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यूपी में रेल पटरी पर अज्ञात लोगों ने रखे छोटे पत्थर, फिर ट्रेन पलटाने की साजिश

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर ट्रेन पलटाने की साजिश की गई है। यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिए, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गई और एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। अप और डाउन लाइन की रेल पटरी पर लगभग 20 मीटर तक रखे छोटे-छोटे पत्थर तेज आवाज के साथ टूटे तो चालक की सांसें थम गईं। लोको पायलट की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।   छोटे-छोटे पत्थरों को पीसटी हुई निकली ट्रेन बता दें कि रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। जांच में जुटे पुलिस अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस जांच पड़ताल कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है। ​​​​​​​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।  

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से UPSSSC Van Daroga भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी किया

नई दिल्ली यूपी वन दारोगा भर्ती में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से UPSSSC Van Daroga भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है। रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से यूपीएसएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर PDF फॉर्मेट में घोषित किया गया है। अभ्यर्थी तुरंत ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके नतीजे चेक कर सकते हैं। पीडीएफ में चयनित उम्मीदवारों के अनुक्रमांक दर्ज हैं। 701 अभ्यर्थियों का हुआ चयन आपको बता दें कि यह भर्ती कुल 701 पदों के लिए निकाली गई थी। अब यूपीएसएसएससी की ओर से 701 पदों के सापेक्ष सभी रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें से अनारक्षित के 288 पदों, अनुसूचित जाति (SC) के 160 पदों, अनुसूचित जनजाति (ST) के 20 पदों, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 163 पदों और आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) के 70 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। क्षैतिज आरक्षण में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित पदों 14, महिला के 140 पदों, सैन्य वियोजित/ भूतपूर्व सैनिक के 35 पदों, पर नियुक्तियां की गई हैं। कैसे चेक करें परिणाम यूपीएसएसएससी वन दारोगा भर्ती रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर आपको Notice Board में मुख्य परीक्षा वन दरोगा भर्ती रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करना होगा। अब एक पीडीएफ स्क्रीन पर ओपन हो जायेगा। इसके बाद अभ्यर्थी इसमें अपना रोल नंबर चेक कर सकते हैं। रिजल्ट के साथ कटऑफ अंक भी हुआ जारी यूपीएसएसएससी की ओर से रिजल्ट जारी होने के साथ ही कटऑफ भी जारी कर दिया गया है। कटऑफ सामान्य वर्ग के लिए 78.25 प्रतिशत, एससी के लिए 66.25 फीसदी, एसटी के लिए 61.75 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 75.25 फीसदी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कटऑफ 75 फीसदी दर्ज किया गया है। भर्ती से जुड़ी अधिक डिटेल के लिए अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कुंभ मेले में गैर-सनातनी लोगों के फूड स्टॉल पर रोक लगाने और उर्दू शब्दों को बदलने का निर्णय लिया

प्रयागराज  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने देशभर के महामंडलेश्वरों, मंडलेश्वरों और संतों के साथ-साथ भक्तों और अनुयायियों को निर्देश दिया है। वे ऐसे दुकानदारों से सामान खरीदें जो ‘सनातनी’ हों। परिषद ने आगे कहा कि सामान केवल उसी दुकान से खरीदा जाना चाहिए, जिस पर मालिक का नाम लिखा हो और यह सत्यापित करने के बाद कि दुकान, ढाबा, रेस्टोरेंट या किसी अन्य प्रतिष्ठान के अंदर देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर है या नहीं। ऐसा इसलिए जरूरी था क्योंकि ‘एक खास धर्म के लोग’ दुर्भावनापूर्ण इरादे से काम कर रहे थे। परिषद ने कहा कि एक खास धर्म के लोग उनकी पवित्रता और पवित्रता को खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए खाने-पीने की चीजें, यहां तक कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल, प्रसाद, कंठी-माला आदि थूक लगाकर बेचा जाता है। सब्जियों को बेचने से पहले गंदे पानी में डुबोया जाता है। देशभर में ऐसे मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए गए हैं। एबीएपी के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा, ‘इसे देखते हुए खुद को इससे अलग करने का फैसला किया गया।’ महाकुंभ में अखाड़ों समेत सभी संप्रदायों के संतों के शिविरों में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के लिए प्रयागराज में हिंदुओं के अलावा सिख, जैन और बौद्ध दुकानदारों को फल, सब्जी, दूध, अनाज, दोना-पत्तल और कुल्हड़ की व्यवस्था की गई। रवींद्र पुरी ने आगे कहा कि अखाड़ा परिषद किसी जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे अपनी पवित्रता और परंपरा से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे थे कि हमारी परंपरा और साधना को तोड़ने के लिए लगातार साजिश रची जा रही थी। खाने और पूजा सामग्री में थूक और मूत्र मिलाया जा रहा था। यह देखकर दिल बेचैन हो गया कि कोई ऐसा घृणित काम कैसे कर सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बावजूद हिंदुओं ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, उन्होंने सिर्फ अपना रास्ता बदल लिया।’ उन्होंने मांग की, ‘हिंदू संतों और भक्तों की साधना को बाधित करने के ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए।’ पुरी ने यह भी सवाल उठाया कि मुस्लिम समुदाय के किसी धार्मिक नेता ने इस तरह की हरकतों के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह तय हुआ कि हम हिंदू दुकानदारों से ही सामान खरीदेंगे। हिंदुओं के साथ-साथ सिखों, जैनियों और बौद्धों से भी सामान लिया जाएगा।’ एबीएपी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि परिषद ने महाकुंभ में मुसलमानों को आने से रोकने की मांग नहीं की। यह अनुचित है। उन्होंने कहा, ‘सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देता है। हमारे धर्म को बदनाम करने के लिए अखाड़ा परिषद के नाम पर फर्जी एजेंडा चलाया जा रहा है। हम चाहते थे कि हर कोई श्रद्धा के साथ महाकुंभ में आए।’ उन्होंने कहा कि अगर वे आएंगे और हमारा त्याग, भजन-पूजन और सेवा देखेंगे तो उन्हें सद्बुद्धि आएगी और हमारे आचरण से उनका वैचारिक शुद्धिकरण होगा।

इस बार Diwali पर टूटेगा दीपों का रिकॉर्ड, 25 लाख दीपों से जगमगाएगी Ayodhya नगरी

अयोध्या  अयोध्या में प्रभु रामलला के नव मंदिर में विराजित होने के बाद पहली दीपावली बेहद भव्य और दिव्य होने जा रही है। सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन में में सकल विश्व में एक यूनीक इवेंट के तौर पर अपनी पहचान बना चुके अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम में इस बार भी नया विश्व रिकॉर्ड कायम करने की तैयारी है। रामनगरी में छोटी दीपावली पर 55 घाटों पर 25 लाख से अधिक दीए प्रज्ज्वलित होंगे जिसकी अगुआई खुद डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल कर रही हैं। उनके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 हजार स्वयंसेवकों को लगाने की तैयारी की है, जिनकी मदद से सातवीं बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अयोध्या धाम का नाम दर्ज होगा। खास बात ये है कि 25 लाख दीए जलाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 28 लाख दीए बिछाये जाएंगे। दीपोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद का पहला दीपोत्सव ऐतिहासिक बनाया जायेगा। आठवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमर कस ली है। दीपोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। दीपोत्सव में सहभागिता के लिए पंजीकरण की तिथि विस्तारित कर दी है। अब 15 अक्टूबर तक सहभागिता हेतु पंजीकरण कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों के दीपोत्सव आईकार्ड को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। 20 अक्टूबर से स्वयंसेवकों को आईकार्ड का वितरण शुरू कर दिया जायेगा। जल्द ही शुरू होगा घाटों की मार्किंग का कार्य दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर नोडल समन्वयक प्रो0 एसएस मिश्र ने बताया कि राम पैड़ी के 55 घाटों पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए 25 लाख दीए प्रज्ज्वलित किए जाने के लक्ष्य को लेकर 28 लाख दीए बिछाये जायेंगे, जिसके लिए 30 हजार स्वयंसेवक तैनात किए जायेंगे। विवि परिसर सहित 14 महाविद्यालय, 37 इण्टर कालेज, 40 एनजीओ शामिल है। विश्वविद्यालय द्वारा मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। 17 या 18 अक्टूबर से घाटों पर कर्मियों द्वारा मार्किंग का कार्य होगा। 90 हजार लीटर तेल का होगा इस्तेमाल योजना के अनुसार, राम की पैड़ी के सभी घाटों पर 16 गुणे 16 ब्लॉक में 30 एमएल दीए में 30 एमएल सरसों का तेल पड़ेगा। सभी दीयों में कुल मिलाकर 90 हजार लीटर सरसों के तेल लगेगा जिसके इंतेजाम के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। दीपोत्सव में सहभागिता के लिए पंजीकरण का कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जायेगा। 20 अक्टूबर से स्वयंसेवकों का आईकार्ड का वितरण शुरू कर दिया जायेगा। 26 अक्टूबर से घाटों पर दीए की खेप पहुंचनी शुरू हो जायेगी। 27 अक्टूबर से स्वयंसेवकों द्वारा घाटों पर दीए बिछाने के साथ 30 अक्टूबर को दीए प्रज्ज्वलित करके विश्व रिकार्ड बनायेंगे। मीडिया प्रभारी डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि जिला प्रशासन व विवि के सहयोग से दीपोत्सव को एतिहासिक बनाने के लिए कार्यो को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

अखाड़ों के लिए राजसी स्नान और छावनी प्रवेश नामों की मुख्यमंत्री जल्द ही औपचारिक घोषणा कर सकते हैं

प्रयागराज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा कुंभ मेले में शाही स्नान का नाम परिवर्तित कर राजसी स्नान और पेशवाई का नाम छावनी प्रवेश करने की औपचारिक घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बताया, ‘हाल ही में प्रयागराज में निरंजनी अखाड़ा में हुई बैठक में नाम परिवर्तन के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया है और इससे मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।’ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले महीने उज्जैन में महाकाल की सवारी को शाही सवारी के स्थान पर राजसी सवारी कहने की घोषणा की थी जिसके बाद अखाड़ा परिषद ने भी उर्दू शब्दों के स्थान पर हिंदी शब्दों के प्रयोग पर बल दिया। पुरी ने देश में विभिन्न स्थानों पर खाने-पीने की चीजों को अपवित्र किए जाने की घटनाओं को देखते हुए आस्था के सबसे बड़े समागम कुंभ मेले में दूसरे धर्म के लोगों द्वारा खान पान की दुकानें लगाने का विरोध किया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा, “हाल ही में कई घटनाएं सामने आई हैं जिसमें जूस में पेशाब मिलाने, खाने में थूक लगाने जैसी चीजें देखने में आई हैं। कुंभ मेले में सभी सनातनी हिंदू होंगे। ऐसे में यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि कोई उन्हें चीजें अपवित्र करके खिलाए।” उन्होंने कहा, “गैर सनातनियों को मेले में खानपान की दुकानें नहीं लगाने दी जाएंगी। इसके लिए अखाड़ा परिषद दीपावली के बाद बैठक कर प्रस्ताव पारित करेगी जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा।” पुरी ने बताया कि इसी तरह, अखाड़ा परिषद की इच्छा है कि कुंभ मेले में तैनात होने वाले कर्मचारी और अधिकारी सनातनी हों जिससे मेले की शुचिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस बीच, मेले में ऐसे पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाने का निर्णय किया गया है जो मांस मदिरा का सेवन ना करते हों। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) राजेश द्विवेदी ने कहा कि महाकुंभ एक धार्मिक पर्व है और जब पूरे मेला क्षेत्र में ही मांस मदिरा का सेवन और बिक्री निषिद्ध है, तो पुलिसकर्मियों से भी अपेक्षा है कि वे ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की पृष्ठभूमि जांच कर उनकी तैनाती की जाएगी।  

अमेरिका में बसने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच का निर्देश दिया: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सीबीआई और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भारत से अपने पति के साथ अमेरिका के सिएटल में बसने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने मेरठ जिले की कल्पना माहेश्वरी द्वारा दायर याचिका पर यह निर्देश पारित किया। पीठ ने कहा, “मौजूदा मामले में यह स्पष्ट है कि सीआरपीसी की धारा 188 के तहत जांच करने के लिए राज्य सरकार की सहमति लेने की कोई जरूरत नहीं है। फिर भी, राज्य सरकार ने मौजूद मामले में सीबीआई जांच कराने की अपनी सहमति के बारे में विदेश मंत्रालय को अवगत करा दिया था।” अदालत ने कहा, “सीबीआई और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग हालांकि अनावश्यक रूप से तकनीकी मुद्दे उठाते रहे और अमेरिका में याचिकाकर्ता की बेटी की मौत की जांच कराने के लिए कोई सार्थक कार्रवाई करने के बजाय एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। हमने देखा कि लघु जवाबी हलफनामा दाखिल कर केंद्र और अन्य प्रतिवादी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं।” इस मामले के तथ्यों के मुताबिक, याचिकाकर्ता की बेटी अंशु माहेश्वरी का विवाह 27 नवंबर, 2020 को सुमित बिनानी के साथ हुआ था। इसके बाद, दोनों अमेरिका चले गए जहां सिएटल में एक घर में हुए विस्फोट में याचिकाकर्ता की बेटी की मृत्यु हो गई। जब याचिकाकर्ता को इस बारे में पता चला, उन्होंने 28 सितंबर, 2023 को मेरठ के मेडिकल कॉलेज पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें सुमित बिनानी के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया गया। प्राथमिकी की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 15 अक्टूबर, 2023 को मेरठ जोन के आईजी को एक रिपोर्ट सौंपते हुए इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की क्योंकि अपराध भारत से बाहर किया गया था। अंततः इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया, लेकिन सीबीआई की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस पर याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।  

सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला- प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक हत्याकांड के सभी दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगा

लखनऊ प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक के हत्याकांड मामले में बुधवार को सभी दस दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों को सजा के साथ एक लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया जो मृतक जियाउल की पत्नी परवीन आजाद को दिया जाएगा। इस तरह प्रत्येक दोषी को 19 हजार पांच सौ रुपये भी भरने होंगे। कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच आज सीबीआई के विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने फूलचन्द्र यादव, पवन यादव, मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, छोटे लाल यादव, राम आसरे, मुन्ना पटेल, शिवराम पासी तथा जगत बहादुर पटेल को हत्याकांड का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के बाद अदालत ने सभी को जेल भेज दिया। हत्याकांड में एक अन्य आरोपी सुधीर को साक्ष्य के अभाव में चार अक्टूबर को बरी कर दिया गया था। प्रधान की हत्या के बाद मचा था बवाल अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि दो मार्च 2013 को शाम साढ़े सात बजे जमीन के एक पुराने विवाद के चलते प्रतापगढ़ कुंडा के बलीपुर गांव के प्रधान नन्हे यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना पर मृतक के समर्थकों की बड़ी संख्या उनके गांव पहुंच गई थी और उनके विरोधी कामता पाल के घर को आग के हवाले कर दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस दल के साथ सीओ कुंडा जियाउल हक, तत्कालीन हथिगवां थाना प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला और कुंडा थाना प्रभारी सर्वेश मिश्र भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। मौके पर उग्र भीड़ ने पुलिस को घेर लिया था। मौके पर सीओ ने भीड़ को समझाने का बहुत प्रयास किया परंतु उसी समय हुई झड़प में मृतक प्रधान नन्हे यादव के छोटे भाई सुरेश यादव की भी गोली लगने से मौत हो गई। भीड़ का उग्र प्रदर्शन देख कर मौके से पुलिस दल भाग गया।   प्रधान के घर के पीछे मिली सीओ की लाश उग्र भीड़ ने सीओ जियाउल हक को पकड़ लिया और उनकी पिटाई करने के बाद गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मौके पर दोबारा पहुंचे पुलिस दल ने सीओ को तलाश किया जिस दौरान रात लगभग 11 बजे मृतक सीओ की लाश प्रधान के घर के पीछे मिली। इस तिहरे हत्या कांड को लेकर कुल चार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। थाना प्रभारी हथिगवां मनोज शुक्ला ने पहली रिपोर्ट मृतक प्रधान नन्हे यादव के भाइयों और बेटे समेत दस लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। वहीं, प्रधान नन्हे यादव और सुरेश यादव की हत्या को लेकर भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मृतक सीओ की पत्नी परवीन आजाद द्वारा इस मामले में आखिरी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन सरकार ने मामले की संगीनता को देखते हुए विवेचना पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी थी। जमानत पर चल रहे सभी आरोपी हाजिर हुए, जहां से न्यायालय ने सभी दस आरोपियों को दोषी ठहराते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था।

मायावती ने अफसोस जताते हुए कहा- जाट समुदाय ने चुनाव में बसपा को वोट नहीं दिया, अब जाटों की मानसिकता बदलने की जरूरत है

नई दिल्ली बसपा नेता मायावती ने बुधवार को इस बात पर अफसोस जताया कि हरियाणा में जाट समुदाय ने विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को वोट नहीं दिया। उन्हें लगता है कि दलितों के बारे में उनकी (जाटों की) मानसिकता बदलने की जरूरत है। पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि मनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आईं मायावती ने इस बात पर अफसोस जताया कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ गठबंधन उनकी पार्टी के लिए लाभदायक नहीं रहा। मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने और उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए हरियाणा में जाट समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने बसपा को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दलित वोट जहां इनेलो की ओर चले गए, वहीं जाटों के मत उनकी पार्टी को नहीं मिले। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “बसपा उम्मीदवारों को केवल दलित वोट मिले। अगर हमें दो से तीन प्रतिशत जाट वोट भी मिल जाते तो हम कुछ सीटें जीत सकते थे।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों के प्रति जाट समुदाय की मानसिकता में बदलाव आया है, लेकिन हरियाणा में ऐसा होना अभी बाकी है। इनेलो ने राज्य में दो सीटें जीतीं, जबकि बसपा को एक भी सीट नहीं मिली। सत्ता विरोधी लहर के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की हैट्रिक लगाई और सत्ता बरकरार रखी तथा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों को विफल कर दिया। भाजपा ने 48 सीटें जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की। उसकी सीटों का आंकड़ा कांग्रेस से 11 अधिक था, जबकि जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी जैसे दलों का सफाया हो गया और इनेलो को सिर्फ दो सीटें ही मिल पाईं। आप ने अकेले चुनाव लड़ा था। अगले वर्ष फरवरी में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मायावती ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बसपा को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। मायावती ने स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश से इतर अन्य राज्यों में बसपा को प्रत्यक्ष मुकाबलों में नुकसान उठाना पड़ता है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बसपा अगले महीने महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनाव भी लड़ेगी।  

गांजा तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में दो आरोपी गोली लगने से घायल, 8 से 10 किलो तक मादक पदार्थ प्राप्त हुआ

कानपुर महाराजपुर थाना क्षेत्र में गांजा तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए हैं। पुलिस ने अनुसार इन बदमाशों के पास से 8 से 10 किलो तक मादक पदार्थ प्राप्त हुआ है। महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और गांजा तस्करों के बीच देर रात यह मुठभेड़ हुई। एस के सिंह, पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कानपुर-प्रयागराज हाईवे से होते हुए स्कूटी पर सवार बदमाश मादक पदार्थों को लेकर आ रहे हैं। पहले से ही मुस्तैद पुलिस की टीम ने जब उनको रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए। एस के सिंह ने बताया, “पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग मादक पदार्थों की तस्करी में लगे हुए हैं। मंगलवार शाम को भी जब इस मामले में सूचना मिली तो पुलिस की टीम ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। इस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की जिसमें दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए हैं। उनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।” उन्होंने आगे बताया, “इन लोगों के पास से काफी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस कमिश्नर के निर्देश के अनुसार कार्रवाई हुई है, जिसके अनुसार जो भी मादक पदार्थ की सप्लाई करता है वह समाज में गलत चीज की सप्लाई करता है। उसी कड़ी में यह एक्शन लिया गया है। इसके साथ ही मेरे द्वारा पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम भी दिया गया है। शासन, प्रशासन और पुलिस कमिश्नर की मंशा के अनुरूप यह कार्रवाई हुई है।” उपायुक्त ने बताया कि यह लोग गांजा की सप्लाई करते थे और इन लोगों के पास करीब 8 से 10 किलो तक का माल मिला है। इस घटना के जो फुटेज सामने आए हैं उसमें बदमाशों की स्कूटी एक तरफ सड़क पर गिरी हुई है। पुलिस की गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हुए हैं। इसके अलावा इनके पास तमंचा भी बरामद हुआ है।  

बसपा मुखिया मायावती ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर किया नमन

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर बसपा मुखिया मायावती ने उन्हें नमन किया है। बसपा मुखिया मायावती ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि बाममसेफ, डीएस4 व बीएसपी के जन्मदाता एवं संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित तथा यूपी व देश भर में उन्हें विभिन्न रूपों में श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले पार्टी के सभी लोगों व अनुयायियों का तहेदिल से आभार। उन्होंने आगे लिखा कि गांधीवादी कांग्रेस व आरएसएसवादी भाजपा व सपा आदि उनकी हितैषी नहीं बल्कि उनके ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट’ की राह में बाधा हैं। जबकि अम्बेडकरवादी बीएसपी उनकी सही-सच्ची मंज़िल है, जो उन्हें ’मांगने वालों से देने वाला शासक वर्ग’ बनाने हेतु संघर्षरत है, यही आज के दिन का संदेश है। बसपा मुखिया ने लिखा कि देश में करोड़ों लोगों के लिए गरीबी, बेरोजगारी व जातिवादी द्वेष, अन्याय-अत्याचार का लगातार तंग व लाचार जीवन जीने को मजबूर होने से यह साबित है कि सत्ता पर अधिकतर समय काबिज रहने वाली कांग्रेस व भाजपा आदि की सरकारें न तो सही से संविधानवादी रही हैं और न ही उस नाते सच्ची देशभक्त हैं। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि बसपा आज पूरे प्रदेश में मनाएगी। बसपा सुप्रीमो मायावती दिल्ली स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी। प्रदेश के पदाधिकारी लखनऊ में पुराना जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।  

उत्तर प्रदेश की 7500 छात्राएं एक दिन के लिए बनेंगी डीएम व पुलिस कप्तान, मिशन शक्ति के तहत शुरू हुई अनूठी पहल

लखनऊ यूपी में चल रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 7,500 छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारी बनाया जाएगा. इसके लिए हर जिले से 100-100 छात्राओं का चयन किया जाएगा. इसके जरिए उनमें जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता का विकास किया जाएगा.   यूपी के कैबिनेट मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव देना और उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व गुणों का विकास करना है. चयनित बालिकाएं डीएम, सीडीओ, बीएसए, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, डीआईओएस जैसे पदों पर एक दिन के लिए कार्य करेंगी. कासगंज की टॉपर भूमिका और संभल की शालू पहले ही इस योजना के तहत एक दिन की जिलाधिकारी बन चुकी हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. सरकार का यह प्रयास बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में उनके योगदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.   छात्राओं में आएगा लीडरशिप का भाव उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में उन बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अपनी निपुणता के लिए जानी जाती हैं और जिनमें लीडरशिप के गुण निखर कर सामने आ रहे हैं. इस कार्यक्रम में सभी जाति, वर्ग और श्रेणियों की बालिकाओं को समान अवसर प्रदान किया जाएगा. मिशन शक्ति के माध्यम से सरकार की यह पहल उन बालिकाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो अपनी नेतृत्व क्षमताओं को पहचानना चाहती हैं और समाज में बदलाव लाने की आकांक्षा रखती हैं.   छात्राएं करेंगी लोगों की समस्याओं का निस्तारण   इस योजना के तहत चुनी गईं छात्राएं एक दिन के लिए सरकारी अधिकारियों की भूमिका निभाएंगी. वे न सिर्फ लोगों की समस्याओं की सुनवाई करेंगी, बल्कि उनके निस्तारण में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी. यह अनुभव उन्हें निर्णय लेने की क्षमता और सामर्थ्य को निखारने में मदद करेगा, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.   शालू-भूमिका बन चुकी हैं एक दिन की डीएम   मुख्यमंत्री के आदेश के बाद संभल जिले के बहजोई स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा शालू और कासगंज जिले की टॉपर छात्रा कुमारी भूमिका को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से जिलाधिकारी बनाया जा चुका है. इस दौरान शालू ने मिशन शक्ति की बैठक का सफलतापूर्वक संचालन किया, अधिकारियों का परिचय लिया और मिशन शक्ति के कार्यों की रूपरेखा पर निर्देश दिए थे तो कासगंज की टॉपर भूमिका ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5 के तहत कासगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक दिन का जिलाधिकारी बन जनसमस्याओं की सुनवाई की और उनके समाधान के निर्देश दिए.   इन छात्राओं को भी मिल चुका है अवसर   इसी तरह से चित्रकूट स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा मनोरमा पटेल को भी एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) बनाया गया था. मनोरमा ने इस दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और विभिन्न मामलों की समीक्षा की. इसके अलावा केजीबीवी की बालिकाओं को मुख्य विकास अधिकारी, जिला पिछड़ा एवं कल्याण अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के रूप में भी एक दिन का अधिकारी बनने का अवसर मिल चुका है. बता दें कि चित्रकूट जनपद के पारो नाम की छात्रा को भी एक दिन का बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) बनाया गया था, जिस दौरान पारो ने भी इन बालिकाओं की तरह विभागीय सुनवाई जैसे कार्यों का निर्वहन किया और उनके समाधान के निर्देश दिए.  

महंत यति के बयान पर जगह- जगह बवाल, गाजियाबाद में 16 पर मामले दर्ज

गाजियाबाद गाजियाबाद के डासना के देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान से यूपी में उठा बवाल थम नहीं रहा। मेरठ के साथ अलीगढ़, आगरा, एटा व कन्नौज में सोमवार को मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतरे तो गाजियाबाद में यति के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। मेरठ में मुंडाली में बिना अनुमति प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। यहां भीड़ ने रोके जाने पर पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने यहां 30 नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जुलूस में शामिल युवा और बच्चे तलवार और लाठी-डंडे लहराते हुए धार्मिक और देशविरोधी नारेबाजी कर रहे थे। अलीगढ़ में एएमयू के छात्रों में उबाल दिखा। हजारों की संख्या में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। यहां मखदूम नगर निवासी मो. अकबर की तहरीर पर भी नरसिंहानंद के खिलाफ जीरो एफआईआर के तहत विवादित टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया गया। आगरा में भी उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। उधर, गाजियाबाद में बवाल के बाद दोनों पक्षों की ओर से कुल अब 16 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 16 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं, सहारनपुर के शेखपुरा में हुए रविवार को हुए बवाल के मामले में सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर कई अन्य उपद्रवियों की पहचान हो गई है।  जिन 13 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था, उन्हें सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गाजियाबाद में यति के समर्थकों का हंगामा नरसिंहानंद के समर्थकों ने सोमवार को गाजियाबाद पुलिस आयुक्त के दफ्तर के बाहर हंगामा प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस अफसरों से सवाल किया कि आखिर यति नरसिंहानंद कहां हैं?। इस पर अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं। पुलिस ने कविनगर थाने में 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।   13 को महापंचायत का एलान यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव डॉ. उदिता त्यागी ने कहा कि अगर जल्द ही महामंडलेश्वर नहीं मिलते हैं तो हिंदू संगठन 13 अक्तूबर को महापंचायत करेंगे। उनका दावा है कि पुलिस पांच अक्तूबर को बम्हेटा के पार्षद प्रमोद यादव के घर से महामंडलेश्वर को ले गई थी। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा है। मास्को से एमटेक, लंदन में नाैकरी, अब 80 केस दर्ज…विवादों में नरसिंहानंद पैगंबर को लेकर दिए बयान के बाद विवादों में घिरे डासना के देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद का असली नाम दीपक त्यागी है। बुलंदशहर के शिकारपुर तहसील के हिरनौट गांव के मूल निवासी से महामंडलेश्वर बनने तक का नरसिंहानंद का सफर चुनौती भरा रहा है। दीपक त्यागी के पिता राजेश्वर दयाल त्यागी सेना के सीडीएस विभाग में नौकरी करते थे। मेरठ और हापुड़ में शुरुआती पढ़ाई करने के दीपक ने मास्को से एमटेक किया है। 1992 में उन्होंने मैथमेटिक्स ओलंपियाड में रिकॉर्ड बनाया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कपड़ों की ट्रेडिंग करने लगे। इसके बाद लंदन में नौकरी की। 1996 में उनकी शादी हुई। गाजियाबाद लाैटने के बाद उन्होंने राजनीति में अपने कदम बढ़ाए और सपा के महानगर अध्यक्ष बने।     यति नरसिंहानंद ने 2001 में दो साल की बेटी और पत्नी को छोड़कर संन्यास ले लिया। 2002 में ब्रहानंद सरस्वती से दीक्षा ली और यति नरसिंहानंद सरस्वती बन गए। कुछ दिनों तक दूधेश्वरनाथ मंदिर में रहे। संतों ने डासना देवी मंदिर का महंत बनाया। भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान समेत कई विवादों में अब तक 80 केस दर्ज हो चुके हैं।  

बीडीए ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य के अवैध निर्माण पर की ध्वस्तीकरण कार्रवाई की

बरेली बरेली में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के अवैध निर्माण पर बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) ने बुलडोजर चलाया है। आरोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने चार अक्तूबर को बीडीए की टीम को बंधक बनाकर मारपीट व गालीगलौज की थी। इस प्रकरण में कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद विकास प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। बदायूं रोड पर अवैध निर्माण रोकने पहुंचे बीडीए के दो सुपरवाइजरों को पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजकुमार सिंह ने अपने बेटे व छह साथियों के साथ मिलकर बंधक बना लिया था। आरोप था कि कई बार अवैध निर्माण को रोकने का नोटिस भेजने के बाद भी नहीं रुका और आरोपी लगभग 50 बीघा जमीन पर लगातार निर्माण कराता रहा। बंधक बनाकर की थी मारपीट बीते शुक्रवार को भी बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी बीडीए के सुपरवाइजर ओमप्रकाश अपने साथी बच्चन के साथ मौके पर पहुंचे थे, जहां आरोपियों ने बंधक बनाकर मारपीट की। मामले में बलवा, सरकारी काम में बाधा और लोक सेवक को बंधक बनाने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इस प्रकरण में सोमवार को बीडीए ने आरोपी राजकुमार के अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया है। आरोपी एक हजार वर्ग मीटर की जमीन पर नौ मीटर ऊंची दीवार खड़ी कर चुका था। हालांकि आरोपी राजकुमार का कहना है कि वह कॉलोनाइजर नहीं व्यापारी है। वह अपने प्लॉट की दीवार का निर्माण करा रहा था। पहले भी दिया जा चुका था नोटिस बीडीए ने राजकुमार सिंह अवैध निर्माण के खिलाफ 18 जून 2022 को भी नोटिस जारी किया था। सुनवाई के लिए 30 जून व सात सितंबर की तिथि नियत की गई थी। दोनों ही तारीखों पर आरोपी अनुपस्थित रहा। इसके बाद निर्माण को ध्वस्त कराने का आदेश बीडीए की ओर से दिया गया। इस पर सुपरवाइजर बच्चन वर्मा की ओर से रिपोर्ट लगाई गई है कि बार-बार जाने पर भी निर्माण स्थल पर राजकुमार सिंह नहीं मिला तो दरवाजे पर नोटिस चस्पा कर दिया गया था। सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।  

ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुंचे मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू

आगरा ताजमहल का दीदार करने के लिए मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू और प्रथम महिला साजिदा मोहम्मद आगरा पहुंच गईं हैं। आगरा में खेरिया एयरपोर्ट पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे ताज पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। उन्होंने ताज का दीदार किया और यहां फोटोग्राफी भी कराई। राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सीधे शिल्पग्राम पहुंचें। वहां उन्हें प्रदेश की संस्कृति और धरोहर से अवगत कराने के लिए मयूर नृत्य और रास प्रदर्शित किया गया। ताजमहल भ्रमण के बाद एयरफोर्स स्टेशन के खेरिया टेक्निकल एयरपोर्ट से मालदीव के लिए रवाना होंगे। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह भारत और मालदीव के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और सुदृढ़ करने का एक ऐतिहासिक पल होगा।

तेजाब हमले में झुलसी छात्रा की उपचार के दाैरान मौत, हिरासत में आरोपी

अमरोहा तेजाब से झुलसी आठवीं की छात्रा की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई है। स्थानीय पुलिस द्वारा मेरठ में उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। छात्रा की मौत से परिजनों में सदमे में है। उधर, नामजद पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। शाम तक छात्रा का शव गांव पहुंचने की संभावना है। रहरा थानाक्षेत्र के गांव में रविवार की रात किसान अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर में सोए हुए थे। रात में करीब तीन बजे उनकी बेटी लघुशंका के लिए उठी थी। तभी किसी ने घर के दरवाजे पर आवाज लगाई। जैसे ही छात्रा ने दरवाजे की खिड़की खोली, तभी गांव के पिता-पुत्र ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे जंगल में ले जाकर जमकर पीटा। बाद में उसके शरीर पर तेजाब डाल दिया था। घटना में छात्रा बुरी तरह झुलस गई थी। कुछ देर बाद छात्रा घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई थी। छात्रा को झुलसी हालत में देखकर परिजन घबरा गए थे। पुलिस को बगैर सूचना दिए परिजनों ने उसका मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया। लेकिन मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं होने की वजह से मेरठ में उसे भर्ती नहीं किया गया था। तेजाब के हमले में छात्रा 60 फीसदी झुलस गई थी। सोमवार की दोपहर परिजनों ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई। झुलसी छात्रा को सीएचसी में प्राथमिक उपचार करने के बाद फिर मेरठ ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार की मध्य रात्रि उपचार के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना से परिजनों में  शोक की लहर दौड़ गई।   इस मामले में छात्रा के भाई ने पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रहने वाले पिता-पुत्र के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है कि झुलसी छात्रा की उपचार के दौरान मेरठ में मौत हो गई है। मेरठ में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव गांव ले जाया जाएगा।

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