या हैं और इसके ज्यादा फायदे लेने के लिए आपको इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए। आयुर्वेदिक गुण (आयुर्वेदिक गुण) रस: यह खट्टा होता है और बाकी सभी स्वाद (खट्टा, मीठा, तीखा, कड़वा, कसाईला) मौजूद होते हैं, स्वाद स्वाद के। अलौकिक: अलौकिक प्रकृति का। विपाक (पाचन प्रभाव): मीठा। दिल और ब्लड शुगर के लिए बढ़िया एलएलसी कम करता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, विटामिन सी का बेहतरीन गुण है और इम्युनिटी बढ़ाता है, एशिया में मजबूती से आराम देता है। त्वचा और बालों के लिए अद्भुत काम करता है। ​ ख़ून करता है साफ़ उच्च गुणवत्ता वाला ख़ून साफ़ करता है, जिससे त्वचा के प्रभाव जैसे मुँहासे, रूखापन, लालिमा और डेने दूर रहते हैं। त्वचा को चमकाना और बालों को मजबूत बनाना है।आंखों की रोशनी पाना है। वजन कम करने में मदद औसत वजन को नियंत्रित किया जाता है और वृद्धि से शुरूआत की जाती है। वैज्ञानिकों के शोध से यह सिद्ध हुआ है कि एंटी-एजिंग, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-डायबिटिक, सूजन कम करने वाला, लिवर की रक्षा करने वाला और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण होते हैं। आंवले का सेवन कैसे करें? एक टेम्पल पानी लें। इसमें एक चुटकी हल्दी और आधा नमक मिलाप। आँवले को 3-4 दिन तक इस पानी में पतला रखें। रोज़ एक फर्मेंटेड इंस्टीट्यूट।

बाथरूम से आती दुर्गंध भगाने के लिए अपनाएं ये सस्ते और घरेलू उपाय

घर कितना भी साफ-सुथरा क्यों न हो लेकिन बाथरूम में दुर्गंध तो देखने वाले का सारा मूड खराब हो जाता है। घर में मेहमान आए हुए तो आपको इस वजह से शर्मिदा होना पड़ सकता है। वैसे तो बाजार से ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट्स आसानी से मिल जाते हैं जो बाथरूम से आने वाली गंदी सी गंध को आसानी से दूर कर देते हैं लेकिन यह प्रोडक्ट्स काफी महंगे होते हैं। ऐसे में इसकी जगह पर घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जाए तो ज्यादा बेहतर ऑप्शन होता है। यह घरेलू चीजें आपको किचन से आसानी से मिल सकती है लेकिन ध्यान रहें कि इन चीजों को असर दिखाने में कुछ वक्त लगता है इसलिए थोड़ा संयम से काम लें। 1. नींबू का रस नींबू, किचन में मौजूद एक ऐसी चीज है, जिसके एक नहीं सैकड़ों उपयोग हैं। यह दुर्गंध दूर भगाने का सबसे बढ़िया तरीका है। ज्यादा मात्रा में नींबू के रस को फ्लोर पर डाल दीजिए। कुछ देर के लिए बाथरूम को बंद कर दीजिए। उसके बाद साफ पानी से बाथरूम को धो लीजिए। 2. बेकिंग सोडा बेकिंग सोडा की कुछ ज्यादा सी मात्रा लेकर उसे बाल्टी में पानी लेकर घोल लीजिए। उसके बाद फ्लोर पर उस पानी को फैला दीजिए। कुछ देर उसे उसी तरह रहने दें। बाद में साफ पानी से फ्लोर को साफ कर लीजिए। ऐसे सप्ताह में 2 बार करने से बाथरूम की बदबू चली जाएगी। 3. सिरका बाथरूम में स्मेल दूर भगाने के लिए आप सिरके का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। सिरके को ज्यादा मात्रा में पानी में मिक्स करके फर्श पर फैला लें। कुछ देर ऐसा ही छोड़ने के बाद बाथरूम को पानी से धो ले। आपका फर्श चमक उठेगा। 4. साबुन का पानी अगर आपके बाथरूम से बदबू आती है तो आप किसी सुगंधित डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। डिटर्जेंट पाउडर को पानी में मिलाकर फर्श की सफाई करने से एक ओर जहां फर्श चमक उठता है वहीं बदबू भी कम हो जाती है। सप्ताह में 2 से 3 बार ऐसा करने से दुर्गंध हमेशा के लिए दूर हो जाती है।  

बदलते मौसम में विटामिन सी से बने फेस पैक लगा निखारें अपनी स्किन

मौसम बदलते ही आपकी स्किन खराब होने लगती है। खाने- पने के साथ आपको अपनी स्किन की भी खास देखभाल करने की जरुरत होती है। विटामिन सी सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्किन के लिए भी काफी अच्छी होती है। विटामिन सी कई तरह की खाने की चीज़ों में होता है। स्किन के हिसाब से अगर आप विटामिन सी वाला फेस मास्क अपने चेहरे पर लगाएंगी तो आपकी स्किन पर चमक आ जाएगी। किसी भी घरेलू फेस मास्क को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप उसका पैच टेस्ट जरुर कर लें। ऐसा करने से आपकी स्किन पर एलर्जी का खतरा नहीं रहेगा। अगर आप अपनी स्किन ग्लोइंग, फेयर और शाइनी देखना चाहती हैं तो मौसम में जब बदलाव आ रहा हो तो आपको जो भी फेस मास्क सूट करे आप उसे जरुर यूज़ करें। संतरे के छिलके से बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : संतरे में विटामिन सी होता है ये तो सब जानते हैं। लेकिन संतरे का छिलका भी काफी फायदेमंद होता है। अगर आपकी स्किन को संतरा सूट करता हो यानि कोई एलर्जी ना हो तो आप संतरे के छिलके से भी फेस पेक बना सकती हैं। संतरे के छिलके से बना विटामिन सी फेस मास्क आपको ग्लोइंग और क्लीयर स्किन देगा जिससे आपकी त्वचा पर निखार नज़र आएगा। सबसे पहले इसके छिलके को धूप में सुखाकर लें फिर इसे पीसकर पाउडर बनाकर किसी जार में स्टोर कर लें। अब 1 बड़े चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में 2 बड़े चम्मच दही या दूध मिलाकर (जो भी आपकी स्किन को सूट करे) वैसे ऑयली स्किन के लिए दही और ड्राय स्किन के लिए दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे मिक्स करके आप फेस मास्क बना लें और फिर उसे अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं जब सूख जाए तो पानी से उसे साफ कर लें। आप ये फेस पेक डेली भी यूज़ कर सकती हैं। बस संतरे के छिलकों को धूप में सूखाकर आप एक जार में उसका पाउडर जरुर भर लें। टमाटर से ऐसे बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : कई बार मौसम बदलने से भी स्किन टैन होने लगती है। ऐसे में आपकी स्किन के लिए टमाटर सबसे फायदेमंद होता है। टमाटर ना सिर्फ स्किन टेनिंग को हटा़ता है बल्कि ये आपकी स्किन पर पड़ने वाली उम्र की लकीरों को भी कन्ट्रोल करता है। टमाटर वाला विटामिन सी फेस मास्क बनाने के लिए आप टमाटर को आधा काटकर आप उसका पेस्ट बनाकर एक कटोरी में डालें। टमाटर का गूदा भी बेहतर होगा फिर आप इसमें 2 बड़े चम्मच खीरे का रस और 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और फिर स्किन पर लगाएं और जब सूख जाए तो पानी से धो लें। वैसे ये फेस मास्क ऑयली स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। नींबू से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : विटामिन सी से भरपूर नींबू जितना खट्टा होता है उतना ही फायदेमंद भी होता है। अगर आप अपनी स्किन पर चमक देखऩा चाहती हैं और आपकी स्किन के दाग-धब्बे जाने का नाम नहीं ले रहे या बदलते मौसम से आपकी स्किन खराब हो रही है तो आप नींबू वाला फेस मास्क लगा सकती हैं। इसे आप दो तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। पहला, 2 बड़े चम्मच पाइनेपल का गुदा लें और इसे अच्छी तरह मसल लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लगाएं। 5-10 मिनट बाद धो लें। दूसरा, अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो 1 बड़े चम्मच नींबू के रस में 1 बड़ा चम्मच गुलाबजल मिलाकर लगाएं। कीवी से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : कई महिलाओं की स्किन पर मौसम बदलने की वजह से ड्रायनेस हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें इचिंग होती है और उनकी स्किन पर खुजली होने लगती है। इसके बाद स्किन पर दाने आ जाते हैं और स्किन खराब हो जाती है ऐसे में आपको कीवी वाला फेस पेक जरुर मदद करेंगा लेकिन फेस मास्क लगाने से पहले ये जरुर टेस्ट कर लें की आपकी स्किन पर कीवी से एलर्जी ना हो। कीवी वाला फेस मास्क घर पर बनाने के लिए आप एक कटोरी में कीवी का छिलका उतारकर उसका गूदा बना लें। फिर आप इसमें 2 चम्मच दही डालकर उसका पेस्ट बना लें और उसे हर फेस मास्क की तरह स्किन पर अप्लाई करें। सूखने के बाद फेस मास्क को पानी से हटा लें। ये सभी फेस मास्क आपकी स्किन के लिए हेल्दी है लेकिन आपकी ऑयली स्किन है या ड्राय स्किन है या फिर आपको एलर्जी तो नहीं है ये सब बाते ध्यान में रखकर ही आप कोई भी फेस मास्क इस्तेमाल करें। अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहती हैं तो आप ये घरेलू फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं।  

PAN अपग्रेडेशन प्रोग्राम की शुरू, मिलेगा QR Code वाला कार्ड

नई दिल्ली भारत सरकार की तरफ PAN अपग्रेडेशन प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। इसमें PAN 2.0 का नाम दिया गया है। आयकर विभाग की तरफ से PAN 2.0 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई है। PAN/TAN 1.0 इको-सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ये प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। PAN 2.0 प्रोग्राम इसी का हिस्सा है जो पुराने सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए लाया गया है। हालांकि इससे संबंधित बहुत सारे सवाल है। बहुत सारे यूजर्स के मन में सवाल है कि इसे अपग्रेड कैसे किया जा सकता है, क्या इसके लिए अलग से भुगतान करना होगा ? क्या अलग से करना होगा भुगतान PAN 2.0 की मदद से पूरे सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। सिस्टम को ऑनलाइन बेस्ड किया जाएगा। हालांकि इसके लिए यूजर्स को भुगतान नहीं करना होगा। पुराने पैन कार्ड को अपग्रेड किया जाएगा और यूजर्स को नई टेक्नोलॉजी वाले पैन दिए जाएंगे। पैन डेटा को भी ज्यादा सुरक्षित किया जाएगा। यानी PAN यूजर्स का पूरा डेटा ज्यादा सिक्योर किया जाएगा। अगर वह इसका इस्तेमाल करेंगे तो उनके डेटा का भी सरकार की तरफ से पूरा ध्यान रखा जाएगा। PAN 2.0 में क्या अलग होगा ? PAN 2.0 की बात करें तो इसमें अलग से QR कोड दिया जाएगा। इसे स्कैन करने के बाद आसानी से यूजर की पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। PAN एक्टिविटी पर भी ध्यान रखा जाएगा। अपग्रेडेड वर्जन में सिक्योरिटी का ध्यान रखा जाएगा। करदाताओं का रजिस्ट्रेशन भी बेहतर किया जाएगा। हालांकि अभी तक इसको लेकर बहुत सारे सवाल हैं। सरकार की तरफ से इस पर आगे भी फैसले लिए जाएंगे। सरकार की तरफ से सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 1,435 करोड़ रुपए भी खर्च किए जाएंगे। इसे डिजिटल इंडिया का ही हिस्सा बताया गया है। पूरे सिस्टम पर काम भी शुरू कर दिया गया है। अभी इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया जा सकता है।

सर्दियों में सिर्फ स्किन नहीं बालों का भी रखें खास ख्याल

सर्दियों का मौसम आ गया है और इस मौसम में आपके स्किन को एक्सट्रा केयर की जरूरत होती है क्योंकि सर्दी का मौसम स्किन के लिए बिलकुल अच्छा नहीं होता। सर्दी में चलने वाली सूखी हवा हमारे स्किन से मॉइश्चर यानी नमी को खींच लेती है और अगर इस ओर ध्यान न दिया जाए तो ड्राई स्किन की वजह से स्किन फटने लगती है और कभी कभार तो ब्लीडिंग तक हो सकती है। लेकिन सर्दियों में सिर्फ स्किन ही नहीं बल्कि बाल भी ड्राई हो जाते हैं जिस वजह से उनका भी खास ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर कैसे आप इस कोल्ड वेदर के साइड इफेक्ट्स से अपने बालों को बचा सकते हैं… बालों को कंडिशन करें सर्दी के मौसम में स्किन के साथ-साथ बालों का भी मॉइश्चर छिन जाता है जिस वजह से वे ड्राई और फ्लैकी यानी पपड़ीदार हो जाते हैं। लिहाजा यह बेहद जरूरी है कि आप किसी अच्छे डीप-कंडिशनिंग सीरम या बाम का बालों पर इस्तेमाल करें। इससे बालों का खोया मॉइश्चर लौट आएगा। साथ ही इस वेदर में बालों में बहुत ज्यादा शैंपू भी यूज न करें। हर बार बाल धोने के बाद कंडिशनर जरूर लगाएं। इससे बालों में शाइन आएगी और बाल टूटेंगे नहीं। हेयर ड्रायर यूज करने से बचें सर्दी के मौसम में बालों को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर यूज न करें। बाल नैचरली सूखें इसी में आपका फायदा है। अगर इमरजेंसी में कभी हेयर ड्रायर इस्तेमाल करना भी पड़े तो बालों को बहुत ज्यादा ड्राई न करें वरना बालों को नुकसान हो होगा ही वे बहुत ज्यादा फ्रिजी यानी उलझने भी लगेंगे। ड्रायर को कूल मोड पर सेट करें और जेंटली बालों पर इसका इस्तेमाल करें। बालों को सुखाकर ही बाहर निकलें सर्दी के मौसम में जहां तक संभव हो गीले बालों में घर से बाहर न निकलें। हमेशा बालों को पूरी तरह से सुखाकर ही घर से बाहर निकलें। ऐसा करने से न सिर्फ आप सर्दी और ठंड लगने से बच जाएंगी बल्कि आपके बाल भी ड्राई और कमजोर नहीं होंगे। साथ ही साथ हीट स्टाइलिंग टूल इस्तेमाल करने से पहले बालों में हीट स्प्रे या लीव-इन कंडिशनर जरूर लगाएं। ऐसा करने से आपके बाल हाइड्रेटेड, सॉफ्ट और शाइनी रहेंगे। बालों को प्रोटेक्ट करें सर्दी के मौसम में स्वेटर, जैकेट पहनने के साथ-साथ बालों को भी प्रोटेक्शन की जरूरत होती है। लिहाजा हैट या स्कार्फ का इस्तेमाल करें। मौसम में अचानक होने वाले बदलाव से बालों को काफी नुकसान हो सकता है।  

बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं। कैश क्लियर करें ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं। बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए ‘Free up space’ ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे। फालतू ऐप्स को करें डिलीट हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए। डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर माय फाइल्स में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो। जंक फाइल्स को हटाएं अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।  

जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं ये बुरी आदतें

आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो खुद को अपने जीवन में सफल देखने की ख्वाहिश ना रखता हो। हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए वो समय-समय पर कड़ी मेहनत भी करता है। लेकिन कई बार मेहनती होने के बावजूद कुछ लोगों से सफलता कोसों दूर बनी रहती है। जिसके पीछे उनकी 4 बुरी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। अतीत में फंसे रहना ऐसा व्यक्ति जो हमेशा अपने अतीत में फंसा रहता है, कभी भी अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले आसानी से नहीं ले पाता है। ऐसा करते समय वो हमेशा खुद को कमजोर महसूस करता है, जिसकी वजह से सफलता उनसे हमेशा दूर बनी रहती है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालें। जितना जल्दी हो सके अपने अतीत से बाहर निकलने की कोशिश करें। अविश्वासी होना जो व्यक्ति दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करते हैं, वो हमेशा अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं। किसी पर भी भरोसा न कर पाने की आदत उन्हें जीवन में आगे नहीं बढ़ने देती है। जिसकी वजह से उन्हें बाकी लोगों की तुलना में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। अकेलेपन की वजह से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। जबकि टीम के साथ मिलकर काम करने से आपको प्रोत्साहन और समर्थन मिलता है, जिससे आपकी उपलब्धियां और ज्यादा बढ़ती हैं। चुनौतियों का सामना करने से पीछे हटना जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियां लेने से घबराता है, वह अंदर ही अंदर खोखला और कमजोर होता चला जाता है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। गलतियों को अनदेखा करना जो व्यक्ति अपनी गलतियों को हमेशा अनदेखा करता रहता है, उनसे कोई सीख नहीं लेता है, उसे जीवन में असफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हर सफल व्यक्ति में अपनी गलतियों से सीखने का गुण होता है।

क्या सेफ है पब्लिक वाई-फाई? यूज करते वक्त क्यों बरतनी चाहिए सावधानी

इस साल की शुरुआत में प्राइम मिनिस्टर वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क स्कीम लॉन्च हुई थी। इस स्कीम का मकसद देशभर में मौजूद पब्लिक प्लेस पर लोगों को इंटरनेट से जोड़े रखना है। मौजूदा समय में इस सर्विस का लाखों लोग फायदा उठा रहे हैं। पब्लिक वाई-फाई हर जगह है, कॉफी शॉप से लेकर रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनसे कनेक्ट होने से आपका डेटा खतरे में पड़ सकता है। फ्री होने की वजह से बहुत से लोगों को पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क सुविधाजनक लगता है। आमतौर पर अपने डिवाइस को ज्यादातर यूजर्स ऑटो-कनेक्ट पर रखते हैं। लेकिन ये नेटवर्क सिक्योरिटी और प्राइवेसी रिस्क को बढ़ावा देते हैं, खासकर खुले नेटवर्क पर। बीते कुछ महीनों स्कैम के तमाम मामले सामने आए हैं। जिनमें स्कैमर्स ने लोगों को झांसे में फंसाने के लिए पब्लिक वाई-फाई की मदद ली। ऐसे में हम यहां कुछ जरूरी चीजें आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जो पब्लिक प्लेस पर मौजूद इंटरनेट का इस्तेमाल करते वक्त हमेशा जेहन में रखनी चाहिए। क्या है पब्लिक Wi-Fi? पब्लिक वाई-फाई एक ओपन नेटवर्क है, जो फ्री में पब्लिक प्लेस पर मौजूद होता है। यूजर्स को इस इंटरनेट सर्विस को एक्सेस करने के लिए किसी भी वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती है। सरल शब्दों में कहें तो हर वह नेटवर्क पब्लिक वाई-वाई है, जो आपके घर के दायरे में नहीं आता है। पब्लिक वाई-फाई अक्सर उन लोगों के लिए एक सहारा होता है, जो खराब मोबाइल कनेक्टिविटी वाले इलाकों में फंस जाते हैं। आजकल, कैफे, मॉल जैसे पब्लिक प्लेस पर पब्लिक वाई-फाई काफी पॉपुलर हो गया है। क्या सेफ्टी के लिए है रिस्क अब सवाल है कि, क्या पब्लिक वाई-फाई सेफ है, तो इसका जवाब एक नहीं है। क्योंकि पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल बिना किसी वेरिफिकेशन के कोई भी कर सकता है। इसलिए इसमें जोखिम बढ़ जाता है। स्कैमर्स यहां लोगों को फंसाने के लिए कोई तिकड़म लगा सकते हैं और आपके डिवाइस तक पहुंच सकते हैं। डिवाइस को एक्सेस करने से इनके पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित वेबसाइटों पर लॉगिन आईडी, पासवर्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और यहां तक कि लॉगिन क्रेडेंशियल जैसी डिटेल पहुंच सकती है। अनसिक्योरड नेटवर्क की पहचान  कनेक्ट करने के लिए किसी पासवर्ड की जरूरत नहीं होती है।  कोई HTTPS एन्क्रिप्शन नहीं होता है।  WPA2 या WPA3 एन्क्रिप्शन की कमी।  कोई ‘टर्म ऑफ यूज’ या ‘लॉगिन पेज’ नहीं।  एक जगह एक जैसे नाम वाले कई नेटवर्क।  VPN का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन यह भी बिल्कुल सेफ नहीं है।  पॉप-अप एडवर्टाइजमेंट पर क्लिक करने से बचें।  पब्लिक वाई-फाई यूज से ट्रांजैक्शन नहीं करना चाहिए।  पब्लिक वाई-फाई यूज करने से पहले प्रोवाइडर की जानकारी।  

सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं ये हेल्दी वाली चीजें, नाश्ते में न करें इनका सेवन

बिजी लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से लोगों खुद पर ध्यान नहीं रख पाते हैं। खुद को हेल्दी रखने के लिए लोग नाश्ते में कुछ चीजों का सेवन तो जरुर करते हैं लेकिन इनके सेवन से नुकसान भी हो सकता है। नाश्ता करने के साथ ही ये भी जरुरी होता है कि आप नाश्ते में खा क्या रहे हैं। इस लेख में हम उन चीजों के बारे बताने जा रहे हैं जो आपको सुबह नाश्ते में नहीं खाना चाहिए। यह चीजें दिखने में आपको काफी हेल्दी दिखती होगी लेकिन सेहत को यह नुकसान पहुंचा सकती है। सीरियल्स का सेवन लोग कहते हैं कि नाश्ते में सीरियल्स को खाना अच्छा होता है। वैसे तो लेबल पर भी हेल्दी लिखे होने का दावा करते हैं। लेकिन इन सीरियल्स में रिफायंड चीनी और कार्बोहाइड्रेट होता है जो इसे अनहेल्दी बना सकता है। योगर्ट अगर आप नाश्ते में दही और योगर्ट प्रोटीन और विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं। भूलकर भी नाश्ते में इसके सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेद में सुबह सबसे पहले दही खाने की मनाही होती है। इसके सेवन से शरीर में बलगम पैदा होता है। प्रोटीन बार जब आपके पास समय कम होता है, तो आप प्रोटीन बार खाना पसंद करते होंगे। लेकिन आपको बता दें कि, इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इन प्रोटीन बार में पर्याप्त प्रोटीन नहीं होता और इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। फलों का रस फलों का सेवन करना हेल्दी होता है लेकिन सुबह नाश्ते में फलों का रस पीने से शुगर लेवल बढ़ सकता है। क्योंकि इनमें फाइबर नहीं होता है। फलों के रस की जगह नींबू पानी और खीरे रस पी सकते हैं। वफल और पैनकेक सुबह नाश्ते में अगर आप वफल और पैनकेक नाश्ते में खाते हैं स्वाद में तो यह अच्छे लगते हैं। इन्हें आमतौर पर रिफाइंड सफेंद आटे से बनाया जाता है। इसमें चीनी की चाश्नी और मक्खन डाला जाता है, जो हेल्दी नहीं होता है।  

वेस्टर्न वियर के साथ झूमके को कुछ इस तरह करें स्टाइल

जब भी हम खुद को स्टाइल करती हैं तो उस दौरान अपने आउटफिट के साथ-साथ एक्सेसरीज पर भी उतना ही फोकस करती हैं। एथनिक वियर और वेस्टर्न वियर के साथ अलग-अलग तरह की एक्सेसरीज को स्टाइल किया जाता है। जहां तक बात झूमके की है, तो उसे एथनिक वियर जैसे सूट, अनारकली सूट या साड़ी के साथ पहना जाता है। लेकिन अगर आप चाहें तो झूमके को वेस्टर्न वियर के साथ स्टाइल करके आप एक फ्यूजन लुक क्रिएट किया जा सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि वेस्टर्न वियर के साथ आप झूमके किस तरह स्टाइल कर सकती हैं- कैजुअल वियर के साथ यूं करें स्टाइल अगर आप चाहें तो झूमकों को केजुअल वियर जैसे प्लेन टी-शर्ट, टैंक टॉप या क्रॉप टॉप के साथ जींस या डेनिम शॉर्ट्स के साथ पहनें। कैजुअल और स्टाइलिश लुक के लिए हल्के या ऑक्सीडाइज्ड झुमकों को पहना जा सकता है। उदाहरण के लिए, सिल्वर झुमकों को व्हाइट या ब्लैक टॉप के साथ पेयर किया जा सकता है। ब्लेज़र या जैकेट के साथ करें लेयर अरग आप चाहें तो ब्लेज़र या जैकेट के साथ भी झूमकों को स्टाइल कर सकती हैं। इसके लिए, ट्राउज़र या स्कर्ट के साथ टेलर किए गए ब्लेज़र, क्रॉप्ड जैकेट या लेदर जैकेट को पहनें। इस लुक में आप कुंदन या पर्ल डिज़ाइन जैसे स्टेटमेंट झुमकों को पहन सकती हैं। अपने लुक को बैलेंस करने के लिए आप बाकी एक्सेसरीज को बेहद मिनिमल रखें। बोहेमियन लुक के साथ करें एक्सपेरिमेंट अगर आप चाहें तो बोहेमियन लुक में भी झूमकों को स्टाइल कर सकती हैं। आप फ्लोई स्कर्ट, हरेम पैंट या पलाज़ो पैंट के साथ ऑफ-शोल्डर टॉप या ब्रालेट को स्टाइल करें। अपने लुक को कंप्लीट करने के लिए आप ऑक्सीडाइज़्ड या ट्राइबल स्टाइल के झुमकों को स्टाइल करें। अगर आप चाहें तो अतिरिक्त आकर्षण के लिए बैंगल्स या चंकी नेकलेस को भी पेयर कर सकती हैं। शर्ट के साथ करें स्टाइल शर्ट के साथ भी झूमकों को स्टाइल किया जा सकता है। इस लुक के लिए आप क्रिस्प व्हाइट शर्ट या ओवरसाइज़ बटन-डाउन को हाई-वेस्ट पैंट या स्कर्ट में टक करें। अब इसके साथ आप मीडियम साइज़ के झुमके पेयर करें। मुड़ी हुई आस्तीन या ढीली-ढाली शर्ट फ्यूजन वाइब को बढ़ाती है।  

बीएसएनएल ने नए किफायती रिचार्ज प्लान किए पेश

नई दिल्ली BSNL की तरफ से रिचार्ज प्लान की कीमतों में बदलाव किया जाता रहा है। अब कंपनी की तरफ से सस्ता रिचार्ज प्लान लाया गया है। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा ऑफर्स दिए जा रहे हैं। कम बजट में आपको बेहतरीन प्लान्स दिए जा रहे हैं। आज हम आपको BSNL के कुछ ऐसे ही प्लान्स के बारे में बताने जा रहे हैं। BSNL की तरफ से नेटवर्क कवरेज पर भी काम किया जा रहा है। BSNL 999 प्रीपेड प्लान BSNL 999 प्रीपेड प्लान की बात करें तो इसकी वैलिडिटी 200 दिनों की मिलती है। साथ ही इसमें अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग भी दी जा रही है। ये ऐसे यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है जो कॉलिंग के लिए कोई फोन सर्च कर रहे हैं। जबकि इस प्लान में फ्री डेटा भी दिया जा रहा है। हालांकि इस प्लान में फ्री डेटा नहीं मिल रहा है। BSNL लगा रहा नए टॉवर BSNL की तरफ से नेटवर्क कवरेज के लिए भी नया प्लान बनाया जा रहा है। 50 हजार नए 4G मोबाइल टॉवर स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें से 41 हजार ने काम करना भी शुरू कर दिया है। BSNL का उद्देश्य है कि अगले कुछ महीनों में 50 हजार नए टॉवर लगाए जाएंगे। कंपनी की तरफ से 4G सर्विस की शुरुआत भी की जा रही है। अगले साल जून महीने तक इसकी शुरुआत हो सकती है। BSNL 5G BSNL की तरफ से 5G नेटवर्क की टेस्टिंग भी कर ली गई है। खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फोन से वीडियो कॉल की थी। इसके साथ ही BSNL से सुपरफास्ट इंटरनेट का रास्ता साफ हो गया था। यानी यूजर्स को बेहतरीन नेटवर्क मिलने वाला है जो इसे सबसे अलग बनाएगा। BSNL 5G को लेकर सिंधिया ने कहा था कि इस नेटवर्क को लाने में हम थोड़ा लेट जरूर हो गए हैं, लेकिन हम एक बेहतरीन नेटवर्क लेकर आने वाले हैं जो काफी बेहतर होने वाला है।

आधार कार्ड अपडेट करवाना है, तो जाने ये नियम

नई दिल्ली आधार कार्ड होल्डर हैं और आपको आधार कार्ड अपडेट करवाना है तो हम कुछ जानकारी आपको देने वाले हैं। इसकी मदद से आपके लिए कुछ चीजों को जानना आसान होने वाला है। अगर आप इन चीजों को फॉलो करेंगे तो काफी आसान होने वाला है। UIDAI से संबंधित आपको जानकारी देने वाले हैं। UIDAI के अपडेट की मानें तो डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की आखिरी तारीख 14 दिसंबर तक तय की गई है। यानी आप आधार कार्ड अपडेट से संबंधित डॉक्यूमेंट्स को इस बीच अपलोड कर सकते हैं। किन दस्तावेज को कर सकते जमा ? 14 दिसंबर तक ID Proof, एड्रेस प्रूफ समेत जानकारी अपडेट करने के दस्तावेज को अपलोड किया जा सकता है। UIDAI की तरफ से दी गई डेडलाइन के अंतर्गत आपको ये काम पूरा करना होगा। हालांकि इससे पहले भी डेडलाइन को UIDAI की तरफ से आगे बढ़ा दिया गया है। अगर आप भी इसे पूरा करना चाहते हैं तो आज ही डॉक्यूमेंट्स अपलोड का प्रोसेस फॉलो करना चाहिए। गैजेट (राजपत्र) की डिमांड- आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए गैजेट की जरूरत पड़ने वाली है। UIDAI की तरफ से इससे संबंधित नया फैसला लिया गया है। नाम से संबंधित बदलाव को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। दरअसल स्कैम और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। अब अगर आप नाम में बदलाव करवाना चाहते हैं तो गैजेट पेपर देना होगा। जबकि अन्य बदलाव ऐसे भी किए जा सकते हैं, लेकिन उसके लिए भी आपको सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट प्रोवाइड करवाना होगा। हाल ही में इससे संबंधित फैसले लिए गए हैं। UIDAI सेंटर पर जाकर करें अपडेट- UIDAI सेंटर पर जाकर भी आप अपडेट कर सकते हैं। अगर आप DOB में कोई करेक्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सेंटर पर विजिट करना होगा। क्योंकि ये बदलाव ऑनलाइन नहीं किया जा सकता है। इसके लिए नजदीकी सेंटर पर जाना अनिवार्य होगा।

लाइफ में खुश रहने के लिए इन 5 बातों को जरूर जानें

सक्सेजफुल होने के लिए खुद पर फोकस करना जरूरी है। जब तक आप खुश होकर किसी काम को करने की शुरुआत नहीं करेंगे। सक्सेज आसानी से हाथ नहीं लगेगी। इसलिए लाइफ कोच अक्सर अपने आप में इस तरह के 4-5 बदलावों को लाने के लिए बोलते हैं। जिससे ना केवल आप सक्सेजफुल बनें बल्कि लाइफटाइम हैप्पी भी रहे। खुद को एक्सेप्ट करना सीखें। दूसरों के प्रभाव में आकर खुद के अंदर फिजिकल या इमोशनल बदलाव लाने की जरूरत नही है। अगर आपको लगता है कि आप जैसे भी हैं अच्छे हैं तो किसी की बात का निगेटिव असर पर्सनैलिटी पर ना पड़ने दें। अपना बेस्ट दें जब भी किसी काम की शुरुआत करें तो अपना बेस्ट दें। उस काम को पूरा करने के लिए अपनी पूरी मेहनत और लगन लगा दें। भले ही उस काम में सक्सेज ना मिले लेकिन मन में किसी भी तरह का पछतावा नहीं रहना चाहिए। अपने आप पर भरोसा रखें आत्मविश्वास जरूरी है किसी भी काम को लाइफ में पूरा करने के लिए सेल्फ कॉन्फिडेंस रखें। तभी कठिन से कठिन काम को करना आासन हो पाएगा। खुद पर जुल्म ना करें किसी काम को पूरा करने के लिए या करियर में आगे बढ़ने के लिए भी अपनी फिजिकल या मेंटल हेल्थ के साथ खिलवाड़ ना करें। जितना हो सके बस उतना ही करें क्योंकि सेहत और लाइफ सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस चीज को पसंद करें वो काम करें अगर आपको कोई काम अच्छा लगता है और वो पॉजिटिव काम करके खुशी मिलती है तो जरूर करें। अपनी हॉबी और शौक को पूरा जरूर करें। इससे मेंटल पीस मिलता है और आप ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

इन चीजों से पूरी होगी खूबसूरत और घने बालों की चाहत

लंबे, काले और घने बालों की चाहत हर लड़की की होती है। मगर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण में यह इच्छा पूरी होना बहुत मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पोषण की कमी। घने बालों के लिए आपको इन खास बातों पर ध्यान रखने की जरूरत होती है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए पोषण के साथ स्वस्थ आहार लेना भी जरूरी होता है, ताकि आपके बाल स्वस्थ रहें। हालांकि कुछ प्राकृतिक चीजों की मदद से आप अपने बालों को स्वस्थ और घना बना सकती हैं। तो आइए आपको उन प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताते हैं जिससे आपके बाल स्वस्थ और घने बनते हैं। घने बाल पाने के लिए प्राकृतिक उपाय अंडा अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है जो बालों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। अगर आप बालों को स्वस्थ बनाने के लिए अंडे का इस्तेमाल करते हैं तो इससे कुछ समय में बाल घने हो जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए 1-2 अंडों को फेट कर स्कैल्प और बालों पर लगाएं। इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी और शैम्पू से बालों को धो लें। एलोवेरा जेल बहुत से लोगों को लगता है कि एलोवेरा जेल सिर्फ त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। मगर ऐसा नहीं है यह बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। शुद्ध एलोवेरा जेल को स्कैल्प और बालों पर लगाने से बाल घने होते हैं। कैस्टर ऑयल कैस्टर ऑयल में उच्च मात्रा में विटामिन ई और फैटी एसिड होते हैं। बालों को स्वस्थ बनाने के लिए विटामिन ई फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल करना आसान होता है। आपको बस कैस्टर ऑयल से बालों और स्कैल्प पर मसाज करनी होती है। मसाज करके 30 मिनट तक बालों पर कैस्टर ऑयल लगे रहने दें। उसके बाद बालों को धो लें। ऑलिव ऑयल ऑलिव ऑयल में उच्च मात्रा में ओमेगा 3 एसिड होता है जो बालों के साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। जब आप बालों पर ऑलिव ऑयल लगाते हैं तो इससे बाल घने बनते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए ऑलिव ऑयल को शरीर के तापमान जितना गर्म कर लें। उसके बाद बालों और स्कैल्प पर गुनगुने तेल से मसाज करें। 30-45 मिनट तक इसे बालों पर लगे रहने दें। उसके बाद बालों को शैम्पू से धो लें। एवोकाडो एवोकाडो में उच्च मात्रा में विटामिन ई होता है जो एक अच्छे मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक एवोकाडो को कद्दूकस करके उसमें 1 चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट तक इस पेस्ट को लगे रहने दें। उसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।  

महिलाओं में कमर दर्द की ज्यादा शिकायत

सामान्य सर्दी के बाद, पीठ दर्द सभी उम्र के लोगों में होने वाली दूसरी सबसे प्रचलित समस्या है। सेवानिवृत्त शिक्षिका 60 वर्षीय आशा शर्मा सक्रिय जीवन जीती थीं जब तक कि उनके पीठ दर्द ने उन्हें व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय नहीं कर दिया। उन्होंने एक डॉक्टर से दिखाया जिन्होंने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। लेकिन श्रीमती शर्मा सर्जरी कराना नहीं चाहती थीं और उन्होंने वेंकटेश्वर अस्पताल में एक विशेषज्ञ से एक और राय लेने का विचार किया। उन्होंने वेंकटेश्वर हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी बिभाग से संपर्क किया जहां उन्हें सर्जरी के निर्णय लेने से पहले ट्रायल के तौर पर सेल्फ केयर की सलाह दी क्योंकि यह देखा गया है कि सेल्फ केयर से लगभग 50 प्रतिशत रोगियों को पीठ दर्द से राहत मिल जाती है। आज, वह अपने पैरों पर वापस खड़ी हो गई हैं। वेंकटेश्वर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पिंदर कुमार सचदेव कहते हैं, “सर्जरी उन लोगों के लिए सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जिनमें नर्व रूट पर दबाव पड़ रहा हो या रीढ़ की हड्डी अस्थिर हो गई हो।“ पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं न केवल कमर और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से ग्रस्त होती हैं, बल्कि उनकी समस्याएं भी गंभीर होती हैं। महिला की शारीरिक संरचना का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से तेजी से उनकी हड्डी का नुकसान होने लगता है और इसका खतरनाक भाग उम्र का बढ़ना है। आमतौर पर 30 वर्ष की आयु और रजोनिवृत्ति की शुरुआत के बीच, महिलाओं में हड्डी का घनत्व का और अधिक तेज़ी से कम होता है। “महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे डीजेनेरेटिव डिस्क रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह एक सामान्य बीमारी है जिसे रप्चर्ड डिस्क कहा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को धक्का देता है, तंत्रिका पर दबाव डालता है, जिससे हर्निएटेड या स्ल्पि्ड डिस्क हो जाती है।“ रीढ़ एक स्तंभ के रूप में कार्य करता है जो आपके शरीर के वजन को वहन करता है। यही कारण है कि रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वस्थ जीवनशैली रीढ़ की हड्डी में दर्द, कमर दर्द, इत्यादि का खतरा पैदा करती है। इस तरह के परेशान करने वाले दर्द और पीड़ा से बचने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सलाह दी गई हैं जिन पर अमल करने पर आपको फिट रहने में मदद मिलेगी। अपने शरीर की सुनो : आपका शरीर आपको संकेत भेजता रहता है कि चीजें अस्वस्थ हैं। लेकिन अधिकतर बार हम इन संकेतों को तब तक अनदेखा करते रहते हैं, जब कि बहुत देर न हो जाए। अपनी रीढ़ की हड्डी सीधे रखें : हमेशा सीधे खड़े हों और सीधे बैठें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बैठे होते हैं, तो यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि यह झुकती है। जब आप बैठे होते हैं तो आपके घुटने सही स्थिति में हो और आपके पैर फ्लैट हों। अपनी शारीरिक गतिविधियां जारी रखें : जब मांसपेशियां थक जाती हैं तो स्लचिंग (आगे झुक कर बैठना या चलना), स्लंपिंग (अचानक गिरना) और अन्य खराब मुद्राएं होने की अधिक संभावना होती हैं। इसके कारण, गर्दन और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिलैक्स्ड लेकिन समर्थित मुद्रा को बनाए रखने के लिए, अक्सर अपनी पॉजिशन बदलें। व्यायाम : रीढ़ की हड्डी को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए उन मांसपेषियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है जो रीढ़ की हड्डी को स्थिर करती हैं और आपको कुशलतापूर्वक चलने-फिरने में मदद करती हैं।  

लैंग्वेज से स्ट्रांग बनता है कैरियर

लीक लीक चले कायर, लीक चले कपूत लीक से हटकर चलें दर्शन, शायर, सपूत।। जी हां, वर्तमान में कैरियर के कई बेहतर विकल्प निकलकर सामने आ रहे हैं। इन विकल्पों में बहुत से विकल्प ऐसे हैं जो पैसा देते हैं मगर इनमें लाईफ का स्ट्रगल और फिल्ड की टफेस्टनेस काफी होती है। ऐसे में युवा कम रिस्की, अच्छी इनकम देने वाला और अच्छा रोजगार पाना चाहता है। यदि आपको नई तरह की भाषाऐं सीखना पसंद है और आप कई भाषाओं के लोगों से बात करना चाहते हैं तो आपके लिए केरियर का यह आप्शन काफी अच्छा साबित हो सकता है। जी हां, आप दुभाषिए, ट्रांसलेटर आदि बन सकते हैं। हर दिन ग्लोबलाईजेशन का दायरा बढ़ता जा रहा है। लोगों की पहुंच बढ़ी है। दूसरी ओर विदेशों से भी काम को हायर किया जा रहा है। जिसके लिए कंपनियों को ऐसे लोगों की जरूरत है जिसके माध्यम से विदेशी भाषाओं का अच्छा ज्ञान मिल सकता है। यही नहीं बीते वर्षों में विदेशी भाषाओं का बोलबाला है। बड़ी संख्या में भारत के विद्यार्थी फ्रेंच, जर्मन, रशियन, चाइनीज, जापानीज, स्पेनिश और कोरियन आदि सीख रहे हैं देश के कई विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा इस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत संभावनाऐं हैं। यदि आपको अंग्रेजी, हिंदी, रशियन, फ्रेंच, जर्मन, बंगाली, मराठी, उडि़या, भोजपुरी, मद्रासी आदि भाषाऐं आती हैं तो आप विदेशी भाषाओं के ज्ञान के चलते दूतावास, अनुवादक, प्रशिक्षक या अन्य किसी तरह का रोजगार पा सकते हैं वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय या प्रादेशिक भाषा का ज्ञान होने पर आप इन क्षेत्रों की फिल्म इंडस्ट्री, एडर्वटाईजिंग, प्रोडक्शन आदि में बतौर लेखक, डबिंग आर्टिस्ट और अनुवाद क्षेत्र आदि में अपना हाथ आजमा सकते हैं।  

फेसबुक प्रोफाइल से अनचाहे लोगों को कैसे रखें दूर, जानिए

नई दिल्ली क्या आपको पता है कि फेसबुक पर हमारी गतिविधियों के बारे में कोई भी बेहद आसानी से जान सकता है? हमारी निजी जानकारियां इंटरनेट पर जासूसी करने वालों से सुरक्षित नहीं है। खासतौर से फेसबुक पर (थ्ंबमइववा) हम जो जानकारियां सबमिट करते हैं, उन्हें चोरी-छिपे बेहद आसानी से देखा जा सकता है। यदि आपको फेसबुक की कुछ ट्रिक्स मालूम हों, तो आप इस खतरे को टाल भी सकते हैं। फेसबुक प्रोफाइल बनाते वक्त हम सबमिट करते हैं अपनी बहुत-सी जानकारियां आमतौर पर लोग फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल फोटो शेयरिंग, लाइक, कॉमेंट, वीडियो अपलोड करने के लिए करते है। आप अन्य लोगों द्वारा शेयर की गई फोटो, वीडियो पर लाईक या कमेंट भी करते हैं। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ज्वाइन करने से पहले आप प्रोफाइल बनाते हैं और इस प्रक्रिया के दौरान ही आप अपनी तमाम जानकारियां भी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि हमें यह मालूम नहीं होता कि हमारी इन्हीं जानकारियों को कोई अनजान व्यक्ति चुरा भी सकता है। कैसे होती है फेसबुक प्रोफाइल की जासूसी आपकी दी गई जानकारी के मुताबिक कंपनियां आपको ऐड भेजती हैं और अगर आपने मोबाइल नंबर शेयर किया हुआ है तो आपको फोन भी करती हैं। इसी तरह कई कंपनियां आपकी जानकारी हासिल कर आपको अपने प्रोडक्ट के लिए ऐड भेजती है। यदि आप जागरूक हों, तो ऐसी ऐड ट्रैकिंग से बाहर निकलना बेहद आसान है। आगे हम आपको ऐसे 8 स्टेप्स बताएंगे, जिनके जरिए आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल की जासूसी करने वाले लोगों और कंपनियों को ब्लॉक कर सकते हैं…. 1. अपने फेसबुक प्रोफाइल पेज के बाईं ओर ऊपर की तरफ डाउन ऐरो पर क्लिक कर सेटिंग्स पर क्लिक करें। 2. सेटिंग्स में दाईं ओर लिस्ट में एडस पर क्लिक करें 3. इसके बाद इसमें देखें कि आप किस-किस के साथ अपनी इंफॉर्मेशन शेयर कर रहें हैं। 4. यहां पर नो वन पर क्लिक करके सेव चेंजेज पर क्लिक कर दें। 5. अब अपने होम पेज पर वापस आएं और दाईं ओर ऊपर की तरफ लाॅक मेनू पर जाएं। 6. यहां पर बाईं ओर एप्स पर क्लिक करें। 7. यहां दिख रहे एप्स आपको फाॅलो कर रहे हैं। 8. एक-एक पर जाकर आप उसे एडिट या डीलीट कर सकते हैं।  

न्यू ईयर में दिखना है कुछ खास तो आजमाएं ये टिप्स…

न्यू ईयर के कितने दिन ही रह गए हैं। इसमें सबी अपनी-अपनी तरह से सेलीब्रेट करेगे। कोई कही घूमने जाएगा तो कोई पार्टी करेगा। सभी लोग अपने तरीके से इसे सेलीब्रेट करते है। अगर आप भी इस न्यू ईयर की पार्टी में कही जा रही है फिर घर में ही पार्टी कर रही है जो यह बात तो पक्की हैं कि आप सबसे अलग दिखने के लिए ड्रेस, हेयर स्टाइल सभी सोच चुकी होगी। जिससे कि आपके ऊपर सभी की नजरे टिकी रह जाएं। लेकिन इसके साथ जरुरी है कि आपका चेहरा भी सुंदर दिखें। इस सर्दियों का मौसम एक ऐसा मौसम है। जिसमें हमारे शरीर की स्किन शुष्क हो जाती है। बेजान गहो जाती है। जिसके कारण यह देखने में और बुरी लगती है। इसके लिए आफ कुछ न कुछ उपाय करते रहते है। नए साल के ज्यादा दिन नही रह गए है। अगर आप अपने चेहरे में एक अलग सा ग्लो लाना चाहते है तो इन टिप्स को करें। जो आपको जल्द ही सुंगर बना देगा। जानिए इन टिप्स के बारे में। -सर्दियों के मौसम में हमारे स्किन और शरीर से एक तरह की पपड़ी निकलने लगती है। जिसके कारण स्किन देखना अच्छा नही लगता है। इसके लिए नींबू कारगार हो सकता है। इससे आपकी मृत कोशिकाएं छीट हो जाएगी। इसके लिए नींबी के रस को अपने चेहरे में लगाएं और 5 मिनट बाद गुनगुनें पानी से अपना चेहरा धो लें। -अगर आप ग्लो स्किन चाहते है तो योगा काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए उत्तासना योगासन करें। इस योगा को करने से आपके चेहरे और शरीर के अन्य भागों में रक्त संचार बढ़ेगा। जिससे आपके चेहरे में ग्लो आएगा। -अगर आप सर्दियों में सनस्क्रीन का यूज नही करती है तो यब आपकी भूल हैं। इस मौसम में भी इसको लगाना चाहिए। इसको लगाने से आपको पिगमेंटेशन से बचे रहेगे। -अगर आपकी स्किन रूखी है तो इसके लिए आप बादाम का तेल यूज करें। इससे आपकी स्किन का रूखापन दूर हो जाएगा, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में विटामिन ए, बी, डी और ई पाई जाती है। जो आपके शरीर के पोषक के साथ रूखी त्वचा को सही करता है। -अगर सर्दियों में आप अपने चेहरे को गर्म पानी से धोते है तो इससे आपका चेहरा रुखा हो जाएगा। इसलिए गुनगुनें पानी का इस्तेमाल करें। -अगर आपके चेहरे में दाग-धब्बें या आपकी स्किन ऑयली है तो आप आलिव ऑयल या बेबी ऑयल का इस्तेमाल करें। इसमें अधिक मात्रा में फैट और एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो आपके चेहरे के दाग धब्बें खत्म कर देता है और यह ऑयली नही होता है। इसे कॉटन बॉल की मदद से अपने चेहरे में लगाएं और आधे घंटे बाद साफ तौलिया से पोछ लें।  

ईयरबड्स की समय समय करें सफाई

नई दिल्ली आजकल ईयरबड्स हमारे रोज़मर्रा के जीवन का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। चाहे म्यूजिक सुनना हो, कॉल अटेंड करना हो, या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना हो, ईयरबड्स हर जगह काम आते हैं। लेकिन इन्हें साफ रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि गंदे ईयरबड्स से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ईयरबड्स को साफ करने के लिए ये आसान कदम अपनाएं: साफ करने के लिए सामान तैयार करें     माइक्रोफाइबर कपड़ा     नरम ब्रश (पुराने टूथब्रश का भी उपयोग कर सकते हैं)     थोड़ा गीला कपड़ा या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (70% या अधिक)     ईयरबड्स का पावर बंद करें     ईयरबड्स को साफ करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पावर ऑफ हैं और चार्जिंग केस से बाहर हैं। सतह की सफाई करें     ईयरबड्स की बाहरी सतह को माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछें।     स्पीकर ग्रिल या छोटे छेदों में जमा गंदगी को ब्रश से हल्के से साफ करें। डीप क्लीनिंग     कपड़े को हल्का गीला करें या उसमें थोड़ी मात्रा में आइसोप्रोपाइल अल्कोहल लगाएं।     इसे ईयरबड्स की सतह पर धीरे-धीरे रगड़ें।     सुनिश्चित करें कि कोई तरल ईयरबड्स के अंदर न जाए। चार्जिंग केस की सफाई     चार्जिंग केस को सूखे और गीले कपड़े से साफ करें।     पिन और कनेक्टर को ज्यादा दबाव न दें। सावधानियां:     पानी का उपयोग न करें, खासकर अगर ईयरबड्स वॉटरप्रूफ न हों।     नियमित रूप से सफाई करें, खासकर अगर आप ईयरबड्स रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं।     सफाई के बाद उन्हें पूरी तरह सुखने दें।

फिजिकली फिट होने के साथ ही मेंटली फिट होना बहुत जरूरी

रिश्ते को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कपल्स के बीच में सही तालमेल होना जरूरी है। इन दिनों ज्यादातर लोग मानसिक बीमारियों के कारण परेशान है। अगर आपका पार्टनर भी किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं तो इसका निगेटिव असर आपके रिश्ते पर हो सकता है। दरअसल जब आपका पार्टनर किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित होता है तो उसे समझाना तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे में समझ नहीं आता कि इस मानसिक बीमारी से पीड़ित पार्टनर की मदद कैसे करें, तो यहां जानिए। 1) अच्छे से सुनने वाले बनें- जब भी आप अपने पार्टनर से बात करें तो उनकी बात परे ध्यान से सुनें और कोशिश करें कि आप बीच में न बोलें या बीच में सलाह न दें। पूरी बात सुनने समझने के बाद ही कुछ बोलें क्योंकि जो लोग मानसिक समस्याओं से जूझ रहे होते हैं वह अक्सर कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं होते हैं। 2) सेल्फ केयर की प्रेक्टिस करें- अपना ख्याल रखने से आपको अपने रिश्ते को मजबूत करने और अपने पार्टनर की देखभाल करने की क्षमता में सुधार करने में मदद मिल सकती है। अपने पार्टनर के साथ व्यायाम करें, हेल्दी डायट लें और रात की अच्छी नींद लें। इससे मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और खुशहाली बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 3) गलतियों पर गुस्सा न करें- मानसिक बीमारी होने पर व्यक्ति के स्वभाव में बदलाव आता है। ऐसे में व्यक्ति को मूड स्विंग्स की समस्या होती है। ऐसे में अगर आपके पार्टनर को कोई मानसिक बीमारी है और वो कोई गलती करते हैं, तो आपको उन पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। आप बाद में उन्हें समझा सकते हैं। लेकिन आपका गुस्सा उन्हें गलत चीजें करने को ट्रिगर कर सकता है। 4) लिमिट का सम्मान करें- आपको अपने पार्टनर समझना चाहिए कि उनको कभी-कभी स्पेस चाहिए हो सकता है। ऐसे में उनकी लिमिट का सम्मान करें और उन्हें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का समय दें।

स्ट्रेट बाल रखने के लिए करती हैं खूब खर्च, तो जानिए बड़े काम की बात

मुलायम चमकते एकदम सीधे-सीधे, स्ट्रेट बाल किसे नहीं पसंद आते? जहां लड़कियां खुद को स्ट्रेट बालों में देखना चाहती हैं, वही लड़के भी लड़कियों के लंबे स्ट्रेट बाल के कायल हो जाते हैं। कुछ लड़कियों के कुदरती ही सीधे-सीधे बाल होते हैं लेकिन सभी लड़कियां इतनी लकी नहीं होती हैं। ऐसे में वे पार्लर के चक्कर लगाती है और महंगे उत्पादों पर खर्च करती है, लेकिन तब भी कुछ समय बाद उनके बाल वापस अपने प्राकर्तिक रूप में आ जाते है। ऐसे में यदि अब आपको पता चले कि कुछ ऐसे घरेलू तरीके है, जिनसे आप घर पर ही बिना खर्च के स्ट्रेट बाल पा सकती हैं, तो आप जरूर उन्हें आजमाना चाएगी। आइए जानते है, बालों को स्ट्रेट करने के घरेलू तरीके:   1. कोकोनट मिल्क और लेमन जूस को किसी कटोरी में अच्छी तरह से मिक्स करके, कुछ घंटों के लिए फ्रीज में रख दीजिए। अब इन्हें अपने बालों पर मास्क की तरह लगाएं और कुछ देर बाद उन्हें 15 मिनट के लिए भाप दीजिए। भाप देने के बाद आप बालों को किसी बेहतर शैंपू से धो लें और पाएं खूबसूरत स्ट्रेट बाल।   2. बालों को प्राकृतिक रूप से स्ट्रेट करने का एक और तरीका है बेसन, मुलतानी मिट्टी और सिरका। इसके लिए लगभग 4 बड़े चम्मच बेसन और इतनी ही मात्रा में मुलतानी मिट्टी को ले लीजिए। अब इसमें आधा कम सिरका मिलाएं। तैयार किए गए इस पेस्ट को 10 से 15 मिनट बालों पर लगाएं और शैंपू से बालों को अच्छी तरह धो लें।  

बहुत गुणकारी है शहद, जानिए इससे होने वाले 6 फायदों के बारे में

सेहत से लेकर खूबसूरती तक शहद की अहम भूमिका होती है। जहां शहद का प्रयोग त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, तो वहीं सेहत के लिए भी शहद बहुत गुणकारी है। शहद के गुण जहां आपको स्वस्थ रख सकते हैं, तो खूबसूरती बनाए रखने में भी यह मददगार है। साथ ही कहा जाता है कि शहद जितना पुराना होता है, उतना ही इसके गुणों में इजाफा होता है। तो आइए जाने शहद से होने वाले 6 फायदों के बारे में? शहद से होने वाले फायदे : शहद खांसी में फायदेमंद होता है। यदि किसी लंबे समय से खांसी बनी हुई है तो शहद का सेवन खांसी से राहत दिला सकता है। वजन कम करने में फायदेमंद : यदि कोई अपना वजन कम करना चाहता है तो रोज सुबह खाली पेट गर्म पानी में शहद और नींबू डालकर पीने से वजन कम करने में आसानी होती है चेहरे में ग्लो के लिए शहद फायदेमंद होता है। यदि आप शहद का रोज सेवन करती हैं तो यह आपकी त्वचा में नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है। यदि आपको छाले हो गए हैं, तो शहद में चुटकीभर हल्दी का पाउडर मिलाकर छालों में लगाने से फायदा मिलता है। शहद को दूध के साथ पीने से वजन बढ़ाने में आसानी होती है शहद चोट को ठीक करने में मदद करता है। इसे किसी भी तरह की चोट या जले पर लगाने से जख्म जल्दी ठीक हो जाते हैं।  

खुशहाल जीवन के लिए संतुष्टि, पॉजिटिविटी और शान्ति के लिए 5 मंत्र

हर कोई चाहता है कि वह लाइफ में हमेशा खुश और संतुष्ट रहे। लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि हमारे लिए क्या जरूरी है। ऐसे में कुछ पॉजिटिव जीवन मंत्र आप बेस्ट लाइफ के लिए अपना सकते हैं। यहां हम 5 ऐसे पॉजिटिव मंत्र के बारे में बता रहे हैं, जो बेस्ट लाइफ जीने में आपकी मदद करेंगे। 1) ग्रेटिट्यूड की प्रेक्टिस करें जीवन में मौजूद चीजों को स्वीकार करें और उनकी सराहना करें। बेस्ट और पॉजिटिव लाइफ जीने के लिए ग्रेटिट्यूड का होना बहुत जरूरी है। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिनके लिए हमें आभारी होना चाहिए। खासकर उन चीजों के लिए जो अभी हमारे पास हैं। जितना ज्यादा आप चीजों की सराहना करेंगे तो आप खुद में खुशहाल और संतुष्ट महसूस करेंगे। 2) माफ करने की प्रेक्टिस करें माफ करना कोई आसान काम नहीं है। मन में नाराजगी रखने से हम शारीरिक और भावनात्मक रूप से कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में शिकायतों को दूर करने से पॉजिटिविटी के लिए हमारा दिमाग में जगह खाली हो सकती है। 3) ऐसा काम करें जिनसे आपको खुशी मिले पॉजिटिव लाइफ जीने का मतलब है ऐसी एक्टिविटीज करना जो हमें खुशी, संतुष्टि और उपलब्धि की भावना दें। वे लोग सबसे अच्छा जीवन जीते हैं जो उस काम को करते हैं जो उन्हें पसंद होता है। खुशी बेहतर जीवन जीने का मुख्य सार है। अगर आप खुश रहते हैं तो जीवन पूरी तरह तैयार और संपन्न हो जाता है। 4) अपने आप को पॉजिटिविटी से घेरें हमें ऐसे लोगों के साथ समय बिताने की कोशिश करना चाहिए जो आपको अपलिफ्ट कर सकते हैं और मोटिवेट कर सकते हैं। पॉजिटिविटी के संपर्क में आने से अक्सर हमें अपने अंदर पॉजिटिवीटी बनाए रखने में मदद मिलती है। 5) सेल्फ केयर पर ध्यान दें खुद की देखभाल को प्राथमिकता देने से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक भलाई में मदद मिल सकती है। नियमित व्यायाम, संतुलित डायट लेना, पर्याप्त नींद लेना और आराम करने के लिए समय निकालना पॉजिटिव माइंड में मदद कर सकता है। जितना ज्यादा आप सेहत का ध्यान रखेंगे उतना ज्यादा आप खुद को पॉजिटिव और पूर्ण पाएंगे।

फोन में दिखें ये 8 साइन, तो समझ जाएं हो रही है जासूसी?

इंटरनेट के दौर में फोन हैकिंग की घटनाएं बढ़ गई है। साथ ही हर सेक्टर में टेक की एंट्री हो रही है, जिसकी वजह फोन को हैक करना आसान हो गया है। ऐसे में आप कैसे पता लगा सकते हैं कि आपका फोन हैक हो गया है? दरअसल आज हम आपको कुछ साइन बताएंगे, जिससे आप पता लगा सकते हैं कि आपका फोन हैक हो गया है… बैटरी लाइफ अगर आपके फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो रही है, तो हो सकता है कि आपका फोन हैक हुआ हो, क्योंकि कई बार बैकग्राउंड में जासूसी ऐप्स चलने की वजह से फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है। ऐसे में फोन की बैटरी की तरफ ध्यान देने की जरूरत होती है। फोन पर गैरजरूरी ऐप आपको फोन में ऐप्स की डिटेल रखनी चाहिए कि कहीं आपके फोन में बिना आपकी इजाजत के कोई ऐप इंस्टॉल ना हो गया हो। अगर ऐसा होता है, तो यह फोन हैकिंग की वजह बन सकता है। इन अनजान ऐप्स में जासूसी सॉफ्टवेयर छिपे हो सकते हैं। डिवाइस ओवरहीटिंग जासूसी ऐप आमतौर पर रियल टाइम में डिवाइस लोकेशन ट्रैकिंग करते हैं, इसके लिए जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपके फोन के हार्डवेयर पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है। इसकी वजह से ओवरहीटिंग की समस्या हो जाती है। डेटा खपत में इजाफा अगर आपके फोन को ट्रैक किया जाता है, तो डेटा की खपत में अचानाक से बढ़ जाती है। ऐसे में अगर डेटा खपत में अचानक से इजाफा हो जाएं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। डिवाइस की खराबी फोन हैकिंग होने पर डिवाइस की खराबी जैसे स्क्रीन फ्लैशिंग, ऑटोमेटिक फोन सेटिंग्स चेंज, या फोन काम न करना जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। कॉलिंग में बैकग्राउंड न्वॉइज कुछ जासूसी ऐप्स फोन कॉल रिकॉर्ड करते हैं। ऐसे में जब फोन कॉल के दौरान किसी भी बैकग्राउंड न्वॉइज सुनाई दे, तो सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि ये हैंकिंग का संकेत हो सकते हैं। गैरजरूरी ब्राउजिंग हिस्ट्री अपने डिवाइस के ब्राउजिंग हिस्ट्री की निगरानी करें, जिसमें ट्रैकिंग या जासूसी एप्लिकेशन डाउनलोड करने से जुड़ी वेबसाइटों का पता लगाया जा सके।

किसी के मन की बात को आसानी से समझने के लिए समझें बॉडी लैंग्वेज

बॉडी लैंग्वेज की मदद से किसी के मन की बात को आसानी से पढ़ा जा सकता है। इस तरह की हरकतों से पता चलता है कि सामने वाले को आपकी बातों में जरा भी इंटरेस्ट नही है। जरूरी नहीं कि आपकी बातें हर किसी को पसंद आए। कई बार जब किसी को सामने वाले की बातें पसंद नहीं आती तो वो डायरेक्ट कुछ बोलने की बजाय अपनी बॉडी लैंग्वेज से उसे जाहिर करता है। अगर आप जिस इंसान से बात कर रहे हैं और वो इस तरह की बॉडी लैंग्वेज शो कर रहा है तो इसका मतलब है कि उसे आपकी बातों में जरा भी दिलचस्पी नहीं है और वो जल्द से जल्द बातों का सिलसिला खत्म करना चाहता है। अगर किसी से बातचीत के दौरान इस तरह की बॉडी लैंग्वेज दिख रही है तो समझ जाएं कि उसे आपकी बातों में इंटररेस्ट नही है। आई कॉन्टेक्ट की कमी जब किसी इंसान को बातों में या सामने वाले दिलचस्पी नहीं होती और वो सीधे वहां से जाने को नहीं बोल पाता तो अक्सर आई कॉन्टेक्ट खत्म कर देता है। अगर आपसे बात करने के दौरान यहां वहां कोई देख रहा है तो समझ जाएं कि आपकी बातें उसे पसंद नहीं आ रही हैं। होठों को दबाना बात करने के दौरान सामने वाला बंदा बार-बार होठों दबा रहा, खींच रहा या मुंह को अजीब तरीके से घुमा रहा है। तो फौरन समझ जाएं कि उसे आपकी बातों में दिलचस्पी नही है। किसी दूसरे काम या मोबाइल में नजरे गड़ा लेना बात करने के दौरान अगर सामने वाला बंदा मोबाइल चलाने लगा या किसी दूसरे काम में इंवॉल्व हो गया है। तो ये लक्षण है कि उसे आपकी बातें गैर जरूरी लग रही हैं और वो ज्यादा बात करने के मूड में नही है। लगातार हिलना-डुलना या मूव करना बात करने के दौरान हाथ हिलाना, बालों को संवारना, इधर-उधर मूव करना संकेत है कि सामने वाले को आपकी बातों में जरा भी इंटरेस्ट नही है। रिस्पांस ना देना आप लगातार बातें बोल रहे हैं और सामने वाला इंसान बहुत देर उस बात पर रिएक्ट कर रहा और बहुत छोटा सा जवाब देता है। केवल हां-ना बोलकर काम चला रहा है। तो ये उसके अनइंटरेस्टेड होने का संकेत है। ऐसे बॉडी लैंग्वेज होने पर फौरन बातों को बंद कर वहां से हट जाना अच्छा होता है।

दिल्ली प्रदूषण से बचाव के लिए 5 हेल्दी फूड्स: फेफड़ों को साफ और मजबूत बनाने में मददगार

दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। हवा में मौजूद प्रदूषक कण फेफड़े और इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डाला जा सकता है। इस मौसम में स्वस्थ बने रहने के लिए जरूरी है कि हमें पोषक तत्वों से भरपूर पदार्थ मिलाना जरूरी है। परमाणु-संश्लेषण से प्राकृतिक गैस के कणों से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। ला पोलो द्वारा कॉटेज कैफे में प्रशांति मनीषा कश्यप आपको बता रहे हैं कि इन दिनों आपके शरीर में मौजूद किन-किन फर्नीचरों को शामिल करना चाहिए। मिक्स्ड बेरी बाउल: पूर्ण बहुमत बेरी दिखने में भले ही छोटे हों, लेकिन प्रदूषण के खिलाफ ये बेहद खतरनाक हथियार हैं। बेरी में स्क्रैप्स होते हैं, जो प्रदूषण से लड़ने में मदद करते हैं। इनमें विटामिन सी और ई होते हैं, जो शरीर को प्रदूषण के कारण होने वाली सूजन से बचाते हैं। मिक्स्ड बेरी बाउल में ग्रीक योगार्ट, ग्लूकोस और बीज से ओमेगा-3 बैक्टीरिया एसिड होता है, जो सूजन को कम करता है। शहद से स्वाद बढ़ता है और इम्युनिटी भी मजबूत होती है। ग्रेनोला और योगर्ट बाउल: ऊर्जा और पेट के लिए अद्भुत ग्रेनोला बाउल एक पोषक और स्वादिष्ट विकल्प है। इसमें ग्रीक योगर्ट, ड्रूजी डॉल्क्स, बेरी और हिमालयन शहद मिलाए जाते हैं। इनमें विटामिन सी और पोटेशियम होते हैं, जो दिल की सेहत और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। हिमालयन शहद में एंटी-असामान्य गुण होते हैं, जो कि मौसम में श्वसन संक्रमण से बचाते हैं। क्विनोआ कीक: प्रोटीन से परिपूर्णता क्विनोआ में प्लास्टिक से मिलने वाला प्रोटीन, रेस्टॉरेंट और स्टॉक होते हैं। यह किक्स क्विनोआ, गोट थिंग्स, खेडा, लेट्स, मिक्स सीड्स और बाल्समिक क्लासिक्स से तैयार किया जाता है। इसमें मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और वायुमार्ग की संरचना को आराम देने में मदद करता है। यह किट डिटॉक्स उपकरण मदद करता है और फेफड़ों की सेहत बनाए रखता है। मेडिटेरेनियन वेजिटेबल कीक्स: इमिटीटी बूस्टर मेडिटेरेनियन कीक्स में खेड़ा, कुकुरी पीट, सुमैक और अनार के मेलेसेस मिलते हैं। यह विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा और फेफड़ों की सेहत को बनाए रखता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-साइंटिएंट गुण श्वसन संक्रमण से बचाते हैं, जो कि मौसम में आम होते हैं। क्लासिक सीज़र कीज़: पोषक तत्वों से भरपूर संयंत्र सीज़र कीज़ में हरी पत्तेदार सब्जी, विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन होते हैं, जो प्रदूषण से होने वाली सूजन को कम करते हैं। इसमें जैतून का तेल और लहसुन डाला जाता है, जो दिल की सेहत के लिए चमत्कारी होता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है। यह केश प्लांट से लेकर में सहायक है। पर्यावरण में पोषक तत्वों से भरपूर सामग्री क्यों आवश्यक है दिल्ली में नारियल का प्रदूषण स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है, लेकिन बेरी, योगर्ट, क्विनोआ, हरी पत्तेदार सब्जियां और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ जैसे आहार प्रदूषण से बचाव में मदद करते हैं। इसके अलावा, वॉटर प्लांट, प्लांट चाय, पत्तेदार ग्रीन फार्म और वॉटर प्लांट का उपयोग श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। फार्मास्युटिकल में ध्यान निरपेक्षता से प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

वनप्लस का नया फ्लिप फोन जल्द होगा लॉन्च: फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स और डिजाइन पर एक नज़र

वनप्लस की तरफ से नए प्रोडक्ट्स मार्केट में लॉन्च की तैयारी जारी है। ये काफी खास होने वाला है क्योंकि अभी तक आपने सुना ही होगा कि दवाइयों और दवाइयों के बाजार में तेजी से उछाल आ रहा है। अब इस मार्केट में वनप्लस अपना नया प्रोडक्ट बेचने की तैयारी कर रही है। वनप्लस वी फ्लिप के नाम से आएगा ये नया प्रोडक्ट। इसमें कई शानदार फीचर्स दिए गए हैं, साथ ही ये काफी खास भी होने वाला है। रिपोर्ट से पता चला है कि ये प्रोडक्ट्स अगले साल अप्रैल से जून के बीच लॉन्च हो सकते हैं। वनप्लस का ये पहला प्राइवेट फोन होने वाला है। वनप्लस के फ्लैगशिप फोन की सीधी टक्कर Samsung Galaxy Z Flip सीरीज से है। प्रीमियम फोन्स के मार्केट में ये काफी अहम रोल प्ले चल रहा है। मोटो रेजर और टेक्नो फ्लिप फोन के बाद ये काफी खास होने वाला है। ओप्पो फाइंड एन5 फ्लिप के बाद वनप्लस के इस प्रोडक्ट पर नजर है। वनप्लस डिज़ाइन के मामले में इसका कोई मुकाबला नहीं है। इसके डिजाइन में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फोल्डेबल मैगजीन का कोई मुकाबला नहीं- डिजिटल डिजिटल के बीच इसमें काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कीमत में भी काफी आकर्षक चीज़ें। इससे पहले वनप्लस की तरफ से मॉड्यूलर फोन लाया गया था, हालांकि इसमें कनेक्टिविटी नहीं मिली थी। अब कंपनी में काफी नए बदलाव हो सकते हैं और नए बदलावों के बाद इसे बिजनेस मार्केट में उतारा जाएगा। ऐसे में ये काफी अच्छा पद प्रमाणित होने वाला है। हालाँकि सैमसंग की तरफ से पहले ही मोबाइल मैकेनिकल मार्केट में कब्ज़ा कर लिया गया है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि ये प्रोडक्ट्स कैसा आने वाला है। क्या हो सकते हैं खास फीचर्स- वनप्लस फ्लिप में 5,700 एमएएच बैटरी मिलने वाली है। साथ ही डिफॉल्ट सपोर्ट भी मिल सकता है। स्लिम डिजाइन, बेहतर कैमरा सिस्टम की वजह से ये काफी अच्छा पद साबित हो सकता है।

विंडोज 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को ऐसे कर सकते है अनइंस्टॉल

विंडोज 10 में बहुत सारे पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप जैसे एक्सबॉक्स, ग्रूव म्यूजिक, पीपल, मैप्स आदि होते हैं, जो सिर्फ जगह घेरते हैं लेकिन अगर आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो उन्हें अनइंस्टॉल करने के सरल तरीके हैं। इन बिल्ट-ईन ऐप्स को कंट्रोल पैनल से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, लेकिन आप निश्चित रूप से इन्हें अन्य तरीकों से अनइंस्टॉल कर सकते हैं। इन यूनिवर्सल ऐप्स को कुछ सरल तरीकों से अनइंस्टॉल किया जा सकता है। पहला तरीका : ड्रॉपडाउन मेन्यू, विंडोज़ 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे सरल तरीका है। सबसे पहले स्टार्ट मेनू में जाएं, वहाँ आपको ऐप का नाम टाइप करना होगा। उस पर राइट क्लिक करें और फिर अनइंस्टॉल का चयन करें। दूसरी विधि : विंडोज 10 से इन ऐप्स को निकालने के लिए पॉवरशैल का उपयोग किया जा सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के कई उपयोग हैं और इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करना इस तरह से सरल है। पॉवरशैल वास्तव में बिल्ट-ईनऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। इसे करने का तरीका नीचे दिया गया हैं- स्टेप 1: विंडोज 10 सर्च बार में पॉवरशैल टाइप करें। पॉवरशैल पर राइट-क्लिक करें। इसके बाद रन एज एडमिनिस्ट्रेटर को चुनें। स्टेप 2: निम्न कमांड टाइप करें : गेट-एपएक्सपैकेज । एफटी नाम, पैकेजफुलनाम- ऑटोसाइज़  जिसके बाद आपको इंस्टॉल ऐप्स की एक सूची दिखेगी। स्टेप 3: यदि आप किसी भी ऐप को हटाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित कमांड टाइप करनी होगी: गेट-एपएक्सपैकेज -एक्सबॉक्सएप।आपको ऐप का नाम बदलना होगा और फिर वाइल्डकार्ड्सका उपयोग करना होगा। Powershell में ऐप के नाम से पहले और बाद में आपको इसका इस्तेमाल करना हैं। स्टेप 4: आपको थोड़ी देर इंतजार करना होगा ताकि विंडोज ब्लोटवेयर को हटा सके। ये विभिन्न तरीके हैं जिनकी मदद से ईन-बिल्ट एप्स को विंडोज 10 से हटाया या अनइंस्टॉल किया जा सकता है। कुछ ईन-बिल्ट ऐप्स को छोड़कर आप इस तरीके से लगभग सभी ऐप्स को अनइंस्टाल कर सकते हैं।  

लाइफ में कभी सक्सेसफुल नहीं होते कमजोर इंसान

कमजोर होने का मतलब केवल शरीर से नहीं होता, ऐसा इंसान जो भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं। उन्हें भी वीक पर्सनैलिटी में ही रखा जाता है। कमजोर इंसान की कुछ आदतें होती हैं। अगर गलत चीजों को देखकर उसे सही करने का हिम्मत नहीं रखते या इच्छाशक्ति नहीं होती है। तो ऐसे इंसान कमजोर कहलाते हैं। कमजोर इंसानों में अक्सर एक सी आदतें देखने को मिलती है। ये 8 आदतें कमजोर पर्सनैलिटी की ओर इशारा करती हैं। बुरी आदत पर कंट्रोल ना करना कमजोर इंसान वो होते हैं जो अच्छी तरह से जानने के बाद भी अपनी बुरी आदतों पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं और बुरी लत में फंते रह जाते हैं। खुद को विक्टिम साबित करते हैं जो लोग कमजोर मानसिकता के होते हैं वो हमेशा खुद को विक्टिम और बेचारे दिखाते हैं। ऐसे लोग जब किसी काम में फेल होते हैं तो उसका दोष दूसरों पर लगा देते हैं। दूसरों के बारे में बात करना कमजोर लोग हमेशा दूसरों के बारे में बात करना पसंद करते हैं। बुराई, गपशप करने में वो हमेशा आगे रहते हैं। खुद की आलोचना बर्दाश्ता ना करना जो लोग कमजोर मानसिकता के होते हैं वो खुद की आलोचना सुनना पसंद नहीं करते। मेहनतकश लोग अपनी आलोचना से सीखते हैं लेकिन कमजोर इंसान को खुद की आलोचना पसंद नहीं आती। दूसरों के प्रभाव में आ जाना कमजोर इंसान की खासियत होती है कि वो अपने बारे में ना सोचकर दूसरों के बारे में सोचना, उनकी लाइफस्टाइल, बातों से प्रभावित हो जाते हैं। डिसिप्लिन की कमी इंसान वहीं कमजोर होता है जो खुद को डिसिप्लिन में ना रख पाए। अगर इंसान के अंदर अनुशासन में रहने और पालन करने की क्षमता ना हो तो वो कमजोर इंसान माना जाता है। हार्ड वर्क की बजाय पहले आनंद खोजना कमजोर इंसान हार्ड वर्क से घबराते हैं। उन्हें लगता है कि मेहनत करने की बजाय पहले आनंद उठा लिया जाए। जिसकी वजह से अक्सर लाइफ में फेलियर हाथ लगता है। सेल्फ रिस्पेक्ट और सेल्फ कॉन्फिडेंस दोनो ही कम होते हैं कमजोर इंसान में आत्मविश्वास की कमी होती है। साथ ही ऐसे लोग के अंदर खुद का भी सम्मान नहीं होता है।

त्वचा को कोमल बनाने के लिए अपनाएं टिप्स

त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स होने के कारण त्वचा की खूबसूरती छीन जाती है। इनके कारण त्वचा के रोमछिद्र बड़े होने, झुर्रियां, दानें होनें के कारण त्वचा की कोमलता भी खत्म हो जाती है। ऐसे में त्वचा को छूने पर खुरदुरापन महसूस होता है। हर कोई अपनी त्वचा को निखरी और कोमल बनाना चाहता है। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की कोमलता को वापस पाना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ब्यूटी टिप्स। कोमल त्वचा पाने के तरीके- शहद: त्वचा को कोमल और निखरी बनाने के लिए शहद उपयोगी होता है। शहद गाढ़ा होता है जो त्वचा पर मॉइश्चर की एक परत बना देता है, साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो पिंपल्स को खत्म कर देती हैं। मुंहासों और दाग-धब्बों को दूर करने के लिए शहद कैसे फायदेमंद होता है जानने के लिए क्लिक करें। कैसे करें इस्तेमाल: शुद्ध शहद को 10 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर हल्के गर्म पानी से चेहरा धो लें। शहद और अंडे को मिलाकर फेसमास्क बना लें और 20 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखने के बाद हल्के गर्म पानी से धो लें। एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल त्वचा को कोमल बनाने के लिए लाभकारी होता है। इसकी सूदिंग प्रॉपर्टीज मुंहासे मिटाने के साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखती है और कोमल बनाए रखती हैं। कैसे करें इस्तेमाल: एलोवेरा जेल को चेहरे पर रातभर लगाकर रखें। एलोवेरा जेल को 2 चम्मच नींबू के रस और शहद में मिलाकर मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर चेहरा धो लें। खीरा: खीरे में एस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टी के साथ ही पोषण देने के लिए आवश्यक मिनरल्स होते हैं। खीरे में सबसे ज्यादा पानी होता है। यह त्वचा के pH को बैलेंस रखता है और एसिड लेवल को बैलेंस करके त्वचा को कोमल और खूबसूरत बनाए रखता है। खीरे को त्वचा पर लगाना और खीरा खाना, दोनों ही त्वचा के लिए लाभकारी होता है। कैसे करें इस्तेमाल: खीरे का रस निकालकर इसमें थोड़ा सा दूध मिला लें और इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। इसके बाद चेहरे को हल्के गर्म पानी से धो लें। .योगर्ट: प्रोटीन, लेक्टिक एसिड और एंजाइम्स से भरपूर योगर्ट को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाए रखता है। कैसे करें इस्तेमाल: योगर्ट में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगा लें और 20 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से धो लें जिससे त्वचा मुलायम बनती है। खूब पानी पीएं: पसीने और मूत्र के रुप में हमारे शरीर से पानी निकल जाता है। ऐसे में त्वचा को हाइड्रेट और कोमल बनाए रखने के लिए पानी पीना जरुरी होता है। खूबसूरत और कोमल त्वचा पाने के लिए दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरुर पीएं।  

5000mAh की बैटरी के साथ Vivo Y300 की कल होगा लॉन्च

 नई दिल्ली Vivo ने अपनी पॉपुलर Y सीरीज के नए स्मार्टफोन की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। इस सीरीज के तहत Vivo Y300 5G को लॉन्च किया जाएगा। फोन को भारत में 21 नवंबर 2024 को लॉन्च किया जाएगा। Vivo Y300 5G स्मार्टफोन को 21 नवंबर की दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने कंफर्म किया है कि स्मार्टफोन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे फ्लिपकार्ट और वीवो इंडिया ई स्टोर से खरीदा जा सकेगा। कंपनी का दावा है कि यह एक पावरफुल 5G स्मार्टफोन होगा, जो कम कीमत में शानदार फीचर्स से लैस होगा। ऑरा रिंग लाइट का मिलेगा सपोर्ट वीवो की तरफ से अपकमिंग स्मार्टफोन की लॉन्चिंग का ऑफिशियल ऐलान कर दिया गया है। इसे लेकर कंपनी ने एक इमेज जारी की है, जिससे साफ होता है कि Vivo Y300 स्मार्टफोन तीन कलर ऑप्शन में आएगा। फोन को फ्लैटच रियर पैनल में पेश किया जा सकता है। इस अपकमिंग स्मार्टफोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा। साथ ही ऑरा रिंग लाइट का सपोर्ट दिया जाएगा। फोन एमरॉल्ड ग्रीन कलर ऑप्शन में आएगा। Vivo Y300 के संभावित स्पेसिफिकेशन्स Vivo Y300 स्मार्टफोन में एक 6.67 इंच फुल एचडी प्लस एमोलेड डिस्प्ले दी जाएगी। इसमें ऑक्टा-कोर क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 4 जेन 2 चिपसेट दी जाएगी। अगर फोटोग्रॉफी की बात करें, तो फोन में एक 50MP मेन कैमरा सेंसर दिया जाएगा। साथ ही फ्रंट में 8MP वाइड एंगल लेंस दिया जाएगा। वही फोन के फ्रंट में सेल्फी के लिए 32MP कैमरा सेंसर दिया जाएगा। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर का सपोर्ट दिया जाएगा। फोन IP64 रेटिंग सपोर्ट के साथ आएगा। इससे फोन पानी और धूल में जल्दी खराब नहीं होगा।

शरीर को उर्जा प्रदान करते हैं ये योगासन, आलस्यं हो जाती है दूर

जीवन में सुख और शांति के लिए आपको एक मजबूत शरीर और शायद अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि एक स्पष्ट भावनात्मक शरीर का अनुभव करने की जरूरत है। यदि आपका पूरा शरीर एक प्रतिध्वनि है तब आप किसी भी भावनात्मक चुनौती को पूरा करने के‍ लिए तैयार रहते हैं। इन सबके लिए शारीरिक व्यायाम बहुत जरूरी होता है। व्यायाम के अन्य प्रकारों में योग का सबसे ज्यादा महत्व है। योग के विभिन्न आसनों द्वारा सांस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। ऊर्जा प्रदान करने वाला आसन : सबसे पहले अपने पैरों के समानांतर खडे हो जाइए। अब, सांस को अंदर करते हुए अपने हाथों को अपने सिर से ऊपर ले जाइए। उसके बाद, अपनी सांसों को छोडते हुए हाथों को कंधे पर रख दीजिए। इस बीच अपने आंखों से सभी प्रकार के तनावों को दूर रखिए। अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रि‍त करते हुए आगे बढिए। तड़ासन : इस आसन में खडे़ होकर अपने पैरों, कमर और गर्दन को एक सीधी लाइन में रखिए। अपनी उंगलियों को सामने की तरफ कर मुट्ठी बांधिए। सांस लेते हुए अपनी बंद मुट्ठी के साथ अपने हाथों को ऊपर की तरफ उठाइए। सांसों को रोककर अपनी एडी को धीरे-धीरे उठाइए। आपने शरीर को ऊपर की तरफ जितना संभव हो खींचिए। फिर सांसों को छोडते हुए सा‍मान्य स्थिति में आइए। इस क्रिया को 5 से 10 बार दोहराइए। त्रिकोणासन : अपने हाथों के बराबर में पैरों को फैला लीजिए। दोनों हाथों को ढीला छोडकर लटकने दीजिए। सांस को अंदर खींचते हुए दाहिने हाथ को आसमान की तरफ ऊपर ले जाइए और बाएं हाथ को शरीर से सटाकर नीचे ही रहने दीजिए। अपने हाथ और पैरों को सीधा रखिए। जब सांस को बाहर छोडते हुए दाहिने हाथ की तरफ झुकिए, इस बीच आपका दाहिना हाथ जमीन के समानांतर होना चाहिए। इसके बाद तेजी से बाएं हाथ से जमीन को छूने की कोशिश कीजिए। सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आइए। इसी क्रिया को विपरीत दिशा में भी दोहराते हुए कम से कम 5 बार कीजिए। भुजंगासन : चेहरे को नीचे की तरफ करके जमीन पर लेट जाइए। अब, अपने माथे को जमीन से छुएं। अपनी हथेली को भुजाओं के नीचे रखिए, और स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि आपकी उंगलियां भुजाओं को छू रही हों। अपने पैरों को सीधा रखिए। अपने सिर को पीछे की तरफ हल्का सा ले जाते हुए सांस लीजिए। अपने हाथों से सीने और सिर पर आगे की तरफ दबाव डालिए, लेकिन इस स्थिति में पीठ को मोडे रखिए। अपनी सांसों को रोके रखिए, ताकि सांप जैसी स्थिति दिखे। चेहरे को नीचे लाने से पहले इस स्थिति में 8 से 10 सेकेंड तक रहिए। इस क्रिया को 5 बार दोहराइए। सुखासन : दोनों घुटनों को मोडकर, गर्दन, कमर और पीठ को सीधा रखकर बैठिए। अपनी हथेलियों को सीधा रखिये इंडेक्स उंगली (अंगूठे के बगल वाली उंगली) के अग्र भाग को अंगूठे से छूकर अन्य तीनों उंगलियों को सीधी रखिए। इस आसन को करने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होगी। रक्त का संचार अच्छे से होगा, तंत्रिका तंत्र और पाचन क्रिया बेहतर होगी। इस आसन को करने से अंदर से शांति महसूस होगी। यह आसन आपको अंदर से मजबूत बनाता है। इन आसनों के जरिये आप न केवल शारीरिक बल्कि मानिसक शांति और शक्ति भी पा सकते हैं।  

Redmi A4 5G का इंतजार खत्म, लॉन्चिंग आज

नई दिल्ली Xiaomi का नया स्मार्टफोन Redmi A4 5G आज भारत में दस्तक देने जा रहा है। यह कंपनी का अफोर्डेबल 5G स्मार्टफोन है। इस फोन को लेकर भारत में काफी क्रेज रहा है। क्योंकि अगर इंडियन स्मार्टफोन मार्केट की बात की जाएं, तो 10 हजार रुपये के प्राइस प्वाइंट में बेहद कम 5G स्मार्टफोन मौजूद है। ऐसे में शाओमी का दावा है कि Redmi A4 5G एक फीचर लोडेड 5G स्मार्टफोन होने वाला है, जिसमें प्रीमियम स्मार्टफोन की तरह जरूरत के सभी फीचर्स मिलेंगे। कीमत और सेल डेट Redmi A4 5G की लॉन्चिंग का ऐलान भारत में करीब एक माह पहले कर दिया गया था, जिसे फाइनली आज यानी 20 नवंबर 2024 को लॉन्च किया जा रहा है। Redmi A4 5G स्मार्टफोन को भारत में 8,499 रुपये के डिस्काउंटेड प्राइस पर पेश किया जा सकता है। फोन की सेल उसी दिन 20 नवंबर 2024 से शुरू हो रही है। Redmi A4 5G के संभावित स्पेसिफिकेशन्स Redmi A4 5G स्मार्टफोन एंड्रॉइड 14 बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम परकाम करेगा। फोन ड्यूल सिम को सपोर्ट करेगा। फोन में दोनों 4G एक्टिव सिम कार्ड मिलेंगे। अगर कनेक्टिविटी ऑप्शन की बात करें, तो फोन जीपीएस, ब्लूटूथ 5.0 और यूएसबी टाइप-सी के साथ आएगा। फोन में मिलेगी दमदार डिस्प्ले Redmi A4 5G स्मार्टफोन में 6.7 इंच की HD+ डिस्प्ले दी जाएगी, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगी। फोन में 2GHz ऑक्टा-कोर क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 4s Gen 2 चिपसेट दी जाएगी। फोन में 5160mAh की बैटरी दी जाएगी, जो 18W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। फोन में प्रीमियम हैलो ग्लास और सैंडविच डिजाइन में आएगा। कंपनी का दावा है कि यह एक मेड इन इंडिया स्मार्टफोन होगा, जिसमें भारतीयों की जरूरत के हिसाब से फीचर्स दिये गये हैं। 50MP ड्यूल कैमरे का मिलेगा सपोर्ट अगर स्टोरेज की बात करें, तो Redmi A4 5G स्मार्टफोन दो स्टोरेज ऑप्शन 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज ऑप्शन में आएगा। फोन में 50 MP ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा। इसके अलावा एक सेकेंड्री कैमरा दिया जाएगा। सेल्फी के लिए फोन में 8MP सेंसर दिया जाएगा। Redmi A4 5G स्मार्टफोन ड्यूल सिम सपोर्ट के साथ आएगा।

इस रूटीन को फॉलो करें, मिलेगी पॉजिटिव एनर्जी

फेस्टिवल्स खत्म हो जाएंगे और सोमवार से सब डेली रूटीन में लग जाएंगे। दिनचर्या का सबसे बुरा पार्ट होता है जब हम अलार्म लगाकर सोते हैं और सुबह अलार्म की आवाज से झटके से उठते हैं और सारा मूड खराब होता है। हर इंसान थोड़ी देर और सोना चाहता है लेकिन काम की जल्दी सबको होती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी सुबह अच्छी, शांत और खुशनुमा हो। जिससे कि ना केवल माइंड रिलैक्स रहे बल्कि शरीर को पॉजिटिव एनर्जी मिले और पूरा दिन अच्छा गुजरे। तो अलार्म लगाने का ये तरीका अपनाएं। ट्यून वाले अलार्म ना सेट करें अपने मोबाइल, घड़ी में ट्यून वाले अलार्म ना सेट करें। ऐसे अलार्म टोन जो तेज आवाज में बजते हैं और जिन्हें सुनकर आप झटके में उठकर बैठ जाते हैं। इस तरह के अलार्म ज्यादातर स्नूज करके लोग सो जाते हैं। साथ ही इन अलार्म टोन से निगेटिव वाइब्स मिलती है और हर किसी को लगता है कि बस काम के लिए देर हो रही है। सेट करें मन को शांत करने वाले अलार्म ज्यादातर लोग रात को अलार्म लगाकर सोते हैं। जब आप पूरी तरह से अलार्म पर ही डिपेंड हैं तो हमेशा ऐसे अलार्म टोन को सेट करें जो ना केवल धीरे से बचे बल्कि मन को शांत करें। किसी इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक या अपने फेवरेट सूदिंग म्यूजिक को सेट करें। जिसकी आवाज कानों में पड़े तो आपका मूड फ्रेश हो जाए और उठने में अच्छा लगे। लगाएं कोई धार्मिक मंत्र पॉजिटिव एनर्जी के लिए लोग धार्मिक चीजों पर डिपेंट करते हैं। तो आप अपने अलार्म टोन के लिए किसी धार्मिक मंत्र या म्यूजिक को चुन सकते हैं। जिसे सुनकर आप एनर्जेटिक और पॉजिटिव फील करें। इस तरह की आवाज जब कानों में पड़ती है तो माइंड रिलैक्स होता है और खुश होता है। जिससे आप तेजी से अपने रूटीन में लग जाते हैं और पूरा दिन माइंड फ्रेश रहता है।

व्हाट्सएप ग्रुप में बिना मर्जी से शामिल किए जाने से हैं परेशान, तो आजमाएं ये तरीका

मैसेंजिंग एप व्हाट्सएप काफी लोकप्रिय है। हर स्मार्टफोन यूजर इस मैसेंजिंग एप का यूज करता है। व्हाट्सएप में ग्रुप बनाने की सुविधा भी होती है जिसमें कई सारे यूजर्स अलग-अलग तरह के कंटेंट वाले ग्रुप बनाते हैं। ऐसे में कई लोगों को ये पसंद नहीं होता कि उन्हें बिना उनकी मर्जी के किसी ग्रुप में एड किया जाए। कई बार यूजर द्वारा ग्रुप एग्जिट करने के बाद भी ग्रुप में एड कर दिया जाता है। अगर आप भी जबरदस्ती व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किए जाने से परेशान है तो आज हम आपको व्हाट्सएप में मौजूद उस फीचर के बारे में बताएंगे जिससे आप लोगों को ग्रुप में शामिल करने से रोक सकते हैं. स्टेप 1.-व्हाट्सएप खोलें और ऊपर दाएं ओर दिए मैन्यू में टैप करें और सेंटिंग में जाएं। स्टेप 2.-इसके बाद अकाउंट्स में टैप कर प्राइवेसी वाले ऑप्शन पर जाएं। स्टेप 3.-प्राइवेसी ऑप्शन में जाने के बाद ग्रुप पर टैप करें। स्टेप 4.-यहां आपको ऑप्शन मिलेंगे की कौन आपको ग्रुप में एड कर सकता है-ये ऑप्शन होंगे-कोई भी, आपके व्हाट्सएप कांटेक्ट और कोई नहीं। इन ऑप्शन में से अगर आप कोई नहीं (नोबडी) को चुनते हैं तो आपको ग्रुप में एड करने केलिए ग्रुप एडमिन को आपको ग्रुप में एड होने के लिए रिक्वेस्ट भेजनी होगी। इस रिक्वेस्ट में आप ग्रुप मैंमबर्स और ग्रुप डिस्क्रिप्शन देखकर ग्रुप में एड या फिर ग्रुप जॉइन करने की रिक्वेस्ट को कैंसल कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि कोई एक यूजर हमें अलग-अलग ग्रुप में एड करता है। ऐसे अगर केवल एक यूजर को खुद को ग्रुप में शामिल करने के लिए ब्लॉक करना चाहते हैं तो आप उस पर्टिकूलर कॉन्टेक्ट को ब्लॉक भी कर सकते हैं। बता दें कि ग्रुप प्राइवेसी फीचर व्हाट्सएप ने हाल में एड किया है। ऐसे में अगर आपके स्मार्टफोन में इंस्टॉल व्हाट्सएप का पुराना वर्जन है तो आपको गूगल प्ले स्टोर में जाकर व्हाट्सएप अपडेट करना होगा।  

मात्र 15 रुपये में मिलेगा JioStar पर फुल एंटरटेनमेंट

रिलायंस जियो और डिज्नी प्लस हॉटस्टार के ऑफिशियल मर्जर का ऐलान हो गया है। इस मर्जर के बाद नई कंपनी JioStar हो गई है। साथ ही JioStar.com वेबसाइट को लाइव कर दिया गया है। साथ ही जियोस्टार सब्सक्रिप्शन प्लान का भी ऐलान हो गया है। इसमें SD और HD प्लान शामिल हैं। इन प्लान की शुरुआती कीमत 15 रुपये प्रतिमाह है। JioStar हिंदी चैनल पैक जियोस्टार हिंदी पैक को लाइव कर दिया गया है। इसे स्टार वैल्यू पैक हिंदी की कीमत 59 रुपये प्रतिमाह है। इस प्लान में 16 SD चैनल दिये जाते हैं। अगर आप प्रीमियम हिंदी ऑप्शन की बात करें, तो इसकी शुरुआती कीमत 105 रुपये प्रतिमाह है। इस प्लान में 23 SD चैनल मिलते हैं। अगर आप HD कंटेंट देखना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको स्टार वैल्यू पैक लाइट एचडी हिंदी पैक में 15 चैनल के साथ 7 HD चैनल मिलेंगे। इसकी कीमत 88 रुपये प्रतिमाह है। जियोस्टार प्लान में स्टार प्रीमियम पैक लाइट में आपको 22 चैनल और 14 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 125 रुपये प्रतिमाह है। जियो स्टार ओडिया चैनल पैक ओडिया पैक में मिनी प्लान की कीमत 15 रुपये प्रतिमाह है। इसमें 17 SD चैनल मिलते हैं। स्टार प्रीमियम पैक में 24 SD चैनल मिलते हैं। साथ ही वैल्यू ओडिया लाइट में 16 HD चैनल और 8 HD चैनल का सब्सक्रिप्शन मिलते हैं। इस प्लान की कीमत 65 रुपये प्रतिमाह है। स्टार प्रीमियम पैक में 23 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 105 रुपये प्रतिमाह रहा है। JioStar बंगाली चैनल पैक इसके वैल्यू पैक की कीमत 65 रुपये प्रतिमाह है। इसमें 17 SD चैनल मिलते हैं। स्टार वैल्यू पैक में 17 SD चैनल के साथ 9 HD पैक मिलते हैं। इसकी कीमत 99 रुपये है। स्टार प्रीमियम पैक में 22 SD चैनल मिलते हैं। स्टार प्रीमियम पैक में 24 SD चैनल के साथ 16 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 110 रुपये प्रतिमाह है। जियोस्टार कन्नड चैनल पैक वैल्यू पैक की कीमत 45 रुपये प्रतिमाह है। इसमें 9 SD चैनल मिलते हैं। वही स्टार वैल्यू पैक एचडी में 9 चैनल के साथ 4 HD पैक मिलते हैं। इसकी कीमत 67 रुपये है। स्टार प्रीमियम पैक में 15 SD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 67 रुपये है। स्टार प्रीमियम पैक एचडी पैक में 14 चैनल और 9 HD चैनल मिलते हैं। इस प्लान की कीमत 105 रुपये प्रतिमाह है। जियो स्टार तेलेगु चैनल पैक स्टार वैल्यू पैक की कीमत 81 रुपये प्रतिमाह है। इसमें 11 SD चैनल मिलते हैं। स्टार वैल्यू लाइट एचडी पैक में 10 SD चैनल के साथ 5 HD चैनल का सब्सक्रिप्शन मिलता है। इसकी कीमत 70 रुपये है। स्टार प्रीमियम पैक में 17 SD चैनल मिलते हैं। स्टार प्रीमियम पैक लाइट में 15 SD चैनल और 10 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 125 रुपये प्रतिमाह है। जियोस्टार मलयालम चैनल पैक जियोस्टार दोनों पैक में SD और HD पैक मिलते हैं। स्टार वैल्यू मलयालम पैक की कीमत 57 रुपये प्रतिमाह है। इसमें 10 SD चैलन मिलते हैं। स्टार वैल्यू पैक में 9 SD चैनल के साथ 5 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 77 रुपये है। प्रीमियम प्लान में 15 SD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 113 रुपये है। स्टार प्रीमियम एचडी पैक में 14 चैनल के साथ 10 HD चैनल मिलते हैं। इसकी कीमत 105 रुपये प्रतिमाह है।

सर्दियों के मौसम में इन फैशन स्टाइल को करे फॉलो

अकसर सर्दियों के मौसम में फैशन को लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है खासकर के लड़कियों को। अधिकतर लड़कियों को इस मौसम में समझ नहीं आता है कि वह क्या पहने जिससे उनको ठंड भी न लगे और स्टाइलिश भी नजर आए। ऐसे में आप अपने फैशन को लेकर कुछ टिप्स अपना सकते हैं। जिससे आप सबसे बेस्ट फैशनीस्ता लगेगी। जानें सॉल्ट अटायर की संस्थापक दीप्ति तोलानी से कुछ शानदार टिप्स। वस्त्रों की लेयरिंग के आदी बनें ठंड में लेयरिंग हमेशा ट्रेंड में बनी रहती है। जाड़े में इस तरह की ड्रेसिंग काफी प्रैक्टिकल भी है, तो लेयरिंग से झिझकने की कोई जरूरत नहीं है। स्वेटर, जैकेट, कोट के नीचे एक टर्टलनेक पहनने से आपको गर्माहट महसूस होगी। अपने जूते को बनाए अपनी स्टाइल जूते की एक अच्छी और स्टाइलिश जोड़ी सर्दियों में आपके स्टाइल को दुगना बढ़ा सकती है। इन्हें आप शॉर्ट ड्रेसेज के साथ पहन सकते हैं। कोट में बेल्ट लगाकर उन्हें दें नया लुक जाड़े के मौसम में हर रोज वही एक कपड़े पहनने से काफी बोरियत महसूस होती है, तो ऐसे में अपने बोरिंग पुराने कोट को आप बेल्ट के साथ पहनकर इसे एक नया लुक दे सकते हैं। स्कार्फ के साथ करें कुछ एक्सपेरिमेंट गले में साधारण तरीके से लपेटने के अलावा स्कार्फ का इस्तेमाल कई और तरीके से भी किया जा सकता है और स्कार्फ के साथ एक्सपेरीमेंट करने का सबसे अच्छा मौसम सर्दियों के अलावा कुछ और हो ही नहीं सकता। इसे आप जैकेट के ऊपर से डालकर बेल्ट से बांध सकते हैं या इसे कंधे के पास से एक गठरी जैसा भी बांध सकते हैं। ब्लेजर और स्लिम लेगिंग्स सर्दियों में ब्लेजर को ब्लैक स्लिम लेगिंग्स को आप पहन सकते हैं इससे पूरा का पूरा शरीर ढका रहेगा जिससे गर्माहट बनी रहेगी और इसे आप काले रंग के मोजे या ब्लैक बूट्स के साथ पेयर कर पहन सकते हैं जिससे पूरा का पूरा लुक काफी स्टाइलिश दिखेगा।  

सर्दियों के मौसम में करें घर पर मौजूद इन हर्ब्स का सेवन, रहेंगे हमेशा चुस्त-दुरुस्त

सर्दियों का मौसम शुरु हो गया है। इस समय शाम के समय काफी ठंड होती है। ठंड से निपटने के लिए हम कई तरह से इंतजाम करते हैं। सर्दियों के मौसम में खुद को चुस्त-दुरुस्त व स्वस्थ रखने के लिए कुछ खास जड़ी बूटियों के बारे में बताया है, जो आसानी से आपकी रसोई में ही आपको मिल जाएंगे। आइए जानते एमवाई 22 बीएमआई की संस्थापक और प्रमुख हेल्थ कोच प्रीति त्यागी से इनके बारे में। तुलसी तुलसी को एलर्जी, सांस संबंधी समस्या और ब्रोंकाइटिस की समस्या से निजात पाने में कारगार बताया गया है। प्रतिदिन आप दो पत्तियों का सेवन सीधे या फिर चाय में डालकर कर सकते हैं। इस पौधे के हर्बल सप्लीमेंट भी आसानी से मिल जाते हैं। अदरक अदरक को भी जड़ी बूटी के तौर पर देखा जाता है। एक हालिया शोध में यह तथ्य सामने आए हैं कि अदरक के मौखिक सेवन से अस्थमा में काफी आराम मिलता है। इसके साथ ही चाय के साथ इसका सेवन कर इसका सेवन डिटॉक्स ड्रिंक के तौर पर किया जा सकता है। अदरख को काली मिर्च और शहद के साथ मिलाकर लेने पर सांस संबंधी एलर्जी में काफी आराम मिलता है, इससे नाक की नली भी साफ होती है। बटरबर यह माइग्रेन की समस्या में लाभदायक है। शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि यह अनचाहे एलर्जी के लक्षणों में लाभदायक है। हालांकि इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। किसी भी मामले में इसका अतिरिक्त सेवन हानिकारक है। बिच्छू बूटी यह एक बारहमासीय पौधा है, जिसका प्रयोग उम्र के लिए औषधी के तौर पर किया जाता है। मौसमी एलर्जी में यह काफी लाभदायक है। रोजमेरी ताजे और सूखे रोजमेरी का प्रयोग कई व्यंजनों में किया जाता है। शोध में यह प्रमाणित हुआ है कि रोजमेरी में एलर्जी से लड़ने की क्षमता होने के साथ ही यह अस्थमा से ग्रसित लोगों को आराम पहुंचाती है। इस जड़ी बूटी में रोजमेरिनिक एसिड होता है, जिसमें एंटीफ्लेमेंटॉरी और एंटीऑक्सिडेंट दोनों गुण होते हैं। वहीं अगर आप रोजमेरिनिक एसिड को एक सप्लिमेंट के तौर पर लेते हैं तो इसे खाने के साथ ले, इससे पेटदर्द में राहत मिलेगी। ऑर्गेनो यह एक इतालवी जड़ी बूटी है। यह कई स्वास्थ्य संबंधी लाभों के लिए सप्लीमेंट के तौर पर भी उपलब्ध रहता है। ऑर्गेनो तेल के तत्व गोली और सॉफ्टजेल कैप्सूल के तौर पर उपलब्ध रहते हैं। इसे सीधे गोली के तौर पर भी लिया जा सकता है, वहीं इसे काटकर इसके तेल को चेहरे पर भी लगाया जा सकता है।  

iQOO ने अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन iQOO 13 सीरीज की 3 दिसंबर को होगी लॉन्चिंग

मुंबई iQOO ने अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन iQOO 13 सीरीज की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। आईक्यू की अपकमिंग स्मार्टफोन सीरीज को भारत में 3 दिसंबर 2024 को लॉन्च किया जाएगा। iQOO 13 स्मार्टफोन एडवांस्ड कैमरे के साथ लाइटिंग फास्ट परफॉर्मेंस मिलेगा। लीक रिपोर्ट की मानें, तो फोन शानदार डिजाइन में आएगा। इसमें एक्सटेंडेड बैटरी लाइफ मिलेगी। साथ ही इमर्सिव डिस्प्ले सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में अनमैच एक्सपीरिएंस मिलेगा, जो यूजर्स को बेस्ट परफॉर्मेंस ऑफर करेगा। iQOO 13 में मिलेगा सबसे फास्ट प्रोसेसर iQOO 13 स्मार्टफोन में सबसे फास्ट नया Snapdragon 8 Elite चिपसेट दिया जाएगा। ऐसा दावा किया जा रहा है कि फोन 3 मिलियन AnTuTu स्कोर के साथ आएगा। फोन में सुपरकंप्यूटिंग चिप Q2 का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही 2K (पीसी ग्रेड) गेम सुपर रेजोल्यूशन और 144 FPS गेम फ्रेम इंटरपोलेशन के साथ शानदार गेमिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। फोन में 7000mm² वीसी कूलिंग सिस्टम दिया जाएगा, जो गेमिंग के दौरान फोन को हीट होने से बचाएगा। iQOO 13 की डिस्प्ले होगी शानदार iQOO 13 स्मार्टफोन में दुनिया का पहला Q10 2K 144Hz अल्ट्रा आईकेयर डिस्प्ले दिया जाएगा। यह डिस्प्ले 144Hz LTPO एमोलेड डिस्प्ले के साथ आएगा। फोन IP69 वाटर और डस्ट रेटिंग के साथ आएगा। iQOO 13 स्मार्टफोन के साथ 4 साल अपडेट और 5 साल सिक्योरिटी अपडेट दिया जाएगा। iQOO 13 में मिलेंगे 50MP वाले 3 कैमरे अगर कैमरा डिटेल की बात करें, तो फोन में 50MP IMX 921 कैमरे के साथ 50MP Sony 100mm पोर्टेट कैमरा दिया जा सकता है। इसके अलावा 50MP अल्ट्रा वाइड कैमरा सपोर्ट दिया जाएगा। मतलब फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। जबकि फ्रंट में 32MP सेल्फी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। इस फोन के रियर कैमरे से 60FPS पर 4K वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे। कंपनी का दावा है कि iQOO 13 में शानदार कैमरा एक्सपीरिएंस मिलेगा। iQOO 13 में मिलेगी 6000mAh की बैटरी iQOO 13 स्मार्टफोन में मॉन्सटर हैलो लाइटिंग इफेक्ट दिया जाएगा। इसमें प्लसिंग साइड लाइट कैमरा मॉड्यूल दिया जाएगा। साथ ही डायनैमिक अलर्ट जैसे कॉल, मैसेज और चार्जिंग की नोटिफिकेशन मिलेगा। यह एक ऑल राउंडर फ्लैगशिप स्मार्टफोन होगा, जो दो कलर नार्डो ग्रे, नार्डो रिंग और बीएमडब्ल्यू आइकॉनिक रेड, ब्लैक और ब्लू कर ऑप्शन में आएगा, जिसमें ट्राई कलर मैट व्हाइट ब्लैक स्ट्रिप दी जाएगी। iQOO 13 में लॉन्ग लास्टिंग 6000mAh बैटरी के साथ 120W फ्लैशचार्ज टेक्नोलॉजी दी जाएगी।

लाइफ से जुड़ी इन बातों को कम उम्र में ही जान लेना चाहिए

लाइफ हमेशा एक जैसी नहीं होती। समय के साथ बदलाव आते रहते हैं और इन बदलावों को स्वीकार भी करना चाहिए। यहां हम 5 ऐसी बातें बता रहे हैं जो आपको कम उम्र में सीख लेनी चाहिए और अपनों को भी सीखा देनी चाहिए। एक बार अगर आप इन बातों को जीवन में उतार लेते हैं तो हर मुश्किल आसान लगने लगेगी।  रुपये की हर समस्या का समाधान नहीं है रुपये आपकी जरूरत की चीजें और कुछ इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं। लेकिन यह आपकी समस्याओं का रामबाण इलाज नहीं है। बहुत लोगों की कमाई कं होती है, फिर भी वह कम में गुजारा करके पूर्ण और खुशहाल रहते हैं। आप रुपयों से हर चीज खरीद सकते हैं, लेकिन यह टूटे हुए रिश्ते को ठीक नहीं कर सकता, या अकेलेपन की कमी को भर नहीं सकता। संतुलन से काम करें अक्सर लोग ऐसा महसूस करते हैं कि जैसे वह सब कुछ एक ही बार में कर सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए, किसी भी काम में जल्दबाजी करने से दिक्कत हो सकती है। हनेशा अपने खाने के हर टुकड़े का मजा लें। अपने चारों ओर देखने के लिए समय निकालें, दूसरे व्यक्ति को बातचीत करने का मौका दें। अपने आप को सोचने, थोड़ा विचार करने का समय दें।  आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते हमेशा ध्यार रखें कि हर कोई आपसे सहमत नहीं हो सकता है और हर कोई आपको पसंद करे ये भी जरूरी नहीं है। अक्सर लोग दुसरों को खुश करने के चक्कर में खुद को ठेस पहुंचाते हैं, जो बिल्कुल गलत है। सेहत है सबसे बड़ी संपत्ति इन दिनों लोग अपनी सेहत को हल्के में लेते हैं। जो पूरी तरह से गलत है। आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। काम के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखें, वर्ना बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। जो आप चाहते हैं हमेशा वह नहीं मिलता किसी भी काम को करने से पहले प्लानिंग की जाती है। लेकिन ये जरूर नहीं है कि आप उस प्लानिंग से जैसा चाहते हैं वो आपको मिल जाए। कभी-कभी प्लानिंग फेल हो सकती है या फिर बीच में ही आपका मन बदल सकता है। इसलिए हमेशा अपने माइंड को तैयार करें ताकी आप चीजों को स्वीकार कर पाएं।

इन तीन चीजों से मिलेगी सफलता

जीवन में सफलता पानी है तो जरूरी है कि सही दिशा में प्रयास किया जाए। सक्सेजफुल मैन अक्सर इन 3 चीजों को फॉलो करने के लिए कहते हैं। लाइफ में सक्सेज तो सभी चाहते हैं। लेकिन सफलता उसे ही मिलती है जो मेहनत करता है। हालांकि इसके साथ मेहनत किस दिशा में और कितनी की जा रही है, ये बात भी निर्भर करती है। अगर आप अपने करियर, फैमिली या किसी भी चीज में सफलता चाहते हैं तो इन तीन चीजों को जरूर याद रखें। तभी सक्सेज मिलने में आसानी होगी। जानें क्या हैं वो तीन चीजें, जिसे करने के लिए हर सफल इंसान कहता है। आत्मविश्वास किसी भी काम को करने के लिए आत्मविश्वास का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब आप खुद पर भरोसा करेंगे कि ये काम आप कर सकते हैं। फिर वो चाहे आसान हो या कठिन पूरा जरूर होता है। स्पष्टता लाइफ में किस इंसान के साथ जिंदगी बितानी है या फिर किस दिशा में करियर बनाना है। आपकी सोच और माइंड बिल्कुल क्लियर होना चाहिए। तभी आप सफल हो सकते हैं। जब आपका माइंड बिल्कुल क्लियर होगा उसमे दुविधा की स्थिति नहीं होगी तभी आप सही दिशा में मेहनत कर पाएंगे और खुद में आत्मविश्वास भी महसूस करेंगे। निरंतरता यानी कंस्सिटेंसी ‘करत-करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान’ इस दोहे का अर्थ है कि लगातार अभ्यास करने से मूर्ख भी बुद्धिमान हो जाता है। जब आप किसी काम को लगातार करते हैं, बिना रुके करते हैं। तो एक ना एक दिन सफलता आपको जरूर मिलती है। इसलिए अपने काम में निरंतरता बनाकर रखें। बिना रुके सही दिशा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ किया गया काम आपको सफलता जरूर दिलाता है।

नकारात्मक लोगों से घिरे होने के बावजूद अपनी सोच और जिंदगी को रखें सकारात्मक

शनल साइंस फाउंडेशन के मुताबिक दिन भर में हमारे मन में जितने विचार आते हैं, उसमें से 80 प्रतिशत नकारात्मक होते हैं। इतनी नकारात्मकताओं के बीच भी हम अपनी सकरात्मक सोच के बल पर जिंदगी के अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर ही लेते हैं। वैसे भी कहते हैं कि अच्छी सोच जीवन में सकारात्मकता को बढ़ाती है, इसलिए हमेशा बेहतर संभावनाओं के बारे में ही सोचना चाहिए। ये भी कहा जाता है कि हमारी सोच पर हमारी संगत का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में हमेशा अच्छे और सकारात्मक विचारों वाले लोगों के साथ ही रहना चाहिए। असल में हमारे आस-पास हर विचारधारा के लोग होते हैं। कुछ लोग जीवन के प्रति इतना नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं कि उन्हें दुनिया में सिवाय बुराई और कमियों के कुछ नजर ही नहीं आता है। ऐसे लोग हमेशा नाराज और शिकायत करते रहते हैं। इनके साथ समय बिताने का अर्थ अपनी ऊर्जा व्यर्थ करना होता है। वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी होते हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ अच्छा तलाश लेते हैं। ऐसे लोग हमेशा आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि आपको हमेशा सिर्फ अच्छा सोचने वाले लोग ही मिलें, यह तो संभव नहीं है। पर, दूसरों की नकारात्मकता से आप खुद को जरूर बचा सकती हैं: सीमाएं तय करना है जरूरी अकसर महिलाओं के ऊपर परिवार और समाज की अपेक्षाओं का इतना भारी दबाव होता है कि वह चाह कर भी खुद को व्यक्त नहीं कर पाती हैं। कभी परिवार की खुशी तो कभी समाज में मर्यादा बनाए रखने का दबाव उन्हें वह सब बर्दाश्त करने को भी मजबूर कर देता है, जो वह नहीं करना चाहती हैं। इससे ना केवल उनकी मानसिक शांति भंग होती है बल्कि जीवन के प्रति उत्साह भी खत्म होने लगता है। इसलिए अपनी सीमाएं निर्धारित करना बहुत जरूरी है। यदि कोई दोस्त या रिश्तेदार हमेशा उलाहना देने वाली या दुख भरी बातें ही करता है, तो उनसे मिलना-जुलना सीमित ही रखें। याद रखिए, हम किसी से बेहतर और ऊर्जावान महसूस करने के लिए मिलते हैं। लेकिन सामने वाला व्यक्ति यदि हर समय ही नकारात्मक बातें करे, तो उससे किनारा कर लेने में ही भलाई है। बनें संवेदनशील अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि आप दूसरों की समस्याओं को लेकर असंवेदनशील बन जाएं। कभी-कभी सामने वाला वास्तव में बहुत कठिन हालातों से गुजर रहा होता है और किसी सहारे की तलाश में होता है। इसलिए संवेदनशील बनिए, ताकि संकट में पड़े किसी व्यक्ति से असभ्य व्यवहार करने के बजाय आप उसकी परेशानी को समझ सकें। आपका सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार आपकी मानसिक शांति बरकरार रखते हुए सामने वाले के लिए भी सहारे का काम करेगा। संजोएं अपनी ऊर्जा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए समाज से अलग-थलग होकर रहना मुमकिन नहीं है। परिवार से लेकर जानकारों तक में कोई ना कोई ऐसा जरूर होता है, जिससे आपके विचार नहीं मिलते हैं। यदि आपका भी कोई ऐसा जानकार है जो हमेशा नकारात्मक बातें करता है, लेकिन आप उससे संबंध खत्म नहीं कर सकतीं, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों से पूरी तरह नाता तोड़ने की बजाय मिलना कम कर दें। नकारात्मक लोग आपकी ऊर्जा को अपने विचारों से हानि पहुंचा सकते हैं। ऐसे लोगों से मिलने के बाद बेहद थका हुआ और निस्तेज महसूस होता है। इससे बचने के लिए जहां तक संभव हो सिर्फ किसी पारिवारिक या सामाजिक समारोह में ही ऐसे लोगों से मिलें। सुनने की आदत डालें एक अच्छा श्रोता संवेदनशील होते हुए भी अपनी मानसिक शांति बनाए रख सकता है। जब भी किसी से बात करें तो बिना बीच में बोले पूरी तसल्ली से सामने वाले की बात सुनें। लेकिन ऐसा करते समय स्वयं भी सचेत रहें क्योंकि आपको सामने वाले व्यक्ति की बात तो सुननी है, लेकिन उसके प्रभाव में नहीं आना है। बातचीत के दौरान अचानक अपनी प्रतिक्रिया देना सामने वाले को और ज्यादा परेशान कर सकता है। जबकि सिर हिलाना, आंखों में देखकर बात करना और सकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल सामने वाले व्यक्ति को विश्वास दिलाता है कि आप उसकी परेशानी समझ रही हैं। याद रखिए, आपके व्यवहार में ठहराव ही आपकी मानसिक शांति को बनाए रखने की चाबी है। तनाव से दूर रहने और मानसिक सुकून के लिए कुछ ऐसा करें, जिससे आपको खुशी मिले। बागवानी करना, सैर पर जाना, अपनी पसंद का संगीत सुनना, डांस करना डायरी लिखना या कोई किताब पढ़ने जैसा आप कुछ भी ऐसा कर सकती हैं, जिससे आपको खुशी का अनुभव हो। अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्राणायाम करना एक ऐसा प्रभावशाली तरीका है जो विपरीत परिस्थितियों में भी आपके मन को शांत रखेगा।

ये योगासन बनाते हैं टांगों की मसल्सा को मजबूत

उत्कटासन कोर की मांसपेशियों (जांघों और नितंबों) को मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप जिम में घंटों पसीना बहाएं। अगर आप अपनी टांगों की मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहते हैं। तो यहां हम आपको 3 ऐसे योगासनों के बारे में बता रहे हैं जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ये योगासन टांगों की मसल्सो को मजबूत बनाने के साथ, हिप, टखनों, पेट की मसल्सह आदि शरीर के कई हिस्सोंक के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है। उत्कटासन : उत्कटासन कोर की मांसपेशियों (जांघों और नितंबों) को मजबूत बनाने और टोन में मदद करता है। सीधे हाथ जोड़कर (नमस्ते में मुद्रा) खड़े हो जाओ। पैरों के पंजे भूमि पर टिके हुए हों तथा एड़ियों के ऊपर नितम्ब टिकाकर बैठ जाइए। दोनों हाथ घुटनों के ऊपर तथा घुटनों को फैलाकर एड़ियों के समानान्तर स्थिर करें। अपने सिर को हल्का आगे मोड़ें। इस मुद्रा में तब तक रहें जब तक आप सहज हो। आसन से बाहर आने के लिए आराम से सीधा खड़ा हो जाएं। वृक्षासन : वृक्षासन आपके पेट से वसा को दूर करने के लिए सबसे आसान और आदर्श आसनों में से एक है। साथ ही इस आसन से टांगों की वसा कम होती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर है। इसे करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और अपने पैर जोड़ लें। अब अपना दायां पैर, अपनी बाईं जांघ पर रखें। आपके दाएं पैर का अंगूठा नीचे जमीन की तरफ हो और बाएं पैर की उंगलियां सामने की तरफ। ध्या न रखें कि आपकी पीछे से गर्दन, रीढ़ की हड्डी की रेखा में सीधी होनी चाहिए। अर्ध चंद्रासन : अर्ध चंद्रासन भी जांघों और नितंबों की चर्बी को कम करने के लिए बहुत अच्छा है। इसके अलावा अतिरिक्त स्ट्रेच से पेट की चर्बी भी कम होकर आपका शरीर मजबूत बनता है। इसे करने के लिए, शुरू करने के साथ ही अपने पैरों को एक साथ करके  खड़े हो जाये। फिर दाएं हाथ को उपर सीधा कान और सिर से सटा हुआ रखते हुए ही कमर से बाईं ओर झुकते जाएं। जहां तक हो सके बाईं ओर झुके फिर इस अर्ध चंद्र की स्थिति में 30-40 सेकंड तक रहें। वापस आने के लिए धीरे-धीरे पुन: सीधे खड़े हो जाएं। इस आसन को 4 से 5 बार करने से लाभ होगा।  

यूजर्स एक्स प्लेटफॉर्म से जैक डॉर्सी के ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट

नई दिल्ली सोशल मीडिया यूजर एलन मस्क के एक्स प्लेटफॉर्म से दूरी बना रहे हैं। यूजर्स एक्स प्लेटफॉर्म से जैक डॉर्सी के ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट हो रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया यूजर एलन मस्क को अमेरिकी चुनाव प्रचार के बाद से संदेह की नजर से देख रहे हैं। बता दें कि एलन मस्क ने अमेरिकी चुनाव में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। साथ ही ऐसे आरोप लगे हैं कि एलन मस्क ने हेट स्पीच की वजह से बैन एक्स अकाउंट को अनब्लॉक कर दिया था। ऐसे में काफी संख्या में यूजर ब्लस्काई ऐप की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। क्या है ब्लूस्काई ऐप यह एक डिसेंट्रलाइज्ड माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। ब्लूस्काई ऐप की स्थापना साल 2019 में जैक डॉर्सी ने की थी। यह प्लेटफॉर्म साल 2024 की शुरुआत तक इनवाइट ओनली बेस्ड था, जिससे डेवलपर्स नए फीचर्स की जांच कर सकें। ब्लूस्की के सीईओ जे ग्रेबर अब प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं, जो एक पब्लिक बेनिफिट कॉर्पोरेशन को ऑपरेट करता है। ब्लूस्काई में क्या है अलग? Bluesky यूजर्स को शार्ट मैसेज पोस्ट करने की इजाजत देता है। साथ ही फोटो और वीडियो पोस्ट करने की सुविधा देता है। इसके अलावा यूजर्स डायरेक्ट मैसेज भेज सकते हैं। इसका सबसे अहम फीचर डिसेंट्रलाइजेशन फ्रेमवर्क है, जो डेटा स्टोरेज को स्वतंत्र बनाता है। सोशल मीडिया एक्स से अलग ब्लूस्काई एल्गोरिथम फीड का उपयोग करता है। ब्लूस्काई विजिबल कंटेट को यूजर्स के फॉलो किए गए अकाउंट से पोस्ट तक सीमित करता है। क्यों यूजर्स एक्स से बना रहे दूरी ब्लूस्काई की ग्रोथ पॉलिटिकल और कल्चरल शिफ्ट के प्रेरित है। 2024 के अमेरिकी चुनाव में ट्रंप के पब्लिक मंच पर एलन मस्क की मौजूदगी से खेल बदल गया है। ऐसे में ट्रंप के विरोध में यूजर्स एक्स से दूरी बना रहे हैं। गायक लिज़ो और अभिनेता बेन स्टिलर और जेमी ली कर्टिस समेत तमाम हस्तियां ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट हो गई हैं। मॉनिटाइजेशन और चुनौतियां ब्लूस्काई के यूजर्स बढ़ रहे हैं, लेकिन उसके वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ट्विटर के वक्त भी रेवेन्यू ग्रोथ एक बड़ा मुद्दा था। जैक डॉर्सी का कहना है कि ब्लूस्काई को विज्ञापन से बचाना है। अगर बात ट्विटर की करें, तो आठ साल में ट्विटर केवल दो बार फायदे में रहा है। इसके बाद साल 2022 में एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर को खरीदा गया था।

वॉट्सऐप ने रोलआउट किया नया फीचर

नई दिल्ली WhatsApp की तरफ से एक नया फीचर रोलआउट किया जा रहा है। इस फीचर का लंबे वक्त से इंतजार था, जिसे फाइनली वॉट्सऐप ने रोलआउट करना शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इस फीचर को इस हफ्ते पेश कर सकती है। वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जाएगा। ऐसे में भारत में नए फीचर को रोलआउट होने में थोड़ा वक्त लग सकता है, लेकिन सवाल उठता है कि इससे आम यूजर्स को क्या फायदा होगा? क्या होगा फायदा? WhatsApp का नया मैसेज ड्रॉफ्ट फीचर गूगल ओन्ड जीमेल की तरह होगा। इस फीचर की मदद से अधूरे मैसेज ड्रॉफ्ट हो जाएंगे। मतलब आपको बार-बार एक ही मैसेज को लिखना नहीं पड़ेगा। यूजर पहले के लिखे मैसेज में सुधार करके उसे भेज सकते हैं। इससे पहले तक कई बार आप मैसेज टाइप करते थे, फिर किसी काम के सिलसिले में कोई दूसरा ऐप ओपन कर देते थे, जिससे मैसेज डिलीट हो जाता था। लेकिन नए मैसेज ड्रॉफ्ट फीचर से काफी सुविधा होने वाली है। कैसे काम करेगा मैसेज ड्रॉफ्ट फीचर जब आप कोई मैसेज वॉट्सऐप पर टाइप करना शुरू करते हैं, लेकिन उसे भेजते नहीं हैं, तो अब वॉट्सऐप की ओर से ऐसी चैट को बोल्ड ग्रीन लेवल की मदद से हाइलाइट करेगा। साथ ही वॉट्सऐप की ओर से ड्रॉफ्ट मैसेज को भेजने को लेकर अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे आपको कोई अधूरा मैसेज नहीं छूटेगा। ड्रॉफ्ट लिस्ट से हटा पाएंगे चैट इस फीचर को ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए अनसेंड चैट को ऑटोमेटिक तरीके से ड्रॉफ्ट में भेज दिया जाएगा। साथ ही ऐसी ड्रॉफ्ट चैट को टॉप पर लिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे जब आप वॉट्सऐप को स्क्रॉल करेंगे, तो सबसे पहले आपको ड्रॉफ्ट चैट दिखेंगी। इस तरीके से आप अधूरी चैट को दोबारा से विजिट कर पाएंगे। साथ ही अगर उसे नहीं भेजना है, तो उसे ड्रॉफ्ट लिस्ट से हटा सकेंगे। इस फीचर को ग्लोबली रोलआउट किया जा रहा है, जो मौजूदा वक्त में सभी यूजर्स को उपलब्ध करा दिया गया है। 100 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर मौजूदा वक्त में WhatsApp के दुनिया भर में मंथली एक्टिव यूजर्स 100 मिलियन से ज्यादा हैं। वॉट्सऐप की ओर से जल्द ही नए फीचर को रोलआउट किया जाएगा। इसमें बिल्ड इन एड्रेस बुक और कस्टम चैट लिस्ट जैसे फीचर शामिल हैं। इस तरह के नए अपडेट के बाद वॉट्सऐप पर बातचीत करना बेहतर हो जाएगा।

सफल होने के साथ जीवन में रहना चाहिए तनाव मुक्त

आम आदमी अपने दिन का पूरा समय इन दो जगहों पर बिताता है वो है घर या फिर दफ्तर में। जैसी व्यक्ति की संगति होती है वैसी ही उसकी मति हो जाती है। इसलिए जरूरी होता है कि व्यक्ति हमेशा अपने लिए सही वातावरण चुनना चाहिए, जिससे वह सही पथ पर चले। आचार्य प्रशांत के अनुसार, एक व्यक्ति किस आधार पर विवाह करता है या फिर कैसी संगति चुनता है। यह महत्व की बात है कि वह व्यक्ति किसके साथ रह रहा है। आप चाहे विवाह करके रह रहे हो या फिर बिना विवाह करके अपनी जीवन व्यय कर रहा हो। ऐसे में व्यक्ति को जरूर हमेशा याद रखना चाहिए कि वह अपने जीवनसाथी  का चयन किस आधार पर कर रहा है। हर एक छोटी बात जैसे कि वह व्यक्ति अब से लगातार मेरे कमरे में रहेगा? किसके शब्द लगातार पड़ने लग गए हैं तुम्हारे कानों में? इन चीजों को याद करके ही निर्णय लेना चाहिए। क्योंकि इसी बात पर तुम्हारी जिंदगी या तो बन जाएगी या बिल्कुल बर्बाद हो जाएगी। आचार्य प्रशांत आगे कहते हैं कि यहीं बात दफ्तर के लिए है कि दिन के आठ से दस घंटे आप किन लोगों की शक्लें देखते हैं या आर अपना बॉस बोलते हो, वो यूं ही है कोई सड़क का आदमी जो तुम्हारी जिंदगी पर अब अधिकार रखने लग गया है तो तुम बर्बाद हो जाओगे। यही बात दफ्तर के माहौल पर और धंधे की प्रकृति पर लागू होती है। तुम्हारी संस्था किस तरह का व्यवसाय करती है और तुम्हारे काम में किस तरह के लोग लगे हुए हैं? ये कोई छोटी बात है क्या? यही तो जिंदगी है । एक व्यक्ति दिनभर की रोजमर्रा वाली जिंदगी में क्या देख रहा है? क्या सुन रहे हो? क्या खा रहा है? क्या पी रहे हो? क्या सोच रहे हो? किस दिशा में कर्म कर रहे हो? कहां से तुम्हारी प्रेरणाएं आ रही हैं? हर एक चीज को व्यक्ति को साधारण लेना चाहिए। किसी भी चीज को ज्यादा महत्व देने से बचना चाहिए। क्योंकि अगर व्यक्ति इन दो मुद्दों शादी और नौकरी के प्रति अति गंभीर रहेगा।  अगर आपने दोनों परीक्षाएं पार कर लीं वो जीवन में उत्तीर्ण हो गया। ऐसे में व्यक्ति को हर काम में सफलता पाने के साथ तनावमुक्त जीवन जिएंगा।

iPhone बनाने की रेस में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने मारी बड़ी बाजी

नई दिल्ली iPhone बनाने की रेस में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने बड़ी बाजी मार ली है। दरअसल iPhone बनाने वाली ताइवान की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर पेगाट्रॉन के तमिलनाडु प्लांट में टाटा ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। इस डील के बाद भारत में आईफोन बनाने की रफ्तार तेज हो सकती है। हालांकि इस डील को लेकर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। टाटा समूह ने खरीदी 60 फीसद हिस्सेदारी रिपोर्ट की मानें, तो इस डील से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के पास 60 फीसद हिस्सेदारी होने की उम्मीद है। इस डील के साथ पेगाट्रॉन टाटा के साथ ज्वाइंट वेंचर में iPhone प्रोडक्शन करेगा। इस डील में टाटा समूह को 150 से 200 मिलियन डॉलर का पेंमेंट करना होगा। विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के साथ मिलकर टाटा भारत में iPhone बनाने का काम करेगा। ताइवान की फॉक्सकॉन कंपनी के पास iPhone बनाने का कॉन्ट्रैक्ट है। iPhone बनाने की रफ्तार होगी तेज ऐपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के पास मौजूदा वक्त में 40 मिलियन आईफोन बनाने की क्षमता है। कंपनी हर माह करीब 30 से 35 मिलियन आईफोन यूनिट का निर्माण करती है। इस डील के बाद माना जा रहा है कि iPhone मैन्युफैक्चरिंग तेज हो सकती है। साथ ही चीन के बाहर आईफोन की सप्लाई चेन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से आईफोन की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ सकता है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की डील के बाद भारत में आईफोन की डिमांड को पूरा किया जा सकेगा। साथ ही भारत के पड़ोसी देश में आईफोन की डिमांड को पूरा किया जा सकेगा। ऐपल की मानें, तो पिछले कुछ माह में आईफोन की डिमांड में इजाफा दर्ज किया गया है। सालाना 4.5 मिलियन आईफोन का हो रहा निर्माण टाटा ग्रुप की तरफ से आईफोन कंपोनेंट बनाने को लेकर मल्टी पार्टनर स्ट्रैटजी प्लान किया गया है। पेगाट्रॉन के पास भारत में 9500 कर्मचारी मौजद हैं। साथ ही सालाना हिसाब से 4.5 मिलियन आईफोन का प्रोडक्शन किया जाता है। कंपनी साल 2022 से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। पीएलआई स्कीम का मिलेगा फायदा सरकार ने भारत में आईफोन बनाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनिशिएटिव यानी PLI स्कीम शुरू की गई है, जिसका फायदा टाटा समूह और पेगाट्रॉन को मिल सकता है। ताइवान की विस्ट्रॉन कंपनी आईफोन असेंबली प्लांट का अधिग्रहण करने के बाद नमक से लेकर स्टील बनाने वाली ग्लोबल आईफोन मैन्युफैक्चरिंग करने वाली पहली भारतीय यूनिट बन गई है।

चुनें अपने लिए बेस्ट ईयरबड्स ये है बेहतरीन विकल्प

  नई दिल्ली आज के समय में ईयरबड्स का चलन काफी बढ़ गया है। वायरलेस म्यूजिक का अनुभव, नॉइज़ कैंसलेशन फीचर, और लंबी बैटरी लाइफ जैसी सुविधाओं के कारण ये युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। बाजार में विभिन्न ब्रांड्स के कई ईयरबड्स उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ बेहतरीन विकल्प यहां दिए जा रहे हैं: Apple AirPods Pro (2nd Generation) Apple के AirPods Pro को प्रीमियम साउंड और नॉइज़ कैंसलेशन फीचर्स के लिए जाना जाता है। इसकी एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन टेक्नोलॉजी बाहरी शोर को पूरी तरह से ब्लॉक करती है, जिससे आप म्यूजिक और कॉल्स में पूरी तरह खो जाते हैं। इसका बैटरी बैकअप लगभग 6 घंटे का है और चार्जिंग केस के साथ यह 30 घंटे तक चलता है। Sony WF-1000XM4 Sony WF-1000XM4 ईयरबड्स में हाई-क्वालिटी ऑडियो के साथ एडेप्टिव साउंड कंट्रोल और नॉइज़ कैंसलेशन की सुविधा है। ये ईयरबड्स 8 घंटे की बैटरी लाइफ प्रदान करते हैं और केस के साथ यह 24 घंटे तक चलते हैं। Sony का LDAC सपोर्ट बेहतरीन ऑडियो गुणवत्ता का अनुभव देता है, जो म्यूजिक प्रेमियों के लिए एक परफेक्ट चॉइस है। Samsung Galaxy Buds 2 Pro Samsung Galaxy Buds 2 Pro एक प्रीमियम डिज़ाइन और हाई-रिजोल्यूशन ऑडियो सपोर्ट के साथ आता है। इनमें एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन और 360 ऑडियो फीचर है, जो इमर्सिव साउंड एक्सपीरियंस प्रदान करता है। इनकी बैटरी लाइफ लगभग 5 घंटे की है, और केस के साथ यह 18 घंटे तक चल सकते हैं। boAt Airdopes 441 अगर आप एक बजट फ्रेंडली ईयरबड्स की तलाश में हैं, तो boAt Airdopes 441 एक बढ़िया विकल्प है। इसमें IPX7 वाटर रेजिस्टेंस के साथ 5 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है, और चार्जिंग केस के साथ यह 25 घंटे तक चलता है। इसकी बेस आउटपुट काफी दमदार है, जो म्यूजिक प्रेमियों के लिए एक किफायती और अच्छा विकल्प है। OnePlus Buds Z2 OnePlus Buds Z2 में एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन, डुअल माइक्रोफोन, और 11mm के बड़े ड्राइवर्स हैं, जो इसे बेहतरीन ऑडियो आउटपुट देने में सक्षम बनाते हैं। इसकी बैटरी लाइफ 5 घंटे की है और केस के साथ यह लगभग 27 घंटे तक चलता है। यह किफायती और फीचर-पैक ईयरबड्स है।

घर पर डिस्प्ले क्वालिटी को सुधारने के कुछ आसान तरीके

नई दिल्ली आज के डिजिटल युग में, चाहे आप टीवी देख रहे हों, लैपटॉप पर काम कर रहे हों, या स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हों, एक बेहतरीन डिस्प्ले क्वालिटी से अनुभव में सुधार होता है। घर पर डिस्प्ले क्वालिटी को सुधारने के लिए कुछ आसान तरीके आज़मा सकते हैं, जिससे आपकी स्क्रीन पर रंग, ब्राइटनेस और शार्पनेस बेहतर दिखेगी। ब्राइटनेस और कंट्रास्ट को समायोजित करें स्क्रीन की ब्राइटनेस और कंट्रास्ट को सही स्तर पर सेट करना जरूरी है। अत्यधिक ब्राइटनेस से आंखों पर असर पड़ सकता है, जबकि बहुत कम ब्राइटनेस से डिस्प्ले फीका लग सकता है। टीवी या कंप्यूटर के सेटिंग्स में जाकर ब्राइटनेस और कंट्रास्ट को संतुलित करें। कलर सेटिंग्स को करें एडजस्ट बेहतर रंग क्वालिटी के लिए ‘कलर टेम्परेचर’ या ‘कलर मोड’ का उपयोग करें। आमतौर पर ‘विविड’ या ‘मूवी’ मोड रंगों को अधिक प्राकृतिक बनाता है। अपने टीवी या कंप्यूटर में ‘कस्टम कलर’ का विकल्प चुनें और अपनी पसंद के अनुसार एडजस्ट करें। रिजॉल्यूशन बढ़ाएं डिस्प्ले का रिजॉल्यूशन जितना अधिक होगा, तस्वीरें और वीडियो उतने ही शार्प और स्पष्ट दिखेंगे। टीवी, लैपटॉप या डेस्कटॉप में उपलब्ध उच्चतम रिजॉल्यूशन सेट करें। आजकल अधिकांश डिवाइसेस में फुल एचडी और 4K रिजॉल्यूशन का विकल्प होता है, जो बेहतर डिस्प्ले के लिए उपयुक्त है। ऑडियो-विज़ुअल केबल्स का उपयोग करें HDMI केबल की गुणवत्ता डिस्प्ले पर असर डालती है। बेहतर क्वालिटी वाले HDMI केबल का उपयोग करें, खासकर अगर आप 4K डिस्प्ले का अनुभव करना चाहते हैं। पुराने VGA या अन्य केबल्स की तुलना में HDMI, डिस्प्ले और साउंड क्वालिटी को अधिक सुधारता है। ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को प्रभावित कर सकती है। ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें, जो स्क्रीन की गुणवत्ता को प्रभावित किए बिना आंखों को सुरक्षा प्रदान करता है। यह सुविधा आमतौर पर स्मार्टफोन और लैपटॉप में उपलब्ध होती है।

लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय न करें यह गलतियां

लिक्विड लिपस्टिक यकीनन होंठों पर एक अलग ही लुक देती है और हर लड़की इसे लगाना पसंद करती हैं। लेकिन लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय हमेशा एक ही समस्या होती है कि इसे लगाते समय हमेशा कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है और इसलिए आपको एक परफेक्ट लुक नहीं मिल पाता। तो चलिए आज हम आपको ऐसी कुछ गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिसे अमूमन लड़कियां लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय करती हैं… पहले करें एक्सफोलिएट अक्सर लड़कियां सीधे ही लिक्विड लिपस्टिक अप्लाई कर देती हैं, लेकिन अगर आप लिप्स को एक्सफोलिएट किए बिना लिक्विड लिपस्टिक लगाती हैं तो इससे आपके होंठ फ्लेकी और रूखे नजर आते हैं। इसलिए हमेशा पहले लिप्स की डेड स्किन सेल्स को निकालने के लिए एक्सफोलिएट करें। लिप्स को एक्सफोलिएट करने के लिए पहले होंठों पर पेटोलियम जेली लगाएं और फिर बच्चों के टूथब्रश की मदद से होंठों को हल्का सा रगड़ें। अंत में वाइप्स की मदद की होंठों को क्लीन करें।   करें लिप्स को तैयार लिप्स को एक्सफोलिएट करने के बाद जरूरी है कि आप होंठों पर लिप बाम लगाएं। इससे आपकी लिक्विड लिपस्टिक को भी एक स्मूद टेक्सचर मिलता है। चूंकि लिक्विड लिपस्टिक आपके होंठों की नमी को सोख लेती है। इसलिए आप हमेशा हाई क्वालिटी के लिप बाम को लगाएं। लिपलाइनर से मिलेगा परफेक्ट लुक अगर आप चाहती हैं कि आपको लिक्विड लिपस्टिक लगाने पर एक परफेक्ट लुक मिले तो आप हमेशा पहले लिपलाइनर का इस्तेमाल करें। आप अपनी लिपस्टिक से मैच करता हुआ लिपलाइनर से पहले होंठों की आउटलाइन बनाएं। इसके बाद ही लिपस्टिक अप्लाई करें। इतना ही नहीं, जब आप लिपस्टिक लगा रही हैं तो कोशिश करें कि आप लिपस्टिक ब्रश से ही उसे लगाएं। इससे लिपस्टिक होंठों पर एकसमान लगती है और इसका लुक भी काफी अच्छा आता है।   चुनें सही प्रॉडक्ट यह नियम सिर्फ लिक्विड लिपस्टिक के लिए ही नहीं, बल्कि हर तरह के मेकअप प्रॉडक्ट के लिए लागू होता है। कभी भी सस्ते के चक्कर में हल्की क्वालिटी का सामान खरीदने की गलती न करें। अगर आप सस्ते के चक्कर में गलत लिक्विड लिपस्टिक खरीदती हैं तो इससे आपके होंठों को काफी नुकसान होता है। कई बार होंठ काले पड़ जाते हैं। यहां तक कि उनकी नेचुरल ब्यूटी भी खत्म हो जाती है। इसलिए कभी भी अपने स्किन केयर व मेकअप प्रॉडक्ट के साथ किसी तरह का समझौता न करें।  

होम्योपैथी इलाज से मिलता है फायदा, पर दवाई को लें सही तरह से

होम्योपैथी का इलाज भले ही थोड़ा लम्बा चलता है, लेकिन यह जड़ से समस्या को दूर करता है। साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, इसलिए अधिकतर लोग होम्योपैथी इलाज को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि इन दवाइयों को लेने व स्टोर करने का एक तरीका होता है। होम्योपैथी दवाइयों को तीन साल या उससे भी अधिक समय के लिए स्टोर किया जा सकता है। इनकी मेडिकल स्टेंथ खत्म नहीं होती, बस जरूरत होती है कि आप इन्हें सही तरह से लें और स्टोर करें। तो चलिए आज हम आपको होम्योपैथी दवाइयों को लेने के सही तरीके के बारे में बता रहे हैं…   ऐसे लें दवाई होम्योपैथी दवाई लेते समय आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। कभी भी दवाई को हाथों में न लें, बल्कि उसे सीधे ही मुंह में लें। होम्योपैथिक गोलियां लेने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें जीभ के नीचे रखें या चूसें। कभी भी इन्हें पूरी तरह से न निगलें। जब आप दवाई लें तो उससे बीस मिनट या आधा घंटा पहले तक या बाद में कुछ भी खाने−पीने या ब्रश करने से बचें। इससे आपकी दवाई का असर काफी कम हो जाता है। खासतौर से कॉफी को तो आप दवा लेने के कम से कम 45 मिनट पहले तक न पीएं। जब दें बच्चों को कुछ बच्चे इन दवाइयों का सेवन नहीं करते या फिर मुंह में लेकर थूक देते हैं। ऐसे में आप एक साफ व सूखी चम्मच के उपर दवाई रखकर उसे क्रश करें और फिर बच्चे को दें। कभी भी खाने के साथ दवाई खाने को न दें। यूं करें स्टोर दवाई लेने का तरीका जानने के बाद यह जरूरी है कि आप इसे स्टोर करने के बारे में भी जान लें। इन दवाइयों को आप कभी भी ऐसी जगह पर न रखें, जहां पर सूरज का प्रकाश आता हो। इसके अतिरिक्त ऐसी जगह पर भी रखने से बचें, जहां पर तेज गंध जैसे परफयूम आदि का इस्तेमाल किया जाता हो। वैसे होम्योपैथी दवाइयों को फ्रिजर में रखने की भी जरूरत नहीं होती। कोशिश करें कि आप इसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे माइक्रोवेव ओवन, इलेक्टानिक गैजेट्स या कंप्यूटर आदि से दूर रखें। साथ ही दवा की बोतल को कभी भी खुला न छोड़ें।  

गूगल के अगले अपडेट में एंड्रॉइड 16 का बेसब्री से इंतजार, मिलेंगे शानदार फीचर्स

नई दिल्ली पूरी दुनिया को गूगल के अगले अपडेट में एंड्रॉइड 16 का बेसब्री से इंतजार है और इसमें बहुत कुछ ऐसा देखने को मिल सकता है, जिसके बारे में लोगों को अंदाजा भी नहीं है। गूगल अगले महीने एंड्रॉइड 16 का डेवलपर प्रीव्यू रिलीज कर सकती है। एंड्रॉयड 16 के नए वर्जन में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट और API में बदलाव जैसी बातें शामिल हो सकती हैं। यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए फीचर्स में सुधार किया जाएगा। नए अपडेट्स से स्मार्टफोन यूजर्स को लाभ मिलेगा। गूगल ब्लॉग में मिली जानकारी गूगल के एंड्रॉइड 16 लॉन्च को लेकर हाल ही में नया ब्लॉग सामने आया है। इसमें गूगल ने बताया है कि एंड्रॉयड का नया वर्जन लाया जा सकता है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट की भी बात कही गई है। इसकी मदद से यूजर एक्सपीरियंस भी बेहतर करने की बात कही गई है। गूगल की तरफ से बहुत सारे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अगले साल आएगा Techopedia की रिपोर्ट की मानें तो एंड्रॉइड 16 को 2025 की दूसरी तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है और कहा जा रहा है कि अप्रैल, मई या जून में गूगल के अगले अपडेट्स का यूजर लाभ उठा सकेंगे। एंड्रॉइड 16 एओएसपी (एंड्रॉइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट) पर आएगा और 3 जून 2025 को पिक्सल डिवाइसेज पर ओवर-द-एयर (OTA) होगा। डेवलपमेंट ब्लॉग पर बोलते हुए गूगल ने पुष्टि की है कि आगामी एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम तय समय से पहले आ सकता है। नए डेवलपर एपीआई शामिल होंगे साल 2025 की दूसरी तिमाही में एक मेजर एंड्रॉइड वर्जन और चौथी तिमाही में एक छोटे अपडेट्स आ सकते हैं और खास बात यह है कि दोनों में नए डेवलपर एपीआई शामिल होंगे। गूगल की मानें तो इस नए अपडेट से मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को भी लाभ हो सकता है, जो साल के शुरुआती महीनों में अपने डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में हैं। ज्यादा बदलाव और अपडेट की संभावना आपको बता दें कि एंड्रॉइड 16 में ज्यादा बदलाव और अपडेट की सुविधा मिलने की उम्मीद है। नए फीचर्स में सैमसंग के वन यूआई की तरह ही 2-फिंगर जेस्चर के साथ ही कस्टमाइजेबल, रीसाइजेबल और रीवैंप्ड क्विक सेटिंग पैनल देखने को मिल सकते हैं। कार्यक्षमता और ऐक्सेसिबिलिटी में सुधार के लिए नए विजेट के साथ लॉक स्क्रीन में संभावित अपडेट की भी उम्मीद है।

इतिहास में है रूचि तो यह फील्ड होगी आपके लिए सबसे बेस्ट

हाल ही में रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया जिसके बाद एक बार फिर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) सुर्खियों में है। इस फैसले में भारतीय पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट का अहम रोल रहा। बता दें, ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व के स्थलों की खोज, वहां से उपलब्ध साक्ष्यों के जरिए उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना पुरातत्वविदों का मुख्य काम होता है। इस फील्डे में भी विशेषज्ञों की जरूरत होती है। अगर आप भी इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं तो जानिए इससे जुड़ी डीटेल्स्… क्या होता है पुरातत्वविद का काम? पुरातत्वविद (आर्कियोलॉजिस्ट) का काम इतिहास को खोजना और संरक्षित करना होता है। साथ ही ये विशेषज्ञ ऐतिहासिक वस्तुओं और सभ्यताओं की खोज से लेकर संग्रहालयों के संरक्षण का काम भी करते हैं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की खोज व संरक्षण, म्यूजियम्स, आर्ट गैलरीज को देखते हुए आर्कियोलॉजी के क्षेत्र में भी करियर की बहुत संभावनाएं हैं। कोर्स और एलिजबिलिटी आर्कियोलॉजी में ग्रैजुएट, पोस्ट ग्रैजुएट और पीएचडी लेवल के कोर्स होते हैं। 12वीं में हिस्ट्री  (इतिहास) की पढ़ाई करने वाले ग्रैजुएशन में आर्कियोलॉजी पढ़ सकते हैं और इसी में पोस्ट1 ग्रैजुएशन की डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। ग्रैजुएशन लेवल पर कई संस्थानों और कॉलेजों में एक साल का पीजी डिप्लोमा होता है। इसके अलावा म्यूजियोलॉजी के रूप में भी कई कोर्स होते हैं जिसके लिए किसी भी बैकग्राउंड के ग्रैजुएट एलिजबिल होते हैं। कहां मिल सकती है जॉब? आर्कियोलॉजी/हेरिटेज मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद आपके लिए शिक्षण, अनुसंधान, उत्खनन और संग्रहालय के क्षेत्र में करियर के कई ऑप्शपन होते हैं। आर्कियोलॉजी का कोर्स करके आप नई दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) और राज्यों में स्थित इनके क्षेत्रीय केंद्रों में आर्कियोलॉजिस्ट या असिस्टेंट आर्कियोलॉजिस्ट के रूप में जॉब कर सकते हैं। कितनी मिलती है सैलरी यही नहीं, आपके लिए आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम्स, नैशनल और स्टेट लेवल के म्यूजियम्स, आर्ट गैलरीज, कन्ज र्वेशन लैब्स जैसी जगहों पर भी जॉब के ऑप्शेन होते हैं। असिस्टेंट आर्कियोलॉजिस्ट या ऑर्ट रेस्टोरर को इस फील्ड में 50 हजार रुपये तक सैलरी मिल सकती है। इन जगहों पर मिलती है प्राथमिकता बता दें, आर्कियोलॉजिकल बैकग्राउंड के प्रफेशनल लोगों को फॉरेन मिनिस्ट्रील के हिस्टॉरिकल डिविजन, एजुकेशन मिनिस्ट्रीह, नैशनल आर्काइव्सल ऑफ इंडिया, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टॉरिकल रिसर्च और प्लानिंग कमीशन जैसे डिपार्टमेंट्स के अपॉइंटमेंट्स में प्राथमिकता दी जाती है। यूनेस्को और यूनिसेफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी काफी बेहतर संभावनाएं होती हैं।  

सिरदर्द को हल्के में न लें, इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

इंग्लैंड के गेट्सहेड में 21 साल की जेसिका केन को अचानक सिरदर्द हुआ है, वह पेनकिलर खाकर सोई और उसकी मौत हो गई। दरअसल, जेसिका को मेनिंगोकॉकल मेनिनजाइटिस और सेप्टिकैमिया नाम की बीमारी हो गई थी जिसने उसकी जान ले ली। दरअसल, ये एक ऐसा इंफेक्शन है जिसमें बैक्टीरिया खून में प्रवेश करता है और बड़ी तेजी से फैलने लगता है। यह बैक्टीरिया खून में टॉक्सिन्स रिलीज करने लगता है जो जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य समस्याओं को हल्के में न लें हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपने सिरदर्द, बहती नाक, छींक आना, हल्का बुखार जैसी दिक्कतों को हल्के में लेते हैं और उसके इलाज के बारे में भी नहीं सोचते। लेकिन ये लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा करते हैं जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आपके लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं आखिर क्यों आपको सिरदर्द को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सिरदर्द भी कुछ गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकता है। ब्लड क्लॉट कई बार ब्रेन में अगर किसी तरह का ब्लड क्लॉट बन जाए तो उस वजह से भी हेडएक यानी सिरदर्द होने लगता है। अगर आपको कभी-कभार बहुत गंभीर सिरदर्द होने लगता है और दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाए तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर समय रहते इलाज न हो तो ये ब्लड क्लॉट स्ट्रोक में परिवर्तित हो सकते हैं जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऑप्टिक न्यूराइटिस अगर आंखों के पीछे वाले सिर के हिस्से में दर्द हो रहा तो यह ऑप्टिक न्यूराइटिस का लक्षण हो सकता है। इसमें ब्रेन से आंखों तक जानकारी पहुंचाने वाली नसों को नुकसान पहुंचता है जिस वजह से देखने में दिक्कत होती है और कई बार विजिन लॉस भी हो सकता है। माइग्रेन या ट्यूमर लंबे समय तक सिरदर्द की समस्या है तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। यह माइग्रेन, ट्यूमर या नर्वस सिस्टम से जुड़ी दूसरी बीमारी भी हो सकती है। कभी-कभी ज्यादा दिनों तक सिरदर्द से संवेदी अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। सिरदर्द को लेकर भ्रम की स्थिति में कतई न रहें।  

बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं। कैश क्लियर करें ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं। बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए ‘Free up space’ ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे। फालतू ऐप्स को करें डिलीट हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए। डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर ‘My Files’ में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो। जंक फाइल्स को हटाएं अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं। एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं।  

अपनाए ये टिप्स बच्चे की स्किन हमेशा बनी रहे सॉफ्ट

आपके लिए अपनी स्किन का ध्यान रखना जितना जरूरी है उतना ही या फिर शायद उससे भी ज्यादा जरूरी है बच्चे की स्किन का ध्यान रखना। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चों की स्किन बेहद कोमल और मुलायम होती है और उन्हें अधिक देखभाल की जरूरत होती है। बचपन में ही अगर उनकी स्किन को सही देखभाल मिलेगी तो बड़े होते-होते उनकी स्किन और भी बेहतर हो जाएगी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप बच्चे की स्किन पर केमिकल वाले प्रॉडक्ट्स लगाना शुरू कर दें। बच्चे के लिए भी बनाएं स्किनकेयर रुटीन बच्चे के लिए भी एक प्रॉपर स्किनकेयर रुटीन बनाएं ताकि आगे चलकर भविष्य में उन्हें स्किन से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या न हो। वैसे भी बच्चों को घर के बाहर रहना ज्यादा पसंद होता है इसलिए बच्चों की स्किन सनलाइट, धूल, गंदगी, पलूशन से ज्यादा एक्सपोज होती है। यही वजह है कि बच्चों की स्किन का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ बेहद आसान टिप्स जिन्हें फॉलो कर आप भी अपने बच्चे की स्किन को हमेशा सॉफ्ट बनाए रख पाएंगी… हर दिन नहाना है जरूरी बेसिक हाइजीन का ध्यान रखना भी जरूरी है। लिहाजा बच्चे में हर दिन नहाने की आदत जरूर विकसित करें। माइल्ड साबुन या बॉडी क्लेन्जर और माइल्ड शैंपू लगाकर बच्चे का हर दिन नहाना जरूरी है। यह आदत हाइजीन और स्किन दोनों के लिहाज से बेस्ट है। फेस वॉश करना हर तरह का साबुन बच्चे की स्किन के लिए सही नहीं होता। लिहाजा बच्चे के लिए ऐसा फेसवॉश खरीदें जो माइल्ड हो और उनकी स्किन को सूट करे। हर रात सोने से पहले गुनगुने पानी से फेस वॉश करने की आदत बच्चे में डिवेलप करें। इससे बच्चे के चेहरे पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी पूरी तरह से साफ हो जाएगी। मॉइश्चराइजिंग नहाने के बाद स्किन को हाइड्रेट करने यानी स्किन की नमी बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है मॉइश्चराइजेशन। लिहाजा स्किन को ड्राई और पपड़ीदार होने से बचाने के लिए दिनभर में एक बार बच्चे की स्किन पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। खूब पानी पिएं बच्चे दिन भर उछल कूद करते रहते हैं। घर के अंदर भी और बाहर भी इसलिए बच्चों में खूब सारा पानी पीने की आदत विकसित करें ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो और स्किन भी ड्राई होने से बच जाए।  

गर्भवती महिलाओं को भी मोबाइल का यूज कम करना चाहिए, ये है वजह

इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल फोन जो अब स्मार्टफोन बन चुका है हमारी जिंदगी का ऐसा अहम हिस्सा बन चुका है जिसे हम अपनी जिंदगी से अब अलग नहीं कर सकते। मोबाइल के बिना अपनी लाइफ की कल्पना करना भी शायद मुश्किल ही लगे। टॉडलर्स यानी छोटे बच्चों से लेकर टीनएजर्स और बुजुर्गों तक… हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन रहता है और बड़ी संख्या में लोगों की इसकी लत भी लग चुकी है। इस लिस्ट में गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन मोबाइल के एक्सेस यूज का न सिर्फ आप पर बल्कि गर्भ के अंदर पल रहे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ता है। कैसे, यहां जानें… बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें मोबाइल फोन की स्क्रीन और उससे निकल रही ब्राइट ब्लू लाइट को लंबे समय तक देखते रहने से न सिर्फ आपकी आंखों को नुकसान होता है। बल्कि हाल ही में हुई एक स्टडी की मानें तो अगर प्रेग्नेंट महिला लंबे समय तक मोबाइल फोन यूज करे तो होने वाले बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने डेनमार्क में इसको लेकर एक स्टडी की जिसमें प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद मोबाइल फोन यूज करने का बच्चे के व्यवहार और इससे जुड़ी समस्याओं के बीच क्या लिंक ये जानने की कोशिश की गई। हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशू का शिकार इस स्टडी में ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया जिनके बच्चे 7 साल के थे। स्टडी के दौरान महिलाओं को एक क्वेश्चेनेयर दिया गया था जिसमें उनके बच्चे की हेल्थ और बिहेवियर के साथ-साथ वे खुद फोन का कितना इस्तेमाल करती हैं, इससे जुड़े सवालों के जवाब देने थे। स्टडी के आखिर में यह बात सामने आयी कि जिन महिलाओं के बच्चे प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद स्मार्टफोन के प्रति एक्सपोज थे यानी जिन मांओं ने प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद भी मोबाइल यूज ज्यादा किया उनके बच्चे हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशूज का शिकार थे। प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान -मोबाइल फोन पर बहुत ज्यादा बात करने की बजाए टेक्स्ट भेजें या लैंडलाइन का उपयोग करें -प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा सोशल मीडिया को स्क्रॉल न करें -जहां तक संभव हो हैंड्स फ्री किट यूज करें ताकरि सिर और शरीर के नजदीक रेडिएशन को कम किया जा सके।  

फेसबुक मार्केटिंग में करियर बनाने में मदद करेंगे ये टूल्स, होगी अच्छी अर्निंग

कॉलेज, मार्केट, ट्रेन या फिर बस-स्टॉप, कहीं भी आप जाइए, वहां दिखाई देने वाला एक आम नजारा यह है कि ज्यादातर लोग लगभग हर कुछ मिनट में अपना मोबाइल फोन जरूर चेक करते हैं। वे खबरें पढ़ रहे हों, वाट्सएप मैसेज देख रहे हों या फेसबुक अथवा इंस्टाग्राम पर अपने दोस्तों का सिर्फ स्टेटस चेक कर रहे हों। रिसर्च के मुताबिक, लोग सप्ताह में लगभग एक पूरा दिन केवल सोशल मीडिया पर लगा देते हैं। अगर इसे दूसरे नजरिए से देखें, तो मोबाइल पर लगाया जाने वाला यह ज्यादा समय विज्ञापनदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, जिन्हें अपने सामान और सेवाओं को बेचने के लिए इन लोगों को टारगेट करना होता है। माना कि हर किसी को सोशल मीडिया और इसके काम करने के तरीके की जानकारी नहीं है, लेकिन यह भी सही है कि इसकी बारीकियां सीखकर आजकल अच्छा पैसा भी कमाया जा सकता है। इसलिए फेसबुक आप जैसे युवाओं के लिए पैसा कमाने और बिजनेस का निर्माण करने का अवसर भी है। आइए जानें, फेसबुक मार्केटिंग में करियर बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए… टूल्स की समझ: इस फील्ड में आने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री और कारोबार की समझ काफी मददगार साबित होगी। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि फेसबुक मार्केटिंग टूल्स का इस्तेमाल शुरू करने के लिए आपको किसी योग्यता की जरूरत ही नहीं है। हां, यह मीडियम आपको मालूम होना चाहिए। इसके बाद एक फेसबुक बिजनेस एकाउंट खोलिए (जिसमें कोई भी खर्चा नहीं लगता है) और आप कमाई करने या इसे लाभदायक बिजनेस बनाने के लिए फेसबुक मार्केटिंग टूल इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। संसाधन की जरूरत: शुरुआत करने के लिए आपको बस एक इंटरनेट कनेक्शन, फेसबुक पर एक वैलिड बिजनेस एकाउंट और एक क्रेडिट कार्ड (क्योंकि फेसबुक क्रेडिट कार्ड के जरिये पैसे चार्ज करता है) की जरूरत है। बहरहाल, जब आपका बिजनेस बढ़ता है तो आप फेसबुक के साथ फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं। टारगेटिंग टूल्स की जानकारी: फेसबुक प्रीसाइज मार्केटिंग टूल्स पेश करती है, जिनमें आप किसी क्लाइंट के लिए लगभग हर लोकेशन पर कैंपेन कर सकते हैं-जैसे, अगर आप दिल्ली में हैं और आप सिर्फ पटपड़गंज को टारगेट करना चाहते हैं या आप इलाहाबाद में हैं और केवल सिविल लाइंस के लोगों को टारगेट करना चाहते हैं तो आप फेसबुक के साथ ऐसा कर सकते हैं। इससे आप आयु वर्ग और जेंडर आधारित टारगेटिंग भी सकते हैं। तजुर्बा और क्लाइंट की जरूरतें: यह सही है कि कोई भी व्यक्ति फेसबुक मार्केटिंग टूल्स इस्तेमाल करना शुरू कर सकता है, लेकिन फिर भी मार्केटिंग, सेल्स और प्रोडक्ट डिजाइन की पूर्व जानकारी भी होनी चाहिए। आखिरकार, आप अपने ग्राहकों के लिए कैंपेन करने के लिए इस जानकारी और एप्लीकेशन को इस्तेमाल करेंगे। अगर आपके क्लाइंट्स को नतीजे नहीं मिलते हैं तो आपका बिजनेस आगे नहीं बढ़ेगा। सर्टिफिकेशंस: जैसे गूगल एडवर्ड्स सर्टिफिकेशन पेश करता है, वैसे ही फेसबुक ब्लूप्रिंट सर्टिफिकेशन कराता है, जो फेसबुक मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग फीचर्स में दिलचस्पी रखने वालों के लिए उपलब्ध है। यह सर्टिफिकेशन दो तरह का है। इसमें मीडिया बाइंग और मीडिया प्लानिंग शामिल हैं।  

अगर आपका जीमेल अकाउंट हो गया है हैक तो इस तरह कर सकते है रिकवर

गूगल की ईमेल सर्विस जीमेल को दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जीमेल को दुनिया भर में एक बिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं और शायद यही वजह है कि हमेशा हैकर्स की नज़र इस ईमेल सर्विस पर बना रहती है। अगर आपने भी अपने जीमेल अकाउंट में किसी संदेहास्पद गतिविधि को नोटिस किया है तो हो सकता है कि आपके अकाउंट को किसी ने हैक कर लिया हो। 1. अकाउंट रिकवरी पेज पर जाएं 2. अगर आपको पासवर्ड याद नहीं है तो अलग-अलग सवालों के जवाब दें। 3. अपने रिकवरी ईमेल या फोन नंबर का इस्तेमाल करें। 4. अब जीमेल आपके अकाउंट के मालिकना हक को सुनिश्चित करने के लिए उस फोन नंबर या ईमेल पर एक रिकवरी कोड भेजेगा। 5. इसके अलावा आप उस सिक्यॉरिटी सवाल का जवाब भी दे सकते हैं, जो आपने अकाउंट सेटअप करते समय बनाया होगा। 6. एक बार रिकवरी कोड रिसीव करने के बाद, जीमेल में इसे एंटर करें और फिर गूगल आपसे पासवर्ड बदलने को कहेग। 7. साइनइन करने के बाद जीमेल आपसे एक बार सिक्यॉरिटी चेक के लिए कहेगा। ध्यान रहे कि सिक्यॉरिटी चेक कर लें और फिर अपनी सिक्यॉरिटी इन्फर्मेशन बदल लें। आपके जीमेल अकाउंट में की गई कोई हैकिंग ऐक्टिविटी के चलते अगर कोई आपकी जानकारी के बिना आपका गूगल अकाउंट इस्तेमाल कर रहा है तो, आपके दूसरे गूगल अकाउंट्स असुरक्षित अनऑथराज्ड पेमेंट ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर गूगल प्ले ऐक्टिविटी, अनजान यूट्यूब ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर ऐप जैसे बड़े खतरे हो सकते हैं। अपने गूगल अकाउंट को सिक्यॉर करने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें: 1. सिक्यॉरिटी चेकअप में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह गूगल की सर्विस है जिससे यूजर्स को कनेक्टेड ऐप्स, डिवाइसेज़, अकाउंट परमिशंस आदि चेक कर यह पता करने में मदद मिलती है कि उनका अकाउंट सेफ है या नहीं। 2. अगर आपने अब तक अपने अकाउंट का पासवर्ड नहीं बदला है तो तुरंत पासवर्ड बदल लें। 3. उन ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने इसी गूगल अकाउंट वाला पासवर्ड इस्तेमाल किया है। 4. उन सभी ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने अपने गूगल अकाउंट ईमेल अड्रेस के साथ साइनइन किया है। इसके अलावा, जिन ऐप्स और साइट्स के लिए आपने क्रोम ब्राउज़र पर पासवर्ड सेव किया है, उनके भी पासवर्ड बदल दें। 5. सनुश्चित कर लें कि आपका रिकवरी फोन नंबर और ईमेल सही है, ताकि आपके अकाउंट में कोई संदेहास्पद ऐक्टिविटी होने पर आपको सूचना दी जा सके।  

त्वचा को कोमल बनाने के लिए अपनाएं टिप्स

त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स होने के कारण त्वचा की खूबसूरती छीन जाती है। इनके कारण त्वचा के रोमछिद्र बड़े होने, झुर्रियां, दानें होनें के कारण त्वचा की कोमलता भी खत्म हो जाती है। ऐसे में त्वचा को छूने पर खुरदुरापन महसूस होता है। हर कोई अपनी त्वचा को निखरी और कोमल बनाना चाहता है। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की कोमलता को वापस पाना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ब्यूटी टिप्स। कोमल त्वचा पाने के तरीके- 1.शहद: त्वचा को कोमल और निखरी बनाने के लिए शहद उपयोगी होता है। शहद गाढ़ा होता है जो त्वचा पर मॉइश्चर की एक परत बना देता है, साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो पिंपल्स को खत्म कर देती हैं। मुंहासों और दाग-धब्बों को दूर करने के लिए शहद कैसे फायदेमंद होता है जानने के लिए क्लिक करें। कैसे करें इस्तेमाल: शुद्ध शहद को 10 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर हल्के गर्म पानी से चेहरा धो लें। शहद और अंडे को मिलाकर फेसमास्क बना लें और 20 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखने के बाद हल्के गर्म पानी से धो लें। 2.एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल त्वचा को कोमल बनाने के लिए लाभकारी होता है। इसकी सूदिंग प्रॉपर्टीज मुंहासे मिटाने के साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखती है और कोमल बनाए रखती हैं। कैसे करें इस्तेमाल: एलोवेरा जेल को चेहरे पर रातभर लगाकर रखें। एलोवेरा जेल को 2 चम्मच नींबू के रस और शहद में मिलाकर मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर चेहरा धो लें। 3.खीरा: खीरे में एस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टी के साथ ही पोषण देने के लिए आवश्यक मिनरल्स होते हैं। खीरे में सबसे ज्यादा पानी होता है। यह त्वचा के pH को बैलेंस रखता है और एसिड लेवल को बैलेंस करके त्वचा को कोमल और खूबसूरत बनाए रखता है। खीरे को त्वचा पर लगाना और खीरा खाना, दोनों ही त्वचा के लिए लाभकारी होता है। कैसे करें इस्तेमाल: खीरे का रस निकालकर इसमें थोड़ा सा दूध मिला लें और इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। इसके बाद चेहरे को हल्के गर्म पानी से धो लें। 4.योगर्ट: प्रोटीन, लेक्टिक एसिड और एंजाइम्स से भरपूर योगर्ट को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाए रखता है। कैसे करें इस्तेमाल: योगर्ट में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगा लें और 20 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से धो लें जिससे त्वचा मुलायम बनती है। 5.खूब पानी पीएं: पसीने और मूत्र के रुप में हमारे शरीर से पानी निकल जाता है। ऐसे में त्वचा को हाइड्रेट और कोमल बनाए रखने के लिए पानी पीना जरुरी होता है। खूबसूरत और कोमल त्वचा पाने के लिए दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरुर पीएं।  

बदलते मौसम में वायरल रोगों से बचना है तो करें ये योगासन

बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन और वायरल रोगों का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द जैसी परेशानियां इस दौरान आम होती हैं। इससे बचाव के लिए आप साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं और खाने-पीने का ध्यान रखते हैं। इन बीमारियों का खतरा उन लोगों को ज्यादा होता है, जिनका इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है। इसलिए अगर आप ऐसे योगासनों का अभ्यास करते हैं, जिनसे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, तो आप इन वायरल रोगों और संक्रमण से बच सकते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही योगासन, जो आपकी इम्यूनिटी बेहतर करते हैं। सर्वांगासन: सर्वांगासन की खास बात ये है कि इसे करने से आपके शरीर के सभी अंगों को फायदा मिलता है, इसी लिए इसका नाम सर्वांगासन है। इस आसन का नियमित अभ्यास आपकी इम्यूनिटी बढ़ाता है और आपको रोगों से दूर रखता है। बच्चों और युवाओं के लिए भी ये आसन बहुत फायदेमंद है क्योंकि इससे शरीर का विकास बेहतर होता है और हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है। इसके अलावा इससे आपकी पाचन शक्ति ठीक रहती है और रक्त का शुद्धिकरण होता है। कैसे करें सर्वांगासन: पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को एक साथ मिला लें और हाथों को शरीर की सीध में रखें। अब धीरे से पैरों को बिना मोडे ऊपर की तरफ उठाएं। जैसे-जैसे पैर ऊपर की तरफ उठाएंगे, वैसे-वैसे कमर को भी ऊपर की तरफ उठाएं। कोशिश करें कि पैर और पीठ इतने ऊपर उठ जाएं कि 90 डिग्री का कोण बन जाए। फिर धीरे-धीरे पहले की मुद्रा में आ जाएं। आप पीठ और कमर को उठाने के लिए हाथों का सहारा ले सकते हैं लेकिन कोहनियां जमीन से ही टिकी होनी चाहिए और चेहरा आसमान की ओर रहना चाहिए। मत्स्यासन: मत्यासन का अभ्यास भी आपको वायरल रोगों और इंफेक्शन से दूर रखता है। मत्स्यासन पेट और रीढ़ की हड्डी संबंधित सभी रोगों में बहुत फायदेमंद आसन माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है, जिसके कारण हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस आपको आसानी से बीमार नहीं बना पाते हैं। साथ ही यह आसन मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छा माना जाता है। कैसे करें मत्स्यासन: स्वच्छ वातावरण में समतल जमीन पर आसन बिछाकर सुखासन में बैठ जाएं। कुछ देर सांस को सामान्य करने के बाद पद्मासन लगा लें।हाथों का सहारा लेकर पीठ को पीछे की ओर धीरे-धीरे लाते हुए पीठ के बल लेट जाएं। पैरों के अंगूठों को पकड़कर उन्हें थोड़ा अपनी तरफ लाएं और पद्मासन को ठीक करते हुए घुटनों को जमीन पर अच्छी तरह से टिका दें। सांस भरें और पीठ, कंधों को ऊपर उठा गर्दन को पीछे की तरफ ले जाएं। सिर के भाग को जमीन पर टिका दें। पैरों के अंगूठों को पकड़ लें और सांस को सामान्य रखते हुए यथाशक्ति रोकने के बाद पद्मासन खोल लें। कुछ देर शवासन में लेटने के बाद पूर्व स्थिति में आ जाएं। नाड़ी शोधन प्राणायाम: नाड़ी शोधन प्राणायाम पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। जैसा कि इसका नाम है, ये प्राणायां नाड़ी का शोधन करता है। इस आसन के अभ्यास से रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है और वायरल संक्रमण या रोगों के विषाणु आप पर असर नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा ये प्राणायाम मन को शांत और केंद्रित करता है। ये प्राणायाम श्वसन प्रणाली व रक्त-प्रवाह तंत्र से सम्बंधित समस्याओं से मुक्ति देता है। कैसे करें नाड़ी शोधन प्राणायाम: सबसे पहले किसी भी सुखासन में बैठकर कमर को सीधा करें और आंखें बंद कर लें। दाएं हाथ के अंगूठे से दायीं नासिका बंद कर पूरी श्वास बाहर निकालें। अब बायीं नासिका से श्वास भरें और तीसरी अंगुली से बायीं नासिका को भी बंद कर लें। जितनी देर स्वाभाविक स्थिति में रोक सकते हैं, रोकें। फिर दायां अंगूठा हटाकर श्वास को धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। फिर दायीं नासिका से गर्दन उठाकर श्वास को रोकें, फिर बायीं से धीरे से निकाल दें।  

बाजार में बढ़ रही है स्किल्ड ब्रांड मैनेजर्स की मांग

आज भारतीय उपभोक्ताओं के पास हर उत्पाद के लिए कई विकल्प उपलब हैं, क्योंकि हर कंपनी अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए ग्राहक को आकर्षित करने की कोशिश करती है। इस पूरी प्रक्रिया में ब्रांडिंग की बड़ी भूमिका होती है। उपभोक्ता के मन में एक प्रोडक्ट की स्थायी जगह बनाने में ब्रांडिंग का बड़ा हाथ होता है। हर बड़ी कंपनी अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को बाजार में प्रमोट करने के लिए ब्रांड मैनेजर्स को हायर करती है। ब्रांडिंग प्रक्रिया में नए उत्पाद के लॉन्च होने से लेकर उसे उपभोक्ता की जिंदगी का अहम हिस्सा बनाने तक की रणनीति शामिल होती है। हर कंपनी अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज की ब्रांडिंग के लिए ऐसे लोगों को हायर करना चाहती है, जिनके पास प्रमोशन के विभिन्न आइडियाज हों। अगर आप भी इस तरह के करियर ऑप्शन की तलाश में हैं, तो ब्रांड मैनेजमेंट आपके लिए आदर्श करियर बन सकता है। कैसे करें शुरूआत? ब्रांड मैनेजमेंट में करियर बनाने के लिए आप ग्रेजुएशन के बाद ब्रांड मैनेजमेंट से एमबीए करके स्पेशलाइजेशन हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा एमबीए-मार्केटिंग से स्पेशलाइजेशन करके इस करियर को शुरू किया जा सकता है। करियर की संभावनाएं ब्रांड मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद फ्रेशर्स को एंट्री लेवल पर असिस्टेंट ब्रांड मैनेजर की जॉब मिल सकती है। अपने अच्छे आइडियाज, परफॉर्मेंस और इनोवेशन से उम्मीदवार मिड लेवल तक पहुंच सकते हैं यानी ब्रांड मैनेजर बन सकते हैं। किस एरिया में जॉब? प्रतिभाशाली और स्किल्ड ब्रांड मैनेजर्स की मांग फार्मास्यूटिकल, मोबाइल, इंश्योरेंस, हेल्थकेयर कंपनियों, मीडिया हाउसेस, ऑटोमोबाइल कंपनीज वगैरह में काफी है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हर कंपनी अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग आकर्षक तरीके से करनी चाहती है। कितना पैकेज? इस इंडस्ट्री में फ्रेशर्स का स्टार्टिंग सैलेरी पैकेज तीन से साढ़े तीन लाख प्रति वर्ष हो सकता है। सैलेरी पैकेज इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कौन-से संस्थान में और किस शहर में काम कर रहे हैं। ये गुण जरूरी…. ब्रांड मैनेजर बनने के लिए एक व्यक्ति को न मोटिवेटेड और बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहना जरूरी होता है। -अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स होनी चाहिए। -सुपरविजन, प्रॉब्लम सॉल्विंग और प्लानिंग स्किल्स में भी आगे होने चाहिए। -उम्मीदवार किस तरह के आइडियाज के साथ प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कितने क्रिएटिव तरीके से करते हैं और उसका कैसा रिस्पांस मिलता है, यह भी बहुत मायने रखता है।    

ICMR ने कहा है भारत में कैंसर के मामले और मौतें 2022 से 2045 के बीच बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली भारत में कैंसर तेजी से फैल रहा है. यह एक ऐसी बीमारी है जिसका सही समय पर पता न चले तो इलाज मुश्किल हो जाता है. 2023 में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में पब्लिश हुई एक स्टडी में कहा गया था कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर जैसे कैंसर के मामले तेजी बढ़ रहे हैं. कुछ दिन पहले भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि भारत में कैंसर के मामले और मौतें 2022 से 2045 के बीच बढ़ने का अनुमान है. ब्रिक्स देश यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका में कैंसर के मामले, उनसे होने वाली मौतों और उनका रोजमर्रा की लाइफ पर प्रभाव दिखाने वाली स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में मुंह और ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ने का जोखिम है. आईसीएमआर-नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च की रिसर्च के मुताबिक, पुरुषों में होंठ और मुंह के कैंसर के मामले सबसे अधिक पाए गए हैं जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे अधिक पाए गए. क्या कहती है रिसर्च कैंसर एपिडेमियोलॉजी में पब्लिश स्टडी के मुताबिक, दुनिया भर में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से 20 प्रतिशत मौतें ब्रिक्स देशों में होती हैं. स्टडी के राइटर्स का कहना है, ‘हमारा विश्लेषण भारत और दक्षिण अफ्रीका में 2022 और 2045 के बीच कैंसर के मामलों और मौतों में तेजी से वृद्धि होगी. स्टडी के राइटर सतीशकुमार ने बताया कि 2020 की तुलना में 2025 में भारत में कैंसर के मामलों में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि होगी और कैंसर की घटनाओं में तेजी लगातार जारी रहेगी.’ निष्कर्ष क्या निकला स्टडी के निष्कर्ष में इस बारे में जानकारी दी गई है कि कैंसर कितना कॉमन है, इससे कितनी मौतें होती हैं और इससे आम इंसान की लाइफ पर कितना प्रभाव होता है. रिसर्च के मुताबिक, रूस में पुरुषों और महिलाओं में नए प्रकार के कैंसर के मामलों की दर सबसे अधिक थी. रूस में पुरुषों में सबसे आम प्रकार का कैंसर प्रोस्टेट, लंग्स और कोलोरेक्टल थे. अधिकांश ब्रिक्स देशों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर प्रमुख था. हालांकि, भारत में होंठ और मुंह के कैंसर का ट्रीटमेंट पुरुषों में सबसे अधिक बार किया गया. दक्षिण अफ्रीका में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए कैंसर से होने वाली मृत्यु दर सबसे अधिक थी. अगर रूस में सिर्फ पुरुषों की मौत सबसे अधिक कैंसर से हुई ती और महिलाओं की दक्षिण अफ्रीका में कैंसर से मौत सबसे अधिक हुई थी. स्टडी में यह भी बताया गया है कि भारत को छोड़कर सभी ब्रिक्स देशों में लंग्स कैंसर मौतों का सबसे बढ़ा कारण था. भारत में बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा रिसर्चर्स के अनुसार, आने वाले सालों में दक्षिण अफ्रीका और भारत में कैंसर के नए मामलों और कैंसर से संबंधित मौतों में सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना है. हालांकि ब्रिक्स देशों के पास कैंसर को कंट्रोल करने के तरीके हैं लेकिन फिर भी कैंसर के जोखिम और कैंसर की घटनाओं को प्रभावित करने वाले हेल्थ सिस्टम की जांच करनी काफी जरूरी है.  

वर्ल्ड डायबिटिक डे: सावधान.. कही ये डायबिटीज आपकी आँखों की रोशनी ना छीन ले

बदलती दिनचर्या व जीवन शैली, बढ़ते तनाव, आनुवंशिक और खानपान में बदलाव आदि कारणों से विश्व में डायबिटीज के मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है। विभिन्न रिसर्च के अनुसार भारत वर्ष में डायबिटीज के मरीजो की संख्या लगभग 77 लाख अनुमानित है जो की 20 वर्षों में बढ़कर लगभग 1 करोड़ 35 लाख से अधिक होने की संभावना है। भारत को विश्व की डायबिटीज कैपिटल के रूप में जाना जाता है । डायबिटीज का दुष्प्रभाव शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ता है , आँखें भी इसका अपवाद नहीं है। आँखों के पर्दे या रेटिना पर इसके दुष्प्रभाव से रोशनी प्रभावित होने का ख़तरा होता है इस बीमारी को डायबिटिक रेटिनोपैथी का नाम दिया गया है । प्रारंभिक अवस्था में इसके कोई लक्षण नहीं होते और एडवांस स्टेज में ही मरीज़ को इसके बारे में पता चलता है । डायबिटीज से होने वाली ब्लाइंडनेस को कम करने हेतु 14 नवंबर वर्ल्ड डायबिटिक डे से मध्य प्रदेश स्टेट ऑफ़ल्थैमिक सोसाइटी द्वारा विशेष जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है ।संस्था के नव निर्वाचित अध्यक्ष एवम् रेटिना रोग विशेषज्ञ डा गजेंद्र चावला के अनुसार  15 दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधिया का आयोजन किया जायेगा। डायबिटीज के मरीजो के रेटिना की जाँच, सेमिनार व कार्यशाला का आयोजन, पैम्पलेट्स का वितरण, सोशल मीडिया , प्रिंट मीडिया , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग कर जन सामान्य तक डायबिटिक रेटिनोपैथी के बारे में जानकारी पहुँचाना आदि शामिल है । जिससे इस बीमारी को प्रारभिक अवस्था में पहचान कर उचित उपचार के द्वारा डायबिटीज से होने वाली ब्लाइंडनेस को रोका जा सके । डा चावला से डायबिटीज के सभी मरीजो को सलाह दी है कि वे साल में कम से कम एक बार अपनी आँखों की जाँच , जिसमे रेटिना अथवा पर्दे की जाँच शामिल हो , अवश्य कराये चाहे उनको नज़र से संबंधित कोई लक्षण हो या ना हो और अपनी रोशनी को बचाये।

बैठने वाली जॉब करने वाले जरूर करें ये योगासन, नहीं होंगी रीढ़ की हड्डी की समस्याएं

जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती जा रही है, बहुत सारे काम अब एक ही जगह बैठकर किए जाने लगे हैं। इसी तरह पढ़ने वाले स्टूडेंट्स, दुकानदार और डेस्क डेस्क जॉब वाले लोगों को दिनभर एक ही जगह बैठे-बैठे काम करना पड़ता है। काम के दबाव के कारण न तो अपनी फिटनेस के बारे में सोचने का वक्त होता है और न ही जिम जाकर एक्सरसाइज करने का समय होता है। ऐसे में देखा गया है कि थोड़े समय बाद इन लोगों में पीठ दर्द, कमर दर्द, कंधा दर्द या कोहनी और उंगलियों का दर्द शुरू हो जाता है। इसका कारण यह है कि आप मानसिक रूप से तो एक्टिव होते हैं मगर शारीरिक रूप से बिल्कुल निष्क्रिय होते हैं। फिट रहने के लिए आपके शरीर को थोड़ी मेहनत या एक्सरसाइज करनी बहुत जरूरी है। अगर आपको अपने काम से ज्यादा समय नहीं मिलता है, तो आप घर पर या ऑफिस में ही 10 मिनट समय निकालकर कुछ आसान योगासन कर सकते हैं, जिससे आप शरीर में होने वाली इन समस्याओं से बचे रहें। इसके अलावा ये योगासन आपको शारीरिक रूप से फिट भी रखेंगे। हस्तोत्तासन करें : हस्तोत्तासन को आप कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर आकाश की तरफ उठा लें। अह दोनों हाथों के पंजों को मिलाते हुए एड़ियों को ऊंचा करें और हाथों को और ऊपर की तरफ खींचें। इसके बाद एड़ियों को जमीन पर रख दें। अब हाथों को ऊपर उठाए हुए ही दाईं तरफ क्षमतानुसार घूम कर स्ट्रेच करें। फिर इसी तरह बाईं तरफ क्षमतानुसार स्ट्रेच करें। हर 3 घंटे के अंतराल पर ऐसा 2-3 बार कर लें, तो आपको कभी भी कमर और पीठ की समस्या नहीं होगी। सुप्त पवनमुक्तासन : चटाई बिछाकर सीधे लेट जाएं। अपने घुटनों से टांगें मोड़ लें और उन्हें अपनी छाती के करीब लाएं। अपनी टांगों के आसपास अपनी बाहें लपेटें। चाहें तो अब आंखें भी बंद कर सकती हैं। गहरी सांस लें। इसी मुद्रा में 1 मिनट के लिए रहें। अब सांस छोड़ें और अपना सिर इतना उठाएं कि आपकी नाक घुटनों को छू सके। इस मुद्रा में 5 सेकंड तक रहें। सांस लेते हुए अब अपना सिर पीछे ले जा सकती हैं। इसे 5 बार दोहराएं। इस आसन से पेट, छोटी और बड़ी इंटेस्टाइन, लिवर, पेन्क्रियाज़, गॉलब्लैडर और पेल्विक की मांसपेशियों की खुद-ब- खुद मालिश हो जाती है। पदसंचालनासन : यह आसन मोटापे के इलाज में बहुत कारगर है। इसके अभ्यास से पीठ, हिप्स, टांगें, होठ, पेट और पेल्विस मजबूत होते हैं। चटाई बिछा लें और उस पर सीधी लेट जाएं। हथेलियां नीचे की तरफ हों। सामान्य रूप से सांस लें और अपनी दोनों टांगों को ऐसे हवा में चलाएं, मानो लेटे हुए साइकिल चला रही हों। इसके 10-12 राउंड्स करें। अब शवासन में आएं, यानी लेट जाएं और दो मिनट तक धीरे-धीरे सांस लें। अब उलटी दिशा में टांगों को चलाएं। इसके 10-12 राउंड्स करें। स्ट्रेचिंग करें : उल्टी। टांग को सीधी टांग के ऊपर रखें और आगे की तरफ झुक जाएं फिर महसूस करें कि कहां-कहां स्ट्रेटच आ रहा है। फिर वापस उसी अवस्थां में आ जाएं। फिर दूसरी तरफ से भी इस आसन को करें। अब अपनी उंगलियों को आपस में फंसाकर ऊपर ले जाइए और खींचकर रखिए। सांस भरते रहिए और वापस आ जाइए। फिर अपना उल्टां हाथ ऊपर ले जाइए और दूसरी साइड में झुक जाइए। ऐसा ही दूसरी साइड से भी करें। उल्टा पैर आगे ले जाइए फिर हाथ से पैरों की उंगालियों को पकड़ने की कोशिश करें। अगर नहीं पकड़ पा रहे तो पैर को पकड़ लें। फिर वापस आ जाइए। दूसरी तरफ से भी ऐसे ही करें। घंटों तक न बैठे रहें : ऑफिस में बैठने का काम हो तो भी एक जगह चेयर पर घंटों तक न बैठे रहें, बल्कि बीच-बीच में टहलते रहें। हर एक-डेढ़ घंटे बाद अपनी कुर्सी से उठें और 20 कदम चलकर शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करें और फिर बैठ जाएं। अपना सामान स्वयं ही उठाकर रखें या फिर लंच टाइम में अपने केबिन में ही टहल लें। कैसे भी 15-20 मिनट तो अवश्य निकालें अपने लिए जिसमें आप चल सकें, ताकि शरीर की कसरत हो जाए।  

चेहरे के बाल हटाने के लिए वैक्सिंग क्यों नुकसानदायक है

मुंहासें, दाग-धब्बे और झुर्रियां जैसी कई चीजें आपके चेहरे की सुंदरता को कम कर देती हैं। जिन्हें दूर करने के लिए आप कई तरीके अपनाते हैं। इन सभी चीजों की तरह चेहरे पर मौजूद अनचाहे बाल भी आपकी चेहरे की सुंदरता को कम कर देती हैं। चेहरे से बाल हटाने के लिए महिलाएं कई तरीके अपनाती हैं। इनमें से कुछ घरेलू उपाय होते हैं। मगर कुछ महिलाएं चेहरे से अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग भी करवाती हैं। हाथ, पैर और अंडरआर्म्स से बालों को हटाने के लिए आपने वैक्सिंग के बारे में तो सुना ही होगा। अब चेहरे से बाल हटाने के लिए भी वैक्सिंग कराई जाती है। चेहरे पर वैक्सिंग करने के होने वाले नुकसानों के बारे में बताते हैं। चेहरे पर वैक्सिंग कराने के नुकसान- रैशेज : चेहरे पर वैक्सिंग करने से कुछ समय के लिए रैशेज और जलन होना सामान्य होता है। हालांकि यह रैशेज साइड इफेक्ट होते हैं। यह रैशेज एक दिन तक रहते हैं। अगर यह रैशेज ज्यादा समय तक रहते हैं तो उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बंद कर दें। सन सेंसिटिविटी : अगर आपको सन बर्न हुआ है तो उस दौरान चेहरे पर वैक्स नहीं करनी चाहिए। उस दौरान आपको अपनी त्वचा का खास ध्यान रखना चाहिए। साथ ही अगप आपने अगर चेहरे पर वैक्स कराई है तो धूप में निकलने से बचना चाहिए। चेहरे पर वैक्सिंग के दौरान बालों के साथ त्वचा की ऊपरी परत एपिडर्मिस भी हट जाती है। जिसकी वजह से आपकी त्वचा सूरज की रोशनी में ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। इनग्नोन हेयर : शेविंग के साथ वैक्सिंग की वजह से भी इनग्रोन हेयर की समस्या हो जाती है। वैक्सिंग के दौरान इनग्रोन हेयर से बचने के लिए बालों के विपरीत तरफ स्ट्रिप खीचें। कई बार बालों की जड़ें मजबूत होने की वजह से यह वैक्सिंग की मदद से पूरी तरह निकल नहीं पाते हैं जिससे इनग्रोन हेयर रह जाते हैं। दर्द : वैक्सिंग की वजह से दर्द बहुत होता है। ऐसा तब होता है जब बहुत जल्दी वैक्स स्ट्रिप को हटा दिया जाता है। इस दौरान संवेदनशील त्वचा पर सबसे ज्यादा दर्द होता है। इंफेक्शन : कुछ लोगों को वैक्सिंग की वजह से इंफेक्शन हो जाता है। कई बार वैक्सिंग के दौरान त्वचा से खून आने लगता है या त्वचा खराब हो जाती है। अगर किसी जगह पर पहले से कट है तो वहां वैक्स लगाने से इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।  

ऐसे बनाएं ब्रांड इमेज…

मैं कौन हूं। यह आत्ममंथन का मूल सवाल है। मूल रूप से यह पहचान से जुड़ा हुआ सवाल है। दूसरे शब्दों में इस सवाल के जरिए यह मंथन किया जाता है कि मैं क्या करता हूं और मेरे होने का मतलब क्या है। मैं खुद को एक चिकित्सक या एक बेहतरीन चिकित्सक के रूप में देख सकता हूं। मैं खुद को एक सरकारी अधिकारी के रूप में या एक भ्रष्ट या निकम्मे बाबू के रूप में या एक कर्मचारी या एक भरोसेमंद कर्मचारी के रूप में खुद को देख सकता हूं। इन सबके बीच स्पष्ट अंतर है। इसलिए मैं कौन हूं यह सवाल हमें परिभाषित करना है। यह सवाल एक व्यक्ति, संगठन, संस्थान और कंपनी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए एक कंपनी या कारोबार के लिए यह जानना जरूरी है कि वह कौन है, उसके होने का अर्थ क्या है, उसे किस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है और इसलिए उसे दूसरों से अलग कैसे किया जा सकता है। यही है यूनीक सेलिंग प्रोपोजिशन (यूएसपी) या ब्रांडिंग। यदि कंपनी अपनी यूएसपी को स्पष्ट तरीके से परिभाषित नहीं करे, तो उसकी दूसरों से अलग कोई पहचान नहीं बनेगी। एक बार ब्रांड का निर्माण करने के बाद कंपनी को लगातार ग्राहकों को संतुष्ट करते हुए उसकी रक्षा करनी होती है। ब्रांड का निर्माण करने में लंबा समय लगता है, लेकिन उसे नष्ट करने में मिनट भी नहीं लगता। ब्रांड निर्माण में प्रभावी संवाद बहुत महत्वपूर्ण है। इस तथ्य को नजरंदाज नहीं करना चाहिए कि धारणा कितनी मजबूत होती है। लेकिन यह धारणा झूठ पर आधारित नहीं हो सकती है। अगर यह झूठ पर आधारित है, तो इसे जल्द से जल्द सही किया जाना चाहिए, वरना इसका प्रभाव गहरी जड़े जमा लेता है। इसका परिणाम यह होता है कि ब्रांड नष्ट हो जाता है। संवाद का काम आपके उत्पाद की सही बातों को बताना होता है। लेकिन यदि आपके द्वारा रची जा रही बातें झूठी लगेंगी, तो यह ग्राहकों को धोखा देने के समान होगा। प्रभावी संवाद स्थापित करने के नौ सिद्धांत हैं। 1. सिर्फ सच्चाई ही बिकती है: ग्राहकों से कभी झूठे वादे मत कीजिए। यदि उत्पाद खराब है, तो कितनी भी अच्छी तरह पैकेजिंग करने से यह बेहतर नहीं हो जाएगा। संवाद से भरोसे का निर्माण होना चाहिए। 2. खराब साबित हो चुके सामान को अच्छा मत बताते रहिए: यदि ग्राहक किसी उत्पाद को खराब बताकर अस्वीकार कर देता है, तो उसे दुकान से हटा दीजिए। यदि आप इससे जबरदस्ती बेचते रहेंगे, तो आपकी साख घट जाएगी। 3. अपने उत्पाद पर भरोसा रखिए: आपको अपने उत्पाद पर भरोसा होगा, तभी आप उसे लक्षित ग्राहकों को बेच पाएंगे। यदि आप किसी कार कंपनी के लिए काम करते हैं, तो आपको दूसरी कंपनियों की कारें नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए, वरना ग्राहकों को आपकी कार पर भरोसा नहीं होगा। 4. ग्राहकों को समझिए: एक ही सामान सभी ग्राहकों को नहीं बेचा जा सकता। आपको अपने ग्राहकों को समझना होगा, ताकि आप अलग-अलग ग्राहकों के लिए अलग-अलग बिक्री योजना बना सकें। 5. पुराने ग्राहकों को सहेजिए: बाजार में ग्राहक तभी बढ़ते हैं, जब आप पुराने ग्राहकों को सहेजते हुए नए ग्राहकों का निर्माण करते हैं। नए दोस्त बनाने का मतलब यह नहीं है कि आप पुराने दोस्त भूल जाएं। 6. बाजार पर नजर टिकाए रखिए: बाजार में प्रभाव बनाए रखने के लिए आपको इसे समझना होगा। जमाना जब लैपटॉप, आईपैड और मोबाइल का है, तब आप टाइपराइटर का निर्माण करेंगे, तब लोग आपको पिछड़ा हुआ समझेंगे। और यदि आप फिर भी टाइपराइटर बेच रहे हैं, तो आपको प्रभावकारी तरीके से बताना होगा कि आप टाइपराइटर क्यों बेच रहे हैं। 7. अपने संवाद को स्पष्ट तरीके से रखिए: ग्राहकों को यह स्पष्ट तरीके से समझ में आना चाहिए कि एक उत्पाद क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता है। उत्पाद एक रहस्य पर आधारित उपन्यास की तरह नहीं होता। उत्पाद में वे बातें मिलनी चाहिए, जिसके लिए ग्राहकों ने कीमत का भुगतान किया है। 8. अपने प्रतियोगी को कम नहीं समझें: उत्पादों के बीच प्रतियोगिता होती है और स्वस्थ्य प्रतियोगिता से बाजार चलता है। लेकिन जब प्रतियोगिता आक्रामक और ओछेपन पर उतर आती है, तो बाजार से ग्राहक हटने लगते हैं। 9. सदा जागरूक रहिए: बेहतर बिक्री योजना और बेहतर उत्पाद के बारे में हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए। वे खुद-ब-खुद बेहतर बने हुए नहीं रहते। बाजार का विश्लेषण और उपभोक्ताओं के व्यवहार के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए और जरूरत होने पर उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। संवाद का प्रभावी रूप से किया जाना बहुत जरूरी है। इससे ब्रांड बनता है और उसकी रक्षा करनी होती है। लेकिन ऐसा करने के लिए यह जानना जरूरी है कि हम बेच क्या रहे हैं। दूसरे शब्दों में यह जानना जरूरी है कि हम कौन हैं और किन बातों के पक्ष में खड़े हैं।  

प्राणघातक हो सकती है कैल्शियम की कमी

कैल्शियम को सदा से ही मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक माना जाता रहा है किन्तु नए शोधों के अनुसार इसके अतिरिक्त भी कैल्शियम हमारे शरीर के लिए कई बीमारियों को दूर रखने में सहायता करता है। हड्डियां हमारे शरीर के लिए कैल्शियम के स्टोर का कार्य करती हैं जहां से आवश्यकतानुसार शरीर कैल्शियम लेता रहता है। हमारे भोजन से हड्डियों को कैल्शियम मिलने और हड्डियों से शरीर को कैल्शियम मिलने की प्रक्रिया हेतु विटामिन डी की उपस्थिति अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार हर वयस्क को न्यूनतम 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की दैनिक आपूर्ति होनी आवश्यक है। यदि भोजन से इतना कैल्शियम नहीं मिल पाता तो हमारे शरीर को पैराथायराइड हार्मोन विटामिन डी के सहयोग से हड्डियों से रक्त का कैल्शियम स्थानांतरित कर देता है। यदि व्यक्ति के भोजन में लगातार कैल्शियम या विटामिन डी की कमी चलती रहे तो उसकी हड्डियां कमजोर हो जाएंगी। नवीन शोधों के अनुसार कैल्शियम की कमी का निम्र रोगों पर भी प्रभाव पड़ता है। उच्च रक्तचाप मनुष्य के रक्तचाप पर कई चीजों का प्रभाव पड़ता है। शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, नमक व पारिवारिक पृष्ठभूमि का रक्तचाप पर प्रायः प्रभाव पड़ता है किन्तु अब शोधों से पता चला है कि शरीर में कैल्शियम की कमी से आयु के साथ रक्तचाप में भी प्रभाव पड़ता है। 1997 में अमरीका में पाया गया है कि कम वसा वाले दूध, फल और सब्जियों के नियमित प्रयोग से (जिसमें लगभग 1200 मिलीग्राम कैल्शियम हो) रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। यह नहीं कि कैल्शियम के साथ नमक अधिक लिया जाए किन्तु अधिक नमक और कम कैल्शियम खाने वाले व्यक्ति में उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है। डा. डेविड मैकरोन के अनुसार कम नमक वाले भोजन के स्थान पर दूध से बने पदार्थ उच्च रक्तचाप को काबू करने में अधिक प्रभावशाली हैं। उनके अनुसार अधिकतर बच्चे कैल्शियम की सही मात्रा नहीं लेते क्योंकि वे दूध, फल और सब्जी का सही मात्रा में सेवन नहीं करते। कैंसर: हमारे शरीर में बहुत से सैल बनते रहते हैं और समाप्त होते रहते हैं। पेट के अंदर ऐसे सैल प्रायः 3 से 10 दिन में बदल जाते हैं पर कभी-कभी ये सैल तीव्र गति से बढने लगते हैं, जिससे पेट के कैंसर की संभावना हो सकती है। अमरीकन मैडीकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार जिन लोगों में पेट के कैंसर की संभावना थी, उन्हें 1500 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन दिए जाने पर सैलों में बढ़ौतरी ठीक हो गई। मासिक धर्म: प्रायः महिलाओं को मासिक धर्म प्रारंभ होने से पूर्व कई तकलीफें होती हैं। सूसन थाई जैकब के अनुसार इसके लिए भी कैल्शियम की कमी ही उत्तरदायी है। उन्होंने 466 महिलाओं को 1200 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन दिया और पाया कि अधिकतर महिलाओं की तकलीफें 48 प्रतिशत कम हो गईं। उनको होने वाली दर्द में भी कमी हुई। यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने आहार को इस प्रकार संयोजित करें कि हमें लगभग 1200 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन मिलता रहे। 240 मिलीलीटर गाय के दूध में 288 मिलीग्राम कैल्शियम होता है जबकि 200 ग्राम दही में 268 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। 100 ग्राम सूखे नारियल में 400 मिलीग्राम कैल्शियम होता है जबकि 100 ग्राम खजूर में 120 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। इसके अतिरिक्त गूड़, पनीर, सोयाबीन, फूलगोभी और मछलियों में भी कैल्शियम पाया जाता है।  

सर्दी-खांसी ने जकड़ लिया है, तो बिना दवाई के इन 5 उपायों से होगा ठीक

ठंड का मौसम आने वाला है ऐसे में सर्दी-खांसी और जुकाम होना आम बात है। सर्दियों के दौरान एक बार तो वातावरण में मौजूद ठंडक, हवा में नमी और वायु प्रदूषण के कारण खांसी, सर्दी, जुकाम, कफ और गले में खराश में होने की समस्या आम बात है। आती हुई सर्दी में खांसी-जुकाम जरुर होता है। वैसे तो दवाईयो के खाने से छुटकारा मिल जाता है, लेकिन ज्यादा दवाई के सेवन से शरीर को नुकसान होता है। इसके जगह आप घरेलू उपाय के जरिए सर्दी-खांसी और जुकाम से छटुकारा पा सकते हैं। अगर आप भी सर्दी-खांसी से परेशान हैं तो इन 5 उपायों के करने से निजात पा सकते हैं। अदरक और शहद अदरक में एंटीवायरल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती है। इसके साथ ही शहद गले की सूजन को दूर करने के लिए काम करता है। इस उपाय को करने के लिए आप एक कप गुनगुने पानी में आध चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस उपाय को आप दिन में दो-तीन बार कर सकते हैं। आपको काफी राहत मिलेगी। तुलसी और काली मिर्ची तुलसी में एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। इसके साथ ही काली मिर्च खांसी को कम करने में मदद करता है। एक कप गुनगुने पानी में कुछ तुलसी के पत्ते और 2-3 काली मिर्च डालकर उबालें। अब आप इसे छानकर पिएं। यह जिद्दी से जिद्दी खांसी और गले की खराश में राहत देगा। गर्म पानी से भाप लें यदि आपको सर्दी और खांसी के साथ ही नाक बंद है, तो आप इस समस्या से बचने के लिए भाप लें सकते हैं। इसके लिए आप एक कटोरे में गर्म पानी लें और फिर उसमें सिर को झुका कर तौलिया से ढक लें। भाप को आपको 1 या 2 मिनट तक जरुर लें। ऐसा करने से आपकी नाक खुल सकती है और साथ ही गले की सूजन दूर होती है और खांसी में भी आराम मिलेगा। हल्दी वाला दूध सर्दी-खांसी की समस्या से बचने के लिए हल्दी वाला दूध सबसे फायदेमंद होता है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर अच्छे से मिला लें और सोने से पहले इसे पिएं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी और साथ ही इम्यून सिस्टम भी मजबूत होगा। नींबू और गर्म पानी शरीर को इम्यून करने के लिए नींबू सबसे बढ़िया है क्योंकि इसमें विटामिन सी होता है। गर्म पानी में नींबू का रस डालें। इससे आपके गले की खराश दूर होगी। साथ ही सर्दी और खांसी की समस्या दूर होगी।  

ऐप को डिलीट करने के बाद भी रह जाती है आपकी पर्सनल इनफार्मेशन

आजकल सभी के स्मार्टफोन में तमाम तरीके के ऐप भरे रहते हैं, कुछ तो उन्होंने अपने काम करने के लिए इंस्टॉल किया होता है लेकिन बहुत सारे ऐसे ऐप होते हैं जो बेवजह ही आपके फोन में रहते हैं और आपको इसका पता भी नहीं रहता है। इसके अलावा बहुत सारे ऐसे ऐप होते हैं जिन्हें आप वन टाइम इस्तेमाल के लिए इंस्टॉल करते हैं और उसको अनइनस्टॉल भी कर दिए होते हैं, लेकिन यहां इस लेख में हम इस बात का जिक्र करने जा रहे हैं कि आपने जिन वन टाइम इस्तेमाल वाले ऐप को अनइनस्टॉल कर दिया है, उनके पास आपकी कुछ जरूरी इंफॉर्मेशन जैसे आपकी लोकेशन, आपका एड्रेस, आपका मोबाइल नंबर, आपका जीमेल, नंबर सोशल मीडिया फाइल एक्सेस की परमिशन आदि इनफॉरमेशन उसे अप में सेफ रहती है। तो अनइनस्टॉल होने के बाद भी उस ऐप में आपके इंफॉर्मेशन सेफ है और किस तरीके से आप इस ऐप से अपने इनफॉरमेशन को लॉगआउट कर पाएंगे यही इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने की कोशिश कर रहे हैं। आईए जानते हैं क्या है वह स्टेप जिससे आप किसी भी अननोन ऐप से अपनी इंफॉर्मेशन को हटा सकते हैं। – सबसे पहले आपको अपने फोन की सेटिंग में जाना है और इसे ओपन करना है। – इसके बाद आपको गूगल सर्विसेज का ऑप्शन दिखाई देगा, वहां पर क्लिक करके आपको मैनेज योर अकाउंट पर जाना है। – यहां से आपको डाटा एंड प्राइवेसी का ऑप्शन दिखाई देगा और इसी के नीचे आपको हिस्ट्री सेटिंग दिखाई देगी। – हिस्ट्री सेटिंग का ऑप्शन क्लिक करते ही आपको वेब एंड एक्टिविटी का ऑप्शन दिखाई देगा। – इस पर क्लिक करते ही आपके सामने उन सभी ऐप्स की पूरी लिस्ट आ जाएगी जिनके पास आपका लोकेशन समेत अन्य इनफॉरमेशन को एक्सेस है। – ऐसे में आप जिन भी वेबसाइट से अपनी इनफॉरमेशन हटाना चाहते हैं आप उस पर क्लिक करें और वहां से अपनी इंफॉर्मेशन को आसानी से डिलीट कर सकते हैं।  

आसमां में उड़ने का रखते हैं ख्वाब तो पायलट बन चमकाएं कॅरियर, मिलेगी अच्छी सैलरी

अक्सर आसमान में उड़ते हवाई जहाज को देखकर लोगों के मन में आसमान मापने का सपना होता है। अधिकतर लोग पायलट बनकर आसमान में ऊंची उड़ान भरने का सपना देखते हैं। हालांकि आज के समय में कॅरियर के लिहाज से युवाओं के पास कई तरह के ऑप्शन होते हैं। जिसमें वह डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर आगे बढ़ सकते हैं। तो वहीं कई युवा ऐसे में हैं, जो पायलट बनने का ख्वाब देखते हैं। अगर आपका लक्ष्य क्लियर होता है, तो आपको सिर्फ इस ओर बढ़ने की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप भी पायलट बनकर अपना भविष्य चमकाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस फील्ड में बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। वर्तमान समय में एविएशन इंडस्ट्री में तेजी से ग्रोथ हो रही है। साथ ही इस फील्ड में अवसरों की भरमार है। ऐसे करें पायलट बनने की तैयारी पायलट बनने के लिए आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्य के साथ कम से कम 50 फीसदी अंको से पास होना चाहिए। जिसके बाद आपको किसी एविएशन संस्थान में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा। फिर आपको इंटरव्यू औऱ मेडिकल टेस्ट में पास होना होता है। सभी प्रोसेस में सफल होने के बाद संस्थान में एडमिशन मिलता है। जहां पर आपको प्लेन से जुड़ी बारीकियां सिखाने के साथ प्लेन उड़ाने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। एयरफोर्स में बनें पायलट अगर आप इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने का ख्वाब देख रहे हैं, तो आपको 12वीं पास करने के बाद एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट, एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम एग्जाम और यूपीएससी एनडीए एग्जाम क्लियर करना होगा। जिसके बाद इंडियन एयरफोर्स कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग देती है। वहीं इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए आप कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जाम भी दे सकते हैं। हालांकि इस एग्जाम के लिए आपको साइंस स्ट्रीम से 12वीं या फिर बीई/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। कमर्शियल पायलट बता दें कि 12वीं की पढ़ाई के बाद आप एविएशन संस्थान से ट्रेनिंग लेकर बतौर कॉमर्शियल पायलट अपना कॅरियर बना सकते हैं। इसके लिए ट्रेनिंग पीरियड 18-24 महीने का होता है। फिर कमर्शियल पायलट के लिए आपको रिटेन एग्जाम और फिटनेस टेस्ट देना होता है। इन दोनों चीजों को क्लीयर करने के बाद आपको कमर्शियल पायलट बनने की योग्यता हासिल हो जाती है।  

हाथों का कालापन दूर करेगा ये घरेलू नुस्खा

हम अपने चेहरे को चाहे कितना भी साफ कर लें और फेस पैकया फेस मास्क लगा लें, लेकिन हाथों का कालापन दूर नहीं कर पाते हैं। इसके दो बड़े कारण है, एक तो ये की हम अपनी स्किन केयर सही नहीं नहीं करते हैं और दूसरा की ये की हम सब जानते हुए भी ना ही अपनी स्किन को ढककर रखते हैं और ना ही सूरज की किरणों में जाना कम करते हैं। लेकिन अब आपको अपने हाथों से टैनिंगके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आज हम आपको एक ऐसे नुस्खा बताने वाले हैं। जो हाथों का कालापन दूर करने में तो मदद करेगा ही, साथ स्किन को ब्राइट और रिंकल फ्री भी बनाएगा। आइए जानते हैं इस नुस्खे को बनाने का तरीका। डी टैन पैक के फायदे इस नुस्खे में उन सभी चीजों का इस्तेमाल किया गया है जो हमारी स्किन के लिए फायदेमंद साबित होंगे। ये डी टैन पैक आपके हाथ-पैरों का कालापन हटाने के साथ-साथ सन टैन को हल्का करने, सॉफ्ट और स्मूथ बनाने और झुर्रियों, फाइन लाइंस को कम करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कई फायदे देने वाले इस नुस्खे को बनाने का तरीका। डी टैन पैक बनाने के लिए क्या चाहिए?     कपूर- 1     कॉफी पाउडर- 1-2 चम्मच     नींबू- 1/2     नारियल का तेल- 1 चम्मच     शैम्पू- 1 चम्मच     चीनी- 1/2 चम्मच​​ ऐसे तैयार करें नुस्खा     सबसे पहले आप एक कटोरी लें और उसमें कपूर,चीनी और कॉफी पाउडर डाल दें।     कटोरी मरण साथ ही आधा नींबू निचोड़े, नारियल तेल डालें और 1 चम्मच शैम्पू डालकर अच्छे से मिक्स कर दें।     कपूर और चीनी को पिघलाकर सभी चीजों को अच्छे से मिलाएं और गिला पेस्ट तैयार कर लें।     लीजिये तैयार है आपका डी टैन पैक, अब आप इसे अपने हाथों और पैरों पर लगा लें।     इस पैक को 10 मिनट तक लगाकर रखें और धोने से पहले हाथों को गिला करके स्क्रब करें।     5 मिनट तक स्क्रब करने के बाद पानी से साफ कर लें।     देखिए पहले इस्तेमाल के बाद ही आपके हाथों से टैनिंग हल्की हो गई है और रंग साफ हो गया है।     आप हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका फायदा उठा सकते हैं।​ कपूर के स्किन बेनिफिट्स आपने पूजा में तो कपूर का इस्तेमाल किया होगा, लेकिन आज हम आपको इस लेख में कपूर को स्किन पर इस्तेमाल करने के फायदे के बारे में बताने वाले हैं। इसमें एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो खुजली, घाव और स्किन से जुड़ी कई समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं। साथ ही कपूर हमारी स्किन पर होने वाले कील-मुंहासों को कम करने और रंगत को निखारने का काम करता है। त्वचा पर नारियल तेल लगाने के फायदे नारियल का तेल एक ऐसा तेल है जो हमारी सेहत, बाल और त्वचा, तीनों के लिए ही फायदेमंद होता है। ये हमारी स्किन को लंबे समय तक मॉइस्चराइज रखने, कोलेजन को बढ़ाने, दाग-धब्बों को हल्का करने और स्किन की इलास्टिसिटी को बनाए रखने में मदद करता है। आप चाहें तो इसे अपने होंठों पर लिप बाम की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

पेट गैस-एसिडिटी निकालने के लिए घर पर बनाएं चूर्ण

गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी की समस्या सुनने में काफी आम लगती हैं। मगर जिन लोगों को इनका गंभीर सामना करना पड़ता है, उनके लिए यह काफी कष्टदायक होती हैं। अक्सर खाना खाने के बाद इन समस्याओं को बहुत झेलना पड़ता है। शादी का सीजन आ रहा है और दावत खाने के बाद तो यह समस्या होना आम है। क्योंकि शादी का खाना मसालेदार और भारी होता है। पेट में गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग से अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट तन्वी तुतलानी ने पेट फूलने का घरेलू उपाय बताया है। आप घर पर एक डिब्लोट पाउडर बनाकर रख सकते हैं। जब भी ब्लोटिंग की परेशानी हो, इसे पानी में घोलकर पी लें। कुछ ही मिनटों में आपको आराम मिलने लगेगा। ​​ घरेलू चूर्ण बनाने के लिए चाहिए 5 मसाले 2 चम्मच जीरा 2 चम्मच मेथीदाना 2 चम्मच सौंफ 2 चम्मच अजवाइन 1 चम्मच कलौंजी ऐसे बनाएं ब्लोटिंग खत्म करने वाला चूर्ण सभी मसालों को 5 मिनट तक एक पैन में अच्छी तरह भूनें। फिर इसे प्लेट में डालकर ठंडा कर लें। ठंडा होने पर इन मसालों को ब्लेंडर में डालें। साथ में थोड़ा काला नमक डालकर अच्छी तरह पीसकर पाउडर बना लें। कैसे करना है उपाय? तन्वी तुतलानी के मुताबिक इस चूर्ण की 1 चम्मच मात्रा लेकर 1 गिलास गुनगुने पानी में घोलकर पी लें। इस बात का ध्यान रखें कि आपको खाना खाने के 30 मिनट बाद इसका सेवन करना है। इसे पीने से ब्लोटिंग, एसिडिटी की प्रॉब्लम कम होगी। साथ ही सारी गट प्रॉब्लम में राहत मिलेगी। डिब्लोटिंग पाउडर के फायदे डायजेस्टिव हेल्थ सुधरेगी वेट कंट्रोल रहेगा हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार कोलेस्ट्रॉल लेवल मैनेजमेंट में मददगार हॉर्मोनल बैलेंस में मदद करेगा

एंड्रॉइड 16 का लोगों को बेसब्री से इंतजार, साल की दूसरी तिमाही में होगा लॉन्च

नई दिल्ली पूरी दुनिया को गूगल के अगले अपडेट में एंड्रॉइड 16 का बेसब्री से इंतजार है और इसमें बहुत कुछ ऐसा देखने को मिल सकता है, जिसके बारे में लोगों को अंदाजा भी नहीं है। गूगल अगले महीने एंड्रॉइड 16 का डेवलपर प्रीव्यू रिलीज कर सकती है। एंड्रॉयड 16 के नए वर्जन में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट और API में बदलाव जैसी बातें शामिल हो सकती हैं। यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए फीचर्स में सुधार किया जाएगा। नए अपडेट्स से स्मार्टफोन यूजर्स को लाभ मिलेगा। गूगल ब्लॉग में मिली जानकारी गूगल के एंड्रॉइड 16 लॉन्च को लेकर हाल ही में नया ब्लॉग सामने आया है। इसमें गूगल ने बताया है कि एंड्रॉयड का नया वर्जन लाया जा सकता है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट की भी बात कही गई है। इसकी मदद से यूजर एक्सपीरियंस भी बेहतर करने की बात कही गई है। गूगल की तरफ से बहुत सारे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अगले साल आएगा Techopedia की रिपोर्ट की मानें तो एंड्रॉइड 16 को 2025 की दूसरी तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है और कहा जा रहा है कि अप्रैल, मई या जून में गूगल के अगले अपडेट्स का यूजर लाभ उठा सकेंगे। एंड्रॉइड 16 एओएसपी (एंड्रॉइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट) पर आएगा और 3 जून 2025 को पिक्सल डिवाइसेज पर ओवर-द-एयर (OTA) होगा। डेवलपमेंट ब्लॉग पर बोलते हुए गूगल ने पुष्टि की है कि आगामी एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम तय समय से पहले आ सकता है। नए डेवलपर एपीआई शामिल होंगे साल 2025 की दूसरी तिमाही में एक मेजर एंड्रॉइड वर्जन और चौथी तिमाही में एक छोटे अपडेट्स आ सकते हैं और खास बात यह है कि दोनों में नए डेवलपर एपीआई शामिल होंगे। गूगल की मानें तो इस नए अपडेट से मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को भी लाभ हो सकता है, जो साल के शुरुआती महीनों में अपने डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में हैं। ज्यादा बदलाव और अपडेट की संभावना आपको बता दें कि एंड्रॉइड 16 में ज्यादा बदलाव और अपडेट की सुविधा मिलने की उम्मीद है। नए फीचर्स में सैमसंग के वन यूआई की तरह ही 2-फिंगर जेस्चर के साथ ही कस्टमाइजेबल, रीसाइजेबल और रीवैंप्ड क्विक सेटिंग पैनल देखने को मिल सकते हैं। कार्यक्षमता और ऐक्सेसिबिलिटी में सुधार के लिए नए विजेट के साथ लॉक स्क्रीन में संभावित अपडेट की भी उम्मीद है।

मसाले, दूध, तेल में मिलावट पर कानून का शिकंजा: जानें सजा और प्रावधान

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

रिसर्च : रात की शिफ्ट में काम करने से सर्कैडियन लय बाधित होती है, जो प्रजनन सहित कई शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक

मुंबई आजकल की लाइफस्टाइल कॉर्पोरेट के हिसाब से हो गई है. क्या दिन क्या रात लोग हर वक्त अपने काम में बिजी हैं. अगर आपको पता नहीं है तो जानकारी के लिए बता दें कि इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ रहा है. सबसे हैरान करने वाला रिसर्च सामने आया है कि इसका असर आपकी फर्टिलिटी पर पड़ता है. रिपोर्ट के मुताबिक रात की शिफ्ट में काम करने से फर्टिलिटी पर इसका बुरा असर होता है. रात की शिफ्ट और प्रजनन क्षमता के बीच संबंध इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि रात की शिफ्ट पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता में कमी के साथ संबंधित है. रिसर्च से पता चला है कि रात की शिफ्ट में काम करने से सर्कैडियन लय बाधित हो सकती है. जो प्रजनन कार्य सहित विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है. नींद हमारी सेहत (Health) के लिए उतना ही जरूरी है, जितना पौष्टिक आहार और वर्कआउट… आजकल लोग देर रात तक ऑफिस में काम करते हैं. जिसके कारण उनकी नींद पूरी नहीं होती है. इसकी वजह से कई तरह की फिजिकली और मेंटली प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. स्ट्रेस-डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी होने लगती है. इनकी वजह से ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज का जोखिम भी बढ़ सकता है. यही वजह है कि हर किसी को 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है. नींद की कमी से कई तरह की समस्याएं होती हैं, जिनमें फर्टिलिटी (sleep affects fertility) पर पड़ने वाला नकारात्मक असर भी शामिल है. नींद की कमी से फर्टिलिटी की समस्या सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो यह आपकी प्रजनन (reproductive hormones) से संबंधित हार्मोन को प्रभावित कर सकती है. दिमाग को जो हिस्सा ‘स्लीप वेक हार्मोन’ को कंट्रोल करता है. वह नींद पूरी न होने पर महिलाओं में ओव्यूलेशन और पुरुषों में शुक्राणुओं (sperms) पर नकारात्मक असर छोड़ता है. स्टडी के मुताबिक, अगर महिलाएं ज्यादा लंबे समय तक नींद पूरी नहीं करती हैं तो एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरोन, प्रोलैक्टिन और ल्यूटिनाइजिंग जैसे प्रजनन हार्मोन्स पर सीधा असर पड़ता है और इससे बांझपन (infertility) की समस्या हो सकती है. एक्सपर्ट से जानिए साइंटिस्ट बताते हैं कि पुरुषों में स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जब आप सोते हैं, तब नींद के दौरान ही यह हार्मोन रिलीज होता है. बोस्टन यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम और महामारी विज्ञान (epidemiology) के प्रोफेसर लॉरेन वाइज के मुताबिक, कई स्टडी में पता चला है कि ऐसे लोग जो पर्याप्त नींद लेते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर प्रजनन के लिए सही बना रहता है. वहीं, कम नींद लेने से प्रजनन की समस्याओं का जोखिम ज्यादा रहता है. क्या कहता है रिसर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने एक स्टडी में 790 कपल पर रिसर्च किया. कई लेवल पर रिसर्च के बाद पाया गया कि ऐसे लोग जो हर दिन 6 घंटे की नींद लेते हैं, उनमें गर्भधारण से संबंधित समस्याओं का खतरा ज्यादा रहा है. ऐसे पुरुष जो बहुत कम या बहुत देर तक सोते थे, उनमें प्रजनन समस्याएं 42% ज्यादा पाया गया. पर्याप्त नींद लेने के लिए क्या करें हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, अपनी दिनचर्या ऐसे बनाए, जिसमें पर्याप्ट नींद मिल सके. यह भी पढ़ें : हफ्ते में सिर्फ दो दिन एक्सरसाइज से एक्टिव होगा ब्रेन, बीमारियां भी होंगी कोसो दूर रोजाना एक्सरसाइज-वर्कआउट करें सोने-जागने का समय तय करें और रोजाना इसे फॉलो करें. बेडरूम को शांत और कम रोशनी वाला ही रखने की कोशिश करें, जिससे अच्छी नींद मिले. शराब से जितना हो सके दूरी बनाएं. यह नींद को प्रभावित करता है.

जान लें आधार कार्ड अपडेट करने के नियम और शर्तें

नई दिल्ली आधार कार्ड को यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI की तरफ से जारी किया जाता है। आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल कई तरह की सर्विस के लिए किया जाता है। आधार कार्ड की मदद से नया सिम कार्ड खरीदने से लेकर, बैंक अकाउंट खोलने और सरकारी सब्सिडी के लिए आवेदन किया जा सकता है। साथ ही आधार कार्ड की मदद से पासपोर्ट हासिल किया जा सकता है। ऐसे में आधार पर दर्ज जानकारी सही होनी चाहिए। अगर आपके आधार पर दर्ज जानकारी गलत है, तो उसे तुरंत अपडेट कर लेना चाहिए। आधार कार्ड पर डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर और एड्रेस को अपडेट किया जा सकता है। आधार को UIDAI वेबसाइट की मदद से myAadhaar पोर्टल से ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है। मौजूदा वक्त में यूजर बिना किसी फीस की मदद से आधार को अपडेट कर सकते हैं। कितनी बार आधार में कर सकते हैं बदलाव आधार कार्ड पर कई सारे अपडेट को किया जा सकता है। हालांकि आधार अपडेट की कुछ लिमिटेशन भी हैं। जैसे आधार कार्ड पर नाम को बदला जा सकता है। आधार कार्ड पर दर्ज नाम को पूरे जीवन में दो बार बदला जा सकता है। इसके बाद नाम बदलने के लिए UIDAI के अप्रूवल की जरूरत होगी। साथ ही आपको सपोर्टिव डॉक्यूमेंट देने होंगे कि आखिर आपकी तरफ से नाम क्यों बदला जा रहा है। आधार पर नाम के अलावा ऐड्रेस को बदलने के लेकर कोई नियम नहीं है। इसे लाइफटाइम में कितनी भी बार बदला जा सकता है। समय पर न हो आधार अपडेट तो क्या करें? UIDAI की तरफ से ज्यादातर आधार कार्ड की रिक्वेस्ट को 30 दिनों के भीतर अप्रूव कर दी जाती है। अगर आपके आधार कार्ड को पूरा करने में 90 दिनों का वक्त लगता है, तो आपको 1947 पर कॉल करना चाहिए या फिर UIDAI से संपर्क करना चाहिए। फ्री में अपडेट करें आधार UIDAI की तरफ से सभी आधार यूजर्स को आधार कार्ड अपडेट को कहा गया है। केंद्र सरकार की मानें, तो 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट कर लेना चाहिए। अगर आप 14 दिसंबर 2024 से पहले ऑनलाइन आधार कार्ड अपडेट कराते हैं, तो आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा, क्योंकि 14 दिसंबर 2024 तक सरकार फ्री में आधार कार्ड अपडेट की सुविधा दे रही है।

हायपर कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित हृदय

विज्ञान के नित-नये अविष्कारों ने इंसान को चकाचैंध कर दिया है। चिकित्सा जगत में तो अजूबे अविष्कार हुए हैं। अलग-अलग यंत्र, मशीनें, अनेक औषधियां और न जाने कितनी सुविधाएं पर फिर भी रोगों का ताड़व कम नहीं हुआ है बल्कि अनेक व्याधियों ने इंसान को अपने पंजे में जकड़ रखा है। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, डायबिटिज आज के संघर्षशील युग की देन हैं। इसके अलावा आज हमें हायपरकोलेस्ट्राल के भी अधिकांश रोगी मिलते हैं। इसका कारण है हमारे आहार-विहार में विषमता, क्योंकि हमें ऐशोआराम की जिन्दगी पसन्द है। हम श्रम से कतराते हैं, ऐसी जिन्दगी का ही परिणाम है-हायपरकोलेस्ट्राल। हृदय रोग को बढ़ानेवाला यह कोलेस्ट्राल है जिसे नियंत्रण में रखना शरीर के लिए अत्यावश्यक है। इसकी अधिक मात्रा हृदय व मस्तिष्क धमनियों को जितना नुकसान पहुंचाती है, वैसे ही इसकी प्राकृत मात्रा शरीर को स्वस्थ रखने में सक्षम रहती है। कोलेस्ट्राल का अंतर्भाव लिपिड में होता है। ये लिपिड 5 प्रकार के होते हैं और मनुष्य शरीर के महत्वपूर्ण घटक हैं। सभी प्राणियों के कोषों में कोलेस्ट्राल होता है व अधिकांशतः यह नाड़ी संस्थान में रहता है। इसका स्राव पित्तरस में होता है व यकृतीय संवहन में यह सहभागी होता है। चिकित्सीय दृष्टि से इसका अत्यन्त महत्व है। शरीर में निर्मित सभी प्रकार के स्टेराइड हार्मोन का भी आवश्यक अंग है। लिपिड के एकत्रीकरण, संवहन, ट्रांसपोर्ट व उत्सर्जन में विकृति होने पर अनेक व्याधियां उत्पन्न होती हैं जैसे मोटापा, यकृतप्लीहा का बढ़ना, एथेरोस्क्लेकोसिस, अग्न्याशय में सूजन, पित्तामशरी इत्यादि। इन सब में एथोरोस्क्लेरोसिस सबसे महत्वपूर्ण है जो कि लिपिड के एकत्रीकरण से होता है। धमनियों में कोलेस्ट्राल जमा होने से कड़कपन आ जाता है फलस्वरूप धमनियों का मार्ग संकरा हो जाता है जिससे धमनियों का मार्ग संकरा हो जाता है जिससे धमनियों में स्थित रक्त हृदय, मस्तिष्क व शरीर के अन्य भागों में कम पहुंचता है। यह रूकावट हृदय की धमनियों में होने से छाती में दर्द (एन्जाइना) या कभी-कभी हार्ट अटैक भी होता है। यह रूकावट नाड़ीवह संस्थान यानी मस्तिष्क में होने पर स्मरणशक्ति का नाश, मस्तिष्क के उच्चतम कार्यों में विकृति, लकवा व वृद्धावस्था में व्यवहार, स्वभावादि में अंतर आता है। इसके अलावा अन्य अंगों की धमनियों में यह कोलेस्ट्राल जमा होकर गैंगरीन उत्पन्न करता है। इस कोलेस्ट्राल से लेरिक सिंड्रोम नामक व्याधि भी होती है जिसमें मुख्यतः पेट व पैरों की धमनी में रूकावट होता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह के रोगी में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ने से रक्तवाहिनी में जमा होने की आशंका ज्यादा रहती है, अतः उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोगी को कोलेस्ट्राल निवारक आहार लेना आवश्यक है जिसमें सलाद, हरी सब्जी, अंकुरित आहार, फल, छाछ की प्रचुर मात्रा हो। कोलेस्ट्राल की मात्रा सामान्य करने में सबसे महत्वपूर्ण है-आहार, विहार पर नियंत्रण होना। आहार में चर्बीयुक्त पदार्थ जैसे तेल, घी, मांसाहार, शराब, आलू, चावल इत्यादि का सेवन कम करें। विहार में मानसिक तनाव से बचें। हायपर कोलेस्ट्राल के रूग्णों को अक्सर मोटापा अधिक रहता है अतएव उन्हें वजन पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। कोलेस्ट्राल कम करने के लिए आयुर्वेद संहिताओं में मेदोहर औषधियां वर्णित है। इनमें मुख्यतया त्रिकटु, कुटकी, लहसुन, पुनर्नवा, विडंग इत्यादि चिकित्सक के परामर्शानुसार लेना चाहिए। इसके अलावा आरोग्यवर्घिनी व त्रिफला गुग्गुल 2 चम्मच सुबस-शाम लेना चाहिए। साथ में मोटापा होने पर चिकित्सक के परामर्शानुसार ही औषधि लेनी चाहिए। हायपरकोलेस्ट्राल के कारण अधिकतर हृदयगत धमनियां (कोरोनरी आर्टरीस) प्रभावित होती हैं जिससे हृदयगत विकार जैसे छाती में दर्द (एन्जाइना) जैसी (व्याधियां) होती हैं। आधुनिक चिकित्सानुसार इसमें एंजियोप्लास्टी करके धमनियों में से कोलेस्ट्राल को साफ करते हैं परन्तु फिर भी इन रूग्णों को सावधानियां रखनी पड़ती हैं जिससे फिर न एंजियोप्लास्टी करवानी पड़े। आयुर्वेद शास्त्र में कोलेस्ट्राल को कम करने व धमनियों का संकरापन दूर करने के लिए अनेक औषधियां हैं जिससे एंजियोप्लास्टी करने की संभावना कम होती है। अतएव योग्य चिकित्सक के मार्गदर्शन में मेदोहर व हृदय औषधि लेकर एंजियोप्लास्टी से बचा जा सकता है।  

सक्सेस पाने के लिये आपको छोड़नी होगीं ये आदतें

किसी भी उपलब्धि को पाने के लिए आपको ऊंची छलांग लगानी चाहिए। हो सकता है कि आप दुनिया के सबसे तेज व प्रतिभाशाली व्यक्ति न हों, किंतु लगातार मेहनत करें तो सफलता किसी भी कीमत पर आपकी होगी। इस दुनिया में हमारी जीत निरंतर प्रयत्नशीलता पर ही टिकी है। कामयाबी और खुशी हमारी आदतों पर निर्भर करती हैं। अगर हम अपनी आदतों को संवार लें, तो फिर ऐसा कुछ नहीं जो हमारी पहुंच से दूर हो। जानिये कौन सी आदतों को छोड़कर हम तरक्कीि और खुशी पा सकते हैं। कामयाबी हर किसी की चाह जीवन में सब कामयाब होना चाहते हैं। लेकिन हमारी कुछ आदतें ही कामयाबी और खुशी की राह में रोड़ा बन जाती हैं। हम जाने अनजाने इन आदतों के गुलाम बन जाते हैं। हम यह भूल जाते हैं कि कामयाब होने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। गलत लोगों के साथ वक्त न बितायें जिदंगी बहुत छोटी है आखिर गलत लोगों के साथ बिताकर इसे क्योंह खराब किया जाए। अगर किसी को जिंदगी में आपकी जरूरत है तो वह आपके लिए जगह बनायेगा। आपको अपनी जगह के लिए लड़ना नहीं चाहिये। ऐसे किसी व्यीक्ति के साथ समय न बितायें जो बार-बार आपको नजरअंदाज करते हैं। याद रखिये असली दोस्ति वे नहीं होते जो कामयाबी में आपके साथ होते हैं, बल्कि वे होते हैं, जो मुश्किएल में आपके साथ होते हैं। गलती करने से न डरें अगर आप कोई गलती नहीं करते, तो आप कुछ सीखते नहीं हैं। कुछ करके गलती करना, खाली बैठने से बहुत अच्छाी होता है। हर कामयाबी के पीछे नाकामयाबी की लंबी फेरहिस्तक होती है। और नाकामी आपको सफलता की ओर ले जाती है। अंत में आपको चीजें न करने का अफसोस, चीजें करने के मुकाबले ज्याऔदा होगा। अपनी जरूरतों का रखें ध्यान आप किसी को बहुत चाहते हैं और उसे खुश रखने के चक्क र में आप खुद को कहीं भूल जाते हैं। आप यह भूल जाते हैं कि आप भी खास हैं। जी, बेशक दूसरों की मदद करने में कोई बुराई नहीं। लेकिन, स्वेयं को नजरअंदाज न करें। अगर आप कुछ ऐसा काम करना चाहते हैं जो आपका जुनून है और आपके लिए बहुत मायने रखता है, तो अभी इसी पल उसे शुरू कर दें। अपनी परेशानियों से भागें नहीं कोशिश करने वालों कभी हार नहीं होती। मुश्किलों का डटकर सामना करें। हालांकि, ऐसा करना आसान नहीं है। ऐसा कोई भी व्योक्ति नहीं है जिसके जीवन में कभी कोई मुश्किल न आई हो। और हर परेशानी का हल फौरन मिल जाए, ऐसा भी संभव नहीं है। दुखी, उदासी, कष्ट  और लड़खड़ाना मानवीय प्रवृत्ति का हिस्सान है। यही तो जीवन है। मुश्किलों का सामना करने के लिए आपको लगातार सीखना, खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना और फिर उन्हेंर सुलझाने में जुट जाना होता है। और यही आपको एक बेहतर इनसान बनने में मदद करता है। खुद से झूठ न बोलें आप दुनिया में सबसे झूठ बोल सकते हैं, लेकिन अपने आप से नहीं। हमारा जीवन तभी सुधरता है जब आप जोखिम उठाते हैं। और सबसे पहला और चुनौतीपूर्ण काम जो हमें करना चाहिये वह है अपने आप से ईमानदारी बरतना। खुद को न बदलें आप जो हैं वही बने रहना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। हम अपनी काफी ऊर्जा वह बनने में लगा देते हैं, जो हम नहीं हैं। कोई न कोई आपसे खूबसूरत होगा और कोई न कोई ज्याइदा स्मायर्ट होगा, लेकिन वह आप नहीं हैं। उनमें आप जैसी खूबियां नहीं हैं। किसी से सीखना अलग बात है, लेकिन खुद को किसी पर ढाल देना बिलकुल ही दूसरी बात। अपने आप को इसलिए न बदलें कि लोग आपको पसंद करना शुरू कर देंगे। आप जो हैं वही रहें सही लोग आपको इसी अंदाज में पसंद करेंगे। पिछली बातों को याद रखना जीवन चलने का नाम है। अगर आप रुक जाएंगे तो कभी नया मुकाम हासिल नहीं कर पायेंगे। बीती बातों में अटके रहना छोड़ दें। आप नया पन्नो तब तक नहीं पढ़ सकते, जब तक आप पुरानी ही बातों में अटके रहेंगे। खुशियां खरीदी नहीं जातीं हमारी चाहत की कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनकी कीमत बहुत ज्या,दा होती है। लेकिन सच यह है कि जो चीजें हमें वास्ताव में संतुष्टी करती हैं, वे पूरी तरह फ्री हैं। प्या र, हंसी और जुनून के साथ अपना काम करने के लिए आपको किसी प्रकार का धन खर्च करने की जरूरत नहीं है। जिंदगी आपको दोस्तो और परिजन भी बिना किसी कीमत के देती हैं। उनके साथ का आनंद उठाइये। बाहर खुशियां तलाशना आप अंदर से अपने आपसे खुश नहीं हैं, तो आप बाहर भी लंबे समय तक दूसरों से खुश नहीं रह सकते। आप लंबे समय तक चलने वाले किसी संबंध में दूसरों के साथ भी खुश नहीं रह सकते। आपके अपने भीतर स्थिरता का भाव लाना होगा। जब आप भीतर से संतुष्टन नहीं हैं, तब तक आप दूसरों को भी खुशी या संतुष्टि नहीं दे सकते। निष्क्रि यता छोड़ें बहुत ज्यायदा न सोचें। ऐसा करके आप खुद को किसी अनजान समस्याी में फंसा लेंगे। परिस्थितियों का आकलन करें और फिर निर्णयात्मईक कदम उठायें। कामयाब होने के लिए कम्फनर्ट लेवल को तोड़ना जरूरी है। बिना जोखिम उठाये कामयाबी नहीं मिलती। दूसरों से मुकाबला न करें दूसरे लोग आपसे क्या  बेहतर कर रहे हैं इसे लेकर फिक्रमंद न हों। रोजाना खुद से बेहतर बनने का प्रयास करें। कामयाबी की जंग में आपका मुकाबला सिर्फ और सिर्फ आपसे है।  

बालों के टूटने से परेशान हैं, आजमाएं ये घरेलू उपाय

लंबे घने बाल किसको पसंद नहीं होते हैं। लेकिन हेयरफॉल अकसर आपकी इस चाहत को पूरा नहीं होने देता है। बालों के टूटने से परेशान होकर इसे रोकने के लिए आप सबकुछ करती हैं। आइए, आपको कुछ आसान घरेलू उपाय बताते हैं जिससे आप हेयरफॉल को मात दे सकती हैं। आयरन की कमी तो नहीं? शरीर में आयरन की कमी होने से बाल टूटते-झड़ते हैं, साथ ही आपके बालों की ग्रोथ भी रुक जाती है। बाल शाइन करें, इसके लिए ब्रोकली, गोभी और हरी सलाद का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। नारियल पानी नारियल पानी आपके बालों के लिए काफी फायदेमंद है। रोजाना खाली पेट नारियल पानी पीने से आपके बाल स्ट्रांग बनेंगे और इनके टूटने-झड़ने की समस्या से आपको छुटकारा मिलेगा। पत्तेदार सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और हाई प्रोटीन युक्त आहार जैसे दाल, अंडा, स्प्राउट्स और विटमिन-सी युक्त फ्रूट्स का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। इनके सेवन से आपके बाल अंदरूनी रुप से स्ट्रांग बनेंगे। ऑलिव ऑइल ऑलिव, नारियल या कनोला का तेल लेकर उसे गर्म कर लें। बालों की जड़ों में इससे मसाज करें। लगभग एक घंटे तक बालों में तेल लगा रहने दीजिए इसके बाद शैंपू से धो लें। ग्रीन टी एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी के दो बैग डालकर इसे मिला लें। इसके बाद इसे बालों की जड़ों में लगाएं और एक घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद धो लें। ग्रीन टी में ऐंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो बालों को गिरने से रोकते हैं और बालों के बढ़ने में सहायक होते हैं। हेड मसाज हफ्ते में एक दिन हेड मसाज लेने से बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। इससे बाल स्ट्रॉग होते हैं और तनाव में कमी आती है। यही नहीं, यह बालों को स्ट्रेंथ भी देता है। लहसुन का तेल लहसुन के जूस, प्याज या अदरक के जूस की मालिश करने से भी आपको खासा फायदा मिलेगा। रात में सोते समय इसे सिर में लगा लें और सुबह धो लें। इससे आपके बालों की जड़ें मजबूत होंगी और बाल गिरने की समस्या कम हो जाएगी।  

पैन कार्ड को बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की नहीं है जरुरत

नई दिल्ली पैन कार्ड का इस्तेमाल काफी कॉमन हो गया है। बैकिंग लेनदेन में पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। वहीं अगर किसी को ज्यादा अमाउंट ट्रांसफर करना है, तो उस वक्त भी पैन कार्ड की जरूरत होती है। हालांकि पैन कार्ड को बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने होते हैं, लेकिन हम आपको 10 मिनट में पैन कार्ड बनाने का तरीका बताएंगे। आप घर बैठे महज 10 मिनट में पैन कार्ड बनवा सकते हैं। इसका प्रॉसेस बेहद आसान है। पैन कार्ड बनवाने की पहली शर्त है कि आपके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। आधार के जरिए ही ई-पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। ई-पैन कार्ड को लेकर किसी तरह की दुविधा नहीं होनी चाहिए। ई-पैन कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। पैन कार्ड पर एक खास नंबर होता है। यह खास नंबर ही आपके पैन की पहचान होता है। इसमें अंग्रेजी के शब्द और नंबर होते हैं। कैसे बनाएं ई-पैन कार्ड     सबसे पहले आपको https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाना होगा।     अब पेज को स्क्रॉल करना होगा, जहां नीचे की तरफ instant E-PAN कार्ड का ऑप्शन दिखेगा।     इसके बाद एक नया पेज ओपन होगा, जिसके लेफ्ट साइड में Get New e-PAN का ऑप्शन दिखेगा, जिस पर आपको क्लिक करना होगा।     इसके बाद आपको अपने आधार की 12 डिजिट को दर्ज करना होगा।     फिर आपको नीचे दिये गये I confirm that ऑप्शन पर टैप करना होगा।     इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा।     फिर ओटीपी डालकर आपको वेरिफाई करना होगा।     इसके बाद ई-मेल आईडी डालें और पैन कार्ड के लिए जरूरी जानकारी दर्ज करें।     फॉर्म को फिल करने के कुछ देर बाद कन्फर्मेशन नंबर मिलेगा। इसे चेक करें। अगर सही जानकारी हुई, तो आपको डाउनलोड ऑप्शन के जरिए पैन नंबर मिल जाएगा।     इस पैन को आप रेगुलर पैन की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

एंड्रॉयड और आईफोन यूजर ऐसे बंद करें लोकेशन ट्रैकिंग, ये है स्टेप्स

मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) प्रदाता कंपनी अपने उपयोगकर्ता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती हैं। लेकिन तकनीक के इस युग में उपयोगकर्ता की प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसके लिए एंड्रॉयड और आईओएस में लोकेशन ट्रैकिंग बंद करने का खास विकल्प है, जिसे ऑफ किया जा सकता है। एंड्रॉयड: गूगल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) एंड्रॉयड पर लोकेशन बंद करने के दो विकल्प हैं। पहला ऊपर की तरफ दिए गए ट्रे बार में जाकर जीपीएस ऑफ कर दें। यह बैटरी सेविंग के साथ-साथ एप को    लोकेशन देना बंद कर देता है। अगर उपयोगकर्ता चाहते हैं कि एंड्रॉयड भी लोकेशन ट्रैक न कर सके तो इसके लिए सेटिंग में एक विकल्प है। स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे  तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं  कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है। फोन में खुद कर सकते हैं अपनी प्राइवेसी का रिव्यू. स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे  तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं  कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है। आईफोन : एप्पल के आईओएस को सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम माना जाता है लेकिन यूजर चाहे तो एप्पल को भी अपनी लोकेशन ट्रैक करने से रोक सकता है। पहले अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं. इसके बाद प्राइवेसी का चुनाव करें. ऐसा करने के बाद लोकेशन सर्विसेस का चुनाव करें. लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ कर दें. एप की सूची दिख जाएगी, जो लोकेशन ट्रैक करते हैं. उन एप के लिए लोकेशन ऑफ कर दें जिनके लिए वह गैर जरूरी है.  

हैवी ज्वेलरी की जगह ट्राई करें डायमंड नेकलेस

फैशन ट्रेंड के मामले में लड़कियां बहुत आगे होती है। वो नया ट्रेंड जरूर फॉलो करती है। खासतौर पर ब्राइड्स ट्रेंड के हिसाब से ही अपने स्पेशल दिन के लिए तैयार होती है। चाहे आउटफिट हो या ज्वेलरी दुल्हन सबकुछ फैशन ट्रेंड के हिसाब से ही चूज करती है। इस बार ब्राइड्स हैवी ट्रेडिशनल ज्वेलरी की जगह डायमंड ज्वेलरी पहन कर नया ही ट्रेंड शुरू कर रही है। यह नेकलेस काफी लाइट वेट है। अच्छी क्वालिटी होने के साथ-साथ यह किफायती भी है। अगर आप भी पारंपरिक ज्वेलरी से बोर हो गई है तो अपनी वेडिंग वाले दिन ट्राई करें ये डायमंड नेकलेस। यह रानी हार की तरह होते है। इनसे क्लासी और रॉयल लुक प्रदान होती है। किसी भी ब्राइड पर यह चार-चांद ही लगाने वाला है। अगर आपको बिल्कुल बारीक नेकलेस पीेस पहनना पसंद करती है तो यह हार बिल्कुल आपकी पसंद का है। यह किसी भी ब्राइड को एलिगेंट लुक देने में हेल्प करता है। चोकर का ट्रेंड तो पहले से ही हर लड़की पर छाया है। मगर डायमंड्स में चोकर डिजाइन बहुत ही उम्दा कॉम्बिनेशन है। अगर आपको अपना लुक सोबर और स्टाइलिश दोनों रखना है तो यह बेस्ट ऑप्शन है। एक ही धागे में सारे डायमंड्स को पिरोया गया है। सिंपल और खूबसूरत रूबी के साथ यह डायमंड नेकलेस सबकी पसंद है।  

रोजाना 15 मिनट करें ये योगासन पेट की सभी बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

कपालभाति: जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्सेे को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है। कपालभाती प्राणायाम करने के सही तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में हम आपको बताते हैं। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में मदद मिलती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है कि हमारे शरीर के सारे नकारात्मनक तत्व शरीर से बाहर जा रहे हैं। इसके नियमित अभ्या स करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है। यहां तक कि पाइल्सा और फिशर की समस्या  भी जड़ से खत्मस हो जाती है।   बालासन: बालासन को कई लोग शिशु आसन भी कहते हैं क्योंकि इस योगासन के अभ्यास में व्यक्ति का आकार छोटे शिशु की तरह हो जाता है। बालासन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर के मरीजों को कई बार शारीरिक और मानसिक थकावट का एहसास होता है। बालासन के अभ्यास से इस तरह की थकान से आपको राहत मिलती है। इसके अलावा कई बार हाई ब्लड प्रेशर के कारण लोगों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है और स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर ऐसे में मरीज बालासन का नियमित अभ्यास करता है, तो उसकी ये समस्या भी ठीक हो जाती है। बालासन के अभ्यास से शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और शरीर तनावमुक्त हो जाता है। बालासन को करने के लिए सबसे पहले घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें। अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए। फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्यम अवस्थाछ में आ जाएं। बालासन के नियमित सही तरह से अभ्यास करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, बाजुओं व शरीर से अतिरिक्त चर्बी दूर होती है और होती है और शरीर स्वस्थ बनता है। बालासन के अभ्यास से कब्ज में भी राहत मिलती है और पीठ के दर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा इसके अभ्यास से तंत्रिका तंत्र को भी विश्राम मिलता है। भुजंगासन: योग के बहुत फायदे हैं, योग से सकारात्मआकता तो आती है साथ ही यह बीमारियों को दूर कर आपको निरोग रखता है। योग का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे सही तरीके से करते हैं। भुजंगासन एक ऐसा आसन है जिसमें कंधा अधिक मुड़ता है इसलिए इसे बैक बेंडिंग वाला आसन भी बोला जाता है। यह सर्वाइकल की समस्याअ दूर कर कमर को लचीला बनाता है। यह हाथों और पेट के लिए भी फायदेमंद है, पाचन शक्ति बढ़ती है। भुजंगासन नियमित रूप से करने से लंबाई भी बढ़ती है। भुजंगासन करने के लिए दोनों हाथों को बगल में रखें, पेट के बल लेटे हों। अपने सिर को ऊपर की तरफ धीरे-धीरे उठायें, घुटने जमीन पर हों, इस स्थिति में कुछ देर रुकें। अब घुटनों को और ऊपर की तरफ उठाइये और सांस लीजिए। फिर सामान्यघ स्थिति में वापिस आयें।  

उच्च और मध्यम आय वाले देशों के युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा: शोध

वॉशिंगट  कैंसर आजकल केवल वृद्ध लोगों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में 44 देशों के कैंसर रजिस्ट्री डेटा की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि आंत और पाचन तंत्र से जुड़े 13 प्रकार के कैंसर के शुरुआती मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर 50 साल से कम उम्र के लोगों में। यह वृद्धि विशेष रूप से उच्च और मध्यम आय वाले देशों में देखी जा रही है, जहां जीवनशैली और खानपान में बदलाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा, निष्क्रियता, डायबिटीज, स्मोकिंग, एल्कोहल का सेवन, प्रदूषण और पश्चिमी देशों में रेड मीट का अत्यधिक सेवन हो सकती हैं। उनका यह भी माना कि कुछ अज्ञात कारक जैसे खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले रासायनिक तत्व भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं, जिनका अभी तक सही ढंग से पता नहीं चला है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के अधिकतर मामले पेट और पाचन तंत्र से जुड़े होते हैं। उनका कहना है कि हर साल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान में कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में औसतन दो फीसदी की वृद्धि हो रही है। ब्रिटेन में यह दर तीन फीसदी  है, जबकि कोरिया और इक्वाडोर में यह बढ़ोतरी 5% तक पहुंच गई है। ओगिनो इसे मुद्रास्फीति के जैसे बढ़ते आंकड़ों से तुलना करते हुए बताते हैं कि अगर यह वृद्धि जारी रही तो अगले 10-20 सालों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मोटापा अब एक सामान्य समस्या बन चुका है, जो कैंसर के जोखिम को और बढ़ा रहा है। डॉ. एलिजाबेथ प्लैट्ज़, जो जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की महामारी विज्ञानी हैं, मानती हैं कि यह रिव्यू इस बात को उजागर करता है कि युवा पीढ़ी भी अब कैंसर के शिकार हो रही है। वे कहती हैं कि मोटापा अब एक आम समस्या बन चुका है, जो पहले दुर्लभ था, और यह अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान समय में, कैंसर एक ऐसी बीमारी बन गई है जो न केवल बुढ़ापे बल्कि युवाओं में भी फैल रही है। युवा वर्ग में इसकी बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक गतिविधि, और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।    

ट्रैफिक चालान से बचाएगा डिजिलॉकर, जाने कैसे

नई दिल्ली ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान कटना आम है। पहले जहां चालान का पता तुरंत चल जाता था, वहीं अब कई बार फोन पर मैसेज आने पर ही पता चलता है कि आपका चालान कट गया है। साथ ही, चालान की राशि भी पहले की तुलना में काफ़ी बढ़ गई है। कई बार हम जरूरी दस्तावेज साथ न होने के कारण चालान से नहीं बच पाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिजिलॉकर मोबाइल ऐप की मदद से आप इस परेशानी से बच सकते हैं? परिवहन मंत्रालय के मुताबिक डिजिलॉकर और एमपरिवहन ऐप पर उपलब्ध दस्तावेज की डिजिटल कॉपी को वैध माना जाएगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को भी इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। मतलब, ट्रैफिक पुलिस अपने मोबाइल फोन से ही QR कोड स्कैन करके ड्राइवर और वाहन से संबंधित सभी ज़रूरी जानकारी हाासिल कर सकती है। साथ ही, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से रखा जा सकता है। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए, आप अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर और एमपरिवहन ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में रजिस्ट्रेशन करने के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बाद, अपना यूजरनेम और पासवर्ड सेट करके ऐप में लॉग इन करें। अब आपको डिजिलॉकर ऐप में अपना आधार नंबर लिंक करना होगा और OTP के ज़रिये उसे वेरिफ़ाई करना होगा। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, आप डिजिलॉकर से अपना ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), और इंश्योरेंस की डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर पाएंगे। एमपरिवहन ऐप में भी गाड़ी के मालिक का नाम, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की तिथि, मॉडल नंबर, इंश्योरेंस की वैधता आदि सभी ज़रूरी जानकारी मौजूद रहती है। इस तरह, डिजिलॉकर और एम परिवहन ऐप का यूज करके आप ट्रैफिक पुलिस को जरूरी दस्तावेज दिखा सकते हैं और चालान से बच सकते हैं।

दिनभर महसूस होती है थकान तो ऐसे करें दूर

ऑफिस में या काम करते वक्त आप बहुत थकान महसूस करते हैं। तो इसके कई कारण हो सकते हैं। आपकी इम्प्रॉपर डाइट या अपका स्लीपिंग शेंड्यूल। लेकिन अब फिक्र न करें बस इन टिप्स को फॉलो करें और थकान की समस्या से छुटकारा पाएं। सुबह जरूरी है सूरज की रोशनी: सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले कमरे की खिड़कियां खोल दें जिससे कमरे में सूरज की सीधी रोशनी पड़े। सनलाइट लेने से सुबह की सिकनेस भी दूर होगी और आप आपका मूड भी फ्रेश होगा। पानी पिएंः डिहाइड्रेशन के कारण भी हरदम थकान महसूस होती है और नींद आती रहती है। ऐसे में जरूरी है कि सुबह के समय आप खुद को हाइड्रेट रखें। सुबह उठकर हल्का गुनगुना पानी पीएं। प्रॉपर हो ब्रेकफास्ट: अगर आप सही तरह से ब्रेकफास्ट खाएं तो भी आप हेल्दी रह सकते हैं। आपको ब्रेकफास्ट में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड भी खा सकते हैं। कॉफी है रिफ्रेशिंग: सुबह के समय कॉफी पीना बुरा नहीं है लेकिन मिड मॉर्निंग में कॉफी पीना अच्छा आइडिया हो सकता है। कैफीन आपकी नींद भी भगाएगी और आपको तरोताजा भी रखेगी। पॉवरनैप रखेगा फ्रेश: अगर ऑफिस के समय में संभव हो तो तकरीबन 20 मिनट का पॉवरनैप ले सकते हैं। कुछ मिनटों की झपकियों से आप दिनभर तरोताजा रहेंगे।  

वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का इन आसान तरीको से करें समाधान

नई दिल्ली हम सभी ने कभी न कभी वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का सामना जरूर किया होगा। अक्सर ऐसा होता है कि हमारा फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि समस्या हमेशा फोन में ही हो, कई बार राउटर में भी खराबी हो सकती है। इसलिए, बिना जांच-पड़ताल के समस्या का सटीक कारण जानना मुश्किल होता है। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपका Android फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा है, तो आप इस समस्या को कैसे दूर कर सकते हैं। पहला कदम: किसी अन्य डिवाइस से वाई-फाई कनेक्टिविटी चेक करें अगर आपका फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा, तो पहले यह जानना ज़रूरी है कि समस्या आपके फ़ोन में है या राउटर में। इसके लिए, किसी दूसरे वाई-फाई डिवाइस, जैसे कि लैपटॉप या टैबलेट, को उसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करके देखें। यदि दूसरा डिवाइस बिना किसी परेशानी के कनेक्ट हो जाता है, तो समस्या आपके फ़ोन में है। लेकिन अगर दूसरा डिवाइस भी कनेक्ट नहीं हो पाता, तो समस्या आपके राउटर में है। समाधान 1: एयरप्लेन मोड ऑन और ऑफ़ करें कई बार फ़ोन में नेटवर्क सेटिंग्स से जुड़ी मामूली गड़बड़ी के कारण भी वाई-फाई कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, एयरप्लेन मोड को ऑन और ऑफ़ करने से यह समस्या दूर हो सकती है।अपने फ़ोन की स्क्रीन को ऊपर से नीचे की ओर स्लाइड करें और एयरप्लेन मोड के आइकॉन पर टैप करें।कुछ सेकंड रुके और फिर से एयरप्लेन मोड को ऑफ़ कर दें।अब फिर से वाई-फाई से कनेक्ट करने की कोशिश करें। समाधान 2: अपने फ़ोन को रीबूट करें अगर एयरप्लेन मोड से समस्या हल नहीं होती, तो अपने फ़ोन को रीबूट करके देखें। फ़ोन को रीबूट करने से उसकी टेम्पररी सेटिंग्स और फाइल्स रीसेट हो जाती हैं जिससे छोटी-मोटी गड़बड़ियाँ दूर हो जाती हैं। समाधान 3: राउटर को रीस्टार्ट करें जैसे आपके फ़ोन में समस्या हो सकती है, वैसे ही आपका राउटर भी सही से काम नहीं कर रहा होगा। इसलिए, राउटर को भी एक बार रीस्टार्ट करके देखें। ज़्यादातर राउटर्स को रीस्टार्ट करने के लिए उनके पीछे एक पावर बटन दिया होता है। अगर आपको पावर बटन न मिले, तो कुछ सेकंड के लिए राउटर का प्लग निकालकर फिर से लगा दें। समाधान 4: नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट करें कभी-कभी गलत नेटवर्क सेटिंग्स के कारण भी फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, आप अपने फ़ोन की नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट कर सकते हैं।     अपने फ़ोन की “Settings” में जाएं।     “System” पर टैप करें और “Reset options” चुनें।”Reset Wi-Fi, mobile & Bluetooth” पर टैप करें।     सेटिंग्स रीसेट होने के बाद, फिर से अपने वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करने की कोशिश करें।

दिखना है हटके तो अपनाएं ये फैशन स्टाइल

हर कोई डिफरेंट दिखना किसे पसंद नहीं है। इसके लिए आप क्या कुछ नहीं करते। अब अपने वॉर्डरोब की पुरानी चीजों के साथ भी कुछ इंटरेस्टिंग करें। इससे बिना किसी खर्चे के आपको मिलेगा हटके स्टाइल और सभी नजरें आपको देखती ही रह जाएंगी। खुद के लुक को रीडिफाइन करने का परफेक्ट तरीका है फंकी नेकपीस कैरी करना। इनसे ऑर्डिनरी ड्रेस में भी ग्लैम टच लाया जा सकता है। इसे आप खुद भी डिजाइन कर सकती हैं। किसी पुराना नेकपीस को नियॉन शेड के नेल कलर से पेंट करें। इसके बाद आपका नया कूल नेकलेस रेडी है। फैशन के टशन में बेल्ट्स वापस पसंद की जा रही हैं और लिटल ब्लैक ड्रेस के साथ ट्रेंडी लेदर बेल्ट आपका लुक ही बदल देगी। वैसे, आप पुरानी बेल्ट से भी चिक बेल्ट बन सकती है। इसके लिए पुरानी बेल्ट को लाइमस्टोन से अच्छी तरह घिस लें और इस पर अलग-अलग तरीके के पैटर्न बना लें। किसी खास डिजाइन में हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल स्ट्राइप्स बना सकती हैं या फिर कुछ हटके डिजाइन भी किया जा सकता है। पार्टीज और वेडिंग्स में तो जाना हो तो ग्लिटर हील्स वाले फैन्सी फुटवियर्स ट्राई करें। इसके लिए आपको चाहिए पुरानी बैली या स्टिलटोज, ग्लू, फाइन गलटर, पुराना पेंट ब्रश और टेप। ग्लिटर को केयरफुल होकर हैंडल करें। शूज में पुराना पेपर भर दें और अगर हील्स पर ग्लिटर नहीं लगा रही हैं, तो इस पर टेप चिपका दें। ब्रश की हेल्प से फुटवियर के छोटे से एरिया पर ग्लू लगाएं और फिर उसी या दूसरे ब्रश से उस पर ग्लिटर फैला दें। थोडे-थोडे एरिया पर ब्लू लगाकर ग्लिटर लगाती चें और फिर पंखे के नीचे 5-6 घंटे के लिए सूखने छोड दें। फिर इसे हेयर स्प्रे की मदद से सेट कर लें। अब आप इन स्पेशल फुटवियर्स के साथ जमकर टशन दिखा सकती हैं।  

फोटोग्राफी व क्रिएटिविटी के साथ करियर में लगाएं चार चांद

आजकल फोटोग्राफी का शौक तो हर दूसरे शख्स में देखने को मिल जाता है। अगर आपका ये शौक आपका पैशन है तो फोटोग्राफी एक ऐसा कॅरियर है, जो आपको पैसा, ग्लैमर, शोहरत और देश-विदेश घूमने का मौका देता है। इन्हीं में से एक ट्रैवल फोटोग्राफी एक ऐसा फील्ड है जिसमें युवाओं को नौ से पांच ड्यूटी करने की बजाय कैमरे से देश-दुनिया को एक्सप्लोर करने की आजादी मिलती है। इस फील्ड में सफलता के लिए जरूरी है कि आप उसके लायक स्किल्स डेवलप करें। साथ ही इसके लिए एक्स्ट्रा क्रिएटिविटी और अटेंटिविटी की जरूरत होती है। क्या है एजुकेशनल क्वालिफिकेशन: इस फील्ड में सीखने की कोई भी लिमिटेशन नहीं है। इसके लिए सबसे आसान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई इंस्ट्रक्शनल वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें फॉलो कर आप फोटोग्राफी की बारीकियां आसानी से सीख सकते हैं। प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो आप हायर सेकंडरी या ग्रेजुएशन के बाद फोटोग्राफी से रिलेटेड कोर्स कर सकते हैं। इंडिया में कई इंस्टीट्यूट्स फोटोग्राफी और ट्रैवल फोटोग्राफी में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स कराते हैं। क्या है स्कोप: नेशनल ज्योग्राफी और आउटलुक ट्रैवलर्स में हमेशा क्वालिटी प्रोफेशनल्स की डिमांड रहती है। इसके अलावा, किसी स्टूडियो में या सीनियर फोटोग्राफर के असिस्टेंट के रूप में काम शुरू कर सकते हैं। फोटोग्राफी फील्ड में संभावनाओं की बात करें तो इसमें कॉम्पिटिशन काफी टफ हो गया है। स्टॉक सेलिंग का ट्रेंड जोरों पर है। लेकिन ट्रैवल मैगजीन, ब्लॉग्स, टूर कंपनीज और ट्रैवल पोर्टल्स के आने से ट्रैवल फोटोग्राफर्स की मार्केट में डिमांड बढ़ी है।  

पेटीकोट -सलवार का नाड़ा टाइट बांधने से महिलाओं में हो रहा ‘साड़ी कैंसर’, डॉ. से जानें इसके लक्षण

नईदिल्ली आजकल कैंसर कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। कई तरह के खतरनाक कैंसर सामने आ रहे हैं। महिलाओं में स्तन, गर्भाशय, योनि और अंडाशय के कैंसर आम हैं। लेकिन अब दो मामलों में पेटीकोट कैंसर पाया गया है! रोज़ाना साड़ी पहनने वालों के लिए यह चिंताजनक है। वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हालिया शोध के अनुसार, रोज़ाना साड़ी पहनने वाली महिलाएं इससे पीड़ित हो रही हैं। इसका कारण साड़ी के साथ पहने जाने वाला पेटीकोट है। अध्ययन में बताया गया है कि इसके धागे से खतरा बढ़ता है। हालांकि अध्ययन में सिर्फ़ साड़ी का ज़िक्र है, लेकिन चूड़ीदार और कुर्ता पहनने वालों को भी कमर पर धागा बांधना पड़ता है। इसे टाइट बांधने से कैंसर हो सकता है। पेटीकोट या पैंट का धागा टाइट बांधने से यह त्वचा से चिपक जाता है। साड़ी न खिसके इसलिए इसे टाइट बांधा जाता है। रोज़ाना साड़ी पहनने वालों में ऐसा करने से त्वचा लाल हो जाती है, सूज जाती है और बाद में घाव बनकर कैंसर का रूप ले सकती है। शुरुआत में महिलाओं में पाए गए इस कैंसर के लिए साड़ी को ज़िम्मेदार माना गया था। लेकिन बाद में पता चला कि इसका कारण पेटीकोट है, इसलिए इसे पेटीकोट कैंसर कहा गया है। 70 साल की एक महिला में यह पाया गया। उनके पेट के आसपास घाव 18 महीने तक ठीक नहीं हुआ। बाद में पता चला कि यह मार्जोलिन अल्सर नाम का त्वचा कैंसर है। फिर एक और महिला में भी यह पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, पेटीकोट टाइट बांधने से पेट और कमर पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे घर्षण होता है और त्वचा कमज़ोर हो जाती है। इससे घाव या छाले हो जाते हैं। इलाज न कराने पर यह कैंसर में बदल सकता है। इस तरह के घाव या छाले होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। रोज़ाना साड़ी या धागे वाला पेटीकोट पहनने वालों को इलास्टिक वाला पेटीकोट पहनने की सलाह दी जाती है। या फिर ढीले स्कर्ट पहनने को कहा गया है। कमर के आसपास हफ़्तों या महीनों तक ठीक न होने वाले घाव होने पर तुरंत जांच कराएं। 70 साल की महिला में साड़ी से हुआ कैंसर पहले मामले में, एक 70 वर्षीय महिला को अपने दाहिने हिस्से में त्वचा पर एक अल्सर विकसित हो गया, जिसमें त्वचा का रंग भी फीका पड़ गया था। पेटीकोट की तंग डोरी ने त्वचा को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया, जिससे मार्जोलिन अल्सर हो गया। 70 वर्षीय महिला ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि, ‘मैंने दशकों तक खूब कसी साड़ी बांधी, मुझे नहीं पता था कि ये मेरी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। त्वचा में हल्का सा बदलाव हुआ जो धीरे-धीरे दर्दनाक और ठीक न होने वाले अल्सर में बदल गया, बाद में पता चला कि मुझे स्‍किन कैंसर हुआ है।’ डॉ. दर्शना राणे के अनुसार, ‘जब यह नाड़ा लगातार एक ही स्थान पर कमर पर बांधा जाता है, तो इससे त्वचा में जलन (डर्माटोसिस) होती है, जिससे आगे चलकर अल्सर (घाव) या ‘मार्जोलिन अल्सर’ बन सकते हैं, और बहुत ही दुर्लभ मामलों में, ये घाव कैंसर में बदल सकते हैं।’ ऐसे पहचाने ‘साड़ी कैंसर’ का लक्षण ‘साड़ी कैंसर’ के शुरुआती लक्षण पेटीकोट का तंग नाड़ा लंबे समय तक जलन पैदा कर सकता है। इंडिया की गर्मी में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है। कसी साड़ी से त्वचा का रंग बदलना या हल्की पपड़ी पड़ना गंभीर लक्षण हो सकते हैं। क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर डॉ. दर्शना राणे बताती हैं, पेटीकोट का नाड़ा जब गर्म और आर्द्र मौसम में कसकर बांधा जाता है, तो यह पसीना और धूल के जमा होने से जलन और खुजली पैदा कर सकता है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होने के कारण, महिलाएं प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं और जब हेल्‍थ खराब हो जाती है तब डॉक्‍टर को दिखाती हैं। चूड़ीदार और धोती से भी हो सकता है कैंसर जी हां, अगर आप कस कर धोती बांधते हैं और महिलाएं अगर टाइट चूड़ीदार पहनती हैं, तो आपको भी बच कर रहना चाहिए। हालांकि यह एक दुर्लभ समस्या है, लेकिन यह जागरूकता और बचाव की आवश्यकता को दर्शाती है। जानें बचाव का तरीका     पेटीकोट को बहुत कसकर न बांधें, खासकर अगर त्वचा में रंग बदलने या पपड़ी बनने जैसे डर्माटोसिस के शुरुआती संकेत दिखें।     पेटीकोट में चौड़ा कमरबंद इस्तेमाल करने से कमर पर दबाव समान रूप से बंटता है।     पेटीकोट को बांधने की ऊंचाई समय-समय पर बदलते रहें। घर पर हों तो ढीले इलास्टिक वाले पतलून पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे।     कभी भी टाइटप कपड़ा ना पहनें। हमेशा आरामदायक कपड़ा ही पहनें। कमर पर टाइट बेल्‍ट या नाड़ा ना बांधें। स्‍किन पर अगर इलास्‍टिक से जलन और खुजली हो तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं।

सर्दियों में खुश्‍क नजर आती है स्किन , इन नुस्खों से चेहरे को दें राहत

वैसे तो ठंड का मौसम बहुत सुहावना लगता है लेकि‍न इस मौसम में स्किन र‍िलेटड समस्‍याएं खूब होती है। खासकर ड्राय स्किन। सर्दियों में त्वचा का फटना एक आम समस्या है, लेकिन कुछ घरेलू उपायों से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। यहां कुछ देसी नुस्खे दिए गए हैं, जो आपकी त्वचा को मॉइश्चराइज करेंगे और इसे कोमल बनाए रखेंगे। घी थोड़ी मात्रा में घी लें और इसे अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर हल्के गर्म पानी से धो लें। घी त्वचा को गहराई तक पोषण देता है और नमी बनाए रखता है। नारियल तेल सर्दियों में नारियल तेल को हल्का गर्म करके चेहरे और शरीर पर मालिश करें। यह त्वचा में गहराई तक जाकर नमी को बनाए रखता है और रूखापन दूर करता है। एलोवेरा जेल एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाएं और इसे 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी देता है, जिससे त्वचा मुलायम बनी रहती है। दूध और शहद दूध और शहद का मिश्रण बनाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें। यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से मॉइश्चराइज करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। बेसन और हल्दी बेसन, हल्दी और दूध का पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद इसे धो लें। यह त्वचा को डिटॉक्सिफाई करता है और रूखेपन से राहत दिलाता है। बादाम का तेल सोने से पहले कुछ बूंदें बादाम के तेल की लेकर चेहरे पर मसाज करें। यह तेल त्वचा को पोषण देकर नमी को बरकरार रखता है। केला और मलाई केले को मसल कर उसमें ताजी मलाई मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट बाद धो लें। यह रूखी त्वचा को गहराई तक मॉइश्चराइज करता है। गुलाबजल गुलाबजल का टोनर की तरह प्रयोग करें। यह त्वचा को हाइड्रेट रखता है और रूखापन कम करता है। इन घरेलू नुस्खों के अलावा, सर्दियों में अधिक पानी पीने, संतुलित आहार लेने और अधिक समय तक गर्म पानी से न नहाने का ध्यान रखें। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहेगी।

नए एंड्रायड फोन की परफॉर्मेंस बरकरार रखने के लिए करें ये जरूरी उपाय

आपने बेस्ट स्पेसिफिकेशन वाला नया फोन खरीद तो लिया, लेकिन यह सालो साल चलें इसके लिए जरूरी है कुछ बातों का ख्याल रखा जाएं। आज आपको इसके बारे में कुछ आसान टिप्स देते हैं। फोन के सेटअप को देखें आपने फोन खरीद तो लिया, लेकिन लेते समय उसके सेटअप चेक करना जरूरी है। फोन के सेटअप के लिए सबसे पहले उसमें सिम लगाकर ऑन करें और जो भी स्वीकृति वह मांगे उसे देकर सेटअप का प्रोसेस आगे बढ़ाएं। अब मोबाइल नेटवर्किंग सेटिंग और वाइ-फाइ के ऑप्शन पर जाएं। अगर वाइ-फाइ उपलब्ध है तो जरूर कनेक्ट करके देखें, इससे कनेक्टिविटी की समस्या का अंदाजा हो जाएगा। अगर कोई इशू दिखें तो अपनी डिवाइस को आप समय रहते चेंज करा सकते हैं। मोबाइल नेटवर्क पर इंटरनेट कनेक्टिविटी का कोई इशू तो नहीं यह भी चेक करें। चार्जर चेक करें आपके नए फोन का चार्जर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं चेक करें। इसके लिए इसे खरीदते समय शॉप पर ही चार्ज करके देखें, साथ ही ध्यान दे कि ठीक से कनेक्ट हो रहा है या नहीं। चार्जिंग में कोई भी परेशानी दिखें तो फौरन विक्रेता से शिकायत करें। सभी एक्सेसरीज चेक करें आपको फोन के साथ सभी एक्सेसरीज मिली है या नहीं। इस बात को सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन के सेल्स पैक पर प्रिंटेड एक्सेसरीज लिस्ट को चेक करें और अपने सेल्स पैक के अंदर देखें कि वहीं सारी एक्सेसरीज है या नहीं। फोन का डिस्प्ले व कैमरा या अन्य किसी जगह कोई स्क्रैच या टूट फूट दिखें तो उसी समय वापिस कर दें।अगर फोन ऑनलाइन लिया है तो 24 घंटे के अंदर कंप्लेंट रजिस्टर करें। कॉलिंग चेक करें नए फोन में कॉलिंग चेक करने की क्या जरूरत है? ऐसा सोचकर हम इसे चेक नहीं करते, लेकिन यह सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। फोन का मुख्य काम तो कॉलिंग ही होता है इसलिए कॉल करके देखें कि आपकी कॉल में स्पीकर से आवाज क्लियर आ रही है, आवाज में कोई डिस्टर्बेंस तो नहीं, डबल वॉयस तो नहीं आ रही आदि। अगर ऐसी कोई भी परेशानी महसूस हो तो शिकायत करें। जब आप कॉल करके देखेंगे तभी सभी परेशानियों का सटीक रूप से पता चलेगा। प्रीलोडेड अनवांटेड एप्स को डिसेबल करें आजकल सभी स्मार्टफोन में कुछ प्रीलोडेड एप्स आते हैं। इनमें से जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें हटा सकते है। इसके लिए सेटिंग में जाकर एप को अनइंस्टॉल करें, अगर अनइंस्टॉल नहीं हो रहा तो डिसेबल कर दे। ऐसा करने का फायदा यह होगा कि मैमोरी खाली हो जाएगी और स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ जाएगी। नए फोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें नए स्मार्टफोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें। इससे आप फोन में न केवल मेल चेक कर सकेंगे बल्कि अपने सभी जरूरी कॉन्टैक्ट्स को सिंक भी कर सकेंगे। आप गूगल प्ले स्टोर से भी जरूरी एप्स डाउनलोड कर सकेंगे। इसलिए फोन में जीमेल का सेटअप होना जरूरी है। सॉफ्टवेयर अपडेट करें भले ही आपका फोन नया है लेकिन इसे भी अपडेट करते रहने की जरूरत है और निर्माता कंपनियां समय-समय पर अपडेट नोटिफिकेशन भेजती रहती है क्योंकि आपका फोन फैक्ट्री से बनने के फौरन बाद आपको नहीं मिल जाता और जब तक यह बिकता है तब तक बहुत से एप्स में नए अपडेट आ चुके होते है।जब आप अपने स्मार्टफोन का सेटअप कर लें तो सॉफ्टवेयर अपडेट को भी चेक करें। अगर किसी नए अपडेट का नोटिफिकेशन दिखें तो फौरन अपडेट करें। फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहने से उसकी परफॉर्मेंस बढ़ती है। खरीदते समय कुछ एप्स भी डाउनलोड करके देखें अगर कोई परेशानी आएं तो फोन को चेंज करा दें क्योंकि बहुत से फोन में गूगल प्ले स्टोर क्रैश होने की शिकायत मिलती है। डिवाइस मैनेजर आपके एंड्रायड फोन में एक फीचर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर होता है, अगर फोन खो जाएं तो एंड्रायड डिवाइस मैनेजर आपको इंफॉर्म करेगा कि डिवाइस कहां है, इतना ही नहीं फोन चोरी हो गया तो आप इस फीचर को इनेबल करने के बाद डाटा को डिलीट भी कर सकते है। इसलिए फोन की सेटिंग में जाकर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर को इनेबल जरूर करें। फोन में बैकअप और नोटिफिकेशन की सेटिंग करें फोन में नोटिफिकेशन और बैकअपक की सेटिंग करके देखें। आपको जिन एप्स के नोटिफिकेशन नहीं चाहिए, उन्हें टिक कर दें। इससे बैटरी और मैमोरी दोनों बचेंगे। फोन में डाटा बैकअप की सेटिंग करे,ऐसा करने से डाटा सेव होगा। नए फोन में फेसबुक, व्हाट्स एप चलाकर देखें। बहुत बार इन एप्स के क्रैश होने की समस्या भी नजर आई है।  

इंटरव्यू देने से पहले दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा

कॅरियर बनाने के क्रम में जैसे ही इंटरव्यू का नाम आता है। बहुत से लोगों के पसीने छूट जाते हैं। कारण किसी को यह नहीं पता होता कि सामने वाला शख्स क्या पूछेगा। बहुत से लोग लिखित परीक्षा तो कई बार पास कर लेते हैं, लेकिन इंटरव्यू में जाने से पहले ही इस कदर घबरा जाते हैं कि साधारण सवालों का जवाब नहीं दे पाते हैं। नतीजा यह होता है कि सब कुछ आते हुए भी आप इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाती हैं। आप इंटरव्यू इत्मीनान से दे सकें, इसके लिए अपने दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा। सबसे जरूरी है अध्ययन विभिन्न प्रकार की सामान्य ज्ञान की किताबें पढ़ने के साथ ही प्रतिदिन समाचार पत्र अवश्य पढ़ें। साथ ही टीवी, रेडियो और इंटरनेट पर भी नजर रखें। ताकि आपको देश-विदेश की ताजा घटनाओं की जानकारी हो सके। इसके अतिरिक्त इंटरनेट और ऐसी पुस्तकों की सहायता लें जिससे अलग-अलग प्रकार की शख्सियतों के बारे में जानकारी हो सके। जिस संस्थान में आपको इंटरव्यू के लिए जाना है, वहां से संबंधित आवश्यक जानकारी इंटरनेट एवं परिचितों की सहायता से अवश्य प्राप्त कर लें। संस्थान से जुड़ी जानकारी आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी। फस्र्ट इंप्रेशन इज… यह तो आपने भी सुना होगा कि फस्र्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन। इसलिए साक्षात्कार के लिए जाने से पहले अपने मन से घबराहट और हिचकिचाहट जैसे शब्दों को निकाल दें। अगर आप इंटरव्यू देने से पहले ही घबराएंगी तो इसका असर चेहरे पर तो नजर आएगा ही। साथ ही आपका आत्मविश्वास भी डगमगाएगा। अतः जरूरी है कि इंटरव्यू रूम में जाने से पहले पूरी तरह रिलैक्स हो जाएं। आपकी ड्रेस बहुत सारे संस्थानों में इंटरव्यू के लिए बुलाने से पहले कॉल लेटर में यह भी लिखा होता है कि इंटरव्यू के दौरान इस तरह की ड्रेस में आना है। यदि इस बात का जिक्र किया गया है तो उसी के अनुसार कपड़े पहनकर जाएं। यदि इस तरह की कोई पाबंदी नहीं है तो भी वस्त्रों का चुनाव सोच-समझकर करें। कहा भी गया है कि आपके कुछ बोलने से पहले आपके परिधान आपके व्यक्तित्व को बयां कर देते हैं। आपके कपड़े नौकरी एवं पद के अनुकूल होने चाहिए। ड्रेस कोड न होने की स्थिति में यह ध्यान रखें कि आपके परिधान न तो बहुत भड़कीले या टाइट हों और न ही बहुत ढीले-ढाले। याद रखिए गरिमामय परिधान अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। पर्सनल ग्रूमिंग अपनी सेहत और सौंदर्य पर भी थोड़ा ध्यान दें। ऐसा न हो कि जब आप इंटरव्यू के लिए जाएं तो आपका चेहरा बुझा-बुझा सा और आपके कंधे ढीले-ढाले नजर आएं। इसके लिए जरूरी है कि अपने खानपान पर ध्यान दें। साथ ही शारीरिक सफाई का भी ध्यान रखें। अगर आप देखने में चुस्त-दुरुस्त नजर आती हैं तो समझिए कि आधी जंग तो आपने पहले से ही जीत ली है। कॅरियर काउंसलर्स का कहना है कि जितना जरूरी अध्ययन करना है, उतना ही जरूरी है कि आपकी पर्सनैलिटी दिखने में भी अच्छी हो। आप चाहें तो कुछ समय पूर्व से ही प्रतिदिन आईने के सामने बैठकर अपनी भाव-भंगिमाएं परखें। साथ ही स्वयं से सवाल-जवाब करें। इस कार्य के लिए आप घर के किसी सदस्य या अपने किसी करीबी की मदद ले सकती हैं, जो आपको सही-सही बताए कि बात करते समय आपकी भाव-भंगिमाएं कैसी होती हैं। करें फाइल तैयार इंटरव्यू देने जाने से पहले अपने सभी जरूरी कागजातों को एक फाइल में सलीके से लगाकर रखें। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे बेतरतीब तरीके से फाइल बनाते हैं। ध्यान रखिए इंटरव्यू लेने वाला शख्स छोटी-छोटी बातों पर भी गौर करता है। इसलिए अपने शिक्षा संबंधी कागजातों को सलीके से और क्रमानुसार लगाकर रखें। इंटरव्यू में जाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि सभी महत्वपूर्ण कागजातों की फोटोकॉपी अवश्य करवा लें और इन्हें भी अपनी फाइल में लगाकर रखें। ताकि साक्षात्कारकर्ता के मांगने पर आप फोटोकॉपी तुरंत दे सकें।  

सर्दी की नजर न लगे

आजकल के मौसम में त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए खानपान पर थोड़ा सा ध्यान देने केसाथ ही उसकी देखभाल की भी जरूरत होती है… -त्वचा की स्क्रबिंग के लिए चोकरयुक्त आटे या सूजी में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इसे चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाकर दो मिनट के लिए छोड़ दें। फिर उबटन की तरह रगड़कर छुड़ा लें और गुनगुने पानी से धो लें। -इस मौसम में त्वचा की क्लेंजिंग और टोनिंग नियमित रूप से करनी चाहिए। रात को सोने से पहले अच्छी क्वालिटी के क्लेंजर से त्वचा की सफाई करनी चाहिए और त्वचा का कसाव बनाए रखने के लिए अच्छी क्वालिटी के टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे त्वचा में तेल की मात्रा का संतुलन बना रहता है। -शुष्क त्वचा को नर्म बनाए रखने के लिए रात को सोने से पहले क्लेंजिंग क्रीम से चेहरा साफ जरूर करें। -इस मौसम में केला, पपीता, संतरा, अमरूद, सेब आदि फलों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इन फलों में मौजूद पोषक तत्व त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इस मौसम में भिगोए गए बादाम, दूध, मक्खन घी, हरी सब्जियों आदि का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। -यदि त्वचा ज्यादा तैलीय है तो दही और शहद को मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथ से कुछ देर तक मलें। फिर धो लें। -आजकल के मौसम में प्रतिदिन एक आंवला जरूर खाना चाहिए, क्योंकि यह विटामिन सी का प्राकृतिक स्रोत है और यह त्वचा की भीतरी परतों तक को पोषण प्रदान करता है। इससे आपकी त्वचा भीतर से स्वस्थ बनी रहती है। -नहाने के पानी में एक चम्मच बॉडी ऑयल मिलाकर नहाएं, इससे त्वचा की खुश्की दूर हो जाती है। -आजकल के मौसम में शुष्क हवाओं के कारण होंठों का फटना एक आम बात है। होंठों को फटने से बचाने के लिए घर से बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का लिप बाम लगाएं और रात को सोते समय नाभि में घी या तेल की दो बूंदें डालें। इससे होंठ मुलायम बने रहेंगे। -अगर आपकी त्वचा रूखी है तो स्नान करने से पहले रोजाना तेल की मालिश करें। तेल की मालिश से शरीर स्वस्थ रहता है। इसके साथ ही स्नान करने वाले पानी में थोड़ा सा तेल डाल लें। इससे शरीर में रूखापन नहीं रहता है और चिकनाहट बनी रहती है। -बाहर निकलने से पहले चेहरे के अलावा शरीर के खुले हिस्सों पर मॉइश्चराइजर और अच्छी क्वालिटी के सनस्क्रीन लोशन की मोटी परत लगाएं, ताकि त्वचा सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलट किरणों से सुरक्षित रहे। -कच्चे दूध में शहद मिलाकर उसमें कुछ देर के लिए पावरोटी भिगो दें। फिर इस मिश्रण को चेहरे, गर्दन और हाथों पर स्क्रब की तरह मलें। इससे त्वचा का रंग साफ होगा और वह कांतिमय रहेगी। -सर्दी के मौसम में त्वचा में नमी कम होने की वजह से ही त्वचा रूखी हो जाती है। इसलिए इस मौसम में पानी और तरल पदार्थों जैसे सूप, फलों का जूस आदि का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। -रात को सोने से पहले चेहरे पर किसी अच्छी क्वालिटी का नाइट क्रीम जरूर लगाएं, इससे त्वचा नर्म मुलायम बनी रहेगी। -सर्दी के मौसम में दो चम्मच बेसन में थोड़ी मलाई और हल्दी मिलाकर उबटन तैयार करें। इससे हर सप्ताह अपनी त्वचा साफ करें। इससे आपकी त्वचा कांतिमय और कोमल रहेगी।  

सर्दियों में ऐसे रखें डायबिटिज नियंत्रित

अपनी सेहत को सर्दियों में बचाकर रखना पडता है। क्योंकि इस मौसम में रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर पर मौसम सीधा असर डालता है। सर्दियों में रक्त गाढ़ा हो जाता है और इस वजह से ब्लड शुगर का स्तर बदलता रहता है। मधुमेह पीड़ितों को चिकित्सकों की सलाह है कि वे सर्दियों में खुद को गर्म रखें और पौष्टिक आहार लें। मौसम में ठंडक आ जाने से पसीने छुड़ा देने वाली गर्मी से तो राहत मिलती है, लेकिन जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में अपना ध्यान ज्यादा रखना चाहिए। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के शिखर पर मधुमेह पीड़ितों के ब्लड शुगर के स्तर में गंभीर उतार-चढ़ाव हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि मौसम बदलने का शरीर की कार्यप्रणाली और इनसुलिन बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, सर्दियां कैसे हमारे ब्लड ग्लूकोज लेवल पर असर करती हैं, इस बारे में लोगों में जागरूकता की बेहद कमी है। जब तापमान कम होता है तो शरीर को अच्छे से चलाए रखने के लिए अधिक इनसुलिन की जरूरत होती है। यह भी आम बात है कि जब सर्द मौसम के बाद का मौसम आता है तो शरीर में इंसुलिन की जरूरत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की वजह से शरीर में ग्लूकोज और फेरिफेरल टिशू (सतही उत्तकों) में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग तनाव ज्यादा लेते हैं और अवसाद के शिकार हो जाते हैं। इस तनाव की प्रतिक्रिया में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जुकाम और फ्लू से बचें जुकाम और फलू का संक्रमण खतरनाक हो सकता है, अगर सही सावधानियां न बरतीं जाएं। मधुमेह के मरीज अपने डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू का वैक्सीन लगवा लें। हाथों को स्वच्छ रखें, शरीर को उचित आराम दें और सेहतमंद आहार लें। सुरक्षित रहने के लिए खुद को गर्म रखें कंपकंपा देने वाली ठंड के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए खुद को गर्म रखें। शरीर को गर्म और सूखा रखने के लिए उचित संख्या में कपड़े पहनें। अपने पैरों को भी अच्छे से ढककर गर्म रखें, खासकर ब्लड सकुर्लेशन से जुड़ी समस्या में। अपने ब्लड शुगर स्तर की नियमित जांच करते रहें। सेहतमंद आहार लें लोग सर्दियों में हाई कैलरी चीजें खाने लगते हैं। मधुमेह पीड़ितों को उचित मात्रा में फल और सब्जियां खानी चाहिए। अत्यधिक मीठे वाले फलों से परहेज करना चाहिए। इन महीनों में शराब का सेवन भी बढ़ जाता है, अच्छी सेहत के लिए उस पर भी सख्त नियंत्रण रखना चाहिए। एक्सरसाइज करें छोटे दिन और लंबी रातें व्यायाम न करने का बहाना हो सकती हैं, लेकिन मधुमेह पीड़ितों के लिए जरूरी है कि वह नियमित रूप से व्यायाम करें। आप नजदीकी शॉपिंग सेंटर या पार्क में सैर करने जा सकते हैं। जिम जाने से पहले या किसी भी किस्म के व्यायाम के बारे में जानकारी लेने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।  

बच्चो में बचपन से ही डालें, दान देने की आदत

एक संत ने एक द्वार पर दस्तक दी और आवाज लगाई भिक्षां देहि एक छोटी बच्ची बाहर आई और बोली, बाबा, हम तो बहुत ही गरीब हैं, हमारे पास देने को कुछ नहीं है। संत बोले, बेटी, संत को मना मत कर, कुछ नहीं तो अपने आंगन की धूल ही दे दे। उस लड़की ने एक मुट्ठी धूल उठाई और उन संत महात्मा के भिक्षा पात्र में डाल दी। उनके शिष्य ने पूछा, गुरु जी, धूल भी कोई भिक्षा है? आपने उस लड़की से धूल देने को क्यों कहा? संत बोले, बेटे, अगर वह आज कुछ ना देती तो फिर कभी नहीं दे पाती। आज धूल दी हे तो क्या हुआ, उसमे देने का संस्कार तो पड़ गया। आज धूल दी है, उसमें देने की भावना तो जागी, जब कल वह सामर्थवान होगी तो फल-फूल, धन-धान्य इत्यादि भी देगी। यह जितनी छोटी कथा है निहितार्थ उतना ही विशाल है, साथ में आग्रह भी, इसलिए दान करते समय दान हमेशा अपने परिवार के छोटे बच्चों के हाथों से दिलवाये। जिससे उनमें देने की भावना बचपन से बनेगी और जब उनमे कुछ देने की भावना बनेगी तो उनकी विचार धारा भी अच्छी बनेगी और जब विचारधारा अच्छी बनेगी तो वो स्वयं एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।  

घुटनों के कालेपन से राहत पाने के लिए करें ये उपाय

शरीर की त्वचा का रंग जब एक ही शेड में होता हैं तो त्वचा में चार चांद लग जाते हैं लेकिन जब इसी चांद में दाग और धब्बे दिखाई देने लगे तो उसकी सुंदरता कम हो जाती हैं। हम यहां बात कर रहे हैं घुटनो और कोहनियो पर जमे काले रंग की। जो हमारे शरीर की सुंदरता को कुचलता दिखाई देता हैं। यदि आप भी अपने काले घुटनो या कोहनियो से परेशान हैं तो फिक्र मत कीजिए। हम आज आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे जिन्हे अपना आप अपने बदसूरत काले घुटनो को सुन्दर और आकर्षक बना सकते हैं। -कुछ बादाम ले और उन्हें अच्छी तरह कूटकर पाउडर बना लें। अब इसमें दही मिलाएं और इस मिश्रण को घुटनों पर हलके हलके से लगा कर एक घंटे तक रखें। फिर इसे ठंडे पानी से धोए। इस से घुटनो का रंग साफ होगा। -बेसन के कई फायदे होते हैं। इनमे से एक फायदा हैं ये त्वचा के मैल को हटाने में कारगर साबित होता हैं। सब से पहले एक कटोरी में बेसन ले। अब इसमें दही मिलाकर गाड़ा पेस्ट बना ले। अब इस पेस्ट को घुटनो पर 15 मिनट तक रहने दे। सूखने के पश्चात धो ले और कुछ ही दिनों में अंतर देखे। -एलोवेरा त्वचा के लिए काफी अच्छा माना जाता हैं। ये ना सिर्फ त्वचा को मुलायम बनाता हैं बल्कि त्वचा का रंग भी निखारता हैं। यह काले घुटनो की समस्यां का प्राकृतिक और कारगर उपाय हैं। इसके इस्तेमाल के लिए आप एलोवेरा का रस तीन दिन में एक बार एक माह तक घुटनो पर लगाइए। जल्द ही परिणाम दिखेगा। -दो चम्मच कच्चे दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना घुटनो पर लगाने से उनका काला पन कम होता हैं। साथी ही त्वचा मुलायम हो जाती हैं। -हमेशा विटामिन युक्त सेहतमंद भोजन ही करे। क्योंकि कई बार विटामिन की कमी से त्वचा पर काले धब्बे पड़ जाते हैं। इसलिए अपने खाने में गाजर, पालक, बादाम और मीठे आलू की खुराक बढ़ाए।  

तनाव मुक्त जीवन जीने का रामबाण उपाय

चाहे बच्चे हो या बड़े, महिला हो या पुरुष, अमीर हो या गरीब, तनाव नाम का कीड़ा हर किसी के जीवन को धीरे-धीरे खोखला करता जा रहा हैं। यह ना सिर्फ हमारी खुशियों पर प्रहार कर रहा हैं, बल्कि हमारी कार्य क्षमता को भी घटा रहा हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे कारगर उपायों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपना कर आप तनाव मुक्त जीवन बिता सकते हैं। -योग से होगा तनाव का सफाया। योग एक ऐसा रामबाण उपाय हैं जो ना सिर्फ आपके शरीर को फिट रखता हैं बल्कि आपके दिमाग को भी तन्दरूस्त रखता हैं। सुबह सुबह रोजाना योग करने से आप के दिमाग को काफी शान्ति मिलेगी। -गाने सुने। जी हां गाना एक ऐसी चीज हैं जो तनाव से मुक्ति दिलाने में सब से तेज कार्य करता हैं। स्लो और रोमांटिक गाने से लेकर हिप हॉप और डिस्को तक। जो केटेगरी आपको पसंद हो आप वो सुन सकते हैं। -ताजे-ताजे पकवान खाए, जी हां, आप माने या ना माने, पर बहुत से लोग तनाव की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा भोजन करते दिखाई देते हैं। हम आप को सलाह देंगे की ज्यादा भोजन की बजाए। खास और आपका पसंदीदा भोजन खाए। इस तरह आपका पूरा ध्यान तनाव से हट कर खाने के स्वाद और आनंद में चला जाएगा। -कॉमेडी फिल्म या टीवी शो देखे। तनाव दूर करने का ये सब से आसान और मजेदार तरीका हैं। अपनी पसंदीदा हास्य फिल्म की सीडी या डीवीडी हमेशा अपने कलेक्शन में रखे। क्या पता कब आपको इस की जरूरत पड़ जाए। -बच्चों के साथ समय बिताए। कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं। शायद इसीलिए बच्चो की चेहरे की मुस्कराहट और शरारतों को देख हमारे अंदर का बच्चा भी जाग उठता हैं और हम अपने बाहरी जीवन के तनाव को भूल जाते हैं।  

बिना फॉर्मेट किये बढ़ाये अपने सिस्टम की स्पीड

जिन लैपटॉप और कम्प्यूटर को आप ज्यादा इस्तेमाल करते है एक समय बाद ये लैपटॉप और कम्प्यूटर काम स्लो करने लग जाते है। कभी कभी तो यह बूट होने में ही बहुत समय लगा देता है। जब भी आपका सिस्टम धीरे चलने लग जाता है तो आप सिस्टम फॉर्मेट करवा लेते है। सिस्टम स्लो होने पर फॉर्मेट नही करवाना चाहिए इसके लिए भी कुछ तरीके बताये गए है जानते है उन तरीको को जिनसे आप अपने सिस्टम की गति को बढ़ा सकते है। हमारे सिस्टम में कुछ ऐसी भी फाइल्स होती है जो हमारे काम की नहीं होती है। रिसाइकल बिन से उन सभी फाइल्स को हटा देना चाहिए। अपने सिस्टम से फाइल डिलीट होने पर भी वह रिसाइकल बिन में पड़ी रहती है इसलिए उसे वहा से भी डिलीट कर देना चाहिए। अगर आपको हमेशा के लिए अपने सिस्टम से किसी फाइल को डिलीट करना है तो आप शिफ्ट-डिलीट कमांड का भी इस्तेमाल कर सकते है। इस कमांड का इस्तेमाल करने पर आपकी कोई भी फाइल रिसाइकल बिन में नहीं जाएगी। कुछ यूजर्स अपने सिस्टम पर ज्यादा प्रोग्राम्स जमा कर लेते है जिससे सिस्टम की स्पीड में कमी आ जाती है। आपके सिस्टम में कुछ ऐसे प्रोग्राम होंगे जो कम्प्यूटर ऑन करते ही चालू हो जाते है। इन सभी को स्टार्ट अप बोलते है। आपको अपने सिस्टम की सी ड्राइव को खाली रखना चाहिए। जो सॉफ्टवेयर आपके काम के नहीं है उन्हें आप किसी और ड्राइव में सेव कर सकते है। जिनको गेम खेलने का शौक है वे अपने सिस्टम के ड्राइवर्स को हमेशा अपग्रेड करते रहे। सिस्टम के एएमडी, एनवीडिया और ग्राफिक्स प्रोसेसर को भी अपग्रेड कर सकते है। आपको अपने सिस्टम में एंटीवायरस डलवाने की भी जरूरत नही है। आप रजिस्टर्ड एंटीवायरस का इस्तेमाल कर सकते है। कुछ करप्ट फाइल्स होती है जो आपके सिस्टम में बिना वजह से जगह घेर लेती है ऐसी फाइल्स को डिलीट कर देना चाहिए। अगर आपका कम्प्यूटर बहुत पुराना है तो आप अपने कम्प्यूटर की रैम को बढ़ा कर भी अपने सिस्टम की स्पीड को बढ़ा सकते है। आपको अपने डेस्कटॉप को भी साफ सुधरा रखना चाहिए। डेस्कटॉप पर कम से कम फाइल्स को सेव करना चाहिए। आप जो भी डेस्कटॉप पर सेव करते है वे सी ड्राइव में भी जाकर सेव हो जाता है। इसलिए फाइल्स को डेस्कटॉप पर सेव ना करे।  

बदल रहा है मौसम, आंखों का रखें खास ख्याल

इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। इस परिवर्तन के साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आम तौर पर प्रदूषण और तनाव से आंखों पर निगेटिव असर पड़ता है लेकिन बदलते मौसम में आपकी सेंसिटिव आंखें जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाती। ऐसे में आपकी आंखों को खास देखभाल की जरूरत है। यहां जानिए कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों की सही देखभाल कर सकते हैं। थकान से बचें: आंखों में खिंचाव, थकान या कोई अन्य तकलीफ न हो इसके लिए कम्प्यूटर या मोबाइल पर काम करते समय पलकों को लगातार झपकाते रहें। कम्प्यूटर के मॉनिटर को अधिक समय तक लगातार नहीं देखें बीच-बीच में काम को रोक दें और आंखों को आराम दें। खुद न बनें डॉक्टर: लोग दुकान पर ही आंखें टेस्ट करवाकर चश्मा बनवा लेते हैं। यह ठीक नहीं है। आंखों का परीक्षण किसी नेत्र विशेषज्ञ से करवाकर ही चश्मा बनवाना चाहिए। खूब पानी पीएं: अक्सर सर्दियों में लोग पानी का सेवन कम मात्रा में करते हैं लेकिन सेहत के लिहाज से यह सही नहीं है। इस कारण शरीर में तरल की कमी होने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पीना चाहिए। कंप्यूटर के सामने बैठने का सही तरीका: कंप्यूटर पर यदि अधिक काम करना पड़ता है तो पॉश्चर सही रखना भी जरूरी है। इसके अलावा काम के वक्त पर्याप्त रोशनी का विशेष खयाल रखें। मोबाइल इस्तेमाल करने की गलत आदत: मोबाइल का प्रयोग लेटकर न करें साथ ही अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन किसी भी स्थिति में नहीं देखें। ई-बुक के बजाय सीधे बैठकर पुस्तक पढ़ने की आदत डालें।  

भारतीय रेलवे जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप करने वाला है लॉन्च

नई दिल्ली रेलवे की तरफ से यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने के लिए लगातार नए कदम उठाए जाते हैं। हाल ही में भारतीय रेलवे ने कॉम्प्रिहेंसिव मोबाइल ऐप लाई गई है। एक ऐप में ही यूजर्स को बहुत सारी पैसेंजर सर्विस मिलने वाली हैं। अभी इसे बनाकर तैयार कर लिया गया है। साथ ही खई अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो इस साल के अंत तक इसे लॉन्च किया जा सकता है। तो चलिये आपको भी इस ऐप के बारे में बताते हैं-     यूजर्स इस ऐप की मदद से टिकट बुकिंग कर पाएंगे। यहीं से प्लेटफॉर्म पास, मॉनिटर शेड्यूल और अन्य टास्क भी पूरे किए जा सकते हैं।     इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेंशन सिस्टम की तरफ से बनाया गया है। यही ऐप को डेवलप, डिजाइन करती है। इसी की मदद से इंफोर्मेशन सिस्टम को बनाया जा सकता है।     ये ऐप मौजूद सिस्टम के साथ ही काम करेगी। IRCTC के इस नियम में कैटरिंग, टूरिज्म सर्विस का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।     IRCTC भी बिल्कुल वैसे ही काम करती रहेगी। IRCTC के बीच और प्लांड ऐप पर काम चल रहा है। ऐसे में ये आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है।     अभी एप्लीकेशन और वेबसाइट पर IRCTC रेल कनेक्ट, E-Catering फूड ऑन ट्रैक, रेलवे मदद और नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम उपलब्ध है।     IRCTC रेल कनेक्ट के पास टिकट बुकिंग के राइट्स रिजर्व हैं। इसी वजह से, ऐप को 100 मिलियन लोग डाउनलोड कर सकते हैं। ये रेलवे की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ऐप है।     IRCTC की तरफ से अन्य सुपर ऐप को एक रेवेन्यू की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में ये आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित होती है।     थर्ड पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म को IRCTC से किया जा सकता है और यहीं से इस्तेमाल किया जा सकता है। IRCTC ऐप की मदद से रेलवे ने करीब 4270 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है।     IRCTC पर करीब 453 मिलियन की टिकट बुकिंग हुई है। ये कुल टिकट का 30.33% रेवेन्यू है जो काफी फादेमंद साबित होता है।

एग फेसपैक से स्किन को बनाए यंग और खूबसूरत

यंग और खूबसूरत दिखने की चाहत हर किसी को होती है। इसके लिए आप क्या कुछ नहीं करतीं, नेचुरल तरीके से खूबसूरती पाने के कई उपाय मौजूद हैं। उन्हीं उपायों में से एक है एग फेसपैक। अंडा न केवल खाने में पोषक होता है, बल्कि यह आपकी त्वचा को भी टाइट बनाता है। यह एंटी-एजिंग भी है। अंडे का मास्क हमारी त्वचा को जवां निखार देता है। इससे त्वचा मजबूत नजर आती है और साथ ही झुर्रियां भी दूर होती हैं। अंडे का मास्क ब्लेकहैड्स, झाइयां और अन्य तकलीफें भी दूर करता है। इससे आपकी त्वचा नाजुक और कोमल हो जाती है। जानिए घर पर एग फेसपैक से जुड़े कुछ टिप्स…. -माइल्ड क्लींजर से अपना चेहरा धोयें और फिर उसे सुखा लें। -बंद रोम छिद्रों को खोलने के लिए चेहरे पर स्टीम लें। इससे मास्क आपके चेहरे के भीतर तक जाकर त्वचा को भीतरी निखार देगा। -नींबू का टुकड़ा लेकर उसे अपने चेहरे पर कसकर रगड़ें। नाक, ठोड़ी और माथे पर इस टुकड़े को खासतौर पर रगड़ें। -अंडे का मास्क चेहरे पर लगाने से पहले अपने बालों को अच्छी तरह बांध लें। -अब ब्रश की मदद से अंडे के मास्क की एक परत अपने चेहरे पर लगायें। और फौरन इस हिस्से को टिशू पेपर के छोटे से टुकड़े से कवर कर दें। -जब तक पूरे चेहरे पर मास्क न लग जाए, तब तक इस प्रक्रिया को दोहराते रहें। -टिशू पेपर को पांच मिनट तक सूखने दें। इसके बाद अंडे के मास्क की एक लेयर और लगायें। -पहले की ही तरह अंडे के मास्क के ऊपर टिशू पेपर लगाते रहें। इस फेस मास्क को बीस मिनट तक छोड़ दें। इतनी देर में यह पूरा अच्छी तरह सूख जाएगा। -धीरे-धीरे टिशू पेपर उतारें। ध्यान रहे टिशू पेपर ऊपर की ओर उतारें। ठंडे पानी से अपना चेहरा धो लें। और इसके बाद गुलाब जल में रूई डुबोकर उससे अपना चेहरा साफ करें। -इसके बाद किसी माश्चराइजर से सर्कुलर मोशन में अपने चेहरे की मसाज करें। इससे आपकी त्वचा हेल्थी, नमीयुक्त और चमकदार बनी रहेगी।  

क्या सर्दियों से लड़ने को तैयार है आपका दिल?

सर्दियां धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी हैं और इसके साथ ही दिल और फेफड़ों के रोगों से पीड़ित होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी है। आलस की वजह से लोग अपने शरीर खासतौर से अपने दिल को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते, जबकि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को रहता है। दिल्ली के हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. के.के. सेठी कहते हैं, ठंडे मौसम की वजह से दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल में रक्त और ऑक्सीजन का संचार कम होने लगता है। इससे हाइपरटेंशन और दिल के रोगों वाले मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ठंडे मौसम में ब्लड प्लेट्लेट्स ज्यादा सक्रिय और चिपचिपे होते हैं, इसलिए रक्त के थक्के जमने की आशंका भी बढ़ जाती है। डॉ. सेठी के मुताबिक, सर्दियों में सीने का दर्द और दिल के दौरे का जोखिम 50 फीसदी तक बढ़ जाता है। सर्दियों में धूप हल्की और कम निकलने के कारण मानव शरीर में विटामिन डी की कमी भी हो जाती है। ऐसे में इस्केमिक हार्ट डिसीज, कंजस्टिव हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैं और लोग भी ज्यादा समय घर के अंदर ही बिताते हैं, इसलिए विटामिन डी की कमी ज्यादा होती है। सर्दियों में उचित मात्रा में धूप सेंकना बेहद जरूरी है। मेडीसिटी हॉस्पिटल के इलेक्ट्रोफिजीयोलॉजी एंड पेसिंग विभाग के चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह बताते हैं, इस मौमस में हम अक्सर बढ़ी उम्र के लोगों में सर्दियों से जुड़ा अवसाद देखते हैं। इससे तनाव बढ़ता है और हाइपरटेंशन होने से, पहले से कमजोर दिल पर और दबाव पड़ जाता है। वह कहते हैं, सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग ज्यादा चीनी, ट्रांसफैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगते हैं, जो मोटापे, दिल के रोगों और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है। इस मौसम में शरीर को गर्मी प्रदान करने के लिए दिल ज्यादा जोर से काम करने लगता है और रक्त धमनियां और सख्त हो जाती हैं। ये सब चीजें मिलकर हार्ट अटैक को बुलावा देती हैं। डॉ. सिंह का मानना है कि उम्रदराज और उन लोगों को, जिन्हें पहले से दिल की समस्याएं हैं, छाती में असहजता, पसीना आना, जबड़े, कंधे, गर्दन और बाजू में दर्द के साथ ही सांस फूलने की समस्या बढ़ जाती है। सर्दियों में ऐसे तकलीफों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनकी सलाह है कि नियमित रूप से व्यायाम करें और संतुलित व पौष्टिक भोजन लें, ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके। दोनों चिकित्सा विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस मौसम में अगर आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो दिल को सुरक्षित रखने के ख्याल से तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें। कुछ अन्य सलाह… -मौसम के हिसाब से जीवनशैली में बदलाव लाएं -ठंडे मौसम में कम थकान वाला व्यायाम करें -जॉगिंग, योग और एरोबिक्स करते हों, तो उसे जारी रखें -सुबह जल्दी और देर रात तक बाहर रहने से परहेज करें -सर्दियों में शराब और सिगरेट से दूर ही रहें तो अच्छा।  

खाने पीने की चीजों को ऐसे करें सेव

हिंदुस्तान में खाने को बर्बाद करना एक तरह से पाप माना गया है। यहां अन्न को देवता कहा जाता है। खाना बर्बाद करना यानी हम अपनी ही मेहनत की कमाई को बर्बाद कर रहें हैं। कई बार हम अपने दोस्तों को खाने पर बुलाते हैं और उनके लिए ढेर सारे व्यंजन बनाते हैं। लेकिन कई बार हमे अंदाजा नहीं होता है कि कितने लोगों के लिए कितना खाना बनना हैं, जिसकी वजह से खाना बच जाता है जो बाद में फेका जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसी ही टिप्स देने जा रहें जिससे आप खाने पीने की चीजों को बर्बाद नहीं करेंगें। प्लान करें अगर आप पहले से ही प्लान करके चलें तो आप काफी सामान बर्बाद होने से बचा सकती है। अगर आप बाहर खाना खाने जा रहें हैं, तो उसी के हिसाब से खाना पकाएं। और अगर खाना पका लिया है तो उसे फ्रिज में रखदें जिससे आप उसे अगले दिन खा सकें। ज्यादा पके हुए फलों को फेंके नहीं अगर आपके फ्रिज में ज्यादा दिन के पके हुए फल रखे हैं तो उन्हें फेंके नहीं, इनका आप जैम या जेल्ली बना सकते हैं। आप इनसे कोई अच्छी डिरिंक्स भी बना सकती हैं। बासी ब्रेड का यूज बासी ब्रेड के सूख जाने के बाद आप उसकी पुडिंग बना सकते हैं। इसी ब्रेड को आप ओवन में सेक कर, इसे जैम या शहद के साथ भी खा सकते हैं। सब्जियों को सम्भालना अगर आप बहुत सारी सब्जियां बाजार से लाई हैं, और कुछ बच गई है तो उन्हें फेंके नहीं, इन्हें सुखा लें और इनका आचार बना लें। या फिर इन सब्जियों को फ्राई कर लें और फ्रिज में रख दें। खट्टा दूध खट्टे दूध से आप पनीर बना सकते हैं, दूध में थोड़ा सिरका या नींबू ड़ालें और धीमी आचं पर दूध को गर्म कर लें। जब दूध फट जाएं तो इसका सारा पानी छान लें पनीर तैयार है। टमाटर अगर आप बहुत ज्यादा टमाटर खरीद लायी हैं तो घबराएं नहीं। इसको पीस कर प्युरे बना लें फिर इसमें शहद मिलाएं और अच्छे से गर्म कर लें जिससे उसका सारा पानी निकल जाएं।  

आपके लैपटॉप की लाइफ बढ़ाने के लिए 10 आसान टिप्स

अगर आपने नया लैपटॉप खरीदा है और आप चाहते हैं कि वह लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहे, तो आपको उसकी देख-रेख ठीक ढंग से करनी होगी। यह ठीक है कि शुरू के 1 या 2 साल तक लैपटॉप पर कंपनी वारंटी देती है और इस दौरान यदि उसमें कोई मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट आ जाए, तो कंपनी उसे ठीक भी कर देती है, पर उसके बाद भी आपका डिवाइस ठीक काम करता रहे, साफ सुधरा रहे, टूट-फूट से बचा रहे, यह सिर्फ आपके हाथ में है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी आसान टिप्स, जिनसे आप अपने लैपटॉप की लाइफ को बढ़ा सकते हैं।.. टैग लगाकर रखें गुम होने से बचाने के लिए लैपटॉप पर मार्कर से नाम और कॉन्टैक्ट नंबर लिख दें। ये जानकारी आप लैपटॉप के पीछे, डीवीडी ड्राइव के अंदर, पावर कॉर्ड, कीबोर्ड पर लिख सकते हैं। अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स के साथ लैपटॉप बैग पर लगेज टैग लगाकर रखें, ताकि गुम होने पर आपको संपर्क किया जा सके। इससे एक फायदा और है कि किसी मीटिंग में एक जैसे कई लैपटॉप होने पर भी आप अपने लैपटॉप की पहचान आसानी से कर सकते है। लैपटॉप की केयर करें लैपटॉप पर खाने-पीने के गंदे हाथ न लगाएं। चाय, कॉफी या पानी जैसी चीजें गिरने से सर्किट शॉर्ट हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें लैपटॉप के पास कोई भी इलैक्ट्रिक डिवाइस न रखें, क्योंकि उसमें से मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होती है जो आपके लैपटॉप को नुकसान पहुंचाती है। स्क्रीन का रखें ख्याल कई बार काम करते वक्त पेन की-बोर्ड पर रखकर भूल जाने से लैपटॉप के स्क्रीन को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि अगर ऐसे में की-बोर्ड बंद कर दिया जाए तो स्क्रीन खराब हो जाएगी। की-बोर्ड बंद करने से पहले हमेशा ध्यान दें कि इसके ऊपर कुछ न रखा हो। लैपटॉप बैग करता है टूट-फूट से सुरक्षा किसी भी सफर के दौरान लैपटॉप को एक अच्छी क्वालिटी के बैग में रखें। लैपटॉप जरा-सी ठोकर से भी टूट-फूट सकता है और लापटॉप की डेटा केबल, चार्जर और अन्य चीजें हमेशा बैग की अलग पॉकेट में रखें। लैपटॉप को रखें साफ-सुथरा लैपटॉप के स्क्रीन को हमेशा सॉफ्ट कपड़े से साफ करें। इसके लिए कभी भी विंडो क्लीनर का इस्तोमाल न करें। सफाई के लिए ड्रायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ करते वक्त सिर्फ उन कवर को हटाएं, जो आसानी से हटाएं जा सकते हैं। यूएसबी और चार्जर केबल को सीधा रखें कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद वायर्स को सीधा नहीं करते। उन्हें उलझा ही रहने देते है। ऐसे में वायर गर्म होती रहती है जिससे शॉर्ट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। लैपटॉप में पावर केबल लगाने के बाद ही पावर स्विच ऑन करें। कभी भी बिना स्विच को ऑफ किए प्लग न निकालें। डीवीडी ड्राइव लैपटॉप का डीवीडी ड्राइवर ध्यान से इस्तेमाल करें। एक जैसी डिस्क में कई बार लोग कंफ्यूज हो जाते है और उल्टी डिस्क लगा देते हैं। इसके कारण डीवीडी ड्राइव का लैंस खराब हो जाता है। ड्राइव में कभी भी टूटी या ज्यादा स्क्रैच वाली डिस्क का इस्तेमाल न करें। बैट्री की लाइफ बढ़ाएं बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए लैपटॉप चार्ज करने के बाद बैट्री को अलग रख दें अगर काम न करना हो तो। इसमें ऑटोलॉक सिस्टम होता है। जब भी काम करना हो उसे लगा लें। सॉफ्टवेयर्स लैपटॉप में हमेशा जरूरत अनुसार सॉफ्टवेटर्स रखें। सारे सॉफ्टवेयर्स ट्रस्टेड होने चाहिए और सिस्टम में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस होनी चाहिए ताकि पेन-ड्राइव या दूसरे सोर्स से आने वाले वायरस से प्रोटेक्ट किया जा सके। अपने डेटा को बचाने के लिए बैकअप जरूर रखें। मैंटेनेंस लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते रहने पर इसमें जंक फाइल और रजिस्ट्री में छोटी-मोटी फाइलें आ जाती हैं, जिसके कारण स्पीड स्लो हो जाती है। इससे निपटने के लिए महीने में एक बार डिस्क क्लीनअप और क्मतिंहउमदज जैसे टूल्स का इस्तेमाल जरूर करें। ये दोनों टूल्स विंडोज में मौजूद होते हैं। इन्हें स्टार्ट-प्रोग्राम-एक्सेसरीज पर जाकर ओपन किया जा सकता है।  

स्वास्थ्य के लिए वरदान है प्याज

भारतीय रसोई में प्याज का बड़ा ही महत्व है। बिना प्याज के हमारे यहां रसोई को अधूरा माना जाता है। ऐसी कम ही डिशेज होगी जो प्याज के बनती हैं। प्याज खाने में स्वाद तो बढ़ाता है ही, वही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी एक वरदान है। प्याज एक अत्यंत गुणकारी पौधा है जिसमें औषधीय गुण भी पाएं जाते हैं। लाल प्यामज में ढेर सारे पोषक तत्वन होते हैं, जो बड़ी से बड़ी बीमारियों को खत्म करने की शक्तिा रखते हैं। इसके अलावा इसमें ग्लूकोस भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। हरा प्याज चेहरे की झुर्रियों को दूर करता है। इसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके इलावा मसूड़ो में सूजन और दांत में दर्द होने पर प्याज के रस और नमक का मिश्रण लगाने से दर्द में राहत मिलती है।   सर्दी-जुखाम इसमें एंटी-फंगल और एंटीऑक्सीाडेंट गुण पाए जाते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से सर्दी-जुखाम और बुखार से राहत मिलेगी। प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चाटने से कफ की समस्या से जल्द ही निजात मिलती है। ब्लतड प्रेशर और दिल के लिए लाल प्यागज शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉणल को निकाल कर हृदय को रोगों से बचाता है। इसे नियमित खाने से हाई ब्लतड प्रेशर मेंटेन रहता है। कैंसर का इलाज प्याज कैंसर सेल को बढ़ने से रोकता है। यह प्रोस्टेलट और पेट के कैंसर होने के खतरे को भी कम करता है। खाली पेट रोज सुबह प्याज खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। गठिया का दर्द और सूजन में आराम कई बीमारियों की वजह से होने वाले शारीरिक दर्द और सूजन से भी यह राहत दिलाता है। अगर आपको अस्थ मा, एलर्जी या गठिया रोग है तो अभी से ही लाल रंग की प्याभज खाना शुरु कर दें। गठिया में सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करें। एंटी फंगल प्याज में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। यदि प्याज के बीजों को सिरका में पीसा कर दाद-खाज और खुजली में लगाए तो जल्दी ही आराम मिलता है। बालों के लिए फायदेमंद बालों में प्याज का रस लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और साथ ही बालें की चमक भी बढ़ती है। अगर रूसी की समस्याय है तो आप इसके रस को भी सिर पर लगा सकते हैं। यूरिन प्रॉब्लम्स अगर किसी को यूरिन प्रॉब्लम हो और रुक-रुक कर पेशाब आता है तो पेट पर प्याज के रस की हल्की मालिश करनी चाहिए। इसके इलावा दो चम्मच प्याज का रस और गेहूं का आटा लेकर हलुवा बना लीजिए। इसको गर्म करके पेट पर इसका लेप लगाने से पेशाब आना शुरू हो जाता है। पानी में उबालकर पीने से भी पेशाब संबंधित समस्या खत्म हो जाती है। पथरी की समस्या में लाभ अगर आपको पथरी की शिकायत है तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है। प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी की समस्या से निजात मिलता है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने-आप कटकर बाहर निकल जाती है।   इम्यूनिटी पावर बढ़ाए यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम बनाए रखता है। हरे प्याज में क्रोमियम होता है। इसीलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। यह ब्लडप्रेशर पर नियंत्रण करता है। लंबी उम्र के लिए प्याज खाने से कई शारीरिक बीमारियां नहीं होती हैं। इसके आलावा प्याज कई बीमारियों को दूर भगाता है। इसलिए यह कहा जाता है कि प्याज खाने से उम्र बढती है, क्योंकि इसके सेवन से कोई बीमारी नहीं होती और शरीर स्वस्थ्य रहता है।  

बच्चों को सिखाएं कामवाली बाई से बेहतर व्यवहार करना

अगर आप चाहते हैं की आपके बच्चे हर इंसान को एक जैसा ही ट्रीट करें। खासकर आपके घर में काम करने वाले लोगों को, तो यहां दिए गए कुछ टिप्स याद रखें… आपके घर में अगर फुल टाइम हेल्प है, जिसे आप परिवार का ही हिस्सा भी मानते हैं तो बच्चों को इनसे सही व्यवहार करना सिखाएं। कई बार बच्चे घर वालों की ही तरह इनसे भी बहुत फ्री हो जाते हैं और वैसे ही चिल्लाने लगते हैं जैसे घर के अन्य बच्चों पर चिल्लाते हैं। वे इन्हें फॉर-ग्रैंटेड लेने लगते हैं। ऐसे में एक बार बैठकर बच्चों को ठीक से समझाएं की अपने हेल्पर से कैसे पेश आना है। अपने बच्चों को सही मार्ग दिखाना आपका ही काम है। सभी पेरेंट्स जानते हैं की बच्चे जो देखते हैं कई बार वही करने भी लगते हैं। तो अगर आप किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं तो ये बात वे भी सीखेंगे। इतना तब नहीं सीखते जब आप बोलकर समझाते हैं। इसी तरह जब आपके बच्चे आपको अपने हेल्प से बद्तमीजी करते या बुरा व्यवहार करते हुए देखते हैं तो वे भी ऐसा ही करने लगते हैं। आपको अपने बच्चों को ये समझाना चाहिए कि क्योंकि आप अपने घर में काम करने वालों को सैलेरी देते हैं। इसका ये मतलब नहीं होता कि आपने उन्हें खरीद लिया है। इन्हें उसी तरह ट्रीट करें जैसे जॉब पर आपके मम्मी-पापा को किया जाता है, प्रोफेशनली और इज्जत के साथ। आप हर दिन अपने हेल्प से बेहतर व्यवहार करेंगे तो बच्चे भी वैसा ही सीखेंगे। इन दोनों हमारे देश में भी नैनी कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर बच्चों की परवरिश घर की नैनी ही कर रही है। क्योंकि आपका बच्चा ज्यादा वक्त नैनी के साथ बिताता है तो जब वो गलत व्यवहार करे तो आपकी नैनी को डांटने का अधिकार भी दें। सुबह से लेकर रात तक आपका बच्चा नैनी के साथ रहता है। इस वक्त के लिए नैनी ही डिफेक्टों पैरेंट होती हैं और बच्चे को उसकी हर बात माननी ही चाहिए। ऐसे में नैनी को ये बताएं की बच्चे के गलत व्यवहार पर उसे छोटी सजा भी दी जा सकती है और बच्चे को उसे मानना सिखाएं। बच्चा नैनी से बुरा व्यवहार करें तो भी नैनी उसे सजा दे सकती है। क्लासिज्म आज भी देश में हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है अपने बच्चे से बात करें। वैसे तो आपके व्यवहार से ही बच्चा बात समझेगा लेकिन फिर भी अगर उसे अलग से समझाना पड़े तो समझाएं कि जो हमसे अलग रहन-सहन वाले हैं उनसे भी समान व्यवहार करना चाहिए। बच्चे को समझाएं कि कैसे इनके बिना घर को संभाल पाना मुश्किल हो सकता है। घर में हेल्प हो तभी आप और आपके बच्चे साथ समय बिता सकते हैं, हॉलिडे पर जा सकते हैं। ये सब बातें बच्चों को जरूर समझाएं।  

जानिए कॉफी कैसे रखे आपको रोगों से दूर

एक नई रिसर्च का कहना है कि प्रतिदिन तीन कप कॉफी पीने से कुछ बीमारियों के कारण समयपूर्व मौत का खतरा कम हो सकता है। हावर्ड युनिवर्सिटी के टीएच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के अध्ययन में पता चला है कि कैफीन युक्त या कैफीन रहित दोनों तरह की कॉफी पीने के कई फायदे हैं। इससे होने वाले फायदों में दिल के रोगों, मस्तिष्क संबंधी रोगों और टाइप टू डायबिटीज से रक्षा शामिल है। इतना ही नहीं इस नए शोध में यह बात भी कही गई है कि कॉफी के इतनी मात्रा में सेवन से आत्महत्या का खतरा भी कम हो सकता है। हर चार साल पर जांच के साथ 30 साल तक चला शोध इस शोध से जुड़े मिंग डिंग ने बताया कि कॉफी में मौजूद बायोएक्टिव यौगिक इंसुलिन प्रतिरोध और प्रणालीगत सूजन को कम करते हैं। कॉफी पीने के प्रभाव को स्वीकृत भोजन पर आधरित प्रश्नों की सूची के आधार पर हर चार वर्ष के अंतराल में 30 वर्षों की अवधि तक जांचा गया है। इस जांच में प्रमाणित हुआ कि संयत कॉफी सेवन से दिल के रोगों, पर्किंसन्स जैसे मस्तिष्क संबंधी रोगों, टाइप टू डायबिटीज सहित आत्महत्या से मौत का खतरा कम हो सकता है। जाने कॉफी के फायदे… -कुछ लोग सोचते हैं कि कॉफी पीने से बच्चों का विकास रुक जाता है। जबकि हकीकत में शोधों में इस बात को खारिज किया जा चुका है कि कॉफी की वजह से बच्चों का वजन या लंबाई नहीं बढ़ती है। -रोजाना कॉफी पीने से सेहत खराब होती है, जबकि इसके उलट हर दिन कॉफी पीना आपको तरोताजा रखने में मदद देता है और आपकी सेहत भी अच्छी रहती है। -अगर रोजाना दो से चार कप कॉफी पी जाए तो ऐसे लोगों में स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। जबकि जो लोग बिल्कुल भी कॉफी नहीं पीते, उनमें यह खतरा बरकरार रहता है। -काफी पीने से लिवर कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। स्तन कैंसर और फेफड़ों के कैंसर में थोड़ी मात्रा में कॉफी पीना मददगार साबित हो सकता है।   -पार्किंसन और अल्जाइमर की बीमारियों में भी कॉफी काफी फायदेमंद पाई गई।  

स्मार्टफोन से डिलीट हुए ऐप्स से इस तरह डिसेबल करें एप ट्रैकर

ऐप डेवलपर्स आपके स्मार्टफोन्स में अनइंस्टॉल या डिलीट किए गए ऐप्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। ऐसा डेवलपर्स इन ऐप्स के साथ इंस्टॉल हुए एप ट्रैकर की मदद से करते हैं। अगर, आपको कोई ऐप पसंद नहीं आया और आपने उस ऐप को अपने फोन से डिलीट कर दिया तो ऐप डेवलपर्स को पता लग जाता है कि आपने अपने फोन से ऐप को डिलीट कर दिया है। इसके बाद ऐप डेवलपर्स आपको ट्रैक करके नोटिफाई करता है कि आप उस ऐप को फिर से इंस्टॉल करें। यह बात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सामने आई है। दोनों ही एंड्रॉइड और आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम के यूजर्स को ये ऐप ट्रैकर्स बार-बार इन ऐप्स को रिइंस्टॉल करने को कहती है। इन ऐप ट्रैकर्स के जरिए यूजर्स के डाटा लीक का खतरा बना रहता है क्योंकि ऐप डेवलपर्स के पास आपकी निजी जानकारियां पहुंच सकती हैं। इन एप ट्रैकर  को अपने स्मार्टफोन से हटाने के लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस तरह से हटा सकते हैं एप ट्रैकर…. सबसे पहले होम स्क्रीन पर मौजूद सेटिंग्स पर टैप करें। इसके बाद प्राइवेसी पर टैप करें। इसके बाद लोकेशन सर्विस पर टैप करें। इसके बाद सिस्टम सर्विसेज पर टैप। इसके बाद आप सिग्निफिकेंट लोकेशन्स पर टैप करें। अपने फोन का पासकोड, फेस आईडी या फिर फिंगरप्रिंट दर्ज करें। इसके बाद आप सिग्निफिकेंट लोकेशन्स ऑन या ऑफ स्विच पर टैप करें। जब स्विच का रंग ग्रे हो जाएगा तो समझ लिजिए की आप एप ट्रैकर  को डिसेबल हो गया है। एंड्रॉइड यूजर्स इस तरह डिसेबल करें एप ट्रैकर… सबसे पहले होम स्क्रीन पर मौजूद सेटिंग्स पर टैप करें। दिए गए विकल्पों में से लोकेशन पर टैप करें। यहां आपको रिसेंट लोकेशन रिक्वेस्ट्स मे गूगल का ऑप्शन दिखाई देगा, उस पर टैप करें। यहां परमिशन्स पर टैप करें।    

कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे। टिप्स नंबर-1 आपके पास है कौन-सा कनेक्शन वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं। टिप्स नंबर-2 स्टैंडर्ड कैसा हो? जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं। टिप्स नंबर-3 डुअल-बैंड आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा। टिप्स नंबर-4 यूएसबी पोर्ट्स यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं। टिप्स नंबर-5 मल्टीपल एंटीना राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।  

सीधे बालों को कर्ल करने के आसान तरीके

लड़कियो कि असली खूबसूरती का राज उनके बाल होते हैं। अपने बालों को नया लुक देकर जब आप खुद को एक नये अंदाज में देखते हैं तो इस खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होने लगता है। लेकिन बाल जब एक ही तरह के दिखते हैं तब आप खुद में बोरियत पन का अहसास करने लगते हैं। और फिर बाल अगर सिल्की स्ट्रेट हो तब तो कोई भी स्टाइल बना पाना और भी मुश्किल हो जाता है। इससे ज्यादा बोरिंग और क्या होगा कि आप कहीं भी जाए बस एक ही हेयर स्टाइल हो। कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्टी में जाने के लिए बालों को एक नया लुक देने के लिए आप पार्लर में न जाने कितना पैसे खर्च करते हैं लेकिन जैसे ही आप सैलून से बाहर निकलती हैं ये लॉक्स फिर से फ्लैट हो जाते हैं। इसीलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें फॉलो कर आप अपने घर पर ही इन कर्ल्स को ज्यादा टाइम तक टिका सकती हैं। सावधानियां:- बालों में ज्यादा कंडीशनर उन्हें और फिर सिल्की बनाता है और इससे बालों में कर्ल्स टिक नहीं पाते। इसीलिए कंडीशनर कम लगाएं। साथ ही हमेशा हेयर वॉश करने के अगले दिन ही बालों को कर्ल करें। क्योंकि ऐसे में बालों में नैचुरल ऑयल होगा, यदि आप बालों में कर्लिंग आयरन लगा रहे है तो ध्यान दे कि इससे पहले बालों में मूस लगा लें। एक बेसबॉल साइज जितना मूस लें और बालों की जड़ों से लेकर एंड्स तक लगाएं। ये आपके बालों के ऊपर एक कवच बनाएगा, जिससे कर्ल्स अच्छे से टीके रहेंगे। आप नारियल या आर्गन तेल भी लगा सकती हैं। बाल कर्ल बनाए रखने के तरीके… कर्ल और क्लिप-कुछ सेकेंड्स में कर्ली बाल पाने के लिए कई कर्लिंग रॉड्स और फ्लैट आइरन्स आती हैं। लेकिन कर्ल करने के बाद आपका अगला स्टेप होना चाहिए क्लिप। अगर आपके बाल बहुत कर्ल हैं तब तो ये बहुत जरूरी है। इसीलिए बालों को कर्ल करने के 5 सेकेंड बाद बालों से रॉड हटाएं और डकबिल क्लिप या बॉबी पिन लगा लें। 5 से 10 मिनट रूकें। अगर आप हीट डैमेज से बालों में होने वाले नुकसान के बारे में परेशान हैं तो रात भर सॉफ्ट स्पॉंज रोलर्स लगा कर सोएं। इससे आपको बिना बालों को डैमेज किए वही रिजल्ट मिलेगा। बालों से क्लिप खोलने के बाद बालों को उंगलियों से बिखेरें। आप कैसे भी कर्ल करें, हर बार उन्हें उंगलियों से ही बिखेरे, इससे कर्ल्स बालों में ज्यादा टाइम तक बने रहेंगे। आखिर में हेयर स्प्रे लगाएं, बस आप तैयार हैं।  

किचन को रीडिजाइन कर देते हैं कैबिनेट्स

कौन-सी हाऊसवाइफ नही चाहेगी कि उसका किचन सबसे अच्छा दिखे। यदि आप अपनी किचन को अलग लुक देना चाहती हैं तो जरूरी है कि उस में लगाई जाने वाली सभी चीजों पर खास ध्यान दिया जाए। यदि बात किचन कैबिनेट्स की करी जाए तो वे न सिर्फ चीजों को स्टोर करने के लिए जगह देते हैं, बल्कि किचन को स्टाइलिश लुक भी देते हैं। आज मार्केट में किचन कैबिनेट्स की ढेरों वैराइटीज उपलब्ध हैं। फिर चाहे बात कलर्स की हो या साइज की, आप इन्हें अपनी किचन के अकौर्डिंग सैट करा सकती हैं।   स्टेनलैस स्टील कैबिनेट्स यदि आप लकड़ी के कैबिनेट्स नहीं लगाना चाहतीं, क्योंकि आप के घर में दीमक जल्दी लग जाती है, तो आप स्टेनलैस स्टील कैबिनेट्स लगवा सकती हैं। ये आजकल काफी ट्रैंड में हैं। इन में न तो दीमक लगने का डर रहता है और न ही ये जल्दी गलते हैं। साथ ही स्टाइलिश लुक भी देते हैं।   स्टोरेज कैबिनेट्स आप की किचन के साथ कोई स्टोर नहीं है और आप को किचन का सामान रखने में दिक्कत होती है, तो आप किचन के लिए स्टोरेज कैबिनेट्स खरीदें। इस में दराजें और अलमारियां काफी बनी होती हैं, जिन में आप आराम से सामान रख सकती हैं। आप महीने भर का सामान भी इन में स्टोर कर सकती हैं, बस इन्हें खरीदते समय यह देख लें कि ये आप की जरूरत के अकौर्डिंग हैं या नहीं। आप इन्हें अपनी जरूरत के अनुसार डिजाइन भी करवा सकती हैं।   ग्लास कैबिनेट्स यदि आप अपनी किचन को अलग लुक देना चाहती हैं तो ग्लास कैबिनेट्स अपनी किचन में शामिल करें। इन की खासीयत यह होती है कि इन में बनी अलमारियों के दरवाजे ग्लास के होते हैं, जिस से आप को उन में रखा सामान आसानी से नजर आ जाता है। साथ ही यदि आप की क्रौकरी काफी स्टाइलिश है तो आप अलमारी में उन्हें लगवा कर किचन को अट्रैक्टिव लुक दे सकती हैं। इन की आप को ढेरों वैराइटियां और डिजाइन मार्केट में मिल जाएंगे। ग्लासेज को स्टाइलिश लुक देने के लिए इन पर डिजाइनिंग भी की जाती है।   मौडर्न कैबिनेट्स आज जमाना मौडर्न किचन का है। किचन में लगी हर चीज मौडर्न लुक में मार्केट में मिल रही है। यदि आप चाहती हैं कि आप के लिविंग और बैडरूम की तरह किचन भी मौडर्न लुक दे तो इस के लिए मार्केट में कैबिनेट्स के ढेरों डिजाइन और कलर उपलब्ध हैं। कैबिनेट्स की डिजाइनिंग में अलमारियों की शेप्स व कलर्स का वर्क काफी मौडर्न तरीके से किया जाता है। कुछ शैल्फ सामने की तरफ बनाई जाती हैं, जिन में आप कुछ डैकोरेटिव आइटम्स भी सजा सकती हैं। साथ ही इन में दराजों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि आप कंफर्टेबल हो कर उन को यूज कर सकें। इन में लाइट भी कुछ अलग तरह की यूज की जाती है जिस से आप की किचन काफी अट्रैक्टिव नजर आती है। किचन के हर सामान के लिए प्रौपर अलमारियां और दराजें डिजाइन की जाती हैं।   सिंपल कैबिनेट्स आप को अपनी किचन सिंपल ऐंड सोबर पसंद है तो सिंपल ऐंड सोबर लुक देते कैबिनेट्स मार्केट में आराम से मिल जाएंगे। ये जगह भी कम घेरते हैं और साथ ही इन में दराजें और अलमारियां भी कम बनी होती हैं। इस से आप को सामान ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती है। इन में ज्यादातर 1-2 कलर यूज किए जाते हैं ताकि किचन सिंपल नजर आए। इन के हैंडल भी बिलकुल सिंपल लुक में होते हैं।   खरीदते समय रखें ध्यान…. टाइप ऐंड स्टाइलः मार्केट में आप को कैबिनेट्स की ढेरों किस्में और स्टाइल मिल जाएंगे। लेकिन जरूरी है कि आप अपनी किचन के अकौर्डिंग कैबिनेट्स खरीदें। आप को सामान को रखने के लिए कितनी स्पेस चाहिए इस को ध्यान में रखते हुए भी आप इन्हें डिजाइन करवा सकती हैं। कैबिनेट्स फ्रेम्ड या फ्रेमलैस दोनों तरह के मिलते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के कैबिनेट्स लगवाना पसंद करती हैं।   मैटीरियलः किचन कैबिनेट्स में आप को कई तरह का मैटीरियल मार्केट में मिलेगा। यह देखना जरूरी है कि आप को किस मैटीरियल से अपनी किचन को अलग लुक देना है।अपने कंफर्ट और रेंज को देखते हुए आप इन्हें खरीद सकती हैं।   कलर्सः घर का कोई भी कोना हो, उस में कलर बहुत माने रखते हैं। किचन कैबिनेट्स आप अपनी किचन के कलर के अकौर्डिंग ले सकती हैं। कैबिनेट्स में कुछ कलर्स कौमन हैं जैसे व्हाइट, सिलवर, ब्राउन, ब्लैक जिन्हें आप बिना मैचिंग के भी लगवा सकती हैं। वैसे आजकल कलर कौंबिनेशन का भी काफी ट्रैंड है. 2 या 3 कलर का प्रयोग कर के कैबिनेट्स को अट्रैक्टिव बनाया जाता है।   टिकाऊः कैबिनेट्स खरीदते समय ध्यान रखें कि उन का मैटीरियल टिकाऊ हो। यदि लकड़ी का कैबिनेट है तो उस की लकड़ी अच्छी क्वालिटी की हो। यदि कैबिनेट स्टेनलैस स्टील का है तो वह भी बढ़िया क्वालिटी में हो। मार्केट में लाइट से ले कर हैवी सभी तरह की क्वालिटी आप को मिल जाएगी।  

सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपनाएं ये 5 तरीके

आज ट्रांजेक्शन के लिए लगभग हर व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग का यूज करता है,लेकिन यह बात परेशानी का कारण तब बन जाती है अगर आपका मोबाइल खो जाएं या चोरी हो जाएं। इसलिए थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए खतरे का अलार्म लेकर आ सकती है और ऐसे में जरूरत पड़ती है कि आप सोच-समझकर मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करेंः प्राइवेट इंफॉर्मेंशन का रखें ख्याल: मोबाइल बैंकिंग का यूज करते समय प्राइवेट इंफॉर्मेशन जैसे- अकाउंट नंबर, डेट ऑफ बर्थ, पासवर्ड, डेबिटध्क्रेडिट कार्ड और पैन कार्ड जैसी निजी जानकारियां गोपनीय रखें अन्यथा हैकर्स आपका बैंक अकाउंट हैक करके आसानी से आपको नुकसान पहुंचा देंगे, इसलिए जरूरत है फोन को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से सुरक्षित किया जाएं। पब्लिक वाइ-फाइध्ब्लूटूथ से बचें: अगर मोबाइल बैंकिंग का यूज कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि गलती से भी पब्लिक वाइ-फाइ व मोबाइल ब्लूटूथ का उपयोग न करें, क्योंकि इनके द्वारा वायरस आपके मोबाइल पर अटैक कर सकता है। इस खतरे से बचने के लिए आप मोबाइल में एंटी वायरस फायरबॉल और सेफ्टी सॉफ्टवेयर टाइम-टाइम पर अपडेट करते रहें। ब्राउजिंग हिस्ट्री का रखें ध्यान: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का यूज करते हैं तो तभी अपने स्मार्टफोन से ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट करते जाएं, इससे अगर फोन खो जाएं या हैक हो भी हो जाएं तो आपको नुकसान नहीं होगा। स्ट्रांग पासवर्ड लगाएं: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं क्या उसमें ऑटोलॉक लगाकर रखते हैं? सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपने मोबाइल में ऑटोलॉक जरूर लगाएं। इसके लिए आप कैरेक्टर, न्यूमैरिक और स्पेशल कैरेक्टर्स का 8 डिजीट वाला या उससे ज्यादा के कैरेक्टर का एक स्ट्रांग पासवर्ड चुनें। ट्रस्टेड साइट पर ब्राउजिंग करें: जब भी मोबाइल में ब्राउजिंग करें तो ध्यान रखें कि साइट विश्वसनीय हो, विशेषकर अगर आप गेम्स, एप्स, गाने और वीडियो डाउनलोड कर रहे हैं। बहुत बार देखा गया है कि किसी भी साइट से डाउनलोड करना महंगा साबित हो जाता है चूंकि डाउनलोडिंग के साथ-साथ वायरस अटैक का खतरा और बढ़ जाता है।  

एसिडिटी में जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

एसिडिटी एक बहुत ही आम समस्या है जो हर दिन किसी ना किसी को होती ही है। जब एसीडिटी होती है तब सीने और छाती में जलन होने लगती है। खाने का सही तरीके से पाचन नही होता है जिससे बाद में घबराहट, खट्टी डकारों के साथ गले में जलन सी महसूस होती है। अगर आपको एसिडिटी, पेट दर्द और गैस जैसी समस्या है तो जरूर आजमांए ये घरेलू नुस्खे और पाएं एसिडिटी से राहत। खाली पेट रोज सुबह नींबू पानी पियें। इससे आपके पेट में कभी भी एसिडिटी नहीं होगी। आप इसको पी कर अपना वजन भी घटा सकते हैं। ग्रीन टी चाय पीने की जगह पर ग्रीन टी पियें क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीटडेंट होता है जो इंफेक्शडन और एसिडिटी को जल्दग ठीक करता है। आप चाहें तो ग्रीन टी में नींबू का रस भी मिक्सह कर सकती हैं। एसिडिटी का पेट दर्द दूर करने के लिये फ्रिज में रखा ठंडा दूध बडे़ काम आ सकता है। अगर रात में एसिडिटी बनें तो ठंडा दूध पियें। एप्प ल साइडर वेनिगर एक गिलास ठंडे पानी में 1 छोटा चम्मठच एप्पबल साइडर वेनिगर मिक्सो करें और धीरे धीरे कर के पियें। इससे आपके पेट को राहत मिलेगी और इंफेक्शडन भी दूर होगा। छाछ या मठ्ठा छाछ में एक चुटकी नमक डाल कर पियें। आपको 5 मिनट में ही राहत मिल जाएगी। इसको बिना काली मिर्च डाले ही पियें। चावल का पानी चावल को खुले भगौने में पका कर उसका पानी निकाल कर उसमें नींबू का रस मिक्स। करें। इसे पियें और एसिडिटी से राहत पाएं।  

सॉफ्टवेयर के बगैर पेन ड्राइव पर लगाएं पासवर्ड

स्मार्टफोन गुम होने या चोरी होने पर उसका डाटा एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर का इस्तेमाल कर रिमोट एक्सेस से डिलीट कर सकते हैं मगर पेन ड्राइव खो जाए तब क्या करेंगे। ऐसी समस्या से बचने के लिए आप सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट कर देते हैं। मगर क्या आपको पता है कि पेन ड्राइव पर बिना सॉफ्टवेयर के भी पासवर्ड लगाया जा सकता है। वहीं स्मार्टफोन में भी बिना एप के अपने निजी फोल्डर ओर फोटो को छिपा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में… पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट करना बहुत ही आसान है। पासवर्ड सेट करने के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप में दिए गए ‘स्टार्ट’ पर क्लिक करें। इसके बाद  ‘कंप्यूटर पैनल’ में जाएं। यहां दाईं तरफ ऊपर की ओर ‘व्यू बाई’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करके  ‘लार्ज आइकन’ का चुनाव करें। इसके बाद बिटलाकर ड्राइव एनएन्क्रिप्सन पर क्लिक करें। नई स्क्रीन खुलने के बाद उसमें कंप्यूटर से जुड़ी हुई ड्राइव दिखाई देंगी। इसमें ‘पेन ड्राइव’ का विकल्प भी होगा जिसके सामने बिटलाकर लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें। ऐसा करने से नई विंडो स्क्रीन खुलेगी, जिसमें पेन ड्राइव के लिए पासवर्ड टाइप करना होगा। इसके बाद उस स्क्रीन पर ‘नेक्स्ट’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक कर दें और आगे बढ़ें। अब स्क्रीन पर दो विकल्प आएंगे जिसमें से ऊपर की ओर सेव द पासवर्ड लिखा मिलेगा उसे चुनें। इस प्रक्रिया के बाद यूजर की पेन ड्राइव आसानी से सुरक्षित हो जाएगी। बिना सॉफ्टवेयर के छिपाएं फोन के फोल्डर स्मार्टफोन में जितने एप होते हैं, उनकी संख्या शायद ही किसी यूजर को पता हो। फोन हैंग होने की असली वजह ज्यादा एप होना भी है। अगर आपके फोन में भी ऐसा ही है तो अपने फोन में से एक एप्लीकेशन एप लॉकर या फोल्डर लॉकर  डिलीट कर दें क्योंकि यूजर बिना ‘एप लॉकर’ से भी निजी फोल्डर फोन में छिपा सकते हैं। इसके लिए फोन के एप मेन्यू में जाएं। वहां दिए गए ‘फाइल मैनेजर’ पर क्लिक करके उसके अंदर जाएं। यहां आप एसडी कार्ड और इंटरनल मेमोरी का भी चयन कर सकते हैं, जहां पर अपनी फाइलों को छिपाना चाहते हैं। मेमोरी का चयन करने के बाद फोल्डर बनाएं। फोल्डर बनाने के लिए ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन बिन्दुओं वाले ‘सेटिंग’ के आइकन पर क्लिक करें। इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी जिस पर ‘न्यू फोल्डर’ लिखा होगा उस पर क्लिक करते ही नया फोल्डर बन जाएगा और उस पर नाम देने का विकल्प आएगा। ध्यान रहे कि फोल्डर का नाम देने से पहले पहले डॉट (.) अवश्य लगा दें। इसके बाद ‘ओके’ का विकल्प दबाएं। फोल्डर बनाते ही वह छिप जाएगा। फोल्डर को दोबारा देखने के लिए फोल्डर बनाने वाली जगह पर जाएं और वहां ऊपर की तरफ दिए गए ‘सेटिंग’ में जाकर शो हिडन फाइल का चुनाव करें। काम होने के बाद फोल्डर को दोबारा छिपाने के लिए सेटिंग में दिए गए हाईड हिडेन फाइल पर क्लिक करना होगा।    

इस तरीकों से घर बैठे करें फोन के स्पीकर को आसानी से क्लीन

जब भी आप स्मार्टफोन खरीदने का सोचते हैं तो आपके दिल दिमाग में यह सवाल जरूर आता है कि, स्मार्टफोन की लाइफ कम ही होती है, बहुत से बहुत 2 साल के बाद आपको अपना फोन बदलना ही पड़ेगा, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपका फोन नया ही रहता है बिल्कुल अच्छे से चल रहा होता है और फोन में छोटी-मोटी प्रॉब्लम आने लग जाती है, जो कि आपको काफी हद तक इरिटेट करने लग जाती है। इनमें से जो सबसे मेजर प्रॉब्लम देखने को मिलती है वह यह होती है कि फोन के सारे फंक्शन ठीक से काम कर रहे होते हैं, लेकिन फोन का वॉल्यूम आगे चलकर काम हो जाता है या आपके फोन से आवाज बहुत कम आती है। इसका नतीजा यह होता है कि किसी से फोन पर बात करने या फोन की स्पीकर में प्रॉब्लम होने से गाना सुनने में आपको बहुत समस्या देखने को मिलती है। कई बार लोग इस प्रॉब्लम को लेकर सर्विस सेंटर पहुंच जाते हैं और फोन को ठीक करने के चक्कर में काफी पैसा भी खर्च करते हैं, और कई बार ऐसा होता है कि एक प्रॉब्लम तो ठीक हो जाती है लेकिन जब सर्विस सेंटर से फोन वापस आता है तो कोई और प्रॉब्लम उसमें शुरू हो जाती है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किस तरीके से फोन में आने स्पीकर सम्बंधित परेशानियों को आप घर बैठे और अपने आप से ही ठीक कर सकते हैं। फोन की करें प्रॉपर सफाई कई बार ऐसा होता है कि फोन के स्पीकर के पास बहुत ज्यादा गंदगी जमा हो जाने के कारण स्पीकर से आवाज कम आता है, तो ऐसे में अगर आप स्पीकर की सफाई कर देते हैं तो काफी हद तक आपको ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। इसको करने के लिए आपको कोई भी सूखा हुआ टूथब्रश इस्तेमाल करना है और आप टूथब्रश की सहायता से स्पीकर के अंदर धीरे-धीरे करके साफ करते हैं तो काफी हद तक आप देखेंगे की गंदगी बाहर निकल रही है और ऐसा आपको हल्के हाथों से करना चाहिए। टूथब्रश के अलावा आप देखेंगे कि कई बार डिवाइस को क्लीन करने के लिए भी एक ब्रश आता है जो की काफी सॉफ्ट होता है, उस ब्रश की सहायता से भी अगर आप बाहर से ही फोन के स्पीकर को क्लीन करते हैं तो भी काफी हद तक आपको कम आवाज आने की समस्या में राहत मिलेगी और आपका फोन का स्पीकर पहले की मुकाबला काफी बेहतर परफॉर्म करता हुआ नजर आएगा। इसके अलावा आप कॉटन के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका इस्तेमाल करने के लिए आप थिनर या पेट्रोल में हल्का सा डीप कर लें और इससे धीरे-धीरे अगर आप फोन के स्पीकर को क्लीन करते हैं तो आसानी से क्लीन हो जाएगा। आप चाहे तो कॉटन बड से भी सफाई कर सकते हैं और इसे भी बड़ी ही आसानी से फोन का स्पीकर क्लीन किया जा सकता है। यह भी फोन के स्पीकर के अंदर से धूल और डस्ट को खींच निकालता है, इसके अलावा आप फोन के कवर को भी हटाकर क्लीन करते हैं, तो काफी हद तक आपकी साउंड की प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है, क्योंकि फोन के कवर के अंदर भी काफी मात्रा में धूल मिट्टी इकट्ठा हुई रहती है। इन सब के बावजूद भी अगर आपका स्पीकर अभी भी बढ़िया परफॉर्म नहीं कर रहा है, तो आपको अपने फोन को एक बार रीस्टार्ट करके देख लेना चाहिए, इससे क्या होता है कि कई बार सेटिंग में कोई गड़बड़ी हुई रहती है तो फोन जब रीस्टार्ट होता है तो कई बार यह प्रॉब्लम अपने आप सही हो जाती है।   ध्यान रहे आपको किसी भी तरीके का कोई भी स्प्रे फोन के अंदर स्पीकर पर नहीं स्प्रे करना है। आपको ड्राई ब्रश से ही इसे क्लीन करना है अगर ज्यादा दिक्कत है तो ही आप सर्विस सेंटर जाएं और अपने फोन को सही कराएं।  

डिप्रैशन से बचने के लिए खाएं ये 11 चीजें

काम में तनाव, पैसे की परेशानी, चिंता की वजह से कई बार लोग डिप्रैशन के शिकार हो जाते हैं। इस बीमारी से कुछ लक्षण होते हैं जैसे अचानक वजन बढ़ना या वजन घटना अनिद्रा या ज्यादा नींद आना, सैक्स इच्छा में कमी, मन में बार-बार खुदकुशी का ख्याल आना और रोजाना के काम न कर पाना आदि। जिस शख्स के अंदर ये लक्षण होते हैं वह काफी दर्दनाक और बुरे समय से गुजर रहा होता है लेकिन ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं है। सब्र से हर मुश्किल का हर निकलता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जो डिप्रेशन से लड़ने में मदद करते हैं। पालकः पालक भी डिप्रैशन से लड़ने के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें आयरन और मैग्नीशियम होता है जो दिमाग को शांत और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिडः जब भी आपको लगे कि आपको अवसाद हो रहा है तो ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अपने खाने में बढ़ा दीजिए जैसे मछली और वोलनट्स। मछली में आप सलमन, हेरिंग, लेक ट्राउट, सार्डिन, मैकेरल या टूना खा सकते हैं। बादामः बादाम में काफी मात्रा में मैग्नीशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत होता हैं। सिर्फ 100 ग्राम बादाम के पैक में 238 ग्राम मैग्नीशियम होता है, जो हमारी रोज की 67 प्रतिशत मैग्नीशियम की जरुरत को पूरा करता है। टमाटरः टमाटर खाने से आपका मूड बहुत अच्छा रहता है क्योंकि इसमें लइकोपीन नाम का एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में काफी मददगार साबित होता है। एक स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग सप्ताह में 2 से 6 बार टमाटर खाते हैं वे 46 प्रतिशत तक कम अवसादग्रस्त होते हैं। एवोकाडोः एवोकाडो में ओमेगा-3 और फोलेट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में मदद करता है। यही नहीं इसमें पोटेशियम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी पाया जाता है। जो भावनाओं को काबू करने में मदद करते हैं। ग्रीन टीः ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एमिनो एसिड पाया जाता है जो अवसाद से बचाती, इलाज करती और उसे बहार आने में भी मदद करती है इसलिए ग्रीन टी उन लोगों को जरूर पीनी चाहिए जो जल्दी मुसीबतों से घबराने लगते हैं। ब्लूबेरीः ब्लूबेरी में विटामिन सी पाया जाता है। 100 ग्राम ब्लूबेरी में 9.7 मिलीग्राम विटामिन सी होता है जो रोज का 15 प्रतिशत के बराबर है। साथ ही इसमें अधिक मात्रा में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर को अवसाद से दूर रखते हैं। साबुत अनाजः यह तो हम सभी जानते हैं कि साबुत अनाज हम सबके लिए कितने फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि यह अवसाद में बहुत लाभदायक सिद्ध होते है। इनमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो मूड स्विंग्स की परेशानी को रोकता है। नारियलः नारियल में शक्तिशाली इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो अवसाद से लड़ने में मदद करते हैं। रोज एक गिलास ताजा नारियल का रस पीएं या इसके तेल में बना हुआ भोजन खाएं। अंडेः अगर आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हैं तो आपको थकान और काम करने की शक्ति कम हो जाती है। अंडे में प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, कैल्शियम, विटामिन बी-6, पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है जो आपके एनर्जी के लेवल को बनाये रखता है।  

महिलाओं में कमर दर्द की ज्यादा शिकायत

सामान्य सर्दी के बाद, पीठ दर्द सभी उम्र के लोगों में होने वाली दूसरी सबसे प्रचलित समस्या है। सेवानिवृत्त शिक्षिका 60 वर्षीय आशा शर्मा सक्रिय जीवन जीती थीं जब तक कि उनके पीठ दर्द ने उन्हें व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय नहीं कर दिया। उन्होंने एक डॉक्टर से दिखाया जिन्होंने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। लेकिन श्रीमती शर्मा सर्जरी कराना नहीं चाहती थीं और उन्होंने वेंकटेश्वर अस्पताल में एक विशेषज्ञ से एक और राय लेने का विचार किया। उन्होंने वेंकटेश्वर हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी बिभाग से संपर्क किया जहां उन्हें सर्जरी के निर्णय लेने से पहले ट्रायल के तौर पर सेल्फ केयर की सलाह दी क्योंकि यह देखा गया है कि सेल्फ केयर से लगभग 50 प्रतिशत रोगियों को पीठ दर्द से राहत मिल जाती है। आज, वह अपने पैरों पर वापस खड़ी हो गई हैं। वेंकटेश्वर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पिंदर कुमार सचदेव कहते हैं, “सर्जरी उन लोगों के लिए सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जिनमें नर्व रूट पर दबाव पड़ रहा हो या रीढ़ की हड्डी अस्थिर हो गई हो।“ पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं न केवल कमर और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से ग्रस्त होती हैं, बल्कि उनकी समस्याएं भी गंभीर होती हैं। महिला की शारीरिक संरचना का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से तेजी से उनकी हड्डी का नुकसान होने लगता है और इसका खतरनाक भाग उम्र का बढ़ना है। आमतौर पर 30 वर्ष की आयु और रजोनिवृत्ति की शुरुआत के बीच, महिलाओं में हड्डी का घनत्व का और अधिक तेज़ी से कम होता है। “महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे डीजेनेरेटिव डिस्क रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह एक सामान्य बीमारी है जिसे रप्चर्ड डिस्क कहा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को धक्का देता है, तंत्रिका पर दबाव डालता है, जिससे हर्निएटेड या स्ल्पि्ड डिस्क हो जाती है।“ रीढ़ एक स्तंभ के रूप में कार्य करता है जो आपके शरीर के वजन को वहन करता है। यही कारण है कि रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वस्थ जीवनशैली रीढ़ की हड्डी में दर्द, कमर दर्द, इत्यादि का खतरा पैदा करती है। इस तरह के परेशान करने वाले दर्द और पीड़ा से बचने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सलाह दी गई हैं जिन पर अमल करने पर आपको फिट रहने में मदद मिलेगी। अपने शरीर की सुनो : आपका शरीर आपको संकेत भेजता रहता है कि चीजें अस्वस्थ हैं। लेकिन अधिकतर बार हम इन संकेतों को तब तक अनदेखा करते रहते हैं, जब कि बहुत देर न हो जाए। अपनी रीढ़ की हड्डी सीधे रखें : हमेशा सीधे खड़े हों और सीधे बैठें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बैठे होते हैं, तो यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि यह झुकती है। जब आप बैठे होते हैं तो आपके घुटने सही स्थिति में हो और आपके पैर फ्लैट हों। अपनी शारीरिक गतिविधियां जारी रखें : जब मांसपेशियां थक जाती हैं तो स्लचिंग (आगे झुक कर बैठना या चलना), स्लंपिंग (अचानक गिरना) और अन्य खराब मुद्राएं होने की अधिक संभावना होती हैं। इसके कारण, गर्दन और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिलैक्स्ड लेकिन समर्थित मुद्रा को बनाए रखने के लिए, अक्सर अपनी पॉजिशन बदलें। व्यायाम : रीढ़ की हड्डी को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए उन मांसपेषियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है जो रीढ़ की हड्डी को स्थिर करती हैं और आपको कुशलतापूर्वक चलने-फिरने में मदद करती हैं।  

अंकुरित अन्नों में निहित पोषण शक्ति

आहार से जीवन सरल बनता है। अन्न एवं वनस्पतियां हमारे काय-कलेवर का प्राण हैं। भोजन में प्राणशक्ति न हो, हमारी मूल ईधन ही अपमिश्रित हो तो कलेवर में गति कहां से उत्पन्न हो? आवश्यकता इस बात की है कि अन्न प्राणवान बने, संस्कार दे, शरीर शोधन एवं नव-निर्माण की दोहरी भूमिका सम्पन्न करे। अंकुरित अन्नों का आहार इस प्रयोजन की पूर्ति सरलतापूर्वक करता है। अपने प्राकृतिक रूप में किया गया आहार पोषण की दृष्टि से तो उत्तम होता ही है, साथ ही औषधि का भी काम करता है। इस दृष्टि से आहार विज्ञानियों ने अंकुरित अन्नों को बहुत उपयोगी पाया है। वे जब अंकुरित स्थिति में फूटते हैं,तब अभिनव एवं अतिरिक्त गुण सम्पन्न होते हैं। स्वास्थ्य संरक्षण के लिए विटामिन, खनिज लवण, चिकनाई, प्रोटीन एवं कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा का होना अनिवार्य माना गया है जो अंकुरित खाद्यान्नों में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से वानस्पतिक औषधियों के सेवन की तरह रक्त एवं धातुओं का शोधन होकर कायाकल्प का प्रतिफल सामने आता है। अंकुरित अन्न अतिरिक्त रसायनों से भरपूर होने के कारण जीवन-शक्ति के अभिवर्ध्दन एवं दीर्घायुष्य का लाभ साथ-साथ प्रस्तुत करते हैं। चूंकि अंकुरित अन्न-धान्य बिना आंच के प्राकृतिक रूप से तैयार होते हैं। अतः उनमें स्थित प्रोटीन, वशा, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट को हमारी आंतें सरलतापूवर्क अवशोषित कर लेती हैं और रक्त तथा शक्ति में उसका शीघ्र परिवर्तन हो जाता है। प्रायः सभी प्रकार के अन्नों को अंकुरित करके आहार के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है। गेहूं, चना, मूंग एवं मूंगफली जैसे अन्न खाने में स्वादिष्ट लगने के साथ ही पोषण एवं पाचन में उपयुक्त पाये गये हैं। जिनकी आंतें कमजोर हों, उनके लिए अंकुरण के पश्चात् थोड़ा उबला हुआ या उन्हें पीसकर देने से हितकारी सिध्द होता है पर जिनका पाचनतंत्र सबल हो, व्यायाम के अभ्यासी हों, उनके लिए चना और मूंगफली के अंकुरित दाने बहुत उपयोगी रहते हैं। साफ-स्वच्छ दानों को आवश्यकतानुसार पानी में भिगोकर लगभग 12 घंटे पश्चात् सूती कपड़े में बांधकर रख देने भर से अंकुरित भोजन तैयार हो जाता है। प्रयोगों में गेहूं के अंकुरों को सर्वाधिक उपयोगी पाया गया है। विख्यात आहार विज्ञानी डा. टामस ने इसे मनुष्य के लिए पूर्ण आहार बताया है। उनके अनुसार सभी आयु-वर्ग के लोगों के लिए यह एक उत्तम टॉनिक का कार्य करता है। बढ़े हुए अंकुरों को चबाकर या पीसकर छान लेने से पर्याप्त मात्रा में उपयुक्त विटामिन जैसे-राइबोफुलैफिन, थाइमिन, निकोटिनिक एसिड एवं आयरन, कैल्शियम आदि पोषण तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं। हरी पत्तीदार सब्जियों एवं दूध से भी अधिक स्वास्थ्यवर्ध्दक एवं रक्तशोधक इसे पाया गया है। ताजे अंकुरों में क्लोरोफिल की मात्रा अधिक होती है। फलो ंएवं सब्जियों की तुलना में इनसे 12 गुना अधिक पोषक-तत्व शरीर को प्राप्त होते हैं। द अमेरिकन जनरल आफ सर्जरी नामक प्रसिध्द पत्रिका में प्रकाशित शोधपूर्ण विवरण केअनुसार अंकुरित गेहूं कार्यक्षमता बढ़ाकर शरीर में रक्त-संचार की प्रािया को संतुलित करता है। रक्ताल्पता, अल्सर और पायरिया जैसे रोगों की अचूक दवा तो यह है ही, गर्भाशय, पाचन प्रणाली और त्वचा रोग भी इससे ठीक हो जाते हैं। पाश्चात्य चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान के जन्मजाता हिप्पाोटीज के अनुसार धान्यों का अंकुरण काल की ताजी हरी पत्तियां एक ऐसा पूर्ण आहार है, जिनसे उदरपूर्ति और चिकित्सा संबंधी उभयपक्षीय प्रयोजनों की पूर्ति होती है। पोषण के साथ-साथ शरीरशोधन का लाभ भी इससे मिलता है। इस संदर्भ में अमेरिका की सुप्रसिध्द महिला चिकित्सा विज्ञआन डा. एन. विग्मोर ने गहन अनुसंधान किया है। लम्बी अवधि तक किये गये विविध प्रयोग-परीक्षणों के आधार पर प्राप्त निष्कर्षों को उन्होंने अपनी कृति हवाई सफर, इ आन्सर तथा व्हीट ग्रास मेन्ना में प्रकाशित किया है। उनके अनुसार गेहूं का छोटा पौधा प्रकति का ऐसा अनुपम उपहार है, जो पोषक होने के सात ही उत्तम औषधि का काम करता है। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों का जीवनदायी रस सेवन कराकर उन्होंने कितने ही रोगियों की सफल उपचार किया है। इसे ग्रीन ब्लड भी कहा गया है। जब इतना सुन्दर विकल्प हमारे समक्ष है तो हम क्यों अभक्ष्य खाते व दूसरों को खिलाते हैं। प्रत्येक बीज के अन्दर पोषक तत्व सघनता के साथ संग्रहित रहते हैं। जल, वायु और उचित ताप का सान्निध्य पाकर बीज जाग्रत हो उठता है। अब तक वह प्रसुप्त अवस्था में था। प्रसुप्त अवस्था में उसमें प्राणतत्व की मात्रा कम थी, जाग्रत-जीवंत ही उसमें प्राणतत्व की मात्रा में आशातीत वृध्दि होती है, इसीलिए अंकुरित अन्न सेवन करने वाले को प्राणतत्व अधिक मात्रा में प्राप्त होता है। तला-भुना अन्य मृत होने के कारण पोषक तत्वों से हीन होता है और अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है, जबकि अंकुरित जीवित अन्न थोड़ी मात्रा में सेवन करने से ही पोषक तत्वों की पूर्ति करने में सक्षम होता है। इससे भोजन की बचत होतीहै। कम भोजन से अधिक व्यक्तियों के आहार की पूर्ति हो सकती है। प्रसुप्त बीज जब अनुकूल परिस्थितियां पाकर अंकुरित होता है तो मूलांकुर की वृध्दि होने लगती है। वृध्दि के लिए आहार की आवश्यकता होता है। इसी प्रयोजन की पूर्ति के लिए बीज के अन्दर भोजन एकत्रित रहता है। इस भोजन का पाचन होकर ही मूलांकुर को मिलता हैस जिससे उसकी वृध्दि होती है। एकत्रित भोजन को पचाने के लिए एंजाइम्स की आवश्यकता होती है। बीज के अंकुरण के समय बीज के अन्दर एकत्रित भोजन को पचाने वाले एंजाइम्स का निर्माण होता है। ये एंजाइम्स अंकुरित अन्न के सेवनकर्ता को भी प्राप्त होते हैं, जिससे ऐसे भोजन का पाचन आसानी से हो जाता है। वृक्ष पर ही पके ताजा फलों को मनुष्य का प्रथम श्रेणी का आहार माना जा सकता है, लेकिन इसके अभाव में हर प्रकार के उपयोगी द्वितीय श्रेणी का भोजन अंकुरित अन्न ही है, जो सहजता से गरीब, अमीर सभी के लिए प्राप्त हो सकता है। आवश्यकता है सकी उपयोगिता समझकर इसे अत्यन्त रुचिपूर्ण ग्रहण करने की और इसमें स्वाद अनुभव करने की।  

ऐसे जीतें सबका दिल

लाइफ चाहे प्रोफेशनल हो या पर्सनल, दोनों ही जगह आपका इंप्रेशन बेहद खास होना चाहिए। सुंदर व शालीन दिखना सिर्फ स्त्रियों का ही हक नहीं है। आज के पुरुष भी अपनी स्मार्ट पर्सनैलिटी को मेंटेन रखने के लिए बहुत मेहनत करते हैं। 1. कभी भी मील्स स्किप न करें। टाइम पर बैलेंस्ड डाइट लें। वीकली डाइट प्लान बनाना भी सही रहेगा। नियमित सैलेड व दही जरूर लें। 2. आप चाहे कितना भी व्यस्त क्यों न हों, िफजिकल एक्सरसाइज के लिए समय जरूर निकालें। ज्यादा नहीं तो वॉक की आदत ही डाल लें। 3. सिगरेट व ड्रिंक्स से दूर ही रहें। इन्हें अपनी आदत न बनाएं। दोस्तों या कलीग्स के दबाव में आकर ज्यादा न पीएं। जितना मैनेज कर सकते हैं, उतना ही लें। 4. प्रतिदिन कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं। इससे आपकी स्किन फ्रेश और ग्लोइंग रहेगी। साथ ही यह आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होगा। 5. समय पर सोने और जगने की आदत डालें। लेट नाइट पार्टीज या मूवीज के लिए अपनी नींद से समझौता न करें। हर चीज के लिए टाइम फिक्स करें। 6. समय पर शेविंग करवाएं। अगर आप हलकी दाढी या मूंछ रखते हों, तो उसे ट्रिम करवाते रहें। इसके लिए दिन निश्चित कर लें तो आसानी से याद रख सकेेंगे। 7. हलका लिप बाम लगाने से आपके होंठ मॉयस्चराइज रहेंगे। बाम बहुत ज्यादा न लगाएं, वर्ना ग्लॉस जैसा लुक आ जाएगा, जो कि अच्छा नहीं लगेगा। 8. जिम, ऑफिस, पार्टी से लौटे हों या सोकर उठे हों, शॉवर लेना न भूलें। इससे आप ताजगी और थकान से राहत महसूस करेंगे। 9. नाखूनों को नियमित कट व फाइल करते रहें। अपने पास फाइल र व क्लिपर रखें। गंदे नाखून नुकसानदेह हैं ही, सामने वाला भी गंदगी देखकर इरिटेट हो जाएगा। 10. अपना स्टाइल सेंस जरूर बनाएं। जो हाथ में आ जाए, बस उसे ही उठा कर न पहन लें। अवसर और समय के हिसाब से ड्रेसअप हों। 11. आपके कपडे सही फिटिंग के होने के साथ ही साफ और प्रेस किए हुए होने चाहिए। ढीले-ढाले या बहुत टाइट कपडे न पहनें। 12. पुरुषों को हमेशा उनके शूज से जज किया जाता है। उन्हें साफ व पॉलिश करके रखें। हर मौके के लिए अलग फुटवेयर रखें। 13. बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग स्मेलिंग परफ्यूम लगाने से बचें। सस्ते परफ्यूम का इस्तेमाल न करें। वह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। 14. अपने पोस्चर पर ध्यान दें। हमेशा सीधे होकर बैठें और काम करें। सही पोस्चर से न सिर्फ गर्दन, पीठ और कमर की सेहत ठीक रहती है, बल्कि इससे आपका आत्मविश्वास भी झलकता है। चाहें तो पोस्चर एक्सरसाइज कर सकते हैं। 15. आपके हैंडशेक करने के तरीके से भी आपका व्यक्तित्व पता चलता है। किसी से मिलते समय गर्मजोशी से हैंडशेक करें व मुस्कुराते हुए सामने वाले की आंखों में देखते रहें। 16. अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आता हो तो कॉटन की अंडरशर्ट पहनें। पैरों में पसीना आने की स्थिति में फुट पाउडर डालें। 17. चाहे दिन में काम कर रहे हों या रात में नाइट आउट, आपके कपडे थोडा-बहुत अस्तव्यस्त हो जाते हैं। बीच-बीच में उन्हें एडजस्ट करते रहें। 18. खाना खाने के बाद अपने दांतों का विशेष ध्यान रखें। हमेशा ब्रश करना संभव नहीं होता, इसलिए अपने पास माउथवॉश रखें। खाने के बाद मिंट माउथवॉश यूज कर सकते हैं। 19. किसी से बात करते वक्त हिचकिचाएं नहीं। अपनी बात स्मार्ट ढंग से रखें। मीटिंग में जाने से पहले तय कर लें कि क्या बोलना है। पॉइंट्स तैयार रखें, ताकि भूलने पर उन्हें देखा जा सके। 20. प्रेजेंटेशन देते समय ऑडियंस की आंखों में भी झांकेें। अपने पेपर्स और अन्य कागजों को एक फोल्डर में करीने से लेकर जाएं।  

वसीयत लिखते समय न करें ये गलतियां, वरना आ सकती हैं दिक्कतें

उम्र के एक पड़ाव पर आने के बाद अक्सर लोगों को अपनी संपत्ति का वारिश ढूंढना पड़ता है। हालांकि, अपनी संपत्ति का मालिकाना हक किसी दूसरे के हाथों में सौंपने के लिए व्यक्ति को वसीयत लिखनी जरूरी होती है। वसीयत एक कानूनी साक्ष्य होता है जो इस बात की पुष्टि करता है कि आपने अपनी संपत्ति का उत्तराधिकार किसे चुना है? अगर वसीयत न लिखी जाए तो उत्तराधिकारियों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। हालांकि, वसीयत लिखते समय आपको कई जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है। अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो भविष्य में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। इसी कड़ी में आज इस खबर के माध्यम से हम आपको उन जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका विशेष ध्यान वसीयत लिखते समय रखना चाहिए। आइए जानते हैं वसीयत लिखते समय आपको अपने चल और अचल संपत्ति की जानकारी विस्तार ढंग से देनी चाहिए। इसके अलावा आपको अपने बैंक खाते, प्रॉपर्टी की डिटेल्स, लॉकर नंबर आदि जानकारी वसीयत में ठीक से देनी चाहिए। इससे कंफ्यूजन पैदा नहीं होगी। वसीयत बनाते समय आपको एक काबिल एग्जीक्यूटर की जरूरत होती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आपकी वसीयत ठीक तरह से बंटी है। एग्जीक्यूटर को वसीयतकर्ता द्वारा नियुक्त किया जाता है। वसीयतकर्ता की मृत्यु के बाद एग्जीक्यूटर उसकी जगह लेता है। इस दौरान एग्जीक्यूटर यह सुनिश्चित करता है कि संपत्ति को वसीयतकर्ता की अंतिम इच्छा के अनुसार इम्प्लीमेंट किया जाए। वसीयत लिखते समय आपको हर पेज के नीचे अपने हस्ताक्षर करने चाहिए। हस्ताक्षर करने के बाद उसके नीचे ब्रैकेट में अपना नाम जरूर लिखें। आप जिस भाषा में हस्ताक्षर कर रहे हैं उसी भाषा में आपको साफ और स्पष्ट ढंग से अपना नाम नीचे लिखना चाहिए।

ज्यादातर भारतीय खा रहे हैं तय मात्रा से दोगुना नमक, जानिए इसके नुकसान

हाई सोडियम (नमक) वाली चीजों को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि नमक वाली चीजों के अधिक सेवन के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है जिसे हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है। पर इसके नुकसान सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं हैं, ये आदत आपमें किडनी की बीमारी, हड्डियों की कमजोरी को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। यानी शरीर को स्वस्थ और फिट रखना है तो आहार में नमक की मात्रा कम करना बहुत जरूरी है। ज्यादा नमक खाने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और इससे बचाव के लिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि हमें कितनी मात्रा में नमक खाना चाहिए? और कितना नमक नुकसानदायक हो सकता है। एक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में ज्यादातर लोग विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित मात्रा से दो-तीन गुना अधिक नमक खाते हैं। कहीं आप भी तो बहुत अधिक नमक का सेवन नहीं कर रहे हैं? कितना नमक खाना सेहत के लिए ठीक है? डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत के लिए वयस्कों को दिनभर में 4-5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। ये मात्रा एक चम्मच नमक के बराबर है।यहां समझना जरूरी है कि नमक के सेवन का मतलब सिर्फ भोजन में डालने वाले नमक से नहीं है। चिप्स, नमकीन, पैक्ड फूड्स, जंक फूड आदि में भी नमक की अधिक मात्रा होती है। इन सभी चीजों को मिलाकर एक दिन में एक टेबलस्पून से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। भारत में नमक की खपत अधिक इसी साल मई में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ की  वैश्विक रिपोर्ट में चिंता जताते हुए विशेषज्ञों ने कहा था कि भारतीय लोग तय मात्रा से बहुत अधिक नमक का सेवन करते हैं। रिपोर्ट में भारत को अत्यधिक नमक की खपत वाले शीर्ष 50 देशों में रखा गया है। स्वस्थ शरीर के लिए आदर्श मात्रा प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 5 ग्राम तक है, जबकि ज्यादातर लोग प्रतिदिन 11 ग्राम से अधिक नमक खाते हैं। बढ़ता जा रहा है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट कहती है, हर चार में से एक व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार हो सकता है। हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों के लिए प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। डॉक्टर कहते हैं, आहार में नमक की मात्रा कम करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जा सकता है। इस एक आदत में सुधार करके आप हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचे रह सकते हैं। कैसे जानें कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं ज्यादा नमक? स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बहुत ज्यादा नमक खाने के कारण आपको फौरी तौर पर कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है, जिसपर ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। ज्यादा नमक वाली चीजों के सेवन के कारण आपको पेट फूलने, ब्लड प्रेशर बढ़े रहने, पैरों में सूजन, बहुत अधिक प्यास लगने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अगर आपको भी इस तरह की दिक्कतों का अनुभव होता है तो नमक या वो चीजें खाना कम कर दें जिनमें नमक की अधिकता हो सकती है।

आज के समय में नौकरी कर रहा पारिवारिक जीवन को ख़तम

आज के जमाने में बढ़ रहे काम के बोझ के साथ पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना एक चुनौती बन गई है. जहां एक तरफ बढ़ती प्रतिस्पर्धा और जरूरतें के कारण लोग अपने करियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देने पर मजबूर हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पारिवारिक जीवन की जरूरतें अनदेखी होती जा रही हैं. सुबह से रात तक की व्यस्त दिनचर्या, देर से घर लौटने और काम से संबंधित तनाव का असर न केवल व्यक्तिगत मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि यह पारिवारिक संबंधों में भी दरार पैदा कर सकता है. इस संकट का मुख्य कारण है “वर्क-लाइफ बैलेंस” का अभाव. कई लोग अपनी नौकरी को प्राथमिकता देते हुए परिवार के सदस्यों के साथ बिताने वाले समय को कम करते जा रहे हैं. यह स्थिति बच्चों के विकास, दांपत्य संबंधों और परिवार के सामूहिक खुशी पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. शोध बताते हैं कि लंबे समय तक काम करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी खतरनाक तरीके से प्रभावित कर सकता है. कैसे नौकरी कर रही है पारिवारिक जीवन, 5 प्वाइंट में समझिए 1. कार्य का तनाव और मानसिक स्वास्थ्य काम का तनाव एक सामान्य समस्या बन गई है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो उच्च-प्रेशर वाले वातावरण में काम कर रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, यह तनाव व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है. तनाव के कारण व्यक्ति में चिंता, अवसाद, और थकान जैसे लक्षण विकसित हो सकते हैं. जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है, तो उसकी मानसिक स्थिति सीधे तौर पर उसके पारिवारिक जीवन को प्रभावित करती है. तनावग्रस्त व्यक्ति अक्सर अपने भावनात्मक और मानसिक संसाधनों को काम में लगाने के कारण घर लौटने पर थका हुआ महसूस करता है. इस थकान का नकारात्मक प्रभाव परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत पर पड़ता है. तनावग्रस्त व्यक्ति अक्सर अपने परिवार के साथ संवाद करने में संकोच करता है. वे ज्यादातर चुप रहना पसंद करते हैं या केवल जरूरत पड़ने पर ही बातें किया करते हैं, जिससे पारिवारिक बातचीत की गुणवत्ता घट जाती है.  इसके अलावा जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो वह अपने परिवार के सदस्यों से भावनात्मक रूप से भी दूरी बना लेता है. यह स्थिति रिश्तों में दरार का कारण बन सकती है. परिवार के सदस्यों को यह अनुभव हो सकता है कि उनका प्रिय व्यक्ति उन्हें सुन नहीं रहा या उनके प्रति उदासीन है, जिससे अवसाद और नकारात्मक भावनाएं बढ़ सकती हैं. 2. समय की कमी साल 2022 में किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 70% कामकाजी माता-पिता अपने बच्चों के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पा रहे हैं. यह समय की कमी परिवारों में असंतोष और संघर्ष को जन्म देती है. काम के कारण देर से घर लौटना, छुट्टियों का न लेना और परिवार के आयोजनों में भाग न लेना, सभी पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं. 3. सामाजिक जीवन का अभाव काम की व्यस्तता के कारण लोग अपने सामाजिक जीवन को भी अनदेखा करने लगते हैं. एक रिसर्च में पाया गया कि 60% लोग काम के कारण अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलने की योजना नहीं बना पाते. इससे व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे अकेलापन और अवसाद बढ़ सकता है. 4. बच्चों पर प्रभाव एक अन्य अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि जिन माता-पिता की नौकरी अत्यधिक मांग वाली होती है, उनके बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याएं बढ़ने की संभावना अधिक होती है. शोध से पता चला है कि ऐसे बच्चे ज्यादा समय तक अकेले रहते हैं और यह उनके सामाजिक विकास को प्रभावित करता है. 5.रिश्तों में तनाव काम के दबाव के चलते दांपत्य संबंधों में भी तनाव बढ़ता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि काम के कारण होने वाली समस्याएं विवाहित जोड़ों के बीच आपसी संघर्ष को बढ़ाती हैं. लगभग 50% जोड़े जो काम के तनाव का सामना कर रहे थे, उन्होंने बताया कि यह उनके रिश्ते में दरार का कारण बन रहा है. तो क्या है इसका समाधान वर्क-लाइफ बैलेंस: लचीलापन प्रदान करना- गलूप 2022 की एक अध्ययन में पाया गया कि लगभग 82% कर्मचारी लचीले काम के घंटे को प्राथमिकता देते हैं और इसे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार का एक प्रमुख कारक माना जा रहा है. कंपनियां भी वर्क फ्रॉम होम और फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स जैसी नीतियां अपनाकर अपने कर्मचारियों की उत्पादकता और संतोष बढ़ा सकती हैं. पारिवारिक अवकाश- अमेरिकन साइकोलॉजी एसोसिएशन 2021 की एक रिपोर्ट में अलग अलग शोधों के आधार पर बताया है कि पारिवारिक छुट्टियों में भाग लेने से कर्मचारियों की मानसिक स्वास्थ्य में 30% सुधार होता है. ऐसे में कंपनियां अपने कर्मचारियों को साल में या 6 महीने में इस तरह की छुट्टियां देने पर विचार कर सकती हैं जो कर्मचारियों को अपने परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दें. संवाद को बढ़ावा: नियमित पारिवारिक बैठक- जर्नल ऑफ फैमली साइकोलॉजी, 2020 की एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन परिवारों में नियमित संवाद होता है, वहां तनाव और अवसाद की दर 50% तक कम हो जाती है. ऐसे में हर व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिये कि भले ही पूरा दिन वो अपने परिवार के सदस्यों से नहीं कर पाए हों. लेकिन, सुबह का नाश्ता या रात का खाना एक साथ खाएं और इस बीच आपस में दिनभर की बातें साझा करें. फैमली रिलेशन 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार भावनाओं को व्यक्त करने वाले परिवारों में आपसी समझ 70% अधिक होती है, जिससे रिश्तों में तनाव कम होता है. यह परिवार के सदस्यों के बीच अधिक सहयोग और समर्थन को बढ़ावा देता है.

हनीमून के नए अंदाज और नई जगहें

अक्सर नवविवाहित जोड़े चाहते हैं कि उन्हें अकेले में वक्त बिताने का समय मिले और हनीमून के लिए भी जगह ऐसी हो जहां भीड़ न हो, शहर के शोर से कहीं दूर और बस वो दोनों और प्यार ही प्यार हो। गोवा, पेरिस, स्विट्जरलैंड, डिज्नी वल्र्ड ये सब पुराने हनीमून ट्रिप हो गए लेकिन अपने पार्टनर के साथ पहली ट्रिप के लिए आप अलग सी जगहें जा सकते हैं। कोस्टा रिका व बेलिज इन्हें दुनिया में सबसे तेजी से उभरते हनीमून स्थलों के रूप में बताया जा रहा है। चूंकि नए जोड़े अब बीच पर मस्ती के अलावा भी कुछ तलाश रहे हैं इसलिए मध्य अमेरिका में स्थित कोस्टा रिका व बेलिज तमाम तरह की गुंजाइश उपलब्ध कराते हैं। चाहे वह घने जंगल में पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर मचान से नीचे लटकने का आनंद हो या फिर झरने में नहाने का या माया सभ्यता के अवशेषों को देखने का। बीच तो खैर यहां एक से बढ़कर एक हैं ही। यहां आपको चार सौ डॉलर रोजाना की दर में हनीमून कॉटेज मिल सकती है। ट र्क्स एंड काइकोस अमेरिका में मियामी से एक छोटी सी उड़ान आपको यहां ले जाती है। सैलानियों के लिए यह जगह अपेक्षाकृत नई है। यहां के सफेद महीन रेत वाले बीच आपको ज्यादा सुकूनभरे लगेंगे। यहां के पानी के भीतर की कोरल रीफ भी आपको ज्यादा छेड़छाड़-मुक्त मिलेगी। यहां का पैरट के रिसॉर्ट तमाम सेलेब्रिटीज की पसंद है। यहां आपको 315 डॉलर प्रतिदिन की दर से कमरे मिल जाएंगे। यहां शैम्पेन की मस्ती के बीच गुलाब की पंखुड़ियां पर आप हनीमून मना सकते हैं। यह जगह सुकून से कुछ दिन बिताने के लिए उपयुक्त है। क्रोएशिया इसे हमेशा से यूरोप के सबसे खूबसूरत इलाकों में माना जाता रहा है। नब्बे के दशक में युद्ध ने इसे उजाड़ बना दिया था। लेकिन अब सैलानी फिर से एड्रियाटिक तट पर स्थित इस देश का रुख कर रहे हैं। इसका लंबा तट ही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। यहां आपको साइक्लिंग, गोल्फ, कैंपिंग, घुड़सवारी, क्लाइंबिंग, डाइविंग, फिशिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, एडवेंचर रेसिंग, गुब्बारे में उड़ान, आदि के लिए पूरा अवसर मिलेगा। धार्मिक पर्यटन और हेल्थ पर्यटन के भी यहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। सेंट लूसिया कैरेबियाई समुद्र के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक। पिछले कुछ समय से यह पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में रहा है लेकिन सैलानियों की संख्या अभी इतनी नहीं हुई है कि यहां की शक्लो-सूरत बदल दे। दरअसल अब भी यहां केले का व्यवसाय पर्यटन से बड़ा माना जाता है। यहां लोग सिर्फ और सिर्फ सुकून के लिए आते हैं। आपको ऐसे रिसॉर्ट मिल जाएंगे जिनमें न फोन है, न रेडियो और न ही टीवी। जेड माउंटेन रिसॉर्ट के कमरों में तो केवल तीन दीवारें हैं और चैथी दिशा में कमरा आपके निजी अंतहीन पूल में खुलता है जो आपको बेरोकटोक नजारा देता है। ऐसे कमरे आपको कई अन्य रिसॉर्ट में भी मिल जाएंगे। बोरा बोरा प्रशांत महासागर में स्थित फ्रांसीसी आधिपत्य वाला यह द्वीप कई दशकों से एक पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन रहा है। इसे सबसे लोकप्रिय द्वीप के तौर पर भी माना जाता है। यहां आने पर जन्नत का सा अहसास होता है। लैगून में पानी के बीच में बने बंगले बोरा-बोरा के ज्यादातर रिसॉर्ट की खासियत हैं। यहां से मिलने वाला नजारा और यहां की प्राइवेसी, दोनों ही दुर्लभ हैं। इस द्वीप की कुल आबादी नौ हजार से भी कम है। जाहिर है कि यहां के तमाम रिसॉर्ट में हनीमून पर आए जोड़ों को सहूलियतें देने की होड़ सी रहती है। कोई नाव से मुफ्त में लाने-ले जाने की सुविधा देता है तो कोई शैम्पेन के साथ कैंडललाइट डिनर। कोई क्रूज का आकर्षण पेश करता है तो कोई जोड़े के लिए बॉडी ट्रीटमेंट का। लेकिन सुविधाओं की कीमत भी है। आपकी सारी चीजें चाहिए तो तीन रात का पैकेज चार हजार डॉलर तक आपकी जेब हल्की कर सकता है। थाईलैंड यूं तो थाईलैंड अपने तटों के लिए दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। खास तौर पर फुकेट द्वीप में सैलानी उमड़े पड़े रहते हैं। लेकिन जो लोग समुद्र तट से उकता चुके हों, उनके लिए भी थाईलैंड में काफी कुछ हैं। जैसे कि गोल्डन ट्राइएंगल इलाका जहां थाईलैंड, बर्मा व लाओस मिलते हैं। यहां बीच भले ही न हो लेकिन जोड़े यहां नाव पर बैठकर नदी के रास्ते रिसॉर्ट में पहुंचते हैं, पूल व स्पा का मजा ले सकते हैं, मेकोंग नदी में क्रूज कर सकते हैं, पिकनिक मना सकते हैं या हाथियों के साथ खेल सकते हैं। रात में नदी किनारे कैम्पफायर करते-करते डिनर कर सकते हैं। यहां पुराने शहर हैं, प्राचीन मंदिर हैं, शॉपिंग के लिए बर्मा जाया जा सकता है। यहां के कई रिसॉर्ट में टेंटनुमा स्यूट का किराया प्रतिदिन हजार डॉलर से शुरू होता है। न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड आकार-प्रकार में ब्रिटेन व जापान सरीखा भले ही हो लेकिन इसकी आबादी महज चालीस लाख है। इस लिहाज से इसे दुनिया के सबसे कम भीड़-भाड़ वाले देशों में माना जा सकता है। लेकिन प्रकृति व संस्कृति के मामले में यह अपार है। ऐसी जगह, जहां आप साल में कभी-भी मौज-मस्ती के लिए जा सकते हैं, आपको चाहे सुकून भरे पल चाहिए हों या फिर रोमांचकारी रोमांस। यहां कई द्वीप ऐसे हैं जो आपको ऐसी प्राइवेसी देते हैं जो आपको शायद कहीं न मिले। बानगी देखिए कि बे ऑफ आईलैंड्स में एक रिसॉर्ट में केवल चार विला हैं और हर विला अपने आपमें एक मिनी होटल सरीखा है जहां किसी और को आने-जाने की इजाजत नहीं है। रोजाना 650 डॉलर में आपको अपना अलग पूल, जैक्वेजी, और चारों तरफ कांच लगा स्नानघर मिलेगा। स्कॉटलैंड अगर आप ठेठ अंदाज और महलों-किलों के शौकीन है तो आपके हनीमून के लिए स्कॉटलैंड से बेहतर जगह कुछ नहीं.. खास तौर पर यदि आपको वहां के कुछ चुनिंदा कैसल यानी पुराने महलों में टिकने की जगह मिल जाए जो अब होटलों में तब्दील हो चुके हैं। इनके किराये प्रति रात 600 डालर से शुरू होते हैं। स्कॉटिश हाईलैंड्स में स्कीबो कैसल में तो मैडोना व गाय रिची ने शादी रचाई थी। यह कैसल इतना खास है कि इसमें महज 21 बेडरूम हैं और कोई मेहमान इनमें से किसी एक बेडरूम में जीवनकाल में … Read more

10 फ्री एंड्रॉएड एप्प जो बच्चों के साथ बड़ों को भी आएंगी पसंद

वो कहते हैं न बड़े मियां तो बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्ला आजकल के बच्चों को देखकर कभी-कभी हैरानी होती है। बड़ों की देखा देखी अब बच्चे खिलौनों की जगह गैजेटों से खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। फिर वो भले ही आपका स्मार्टफोन हो या फिर टैबलेट, ज्यादातर लोग अब एंड्रॉएड स्मार्टफोन की ओर अपना रुख कर रहंे है, अगर आप अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं या फिर खुद कभी बच्चा बनने का मन करता है तो अपने फोन में कुछ मजेदार एप्प डाउनलोड कर सकते हैं, वैसे तो ये एप्लीकेशन खासकर बच्चों के लिए हैं लेकिन आप भी इन एंड्रॉएड एप्लीकेशन को फुल इंज्वाय कर सकते हैं। पंचतंत्र: बचपन में हम सभी ने पंचतंत्र की कहानियां सुनी होंगी। पंचतंत्र की कहानियों में कुछ न कुछ सीख जरूर दी जाती है जो आपके बच्चों के लिए काफी जरूरी है गूगल प्ले स्टोर में पंचतंत्र कई वॉल्यूूम में फ्री डाउनलोडिंग के लिए उपलब्ध है जैसे द विनिंग ऑफ फ्रेंड क्रोज एंड आउल लॉस ऑफ गेन। किड्स नंबर और मैथ लाइट: ये एक फ्री एप्लीकेशन है जो प्री स्कूल में जाने वाले बच्चों की मैक स्किल को डेवल करने में काफी मदद करती है। एप्लीकेशन में कई नंबर और इंग्लिश के शब्द दिए गए हैं इसके साथ स्पेनिश, रशियन जर्मन जैसी भाषाओं की जानकारी भी एप्लीकेशन में मौजूद है। मैथ विद भीम: छोटा भीम भारत में बच्चों के सबसे पॉपुलर शो में से एक है, मैथ विद भीम एप्लीकेशन में छोटा भीम अपने दोस्तों के साथ कई तरह की चीजें बताता है तो 1 साल से लेकर 5 साल तक के बच्चों को पसंद आएंगी। एप्लीकेशन में हिन्दी और इंग्लिश दोनों तरह के लेंग्वेज ऑप्शन मौजूद है। हिन्दी फ्लैश कार्ड: हिन्दी वॉल फ्लैशकार्ड में आपका बच्चा कई तरह के शेप और साउंड के साथ साथ नई वॉक्यूबलरी सीख सकता है। एप्प में कई तरह के एनिमेशन भी दिए गए हैं तो बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करते हैं। नर्सरी राइम: नर्सरी राइमस एप्प में कई तरह की रिंगटोन दी गईं है जो बच्चों को पसंद आएगी। इसके अलावा कई शब्दों की रिकार्डिंग भी मौजूद है जो बच्चों के विकास में काफी मदद करेंगे। नर्सरी राइमंस (हिन्दी): पिछली एप्लीकेशन की तरह इसमें में आप कई तरह की राइमस डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन पिछली एप्पलीकेशन में अंग्रेजी भाषा का ऑप्शन था जबकि इसमें आप हिन्दी में राइमस डाउनलोड कर सकते हैं। किड्स स्टोरी थ्रस्टी क्रो: बचपन में क्रो की स्टोरी तो आप सबने सुनी होगी जिसमें कोवा पानी पीने के लिए घड़े में कंकड़ डालता है और पानी ऊपर आ जाता है। इसी तरह कई और स्टोर को आप किड्स स्टोरी थ्रस्टी क्रो एप्प की मदद से अपने फोन में डाउनलोड कर सकते हैं वो भी बिल्कुल फ्री। अर्थमेटिक फॉर किड: अर्थमेटिक का नाम का सुनकर भले ही हम सब के पसीने छूट जाते हो लेकिन अगर आप अपने बच्चों को अर्थमेटिक के कुछ तरीके फन के साथ सिखाना चाहते हैं तो अर्थमेटिक फॉर किड आपके बच्चों को पसंद आएगी, एप्प में कई तरह की बेसिक मैथ स्किसल दी गईं हैं। किड्स शेप प्री स्कूल: किड्स शेप प्री स्कूमल एप्लीकेशन में आपके बच्चे कई तरह के अलग-अलग शेप डिजाइन कर सकते हैं। फ्रूट शेप कलर वेज फॉर किड: फ्रूट शेप कलर वेज फॉर किड एक एजुकेशनल एप्लीकेशन है जिसमें फलों के रंग उनके आकार से जुड़ी सारी जानकारियां दी गई हैं एप्लीकेशन में कई सीरीज भी दी गई हैं।  

फ्लू या हर्पीस इंफेक्शन का शिकार हुए हैं तो सालों बाद आप डिमेंशिया के रिस्क की गिरफ्त में आ सकते हैं: शोध

फ्लू (flu)ऐसा सीजनल इंफेक्शन है जो ज्यादातर लोगों को हो जाता है. लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि फ्लू, हर्पीस (herpes) संक्रमण या रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट जैसे संक्रमण डिमेंशिया (dementia)के रिस्क को बढ़ा सकते हैं. जी हां, हाल ही में पब्लिश एक स्टडी में कहा गया है कि फ्लू और हर्पीस जैसे संक्रमण ब्रेन अट्रॉफी और डिमेंशिया से जुड़े हैं और अगर संक्रमण लगातार बने रहें तो डिमेंशिया के रिस्क बढ़ जाते हैं. इस स्टडी में उन जैविक कारकों का भी संकेत दिए गया जो न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीज में योगदान करते हैं. नेचर एजिंग में छपी इस स्टडी में अल्जाइमर बीमारी और डिमेंशिया के बारे में एक उपयोगी डेटा प्रदान किया गया है. फ्लू और हर्पीस इन्फेक्शन से बढ़ सकता है डिमेंशिया अन्य स्टडी में पता चला है कि फ्लू के शॉट्स और शिंगल्स वैक्सीन के जरिए डिमेंशिया के रिस्क को कम किया जा सकता है. फ्लू और हर्पीस जैसे संक्रमण आगे जाकर स्ट्रोक और दिल के दौरे के भी कारण बन सकते हैं. स्टडी में कहा गया है कि कुछ गंभीर संक्रमण जैसे फ्लू, हर्पीस और सांस की नली का इन्फेक्शन मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. यहां तक कि छोटे मोटे इंफेक्शन भी दिमाग की सोचने और समझने की प्रोसेस को इफेक्ट कर सकते हैं. इससे दिमाग के व्यवहार करने का तरीका भी बदल सकता है. जबकि गंभीर संक्रमण दिमाग की क्षमता और इम्यून रिस्पांस के लिए कतई अच्छा नहीं है. स्टडी में कहा गया है कि ये सोचा जाना कि कोई संक्रमण न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीज में बड़ी भूमिका निभा सकता है, फिलहाल संभव नहीं है लेकिन कोरोना महामारी के बाद इस बारे में सोचा जाने लगा है. वैस्कुलर डिमेंशिया का रिस्क बढ़ता है इस स्टडी में जिन संक्रमणों की जांच की गई, इनमें फ्लू, हर्पीस, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और स्किन इंफेक्शन शामिल हैं. ये सभी ब्रेन लॉस यानी ब्रेन अट्रॉफी से जुड़े पाए गए हैं. स्टडी में कहा गया है कि ये संक्रमण तुरंत डिमेंशिया के खतरे को नहीं बढ़ाते हैं. इनके होने के सालों बाद डिमेंशिया और अल्जाइमर के जोखिम बढ़ जाते हैं. ये बढ़ा हुआ रिस्क वैस्कुलर डिमेंशिया से जुड़ा है. वैस्कुलर डिमेंशिया अल्जाइमर के बाद दूसरे सबसे बड़े मनोभ्रंश के रूप में पहचाना जाता है क्योंकि ये दिमाग में खून के रुकने से होता है. 

कॉफी पिएं और रहें डिप्रेशन से दूर

कई सारे काम एक साथ संभालते-संभालते आप पर तनाव हावी होने लगता है। जिसके कारण आप चिड़चिड़े हो जाते हैं और कोई काम पूरे मन से नहीं कर पाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे एक कप कॉफी आपकी मदद कर सकती है। शोध के अनुसार कॉफी सिर्फ तरोताजा ही नहीं रखता बल्कि वह याददाश्त मजबूत करने के साथ तनाव के असर को भी कम करती है। कैफीन दिमाग के एक मैकेनिज्म को ब्लॉक कर देता है जो शरीर में तनाव के विभिन्न लक्षण पैदा करता है। इस मैकेनिज्म के ब्लॉक होने पर तनाव के लक्षण दूर हो जाते हैं। ये इस बात के संकेत हैं कि कैफीन का एंटीडिप्रेसिव असर होता है और वह सोचने की ताकत बढ़ाता है। शोधकर्ताओं की मानें तो नियमित तनाव के कारण लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं, वे डरने लगते हैं और कोई फैसला लेने की हालत में नहीं रहते। वे ठीक से सोच नहीं पाते, ये सब तनाव के चलते होता मुख्य नतीजे हैं। दरअसल तनाव पैदा करने वाला तत्व आडेनोसिन दिमाग की कोशिका के एक ज्वाइंट से जुड़ जाता है। इससे तनाव के लक्षण पैदा होते हैं। यदि कैफीन तनाव पैदा करने वाले तत्व को दबा दे तो तनाव के लक्षण पैदा नहीं होते।  

सर्दियों में फेफड़ों की सुरक्षा के लिए जानें 5 जरूरी टिप्स

समुद्र के मौसम में जैसे-जैसे तापमान गिरता है, कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है। शुष्क और शुष्क हवा, ही मौसम के बदलावों के साथ, इस समस्या को और बढ़ा सकती है। यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी के ट्रांसपोर्टिंग डायरेक्टरेट डॉ. पी.एन. अरोरा के, जब विषाणु वायु हमारे फेफड़ों में प्रवेश करती है, तो यह सांस लेने की क्षमता को प्रभावित करती है। इससे खांसी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन प्रमाणित से सही के लिए सावधानी बरतना और उपाय अपनाना जरूरी है। डॉक्टर के अनुसार, समुद्र में हवा फेफड़ों के लिए मुश्किल हो सकती है। यह हमारी सांस लेने की नली को व्यवस्थित कर देता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अवांछनीय और शुष्क हवा से एलर्जी और संक्रमण भी बढ़ सकता है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम अपने फेफड़ों को सुरक्षित रखने के उपाय करें। तटीय क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर सबसे बड़ी समस्या है। कूड़े और कूड़े के कण, जो पहले से ही फ़्लोरेग पर और दबाव डालते हैं, इस समय अधिक सक्रिय हो जाते हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए, वैधानिक हवा को उनकी प्राथमिकताओं में शामिल किया जा सकता है। असाध्य और साबुनयुक्त हवा में सांस लेना वर्जित है, बल्कि यह फेफड़ों में सूजन और संक्रमण का कारण भी बन सकता है। इम्युनिटी हो जाती है फ़्राईड इसके अतिरिक्त, रेज़्यूमे में कम सक्रिय रहने से हमारी इम्युनिटी फ़्राई हो जाती है। शारीरिक विकलांगता में कमी के कारण शरीर की बीमारी की क्षमता समाप्त हो जाती है, जिससे क्लासी बुखार और इंजेक्शन-जुकाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सक्रिय रहने से न केवल फेफड़ों की सेहत में सुधार होता है, बल्कि इससे समग्र स्वास्थ्य भी कायम रहता है। अपने फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नियमित व्यायाम करें, मौसमी आहार का सेवन करें, और खुद को स्टॉक करें। हाइड्रेशन फेफड़े को नाम रखने में मदद मिलती है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है। यदि किसी व्यक्ति को समुद्र में सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। प्रारंभिक उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। इसके अलावा, अपने पर्यावरण को साफ-सुथरा रखना, गंदगी और सजावट से दूर रहना, और स्वस्थ व्यक्ति अपनाना फेफड़े की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस बात का ध्यान रखें, समुद्र में सांस के सपने आम हैं, लेकिन इसके बारे में सलाह और उपाय करना बहुत जरूरी है। अपने फेफड़े को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदमों के लिए जरूरी कदम। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और डॉक्टर की सलाह लेकर आप इस मौसम में भी अपने फेफड़ों की सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

वनप्लस 13 के लीक हुए फीचर्स और स्पेसिफिकेशन

वनप्लस 12 सीरीज की डॉक्युमेंट्री के बाद कंपनी अपनी नई सीरीज को भारतीय बाजार में बेचने की तैयारी कर रही है। वनप्लस 13 के नाम से नई सीरीज की भारत में एंट्री। लेकिन इससे पहले ही कंपनी ने चीन में वनप्लस 13 लॉन्च कर दिया है। अभी इसका फर्स्ट लुक भी सामने आया है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी जानकारी वाले हैं। क्योंकि इसकी पहली झलक इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। यह क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट लॉन्च करेगा, जो स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 की जगह लेगा और एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करेगा। उल्लेखनीय है कि स्नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट में भविष्य के कई शानदार उपकरण शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले लॉन्च हुए एक अनबॉक्सिंग वीडियो और टीजर वीडियो में इस लाइक का फ्लैश देखने को मिला है। वनप्लस 13 के प्रमुख लॉन्च में इसकी दूसरी पीढ़ी का तियांगोंग कूलिंग सिस्टम शामिल है, जो मल्टीटास्किंग के दौरान उत्पन्न होने वाली गर्मी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कूलिंग सिस्टम 9924mm2 के वेपर कूलिंग चेंबर का उपयोग करता है, जिसमें अलग-अलग पार्ट 2K ग्रेफाइट शीट और थर्मल कंडक्टिव जेल तकनीक का समावेश है। कंपनी का दावा है कि यह उन्नत कूलिंग सिस्टम अपने पूर्ववर्ती की तुलना में 7 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। वनप्लस 13 में मिलेंगे ये धांसू फीचर्स- डिजाइन पर कहा जा सकता है कि कंपनी ने काफी काम किया है। साथ ही फोन में कूलिंग टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता को अधिक फोन करने पर भी कोई परेशानी नहीं होने वाली है। आम तौर पर प्राइवेट लिमिटेड उपभोक्ताओं के लिए थोड़ी परेशानी देखी जाती है। लेकिन कंपनी ने इसे बहुत दूर कर दिया है।

फेस्टिवल सीजन के लिए कैसे तैयार हों: जानें मेकअप टिप्स

उत्सव में ही हम सभी हर तरह की पार्टियाँ शुरू कर देते हैं, फिर से वो घर की सफाई हो जाती है या फिर अपने कपड़े, जूलरी और बाकी चीज़ें बिखर जाती हैं। क्योंकि हर लड़की चाहती है कि वो सबसे खूबसूरत भी दिखे और सबसे ज्यादा मेकअप भी न करे, एकदम मीरा राजपूत कपूर की तरह। हर लुक में इतनी मिनिमम और क्लासी होती है कि लड़कियाँ ऐसी ही तैयार रहती हैं। इसलिए आज हम…नहीं-नहीं, खुद मीरा राजपूत आपको सजना-संवरना सिखाने वाली हैं। जी हां, साल 2021 में मीरा ने अपनी सेल्फी पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्हें फेस्टिवल मेकअप टिप्स दी थी। ये बाला आज भी अपने प्रोफेशनल टिप्स को फॉलो करती हुई मेकअप करती है। तो लड़कियाँ आओ आप और हम, दोनों सिखा रहे हैं मीरा से मेकअप करने का तरीका। मीरा ने किया सन टैन के साथ मेकअप मीरा ने रील शेयर करते हुए दावा किया कि ‘काश में सही से और अच्छी लाइट में ये शूट कर गर्लफ्रेंड थी, लेकिन मजा करने में बिजी थी।’ वो आगे लिखते हैं कि ‘आप ये बता सकते हैं कि वेबसाइट में किसी ने कितना इंजॉय किया होगा, जो सनबर्न देखने वालों को पता चल रहा है।’ ‘मैं फेस्टिवल सीजन की शुरुआत में वापस आया और महसूस किया कि मेरे नाम के मेकअप रूटीन में बदलाव की जरूरत है, और मैं इससे दूर नहीं भागना चाहता था।’ अपनी टैनिंग को एन्जॉय करते हुए मीरा ने लिखा कि ‘मैं सैंड किड्स लुक का आनंद ले रही हूं और कोई भी किसी के साथ सुंदर दिख सकता है।’ मीरा ने मेकअप बेस पर रखी लाइट क्रीम लगाने के बाद मीरा ने अपना स्टेप टू स्टेप लिपस्टिक लगाने के बाद लिखा कि उन्होंने पहले मोल्ड अर्थ शेड वाली सीसी क्रीम का इस्तेमाल किया था। इसे ब्लाइंड करने के बाद उन्हें थोक व्यापारी मिल गए। आप भी इसी तरह अपनी त्वचा टोन के खाते से सीसी क्रीम चुन सकते हैं। साथ ही आपके लुक को एस्थेटिक टच दिया जा सकता है। फिर ब्लश क्रीम के इस्तेमाल के बाद मीरा ने अपने पसंदीदा बाम का इस्तेमाल किया, जो ब्लश, लिप्स, फेस, टिंट और एवियरी का काम करता है। मीरा ने बताया कि ये सिर्फ त्वचा के ग्लो को बढ़ाएगा। इसके बाद आपको फेसपर की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप भी ऐसे ही टिंट बाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। ​ आई मेकअप की गई मिनिमल मीरा ने अपनी आंखों को मिनिमल लुक देते हुए लाइट ब्राउन शेड और पिंकिश आई शैडो का इस्तेमाल किया। साथ ही उन्होंने स्मोकी आई के काजल और मस्कारा लगाए। साथ ही बर्नहों पर आइब्रो पेंसिल का उपयोग किया जाता है। बस इतना सा ऐ सा आई साकी मीरा की तरह आपकी खूबसूरती को भी निखारा जा सकता है। मीरा ने अपने होठों पर न्यूड होठों का इस्तेमाल किया है। इस एक्ट्रेस ने लिखा है कि वे दो गुड़िया हैं। लेकिन अगर आपके पार न्यूड पिंक शेड है तो आपको ऐसी करने की जरूरत नहीं है। आप अपने पोर्टफोलियो के लिए नए लिप शेड का चयन कर सकते हैं और अपने लुक को प्रभावित कर सकते हैं।

Xiaomi Power Bank 4i: कीमत, बेहतरीन फीचर्स और स्पेसिफिकेशन, स्मार्टफोन के लिए ऑनलाइन ऑर्डर करें

पावर बैंक के बारे में सोच रहे हैं तो इसमें सबसे ऊपर नाम Xiaomi का आता है। भारत में Xiaomi के पावर बैंक की काफी चर्चा रहती है। साथ ही उपयोगी सेल भी बहुत ज्यादा है। ऐसे में अगर आप भी कोई नया पावर बैंक खरीद रहे हैं तो Xiaomi Power Bank 4i 20000mAh आपके लिए सर्च में अच्छा ऑफर हो सकता है। इसमें आपको अलग-अलग फीचर्स मिलते हैं जो इसे सबसे अलग बनाते हैं। आज हम आपको इसके बारे में ही जानकारी देने वाले हैं। तो चलिये शुरू करते हैं- Xiaomi Power Bank 4i की बात करें तो इसे वापस करने के लिए आपको 1,999 रुपये खर्च करने होंगे। जबकि इसकी एमआरपी 3,999 रुपये है। फ़ास्ट वॉर्ड सपोर्ट के साथ ये पावर बैंक आता है। इसमें 33W सोनिक चार्ज है जो इसका सबसे अलग उदाहरण है। यानि आप इस पर आसानी से विश्वास कर सकते हैं। इसमें बैटरी असिस्टेंट भी काफी ज्यादा दिया जाता है। त्रिगुण निजीकरण विशिष्टता के साथ यह आता है। इस पावर बैंक से आप दो तरह से चार्ज कर सकते हैं। क्योंकि इसमें टू वे फास्ट चार्ज है। ये लो पावर डिस्चार्ज मोड भी सपोर्ट करता है। आप एक ही पावर बैंक की मदद से तीन ग्राहकों को चार्ज कर सकते हैं क्योंकि इसमें तीन अलग-अलग पासपोर्ट दिए गए हैं। यानी एक पावर बैंक की मदद से पूरे परिवार का काम बन सकता है। एक साथ बहुत सारे फ़ोन चार्ज करने के स्थान दिए जा रहे हैं। हाईस्कूल को लेकर भी कंपनी ने काफी काम किया है। यही वजह है कि 12 किलोमीटर दूर आशियाने निरपेक्ष तट है। हमारे एक्सपीरियंस- Xiaomi Power Bank को लेकर हमारा एक्सपीरियंस काफी अच्छा लग रहा है। इसकी मदद से तकनीक काफी तेजी से चार्ज हो रही है। खास तौर पर iPhone उपभोक्ताओं के लिए काफी जादुई साबित होने वाला है। क्योंकि iPhone को बहुत आसानी से चार्ज किया जा सकता है। ऐसा ही एक आकर्षक उपभोक्ता के साथ भी हो रहा है। वह भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकती है। आपके लिए कंपनी डिज़ाइन बनाना बहुत आसान है। यानी आप इसे एक जगह से दूसरी जगह बहुत आसानी से लेकर जा सकते हैं।

मिस्र की सबसे खूबसूरत रानी क्लियोपेट्रा के सुंदरता के राज

हर सदी और दशक की एक ऐसी खूबसूरत महिला जरूर मौजूद है जिसकी मिसाल मिशाल ने लोगों के बीच दी है, नींद में से एक है मिस्र की महारानी क्लियोपेट्रा, जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ प्रतिभा और प्रतिभा के लिए जानी जाती थी। 51-30 ईसा पूर्व तक मिस्र के टॉलेमिक साम्राज्य के अंतिम शासक रहे, इस महारानी की दमकती और निखरी त्वचा का राज तो आप भी जानते होंगे। आज हम आपको पुराने खूबसूरत लुक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों के बारे में बताएंगे। क्लियोपेट्रा के इस गुप्त रहस्य के बारे में हमें बताया गया है डर्मेटेंसी, टीचर और ऑथर डॉक्टर रश्मि अलॉटमेंट ने। अगर आप भी ग्लोइंग और साफ-सफाई चाहते हैं तो क्लियोपेट्रा के गुप्त रहस्य को अपना सकते हैं। दुनिया की सबसे खूबसूरत महारानी क्लियोपेट्रा को इंटरनेट पर जानकारी के अनुसार दुनिया की सबसे खूबसूरत महारानी क्लियोपेट्रा का नाम प्राप्त है। क्लियोपेट्रा का जन्म मिस्र के अलेक्जेंड्रिया में जनवरी ईसा-पूर्व 69 में हुआ था। रंग-रूप से लेकर नयन-नक्श तक, क्लियोपैट्रा बहुत ही खूबसूरत है। यही कारण है कि आज भी उनकी स्वाभाविकता की चर्चा होती है। इसके अलावा 30 ईसा पूर्व में मार्क एंटनी और रानी क्लियोपेट्रा वी। हार के बाद मिस्र रोमन प्रांत बन गया। इसलिए इतिहास और लोगों के बीच क्लियोपेट्रा का नाम है। त्वचा पर क्या इस्तेमाल किया जाता है क्लियोपेट्रा डॉक्टर क्लियोपैट्रा डॉक्टर ने 3 दिन पहले अपनी कल्पना पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि क्लियोपैट्रा का ब्यूटी सीक्रेट मिल्क बाथ यानी दूध से नहाना था। लेख में कहा गया है कि बाहरी तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले दूध में पानी, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। जो दाग को रेन, सिलिकॉन और स्मूथ बनाने का काम करता है। इसके अलावा पुराने समय में कच्चे दूध का भी प्रयोग किया जाता था। डॉक्टर रश्मि ने नामांकित दूध के त्वचा बेनिटिट्स दूध में लैक्टिक एसिड पाया जाता है और डर्मेटशिअम रश्मि ने इसके फायदे बताए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि ‘लैस्टिक एसिड एक्सफोलिएट करता है जबकि लैक्टिक एसिड और प्रोटीन इलास्टिसिटी को कम किया जाता है।’ ‘आज, नए समुद्र तट के स्किन केयर ब्रांड आपकी त्वचा को वो रॉयल प्रोजेक्ट के लिए अपने उत्पादों में दूध की शक्ति का उपयोग कर रहे हैं! आप भी क्लियोपेट्रा की तरह डीप हाईड्रेशन और रेडिएंट ग्लो का अनुभव करें।’

शरीर की ताकत, मांसपेशियों की शक्ति और हड्डियों को मजबूत बनाने के उपाय

थकान और निर्बलता जैसी ऐसी बीमारियाँ होती हैं जिनमें बहुत से लोग पीड़ित रहते हैं। चिंता की बात यह है कि समुद्र में भी गरीबी का शिकार हो रहे हैं। कमजोरी की वजह से मेंटली और प्यासी थकान की समस्या हो जाती है जिससे कोई भी काम करना मुश्किल हो सकता है। शरीर में कमजोरी महसूस होना कई लक्षण हो सकते हैं, जैसे- लगातार थकान महसूस होना, भले ही आपकी नींद संतुलित हो, छोटे काम करने पर भी स्थिरता में दर्द या कमजोरी महसूस होना, दिन भर ऊर्जा का स्तर कम होना, होना या तेजी से उभरना पर चक्कर आना, हल्का सा शारीरिक काम करना पर भी सांस फूलना आदि। अगर आप भी शारीरिक कमजोरी से पीड़ित हैं और इन सभी बीमारियों से पीड़ित हैं, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। भारत के जाने-माने फिटनेस और असाधारण नितेश सोनी कमजोरी दूर करने का एक देसी विकल्प आपको बता रहे हैं, जो शरीर में खोई हुई ताकत को वापस ला देगा। शारीरिक कमजोरी के कारण शारीरिक कमजोरी के कई कारण हो सकते हैं। अवसाद के लिए पर्याप्त नींद न लेना, बहुत अधिक काम करना, जवानी में जाने वाली कुछ गलतियाँ, बीमारी या संक्रमण की चपेट में आना या शरीर में खून की कमी, लगातार तनाव के कारण शरीर में कमजोरी हो सकती है और शरीर में जरूरी विटामिन और शेयरों की कमी से भी हो सकती है कमजोरी। शारीरिक कमज़ोरी के नुकसान शारीरिक कमज़ोरी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इससे आपकी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं जैसे कि उठना, चलना, या सीढ़ियाँ चढ़ना। इससे आपको ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है, थकान, थकान और अवसाद से तनाव, चिंता और अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। खाने के लिए क्या चाहिए ​ गंभीर गंभीर बीमारी का संकेत कई बार शारीरिक कमजोरी किसी भी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, जैसे कि कैंसर, हार्ट डिजीज या थायराइड की बीमारी। यदि गुणवत्तापूर्ण घटक ले रहे हैं फिर भी आपको हमेशा थकान और कमजोरी बनी रहती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। नितेश सोनी ने शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए एक देसी फार्मेसी बताई है। इसके लिए आपको कुछ नीजी की आवश्यकता है। आप इसे आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं। चाहिए- साबुत सूरजमुखी के बीज साबुत कद्दू के बीज साबुत तरबूज के बीज 2 आंकड़े 10 बादाम 2 मूंगफली बनाने की विधि इन सभी को रातभर पानी में भिगोकर रखें। उपकरणने के बाद सुबह ग़रीब एक गिलास दूध के अंदर दाल देना और इसमें एक मैग्नेटिक शहद और दो टुकड़े टुकड़े शेक बनाना शामिल है। कम से कम प्रतिदिन दस दिन तक का समय समाप्त हो गया है। इससे आपकी कमजोरी आसानी से दूर हो सकती है। इसे पचाने के लिए आपको हल्की एक्टिविटी पर भी ध्यान देना चाहिए।

व्हाट्सएप पर कॉन्टैक्ट सेव करने का पूरा तरीका: आसान स्टेप्स में जानें

मंगलवार को व्हाट्सएप ने एक नई सुविधा घोषित की है, जिससे उपभोक्ता अब ऐप के अंदर ही कंटेंट को सेव कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि अगर आपका फोन खो गया है या आप अपने प्राइमरी नंबर से किसी नए नंबर को लिंक कर रहे हैं, तो भी आप व्हाट्सएप के स्टोरेज में सेव किए गए सभी कॉन्टैक्ट्स को आसानी से देख सकते हैं। अब तक, व्हाट्सएप आपके फोन की कॉन्टैक्ट बुक पर प्रतिबंध लगाता था ताकि वह कॉन्टैक्ट्स को सिंक कर सके। यदि कोई नया व्यक्ति आपको ऐप पर मैसेज करता था और आप अपनी जानकारी सेव करना चाहते थे, तो वह स्थानीय रूप से आपके स्टोर में जानकारी उपलब्ध कराता था। जल्द ही आने वाला है यह नया फीचर आपको किसी भी इंटरनेट साइट पर मिलेगा, जिसमें व्हाट्सएप वेब और सर्फर भी शामिल हैं, कॉन्टैक्ट्स स्टोर करने की सुविधा मिलेगी। आप व्हाट्सएप के अंदर दिए गए कॉन्टैक्ट्स को अपने फोन पर भी सिंक कर सकते हैं। पिछले साल कंपनी ने यूजर को एक खतरनाक पर दो व्हाट्सएप अकाउंट में लॉग इन करने की सुविधा दी थी। जब आप व्यक्तिगत और व्यावसायिक कॉन्टैक्ट्स को अलग-अलग रखना चाहते हैं तो एक व्हाट्सएप अकाउंटिंग से जुड़े कॉन्टैक्ट्स को सेव करना टैब काम करता है। इसके अलावा, यदि आप और के साथ साझेदारी साझा करते हैं, तो आप अपने नंबर से जुड़े संपर्कों की अपनी सूची बनाए रख सकते हैं। व्हाट्सएप ने कहा कि इस सुरक्षित कॉन्टैक्ट सेवा को अक्षम करने के लिए उसने एक नया डीलरशिप सिस्टम विकसित किया है, जिसे आइडेंटिटी प्रूफ लिंक्ड स्टोरेज (आईपीएलएस) कहा जाता है। जब उपयोगकर्ता कोई कॉन्टैक्ट सेवा नहीं करते हैं, तो यह सिस्टम जर्नल पर एक मूर्ति की को जनरेट करता है। यह प्रक्रियात्मक अध्ययन सामग्री की पहचान करके पुनः प्राप्त किया जाता है। इसके अलावा, ऐप क्लाउडफ्लेयर के साथ-साथ साइन विज़ पर किसी भी बदलाव के साथ, व्हाट्सएप में सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स को किसी भी तरह से संपादित नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने यह भी कहा है कि कंटैक्ट स्टोरिंग फीचर की तकनीक के आधार पर ग्राहकों को प्रॉपर्टी नाम से कॉन्टैक्ट सेव करने की सुविधा मिलेगी। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया, “व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप प्राइवेट का एक अतिरिक्त स्तर जुड़ जाएगा ताकि आपको किसी को भी संदेश भेजने के लिए अपना फोन नंबर साझा करने की आवश्यकता न हो।”

क्या आपका बच्चा भी रोज पढ़ाई नहीं करता? अपनाएं ये जापानी तकनीकें

क्या आप भी अपने बच्चे के रोजाना पढ़ने की आदत को लेकर परेशान रहते हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करना कोई आसान कार्य नहीं है। कई अभिभावक इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि आखिर बच्चों में पढ़ने की आदत को कैसे ठीक किया जाये और उन्हें नियमित रूप में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बच्चों को आसान तरीकों से नहीं बल्कि स्मार्ट तरीकों से हैंडिल किया जाना चाहिये। यदि पैरेंट्स सच मुच अपने बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो उन्हें स्मार्ट तरीकों को अपनाना होगा। इस मामले में जापानी शिक्षा प्रणाली अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। जापानी शिक्षा प्रणाली में अनुशासन, निरंतरता और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई की आदतों में जापानी तकनीकों को शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। और तो और इससे आपके बच्चों की रुचि नियमित रूप से पढ़ने में भी बढ़ सकती है। बच्चों में पढ़ने की आदतों में सुधार के लिए जापानी तकनीकों को अपनाने से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इन तकनीकों मे कई पैरामीटर्स शामिल है। इनमें निरंतर सुधार, समय प्रबंधन, अनुशासन, सक्रिय शिक्षण प्रणाली, शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्म-अनुशासन और माइंडफुलनेस शामिल हैं। इन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सहायक और प्रभावी अध्ययन वातावरण बना सकते हैं। ये विधियां न केवल सीखने की इच्छा को बढ़ाती हैं बल्कि जीवन कौशल का भी विकास करती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन जापानी तकनीकों के बारे में जिससे आपके बच्चों की पढ़ाई की आदतों में सुधार आयेगा और जो उन्हें नियमित पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर करेंगे। बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाने के लिए जापानी तकनीकें 1. Kaizen Approach या निरंतर सुधार काइज़ेन का अर्थ है “निरंतर सुधार”। यह जापानी संस्कृति की आधारशिला है। यह टेक्निक समय के साथ बच्चों के कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन करने को प्रोत्साहित करती है। अर्थात अभिभावक के रूप में आप अपने बच्चों के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली लक्ष्य का निर्धारण करें। हर चरण में बच्चों की सफलता के बाद धीरे-धीरे लक्ष्य को थोड़ा कठिन बनाएं। यह दृष्टिकोण आपके बच्चों में आत्मविश्वास का निर्माण करता है और बड़े, कठिन कार्यों से जुड़े तनाव को कम करता है। 2. Pomodoro Technique या समय प्रबंधन फ्रांसेस्को सिरिलो द्वारा विकसित पोमोडोरो तकनीक का जापान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें अध्ययन के समय को 25 मिनट के अंतराल में विभाजित करना शामिल है। इसे “पोमोडोरोस” कहा जाता है। उसके बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है। चार पोमोडोरोस के बाद, 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह विधि बच्चों में ध्यान केंद्रित रखने, थकान को कम करने और अध्ययन सत्रों को अधिक प्रबंधनीय बनाने में मदद करती है। 3. Shitsuke अनुशासन और दिनचर्या शित्सुके या अनुशासन, कम उम्र से ही जापानी शिक्षा में बड़ा महत्वपूर्ण रहा है। पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के लिए एक विशिष्ट दैनिक दिनचर्या स्थापित करें। इससे बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद मिलती है। एक निर्धारित कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि पढ़ने का समय दिन का एक हिस्सा है। 4. Active Learning एक्टिव लर्निंग, जुड़ाव और सहभागिता एक्टिव लर्निंग, ये शब्द शायद आपने कहीं ना कहीं सुना हो। व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए बच्चों को प्रेरित करना एक्टिव लर्निंग या सक्रिय शिक्षण विधि का हिस्सा है। अक्सर ड्रामैटिक चीजों पर बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को पढ़ने के लिए भी उपयोग किया जाना चाहिये। जापानी कक्षाएं अक्सर समूह कार्य और इंटरैक्टिव पाठों पर जोर देती हैं। घर पर, माता-पिता अध्ययन सामग्री पर चर्चा करके, प्रश्न पूछकर और बच्चों को शैक्षिक खेलों या प्रयोगों में शामिल करके सक्रिय सीखने को प्रोत्साहित कर सकते हैं। 5. Minimalism, अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाना मिनीमलिज्म या न्यूनतावाद की जापानी अवधारणा, या “कम ही अधिक है, ” अध्ययन वातावरण बनाने पर लागू होती है। विकर्षणों से मुक्त एक साफ, अव्यवस्थित स्थान ध्यान और एकाग्रता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है। बतौर अभिभावक आप ये सुनिश्चित करें कि अध्ययन क्षेत्र में केवल आवश्यक चीजें हों। जैसे की साधारण कुर्सी, एक डेस्क, आवश्यक किताबें और अच्छी रोशनी आदि। ये वस्तुएं आपने बच्चें के मन को भटकने से बचाएगी। और वो और अच्छे से पढ़ सकेंगे। 6. शिक्षकों और शिक्षा के प्रति सम्मान सीखने को महत्व देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जापान में, शिक्षकों का बहुत सम्मान किया जाता है और शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों को अपने शिक्षकों और सीखने की प्रक्रिया की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करना अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा में रुचि दिखाकर और ग्रेड से अधिक ज्ञान और कौशल के महत्व पर जोर देकर इसका समर्थन कर सकते हैं। 7. आत्म-अनुशासन की आवश्यकता बच्चों में समय के साथ साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करना बेहद आवश्यक होता है। अपने बच्चों को आत्म-अनुशासन सिखाएं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है। उन्हें अपने स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करने, अपनी प्रगति की निगरानी करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्वायत्तता आत्मविश्वास और प्रेरणा का निर्माण करती है। 8. माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के लिए बच्चों को करें प्रोत्साहित आपके बच्चे जीवन में क्या करना या क्या बनना चाहते हैं इस विषय पर अपने बच्चों से निरंतर बात करते हैं। बच्चों पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अभ्यासों को शामिल करने से एकाग्रता में सुधार हो सकता है और तनाव कम हो सकता है। अध्ययन के समय से पहले सरल श्वास अभ्यास या छोटे ध्यान सत्र बच्चों को अपने दिमाग को साफ करने और सीखने के लिए तैयार होने में मदद कर सकते हैं।  

Vivo जल्द ही अपना नया स्मार्टफोन Vivo S20 करने वाला है लॉन्च

नई दिल्ली Vivo जल्द ही अपना नया स्मार्टफोन Vivo S20 लॉन्च करने वाला है, जो Vivo S19 को रिप्लेस करेगा. हालांकि, इस अपकमिंग स्मार्टफोन की लॉन्च डेट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कई लीक और सर्टिफिकेशन साइट्स पर इसकी डिटेल्स सामने आई हैं. आइए जानते हैं इस स्मार्टफोन की संभावित खूबियों डिस्प्ले: 6.67-इंच OLED डिस्प्ले 1.5K रेजोल्यूशन (1260 x 2800 पिक्सल) रिच और वाइब्रेंट विजुअल्स के लिए बेहतरीन स्क्रीन क्वालिटी प्रोसेसर: Qualcomm Snapdragon 7 Gen 3 चिपसेट बेहतर परफॉर्मेंस और गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए अपग्रेडेड प्रोसेसर बैटरी: 6,500mAh (टाइपिकल) बैटरी 6,365mAh (रेटेड) बैटरी लंबे समय तक बैटरी बैकअप के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की संभावना डिजाइन और बिल्ड: थिकनेस: 7.19mm वजन: 185.5 ग्राम हल्का और स्लिम डिजाइन कैमरा स्पेसिफिकेशंस रियर कैमरा (डुअल सेटअप): 50MP प्राइमरी कैमरा 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस फ्रंट कैमरा: 50MP सेंसर, शानदार सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए अन्य फीचर्स ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर स्क्रीन में ही फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ एडवांस सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर: फोन Android 14 आधारित Funtouch OS के साथ आ सकता है Vivo S20 Pro की संभावना जैसा कि Vivo S19 के साथ Pro वर्जन भी लॉन्च किया गया था, उम्मीद है कि Vivo S20 के साथ भी Vivo S20 Pro पेश किया जाएगा. यह Pro वेरिएंट अतिरिक्त फीचर्स और हाई-एंड स्पेक्स के साथ आ सकता है. Vivo S20 प्रीमियम डिजाइन, दमदार कैमरा और पावरफुल बैटरी के साथ मिड-रेंज सेगमेंट में एक शानदार स्मार्टफोन साबित हो सकता है. Snapdragon 7 Gen 3 प्रोसेसर और 50MP सेल्फी कैमरा इसे परफॉर्मेंस और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं. इसकी लॉन्च डेट और कीमत की जानकारी जल्द ही सामने आ सकती है.

दिवाली से पहले जानें दीपक जलाने के ये महत्वपूर्ण नियम

2024 कार्तिक अमावस्या की रात को दीवाली मनाई जाती है, जो इस साल 31 अक्टूबर 2024 को पड़ रही है। मां लक्ष्मी के आगमन के लिए दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है सही तरीके का दीपक नियम को जला दिया जाए। घी का दीपक धर्म और वास्तु शास्त्र के अनुसार, माँ लक्ष्मी के सामने जले दीपकों में एक दीपक घी का जरूर जलता है। यह दीपक घी का हो और बाकी दीयों से बड़ा हो। साथ ही यह चौमुखी हो। इन्हें मां लक्ष्मी प्रसाद कहते हैं। दक्षिण दिशा में जरूर जलाएं दीपक दीपावली के दिन एक दीपक दक्षिण दिशा में जरूर जलाएं। इससे घर में जमा पूंजी नहीं रहती है और धन-संपत्ति बहुतायत होती है। कलावे वाला दीपक यदि आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो कलावे वाला घी का दीपक जलाएं। यानी कि रुई की बाती की जगह कलावे का उपयोग करें। इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है. मुख्‍यमन्‍तु द्वार पर भी एक घी का दीपक यदि सफलता प्राप्त करने में महान आ रही है तो दीपावली के दिन मुख्‍यमन्‍तु द्वार पर भी एक घी का दीपक रहता है। इस अनुसूची में काम पूरा होगा. साथ ही सफलता के रास्ते खोलेंगे। दीपक जलाने के नियम कभी भी एक दीपक से दूसरा दीपक ना जलाएं। बल्कि मोमबत्ती जलाने के लिए, माचिस की तिल्ली या लीटर का उपयोग करें। अन्य एक दीपक से दूसरे दीपक के जलने से कर्ज़ बढ़ गया है। धन हानि होती है.

बिग बॉस 18: विवियन डीसेना ने सबके सामने किया करणवीर मेहरा के गेम का खुलासा

रियलिटी शो ‘बिग बॉस 18’ में वीर करण मेहरा और धनंजय मिश्रा के बीच 36 के किरदार हैं। दोनों के बीच शुरुआत से ही नहीं पट रही है। छोटी-छोटी बातों को लेकर तू-तड़ाक से शुरू होती है और नौबत दोस्ती तक आ जाती है। करण ने कई दफा पढ़ीं, जिसमें कहा गया था कि ‘जिस स्कूल से वो आए हैं, वहां के शिक्षक की नौकरी उन्होंने लगवाई है’। और भी तरह-तरह की जुमलेबाजी करते हैं, जिससे अविनाश को नीचा दिखाया जाता है। लेकिन अब तो अविनाश के कई शौकीनों की तरह मजबूत प्रतिद्वंद्वी विवियन डीसेना को भी लगता है कि वो करण ही हैं, जो कुणाल को उकसाते हैं। विवियन डीसेना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वो सीधे करण वीर मेहराब के पास जाते हैं, जो श्रुतिका, शहज़ा, दोस्त और ऐलिस के साथ बैठे थे और उनका पोल खोल देते हैं। वो प्रत्यक्ष रूप से कहते हैं, ‘ये वहां ग्राहक रिक्वेस्ट नहीं करता है, ये वहां पर उंगली उंगली नहीं करता है और फिर जब वो मना कर देता है तो वहां पहुंच जाता है जब तक उंगली नहीं करता है, जब तक वो इरिटेट नहीं हो जाता है। ‘ विवियन की बातें से करण का मिज़ाज! विवियन के मुंह से ऐसी बातें सुनने के लिए हैरान कर देने वाली करण वीर मेहराब का मुंह बन जाता है। उनके चेहरे पर पोल स्कूटर का डर साफ दिखता है। विवियन प्रदर्शन पर नहीं रुकते हैं। आगे कहते हैं, ‘उसको डायलॉगबाजी कर रही है।’ ‘अपने पापा को मत सिखाओ…ये वो।’ हँसी-मजाक में तलना चाहते थे बात विवियन की बात सुनकर हैरान करने वाले वीरे अपने में सफाई संस्थान की तलाश कर रहे हैं। वो हंसी-मजाक करने लगे हैं, लेकिन विवियन में अभी भी सीरियस होते हैं और बढ़ते हैं, ‘तू देखता है।’ फिर करना जारी है, ‘उससे 20 साल बड़ा हूं।’ विवियन पर उनकी कोई बात नहीं लिखी गई है, जिसके बाद करण का मुंह बन जाता है। क्या करण से नाराज़ हैं विवियन? इस शो की शुरुआत से ही विवियन और करण वीर काफी आकर्षक हैं। दोनों बार-बार लड़ाई-झगड़ों में एक-दूसरे को समझाते नजर आते हैं। दोस्त को लगा कि इन दोनों के बीच भाईचारा है। लेकिन सप्ताहांत के युद्ध में करण वीर ने पासा ही पलट दिया। उन्होंने कहा कि विवियन से बेहतर सिल्वर स्कोर्स हैं, क्योंकि वो अपनी बात साफ और स्पष्ट तरीके से रखते हैं, लेकिन विवियन तुरंत कंफ्यूज नजर आते हैं। ये बात विवियन को बुरी लगी थी। इसी एपिसोड में करण वीर और करण वीर की जोरदार लड़ाई हुई थी। मेहमानों के साथ आए विक्की लोकंडे और बोरिस जैन के सामने भी दोनों बुरी तरह से लड़ रहे थे। इससे पहले मंगलवार के एपिसोड के प्रमोशन में यह भी दिखाया गया था कि करण ने जॉन को नॉमिनेट किया था, जिसके बाद उन्हें ‘मर्द’ बनने की सलाह दी गई थी।

जब बढ़ानी हो घर की रौनक तब लगाएं ये डिजाइनर पर्दे…

अगर आप अपने घर को खूबसूरत लुक देना चाहती हैं, तो डिजाइनर और कलर्ड पर्दे का इस्तेमाल करें। यह आपके स्टाइल के बारे में भी बहुत कुछ बताते हैं। अगर घर में पर्दे नहीं होंगे तो एक पल में ये बात आपका ध्यान खींच लेगी। इंटीरियर विशेषज्ञ कहते हैं घर की खूबसूरती उसके फोटोजेनिक होने में पर्दों की बड़ी भूमिका होती है। लेकिन पर्दे का यूज करने से पहले कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए, तभी घर को डिफरेंट लुक मिलता है। लेकिन घर के लिए पर्दे लेने से पहले अपनी पसंद और फैब्रिक के साथ डिजाइन का भी ख्याल रखें।   -हर मौसम में अपने घर को नए पर्दों से सजा दें। फिर देखें उसकी रंगत ही अलग नजर आती है। रंगों, टेक्सचर और स्टाइल से एक्सपेरिमेंट करें, ताकि एक ऐसा माहौल पैदा हो जाए जो कैजुअल, शानदार, ट्रेडिशनल  और कलरफुल हो। पर्दे का स्टाइल और कलर कैसा हो, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कमरा किस तरह का है और आपकी पसंद क्या है? आप अपने कमरे को क्या बैकग्राउंड देना चाहती हैं।   -पर्दे हर कलर और डिजाइन में आते हैं। साथ ही ये कई फैब्रिक्स में आते हैं, जैसे कॉटन, लिनेन, वेलवेट और टेप्स्ट्री। -पर्दों को टांगने के लिए भी बहुत सारे विकल्प हैं जैसे रॉड के साथ, सजावटी फिनियल, ऑर्नामेंटल ब्रैकेट, होल्डबैक, टाईबैक आदि। चुना गया विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि आप खिड़कियों को ढंकना चाहते हैं या उन्हें दिखाना भी चाहते हैं, क्योंकि वह आर्किटेक्ट के हिसाब से खिड़कियां खास होती हैं। आप प्राइवेसी चाहते हैं या छोटे कमरे को विजुअली बड़ा बनाना चाहते हैं। अगर आप कमरे के अंदर भी गार्डन को महसूस करना चाहती हैं तो फिर फूलदार छींट, हरी और लाल सिल्क, साटिन या कॉटन ब्लेंड की ओर देखें। मॉडर्न टच के लिए ठोस रंग के न्यूट्रल्स या प्लेन में ज्योमेट्रिक पैटर्न या टेक्सचर्ड शहनील, लिनेन, कॉटन या चमड़े पर फोकस करें। परंपरागत लुक के लिए ब्रोकेड, एंब्रोस, वेलवेट, दमस्क, तफेता आदि का इस्तेमाल करें। -फर्नीचर, खिड़कियों या दीवारों को भी पर्दे से बिल्कुल नयापन हासिल हो जाता है। -ऊर्जा भरे माहौल के लिए आपको चैड़े असमतल स्ट्राइप्स, बड़े अमूर्त पैटर्न या कॉटन में चमकदार ठोस रंग, कैनवस या डेनिम या जमीनी रंग की जरूरत होती है। शांत वातावरण के लिए आप ठोस रंगों या साधारण समतल पैटर्न जो प्लेन या हल्के टेक्सचर्ड फैब्रिक पर हों, का इस्तेमाल करें। धारियों वाली लिनेन, चैक या टेक्सचर्ड कॉटन, सिल्क या सफेद ब्लेंड पेस्टल्स या जमीनी टोन सभी इस बात की पूर्ति कर देंगे। -पर्दे हर कलर और डिजाइन में आते हैं। साथ ही ये कई फैब्रिक्स में आते हैं, जैसे कॉटन, लिनेन, वेलवेट और टेप्स्ट्री। -पर्दे में लाइन का इस्तेमाल ठीक से करें। जब पर्दे को इस तरह इस्तेमाल किया जाता है कि खिड़की का आकार बढ़ा हुआ प्रतीत हो, तो लाइनिंग के प्रयोग से यह नहीं मालूम होगा कि खिड़की कहां खत्म होती है और दीवार कहां शुरू होती है। लाइन के इस्तेमाल का एक बड़ा कारण यह है कि इससे सजावटी फैब्रिक फेड नहीं होते। घर की सभी खिड़कियों पर एक ही रंग का इस्तेमाल करें ताकि बाहर से देखने पर सारी खिड़कियां एक सी लगें। -अगर आप कमरे में अतिरिक्त रोशनी चाहती हैं, तो ट्रैंसोम खिड़की के पर्दों का इस्तेमाल करें। इन दो हिस्सों वाले पर्दों में शीर फैब्रिक ऊपर होता है और प्राइवेसी पैनल नीचे। टैप-टॉप पर्दों में फैब्रिक लूप ऊपर होता है, जिसमें से शेड निकाली जाती है। टैप-टॉप पर्दों में ऊपर टाई फैब्रिक पैनल होता है, जोकि रॉड से बंधे होते हैं। ग्रूमैट-टॉप पैनलों में धातु की आईलेट ऊपर होती है, जिन्हें पर्दों के रिंग के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। टैप-टॉप सबसे आधुनिक, साफ, स्टाइल भरे पर्दे हैं और आजकल के घरों में इन्हीं का इस्तेमाल हो रहा है। -पर्दे को रस्सी या ब्रैकेट या किसी अन्य चीज से बांधा जा सकता है। इसे टाई-बैक कहते हैं, यह पूर्णता का अहसास दिलाते हैं और पर्दे को अतिरिक्त आकार देते हैं। बो-टाई बनाने के लिए रिबन का इस्तेमाल करें। इसमें कुछ क्रिएटिव करने के लिए राफिया या स्ट्रिंग या लेदर या डोरनॉब का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारी पर्दा साधारण रस्सी की टाई-बैक से अच्छा लगने लगता है और पतली कमजोर फैब्रिक का पर्दा अच्छा लगेगा, जब उसे भारी चीज से बांधकर रखेंगी।  

पैकिंग के दौरान इन चीजों को रखें साथ, आपके सफर को बनाएंगी खुशगवार

यात्रा के प्लान बनाने का सबसे अहम हिस्सा है- पैकिंग करना। अगर आपने ढ़ग से पैकिंग कर रखी है, तो सफर में आपको ज्यादा परेशानी नही उठानी नही होगी। हम आपको ऐसी ही 13 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप सरल सुलभ यात्रा का मजा ले सकते हैं। लेकिन अगर आपने सफर के दौरान इन चीजों का ध्यान नही रखा तो आपकी यात्रा सुखद तो नही दुखद जरुर हो सकती है। अगर देखा जाता है कि लोग सफर के दौरान भारी लगेज की वजह से परेशान रहते हैं। इस टिप्स के नियम बहुत ही सरल हैं।   स्पेयर ड्राई सीट का प्रयोग करें- अगर आपके पास स्पेयर ड्राई सीट है,तो इनको अपने सूटकेस और कपड़ों के बीच में लगाकर रखो। इससे आपके कपड़ों की महक ताजी रहेगी, और आपके कपड़े भी सही रहेंगे।   टिशू पेपर का प्रयोग करें- सफर के दौरान झुर्रीदार कपडों को ले जाना एक प्रकार का कष्ट है। लेकिन अगर आप झुर्रीदार कपडों को टिशू पेपर में लपेट कर रखे तो ये फ्रेश रह सकते हैं।   कपड़ो को लपेट कर रखें- सफर के दौरान कपड़े ज्यादा हो जाते हैं और सूटकेस में स्पेस कम होता है, जिसकी वजह से काफी परेशानी होती है। लेकिन कपड़ो को रोल करके सूटकेस के स्पेस को मैनेज किया जा सकता है।   मोबाइल चार्ज ले जाएं- सफर के दौरान अपने मोबाइल और टैबलेट का चार्जर और हेडफोन जरुर रखें।   शाक्स को सूज में रखें- अपने सूटकेस के स्पेस को बचाने के लिए हमेशा अपने मोजों को अपने जूतों में फोल्ड करके रखें। इससे आपके सूटकेस का स्पेस बच सकता है। आपकी पेपर बिंडर क्लिप आपकी शेविंग रेजर को सुरक्षित रख सकती है। इसीलिए यात्रा के दौरान इसका प्रयोग जरुर करें। एक शोवर कैप से अपने जूतों को लपेट कर रखें। इससे आपके जुतों के शोल सुरक्षित रह सकते हैं। लड़कियों को अपनी हेयर क्लिप को हमेशा टिक-टैक या कैंडी की डिब्बी में लगा कर रखना चाहिए। अपनी बेल्ट को हमेशा शर्ट की कालर में फंसा कर रखे। इससे आप सर्ट की कालर को सुरक्षित रख सकते हैं, और आपकी सूटकेस की स्पेस भी बच सकता है। आप अपने स्मार्टफोन में हमेशा गूगल मैप एप्लीकेशन को रखे, और डाटा पैक न हो तो पहले से ही ऑफ लाइन होने पर इसे पहले से ही सेव रखें। अगर आप अपना चार्जर भूल गए है, तो आप टीवी औप यूएसबी स्लॉट के जरिए भी मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। आप अपने चार्जर केबल के जरिए अपनी पैन ड्राइव से भी मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। आप इस एप्लीकेशन के जरिए होटल और फ्लाइट की जानकारी हासिल कर सकते हैं।        

सुंदरता और स्वास्थ्य का अच्छा दोस्त है नारियल पानी

हरा नारियल शीतल प्रकृति का पुष्टिकारक व रक्त विकारों को नष्ट करने वाला फल है। नारियल का पानी प्यास बुझाने में सहायक होता है। नारियल का पानी गुणों का भंडार है। इसके नियमित सेवन से कई लाभ हैं… -हैजा होने पर नारियल का पानी देना लाभकारी होता है। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद देता है। -गुर्दे की पथरी या पेशाब में जलन होने पर नारियल का पानी पीना हितकर है। -नारियल के पानी से चेहरा धोने पर दाग-धब्बे, कील मुंहासे आदि में लाभ होता है और त्वचा की कांति बढ़ती है। -गर्भवती महिलाएं यदि कच्चा नारियल थोड़ा सा प्रतिदिन लें या नारियल पानी का सेवन करें तो बच्चा सुंदर और गोरे रंग का होता है। -नारियल पानी से आंखें धोने पर आंखों की ज्योति बढ़ती है। -नारियल पानी के सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है। -नारियल पानी हृदय रोगियों के लिये भी हितकर माना जाता है। -नकसीर आने पर प्रतिदिन 100 से 125 मिलीलीटर नारियल पानी दस दिन तक खाली पेट पीने को दें। लाभ मिलता है। नारियल पानी संक्रामक रोगों में भी रोगी को आराम देता है। -बार-बार प्यास लगने पर नारियल का पानी प्यास बुझाता है। -नारियल पानी में यह सबसे महत्वपूर्ण लाभ है कि इसमें किसी प्रकार का कोई एसिड मिला नहीं होता। -नारियल पानी स्वास्थ्य लाभ में पूर्ण रूप से फायदेमंद है। -अत्यधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। अधिक लंबे समय तक इसका सेवन न करें।  

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024: 20000 रुपये के अंदर खरीदने के लिए बेस्ट मोबाइल

20000 से कम में खरीदने के लिए बेस्ट मोबाइल की ये लिस्ट लोगों को खूब पसंद आ रही है। Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 में स्मार्टफोन पर काफी शानदार और शानदार डील्स भी दी जा रही हैं। यदि आप बचत के साथ टॉपटेक लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो ये डिलिवरी आपके लिए काफी अच्छी हो सकती है। इस लिस्ट में आपको वनप्लस, सैमसंग, आईक्यूओओ, रियलमी और कई टॉप ब्रांडेडटेक भी दिए जा रहे हैं। इन बेस्ट मोबाइल पर भारी बचत करने के लिए कई अन्य शानदार ऑफर मिल रहे हैं। अमेज़न बिग सेल में आप बिना समयावधि के नो कास्ट प्लास्टर और इजाज़त ऑफर भी ले सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू बैंक के कार्ड से खरीदारी पर 10% तक का एक्स्ट्रा एडिशन भी दिया जा रहा है। Samsung Galaxy M55s 5G (कोरल ग्रीन, 8GB RAM): यह कोरल ग्रीन कलर का Samsung Galaxy M55s है। यह कई अन्य रंग प्लेसमेंट में भी मिल जाएगा। यह सर्टिफिकेट मार्ट फोन बैटरी बैटरी में मौजूद है, जो लोन मैग लास्टिंग का मुकाबला करता है। यह सुविधा 8 जीबी रैम मेमोरी 128 जीबी की स्टोरेज क्षमता के साथ शहर में आएगी। इस उपकरण में 6.67 इंच का सुपर ब्राइट एमोलेड लगाया गया है। सेल ऑन अमेज़न से आप 20000 से कम रेंज में वनप्लस नॉर्ड सीई 3 5जी (एक्वा सर्ज, 8 जीबी रैम) खरीद सकते हैं: अगर आपका बजट थोड़ा ज्यादा है, तो आप इस नामांकित ब्रांड के वनप्लस नॉर्ड सीई 3 को ले सकते हैं। यह फीचर 8GB रैम और 128GB स्टोरेज में आता है। डेरी बैटरी बैटरी के लिए इसमें 5000 एमएएच की पावरफुल बैटरी दी गई है। 6.7 इंच का सुपर एमोलेड मिरर वाला यह शानदार कैमरा स्टोन के साथ आ रहा है। Amazon ग्रेट इंडियन सेल में यह सामान नो कास्ट प्लास्टर पर भी खरीद सकते हैं। Redmi Note 13 5G (क्रोमैटिक पर्पल, 6GB RAM): यह रेडमी नोट 13टेक कैमरा सबसे अच्छा और बेहतरीन माना गया है। इसके अलावा साइड के इलेक्ट्रॉनिक्स कैमरे में 200MP का हाई रिजॉल्यूशन वाला वॉल्यूशन कैमरा दिया जा रहा है, जो हाई फोटो के साथ ही शानदार डिजाइन वाली वीडियो भी कर सकता है। इस आर्टिकल में आपको FHD+ क्वालिटी वाली POLED स्क्रीन दी गई है। इस उपकरण का डिज़ाइन बेहद अनोखा है। यह 33W फ़ास्ट वॉर्कॉएड को भी सपोर्ट करता है। iQOO Z9 5G (ग्राफीन ब्लू, 8GB रैम): यह नवीनतम 120Hz की फुल एचडी + एमोलेड डिस्प्ले में आने वाला iQOO Z9 5G तकनीक है। इसमें 5000mAh की ड्यूरेबल बैटरी भी दी गई है। यह उपकरण अल्ट्रा स्लिम डिजाइन वाला है, जो आपको काफी पसंद भी आ सकता है। इसमें ड्यूल बुक्स के निर्देश दिए गए हैं। यह सुविधा Amazon ग्रेट इंडियन सेल से ऑलस्टॉप पर खरीदी जा सकती है। गेमिंग के लिए भी यह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी बेस्ट है। Realme NARZO 70 Turbo 5G (टर्बो पर्पल, 6GB RAM): यह नवीनतम 12GB RAM के साथ आता है। यह रियलमी NARZO 70 टर्बो मीडियाटेक डायमेंसिटी 7300 5G प्रोडक्ट काफी हाई स्पीड है, जो आपको फ्री में लैग और काफी कम्युनिकेशन में भी काफी मदद कर सकता है। इस उपकरण का रंग और डिज़ाइन यह काफी मात्रा में असामेटिव बना हुआ है। मल्टीटास्किंग के लिए भी आप इस टूल को ले सकते हैं। गेमर्स को भी यह उपकरण काफी पसंद आ रहे हैं। बचत के लिए आप इस स्टॉक को सेल से ले सकते हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन इंटरव्यू की तैयारी

इंटरव्यू चाहे कैसा भी हो तैयारी जरूरी होती है। जब बात आती है ऑनलाइन इंटरव्यू की तो आपको कई तैयारियां करनी पड़ती हैं। ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए भी अच्छा दिखना जरूरी है। ऑनलाइन इंटरव्यू भी फेस-टू-फेस इंटरव्यू की तरह ही जरूरी है। इसके लिए ऑनलाइन इंटरव्यू के दौरान इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है… आई कॉन्टैक्ट:- ऑनलाइन इंटरव्यू में भी आई कॉन्टेक्ट बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी आंखें कैमरे पर फोकस रखें। आप इधर-उधर या नीचे की ओर देखते हैं, तो इंटरव्यूअर को लगेगा कि आप कॉन्फिडेंट नहीं हैं। ड्रेसिंग:- ऑनलाइन इंटरव्यू के दौरान ड्रेसिंग का भी ध्यान रखें। डार्क कलर के कपडे पहनें, लेकिन पैटर्न बोल्ड नहीं लगे। बेहतर यही रहेगा कि आपकी ड्रेसिंग सेंस सिंपल और क्लासी हो, जिससे आप कॉन्फिडेंट दिखें। मेकअप जरूरी:- इंटरव्यू से पहले मेकअप जरूर करें, जिससे आप तरोताजा दिखें। हेयर स्टाइल पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वहीं गर्ल्स को डार्क मेकअप करने से बचना चाहिए। सही हो लाइटिंग:- लाइव इंटरव्यू के लिए आप कहीं भी हों, चाहे वह कॉफी शॉप का कॉर्नर हो, लाइब्रेरी या फिर अपार्टमेंट, लाइट की सही व्यवस्था जरूरी है। लाइट सीधे आप पर नहीं पड़नी चाहिए। फोन रखें दूर:- इंटरव्यू के समय स्मार्टफोन हाथ में नहीं होना चाहिए। अगर रखते भी हैं, तो ई-मेल आदि चेक करने का प्रयास न करें। आपके ऐसा करने पर इंटरव्यूअर को लगेगा कि आप इंटरव्यू के दौरान किसी और से बात कर रहे हैं।  

प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों से खून आने से हैं परेशान, जानिए क्या ये है सामान्य

प्रेग्नेंसी एक महिला के जीवन का विशेष समय होता है, जिसमें शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिनमें गम ब्लीडिंग भी एक आम समस्या है। गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों से खून आना सामान्य होता है, लेकिन यह समस्या होने पर ध्यान देना जरूरी है ताकि इसे नियंत्रित किया जा सके और इससे होने वाली अन्य समस्याओं से बचा जा सके। गर्भवती महिलाओं में मसूड़ों की सूजन एक आम समस्या है, जिसे गर्भावस्था जिंजिवाइटिस कहते हैं। यह स्थिति आमतौर पर गर्भावस्था के दूसरे या तीसरे महीने से शुरू होती है और यदि सही तरीके से इलाज नहीं किया गया तो यह समस्या प्रसव के बाद भी जारी रह सकती है। गर्भावस्था के दौरान गम ब्लीडिंग के सामान्य कारण हार्मोनल परिवर्तन: गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मसूड़े संवेदनशील हो जाते हैं। यह संवेदनशीलता मसूड़ों में सूजन और खून बहने का कारण बन सकती है। दांतो की सफाई की कमी: गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएँ थकावट या अन्य कारणों से अपनी ओरल हाइजीन पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पातीं। यह दांतों और मसूड़ों पर प्लाक जमने का कारण बनता है, जिससे मसूड़ों में संक्रमण और खून बहना शुरू हो सकता है। कमजोर इम्यून सिस्टम: प्रेग्नेंसी के दौरान इम्यून सिस्टम भी थोड़ा कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कमजोर इम्यूनिटी मसूड़ों में बैक्टीरिया के जमाव को बढ़ावा देती है, जिससे खून आ सकता है। पोषण की कमी: विटामिन सी और कैल्शियम की कमी से भी मसूड़े कमजोर हो सकते हैं, जिससे गम ब्लीडिंग की संभावना बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान सही आहार न लेने से मसूड़ों की सेहत पर असर पड़ता है। गम ब्लीडिंग से बचाव के लिए ये उपाय अपनाएं अच्छी ओरल हाइजीन बनाए रखें: गर्भावस्था के दौरान दिन में कम से कम दो बार माइल्ड टूथपेस्ट और सॉफ्ट-ब्रिसल वाले ब्रश से दांतों को साफ करें। ब्रश करने के बाद माउथवॉश से कुल्ला करें, जो मसूड़ों में बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने में मदद करता है। फ्लॉसिंग भी बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे दांतों के बीच फंसे खाने के कण निकल जाते हैं। नियमित डेंटल चेकअप कराएं: गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाकर चेकअप कराना चाहिए। इससे किसी भी ओरल समस्या का समय रहते पता चल सकेगा और उसका इलाज हो सकेगा। यदि आप गम ब्लीडिंग की समस्या महसूस कर रही हैं, तो डेंटिस्ट से सलाह लें। स्वस्थ आहार का सेवन करें : विटामिन सी युक्त फलों और सब्जियों का सेवन करें, जैसे संतरा, नींबू, आंवला आदि। इसके अलावा कैल्शियम से भरपूर चीजें जैसे दूध, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियाँ खाने से मसूड़ों की सेहत बेहतर होती है। इस दौरान अपने डॉक्टर से आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स के बारे में भी सलाह लें। अत्यधिक शुगर के सेवन से बचें : ज्यादा मीठा खाना दांतों और मसूड़ों पर प्लाक की समस्या बढ़ा सकता है, जिससे गम ब्लीडिंग हो सकती है। इसलिए मिठाइयों और शुगर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें और खाने के बाद दांतों की सफाई करें।   खूब पानी पिएं: गर्भावस्था के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। पानी पीने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा, मुँह सूखने से भी बैक्टीरिया का खतरा बढ़ता है, जिससे मसूड़ों में संक्रमण हो सकता है। गर्म नमक के पानी से कुल्ला करें: मसूड़ों की सूजन और खून बहने पर गर्म पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर कुल्ला करना फायदेमंद हो सकता है। यह एक प्राकृतिक उपाय है जो मसूड़ों के दर्द और सूजन को कम करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान गम ब्लीडिंग एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही देखभाल, नियमित डेंटल चेकअप और संतुलित आहार की मदद से इस समस्या से बचा जा सकता है। यदि समस्या गंभीर हो जाए तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें ताकि भविष्य में कोई अन्य जटिलता न हो। मसूड़ों की अच्छी सेहत के लिए स्वच्छता और पोषण पर ध्यान देना गर्भावस्था के दौरान विशेष रूप से आवश्यक है।  

ज्यादा चार्ज करने से फट सकता है आपका भी मोबाइल

स्मार्टफोन चार्जिंग के दौरान फटने की घटनाएं हमें अक्सर सुनने को मिलती हैं। यह दुर्घटनाएं कभी-कभी इतनी गंभीर होती हैं कि व्यक्ति की जान तक चली जाती है। इसलिए विशेषज्ञ और कंपनियां लगातार यह सलाह देती हैं कि फोन को चार्ज करते समय इस्तेमाल से बचना चाहिए। आइए जानें कि चार्जिंग के दौरान फोन क्यों फट सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। ओवरचार्जिंग की समस्या फोन के फटने का सबसे आम कारण ओवरचार्जिंग होता है। जब फोन को चार्जर में लंबे समय तक लगा रहने दिया जाता है, तो बैटरी पूरी तरह से चार्ज हो जाने पर भी चार्जिंग प्रक्रिया चलती रहती है। आमतौर पर, फोन में एक सर्किट होता है जो बैटरी को ओवरचार्ज होने से बचाता है, लेकिन अगर यह सर्किट काम नहीं करता, तो बैटरी ओवरचार्ज हो जाती है। इस ओवरचार्जिंग से बैटरी में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है, जो बैटरी के फटने का मुख्य कारण बन सकती है। बैटरी की क्वालिटी का ध्यान रखें फोन की बैटरी की गुणवत्ता भी एक महत्वपूर्ण कारण है। अगर फोन में कम गुणवत्ता वाली या नकली बैटरी लगी हो, तो यह सुरक्षित नहीं होती। खराब निर्माण सामग्री और डिज़ाइन के कारण ऐसी बैटरियां जल्दी गर्म हो जाती हैं और फटने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली और ओरिजिनल बैटरी का ही उपयोग करें। फोन की जगह भी मायने रखती है जब आप फोन को चार्ज पर लगाते हैं, तो ध्यान दें कि उसे वेंटिलेशन वाली जगह पर रखें। अगर फोन को कंबल, तकिये या गद्दे पर रखकर चार्ज किया जा रहा है, तो इसकी गर्मी निकल नहीं पाती। इससे फोन का तापमान तेजी से बढ़ता है और बैटरी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए हमेशा फोन को ठंडी और खुली जगह पर चार्ज करें। चार्जर का ध्यान रखें सिर्फ बैटरी ही नहीं, खराब चार्जर भी फोन के फटने का कारण हो सकता है। नॉन-स्टैंडर्ड या नकली चार्जर से फोन चार्ज करना खतरे से भरा होता है। ऐसे चार्जर बैटरी को सही मात्रा में करंट या वोल्टेज नहीं दे पाते, जिससे बैटरी ज्यादा गर्म हो जाती है और उसके फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें ताकि आपका फोन सुरक्षित रहे। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए फोन चार्जिंग के समय थोड़ी सावधानी बरतें और अच्छे क्वालिटी के चार्जर और बैटरी का इस्तेमाल करें। इससे न केवल आपका फोन सुरक्षित रहेगा, बल्कि आपकी सुरक्षा भी बनी रहेगी।    

पोर्टेबल ब्लूटूथ लाउड स्पीकर पर पाएं 63% तक की छूट और म्यूजिक का मजा लें

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 में फ़ोर्ब्स लाउड साउंड वाले महान संगीतकार आपको मिल रहे हैं। ये ऑर्केस्ट्रा लॉक और काफी कॉम्प्लीमेंट डिजाइन में आ रहे हैं। इन स्टार्स को आप बेहतर मनोरंजन के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑक्सिजन बैटरी भी काफी टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाली है। उदाहरण के तौर पर आप सेल से 63% तक के कुल पर लेकर भारी बचत कर सकते हैं। ये वास्तुशिल्प एनालॉग के साथ आते हैं। Amazon ग्रेट इंडियन सेल 2024 में ऐसे ही टॉप बुक और बेस्ट स्टार्स आपको मिल रहे हैं। ये सभी बिना किसी कास्टिंग तकनीशियन के भी मिल जाएंगे, जिससे आप बेहद सस्ते में भी ले सकते हैं। ये काफी लाइटवेट और कॉम्पलेक्स डिजाइन वाले स्टार्स हैं। पोर्ट्रोनिक्स हार्मनी मिनी 25W HD प्रीमियम पोर्टेबल ब्लूटूथ स्पीकर: यह काफी दमदार साउंड क्वालिटी वाला पोर्ट्रोनिक्स हार्मनी ब्लूटूथ स्पीकर है। इस मोटरसाइकिल का साइज भी काफी छोटा है और यह कैरी प्रोटोटाइप के साथ आता है। इसे आप आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं। इसमें सबवूफर भी दिया जा रहा है, जिससे आप कमाल का म्यूजिक एक्सपीरियंस भी पा सकते हैं। यह इन-बिल्ट माइक के साथ आता है, जिससे आप कॉल भी कर सकते हैं। यह फास्ट वैगन समर्थित है। ज़ेब्रॉनिक्स ज़ेब-साउंड फ़ेस्ट 500 ब्लूटूथ 5.0 पोर्टेबल स्पीकर: संगीत के लिए बेहतर, ये संगीतकार सबसे शानदार माने जाते हैं। इस जेब्रॉनिक्स पोर्टेबल स्पीकर को फुल चार्ज करके आप लगभग 9 घंटे तक इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसमें फैंटेसी कॉल भी दी गई है। इस गैजेट से आप यह काफी धमाल मचा सकते हैं। Amazon Sale में इस पर 63% तक की छूट मिल रही है। यह वॉइस का समर्थित भी है। एमआई पोर्टेबल वायरलेस ब्लूटूथ स्पीकर: यह पावरफुल गिटार स्पीकर में 16W का साउंड वीडियो है, जो काफी लाउड साउंड एक्सपीरियंस देता है। इस MI पोर्टेबल वायरलेस ब्लूटूथ स्पीकर की बैटरी भी ड्यूरेबल है, जो लगभग 13 घंटे तक का प्लेटाइम देती है। इस ऑर्केस्ट्रा इंस्ट्रूमेंट को आर्किटेक्चर के साथ ही इंदौर म्यूजिक इंटरटेनमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका वजन भी काफी ज्यादा है और डिजाइन भी काफी अच्छा है, जिससे आप इसे कहीं भी अपने साथ कैरी कर सकते हैं। जेबीएल फ्लिप 5 वायरलेस पोर्टेबल ब्लूटूथ स्पीकर:) यह टॉप बैंडेड और काफी शानदार स्पीकर है, जिसे उपभोक्ता भी काफी पसंद कर रहे हैं। यह JBL Flip 5 क्रीएक्टर मेट्रिक्स 7 इलेक्ट्रानिक वॉटर ड्रू भी है, जिससे आप इसे पूल पार्टी में भी ले सकते हैं। यह टाइप सी रिजर्वेशन पोर्ट वाला स्पीकर है, जिसे मोबाइल चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है। इसका पावरफुल बैंच, मलेशिया का बेस और साउंड भी देता है। इससे रिज्यूमे और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ भी जुड़ा जा सकता है। pTron Fusion Beats 40W कराओके ब्लूटूथ पार्टी स्पीकर: अगर आप दमदार साउंड वाला प्लास्टर कास्ट स्पीकर लेना चाहते हैं, तो pTron Fusion Beats आपके लिए काफी बेस्ट चॉइस हो सकता है। इस आर्किटेक्ट में आरजीबी लाइटिंग भी मौजूद है, जो देखने में भी काफी असायटीव जैसा दिखता है। इसके साथ वायर्ड वायरलेस वाला माइक भी मिल रहा है। यह मल्टीपल ऑर्केस्ट्रा वाला ऑर्केस्ट्रा टॉप स्केल है। इसे आप Amazon Big Sale से 69% तक डिस्काउंट पर ले सकते हैं।

वनप्लस 13 लॉन्च डेट 31 अक्टूबर 2024 को हुई कन्फर्म, जानें लीक हुए स्पेसिफिकेशन्स

वनप्लस के सबसे शानदार स्मार्टफोन वनप्लस 13 की लॉन्चिंग डेट का ऐलान कर दिया गया है। वनप्लस 13 को सबसे पहले चीन में 31 अक्टूबर को लॉन्च किया गया था। हालाँकि फ़ोन को भारत में लॉन्च किया गया था, लेकिन इस बारे में कोई जानकारी मौजूद नहीं है। अगर डिजाइन की बात की जाए तो कंपनी ने डिजाइन में कोई ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। फ़ोन में तीन रंग के लेपित वाइट डॉन, ऑब्सीडियन ब्लैक और ब्लू मोमेंट आ रहे हैं। वनप्लस 13 डिज़ाइन फोन स्लीक डिज़ाइन में आया। इसमें एक माइक्रो-क्वाड-कर्वड चित्रण दिया जाएगा। पुनःस्थापन में सरकोल कैमरा आर्किटेक्चर मौजूद रहेगा। इसमें तीन स्थिर और एक अत्याधुनिक फ्लैश लाइट का सपोर्ट मिलेगा। फ़ोन हैसलब्लैड “H” लोगो के साथ आता है। फ़ोन मेटालिक साइड्स और प्रीमियम फ़ाइल में उपलब्ध है। वनप्लस 13 के फीचर्स वनप्लस 13 पहले के फीचर्स वनप्लस 12 से बेहतर होगा। फोन नंबर 8 एलीट चिपसेट के साथ आ गया है। फोन में 6000mAh की बैटरी साइज में पेश की जा सकती है, पिछले मॉडल में 5400mAh की बैटरी दी गई थी। वनप्लस 13टेक्नोलॉजी में पहली बार स्टोरेज जनरेशन 2K BOE X2 स्क्रीन सपोर्ट दिया गया है। रिपोर्ट की रिपोर्ट, तो यह एक कर्व्ड डिस्प्ले वाला फोन होगा। इसके लिए एक सेल्फ़ क्रिएटिव डिज़ाइन चिप P2 का उपयोग किया गया। साथ ही दावा किया जा रहा है कि पहली बार डिस्प्लेमेट A++ स्क्रीन लॉन्च होगी। वनप्लस 13 के कैमरे और बैटरी फोन में एक 50MP LYT808 मेन कैमरा सेंसर दिया गया है। साथ ही 50MP JN5 LYT600 3X पेरिस्कोपिक टेलीफोटो कैमरा सेंसर सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा टेलीफोटो कैमरा दिया जाएगा। फोन के फ्रंट में 50 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। फ़ोन को IP68/IP69 डस्ट और वॉटर रेटिंग के साथ पेश किया जा सकता है। फोन अल्ट्रासोनिक नागालैंड सेंसर सपोर्ट के साथ आएं। फोन में 6000mAh की बड़ी बैटरी के साथ 100W वायर्ड सपोर्ट सपोर्ट दिया गया है। साथ ही 50W फास्ट चार्जिंग मिलेगी। फोन में स्ट्रेंथ 14 अपडेट किया जा सकता है। इस फोन पर 4 साल का टेक्नॉलॉजी और सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा सकता है। कितनी होगी कीमत फोन की कीमत का खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन ऐसा दावा किया जा रहा है कि फोन पर 50 हजार रुपये का प्रॉफिट पेश किया जा सकता है।

अपने कंप्यूटर को सेफ रखने के लिए इर्न चीजों से रखे दूर…

कंप्यूटर के बिना आज जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती, चाहे स्टूडेंट्स हों या प्रोफशनल्स हों या फिर हाउसवाइव्स हों। सभी की जिंदगी में इसकी अहमियत है। वर्ष 2012 में किए गए एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 57 मिलियन भारतीय कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोगों को इनके रखरखाव और देखभाल का सही तरीका पता हो, ताकि ये लंबे समय तक सही स्थिति में काम करते रहें। आपकी एक मुस्कान पर जी उठेगा कंप्यूटर… -पानी, चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक आदि पेय पदार्थों को कंप्यूटर से दूर रखें। असावधानीवश इनके कंप्यूटर पर गिर जाने से ये अंदरूनी माइक्रोइलेक्ट्रिॉनिक कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इलेक्ट्रिकल डैमेज हो सकता है या शार्ट सर्किट होने से इसका डेटा भी करप्ट हो सकता है। -खाने की चीजें कंप्यूटर से दूर रखें। ये की-बोर्ड की कीज के बीच फंसकर कीटों को आकर्षित कर सकती हैं। कीट्स की-बोर्ड के अंदर स्थित सर्किट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डेस्कटॉप और लैपटॉप की कीज को साफ करने के लिए आप इयरबड या सॉफ्ट टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं। -कंप्यूटर को इस्तेमाल करने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ कर लें। तेल, धूल-मिट्टी आदि के संपर्क में आने से उसमें गंदगी जम जाती है जो बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है। -अगर आपके पास लैपटॉप है तो उसे कभी भी फ्लैप के सहारे न पकड़ें। उसे हमेशा बेस के सहारे पकड़ें। फ्लैप बेहद पतला होता है और जोर पडने से वह अलग हो सकता है। -डेस्कटॉप या लैपटॉप के तार के ऊपर कुर्सी या मेज जैसी कोई भारी चीज रखकर खिसकाने से बचें। ऐसा करने से तार कमजोर हो सकता है। बार-बार ऐसा होने पर वह टूट भी सकता है। -कंप्यूटर को धूप में रखने पर इसका तापमान अचानक बढ़ सकता है। इसे हमेशा धूल, धूप और मॉइश्चर से दूर ठंडे, छायादार और सूखे स्थान पर रखें। कंप्यूटर के मदरबोर्ड और ग्राफिक कार्ड जैसे हिस्सों को हमेशा उनके किनारों की मदद से पकड़ें। कभी भी उनकी कनेक्टिंग पिन्स और ट्रान्जिस्टर्स को हाथ न लगाएं। -डिस्क ड्राइव को बेहद सावधानी के साथ खोलें। हड़बड़ी में या बलपूर्वक खोलने से इनके अंदरूनी पाट्र्स खराब हो सकते हैं। -इयरफोन, डेटाकेबल या चार्जिंग केबल जैसी डिवाइसेज को उचित स्लॉट में प्लग करें। किसी डिवाइस को गलत स्लॉट में लगाने से वह स्लॉट हमेशा के लिए खराब हो सकता है। -लैपटॉप को कभी धूप में खड़ी कार के अंदर न छोड़ें। कार के अंदर का तापमान बढने से वह खराब हो सकता है। -अगर आपके पास डेस्कटॉप है तो उसे इस्तेमाल न होने पर कवर कर दें। अगर लैपटॉप है तो उसे गैजेट बैग के अंदर ही रखें। -लैपटॉप को बेड के ऊपर रखकर इस्तेमाल करने से बचें। लंबे समय तक ऐसा करने पर उसका फैन बेड की धूल-मिट्टी को सोख लेता है और वह ब्लॉक हो जाता है।  

छोटे बैडरूम की इस तरह से करें सेटिंग

घरों के लेटेस्ट डिजाइन देखकर सभी यहीं सोचते हैं कि काश हमारा घर भी ऐसा होता लेकिन आजकल बड़े और आलीशान घर खरीदना कोई आसान काम नहीं है लेकिन आप अपनी सूझ-बूझ और समझदारी से छोटे से घर को भी अपने मन मुताबिक सजा सकते हैं। खुद से सजाया गया छोटा सा घर कंफरटेबल भी रहेगा और स्पैशल भी। घर में बैडरूम सबसे खास होता है। अगर आपका बैडरूम छोटा है तो उसमें बेवजह का फर्नीचर न रखें। इसी तरह कुछ जरूरी टिप्स को ध्यान में रखते हुए अपने घरों को सजाए। -दीवारों पर कोई ऐसा पेंट चुनें जो कि रात को शांति और स्कून दें और दिन में ताजगी का एहसास दिलाए। छोटे बेडरूमों में सफेद, क्रीम और बिंज पेंट ज्याघदा खिलते हैं। -कमरे में जगह बचाने के लिए लाइट को सीलिग से हैंग करें और अपने बेड के पास लाइट फिक्सस करवाएं। -कमरे मे जगह का ख्याल रखते हुए ऐसा बेड ले जिसके अदंर काफी समान आ सके। इसके अलावा आप फोल्ड करने वाले बेड का भी चुनाव कर सकती हैं। -कपड़ो व अन्य वस्तुाएं रखने के लिए ऐसा कैबिनेट ले, जिसमें काफी समान आ जाए। -कमरे में जगह कम है तो दीवारों में छोटी-छोटी अल्मा रियां बनवा लें, जिसमें सजावट का सामान रखा जा सके।  

कई बीमारियों से बचाए तुलसी

आज कल लोगों को इतनी सारी बीमारियां हो रही हैं कि उनके पैसे डॉक्टार और दवाइयों में ही खर्च हो रहे हैं। पर यदि आपके घर में तुलसी का पौधा लगा हुआ है तो आपको चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी तुलसी को महत्वपूर्ण माना गया है। तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्ज् और अतिसार सभी रोगों में चमत्कालरी रूप से अपना असर दिखाती है। तुलसी पत्र मिला हुआ पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसीलिए चरणामृत में तुलसी का पत्ता डाला जाता है। आइये जानते हैं कि किस तरह से तुलसी बीमारियां को दूर भगाती है। 1. लिवर संबंधी समस्या तुलसी की 10-12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाएं। लिवर की समस्याओं में यह बहुत फायदेमंद है। 2. पेट दर्द एक चम्मच तुलसी की पिसी हुई पत्तियों को पानी के साथ मिलाकर गाढा पेस्ट बना लें। पेट दर्द होने पर इस लेप को नाभि और पेट के आस-पास लगाने से आराम मिलता है। 3. डिगेशन संबंधी समस्या  एक ग्लास पानी में 10-15 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें और काढा बना लें। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीएं। इससे पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त लगना, पेट में गैस बनना आदि दूर होती है। 4. बुखार बुखार आने पर दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी की पत्तियों का पाउडर और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढा बना लें। दिन में दो से तीन बार यह काढा पीएं। स्वाद के लिए चाहें तो इसमें दूध और चीनी भी मिला सकते हैं। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है। 5. खांसी-जुकाम तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। सभी तरह के कफ सीरप बनाने में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की कोमल पत्तियों को थोडी-थोडी देर पर अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है। चाय की पत्तियों को उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है। 6. सर्दी से बचाव सर्दी जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। बारिश या ठंड के मौसम में सर्दी से बचाव के लिए तुलसी की लगभग 10-12 पत्तियों को एक कप दूध में उबालकर पीएं। सर्दी की दवा के साथ-साथ यह एक न्यूट्रिटिव ड्रिंक के रूप में भी काम करता है। 7. ब्रीथिंग प्रोब्लेम्स श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है। 8.  गुर्दे की पथरी यदि किसी के गुर्दे में पथरी हो गई हो तो उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का नियमित सेवन करना चाहिए। तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है। 9. हार्ट डिजीज तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है। 10. टेंशन तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के 12 पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है। तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। 11. माउथ इन्फेक्शन अल्सर और मुंह के अन्य इन्फेक्शंस में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से माउथ इन्फेक्शन दूर हो जाता है। 12. स्किन डिजीज नैचुरोपैथों द्वारा ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है। इससे इंफेक्शन ज्यादा नहीं फैल पाता। दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है। 13. सांसों की दुर्गध पायरिया जैसी समस्या में भी यह कारगर साबित होती है। तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है।   14. सिर का दर्द सिर के दर्द में तुलसी एक बढ़िया दवा के तौर पर काम करती है। तुलसी का काढ़ा पीने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। 15. आंखों की समस्या रात में रोजाना श्यामा तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए। आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत फायदेमंद साबित होता है। 16. कान में दर्द तुलसी के पत्तों को सरसों के तेल में भून लें और लहसुन का रस मिलाकर कान में डाल लें। दर्द में आराम मिलेगा। 17. पाइल्स तुलसी के बीज का चूर्ण दही के साथ लेने से खूनी बवासीर यानि पाइल्स में खून आना बंद हो जाता है।  

ऐसे सुधारे बच्चों के जिद्दी स्वभाव को

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों को संभालना बहुत मुश्किल काम हैं खासतौर पर वर्किंग पेरेंट्स के लिए। ऐसे पेरेंट्स को बच्चे की परवरिश करनें में बहुत मुश्किल आती है। वह सारा दिन काम पर रहते है, जिसकी वजह से बच्चो पर ध्यान कम जाता है। आज की जनरेशन आपने आप को अपने माता-पिता से ज्यादा समझदार समझते हैं। बच्चों में गुस्सा इतना बढ़ गया हैं कि पेरेंट्स के लिए उन्हें संभाल पाना बहुत मुश्किल हो जाता हैं। पेरेंट्स को बड़ी समझदारी के साथ अपने बच्चों को संभालना चाहिए। जाने बच्चों को संभालने के कुछ तरीके….   -अगर आपके बच्चे को ज्यादा गुस्सा आता हैं तो आप उनको थोड़ा समय दें और अपनी दिनभर की थकान खत्म करने के बाद ही उससे बात करें। अगर आप उसी समय बच्चों से बात करेंगे तो बच्चा अपनी हर बात मनवाने के लिए जिद्द करेगा और इससे उसमें चिड़चिड़ापन पैदा हो जाएंगा। -बच्चे को सुधारने के लिए उसके ऊपर कभी भी हाथ उठाने की गलती ना करें, जिससे वो ओर भी अधिक गुस्सा हो जाएं और आपकी कोई भी बात न मानें जिससे आपकी परेशानी खत्म होने की बजाय ओर बढ़ जाएंगी। -बच्चों का मन इतना चंचल होता हैं कि बचपन में उन्हें जैसे समझाएगे वह जल्दी ही उस बात को समझ जाएंगे और बच्चों को दूसरों से अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि बच्चा सिर्फ घर में ही नहीं ब्लकि सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें। -बच्चों की हर बात बड़े ही प्यार से समझानी चाहिए ताकि उनके गुस्से पर काबू पाया जा सके। बच्चों को हर बात इस तरह समझाएं कि गुस्सा आने पर शांत रहें। -बच्चों से हर बात शेयर करे ताकि उसे जब भी गुस्सा आए तो वो अपनी बात शेयर करने के लिए आपके पास ही आए। -बच्चों की किसी भी मांग पर हां या ना कहने में बहुत ज्यादा सावधानी रखें, क्योंकि ये दो छोटे से शब्द भविष्य निर्माण की नींव हैं।  

ब्लैकहेड्स वाले चेहरे पर ऐसे करें मेकअप

ब्लैकहेड्स की समस्याएं इन दिनों बहुत आम है, हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ और सुंदर दिखे। अगर आपको अपने दोस्ती की पार्टी में जाना है पर चेहरे पर ब्लैकहेड्स हैं और आप वहां जाने से हिचकिचा रहीं हैं तो आज हम आुपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिससे आप मेकअप के जरिए अपने ब्लैकहेड्स को सिर्फ छिपा ही नहीं सकती बल्कि पा सकती हैं ग्लोइंग और आकर्षक रूप। चेहरे को साफ करे अगर आप ब्लैकहेड्स वाले चेहरे पर मेकअप करना चाहती हैं तो सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह से फेसवॉश लगाकर साफ करें।   मॉश्चेराइज करे चेहरे को क्लीन करने के बाद चेहरे पर मॉश्चराइजर लगाएं। इससे आपके चेहरे का रूखापन दूर हो जाएगा और आपके चेहरे की त्वहचा को सुरक्षा भी मिलेगी, क्योंकि ऐसा करने से मेकअप लम्बेस समय तक टिका रहता है। फाउंडेशन मॉश्चराइजर लगाने के बाद अब फांउडेशन लगाएं। इससे आपके चेहरे पर अगर पैचेस होंगे तो वो नजर नहीं आएंगे और पूरे चेहरे की स्कीबन टोनिंग एक तरह की हो जाएगी। यह स्टेपप करते समय इस बात का ध्यान रखें कि फाउंडेशन को हल्कें हाथों से या ब्रश से लगाएं। ब्लेंडिंग फांउडेशन लगाने के बाद चेहरे पर ब्लेंड करना बहुत जरूरी होता है इससे चेहरे पर दाग-धब्बे नहीं दिखते हैं और न ही भद्दापन लगता है। आप इसके लिए कंसीलर ब्रश का इस्तेोमाल भी कर सकती हैं। कंसीलर कंसीलर को हल्केग हाथों से फाउंडेशन के बाद लगाएं। जिस जगह पर आपके ज्यादा ब्लैकहेड्स हों, वहां इसे हल्का ज्यादा लगाएं। इससे ब्लैकहेड्स नजर नहीं आएंगे। पाऊडर मेकअप सबसे अंत में चेहरे पर पाऊडर मेकअप करें। इससे आपका चेहरा एक बराबर सा लगेगा। इस तरह आपका चेहरा ब्लैकहेड्स फ्री दिखेगा और आप सुंदर भी लगेंगी।  

आहार और योग से मजबूत बनाए रखें अपनी हड्डियां

मजबूत हड्डियां हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मगर बाजार में मिलने वाले जंक फूड का सेवन जिस तरह हमारी हड्डियों को कमजोर बना रहा हैं, वह चिंता का विषय है। युवा पीढ़ी में हड्डियां संबंधित बीमारियां इसीलिए बढ़ रही हैं। लिहाजा बच्चों को जंक फूड से दूर रखना जरूरी है। ताकि युवावस्था में इनकी हड्डियां मजबूत रहें। 30 साल की उम्र के बाद हड्डियों में खनिज की सघनता कम होने लगती है जिसे नियंत्रित करने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी हैं। हड्डियों को क्रियाशील ऊतक माना जाता हैं, ऐसे में व्यायाम इनकी मजबूती बढ़ाता है। हड्डियां शरीर की सामान्य गतिविधि और व्यक्ति की स्वस्थ जीवनशैली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हड्डियां न सिर्फ शरीर को संतुलित रखती हैं, बल्कि हृदय, फेफड़े पसली को सुरक्षित रखने के अलावा शरीर के लिए आवश्यक खनिज संजय करना यह सब हड्डियों का ही काम है। उम्र बढ़ने के साथ हड्यिां भी कमजोर पड़ने लगती हैं। ऐसे में इनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। हड्डियों की कमजोरी शरीर की सक्रियता भी बाधित करती हैं। दरअसल, हड्डियां खनिज और कैल्शियम की संघटक होती हैं। मगर हड्डियों की मजबूती में कैल्शियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। 30 साल के बाद से इनके नुकसान की प्रक्रिया तेज हो जाती है। जब इनमें कैल्शियम और खनिज की मात्रा घटने लगती हैं, तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और हल्की सी चोट लगने पर भी यह टूट सकती हैं। इस स्थिति को आस्टियोपोरोसिस कहते हैं। ज्यादा उम्रदराज लोगों में यह समस्या आम है। हड्डियों की मजबूती के लिए जितना जरूरी स्वस्थ आहार है, उतना ही जरूरी योग व व्यायाम भी हैं। हड्डियों की मजबूती ऐसे लोगों में ज्यादा उम्र तक रहती है, जो व्यायाम करते है। इनमें सबसे फायदेमंद होता है वजन उठाने वाले व्यायाम। यह हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव देते हैं और इससे हड्डियों को मजबूती मिलती हैं। वजन उठाने वाले व्यायाम बीस साल की उम्र से ही शुरू कर देना चाहिए। डांस और एरोबिक्स आपको तनाव मुक्त रखते हैं और हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती भी देते हैं। अगर आपको नृत्य का शौक हैं तो इससे बेहतर व्यायाम हड्डियों के लिए नहीं हो सकता। जीवन भर अगर हड्डियों की मजबूती बनाएं रखना चाहते हैं तो सीढ़ियों का इस्तेमाल ज्यादा करें। रोजना तेज कदमों से कुछ घंटे चलना भी हड्डियों की उम्र बढ़ाता है। सबसे बेहतर व्यायाम है- दौड़ लगाना। इससे आपका वजन नियंत्रित रहेगा जिससे हड्डियों पर ज्यादा दबाब नहीं पड़ेगा। दौड़ लगाना दिल को स्वस्थ रखता हैं साथ ही हड्डियों और मांसपेशियों को भी दुरूस्त रखता हैं। एक बात का ध्यान जरूर रखें अगर आप किसी भी प्रकार का दर्द या चलने-फिरने में तकलीफ महसूस करें तो पहले डॉक्टर की सलाह ले लें। हड्डियों को मजबूती देने के लिए योग सबसे बेहतर व्यायाम हैं। इसके अलावा मुद्रा वाले व्यायाम उनके लिए फायदेमंद हैं जो घंटों बैठकर कम्प्यूटर के आगे काम करते हैं। लगातार बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी में तकलीफ बढ़ जाती है। मुद्रा वाले व्यायाम कंधों और पीठ दर्द से राहत देते हैं। हमेशा शरीर का सही संतुलन बनाकर रखें और स्वस्थ आहार जरूर लें।  

सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपनाएं ये 5 तरीके

आज ट्रांजेक्शन के लिए लगभग हर व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग का यूज करता है,लेकिन यह बात परेशानी का कारण तब बन जाती है अगर आपका मोबाइल खो जाएं या चोरी हो जाएं। इसलिए थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए खतरे का अलार्म लेकर आ सकती है और ऐसे में जरूरत पड़ती है कि आप सोच-समझकर मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करेंः प्राइवेट इंफॉर्मेंशन का रखें ख्याल: मोबाइल बैंकिंग का यूज करते समय प्राइवेट इंफॉर्मेशन जैसे- अकाउंट नंबर, डेट ऑफ बर्थ, पासवर्ड, डेबिटध्क्रेडिट कार्ड और पैन कार्ड जैसी निजी जानकारियां गोपनीय रखें अन्यथा हैकर्स आपका बैंक अकाउंट हैक करके आसानी से आपको नुकसान पहुंचा देंगे, इसलिए जरूरत है फोन को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से सुरक्षित किया जाएं। पब्लिक वाइ-फाइध्ब्लूटूथ से बचें: अगर मोबाइल बैंकिंग का यूज कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि गलती से भी पब्लिक वाइ-फाइ व मोबाइल ब्लूटूथ का उपयोग न करें, क्योंकि इनके द्वारा वायरस आपके मोबाइल पर अटैक कर सकता है। इस खतरे से बचने के लिए आप मोबाइल में एंटी वायरस फायरबॉल और सेफ्टी सॉफ्टवेयर टाइम-टाइम पर अपडेट करते रहें। ब्राउजिंग हिस्ट्री का रखें ध्यान: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का यूज करते हैं तो तभी अपने स्मार्टफोन से ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट करते जाएं, इससे अगर फोन खो जाएं या हैक हो भी हो जाएं तो आपको नुकसान नहीं होगा। स्ट्रांग पासवर्ड लगाएं: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं क्या उसमें ऑटोलॉक लगाकर रखते हैं? सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपने मोबाइल में ऑटोलॉक जरूर लगाएं। इसके लिए आप कैरेक्टर, न्यूमैरिक और स्पेशल कैरेक्टर्स का 8 डिजीट वाला या उससे ज्यादा के कैरेक्टर का एक स्ट्रांग पासवर्ड चुनें। ट्रस्टेड साइट पर ब्राउजिंग करें: जब भी मोबाइल में ब्राउजिंग करें तो ध्यान रखें कि साइट विश्वसनीय हो, विशेषकर अगर आप गेम्स, एप्स, गाने और वीडियो डाउनलोड कर रहे हैं। बहुत बार देखा गया है कि किसी भी साइट से डाउनलोड करना महंगा साबित हो जाता है चूंकि डाउनलोडिंग के साथ-साथ वायरस अटैक का खतरा और बढ़ जाता है।  

ये 10 मोबाइल एप्लीकेशन आपकी सेहत का रखेंगी ख्याल

क्या आप अपनी सेहत को लेकर हमेशा चिंता में रहते तो इन मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से अपने खाने और सेहत से जुड़ी कई दूसरी जानकारी फ्री में पा सकते हैं। अगर आपको जिम में जाने का वक्त नहीं मिलता तो एप्लीकेशन में एक्स रसाइज करने की कई टिप्स दिए गए हैं।   गारमिन फिट इस एप्लीकेशन की मदद से आप अपने फोन में जीपीएस ट्रैकर की मदद से स्पीकड, दूरी और चलने के दौरान आप कितनी कैलोरी बर्न करते हैं साथ ही आपकी हाइट के हिसाब से आपका वजन कितना होना चाहिए, ये सभी जानकारी कभी भी देख सकते हैं। अगर आप सुबह सुबह जॉग करने जाते हैं तो एप्लीनकेशन में अपनी पसंद के गाने भी सुन सकते हैं। कीमत- आईओएस और एंड्रायड में उपलब्ध मॉयफिटनेसपल क्या आप अपना वेट कम करने की चिंता में रहते है तो इस एप्लीकेशन की मदद से आप दिनभर के अपने खाने पर नजर रख सकते हैं। एप्लीईकेशन में बारकोड स्कैरन दिया गया है जिसकी मदद से आप अपने खाने को स्कै न करके दिन भर की कैलोरी पर नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री स्ट्रानवा साइक्लिंग स्ट्रानवा साइक्लिंग में जीपीएस ट्रैकर तो दिया ही गया है साथ में आप अपने शहर के साइकिल रूट पर भी नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री नाइक ट्रेनिंग क्लक अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो नाइक क्लब एप्प की मदद से अपने रोज के वर्कआउट पर नजर रख सकते हैं, एप्लीाकेशन में आप अपनी एक्स रसाइज के समय को सेट कर सकते हैं। कीमत- फ्री फिटोक्रेसी एप्लीकेशन की मदद से आप अपनी एक्सरसाइज के टाइम पर नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री जिमपैक्टस जिमपैक्टस में आप अपने जिम का टार्गेट सेट कर सकते हैं अगर आप टार्गेट पूरा करते हैं तो आपको इसके लिए पैसे मिलते हैं और अगर आप अपना टार्गेट पूरा नहीं कर पाते तो इसके लिए आपको फाइन भरना होगा। काउच टू 5के काउच टू 5के एप्लीैकेशन की मदद से आप एक एक स्टेप पार करके अपनी सेहत को फिट रख सकते हैं। एप्लीककेशन में एक हफ्ते में तीन ट्रैनिंग सेशन दिए गए हैं। पॉकेट योगा पॉकेट योगा एप्लीेकेशन में योगा क्लामस दी गई हैं जिन्हें आप कभी भी अपने फोन से ज्वानइन कर सकते हैं। एप्लीककेशन में ऑडियो और विजुअल दोनों तरह के ऑप्श न दिए गए हैं। कीमत- 196 रुपए आईओएस य 187 रुपए एंड्रायड वर्क ट्रेनर वर्क ट्रेनर एप्लीीकेश्ने की मदद से आप अपनी फिटनेस पर कंट्रोल रख सकते हैं इसमें तस्वी रों की मदद से आप अपनी बॉडी को फिट रखने की टिप्सद ले सकते हैं। कीमत- फ्री, आईओएस, एंड्रायड आईमसल्सड आईमसल्सड में अपनी बॉडी को टोन करने के लिए कई तरीके दिए गए है। साथ ही आप एप्प में वीडियो और पिक्च्र भी देख सकते हैं। कीमत- 295 रुपए, आईओएस  

डिप्रैशन से बचने के लिए खाएं ये 11 चीजें

काम में तनाव, पैसे की परेशानी, चिंता की वजह से कई बार लोग डिप्रैशन के शिकार हो जाते हैं। इस बीमारी से कुछ लक्षण होते हैं जैसे अचानक वजन बढ़ना या वजन घटना अनिद्रा या ज्यादा नींद आना, सैक्स इच्छा में कमी, मन में बार-बार खुदकुशी का ख्याल आना और रोजाना के काम न कर पाना आदि। जिस शख्स के अंदर ये लक्षण होते हैं वह काफी दर्दनाक और बुरे समय से गुजर रहा होता है लेकिन ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं है। सब्र से हर मुश्किल का हर निकलता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जो डिप्रेशन से लड़ने में मदद करते हैं। पालकः पालक भी डिप्रैशन से लड़ने के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें आयरन और मैग्नीशियम होता है जो दिमाग को शांत और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिडः जब भी आपको लगे कि आपको अवसाद हो रहा है तो ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अपने खाने में बढ़ा दीजिए जैसे मछली और वोलनट्स। मछली में आप सलमन, हेरिंग, लेक ट्राउट, सार्डिन, मैकेरल या टूना खा सकते हैं। बादामः बादाम में काफी मात्रा में मैग्नीशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत होता हैं। सिर्फ 100 ग्राम बादाम के पैक में 238 ग्राम मैग्नीशियम होता है, जो हमारी रोज की 67 प्रतिशत मैग्नीशियम की जरुरत को पूरा करता है। टमाटरः टमाटर खाने से आपका मूड बहुत अच्छा रहता है क्योंकि इसमें लइकोपीन नाम का एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में काफी मददगार साबित होता है। एक स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग सप्ताह में 2 से 6 बार टमाटर खाते हैं वे 46 प्रतिशत तक कम अवसादग्रस्त होते हैं। एवोकाडोः एवोकाडो में ओमेगा-3 और फोलेट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में मदद करता है। यही नहीं इसमें पोटेशियम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी पाया जाता है। जो भावनाओं को काबू करने में मदद करते हैं। ग्रीन टीः ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एमिनो एसिड पाया जाता है जो अवसाद से बचाती, इलाज करती और उसे बहार आने में भी मदद करती है इसलिए ग्रीन टी उन लोगों को जरूर पीनी चाहिए जो जल्दी मुसीबतों से घबराने लगते हैं। ब्लूबेरीः ब्लूबेरी में विटामिन सी पाया जाता है। 100 ग्राम ब्लूबेरी में 9.7 मिलीग्राम विटामिन सी होता है जो रोज का 15 प्रतिशत के बराबर है। साथ ही इसमें अधिक मात्रा में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर को अवसाद से दूर रखते हैं। साबुत अनाजः यह तो हम सभी जानते हैं कि साबुत अनाज हम सबके लिए कितने फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि यह अवसाद में बहुत लाभदायक सिद्ध होते है। इनमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो मूड स्विंग्स की परेशानी को रोकता है। नारियलः नारियल में शक्तिशाली इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो अवसाद से लड़ने में मदद करते हैं। रोज एक गिलास ताजा नारियल का रस पीएं या इसके तेल में बना हुआ भोजन खाएं। अंडेः अगर आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हैं तो आपको थकान और काम करने की शक्ति कम हो जाती है। अंडे में प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, कैल्शियम, विटामिन बी-6, पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है जो आपके एनर्जी के लेवल को बनाये रखता है।  

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024: बेस्ट सोलो माइक्रोवेव ओवन पर 40% तक की छूट

सोलो माइक्रोवेव ओवन की कीमत राजस्थान की सेल में काफी कम हुई है। अगर आप टेस्टी डिश बनाने के लिए शानदार चॉकलेट लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपके लिए ये खास मौका हो सकता है, मदद से आप इतनी बड़ी कीमत पर शानदार चॉकलेट ले सकते हैं। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल की डिलिवरी में आपको ईएमआई का प्लेसमेंट भी दिया जा रहा है, मदद से आप अफोर्डेबल रिप्लेसमेंट पर स्टॉक खरीद सकते हैं। अमेज़न बिग सेल से आप इन अलमारियों को बेचकर भारी बचत का लाभ भी उठा सकते हैं। सर्वोत्तम डील्स और ऑफर्स पाने के लिए आप इस सूची की जांच कर सकते हैं। इस लिस्ट में मिल रहे मोटरसाइकिल टॉप स्कूल और काफी बेस्ट माने जाते हैं। पैनासोनिक 25L सोलो माइक्रोवेव ओवन: यह 25 लीटर की क्षमता वाला माइक्रोवेव ओवन आ रहा है। इस पैनासोनिक सोलो माइक्रोवेव ओवन ऑटो कुक मेन्यू नीचे दिया गया है, जिससे खाना बनाना आपके बाएं हाथ का काम हो सकता है। यह ऊर्जा बचत के साथ-साथ समय की भी काफी बचत करती है। हैंड्स फ्री कुकिंग के लिए इस चॉकलेट में 85 ऑटो कुक मेन्यू के साथ ही टाइमर का फीचर भी दिया गया है। यह डॉक्युमेंट्स को उपभोक्ता भी काफी पसंद कर रहे हैं। हायर 19 एल इन्वर्टर टेक्नोलॉजी सोलो माइक्रोवेव ओवन: अगर आप अपनी कुकिंग को आसान बनाना चाहते हैं, तो यह हायर माइक्रोवेव ओवन आपके लिए काफी शानदार हो सकता है। यह काफी लाइटवेट के साथ ही कॉम्प्लीमेंट डिजाइन में आ रहा है, जिससे किचन में ज्यादा जगह भी नहीं मिलती है। इस मोटरसाइकिल में आपको 5 पावर स्टैप्स भी बताए जा रहे हैं। यह आवाज भी काफी कम करती है, जिससे आप बिना शोर मचाए खाना बना सकते हैं। IFB 24 L सोलो माइक्रोवेव ओवन: इस IFB सोलो माइक्रोवेव ओवन से आपकी कुकिंग काफी आसान होने के साथ ही कुकिंग स्टाइल्स भी प्राथमिक हो जाएंगी। इस व्हीलचेयर की मदद से आपका समय भी काफी बच सकता है। इसमें अजीबोगरीब स्टील से बनी कैविटी भी दी जा रही है। भारतीय कुकिंग के लिए भी इस गुड़िया गुड़िया का उपयोग किया जा सकता है। यह डॉयलायल 69 मेन्यू नियुक्ति के साथ मिल रही है। LG 20 L सोलो माइक्रोवेव ओवन (MS2043BP): इस ब्रांडेड LG सोलो माइक्रोवेव ओवन को कुकिंग के लिए बेस्ट माना जा रहा है, जिसे खरीदने वालों ने 4.2 स्टार की रेटिंग भी दी है। यह मोटरसाइकिल स्वास्थ्य समीक्षा मेन्यू और स्टीम क्लीन फीचर के साथ आ रही है। इसे साफ करना भी काफी आसान माना जाता है। अगर आप शानदार इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना चाहते हैं, तो बजट में यह बहुत ही शानदार गैजेट हो सकता है। गोदरेज 20 एल मल्टी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सोलो माइक्रोवेव ओवन: इस नवीनतम गोदरेज सोलो माइक्रोवेव ओवन में मल्टी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम दिया गया है, जिससे इवेन और फास्ट कुकिंग में काफी मदद मिलती है। यह मोटरसाइकिल 5 पावर लेवल वाला है, जिसे एडजस्ट करके आप कुकिंग को बेहतर बना सकते हैं। यह काले और आलीशान लुक में आ रहा है, जिससे आपका किचन भी काफी अचूक हो सकता है। इस मोटरसाइकिल पर आपको 1500 रुपये तक की छूट भी मिल रही है।

इन राशि के लोगों को पहनना चाहिए नीलम, मिलेगा भाग्य का साथ

वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय प्रदाता और कर्मफल दाता माना गया है। वहीं शनि देव का रत्न नीलम होता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति नीलम रत्न को धारण करता है उसे जीवन में कम संघर्षों का सामना करना पड़ता है। ऐसा व्यक्ति भाग्य से ज्यादा कर्म पर विश्वास रखते हैं। नीलम धारण करने से करियर और कारोबार में भी तरक्की मिलती है। आइए आज हम आपको बताते हैं किस राशि के जातकों को नीलम धारण करना चाहिए। नीलम पहनना किन राशियों के लिए है शुभ? नीलम रत्न पहनना कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसमें कुंभ और मकर राशि के लोग शामिल हैं, क्योंकि इन राशियों के स्वामी शनि देव होते हैं। इसके अलावा वृष, मिथुन, कन्या और तुला राशि के लोग भी नीलम धारण कर सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में शनि कमजोर होता है वह भी नीलम पहन सकते हैं। यदि शनि देव शुभ (उच्च) के कुंडली में स्थित हैं, तो भी नीलम पहना शुभ होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि देव त्रिकोण और कर्म भाव के स्वामी हैं और वह स्व या मित्र राशि में विराजमान हैं, तो भी नीलम रत्न धारण किया जा सकता है। नीलम रत्न धारण करने के लाभ नीलम रत्न का संबंध शनि देव से होता है, इसलिए इसको धारण करने से व्यक्ति मेहनती और परिश्रमी होता है। साथ ही व्यक्ति को करियर और कारोबार में भी तरक्की मिलती है। जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत रहती है, वह भी नीलम रत्न धारण कर सकते हैं। धैर्य की कमी होने पर भी व्यक्ति नीलम पहन सकता है, लेकिन नीलम के साथ भूलकर भी माणिक्य और मूंगा नहीं पहनना चाहिए। इससे प्रभाव विपरीत भी हो सकते हैं। नीलम धारण करने की विधि सबसे अच्छा नीलम रत्न श्रीलंका देश में मिलता है, जिसे सीलोनी कहा जाता है। हालांकि यह थोड़ा महंगा भी होता है। दरअसल, नीलम रत्न शरीर के वजन के हिसाब से खरीदना चाहिए। नीलम को अंगूठी या पेंडेंट के रूप में धारण किया जा सकता है। नीलम को पंचधातु में धारण करना शुभ माना जाता है। इसे मध्यमा उंगली में पहना जा सकता है और इसे शनिवार के दिन धारण करना लाभप्रद होता है।

बर्निंग माउथ सिंड्रोम से प्रभावित हो सकते हैं स्वाद कलिकाएं, सूखा रहता है मुंह; जानें इस बीमारी का इलाज

अगर आपके मुंह में बार-बार जलन जैसा महसूस होता है और वह भी बिना किसी कारण के, तो जरूर आप बर्निंग माउथ सिंड्रोम के शिकार हैं। इस स्थिति में आपको आपकी जीभ, मसूड़े, मूस, गॉल का निचला हिस्सा, मुंह का ऊपर वाला हिस्सा जलता हुआ महसूस होता है। यह काफी गंभीर भी हो सकता है और आपको काफी दर्द और दर्द भी महसूस हो सकता है। इसमें आपको ऐसा महसूस होता है मानो खुद की जीभ को ज्यादा गर्म दूध पीकर जला लिया हो। यह सिंड्रोम स्पष्ट रूप से होता है लेकिन इसके लक्षण समय के साथ-साथ बढ़ते जा रहे हैं। इसका कारण पता नहीं चल पाया है। इस दस्तावेज़ को जान कर आप अपने डॉक्टर की मदद से अपने मुँह की सेहत को बिल्कुल अच्छा रख सकते हैं। आइए जानें इस सिंड्रोम से जुड़ी जानकारी के बारे में। लक्षण इसका सबसे मुख्य लक्षण मुंह के अलग अलग वर्गीकरण में जलन महसूस होना ही है। आपको अपनी जीभ, मसूड़ों और गले में जलन जैसा महसूस हो सकता है। आपके पास हमेशा के लिए अपना ग्लास सूखा हुआ प्लेस और अधिकांश लीज प्लेसमेंट होगा। आपके मुँह का स्वाद बदल जायेगा। आपको मुंह में चॉकलेटपन महसूस होगा। आपके स्वाद की क्षमता काफी हद तक चली जाएगी। मुँह में गुदगुदाहट या सुन्नपन महसूस होना। डॉक्टर को कब जाना चाहिए? जब भी आपको लगे कि आपके लक्षण ठीक हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अगर आपका खाना बनाना भी मुश्किल हो जाए और लेवल की बढ़ोतरी लगे तो डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज जरूर करवा लें। इसका मुख्य कारण तो अभी तक ठीक से पता नहीं चल पाया है लेकिन कुछ विशेषताएँ स्वाद और दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसमें कई सी चीजें शामिल होती हैं जैसे अगर आपको डायरिया मुंह की समस्या है तो आपको यह सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको किसी अन्य प्रकार का मौखिक संक्रमण या सूजन है तो यह भी इसका कारण हो सकता है। कई बार आवश्यक रासायनिक ज़रूरतें पूरी तरह से न हो पाना भी बर्निंग सिंड्रोम का कारण होता है। कुछ खाने से हमें एलर्जी होती है इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थ यदि स्थायी नहीं हैं तो मुंह में जलन हो सकती है। महिलाओं में इस सिंड्रोम का जोखिम कारक पुरुषों में अधिकतर होता है और रजोनिवृत्ति के लक्षण पहले या बाद में शुरू होते हैं, आपको यह सिंड्रोम देखने को मिल सकता है। 50 वर्ष की आयु के बाद यह सिंड्रोम अधिक होने के जोखिम होते हैं। जो लोग धूम्रपान अधिक करते हैं उन्हें भी यह सिंड्रोम अधिक होने का खतरा रहता है। इलाज आपके डॉक्टर आपके इंजेक्शन की चपेट में देख कर अलग-अलग इलाज के प्लेसमेंट दे सकते हैं। इसके इलाज में लार उत्पाद, ओरल रिंस, अल्फा एसिड एसिड आदि शामिल हैं। कुछ एंटी-डिप्रेसेंट या चॉकलेट का सेवन करने से आप इस स्थिति में काफी हद तक आराम पा सकते हैं। आप कुछ लाइफस्टाइल में बदलाव और होम रेमेडीज का प्रयोग करके भी कुछ हद तक आराम पा सकते हैं। इस स्थिति में शराब और तंबाकू का सेवन बिल्कुल छोड़ दें।

बाथरूम से आती दुर्गंध भगाने के लिए अपनाएं ये सस्ते और घरेलू उपाय

घर कितना भी साफ-सुथरा क्यों न हो लेकिन बाथरूम में दुर्गंध तो देखने वाले का सारा मूड खराब हो जाता है। घर में मेहमान आए हुए तो आपको इस वजह से शर्मिदा होना पड़ सकता है। वैसे तो बाजार से ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट्स आसानी से मिल जाते हैं जो बाथरूम से आने वाली गंदी सी गंध को आसानी से दूर कर देते हैं लेकिन यह प्रोडक्ट्स काफी महंगे होते हैं। ऐसे में इसकी जगह पर घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जाए तो ज्यादा बेहतर ऑप्शन होता है। यह घरेलू चीजें आपको किचन से आसानी से मिल सकती है लेकिन ध्यान रहें कि इन चीजों को असर दिखाने में कुछ वक्त लगता है इसलिए थोड़ा संयम से काम लें। नींबू का रस नींबू, किचन में मौजूद एक ऐसी चीज है, जिसके एक नहीं सैकड़ों उपयोग हैं। यह दुर्गंध दूर भगाने का सबसे बढ़िया तरीका है। ज्यादा मात्रा में नींबू के रस को फ्लोर पर डाल दीजिए। कुछ देर के लिए बाथरूम को बंद कर दीजिए। उसके बाद साफ पानी से बाथरूम को धो लीजिए। बेकिंग सोडा बेकिंग सोडा की कुछ ज्यादा सी मात्रा लेकर उसे बाल्टी में पानी लेकर घोल लीजिए। उसके बाद फ्लोर पर उस पानी को फैला दीजिए। कुछ देर उसे उसी तरह रहने दें। बाद में साफ पानी से फ्लोर को साफ कर लीजिए। ऐसे सप्ताह में 2 बार करने से बाथरूम की बदबू चली जाएगी। सिरका बाथरूम में स्मेल दूर भगाने के लिए आप सिरके का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। सिरके को ज्यादा मात्रा में पानी में मिक्स करके फर्श पर फैला लें। कुछ देर ऐसा ही छोड़ने के बाद बाथरूम को पानी से धो ले। आपका फर्श चमक उठेगा। साबुन का पानी अगर आपके बाथरूम से बदबू आती है तो आप किसी सुगंधित डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। डिटर्जेंट पाउडर को पानी में मिलाकर फर्श की सफाई करने से एक ओर जहां फर्श चमक उठता है वहीं बदबू भी कम हो जाती है। सप्ताह में 2 से 3 बार ऐसा करने से दुर्गंध हमेशा के लिए दूर हो जाती है।  

इन चीजों से पूरी होगी खूबसूरत और घने बालों की चाहत

लंबे, काले और घने बालों की चाहत हर लड़की की होती है। मगर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण में यह इच्छा पूरी होना बहुत मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पोषण की कमी। घने बालों के लिए आपको इन खास बातों पर ध्यान रखने की जरूरत होती है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए पोषण के साथ स्वस्थ आहार लेना भी जरूरी होता है, ताकि आपके बाल स्वस्थ रहें। हालांकि कुछ प्राकृतिक चीजों की मदद से आप अपने बालों को स्वस्थ और घना बना सकती हैं। तो आइए आपको उन प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताते हैं जिससे आपके बाल स्वस्थ और घने बनते हैं। घने बाल पाने के लिए प्राकृतिक उपाय अंडा अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है जो बालों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। अगर आप बालों को स्वस्थ बनाने के लिए अंडे का इस्तेमाल करते हैं तो इससे कुछ समय में बाल घने हो जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए 1-2 अंडों को फेट कर स्कैल्प और बालों पर लगाएं। इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी और शैम्पू से बालों को धो लें। एलोवेरा जेल बहुत से लोगों को लगता है कि एलोवेरा जेल सिर्फ त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। मगर ऐसा नहीं है यह बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। शुद्ध एलोवेरा जेल को स्कैल्प और बालों पर लगाने से बाल घने होते हैं। कैस्टर ऑयल कैस्टर ऑयल में उच्च मात्रा में विटामिन ई और फैटी एसिड होते हैं। बालों को स्वस्थ बनाने के लिए विटामिन ई फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल करना आसान होता है। आपको बस कैस्टर ऑयल से बालों और स्कैल्प पर मसाज करनी होती है। मसाज करके 30 मिनट तक बालों पर कैस्टर ऑयल लगे रहने दें। उसके बाद बालों को धो लें। ऑलिव ऑयल ऑलिव ऑयल में उच्च मात्रा में ओमेगा 3 एसिड होता है जो बालों के साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। जब आप बालों पर ऑलिव ऑयल लगाते हैं तो इससे बाल घने बनते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए ऑलिव ऑयल को शरीर के तापमान जितना गर्म कर लें। उसके बाद बालों और स्कैल्प पर गुनगुने तेल से मसाज करें। 30-45 मिनट तक इसे बालों पर लगे रहने दें। उसके बाद बालों को शैम्पू से धो लें। एवोकाडो एवोकाडो में उच्च मात्रा में विटामिन ई होता है जो एक अच्छे मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक एवोकाडो को कद्दूकस करके उसमें 1 चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट तक इस पेस्ट को लगे रहने दें। उसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।  

सॉफ्टवेयर के बगैर पेन ड्राइव पर लगाएं पासवर्ड

स्मार्टफोन गुम होने या चोरी होने पर उसका डाटा एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर का इस्तेमाल कर रिमोट एक्सेस से डिलीट कर सकते हैं मगर पेन ड्राइव खो जाए तब क्या करेंगे। ऐसी समस्या से बचने के लिए आप सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट कर देते हैं। मगर क्या आपको पता है कि पेन ड्राइव पर बिना सॉफ्टवेयर के भी पासवर्ड लगाया जा सकता है। वहीं स्मार्टफोन में भी बिना एप के अपने निजी फोल्डर ओर फोटो को छिपा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में… पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट करना बहुत ही आसान है। पासवर्ड सेट करने के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप में दिए गए ‘स्टार्ट’ पर क्लिक करें। इसके बाद  ‘कंप्यूटर पैनल’ में जाएं। यहां दाईं तरफ ऊपर की ओर ‘व्यू बाई’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करके  ‘लार्ज आइकन’ का चुनाव करें। इसके बाद बिटलाकर ड्राइव एनएन्क्रिप्सन पर क्लिक करें। नई स्क्रीन खुलने के बाद उसमें कंप्यूटर से जुड़ी हुई ड्राइव दिखाई देंगी। इसमें ‘पेन ड्राइव’ का विकल्प भी होगा जिसके सामने बिटलाकर लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें। ऐसा करने से नई विंडो स्क्रीन खुलेगी, जिसमें पेन ड्राइव के लिए पासवर्ड टाइप करना होगा। इसके बाद उस स्क्रीन पर ‘नेक्स्ट’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक कर दें और आगे बढ़ें। अब स्क्रीन पर दो विकल्प आएंगे जिसमें से ऊपर की ओर सेव द पासवर्ड लिखा मिलेगा उसे चुनें। इस प्रक्रिया के बाद यूजर की पेन ड्राइव आसानी से सुरक्षित हो जाएगी। बिना सॉफ्टवेयर के छिपाएं फोन के फोल्डर स्मार्टफोन में जितने एप होते हैं, उनकी संख्या शायद ही किसी यूजर को पता हो। फोन हैंग होने की असली वजह ज्यादा एप होना भी है। अगर आपके फोन में भी ऐसा ही है तो अपने फोन में से एक एप्लीकेशन एप लॉकर या फोल्डर लॉकर  डिलीट कर दें क्योंकि यूजर बिना ‘एप लॉकर’ से भी निजी फोल्डर फोन में छिपा सकते हैं। इसके लिए फोन के एप मेन्यू में जाएं। वहां दिए गए ‘फाइल मैनेजर’ पर क्लिक करके उसके अंदर जाएं। यहां आप एसडी कार्ड और इंटरनल मेमोरी का भी चयन कर सकते हैं, जहां पर अपनी फाइलों को छिपाना चाहते हैं। मेमोरी का चयन करने के बाद फोल्डर बनाएं। फोल्डर बनाने के लिए ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन बिन्दुओं वाले ‘सेटिंग’ के आइकन पर क्लिक करें। इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी जिस पर ‘न्यू फोल्डर’ लिखा होगा उस पर क्लिक करते ही नया फोल्डर बन जाएगा और उस पर नाम देने का विकल्प आएगा। ध्यान रहे कि फोल्डर का नाम देने से पहले पहले डॉट (.) अवश्य लगा दें। इसके बाद ‘ओके’ का विकल्प दबाएं। फोल्डर बनाते ही वह छिप जाएगा। फोल्डर को दोबारा देखने के लिए फोल्डर बनाने वाली जगह पर जाएं और वहां ऊपर की तरफ दिए गए ‘सेटिंग’ में जाकर शो हिडन फाइल का चुनाव करें। काम होने के बाद फोल्डर को दोबारा छिपाने के लिए सेटिंग में दिए गए हाईड हिडेन फाइल पर क्लिक करना होगा।    

महिलाओं में कमर दर्द की ज्यादा शिकायत

सामान्य सर्दी के बाद, पीठ दर्द सभी उम्र के लोगों में होने वाली दूसरी सबसे प्रचलित समस्या है। सेवानिवृत्त शिक्षिका 60 वर्षीय आशा शर्मा सक्रिय जीवन जीती थीं जब तक कि उनके पीठ दर्द ने उन्हें व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय नहीं कर दिया। उन्होंने एक डॉक्टर से दिखाया जिन्होंने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। लेकिन श्रीमती शर्मा सर्जरी कराना नहीं चाहती थीं और उन्होंने वेंकटेश्वर अस्पताल में एक विशेषज्ञ से एक और राय लेने का विचार किया। उन्होंने वेंकटेश्वर हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी बिभाग से संपर्क किया जहां उन्हें सर्जरी के निर्णय लेने से पहले ट्रायल के तौर पर सेल्फ केयर की सलाह दी क्योंकि यह देखा गया है कि सेल्फ केयर से लगभग 50 प्रतिशत रोगियों को पीठ दर्द से राहत मिल जाती है। आज, वह अपने पैरों पर वापस खड़ी हो गई हैं। वेंकटेश्वर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पिंदर कुमार सचदेव कहते हैं, “सर्जरी उन लोगों के लिए सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जिनमें नर्व रूट पर दबाव पड़ रहा हो या रीढ़ की हड्डी अस्थिर हो गई हो।“ पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं न केवल कमर और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से ग्रस्त होती हैं, बल्कि उनकी समस्याएं भी गंभीर होती हैं। महिला की शारीरिक संरचना का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से तेजी से उनकी हड्डी का नुकसान होने लगता है और इसका खतरनाक भाग उम्र का बढ़ना है। आमतौर पर 30 वर्ष की आयु और रजोनिवृत्ति की शुरुआत के बीच, महिलाओं में हड्डी का घनत्व का और अधिक तेज़ी से कम होता है। “महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे डीजेनेरेटिव डिस्क रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह एक सामान्य बीमारी है जिसे रप्चर्ड डिस्क कहा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को धक्का देता है, तंत्रिका पर दबाव डालता है, जिससे हर्निएटेड या स्ल्पि्ड डिस्क हो जाती है।“ रीढ़ एक स्तंभ के रूप में कार्य करता है जो आपके शरीर के वजन को वहन करता है। यही कारण है कि रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वस्थ जीवनशैली रीढ़ की हड्डी में दर्द, कमर दर्द, इत्यादि का खतरा पैदा करती है। इस तरह के परेशान करने वाले दर्द और पीड़ा से बचने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सलाह दी गई हैं जिन पर अमल करने पर आपको फिट रहने में मदद मिलेगी। अपने शरीर की सुनो : आपका शरीर आपको संकेत भेजता रहता है कि चीजें अस्वस्थ हैं। लेकिन अधिकतर बार हम इन संकेतों को तब तक अनदेखा करते रहते हैं, जब कि बहुत देर न हो जाए। अपनी रीढ़ की हड्डी सीधे रखें : हमेशा सीधे खड़े हों और सीधे बैठें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बैठे होते हैं, तो यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि यह झुकती है। जब आप बैठे होते हैं तो आपके घुटने सही स्थिति में हो और आपके पैर फ्लैट हों। अपनी शारीरिक गतिविधियां जारी रखें : जब मांसपेशियां थक जाती हैं तो स्लचिंग (आगे झुक कर बैठना या चलना), स्लंपिंग (अचानक गिरना) और अन्य खराब मुद्राएं होने की अधिक संभावना होती हैं। इसके कारण, गर्दन और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिलैक्स्ड लेकिन समर्थित मुद्रा को बनाए रखने के लिए, अक्सर अपनी पॉजिशन बदलें। व्यायाम : रीढ़ की हड्डी को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए उन मांसपेषियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है जो रीढ़ की हड्डी को स्थिर करती हैं और आपको कुशलतापूर्वक चलने-फिरने में मदद करती हैं।  

करवा चौथ पर पहनना है शादी का लहंगा तो इन बातों रखें ध्यान

करवा चौथ का दिन हर सुहागिन महिला के लिए बेहद खास होता है। ये दिन पति-पत्नी के प्यार का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन का इंतजार हर सुहागिन महिला सालभर करती है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ के दिन निर्जला व्रत रखती हैं। ये त्योहार हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये तिथि 20 अक्तूबर को पड़ेगी, ऐसे में करवा चौथ का व्रत 20 अक्तूबर को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं खूब सजती और संवरती हैं। वैसे तो महिलाएं इसके लिए नई-नई साड़ी पहनती हैं, लेकिन बहुत सी महिलाएं और नई दुल्हनें इस दिन शादी का लहंगा पहनना पसंद करती हैं। अगर आप भी उन्हीं महिलाओं में से हैं जो करवा चौथ के दिन शादी का लहंगा पहनना चाहती हैं तो कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें। तभी आपका लुक प्यारा दिखेगा। फिटिंग का रखें ध्यान शादी के बाद महिलाओं के शरीर में काफी बदलाव होते हैं। ऐसे में हो सकता है कि शादी के समय और अब की आपकी बॉडी में अंतर हो। इसलिए लहंगे की फिटिंग की जांच लें। अगर फिटिंग में कोई बदलाव करना है, तो समय रहते टेलर से इसे ठीक करवा लें, ताकि आपका लुक परफेक्ट दिखे। कराएं सफाई कई बार ऐसा होता है कि रखे-रखे लहंगे की पॉलिश उतर जाती है और वो अजीब दिखने लगता है। ऐसे में उसे प्रोफेशनल तरीके से सही करवाएं। शादी के बाद से अगर लहंगा अलमारी में रखा है, तो उसे निकालकर अच्छी तरह से धूप में रखें ताकि उसमें से नमी या गंध निकल जाए। अलग तरह से करें कैरी अपने लहंगे को साधारण तरह से कैरी करने की वजह आप उसका लुक बदल सकती हैं। इसके लिए आप चाहें तो टॉप स्टाइल का ब्लाउज कैरी करें। ये आपको स्कर्ट टॉप जैसा लुक देगा। अलग हो ज्वेलरी शादी के समय जो ज्वेलरी आपने पहनी थी, वो करवा चौथ पर बहुत हैवी लग सकती है। ऐसे में आप अपने लहंगे के साथ हल्की और एलिगेंट ज्वेलरी चुन सकती हैं ताकि आपका लुक ग्रेसफुल और सॉफ्ट दिखे। हेयर स्टाइल हो सही अपने आउटफिट को खूबसूरत बनाने के लिए हेयर और मेकअप भी सही तरीके से करें। करवा चौथ पर ज्यादा भारी मेकअप से बचें और नेचुरल और सटल लुक चुनें। आप बालों में गजरा या हल्की एक्सेसरीज का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। ये चीजें हैं जरूरी अपने लहंगा लुक को शादी का चूड़ा, बिंदी और सिंदूर जैसी चीजें इस्तेमाल करके कंप्लीट करें। इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए आप अपने शादी के लहंगे को करवा चौथ के मौके पर पहन सकती हैं। इन्हीं की वजह से आप शादी के लहंगे में दोबारा दुल्हन के जैसी लग सकती हैं।

दिवाली गिफ्ट के लिए बेस्ट स्मार्टवॉच: स्पेसिफिकेशन जानें

दिवाली का त्यौहार नजदीक है, और इस अवसर पर अपनों को उपहार देने का चलन वर्षों से चला आ रहा है। इस साल अगर आप कुछ खास और आधुनिक गिफ्ट देने की सोच रहे हैं, तो स्मार्टवॉच एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह न केवल स्टाइलिश है, बल्कि स्वास्थ्य और फिटनेस को ट्रैक करने के साथ ही कई स्मार्ट फीचर्स भी प्रदान करती है। आइए, जानते हैं दिवाली पर उपहार देने के लिए कुछ बेहतरीन स्मार्टवॉच के बारे में: Apple Watch Series 9: अगर आपका बजट थोड़ा ज्यादा है और आप अपने प्रियजनों को प्रीमियम गिफ्ट देना चाहते हैं, तो Apple Watch Series 9 एक शानदार विकल्प है। यह फिटनेस ट्रैकिंग, ECG, ब्लड ऑक्सीजन मॉनिटरिंग और स्मार्ट नोटिफिकेशन जैसी कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। Samsung Galaxy Watch 6: Samsung Galaxy Watch 6, Android यूजर्स के लिए एक बेहतरीन स्मार्टवॉच है। इसकी शानदार बैटरी लाइफ, स्लीक डिजाइन और स्वास्थ्य ट्रैकिंग फीचर्स इसे दिवाली के लिए एक आकर्षक उपहार बनाते हैं। इसमें स्लीप ट्रैकिंग, फिटनेस ट्रैकिंग और हार्ट रेट मॉनिटर जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। Noise ColorFit Ultra 3: Noise ब्रांड की यह स्मार्टवॉच बजट में एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें AMOLED डिस्प्ले, ब्लड ऑक्सीजन मॉनिटरिंग, हार्ट रेट ट्रैकिंग और 100 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स हैं। यह दिवाली पर एक आकर्षक और उपयोगी गिफ्ट हो सकता है। boAt Wave Pro: boAt Wave Pro उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो कम बजट में एक स्मार्टवॉच चाहते हैं। यह वाटरप्रूफ, फिटनेस ट्रैकर, हार्ट रेट मॉनिटर और लंबी बैटरी लाइफ के साथ आती है। इसकी स्टाइलिश डिज़ाइन इसे एक परफेक्ट दिवाली गिफ्ट बनाती है। Fitbit Versa 4 Fitbit Versa 4 फिटनेस प्रेमियों के लिए एक आदर्श उपहार है। इसमें एक्टिविटी ट्रैकिंग, स्लीप मॉनिटरिंग, और GPS जैसी फीचर्स मौजूद हैं। इसके साथ ही यह स्मार्ट नोटिफिकेशन और म्यूजिक कंट्रोल की सुविधाएं भी देता है, जो इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं।

चेहरे और त्वचा की देखभाल के लिए आज़माएं बेस्ट सीरम

Amazon Great Indian Festival Sale 2024 की डील से आप टॉप फेस सीरम ले सकती हैं। अगर आप डलनेस, डार्क स्पॉट्स, रिंकल्स, फाइन लाइन्स और अन्य प्रॉब्लम को कम करना चाहती हैं, तो फेस सीरम आपके लिए काफी बढ़िया उपाय हो सकता है। आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही Best Serum For Face लाए हैं, इसके इस्तेमाल से आपको इन परेशानी से छुटकारा मिलने के साथ ही ब्राइट, रेडिएंट और काफी क्लीन स्किन टोन भी मिल सकता है। Biggest Sale On Amazon की ये डील बचत के लिए काफी बढ़िया मानी जाती है। इस सेल में आपको फेस सीरम पर 30% तक का धाकड़ डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। अच्छे फेस सीरम के लिए आप इस खास लिस्ट को भी चेक कर सकती हैं। SkinInspired Aqua Pump 10% Niacinamide Face Serum: इस Niacinamide Face Serum को हाई परफॉर्मेंस वाले एक्टिव को मिलाकर बनाया गया है, जिसमें 2% अल्फा अर्बुटिन, 10% नियासिनामाइड, 1% सीसा और 0.6% जिंक PCA को इस्तेमाल किया गया है, जिससे आपको काफी बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं। यह सीरम स्किन के हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करने के साथ ही एजिंग साइन घटाने में भी काफी मदद करती है। यह स्किन के एक्ने को भी खत्म कर सकती है। LuxaDerme Korean Ultra Brightening Face Serum: अगर आप कोरियन जैसा ग्लो पाना चाहती हैं, तो इस Brightening Face Serum का इस्तेमाल आपके लिए काफी बढ़िया हो सकता है। यह UV डैमेज से भी प्रोटेक्शन पाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। इस फेस सीरम को स्किन ब्राइटनेस के लिए काफी अच्छा माना जाता है। यह डार्क स्पॉट्स रिमूव इवेन टोन भी दे सकती है। इसमें 91% तक नेचुरल इंग्रेडिएंट्स को शामिल किया गया है, जो आपको बेहद अच्छे रिजल्ट दे सकती है। CETAPHIL Bright Healthy Radiance Brightening |Glow Serum: हेल्दी रेडियंस ब्राइटनिंग के लिए आप इस Face Glow Serum को ट्राय कर सकती हैं। यह फेस सीरम लगभग सभी स्किन टाइप के लिए सूटेबल हो सकती है। यह फेस सीरम महिलाओं के साथ ही पुरुषों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इस फेस सीरम से डार्क स्पॉट्स कम होने के साथ ही डलनेस की प्रॉब्लम भी बेहद कम हो सकती है। इस फेस सीरम को यूजर्स ने भी काफी पसंद किया है। Alpha Mortal Advanced Face Serum with Niacinamide: त्वचा से हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करने के लिए आप इस Face Serum with Niacinamide का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह फेस सीरम डार्क स्पॉट्स कम करके स्किन को ब्राइटेन टोन देने में मदद करती है। यह नियासिनामाइड, लीकोरिस एक्सट्रैक्ट, ग्लूटाथिओन और कोजिक एसिड की खूबियों के साथ आ रहा है, जिससे आपकी त्वचा हेल्दी और काफी ब्राइट भी हो सकती है। यह 30ml के पैक में आ रही है। Blue Nectar 24k Gold Serum for Glowing Skin | Kumkumadi Oil Serum: इस टॉप ब्रैंडेड 24k Gold Serum for Glowing Skin को यूजर्स काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अगर आप भी ब्राइट और फ्लोलेस ग्लो पाना चाहती हैं, तो यह फेस सीरम आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इस फेस सीरम में 24K गोल्ड के गुण भी हैं, जो आपको सोने जैसी चमकती हुई त्वचा दे सकती है। इस फेस सीरम में 24 हर्ब्स को मिलाया गया है। Amazon Sale से आप इस फेस सीरम को 88 रुपये की EMI पर भी ले सकती हैं।

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल: 30000 रुपये के अंदर बेस्ट लैपटॉप पर शानदार ऑफर्स लाइव

Laptop Under 30000 को बच्चों की पढ़ाई से लेकर ऑफिस वर्क तक के लिए बेस्ट माना जाता है। यह सभी टॉप रेटेड वो लैपटॉप हैं, जिन्हें यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। Amazon Great Indian Festival Sale 2024 में इन पर 51% तक का जबरदस्त डिस्काउंट मिल रहा है। थिन और लाइटवेट इन लैपटॉप में फास्ट प्रोसेसर के साथ हैवी रैम और स्टोरेज दिया गया है, जो आपके हर काम को आसान बना देंगे। इन सभी लैपटॉप में कई घंटे तक चलने वाली बैटरी दी गई है और ये ड्यूरेबिलिटी के मामले में काफी शानदार हैं। एडवांस्ड फीचर्स वाले इन Laptop में आपको बेहतरीन ग्राफिक्स कार्ड के साथ एचडी वेबकैम मिल जाएगा। यह सभी लैपटॉप एक साल की वारंटी के साथ आ रहे हैं। सेल के दौरान इन्हें खरीदते समय आप नो कॉस्ट ईएमआई और कई बैंक ऑफर्स का फायदा उठाकर आप अतिरिक्त बचत कर सकते हैं। ZEBRONICS PRO Series Z NBC 4S, Intel Core 12th Gen i5 512GB SSD Laptop: यह 12th जेनरेशन की इंटेल कोर I5 प्रोसेसर वाला लैपटॉप है, जिसमें 15.6 इंच का डिस्प्ले मिल जाता है। Amazon Sale में यह लैपटॉप 51% तक के डिस्काउंट पर मिल रहा है, जिसे आप खरीदकर आधे से भी ज्यादा की बचत कर सकते हैं। इस ZEBRONICS Laptop में विंडो 11 का होम ऑपरेटिंग सिस्टम दिया है। यह लैपटॉप 38.5 वाट की लार्ज बैट्री कैपेसिटी में आता है, जो फुल चार्ज होने के बाद में लान्ग लास्टिंग बैकअप देगी। ब्लू कलर का यह लैपटॉप आप मल्टीटास्क वर्क के लिए ले सकते हैं। Acer [Smartchoice Aspire Lite AMD Ryzen 3 5300U Premium Thin and Light Laptop: यह प्रीमियम थिन और लाइटवेट डिजाइन वाला Acer Laptop है। इसमें स्टील ग्रे कलर मिल रहा है। यह लैपटॉप अगर आप Amazon Sale Date से खरीदते हैं, तो इसे खरीदते समय 23000 तक का डिस्काउंट पा सकते हैं। यह लैपटॉप लाइटवेट डिजाइन वाला है और इसमें ड्यूल माइक्रोफोन, नॉइस कैंसिलेशन फीचर के साथ दिया है। इसमें 8GB रैम और 512 जीबी का स्टोरेज मिल जाता है, जिससे आप आसानी से फाइल्स को सेव करके रख सकते हैं। Lenovo IdeaPad 1 AMD Ryzen 3 7320U 15.6″ HD Thin and Light Laptop: Sale On Amazon में किफायती कीमत में मिलने वाले इस लैपटॉप का चुनाव करना अच्छा विकल्प हो सकता है। इस लैपटॉप में फुल एचडी डिस्प्ले मिलता है, जो प्रोफेशनल वर्क के लिए बेस्ट रहेगा। एडवांस्ड फीचर्स के साथ आने वाला यह लैपटॉप फोटोशॉप, कोडिंग और एडिटिंग जैसे काम भी कर सकता है। लाइटवेट वजन की वजह से इस लैपटॉप को आप कैरी करके कहीं भी ले जा सकते हैं। ब्लूटूथ कनेक्टिविटी वाले इस Lenovo Laptop में आपको हाई स्पीड प्रोसेसिंग मिलेगी। Dell Inspiron 3535, AMD Ryzen 3 7320U Processor: यह कार्बन ब्लैक कलर में आने वाला Dell Inspiron Laptop है, जिसमें फुल एचडी डिस्प्ले और हाई स्पीड प्रोसेसर दिया है। यह लैपटॉप प्रीलोडेड विंडो 11 के होम ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा। नेरो बॉर्डर डिजाइन वाला यह लैपटॉप टाइपिंग करने में भी कंफर्टेबल रहेगा। इसमें दमदार बैटरी मिलती है, जो कई घंटे का नॉनस्टॉप बैकअप देगी। Great Indian Sale 2024 से इस लैपटॉप को आप 30 हजार से कम की कीमत में खरीद सकते हैं। Acer Aspire Lite 12th Gen Intel Core i3-1215U Premium Metal Laptop: Biggest Sale on Amazon में 47% के डिस्काउंट में आने वाला यह लैपटॉप यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। इसमें इंटेल कोर i3 प्रोसेसर दिया है, जिससे आप सभी काम को आसानी से कर सकते हैं। क्रिस्टल क्लियर कॉन्फ्रेंसिंग कॉल के लिए इस लैपटॉप में एचडी कैमरा दिया है। यह लैपटॉप इंटीग्रेटेड ग्राफिक कार्ड के साथ आता है। परफॉर्मेंस और ड्यूरेबिलिटी के मामले में भी यह Acer Laptop काफी जबरदस्त है। इनमें वर्क करके आपको बेहतरीन एक्सपीरियंस मिलेगा।

सुबह के समय चिया सीड्स खाने के अद्भुत फायदे

क्या मॉर्निंग में चिया सीड्स खाने चाहिए? हेल्दी डाइट के अंदर चिया सीड्स को शामिल होना चाहिए। इनका सेवन पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इन्हें मॉर्निंग डाइट में खा सकते हैं। ऐसा करने से सुबह-सुबह आपको जरूरी एनर्जी, पोषण और जान मिलेगी। जो पूरे दिन शरीर की जरूरतें पूरी करेंगे। हैदराबाद स्थित Gleneagles Aware Hospital की चीफ डाइटिशियन Dr. Birali Swetha ने चिया सीड्स के फायदे और संभावित नुकसान बताए हैं। चिया सीड्स के अंदर पोषण चिया सीड्स में फाइबर, ओमेगा -3 फैटी एसिड, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम और मैग्नीशियम आदि होते हैं। सुबह के वक्त ये सारे न्यूट्रिएंट्स मिल जाने से शरीर में इनकी कमी नहीं होती। डायजेशन बढ़ता है चिया सीड्स के अंदर हाई फाइबर होता है, जो इंटेस्टाइनल हेल्थ के लिए अच्छा होता है। कब्ज की समस्या में भी यह राहत देता है। पूरे दिन रहेगी एनर्जी चिया सीड्स धीरे पचते हैं, इस वजह से पेट देर तक भरा रहता है। साथ ही आपको लंबे समय तक एनर्जी मिलती रहती है और बेवजह भूख भी नहीं लगती। हार्ट हेल्थ चिया बीज के अंदर ओमेगा -3 फैटी एसिड मौजूद होता है। यह इंफ्लामेशन कम करता है और दिल का कामकाज सुधारता है। इसकी मदद से कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। बोन हेल्थ चिया सीड्स के अंदर कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है। यह दोनों मिनरल हड्डियों के लिए आवश्यक होते हैं, इसलिए हड्डियां कमजोर होने का खतरा टल जाता है। चिया सीड्स के संभावित नुकसान चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इनका ज्यादा सेवन डायजेस्टिव इश्यू भी कर सकता है। साथ ही यह एलर्जी का कारण बन सकते हैं।

स्मार्टफोन बैक कवर की सुरक्षा के टिप्स: अपनाएं ये आसान उपाय

आजकल स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, और हम उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बैक कवर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन समय के साथ बैक कवर पर धूल, गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जिससे कवर का रंग फीका पड़ने लगता है। बैक कवर को साफ और चमकदार बनाए रखने के लिए कुछ आसान टिप्स अपनाए जा सकते हैं: 1. साबुन और पानी से सफाई: सिलिकॉन या रबर के बैक कवर को साबुन और गुनगुने पानी से आसानी से साफ किया जा सकता है। एक मुलायम कपड़े या स्पॉन्ज का इस्तेमाल करें, जिससे कवर पर जमी गंदगी धीरे-धीरे हट जाए। इसके बाद कवर को सूखने दें। 2. टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें: अगर बैक कवर पर जिद्दी दाग या धब्बे हैं, तो थोड़ी सी मात्रा में सफेद टूथपेस्ट लगाएं और एक मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे रगड़ें। टूथपेस्ट से बैक कवर की गंदगी निकल जाएगी और कवर नया जैसा दिखेगा। 3. बेकिंग सोडा और पानी का मिश्रण: प्लास्टिक और सिलिकॉन कवर की सफाई के लिए बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को कवर पर लगाएं और मुलायम कपड़े से हल्के हाथों से रगड़ें। इससे कवर की गहराई में जमी गंदगी भी साफ हो जाएगी। 4. एंटी-बैक्टीरियल वाइप्स: बैक कवर पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, इसलिए समय-समय पर एंटी-बैक्टीरियल वाइप्स का उपयोग करें। यह न केवल सफाई करेगा, बल्कि कवर को कीटाणु-मुक्त भी रखेगा। 5. एल्कोहल का इस्तेमाल: कुछ गंदगी या ऑयली धब्बों को साफ करने के लिए रबिंग एल्कोहल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। एक कॉटन बॉल पर थोड़ी मात्रा में एल्कोहल लेकर कवर को साफ करें, लेकिन ध्यान रहे कि इसे बहुत अधिक न रगड़ें। 6. नियमित सफाई: बैक कवर को साफ रखने के लिए इसे नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। महीने में एक बार इन तरीकों का उपयोग करके सफाई करें ताकि कवर लंबे समय तक अच्छा दिखे और गंदगी न जमा हो।

फेंग शुई के ये खास टिप्स आपका जीवन साथी के साथ बनाएंगे रिश्ता मजबूत

माना जाता है कि जीवन में फेंग शुई टिप्स अपनाने से हमारे आसपास की नकारात्मकता दूर हो जाती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि होती है। अगर आपके वैवाहिक जीवन में लड़ाई-झगड़े या मनमुटाव जैसी स्थिति बनी रहती है, तो इसके लिए भी आप कुछ फेंग शुई टिप्स अपना सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे खास फेंग शुई टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको अपनाने से आप अपने शादीशुदा जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते है। इस तरह करें घर की सजावट अगर आपके और आपके जीवन साथी के बीच न चाहते हुए भी बार-बार लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं, तो इसके लिए आप ये खास फेंग शुई टिप्स अपना सकते हैं। फेंग शुई में गुलाबी रंग को प्यार बढ़ाने वाला रंग माना जाता है। इसलिए अगर आप अपने जीवन साथी के साथ प्रेम बढ़ाना चाहते हैं तौ जितना हो सके अपने बेडरूम में गुलाबी रंग का इस्तेमाल करें। दीवारों के लिए आप हल्के गुलाबी रंग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही आप बेडरूम में गुलाबी रंग के पर्दे, बेडशीट, फूल और कंबल आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन बातों का रखें खास ध्यान पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक रहें इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ चीजों का खास ख्याल रखें। दरअसल, गंदगी से नकारात्मकता फैलाती है, जो आपके और आपके जीवन साथी के बीच लड़ाई-झगड़े का कारण भी बन सकती है। इसलिए घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फेंग शुई के अनुसार, घर में चीजों को व्यवस्थित ढंग से रखें, खासकर आपको बेडरूम का ध्यान जरूर रखना चाहिए। फेंग शुई के मुताबिक, घर का प्रवेश द्वार पर भी साफ-सुथरा रखना चाहिए, क्योंकि यही रास्ता है जहां से सकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर प्रवेश करती है। घर में रखें ये पौधे फेंग शुई के अनुसार, घर में लिली का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इसे घर में रखने से सकारात्मकता बनी रहती है और पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है। इसके अलावा आप बांस, मनी प्लांट और जेड प्लांट आदि को भी घर में लगा सकते हैं। इससे भी घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

शेयर बाजार में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं

अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद लोगों में निवेश की प्रवृत्ति बढ़ी है। आजकल सामान्य लोग भी शेयर मार्केट में दिलचस्पी लेने लगे हैं। आज पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा निवेश कंपनियां और वित्तीय सलाहकार कंपनियां मैदान में हैं। लिहाजा शेयर मार्केट से संबंधित रोजगार में भी इजाफा हुआ है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में अब एमबीए, सीए, आईसीडब्लूए या स्टॉक एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट होल्डर्स अपना भविष्य संवार रहे हैं। पिछले कुछ सालों में शेयर मार्केट के क्षेत्र में कई बड़े घोटाले सामने आए हैं। उनमें प्रतिभूति घोटाला, यूटीआई जैसे घोटाले ने तो सरकार की जड़ें हिला कर रख दीं। लिहाजा इससे निजात पाने के लिए सरकार ने कई कानून और उच्च तकनीकी प्रक्रिया अपनाई है। जिसके तहत शेयर मार्केट में रोजगार के लिए सरकार ने सर्टिफिकेट कोर्स जैसी शर्ते अनिवार्य कर दी हैं। यही वजह है कि कैपिटल मार्केट डीलर मॉड्यूल, प्रोग्राम ऑन कैपिटल मार्केट, सर्टिफिकेट कोर्स ऑन स्टॉक मार्केट और शेयर ब्रोकिंग जैसे पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। फिलहाल इस क्षेत्र में बहुत ही कम प्रतियोगिता है। लिहाजा सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला आसानी से मिल जाता है। फाइनेंस से एमबीए, इकोनॉमिक्स या कॉमर्स से मास्टर डिग्री धारक और चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थी भी इस क्षेत्र में कॅरियर बना सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न तरह के फाइनेंस, कॉमर्स और मैनेजमेंट के कोर्स कर रहे युवाओं के लिए भी शेयर मार्केट से जुड़े विभिन्न उपक्रमों और सहायक−क्षेत्रों में प्रबल सभावनाएं हैं। आम लोगों के लिए इंश्योंरेंस फंड, रिटायरमेंट फंड और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश का फंडा समझ से बाहर होता है। इसीलिए उन्हें निवेश के लिए एक सलाहकार की जरूरत भी पड़ती है। ऐसे में कंसल्टेंसी का काम भी बेहतर रोजगार होगा। इसके अलावा अभ्यर्थी मार्केट एनालिस्ट, रिसर्च एनालिस्ट या इक्विटी रिसर्चर के तौर पर भी काम कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए इन संस्थाओं से संपर्क कर सकते है− -नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, नई दिल्ली। -बीएसई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई। -आईसीएफएआई, हैदराबाद। -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कैपिटल मार्केट एंड डेवलपमेंट, करोलबाग, दिल्ली। -जेडीसी बिटको इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, नासिक।  

LG फोन की वापसी: रोल करने वाले फोन डिज़ाइन के लिए नया पेटेंट

आज के वक्त में एलजी कंपनी स्मार्टफोन के डिस्प्ले से लेकर कैमरा सेंसर बनाने का काम करती है, लेकिन खुद फोन्स बनाने के काम से बाहर है। एक वक्त एलजी के स्मार्टफोन काफी पॉपुलर हुआ करते थे, लेकिन बदलते वक्त के साथ एलजी स्मार्टफोन की डिमांड कम हो गई थी। ऐसे में एलजी फोन डिवीजन से अप्रैल 2021 में बाहर हो गया था। LG ने पेश किया नया रोलेबल स्मार्टफोन पेटेंट दरअसल एलजी की तरफ से नया स्मार्टफोन पेटेंट फाइल किया गया है। यह पेटेंट नए फोल्डेबल और रोलेबल स्मार्टफोन का है। इसी पेटेंट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि एलजी के पास स्मार्टफोन सेक्टर में एंट्री ले सकता है। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब एलजी की तरफ से ऐसा पेटेंट फाइल किया गया है। इससे पहले भी एलजी रोलेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर चुका है। कंपनी ने इसे प्रोटोटाइप चरण तक भी पहुंचा दिया, लेकिन जब एलजी ने स्मार्टफोन बाजार से विदाई ले ली तो इन सभी प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया। एलजी ने अक्टूबर 2023 में पेश किया पेटेंट Techspot डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक एलजी ने साल 2022 में मिनी टैब डिजाइन पेश की, जिसकी डिस्प्ले 6.8-इंच से लेकर 7.4 इंच तक बढ़ सकती थी। इसमें 12GB रैम और 4,500mAh की बैटरी के साथ स्नैपड्रैगन 888 प्रोसेसर दिया गया था। एलजी का लेटेस्ट पेटेंट अक्टूबर 2023 में फाइल किया गया था। इस OLED डिस्प्ले में कुछ सुधार किये गये हैं। इसमें नए मैग्नेटिक टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस डिस्प्ले के पीछे एक चुंबकीय शीट जोड़ी जाती है, जबकि चुंबक डिवाइस के फ्रेम में बनाए जाते हैं। यह चुंबकीय बल स्क्रीन को आगे बढ़ाने या पीछे खींचने पर बनने वाली किसी भी झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है, जिससे डिस्प्ले तेजी अपनी पहले की स्थिति में आ जाती है। कंपनी ने नहीं जारी किया कोई ऑफिशियल बयान LG की तरफ से स्मार्टफोन मार्केट में एंट्री को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं जारी किया गया है।एलजी के स्मार्टफोन सेगमेंट में उतरा मुश्किल नहीं है। एलजी के पास ड्यूल स्क्रीन एलजी विंग, कर्व्ड LG G Flex और डिटैचेबल सेंकेड्री डिस्प्ले फोन LG 60 ThinQ टेक्नोलॉजी है।

अधिक मात्रा में टमाटर खाने पर स्वास्थ्य पर पड़ता है हानिकारक प्रभाव

टमाटर सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। गूदेदार लाल टमाटर का इस्तेमाल दुनिया भर में कई व्यंजनों में किया जाता है। इसके अलावा सौंदर्य बढ़ाने और गर्मियों में टैनिंग को दूर करने के लिए भी टमाटर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो पराबैंगनी किरणों से त्वचा की सुरक्षा करता है। टमाटर न केवल भोजन के स्वाद को बढ़ा देता है, बल्कि त्वचा को भी सॉफ्ट रखता है। लेकिन अधिक मात्रा में टमाटर खाने पर स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इससे पाचन संबंधी परेशानियों से लेकर डायरिया, किडनी की समस्याओं और यहां तक कि शरीर में दर्द भी हो सकता है। आइए जानते हैं अधिक टमाटर खाने से किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिक टमाटर खाने से किडनी में स्टोन बन सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और ऑक्जलेट होते हैं, जो शरीर में अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं। इन्हें आसानी से मेटाबोलाइज नहीं किया जाता है और न ही शरीर से निकाला जा सकता है। ये तत्व शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी में स्टोन बनने लगता है। टमाटर में साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया होता है। जब यह शरीर में प्रवेश करता है तो इसके कारण डायरिया हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए सीमित मात्रा में टमाटर का सेवन करना चाहिए। लाल गूदेदार टमाटर हर किसी को अच्छा लगता है। लेकिन स्वस्थ और फिट रहने के लिए सीमित मात्रा में ही टमाटर खाना चाहिए। ​ यह एक ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति के रक्त में लाइकोपीन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे त्वचा बदरंग सकती है। लाइकोपीन आमतौर पर शरीर के लिए अच्छा होता है लेकिन जब इसका सेवन 75 मिलीग्राम प्रति दिन से अधिक मात्रा में किया जाता है, तो इससे लाइकोपेनोडर्मिया हो सकता है। टमाटर के अधिक सेवन से जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है। इसमें सोलेनिन नामक क्षार पाया जाता है। यह यौगिक ऊतकों में कैल्शियम का निर्माण करता है, जिसके कारण जोड़ों में दर्द और सूजन होती है। टमाटर में मैलिक एसिड और साइट्रिक एसिड होता है, जो पेट को अत्यधिक अम्लीय बनाता है। बहुत अधिक टमाटर खाने से पेट में अतिरिक्त गैस्ट्रिक एसिड उत्पन्न होता है जिसके कारण सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए सीमित मात्रा में टमाटर का सेवन करना चाहिए। टमाटर में हिस्टामिन नामक एक यौगिक होता है जिससे त्वचा पर चकत्ते या एलर्जी हो सकती है। टमाटर का अधिक सेवन करने से मुंह, जीभ और चेहरे पर सूजन, छींक आना, गले में जलन आदि जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इसके कारण त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।

फेस्टिवल सेल: एप्पल मैकबुक एयर और अन्य लैपटॉप पर पाएं बेहतरीन डील्स

Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 का सिस्टम इन दिनों काफी हाई है। क्योंकि इस सेल में आपको कई शानदार डील्स मिल रही हैं, जिससे आप भारी बचत भी कर सकते हैं। अगर आप इन दिनों कोई शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो सेल के इस बेस्ट लैपटॉप ऑफर को चेक कर सकते हैं। इस ऑफर में आपको विंडोज के कई टॉप लैपटॉप के साथ ही Apple MacBook Air लैपटॉप पर भी काफी बेहतरीन डील मिल रही है। Amazon Big Sale में इन लैपटॉप पर 35% तक के डिस्काउंट के साथ ही कई अन्य सेविंग वाले ऑफर मिल रहे हैं। इस सेल में अगर आप आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, एयू बैंक या एक्सिस बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो आपको 10% तक अतिरिक्त बचत का लाभ भी मिल सकता है। इन लैपटॉप्स पर शानदार ऑफर हैं Acer Aspire Lite 12th Gen Intel Core i5-12450H Thin and Light Laptop: यह Acer Aspire Lite लैपटॉप 12वीं जनरेशन वाले हाई स्पीड सिस्टम के साथ आता है। यह लैपटॉप का पतला और हल्का डिजाइन काफी असालिटिव बना हुआ है। इस लैपटॉप का वजन सिर्फ 1.7Kg है, जिससे आप इसे आसानी से अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इसका उपयोग लैपटॉप वर्कशॉप के साथ-साथ अध्ययन और मनोरंजन के लिए भी किया जा सकता है। इस लैपटॉप का डिज़ाइन भी काफी शानदार है। Apple MacBook Air Laptop: Apple M1 चिप: यह Apple Apple M1 चिप के साथ आता है, जो काफी पसंद और हाई स्पीड ऑफर देता है। इस Apple MacBook Air लैपटॉप में 13.3 इंच की स्क्रीन साइज दी जा रही है। यह लैपटॉप वर्कशॉप के लिए बिल्कुल सही और सर्वोत्तम माना जाता है। इसे आप 2908 रुपये की नो कॉस्ट ईएमआई पर ले सकते हैं। इस लैपटॉप पर 35% तक की छूट मिल रही है, जिससे आप बड़ी बचत भी कर सकते हैं। HP 15s Core i5 12th Gen (16GB RAM): यदि आप काम और अध्ययन के लिए शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो HP 15s आपके लिए काफी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2021 का सपोर्ट मिल रहा है। यह लैपटॉप बैकलिट कीबोर्ड के साथ है, जिससे वर्कशॉप में आसानी से काम किया जा सकता है। इसकी फुल एचडी स्क्रीन भी काफी शानदार है। यह लैपटॉप सिल्वर कलर में आ रहा है। यह लैपटॉप का लुक भी काफी प्रीमियम है। लेनोवो V15 G2 15.6″ FHD एंटी-ग्लेयर बिजनेस लैपटॉप: बिजनेस प्रोफाइलर्स के लिए इस लेनोवो V15 G2 लैपटॉप को पोर्ट्रेट माना गया है। इस लैपटॉप में एचडी कैमरा और एचडी ऑडियो क्वालिटी है, जिससे आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी अच्छे से कर सकते हैं। यह लैपटॉप में फुल एचडी एंटी ग्लेयर स्क्रीन दी जा रही है। यह लाइवसेट के साथ ही Dell [Smartchoice] Core i3-1215U, 12th में आ रहा है Gen: इस Dell Smartchoice लैपटॉप के फीचर्स और फीचर्स काफी कमाल के हैं। इसमें लैपटॉप 8GB रैम और 512GB SSD के साथ आ रहा है। इसमें लैपटॉप 3 साइड नैरो बैजल्स भी शामिल है इसके साथ 2 ट्यून्ड स्पीकर भी काफी शानदार साउंड एक्सपीरियंस देते हैं। इस टॉप लैपटॉप की स्क्रीन क्वालिटी भी काफी शानदार है।

हाथ में है ये शंख योग तो जीवन में मिलती है शानो-शौकत

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, इंसान के हाथों की रेखाओं, नाखूनों, उंगलियों और हथेली के आकार के आधार पर उसके व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, भविष्य और भाग्य यहां तक की करियर के बारे में जाना जा सकता है। हस्तरेखा विज्ञान ज्योतिष का ही एक प्राचीन अंग है। माना जाता है कि हथेली की प्रमुख रेखाएं जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे विवाह, करियर और स्वास्थ्य के बारे में अहम जानकारी देती हैं। हथेली की रेखाओं के साथ पर्वत भी व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी देते हैं। यहां पर पर्वत का मतलब हथेली के अलग-अलग उभारे हुए हिस्सों से है। हमारी हथेली पर बने पर्वत को सूर्य, शुक्र, शनि, बुध, मंगल और चंद्रमा पर्वत के नाम से जाना जाता है। इनका अध्ययन करके व्यक्ति के भविष्य के बारे पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा हथेली पर कई तरह के निशान भी बने होते हैं, जिससे कई तरह के खास योगों का निर्माण होता है। जिस व्यक्ति की हथेली पर शुभ योग के निशान होते हैं, माना जाता है कि उनका जीवन बेहद सुखमय रहता है। आज हम आपको शंख योग के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन लोगों के हाथ पर शंख योग बनता है, उस व्यक्ति के जीवन में खूब और धन भरपूर होता है। हथेली पर शंख योग हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की हथेली पर शंख योग बनता है, उसे बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। दरअसल, हथेली में शुक्र पर्वत अच्छा हो और वहां से कोई रेखा निकलते हुए शनि पर्वत की ओर जाए वहीं दूसरी रेखा सूर्य पर्वत पर जाकर मिले तो इसे शंख योग कहा जाता है। शंख योग के लाभ हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिन व्यक्तियों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें जीवन में सभी तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। शंख योग से व्यक्ति के जीवन में कभी पैसों की कमी महसूस नहीं होती। ऐसे लोगों को बहुत ही कम प्रयासों में जल्दी सफलता मिल जाती है और समाज में इनको मान-सम्मान भी मिलता है। जीवनसाथी हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें सुंदर और समझदार जीवनसाथी भी मिलता है। इस तरह के लोग बहुत जल्द दूसरों के साथ घुल मिल जाते हैं और बेहद सरल स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोगों को भगवान पर अटूट विश्वास होता है और ये लोग पूरे जीवन में भौतिकता और अध्यात्म का अच्छा तालमेल रख कर चलते हैं।

शश राजयोग से मिलेंगे करियर में अच्छे अवसर, सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि

शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलते हैं। जिस कारण से इनका प्रभाव जातकों के जीवन पर काफी लंबे समय तक रहता है। शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है। ये जातकों को काफी मेहनत कराने के बाद ही फल प्रदान करते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। इस तरह से पूरे राशिचक्र का एक चक्कर पूरा करने में शनिदेव करीब 30 साल का समय लेते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी अपनी ही राशि कुंभ में विराजमान हैं और कुंभ राशि शनिदेव की मूल त्रिकोण राशि है। शनि के अपनी मूल त्रिकोण राशि में रहने के कारण पंच महापुरुष राजयोगों में एक शश राजयोग का निर्माण हुआ है। वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में शश राजयोग तक बनता है जब शनि लग्न या चंद्रमा से पहले, चौथे, सातवें और फिर दसवें में मकर, तुला और कुंभ राशि में स्थिति होते हैं। शश राजयोग के होने से कुछ राशि के जातकों की किस्मत का अच्छा साथ मिलेगा और कार्यो में सफलताएं हासिल होंगी। आइए जानते हैं इस राजयोग का सबसे ज्यादा लाभ किसे मिलेगा।   कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए शश राजयोग का बनना काफी लाभकारी है। इस योग के प्रभाव से आपके कार्यो में बाधाएं कम ही आएंगी। थोड़े से प्रयासों में ही आपको सफलता मिलेगी। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। नौकरी के अच्छे अवसर मिलेंगे। जीवन में खुशियां आएंगी। संतान का सुख अच्छा मिलेगा। किसी खास योजना में आपको लाभ मिलेगा। मिथुन राशि इस राशि के जातकों पर शनि की विशेष कृपा रहेगी। कार्यक्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल होगा। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। कार्यलय में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में अच्छा खासा मुनाफा हासिल हो सकता है। कमाई के कई अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में मजबूती देखने को मिलेगी। आर्थिक परेशानियों से निजात मिलेगी। मकर राशि शनि आपकी राशि के दूसरे भाव में विराजमान हैं। ऐसे में आपकी सभी तरह की इच्छाएं पूरी होंगी। भाग्य का अच्छा साथ मिलने से आपके रूके हुए काम पूरे होंगे। वैवाहिक जीवन अच्छे से बीतेगा। जमीन-जायदाद संबंधी विवाद हल होंगे। वाहन के क्रय का भी योग बन रहा है। तुला राशि आपकी राशि में शनि देव पंचम भाव में मौजूद हैं। ऐसे में आपके मान-सम्मान और यश में बढोतरी होगी। नौकरीपेशा जातकों को करियर में सफलता मिलेगी। जो लोग किसी व्यापार से संबंध रखते हैं उनको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। जो लोग अपनी नौकरी बदलने के बारे में सोच-विचार कर रहे हैं वे सफल हो सकते हैं। शिक्षा में सफलता हासिल हो सकती है।    

ये 5 हर्बल ड्रिंक्स प्राकृतिक रूप से करेंगे आपके रक्त को शुद्ध

हम जो कुछ भी खाते या पीते हैं। उनके पोषक तत्व शरीर के हर हिस्से में पहुंचाने का काम खून करता है। खून ही शरीर में ऑक्सीजन का संचार और कार्बन डाइऑक्साइड को शरीर से बाहर निकलने का काम करता है। यदि खून में टॉक्सिंस जमा होने लगे तो कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर खून साफ होता है तो त्वचा पर कील, मुंहासे इत्यादि समस्याएं कम होती हैं। वहीं अगर खून अशुद्ध हो तो यह त्वचा के पोर्स को ब्लॉक कर सकता है। खून को साफ रखने के लिए नेचुरल हर्बल ड्रिंक का सेवन बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। जीवा आयुर्वेद, निदेशक, डॉ. प्रताप चौहान के मुताबिक, साफ खून हमारे शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करता है लेकिन अगर यह अशुद्ध हो तो बीमारियों से लड़ने की ताकत कम होने लगती है। खून अगर साफ ना हो तो शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को निकालने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। गिलोय का रस कॉविड-19 के दौरान गिलोय की लोकप्रियता काफी बढ़ गई। यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में बहुत असरदार है। इसका सेवन करने से हमारा खून साफ होता है और शरीर में जमे हुए टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं। यह शरीर को संक्रमण से बचाती है। गिलोय के रस का सेवन करने से शरीर में मौजूद हानिकारक वायरस और बैक्टीरिया समाप्त होते हैं। गिलोय की डंडियों को पीसकर रस निकाल लें और एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। आंवला और एलोवेरा जूस आंवला और एलोवेरा दोनों में ही ढेर सारे प्राकृतिक गुण मौजूद होते हैं। आंवला में विटामिन सी पाया जाता है, जो शरीर के खून को साफ करता है और इम्यूनिटी मजबूत बनाता है। वही एलोवेरा में डीटॉक्सिफाइंग गुण पाए जाते हैं। यह शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालता है और खून को साफ करता है। एक कप एलोवेरा जूस और एक कप आंवले का रस मिलाकर इसे सुबह खाली पेट पिएं। नीम का रस नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। यह खून को साफ रखता है और शरीर में जमा होने वाले विषैला पदार्थ को निकालता है। खून में जमी हुई अशुद्धियों को दूर करने के लिए यह बेहद कारगर है। इसका सेवन करने के लिए नीम की ताजा पत्तियों को धोकर पीस लें और थोड़ा पानी मिलाकर इसे अच्छे से छान लें और इस रस को खाली पेट पिएं। हल्दी और अदरक की चाय अदरक का सेवन करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और यह शरीर में जमा हुए टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है। हल्दी एक एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें करक्यूमिन पाया जाता है, जो खून को साफ करता है और शरीर में होने वाले सूजन को भी दूर करता है। हल्दी और अदरक की चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इसमें थोड़ा शहद मिलाकर भी इसे पी सकते हैं। तुलसी का रस आयुर्वेद में तुलसी को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।तुलसी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर से टॉक्सिंस को बाहर निकालने का काम करते हैं। इसके सेवन से खून साफ होता है और लिवर के कार्य करने की क्षमता बढ़ती है। 10 से 12 तुलसी की ताजी पत्तियों को पीसकर छान लें। सुबह खाली पेट तुलसी के रस को पीने से आपको कई फायदे होंगे।

बेहद जरूरी है अच्छी कम्युनिकेशन स्किल

सकारात्मक वार्तालाप के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल बेहद जरूरी है। आपकी यह क्षमता सामने वाले पर खासा असर छोड़ती है। सकारात्मक संप्रेषण वही होता है, जिसके जवाब में पॉजिटिव जवाब और प्रतिक्रियाएं आएं। सकारात्मक व्यवहार खराब भावनाओं को अच्छी भावनाओं में बदलने और आपको अपने लिए एक पॉजिटिव इमेज बनाने में मदद करता है, इसलिए उम्मीद का दामन थामें रहें। कुछ जरूरी टिप्स जानिए यहां, जो दूसरों से व्यवहार के दौरान आपके काम आएंगे… विकल्प न हों कम किन्हीं कारणों से कुछ कामों को कर पाना मुमकिन नहीं होता, उन कारणों की तलाश करें और विकल्प व निवारण सुझाएं। सीधे तौर पर मना कर देना आसान है, परंतु उससे कोई हल नहीं निकलता। विकल्प और निवारण सुझाने पर आपकी छवि ऐसे व्यक्ति की बनती है, जो अतिरिक्त प्रयास कर सकता है। विनम्रता जब किसी को कोई काम करने के लिए कहें या मना करें तो विनम्रता से कहें। ऐसे मामले में शब्द चयन बहुत ध्यान से करना होता है। तू जैसे शब्द तो बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करने चाहिए। कोई भी जोर-जबरदस्ती पसंद नहीं करता, इसलिए आवाज ज्यादा ऊंची न रखते हुए अपनी बात कहें। यह न केवल सकारात्मक रहेगा, बल्कि प्रेरणादायक भी होगा। नकारात्मक शब्दों को न देखा जाए तो यह कहना जितना आसान है, उसे अपनाना उतना ही मुश्किल, लेकिन अभ्यास से इस पर सफलता पाई जा सकती है। नहीं, बिल्कुल नहीं, कभी नहीं जैसे शब्दों को अपने वार्तालाप का हिस्सा न बनाएं। अपने कहे वाक्यों को कुछ ऐसा रूप दें कि नकारात्मक शब्द कहे बिना उनका अर्थ वाक्य में स्पष्ट हो जाए। उदाहरण के लिए, यदि आप यह वस्तु उपलब्ध नहीं कराएंगे तो काम होना नामुमकिन है, के स्थान पर कहें, यदि आप यह वस्तु मंगा देते हैं तो काम रिकॉर्ड समय में पूरा हो जाएगा। सकारात्मक पहलू कुछ परिस्थितियों में नकारात्मक पक्ष हावी रहता है, लेकिन उनमें कुछ सकारात्मक पक्ष भी होते हैं। उन बिंदुओं को तलाशें। सकारात्मक व्यवहार और दृष्टिकोण जरूरी है। उदाहरण के लिए, यदि कोई आपके पास नौकरी मांगने आता है और आपके पास उससे मिलने का समय नहीं है तो मिलने से मना करने की बजाय उससे विनम्रता से अपनी मजबूरी बता दें और भविष्य में शीघ्र ही मिलने का वादा करें। मददगार बनें एक मददगार व्यक्तित्व से अधिक सकारात्मक और कोई नहीं होता। हालात कितने भी नकारात्मक हों, अपने साथियों को कहें कि अच्छे निष्कर्ष के लिए आप जो संभव होगा, करेंगे। ऐसा करना न केवल सहकर्मियों में स्फूर्ति लाएगा, बल्कि वे आपके व्यक्तित्व के इस पक्ष को भी हमेशा ध्यान रखेंगे। हम सब जानते हैं कि करियर में सफलता के लिए सकारात्मक छवि कितनी जरूरी होती है, इसलिए सकारात्मक पक्षों को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाएं। फिर आपकी खुद हैरानी होगी कि सकारात्मकता किस तरह आपको तरक्की के मार्ग पर ले जाती है।  

सरकारी नौकरी का संकेत देती है आपकी हथेली की ये रेखा, शानों-शौकत से कटता है जीवन

हमारी हथेली पर मौजूद हर आड़ी तिरछी रेखा हमारे जीवन और भविष्य के बारे में कोई न कोई जानकारी देती हैं। इन रेखाओं के आधार पर हस्तरेखा विज्ञान की मदद से हम अपने जीवन के बारे में जान सकते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में इन रेखाओं के बारे में गहराई से बताया गया है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली पर उभरे हुए भागों को पर्वत कहा जाता है, जो ग्रहों से संबंधित होते हैं और हमारे व्यक्तित्व, भाग्य और जीवन की घटनाओं को भी प्रभावित करते हैं। कई बार कुछ लोगों के हाथ में ऐसे राजयोग बनते हैं, जो उनको जीवन में कई तरह के लाभ पहुंचाते हैं। ऐसे राजयोग की वजह से व्यक्ति राजा जैसा जीवन व्यतीत करता है। इन्हीं में से एक सिंहासन राजयोग भी होता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, सिंहासन राजयोग कई प्रकार के होते हैं। जिन लोगों की कुंडली में सिंहासन राजयोग होता है, उनके लिए सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कैसे बनता है हाथ में सिंहासन राजयोग जिस व्यक्ति की कुंडली में दशम भाव का स्वामी कुंडली में पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में बैठा हो तो सिंहासन राजयोग बनता है। अगर दसवें भाव का स्वामी दूसरे घर या फिर पंचम और नौवें घर में हो तो भी सिंहासन राजयोग बनने की संभावना रहती है।  इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन वह राजा की तरह व्यतीत होता है। सिंहासन राजयोग बनने पर व्यक्ति अपनी मेहनत से जिंदगी में नाम कमाता है। माना जाता है कि ऐसे लोग मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटते है। साथ ही ऐसे लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभाना भी बखूबी आता है। सिंहासन राजयोग के प्रभाव सिंहासन राजयोग वाले लोग अपना ही नहीं बल्कि अपने परिवार के लोगों का भी नाम उंचा करते हैं। ऐसे लोगों को कभी भी आर्थिक परेशानी नहीं होती है। इन लोगों को ज्यादा परिवर्तन पसंद नहीं है। इसके अलावा इन्हें अच्छा सलाहकार भी माना जाता है।

क्रोध को वश में करने से जीवन सहज और सरल हो जाता है

आमतौर पर, हम क्रोध या घृणा की ज्यादा परवाह नहीं करते। इसलिए यह सहजता से आ जाते हैं।यदि हम इन भावनाओं के विषय में सजग हो जाएं, तो हमारा क्रोध व घृणा के प्रति इस अनिच्छापूर्ण रुख से ही जीवन सहज और सरल हो जाए। घृणा के विनाशकारी प्रभाव स्पष्ट और तुरंत दिखाई दे जाते हैं। उदाहरण के लिए, जब आपके अंदर घृणा का अत्यंत तीव्र भाव उत्पन्न होता है, तो उसी क्षण, वह आपके ऊपर पूरी तरह से हावी हो जाता है और आपकी मानसिक शांति को भंग कर देता है; आपकी बुद्धि काम करना बंद कर देती है। क्रोध और घृणा के तीव्र भाव आपके दिमाग के सबसे बेहतरीन हिस्से, यानी सही व गलत तथा आपके कार्यों के अल्पकालिक व दीर्घकालिक प्रभावों में अंतर करने की क्षमता को बिलकुल मिटा देते हैं। निर्णय लेने की योग्यता पूरी तरह निष्क्रिय हो जाती है। आप लगभग पागल जैसे हो जाते हैं। यह क्रोध और घृणा आपको दुविधा की स्थिति में डाल देते हैं, जिससे आपकी समस्याएं और परेशानियां और बढ़ जाती हैं। शारीरिक स्तर पर भी, घृणा से व्यक्ति में बहुत गंदा, अनाकर्षक शारीरिक बदलाव आ जाता है। क्रोध व घृणा के तीव्र भाव जाग्रत होने पर, व्यक्ति कितना भी अच्छा दिखने की कोशिश करे, उसका चेहरा भद्दा और विरूपित दिखाई देता है। घृणा की तुलना शत्रु से की जाती है। यह भीतरी दुश्मन नुकसान पहुंचाने के अलावा कुछ नहीं करता। यह हमारा पक्का दुश्मन, हमारा सबसे बड़ा शत्रु है। यह हमें तात्कालिक और दूरगामी दोनों तरह से नष्ट करता है। यह सामान्य शत्रु से बहुत अलग है। हालांकि कोई आम शत्रु, जिसे हम अपना शत्रु मानते हैं, हमें हानि पहुंचानेवाले काम करता है, उसके पास कम-से-कम कुछ और भी काम होते हैं; वह व्यक्ति खाता है, सोता है। इसलिए उसके पास अन्य कार्य होते हैं और वह चौबीसों घंटे हमें नुकसान पहुंचाने का काम नहीं कर सकता। परंतु घृणा के पास हमें नष्ट करने के अतिरिक्त कोई और काम, कोई अन्य उद्देश्य नहीं होता। इस बात को समझकर, हमें यह दृढ़ निश्चय करना चाहिए कि हम अपने इस शत्रु को, घृणा को अपने अंदर उत्पन्न होने का अवसर नहीं देंगे। कुछ लोग अतीत में उनके साथ किए गए गलत कार्य के कारण क्रोध एवं घृणा के भाव अपने अंदर पालते हैं और यह भाव उनके अंदर बंद रहते हैं। लेकिन हमें इन्हें अपने अंदर बंद रखने की जगह उन्हें बाहर निकलने देना चाहिए। हालांकि, आमतौर पर क्रोध और घृणा ऐसे भाव हैं, जिन्हें यदि आप यों ही अनियंत्रित रहने दें, तो वे बढ़ते जाते हैं। यदि आप इन भावों को जाग्रत होने पर इन्हें अभिव्यक्त करने की आदत डाल लें तो भी ये कम होने की बजाय बढ़ जाते हैं। आप जितना सावधान रहकर और सक्रिय रूप से इनकी तीव्रता को कम करने की कोशिश करेंगे, उतना ही बेहतर होगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम क्रोध को अपने वश में करें, न कि क्रोध के वश में हों। क्रोध को वश में करते ही जीवन सहज और सरल हो जाता है।

मुंहासों वाली त्वचा के लिए घर पर बनाएं नीम फेस वॉश

महिलाएं हों या पुरुष, एक्ने, फोड़े-फंसियों और चेहरे पर रह जाने वाले उनके दागों से हर कोई परेशानी रहती है। यूं तो ठीक करने के लिए हम कई तरह के फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन असर के साथ-साथ ये त्वचा खराब भी हो सकती है। जैसे त्वचा में रूखापन आना, रेडनेस या इर्स्ट्रक्शन होना आदि। हम चाहते हैं कि आपको ऐसी कोई परेशानी न झेलनी पड़े। इसलिए आज हम आपको स्किन मस्क को ठीक करने वाले नीम से बनाने वाले फेस वाश की रेसिपी बताने वाले हैं। जिसे बनाना भी आसान है और ये आपकी त्वचा की सभी समस्याओं को खत्म कर देगा, उसे एक बार फ्री और ग्लोइंग बनाएंगा। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका। चेहरे के लिए नीम के फायदे नीम में एंटी वैज्ञानिक गुण होते हैं जो हमारे चेहरे पर होने वाले एक और इससे जुड़े वीडियो वाले को प्रतिबंधित करने का काम करता है। साथ ही ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स, खुजली और पोर्स को साफ करने में भी मदद मिलती है। नीम के चमड़े के कंकाल के लिए बहुत ज्यादा स्वादिष्ट हैं कि आप इसे पेस्ट करने वालों के चेहरे पर भी लगा सकते हैं और अपने कंकाल के कंकाल से अकेले पा सकते हैं। फेस वॉश बनाने के लिए क्या करना चाहिए? नीम पाउडर- 3 चम्मच पानी- 2 कप सोप बेस- 2 क्यूब ग्लिसरीन- 1 चम्मच तेल- 5 चम्मच नोट- पहले नीम फेस वॉश कम मात्रा में ही निकालें और निशान लगाएं। अगर ये आपकी खाल को सूट करता है तो अगली बार ज्यादा मात्रा में बना लें। ऐसे तैयार करें फेस वॉश एक पैन लें और इसमें पानी और नीम पाउडर शामिल है, महान से सिलिकॉन के लिए रखें। पानी को तब तक लेबलें जब तक कि वो 2 कप से 1 कप ना रह जाए। अब नीम के इस पानी को अच्छा करके अलग कर लें। अब इस गर्म पानी में सोपबेलेस कैथेड्रल महान से मिक्स कर लें। जब ये कूल हो जाए फेस वॉश को एक बोतल में मांग लें। अब आप जब भी इससे जुड़ें तो उसके बाद किसी महान कलाकार का इस्तेमाल करना ना भूलें। इससे आपके चेहरे पर चमक और मुलायमपन बना रहेगा। टी ट्री ऑयल के स्किन बेनिट्स ट्री ऑयल एक ऐसा तेल है जो दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है साथ ही इसमें मौजूद एंटी-फंगल गुण चेहरे पर होने वाले पस वाले फोड़े-फंसियों को बढ़ाने से शुरू होता है और उन्हें ठीक करता है ।। इसके अलावा चेहरे पर जमी गंदगी को साफ करने के लिए भी ये बहुत बड़ा कमाल है। चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने के फायदे कई सौंदर्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले ग्लिसरीन हमारे चेहरे पर आई वसा को ठीक करने, एजिंग साइनस को कम करने, पोर्स के आकार को अधिक बढ़ने से रोकते हैं और चेहरे पर चमक लाने के लिए हानिकारक होते हैं। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि इसका उपयोग सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता है, इसलिए आप इसे किसी भी नुस्खे के साथ ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेक्चररशिप : एक सदाबहार आकर्षक पेशा, जानें योग्यता और भर्ती प्रक्रिया

लेक्चरर बनने के लिए आपके पास मास्टर्स डिग्री के बाद पीएचडी या नेट जैसे विकल्प हैं। यह एक ऐसा करियर है, जो आपको समाज में सम्मान के साथ बेहतर जीवन और वित्तीय लाभ देता है। आप कैसे लेक्चरर बन सकते हैं, बता रहे हैं करियर कंसल्टेंट अशोक सिंह… आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अधिकांश लोगों को यह जानकारी ही नहीं है कि हमारे देश में उच्च शिक्षा का मजबूत और विशाल नेटवर्क है। यही कारण है कि विदेशी छात्र भी भारी संख्या में यहां पर अध्ययन करने आते हैं। हालांकि यह पहचान तो प्राचीन काल से ही बनी हुई है। नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय प्राचीन भारत के अत्यंत ख्यातिप्राप्त शिक्षण संस्थान थे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में देश में कुल 867 विश्वविद्यालय मौजूद हैं। इनमें 47 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 389 राज्य विश्वविद्यालय, 124 समतुल्य या डीम्ड यूनिवर्सिटीज तथा 307 निजी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। इनके अलावा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय भी हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार इनके अलावा 40 हजार से अधिक कॉलेज भी देश के विभिन्न प्रांतों में स्थित हैं। इस विशाल शिक्षा तंत्र में लाखों की संख्या में लेक्चरर या असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं, जिनका दायित्व यहां अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है। प्रति वर्ष हजारों की संख्या में इन पदों की रिक्तियां भरी जाती हैं। अहम हैं लेक्चरर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में अध्यापन का कार्यभार लेक्चरर समुदाय पर होता है। इसलिए अध्ययन-अध्यापन और शोध कार्यों में गहन दिलचस्पी रखने वाले लोगों को ही बतौर लेक्चरर नियुक्त किया जाता है। सरलतम भाषा में कहें तो छात्रों को विषय की बारीकियां समझाने तथा विषयों के प्रति लगाव विकसित करने की जिम्मेदारी इन्हीं लेक्चरर की होती है। यहां यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक होगा कि समय के साथ इन पाठ्यक्रमों में नई अवधारणाओं को शामिल किया जाता है। इन नए विषयों को छात्रों को पढ़ाने से पहले लेक्चरर को स्वयं भी तैयारी करने में वक्त लगाना पड़ता है। यही नहीं, नए पाठ्यक्रम तैयार करना, छात्रों को आवश्यक नोट्स देना, ट्यूटोरियल की जांच करना आदि भी अध्यापन के अलावा इनके दैनिक कार्यकलापों का हिस्सा होता है। गुरु मंत्र अपने विषय से संबंधित किताबें पढ़ना और नई जानकारियों को आत्मसात करना, स्वयं को एक कुशल लेक्चरर के तौर पर स्थापित करने के लिए अति आवश्यक है। इस कार्य को एकरस नजरिएसे नहीं देखा जाना चाहिए। अध्यापक का काम छात्रों की समस्याओं को दूर करना और उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना है। यह तभी होगा, जब लेक्चरर विषय संबंधी ताजा जानकारी से भी अपडेट रहें। छात्रों के साथ दोस्ताना रहते हुए धैर्य और संयम को बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। आम गलतियां देखने में आता है कि नेट परीक्षा देने वाले पेपर-1 को हल्के में लेते हैं और सारा समय पेपर-2 की तैयारी में लगा बैठते हैं। यह बिल्कुल गलत सोच है। पेपर-1 के 100 अंक तथा पेपर 2 के 200 अंक होते हैं। इनकी एक साथ तैयारी करनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता लेक्चररशिप के लिए काफी कड़ी शर्तों की कसौटी से आवेदकों को गुजरना पड़ता है। इसमें मास्टर्स डिग्री का होना, नेट परीक्षा में पास होना आदि सर्वाधिक महत्वपूर्ण शर्तें हैं। नेट परीक्षा वर्ष में दो बार (जून और दिसंबर) में आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में मुख्य तौरपर अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विषय तथा टीचिंग व रिसर्च एप्टिट्यूड पर आधारित प्रश्न होते हैं, जिनके माध्यम से प्रत्याशियों की शिक्षण क्षमता एवं उसके द्वारा चुने गएविषय की जानकारी, बुनियादी समझ आदि का मूल्यांकन किया जाता है। नेट परीक्षा केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन कार्यरत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), नई दिल्ली द्वारा वर्ष में दो बार नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) का आयोजन किया जाता है। अमूमन जून और दिसंबर माह में साल में दो बार इस परीक्षा का संचालन किया जाता है। इसमें शामिल होने के लिए मास्टर्स डिग्री के स्तर पर कम से कम 55 प्रतिशत अंक अवश्य होने चाहिए। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य देश की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में अध्यापन और शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए न्यूनतम शैक्षिक मानदंडों को सुनिश्चित करते हुए लेक्चरर पदों के लिए उपयुक्त प्रत्याशियों का आकलन करना है। मानविकी विषयों, सोशल साइंसेज, कंप्यूटर साइंस, एनवायर्नमेंटल साइंस, इलेक्ट्रॉनिक साइंस आदि कईएक विषयों में इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है। विज्ञान विषयों के लिए यूजीसी-सीएसआईआर-नेट का आयोजन होता है। जॉब्स देश में स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में लेक्चरर की नियुक्तियां बड़े पैमाने पर की जाती हैं। केंद्र सरकार के फर्स्ट क्लास गैजेटेड ऑफिसर पद के समकक्ष ही शुरुआती वेतनमान और अन्य भत्ते होते हैं। देश में हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की स्थापना के बाद युवाओं के लिए नेट परीक्षा पास करने के बाद लेक्चरर के रूप में करियर संवारने के अवसरों की संख्या में काफी वृद्धि देखने को मिली है। बाद में अनुभव और पदोन्नति के साथ प्रोफेसर के पद तक भी पहुंचा जा सकता है। लेक्चररशिप के आकर्षण सबसे बड़ी बात तो यही है कि दिन भर में तीन-चार क्लासेज ही पढ़ाने की बाध्यता होती है। इसके बाद के समय का उपयोग लिखने-पढ़ने अथवा शोध में लगाया जा सकता है। यही नहीं, अधिकांश यूनिवर्सिटीज में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह होने के कारण सप्ताहांत में दो दिनों का अवकाश मिल जाता है। इनकी अवकाश प्राप्ति की आयु सामान्य तौर पर 62 वर्ष है, जबकि 3 वर्ष और एक्सटेंशन का भी प्रावधान है। सर्विस के दौरान पीएचडी करने के लिए वेतन सहित स्टडी लीव की भी व्यवस्था होती है। अन्य पेशों की तुलना में तनाव भी कम होता है। कैसे करें नेट की तैयारी -परीक्षा से कम से कम एक साल पहले से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। -नेट परीक्षा के पैटर्न को भली-भांति समझें और सिलेबस की प्रति पहले से हासिल कर लें। -इससे संबंधित बीते वर्षों के पेपर्स देखें और महत्वपूर्ण टॉपिक्स की पहचान करें। -मास्टर्स डिग्री में पढ़े गए सिलेबस पर ही ज्यादा ध्यान दें। -भरसक प्रयास करें कि सिलेबस में दिए गए, सभी टॉपिक्स को तैयारी के दौरान आप कवर करें। -परीक्षा के नए सिलेबस और उसके बदलावों को समझें और तैयारी उसी के अनुसार करें। -नेट एग्जाम की तैयारी पर आधारित एक या दो महत्वपूर्ण पुस्तकों से ही … Read more

इन्फिनिक्स ज़ीरो फ्लिप लॉन्च अक्टूबर 2024 में: जानें संभावित कीमत और फीचर्स

पुराने टेक्नोलॉजी की दुनिया में Infinix की एंट्री हो गई है। Infinix का नया पोर्टेबल टेक्नोलॉजी Infinix Zero Flip ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया गया है। भारत में इनफिनिक्स जीरो फ्लिपटेक के जल्द लॉन्चिंग की तैयारी है। लाइक रिपोर्ट की स्केटिंग, तो Infinix के डायनामिक्स मॉडल को भारत में अक्टूबर महीने में लॉन्च किया जाएगा। खास है इनफिनिक्स फोल्डेबल इनफिनिक्स का रोबोटिक उपकरण बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इनफिनिक्स जीरो फ्लिप बेहद कम कीमत में आता है। जैसा कि असफल है कि Infinix को बजट इक्विपमेंट लॉन्च करने के लिए जाना जाता है। ऐसे में Infinix के स्टॉकहोम मोनोटेक्नोलॉजी में मसाले काफी बढ़ाए गए हैं। भारत में इनफिनिक्स के ऑस्ट्रियाई फोन की टक्कर सैमसंग के मोबाइल फोन से होगी। कितनी होगी कीमतफिनिक्स जीरो जीरो फोन को भारत में कितनी कीमत में लॉन्च किया गया है, इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन जैसा कि यह बताया गया है कि यह फोन ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया गया है। ऐसे में फोन करके भारत में 50 हजार रुपये के प्रॉस्पेक्टिव प्वाइंट को लॉन्च किया जा सकता है। फोन की 8GB रैम और 512GB स्टोरेज की कीमत 600 डॉलर यानी करीब 50,183 रुपये है। हालाँकि भारत में इस फ़ोन की कीमत वैश्विक रूप से भिन्न-भिन्न हो सकती है। फोन ब्लॉसम ग्लो और रॉक ब्लैक कलर में आएगा। इनफिनिक्स जीरो फ्लिप के 6.9 इंच की फुल एचडी रेंज दी गई है। फ़ोन एलटी प्रोटोटाइप प्रोटोटाइप में आएं। फ़ोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया गया है। फ़ोन 1400 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ उपलब्ध है। फोल्डेबल 3.64 इंच एमोलेड डिस्प्ले सपोर्ट मौजूद है। फ़ोनरि गोला ग्लास विक्टस 2 रिवोल्यूशन के साथ आता है। फोन में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8020 चिपसेट दिया गया है। फ़ोन में 50MP कैमरा सेंसर सपोर्ट दिया गया है। साथ में दिया गया है 50MP अल्ट्रा वाइड कैमरा सेंसर। इसके लिए 50MP कैमरा सेंसर दिया गया है। 70W फ़ास्ट वॉरॉइड को सपोर्ट के लिए फ़ोन करें। फोन में 4720mAh की बैटरी दी गई है। साथ ही 10W रिवर्स रिवर्स सपोर्ट दिया गया है। फ़ोन पर माउंटेड माउंटेड टेक्निकल सेंसर का सहयोग दिया गया है।

क्या आपका बच्चा भी नही बैठ पाता डीप स्क्वाट- उकड़ू पोजिशन में

बढ़ती हुई पश्चात (वेस्टर्न) जीवन शैली बड़ो के साथ साथ बच्चों के लिए भी शरीरिक समस्याओं को पैदा कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देखा जा रहा है 3 साल की उम्र से 17 वर्ष के बच्चों को ऐड़ी, घुटने, क़मर, गर्दन के दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है। फिजियोथैरेपिस्ट की माने तो कही न कहीं वेस्टर्न टॉयलेट (कमोड) का इस्तेमाल बड़ा कारण दिख रहा है, बच्चों को इंडियन स्टाइल टॉयलेट (सीट)  का इस्तेमाल कम हो रहा है। बच्चों की कुर्सियों पर बहुत ज़्यादा निर्भरता और आउट डोर एक्टिविटी (खेलना-कूदना) की कमी व लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने के कारण ऐड़ी (ऐंकल) के आस पास के टेंडन व मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं। जिससे उपयुक्त लचीलापन कम हो जाता है, और शरीर के अन्य जोड़ों को भी प्रभावित करता है। जमीन पर उकड़ू न बैठने के कारण शरीर की मोवेलिटी-फ्लेक्सिबिलिटी को कम हो रही है, जब बच्चा मलासन (डीप स्क्वाट) पोजिशन में बैठता है, तो शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव, स्ट्रेचिंग होती है जो शरीर को अति आवश्यक है। “चूँकि मानव शरीर में पैरों (पंजो) का महत्वपूर्ण योगदान होता है शरीर को मोवेलिटी व संतुलन बनाए रखने में” डीप स्क्वाट पॉस्चर सबसे आवश्यक और मौलिक मानवीय मुद्राओं (पॉस्चर) में से एक है। 2 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को इन पाँच कामों (एक्टिविटी) पर ध्यान देना चाहिए। 1 क्या आपका बच्चा वेस्टर्न (कमोड) टॉयलेट उपयोग करता है ? 2 क्या आपका बच्चा इंडियन (सीट) टॉयलेट जाने से मना करता है ? 3 क्या आपका बच्चा फुल स्क्वाट (मलासन) पर बैठ सकता 2 से 5 मिनिट तक ? 4 आपके बच्चे की डिजिटल स्क्रीन (मोबाइल-लेपटॉप) टाइम स्पेंड कितना है रोज़ ? 5 आपके बच्चे का आउटडोर (खेल-कुंद) एक्टिविटी समय कितना है ? फुल या डीप स्क्वाट को इस तरीक़े से किया जाता है घुटने पूरी तरह से मुड़े हुए होते हैं, और जांघ का पिछला हिस्सा पिंडली की मांसपेशियों के सहारे टिका होता है, जबकि एड़ियाँ ज़मीन पर सपाट रहती हैं। डीप स्क्वाट एक ऐसी स्थिति है जिसका उपयोग कई बच्चे खेलते समय भी करते हैं। डीप स्क्वाट (उंखड़ू) बैठना कई कारणों से बहुत बढ़िया है जैसे- 1. कूल्हे, घुटने और टखने की पूरी गतिशीलता बनाए रखने में मदद करता है। 2. डीप स्क्वाट पोजीशन मेंटेन करने से कोर (मसल्स) का संतुलन बना रहता है। 3. ग्राउण्ड में खेलने, कूदने,दौड़ने में मदद मिलती है। 4. शौच में बैठने के लिए सबसे अच्छी स्थिति (मुद्रा) माना जाता है, न केवल बच्चों के लिए बल्कि वयस्कों के लिए भी। 5. ऐसा माना जाता है कि इस पोजीशन को करने से मांसपेशियों पर सही मात्रा में दबाव डालता है जिससे शौच आसानी से हो सके। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, वे इस पोजीशन में उतना नहीं बैठते न ही खेलते हैं, अपने बच्चों को फिर से डीप स्क्वाट करने के लिए प्रोत्साहित करें, और आप खुद को भी इसे आजमाने के लिए प्रयास करें। अपने बच्चे के खेलने और रोज़मर्रा की गतिविधियों के दौरान उसकी दिनचर्या में शुरुआत में ही डीप स्क्वैट्स को शामिल करना काफी आसान है। बच्चे आमतौर पर 10 से 12 महीने की उम्र में चलना आरम्भ करते हैं, जो उनके पहले जन्मदिन के आसपास होता है। अपने चलने के अभियान की शुरुआत में, उनके पैर काफी लड़खड़ाते हैं, इसलिए इस दौरान बैठना नहीं होगा। जैसे-जैसे बच्चा बेहतर संतुलन के साथ चलना सीखता है, वह संभवतः 13 से 18 महीने की उम्र के आसपास बैठना आरंभ कर देता है। कूल्हों को मोड़कर बैठना एवं शौचालय का उपयोग करने के लिए उकड़ू बैठना बेहतर है, हालांकि कुछ शोध बताते हैं कि यह केवल 3 से 5 मिनिट उकड़ू बैठने से भी बेहतर हो सकता है। आजकल बच्चों को अनेक प्रकार की समस्या हो रहीं हैं जैसे- बच्चों में फ्लैट फुट, नॉक नी, टेंडम वॉक, क़मर दर्द, रनिंग-दौड़ने आदि की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों के डीप स्क्वाट (उकड़ू) न बैठ पाने से शरीर के ज्वाइंट्स पर बुरा प्रभाव पड़ता है, पैरों के पंजों 52 हड्डियां, 66 जोड़ और लगभग 200 से भी ज्यादा मांसपेशियां, टेंडन एवं लिगामेंट होते हैं, जो कि हमें किसी भी प्रकार की सतह पर सन्तुलन बनाने एवं एक्टिविटी (गति) प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डीप स्क्वाट पॉस्चर से पाचन में सुधार डाइजेशन (मेटाबॉलिज्म) अच्छा होता है, उकड़ू बैठने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप के काम करता है। डीप स्क्वाट बैठने का तरीका समतल जगह पर खड़े हो जाएं, और अपनी टांगों को एक दूसरे से दूर करें अब डीप स्क्वाट की पोजीशन में आए जिसके लिए अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें और अपने हिप्स को जमीन की ओर लेकर जाएं। अब अपने हाथों को घुटनों के नीचे से ऊपर की ओर निकालने और दोनों हाथों को जोड़ें और नमस्ते पोज़ बनाएं अपनी बाजुओं को जांघों की तरफ प्रेस करते रहें ध्यान रहे रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, अपने हिप्स को जमीन की ओर ही रखें और अपने कंधों को अपने कानों से दूर रखें लंबी-लंबी सांसे लें और अपने आप को इस पोजीशन में रखें अब 2 से 3 मिनट इस तरह पोजिशन को मेंटेन करें इसके के बाद अपनी सामान्य पोजिशन में आ जाएं।  

अधिक पानी पीना हृदय रोगियों के लिए हो सकता है खतरनाक

दिल फेल होना पर शारीरिक उपचार की जरूरत के अनुसार दिल को पंप नहीं कर पाता है, कारण से रोगी को थकान, सांस लेने में तकलीफ या थकान होना, सांस लेने में तकलीफ, खांसी या घरघराहट, दिल की दृष्टि तेज या उल्टी होना और मिटली जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। कोरोनरी हृदय रोग, हाइपरटेंशन, मायोकार्डियल इन्फार्क्शन, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, दिल में सूजन या हृदय की तीव्रता की तीव्रता और हृदय को हार्ट फेल का मुख्य कारण माना जाता है। हार्ट फेलियर का इलाज और इलाज आसान हो गया है। एलवीडी (लेफ्ट वेंट्रिकुलर एसिस्टेड) ​​थेरेपी से हार्ट फेलियर का इलाज होता है। लेफ्ट वेंट्रिकुलर एसिस्टेड लिमिटेड एक मेडिकल मेडिकल है, जिसका उपयोग हार्ट फेलियर की खोज के लिए किया जाता है। यह हृदय के बाईं ओर मौजूद वेंट्रिकल से लेकर पूरे शरीर में रक्त पंप करता है। इस थेरेपी ने लाभार्थियों की जीविका की गुणवत्ता और उनके जीवित रहने की संभावनाओं को बढ़ाने का काम किया है। व्युत्पत्ति और लाइफ स्टाइल जरूरी है तो साइंस ने हार्ट फेलियर के पैमाने और कमाई को आसान बना दिया है। लेकिन पोषण और जीवविज्ञान पर ध्यान देने से इसका प्रभाव कम हो सकता है। दिल्ली के शालीमार बाग में स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के तंबाकूजी और सीनियर डॉ. नित्यानंद त्रिपल के अनुसार हार्ट फेलियर के शिष्यों को दर्शन और जीवन शैली का ध्यान रखना चाहिए। कम नमक के घटक में प्रचुर मात्रा में नमक लेने के कारण शरीर में पानी जमा हो सकता है, जिससे सूजन, सांस फूलने जैसे लक्षण पैदा होते हैं। इसलिए हार्ट फेलियर के मरीज को प्रतिदिन 1,500 से 2,000 तक का ऑक्सीजन का सेवन नहीं करना चाहिए। तरल पदार्थ का कम सेवन हार्ट फेलियर के कारण शरीर में पानी जमा हो सकता है। इससे बचने के लिए डॉक्टर हर रोज 1-1.5 लीटर से अधिक तंबाकू का सेवन न करने की सलाह देते हैं। इसमें पानी, साबूदाना, चॉकलेट आदि सभी ड्रिंक शामिल हैं। वैज्ञानिक और वैज्ञानिक साइंटिस्ट दिल के लिए स्वास्थ्यवर्धक है। इसलिए खाने में फल, स्ट्रॉबेरी, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्ट्रेंथ फल जैसे नट्स, सीड्स और मछलियों का सेवन करें। इनका कागजात बनाना भी जरूरी है। लाइफ़स्टाइल में वाॅलिंग, कॉमर्स और फ़्लोरिडा एरोबिक्स से हार्ट मसल्स मजबूत होते हैं। पशु चिकित्सक नियंत्रण से दिल पर बैकअप वाला कम होता है। क्रोनिक स्ट्रेस से हार्ट फेलियर के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए ध्यान, प्राणायाम और योग जैसे तकनीशियनों की मदद लें। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।

अमेज़न सेल 2024: बेस्ट नेकबैंड ब्लूटूथ इयरफ़ोन पर 80% तक की छूट

Amazon ग्रेट इंडेन फेस्टिवल सेल 2024 से आज हम आपके लिए हैं शानदार नेकबैंड ईयरफोन की शानदार रेंज की जानकारी। ये सभी बेस्ट नेकबैंड ईयरफोन्स अलग-अलग आर्किटेक्चर के साथ आ रहे हैं। इन डिस्प्ले नेकबैंड में हाई साउंड के क्वालिटी के साथ ही डीप बेस भी है, जिससे आपका म्यूजिक और अन्य एंटरटेनमेंट का एक्सपीरियंस भी कई गुना बेहतर हो सकता है। इन नेकबैंड में 60 घंटे तक की प्लेटाइम भी देखी जा सकती है, जिसे आप देर तक इस्तेमाल कर सकते हैं। Amazon की सबसे बड़ी Sale में इन कास्टाल नेकबैंड पर 77% तक की भारी छूट भी मिल रही है। यदि आप बचत वाली इस डील का फ़ायदा उठाना चाहते हैं, तो इस लेख में मिल रही सूची आपके लिए काफी बढ़िया हो सकती है। ये सभी नेकबैंड टॉप नेटवर्क और काफी बेस्ट माने जाते हैं। वनप्लस बुलेट्स Z2 ब्लूटूथ वायरलेस इन ईयर ईयरफोन्स: इस दिलचस्प वाले वनप्लस बुलेट्स Z2 नेकबैंड का डिजाइन एर्गोनोमिक है। इस साल में नेकबैंड की शानदार क्वालिटी साउंड और बॉम्बास्टिक बेस भी काफी दमदार है। यह नेकबैंड 12.4mm के ड्राइवर के साथ आ रहा है। इसमें कुल 30 तक का प्लेटाइम भी है। सिर्फ 10 मिनट तक चार्ज करके आप इस नेकबैंड को 20 घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं। यह अमैसिलिव रंग संयोजन में भी उपलब्ध है। boAt Rockerz 210 ANC ब्लूटूथ इन ईयर नेकबैंड: यह टॉप डेमोक्रेसी रेटिंग वाला काफी अच्छा boAt Rockerz 210 नेकबैंड है। यह नेकबैंड की खासियत भी सीमलेस है। इसका स्पैटिऑल ऑडियंस और कैमल का 30dB ANC सपोर्ट आपके एंड्रॉइड फ्री कॉलिंग के एक्सपीरियंस को काफी शानदार बना सकता है। यह 13mm ड्राइवर वाला काफी अच्छा नेकबैंड है। इस नेकबैंड में ड्यूल पेअरिंग और फास्ट पेयर का सपोर्ट भी मिल रहा है। इस नेकबैंड की मदद से आप गेमिंग का भी भरपूर मजा ले सकते हैं। रियलमी बड्स वायरलेस 3 नियो इन ईयर ब्लूटूथ नेकबैंड: यह टॉप ब्रांडेड और बेस्ट रियलमी बड्स वायरलेस नेकबैंड है। इस नेकबैंड में मिल रहा 13.4mm का ड्राइवर शानदार साउंड के साथ ही डीपी बेस क्वालिटी भी देता है। यह फास्ट बैकअप भी सपोर्ट करता है, जिससे आप इस नेकबैंड को कम समय में चार्ज करके देर तक इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह नेकबैंड म्यूजिक के साथ-साथ फ्री कॉल्स के लिए भी सुइटेबल माना जाता है। इसमें 45 एमएस की लो लेटेंसी भी दी जा रही है। JBL ट्यून 215BT, क्विक चार्ज के साथ 16 घंटे का प्लेटाइम: धाकड़ साउंड और बेस वाले इस JBL ट्यून 215BT नेकबैंड में आपको 16 घंटे तक का प्लेबैक टाइम मिल रहा है। इस नेकबैंड में मिल रही 12.5mm का ड्राइवर प्रीमियम क्वालिटी वाला है। यह प्योर बेस वाला जनरेटर नेकबैंड है। इस नेकबैंड से आप लगभग सभी सहयोग कंपनी के साथ जुड़ सकते हैं। यह वॉयस मार्केटिंग सपोर्ट के साथ आ रहा है। इसका इन बैलट माइक भी टॉप क्वालिटी वाला है। नॉइज़ एयरवेव प्रो ब्लूटूथ इन ईयर नेकबैंड: यह गैजेट नेकबैंड ईयर फोन आजकल काफी पसंद किया जा रहा है। यह नॉइज़ एयरवेव प्रो मैट ब्लैक कलर और शानदार लुक में आ रहा है। इसकी 40 एमएस लेटेंसी आपकी गेमिंग को भी काफी बेहतर बना सकती है। इसमें 3 हाई क्वालिटी वाले माइक भी दिए गए हैं। बेहतर साउंड के लिए आप इसके 3 ईक्यू मॉड्स को भी बदल सकते हैं। इसके बड्स में मैग्नेट भी दिए गए हैं, जिससे इसे कैरी करना आसान हो जाता है।

मोह रूपी मूर्च्छा से भागें नहीं, उसे साधें

कभी-कभी लोग कहते हैं, साधु-संन्यासी बहुत कष्ट सहते हैं। मैं इससे उल्टा सोचता हूं। साधुओं के लिए कष्ट कम हैं। गृहस्थ के लिए कष्टों का अंबार-सा लगा हुआ है। वह मूर्च्छा से घिरा हुआ है, इसलिए उसे ये कष्ट, कष्ट जैसे प्रतीत नहीं होते। मूर्च्छा दुख का कारण है। मूर्च्छा जागरण का अभाव है। आदमी सोता है, इसीलिए दुख होता है। सोना बहुत आवश्यक भी है और सोना एक समस्या भी है। सोते समय श्वास की गति बढ़ जाती है। वह छोटा हो जाता है। छोटा श्वास आयु को कम करता है। जो अधिक समय सोता है, वह अल्प आयुष्क होता है। परिमित समय तक सोता है तो आदमी ठीक-ठीक जी लेता है। हर प्रवृत्ति के साथ समस्या जुड़ी हुई होती है। सोना जरूरी है तो सोना खतरनाक भी है। दस-बारह घंटा सोना अल्पायु होना है। जो आदमी लंबा जीना चाहता है, उसे सोने की सीमा कम करनी चाहिए। जो मूर्च्छित है, वह सोया हुआ है। सामाजिक स्तर पर मूर्च्छा भी जरूरी मानी गई है। यदि मूर्च्छा नहीं होती है तो बच्चे का लालन-पालन नहीं हो सकता। कोई संबंध ही नहीं होता। कोई किसी चीज की सुरक्षा नहीं कर पाता। मूर्च्छा है इसीलिए प्रवृत्ति का यह चक्र चल रहा है। मूर्च्छा नहीं होती तो सोने को कौन इकट्ठा करता? मूर्च्छा नहीं होती तो हीरों-पन्नों को कौन संजोकर रखता? जैसे पत्थर ठोकर में पड़े रहते हैं, वैसे ही वे भी पड़े रहते। तो फिर वस्तु का यथार्थ मूल्यांकन नहीं होता। कहां पत्थर और कहां हीरा! किंतु मूर्च्छा सबको अपने-अपने स्थान पर टिकाए हुए है। फकीर के पास एक सम्राट आया। फकीर जानता था। सम्राट जब जाने लगा, तब फकीर ने पांच-दस कंकड़ सम्राट को देते हुए कहा, ‘मेरे ये कंकड़ ले जाओ। जब तुम मरकर अगले लोक में जाओगे, तब मैं वहां तुमसे मिलूंगा। तब मेरे ये कंकड़ मुझे दे देना।’ सम्राट हंसकर बोला, ‘बड़े भोले हो तुम! क्या कोई व्यक्ति मरकर भी अपने साथ कुछ ले जा सकता है? यह असंभव है।’ फकीर बोला, ‘तुम सच कह रहे हो?’ सम्राट बोला, ‘यह सच है। सब जानते हैं।’ फकीर ने कहा, ‘तो फिर प्रजा का शोषण कर तुम इतना वैभव क्यों एकत्रित कर रहे हो? मैं तो समझता था, और कोई ले जाए या नहीं, तुम तो अवश्य ही सारा वैभव साथ ले जाओगे। यदि नहीं ले जा सकते तो फिर इतनी मूर्खता क्यों कर रहे हो?’ सम्राट की आंख खुल गई। मूर्च्छा के कारण ही संचय किया जाता है। कभी-कभी मैं सोचता हूं, मूर्च्छा नहीं होती तो समाज और परिवार कैसे चलता? माता बच्चे के पालन-पोषण में इतना कष्ट सहती है। क्यों? मूर्च्छा है इसीलिए। पशु-पक्षियों की माताएं भी बच्चों के लिए, अपनी संतान के लिए क्या नहीं सहतीं? मूर्च्छा के कारण सारा कष्ट सह लिया जाता है। इस दृष्टि से सामाजिक प्राणी के लिए यह नहीं कहा जा सकता कि मूर्च्छा सर्वथा हेय है। वह छोड़ भी नहीं सकता। जो कुछ एक-दूसरे के लिए होता है या किया जाता है, वह सारा मूर्च्छा और मोह के कारण ही हो रहा है। मोह नहीं होता तो कौन पढ़ाता बच्चों को? कौन उन्हें तैयार करता? कौन उन्हें व्यवसाय सिखाता? फिर तो सब अकेले होते। सब विरागी या विरक्त होते। अकेला आदमी विरागी बनकर जीवनयापन कर सकता है, पर समाज वैसा नहीं कर सकता। संसार ऐसा बन नहीं सकता। यदि संसार ऐसा होता है तो वह फिर संसार नहीं, व्यक्ति होगा। आदमी अनगिन कष्टों को सहता हुआ भी जी रहा है। इसका मुख्य कारण है— मूर्च्छा। कभी-कभी लोग कहते हैं, साधु-संन्यासी बहुत कष्ट सहते हैं। मैं इससे उल्टा सोचता हूं। साधुओं के लिए कष्ट कम हैं। गृहस्थ के लिए कष्टों का अंबार-सा लगा हुआ है। वह मूर्च्छा से घिरा हुआ है, इसलिए उसे ये कष्ट, कष्ट जैसे प्रतीत नहीं होते। मूर्च्छा एक आवरण है। ऐसा आवरण कि जिसमें सारे कष्ट ढक जाते हैं। पति ने पत्नी को या पत्नी ने पति को तलाक दे दिया। पति चल बसा। पत्नी रह गई। पत्नी मर गई। पति रह गया। दोनों मर गए। छोटे-छोटे बच्चे रह गए। ये सारी कितनी कठिन परिस्थितियां हैं? दिल दहलानेवाली स्थितियां हैं। इन स्थितियों में भी आदमी सुख मानकर जीता ही चला जा रहा है। एक छोटे बच्चे से भी पूछा जाए कि तुम्हारे माता-पिता मर गए। तुम असहाय हो। क्या साधु बनोगे? वह तत्काल सिर हिलाकर कहेगा, साधु तो नहीं बनूंगा। इसका कारण है मूर्च्छा। उसे लगता ही नहीं कि वह असहाय है। एक मूर्च्छा हजारों कष्टों को शांत कर देती है, उनका निवारण कर देती है। यदि ऐसा नहीं होता तो इस दुखमय, कष्टमय और दारुण संसार में आदमी कभी जी नहीं पाता। उसको जीवित रखनेवाली वस्तु है मूर्च्छा। यह सबको जिला रही है। सब प्राणी इसकी बदौलत जी रहे हैं। बड़ा भाई— छोटे भाई को, पिता— पुत्र को तैयार करता है। आगे चलकर छोटा भाई, बड़े भाई को दर-दर का भिखारी बना देता है। पुत्र, पिता को घर से निकाल देता है। ऐसी स्थितियां होती हैं। इसे हम देखते हैं। पर बड़ा भाई, छोटे भाई को तैयार करता है और पिता, पुत्र को योग्य बनाता है। इन सबके पीछे मूर्च्छा काम करती है। इसलिए सामाजिक और पारिवारिक वातावरण को सजीव रखने के लिए मूर्च्छा की अनिवार्यता स्वीकार करनी होगी। सामाजिक व्यक्ति मूर्च्छा को सर्वथा छोड़ दे, यह असंभव बात है। किंतु मूर्च्छा के चक्रव्यूह को तोड़ना जरूरी है। या कहें कि इस मूर्च्छा रूपी मोह को साधना जरूरी है, ताकि आप इसके गुलाम न बनें। यह मूर्च्छा तमस और राजस का प्रतीक न बने, बल्कि सत्व का आधार लेकर सात्विक बनें। हमें यह ध्यान रखना है कि जब तक इस मूर्च्छा का चक्रव्यूह चलता रहेगा, तब तक दुखों का अंत नहीं होगा। उसकी एक सीमा हो। वह अनंत न बने, यह अपेक्षित है। मूर्च्छा केवल समाज को चलानेवाली कड़ी के रूप में स्वीकृत हो तो इतना अनर्थ नहीं होता। पर आज उसे अनंत आकाश प्राप्त है। यह अहितकर है। ध्यान का पुष्ट परिणाम है मूर्च्छा के चक्र का टूटना।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में तेजी से आंखों से संबंधित समस्या मायोपिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं

नईदिल्ली साल 2019 के अंत में शुरू हुई कोविड-19 महामारी का असर अब भले ही हल्का हो गया है पर संक्रमण का खतरा वैश्विक स्तर पर अब भी बना हुआ है। वायरस में म्यूटेशन से उत्पन्न होने वाले नए-नए वेरिएंट्स विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाते रहे हैं। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दुनियाभर में बढ़ती एक नई महामारी को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। विशेषज्ञों ने कहा, हम सभी तकनीक से प्रेरित इस दुनिया में दिनभर किसी ने किसी तरह के स्क्रीन से चिपके रहते हैं। मोबाइल, टेलीविजन हो या लैपटॉप, इनके अधिक उपयोग के कारण हमारा स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है जो एक नई महामारी को जन्म दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में बहुत तेजी से आंखों से संबंधित समस्या, विशेषतौर पर मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह बच्चों में सबसे ज्यादा रिपोर्ट की जा रही समस्या है जिसके कारण कम दिखाई देने और समय के साथ अंधेपन का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास न किए गए तो अगले एक-दो दशक में वयस्कों की बड़ी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। ये निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है। मायोपिया के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बचपन में मायोपिया का निदान होने से जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। यह प्रवृत्ति चिंताजनक है, यह सिर्फ चश्मे पर निर्भरता की समस्या नहीं है बल्कि इसके कारण ग्लूकोमा और रेटिनल डिटेचमेंट जैसी आंखों की अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। कुछ अध्ययनों का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया की लगभग आधी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। भारत में, बच्चों में मायोपिया की घटना लगातार बढ़ रही है। कोरोना महामारी ने इसके जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। मायोपिया के कारण मानसिक रोगों का खतरा नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में मायोपिया का निदान बचपन में ही किया जाता है। ये समस्या सिर्फ आंखों तक ही सीमित नही हैं, इसके कारण मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है। मायोपिया के कारण बच्चों की विशिष्ट खेलों और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कम हो जाती है। बाहर खेल-कूद में कमी के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। मायोपिया के शिकार लोगों में भविष्य में स्ट्रेस-एंग्जाइटी और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की अन्य विकारों का जोखिम अधिक हो सकता है। बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को लेकर अलर्ट किया गया है। 50 देशों में पांच मिलियन (50 लाख) से अधिक बच्चों और किशोरों पर किए गए शोध में पाया गया है कि एशियाई देशों में इसका जोखिम सबसे अधिक देखा जा रहा है। जापान में 85% और दक्षिण कोरिया में 73% बच्चे निकट दृष्टि दोष से ग्रस्त हैं, जबकि चीन और रूस में 40% से अधिक बच्चे इससे प्रभावित हैं। मायोपिया के बारे में जानिए नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) आंखों की गंभीर समस्या है, जिसमें रोगी को अपने निकट की वस्तुएं तो स्पष्ट रूप से देखती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई पड़ती हैं। इसमें आंख का आकार बदल जाता है। सामान्यतौर पर आंख की सुरक्षात्मक बाहरी परत कॉर्निया के बड़े हो जाने के कारण ऐसी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में आंख में प्रवेश करने वाला प्रकाश ठीक से फोकस नहीं कर पाता है। क्यों बढ़ रहे हैं मायोपिया के मामले ‘द लैंसेट डिजिटल हेल्थ जर्नल’ में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया था कि स्क्रीन टाइम ने बच्चों और युवाओं में मायोपिया के जोखिम को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। स्मार्ट डिवाइस की स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताना मायोपिया के खतरे को 30 फीसदी तक बढ़ा देता है। इसके साथ ही कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग के कारण यह जोखिम बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा कोरोना महामारी की नकारात्मक स्थितियों जैसे लोगों को ज्यादा से ज्यादा समय घरों में बीतना, बाहर खेलकूद में कमी और ऑनलाइन क्लासेज के कारण आंखों से संबधित इस रोग के मामले और भी बढ़ गए हैं। 

बदलते मौसम में विटामिन सी से बने फेस पैक लगा निखारें अपनी स्किन

मौसम बदलते ही आपकी स्किन खराब होने लगती है। खाने- पने के साथ आपको अपनी स्किन की भी खास देखभाल करने की जरुरत होती है। विटामिन सी सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि आपकी स्किन के लिए भी काफी अच्छी होती है। विटामिन सी कई तरह की खाने की चीज़ों में होता है। स्किन के हिसाब से अगर आप विटामिन सी वाला फेस मास्क अपने चेहरे पर लगाएंगी तो आपकी स्किन पर चमक आ जाएगी। किसी भी घरेलू फेस मास्क को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप उसका पैच टेस्ट जरुर कर लें। ऐसा करने से आपकी स्किन पर एलर्जी का खतरा नहीं रहेगा। अगर आप अपनी स्किन ग्लोइंग, फेयर और शाइनी देखना चाहती हैं तो मौसम में जब बदलाव आ रहा हो तो आपको जो भी फेस मास्क सूट करे आप उसे जरुर यूज़ करें। संतरे के छिलके से बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : संतरे में विटामिन सी होता है ये तो सब जानते हैं। लेकिन संतरे का छिलका भी काफी फायदेमंद होता है। अगर आपकी स्किन को संतरा सूट करता हो यानि कोई एलर्जी ना हो तो आप संतरे के छिलके से भी फेस पेक बना सकती हैं। संतरे के छिलके से बना विटामिन सी फेस मास्क आपको ग्लोइंग और क्लीयर स्किन देगा जिससे आपकी त्वचा पर निखार नज़र आएगा। सबसे पहले इसके छिलके को धूप में सुखाकर लें फिर इसे पीसकर पाउडर बनाकर किसी जार में स्टोर कर लें। अब 1 बड़े चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में 2 बड़े चम्मच दही या दूध मिलाकर (जो भी आपकी स्किन को सूट करे) वैसे ऑयली स्किन के लिए दही और ड्राय स्किन के लिए दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे मिक्स करके आप फेस मास्क बना लें और फिर उसे अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं जब सूख जाए तो पानी से उसे साफ कर लें। आप ये फेस पेक डेली भी यूज़ कर सकती हैं। बस संतरे के छिलकों को धूप में सूखाकर आप एक जार में उसका पाउडर जरुर भर लें। टमाटर से ऐसे बनाएं विटामिन सी फेस मास्क : कई बार मौसम बदलने से भी स्किन टैन होने लगती है। ऐसे में आपकी स्किन के लिए टमाटर सबसे फायदेमंद होता है। टमाटर ना सिर्फ स्किन टेनिंग को हटा़ता है बल्कि ये आपकी स्किन पर पड़ने वाली उम्र की लकीरों को भी कन्ट्रोल करता है। टमाटर वाला विटामिन सी फेस मास्क बनाने के लिए आप टमाटर को आधा काटकर आप उसका पेस्ट बनाकर एक कटोरी में डालें। टमाटर का गूदा भी बेहतर होगा फिर आप इसमें 2 बड़े चम्मच खीरे का रस और 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और फिर स्किन पर लगाएं और जब सूख जाए तो पानी से धो लें। वैसे ये फेस मास्क ऑयली स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। नींबू से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : विटामिन सी से भरपूर नींबू जितना खट्टा होता है उतना ही फायदेमंद भी होता है। अगर आप अपनी स्किन पर चमक देखऩा चाहती हैं और आपकी स्किन के दाग-धब्बे जाने का नाम नहीं ले रहे या बदलते मौसम से आपकी स्किन खराब हो रही है तो आप नींबू वाला फेस मास्क लगा सकती हैं। इसे आप दो तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। पहला, 2 बड़े चम्मच पाइनेपल का गुदा लें और इसे अच्छी तरह मसल लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लगाएं। 5-10 मिनट बाद धो लें। दूसरा, अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो 1 बड़े चम्मच नींबू के रस में 1 बड़ा चम्मच गुलाबजल मिलाकर लगाएं। कीवी से बनाएं विटामिन सी वाला फेस मास्क : कई महिलाओं की स्किन पर मौसम बदलने की वजह से ड्रायनेस हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें इचिंग होती है और उनकी स्किन पर खुजली होने लगती है। इसके बाद स्किन पर दाने आ जाते हैं और स्किन खराब हो जाती है ऐसे में आपको कीवी वाला फेस पेक जरुर मदद करेंगा लेकिन फेस मास्क लगाने से पहले ये जरुर टेस्ट कर लें की आपकी स्किन पर कीवी से एलर्जी ना हो। कीवी वाला फेस मास्क घर पर बनाने के लिए आप एक कटोरी में कीवी का छिलका उतारकर उसका गूदा बना लें। फिर आप इसमें 2 चम्मच दही डालकर उसका पेस्ट बना लें और उसे हर फेस मास्क की तरह स्किन पर अप्लाई करें। सूखने के बाद फेस मास्क को पानी से हटा लें। ये सभी फेस मास्क आपकी स्किन के लिए हेल्दी है लेकिन आपकी ऑयली स्किन है या ड्राय स्किन है या फिर आपको एलर्जी तो नहीं है ये सब बाते ध्यान में रखकर ही आप कोई भी फेस मास्क इस्तेमाल करें। अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहती हैं तो आप ये घरेलू फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं।  

बस रोज़ाना शुरू कर दें ये जरूरी काम, हार्ट से जुड़ी बीमारियां होंगी दूर

भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. पहले इसका खतरा सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित था लेकिन अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है. काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान की वजह से युवाओं का दिल कमजोर हो रहा है. 25-40 साल के नौजवान भी हार्ट डिजीज का शिकार हो रहे हैं, जबकि  हेल्दी लाइफ के लिए दिल का दुरुस्त होना सबसे जरूरी है. ऐसे में अगर रोजाना सिर्फ दो काम करें तो दिल हमेशा स्वस्थ रहेगा और इससे जुड़ी बीमारियां आसपास भी नहीं फटकेंगी. तो चलिए जानते हैं इन दोनों काम के बारें में… फिजिकल एक्टिविटीज शारीरिक गतिविधि यानी एक्सरसाइज हार्ट के लिए वरदान है. यह न केवल दिल को स्वस्थ रखती है, बल्कि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करती है. डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना कम से कम 30 मिनट का वर्कआउट करना चाहिए. इसमें टहलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, योग या कोई अन्य एक्टिविटीज भी शामिल कर सकते हैं. इससे दिल हमेशा हेल्दी रहता है और बीमारियां उससे दूर ही रहती हैं. हेल्दी डाइट स्वस्थ आहार दिल के लिए बहुत जरूरी है. हर किसी को रोजाना ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले फूड्स खाने चाहिए. डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना कम से कम 5 सर्विंग फल और सब्जियां खानी चाहिए. इसके अलावा  नमक और चीनी का सेवन कम करना चाहिए. फास्ट फूड या बाजार की खुली चीजें खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि हार्ट डिजीज का सबसे ज्यादा खतरा खानपान से ही बढ़ता है. दिल को हेल्दी रखने के लिए इन चीजों से बनाएं दूरी बाहर का खाना अवॉयड करने की कोशिश करें. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, जंक फूड और रिफाइंड फूड्स खाना पूरी तरह बंद कर दें. खाने में नमक और चीनी जितना हो सके कम करें. हार्ट को हेल्दी रखने के कुछ अन्य तरीके धूम्रपान और शराब का सेवन बंद करें. तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाएं. हार्ट डिजीज के लक्षण नजर आने पर तुरंत इलाज करवाएं.

इन स्मार्ट टिप्स से मिनटों में फुल चार्ज होगा आपका स्मार्टफोन

आपको कई बार कहीं जाना होता है और आपके पास फोन चार्ज करने का समय नहीं है। आप चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन जल्दी से चार्ज हो जाए। कई बार आपको भी लगता होगा कि आपका स्मार्टफोन बहुत स्लो चार्ज हो रहा है। इसके लिए आपको हम कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को जल्द से जल्द चार्ज कर सकेंगे। स्मार्टफोन के ऑरिजिनल चार्जर से ही करें चार्ज कई बार हम अपने स्मार्टफोन को किसी भी चार्जर से चार्ज कर लेते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए। स्मार्टफोन को चार्ज करने से पहले उसके चार्जर के एम्पियर और वोल्ट को जरूर चेक कर लें। अगर सही एम्पियर या वोल्ट का चार्जर नहीं होगा तो फोन बहुत स्लो चार्ज होगा। इसके अलावा बैटरी के खराब होने का खतरा भी बरकरार रहेगा। लैपटॉप या पीसी से न करें चार्ज कई बार हम अपने लैपटॉप या पीसी से ही अपना फोन चार्ज करने लगते हैं। लेकिन यदि आप अपने स्मार्टफोन को तेजी से चार्ज करना चाहते हैं तो आप इसे सीधे वॉल आउटलेट (यानी चार्जिंग प्वाइंट) पर चार्जिंग के लिए लगाएं। फास्ट चार्जर का करें इस्तेमाल स्मार्टफोन को तेज चार्ज करने के लिए आप फास्ट चार्जर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये तेजी से चार्जिंग के लिए एम्पीयर और वोल्टेज को बढ़ा देता है। लेकिन यह तभी संभव है जब आपका फोन इसे सपोर्ट करे। बैटरी की कैपेसिटी के हिसाब से चुनें पावर बैंक कई स्मार्टफोन्स में उच्च क्षमता की बैटरी लगी होती है। ऐसे में इन स्मार्टफोन्स को चार्ज करने के लिए 10, 000 एमएएच की क्षमता वाले पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें।  

कैसे बना था पहला कंप्यूटर, कैसे आया था इसका आइडिया

कंप्यूटर का इतिहास बहुत पुराना है. इसकी शुरुआत प्राचीन काल में हुई थी जब लोग गणना करने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग करते थे, जैसे कि अबेकस, जिसे प्राचीन काल से ही गणना के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. 17वीं शताब्दी में,ब्लेज पास्कल नाम के एक फ्रांसीसी गणितज्ञ ने पहला यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया था. यह मशीन केवल जोड़ और घटाने के ही काम कर सकती थी. इसके बाद चार्ल्स बैबेज नाम के एक अंग्रेजी गणितज्ञ ने एनालिटिकल इंजन नामक एक और यांत्रिक कंप्यूटर का आविष्कार किया था. हालांकि, तकनीकी सीमाओं के कारण इसे पूरा नहीं किया जा सका. इसके बाद 1940 के दशक में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जर्मनी ने एनीगमा नामक एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन का उपयोग किया था. इस मशीन का उपयोग गुप्त संदेशों को एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने के लिए किया जाता था. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, कंप्यूटर के विकास में तेजी आई और 1946 में ENIAC नाम का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बनाया गया था. ENIAC के बाद से कंप्यूटर का विकास लगातार होता रहा है. ट्रांजिस्टर, इंटीग्रेटेड सर्किट और माइक्रोप्रोसेसर के आविष्कार ने कंप्यूटर को छोटा, तेज और सस्ता बना दिया. आजकल हम सुपरकंप्यूटरों से लेकर स्मार्टफोन तक विभिन्न प्रकार के कंप्यूटरों का उपयोग करते हैं. वहीं कंप्यूटर के आविष्कार के पीछे के आइडिया की बात करें तो वो जटिल गणनाओं को तेजी से और सटीकता से करने का था. शुरुआत में कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक गणनाओं, सैन्य अनुप्रयोगों और व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जाता था लेकिन समय के साथ, कंप्यूटर का उपयोग हर क्षेत्र में होने लगा. भारत ने भी कंप्यूटर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. भारत में कई कंपनियां कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का निर्माण करती हैं.

खाली पेट धनिया पानी पीने के फायदे

आयुर्वेद में धनिया के कई फायदे बताए गए हैं। धनिया शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है और शरीर की कई सफाई में मदद करता है। वात, पित्त और कफ दोषों को मिलाकर धनिया बहुत ही अच्छा माना जाता है। यह पावरफुल मसाला केवल भोजन को सुगंध देने या स्वादिष्ट बनाने के काम नहीं आता बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी है। ‌सिरदर्द, सिगरेट, सोडा, वजन बढ़ने की समस्या, इनबैलेंस, ब्लीडिंग, डायमेंशन और डायमेंशन जैसी कई समस्याओं को रोकना संभव है। परमीत कौर, प्रमुख एवं प्रमुख, धार्मिक एवं भौतिक विशेषज्ञ, मोरिंगो एशिया अस्पताल, गुड़गांव के अनुसार, प्रतिदिन खाली पेट धनिया का पानी पीने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं और इसे लेने से अनिद्रा रोग दूर हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके गजब के फायदे और इसे बनाने के तरीके के बारे में। पाचन में सुधार करें धनिया के बीजों में अच्छी मात्रा में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र को व्यवस्थित करने में मदद करते हैं। धनिया से बने पानी को नियमित रूप से पीने से गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। कचरे से बना पानी हानिकारक माना जाता है। इसे पीने से अप्रकाशित के मुखौटे को कम किया जा सकता है। इसके लिए 1 धनिया पाउडर को 1 चम्मच पानी में रातभर भर कर रख दें और सुबह के मसाले और जब ये आधा रह जाए तो अच्छा पी लें। ध्यान रहे कि नशे की लत को खत्म करने के 1 घंटे बाद ही इस ड्रिंक को बंद कर देना चाहिए। क्योंकि नाश्ते के 1 घंटे बाद तक किसी भी चीज को खाने से मनाही होती है। वेट लॉस में सुबह-सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीने से पाचन क्रिया में सुधार होता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनता है। इसे डिटॉक्स वॉटर के रूप में भी पिया जा सकता है। वजन कम करने वाले लोगों के लिए यह जादुई जादुई असर दिखा सकता है। सही सामग्री और लेबल के साथ-साथ इस पेय का सेवन वजन में काफी हद तक आपकी मदद कर सकता है। ‌ प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है धनिया के दाने से बचाव करते हैं जो कई तरह की बीमारियों से बचाव करते हैं धनिया के भीगे हुए दोनों का पानी पीने से रोग क्षमता मजबूत होती है और इसकी मदद से कई तरह के प्रभाव से बचाव किया जा सकता है ।। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बॉडी में फ्री रेडिकल्स एक्टिविटी को कम करने में सहायता मिलती है खाली पेट धनिया के पानी को पीने से लेकर कई चैलेंज में मदद मिलती है। धनिया का पानी कैसे बनाएं धनिया का पानी बनाना बेहद आसान होता है। इसके लिए आपको बिल्कुल भी गंभीर संकट की आवश्यकता नहीं है। इसे तैयार करने के लिए एक बड़ा टेबल स्पून धनिया के मसाले को एक कप पानी में एक चम्मच रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह के समय इसे अच्छा खाली पेट पी लें। बचे हुए टुकड़ों को आप सुखाकर खाना बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024: पाएं टॉप BLDC सीलिंग फैन

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में कई टॉप और शानदार सीलिंग फैन मिल रहे हैं। इस आर्टिकल में सेल से हम आपके लिए BLDC मोटर वाले कुछ सबसे शानदार सीलिंग फैन फॉलोअर्स हैं। ये सीलिंग फैन कम बिजली की दुकानों में भी बेहतर से बेहतर स्टॉकिंग्स भी देते हैं। इन सीलिंग फैन का डिज़ाइनर लुक भी काफी शानदार है, जो आपके रूम को भी अच्छा लुक दे सकता है। उदाहरण के तौर पर आप 65% तक की छूट लेकर भारी बचत भी कर सकते हैं। Amazon Big Sale की ये डील काफी शानदार है। इस डिल में आपको टॉप ब्रांडेड और काफी बेहतरीन फैन दिए जा रहे हैं। ये सभी 3 ब्लेड वाले फैन हैं, जैसे एयरो प्रोटोटाइप डिजाइन भी शानदार है। इन सीलिंग फैन को आप मैकेनिक से भी कंट्रोल कर सकते हैं। इन सीलिंग फैन पर बचत के लिए आप इस सूची की जांच कर सकते हैं। ओरिएंट इलेक्ट्रिक 1200 मिमी ज़ेनो बीएलडीसी फैन: यह काफी अचूक और साहित्यिक शैली वाला शानदार ओरिएंट इलेक्ट्रिक फैन है। इस सीलिंग फैन में 1200 मिमी के 3 विवरण भी दिए गए हैं। यह बेसबॉल डीसी मोटर के साथ आ रहा है, जो एनर्जी सेविंग के साथ होना भी काफी अच्छा माना जाता है। यह संग्रहालय ऑपरेटिंग वाला काफी शानदार सीलिंग का प्रशंसक है। यह सीलिंग फैन बीजी का फ्लैट भी काफी कम है। स्मार्ट होम के लिए यह सीलिंग फैन काफी शानदार माना जाता है। क्रॉम्पटन एनर्जियन हाइपरजेट 1200 मिमी बीएलडीसी सीलिंग फैन: इस शीर्ष क्रॉम्पटन एनर्जियन हाइपरजेट फैन में रंग के कई शानदार स्थान दिए जा रहे हैं। यह BEE 5 स्टार रेटिंग के साथ आ रहा है। यह सीलिंग फैन लिविंग रूम के साथ बहुत ही शानदार हो सकता है। यह सीलिंग फैन की एयर स्टोरेज भी काफी सुपीरियर है। इस सीलिंग फैन पर आपको 2 साल तक की आजादी भी मिल रही है। यह सीलिंग फैन उपभोक्ताओं को भी काफी पसंद आया। KUHL प्राइमा A1 1200 Mm Bldc 65% पावर सेविंग सीलिंग फैन: अगर आप अपने कमरे को स्मार्ट और क्लासिक बनाना चाहते हैं, तो यह KUHL प्राइमा A1 सीलिंग फैन काफी शानदार हो सकता है। इस सीलिंग फैन के साथ उसे स्मार्ट मैकेनिक भी दिया जा रहा है, जिसकी मदद से आप फैन की स्पीड कंट्रोल को साथ ही ऑन/ऑफ भी कर सकते हैं। यह पावर सेविंग बीएलडीसी सीलिंग फैन का साइलेंट ऑपरेशन काफी बेहतर काम करता है। इसकी हाई स्पीड भी काफी शानदार है। POLYCAB Wizzy Neo 1200mm 5-Star BLDC, रिमोट सीलिंग फैन: यह टॉप शो और काफी शानदार POLYCAB Wizzy Neo सीलिंग फैन है। इस सीलिंग फैन के मोटर में 100% कॉपर वायरिंग का उपयोग किया गया है। यह 7 स्पीड सेटिंग के साथ आता है, जिससे आप तूफान जैसी हवा प्राप्त कर सकते हैं। स्लीप मोड के साथ ही इसमें रिवर्स मोड भी दिया गया है, जिससे कमरे का तापमान भी आसानी से कम हो सकता है। इस सीलिंग फैन का फ्री स्टोर भी देखें। ACTIVA Gracia 1200 MM (28 वॉट) BLDC मोटर फैन: यह डेकोरेटिव और स्कॉलर लुक वाल ACTIVA Gracia फैन है। इस सीलिंग फैन में अमिताभ लाइट भी दी जा रही है, जिससे आपके कमरे की शोभा भी कई गुना बढ़ सकती है। यह 3 ब्लेड वाला सीलिंग फैन बिजली की काफी ज्यादा सेविंग्स करता है। इस सीलिंग फैन पर 5 साल तक की रेट भी दी जा रही है। यह हैवी ड्यूटी मोटर काफी अच्छा एयर फ़्लो भी देता है।

देश-विदेश की खूबसूरत और मशहूर सड़कें, जहां बाइक राइडिंग का है अलग ही मजा

ट्रिप पर जाने का एक्साइटमेंट ही अलग होता है फिर चाहे आप अकेले जा रहे हों या दोस्तों के साथ। जहां कुछ लोगों को डेस्टिनेशन पर पहुंचने की जल्दबाजी होती है वहीं कुछ लोग सफर के हर एक पल को एन्जॉय करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। रोड ट्रिप ऐसे ही लोगों के लिए है। जिस पर जाने की प्लानिंग से ही शुरू हो जाता है एडवेंचर का दौर। स्मूथ सड़कों पर बाइक चलाते हुए खूबसूरत नजारों को देखने का एक्सपीरियंस ही अलग होता है। तो इंडिया से अलग आज हम बात करेंगे देश-विदेश की खूबसूरत और मशहूर सड़कों के बारे में जहां रोड ट्रिप का अलग ही है मजा। पीक टू पीक हाईवे, कोलोरेडो 60 मील लंबी राइड करते हुए खूबसूरत नजारों को देखने का एक्सपीरियंस ही बहुत खास है। राइडिंग करते हुए रॉक माउंटेन नेशनल पार्क के खूबसूरत पहाड़ों को आसानी से देखा जा सकता है। घने जंगलों और घाटियों से गुजरती हुई ये सड़क बिल्कुल किसी शूटिंग लोकेशन जैसी दिखाई देती है। टेल ऑफ द ड्रैगन, नॉर्थ केरोलिना एंड टेनेसी हॉलीवुड की ज्यादातर फिल्मों और टीवी शो में इस रोड की झलक देखने को मिल जाएगी। यहां बाइक राइडर्स स्टंट करते हुए भी नज़र आ जाएंगे। सड़क के किनारे से आप पूरे शहर की खूबसूरती को निहार सकते हैं जो वाकई बहुत ही अलग और अच्छा एक्सपीरियंस होता है। सड़क पर छोटी गाड़ियों को ही आने-जाने की अनुमति है। एक वजह ये भी है यहां की राइडिंग को खास बनाने के लिए। पैसिफिक कोस्ट हाईवे, कैलिफोर्निया बाइक राइडिंग को एन्जॉय करना हो तो कैलिफोर्निया का पैसिफिक कोस्ट हाइवे आएं। साफ-सुथरी सड़के और किनारों पर लगे पेड़ इस जगह की खूबसूरती को करते हैं दोगुना। मंजिल तक पहुंचने के दौरान हरे-भरे पहाड़ और छोटी-छोटी नदियों जैसे कई सारे खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलते हैं। यहां का मौसम ज्यादातर सुहावना ही रहता है तो आप कभी भी राइडिंग का प्लान बना सकते हैं। ब्लू रिज्ड पार्कवे, नॉर्थ केरोलिना एंड वर्जिनिया बाइक राइडिंग के शौकीनों की लिस्ट में शामिल है ये सड़क। चौड़ी और स्मूद सड़क के किनारे ग्रेट स्मोकी पहाड़ यहां की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। राइडिंग करते हुए आप वर्जिनिया का नेशनल पार्क देखने के साथ ही घूम भी सकते हैं। बियरटूथ हाईवे, मोंटाना एंड व्योमिंग यूएस का बियरटूथ हाईवे भी बाइक राइडिंग के लिए काफी मशहूर जगहों में से एक है। यहां 68 मील की रोलर-कोस्टर राइडिंग के दौरान कई सारी चीज़ें देखने को मिलते हैं। जिनमें से एक है हाईवे के नॉर्थ से लेकर साउथ तक के कई सारे नेशनल पार्क। यहां अक्टूबर से लेकर मई तक पूरी सड़क बर्फ से ढकी हुई रहती है, जिस पर राइडिंग करना खतरे से खाली नहीं। गोइंग टू द सन रोड, मोंटाना बेशक ऊंची-नीची सड़कों पर राइडिंग करने में मजा तो आता है, लेकिन साथ ही साथ खतरनाक भी। ग्लेशियर नेशनल पार्क के खूबसूरत नजारों को इन सड़कों पर बाइक राइड करते हुए देखा जा सकता है। बाइनोक्यूलर्स की मदद से पहाड़ों पर चढ़ते हुए जानवरों को देखना भी बहुत ही अलग और अनोखा नजारा होता है। लेकिन राइडिंग से पहले यहां के मौसम की जानकारी जरूर ले लें। ग्रैंड स्टेयरकेस, ऊंटाह 124 मील के सफर के दौरान कई सारे नेशनल पार्क और घने जंगल देखने को मिलते हैं। कभी ये जगह अमेरिकन लोगों के रहने की जगह हुआ करती थी। ढ़लते सूरज के साथ स्मूद सड़कों पर दोस्तों के साथ बाइक ड्राइव करने का अपना ही मजा है। यहां आप रूककर फोटोग्राफी भी कर सकते हैं।  

बिग बॉस 18 प्रोमो: चाहत पांडे और रजत डाला के बीच तीखी बहस

हर दूसरी लड़की चाहती है कि उसके बाल सिर्फ लंबे हों न हों बल्कि इतने घने हों कि हर कोई सवाल करे कि असली बाल हों या नकली। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ स्टाइल में बदलाव के कारण बालों का स्टाइल और स्टाइल में बदलाव आम बात हो गई है। ऐसे में ना ही केमिकल वाले बालों का असर दिखता है और ना ही अन्य हेयर प्रोडक्ट्स का असर दिखता है। इसलिए आज हम आपके लिए प्लॉट क्रिएटर भावना मेहराब की बताई गई ऐसी हेयरस्टाइल रेमेडी पेश करने वाले हैं, जिसका उपयोग करके आपके बाल इतने घने हो जाएंगे कि संकट में पड़ना भी आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही भावना ने कुछ टिप्स भी शेयर किए हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपने बालों को और भी खूबसूरत बना सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो टिप्स और रेमेडी। एक साथ बताई गई हैं कई रेमेडीज स्पिरिट ने अपने शैतान पर एक बाल को घना करने के लिए बताई गई कुछ रेमेडीज हैं जिन्हें आप भी फॉलो कर सकते हैं। उन्होंने एक साथ तीन नुस्खे बताए हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं- 1. पहली दवा है दो कच्चे कलौंजी के तेल में 1 चम्मच भृंगराज पाउडर को मिलाकर बालों पर लगाना। 2. दूसरी रोजी-रोटी के तेल में मेरी असेंशियल ऑयल-मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया जाता है। 3. और तीसरी रेसिपी में आपको 1 नारियल कास्टर तेल, 1 नारियल कास्टर तेल और रोजमेरी एसेंसिल तेल की 5 बूंद मिलाने का है। ये तीन ही रेमेडीज हैं आपके बालों को मजा करने और उन्हें घना बनाने में मदद करें। हाथों से मसाज करना बेस्ट इमोशनल मसाज ने बताया कि आप अपने स्कैल्प के मसाज से भी बालों का स्वास्थ्य ठीक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शौकिया टूल्स का उपयोग करना सबसे अच्छा है कि आप अपनी दुकान से इसे आज़माएं क्योंकि ये सबसे अच्छी विधि है। बताया गया कि बाल की कामगार का कारण स्टोरी क्रिएटर ने बताया कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है तो कंसीलर, क्रिएटर सिफ्ट, ब्लो साकिड का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और केमिकल का इस्तेमाल से बाल की लंबाई बढ़ती जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने भोजन में प्रोटीन, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ और खाद्य पदार्थ जैसे सीड्स और देसी घी आदि जरूर शामिल करें। बालों के लिए प्रभावशाली है बालों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी की चटनी का इस्तेमाल करने वाली ये रेसिपी सबसे बेहतर है, क्योंकि ये बालों की घर्षण कम करने के लिए बनाई गई है, बालों के घर्षण को कम करने के लिए ये रेसिपी है और उन्हें बार-बार इस्तेमाल की जाने वाली चीजों से बचाती है। के लिए बहुत ही शानदार है। भावना महामहिम ने सलाह दी है कि प्लास्टिक की सामग्री का प्रयोग न करें। स्ट्रेस का तात्पर्य यह है कि बालों से जुड़ी समस्या के पीछे स्ट्रेस एक मूल कारण है, जिसके कारण हमारे हेयर फॉलिकल्स रिस्ट्रिक्टिंग चरण में चले जाते हैं, जिससे बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। इसलिए ऐसी सक्रियता करें जो स्ट्रेस को कम करने में मदद करे, जैसे योगा, मेडिकल और वो सभी चीजें जो तनाव को दूर करने के लिए सहायक हों।

कंधे और हाथ में दर्द जैसे शरीर में होने वाले दर्द को न करें इग्नोर

दिल के दौरे के कारण ठंडा पसीना आना, दिल की धड़कन तेज़ होना, बाएं हाथ में दर्द, जबड़े में अकड़न या कंधे में दर्द भी हो सकता है. बहुत से लोग नहीं जानते कि महिलाओं में अक्सर पुरुषों की तुलना में दिल के दौरे के लक्षण अलग-अलग होते हैं. कंधे या बांह में दर्द छाती से फैलने वाला दर्द, दबाव या भारीपन जैसा महसूस हो सकता है. यह अचानक आ सकता है, गंभीर हो सकता है या छाती पर दबाव के साथ हो सकता है. दर्द आमतौर पर बाएं हाथ को प्रभावित करता है, लेकिन यह दोनों हाथों को प्रभावित कर सकता है. बुखार, सूजन या लालिमा के साथ कंधे में दर्द.हाथ से या किसी और के द्वारा कंधे को हिलाने पर भी बहुत ज़्यादा दर्द होना. हाथ के दर्द के कई प्रकार आराम करने और ओटीसी दर्द निवारक दवा लेने से ठीक हो जाते हैं. लेकिन अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से मिलना या चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है. हाथ, कंधे या पीठ में तेज दर्द जो अचानक शुरू होता है या सीने में दर्द या दबाव के साथ होता है. आपको दिल का दौरा पड़ सकता है. दिल का दौरा तब पड़ता है जब हृदय को ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने वाली धमनी अवरुद्ध हो जाती है. हृदय की मांसपेशी मरने लगती है और दिल के दौरे के लक्षण शुरू हो जाते हैं.

लैपटॉप की स्पीड बढ़ाने के आसान टिप्स

लैपटॉप हो या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक पत्रिका, वो वक्त के साथ स्लो हो जाता है। हालाँकि इसके स्लो होने की वजह कई साड़ियाँ हैं। ऐसे में अगर कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए तो लैपटॉप के स्लो होने की समस्या को कम किया जा सकता है। गैरजरूरी प्रोग्राम बंद करें प्रोग्राम के साथ कई लैपटॉप के प्लांट्स की भी शुरूआत हो गई है। ये प्रोग्राम आपके लैपटॉप की मेमोरी को बनाता है। कार्य प्रबंधक में डेवलपर इन प्रोग्राम को बंद करें। कई प्रोग्राम प्रोग्राम में रहते हैं और स्मृतियों का उपयोग करते हैं। इन प्रोग्राम को भी बंद करें। डिस्क क्लीनअप करने में समय लगता है आपके लैपटॉप पर फ़ाइलें जमा हो जाती हैं। इन उपकरणों से आपके लैपटॉप की स्पीड बढ़ सकती है। कभी-कभी डिलीट की गई फ़ाइलें पूरी तरह से डिलीट नहीं होती हैं। इन उपकरणों को भी निकालना होगा जगह खाली। जब आपकी फ़ाइलें हटा दी जाती हैं या नई फ़ाइलें हटा दी जाती हैं तो फ़ाइलें डिस्क पर बिखर जाती हैं। डिस्क डिस्क्रिग्मेंटेशन से ये फ़ाइलें एक साथ जुड़ जाती हैं जिससे लैपटॉप की स्पीड बढ़ जाती है। RAM को Random Access Memory के नाम से जाना जाता है। यह लैपटॉप की सैद्धांतिक स्मृति है। जितनी ज्यादा राम होगी, उतनी ही तेजी से आपका लैपटॉप जारी। आप अपने लैपटॉप की रैम को कैसे इंस्टॉल कर सकते हैं। लेकिन ध्यान दें कि सभी लैपटॉप में राम प्रस्ताव करने का विकल्प नहीं होता है। एक्सटर्नल मैमोरी का उपयोग करें यदि आप अपने सिस्टम डिस्क को एसएसडी (सॉलिड स्टेट ड्राइव) से बदल सकते हैं तो आपके लैपटॉप की स्पीड काफी बढ़ जाएगी। एसएसडी हार्ड डिस्क से काफी तेज़ होता है। एक्सटर्नल हार्ड डिस्क आप अपने डिवाइस को एक्सटर्नल हार्ड डिस्क में स्टोर कर सकते हैं जिससे आपके लैपटॉप की मेमोरी खाली रह सकती है। गैरजरूरी सॉफ्टवेयर को अनइंस्टॉल करने के लिए हम अपने लैपटॉप पर कई बार सारे सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं करते हैं। इन सॉफ्टवेयर को अनस्टॉल करने से आपके लैपटॉप की स्पीड बढ़ सकती है। विंडोज को अपडेट करने के लिए नए अपडेट में कई बार इंट्रेस्टमेंट की संभावनाएं होती हैं। इसलिए अपने अवशेषों को हमेशा अपडेट करें।

जन्मदिन पर केक काटना चाहिए या नहीं, क्या कहता है सनातन धर्म…

अपने धर्म, सभ्यता और संस्कृति पर तो हर किसी को गर्व होता है. लेकिन इसके बावजूद लोग पाश्चात्य संस्कृति को भी धड़ल्ले से अपना रहे हैं. इन्हीं में है केक काटकर जन्मदिन मनाना. आजकल लोग जन्मदिन पर मोमबत्ती बुझाकर केक काटते हैं. लेकिन सनातन धर्म में इसका कहीं जिक्र नहीं मिलता कि केक काटकर जन्मदिन मनाया जाए. केक काटकर जन्मदिन मनाने का कहीं जिक्र नहीं हिंदू धर्म में किसी भी शास्त्र या वेद में केक काटकर जन्मदिन मनाने का उल्लेख नहीं मिलता है. साथ ही ज्योतिष में भी मोमबत्ती बुझाकर केक काटने को अशुभ माना गया है. हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें जन्मदिन का जश्न नहीं मनाना चाहिए. लेकिन हमारी सनातन संस्कृति में इसके लिए विशेष नियम बताए गए हैं, जिसके अनुसार जन्मदिन मनाना बहुत शुभ होता है. जन्मदिन पर केक काटना या मोमबत्ती बुझाना मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाने को ज्योतिष में अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में अशुभता और बर्बादी ही आती है. क्योंकि इसका नकारात्मक असर आपके स्वास्थ्य और भाग्य पर पड़ता है. इसका कारण यह है कि हिंदू धर्म में अग्नि और ज्योति का विशेष महत्व है. घर की संतानों को भी दीपक माना जाता है और यह प्रार्थना की जाती है कि वे सदैव दीपक की तरह प्रकाशवान रहें और उनका भविष्य उज्जवल हो. वहीं हिंदू धर्म में अग्नि देव को बुझाने के बजाय प्रकट करने की परंपरा है. इसलिए मोमबत्ती बुझाकर केक काटने की परंपरा को सनातन धर्म में अच्छा शकुन नहीं माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार कैसे मनाएं जन्मदिन सनातन धर्म के अनुसार जन्मदिन या वर्षगांठ अंग्रेजी कैलेंडर के बजाय पंचांग के अनुसार मनाया अधिक शुभ और सटीक होता है. इसके पीछे यह कारण है कि, हमारा जन्म जिस तिथि में होता है उसी तिथि पर प्रवाहित होने वाली ऊर्जा शरीर में मौजूद तरंगों से मेल खाती है. आप बर्थडेट के मुताबिक भी जन्मदिन मनाते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें- जिस व्यक्ति का जन्मदिन होता है उस दिन उसकी आरती जरूर उतारनी चाहिए. ऐसा करने से शरीर में मौजूद अशुद्धियां और नकारात्मका दूर हो जाती है. साथ ही अग्नि देव का आशीष मिलता है. जन्मदिन पर बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद जरूर लें. इस दिन मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करें.  जन्मदिन का जश्न आप अपने सामार्थ्यनुसार जैसा भी करें, लेकिन इस दिन भूलकर भी मांसाहार चीजें न पकाएं और ना ही इसका सेवन करें. आजकर जन्मदिन पर रिटर्न गिफ्ट का चलन तेजी से बढ़ा है. यह अच्छी परंपरा है. आप अपने जन्मदिन पर छोटे बच्चों को उपहार स्वरूप कुछ तोहफे जरूर दें. साथ ही इस दिन गरीबों में भी दान जरूर करें. अगर आप सामर्थ्य हैं तो जन्मदिन पर तुलादान करना अधिक शुभ रहेगा.

एब्डॉमिनल माइग्रेन: जानें इसके लक्षण, कारण, ट्रिगर और उपचार

पेट में एक प्रकार का पैथोलॉजी होता है, जिसमें पेट में सिर की जगह काफी दर्द होता है। ज्यादातर यह 2 से 10 साल के बच्चों को अपना शिकार बनाता है। लेकिन यह किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है। यदि लंबे समय तक यह दर्द बना रहे, तो यह एक गंभीर बेरोजगारी का संकेत हो सकता है। एब्डोमिनल पैथोलॉजी में कभी-कभी तो प्रभाव और कुछ ही समय के लिए हो सकता है। ऐसे में यह दर्द कुछ घंटों के अंदर ठीक हो जाता है। पेट के डायग्नोस्टिक्स के दौरान आम तौर पर एक से 72 घंटे तक दर्द रह सकता है। इसमें 48 घंटे तक का दर्द हो सकता है। डॉक्टर अनुकल्प प्रकाश, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी लीड कंसलटेंट, सीके बिरला हॉस्पिटल के मुताबिक, कई लोगों को यह दर्द कुछ घंटे के लिए होता है, जबकि कुछ लोगों को इससे ज्यादा कर सकते हैं। पाचन तंत्र में गड़बड़ी की वजह से गैस्ट्रिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं जिससे पेट में ऐंठन और दर्द महसूस होता है। पेट में खराबी का कारण कई बार पेट में जेनेटिक खराबी भी हो सकती है। यदि परिवार में किसी सदस्य को सिर का कैंसर होता है तो बच्चों में पेट का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। अन्यत्र बंधक भी एक कारण है। जब मस्तिष्क और पाचन तंत्र के बीच संतुलन नहीं बन पाता तो भी पेट दर्द जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। महिलाओं में मासिक धर्म की शुरुआत के समय यह अधिक देखने को मिलता है। अगर किसी बच्चे में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन, चॉकलेट या चॉकलेट के टुकड़े हैं तो यह भी पेट की बीमारी का एक कारण हो सकता है। एब्डोमिनल पैथोलॉजी के लक्षण एब्डोमिनल पैथोलॉजी के लक्षण सिर के पैथोलॉजी से काफी अलग हो सकते हैं। इस दौरान पेट में काफी दर्द महसूस होता है। यह पेट के चारों ओर या बीच में हो सकता है। कई बार यह दर्द बहुत तेज़ और अचानक होता है और कुछ घंटे से लेकर कई दिनों तक रह जाता है। उल्टी: पेट दर्द के दौरान पेट दर्द के साथ-साथ उल्टी आना भी बना रहता है। किसी-किसी को तो कई बार उल्टी हो सकती है। कुछ भी खाने के बाद हमेशा उल्टी जैसा मन रहता है। भूख की कमी: कई बार पेट की बीमारी की वजह से भूख नहीं लगती। कुछ भी खाने या पीने का मन नहीं करता। थकान: व्यक्ति को बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है। कुछ लोगों को चक्कर आने की समस्या भी रहती है। भोजन आना: पेट के कैंसर के दौरान व्यक्ति को बहुत अधिक भोजन मिल सकता है। शरीर में अत्यधिक दर्द के कारण प्रतिक्रिया के रूप में शेयर से बहुत ज्यादा दर्द होता है ​पेट के दर्द से बचने के उपाय पेट के दौरान बहुत ज्यादा दर्द होता है कि दवा लेना पड़ सकता है। इसके लिए पेन किलर का उपयोग किया जा सकता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो रहा हो तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का सेवन करें। साथ ही उल्टी और मतली को नियंत्रित करने के लिए एंटीमिक्स दवाएँ खायी जा सकती हैं। किसी भी शारीरिक दर्द या बीमारी को ठीक करने के लिए नींद को ठीक करना बहुत जरूरी है। नींद की कमी से पेट के रोग भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है। सही समय पर सोने और जागने से शरीर और मस्तिष्क का संतुलन बना रहता है, जिससे आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है। पेट के रोगों पर रोक के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों को खाद्य पदार्थों से दूर रखा जाना चाहिए, जो डायलिसिस को ट्रिगर कर सकते हैं। चॉकलेट, कैफीन, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद आदि का सेवन करने के बजाय स्वस्थ और स्वादिष्ट भोजन को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। सही समय पर खाना खाना चाहिए। इससे जुड़े नतीजे कम होते हैं। वहीं बहुत अधिक तेल से बने या डॉक्टरी भोजन से भी परहेज करना चाहिए। नियमित रूप से व्यायाम व्यायाम करने से आपका शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहता है। वॉकिंग, साइकल चलाना और योग जैसे व्यायाम को नियमित रूप से अपने व्यायाम में शामिल करना चाहिए। ध्यान रहे कि बहुत हैवी एक्सरसाइज करने से भी ड्रैगन ट्रिगर हो सकता है। इसलिए व्यायाम व्यायाम ही करें।

31 दिसंबर से बंद होगी Poco वेबसाइट, Xiaomi की आधिकारिक साइट पर होगा शिफ्ट

बजट फ्रेंडलीटेक को पसंद करने वालों का POCO पसंदीदा ब्रांड है। अब कंपनी ने एक बड़ा फैसला लिया है। आने वाले समय में आपको ये बदलाव देखने को मिलेंगे। 31 दिसंबर 2024 से कंपनी अपनी वेबसाइट बंद करने जा रही है। ग्लोबल साइट के अलावा रिजनल साइट्स को कंपनी बंद कर देगी। लेकिन POCO पूरी तरह से इसे बंद नहीं करने वाला है। ब्रांड की तरफ से Xiaomi के वेबसाइट उत्पाद और सेवा होस्ट की मांग। इस अनाउंसमेंट से कई लोग हैरान हो गए। क्योंकि Xiaomi अपने कई अन्य ब्रांड्स के साथ ऐसा करने जा रही है। Xiaomi, Redmi और POCO के सभी प्रोडक्ट एक ही साइट पर नजर आने वाले हैं। आपका POCO एक्सपीरियंस ख़राब नहीं होने वाला है। सभी कस्टमर सपोर्ट, उत्पाद की पेशकश और स्थायी सेवा Xiaomi की वेबसाइट पर पोस्ट की जा रही है। ये आपके लिए काफी अद्भुत साबित होने वाली है। ये बदलाव आने वाले सोमवार (21 अक्टूबर) से देखने वाला है। उपभोक्ता कोई भी उत्पाद कंपनी की पसंदीदा साइट से ऑर्डर नहीं कर पाएगा। मौजूदा POCO पॉइंट्स और लॉयल्टी पॉइंट्स को शाओमी की वेबसाइट पर डाउनलोड किया जाएगा। 12 दिसंबर से पहले फिल्म का उद्घाटन कर दिया गया। पुराने मॉडल, सांताक्रूज इन पोक्सो की वेबसाइट पर मौजूद होगी तो उसे Xiaomi प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया जाएगा। उपभोक्ता को अलग से कोई स्टेप लेने की जरूरत नहीं होगी। ये पूरी जानकारी खुद प्लेस ही कर देगी। रेडमी और श्याओमी की लिस्ट साइट- 31 दिसंबर को वेबसाइट बंद होने के बाद, पूरी जानकारी खुद ही श्याओमी प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट होगी। POCO स्टोर ऐप मैगज़ीन का पार्ट नहीं होगा और वेबसाइट का क्लोज़र पर फीचर नहीं होगा। ऐसे में आपके लिए ये काफी अच्छा प्रमोशन हो सकता है। Redmi Phones पर आप भी Xiaomi की विजिटर साइट देख सकते हैं।

itel Alpha Pro स्मार्टवॉच: जानें फीचर्स और कीमत

आईटेल ने हाल ही में अपना नया स्मार्टवॉच अल्फा प्रो लॉन्च किया है, जो आकर्षक डिजाइन और दमदार स्पोर्ट्स मॉड्स के साथ ही बाजार में धूम मचा रही है। यह स्मार्टवॉच का लुक और फीचर्स इसे एक प्रीमियम श्रेणी के रूप में स्थापित किया गया है, और इसमें कई विशेष स्पोर्ट्स और हेल्थ-ट्रैकिंग फीचर्स हैं जो इसे प्रशंसकों के लिए आदर्श विकल्प बनाते हैं। आइए इस स्मार्टवॉच की कुछ प्रमुख तस्वीरें इस प्रकार हैं: 1. शानदार डिजाइन आईटेल अल्फा प्रो का डिजाइन शानदार और आधुनिक है। इसमें एक पतली और स्टाइलिश धातु की बॉडी बनाई गई है, जो प्रीमियम फील पेश करती है। इसका एचडी डिस्प्ले बड़ा और चमकीला है, जिससे चित्रों को देखने में हर फीचर और नोटिफिकेशन की सुविधा मिलती है। इसके चारों ओर सबसे पहले बेज़ल इसे और भी अधिक आकर्षक धमाके हैं। इसका डिज़ाइन भी नरम और आरामदायक है, जो लंबे समय तक के संस्करणों में किसी प्रकार की कमी नहीं देता है। 2. स्पोर्ट्स मॉड्स की वैरायटी आईटेल अल्फा प्रो में कई तरह के स्पोर्ट्स मॉड्स शामिल हैं, जो फिटनेस के शौकीन लोगों को अलग-अलग तरह के ट्रैक करने की सुविधा देते हैं। इसमें रनिंग, साइकलिंग, रेस्टॉरेंट, वॉकिंग और योग जैसे मोड शामिल हैं, जो आपकी हर एक्टिविटी को एनालिस्ट से मॉनिटर कर सकते हैं। अगर आप जिम में प्रोजेक्ट कर रहे हैं या फिर एडवेंचर्स का मजा ले रहे हैं तो यह स्मार्टवॉच हर एक्टिविटी के लिए उपयुक्त है। 3. स्वास्थ्य मॉनिटरिंग सुविधाएँ यह स्मार्टवॉच केवल स्पोर्ट्स एक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उन्नत स्वास्थ्य मॉनिटरिंग सुविधाएँ भी शामिल हैं। हृदय गति मॉनिटर, ब्लड ऑक्सीजन (SpO2) मॉनिटर, और नींद की सुविधा जैसे फीचर्स मिलते हैं, जो आपको अपने स्वास्थ्य पर नज़र रखने में मदद करते हैं। यह आपके दिन भर की कनेक्टिविटी को ट्रैक कर आपको फिट और स्टेक लाइफ में सहायता प्रदान करता है। 4. लंबी बैटरी लाइफ आईटेल अल्फा प्रो की बैटरी लाइफ बेहद कम है। इस स्मार्टवॉच पर एक बार पूरी तरह से चार्ज करने में 7-10 दिन तक का समय लग सकता है। साथ ही, यह स्मार्टवॉच क्विक चार्ज हो जाता है, जिससे आपको बार-बार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। 5. इस स्मार्टवॉच को वॉटर-रेसिस्टेंट डिजाइन किया गया है, जिससे आप इसे पानी के बीच भी पहन सकते हैं। इसकी IP68 रेटिंग होने के कारण यह गंदगी और पानी से सुरक्षित है, जिससे यह कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए एक उत्कृष्ट व्यावसायिक बन जाता है। 6. स्मार्ट नोटिफिकेशन और कॉल फीचर्स आईटेल अल्फा प्रो स्मार्टवॉच में आपको रियल-टाइम नोटिफिकेशन प्राप्त करने की सुविधा भी मिलती है। आप अपनी घड़ी पर कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन देख सकते हैं। इसके साथ ही, इसमें म्यूजिक कंट्रोलर और कैमरा शटर कंट्रोलर जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जिससे यह एक संपूर्ण स्मार्ट उपकरण बन जाता है। 7. वेलनेस फीचर्स इस स्मार्टवॉच में ब्रीडिंग गाइड और स्टेप काउंटर जैसे वेलनेस फीचर्स भी हैं, जो आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं। ये विशेषताएं खासतौर पर लोगों के लिए उपयोगी होती हैं, जो तनाव प्रबंधन और मानसिक शांति बनाए रखना चाहती हैं। 8. कीमत और कीमत आईटेल अल्फा प्रो की कीमत बहुत बड़ी है, खासतौर पर उन सेल्स के लिए जो एक बजट-फ्रेंडली लेकिन फीचर्स से भरपूर स्मार्टवॉच की तलाश में हैं। आईटेल ने इस स्मार्टवॉच को हर वर्ग के ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है, जिससे यह एक आकर्षक विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। निष्कर्ष आईटेल अल्फा प्रो स्मार्टवॉच के सभी फीचर्स के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, जो एक आकर्षक, स्मार्टवॉच और स्पोर्ट्स मॉड से लैस लैपटॉप की खोज कर रहे हैं। यह स्लिम और स्टाइलिश डिज़ाइन, हेल्थ मॉनिटरिंग फीचर्स और मजबूत बैटरी लाइफ के लिए आदर्श स्टॉक हैं।

समाज सेवा के साथ बनाएं बेहतरीन करियर

अगर आप 9 से 5 का जॉब नही करके कुछ अलग करना चाहते है तो आपके लिए एनजीओ की फील्ड एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। आज एनजीओ की फील्ड समाज सेवा के साथ ही एक बेहतरीन करियर की ग्यारंटी भी देता है। अगर आपको लगता है कि समाज सेवा कोई फुल टाइम जॉब नही है तो आपको बता दें कि समय के साथ समाज सेवा एक उभरता हुआ करियर विकल्प बन गया है। आज सोशल वर्क का मतलब सिर्फ गरीबों और जरूरमंदों की मदद करना ही नही रह गया है बल्कि यह एक बेहतरीन करियर ऑप्शन के रूप में उभर कर हमारे सामने आया है। अगर आप एनजीओ की फील्ड में करियर बनाना चाहते है तो आज हम आपके लिए एनजीओ और समाज सेवा में करियर कैसे बनाएं से संबंधित जानकारी लेकर आए है। तो आइये जानते है कैसे बनाएं एनजीओ की फील्ड में करियर। ऐसे बनाएं एनजीओ की फील्ड में करियर… भारत में एनजीओ की संख्या : एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पूरे भारत में 33 लाख के आसपास एनजीओ विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे है। इस फील्ड में पैसों की कमी भी नही है कई फंडिंग एजेंसियों के जरिए हर साल एनजीओ सेक्टर में अरबों रूपये आते है। इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े दान दाताओं ने भी भारत में समाज सेवा के लिए हजारों करोड़ रूपये का डोनेशन दिया है। देश के सबसे बड़े आईटी कारोबारी अजीम प्रेमजी ने 9000 करोड़ रूपये समाज सेवा के लिए देने की बात कही है जो अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा डोनेशन बताया गया है। अगर आपको लगता है कि इस सेक्टर में पैसों की कमी है तो ये आंकड़े आपको हैरान कर सकते है। सोशल वर्क से जुड़े कोर्स : आज एनजीओ के क्षेत्र में कई अवसरों के चलते सोशल वर्क के कई कोर्स करवाए जा रहे है। देश में ऐसे कई संस्थान और विश्वविद्यालय है जो एनजीओ प्रबंधन और सोशल वर्क से जुड़े डिग्री और डिप्लोमा कोर्स करवाते है। सोशल वर्क में बैचलर डिग्री, मास्टर्स डिग्री और डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध है। यहां मिलेगी नौकरी : एनजीओ की फील्ड में नौकरियों की कमी नही है। अगर आपने कहीं से एनजीओ या समाज से में प्रोफेशन कोर्स किया है तो आपको जॉब देने के लिए कई एनजीओ उपलब्ध है। एनजीओ की फील्ड में आपको एनजीओ मैनेजर, कम्युनिटी सर्विस प्रोवाइडर, एनजीओ प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, एनजीओ ह्यूमन रिसोर्स और फाइनेंस मैनेजर के रूप में काम मिल सकता है। कुछ सरकारी संस्थान भी समाज सेवा में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट को जॉब देते है जैसे- मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर, फिक्की, एसओएस विलेज, एफएआरएम, अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट और प्रयास आदि में आपको शुरूआती पैकेज पर आसानी से जॉब मिल सकता है। इसके अलावा मौजूदा समय में एड्स अवेयरनेस प्रोजेक्ट, ग्रामिण स्वास्थय कार्यक्रम, चाइल्ड एब्यूज प्रिवेंशन कमेटी स्ट्रीट चिल्ड्रन एजुकेशन, ड्रग रिहेबिलिटेशन सेंटर, सेक्स वर्कर फोरम जैसी फील्ड में जॉब के कई अवसर उपलब्ध है। इतनी मिलेगी सैलरी : एनजीओ और सोशल वर्क के क्षेत्र में सैलरी के अच्छे मौके है। एक अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ आपको बढ़िया सैलरी दे सकता है। इसके अलावा शुरूआती तौर पर आप 10 से 15 हजार रूपये महीना कमा सकते है। कुछ सालों का अनुभव होने के बाद आप एक लाख रूपये से ज्यादा की सैलरी पा सकते है। इसके अलावा एक सोशल वर्कर को रिसर्च, राइटिंग, फील्ड वर्क आदि से भी पैसे कमाने के मौके मिलते है।  

गठिया: जानें लक्षण और उपचार

अर्थराइटिस यानि गठिया की समस्या ज्यादातर बुजुर्गों को होती है लेकिन आजकल युवा भी तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं। जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या को अर्थराइटिस कहते हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव गणित और कुल्हे के अवशेषों में दिखता है। अर्थराइटिस होने पर कुछ लोगों के शरीर में दर्द की शिकायत होती है, वहीं कंधे में भी सूजन आ जाती है। हालांकि हर जोड़ों का दर्द अर्थराइटिस नहीं होता है। अर्थराइटिस बहुत आम है और यह 50 साल से ऊपर के लोगों को ज्यादातर होता है। लेकिन अपवित्रता, मोटापा, गलत खान-पान आदि के कारण यह किसी को भी हो सकता है। अर्थराइटिस क्या है? क्लीवलैंड क्लिनिक (रेफरी) के अनुसार अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों को नुकसान पहुंचाती है। शरीर में जहां दो हड्डियां हैं उसे जोड़ कहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्वभाव रूप से ख़राब हो जाते हैं। बहुत से लोगों को अन्य विषयों से भी गठिया की समस्या हो रही है। कुछ प्रकार के गठिया जोड़ों को अस्थि-पंजर वाली मशवरे के बाद होते हैं और कुछ स्वास्थ्य सीरम के कारण से भी हो जाते हैं। गठिया किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है लेकिन यह सबसे अधिक हाथ, कलाई, नितम्ब, पाद, कंधे और पीठ के टुकड़ों में होता है। गठिया के 100 से भी अधिक प्रकार अलग-अलग प्रकार के होते हैं, लेकिन नीचे दिए गए कुछ सामान्य प्रकार हैं ऑयो गठिया गठिया रूमेटाइड अर्थराइटिस गाउट एंकिलॉज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस सोरियाटिक अर्थराइटिस किशोर अर्थराइटिस आपको किस तरह का गठिया है यह आपके जोड़ में बताया गया है एक्वाइस टिशू को डैमेज किया जा सकता है। इससे सूजन की भी समस्या हो सकती है। गठिया कितना आम है? अर्थराइटिस की समस्या बहुत ही आम है। इसमें ऑस्टियो आर्थराइटिस सबसे आम प्रकार है। कई शोधों से यह पता चला है कि लगभग किसी भी समय ऑनलाइन वीडियो में आर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। अर्थराइटिस के लक्षण जोड़ों का दर्द लालिमा आपके जोड़ों को बहुत दूर तक हिला सकती है। इस बात का कारण यह है कि आपको किस प्रकार का गठिया है। ऑस्टियो आर्थराइटिस: बड़ी उम्र में ऑस्टियो आर्थराइटिस सामान्य होता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस: आपके इम्यून सिस्टम के कारण अर्थराइटिस की समस्या भी हो सकती है जिसमें रूमेटाइड अर्थराइटिस भी शामिल है। इससे आपके जोड़ों को भी नुकसान हो सकता है। गठिया: अगर आपके रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ है तो आपको गठिया हो सकता है। अर्थराइटिस के जोखिम कारक अर्थराइटिस की समस्या कोई भी हो सकती है लेकिन कुछ कारकों के होने की संभावना और भी बढ़ सकती है। अगर आप सिगरेट और तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो इससे अर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है। पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार में पहले से ही किसी को अर्थराइटिस की समस्या होती है उन लोगों में इसके होने की संभावना अधिक रहती है। सक्रियता स्तर: यदि आप फिजियोथेरेपी में सक्रिय नहीं हैं तो आपको अर्थराइटिस हो सकता है। अन्य स्वास्थ्य उपकरण: ऑटोइम्यून डिजीज और मोटापा मधुमेह जो जोड़ों को प्रभावित करता है, अर्थराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है। गठिया का इलाज गठिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन आपके स्वास्थ्य लाभ में राहत पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। गठिया का इलाज उसके प्रकार पर प्रतिबंधात्मक होता है। ओवर काउंटर एंटी इंफ्लेमेट्री थेरेपी थेरेपी सर्जरी अगर आपको गंभीर प्रकार का अर्थराइटिस है तो डॉक्टर आपको सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। ज्वाइंट फ्रैगन और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट अर्थराइटिस की दो सबसे आम सर्जरी हैं।

जियो बुक की कीमत में गिरावट, अब सिर्फ 12 हजार में उपलब्ध

Jio ने इस लैपटॉप में आपको MediaTek 8788 CPU मिलता है जो JioOS पर वर्क करता है। आप इसे सीधा 4G मोबाइल नेटवर्क से कनेक्ट कर सकते हैं या सीधा WiFi Network से भी कनेक्ट कर सकते हैं। ये लैपटॉप 11.6 इंच स्क्रीन और 990 ग्राम वेट के साथ आता है। ये अभी सिर्फ एक सिंगल ब्लू कलर वैरिएंट में उपलब्ध है। लैपटॉप की स्टोरेज 64GB दी जाती है और RAM 4GB मिलने वाली है। Jio का कहना है कि लैपटॉप की एवरेज बैटरी लाइफ 8 घंटे की आती है।  Jio की तरफ से 12 महीने की वारंटी दी जा रही है। साथ में लैपटॉप के Infinity Keyboard और बड़ा टचपैड भी दिया जाता है। इसकी मदद से आपका वर्कफ्लो अच्छा बना रहता है। लैपटॉप की मदद से सिर्फ प्रोफेशनल को टारगेट नहीं किया जाता है। ये ऐसे यूजर्स के लिए है जो पढ़ाई करना चाहते हैं, Word Document पर काम करना चाहते हैं या बेसिक प्रेजेंटेशन बनाना चाहते हैं। JioBook में आपको अच्छा डिस्प्ले नहीं मिलने वाला है। आप इसे 12,890 रुपए की कीमत में खरीद सकते हैं। इसे Amazon पर 3.2 रेटिंग दी गई है। Netflix, Microsoft Teams और WhatsApp समेत आपको सभी ऐप्लीकेशन का एक्सेस भी इस पर मिलता है।  Anti-Glare स्क्रीन की मदद से आपके लिए कंटेंट फोकस भी आसान होने वाली है। वेबकैम और स्टीरियो स्पीकर की मदद से आप वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हो। ये लैपटॉप 100GB क्लाउड स्टोरेज के साथ आता है।

पिंपल्स हटाने और बेदाग त्वचा के लिए इस्तेमाल करें अशोकारिष्ट, जानें इसके फायदे

हम हर दूसरे या तीसरे व्यक्ति पर एक्ने, दाग-धब्बों और पिंपल्स से हो रहे हैं, बाकी पाने के लिए हम तरह-तरह की क्रीम और ट्यूब का इस्तेमाल करते हैं, जिनका असर तब तक रहता है जब तक इनका प्रयोग किया जाये। इसलिए आज हम आपके लिए एक बहुत ही प्रभावशाली हरे पौधे के बारे में बता रहे हैं, जो त्वचा से जुड़ी आपकी कई समस्याओं को हर करने में मदद करेगा। हम बात कर रहे हैं अशोकारिष्ट की, ये एक ऐसा पौधा है जो आपको कई जगहों पर दिखेगा। ये कोई आम पौधा नहीं है बल्कि इसके लैक्टेन का इस्तेमाल त्वचा से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है। इसके और फायदे क्या हैं और आप इसके फेस पैक को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, आइए जानते हैं। शरीर पर अशोकाश्रम के फायदे अशोकाश्रम में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो उन लोगों को कम करने में मदद करते हैं कील-मुंहों को पैदा करने में मदद करते हैं। साथ ही ये चेहरे वाली त्वचा पर रेडनेस, सूजन, डार्क स्पॉट, पिगमेंटेशन और त्वचा को निखारने में भी मदद करती है। आइए जानते हैं इसे चेहरे पर कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। अशोकारिष्ठ के पत्ते – 5-6 ग्लिसरीन – 1 चम्मच पानी – 1 गिलास ऐसे तैयार करें अशोकाृष्ट फेस पैक सबसे पहले आप एक छोटे पैन में 1 गिलास पानी में अशोकारिष्ठ के शिष्यों को अच्छे से लें। इसके बाद गैस टैब बंद हो जाए जब दुकानदारों में पानी की मात्रा भी आधी रह जाए। अबे स्टॉल लगे दुकानदारों को मिक्सी में स्टाक पेस्ट बना लें। तैयार पेस्ट को एक कटोरी में मिला लें और उसमें 1 मिश्रण ग्लिसरीन मठरी से मिलाकर बना लें। अब आप इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 5-10 मिनट तक रखें। समय होने पर पूरे के बार नाम पानी से चेहरा धो लें। आपने खुद देखा कि एक बार इस्तेमाल के बाद ही आपका चेहरा चमक रहा है और चेहरा चमक रहा है। चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने के फायदे ग्लिसरीन एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल कई सौंदर्य उत्पादों में किया जाता है और त्वचा को साफ करने में मदद मिलती है। फिर बात यह है कि त्वचा को दाग से साफ करने की हो या फिर त्वचा को कम करने की, ग्लिसरीन का इस्तेमाल त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होता है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि इस दिशा का मुख न हो।

भारतीयों के लिए सर्वश्रेष्ठ डिटॉक्स समर ड्रिंक्स: ताजगी और सेहत के लिए

शरीर की कई गंभीर बीमारियों से बचने के लिए बॉडी को भी डिटॉक्स करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। बॉडी डिटॉक्स का मतलब है शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना। यह शरीर को हेल्दी बनाए रखने के लिए एक हेल्दी और नेचुरल प्रोसेस है। जिससे शरीर के अंग जैसे लीवर, किडनी, और ब्लड आदि को साफ किया जाता है डिटॉक्सिफिकेशन के दौरान शरीर के अंदर जमा हुए विषैले पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। जिससे शरीर कैंसर जैसी कई बीमारियों से बच सके। बॉडी डिटॉक्स करने के सबसे ज्यादा फायदा हमारे पेट को मिलता है और पाचन अच्छा होने के पर कई बीमारियों का खतरा खुद कम हो जाता है। इससे शरीर में एनर्जी की बढ़ती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलती है नींबू और पुदीना एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर नींबू और पुदीना वाला डिटॉक्स वॉटर शरीर के सभी अंगों की अच्छे से सफाई करने में मददगार माना जाता है। इसे बनाने के लिए आप 1 लीटर पानी में 1 नींबू पतले स्लाइस में कटा हुआ और कुछ पुदीना पत्तियां डालें। नींबू विटामिन सी का अच्छा स्रोत है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जबकि पुदीना शरीर में ताजगी भरने के लिए जाना जाता है। खीरा और पुदीना खीरा हाइड्रेशन के लिए बेस्ट है और बॉडी डिटॉक्स भी करता है और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पुदीना भी यही काम करता है। इसे बनाने के लिए 1 लीटर पानी में 1 खीरे की पतले स्लाइस और कुछ पुदीना पत्तियां डालें और इसे 2 से 3 घंटे या रात भर के लिए फ्रिज में रखें। ठंडा होने के बाद जैसे ही आप इसे पिएंगे ताजगी से भर जाएंगे। तरबूज और पुदीना तरबूज में उच्च मात्रा में पानी होता है, बॉडी क्लीन करने के साथ हाइड्रोजन का भी काम करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी का अच्छा स्रोत भी है। इसके लिए 1 लीटर पानी में 1 कप तरबूज के टुकड़े और कुछ पुदीना पत्तियां डालें और रात भर के लिए फ्रिज में रखें। फिर अगले दिन पिएं। ग्रीन टी ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। आप एक ग्रीन टी में नींबू का रस और थोड़ा सा शहद मिलाकर पिएं। यह ड्रिंक आपकी वेट लॉस में भी हेल्प करेगी। एप्पल साइडर विनेगर ड्रिंक एप्पल साइडर विनेगर पाचन में सुधार करता है और शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। इसे बनाने के लिए 1 गिलास पानी में आधा चम्मच एप्पल साइडर विनेगर, 1 चम्मच शहद और कुछ नींबू की स्लाइस डालें। इस ड्रिंक से आपको लाभ मिलेगा।

iPhone से कॉलिंग के लिए Wi-Fi Calling ऐसे करें एनेबल

  नेटवर्क में समस्या होने की वजह से कई बार कॉल करने में दिक्कत आती है. कई बार इमरजेंसी कॉल करने की जरूरत पड़ती है लेकिन खराब नेटवर्क की वजह से ऐसा हो नहीं पाता है. नेटवर्क ना होने की स्थिती में कॉल करना पॉसिबिल ही नहीं हो पाता है. हालांकि एक ऑप्शन आपके पास है. अब टेलीकॉम कंपनियां Wi-Fi calling फीचर देने लगी है. इस फीचर से मोबाइल नेटवर्क नहीं होने पर भी Wi-Fi के जरिए कॉल किया जा सकता है. कई मोबाइल में Wi-Fi calling फीचर इनबिल्ट दिया जाता है लेकिन उसे इनेबल करना पड़ता है. अगर आप iPhone यूजर है तो आप के फोन में Wi-Fi calling फीचर इनबिल्ट रहता है. इस फीचर से Wi-Fi की मदद से ही आप ऑडियो कॉल, वीडियो कॉल और iMessage टेक्सट कर सकते हैं. ये फीचर वहां काफी उपयोगी साबित होता है जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है या काफी कम है. इस फीचर को आपके iPhone में इनेबल करना का तरीका यहां हम बता रहे हैं.          Wi-Fi calling फीचर को iPhone पर इनेबल करने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने पड़ेंगे. इसके लिए सबसे पहले आप अपने iPhone की सेटिंग को ओपन कर लें. सेटिंग में phone (या cellular) सेटिंग में जाकर Wi-Fi calling पर टैप करें. Wi-Fi Calling on This iPhone टॉगल को ऑन कर दें.           टॉगल ऑन होते ही आपको एक मैसेज दिखेगा. इस मैसेज में कहा जाएगा कि Wi-Fi को इनेबल करते ही इस बात की जानकारी आपके कैरियर तक पहुंच जाएगी. इनेबल बटन को टैप करके इसे कन्फर्म कर लें. Wi-Fi Calling फीचर इनेबल हो गया है इसको चेक करने के लिए Wi-Fi के साथ अपने फोन के कैरियर को आईफोन में सर्च करें. इस फीचर के इनेबल होते ही आप अपने आईफोन से बिना किसी नेटवर्क के भी कॉल कर सकते हैं. इसके लिए बस आपका फोन Wi-Fi से कनेक्ट रहना चाहिए. ये मेक श्योर करना जरूरी है कि आपके नेटवर्क प्रोवाइडर WiFi Calling का सपोर्ट दे रहा है या नहीं. इसके लिए आप अपने नेटवर्क प्रोवाइडर के कस्टमर केयर से बात कर सकते हैं.

मेनोपॉज का महिलाओं के यौन जीवन या यौन स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है

मुंबई मेनोपॉज महिलाओं के जीवन में होने वाला एक प्राकृतिक बदलाव है। जब एक महिला को लगातार 12 महीनों तक मासिक धर्म नहीं आता, तो इस स्थिति को मेनोपॉज के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर महिलाओं को 45 से 50 साल की उम्र तक मेनोपॉज की अवस्था आ जाती है। जिसकी वजह से महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, इस स्थिति का महिलाओं के यौन जीवन या यौन स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है। इस दौरान महिलाओं की यौन इच्छा में कमी आ सकती है। ऐसे में मेनोवेदा की फाउंडर और मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं आखिर मेनोपॉज का महिलाओं के जीवन और सेक्सुअल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है। मेनोपॉज महिलाओं के यौन स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है? मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन्हीं हार्मोनल बदलावों की वजह से, महिलाओं को अपने यौन जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर गिरने लगता है। जिसकी वजह से वजाइन में ड्राइनेस की समस्या, वजाइना में दर्द और असुविधा का भी अनुभव होने लगता है। इन समस्याओं की वजह से महिला को यौन क्रियाओं में मुश्किल महसूस हो सकती है। जिससे महिलाओं में यौन इच्छा में कमी हो सकती है। मेनोपॉज के दौरान यौन स्वास्थ्य में बदलाव होने पर क्या करें? मेनोपॉज के दौरान यौन स्वास्थ्य प्रभावित होने पर महिलाओं को तनाव महसूस हो सकता है। जिसकी वजह से उनके आत्मविश्वास की कमी आ सकती है। ऐसे में महिला को अपने पार्टनर से खुलकर बातचीत करनी चाहिए, उन्हें अपनी समस्या के बारे में बताएं। -मेनोपॉज के दौरान महिला को अपनी स्थिति को लेकर डॉक्टर से भी कंसल्ट करना चाहिए। डॉक्टर कुछ दवाइयों की मदद से यौन जीवन में आने वाली समस्याओं को दूर कर सकते हैं। -यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की मदद भी ली जा सकती है। -मेनोपॉज के दौरान महिला को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। हेल्दी खाना खाएं और अनहेल्दी फूड्स से दूरी बनाकर रखें। -मेनोपॉज के दौरान तनाव और चिंता से बाहर निकलने के लिए मेडिटेशन जरूर करें। -फिट और हेल्दी बने रहने के लिए योग और एक्सरसाइज जरूर करें। रजोनिवृत्ति में योनि संबंधी लक्षण मासिक धर्म की अनियमितता, नए दर्द और पीड़ा, मनोदशा में बदलाव, कामेच्छा में कमी और संज्ञानात्मक क्षमता में कमी इस समय आम शिकायतें हैं जिनकी गंभीरता और दैनिक जीवन पर प्रभाव अलग-अलग डिग्री के साथ होते हैं ( बीएमएस अगस्त, 2023 )। रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन के स्तर में उतार-चढ़ाव और गिरावट के कारण कुछ लोग कुछ दिनों में सामान्य कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं, वे उदास महसूस करते हैं, उनमें आत्मविश्वास या प्रेरणा की कमी होती है तथा वे एक सप्ताह से दूसरे सप्ताह तक दिन में लाल चकत्ते और रात में पसीने से तर-बतर हो जाते हैं। सलाह मेनोपॉज के दौरान, यौन स्वास्थ्य में आने वाले बदलाव बेहद सामान्य हैं। इसलिए आपको इनके प्रति जानकारी रखना बेहद जरूरी है। मेनोपॉज के दौरान अगर आपको कुछ असामान्य लक्षणों का अनुभव हो, तो मेनोपॉज एक्सपर्ट से जरूर संपर्क करें।

ग्लोइंग स्किन के लिए फिटकरी और बेसन का उपयोग कैसे करें

फिटकरी के बारे में तो आपने सुना ही होगा, एक ओर जहां पुरुष इसका इस्तेमाल करते हैं वहीं कई घरेलु नुस्खों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि ये एक फिटकरी स्किन से जुड़ी कई परेशानियां ठीक करने में कमाल की है। लेकिन इसका उपयोग कैसे करें? आपके इसी प्रश्न का उत्तर आज हम आपको इस लेख में बताए गए हैं। आज हम आपको फिटकरी से एक ऐसा फेस पैक बनाने का तरीका बताने वाले हैं, जो आपके चेहरे से दाग-धब्बों को हटाने के साथ साफ और निखरी त्वचा देने में मदद करेगा। तो फिर आइये जानते हैं इन नुस्खों को तैयार करने का तरीका। चेहरे के लिए फिटकरी के फायदे फिटकरी के फायदे त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल किया जाने वाला एक ऐसा उत्पाद है, जिसमें एंटीसेप्टिक और एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं जो त्वचा को साफ करके उसे स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। ये हमारे चेहरे से कील-मुंहों को कम करने, त्वचा को टाइट कर फिन लियोन्स को दिखाने और रंगत निखारने में मदद करता है। आप इस मछली फिटकरी का कैसे उपयोग कर सकते हैं, आइए जानते हैं। फिटकरी फेस पैक कैसे बनायें? फिटकरी पाउडर- 1 वर्जिन बेसन- 2 ऑर्गेनिक गुलाब जल- 4 पीस कच्चा दूध- जरूरी नोट- इस फैक्ट्री का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें क्योंकि जरूरी नहीं है आपकी और हमारी त्वचा एक सी हो। फिटकरी फेस पैक बनाने का तरीका सबसे पहले एक कटोरी लें और इसमें बेसन, आधा हिस्सा फिटकरी और गुलाब जलकैलेरी और गुडमैल से मिक्स कर लें। इसके बाद कटोरी में कच्चा दूध मिक्स करें और स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें। अब इस तैयार पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक आराम के लिए निकलें। पूरा होने के बाद चेहरा धो लें और फिर देखें कि कैसे आपके चेहरे पर निखार आ गया है और त्वचा मुलायम हो गई है। आप सप्ताह में 1-2 बार इस औषधि का प्रयोग कर सकते हैं। इन बातों का खास ध्यान रखें कि फिटकरी से जुड़ी कई बातें आपको एक बार जरूर इस्तेमाल करनी चाहिए- इस बात का खास ध्यान रखें कि फिटकरी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सप्ताह में 2 बार ही इसका इस्तेमाल करें। यदि आपको कोई त्वचा रोग है तो फिटकरी का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। अगर आपको भी किसी तरह की त्वचा मिलती है तो सबसे पहले त्वचा विशेषज्ञ को बताएं

सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड 6 और फ्लिप 6: अब तक की सबसे कम कीमत पर बेस्ट ऑफर और डिस्काउंट

भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने अपने नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स – गैलेक्सी Z फ्लिप6 और गैलेक्सी Z फोल्ड6 पर खास ऑफर्स की घोषणा की है। ये स्मार्टफोन्स गैलेक्सी एआई को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे और यूजर्स को एक अनोखा मोबाइल अनुभव देंगे। इस फेस्टिव सीजन में गैलेक्सी Z फोल्ड6 खरीदने पर ग्राहक 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई के साथ 12,500 रुपये का बैंक कैशबैक या अपग्रेड बोनस का लाभ उठा सकते हैं। इसी तरह, गैलेक्सी Z फ्लिप6 पर भी 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई के साथ 11,000 रुपये का बैंक कैशबैक या अपग्रेड बोनस मिल रहा है। गैलेक्सी Z फोल्ड6 की कीमत 1,64,999 रुपये से शुरू हो रही है, जबकि गैलेक्सी Z फ्लिप6 की कीमत 1,09,999 रुपये से शुरू होती है। ग्राहक इन फोन्स को ईएमआई पर भी खरीद सकते हैं, जिसमें गैलेक्सी Z फ्लिप6 के लिए 3,056 रुपये और गैलेक्सी Z फोल्ड6 के लिए 4,584 रुपये की आसान किस्तें शुरू हो रही हैं। इसके अलावा, गैलेक्सी Z फोल्ड6 और गैलेक्सी Z फ्लिप6 खरीदने वाले ग्राहक केवल 999 रुपये में गैलेक्सी Z एश्योरेंस प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रोग्राम के तहत पहले गैलेक्सी Z फोल्ड6 के लिए 14,999 रुपये और गैलेक्सी Z फ्लिप6 के लिए 9,999 रुपये चार्ज होते थे। Z एश्योरेंस प्रोग्राम के जरिए ग्राहक एक साल में दो बार क्लेम कर सकते हैं, जिससे उनके डिवाइस को पूरी सुरक्षा मिलती है। नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स अब तक के सबसे हल्के और स्लिम गैलेक्सी Z सीरीज के डिवाइस हैं। इनका डिज़ाइन पूरी तरह से सिमेट्रिकल है और ये सीधे किनारों के साथ आते हैं। गैलेक्सी Z सीरीज आर्मर एल्यूमिनियम और कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 से बनी है, जो इसे सबसे टिकाऊ बनाते हैं। गैलेक्सी Z फोल्ड6 और फ्लिप6 स्नैपड्रैगन® 8 जेन 3 मोबाइल प्लेटफॉर्म पर चलते हैं, जो अब तक का सबसे उन्नत स्नैपड्रैगन प्रोसेसर है। इसमें सीपीयू, जीपीयू और एआई परफॉर्मेंस का बेहतरीन संयोजन है, जो शानदार ग्राफिक्स और बेहतर प्रदर्शन देता है। गैलेक्सी Z फोल्ड6 में कई एआई- पॉवर्ड (सक्षम) फीचर्स और टूल्स शामिल हैं जैसे कि नोट असिस्ट, स्केच टू इमेज, इंटरप्रेटर, फोटो असिस्ट और इंस्टेंट स्लो-मो। इसकी बड़ी स्क्रीन आपके काम को और आसान और प्रोडक्टिव बनाती है। फोल्ड6 अब 1.6x बड़े वैपर चैम्बर के साथ आता है, जिससे आप लंबे समय तक गेम खेल सकते हैं। इसमें रे ट्रेसिंग की सुविधा है, जो 7.6 इंच की स्क्रीन पर बेहतरीन ग्राफिक्स दिखाती है, और 2600 निट्स की अधिकतम ब्राइटनेस के साथ गेमिंग को और भी मजेदार बनाती है। गैलेक्सी Z फ्लिप6 में नए कस्टमाइजेशन और क्रिएटिविटी फीचर्स हैं, जो यूजर्स को हर पल का बेहतरीन उपयोग करने में मदद करते हैं। इसमें 3.4 इंच का सुपर एमोलेड फ्लेक्सविंडो है, जिससे आप एआई-सक्षम फंक्शन का उपयोग कर सकते हैं बिना डिवाइस को खोले। यूजर्स सुझाव के अनुसार टेक्स्ट का रिप्लाई भी कर सकते हैं, जो उनके संदेशों का विश्लेषण कर उपयुक्त जवाब देने में मदद करता है।

बादाम का तेल: हाइपरपिग्मेंटेशन से छुटकारा पाने में मददगार

चमड़े के सामान जैसे कि मेलास्मा या स्ट्रेंथनेस से लेकर समुद्र तट तक के लिए आम तौर पर लोग सस्ते चमड़े के उत्पादों पर खर्च करते हैं। लेकिन कभी-कभी इसकी जरूरत नहीं होती. ऐसे कई ऑनलाइन रेमेडीज़ मौजूद हैं, जो पुराने ज़माने से स्किन से जुड़े स्टूडियो के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है कि इससे आपको ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ता। बादाम का तेल एक अनोखा रामबाण उपाय है। यह एंटीऑक्सीडेंट तेल एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर होता है। न्यूयॉर्क के बोर्ड सर्टी ओपेरिम डर्मेटस्टिओन ऐना कार्प वूमेन्स हेल्थ को बताते हैं कि बादाम के तेल से त्वचा में जलन और सूजन आसानी से पाई जा सकती है। लेकिन इसके लिए सही तरह से इसका तरीका पता होना जरूरी है। पिगमेंट्स पर ये बेहद ही असरदार त्वचा के लिए बेहतरीन बादाम का तेल, वैसे तो बादाम का तेल दो तरह का होता है- कड़वा और मीठा होता है। लेकिन डॉक्टर कार्प का कहना है कि बादाम का तेल और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि इसे खाने वाले बादाम से निकाला जाता है। इसमें विटामिन, विटामिन, एसिडिटी और कई तरह के दर्शन मौजूद होते हैं। त्वचा के लिए हमेशा कोल्ड-प्रेस्ड बादाम का तेल का इस्तेमाल करना बहुत ही हानिकारक होता है। त्वचा पर बादाम तेल लगाने के फायदे त्वचा की सूजन को ठीक करने में मदद करते हैं।  आलू को बनाने से पहले इसे बनाया जाता है।  इसमें विटामिन ए होता है, जो त्वचा को पोषण देता है।  विटामिन ई होता है जो हाइपरपिगमेंटेशन को कम करता है। बादाम तेल के नुकसान अगर आपको बादाम या बादाम से एलर्जी है, तो बादाम का तेल नहीं। इससे त्वचा में लालिमा, खुजली, सूजन या दाने हो सकते हैं। गंभीर मामलों में, यह एनाफिलेक्सिस का कारण भी बन सकता है, जो कि जन्मजात हो सकता है। हालाँकि, आमतौर पर बादाम के तेल से जल्दी कोई नुकसान नहीं होता है। त्वचा पर बादाम का तेल कैसे लगाएं? विद्वतजनों का कहना है कि बादाम का तेल हमेशा रात में बिकने के बाद खराब हो जाता है। इसका उपयोग मेकअप हटाने के लिए भी किया जा सकता है। हालाँकि इसके बाद फेसबुक पर ऐसा करना जरूरी है। इसे लेकर जाने में थोड़ी देर लग सकती है, अगर आपकी त्वचा अच्छी तरह से रिस्पॉन्स कर रही है तो आप इसे लेकर लंबे समय तक रिलीज रख सकते हैं। इससे पहले पैच टेस्ट जरूरी है कि बादाम का तेल आम तौर पर नॉन-कॉमेड जेनेटिक पर होता है, यानि कि यह पोर्स को बंद नहीं करता है। लेकिन अगर आपकी त्वचा तेल या मुहांसे वाली है तो इससे ब्रेकआउट हो सकते हैं। इसलिए डॉ. कार्प बादाम तेल को त्वचा पर लगाने से पहले पैच टेस्ट की सलाह दी जाती है।

सर्वश्रेष्ठ सैमसंग कम कीमत वाले फोन और 5G स्मार्टफोन्स की डील्स लाइव, आज ही खरीदें!

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2024 में गैजेट्स पर बम्पर डिल चल रही है और यहां से सैमसंग केटेक्स कम कीमत में उपलब्ध हो रहा है। यहां हम आपको सैमसंग केटेक्निक्स की लिस्ट दे रहे हैं जिनमें सबसे कम कीमत से लेकर प्रीमियमटेक तक कई पद शामिल हैं। मल्टीटास्किंग, वीडियो, बैटरी आदि मामलों में ये फोन काफी शानदार हैं। साथ ही हर बजट के लिए यहां एक अलॉटमेंट मिल जाएगा। सैमसंग की सबसे कम कीमत वाली फोन डील लाइव हो गई है, जिन पर 39% तक का फ्लैट दिया जा रहा है। इन फोन्स के साथ आपको हर महीने 59,600 रुपये तक का रिवॉर्ड ऑफर भी दिया जा रहा है। इस सेल में ये बेस्ट डील्स कही जा सकती हैं। सैमसंग गैलेक्सी M05: यह उपकरण आपके सभी दोस्तों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सैमसंग गैलेक्सी M05 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज के साथ लॉजिक में है। वहीं, क्लियर पिक्चर ली जा सकने वाली 50 फ्लोराइक्स के ड्यूल रेस्ट्रक्टर की भी तस्वीरें ली जा सकती हैं। अमेज़न बिग सेल में मीटिंग वाले ने इस फोन में 6.7 इंच का बड़ा एचडी+ डिस्प्ले दिया है जो कमाल का वीडियो एक्सपीरियंस देता है। 5000mAh की बैटरी लंबे समय तक चलने की क्षमता प्रदान करती है। Samsung Galaxy M35 5G: 24,499 रुपये में Samsung Galaxy M35 5G फोन 39% पर मिल रहा है। वहीं, ऑफर के बाद 14,999 रुपये में खरीदारी की जा सकती है। हर महीने 1,667 किलोमीटर भी इसे ले सकते हैं। अमेज़न पर सेल में शानदार फीचर्स के साथ ये फीचर्स उपलब्ध हैं। इसमें सभी ऐप्स और फाइलों के लिए 6 जीबी रैम और 128 जीबी की स्टोरेज दी गई है। इसके अलावा, शानदार विजुअल क्वालिटी के लिए 120 कैरेक्टर्स का सुपर एमोलेड प्रदर्शित किया गया है। Samsung Galaxy M15 5G Prime Edition: यह एक दमदार तकनीक है, जो बेहतरीन फीचर्स के साथ आती है। मल्टीटास्किंग के लिए इसमें 6 जीबी रैम और मीडियाटेक डायमेंसिटी 6100+ सिस्टम दिया गया है। Samsung Galaxy M15 5G में लंबे समय तक चलने वाली 6000 एमएएच की बड़ी बैटरी दी गई है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस फोन के साथ 4 जनरेशन की मोशन पिक्चर्स और 5 साल तक के टेक्नोलॉजी अपडेट का सपोर्ट शामिल है। ग्रेट इंडियन सेल अमेज़न 2024 में कई रंगों की सूची दी गई है। Samsung Galaxy M55s 5G: इस स्मार्टफोन में शानदार कैमरा है, जिसमें 50 प्राइमरी कैमरे दिए गए हैं, जिससे कैमरा की तस्वीर खींची जा सकती है। वहीं, Samsung Galaxy M55s 5G में शानदार सेल्फी के लिए 50 इंटीरियर का फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन लेटेस्ट स्ट्रेंथ 14 पर काम करता है और इसमें 7 जेन 1 पोर्टफोलियो भी उपलब्ध कराया गया है। ग्रेट इंडियन सेल 2024 में उपलब्ध इस फोन की बैटरी 5000 एमएएच की है जिसे एक बार चार्ज करने में लंबे समय तक चार्ज किया जा सकता है। Samsung Galaxy S24 5G AI स्मार्टफोन: यह कंपनी का प्रीमियम स्मार्टफोन है जिसकी पकड़ अच्छी है और देखने में बेहद शानदार है। Samsung Galaxy S24 5G में स्ट्रेंथ 14 दिया गया है सभी लेटेस्ट फीचर्स के साथ मिलेंगे। वहीं, मल्टीटास्किंग और स्पेशलिस्ट के लिए 8 जीबी रैम और 256 जीबी की स्टोरेज दी गई है। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2024 में इस प्रीमियम तकनीक को 67,999 रुपये के बजाय 79,999 रुपये में खरीदा गया। इसके साथ 2,833 रुपये का मेगा ऑफर भी उपलब्ध है।

आंवला जूस: रोजाना पीने के बेहतरीन फायदे

फलों का ताज़ा रस (फलों का रस) पौष्टिकता के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे विटामिन, वैल्युएशन और हाइड्रेशन एकसाथ मिलता है। यह ऊर्जा देने का काम भी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना पीने के लिए कौन सा उत्पाद सबसे अच्छा है। अगर नहीं पता तो हम आपको बता देते हैं कि आप रोजाना स्पेशल फूड कैसे पी सकते हैं। फलों का रस (आंवला जूस) सुबह खाली पेट से लेकर शाम तक कभी भी पी सकते हैं। बस इसे रात में पीने से बचना चाहिए। क्योंकि इसकी तासरी अनोखी है और रात में यह ठंडा और खराब हो सकता है। लेकिन जब मसाला ठंडा होता है तो इसे कैसे पीएं? इसके लिए हम आपको एक खास रेसिपी बता रहे हैं जिसे आप किसी भी सीजन में अपना सकते हैं। इससे आपको बहुत ज्यादा फायदा होगा। स्पेशलिस्ट स्टाफ की बेस्ट रेसिपी ​2-3 स्पेशलिस्ट ढोकर कट लें।  यूक्रेनी गुठली अलग निकाल लें।  अंत से एक टैंकर पानी के साथ ब्लेंड कर लें।  जब यह अच्छा तरह मिल जाए तो इसे अच्छा कर अच्छा अलग कर लें।  ध्यान रखें कि आप इसे गुड के साथ भी पी सकते हैं। ऐसे बढ़ती रहेगी बढ़ोतरी।  इसके खटास और तासीर को काली मिर्च का पाउडर बनाने के लिए इसमें शामिल करें।  थोड़ा सा खाया और फिर सेवन करें। हड्डियां बनेंगी मजबूत, ज्यादातर लोग जानते हैं कि जड़ी-बूटियों के अंदर विटामिन की भरमार होती है। मगर लोगों को नहीं पता कि यह कैल्शियम की महान खुराक भी देता है। विज्ञान निर्देशकों का कहना है कि ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी के खिलाफ रसायन विज्ञान का रस प्रभावी पाया गया है। इस बीमारी में अस्थियों की ताकत खो जाती है और उनकी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। पूरे शरीर के लिए सबसे अच्छा है ये चेहरा दिखने वाला युवा उम्र बढ़ने पर चमड़े का पैर कम हो जाता है। इसकी वजह ज्यूर्रिअन्स, डांग, ग्लूनेस, डार्क सर्कल और स्किन बेजान हो सकती है। जड़ी-बूटियों के अंदर विटामिन सी होता है जो कोलेज का उत्पादन पुनः प्राप्त होता है। आपकी वजह से स्किन जवानी जैसी दिखती है और लोगों की उम्र का कोई फर्क नहीं पड़ता। दिल के लिए स्टाफ़ का स्टाफ़ से बचाव का काम करता है। कुछ अध्ययन में कहा गया है कि इसका सेवन करने से एथर जेनेटिक वैज्ञानिकों की कमी आती है। यह वैज्ञानिको के जमने की संभावना के बारे में बताया गया है। पुराने न जमने से नसें तंदुरुस्त रहते हैं और दिल का स्वास्थ्य भी बना रहता है। इम्युनिटी को बढ़ावा देने के लिए वनस्पतियों में मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम किया जाता है। यह फ्री रेडिकल, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल की प्राप्ति है। जिस वजह से इंटरनेट सिस्टम का प्रभाव बढ़ा हुआ है। आप बीमारी से दूर रहते हैं और स्वस्थ जीवन जीते हैं।

आईफोन बैटरी स्वास्थ्य सुधारने के टिप्स

अगर आप iPhone का इस्तेमाल करते हैं तो बैटरी जल्दी खत्म होना एक आम समस्या हो सकती है। हालाँकि, कुछ छोटे-छोटे बदलावों से आपके iPhone की बैटरी लाइफ काफी हद तक बढ़ सकती है। यहां कुछ महत्वपूर्ण बैटरी लाइफ के टिप्स दिए जा रहे हैं: जब बैटरी कम हो तो लो पावर मॉड का इस्तेमाल करें, तो आईफोन का लो पावर मॉड बैटरी लाइफ को बचाने में मदद करता है। इसे एक्टिवेट करने से आपके फोन की एक्टिविटी, फ़्लोरिडा डाउनलोड और कुछ विज़ुअल इफेक्ट्स सीमित हो जाते हैं। आप इसे मोटरसाइकिल में आसानी से चालू कर सकते हैं। ब्राइट स्क्रीन कम करें आपकी स्क्रीन की ब्राइटनेस बैटरी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसे ऑटो-ब्रिटेनेस पर सेट करें या नामी कम करें। मॉनिटर में “प्रदर्शन और चमक” इस सुविधा को सक्रिय किया जा सकता है। बैटरी-ड्रेनिंग ऐप्स की पहचान आप देख सकते हैं कि कौन-से ऐप्स आपकी बैटरी पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं। मोटो में “बैटरी” पर जाएं और वहां बैटरी का औसत चार्ट देखें। यदि किसी ऐप की बैटरी अधिक मात्रा में है, तो उसका उपयोग सीमित करें या उसे अनइंस्टॉल करें। प्रोडक्ट का ज़ानकारी आप “सेटिंग्स” में “सामान्य” में “बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश” प्लेसमेंट को बंद कर सकते हैं। प्लांट बंद ज्यादातर ऐप आपके कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं, जो बैटरी पर दिखाई देते हैं। “सेटिंग्स” में ग्राहक “गोपनीयता” और फिर “स्थान सेवाएं” में ग्राहक के लिए केवल आवश्यक एप्लिकेशन ही डाले जाते हैं या इसे पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखें अगर आपको वाई-फ़ाई या ब्लूटूथ की ज़रूरत नहीं है, तो वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखना बेहतर है। इससे बैटरी की कम कीमत होती है। इसे कंट्रोल सेंटर से भी आसानी से बंद किया जा सकता है। ऑटो-लॉक सेट करें आपके iPhone की लंबी स्क्रीन ऑन रहेगी, इतनी जल्दी बैटरी खत्म हो जाएगी। “सेटिंग्स” में “डिस्प्ले और ब्राइटनेस” में ग्राहक ऑटो-लॉक का समय 30 सेकंड या 1 मिनट सेट कर लें, ताकि जल्दी स्क्रीन बंद हो जाए। पुश नोटिफ़िकेशन्स सीमित होने से बैटरी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आपको केवल आवश्यक ऐप्स के लिए नोटिफ़िकेशन चालू रखें। इसे ग्राहक पर “सेटिंग्स” में “नोटिफिकेशन” में अनुकूलित किया जा सकता है। एयरप्लेन मॉड का उपयोग करें जब आप ऐसे क्षेत्र में हों जहां सिग्नल खराब हो, तो लगातार नेटवर्क रिन्यूअल की वजह से बैटरी ज्यादा खर्च होती है। ऐसे में एयरप्लेन मॉड ऑन करके बैटरी बचाई जा सकती है।

डिलीवरी के बाद लेने वाले पांच आवश्यक पोषक तत्व

जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसका आहार पूरा ख्याल रखा जाता है। माँ के आहार से ही शिशु को पोषण मिलता है। लेकिन किताबों के बाद और भी शामिल सामग्री पर सूची बनाना जरूरी है। प्रेसीफिकैन्सी और प्रसवोत्तर के बाद महिलाओं के शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है और शरीर में टंकियां भी भर जाती हैं। ऐसे में पोषण से ही शरीर की रिकवर होने में मदद मिल सकती है। फ़ार्म के बाद भी महिलाओं को सही और पोषण से भरपूर मात्रा लेने की सलाह दी जाती है। यहां हम आपको कुछ ऐसे पोषक तत्त्व सिद्धांतों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें लेने के बाद बहुत कुछ होता है। सबसे पहले आयरन जरूरी है medanta.org ने एक लेख प्रकाशित किया है, जिसमें प्रेसीडेंटेंसी ही नहीं बल्कि नई मां के लिए भी आयरन बहुत जरूरी होता है। प्रेग्नेंट की प्रक्रिया के दौरान काफी खून बहता है इसलिए प्रेग्नेंट के बाद आहार में आयरन का होना जरूरी है। इससे पैर मजबूत होते हैं और कमजोरी दूर होती है। रेड मीट, सीफुड, बींस दालें, ग्रे हरे रंग की पत्तेदार सूची, नट्स, हरी मटर, कद्दू के बीज, कक्यूनोआ, चुकंदर, गुड़ और काले चने में आयरन होता है। स्टैनपैन डिजायन वाली मां के लिए एक बहुत ही जरूरी पोषक तत्व है। शिशु सदन के संपूर्ण विकास एवं ब्रेन क्रिएटर में मदद मिलती है। यह बच्चों के कमरे से होते हुए वॅलरा ब्रे एर्टामिल्क के रीच तक पहुंचता है। आयोडाइज्ड नमक, मछली, दूध, दही, अंडा और चिकन में होता है। ​दिन भर में है ऊर्जा से परिपूर्ण तो सुबह-सुबह पूछताछ में ले ये चीजें ​कैसे ले सकते हैं कैल्शियम यदि प्रसव के बाद मां के शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है, तो शरीर के उसके उत्पादों के उत्पादन का खतरा बना रहता है। आप दूध, पनीर, दही, हरी पत्तेदार कार्डबोर्ड, टोफू, मखाने और ब्रोकली से कैल्शियम ले सकते हैं। कोलिन का सेवन नवजात शिशु के मस्तिष्क और नर्वस सितारम के विकास के लिए होता है, यह पोषक तत्वों का सिद्धांत बहुत ही खतरनाक होता है। इस प्रसव के बाद मां की याददाश्त में भी सुधार आता है। आप मीट, अंडा, मछली, डेनमार्क उत्पाद, क्रूसिफेरस स्टॉक, एनटीएस और सीड्स और साबुत अनाज से यह न्यूट्रिएंट ले सकते हैं। ओमेगा-3 संयोजन एसिड ओमेगा 3 समूह एसिड में डीएच होता है जो बच्चे के मस्तिष्क और दृष्टि में मदद करता है। इससे पहले जन्म के बाद मां के शरीर में भी सूजन कम होती है। अंडा, मोनोक्रोम, मछली, टोफू, बींस, सीड्स, एनटीएस, दालों में यह पोषक तत्व पाया जाता है। इन बच्चों को अपने आहार में शामिल करके आप खुद भी वोट कर सकते हैं और अपने बच्चे के पोषण संबंधी एसोसिएट को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024: ब्रांडेड स्मार्टफोन्स पर बेस्ट डील, बिना लागत EMI!

अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में हर दिन कई शानदार और शानदार डिलियाँ लाइव हुई हैं। यदि आप कोई नया उपकरण लेना चाहते हैं, लेकिन आपका बजट काफी कम है, तो आपको दूसरे उपकरण से समझौता करने की ज़रूरत नहीं है। नो कॉस्ट ईएमआई के साथ रियल सेल स्मार्टफोन की कीमत भी लाइव है, जिससे आप प्रति माह 5000 रुपये की किस्त पर कोई भी मनपसंद स्मार्टफोन ले सकते हैं। इस कीमत को आप महीने के हिसाब से कम भी कर सकते हैं। Amazon Sale 2024 की ये डिलिवरी हर किसी के लिए खास हो सकती है। इस कार से आप कीमती सामान को बेहद कम कीमत पर ईएमआई पर ले सकते हैं। साथ ही इनटेक पर एक्स्ट्रा बचत करने के लिए आप एसबीआई क्रेडिट कार्ड से भी खरीदारी कर सकते हैं, जिससे आपको 10% तक का इंस्टेंट स्टॉक का फायदा हो सकता है। ये स्मार्टफोन वनप्लस ओपन (एपेक्स एडिशन, 16 जीबी रैम) पर नो कॉस्ट ईएमआई देगा: ये लेटेस्ट वनप्लस ओपन काफी ज्यादा ट्रेंड में चल रहा है। इस उपकरण का प्रोटोटाइपिक डिजाइन यह काफी मात्रा में असामालिटिव बना हुआ है। इसमें 16GB रैम के साथ 1TB की स्टोरेज भी देखने को मिलती है। इस उपकरण का हिंज भी काफी टिकाऊ और हाई क्वालिटी वाला है। यह 7 नेटवर्क नेटवर्क कनेक्शन सीमलेस नेटवर्क कनेक्शन देता है। इसकी स्क्रीन भी शानदार है। OIS कैमरा इलेक्ट्रॉनिक्स भी मिल रहा है। Xiaomi 14 (ब्लैक, 12GB रैम, 512GB स्टोरेज): अगर आप बेहतरीन कैमरा वाला Xiaomi 14 उपकरण लेना चाहते हैं, तो यह आपके लिए काफी बेहतरीन हो सकता है। इस उपकरण में 50MP Leica प्रोफेशनल ऑप्टिकल्स मिल रहा है, जिससे आप DSLR जैसी फोटो पर क्लिक कर सकते हैं और साथ ही बेहतरीन वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर सकते हैं। इसका डिज़ाइन भी काफी प्रीमियम है। Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में इस ऑफर पर 40% तक का हैवी डिस्काउंट भी मिल रहा है। OPPO F27 Pro+ 5G (मिडनाइट नेवी, 8GB RAM): यह फीचर्स से लैस काफी बेहतरीन OPPO F27 Pro+ माना जाता है। इस उपकरण को आप Amazon Sale 2024 से बेहद गरीब बेघरों पर भी ले सकते हैं। यह 6.7 इंच के फुल एचडी+ एमोलेड डिस्प्ले के साथ मिल रहा है। इसके साइड में 64MP का खास फीचर वाला कैमरा भी मिल रहा है। यह उपकरण टेलीकॉम 69 इलेक्ट्रानिक वॉटर ड्रायर के साथ उपलब्ध है। इसका डिजाइन भी काफी कमाल का है। विवो इस वीवो एक्स फोल्ड 3 प्रोटेक पर आपको नो कास्ट लैबोरेटरी के साथ ही डिजिटल ई-कॉमर्स ऑफर का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है, जिससे आप भारी बचत भी कर सकते हैं। यह उपकरण काफी पतला भी है। इस उपकरण का वजन भी काफी कम है। यह उपकरण ZEISS प्रोफेशनल फोटोग्राफर कैमरा भी दिया गया है। इसका 2K इमर्सिव डिस्प्ले भी काफी बेहतरीन है। TECNO CAMON 30 Premier 5G (स्नोई सिल्वर, 12GB+512GB): अगर आप प्रीमियम स्पेसिफिकेशन वाली तकनीक लेना चाहते हैं, तो TECNO CAMON 30 Premier आपके लिए काफी बेस्ट टेक्नोलॉजी हो सकती है। इस कैमरे के बैक में 50MP के तीन कैमरे भी दिए गए हैं, जिनकी फोटोग्राफी भी काफी अच्छी हो सकती है। यह साइड एक्सिस रेंज फ़्रांइडर डिज़ाइन के साथ आ रहा है, जिसमें यह काफी मात्रा में असामेटिव हो जाता है। इसमें ऑटो फोकस के साथ ही आई स्पेशलिटी का फीचर भी मिल रहा है।

डिवाइस चोरी हो गया? अब इस नए गूगल फीचर के साथ आपका मोबाइल होगा ऑटो लॉक!

गूगल की तरफ से एक नया फीचर लाया जा रहा है, जो आने वाले दिनों में उन पेंसिल को जेल डॉक्यूमेंट का काम करना चाहते हैं, जो टेक्नोलॉजी चोरी का काम करते हैं। वास्तविक Google की ओर से नए फीचर को डिज़ाइन किया गया है, जोटेक को चुराने से पहले किया गया है। इसे Google चोरी का पता लगाने वाले लॉक फीचर के नाम से जाना जाता है। इस खासियत को ग्राहकों के लिए रोल आउट किया जा रहा है। गूगल के तीन नए स्पेशलिटी लाइक रिपोर्ट की श्रेणी, तो गूगल की चोरी का पता लगाने वाले तीन फीचर को पेश किया जाएगा। इसमें टेक्नोलॉजी स्टेरी लॉक, लैबोरेटरी जनरल लॉक और बिल्डर लॉक जैसी विशिष्टताएँ शामिल हैं। उदाहरणार्थ चोरी हो जाने पर उसे सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस साल की शुरुआत में कंपनी के फोन को लॉक कर गूगल की ओर से तीन नई खासियतों के लिए टेक्नोलॉजी की शुरुआत की जाएगी। यह टूल – थेफ्ट डिविजन लॉक, वैलिड कैपिटल लॉक और क्लाइंट लॉक की मदद से ग्राहकों को खरीदने के लिए अपने लाइसेंस पर तुरंत लॉक करने का एक तरीका शामिल है, चोर किसी भी तरह की जानकारी तक पहुंच नहीं बना सकता है। स्क्रीनशॉट की रिपोर्ट, तो पहले दो टूल Xiaomi 14T Pro सामने आए थे, और कहा था कि कुछ रिचर्ड्स यूजर ने स्क्रीनशॉट की जानकारी दी है। कैसे काम पूछेगा नया फीचर इस फीचर में अगर कोई आपका फोन चोरी करता है, तो Google AI पता लगाएं कि किसी ने आपके हाथ से आपका फोन चुराया है। इसमें चोरी, बाइक या गाड़ी चलाने की कोशिश की जाती है, तो फोन की स्क्रीन लॉक हो जाएगी। इसके अलावा सरकारी फोन पर इंटरनेट से वर्चुअल लॉक करने की भी सुविधा मिलती है। गूगल के फाइंड माई मैगजीन के साथ आप अपने फोन को लॉक कर सकते हैं। तीसरा डिजिटल लॉक, जो आपको अपने गूगल अकाउंट की मदद से फोन पर लॉक करने की सुविधा देता है।

चमकदार त्वचा के लिए नीम और तुलसी का फेस पैक कैसे बनाएं

नवरात्रि के ये नौ घर और व्रत के साथ आपके चेहरे का नूर खो गया है। ऐसे में अगर आप किसी के घर भजन कीर्तन या फिर रात को गरबा और डांडिया खेलने गए हैं तो इस तरह का मुरझाए हुए चेहरे के साथ बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। इसलिए आज हम आपको न्यूट्रिशन रुचिता घग का बताया हुआ ऐसा ऑफर वाले हैं, जिसे उन्होंने खुद बेचा है और अपना शेयर सबके साथ साझा किया है। ये आपके चेहरे पर निखार के साथ दाग धब्बों को भी कम चाहता है और त्वचा को मुलायम भी बनाएगा। तो फिर बिना देर किये आइए जानते हैं रुचिता का बताया फेस पैक बनाने का तरीका। एक्ने और पिंपल्स को दूर करने के लिए ये ग्रीन फेस मास्क रुचिता घग के नाम पर दी गई है ये सलाह, नीम और तुलसी का किया है इस्तेमाल से साफ करने का काम करते हैं। चेहरे पर निखार लाने का काम चाहते हैं चेहरे पर फेस पैक आइए जानते हैं ग्रीन फेस पैक बनाने की विधि, लेकिन पहले जानते हैं इसे बनाने के लिए ये जरूरी है जरूरी। नीम-तुलसी फेस पैक कैसे बनायें? नीम-तुलसी फेस पैक कैसे बनायें?  नीम की पत्ती – 3-4 तुलसी की पत्ती – 8-10 दही – 1 एलोवेरा जैल – 1 मसाला गुलाब जल – 2 मसाला चावल का आटा – 1 ऐसे बचे हुए फेसबुक पैक सबसे पहले एक मिक्सी लें और मिश्रित चावल के मसाले सब कुछ मॉड्यूल पीस लें।  इसके बाद पीसे हुए पेस्ट को एक बाउल में डाला गया और फिर इसमें 1 माइक्रो राइस आटा डोकलाम को अच्छे से मिक्स कर लें।  अब पैक तैयार करके अपने चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक वापस आ जाएं।  पूरा होने के बाद चेहरा धो लें और फिर देखें कि आपके चेहरे पर कैसा निखार आता है। तुलसी एक बहुत ही गुणकारी जड़ी बूटी है और ये हम नहीं कह रहे हैं लेकिन अध्ययन में यह लिखा है कि तुलसी के खून को प्यूरीफाई करने में मदद मिलती है और इसके एंटीफ्लेमेटरी गुण के बारे में जाना जाता है। वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन के अनुसार ‘तुलसी में कई फेनोलिक्स और फेवोनोइड्स पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। तुलसी के साथ ही मौजूद फ्लेवोनोइड्स बढ़ने के कारण त्वचा की संरचना की मात्रा में वृद्धि होती है, जिसके कारण एक्स्ट्रा सेल्यूलर कोलोनिया में वृद्धि होती है। कोलसिंथ लेजर स्किन मॉइस्चर को पुनः प्राप्त किया जाता है और उसे पहले से ही बड़े पैमाने पर डायनासोर बनाने का काम किया जाता है।

दर्द के लिए बर्फ या गर्म पैक: कौन सा बेहतर है?

अगर कहीं पर चोट लग जाए तो उसे समय पर ठीक करने के लिए सिकाई करना जरूरी है। अब कई लोग इस दावे में रहते हैं कि चोट वाली जगह पर पानी से सिकाई की जाए या बर्फ की सिकाई से बेहतर है। बर्फ और गर्म पानी दोनों के ही अपने-अपने फायदे हैं। इन दोनों का उपयोग करने का अलग-अलग समय और स्थिति है। यह भी वर्जित है कि चोट किस प्रकार की होती है। यदि मिश्रण में ज्यादा मात्रा में कैप्सूल आ गया हो तो बर्फ की सिकाई करने से यह ठीक हो जाता है। वैध होने के कारण रक्त वाहिकाएं दिखाई देती हैं, जिससे रक्त का प्रभाव कम होता है। दर्द को कम करने और सूजन को ठीक करने के लिए बर्फ की सिकाई से काफी मदद मिलती है। वहीं जब चोट पुरानी हो जाए तो उसे गर्म पानी से सिकाई करनी चाहिए। आमतौर पर चोट लगने के 2 दिन बाद ही गर्म पानी से सिकाई करनी चाहिए। यदि प्लास्टर में गंभीर प्लास्टर या दर्द हो तो हर एक-दो घंटे की देरी पर 10-15 मिनट के लिए प्लास्टर लगाना चाहिए। अगले दिन से तीन-चार घंटे बर्फ पर से सिकाई करें। चोट पर आपको बहुत ज्यादा जोर नहीं लगना चाहिए। बहुत ही स्वादिष्ट एक्सरसाइज़ मछली हो सकती हैं। शरीर के किसी अंग पर चोट, चोट के बाद सूजन और दर्द हो जाता है। ऐसे में आपको बर्फ की सिकाई करनी चाहिए लेकिन दो दिन यानी 48 घंटे के बाद जब सूजन कम हो जाए तो रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के लिए गर्म पानी से सिकाई करनी चाहिए। इसे हीट थेरेपी भी कहते हैं। सूजन और दर्द के कारण मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और कठोर हो जाती हैं। इसलिए इसे चिकित्सक की सलाह के लिए आराम दें। गठिया और होटल में दर्द के लिए पुरानी मसाला मसाला या गठिया जैसी समस्या के लिए गर्म पानी से सिकाई करने पर काफी राहत मिलती है। माहवारी के समय महिलाएं स्ट्रेंथ पैड का इस्तेमाल करती हैं या बोतल में गर्म पानी का इस्तेमाल करती हैं। गर्म सिकाई करने से मसाले को आराम मिलता है और दर्द से राहत मिलती है। सूती कपड़े या तौलिए को गर्म पानी में मिलाकर प्रभावित हिस्से के हिस्से पर लगाएं। ध्यान रहे कि पानी का तापमान बहुत ज्यादा ना हो। यदि त्वचा पर कोई खुलापन न हो तो बर्फ या गर्म पानी का सीधे उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। गर्म पानी से सेंकने के लिए उसकी बहुत ज्यादा मात्रा नहीं होती और जलन भी हो सकती है। सिकाई के लिए बर्फ का उपयोग जब भी आपको गंभीर चोट लगती है तो उस जगह पर सूजन आ जाती है। ऐसे में चोट लगने के तुरंत बाद ही बर्फ से सिकाई करना सबसे असरदार इलाज माना जाता है। इसे थेरेपी भी कहा जाता है। इससे चोट के स्थान पर सूजन कम होती है और दर्द से काफी राहत मिलती है क्योंकि यह उस हिस्से पर रक्त प्रवाह को नियंत्रित कर देता है। जब किसी स्थान पर चोट लगती है तो शरीर की प्रतिक्रिया के रूप में उस स्थान पर अधिक रक्त प्रवाह (रक्तस्राव) होने लगता है, जिससे दर्द और सूजन हो जाती है। सिकाई समय ध्यान रखें उचित बातें ज्यादा गर्म पानी से सिकाई नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही अगर बर्फ से सिकाई करें समय त्वचा में बहुत ज्यादा ठंडक महसूस हो या त्वचा पर चोट लग जाए तो सिकाई रोक लगनी चाहिए। घर पर सिकाई करने से काफी आराम मिलता है लेकिन चोट लगने पर डॉक्टर के पास जाकर उनकी सलाह अवश्य लें।

स्मार्टफोन की स्क्रीन पर टेंपर्ड ग्लास आपका फ़ोन कर सकता है ख़राब

नया फोन खरीदते ही ज्यादातर लोग उस पर टेंपर्ड लगवा लेते हैं ताकि फोन की स्क्रीन को प्रोटेक्ट किया जा सके. लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है जो ये जानते हैं कि स्क्रीन गार्ड मोबाइल को नुकसान पहुंचाता है. इससे न सिर्फ कॉलिंग में परेशानी आती है बल्कि यूजर्स को ये अहसास होने लगता है कि उनका फोन खराब हो गया है. आज हम आपको बताएंगे कि ऐसा क्यों होता है और इससे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है. दरअसल, नए स्मार्टफोन्स में मॉडर्न टच डिस्प्ले दिया जा रहा है, जिसके नीचे की तरफ Ambient Light सेंसर और Proximity सेंसर मौजूद होते हैं. लेकिन जब हम अपने फोन पर स्क्रीनगार्ड लगा लेते हैं तो ये सेंसर ब्लॉक हो जाते हैं और काम करना बंद कर देते हैं. इस कारण फोन कॉल के दौरान स्क्रीन लाइट परेशान करने लगती है, और बात करते करते आपके फोन में कोई दूसरी ऐप खुल जाती है. इसके अलावा ऑन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट होने पर स्मार्टफोन अनलॉक करने में दिक्कत आने लगती है. फोन देर में अनलॉक होता है. अब कुछ लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि ऐसी स्थिति में क्या करें जिससे फोन के सेंसर भी ब्लॉक न हों और डिस्प्ले भी प्रोटेक्टेड रहे? तो जान लीजिए कि ये दिक्कत ज्यादातर उन स्मार्टफोन्स में आती है जिस पर हल्की क्वालिटी का स्क्रीनगार्ड लगा होता है. भारत में इसकी संख्या काफी ज्यादा है. इसलिए एक्सपर्ट्स हमेशा ही एक अच्छी कंपनी का प्रोटेक्टर इस्तेमाल करने के सलाह देते हैं. अब आप जब भी फोन खरीदें तो उसी कंपनी का स्क्रीन प्रोटेक्टर भी खरीद लें. ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को पता होता है कि उन्होंने सेंसर कहां लगाया है. इसे ध्यान में रखकर ही कंपनियां प्रोटेक्टर बनाती हैं. जब आप धूप में जाते हैं तो रोशनी के मुताबिक आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन लाइट ऑटेमैटिक एडजस्ट हो जाती है. ऐसा Ambient Light सेंसर के कारण होता है. वहीं, अगर फोन किसी कम रोशनी वाली जगह है कि तो अपने आप फोन की लाइट कम हो जाती है. Proximity Mobile सेंसर की बात करें तो जब भी आप फोन को अपने कान के पास लेकर जाते हैं तो उसकी लाइट बंद हो जाती है. यह आपने नोटिस जरूर किया होगा लेकिन आपको यह पता नहीं होगा कि ऐसा क्यों होता है. यह इसी सेंसर के चलते होता है.

हल्दी और बेसन से चेहरे की गंदगी कैसे हटाएं

ऐसे शुरू हो गई है नवरात्रि ऐसे में आपके घर और आस-पडोस में भी कीर्तन शुरू हो जाएंगे। कभी इंटरमीडिएट वाली सुमित की माँ के घर तो कभी दूसरी गली की रिया की माँ के घर, लेकिन वहां सिर्फ आप तो नहीं, बल्कि पुराने जमाने की सभी महिलाएं भी पुरानी वो भी सज-धज के। ऐसे में हम चाहते हैं कि आप और लोगों की उस भीड़ में भी सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखें। इसलिए आज हम आपको इस लेख में एक ऐसा ऑफर बेचने वाले हैं, जिसमें आपकी त्वचा से साड़ी गंदगी और दाग-धब्बे तो साफ होंगे ही, साथ ही बाकी की साड़ी थकान भी मिट जाएगी। ये विदाई आपके चेहरे पर ऐसी खूबसूरती का वादा करती है कि कीर्तन में सभी महिलाएं आपकी सुंदरता का राज पूछने की कोशिश करती हैं। तो फिर बिना देर किए आइए जानते हैं चेहरे पर चमक लाने वाले इस लेप को बनाने का तरीका। त्वचा की सफाई क्यों जरूरी है? रिफ्यूज्ड हाउस के सामान के सामान और कूड़ा-कचरा, प्रदूषण, सामान के कारण हमारे चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है और चेहरा दिखने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि हमारे इन खास गुरुओं को जरूर अपनाएं जो भी मिट्टी पर जमी धूल-मिट्टी को तो साफ चाहता है, साथ ही ऐसा चमकदार दिखता है कि हर कोई आपका खूबसूरत चेहरे पर निखार का राज ही तलाशता रहेगा। चेहरे पर निखार लाने वाले लेप के लिए क्या करना चाहिए? चेहरे पर निखार लाने के लिए हम आपको एक ऐसा लेप बनाने का तरीका बताते हैं, जिसे देखकर आपके चेहरे पर निखार आएगा। लेकिन इसे बनाने के लिए आपको इन युवाओं की जरूरत होगी- बेसन- 2 माइक्रो चावल का आटा- 1 माइक्रो हल्दी- 1/2 माइक्रो इवोवेरा- 1 चम्मच कच्चा दूध- 1/2 कटोरी ऐसे तैयार करें लेप से पहले आप एक बाउल लें इसमें ऊपर बताया गया है कि सभी युवाओं को अच्छे से मिक्स करके लेप तैयार कर लें।  अब आप इस लेप को अपने चेहरे के साथ-साथ सिर पर भी रखें और 20 मिनट के लिए आराम से निकल जाएं।  समय पूरा होने के बाद 5 मिनट तक चेहरे पर लगे लेप को हाथ से लेकर रैन्गकर लें और फिर पानी से चेहरा धो लें।  आपने खुद देखा कि उसका चेहरा चमकदार हो गया है।  आप इस औषधि का प्रयोग हर दूसरे दिन कर सकते हैं। चेहरे पर बेसन का लेप के फायदे बेसन का इस्तेमाल आज से नहीं बल्कि मेरी दादी और नानी के मंदिर से होता आ रहा है। आपकी मां ने भी कहा था कि बेसन का लेप लगाकर करो चेहरा साफ हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बेसन त्वचा संबंधी आक्षेपों के लिए अद्भुत होता है। जैसे कि ये डेड स्किन सेल्स को लॉन्च किया जाता है, फेस पर नॉकआउट किया गया है, मुहासों और पिंपल्स का जन्म करने वाले को शो से वंचित किया गया है आदि। इसलिए आप भी इस नुस्खे का इस्तेमाल करें और अपने चेहरे पर निखार लाएं।

व्हाट्सएप ने स्टेटस अपडेट्स के लिए नया प्राइवेट टैगिंग फीचर लॉन्च किया

व्हाट्सएप की ओर से एक नया सिद्धांत पेश किया गया है। साथ ही व्हाट्सएप की ओर से स्टेटस अपडेट के लिए नया प्राइवेट टैगिंग फीचर लॉन्च किया गया है। कंपनी ने नए फीचर का रोलआउट करना शुरू कर दिया है, जिसके लिए जल्द ही वर्ल्डवाइड यूनिवर्सल के लिए प्लॉट उपलब्ध कराए जा सकेंगे। वॉट्सऐप ग्राहकों को नई सुविधा देता है, निजी तरीके से स्टेटस अपडेट में कॉन्टैक्ट टैगिंग की शुरुआत करता है। साथ ही स्टेटस को लाइक करने के साथ ही फोटो शेयर करने का उत्साह देता है। इसके अलावा वॉट्सऐप स्टेटस अपडेट में लोगों और प्रलोभनों को शामिल किया जाएगा। स्टेटस टैग और शेयर का अंतिम स्थान व्हाट्सएप ब्लॉग पोस्ट के अनुसार नए अपडेट के अनुसार अपने सबसे प्यारे लोगों को कर देंगे। साथ ही उपकरण को ट्रैक कर लेगा। व्हाट्सएप उपभोक्ता टैगिंग के अलावा, स्टेटस ‘लाइक’ करने के साथ एक नया फीचर पेश किया गया है, जो उपभोक्ता किसी को भी यह दिखाने की अनुमति देता है कि आप अपने स्टेटस का आनंद ले रहे हैं। लाइक बटन पर एक टैप से उपभोक्ता अपने कॉन्टैक्ट स्टेटस अपडेट को लाइक कर दें। स्टेट्स में लोग कर सकेंगे टैग टैगिंग की तरह ही, लाइक पर्सनल हो और कोई काउंटर नहीं होगा, जिसका मतलब है कि केवल वही व्यक्ति जिसका स्टेटस आपको पसंद आया है, वह उन्हें दर्शकों की सूची में देखता है। अगले कुछ महीनों में स्टेटस और अपडेट टैग में सबसे ज्यादा मांगें मिलेंगी। ये उन लोगों के करीबी लोग हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जल्द ही मेटा मेटल वॉयस मॉड फीचर लॉन्च किया जा सकता है। इस अपडेट से वॉइस मॉड्यूलेशन और आर्टिफिशियल स्टूडियो (स्टूडियो) के साथ दो-तरफ़ा वॉयस संचार की सुविधा है। नए अपडेट से यूजर अपनी राय का पता लगाएं, अपनी चैट को खरीदें और नए को बेचना आसान हो जाएगा। साथ ही रिपोर्ट से पता चलता है कि मेटा एनिमेस्ट की आवाज को शामिल किया जा सकता है।

सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है नवरात्र में उगाई जाने वाली ज्वार की घास

नवरात्रि में पर्व के दौरान हर घरों में जवारे यानी ज्वार जरुर बोए जाते हैं। 9 दिनों के व्रत के बाद दशहरे की पूजा में इस घास के रखा जाता है। जब मां दुर्गा का विर्सजन के बाद इसे बांटते भी है। धार्मिक महत्व से हटकर वीटग्रास यानी गेहूं की घास सेहत के लिए काफी बेहतर माना जाता है। वीटग्रास को सुपरफूड भी माना जाता है। जो एनर्जी के साथ इम्यूनिटी भी बूस्ट करता है। वीटग्रास का जूस पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायेद एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर वीटग्रास सुपरफड होता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर्स काफी मात्रा में होते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम, एंजाइम्स, मैग्नीशियम, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, अमीनोएसिड्स, विटामिन ए, सी,ई, के और बी कॉम्प्लैक्स, क्लोरोफिल और प्रोटीन्स होते हैं। कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज में फायदेमंद रिसर्च के मुताबिक, वीटग्रास में जरुरी अमीनो एसिड्स होते हैं। हाई क्वॉलिटी प्रोटीन होता है। ज्वार की घास डाइजेशन में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है। वीटग्रास एनर्जी देता है और डायबिटीज के इलाज में भी उपयोगी माने जाते है। कैंसर से बचाता अगर लंबे समय से शरीर में इंफ्लेमेशन बना रहे तो यह कैंसर, हार्ट डिसीज और डायबिटीज जैसी बीमारियों को जन्म देता है। वीटग्रास बॉडी के इन्फ्लेमेशन को खत्म करती है। शोध के मुताबिक रिसर्च में सामने आया था कि वीटग्रास में काफी स्ट्रॉन्ग एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कैंसर से बचाव करता है। ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी, एलर्जी या ग्लूटेन इंटॉलरेंस है तो बिना डॉक्टर की सलाह के वीटग्रास का जूस न पिएं।  

नैचरल लिक्विड हेयर मास्क आपके बालों के लिए किसी टॉनिक से काम नहीं

  खास बात यह है कि यह लिक्विड हेयर मास्क बिल्कुल भी बोरिंग नहीं है। क्योंकि आमतौर पर ऐसा होता है कि जो घरेलू नुस्खे आपको बताए जाते हैं, वे बहुत अधिक समय लेते हैं। इस कारण एक टाइम के बाद आप बोर होकर उन्हें अप्लाई करना बंद कर देते हैं। लेकिन यह लिक्विड हेयर मास्क इतना आसान और 2 मिनट में रेडी होनेवाला है कि आप लाइफ टाइम भी इसका उपयोग आसानी से कर सकते हैं। साथ ही इसे लगाने के बाद आपको हेयर कैप भी नहीं पहननी पड़ेगी और यह टपक-टपक कर आपके चेहरे पर भी नहीं आएगा। कई लोगों को यह शिकायत होती है कि उनके बाल जल्दी नहीं बढ़ते हैं। खासतौर पर महिलाएं इस बात से बहुत अधिक परेशान रहती हैं। वहीं लॉन्ग हेयर रखनेवाले लड़कों को भी यह समस्या दुखी करती है। जल्दी बाल लंबे करने के लिए कुछ लोग तरह-तरह के सप्लिमेंट्स लेते हैं तो कुछ लोग अलग-अलग हेयर-केयर प्रॉडक्ट्स का उपयोग करते हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसा होममेड हेयर मास्क लेकर आएं हैं, जो आपके बालों को जल्द ग्रोथ देगा। यह लिक्विड मास्क पूरी तरह नैचरल है और पोषक तत्वों से भरपूर भी। इसलिए इसे लगाने के बाद आपके बाल केवल लंबे नहीं होंगे बल्कि, सिल्की, स्मूद और घने भी बनेंगे। बालों को ग्रोथ देने के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि आप अपने बालों को पूरा पोषण दें और उनकी रूट्स को मजबूत बनाएं। क्योंकि जब बालों की ये दोनों ही जरूरतें पूरी होती हैं तभी उनमें ग्रोथ और थिकनेस आती है। इसके बाद खूबसूरत और घने बालों के साथ आप किसी भी तरह का हेयर स्टाइल ट्राई कर सकते हैं। यह लिक्विड हेयर मास्क बनाने के लिए आपको चाहिए 1 चम्मच अदरक का रस, 2 चम्मच नारियल तेल और 2 चम्मच अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑइल। सबसे पहले आप एक कटोरी में नारियल तेल लें और इस तेल को बहुत धीमी आंच पर हल्का-सा गर्म करें। जब तक यह तेल गर्म हो तब तक आप दूसरी कटोरी में 2 चम्मच अरंडी का तेल कर लें और उसमें 1 चम्मच अदरक का रस मिला लें। अब गुनगुने हो चुके नारियल के तेल को इस मिक्चर में मिलाकर फाइनल लिक्विड तैयार करें। ध्यान रखें तेल को बहुत अधिक गर्म नहीं करना है और गर्म नारियल तेल में अदरक का रस सीधे नहीं डालना है। बल्कि अदरक का रस पहले अलग कटोरी में अरंडी के तेल में मिलाना है और फिर तैयार मिश्रण को नारियल तेल में मिक्स करना है। ऐसा इसलिए जरूरी होता है क्योंकि गर्म करने के बाद जिस तरह चीजों की नैचरल प्रॉपर्टीज में बदलाव होता है, ठीक उसी तरह पहले और बाद में अन्य लिक्विड के साथ मिक्स करने का भी अलग प्रभाव होता है। आप नैचरल प्रॉपर्टीज और मिक्सिंग के बाद इनमें होनेवाले बदलावों को इनकी कार्य क्षमता से समझ सकते हैं। यानी जब कोई एक तेल अकेला है तो उसे लगाने से बालों पर अगल तरह का असर होगा, जब आप उसे किन्हीं अन्य तेलों के साथ मिक्स करेंगे तो उसका असर कुछ और होगा। इसलिए यह लिक्विड हेयर मास्क बनाते समय आप गर्म नारियल तेल में अदरक का रस ना डालकर पहले अदरक के रस और कैस्टर ऑइल को अलग कटोरी में मिलाएं।बालों की चमक बढ़ाने के लिए इस तरह करें चुकंदर का उपयोग, रेशमी जुल्फें उड़ा देंगी सबके होश तैयार लिक्विड हेयर मास्क को आप अपने बालों की जड़ों के साथ ही लंबाई में भी अच्छी तरह लगाएं। इसे लगाते समय बहुत हल्के हाथों से यानी बिना प्रेशर डाले बालों की जड़ों को सर्कुलर मोशन (उंगली के पोरों को सिर की त्वचा पर गोल-गोल घुमाते हुए ) में हल्की मसाज भी देते रहें। अब डेढ़ से 2 घंटे के लिए यह मास्क बालों पर लगा रहने दें। इसके बाद हर्बल शैंपू से अपने बालों को धो लें। आप छुट्टी के दिन यह मास्क आराम से लगा सकते हैं। साथ ही इस मास्क को लगाने के बाद अपना कोई भी काम आराम से कर सकते हैं। सप्ताह में सिर्फ दो बार इस मास्क का उपयोग करें और सिर्फ 1 महीने में अपने बालों पर इसका असर देखें। आप चाहें तो इसके बाद हमें थैंक्यू बोल सकते हैं! यह लिक्विड हेयर मास्क आपके बालों की ग्रोथ में मदद करेगा साथ ही आपके बालों को टूटने से भी रोकेगा और झड़ने से भी। अब आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि आखिर यह मास्क काम कैसे करता है? तो आपकी इस क्वेरी का समाधान भी हम लेकर आए हैं। दरअसल, नारियल का तेल फैटी एसिड से भरपूर होता है, जिनमें लॉरिक, कैप्रिक और कैपेटेलिक एसिड शामिल हैं। ये सभी फैटी एसिड्स आपके बालों की ग्रोथ को प्रमोट करने का काम करते हैं और उन्हें मजबूत भी बनाते हैं। दूसरी तरफ कैस्टर ऑयल यानी अरंडी का तेल सिर की त्वचा में वायु विकार को कम करता है। इससे डैंड्रफ की समस्या नहीं होती है और बालों की जड़ें कमजोर नहीं होती। जिससे बालों के झड़ने की प्रक्रिया कम होती है। अरंडी का तेल सिर की त्वचा की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करके उनमें नमी भरने का काम करता है। इससे बालों की जड़ों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। अदरक के रस में ऐंटिबैक्टीरियल और ऐंटिफंगल गुण होते हैं। यह बालों की ग्रोथ में आ रही कई तरह की समस्याओं को दूर कर बालों को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है। यह डैंड्रफ और खुजली की समस्या को भी दूर करता है। इससे आपकी उंगलियां बार-बार आपके बालों की जड़ों में नहीं जाती हैं और इससे आपके नाखूनों और उंगलियों के जरिए बालों की जड़ों में पहुंचनेवाली गंदगी जाना बंद हो जाती है। बस अब आप इस मास्क को लगाकर इसका रिजल्ट देखिए और अपना फीडबैक हमें स्टोरी के नीचे कमेंट करके बताइए।

एप्पल ने iPhone 16 सीरीज के साथ टियर 1 शहरों में नए स्टोर खोले!

एप्पल ने भारत में अपने निवेश को आदर्श रूप से स्थापित चार और आर्टिस्ट स्टोर्स की योजना बनाई है, क्योंकि भारत में एप्पल के बढ़ते बाजार के कारण देश का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। Apple ने अप्रैल 2023 में दिल्ली और मुंबई के लिए पहले दो एप्पल स्टोर्स का चयन किया था, और अब कंपनी बेंगलुरु, पुणे और दिल्ली- कंपनी अपने अगले चरण के लेवल एक्सपेंशन पर फोकस कर रही है। इस चरण में मुंबई में एक और थोक व्यापारी की संभावना है। भारत ने अपने निर्माण केंद्र के रूप में विकसित हो रहे लुक एप्पल ने पूरे 16 लाइनअप को डिजाइन किया है, जिसमें प्रो और प्रो मैक्स मॉडल शामिल हैं, का उत्पादन भारत से करने की पुष्टि की गई है। ऐपल के एक जजमेंट से साफ हो गया है कि उसका पूरा फोकस भारत पर है और वह अपने नए मॉडल को पेश करने के बाद काफी सक्रिय भी है। ऐपल की तरफ से भारत को अलग नजर से देखा जा रहा है। यही वजह है कि ऐपल अपने बिजनेस को एक्सपेंड करने का फैसला ले रही है। निवेशकों का मानना ​​है कि खुदरा विक्रेताओं के विस्तार का कारण उनकी दिल्ली और मुंबई स्टोर्स की सफलता है, उन्होंने भारत में कुल बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली कंपनी की मांग की है। iPhone 16 सीरीज ने भारत में भी दस्तक दे दी है और इसकी डिजाइन भी काफी ज्यादा है। ऐसे में आपके लिए ये काफी अच्छे पद पर आसीन होने वाले हैं। हाल ही में टाटा की तरफ से भी इसका प्रोडक्शन शुरू हो गया है। Apple 16 सीरीज की बात करें तो इसके 4 मॉडल बाजार में उतारे गए हैं। इसमें iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max का नाम शामिल है। सभी उपकरणों में दमदार कैमरा फीचर और कैमरा कंट्रोल बटन लगाया गया है।

यूट्यूब ने गलती से कई अकाउंट्स को बैन किया

यूट्यूब की तरफ से समय समय पर बदलाव किया जा रहा है। एक बार फिर यूट्यूब ने लिया ऐसा ही फैसला। स्पैम, फ़्रॉम और फ़्रांसीसी फ़िल्मों के उल्लंघन के कारण चैनलों का बाज़ारीकरण किया गया है। इन म्यूजिक वीडियो में म्यूजिक सुनने की सुविधा भी शामिल है। इसके अलावा, यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्राइबर्स भी प्रभावित हुए हैं। ग्राहकों को उनके अकाउंटिंग पर प्रतिबंध और चैनल से जुड़ी जानकारी ईमेल के माध्यम से दी गई है, और कई ग्राहकों ने विशेष रूप से अपनी बची हुई प्लेलिस्ट और म्यूजिक लाइब्रेरी तक पहुंच को खत्म कर दिया है। कुछ चतुर्थी ने प्लास्टिक के विरुद्ध अपील करने में सफलता पाई है, जिससे उनका खाता पुनः प्राप्त हो गया है। हालाँकि, कुछ वास्तुशिल्पियों ने अपील के बाद भी अपनी प्लेलिस्ट को नहीं देखा है, जबकि अन्य को पूरी तरह से अपनी पहुंच वापस मिल गई है। यूट्यूब ने इस समस्या को स्वीकार कर लिया है और प्रभावित चैनलों को फिर से बहाल करने और यूट्यूब टीवी, यूट्यूब प्रीमियम, और यूट्यूब म्यूजिक के इंटरनेट कनेक्शन तक रीच को फिर से शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। ताज़ा ख़िताब बहाल हो गया है लेकिन प्लेलिस्ट गायब हो गए हैं, उन्हें जल्द ही उनकी सामग्री वापस मिल जाएगी। इसके अलावा यूट्यूब की तरफ से एक बड़ा बदलाव भी किया गया है। आप लंबे वीडियो को भी यूट्यूब पर अपलोड कर सकते हैं। यानी अगर कोई लंबा वीडियो है तो इसे यूट्यूब शॉर्ट के रूप में अपलोड किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए 3 मिनट की सीमा तय की गई है। यानी इससे लंबे वीडियो आप यूट्यूब पर अपलोड तो कर सकते हैं, लेकिन वह नॉर्म वीडियो को सेक्शन में ही अपलोड करते हैं।

क्या आपका बच्चा भी रोज पढ़ाई नहीं करता? अपनाएं ये जापानी तकनीकें

क्या आप भी अपने बच्चे के रोजाना पढ़ने की आदत को लेकर परेशान रहते हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करना कोई आसान कार्य नहीं है। कई अभिभावक इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि आखिर बच्चों में पढ़ने की आदत को कैसे ठीक किया जाये और उन्हें नियमित रूप में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बच्चों को आसान तरीकों से नहीं बल्कि स्मार्ट तरीकों से हैंडिल किया जाना चाहिये। यदि पैरेंट्स सच मुच अपने बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो उन्हें स्मार्ट तरीकों को अपनाना होगा। इस मामले में जापानी शिक्षा प्रणाली अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। जापानी शिक्षा प्रणाली में अनुशासन, निरंतरता और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई की आदतों में जापानी तकनीकों को शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। और तो और इससे आपके बच्चों की रुचि नियमित रूप से पढ़ने में भी बढ़ सकती है। बच्चों में पढ़ने की आदतों में सुधार के लिए जापानी तकनीकों को अपनाने से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इन तकनीकों मे कई पैरामीटर्स शामिल है। इनमें निरंतर सुधार, समय प्रबंधन, अनुशासन, सक्रिय शिक्षण प्रणाली, शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्म-अनुशासन और माइंडफुलनेस शामिल हैं। इन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सहायक और प्रभावी अध्ययन वातावरण बना सकते हैं। ये विधियां न केवल सीखने की इच्छा को बढ़ाती हैं बल्कि जीवन कौशल का भी विकास करती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन जापानी तकनीकों के बारे में जिससे आपके बच्चों की पढ़ाई की आदतों में सुधार आयेगा और जो उन्हें नियमित पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर करेंगे। बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाने के लिए जापानी तकनीकें 1. Kaizen Approach या निरंतर सुधार काइज़ेन का अर्थ है “निरंतर सुधार”। यह जापानी संस्कृति की आधारशिला है। यह टेक्निक समय के साथ बच्चों के कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन करने को प्रोत्साहित करती है। अर्थात अभिभावक के रूप में आप अपने बच्चों के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली लक्ष्य का निर्धारण करें। हर चरण में बच्चों की सफलता के बाद धीरे-धीरे लक्ष्य को थोड़ा कठिन बनाएं। यह दृष्टिकोण आपके बच्चों में आत्मविश्वास का निर्माण करता है और बड़े, कठिन कार्यों से जुड़े तनाव को कम करता है। 2. Pomodoro Technique या समय प्रबंधन फ्रांसेस्को सिरिलो द्वारा विकसित पोमोडोरो तकनीक का जापान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें अध्ययन के समय को 25 मिनट के अंतराल में विभाजित करना शामिल है। इसे “पोमोडोरोस” कहा जाता है। उसके बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है। चार पोमोडोरोस के बाद, 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह विधि बच्चों में ध्यान केंद्रित रखने, थकान को कम करने और अध्ययन सत्रों को अधिक प्रबंधनीय बनाने में मदद करती है। 3. Shitsuke अनुशासन और दिनचर्या शित्सुके या अनुशासन, कम उम्र से ही जापानी शिक्षा में बड़ा महत्वपूर्ण रहा है। पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के लिए एक विशिष्ट दैनिक दिनचर्या स्थापित करें। इससे बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद मिलती है। एक निर्धारित कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि पढ़ने का समय दिन का एक हिस्सा है। 4. Active Learning एक्टिव लर्निंग, जुड़ाव और सहभागिता एक्टिव लर्निंग, ये शब्द शायद आपने कहीं ना कहीं सुना हो। व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए बच्चों को प्रेरित करना एक्टिव लर्निंग या सक्रिय शिक्षण विधि का हिस्सा है। अक्सर ड्रामैटिक चीजों पर बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को पढ़ने के लिए भी उपयोग किया जाना चाहिये। जापानी कक्षाएं अक्सर समूह कार्य और इंटरैक्टिव पाठों पर जोर देती हैं। घर पर, माता-पिता अध्ययन सामग्री पर चर्चा करके, प्रश्न पूछकर और बच्चों को शैक्षिक खेलों या प्रयोगों में शामिल करके सक्रिय सीखने को प्रोत्साहित कर सकते हैं। 5. Minimalism, अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाना मिनीमलिज्म या न्यूनतावाद की जापानी अवधारणा, या “कम ही अधिक है, ” अध्ययन वातावरण बनाने पर लागू होती है। विकर्षणों से मुक्त एक साफ, अव्यवस्थित स्थान ध्यान और एकाग्रता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है। बतौर अभिभावक आप ये सुनिश्चित करें कि अध्ययन क्षेत्र में केवल आवश्यक चीजें हों। जैसे की साधारण कुर्सी, एक डेस्क, आवश्यक किताबें और अच्छी रोशनी आदि। ये वस्तुएं आपने बच्चें के मन को भटकने से बचाएगी। और वो और अच्छे से पढ़ सकेंगे। 6. शिक्षकों और शिक्षा के प्रति सम्मान सीखने को महत्व देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जापान में, शिक्षकों का बहुत सम्मान किया जाता है और शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों को अपने शिक्षकों और सीखने की प्रक्रिया की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करना अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा में रुचि दिखाकर और ग्रेड से अधिक ज्ञान और कौशल के महत्व पर जोर देकर इसका समर्थन कर सकते हैं। 7. आत्म-अनुशासन की आवश्यकता बच्चों में समय के साथ साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करना बेहद आवश्यक होता है। अपने बच्चों को आत्म-अनुशासन सिखाएं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है। उन्हें अपने स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करने, अपनी प्रगति की निगरानी करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्वायत्तता आत्मविश्वास और प्रेरणा का निर्माण करती है। 8. माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के लिए बच्चों को करें प्रोत्साहित आपके बच्चे जीवन में क्या करना या क्या बनना चाहते हैं इस विषय पर अपने बच्चों से निरंतर बात करते हैं। बच्चों पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अभ्यासों को शामिल करने से एकाग्रता में सुधार हो सकता है और तनाव कम हो सकता है। अध्ययन के समय से पहले सरल श्वास अभ्यास या छोटे ध्यान सत्र बच्चों को अपने दिमाग को साफ करने और सीखने के लिए तैयार होने में मदद कर सकते हैं।  

Apple उत्पादों की देश में हो रही तेज़ी से वृद्धि, 4 और रिटेल स्टोर खोलने की योजना

मुंबई  अमेरिका स्थित दिग्गज टेक कंपनी Apple भारत में अपने निवेश को रणनीतिक रूप से बढ़ाने के लिए चार और स्टोर खोलने की योजना पर काम कर रही है. ऐसा Apple उत्पादों के बाज़ार में देश में तेज़ी से हो रही वृद्धि है. Apple ने अप्रैल 2023 में पहले दो Apple स्टोर के रूप में दिल्ली और मुंबई को चुना था, और अब यह खुदरा विस्तार के अगले चरण के लिए बेंगलुरु, पुणे और दिल्ली-NCR पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें मुंबई में एक और आउटलेट देखने को मिल सकता है. भारत को अपने विनिर्माण केंद्र के रूप में देखते हुए, कंपनी ने देश में ही iPhone 16 की पूरी लाइनअप का उत्पादन करने की भी पुष्टि की, जिसमें Pro और Pro Max मॉडल शामिल हैं. यह निर्णय Apple के वैश्विक संचालन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है. इसके साथ ही कंपनी अपनी आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने और भारत के कुशल कार्यबल का उपयोग करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है. Apple के रिटेल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Deirdre O’Brien ने कहा, “हमारे स्टोर Apple के जादू का अनुभव करने के लिए अविश्वसनीय स्थान हैं, और भारत में हमारे ग्राहकों के साथ हमारे संबंध को गहरा करना अद्भुत रहा है. हम भारत में और अधिक स्टोर खोलने की योजना बनाते हुए अपनी टीमों का निर्माण करने के लिए रोमांचित हैं, क्योंकि हम इस देश भर में अपने ग्राहकों की रचनात्मकता और जुनून से प्रेरित हैं,” उन्होंने कहा. “हम उनके लिए हमारे अद्भुत उत्पादों और सेवाओं की खोज और खरीदारी करने और हमारे असाधारण, जानकार टीम के सदस्यों से जुड़ने के और भी अधिक अवसरों का इंतजार नहीं कर सकते.”

PhonePe और Google Pay से बच्चों के दैनिक खर्चों को नियंत्रित करने के आसान तरीके

PhonePe और Google Pay ने उन मां-बाप को बड़ी राहत दी है, जो अपने बच्चों की फिजूलखर्ची से परेशान है। साथ ही उनके हर एक खर्च पर नज़र रखना चाहते हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर आपका बच्चा कहां और कितना खर्च कर रहा है, तो UPI Circle एक शानदार ऑप्शन हो सकता है, जिसे गूगल पे के बाद फोनपे की तरफ से लॉन्च की तैयारी की जा रही है। 15 हजार रुपये तक कर पाएंगे यूपीआई पेमेंट NPCI का नया UPI Circle फीचर अपने बच्चों को अपने यूपीाई अकाउंट के साथ लिंक करने की सुविधा देता है। इसके बाद बच्चे अपने मां-बाप के यूपीआई अकाउंट से पेमेंट कर पाएंगे। इस पमेंट में मां-बाप के पास कंट्रोल रहेगा कि वो बच्चे के किस पेमेंट को अप्रूव करते हैं और किसे नहीं? इस फीचर के तहत बच्चे एक माह में अधिकतम 15000 रुपये खर्च कर पाएंगे। ET की रिपोर्ट की मानें, तो गूगल पे के बाद फोनपे और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म ने नए यूपीआई सर्किल फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है पार्शियल डेलिगेशन पार्शियल डेलिगेशन में यूजर्स में पूरा कंट्रोल मां-बाप के पास होगा। बच्चा यूपीआई सर्किल के जरिए ऑनलाइन पेमेंट की रिक्वेस्ट करेगा, जिसे मां-बाप को अप्रूव करना होगा। अगर मां-बाप अप्रूव कर देते हैं, तो वो पेमेंट होगा। अगर उन्हें लगता है बच्चा फिजूलखर्च कर रहा हैं, तो उसे मना कर सकती हैं. फुल डेलिगेशन इस फीचर उन मां-बाप के लिए हैं, जिन्हें अपने बच्चे पर फुल कॉन्फिडेंस है। इसमें मां-बाप को बच्चे के पेमेंट को अप्रूव करने की जरूरत नहीं होती है। बच्चा खुद ओटीपी डालकर पेमेंट कर पाएगा। नोट – यूपीआई सर्किल फीचर में बच्चों को अलग बैंकिंग अकाउंट की जरूरत नहीं होगी, वो अपने मां-बाप के यूपीआई अकाउंट से सीधे पेमेंट कर पाएंगे। यह फीचर खासतौर पर बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद होगा, जो पढ़ाई या किसी अन्य कामकाज के लिए घर से बाहर रहते हैं। साथ ही बुजुर्ग लोगों के लिए भी यूपीआई सर्किल फीचर बेहतर फायदेमंद माना जा रहा है।

जेमिनी AI हिंदी सहित 8 अन्य भारतीय भाषाओं में लॉन्च, देखें कैसे करेगा काम

 नई दिल्ली  अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के ‘गूगल फॉर इंडिया’ इवेंट का आगाज हो गया। यह इस इवेंट का 10वां साल है। इस इवेंट में गूगल जेमिनी एआई के नए फीचर्स से परदा उठा सकती है। साथ ही, मेक इन इंडिया इनिशिएटिव का एलान भी हो सकता है। साथ ही, अमेरिकी टेक कंपनी यह भी बताएगी कि वह भारत में इंटरनेट एक्सेस, डिजिटल साक्षरता और टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन सॉल्यूशन को बढ़ाने की दिशा में क्या नया कर रही है। Gemini AI में भारत के लिए नया क्या? गूगल ने भारत में जेमिनी लाइव को लॉन्च कर दिया है। यह अंग्रेजी में पहले से ही उपलब्ध थी। अब गूगल ने इसे भारत में हिंदी के साथ-साथ 8 अन्य भाषाओं में भी पेश कर दिया है। आप इस सुविधा का फायदा आज से ही उठा सकते हैं। जेमिनी लाइव के माध्यम से कोई भी इंसान जेमिनी लाइव से रियल टाइम में सवाल-जवाब कर सकता है। Google Pay पर अब गोल्ड लोन भी मिलेगा देशभर में Google Pay यूजर्स के लिए अब से गोल्ड लोन उपलब्ध होगा। इसके लिए गूगल ने मुथूट फाइनेंस के साथ पार्टनरशिप की है। लोन के लिए क्या प्रोसेस होगी अभी इसकी जानकारी कंपनी ने हीं दी है। गूगल पे ने अपनी लोन लिमिट को भी 5 लाख रुपए तक बढ़ा दिया है। Google ने भारत में AI के लिए वाइट पेपर जारी किया वाइट पेपर का टाइटल “AI अपॉर्च्यूनिटी एजेंडा फॉर इंडिया” है। इसका उद्देश्य “तीन की-प्रायोरिटीज पर फोकस करके सरकार के भारत AI मिशन को पूरा करने में मदद करना है। तीन प्रायोरिटीज है- ‘इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, AI-रेडी वर्कफोर्स बिल्डिंग, इन्क्लूसिव एडॉपटेशन और एक्सेसिबिलिटी को बढ़ावा देना।’ गूगल इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर रोमा दत्ता चौबे ने गूगल फॉर इंडिया 2024 के 10th एडीशन की शुरुआत की। उन्होंने कहा – उन दिनों को याद करें जब ट्रेन टिकट बुक करने का मतलब था घंटों लाइन में लगना या बिलों का पेमेंट करना दिन भर का काम था। पिछले 20 सालों में भारत गूगल के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ा है। यूपीआई ने पेमेंट में क्रांति ला दी है, और ऑर्डर दस मिनट से कम समय में डिलीवर किए जा रहे हैं। क्या है Gemini Live? Gemini Live एक मॉडर्न आर्टिफिशियल इटेंलीजेंस वर्जन है. मोबाइल यूजर्स इसके साथ एक व्यक्ति की तरह बातचीत कर सकेंगे. इसे ऐप में नीचे दाईं ओर से यूज कर पाएंगे.  यूजर्स को ऐप में होल्ड और एंड बटन दिया गया है, जो काफी काम के साबित होंगे. Google से ले सकेंगे लोन अब Google App पर अब 5 लाख रुपये का नॉर्मल लोन ले सकेंगे और 50 लाख रुपये तक गोल्ड लोन ले सकेंगे. इसके अलावा Google ने Apollo हॉस्पीटल के साथ पार्टनशिप की है. यहां वह 800 से ज्यादा health knowledge panels बनाएगी, जिसकी मदद से वह यूजर्स को हिंदी और इंग्लिश में जानकारी देगी. AI को लेकर बड़ी प्लानिंग, Noam Shazeer को किया शामिल Google Gemini एक पावरफुल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम है. इसकी शुरुआत गूगल ने बीते साल की थी. इसको लेकर कंपनी काफी प्लानिंग कर रही है, जिससे लिए उसने हाल ही में Noam Shazeer को कंपनी में शामिल किया है. OpenAI और Microsof से मुकाबला Google के Gemini AI का मुकाबला OpenAI के ChatGPT और Microsoft के copilot से है. AI इंडस्ट्री में ChatGPT काफी पॉपुलर है. इसका पेड वर्जन भी मौजूद है, जिसे ChatGPT Plus का नाम दिया है. इसके अलावा हाल ही में Microsoft ने अपने  copilot का

बेहतरीन नींद के लिए करें इन तेलों से पैर के तलवों की मालिश

पैरों के तलवों की मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है और मांसपेशियां उत्तेजित हो जाती हैं, जिससे तनाव, थकान और नींद की समस्या जैसी परेशानियां दूर होती हैं। जिन लोगों की एड़ियां हमेशा फटी रहती हैं। उनके लिए भी तेल मालिश काफी मददगार साबित होती है। आजकल लोग सुकून भरी नींद पाने के लिए जाने कौन-कौन से तरीके अपनाते हैं लेकिन भाग दौड़ भरी जिंदगी और काम के प्रेशर के कारण लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो जाती है, जिसकी वजह से पूरी रात नींद नहीं आती और दिन में इसके साइड इफेक्ट्स भी नजर आते हैं। वहीं, कई लोग मोबाइल को देखकर देर रात तक जागते हैं और उन्हें अनिद्रा की शिकायत होने लगती है। सही तरीके से लाइफस्टाइल चलाने के लिए कम तनाव और सुकून भरी नींद बेहद जरूरी होती है। हेल्थ एक्सपर्ट भी पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं। जिन लोगों को शारीरिक थकान, पैरों में दर्द, अनिद्रा और तनाव की परेशानी बनी रहती है। उन्हें रात में सोने से पहले अपने पैरों के तलवों की मालिश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डॉक्टर तेजस्विनी, नेचुरोपैथ के मुताबिक, रात में नींद ना आने पर तेल से पैरों के तलवों की मालिश करने से अच्छी नींद आती हैं। पैरों की मालिश करने से बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे हमारी बॉडी रिलैक्स महसूस करती है। लेकिन कई लोग इस बात को लेकर कंफ्यूजन में रहते हैं कि पैरों के मसाज के लिए आखिर कौन सा ऑयल सबसे अच्छा होता है। सरसो का तेल सरसों के तेल को आयुर्वेद में भी सेहत के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है। पैरों में इस तेल की मालिश करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और ब्लड सर्कुलेशन की स्पीड बेहतर होती है। इसके मालिश से पीरियड्स के दौरान पेट में होने वाले दर्द और ऐंठन की शिकायत दूर होती है। इनसोम्निया की समस्या होने पर गुनगुना सरसों के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है। वहीं एंग्जायटी और स्ट्रेस को दूर भगाने में यह मददगार माना जाता है। बादाम का तेल बादाम के तेल से अगर पैरों की मसाज की जाए तो तनाव से छुटकारा मिलता है और डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है। मानसिक शांति के लिए रोजाना इस तेल से अपने पैरों के तलवे की मालिश करें। इससे कई अन्य फायदे भी मिलेंगे। नारियल का तेल नारियल तेल से पैरों की मालिश करने से मेंटल हेल्थ में सुधार होता है और चिंता, अवसाद, तनाव जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। इसके साथ ही मांसपेशियों या पैरों में दर्द और ऐंठन होने पर इस तेल को लगाने से आपको काफी आराम महसूस होगा। तिल का तेल मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक तनाव और अनिद्रा को दूर करने के लिए सोने से पहले इस तेल से रोजाना अपने पैरों के तलवों की मालिश करें। इसमें टायरोसिन अमीनो एसिड होता है, जो सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ावा देता है, जो एक हैप्पी हार्मोन होता है। इससे आपका मूड अच्छा होता है, गहरी नींद आती है और आप तनाव मुक्त होते हैं। लैवेंडर ऑयल इस तेल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक, एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। ‌पैरों की मालिश के लिए इसका इस्तेमाल करना दवा की तरह आराम दिलाएगा। चिंता, तनाव, थकान को कम करने में यह मददगार होता है। अनिद्रा को दूर करने के लिए यह सबसे अच्छे नेचुरल ट्रीटमेंट में से एक है। इसके साथ-साथ जिन लोगों के बाल ज्यादा झड़ते हैं। उनके लिए भी यह सिद्ध उपाय साबित हो सकता है। इससे ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है।  

7 अलग-अलग तरीकों से करें बालों पर कॉफी का इस्तेमाल, मिलेगा बेहतरीन रिजल्ट

आज हम आपको बालों पर कॉफी का इस्तेमाल करने के 7 अलग-अलग तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, जो फ्रिजी हेयर से लेकर बालों में शाइन लाने तक, हर एक नुस्खा बहुत ही असरदार है। आइए जानते हैं इन नुस्खों के बारे में… बालों पर कॉफी इस्तेमाल करने के तरीके आज हम आपको बालों की सात समस्याओं को कॉफी से बना 7 अलग-अलग नुस्खों से ठीक करने का तरीका बताने वाले हैं। दरअसल हम आपको बताएंगे बालों पर कॉफी को इस्तेमाल करने के 7 ऐसे तरीके जो फ्रिजी हेयर से लेकर बालों की ग्रोथ को बढ़ाने कर, हर समस्या को ठीक कर देंगे। फ्रिजी बालों के लिए कॉफी आपने एक कटोरी लेनी है और उसमें चम्मच कॉफी और 2 चम्मच दही अच्छे से मिलाकर बालों पर लगानी है। 30 मिनट रखने के बाद बालों को हेयर वॉश कर लें। इस नुस्खे को 2 हफ्ते तक यूज करने से बाल फ्रिज फ्री हो जाएंगे। पतले बालों को ऐसे दें वॉल्यूम अगर आपके बालों की वॉल्यून कम है तो 1 चम्मच कॉफी को अंडे के सफेद भाग में मिलाकर अपने बालों पर लगाएं और 30 मिनट तक लगाकर रखें। बाद में नॉर्मल पानी से हेयर वॉश कर लें। कॉफी से पाएं डैंड्रफ से छुटकारा डैंड्रफ के लिए 1 चम्मच कॉफी पाउडर में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे मिलकर अपने बालों पर लगाएं। लगभग 20 मिनट तक इसे बालों पर लगाए रखने के बाद हेयर वॉश कर लें। आप इसे हफ्ते में 1 बार इस्तेमाल कर सकते हैं। लंबे बालों के लिए असरदार नुस्खा 1 चम्मच कॉफी और 1 चम्मच नारियल का तेल अच्छे से मिलाकर बालों पर लगाएं और लगभग 1 घंटे तक ऐसे ही रहने दें। आप हफ्ते में 1 बार इस नुस्खे का इस्तेमाल करके अपने लंबे बालों को हेल्दी बना सकते हैं। बालों में ऐसे पाएं शाइन बालों में शाइन पाने के लिए आप एक चम्मच शहद में 1 चम्मच कॉफी मिलकर अच्छे से बालों पर लगाएं और 20-30 मिनट तक लगाकर छोड़ दें। हेयर वॉश करने के बाद ही आपको असर दिखने लगेगा। बाल बढ़ाने का नुस्खा 1 चम्मच कॉफी और 1 चम्मच रोजमेरी एसेंशियल ऑयल मिक्स करके हफ्ते में एक बार बालों पर इस्तेमाल करें। फिर देखिए कैसे ये नुस्खा अपना असर दिखाता है। ऐसे पाएं सॉफ्ट एंड सिल्की हेयर 1 चम्मच कॉफी और 1/2 चम्मच मैश किया हुआ एवोकाडो एकसाथ मिलाकर बालों पर लगाएं और 30 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। फिर देखे कैसे आपके बालों में चमक आती है।  

गूगल क्रोम की सेटिंग ऑन करते ही नहीं दिखेगा कोई ऐड, जाने डिटेल

गूगल क्रोम वेब ब्राउजर इस समय दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ब्राउजर है। इस ब्राउजर का इस्तेमाल स्मार्टफोन के साथ-साथ पीसी पर भी किया जाता है। जब भी आप कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो आपको कई ऐड दिखने लगते हैं। ऐसे में आपको ब्राउजर में कोई न्यूज आर्टिकल पढ़ने या फिर किसी चीज के बारे में जानने का मन नहीं करता है। गूगल ने यूजर्स की इस दिक्कत को दूर कर दिया है। टेक कंपनी ने पीसी और स्मार्टफोन यूजर्स के लिए गूगल क्रोम में Reading Mode नाम का फीचर जोड़ दिया है। इस फीचर को इनेबल करते ही आप बिना किसी ऐड के अपनी पसंदीदा आर्टिकल को पढ़ सकते हैं या फिर किसी चीज के बारे में इंटरनेट पर जानकारी ले सकते हैं। रीडिंग मोड को एक्टिवेट करना बेहत आसान है। हम आपको पीसी और स्मार्टफोन में इसे एक्टिवेट करने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। पीसी में इस तरह ऑन करें Reading Mode सबसे पहले अपने पीसी में गूगल क्रोम ओपन करें। अब जिस आर्टिकल को पढ़ना चाहते हैं उसे ओपन करें। इसके बाद ऊपर दाहिनी तरफ बने तीन डॉट्स पर क्लिक करें। फिर ‘More Tools’ ऑप्शन में जाएं और Reading Mode पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आर्टिकल नए विंडो में ओपन होगा और आप बिना ऐड के उसे पढ़ सकते हैं। इस टूल में आपको टेक्स्ट की साइज को बड़ा या छोटा करने का ऑप्शन भी मिलेगा। साथ ही, आप बैकग्राउंड कलर को भी अपने हिसाब से बदल सकते हैं। Smartphone में करे यह काम सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Google Play Store ओपन करें और Reading mode ऐप डाउनलोड करें। ऐप इंस्टॉल होने के बाद ओपन करें और Accesbility में जाकर शॉर्टकट बटन पर टैप करें। फिर गूगल क्रोम में जाकर उस पेज को ओपन करें, जिसे आप रीडिंग मोड में पढ़ना चाहते हैं। आपको स्क्रीन पर फ्लोटिंग शॉर्टकट बटन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करके आप वेब पेज में मौजूद आर्टिकल को आसानी से पढ़ सकेंगे। यहां पर आपको टेक्स्ट कस्टामाइज करने की सुविधा मिलेगी।  

नवरात्रि व्रत में फिट रहने के टिप्स, फिट रहने के लिए अपनाएं ये तरीके

नवरात्रि के दौरान उपवास करना एक पवित्र और महत्वपूर्ण परंपरा है, लेकिन साथ ही यह आपके स्वास्थ्य के लिए चुनौती भी बन सकता है। अगर सही तरीके से खान-पान और व्यायाम का ध्यान न रखा जाए तो कमजोरी, थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। इसलिए, नवरात्रि के व्रत के दौरान खुद को फिट और ऊर्जावान बनाए रखना बेहद ज़रूरी है। इस लेख में हम आपको कुछ आसान तरीके बताएंगे जिससे आप नवरात्रि व्रत के दौरान भी फिट रह सकें। सही डाइट चुनें व्रत के दौरान कई लोग एक ही तरह का खाना खाते हैं, जैसे साबूदाना, आलू, और सिंघाड़े का आटा। लेकिन अगर आप इन चीजों के साथ संतुलित आहार लें, तो आप फिट और स्वस्थ रह सकते हैं। नवरात्रि व्रत के समय क्या खाएं: ताजे फल: केला, सेब, पपीता, और अनार जैसे फल खाएं, जिनसे आपके शरीर को विटामिन और मिनरल्स मिलते रहें। नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, और चिया सीड्स खाएं, जो आपको प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रदान करते हैं। पनीर और दूध: ये प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत होते हैं और आपकी हड्डियों को मजबूत रखते हैं। क्या न खाएं: तले हुए और अत्यधिक मीठे पदार्थ से बचें क्योंकि यह व्रत के दौरान आपके शरीर को सुस्त बना सकते हैं। पानी पिएं, हाइड्रेट रहें व्रत के दौरान लोग अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन और थकान हो सकती है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थ भी आपके शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करेंगे। हल्का व्यायाम करें नवरात्रि के दौरान ज़्यादा भारी एक्सरसाइज़ से बचें क्योंकि इससे आपके शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। इसके बजाय, आप योग, स्ट्रेचिंग या वॉकिंग जैसी हल्की गतिविधियां कर सकते हैं। ये आपके शरीर को फिट रखने के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करेंगे। भरपूर नींद लें नींद की कमी आपकी फिटनेस और सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। नवरात्रि के दौरान भरपूर नींद लें ताकि आपका शरीर पूरी तरह से रिचार्ज हो सके। 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें, इससे आप दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। शुगर और कैफीन से दूरी बनाएं व्रत के दौरान शुगर और कैफीन का अत्यधिक सेवन करने से आपकी ऊर्जा अस्थायी रूप से बढ़ सकती है, लेकिन जल्द ही आप फिर से थकान महसूस करेंगे। इसके बजाय, प्राकृतिक शुगर जैसे फलों से एनर्जी लें। नवरात्रि व्रत के लिए स्वास्थ्यप्रद विकल्प सिंघाड़े के आटे की रोटी: इसमें कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो आपको लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। कुट्टू का आटा: यह फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे आप देर तक भूख नहीं लगती। साबूदाना खिचड़ी: इसमें स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।   नवरात्रि व्रत के दौरान फिट और ऊर्जावान रहना मुश्किल नहीं है। बस आपको संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, हल्का व्यायाम, और पूरी नींद का ध्यान रखना है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप न केवल व्रत को अच्छे से निभा सकते हैं, बल्कि खुद को स्वस्थ और फिट भी रख सकते हैं।  

स्विट्जरलैंड का मजा भारत में लेना हैं, तो इन 6 जगहों पर जरुर घूमने जाएं

अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं तो इन जगहों को घूमने से आपका दिल भर जाएगा। भारत में कुछ जगहें ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर हैं। अगर आप अपनी तनावपूर्ण जिंदगी से ब्रेक लेना चाहते हैं तो आपको इन जगहों की खूबसूरत वादियों के बीच कुछ दिन बिताने का प्लान जरूर बनाना चाहिए। अगर आपका बजट आपको स्विटजरलैंड जाने की इजाजत नहीं दे रहा है तो आप इन जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं जहां स्विटजरलैंड की झलक मिलती है। ओली, उत्तराखंड यह हिल स्टेशन उत्तराखंड में स्थित है। औली को मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। सर्दियों में यह स्थान बर्फ से ढका रहता है और यहां पर देश-विदेश से पर्यटक आते रहते हैं। औली भारत के टॉप स्कीइंग स्थलों में से एक है; इसमें बर्फ से ढके पहाड़, जो इसे सर्दियों के मौसम के दौरान साहसिक चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थान माना जाता है। कश्मीर, जम्मू-कश्मीर कश्मीर को ‘धरती का स्वर्ग’ कहा जाता है। कश्मीर घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। यहां चमचमाती झीलें और नदियां, हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढके पहाड़ों का नजार देखकर दिख खुश हो जाएगा जाएगा। आपको बता दें कि, सर्दियों में यह एक मंत्रमुग्ध कर देने वाले वंडरलैंड में बदल जाता है, जिससे इसकी तुलना यूरोप के अपने स्विट्जरलैंड से की जाती है। मुनस्यारी मुनस्यारी को मिनी स्विट्जरलैंड के साथ-साथ उत्तराखंड की आत्मा भी कहा जाता है। घने जंगल और बर्फीली चोटियों से घिरा यह हिल स्टेशन आपकी यात्रा को शानदार बनाता है। खजियार, हिमाचल प्रदेश खज्जियार अपने लुभावने दृश्य के साथ पर्यटकों के लिए बेहद शानदार जगह है। यहां पर मौजूद हरी घास के मैदान, घने देवदार के जंगल, बीच में शांत झील और ऊंचे-ऊंचे पर्वत। डलहौजी के पास का यह शहर ‘भारत का मिनी स्विट्जरलैंड’ के रूप में जाना जाता है और आप जैसे नेचर लवर को लिए इसे अवश्य देखना चाहिए। कौसानी उत्तराखंड में स्थित कौसानी हिल स्टेशन का नजारा वाकई देखने लायक है। मंदिरों से लेकर झरनों और गुफाओं तक, आप यहां कई जगहें देख सकते हैं। इसे उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है।  

बालों के लिए कॉफी का उपयोग करने के तरीके, जिन्हें आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं

बालों पर नुक्सान पहुंचाने वाले 7 अलग-अलग नुस्खे आज हम आपको बताएंगे बालों पर नुक्सान पहुंचाने वाले 7 अलग-अलग नुस्खे। असल में हम आपको बताते हैं बालों पर बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए 7 ऐसे तरीके जो बालों से लेकर बालों की लंबाई तक बढ़ाते हैं, हर समस्या को ठीक कर देंगे। फ़रज़ी बालों के लिए आपने एक कटोरी लेनी है और आकार वाले बालों पर 2 बालों वाले बालों को लगाया है। 30 मिनट बाद बालों को हेयर वॉश कर लें। इस नुस्खे को 2 सप्ताह तक यूज़ करने से बाल फ़र्ज़ी फ्री हो जाएँ। अगर आपके बालों की वैलून कम है तो 1 नकली बालों को अंडे के सफेद भाग में अपने बालों पर लगाएं और 30 मिनट तक लगाएं रखें। बाद में नामांकन पानी से हेयर वॉश कर लें। फुला से बाहर डैंड्रफ से बाहर डैंड्रफ के लिए 1 मैक्सिकन अपोलो पाउडर में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे मिलाकर अपने बालों पर लगाएं। लगभग 20 मिनट तक इसे बालों पर लगाए रखने के बाद हेयर वॉश कर लें। आप इसे सप्ताह में 1 बार इस्तेमाल कर सकते हैं। लंबे बालों के लिए शानदार बालों के लिए 1 नारियल का तेल और 1 नारियल का तेल अच्छे से लंबे बालों के लिए और लगभग 1 घंटे तक ऐसे ही रहें। आप सप्ताह में 1 बार इस नुस्खे का इस्तेमाल करके अपने लंबे बालों को लेवल बना सकते हैं। ऐसे में बालों में शाइन पाने के लिए आप एक मियां में 1 नमूना फिल्म ग्रुप वाले से मिलकर बालों पर शाइन पाएं और 20-30 मिनट तक लगाएं छोड़ें। बाल धोने के बाद आपको वही लुक मिलेगा। बाल बढ़ाने का 1 तेल का मिश्रण फिर देखिये कैसे है ये टैक्सी अपना असर दिखाने वाला। ऐसे हुआ मुलायम और टोकियो और 1 मिज़ाज़ और 1/2 मिशाल मैश किए हुए एवोकाडो एकसाथ हेयरस्टाइल पर 30 मिनट तक के लिए फर्नीचर छोड़ दें। फिर देखें आपके बाल कैसे चमकते हैं।

सैमसंग AI हो सकता है पेड सब्सक्रिप्शन सेवा

सैमसंग ने इस साल गैलेक्सी सीरीज में एआई को हरी झंडी दी थी। गैलेक्सी एआई फीचर्स को मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले साल के अंत तक इन फीचर्स का भुगतान किया जा सकता है। हाल ही में सैमसंग की तरफ से नई प्रेस रिलीज जारी की गई है। इसमें सैमसंग के कई सारे मॉडल शामिल किए गए हैं। गैलेक्सी टैब S10 और गैलेक्सी S24 FE के बारे में बाद में ली गई जानकारी दी गई है। सैमसंग की तरफ से बहुत सारी सुविधाएँ शामिल होंगी, AI सुविधाएँ शामिल होंगी। कंपनी की तरफ से इस साल की शुरुआत में भी ऐसी ही पसंद की गई थी। एआई को लेकर पेड मॉडल पर विचार किया जा रहा था। अभी तक साफ नहीं किया गया है कि इसमें किस फीचर को शामिल किया जाएगा। यानि कि किसका इस्तेमाल करने के लिए आपको भुगतान करना होगा। जबकि सैमसंग हेल्थ हेड्स की तरफ से कहा गया है कि हेल्थ ऐप्स का सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। यानी इसे गायब करने के लिए अलग से भुगतान करना पड़ सकता है। हालाँकि अभी तक कोई अलग प्लान नहीं लाया गया है। सैमसंग की तरफ से AI फीचर्स में हो सकते हैं बड़े बदलाव- इससे पहले भी सैमसंग की तरफ से पेड सब्सक्रिप्शन का संकेत दिया गया था। AI फीचर्स के साथ आपको कई अलग-अलग फीचर्स भी दिए जा सकते हैं। उनका कहना था कि अगर आप किसी सुविधा के लिए भुगतान करेंगे तो इसमें कई अन्य सुविधाएं आसानी से मिल जाएंगी। इस जजमेंट का सीधा मतलब यह है कि इंटरनेशनल और एक्सटर्नल दोनों ही मामले पर सैमसंग की तरफ से विचार किया जा रहा है। मूल सैमसंग की तरफ से सेवा के बदले पेड रेवेन्यू जनरेट पर विचार किया जा रहा है। साथ ही सबसे बढ़िया बेस भी तैयार किया जा रहा है।

कॉफी या कैफीन पीने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद

अगर आप भी फ़ुटबॉल प्रेमी हैं तो आपके लिए न्यूज़ है। आपके पोर्टफोलियो में दो से तीन कप पोर्टफोलियो आपकी सेहत के लिए काफी बढ़िया हो सकते हैं। इससे आपके दिल की बीमारी, मेटाबॉलिक थेरेपी जैसी बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि इससे जुड़ी हैं सुपरमार्केट स्टोर्स। हाल ही में जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में एक नया अध्ययन प्रकाशित किया गया है, जिसमें कैफीन और कैफीन के नियमित सेवन से कई हृदय संबंधी और संरचनात्मक विकारों से बचाव किया जा सकता है। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग पुराने जमाने के रूप से फोटोशूट करते हैं या कैफीन का सेवन करते हैं, खासकर मॉड्रेट अमाउंट में, उन्हें मल्टीपल कार्डियोमेटाबोलिक रोग (सीएम) होने का खतरा कम ही होता है, जिसका मतलब है एक बार में कम से कम दो हृदय या मेटाबॉलिक समस्या होना। अगर आसानी से कार्डियोमेटाबोलिक रोग से जुड़ा एक ऐसा कंडीशन है जिसमें दिल से जुड़ा, मेटाबॉलिज्म से जुड़ा और कई अलग-अलग तरह के प्रभाव शामिल हैं। कार्डियोमेटाबोलिक रोग के कुछ उदाहरणों में शामिल हैं: दिल का दौरा, स्ट्रोक, मधुमेह या मधुमेह, स्टेरॉयड रेस्टिस्टेंस, नॉन-अल्कोहल क्रोमियम, उच्च रक्तचाप के दौरे और सार्करी प्लाज्मा रोग। ​मॉड्रेट अमाउंट में कैफीन के कई सारे फायदे हैं, जिससे हार्ट, लिवर स्वस्थ रहता है। कैफीन के सेवन से मूड ताज़ा रहता है। चॉकलेट में पॉलीफेनोल्स के साथ-साथ मैग्नेशियम और पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो दिमाग के लिए काफी अच्छे होते हैं। इससे लगातार बढ़ोतरी होती है और अवसाद का खतरा भी कम होता है। फुला अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी न्यूरोडिजेनर एक्टिविटी के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकते हैं। फुलाए से आप एनर्जी मिल सकते हैं और आप पूरा दिन अपने टैरोताजा से ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। कॉफी के सेवन से किडनी स्टोन का खतरा भी कम हो सकता है। आख़िरकार में किस कप का सेवन करना सही है? बाकी में आप 200-300 कोल्ड कैफीन का सेवन कर सकते हैं यानी आप 2 से 3 कप कॉफी पी सकते हैं। आप अपने टेस्ट को ध्यान में रखते हुए ब्लैक या दूध वाली फूलापी पी सकते हैं। ध्यान रखें इसका अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए फुलाप्पे में अधिक चीनी न रखें। हालाँकि, फूलो की मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। अगर कोई मेडिकल कंडीशन है तो बेहतर है कि कैफीन या कॉफी की मात्रा डॉक्टर से लेकर डॉक्टर तय की जाए। अधिक मात्रा में कॉफी पीने से होने वाले नुकसान की भी कोशिश की जाती है कि रात को कॉफी पीने से नींद न आने की समस्या हो सकती है। अधिक मात्रा में कॉफी पीने से, सीने में जलन या पेट में जलन का खतरा बढ़ सकता है। डीहाइड्रेशन का जोखिम हो सकता है। कई लोगों को अधिक शराब पीने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है। कैफीन के अधिक सेवन से दिल की दर बढ़ सकती है या एंग्जायटी की समस्या हो सकती है अध्ययन के बाद इसमें कोई शक नहीं है कि कैफीन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन किसी भी चीज के अधिक सेवन से शरीर को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है। है. इसलिए सबसे बेहतर है कॉफी के सेवन के दौरान इसकी मात्रा पर भी ध्यान दें। साथ ही सही समय का भी पूरा ध्यान रखें ताकि फायदे न मिलें और नुकसान न हो।

घर पर मॉनिटर कैसे साफ करें: इन सरल चरणों का पालन करें

वर्कशॉप होम से करें तो हम आपको कुछ आसान टिप्स देते जा रहे हैं। इसकी मदद से आपका मॉनिटर साफ हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है तो हम इसमें शामिल होने के बारे में बताएंगे। आप घर बैठे अपना सकते हैं। साथ में कुछ अलग करने की भी जरूरत नहीं है। तो चलिए आपको भी इन टिप्स की जानकारी देते हैं- 1. मॉनिटर को बंद करें: सबसे पहले मॉनिटर को बंद कर दें और पावर केबल को कनेक्ट से हटा दें। इससे केवल आपकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि आप गंदगी और दाग को बेहतर तरीके से देख सकते हैं। 2. माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करें: स्क्रीन की सफाई के लिए हमेशा के लिए नरम माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करें। यह कपड़ा साफ़ नहीं करता है और कूड़ा-कचरा आसानी से हटा दिया जाता है। स्क्रीन को आकर्षक हाथों से साफ करें, ज्यादा जोर न लगाएं। 3. पानी या विशेष उपकरण का उपयोग करें: यदि मॉनिटर पर जिद्दी दाग ​​लगे हैं, तो आप सीधे पानी का उपयोग कर सकते हैं। वॉलपेपर को चित्रित करके स्क्रीन साफ ​​करें। ध्यान रखें, सीधे स्क्रीन पर पानी न छिड़कें। इसके अलावा, बाजार में मॉनिटर की सफाई के लिए विशेष उपकरण भी उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग आप कर सकते हैं। 4. किरायेदार और किरायेदार की सफाई: किरायेदार और किरायेदार के बीच भी कूड़ा-कचरा जमा होता है। उदाहरण के तौर पर छोटे ब्रश या माइक्रोफाइबर कपड़ों का इस्तेमाल करें। 5. हर सप्ताह नियमित रूप से सफाई रखें। इससे कूड़ा और कचरा जमा नहीं होगा, और लंबे समय तक स्क्रीन साफ ​​और चमकदार रहेगी। इन आसान रिकॉर्ड को अपनाकर आप अपने मॉनिटर को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साफ कर सकते हैं, जिससे आपकी स्क्रीन की गुणवत्ता बनी रहेगी और काम करने में भी कोई समस्या नहीं होगी।

फेसबुक द्वारा ट्रैक करने से रोकने के लिए यह प्रोसेस करें फॉलो

  आज के समय में वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में जानने के बाद यह डर सताता है कि क्या हम जिस सोशल मीडिया साइट को इस्तेमाल कर रहे हैं वह हमारे लिए सेफ तो है? हाल ही में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर कई सवाल उठे थे कि यह यूजर्स के डेटा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करता है। जब आप फेसबुक साइट पर अपनी प्रोफाइल अकाउंट बनाते हैं तो उसके बाद से फेसबुक आपकी गतिविधियों और आपके डेटा पर नजर रखना शुरू कर देता है। वैसे तो हर कोई चाहता है कि उसकी गतिविधियों पर नजर न रखी जाए, लेकिन कई लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी गतिविधियों पर किसी भी प्रकार की नजर न रखी जाए तो उसके लिए आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा। यहां हम आपको उन तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनके जरिए आप फेसबुक को अपनी रोजाना की गतिविधियों पर नजर रखने या डेटा को ट्रैक करने की अनुमति देने से रोक सकते हैं। एक यूजर अगर नहीं चाहता है कि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए तो उसके लिए वह गैरजरूरी अनुमतियों को काम करने के रोक सकता है। अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको फेसबुक की सेटिंग में जाना होगा। फोन की सेटिंग में जाने के बाद फोन और नोटिफिकेशन परमिशन में गैजरूरी अनुमति ऑप्शन को टर्न ऑफ करना होगा।। अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर इंटनरेट एक्टिविटी को फेसबुक द्वारा ट्रैक करने से रोकने के लिए इस स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस को फॉलो कीजिए: स्टेप 1 : इस प्रोसेस के लिए सबसे पहली बात तो आपके पास एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन होना चाहिए। इसके अलावा अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे एप्पल का आईओएस नहीं होना चाहिए। सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर फेसबुक ऐप को ओपन कीजिए। उसके बाद स्क्रीन में सीधी ओर टॉप पर दी गई तीन होरिजोंटल लाइन पर क्लिक कीजिए। स्टेप 2: इसके बाद स्क्रीन के टॉप पर लिस्ट को डाउनलोड कीजिए। उसके बाद ‘कर्टेन अबव’ और सेटिंग्स और प्राइवेसी ऑप्शन पर क्लिक कीजिए। स्टेप 3: अब सेटिंग्स ऑप्शन पर क्लिक कीजिए और ऑफ फेसबुक एक्टिविटी ऑप्शन पर स्क्रॉल कीजिए। इसके बाद आपको इस पेज पर वो एप्लिकेशन और साइट नजर आएंगी, जिन पर आप गए हैं या फिर फेसबुक के साथ यूजर डेटा शेयर किया है। सभी जानकारी को एक एक करके देखने के लिए वर्टिकल डोट्स पर क्लिक कीजिए। यह जानकारी आपके बारे में एकत्रित की गई होगी। स्टेप 4: अब इसके बाद क्लियर हिस्ट्री ऑप्शन पर क्लिक कीजिए। इस ऑप्शन में आपके द्वारा एकत्रित किए गए सारे डेटा को डिलीट कर दिया जाएगा। स्टेप 5: यह कदम बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बिना फेसबुक आपको फॉलो करने और आपको मॉनिटर करने में सक्षम होगा। डेटा एकत्रित करने से रोकने के लिए आपको कई ऑप्शन पर क्लिक करने की जरूरत है। इसके बाद फ्यूचर एक्टिविटी को मैनेज कीजिए। स्टेप 6: फ्यूचर एक्टिवी को मैनेज करने के लिए ऑप्शन पर क्लिक कीजिए। इसके बाद ऑफ फेसबुक एक्टिविटी पर क्लिक कीजिए।

2000 रुपये के तहत उपलब्ध वायरलेस नेकबैंड्स अमेज़न पर

2000 रुपये से कम कीमत में वायरलेस नेकबैंड मिल रहे हैं जो फीचर्स के मामले में काफी शानदार हैं। इन नेकबैंड में एक से लेकर एंबेसडर एक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनका लाइसेंस कमल गायब हो गया है। इनमें से 100 घंटों का प्लेबैक टाइम देखने को मिलता है, इसके अलावा एक्टिव नॉइस कैंसिलेशन फीचर, गूगल फास्ट पेयरिंग, लिस्ट लिस्ट बेस्ट साउंड क्वालिटी आदि जैसे स्मार्ट फीचर्स आपको मिलते हैं। आमेज़ के कॉम्प्लेक्स में ईयर फोन को आप इस वक्त सबसे ज्यादा कीमत पर खरीद सकते हैं, जिसमें आपको 898 रुपये से शुरुआत होने वाले ईयर फोन मिल रहे हैं। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 आपके बहुत सारे पैसे बचाने में मदद करेगा। के साथ आता है जिससे आप अपने फेवरेट म्यूजिक का फुल मजा ले सकते हैं। इसमें आप बॉम्बास्टिक बेस और हाई क्वालिटी साउंड देख सकते हैं जिससे गानों की हर बीट को गहराई से महसूस किया जा सकता है। फास्ट डिफॉल्ट लांग और बैटरी लाइफ यह और अच्छा नाम है। इस Amazon सेल में आप इस साल फोन पर 40% की बचत कर सकते हैं। क्रॉसबीट्स शफल प्रो नेकबैंड ब्लूटूथ वायरलेस इयरफ़ोन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में यह ब्लूटूथ नेकबैंड 65% की छूट के बाद केवल 1399 रुपये में उपलब्ध है। इसे आप सिर्फ 10 मिनट चार्ज करके पूरे 12 घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी बैटरी लाइफ 72 घंटे की है। यह ईयरफोन एंटी साइंटिफिक ईयर टिप्स के साथ है, इसके अलावा इसमें शार्क फिन हुक भी दिया गया है, जो कि जनरल्स पर एक्स्ट्रा सपोर्ट सपोर्ट देता है। इसमें 40 एमएस लो लेटेंसी दी गई है। boAt Rockerz 330ANC ब्लूटूथ नेकबैंड इन ईयर इयरफोन: अगर आप बेहतरीन साउंड का एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं तो boAt Rockerz इयरफोन ले सकते हैं। इसमें नवीनतम तकनीक का उपयोग किया गया है जो आपको उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रदान करता है। इसके क्रिस्टल बायोनिक मॉड को एक्टिवेट करने के लिए आप मिडिल बटन पर डबल प्रेस कर सकते हैं। यह आपको 25 डेसिबल तक नॉइज़ कैंसिलेशन देता है। ग्रेट इंडियन सेल के खास मौके पर इस साल फोन पर 70% की भारी छूट मिल रही है। रियलमी बड्स वायरलेस 3 इन-ईयर ब्लूटूथ हेडफोन: अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में सभी प्रोडक्ट्स पर हैवी रिप्लेसमेंट ऑफर मिल रहा है। अगर आपको रियलमी ब्रांड पसंद है तो यह रियलमी ब्लूटूथ हेडफोन आपको बेहद पसंद आएगा। इस साल 2,999 रुपये वाले फोन की कीमत काफी कम हो गई है। इसमें 13.6mm नॉट बेस ड्राइवर लगा है जो आपको 360 डिग्री स्पेशल इफेक्ट्स देता है। इसमें Google फास्ट पेयरिंग विशेषता है। 100H प्लेटाइम के साथ बौल्ट ऑडियो कर्व मैक्स ब्लूटूथ ईयरफोन: अगर आप 84% की भारी छूट पर मिलने वाले इंसान नहीं हैं तो बौल्ट ऑडियो ईयरफोन काफी शानदार है। इसमें पूरे 100 घंटे का प्लेबैक टाइम है। इस साल आप फोन से एक साथ दो लोग जुड़ सकते हैं। गेमिंग के लिए भी यह 50 एमएस की लो लेटेंसी डेट्स में काफी अच्छा है। यह शानदार डिल अभी Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 से ले सकते हैं।

रोज़ाना क्विनोआ खाने के साइड इफेक्ट्स: आहार में शामिल करने के प्रभाव

क्विनोवा एक तरह का अनाज होता है,प्रासंगिक सिद्धांत पिछले कुछ प्राचीन काल से तेजी से बड़ा है। जो लोग अपने प्लास्टिक में मथिया साबुत अनाज को शामिल करना चाहते हैं उनके लिए क्विनोवा सीड्स एक बेहतर विकल्प है। क्विनोआ को सुपर ग्रेन के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन और कई अन्य पोषक तत्वों की प्रचुरता होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो हमारे मेटाबोलिज्म को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह बीज चौलाई फैमिली का हिस्सा होता है, जो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से लड़ने में सक्षम होता है। जिस तरीके से उपमा ओट्स और प्लास्टिक को अपलोड के साथ मिक्स करके बनाया जाता है। उसी तरह क्विनोवा की रेसिपी भी तैयार की जाती है। डॉ. निधि डायटिक्स, बाजीडी डायटिक्स, सरोजोहा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार इसमें मौजूद अमीनो एसिड और प्रोटीन यौगिकों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं और वजन घटाने के लिए डाइ में शामिल किया जा सकता है। हृदय रोग से लेकर पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने के लिए और कैंसर जैसी बड़ी समस्या के खतरे को भी कम कर सकते हैं। ‌लेकिन क्या रोजाना सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है? जानिए इसके बारे में। क्विनोवा के नुकसान में कुछ सबसे बड़े पैमाने पर होने वाला बीज वजन का भारी उपयोग किया जा रहा है। इसके फायदे तो सभी जानना चाहते हैं लेकिन इसके दुष्प्रभावों के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। क्विनोवा का अधिक सेवन एलर्जी, पाचन से जुड़े मैट्रिक्स, लो ब्लड ग्लूकोज की समस्या सहित कई स्पेक्ट्रम का सबक बन सकता है। एलर्जी इस अनाज में सैपोनिन होता है, जो एलर्जी के कारण बन सकता है। ऐसे में त्वचा में खुजली, जलन, लाल निशान जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर आपको किसी प्रकार की एलर्जी से परेशानी है तो डॉक्टर से बिना पूछे पूछें कि बच्चे को एलर्जी संबंधी परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। ब्लड सप्लाई की समस्या क्विनोवा में एंटीहाइपरटेन्सिव गुण मौजूद हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने का काम करता है। वहीं जो लोग पहले से ही लो ब्लड लैब की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें इन ब्लड लैबोरेटरी को खाने से बचने की सलाह दी जाती है। जबकि हाई ब्लड वर्कशॉप के लिए यह सजावट से कम नहीं है। ये लोग बिना हुंचीचा क्विनोवा को अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं। प्रतिदिन क्विनोवा को शामिल करने से पाचन संबंधी संरचनात्मक क्षति हो सकती है। इस सुपर ग्रसन में सैपोनिन के सम्मिलित दस्तावेज़ को प्रभावित किया जा सकता है। वहीं जो लोग पेट दर्द, अल्सर, गैस एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं उन्हें इनका सेवन नहीं करना चाहिए। क्विनोवा खाने का सही तरीका क्विनोवा का सेवन रोज करने के बजाय हफ्ते में 3 से 4 दिन ही करें। विभिन्न प्रकार के मसाले और उपमा इसी तरह से बनाए जाते हैं, जो बर्तन के बाद फूल बन जाते हैं। इसे आप सूप, प्यारी, पेन केक्स और केक्स के रूप में भी खा सकते हैं।

Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर खीरे की क्यों करते हैं पूजा, जानें रहस्य

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret

Why cucumber is worshiped on Hariyali Teej, know the secret Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं (Married Women) के लिए बहुत ही खास होता है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह पर्व रखती हैं. वैसे तो साल भर में तीन प्रकार की तीज होती हैं, जिसमें हरियाली तीज सबसे पहले पड़ता है. हरियाली तीज का पर्व सावन महीने (Sawan Month 2024) की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है, जोकि आज बुधवार 7 अगस्त 2024 को है. आज विवाहिताएं हरियाली तीज का व्रत रखेंगी और शिव-पार्वती (Shiv Parvati) की पूजा करेंगी. पूजा में कई तरह की सामग्रियों (Puja Samagri) की जरूरत पड़ती है, जिसमें खीरा (Kheera) भी शामिल है. हरियाली तीज की पूजा (Hariyali Teej ki Puja) में खीरा का होना बहुत जरूरी होता है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. आइये जानते हैं आखिर क्यों हरियाली तीज में होती है खीरा की जरूरत और क्या है तीज में खीरा पूजन का रहस्य. हरियाली तीज की पूजा में खीरा का महत्व (Cucumber Importance of Hariyali Teej Puja) ज्योतिष शास्त्र (Jyotish Shastra) में खीरा का संबंध चंद्रमा (Chandrama) से बताया गया है. दरअसल जितने भी तरल पदार्थ होते हैं, उनका संबंध चंद्र ग्रह से होता है. हरियाली तीज में शिव शक्ति के साथ ही चंद्रमा पूजन का भी महत्व है. इसलिए पूजा के दौरान खीरा रखना अनिवार्य माना जाता है. एक अन्य कारण यह भी है कि, चंद्रमा शिव को अधिक प्रिय है. इसे शिवजी (Shiv ji) ने अपने माथे पर इसे सुशोभित किया है. चंद्रमा से खीरे का संबंध है और चंद्र का शिव से. इसलिए हरियाली तीज की पूजा में खीरा को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे कि चंद्रमा के शुभ फल से मन के विकार दूर हों, शुभता प्राप्त हो और व्रत में किसी तरह का दोष न रहे.

किस विटामिन की कमी से जल्दी आता है बुढ़ापा? वैज्ञानिकों ने लगाया पता

Deficiency of which vitamin causes early ageing? Scientists discovered

Deficiency of which vitamin causes early ageing? Scientists discovered उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. हर कोई बूढ़ा होता है, लेकिन कुछ लोगों की उम्र उनके चेहरे पर नहीं दिखती. वे अपनी उम्र से काफी छोटे लगते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ निकाला है. न्यूट्रिएंट्स जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, विटामिन डी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन डी कई महत्वपूर्ण कारकों को प्रभावित करता है जो उम्र बढ़ने और उम्र से संबंधित बीमारियों से जुड़े होते हैं. उम्र बढ़ने की प्रक्रिया कैसे होती है?उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कई बदलाव होते हैं. सेल्स में सूजन, सेल्स के बीच संचार में गड़बड़ी, स्टेम सेल की थकान, सेल्स की सेंसिटिविटी कम होना, माइटोकोंड्रिया का कमजोर होना, पोषक तत्वों का सही तरीके से अवशोषण न होना, प्रोटीन में बदलाव और जीन में बदलाव जैसे कई कारक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. ये सभी प्रक्रियाएं बहुत जटिल हैं, लेकिन विटामिन डी इन सभी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. विटामिन डी कैसे करता है काम?विटामिन डी हमारे शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा, विटामिन डी सेल्स की मरम्मत और नवीनीकरण में भी मदद करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन डी सूजन को कम करके, सेल्स के बीच संचार को बेहतर बनाकर और स्टेम सेल को सक्रिय करके उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. विटामिन डी की कमी के क्या होते हैं लक्षण?विटामिन डी की कमी से हड्डियों का कमजोर होना, थकान, मसल्स में दर्द, डिप्रेशन और इम्यून सिस्टम कमजोर होना जैसे लक्षण हो सकते हैं. इसके अलावा, विटामिन डी की कमी से दिल की बीमारियां, कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. विटामिन डी कैसे प्राप्त करें?विटामिन डी सूर की रोशनी से मिलता है. आप रोजाना कुछ समय धूप में बैठकर अपनी विटामिन डी की जरूरत पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा, आप विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मछली, अंडे और दूध का सेवन भी कर सकते हैं. यदि आपको विटामिन डी की कमी है तो आप अपने डॉक्टर से विटामिन डी की गोलियां लेने की सलाह ले सकते हैं.

Nag Panchami 2024: नाग पंचमी की पूजा में शामिल करें ये चीजें, जीवन में नहीं लगेगा कोई दोष!

Nag Panchami 2024: Include these things in the worship of Nag Panchami, you will not face any flaw in life!

Nag Panchami 2024: Include these things in the worship of Nag Panchami, you will not face any flaw in life! Nag Panchami 2024: हिन्दू धर्म में नाग पंचमी का पर्व हर साल बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने का विधान है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि कई तरह के दोषों से भी छुटकारा भी मिलता है. विशेष रूप से, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है. इसके अलावा राहु-केतु की वजह से अगर जीवन में कोई कठिनाई आ रही है, तो भी नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा करने पर राहु-केतु का बुरा प्रभाव कम हो जाता है. पूजा का सही समयपंचांग के अनुसार, साल 2024 में नाग पंचमी तिथि 9 अगस्त को रात 12:36 पर शुरू होगी, जिसका समापन 10 अगस्त की रात 3:14 पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व 9 अगस्त को मनाई जाएगी. पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 9 अगस्त की सुबह 5 बजे से लेकर 8 बजे तक रहेगा. इस दिन पूजा के लिए 3 घंटे की अवधि मिलेगी. इस समय में पूजा करना शुभ फलदायी होगा. इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सारी समस्याओं से मुक्ति मिलती है. नाग पंचमी के दिन पूजा में कुछ चीजों को शामिल करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इनके बिना नाग देवता की पूजा अधूरी मानी जाती है और दोषों से भी जल्दी छुटकारा नहीं मिल पाता है. इसलिए नाग पंचमी की पूजा में इन चीजों को शामिल अवश्य करें. जिससे आपके किसी कार्य में बाधा न आए. इस दिन घर के द्वारों के पास गोबर, सिंदूर, नीम का पत्ता से नाग की आकृति बनाई जाती है. इसके बाद घरों में दूध, लावा नाग देवता को अर्पित कर पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प दोष, सर्पदंश आदि से मुक्ति मिलती है. पूजा में शामिल करें ये चीजेंनाग पंचमी पूजा करते समय, अनुष्ठान को सही तरीके से पूरा करने के लिए सभी जरूरी सामग्री का होना आवश्यक है, जैसे- चांदी, लाल मिट्टी, गाय के गोबर, लकड़ी या पत्थर से बनी सांप की तस्वीर या मूर्ति या सांप की पेंटिंग, दूध, मीठा, फल,फूल, दालें, हल्दी का पेस्ट, कपूर, अंकुरित अनाज, धूपबत्ती आदि. नाग पंचमी पर करें ये उपायनाग पंचमी के दिन घर के प्रवेश द्वार पर सांप की आकृति बनाने से और पूरी श्रद्धा से प्रार्थना करने से आपको आर्थिक लाभ होता है.भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए आपको नाग पंचमी के दिन उनके मंदिर में जाकर चंदन की सात गोलियां चढ़ाएं.नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर दूध, फल, धतूरा, फूल और अर्क चढ़ाते हुए रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है.अगर आपकी कुंडली में राहु और केतु का प्रभाव है, तो आपको ग्रह दोष को खत्म करने के लिए नाग पंचमी के दिन पूजा करें.अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आपको नाग पंचमी के दिन नाग पंचमी मंत्र का 108 बार जाप करें.मान्यताओं के अनुसार, कालसर्प दोष जीवन में कई तरह की समस्याएं पैदा करता है, जैसे कि धन-दौलत में बाधा, विवाह में अड़चन, संतान प्राप्ति में कठिनाई, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, और नौकरी में परेशानी, आदि. नाग पंचमी के दिन श्री सर्प सूक्त पाठ करें. ऐसा करने से काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत हद तक कम हो जाता है.

सावन सोमवार से तुलसीदास जयंती तक 7 दिन के शुभ मुहूर्त, जानें

Auspicious times of 7 days from Sawan Monday to Tulsidas Jayanti, know

Auspicious times of 7 days from Sawan Monday to Tulsidas Jayanti, know Weekly Panchang 5 august-11 august 2024: 5 अगस्त 2024 को तीसरे सावन सोमवार (Sawan somwar) से अगस्त का पहला सप्ताह शुरू हो रहा है. इसकी समाप्ति 11 अगस्त 2024 को तुलसीदास जयंती (Tulsidas jayanti) पर होगी. इस सप्ताह में कल्कि जयंती (Kalki jayanti), सावन विनायक चतुर्थी (Sawan vinayak chaturthi), सावन मंगला गौरी व्रत, हरियाली तीज (Hariyali teej) आदि व्रत आएंगे. हरियाली तीज पति की लंबी उम्र के लिए मनाई जाती है. इस दिन सुहागिनें सुहाग की सलामती, सौभाग्य, सुख, समृद्धि और अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए व्रत कर शिव-पार्वती की पूजा करती है. अगस्त के पहले सप्ताह में कोई ग्रह-गोचर नहीं हो रहा है.हालांकि शनि अभी वक्री चल रहे हैं ऐसे में सावन के सोमवार और हरियाली तीज पर भोलेनाथ की पूजा जरुर करें इससे शनि के दुष्प्रभाव में कमी आएगी.आइए जानते हैं 7 दिन कौन से त्योहार, व्रत, ग्रह परिवर्तन, शुभ योग होंगे. साप्ताहिक पंचांग 5 अगस्त – 11 अगस्त 2024, शुभ मुहूर्त, राहुकाल (Weekly Panchang 5 august – 11 august 2024) 5 अगस्त 2024 (Panchang 5 august 2024) व्रत-त्योहार – तीसरा सावन सोमवारतिथि – प्रतिपदापक्ष – शुक्लवार – सोमवारनक्षत्र – अश्लेषायोग – व्यतीपातराहुकाल – सुबह 07.25 – सुबह 09.066 अगस्त 2024 (Panchang 6 august 2024) व्रत-त्योहार – मंगला गौरी व्रततिथि – द्वितीयापक्ष – शुक्लवार – मंगलवारनक्षत्र – मघायोग – वरीयानराहुकाल – दोपहर 03.47 – शाम 05.287 अगस्त 2024 (Panchang 7 august 2024) व्रत-त्योहार – हरियाली तीजतिथि – तृतीयापक्ष – शुक्लवार – बुधवारनक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनीयोग – वरीयान, परिघराहुकाल – दोपहर 12.27 – दोपहर 02.078 अगस्त 2024 (Panchang 8 august 2024) व्रत-त्योहार – विनायक चतुर्थीतिथि – चतुर्थीपक्ष – शुक्लवार – गुरुवारनक्षत्र – उत्तराफाल्गुनीयोग – शिव, रवि योगराहुकाल – दोपहर 02.06 – दोपहर 03.469 अगस्त 2024 (Panchang 9 august 2024) व्रत-त्योहार – नाग पंचमीतिथि – पंचमीपक्ष – शुक्लवार – शुक्रवारनक्षत्र – हस्तयोग – सिद्ध, रवि योगराहुकाल – सुबह 10.47 – दोपहर 12.2610 अगस्त 2024 (Panchang 10 august 2024) व्रत-त्योहार – कल्कि जयंतीतिथि – षष्ठीपक्ष – शुक्लवार – शनिवारनक्षत्र – चित्रायोग – साध्य, द्विपुष्कर, रवि योगराहुकाल – सुबह 09.07 – सुबह 10.4711 अगस्त 2024 (Panchang 11 august 2024) व्रत-त्योहार – तुलसीदास जयंतीतिथि – सप्तमीपक्ष – शुक्लवार – रविवारनक्षत्र – चित्रायोग – द्विपुष्कर, रवि, शुभ योगराहुकाल – शाम 05.24 – रात 07.04

उंगलियों के आकार से जानें अपने अंदर छुपी क्वालिटी, सामने आएंगे व्यक्तित्व के राज

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers, the secrets of your personality will be revealed. Personality Test: हमारे आसपास कई सारे लोग रहते हैं। यह लोग अपने अलग व्यक्तित्व, रहन-सहन और स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। इनका व्यवहार, बोलचाल, पहनावा, खानपान ही दूसरे लोगों को उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देने का काम करता है। किसी को भी हमेशा उसके स्वभाव और रहन-सहन के आधार पर पहचानने की कोशिश की जाती है। वैसे बात अगर आज के दौर की की जाए तो फैशन और आधुनिकता से भरे हुए इस दौर में हर कोई अपने आप को बेहतर दिखाना चाहता है। खुद को बेहतर दिखने की चाहत में व्यक्ति अच्छा पहनावा, खाना और वह सभी चीज करता है, जो देखने में लोगों को अच्छी लगे। ऐसे में ही बड़ा सवाल है कि आखिरकार किसी के भी व्यक्तित्व की सही जानकारी किस तरह से निकली जाए। हर व्यक्ति का स्वभाव जैसा है उसका व्यक्तित्व भी वैसा ही निकले यह जरूरी नहीं। ऐसे में अगर हम चाहे तो व्यक्ति की उंगलियों के आकार के आधार पर उसके बारे में सब कुछ पता कर सकते हैं। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देते हैं। अलग-अलग उंगलियांकुछ लोगों की उंगलियां बिल्कुल अलग-अलग होती है। यानी की किसी भी उंगली की लंबाई एक जैसी नहीं होती। इसका मतलब है कि उनकी उंगली पर बनने वाला हर पर्वत संतुलित अवस्था में है। इस तरह के लोग संतुलित जीवन जीने वाले होते हैं। यह हमेशा आगे बढ़ने का प्रयत्न करते हैं। इन्हें जीवन से ज्यादा अपेक्षा नहीं होती। इन लोगों के पास जितना होता है यह उसी में खुश रहना पसंद करते हैं। झुकी उंगलियांकुछ लोगों की आपस में एक दूसरे की तरफ झुकी हुई होती है। इस तरह के लोगों का स्वभाव लचीला होता है। यह लोग कभी भी किसी के सामने झुकने से या आगे रहकर कोई काम करने से पीछे नहीं हटते। अनामिकाजिन लोगों की अनामिका सीधी और लंबी होती है यह लोग काफी भाग्यशाली होते हैं। दरअसल यह मेहनत करने वाले होते हैं जिससे इन्हें जीवन में खूब सफलता मिलती है। अपनी मेहनत के दम पर यह दौलत और शोहरत दोनों हासिल करते हैं।

Ginger water: खाने से पहले प‍िएं ये खास ड्र‍िंक, नहीं होगी गैस की समस्‍या

Ginger water: Drink this special drink before eating, there will be no gas problem

Ginger water: Drink this special drink before eating, there will be no gas problem GINGER WATER BEFORE MEALS: सुबह-सुबह या हर बार खाने से पहले अदरक का पानी पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं. आयुर्वेद में भी अदरक के औषधीय गुणों के बारे में बताया गया है. प्राचीन चिकित्सा में, अदरक कई बीमारियों को कम करने के लिए जड़ी-बूटी के रूप में यूज किया जाता था. अदरक में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जैसे क‍ि विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, कॉपर, जिंक, मैंगनीज और क्रोमियम आदि. इसलिए जब आप इसे खाली पेट या खाने से कुछ देर पहले लेते हैं तो कई हेल्‍थ बेनेफिट्स मिलते हैं. आइये उनके बारे में जानते हैं… गैस और ब्‍लोट‍िंग कम करता हैअदरक के पानी में प्राकृतिक सूजनरोधी गुण होते हैं जो ब्‍लोट‍िंग यानी सूजन कम करते हैं. गैस के कारण पेट फूल जाता है. ऐसे में ये अदरक का पानी गैस कम करने में मदद करता है और पेट की सूजन कम करता है. इससे आप खाना खाने के बाद अधिक आरामदायक महसूस करते हैं. मेटाबोलिज्‍म बेहतर होता हैअदरक के पानी का सेवन करने से आपके मेटाबोलिज्‍म को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे आपका शरीर बेहतर तरीके से कैलरी बर्न कर पाता है. पाचन में मदद करता हैअदरक का पानी खाना पचाने में भी मददगार होता है. इससे भोजन को तोड़ना और पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है. ब्‍लड शुगर को संतुलित करता हैखाने से पहले अदरक का पानी पीने से ब्‍लड शुगर का स्तर कंट्रोल होता है. ये डायब‍िटीज वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है. जी नहीं घबराताअगर आपको बार बार उल्‍टी जैसा महसूस हो रहा है तो अदरख का पानी पीने से आपको जरूर आराम म‍िलेगा . प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती हैअदरक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है और इसमें रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करते हैं. ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधारअदरक ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करता है, जो दिल की सेहत ठीक रखता है और एनर्जी भी बढाता है. भूख कम करता हैभोजन से पहले अदरक का पानी पीने से आपकी भूख कम हो सकती है, जिससे आपके ज्‍यादा खाने की संभावना कम हो जाती है और वजन मैनेज रखने में मदद मिलती है.

सावधान रहें, डेंगू बन सकता है जानलेवा… बर्तनों में मिले सबसे ज्यादा लार्वा

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils भोपाल। सतर्कता जरूरी है, नहीं तो डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग द्वारा किए एक सप्ताह के सर्वे में आठ हजार से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घरों में जाकर सर्वे कर रही है। टीमों ने अभी तक दो लाख 75 हजार, 176 घरों का सर्वे किया है, जिसमें लगभग आठ हजार घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। इन घरों में फूलों और पौधों के गमलों से लेकर पानी के बर्तनों, कूलरों एवं कंटेनरों में लार्वा जमा मिला है। खासबात यह कि घर के बर्तनों में सबसे ज्यादा लार्वा पाया गया है। आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा इस दौरान अधिकारियों ने 1997940 बर्तनों का सर्वे किया गया, जिनमें आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा पाया गया है। जांच के दौरान तीन हजार 187 कंटेनरों में खतरे की आशंका दिखाई दी है, जिनमें भारी लार्वा होने की उम्मीद है। इन कंटेनरों को खाली कराकर टोमोफास डाला गया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लार्वा सर्वे का काम और भी अधिक प्रभावी तरीके से चलेगा। इसके लिए टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। बतादें कि अभी तक भोपाल में डेंगू के मरीजों की संख्या 82 हो गई है। पनप रहा एडीज मच्छर

सावन का तीसरा सोमवार कब ? शिव जी पर चढ़ाएं ये खास चीज

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva

When is the third Monday of Sawan? Offer this special thing to Lord Shiva Sawan Somwar 2024: चातुर्मास में संसार का संचालन शिव जी करते हैं और सावन चातुर्मास (Chaturmas) का पहला महीना होता है. इसलिए श्रावण की विशेष मान्यता है. इस साल सावन में पांच सोमवार (Sawan somwar) का संयोग बन रहा है. सावन सोमवार के दिन शिव जी का रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) और जलाभिषेक (Jalabhishek) करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. सावन सोमवार के व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहती है. जिन लोगों की शादी में अड़चने आ रही हैं वे सावन सोमवार के दिन कुछ खास उपाय जरुर करें. जानें 2024 में तीसरा सावन सोमवार कब है ? तीसरा सावन सोमवार 2024 (Sawan Third Somwar 2024) तीसरा सावन सोमवार 5 अगस्त 2024 को है. इस दिन सावन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 4 अगस्त 2024 को शाम 04.42 मिनट पर शुरू हो रही है, इसका समापन 5 अगस्त 2024 को शाम 06 बजकर 03 मिनट पर होगा. तीसरे सावन सोमवार पर करें ये उपाय (Sawan Somwar Upay) सफलता – बहुत मेहनत करने के बाद भी करियर में मन मुताबिक सफलता नहीं मिल रही है तो तीसरे सावन सोमवार के दिन गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें. इस उपाय को करने से मनोवांछित सफलता मिलती है. बाधाओं का नाश होता है.व्यापार में वृद्धि – व्यापार मंद पड़ा है तो, बिजनेस को बढ़ाने की योजनाएं लाभ नहीं दे पा रही है या फिर किसी ने काम बांध रखा है तो सावन के तीसरे सोमवार पर शिवजी को केसर अर्पित करें. मान्यता है इससे भाग्योदय होता है. व्यक्ति कारोबार में तरक्की पाता है.घर में सुख-शांति – जिन लोगों के घर में आए दिन किसी बात को लेकर विवाद होता है. उन्हें सावन के पूरे महीने खासकर सोमवार के दिन शिव पुराण का पाठ करना चाहिए. शिव पुराण सुन भी सकते हैं. इससे तनाव दूर होता है. घर में हो रहे क्लेश मिटते हैं.धन लाभ – सावन सोमवार की पूजा में शिवलिंग पर लौंग अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. माना जाता है कि इससे धन से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं.

फूड पॉइजनिंग तो सुनी होगी, लेकिन क्या होती है वाटर पॉइजनिंग?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning? फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह शरीर को बीमार कर देता है. फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह काफी ज्यादा परेशानी करता है. कुछ तो अपने आप ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों के शरीर में इसके खतरनाक रिएक्शन दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग क्यों होता है? कुछ लोगों पर फूड पॉइजनिंग का ऐसा असर होता है कि इससे उनकी जान भी जा सकती है. फूड पॉइजन कई कारणों से हो सकता है जैसे- अधपका मांस, कच्ची सब्जियां, गंदे तरीके से पकाया हुआ खाना. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें खाना खाने के दौरान इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए कि जो वो खा रहे हैं वह पका, साफ और अच्छा या नहीं वरना वह इससे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं. फूड पॉइजनिंग किसी को कभी भी हो सकती है. एबीपी लाइव हिंदी ने ‘आकाश हेल्थकेयर’ के कंसल्टेंट डॉक्टर सरोज कुमार यादव से खास बातचीत की. डॉक्टर सरोज यादव ने बताया कि अक्सर गर्मियों या मॉनसून के दौरान फूड पॉइजनिंग की समस्या ज्यादा होती है. खासकर हमने यह जानने की भी कोशिश की वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है?खासकर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी का खतरा काफी ज्यादा रहता है. शरीर में इस तरह की समस्या हो जाए तो शरीर पर कुछ इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है? हाइपोनाट्रेमिया एक ऐसी कंडीशन होती है. जिसमें खून में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है. ऐसा उस कंडीशन में होता है जब शरीर में पानी की जरूरत से ज्यादा होने जाने की वजह से सोडियम उसमें घुलता है. इसके कारण दिमाग की सेल्स यानी कोशिकाओं में सूजन आ जाती है. इस सूजन को सेरिब्रल ओएडेमा कहते हैं. इससे इलेक्ट्रोलाइट्स में कमी होने लगती है. वॉटर पॉइजनिंग का शरीर पर असर कम पानी पीने से शरीर में कई तरह के नुकसान होते हैं लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से भी शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है. यहां तक कि मौत भी हो सकती है. वॉटर इनॉक्सिकेशन या वॉटर पॉइजनिंग भी कहते हैं. ज्यादा पानी पीने से ब्रेन ठीक से फंक्शन नहीं करता है. साथ ही साथ ब्लड में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है. इसे ही वाटर पॉइजनिंग कहते हैं. वाटर पॉइजनिंग के कारण ब्लड में सोडियम का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है. जिसका ब्रेन पर सीधा असर होता है और व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है. शरीर में सोडियम की मात्रा कम होने पर ब्रेन और शरीर के सेल्स में सूजन भी हो सकती है. इसे सेल्युलर स्वेलिंग कहते हैं.

उमस भरे मौसम के कारण सिर में हो रही है खुजली, तो अपनाएं ये नुस्खे

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies उमस और गर्मी के मौसम में स्कैल्प पर ज्यादा पसीना आने के कारण कई बार बदबू आना और खुजली जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में ये घरेलू नुस्खे इस परेशानी से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं. मौसम में बदलाव होने के साथ ही कई बार बालों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. उमस के मौसम में बालों में पसीना आने के कारण बदबू और स्कैल्प पर खुजली होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके कारण बाल चिपचिपे लगने लगते हैं. इसकी वजह से कई लोगों को शर्मिंदा महसूस होना पड़ सकता है. इस समस्या से छुटकारा पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसे कम करने का प्रयास किया जा सकता है. मानसून के मौसम में बालों को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. जिससे की पसीने के कारण बदबू और खुजली जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े. ऐसे में आप कुछ घरेलू नुस्खों को अपना सकते हैं. हेयर वॉशअगर उमस और गर्मी के कारण आपके बालों में ज्यादा पसीना आता है, तो आपको बाल हफ्ते में दो से तीन बार जरूर धोने चाहिए. जिससे की बाल साफ रहें. लेकिन अपने बालों के मुताबिक ही शैंपू का इस्तेमाल करें. जैसे कि अगर ड्रैंडफ ज्यादा है तो एंटी-ड्रैंडफ शैंपू का इस्तेमाल करें. आप एक्सपर्ट से भी इस बारे में सलाह ले सकते हैं. एलोवेरा और नारियल तेलएलोवेरा और नारियल तेल इन दोनों को भी हमारे बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसलिए ताजा एलोवेरा जेल और नारियल तेल को अच्छे से मिक्स करें और इसे अपने बालों पर 20 मिनट तक लगाएं रखने के बाद शैंपू से हेयर वॉश करें. लेकिन कई लोगों को एलोवेरा सूट नहीं करता है ऐसे में वो सिर्फ नारियल तेल भी लगा सकते हैं. नीम का उपयोगनीम औषधि गुणों के कारण जानी जाती है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं. ऐसे में स्कैल्प पर होने वाली खुजली से राहत दिलाने में नीम मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए पहले आपको नीम के ताजे पत्ते लेने हैं और इसे पानी में उबालना होगा. इसके बाद इस पानी को ठंडा होने पर छाल लें और शैंपू करने के बाद अपने बालों पर स्प्रे करें. आप नीम और तुलसी के पत्तों को एक साथ पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर शैंपू करने के कुछ देर पहले आप अपने बालों पर 10 से 15 मिनट के लिए ये पेस्ट बालों और स्कैल्प पर लगा सकते हैं. एक बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर स्कैल्प पर बहुत ज्यादा खुजली और जलन हो रही है तो पहले एक्सपर्ट से इसके बारे में सलाह लें और तभी कोई प्रोडक्ट और नुस्खा अपनाएं. क्योंकि कई बार इंफेक्शन या किसी बीमारी के कारण भी ये समस्या हो सकती है. इसलिए ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.

बालों से खुलेंगे व्यक्तित्व के राज, सामने आएंगी खूबियां और खामियां

Hair will reveal the secrets of personality, strengths and weaknesses will be revealed.

Hair will reveal the secrets of personality, strengths and weaknesses will be revealed. Personality Test: व्यक्ति के लिए उसके बाल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी अपने बालों को सजाते संवारते हैं और उनकी केयर करते हैं। महिलाएं तो विशेष तौर पर अपने बालों का ध्यान रखती हैं। हर व्यक्ति का हेयर स्टाइल उसकी सहूलियत के हिसाब से अलग-अलग होता है। कोई लंबे बाल रखना पसंद करता है तो किसी को छोटे बाल पसंद होते हैं। किसी के बाल स्ट्रेट होते हैं तो कोई घुंघराले बाल करवाता है। व्यक्ति की यही पसंद ना पसंद उसके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देने का काम करती है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन किसी भी व्यक्ति के स्वभाव के अलावा उसके बालों को देखकर आसानी से व्यक्तित्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। आज हम आपको बालों की लेंथ और प्रकार के जरिए महिलाओं की पर्सनैलिटी की जानकारी देते हैं। घुंघराले बालजिन महिलाओं के बाल घुंघराले होते हैं वह बहुत भावनात्मक किस्म की होती हैं। अपने इमोशनल स्वभाव की वजह से यह कई बार परेशानी में पड़ जाती हैं। हालांकि, ये मृदु भाषी होती हैं और अपनी मीठी बोली से लोगों का दिल जीत लेती हैं। सीधे बालकुछ महिलाओं के बाहर बिल्कुल सीधे यानी कि स्ट्रेट होते हैं। यह महिलाएं सुनती तो सबकी हैं लेकिन करती सिर्फ और सिर्फ अपने मन की हैं। अपने स्वभाव की वजह से घमंडी कहा जाता है लेकिन यह साफ और कोमल हृदय वाली होती हैं। लंबे बाल कुछ महिलाओं के बाल काफी लंबे होते हैं। यह अपनी इमोशंस लोगों के सामने व्यक्त करने में घबराती नहीं है। इनके मन में जो भी होता है यह साफ साफ बोल देती हैं। यह प्रैक्टिकल किसने की होती है और हर चीज का प्रैक्टिकल करने के बाद ही निर्णय पर पहुंचती हैं। छोटे बालकुछ महिलाओं को छोटे बाल रखना पसंद होता है। इस तरह की महिलाएं स्टाइलिश और फैशन में बने रहना पसंद करती हैं। ये दिल की साफ और अच्छी होती हैं।

उच्च प्रोटीन युक्त आहार: जानें कौन से खाद्य पदार्थ शामिल करें

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो हमारे शरीर में एनर्जी को बनाए रखता है। वेट लॉस वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी का काम करता है। इसलिए जितना हमारा वजन होता है, उसी के अनुसार उतने ग्राम प्रोटीन भी लेना जरूरी है। वेज वालों में प्रोटीन डाइट को लेकर काफी दिक्कत आती है। क्योंकि प्रोटीन को लेकर लोगों के दिमाग में यह मिथ होता है कि वेज में प्रोटीन मिलना मुश्किल है और सबसे ज्यादा प्रोटीन अंडे या चिकन में पाया जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है, वेज में भी कई ऐसे मखाना मखाने में प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर और अन्य न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं। मखानों को हल्का सा घी में भूनकर नमक और काली मिर्च डालकर खा सकते हैं। मूंग दाल चिल्ला मूंग दाल प्रोटीन का हाई सोर्स होता है और इसके चिल्ले में आप सब्जियों को एड कर के इसे और भी ज्यादा हेल्दी बना सकते हैं। दाल में हाई प्रोटीन और सब्जियों में प्राप्त होने वाले विटामिन, हेल्दी वेट लॉस में मदद करते हैं। मूंग दाल में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, वेट लॉस में मदद के साथ पाचन को सुधारने में मदद करती है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करती है। ​ चना सत्तू चने का सत्तू भी प्रोटीन का हाई सोर्स है। इसे लेने के लिए आप चने के सत्तू को पानी में घोलकर उसमें नींबू, नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर एक हेल्दी ड्रिंक बना सकते हैं। पनीर टिक्का पनीर में भी प्रोटीन हाई मात्रा में होती है। पनीर टिक्का के मामले में मेरिनेट करके तंदूर या ओवन में बेक करें। यह एक हेल्दी और टेस्टी स्नैक्स है। स्प्राउट्स सलाद स्प्राउट्स में भी प्रोटीन और फाइबर दोनों ही अधिक मात्रा मे होते हैं। हाई प्रोटीन के लिए आप मिक्स्ड स्प्राउट्स खाएं, जैसे कि मूंग, चना, मोठ, मूंगफली और उसमें गाजर, टमाटर जैसी सब्जियां मिक्स कर के।

बजट में लॉन्च हुआ Lava Blaze X फोन

Lava का नया स्मार्टफोन आ गया है। कंपनी ने इसे Blaze X का नाम दिया है। इसमें आपको कई शानदार फीचर्स मिलते हैं। साथ ही डिस्प्ले भी काफी अच्छा दिया जाता है। अब फाइनली ये भी लॉन्च भी हो चुका है। आज हम आपको इस फोन के बारे में कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। सबसे खास बात है कि इस फोन में आपको कम कीमत में कर्व्ड डिस्प्ले मिल रही है। साथ ही सोनी कैमरा सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। यही वजह है कि ये काफी ट्रेंड में है। Lava Blaze X की बात करें तो इसमें कई खासियत मिलती हैं। इस मोबाइल फोन के 4GB (4जीबी वर्चुअल रैम) वेरिएंट की कीमत 14,999 रुपये है, लेकिन बैंक ऑफर के बाद ये वेरिएंट 13,999 रुपये का मिलेगा। 6GB (6जीबी वर्चुअल रैम) वाले वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये है लेकिन बैंक ऑफर के बाद ये वेरिएंट 14,999 रुपये का पड़ेगा। Lava Blaze X आ रहा 10 जुलाई को, कर्व्ड डिस्प्ले वाला सबसे सस्ता फोन! 8 जीबी (8 जीबी वर्चुअल रैम) वाले वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये है लेकिन 1 हजार रुपये के बैंक ऑफर के बाद यही वेरिएंट 15,999 रुपये में मिलने वाला है। तीनों ही मॉडल्स में 128 जीबी की इंटरनल स्टोरेज मिलेगी। इस फोन की खासियत की बात करें ये काफी लाइटवेट आने वाला है। कम वेट होने की वजह से ये देखने में काफी अच्छा होने वाला है। साथ ही यूजर एक्सपीरियंस भी आपका काफी अच्छा होगा। यही वजह है कि आप इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। इस फोन के डिस्प्ले में आपको कलर्स काफी अच्छे मिलते हैं।

Apple Watch Ultra बनाम Samsung Galaxy Ultra: कीमत, स्पेसिफिकेशंस और ऑफ़र्स के ये 10 तथ्य जानें

ऐपल की तरफ से करीब दो साल पहले 23 सितंबर 2023 को Apple Watch Ultra को लॉन्च किया गया था। इस स्मार्टफोन की आज कीमत करीब 90 हजार रुपये है। इसकी टक्कर में सैमसंग ने Galaxy Watch Ultra को लॉन्च कर दिया है। सैमसंग गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा की कीमत ऐपल की वॉच के मुकाबले के में करीब आधी है। जहां ऐपल वॉच अल्ट्रा 90 हजार रुपये में आती है, जबकि गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा स्मार्टफोन करीब 60 हजार रुपये के प्राइस प्वाइंट में आती है। डिस्प्ले साइज – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा 47mm: 1.5 इंच स्क्रीन साइज में आती है, जबकि ऐपल वॉच अल्ट्रा 49mm: 1.91 इंच स्क्रीन साइज में आती है। डिस्प्ले रेजोल्यूशन – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में 480×480 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है, जबिक ऐपल वॉच में थोड़ा ज्यादा 502×410 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है।डायमेंशन – अगर डायमेंशन की बात की जाएं, तो गैलेक्सी वॉच का डायमेंशन 47.1×47.4×12.1mm है, जबकि ऐपल वॉच का डायमेंशन 49 x44x14.4mm है।प्रोसेसर – गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा में सैमसंग इन-हाउस Exynos W1000 चिपस दिया गया है। इसी तरह ऐपल वॉच अल्ट्रा में ऐपल का ऐपल S9 चिपसेट दिया गया है। रैम – गैलेक्सी वॉच में 2 जीबी रैम दिया गया है, जबकि ऐपल की ओर से 1 जीबी रैम ही दिया जा रहा है।स्टोरेज – सैमसंग 32 जीबी स्टोरेज दे रहा है, जो ऐपल के मुकाबले कम है, क्योंकि उसमें 64 जीबी स्टोरेज दिया गया हैवजन – सैगसंग वॉच का वजन 60.5 ग्राम है, जबकि ऐपल वॉच 61.5 ग्राम में आती है।बैटरी – सैमसंग अल्ट्रा स्मार्टवॉच में 590mAh बैटरी दी गई है, जबकि ऐपल वॉच में 564mAh बैटरी मिलती है।कलर ऑप्शन – सैमसंग वॉच तीन कलर ऑप्शन टाइटेनियम सिल्वर, टाइटेनियम ग्रे और टाइटेनियम व्हाइट में आती है, जबकि ऐपल सिंगल टाइटेनिमय कलर ऑप्शन में आती है।कीमत – सैमसंग गैलेक्सी अल्ट्रा स्मार्टवॉच की कीमत 60 हजार रुपये हैं, वही ऐपल वॉच अल्ट्रा की कीमत अभी करीब 90 हजार रुपये है, जो लॉन्च के वक्त 1 से 1.25 लाख रुपये थी।

रक्त बढ़ाने के लिए 5 सबसे ज्यादा आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

स्वस्थ शरीर के लिए हर पोषक तत्‍व को सही मात्रा में होना जरूरी है। प्रोटीन और विटामिन की तरह शरीर के बेहतर कामकाज के लिए आयरन (Iron) भी एक जरूरी पोषक तत्‍व है। शरीर को खून बनाने के लिए इसकी बहुत जरूरत होती है। शरीर में आयरन की कमी थकान, खराब नींद, वजन बढ़ना, बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया होता है, जोकि महिलाओं और बच्चों में आम समस्या है। इसलिए महिलाओं को ब्लड में आयरन लेवल पर ध्यान देना चाहिए। वैसे तो कई लोग इसके लिए दवा और सप्लीमेंट लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा आयरन आप भोजन से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको भी एनीमिया है, तो Detoxpri की फाउंडर एंड होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट प्रियांशी भटनागर आपको कुछ तरह के आयरन रिच फूड्स के बारे में बता रही हैं, आप इन्‍हें अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं। आयरन एक ऐसा पोषक तत्‍व है, जो शरीर खुद नहीं बनाता। यह आपको भोजन के जरिए ही मिल सकता है। याद रखें अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो प्‍लांट बेस फूड के साथ विटामिन सी को शामिल करके आयरन अवशोषण को बढ़ा सकते हैं। प्‍लांट बेस फूड खाएं प्‍लांट बेस फूड आयरन से भरपूर होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन और वीगन हैं, तो दाल और चना को अपनी डाइट में शामिल करें। इनके साथ आप टमाटर खा सकती हैं। बता दें कि टमाटर में विटामिन सी होता है साथ ही यह आयरन के अवशोषण में अच्छी भूमिका निभाता है। 100 ग्राम चना में कम से कम 6.2 mg आयरन होता है। आयरन रिच स्नैक्स सूखे मेवे जैसे किशमिश और सूखा आलूबुखारा आयरन के बेहतरीन सोर्स हैं। आयरन को बूस्ट करने के लिए आप इन्‍हें सलाद और सीरियल में डालकर खा सकते हैं। 100 ग्राम किशमिश में कम से कम 1.9 mg आयरन होता है। आयरन से भरपूर ब्रेड आयरन से भरपूर ब्रेड भी एनीमिया से छुटकारा दिला सकती है। ये आयरन का सेवन बढ़ाने का सुरक्षित तरीका है। आयरन लेवल बढ़ाने के लिए आपको इसका सेवन खट्टे फलों के साथ करना चाहिए। 100 ग्राम यानी एक ब्रेड से आपको 3.6 mg आयरन मिल सकता है। हरे रंग की सब्जियां पालक और केल जैसी सब्जियों में नॉन हेम आयरन पाया जाता है। लेकिन इसमें ऑक्सलेट होते हैं, जो अवशोषण में रुकावट डालते हैं। ऐसे में उन्हें पकाकर खाएं। यह प्रक्रिया आपकी आयरन बायो एबिलिटी को इंप्रूव करती है। 100 ग्राम पालक से आपको 2.7 mg आयरन मिल सकता है। मटर शरीर में आयरन की कमी से थकान और कमजोरी होती है। हरी मटर आयरन का अच्‍छा स्‍त्रोत है। ऐसे में हरी मटर से बनी डिशेज को अपनी डाइट में शामिल करें। इसके सेवन से रेड ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण में मदद मिलती है। 100 ग्राम मटर से आपको 1.5 mg आयरन मिल सकता है।

बिना स्क्रीन शॉट लिए वॉट्सऐप पर आसानी से सेव करें मेसेज

नई दिल्ली इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप दुनिया का सबसे पॉप्युलर कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म है। भारत समेत दुनिया भर में इस ऐप को काफी पसंद किया जाता है। पिछले साल F8 डेवलपर कॉन्फ्रेंस में फेसबुक ने बताया था कि वॉट्सऐप यूजर रोजाना 65 बिलियन मेसेज भेजते हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। वॉट्सऐप यूजर्स कई बार कोई खास मेसेज सेव करना चाहते हैं। ऐसे में यूजर स्क्रीन शॉट लेकर उस मेसेज को सेव करते हैं। वॉट्सऐप मेसेंजर में ऐसा फीचर मौजूद है कि जिससे आप किसी भी मेसेज को बिना स्क्रीन शॉट लिए सेव कर सकते हैं और बाद में उस मेसेज को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए आप ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। यह फीचर ऐंड्रॉयड, iOS और विंडोज यूजर्स के लिए अवेलेबल है। ऐंड्रॉयड यूजर्स ऐसे सेव करें मेसेज सबसे पहले अपना वॉट्सऐप मेसेंजर खोलें जिस चैट को ऐप सेव करना चाहते हैं उसमें जाएं जिस मेसेज को आप बुकमार्क करना चाहते हैं उसे टैप करें और होल्ड करें अब आपको स्क्रीन के टॉप पर स्टार आइकन दिखाई देगा स्टार आइकन पर टैप करके मेसेज सेव करें। आईओएस यूजर्स ऐसे सेव करें मेसेज वॉट्सऐप मेसेंजर खोलें जिस चैट को ऐप सेव करना चाहते हैं उसमें जाएं जिस मेसेज को आप बुकमार्क करना चाहते हैं उसे टैप करें और होल्ड करें स्टार आइकन पर टैप करके मेसेज सेव करें।  

Redmi 12: अब सिर्फ कुछ हजार में खरीदें

Redmi 13 5G कुछ समय पहले ही लॉन्च हुआ है। इसके बाद Redmi के पुराने फोन 12 की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली है। अब आप इस फोन को बंपर डिस्काउंट के बाद काफी सस्ता खरीद सकते हैं। आज हम इसके बारे में ही आपको जानकारी देने वाले हैं जो आपके लिए काफी अच्छे ऑप्शन साबित हो सकते हैं। तो चलिये आपको भी इस फोन पर चल रहे ऑफर्स के बारे में बताते हैं- Redmi 12 की बात करें तो इस फोन की MRP 14,999 रुपए है और आप इसे 36% डिस्काउंट के बाद 9,499 रुपए में खरीद सकते हैं। साथ ही इस पर कई बैंक ऑफर्स भी चल रहे हैं। Flipkart Axis Bank Card से पेमेंट करने पर आपको 5% कैशबैक मिल सकता है। लेकिन सबसे भारी डिस्काउंट एक्सचेंज ऑफर के तहत मिलने वाला है। अगर आप पुराना फोन फ्लिपकार्ट को वापस करेंगे तो 5,850 रुपए की छूट हासिल कर सकते हैं। हालांकि एक्सचेंज ऑफर के तहत मिलने वाला डिस्काउंट पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर भी डिपेंड करता है। ऐसे में आप इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। अगर सभी डिस्काउंट आपको मिल जाते हैं तो ये फोन महज 3,649 रुपए में मिल सकता है। इस लिहाज से देखा जाए तो ये डील आपके लिए काफी अच्छी साबित होने वाली है। हालंकि ये 4जी नेटवर्क सपोर्ट के साथ आता है। ऐसे में आपको थोड़ी परेशानी तो हो सकती है। ये फोन ऐसे यूजर्स के लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है जो नॉर्मल स्मार्टफोन सर्च कर रहे हैं।

यह गलती आपको चर्म रोग की ओर ले जाएगी

स्किन पर सफेद दाग सफेद दाग को लोग कोण की तरह समझते हैं. मगर लोगों को विटिलिगो के शुरूआती लक्षणों के बारे में जानकारी ही नहीं है. स्पॉट्स को हल्के में न लें स्किन पर किसी भी तरह स्पॉट्स को हल्के में न लें. ये आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है. इसीलिए स्किन पर होने वाले हर बदलाव को नोट करें और अगर परेशानी ज्यादा बढ़ने लगे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. सफेद दाग के शुरूआती लक्षण ये चर्म रोग होता है. जिसमें स्किन का रंग सफेद होने लगता है. कभी कभी शरीर की पूरी स्किन सफेद हो जाती तो कभी जगह जगह इसके दाग पड़ जाते हैं. क्या है कारण ये विटामिन्स और मिनरल्स की कमी की वजह से होता है. कभी कभी फंगल इंफेक्शन की वजह से भी सफेद दाग हो जाते हैं. इसके इलाज में दो से तीन महीने का वक्त लग जाता है. इसके पीछे का कारण ये भी है कि शरीर में विटामिन डी की भारी मात्रा में कमी हो जाती है.

घर के लिए सबसे बेहतरीन ट्रेडमिल: इन पर पाएं डिस्काउंट

रनिंग का शौक रखने वालों की खास पसंद है। शहरों में खेलकूद की जगहों की होती जा रही कमी और जिम की बढ़ती फीस ने लोगों को अपने घर में ही रनिंग-जॉगिंग के विकल्प तलाशने को मजबूर कर दिया है। समय की कमी और बिजी लाइफ ने ट्रेडमिल को आज की जरूरत बना दिया है। ट्रेडमिल न केवल आपकी फिजिकल फिटनेस को मेंटेन रखती है, बल्कि स्ट्रेस दूर कर मेंटल फिटनेस को भी एन्हैंस करती है। Amazon Sale में आपको इन ट्रेडमिल पर हौसला बढ़ाने वाला 60% से ज्यादा का डिस्काउंट भी ऑफर किया जा रहा है। यही नहीं, आप ईएमआई पर भी ट्रेडमिल ऑर्डर कर सकते हैं। Cultsport Treadmill Cultsport की ये ट्रेडमिल न केवल यूजर फ्रेंडली है, बल्कि ये आपके घर में ज्यादा जगह भी नहीं घेरती। इसे फोल्ड करके आप किसी कोने में या बेड के नीचे भी रख सकते हैं। इसका वजन भी महज 18 किलो है, तो इसे कहीं ले जाने में भी दिक्कत नहीं होती। 2 हॉर्स पावर की डीसी मोटर से लैस इस ट्रेडमिल पर 110 किलो वजन तक का शख्स बड़े आराम से रनिंग और जॉगिंग कर सकता है। हालांकि सलाह 90 किलो तक के शख्स को ही रनिंग की दी जाती है क्योंकि ज्यादा वजनी शख्स के रनिंग करने से उसके घुटनों पर बुरा असर पड़ने का खतरा होता है। Flexnest Flextread EZ 3-Level Incline Motorized Treadmill Flexnest Flextread की ये ट्रेडमिल 3 लेवल तक ऊपर उठ सकती है। ये आपको पहाड़ों में चलने का फील करा सकती है। इस पर आप अधिकतम 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। ये मशीन 120 किलो तक के वजनी शख्स का भार उठा सकती है। इसमें कई तरह के फीचर्स भी दिए हुए हैं। आप इसे अपने फोन से ब्लू टूथ के जरिये कनेक्ट कर सकते हैं। Sparnod Fitness STH-1200 Treadmill Sparnod की ये ट्रेडमिल 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आपको दौड़ा सकती है। इसमें 3 हॉर्सपावर का मोटर लगा है। इसे आप मैन्युअली इन्क्लाइन भी कर सकते हैं। मशीन घर आने के बाद इसका इंस्टॉलेशन अलग से किया जाता है। इसके लिए आपको 550 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इस मशीन में ये भी पता चलेगा कि आपने रनिंग या जॉगिंग में कितनी कैलोरी बर्न की है। इस मशीन के साथ आपको एक साल की वॉरंटी भी दी जाती है। Cockatoo CTM-05 3HP Peak DC Motorized Treadmill Cockatoo की ट्रेडमिल के साथ खास बात ये है कि आप इसे खुद ही इंस्टॉल कर सकते हैं। इस पर 90 किलो वजन तक के शख्स को रनिंग और उससे ज्यादा भार वाले व्यक्ति को वॉकिंग की सलाह दी जाती है। इस पर आप अधिकतम 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। इस पर आपको एक साल की पार्ट्स वॉरंटी और एक साल की मोटर वॉरंटी और फ्रेम पर लाइफटाइम वॉरंटी दी जाती है। Lifelong Treadmill Lifelong की ये ट्रेडमिल 2.5 हॉर्सपावर के मोटर के साथ आती है। ये मशीन हर तरह से सुविधाजनक है। डिजिटल डिस्प्ले पर आप अपनी परफॉर्मेंस डेटा देख सकते हैं। इस मशीन पर आप अधिकतम 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। यूजर्स ने भी इस मशीन की काफी तारीफ की है और अपनी तरफ से 4.3 की हाई रेटिंग भी दे रखी है।

सिल्क आई सर्जरी: इसके फायदे और प्रक्रिया

आंखें शरीर का सबसे जरूरी अंग हैं। इसलिए इनकी सेहत का ख्‍याल हमें खुद रखना होगा। आजकल मोबाइल, टीवी और लैपटॉप पर घंटों बिताने से आंखों पर जोर पड़ रहा है, जिससे नजर कमजोर होने लगी है। दृष्टि से संबंधित इस समस्या का इलाज वैसे तो चश्मा और कॉन्‍टेक्‍ट लैंस का इस्‍तेमाल करके होता है, लेकिन आजकल सिल्‍क आई सर्जरी (SILK Eye Surgery) काफी पॉपुलर हो रही है। NCBI पर छपी एक स्टडी (Ref) के अनुसार, सिल्क आई सर्जरी में सैकंड जनरेशन फेम्टोसेकेंड लेज़र तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसका टारगेट कॉर्निया को सटीक और दोबारा नया आकार देना है। इसमें अन्‍य उपचारों की तरह चीरे या टाके की जरूरत नहीं पड़ती। नई जमाने की यह प्रक्रिया काफी सुरक्षित और टिकाऊ है। इस सर्जरी के बाद आप अपने चश्मे या कॉन्टेक्ट लेंस से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। यहां हमने सिल्क आई सर्जरी से जुड़ी सामान्य जानकारी दी है। अगर आप इस तकनीक के जरिए आंखों का इलाज कराना चाहते हैं, तो संबंधित डॉक्‍टर से पूरी जानकारी हासिल करें। सिल्‍क आई सर्जरी की प्रक्रिया इसमें सर्जन मरीज की आंखें टेस्‍ट करता है। जरूरत पड़ने पर रोगी को सुन्न करने वाली आई ड्रॉप दी जाती है, फिर फेमटोसेकंड लेजर का उपयोग कॉर्निया में एक छोटा चीरा लगाने के लिए किया जाता है, जिसके बाद लेंटीकुल बनाया और निकाला जाता है। एक-एक आंख का लेजर टाइम सिर्फ 10-15 सेकंड है और पूरे प्रोसेस में 5 मिनट लगते हैं। सर्जरी से पहले और बाद में ध्‍यान रखें ये बातें सर्जरी से पहले डॉक्‍टर कॉन्टैक्ट लेंस से परहेज करने और सर्जरी के दिन मेकअप और इत्र से परहेज करने की सलाह देता है। सर्जरी के बाद, रोगियों को कुछ घंटों तक आराम करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान उन्हें हल्की असुविधा का अनुभव हो सकता है। सिल्‍क आई सर्जरी करा सकता है और कौन नहीं इस सर्जरी के लिए कम से कम आयु 22 वर्ष होनी चाहिए। क्योंकि इस उम्र के आसपास दृष्टि स्थिर हो जाती है। यह प्रक्रिया मायोपिया से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद है। डायबिटीज के मरीज को यह सर्जरी नहीं करानी चाहिए। गर्भवती या स्तनपान कराने वाले महिलाओं को सर्जरी टालने की सलाह दी जाती है। आँखों के धुंधलेपन को ना करें इग्नो ​ सिल्‍क आई सर्जरी के लिए कैसे तैयार हों सबसे पहले आई टेस्ट कराएं। अपनी मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर को बताएं। यह सर्जरी की योजना बनाने के लिए जरूरी है। इसके बाद डॉक्टर सर्जरी से कुछ घंटों पहले खाने या पीने की मनाही कर सकता है। सिल्‍क आई सर्जरी के फायदे इस प्रक्रिया की मदद से मरीज 24 घंटे के भीतर ठीक हो जाते हैं। सिल्क आई सर्जरी उन जटिलताओं के जोखिम को कम करती है, जो पारंपरिक आई सर्जरी से जुड़ी होती हैं। इसके अलावा सर्जरी के बाद चश्‍मे या कॉन्‍टेक्‍ट लेंस पहनने की जरूरत नहीं पड़ती।

आज लॉन्च हो रहा है Redmi 13 5G

Redmi का अपकमिंग स्मार्टफोन Redmi 13 5G आज भारत में लॉन्च हो रहा है। फोन दमदार 108MP कैमरा सेंसर के साथ आएगा। लॉन्च से पहले फोन की डिटेल लीक हो गई हैं, जिसके मुताबिक यह एक पावरफुल कैमरा सेंसर फोन है। फोन को 9 जुलाई 2024 की दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा। फोन के लॉन्च इवेंट को कंपनी के ऑफिशियल पोर्टल और यूट्यब चैलन पर देखा जा सकता है। Redmi 13 5G को दो वेरिएंट में लॉन्च किया जा सकता है। कीमत और ऑफर्स Redmi 13 5G स्मार्टफोन के 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। वही फोन का 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 15,999 रुपये में आएगा। फोन की खरीद पर ग्राहकों को 1000 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है। इस तरह 6 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 12,999 रुपये रह जाती है, जबकि 8 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये रह जाती है। Redmi 13 5G के संभावित स्पेसिफिकेशन्स Redmi 13 5G स्मार्टफोन में आपको 6.6 इंच पंचहोल कैमरा कटआउट वाला डिस्प्ले मिलेगा, जो 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। फोन गोरिल्ला ग्लास 3 प्रोटेक्शन के साथ आएगा। फोन एंड्रॉइड 14 बेस्ड आउट ऑफ द बॉक्स पर काम करेगा। फोन में आपको ऑक्टा-कोर Qualcomm Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर सपोर्ट दिया गया है। फोन के रियर में ड्यूल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका प्राइमरी कैमरा 108MP का है, जबकि 2MP सेकेंड्री कैमरा दिया जा सकता है।जबकि फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। पावर बैकअप की बात करें, तो फोन में 5030mAh बैटरी के साथ 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जा सकता है।

डैमेज बालों को ठीक करने के लिए घर पर ही बनाएं फ्रूट कंडीशनर

बालों के डैमेज होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। आजकल यह समस्या आम है क्योंकि सर्दी के कारण बालों से जुड़ी दिक्कतें और अधिक बढ़ जाती हैं। इस मौसम में बालों पर हेयर ड्रायर का उपयोग भी अधिक होता है। ऐसे में बाल जल्दी सूख तो जाते हैं लेकिन उनकी प्राकृतिक चमक फीकी पड़ जाती है। हेयर ड्रायर के अधिक उपयोग से बालों की ऊपरी परत डैमेज होती है और बालों का नैचरल ऑइल उड़ जाता है। इसके साथ ही कैमिकल युक्त शैंपू बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन सभी कारणों से बालों पर पड़नेवाले दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए आप घर पर ये नैचरल कंडीशनर बनाकर इसका उपयोग करें। घर पर नैचरल कंडीशनर बनाने के लिए आपको चाहिए एक मध्यम आकार का केला और आधा एवोकाडो और 2 चम्मच ऑलिव ऑइल। सबसे पहले केले को छीलकर मैश कर लें। अब एवोकाडो को पीसकर इसका पेस्ट बना लें और मैश किए हुए केले में मिला लें। अब इस मिश्रण में 2 चम्मच ऑलिव ऑइल डालकर तीनों चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें। आपका कंडीशनर तैयार है। आमतौर पर कंडीशनर का उपयोग गीले बालों पर किया जाता है। लेकिन इस कंडीशनर का उपयोग आपको सूखे बालों पर करना है। कहीं भी बाहर से आने केजब भी आपको लगे कि आपके बाल बहुत अधिक रूखे हो गए हैं और डैमेज भी हो रहे हैं। तो इस कंडीशनर को तैयार करें और इसे बालों पर उनकी लंबाई में अच्छी तरह लगाएं। ध्यान रखें की जब आप बिना शैंपू किए कंडीशनर लगा रहे हैं तो इसे बालों की जड़ों में बिल्कुल ना लगाएं। बल्कि बालों के ऊपर-ऊपर लंबाई में लगाएं। सिर्फ 10 से 15 मिनट इसे बालों पर लगाएं रखें और फिर शैंपू कर लें। आपके बालों को स्मूद टैक्सचर मिलेगा। चमक बढ़ेगी और डैमेज कंट्रोल में मदद मिलेगी। एक सप्ताह में 2 से 3 बार आप अपने बालों पर इस कंडीशनर का उपयोग कर सकते हैं। आपको बालों पर यह फ्रूट कंडीशनर बहुत ही प्रभावी तरीके से काम करेगा। केला आपको बालों को पोषण देकर उनकी जड़ों को मजबूत करेगा। साथ ही उनकी नैचरल शाइन बढ़ाने में मदद करेगा। एवोकाडो बालों को मॉइश्चर देता है। उनकी ऊपरी लेयर में धूप, धूल और हीट के कारण हुए डैमेज को दूर करने का काम करता है। वही ऑलिव ऑइल बालों की जड़ों में नमी ब्लॉक करने का काम करता है। यह बालों के संपूर्ण विकास में सहायक है। केले में आयरन, पोटैशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, विटमिन-ए और विटमिन-सी पाया जाता है। ये सभी तत्व बालों को सुंदर और स्वस्थ बनाने का काम करते हैं। एवकाडों तो विटमिन्स और मिनरल्स का खजाना है। इसमें विटमिन ए,सी,ई और के पाए जाते हैं। इनके साथ ही कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीज और मैग्नीशियम जैसे तत्व भी पाए जाते हैं। ये आपके बालों को पोषण देने और उन्हें डैमेज से बचाने के लिए जरूरी हैं। ऑलिव ऑइल में विटमिन्स और फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। ये आपको बालों को पोषण देने के साथ ही उनकी सुंदरता बढ़ाने में भी मदद करता है। यदि किसी के बाद दोमुहे हों तो उन्हें बालों में ऑलिव ऑइल यानी जैतून का तेल लगाने से खासा लाभ मिलता है।

जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G

नई दिल्ली  Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G वर्जन को चीन में एक महीने पहले मार्केट में उतार दिया था। उसके बाद ग्लोबल मार्केट को इसका बेसब्री से इंतजार था। अब लगता है जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा। दरअसल, Xiaomi की ग्लोबल वेबसाइट पर इसको लिस्ट कर दिया है, जिससे यह पता चलता है कि यह जल्द लॉन्च होने वाला है। लॉन्च की तैयारी हुई पूरी POCO Pad टैबलेट का 5G वेरिएंट भी भारत में लॉन्च होने वाला है। Xiaomi ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। आपको बता दें कि POCO Pad और Redmi Pad 5G दोनों ही Xiaomi के ही ब्रांड हैं। Redmi Pad Pro 5G की खासियत Redmi Pad Pro 5G में डुअल सिम है। यह दोनों ही सिम 5G को सपोर्ट कर सकती हैं। इसकी स्क्रीन की लंबाई 12.1 इंच है। इसमें 2.5 LCD स्क्रीन है, जिसका रेजोल्यूशन 2560 × 1600 पिक्सल, 120Hz रिफ्रेश रेट और 180Hz टच सैंपलिंग रेट है। इसकी ब्राइटनेस 600 निट्स तक पहुंच सकेगी। यह डॉल्बी विजन को सपोर्ट करता है। इसकी स्क्रीन में गोरिल्ला ग्लास 3 का प्रोटेक्शन है। इसमें 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड वाला ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 7s जेन 2 प्रोसेसर है। इसको एड्रेनो 710 GPU का सपोर्ट मिलता है। इसमें आपको 6GB या 8GB LPDDR4X RAM और 128GB या 256GB UFS 2.2 स्टोरेज का विकल्प भी मिलता है। इसको 1.5TB तक बढ़ा भी सकते हैं। इसमें Android 14-आधारित HyperOS का ऑपरेटिंग सिस्टम है। कैमरा फीचर्स कैमरा फीचर्स की बात करें, तो 8MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर, इंफ्रारेड सेंसर मौजूद हैं।

Google Pixel 9 श्रृंखला के लॉन्च डेट की पुष्टि हुई

Google Optimus 9 सीरीज लॉन्च के लिए तैयार है। यह गूगल का अगली पीढ़ी का स्मार्टफोन है, जिसे ऐपल की फिल्मी स्मार्टफोन सीरीज iPhone 16 से पहले लॉन्च किया जाएगा। फोन को 13 अगस्त को लॉन्च किया जा सकता है। फोन का टीजर जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार फोन में कई नए फीचर्स दिए जाएंगे। मिलेंगे कमाल के फीचर्स रिपोर्ट की जानकारी, तो Google AI फीचर आपकी सर्च को आसान बना देगा। गूगल के आगामी फीचर में सर्च ऑप्शन दिया जाएगा। इसका मतलब है कि सीधे पृष्ठ की मदद से सर्च कर पाएंगे। इसके अलावा ग्रुप फोटो के लिए Add Me सुविधा दी गई है, जो ग्रुप के सभी लोगों को कई टेक को एक साथ मर्ज करने की सुविधा देगी। Google की ओर से स्टूडियो सुविधा दी जाएगी। यह फीचर ट्रेंडी इमेज क्रिएटर की तरह होगा। स्टिकर सहित कई तरह से फोटो को संपादित करने की सुविधा दी जाएगी। गूगल प्ले स्टोर पर इमेज प्ले स्टोर पर इमेज प्ले स्टोर जैसा फीचर दिया जाएगा। यह सभी फ़ायदेमंद गूगल ट्यून टूल जैसे सर्कल टू सर्च और जेमिनी से जुड़े होंगे। हालाँकि Google की ओर से इस बारे में कोई भी पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी नहीं किया गया है। क्षमफ फीचर्स वैसे, तो Google की अपकमिंग स्मार्टफोन सीरीज Google Pixel 9 के स्पेसिफिकेशन्स का ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन लीक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल आउटलुक 9 सीरीज में 6.24 इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है। फोन की डिस्प्ले सैमसंग की एमोलेड डिस्प्लेटाइप के साथ आएगी। फोन में गूगल का इन-हाउस चिपसेट टेंसर G4 दिया जा सकता है। फोन एंड्रॉइड 15 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा। गूगल अपडेट 9 प्रो सीरीज में 6.34 इंच का एमोलेड डिस्प्ले दिया जा सकता है। दोनों फोन में इन-हाउस Tensor G4 प्रोसेसर दिया जाएगा।

फैटी लिवर का आयुर्वेदिक इलाज: एक अच्छा विकल्प

लिवर हमारे शरीर में उपस्थित विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने का काम करता है जिससे हम कई बीमारियों से बच जाते हैं। ये है. हॉर्मोन्स को रेगुलेट करने में भी अहम रोल अदा करता है। अगर इस अंग को जरा सा भी नुकसान हुआ तो जान का खतरा भी हो सकता है। आजकल लिवर की समस्या काफी बढ़ गई है जिससे इस अंग के कार्य पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन आप एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी का सेवन करेंगे तो आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। अश्वगंधा से लिवर को लाभ हम बात कर रहे हैं अश्वगंधा की जो एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है, यह जड़ी बूटी हमारे लिवर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ लिवर की परेशानी दूर होगी बल्कि इस अंग से जुड़ी दूसरी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। अश्वगंध का सेवन क्यों जरूरी है? 1. मोटापे से ग्रस्त लिवर में राहत जो लोग काफी ज़्यादा शराब पीते हैं, उनका लिवर धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगता है और उन्हें मोटापे से ग्रस्त लिवर जैसी परेशानियाँ पेश आ सकती हैं। यदि आप भी ऐसी स्थिति से परेशान हैं तो नियमित रूप से अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करें। इससे हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड प्रेशर पर भी लगाम जेल लगता है। 2. लिवर डैमेज से बचाव लिवर डैमेज होने से जान का खतरा पैदा हो जाता है। इससे बचने के लिए आप अश्वगंधा का सेवन अवश्य करें, इससे न सिर्फ ये अंग नुकसान होने से बचेंगे, बल्कि लिवर का कार्य भी सही ढंग से होगा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है 3. टॉक्सिन से सुरक्षा मौजूदा दौर की बारीक खाद्य आदतों के लिवर में अक्सर टॉक्सिन जमा होने के कारण जो लिवर के फंक्शन पर बुरा असर डालते हैं। यदि आप नियमित तौर पर अश्वगंध का सेवन करते हैं तो इससे हानिकारक विषाक्त पदार्थों का प्रभाव कम हो जाता है।

आईफोन 15 प्रो को डिस्काउंट पर खरीदें: ऑनलाइन ऑर्डर फ्लिपकार्ट

iPhone खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सबसे सही समय है क्योंकि इसकी सेल की शुरुआत हो चुकी है। सेल में आपको ये फोन 65 हजार रुपए तक सस्ता मिल सकता है। अगर आप भी इसे खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सबसे अच्छा समय साबित हो सकता है। तो चलिए इस फोन पर चल रहे डिस्काउंट ऑफर्स के बारे में आपको बताते हैं- iPhone 15 Pro की MRP 1,44,900 रुपए है और आप इसे 10% की छूट के बाद 1,29,900 रुपए में खरीद सकते हैं। साथ ही कई बैंक ऑफर्स भी मिल रहे हैं। फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर अलग से डिस्काउंट मिल सकता है। इसके अलावा आपको सबसे भारी छूट एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला है। iPhone 15 Pro में आपको पुराना फोन वापस करने पर अलग से छूट मिल सकती है। पुराने फोन देने पर 50 हजार रुपए की छूट मिल सकती है। अगर ये डिस्काउंट आपको मिल जाता है तो फोन 65 हजार रुपए सस्ता मिल सकता है। ऐसे में आपके लिए ये डील काफी दिलचस्प साबित हो सकती है। आप भी इसे आज ही ऑर्डर कर सकते हैं। खासकर ऐसे ऐप्स जो बेहतरीन कैमरे वाले स्मार्टफोन सर्च कर रहे हैं। उनके लिए यह फोन काफी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। आप भी इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है और डिजाइन पर भी कंपनी ने काफी काम किया है।

अमला: विटामिन सी से भरपूर फल के 10 अद्भुत फायदे

आंवला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। विटामिन सी का समृद्ध स्रोत होने के अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। इसके सेवन से शरीर में संक्रमण और कई तरह की बीमारियों से बचाव रहता है। स्वाद में खट्टा आंवला एक ऐसा फल है, जो खाने से सेहत तो ठीक रहता ही है, बाल और त्वचा संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। ‘कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक’ के संचालक कपिल त्यागी के अनुसार, इसे भारतीय करौंदा भी कहा जाता है। इसके औषधीय गुणों को आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल करते हुए कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जा रहा है। नियमित रूप से सेवन करने से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने से लेकर हर तरह के रोगों से बचने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, दिल को स्वस्थ रखने, बीपी और ब्लड शुगर मैनेज करने आदि में फायदे मिलते हैं। इम्यूनिटी बूस्ट करे आंवला विटामिन सी का पावर हाउस है। यही बात यह एक बेहतर इम्यूनिटी बूस्टर है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालते हैं, जिससे शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। क्रोनिक डिजीज का जोखिम कम करे शोध में यह बात सामने आई है कि आंवले के नियमित सेवन से न केवल इम्यूनिटी बूस्ट होती है, बल्कि यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी क्रोनिक डिजीज के खतरे को भी कम करता है। कोलेस्ट्रॉल कम करे यह एलडीएल स्तर और ट्राइग्लिसराइड्स को कम कर सकता है। इतना ही नहीं एचडीएल प्रोफाइल को बढ़ाने के अलावा यह लिपिड प्रोफाइल को बनाए रखने में भी सक्षम है। आप रोजाना आंवला खाने से एथेरोस्क्लेरोसिस से बच सकते हैं। कब्ज़ से राहत दिलाए आंवला एक डाइजेस्टिव टॉनिक है। नियमित रूप से इसके सेवन से गैस की समस्या दूर होती है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और सूजन से राहत के लिए मल त्याग को आसान बनाता है। बालों को बढ़ने दे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण इसका उपयोग त्वचा और बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी होता है। यह आपके आहार में शामिल करने से न केवल बालों को पूरा करता है, बल्कि ये समय से पहले सफेद होने से भी बच जाते हैं। आंवले का पानी पीने के कई फायदे हैं डायबिटीज में सहायक डायबिटीज के लिए आंवले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। उत्साहित, इसमें क्रोमियम की उपस्थिति ब्लड शुगर में हो रही प्रतिक्रिया-दर-नियंत्रण करती है। इतना ही नहीं आंवला में मौजूदा पॉलीफेनॉल्स संगीत को मैनेज करना आसान बना देते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर: पहले लक्षण और बचाव के उपाय

भारत में युवा पुरुषों में उच्च रक्तचाप एक व्यापक लेकिन अक्सर होने वाली समस्या है जिस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह एक साइलेंट बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। यह स्टोर उच्च रक्तचाप के प्रारंभिक पता लगाने और नियंत्रण के महत्व पर बल देता है ताकि युवा पुरुषों के लिए इष्टतम भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ हृदय, नसों, गुर्दे और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टर इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि तब तक कोई खास लक्षण सामने नहीं आते, जब तक कि शरीर को काफी नुकसान नहीं पहुंच जाता। आजकल तनाव और व्यस्त जीवनशैली को देखते हुए, युवा पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है। आंकड़ों की कहानी रूबी हॉल क्लिनिक (पुणे) में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील साठे ने बताया कि भारत में उच्च रक्तचाप खासकर युवा पुरुषों के लिए एक बढ़ती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। 2019-2021 के एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण अध्ययन में 1.7 मिलियन (17 मिलियन) लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि 28.1% लोगों को उच्च रक्तचाप था, जिनमें से केवल 36.9% को ही इसका पता चला। जिन लोगों को इसका पता चला उनमें से 44.7% ने दवा ली (उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों का 17.7%) और इलाज कराने वालों में से केवल 52.5% (कुल उच्च रक्तचाप वालों का 8.5%) ही अपने रक्तचाप नियंत्रण में रखा वल. एक हालिया अध्ययन के अनुसार, 35% भारतीयों का रक्तचाप उच्च है। प्रारंभिक पता लगाने का महत्व उच्च रक्तचाप का प्रारंभिक पता लगाना बहुत जरूरी है। भले ही लक्षण न हों, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से रक्तचाप के उच्च स्तर का शीघ्र पता लगाया जा सकता है। खासकर युवा पुरुषों को अपने रक्तचाप की निगरानी के प्रति सतर्क रहना चाहिए। प्रारंभिक उपचार उच्च रक्तचाप को बढ़ने से रोक सकता है और दिल की बीमारी, स्ट्रोक और गुर्दे खराब होने जैसी समस्याओं के खतरे को कम कर सकता है। अगर उच्च रक्तचाप को नजरअंदाज किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप के कारण न तो सख्त और न ही मोटा हो सकता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस नामक स्थिति पैदा हो सकती है। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे क्रोनिक किडनी रोग हो सकता है और आंखों को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे संभावित रूप से दृष्टि समस्या या अंधापन हो सकता है। इसके अलावा, अनुपचारित उच्च रक्तचाप समय के साथ मस्तिष्क क्षीणता (ब्रेन एट्रोफी) और मनोभ्रंश (डिमेटिया) में भी योगदान कर सकता है।

एंड्रॉयड फोन में Noise Cancellation

स्मार्टफोन के नीचे मौजूद छोटा सा छेद, जिसे अक्सर लोग माइक्रोफोन समझ लेते हैं, प्रेरित “माइक्रोफोन ग्रिल” होता है। यह छेद “नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन” को ढकता है, जो कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यह मुख्य माइक्रोफोन (जो आमतौर पर फोन के सामने या ऊपर होता है) के साथ मिलकर काम करता है। जब आप कॉल करते हैं, तो न्यूज़ीलैंड चैनलाइज़ेशन माइक्रोफोन को आस-पास के शोर को खोलता है, और फिर मुख्य माइक्रोफोन द्वारा लिए गए भाषण से इसे अलग करने के लिए विशेष सुविधाओं का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक आपको स्पष्ट और शोर-मुक्त कॉल करने में मदद करती है, खासकर व्यस्त या शोरगुल वाली जगह पर। यदि आप नॉरिज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन ग्रिल को हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। आसपास के शोर कॉल में अधिक स्पष्ट रूप से उत्तर दिया जाएगा, जिससे बातचीत करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में, नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को फोन से हटाने के अन्य कार्य, जैसे कि वॉयस असिस्टेंट का उपयोग करने में भी समस्या हो सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैशनमोबाइल नहीं होता है। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके फोन में यह है या नहीं, तो आप अपने फोन के मैनुअल या निर्माता की वेबसाइट की जांच कर सकते हैं। संक्षेप में: स्मार्टफोन के नीचे का छोटा सा छेद नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को ढलता है। यह माइक्रोफोन कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यदि आप इसे हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैंसिलेशनफ़ोन नहीं होता है.

किडनी दान के बाद एक किडनी दाता को अपनाने के लिए 8 महत्वपूर्ण सुझाव

ऑर्गनाइजेशनट्रांसप्लांट बीसवीं सदी का एक चमत्कार है। भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है, जहां हर साल लगभग 12,000 किडनी ट्रांसप्लांट होते हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रांसप्लांट जीवित रहते हैं जो प्यार और स्नेह के कारण किसी अपने को किडनी दान करते हैं। गुर्गा दान करने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है। ताकि यह पता चल सके कि संगठन ट्रांसप्लांट करना सुरक्षित है और इसके बाद कोई जोखिम नहीं है। नॉर्वे में किए गए व्यंजनों से यह पता चला है कि ‘जिन व्यक्तियों ने किडनी दान की है, वे उन व्यक्तियों की तुलना में लंबे और स्वस्थ जीवन जीते हैं जिन्हें किडनी दान के लिए सही नहीं माना गया था।’ इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ दान करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है; बल्कि इसका मतलब यह है कि संभावित संगठन डोनर को दान के लिए फिट घोषित करने से पहले बहुत कठिन परीक्षण से गुजरना पड़ता है। किडनी डोनट के बाद दी जाती है सलाह गोवा स्थित मणिपाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. अमोल महलदार ने कहा कि इस तरह की सर्जरी के बाद, भविष्य में होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए कुछ सलाह दी जाती है। सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह होगी कि किडनी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और इसका मतलब है कि किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित 8 काम करें। पानी और नमक पर ध्यान रखें पहला खूब पानी पिएं। 2 से 2.5 लीटर पानी पीने से किडनी पर प्रेशर कम होता है। दूसरा नमक और ताला हुआ/फास्ट फूड कम करें। नमक उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है, जबकि वसा हुआ है और फास्ट फूड उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है, दोनों ही गुर्दे और हृदय स्वास्थ्य को खराब करते हैं। वजन और कसरत तीसरा वजन नियंत्रित रखें। अंग दान के बाद वजन बढ़ना, दिल की बीमारी और हाई बीपी का कारण बन सकता है और स्वास्थ्य को खराब कर सकता है। चमड़े के आवरण करें। रोजाना कम से कम 45 मिनट तक सक्रिय रूप से रहने से दिल के रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है, साथ ही मेंटल स्वास्थ्य सुधरती है। शराब, धूम्रपान और पेनकिलर दवा से बचें पांचवा, धूम्रपान और शराब से बचें। सिगरेट और शराब, कैंसर, हृदय रोग और अधिकतर बीमारियों के कारण बनते हैं और इनसे बचना सबसे अच्छा है।’ छठा, पेन किलर से बचें। पेन किलर दवाएं गुर्दे को प्रभावित कर सकती हैं और गुर्दे फेलियर के साथ-साथ पेट में अल्सर भी पैदा कर सकती हैं। हाई बीपी, जीपीएस और रेगुलर टेस्ट हाई बीपी और जीपीएस को नियंत्रित करने का सातवां काम। अब मधुमेह और उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को संगठन दान करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन बीमारियों से बचने के लिए सख्त आहार और जीवनशैली पर रखा जाता है। आठवां हर छह महीने में ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट के साथ किडनी फंक्शन की नियमित जांच कराने की सलाह दी जाती है।

Jio, Airtel, Vi के रिचार्ज प्लान में महंगाई, BSNL दे रहा सबसे सस्ते प्लान्स

जियो, एयरटेल और VI ने रिचार्ज प्लान की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है। लेकिन बीएसएनएल की तरफ से अभी भी सबसे सस्ता प्लान ऑफर किया जा रहा है। कंपनी की तरफ से अभी भी 107, 147 रुपए वाला प्लान दिया जा रहा है और आप इसमें कई शानदार लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ अलग करने की ज़रूरत नहीं होती। बीएसएनएल की तरफ से 107 रुपए वाला प्लान ऑफर किया जा रहा है और ये 35 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इसमें 3 जीबी तक डाटा और 200 फ्रीवॉइड कॉलिंग मुफ्त मिनट ऑफर किए जा रहे हैं। जबकि एयरटेल और जियो के प्लान महंगे होने के बाद भी किसी भी प्लान में ये लाभ मिलने वाले नहीं हैं। बीएसएनएल की तरफ से 147 रुपए वाला भी एक प्लान दिया जा रहा है। यह प्लान भी 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इसमें 10 जीबी तक डेटा और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग ऑफर की जाती है। कितने महंगे प्लान ? अब बात करें कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन ने प्लान की कीमत में कितना इजाफा किया है? तो आपको पहले ही बता दें कि अधिकतम 600 रुपए तक का प्लान महंगा कर दिया गया है। जियो, एयरटेल के प्लान 3 जुलाई से महंगे हो गए थे, लेकिन वोडाफोन के प्लान की कीमत 4 जुलाई से बढ़ गई है। ऐसे में सभी लोगों को योजना के मामले में झटका लगा है। यही वजह है कि बीएसएनएल टीवी की पहली पसंद बनी है।

iOS 18: नई लॉक स्क्रीन और कॉन्टैक्ट पोस्टर्स सहित अतिरिक्त फीचर्स

Navratri festival in Nalkheda: New arrangements for the convenience of devotees!

ऐपल इन दिनों भारतीय स्मार्टफोन मार्केट पर काफी जोर दे रही है। यही वजह है कि ऐपल अपने यूजर्स के लिए खास तरह के फीचर्स ला रहा है, जिसे खासतौर पर भारतीयों के लिए डिजाइन किया गया है। ऐपल की ओर से जल्द iOS 18 अपडेट रोलआउट दिया जाएगा। इस अपडेट के साथ iPhone यूजर्स को नए फीचर्स मिलने वाले है, जिससे फोन चलना काफी सुविधाजनक हो जाता है। इसमें कस्टमाइज ऑप्शन जैसे फोटो ऐप री-डिजाइन, ईमेल इन-बॉक्स ऐप मैसेज मिलेंगे।  कस्टमाइज लॉक स्क्रीन का मिलेगा ऑप्शन अगर भारतीय यूजर्स की बात करें, तो iOS 18 में कई अतिरिक्त फीचर्स दिए जाएंगे। इसमें नए इंडियन फॉन्ट दिए जाएंगे। साथ ही लैंग्वेज और मल्टीलिंगुअल कीबोर्ड इनपुट, इनहैंस लैंग्वेज सर्च, मल्टीलिंगुअल सिरी सपोर्ट जैसे अपडेट शामिल हैं। इसके अलावा कस्टमाइज लॉक स्क्रीन, कॉन्टैक्ट पोस्ट फीचर्स दिए जाएंगे। यूजर अपनी लॉक स्क्रीन को 12 इंडियन लैंग्वेज में कस्टमाइज कर पाएंगे। इसमें अरैबिक, अरैबिक इंडिक, बांग्ला, देवनागरी, गुजराती, गौमुखी, कन्नड़, मलयालम, मैतेई, ओडिया, तेलुगु, Ol Chiki शामिल हैं। इसके अलावा फॉन्ट के कलर को बदला जा सकेगा। मिलेंगे ये अतिरिक फीचर्स  iOS 18 में यूजर्स को लाइव वॉइसमेल ट्रांसक्रिप्शन फीचर दिया जाएगा, जो इसके अलावा स्मार्ट कॉल हिस्ट्री सर्च और नया फोन कीपैड और डायलिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। साथ ही ड्यूल सिम में ज्यादा कंट्रोल मिलेंगे। तमलब एक सिम से दूसरे सिम में आसानी से स्विच किया जा सकेगा।iPhone 12 और उसके बाद के वर्जन में तीन भाषाओं का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही आवाज से टाइप करने का ऑप्शन मिलेगा। कीबोर्ड लेआउट iPhone कीबोर्ड में अब 11 भारतीय लैंग्वेज का सपोर्ट मिलेगा। यूजर्स सीधे भारतीय भाषाओं में टाइप कर पाएंगे। इसमें बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल है। नए अपडेट के साथ लोकल लैंग्वेज में कुछ भी सर्च करना आसान हो जाएगा। यूजर्स के लिए भाषा की गलतियों को सुधारना आसान हो जाएगा। सिरी को 9 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलेगा। सिरी को अलार्म और टाइमर सेट करने, ऐप लॉन्च करने का कमांड दिया जा सकेगा। संगीत चलाने या लोकल भाषा के साथ अंग्रेजी का उपयोग करके मौसम की जांच करने का सपोर्ट मिलेगा

फटी एड़ियां: इस गंभीर बीमारी का संकेत, नजरअंदाज करने से बढ़ सकता है खतरा!

फटी एड़ियां हैं शरीर का इशारा एक रिपोर्ट के अनुसार आपके पैर आपके स्वास्थ्य के बारे में कई राज सोते हैं। जैसे अगर आपके पैरों में लाल-ब्राउन डॉट्स हों तो ये रक्त संचार संबंधी समस्या का ऐसारा है जिसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये डॉट्स लीवर की समस्या का संकेत देते हैं। पैरों में दरारें या विशेष तरह के एलर्जी लीवर से जुड़ी समस्या के संकेत दे सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से जानने के लिए लीवर से संबंधित सभी परीक्षण करना जरूरी है। पैरों में मौसम परिवर्तन या पैरों में गंदगी जमा होने के कारण हो सकते हैं। लीवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसका काम डिटॉक्सिफिकेशन, मेटाबॉलिज्म और सर्कुलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। जब लीवर सही से फंक्शन नहीं कर पाता है तो शरीर कई तरह के संकेत देता है, जैसे त्वचा का फटना, त्वचा का सूखना और भी कई त्वचा संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. अगर आपके पैरों में तेज खुजली होती है तो इसका मतलब है कि आपके लीवर में कोई परेशानी है जिसके कारण से शरीर में एसिड जमा हो रहा है। इसके साथ ही अगर शरीर में सूजन हो और शरीर में पट्टिका जमा हो रहा हो तो इसे एडिमा कहा जाता है। इसमें टखनों में सूजन आ जाती है और रक्त परिसंचरण में सुधार होता है अगर पैरों की त्वचा पीली पड़ रही है तो यह पीलिया का संकेत हो सकता है। वैसे तो आमतौर पर पीलिया के संकेत आंखों में दिखाई देते हैं, लेकिन इस स्थिति में पैरों में भी दिखाई दे सकते हैं। Disclaimer: प्रिय पाठकों, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया। यह खबर केवल आपको लॉगिन करने के मकसद से लिखी गई है। हमने इन लिखित में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. यदि आप कहीं भी कुछ भी पढ़ना चाहते हैं तो उससे पहले एक्सपोर्ट्स की सलाह अवश्य लें। यहां दी गई जानकारी सामान्य परिवर्तनों और जानकारियों पर आधारित है। 

LG ने लॉन्च किए पांच नए साउंडबार: कीमतें और ऑफ़र्स जानें

एलजी की तरफ से साउंडबार की नई रेंज पेश की गई है, जो एलजी टीवी के साथ इंटीग्रेटेड हो जाती हैं। इस टीवी को एलजी टीवी के साथ चलाने पर सिनेमाहाल जैसा साउंड एक्सपीरियंस मिलता है। उत्साहित एलजी ने OLED और QLED टीवी के लिए साउंडबार को डिजाइन किया है। एलजी की ओर से 5 साउंडबार को लॉन्च किया गया है। इस नई 2024 साउंडबार सीरीज में LG SQ75TR, LG SG10Y, LG SQ70TY, LG S77TY और LG S65TR को शामिल किया गया है। साउंडबार शानदार साउंड क्वालिटी, बेहतरीन फीचर्स के लिए जाना जाता है। साउंडबार में मिलेगी शानदार साउंड क्वालिटी नए साउंडबार को WOW सिनर्जी के साथ पेश किया गया है। इसमें ऑर्केस्ट्रा, इंटरफेस, कलाकार जैसे फीचर्स दिए गए हैं। एलजी के नए साउंडबार डॉल्बी एटमॉस सपोर्ट के साथ आते हैं। नए साउंडबार मॉडल्स में WOW जुड़ा हुआ है। एलजी के साउंडबार में ट्रिपल प्लैटिनम स्पैटियल साउंड टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके अलावा, एलजी ने इसमें रूम कैलिब्रेशन की सुविधा भी दी है। वर्ष 2024 के लिए नया स्टाइलिश रूम कैलिब्रेशन, नवीनतम सराउंड स्पीकर्स सपोर्ट दिया गया है। शानदार वायरलेस कनेक्टिविटी एलजी SG10TY साउंडबार को एलजी टीवी के साथ वायरलेस कनेक्टिविटी की सुविधा मिलती है। साउंडबार डॉल्बी एटमॉस ऑडियो सपोर्ट के साथ आता है। एलजी S70TY साउंडबार मॉडल में कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ एलजी QNED टीवी दिया गया है। इस मॉडल में इंडस्ट्री लीडिंग सेंटर अप-फायरिंग स्पीकर है, जो शार्पवॉइंड क्लैरिटी से युक्त है। LG S65TR और LG SQ75TR मॉडल 600 वाट आउटपुट के साथ आता है। LG S65TR 5.1 चैनल मॉडल के साथ आता है। LG SQ75TR 5.1.1 चैनल कॉम्पैक्ट, QNED मिलान ब्रेकेट और सेंटर अप-फायरिंग स्पीकर के साथ आता है। कीमत और उपलब्धता एलजी साउंडबार की शुरुआती कीमत 29990 रुपये है। साउंडबार की अलग-अलग मॉडल की खूबियां अलग-अलग हो सकती हैं। साउंडबार को कंपनी की उपहार वेबसाइट से खरीदा जा सकता है।

भारत में 3 बेहतरीन प्रोटीन पाउडर और 3 सबसे खराब प्रोटीन पाउडर

शरीर के विकास और उसे मजबूती देने के लिए प्रोटीन (Protein) की सख्त जरूरत होती है। प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा, बालों और अंगों को बनाने और मरम्मत करने के लिए जरूरी है। इसके अलावा प्रोटीन शरीर में एंजाइम, हार्मोन और अन्य जरूरी तत्वों को बनाने में भी मदद करते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना, हड्डियों को ऑस्टियोपोरोसिस से बचाना, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना, बीपी नियंत्रण रखना और दिमागी कसरत को बढ़ाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। शरीर में प्रोटीन नहीं बनता इसलिए इसे भोजन से प्राप्त करना होता है। अक्सर देखा गया है कि लोग प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों के अलावा प्रोटीन पाउडर लेना भी पसंद करते हैं, खासकर जिम जाने वाले लोग। बाजार में विभिन्न तरह के ब्रांड मौजूद हैं, जो खुद के प्रोटीन पाउडर के बारे में सर्वश्रेष्ठ होने का दावा करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रोटीन पाउडर कौन सा है? इस सवाल का जवाब यहाँ है। भारत में प्रोटीन पाउडर की समस्या दुनियाभर में फेमस लीवर के डॉक्टर साइरियक एबी फिलिप्स (एबी फिलिप्स) और उनकी टीम ने भारत में फेमस 36 प्रोटीन पाउडर की जांच की (रेफरी)। इनमें से 25 (लगभग 70%) उत्पादों में बहुत ही कम प्रोटीन पाया गया। कुछ में तो प्रोटीन की मात्रा पहले ही मात्रा थी। इतना ही नहीं, कम से कम 14% प्रोटीन पाउडर में फंगस से पैदा हुए हानिकारक विषाक्त पदार्थ (एफ्लाटॉक्सिन) मिला। 8% उत्पादों में भी गिरावट दर्ज की गई। कुछ वनस्पति पर आधारित प्रोटीन पाउडर में घुलनशील तत्व निकले। भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड शोध पेस्ट ने भारत में प्रोटीन पाउडर को सख्त नियमों के दायरे में लाने की मांग की है। FSSAI ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। विश्वास के अनुसार, भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड में शामिल हैं- वन साइंस न्यूट्रिशन: इसे भारत में सबसे अच्छा प्रोटीन पाउडर माना गया। One Science Nutrition: इसे भारत में सबसे अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Nutrabox: इसे किफायती दाम में अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Origin’s: शोधकर्ताओं के अनुसार यह सबसे अच्छा वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर है। भारत में प्रोटीन के सबसे खराब ब्रांड BigMuscles: डॉक्टर फिलिप्स ने इसे सबसे खराब ब्रांड बताया। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह FSSAI-प्रमाणित है। एमवे: शोध में इसके न्यूट्रीलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन को सबसे खराब वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर बताया गया, जिसमें फंगस से पैदा हुए विषाक्त पदार्थ मिले। हालांकि कंपनी इनकार करती है। प्रोटीनेक्स, बी-प्रोटीन, और सुनिश्चित करें: शोध में इनके ‘सबसे खराब विज्ञापन वाला अच्छा उत्पाद’ बताया गया।   प्रोटीन क्यों जरूरी है?   प्रोटीन मसल्स बिल्डिंग के लिए: प्रोटीन मसल्स गेन करने और मरम्मत के लिए जरूरी है। अभ्यास करने वाले लोगों को और फिटनेस को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। स्वस्थ वजन बनाए रखना: प्रोटीन आपका पेट भरता है जिससे आप कम खा सकते हैं और स्वस्थ वजन बनाए रख सकते हैं। मजबूत हड्डियां: प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। स्वस्थ त्वचा, बाल और नाखून: प्रोटीन त्वचा, बाल और नाखूनों के निर्माण खंड होते हैं। वे त्वचा को कोमल और लचीला बनाने, बालों को मजबूत और चमकदार बनाने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए: प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए: प्रोटीन रक्तचाप को कम करने और हृदय रोग के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। प्रोटीन के अच्छे स्रोत (प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत) मांस, मछली और अंडे: ये प्रोटीन के सम्पूर्ण स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। दूध और डेरी उत्पाद: ये भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं, साथ ही कैल्शियम और विटामिन डी भी प्रदान करते हैं। दालें, हंसा और तोफू: ये शाकाहारियों और मांसाहारियों दोनों के लिए प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। नट्स और बीज: ये प्रोटीन, स्वस्थ वसा और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? प्रोटीन की दैनिक जरूरत प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के 0.8 ग्राम है। इसका मतलब है कि 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को प्रतिदिन 48 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।

अपने फ़ोन को सही तरीके से चार्जिंग करने का तरीका

आज के समय में प्रोसेसर और ऐप्स की बदौलत स्मार्टफोन की पावर पर बहुत असर होता है। तो ऐसे में स्मार्टफोन के अंदर बैटरी सबसे अहम है। आपको अपने स्मार्टफोन की बैटरी का हमेशा ख्याल रखना चाहिए। वैसे तो स्मार्टफोन की बैटरी का ख्याल कैसे रखें इसको लेकर बहुत सारे मिथक हैं। अगर आप स्मार्टफोन में अधिक ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यहां देखिए कि कौन-सी ऐप्स आपके फोन की बैटरी जल्दी खत्म करती हैं। स्मार्टफोन को रात भर चार्जिंग पर रखना चाहिए या नहीं: आज के समय में स्मार्टफोन में आने वाली स्मार्ट टेक्निक स्मार्टफोन की बैटरी फुल होने के बाद चार्ज होने से रोक देती है। अगर बैटरी प्लग इन होने पर भी फोन की बैटरी कम होने लगती है तो फोन फिर से चार्ज होना शुरू हो जाता है। ऐसे में आप चाहें अपने स्मार्टफोन को रात भर चार्जिंग पर रखें तो उनकी बैटरी सिर्फ तब भी चार्ज होती है जब जरूरत होती है। लो पावर मोड फोन के लिए सही या गलत: वैसे तो अपने स्मार्टफोन को लो पावर मोड पर रखने से सॉफ्टवेयर को कोई नुकसान नहीं होता है। मगर इससे यूजर एक्सपीरियंस खराब हो सकता है। जब भी फोन को लो पावर मोड में बदला जाता है तो उससे काफी गैरजरूरी चीजें काम नहीं करती हैं। इस दौरान लो स्क्रीन लाइट स्क्रीन को देखने में मुश्किल पैदा कर सकती है। क्या फोन पब्लिक चार्जिंग पोर्ट में सुरक्षित है: अगर आप अपने फोन को पब्लिक चार्जिंग पोर्ट से चार्ज करते हैं तो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उस स्पेसिफिक सॉकेट के अलावा जिस चार्जर को फोन में प्लग किया जा रहा है तो उससे डाटा ट्रांसफर होने का खतरा रहता है। क्या नए फोन को इस्तेमाल करने से पहले फुल चार्ज करना जरूरी है: जब आप कोई नया फोन लाते हैं तो उसमें पहले से ही कुछ पावर रहती है तो उसे अगर चार्ज नहीं भी करेंगे तो आपका काम चल जाएगा। लेकिन आपको नए फोन को फुल चार्ज करके ही इस्तेमाल करना चाहिए। फोन को तब तक न चार्ज करें जब तक वह ऑफ न हो जाए: आपको अपने फोन में लिथियम-आयन बैटरी को जीरो तक पहुंचने से पहले ही उसे चार्ज करना चाहिए। इसलिए फोन को कभी भी अंत में जाकर चार्ज नहीं करना चाहिए। ऐप नहीं खर्च करती हैं बैटरी: आपको बता दें कि सिर्फ एक ऐप आपके स्मार्टफोन की काफी बैटरी खर्च कर सकती है। जैसे कि सोशल मीडिया ऐप फेसबुक इसमें सबसे अहम है। वहीं, इसी प्रकार की अन्य ऐप जो कि बैकग्राउंड में चलती रहती हैं तो वह फोन की बैटरी का इस्तेमाल करती रहती हैं। ऐसे में आपको ऐप को हटाकर और अपने फोन पर वेब ब्राउजर के जरिए फेसबुक अपडेट चेक करने चाहिए। फोन को ऑफ करना सही या गलत: अगर आप अपने स्मार्टफोन को रीसेट करते हैं तो उसके बैटरी बचाव में मदद मिल सकती है। अधिकतर लोग ऐप्स का उपयोग कर लेने के बाद उन्हें बंद नहीं करते हैं। इसकी वजह से वह ऐप बैकग्राउंड में काम करती रहती हैं। अगर आपको ऐप्स बंद करने की आदत है तो उन बैटरी खर्च करने वाली ऐप्स के साथ फोन को भी हफ्ते में एक बार बंद करना चाहिए। आपको मीटिंग या कार में फोन को फुल ऑफ कर देना चाहिए। प्लग इन होने पर फोन का इस्तेमाल सही या नहीं: आप अपने फोन को चार्जिंग के वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं, उसमें ऐप ओपन कर सकते हैं और कॉल कर सकते हैं। मगर आपको बता दें कि जब आप अपने फोन को चार्ज कर रहे होते हैं तो पावर आपके सामान्य इस्तेमाल होने वाली बैटरी से अलग होती है। अगर आप फोन को तेजी से चार्ज करना चाहते हैं तो उसे फुल चार्ज करने के लिए बीच में काम नहीं करेंगे तो सही रहेगा।

जवान बने रहें: बढ़ती उम्र से लड़ने के लिए 5 बेहतरीन प्राकृतिक सप्लीमेंट

who have been living for five years, are still waiting for basic facilities despite the Collector's order?

### उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए 5 प्राकृतिक सप्लीमेंट्स उम्र बढ़ना प्राकृतिक है, लेकिन हर एक बढ़ते साल में युवा दिखने की चाहत बढ़ती जाती है। 50 के बाद आपके सफेद बाल, झुर्रियां और लटकती त्वचा इस बात का संकेत हैं कि आप बूढ़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे भीतर जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता कम होती चली जाती है और कुपोषण का खतरा बढ़ता है, जिसका असर सीधे हमारी त्वचा पर दिखता है। न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, हम समय की गति को तो नहीं रोक सकते, लेकिन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए यहां बताए गए सप्लीमेंट्स जरूर ले सकते हैं। इससे उम्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। 1. हल्दी हल्दी का उपयोग लंबे समय से आयुर्वेद चिकित्सा में बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। कुछ स्टडीज बताती हैं कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जो उम्र बढ़ने के लक्षणों में से एक है। 2. कोलेजन कोलेजन प्रोटीन का ही एक रूप है। यह शरीर में सबसे ज्यादा पाया जाता है। हालांकि उम्र के साथ कोलेजन का बनना कम हो जाता है, जिससे त्वचा पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं। ऐसे में कोलेजन पेप्टाइड त्वचा में कसावट लाता है और बालों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। 3. विटामिन सी बढ़ती उम्र के साथ यदि आपके चेहरे से बुढ़ापा झलकने लगा है, तो विटामिन सी सप्लीमेंट लेना शुरू कर दें। स्टडीज बताती हैं कि जब शरीर में विटामिन सी अच्छी मात्रा में होता है, तो उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में कसावट आती है और चेहरे पर आने वाली सूजन से भी छुटकारा मिलता है। 4. थेनाइन थेनाइन एक मूड बूस्टर है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। ये दोनों ही लक्षण आपको समय से पहले बूढ़ा बनाते हैं। इसके अलावा यह दिल को भी स्वस्थ रखता है। 5. रेस्वेराट्रोल रेस्वेराट्रोल एक पॉलीफेनॉल है। स्टडी के अनुसार, यह लोंगेविटी जीन्स को एक्टिवेट करके आपको बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों से बचाता है। इससे 50 के बाद भी आपके चेहरे पर पहले जैसी रौनक बनी रहेगी। इस तरह के प्राकृतिक सप्लीमेंट्स का उपयोग करके आप उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और स्वस्थ एवं युवा बने रह सकते हैं।

केमिकल पीलिंग के जरिए चमका सकते हैं चेहरा

अमेरिकन सोसायटी ऑफ प्लास्टिक सर्जन के अनुसार, केमिकल पीलिंग एक लोकप्रिय तरीका है, जिसे सुंदर दिखने के लिए लोग बड़ी संख्या में अपना रहे हैं। साल 2019 में मात्र एक साल के अंदर 1.4 मिलियन लोगों ने इसका लाभ उठाया और दमकता हुआ रूप पाया। क्या है केमिकल पीलिंग? केमिकल पीलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कुछ खास केमिकल्स के उपयोग से आपकी त्वचा की ऊपरी परत को हटा दिया जाता है। इससे त्वचा की अलग-अलग रंगत होना, फाइन लाइन्स और रिंकल्स की समस्या पूरी तरह दूर हो जाती है। यह प्रक्रिया बहुत ही आसान होती है और इसमें किसी तरह का दर्द आपको सहन नहीं करना पड़ता है। ऐसी ही एक प्रक्रिया है डर्मेब्रेशन इसमें एक टूल की मदद से आपकी त्वचा की ऊपर परत को क्लीन किया जाता है। इससे डार्क सर्कल, पुरान निशान और त्वचा की असमान रंगत जैसी समस्याएं दूर होती हैं। मिलता है एकदम क्लियर फेस जिन लोगों को पिंपल और ऐक्ने की समस्या होती है या जिनके चेहरे पर पुराने और गहरे निशान होते हैं, उन लोगों को भी केमिकल पीलिंग का बहुत लाभ होता है। ऐसे लोगों को एकदम क्लीयर स्किन मिलती है। जिससे उनका चेहरा और भी अधिक आकर्षक लगता है। कितना समय लगता है इसमें? अगर आपको लग रहा है कि केमिकल पीलिंग में आपको पूरा दिन या कई सिटिंग्स की जरूरत पड़ेगी तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। बल्कि यह प्रक्रिया 15 से 20 मिनट मे भी पूरी हो सकती है। अगर इसके दौरान त्वचा की अंदरूनी लेयर को टच करने की जरूरत ना हो तो। इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 1 घंटा लगता है। ऐसा नहीं है कि केमिकल पीलिंग सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों के लिए ही है। बल्कि इसे 20 के युवा भी करा सकते हैं। ताकि पिंपल्स के निशान, एक्ने या डार्क सर्कल की समस्या से छुटकारा पाया जा सके। घर पर ना करें यह प्रक्रिया ऑनलाइन प्रॉडक्ट मंगाकर या बाजार से खरीदकर आप केमिकल पीलिंग का उपयोग ना करें। क्योंकि ब्यूटी क्लीनिक्स में यह ट्रीटमेंट आपकी त्वचा की जरूरत और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर किया जाता है। जबकि इस प्रक्रिया को घर पर करने के दौरान आप स्किन एलर्जी या रिऐक्शंस का शिकार हो सकते हैं। अगर कभी घर पर यह प्रक्रिया करनी ही पड़े तो स्किन स्पेशलिस्ट यानी डर्मा एक्सपर्ट से बात करें और अपनी त्वचा से जुड़ी समस्याओं की पूरी मेडिकल हिस्ट्री दें। कई बॉडी पार्ट्स पर करा सकते हैं ऐसा नहीं है कि केमिकल पीलिंग सिर्फ आपके फेस या फेस और नेक पर ही की जा सकती है। बल्कि आप सीने, पीठ और हाथों पर भी करा सकते हैं। केमिकल पीलिंग आमतौर पर सूरज की किरणों से क्षतिग्रस्त हुई त्वचा पर की जाती है। पीलिंग के दौरान उपयोग में लाया जानेवाला केमिकल पूरी तरह स्किन फ्रेंडली होता है। लेकिन सुरक्षा के तहत इसका उपयोग आंखों और होंठो की त्वचा पर नहीं किया जाता है। डीप केमिकल पील से अलग है यह केमिकल पीलिंग डीप केमिकल पील से अलग होती है। डीप केमिकल पील प्रक्रिया में लंबे ट्रीटमेंट की जरूरत होती है और फिर समय-समय पर डर्मा एक्सपर्ट्स से चेकअप भी कराना होता है। जबकि केमिकल पीलिंग कुछ ही देर में पूरी होनेवाली प्रक्रिया होती है और इसके लिए आपको बार-बार ब्यूटी क्लीनिक के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद है गन्ने का जूस पर जान ले पीने का राइट टाइम

गर्मी में ठंडक पाने के लिए ज्यादातर लोग ठंडी कोल्डड्रिंक पीना पसंद करते हैं। लेकिन ये सभी ड्रिंक सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। हालांकि, इस मौसम में नेचुरल ड्रिंक्स पीने की सलाह दी जाती है। गन्ने का रस उनमें से एक है। ये एक नैचुरल ड्रिंक है। इसमें थोड़ा फैट, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा होती है। गन्ने के रस में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसी पोषक पाए जाते हैं। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति इसे गलत समय पर पीता है तो नुकसान हो सकता है। क्या हाइड्रेशन  में मददगार? गर्मियों में गन्ने का रस पीना अच्छा माना जाता है। यह शरीर में गर्मी को कम करता है। इसके अलावा यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत है। इसे पीने से शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को बहाल करने में मदद मिलती है। इसमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिसकी वजह से तुरंत एनर्जी मिलती है। डायबिटीज पेशेंट करें अवॉइड यह डायबिटीज जैसे हाई ग्लूकोज लेवल के लिए सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह आपके ब्लड शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। ऐसे में डायबिटीज पेशेंट को इसे अवॉइड करना चाहिए। किस समय पीएं गन्ने का रस दिन के समय में गन्ने का रस पीना सबसे अच्छा है। इसके अलावा फ्रेश गन्ने का रस ही पीएं। पैकेजिंग से बचें एक दिन में कितने ग्लास पीएं किसी भी चीज को बहुत ज्यादा खाना या पीना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में एक दिन में एक गिलास गन्ने के जूस तक सीमित रहें। इससे ज्यादा जूस नुकसानदायक हो सकता है। 

Vivo Y58 की लॉन्च डेट और फीचर्स: जानें क्यों है यह स्मार्टफोन खास

वीवो का नया स्मार्टफोन Vivo Y58 लॉन्चिंग को तैयार है। फोन को आज यानी 20 जून 2024 को भारत में लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च से पहले फोन की कीमत और फीचर्स लीक हो गए हैं। रिपोर्ट की मानें, तो फोन में 6000mAh बैटरी दी जाएगी। साथ ही एक 6.72 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया जाएगा। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से.. प्रोसेसर अगर प्रोसेसर की बात की जाएं, तो फोन में स्नैपड्रैगन 4 जेन 2 प्रोसेसर सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही फोन 8GB रैम सपोर्ट के साथ आएगा। कुल मिलाकर यह एक पावरफुल स्मार्टफोन होगा। बैटरी लाइफ फोन में आपको 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में 6000mAh की बैटरी दी जाएगी। कीमत हुई लीक Vivo Y58 स्मार्टफोन के 8GB जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 19,499 रुपये हो सकती है। फोन को स्लीक सुंदरबन ग्रीन कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा। स्टोरेज Vivo Y58 स्मार्टफोन में 8 जीबी वर्चुअल रैम सपोर्ट दिया जाएगा। इस तरह फोन कुल 16 जीबी रैम सपोर्ट के साथ आएगा। Vivo Y58 5G डिस्प्ले Vivo Y58 स्मार्टफोन में 6.72 इंच फुल एचडी प्लस डिस्प्ले दिया जा सकता है। यह एक LCD डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन है। फोन 1024 nits पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। संभावित स्पेसिफिकेशन्स Vivo Y58 5G स्मार्टफोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। फोन 50MP प्राइमरी सेंसर के साथ आएगा। इसके अलावा 2MP सेकेंडरी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। सेल्फी के लिए 8MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा। फोन में ड्यूल स्पीकर और अनलॉकिंग के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया जाएगा।

योगासन से किडनी स्टोन निकालने का सबसे तेज़ तरीका: जानें कौन से आसन हैं प्रभावी

उष्ट्रासन यह आसन रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मूत्र प्रवाह में सुधार होता है और पथरी को बाहर निकलने में मदद मिलती है. भुजंगासन यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन में सुधार करता है, जिससे पथरी बनने की संभावना कम होती है. विपरीत करणी यह आसन रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और गुर्दे पर दबाव कम करता है, जिससे पथरी से होने वाले दर्द से राहत मिलती है. पवनमुक्तासन यह आसन पेट की मसाज करता है और गैस को बाहर निकालता है, जिससे पथरी बनने की संभावना कम होती है. धनुरासन यह आसन रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मूत्र प्रवाह में सुधार होता है और पथरी को बाहर निकलने में मदद मिलती है. ध्यान रखें इन योगासनों का अभ्यास करने से पहले किसी योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लें. यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो इन योगासनों का अभ्यास न करें. पथरी से पीड़ित होने पर, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. साथ ही इन योगासनों के नियमित अभ्यास के साथ-साथ, पथरी से बचाव के लिए भरपूर पानी पीना, स्वस्थ आहार लेना और नियमित व्यायाम करना भी महत्वपूर्ण है.

ओट्स और खजूर की कॉफी: वजन घटाने के लिए परफेक्ट ड्रिंक

Construction of Jharkhand's largest and grandest puja pandal in Ranchi.

आजकल सेलिब्रिटीज के ओट्स, डेट्स और दालचीन वाली कॉफी ज्यादा ट्रेंड में है। कृति सेनन की ये फेवरेट कॉफी है। यह कॉफी लो फैट होने के साथ, एक हाई एनर्जी ड्रिंक है और वेट लॉस के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। यह कॉफी बिना दूध और चीनी की बनी होती है। इसलिए इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। वेट लॉस कर रहे लोगों के अलावा यह डायबिटीज के मरीज भी या भी आराम से पी सकते हैं। ओट्स का सेवन वेट लॉस के लिए वैसे भी बहुत अच्छा मानते हैं। इसमें हाई प्रोटीन और फाइबर दोनों पाया जाता है। खजूर में नेचुरल शुगर होती है और यह एनर्जी देता है और इस कॉफी में मौजूद दालचीनी और कॉफी का कॉम्बिनेशन फैट कटर का काम करता है। इस कॉफी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनमें से कुछ की चर्चा यहां है। एनर्जी बूस्टर ओट्स और डेट्स से बनी कॉफी आपको एनर्जी देती है। डेट्स नेचुरल शुगर के साथ एनर्जी का भी हाई सोर्स है। ओट्स में मौजूद प्रोटीन भी आपको एनर्जी बूस्टर का काम करता है। हाई फाइबर ओट्स में फाइबर की मात्रा से भरपूर होता है, जिससे लंबे समय तक आपका पेट भरा हुआ महसूस होता है और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। डेट्स में मौजूद नेचुरल शुगर आपकी क्रेविंग को कंट्रोल करती है। पोषण तत्व ओट्स में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन होते हैं, जो आपको जरूरी पोषण प्रदान करता है। डेट्स में आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। डाइजेस्टिव हेल्थ ओट्स और डेट्स दोनों ही फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इससे कब्ज की प्रॉब्लम भी दूर होती है। मेटाबॉलिज्म बूस्टर ओट्स और डेट्स दोनों ही एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। इसमें मौजूद दालचीनी फास्ट मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छी मानी जाती है। बनाने की विधि ओट्स, डेट्स और दालचीनी की कॉफी के लिए एक ब्लेंडर जार में 2 बड़े चम्मच ओट्स, 2 से 3 डेट्स, बीज निकाल कर, 1 चम्मच दालचीनी पाउड

आज लॉन्च हो रहा है Realme GT 6: जानें इसके फीचर्स और कीमत

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power in bow and arrow now

Realme GT 6 स्मार्टफोन को आज यानी 20 जून 2024 को भारत में लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च इवेंट आज दोपहर 1.30 बजे होगा। फोन लॉन्च इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग कंपनी के ऑफिशिय यूट्यूब चैनल पर होगी। यह एक मिड-बजट सेगमेंट स्मार्टफोन है। फोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल दिए जाएंगे। साथ ही विजन कैमरा मोड दिए जाएंगे। इसके अलावा इमेज एडिटर समेत कई अन्य फीचर्स को दिया जाएगा। Realme GT 6 स्मार्टफोन में कैमरा, प्रोसेसर समेत कई तरह की डिटेल दी जाएगी। Realme GT 6 के एआई फीचर्स कंपनी ने कंफर्म किया है कि Realme GT6 स्मार्टफोन में AI पावर्ड टूल दिए जाएंगे। इसमें एआई इनेबल्ड कैमरा, मीडिया एडिटिंग टूल दिए जाएंगे। फोन एआई नाइट विजन मोड के साथ आएगा। इसमें लो लाइट मोड रिकॉर्डिंग और एआई रिमूवल फीचर्स दिए जाएंगे, जो ऑटोमेटिकली इमेज को एडिट करेंगे। Realme GT 6 के स्पेसिफिकेशन्स Realme GT6 स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 8s Gen 3 चिपसेट दिया जाएगा। फोन में 16GB LPDDR5X रैम सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही 512GB UFS 4.0 स्टोरेज दिया जाएगा। फोन ड्यूल वेपर चैंबर कूलिंग टेक्नोलॉजी के साथ आएगा। फोन में 5500mAh बैटरी दी जाएगी। साथ ही 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। Realme GT6 स्मार्टफोन में एक 50MP Sony LYT-808 प्राइमरी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। साथ ही ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट दिया जाएगा। फोन टेलीफोटो लेंस और 2x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट के साथ आएगा। कितनी होगी कीमत Realme GT 6 स्मार्टफोन की कीमत करीब 30 से 35 हजार रुपये होगी। हालांकि फोन को कई वेरिएंट में लॉन्च किया जाएगा। ऐसे में ऐसे में अलग-अलग वेरिएंट की कीमत अलग होगी।

ब्यूटी पार्लर जा रही हैं? सुरक्षित रहें, इस खतरनाक सिंड्रोम से बचने के लिए जानिए उपाय

बीते साल नवंबर में हैदराबाद में एक महिला हेयर वॉश करते हुए ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का शिकार हो गई। उसको चक्कर, सर दर्द और धुंधला दिखाई देने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसको तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऐसे की एक दूसरे मामले में दिल्ली के ग्रीन पार्क में फेशियल मसाज करवाते हुए उंगलियों के गलत प्रेशर से महिला की गर्दन की नस दब गई। असहनीय दर्द होने पर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचकर फिजियोथेरेपी दी गई। कर्नाटक में तो शादी ऐन वक्त पर इसलिए रोक दी गई क्योंकि पार्लर की वजह से दुल्हन का चेहरा खराब हो गया, नौबत ऐसी हो गई कि दुल्हन को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। ऐसा ही एक मामला आया था मुंबई के अंधेरी इलाके से, जहां फेशियल मसाज के लिए बहुत बड़ी रकम चुकाने के बाद महिला की स्किन बुरी तरह जल गई। परमानेंट डैमेज के बाद महिला ने सैलून के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसी तरह नीदरलैंड में एक 43 वर्षीय महिला की डेथ केवल इसलिए हो गई क्योंकि उनका पेडीक्योर करवाते हुए प्यूमिक स्टोन से कट लग गया था, जिससे इन्फेक्शन फैल गया। अक्सर इस तरह के मामले सुनने में आते हैं, जब पार्लर में ट्रीटमेंट करवाने के दौरान महिला सिंड्रोम का शिकार हो गई या किसी वजह से एलर्जी हो गई या ट्रीटमेंट गलत होने से स्किन डैमेज हो गई वगैरह। ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम किसे कहते हैं? ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम शब्द का जिक्र पहली बार 1993 में अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में किया गया था। इस शब्द का उपयोग उन पांच महिलाओं का अध्ययन करने के बाद किया, जिनमें हेयर सैलून में शैम्पू सेशन के बाद स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल सिम्टम्स देखने को मिले थे। उन महिलाओं ने चक्कर आना, बैलेंस का खोना और चेहरा सुन्न होने की शिकायत की थी। उनकी आई रिपोर्ट में पांच में से चार महिलाओं को स्ट्रोक हुआ था। नस दबने से हुई हैदराबाद के पार्लर में महिला की मौत बीते साल के नवंबर महीने में हैदराबाद का ब्यूटी पार्लर वाला मामला भी पार्लर सिंड्रोम से जुड़ा हुआ था जब सिंक में गलत पॉजिशन लेने से हेयर वॉश करवाते हुए महिला इसकी चपेट में आ गई। नस दबने से रुक जाती है ब्‍लड सप्‍लाई फिजिशियन डॉक्टर अनूप भटनागर बताते हैं कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम आने की खास वजह होती है किसी नस का दबना। हैदराबाद वाले मामले में महिला के बीमार होने की वजह बाल वॉश करने के दौरान गर्दन पर खिंचाव और सिंक पर सही तरह से गर्दन को सपोर्ट न मिलना है। दरअसल, नस कहीं की भी हो, जब दबती है तो तब ब्रेन तक ब्लड की सप्लाई सही तरह से नहीं हो पाती है और यही स्ट्रोक की वजह बनता है। चक्कर आना, तेज सिर दर्द होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना जैसे लक्षण अगर दिखाई दें, तो तुरंत हॉस्पिटल ले जाना जरूरी है। डॉक्टर अनूप कहते हैं कि पार्लर में अक्सर लोग मसाज कराते हैं। अगर तरीका गलत होगा, तो आपकी हड्डी के लिए पीड़ादायक हो सकती है। पार्लर के जरिए घर तक पहुंच सकता है इंफेक्‍शन कई रिसर्च में भी सामने आ चुका है कि ब्यूटी सैलून के टूल्स और प्रोडक्ट्स से होने वाले इंफेक्शन सेहत के लिए गंभीर समस्याओं की वजह बनते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, वार्ट्स, एक्ने, रैशेज, ड्राईनेस, मोलस्कम इंफेक्शन वगैरह कुछ कॉमन इन्फेक्शन है, जो पार्लर के जरिए घर तक आते हैं। फेशियल, वैक्सिंग, थ्रेडिंग और मसाज के बाद मुंहासे निकलना आम बात है। यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। स्टीम, फेशियल पैक या ब्लीच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल स्किन से नमी कम करता है, जो फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह बनता है। फिजिशियन डॉ. अनूप भटनागर बताते हैं कि सैलून में सिर धोने या मालिश के दौरान गर्दन में अचानक और अत्यधिक छेड़छाड़ से बचें। सिर धोते समय हमेशा गुनगुना पानी डालें। अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेफोनिल ब्यूटी पार्लर की ओनर पारुल अग्रवाल कहती हैं कि ब्यूटी सर्विस देते हुए बहुत छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कुछ लोगों की स्किन हो या हेयर, काफी ड्राई होते हैं तो कुछ के ऑयली। ऐसे में जरूरी होता है सबसे पहले तो स्किन के बारे में समझना। वैक्सीन को ही लें, तो कई पार्लर बिना स्किन टाइप देखे वैक्सीन देते हैं, जिसके चलते स्किन जल जाती है या फिर एलर्जी हो जाती है। हमारे पास ऐसी दिक्कतों के साथ दूसरे जगहों से बहुत सारी महिलाएं आती हैं। कोई भी ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से पहले पार्लर की जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही, पार्लर चुनते हुए सुविधाएं, हाइजीन, स्टाफ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।

जानें क्या है Bird Poop Facial

Special meeting program on Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail

खूबसूरती पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते! एक ऐसा ही अनोखा फेशियल है जो जापान से आता है और इसे ‘उगुशु नो फुन’ (Uguisu no Fun) कहते हैं, जिसका मतलब है चिड़िया की पॉटी. यह परंपरा सदियों पुरानी है. माना जाता है कि जापानी अपनी त्वचा को चमकदार और साफ रखने के लिए इस फेशियल को करते थें. इस फेशियल में चेहरे पर विशेष रूप से उपचारित चिड़िया की बीट का इस्तेमाल किया जाता है. हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज भी यह फेशियल करवा चुके हैं. तो चलिए फिर इस फेशियल के फायदों के बारे में जान ही लेते हैं- कैसे तैयार किया जाता है बर्ड पूप फेशियल बर्ड पूप फेशियल में सबसे पहले बुलबुल की बीट को इकट्ठा किया जाता है. फिर इसे सुरक्षित और साफ करने के लिए (UV) किरणों के संपर्क में लाया जाता है. इसके बाद, इसे बारीक पीसकर पाउडर बना लिया जाता है. इस पाउडर को फिर चावल के भूसे और अन्य नेचुलर सामग्री के साथ मिलाकर एक फेस मास्क तैयार किया जाता है. इस मास्क को चेहरे पर लगाया जाता है और कुछ देर बाद धो दिया जाता है. तो इसमें क्या खास है? चीड़िया की बीट में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनके त्वचा के लिए फायदेमंद होने का दावा किया जाता है. इनमें शामिल हैं: गुआनिन- यह एक एमिनो एसिड है जो त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है. यूरिया- यह एक ऐसा पदार्थ है जो प्राकृतिक रूप से त्वचा में मौजूद होता है और नमी बनाए रखने में मदद करता है. क्या वाकई फायदेमंद है? बर्ड पूप फेशियल के समर्थक दावा करते हैं कि यह मुंहासे के दाग, झुर्रियों और रूखी त्वचा को कम करने में मदद करता है. साथ ही यह त्वचा को चमकदार और कोमल बनाता है. हालांकि, इन दावों के समर्थन में अभी तक पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं. क्या आपको ट्राई करना चाहिए? यह फेशियल काफी महंगा होता है और इसकी गंध भी बहुत सुखद नहीं होती. साथ ही, इसमें बैक्टीरिया का खतरा भी रहता है, भले ही बीट को उपचारित किया जाता है. लेकिन यह तय करना आप पर निर्भर करता है कि आप इसे आजमाना चाहते हैं या नहीं. अगर आप किसी नए फेशियल का ट्राई करना चाहती हैं, तो किसी भी उपचार को करवाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

सही मुद्रा में बैठने के फायदे: जानें कैसे करें स्वास्थ्य में सुधार

बैठने का सही तरीका आजकल दर्द, अकड़न, मांसपेशी असंतुलन की समस्या बढ़ गई है। जिसके पीछे शरीर का गलत पोस्चर जिम्मेदार हो सकता है। लोगों ने बैठने का तरीका भी बदल दिया है। पहले के जमाने में लोग जमीन पर पालथी मारकर बैठते थे। यह पोस्चर सुधारने के साथ कई सारी बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं। योगासन है पालथी मारकर बैठना बैठने के जिस तरीके को पालथी मारना कहते हैं। दरअसल वो एक योगासन है। इसका नाम सुखासन है, जिसे पैर क्रॉस करके बैठना भी कहते हैं। यह गंदे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल ​इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक साइंस पर छपे शोध में सुखासन का प्रभाव देखा। इसके मुताबिक सुखासन में मेडिटेशन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। दिल की बीमारी इस पोस्चर में बैठने से कार्डियो मेटाबॉलिक फंक्शन सुधरता है। यह ब्लड प्रेशर को मैनेज रखने में भी मदद करता है। जिससे आप दिल की बीमारियों से बचने लगते हैं। बेली फैट यह फायदा काफी दिलचस्प है। पालथी मारकर बैठकर अगर आप खाना खाते हैं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ा सकता है। इससे फैट जल्दी बर्न होता है और मोटापा कम होता है। टेंशन टेंशन व स्ट्रेस कई सारी मेंटल प्रॉब्लम्स के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आप सुखासन में बैठकर डीप ब्रीदिंग करते हैं तो दिमाग में ऑक्सीजन का लेवल आराम से सुधरता है। इससे ब्रेन फंक्शन को सुधारने में मदद मिलती है। कमर दर्द सुखासन से निचली कमर दर्द से बचा जा सकता है। यह पीठ और कमर की मसल्स को सपोर्ट देता है। इन्हें मजबूत बनाने में भी मदद करता है। शरीर में बेहतर ब्लड सर्कुलेशन होता है। जिससे मसल्स को पूरा पोषण मिलता है।

लैपटॉप क्लीनिंग में ये गलतियां न करें, वरना पड़ेगा महंगा

लैपटॉप को साफ़ करना बेहद ही जरूरी है, ऐसा ना किया जाए तो गंदगी लैपटॉप के इंटरनल पार्ट्स को खराब कर सकती है. ऐसे में अगर आप थोड़े समय पर लैपटॉप को साफ़ करते हैं तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है. दरअसल लैपटॉप क्लीनिंग के दौरान अगर आप गलती करते हैं तो आपको तगड़ी चपत लग सकती है. इससे बचने के लिए हम आपको जरूरी टिप्स देने के जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं लैपटॉप की सफाई करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए: 1. गलत कपड़े का इस्तेमाल कभी भी रफ या खुरदरे कपड़े का इस्तेमाल न करें. इससे लैपटॉप की स्क्रीन और बॉडी पर स्क्रैच आ सकते हैं. मुलायम माइक्रोफाइबर कपड़ा या लेंस क्लीनिंग कपड़ा इस्तेमाल करें. 2. ज़्यादा पानी का इस्तेमाल: लैपटॉप को सीधे पानी में न डुबोएं. थोड़ा सा पानी या स्क्रीन क्लीनर माइक्रोफाइबर कपड़े पर लगाकर स्क्रीन को साफ करें. पानी की बूंदों को तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ लें. 3. गलत सफाई एजेंट: कभी भी घरेलू सफाई एजेंट, जैसे कि डिटर्जेंट या साबुन, का इस्तेमाल न करें. इनसे लैपटॉप की स्क्रीन और कीबोर्ड खराब हो सकते हैं. खासतौर पर लैपटॉप के लिए बने सफाई एजेंट का ही इस्तेमाल करें. 4. कीबोर्ड में झाड़ू या ब्रश: कीबोर्ड में झाड़ू या ब्रश फंसाकर साफ करने से चाबियां खराब हो सकती हैं. इसके बजाय, कंप्रेस्ड हवा का इस्तेमाल करके धूल हटाएं, या फिर रुई के फाहे से सफाई करें. 5. लैपटॉप चालू रहते हुए सफाई: लैपटॉप को हमेशा बंद करके ही साफ करें. इससे बिजली का झटका लगने का खतरा कम होता है. 6. पोर्ट और वेंट्स में सफाई: पोर्ट और वेंट्स में कभी भी कपड़ा या कोई अन्य चीज न डालें. इससे अंदर धूल जमा हो सकती है और लैपटॉप गर्म हो सकता है. कंप्रेस्ड हवा का इस्तेमाल करके धूल हटाएं. इन सावधानियों का पालन करके आप अपने लैपटॉप को सुरक्षित और चमकदार बनाए रख सकते हैं. अतिरिक्त टिप्स: लैपटॉप को धूल से बचाने के लिए कवर का इस्तेमाल करें. खाने-पीने की चीजों को लैपटॉप से दूर रखें. अपने हाथों को साफ करके ही लैपटॉप को छुएं. नियमित रूप से लैपटॉप का बैकअप लें.

टैनिंग और त्वचा कैंसर का संबंध: विशेषज्ञ की महत्वपूर्ण जानकारी

वैसे तो त्वचा और उसके रंग का रिश्ता बहुत ही पुराना है। अंग्रेजों से लेकर तमाम शोषक वर्गों ने इसे हथियार बनाया है। इतना ही नहीं, शादियों के इश्तिहार में भी मांग उनकी ही ज्यादा होती है जिनका रंग साफ यानी की फेयर होता है। गोरे रंग पर लोग भले ही आज भी गुमान करते हो, लेकिन ये भी सच है कि जिनका रंग जितना साफ होता है, उन पर धूप का असर उतना ही ज्यादा पड़ता है। जी हां, गर्मी और बरसात के मौसम में त्वचा से जुड़ी कुछ परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वो कौन-सी परेशानियां हैं और उनके निदान क्या हैं? इस बारे में देश के बेहतरीन एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं लोकेश के. भारती। क्या बताया एक्सपर्ट ने? हमारे शरीर का सबसे बाहरी भाग स्किन होता है। ये त्वचा ही है जो सबसे पहले धूप, बारिश, सर्दी के संपर्क में आती है। इसलिए हमारे शरीर में इन चीजों से सबसे पहले त्वचा ही प्रभावित होती है। स्किन का रंग भी हमारी ज्योग्राफिकल स्थिति पर काफी हद तक निर्भर करता है। मसलन, आपने देखा होगा कि पहाड़ों पर रहने वाले लोग अमूमन गोरी त्वचा वाले होते हैं। वहीं मैदानी इलाकों में रहने वाले मिक्स्ड या सांवले रंग के होते हैं। जब टेंशन में आ गए स्वरूप स्वरूप 32 साल के हैं। वो एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। जॉब की वजह से उन्हें हर मौसम में शहरभर में घूमना पड़ता है। धूप में ज्यादा चक्कर लगाने की वजह से उनकी त्वचा का रंग (बांह के नीचे का हिस्सा) हल्का काला होने लगा। चूंकि वो गोरे रंग के हैं, इसलिए त्वचा का यह बदलाव साफ-साफ दिख रहा था। इस पर उन्हें किसी जानने वाले ने कह दिया कि इस तरह की टैनिंग से कैंसर भी हो सकता है। इसलिए इस पर जरूर ध्यान देना। अपने जानकार की बात सुनकर वो डर गए। स्वरूप ने फटाफट डर्मेटोलॉजिस्ट से मुलाकात करने की सोची। वो डॉक्टर के पास पहुंच गए। क्या कहा डॉक्टर ने? स्वरूप ने डॉक्टर को टैन वाला हिस्सा दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। आप धूप में ज्यादा घूमते हैं, इसलिए यो डार्क हुआ है। इसमें स्किन कैंसर वाली कोई भी बात नहीं है और न ही आप में स्किन कैंसर के कोई लक्षण हैं। भले ही आप फेयर हैं, लेकिन यूरोपीय लोगों की तुलना में काफी कम हैं। विदेश (यूरोप, अमेरिका आदि देशों) में स्किन कैंसर के मामले ज्यादा हैं क्योंकि वहां के लोग बहुत ज्यादा गोरे यानी वाइट होते हैं। अपने देश में धूप (UV रेज) की वजह से स्किन कैंसर के मामले बहुत ही कम होते हैं। हां, टैनिंग, सनबर्न जैसी परेशानियां ज़रूर हैं। डॉक्टर ने स्वरूप को सुझाव दिया कि आप कोई अच्छी सनस्क्रीन लगाकर निकला करें या फिर बाजुओं को किसी कपड़े से कवर करके। ये धीरे-धीरे कम हो जाएगा। इन बातों को सुनकर स्वरूप का डर कम हुआ। उसने सनस्क्रीन लगाना शुरू किया। यूवी रेज के भी होते हैं प्रकार सूरज की किरणों में 3 तरह की अल्ट्रावायलेट (UV) रेज निकलती हैं 1. UV A- ये सबसे ज्यादा खतरनाक किरणें हैं, जो स्किन के बहुत अंदर तक पहुंच जाती हैं और झुर्रियां पैदा करने में अहम भूमिका निभाती हैं। 2. UV B- ये UV A की तुलना में कम खतरनाक हैं। UV A और UV B से ही बचने के लिए सनस्क्रीन की जरूरत होती हैं। 3. UV C- ये किरणें हम तक नहीं पहुंच पातीं। ये पहले ही धरती पर आने से पहले ओजोन लेयर द्वारा रिफ्लेक्ट कर दी जाती हैं यानी वापस भेज दी जाती हैं। शरीर की भी अपनी सनस्क्रीन हमारी स्किन में मेलेनिन नाम का पिग्मेंट होता है, जिसे नेचुरल सनस्क्रीन कहा जा सकता है। जैसे ही हमारे शरीर पर ज्यादा मात्रा में यूवी रेज यानी तेज धूप पड़ती है तो मेलेनिन पिग्मेंट त्वचा की ऊपरी सतह की ओर आने लगता है। इस वजह से यूवी त्वचा के अंदर तक नहीं पहुंच पाती और नुकसान भी नहीं पहुंचाती हैं। हमें सनस्क्रीन की जरूरत अमूमन तब होती है जब ज्यादा मात्रा में मेलेनिन निकलने की वजह से स्किन का कलर ज्यादा डार्क होने लगे या फिर स्किन में मेलेनिन की कमी की वजह से सनबर्न की स्थिति बने।

Voltas Split AC पर धमाकेदार ऑफर: अभी खरीदें और पाएं बंपर छूट

Children of Gurunanak School celebrated Independence Day with patriotic fervor

Voltas split ac discount: गर्मियों का मौसम चरम पर है, ऐसे में अगर आपने अभी तक एयर कंडीशनर नहीं खरीदा है, लेकिन अब आपको इसकी जरूरत महसूस हो रही है तो, अब आप किफायती कीमत पर एक जोरदार AC खरीद सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसे एयर कंडीशनर के बारे में बताने जा रहे हैं जो फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है और अपनी कीमत से तकरीबन आधे दाम पर खरीदा जा सकता है. दरअसल ये Voltas का 1.5 टन का स्प्लिट एसी है. चलिए जानते हैं इसकी खरीद पर कितनी बचत की जा सकती है. सबसे पहले की कीमत की बात कर लेते हैं. Voltas 1.5 Ton Split AC को आप ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से ऑर्डर कर सकते हैं. फ्लिपकार्ट पर यह स्प्लिट एसी किफायती दाम में मिल रहा है. इस एसी की कीमत 64,990 रुपये लेकिन इस पर 48% की भारी छूट मिल रही है. डिस्काउंट में बाद आप इस एसी को 33,490 रुपये में खरीद सकते हैं. साथ ही बैंक ऑफर्स का इस्तेमाल करके आप इस एसी को और सस्ते में खरीद सकते हैं Voltas 1.5 Ton Split AC के फीचर्स वोल्टास के इस एसी के साथ एक साल की प्रोडक्ट वारंटी और दस साल की कंप्रेसर वारंटी मिलती है. यह स्प्लिट एसी 5 स्टार रेटिंग के साथ आता है और बिजली भी कम खर्च करता है. इसमें ऑटो रिस्टार्ट, स्लीप मोड समेत कई बेहतरीन फीचर्स मिलते हैं. इसका मेंटेनेंस भी काफी आसान है. ये एयर कंडीशनर खरीदना आपके बजट में फिट हो सकता है और आपकी काफी बचत करवा सकता है. ये ऑफर लिमिटेड पीरियड के लिए है. एयर कंडीशनर में ग्राहकों को Sleep Mode मिल जाता है जो अपने आप ही ये डिसाइड कर सकता है कि किस समय ट्रेम्प्रेचर क्या होना चाहिए. टेम्प्रेचर ऑटो एडजस्ट फीचर बेहद जोरदार है और आपकी काफी बचत करवा सकता है

त्वचा के लिये भी रामबाण का काम करता हैं टमाटर

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

    टमाटर देखने में जितना सुंदर होता है, खाने में उतना ही मजेदार। इसकी गिनती फल और सब्जी दोनों में होती है, इसी तरह ये भी सेहत और सौंदर्य में इजाफा करता है। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा खिल उठती है और इसके कई कॉस्मेटिक फायदे हैं, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आइए आज हम आपको टमाटर खाने और लगाने, दोनों के फायदे बताते हैं… प्राकृतिक रूप से टैनिंग हटाए टमाटर त्वचा पर सनस्क्रीन का काम करता है। यह सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से स्किन को बचाता है. इसे रोजाना चेहरे पर घिसने से सनटैनिंग चली जाती है। टमाटर एक सिट्रस (Citrus) फ्रूट है। इसमें विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E और विटामिन K प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि विटामिन-C त्वचा के लिए कितना लाभकारी है। यह सनबर्न से बचाने में काफी मददगार साबित होता है। टमाटर इतना प्राभावी होता कि यदि त्वचा पर लगातार उपयोग किया जाए तो आपको महंगी सनस्क्रीन क्रीम लगाने तक की आवश्यकता नही पड़ेगी। यह पूरी तरह नैचरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट नही है। ड्राई स्किन वाले इसे प्रयोग में लाने के बाद चेहरे को मॉइश्चराइज जरूर करें। ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद टमाटर ऑयली स्किन वालों के लिए औषधि का काम करता है. दरअसल टमाटर की खटास ही इसका सबसे बड़ा गुण है। वहीं इसे लाल रंग देने वाला लायकोपिन त्वचा पर एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। त्वचा को धूल- मिट्टी से होने वाले नुकसानों से बचस्त है। विटामिन-C और विटामिन-E होने के कारण यह त्वचा से अतिरिक्त सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करता है। बढ़ती उम्र का असर रोकता है टमाटर टमाटर समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को रोकने में मददगार है। इसमें पाया जाने वाला लायकोपिन, केरिटीनॉइड्स क्रीम (carotenoids) की तरह काम करता है। यह त्वचा की सेल्स को डैमेज होने से बचाता है। यह धीरे-धीरे आपके चेहरे को ग्लोइंग बनाता है। साथ ही उसमें कसावट लाने का काम भी करता है। मगर टमाटर को चेहरे पर लगाने के तुरंत बाद सनलाइट में न जाएं, आपको रिएक्शन होने की संभावना है। ब्लैकहेड्स हटाए यह त्वचा के बंद पोर्स खोलकर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की प्रॉब्लम को कम करता है। टमाटर चेहरे पर एस्ट्रिंजेंट का काम करता है, टमाटर में मौजूद एसिडिक प्रॉपर्टीज कील- मुंहासे और काले दाग-धब्बों की समस्या को कम करती हैं। साथ ही स्किन को ग्लोइंग बनाती हैं। त्वचा पर टमाटर लगाकर डेड स्किन सेल्स के आसानी से हटाया जा सकता है। टमाटर डेड स्किन निकालकर त्वचा को साफ रखता है और त्वचा में नैचरल शाइन लाता है। पाचन सही कर सुंदरता बढ़ाए टमाटर को सलाद आदि में खाएं। यह हाजमा ठीक रखता। पेट साफ रहेगा तो त्वचा संबंधी समस्याएं भी नही होंगी। टमाटर का सेवन करने से आंखों की चमक और सुंदरता भी बढ़ती है। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन-A आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होता है और आंखों की मसल्स को मजबूती देता है। टमाटर शरीर से टॉक्सिन हटाने का काम करता है, जो कि त्वचा को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। इस तरह टमाटर त्वचा क्लीन रखने में भी सहायता करता है। माना जाता है कि यदि टमाटर खाने से पहले इसका ऊपरी छिलका और बीज निकाल दिए जाएं तो यह और अधिक प्रभावी होता है। हालांकि इस बारे में पुख्ता रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। टमाटर त्वचा पर लगाने का सही तरीका टमाटर के रस को खीरे के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। अब 15 मिनट बाद इसे धो लें। इससे ऑयली स्किन की प्रॉब्लम काम होती है। सनबर्न हटाने के लिए टमाटर की स्लाइस लेकर उसे चेहरे पर रगड़ें। इसे कम-से-कम 15 मिनट तक चेहरे पर सर्कुलर मोशन में रब करें, इसके लगातार इस्तेमाल से पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट्स काम हो जाएंगे। -यदि आपकी डेड स्किन है तो उसे हटाने के लिए चीनी के साथ टमाटर मिलाकर लगाएं। इससे डेड स्किन की प्रॉब्लम तो ठीक होगी ही, स्किन भी ग्लो करने लगेगी। -टमाटर की प्यूरी को बेसन और चुटकीभर हल्दी के साथ मिलाकर लगाएं, इससे सनटैनिंग खत्म होती है। मगर इसके बाद चेहरे को मॉइश्चराइज करना ना भूलें। -यदि आपको चेहरे पर खूब सारे मस्से हैं तो टमाटर को एवोकैडो के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। आपको लाभ होगा। -गर्मी के मौसम में स्किन ऑयल बैलंस करने के लिए टमाटर को मसाज क्रीम के साथ मिक्स करके लगाएं। आपको त्वचा पर अधिक क्लीनिंग और ग्लो का अनुभव होगा।

कोलेजन: जोड़ों और हृदय के स्वास्थ्य के लिए इसके प्रमुख लाभ

कोलेजन को अक्सर लोग ब्यूटी फूड की नजर से देखते हैं, लेकिन कोलेजन केवल त्वचा के लिए ही नहीं बल्कि मजबूत हड्डियों और हार्ट हेल्थ के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। यह एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है, जो शरीर में विभिन्न प्रकार के ऊतकों को मजबूत बनाने में मदद करती है। नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ के अनुसार 30 की उम्र के बाद से शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम होने लगता है। जिसके कारण त्वचा ढीली और हड्डियों में दर्द जैसी समस्या शुरू होने लगती है। कोलेजन की कमी प्रभाव दिल की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। कोलेजेन, विटामिन सी से प्राप्त होता है, जो कि एक हाई एंटीऑक्सीडेंट है, इससे कई और भी बीमारियों का खतरा कम होता है। अपनी डाइट में कोलेजन के लिए इन फूड्स को शामिल करें। हड्डियों को मजबूत बनाता है कोलेजन हड्डियों को मजबूती और फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है। कोलेजन का सेवन बोन डेंसिटी को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है। कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद करता है। हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है कोलेजन आर्टीज वॉल को मजबूत और लचीला बनाए रखने में मदद करता है। इससे ब्लड फ्लो बेहतर बनता है और हार्ट हेल्थ में सुधार आता है। कोलेजन ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। हार्ट की पंपिंग क्षमता बढ़ता है कोलेजन हार्ट के ऊतकों को मजबूत बनाता है, जिससे हार्ट की पंपिंग क्षमता बढ़ती है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है। कोलेजन के लिए प्रोटीन डाइट लें कोलेजन एक प्रोटीन है, इसे प्राप्त करने के लिए आप अपनी डाइट में मछली, चिकन, अंडे, डेयरी प्रोडक्ट और नट्स शामिल करें। इसमें प्रोटीन की हाई मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में कोलेजन के उत्पादन में मदद करती है। विटामिन युक्त डाइट मददगार कोलेजन को बूस्ट करने के लिए अपनी डाइट में विटामिन सी का सोर्स बढ़ाएं। इसके लिए आप संतरा, नींबू, गाजर, लाल शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी और ब्रोकोली जैसे खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करें।

माउथवॉश का नियमित उपयोग कर सकता है कैंसर का खतरा बढ़ा: जानें विशेषज्ञों की राय

Now along with wheat, jowar, millet and ragi will also be available at ration shops.

माउथवॉश इस्तेमाल करने वाले ध्यान दें. एक नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि रोजाना माउथवॉश को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि माउथवॉश से मुंह में पाए जाने वाले कुछ बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है. ये बैक्टीरिया पहले से ही मसूड़ों की बीमारी, ग्रासनली के कैंसर, पेट के कैंसर और शरीर की अन्य बीमारियों से जुड़े हुए माने जाते हैं. कैंसर का खतरा शोधकर्ताओं के मुताबिक, मसूड़े की बीमारी और शरीर की अन्य बीमारियों के अलावा, माउथवॉश से ग्रासनली के कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. मुंह की सेहत का सीधा संबंध शरीर में कैंसर, खासकर मुंह और शरीर के अंदर होने वाले कैंसर के खतरा से होता है. अच्छी मुंह की सफाई न करने से मुंह में संक्रमण और मसूड़ों की बीमारी हो सकते हैं, जिससे मुंह में लगातार सूजन की समस्या रहती है. यह सूजन कैंसर का एक जाना-माना रिस्क फैक्टर है. शरीर में सूजन की प्रक्रिया सेल्स में बदलाव और म्युटेशन ला सकती है, जिससे अंततः कैंसर हो सकता है. किस तरह के कैंसर का खतरा मसूड़ों की बीमारी में मसूड़ों में सूजन और संक्रमण होता है. इसे मुंह के कैंसर, ग्रासनली के कैंसर, अग्नाशय के कैंसर और पेट के कैंसर के बढ़ते रिसक से जोड़ा गया है. मसूड़ों की बीमारी के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया, फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम, खून में प्रवेश करके शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकता है और संभावित रूप से शरीर में सूजन और कैंसर पैदा करने में योगदान दे सकता है. स्टडी में क्या पाया गया? अध्ययन में पाया गया कि माउथवॉश के बाद फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस की मात्रा काफी बढ़ गई थी. फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसरिस विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से जुड़े महत्वपूर्ण बैक्टीरिया हैं. फ्यूसोबैक्टीयम न्यूक्लियेटम मसूड़ों की बीमारी में अहम भूमिका निभाता है और सूजन और ट्यूमर के विकास को बढ़ावा देने के कारण इसे पेट के कैंसर से भी जोड़ा गया है. यह टिशू पर आक्रमण कर सकता है और शरीर के अंदरूनी सेहत को प्रभावित कर सकता है. स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस, स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस ग्रुप (एसएजी) का हिस्सा है, जो आमतौर पर मुंह और पाचन तंत्र में पाया जाता है. यह विशेष रूप से इम्यून सिस्टम को कमजोर लोगों में फोड़े और गंभीर संक्रमण पैदा करने के लिए जाना जाता है. ये दोनों बैक्टीरिया मुंह की सेहत और शरीर की अन्य बीमारियों के बीच महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाते हैं, जो अच्छी मुंह की सफाई बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है. अच्छी मुंह की सफाई न करना अक्सर धूम्रपान और ज्यादा शराब के सेवन जैसी अन्य रिस्क भरी आदतों से भी जुड़ा होता है. ये दोनों ही मुंह, गले और ग्रासनली के कैंसर सहित विभिन्न कैंसर के लिए जाने-माने रिस्क फैक्टर हैं. ये पदार्थ म्यूकोसल परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं और डीएनए म्युटेशन को जन्म दे सकते हैं, जिससे कैंसर हो जाता है. रोजाना ब्रश करना, फ्लॉसिंग और दांतों की जांच के माध्यम से अच्छी ओरल हेल्थ बनाए रखने से सूजन और बैक्टीरिया के भार को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे संभावित रूप से कैंसर का खतरा कम हो सकता है. ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम हैं.

4K स्मार्ट टीवी की मेगा सेल: खरीदें अपने पसंदीदा ब्रांड्स के टीवी बंपर छूट पर

4K Smart TV के बेस्ट विकल्प अगर आप यहां वहां खोज रहे हैं और आपको अभी भी सस्ता ऑफर नहीं मिल रहा है तो ज्यादा देर न करें क्योंकि यहां हम ऐसे ही बेस्ट ब्रैंड्स जैसे कि LG, Samsung, Redmi, Hisense जैसे ब्रैंड्स की 4k टीवी लेकर आए हैं। ये सभी टीवी बेस्ट ब्रैंड्स की होने के बावजूद कम कीमत में खरीदी जा सकती हैं। Amazon Sale 2024 के बेस्ट ऑफर्स का फायदा उठाकर आप इन टीवी को आज ही अपने घर के लिए खरीद सकती हैं। बंपर बचत पर इन टीवी को खरीदा जा सके इसके लिए अमेजॉन ने अपने ग्राहकों को EMI, नो कॉस्ट ईएमआई, बैंक ऑफर्स सहित कई अन्य आकर्षक डील दी है, जिसे आप जरूर चेक करना चाहेंगे। इन 4K Smart TV का मार्केट में है दबदबा    यहां से खरीदें 4k विजुअल का एक्सपीरियंस देने वाली यह टीवी डी सीरीज की है और इसमें एक से बढ़कर एक फीचर्स आपको मिल रहे हैं। 500 से भी ज्यादा ग्राहकों के जरिए ऑर्डर की जा चुकी इस टीवी को कस्टमर्स ने 4.1 स्टार तक की रेटिंग दी है। इस टीवी को आप अमेजॉन से 3 हजार रुपये से भी कम की ईएमआई पर खरीद सकते हैं। वहीं एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए इस टीवी को खरीदने पर नो कॉस्ट ईएमआई का भी विकल्प है। वॉइस असिस्टेंस और बाउंडलेस स्क्रीन वाली इस टीवी का लुक होम डेकोर भी बूस्ट करेगा। Redmi 108 cm (43 inches) 4K Ultra HD Smart LED Fire TV: 43 inches वाली यह बेस्ट Redmi Smart TV एचडीआर विजुअल का भी एक्सपीरियंस भी देगा। मेटल के बेजेललेस डिजाईन वाली इस टीवी में एयरप्ले 2 और मिराकास्ट स्क्रीन शेयरिंग का भी विकल्प मिलेगा। इस टीवी में 24 वॉट का स्पीकर भी दिया गया है जो साउंड आउटपुट के लिए एक्सटर्नल स्पीकर और साउंडबार स्पीकर्स की जरूरत को खत्म कर देंगे। प्रोफाइल, एप स्टोर, लाइव टीवी, पिक्चर इन पिक्चर मोड, पैरेंटल कंट्रोल जैसे धांसू फीचर भी मिल जाएंगे। Hisense 139 cm (55 inches) Tornado Series 4K Ultra HD Smart QLED TV: इस टीवी में 240 का रिफ्रेश रेट मिलता है। टीवी में गेमिंग के लिए ऑप्शन ऑन/ऑफ बटन भी मिल रहा है। इस टीवी के साथ मिल रहे रिमोट की मदद से आप एक झटके में ही अपने फेवरिट ओटीटी का मजा ले पाएंगे। इससे आपको कोई परेशानी का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। इस टीवी में यूएसबी, हेडफोन और पेनड्राइव को लगाने तक का पोर्ट भी मिल जाएगा। इस पर आपको 2 साल तक की वॉरंटी भी मिल रही है। Toshiba 108 cm (43 inches) 4K Ultra HD Smart QLED TV क्वांटम डॉट कलर वाली इस 4K Smart QLED TV से आपके टीवी देखने का एक्सपीरियंस बेहतर होगा। इसमें डॉल्बी एटमोस विजन, स्पोर्ट्स मोड, AI 4k अप्स्केलिंग भी मिल रहा है। ये सभी फीचर्स टीवी को बेहतरीन और खास बनाते हैं। अमेजॉन ने तो इस टीवी को खरीदने के लिए एचडीएफसी बैंक क्रेडिट कार्ड पर नो कॉस्ट ईएमआई का भी ऑफर दे दिया है। इस टीवी के रिमोट पर वन टच ओटीटी का एक्सेस भी मिलेगा। ब्रैंड की ओर से इस टीवी पर 10 दिनों का रिप्लेसमेंट भी दिया गया है।

स्मार्टफोन अपडेट को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी: नजरअंदाज करने से हो सकती हैं ये समस्याएं

फोन में आए दिन नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स आते रहते हैं, ऐसे में इन्हें इंस्टॉल करना बेहद ही जरूरी हो जाता है. सॉफ्टवेयर अपडेट्स  के साथ आपको काफी सारे नए फीचर्स तो मिल ही जाते हैं, साथ ही साथ आपको अच्छी इंटरनेट स्पीड और जोरदार स्मूदनेस भी मिल जाती है. हालांकि आप अगर अपने फोन के अपडेट को नजरअंदाज करते रहते हैं तो आप यकीन मानिए ऐसा करना आपके फोन को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप इस बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं कि ये कैसे फोन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. उड़ सकता है मदर बोर्ड अगर आप लंबे समय से अपने स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट नहीं कर रहे हैं और इसे नजरअंदाज किए जा रहे हैं तो ध्यान रखिए कि इससे आपके स्मार्टफोन कम मदरबोर्ड उड़ सकता है और पूरी तरह से काम करना बंद कर सकता है जिसके बाद आपका स्मार्टफोन किसी भी काम का नहीं रहेगा और ना तो आप इसे स्टार्ट कर सकते हैं और ना ही इसका इस्तेमाल कॉलिंग और मैसेज में कर सकते हैं ओवरहीटिंग की समस्या किसी भी स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर जब कभी भी अपडेट किया जाता है तो उससे स्मार्टफोन की स्पीड में इजाफा होता है और स्पीड में इजाफा होने की वजह से इसमें मौजूद और हीटिंग की समस्या कम होती है लेकिन आप अगर लगातार स्मार्टफोन अपडेट को नजरअंदाज कर रहे हैं तो ध्यान रखिए कि इससे ओवरहीटिंग की समस्या और ज्यादा बढ़ जाएगी और आपको काफी परेशानी होगी और स्मार्ट फोन हैंग करने लगेगा. लैगिंग की समस्या लैगिंग की समस्या आपके स्मार्टफोन में तब देखने को मिलती है जब आप लगातार इसका सॉफ्टवेयर अपडेट नजरअंदाज करते रहते हैं. ऐसे में आप मल्टीटास्किंग नहीं कर सकते हैं साथ ही साथ आपको गेम खेलने में या फिर वीडियो स्ट्रीमिंग में दिक्कत आती है. अगर आप अपने स्मार्टफोन में लैगिंग की समस्या से छुटकारा चाहते हैं तो अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट करना बंद कर दीजिए. स्मार्टफोन हो सकता है ब्लास्ट जवाब अपने स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं करते हैं तो इसमें कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं जिनमें ओवरहीटिंग की समस्या सबसे बड़ी है जिसकी एक वजह यह भी है कि आपके स्मार्टफोन का प्रोसेसर अपडेट ना होने की वजह से स्लो हो जाता है ऐसे में हैंगिंग की समस्या शुरू हो जाती है और ऐसा होने पर ओवरहीटिंग काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जब ओवरहीटिंग की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसकी वजह से बैटरी पर भी प्रभाव पड़ता है और स्मार्टफोन की बैटरी अगर जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए तो यह ब्लास्ट भी हो सकती है और स्मार्टफोन किसी बम की तरह फट सकता है

भारत में जल्द लॉन्च होगा Xiaomi Mix Fold 4: कीमत और उपलब्धता की जानकारी

शाओमी ने अपने प्लान में बदलाव किया है। कंपनी प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में तेजी से अपने पैर पसार रही है। इसी योजना के तहत कंपनी नए फोल्डेबल स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च करने की तैयारी में है। ऐसा नहीं है कि इंडियन स्मार्टफोन मार्केट में फोल्डेबल स्मार्टफोन मौजूद नहीं है, लेकिन ऐसा दावा किया जा रहा है कि शाओमी के फोल्डेबल स्मार्टफोन Xiaomi Mix Fold 4 को सबसे कम कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी शाओमी के अपकमिंग स्मार्टफोन में सैटेलाइट कनेक्टिविटी दी जा सकती है। मतलब फोन सीधे सैटेलाइट बेस्ड सिस्टम से कनेक्ट रहेगा। ऐसे में मोबाइल में नेटवर्क न मिलने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। कितनी हो सकती है फोन की कीमत अगर कीमत की बात करें, तो भारत में बिकने वाले फोल्डेबल स्मार्टफोन की औसतन कीमत करीब 1.25 से 1.50 लाख रुपये है। ऐसे में शाओमी 1 लाख रुपये के प्राइस प्वाइंट में फोल्डेबल स्मार्टफोन को लॉन्च कर सकती है। सोशल मीडिया पर डिटेल हुई लीक चाइनीज वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपकमिंग स्मार्टफोन Xiaomi MIX Fold 4 की डिटेल लीक हो गई है। कंपनी अपकमिंग फोन को सबसे पहले चाइनीज मार्केट में लॉन्च कर सकता है। इसके बाद इसे भारत और अन्य स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च किया जाएगा। Xiami MIX Fold 4 के संभावित स्पेसिफिकेशन्स शाओमी के अपकमिंग स्मार्टफोन Xiaomi Mix Fold 4 को सर्टिफिकेशन साइट पर लिस्ट कर दिया गया है। फोन को 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ लॉन्च किया जा सकता है। Xiaomi MIX Fold 4 स्मार्टफोन में 6.7 इंच डिस्प्ले दिया जा सकता है। इसका रिफ्रेश रेट सपोर्ट 144Hz होगा। कंपनी का दावा है कि यह सबसे पतला फोल्डेबल स्मार्टफोन होगा। अगर प्रोसेसर की बात करें, तो फोन में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 3 चिपसेट दिया जा सकता है। इसके अलावा फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा और OIS सपोर्ट दिया जा सकता है। फोन 12MP टेलीफोटो लेंस के साथ आएगा। साथ ही 10MP 5x जूम लेंस दिया जाएगा। फोन के फ्रंट में 16MP कैमरा सेंसर दिया जाएगा। फोन IP रेटिंग के साथ आएगा। फोन में 5000mAh बैटरी सपोर्ट दिया जा सकता है।

अमेज़न पर इंडक्शन कुकटॉप्स में भारी छूट: 60% तक की बचत का मौका

Induction Cooktop आ जाने से खाना बनाना काफी आसान हो गया है। पहले घंटों तक गर्मी में खड़े होकर गैस के आगे झुलसना पड़ता था लेकिन अब इंडक्शन होने की वजह से खाना फटाफट से बन जाता है। साथ ही गैस के बढ़ते दामों से भी इंडक्शन आपको छुटकारा दिला सकता है। इंडक्शन उनके लिए भी बहुत बढ़िया है, जिन्हें खाना बनाने में उतनी ज्यादा एक्सपर्टीज नहीं है। क्योंकि इसमें आपको प्रीसेट मेन्यू ऑप्शंस मिल जाते हैं, जिससे एक क्लिक में ही आप कई सारे पॉपुलर फूड्स या डिश को तैयार कर सकते हैं। Amazon पर मिलने वाले इन Induction Cooktop के फीचर्स बेहद कमाल के हैं। इन्हें यूजर्स बहुत ही ज्यादा पसंद भी कर रहे हैं। यहां हम टॉप ब्रैंड्स जैसे Prestige, Pigeon, Phillips, iBell के टॉप रेटेड इंडक्शन कुकटॉप आपके लिए लाए हैं। Longway Elite Plus IC 2000 Watt Induction Cooktop with Auto Shut-Off: 2000 वॉट पावर वाला यह Induction Cooktop ऑटो शट ऑफ फीचर्स के साथ आता है। इससे खाना जलने का या फिर शॉर्ट सर्किट होने का भी कोई खतरा नहीं रहेगा। वहीं, सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए ओवरहीट प्रोटक्शन भी इसमें दिया गया है। यह इंडक्शन कुकटॉप 8 तरीके की कुकिंग मोड के साथ मिलेगा, जिसमें खाना पकाना काफी आसान रहता है। इसमें सभी तरह की कुकिंग आप कर सकेंगे। Prestige IRIS ECO 1200 W Induction Cooktop: Prestige का यह Induction Cooktop 1200 वॉट पावर का है। इसमें ऑटोमैटिक वोल्टेज रेगुलेटर लगा है। इंडियन किचन के लिए यह इंडक्शन कुकटॉप बहुत ही बढ़िया विकल्प रहेगा। इसमें आपको कई सारे प्री-सेट कुकिंग ऑप्शन मिल रहे हैं, जिससे आप तरह-तरह का खाना मिनटों में बना सकेंगे। इसका एलिगेंट डिजाइन और अफोर्डेबल रेंज आपके बजट पर भी ज्यादा बोझ नहीं डालेगा। इसमें लगा हुआ एंटीमैग्नेटिक वॉल मैग्नेटिक रेडिएशन को ब्लॉक करता है, जिसे खाने पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसमें टाइमिंग सेटर ऑप्शन भी मौजूद है। Philips Viva Collection HD4928/01 2100-Watt Induction Cooktop ये 2100-Watt Induction Cooktop आपके किचन को न सिर्फ एडवांस लुक देता है, बल्कि इस पर खाना पकाना भी काफी आसान है। यह इंडक्शन कुकटॉप डिजिटल डिस्प्ले के साथ आ रहा है। इसमें आपको कई सारे प्रीसेट कुकिंग ऑप्शन भी मिल रहे हैं। इसके अलावा प्लस-माइनस (+,-) टेंपरेचर ऑप्शन भी इसमें दिया गया है। इसका कुकटॉप क्रिस्टल ग्लास डिजाइन का है, जो देखने में भी काफी क्लासी लगता है। इसे आप सॉफ्ट टच बटन के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं। Pigeon By Stovekraft 14429 Acer Plus 1800 Watt Induction Cooktop: किफायती रेंज में पावरफुल Pigeon Induction Cooktop चाहिए, तो आप इसको खरीद सकते हैं। यह आधे दाम पर मिल रहा है और यह 1800 वॉट पावर का इंडक्शन है, जो ऑटो शट ऑफ जैसे फीचर के साथ आएगा। इसमें 8 कुकिंग मेन्यू ऑप्शन दिए गए हैं। इसके अलावा डिजिटल टाइमर और टेंपरेचर कंट्रोल बटन भी आपको इसमें मिलेगा। इस इंडक्शन पर आप डोसा, रोटी, डीप फ्राई डिश, इटली, करी आइटम या फिर दूध को भी गर्म कर सकते हैं। इसकी कॉर्ड लेंथ 1.25 मीटर की है। iBELL 20 YO Induction Cooktop 2000W with Full Touch Control: यह iBELL Induction Cooktop 2 साल की वॉरंटी के साथ यूजर्स को दिया जाएगा। इसमें ऑटोमैटिक शट ऑफ फीचर दिया गया है। यह फुल ग्लास मैटेरियल से बना हुआ है, जिससे किचन को भी काफी बढ़िया लुक मिलता है। इस इंडक्शन को आप टच बटन के जरिए कंट्रोल कर सकेंगे। इसके अलावा इसमें ओवरहीट प्रोटेक्टर भी मिल रहा है। यह केवल 83 रुपये की EMI पर मौजूद है। इसको खरीदने के लिए आप नीचे दिए गई लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। इस पर हर तरह के पकवान को भी बनाया जा सकता है।

शादी करने का सपना हर युवक-युवती का होता है. वे इसके लिए कई योजनाएं बनाते हैं. शादी के दिन से लेकर भावी जीवन के हर पड़ाव को लेकर सपने देखते हैं. अपने जीवनसाथी को लेकर कई उम्‍मीदें पालते हैं. स्‍वप्‍न शास्‍त्र में शादी से जुड़े सपनों के बारे में विस्‍तार से बताया गया है. इसके अनुसार कुछ खास तरह के सपने आना इस बात का संकेत देता है कि जातक का जल्‍द विवाह हो सकता है. आइए शादी से जुड़े सपनों और उनके मतलब के बारे में जानते हैं. शादी का संकेत देते हैं ये सपने सपने में इंद्रधनुष देखना : स्वप्न में इन्द्रधनुष देखने का मतलब होता है कि आपकी विवाह करने की इच्‍छा जल्‍दी ही पूरी होने वाली है. सपने में मोरपंख देखना : सपने में मोरपंख देखने का मतलब है कि आपका शीघ्र ही विवाह हो सकता है और आपका भावी जीवन सुखद रहेगा. सपने में खुद को नाचते हुए देखना : सपने में स्वयं खुश होकर नाचते हुए देखना भी शीघ्र विवाह के योग बनाता है. यदि शादीशुदा जातक को ऐसा सपना आए तो उसका दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है. सपने में सुंदर वस्‍त्र देखना : यदि किसी लड़के को सपने में सुंदर रंग-बिरंगे कढ़ाईदार वस्‍त्र दिखें तो उसे बेहद सुंदर पत्‍नी मिलती है. उसका वैवाहिक जीवन अच्‍छा गुजरता है. सपने में सोने के गहने देखना : यदि सपने में सोने के आभूषण देखें या सपने में कोई आपको गोल्‍ड ज्‍वैलरी गिफ्ट में दे तो ऐसी लड़की का विवाह अमीर घराने में होता है. उसका पति बहुत रईस होता है. सपने में मेले में घूमना : सपने में खुद को मेले में घूमते हुए देखना योग्य जीवनसाथी मिलने का संकेत है. सपने में शहद खाना : सपने में खुद को शहद खाते हुए देखें तो इसका मतलब है कि घर-परिवार में किसी का विवाह तय होने वाला है. सपने में दाढ़ी बनाते या बनवाते देखना : कोई पुरुष सपने में अपनी दाढ़ी बनाते या दाढ़ी बनवाते हुए देखे तो इसे भी मैरिड लाइफ के लिए शुभ सपना माना जाता है. ऐसे में जातक के वैवाहिक जीवन की समस्‍याएं दूर हो जाती हैं और खुशहाली आती है.

 नारियल पानी के हैं कई फायदे, जानें स्किन के लिए कैसे है असरदार नारियल पानी एक ऐसा पानी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को हाइड्रेट और स्वस्थ रहने में मदद करते हैं. नारियल पानी का उपयोग चेहरे पर भी किया जा सकता है और इसके कई लाभ भी हैं. अगर आपने आज तक नारियल पानी सिर्फ पिया ही है तो आज इसके और भी गुण जान लीजिए. चेहरे को हाइड्रेट करता है नारियल पानी में लगभग 95% पानी होता है, इसलिए यह चेहरे को हाइड्रेट करने में बहुत फायदेमंद होता है. यह स्किन को कोमल बनाता है और झुर्रियों को कम करने में भी मदद करता है. दाग-धब्बों को कम करता है नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है. नारियल पानी का इस्तेमाल करने से दाग-धब्बे कम होते हैं और त्वचा चमकदार होती है. कील-मुहांसों को रोकता है नारियल पानी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो कील-मुहांसों को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं. यह स्किन पोर्स को बंद होने से और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. सनबर्न से बचाता है नारियल पानी में ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है और सनबर्न को रोक सकते हैं. साथ ही नारियल पानी में विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा को पोषण देने में मदद करते हैं. यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है. चेहरे पर नारियल पानी का इस्तेमाल चेहरे पर नारियल पानी का उपयोग करने के कई तरीके हैं. आप इसे सीधे चेहरे पर लगा सकते हैं, या इसे किसी दूसरी चीज के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं. ऐसे करें स्किन पर अप्लाई – एक साफ रुई के पैड को नारियल पानी में डुबोएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं. – 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर पानी से धो लें.

आज मिल गया सफ़ेद बालो का इलाज , जाने

हर कोई चाहता है कि वो सुंदर और जवां दिखे, इसके लिए बालों की डार्कनेस जरूरी है, लेकिन आजकल 20 से 25 की उम्र ही सिर पर सफेद बाल आने लगते हैं, आमतौर पर इसके पीछे हमारी अजीबोगरीब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड हैबिट्स जिम्मेदार होती है. ऐसे में कई युवाओं को शर्मिंदगी और लो कॉन्फिडेंस का सामना करना पड़ता है, हालांकि अब आपको ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे सिर के बाल इतने डार्क हो जाएंगे।  चायपत्ती की मदद से पाएं डार्क हेयर सफेद बालों को काला करने के लिए चाय की पत्तियां आपके काफी काम आ सकती है. भारत में पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ चाय ही, क्यों न इसकी मदद से बालों को डार्क किया जाए. ये काम बेहद आसान है और इस नुस्खे को घर बैठे बैठे अपनाया जा सकता है.   चायपत्ती क्यों है फायदेमंद चाय की पत्तियों में वो सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनकी मदद से आप बालों की सेहत बेहतर कर सकते हैं. इनमें नाइट्रोजन 4 फीसदी, पोटेशियम 0.25 फीसदी और फास्फोरस 0.24 फीसदी पाया जाता है. दरअसल चाय की पत्तियों में नेचुरल ब्लैक कलर होता है जिसकी मदद से बालों की सफेदी से छुटकारा पाना आसान हो जाता है. आइए जानते हैं कि इसे जुल्फों में कैसे लगाते हैं. बालों में चायपत्ती कैसे लगाएं? -बालों में चायपत्ती को डायरेक्ट नहीं लगाया जाता बल्कि इसके पानी का इस्तेमाल किया जाता है. -इसके लिए आप एक बर्तन को गैस स्टोव पर रखें और इसे उबाल लें -अब इसे में 4 से 5 चम्मच चाय की पत्ती डालें और 5 मिनट तक फिर उबालें -अगर आप चाहते हैं कि इसका असर और ज्यादा हो तो 1 कप कॉफी भी मिक्स कर लें -अब मिक्सचर को इतना उबालें कि पानी पहले से आधा रह जाए. -अब गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें -अब इस चाय के पानी से बाल को धोएं, इस दौरान शैम्पू न लगाएं

नोनी के पत्तों का रस कई बीमारियों के ल‍िए फायदेमंद

    हाल के वर्षों में नोनी के सेहत से जुड़े फायदों और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की तरफ सभी का ध्यान खींचा है। हालांक‍ि, ज्यादातर नोनी के पेड़ को इसकी आकर्षक पत्तियों के लिए उगाया जाता है। नोनी के पत्तों का साग झारखंड, बिहार, बंगाल और उड़ीसा में खूब खाया जाता है। नोनी के पत्तों में फ्लेवोनॉइड, प्रोटीन, सैपोनिन और टैनिन होते हैं। ये विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ई से भरपूर होते हैं। ज‍िसके चलते नोनी के पत्तों का रस एंटी-बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट और सूजन को कम करने में फायदेमंद होते हैं और डायजेशन बेहतर करने में भी मददगार है। तो आइए जानते हैं क‍ि नोनी के पत्तों का रस क‍िन बीमार‍ियों या सेहत से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी है। नोनी के पत्तियों का रस याददाश्त में कमी की समस्याओं को ठीक करने में कारगर है। कमजोर याददाश्त के मरीजों पर किए गए र‍िसर्च स्टडी के मुताब‍िक, नोनी की पत्तियों के रस के सेवन से द‍िमाग में ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और मेमोरी फंक्शंस को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।नोनी की पत्तियों का रस शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है जिससे घाव जल्द भरने में मदद म‍िलती है। नोनी के पत्तों का रस रोजाना पीने से लीवर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। नोनी के पत्तों का रस लीवर पर हेपाटो-प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स डालता है जो कि क्रोनिक एक्सोजेनस केमिकल्स से सुरक्षित रखते हुए लिवर डैमेज जैसी बड़ी बीमारियों से बचाता है। नोनी की पत्त‍ियों का रस धूप के चलते होने वाली लालिमा और सूजन को कम करता है। स्टडी से पता चलता है क‍ि इसके पत्ते त्वचा पर सीधे इस्तेमाल के ल‍िए सुरक्षित हैं और त्वचा के लिए अल्ट्रावॉयलेट क‍िरणों से होने वाले नुकसान को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं। स्टडीज के मुताब‍िक, नोनी के पत्तों का रस एंथ्राक्विनोन से भरपूर होता है, जो स्क‍िन में झुर्रियां बनने से रोकता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल, सूजन कम करने वाले गुण सेलुलर स्तर पर काम करते हैं और मुंहासे, जलन, स्क‍िन में होने वाली एलर्जी र‍िएक्शन को ठीक करने में उपयोगी होते हैं। र‍िसर्च में सामने आया है क‍ि नोनी के पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की मौजूदगी इसे इम्यून‍िटी बूस्टर बनाती है। इसके पत्तियों को कच्चा चबाकर खाने से, साग बनाकर खाने से या रस पीने से बॉडी की टी और बी सेल्स की एक्टिव‍िटीज बढ़ती है, जिससे शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं 50% ज्यादा बेहतर काम करती है। वैज्ञान‍िक जांच में नोनी के पत्तियों के रस में एनाल्जेसिक लक्षणों के बारे में बताया गया है जो दर्द और संवेदनशीलता को कम करने में मदद करता है, जिससे गठिया की समस्या में राहत म‍िलती है। स्टडीज से यह भी बात पता चलती है क‍ि नोनी रस के औषधीय गुण बाजार में म‍िलने वाली कुछ मशहूर एनाल्जेसिक दवाओं के बराबर है। हाई ब्लड प्रैशर द‍िल की बीमार‍ियों का सबसे बड़ा कारण है। नोनी के पत्तों में रुटिन की उच्च मात्रा होती हैं जो क‍ि आमतौर पर चाय और सेब में पाया जाने वाला एक फ्लेवोनोइड है। इसके अलावा इसमें स्कोपोलेटिन होता है। ये दोनों ब्लड प्रैशर कम करने में हेल्पफुल है। डायब‍िटिक लोगों को नोनी के पत्तियों का साग बनाकर खाने से बहुत फायदा हो सकता है। टाइप-2 डायब‍िटीज के खतरे को कम करने में नोनी की पत्तियां बहुत असरदार है। इसके पत्तियों का साग या रस का सेवन शरीर में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन, सीरम ट्राइग्लिसराइड्स और लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह इंसुलिन सेंसेव‍िटी को बढ़ाने में मदद करता है।

ब्यूटी पार्लर जा रही हैं? सुरक्षित रहें, इस खतरनाक सिंड्रोम से बचने के लिए जानिए उपाय

बीते साल नवंबर में हैदराबाद में एक महिला हेयर वॉश करते हुए ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का शिकार हो गई। उसको चक्कर, सर दर्द और धुंधला दिखाई देने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसको तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऐसे की एक दूसरे मामले में दिल्ली के ग्रीन पार्क में फेशियल मसाज करवाते हुए उंगलियों के गलत प्रेशर से महिला की गर्दन की नस दब गई। असहनीय दर्द होने पर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचकर फिजियोथेरेपी दी गई। कर्नाटक में तो शादी ऐन वक्त पर इसलिए रोक दी गई क्योंकि पार्लर की वजह से दुल्हन का चेहरा खराब हो गया, नौबत ऐसी हो गई कि दुल्हन को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। ऐसा ही एक मामला आया था मुंबई के अंधेरी इलाके से, जहां फेशियल मसाज के लिए बहुत बड़ी रकम चुकाने के बाद महिला की स्किन बुरी तरह जल गई। परमानेंट डैमेज के बाद महिला ने सैलून के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसी तरह नीदरलैंड में एक 43 वर्षीय महिला की डेथ केवल इसलिए हो गई क्योंकि उनका पेडीक्योर करवाते हुए प्यूमिक स्टोन से कट लग गया था, जिससे इन्फेक्शन फैल गया। अक्सर इस तरह के मामले सुनने में आते हैं, जब पार्लर में ट्रीटमेंट करवाने के दौरान महिला सिंड्रोम का शिकार हो गई या किसी वजह से एलर्जी हो गई या ट्रीटमेंट गलत होने से स्किन डैमेज हो गई वगैरह। ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम किसे कहते हैं? ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम शब्द का जिक्र पहली बार 1993 में अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में किया गया था। इस शब्द का उपयोग उन पांच महिलाओं का अध्ययन करने के बाद किया, जिनमें हेयर सैलून में शैम्पू सेशन के बाद स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल सिम्टम्स देखने को मिले थे। उन महिलाओं ने चक्कर आना, बैलेंस का खोना और चेहरा सुन्न होने की शिकायत की थी। उनकी आई रिपोर्ट में पांच में से चार महिलाओं को स्ट्रोक हुआ था। नस दबने से हुई हैदराबाद के पार्लर में महिला की मौत बीते साल के नवंबर महीने में हैदराबाद का ब्यूटी पार्लर वाला मामला भी पार्लर सिंड्रोम से जुड़ा हुआ था जब सिंक में गलत पॉजिशन लेने से हेयर वॉश करवाते हुए महिला इसकी चपेट में आ गई। नस दबने से रुक जाती है ब्‍लड सप्‍लाई फिजिशियन डॉक्टर अनूप भटनागर बताते हैं कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम आने की खास वजह होती है किसी नस का दबना। हैदराबाद वाले मामले में महिला के बीमार होने की वजह बाल वॉश करने के दौरान गर्दन पर खिंचाव और सिंक पर सही तरह से गर्दन को सपोर्ट न मिलना है। दरअसल, नस कहीं की भी हो, जब दबती है तो तब ब्रेन तक ब्लड की सप्लाई सही तरह से नहीं हो पाती है और यही स्ट्रोक की वजह बनता है। चक्कर आना, तेज सिर दर्द होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना जैसे लक्षण अगर दिखाई दें, तो तुरंत हॉस्पिटल ले जाना जरूरी है। डॉक्टर अनूप कहते हैं कि पार्लर में अक्सर लोग मसाज कराते हैं। अगर तरीका गलत होगा, तो आपकी हड्डी के लिए पीड़ादायक हो सकती है। पार्लर के जरिए घर तक पहुंच सकता है इंफेक्‍शन कई रिसर्च में भी सामने आ चुका है कि ब्यूटी सैलून के टूल्स और प्रोडक्ट्स से होने वाले इंफेक्शन सेहत के लिए गंभीर समस्याओं की वजह बनते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, वार्ट्स, एक्ने, रैशेज, ड्राईनेस, मोलस्कम इंफेक्शन वगैरह कुछ कॉमन इन्फेक्शन है, जो पार्लर के जरिए घर तक आते हैं। फेशियल, वैक्सिंग, थ्रेडिंग और मसाज के बाद मुंहासे निकलना आम बात है। यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। स्टीम, फेशियल पैक या ब्लीच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल स्किन से नमी कम करता है, जो फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह बनता है। फिजिशियन डॉ. अनूप भटनागर बताते हैं कि सैलून में सिर धोने या मालिश के दौरान गर्दन में अचानक और अत्यधिक छेड़छाड़ से बचें। सिर धोते समय हमेशा गुनगुना पानी डालें। अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेफोनिल ब्यूटी पार्लर की ओनर पारुल अग्रवाल कहती हैं कि ब्यूटी सर्विस देते हुए बहुत छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कुछ लोगों की स्किन हो या हेयर, काफी ड्राई होते हैं तो कुछ के ऑयली। ऐसे में जरूरी होता है सबसे पहले तो स्किन के बारे में समझना। वैक्सीन को ही लें, तो कई पार्लर बिना स्किन टाइप देखे वैक्सीन देते हैं, जिसके चलते स्किन जल जाती है या फिर एलर्जी हो जाती है। हमारे पास ऐसी दिक्कतों के साथ दूसरे जगहों से बहुत सारी महिलाएं आती हैं। कोई भी ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से पहले पार्लर की जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही, पार्लर चुनते हुए सुविधाएं, हाइजीन, स्टाफ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।

डायबिटीज के लिए रामबाण मसाले: ब्लड शुगर को स्थिर रखने में सहायक

डायबिटीज एक क्रोनिक डिजीज है, जो कभी ठीक नहीं होती है इसे केवल कंट्रोल रखा जा सकता है. यह बीमारी तब होती है जब बॉडी सही तरह ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को एब्जॉर्ब करने के लिए इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है. यह बीमारी आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल का परिणाम होती है. हालांकि इसके लिए जेनेटिक कारक भी जिम्मेदार होते हैं. आईसीएमआर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 101 लाख भारतीय डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है. वैसे तो इस बीमारी को दवाओं, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल की हेल्दी आदतों से कंट्रोल किया जा सकता है. लेकिन कुछ भारतीय मसाले भी इसके लिए प्रभावी ढंग से फायदेमंद साबित होते हैं.   अदरक अदरक टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत मददगार होता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में छपे शोध से पता चलता है कि अदरक में एंटी डायबिटिक गुण होते हैं. ऐसे में अदरक T2DM वाले रोगियों में हाइपरइन्सुलिनमिया को कंट्रोल करने में बहुत कारगर साबित होता है। इसके अलावा, अदरक ने T2DM वाले रोगियों में लीवर, किडनी और नर्वस सिस्टम से जुड़ी परेशानियों से भी बचाता है.   लहसुन लहसुन ब्लड शुगर, टोटल कोलेस्ट्रॉल और लिपोप्रोटीन को मैनेज रखने में बहुत प्रभावी ढंग से मदद  करता है. ऐसा लहसुन में पाया जाने वाले एलिसिन (एक बायोएक्टिव कंपाउंड) होता है जो अग्न्याशय बीटा सेल को प्रभावित करता है और इंसुलिन को रिलीज करने में मदद करता है। दालचीनी दालचीनी भी डायबिटीज में शुगर को कंट्रोल रखने में बहुत कारगर होता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, 12 हफ्तों तक 1 ग्राम तक दालचीनी का सेवन करने वाले लोगों में फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल में कमी और डायबिटीज टाइप 2 के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में सुधार रिकॉर्ड किया गया है. मेथी मेथी के बीज से घुलनशील फाइबर होता है जो ब्लड शुगर को कम करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है। इसके अलावा, मेथी डायबिटीज मरीजों के लिए एक अच्छा आहार है क्योंकि इसमें गैलेक्टोमेन्नन और ट्राइगोनेला जैसे रसायन होते हैं जो इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने करते हैं. लौंग लौंग मधुमेह रोगियों के लिए एंटीसेप्टिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक और डाइजेशन हेल्थ से संबंधित लाभों से भरा हुआ मसाला है. ये ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में भी मदद करता है और इंसुलिन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं.

आज ही खरीदें Pen Projector: जानें बेहतरीन डील्स और ऑफर्स

पेन प्रोजेक्टर एक छोटा, पोर्टेबल डिवाइस होता है जो आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से जुड़कर किसी भी सतह पर छवि या वीडियो प्रोजेक्ट कर सकता है. यह एक पेन की तरह दिखता है और इसमें एक छोटा प्रोजेक्टर होता है जो प्रकाश को सतह पर प्रोजेक्ट करता है. पेन प्रोजेक्टर के उपयोग प्रेजेंटेशन देना: आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर PowerPoint प्रेजेंटेशन या PDF फाइलों को पेन प्रोजेक्टर से किसी भी सतह पर प्रोजेक्ट कर सकते हैं. शिक्षण: शिक्षक छात्रों को अवधारणाओं को समझाने के लिए पेन प्रोजेक्टर का उपयोग कर सकते हैं. मनोरंजन: आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर फिल्में, वीडियो गेम, या तस्वीरें पेन प्रोजेक्टर से किसी भी सतह पर प्रोजेक्ट कर सकते हैं. कला और डिजाइन: कलाकार और डिजाइनर अपने काम को प्रोजेक्ट करने और उस पर काम करने के लिए पेन प्रोजेक्टर का उपयोग कर सकते हैं. पेन प्रोजेक्टर कैसे काम करता है: पेन प्रोजेक्टर में एक छोटा प्रोजेक्टर होता है जो प्रकाश को सतह पर प्रोजेक्ट करता है. प्रोजेक्टर एक LED लाइट और एक लेंस का उपयोग करके छवि बनाता है. पेन प्रोजेक्टर आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से ब्लूटूथ या वाई-फाई के माध्यम से जुड़ता है. आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर एक ऐप का उपयोग करके पेन प्रोजेक्टर को नियंत्रित कर सकते हैं. पेन प्रोजेक्टर के प्रकार: एलसीडी पेन प्रोजेक्टर: ये पेन प्रोजेक्टर सस्ते होते हैं और अच्छी गुणवत्ता वाली छवियां प्रदान करते हैं. डीएलपी पेन प्रोजेक्टर: ये पेन प्रोजेक्टर अधिक महंगे होते हैं, लेकिन वे बेहतर छवि गुणवत्ता और चमक प्रदान करते हैं. पेन प्रोजेक्टर खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें: छवि गुणवत्ता: प्रोजेक्टर की छवि गुणवत्ता महत्वपूर्ण है. सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा प्रोजेक्टर चुनते हैं जो अच्छी गुणवत्ता वाली छवियां प्रदान करता है. चमक: प्रोजेक्टर की चमक भी महत्वपूर्ण है. यदि आप इसे उज्ज्वल वातावरण में उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक उच्च चमक वाला प्रोजेक्टर चुनना चाहिए. रिजॉल्यूशन: प्रोजेक्टर का रिजॉल्यूशन भी महत्वपूर्ण है. उच्च रिजॉल्यूशन वाले प्रोजेक्टर बेहतर छवि गुणवत्ता प्रदान करते हैं. कनेक्टिविटी: प्रोजेक्टर की कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है. सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा प्रोजेक्टर चुनते हैं जो आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से जुड़ने के लिए आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले कनेक्शन विधियों का समर्थन करता है. बैटरी जीवन: प्रोजेक्टर की बैटरी जीवन महत्वपूर्ण है। यदि आप इसे पोर्टेबल रूप से उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक लंबी बैटरी जीवन वाला प्रोजेक्टर चुनना चाहिए. पेन प्रोजेक्टर एक बहुमुखी उपकरण है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है. यदि आप एक पोर्टेबल प्रोजेक्टर की तलाश कर रहे हैं जो आपको कहीं भी प्रोजेक्ट करने की अनुमति देता है, तो पेन प्रोजेक्टर एक अच्छा विकल्प है.

PhonePe और Google Pay को ब्लॉक करने के स्टेप्स: आसान गाइड

Investment and industrial development in the state will boost employment and business: Chief Minister Dr. Yadav

भारत में डिजिटल पेमेंट के मामले में लगातार ग्रोथ दर्ज की जा रही रही है। यूपीआई पेमेंट के लिए फोन में बस एक ऐप डाउनलोड करना होता है। हालांकि अगर स्मार्टफोन खो जाएं, तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। भारत के दो सबसे ज्यादा पॉपुलर पेमेंट ऐप गूगल पे और फोनेपे है, जिन्हें सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर आपका गूगल पे या फिर फोनपे वाला स्मार्टफोन चोरी हो जाएं, तो सबसे पहले उसे ब्लॉक करना होगा। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर कैसे? तो आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से.. कैसे ब्लॉक करें PhonePe अकाउंट Step 1: फोनपे अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए यूजर्स को सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 08068727374 पर क्लिक करना होगा। Step 2: इसके बाद कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव को अकाउंट की डिटेल देनी होगी। इसके बाद आपका अकाउंट बंद हो जाएगा। इसके लिए आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। फोनपे के साथ लिंक रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद लास्ट पेमेंट डिटेल जैसे टाइप, वैल्यू आदि दर्ज करना होगा। इसके बाद बैंक अकाउंट से लिंक नाम दर्ज करना होगा। अगर कोई अल्टरनेटवि मोबाइल नंबर हैं, तो उसे दर्ज करना होगा। Step 3: इसके बाद आपके अकाउंट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया जाएगा कैसे गूगल पे अकाउंट को करें ब्लॉक Step 1: सबसे पहले आपको गूगल पे या फिर GPay को टोलफ्री हेल्प लाइन नंबर 1800-419-0157 पर कॉल करना होगा। Step 2: इसके बाद आपको स्पेसलिस्ट से बातचीत करने का ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा। फिर आपको गूगल पे अकाउंट की सारी डिटेल देनी होगी। इस तरह आपका गूगल पे अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा

कैंसर के खिलाफ यह सब्जियां आपको करेगी मदद

कैंसर (Cancer) एक एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कई प्रकार हैं और सभी अलग-अलग तरीके से शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। कैंसर अचानक होने वाली बीमारी नहीं है। यह शरीर में धीरे-धीरे बढ़ने वाला रोग है। बेशक मौजूदा समय में कैंसर के लिए कई दवाएं और मेडिकल उपचार हैं लेकिन इससे बचने का सबसे बढ़िया तरीका लक्षणों को समय पर पहचान लेना और सही निदान ही है, जिससे बेहतर इलाज में मदद मिल सकती है। कैंसर से बचने के उपाय क्या हैं? शरीर में कैंसर की कोशिकाएं धीरे-धीरे बढ़ती हैं इसलिए समय रहते इन्हें खत्म करना जरूरी है। आप क्या खाते-पीते हैं, इससे तय होता है कि आपको कैंसर का कितना जोखिम हो सकता है। कैंसर से बचाव के लिए वैसे तो समय पर लक्षणों की पहचान, समय-समय जांच, एक्टिव लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट जरूरी है लेकिन रोजाना खाई जाने वाली कुछ सब्जियों में भी कैंसर की रोकथाम वाले गुण होते हैं। चलिए जानते हैं किन सब्जियों के सेवन से आपको कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है। कैंसर से बचने के लिए क्या खाएं-बीन्स बीन्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कई अध्ययनों में (Ref) पाया गया है कि फाइबर से भरपूर चीजों के सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में यह भी बताया गया है कि सूखे बीन्स का सेवन करने से ट्यूमर बनने का जोखिम कम होता है। चूहों पर किये गए एक अध्ययन में पाया गया कि उन्हें ब्लैक बीन्स खिलाने से उनमें कैंसर कोशिकाओं के विकास को 75% तक थम गया था। गाजर में कैंसर से लड़ने की ताकत कई अध्ययनों में पाया गया है कि गाजर खाने से कि तरह के कैंसर का खतरा कम हो सकता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं (Ref) ने पाया कि गाजर खाने से पेट के कैंसर का खतरा 26% तक कम हो सकता है। इतना ही नहीं, इससे प्रोस्टेट कैंसर के विकास को 18% कम हो सकता है। कैंसर से कैसे बचें-लहसुन खाएं लहसुन में एलिसिन नामक एक सक्रिय घटक होता है। यह एक ऐसा तत्व है, जिसमें कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है। नियमित रूप से लहसुन के सेवन से पेट के कैंसर का जोखिम कम होता है। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि लहसुन खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है। लहसुन और गहरे रंग वाली सब्जियां कोलोरेक्टल ट्यूमर के विकास को कम कर सकती हैं। गोभी परिवार की सब्जियां गोभी परिवार की सब्जियों को क्रूसिफेरस सब्जियां काया जाता है। इनमें ब्रोकोली, फूलगोभी और केल जैसी सब्जियां आती हैं जोकि विटामिन सी, विटामिन के और मैंगनीज जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरी होती हैं। इन सब्जियों में सल्फोराफेन भी होता है जिससे एंटीकैंसर के रूप में जाना जाता है। यह कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इतना ही नहीं, इस तत्व में कैंसर के ट्यूमर को रोकने की भी क्षमता होती है। टमाटर टमाटर सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता बल्कि इसमें कैंसर से लड़ने वाले गुण भी होते हैं। टमाटर में लाइकोपीन होता है जोकि एक एंटीऑक्सिडेंट फाइटोकेमिकल है, जो हार्ट डिजीज को रोकने में मदद करता है। यह विटामिन ए, सी और ई का एक बढ़िया स्रोत है, जो कैंसर का कारण बनने वाली फ्री रैडिकल का दुश्मन है। पत्तेदार सब्जियां पालक और लेट्यूस जैसी पत्तेदार हरी सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन का बढ़िया स्रोत हैं। यह सभी पोषक तत्व कोलार्ड ग्रीन्स, सरसों का साग और केल में भी पाए जाते हैं। अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के अनुसार, कुछ लैब स्टडी में पाया गया है कि इन तत्वों में कैंसर से लड़ने और कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने की क्षमता होती है। mdanderson.org की एक रिपोर्ट के अनुसार (Ref), ब्रुसेल्स स्प्राउट्स और हरी मटर में भी एंटी कैंसर गुण होते हैं।

चीनी छोड़ने के नुकसान: क्या आप जानते हैं इससे होने वाले संभावित हानियाँ?

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इस बीमारी को लेकर डर पैदा होना लाजमी है. मधुमेह के रोगियों को चीनी और मीठी चीजें कम खाने की सलाह दी जाती है. जो लोग इस रोग से बचना चाहते हैं वो चीनी से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं, लेकिन शक्कर को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है, इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि ऐसा कदम उठाने के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. शुगर कितने तरह की होती है? शुगर के दो प्रकार के होते हैं, एक नेचुरल और दूसरा प्रोसेस्ड. प्राकृतिक शुगर हमें आम, अनानास, लीची, नारियल जैसे फलों से मिलती है, लेकिन प्रोसेस्ड शुगर गन्ने और चुकंदर से तैयार की जाती है. चीनी को कंट्रोल में रहकर खाना सही फैसला है लेकिन इसे पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं माना जाता है. प्रोसेस और नेचुरल शुगर में फर्क गन्ने और मीठे चुकंदर से प्रोसेस की जाने वाली सुक्रोज में कैलोरी काफी ज्यादा होती है, हालांकि इसमें कोई न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं होती, लेकिन नेचुरल शुगर में विटामिंस और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. मीठी चीजों का स्वाद हम सभी को आकर्षित करता है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ देना आसान फैसला नहीं है, लेकिन अगर डेली डाइट से इसे हटा देंगे तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. चीनी छोड़ने के नुकसान कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग अचानक चीनी खाना छोड़ देते हैं उनके शरीर में वैसा ही असर होता है जो नशे की लत छोड़ने पर नजर आता है. इससे आप जल्दी थक जाएंगे, हमेशा सिर दर्द का अहसास होगा जो चिड़चिड़ेपन की वजह बन जाएगा. नेचुरल शुगर का सेवन करते रहें चीनी छोड़ने का असर आपके शरीर पर धीर-धीरे होगा. चूंकि ये एनर्जी का सोर्स है इसलिए इससे दूरी बनाने पर थकान होना लाजमी है. चीनी छोड़ने पर शरीर से एक्ट्रा इंसुलिन घटने लगता है. भले ही आप प्रोसेस्ड शुगर खाना बंद कर दें, लेकिन मीठे फल का सेवन जारी रखें, जिससे आपको नेचुरल शुगर मिलेगी और शरीर में ऊर्जा बरकरार रहेगी.

अल्जाइमर का खतरा: जानें नई रिसर्च के चौंकाने वाले दावे

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अक्सर बचपन में नाक में उंगली डालने की आदत को बुरी आदत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सिर्फ शिष्टाचार की बात नहीं हो सकती? हाल ही में हुए एक शोध से ये संकेत मिले हैं कि नाक में उंगली डालने की आदत से अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है. ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) के शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया है कि एक सामान्य बैक्टीरिया, क्लैमीडिया न्यूमोनिया (Chlamydia pneumoniae), नाक के रास्ते दिमाग तक पहुंच सकता है. ये बैक्टीरिया सूंघने की नस (Olfactory Nerve) के जरिए दिमाग में प्रवेश करता है और वहां अल्जाइमर रोग से जुड़े लक्षण पैदा कर सकता है. अध्ययन में पाया गया कि जब चूहों को क्लैमीडिया न्यूमोनिया से संक्रमित किया गया, तो उनके दिमाग में एमिलॉयड बीटा (Amyloid Beta) नामक प्रोटीन का जमाव देखने को मिला. एमिलॉयड बीटा का जमाव अल्जाइमर रोग का एक मुख्य लक्षण माना जाता है. इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि नाक के अंदरूनी हिस्से (Nasal Epithelium) में चोट लगने से ये बैक्टीरिया और तेजी से सूंघने की नस और दिमाग तक पहुंच सकता है हालांकि ये शोध अभी शुरुआती स्टेड में है और इसे सिर्फ चूहों पर ही किया गया है. मानव शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, ये अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन ये अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि नाक की सेहत और अल्जाइमर रोग के बीच एक संभावित लिंक हो सकता है. इस शोध के नतीजों के बारे में ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेम्स सूटर का कहना है कि हमारे अध्ययन से पता चलता है कि नाक की सेहत अल्जाइमर रोग के विकास में भूमिका निभा सकता है. नाक के अस्तर को हेल्दी रखना और नाक के बालों को न खोदना संभवतः अल्जाइमर के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है. अल्जाइमर रोग एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जो धीरे-धीरे दिमाग के सेल्स को नष्ट कर देती है. इस रोग के कारण याददाश्त कमजोर होने लगता है, सोचने-समझने की क्षमता घटती जाती है और व्यक्ति रोजाना के कामों को करने में भी असमर्थ हो जाता है. फिलहाल अल्जाइमर का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन माना जाता है कि लाइफस्टाइल में बदलाव और हेल्दी आदतों को अपनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है. इस नए शोध के बाद भविष्य में हो सकता है कि अल्जाइमर के खतरे को कम करने के लिए नाक की सेहत पर भी ध्यान दिया जाए. हालांकि, अभी और शोध की जरूरत है ताकि ये स्पष्ट हो सके कि नाक में उंगली डालने की आदत और अल्जाइमर के बीच वाकई में कोई सीधा संबंध है या नहीं.

ग्लूटाथियोन: त्वचा की देखभाल के लिए अत्यधिक प्रभावी उपाय

गर्मियों का मौसम अकेले नहीं आता है बल्कि ये अपने साथ चमकती हुई धूप, डिहाइड्रेशन और स्किन से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर भी आता है। डिहाइड्रेशन का असर सिर्फ गला सूखने या प्यास लगने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं ज्यादा है। इस की वजह से चेहरा बेजान, रुखा, काला और डल दिखने लगता है। जिसकी वजह से सूजन और झुर्रियों की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में ग्लूटाथियोन आपकी मदद कर सकता है। कैसे ये हमारी स्किन के लिए फायदेमंद है बता रहे हैं ‘ओजिवा’ के सह संस्थापक बायोटेक्नोलॉजिस्ट एंड बायो इंफॉर्मेटिशियन मिहिर गडानी। ग्लूटाथियोन त्वचा के लिए कितना फायदेमंद है? ग्लूटाथियोन सिर्फ एक ट्रेंडी शब्द भर नहीं, बल्कि ये हमारी स्किन को सेहतमंद, चमकदार और कोमल बनाए रखने में बहुत ही बड़ी भूमिका निभाता है। इसमें कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारी स्किन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं ये कैसे हमारी स्किन के लिए फायदेमंद होता है। एंटीऑक्सीडेंट का एक भंडार है ग्लूटाथियोन हमारी स्किन सेल्स को खत्म करने वाले और एजिंग साइन को बढ़ाने वाले फ्री रेडिकल्स, इंबैलेंस मोलेक्युल्स से लड़ता है। ये फ्री रेडिकल्स सूरज की किरणों, प्रदूषण और कई बार तनाव जैसे कारणों की वजह से बनते हैं। ग्लूटाथियोन इन फ्री रेडिकल्स के असर को कम कर झुर्रियों को बढ़ने से रोकता है और धूप से होने वाले स्किन डैमेज से भी बचाता है। मेलानिन का निर्माण मेलानिन स्किन को चमकदार बनाने का काम करता है और ग्लूटाथियोन, मेलानिन को बनाने में एक अहम भूमिका निभाता है। ये पिग्मेंट स्किन को रंगत देने का काम करत है। ग्लूटाथियोन एंजाइम टायरोसिनेस को रोकने में मदद करता है जो मेलानिन (डार्क मेलानिन) के उत्पादन को ट्रिगर करते हैं। इससे त्वचा को इवन टोन मिलती है और हाई पिगमेंटेशन कम भी होता है, जिसकी वजह से रंग ज्यादा गोरा और चमकदार हो जाता है। डिटॉक्स करने में करता है मदद ग्लूटाथियोन आपके शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में मदद करता है। मुंहासे और खुजली जैसी त्वचा से जुड़ी समस्याओं के कारण, टॉक्सिन्स तथा अशुद्धियों को भी दूर करने में भी मददगार हो सकता है।

टैन हटाने के लिए घर पर बनाएं यह प्रभावी बॉडी स्क्रब

गर्मी के इस मौसम में हर कोई टैनिंग से परेशान है, साथ ही तेज धूप की वजह से हमारी स्किन भी रूखी हो जाती हैं। और ऐसा सिर्फ हमारे साथ ही नहीं सेलिब्रिटीज के साथ भी है, लेकिन दिनभर घूमने पर भी इस एक्ट्रेस की स्किन इतनी ग्लो कैसे करती है? आपके मन में भी यही सवाल आता होगा न! अपनी स्किन भी इन्हीं हीरोइन की तरह गर्मी में भी चमके, इसके लिए आज हम आपको बताने वाले हैं प्रियंका चोपड़ा के बताएं होममेड स्क्रब की रेसिपी, जो आपके पैसे और केमिकल वाले प्रोडक्ट से स्किन को बचाने का एक असरदार नुस्खा हैं। ये आपकी स्किन को टैनिंग से बचाने के साथ-साथ ग्लो देने और मॉइस्चराइज करने का काम भी करेगा। तो फिर आइए जानते हैं कैसे तैयार करें ये फेस पैक। प्रियंका चोपड़ा ने बताए इस स्क्रब के फायदे इस स्क्रब को बनाना भी आसान है और इस्तेमाल करना भी। इस होममेड स्क्रब का इस्तेमाल करने से एक्सफोलिएट करने, हाइड्रेट करने के साथ-साथ मॉइश्चराइज करने के साथ-साथ स्किन को हील करने का काम भी करता है। आप इसका इस्तेमाल हर एक दिन छोड़कर कर सकते हैं किन चीजों की है जरूरत 1 कप आटा 2 बड़ा चम्मच प्लेन दही 1/2 कटे नींबू का रस 4 चम्मच दूध 2 चम्मच चंदन पाउडर 1/2 चम्मच हल्दी​ ऐसे करें स्क्रब तैयार सबसे पहले एक बड़ा बाउल लें। अब इसमें आटा और दही डालकर अच्छे से मिक्स कर दें। इसके बाद इसमें नींबू का रस और दूध मिक्स कर दें। जब ये अच्छे मिक्स हो जाए तो पेस्ट में चंदन पाउडर और हल्दी डालकर इन्हें अच्छे से मिक्स कर दें। लीजिए तैयार है प्रियंका चोपड़ा का बताया बॉडी स्क्रब।​ ऐसे करें इस्तेमाल जब स्क्रब तैयार हो जाएं तो इसे अपनी टैन स्किन पर लगाएं और थोड़ी देर तक सूखने के लिए रख दें। थोड़ी देर बाद सूख चुके पेस्ट को हाथों से रब करके स्क्रब करें। देखिए कैसे आपके हाथ चमक गए हैं और टैनिंग भी साफ हो गई है। आप इसका इस्तेमाल हफ्ते में 2-3 बार कर सकते हैं। ये बातें भी हैं जरूरी ये स्क्रब आपको टैन फ्री स्किन भी देगा और डेड सेल्स को भी रिमूव करेगा। आप चाहें तो एक ही बार में ज्यादा सामग्री का इस्तेमाल करके एक महीने के लिए स्क्रब तैयार कर सकते हैं। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो सबसे पहले हाथों के थोड़े से हिस्से पर स्क्रब का इस्तेमाल करें और अगर स्किन पर किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट दिखता है तो फौरन हाथ धो लें।

आखिर मिल ही गया सफ़ेद बालो का जड़ से इलाज , जाने

हर कोई चाहता है कि वो सुंदर और जवां दिखे, इसके लिए बालों की डार्कनेस जरूरी है, लेकिन आजकल 20 से 25 की उम्र ही सिर पर सफेद बाल आने लगते हैं, आमतौर पर इसके पीछे हमारी अजीबोगरीब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड हैबिट्स जिम्मेदार होती है. ऐसे में कई युवाओं को शर्मिंदगी और लो कॉन्फिडेंस का सामना करना पड़ता है, हालांकि अब आपको ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे सिर के बाल इतने डार्क हो जाएंगे।   चायपत्ती की मदद से पाएं डार्क हेयर सफेद बालों को काला करने के लिए चाय की पत्तियां आपके काफी काम आ सकती है. भारत में पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ चाय ही, क्यों न इसकी मदद से बालों को डार्क किया जाए. ये काम बेहद आसान है और इस नुस्खे को घर बैठे बैठे अपनाया जा सकता है.   चायपत्ती क्यों है फायदेमंद चाय की पत्तियों में वो सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनकी मदद से आप बालों की सेहत बेहतर कर सकते हैं. इनमें नाइट्रोजन 4 फीसदी, पोटेशियम 0.25 फीसदी और फास्फोरस 0.24 फीसदी पाया जाता है. दरअसल चाय की पत्तियों में नेचुरल ब्लैक कलर होता है जिसकी मदद से बालों की सफेदी से छुटकारा पाना आसान हो जाता है. आइए जानते हैं कि इसे जुल्फों में कैसे लगाते हैं. बालों में चायपत्ती कैसे लगाएं? -बालों में चायपत्ती को डायरेक्ट नहीं लगाया जाता बल्कि इसके पानी का इस्तेमाल किया जाता है. -इसके लिए आप एक बर्तन को गैस स्टोव पर रखें और इसे उबाल लें -अब इसे में 4 से 5 चम्मच चाय की पत्ती डालें और 5 मिनट तक फिर उबालें -अगर आप चाहते हैं कि इसका असर और ज्यादा हो तो 1 कप कॉफी भी मिक्स कर लें -अब मिक्सचर को इतना उबालें कि पानी पहले से आधा रह जाए. -अब गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें -अब इस चाय के पानी से बाल को धोएं, इस दौरान शैम्पू न लगाएं -अब इस प्रॉसेस को हफ्ते में 2 बार आजमा सकते हैं.

UPI पिन बनाते समय इन बातों का रखें ख्याल

यूजर्स धीरे-धीरे ही सही लेकिन डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहे हैं। चाहें किसी सब्जी वाले को पेमेंट करनी हो या किसी शॉपिंग मॉल में कोई पेमेंट करनी हो, डिजिटल माध्यम आजकल सभी की पहली पसंद बन गए हैं। Google Pay से लेकर PhonePe तक कई ऐसी UPI आधारित ऐ हैं जो यूजर्स को ऑनलाइन पेमेंट करने की सुविधा देती हैं। छोटे से लेकर बड़े ट्रांजेक्शन तक इन प्लेटफॉर्म्स से आसानी से पेमेंट की जा सकती है। इस तरह की UPI ऐप्स के जरिए पेमेंट करने के लिए आपके पास UPI पिन का होना बेहद जरूरी है। बिना इसके आप ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक अपना UPI पिन नहीं बनाया है तो यहां हम आपको इसका तरीका बता रहे हैं। आपको बता दें कि UPI पिन बनाने के लिए आपके पास डेबिट कार्ड का होना जरूरी है। बिना डेबिट कार्ड के UPI पिन बनाना संभव नहीं है। सबसे पहले यह जानते हैं कि क्या होती है UPI पिन: UPI पिन, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस पर्सनल आईडेंटिफिकेशन को कहा जाता है। यह 4 या 6 डिजिट का पासकोड होता है। इसे यूजर्स द्वारा सेट किया जाता है। इसे आपको हमेशा याद रखना होगा क्योंकि बिना इसके UPI ऐप्स के जरिए आप पेमेंट नहीं कर पाएंगे। सबसे अहम बात UPI पिन को कभी भी किसी के साथ शेयर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल ट्रांजेक्शन्स के लिए किया जाता है। आपको बता दें कि हर UPI आधारित ऐप के लिए अलग-अलग आईडी की जरूरत नहीं है। एक ही UPI पिन सभी ऐप्स पर ऑनलाइन पेमेंट्स करने में मदद करती है। इस तरह बनाएं UPI पिन:    सबसे पहले आपको किसी भी UPI आधारित ऐप पर जाना होगा। ऐप को ओपन करने के बाद आपको बैंक अकाउंट सेक्शन में जाना होगा।    यहां आपको सभी बैंक्स की लिस्ट दिखाई देगी। इसमें आप अपने बैंक को चुनें।    इसके बाद आपको SET का विकल्प दिखाई देगा। इस पर टैप करने के बाद आपको अपने डेबिट कार्ड के आखिरी के डिजिट एंटर करने होंगे। साथ ही एक्सपारयरी डेट भी एंटर करनी होगी।    इसके बाद आपके फोन पर बैंक की तरफ से OTP भेजा जाएगा। यह OTP एंटर करने के बाद आपको अपनी मर्जी का UPI पिन डालना होगा।    अपनी पसंद का UPI पिन बनाने के बाद आपको Submit पर टैप करना होगा। ऐसे आपका UPI पिन बन जाएगा। इन बातों का रखें ख्याल: सबसे अहम बात यह है कि आपको यह UPI पिन हमेशा याद रखना होगा। अगर आप इसे भूल जाते हैं तो जब तक आप इसे रीसेट नहीं कर लेंगे तब तक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे।

साइकिल चलाने के लाभ और नुकसान: क्या साइकिल चलाना आपके लिए सही है?

साइकिल चलाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह एक ऐसा व्यायाम भी है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है. यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करने में भी मदद करता है. लेकिन, साइकिल चलाने के कई फायदों के बावजूद कुछ लोगों के लिए ये जोखिम भरा भी हो सकता है. जी, हां आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं. कुछ लोगों को साइकिल चलाने से फायदे की जगह नुकसान होने की संभावना ज्यादा होती है. इसमें कौन लोग शामिल हैं, यहां हम आपको इस लेख में बता रहे हैं मिर्गी के रोगी मिर्गी का दौरा कभी भी आ सकता है. ऐसे में साइकिल चलाने से बचाना चाहिए क्योंकि दौरे के दौरान संतुलन बिगड़ने से गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है. दिल के मरीज हृदय रोग से ग्रसित लोगों के लिए अचानक से जोर लगाना नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में साइकिल चलाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूरी है. हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को ध्यान में रखकर ही साइकिलिंग की शुरुआत करनी चाहिए. अस्थमा के मरीज साइकिल चलाना अस्थमा के रोगियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. इससे सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. हड्डियों में कमजोरी या चोट हाल ही में किसी हड्डी में चोट लगी हो या गठिया जैसी बीमारी हो तो साइकिल चलाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है. क्योंकि साइकिल चलाने से दर्द या चोट गंभीर हो सकता है. गर्भावस्था गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में साइकिल चलाना ठीक है लेकिन बाद के महीनों में सावधानी बरतें. संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही साइकिल चलाएं.

सेंट्रल एसी इंस्टॉल करना चाहते हैं? जानें पूरी लागत और आवश्यक जानकारी

Rahul Gandhi suddenly reached New Delhi railway station, met the loco pilot; asked about their problems

आप अगर एक 3 BHK फ्लैट में रहते हैं लेकिन आप हर कमरे में एयर कंडीशनर नहीं लगाना चाहते हैं तो सेंट्रल एयर कंडीशनिंग का ऑप्शन चुन सकते हैं जिससे पूरे घर में एक जैसी कूलिंग मिलती है. इसका खर्च थोड़ा ज्यादा जरूर है लेकिन आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं और इसमें कितना खर्च आता है ये बात भी आज हम आपको बताएंगे. दरअसल हम बात कर रहे हैं सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर की जो इस समस्या से निपटने का एक कारगर उपाय है. अगर आपके पास एक 3 बीएचके का फ्लैट है और आप उसमें कोई स्प्लिट या फिर विंडो एयर कंडीशनर इंस्टॉल नहीं करवाना चाहते हैं और उसकी जगह पर सेंट्रलाइज्ड AC लगवाना चाहते हैं तो आपको कितना खर्चा आएगा इस बारे में अब हम आपको बता देते हैं. वन बीएचके फ्लैट में एक हॉल होता है और एक बड़ा बेडरूम आप को दिया जाता है साथ ही साथ थोड़ा बहुत स्पेस आपको एक्स्ट्रा मिल जाता है. अमूमन एक 3 बीएचके फ्लैट में तकरीबन 1200 से 1500 स्क्वायर फीट की जगह आपको मिलती है जो बहुत ज्यादा स्पेस नहीं होता है ऐसे में आपको सेंट्रल एयर कंडीशनर लगवाना है तो इसके लिए आपको जेब ढीली करने की जरूरत नहीं है यह खर्च तकरीबन उतना ही होगा जितना आप एक स्प्लिट एयर कंडीशनर को इंस्टॉल करवाने में करते हैं. शायद आपको हमारी बात पर यकीन नहीं आ रहा हो लेकिन सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर मार्केट में इसी कीमत पर उपलब्ध है और आप इन्हें आसानी से अपने घर में इंस्टॉल करवा सकते हैं यकीन मानिए 3 बीएचके फ्लैट में आपको सेंट्रल एयर कंडीशनर इंस्टॉल करवाने में तकरीबन ₹40000 से लेकर ₹45000 के बीच का खर्च आता है क्योंकि इसमें एयर कंडीशनिंग के लिए सिर्फ एक यूनिट का इस्तेमाल किया जाता है और पूरे ही घर में डक्ट का इस्तेमाल करके कूलिंग को कोने-कोने तक फैलाया जाता है. आप एयर कंडीशनर अपने हर कमरे में या घर के कोने कोने में नहीं लगवाना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है और इसमें घर के तमाम हिस्से को ड्रिल करवाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. एयर कंडीशनर काफी एक्टिव होता है और आपकी सोच से भी कम बिजली की खपत करता है

कच्‍चा स्‍प्राउट्स खाना हेल्‍थ के लिए होता है नुकसानदायक

    यद‍ि आप एक हेल्‍दी डायट फॉलो करते हैं, तो आपकी थाली में नियमित रूप से स्‍प्रोउट्स मौजूद होते होंगे। इन छोटे अंकुरित बीजों में उच्च विटामिन और खनिज की भरमार होती है, जो इसे न्‍यूट्रिशन का पावरहाउस बनाता है। यह कैलोरी में कम, प्रोटीन, फोलेट, मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैंगनीज और विटामिन सी और के से भरपूर होते हैं। स्‍प्राउट्स को जिस प्रकार से तैयार किया जाता है, वह इसे और भी ज्‍यादा पौष्‍टिक बना देता है। इसलिए यह फिटनेस और वजन घटाने वालों के बीच अत्यधिक पसंदीदा स्नैक आइटम है। इन्‍हें खाने से पाचन में सुधार, ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हालांकि, कच्चे स्प्राउट्स खाने को अक्सर फूड पॉइजनिंग के मामलों से जोड़ा जाता है। जिन लोगों के मन में अक्‍सर यह सवाल आता है कि स्‍प्राउट्स को कच्‍चा खाएं या पकाकर, तो आज हम इसी बात को लेकर चर्चा करेंगे। कच्चा स्प्राउट्स दे सकता है फूड पॉइजनिंग कच्चे स्प्राउट्स ज्यादातर ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण फूड पॉइजनिंग से जुड़े होते हैं। बींस और सीड्स ज्यादातर गर्म और नम स्थितियों में अंकुरित होते हैं, जो ऐसे बैक्‍टीरिया के विकास के लिए एकदम सही है। ज्यादातर लोग स्प्राउट्स खाने के 12-72 घंटे बाद दस्त,पेट में ऐंठन और उल्टी जैसे फूड पॉइजनिंग के लक्षण अनुभव करते हैं। ये लक्षण शायद ही कभी घातक होते हैं, लेकिन बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के मामले में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। पाचने में होगी मुश्‍किल विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे स्प्राउट्स पके हुए स्‍प्राउट्स की तुलना में पचाने में मुश्किल होते हैं। आपका शरीर बीज और फलियों के सभी पोषक तत्वों को कच्चे रूप में अवशोषित नहीं कर सकता है। स्प्राउट्स को थोड़ा पकाने से पोषक तत्व शरीर में आसानी से समा जाते हैं। किडनी से जुड़ी बीमारियां ज्यादा मात्रा में कच्चा स्प्राउट्स खाने से इसमें मौजूद लिस्टीरिया नामक बैक्टीरिया किडनी पर बुरा असर डाल सकता है। इससे किडनी की परेशानी की आशंका बढ़ जाती है। स्प्राउट्स खाने का सही तरीका बहुत से लोग रोजाना कच्चे स्प्राउट्स का सेवन करते हैं और फिर भी उन्हें कभी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। हालांकि, आपकी सुरक्षा के लिए, पैन में थोड़ा सा तेल डालें और स्प्राउट्स के बैक्टीरिया को मारने के लिए थोड़ी देर के लिए हिलाएं या फिर नमक के पानी में 5-10 मिनट तक उबालें। इस तरह पका कर खाने से आपके पाचन तंत्र और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए और भी बेहतर है। यदि आपका इम्‍यून सिस्‍टम हेल्‍दी है और कच्चे स्प्राउट्स के सेवन से आपको कभी कोई समस्या नहीं हुई है, तो आपको इसे जारी रखना चाहिए। यदि आप अपने पेट को लेकर अक्‍सर परेशान रहते हैं, तो अच्‍छा होगा कि इसे थोड़ा पकाकर ही खाएं।

त्वचा की गहराई से सफाई के लिए घर पर बनाएं हर्बल क्लींजर

आप स्किन पर कोई भी क्रीम या मॉइश्चराइजर लगाते हों लेकिन त्वचा को सुंदर और साफ रखने के लिए क्लींजर का उपयोग जरूरी है। क्योंकि त्वचा में बनने वाला प्राकृतिक तेल प्रदूषण और डस्ट को चेहरे पर जमा लेता है। जिसे साफ करना जरूरी है… इसके साथ ही त्वचा के रोम छिद्रों में जमा ऑइल को यदि समय पर साफ नहीं किया जाए तो वह त्वचा में ऐक्ने, मुहांसे, ब्लैक और वाइडहेड्स जैसी समस्याओं की वजह बन जाता है। फेशवॉश के बाद क्लींजर का उपयोग त्वचा की गहराई से सफाई करता है… क्लींजर का उपयोग हर तरह की त्वचा के लिए जरूरी होता है। लेकिन ऑइली स्किनवाले लोगों के लिए इसका उपयोग सबसे अधिक जरूरी होता है। क्योंकि यदि आप अपनी त्वचा की गहराई से सफाई नहीं करते हैं तो आपके चेहरे पर मुहांसों की लाइन लग सकती है। या ब्लैक और वाइटहेड्स चेहरे की रंगत बिगाड़ सकते हैं। इसके साथ ही आपका चेहरा हर समय तैलीय नजर आता है। क्लिंजर का उपयोग आपको इन सभी समस्याओं से बचा सकता है। बेकिंग सोडा का क्लिंजर की तरह उपयोग करना सबसे आसान है। क्योंकि आप इसे डायरेक्ट क्लींजर की तरह फेस पर यूज कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने चेहरे को फेशवॉश कर लें। अब चेहरा तौलिया से साफ ना करें बल्कि गीले चेहरे पर ही बेकिंग सोडा से हल्के हाथों से मसाज करें। इसके लिए 1 चम्मच बेकिंग सोडा फेशवॉश करने से पहले ही निकालकर रखे लें। ताकि सॉफ्ट त्वचा पर आप तुरंत इसका उपयोग कर सकें। बेकिंग सोडा के साथ 2 से 3 मिनट के लिए चेहरे और गर्दन की हल्के हाथों से गोल-गोल हाथ घुमाते हुए मसाज करें। फिर ताजे पानी से चेहरा धोकर साफ कर लें। आपकी त्वचा एकमद साफ हो जाएगी। अपनी त्वचा की गहराई से सफाई करने के लिए आप खीरे से क्लिंजर बना सकते हैं। इसके लिए खीरे की दो फांक (स्लाइस) लेकर उन्हें कद्दूकस कर लें। अब इस खीरे को छलनी में छानते हुए इसका रस अलग कर लें। इसके लिए आप चम्मच की मदद से इस कसे हुए खीरे को दबाएं। खीरे के इस रस में आधा चम्मच गुलाबजल मिलाएं और त्वचा पर लगा लें। सिर्फ चेहरे पर नहीं बल्कि इसे चेहरे के सात ही गर्दन पर भी लगाएं। इसके 10 मिनट बाद ताजे पानी से चेहरा धोकर मॉइश्चराइजर लगा लें। आजकल ज्यादातर घरों में सेब के सिरके का उपयोग होता है। आप Apple Cider Vinegar की मदद से भी अपने त्वचा की गहराई से सफाई कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप एक चम्मच सेब का सिरका किसी कटोरी में निकालें। अब इस 1 चम्मच सिरके में 3 चम्मच साधारण पानी या गुलबजल मिलाएं। अब इस मिश्रण को 4 से 5 मिनट के लिए अपने चेहरे और गर्दन पर लगा छोड़ दें। इसके बाद ताजे पानी से चेहरा धो लें और पोछने के बाद अपनी पसंदीदा क्रीम या मॉइश्चराइजर लगाएं। साफ और स्वस्थ त्वचा के लिए क्लींजर का उपयोग करना जरूरी होता है। ताकि दिनभर की जमा डस्ट और प्रदूषण के साथ ही आप मेकअप को भी गहराई से रीमूव कर सकें। क्योंकि बेस से लेकर फाउंडेशन तक आप जो भी चीजें त्वचा पर उपयोग करते हैं, वे सभी आपकी त्वचा में गहराई तक असर करती हैं।

इस तरह पता लगाएं कहां से आया है आपके पास Gmail

Swift action against negligent government employees in Jabalpur, seven Patwaris suspended

  आजकल हम सभी जीमेल का इस्तेमाल करते ही हैं। चाहें काम से संबंधित हों या फिर कोई इनविटेशन, यहां से हम कई तरह के कनवर्सेशन कर सकते हैं। हालांकि, कई बार हमारे पास ऐसे ईमेल्स आते हैं जिनके सेंडर के बारे में हमें पता नहीं होता है। आजकल फिशिंग समेत ऑनलाइन फ्रॉड्स के इतने मामले बढ़ गए हैं कि इस तरह के मेल्स की तादाद भी हैकर्स द्वारा बढ़ा दी गई है। कई बार हमें इस तरह के ईमेल्स आते हैं जिन्हें देखकर ही शक होता है कि आखिर यह कहां से आया है और किसने भेजा है। ऐसे में कई बार ऐसी जिज्ञासा होती है कि हम यह जान पाएं कि जो ईमेल आपको भेजा गया है वो कहां से आया है और किसने भेजा है। इसी के चलते हम आपके लिए इसका तरीका लाए हैं। इस लेख में हम आपको कुछ तरीकों की जानकारी दे रहे हैं जिनके जरिए आप ईमेल की लोकेशन और एड्रेस का पता लगा सकते हैं। इस तरह लगाएं ईमेल की लोकेशन और एड्रेस का पता: ईमेल की लोकेशन और एड्रेस का पता लगाने के लिए आपके पास 3 तरीके होते हैं। पहला तरीका आईपी एड्रेस ट्रैक करना। दूसरा ई-मेल आईडी सर्च करना और तीसरा फेसबुक के जरिए। सबसे पहले हम आईपी एड्रेस ट्रैक करने का तरीका हम आपको सबसे पहले बता रहे हैं।     आपको जीमेल पर जिस भी ईमेल से मेल आया है उसे ओपन करें। फिर राइट साइड में टाइम के बराबर में दिख रहे बटन पर टैप करें। इसके बाद SHOW ORIGINAL पर टैप करें। इसके बाद एक नया टैब ओपन होगा। इसमें आपको ईमेल भेजने वाले व्यक्ति के आईपी एड्रेस का पता चल जाएगा।     इसके बाद आप आईपी एड्रेस को कॉपी करना होगा। फिर Wolfram Alpha पर जाएं। यहां पर आईपी एड्रेस को सर्च करें। यहां से आपको ईमेल की लोकेशन पता चल जाएगी। यह अगर कोई कंपनी है तो उसका नाम भी पता चल जाएगा। दूसरा तरीका है ई-मेल आईडी सर्च करना। इसके लिए आपको सबसे पहले pipl और Spokio वेबसाइट पर जाना होगा। यहां से आप उस ईमेल आईडी को सर्च करें जिससे आपके पास मेल आ रहे हैं। सर्च करने के बाद आपको जिस व्यक्ति ने मेल भेजा है उसकी लोकेशन का पता चल जाएगा। हालांकि, यह दोनों ही तरीके पेड हैं। इनके लिए यूजर्स को पेमेंट करना होता है। तीसरा तरीका है फेसबुक। जिसकी लोकेशन आपको पता लगानी है उसकी मेल आईडी ओपन करें। फिर फेसबुक के जाकर उसे सर्च करें। अगर इसी आईडी से व्यक्ति की ईमेल आईडी बनी होगी तो यहां से सब पता किया जा सकता है।

आंवले का करें ऐसे इस्तेमाल, स्किन की कई समस्याएं होंगी दूर

आंवला का इस्तेमाल घरों में कई सालों से किया जा रहा है। स्वास्थ्य से लेकर सौंदर्य तक में आंवला बेजोड़ है। इसमें मौजूद औषधीय गुणों के कारण यह कई तरह की स्किन समस्याओं को दूर करने का माद्दा रखता है। अगर आप भी अपनी स्किन समस्याओं को नेचुरली मात देना चाहती हैं तो आंवला की मदद से बनने वाले इन फेस पैक्स का सहारा लीजिए और फिर देखिए कमाल- अगर हो स्किन ब्लेमिश स्किन ब्लेमिश को दूर करने के लिए आंवला का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आप तीन बड़े चम्मच आंवला पाउडर लेकर उसमें एक चम्मच हल्दी और दो बड़े चम्मच नींबू का रस डालकर मिक्स करें और एक फाइन पेस्ट बनाएं। अब आप इसे अपने चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। अंत में पानी की मदद से स्किन साफ करें। आप सप्ताह में एक बार इस पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं। निखारे रंगत अगर आप अपनी स्किन को लाइटन व ब्राइटन करना चाहती हैं तो उसमें भी आंवला आपकी मदद कर सकता है। इस फेस पैक को बनाने के लिए दो टेबलस्पनू आंवला का रस लेकर उसमें एक चम्मच शहद और पपीते को मैश करके उसे मिक्स करें। अब आप इसका एक फाइन पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। आप इस पेस्ट को लगातार कुछ दिन तक लगाएं और फिर आपको अपने चेहरे में काफी निखार नजर आएगा। ऑयली स्किन की समस्याएं गर्मी के मौसम में ऑयली स्किन को काफी समस्याएं होती है। चेहरे से ऑयल का अतिरिक्त स्त्राव पिंपल्स आदि को बढ़ावा देता है। ऐसे में आंवला की मदद से आपकी स्किन का बेहतरीन तरीके से ख्याल रख सकती हैं। इसके लिए आप एक बाउल में दो बडे़ चम्मच आंवला पाउडर लेकर उसमें गुलाबजल मिक्स करें। आप इस पैक को सप्ताह में दो बार लगा सकती हैं। यह पैक स्किन में तेल बनाने वाले पोर्स को कम करने में मदद करेगा और आपको एक निखरी त्वचा प्रदान करेगा। निकाले डेड स्किन हर किसी की स्किन पर कुछ दिन में डेड स्किन सेल्स जमा हो जाती है, जिससे स्किन डल व बेजान नजर आती है। ऐसे में आप इसे एके बेहतरीन स्क्रब के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। दो बड़े चम्मच आंवला का पाउडर लेकर एक बड़ा चम्मच नींबू का रस व एक चम्मच चीनी मिक्स करें। अब आप इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से स्क्रब करें। इससे चेहरे की सारी अशुद्धियां दूर होती हैं। आप सप्ताह में दो बार इस स्क्रब का का प्रयोग कर सकती हैं।

ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए डेली कितना पानी पीना चाहिए?

IMD's warning, stormy rain will come suddenly in 40 districts after 2 hours, yellow alert

डायबिटीज के इलाज और मैनेजमेंट की बात करें तो हम डाइट, व्यायाम, नींद, दवाइयां और डॉक्टर से फॉलोअप जैसी कई महत्वपूर्ण चीजों पर चर्चा करते हैं. लेकिन हम पानी पीने और तरल पदार्थों का बैलेंस बनाए रखने की बात करना भूल जाते हैं. हल्का डिहाइड्रेशन भी ब्लड शुगर में अच्छी वृद्धि का कारण बन सकता है, जो समय के साथ शरीर को नुकसान पहुंचाता है. दरअसल, डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं हो सकता है. उन्हें इलेक्ट्रोलाइट्स रिच तरल पदार्थ और ग्लूकोज की मात्रा भी उपयुक्त होनी चाहिए ताकि शरीर आसानी से इसे सोख सके. डायबिटीज मरीजों के लिए डिहाइड्रेशन जोखिम भरा क्यों है? जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो ब्लड शुगर (blood glucose) अधिक केंद्रित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप शुगर का लेवल बढ़ जाता है. इसके बाद किडनी रक्त को छानने के लिए अधिक पेशाब का उत्पादन करने के लिए ज्यादा काम करती है. अनियंत्रित डायबिटीज के कारण ज्यादा पेशाब आना, प्यास लगना और डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है. यह डायबिटीज केटोएसिडोसिस का कारण बन सकता है. यह एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, जिससे ब्लड शुगर सेल्स में एनर्जी के रूप में उपयोग के लिए नहीं जा पाता है. ऐसी स्थिति में लिवर ईंधन के लिए फैट को तोड़ देता है, जिससे एसिड का निर्माण होता है जो कोमा तक भी ले जा सकता है. वास्तव में, डायबिटीज केटोएसिडोसिस और कोमा के मरीज को दिए जाने वाले पहले उपचारों में से एक उनके शरीर में तेजी से तरल पदार्थ डालना होता है. इंसुलिन तभी दिया जाता है जब उन्हें हाइड्रेट कर दिया जाता है. डायबिटीज में डिहाइड्रेशन के लक्षण सबसे आम लक्षण ज्यादा प्यास और मुंह सूखना है. अधिक गंभीर मामलों में, स्किन अपनी लोच खो देती है. साथ में सिरदर्द, सूखी आंखें, ड्राई स्किन, गहरे पीले रंग का पेशाब, चक्कर आना, सामान्य कमजोरी और थकावट जैसे लक्षण भी शामिल हैं. कभी-कभी शरीर के संकट में जाने तक डिहाइड्रेशन के लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं. तब नाड़ी तेज और कमजोर हो जाती है और इससे भ्रम और सुस्ती भी हो सकती है. क्या कुछ डायबिटीज की दवाएं डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती हैं? हाल ही में, SGLT2 अवरोधक जैसी दवाओं के इस्तेमाल से पेशाब के माध्यम से ग्लूकोज का एमिशन होता है. इसलिए ऐसी दवाओं का सेवन करने वाले लोगों को हाइड्रेट रहने के लिए अपने पानी के सेवन को कम से कम आधा से एक लीटर प्रतिदिन बढ़ाने की आवश्यकता होती है.

Starlink सैटेलाइट नेटवर्क ने 100 देशों में हाई-स्पीड इंटरनेट कॉलिंग की शुरुआत की

Elon Musk की कंपनी स्टारलिंक लगातार नए प्लान बना रही है। अब स्टारलिंक ने एक और देश में एंट्री कर ली है। इसके बाद सैटेलाइट कम्युनिकेशन को बढ़ावा मिलने वाला है। सिएरा लियोन में भी स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन की एंट्री हो गई है। हालांकि अभी आगे का रास्ता एलन मस्क के लिए इतना साफ नहीं लग रहा है क्योंकि कई देशों में उनकी कंपनी संघर्ष कर रही है। अफ्रीकी देश सिएरा लियोन में स्टारलिंक ने एंट्री मार दी है। इसके साथ ही 100 देश हो गए हैं जहां सैटेलाइट नेटवर्क की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि भारत में अभी इसको लेकर रास्ता साफ नहीं हुआ है क्योंकि यहां पर बहुत सारे नियमों को मस्क को मानना होगा। भारत में इसको लेकर स्पेक्ट्रम भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। यही वजह है कि वह अपनी सर्विस यहां शुरू नहीं कर पा रहे हैं। भारत में स्टारलिंक के लिए कई अन्य चुनौतियां भी हैं। एलन मस्क के लिए रेगुलेटरी नॉर्मस को पार करना भी चुनौती है। यही वजह है कि वह अलग-अलग देशों में इस सर्विस पर ध्यान भी दे रहे हैं। लेकिन 100 देशों में पहुंचने के साथ ये साफ हो गया है कि डार्क जोन में लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट मिलने वाला है। स्टारलिंक की तरफ से इस पर लगातार काम भी किया जा रहा है। लेकिन कई देशों में अभी भी स्टारलिंक के लिए राह आसान नहीं लग रही है। कई विकसित देशों में स्टारलिंक के प्लान थोड़े महंगे लग रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है जब लोग इतना महंगा प्लान देने के इच्छुक नहीं लग रहे हैं। 3 से 4 गुना तक ये महंगे हो रहे हैं। भारतीय ग्राहकों को इससे काफी परेशानी हो सकती है। क्योंकि महंगा होने की वजह से इसकी सर्विस में परेशानी हो सकती है। कई जगहों पर इससे छुटकारा पाने की कोशिश भी की जा रही है और मस्क नई नीति पर काम भी कर रहे हैं।

जब लक्ष्मी होती हैं अप्रसन्न, तो जीवन में होती हैं ये 5 घटनाएं

Canal disappeared overnight, strange case of Union Minister's parliamentary constituency

सभी चाहते हैं कि उनके जीवन में माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहे और उन्हें कभी भी धन की कमी न हो, लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि बहुत मेहनत करने के बाद भी हमारे हाथ कुछ नहीं लगता। फिर देखते ही देखते आय के साधन भी हमसे दूर जाने लग जाते हैं। हमें समझ नहीं आता कि हमारे साथ ऐसा क्यों हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि माता लक्ष्मी आपसे नाराज हैं। ​चांदी या पीतल के बर्तनों की चोरी​ पुराने समय में घरों में चांदी और पीतल के बर्तन रखे जाते थे। माना जाता है कि अगर घर में रखे कीमती चांदी या पीतल के बर्तन चोरी हो जाते हैं, तो इसका मतलब यह है कि माता लक्ष्मी उस घर में विराजमान नहीं होना चाहती। इसी कारण से कीमती बर्तन चोरी होने की घटनाएं घटती हैं। ​आपके पैसे खो जाना​ पैसे खो जाना भी माता लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत है। पौराणिक मान्यता के अनुसार अगर किसी व्यक्ति पर माता लक्ष्मी की कृपा होती है, तो उसे कभी भी धन की कमी नहीं होती और उसके जीवन में धन आगमन होता ही रहता है लेकिन अगर आपके पैसे बार-बार खो रहे हैं और धन की कमी होती जा रही है, तो यह भी लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत है। ​तुलसी और मनीप्लांट जैसे पौधों का सूखना​ तुलसी को देवी माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहता है, वहां पर सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं, मनीप्लांट को आर्थिक खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अगर बहुत ध्यान रखने के बाद भी आपके घर में तुलसी और मनीप्लांट का पौधा सूखने लगा है, तो यह इस बात का संकेत है कि माता लक्ष्मी आपसे नाराज हैं। ​सोने-चांदी के गहने खो जाना​ कई बार सोने या चांदी के आभूषण खो जाना मां लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत माना जाता है। सोने-चांदी जैसे कीमती आभूषणों को भी माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे में सोना-चांदी का खो जाने का अर्थ होता है कि माता लक्ष्मी आपसे रुष्ट हो गई हैं ​बार-बार दूध का गिरना आपके घर में अगर बार-बार दूध गिर रहा है, तो यह भी इस बात का संकेत है कि माता लक्ष्मी आपसे खुश नहीं है। पौराणिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी को दूध बहुत पसंद होता है। घर में बार-बार दूध गिरना यह भी इस बात का इशारा है कि माता लक्ष्मी की कृपा आप पर नहीं बरस रही है।

HMD 110 और HMD 105 लॉन्च हुए: 1000 रुपये से कम में शानदार फीचर्स

भारत स्मार्टफोन का एक बड़ा मार्केट है। लेकिन अगर आपका बजट और स्मार्टफोन इस्तेमाल सीमित है, तो फीचर फोन अच्छा ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि MHD ने दो फीचर फोन HMD 110 और HMD 105 लॉन्च किए हैं। इसकी शुरुआती कीमत 999 रुपये है। हालांकि फीचर फोन होने के बावजूद इन फोन्स में स्मार्टफोन की तरह UPI पेमेंट की सुविधा मिलती है। साथ ही यह दोनों फोन लंबी बैटरी लाइफ के साथ आते हैं। कंपनी का दावा है कि फोन में 18 दिनों की बैटरी लाइफ मिलती है।  कीमत और ऑफर HMD 110 की कीमत 1,119 रुपये है, जबकि HMD 105 की कीमत 999 रुपये है। फोन की बिक्री 11 जून से शुरू हो गई है। फोन को HMD वेबसाइट से खरीदा जा सकेगा। HMD 110 फोन ब्लैक और ग्रीन कलर ऑप्शन में आता है, जबकि HMD 105 ब्लैक, ब्लू और काले, नीले और पर्पल कलर में आएगा। HMD 110 और HMD 105 दोनों में मल्टीमीडिया दिया गया है।  स्पेसिफिकेशन  HMD 105 में ड्यूल एलईडी फ्लैश लाइट दी गई है, जबकि HMD 110 में रियर कैमरा सेंसर मिलता है। दोनों फोन में 1,000mAh की बैटरी दी गई है। दोनों फोन कुल 23 भाषाओं में काम कर सकते हैं। फोन में ऑटो कॉल रिकॉर्डिंग, MP3 प्लेयर, वायरलेस एफएम जैसे टूल्स दिए गए हैं। फोन में वॉइस असिस्टेंट सपोर्ट दिया गया है। यह फीचर उन लोगों के लिए मददगार होगा, जो टाइप करके कमांड नहीं दे सकते हैं। इसके अलावा स्मार्टफोन की तरह UPI पेमेंट की सुविधा दी जाएगी।

हार्ट अटैक के खतरे को कम करें: मेनोपॉज के बाद इस ड्रिंक का सेवन करें

'No one takes RSS seriously'…, Congress

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है. पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस दौरान महिलाओं के दिल और ब्लड वेसेल्स की सेहत को बेहतर बनाने के लिए चुकंदर के जूस पर अध्ययन किया. शोध में पाया गया कि रोजाना चुकंदर का जूस पीने से ब्लड वेसेल्स का काम बेहतर हो सकता है, जिससे भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा कम हो सकता है. चुकंदर के जूस में हाई मात्रा में नाइट्रेट पाया जाता है, जो शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित कर देता है. नाइट्रिक ऑक्साइड ब्लड वेसेल्स को फैलाने में मदद करता है, जिससे ब्लड सर्कुलेटरी सिस्टम में खून का फ्लो आसान हो जाता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, नाइट्रिक ऑक्साइड की ब्लड वेसेल्स को चौड़ा करने की क्षमता खून का फ्लो और ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन सीमित होने की अवधि के दौरान विशेष रूप से मददगार होती है, जैसे कि दिल का दौरा पड़ना. 24 महिलाओं पर हुआ अध्ययन डेविड प्रॉक्टर और जॉसलिन डेलगाडो स्पीकूजा के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने यह अध्ययन किया. अध्ययन में 50 और 60 के दशक की 24 मेनोपॉज महिलाओं को शामिल किया गया. इन महिलाओं को एक हफ्ते के लिए रोजाना चुकंदर के जूस की मात्रा दी गई. कुछ हफ्तों बाद प्रतिभागियों को नाइट्रेट रहित चुकंदर का जूस पिलाया गया. शोधकर्ताओं ने यह नहीं बताया कि उन्हें कौन सा जूस दिया जा रहा है नाइट्रेट रिच चुकंदर का जूस अध्ययन के परिणामों से पता चला कि नाइट्रेट रिच चुकंदर का जूस पीने से ब्लड वेसेल्स का काम बेहतर हुआ. शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि मेनोपॉज के बाद के वर्षों में ब्लड वेसेल्स के काम में यह सुधार बना रहता है, तो इससे दिल की बीमारी का खतरा काफी कम हो सकता है. हालांकि चुकंदर के जूस के लंबे समय तक सेहत के फायदों पर अभी तक अध्ययन नहीं किया गया है. शोधकर्ताओं का क्या कहना? शोधकर्ताओं का कहना है कि चुकंदर के जूस का सेवन मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ब्लड वेसेल्स के सेहत की रक्षा करने में बहुत उपयोगी हो सकता है. अध्ययन में शामिल महिलाओं को चुकंदर के जूस का सेवन जारी रखने की इच्छा दिखी. अध्ययन के नतीजे यह बताते हैं कि चुकंदर का जूस लाखों महिलाओं के लिए उम्र बढ़ने के साथ ब्लड वेसेल्स के सेहत को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है.

माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों में अंतर: पहचानने के लिए जानें मुख्य संकेत

माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर दोनों ही सिरदर्द के गंभीर कारण हो सकते हैं। ये दोनों सिर की एक ऐसी बीमारी है, जिसके कुछ लक्षण एक जैसे नजर आते हैं। जिसके कारण लोगों को समझना मुश्किल हो जाता है कि उन्हें किस कारण सिर में दर्द है। नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ के अनुसार माइग्रेन एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल विकार है जो गंभीर सिरदर्द का कारण बनता है। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन जेनेटिक और तनाव जैसे कारण, इसके होने के कारणों में ज्यादा देखा जाता है। वहीं ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं के वृद्धि होने से होता है। यह वृद्धि मस्तिष्क की संरचना और कार्यों को प्रभावित कर सकती है। ब्रेन ट्यूमर के दौरान होने वाली दिक्कतें बढ़ती जाती है।यहां पर कुछ प्रमुख अंतर बताए गए हैं जिनसे आप माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों में अंतर कर सकते हैं। सिरदर्द माइग्रेन का दर्द कुछ घंटों से लेकर 72 घंटे तक रह सकता है। इसमें अधिकतर मरीजों को सिर के एक तरफ दर्द होता है। कुछ लोगों को दोनों तरफ भी हो सकता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के कारण होने वाला सिरदर्द अक्सर सुबह अधिक गंभीर होता है और समय के साथ बढ़ता है। मतली और उल्टी माइग्रेन के दौरान अक्सर मतली और उल्टी की समस्या होती है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में मतली की समस्या ज्यादा नहीं देखी जाती है ​ संतुलन में दिक्कत माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी और तेज आवाजों से मरीज को परेशानी हो सकती है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में हाथ-पैरों में कमजोरी, शरीर के संतुलन में परेशानी, बोलने में कठिनाई या सुनने की समस्या हो सकती है। दृष्टि संबंधी समस्याएं माइग्रेन अटैक से पहले या उसके दौरान आँखों के सामने चमकती हुई लाइट्स या धुंधला दिखने जैसी दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती है और ऐसा कुछ देर के लिए होता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में दृष्टि में धुंधलापन, डबल विजन बढ़ते समय के साथ आंखों की रोशनी कम हो सकती है। कमजोरी माइग्रेन में सिर दर्द और मतली के कारण मरीज को कुछ समय के लिए कमजोरी महसूस हो सकती है। फिर वो समय के साथ ठीक हो जाता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में बढ़ते दिन के साथ कमजोरी भी बढ़ती जाती है।

बेरी स्मूदी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ: जानें इसके पोषक तत्व और फायदे

फल सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं और सभी फलों के अपने फायदे होते हैं। इनमें से एक बेरीज भी हैं, जो कि कई प्रकार की होती हैं, जैसे कि ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी आदि । गर्मियों में बेरीज से बनी स्मूदी काफी पसंद की जाती है, लेकिन तब जब इसे लो फैट मिल्क और बिना चीनी या ब्राउन शुगर के साथ हेल्दी ढंग से बनाया गया हो। बेरी से बनी स्मूदी आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होती है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और कई ऐसे गुण होते हैं, जो आपे ब्रेन हेल्थ के लिए भी अच्छे होते हैं। आइए जानते हैं इस आर्टिकल में बेरी स्मूदी के फायदों के बारे में। हाई एंटी-ऑक्सीडेंट का सोर्स है बेरीज जैसे कि ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल से होने वाले डैमेज से बचाने में मददगार हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई बीमारियों से बचाने के साथ साथ नर्व डैमेज के खतरे को भी कम करते हैं। पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है बेरीज में फाइबर की हाई मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है। जिससे कब्ज और पेट की अन्य समस्याओं का खतरा भी कम होता है। हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बेरीज में फाइबर, विटामिन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो हृदय के लिए लाभदायक होते हैं। ये पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त प्रवाह में सुधार करने में सहायक हैं। वेट लॉस में मददगार है बेरीज और ओट मिल्क से बनी स्मूदी में लो कैलोरी, हाई फाइबर और हाई न्यूट्रिशन होते हैं, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने के साथ क्रेविंग को कंट्रोल करने में मदद करती है, जिससे लंबे समय तक आपको भूख नहीं लगती है और वजन घटाने में मदद मिल सकती है। स्किन हेल्थ के लिए है फायदेमंद बेरीज में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करते हैं। यह त्वचा में होने वाली सूजन को कम करने में भी सहायक है।

Kodak स्मार्ट टीवी पर भारी छूट: जानें नई कीमतें और ऑफर्स

Kodak ने अपनी स्मार्ट टीवी की रेंज को बढ़ा दिया है और अब फ्लिपकार्ट सेल के दौरान आपको स्मार्ट टीवी पर भारी डिस्काउंट मिल रहा है। यह सेल 13 जून, 2024 को पहले एक्सेस के साथ शुरू होगी। टेलीविजन INR 5,999 से शुरू होते हैं। गूगल टीवी प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग में, कोडक QLED टेलीविजन तीन स्क्रीन साइज़ों में उपलब्ध होंगे: 50 इंच, 55 इंच, और 65 इंच, जिनकी कीमत INR 28,999 से शुरू होती है। इन टेलीविजन्स में डीटीएस ट्रूसराउंड, एक QLED 4K डिस्प्ले जो 1.1 अरब रंगों का प्रदर्शन करता है, और डॉल्बी एटमॉस, डॉल्बी विज़न, एचडीआर 10+ के साथ फ़ीचर होती है। इन टेलीविजन्स को अनेक उन्नत सुविधाएं भी शामिल हैं, जैसे कि वयस्कों और बच्चों दोनों के लिए मल्टीपल यूज़र प्रोफ़ाइल का समर्थन, स्मार्ट होम डिवाइस के लिए मैन्युअल और आवाज़ कंट्रोल विकल्प, और व्यक्तिगत होम स्क्रीन जो व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए अनुकूलित है। कोडक 75 इंच 4K QLED टेलीविजन (75MT5044) DTS TruSurround, एक QLED 4K डिस्प्ले, डॉल्बी एमएस 12, एचडीआर 10+ के साथ 2GB रैम और 16GB आंतरिक स्टोरेज के साथ लैस है। इन टेलीविजन्स का डिज़ाइन बेजेल-लेस और एयरस्लिम प्रोफाइल के साथ होता है, इनमें HDR10+, डॉल्बी एटमॉस, डॉल्बी विज़न, डॉल्बी डिजिटल प्लस, और इंबिल्ट च्रोमकास्ट और एयरप्ले सपोर्ट 1000+ एप्स के लिए शामिल होता है। यह प्रीमियम ऑफ़रिंग INR 99,999 से शुरू होती है। इनोवेटिव गूगल टीवी इंटरफ़ेस, एक 4K HDR10 डिस्प्ले, डॉल्बी डिजिटल प्लस, और डीटीएस ट्रूसराउंड के साथ, कोडक सीए प्रो रेंज के टेलीविजन्स एक असाधारण दृश्य अनुभव सुनिश्चित करते हैं, जिनकी कीमत INR 25,499 से शुरू होती है। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं को यूएसबी 2.0, एचडीएमआई 3, एआरसी/सीईसी, और ब्लूटूथ v.5.0 जैसे विविध कनेक्टिविटी विकल्प मिलते हैं, जो विभिन्न डिवाइस के साथ संवाद को बिना किसी रुकावट के संभव बनाते हैं। सीए प्रो श्रृंखला सुंदर, बेजेल-लेस स्क्रीन डिज़ाइन को फहराती है, जिससे इसका सौंदर्यिक आकर्षण बढ़ता है। टेलीविजन की विस्तृत कार्यान्वयनों के माध्यम से सहज नेविगेशन करना बहुत आसान होता है, इसके लैंगिक रिमोट कंट्रोल और बिल्ट-इन गूगल असिस्टेंट के कारण। इन कटिंग-एज विशेषताओं के साथ, कोडक सीए प्रो श्रृंखला एक ऐसा दृश्य अनुभव गारंटी करती है जो संगठित और उच्चतम गुणवत्ता होता है। इस श्रृंखला का फ़्लैगशिप मॉडल, 55CAPROGT5014, INR 29,499 पर उपलब्ध है। कोडक 9XPRO टीवी प्रीमियम टेलीविजन सीरीज है, जिसे एंड्रॉयड 11 से पोवर किया गया है, इसमें एक आर्म कोर्टेक्स ए55*4 रीअलटेक प्रोसेसर, डॉल्बी डिजिटल ध्वनि, 30W स्पीकर आउटपुट, और बिल्ट-इन नेटफ्लिक्स, गूगल असिस्टेंट, च्रोमकास्ट, ब्लूटूथ 5.0, 1GB रैम, और 8GB रोम है। 10,000 प्लस एप्स और गेम्स से भरपूर, इनमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, डिज़्नी+हॉटस्टार, एप्पल टीवी, वूट, ज़ी5, सोनी लिव, और गूगल प्ले स्टोर के 500,000 प्लस टीवी शोज़, यह टेलीविजन विस्तृत मनोरंजन लाइब्रेरी प्रदान करते हैं। 32 इंच का वेरिएंट HD रेडी है, जबकि अन्य सभी मॉडल पूर्ण एचडी रिज़ॉल्यूशन हैं। INR 10,499 से शुरू होने वाले इस श्रृंखला में असाधारण मूल्य प्रस्तुत किया जाता है। इस श्रृंखला के फ़्लैगशिप मॉडल, 439X5081 और 429X5071, INR 16,999 और INR 15,499 पर उपलब्ध हैं।

ओवरी कैंसर के 5 शुरुआती लक्षण: समय रहते पहचानें और सावधान रहें

कैंसर का नाम सुनते ही हर किसी की रूह कांप जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं में होने वाला एक खास कैंसर अक्सर शुरुआत में सामान्य सी परेशानियों में छिप जाता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं ओवेरियन कैंसर की. यह ओवेरियन कैंसर इतना खतरनाक होता है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षणों को पहचानना मुश्किल हो जाता है. ओवेरियन कैंसर, महिलाओं को प्रभावित करने वाला एक गंभीर कैंसर है. चूंकि इसके शुरुआती दौर में लक्षण अस्पष्ट होते हैं, अक्सर इसका पता देर से चल पाता है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ शुरुआती संकेतों पर ध्यान देकर आप इस बीमारी का जल्दी पता लगा सकती हैं और इलाज करवाकर स्वस्थ रह सकती हैं. आइए जानते हैं ओवेरियन कैंसर के 5 शुरुआती लक्षणों के बारे में. पेट में दर्द और सूजन यह ओवेरियन कैंसर का सबसे आम लक्षण है. पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द या असुविधा, खासकर भोजन के बाद या पीरियड्स के आसपास,  इस बीमारी का संकेत हो सकता है. साथ ही, पेट में अक्सर सूजन या फूला हुआ महसूस होना भी एक लक्षण है. जल्दी पेट भर जाना और भूख कम लगना अगर आप थोड़ा खा लेने के बाद ही पेट भर गया महसूस करती हैं और भूख भी कम लगती है, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह भी ओवेरियन कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है. बार-बार पेशाब आना अगर आपको बिना किसी कारण के बार-बार पेशाब आता है, खासकर रात में, तो यह ओवेरियन कैंसर का लक्षण हो सकता है. कब्ज या दस्त कब्ज या दस्त, जो बिना किसी कारण के अचानक शुरू हो जाते हैं और जिन्हें आपकी डाइट या डेली रूटीन में बदलाव से जोड़कर नहीं समझा जा सकता, वो भी ओवेरियन कैंसर के संकेत हो सकते हैं. असामान्य ब्लीडिंग यदि आपको पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होती है या मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. यह ओवेरियन कैंसर का लक्षण हो सकता है. यह लक्षण सिर्फ ओवेरियन कैंसर के ही नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के भी हो सकते हैं. लेकिन इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह जरूर करें. जल्दी जांच और इलाज से इस गंभीर बीमारी को मात देना संभव है. अपने आप को स्वस्थ कैसे रखें? * नियमित रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं, खासकर अगर आप 50 वर्ष से अधिक उम्र की हैं. * अगर आपके परिवार में ओवेरियन कैंसर का इतिहास रहा है, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें. * स्वस्थ वजन बनाए रखें. * नियमित व्यायाम करें. * धूम्रपान से बचें. * पौष्टिक डाइट लें.

त्वचा की खूबसूरती के लिए इन 5 पत्तियों का प्रयोग करें: स्वस्थ और ग्लोइंग स्किन के उपाय

एक्ने फ्री और ग्लोइंग स्किन कौन नहीं चाहता है और स्किन से जुड़ी इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए हम न जाने कितने तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। जो हमारी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए आज हम आपको इस लेख में उपायों को अपनाते हैं, लेकिन फिर भी वैसा रिजल्ट नहीं मिलता है जैसा हम चाहते हैं। आज हम आपको इस लेख में 5 ऐसी पत्तियों के बारे में बताने वाले हैं, जो सेहत ही नहीं स्किन के लिए भी इतनी ज्यादा फायदेमंद हैं कि त्वचा से जुड़ी हर समस्या का समाधान करने में अहम भूमिका निभाती हैं और आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो देंगे। चेहरे कि लिए गुलाब की पत्तियों के फायदे गुलाब जव की तरह इसकी पत्तियां भी हमारे चेहरे को हाइड्रेट करने, नरिश करने, सूजन को कम करने, एजिंग साइन को कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने का काम करती हैं। आप इन पत्तियों को सुखाकर पाउडर बनाकर भी फेस पैक और फेस मास्क के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। तुलसी के फायदे तुलसी के पत्ते सिर्फ पूजा के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को कई समस्याओं से बचाते हैं। जैसे- मुंहासे कम करना, दाग-धब्बे कम करना, झुर्रियां कम करना और स्किन को हाइड्रेट करने के लिए फायदेमंद होते हैं। नीम के फायदे नीम की पत्तियां सदियों से अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती रही हैं। त्वचा के लिए इसके अनेक फायदे हैं, जिसमें मुंहासों को कम करना, जलन और रैशेज को कम करना, एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करना और स्किन पर होने वाले इंफेक्शन से बचाता है। आप नीम की पत्तियों का इस्तेमाल पेस्ट बनाकर भी कर सकते हैं। पुदीना के फायदे पुदीना न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि त्वचा के लिए भी कई फायदे लाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार रखने में मदद करते हैं। साथ ही ये इस गर्मी में आपकी स्किन को ठंडा करने के साथ-साथ झुर्रियों को कम करने का काम करता है।

MacBook के नए अपडेट में ये फीचर्स: Apple का लेटेस्ट नवाचार

Apple जल्द ही अपने मैक ऑपरेटिंग सिस्टम का नया वर्जन macOS 15 लाने वाला है. ये जून में होने वाले वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस (WWDC 2024) में दिखाया जाएगा. इस नए आपरेटिंग सिस्टम में खास फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर होगा. इसमें मैक यूजर्स के लिए कई नए और बेहतर फीचर्स आ सकते हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दबदबा macOS 15 की सबसे बड़ी खासियत ये हो सकती है कि इसमें कई सारे प्रोग्राम्स और सिस्टम फीचर्स में AI का इस्तेमाल किया जाएगा. Apple का मकसद है कि मशीन लर्निंग और भाषा समझने की टेक्नोलॉजी की मदद से यूजर्स को ज्यादा आसान और अनुभव दिया जाए. ज्यादा स्मार्ट बनेगा Siri Apple की वर्चुअल असिस्टेंट सिरी को AI की मदद से नया रूप दिया जाएगा. इससे यूजर्स को ज्यादा सटीक और सही जानकारी मिल पाएगी. साथ ही सिरी कामों को अपने आप करने और प्रोग्राम्स को कंट्रोल करने में भी ज्यादा मददगार हो जाएगी. सिरी शायद आर्टिकल्स को समराइज करने, नई चीजें लिखने और खुद ही सुझाव देने में भी सक्षम हो जाए. पुराने ऐप्स को नया रूप ऐसा माना जा रहा है कि कई इनबिल्ट प्रोग्राम्स जैसे फोटोज, नोट्स, मेल और सफारी में भी काम को आसान बनाने और क्रिएटिव काम करने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा. फोटोज ऐप में शायद नये एडिटिंग टूल्स आ जाएं और नोट्स ऐप में ट्रांसक्रिप्शन और समराइज करने की सुविधा आ जाए. इसके अलावा सिस्टम सेटिंग्स ऐप को भी नया रूप दिया जा सकता है जिससे उसे इस्तेमाल करना आसान हो जाए. अंदरुनी सुधार हर बड़े अपडेट की तरह macOS 15 में भी सिस्टम की स्पीड बढ़ाने, सिक्योरिटी मजबूत करने और बग्स को फिक्स करने की कोशिश की जाएगी. डेवलपर्स के लिए नए टूल्स और AI वाले प्रोग्राम बनाने में आसानी के लिए कुछ खास चीजें भी शामिल की जा सकती हैं. क्या रखा जाए नाम? Apple परंपरा के अनुसार macOS के नए वर्जन का नाम कैलिफोर्निया की किसी जगह के नाम पर रखा जाएगा. इस बार कुछ संभावित नाम रेडवुड, सेकोया, मैमथ और फैरलोन हो सकते हैं.

सबसे बेहतरीन ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन: जानें टॉप ब्रांड्स और मॉडल्स

Amazon Sale 2024 से आप अपने लिए एक अच्छी और टॉप ब्रैंड की Automatic Washing Machine को 10 या 15 और 20% नहीं बल्कि Amazon Deal की मदद से पूरी पूरी 46% तक की छूट पर खरीद सकते हैं। इन वॉशिंग मशीन से कपड़ों की सफाई भी काफी अच्छी होगी और इनमें नो कॉस्ट EMI जैसे विकल्प भी दिए गए हैं। इन वॉशिंग मशीन को खरीदने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है, बस नीचे दिए जा रहे ऑप्शन को चेक करिए, उनके प्रमुख फीचर्स को पढ़िए और समझिए कि यह कैसे आपके डेली रूटीन में कपड़ों की धुलाई का काम आसान बना सकती है और उसके बाद नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके आप इनको फटाफट ऑर्डर कर सकते हैं और तो और इनकी फ्री डिलीवरी भी आपके दरवाजे तक की जाएगी। इन Best Washing Machine को खरीदने के लिए 5000 से भी कम की मासिक EMI भी आपके लिए मौजूद है और इनके धांसू फीचर्स बड़े से बड़े ब्रैंड्स के भी पसीने छुड़ाने के लिए जाने जाते हैं। तो चलिए अब ज्यादा देर किए बिना फटाफट इन पर मिल रही डील्स पर भी आप एक नजर डालते हैं। LG 9 Kg 5 Star Wi-Fi Inverter AI Direct Drive Fully-Automatic Front Load Washing Machine: एलजी ब्रांड की यह Automatic Washing Machine वाई-फाई से लैस है और इसमें आपको इनवर्टर कंपैटिबिलिटी भी मिल जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली यह वॉशिंग मशीन फुली ऑटोमैटिक है और इसमें फ्रंट लोड का एक्सेस लोकेशन दिया गया है। इस वॉशिंग मशीन में आपको बिल्ट-इन हीटर भी मिल जाएगा और इसमें 6 मोशन भी दिए गए हैं, जिनको कपड़ों की धुलाई के लिए बेहतरीन माना जाता है। इसमें हाईजीन वॉश के जरिए आपके कपड़ो की अच्छी और बहुत धांसू तरीके से धुलाई हो जाती है। Godrej 6.5 Kg 5 Star I-Wash Technology Fully-Automatic Top Load Washing Machine: Godrej की यह Washing Machine फुली ऑटोमैटिक है, जिसको आप एक टच के जरिए ही ऑन/ऑफ कर सकते हैं। इस वॉशिंग मशीन का मॉडल 2023 का है और यह ग्रेफाइट ग्रे कलर वाली वाशिंग मशीन स्क्रेच वगैरह से भी जल्दी खराब नहीं दिखती है। इस वॉशिंग मशीन की कैपेसिटी 6.5 किलोग्राम की है और यह फाइव स्टार की एनर्जी रेटिंग वाली वॉशिंग मशीन है, जिसमें 4.5 यूजर स्टार की रेटिंग भी दी गई है। 1000 से भी ज्यादा ग्राहकों ने इसे पिछले महीने ही खरीदा है और इसको आर्टिकल को लिखे जाने तक अमेजॉन की तरफ से मात्र ₹12990 में ही बेचा जा रहा है। Whirlpool 7.5 Kg 5 Star StainWash Royal Plus Fully Automatic Top Load Washing Machine: Whirlpool की यह Washing Machine 4.5 स्टार की यूजर रेटिंग वाली है और इसमें आपको बिल्ट-इन हीटर भी मिल रहा है। इस वॉशिंग मशीन में आपको टॉप लोड का एक्सेस लोकेशन मिलेगा और यह फाइव स्टार वाली वॉशिंग मशीन है, जो बिजली की खपत भी ना के बराबर करती है। इस वॉशिंग मशीन में आपको बिल्टइन हीटर भी मिल रहा है और यह पानी को गर्म करने के बाद कपड़ों की बहुत ही शानदार तरीके से धुलाई करती है। टॉप लोड वाली यह Best Washing Machine 7.5 किलोग्राम की कैप्सिटी वाली है जो 4 सेट तक के कपड़ों को भी शानदार तरीके से साफ कर सकती है। Voltas Beko, A Tata Product 6.5 Kg 5 Star Fully-Automatic Top Loading Washing Machine: Voltas ब्रैंड की यह Washing Machine 2165 की मासिक किस्त पर एचडीएफसी बैंक क्रेडिट कार्ड से खरीदा जा सकता है। इस पर फाइव स्टार की यूजर रेटिंग दी गई है। वोल्टास ब्रैंड का यह Air Conditioner टाटा ब्रैंड का है और यह 6.5 किलो की कैपेसिटी वाली वॉशिंग मशीन है। इस वॉशिंग मशीन को भी फाइव स्टार की एनर्जी रेटिंग मिली है। इसका मतलब कि यह बिजली की खपत के मामले में बहुत ज्यादा बचत करवा देगी। डार्क ग्रे कलर वाली यह मशीन पल्सेटर वॉश और डबल वॉटरफॉल टेक्नोलॉजी से लैस है, जो कपड़ों की बेहतरीन सफाई के लिए सबसे बढ़िया रहेगी। IFB 6 Kg 5 Star AI Powered Fully Automatic Front Load Washing Machine: 6 किलोग्राम की कैप्सिटी वाली यह फाइव स्टार एनर्जी रेटिंग की Washing Machine AI फीचर्स वाली है और यह फुली ऑटोमैटिक फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन है। इस वॉशिंग मशीन में आपको 2X पॉवर स्टीम दिया जा रहा है। साथ ही यह ग्रे कलर की वॉशिंग मशीन जल्दी खराब भी नहीं होती है। चार साल की कंप्रिहेंसिव वॉरंटी के साथ आ रही इस वाशिंग मशीन को आज अमेजॉन से 20% तक के डिस्काउंट पर खरीदा जा सकता है। इस पर ब्रैंड की ओर से 4 साल की वॉरंटी भी दी जा रही है। इस वॉशिंग मशीन पर 10 दिनों का रिप्लेसमेंट भी ब्रैंड की ओर से दिया जा रहा है। इस वॉशिंग मशीन में प्रोटेक्टिव रैट मेश, एक्वा एनर्जी और चाइल्ड लॉक के साथ 2D वॉश सिस्टम भी मिल जाएगा।

प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर लोबिया दाल को अपने आहार में शामिल करें: जानें इसके फायदे

क्या आप हमेशा थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, आपकी हड्डियों में कमजोरी बढ़ती जा रही है, थोड़ा चलने-फिरने पर थक जाते हैं, हमेशा लेटने का मन करता है, शरीर कमजोर होकर सूखता जा रहा है? अब समय आ गया है कि आपको अपनी डाइट में कुछ ताकत से भरी चीज शामिल करनी चाहिए। मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन और कैल्शियम की सख्त जरूरत होती है। अगर आपको अपने खाने से यह दोंनो पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं, तो अब आपको लोबिया की फली को अपनी डाइट में शामिल करना शुरू कर देना चाहिए। अगर आप गांव से ताल्लुक रखते हैं, तो आपने देखा होगा कि लोबिया की फली को अक्सर गाय-भैंस को चारे के रूप में दिया जाता है। इसकी वजह दूध उत्पादन बढ़ाना, उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखना और कमजोरी से बचाना है। असल में लोबिया की दाल न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि इसके सेवन से सेहत को कई फायदे होते हैं। लोबिया में पाए जाने वाले पोषक तत्व लोबिया कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह प्रोटीन का खजाना है जो मसल्स ग्रोथ और रिपेयर के लिए जरूरी है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है, इसमें कई तरह के विटामिन B पाए जाते हैं। लोबिया में आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। लोबिया में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। पाचन तंत्र को बनाती है मजबूत हेल्थलाइन (Ref) के अनुसार, लोबिया में मौजूद फाइबर कब्ज तोड़ते हैं और मल त्याग को बढ़ावा देते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है और डायवर्टीकुलोसिस जैसी पाचन संबंधी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। दिल को स्वस्थ रखने में सहायक लोबिया में फैट की मात्रा कम होती है और कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता है, इसलिए यह हृदय के लिए अच्छी मानी जाती है। लोबिया में मौजूद फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल के रोगों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल लोबिया में मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शरीर में धीरे-धीरे और लगातार ग्लूकोज छोड़ते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। यह मधुमेह से ग्रस्त लोगों के लिए लोबिया को एक बेहतरीन आहार विकल्प बनाता है। वजन कम करने में सहायक लोबिया में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो जल्दी भूख लगने की समस्या को कम करती है और कुल कैलोरी का सेवन कम करती है, जो वजन मैनेज के लिए फायदेमंद हो सकती है। प्रोटीन शरीर के ऊतकों को बनाने और मरम्मत करने में मदद करता है, जबकि फाइबर लंबे समय तक आपको भरा हुआ महसूस कराता है। कैल्शियम का पावरहाउस लोबिया में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है और इसके अलावा फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी होते हैं, जो मजबूत और स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। हड्डियों में जान भरने के लिए इसका सेवन जरूर करें। प्रोटीन का भंडार अगर आप मांस या अंडा नहीं खाते हैं, तो लोबिया खाने से आपको हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन मिल सकता है। 100 ग्राम दाल से आपको 8 ग्राम प्रोटीन मिलता है। अगर आप वजन कम कर रहे हैं या बॉडी बना रहे हैं, तो लोबिया का सेवन जरूर करें।

Nokia 3210 4G हुआ लॉन्च: जानें इसके नए फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Nokia 3210 4G फीचर फोन भारत में लॉन्च हो गया है। फोन में 25 साल पहले लॉन्च Nokia 3210 जैसा क्लासिक फील मिलेगा। बता दें कि उस वक्त यह फोन लोगों की पहली पसंद हुआ करता है। ऐसे में कंपनी ने Nokia के मैजिक से यूजर्स को दोबारा से लुभाने की कोशिश की है। फोन रेट्रो लुक में आएगा। फीचर फो को तीन कलर ऑप्शन में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। फोन में बिल्ड इन यूपीआई पेमेंट फीचर दिया गया है। मतलब यूजर्स को स्कैन और पे का ऑप्शन मिलेगा। Nokia 3210 को ग्लोबल मार्केट में मई में पेश कर दिया गया है। कीमत और ऑफर Nokia 3210 4G फीचर फोन की कीमत 3,999 रुपये है, जिसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन और HMD ई-स्टोर से खरीदा जा सकेगा। फोन को ब्लू, ब्लैक और येलो कलर ऑप्शन में आएगा। स्पेसिफिकेशन्स Nokia 3210 4G स्मार्टफोन में 2.4 इंच QVGA डिस्प्ले दिया गया है, जबकि साल 1999 में लॉन्च Nokia 3210 में 1.5 इंच डिस्प्ले मिलता था। फोन में Unisoc T107 प्रोसेसर सपोर्ट दिया गया है। फोन 64MB रैम और 128MB स्टोरेज के साथ आएगा। साथ ही 32GB माइक्रो एसडी कार्ड का सपोर्ट दिया जाएगा। स्पेसिफिकेशन्स यह फोन S30+ OS पर काम करता है। फोन में प्री-लोडेड ऐप जैसे यू-ट्यूब, न्यूज और गेम दिए जाएगे। साथ ही फोन में क्लासिक स्नेक गेम को की प्री-लोडिंग की गई है। Nokia के नए लॉन्च फीचर फोन की टक्कर itel Super Guru 4G से होगी, जिसे इस साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था। फोन में UPI पेमेंट और यूट्यूब ऐप दिए गए हैं। कैमरा और बैटरी फोन में 2MP रियर कैमरा दिया गया है। साथ ही एलईडी फ्लैश लाइट का सपोर्ट दिया गया है। Nokia 3210 4G स्मार्टफोन में 1450mA बैटरी दी जाएगी। फोन को सिंगल चार्ज में 9.8 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। फोन यूएसबी टाइप सी चार्जिंग पोर्ट के साथ आएगा। फोन में 3.5mm ऑडियो जैक, MP3 प्लेयर और एफएम रेडियो का सपोर्ट दिया जाएगा। अगर कनेक्टिविटी की बात करें, तो फोन में ड्यूल सिम, 4G VoLTE, ब्लूटूथ 5.0 का सपोर्ट दिया जाएगा। फोन का वजन करीब 62 ग्राम है।

आम के केमिकल से पके होने की पहचान: सुरक्षित और प्राकृतिक आम चुनने के टिप्स

गर्मियों का मौसम है और यह आम का सीजन भी है। आम भला किसे पसंद नहीं है लेकिन क्या आपको मालूम है कि खतरनाक केमिकल से कृत्रिम रूप से पकाए गए आम आपका स्वास्थ्य बिगाड़ सकते हैं? आम खरीदने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपका आम FSSAI के तय मानकों के अनुसार ही कृत्रिम रूप से पकाया गया है या नहीं। ध्यान रहे की रसीले आम सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, अगर इन्हें कैल्शियम कार्बाइड (Calcium carbide) जैसे हानिकारक रसायनों से पकाया गया हो। आम पकाने के ऐसे गलत तरीकों पर FSSAI ने सख्ती से रोक लगा दी है। ये रसायन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। याद रखें आपके आम प्राकृतिक रूप से पके हुए हों या फिर FSSAI की गाइडलाइंस के अनुसार पकाए गए हों। अगर को ऐसे गलत तरीकों से आम पका रहा है, तो समझ लें वो आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। कैल्शियम कार्बाइड क्या है? कैल्शियम कार्बाइड, जिसे चूना पत्थर भी कहा जाता है, एक रासायनिक यौगिक है जिसका सूत्र CaC2 होता है। यह काले रंग का ठोस पदार्थ होता है जो पानी में घुलने पर एसिटिलीन गैस (C2H2) छोड़ता है। एसिटिलीन गैस ज्वलनशील होती है और इसका इस्तेमाल वेल्डिंग और धातु काटने में किया जाता है। ​ क्यों होता है कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल? फलों को पकाना: कुछ लोग कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल फलों को जल्दी पकाने के लिए करते हैं। यह तरीका खतरनाक और गैरकानूनी है क्योंकि इससे फल जहरीले हो सकते हैं। कैल्शियम कार्बाइड के नुकसान क्या हैं? कैल्शियम कार्बाइड की धूल सांस लेने से खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। गंभीर मामलों में, इससे श्वसन विफलता और मृत्यु भी हो सकती है। कैल्शियम कार्बाइड त्वचा और आंखों को जला सकता है। कुछ अध्ययनों में कैल्शियम कार्बाइड के संपर्क में आने और फेफड़ों के कैंसर के खतरे में वृद्धि के बीच संबंध पाया गया है। पेट और आंत की समस्याएं कैल्शियम कार्बाइड से आर्सेनिक और फास्फोरस हाइड्राइड के अवशेष पेट और आंत की समस्याएं पैदा कर सकते हैं, जिससे पेट में दर्द, मतली, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। कैंसर का भी खतरा फल जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल बहुत खतरनाक है। इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं, जिनमें कैंसर और त्वचा संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं। कैल्शियम कार्बाइड इस्तेमाल करने से फलों में आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे तत्व रह जाते हैं। ये तत्व शरीर में जमा होते रहते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देते हैं। कैल्शियम कार्बाइड से पकाए फलों की पहचान कैसे करें? दिक्कत ये है कि कई बार फलों को देखकर ये पता लगाना मुश्किल होता है कि उन्हें कैल्शियम कार्बाइड से पकाया गया है या नहीं। कुछ आसान तरीके जिनकी मदद से आप ऐसे फलों की पहचान कर सकते हैं: एक समान रंग: कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों का रंग बिल्कुल एक समान होता है। पूरे फल पर एक ही तरह का, अस्वाभाविक रंग नजर आता है। असमान्य चमक: इन फलों पर अक्सर एक अस्वाभाविक चमक या चिकनापन होता है। खुशबू की कमी: प्राकृतिक रूप से पके फलों में एक खास खुशबू होती है, जो कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों में नहीं होती। अजीब स्वाद या गंध: कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों में अजीब सा स्वाद या गंध हो सकता है, जो प्राकृतिक रूप से पके फलों से अलग होता है। कठोरता: कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों की कठोरता भी प्राकृतिक रूप से पके फलों से अलग हो सकती है। ये फल ज्यादा नरम या दबाने पर गीले लग सकते हैं। अवशेष: कभी-कभी कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों पर गौर से देखने पर छिलके पर हल्का सा अवशेष भी नजर आ सकता है। कैल्शियम कार्बाइड से पके आम की ऐसे करें पहचान TOI की रिपोर्ट के अनुसार, पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के शोधकर्ताओं की एक टीम ने फलों को पकाने में इस्तेमाल होने वाले कैल्शियम कार्बाइड की पहचान करने का आसान तरीका ढूंढ निकाला है। इस तरीके में उन्होंने एक विशेष घोल (बायो-फंक्शनलाइज गोल्ड नैनोपार्टिकल्स से बना) तैयार किया है। जब इस घोल को धोए हुए फलों के पानी में मिलाया जाता है, तो घोल का रंग बदल जाता है, अगर फल को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड इस्तेमाल किया हो। फल को 10 मिलीलीटर पानी से धोएं फिर 1 मिलीलीटर धोने के पानी को लेकर कांच की टेस्ट ट्यूब में डालें इसमें उतनी ही मात्रा में इस विशेष घोल को मिलाएं अगर घोल का रंग बदलकर लाल से बैंगनी हो जाता है, तो फल को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड इस्तेमाल किया गया था। इस जांच की लागत 20 पैसे से भी कम है

Wifi Router को इन जगहों पर न रखें: जानें क्यों होती है इंटरनेट स्पीड धीमी

वाई-फाई राउटर अगर सही जगह पर नहीं लगाया जाए तो इंटरनेट की स्पीड कम हो सकती है. इसकी वजह से आपका काम बीच में ही रुक सकता है जो आप कभी नहीं चाहेंगे. आप अगर इस परेशानी से बचना चाहते हैं तो आज हम आपको कुछ लोकेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको वाईफाई राउटर नहीं लगाना चाहिए. इन जगहों पर भूल कर भी ना लगाएं वाई-फाई ग्राउंड फ्लोर पर अगर आपका घर मल्टी स्टोरी है तो कोशिश करनी चाहिए मिड फ्लोर पर ही आपको वाईफाई लगवाना चाहिए और इसका कारण यह है कि इससे ऊपर और नीचे दोनों ही तरफ के फ्लोर्स पर इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलती है जबकि सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर वाईफाई लगवाने की वजह से एक या दो फ्लोर तक ही वाईफाई की रेंज सिमेट कर रह जाती है. किसी स्टूल या टेबल पर ना करें रखने की भूल कई घरों में ऐसा देखने को मिलता है कि वाई-फाई राउटर को स्टूल या टेबल पर रख दिया जाता है जबकि इसकी वजह से इंटरनेट की रेंज प्रभावित होती है. वाई-फाई राउटर को हमेशा थोड़ी ऊंचाई पर लगाना चाहिए इससे हर जगह एक जैसी रेंज मिलती है और इंटरनेट कनेक्टिविटी अच्छी रहती है. बंद कमरे में अगर आपने अपने वाईफाई राउटर को घर के किसी बंद कमरे में लगवा रखा है तो इस बात की काफी संभावना है कि पूरे घर में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी, दरअसल बंद कमरे में इंटरनेट की रेंज प्रभावित होती है. कवर करके अगर आप घर के किसी ऐसे हिस्से में अपने वाईफाई राउटर को लगवा रहे हैं जहां पर उसे कवर करके रखा गया है तो इसकी वजह से वाईफाई की कवरेज खराब हो जाती है. आपको इसे कवर करके रखने से बचना चाहिए.

Apple ने लॉन्च किए 8 नए AI फीचर्स: iOS 18 अपडेट में क्या है खास?

Apple WWDC 2024: ऐपल की ओर से बड़ा सॉफ्टवेयर दिया गया है। कंपनी ने पहली बार AI फीचर्स को लॉन्च किया गया है, जिसे iOS 18 के साथ सभी ऐपल डिवाइस में रोलआउट किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में iPhone समेत iOS बेस्ड डिवाइस चलाने का अंदाज बदल जाएगा। ऐपल की ओर से एआई फीचर्स को Apple intelligence नाम दिया गया है। Writting Tools यह फीचर यूजर्स को किसी स्टोरी को दोबारा लिखने की सुविधा देगा। साथ ही उसे प्रूफ रीड करके गलतियां सुधारने की सुविधा ऑफर करता है। इसके अलावा स्टोरी के टेक्स्ट को समराइज करके पढ़ पाएंगे। बुलेट प्वाइंट लगाकर स्टोरी को पढ़ने के लिहाज से बेहतर बनाएगा। Image Playbackgroud यह फीचर यूजर को फोटो को एडिट करने का ऑप्शन देगा, जिसके तहत यूजर्स अपनी फोटो को एनिमेशन जैसे एडिट कर पाएंगे। इसके अलावा फोटो को इलस्ट्रेटर में बना पाएंगगे। वही फोटो को स्केच डिजाइन में बनाने की साहूलियत ऑफर करता है। Photo App इस फीचर में यूजर्स फोटो और कुछ सिंपल टेक्स्ट के जरिए एक अच्छी स्टोरी लिखवा पाएंगे। साथ ही उस स्टोरी के लिए फोटो और वीडियो भी बनाकर देगा। Magic Eraser इस टूल की मदद से यूजर अपनी फोटो से किसी गैरजरुरी बैकग्राउंड को हटा पाएंगे। इस फीचर को सैसमंगल गैलेक्सी S24 अल्ट्रा में भी दिया गया था। Siri Update ऐपल ने अपने वॉइस कमांड फीचर Siri को एआई के साथ अपडेट किया, जिससे यूजर्स के लिए वॉइस कमांड देकर कुछ भी काम करना पहले से आसान हो जाएगा। साथ ही फोटो से ड्राइविंग लाइसेंस सर्च करने जैसे स्मार्ट टूल का लुत्फ उठा पाएंगे। Hidden App इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी डिवाइस में कुछ जरूरी ऐप को हाइड कर पाएंगे। साथ ही फोल्डर को हाइड कर पाएंगे। Message Shchedule इस फीचर में किसी भी मैसेज को एक तय समय पर पोस्ट करने के लिए शेड्यूल करने का ऑप्शन दिया गया है। साथ ही मैसेज को बोल्ड, अंडरलाइन, इटैलिक करकने का ऑप्शन मिलेगा। SMS update ऐपल डिवाइस में RCS मैसेज देने का ऐलान किया गया है। इसे iPhone 14 और उसके बाद की डिवाइस में रोलआउट किया जाएगा। RCS यानी Rich Communication Services के लॉन्च होने के बाद इसकी टक्कर WhatsApp से मानी जा रही है, क्योंकि इसमें इंटरनेट और बिना इंटरनेट दोनों तरह से मैसेज भेजा जा सकता है। iPhone में कैसे कर सकते हैं यूज? हालांकि अभी तक इसे iPhone के लिए लॉन्च नहीं किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 के आखिरी तक इसे iPhone Users के लिए भी लाया जाएगा। लेकिन एंड्रॉयड यूजर्स इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। अगर हम नॉर्मल SMS सर्विस से इसकी तुलना करें तो ये काफी अलग है क्योंकि इस पर आप मीडिया शेयर कर सकते हैं। गूगल की तरफ से इस सर्विस को साल 2007 में लॉन्च किया गया था। इसके बाद से कंपनी लगातार इस पर काम कर रही है।

जानलेवा बीमारियों के शुरुआती संकेत: पहचानें और समय रहते उपचार करें

असमय मौत के सबसे आम कारणों में जानलेवा बीमारियां शामिल हैं. इससे बचने का सबसे बढ़िया तरीका यही है कि शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज न किया जाए. ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि यह बदलाव किसी गंभीर बीमारी के शरीर घर कर जाने का परिणाम हो सकता है. किसी भी चीज को हल्के में लेने की कोशिश बिल्कुल ना करें. हाल ही में केमिस्ट क्लिक के सुपर इंटेंडेड फार्मासिस्ट अब्बास कनानी ने एक्सप्रेस.को यूके से बातचीत में हाथों में दिखने वाले एक ऐसे ही संकेत के बारे में सूचना दी है जो एक नहीं बल्कि तीन जानलेवा बीमारियों का संकेत है. एक्सपर्ट के अनुसार, एडिमा यानी कि उंगली, कलाई और हाथ में होने वाला सूजन जानलेवा बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है. अकारण हाथ में दिखने वाला सूजन बॉडी में जमा पानी के कारण होने वाले वॉटर रिटेंशन का परिणाम हो सकता है. हाथ में सूजन का कारण हो सकती हैं ये बीमारियां- किडनी डिजीज एक्सपर्ट बताते हैं कि जब शरीर क्रोनिक किडनी डिजीज का सामना कर रहा होता है तो फ्लूड का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिसके कारण एडिमा की समस्या हो सकती है. किडनी कमजोर होने के लक्षणों में उल्टी और पेशाब में खून आना, मतली, थकान, पेशाब कम आना शामिल है. लिवर में खराबी लिवर में गड़बड़ी होने के कारण बॉडी में उस प्रोटीन की कमी होने लगती है जो खून में तरल पदार्थ की मात्रा को संतुलित रखता है. जिसके कारण कई बार वॉटर रिटेंशन के कारण हाथ पैर और पेट में सूजन नजर आने लगता है. बता दें लिवर खराब होने पर पेट में दर्द, हाथ-पैरों में खुजली और डार्क रंग का पेशाब जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं. हार्ट फेलियर यदि हार्ट सही तरह से ब्लड पंप ना कर पाए तो अंगों में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे दिल काम करना बंद करने लगता है. हार्ट फेलियर के लक्षण में लगातार खांसी, थकान, कमजोरी, दिल की धड़कन का तेज होना भी शामिल है.

मशरूम का सेवन: कितना सुरक्षित है और इसके स्वास्थ्य लाभ

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट पर सख्ती से ध्यान देना चाहिए और उनके द्वारा खाए जाने वाले फलों, सब्जियों, अनाजों और दूसरे फूड आइटम्स का बहुत ही सावधानी चयन करना चाहिए. लांकि, फूड एक कैटेगरी है फंजाई जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है. हम बात कर रहे हैं मशरूम की. बहुत से लोग फंजाई के रूप में क्लासिफिकेशन के कारण मशरूम से परहेज करते हैं, ये जाने बिना कि वो एक सेहतमंद और टेस्टी आइटम से महरूम रह जा रहे हैं. मशरूम असल में ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाते हुए डायबिटीज पेशेंट को फायदा पहुंचा सकते हैं. डायबिटीज पेशेंट के लिए क्यों फायदेमंद है मशरूम? 1. ब्लड शुगर करे कंट्रोल मशरूम एक ऐसा सुपरफूड है जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड कम होता है, जो ब्लड शुगर को लेवल बढ़ने से रोकता है, यानी इसके जरिए आफ ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं. 2. कैलोरी इनटेक हो सकता है मैनेज मशरूम में न के बराबर मात्रा में चीनी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं. कुछ स्टडीज से पता चलता है कि कम कार्ब वाली डाइट मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, हालांकि यह जरूरी नहीं कि इसे रोके. 3. डायबिटीज के खिलाफ रक्षा कवच मशरूम में पोलीसेकेराइड होते हैं, जो एंटी डायबिटिक इफेक्ट रखते हैं, इससे मधुमेह के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार होता है, जो मरीजों की सेहत के लिहाज से काफी अच्छा है. 4. वेट लॉस और दिल की सेहत जो लोग नियमित तौर से मशरूम खाते हैं उनके लिए वेट मैनेज करना आसान हो जाता है, मोटापे को डायबिटीज की पहली सीढ़ी माना जाता है. इसके अलावा ओवरवेट होना हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा देता है. मशरूम कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की सेहत को बेहतर बना सकता है. मशरूम कैसे पकाएं? मशरूम में प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, मिनरल्स, विटामिन B1, विटामिन बी2, विटामिन बी12, विटामिन सी, विटामिन ई, टेरपेन, क्विनोलोन, स्टेरॉयड, फ्लेवोनोइड्स, एंटीऑक्सिडेंट जैसे कैरोटीनॉयड और पॉलिसैकेराइड जैसे बीटा-ग्लूकन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. ये फायदे तभी मिलेंगे जब आप इसे सही तरीके से पकाएं. आप मशरूम को सलाद के तौर पर खाएं. इसके अलावा इस कम तेल और कम आंच में धीरे-धीरे पकाएं.

गर्मियों में दही को खट्टा होने से कैसे बचाएं: जानें आसान और प्रभावी तरीके

गर्मी के मौसम में अक्सर खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होने लगती है। तापमान बढ़ने से नमी वाली जगहों पर बैक्‍टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। स्टोरेज में थोड़ी भी लापरवाही से खाना खराब हो जाता है। खासतौर पर डेयरी प्रोडक्‍ट पर ज्यादा असर देखने को मिलता है। इन्हीं में से एक है दही, जिसके स्वाद में खट्टापन तेजी से आ जाता है। अब गर्मी में दही खाना किसे पसंद नहीं होता, लेकिन खट्टापन स्वाद खराब कर देता है। इसके पीछे तापमान बढ़ने के साथ कई और भी कारण होते हैं। अगर आप सही तरीके से दही जमाने के साथ स्‍टोर करें तो खट्टेपन को कई दिनों तक दूर रख सकते हैं। ऐसे में हम आपको दही को स्टोर करने को लेकर खास जानकारी दे रहे हैं। ताकी लापरवाही से आपके दही का स्वाद खराब न हो। सही बर्तन का करें सिलेक्शन दही को स्टील या किसी दूसरी धातु के बर्तन में जमाने से अच्छा होगा कि आप मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करें। गर्मी के मौसम में मिट्टी के बर्तन में दही जमाने से इससे पानी नहीं निकलता, क्योंकि ये दही का पानी सोख लेता है। ऐसे में दही ठंडा होने की वजह से लंबे समय तक स्वादिष्ट बना रहता है। दही जमाने का सही वक्‍त दही के खट्टेपन के पीछे गलत समय पर इसे जमाना भी होता है। ऐसे में अगर आप सुबह-सुबह दही जमाने का सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि इस वक्‍त ये गाढ़ा नहीं होगा और पानी छोड़ देगा। इसलिए बेहतर होगा कि रात के वक्‍त दही जमाएं। सुबह जब जम जाए तो इसे कुछ घंटे फ्रिज में जरूर रखें। इससे स्‍वाद में खटास नहीं आएगी। ठंडी जगह करें स्‍टोर दही को जमाने के साथ स्टोर करते वक्त भी तापमान का ध्यान रखना होता है। जैसे कि दही को जमने के लिए गर्म वातावरण की जरूरत होती है लेकिन जब दही जम जाए तो फिर उसे गर्म जगह पर बिल्कुल भी नहीं छोड़ें। आप इसे ठंडे कमरे में रखें, इससे वो खट्टा नहीं होगा। इसलिए सबसे जरूरी है कि दही को फ्रिज में रखें। जामन की मात्रा का रखें ध्यान दही को खट्टा होने से बचाने के लिए दही के जामन की मात्रा का ध्यान रखें। दही को बेहतर बनाने के चक्कर में अक्सर लोग दूध में अधिक जामन डाल देते हैं, लेकिन इसकी वजह से दही खट्टा हो जाता है। ध्यान रखें कि जामन के लिए सिर्फ थोड़ी सी फ्रेश दही का इस्तेमाल करें। दूर रखें अन्‍य खाने की चीजें अगर आप दही को खाने की अन्‍य चीजों के साथ रख रहे हैं तो ये दूसरे फूड आइटम्‍स की महक को एब्‍जॉर्ब कर लेता है जिससे दही जल्‍दी खट्टा होने लगता है। इसलिए आप इसे ऐसी जगह रखें जहां दूध के आइटम हों। यही तरीके से स्टोर करने से दही को खट्टा होने से बचाया जा सकता है।

विंडो एसी क्यों है स्प्लिट एसी से बेहतर? इन रोचक तथ्यों से समझें

विंडो एसी को स्पिलिट के मुकाबले में कमतर माना जाता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे एंड्रॉइड और आईफोन को लेकर मार्केट बना दिया गया है, कि आईफोन सबसे अच्छा होता है। ऐसा ही विंडो के मामले में है कि अगर आप विंडो एसी खरीदते हैं, तो आपका स्टेटस सिंबल कम हो जाएगा।हालांकि वास्तव में ऐसा नहीं है। दरअसल विंडो और स्पिलिट दोनों अलग-अलग टेक्नोलॉजी है। साथ ही दोनों एसी के अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए जानते हैं विस्तार से.. विंडो एसी के फायदे कम होती है कीमत विंडो एसी की कीमत स्पिलिट के मुकाबले में कम होती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि विंडो एसी स्पिलिट के मुकाबले में कम कूलिंग करती है। दरअसल विंडो एसी की कीमत कम होती है, क्योंकि इसे बनाने में कम कॉस्ट लगती है। स्पिलिट एसी में दो यूनिट होती है, जबकि विंडो एसी में एक ही यूनिट में सारा काम हो जाता है। आसान इंस्टॉलेशन और सर्विसिंग विंडो एसी का इंस्टॉलेशन स्पिलिट के मुकाबले सस्ता होता है। साथ ही बिना टेक्निशियन के भी इसे असानी से इंस्टॉल किया जा सकता है। साथ ही विंडो एसी की सर्विसिंग भी सस्ती होती है। विंडो एसी उन लोगों के लिए अच्छा होता है, जो घर शिफ्ट करते रहते हैं। किन लोगों के लिए है बेस्ट अगर आपके घर में विंडो हैं, तो आपके लिए विंडो एसी अच्छा होता है। वही स्पिलिट एसी उन जगह के लिए बेस्ट है, जहां विडों या कोई स्पेस नहीं होता है। स्पिलिट एसी में गैस लीकेज की समस्या होती रहती है। क्योंकि पाइप बाहर से होकर जाता है। शोर को कर सकते हैं नजरअंदाज विंडो एसी में स्पिलिट के मुकाबले ज्यादा शोर होता है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर आपका बजट कम है, तो विंडो एसी आपको खरीदना चाहिए, क्योंकि लोग कूलिंग में आसानी से शो जाते हैं। ऐसे में विंडो एसी के शोर को नजरअंदाज किया जा सकता है।

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