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सुशासन की रोशनी से जगमगाया मुदवेंडी गांव, नियद नेल्लानार योजना बनी क्रांतिकारी बदलाव की वाहक

रायपुर वर्षों तक माओवाद की पीड़ा में सिसकते रहे बीजापुर जिले का छोटा सा गांव मुदवेंडी अब बदलाव की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब न केवल शुद्ध पेयजल और पक्की सड़क से जुड़ चुका है, बल्कि अब यहां बिजली की रोशनी ने भी दस्तक दे दी है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और नियद नेल्लानार योजना की बदौलत। इस गांव में केवल 45 परिवार रहते हैं, पर इनके जीवन में हाल के दिनों में जो परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। पहले जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता था और रात में एक कदम चलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब बिजली आने से न केवल घरों में उजाला हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के दिलों में भी उम्मीद की लौ जल उठी है। माओवाद से सुशासन तक की यात्रा लंबे समय तक माओवादी हिंसा की वजह से विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में अब सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। यह बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गांव के निवासी श्री हुंरा कुंजाम बताते हैं, हमारे गांव में वर्षों बाद बिजली पहुंची है। पहले जहां अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती थी, अब रात को भी बच्चे आराम से पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के खतरे से भी अब राहत मिली है। हुंरा कुंजाम बताते हैं कि नियद नेल्लानार योजना के तहत वर्षों से बंद पड़ा स्कूल अब पुनः प्रारंभ हो चुका है। एक पीढ़ी के अंतराल के बाद गांव के बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। खुशी का माहौल, उम्मीदों की नई सुबह गांव के ही श्री लखमा कुंजाम का कहना है, बिजली आने से गांव में उत्सव का माहौल है। अब रात्रि में भी घर के काम आसानी से हो जाते हैं, बच्चे पढ़ते हैं और गांव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करता है।  नियद नेल्लानार योजना: उम्मीद की किरण मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना वास्तव में अब एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बन चुकी है। इस योजना के तहत न केवल विकास के कार्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी मिल रही है। मुदवेंडी गांव की यह कहानी बताती है कि जब शासन की नीयत साफ हो और योजनाएं ज़मीन पर उतरें, तो दूरस्थ अंचलों में भी बदलाव की किरण पहुंच सकती है। अब अंधेरे की जगह उजाले की पहचान है मुदवेंडी। यह है सुशासन का सच और नई छत्तीसगढ़ की दिशा।

बटुराकछार स्कूल में बहार लौटी, युक्तियुक्तकरण से 97 बच्चों को मिले 4 शिक्षक

रायपुर रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के दूरस्थ गांव बटुराकछार के बच्चों को अब बेहतर पढ़ाई का अवसर मिलने जा रहा है। यहां के प्राथमिक स्कूल में पहले सिर्फ एक शिक्षक ही थे, वह भी किसी दूसरे स्कूल से व्यवस्था के तहत पढ़ाने आते थे। लेकिन अब राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस स्कूल में 4 शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं।  इस स्कूल में 97 बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। गांव के पालक इतवार दास महंत ने बताया कि उनका बेटा टिकेश्वर दूसरी कक्षा में पढ़ता है, लेकिन एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के साल बहुत जरूरी होते हैं और शिक्षक न होने से यह समय बर्बाद हो रहा था। अब शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई सुधरेगी। गांव के ही शाखाराम राठिया ने भी शिक्षक मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तुलेश तीसरी कक्षा में है और शिक्षक की अनुपस्थिति से पढ़ाई पर असर पड़ता था। पहले एक शिक्षक के छुट्टी पर जाने से पूरा स्कूल बंद करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या नहीं रहेगी। जिले के शिक्षा विभाग ने 3 और 4 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे जिले के 21 ऐसे स्कूलों में शिक्षक भेजे गए हैं, जहां पहले कोई शिक्षक नहीं था। अधिकतर स्कूल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में हैं। अब यहां नियमित कक्षाएं लग सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हो रही इस पहल से पालकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद मिली है। शिक्षा विभाग की यह कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है।

सुकमा में ढेर हुए दो नक्सली, मारे गए नक्सलियों के पास से एक ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ की खबर है। दोनों के बीच हुए एनकाउंटर में दो नक्सली मारे गए हैं। कुकनार थाना क्षेत्र के जंगल में मारे गए नक्सलियों के पास से एक ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुआ है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि मुठभेड़ और तलाशी अभियान जारी है। मारे गए दो नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। बता दें कि आज 11 जून 2025 की सुबह प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के नक्सली कैडरों की क्षेत्र में मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर कुकनार थाना कर्मचारियों और सुकमा DRG की एक संयुक्त टीम को तलाशी अभियान के लिए रवाना किया गया था। यह तलाशी अभियान लगभग दोपहर 2 बजे शुरू हुआ,जिसके दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान पेदरास के स्थानीय संगठन स्क्वाड (LOS) कमांडर बामन के रूप में हुई है,जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के बाद बरामद हुई महिला नक्सली कैडर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल,एक 12 बोर की राइफल,साथ ही अन्य हथियार,गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। अतिरिक्त सहायक टीमें तैनात कर दी गई हैं और इलाके का फायदा उठाकर भागे हुए अन्य माओवादी कैडरों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए आसपास के घने जंगल क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान जारी है। इससे पहले, सुकमा जिले में आईईडी धमाके में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरिपूंजे मारे गए थे। आईजी के अनुसार, एएसपी गिरिपूंजे किसी भी नक्सली घटना को रोकने के लिए पैदल गश्त पर थे, तभी कोंटा-एर्राबोरा रोड पर डोंड्रा के पास आईईडी धमाका हुआ, जिससे सुकमा जिले के कोंटा डिवीजन के एएसपी आकाश राव गिरिपूंजे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्होंने चोटों के कारण दम तोड़ दिया।  

बटुराकछार स्कूल में लौटी बहार, युक्तियुक्तकरण से 97 बच्चों को मिले 4 शिक्षक

पालकों में खुशी की लहर  बच्चों के उज्जवल भविष्य की जगी उम्मीद रायपुर, रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के दूरस्थ गांव बटुराकछार के बच्चों को अब बेहतर पढ़ाई का अवसर मिलने जा रहा है। यहां के प्राथमिक स्कूल में पहले सिर्फ एक शिक्षक ही थे, वह भी किसी दूसरे स्कूल से व्यवस्था के तहत पढ़ाने आते थे। लेकिन अब राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस स्कूल में 4 शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं। इस स्कूल में 97 बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। गांव के पालक इतवार दास महंत ने बताया कि उनका बेटा टिकेश्वर दूसरी कक्षा में पढ़ता है, लेकिन एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के साल बहुत जरूरी होते हैं और शिक्षक न होने से यह समय बर्बाद हो रहा था। अब शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई सुधरेगी। गांव के ही शाखाराम राठिया ने भी शिक्षक मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तुलेश तीसरी कक्षा में है और शिक्षक की अनुपस्थिति से पढ़ाई पर असर पड़ता था। पहले एक शिक्षक के छुट्टी पर जाने से पूरा स्कूल बंद करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या नहीं रहेगी। जिले के शिक्षा विभाग ने 3 और 4 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे जिले के 21 ऐसे स्कूलों में शिक्षक भेजे गए हैं, जहां पहले कोई शिक्षक नहीं था। अधिकतर स्कूल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में हैं। अब यहां नियमित कक्षाएं लग सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हो रही इस पहल से पालकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद मिली है। शिक्षा विभाग की यह कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है।

अवैध रेत खनन : पत्रकारों ने कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की, माइनिंग अधिकारी को शोकॉज नोटिस

गरियाबंद पितई बंद में संचालित अवैध रेत खदान की जानकारी लेने गए पत्रकारों ने माफिया के गुर्गों के हमले के बाद कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी. इस पर अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. कलेक्टर भगवान सिंह यूईके ने जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू को शोकॉज नोटिस भेजकर अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर जवाब तलब किया है. जिले में देवभोग के पुराना पानी घाट को छोड़ दिया जाए तो जिले में 17 से ज्यादा अवैध रेत खदान धड़ल्ले से जारी थे. सोमवार के घटना के बाद आधा से ज्यादा बंद हो गए थे. पर बहुत सी खदानें अब भी जारी है, जिसे पूरी तरह से बंद कराने की मांग पत्रकार संगठन ने की है. पत्रकारों की मांग पर कलेक्टर यूईके और एसपी निखिल राखचे ने भरोसा दिलाया है कि अवैध खदानों तक हाइवा न जा सके इसके लिए वहां स्ट्रक्चर बना कर मार्ग को अवरुद्ध किया जाएगा. जहा अस्थाई रैंप बनाए गए उसे तोड़ा जाएगा. इसके साथ जिस पंचायत में यह गतिविधि जारी है, वहां के पंचायतों को अलर्ट किया जाएगा. मंगलवार शाम को ही कलेक्टर ने सभी तहसीलदार और एसडीएम को पत्र लिख अवैध रेत खदान रोकने के निर्देश जारी किया है. पीएम आवास बनाने वाले को दी जाएगी छूट कलेक्टर भगवान सिंह यूईके ने कहा कि पीएम आवास 33 फीसदी पूर्ण हुए है. ऐसे में उनके आवास की प्रगति लाने उन्हें रेत बगैर रॉयल्टी का ही उपलब्ध होगा. अगर कोई आवास वालों के रेत परिवहन में रोडा डालेगा तो कार्रवाई होगी.

रायपुर में विकास कार्यों का निरीक्षण, विधायक राजेश मूणत और मेयर मीनल चौबे ने लिया सौंदर्यीकरण, चौपाटी और स्विमिंग पूल का जायज़ा

रायपुर आज सुबह 8:30 बजे रायपुर शहर में चल रहे कुछ प्रमुख विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत राजकुमार कॉलेज के सामने से हुई, जहाँ से NIT के आगे तक हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य को देखा गया। इस दौरान रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत, *महापौर श्रीमती मीनल चौबे, *सभापति सूर्यकांत राठौर, *आयुक्त विश्वदीप और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद टीम ने उस जगह का दौरा किया जहाँ नई चौपाटी बनाई जानी है। नगर निगम ने फैसला लिया है कि वर्तमान चौपाटी को वहाँ शिफ्ट किया जाएगा ताकि शहर को एक साफ़-सुथरा और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थल मिल सके। निरीक्षण के आखिरी चरण में सभी अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल के स्थल पर पहुँचे। इस पूल को ऐसे डिजाइन किया जा रहा है कि इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें। विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा “शहर के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। सौंदर्यीकरण, खेल सुविधाएँ और सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। इससे रायपुर को एक नया और बेहतर रूप मिलेगा।” महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा “शहरवासियों को अच्छी सुविधाएं मिले, इसके लिए नगर निगम पूरी मेहनत से काम कर रहा है। नई चौपाटी और स्विमिंग पूल जैसे प्रोजेक्ट रायपुर को और बेहतर बनाएंगे।” नगर निगम ने बताया कि ये सभी काम तय समय पर पूरे किए जाएंगे ताकि जनता को जल्दी ही इनका लाभ मिल सके।

मजदूरों पर मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला, 15 मजदूर घायल

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद में बुधवार को मधुमक्खियों के हमले में 15 मजदूर घायल हो गए. इनमें 1 घायल महिला की हालात गंभीर बताई जा रही है. हमला उस वक्त हुआ जब मजदूर नदी सफाई का काम कर रहे थे. मधुमक्खियों के हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, काम में लगे मजदूर इधर-उधर भागने लगे. जानकारी के मुताबिक, डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम किसनपूरी में मजदूर रोजगार गारंटी योजना के तहत नदी सफाई का काम कर रहे थे. इस बीच अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने मजदूरों पर हमला बोल दिया. लोगों ने भागकर बचने की काफी कोशिश की, लेकिन तब तक मधुमक्खियों ने 15 मजदूरों को डंक मारकर घायल कर दिया. घटना के बाद सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमडुला लाया गया है. इनमें एक बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर है. फिलहाल सभी का इलाज जारी है.

छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए : मंत्री नेताम

25 जून तक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से जारी होगा पदस्थापना आदेश वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकों की काउंसिलिंग के माध्यम से पदस्थापना के लिए दिशा-निर्देश जारी रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को काउंसलिग के माध्यम से संपन्न कराया जाए। मंत्री श्री नेताम ने यह निर्देश मंगलवार को आदिम जाति तथा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, नवा रायपुर में 19 जिलों के सहायक आयुक्त एवं परियोजना प्रशासकों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 3357 छात्रावास-आश्रमों में छात्रावास अधीक्षक रीढ़ के समान है। इस पर संबंधित संस्था के सुचारू रूप से संचालन की सबसे प्रमुख जिम्मेदारी होती है। अतः इनकी नियुक्ति, सेवा शर्तें, पदोन्नति एवं पदस्थापना संबंधी कार्यों पर प्रमुखता से ध्यान देने की जरूरत है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने कहा कि वर्ष 2022 में आयुक्त कार्यालय के आदेश द्वारा कुल 491 छात्रावास अधीक्षकों को श्रेणी “द ” से श्रेणी “स” के पद पर पदोन्नत किया गया है, परन्तु इनकी पदस्थापना अभी तक नहीं हो पाई, क्योंकि कुछ जिलों में स्वीकृत पद से अधिक अधीक्षक नियुक्त थे कई जगह पो.मैट्रिक संस्थाओं में रिक्त पदों की संख्या पर्याप्त नहीं थी। इसके साथ ही पदस्थापना के संबंध में कई प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पदस्थापना नहीं होने से अधीक्षकों की सेवा शर्तों संबंधी समस्याएं आ रही थी। इसी प्रकार अप्रैल 2025 में कुल 486 छात्रावास अधीक्षकों को श्रेणी “द” से श्रेणी “स” के पद पर पदोन्नत किया गया है। अब इन सभी पदोन्नत अधीक्षकों की पदस्थापना पारदर्शी तरीके से एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत् काउंसिलिंग के माध्यम से किये जाने हेतु मंत्री श्री नेताम के निर्देश पर विभाग द्वारा निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिला स्तरीय, संभाग स्तरीय एवं राज्य स्तरीय समिति का गठन किए जाने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर, संभाग स्तरीय समिति के अध्यक्ष संभागायुक्त एवं राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास विभाग होंगे। जिला स्तरीय समिति को 12-13 जून से प्रक्रिया प्रारंभ कर 16 जून तक संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं इसी प्रकार संभाग स्तरीय समिति 17-18 जून से 19-20 जून तक एवं राज्य स्तरीय समिति को 20-21 जून से लेकर 22-23 जून तक प्रक्रिया संपन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति एवं संभाग स्तरीय समिति द्वारा जारी पदस्थापना प्रस्ताव को जिला मुख्यालय में कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त कार्यालय एवं संभाग मुख्यालय में संभागीय आयुक्त एवं सहायक आयुक्त संभाग मुख्यालय के कार्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करेंगे। उक्त प्रस्तावों पर किसी भी प्रकार की दावा-आपत्ति होने पर आवेदक राज्य स्तरीय समिति के समक्ष सूची प्रकाशन के 02 दिवस के भीतर अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है। राज्य स्तरीय समिति प्राप्त अभ्यावेदन का निराकरण 02 दिवस के भीतर कर आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, नवा रायपुर को पदस्थापना सूची जारी करने हेतु प्रतिवेदन देगी। राज्य स्तरीय समिति के द्वारा जारी अनुशंसित सूची में कोई त्रुटि या आपत्ति होने पर आवेदक विभाग के भारसाधक सचिव के समक्ष सूची जारी होने के 02 दिवस के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे, जिस पर भारसाधक सचिव द्वारा नियमानुसार अभ्यावेदन का निराकरण किया जाएगा। इस प्रकार प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी। प्रत्येक समिति के दायित्व एवं अन्य नियम-शर्तों का विस्तार से उल्लेख शासन द्वारा जारी आदेश में किया गया है। आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा 25 जून तक पदस्थापना आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। काउंसलिग प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा स्वयं पूरी प्रकिया की सतत मानीटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पंचायत की कार्रवाई , हटाए गए 500 से अधिक ठेले और 30 दुकानों के शेड

धमतरी कुरुद में लंबे समय से फैले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पंचायत की कार्रवाई एक हफ्ते से जारी है. नगर पंचायत की टीम लगातार अवैध रूप से सड़क किनारे लगाए गए ठेले, होर्डिंग्स, फ्लेक्स, शेड और नेम प्लेट हटाने की कार्यवाही कर रही है. कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलाकर करीब 500 से अधिक अवैध ठेले, 300 फ्लेक्स, 30 शेड और अन्य अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं. दअरसल, कई दुकानदारों को पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे सड़क पर दुकान लगाकर व्यापार कर रहे थे. इससे यातायात बाधित हो रहा था और आम नागरिकों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. नगर पंचायत के सीएमओ महेंद्र राज गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई आगामी 12 जून तक लगातार जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आगे भी कोई दुकानदार सड़क पर अवैध रूप से दुकान सजाकर यातायात में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगा. साथ ही, जिन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए हैं, उन्हें वैकल्पिक और व्यवस्थित स्थान भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस कार्रवाई के चलते पूरे कुरूद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, लेकिन आम नागरिकों ने इसे नगर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है.

सुशासन की रोशनी से जगमगाया मुदवेंडी गांव

नियद नेल्लानार योजना बनी क्रांतिकारी बदलाव की वाहक रायपुर,  वर्षों तक माओवाद की पीड़ा में सिसकते रहे बीजापुर जिले का छोटा सा गांव मुदवेंडी अब बदलाव की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब न केवल शुद्ध पेयजल और पक्की सड़क से जुड़ चुका है, बल्कि अब यहां बिजली की रोशनी ने भी दस्तक दे दी है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और नियद नेल्लानार योजना की बदौलत। इस गांव में केवल 45 परिवार रहते हैं, पर इनके जीवन में हाल के दिनों में जो परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। पहले जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता था और रात में एक कदम चलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब बिजली आने से न केवल घरों में उजाला हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के दिलों में भी उम्मीद की लौ जल उठी है। माओवाद से सुशासन तक की यात्रा लंबे समय तक माओवादी हिंसा की वजह से विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में अब सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। यह बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गांव के निवासी हुंरा कुंजाम बताते हैं, हमारे गांव में वर्षों बाद बिजली पहुंची है। पहले जहां अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती थी, अब रात को भी बच्चे आराम से पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के खतरे से भी अब राहत मिली है। हुंरा कुंजाम बताते हैं कि नियद नेल्लानार योजना के तहत वर्षों से बंद पड़ा स्कूल अब पुनः प्रारंभ हो चुका है। एक पीढ़ी के अंतराल के बाद गांव के बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। खुशी का माहौल, उम्मीदों की नई सुबह गांव के ही लखमा कुंजाम का कहना है, बिजली आने से गांव में उत्सव का माहौल है। अब रात्रि में भी घर के काम आसानी से हो जाते हैं, बच्चे पढ़ते हैं और गांव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करता है। नियद नेल्लानार योजना: उम्मीद की किरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना वास्तव में अब एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बन चुकी है। इस योजना के तहत न केवल विकास के कार्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी मिल रही है। मुदवेंडी गांव की यह कहानी बताती है कि जब शासन की नीयत साफ हो और योजनाएं ज़मीन पर उतरें, तो दूरस्थ अंचलों में भी बदलाव की किरण पहुंच सकती है। अब अंधेरे की जगह उजाले की पहचान है मुदवेंडी। यह है सुशासन का सच और नई छत्तीसगढ़ की दिशा।

संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

  रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की। वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे। भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि “उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।” संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है। वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

हाईकोर्ट ने खारिज की अविवाहित पुत्री की मृत्यु होने पर उसकी संपत्ति पर अधिकार को लेकर दत्तक पिता की याचिका

बिलासपुर अविवाहित पुत्री की मृत्यु होने पर उसकी संपत्ति पर अधिकार को लेकर दत्तक पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने कहा कि दत्तक पिता को अविवाहित पुत्री की संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि दत्तक पुत्री के दस्तावेजों के नामिनी होने के आधार पर उसे उत्तराधिकारी नहीं माना जा सकता है और ना ही यह पर्याप्त है। दत्तक पिता अविवाहित पुत्री की बैंक, बीमा या अन्य चल अचल संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं हो सकता। दरअसल रायगढ़ जिला के पुसौर निवासी खितिभूषण पटेल के छोटे भाई पंचराम पटेल पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद में कार्यरत था। उसकी शादी 1987 को फुलकुमारी पटेल के साथ हुई थी। इससे एक पुत्री कुमारी ज्योति पटेल का जन्म हुआ। 7 मई 1993 को पत्नी फुलकुमारी ससुराल छोड़कर चली गई। पुत्री ज्योति अपने दादा कमलधर के साथ रहती थी। 26 जून 1999 को सेवाकाल के दौरान पंचराम पटेल की मृत्यु हो गई। इसके बाद दादा कमलधर पटेल का भी निधन हो गया। इसके बाद पंचराम के बड़े भाई अपीलकर्ता खितिभूषण ने ज्योति पटेल को पुत्री के रूप में विधिवत गोद लिया एवं अपने साथ रख भरण पोषण, शिक्षा व पूरा लालन पालन किया। ज्योति पटेल को पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली। दुर्भाग्यवश 17 सितंबर 2014 को अविवाहित अवस्था में ज्योति की मृत्यु हो गई। मृतक दत्तक पुत्री के सभी बैंक, बीमा पॉलिसी एवं अन्य दस्तावेज में दत्तक पिता ही नामनी है। बेटी की मौत के बाद उसके खाते में जमा राशि प्राप्त करने दत्तक पिता ने सिविल न्यायालय में आवेदन पेश किया था। आवेदन निरस्त होने के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, नामित व्यक्ति बीमा कंपनी द्बारा जारी पॉलिसी के तहत राशि या बैंक में बचत खाते या सावधि जमा रसीद में जमा राशि प्राप्त करने का हकदार है, लेकिन उनका वितरण उनके उत्तराधिकार कानून के अनुसार होगा। चूंकि पक्षकार हिदू है, इसलिए मृतक की संपत्ति का वितरण हिदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के तहत होगा और मृतक महिला है, इसलिए उसकी संपत्ति अधिनियम 1956 की धारा 15 और 16 के अनुसार वितरित की जाएगी। अधिनियम की धारा 15 की श्रेणी सी में आने के कारण उपधारा (1) में निर्दिष्ट कानूनी उत्तराधिकारी, मां बीमा कंपनी या बैंक या नियोक्ता यानी पुलिस विभाग के पास जमा संपत्ति का उत्तराधिकार प्राप्त करने की हकदार होगी। यहां यह उल्लेख करना उचित है कि मृतक अविवाहित महिला है और मृतक के पिता की भी मृत्यु हो गई है, इसलिए उत्तराधिकार प्रदान करने के लिए दायर आवेदनों में शामिल संपत्तियों का उत्तराधिकार पाने के लिए मां ही एकमात्र कानूनी उत्तराधिकारी है। हाईकोर्ट ने दत्तक पिता द्बारा सिविल न्यायालय से पारित आदेश के खिलाफ पेश अपील को खारिज कर दिया है।

आठ आईपीएस अफसरों के तबादले, रायगढ़ के नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला को भेजा गया दुर्ग

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने एक बार फिर से तबादला आदेश जारी करते हुए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ आठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत रायगढ़ के नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला को अब दुर्ग भेजा गया है।   गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता द्वारा  देरशाम को इसका आदेश जारी किया। नक्सली वारदात में सुकमा के एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपुंजे के शहीद होने के बाद राज्य शासन ने डायरेक्ट आईपीएस को बस्तर के जिलों में एडिशनल एसपी बनाने का बड़ा फैसला किया है। जिन जिलों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहे, वहां डायरेक्टर आईपीएस एएसपी ऑपरेशन बनाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जारी आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहे उदित पुष्कर को जगदलपुर से दंतेवाड़ा, आकाश कुमार शुक्ला को रायगढ़ से दुर्ग, रोहित कुमार शाह को सरगुजा से सुकमा, रविन्द्र कुमार मीणा को कोरबा से बीजापुर, अमन कुमार रमन को रायपुर से बीजापुर, आकाश श्रीश्रीमाल को जगदलपुर से कांकेर, अजय कुमार को सिविल लाइन्स रायपुर से नारायणपुर, अक्षय प्रमोद साबद्रा को बिलासपुर से नारायणपुर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने जिला कांकेर के सभी कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश

रायपुर प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज कांकेर जिले के प्रवास के दौरान चारामा स्वास्थ केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ को चारामा और भानुप्रतापपुर में तीन-तीन दिन सेवाएं देने हेतु निर्देशित किया। साथ ही एमओयू के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में सतत् स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने तेलगरा स्थित निर्माणाधीन श्रीमती इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की तथा विभिन्न भवनों व सुविधाओं का स्थल पर जायजा लिया।      निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग, प्रशासनिक भवन, लेक्चर हॉल, लाइब्रेरी, इंडोर स्पोर्ट्स फैसिलिटी, बॉयज व गर्ल्स हॉस्टल, मेल एवं फीमेल के इंटर्न आवास, सेंट्रल डाइनिंग व किचन, गेस्ट हाउस, शॉपिंग आर्केड, डायरेक्टर व सुपरिटेंडेंट रेसिडेंस, टाइप डीई और एफ क्वार्टर, खेल मैदान, सबस्टेशन, पंप रूम और एसटीपी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।      जायसवाल ने परिसर में कार्यरत श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए परिसर में सुनियोजित वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही परिसर में छायादार वृक्षारोपण हेतु कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर को आवश्यक निर्देश दिए।     स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2026 तक सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। इस दौरान निर्माण एजेंसी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज 35 एकड़ में फैला हुआ है तथा आगे भविष्य में 45 एकड़ में अस्पताल का निर्माण होगा।     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कुमार कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश सांडिया, अस्पताल अधीक्षक डॉ. विमलचंद भगत, उपसंचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेंद्र सिंह, एसडीएम चारामा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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