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होली पर हुड़दंग से निपटने के लिए पुलिस ने की तैयारी, ड्रोन निगरानी, जिग-जैग बैरियर और एलआईयू अलर्ट

  मेरठ   होली पर हुड़दंगियों से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। ड्रोन कैमरों और जिग-जैग बैरियर लगाकर निगरानी की जाएगी। स्थानीय खुफिया इकाई एलआईयू को भी अलर्ट कर दिया गया है।   पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने सभी एसीपी और थाना प्रभारियों के साथ ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि रंग लगाने के बहाने हुड़दंग पर पुलिस शांतिभंग में कार्रवाई करेगी। आरोपियों को एसीपी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें पुलिस की रिपोर्ट पर जेल भी भेजा जाएगा। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि चेकिंग के नाम पर किसी से अभद्रता नहीं होनी चाहिए। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।   संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग हर चाैराहे पर किया जा रहा है। होली के दो दिन पुलिस विशेष नजर रखेगी। तेज गति से वाहन चलाने पर चालान की कार्रवाई होगी। कंट्रोल रूम से चाैराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। कहीं भी अनावश्यक भीड़ लगने या माहौल गड़बड़ दिखने पर वायरलेस पर अलर्ट किया जाएगा। लोकेशन के आधार पर गश्त कर रही पुलिस टीम को मौके पर भेजा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी और एसीपी और थानों का फोर्स थोड़ी-थोड़ी देर में गश्त करेगा।   60 पॉइंट पर लगेंगे जिग-जैग बैरियर पुलिस आयुक्त ने बताया कि 112 नंबर पर आईं शिकायतों का डाटा देखकर रणनीति तैयार की गई है। विवादित जगहों पर पहले से लोगों को चेतावनी दी गई है। शहर में 60 स्थानों पर जिग-जैग बैरियर लगाकर चेकिंग की जाएगी। हर थाने में 12 स्थानों पर स्टेटिक टीम तैनात रहेंगी। लगातार भ्रमणशील रहेंगी। बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर बॉडी वार्म कैमरों के साथ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एलआईयू संवेदनशील क्षेत्रों में घूमकर जानकारी जुटाएगी और थाना पुलिस को सूचना देगी। सोशल मीडिया सेल 24 घंटे भ्रामक पोस्ट और माहौल बिगाड़ने वालों पर नजर रखेगी।  

भोले नामक विशाल नंदी के शरीर की धूल-मिट्टी को अपने हाथों से साफ किया सीएम योगी ने

गोसेवा में रमे सीएम योगी, गोवंश को खिलाया गुड़-रोटी नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा मुख्यमंत्री ने भोले नामक विशाल नंदी के शरीर की धूल-मिट्टी को अपने हाथों से साफ किया सीएम योगी ने गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा में भी रमे रहे। उन्होंने नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा, उन्हें गुड़-रोटी खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए। गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर मंगलवार प्रातःकाल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह भी वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया।  गोशाला में सीएम योगी ने चारों तरफ भ्रमण करते हुए श्यामा, गौरी, गंगा, भोला आदि नामों से गोवंश को पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही कई गोवंश दौड़ते-कूदते उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाया। इसी क्रम में उन्होंने भोले नामक एक विशाल नंदी को स्नेह की थपकी देते हुए गुड़-रोटी खिलाया। उसके शरीर पर लगी धूल-मिट्टी को पहले अपने हाथों से साफ किया और फिर गोशाला कार्यकर्ता को निर्देशित किया कि भोले के शरीर को सूखे कपड़े से साफ कर दिया जाए। मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने मोर पर भी स्नेह बरसाया और उसे अपने हाथों से रोटी खिलाई।

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश

बेफिक्र होकर उपचार कराएं, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: सीएम योगी जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश जमीन कब्जाने व दबंगई के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में उपचार कराएं। सरकार उनको भरपूर आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  होलिकोत्सव मनाने के लिए सोमवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास जाकर, एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए लोगों को आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को भरोसा दिया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं, ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी की बीमारी में धन की कमी आड़े आने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होना बताए जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए। इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य कई लोग भी गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ परिजनों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को स्नेहिल आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दीं और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

लखनऊ: पुलिस अधिकारियों का मानवीय चेहरा, गरीब बच्चों के साथ खेली होली और दिए उपहार

लखनऊ  इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने एक बार फिर एक बड़ी मिसाल कायम कर गरीब बेसहारा बच्चों के साथ मिलकर होली खेली और और मासूमों के हाथों से माथे पर तिलक लगाकर उनका हौसला अफजाई किया। बच्चों को मिठाई सहित उपहार भी दिए।   सरकारी अस्पतालों में आज हाफ डे ओपीडी, कल बंद रहेंगे  राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी दोपहर 12 बजे (हाफ डे) तक , जबकि बुधवार को पूरी तरह से बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को इलाज मिलेगा। वहीं, केजीएमयू में सामान्य दिनों की तरह ओपीडी चलेगी। लोहिया व पीजीआई में नए पंजीकरण नहीं होंगे। पहले से जिन मरीजों के ऑपरेशन व जांच की तारीख मिली है, उन्हें इलाज मुहैया कराया जाएगा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह होगा। ऑपरेशन के साथ पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की जांच भी होगी। मेडिकल की कक्षाएं बंद रहेंगी। बुधवार को अवकाश रहेगा। लोहिया संस्थान व पीजीआई में मंगलवार को पुराने मरीजों को ओपीडी में देखा जाएगा। पहले से तय ऑपरेशन व जांच भी होंगे। नए मरीज का पंजीकरण नहीं होगा। लोहिया के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे संचालित होंगी। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, राम सागर मिश्र, लोकबंधु, डफरिन, झलकारी बाई समेत दूसरे सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को हाफ डे ओपीडी होगी। अस्पतालों में बुधवार को अवकाश रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं का संचालन होगा।  

‘इलाज की चिंता छोड़िए, पैसा हमारी सरकार देगी’: जनता दर्शन में सीएम योगी का संदेश

गोरखपुर होली के उल्लास के बीच मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भरोसा दिलाया कि इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की. किसी के हाथ में मेडिकल रिपोर्ट थी, तो किसी के पास जमीन विवाद से जुड़ी कागजात. मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को वहीं निर्देशित किया |  पैसा सरकार देगी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे. एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है?  जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए. इलाज रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी. साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें. मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है |  संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण पर जोर जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो. उन्होंने कहा कोई भी पीड़ित दोबारा भटकने को मजबूर न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए |  बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं. मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए. अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा |  विवेकाधीन कोष से मदद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है. खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है. जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो | 

संभल में पहली बार 68 तीर्थों पर होली उत्सव, जिलेभर में धारा 163 का कड़ा प्रबंध

 संभल  संभल में इस बार होली सिर्फ मोहल्लों और चौपालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन 68 तीर्थों तक पहुंचेगी जिन्हें हाल में खोजे जाने और पुनर्जीवन की प्रक्रिया से जोड़ा गया है. सामाजिक संगठनों का दावा है कि पहली बार इन सभी तीर्थ स्थलों पर एक साथ रंगोत्सव मनाया जाएगा. तैयारियां ऐसी हैं कि शहर का हर कोना उत्सव की आहट से गूंज रहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा का अभेद्य घेरा भी बुना गया है |  तीर्थों पर रंगोत्सव, परंपरा का नया अध्याय नगर हिंदू सभा, तीर्थ परिक्रमा समिति और विभिन्न मंदिर समितियों ने संयुक्त रूप से 68 तीर्थों और 19 कूपों पर दीप प्रज्वलन व गुलाल उत्सव की रूपरेखा बनाई है. आयोजकों का कहना है कि जिस तरह मथुरा और वृंदावन में होली का रंग कई दिनों तक छाया रहता है, उसी तरह संभल में भी इस बार उत्सव का विस्तार होगा. राधा-कृष्ण मंदिरों से लेकर प्राचीन कुंडों तक, हर स्थान पर सुबह पूजा-अर्चना, दोपहर में गुलाल अर्पण और शाम को दीपोत्सव की योजना है. कई स्थानों पर बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-संध्या भी प्रस्तावित है. मंदिरों के पुजारियों का कहना है कि तीर्थों के जागरण की खुशी को सामूहिक रंगोत्सव के जरिए साझा किया जाएगा |  जिला तीन सेक्टर में बांटा गया  जिला प्रशासन के मुताबिक, पूरे जिले में 64 जुलूसों की अनुमति दी गई है. बेहतर प्रबंधन के लिए जिले को तीन सेक्टर में बांटा गया है. 17 थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जबकि 27 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) चौबीसों घंटे अलर्ट रहेंगी |  जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, सभी आयोजकों के साथ अमन कमेटी की बैठकों में रूट, समय-सारिणी और आचार-संहिता तय कर दी गई है. जुलूस बॉक्स फॉर्मेट में निकलेंगे. आगे-पीछे और दोनों किनारों पर पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी, ताकि किसी तरह की अफवाह या उकसावे की गुंजाइश न बचे|  संवेदनशील पृष्ठभूमि और सुरक्षा का अभेद्य घेरा ईरान और इजराइल अमेरिका युद्ध में खामेनेई  की मौत के बाद संभल के कुछ हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुआ. ऐसे में प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए धारा 163 लागू की है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि एक हजार से अधिक संभावित उपद्रवियों को पाबंद किया गया है. तीन कंपनी और दो प्लाटून पीएसी, रैपिड रिएक्शन फोर्स, 200 से अधिक रंगरूट और कई वरिष्ठ अधिकारी एएसपी, सीओ, एडीएम, एसडीएम मैदान में रहेंगे. जुलूस मार्गों और प्रमुख चौराहों पर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं, जिनकी मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी. ड्रोन कैमरे छतों और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. विशेष ध्यान उन मार्गों पर है जहां से चौपाई जुलूस संवेदनशील इलाकों और जामा मस्जिद के सामने से गुजरेंगे. प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों से संवाद कायम है और उद्देश्य सिर्फ शांतिपूर्ण, गरिमामय उत्सव सुनिश्चित करना है|  रंगों की फैक्ट्री से 12 राज्यों तक सप्लाई संभल की एक प्रमुख कलर कंपनी ने इस बार बड़े पैमाने पर गुलाल तैयार किया है. मालिक हर्ष गुप्ता बताते हैं कि चंदन, गुलाब, केवड़ा और चॉकलेट-मिंट खुशबू वाले रंगों की खास मांग रही. बच्चों के लिए स्किन-फ्रेंडली और नॉन-टॉक्सिक गुलाल तैयार किया गया है, जो मक्का के आटे और फूड-ग्रेड रंगों से बना है. कंपनी का दावा है कि यूपी के अलावा 10–12 राज्यों में सप्लाई की गई है. अयोध्या, काशी और मथुरा में विशेष मांग आई है. स्थानीय बाजारों में भगवा, गुलाबी, हरा और फिरोजी रंगों की बहार है. पहली बार गुलाल पिचकारी भी उतारी गई है, जिससे सूखे रंगों का प्रयोग बढ़े|  आयोजकों का कहना है कि 68 तीर्थों पर रंगोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्स्मरण का अवसर है. कई स्थानों पर सुबह शंखनाद, दोपहर में सामूहिक आरती और शाम को दीपदान होगा. मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी सीसीटीवी निगरानी और पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी के साथ कार्यक्रम तय हैं. प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि सभी जुलूसों के लिए समय-सीमा निर्धारित है, डीजे की ध्वनि-सीमा तय है और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी बढ़ाई गई है. अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है |  पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि होली आपसी भाईचारे का पर्व है. किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें. अमन कमेटियों ने भी अपील की है कि जुलूस तय रूट और समय पर ही निकलें. संभल इस बार दोहरी परीक्षा से गुजर रहा है एक ओर तीर्थों पर पहली बार सामूहिक रंगोत्सव का रोमांच, दूसरी ओर संवेदनशील पृष्ठभूमि में शांति बनाए रखने की चुनौती. तैयारियों की बारीकी बताती है कि प्रशासन और आयोजक दोनों इसे प्रतिष्ठा का सवाल मान रहे हैं | 

पूरी दुनिया में उपद्रव, पर पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व करा रहा नए भारत का दर्शन: सीएम योगी

सबको सुरक्षा का अहसास ही रामराज्य की अवधारणा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, यूपी में न तनाव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की तरफ से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी दुनिया में उपद्रव, पर पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व करा रहा नए भारत का दर्शन: सीएम योगी भक्त प्रह्लाद की आरती उतारी और फूलों की होली खेली मुख्यमंत्री ने गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को होली की मंगलमय शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है। कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी। सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है। सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है। यही अहसास और विश्वास, रामराज्य की अवधारणा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी। सीएम योगी सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की ओर से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। होलिकादहन के दिन शोभायात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था है। पर, हम भारतवासी गर्व कर सकते हैं कि पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदी देते हुए नए भारत का दर्शन करा रहा है। नया भारत हर व्यक्ति, हर तबके को अवसर देकर उत्सव का वातावरण देता है।  पहले यूपी में समाज को बांटती थीं सरकारें सीएम योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है। पर, वर्ष 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे। यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था। समाज में भय और तनाव रहता था। तब की सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे। तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी। न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है,  यूपी में अब सब चंगा है। सब ओर उत्सव का माहौल है। पिछले पंद्रह दिनों से मथुरा-वृंदावन में होली का कार्यक्रम चल रहा है। सबकुछ स्वतः स्फूर्त देखकर विदेशियों की आंखे फटी रह जाती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग हम पर आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं। इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। किसी की जाति का पता नहीं है, लेकिन सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं।  उपद्रव से उबरकर बनते हैं उत्सव की यात्रा का हिस्सा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म और असत्य से सत्य की यात्रा होती है, तभी हम उपद्रव से उबरकर उत्सव की यात्रा का हिस्सा बनते हैं। यही उत्सव आज गोरखपुर के विरासत गलियारे में देखने को मिल रहा है। पहले पांडेयहाता आने को संकरी गली थी। वाहन मुश्किल से आ पाता था। व्यापार अस्त व्यस्त था। ग्राहक नहीं आ पाते थे। अराजकता का साम्राज्य था। विरासत गलियारा के प्रभावित व्यापारियों के लिए बनेगा कॉम्प्लेक्स सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का विरासत गलियारा प्रदेश का सबसे खूबसूरत गलियारा होगा। गलियारा बनने से प्रभावित व्यापारियों को घण्टाघर के बंधु सिंह पार्क में कुछ दुकानें दी जा रही हैं। इसके बाद अन्य जो दुकानदार शेष रह जाएंगे, उनके लिए डायट के पास कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जगह चिन्हित करने के साथ पैसा भी आवंटित कर दिया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी को उजड़ने नहीं देना है, बल्कि अवसर देकर आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत गलियारा पहले पूर्वी यूपी, बिहार और नेपाल के व्यापारियों और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होता था। सुविधा न देने, कंजेशन और जाम के कारण यहां का कारोबार उजड़ने लगा था। अब विरासत गलियारा नव विकास से एक बार फिर व्यापार का प्रमुख केंद्र हो जाएगा। सबको सुरक्षा और सुविधा दे रही डबल इंजन की सरकार सीएम योगी ने कहा कि सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुविधा दे रही है। इसी भाव से जब गोरखपुर विकास करेगा तो प्रदेश और देश का भी विकास होगा। विकास नीचे से ऊपर आता है। विरासत गलियारा के व्यापारियों के मन में पीड़ा थी, लेकिन उन्होंने इसे व्यक्त करने की बजाय शासन-प्रशासन का सहयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप आज शानदार विरासत गलियारा बनकर तैयार हो रहा है। यहां की सड़कें पहले से तीन गुना अधिक चौड़ी होंगी। फसाड लाइट लग जाने के बाद यह प्रदेश का सबसे शानदार गलियारा होगा। हिरण्यकश्यप जैसे हैं माफिया व गुंडे, लातों के भूत बातों से नहीं मानते होलिकादहन के महात्म्य, भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस समय भगवान विष्णु ने भगवान नृसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था और धर्म की स्थापना की थी। हमें याद रखना होगा कि अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी भी हिरण्यकश्यप जैसे ही हैं, ये प्यार से नही मानेंगे क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं। अराजकता, गुंडागर्दी, अव्यवस्था जैसे हिरण्यकश्यप, कंस या रावण को मारने के लिए किसी न किसी नृसिंह, कृष्ण या राम को अवतरित होना ही पड़ेगा। भक्त प्रहलाद की आरती उतार सीएम योगी ने खेली फूलों की होली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के उपरांत शोभायात्रा के लिए सजाए गए रथ पर भक्त प्रहलाद के चित्र की आरती उतारी। उनके चित्र पर फूल बरसाने के बाद सीएम योगी ने अत्यंत प्रसन्नता व उमंग से उपस्थित जनसमूह पर पुष्पवर्षा करते हुए फूलों से होली खेली। शोभायात्रा को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में पहुंचने पर लोक कलाकारों के दल ने विभिन्न प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मंच पर सीएम योगी का स्वागत व अभिनंदन पुष्प माला व साफा पहनाकर और स्मृति-चिह्न देकर किया गया। भ्रष्टाचार का दहन कर दिया है सीएम योगी ने: रविकिशन शोभायात्रा के अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा … Read more

मिलियन लीटर से ज्यादा गंदा पानी किया जा रहा ट्रीट नदियों की स्वच्छता में योगी सरकार ने रचा नया अध्याय, 2035 तक 100% अपशिष्ट जल उपयोग का लक्ष्य

यूपी बना 85 फीसदी सीवेज का शोधन करने में सक्षम राज्य गंगा-यमुना की पवित्रता दूषित नहीं होने देगी योगी सरकार, राज्य में प्रतिदिन 4500 मिलियन लीटर से ज्यादा गंदा पानी किया जा रहा ट्रीट नदियों की स्वच्छता में योगी सरकार ने रचा नया अध्याय, 2035 तक 100% अपशिष्ट जल उपयोग का लक्ष्य नमामि गंगे मिशन फेज-2 से यूपी के सीवरेज सिस्टम को मिल रही बड़ी मजबूती, अपशिष्ट जल से बनेगा विकास का नया मॉडल लखनऊ, उत्तर प्रदेश को स्वच्छ प्रदेश बनाने की मुहिम समय के साथ तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार अपशिष्ट जल को ‘आर्थिक संपत्ति’ में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रतिदिन 4500 मिलियन लीटर से अधिक सीवेज का शोधन किया जा रहा है। इस तरह प्रदेश अब लगभग 85 प्रतिशत गंदे पानी को उपचारित करने में सफल है। सरकार गंगा-यमुना समेत राज्य की तमाम नदियों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नमामि गंगे मिशन से मिली सीवरेज सिस्टम को मजबूती उल्लेखनीय है कि नमामि गंगे मिशन के दूसरे चरण ने प्रदेश के सीवरेज सिस्टम को नई मजबूती दी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 74 सीवर शोधन परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 41 पूरी होकर संचालन में भी आ चुकी हैं। शेष परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है। राज्य भर में 155 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) क्रियाशील हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली ने नदियों के संरक्षण के प्रयासों को नई गति दी है। हर परियोजना की मॉनीटरिंग की जा रही है, जिससे न केवल गंगा-यमुना की पवित्रता सुनिश्चित हुई है, बल्कि नगरों में जल प्रबंधन की व्यवस्था भी मजबूत हो रही है।  अपशिष्ट जल से विकास का नया मॉडल   योगी सरकार अब उपचारित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग की नीति तैयार कर रही है। योजना तीन चरणों में लागू होगी।  1. नगरपालिका- पार्कों की सिंचाई, सड़क सफाई, सार्वजनिक उद्यानों में इस्तेमाल।  2. उद्योग और कृषि- औद्योगिक प्रक्रियाओं व खेतों की सिंचाई के लिए। 3. घरेलू गैर-पेय उपयोग- निर्माण कार्य समेत अन्य कार्यों में पुनर्चक्रण।   सीएम योगी कर रहे स्वच्छ नदियों के सपने को साकार जहां एसटीपी चालू हैं और क्षमता मौजूद है, वहां वर्ष 2030 तक 50 फीसदी और 2035 तक 100 फीसदी अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वच्छ नदियों के सपने को साकार करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहा है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम, यूपी में 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति क्लब’ से जोड़ने की तैयारी

वाराणसी यूपी के वाराणसी में आयोजित 11 दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेले में पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, समूह से और अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को लखपति महिला क्लब में शामिल करने तथा उन्हें करोड़पति महिला बनाने का आह्वान किया। आने वाले दिनों में सरस मेलों के आयोजन कराने की घोषणा की, जिससे अन्य प्रदेशों तथा जनपदों से आने वाली महिलाओं से प्रेरित होकर अन्य महिलाएं भी आगे आकर कार्य करें। उन्होंने महिलाओं के कार्यों तथा उनके उत्पादों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री ने स्टालों का अवलोकन किया, उत्पादों की जानकारी ली तथा आजीविका मिशन की ओर से लगाए गए फूड कोर्ट के कार्य की प्रशंसा की। 11 दिवसीय सरस मेले का समापन यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में ग्यारह दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेला का सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में समापन हो गया। इस आवासीय मेले में विभिन्न प्रदेशों तथा उत्तर प्रदेश के विभन्नि जनपदों से आए महिला समूहों द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये का व्यापार किया गया। मेले में सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल की सामग्री, अचार-मुरब्बा, लेदर के सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कुर्ती, चादर, कालीन, जूट के उत्पाद, मूंज के उत्पाद आदि प्रमुख थे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी की दो बीमा सखियों मीना देवी व प्रतिभा देवी तथा दो लखपति महिलाओं शर्मीला देवी व लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जनपद के 703 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड मद में कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये का प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान किया गया। साथ ही दो समूह की महिलाओं को ई-रक्शिा उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आम बजट में लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलने की हुई थी घोषणा आम बजट में वित्त मंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखते हुए सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना को और विस्तार देने की घोषणा की थी। इससे देशभर की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जिसके चलते जनपद बिजनौर की करीब 29 हजार लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलेंगे। वर्तमान में बिजनौर में विदुर ब्रांड के लगभग 100 आउटलेट और स्टोर हैं, जबकि करीब 60 विदुर कैफे हैं, जिन्हें बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। अभी विदुर ब्रांड से आमदनी टर्न ओवर करीब दस करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर है। बजट में वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए और अधिक रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे।  

बुंदेलखंड बन रहा स्टार्टअप हब, झांसी में बीवीएस एक्सपो-2026 ने दिखाई झलक

बुंदेलखंड क्षेत्र में नवाचार आधारित उद्यमिता के नए अध्याय की शुरुआत, 18 स्टार्टअप्स ने विभिन्न शहरों से आए निवेशकों के समक्ष रखे अपने बिजनेस मॉडल स्टार्टअप स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति, आईआईटी कानपुर रहा नॉलेज पार्टनर शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी स्केलेबिलिटी और बाजार संभावनाओं को प्रस्तुत किया पहली बार बुंदेलखंड के उभरते उद्यमियों को बाहरी निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद का मिला अवसर लखनऊ/झांसी कभी परंपरागत रूप से कृषि प्रधानता और सीमित औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड में अब नवाचार आधारित उद्यमिता की मजबूत आहट सुनाई दे रही है। झांसी के अर्बन हाट में आयोजित दो दिवसीय बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो–2026 ने इस बदलाव को सार्वजनिक मंच पर स्पष्ट रूप से स्थापित किया। इस आयोजन ने संकेत दिया कि क्षेत्र अब स्टार्टअप और निवेश गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। स्टार्टअप स्टॉल्स पर दिखा उत्साह आयोजन के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने स्टॉल लगाए। शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी, सुरक्षा समाधान, कृषि नवाचार और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस आयोजन में आईआईटी कानपुर नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा रहा। विशेषज्ञों ने तकनीकी मजबूती, स्केलेबिलिटी, निवेश आकर्षण और प्रोडक्ट-मार्केट फिट जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसे क्षेत्रीय स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन माना जा रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट में 18 स्टार्टअप्स की प्रस्तुति दूसरे दिन आयोजित “पिच सर्कल/इन्वेस्टर कनेक्ट” सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े 18 स्टार्टअप्स ने देश के विभिन्न शहरों से आए 28 निवेशकों के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। सत्र में शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल समाधान और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी विस्तार योजनाएं और निवेश आवश्यकताएं रखीं। इनमें एजुट्रैक स्टार्टअप विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसने स्कूलों के लिए एआई आधारित डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। इसमें एआई टीचर सिस्टम, छात्र लोकेशन ट्रैकिंग और स्कूल ऑपरेशंस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। निवेशकों ने इसकी स्केलेबिलिटी और संभावित बाजार विस्तार पर रुचि दिखाई। एजुट्रैक के अलावा कई अन्य स्टार्टअप्स को आगे की निवेश प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। बदलती सोच, नई आर्थिक दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि बुंदेलखंड में स्टार्टअप गतिविधियों का यह विस्तार केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती मानसिकता का संकेत है। प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और निवेश संवाद के समन्वय से झांसी क्षेत्रीय स्टार्टअप हब के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 ने यह स्पष्ट किया है कि बुंदेलखंड अब संभावनाओं का क्षेत्र भर नहीं, बल्कि संगठित उद्यमिता की दिशा में बढ़ता हुआ आर्थिक केंद्र बन सकता है। युवा उद्यमियों को मिलेगा निरंतर मंच और मार्गदर्शन झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ एवं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा, बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 का उद्देश्य केवल एक प्रदर्शनी आयोजित करना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड के युवाओं को निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधे जोड़ने का मंच उपलब्ध कराना था। स्थानीय स्टार्टअप्स ने जिस आत्मविश्वास और तैयारी के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, वह इस क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और नगर प्रशासन की प्राथमिकता है कि नवाचार आधारित उद्यमिता को संस्थागत समर्थन दिया जाए। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से हम स्टार्टअप्स को केवल स्पेस नहीं, बल्कि मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश संवाद का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। देश के विभिन्न शहरों से निवेशकों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि बुंदेलखंड अब राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि झांसी को एक सशक्त स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार हों।

सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

  राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामलों के निस्तारण में आया खासा सुधार कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, आजमगढ़ तीसरे और जौनपुर चौथे स्थान पर जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर     लखनऊ, प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 15 माह से जौनपुर टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है।   राजधानी में सबसे अधिक कुल 15,981 मामले निस्तारित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में पूरे प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,981 मामले निस्तारित किए गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 14,132 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, आजमगढ़ 9,333 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रहीं हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निपटाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आजमगढ़ ने फरवरी में राजस्व मामलों के निस्तारण में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर ने 8,912 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,378 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।   जनपद स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी, 542 मामले किए निस्तारित जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक के निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया है। इसका अनुपात 216.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर बस्ती और मानक 300 के सापेक्ष 353 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है। इसी तरह फरवरी में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 69 मामले निस्तारित किए गये। वहीं, बिजनौर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 46 मामले निस्तारित किए गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किए गये मामलों में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर है।

मत्स्य क्षेत्र में 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में निवेश करेंगी बड़ी कंपनियां यूपी के दो हजार से ज्यादा युवाओं को जल्द मिलेंगे रोजगार के अवसर अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बना उत्तर प्रदेश, मीन महोत्सव और मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन के जरिए यूपी में बढ़ रहे आय के नए अवसर लखनऊ, योगी सरकार अब मत्स्य विकास से भी यूपी के युवाओं को रोजगार के अवसर देगी। मत्स्य क्षेत्र में जल्द ही 30 कंपनियां 1407 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए मत्स्य विभाग ने भी तैयारी प्रारंभ कर दी है। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बन गई है। मत्स्य क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में जल्द निवेश करेंगी। वाराणसी में 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी औरो सुंदरम दो दिन पहले हुए मीन महोत्सव में उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग को 1200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। वहीं दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मीन महोत्सव (27-28 फरवरी) को मिले निवेश प्रस्ताव के मुताबिक औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड 300 करोड़ रुपये वाराणसी में निवेश करेगी। इसी तरह, प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कुल मिलाकर 30 कंपनियों की ओर से 1407 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन लगाएगी फिश प्रोसेसिंग प्लांट आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड उत्तर प्रदेश में फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कंपनी के निदेशक दीपक श्रीनिवास ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश की तारीफ की। उन्होंने बताया कि प्लांट में 150 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्लांट 2028 तक तैयार हो जाएगा। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के एवी सुब्रमण्यम ने बताया कि कंपनी बाराबंकी में फिश फीड प्लांट लगाएगी। 2027 तक पूरी होने वाली इस परियोजना में 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे 300 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग निवेश प्रस्तावों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। प्रदेश में पहली बार हुए मीन महोत्सव में आए उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मत्स्य विकास की अपार संभावनाओं को बढ़ाने एवं विजन 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने के उद्देश्य से विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पहली बार देश-प्रदेश के 5000 मत्स्य किसानों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों को एक जगह एकत्र किया गया। 17-18 दिसंबर 2025 को हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। ये प्रस्ताव जल्द ही धरातल पर उतरेंगे।   धनलक्ष्मी के., महानिदेशक मत्स्य

ग्रहण का प्रभाव: रामलला मंदिर 3 मार्च को सुबह इतने बजे तक ही खुलेगा, भक्तों के लिए जरूरी सूचना

अयोध्या साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं। इसी नियम का पालन करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फैसला किया है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। ट्रस्ट के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपरा का सम्मान करना और ग्रहण के समय पूजा और मंत्र पाठ में व्यवधान न आने देना है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा) के कारण मंदिर में दर्शन की व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। सुबह की मंगला आरती और श्रृंगार आरती पहले से निर्धारित समय पर होगी ताकि श्रद्धालु पूजा में हिस्सा ले सकें। इसके बाद, लगभग सुबह 9 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक मंदिर बंद रहेगा। इस दौरान ग्रहण और सूतक के समय को देखते हुए दर्शन बंद रहेंगे। अधिकारियों और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है ताकि दर्शन की प्रक्रिया और भी व्यवस्थित रहे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में हुए बदलाव के बारे में सूचित किया है। साथ ही इसके अनुसार, मंदिर और उसके आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। ऐसे में यदि आप भी मंगलवार को रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इस शेड्यूल का ध्यान रखें। आम श्रद्धालु सुबह पूजा और आरती में शामिल हो सकते हैं, उसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर के भीतर कोई भी दर्शन या प्रवेश नहीं होगा। यह व्यवस्था सिर्फ 3 मार्च के दिन के लिए है और अगले दिन से मंदिर की सामान्य दर्शन व्यवस्था फिर से चालू हो जाएगी।

लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए महिला ट्रेनर को किया अनिवार्य, योगी ने जिम की जांच के दिए निर्देश

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि सभी जिम की जांच की जाए और यह सुनिश्चित हो कि वहां महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की व्यवस्था हो। सीएम योगी रविवार को वाराणसी में सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। वाराणसी के पड़ोसी जिले में जिम की आड़ में लड़कियों के धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया था। इसमें एक सिपाही समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कई जिमों में धर्मांतरण के खेल का खुलासा हुआ था। धार्मिक स्थल पर ही हों धार्मिक आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप धार्मिक स्थल परिसर में ही किए जाएं। कोई भी नई परम्परा की अनुमति नहीं होगी। सीएम ने होली के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए। क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की सर्किट हाउस में सुबह सीएम योगी ने क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी रहे। सड़क सुरक्षा पर जोर समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करें। सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्क न किए जाएं। सड़क सुरक्षा की नियमित बैठकें करें एवं अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम कराएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के अन्तर्गत सुनिश्चित हो। बोले, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग वाहनों में न होने पाए। परियोजनाओं की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री ने नगर में सीवेज एवं जलापूर्ति के लिए अमृत-2 योजना के तहत कार्यों को व्यवस्थित ढंग से कराने का निर्देश दिया। कहा कि गर्मी में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। कार्यों की सघन मॉनीटरिंग करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सफाई में मशीनों का उपयोग करें। अंडरग्राउंड केबलिंग मानक के अनुरूप कराएं। बैठक में इनकी रही उपस्थिति: मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जाएसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, सीडीओ प्रखर सिंह, डीएफओ स्वाति मौजूद रहीं।

बच्चों के पोषण स्तर में 81 प्रतिशत का सुधार, कुपोषण के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धि

कुपोषण के खिलाफ जीवनरक्षक ढाल बना योगी सरकार का ‘संभव अभियान’ आंगनबाड़ी केंद्रों में लाखों बच्चों को मिला नया जीवन, कुपोषण पर निर्णायक प्रहार बच्चों के पोषण स्तर में 81 प्रतिशत का सुधार, कुपोषण के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धि  लखनऊ कुपोषण और भुखमरी दूर करने के लिए योगी सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि प्रदेश में लाखों नौनिहालों की जान बचाने में सफलता मिली है। ‘संभव अभियान’ से अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों में से 81 प्रतिशत सामान्य स्थिति में आ चुके हैं। यह एक समग्र प्रयास है जो जीवन के पहले 1000 दिनों में कुपोषण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करता है। बच्चों को मिल रहा है पोषण और जीवनदान प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे तीव्र कुपोषण से जूझ रहे थे, जिससे उनके जीवन और विकास पर खतरा मंडरा रहा था। सरकार ने इस समस्या को बड़ी चुनौती के रूप में लिया और केंद्र सरकार की मदद से इस पर व्यापक रणनीति बनाई। संभव अभियान को मजबूत करने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग और पोषण ट्रैकर का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया। पंजीकृत कुपोषित बच्चों का डाटा स्वास्थ्य विभाग के ई-कवच एप्लीकेशन से जोड़ा गया, जिससे उपचार और फॉलोअप में पारदर्शिता आई। 1.7 करोड़ से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर 2.5 लाख कुपोषित बच्चों का पंजीकरण किया गया। एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और एएनएम को प्रशिक्षित कर जमीनी स्तर पर क्षमता बढ़ाई गई। इस तरह बच्चों को उचित पोषण पहुंचाकर विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।  मां और शिशु पर विशेष फोकस सम्भव अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्भावस्था से ही पोषण सुरक्षा की नींव रखता है। कम वजन और एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं की पहचान कर प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित वजन निगरानी, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम सेवन तथा पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है। 0 से 6 माह तक के शिशुओं में लो बर्थ वेट और प्री-टर्म बच्चों की पहचान कर विशेष निगरानी की जाती है। जटिल मामलों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार दिया जाता है। यह समन्वित दृष्टिकोण कुपोषण की जड़ पर प्रहार करता है। हर वर्ष जून से सितंबर तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सघन अभियान चलाकर बच्चों की स्क्रीनिंग, पहचान और उपचार की समग्र व्यवस्था की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर बना आदर्श मॉडल सम्भव अभियान के परिणाम अब जमीन पर दिख रहे हैं। कुपोषित श्रेणी के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने की दर में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। यह राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। सम्भव अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है जो पोषण के प्रति समुदाय, सेवा प्रदाताओं और नीति निर्माताओं को एकजुट करता है।

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